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बॉलीवुड तड़का टीम. एक्ट्रेस और 'बिग बॉस' की एक्स कंटेस्टेंट काम्या पंजाबी ने शनिवार 8 फरवरी को बॉयफ्रेंड शलभ दांग से सगाई कर ली है। सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं। 10 फरवरी को कपल शादी के बंधन में बंधने वाला है। एक्ट्रेस काम्या की यह दूसरी शादी है और वह एक बेटी की मां है, उनकी बेटी आरा भी समारोह में उनके साथ नजर आईं।
40 साल की काम्या के साथ-साथ 43 साल की शलभ दांग की भी यह दूसरी शादी है। काम्या पंजाबी की पहली शादी 10 साल तक चली थी, फिर उन्होंने बिजनैसमैन पति से 2013 में तलाक ले लिया। इनकी बेटी आरा की उम्र 10 साल है।
शलभ दांग कई प्राइवेट कंपनियों के लिए काम कर चुके हैं। दिल्ली से ताल्लुख रखने वाले शलभ फिलहाल फोर्टीज हेल्थ केयर में सेल्स हेड के पद पर काम कर रहे हैं।
कपल 10 फरवरी को सात फेरे लेगा। इसके साथ ही 11 फरवरी को काम्या और शलभ दिल्ली में रिसेप्शन देंगे।
वर्कफ्रंट की बात करे तो, काम्या पंजाबी को 'बानो में तेरी दुल्हन', 'अस्तितवा, एक प्रेम कहानी', 'क्यों होता है प्यार', 'मर्यादा' जैसे टीवी धारावाहिकों में अभिनय के लिए जाना जाता है। काम्या ने रियलिटी शो 'बिग बॉस सीजन 7' में भी भाग लिया था।
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बॉलीवुड तड़का टीम. एक्ट्रेस और 'बिग बॉस' की एक्स कंटेस्टेंट काम्या पंजाबी ने शनिवार आठ फरवरी को बॉयफ्रेंड शलभ दांग से सगाई कर ली है। सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं। दस फरवरी को कपल शादी के बंधन में बंधने वाला है। एक्ट्रेस काम्या की यह दूसरी शादी है और वह एक बेटी की मां है, उनकी बेटी आरा भी समारोह में उनके साथ नजर आईं। चालीस साल की काम्या के साथ-साथ तैंतालीस साल की शलभ दांग की भी यह दूसरी शादी है। काम्या पंजाबी की पहली शादी दस साल तक चली थी, फिर उन्होंने बिजनैसमैन पति से दो हज़ार तेरह में तलाक ले लिया। इनकी बेटी आरा की उम्र दस साल है। शलभ दांग कई प्राइवेट कंपनियों के लिए काम कर चुके हैं। दिल्ली से ताल्लुख रखने वाले शलभ फिलहाल फोर्टीज हेल्थ केयर में सेल्स हेड के पद पर काम कर रहे हैं। कपल दस फरवरी को सात फेरे लेगा। इसके साथ ही ग्यारह फरवरी को काम्या और शलभ दिल्ली में रिसेप्शन देंगे। वर्कफ्रंट की बात करे तो, काम्या पंजाबी को 'बानो में तेरी दुल्हन', 'अस्तितवा, एक प्रेम कहानी', 'क्यों होता है प्यार', 'मर्यादा' जैसे टीवी धारावाहिकों में अभिनय के लिए जाना जाता है। काम्या ने रियलिटी शो 'बिग बॉस सीजन सात' में भी भाग लिया था।
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NBCC Recruitment 2021: साइट इंस्पेक्टर (सिविल) और साइट इंस्पेक्टर (इलेक्ट्रिकल) के पदों पर जारी इस वैकेंसी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 14 अप्रैल 2021 तक है.
NBCC Recruitment 2021: नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (NBCC) की ओर से साइट इंस्पेक्टर (सिविल) और साइट इंस्पेक्टर (इलेक्ट्रिकल) के पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी (NBCC Recruitment 2021) जारी हुई है. इस वैकेंसी के तहत कुल 120 पदों पर भर्तियां की जाएंगी. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
साइट इंस्पेक्टर (सिविल) और साइट इंस्पेक्टर (इलेक्ट्रिकल) के पदों पर जारी इस वैकेंसी (NBCC Recruitment 2021) के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 14 अप्रैल 2021 तक है. आवेदन की तारीख बीत जाने के बाद एप्लीकेशन लिंक वेबसाइट से हटा दिए गए हैं. इस वैकेंसी में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट nbccindia.com ऑनलाइन अप्लाई करना होगा.
इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट nbccindia.com पर जाना होगा. इसमें आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को वेबसाइट के होम पेज पर "CAREER within Human Resources" के लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद Site Inspector के लिंक पर क्लिक करें. वैकेंसी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 14 अप्रैल 2021 है. उम्मीदवार आखिरी तारीख से पहले ऑनलाइन आवेदन कर लें. डायरेक्ट लिंक से आवेदन करने के लिए इस लिंक क्लिक करें.
कौन कर सकता है आवेदन?
साइट इंस्पेक्टर (Civil) और साइट इंस्पेक्टर (Electrical) के पद पर आवेदन करने वाले उम्मदीवारों के पास संबंधित विषय में कम से कम 60 फीसदी अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना चाहिए. वहीं आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 35 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए.
इन पदों पर सेलेक्ट होने वाले उम्मीदवारों को साइट इंस्पेक्टर (Civil) और साइट इंस्पेक्टर (Electrical) के पद पर 31,000 रुपए प्रतिमाह मिलेगी. वैकेंसी की पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (NBCC) की ओर से जारी इस वैकेंसी में उम्मीदवारो को सेलेक्शन लिखित परीक्षा के आधार पर होगा. साथ ही बता दें कि इन पदों के लिए परीक्षा का आयोजन 21 शहरों में होगा.
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NBCC Recruitment दो हज़ार इक्कीस: साइट इंस्पेक्टर और साइट इंस्पेक्टर के पदों पर जारी इस वैकेंसी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख चौदह अप्रैल दो हज़ार इक्कीस तक है. NBCC Recruitment दो हज़ार इक्कीस: नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन की ओर से साइट इंस्पेक्टर और साइट इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी जारी हुई है. इस वैकेंसी के तहत कुल एक सौ बीस पदों पर भर्तियां की जाएंगी. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. साइट इंस्पेक्टर और साइट इंस्पेक्टर के पदों पर जारी इस वैकेंसी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख चौदह अप्रैल दो हज़ार इक्कीस तक है. आवेदन की तारीख बीत जाने के बाद एप्लीकेशन लिंक वेबसाइट से हटा दिए गए हैं. इस वैकेंसी में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट nbccindia.com ऑनलाइन अप्लाई करना होगा. इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट nbccindia.com पर जाना होगा. इसमें आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को वेबसाइट के होम पेज पर "CAREER within Human Resources" के लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद Site Inspector के लिंक पर क्लिक करें. वैकेंसी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख चौदह अप्रैल दो हज़ार इक्कीस है. उम्मीदवार आखिरी तारीख से पहले ऑनलाइन आवेदन कर लें. डायरेक्ट लिंक से आवेदन करने के लिए इस लिंक क्लिक करें. कौन कर सकता है आवेदन? साइट इंस्पेक्टर और साइट इंस्पेक्टर के पद पर आवेदन करने वाले उम्मदीवारों के पास संबंधित विषय में कम से कम साठ फीसदी अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना चाहिए. वहीं आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र पैंतीस साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. इन पदों पर सेलेक्ट होने वाले उम्मीदवारों को साइट इंस्पेक्टर और साइट इंस्पेक्टर के पद पर इकतीस,शून्य रुपयापए प्रतिमाह मिलेगी. वैकेंसी की पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें. नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन की ओर से जारी इस वैकेंसी में उम्मीदवारो को सेलेक्शन लिखित परीक्षा के आधार पर होगा. साथ ही बता दें कि इन पदों के लिए परीक्षा का आयोजन इक्कीस शहरों में होगा.
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सत्तारूढ़ दल होते हुए भी, विपक्ष के साथ मिलकर काम करना एक प्रधानमंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारी है। "यह कॉन्ग्रेस हो या ममता या मायावती, मैं उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। " उन्होंने कहा कि देश की जनता सरकार को मजबूत जनादेश और पूर्ण बहुमत देने के पक्ष में है।
अर्नब गोस्वामी ने जब उनके प्रतिद्वंद्वी पर सवाल किया तो मोदी ने कहा कि 'मोदी बनाम ये और वो' करना मीडिया का पुराना शगल है। इसी बात पर उन्होंने कहा कि फिलहाल तो मोदी के सामने कोई नहीं दिखता, 2024 में कोई आएगा तो देखा जाएगा।
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सत्तारूढ़ दल होते हुए भी, विपक्ष के साथ मिलकर काम करना एक प्रधानमंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारी है। "यह कॉन्ग्रेस हो या ममता या मायावती, मैं उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। " उन्होंने कहा कि देश की जनता सरकार को मजबूत जनादेश और पूर्ण बहुमत देने के पक्ष में है। अर्नब गोस्वामी ने जब उनके प्रतिद्वंद्वी पर सवाल किया तो मोदी ने कहा कि 'मोदी बनाम ये और वो' करना मीडिया का पुराना शगल है। इसी बात पर उन्होंने कहा कि फिलहाल तो मोदी के सामने कोई नहीं दिखता, दो हज़ार चौबीस में कोई आएगा तो देखा जाएगा।
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ब्रासीलिया, 25 नवंबर (वार्ता/स्पूतनिक) ब्राजील में एस्पिरिटो सैंटो राज्य (Espirito Santo State) के अराक्रुज शहर में एक व्यक्ति ने दो स्कूलों में बंदूक से गोलीबारी (gun firing) कर कम से कम तीन लोगों की हत्या कर दी और ग्यारह अन्य को घायल कर दिया। देश के समाचार आउटलेट ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गोलीबारी की यह घटना सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई। मीडिया ने एक पुलिस अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि एक युवक सरकारी स्कूल के स्टाफ रूम में घुस गया और दो शिक्षकों की हत्या कर दी, फिर वह एक कार से उसी गली में एक निजी स्कूल की ओर चला गया जहां उसने एक छात्र की हत्या कर दी और कार से भाग गया। पुलिस हत्यारे की तलाश कर रही है।
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ब्रासीलिया, पच्चीस नवंबर ब्राजील में एस्पिरिटो सैंटो राज्य के अराक्रुज शहर में एक व्यक्ति ने दो स्कूलों में बंदूक से गोलीबारी कर कम से कम तीन लोगों की हत्या कर दी और ग्यारह अन्य को घायल कर दिया। देश के समाचार आउटलेट ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गोलीबारी की यह घटना सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई। मीडिया ने एक पुलिस अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि एक युवक सरकारी स्कूल के स्टाफ रूम में घुस गया और दो शिक्षकों की हत्या कर दी, फिर वह एक कार से उसी गली में एक निजी स्कूल की ओर चला गया जहां उसने एक छात्र की हत्या कर दी और कार से भाग गया। पुलिस हत्यारे की तलाश कर रही है।
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Shraddha Murder Case: आफताब ने न केवल श्रद्धा को मौत के घाट उतारा बल्कि उसके शवो को 35 टुकड़ों में काट कर शहर के ऐसे अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने लगा दिया जहां उसके पकड़े जाने का अंदेशा न के बराबर था। मामले के सामने आने के बाद से ही देश में लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस भी बारीकी के साथ की इसके हर पहलू की तह तक जाकर जांच कर रही है।
Smriti Irani News: दरअसल, अब इस पूरे मामले में बार के असली मालिक ने खुद सामने आकर बड़ा बयान दिया है। बार के मालिक ने आबाकारी अधिकारी के सामने आकर खुद इस बात को स्वीकार किया है कि बार पर किसी और का नहीं, बल्कि उसी का अधिकार है। अब बार के मालिक के बयान से यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा ईरानी की बेटी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निर्मूल हैं।
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Shraddha Murder Case: आफताब ने न केवल श्रद्धा को मौत के घाट उतारा बल्कि उसके शवो को पैंतीस टुकड़ों में काट कर शहर के ऐसे अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने लगा दिया जहां उसके पकड़े जाने का अंदेशा न के बराबर था। मामले के सामने आने के बाद से ही देश में लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस भी बारीकी के साथ की इसके हर पहलू की तह तक जाकर जांच कर रही है। Smriti Irani News: दरअसल, अब इस पूरे मामले में बार के असली मालिक ने खुद सामने आकर बड़ा बयान दिया है। बार के मालिक ने आबाकारी अधिकारी के सामने आकर खुद इस बात को स्वीकार किया है कि बार पर किसी और का नहीं, बल्कि उसी का अधिकार है। अब बार के मालिक के बयान से यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा ईरानी की बेटी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निर्मूल हैं।
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भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामखेलावन पटेल ने कहा है कि राज्य सरकार संकट के समय पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने राजस्व अमले को जल्द से जल्द क्षति का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये। राज्य मंत्री पटेल ने रविवार को असामयिक वर्षा से प्रभावित सतना जिले के रामनगर क्षेत्र का दौरा किया।
राज्य मंत्री ने किसानों के खेतों में जाकर प्रभावित फसलों को देखा। उन्होंने किसानों को बताया कि राजस्व विभाग का अमला ओला-वृष्टि के बाद लगातार सर्वे कार्य कर रहा है। किसानों को शीघ्र राहत पहुँचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। सतना जिले के कुछ क्षेत्रों में असामयिक वर्षा से गेहूँ, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सर्वे से कोई भी प्रभावित किसान वंचित न रहे। सर्वे का कार्य वास्तविक और जमीनी स्तर पर हो।
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भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल ने कहा है कि राज्य सरकार संकट के समय पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने राजस्व अमले को जल्द से जल्द क्षति का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये। राज्य मंत्री पटेल ने रविवार को असामयिक वर्षा से प्रभावित सतना जिले के रामनगर क्षेत्र का दौरा किया। राज्य मंत्री ने किसानों के खेतों में जाकर प्रभावित फसलों को देखा। उन्होंने किसानों को बताया कि राजस्व विभाग का अमला ओला-वृष्टि के बाद लगातार सर्वे कार्य कर रहा है। किसानों को शीघ्र राहत पहुँचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। सतना जिले के कुछ क्षेत्रों में असामयिक वर्षा से गेहूँ, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सर्वे से कोई भी प्रभावित किसान वंचित न रहे। सर्वे का कार्य वास्तविक और जमीनी स्तर पर हो।
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एनएच-24 के रास्ते गाजियाबाद-नोएडा से दिल्ली जाने वाले लोगों को यूपी गेट पर घंटों लगने वाले जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। एनएचएआई ने यूपी गेट पर 12 लेन फ्लाईओवर बनाने का प्लान तैयार किया है। यूपी गेट पर बनने वाला फ्लाईओवर गाजियाबाद का सबसे चौड़ा फ्लाईओवर होगा।
सराय काले खां से लाल कुआं तक एनएच-24 को एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) 14 लेन बनाएगा। इसी कड़ी में यूपी गेट पर जाम से निजात के लिए 12 लेन फ्लाईओवर निर्माण का खाका तैयार किया गया है। यह फ्लाईओवर करीब 550 मीटर लंबा होगा और दिल्ली के गाजीपुर फ्लाईओवर से जुड़ेगा।
एक माह में फ्लाईओवर निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है। इसका निर्माण एक साल में पूरा हो जाएगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि यूपी गेट को सिग्रल फ्री बनाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा।
गाजियाबाद और नोएडा से दिल्ली जाने वाले फ्लाईओवर बिना यूपी गेट की रेड लाइट पर रुके दिल्ली जा सकेंगे। वैशाली मेट्रो स्टेशन और वसुंधरा की ओर आने वाले वाहन चालकों को राइट टर्न लेने की अनुमति नहीं होगी। ये वाहन गाजीपुर फ्लाईओवर के नीचे से यू टर्न लेकर वापस यूपी गेट लौटेंगे और उसके बाद वैशाली की ओर आ सकेंगे।
हालांकि वैशाली से दिल्ली जाने वाले वाहन राइट टर्न लेकर सीधे दिल्ली जा सकेंगे। कुल 12 लेन में से छह लेन मेरठ जाने वाले और छह लेन एनएच-24 पर लखनऊ जाने वाले वाहनों के लिए रिजर्व होगी। जबकि दो लेन लोकल ट्रैफिक के लिए सर्विस रोड के लिए उपयोग होगी।
मेरठ की छह लेन मेरठ एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगी। एक्सप्रेस-वे के नियमों की तरह सभी वाहन चालकों को अपनी लेन में रहना होगा। गलत लेन में आने पर कई किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर यू टर्न लेकर लौटना पड़ेगा।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
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एनएच-चौबीस के रास्ते गाजियाबाद-नोएडा से दिल्ली जाने वाले लोगों को यूपी गेट पर घंटों लगने वाले जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। एनएचएआई ने यूपी गेट पर बारह लेन फ्लाईओवर बनाने का प्लान तैयार किया है। यूपी गेट पर बनने वाला फ्लाईओवर गाजियाबाद का सबसे चौड़ा फ्लाईओवर होगा। सराय काले खां से लाल कुआं तक एनएच-चौबीस को एनएचएआई चौदह लेन बनाएगा। इसी कड़ी में यूपी गेट पर जाम से निजात के लिए बारह लेन फ्लाईओवर निर्माण का खाका तैयार किया गया है। यह फ्लाईओवर करीब पाँच सौ पचास मीटर लंबा होगा और दिल्ली के गाजीपुर फ्लाईओवर से जुड़ेगा। एक माह में फ्लाईओवर निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है। इसका निर्माण एक साल में पूरा हो जाएगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि यूपी गेट को सिग्रल फ्री बनाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। गाजियाबाद और नोएडा से दिल्ली जाने वाले फ्लाईओवर बिना यूपी गेट की रेड लाइट पर रुके दिल्ली जा सकेंगे। वैशाली मेट्रो स्टेशन और वसुंधरा की ओर आने वाले वाहन चालकों को राइट टर्न लेने की अनुमति नहीं होगी। ये वाहन गाजीपुर फ्लाईओवर के नीचे से यू टर्न लेकर वापस यूपी गेट लौटेंगे और उसके बाद वैशाली की ओर आ सकेंगे। हालांकि वैशाली से दिल्ली जाने वाले वाहन राइट टर्न लेकर सीधे दिल्ली जा सकेंगे। कुल बारह लेन में से छह लेन मेरठ जाने वाले और छह लेन एनएच-चौबीस पर लखनऊ जाने वाले वाहनों के लिए रिजर्व होगी। जबकि दो लेन लोकल ट्रैफिक के लिए सर्विस रोड के लिए उपयोग होगी। मेरठ की छह लेन मेरठ एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगी। एक्सप्रेस-वे के नियमों की तरह सभी वाहन चालकों को अपनी लेन में रहना होगा। गलत लेन में आने पर कई किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर यू टर्न लेकर लौटना पड़ेगा। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सिविल लाइन इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सदर विधान सभा के पूर्व विधायक और बाहुबली मुख़्तार अंसारी के करीबी उमेश सिंह के मकान त्रिदेव भवन में चोरों ने चोरी कर मकान में आग लगा दिया। वहीं पुलिस को सुबह सात बजे सूचना मिली थी कि मुख़्तार अंसारी के मकान में आग लगी है। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुँच कर आग पर काबू पाया।
वहीं सी ओ सिटी धनंजय मिश्रा ने बताया कि उमेश सिंह जो मुख्तार अंसारी के करीबी थे उनके मकान को 6 सितंबर को गैंगस्टर एक्ट की 14/ A के तहत सीज की कार्यवाई की गई थी। आज सुबह सूचना मिली कि उमेश सिंह में सीज हुवे मकान में आग लग गयी है। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुँचकर आग पर काबू पाया। वहीं एसडीएम सदर व तहसीलदार सदर सहित कई अधिकारी मौके पर पहुँच आगे की कार्यवाई के लिए दिशा निर्देश दिए है। आग दो कमरों में लगा था। जिसमें ज्यादे की क्षति नहीं पहुचीं है। घर में कैसे आग लगी इसकी जांच की जा रही है। चोरों के घर मे घुसने की पड़ताल की जा रही है।
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उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सिविल लाइन इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सदर विधान सभा के पूर्व विधायक और बाहुबली मुख़्तार अंसारी के करीबी उमेश सिंह के मकान त्रिदेव भवन में चोरों ने चोरी कर मकान में आग लगा दिया। वहीं पुलिस को सुबह सात बजे सूचना मिली थी कि मुख़्तार अंसारी के मकान में आग लगी है। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुँच कर आग पर काबू पाया। वहीं सी ओ सिटी धनंजय मिश्रा ने बताया कि उमेश सिंह जो मुख्तार अंसारी के करीबी थे उनके मकान को छः सितंबर को गैंगस्टर एक्ट की चौदह/ A के तहत सीज की कार्यवाई की गई थी। आज सुबह सूचना मिली कि उमेश सिंह में सीज हुवे मकान में आग लग गयी है। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुँचकर आग पर काबू पाया। वहीं एसडीएम सदर व तहसीलदार सदर सहित कई अधिकारी मौके पर पहुँच आगे की कार्यवाई के लिए दिशा निर्देश दिए है। आग दो कमरों में लगा था। जिसमें ज्यादे की क्षति नहीं पहुचीं है। घर में कैसे आग लगी इसकी जांच की जा रही है। चोरों के घर मे घुसने की पड़ताल की जा रही है।
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सीजेआई डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि एम आर शाह कॉलेजियम में मेरे एक अडिग सहयोगी रहे हैं. (पीटीआई फाइल फोटो)
नई दिल्ली. भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति एम आर शाह की तारीफ करते हुए उन्हें 'टाइगर शाह' की संज्ञा देते हुए कहा कि उनके 'व्यावहारिक ज्ञान और उत्कृष्ट सलाह' से कॉलेजियम को निर्णय लेने में काफी मदद मिली. सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की ओर से आयोजित एक विदाई समारोह में न्यायमूर्ति शाह के 'सु्ग्राही और खुले स्वभाव' की सराहना की और कहा कि उन्होंने प्रौद्योगिकी को जल्दी से अपना लिया, जिसके कारण संविधान पीठ में पूरी तरह कागज-रहित सुनवाई हो सकी.
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'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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सीजेआई डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि एम आर शाह कॉलेजियम में मेरे एक अडिग सहयोगी रहे हैं. नई दिल्ली. भारत के प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति एम आर शाह की तारीफ करते हुए उन्हें 'टाइगर शाह' की संज्ञा देते हुए कहा कि उनके 'व्यावहारिक ज्ञान और उत्कृष्ट सलाह' से कॉलेजियम को निर्णय लेने में काफी मदद मिली. सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित एक विदाई समारोह में न्यायमूर्ति शाह के 'सु्ग्राही और खुले स्वभाव' की सराहना की और कहा कि उन्होंने प्रौद्योगिकी को जल्दी से अपना लिया, जिसके कारण संविधान पीठ में पूरी तरह कागज-रहित सुनवाई हो सकी. . 'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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आदरनीय महेन्द्र कुमार जी सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का हार्दिक आभारी है। नेट प्रॉब्लम के कारण आभार व्यक्त करने में हुए विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा।
आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब ... प्रस्तुति को अपनी स्नेहाशीष से मान देने का दिल से आभार। नेट प्रॉब्लम के कारण आभार व्यक्त करने में हुए विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा।
आदरणीय नादिर ख़ान साहिब , आदाब . प्रस्तुति की आत्मीय सराहना एवं सुझाव के लिए का दिल से आभार। नेट प्रॉब्लम के कारण आभार व्यक्त करने में हुए विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा।
अच्छी भावपूर्ण कविता है आ. सुशील सरना जी. हार्दिक बधाई प्रेषित है. सादर.
जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत सुंदर और जज़्बाती कविता,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।
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आदरनीय महेन्द्र कुमार जी सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का हार्दिक आभारी है। नेट प्रॉब्लम के कारण आभार व्यक्त करने में हुए विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा। आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब ... प्रस्तुति को अपनी स्नेहाशीष से मान देने का दिल से आभार। नेट प्रॉब्लम के कारण आभार व्यक्त करने में हुए विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा। आदरणीय नादिर ख़ान साहिब , आदाब . प्रस्तुति की आत्मीय सराहना एवं सुझाव के लिए का दिल से आभार। नेट प्रॉब्लम के कारण आभार व्यक्त करने में हुए विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा। अच्छी भावपूर्ण कविता है आ. सुशील सरना जी. हार्दिक बधाई प्रेषित है. सादर. जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत सुंदर और जज़्बाती कविता,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।
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Hazaribagh : सांसद आदर्श ग्राम जरबा में इलाज की सुविधा शुरू हो गई है. हजारीबाग के चुरचू प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जरबा के भवन का उद्घाटन 2017 में तत्कालीन सीएम रघुवर दास ने किया था. लेकिन विभिन्न कारणों से उसे शुरु नहीं किया जा सका था. इस गांव को हजारीबाग के सांसद जयंत सिन्हा ने गोद लिया है. काफी दिनों से सांसद यहां स्वास्थ्य केंद्र को नियमित करने की पहल में लगे थे. वहीं गांव के लोग भी अस्पताल में नियमित सेवा शुरु करने की मांग कर रहे थे.
ऐसे में डीसी नैंसी सहाय की पहल व उप विकास आयुक्त व सिविल सर्जन के प्रयास से 13 अप्रैल को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जरबा में स्वास्थ्य सेवाएं शुरु की गई. जहां पिछले एक महीने में 10 महिलाओं का सामान्य प्रसव कराया गया. जहां अब तक 233 मरीजों ने चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ लिया. डीसी ने बताया कि भविष्य में इस केन्द्र के साथ-साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी आधुनिक उपकरणों की सहायता से स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर करने की योजना है. उन्होंने कहा कि डीएमएफटी मद से चिकित्सकों की नियुक्ति कर इस क्षेत्र में गैप को भरने का प्रयास प्रारंभ हुआ. जिसके तहत यहां डॉक्टर सत्यम कुमार की नियुक्ति की गई. इसी दौरान राज्य सरकार की ओर से भी जेपीएससी से नव नियुक्त डॉ. सरोज कुमारी का पदस्थापन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जरबा में किया गया. वर्तमान में पीएचसी जरबा में एएनएम रीना कुमारी, आशा कुमारी, एमडब्ल्यूए सुभाष कुमार, एफडब्ल्यूए पूजा कुमारी और ड्रेसर पवन कुमार दास पदस्थापित हैं.
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Hazaribagh : सांसद आदर्श ग्राम जरबा में इलाज की सुविधा शुरू हो गई है. हजारीबाग के चुरचू प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जरबा के भवन का उद्घाटन दो हज़ार सत्रह में तत्कालीन सीएम रघुवर दास ने किया था. लेकिन विभिन्न कारणों से उसे शुरु नहीं किया जा सका था. इस गांव को हजारीबाग के सांसद जयंत सिन्हा ने गोद लिया है. काफी दिनों से सांसद यहां स्वास्थ्य केंद्र को नियमित करने की पहल में लगे थे. वहीं गांव के लोग भी अस्पताल में नियमित सेवा शुरु करने की मांग कर रहे थे. ऐसे में डीसी नैंसी सहाय की पहल व उप विकास आयुक्त व सिविल सर्जन के प्रयास से तेरह अप्रैल को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जरबा में स्वास्थ्य सेवाएं शुरु की गई. जहां पिछले एक महीने में दस महिलाओं का सामान्य प्रसव कराया गया. जहां अब तक दो सौ तैंतीस मरीजों ने चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ लिया. डीसी ने बताया कि भविष्य में इस केन्द्र के साथ-साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी आधुनिक उपकरणों की सहायता से स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर करने की योजना है. उन्होंने कहा कि डीएमएफटी मद से चिकित्सकों की नियुक्ति कर इस क्षेत्र में गैप को भरने का प्रयास प्रारंभ हुआ. जिसके तहत यहां डॉक्टर सत्यम कुमार की नियुक्ति की गई. इसी दौरान राज्य सरकार की ओर से भी जेपीएससी से नव नियुक्त डॉ. सरोज कुमारी का पदस्थापन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जरबा में किया गया. वर्तमान में पीएचसी जरबा में एएनएम रीना कुमारी, आशा कुमारी, एमडब्ल्यूए सुभाष कुमार, एफडब्ल्यूए पूजा कुमारी और ड्रेसर पवन कुमार दास पदस्थापित हैं.
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जिला प्रशासन की मतदाता जागरूकता रैली में गुब्बारों में गैस भरने के दौरान सिलंडर फटने से एक की मौत हो गई। वही एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मतदाता रैली के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी मौजूद थे। सिलेंडर में ब्लास्ट होने के बाद ग्रीन पार्क मैदान में अफरा-तफरी मच गई। गुब्बारों में गैस भर रहे शख्स के चीथड़े उड़ गए। पुलिस फ़ौरन शव के टुकड़ो को वहां से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कानपुर : जिला प्रशासन की मतदाता जागरुकता रैली में रविवार (12 फरवरी) को गुब्बारों में गैस भरने के दौरान सिलंडर फटने से एक की मौत, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मतदाता रैली के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी मौजूद थे।
सिलेंडर में ब्लास्ट होने के बाद ग्रीन पार्क मैदान में अफरा-तफरी मच गई। गुब्बारों में गैस भर रहे शख्स के चीथड़े उड़ गए। पुलिस फौरन शव के टुकड़ो को वहां से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
क्या है मामला?
-कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले शिवकुमार शादी समारोह और पार्टियों में गुब्बारों को लगाने का काम करते है।
-परिवार में पत्नी कमला ,बेटा जीतेंद्र और बेटी चांदनी हैं।
-जिला प्रशासन की तरफ से ग्रीन पार्क से नानाराव पार्क तक स्कूल के बच्चों के साथ मतदाता रैली का आयोजन किया गया।
-जिसमें शिवकुमार ग्रीन पार्क के बाहर गुब्बारों में गैस भर कर सजावट का काम कर रहे थे ।
-इसी दौरान हीलियम गैस से भरा सिलेंडर फटा, जिससे इसकी चपेट में शिवकुमार आ गए और उनकी बॉडी के चीथड़े उड़ गए।
-वहीं उनकी पत्नी कमला देवी गंभीर रूप से घायल हो गई।
-पुलिस ने फौरन उनको उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया।
क्या कहना है फायर अधिकारी का?
-फायर अधिकारी पी सरोज के मुताबिक यह बैलून में गैस भरने के दौरान ब्लास्ट हुआ है।
-उन्होंने कहा, 'हमने सिलेंडर को अपनी कस्टडी में ले लिया है ,इसकी जांच की जा रही है। '
-इसके साथ ही मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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जिला प्रशासन की मतदाता जागरूकता रैली में गुब्बारों में गैस भरने के दौरान सिलंडर फटने से एक की मौत हो गई। वही एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मतदाता रैली के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी मौजूद थे। सिलेंडर में ब्लास्ट होने के बाद ग्रीन पार्क मैदान में अफरा-तफरी मच गई। गुब्बारों में गैस भर रहे शख्स के चीथड़े उड़ गए। पुलिस फ़ौरन शव के टुकड़ो को वहां से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कानपुर : जिला प्रशासन की मतदाता जागरुकता रैली में रविवार को गुब्बारों में गैस भरने के दौरान सिलंडर फटने से एक की मौत, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। मतदाता रैली के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी मौजूद थे। सिलेंडर में ब्लास्ट होने के बाद ग्रीन पार्क मैदान में अफरा-तफरी मच गई। गुब्बारों में गैस भर रहे शख्स के चीथड़े उड़ गए। पुलिस फौरन शव के टुकड़ो को वहां से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। क्या है मामला? -कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले शिवकुमार शादी समारोह और पार्टियों में गुब्बारों को लगाने का काम करते है। -परिवार में पत्नी कमला ,बेटा जीतेंद्र और बेटी चांदनी हैं। -जिला प्रशासन की तरफ से ग्रीन पार्क से नानाराव पार्क तक स्कूल के बच्चों के साथ मतदाता रैली का आयोजन किया गया। -जिसमें शिवकुमार ग्रीन पार्क के बाहर गुब्बारों में गैस भर कर सजावट का काम कर रहे थे । -इसी दौरान हीलियम गैस से भरा सिलेंडर फटा, जिससे इसकी चपेट में शिवकुमार आ गए और उनकी बॉडी के चीथड़े उड़ गए। -वहीं उनकी पत्नी कमला देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। -पुलिस ने फौरन उनको उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया। क्या कहना है फायर अधिकारी का? -फायर अधिकारी पी सरोज के मुताबिक यह बैलून में गैस भरने के दौरान ब्लास्ट हुआ है। -उन्होंने कहा, 'हमने सिलेंडर को अपनी कस्टडी में ले लिया है ,इसकी जांच की जा रही है। ' -इसके साथ ही मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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किस प्रकारको प्रार्थना देवताओं की जाती है, कैसा संकल्प किया जाता है और माताके चित्तमें कैसा संकल्प उत्पन्न किया जाता है, उसके दिग्दर्शन के अर्थ इस संस्कार के कुछ मन्त्र नीचे दिये जाते हैं --
मूर्द्धानं दिवाऽअरतिं पृथिव्या वैश्वानर मृतऽआाजातमग्निम् । कवि सम्राजमतिथि जननामासन्ना पात्रं जनयन्त देवाः ॥ अयमूर्जावतो वृक्ष ऊर्जीव फलिनी भव । पर्ण वनस्पते नुत्वा नुवा सूयतां रयिः ।। ओं येनादिः सीमानं नयति प्रजापतिर्महते सौभगाय तेनामस्यै सीमानं नयामि प्रजामस्यै जरदृष्टिं कृणोमि ॥ श्रयाशके सुमतयः सुपेशसो याभिर्ददासि दाशुषे वसूनि । ताभिर्नो अद्य सुमनाश्यसि प्रजां पशुन्त्सौभाग्यं मह्यं दीर्घायुष्व पत्युः ।। प्रथममन्त्र में सुपुत्र उत्पन्न करने के लिये पति देवताओंसे प्रार्थना करता है। द्वितीय मन्त्रमें पतिको आज्ञा दी गयी है कि, वह गर्भिणीके अञ्चल अथवा किसी विशेष उदुम्बरफलके गुच्छेको बाँधे । तृतीय मन्त्रमें पति कह रहा है कि, जैसे प्रजापतिने अदितिका सीमन्तोन्नयन किया है, उसी प्रकार में भी इस गर्भिणी अपनी स्त्रीका सीमन्तोन्नयन करता हूँ । चौथे मन्त्र में शल्लकी कण्टकसे पत्नीके सीमन्तको सुधारनेके लिये आज्ञा दी है और पति पुत्रके सौभाग्यशाली तथा दीर्घायु होनेके लिये प्रार्थना करता है ।
गर्भाधानरूपी प्रथम संस्कार के द्वारा सहज पीठरूपी स्त्री-पुरुषसङ्गमरूपिणी सृष्टि उत्पादक क्रियाकी अध्यात्म, अधिदैव, अधिभूत त्रिविध शुद्धि सम्पादन करके रजोवीर्य्ययुक्त गर्भकी शुद्धि की जाती है। योग्य स्थूलशरीर प्राप्तिके लिये दूसरा संस्कार है। इस तीसरे संस्कारमें पति अपने सङ्कल्पसे तथा वैदिक क्रियाकी सहायता से पितृ और देवताओंको प्रसन्न करके स्त्रीकी प्रसन्नता और स्त्री. की सङ्कल्पशुद्धिके द्वारा गर्भकी पूर्णता तथा गर्भस्थ शिशु के स्थूलशरीरकी शुद्धि कराकर जन्म लेनेवाले जीवके कल्याणकेलिये प्रयत्न करता है । यहही इस वैदिक संस्कारका गूढ़ रहस्य है ॥ २४ ॥
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किस प्रकारको प्रार्थना देवताओं की जाती है, कैसा संकल्प किया जाता है और माताके चित्तमें कैसा संकल्प उत्पन्न किया जाता है, उसके दिग्दर्शन के अर्थ इस संस्कार के कुछ मन्त्र नीचे दिये जाते हैं -- मूर्द्धानं दिवाऽअरतिं पृथिव्या वैश्वानर मृतऽआाजातमग्निम् । कवि सम्राजमतिथि जननामासन्ना पात्रं जनयन्त देवाः ॥ अयमूर्जावतो वृक्ष ऊर्जीव फलिनी भव । पर्ण वनस्पते नुत्वा नुवा सूयतां रयिः ।। ओं येनादिः सीमानं नयति प्रजापतिर्महते सौभगाय तेनामस्यै सीमानं नयामि प्रजामस्यै जरदृष्टिं कृणोमि ॥ श्रयाशके सुमतयः सुपेशसो याभिर्ददासि दाशुषे वसूनि । ताभिर्नो अद्य सुमनाश्यसि प्रजां पशुन्त्सौभाग्यं मह्यं दीर्घायुष्व पत्युः ।। प्रथममन्त्र में सुपुत्र उत्पन्न करने के लिये पति देवताओंसे प्रार्थना करता है। द्वितीय मन्त्रमें पतिको आज्ञा दी गयी है कि, वह गर्भिणीके अञ्चल अथवा किसी विशेष उदुम्बरफलके गुच्छेको बाँधे । तृतीय मन्त्रमें पति कह रहा है कि, जैसे प्रजापतिने अदितिका सीमन्तोन्नयन किया है, उसी प्रकार में भी इस गर्भिणी अपनी स्त्रीका सीमन्तोन्नयन करता हूँ । चौथे मन्त्र में शल्लकी कण्टकसे पत्नीके सीमन्तको सुधारनेके लिये आज्ञा दी है और पति पुत्रके सौभाग्यशाली तथा दीर्घायु होनेके लिये प्रार्थना करता है । गर्भाधानरूपी प्रथम संस्कार के द्वारा सहज पीठरूपी स्त्री-पुरुषसङ्गमरूपिणी सृष्टि उत्पादक क्रियाकी अध्यात्म, अधिदैव, अधिभूत त्रिविध शुद्धि सम्पादन करके रजोवीर्य्ययुक्त गर्भकी शुद्धि की जाती है। योग्य स्थूलशरीर प्राप्तिके लिये दूसरा संस्कार है। इस तीसरे संस्कारमें पति अपने सङ्कल्पसे तथा वैदिक क्रियाकी सहायता से पितृ और देवताओंको प्रसन्न करके स्त्रीकी प्रसन्नता और स्त्री. की सङ्कल्पशुद्धिके द्वारा गर्भकी पूर्णता तथा गर्भस्थ शिशु के स्थूलशरीरकी शुद्धि कराकर जन्म लेनेवाले जीवके कल्याणकेलिये प्रयत्न करता है । यहही इस वैदिक संस्कारका गूढ़ रहस्य है ॥ चौबीस ॥
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नई दिल्लीः 'स्विंग के सुल्तान' के नाम से मशहूर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम पिच पर अपना जलवा बिखेरने के बाद अब एक्टिंग के मैदान में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। अकरम ने एक पाकिस्तानी कॉमेडी फिल्म साइन की है जिसका नाम 'मनी बैक गारंटी' है। यह फिल्म पाकिस्तान के हास्य अदकार फैसल कुरैशी के निर्देशन में बनेगी। कुरैशी की बतौर निर्देशक यह पहली फिल्म है। इस फिल्म में अकरम के साथ उनकी पत्नी शनाएरा भी नजर आएंगी।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, मनी बैक गारंटी फिल्म में लीड रोल एक्टर फवाद खान निभा रहे हैं। फवाद खूबसूरत, कपूर एंड संस जैसी बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुके हैं। फिल्म में अकरम और उनकी पत्नी शनाएरा की छोटा रोल होगा। फैसल कुरैशी ने फिल्म की कहानी लिखी है और वही इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग अगले महीने नवंबर से शुरू होगी और यह अगले साल तक रिलीज हो सकती है।
गौरतलब है कि वसीम अकरम एक ऐसे गेंदबाज थे, जिन्हें देखते ही कई बल्लेबाजों की हालात खराब हो जाती थी। उन्होंने तेज गेंदबाजी में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। वह एक शानदार स्विंग गेंदबाज थे, जिनकी वजह से उन्हें 'स्विंग का सुल्तान' के नाम से जाना गया। अकरम इकलौते खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पाकिस्तान की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट झटके। वहीं, वनडे क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले वह पहले गेंदबाज थे।
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नई दिल्लीः 'स्विंग के सुल्तान' के नाम से मशहूर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम पिच पर अपना जलवा बिखेरने के बाद अब एक्टिंग के मैदान में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। अकरम ने एक पाकिस्तानी कॉमेडी फिल्म साइन की है जिसका नाम 'मनी बैक गारंटी' है। यह फिल्म पाकिस्तान के हास्य अदकार फैसल कुरैशी के निर्देशन में बनेगी। कुरैशी की बतौर निर्देशक यह पहली फिल्म है। इस फिल्म में अकरम के साथ उनकी पत्नी शनाएरा भी नजर आएंगी। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, मनी बैक गारंटी फिल्म में लीड रोल एक्टर फवाद खान निभा रहे हैं। फवाद खूबसूरत, कपूर एंड संस जैसी बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुके हैं। फिल्म में अकरम और उनकी पत्नी शनाएरा की छोटा रोल होगा। फैसल कुरैशी ने फिल्म की कहानी लिखी है और वही इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग अगले महीने नवंबर से शुरू होगी और यह अगले साल तक रिलीज हो सकती है। गौरतलब है कि वसीम अकरम एक ऐसे गेंदबाज थे, जिन्हें देखते ही कई बल्लेबाजों की हालात खराब हो जाती थी। उन्होंने तेज गेंदबाजी में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। वह एक शानदार स्विंग गेंदबाज थे, जिनकी वजह से उन्हें 'स्विंग का सुल्तान' के नाम से जाना गया। अकरम इकलौते खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पाकिस्तान की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में चार सौ से ज्यादा विकेट झटके। वहीं, वनडे क्रिकेट में पाँच सौ विकेट लेने वाले वह पहले गेंदबाज थे।
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इस तथ्य से कोई भी आश्चर्यचकित नहीं है कि एक महिला की पूर्ण छवि में सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक बैग हैं। इसलिए, वे एक उपयुक्त छवि, सुंदर और फैशनेबल होना चाहिए। कई वर्षों के काम के लिए फैशन हाउस गिल्डा टोनेली खुद को एक गुणवत्ता, उच्च गुणवत्ता और उत्कृष्ट फर्म के रूप में वर्णित करता है जो गुणवत्ता बैग के उत्पादन में विशेषज्ञता प्राप्त करता है। प्राचीन परंपराओं, हैंडवर्क और आधुनिक प्रौद्योगिकियों का एक अनूठा संयोजन परिष्कृत फैशनविदों के साथ प्यार में पड़ता है जो फैशन के बारे में बहुत कुछ जानते हैं।
गिल्ड टोनेली बैग उनकी निरंतर गुणवत्ता और शैली के कारण विश्व प्रसिद्ध हो गए हैं। सजावटी खत्म और उत्कृष्ट विवरण के साथ संयुक्त अंतर्निहित minimalism इस सहायक वास्तव में शानदार बनाते हैं।
हर साल couturiers मूल डिजाइन के साथ आते हैं, अपनी उत्कृष्ट रचनाएं बनाते हैं। सभी मॉडल तुरंत परिष्कृत महिलाओं के पसंदीदा बन जाते हैं। इसलिए, 2014 में, सभी ने नए संग्रह गिल्ड टोनेली से बैग को एक असामान्य प्रिंट के साथ प्रशंसा की, जो जूते पर छवि के समान था।
मशहूर ब्रांड के हर नए उत्पाद पर महिलाएं और चमकीले रंग। गिल्डा टोनेली के हैंडबैग उनकी विविधता और प्रजातियों की संख्या के कारण बहुत लोकप्रिय हैं, इस प्रकार दुकानदारों की मांग की इच्छाओं को पूरा करते हैं।
व्यापार महिलाओं के लिए बड़े capacious बैग सूट। उदाहरण के लिए, यह एक काला लाइकर्ड मॉडल हो सकता है, जो एक धातु कुंजी फोब के साथ पूरक है। मॉडल के परिष्करण को मूल पैटर्न के साथ अद्भुत पैटर्न के साथ दिया जाता है।
उज्ज्वल पुष्प प्रिंट के साथ सजाए गए उत्पाद आदर्श समुद्र तट विकल्प बन जाएंगे। लेकिन फूलों के रूप में गठित त्रि-आयामी मंडल के साथ एक शानदार लाल मॉडल थियेटर की यात्रा के लिए एक अनिवार्य चीज़ होगी।
अपनी उत्कृष्ट कृतियों को बनाने के लिए, ब्रांड उच्चतम गुणवत्ता के विशेष रूप से वास्तविक चमड़े का उपयोग करता है। कच्चे माल को प्राथमिक रूप से संसाधित किया जाता है, जिसके बाद शैली का चयन किया जाता है और उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है। इसलिए, सुंदर उपस्थिति के अलावा गिल्डा टोनेली चमड़े के बैग में ताकत, लचीलापन और पानी प्रतिरोध भी है, जो आपको लंबे समय तक अपने पसंदीदा सहायक का आनंद लेने की अनुमति देता है।
जीवन का आनंद लें, "हां! " कहें अपनी इच्छाओं के लिए, जोखिम लें, सफल रहें और भावनाओं के तूफान का अनुभव करें, प्यार में स्नान करें - केवल इसलिए कि आप खुश रह सकते हैं। इटालियन बैग के लिए धन्यवाद गिल्डा टोनेली सपने सच हो जाते हैं। जीवन इंद्रधनुष हो जाता है और भविष्य में विश्वास है।
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इस तथ्य से कोई भी आश्चर्यचकित नहीं है कि एक महिला की पूर्ण छवि में सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक बैग हैं। इसलिए, वे एक उपयुक्त छवि, सुंदर और फैशनेबल होना चाहिए। कई वर्षों के काम के लिए फैशन हाउस गिल्डा टोनेली खुद को एक गुणवत्ता, उच्च गुणवत्ता और उत्कृष्ट फर्म के रूप में वर्णित करता है जो गुणवत्ता बैग के उत्पादन में विशेषज्ञता प्राप्त करता है। प्राचीन परंपराओं, हैंडवर्क और आधुनिक प्रौद्योगिकियों का एक अनूठा संयोजन परिष्कृत फैशनविदों के साथ प्यार में पड़ता है जो फैशन के बारे में बहुत कुछ जानते हैं। गिल्ड टोनेली बैग उनकी निरंतर गुणवत्ता और शैली के कारण विश्व प्रसिद्ध हो गए हैं। सजावटी खत्म और उत्कृष्ट विवरण के साथ संयुक्त अंतर्निहित minimalism इस सहायक वास्तव में शानदार बनाते हैं। हर साल couturiers मूल डिजाइन के साथ आते हैं, अपनी उत्कृष्ट रचनाएं बनाते हैं। सभी मॉडल तुरंत परिष्कृत महिलाओं के पसंदीदा बन जाते हैं। इसलिए, दो हज़ार चौदह में, सभी ने नए संग्रह गिल्ड टोनेली से बैग को एक असामान्य प्रिंट के साथ प्रशंसा की, जो जूते पर छवि के समान था। मशहूर ब्रांड के हर नए उत्पाद पर महिलाएं और चमकीले रंग। गिल्डा टोनेली के हैंडबैग उनकी विविधता और प्रजातियों की संख्या के कारण बहुत लोकप्रिय हैं, इस प्रकार दुकानदारों की मांग की इच्छाओं को पूरा करते हैं। व्यापार महिलाओं के लिए बड़े capacious बैग सूट। उदाहरण के लिए, यह एक काला लाइकर्ड मॉडल हो सकता है, जो एक धातु कुंजी फोब के साथ पूरक है। मॉडल के परिष्करण को मूल पैटर्न के साथ अद्भुत पैटर्न के साथ दिया जाता है। उज्ज्वल पुष्प प्रिंट के साथ सजाए गए उत्पाद आदर्श समुद्र तट विकल्प बन जाएंगे। लेकिन फूलों के रूप में गठित त्रि-आयामी मंडल के साथ एक शानदार लाल मॉडल थियेटर की यात्रा के लिए एक अनिवार्य चीज़ होगी। अपनी उत्कृष्ट कृतियों को बनाने के लिए, ब्रांड उच्चतम गुणवत्ता के विशेष रूप से वास्तविक चमड़े का उपयोग करता है। कच्चे माल को प्राथमिक रूप से संसाधित किया जाता है, जिसके बाद शैली का चयन किया जाता है और उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है। इसलिए, सुंदर उपस्थिति के अलावा गिल्डा टोनेली चमड़े के बैग में ताकत, लचीलापन और पानी प्रतिरोध भी है, जो आपको लंबे समय तक अपने पसंदीदा सहायक का आनंद लेने की अनुमति देता है। जीवन का आनंद लें, "हां! " कहें अपनी इच्छाओं के लिए, जोखिम लें, सफल रहें और भावनाओं के तूफान का अनुभव करें, प्यार में स्नान करें - केवल इसलिए कि आप खुश रह सकते हैं। इटालियन बैग के लिए धन्यवाद गिल्डा टोनेली सपने सच हो जाते हैं। जीवन इंद्रधनुष हो जाता है और भविष्य में विश्वास है।
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भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने एक महिला साइकिल चालक द्वारा मुख्य कोच आर के शर्मा पर 'अनुचित व्यवहार' का आरोप लगाने के बाद प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये स्लोवेनिया गयी पूरी भारतीय टीम को वापस बुलाने का फैसला किया है।
भारतीय टीम में पांच पुरुष और एक महिला साइकिल चालक शामिल हैं और पूर्व कार्यक्रम के अनुसार उन्हें 14 जून को स्लोवेनिया से वापस लौटना था।
साइ ने आरोप लगाने वाली साइकिल चालक को पहले ही वापस बुला लिया है और मामले की जांच के लिये जांच समिति गठित की है।
भारतीय साइकिल महासंघ (सीएफआई) के अध्यक्ष ओंकार सिंह ने पीटीआई को बताया कि साइ ने वर्तमान दौरे को बीच में ही समाप्त करने का फैसला किया है।
सिंह ने कहा, "साइ के अधिकारी ने आज सुबह सीएफआई को बताया कि कोच आरके शर्मा सहित पूरे दल को स्लोवेनिया से तुरंत वापस बुलाया जाएगा। " यह भी पता चला है कि साइ ने कोच शर्मा को जल्द से जल्द वापस लौटने के लिये अलग से संदेश भी भेजा था।
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भारतीय खेल प्राधिकरण ने एक महिला साइकिल चालक द्वारा मुख्य कोच आर के शर्मा पर 'अनुचित व्यवहार' का आरोप लगाने के बाद प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये स्लोवेनिया गयी पूरी भारतीय टीम को वापस बुलाने का फैसला किया है। भारतीय टीम में पांच पुरुष और एक महिला साइकिल चालक शामिल हैं और पूर्व कार्यक्रम के अनुसार उन्हें चौदह जून को स्लोवेनिया से वापस लौटना था। साइ ने आरोप लगाने वाली साइकिल चालक को पहले ही वापस बुला लिया है और मामले की जांच के लिये जांच समिति गठित की है। भारतीय साइकिल महासंघ के अध्यक्ष ओंकार सिंह ने पीटीआई को बताया कि साइ ने वर्तमान दौरे को बीच में ही समाप्त करने का फैसला किया है। सिंह ने कहा, "साइ के अधिकारी ने आज सुबह सीएफआई को बताया कि कोच आरके शर्मा सहित पूरे दल को स्लोवेनिया से तुरंत वापस बुलाया जाएगा। " यह भी पता चला है कि साइ ने कोच शर्मा को जल्द से जल्द वापस लौटने के लिये अलग से संदेश भी भेजा था।
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बॉलीवुड के न्यूलीवेड कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी साल 2018 की सबसे बड़ी शादी रही है. दोनों ने 14-15 नवंबर को इटली के लेक कोमो में शादी की थी. दोनों की शादी दो रिवाज से हुई. पहली कोंकणी और दूसरी सिंधी. दोनों ने कल सोशल मीडिया में अपने बेताब फैंस को शादी की फोटो शेयर कर सबको खुश और हैरान कर दिया. फोटोज में दोनों की केमिस्ट्री देखते ही बनती है. हर कोई दोनों की शादी से जुड़ी छोटी से छोटी चीज के बारे में जानना चाहता है.
जब से दोनों ने अपनी फोटोज को शेयर किया है तब से दोनों के लुक की हर जगह बात हो रही है की दोनों सब्यसाची की वेडिंग ऑउटफिट में बेहद खूबसूरत लग रहे थे. इसके लिए सब्यसाची को दोनों को यह खुबसूरत लुक देने के लिए हर कोई बधाई दे रहा है. लेकिन हाल ही में सब्यसाची ने दीपिका के कोंकणी लुक लेकर एक खुलासा किया है.
दीपवीर के बेंगलुरु रिसेप्शन के दिन सब्यासाची ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की और दीपिका की कोंकणी शादी की साड़ी के एक महत्वपूर्ण फेक्ट का खुलासा किया. सब्यासाची ने बताया कि दीपिका पादुकोण की गोल्डन साड़ी जो उन्होंने कोंकणी शादी में पहनी थी वो उनकी मां उज्जला पादुकोण ने गिफ्ट की है.
उन्होंने साड़ी में कुछ और कारीगरी करने के लिए सब्यासाची को दिया था. साड़ी बेंगलुरु के अंगाड़ी गैलेरिया से खरीदी गई थी. बता दें कि कोंकणी रस्मों के मुताबिक, दुल्हन की मां अपनी बेटी को शादी की साड़ी गिफ्ट करती है.
फिल्मफेयर की रिपोर्ट के मुताबिक, कपल बेंगलुरु रिसेप्शन में सब्यासाची का डिजाइनर क्रिएशन पहनेंगे. मेन्यू में साउथ इंडियन डिशेज होंगी. दीपिका की मां उज्जला पादुकोण ने कई बार होटल जाकर खाने की टेस्टिंग की है. दीपवीर का रिसेप्शन लीला पैलेस होटल में होगा. इस समारोह को प्राइवेट रखा गया था.
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बॉलीवुड के न्यूलीवेड कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी साल दो हज़ार अट्ठारह की सबसे बड़ी शादी रही है. दोनों ने चौदह-पंद्रह नवंबर को इटली के लेक कोमो में शादी की थी. दोनों की शादी दो रिवाज से हुई. पहली कोंकणी और दूसरी सिंधी. दोनों ने कल सोशल मीडिया में अपने बेताब फैंस को शादी की फोटो शेयर कर सबको खुश और हैरान कर दिया. फोटोज में दोनों की केमिस्ट्री देखते ही बनती है. हर कोई दोनों की शादी से जुड़ी छोटी से छोटी चीज के बारे में जानना चाहता है. जब से दोनों ने अपनी फोटोज को शेयर किया है तब से दोनों के लुक की हर जगह बात हो रही है की दोनों सब्यसाची की वेडिंग ऑउटफिट में बेहद खूबसूरत लग रहे थे. इसके लिए सब्यसाची को दोनों को यह खुबसूरत लुक देने के लिए हर कोई बधाई दे रहा है. लेकिन हाल ही में सब्यसाची ने दीपिका के कोंकणी लुक लेकर एक खुलासा किया है. दीपवीर के बेंगलुरु रिसेप्शन के दिन सब्यासाची ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की और दीपिका की कोंकणी शादी की साड़ी के एक महत्वपूर्ण फेक्ट का खुलासा किया. सब्यासाची ने बताया कि दीपिका पादुकोण की गोल्डन साड़ी जो उन्होंने कोंकणी शादी में पहनी थी वो उनकी मां उज्जला पादुकोण ने गिफ्ट की है. उन्होंने साड़ी में कुछ और कारीगरी करने के लिए सब्यासाची को दिया था. साड़ी बेंगलुरु के अंगाड़ी गैलेरिया से खरीदी गई थी. बता दें कि कोंकणी रस्मों के मुताबिक, दुल्हन की मां अपनी बेटी को शादी की साड़ी गिफ्ट करती है. फिल्मफेयर की रिपोर्ट के मुताबिक, कपल बेंगलुरु रिसेप्शन में सब्यासाची का डिजाइनर क्रिएशन पहनेंगे. मेन्यू में साउथ इंडियन डिशेज होंगी. दीपिका की मां उज्जला पादुकोण ने कई बार होटल जाकर खाने की टेस्टिंग की है. दीपवीर का रिसेप्शन लीला पैलेस होटल में होगा. इस समारोह को प्राइवेट रखा गया था.
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मदुरै में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "तमिल कल्चर को देखना काफी प्यारा अनुभव है. मुझे खुशी है कि जल्लीकट्टू को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बैल और युवा दोनों सुरक्षित हैं और सभी का ध्यान रखा जा रहा है.
राहुल गांधी का तमिलनाडु दौरा इसलिए अहम है, क्योंकि इसी साल राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इस साल अप्रैल-मई में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना है. हाल ही में राहुल गांधी निजी दौरे पर विदेश गए थे और वह पिछले दिनों लौटे हैं. विदेश से लौटने के बाद वह यहां पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए.
पोंगल के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ द्रमुक की युवा इकाई के सचिव उदयनिधि स्टालिन, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केएस अलागिरी और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी भी मौजूद थे. अलागिरी ने कहा था कि राहुल गांधी का दौरा किसानों और समृद्ध तमिल संस्कृति को सम्मान देने के लिए है. राहुल कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को अपना नैतिक समर्थन देंगे.
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मदुरै में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "तमिल कल्चर को देखना काफी प्यारा अनुभव है. मुझे खुशी है कि जल्लीकट्टू को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बैल और युवा दोनों सुरक्षित हैं और सभी का ध्यान रखा जा रहा है. राहुल गांधी का तमिलनाडु दौरा इसलिए अहम है, क्योंकि इसी साल राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इस साल अप्रैल-मई में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना है. हाल ही में राहुल गांधी निजी दौरे पर विदेश गए थे और वह पिछले दिनों लौटे हैं. विदेश से लौटने के बाद वह यहां पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए. पोंगल के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ द्रमुक की युवा इकाई के सचिव उदयनिधि स्टालिन, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केएस अलागिरी और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी भी मौजूद थे. अलागिरी ने कहा था कि राहुल गांधी का दौरा किसानों और समृद्ध तमिल संस्कृति को सम्मान देने के लिए है. राहुल कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को अपना नैतिक समर्थन देंगे.
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देव रवांबली
( १२१ ) 'देव' सुन्यो सब नाटक चाटक,
चाह उचाटन मन्त्र अतंक को । वै तरुनी त्रिय के दृग-कोर ते,
और नहीं चितचोर चमक को ।। घूंघट ओट की आधिक चोट को,
सूल सम्हारै को मूल कलंक को । बीछी छुवै किन छीछी बिसौ वह,
तौ विसु विस्व वसीकर वंक को ।। ( १२२ ) काम परयो दुलही अरु दूलह,
चाकर यार ते द्वार ही छूटे ।. माया के बाजने बाजि गए,
परमात ही मातखवा उठि बूटे ।।
आतसबाजी गई छिन में छुटि,
देखि उठि के अँखि फूटे ।
'देव' दिखैयन दाग बने रहे,
बाग बने ते बरोठेई लूटे ।
तरुनी त्रिय - जगान औौरत । मूल कलक - कलक का उद्धराम
डीड़ी-तुच्छ बेकार। उठि बूटे - चले गये। फूिटे-से । बरोठेई-पौर में ।
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देव रवांबली 'देव' सुन्यो सब नाटक चाटक, चाह उचाटन मन्त्र अतंक को । वै तरुनी त्रिय के दृग-कोर ते, और नहीं चितचोर चमक को ।। घूंघट ओट की आधिक चोट को, सूल सम्हारै को मूल कलंक को । बीछी छुवै किन छीछी बिसौ वह, तौ विसु विस्व वसीकर वंक को ।। काम परयो दुलही अरु दूलह, चाकर यार ते द्वार ही छूटे ।. माया के बाजने बाजि गए, परमात ही मातखवा उठि बूटे ।। आतसबाजी गई छिन में छुटि, देखि उठि के अँखि फूटे । 'देव' दिखैयन दाग बने रहे, बाग बने ते बरोठेई लूटे । तरुनी त्रिय - जगान औौरत । मूल कलक - कलक का उद्धराम डीड़ी-तुच्छ बेकार। उठि बूटे - चले गये। फूिटे-से । बरोठेई-पौर में ।
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यह ग्वालियर से ट्रेन शाम 5:30 बजे रवाना होगी और इटावा रात 9:30 बजे पहुंचेगी। इटावा से सुबह 7:10 बजे चलकर 11:30 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। ग्वालियर से इटावा के बीच का सफर यह ट्रेन साढ़े तीन घंटे में पूरा करेगी। वही इटावा से ग्वालियर के बीच का सफर चार घंटे में पूरा करेगी।
MP Railway News : मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आज 7 मई से ग्वालियर-इटावा के बीच एक मेमू ट्रेन चलने जा रही है। आज रविवार सुबह 11:30 बजे इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इटावा के लिए रवाना किया गया है। इसके बाद सोमवार 8 मई से यह ट्रेन नियमित चलाई जाएगी। वही गाड़ी संख्या 20916/20915 इंदौर-लिंगमपल्ली-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस में इंदौर से 6 मई तो लिंगमपल्ली से आज 7 मई से 28 मई तक एक थर्ड एसी कोच अस्थायी रूप में लगाया जाएगा। ट्रेन में 8 डिब्बे लगे हैं और यह इलेक्ट्रिक इंजन से चलेगी।
आज 7 मई से गाड़ी संख्या 05301 छपरा कचहरी-केएसआर बेंगलुरु सिटी स्पेशल ट्रेन छपरा कचहरी स्टेशन से 17. 10 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन 09. 40 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुँचकर, 09. 50 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से प्रस्थान कर, 13. 50 बजे भोपाल पहुँचकर, 14. 00 बजे भोपाल से प्रस्थान कर,15. 40 बजे इटारसी पहुँचकर, 15. 45 इटारसी से प्रस्थान कर, तीसरे दिन 20. 15 बजे KSR बेंगलूरु सिटी स्टेशन पहुँचेगी। यह गाड़ी एमपी के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, भोपाल और इटारसी से होकर जाएगी।
पश्चिम रेलवे मुंबई सेंट्रल से एक और स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। यह ट्रेन मई से मुंबई सेंट्रल-बरौनी जंक्शन के बीच ट्रेन का चलेगी। यह ट्रेन 9 मई से 4 जुलाई तक चलेगी। मुंबई सेंट्रल-बरौनी जंक्शन विशेष मुंबई सेंट्रल से प्रत्येक मंगलवार को 11 बजे प्रस्थान करेगी और गुरुवार को 6 बजे बरौनी जंक्शन पहुंचेगी। वही बरौनी जंक्शन-मुंबई सेंट्रल स्पेशल बरौनी जंक्शन से प्रत्येक शुक्रवार को 22. 30 बजे रवाना होगी और रविवार को 18. 20 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह ट्रेन 12 मई से 7 जुलाई तक चलेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, शयनयान श्रेणी और सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे हैं।
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यह ग्वालियर से ट्रेन शाम पाँच:तीस बजे रवाना होगी और इटावा रात नौ:तीस बजे पहुंचेगी। इटावा से सुबह सात:दस बजे चलकर ग्यारह:तीस बजे ग्वालियर पहुंचेगी। ग्वालियर से इटावा के बीच का सफर यह ट्रेन साढ़े तीन घंटे में पूरा करेगी। वही इटावा से ग्वालियर के बीच का सफर चार घंटे में पूरा करेगी। MP Railway News : मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आज सात मई से ग्वालियर-इटावा के बीच एक मेमू ट्रेन चलने जा रही है। आज रविवार सुबह ग्यारह:तीस बजे इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इटावा के लिए रवाना किया गया है। इसके बाद सोमवार आठ मई से यह ट्रेन नियमित चलाई जाएगी। वही गाड़ी संख्या बीस हज़ार नौ सौ सोलह/बीस हज़ार नौ सौ पंद्रह इंदौर-लिंगमपल्ली-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस में इंदौर से छः मई तो लिंगमपल्ली से आज सात मई से अट्ठाईस मई तक एक थर्ड एसी कोच अस्थायी रूप में लगाया जाएगा। ट्रेन में आठ डिब्बे लगे हैं और यह इलेक्ट्रिक इंजन से चलेगी। आज सात मई से गाड़ी संख्या पाँच हज़ार तीन सौ एक छपरा कचहरी-केएसआर बेंगलुरु सिटी स्पेशल ट्रेन छपरा कचहरी स्टेशन से सत्रह. दस बजे प्रस्थान कर, अगले दिन नौ. चालीस बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुँचकर, नौ. पचास वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से प्रस्थान कर, तेरह. पचास बजे भोपाल पहुँचकर, चौदह. शून्य बजे भोपाल से प्रस्थान कर,पंद्रह. चालीस बजे इटारसी पहुँचकर, पंद्रह. पैंतालीस इटारसी से प्रस्थान कर, तीसरे दिन बीस. पंद्रह बजे KSR बेंगलूरु सिटी स्टेशन पहुँचेगी। यह गाड़ी एमपी के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, भोपाल और इटारसी से होकर जाएगी। पश्चिम रेलवे मुंबई सेंट्रल से एक और स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। यह ट्रेन मई से मुंबई सेंट्रल-बरौनी जंक्शन के बीच ट्रेन का चलेगी। यह ट्रेन नौ मई से चार जुलाई तक चलेगी। मुंबई सेंट्रल-बरौनी जंक्शन विशेष मुंबई सेंट्रल से प्रत्येक मंगलवार को ग्यारह बजे प्रस्थान करेगी और गुरुवार को छः बजे बरौनी जंक्शन पहुंचेगी। वही बरौनी जंक्शन-मुंबई सेंट्रल स्पेशल बरौनी जंक्शन से प्रत्येक शुक्रवार को बाईस. तीस बजे रवाना होगी और रविवार को अट्ठारह. बीस बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह ट्रेन बारह मई से सात जुलाई तक चलेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी दो-टियर, एसी तीन-टियर, शयनयान श्रेणी और सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे हैं।
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नयी दिल्ली, 27 फरवरी बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में अपने गृह जिले हापुड़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की कम होती संख्या का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह योजना 2019 का चुनाव जीतने के लिए भाजपा का स्टंट साबित साबित हुई है ।
अमरोहा से लोकसभा सदस्य अली ने कहा कि सरकारी आंकड़े मोदी सरकार के कथनी और करनी के फर्क को दर्शाते हैं ।
अपने ट्वीट में हापुड़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का आंकडों का हवाला देते उन्होंने कहा कि हापुड़ जिले मे पंजीकृत किसान 1,27,292 हैं।
उनके अनुसार लाभार्थियों के ये आंकड़े सरकारी हैं।
अली ने दावा किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पहली किस्त 1,16,104 किसानों को, दूसरी 1,12,832 किसानों को, तीसरी1,10,882 किसानों को, चौथी1,00,614 किसानों को, पांचवीं 96,959 किसानों को, छठी 80,026 किसानों को और सातवीं 64,643 किसानों को मिली।
उन्होंने कहा कि यह योजना 2019 का चुनाव जीतने के लिए महज स्टंट साबित हुई।
उन्होंने लिखा, " मोदी सरकार की कथनी और करनी के अंतर को दर्शाते हैं ये सरकारी आंकड़े। भारी शोर शराबे के साथ शुरू की गई किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की संख्या में 50 प्रतिशत की गिरावट आ गयी है। यह योजना भी 2019 का चुनाव जीतने का स्टंट मात्र निकली। जैसा दो करोड़ रोजगार प्रति वर्ष देने का वादा था।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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नयी दिल्ली, सत्ताईस फरवरी बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में अपने गृह जिले हापुड़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की कम होती संख्या का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि यह योजना दो हज़ार उन्नीस का चुनाव जीतने के लिए भाजपा का स्टंट साबित साबित हुई है । अमरोहा से लोकसभा सदस्य अली ने कहा कि सरकारी आंकड़े मोदी सरकार के कथनी और करनी के फर्क को दर्शाते हैं । अपने ट्वीट में हापुड़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का आंकडों का हवाला देते उन्होंने कहा कि हापुड़ जिले मे पंजीकृत किसान एक,सत्ताईस,दो सौ बानवे हैं। उनके अनुसार लाभार्थियों के ये आंकड़े सरकारी हैं। अली ने दावा किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पहली किस्त एक,सोलह,एक सौ चार किसानों को, दूसरी एक,बारह,आठ सौ बत्तीस किसानों को, तीसरीएक,दस,आठ सौ बयासी किसानों को, चौथीएक,शून्य,छः सौ चौदह किसानों को, पांचवीं छियानवे,नौ सौ उनसठ किसानों को, छठी अस्सी,छब्बीस किसानों को और सातवीं चौंसठ,छः सौ तैंतालीस किसानों को मिली। उन्होंने कहा कि यह योजना दो हज़ार उन्नीस का चुनाव जीतने के लिए महज स्टंट साबित हुई। उन्होंने लिखा, " मोदी सरकार की कथनी और करनी के अंतर को दर्शाते हैं ये सरकारी आंकड़े। भारी शोर शराबे के साथ शुरू की गई किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की संख्या में पचास प्रतिशत की गिरावट आ गयी है। यह योजना भी दो हज़ार उन्नीस का चुनाव जीतने का स्टंट मात्र निकली। जैसा दो करोड़ रोजगार प्रति वर्ष देने का वादा था। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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समय की पूर्व अवधि महाकवि भवभूति (७०० - ७५० ई० ) है जिनके एक पद्य को वामन ने रूपक अलेकार के उदाहरण में प्रस्तुत किया है । अत वामन का भवभूति से पश्चावर्ती होना न्यायसिद्ध है। राजशेखर ने ( ९२०ई० ) काव्यमीमाला मे वामन के सम्प्रदाय के अन्तर्भूत आलकारिको का उल्लेख 'वामतीया.' शब्द से किया है। अभिनवगुप्त की समीक्षा से प्रतीत होता है कि आनन्दवर्धन से पहले हो वामन का आविर्भावकाल था । आनन्दवर्धन ने ध्वन्यालोज में
अनुरागवती सन्ध्या दिवसस्तत् पुर. सर । अहो दैवगतिः कीदृक् तथापि न समागम ।। इस श्लोक को उद्धृत किया है। इसके ऊपर लोचनकार का कहना है कि इस पक्ष । मे वामन के अनुसार आपालंकार है और भामह को सम्मति मे समासोक्निकलकर है। इस आशय को अपने हृदय मे रखकर ग्रन्थकार ने समायोक्ति और आक्षेप इन दोनो अलंकारो का यह एक ही उदाहरण दिया है। बत लोचनकार अभिनवगुप्ताचार्य को सम्मति मे वामन आनन्दवर्धन से (८३० ई० ) पूर्ववर्ती हैं ।
इस प्रकार इनका समय ७५० से ८५० ई० के बीच में लगभग ८००ई० के है । कल्हण से राजनरगिणी मे काश्मीर-नरेश जयापीड के मन्त्रियों में वामन नामक मन्त्री का उल्लेख किया है। काश्मीरी पण्डिनों का यह प्रवाद है कि जिस दामन को जयापीड ने मन्त्रिकार्य में नियुक्त किया था वे ही काव्यालकारमुन के रचयिता आलकारिक वामन है। देश और काल की अनुकूलता के कारण हम इस प्रवाद को सत्य मानते हैं । यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि जो व्यक्ति सरस्वती को साजना से लवप्रतिष्ठ हो, वह मन्त्रणा के महनीय कार्य में नियुक्त न किया जाय ।
१ इय गेहे लक्ष्मीरियममृतवतर्नयनयो रसावस्या स्पर्शो वनुपि बहुल्यचन्दन म । अय बाहु कण्ठे शिशिरमनृणो मोक्निक्सर मन यो यदि परममास्तु विरह ॥ ३० रा०६० १३८ ।
२ वामनाभित्रायणायमाक्षेत्र, भामहाभित्रायेण तु समास विनरिटनमुनाजय हुदने गुवा समायाक्षेपयोरिदमे मेवोदाहरण व्यरत् ग्रन्यवृत् ।
लोचन, पृष्ठ ३ ३ ।
३ मनोरथ शबदनश्चटक सन्धिमान्तया ।
बभूवनस्य वामनायाश्च मन्तित ।। राज ० ४।४२३१
वामन के ग्रन्थ का नाम है काव्यालकारसूत्र । इस ग्रन्य को यह विशेषता है हि अलका रशास्त्र के इतिहास में यही एक ग्रन्थ ऐसा है जो सूत्रशैलो मे लिखा गया है । इस ग्रन्थ के तीन भाग हैं -सूत्र, वृत्ति और उदाहरण इसमे दिये गये उदाहरण संस्कृत के प्रामाणिक काव्यो मे उद्धृत किए गए हैं। सूत्र और वृत्ति दोनों की रचना स्वय वामन ने की। इसका निर्देश ग्रन्थ के मगल श्लोक में ग्रन्थकार ने स्क्य किया है । पीछे के आलकारिको ने भी नि सन्देह रूप से वामन को ही वृत्ति का रचयिता स्वीकार किया है। लोत्रनकार अभिनवगुप्त ने वामन के आक्षेप अलकार के उदाहरणो की-- जो वृत्ति मे दिए गए हैं - वामन की हो रचना माना है। इससे स्पष्ट है कि वामन ने ही सूत्र तथा वृत्ति, दोनों की रचना स्वय की ।
यद्यपि यह ग्रन्थ इतना प्रसिद्ध तथा महत्त्वपूर्ण था तथापि मध्ययुग मे इसका प्रचार लुप्त हो गया था। कहा जाता है कि काश्मीर के प्रसिद्ध आलोचक मुकुल भट्ट नै कही से इसकी हस्तलिखित प्रति ( आदर्श ) प्राप्त कर इसका उद्वार किया। इसकी सूचना वामन के टीकाकार सहदेव ने दी है।
वामन का ग्रन्थ पनि अधिकरणों में विभक्त है। प्रत्येक अधिकरण मे कतिपय अध्याय हैं। इस प्रकार पूरे ग्रन्थ मे पाँच अधिकरण, बारह अध्याय तथा ३१९ सूत्र है। प्रथम अधिकरण मे आय के प्रयोजन तथा अधिकारी का वर्णन है। रीति को काव्य की आत्मा बतलाकर वामन ने रीति के तीन भेद तथा हाध्य के अनेक प्रकारी का वर्णन किया है। द्वारा अधिकरण ( दोशदर्शन ) पद, वाक्य तथा वाक्याय के दोषो का दर्शन कराता है। तृतीय अधिकरण ( गुण विवेचन ) अलका और गुण के पार्थवय का विवेवन कर शब्द तथा अथ के दशगुणो का विस्तार के साथ विवरण
प्रस्तुत करता है। चतुर्थ अधिकरण मे ( लहारिक ) अलकार का विस्तार से वर्णन
प्रणम्प परम ज्योतिर्वामनेन कविप्रिया ।
१०पालकारसूत्राशा स्वेपा वृत्तिविधोयते ॥ वा० सू० मग लोक । लक्षणाया द्दि झगित्यर्थप्रतिपत्तिक्षमत्व रहस्यमावक्षते ।
वामन, वा० ल० ५० ४१३८ वी वृत्ति ।
३ वेदिना सर्वशास्त्राणा भट्टोभून् मुकुलाभिघ । लब्ध्वा कुनश्चिदादर्श भ्रष्टाम्नाय समुद्धृतम् ।। यत्तेनंतदामनोदिनम् ।
असूया नात्र वर्तव्या विशेषालोकिमि वयचित् ॥
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समय की पूर्व अवधि महाकवि भवभूति है जिनके एक पद्य को वामन ने रूपक अलेकार के उदाहरण में प्रस्तुत किया है । अत वामन का भवभूति से पश्चावर्ती होना न्यायसिद्ध है। राजशेखर ने काव्यमीमाला मे वामन के सम्प्रदाय के अन्तर्भूत आलकारिको का उल्लेख 'वामतीया.' शब्द से किया है। अभिनवगुप्त की समीक्षा से प्रतीत होता है कि आनन्दवर्धन से पहले हो वामन का आविर्भावकाल था । आनन्दवर्धन ने ध्वन्यालोज में अनुरागवती सन्ध्या दिवसस्तत् पुर. सर । अहो दैवगतिः कीदृक् तथापि न समागम ।। इस श्लोक को उद्धृत किया है। इसके ऊपर लोचनकार का कहना है कि इस पक्ष । मे वामन के अनुसार आपालंकार है और भामह को सम्मति मे समासोक्निकलकर है। इस आशय को अपने हृदय मे रखकर ग्रन्थकार ने समायोक्ति और आक्षेप इन दोनो अलंकारो का यह एक ही उदाहरण दिया है। बत लोचनकार अभिनवगुप्ताचार्य को सम्मति मे वामन आनन्दवर्धन से पूर्ववर्ती हैं । इस प्रकार इनका समय सात सौ पचास से आठ सौ पचास ईशून्य के बीच में लगभग आठ सौईशून्य के है । कल्हण से राजनरगिणी मे काश्मीर-नरेश जयापीड के मन्त्रियों में वामन नामक मन्त्री का उल्लेख किया है। काश्मीरी पण्डिनों का यह प्रवाद है कि जिस दामन को जयापीड ने मन्त्रिकार्य में नियुक्त किया था वे ही काव्यालकारमुन के रचयिता आलकारिक वामन है। देश और काल की अनुकूलता के कारण हम इस प्रवाद को सत्य मानते हैं । यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि जो व्यक्ति सरस्वती को साजना से लवप्रतिष्ठ हो, वह मन्त्रणा के महनीय कार्य में नियुक्त न किया जाय । एक इय गेहे लक्ष्मीरियममृतवतर्नयनयो रसावस्या स्पर्शो वनुपि बहुल्यचन्दन म । अय बाहु कण्ठे शिशिरमनृणो मोक्निक्सर मन यो यदि परममास्तु विरह ॥ तीस रासाठ एक सौ अड़तीस । दो वामनाभित्रायणायमाक्षेत्र, भामहाभित्रायेण तु समास विनरिटनमुनाजय हुदने गुवा समायाक्षेपयोरिदमे मेवोदाहरण व्यरत् ग्रन्यवृत् । लोचन, पृष्ठ तीन तीन । तीन मनोरथ शबदनश्चटक सन्धिमान्तया । बभूवनस्य वामनायाश्च मन्तित ।। राज शून्य चार।चार हज़ार दो सौ इकतीस वामन के ग्रन्थ का नाम है काव्यालकारसूत्र । इस ग्रन्य को यह विशेषता है हि अलका रशास्त्र के इतिहास में यही एक ग्रन्थ ऐसा है जो सूत्रशैलो मे लिखा गया है । इस ग्रन्थ के तीन भाग हैं -सूत्र, वृत्ति और उदाहरण इसमे दिये गये उदाहरण संस्कृत के प्रामाणिक काव्यो मे उद्धृत किए गए हैं। सूत्र और वृत्ति दोनों की रचना स्वय वामन ने की। इसका निर्देश ग्रन्थ के मगल श्लोक में ग्रन्थकार ने स्क्य किया है । पीछे के आलकारिको ने भी नि सन्देह रूप से वामन को ही वृत्ति का रचयिता स्वीकार किया है। लोत्रनकार अभिनवगुप्त ने वामन के आक्षेप अलकार के उदाहरणो की-- जो वृत्ति मे दिए गए हैं - वामन की हो रचना माना है। इससे स्पष्ट है कि वामन ने ही सूत्र तथा वृत्ति, दोनों की रचना स्वय की । यद्यपि यह ग्रन्थ इतना प्रसिद्ध तथा महत्त्वपूर्ण था तथापि मध्ययुग मे इसका प्रचार लुप्त हो गया था। कहा जाता है कि काश्मीर के प्रसिद्ध आलोचक मुकुल भट्ट नै कही से इसकी हस्तलिखित प्रति प्राप्त कर इसका उद्वार किया। इसकी सूचना वामन के टीकाकार सहदेव ने दी है। वामन का ग्रन्थ पनि अधिकरणों में विभक्त है। प्रत्येक अधिकरण मे कतिपय अध्याय हैं। इस प्रकार पूरे ग्रन्थ मे पाँच अधिकरण, बारह अध्याय तथा तीन सौ उन्नीस सूत्र है। प्रथम अधिकरण मे आय के प्रयोजन तथा अधिकारी का वर्णन है। रीति को काव्य की आत्मा बतलाकर वामन ने रीति के तीन भेद तथा हाध्य के अनेक प्रकारी का वर्णन किया है। द्वारा अधिकरण पद, वाक्य तथा वाक्याय के दोषो का दर्शन कराता है। तृतीय अधिकरण अलका और गुण के पार्थवय का विवेवन कर शब्द तथा अथ के दशगुणो का विस्तार के साथ विवरण प्रस्तुत करता है। चतुर्थ अधिकरण मे अलकार का विस्तार से वर्णन प्रणम्प परम ज्योतिर्वामनेन कविप्रिया । दसपालकारसूत्राशा स्वेपा वृत्तिविधोयते ॥ वाशून्य सूशून्य मग लोक । लक्षणाया द्दि झगित्यर्थप्रतिपत्तिक्षमत्व रहस्यमावक्षते । वामन, वाशून्य लशून्य पचास चार हज़ार एक सौ अड़तीस वी वृत्ति । तीन वेदिना सर्वशास्त्राणा भट्टोभून् मुकुलाभिघ । लब्ध्वा कुनश्चिदादर्श भ्रष्टाम्नाय समुद्धृतम् ।। यत्तेनंतदामनोदिनम् । असूया नात्र वर्तव्या विशेषालोकिमि वयचित् ॥
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कृष्ण कुमार/नागौर. राजस्थान के नागौर स्थित मेड़ता मंडी में जीरे के भाव में उछाल देखने को मिला है. जीरा में एक साथ 6,000 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है. बीते शनिवार को यहां जीरा के भाव में अचानक वृद्धि देखने को मिली. व्यापारियों का कहना है कि जीरे के भाव में अभी और वृद्धि होगी. बढ़ोतरी का मुख्य कारण है कि जहां पर जीरे की खेती होती है, वहां इस बार बारिश के कारण उत्पादन अच्छा नहीं हुआ है. इस वजह से जीरा का भाव और बढ़ सकता है.
वहीं, किसानों के लिए इस बार जीरा की खेती करना लाभप्रद साबित हो रहा है. पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार किसानों को 10 से 15 हजार रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहे हैं. पिछली बार जीरा का औसत भाव 23,500 रुपये प्रति क्विंटल था. इस बार इसका औसत भाव 40,000 रुपये प्रति क्विंटल है.
प्रदेश भर में जीरे की बढ़ती मांग को देखते हुए नागौर जिले के किसान खुश हैं. मेड़ता के विशिष्ट कृषि उपज मंडी में जीरा ने तगड़ी उछाल मारी है. इसके चलते जीरा का भाव 51,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. बाजार में जीरे में मांग अधिक है और मंडी में यह कम पहुंच रहा है. व्यापारी ओम प्रकाश ने बताया कि दो दिन पूर्व जीरा का भाव 45,000 रुपया था, लेकिन बाजार में जीरा की डिमांड बढ़ रही है. इसकी आवक कम हो रही है जिसके कारण जीरा के भाव बढ़ रहे हैं.
उन्होंने बताया कि बाजार में जीरे की भारी डिमांड है, लेकिन इसके मुताबिक मंडी में यह नहीं पहुंच रहा है. ऐसे में हो सकता है कि जीरे के भाव में और भी बढ़ोतरी हो. बाजार में जब डिमांड पूरी नहीं होगी, तब इसके भाव में बढ़ोतरी हो सकती है.
मेड़ता मंडी की बात करें तो दो दिन में जीरा के भाव में 6,000 रुपये से अधिक की तेजी आई है. इस सीजन में जीरा के भाव बढ़ रहे हैं जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी है.
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कृष्ण कुमार/नागौर. राजस्थान के नागौर स्थित मेड़ता मंडी में जीरे के भाव में उछाल देखने को मिला है. जीरा में एक साथ छः,शून्य रुपयापये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है. बीते शनिवार को यहां जीरा के भाव में अचानक वृद्धि देखने को मिली. व्यापारियों का कहना है कि जीरे के भाव में अभी और वृद्धि होगी. बढ़ोतरी का मुख्य कारण है कि जहां पर जीरे की खेती होती है, वहां इस बार बारिश के कारण उत्पादन अच्छा नहीं हुआ है. इस वजह से जीरा का भाव और बढ़ सकता है. वहीं, किसानों के लिए इस बार जीरा की खेती करना लाभप्रद साबित हो रहा है. पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार किसानों को दस से पंद्रह हजार रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहे हैं. पिछली बार जीरा का औसत भाव तेईस,पाँच सौ रुपयापये प्रति क्विंटल था. इस बार इसका औसत भाव चालीस,शून्य रुपयापये प्रति क्विंटल है. प्रदेश भर में जीरे की बढ़ती मांग को देखते हुए नागौर जिले के किसान खुश हैं. मेड़ता के विशिष्ट कृषि उपज मंडी में जीरा ने तगड़ी उछाल मारी है. इसके चलते जीरा का भाव इक्यावन,पाँच सौ रुपयापये प्रति क्विंटल हो गया है. बाजार में जीरे में मांग अधिक है और मंडी में यह कम पहुंच रहा है. व्यापारी ओम प्रकाश ने बताया कि दो दिन पूर्व जीरा का भाव पैंतालीस,शून्य रुपयापया था, लेकिन बाजार में जीरा की डिमांड बढ़ रही है. इसकी आवक कम हो रही है जिसके कारण जीरा के भाव बढ़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि बाजार में जीरे की भारी डिमांड है, लेकिन इसके मुताबिक मंडी में यह नहीं पहुंच रहा है. ऐसे में हो सकता है कि जीरे के भाव में और भी बढ़ोतरी हो. बाजार में जब डिमांड पूरी नहीं होगी, तब इसके भाव में बढ़ोतरी हो सकती है. मेड़ता मंडी की बात करें तो दो दिन में जीरा के भाव में छः,शून्य रुपयापये से अधिक की तेजी आई है. इस सीजन में जीरा के भाव बढ़ रहे हैं जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी है. .
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भगवान श्री राम का जन्मोत्सव चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इसी दिन भगवान श्री राम ने माता कौशल्या की कोख से जन्म लिया था। आज देशभर में धूम-धाम से राम नवमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। राम नवमी के दिन भगवान राम की विधि- विधान से पूजा- अर्चना करनी चाहिए। इस दिन भगवान राम के मंत्रों का जप करने से सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है और भगवान राम का आर्शीवाद प्राप्त होता है। राम नवमी व्रत पारण करने से पहले इन मंत्रों का जाप अवश्य करें। आइए जानते हैं भगवान श्री राम की कृपा प्राप्त करने के लिए किन मंत्रों का जप करना चाहिए।
- राम नाम ही स्वंय सबसे बड़ा और सिद्ध मंत्र है। जो व्यक्ति रोजाना राम नाम का जप करता है उस पर किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं आता है। राम नवमी के पावन दिन आप अपनी इच्छानुसार राम नाम का जप जरूर करें।
ऊॅं रां रामाय नमः
- इस मंत्र का जप करने से सभी विपदाएं दूर हो जाती हैं। भगवान राम का यह मंत्र काफी प्रभावशाली और शक्तिशाली है। राम नवमी के दिन इस मंत्र का जप जरूर करें।
ऊॅं रामचंद्राय नमः
- जो व्यक्ति इस मंत्र का जप करता है, उस पर भगवान राम की विशेष कृपा रहती है। इस मंत्र का जप करने से घर में सुख- समृद्धि का वास होता है। भगवान राम की पूजा करते समय इस मंत्र की एक माला का जप अवश्य करें।
ॐ रामभद्राय नमः
- श्रीराम के इस सिद्ध मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं और भगवान राम का आर्शावाद प्राप्त होता है।
ॐ जानकी वल्लभाय स्वाहा'
- राम नवमी के पावन दिन भगवान राम के साथ ही माता सीता का ध्यान भी करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने प्रभु श्री राम और माता सीता का आर्शीवाद प्राप्त होता है।
दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी'
- इस मंत्र का जप करने से सभी तरह के संकटों से छुटकारा मिल जाता है। जीवन में आ रही किसी भी तरह की परेशानी को दूर करने के लिए इस मंत्र का जप करें।
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भगवान श्री राम का जन्मोत्सव चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इसी दिन भगवान श्री राम ने माता कौशल्या की कोख से जन्म लिया था। आज देशभर में धूम-धाम से राम नवमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। राम नवमी के दिन भगवान राम की विधि- विधान से पूजा- अर्चना करनी चाहिए। इस दिन भगवान राम के मंत्रों का जप करने से सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है और भगवान राम का आर्शीवाद प्राप्त होता है। राम नवमी व्रत पारण करने से पहले इन मंत्रों का जाप अवश्य करें। आइए जानते हैं भगवान श्री राम की कृपा प्राप्त करने के लिए किन मंत्रों का जप करना चाहिए। - राम नाम ही स्वंय सबसे बड़ा और सिद्ध मंत्र है। जो व्यक्ति रोजाना राम नाम का जप करता है उस पर किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं आता है। राम नवमी के पावन दिन आप अपनी इच्छानुसार राम नाम का जप जरूर करें। ऊॅं रां रामाय नमः - इस मंत्र का जप करने से सभी विपदाएं दूर हो जाती हैं। भगवान राम का यह मंत्र काफी प्रभावशाली और शक्तिशाली है। राम नवमी के दिन इस मंत्र का जप जरूर करें। ऊॅं रामचंद्राय नमः - जो व्यक्ति इस मंत्र का जप करता है, उस पर भगवान राम की विशेष कृपा रहती है। इस मंत्र का जप करने से घर में सुख- समृद्धि का वास होता है। भगवान राम की पूजा करते समय इस मंत्र की एक माला का जप अवश्य करें। ॐ रामभद्राय नमः - श्रीराम के इस सिद्ध मंत्र का एक सौ आठ बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं और भगवान राम का आर्शावाद प्राप्त होता है। ॐ जानकी वल्लभाय स्वाहा' - राम नवमी के पावन दिन भगवान राम के साथ ही माता सीता का ध्यान भी करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने प्रभु श्री राम और माता सीता का आर्शीवाद प्राप्त होता है। दीन दयाल बिरिदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी' - इस मंत्र का जप करने से सभी तरह के संकटों से छुटकारा मिल जाता है। जीवन में आ रही किसी भी तरह की परेशानी को दूर करने के लिए इस मंत्र का जप करें।
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बागपतः उत्तर प्रदेश की रमाला चीनी मिल के संविदा कर्मचारियों को भड़काने के आरोप में मिल के महाप्रबंधक प्रबुद्ध चौबे ने भाजपा नेता सतेंद्र तुगाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तुगाना पर सरकारी काम में बाधा डालने और कमर्चारियों को उकसाने का आरोप है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
रमाला चीनी मिल के महाप्रबंधक प्रबुद्ध चौबे ने कहा कि चीनी मिल में संविदा कर्मचारियों का धरना चल रहा था। उसी समय मिल समिति की उपसभापति ब्रजेश देवी के पति एवं भाजपा नेता सतेंद्र तुगाना आए और संविदा कर्मचारियों को भड़काना शुरु किया। धरने के समय सतेंद्र ने कार्यालय में घुसकर चौबे के खिलाफ अभद्र व्यवहार भी किया। पुलिस ने धारा 332, 353, 504 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
भाजपा नेता सतेंद्र तुगाना ने कहा कि वे रमाला चीनी मिल के कर्मचारियों के बारे में बात करने चौबे से मिलने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल में उनके प्रति अभद्र व्यवहार किया गया और वे अपनी बात थाने में रखेंगे।
यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये.
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बागपतः उत्तर प्रदेश की रमाला चीनी मिल के संविदा कर्मचारियों को भड़काने के आरोप में मिल के महाप्रबंधक प्रबुद्ध चौबे ने भाजपा नेता सतेंद्र तुगाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तुगाना पर सरकारी काम में बाधा डालने और कमर्चारियों को उकसाने का आरोप है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। रमाला चीनी मिल के महाप्रबंधक प्रबुद्ध चौबे ने कहा कि चीनी मिल में संविदा कर्मचारियों का धरना चल रहा था। उसी समय मिल समिति की उपसभापति ब्रजेश देवी के पति एवं भाजपा नेता सतेंद्र तुगाना आए और संविदा कर्मचारियों को भड़काना शुरु किया। धरने के समय सतेंद्र ने कार्यालय में घुसकर चौबे के खिलाफ अभद्र व्यवहार भी किया। पुलिस ने धारा तीन सौ बत्तीस, तीन सौ तिरेपन, पाँच सौ चार आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। भाजपा नेता सतेंद्र तुगाना ने कहा कि वे रमाला चीनी मिल के कर्मचारियों के बारे में बात करने चौबे से मिलने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल में उनके प्रति अभद्र व्यवहार किया गया और वे अपनी बात थाने में रखेंगे। यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये.
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भारतीय दल में इस बार सबसे ज्यादा 43 खिलाड़ी हरियाणा से हैं। इनमें से 17 खिलाडिय़ों ने मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी खिलाडिय़ों को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
चंडीगढ़। बर्मिंघम में 22वें राष्ट्रमंडल खेलों ( Commonwealth Games ) में देश के खिलाडिय़ों ने अपना शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा है। अभी तक देश को कुल 55 मेडल हासिल हुए हैं जिसमें 18 गोल्ड, 15 सिल्वर और 22 ब्रॉंज मेडल शामिल हैं। देश की आबादी में लगभग दो प्रतिशत भागीदार हरियाणा ने इन खेलों में अपना दबदबा कायम रखा है। भारतीय दल में इस बार सबसे ज्यादा 43 खिलाड़ी हरियाणा से हैं। इनमें से 17 खिलाडिय़ों ने मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी खिलाडिय़ों को दमदार प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने के लिए बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों में अमित पंघाल और नीतू घनघस ने बॉक्सिंग में गोल्ड झटका है तो साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया, दीपक पुनिया, रवि कुमार दहिया, विनेश फोगाट और नवीन कुमार ने कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता है। सुधीर ने पैरा पावर लिफ्टिंग में गोल्ड हासिल किया है। अंशु मलिक ने कुश्ती में सिल्वर, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, दीपक नेहरा और मोहित ग्रेवाल ने कुश्ती में ब्रॉंज जीता है। सागर अहलावत ने बॉक्सिंग में सिल्वर और जैसमिन लंबोरिया ने बॉक्सिंग में ब्रॉंज जीता है। संदीप कुमार ने एथलेटिक्स ब्रॉंज मेडल जीता है। महिला हॉकी टीम में भी हरियाणा के खिलाडिय़ों ने अपना जलवा दिखाया है। टीम ने कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। 18 सदस्यीय हॉकी टीम में 8 महिलाएं हरियाणा की हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों के बेहतरीन प्रदर्शन से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी गदगद हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों ने इस बार लठगाड़ दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के धाकड़ खिलाडिय़ों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि म्हारे पहलवानों का डंका पूरे विश्व में बजता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति का ही परिणाम है कि राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों ने धड़ाधड़ गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में शामिल हरियाणा के खिलाडिय़ों ने ना केवल खुद को साबित किया है बल्कि पदक तालिका को भी आगे बढ़ाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि अपनी मेहनत के बलबूते पर इन सभी खिलाडिय़ों ने देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई सालों में हरियाणा ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। चाहे मुक्केबाजी की बात हो या कुश्ती की ऐसे कई खेल हैं जिसमें हरियाणा के खिलाडिय़ों का प्रदर्शन धाकड़ रहा है। महिला और पुरुष वर्ग दोनों में ही हरियाणा के एथलीट अव्वल साबित हुए हैं। मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार मेडल विजेता खिलाडिय़ों को सबसे ज्यादा इनाम राशि देकर सम्मानित करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को स्वर्ण पदक के लिए डेढ़ करोड़ रुपए, रजत पदक के लिए 75 लाख रुपए और कांस्य पदक के लिए 50 लाख रुपए देगी। इसके साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को साढ़े सात लाख रुपए मिलेंगे।
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भारतीय दल में इस बार सबसे ज्यादा तैंतालीस खिलाड़ी हरियाणा से हैं। इनमें से सत्रह खिलाडिय़ों ने मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी खिलाडिय़ों को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। चंडीगढ़। बर्मिंघम में बाईसवें राष्ट्रमंडल खेलों में देश के खिलाडिय़ों ने अपना शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा है। अभी तक देश को कुल पचपन मेडल हासिल हुए हैं जिसमें अट्ठारह गोल्ड, पंद्रह सिल्वर और बाईस ब्रॉंज मेडल शामिल हैं। देश की आबादी में लगभग दो प्रतिशत भागीदार हरियाणा ने इन खेलों में अपना दबदबा कायम रखा है। भारतीय दल में इस बार सबसे ज्यादा तैंतालीस खिलाड़ी हरियाणा से हैं। इनमें से सत्रह खिलाडिय़ों ने मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी खिलाडिय़ों को दमदार प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने के लिए बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में अमित पंघाल और नीतू घनघस ने बॉक्सिंग में गोल्ड झटका है तो साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया, दीपक पुनिया, रवि कुमार दहिया, विनेश फोगाट और नवीन कुमार ने कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता है। सुधीर ने पैरा पावर लिफ्टिंग में गोल्ड हासिल किया है। अंशु मलिक ने कुश्ती में सिल्वर, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, दीपक नेहरा और मोहित ग्रेवाल ने कुश्ती में ब्रॉंज जीता है। सागर अहलावत ने बॉक्सिंग में सिल्वर और जैसमिन लंबोरिया ने बॉक्सिंग में ब्रॉंज जीता है। संदीप कुमार ने एथलेटिक्स ब्रॉंज मेडल जीता है। महिला हॉकी टीम में भी हरियाणा के खिलाडिय़ों ने अपना जलवा दिखाया है। टीम ने कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। अट्ठारह सदस्यीय हॉकी टीम में आठ महिलाएं हरियाणा की हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों के बेहतरीन प्रदर्शन से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी गदगद हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों ने इस बार लठगाड़ दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के धाकड़ खिलाडिय़ों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि म्हारे पहलवानों का डंका पूरे विश्व में बजता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति का ही परिणाम है कि राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों ने धड़ाधड़ गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में शामिल हरियाणा के खिलाडिय़ों ने ना केवल खुद को साबित किया है बल्कि पदक तालिका को भी आगे बढ़ाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि अपनी मेहनत के बलबूते पर इन सभी खिलाडिय़ों ने देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई सालों में हरियाणा ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। चाहे मुक्केबाजी की बात हो या कुश्ती की ऐसे कई खेल हैं जिसमें हरियाणा के खिलाडिय़ों का प्रदर्शन धाकड़ रहा है। महिला और पुरुष वर्ग दोनों में ही हरियाणा के एथलीट अव्वल साबित हुए हैं। मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार मेडल विजेता खिलाडिय़ों को सबसे ज्यादा इनाम राशि देकर सम्मानित करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को स्वर्ण पदक के लिए डेढ़ करोड़ रुपए, रजत पदक के लिए पचहत्तर लाख रुपए और कांस्य पदक के लिए पचास लाख रुपए देगी। इसके साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को साढ़े सात लाख रुपए मिलेंगे।
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रामनाथी (गोवा) - हिंदू जनजागृति समितिद्वारा अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशन आयोजित करके हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाका शुभारंभ हुआ है, ऐसा मत राष्ट्रीय प्रवचनकार डॉ. सच्चिदानंद शेवडेने यहां व्यक्त किया । डॉ. शेवडे अधिवेशनके अगले दिन 'राष्ट्र एवं धर्मरक्षाके लिए ठोस कृति' इस विषयपर आयोजित चर्चासत्रमें बोल रहे थे । उन्होंने आगे कहा,
* वहांके एक मंदिरमें सरकारने तीन मुसलमान पुजारी नियुक्त किए थे । कश्मीर पाकका भूभाग बनानेका निश्चय वहांके मुसलमानोंने कर लिया है, इसकी तब मुझे प्रतीति आई ।
* वर्ष १९२० तक अपने देशमें मुसलमान केवल रहते थे । तदुपरांत उनमें 'इस्लाम' जागृत हुआ ।
* आज हिंदू जनजागृति समितिद्वारा हिंदू राष्ट्र स्थापनाका कार्य आरंभ करके हिंदुओंमें क्षात्रतेज जागृत करनेका कार्य अपने हाथमें लिया है । इसका परिणाम निश्चितरूपसे शुभ ही होगा ।
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रामनाथी - हिंदू जनजागृति समितिद्वारा अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशन आयोजित करके हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाका शुभारंभ हुआ है, ऐसा मत राष्ट्रीय प्रवचनकार डॉ. सच्चिदानंद शेवडेने यहां व्यक्त किया । डॉ. शेवडे अधिवेशनके अगले दिन 'राष्ट्र एवं धर्मरक्षाके लिए ठोस कृति' इस विषयपर आयोजित चर्चासत्रमें बोल रहे थे । उन्होंने आगे कहा, * वहांके एक मंदिरमें सरकारने तीन मुसलमान पुजारी नियुक्त किए थे । कश्मीर पाकका भूभाग बनानेका निश्चय वहांके मुसलमानोंने कर लिया है, इसकी तब मुझे प्रतीति आई । * वर्ष एक हज़ार नौ सौ बीस तक अपने देशमें मुसलमान केवल रहते थे । तदुपरांत उनमें 'इस्लाम' जागृत हुआ । * आज हिंदू जनजागृति समितिद्वारा हिंदू राष्ट्र स्थापनाका कार्य आरंभ करके हिंदुओंमें क्षात्रतेज जागृत करनेका कार्य अपने हाथमें लिया है । इसका परिणाम निश्चितरूपसे शुभ ही होगा ।
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(जी. एन. एस) ता. 24श्रीनगरजम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को गोलीबारी की घटना में एक आम नागरिक की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। घटना दक्षिण कश्मीर के शोपियां के जैनापोरा इलाके की है। व्यक्ति की पहचान शाहिद अहमद के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और आगे के विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है।
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ता. चौबीसश्रीनगरजम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को गोलीबारी की घटना में एक आम नागरिक की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। घटना दक्षिण कश्मीर के शोपियां के जैनापोरा इलाके की है। व्यक्ति की पहचान शाहिद अहमद के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और आगे के विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है।
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सरकार कोविड संकट से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए संसाधन जुटाने को लेकर सजग है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाजार से जितनी उधारी लेने की योजना बनाई थी, उसका करीब 60 फीसदी पहली छमाही में ही ले लेगी।
वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही यानी सितंबर तक सरकार बाजार से करीब 7. 24 लाख करोड़ रुपये कर्ज लेगी। यह पूरे साल के लिए उधारी लक्ष्य करीब 12 लाख करोड़ रुपये का 60. 06 फीसदी है। आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज ने आज कहा कि यह उधारी दो से 40 साल तक की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्डों के जरिये जुटाई जाएगी। इसमें फ्लोटिंग दर वाले बॉन्डों का भी उपयोग किया जाएगा।
महामारी के बीच अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 2020-21 में सरकार ने 13. 71 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। बजाज ने कहा, '2021 में वित्त मंत्रालय ने अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा सकल कर्ज लिया है। हालांकि शुद्घ कर्ज 11. 41 लाख करोड़ रुपये था। ' हालांकि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए उधारी के लक्ष्य में फि लहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन इससे इनकार नहीं किया गया है।
सरकार कोविड संकट से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए संसाधन जुटाने को लेकर सजग है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाजार से जितनी उधारी लेने की योजना बनाई थी, उसका करीब 60 फीसदी पहली छमाही में ही ले लेगी।
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सरकार कोविड संकट से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए संसाधन जुटाने को लेकर सजग है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाजार से जितनी उधारी लेने की योजना बनाई थी, उसका करीब साठ फीसदी पहली छमाही में ही ले लेगी। वित्त वर्ष दो हज़ार इक्कीस-बाईस की पहली छमाही यानी सितंबर तक सरकार बाजार से करीब सात. चौबीस लाख करोड़ रुपये कर्ज लेगी। यह पूरे साल के लिए उधारी लक्ष्य करीब बारह लाख करोड़ रुपये का साठ. छः फीसदी है। आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज ने आज कहा कि यह उधारी दो से चालीस साल तक की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्डों के जरिये जुटाई जाएगी। इसमें फ्लोटिंग दर वाले बॉन्डों का भी उपयोग किया जाएगा। महामारी के बीच अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए दो हज़ार बीस-इक्कीस में सरकार ने तेरह. इकहत्तर लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। बजाज ने कहा, 'दो हज़ार इक्कीस में वित्त मंत्रालय ने अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा सकल कर्ज लिया है। हालांकि शुद्घ कर्ज ग्यारह. इकतालीस लाख करोड़ रुपये था। ' हालांकि वित्त वर्ष दो हज़ार इक्कीस-बाईस के लिए उधारी के लक्ष्य में फि लहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन इससे इनकार नहीं किया गया है। सरकार कोविड संकट से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए संसाधन जुटाने को लेकर सजग है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बाजार से जितनी उधारी लेने की योजना बनाई थी, उसका करीब साठ फीसदी पहली छमाही में ही ले लेगी।
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फॉर्मिड्रॉन एक जटिल हैसंयुक्त दवा यह एक एंटीसेप्टिक है, जो फॉर्मल्डेहाइड के आधार पर बनाया गया है, जो इसके मुख्य घटक के रूप में कार्य करता है। फार्मास्यूटिकल एजेंट "फॉर्मिड्रॉन" का एक संकीर्ण अनुप्रयोग है। यह त्वचा की सतह को सूखने और रोगजनकों से छुटकारा पाने में सक्षम है, जो पसीने की अप्रिय गंध का कारण हो सकता है।
यह समझने के लिए कि दवा कैसे काम करती है"फॉर्मिड्रॉन", इसके मुख्य घटक - फ़ार्माल्डेहाइड की गतिशीलता को ट्रैक करना आवश्यक है। इस तथ्य को नहीं देखते कि यह पदार्थ अल्कोहल के क्लेवेज के दौरान शरीर में आत्म-जमा हो रहा है, इसे जहरीले के रूप में पहचाना जाता है, और इसलिए आनुवंशिक उत्परिवर्तन पैदा हो सकता है और आंतरिक अंगों और प्रणालियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
फॉर्मल्डेहाइड प्रोटीन के जमावट को बढ़ावा देता है,जिसके परिणामस्वरूप त्वचा पर मौजूद जीवित जीवाणुओं का विनाश हुआ, पसीना ग्रंथियों के विघटित स्राव और इस प्रकार, एक अप्रिय गंध की उपस्थिति को उकसाया। पसीने की समस्याओं से पीड़ित लोगों में से, दवा "फॉर्मिड्रॉन" को बहुत व्यापक आवेदन मिला है, इसके प्रभाव में, कई छिद्र बंद हो जाते हैं, और पसीने के ग्रंथियों के नलिकाएं गिर जाती हैं, उनमें से कुछ पूरी तरह से उपद्रव भी कर सकती हैं।
हालांकि, यह कहा जाना चाहिए कि दवा की कार्रवाई में कमी है। इसलिए, उदाहरण के लिए, मलबेदार और पसीना ग्रंथियों के छिद्रण से उनमें सूजन प्रक्रिया का विकास हो सकता है।
जैसा ऊपर बताया गया है, जैसा किसक्रिय पदार्थ फॉर्मल्डेहाइड के साथ अत्यधिक विशिष्ट दवा, दवा "फॉर्मिड्रॉन" है। इसका उपयोग केवल एक मजबूत पसीना से छुटकारा पाने की अनुमति देगा। यह एक तेज गंध के साथ हो सकता है, दवा उपचार भी इस समस्या को समाप्त करता है। अंडरमार के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली दवा "फॉर्मिड्रॉन" है, क्योंकि इसे सबसे अधिक समस्याग्रस्त क्षेत्र माना जाता है।
सभी दवाओं का अपना स्वयं का होता हैमतभेद। अपवाद नहीं था और दवा "फॉर्मिड्रॉन" थी। इसका उपयोग सभी सूजन त्वचा रोगों में सख्ती से प्रतिबंधित है। त्वचा की क्षति के लिए भी दवा का उपयोग करने की सिफारिश नहीं की जाती है। और, ज़ाहिर है, आपको इस दवा का उन लोगों के साथ इलाज नहीं करना चाहिए जो अन्य फॉर्मल्डेहाइड युक्त दवाओं के प्रति संवेदनशील हैं।
कुछ लोग संपार्श्विक के उद्भव को नोट करते हैंइस दवा उत्पाद के उपचार में प्रभाव। त्वचा के चकत्ते के रूप में सबसे आम एलर्जी, जो खुजली, सूजन और लाली के साथ होती है। इस मामले में, दवा का उपयोग करना बंद करना आवश्यक है और सभी बाहरी अभिव्यक्तियां जल्द ही गायब हो जाएंगी।
चिकित्सा का उपयोग कैसे करेंमतलब "फॉर्मिड्रॉन", निर्देश में विस्तृत है। यह बताता है कि इसे दिन में एक बार समस्या क्षेत्रों में बाहरी रूप से लागू किया जाना चाहिए। यदि आवश्यक हो, तो आप दिन में दो बार दवा का उपयोग कर सकते हैं। इस दवा के साथ अधिक मात्रा में कोई मामला नहीं था।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इसका उपयोग करना संभव हैपैर के लिए फॉर्मिड्रॉन। यहां तक कि यदि शरीर का यह हिस्सा गंभीर पसीना से पीड़ित नहीं होता है, तो अक्सर इसमें स्थायी अप्रिय गंध होती है। हालांकि, के बाद से दवा विषाक्त है, पहले से ही डॉक्टर से परामर्श करना बेहतर है। यह विभिन्न नकारात्मक परिणामों को रोक देगा।
फार्मास्युटिकल फार्माड्रॉन चेहरे और श्लेष्म झिल्ली पर लागू करने के लिए अवांछनीय है। एक्सिलरी गुहाओं का इलाज सीधे depilation के बाद नहीं किया जाता है।
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फॉर्मिड्रॉन एक जटिल हैसंयुक्त दवा यह एक एंटीसेप्टिक है, जो फॉर्मल्डेहाइड के आधार पर बनाया गया है, जो इसके मुख्य घटक के रूप में कार्य करता है। फार्मास्यूटिकल एजेंट "फॉर्मिड्रॉन" का एक संकीर्ण अनुप्रयोग है। यह त्वचा की सतह को सूखने और रोगजनकों से छुटकारा पाने में सक्षम है, जो पसीने की अप्रिय गंध का कारण हो सकता है। यह समझने के लिए कि दवा कैसे काम करती है"फॉर्मिड्रॉन", इसके मुख्य घटक - फ़ार्माल्डेहाइड की गतिशीलता को ट्रैक करना आवश्यक है। इस तथ्य को नहीं देखते कि यह पदार्थ अल्कोहल के क्लेवेज के दौरान शरीर में आत्म-जमा हो रहा है, इसे जहरीले के रूप में पहचाना जाता है, और इसलिए आनुवंशिक उत्परिवर्तन पैदा हो सकता है और आंतरिक अंगों और प्रणालियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। फॉर्मल्डेहाइड प्रोटीन के जमावट को बढ़ावा देता है,जिसके परिणामस्वरूप त्वचा पर मौजूद जीवित जीवाणुओं का विनाश हुआ, पसीना ग्रंथियों के विघटित स्राव और इस प्रकार, एक अप्रिय गंध की उपस्थिति को उकसाया। पसीने की समस्याओं से पीड़ित लोगों में से, दवा "फॉर्मिड्रॉन" को बहुत व्यापक आवेदन मिला है, इसके प्रभाव में, कई छिद्र बंद हो जाते हैं, और पसीने के ग्रंथियों के नलिकाएं गिर जाती हैं, उनमें से कुछ पूरी तरह से उपद्रव भी कर सकती हैं। हालांकि, यह कहा जाना चाहिए कि दवा की कार्रवाई में कमी है। इसलिए, उदाहरण के लिए, मलबेदार और पसीना ग्रंथियों के छिद्रण से उनमें सूजन प्रक्रिया का विकास हो सकता है। जैसा ऊपर बताया गया है, जैसा किसक्रिय पदार्थ फॉर्मल्डेहाइड के साथ अत्यधिक विशिष्ट दवा, दवा "फॉर्मिड्रॉन" है। इसका उपयोग केवल एक मजबूत पसीना से छुटकारा पाने की अनुमति देगा। यह एक तेज गंध के साथ हो सकता है, दवा उपचार भी इस समस्या को समाप्त करता है। अंडरमार के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली दवा "फॉर्मिड्रॉन" है, क्योंकि इसे सबसे अधिक समस्याग्रस्त क्षेत्र माना जाता है। सभी दवाओं का अपना स्वयं का होता हैमतभेद। अपवाद नहीं था और दवा "फॉर्मिड्रॉन" थी। इसका उपयोग सभी सूजन त्वचा रोगों में सख्ती से प्रतिबंधित है। त्वचा की क्षति के लिए भी दवा का उपयोग करने की सिफारिश नहीं की जाती है। और, ज़ाहिर है, आपको इस दवा का उन लोगों के साथ इलाज नहीं करना चाहिए जो अन्य फॉर्मल्डेहाइड युक्त दवाओं के प्रति संवेदनशील हैं। कुछ लोग संपार्श्विक के उद्भव को नोट करते हैंइस दवा उत्पाद के उपचार में प्रभाव। त्वचा के चकत्ते के रूप में सबसे आम एलर्जी, जो खुजली, सूजन और लाली के साथ होती है। इस मामले में, दवा का उपयोग करना बंद करना आवश्यक है और सभी बाहरी अभिव्यक्तियां जल्द ही गायब हो जाएंगी। चिकित्सा का उपयोग कैसे करेंमतलब "फॉर्मिड्रॉन", निर्देश में विस्तृत है। यह बताता है कि इसे दिन में एक बार समस्या क्षेत्रों में बाहरी रूप से लागू किया जाना चाहिए। यदि आवश्यक हो, तो आप दिन में दो बार दवा का उपयोग कर सकते हैं। इस दवा के साथ अधिक मात्रा में कोई मामला नहीं था। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इसका उपयोग करना संभव हैपैर के लिए फॉर्मिड्रॉन। यहां तक कि यदि शरीर का यह हिस्सा गंभीर पसीना से पीड़ित नहीं होता है, तो अक्सर इसमें स्थायी अप्रिय गंध होती है। हालांकि, के बाद से दवा विषाक्त है, पहले से ही डॉक्टर से परामर्श करना बेहतर है। यह विभिन्न नकारात्मक परिणामों को रोक देगा। फार्मास्युटिकल फार्माड्रॉन चेहरे और श्लेष्म झिल्ली पर लागू करने के लिए अवांछनीय है। एक्सिलरी गुहाओं का इलाज सीधे depilation के बाद नहीं किया जाता है।
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मुंबई (पीटीआई)। शुरुआती कारोबार के दौरान 1,190. 27 अंक लुढ़क कर सेंसेक्स 32,348. 10 अंक के निचले स्तर पर आ गया। इसके बावजूद 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 242. 52 अंक या 0. 72 प्रतिशत चढ़कर 33,780. 89 अंक के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 70. 90 अंक या 0. 72 प्रतिशत बढ़त के साथ 9,972. 90 अंक के स्तर पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान यह एक बार 9,544. 35 अंक के निचले स्तर तक आ गया था। एमएंडएम सेंसेक्स पैक में टाॅप गेनर रहा। इसके शेयर करीब 7 प्रतिशत तक चढ़ गए।
सेंसेक्स के टाॅप गेनर लिस्ट में एमएंडएम के बाद बजार फाइनेस दूसरे नंबर पर रहा। इसके बाद हीरो मोटर काॅर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन और बजाज ऑटो टाॅप गेनर लिस्ट में शामिल रहे। दूसरी ओर ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड, इनफोसिस और कोटक बैंक टाॅप लूजर की सूची में शामिल थे। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक वाॅल स्ट्रीट और एशियन बाजारों में नकारात्मक रुख के कारण शुरुआती काराेबार में लड़खड़ा गया। बाजार पर कोरोना वायरस की चिंता में विदेशी निवेशकों के मुनाफावसूली का भी असर रहा।
हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में रिकवरी और यूरोपीय बाजार के मजबूत सकारात्मक रुख के कारण घरेलू निवेशकों को सहारा मिला और घरेलू बाजार बढ़त बनाने में कामयाब रहा। पैरिस, फ्रैंकफर्ट और लंदन के बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान 2 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। दूसरी ओर शंघाई, हांगकांग, टोक्यो और सियोल के बाजार 2 प्रतिशत नीचे बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 0. 83 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। यह प्रति बैरल 38. 86 डाॅलर रहा। इसी बीच कोरोना वायरस से संक्रमण की संख्या दुनिया में बढ़कर 75 लाख के पार पहुंच गई और मौतों का आंकड़ा भी 4. 21 लाख पहुंच गया।
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मुंबई । शुरुआती कारोबार के दौरान एक,एक सौ नब्बे. सत्ताईस अंक लुढ़क कर सेंसेक्स बत्तीस,तीन सौ अड़तालीस. दस अंक के निचले स्तर पर आ गया। इसके बावजूद तीस शेयरों वाला सेंसेक्स दो सौ बयालीस. बावन अंक या शून्य. बहत्तर प्रतिशत चढ़कर तैंतीस,सात सौ अस्सी. नवासी अंक के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी सत्तर. नब्बे अंक या शून्य. बहत्तर प्रतिशत बढ़त के साथ नौ,नौ सौ बहत्तर. नब्बे अंक के स्तर पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान यह एक बार नौ,पाँच सौ चौंतालीस. पैंतीस अंक के निचले स्तर तक आ गया था। एमएंडएम सेंसेक्स पैक में टाॅप गेनर रहा। इसके शेयर करीब सात प्रतिशत तक चढ़ गए। सेंसेक्स के टाॅप गेनर लिस्ट में एमएंडएम के बाद बजार फाइनेस दूसरे नंबर पर रहा। इसके बाद हीरो मोटर काॅर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन और बजाज ऑटो टाॅप गेनर लिस्ट में शामिल रहे। दूसरी ओर ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड, इनफोसिस और कोटक बैंक टाॅप लूजर की सूची में शामिल थे। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक वाॅल स्ट्रीट और एशियन बाजारों में नकारात्मक रुख के कारण शुरुआती काराेबार में लड़खड़ा गया। बाजार पर कोरोना वायरस की चिंता में विदेशी निवेशकों के मुनाफावसूली का भी असर रहा। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में रिकवरी और यूरोपीय बाजार के मजबूत सकारात्मक रुख के कारण घरेलू निवेशकों को सहारा मिला और घरेलू बाजार बढ़त बनाने में कामयाब रहा। पैरिस, फ्रैंकफर्ट और लंदन के बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान दो प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। दूसरी ओर शंघाई, हांगकांग, टोक्यो और सियोल के बाजार दो प्रतिशत नीचे बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में शून्य. तिरासी प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। यह प्रति बैरल अड़तीस. छियासी डाॅलर रहा। इसी बीच कोरोना वायरस से संक्रमण की संख्या दुनिया में बढ़कर पचहत्तर लाख के पार पहुंच गई और मौतों का आंकड़ा भी चार. इक्कीस लाख पहुंच गया।
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एयरलाइन ने कहा कि मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत 50 लाख डॉलर की बैंक गारंटी पहले ही उपलब्ध करवा दी गई है. क्रेडिट सुइस ने पिछले साल स्पाइसजेट को एसआर टेक्निक्स को 2.4 करोड़ डॉलर का भुगतान करने में विफल रहने पर मद्रास हाई कोर्ट में घसीटा था.
डोमेस्टिंग एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) ने क्रेडिट सुइस के अपने लंबित विवाद को सुलझा लिया है. स्पाइसजेट ने बुधवार को कहा कि उसने स्विट्जरलैंड की वित्तीय सेवा कंपनी क्रेडिट सुइस के अपने लंबित विवाद को सुलझाते हुए समझौता और सहमति शर्तों पर हस्ताक्षर किए हैं. एयरलाइन कंपनी ने एक बयान में कहा कि 23 मई को तय हुईं समझौता एवं सहमति शर्तों को अंतिम आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल किया गया है. Credit Suisse के साथ विवाद खत्म होने की खबर से स्पाइसजेट के शेयरों में तेजी आई है. कारोबार के दौरान बीएसई पर शेयर 4 फीसदी चढ़कर 51.70 रुपये पर पहुंच गया.
SpiceJet ने अधिक ब्यौरा तो नहीं दिया, हालांकि यह बताया कि विवाद निपटारा की व्यवस्था के तहत एक निश्चित राशि का भुगतान पहले किया जाएगा और बाकी की राशि पारस्परिक रूप से तय समयसीमा में दी जाएगी. एयरलाइन ने कहा कि मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत 50 लाख डॉलर की बैंक गारंटी पहले ही उपलब्ध करवा दी गई है.
क्या था विवाद?
क्रेडिट सुइस ने पिछले साल स्पाइसजेट को मद्रास हाई कोर्ट में घसीटा था क्योंकि एयरलाइन स्विस मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहालिंग (एमआरओ) सेवा प्रदाता एसआर टेक्निक्स (SR Technics) को 2.4 करोड़ डॉलर से अधिक का भुगतान करने में विफल रही थी. क्रेडिट सुइस को SR Technics की ओर से बकाया राशि प्राप्त करना अनिवार्य था.
स्पाइसजेट बोइंग 737, Q‐400 और मालवाहकों के बेड़े का संचालन करती है और देश की सबसे बड़ी क्षेत्रीय कंपनी है जो UDAN या क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत रोजाना 63 उड़ानें संचालित करती है.
SpiceJet के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) अजय सिंह ने सोमवार को कहा, स्पाइसजेट अगले कुछ महीनों में और अधिक बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल करेगी और उसे जल्द ही अपने विमानों पर ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा शुरू करने की उम्मीद है.
बजट कैरियर स्पाइसजेट पर रैनसमवेयर हमले का प्रयास किया गया है. कुछ स्पाइसजेट सिस्टम को कल रात रैनसमवेयर हमले के प्रयास का सामना करना पड़ा है. इस हमले के कारण आज सुबह कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं. हमारी आईटी टीम ने स्थिति पर काबू पा लिया है और इसे ठीक कर लिया है और उड़ानें अब सामान्य रूप से चल रही हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पाइसजेट की कुछ उड़ानें पिछले हफ्ते दिल्ली हवाईअड्डे पर कुछ समय के लिए रोकी गईं क्योंकि एयरलाइन द्वारा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को रोजाना भुगतान में देरी हो रही थी. एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के कारण डेली पेमेंट में देरी हुई और उड़ानें अब सामान्य रूप से चल रही हैं.
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एयरलाइन ने कहा कि मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत पचास लाख डॉलर की बैंक गारंटी पहले ही उपलब्ध करवा दी गई है. क्रेडिट सुइस ने पिछले साल स्पाइसजेट को एसआर टेक्निक्स को दो.चार करोड़ डॉलर का भुगतान करने में विफल रहने पर मद्रास हाई कोर्ट में घसीटा था. डोमेस्टिंग एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने क्रेडिट सुइस के अपने लंबित विवाद को सुलझा लिया है. स्पाइसजेट ने बुधवार को कहा कि उसने स्विट्जरलैंड की वित्तीय सेवा कंपनी क्रेडिट सुइस के अपने लंबित विवाद को सुलझाते हुए समझौता और सहमति शर्तों पर हस्ताक्षर किए हैं. एयरलाइन कंपनी ने एक बयान में कहा कि तेईस मई को तय हुईं समझौता एवं सहमति शर्तों को अंतिम आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल किया गया है. Credit Suisse के साथ विवाद खत्म होने की खबर से स्पाइसजेट के शेयरों में तेजी आई है. कारोबार के दौरान बीएसई पर शेयर चार फीसदी चढ़कर इक्यावन दशमलव सत्तर रुपयापये पर पहुंच गया. SpiceJet ने अधिक ब्यौरा तो नहीं दिया, हालांकि यह बताया कि विवाद निपटारा की व्यवस्था के तहत एक निश्चित राशि का भुगतान पहले किया जाएगा और बाकी की राशि पारस्परिक रूप से तय समयसीमा में दी जाएगी. एयरलाइन ने कहा कि मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत पचास लाख डॉलर की बैंक गारंटी पहले ही उपलब्ध करवा दी गई है. क्या था विवाद? क्रेडिट सुइस ने पिछले साल स्पाइसजेट को मद्रास हाई कोर्ट में घसीटा था क्योंकि एयरलाइन स्विस मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहालिंग सेवा प्रदाता एसआर टेक्निक्स को दो.चार करोड़ डॉलर से अधिक का भुगतान करने में विफल रही थी. क्रेडिट सुइस को SR Technics की ओर से बकाया राशि प्राप्त करना अनिवार्य था. स्पाइसजेट बोइंग सात सौ सैंतीस, Q‐चार सौ और मालवाहकों के बेड़े का संचालन करती है और देश की सबसे बड़ी क्षेत्रीय कंपनी है जो UDAN या क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत रोजाना तिरेसठ उड़ानें संचालित करती है. SpiceJet के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह ने सोमवार को कहा, स्पाइसजेट अगले कुछ महीनों में और अधिक बोइंग सात सौ सैंतीस मैक्स विमान शामिल करेगी और उसे जल्द ही अपने विमानों पर ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा शुरू करने की उम्मीद है. बजट कैरियर स्पाइसजेट पर रैनसमवेयर हमले का प्रयास किया गया है. कुछ स्पाइसजेट सिस्टम को कल रात रैनसमवेयर हमले के प्रयास का सामना करना पड़ा है. इस हमले के कारण आज सुबह कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं. हमारी आईटी टीम ने स्थिति पर काबू पा लिया है और इसे ठीक कर लिया है और उड़ानें अब सामान्य रूप से चल रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पाइसजेट की कुछ उड़ानें पिछले हफ्ते दिल्ली हवाईअड्डे पर कुछ समय के लिए रोकी गईं क्योंकि एयरलाइन द्वारा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को रोजाना भुगतान में देरी हो रही थी. एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के कारण डेली पेमेंट में देरी हुई और उड़ानें अब सामान्य रूप से चल रही हैं.
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मैं समझता हूँ कि मेरे जीवनके प्रारम्भिक वर्षोंमे स्यात् ही कोई विशेषता थी । उत्तरभारतके बड़े नगरोमे रहनेवाले निम्न मध्यमवर्गके परिवारों जैसा हमारा भी परिवार था । हॉ, इतना अवश्य था कि हम काशीके रहनेवाले थे और मेरे माता-पिता पक्के सनातनधर्मावलम्बी थे । इसलिए हमारे घरका पर्यावरण निश्चय ही धार्मिक था । हमारा मकान मुहल्ला जालिपादेवीमें था, पासमे ही देवीका मन्दिर था । बडा सा नीमका पेड़ था । उसीमे एक उभरा हुआ सा हिस्सा था । उसीपर मुखौटा चढा दिया गया था और किसी प्रकारकी मूर्ति नहीं थी । आस-पास घनी बस्ती थी । खेलनेके लिए कही पासमे खुली जगह न थी । जहाँ आजकल पार्क है वहाँ कूड़ेका ढेर था । लोग नाक दबा कर निकलते थे । मुहल्लेमे लडके सड़कपर गोली खेल लेते थे, पर मुझे उनके साथ खेलनेकी अनुमति नही थी । बस एक ही खेल था : रामलीलाके दिनोमे जो कुछ देखा जाता था उसे यथाशक्य घरपर दुहराना ।
इतनेपर भी स्वास्थ्य अच्छा था । इसका एक ही कारण हो सकता था । सस्तीके दिन थे । हम खाना अच्छा खाते थे । दूध-घी सभी शुद्ध मिलता था और पर्याप्त । मन्त्री होनेके बाद रुपयोमे मेरी आय काफी अधिक हो गयी। मेरे पिताजीका अधिकतम वेतन २०० रु० था, मैं १,१०० रु० ले रहा था । पर मै यह जानता हूँ कि मैंने जैसा खाना अपने लड़कपनमे खाया था वैसा अपने घरके लडके - बच्चोको नहीं दे सका ।
हम लोग प्रायः निरामिपभोजी थे । 'प्रायः' का अर्थ यह है कि मेरी माता तो पूर्णतया निरामिप्रभोजी थी परन्तु पिताजी देवीको वलि दिया हुआ मास खा लेते थे। ऐसा प्रसाद उनको सालमें तीन-चार बार ही मिलता था । मै भी उनके साथ खाता था । सन् १९०२ मे जब मैं बारह वर्षका था (मेरा जन्म पोष शुक्ल ११, सवत् १९४६, तदनुसार १ जनवरी १८८९ ई० को हुआ था), हमारे नगरसे हैजेका बटा प्रकोप हुआ। हजारो मृत्युऍ हुई । हमारा परिवार भो अछूता नहीं छूटा । मेरो ढो वहिनोंकी मृत्यु हुई । तोन ओर व्यक्ति बीमार पडे परन्तु अच्छे हो गये । रोगके शान्त होनेपर पिताजी और उनके कई मित्र विन्ध्याचल दर्शन करने गये । मै भी साथ गया । दो वकरे बलि दिये गये । मै खडा देख रहा था । उनका मास बना, सबने खाया, मैने भी खाया । कुछ बचाकर घर लाया गया । फिर बना और खाया गया, मैंने भी खाया । इसके दो-तीन दिन बाद एकाएक आधी रातके लगभग आँख खुल गयो । वह बलि टेनेका दृश्य आँखोके सामने घूम गया, विशेषतः उन बकरोकी दयाकी भिक्षा माँगती हुई ऑखें मेरी आँखोमे चुभ गयी । विचित्र कँपकँपो-सी हुई । वह चित्र अब भी भूला नही है । उस दिनसे मैने फिर मांस नहीं खाया ।
उन दिनो कायस्थ घरानोमे पढाई उर्दूसे आरम्भ होती थी । पण्डितजी कुछ पूजा कर दिया करते थे परन्तु मुख्य काम किन्ही मौलवीके ही हाथों होता था । मेरे पिताजीको यह बात पसन्द नहीं थी । उन्होंने मेरी पढाई हिन्दीसे आरम्भ की । स्वय पढाते थे । तीन-चार पुस्तकोके बाद उर्दू शुरू की गयी परन्तु हिन्दी छूटी नही । वह भी साथ-साथ चलती रही । उर्दू अधिक तो पढी नही जाती थी, शीघ्र ही फारसीमें लग जाते थे। मुझे फारसी पढानेके लिए मौलवी मुईनुद्दीन अहमद नामके विद्वान् नियुक्त हुए । वडे ही सज्जन थे । मुझे बहुत मानते थे । मैं उनके घर भी जाता था । यह सत्र था, परन्तु शरारतके लिए पिटता भी था । एक बार मौलवी साहब नमाज पढ रहे थे । मैने भी उनके बगलमे उठना बैठना शुरू किया ।
उनको हँसी आ गयी । नमाज रोका, मेरे कान पकड कर हटाया, फिर नमाज जारी की। ऑगनमें एक ताकपर चीनीकी तश्तरी और शीशेका गिलास रखा रहता था । जब मौलवी साहबको कुछ खाना होता था तो मै ही वर्तन साफ करता था । उनका हुक्का भी मै ही भरता था । एक बार उन्होंने मुझे कुछ दण्ड दिया था उससे कुढ कर मैंने हुक्केमे मिट्टीका तेल डाल दिया । यह काम मेरे मामू साहबने देख लिया । उन्होने चट एक कविता बनाकर सारे घरमें प्रकाशित कर दी । उसकी दो पक्तियाँ अब भी याद हैं :
हुआ जाता है बुन्दा क्या तेरा हाल
ढेबरीमेंसे तेल चुराके हुक्के में तुम देते हो डाल !
( मेरा पुकारनेका नाम बाबूनन्दन था, वही कवितामें बुन्ढा हो गया ।) मैंने तीन-चार साल फारसी पढी। फिर मौलवी साहबका देहान्त हो गया। उनकी मृत्युसे हम लोगोंको बहुत दुःख हुआ । उस दिन मेरे छोटे भाई अन्नपूर्णानन्दका मुण्डन था । घरपर गाना बजाना सब बन्द कर दिया गया । मौलवी साहबके अतिरिक्त एक मास्टर साहब भी थे और फिर पिताजी भी यदा कदा पढाया करते थे। उन दिनो ताडन शिक्षाका माध्यम माना जाता था । पढने-लिखनेमे तो बुरा नही था परन्तु रामलीलाका नशा कभी-कभी काममे बाधक हो जाता था । घरसे करनेके लिए हिसाब आदि धरे रह जाते थे और दण्ड भोगना ही पडता था ।
स्कूलमें भर्ती होनेके पहिले मै कुछ धार्मिक पुस्तकें समाप्त कर चुका था । तुलसीदासजोको रामायणका दो बार पारायण हो चुका था । रामरावणयुद्धके सिवाय और बाते तो समझमे आती नहीं थी परन्तु पिताजीने पढा जरूर दिया । ढो और पुस्तकें याद आती है, 'सुखसागर' और 'देवीभागवत' ।
तीन व्यक्तियोका मेरे जीवनपर बहुत गहिरा प्रभाव पडा । उस प्रभावकी गहिरी छाप अबतक बनी हुई है। अपनी माताका जिक्र
कर चुका हॅू । सरल स्वभावकी हिन्दू गृहिणी थी । सिवाय हिन्दीके और कोई भाषा जानती नही थी परन्तु पढनेका उन्हें बहुत शौक था । गृहस्थी - का दैनिक कामधन्वा समाप्त करके कोई पुस्तक लेकर लेट जाती और घण्टे-दो घण्टे प्रायः नित्य पढती । उनकी रुचि धार्मिक पुस्तको और उपन्यासोकी ओर अधिक थी । मेरे पिता भी पढ़नेके वैसे ही प्रेमी थे । नित्य रातमे घण्टे-ढो घण्टे पढ़ते । उन दिनो पारसी थिएट्रिकल कम्पनियाँ आती श्री । उनके नाटक डेढ़-दो बजे राततक चलते थे, पर नाटकसे लौटकर पिताजी कमसे कम आध घण्टे जरूर पढ़ते थे। इसके बिना उनको नींद ही नहीं आती थी । ऐसे माता-पिता के साथ रहनेका सहज परिणाम यह हुआ कि बहुत छोटी उम्रसे मेरी भी पढनेकी आदत पड़ गयी । अपने पिताके चरित्रकी एक और बातका उल्लेख करना चाहता हूँ जो पढ़नेसे कही अधिक महत्त्वपूर्ण थी । उस जमानेमे सरकारी अहलकारके लिए रिश्वत लेना सहज बात थी । समाजमे इसको कुछ बहुत बुरा भी नही समझा जाता था । परन्तु उनके सभी अग्रेज अफसरोने उनको कर्तव्यपरायणता और ईमानदारीकी प्रशंसा की है। उनकी सत्यपरताकी एक कठिन परीक्षाका अवसर आ पड़ा । मै जब हाईस्कूलमे पहुॅचा तो मेरा वय चौदह वर्ष था । उसो साल यह नियम वना कि सोलह वर्षके नीचे कोई इस परीक्षामे नही बैठ सकता । यदि किसी लड़केकी उम्र कम लिख गयी हो तो वह सिविल सर्जनकी सर्टीफिकेटसे ठीक हो सकती थी और विशेष अवस्थाओं में पिताके लिखित बयान (ऐफिडेविट) से भी काम चल सकता था। पिताजीको बतलाया गया कि उनका वयान मान लिया जायगा । उन्होंने झूठ बोलनेसे इनकार कर दिया - भले ही लडका दो साल रुक जाय परन्तु मैं झूठा बयान नहीं दूंगा ।' विना पिताजीको सूचित किये एक सम्बन्धी तत्कालीन सिविल सर्जन कर्नल स्वीनीके पास ले गये । उन्होने देखते ही कहा कि यह लडका सोलह वर्षका नहीं है। कोई भी ईमानदार डॉक्टर मुझको देखकर दूसरी सम्मति दे ही नहीं सकता था ।
झख मारकर उसी क्लासमे तीन वर्ष विताने पडे । पर यह समय नष्ट
नहीं हुआ । किताबोके पढ़नेमे ही गया । उन दिनो मुझे अग्रेजी उपन्यासोका चस्का लग गया था। ठीक सख्या तो नहीं कह सकता परन्तु उन दिनो कार्माइकेल लाइब्रेरीमें, जो हमारे नगरका सबसे बड़ा पुस्तकालय था, स्यात् ही कोई अग्रेजी उपन्यास रह गया होगा जिसे मैने न पढा हो । कभी-कभी ऐसा होता था कि पुस्तक सवेरे लाता था, सायकाल लौटा आता था और सायकालकी लायी पुस्तक सवेरेतक समाप्त कर देता था । और पुस्तकें भी पढता था, पर कम । दूसरी पुस्तकोंमेसे दोके नाम विशेष रूपसे याद है, टॉडका 'राजस्थान' और ऐबटकी 'नैपोलियनको जीवनी' । इतिहासकी दृष्टिसे ऐबटकी पुस्तक स्यात् बहुत प्रमाणित नही थी परन्तु उन दिनो उसका बहुत चलन था । हम सभी लोगोके हृदयोमे अंग्रेजोके विरुद्ध जो अस्फुट भावना थी उसको इस पुस्तकसे पोषण मिलता था ।
तीसरे व्यक्ति जिनसे मै प्रभावित हुआ था, शीतल बाबा थे। वह हमारे यहाॅ सन् १८५७ के लगभग सोलह वर्षकी उम्रमे नौकर हुए थे और हमारे ही यहाॅ ७१ वर्षकी उम्रमे सन् १९९० मे उनका देहान्त हुआ । मै और मेरे छोटे भाई - चहन सभी महीने-डेढ-महीनेके होते-होते उनको सौंप दिये जाते । किसी भाग्यवान् बच्चेको इतनी अच्छी धात्री नहीं मिल सकती थी । दिन-रातके कई घण्टे उन्हीके पास बीतते थे और यह क्रम सात वर्षके वयतक चलता था । उनकी कही हुई कहानियों और गायी हुई लोरियोमेसे कुछ मुझे अबतक याद है । वह स्वय बहुत धार्मिक व्यक्ति थे और चारो धामकी यात्रा कर आये थे । नामको नौकर थे परन्तु घरके बड़े-बूढोंमे गिनती थी । मेरी माता हर उत्सवपर उनके पाँव छूती थी और हम लोग भी विशेष अवसरोपर उनके पाँव पडते थे ।
हमारे स्कूलके अध्यापकोमे ऐसा कोई नही था जिसका विशेष उल्लेख किया जा सके । मैंने पहिले छठे क्लासमे, जिसे अब पाँचवॉ क्लास कहते हैं, हरिश्चन्द्र स्कूलमें नाम लिखाया था । अब तो वह डिग्री कॉलेज हो गया है। उन दिनों ठठेरीबाजार के पास एक तग गलीमें था। सारे क्लास
एक इमारतमे एट नहीं सकते थे, दो इमारते थी । स्कूलके पास नामको भी खेलका मैदान नहीं था। हमारे पास एक ही खेल था । बाजारमे एक पैसेमे कपडेका गेट मिलता था । कभी-कभी उससे म्युनिसिपैलिटीके लालटेन तोड दिया करते थे। दो क्लासोमे यदि किसी बातपर बहुत लडाई हो गयी तो आपसमे लुक-छिपकर कुश्ती हो जाया करती थी ।
हरिश्चन्द्र स्कुलमे आठवी कक्षतक ही थी । हाईस्कूल पढनेके लिए मुझे क्वीस कॉलेजम प्रविष्ट होना पडा ।
पिछले अध्यायमे मैने उस अव्यक्त भावनाका जिक्र किया था जो हम लोगांके मनमे अग्रेजोके प्रति मौजूद थी । हम बडी उत्सुकतासे वैसी पुस्तकोको पढ़ते थे जो उसको पुष्ट करती थी । ऐसी पुस्तकें अग्रेजीमे ही नही, हिन्दीमे भो मिलती थीं । आर० सी० दत्त और बकिमचन्द्र चटर्जीके उपन्यास तथा महाराणा प्रताप और शिवाजीके सम्बन्धके सैकडो उपन्यास और नाटक हमारी भावाग्निको तीव्र करनेमे वैसी ही सहायता करते थे जैसी कि रूसके निलिस्टोकी कहानियाँ । इटलोके गैरिबाल्डी और मत्सीनी हमारे भी आढरके पात्र थे । जिन वीर पुरुषों और स्त्रियोंकी हम उन दिनो पूजा करते थे उनमेंसे नैपोलियनके सिवाय और किसीका अग्रेजोंसे प्रत्यक्ष युद्ध नही हुआ था, परन्तु हम उनके जीवनकी घटनाओंको अपनी परिस्थितिमें उतार लेते थे । दूसरोंने विदेशी शासनका मुकाबला किया था, हमको भी करना चाहिये । हममेसे कुछने दादाभाई नौरोजी कृत 'पावर्टी ऐण्ड अनब्रिटिग रूल इन इण्डिया' जैसी पुस्तके पढ़ी थी । हमारे पास कुछ तर्क भी थे परन्तु वस्तुतः हमारी भावना तर्कमूलक थी नही । यदि हमसे कोई पूछ बैठता कि तुमको अग्रेजी राजसे क्या शिकायत है तो सम्भव है कि हम बहुत अच्छा उत्तर न दे पाते । फिर भी हमारा असन्तोप बढता जाता था । बहुत कुछ अव्यक्त था पर गहिरा था । मेरा ऐसा खयाल है कि मेरी जैसी मानस अवस्था भारत, विशेषतः उत्तरभारतके बहुत से युवकोकी थी । इसीलिए मै बराबर 'हम' कहता आया हूँ ।
कुछ घटनाओने हमारे उत्साहको बढ़ाया और आशाको सहारा दिया । अफ्रीकाके बोअरी अंग्रेजीकी लड़ाई हुई । अग्रेज जीते, परन्तु बोझरांने उनके छक्के छुड़ा दिये । यह स्पष्ट हो गया कि एक छोटा-सा मुसंघटित राष्ट्र भी अंग्रेजोका सिहासन हिन्ा सकता है। फिर स्स-जापान युद्ध हुआ । सहारा । यह सर्वत्र प्रसिद्ध था कि अग्रेज रूसियोसे डरते है । जब एक एशियाई देश रुसको हुग सकता है तो फिर अग्रेजोकी क्या विसान है ? अबतक सारे एशियाके सिंग्पर यह जादू छाया हुआ था कि यूरोपियन अजेय होते है । वह दीवार ढह गयी । सारे एशियामै उत्साह् और आशाकी लहर दौड़ गयी । जापान कितना बड़ा है, जापानी कैसे होते हैं, यह कम लोग जानते थे । बस इतना पर्याप्त था कि वह भी हमारे जमे एशियाई है। भारत में एक प्रकारकी यह भी प्रसन्नता थी कि जापानी बौद्ध है, अतः हमसे मिलते-जुलते है । बात बिल्कुल सही नहीं थी, परन्तु भावना तर्क और वास्तविकतापर अवलम्बित नहीं होती। मेरे पिता सरकारी नोकर थे, उनके सब मित्र सरकारी नौकर थे। सभी राजभक्त थे। कोर्ट मुँहसे सरकारके विरुद्ध जानकर एक शब्द नहीं निकालता या परन्तु में देखता था कि तत्कालीन वाके झोके इन लोगोंतक भी पहुॅचे थे । सरकारी नोकर भी सोचने लगा था, चाहे मुॅहसे कुछ न कड़े ।
लार्ड कर्जनने वेगालके दो टुकडे करके इस बढती हुई आगमे घी डाल दिया। 'वन्दे मातरम्' के नारेसे देश गूंज उठा। सरकारकी ओरसे जो दमन हुआ उसने क्रोधाग्निको और प्रज्वलित किया । काशामे वगालियो की बहुत धनी वस्ती है, नित्य ही लोगांका आना-जाना लगा रहता है। फलत. बगालमे जो कुछ होता है उसका प्रभाव हमारे यहाँ तत्काल देख पडता है। मेरे कई बगाली मित्र थे। उनके साथ में एकाध बार उनकी गुप्त समाओम गया और उन जगहोको भी देखा जहाँ यह लोग व्यायाम किया करते थे। यह सब व्यायाम मावी क्रान्तिके लिए तैयारीका अंग था । उन दिनां बगालियांके साथ घूमने-फिरनेमे खतरा था । सारे नगरमे
सरकारी गुप्तचरोंका जाल बिछा था । इन्हे लोग 'टिकटिकी' कहते थे । बंगालमे टिकटिकी शायद छिपकिलीको कहते हैं। लेकिन इस खतरेकी आगकासे उत्साह और वढता था । गुप्त ढगसे काम करनेमे एक विशेष रस होता है और यदि पकडे जानेकी सम्भावना हो तो वह इससे दूना हो जाता है ।
मैं उस समयकी एक घटनाका उल्लेख करना चाहता हूँ । अव उसको सोचकर हँसो आती है परन्तु उस समय, जबकी यह बात है, उसमें गम्भीरता थी : उसके पीछे विषाद, उत्साह और मानस आन्दोलनकी भूमिका थी । वगालमे जो दमन हो रहा था उसके समाचार बरावर आ रहे थे । पत्रोंसे बढकर जनश्रुति इन खबरोको फैलाती थी और प्रचारके साथ-साथ इनकी भीपणताको और बढा देती थी । लोगोका क्रोध बढता जाता था । गर्मियोको छुड्डियाँ थी, स्कूल-कॉलेज सब बन्द थे । मैं नित्यसायकाल पासके वेनिया पार्कमे कुछ मित्रोके साथ टहलने जाता था । हमारी बात-चीतका विषय राजनीति होता था । मेरा मस्तिष्क पागलखाना हो रहा था । मैं घरपर घण्टो बैठा न जाने क्या-क्या सोचा करता । जब आवेग बहुत बढ़ता तो छतपर चला जाता । वहाँ एक छोटी-सी कोठरी थी । उसीमे तलवार लेकर घूमा करता और पुरानी कहानियोको याद कर करके बडबडाया करता । कमरेमें कपडोको टॉगनेके लिए एक रस्सी लटकी रहती थी। वह मेरे तलवारकी पैतरेबाजीका शिकार हो गयी । किंकर्तव्यविमूढता और इच्छाभिघातने मुझे पागल बना रखा था । स्वभावतः पिताजी बहुत चिन्तित हुए । उनको यह डर हुआ कि यह वेनियामें जाकर न जाने क्या वक जाय और पकड जाय । तलवार तालेमे बन्द कर दी गयी और मुझे घरसे निकलना मना कर दिया गया । चार छ दिनके बाद यह उन्माद तो शान्त हो गया । ऊपरसे मैं शान्त हो गया परन्तु कील इतनी गहिरी धँस गयी थी कि फिर हृदयसे निकली नहीं । आज इस घटनापर हंसा जा सकता है, लडकपन कहा जा सकता है, परन्तु मेरा ऐसा अनुमान है कि उन दिनो सैकडों युवकोंको इसी
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मैं समझता हूँ कि मेरे जीवनके प्रारम्भिक वर्षोंमे स्यात् ही कोई विशेषता थी । उत्तरभारतके बड़े नगरोमे रहनेवाले निम्न मध्यमवर्गके परिवारों जैसा हमारा भी परिवार था । हॉ, इतना अवश्य था कि हम काशीके रहनेवाले थे और मेरे माता-पिता पक्के सनातनधर्मावलम्बी थे । इसलिए हमारे घरका पर्यावरण निश्चय ही धार्मिक था । हमारा मकान मुहल्ला जालिपादेवीमें था, पासमे ही देवीका मन्दिर था । बडा सा नीमका पेड़ था । उसीमे एक उभरा हुआ सा हिस्सा था । उसीपर मुखौटा चढा दिया गया था और किसी प्रकारकी मूर्ति नहीं थी । आस-पास घनी बस्ती थी । खेलनेके लिए कही पासमे खुली जगह न थी । जहाँ आजकल पार्क है वहाँ कूड़ेका ढेर था । लोग नाक दबा कर निकलते थे । मुहल्लेमे लडके सड़कपर गोली खेल लेते थे, पर मुझे उनके साथ खेलनेकी अनुमति नही थी । बस एक ही खेल था : रामलीलाके दिनोमे जो कुछ देखा जाता था उसे यथाशक्य घरपर दुहराना । इतनेपर भी स्वास्थ्य अच्छा था । इसका एक ही कारण हो सकता था । सस्तीके दिन थे । हम खाना अच्छा खाते थे । दूध-घी सभी शुद्ध मिलता था और पर्याप्त । मन्त्री होनेके बाद रुपयोमे मेरी आय काफी अधिक हो गयी। मेरे पिताजीका अधिकतम वेतन दो सौ रुपयाशून्य था, मैं एक,एक सौ रुपयाशून्य ले रहा था । पर मै यह जानता हूँ कि मैंने जैसा खाना अपने लड़कपनमे खाया था वैसा अपने घरके लडके - बच्चोको नहीं दे सका । हम लोग प्रायः निरामिपभोजी थे । 'प्रायः' का अर्थ यह है कि मेरी माता तो पूर्णतया निरामिप्रभोजी थी परन्तु पिताजी देवीको वलि दिया हुआ मास खा लेते थे। ऐसा प्रसाद उनको सालमें तीन-चार बार ही मिलता था । मै भी उनके साथ खाता था । सन् एक हज़ार नौ सौ दो मे जब मैं बारह वर्षका था , हमारे नगरसे हैजेका बटा प्रकोप हुआ। हजारो मृत्युऍ हुई । हमारा परिवार भो अछूता नहीं छूटा । मेरो ढो वहिनोंकी मृत्यु हुई । तोन ओर व्यक्ति बीमार पडे परन्तु अच्छे हो गये । रोगके शान्त होनेपर पिताजी और उनके कई मित्र विन्ध्याचल दर्शन करने गये । मै भी साथ गया । दो वकरे बलि दिये गये । मै खडा देख रहा था । उनका मास बना, सबने खाया, मैने भी खाया । कुछ बचाकर घर लाया गया । फिर बना और खाया गया, मैंने भी खाया । इसके दो-तीन दिन बाद एकाएक आधी रातके लगभग आँख खुल गयो । वह बलि टेनेका दृश्य आँखोके सामने घूम गया, विशेषतः उन बकरोकी दयाकी भिक्षा माँगती हुई ऑखें मेरी आँखोमे चुभ गयी । विचित्र कँपकँपो-सी हुई । वह चित्र अब भी भूला नही है । उस दिनसे मैने फिर मांस नहीं खाया । उन दिनो कायस्थ घरानोमे पढाई उर्दूसे आरम्भ होती थी । पण्डितजी कुछ पूजा कर दिया करते थे परन्तु मुख्य काम किन्ही मौलवीके ही हाथों होता था । मेरे पिताजीको यह बात पसन्द नहीं थी । उन्होंने मेरी पढाई हिन्दीसे आरम्भ की । स्वय पढाते थे । तीन-चार पुस्तकोके बाद उर्दू शुरू की गयी परन्तु हिन्दी छूटी नही । वह भी साथ-साथ चलती रही । उर्दू अधिक तो पढी नही जाती थी, शीघ्र ही फारसीमें लग जाते थे। मुझे फारसी पढानेके लिए मौलवी मुईनुद्दीन अहमद नामके विद्वान् नियुक्त हुए । वडे ही सज्जन थे । मुझे बहुत मानते थे । मैं उनके घर भी जाता था । यह सत्र था, परन्तु शरारतके लिए पिटता भी था । एक बार मौलवी साहब नमाज पढ रहे थे । मैने भी उनके बगलमे उठना बैठना शुरू किया । उनको हँसी आ गयी । नमाज रोका, मेरे कान पकड कर हटाया, फिर नमाज जारी की। ऑगनमें एक ताकपर चीनीकी तश्तरी और शीशेका गिलास रखा रहता था । जब मौलवी साहबको कुछ खाना होता था तो मै ही वर्तन साफ करता था । उनका हुक्का भी मै ही भरता था । एक बार उन्होंने मुझे कुछ दण्ड दिया था उससे कुढ कर मैंने हुक्केमे मिट्टीका तेल डाल दिया । यह काम मेरे मामू साहबने देख लिया । उन्होने चट एक कविता बनाकर सारे घरमें प्रकाशित कर दी । उसकी दो पक्तियाँ अब भी याद हैं : हुआ जाता है बुन्दा क्या तेरा हाल ढेबरीमेंसे तेल चुराके हुक्के में तुम देते हो डाल ! मैंने तीन-चार साल फारसी पढी। फिर मौलवी साहबका देहान्त हो गया। उनकी मृत्युसे हम लोगोंको बहुत दुःख हुआ । उस दिन मेरे छोटे भाई अन्नपूर्णानन्दका मुण्डन था । घरपर गाना बजाना सब बन्द कर दिया गया । मौलवी साहबके अतिरिक्त एक मास्टर साहब भी थे और फिर पिताजी भी यदा कदा पढाया करते थे। उन दिनो ताडन शिक्षाका माध्यम माना जाता था । पढने-लिखनेमे तो बुरा नही था परन्तु रामलीलाका नशा कभी-कभी काममे बाधक हो जाता था । घरसे करनेके लिए हिसाब आदि धरे रह जाते थे और दण्ड भोगना ही पडता था । स्कूलमें भर्ती होनेके पहिले मै कुछ धार्मिक पुस्तकें समाप्त कर चुका था । तुलसीदासजोको रामायणका दो बार पारायण हो चुका था । रामरावणयुद्धके सिवाय और बाते तो समझमे आती नहीं थी परन्तु पिताजीने पढा जरूर दिया । ढो और पुस्तकें याद आती है, 'सुखसागर' और 'देवीभागवत' । तीन व्यक्तियोका मेरे जीवनपर बहुत गहिरा प्रभाव पडा । उस प्रभावकी गहिरी छाप अबतक बनी हुई है। अपनी माताका जिक्र कर चुका हॅू । सरल स्वभावकी हिन्दू गृहिणी थी । सिवाय हिन्दीके और कोई भाषा जानती नही थी परन्तु पढनेका उन्हें बहुत शौक था । गृहस्थी - का दैनिक कामधन्वा समाप्त करके कोई पुस्तक लेकर लेट जाती और घण्टे-दो घण्टे प्रायः नित्य पढती । उनकी रुचि धार्मिक पुस्तको और उपन्यासोकी ओर अधिक थी । मेरे पिता भी पढ़नेके वैसे ही प्रेमी थे । नित्य रातमे घण्टे-ढो घण्टे पढ़ते । उन दिनो पारसी थिएट्रिकल कम्पनियाँ आती श्री । उनके नाटक डेढ़-दो बजे राततक चलते थे, पर नाटकसे लौटकर पिताजी कमसे कम आध घण्टे जरूर पढ़ते थे। इसके बिना उनको नींद ही नहीं आती थी । ऐसे माता-पिता के साथ रहनेका सहज परिणाम यह हुआ कि बहुत छोटी उम्रसे मेरी भी पढनेकी आदत पड़ गयी । अपने पिताके चरित्रकी एक और बातका उल्लेख करना चाहता हूँ जो पढ़नेसे कही अधिक महत्त्वपूर्ण थी । उस जमानेमे सरकारी अहलकारके लिए रिश्वत लेना सहज बात थी । समाजमे इसको कुछ बहुत बुरा भी नही समझा जाता था । परन्तु उनके सभी अग्रेज अफसरोने उनको कर्तव्यपरायणता और ईमानदारीकी प्रशंसा की है। उनकी सत्यपरताकी एक कठिन परीक्षाका अवसर आ पड़ा । मै जब हाईस्कूलमे पहुॅचा तो मेरा वय चौदह वर्ष था । उसो साल यह नियम वना कि सोलह वर्षके नीचे कोई इस परीक्षामे नही बैठ सकता । यदि किसी लड़केकी उम्र कम लिख गयी हो तो वह सिविल सर्जनकी सर्टीफिकेटसे ठीक हो सकती थी और विशेष अवस्थाओं में पिताके लिखित बयान से भी काम चल सकता था। पिताजीको बतलाया गया कि उनका वयान मान लिया जायगा । उन्होंने झूठ बोलनेसे इनकार कर दिया - भले ही लडका दो साल रुक जाय परन्तु मैं झूठा बयान नहीं दूंगा ।' विना पिताजीको सूचित किये एक सम्बन्धी तत्कालीन सिविल सर्जन कर्नल स्वीनीके पास ले गये । उन्होने देखते ही कहा कि यह लडका सोलह वर्षका नहीं है। कोई भी ईमानदार डॉक्टर मुझको देखकर दूसरी सम्मति दे ही नहीं सकता था । झख मारकर उसी क्लासमे तीन वर्ष विताने पडे । पर यह समय नष्ट नहीं हुआ । किताबोके पढ़नेमे ही गया । उन दिनो मुझे अग्रेजी उपन्यासोका चस्का लग गया था। ठीक सख्या तो नहीं कह सकता परन्तु उन दिनो कार्माइकेल लाइब्रेरीमें, जो हमारे नगरका सबसे बड़ा पुस्तकालय था, स्यात् ही कोई अग्रेजी उपन्यास रह गया होगा जिसे मैने न पढा हो । कभी-कभी ऐसा होता था कि पुस्तक सवेरे लाता था, सायकाल लौटा आता था और सायकालकी लायी पुस्तक सवेरेतक समाप्त कर देता था । और पुस्तकें भी पढता था, पर कम । दूसरी पुस्तकोंमेसे दोके नाम विशेष रूपसे याद है, टॉडका 'राजस्थान' और ऐबटकी 'नैपोलियनको जीवनी' । इतिहासकी दृष्टिसे ऐबटकी पुस्तक स्यात् बहुत प्रमाणित नही थी परन्तु उन दिनो उसका बहुत चलन था । हम सभी लोगोके हृदयोमे अंग्रेजोके विरुद्ध जो अस्फुट भावना थी उसको इस पुस्तकसे पोषण मिलता था । तीसरे व्यक्ति जिनसे मै प्रभावित हुआ था, शीतल बाबा थे। वह हमारे यहाॅ सन् एक हज़ार आठ सौ सत्तावन के लगभग सोलह वर्षकी उम्रमे नौकर हुए थे और हमारे ही यहाॅ इकहत्तर वर्षकी उम्रमे सन् एक हज़ार नौ सौ नब्बे मे उनका देहान्त हुआ । मै और मेरे छोटे भाई - चहन सभी महीने-डेढ-महीनेके होते-होते उनको सौंप दिये जाते । किसी भाग्यवान् बच्चेको इतनी अच्छी धात्री नहीं मिल सकती थी । दिन-रातके कई घण्टे उन्हीके पास बीतते थे और यह क्रम सात वर्षके वयतक चलता था । उनकी कही हुई कहानियों और गायी हुई लोरियोमेसे कुछ मुझे अबतक याद है । वह स्वय बहुत धार्मिक व्यक्ति थे और चारो धामकी यात्रा कर आये थे । नामको नौकर थे परन्तु घरके बड़े-बूढोंमे गिनती थी । मेरी माता हर उत्सवपर उनके पाँव छूती थी और हम लोग भी विशेष अवसरोपर उनके पाँव पडते थे । हमारे स्कूलके अध्यापकोमे ऐसा कोई नही था जिसका विशेष उल्लेख किया जा सके । मैंने पहिले छठे क्लासमे, जिसे अब पाँचवॉ क्लास कहते हैं, हरिश्चन्द्र स्कूलमें नाम लिखाया था । अब तो वह डिग्री कॉलेज हो गया है। उन दिनों ठठेरीबाजार के पास एक तग गलीमें था। सारे क्लास एक इमारतमे एट नहीं सकते थे, दो इमारते थी । स्कूलके पास नामको भी खेलका मैदान नहीं था। हमारे पास एक ही खेल था । बाजारमे एक पैसेमे कपडेका गेट मिलता था । कभी-कभी उससे म्युनिसिपैलिटीके लालटेन तोड दिया करते थे। दो क्लासोमे यदि किसी बातपर बहुत लडाई हो गयी तो आपसमे लुक-छिपकर कुश्ती हो जाया करती थी । हरिश्चन्द्र स्कुलमे आठवी कक्षतक ही थी । हाईस्कूल पढनेके लिए मुझे क्वीस कॉलेजम प्रविष्ट होना पडा । पिछले अध्यायमे मैने उस अव्यक्त भावनाका जिक्र किया था जो हम लोगांके मनमे अग्रेजोके प्रति मौजूद थी । हम बडी उत्सुकतासे वैसी पुस्तकोको पढ़ते थे जो उसको पुष्ट करती थी । ऐसी पुस्तकें अग्रेजीमे ही नही, हिन्दीमे भो मिलती थीं । आरशून्य सीशून्य दत्त और बकिमचन्द्र चटर्जीके उपन्यास तथा महाराणा प्रताप और शिवाजीके सम्बन्धके सैकडो उपन्यास और नाटक हमारी भावाग्निको तीव्र करनेमे वैसी ही सहायता करते थे जैसी कि रूसके निलिस्टोकी कहानियाँ । इटलोके गैरिबाल्डी और मत्सीनी हमारे भी आढरके पात्र थे । जिन वीर पुरुषों और स्त्रियोंकी हम उन दिनो पूजा करते थे उनमेंसे नैपोलियनके सिवाय और किसीका अग्रेजोंसे प्रत्यक्ष युद्ध नही हुआ था, परन्तु हम उनके जीवनकी घटनाओंको अपनी परिस्थितिमें उतार लेते थे । दूसरोंने विदेशी शासनका मुकाबला किया था, हमको भी करना चाहिये । हममेसे कुछने दादाभाई नौरोजी कृत 'पावर्टी ऐण्ड अनब्रिटिग रूल इन इण्डिया' जैसी पुस्तके पढ़ी थी । हमारे पास कुछ तर्क भी थे परन्तु वस्तुतः हमारी भावना तर्कमूलक थी नही । यदि हमसे कोई पूछ बैठता कि तुमको अग्रेजी राजसे क्या शिकायत है तो सम्भव है कि हम बहुत अच्छा उत्तर न दे पाते । फिर भी हमारा असन्तोप बढता जाता था । बहुत कुछ अव्यक्त था पर गहिरा था । मेरा ऐसा खयाल है कि मेरी जैसी मानस अवस्था भारत, विशेषतः उत्तरभारतके बहुत से युवकोकी थी । इसीलिए मै बराबर 'हम' कहता आया हूँ । कुछ घटनाओने हमारे उत्साहको बढ़ाया और आशाको सहारा दिया । अफ्रीकाके बोअरी अंग्रेजीकी लड़ाई हुई । अग्रेज जीते, परन्तु बोझरांने उनके छक्के छुड़ा दिये । यह स्पष्ट हो गया कि एक छोटा-सा मुसंघटित राष्ट्र भी अंग्रेजोका सिहासन हिन्ा सकता है। फिर स्स-जापान युद्ध हुआ । सहारा । यह सर्वत्र प्रसिद्ध था कि अग्रेज रूसियोसे डरते है । जब एक एशियाई देश रुसको हुग सकता है तो फिर अग्रेजोकी क्या विसान है ? अबतक सारे एशियाके सिंग्पर यह जादू छाया हुआ था कि यूरोपियन अजेय होते है । वह दीवार ढह गयी । सारे एशियामै उत्साह् और आशाकी लहर दौड़ गयी । जापान कितना बड़ा है, जापानी कैसे होते हैं, यह कम लोग जानते थे । बस इतना पर्याप्त था कि वह भी हमारे जमे एशियाई है। भारत में एक प्रकारकी यह भी प्रसन्नता थी कि जापानी बौद्ध है, अतः हमसे मिलते-जुलते है । बात बिल्कुल सही नहीं थी, परन्तु भावना तर्क और वास्तविकतापर अवलम्बित नहीं होती। मेरे पिता सरकारी नोकर थे, उनके सब मित्र सरकारी नौकर थे। सभी राजभक्त थे। कोर्ट मुँहसे सरकारके विरुद्ध जानकर एक शब्द नहीं निकालता या परन्तु में देखता था कि तत्कालीन वाके झोके इन लोगोंतक भी पहुॅचे थे । सरकारी नोकर भी सोचने लगा था, चाहे मुॅहसे कुछ न कड़े । लार्ड कर्जनने वेगालके दो टुकडे करके इस बढती हुई आगमे घी डाल दिया। 'वन्दे मातरम्' के नारेसे देश गूंज उठा। सरकारकी ओरसे जो दमन हुआ उसने क्रोधाग्निको और प्रज्वलित किया । काशामे वगालियो की बहुत धनी वस्ती है, नित्य ही लोगांका आना-जाना लगा रहता है। फलत. बगालमे जो कुछ होता है उसका प्रभाव हमारे यहाँ तत्काल देख पडता है। मेरे कई बगाली मित्र थे। उनके साथ में एकाध बार उनकी गुप्त समाओम गया और उन जगहोको भी देखा जहाँ यह लोग व्यायाम किया करते थे। यह सब व्यायाम मावी क्रान्तिके लिए तैयारीका अंग था । उन दिनां बगालियांके साथ घूमने-फिरनेमे खतरा था । सारे नगरमे सरकारी गुप्तचरोंका जाल बिछा था । इन्हे लोग 'टिकटिकी' कहते थे । बंगालमे टिकटिकी शायद छिपकिलीको कहते हैं। लेकिन इस खतरेकी आगकासे उत्साह और वढता था । गुप्त ढगसे काम करनेमे एक विशेष रस होता है और यदि पकडे जानेकी सम्भावना हो तो वह इससे दूना हो जाता है । मैं उस समयकी एक घटनाका उल्लेख करना चाहता हूँ । अव उसको सोचकर हँसो आती है परन्तु उस समय, जबकी यह बात है, उसमें गम्भीरता थी : उसके पीछे विषाद, उत्साह और मानस आन्दोलनकी भूमिका थी । वगालमे जो दमन हो रहा था उसके समाचार बरावर आ रहे थे । पत्रोंसे बढकर जनश्रुति इन खबरोको फैलाती थी और प्रचारके साथ-साथ इनकी भीपणताको और बढा देती थी । लोगोका क्रोध बढता जाता था । गर्मियोको छुड्डियाँ थी, स्कूल-कॉलेज सब बन्द थे । मैं नित्यसायकाल पासके वेनिया पार्कमे कुछ मित्रोके साथ टहलने जाता था । हमारी बात-चीतका विषय राजनीति होता था । मेरा मस्तिष्क पागलखाना हो रहा था । मैं घरपर घण्टो बैठा न जाने क्या-क्या सोचा करता । जब आवेग बहुत बढ़ता तो छतपर चला जाता । वहाँ एक छोटी-सी कोठरी थी । उसीमे तलवार लेकर घूमा करता और पुरानी कहानियोको याद कर करके बडबडाया करता । कमरेमें कपडोको टॉगनेके लिए एक रस्सी लटकी रहती थी। वह मेरे तलवारकी पैतरेबाजीका शिकार हो गयी । किंकर्तव्यविमूढता और इच्छाभिघातने मुझे पागल बना रखा था । स्वभावतः पिताजी बहुत चिन्तित हुए । उनको यह डर हुआ कि यह वेनियामें जाकर न जाने क्या वक जाय और पकड जाय । तलवार तालेमे बन्द कर दी गयी और मुझे घरसे निकलना मना कर दिया गया । चार छ दिनके बाद यह उन्माद तो शान्त हो गया । ऊपरसे मैं शान्त हो गया परन्तु कील इतनी गहिरी धँस गयी थी कि फिर हृदयसे निकली नहीं । आज इस घटनापर हंसा जा सकता है, लडकपन कहा जा सकता है, परन्तु मेरा ऐसा अनुमान है कि उन दिनो सैकडों युवकोंको इसी
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Bermo: रामपुरहाट-दुमका मुख्य मार्ग पर एक कार दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई. जबकि हादसे में चार लोग घायल भी हो गये. सोमवार को सभी लोग जब तारापीठ से जारंगडीह आने के लिए निकले, तो बंगाल के बीरभूम और झारखंड सीमा के रामपुरहाट-दुमका मुख्य मार्ग पर सुरीचुआ गांव के पास उनकी गाड़ी असंतुलित होकर एक पेड़ से टकरा गयी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि, ड्राइवर की तरफ का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. सभी लोग घायल अवस्था में गाड़ी में फंस गए. हालांकि ग्रामीणों एवं राहगीरों की मदद से सभी घायलों को किसी तरह बाहर निकाला.
इधर सूचना मिलते ही रामपुरहाट पुलिस व रामपुरहाट फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को लेकर रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया. जहां उनका इलाज किया गया. ऐसे तो वाहन में सवार 25 वर्षीय अखिल सिंह की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी, जबकि विकास गुप्ता उर्फ रिंकू की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई. घटना की सूचना मिलते ही युवकों के परिजन सोमवार के दोपहर तक अस्पताल परिसर के पास पहुंच चुके थे. मंगलवार को मृतक युवकों के पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके पार्थिव शरीर को जारंगडीह लाने की सूचना है.
इस घटना में बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के जारंगडीह निवासी अखिल सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और विकास गुप्ता की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई. बेरमो के जारंगडीह के 7 युवक शनिवार को पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिला के तारापीठ मंदिर पूजा पाठ करने निकले थे. वहां होटल में रहने के बाद रविवार की सुबह सभी लोगों ने पूजा अर्चना की. जिसकी तस्वीर उन्होंने अपने अपने फेसबुक पर पोस्ट भी की थी.
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Bermo: रामपुरहाट-दुमका मुख्य मार्ग पर एक कार दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई. जबकि हादसे में चार लोग घायल भी हो गये. सोमवार को सभी लोग जब तारापीठ से जारंगडीह आने के लिए निकले, तो बंगाल के बीरभूम और झारखंड सीमा के रामपुरहाट-दुमका मुख्य मार्ग पर सुरीचुआ गांव के पास उनकी गाड़ी असंतुलित होकर एक पेड़ से टकरा गयी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि, ड्राइवर की तरफ का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. सभी लोग घायल अवस्था में गाड़ी में फंस गए. हालांकि ग्रामीणों एवं राहगीरों की मदद से सभी घायलों को किसी तरह बाहर निकाला. इधर सूचना मिलते ही रामपुरहाट पुलिस व रामपुरहाट फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को लेकर रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया. जहां उनका इलाज किया गया. ऐसे तो वाहन में सवार पच्चीस वर्षीय अखिल सिंह की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी, जबकि विकास गुप्ता उर्फ रिंकू की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई. घटना की सूचना मिलते ही युवकों के परिजन सोमवार के दोपहर तक अस्पताल परिसर के पास पहुंच चुके थे. मंगलवार को मृतक युवकों के पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके पार्थिव शरीर को जारंगडीह लाने की सूचना है. इस घटना में बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के जारंगडीह निवासी अखिल सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और विकास गुप्ता की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई. बेरमो के जारंगडीह के सात युवक शनिवार को पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिला के तारापीठ मंदिर पूजा पाठ करने निकले थे. वहां होटल में रहने के बाद रविवार की सुबह सभी लोगों ने पूजा अर्चना की. जिसकी तस्वीर उन्होंने अपने अपने फेसबुक पर पोस्ट भी की थी.
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केंद्रीय विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने शुक्रवार को हुई एक बैठक में फैसला किया कि स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के शेष पेपर्स के लिए 80 फीसदी अंक इंटरनल असेसमेंट से और 20 फीसदी अंक वायवा के आधार पर दिए जाएंगे।
वहीं ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट की टर्मिनल सेमेस्टर परीक्षा की समस्या भी काउंसिल ने हल कर दी है। अब इन छात्रों को किसी प्रकार की लिखित या प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं देनी होगी। इन परीक्षाओं में छात्रों को प्रत्येक प्रोग्राम के पूरे अंकों का 20 फीसदी असेसमेंट माना जाएगा।
प्रत्येक छात्र को उनके दो बेस्ट सेमेस्टर के औसत अंकों का 60 प्रतिशित दिया जाएगा शेष में 20 फीसदी मार्क आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर दिए जाएंगे। जो प्रोजेक्ट और होम असाइनमेंट छात्र द्वारा शिक्षकों को भेजी गई है उसी के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा।
वहीं जिन पेपर्स में आंतरिक मूल्यांक संभव नहीं है उनमें शिक्षक द्वारा प्रोजेक्ट रिपोर्ट और होम असाइंमेंट के अंकों को ही मूल्यांकन के लिए आधार बनाया जाएगा।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने शुक्रवार को हुई एक बैठक में फैसला किया कि स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के शेष पेपर्स के लिए अस्सी फीसदी अंक इंटरनल असेसमेंट से और बीस फीसदी अंक वायवा के आधार पर दिए जाएंगे। वहीं ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट की टर्मिनल सेमेस्टर परीक्षा की समस्या भी काउंसिल ने हल कर दी है। अब इन छात्रों को किसी प्रकार की लिखित या प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं देनी होगी। इन परीक्षाओं में छात्रों को प्रत्येक प्रोग्राम के पूरे अंकों का बीस फीसदी असेसमेंट माना जाएगा। प्रत्येक छात्र को उनके दो बेस्ट सेमेस्टर के औसत अंकों का साठ प्रतिशित दिया जाएगा शेष में बीस फीसदी मार्क आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर दिए जाएंगे। जो प्रोजेक्ट और होम असाइनमेंट छात्र द्वारा शिक्षकों को भेजी गई है उसी के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं जिन पेपर्स में आंतरिक मूल्यांक संभव नहीं है उनमें शिक्षक द्वारा प्रोजेक्ट रिपोर्ट और होम असाइंमेंट के अंकों को ही मूल्यांकन के लिए आधार बनाया जाएगा।
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पूजा हेगड़े ने 2016 में अपना बड़ा बॉलीवुड डेब्यू किया और अपने करियर की शुरुआत में इंडस्ट्री के कुछ सबसे बड़े सितारों के साथ काम किया, जिसमें रितिक रोशन और अक्षय कुमार शामिल थे।
अभिनेत्री साउथ इंडियन सिनेमा में काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन हाल ही में निर्माता साजिद नाडियाडवाला द्वारा उन्हें तीन-फिल्म सौदे के लिए साइन किए जाने की ख़बरें आ रही हैं।
पूजा हेगड़े एक भारतीय मॉडल और फिल्म अभिनेत्री हैं जो मुख्य रूप से तेलुगु और हिंदी फिल्मों में दिखाई देती हैं। एक पूर्व सौंदर्य प्रतियोगी के रूप में उन्हें मिस यूनिवर्स इंडिया 2010 प्रतियोगिता में दूसरी रनर-अप के रूप में ताज पहनाया गया था।
पूजा हेगड़े, महेश बाबू की फिल्म 'महर्षि' में भी नज़र आने वाली हैं।
अब, बड़े बजट की फिल्म 9 मई, 2019 को स्क्रीन पर आएगी। शुरुआत में, फिल्म 5 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली थी। बाद में, फिल्म के निर्माताओं ने तारीख बदलकर 25 अप्रैल कर दी थी।
फिल्म पूरी कर ली गई है पर एक दो गाने फिल्माए जाने बाकी हैं। फिल्म के निर्माण के बाद की औपचारिकताओं को शुरू करना बाकी है और फिल्म के प्रचार के लिए भी समय की जरूरत है।
फिल्म में 'मोहेंजोदारो' की अभिनेत्री पूजा हेगड़े, अल्लारी नरेश, जगपति बाबू, सोनल चौहान, मीनाक्षी दीक्षित और प्रकाश राज भी हैं। फिल्म की देहरादून, न्यूयॉर्क और गोवा में बड़े पैमाने पर शूटिंग की गई है। वर्तमान में, टीम तमिलनाडु के पोलाची में शूटिंग कर रही है।
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पूजा हेगड़े ने दो हज़ार सोलह में अपना बड़ा बॉलीवुड डेब्यू किया और अपने करियर की शुरुआत में इंडस्ट्री के कुछ सबसे बड़े सितारों के साथ काम किया, जिसमें रितिक रोशन और अक्षय कुमार शामिल थे। अभिनेत्री साउथ इंडियन सिनेमा में काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन हाल ही में निर्माता साजिद नाडियाडवाला द्वारा उन्हें तीन-फिल्म सौदे के लिए साइन किए जाने की ख़बरें आ रही हैं। पूजा हेगड़े एक भारतीय मॉडल और फिल्म अभिनेत्री हैं जो मुख्य रूप से तेलुगु और हिंदी फिल्मों में दिखाई देती हैं। एक पूर्व सौंदर्य प्रतियोगी के रूप में उन्हें मिस यूनिवर्स इंडिया दो हज़ार दस प्रतियोगिता में दूसरी रनर-अप के रूप में ताज पहनाया गया था। पूजा हेगड़े, महेश बाबू की फिल्म 'महर्षि' में भी नज़र आने वाली हैं। अब, बड़े बजट की फिल्म नौ मई, दो हज़ार उन्नीस को स्क्रीन पर आएगी। शुरुआत में, फिल्म पाँच अप्रैल को रिलीज़ होने वाली थी। बाद में, फिल्म के निर्माताओं ने तारीख बदलकर पच्चीस अप्रैल कर दी थी। फिल्म पूरी कर ली गई है पर एक दो गाने फिल्माए जाने बाकी हैं। फिल्म के निर्माण के बाद की औपचारिकताओं को शुरू करना बाकी है और फिल्म के प्रचार के लिए भी समय की जरूरत है। फिल्म में 'मोहेंजोदारो' की अभिनेत्री पूजा हेगड़े, अल्लारी नरेश, जगपति बाबू, सोनल चौहान, मीनाक्षी दीक्षित और प्रकाश राज भी हैं। फिल्म की देहरादून, न्यूयॉर्क और गोवा में बड़े पैमाने पर शूटिंग की गई है। वर्तमान में, टीम तमिलनाडु के पोलाची में शूटिंग कर रही है।
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पटना साहिब, 01 जनवरी। पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्य के लिए पहचाने जाने वाले विधायक नंदकिशोर यादव के आग्रह पर महावीर घाट से कंगन घाट के बीच सौंदर्यीकरण कार्य कराया जाएगा। इससे इस एरिया का विकास होगा और सैर करने वालों को भी स्वास्थ्य लाभ और निरोग रहने का फायदा मिलेगा। यह बात डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने नौजर घाट स्थित श्री चित्रगुप्त आदि मंदिर परिसर में जरूरतमंद के बीच कंबल वितरण के बाद शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए कही।
उपेक्षित नहीं रहेगा पटना साहिब डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने इसके पूर्व मंदिर के उपरि तल पर जाकर गंगा के एरिया को देखा और अवलोकन किया। उनके साथ स्थानीय विधायक नंदकिशोर यादव और पूर्व सांसद आरके सिन्हा भी थे। दरअसल गायघाट के पश्चिम की ओर के घाटों का सौंदर्यीकरण और विकास हो चुका है, जबकि महावीर घाट और उसके पूर्व में कंगन घाट तक सौंदर्यीकरण और विकास का काम किया जाएगा। या विकास रोड के फुटपाथ के दक्षिण की ओर करीब सौ फीट में होगा। इसके पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, विधायक नंदकिशोर यादव एवं पूर्व सांसद आरके सिन्हा ने जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया। इस दौरान मंदिर प्रबंधक समिति के उपाध्यक्ष अधिवक्ता संजय कुमार सिन्हा, महासचिव सुदामा सिन्हा, अधिवक्ता नवीन कुमार सिन्हा, भाजपा महानगर के महामंत्री विनय कैसे, चित्रगुप्त मंडल के अध्यक्ष अशोक भारती, अभिषेक कुमार रिंकू आदि मौजूद थे।
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पटना साहिब, एक जनवरी। पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्य के लिए पहचाने जाने वाले विधायक नंदकिशोर यादव के आग्रह पर महावीर घाट से कंगन घाट के बीच सौंदर्यीकरण कार्य कराया जाएगा। इससे इस एरिया का विकास होगा और सैर करने वालों को भी स्वास्थ्य लाभ और निरोग रहने का फायदा मिलेगा। यह बात डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने नौजर घाट स्थित श्री चित्रगुप्त आदि मंदिर परिसर में जरूरतमंद के बीच कंबल वितरण के बाद शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए कही। उपेक्षित नहीं रहेगा पटना साहिब डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने इसके पूर्व मंदिर के उपरि तल पर जाकर गंगा के एरिया को देखा और अवलोकन किया। उनके साथ स्थानीय विधायक नंदकिशोर यादव और पूर्व सांसद आरके सिन्हा भी थे। दरअसल गायघाट के पश्चिम की ओर के घाटों का सौंदर्यीकरण और विकास हो चुका है, जबकि महावीर घाट और उसके पूर्व में कंगन घाट तक सौंदर्यीकरण और विकास का काम किया जाएगा। या विकास रोड के फुटपाथ के दक्षिण की ओर करीब सौ फीट में होगा। इसके पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, विधायक नंदकिशोर यादव एवं पूर्व सांसद आरके सिन्हा ने जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया। इस दौरान मंदिर प्रबंधक समिति के उपाध्यक्ष अधिवक्ता संजय कुमार सिन्हा, महासचिव सुदामा सिन्हा, अधिवक्ता नवीन कुमार सिन्हा, भाजपा महानगर के महामंत्री विनय कैसे, चित्रगुप्त मंडल के अध्यक्ष अशोक भारती, अभिषेक कुमार रिंकू आदि मौजूद थे।
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हर बार जब आप एक पैनल पर एक पैनल डालते हैं और उस पैनल पर एक बटन डालते हैं तो आप एक "अदृश्य" कनेक्शन बनाते हैं! फॉर्म बटन का मालिक बन जाता है, और पैनल इसके माता-पिता होने के लिए सेट है।
प्रत्येक डेल्फी घटक के पास एक मालिक की संपत्ति होती है। मालिक स्वामित्व वाले घटकों को मुक्त करने की देखभाल करता है जब इसे मुक्त किया जा रहा है।
समान, लेकिन अलग, अभिभावक संपत्ति उस घटक को इंगित करती है जिसमें "बच्चा" घटक होता है।
अभिभावक उस घटक को संदर्भित करता है जिसमें एक अन्य घटक शामिल है, जैसे कि TForm, TGroupBox या TPanel। यदि एक नियंत्रण (अभिभावक) में अन्य शामिल होते हैं, तो निहित नियंत्रण माता-पिता के बाल नियंत्रण होते हैं।
अभिभावक निर्धारित करता है कि घटक कैसे प्रदर्शित होता है। उदाहरण के लिए, बाएं और शीर्ष गुण सभी माता-पिता के सापेक्ष हैं।
रन-टाइम के दौरान अभिभावक संपत्ति को असाइन और बदला जा सकता है।
सभी घटकों में माता-पिता नहीं हैं। कई रूपों में माता-पिता नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, विंडोज डेस्कटॉप पर सीधे दिखाई देने वाले फॉर्मों में माता-पिता को शून्य पर सेट किया गया है। एक घटक की हैस्परेंट विधि एक बूलियन मान देता है जो दर्शाती है कि घटक को माता-पिता को असाइन किया गया है या नहीं।
हम नियंत्रण के माता-पिता को प्राप्त करने या सेट करने के लिए अभिभावक संपत्ति का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, किसी पैनल पर दो पैनल (पैनल 1, पैनल 2) रखें और पहले पैनल (पैनल 1) पर एक बटन (बटन 1) रखें। यह पैनल 1 के लिए बटन की मूल संपत्ति सेट करता है। > बटन 1। अभिभावकः = पैनल 2;
यदि आप उपरोक्त कोड को दूसरे पैनल के लिए ऑनक्लिक ईवेंट में रखते हैं, तो जब आप पैनल 2 पर पैनल 1 से पैनल 2 पर "कूदता है" बटन पर क्लिक करते हैंः पैनल 1 अब बटन के लिए अभिभावक नहीं है।
जब आप रन-टाइम पर टीबीटन बनाना चाहते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि हम एक अभिभावक को असाइन करना याद रखें - जिसमें बटन होता है।
एक घटक को दिखाई देने के लिए, इसमें माता-पिता को स्वयं को प्रदर्शित करने के लिए होना चाहिए ।
यदि आप डिज़ाइन समय पर एक बटन चुनते हैं और ऑब्जेक्ट इंस्पेक्टर को देखते हैं तो आपको कई "अभिभावक-जागरूक" गुण दिखाई देंगे। उदाहरण के लिए, पेरेंटफॉन्ट इंगित करता है कि बटन के कैप्शन के लिए उपयोग किया जाने वाला फ़ॉन्ट बटन के माता-पिता के लिए उपयोग किया गया है (पिछले उदाहरण मेंः पैनल 1)। यदि पैनल पर सभी बटनों के लिए पेरेंटफॉन्ट सही है, तो पैनल की फ़ॉन्ट प्रॉपर्टी को बोल्ड में बदलने से पैनल पर सभी बटन का कैप्शन उस (बोल्ड) फ़ॉन्ट का उपयोग करने का कारण बनता है।
एक ही अभिभावक साझा करने वाले सभी घटक उस अभिभावक की नियंत्रण संपत्ति के हिस्से के रूप में उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, खिड़की के नियंत्रण के सभी बच्चों को फिर से नियंत्रित करने के लिए नियंत्रण का उपयोग किया जा सकता है।
कोड 1 का अगला भाग पैनल 1 पर सभी निहित घटकों को छिपाने के लिए उपयोग किया जा सकता हैः> ii: = 0 से पैनल 1। नियंत्रण नियंत्रण - 1 पैनल 1। नियंत्रण [ii]। दृश्यमानः = झूठा;
खिड़की वाले नियंत्रणों में तीन मूलभूत विशेषताएं होती हैंः वे इनपुट फोकस प्राप्त कर सकते हैं, वे सिस्टम संसाधनों का उपयोग करते हैं, और वे अन्य नियंत्रणों के लिए माता-पिता हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए, बटन घटक एक खिड़की वाला नियंत्रण है और माता-पिता किसी अन्य घटक के लिए नहीं हो सकता है - आप उस पर कोई अन्य घटक नहीं डाल सकते हैं।
बात यह है कि डेल्फी इस सुविधा को हमसे छुपाती है। एक उदाहरण TStatusBar के लिए TProgressBar जैसे कुछ घटकों के लिए छिपी संभावना है।
डिजाइन या रन टाइम पर हम जो भी घटक बनाते हैं, उसका एक अन्य घटक स्वामित्व होना चाहिए। घटक के मालिक- अपने मालिक की संपत्ति का मूल्य-घटक बनाते समय निर्माणकर्ता को पास किए गए पैरामीटर द्वारा निर्धारित किया जाता है।
मालिक को फिर से असाइन करने का एकमात्र अन्य तरीका रन-टाइम के दौरान InsertComponent / RemoveComponent विधियों का उपयोग कर रहा है। डिफ़ॉल्ट रूप से, एक फॉर्म पर सभी घटकों का मालिक होता है और बदले में आवेदन के स्वामित्व में होता है।
जब हम कीवर्ड को विधि बनाने के लिए पैरामीटर के रूप में स्वयं का उपयोग करते हैं- जिस वस्तु को हम बना रहे हैं वह उस वर्ग के स्वामित्व में है जिसमें विधि शामिल है-जो आमतौर पर डेल्फी रूप होती है।
यदि दूसरी ओर, हम घटक के मालिक को एक और घटक (फॉर्म नहीं) बनाते हैं, तो हम उस घटक को नष्ट कर देते समय ऑब्जेक्ट का निपटान करने के लिए जिम्मेदार बना रहे हैं।
किसी अन्य डेल्फी घटक की तरह, कस्टम बनाया गया TFindFile घटक रन टाइम पर बनाया, उपयोग और नष्ट किया जा सकता है। रन पर TFindFile घटक बनाने, उपयोग करने और मुक्त करने के लिए, आप अगले कोड स्निपेट का उपयोग कर सकते हैंः> FindFile का उपयोग करता है ; . . . var FFile: TFindFile; प्रक्रिया TForm1. InitializeData; // फॉर्म ("सेल्फ") शुरू करें घटक का मालिक // // कोई अभिभावक नहीं है क्योंकि यह // एक अदृश्य घटक है। एफएफआईएलः = टीएफआईंडफाइल। क्रेते (सेल्फ); . . . अंत ;
नोटः चूंकि FFile किसी मालिक (फॉर्म 1) के साथ बनाया गया है, इसलिए हमें घटक को मुक्त करने के लिए कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है- मालिक को नष्ट होने पर इसे मुक्त कर दिया जाएगा।
"अनाथ"
कुछ नियंत्रण (जैसे ActiveX नियंत्रण) अभिभावक नियंत्रण की बजाय गैर-वीसीएल विंडो में निहित हैं। इन नियंत्रणों के लिए, अभिभावक का मूल्य शून्य है और माता-पिता विन्डो प्रॉपर्टी गैर-वीसीएल पैरेंट विंडो निर्दिष्ट करती है। पेरेंटविंडो सेट करना नियंत्रण को स्थानांतरित करता है ताकि यह निर्दिष्ट विंडो में निहित हो। जब CreateParented विधि का उपयोग कर नियंत्रण बनाया जाता है तो अभिभावक विन्डो स्वचालित रूप से सेट हो जाता है।
सच्चाई यह है कि ज्यादातर मामलों में आपको माता-पिता और मालिकों की परवाह करने की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन जब ओओपी और घटक विकास की बात आती है या जब आप डेल्फी को एक कदम आगे लेना चाहते हैं तो इस लेख में बयान आपको उस चरण को तेज़ी से लेने में मदद करेंगे ।
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हर बार जब आप एक पैनल पर एक पैनल डालते हैं और उस पैनल पर एक बटन डालते हैं तो आप एक "अदृश्य" कनेक्शन बनाते हैं! फॉर्म बटन का मालिक बन जाता है, और पैनल इसके माता-पिता होने के लिए सेट है। प्रत्येक डेल्फी घटक के पास एक मालिक की संपत्ति होती है। मालिक स्वामित्व वाले घटकों को मुक्त करने की देखभाल करता है जब इसे मुक्त किया जा रहा है। समान, लेकिन अलग, अभिभावक संपत्ति उस घटक को इंगित करती है जिसमें "बच्चा" घटक होता है। अभिभावक उस घटक को संदर्भित करता है जिसमें एक अन्य घटक शामिल है, जैसे कि TForm, TGroupBox या TPanel। यदि एक नियंत्रण में अन्य शामिल होते हैं, तो निहित नियंत्रण माता-पिता के बाल नियंत्रण होते हैं। अभिभावक निर्धारित करता है कि घटक कैसे प्रदर्शित होता है। उदाहरण के लिए, बाएं और शीर्ष गुण सभी माता-पिता के सापेक्ष हैं। रन-टाइम के दौरान अभिभावक संपत्ति को असाइन और बदला जा सकता है। सभी घटकों में माता-पिता नहीं हैं। कई रूपों में माता-पिता नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, विंडोज डेस्कटॉप पर सीधे दिखाई देने वाले फॉर्मों में माता-पिता को शून्य पर सेट किया गया है। एक घटक की हैस्परेंट विधि एक बूलियन मान देता है जो दर्शाती है कि घटक को माता-पिता को असाइन किया गया है या नहीं। हम नियंत्रण के माता-पिता को प्राप्त करने या सेट करने के लिए अभिभावक संपत्ति का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, किसी पैनल पर दो पैनल रखें और पहले पैनल पर एक बटन रखें। यह पैनल एक के लिए बटन की मूल संपत्ति सेट करता है। > बटन एक। अभिभावकः = पैनल दो; यदि आप उपरोक्त कोड को दूसरे पैनल के लिए ऑनक्लिक ईवेंट में रखते हैं, तो जब आप पैनल दो पर पैनल एक से पैनल दो पर "कूदता है" बटन पर क्लिक करते हैंः पैनल एक अब बटन के लिए अभिभावक नहीं है। जब आप रन-टाइम पर टीबीटन बनाना चाहते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि हम एक अभिभावक को असाइन करना याद रखें - जिसमें बटन होता है। एक घटक को दिखाई देने के लिए, इसमें माता-पिता को स्वयं को प्रदर्शित करने के लिए होना चाहिए । यदि आप डिज़ाइन समय पर एक बटन चुनते हैं और ऑब्जेक्ट इंस्पेक्टर को देखते हैं तो आपको कई "अभिभावक-जागरूक" गुण दिखाई देंगे। उदाहरण के लिए, पेरेंटफॉन्ट इंगित करता है कि बटन के कैप्शन के लिए उपयोग किया जाने वाला फ़ॉन्ट बटन के माता-पिता के लिए उपयोग किया गया है । यदि पैनल पर सभी बटनों के लिए पेरेंटफॉन्ट सही है, तो पैनल की फ़ॉन्ट प्रॉपर्टी को बोल्ड में बदलने से पैनल पर सभी बटन का कैप्शन उस फ़ॉन्ट का उपयोग करने का कारण बनता है। एक ही अभिभावक साझा करने वाले सभी घटक उस अभिभावक की नियंत्रण संपत्ति के हिस्से के रूप में उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, खिड़की के नियंत्रण के सभी बच्चों को फिर से नियंत्रित करने के लिए नियंत्रण का उपयोग किया जा सकता है। कोड एक का अगला भाग पैनल एक पर सभी निहित घटकों को छिपाने के लिए उपयोग किया जा सकता हैः> ii: = शून्य से पैनल एक। नियंत्रण नियंत्रण - एक पैनल एक। नियंत्रण [ii]। दृश्यमानः = झूठा; खिड़की वाले नियंत्रणों में तीन मूलभूत विशेषताएं होती हैंः वे इनपुट फोकस प्राप्त कर सकते हैं, वे सिस्टम संसाधनों का उपयोग करते हैं, और वे अन्य नियंत्रणों के लिए माता-पिता हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, बटन घटक एक खिड़की वाला नियंत्रण है और माता-पिता किसी अन्य घटक के लिए नहीं हो सकता है - आप उस पर कोई अन्य घटक नहीं डाल सकते हैं। बात यह है कि डेल्फी इस सुविधा को हमसे छुपाती है। एक उदाहरण TStatusBar के लिए TProgressBar जैसे कुछ घटकों के लिए छिपी संभावना है। डिजाइन या रन टाइम पर हम जो भी घटक बनाते हैं, उसका एक अन्य घटक स्वामित्व होना चाहिए। घटक के मालिक- अपने मालिक की संपत्ति का मूल्य-घटक बनाते समय निर्माणकर्ता को पास किए गए पैरामीटर द्वारा निर्धारित किया जाता है। मालिक को फिर से असाइन करने का एकमात्र अन्य तरीका रन-टाइम के दौरान InsertComponent / RemoveComponent विधियों का उपयोग कर रहा है। डिफ़ॉल्ट रूप से, एक फॉर्म पर सभी घटकों का मालिक होता है और बदले में आवेदन के स्वामित्व में होता है। जब हम कीवर्ड को विधि बनाने के लिए पैरामीटर के रूप में स्वयं का उपयोग करते हैं- जिस वस्तु को हम बना रहे हैं वह उस वर्ग के स्वामित्व में है जिसमें विधि शामिल है-जो आमतौर पर डेल्फी रूप होती है। यदि दूसरी ओर, हम घटक के मालिक को एक और घटक बनाते हैं, तो हम उस घटक को नष्ट कर देते समय ऑब्जेक्ट का निपटान करने के लिए जिम्मेदार बना रहे हैं। किसी अन्य डेल्फी घटक की तरह, कस्टम बनाया गया TFindFile घटक रन टाइम पर बनाया, उपयोग और नष्ट किया जा सकता है। रन पर TFindFile घटक बनाने, उपयोग करने और मुक्त करने के लिए, आप अगले कोड स्निपेट का उपयोग कर सकते हैंः> FindFile का उपयोग करता है ; . . . var FFile: TFindFile; प्रक्रिया TFormएक. InitializeData; // फॉर्म शुरू करें घटक का मालिक // // कोई अभिभावक नहीं है क्योंकि यह // एक अदृश्य घटक है। एफएफआईएलः = टीएफआईंडफाइल। क्रेते ; . . . अंत ; नोटः चूंकि FFile किसी मालिक के साथ बनाया गया है, इसलिए हमें घटक को मुक्त करने के लिए कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है- मालिक को नष्ट होने पर इसे मुक्त कर दिया जाएगा। "अनाथ" कुछ नियंत्रण अभिभावक नियंत्रण की बजाय गैर-वीसीएल विंडो में निहित हैं। इन नियंत्रणों के लिए, अभिभावक का मूल्य शून्य है और माता-पिता विन्डो प्रॉपर्टी गैर-वीसीएल पैरेंट विंडो निर्दिष्ट करती है। पेरेंटविंडो सेट करना नियंत्रण को स्थानांतरित करता है ताकि यह निर्दिष्ट विंडो में निहित हो। जब CreateParented विधि का उपयोग कर नियंत्रण बनाया जाता है तो अभिभावक विन्डो स्वचालित रूप से सेट हो जाता है। सच्चाई यह है कि ज्यादातर मामलों में आपको माता-पिता और मालिकों की परवाह करने की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन जब ओओपी और घटक विकास की बात आती है या जब आप डेल्फी को एक कदम आगे लेना चाहते हैं तो इस लेख में बयान आपको उस चरण को तेज़ी से लेने में मदद करेंगे ।
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इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से सटे एक जेल में बुधवार को भीषण आग लग गई। हादसे में 41 कैदी जिंदा जलकर मर गए। 39 अन्य के झुलसने की खबर है।
दशकों पहले इस्लामिक आतंकवाद के कारण अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए कश्मीरी पंडितों के हक में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
तालिबान की सरकार में न भीम, न ब्राह्मणः बबुआ के साइकिल पर बैठ काबुल निकली बुआ, हाथ में त्रिशूल-साथ में रावण!
तालिबान ने आखिर साबित कर दिया है कि 56 इंच के सीने से कुछ नहीं होता, एके-56 हाथ में हो तो बहुत कुछ हो जाता है।
अफगानिस्तान की सत्ता पर जिस तरह से तालिबान काबिज हुआ और जिन हालातों में अमेरिकी सेना ने वहाँ से पलायन किया उसकी वजह से जो बायडेन निशाने पर हैं।
भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन का वैवाहिक जीवन करीब 9 साल बाद बिखर गया है। आयशा मुखर्जी ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट लिख तलाक के बारे में बताया है।
नंद कुमार बघेल की सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह पुलिस थाने में आराम से खाना खाते हुए दिखाई रहे हैं।
काबुल के एक होटल में 2008 में हुए आतंकी हमले में वॉन्टेड रहे सिराजुद्दीन हक्कानी को गृह मंत्री का पद दिया गया है। सिराजुद्दीन हक्कानी एक ग्लोबल आतंकी है।
प्रश्न यह है कि बार-बार ऐसा करने से जिस बात या माँग के सामान्यीकरण किए जाने का खतरा लगातार बढ़ेगा उसके हल का रास्ता कहाँ से होकर जाता है?
"पुजारी केवल देवता की संपत्ति का प्रबंधन करने के प्रति उत्तरदायी है। यदि पुजारी अपने कार्य करने में विफल रहा तो उसे बदला भी जा सकता है। "
प्रशासन के मना करने के बावजूद सैकड़ों किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए मिनी सचिवालय की ओर कूच किया। अब स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
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इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से सटे एक जेल में बुधवार को भीषण आग लग गई। हादसे में इकतालीस कैदी जिंदा जलकर मर गए। उनतालीस अन्य के झुलसने की खबर है। दशकों पहले इस्लामिक आतंकवाद के कारण अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए कश्मीरी पंडितों के हक में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। तालिबान की सरकार में न भीम, न ब्राह्मणः बबुआ के साइकिल पर बैठ काबुल निकली बुआ, हाथ में त्रिशूल-साथ में रावण! तालिबान ने आखिर साबित कर दिया है कि छप्पन इंच के सीने से कुछ नहीं होता, एके-छप्पन हाथ में हो तो बहुत कुछ हो जाता है। अफगानिस्तान की सत्ता पर जिस तरह से तालिबान काबिज हुआ और जिन हालातों में अमेरिकी सेना ने वहाँ से पलायन किया उसकी वजह से जो बायडेन निशाने पर हैं। भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन का वैवाहिक जीवन करीब नौ साल बाद बिखर गया है। आयशा मुखर्जी ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट लिख तलाक के बारे में बताया है। नंद कुमार बघेल की सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह पुलिस थाने में आराम से खाना खाते हुए दिखाई रहे हैं। काबुल के एक होटल में दो हज़ार आठ में हुए आतंकी हमले में वॉन्टेड रहे सिराजुद्दीन हक्कानी को गृह मंत्री का पद दिया गया है। सिराजुद्दीन हक्कानी एक ग्लोबल आतंकी है। प्रश्न यह है कि बार-बार ऐसा करने से जिस बात या माँग के सामान्यीकरण किए जाने का खतरा लगातार बढ़ेगा उसके हल का रास्ता कहाँ से होकर जाता है? "पुजारी केवल देवता की संपत्ति का प्रबंधन करने के प्रति उत्तरदायी है। यदि पुजारी अपने कार्य करने में विफल रहा तो उसे बदला भी जा सकता है। " प्रशासन के मना करने के बावजूद सैकड़ों किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए मिनी सचिवालय की ओर कूच किया। अब स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
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निजी सरमाया २१ प्रतिसैकड़ा
ल से क़रीब १०
वटूटी हुई रुपये में काफ़ी
वसूल होने
अतिरिक्त चलतू नहीं कहा जा सब रुपया सुरटूटी हुई सोसाफंड से १,१६८) था। और इस २३) निकालकर किया। इससे पर साल कुछ न जाना पड़ता है।
लत सुधारने के और उनमें से रने की ज़रूरत
प्रसाद अवस्थी
ग-दिवस १ को कोइलसा सभापतित्व में । उपस्थिति समीपवर्ती सहअन्य गण्ययोग तथा कृषिअतिरिक्त अन्य
हुए । अन्त
लन्दन की
सर्वसम्मति से
की सफलता के के कर्मचारियों
मेंट यूनियन
गौर के दफ्तर
में ठाकुर उमाशंकर जी डाइरेक्टर के सभापतित्व में सहयोग दिवस मनाया गया । जनता को बतलाया गया कि सहयोग की नींव कैसे पड़ी तथा ऐसे असमय में सहयोग क्या महत्त्व रखता है और सहयोग की हर स्थान पर क्या आवश्यकता है।
--गुरु प्रतापनारायण गुप्ता ।
गाज़ीपुर में ग्राम-सुधार इस जिले में १७ केन्द्रों पर ग्राम-सुधार कार्य हो रहा है। हर केन्द्र में औसतन १० जीवन-सुधार-सभायें बनाई जा चुकी हैं जिनकी जस्ट्री भी कराई जा चुकी है । एक केन्द्रीय ( सकिल यूनियन ) का भी संगठन हो नका है और इसकी भी रजिस्ट्री कर ली
कृषि की उन्नति के लिए ६ सरकारी बीजखोले जा चुके हैं। इनके द्वारा गाँवों म उतिशील बीजों और गछों का काफ़ी कराया गया है। "बासूपुर" में सहढंग पर उन्नत खेती का प्रचार कराया है और इसके लिए एक सहयोग समिति दी गई है।
मुप्त उद्योग-धन्धों को फिर से चलाने कोशिश की जा रही है। कई केन्द्रों पर बलाने और कताई-बुनाई करने का काम रहा है। गुड़- निर्माण का कार्य भी जोरों से हुआ है। अनेक उन्नतिप्राप्त कावी पर दिये गये हैं और बहुतेरी माप्त भट्ठियाँ बनवाई गई हैं जिले के १४ मुख्य स्थानों पर स्काउऔर प्रौढ़-शिक्षा सम्बन्धी शिविर खोले जहाँ समुचित ट्रेनिंग दी जाती है और फिजिकल और देशी कसरतें सिखाई है। इसके अतिरिक्त ३ बालिका-पाठभी चल रही हैं। मनोरंजन के लिए दर्जन पंचायती भवन व बालचर-सभायें गई है। ५ पुस्तकालय और वाच -
खोले गये हैं।
-- रामनिरंजनलाल, इन्स्पेक्टर ग्राम-सुधार विभाग, ग़ाज़ीपुर
तहसील 'हसनपुर जिला मुरादाबाद में ग्राम-सुधार-सभा
गत १३ सितम्बर सन् १९४१ ई० को तहसीली स्कूल हसनपुर में ग्राम-सुधार की एक साधारण सभा चेयरमैन साहब ग्राम-सुधारसंघ, मुरादाबाद के सभापतित्व में हुई जिसमें तीनों केन्द्रों के बहुत-से ग्राम सेवक, पंच, सरपंच, ज़मींदार, मुखिया आदि सम्मिलित हुए । सभा में ग्राम सुधार की प्रचार - गाड़ी, जिसमें लाउड स्पीकर लगा हुआ था, आई थी और एक यू० पी० की भजनमंडली और एक मंडली गुजरौला केन्द्र, जिला मुरादाबाद की शरीक़ हुई थी ।
सभा की कार्यवाही स्कूल के छात्रों की प्रार्थना के द्वारा प्रारम्भ हुई। इसके बाद सभापति महोदय ने एक संक्षिप्त परन्तु सार गर्भित भाषण किया और अपना स्थान बाबू
गाँव के गीत
लेखक, श्रीयुत कपिलदेव श्रीवास्तव 'निरक्षर,
जब हम खरिहान रखाइत है। कुछ राति बिते हमहूँ दादा,
खा-पी के छुट्टी पाइत है।
दादा तनिका आराम करें,
हम हुक्का दौरि चढ़ाइत है । दुइ फूँक तमाखू पी-पी के, हम, दादा दूनों जाइत है। जब माघ- पूस में बाबू लोगे,
तानि रजाई सोवत हैं। तौनेउ पर जाड़ न छोड़े,
अपने जनम क बैठे रोवत हैं। हम दादा पुअरा ओढ़ि-ओढ़ि कै, जाड़उ के डेरवाइत है
गर्मी में बन्द बयारि होइ,
पंखउ सब उगिलै लगें आगि ।
हैरान राति भर रहें लोग,
छोटेलाल जी असिस्टेंट डी० ओ० एच०, मुरादाबाद को देकर चले गये। पहले आर० डी० भजनमंडली, यू० पी० ने प्रचारगीत सुनाये, फिर ब्वाय स्काउट की ओर से जनस्वास्थ्य पर एक नाटक खेला गया और संवाद सुनाये गये । फिर सफ़ाई पर दो छात्रों ने मिलकर एक कविता पढ़ी जिसके बाद ग्रामसुधार-इन्स्पेक्टर ने अपने भाषण में ग्रामसुधार के कार्यों का उल्लेख करते हुए किसानों को बताया कि स्वालम्बन का अर्थ क्या है और गाँव का सच्चा सुधार कैसे हो सकता है ? सरकारी सहायता किन कामों में कितनी और किस प्रकार दी जा सकती है और गाँव का सुधार करने में उनका अपना क्या कर्त्तव्य है ? उनके बाद बाबू छोटेलाल का भाषण हुआ और सभा की कार्यवाही यू० पी० भजनमंडली के गानों के साथ समाप्त हो गई ।
एकौ छन आँखि न सकै लागि ।
पैरे पर हम गमछा बिछाइ,
खुब चैन क बंसी बजाइत है। खरिहाने में जब कबहु कबहु
पानी यक लहरा आइ जाइ । कमरी, लाठी, सब लिहे दिहे-"नटवा" के घर जाई पराइ
तब गोरू एकौ आइ गये पै,
उहीं से हाँक लगाइत है। हर साल, सब दिनै, इही तरह से,
हम खरिहान रखाइत है सब सोइ जायँ जब जाइत है। लोहा लगतै उठि जाइत है।
लेकिन चौअन के डर के मारे,
दिन निकरे घर आइत है
( यह देहाती कविता लेखक ने हल के लिए विशेष रूप से लिखी है । यह शुद्ध जौनपुर जिले की देहाती भाषा में लिखी गई है।)
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निजी सरमाया इक्कीस प्रतिसैकड़ा ल से क़रीब दस वटूटी हुई रुपये में काफ़ी वसूल होने अतिरिक्त चलतू नहीं कहा जा सब रुपया सुरटूटी हुई सोसाफंड से एक,एक सौ अड़सठ) था। और इस तेईस) निकालकर किया। इससे पर साल कुछ न जाना पड़ता है। लत सुधारने के और उनमें से रने की ज़रूरत प्रसाद अवस्थी ग-दिवस एक को कोइलसा सभापतित्व में । उपस्थिति समीपवर्ती सहअन्य गण्ययोग तथा कृषिअतिरिक्त अन्य हुए । अन्त लन्दन की सर्वसम्मति से की सफलता के के कर्मचारियों मेंट यूनियन गौर के दफ्तर में ठाकुर उमाशंकर जी डाइरेक्टर के सभापतित्व में सहयोग दिवस मनाया गया । जनता को बतलाया गया कि सहयोग की नींव कैसे पड़ी तथा ऐसे असमय में सहयोग क्या महत्त्व रखता है और सहयोग की हर स्थान पर क्या आवश्यकता है। --गुरु प्रतापनारायण गुप्ता । गाज़ीपुर में ग्राम-सुधार इस जिले में सत्रह केन्द्रों पर ग्राम-सुधार कार्य हो रहा है। हर केन्द्र में औसतन दस जीवन-सुधार-सभायें बनाई जा चुकी हैं जिनकी जस्ट्री भी कराई जा चुकी है । एक केन्द्रीय का भी संगठन हो नका है और इसकी भी रजिस्ट्री कर ली कृषि की उन्नति के लिए छः सरकारी बीजखोले जा चुके हैं। इनके द्वारा गाँवों म उतिशील बीजों और गछों का काफ़ी कराया गया है। "बासूपुर" में सहढंग पर उन्नत खेती का प्रचार कराया है और इसके लिए एक सहयोग समिति दी गई है। मुप्त उद्योग-धन्धों को फिर से चलाने कोशिश की जा रही है। कई केन्द्रों पर बलाने और कताई-बुनाई करने का काम रहा है। गुड़- निर्माण का कार्य भी जोरों से हुआ है। अनेक उन्नतिप्राप्त कावी पर दिये गये हैं और बहुतेरी माप्त भट्ठियाँ बनवाई गई हैं जिले के चौदह मुख्य स्थानों पर स्काउऔर प्रौढ़-शिक्षा सम्बन्धी शिविर खोले जहाँ समुचित ट्रेनिंग दी जाती है और फिजिकल और देशी कसरतें सिखाई है। इसके अतिरिक्त तीन बालिका-पाठभी चल रही हैं। मनोरंजन के लिए दर्जन पंचायती भवन व बालचर-सभायें गई है। पाँच पुस्तकालय और वाच - खोले गये हैं। -- रामनिरंजनलाल, इन्स्पेक्टर ग्राम-सुधार विभाग, ग़ाज़ीपुर तहसील 'हसनपुर जिला मुरादाबाद में ग्राम-सुधार-सभा गत तेरह सितम्बर सन् एक हज़ार नौ सौ इकतालीस ईशून्य को तहसीली स्कूल हसनपुर में ग्राम-सुधार की एक साधारण सभा चेयरमैन साहब ग्राम-सुधारसंघ, मुरादाबाद के सभापतित्व में हुई जिसमें तीनों केन्द्रों के बहुत-से ग्राम सेवक, पंच, सरपंच, ज़मींदार, मुखिया आदि सम्मिलित हुए । सभा में ग्राम सुधार की प्रचार - गाड़ी, जिसमें लाउड स्पीकर लगा हुआ था, आई थी और एक यूशून्य पीशून्य की भजनमंडली और एक मंडली गुजरौला केन्द्र, जिला मुरादाबाद की शरीक़ हुई थी । सभा की कार्यवाही स्कूल के छात्रों की प्रार्थना के द्वारा प्रारम्भ हुई। इसके बाद सभापति महोदय ने एक संक्षिप्त परन्तु सार गर्भित भाषण किया और अपना स्थान बाबू गाँव के गीत लेखक, श्रीयुत कपिलदेव श्रीवास्तव 'निरक्षर, जब हम खरिहान रखाइत है। कुछ राति बिते हमहूँ दादा, खा-पी के छुट्टी पाइत है। दादा तनिका आराम करें, हम हुक्का दौरि चढ़ाइत है । दुइ फूँक तमाखू पी-पी के, हम, दादा दूनों जाइत है। जब माघ- पूस में बाबू लोगे, तानि रजाई सोवत हैं। तौनेउ पर जाड़ न छोड़े, अपने जनम क बैठे रोवत हैं। हम दादा पुअरा ओढ़ि-ओढ़ि कै, जाड़उ के डेरवाइत है गर्मी में बन्द बयारि होइ, पंखउ सब उगिलै लगें आगि । हैरान राति भर रहें लोग, छोटेलाल जी असिस्टेंट डीशून्य ओशून्य एचशून्य, मुरादाबाद को देकर चले गये। पहले आरशून्य डीशून्य भजनमंडली, यूशून्य पीशून्य ने प्रचारगीत सुनाये, फिर ब्वाय स्काउट की ओर से जनस्वास्थ्य पर एक नाटक खेला गया और संवाद सुनाये गये । फिर सफ़ाई पर दो छात्रों ने मिलकर एक कविता पढ़ी जिसके बाद ग्रामसुधार-इन्स्पेक्टर ने अपने भाषण में ग्रामसुधार के कार्यों का उल्लेख करते हुए किसानों को बताया कि स्वालम्बन का अर्थ क्या है और गाँव का सच्चा सुधार कैसे हो सकता है ? सरकारी सहायता किन कामों में कितनी और किस प्रकार दी जा सकती है और गाँव का सुधार करने में उनका अपना क्या कर्त्तव्य है ? उनके बाद बाबू छोटेलाल का भाषण हुआ और सभा की कार्यवाही यूशून्य पीशून्य भजनमंडली के गानों के साथ समाप्त हो गई । एकौ छन आँखि न सकै लागि । पैरे पर हम गमछा बिछाइ, खुब चैन क बंसी बजाइत है। खरिहाने में जब कबहु कबहु पानी यक लहरा आइ जाइ । कमरी, लाठी, सब लिहे दिहे-"नटवा" के घर जाई पराइ तब गोरू एकौ आइ गये पै, उहीं से हाँक लगाइत है। हर साल, सब दिनै, इही तरह से, हम खरिहान रखाइत है सब सोइ जायँ जब जाइत है। लोहा लगतै उठि जाइत है। लेकिन चौअन के डर के मारे, दिन निकरे घर आइत है
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थरूर ने अपने ट्विटर हैंडल से संगम में योगी सरकार के मंत्रियों की तस्वीर अपलोड कर लिखा, गंगा भी स्वच्छ रखनी है और पाप भी यहीं धोने हैं। इस संगम में सब नंगे हैं। जय गंगा मैया की। हालांकि यूपी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को थरूर की यह बात अखर गई।
उन्होंने थरूर पर पलटवार करते हुए कहा कि वे कुंभ का महत्व कैसे समझेंगे? वे जिस माहौल और संस्कृति में पले-बढ़े हैं, वह यह नहीं समझती है। आप लोगों ने कई गलत काम किए हैं इसलिए एक पवित्र डुबकी लगाइए तभी आप अपने पापों के लिए पश्चाताप करने में सक्षम हो सकते हैं।
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थरूर ने अपने ट्विटर हैंडल से संगम में योगी सरकार के मंत्रियों की तस्वीर अपलोड कर लिखा, गंगा भी स्वच्छ रखनी है और पाप भी यहीं धोने हैं। इस संगम में सब नंगे हैं। जय गंगा मैया की। हालांकि यूपी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को थरूर की यह बात अखर गई। उन्होंने थरूर पर पलटवार करते हुए कहा कि वे कुंभ का महत्व कैसे समझेंगे? वे जिस माहौल और संस्कृति में पले-बढ़े हैं, वह यह नहीं समझती है। आप लोगों ने कई गलत काम किए हैं इसलिए एक पवित्र डुबकी लगाइए तभी आप अपने पापों के लिए पश्चाताप करने में सक्षम हो सकते हैं।
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ज़ुचिनी एक सार्वभौमिक उत्पाद है, जिसमें सेआप कई स्वादिष्ट और स्वस्थ व्यंजन पका सकते हैं। सब्जियों से शीतकालीन तैयारी, सलाद, सूप और पुलाव उपवास के दौरान अपरिवर्तनीय होते हैं, और आहार के पालन करने वालों के लिए भी मूल भोजन बन जाते हैं। आज हम कम कैलोरी बेकिंग के लिए रेसिपी के साथ साझा करना चाहते हैं, जो आंकड़े को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उबचिनी से पिज्जा जल्दी से तैयार किया जाता है, आसानी से, यह बहुत स्वादिष्ट होता है और इसमें कम मात्रा में वसा होता है।
एक असली आहार पकवान तैयार करने के लिए,इसकी संरचना पूरी तरह से संशोधित करना आवश्यक है। पिज्जा के लिए उबचिनी से आटा तैयार उत्पाद की कैलोरी सामग्री को काफी कम कर देगा, और इसका स्वाद इससे पीड़ित नहीं होता है। एक सब्जी आधार के लिए, हमें निम्नलिखित उत्पादों की आवश्यकता हैः
- युवा उबचिनी - 700 ग्राम।
- सेमिनिना - आधे गिलास।
- पूरे गेहूं का आटा - तीन चम्मच।
- एक ब्लेंडर ब्रान में फाइबर या जमीन का एक चम्मच।
- नमक।
ज्यूचिनी को छीलने, बीज हटाने,एक अच्छी grater पर grate, दस के लिए मिनट अलग सेट, और फिर गुप्त रस निचोड़। शेष उत्पादों को जोड़ें और उन्हें अच्छी तरह मिलाएं। आटा तैयार है!
उबचिनी से पिज्जा बिल्कुल उसी तरह तैयार किया जाता हैसाधारण। आप रेफ्रिजरेटर में छोड़े गए किसी भी उत्पाद को ले सकते हैं, उन्हें छोटे टुकड़ों में काट सकते हैं, उन्हें आधार पर रख सकते हैं, पनीर के साथ छिड़काव कर सकते हैं, केचप या मेयोनेज़ के साथ ग्रीस। लेकिन यदि आप इस पकवान के आहार संस्करण को तैयार करने का निर्णय लेते हैं, तो हम अनुशंसा करते हैं कि आप भरने के लिए निम्नलिखित सामग्री का उपयोग करेंः
- मशरूम आपके पसंदीदा वन या मशरूम हैं।
- पीला और लाल घंटी काली मिर्च।
- टमाटर।
- कठिन किस्मों का पनीर।
- टमाटर सॉस - यदि आप करेंगे तो यह बहुत अच्छा होगाइसे ताजा टमाटर, लहसुन, जमीन काली मिर्च और ताजा तुलसी के साथ खुद को पकाएं। छील से टमाटर छीलें और उन्हें ब्लेंडर के साथ हिरन के साथ मिलाएं।
- थाइम, लहसुन और तुलसी।
पनीर को एक अच्छी grater पर स्क्रैच करें और इसे मिलाएंलहसुन और तुलसी। मशरूम तेल जोड़ने के बिना टेफ्लॉन कोटिंग के साथ एक पैन में पीसकर तलना। टमाटर को पतली स्लाइस में, और काली मिर्च - लंबे भूसे के साथ काटें। बेकिंग डिश में, हमारी सब्जी आटा डालें और इसे अपनी तैयारी के टमाटर सॉस के साथ ग्रीस करें। फिर तला हुआ मशरूम रखें, और ऊपर से ताजा सब्जियों को समान रूप से वितरित करें और उन्हें थाइम के साथ छिड़क दें। हम लगभग 15 मिनट के लिए ओवन को पकवान भेजते हैं। हम इसे लेते हैं, पनीर के साथ छिड़कते हैं और फिर हम बेक्ड भेजते हैं। आप सुरक्षित रूप से आग पर एक केतली डाल सकते हैं, क्योंकि दस मिनट में उबचिनी से कम कैलोरी पिज्जा तैयार हो जाएगा। यदि आपके पास ओवन नहीं है, या आप समय बचाने के लिए चाहते हैं, तो हमारी अगली नुस्खा आपकी मदद करेगी।
हम नुस्खा के अनुसार सब्जी आटा तैयार करते हैं, जिसे इस आलेख के पहले भाग में वर्णित किया गया है। हालांकि, पिज्जा के आधार पर फ्राइंग के दौरान अलग नहीं होने के लिए, छोटे बदलाव किए जाने चाहिएः
• 700 ग्राम पके हुए उबचिनी को रगड़ें और निचोड़ें।
• आधा गिलास सूजी जोड़ें।
• एक गिलास गेहूं का आटा।
• चिकन अंडा।
• फाइबर या ग्राउंड ब्रान का टेबल्सपून।
• नमक।
भोजन मिलाएं और इसे समान रूप से फैलाएं।एक गर्म फ्राइंग पैन पर परत। कुछ ही मिनटों में, परिणामी "पैनकेक" चालू किया जा सकता है। उसके बाद, भरने को तैयार करें, पनीर के साथ छिड़कें और पकवान को एक छोटी सी आग पर पकाएं, ढक्कन के साथ कंटेनर बंद कर दें। भरने के रूप में, आप पके हुए चिकन, स्मोक्ड सॉसेज या बेकन ले सकते हैं। पीले और लाल मिर्च, टमाटर, जैतून और केपर्स के स्लाइस फैलाने के लिए मत भूलना।
यह नुस्खा उन लोगों के लिए है जिनका उपयोग अपना समय बचाने के लिए किया जाता है। परीक्षण के लिए, हम लेते हैंः
- दो गिलास आटा।
- खमीर का एक चम्मच।
पानी नमक और खमीर में विसर्जित करें। पिज्जा बेस नरम बनाने के लिए, एक चम्मच जैतून का तेल जोड़ें। आटा उठाओ, मेज पर एक स्लाइड डालें, एक छोटा नाली बनाओ और इसमें पानी डालना। आटा गूंधकर, इसे एक फिल्म के साथ कवर करें। हालांकि यह उगता है, हम इसे एक grater पर रगड़ते हैं या बारीक कटौतीः
- आधे बड़े उबचिनी।
- 200 ग्राम सॉसेज।
- पनीर।
हम तैयार आटा को कई हिस्सों में विभाजित करते हैं। हम एक रोल करते हैं, मल्टीवार्क को कटोरे में डालते हैं, और सॉस ग्रीस करते हैं। यदि आप एक कुरकुरा परत में एक स्किलेट में उबचिनी के छल्ले फेंकते हैं तो पकवान स्वाद को बदल देगा। हम भराई फैलते हैं, पनीर के साथ छिड़कते हैं, जड़ी बूटी के साथ सजाने और "बेकिंग" मोड सेट करते हैं। 30 मिनट के बाद, courgettes से पिज्जा तैयार हो जाएगा। भरने के लिए नुस्खा आपके विवेकानुसार बदला जा सकता है। इसके अलावा आप इस पकवान के लिए उबली से एक सब्जी आटा का उपयोग कर सकते हैं।
उन लोगों के लिए जिन्होंने अस्थायी रूप से फैटी भोजन छोड़ने का फैसला किया, हम अपने हल्के विकल्प के साथ खुद को खुश करने की पेशकश करते हैं। Courgettes से मिनी पिज्जा निम्नानुसार तैयार किया गया हैः
- हमने छोटी आग पर वनस्पति तेल की एक बूंद के अतिरिक्त पतली सर्कल, नमक, काली मिर्च और तलना के साथ एक बड़ी उबलीनी काट दिया।
- हम पतली स्ट्रिप्स में टमाटर, बल्गेरियाई मिर्च, जैतून और स्मोक्ड सॉसेज काटते हैं।
- हम पनीर को एक छोटे grater पर पीसते हैं।
- ओवन को गर्म करें, एक बेकिंग शीट पर चर्मपत्र फैलाएं और उस पर एक भुना हुआ स्क्वैश डालें, जो आटा की भूमिका निभाएगा। प्रत्येक सर्कल के लिए, सावधानी से भरें और इसे कसा हुआ पनीर के साथ छिड़क दें।
दस मिनट बाद, उबचिनी पिज्जा तैयार हो जाएगा।
इस स्वादिष्ट पकवान की तैयारी में अधिक समय नहीं लगता हैः
- बैंगन के साथ बैंगन और उबचिनी दोनों तरफ एक फ्राइंग पैन में 1 सेमी चौड़ा, नमक, काली मिर्च और तलना के साथ काट लें।
- टमाटर भी छल्ले में काटा जाता है।
- एक बड़े grater पर पनीर काट, इसे लहसुन और तुलसी के साथ मिलाएं।
- पफ पेस्ट्री को डिफ्रॉस्ट करें, इसे विभाजित करें और इसे पतली परतों में घुमाएं।
- बेकिंग के लिए बेकिंग शीट पर चर्मपत्र रखो। यदि यह नहीं है, तो फार्म को सूरजमुखी के तेल के साथ greased की आवश्यकता होगी।
- हम आटा फैलाते हैं और इसे पनीर भरने के साथ जगाते हैं।
- बदले में, हम टमाटर के बाद, उबली के नीचे, तला हुआ बैंगन के किनारे सब्जियां फैलते हैं। फिर, अगर कमरा बचा है, दोहराना।
- थाइम, नमक और काली मिर्च के साथ भरने छिड़कना।
- हम इसे पांच या सात मिनट के लिए ओवन में भेजते हैं।
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ज़ुचिनी एक सार्वभौमिक उत्पाद है, जिसमें सेआप कई स्वादिष्ट और स्वस्थ व्यंजन पका सकते हैं। सब्जियों से शीतकालीन तैयारी, सलाद, सूप और पुलाव उपवास के दौरान अपरिवर्तनीय होते हैं, और आहार के पालन करने वालों के लिए भी मूल भोजन बन जाते हैं। आज हम कम कैलोरी बेकिंग के लिए रेसिपी के साथ साझा करना चाहते हैं, जो आंकड़े को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उबचिनी से पिज्जा जल्दी से तैयार किया जाता है, आसानी से, यह बहुत स्वादिष्ट होता है और इसमें कम मात्रा में वसा होता है। एक असली आहार पकवान तैयार करने के लिए,इसकी संरचना पूरी तरह से संशोधित करना आवश्यक है। पिज्जा के लिए उबचिनी से आटा तैयार उत्पाद की कैलोरी सामग्री को काफी कम कर देगा, और इसका स्वाद इससे पीड़ित नहीं होता है। एक सब्जी आधार के लिए, हमें निम्नलिखित उत्पादों की आवश्यकता हैः - युवा उबचिनी - सात सौ ग्राम। - सेमिनिना - आधे गिलास। - पूरे गेहूं का आटा - तीन चम्मच। - एक ब्लेंडर ब्रान में फाइबर या जमीन का एक चम्मच। - नमक। ज्यूचिनी को छीलने, बीज हटाने,एक अच्छी grater पर grate, दस के लिए मिनट अलग सेट, और फिर गुप्त रस निचोड़। शेष उत्पादों को जोड़ें और उन्हें अच्छी तरह मिलाएं। आटा तैयार है! उबचिनी से पिज्जा बिल्कुल उसी तरह तैयार किया जाता हैसाधारण। आप रेफ्रिजरेटर में छोड़े गए किसी भी उत्पाद को ले सकते हैं, उन्हें छोटे टुकड़ों में काट सकते हैं, उन्हें आधार पर रख सकते हैं, पनीर के साथ छिड़काव कर सकते हैं, केचप या मेयोनेज़ के साथ ग्रीस। लेकिन यदि आप इस पकवान के आहार संस्करण को तैयार करने का निर्णय लेते हैं, तो हम अनुशंसा करते हैं कि आप भरने के लिए निम्नलिखित सामग्री का उपयोग करेंः - मशरूम आपके पसंदीदा वन या मशरूम हैं। - पीला और लाल घंटी काली मिर्च। - टमाटर। - कठिन किस्मों का पनीर। - टमाटर सॉस - यदि आप करेंगे तो यह बहुत अच्छा होगाइसे ताजा टमाटर, लहसुन, जमीन काली मिर्च और ताजा तुलसी के साथ खुद को पकाएं। छील से टमाटर छीलें और उन्हें ब्लेंडर के साथ हिरन के साथ मिलाएं। - थाइम, लहसुन और तुलसी। पनीर को एक अच्छी grater पर स्क्रैच करें और इसे मिलाएंलहसुन और तुलसी। मशरूम तेल जोड़ने के बिना टेफ्लॉन कोटिंग के साथ एक पैन में पीसकर तलना। टमाटर को पतली स्लाइस में, और काली मिर्च - लंबे भूसे के साथ काटें। बेकिंग डिश में, हमारी सब्जी आटा डालें और इसे अपनी तैयारी के टमाटर सॉस के साथ ग्रीस करें। फिर तला हुआ मशरूम रखें, और ऊपर से ताजा सब्जियों को समान रूप से वितरित करें और उन्हें थाइम के साथ छिड़क दें। हम लगभग पंद्रह मिनट के लिए ओवन को पकवान भेजते हैं। हम इसे लेते हैं, पनीर के साथ छिड़कते हैं और फिर हम बेक्ड भेजते हैं। आप सुरक्षित रूप से आग पर एक केतली डाल सकते हैं, क्योंकि दस मिनट में उबचिनी से कम कैलोरी पिज्जा तैयार हो जाएगा। यदि आपके पास ओवन नहीं है, या आप समय बचाने के लिए चाहते हैं, तो हमारी अगली नुस्खा आपकी मदद करेगी। हम नुस्खा के अनुसार सब्जी आटा तैयार करते हैं, जिसे इस आलेख के पहले भाग में वर्णित किया गया है। हालांकि, पिज्जा के आधार पर फ्राइंग के दौरान अलग नहीं होने के लिए, छोटे बदलाव किए जाने चाहिएः • सात सौ ग्राम पके हुए उबचिनी को रगड़ें और निचोड़ें। • आधा गिलास सूजी जोड़ें। • एक गिलास गेहूं का आटा। • चिकन अंडा। • फाइबर या ग्राउंड ब्रान का टेबल्सपून। • नमक। भोजन मिलाएं और इसे समान रूप से फैलाएं।एक गर्म फ्राइंग पैन पर परत। कुछ ही मिनटों में, परिणामी "पैनकेक" चालू किया जा सकता है। उसके बाद, भरने को तैयार करें, पनीर के साथ छिड़कें और पकवान को एक छोटी सी आग पर पकाएं, ढक्कन के साथ कंटेनर बंद कर दें। भरने के रूप में, आप पके हुए चिकन, स्मोक्ड सॉसेज या बेकन ले सकते हैं। पीले और लाल मिर्च, टमाटर, जैतून और केपर्स के स्लाइस फैलाने के लिए मत भूलना। यह नुस्खा उन लोगों के लिए है जिनका उपयोग अपना समय बचाने के लिए किया जाता है। परीक्षण के लिए, हम लेते हैंः - दो गिलास आटा। - खमीर का एक चम्मच। पानी नमक और खमीर में विसर्जित करें। पिज्जा बेस नरम बनाने के लिए, एक चम्मच जैतून का तेल जोड़ें। आटा उठाओ, मेज पर एक स्लाइड डालें, एक छोटा नाली बनाओ और इसमें पानी डालना। आटा गूंधकर, इसे एक फिल्म के साथ कवर करें। हालांकि यह उगता है, हम इसे एक grater पर रगड़ते हैं या बारीक कटौतीः - आधे बड़े उबचिनी। - दो सौ ग्राम सॉसेज। - पनीर। हम तैयार आटा को कई हिस्सों में विभाजित करते हैं। हम एक रोल करते हैं, मल्टीवार्क को कटोरे में डालते हैं, और सॉस ग्रीस करते हैं। यदि आप एक कुरकुरा परत में एक स्किलेट में उबचिनी के छल्ले फेंकते हैं तो पकवान स्वाद को बदल देगा। हम भराई फैलते हैं, पनीर के साथ छिड़कते हैं, जड़ी बूटी के साथ सजाने और "बेकिंग" मोड सेट करते हैं। तीस मिनट के बाद, courgettes से पिज्जा तैयार हो जाएगा। भरने के लिए नुस्खा आपके विवेकानुसार बदला जा सकता है। इसके अलावा आप इस पकवान के लिए उबली से एक सब्जी आटा का उपयोग कर सकते हैं। उन लोगों के लिए जिन्होंने अस्थायी रूप से फैटी भोजन छोड़ने का फैसला किया, हम अपने हल्के विकल्प के साथ खुद को खुश करने की पेशकश करते हैं। Courgettes से मिनी पिज्जा निम्नानुसार तैयार किया गया हैः - हमने छोटी आग पर वनस्पति तेल की एक बूंद के अतिरिक्त पतली सर्कल, नमक, काली मिर्च और तलना के साथ एक बड़ी उबलीनी काट दिया। - हम पतली स्ट्रिप्स में टमाटर, बल्गेरियाई मिर्च, जैतून और स्मोक्ड सॉसेज काटते हैं। - हम पनीर को एक छोटे grater पर पीसते हैं। - ओवन को गर्म करें, एक बेकिंग शीट पर चर्मपत्र फैलाएं और उस पर एक भुना हुआ स्क्वैश डालें, जो आटा की भूमिका निभाएगा। प्रत्येक सर्कल के लिए, सावधानी से भरें और इसे कसा हुआ पनीर के साथ छिड़क दें। दस मिनट बाद, उबचिनी पिज्जा तैयार हो जाएगा। इस स्वादिष्ट पकवान की तैयारी में अधिक समय नहीं लगता हैः - बैंगन के साथ बैंगन और उबचिनी दोनों तरफ एक फ्राइंग पैन में एक सेमी चौड़ा, नमक, काली मिर्च और तलना के साथ काट लें। - टमाटर भी छल्ले में काटा जाता है। - एक बड़े grater पर पनीर काट, इसे लहसुन और तुलसी के साथ मिलाएं। - पफ पेस्ट्री को डिफ्रॉस्ट करें, इसे विभाजित करें और इसे पतली परतों में घुमाएं। - बेकिंग के लिए बेकिंग शीट पर चर्मपत्र रखो। यदि यह नहीं है, तो फार्म को सूरजमुखी के तेल के साथ greased की आवश्यकता होगी। - हम आटा फैलाते हैं और इसे पनीर भरने के साथ जगाते हैं। - बदले में, हम टमाटर के बाद, उबली के नीचे, तला हुआ बैंगन के किनारे सब्जियां फैलते हैं। फिर, अगर कमरा बचा है, दोहराना। - थाइम, नमक और काली मिर्च के साथ भरने छिड़कना। - हम इसे पांच या सात मिनट के लिए ओवन में भेजते हैं।
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बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको रूस के साथ एक आम मुद्रा की शुरूआत पर आपत्ति नहीं करते हैं। लेकिन, उनकी राय में, न तो रूसी और न ही बेलारूसी रूबल बन सकता है।
यह राय बेलारूस गणराज्य के राष्ट्रपति ने एक साक्षात्कार में व्यक्त की, जो उन्होंने बेलारूस और रूस के लोगों के एकता दिवस के सम्मान में मीर टेलीविजन चैनल को दिया था। यह यादगार तिथि प्रतिवर्ष 2 अप्रैल को मनाई जाती है।
लुकाशेंको ने बेलारूस और रूस के बीच केंद्रीय संधि के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कीः
संघ राज्य के निर्माण पर हमारा एक समझौता है। हम इस समझौते के एक भी खंडन से इनकार नहीं करते हैं।
आम मुद्रा के संबंध में, बेलारूसी राष्ट्रपति भी संघ संधि के इस खंड का समर्थन करता है। लेकिन उनका मानना है कि केवल एक तटस्थ मुद्रा ऐसी मौद्रिक इकाई बन सकती है, लेकिन रूसी या बेलारूसी रूबल बिल्कुल नहीं। वह उत्सर्जन केंद्र के स्थान को निर्धारित करना भी महत्वपूर्ण मानता है, जो इस तरह की मुद्रा जारी करेगा।
लुकाशेंको के लिए, रूसी मुद्रा में देश के संक्रमण के साथ बेलारूसी रूबल को रद्द करने का विकल्प अस्वीकार्य है। वह उसी "रेक" पर कदम नहीं रखना चाहते हैं जो मिन्स्क ने यूएसएसआर के पतन के बाद कदम रखा, जब रूस ने अपनी मुद्रा शुरू की, और बेलारूस सोवियत रूबल के साथ रहा।
लुकाशेंको ने भी मास्को में एक समान स्तर पर मिन्स्क के साथ बातचीत करने के लिए कहा, "शाही शिष्टाचार। "
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बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको रूस के साथ एक आम मुद्रा की शुरूआत पर आपत्ति नहीं करते हैं। लेकिन, उनकी राय में, न तो रूसी और न ही बेलारूसी रूबल बन सकता है। यह राय बेलारूस गणराज्य के राष्ट्रपति ने एक साक्षात्कार में व्यक्त की, जो उन्होंने बेलारूस और रूस के लोगों के एकता दिवस के सम्मान में मीर टेलीविजन चैनल को दिया था। यह यादगार तिथि प्रतिवर्ष दो अप्रैल को मनाई जाती है। लुकाशेंको ने बेलारूस और रूस के बीच केंद्रीय संधि के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कीः संघ राज्य के निर्माण पर हमारा एक समझौता है। हम इस समझौते के एक भी खंडन से इनकार नहीं करते हैं। आम मुद्रा के संबंध में, बेलारूसी राष्ट्रपति भी संघ संधि के इस खंड का समर्थन करता है। लेकिन उनका मानना है कि केवल एक तटस्थ मुद्रा ऐसी मौद्रिक इकाई बन सकती है, लेकिन रूसी या बेलारूसी रूबल बिल्कुल नहीं। वह उत्सर्जन केंद्र के स्थान को निर्धारित करना भी महत्वपूर्ण मानता है, जो इस तरह की मुद्रा जारी करेगा। लुकाशेंको के लिए, रूसी मुद्रा में देश के संक्रमण के साथ बेलारूसी रूबल को रद्द करने का विकल्प अस्वीकार्य है। वह उसी "रेक" पर कदम नहीं रखना चाहते हैं जो मिन्स्क ने यूएसएसआर के पतन के बाद कदम रखा, जब रूस ने अपनी मुद्रा शुरू की, और बेलारूस सोवियत रूबल के साथ रहा। लुकाशेंको ने भी मास्को में एक समान स्तर पर मिन्स्क के साथ बातचीत करने के लिए कहा, "शाही शिष्टाचार। "
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लखनऊः इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने गृह विभाग को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के विभागीय मामलों से संबंधित समस्त अभिलेख निशुल्क देने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप साही और न्यायाधीश संजय हरकौली की पीठ ने गुरुवार को यह आदेश वादी की अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर और राज्य सूचना आयोग के अधिवक्ता शिखर आनंद को सुनने के बाद किया।
पूर्व में सूचना आयोग ने अतिरिक्त अभिलेखों के लिए अतिरिक्त शुल्क देने पर सभी सूचनाएं देने के आदेश दिए थे। अमिताभ ने सशुल्क सूचना दिए जाने के आदेश को चुनौती दी थी, जिस पर न्यायालय ने कहा कि चूंकि आयोग के आदेश के बाद भी सूचनाएं निर्धारित समय में नहीं दी गई हैं, अतः ये सूचनाएं निशुल्क प्रदान की जाएं।
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लखनऊः इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने गृह विभाग को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के विभागीय मामलों से संबंधित समस्त अभिलेख निशुल्क देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप साही और न्यायाधीश संजय हरकौली की पीठ ने गुरुवार को यह आदेश वादी की अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर और राज्य सूचना आयोग के अधिवक्ता शिखर आनंद को सुनने के बाद किया। पूर्व में सूचना आयोग ने अतिरिक्त अभिलेखों के लिए अतिरिक्त शुल्क देने पर सभी सूचनाएं देने के आदेश दिए थे। अमिताभ ने सशुल्क सूचना दिए जाने के आदेश को चुनौती दी थी, जिस पर न्यायालय ने कहा कि चूंकि आयोग के आदेश के बाद भी सूचनाएं निर्धारित समय में नहीं दी गई हैं, अतः ये सूचनाएं निशुल्क प्रदान की जाएं।
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कोरोना वायरस महामारी के बाद बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए और फिर ऑनलाइन क्लास का चलन शुरू हुआ। इस दौरान पढ़ाई के लिए मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप ही सहारा थे। भले ही आज स्कूल पूरी तरह खुले हैं, लेकिन बच्चों को इन गैजेट्स के इस्तेमाल की आदत हो गई है। इसका उपयोग न केवल पढ़ाई के लिए किया जाता है, बल्कि कई बच्चे इसका उपयोग वीडियो देखने और गेम खेलने के लिए करते हैं। लेकिन इन गैजेट्स का लगातार इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए समय रहते सतर्क हो जाना आपके लिए जरूरी है।
मोबाइल या किसी अन्य गैजेट की स्क्रीन पर लगातार देखते रहने के कारण कई बच्चों को आंखों की समस्या हो रही है, इसलिए माता-पिता को सावधान रहना चाहिए कि बच्चों को लंबे समय तक इन चीजों का इस्तेमाल न करने दें।
अगर आपके बच्चे आंखों में खिंचाव, कम दिखना, आंखों में दर्द या आंखों से पानी आने की शिकायत करते हैं तो इसे हल्के में न लें बल्कि तुरंत नजदीकी नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाएं। चेकअप और टेस्ट के बाद आपको पता चलेगा कि असली समस्या कहां है, तभी आप अपने बच्चों की आंखों की सुरक्षा कर सकते हैं।
सबसे जरूरी है कि आप अपने बच्चों की स्क्रीन टाइमिंग ठीक करें, मोबाइल या टैब के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों की रोशनी कम हो सकती है।
कोशिश करें कि बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ी स्क्रीन का इस्तेमाल करें ताकि उनकी आंखों पर जोर न पड़े, इसके लिए आप बड़े स्मार्ट टेलीविजन या प्रोजेक्टर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
-बच्चों से कहें कि मोबाइल और टैबलेट को लगातार न देखें और बीच-बीच में पलकें झपकाएं।
अंधेरे में मोबाइल और टैबलेट का इस्तेमाल न करें, कमरे में रोशनी का होना जरूरी है, नहीं तो मोबाइल की रोशनी से रेटिना पर बुरा असर पड़ सकता है।
बच्चों को ऑनलाइन गेम न खेलने दें, बल्कि उन्हें बैडमिंटन, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
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कोरोना वायरस महामारी के बाद बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए और फिर ऑनलाइन क्लास का चलन शुरू हुआ। इस दौरान पढ़ाई के लिए मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप ही सहारा थे। भले ही आज स्कूल पूरी तरह खुले हैं, लेकिन बच्चों को इन गैजेट्स के इस्तेमाल की आदत हो गई है। इसका उपयोग न केवल पढ़ाई के लिए किया जाता है, बल्कि कई बच्चे इसका उपयोग वीडियो देखने और गेम खेलने के लिए करते हैं। लेकिन इन गैजेट्स का लगातार इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए समय रहते सतर्क हो जाना आपके लिए जरूरी है। मोबाइल या किसी अन्य गैजेट की स्क्रीन पर लगातार देखते रहने के कारण कई बच्चों को आंखों की समस्या हो रही है, इसलिए माता-पिता को सावधान रहना चाहिए कि बच्चों को लंबे समय तक इन चीजों का इस्तेमाल न करने दें। अगर आपके बच्चे आंखों में खिंचाव, कम दिखना, आंखों में दर्द या आंखों से पानी आने की शिकायत करते हैं तो इसे हल्के में न लें बल्कि तुरंत नजदीकी नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाएं। चेकअप और टेस्ट के बाद आपको पता चलेगा कि असली समस्या कहां है, तभी आप अपने बच्चों की आंखों की सुरक्षा कर सकते हैं। सबसे जरूरी है कि आप अपने बच्चों की स्क्रीन टाइमिंग ठीक करें, मोबाइल या टैब के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों की रोशनी कम हो सकती है। कोशिश करें कि बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ी स्क्रीन का इस्तेमाल करें ताकि उनकी आंखों पर जोर न पड़े, इसके लिए आप बड़े स्मार्ट टेलीविजन या प्रोजेक्टर का इस्तेमाल कर सकते हैं। -बच्चों से कहें कि मोबाइल और टैबलेट को लगातार न देखें और बीच-बीच में पलकें झपकाएं। अंधेरे में मोबाइल और टैबलेट का इस्तेमाल न करें, कमरे में रोशनी का होना जरूरी है, नहीं तो मोबाइल की रोशनी से रेटिना पर बुरा असर पड़ सकता है। बच्चों को ऑनलाइन गेम न खेलने दें, बल्कि उन्हें बैडमिंटन, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
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MUMBAI : JIO दिवाली पर एक और धमाका करने वाला है। और ये धमाका उपभोक्ताओं के लिए नहीं कर्मचारियों के लिए किया जा रहा है।
देश की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी Reliance Industries ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Reliance Jio के टॉप परफॉर्मर्स की सैलरी में 10-15 फीसदी की बढ़ोतरी की है। अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक टेलीकॉम सेक्टर में अपने साथ टॉप टैलंट को बरकार रखने के लिए कंपनी ने बड़े इन्क्रीमेंट का ऐलान किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जियो के बेस्ट जूनियर और मिडल लेवल मैनेजरों की सैलरी में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सीनियर एग्जिक्युटिव्स (डीजीएम और उससे ऊपर) को 10 फीसदी का इन्क्रिमेंट मिला है।
सैलरी में बढ़ोतरी सभी यूनिट्स में की गई है। मसलन नेटवर्क/नेटवर्क आईटी ऐंड सपॉर्ट, सेल्स ऐंड मार्केटिंग, कस्टमर केयर, प्रॉजेक्ट्स, रेग्युलेटरी ऐंड एचआर।
टेलीकॉम सेक्टर में सालाना ऐवरेज इन्क्रिमेंट के मुकाबले जियो की बढ़ोतरी थोड़ी ज्यादा है।
फाइनेंशियल ईयर 2016 में टेलीकॉम सेक्टर में एंप्लॉयीज की सैलरी में 7 से 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
कंसल्टेंट्स का यह भी मानना है कि जियो की सैलरी में बढ़ोतरी से एट्रिशन (एंप्लॉयीज के कंपनी छोड़ने का ट्रेंड) रोकना मुमकिन नहीं होगा।
पिछले महीने कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर प्रदीप श्रीवास्तव ने इस्तीफा दे दिया। वह यहां एक साल तक रहे।
इससे पहले कंपनी के चीफ क्लाउड आर्किटेक्ट सोरेन एल हेन्सन, असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (डेटा सायंसेज ऐंड ऐनालिटिक्स ऑफ क्लाउड इंजिनियरिंग) हरि चरण राव ने इस्तीफा दिया था।
इससे पहले असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (सिक्यॉरिटी ऑपरेशंस) माया आर नायर और पब्लिक वाई-फाई यूनिट के बिजनेस हेड पवन एस यादव ने थोड़े-थोड़े अंतराल पर ही कंपनी छोड़ी थी। जून में जियो के मोबिलिटी बिजनस के हेड अमिताभ जयपुरिया ने भी निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया था।
रिक्रूटमेंट फर्म एबीसी कंसल्टेंट्स के मुताबिक चूंकि जियो बड़े पैमाने पर हायरिंग कर रहा है और इस सेक्टर की उभरती हुई कंपनी है, लिहाजा उसे टैलंट हासिल करने में दिक्कत नहीं होगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जनवरी-मार्च क्वार्टर में 7,630 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था।
कंपनी ने उस समय जूनियर और मिड लेवल के कर्मचारियों के लिए 100 फीसदी एनुअल कैश बोनस का भी एलान किया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का एचआर डिपार्टमेंट कर्मचारियों के लिए सीएपी (करियर एक्सिलरेटेड प्रोग्राम) चलाती है।
इससे कर्मचारियों को अपनी बेहतर ग्रोथ और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
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MUMBAI : JIO दिवाली पर एक और धमाका करने वाला है। और ये धमाका उपभोक्ताओं के लिए नहीं कर्मचारियों के लिए किया जा रहा है। देश की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी Reliance Industries ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Reliance Jio के टॉप परफॉर्मर्स की सैलरी में दस-पंद्रह फीसदी की बढ़ोतरी की है। अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक टेलीकॉम सेक्टर में अपने साथ टॉप टैलंट को बरकार रखने के लिए कंपनी ने बड़े इन्क्रीमेंट का ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जियो के बेस्ट जूनियर और मिडल लेवल मैनेजरों की सैलरी में पंद्रह फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सीनियर एग्जिक्युटिव्स को दस फीसदी का इन्क्रिमेंट मिला है। सैलरी में बढ़ोतरी सभी यूनिट्स में की गई है। मसलन नेटवर्क/नेटवर्क आईटी ऐंड सपॉर्ट, सेल्स ऐंड मार्केटिंग, कस्टमर केयर, प्रॉजेक्ट्स, रेग्युलेटरी ऐंड एचआर। टेलीकॉम सेक्टर में सालाना ऐवरेज इन्क्रिमेंट के मुकाबले जियो की बढ़ोतरी थोड़ी ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर दो हज़ार सोलह में टेलीकॉम सेक्टर में एंप्लॉयीज की सैलरी में सात से बारह फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंसल्टेंट्स का यह भी मानना है कि जियो की सैलरी में बढ़ोतरी से एट्रिशन रोकना मुमकिन नहीं होगा। पिछले महीने कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर प्रदीप श्रीवास्तव ने इस्तीफा दे दिया। वह यहां एक साल तक रहे। इससे पहले कंपनी के चीफ क्लाउड आर्किटेक्ट सोरेन एल हेन्सन, असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट हरि चरण राव ने इस्तीफा दिया था। इससे पहले असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट माया आर नायर और पब्लिक वाई-फाई यूनिट के बिजनेस हेड पवन एस यादव ने थोड़े-थोड़े अंतराल पर ही कंपनी छोड़ी थी। जून में जियो के मोबिलिटी बिजनस के हेड अमिताभ जयपुरिया ने भी निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया था। रिक्रूटमेंट फर्म एबीसी कंसल्टेंट्स के मुताबिक चूंकि जियो बड़े पैमाने पर हायरिंग कर रहा है और इस सेक्टर की उभरती हुई कंपनी है, लिहाजा उसे टैलंट हासिल करने में दिक्कत नहीं होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जनवरी-मार्च क्वार्टर में सात,छः सौ तीस करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। कंपनी ने उस समय जूनियर और मिड लेवल के कर्मचारियों के लिए एक सौ फीसदी एनुअल कैश बोनस का भी एलान किया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज का एचआर डिपार्टमेंट कर्मचारियों के लिए सीएपी चलाती है। इससे कर्मचारियों को अपनी बेहतर ग्रोथ और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
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पिपलियामंडी. सोशल मीडिया एप टिकटॉक पर वीडियो वायरल करने का शौक दो युवकों को महंगा पड़ गया। युवाओं ने रिवॉल्वर के साथ वीडियो बनाने पर पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार किया। जिन्हें कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर सौंपा है। दोनों युवकों ने टिकटॉक पर अपलोड करने के लिए बाइक पर रिवाल्वर लहराते हुए वीडियो बनाया। मल्हारगढ़ थाना प्रभारी दिलीप राजौरिया ने इसकी जांच कराई तो वीडियो सही होने के साथ फोरलेन पर पिपलिया-मल्हारगढ़ के बीच सूंठोद गांव का होना पाया गया।
एसआई राजौरिया ने बताया जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कुम्हारी निवासी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा गायरी (23) व सूंठोद निवासी राहुल गायरी (18) के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से एक 32 बोर पिस्टल, तीन जिंदा राउण्ड, एक बाइक जब्त कर 25,27 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया।
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पिपलियामंडी. सोशल मीडिया एप टिकटॉक पर वीडियो वायरल करने का शौक दो युवकों को महंगा पड़ गया। युवाओं ने रिवॉल्वर के साथ वीडियो बनाने पर पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार किया। जिन्हें कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर सौंपा है। दोनों युवकों ने टिकटॉक पर अपलोड करने के लिए बाइक पर रिवाल्वर लहराते हुए वीडियो बनाया। मल्हारगढ़ थाना प्रभारी दिलीप राजौरिया ने इसकी जांच कराई तो वीडियो सही होने के साथ फोरलेन पर पिपलिया-मल्हारगढ़ के बीच सूंठोद गांव का होना पाया गया। एसआई राजौरिया ने बताया जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कुम्हारी निवासी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा गायरी व सूंठोद निवासी राहुल गायरी के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से एक बत्तीस बोर पिस्टल, तीन जिंदा राउण्ड, एक बाइक जब्त कर पच्चीस,सत्ताईस आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया।
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मुंबई (एएनआई): अभिनेता सोनम कपूर ने शुक्रवार को अपने माता-पिता अनिल और सुनीता कपूर को उनकी 39 वीं शादी की सालगिरह के अवसर पर पुरानी तस्वीरों के साथ एक प्यारी सी शुभकामना दी। इंस्टाग्राम पर सोनम ने परिवार की तस्वीरों के साथ प्रशंसकों का इलाज किया।
तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने एक प्यारा संदेश लिखा, "दुनिया के सबसे अच्छे माता-पिता को सालगिरह मुबारक! हमें यह दिखाने के लिए धन्यवाद कि प्यार हमें कभी भी #everydayphenomenal से कम पर समझौता करने के लिए नहीं कहता है! आप दोनों को बहुत बहुत प्यार @anilskapoor और @kapoor . सुनीता। "
पहली और दूसरी तस्वीरों में अनिल और सुनीता को भारतीय परिधान में पोज देते हुए देखा जा सकता है।
तीसरी तस्वीर में सोनम को उनके माता-पिता के साथ कैमरे के लिए पोज देते हुए भी देखा जा सकता है। ट्रेडिशनल आउटफिट में तीनों बेहद खूबसूरत लग रही थीं.
जैसे ही तस्वीरें अपलोड हुईं, अभिनेता के प्रशंसकों और इंडस्ट्री के दोस्तों ने कमेंट सेक्शन में अपनी शुभकामनाएं दीं।
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने लिखा, "हैप्पी एनिवर्सरी @anilskapoor @kapoor. sunita। "
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा ने टिप्पणी की, "हैप्पीय्यी एनिवर्सरी @anilskapoor @kapoor. sunita। आने वाले कई और साल खुशी और प्यार के लिए। "
सालगिरह की शुभकामनाएं देते हुए, अभिनेता अनिल कपूर ने भी अपनी पत्नी को बधाई देते हुए तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने लिखा, "हमें प्यार के 50 साल मुबारक हो सुनीता! यहां हम सबसे महाकाव्य रोमांस में लीड हैं जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी. . . एक प्रेम कहानी जो 50 साल पहले शुरू हुई थी और हमेशा के लिए जीवित रहेगी! मैं कभी नहीं समझ पाऊंगा। " कैसे आप शादी के 39 साल और मुझे डेट करने के 11 साल तक समझदार बने रहे! उन्हें आपके धैर्य और भक्ति के बारे में गाथागीत लिखना चाहिए!
और फिर भी, आधा दशक बाद, एक चीज नहीं बदली है. . . जब भी आप एक कमरे में जाते हैं, तब भी आप मेरी सांस रोक लेते हैं! मेरी एक और केवल, अभी और हमेशा के लिए सालगिरह मुबारक! @कपूर. सुनीता। "
अनिल द्वारा साझा की गई तस्वीरों के स्टिंग ने युगल को उनके युवा दिनों से दिखाया।
इस बीच, काम के मोर्चे पर, सोनम अगली बार शोम मखीजा द्वारा निर्देशित आगामी फिल्म 'ब्लाइंड' में दिखाई देंगी, जिसमें पूरब कोहली, विनय पाठक और लिलेट दुबे प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का फर्स्ट लुक हाल ही में Jio Studio के इवेंट में अनावरण किया गया था।
दूसरी ओर, अनिल निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की आगामी गैंगस्टर ड्रामा फिल्म 'एनीमल' में रणबीर कपूर, बॉबी देओल और रश्मिका मंदाना के साथ भी दिखाई देंगे।
यह फिल्म 11 अगस्त, 2023 को सिनेमाघरों में आएगी।
वह क्राइम थ्रिलर सीरीज 'द नाइट मैनेजर' की दूसरी किस्त में नजर आएंगे। (एएनआई)
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मुंबई : अभिनेता सोनम कपूर ने शुक्रवार को अपने माता-पिता अनिल और सुनीता कपूर को उनकी उनतालीस वीं शादी की सालगिरह के अवसर पर पुरानी तस्वीरों के साथ एक प्यारी सी शुभकामना दी। इंस्टाग्राम पर सोनम ने परिवार की तस्वीरों के साथ प्रशंसकों का इलाज किया। तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने एक प्यारा संदेश लिखा, "दुनिया के सबसे अच्छे माता-पिता को सालगिरह मुबारक! हमें यह दिखाने के लिए धन्यवाद कि प्यार हमें कभी भी #everydayphenomenal से कम पर समझौता करने के लिए नहीं कहता है! आप दोनों को बहुत बहुत प्यार @anilskapoor और @kapoor . सुनीता। " पहली और दूसरी तस्वीरों में अनिल और सुनीता को भारतीय परिधान में पोज देते हुए देखा जा सकता है। तीसरी तस्वीर में सोनम को उनके माता-पिता के साथ कैमरे के लिए पोज देते हुए भी देखा जा सकता है। ट्रेडिशनल आउटफिट में तीनों बेहद खूबसूरत लग रही थीं. जैसे ही तस्वीरें अपलोड हुईं, अभिनेता के प्रशंसकों और इंडस्ट्री के दोस्तों ने कमेंट सेक्शन में अपनी शुभकामनाएं दीं। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने लिखा, "हैप्पी एनिवर्सरी @anilskapoor @kapoor. sunita। " अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा ने टिप्पणी की, "हैप्पीय्यी एनिवर्सरी @anilskapoor @kapoor. sunita। आने वाले कई और साल खुशी और प्यार के लिए। " सालगिरह की शुभकामनाएं देते हुए, अभिनेता अनिल कपूर ने भी अपनी पत्नी को बधाई देते हुए तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने लिखा, "हमें प्यार के पचास साल मुबारक हो सुनीता! यहां हम सबसे महाकाव्य रोमांस में लीड हैं जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी. . . एक प्रेम कहानी जो पचास साल पहले शुरू हुई थी और हमेशा के लिए जीवित रहेगी! मैं कभी नहीं समझ पाऊंगा। " कैसे आप शादी के उनतालीस साल और मुझे डेट करने के ग्यारह साल तक समझदार बने रहे! उन्हें आपके धैर्य और भक्ति के बारे में गाथागीत लिखना चाहिए! और फिर भी, आधा दशक बाद, एक चीज नहीं बदली है. . . जब भी आप एक कमरे में जाते हैं, तब भी आप मेरी सांस रोक लेते हैं! मेरी एक और केवल, अभी और हमेशा के लिए सालगिरह मुबारक! @कपूर. सुनीता। " अनिल द्वारा साझा की गई तस्वीरों के स्टिंग ने युगल को उनके युवा दिनों से दिखाया। इस बीच, काम के मोर्चे पर, सोनम अगली बार शोम मखीजा द्वारा निर्देशित आगामी फिल्म 'ब्लाइंड' में दिखाई देंगी, जिसमें पूरब कोहली, विनय पाठक और लिलेट दुबे प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का फर्स्ट लुक हाल ही में Jio Studio के इवेंट में अनावरण किया गया था। दूसरी ओर, अनिल निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की आगामी गैंगस्टर ड्रामा फिल्म 'एनीमल' में रणबीर कपूर, बॉबी देओल और रश्मिका मंदाना के साथ भी दिखाई देंगे। यह फिल्म ग्यारह अगस्त, दो हज़ार तेईस को सिनेमाघरों में आएगी। वह क्राइम थ्रिलर सीरीज 'द नाइट मैनेजर' की दूसरी किस्त में नजर आएंगे।
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कल्पिन भी हैं । समवायाग [१] में णायचम्मकहा का परिचय देते हुए कहा है कि 'इन अध्ययनों में आयी हुई कथाएँ चरित [ घटित = सत्य ] भी है और कल्पित भी ' इसलिये इन्हें इतिहास समझना भूल है। वास्तव में ये अनुयोग हैं- ये धर्मशास्त्र हैं। अधिकाश कथाएँ कल्पित ओर अर्धकल्पित है । जैन कयासाहित्य में या अन्य कथासाहित्य में अगर इतिहास का वीज मिलता हो तो स्वतन्त्रता से उसकी परीक्षा करके ग्रहण करना चाहिये, बाका इन कथाओं को कथा ही समझना चाहिये, न कि इतिहास । इस वात के विस्तृत विवेचन के पहिले इसके भेदों का वर्णन करना उचित है ।
दिगम्बर ग्रन्थों में प्रथमानुयोग के भेद नहीं किये गये हैं, किन्तु श्वेताम्बर [२] ग्रन्थों में इसके दो भेद किये गये है। मूल प्रथमानुयोग और गण्डिकानुयोग । मूल प्रथमानुयोग में तीर्थकर और उनके सहयोगी परिवार का विस्तृत वर्णन है। और गण्डिकानुयोग में एक सरीखे चरित्रवाले या अन्य किसी तरह से समानता रखने वाले लोगों की कथाए हैं । जैसेजिसमें कुलकरों की कथा है वह कुलकर गण्डिका, जिसमें तीर्थंकरों की कथा है वह तीर्थंकर गण्डिका इसी प्रकार चक्रिवर्ति गण्डिका, दसार गण्डिका, बलदेवगण्डिका वासुदेव गडिका, गणघर गंडिका, भद्रबाहु गडिका, तपः कर्मगडिका, हरिवंशगण्डिका आदि ।
( १ ) एग्णवम अज्झयणा ते समासओ दुविहा पण्णता । त जहाचरिता कप्पियाय ।
(२) अणुनोगे दुविहे पण्णते, त जहा मूल पढमाडाओगे गडिआणुजोगेय ।
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कल्पिन भी हैं । समवायाग [एक] में णायचम्मकहा का परिचय देते हुए कहा है कि 'इन अध्ययनों में आयी हुई कथाएँ चरित [ घटित = सत्य ] भी है और कल्पित भी ' इसलिये इन्हें इतिहास समझना भूल है। वास्तव में ये अनुयोग हैं- ये धर्मशास्त्र हैं। अधिकाश कथाएँ कल्पित ओर अर्धकल्पित है । जैन कयासाहित्य में या अन्य कथासाहित्य में अगर इतिहास का वीज मिलता हो तो स्वतन्त्रता से उसकी परीक्षा करके ग्रहण करना चाहिये, बाका इन कथाओं को कथा ही समझना चाहिये, न कि इतिहास । इस वात के विस्तृत विवेचन के पहिले इसके भेदों का वर्णन करना उचित है । दिगम्बर ग्रन्थों में प्रथमानुयोग के भेद नहीं किये गये हैं, किन्तु श्वेताम्बर [दो] ग्रन्थों में इसके दो भेद किये गये है। मूल प्रथमानुयोग और गण्डिकानुयोग । मूल प्रथमानुयोग में तीर्थकर और उनके सहयोगी परिवार का विस्तृत वर्णन है। और गण्डिकानुयोग में एक सरीखे चरित्रवाले या अन्य किसी तरह से समानता रखने वाले लोगों की कथाए हैं । जैसेजिसमें कुलकरों की कथा है वह कुलकर गण्डिका, जिसमें तीर्थंकरों की कथा है वह तीर्थंकर गण्डिका इसी प्रकार चक्रिवर्ति गण्डिका, दसार गण्डिका, बलदेवगण्डिका वासुदेव गडिका, गणघर गंडिका, भद्रबाहु गडिका, तपः कर्मगडिका, हरिवंशगण्डिका आदि । एग्णवम अज्झयणा ते समासओ दुविहा पण्णता । त जहाचरिता कप्पियाय । अणुनोगे दुविहे पण्णते, त जहा मूल पढमाडाओगे गडिआणुजोगेय ।
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Durgapur: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड जाने के दौरान रविवार को अंडाल विमान बंदरगाह पर उतरेंगे और राज्य की परिस्थिति को लेकर रिपोर्ट लेंगे.
जानकारी के मुताबिक सोमवार की मध्य रात्रि को नागरिकता संशोधन बिल 2019 लोकसभा में पास होने के बाद से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हुए हैं. असम और पूर्व-उत्तर राज्यों में मेघालय, त्रिपुरा सहित विभिन्न राज्यों में जगहों पर आगजनी की घटना हुई है.
पश्चिम बंगाल में शुक्रवार से ही मुर्शिदाबाद, बीरभूम, हुगली, हावड़ा, कोलकाता आदि जगहों पर रास्ता तथा रेल लाइन अवरोध कर आगजनी के साथ वाहनों में तोड़फोड़ की गयी.
इन परिस्थितियों में रविवार को झारखंड के चुनाव प्रचार में जाने के लिए दुमका आ रहे हैं. प्रधानमंत्री रविवार की दोपहर 1:10 बजे अंडाल विमान बंदरगाह पर उतरेंगे और राज्य के भाजपा प्रतिनिधि से मुलाकात करेंगे और राज्य की वर्तमान परिस्थिति का रिपोर्ट लेंगे.
प्रधानमंत्री को स्वागत के लिए राज्य के प्रतिनिधि के तौर पर श्रम सह कानून मंत्री मलय घटक उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष भी होंगे.
प्रदेश भाजपा के सह सचिव सायंतन बसु ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यलय से जानकारी दी गयी है कि दोपहर के 11:00 बजे अंडाल में उतरेंगे और राज्य की वर्तमान परिस्थिति की रिपोर्ट लेंगे.
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Durgapur: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड जाने के दौरान रविवार को अंडाल विमान बंदरगाह पर उतरेंगे और राज्य की परिस्थिति को लेकर रिपोर्ट लेंगे. जानकारी के मुताबिक सोमवार की मध्य रात्रि को नागरिकता संशोधन बिल दो हज़ार उन्नीस लोकसभा में पास होने के बाद से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हुए हैं. असम और पूर्व-उत्तर राज्यों में मेघालय, त्रिपुरा सहित विभिन्न राज्यों में जगहों पर आगजनी की घटना हुई है. पश्चिम बंगाल में शुक्रवार से ही मुर्शिदाबाद, बीरभूम, हुगली, हावड़ा, कोलकाता आदि जगहों पर रास्ता तथा रेल लाइन अवरोध कर आगजनी के साथ वाहनों में तोड़फोड़ की गयी. इन परिस्थितियों में रविवार को झारखंड के चुनाव प्रचार में जाने के लिए दुमका आ रहे हैं. प्रधानमंत्री रविवार की दोपहर एक:दस बजे अंडाल विमान बंदरगाह पर उतरेंगे और राज्य के भाजपा प्रतिनिधि से मुलाकात करेंगे और राज्य की वर्तमान परिस्थिति का रिपोर्ट लेंगे. प्रधानमंत्री को स्वागत के लिए राज्य के प्रतिनिधि के तौर पर श्रम सह कानून मंत्री मलय घटक उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष भी होंगे. प्रदेश भाजपा के सह सचिव सायंतन बसु ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यलय से जानकारी दी गयी है कि दोपहर के ग्यारह:शून्य बजे अंडाल में उतरेंगे और राज्य की वर्तमान परिस्थिति की रिपोर्ट लेंगे.
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सेठ बोला --उसने अनुचित किया। भोर प्रज्ञा दे उसे बाराणसी मंगवा
दास बनाकर रक्सा ।
शास्ती ने यह धर्मदेशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय का कलण्डुप यह भिक्षु था । वाराणसी सेठ तो मैं हो था।
१२८. विव्यरवत जातक
"यो वे घम्म धज करना .. यह शास्ता ने जेतवन में रहते समय एक ढोगी भिक्षु के बारे म कही ।
उस समय शास्ता ने उसके ढोग की चर्चा चलने पर 'भिक्षुम्रो, केवल अव हो नहीं, पहल भी यह ढोगी ही रहा है' कह पूर्व जन्म की क्या बही --
पूर्व समय में वाराणसी में ब्रह्मदत्त के राज्य करन के समय बोधिसत्त्व ने चूहे वा जन्म ग्रहण किया। बडे होने पर यह बढकर सूअर के बच्चे की तरह ही अनेक सौ चूहो के साथ जगल म रहने लगा । इधर उधर घूमते हुए एक शृगाल ने उस चूहो उस चूहो के समूह को देखकर सोचा कि इन चूहो को ठगकर साऊँगा । यह सोच वह चूहो के बिल मे थोडी हो दूर पर सूर्य्याभिमुख हो, मुँह खान हवा पीते हुए की तरह एक ही पाँव से सडा हुआ ।
इधर उधर भोजन के लिए हुए बोधिसत्व ने उसे देस सोचा यह सदन कोजावर पूछाबिळारवत ]
"आपका, भन्ते । क्या नाम है ?" "मेरा नाम है धार्मिक ।"
"चारो पैर पृथ्वी पर न रख, एक ही पैर से क्या खडे है ? " "मेरे चारो पैर पृथ्वी पर रखने से पृथ्वी के लिए दूभर होगा, इस लिए एक ही पैर से खड़ा होता हूँ।"
"मुँह सोले क्यो खडे है ?"
"हम हवा के अतिरिक्त और कुछ नही खाते ?" "सूर्य की ओर मुंह करके क्यो खडे है ?"² 'सूर्य को नमस्कार कर रहा हूँ।"
बोधिसत्त्व ने सोचा, यह सदाचारी है। उसके बाद से चूहों के समूह के साथ प्रात साथ उसकी सेवा में जाने लगे ।
उसकी सेवा कर लौटने के समय शृगाल सबसे पिछले चूहे को पकडकर मास खा, निगल कर, मुंह पोछ खडा हो जाता । क्रम से चूहो वा दल कम पड़ गया। चूहे सोचने लगे वि पहले हम यह विल पर्याप्त नहीं होता था, सट सट कर सड़े होते थे, अब खुलकर सड़े होते है तब भी बिल नही भरता । क्या मामला है ? उन्होने बोधिसत्त्व से सारा हाल कहा ।
बोधिसत्त्व ने 'चूहे किस कारण कम हो गए' सोचते हुए शृगाल पर शक किया । फिर जाँच करने के लिए ( शृगाल की ) सेवा ( से लौटने ) के समय वावी चूहो को आगे कर स्वय पीछे रहा । शृगाल उस पर उछला । अपने को पकड़ने के लिए शृगाल को उछलता देख वोधिसत्त्व ने रुककर कहाभो शृगाल । तेरा यह व्रत धार्मिक नहीं है । तू दूसरो की हिंसा करने । के लिए ही धर्म को आगे करके रहता है। इतना कह यह गाया कहीयो वे धम्म ध कत्या निगूळ्हो पापमाचरे, विस्सासयित्वा भूतानि विकार नाम त वत ॥
[ जो धर्म की ध्वजा बनाकर, प्राणियों में विश्वास उत्पादन कर छिप कर पाप करता है, उसका व्रत बिल्ला न्द्रत है । ]
यो वे, क्षत्रिय ग्रादियों में कोई भी। धम्म धज कत्वा, दस कुशल धर्मों की ध्वजा बनावर, उन्ह करता हुआ उठावर दिखाता हुआ, विस्सासयित्वा, यह
सदाचारी है, ऐसा विश्वास पैदा वरखे विकार नाम त वत, इस प्रकार धर्म की ध्वजा बनाकर छिपकर पाप करनेवाले का व्रत ढोग पहलाता है।
चूहो के राजा ने इस प्रकार बहते ही कहते उछलकर उसकी गरदन पर चढ, ठोड़ी के नीचे की अन्दर की गले की नाली को इसपर गले की नली
फांड मार डाला। चूहों के दल ने रुक वर भृगाल को सुर र करके सा डाला। पहले थाए हुओ को ही शृगाल का मांस मिला, पीछे आए हुओ को नहीं मिला । उसके बाद से चूहो या दल निर्भय हो गया ।
शास्ता ने यह धर्मदशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय का शृंगाल यह दोगो भिक्षु था। चूहो का राजा तो मै ही था ।.
१२६० अग्गिक जातक
"नाय सिखापुञ्जहेतु " यह (गाथा ) भी शास्ता ने जतवा में रहते ) समय एक ढोगी भिक्षु के ही बारे में वही
ख. प्रतीत कथा
पुराने समय में वाराणसी में ब्रह्मदत्त के राज्य करने के समय बोधिसत्त्व चूहो के राजा हो जगल में रहते थे।
एक शृंगाल जगल में आग लगने पर जब भागने में असमर्थ रहा, तो एक से सिर टिकाकर खड़ा हो गया। उसके सारे शरीर के थाल जल गए। वृक्ष से लगे हुए सिर पर शिखा की तरह से कुछ बाल बच गए। उसने एक दिन एक पर्वतीय तालाब में पानी पीते हुए अपनी छाया के साथ शिखा को देखकर सोचा अब मुझे पूंजी मिल गई। फिर जगल में घूमते हुए चूहो के बिल
न खा पाएगा। अथवा हमारे साथ तुम्हारा रहना बन्द हुआ; अब हम तेरें साथ न बसेंगे । दोष पहले ही की तरह से है ।
शास्ता ने यह धर्मदेशना ला जातक का मेल बैठाया । उस समय भी शृगाल यही भिक्षु था। चहो का राजा तो मै ही था।
१३०. कोसिय जातक
"ययावाचाव भुञ्जस्सु..." यह (गाथा) शास्ता ने जेतवन में बिहार करते समय श्रावस्ती निवासी एक स्त्री के बारे में कही।
वह एक श्रद्धालु ब्राह्मण उपासक की ब्राह्मणी थी; बहुत दुश्चरित्र, पापिन । रात को दुराचार करती। दिन में कुछ न कर रोग का बहाना बना बडबडाती हुई लेट रहती ।
वह ब्राह्मण उससे पूछता- "भद्रे ! तुझे क्या कष्ट है ?" "मुझे वायु बीघती है।"
"तो तुझे क्या क्या चाहिए ?"
"चिक्ने, मोठे, भच्छे स्वादिष्ट यागु-भाततैल यादि ।"
जो जो वह इच्छा करती, ब्राह्मण ला लाकर देता । दास की तरह सव काम करता । लेकिन यह ब्राह्मण के घर माने के समय लेट रहती, बाहर जाने के समय जारों के साथ गुजारती । ब्राह्मण सोचता कि इसके शरीर में चुभनेवाली वायु पा भन्न ही होता दिसाई नहीं देता ।
एक दिन वह गन्य माला प्रादि ले जेतवन जा शास्ता यो कदना तथा पूजा
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सेठ बोला --उसने अनुचित किया। भोर प्रज्ञा दे उसे बाराणसी मंगवा दास बनाकर रक्सा । शास्ती ने यह धर्मदेशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय का कलण्डुप यह भिक्षु था । वाराणसी सेठ तो मैं हो था। एक सौ अट्ठाईस. विव्यरवत जातक "यो वे घम्म धज करना .. यह शास्ता ने जेतवन में रहते समय एक ढोगी भिक्षु के बारे म कही । उस समय शास्ता ने उसके ढोग की चर्चा चलने पर 'भिक्षुम्रो, केवल अव हो नहीं, पहल भी यह ढोगी ही रहा है' कह पूर्व जन्म की क्या बही -- पूर्व समय में वाराणसी में ब्रह्मदत्त के राज्य करन के समय बोधिसत्त्व ने चूहे वा जन्म ग्रहण किया। बडे होने पर यह बढकर सूअर के बच्चे की तरह ही अनेक सौ चूहो के साथ जगल म रहने लगा । इधर उधर घूमते हुए एक शृगाल ने उस चूहो उस चूहो के समूह को देखकर सोचा कि इन चूहो को ठगकर साऊँगा । यह सोच वह चूहो के बिल मे थोडी हो दूर पर सूर्य्याभिमुख हो, मुँह खान हवा पीते हुए की तरह एक ही पाँव से सडा हुआ । इधर उधर भोजन के लिए हुए बोधिसत्व ने उसे देस सोचा यह सदन कोजावर पूछाबिळारवत ] "आपका, भन्ते । क्या नाम है ?" "मेरा नाम है धार्मिक ।" "चारो पैर पृथ्वी पर न रख, एक ही पैर से क्या खडे है ? " "मेरे चारो पैर पृथ्वी पर रखने से पृथ्वी के लिए दूभर होगा, इस लिए एक ही पैर से खड़ा होता हूँ।" "मुँह सोले क्यो खडे है ?" "हम हवा के अतिरिक्त और कुछ नही खाते ?" "सूर्य की ओर मुंह करके क्यो खडे है ?"² 'सूर्य को नमस्कार कर रहा हूँ।" बोधिसत्त्व ने सोचा, यह सदाचारी है। उसके बाद से चूहों के समूह के साथ प्रात साथ उसकी सेवा में जाने लगे । उसकी सेवा कर लौटने के समय शृगाल सबसे पिछले चूहे को पकडकर मास खा, निगल कर, मुंह पोछ खडा हो जाता । क्रम से चूहो वा दल कम पड़ गया। चूहे सोचने लगे वि पहले हम यह विल पर्याप्त नहीं होता था, सट सट कर सड़े होते थे, अब खुलकर सड़े होते है तब भी बिल नही भरता । क्या मामला है ? उन्होने बोधिसत्त्व से सारा हाल कहा । बोधिसत्त्व ने 'चूहे किस कारण कम हो गए' सोचते हुए शृगाल पर शक किया । फिर जाँच करने के लिए सेवा के समय वावी चूहो को आगे कर स्वय पीछे रहा । शृगाल उस पर उछला । अपने को पकड़ने के लिए शृगाल को उछलता देख वोधिसत्त्व ने रुककर कहाभो शृगाल । तेरा यह व्रत धार्मिक नहीं है । तू दूसरो की हिंसा करने । के लिए ही धर्म को आगे करके रहता है। इतना कह यह गाया कहीयो वे धम्म ध कत्या निगूळ्हो पापमाचरे, विस्सासयित्वा भूतानि विकार नाम त वत ॥ [ जो धर्म की ध्वजा बनाकर, प्राणियों में विश्वास उत्पादन कर छिप कर पाप करता है, उसका व्रत बिल्ला न्द्रत है । ] यो वे, क्षत्रिय ग्रादियों में कोई भी। धम्म धज कत्वा, दस कुशल धर्मों की ध्वजा बनावर, उन्ह करता हुआ उठावर दिखाता हुआ, विस्सासयित्वा, यह सदाचारी है, ऐसा विश्वास पैदा वरखे विकार नाम त वत, इस प्रकार धर्म की ध्वजा बनाकर छिपकर पाप करनेवाले का व्रत ढोग पहलाता है। चूहो के राजा ने इस प्रकार बहते ही कहते उछलकर उसकी गरदन पर चढ, ठोड़ी के नीचे की अन्दर की गले की नाली को इसपर गले की नली फांड मार डाला। चूहों के दल ने रुक वर भृगाल को सुर र करके सा डाला। पहले थाए हुओ को ही शृगाल का मांस मिला, पीछे आए हुओ को नहीं मिला । उसके बाद से चूहो या दल निर्भय हो गया । शास्ता ने यह धर्मदशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय का शृंगाल यह दोगो भिक्षु था। चूहो का राजा तो मै ही था ।. एक हज़ार दो सौ साठ अग्गिक जातक "नाय सिखापुञ्जहेतु " यह भी शास्ता ने जतवा में रहते ) समय एक ढोगी भिक्षु के ही बारे में वही ख. प्रतीत कथा पुराने समय में वाराणसी में ब्रह्मदत्त के राज्य करने के समय बोधिसत्त्व चूहो के राजा हो जगल में रहते थे। एक शृंगाल जगल में आग लगने पर जब भागने में असमर्थ रहा, तो एक से सिर टिकाकर खड़ा हो गया। उसके सारे शरीर के थाल जल गए। वृक्ष से लगे हुए सिर पर शिखा की तरह से कुछ बाल बच गए। उसने एक दिन एक पर्वतीय तालाब में पानी पीते हुए अपनी छाया के साथ शिखा को देखकर सोचा अब मुझे पूंजी मिल गई। फिर जगल में घूमते हुए चूहो के बिल न खा पाएगा। अथवा हमारे साथ तुम्हारा रहना बन्द हुआ; अब हम तेरें साथ न बसेंगे । दोष पहले ही की तरह से है । शास्ता ने यह धर्मदेशना ला जातक का मेल बैठाया । उस समय भी शृगाल यही भिक्षु था। चहो का राजा तो मै ही था। एक सौ तीस. कोसिय जातक "ययावाचाव भुञ्जस्सु..." यह शास्ता ने जेतवन में बिहार करते समय श्रावस्ती निवासी एक स्त्री के बारे में कही। वह एक श्रद्धालु ब्राह्मण उपासक की ब्राह्मणी थी; बहुत दुश्चरित्र, पापिन । रात को दुराचार करती। दिन में कुछ न कर रोग का बहाना बना बडबडाती हुई लेट रहती । वह ब्राह्मण उससे पूछता- "भद्रे ! तुझे क्या कष्ट है ?" "मुझे वायु बीघती है।" "तो तुझे क्या क्या चाहिए ?" "चिक्ने, मोठे, भच्छे स्वादिष्ट यागु-भाततैल यादि ।" जो जो वह इच्छा करती, ब्राह्मण ला लाकर देता । दास की तरह सव काम करता । लेकिन यह ब्राह्मण के घर माने के समय लेट रहती, बाहर जाने के समय जारों के साथ गुजारती । ब्राह्मण सोचता कि इसके शरीर में चुभनेवाली वायु पा भन्न ही होता दिसाई नहीं देता । एक दिन वह गन्य माला प्रादि ले जेतवन जा शास्ता यो कदना तथा पूजा
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अम्बिया (अलैहि.) का बयान
يـــــم الله الرحمن الرحيم
चौदहवां पारा
5 सहीह बुख़ारी 13
٥٣- باب حديث القار
बाब 3 : ग़ार वालों का क़िस्सा
पारा नम्बर 13 के ख़ात्मे पर अस्ट्राबे कहफ़ का वाक़िया बयान किया गया। इसलिये मुनासिब हुआ कि पारा नम्बर 14 को ग़ार वालों के ज़िक्र से शुरू किया जाए। कुछ उलमा ने आयते शरीफ़ा, अम हसिब्त अन्न अस्हाबल्कहफ़ि वर्रकीमि कानू (अल कहफ़ः 9) में रक़ीम वालों से ये लोग जिनका बयान इस हदीष में है ये मुराद लिये, वाक़िया बहुत ही अजीब है मगर इन्नल्लाहा अला कुल्लि शैइन क़दीर के तहत कुदरते इलाही से कुछ दूर भी नहीं है। मज़ीद तफ़सील आगे आ रही है। हाफ़िज़ साहब फ़र्माते हैं, अकिबल्मुसन्निफ़ किस्सत असहाबल्कहफ़ि बिहदीषिल्गारि इशारतन इला मा वरद अन्नहू क़द क़ील अन्नर्र कीमल्मकूर फी कौलिही तआला अम हसब्ति अन्न अस्हाबल्कहफि वर्र कीमि हुवल्गारुल्ल जी असाब फीहिष्षलाषतु मा असाबहुम व जालिक फीम अख़जहुल्बज़्ज़ार वत्तब्रानी बिइस्नादिन हसनिन अनिन्नु अमानि ब्नि बशीर अन्नहू मअन्नबिय्यि () यज़्कूरुर्रक़ीम काल इन्तलक़ ष़लाषतुन फकानु फी कहफिन फवफ़अल्जबलु अला बाबिल्कहफि फऔसद अलैहिम फज़करल्हदीष (फ़त्हुल्बारी) या नी हज़रत इमाम बुख़ारी (रह) ने असहाबे कहफ़ के बयान के बाद हदीषे ग़ार का ज़िक्र किया जिसमें आपने इशारा फ़र्माया कि आयते करीमा, अम् हसिब्त अन्ना अस्हाबल कहफ़ि वर्रक़ीम में रक़ीम वालों से वो ग़ार वाले मुराद हैं जो तीन थे और अचानक वो पहाड़ की चट्टान गिरने से उस मुसीबत में फंस गये थे जैसा कि बज़्ज़ार व तबरानी ने सनदे इसन के साथ नो अमान बिन बशीर (रजि.) से रिवायत की है कि उन्होंने सुना रसूलुल्लाह () से आप रक़ीम वालों का ज़िक्र फ़र्मा रहे थे कि तीन साथी चले जा रहे थे। उन्होंने जब एक ग़ार में पनाह ली तो उन पर पहाड़ की एक चट्टान गिरी और उनको वहाँ बन्द होना पड़ा। फिर अल्लाह ने उनकी दुआओं को कुबूल किया और वहाँ से उनको नजात बख़्शी । 3465. हमसे इस्माईल बिन ख़लील ने बयान किया, कहा Jio Jaws - Paro हमको अली बिन मिस्हर ने ख़बर दी, उन्हें उबैदुल्लाह बिन उमर ने, उन्हें नाफ़ेअ ने और उन्हें इब्ने उमर (रजि.) ने कि रसूलुल्लाह () ने फ़र्माया, पिछले ज़माने में (बनी इस्राईल में से) तीन आदमी कहीं रास्ते में जा रहे थे कि अचानक बारिश ने उन्हें आ लिया। वो तीनों पहाड़ के एक कोह (ग़ार) में घुस गये ( जब वो अंदर चले गये) तो ग़ार का मुँह बन्द हो गया। अब तीनों आपस में यूँ कहने लगे कि अल्लाह की क़सम ! हमें इस मुसीबत से अब तो सिर्फ़ सच्चाई ही नजात दिलाएगी। बेहतर ये है कि अब हर
शख़्स़ अपने किसी ऐसे अमल को बयान करके दुआ करे शुल्कएको1 d
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अम्बिया का बयान يـــــم الله الرحمن الرحيم चौदहवां पारा पाँच सहीह बुख़ारी तेरह तिरेपन- باب حديث القار बाब तीन : ग़ार वालों का क़िस्सा पारा नम्बर तेरह के ख़ात्मे पर अस्ट्राबे कहफ़ का वाक़िया बयान किया गया। इसलिये मुनासिब हुआ कि पारा नम्बर चौदह को ग़ार वालों के ज़िक्र से शुरू किया जाए। कुछ उलमा ने आयते शरीफ़ा, अम हसिब्त अन्न अस्हाबल्कहफ़ि वर्रकीमि कानू में रक़ीम वालों से ये लोग जिनका बयान इस हदीष में है ये मुराद लिये, वाक़िया बहुत ही अजीब है मगर इन्नल्लाहा अला कुल्लि शैइन क़दीर के तहत कुदरते इलाही से कुछ दूर भी नहीं है। मज़ीद तफ़सील आगे आ रही है। हाफ़िज़ साहब फ़र्माते हैं, अकिबल्मुसन्निफ़ किस्सत असहाबल्कहफ़ि बिहदीषिल्गारि इशारतन इला मा वरद अन्नहू क़द क़ील अन्नर्र कीमल्मकूर फी कौलिही तआला अम हसब्ति अन्न अस्हाबल्कहफि वर्र कीमि हुवल्गारुल्ल जी असाब फीहिष्षलाषतु मा असाबहुम व जालिक फीम अख़जहुल्बज़्ज़ार वत्तब्रानी बिइस्नादिन हसनिन अनिन्नु अमानि ब्नि बशीर अन्नहू मअन्नबिय्यि यज़्कूरुर्रक़ीम काल इन्तलक़ ष़लाषतुन फकानु फी कहफिन फवफ़अल्जबलु अला बाबिल्कहफि फऔसद अलैहिम फज़करल्हदीष या नी हज़रत इमाम बुख़ारी ने असहाबे कहफ़ के बयान के बाद हदीषे ग़ार का ज़िक्र किया जिसमें आपने इशारा फ़र्माया कि आयते करीमा, अम् हसिब्त अन्ना अस्हाबल कहफ़ि वर्रक़ीम में रक़ीम वालों से वो ग़ार वाले मुराद हैं जो तीन थे और अचानक वो पहाड़ की चट्टान गिरने से उस मुसीबत में फंस गये थे जैसा कि बज़्ज़ार व तबरानी ने सनदे इसन के साथ नो अमान बिन बशीर से रिवायत की है कि उन्होंने सुना रसूलुल्लाह से आप रक़ीम वालों का ज़िक्र फ़र्मा रहे थे कि तीन साथी चले जा रहे थे। उन्होंने जब एक ग़ार में पनाह ली तो उन पर पहाड़ की एक चट्टान गिरी और उनको वहाँ बन्द होना पड़ा। फिर अल्लाह ने उनकी दुआओं को कुबूल किया और वहाँ से उनको नजात बख़्शी । तीन हज़ार चार सौ पैंसठ. हमसे इस्माईल बिन ख़लील ने बयान किया, कहा Jio Jaws - Paro हमको अली बिन मिस्हर ने ख़बर दी, उन्हें उबैदुल्लाह बिन उमर ने, उन्हें नाफ़ेअ ने और उन्हें इब्ने उमर ने कि रसूलुल्लाह ने फ़र्माया, पिछले ज़माने में तीन आदमी कहीं रास्ते में जा रहे थे कि अचानक बारिश ने उन्हें आ लिया। वो तीनों पहाड़ के एक कोह में घुस गये तो ग़ार का मुँह बन्द हो गया। अब तीनों आपस में यूँ कहने लगे कि अल्लाह की क़सम ! हमें इस मुसीबत से अब तो सिर्फ़ सच्चाई ही नजात दिलाएगी। बेहतर ये है कि अब हर शख़्स़ अपने किसी ऐसे अमल को बयान करके दुआ करे शुल्कएकोएक d
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चारा घोटाले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इस घोटाले में उन्हें झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी, अब उन्हें मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है. याचिका सीबीआई ने दायर की है, जिस पर अब 25 अगस्त को सुनवाई होनी है।
सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और जल्द सुनवाई की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट भी इस पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है और 25 अगस्त को इस पर सुनवाई होगी. अगर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के पक्ष में फैसला सुनाया तो आने वाले दिनों में लालू को फिर से जेल जाना पड़ सकता है. पिछले साल अप्रैल में राजद सुप्रीमो को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी. 30 अप्रैल 2022 को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार मामले में वह करीब तीन साल तक जेल में थे.
क्या बात है आ?
चारा घोटाला 1990 से 1995 तक का है। आरोप है कि जब लालू यादव सत्ता में थे तो डोरंडा और अन्य खजाने से करोड़ों रुपये निकाले गए। इन रुपयों को निकालकर पशुओं के चारे और अन्य खर्चों का फर्जी ब्योरा दिखाया गया। लालू यादव पर चारा घोटाले से जुड़े कई मामले चल रहे हैं. इनमें से पांच मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है. जिसके चलते लालू यादव को जेल जाना पड़ा. हालाँकि, उन्हें पिछले साल अप्रैल में स्वास्थ्य आधार पर जमानत दे दी गई थी। जमानत पर रिहा होने के बाद दिसंबर में लालू ने सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट भी कराया था.
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चारा घोटाले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इस घोटाले में उन्हें झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी, अब उन्हें मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है. याचिका सीबीआई ने दायर की है, जिस पर अब पच्चीस अगस्त को सुनवाई होनी है। सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और जल्द सुनवाई की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट भी इस पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है और पच्चीस अगस्त को इस पर सुनवाई होगी. अगर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के पक्ष में फैसला सुनाया तो आने वाले दिनों में लालू को फिर से जेल जाना पड़ सकता है. पिछले साल अप्रैल में राजद सुप्रीमो को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी. तीस अप्रैल दो हज़ार बाईस को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार मामले में वह करीब तीन साल तक जेल में थे. क्या बात है आ? चारा घोटाला एक हज़ार नौ सौ नब्बे से एक हज़ार नौ सौ पचानवे तक का है। आरोप है कि जब लालू यादव सत्ता में थे तो डोरंडा और अन्य खजाने से करोड़ों रुपये निकाले गए। इन रुपयों को निकालकर पशुओं के चारे और अन्य खर्चों का फर्जी ब्योरा दिखाया गया। लालू यादव पर चारा घोटाले से जुड़े कई मामले चल रहे हैं. इनमें से पांच मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है. जिसके चलते लालू यादव को जेल जाना पड़ा. हालाँकि, उन्हें पिछले साल अप्रैल में स्वास्थ्य आधार पर जमानत दे दी गई थी। जमानत पर रिहा होने के बाद दिसंबर में लालू ने सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट भी कराया था.
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सोहनपुर। फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए परिषदीय स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर गिरोह चलाने वाले फर्जी शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई की है। जेल में बंद आरोपी के खिलाफ सिद्धार्थनगर की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसका निजी स्कूल, मकान, वाहन को कुर्क किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की करीब तीन करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
फर्जी शिक्षक नियुक्ति के मामले में जेल में बंद आरोपी राकेश सिंह निवासी कुईचवर थाना भाटपाररानी के खिलाफ सिद्धार्थनगर थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। आरोप है कि खुद फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी पा लिया और गिरोह बना कर लोगों से मोटी लेकर फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी भी दिलाने का काम किया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति की जांच हुई थी, जिसमें सिद्धार्थनगर के मोहाना थानाध्यक्ष ने जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को आख्या रिपोर्ट में बताया था कि प्राथमिक विद्यालय में बतौर शिक्षक कार्यरत राकेश के पास आय का कोई अतिरिक्त स्रोत नहीं है।
उसने गैंग के मुखिया के रूप में गिरोह बंद और समाज विरोधी क्रियाकलापों में संलिप्त रहते हुए स्वयं एवं माता के नाम से संपत्ति अर्जित की है, जो उसकी आय से अधिक है। डीएम ने गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत उसकी संपत्ति कुर्क करने आदेश दिया। शनिवार को पुलिस ने गोरखपुर की बिछिया कॉलोनी का मकान, फार्चुनर वाहन, गांव के पास स्थित जगदीश सिंह इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल को मुनादी कराते हुए कुर्क कर दिया। संपत्ति का रिसीवर तहसीलदार भाटपाररानी को बनाया गया है।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार भाटपाररानी चंद्रशेखर, मोहाना थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह, थानाध्यक्ष बनकटा दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे। एसओ मोहाना ने बताया कि तीन करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
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सोहनपुर। फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए परिषदीय स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर गिरोह चलाने वाले फर्जी शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई की है। जेल में बंद आरोपी के खिलाफ सिद्धार्थनगर की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसका निजी स्कूल, मकान, वाहन को कुर्क किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की करीब तीन करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। फर्जी शिक्षक नियुक्ति के मामले में जेल में बंद आरोपी राकेश सिंह निवासी कुईचवर थाना भाटपाररानी के खिलाफ सिद्धार्थनगर थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। आरोप है कि खुद फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी पा लिया और गिरोह बना कर लोगों से मोटी लेकर फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी भी दिलाने का काम किया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति की जांच हुई थी, जिसमें सिद्धार्थनगर के मोहाना थानाध्यक्ष ने जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को आख्या रिपोर्ट में बताया था कि प्राथमिक विद्यालय में बतौर शिक्षक कार्यरत राकेश के पास आय का कोई अतिरिक्त स्रोत नहीं है। उसने गैंग के मुखिया के रूप में गिरोह बंद और समाज विरोधी क्रियाकलापों में संलिप्त रहते हुए स्वयं एवं माता के नाम से संपत्ति अर्जित की है, जो उसकी आय से अधिक है। डीएम ने गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत उसकी संपत्ति कुर्क करने आदेश दिया। शनिवार को पुलिस ने गोरखपुर की बिछिया कॉलोनी का मकान, फार्चुनर वाहन, गांव के पास स्थित जगदीश सिंह इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल को मुनादी कराते हुए कुर्क कर दिया। संपत्ति का रिसीवर तहसीलदार भाटपाररानी को बनाया गया है। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार भाटपाररानी चंद्रशेखर, मोहाना थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह, थानाध्यक्ष बनकटा दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे। एसओ मोहाना ने बताया कि तीन करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
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दिया है। कृष्ण और राधिकाके लौकिक प्रेमको लौकिक धनाकर इन्होंने इसे अनुकरणीय कर दिया है। इसी प्रकार 'साकेत' की उर्मिला और 'यशोधरा' की यशोधरा लाधुनिक काव्य-साहित्यकी अनोखी मॉलिक विभूतियां हैं। इस समय तक शृंगारका नादर्श भारतीय ही है । पाश्चत्यकी छाया नहीं देख पड़ती। परन्तु वाने चलकर यह रूप शीघ्र ही बदलता देख पडता है।
जब प्रेम एक विचित्र रूप धारण करता देख पड़ता है। उसमें उसका पहचानना भी कठिन हो जायगा । ऐसा जान पडने लगता है कि जैसे संसारले प्रेमका वस्तित्व ही उठ रहा हो । इसका क्या कारण है कि वाज. कलके नवयुवक फवियों को नव पदम्पके नीचे कटीले कजरारे नयनों का देखना कम भाता है : आज-फलके प्रेमका न तो वह आदर्श ही रह गया है जिसपर सूर और तुलसी मुग्ध हुए थे और न वह विलास विक्रम जो पार्थिव ऐश्वर्यका नलंकार था । वास्तव में प्रेमका सच्चा वर्णन लिये कविको पदले स्वयं प्रेमी घनता अत्य
न्त आवश्यक है। परन्तु प्रेमा अनुभव करना सरल नहीं । लाजफलके नये कवियोंने प्रेमका राग अनोखे हो
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दिया है। कृष्ण और राधिकाके लौकिक प्रेमको लौकिक धनाकर इन्होंने इसे अनुकरणीय कर दिया है। इसी प्रकार 'साकेत' की उर्मिला और 'यशोधरा' की यशोधरा लाधुनिक काव्य-साहित्यकी अनोखी मॉलिक विभूतियां हैं। इस समय तक शृंगारका नादर्श भारतीय ही है । पाश्चत्यकी छाया नहीं देख पड़ती। परन्तु वाने चलकर यह रूप शीघ्र ही बदलता देख पडता है। जब प्रेम एक विचित्र रूप धारण करता देख पड़ता है। उसमें उसका पहचानना भी कठिन हो जायगा । ऐसा जान पडने लगता है कि जैसे संसारले प्रेमका वस्तित्व ही उठ रहा हो । इसका क्या कारण है कि वाज. कलके नवयुवक फवियों को नव पदम्पके नीचे कटीले कजरारे नयनों का देखना कम भाता है : आज-फलके प्रेमका न तो वह आदर्श ही रह गया है जिसपर सूर और तुलसी मुग्ध हुए थे और न वह विलास विक्रम जो पार्थिव ऐश्वर्यका नलंकार था । वास्तव में प्रेमका सच्चा वर्णन लिये कविको पदले स्वयं प्रेमी घनता अत्य न्त आवश्यक है। परन्तु प्रेमा अनुभव करना सरल नहीं । लाजफलके नये कवियोंने प्रेमका राग अनोखे हो
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मुल्थान - मुल्थान तहसील के दियोट, बनवाड़, मुल्थान व भुजलिंग गांव में सोमवार रात से जारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। पांच ग्रामीणों के घरों पर मलबा गिरने से 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं, छोटा भंगाल की दोनों मुख्य सड़कें बरोट-कोठीकोहढ़ व बरोट-लोहारड़ी मार्ग पर जगह-जगह ल्हासे गिरने से गाडि़यों की आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीणों को मंजिल तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। दियोट गांव के शमशेर सिंह, बनवाड़ के सोहन सिंह, मुल्थान के खिनु राम व भुजलिंग के भजु राम तथा रामसरन के मकानों पर भू-स्खलन से मलबा गिरा है। तहसीलदार मुल्थान रघुवीर सिंह ने कहा कि पटवारी ने 11 लाख के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय मुल्थान में दे दी है। पीडि़तों को जल्द ही राहत राशि जारी की जाएगी।
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
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मुल्थान - मुल्थान तहसील के दियोट, बनवाड़, मुल्थान व भुजलिंग गांव में सोमवार रात से जारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। पांच ग्रामीणों के घरों पर मलबा गिरने से पच्चीस लाख रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं, छोटा भंगाल की दोनों मुख्य सड़कें बरोट-कोठीकोहढ़ व बरोट-लोहारड़ी मार्ग पर जगह-जगह ल्हासे गिरने से गाडि़यों की आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीणों को मंजिल तक पहुंचने के लिए बीस किलोग्राममीटर का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। दियोट गांव के शमशेर सिंह, बनवाड़ के सोहन सिंह, मुल्थान के खिनु राम व भुजलिंग के भजु राम तथा रामसरन के मकानों पर भू-स्खलन से मलबा गिरा है। तहसीलदार मुल्थान रघुवीर सिंह ने कहा कि पटवारी ने ग्यारह लाख के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय मुल्थान में दे दी है। पीडि़तों को जल्द ही राहत राशि जारी की जाएगी। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
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छात्रों की बेहतर नुमाइंदगी पेश करना है। लेकिन पिछले लम्बे समय से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में निर्वाचित छात्रसंघ अपने उद्देश्यों से भटक कर आपस में ही लड़ता भिड़ता नजर आ रहा है। मंडे को सभी एक मंच पर आए और गणतंत्र दिवस पर शानदार आयोजन कराने का निर्णय लिया।
मंडे को जब छात्रसंघ के पदाधिकारी एक मंच पर आए और सारे गिले शिकवे भुलाकर गणतंत्र दिवस को साथ में सेलिब्रेट करने का फैसला लिया तो माहौल बदल गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, सांस्कृतिक मंत्री समेत फैकेल्टी रिप्रजेंटेटिव्स के साथ बैठक हुई। महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू बैठक में शामिल नहीं हुए। तय किया गया कि छात्रसंघ भवन पर सुबह 11:30 बजे से गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वाइस चांसलर प्रो। आरएल हांगलू, एक्स। वीसी प्रो। एनआर फारूकी एवं दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो। जटाशंकर शामिल होंगे।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी मेधावी छात्र/छात्राओं, दक्ष अध्यापकों, कर्मचारियों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों को सम्मानित करेगा। इसके लिए पुरस्कार वितरण कार्यक्रम समारोह का आयोजन सीनेट हॉल में 26 जनवरी को अपरान्ह 11:30 बजे से किया जाएगा। इस अवसर पर 58 छात्र/छात्राओं, 09 अध्यापक, 04 कर्मचारी एवं 03 गणमान्य नागरिकों को कुलपति प्रो। आरएल हांगलू द्वारा सम्मानित किया जायेगा।
शिक्षकों में यह सम्मान संस्कृत के प्रो। एचडी शर्मा एवं प्रो। केजे नसरीन, एजुकेशन के प्रो। केएस मिश्रा, बॉटनी के प्रो। अनुपम दीक्षित, बिहेविरल एंड काग्नेटिव साइंस के प्रो। एन श्रीनिवासन, अर्थ एंड प्लैनेटिरी साइंस के प्रो। जेके पति, केमेस्ट्री की डॉ। वंदना सिंह, बायोकेमेस्ट्री के प्रो। एसआई रिजवी एवं मेडुअल हिस्ट्री के डॉ। आलोक प्रसाद को दिया जाएगा। जिन तीन गणमान्य लोगों को सम्मानित किया जाएगा। उनमे डॉ। सुचेता गोविन्दी, जस्टिस पीकेएस बघेल एवं डॉ। जितेन्द्र कुमार जैन शामिल हैं।
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छात्रों की बेहतर नुमाइंदगी पेश करना है। लेकिन पिछले लम्बे समय से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में निर्वाचित छात्रसंघ अपने उद्देश्यों से भटक कर आपस में ही लड़ता भिड़ता नजर आ रहा है। मंडे को सभी एक मंच पर आए और गणतंत्र दिवस पर शानदार आयोजन कराने का निर्णय लिया। मंडे को जब छात्रसंघ के पदाधिकारी एक मंच पर आए और सारे गिले शिकवे भुलाकर गणतंत्र दिवस को साथ में सेलिब्रेट करने का फैसला लिया तो माहौल बदल गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, सांस्कृतिक मंत्री समेत फैकेल्टी रिप्रजेंटेटिव्स के साथ बैठक हुई। महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू बैठक में शामिल नहीं हुए। तय किया गया कि छात्रसंघ भवन पर सुबह ग्यारह:तीस बजे से गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वाइस चांसलर प्रो। आरएल हांगलू, एक्स। वीसी प्रो। एनआर फारूकी एवं दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो। जटाशंकर शामिल होंगे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी मेधावी छात्र/छात्राओं, दक्ष अध्यापकों, कर्मचारियों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों को सम्मानित करेगा। इसके लिए पुरस्कार वितरण कार्यक्रम समारोह का आयोजन सीनेट हॉल में छब्बीस जनवरी को अपरान्ह ग्यारह:तीस बजे से किया जाएगा। इस अवसर पर अट्ठावन छात्र/छात्राओं, नौ अध्यापक, चार कर्मचारी एवं तीन गणमान्य नागरिकों को कुलपति प्रो। आरएल हांगलू द्वारा सम्मानित किया जायेगा। शिक्षकों में यह सम्मान संस्कृत के प्रो। एचडी शर्मा एवं प्रो। केजे नसरीन, एजुकेशन के प्रो। केएस मिश्रा, बॉटनी के प्रो। अनुपम दीक्षित, बिहेविरल एंड काग्नेटिव साइंस के प्रो। एन श्रीनिवासन, अर्थ एंड प्लैनेटिरी साइंस के प्रो। जेके पति, केमेस्ट्री की डॉ। वंदना सिंह, बायोकेमेस्ट्री के प्रो। एसआई रिजवी एवं मेडुअल हिस्ट्री के डॉ। आलोक प्रसाद को दिया जाएगा। जिन तीन गणमान्य लोगों को सम्मानित किया जाएगा। उनमे डॉ। सुचेता गोविन्दी, जस्टिस पीकेएस बघेल एवं डॉ। जितेन्द्र कुमार जैन शामिल हैं।
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PATNA: शरद यादव के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव ने अपनी पार्टी का विलय राजद में कर दिया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की मौजूदगी में समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक का विलय आरजेडी में किया गया है। पटना में आयोजित मिलन समारोह के मौके पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष और प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी समेत कई वरीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राजद को एटूजेड की पार्टी बनाना चाहते हैं और उनके हाथों को अब हम और मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राजद सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत को किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने देंगे।
झंझारपुर से सांसद रह चुके देवेंद्र यादव ने पटना में आयोजित मिलन समारोह में आज अपने समर्थकों के साथ लालटेन थाम लिया है। बता दें कि इससे पहले वो लालू प्रसाद के साथ थे लेकिन बाद में जेडीयू की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
देवेंद्र यादव बिहार में कर्पुरी ठाकुर की सरकार में मंत्री रहे तो लालू यादव और शरद यादव केंद्र में थे। देवेंद्र प्रसाद यादव वीपी सिंह और एचडी देवगौड़ा की सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पांच बार झंझारपुर सीट से सांसद रहे।
इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित मिलन समारोह में शरह यादव की पार्टी एलजेडी (LJD) का विलय राष्ट्रीय जनता दल में किया गया था और आज आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की मौजूदगी में देवेंद्र यादव की पार्टी समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक का विलय आरजेडी में हुआ।
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PATNA: शरद यादव के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव ने अपनी पार्टी का विलय राजद में कर दिया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की मौजूदगी में समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक का विलय आरजेडी में किया गया है। पटना में आयोजित मिलन समारोह के मौके पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष और प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी समेत कई वरीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राजद को एटूजेड की पार्टी बनाना चाहते हैं और उनके हाथों को अब हम और मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राजद सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत को किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने देंगे। झंझारपुर से सांसद रह चुके देवेंद्र यादव ने पटना में आयोजित मिलन समारोह में आज अपने समर्थकों के साथ लालटेन थाम लिया है। बता दें कि इससे पहले वो लालू प्रसाद के साथ थे लेकिन बाद में जेडीयू की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। देवेंद्र यादव बिहार में कर्पुरी ठाकुर की सरकार में मंत्री रहे तो लालू यादव और शरद यादव केंद्र में थे। देवेंद्र प्रसाद यादव वीपी सिंह और एचडी देवगौड़ा की सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पांच बार झंझारपुर सीट से सांसद रहे। इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित मिलन समारोह में शरह यादव की पार्टी एलजेडी का विलय राष्ट्रीय जनता दल में किया गया था और आज आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की मौजूदगी में देवेंद्र यादव की पार्टी समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक का विलय आरजेडी में हुआ।
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सरकारी नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं के लिए हम फिर से 5 लेटेस्ट सरकारी नौकरियों की जानकारी के साथ हाजिर हैं। 10वीं पास युवाओं के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जेल वार्डर सहित 1499 वैकेंसी निकली हैं। साथ ही OIL इंडिया में भी 187 भर्तियों में कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं। इन भर्तियों में कितनी सैलरी मिलेगी, फॉर्म भरने की लास्ट डेट और क्वालिफिकेशन से जुड़ी सभी जानकारी नीचे दिए गए ग्राफिक्स में देख सकते हैं।
12वीं पास कैंडिडेट्स के लिए भी आज के जॉब अपडेट्स में 2 नौकरियां हैं। HPPSC यानी हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग में बस कंडक्टर की 360 और IGNOU में जूनियर असिस्टेंट टाइपिस्ट की 200 वैकेंसी निकली हैं।
ग्रेजुएट छात्रों के लिए SSC ने 7500 पदों पर आवेदन मांगे हैं। सिलेक्शन होने पर मंथली सैलरी 51 हजार रुपए तक मिलेगी।
ऊपर ग्राफिक में शामिल कोई भी भर्ती आपकी क्वालिफिकेशन से मैच करती है तो तुरंत अप्लाई करें। अगर आपका कोई भाई, दोस्त या रिलेटिव इन भर्तियों के लिए एलिजिबल है तो उन तक यह जरूर पहुंचाएं।
साथ ही इन नौकरियों से जुड़े एग्जाम क्वालिफाई करने के लिए हमने नीचे 10 ऐसे करेंट अफेयर्स दिए हैं जो एग्जाम में पूछे जा सकते हैं।
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सरकारी नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं के लिए हम फिर से पाँच लेटेस्ट सरकारी नौकरियों की जानकारी के साथ हाजिर हैं। दसवीं पास युवाओं के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जेल वार्डर सहित एक हज़ार चार सौ निन्यानवे वैकेंसी निकली हैं। साथ ही OIL इंडिया में भी एक सौ सत्तासी भर्तियों में कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं। इन भर्तियों में कितनी सैलरी मिलेगी, फॉर्म भरने की लास्ट डेट और क्वालिफिकेशन से जुड़ी सभी जानकारी नीचे दिए गए ग्राफिक्स में देख सकते हैं। बारहवीं पास कैंडिडेट्स के लिए भी आज के जॉब अपडेट्स में दो नौकरियां हैं। HPPSC यानी हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग में बस कंडक्टर की तीन सौ साठ और IGNOU में जूनियर असिस्टेंट टाइपिस्ट की दो सौ वैकेंसी निकली हैं। ग्रेजुएट छात्रों के लिए SSC ने सात हज़ार पाँच सौ पदों पर आवेदन मांगे हैं। सिलेक्शन होने पर मंथली सैलरी इक्यावन हजार रुपए तक मिलेगी। ऊपर ग्राफिक में शामिल कोई भी भर्ती आपकी क्वालिफिकेशन से मैच करती है तो तुरंत अप्लाई करें। अगर आपका कोई भाई, दोस्त या रिलेटिव इन भर्तियों के लिए एलिजिबल है तो उन तक यह जरूर पहुंचाएं। साथ ही इन नौकरियों से जुड़े एग्जाम क्वालिफाई करने के लिए हमने नीचे दस ऐसे करेंट अफेयर्स दिए हैं जो एग्जाम में पूछे जा सकते हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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बॉलीवुड अभिनेत्री जान्ह्वी कपूर और अभिनेता राजकुमार राव की फिल्म रूही ने बीते गुरुवार यानी 11 मार्च को बॉक्स ऑफिस पर दस्तक दे दी है। कोरोना महामारी में लागू हुए लॉकडाउन के बाद ये बड़े बजट की पहली फिल्म को थिएटर पर रिलीज किया गया है और इसके बाद से हर किसी की नजरे फिल्म रूही की पहले दिन की कमाई पर टिकी हुई हैं। लेकिन इस बात में कोई दोराए नहीं फिल्म रूही पहले दिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में उम्मीदों पर खरी उतरी है।
हॉरर कॉमेडी 'रूही' ने पहले दिन 3. 06 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। फिल्म को गुरुवार को महाशिवरात्रि के त्यौहार पर रिलीज किया गया था। फिल्म में राजकुमार राव, वरुण शर्मा और जान्हवी कपूर ने अभिनय किया है।
ओपनिंग डे पर रूही के मिले खास रिस्पॉन्स से इंडस्ट्री में भी खुशी की लहर है। इस फिल्म को 1000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है,जिसमें फिल्म की पहले दिन की कमाई में मल्टीप्लेक्स ऑडियंस का बड़ा योगदान रहा है। इस फिल्म ने पहले दिन 1. 89 करोड़ रुपए की कमाई की है।
हालांकि,सिंगल स्क्रीन थिएटर्स और छोटे शहरों में फिल्म को अभी मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल कोरोना वायरस के बढ़त केस देखने के बाद राज्य सरकार ने मुंबई में कई जगहों पर लॉकडाउन लगा दिया है जिसका सीधा असर रूही की कमाई पर पड़ने वाला है।
वैसे फिल्म रूही को महाशिवरात्रि की छुट्टी का भी बड़ा फायदा हुआ है। दरअसल इस वजह से ओपनिंग डे पर फिल्म की एडवांस बुकिंग भी अच्छी थी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे शनिवार और रविवार तक फिल्म की ज्यादा और कमाई करने वाली है।
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बॉलीवुड अभिनेत्री जान्ह्वी कपूर और अभिनेता राजकुमार राव की फिल्म रूही ने बीते गुरुवार यानी ग्यारह मार्च को बॉक्स ऑफिस पर दस्तक दे दी है। कोरोना महामारी में लागू हुए लॉकडाउन के बाद ये बड़े बजट की पहली फिल्म को थिएटर पर रिलीज किया गया है और इसके बाद से हर किसी की नजरे फिल्म रूही की पहले दिन की कमाई पर टिकी हुई हैं। लेकिन इस बात में कोई दोराए नहीं फिल्म रूही पहले दिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में उम्मीदों पर खरी उतरी है। हॉरर कॉमेडी 'रूही' ने पहले दिन तीन. छः करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। फिल्म को गुरुवार को महाशिवरात्रि के त्यौहार पर रिलीज किया गया था। फिल्म में राजकुमार राव, वरुण शर्मा और जान्हवी कपूर ने अभिनय किया है। ओपनिंग डे पर रूही के मिले खास रिस्पॉन्स से इंडस्ट्री में भी खुशी की लहर है। इस फिल्म को एक हज़ार से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है,जिसमें फिल्म की पहले दिन की कमाई में मल्टीप्लेक्स ऑडियंस का बड़ा योगदान रहा है। इस फिल्म ने पहले दिन एक. नवासी करोड़ रुपए की कमाई की है। हालांकि,सिंगल स्क्रीन थिएटर्स और छोटे शहरों में फिल्म को अभी मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल कोरोना वायरस के बढ़त केस देखने के बाद राज्य सरकार ने मुंबई में कई जगहों पर लॉकडाउन लगा दिया है जिसका सीधा असर रूही की कमाई पर पड़ने वाला है। वैसे फिल्म रूही को महाशिवरात्रि की छुट्टी का भी बड़ा फायदा हुआ है। दरअसल इस वजह से ओपनिंग डे पर फिल्म की एडवांस बुकिंग भी अच्छी थी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे शनिवार और रविवार तक फिल्म की ज्यादा और कमाई करने वाली है।
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Thursday September 07, 2023,
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअपने अपने मौजूदा शेयरधारकों - और सिंगापुर के - से राइट्स इश्यू के जरिए 900 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
कंपनी की योजना इस फंडिंग का इस्तेमाल नए प्रोडक्ट लॉन्च करने और अपने चार्जिंग और रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने के लिए करने की है.
हीरो मोटोकॉर्प, जिसके पास वर्तमान में कंपनी में 33.1% हिस्सेदारी है, ने सोमवार को घोषणा की कि वह सीरीज E2 अनिवार्य परिवर्तनीय वरीयता शेयरों (CCPS) के माध्यम से बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता में 550 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.
Ather Energy के को-फाउंडर और सीईओ तरुण मेहता ने एक प्रेस बयान में कहा, "राइट्स इश्यू के लिए मजबूत समर्थन था और हम शेयरधारकों के विश्वास को देखकर बहुत खुश हैं. पिछले कुछ वर्षों ने दिखाया है कि भारत में ईवी परिवर्तन कितनी जल्दी हो सकता है और दोपहिया वाहनों द्वारा इसका नेतृत्व कैसे किया जाएगा."
Ather Energy ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में महत्वपूर्ण व्यावसायिक वृद्धि का अनुभव किया है. विशेष रूप से, इसका रेवेन्यू वित्त वर्ष 2023 में 4.4 गुना बढ़कर 1,783 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 408 करोड़ रुपये था. इसके रिटेल नेटवर्क का विस्तार भी उल्लेखनीय रहा है, दुकानों की संख्या चार गुना बढ़कर कुल 130 हो गई है.
जबकि इस जून में FAME II रियायतें कम होने के बाद उद्योग में थोड़ी मंदी थी, Ather Energy मजबूत बिक्री दिखाने में कामयाब रहाः वित्त वर्ष 23 में, कंपनी ने 93,212 यूनिट्स बेचीं - जो पिछले वित्तीय वर्ष से 4 गुना अधिक है. चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में कंपनी 41,500 से ज्यादा यूनिट्स बेच चुकी है.
Ather लगातार अपने चार्जिंग नेटवर्क का निर्माण कर रहा है और हाल ही में इसने अपने चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के साथ साझेदारी की है. इस साझेदारी के जरिए, एथर देश भर में 21,000 से अधिक ईंधन स्टेशनों के BPCL नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त करेगा, जिससे एथर के पब्लिक फास्ट-चार्जिंग ग्रिड की स्थापना की सुविधा होगी.
वहीं, Ather की प्रतिद्वंद्वी कंपनी Ola Electric वर्तमान में 10 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने के लक्ष्य के साथ IPO लाने की तैयारी में है.
बता दें कि Ola Electric ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए 456.26 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया है.
(Translated by: रविकांत पारीक)
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Thursday September सात, दो हज़ार तेईस, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअपने अपने मौजूदा शेयरधारकों - और सिंगापुर के - से राइट्स इश्यू के जरिए नौ सौ करोड़ रुपये जुटाए हैं. कंपनी की योजना इस फंडिंग का इस्तेमाल नए प्रोडक्ट लॉन्च करने और अपने चार्जिंग और रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने के लिए करने की है. हीरो मोटोकॉर्प, जिसके पास वर्तमान में कंपनी में तैंतीस.एक% हिस्सेदारी है, ने सोमवार को घोषणा की कि वह सीरीज Eदो अनिवार्य परिवर्तनीय वरीयता शेयरों के माध्यम से बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता में पाँच सौ पचास करोड़ रुपये का निवेश करेगी. Ather Energy के को-फाउंडर और सीईओ तरुण मेहता ने एक प्रेस बयान में कहा, "राइट्स इश्यू के लिए मजबूत समर्थन था और हम शेयरधारकों के विश्वास को देखकर बहुत खुश हैं. पिछले कुछ वर्षों ने दिखाया है कि भारत में ईवी परिवर्तन कितनी जल्दी हो सकता है और दोपहिया वाहनों द्वारा इसका नेतृत्व कैसे किया जाएगा." Ather Energy ने वित्तीय वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस में महत्वपूर्ण व्यावसायिक वृद्धि का अनुभव किया है. विशेष रूप से, इसका रेवेन्यू वित्त वर्ष दो हज़ार तेईस में चार.चार गुना बढ़कर एक,सात सौ तिरासी करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह चार सौ आठ करोड़ रुपये था. इसके रिटेल नेटवर्क का विस्तार भी उल्लेखनीय रहा है, दुकानों की संख्या चार गुना बढ़कर कुल एक सौ तीस हो गई है. जबकि इस जून में FAME II रियायतें कम होने के बाद उद्योग में थोड़ी मंदी थी, Ather Energy मजबूत बिक्री दिखाने में कामयाब रहाः वित्त वर्ष तेईस में, कंपनी ने तिरानवे,दो सौ बारह यूनिट्स बेचीं - जो पिछले वित्तीय वर्ष से चार गुना अधिक है. चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में कंपनी इकतालीस,पाँच सौ से ज्यादा यूनिट्स बेच चुकी है. Ather लगातार अपने चार्जिंग नेटवर्क का निर्माण कर रहा है और हाल ही में इसने अपने चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ साझेदारी की है. इस साझेदारी के जरिए, एथर देश भर में इक्कीस,शून्य से अधिक ईंधन स्टेशनों के BPCL नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त करेगा, जिससे एथर के पब्लिक फास्ट-चार्जिंग ग्रिड की स्थापना की सुविधा होगी. वहीं, Ather की प्रतिद्वंद्वी कंपनी Ola Electric वर्तमान में दस अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने के लक्ष्य के साथ IPO लाने की तैयारी में है. बता दें कि Ola Electric ने इकतीस मार्च, दो हज़ार बाईस को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए चार सौ छप्पन.छब्बीस करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया है.
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विभ्न्न दलों में भले ही प्रत्याशी टिकट के लिए अभी भी माथापच्ची में लगे हैं लेकिन राजद के सूरजगढ़ा के विधायक प्रह्लाद यादव चुनाव अभियान में कूद पड़े हैं.
प्रह्लाद यादव ( Prahlad Yadav) ने सोमवार को पूरा दिन अपने समर्थकों के साथ चुनाव अभियान चलाया. उन्होंने नौकरशाही डॉट कॉम को बताया कि वह 365 दिन जनता के बीच रहने वाले सेवक हैं. उकनी प्राथमिकता विधायक बनने के बजाये एक सेवक की भूमिका में रहने की है. जनता से सीधा सम्पर्क में रहता हूं इसलिए हमें जनता पर विश्वास है.
गौरतलब है कि प्रह्लाद यादव लखीसराय के सूरजगढ़ा के विधायक हैं. उन्होंने 1980 में कम्युनिस्ट आंदोलन के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की. वह 1995 से ले कर 2005 तक और फिर 2015 में राजद के टिकट पर जीत दर्ज की थी. इस तरह प्रह्लाद यादव चौथी बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.
सोमवार को उन्होंने अपने क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांवों का भ्रमण किया. इस दौरान वह हैबतगंज, रसूलपुर, बसगढ़ा समेत अन्य क्षेत्रों में लोगों से संवाद करते रहे. उन्होंने कहा कि जनता ही लोकतंत्र की मालिक है. और अपने मालिकों से जो स्नेह उन्हें मिला है वह अभिभूत करने वाला है.
हालांकि राजद ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की औपचारिक लिस्ट की घोषणा नहीं की है. लेकिन प्रह्लाद यादव इस बात के लिए आश्वस्त हैं कि पार्टी की तरफ से वही उम्मीदवार होंगे. वैसे भी राजद ने अपने अधिकतर निवर्तमान विधायकों को चुनावी जंग में फिर से आजमाने का फैसला किया है. लिहाजा प्रह्लाद यादव पार्टी के आश्वासन के बाद ही चुनावी अभियान में जुट गये हैं.
इस बार उनके खिलाफ प्रत्याशी कौन होगा, यह अभि तक औपचारिक रूप से तय नहीं हुआ है. विरोधी दल की तरफ से प्रत्याशी के औपचारिक ऐलान के बाद ही चुनावी समीकरण का असल अंदजाा लगेगा.
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विभ्न्न दलों में भले ही प्रत्याशी टिकट के लिए अभी भी माथापच्ची में लगे हैं लेकिन राजद के सूरजगढ़ा के विधायक प्रह्लाद यादव चुनाव अभियान में कूद पड़े हैं. प्रह्लाद यादव ने सोमवार को पूरा दिन अपने समर्थकों के साथ चुनाव अभियान चलाया. उन्होंने नौकरशाही डॉट कॉम को बताया कि वह तीन सौ पैंसठ दिन जनता के बीच रहने वाले सेवक हैं. उकनी प्राथमिकता विधायक बनने के बजाये एक सेवक की भूमिका में रहने की है. जनता से सीधा सम्पर्क में रहता हूं इसलिए हमें जनता पर विश्वास है. गौरतलब है कि प्रह्लाद यादव लखीसराय के सूरजगढ़ा के विधायक हैं. उन्होंने एक हज़ार नौ सौ अस्सी में कम्युनिस्ट आंदोलन के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की. वह एक हज़ार नौ सौ पचानवे से ले कर दो हज़ार पाँच तक और फिर दो हज़ार पंद्रह में राजद के टिकट पर जीत दर्ज की थी. इस तरह प्रह्लाद यादव चौथी बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. सोमवार को उन्होंने अपने क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांवों का भ्रमण किया. इस दौरान वह हैबतगंज, रसूलपुर, बसगढ़ा समेत अन्य क्षेत्रों में लोगों से संवाद करते रहे. उन्होंने कहा कि जनता ही लोकतंत्र की मालिक है. और अपने मालिकों से जो स्नेह उन्हें मिला है वह अभिभूत करने वाला है. हालांकि राजद ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की औपचारिक लिस्ट की घोषणा नहीं की है. लेकिन प्रह्लाद यादव इस बात के लिए आश्वस्त हैं कि पार्टी की तरफ से वही उम्मीदवार होंगे. वैसे भी राजद ने अपने अधिकतर निवर्तमान विधायकों को चुनावी जंग में फिर से आजमाने का फैसला किया है. लिहाजा प्रह्लाद यादव पार्टी के आश्वासन के बाद ही चुनावी अभियान में जुट गये हैं. इस बार उनके खिलाफ प्रत्याशी कौन होगा, यह अभि तक औपचारिक रूप से तय नहीं हुआ है. विरोधी दल की तरफ से प्रत्याशी के औपचारिक ऐलान के बाद ही चुनावी समीकरण का असल अंदजाा लगेगा.
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। फ्रांस में चल रहे 71वें फिल्म फेस्टिवल में दुनिया के कई मशहूर कलाकारों ने शिरकत ली है। वही कांस 2018 में बॉलीवुड इंडस्ट्री से 9 एक्ट्रेसेस ने रेड कारपेट पर अपना जलवा बिखेरा है। जहां ऐश्वर्या, दीपिका, करीना, सोनम, प्रियंका अपने ऑउटफिट को लेकर कर खूब चर्चा में रहीं वहीं अब इनके अलवा हुमा खुरेशी के ऑउटफिट के बारे में भी बातें हो रही हैं।
दरअसल, सोनम और हुमा एक ही पैटर्न के ऑउटफिट में जलवा बिखरते हुए नजर आई। जी हां, दोनों ही वाइट और रेड स्ट्राइप्ड ड्रेस में दिखाई दी हैं।
जहां सोनम emilia wickstead के ड्रेस में बेहद खूबसूरत लग रही थीं वही हुमा ने रेड एंड व्हाइट स्ट्राइप्ड पैटर्न के जंपसूट को काफी अच्छे से कैरी किया हुआ था। बता दें कि सोनम की सबसे चर्चित फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' 1 जून को रिलीज होने वाली है। ना सिर्फ रील लाइफ में बल्कि रियल लाइफ में भी सोनम और हुमा बेस्ट फ्रेंड्स हैं।
वहीं सोनम की शादी का सेलिब्रेशन हमें फ्रांस में भी देखने को मिला। हाल ही में सोनम ने अपने इन्स्टाग्राम स्टोरी पर कुछ तस्वीरें शेयर की है जिसमें वह अपने शादी का केक काटते हुए नजर आ रही हैं।
वहां मौजूद टीम के लोगों ने सोनम के लिए ये सरप्राइज केक रखा था।
Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। फ्रांस में चल रहे इकहत्तरवें फिल्म फेस्टिवल में दुनिया के कई मशहूर कलाकारों ने शिरकत ली है। वही कांस दो हज़ार अट्ठारह में बॉलीवुड इंडस्ट्री से नौ एक्ट्रेसेस ने रेड कारपेट पर अपना जलवा बिखेरा है। जहां ऐश्वर्या, दीपिका, करीना, सोनम, प्रियंका अपने ऑउटफिट को लेकर कर खूब चर्चा में रहीं वहीं अब इनके अलवा हुमा खुरेशी के ऑउटफिट के बारे में भी बातें हो रही हैं। दरअसल, सोनम और हुमा एक ही पैटर्न के ऑउटफिट में जलवा बिखरते हुए नजर आई। जी हां, दोनों ही वाइट और रेड स्ट्राइप्ड ड्रेस में दिखाई दी हैं। जहां सोनम emilia wickstead के ड्रेस में बेहद खूबसूरत लग रही थीं वही हुमा ने रेड एंड व्हाइट स्ट्राइप्ड पैटर्न के जंपसूट को काफी अच्छे से कैरी किया हुआ था। बता दें कि सोनम की सबसे चर्चित फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' एक जून को रिलीज होने वाली है। ना सिर्फ रील लाइफ में बल्कि रियल लाइफ में भी सोनम और हुमा बेस्ट फ्रेंड्स हैं। वहीं सोनम की शादी का सेलिब्रेशन हमें फ्रांस में भी देखने को मिला। हाल ही में सोनम ने अपने इन्स्टाग्राम स्टोरी पर कुछ तस्वीरें शेयर की है जिसमें वह अपने शादी का केक काटते हुए नजर आ रही हैं। वहां मौजूद टीम के लोगों ने सोनम के लिए ये सरप्राइज केक रखा था। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
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रांचीः रांची में टीका लगने के दो दिन बाद एक 45 वर्षीय सफाईकर्मी के मौत का मामला सामने आ रहा है. रांची के मेदांता हॉस्पिटल के इंडोस्कोपी डिपार्टमेंट सफाई का काम करने वले मन्नू पाहन को 1 फरवरी को टीका लगा था. 2 फरवरी की देर रात उनकी तबियत अचानक बिगड़ी. तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनकी मौत अस्पताल आने से पहले हो चुकी थी. हालांकि ये मौत टीका के कारण हुआ है या किसी अन्य कारण से इसके बारे में फिलहाल अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बोलने से बच रहा है.
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा. स्वास्थ्य विभाग की टीम मेडिका में जांच में जुट गई है.
मेडिका अस्पताल प्रबंधन के डॉ. मुख्तार ने बताया कि 1 फरवरी को हॉस्पिटल के 151 हेल्थ वर्कर्स को टीका लगा था. जिस वॉल से मन्नू पाहन को टीका लगा था उससे 10 और लोगों को टीका लगाया गया था, लेकिन किन्हीं को किसी प्रकार की कोई परेशानी अभी तक नहीं हुई है.
अस्पताल के पीआरओ जावेद ने बताया कि टीका लगने के आधे घंटे के बाद मन्नू पाहन काम पर लौट आए थे. दो दिनों तक काम भी किए थे. अचानक मंगलवार की देर रात जब अस्पताल लाया गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
रांची शहर से सटे ओरमांझी प्रखंड के कोयिलारी गांव का रहने वाले मन्नू पाहन को पहले से कोई बीमारी थी इसकी सूचना किसी के पास नहीं है.
हेल्थ विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, रांची में मंगलवार तक 48057 हेल्थ वर्कर्स को लग चुका है. इनमें किसी प्रकार मेजर रिएक्शन देखने को नहीं मिला है. थोड़ी देर के लिए बीपी बढ़ना और थोड़ी देर के लिए दर्द की शिकायत मिली है.
स्वास्थय विभाग के आंकड़ों की मानें तो मामूली पेन और बीपी बढ़ने की जितनी भी शिकायतें आई हैं उनमें 75 फीसदी रांची के ही हैं.
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रांचीः रांची में टीका लगने के दो दिन बाद एक पैंतालीस वर्षीय सफाईकर्मी के मौत का मामला सामने आ रहा है. रांची के मेदांता हॉस्पिटल के इंडोस्कोपी डिपार्टमेंट सफाई का काम करने वले मन्नू पाहन को एक फरवरी को टीका लगा था. दो फरवरी की देर रात उनकी तबियत अचानक बिगड़ी. तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनकी मौत अस्पताल आने से पहले हो चुकी थी. हालांकि ये मौत टीका के कारण हुआ है या किसी अन्य कारण से इसके बारे में फिलहाल अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बोलने से बच रहा है. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा. स्वास्थ्य विभाग की टीम मेडिका में जांच में जुट गई है. मेडिका अस्पताल प्रबंधन के डॉ. मुख्तार ने बताया कि एक फरवरी को हॉस्पिटल के एक सौ इक्यावन हेल्थ वर्कर्स को टीका लगा था. जिस वॉल से मन्नू पाहन को टीका लगा था उससे दस और लोगों को टीका लगाया गया था, लेकिन किन्हीं को किसी प्रकार की कोई परेशानी अभी तक नहीं हुई है. अस्पताल के पीआरओ जावेद ने बताया कि टीका लगने के आधे घंटे के बाद मन्नू पाहन काम पर लौट आए थे. दो दिनों तक काम भी किए थे. अचानक मंगलवार की देर रात जब अस्पताल लाया गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. रांची शहर से सटे ओरमांझी प्रखंड के कोयिलारी गांव का रहने वाले मन्नू पाहन को पहले से कोई बीमारी थी इसकी सूचना किसी के पास नहीं है. हेल्थ विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, रांची में मंगलवार तक अड़तालीस हज़ार सत्तावन हेल्थ वर्कर्स को लग चुका है. इनमें किसी प्रकार मेजर रिएक्शन देखने को नहीं मिला है. थोड़ी देर के लिए बीपी बढ़ना और थोड़ी देर के लिए दर्द की शिकायत मिली है. स्वास्थय विभाग के आंकड़ों की मानें तो मामूली पेन और बीपी बढ़ने की जितनी भी शिकायतें आई हैं उनमें पचहत्तर फीसदी रांची के ही हैं.
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शिमला, जनज्वार। कोरोना महमारी से बचने के लिए हिमाचल सरकार द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे है। हिमाचल सरकार ने शनिवार को कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर स्वास्थय विभाग में आवश्यकतानुसार विभिन्न मेडिकल एवं पैरामेडिकल के पदों पर तीन माह के लिए आउटसोर्स बेस पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। बता दे इसका निर्णय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल ने कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की पूर्ण समीक्षा की थी। कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार की तरफ से यह बड़ा फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने कोरोना के सक्रिय मामले खोजने के अभियान चलाने का निर्णय लिया और इस अभियान को शुरू करने के लिए स्वास्थय विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में महामारी से निपटने के लिए स्वास्थय एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से की गई सभी तैयारियों और वर्तमान की स्थिति के बारे में मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया। साथ ही राज्य मंत्रिमंडल की ओर से एसएलबीएसजीएमसी नेरचैक मंडी को समर्पित कोविड-19 अस्पताल बनाने को भी मंजूरी दी गई। साथ ही राज्य मंत्रिमंडल की ओर से एसएलबीएसजीएमसी नेरचैक मंडी को समर्पित कोविड-19 अस्पताल बनाने को भी मंजूरी दी गई है।
उन्होंने आगे यह भी बताया कि सभी मंत्रिमंडल सदस्यों ने प्रदेश में किए जा रहे एक्टिव केस फांइडिंग अभियान को भी सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए और विभाग के इस कदम की सराहना की। बाद में व्यापक चर्चा के बाद मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न मेडिकल एवं पैरामेडिकल के पदों पर तीन माह के लिए आउटसोर्स बेस पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया।
अब तक हिमाचल में कुल 4038 लोगों को निगरानी में रखा गया है और 1655 लोग 28 दिन की निगरानी अवधि पूरी कर चुके हैं। वर्तमान में अब 1383 लोग क्वारंटीन चल रहे हैं। वहीं, कुल 296 लोगों की जांच की जा चुकी है और छह लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
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शिमला, जनज्वार। कोरोना महमारी से बचने के लिए हिमाचल सरकार द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे है। हिमाचल सरकार ने शनिवार को कोविड-उन्नीस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर स्वास्थय विभाग में आवश्यकतानुसार विभिन्न मेडिकल एवं पैरामेडिकल के पदों पर तीन माह के लिए आउटसोर्स बेस पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। बता दे इसका निर्णय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल ने कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की पूर्ण समीक्षा की थी। कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार की तरफ से यह बड़ा फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने कोरोना के सक्रिय मामले खोजने के अभियान चलाने का निर्णय लिया और इस अभियान को शुरू करने के लिए स्वास्थय विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में महामारी से निपटने के लिए स्वास्थय एवं परिवार कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से की गई सभी तैयारियों और वर्तमान की स्थिति के बारे में मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया। साथ ही राज्य मंत्रिमंडल की ओर से एसएलबीएसजीएमसी नेरचैक मंडी को समर्पित कोविड-उन्नीस अस्पताल बनाने को भी मंजूरी दी गई। साथ ही राज्य मंत्रिमंडल की ओर से एसएलबीएसजीएमसी नेरचैक मंडी को समर्पित कोविड-उन्नीस अस्पताल बनाने को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि सभी मंत्रिमंडल सदस्यों ने प्रदेश में किए जा रहे एक्टिव केस फांइडिंग अभियान को भी सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए और विभाग के इस कदम की सराहना की। बाद में व्यापक चर्चा के बाद मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न मेडिकल एवं पैरामेडिकल के पदों पर तीन माह के लिए आउटसोर्स बेस पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया। अब तक हिमाचल में कुल चार हज़ार अड़तीस लोगों को निगरानी में रखा गया है और एक हज़ार छः सौ पचपन लोग अट्ठाईस दिन की निगरानी अवधि पूरी कर चुके हैं। वर्तमान में अब एक हज़ार तीन सौ तिरासी लोग क्वारंटीन चल रहे हैं। वहीं, कुल दो सौ छियानवे लोगों की जांच की जा चुकी है और छह लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
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Aurngzeb: महाराष्ट्र में क्रूर मुगल शासक औरंगजेब की फोटो व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच अब एक और मामला तूल पकड़ सकता है। दरअसल वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर औरंगबेज की कब्र पर पहुंचे और मजार पर फूल चढ़ाया। वंचित बहुजन आघाड़ी का महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के साथ गठबंधन है। ऐसे में महाराष्ट्र की सियासत में फिर से हलचल देखी जा सकती है।
शनिवार, 17 जून को बाबासाहेब आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर औरंगजेब के मकबरे पर पहुंचे थे। उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। जिसमें वो फूल चढ़ाते और सिर झुकाते हुए नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में औरंगजेब से जुड़ा विवाद पहले से गर्म है, ऐसे में प्रकाश अंबेडकर का औरंगजेब की मजार पर जाना, मामले को सियासी तूल दे सकता है।
माना जा रहा है कि प्रकाश आंबेडकर के इस कदम से किसी और को नहीं बल्कि उनके सहयोगी उद्धव ठाकरे की शिवसेना की ही परेशानी बढ़ सकती है। औरंगजेब को लेकर अब बीजेपी उद्धव ठाकरे को कटघरे में खड़ा कर सकती है।
दरअसल उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी के सम्मान को लेकर अक्सर फ्रंटफुट पर दिखाई देती है। ऐसे उनके ही गठबंधन के साथी प्रकाश आंबेडकर का औरंगजेब की मजार पर जाना, उद्धव के लिए असहज हो सकता है। बीजेपी इसे छत्रपति शिवाजी के सम्मान से जोड़कर उद्धव को घेर सकती है।
बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में औरंगजेब की फोटो सोशल मीडिया पर लगाने से बवाल मचा था। इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। शख्स पर आरोप है कि उसने औरंगजेब की ताजपोशी का जश्न मनाने की अपील सोशल मीडिया पर की थी।
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Aurngzeb: महाराष्ट्र में क्रूर मुगल शासक औरंगजेब की फोटो व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच अब एक और मामला तूल पकड़ सकता है। दरअसल वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर औरंगबेज की कब्र पर पहुंचे और मजार पर फूल चढ़ाया। वंचित बहुजन आघाड़ी का महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ गठबंधन है। ऐसे में महाराष्ट्र की सियासत में फिर से हलचल देखी जा सकती है। शनिवार, सत्रह जून को बाबासाहेब आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर औरंगजेब के मकबरे पर पहुंचे थे। उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। जिसमें वो फूल चढ़ाते और सिर झुकाते हुए नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में औरंगजेब से जुड़ा विवाद पहले से गर्म है, ऐसे में प्रकाश अंबेडकर का औरंगजेब की मजार पर जाना, मामले को सियासी तूल दे सकता है। माना जा रहा है कि प्रकाश आंबेडकर के इस कदम से किसी और को नहीं बल्कि उनके सहयोगी उद्धव ठाकरे की शिवसेना की ही परेशानी बढ़ सकती है। औरंगजेब को लेकर अब बीजेपी उद्धव ठाकरे को कटघरे में खड़ा कर सकती है। दरअसल उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी के सम्मान को लेकर अक्सर फ्रंटफुट पर दिखाई देती है। ऐसे उनके ही गठबंधन के साथी प्रकाश आंबेडकर का औरंगजेब की मजार पर जाना, उद्धव के लिए असहज हो सकता है। बीजेपी इसे छत्रपति शिवाजी के सम्मान से जोड़कर उद्धव को घेर सकती है। बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में औरंगजेब की फोटो सोशल मीडिया पर लगाने से बवाल मचा था। इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। शख्स पर आरोप है कि उसने औरंगजेब की ताजपोशी का जश्न मनाने की अपील सोशल मीडिया पर की थी।
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छत्तीसगढ़ - राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब में बोरी में मिली लाश की की गुत्थी रायपुर पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या के इस मामले में पुलिस ने मृतक शेख आशिक कादर उर्फ फिरोज उर्फ कनवा आशिक के सौतेले लड़के शाहरुख (19 वर्षीय) व उसके एक हरियाणवी मित्र को हिरासत में लिया है। मृतक के घर में मिली बोरी पर बने लोगो से हत्या की गुत्थी सुलझी। पुलिस ने बताया कि एक सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी में मृतक का हाथ पैर रस्सी और साड़ी के टुकड़े से बंधा मिला, जिसके गले, दाहिने आंख, सिर तथा बाएं पैर के घुटने के पास चोट के निशान थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मृतक शेख आशिक कादर की दो पत्नी है। मृतक की दूसरी पत्नी को शक के आधार पर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह महिला पूर्व में चाकूबाजी के अपराधों में भी संलिप्त रह चुकी है। मृतक के घर पर फर्नीचर का काम चल रहा था। इसी दौरान घर पर काम करने वाला हरयाणवी वेल्डर बची हुई खाली बोरियों को मृतक की दूसरी पत्नी के घर पर ले जाकर रखता था व इस हरियाणवी वेल्डर को भी मृतक के सौतेले बेटे शाहरुख ने ही मृतक के घर काम पर लगवाया था। मृतक के परिजनों ने बताया कि कादर तीन दिनों से लापता था। अब तक हत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है।
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छत्तीसगढ़ - राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब में बोरी में मिली लाश की की गुत्थी रायपुर पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या के इस मामले में पुलिस ने मृतक शेख आशिक कादर उर्फ फिरोज उर्फ कनवा आशिक के सौतेले लड़के शाहरुख व उसके एक हरियाणवी मित्र को हिरासत में लिया है। मृतक के घर में मिली बोरी पर बने लोगो से हत्या की गुत्थी सुलझी। पुलिस ने बताया कि एक सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी में मृतक का हाथ पैर रस्सी और साड़ी के टुकड़े से बंधा मिला, जिसके गले, दाहिने आंख, सिर तथा बाएं पैर के घुटने के पास चोट के निशान थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मृतक शेख आशिक कादर की दो पत्नी है। मृतक की दूसरी पत्नी को शक के आधार पर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह महिला पूर्व में चाकूबाजी के अपराधों में भी संलिप्त रह चुकी है। मृतक के घर पर फर्नीचर का काम चल रहा था। इसी दौरान घर पर काम करने वाला हरयाणवी वेल्डर बची हुई खाली बोरियों को मृतक की दूसरी पत्नी के घर पर ले जाकर रखता था व इस हरियाणवी वेल्डर को भी मृतक के सौतेले बेटे शाहरुख ने ही मृतक के घर काम पर लगवाया था। मृतक के परिजनों ने बताया कि कादर तीन दिनों से लापता था। अब तक हत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है।
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मिजोरम में तैनात असम राइफल्स के जवानों ने दो अलग-अलग अभियानों में दो अलग-अलग जगहों से तस्करी कर लाए गए सुपारी के 370 बैग बरामद किए और बरामदगी के सिलसिले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया। तस्करी गतिविधियों के खिलाफ एक अभियान में, 23 सेक्टर असम राइफल्स की सेरछिप बटालियन ने मुख्यालय महानिरीक्षक असम राइफल्स (पूर्व) के तत्वावधान में सोमवार को रुआंतलांग के सामान्य क्षेत्र में 240 बैग सुपारी बरामद की, मुख्यालय IGAR (पूर्व) एक बयान में कहा गया। विशेष सूचना के आधार पर असम राइफल्स और 20 एफआईटी, चम्फाई की एक संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
बरामद सुपारी की कीमत लगभग 34,11,700 रुपये आंकी गई है। चम्फाई के सीमा शुल्क विभाग ने प्रतिबंधित वस्तुओं को जब्त कर लिया और इस संबंध में दो व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया। बता दें कि "नशीले पदार्थों की चल रही तस्करी मिजोरम राज्य के लिए, विशेष रूप से भारत-म्यांमार सीमा पर चिंता का एक प्रमुख कारण है। असम राइफल्स, जिसे 'पूर्वोत्तर के प्रहरी' के नाम से जाना जाता है, ने मिजोरम में तस्करी गतिविधियों के खिलाफ अपने प्रयास जारी रखे हैं। "
तस्करी गतिविधियों के खिलाफ एक अन्य अभियान में, आईजीएआर (पूर्व) मुख्यालय के तहत 23 सेक्टर असम राइफल्स की सेरछिप बटालियन ने तलंगसम-रुआंतलांग के सामान्य क्षेत्र में 130 बैग सुपारी बरामद की। मुख्यालय आईजीएआर (पूर्व) ने एक अन्य बयान में कहा कि विशेष सूचना के आधार पर असम राइफल्स, चम्फाई की एक टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। बरामद सुपारी की कीमत करीब 32,55,200 रुपये आंकी गई है।
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मिजोरम में तैनात असम राइफल्स के जवानों ने दो अलग-अलग अभियानों में दो अलग-अलग जगहों से तस्करी कर लाए गए सुपारी के तीन सौ सत्तर बैग बरामद किए और बरामदगी के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। तस्करी गतिविधियों के खिलाफ एक अभियान में, तेईस सेक्टर असम राइफल्स की सेरछिप बटालियन ने मुख्यालय महानिरीक्षक असम राइफल्स के तत्वावधान में सोमवार को रुआंतलांग के सामान्य क्षेत्र में दो सौ चालीस बैग सुपारी बरामद की, मुख्यालय IGAR एक बयान में कहा गया। विशेष सूचना के आधार पर असम राइफल्स और बीस एफआईटी, चम्फाई की एक संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। बरामद सुपारी की कीमत लगभग चौंतीस,ग्यारह,सात सौ रुपयापये आंकी गई है। चम्फाई के सीमा शुल्क विभाग ने प्रतिबंधित वस्तुओं को जब्त कर लिया और इस संबंध में दो व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया। बता दें कि "नशीले पदार्थों की चल रही तस्करी मिजोरम राज्य के लिए, विशेष रूप से भारत-म्यांमार सीमा पर चिंता का एक प्रमुख कारण है। असम राइफल्स, जिसे 'पूर्वोत्तर के प्रहरी' के नाम से जाना जाता है, ने मिजोरम में तस्करी गतिविधियों के खिलाफ अपने प्रयास जारी रखे हैं। " तस्करी गतिविधियों के खिलाफ एक अन्य अभियान में, आईजीएआर मुख्यालय के तहत तेईस सेक्टर असम राइफल्स की सेरछिप बटालियन ने तलंगसम-रुआंतलांग के सामान्य क्षेत्र में एक सौ तीस बैग सुपारी बरामद की। मुख्यालय आईजीएआर ने एक अन्य बयान में कहा कि विशेष सूचना के आधार पर असम राइफल्स, चम्फाई की एक टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। बरामद सुपारी की कीमत करीब बत्तीस,पचपन,दो सौ रुपयापये आंकी गई है।
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24 अप्रैल की रात थिलौड़ गांव के पास ऑटो में सवार व्यापारी से मारपीट कर सवा लाख की नगदी और जरूरी कागजात लूटने की घटना को अंजाम ऑटो चालक ने ही दिया था। सीआईए पुलिस ने कालुवास वासी ऑटो चालक व उसके साथ को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में प्रयोग की गई पल्सर बाइक भी बरामद कर ली गई है।
मामला 24 अप्रैल का है। भिवानी के हालु बाजार निवासी किरयाणा व्यापारी निपुण ऑॅटो में बहल के दुकानदारों को सामान देकर व उगाही कर वापस भिवानी लौट रहा था। जब वह पटौदी व थिलौड़ गांव के पास पहुंचा तो एक बाइक पर आए दो युवकों ने ऑटो रुकवाया और व्यापारी से मारपीट कर सवा लाख रुपये व जरूरी कागजात लूट लिए।
घटना के बाद से ही सीआईए टीम मामले की गहन जांच में जुटी थी। इस मामले में पुलिस ने ऑटो चालक सोमबीर व उसके साथी रवि को गिरफ्तार किया। दोनों की गिरफ्तारी की तो सारा मामला खुल गया।
सीआईए इंचार्ज एसआई रविन्द्र कुमार ने बताया कि जिस ऑटो से व्यापारी बहल गया वह कालुवास निवासी सोमबीर का था।
हर रोज सोमबीर ही व्यापारी निपुण को भिवानी से बहल किराये पर ले जाता व लाता था। सोमबीर को भनक लगी की 24 अप्रैल को निपुण उगाही कर लाखों रुपये लाएगा। ऐसे में उसने ऑॅटो खुद ले जाने की बजाय किसी अन्य युवक को ऑॅटो चालक के रूप में भेज दिया और शाम को वापसी की सूचना फोन पर लेता रहा। जैसे ही ऑॅटो पटौदी व थिलोड़ गांव के पास पहुंचा तो पहले से घात लगाकर बैठे सोमबीर व उसी के गांव के रवि ने व्यापारी से मारपीट कर सवा लाख रुपये व कागजात छीन लिए। आरोपियों को उन्हीं के गांव से गिरफ्तार किया गया है। लूटी गई राशि और लूट में प्रयोग बाइक बरामद कर ली है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
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चौबीस अप्रैल की रात थिलौड़ गांव के पास ऑटो में सवार व्यापारी से मारपीट कर सवा लाख की नगदी और जरूरी कागजात लूटने की घटना को अंजाम ऑटो चालक ने ही दिया था। सीआईए पुलिस ने कालुवास वासी ऑटो चालक व उसके साथ को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में प्रयोग की गई पल्सर बाइक भी बरामद कर ली गई है। मामला चौबीस अप्रैल का है। भिवानी के हालु बाजार निवासी किरयाणा व्यापारी निपुण ऑॅटो में बहल के दुकानदारों को सामान देकर व उगाही कर वापस भिवानी लौट रहा था। जब वह पटौदी व थिलौड़ गांव के पास पहुंचा तो एक बाइक पर आए दो युवकों ने ऑटो रुकवाया और व्यापारी से मारपीट कर सवा लाख रुपये व जरूरी कागजात लूट लिए। घटना के बाद से ही सीआईए टीम मामले की गहन जांच में जुटी थी। इस मामले में पुलिस ने ऑटो चालक सोमबीर व उसके साथी रवि को गिरफ्तार किया। दोनों की गिरफ्तारी की तो सारा मामला खुल गया। सीआईए इंचार्ज एसआई रविन्द्र कुमार ने बताया कि जिस ऑटो से व्यापारी बहल गया वह कालुवास निवासी सोमबीर का था। हर रोज सोमबीर ही व्यापारी निपुण को भिवानी से बहल किराये पर ले जाता व लाता था। सोमबीर को भनक लगी की चौबीस अप्रैल को निपुण उगाही कर लाखों रुपये लाएगा। ऐसे में उसने ऑॅटो खुद ले जाने की बजाय किसी अन्य युवक को ऑॅटो चालक के रूप में भेज दिया और शाम को वापसी की सूचना फोन पर लेता रहा। जैसे ही ऑॅटो पटौदी व थिलोड़ गांव के पास पहुंचा तो पहले से घात लगाकर बैठे सोमबीर व उसी के गांव के रवि ने व्यापारी से मारपीट कर सवा लाख रुपये व कागजात छीन लिए। आरोपियों को उन्हीं के गांव से गिरफ्तार किया गया है। लूटी गई राशि और लूट में प्रयोग बाइक बरामद कर ली है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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उत्तम श्रेणी-जो रुद्राक्ष आकार में आंवले के फल के बराबर हो वह सबसे उत्तम माना गया है।
मध्यम श्रेणी- जिस रुद्राक्ष का आकार बेर के फल के समान हो वह मध्यम श्रेणी में आता है।
निम्न श्रेणी- चने के बराबर आकार वाले रुद्राक्ष को निम्न श्रेणी में गिना जाता है।
जिस रुद्राक्ष को कीड़ों ने खराब कर दिया हो या टूटा-फूटा हो, या पूरा गोल न हो। जिसमें उभरे हुए दाने न हों। ऐसा रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए। वहीं जिस रुद्राक्ष में अपने आप डोरा पिरोने के लिए छेद हो गया हो, वह उत्तम होता है।
एक मुखी रुद्राक्ष भगवान शिव का स्वरूप है। जहां इसकी पूजा होती है, वहां से माता लक्ष्मी दूर नहीं जातीं। यानी जो इस रुद्राक्ष को धारण करता है, वह कभई गरीब नहीं होता।
दो मुखी रुद्राक्ष देव देवेश्वर कहा गया है। शिवपुराण के अनुसार जो भी व्यक्ति इस रुद्राक्ष को धारण करता है उसकी हर मुराद पूरी होती है।
तीन मुखी रुद्राक्ष सफलता दिलाने वाला होता है। विद्या प्राप्ति के लिए भी यह रुद्राक्ष बहुत चमत्कारी माना गया है।
चार मुखी रुद्राक्ष ब्रह्मा का स्वरूप है। उसके दर्शन तथा स्पर्श से धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पंचमुखी रुद्राक्ष कालाग्निरुद्र स्वरूप है। वह सब कुछ करने में समर्थ है। इसको पहनने से अद्भुत मानसिक शक्ति का विकास होता है।
छः मुखी वाला रुद्राक्ष भगवान कार्तिकेय का स्वरूप है। जो भी इस रुद्राक्ष को पहनता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते है।
सात मुखी रुद्राक्ष अनंग नाम से प्रसिद्ध है। अगर गरीब भी इस रुद्राक्ष को विधिपूर्वक पहने तो वह भी धनवान बन सकता है।
आठमुखी रुद्राक्ष अष्टमूर्ति भोरवस्वरूप है। इसे धारण करने वाला मनुष्य पूर्णायु होता है और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।
नौ मुखी रुद्राक्ष को भैरव व कपिलमनु का प्रतीक माना गया है। इसे पहनने से क्रोध पर नियंत्रण के साथ ज्ञान की प्राप्ति की संभव है।
दस मुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का रूप है। शिवपुराण के अनुसार इसे धारण करने वाले मनुष्य की संपूर्ण इच्छाएं पूरी हो जाती है।
11 मुखी रुद्राक्ष रुद्र रूप है। इसे धारण करने वाला विजयी होता है। यानी जो इस रुद्राक्ष को पहनता है, किसी भी क्षेत्र में उसकी कभी हार नहीं होती।
जो व्यक्ति बारहमुखी रुद्राक्ष को धारण करता है, उसके जीवन में कभी इज्जत, शोहरत, पैसा या अन्य किसी वस्तु की कोई कमी नहीं होती।
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उत्तम श्रेणी-जो रुद्राक्ष आकार में आंवले के फल के बराबर हो वह सबसे उत्तम माना गया है। मध्यम श्रेणी- जिस रुद्राक्ष का आकार बेर के फल के समान हो वह मध्यम श्रेणी में आता है। निम्न श्रेणी- चने के बराबर आकार वाले रुद्राक्ष को निम्न श्रेणी में गिना जाता है। जिस रुद्राक्ष को कीड़ों ने खराब कर दिया हो या टूटा-फूटा हो, या पूरा गोल न हो। जिसमें उभरे हुए दाने न हों। ऐसा रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए। वहीं जिस रुद्राक्ष में अपने आप डोरा पिरोने के लिए छेद हो गया हो, वह उत्तम होता है। एक मुखी रुद्राक्ष भगवान शिव का स्वरूप है। जहां इसकी पूजा होती है, वहां से माता लक्ष्मी दूर नहीं जातीं। यानी जो इस रुद्राक्ष को धारण करता है, वह कभई गरीब नहीं होता। दो मुखी रुद्राक्ष देव देवेश्वर कहा गया है। शिवपुराण के अनुसार जो भी व्यक्ति इस रुद्राक्ष को धारण करता है उसकी हर मुराद पूरी होती है। तीन मुखी रुद्राक्ष सफलता दिलाने वाला होता है। विद्या प्राप्ति के लिए भी यह रुद्राक्ष बहुत चमत्कारी माना गया है। चार मुखी रुद्राक्ष ब्रह्मा का स्वरूप है। उसके दर्शन तथा स्पर्श से धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की प्राप्ति होती है। पंचमुखी रुद्राक्ष कालाग्निरुद्र स्वरूप है। वह सब कुछ करने में समर्थ है। इसको पहनने से अद्भुत मानसिक शक्ति का विकास होता है। छः मुखी वाला रुद्राक्ष भगवान कार्तिकेय का स्वरूप है। जो भी इस रुद्राक्ष को पहनता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते है। सात मुखी रुद्राक्ष अनंग नाम से प्रसिद्ध है। अगर गरीब भी इस रुद्राक्ष को विधिपूर्वक पहने तो वह भी धनवान बन सकता है। आठमुखी रुद्राक्ष अष्टमूर्ति भोरवस्वरूप है। इसे धारण करने वाला मनुष्य पूर्णायु होता है और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। नौ मुखी रुद्राक्ष को भैरव व कपिलमनु का प्रतीक माना गया है। इसे पहनने से क्रोध पर नियंत्रण के साथ ज्ञान की प्राप्ति की संभव है। दस मुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का रूप है। शिवपुराण के अनुसार इसे धारण करने वाले मनुष्य की संपूर्ण इच्छाएं पूरी हो जाती है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष रुद्र रूप है। इसे धारण करने वाला विजयी होता है। यानी जो इस रुद्राक्ष को पहनता है, किसी भी क्षेत्र में उसकी कभी हार नहीं होती। जो व्यक्ति बारहमुखी रुद्राक्ष को धारण करता है, उसके जीवन में कभी इज्जत, शोहरत, पैसा या अन्य किसी वस्तु की कोई कमी नहीं होती।
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नई दिल्लीः तेजी से लोकप्रिय हो रहा शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म VMate अपने होली कैंपेन #VMateAsliHolibaaz के लिए लोकप्रिय हरियाणवी परफॉर्मर सपना चौधरी को लेकर आया है. लाखों दिलों पर राज करने वाली डासिंग सनसनी सपना चौधरी VMate द्वारा निर्मित एक म्यूजिक वीडियो में अपनी अदाओं से दर्शकों को दीवाना बनाएंगी. इस कैंपेन के तहत VMate भारत के शीर्ष यूटूबर भुवन बाम और आशीष चंचलानी को भी एक लघु फिल्म के लिए पहली बार साथ ला रहा है.
VMate के होली कंपेन में सपना चौधरी अपने देसी अवतार के जरिए लोगों को एक बार फिर दीवाना बनाने वाली है. इस वीडियो को मुंबई के मलाड इलाके में फिल्माया गया और यह गीत ग्रामीण परिवेश में है. यह भारत में होली का देसी रंग प्रस्तुत करता है जिसमें लोग गीत पर थिरकते हुए और समोसा - जलेबी के मजे लेते हुए दिखेंगे. इस वीडियो में सपना चौधरी को पानी की बौछार और रंगों के त्यौहार की मस्ती करते हुए देखा जा सकता है. इस म्यूजिक वीडियो का थीम खुशी को उजागर करना तथा VMate के यूजर्स की विविधता को प्रस्तुत करना है.
सपना चौधरी मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्ती हैं. वह बिग बॉस के 11 वें सीजन में नजर आई थीं और इसके अलावा वीरे की वेडिंग और नानू की जानू जैसी बालीवुड फिल्मों में अपनी अदाओं के जलवे बिखेर चुकी हैं.
अपनी शुरूआत के बाद से ही VMate ऐसे अनेक रोमांचक कंपेनों को लेकर आया है जिन्हें दर्शकों ने, खास तौर पर युवा दर्शकों ने, खूब पसंद किया. हमारे पूर्व के कंपेनों में लोगों ने व्यापक स्तर पर भागीदारी की और कार, स्कूटी, नवीनतम स्मार्टफोन आदि जैसे बम्पर पुरस्कार जीते हैं.
हाल ही में VMate ने सनी लियोन के साथ मिलकर #HappyValentinesDay कंपेन किया और इस कंपेन के तहत 85 लाख से अधिक वीडियो बने. यहां तक कि #VMateFilmistan कंपेन के दौरान भी 7.8 लाख से अधिक लोगों ने 2.65 करोड़ रुपए के इनाम जीते.
VMate ने नच बलिए के सीजन 9 के साथ भी अपनी भागीदारी की और उसमें उसे काफी लोकप्रियता मिली. अनेक VMate क्रिएटर आम लोग हैं और अपने वीडियो के जरिए पैसे भी कमा कर अपने जीवन को सुधार भी रहे हैं.
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नई दिल्लीः तेजी से लोकप्रिय हो रहा शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म VMate अपने होली कैंपेन #VMateAsliHolibaaz के लिए लोकप्रिय हरियाणवी परफॉर्मर सपना चौधरी को लेकर आया है. लाखों दिलों पर राज करने वाली डासिंग सनसनी सपना चौधरी VMate द्वारा निर्मित एक म्यूजिक वीडियो में अपनी अदाओं से दर्शकों को दीवाना बनाएंगी. इस कैंपेन के तहत VMate भारत के शीर्ष यूटूबर भुवन बाम और आशीष चंचलानी को भी एक लघु फिल्म के लिए पहली बार साथ ला रहा है. VMate के होली कंपेन में सपना चौधरी अपने देसी अवतार के जरिए लोगों को एक बार फिर दीवाना बनाने वाली है. इस वीडियो को मुंबई के मलाड इलाके में फिल्माया गया और यह गीत ग्रामीण परिवेश में है. यह भारत में होली का देसी रंग प्रस्तुत करता है जिसमें लोग गीत पर थिरकते हुए और समोसा - जलेबी के मजे लेते हुए दिखेंगे. इस वीडियो में सपना चौधरी को पानी की बौछार और रंगों के त्यौहार की मस्ती करते हुए देखा जा सकता है. इस म्यूजिक वीडियो का थीम खुशी को उजागर करना तथा VMate के यूजर्स की विविधता को प्रस्तुत करना है. सपना चौधरी मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्ती हैं. वह बिग बॉस के ग्यारह वें सीजन में नजर आई थीं और इसके अलावा वीरे की वेडिंग और नानू की जानू जैसी बालीवुड फिल्मों में अपनी अदाओं के जलवे बिखेर चुकी हैं. अपनी शुरूआत के बाद से ही VMate ऐसे अनेक रोमांचक कंपेनों को लेकर आया है जिन्हें दर्शकों ने, खास तौर पर युवा दर्शकों ने, खूब पसंद किया. हमारे पूर्व के कंपेनों में लोगों ने व्यापक स्तर पर भागीदारी की और कार, स्कूटी, नवीनतम स्मार्टफोन आदि जैसे बम्पर पुरस्कार जीते हैं. हाल ही में VMate ने सनी लियोन के साथ मिलकर #HappyValentinesDay कंपेन किया और इस कंपेन के तहत पचासी लाख से अधिक वीडियो बने. यहां तक कि #VMateFilmistan कंपेन के दौरान भी सात.आठ लाख से अधिक लोगों ने दो.पैंसठ करोड़ रुपए के इनाम जीते. VMate ने नच बलिए के सीजन नौ के साथ भी अपनी भागीदारी की और उसमें उसे काफी लोकप्रियता मिली. अनेक VMate क्रिएटर आम लोग हैं और अपने वीडियो के जरिए पैसे भी कमा कर अपने जीवन को सुधार भी रहे हैं.
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यह 2 एएम है, और आपने चेज़ व्हिज़ के साथ सबसे ऊपर एक और चिकन विंग को तोड़ दिया है। शर्मिंदा? मत बनो अजीब, देर रात के खाने के concoctions पर स्नैक करने के लिए बहुत से लोग अपने रेफ्रिजरेटरों के लिए झुंड, एक नए अध्ययन में प्रकाशित भोजन विकारों के अंतर्राष्ट्रीय जर्नल.
शोधकर्ताओं के पास 507 छात्र "concocting सर्वेक्षण" लेते थे जो उन्हें अपने खाने के व्यवहार पर पूछताछ करता था और वे किस तरह के खाद्य पदार्थों को आम तौर पर अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए खाते थे। नतीजेः चार प्रतिभागियों में से एक पागल भोजन combos में सोचने और शामिल करने के लिए भर्ती कराया-विचारः चीनी से ढके अंडे और मेमो-परेशान सब्जियां- और 41.2 प्रतिशत अपनी रचनाओं को cravings के लिए chalked।
अलबामा विश्वविद्यालय के एक सहयोगी मनोविज्ञान प्रोफेसर पीएचडी, लीड स्टडी लेखक मैरी बोगियानो, पीएचडी बताते हैं, "हम वास्तव में कितने आम concocting था पर उत्सुक थे।" "और नियमित स्नैकिंग से इसे अलग करने के लिए, हमने इसे अजीब खाद्य मिश्रण बनाने के रूप में परिभाषित किया है कि आप दूसरों के साथ साझा करने के लिए शर्मिंदा या शर्मिंदा होंगे।"
अजीब के लिए स्वाद के साथ धारावाहिक स्नैकर्स शर्मिंदा होना चाहिए? हर्गिज नहीं। Boggiano कहते हैं, "concocting के साथ कुछ भी गलत नहीं है।" लेकिन आप नहीं चाहते हैं कि आपकी आधी रात के स्नैक्स आपकी कमर पर कहर बरबाद कर दें- और यही वह जगह है जहां एलेक्जेंड्रा कैस्परो, आरडी, वेट-मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स-पोषण सेवा के मालिक स्वादिष्ट- ज्ञान ज्ञान, अंदर आते हैं।
अगली बार जब आपका गुस्सा आंत आपको रात में रसोईघर में ले जाता है, तो इन स्वस्थ विकल्पों के लिए अपने उच्च कैलोरी combos में व्यापार करें। (या रणनीतियों को आजमाएं बेली बंद! व्यायाम बजाय।)
यदि आप कुछ मीठा लालसा कर रहे हैं...ग्रीक दही और ताजे फल पर नाश्ता। कैस्परो कहते हैं, कम शक्कर, कम वसा, और अधिक प्राकृतिक, यह संयोजन आपके आइसक्रीम cravings को हल करने के लिए एकदम सही है। आपका कदमः 6 औंस पकड़ो। ग्रीक दही और अंगूर या मिश्रित जामुन के 1 कप।
यदि आप कुछ नमकीन लालसा कर रहे हैं... एक टोरिला पकड़ो (एक उच्च फाइबर सबसे अच्छा काम करता है) और तेज चेडर पनीर का औंस, और फ्लाई पर कम वसा वाले पनीर क्विसाडिला बनाएं। कैस्परो का कहना है कि इसे बनाना आसान है, और यह चिप्स और क्विसो के साथ ओवरबोर्ड जाने से आपको रोक देगा। बस इसे आधे में घुमाएं, इसे सेंक लें, और साल्सा के एक स्कूप के साथ इसे ऊपर रखें।
कटा हुआ सेब और मूंगफली का मक्खन के लिए पहुंचें। कैस्परो कहते हैं, "नमकीन, सभी प्राकृतिक मूंगफली के मक्खन के साथ जोड़ा गया एक मीठा, कुरकुरा सेब हाथ में रहने वाला सबसे आसान और स्वस्थ स्नैक्स है।" एक सेब आपको 5 ग्राम दिल-स्वस्थ फाइबर प्रदान करता है, जबकि सभी प्राकृतिक मूंगफली के मक्खन में 4 ग्राम प्रोटीन प्रति चम्मच होता है। सबसे अच्छी बात? कैस्परो कहते हैं, प्रोटीन, वसा और फाइबर का पूर्णता पूर्णता में सहायता, जिसका मतलब है कि आप एक घंटे बाद एक और नाश्ता के लिए नहीं पहुंचेंगे।
अगर आपको यह कहानी पसंद है, तो आप इनसे प्यार करेंगेः
- आप अभी भी भूखे क्यों हैं-यहां तक कि आप बस के बाद भी!
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यह दो एएम है, और आपने चेज़ व्हिज़ के साथ सबसे ऊपर एक और चिकन विंग को तोड़ दिया है। शर्मिंदा? मत बनो अजीब, देर रात के खाने के concoctions पर स्नैक करने के लिए बहुत से लोग अपने रेफ्रिजरेटरों के लिए झुंड, एक नए अध्ययन में प्रकाशित भोजन विकारों के अंतर्राष्ट्रीय जर्नल. शोधकर्ताओं के पास पाँच सौ सात छात्र "concocting सर्वेक्षण" लेते थे जो उन्हें अपने खाने के व्यवहार पर पूछताछ करता था और वे किस तरह के खाद्य पदार्थों को आम तौर पर अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए खाते थे। नतीजेः चार प्रतिभागियों में से एक पागल भोजन combos में सोचने और शामिल करने के लिए भर्ती कराया-विचारः चीनी से ढके अंडे और मेमो-परेशान सब्जियां- और इकतालीस.दो प्रतिशत अपनी रचनाओं को cravings के लिए chalked। अलबामा विश्वविद्यालय के एक सहयोगी मनोविज्ञान प्रोफेसर पीएचडी, लीड स्टडी लेखक मैरी बोगियानो, पीएचडी बताते हैं, "हम वास्तव में कितने आम concocting था पर उत्सुक थे।" "और नियमित स्नैकिंग से इसे अलग करने के लिए, हमने इसे अजीब खाद्य मिश्रण बनाने के रूप में परिभाषित किया है कि आप दूसरों के साथ साझा करने के लिए शर्मिंदा या शर्मिंदा होंगे।" अजीब के लिए स्वाद के साथ धारावाहिक स्नैकर्स शर्मिंदा होना चाहिए? हर्गिज नहीं। Boggiano कहते हैं, "concocting के साथ कुछ भी गलत नहीं है।" लेकिन आप नहीं चाहते हैं कि आपकी आधी रात के स्नैक्स आपकी कमर पर कहर बरबाद कर दें- और यही वह जगह है जहां एलेक्जेंड्रा कैस्परो, आरडी, वेट-मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स-पोषण सेवा के मालिक स्वादिष्ट- ज्ञान ज्ञान, अंदर आते हैं। अगली बार जब आपका गुस्सा आंत आपको रात में रसोईघर में ले जाता है, तो इन स्वस्थ विकल्पों के लिए अपने उच्च कैलोरी combos में व्यापार करें। यदि आप कुछ मीठा लालसा कर रहे हैं...ग्रीक दही और ताजे फल पर नाश्ता। कैस्परो कहते हैं, कम शक्कर, कम वसा, और अधिक प्राकृतिक, यह संयोजन आपके आइसक्रीम cravings को हल करने के लिए एकदम सही है। आपका कदमः छः औंस पकड़ो। ग्रीक दही और अंगूर या मिश्रित जामुन के एक कप। यदि आप कुछ नमकीन लालसा कर रहे हैं... एक टोरिला पकड़ो और तेज चेडर पनीर का औंस, और फ्लाई पर कम वसा वाले पनीर क्विसाडिला बनाएं। कैस्परो का कहना है कि इसे बनाना आसान है, और यह चिप्स और क्विसो के साथ ओवरबोर्ड जाने से आपको रोक देगा। बस इसे आधे में घुमाएं, इसे सेंक लें, और साल्सा के एक स्कूप के साथ इसे ऊपर रखें। कटा हुआ सेब और मूंगफली का मक्खन के लिए पहुंचें। कैस्परो कहते हैं, "नमकीन, सभी प्राकृतिक मूंगफली के मक्खन के साथ जोड़ा गया एक मीठा, कुरकुरा सेब हाथ में रहने वाला सबसे आसान और स्वस्थ स्नैक्स है।" एक सेब आपको पाँच ग्राम दिल-स्वस्थ फाइबर प्रदान करता है, जबकि सभी प्राकृतिक मूंगफली के मक्खन में चार ग्राम प्रोटीन प्रति चम्मच होता है। सबसे अच्छी बात? कैस्परो कहते हैं, प्रोटीन, वसा और फाइबर का पूर्णता पूर्णता में सहायता, जिसका मतलब है कि आप एक घंटे बाद एक और नाश्ता के लिए नहीं पहुंचेंगे। अगर आपको यह कहानी पसंद है, तो आप इनसे प्यार करेंगेः - आप अभी भी भूखे क्यों हैं-यहां तक कि आप बस के बाद भी!
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नई दिल्लीः टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली का बल्ला एक समय इतने रन उगल रहा था कि सभी ने उनको इस जेनरेशन का सबसे बड़ा बैट्समैन मान लिया था। मगर 23000 से अधिक इंटरनेशनल रन और 70 शतक जड़ चुके विराट कोहली, अब खुद अपनी खराब फॉर्म पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। 2019 में कोलकाता में डे-नाइट टेस्ट मैच में बांग्लादेश के विरुद्ध 70वीं सेंचुरी लगाने के बाद खुद कोहली ने नहीं सोचा होगा कि इसके बाद इतने लंबे समय तक उन्हें शतक तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
हालाँकि, वास्तविकता ये है कि विराट कोहली ने 2019 के बाद से इस दौरान कई अच्छी और बेहतरीन पारियां खेली। मगर अब पिछले कुछ दिनों से उनके बल्ले से ऐसी पारियां भी निकलना बंद हो गई। IPL का पिछला सीजन उनके करियर के सबसे खराब सीजन रहा। IPL 2022 में वह एक भी बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इंटरनेशनल क्रिकेट में भी कोहली का बल्ला शांत है। एजबेस्टन में रिशेड्यूल पांचवें टेस्ट में 11 और 20 के स्कोर के साथ कोहली के 71वें अंतरराष्ट्रीय शतक की प्रतीक्षा जारी है।
IPL के बाद कोहली ने क्रिकेट से कुछ दिन के लिए क्रिकेट से ब्रेक भी ले लिया था। मगर शायद वह पर्याप्त नहीं था और एक बार फिर उनको क्रिकेट से ब्रेक लेने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनके इस संघर्ष को देखते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज़ माइकल वॉन ने कहा है कि कोहली को लाइमलाइट से दूर रहना चाहिए और क्रिकेट से तीन माह के लिए ब्रेक ले लेना चाहिए और अपने परिवार के साथ वक़्त बिताना चाहिए।
भारत की T20 टीम से बाहर हो जाएंगे विराट कोहली ?
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नई दिल्लीः टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली का बल्ला एक समय इतने रन उगल रहा था कि सभी ने उनको इस जेनरेशन का सबसे बड़ा बैट्समैन मान लिया था। मगर तेईस हज़ार से अधिक इंटरनेशनल रन और सत्तर शतक जड़ चुके विराट कोहली, अब खुद अपनी खराब फॉर्म पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। दो हज़ार उन्नीस में कोलकाता में डे-नाइट टेस्ट मैच में बांग्लादेश के विरुद्ध सत्तरवीं सेंचुरी लगाने के बाद खुद कोहली ने नहीं सोचा होगा कि इसके बाद इतने लंबे समय तक उन्हें शतक तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। हालाँकि, वास्तविकता ये है कि विराट कोहली ने दो हज़ार उन्नीस के बाद से इस दौरान कई अच्छी और बेहतरीन पारियां खेली। मगर अब पिछले कुछ दिनों से उनके बल्ले से ऐसी पारियां भी निकलना बंद हो गई। IPL का पिछला सीजन उनके करियर के सबसे खराब सीजन रहा। IPL दो हज़ार बाईस में वह एक भी बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इंटरनेशनल क्रिकेट में भी कोहली का बल्ला शांत है। एजबेस्टन में रिशेड्यूल पांचवें टेस्ट में ग्यारह और बीस के स्कोर के साथ कोहली के इकहत्तरवें अंतरराष्ट्रीय शतक की प्रतीक्षा जारी है। IPL के बाद कोहली ने क्रिकेट से कुछ दिन के लिए क्रिकेट से ब्रेक भी ले लिया था। मगर शायद वह पर्याप्त नहीं था और एक बार फिर उनको क्रिकेट से ब्रेक लेने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनके इस संघर्ष को देखते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज़ माइकल वॉन ने कहा है कि कोहली को लाइमलाइट से दूर रहना चाहिए और क्रिकेट से तीन माह के लिए ब्रेक ले लेना चाहिए और अपने परिवार के साथ वक़्त बिताना चाहिए। भारत की Tबीस टीम से बाहर हो जाएंगे विराट कोहली ?
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सन्ध्या का एक अङ्ग अङ्ग-न्यास और अङ्ग-प्रोक्षण है, इस अङ्ग का अनुष्ठान करता हुआ विद्यार्थी अपने इन्द्रियों और शरीर के अन्य उपयोगी अङ्गों को अपने अधिकार में रखने की धारणा का नित्य अभ्यास करता है । सन्ध्या के दूसरे अङ्ग प्राणायाम के द्वारा प्राण-रूपी प्रबल अंकुश से मन-रूपी हाथी को अपने अधिकार में रखने के भाव को नित्य दो बार अपनी बुद्धि के सामने लाकर खड़ा करता है । सन्ध्या के तीसरे अङ्ग अघमर्षण से वह भगवान् की प्रबल सत्ता की सहायता इस लिये मांगता है कि उस इस कार्यक्रम में विघ्न डालने वाले जो अनेक पांप इस की आत्मा में सञ्चित हैं, प्रभु के प्रबल गुणों की सहायता से वह उन से छुटकारा पा सके, अर्थात् उस के दुर्गुणों का स्थान भगवान् के शुभ गुण लेते चले जावें । और इसी लिये अब आचमन कर प्रभु के गुणों का चिन्तन करता हुआ पूर्व के कार्यक्रम पर दृष्टिपात करने के लिये पूर्व मन्त्रों के अर्थों का स्मरण करता है। मनसा परिक्रमा के द्वारा मन की विभिन्न अवस्थाओं को सामने रख कर उन पर प्रभु की विभिन्न शक्तियों का प्रभाव डाल उसे उज्ज्वल और स्थिर करने की चेष्टा करता है । उपस्थान मन्त्रों से भगवान् की शरण में जा उस के पवित्र प्रकाश से मन और आत्मा को प्रकाशित कर अपने व्याप्त मन को अपने अधिकार में लाने की चेष्टा करता है । सन्ध्या के साथ ही ऋषि ने योगाभ्यास के भी नित्य अनुष्ठान करने का आदेश दिया है । इस अभ्यास में चित्त की वृत्तियों का निरोध कर विद्यार्थी चित्त को अपने
अधिकार में लेने की चेष्टा करता है। इस प्रकार इन्द्रियों के तथा मन और चित्त के अधिकार में आजाने पर गायत्री मन्त्र का जप करता हुआ बुद्धि को अपने अधिकार में लेने का प्रयत्न करता है। इन शक्तियों के अधिकार में आजाने पर अब वह प्रयोग कर के देखना चाहता है कि ये सब मेरे कहने पर चलते हैं या नहीं। और इसी लिये अब वह दूसरे देव-यज्ञ अर्थात् अग्निहोत्र का अनुष्ठान करता है । यहां वह अपनी सामग्री और अपनी इन सब शक्तियों को प्राणिमात्र के कल्याण के लिये न्योछावर करता हुआ इन से सदुपयोग लेने का यत्न करता है। अब हमारे विद्यार्थी समझ गये होंगे कि प्रातःकाल और सायङ्काल के थोड़े से समय का सदुपयोग कर वे कितना अलभ्य लाभ उठा सकते हैं ।
हम ने बतलाया है कि नित्य कर्म का ध्यान से नित्य अनुष्ठान करने वाला विद्यार्थी अपने व्याप्त मन पर अधिकार करने में समर्थ होजाता है। और अब उस के सामने उस के कार्य क्षेत्र में किसी विषय के निर्णय की समस्या जब आकर उपस्थित होगी, तो वह अपने व्याघृत मन का नियन्त्रण सुगमता से कर सकेगा ! और अपने धृति मन को कार्य करने का अवसर दे, अपने ज्ञान के क्षेत्र को अधिक से अधिक के उज्ज्वल बनाता हुआ संसार-यात्रा का एक सफल यात्री बन सकेगा ।
ऊपर उद्धृत किये गये गीताकार के वचन से प्रमाणित होता है कि धृति का नियन्त्रण, प्राण, मन और सब इन्द्रियों
पर है । और प्राण का कार्य सारे शरीर में विस्तृत है, इस लिये धृतिमन का भी निवास सारे शरीर में होना चाहिये ।
धृति नाम धारण करने का है। अन्तःकरण के इस भाग का यह नाम अनन्त शक्तियों के धारण करने के कारण ही पड़ा है। इस के पास अपनी शक्तिये भी पर्याप्त मात्रा में हैं, परन्तु समय आने पर यह अपने आत्मा और भगवान् की भी शक्तियों को धारण कर और भी अधिक चमक उठता है । आत्मा और भगवान् की किन शक्तियों को, यह किस प्रकार धारण करता है, और उस समय क्या कार्य किया करता है; इस का वर्णन आगे के दो मन्त्रों में किया जावेगा।
धृतिमन को दैवमन अथवा यक्षमन की भांति शिक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ती। चित्त की तरह यह संस्कारों का भण्डार भी नहीं है, जिस से कि इसे संस्कारों को मिटा स्वच्छ करने की आवश्यकता पड़े। जिस प्रकार बुद्धि को शास्त्रों के गम्भीर स्वाध्याय की साण पर चढ़ा कर उज्ज्वल किया जाता है, धृतिमन अपने लिये इस प्रकार के प्रयक्ष की भी मांग नहीं करता । वह कुछ नहीं मांगता । वह तो हम जो कुछ उसे दे रहे हैं उस से अवकाश मांगता है । मन, चित्त और बुद्धि की क्रियाओं से हम उसे विक्षेप दे रहे हैं। और इसे वह अपने स्वरूप को विकृत करने वाला भयकर विष समझता है और इस से छुटकारा पाने की सदा अभिलाषा किया करता है। यह हमारे अनेक प्रकार के हित साधन में लगे रहने का यत्न किया करता है, परन्तु हमारी ये शक्तियें इसे ऐसा करने का अवसर ही नहीं देतीं।
हमारी ये शक्तियें अपनी इन क्रियायों से धृतिमन की शक्तियों को न तो नष्ट कर सकती हैं और न निर्बल । उस की अपनी शक्तिर्ये अपने वास्तविक रूप में उस के अन्दर ही स्थिर और सुरक्षित रहती हैं, केवल इन की इस विक्षप की घुड़दौड़ में उस की उन शक्तियों को कार्य करने का अवसर नहीं मिलता । हां इस में कोई सन्देह नहीं कि हमारे शरीर में खान-पान अथवा व्यवहार से; सत्व, रज अथवा तम, जो गुण प्रधान होजाता है, उस गुण का प्रभाव हमारे धृतिमन पर भी गहरा पड़ता है। और उस गुण के प्रभाव में आकर हमारे इस मन की शक्तियें अपने कार्य प्रवाह को उसी दिशा में बहाने के लिये विवश होजाया करती हैं, जिस प्रकार के गुण से वे प्रभावित हुई हुई हों। गीता के जो तीन श्लोक हम पहिले उद्धृत कर आये हैं, उन से यह भली भांति व्यक्त होजाता है कि धृति के ऊपर किस गुण का प्रभाव पड़ने पर उस की शक्तियें किस दिशा में कार्य करने लगा करती हैं। उन्हीं लोकों से हम यह भी जान सकते हैं कि हमें सांसारिक रूप में; धर्म, काम और अर्थ की प्राप्ति में सफल होने के लिये अपने धृतिमन के ऊपर रजोगुण के प्रभाव को डालने की आवश्यकता है। परन्तु जब हम यह चाहें कि हमारा धृतिमन अपनी सब शक्तियों का प्रयोग कर स्वतन्त्र रूप से हमारा हितसाधन करे, और हमारी मन, प्राण, इन्द्रिय आदि सब शक्तियें उस की मुट्ठी में रहती हुई उस की इच्छानुसार काम करें, तो अपने इस मनोरथ को सिद्ध करने के लिये हमें अपने शरीर
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सन्ध्या का एक अङ्ग अङ्ग-न्यास और अङ्ग-प्रोक्षण है, इस अङ्ग का अनुष्ठान करता हुआ विद्यार्थी अपने इन्द्रियों और शरीर के अन्य उपयोगी अङ्गों को अपने अधिकार में रखने की धारणा का नित्य अभ्यास करता है । सन्ध्या के दूसरे अङ्ग प्राणायाम के द्वारा प्राण-रूपी प्रबल अंकुश से मन-रूपी हाथी को अपने अधिकार में रखने के भाव को नित्य दो बार अपनी बुद्धि के सामने लाकर खड़ा करता है । सन्ध्या के तीसरे अङ्ग अघमर्षण से वह भगवान् की प्रबल सत्ता की सहायता इस लिये मांगता है कि उस इस कार्यक्रम में विघ्न डालने वाले जो अनेक पांप इस की आत्मा में सञ्चित हैं, प्रभु के प्रबल गुणों की सहायता से वह उन से छुटकारा पा सके, अर्थात् उस के दुर्गुणों का स्थान भगवान् के शुभ गुण लेते चले जावें । और इसी लिये अब आचमन कर प्रभु के गुणों का चिन्तन करता हुआ पूर्व के कार्यक्रम पर दृष्टिपात करने के लिये पूर्व मन्त्रों के अर्थों का स्मरण करता है। मनसा परिक्रमा के द्वारा मन की विभिन्न अवस्थाओं को सामने रख कर उन पर प्रभु की विभिन्न शक्तियों का प्रभाव डाल उसे उज्ज्वल और स्थिर करने की चेष्टा करता है । उपस्थान मन्त्रों से भगवान् की शरण में जा उस के पवित्र प्रकाश से मन और आत्मा को प्रकाशित कर अपने व्याप्त मन को अपने अधिकार में लाने की चेष्टा करता है । सन्ध्या के साथ ही ऋषि ने योगाभ्यास के भी नित्य अनुष्ठान करने का आदेश दिया है । इस अभ्यास में चित्त की वृत्तियों का निरोध कर विद्यार्थी चित्त को अपने अधिकार में लेने की चेष्टा करता है। इस प्रकार इन्द्रियों के तथा मन और चित्त के अधिकार में आजाने पर गायत्री मन्त्र का जप करता हुआ बुद्धि को अपने अधिकार में लेने का प्रयत्न करता है। इन शक्तियों के अधिकार में आजाने पर अब वह प्रयोग कर के देखना चाहता है कि ये सब मेरे कहने पर चलते हैं या नहीं। और इसी लिये अब वह दूसरे देव-यज्ञ अर्थात् अग्निहोत्र का अनुष्ठान करता है । यहां वह अपनी सामग्री और अपनी इन सब शक्तियों को प्राणिमात्र के कल्याण के लिये न्योछावर करता हुआ इन से सदुपयोग लेने का यत्न करता है। अब हमारे विद्यार्थी समझ गये होंगे कि प्रातःकाल और सायङ्काल के थोड़े से समय का सदुपयोग कर वे कितना अलभ्य लाभ उठा सकते हैं । हम ने बतलाया है कि नित्य कर्म का ध्यान से नित्य अनुष्ठान करने वाला विद्यार्थी अपने व्याप्त मन पर अधिकार करने में समर्थ होजाता है। और अब उस के सामने उस के कार्य क्षेत्र में किसी विषय के निर्णय की समस्या जब आकर उपस्थित होगी, तो वह अपने व्याघृत मन का नियन्त्रण सुगमता से कर सकेगा ! और अपने धृति मन को कार्य करने का अवसर दे, अपने ज्ञान के क्षेत्र को अधिक से अधिक के उज्ज्वल बनाता हुआ संसार-यात्रा का एक सफल यात्री बन सकेगा । ऊपर उद्धृत किये गये गीताकार के वचन से प्रमाणित होता है कि धृति का नियन्त्रण, प्राण, मन और सब इन्द्रियों पर है । और प्राण का कार्य सारे शरीर में विस्तृत है, इस लिये धृतिमन का भी निवास सारे शरीर में होना चाहिये । धृति नाम धारण करने का है। अन्तःकरण के इस भाग का यह नाम अनन्त शक्तियों के धारण करने के कारण ही पड़ा है। इस के पास अपनी शक्तिये भी पर्याप्त मात्रा में हैं, परन्तु समय आने पर यह अपने आत्मा और भगवान् की भी शक्तियों को धारण कर और भी अधिक चमक उठता है । आत्मा और भगवान् की किन शक्तियों को, यह किस प्रकार धारण करता है, और उस समय क्या कार्य किया करता है; इस का वर्णन आगे के दो मन्त्रों में किया जावेगा। धृतिमन को दैवमन अथवा यक्षमन की भांति शिक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ती। चित्त की तरह यह संस्कारों का भण्डार भी नहीं है, जिस से कि इसे संस्कारों को मिटा स्वच्छ करने की आवश्यकता पड़े। जिस प्रकार बुद्धि को शास्त्रों के गम्भीर स्वाध्याय की साण पर चढ़ा कर उज्ज्वल किया जाता है, धृतिमन अपने लिये इस प्रकार के प्रयक्ष की भी मांग नहीं करता । वह कुछ नहीं मांगता । वह तो हम जो कुछ उसे दे रहे हैं उस से अवकाश मांगता है । मन, चित्त और बुद्धि की क्रियाओं से हम उसे विक्षेप दे रहे हैं। और इसे वह अपने स्वरूप को विकृत करने वाला भयकर विष समझता है और इस से छुटकारा पाने की सदा अभिलाषा किया करता है। यह हमारे अनेक प्रकार के हित साधन में लगे रहने का यत्न किया करता है, परन्तु हमारी ये शक्तियें इसे ऐसा करने का अवसर ही नहीं देतीं। हमारी ये शक्तियें अपनी इन क्रियायों से धृतिमन की शक्तियों को न तो नष्ट कर सकती हैं और न निर्बल । उस की अपनी शक्तिर्ये अपने वास्तविक रूप में उस के अन्दर ही स्थिर और सुरक्षित रहती हैं, केवल इन की इस विक्षप की घुड़दौड़ में उस की उन शक्तियों को कार्य करने का अवसर नहीं मिलता । हां इस में कोई सन्देह नहीं कि हमारे शरीर में खान-पान अथवा व्यवहार से; सत्व, रज अथवा तम, जो गुण प्रधान होजाता है, उस गुण का प्रभाव हमारे धृतिमन पर भी गहरा पड़ता है। और उस गुण के प्रभाव में आकर हमारे इस मन की शक्तियें अपने कार्य प्रवाह को उसी दिशा में बहाने के लिये विवश होजाया करती हैं, जिस प्रकार के गुण से वे प्रभावित हुई हुई हों। गीता के जो तीन श्लोक हम पहिले उद्धृत कर आये हैं, उन से यह भली भांति व्यक्त होजाता है कि धृति के ऊपर किस गुण का प्रभाव पड़ने पर उस की शक्तियें किस दिशा में कार्य करने लगा करती हैं। उन्हीं लोकों से हम यह भी जान सकते हैं कि हमें सांसारिक रूप में; धर्म, काम और अर्थ की प्राप्ति में सफल होने के लिये अपने धृतिमन के ऊपर रजोगुण के प्रभाव को डालने की आवश्यकता है। परन्तु जब हम यह चाहें कि हमारा धृतिमन अपनी सब शक्तियों का प्रयोग कर स्वतन्त्र रूप से हमारा हितसाधन करे, और हमारी मन, प्राण, इन्द्रिय आदि सब शक्तियें उस की मुट्ठी में रहती हुई उस की इच्छानुसार काम करें, तो अपने इस मनोरथ को सिद्ध करने के लिये हमें अपने शरीर
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वाद-विवाद के बाद अन्त में यह निश्चय हुआ कि उन तीनों में से जो पहले मरेगा वह अपने जीवित मित्रों को परलोक से किन्हीं सांकेतिक उपायों द्वारा जीवन के उस पार की स्थिति से परिचित करावेगा । क्या लोट के अंत रूप से यह थी कि गेटे अपने प्रेम की निष्फलता के कारण आत्महत्या करेगा १ केस्टनर की डायरी से पता चलता है कि गेटे के चेहरे पर उस दिन एक घनी उदास छाया घिरी हुई थी । क्या वह मौत की सी मौन - विषाद-भरी छाया सीधे लोट की अन्तरात्मा से जाकर टकरायी थी ? कारण जो भी हो, लोट ने जब मृत्यु के पार के में मार्मिक रूप से तीखी
टीस का अनुभव किया ।
दूसरे दिन सुबह गेटे किसी को कोई सूचना दिये बिना वेत्सलर से भागकर चला गया । लोट र केस्टर दोनों को उसके इस विचित्र व्यवहार से बड़ी पीड़ा पहुँचो । यह आश्चर्य की ही बात है कि केस्टनर को गेटे के इस तरह चले जाने पर लोट से ही दुःख हुआ, कम
नहीं, जब कि उसकी स्थिति में कोई साधारण व्यक्ति होता तो वह अपने प्रेम-प्रतिद्वन्द्वी के चले जाने पर प्रसन्न ही होता । गेटे ने एक नौकर के हाथ केस्टनर की कुछ पुस्तकों को वापस करते हुए दो छोटे-छोटे पत्र भी साथ में भेजे । लोट को जब निश्चित रूप से यह पता लग गया कि गेटे वेत्सलर छोड़कर चला गया है तब केस्टनर के सामने ही उसकी आँखों से निकल पड़े। उसने एक लंबी साँस ली। वह साँस निश्चय ही आराम की रही होगी, पर उसके साथ एक कटीली वेदना निहित थी जो उसके प्राणों को हिलकोर रही थी ।
सबसे अधिक दुःखी थे लोट के घर के बच्चे । सच के मुँह से विस्मय-भरी उदासी के साथ यह आवाज प्रायः एक साथ निकल पड़ी :
१४३महापुरुषों की प्रेम-कथाएँ
"डा० गेटे चले गये !" सभी बच्चों के अन्तर में स्पष्ट ही एक अजीब सा सूनापन छा गया था। सभी के भीतर संभवतः रह-रह कर यह प्रश्न उठ रहा था कि अब कौन उनकी शरारतों को प्रेम से सहन करता हुआ परो· लोक की और अनजान देशों की कहानियां सुनावेगा ? एक बच्चे ने साहस करके लोट से पूछा : "जीजी, क्या अब डा० गेटे लौट कर नहीं आयेंगे ?" पता नहीं, उसकी अन्तरात्मा में यह आशंका कैसे घर कर गयी थी । लोट ने प्यार से उसका मुँह चूमते हुए और स्नेह से उसकी ठुड्डी को हाथ से पकड़ते हुए कहाः "क्यों नहीं ग्रायेंगे, भैया, जरूर आयेंगे।" पर उसका अन्तर्मन जानता था कि अब गेटे का लौटना असंभव है ।
गेटे ने केस्टनर को विदाई का जो पत्र लिखकर भेजा था उसका प्राशय इस प्रकार था :
वह गया, केस्टनर ! जब तक यह पत्र तुम्हारे हाथ पहुँचेगा तब तक 'वह' इस स्थान को छोड़ चुकेगा । दूसरा पत्र लोटचन को दे देना । कल जां बातें हम लोगों के बीच हुई उनसे मेरे भीतर सब-कुछ बिखर गया है। अभी मैं कुछ अधिक कहने की मानसिक स्थिति में नहीं हूँ और केवल विदा चाहता हूँ । यदि मैं तुम लोगों के भी अधिक रहता तो अपने को जब्त न कर पाता। और... जा रहा हूँ ।"
लोट को उसने लिखा था :
"मुझे निश्चय ही आशा है कि मैं फिर कभी तुमसे आकर मिलूँगा, पर ईश्वर ही बता सकता है कि कब । लोट, क्या तुम कल्पना कर सकती हो
ofte somprematy
* चार्लोट या लोट का प्यार का नाम ।
गेटे कफ प्रेम
कि जब तुम बोल रही थीं और मैं जानता था कि मैं तुमसे अन्तिम बार मिल रहा हूँ, तव मेरे भीतर क्या बीत रही थी ? वह कौन सी प्रेरणा थी जिससे जाने प्रेरित होकर तुमने मृत्यु के पार के जीवन की चर्चा चलायी १जो भी हो, अब मैं अकेला हूँ और एकांत में रो भी सकता हूँ । तुम खुश रहो मैं आशा करता हूँ कि तुम्हारे हृदय में मेरे लिये कहीं न कहीं स्थान रहेगा ही। बच्चों को मेरी तरफ से प्यार करना और बता देना कि 'वह' अब चला गया, इससे अधिक इस समय में और कुछ नहीं कह सकता ।"
गेटे जब वेत्सलर से लौट कर अपने घर ( फ्रांकफुट ) पहुँचा तब उसे अपने भीतर-बाहर का सारा वातावरण एक अजीब-सी उदासी से भरा मालूम देने लगा। उसने अपने सोने के कमरे में लोट का चित्र टाँग दिया और उसे देख-देखकर वह अपने मन में उस तीखी रोमांटिक वेदना को जगाये रखता था जिसे वेत्सलर से वह अपने साथ लाया था। उसकी तात्कालिक मनःस्थिति का और उसकी वेदना का सूक्ष्म विश्लेषणा करने पर यह तथ्य सुस्पष्ट रूप से सामने आने लगता है कि उसकी विकलता इसलिये नहीं थी कि वह लोट को अपने परिपूर्ण अन्तर से प्यार करता था, बल्कि इसलिये थी कि वह लोट को अपने व्यक्तित्व की मोहकता से इस कदर प्रभवित कर सकने में सफल रहा कि वह बिना किसी प्रतिरोध के उसको पूर्णतः आत्मसमर्पण कर देती । वस्तुतः उसके
को चोट पहुँची थो, उसके हृदय की कोमल भावनाओ को नहीं । गेटे जानता था कि उसे कोई भी सुन्दरी लड़की किसी भी क्षण मिल सकती है और उसकी खातिर अपना सब कुछ त्याग करके प्रसन्न हो सकती है। उसके पहले भी वह कई सुन्दरी लड़कियों से प्रेम संबंध स्थापित कर चुका था और में उन्हें त्यागकर भाग चुका था। उसके बाद भी उसने कई सुन्दरियों संसर्ग में आने से नारी के जिस सुदृढ़ नैतिक और चारित्रिक रूप का
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वाद-विवाद के बाद अन्त में यह निश्चय हुआ कि उन तीनों में से जो पहले मरेगा वह अपने जीवित मित्रों को परलोक से किन्हीं सांकेतिक उपायों द्वारा जीवन के उस पार की स्थिति से परिचित करावेगा । क्या लोट के अंत रूप से यह थी कि गेटे अपने प्रेम की निष्फलता के कारण आत्महत्या करेगा एक केस्टनर की डायरी से पता चलता है कि गेटे के चेहरे पर उस दिन एक घनी उदास छाया घिरी हुई थी । क्या वह मौत की सी मौन - विषाद-भरी छाया सीधे लोट की अन्तरात्मा से जाकर टकरायी थी ? कारण जो भी हो, लोट ने जब मृत्यु के पार के में मार्मिक रूप से तीखी टीस का अनुभव किया । दूसरे दिन सुबह गेटे किसी को कोई सूचना दिये बिना वेत्सलर से भागकर चला गया । लोट र केस्टर दोनों को उसके इस विचित्र व्यवहार से बड़ी पीड़ा पहुँचो । यह आश्चर्य की ही बात है कि केस्टनर को गेटे के इस तरह चले जाने पर लोट से ही दुःख हुआ, कम नहीं, जब कि उसकी स्थिति में कोई साधारण व्यक्ति होता तो वह अपने प्रेम-प्रतिद्वन्द्वी के चले जाने पर प्रसन्न ही होता । गेटे ने एक नौकर के हाथ केस्टनर की कुछ पुस्तकों को वापस करते हुए दो छोटे-छोटे पत्र भी साथ में भेजे । लोट को जब निश्चित रूप से यह पता लग गया कि गेटे वेत्सलर छोड़कर चला गया है तब केस्टनर के सामने ही उसकी आँखों से निकल पड़े। उसने एक लंबी साँस ली। वह साँस निश्चय ही आराम की रही होगी, पर उसके साथ एक कटीली वेदना निहित थी जो उसके प्राणों को हिलकोर रही थी । सबसे अधिक दुःखी थे लोट के घर के बच्चे । सच के मुँह से विस्मय-भरी उदासी के साथ यह आवाज प्रायः एक साथ निकल पड़ी : एक सौ तैंतालीसमहापुरुषों की प्रेम-कथाएँ "डाशून्य गेटे चले गये !" सभी बच्चों के अन्तर में स्पष्ट ही एक अजीब सा सूनापन छा गया था। सभी के भीतर संभवतः रह-रह कर यह प्रश्न उठ रहा था कि अब कौन उनकी शरारतों को प्रेम से सहन करता हुआ परो· लोक की और अनजान देशों की कहानियां सुनावेगा ? एक बच्चे ने साहस करके लोट से पूछा : "जीजी, क्या अब डाशून्य गेटे लौट कर नहीं आयेंगे ?" पता नहीं, उसकी अन्तरात्मा में यह आशंका कैसे घर कर गयी थी । लोट ने प्यार से उसका मुँह चूमते हुए और स्नेह से उसकी ठुड्डी को हाथ से पकड़ते हुए कहाः "क्यों नहीं ग्रायेंगे, भैया, जरूर आयेंगे।" पर उसका अन्तर्मन जानता था कि अब गेटे का लौटना असंभव है । गेटे ने केस्टनर को विदाई का जो पत्र लिखकर भेजा था उसका प्राशय इस प्रकार था : वह गया, केस्टनर ! जब तक यह पत्र तुम्हारे हाथ पहुँचेगा तब तक 'वह' इस स्थान को छोड़ चुकेगा । दूसरा पत्र लोटचन को दे देना । कल जां बातें हम लोगों के बीच हुई उनसे मेरे भीतर सब-कुछ बिखर गया है। अभी मैं कुछ अधिक कहने की मानसिक स्थिति में नहीं हूँ और केवल विदा चाहता हूँ । यदि मैं तुम लोगों के भी अधिक रहता तो अपने को जब्त न कर पाता। और... जा रहा हूँ ।" लोट को उसने लिखा था : "मुझे निश्चय ही आशा है कि मैं फिर कभी तुमसे आकर मिलूँगा, पर ईश्वर ही बता सकता है कि कब । लोट, क्या तुम कल्पना कर सकती हो ofte somprematy * चार्लोट या लोट का प्यार का नाम । गेटे कफ प्रेम कि जब तुम बोल रही थीं और मैं जानता था कि मैं तुमसे अन्तिम बार मिल रहा हूँ, तव मेरे भीतर क्या बीत रही थी ? वह कौन सी प्रेरणा थी जिससे जाने प्रेरित होकर तुमने मृत्यु के पार के जीवन की चर्चा चलायी एकजो भी हो, अब मैं अकेला हूँ और एकांत में रो भी सकता हूँ । तुम खुश रहो मैं आशा करता हूँ कि तुम्हारे हृदय में मेरे लिये कहीं न कहीं स्थान रहेगा ही। बच्चों को मेरी तरफ से प्यार करना और बता देना कि 'वह' अब चला गया, इससे अधिक इस समय में और कुछ नहीं कह सकता ।" गेटे जब वेत्सलर से लौट कर अपने घर पहुँचा तब उसे अपने भीतर-बाहर का सारा वातावरण एक अजीब-सी उदासी से भरा मालूम देने लगा। उसने अपने सोने के कमरे में लोट का चित्र टाँग दिया और उसे देख-देखकर वह अपने मन में उस तीखी रोमांटिक वेदना को जगाये रखता था जिसे वेत्सलर से वह अपने साथ लाया था। उसकी तात्कालिक मनःस्थिति का और उसकी वेदना का सूक्ष्म विश्लेषणा करने पर यह तथ्य सुस्पष्ट रूप से सामने आने लगता है कि उसकी विकलता इसलिये नहीं थी कि वह लोट को अपने परिपूर्ण अन्तर से प्यार करता था, बल्कि इसलिये थी कि वह लोट को अपने व्यक्तित्व की मोहकता से इस कदर प्रभवित कर सकने में सफल रहा कि वह बिना किसी प्रतिरोध के उसको पूर्णतः आत्मसमर्पण कर देती । वस्तुतः उसके को चोट पहुँची थो, उसके हृदय की कोमल भावनाओ को नहीं । गेटे जानता था कि उसे कोई भी सुन्दरी लड़की किसी भी क्षण मिल सकती है और उसकी खातिर अपना सब कुछ त्याग करके प्रसन्न हो सकती है। उसके पहले भी वह कई सुन्दरी लड़कियों से प्रेम संबंध स्थापित कर चुका था और में उन्हें त्यागकर भाग चुका था। उसके बाद भी उसने कई सुन्दरियों संसर्ग में आने से नारी के जिस सुदृढ़ नैतिक और चारित्रिक रूप का
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पाकिस्तान फैंस का यह गुस्सा देखने को मिला था साल 2015 में 50 ओवर के आईसीसी विश्व कप में। ओवल में पूल बी का मैच भारत-पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को मैच खेला गया था। इस मैच में भारत ने टाॅस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। शिखर धवन(73) के अर्धशतक और विराट कोहली(107) के शतक की मदद से भारत ने 7 विकेट खोकर पाकिस्तान के सामने 301 रनों का लक्ष्य रख दिया। इसमें सुरेश रैना की भी 56 गेंदों में 74 रनों की पारी शामिल थी। जवाब में पाकिस्तान की टीम को हैरिस सोहेल(36) और मिस्बाह उल हक(76) ने संभालने की कोशिश तो की, लेकिन इनके आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाजों का सामना उनके बल्लेबाज नहीं कर सके। देखते ही देखते पाकिस्तान की पूरी टीम 47 ओवर में 224 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने 76 रनों से मैच जीत लिया।
उस विश्व कप में पाकिस्तान की पहली हार देख उस समय उनके फैंस काफी नाराज हो गए थे। वहीं महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में मिली इस जीत से भारत में जश्न मनाया गया। खूब पटाखे फोड़े गए, मानो की दिवाली है। ऊधर पाकिस्तान के फैंस थे जो हार से इतने निराश हो गए कि गुस्से में आकर टीवी तोड़ दिए। पाकिस्तानी फैंस सड़कों के बीच घर से टीवी उठाकर ले आए और उन्हें तोड़ा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बाैखलाए फैंस ने सड़कों पर अपने गुस्से का इजहार किया। पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों के खिलाफ नारेबाजी करते भी दिखे। बैट लेकर टीवी सेटों पर टूट पड़े।
साल 2019 में हुए वनडे विश्व कप में भी यही हाल देखने को मिला। इस दाैरान भी पाकिस्तान को भारत से हार का सामना करना पड़ा था और एक बार फिर पाकिस्तानी फैंस निराश होते दिखे। फैंस इतने निराश दिखे कि उन्होंने टीवी तोड़ दिए। लोगों ने दुकानों में लगे टीवी को भी सड़क पर लाकर पटख दिया। यहां तक कि कईयों ने मीडिया के सामने आकर खिलाड़ियों पर जमकर भड़ास निकाली थी। अब एक बार फिर दोनों टीमें भिड़ने जा रही हैं। अब देखना है कि अगर पाकिस्तान हारती है तो क्या फिर से पाकिस्तीन प्रशंसक अपना पुराना गुस्सा दिखाएंगे या फिर पूरे टूर्नामेंट में सपोर्ट करते हुए दिखेंगे।
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पाकिस्तान फैंस का यह गुस्सा देखने को मिला था साल दो हज़ार पंद्रह में पचास ओवर के आईसीसी विश्व कप में। ओवल में पूल बी का मैच भारत-पाकिस्तान के बीच पंद्रह फरवरी को मैच खेला गया था। इस मैच में भारत ने टाॅस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। शिखर धवन के अर्धशतक और विराट कोहली के शतक की मदद से भारत ने सात विकेट खोकर पाकिस्तान के सामने तीन सौ एक रनों का लक्ष्य रख दिया। इसमें सुरेश रैना की भी छप्पन गेंदों में चौहत्तर रनों की पारी शामिल थी। जवाब में पाकिस्तान की टीम को हैरिस सोहेल और मिस्बाह उल हक ने संभालने की कोशिश तो की, लेकिन इनके आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाजों का सामना उनके बल्लेबाज नहीं कर सके। देखते ही देखते पाकिस्तान की पूरी टीम सैंतालीस ओवर में दो सौ चौबीस रनों पर ढेर हो गई और भारत ने छिहत्तर रनों से मैच जीत लिया। उस विश्व कप में पाकिस्तान की पहली हार देख उस समय उनके फैंस काफी नाराज हो गए थे। वहीं महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में मिली इस जीत से भारत में जश्न मनाया गया। खूब पटाखे फोड़े गए, मानो की दिवाली है। ऊधर पाकिस्तान के फैंस थे जो हार से इतने निराश हो गए कि गुस्से में आकर टीवी तोड़ दिए। पाकिस्तानी फैंस सड़कों के बीच घर से टीवी उठाकर ले आए और उन्हें तोड़ा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बाैखलाए फैंस ने सड़कों पर अपने गुस्से का इजहार किया। पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों के खिलाफ नारेबाजी करते भी दिखे। बैट लेकर टीवी सेटों पर टूट पड़े। साल दो हज़ार उन्नीस में हुए वनडे विश्व कप में भी यही हाल देखने को मिला। इस दाैरान भी पाकिस्तान को भारत से हार का सामना करना पड़ा था और एक बार फिर पाकिस्तानी फैंस निराश होते दिखे। फैंस इतने निराश दिखे कि उन्होंने टीवी तोड़ दिए। लोगों ने दुकानों में लगे टीवी को भी सड़क पर लाकर पटख दिया। यहां तक कि कईयों ने मीडिया के सामने आकर खिलाड़ियों पर जमकर भड़ास निकाली थी। अब एक बार फिर दोनों टीमें भिड़ने जा रही हैं। अब देखना है कि अगर पाकिस्तान हारती है तो क्या फिर से पाकिस्तीन प्रशंसक अपना पुराना गुस्सा दिखाएंगे या फिर पूरे टूर्नामेंट में सपोर्ट करते हुए दिखेंगे।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनने वाले बारहद्वारी कांप्लेक्स के निर्माण लागत में कमी की गई है। अब इसकी निर्माण लागत 42 करोड़ रुपये होगी। शासन की आपत्ति के बाद प्रशासन ने छह करोड़ रुपये की कटौती की है। यही नहीं, कार्यदायी संस्था भी शासन के अनुमोदन से ही तय होगी। इसके अलावा, शहर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले एटा चुंगी, क्वार्सी, सारसौल व सासनीगेट चौराहे भी चमकेंगे। यहां लटके विद्युत तार हटेंगे और अंडर ग्राउंड केबिल डालकर इन चौराहों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर की घनी आबादी वाले इलाके बारहद्वारी में स्मार्ट कांप्लेक्स का निर्माण होना है। इस कांप्लेक्स में रेस्टोरेंट, डायनिंग, पार्किंग समेत अन्य काम होने हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों ने पिछले दिनों 48 करोड़ की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी थी। कार्यदायी संस्था भी तय कर दी थी। लेकिन शासन ने आपत्ति लगाते हुए प्रस्तावित बजट में कटौती करने के आदेश दिए थे। कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि बारहद्वारी कांप्लेक्स निर्माण की प्रस्तावित राशि में कटौती कर इसे 42 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था का भी शासन से अनुमोदन लिया जा रहा है। प्रोजेक्ट को लेकर मंगलवार को हुई बैठक में कमिश्नर ने निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि तेजी से काम कराकर सभी कार्यों को समय से पूरा कराया जाए। जिन कामों के टेंडर नहीं हुए हैं, उनके टेंडर जल्द किए जाएं। वर्तमान में चल रहे कामों मेें मानव श्रम बढ़ाकर मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
नगर आयुक्त प्रेम रंजन ने बताया कि महानगर के मुख्य मार्गों पर लगभग 12 किलोमीटर लंबाई में सड़कों के चौड़ीकरण के साथ ही दोनों तरफ फुटपाथ एवं डिवाइडर बनाए जाएंगे। शहर के चार मुख्य चौराहों क्वार्सी, एटा चुंगी, सारसौल एवं सासनीगेट पर झूलते विद्युत तारों को भूमिगत किया जाएगा। सड़क किनारे पार्किंग एरिया के साथ ही वेंडिंग जोन की स्थापना की जाएगी। जवाहर पार्क के सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए स्मार्ट उपकरण खरीदे जाएंगे। उन्होंने बताया कि फसाड लाइटिंग योजना में शहर के मुख्य भवनों सेवा भवन, घंटाघर, जवाहर भवन एवं अन्य पर लाइटिंग कराई जाएगी। जल संरक्षण एवं संचयन के लिए 12 सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं।
10 स्थानों में स्मार्ट टायलेट का निर्माण किया जा रहा है। इस मौके पर कैरेज वे प्रोजेक्ट, एलपीजी, सीएनजी शवदाह गृह, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, स्मार्ट टॉयलेट आदि परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस मौके पर एसीईओ राजकिशोर, डीजीएम राजेश कौशल, हिमांशु, सचिन सक्सेना, अभिषेक ओझा, शिप्रा अग्रवाल, मोहम्मद वारिस उपस्थित रहे।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनने वाले बारहद्वारी कांप्लेक्स के निर्माण लागत में कमी की गई है। अब इसकी निर्माण लागत बयालीस करोड़ रुपये होगी। शासन की आपत्ति के बाद प्रशासन ने छह करोड़ रुपये की कटौती की है। यही नहीं, कार्यदायी संस्था भी शासन के अनुमोदन से ही तय होगी। इसके अलावा, शहर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले एटा चुंगी, क्वार्सी, सारसौल व सासनीगेट चौराहे भी चमकेंगे। यहां लटके विद्युत तार हटेंगे और अंडर ग्राउंड केबिल डालकर इन चौराहों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर की घनी आबादी वाले इलाके बारहद्वारी में स्मार्ट कांप्लेक्स का निर्माण होना है। इस कांप्लेक्स में रेस्टोरेंट, डायनिंग, पार्किंग समेत अन्य काम होने हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों ने पिछले दिनों अड़तालीस करोड़ की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी थी। कार्यदायी संस्था भी तय कर दी थी। लेकिन शासन ने आपत्ति लगाते हुए प्रस्तावित बजट में कटौती करने के आदेश दिए थे। कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि बारहद्वारी कांप्लेक्स निर्माण की प्रस्तावित राशि में कटौती कर इसे बयालीस करोड़ रुपये कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था का भी शासन से अनुमोदन लिया जा रहा है। प्रोजेक्ट को लेकर मंगलवार को हुई बैठक में कमिश्नर ने निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि तेजी से काम कराकर सभी कार्यों को समय से पूरा कराया जाए। जिन कामों के टेंडर नहीं हुए हैं, उनके टेंडर जल्द किए जाएं। वर्तमान में चल रहे कामों मेें मानव श्रम बढ़ाकर मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप जल्द से जल्द पूरा किया जाए। नगर आयुक्त प्रेम रंजन ने बताया कि महानगर के मुख्य मार्गों पर लगभग बारह किलोग्राममीटर लंबाई में सड़कों के चौड़ीकरण के साथ ही दोनों तरफ फुटपाथ एवं डिवाइडर बनाए जाएंगे। शहर के चार मुख्य चौराहों क्वार्सी, एटा चुंगी, सारसौल एवं सासनीगेट पर झूलते विद्युत तारों को भूमिगत किया जाएगा। सड़क किनारे पार्किंग एरिया के साथ ही वेंडिंग जोन की स्थापना की जाएगी। जवाहर पार्क के सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए स्मार्ट उपकरण खरीदे जाएंगे। उन्होंने बताया कि फसाड लाइटिंग योजना में शहर के मुख्य भवनों सेवा भवन, घंटाघर, जवाहर भवन एवं अन्य पर लाइटिंग कराई जाएगी। जल संरक्षण एवं संचयन के लिए बारह सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। दस स्थानों में स्मार्ट टायलेट का निर्माण किया जा रहा है। इस मौके पर कैरेज वे प्रोजेक्ट, एलपीजी, सीएनजी शवदाह गृह, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, स्मार्ट टॉयलेट आदि परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस मौके पर एसीईओ राजकिशोर, डीजीएम राजेश कौशल, हिमांशु, सचिन सक्सेना, अभिषेक ओझा, शिप्रा अग्रवाल, मोहम्मद वारिस उपस्थित रहे।
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मधु घृतको पाकर ऊपरसे अन्य कांस्यपात्रसे बंदकर हाथमें लेवे मधुपर्क इसमंत्रका मधुच्छन्दऋषि, बृहती छंद, मधुभुग्देवता, मधुपकेके देनेमें विनियोग है ।। मधुपर्कके बनाने में पराशरजी लिखते हैं कि ( सपिरेकगुणंप्रोक्तं शोधितंद्विगुणं मधु । मधुपर्कविधौप्रोक्तं सर्पिपाच समं दधि ) अर्थात् घृत एक गुण शहत द्विगुण दधि एक गुण होना चाहिये । मधुपर्क ग्रहण करे, अनंतर ग्रहण करता हूं यह वर यजमानसे कहे । मित्रस्य इस मंत्रका प्रजापति ऋषि पंक्तिछंद मित्रदेवता मधुपर्कदर्शनमें विनियोग है ( मंत्रार्थ ) हेमधुपर्क ! तुम्हारेको मित्रदेवके नेत्रोंसे देखता हूं ।। इस मंत्र से दाताके हाथमेंही स्थित मधुपर्कको देखे ।। ( देवस्य त्वा) इसमंत्रका ब्रह्माऋषि गायत्रीछन्द सूर्यदेवता मधुपर्कके ग्रहण करनेमें विनियोग है ।। ( मंत्रार्थ ) हे मधुपर्क ! सवितानाम देवता की आज्ञासे हम तुम्हारेको अश्विनीकुमारकी बाहु तथा पूष्णः अर्थात् सूर्यदेवके हाथों से ग्रहण करते हैं । आशय यह है कि सूर्यदेवकी उपासे अश्विनीकुमारने दिया है बलि जिनको ऐसे बाहुओंसे तद्वत् सूर्यके हाथोंसे ग्रहण करता इसमंत्रको पढकर वर मधुपर्क ग्रहणकर वामहाथ में रखकर ।। ॐनमः श्यावेति प्रजापतिर्ऋषिर्गायत्री छन्दः सविता देवतामधुपर्कालोडनेविनियोगः ॥ ॐनमःश्यावा स्यायन्नाशनेयत्तआविद्धंतत्तेनिष्कृन्तामीति अनामि कयात्रिः प्रदक्षिणमालोड्य अनामिकांगुष्ठाभ्यां भूमौ किञ्चिन्निक्षिप्यपुनस्तथैवद्विः प्रत्येकं निक्षिपेत् । तत आचारान्मधुपर्ककिञ्चित्कन्यायैद्रष्टुंदयात् ॥ ॐ
(१३८) विवाहपद्धति भा० टी० ।
यन्मधु इत्यस्य कौत्सऋषिर्जगतीछन्दः मधुपकोंदे वतामधुपर्कप्राशनेविनियोगः ॐयन्मधुनोमधव्यंपर मरूपमन्नाद्यम् ॥ तेनाऽहंमधुनोमधव्येनपरमेणरूपे णान्नाद्येनपरमोमधव्योन्नादोसानि ॥ २ ॥ इत्यनेनवार त्र्यंमधुपर्कप्राशनंप्रतिप्राशनान्तेचैतन्मंत्रपाठः 11 ततोमधुपर्कशेषमसंचरेदेशेधारयेत् ।।
भा० टी० - ( नमःश्यावेति ) इसमंत्रका प्रजापति ऋषि गाय त्री छन्द सवितादेवता मधुपर्कके आलोडनमें विनियोग है ॥ मंत्रार्थ हेजठराग्ने कपिश ! अर्थात् धूम्रवर्ण है जिसका और अन्नके पचानेवाले तुमको प्रणाम करते हैं और जो मैंने भोजनकालमें निषिद्ध पदार्थ भक्षण किया वह निकालता हूं ।। इसमंत्रको पढ अनामिकासे तीनवार प्रदक्षिणा क्रमसे आलोडन कर और अनामिका अंगुष्ठसे पृथिवीपर किंचित २ तीनवार मधुपर्क गरे अनंतर लोकाचारसे मधुपर्क किंचित् कन्यांक लिये देखनेको भेजे ॥ ( यन्म धुन - ) इसमंत्रका कौत्सऋषि जगती छन्द मधुपर्कदेवता प्राशन कर नेमें विनियुक्त है (मंत्रार्थ) हे देवगणो ! जो मकरंदका परम उत्कृष्ट रूप ( अनाद्यं ) अर्थात् अन्नादिवत प्राणधारक तिसपर उत्कृष्ट अर्थात् शरीरमें व्याप्त सर्वरूपको प्राप्त हुए रसकरके मैं सबसे श्रेष्ठ मधुपर्कके योग्य अन्तके भोगनेवाला होवो । इसमंत्र को पढ तीनवार मधुपर्क प्राशन कर मंत्रपाठके अनन्तर प्राशन करना ॥ शेष रहा मधुपर्क शुद्धभूमि जिसपर पाद न आवे वहाँ गेरदेवे ।। इस स्थान सूत्रकारके बहुत मत हैं कि शेष मधुपर्क जो पूर्वस्वीका
( १३९ ) पुत्रहो उसको देना वा पूर्वदिशा असंचर स्थानमें गेरदेना वा संपूर्ण आप पीना अथवा शेष अपने विद्यार्थीको देना ( यथासूत्रंमधुमतीभिर्वा प्रत्यृचं पुत्रायान्तेवासिन उच्छिष्टं दद्यात्सर्वे वा प्राश्रीयात्प्राग्वासंचरेविनयेदिति)
ततस्त्रिराचामेद्वरः वाङ्मआस्येअस्तु ।। नसोर्मेप्राणोऽ स्तुअक्षणोर्मे चक्षुरस्तुकर्णयोर्मेश्रोत्रमस्तु बाह्वोर्मेब लमस्तु ऊर्वोर्मेओजोऽस्तुअरिष्टानिमेऽङ्गानितनूस्त न्वामेसंतु ।। इतिप्रत्येकंसर्वगात्राणिसंस्पृशेत् ।। मा० टी० - सजलहाथ से अंगन्यास करे ( मंत्रार्थ ) वाकू ( वा णी ) देवता मेरे मुखमें हो और नासिकामें प्राण हो नेत्रों में चक्षुरिंद्रिय हो कर्णीमें श्रोनेंद्रिय हो बाहुमें बलहो और उरुवोंमें ओजहो तथा मेरे संपूर्ण अंग अरिष्ट अर्थात् आरोग्य हो, इस मंत्रसे एक २ अंगके क्रमसे स्पर्श करना ।। अब जैसे अंगुलीमे चाहिये वह क्रम लिखते हैं । कराय अंगुली तीन तर्जनि अंगुष्ठ २ मध्यमा अंगुष्ठ ३ अनामिकांगुष्ठ ४ अंगुष्ठकनिष्टिका ५ सर्वोगुलि निमीलन ६ यह क्रमपूर्वक रीति है ॥ ततोयजमानद्वारागौगगरितिपाठः ॥ अत्र वरयज मानाभ्यांतृणच्छेदनमाचारोनतुविधिः ॥ अतएवप द्धतिषु ॥ ततोवरस्तृणंयजमानेन सहगृहीत्वाऽग्रिममं पठेत् ।। मातारुद्राणामितिमंत्रस्य ब्रह्माऋषिस्त्रिष्टु पूछन्दः शौरिर्देवताभिमन्त्रणेविनियोगः ॥ ॐ माता रुद्राणांदुहितावसूनां स्वसादित्यानाममृतस्यनाभिः ॥ प्रनु वोचं चिकितुषेजनायमागामनागामदितिं वधि
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मधु घृतको पाकर ऊपरसे अन्य कांस्यपात्रसे बंदकर हाथमें लेवे मधुपर्क इसमंत्रका मधुच्छन्दऋषि, बृहती छंद, मधुभुग्देवता, मधुपकेके देनेमें विनियोग है ।। मधुपर्कके बनाने में पराशरजी लिखते हैं कि अर्थात् घृत एक गुण शहत द्विगुण दधि एक गुण होना चाहिये । मधुपर्क ग्रहण करे, अनंतर ग्रहण करता हूं यह वर यजमानसे कहे । मित्रस्य इस मंत्रका प्रजापति ऋषि पंक्तिछंद मित्रदेवता मधुपर्कदर्शनमें विनियोग है हेमधुपर्क ! तुम्हारेको मित्रदेवके नेत्रोंसे देखता हूं ।। इस मंत्र से दाताके हाथमेंही स्थित मधुपर्कको देखे ।। इसमंत्रका ब्रह्माऋषि गायत्रीछन्द सूर्यदेवता मधुपर्कके ग्रहण करनेमें विनियोग है ।। हे मधुपर्क ! सवितानाम देवता की आज्ञासे हम तुम्हारेको अश्विनीकुमारकी बाहु तथा पूष्णः अर्थात् सूर्यदेवके हाथों से ग्रहण करते हैं । आशय यह है कि सूर्यदेवकी उपासे अश्विनीकुमारने दिया है बलि जिनको ऐसे बाहुओंसे तद्वत् सूर्यके हाथोंसे ग्रहण करता इसमंत्रको पढकर वर मधुपर्क ग्रहणकर वामहाथ में रखकर ।। ॐनमः श्यावेति प्रजापतिर्ऋषिर्गायत्री छन्दः सविता देवतामधुपर्कालोडनेविनियोगः ॥ ॐनमःश्यावा स्यायन्नाशनेयत्तआविद्धंतत्तेनिष्कृन्तामीति अनामि कयात्रिः प्रदक्षिणमालोड्य अनामिकांगुष्ठाभ्यां भूमौ किञ्चिन्निक्षिप्यपुनस्तथैवद्विः प्रत्येकं निक्षिपेत् । तत आचारान्मधुपर्ककिञ्चित्कन्यायैद्रष्टुंदयात् ॥ ॐ विवाहपद्धति भाशून्य टीशून्य । यन्मधु इत्यस्य कौत्सऋषिर्जगतीछन्दः मधुपकोंदे वतामधुपर्कप्राशनेविनियोगः ॐयन्मधुनोमधव्यंपर मरूपमन्नाद्यम् ॥ तेनाऽहंमधुनोमधव्येनपरमेणरूपे णान्नाद्येनपरमोमधव्योन्नादोसानि ॥ दो ॥ इत्यनेनवार त्र्यंमधुपर्कप्राशनंप्रतिप्राशनान्तेचैतन्मंत्रपाठः ग्यारह ततोमधुपर्कशेषमसंचरेदेशेधारयेत् ।। भाशून्य टीशून्य - इसमंत्रका प्रजापति ऋषि गाय त्री छन्द सवितादेवता मधुपर्कके आलोडनमें विनियोग है ॥ मंत्रार्थ हेजठराग्ने कपिश ! अर्थात् धूम्रवर्ण है जिसका और अन्नके पचानेवाले तुमको प्रणाम करते हैं और जो मैंने भोजनकालमें निषिद्ध पदार्थ भक्षण किया वह निकालता हूं ।। इसमंत्रको पढ अनामिकासे तीनवार प्रदक्षिणा क्रमसे आलोडन कर और अनामिका अंगुष्ठसे पृथिवीपर किंचित दो तीनवार मधुपर्क गरे अनंतर लोकाचारसे मधुपर्क किंचित् कन्यांक लिये देखनेको भेजे ॥ इसमंत्रका कौत्सऋषि जगती छन्द मधुपर्कदेवता प्राशन कर नेमें विनियुक्त है हे देवगणो ! जो मकरंदका परम उत्कृष्ट रूप अर्थात् अन्नादिवत प्राणधारक तिसपर उत्कृष्ट अर्थात् शरीरमें व्याप्त सर्वरूपको प्राप्त हुए रसकरके मैं सबसे श्रेष्ठ मधुपर्कके योग्य अन्तके भोगनेवाला होवो । इसमंत्र को पढ तीनवार मधुपर्क प्राशन कर मंत्रपाठके अनन्तर प्राशन करना ॥ शेष रहा मधुपर्क शुद्धभूमि जिसपर पाद न आवे वहाँ गेरदेवे ।। इस स्थान सूत्रकारके बहुत मत हैं कि शेष मधुपर्क जो पूर्वस्वीका पुत्रहो उसको देना वा पूर्वदिशा असंचर स्थानमें गेरदेना वा संपूर्ण आप पीना अथवा शेष अपने विद्यार्थीको देना ततस्त्रिराचामेद्वरः वाङ्मआस्येअस्तु ।। नसोर्मेप्राणोऽ स्तुअक्षणोर्मे चक्षुरस्तुकर्णयोर्मेश्रोत्रमस्तु बाह्वोर्मेब लमस्तु ऊर्वोर्मेओजोऽस्तुअरिष्टानिमेऽङ्गानितनूस्त न्वामेसंतु ।। इतिप्रत्येकंसर्वगात्राणिसंस्पृशेत् ।। माशून्य टीशून्य - सजलहाथ से अंगन्यास करे वाकू देवता मेरे मुखमें हो और नासिकामें प्राण हो नेत्रों में चक्षुरिंद्रिय हो कर्णीमें श्रोनेंद्रिय हो बाहुमें बलहो और उरुवोंमें ओजहो तथा मेरे संपूर्ण अंग अरिष्ट अर्थात् आरोग्य हो, इस मंत्रसे एक दो अंगके क्रमसे स्पर्श करना ।। अब जैसे अंगुलीमे चाहिये वह क्रम लिखते हैं । कराय अंगुली तीन तर्जनि अंगुष्ठ दो मध्यमा अंगुष्ठ तीन अनामिकांगुष्ठ चार अंगुष्ठकनिष्टिका पाँच सर्वोगुलि निमीलन छः यह क्रमपूर्वक रीति है ॥ ततोयजमानद्वारागौगगरितिपाठः ॥ अत्र वरयज मानाभ्यांतृणच्छेदनमाचारोनतुविधिः ॥ अतएवप द्धतिषु ॥ ततोवरस्तृणंयजमानेन सहगृहीत्वाऽग्रिममं पठेत् ।। मातारुद्राणामितिमंत्रस्य ब्रह्माऋषिस्त्रिष्टु पूछन्दः शौरिर्देवताभिमन्त्रणेविनियोगः ॥ ॐ माता रुद्राणांदुहितावसूनां स्वसादित्यानाममृतस्यनाभिः ॥ प्रनु वोचं चिकितुषेजनायमागामनागामदितिं वधि
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सोशल मीडिया पर जब से सेलिब्रिटीज़ ने अपने पल-पल की खबरें देना शुरू कर दिया है. तब से उनके फैंस ने उनकी रियल लाइफ में दखल देना भी शुरू कर दिया है. अब तो वे उनेक खान-पान, रहन-सहन, पहनावा को लेकर भी अपने मत रखने लगे हैं. अगर उन्हे कोई चीज पसंद नहीं आती तो वे सेलिब्रिटीज़ को ट्रोल करना शुरू कर देते हैं. इसी कड़ी में इस बार ट्रोलर्स का शिकार बनी हैं बॉलीवुड की बेबो यानि करीना कपूर खान.
तैमूर के जन्म के बाद करीना ने अपने फिटनेस पर पूरा ध्यान दिया. वह अब पहले से भी फिट हो गई. हाल ही में करीना को आउटिंग और जिम के लिए शॉर्ट कपड़ो में कैप्चर किया गया. उनकी तस्वीरों को लेकर बहुत सारे कमेंट्स मिल रहे हैं. उनमें से किसी ने करीना को सलाह दे दी कि आप अब मां बन चुकी है आपको इस तरह के कपड़े शोभा नहीं देते.
लोगों की बातों का करारा जवाब देते हुए करीना ने कहा, इंसान को अपने हिसाब से कपड़े पहनने चाहिए. ऐसे कपड़े जो उन पर अच्छे लगते हो. मेरी मां और सास शार्मिला टगौर मार्डन कपड़े पहनती हैं उसमें वह कंफर्टेबल महसूस करती हैं. उनका कहना है कि मैं उस खानदान से ताल्लुक रखती हूं जहां कपड़े को लेकर किसी पर दबाव नहीं हैं. जिसको जो पहनना है वह पहन सकता हैं.
करीना ने यह भी कहा कि अगर वह मां बन गई हैं तो इसका मतलब नहीं कि वो छोटे कपड़े नहीं पहन सकती हैं. अगर आपको अपने पर विश्वास हैं कि आप इस ड्रेस में अच्छी दिखेंगी तो बिल्कुल इसे फॉलो कर सकती हैं. करीना बताती हैं कि वह जब प्रेग्नेंट रही तो उन्हें कई तरह के सवालों का सामना करना पड़ा लेकिन जिदंगी को अपने तरीके से ही जीना चाहिए.
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सोशल मीडिया पर जब से सेलिब्रिटीज़ ने अपने पल-पल की खबरें देना शुरू कर दिया है. तब से उनके फैंस ने उनकी रियल लाइफ में दखल देना भी शुरू कर दिया है. अब तो वे उनेक खान-पान, रहन-सहन, पहनावा को लेकर भी अपने मत रखने लगे हैं. अगर उन्हे कोई चीज पसंद नहीं आती तो वे सेलिब्रिटीज़ को ट्रोल करना शुरू कर देते हैं. इसी कड़ी में इस बार ट्रोलर्स का शिकार बनी हैं बॉलीवुड की बेबो यानि करीना कपूर खान. तैमूर के जन्म के बाद करीना ने अपने फिटनेस पर पूरा ध्यान दिया. वह अब पहले से भी फिट हो गई. हाल ही में करीना को आउटिंग और जिम के लिए शॉर्ट कपड़ो में कैप्चर किया गया. उनकी तस्वीरों को लेकर बहुत सारे कमेंट्स मिल रहे हैं. उनमें से किसी ने करीना को सलाह दे दी कि आप अब मां बन चुकी है आपको इस तरह के कपड़े शोभा नहीं देते. लोगों की बातों का करारा जवाब देते हुए करीना ने कहा, इंसान को अपने हिसाब से कपड़े पहनने चाहिए. ऐसे कपड़े जो उन पर अच्छे लगते हो. मेरी मां और सास शार्मिला टगौर मार्डन कपड़े पहनती हैं उसमें वह कंफर्टेबल महसूस करती हैं. उनका कहना है कि मैं उस खानदान से ताल्लुक रखती हूं जहां कपड़े को लेकर किसी पर दबाव नहीं हैं. जिसको जो पहनना है वह पहन सकता हैं. करीना ने यह भी कहा कि अगर वह मां बन गई हैं तो इसका मतलब नहीं कि वो छोटे कपड़े नहीं पहन सकती हैं. अगर आपको अपने पर विश्वास हैं कि आप इस ड्रेस में अच्छी दिखेंगी तो बिल्कुल इसे फॉलो कर सकती हैं. करीना बताती हैं कि वह जब प्रेग्नेंट रही तो उन्हें कई तरह के सवालों का सामना करना पड़ा लेकिन जिदंगी को अपने तरीके से ही जीना चाहिए.
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रसोईघर में मरम्मत महंगा और परेशानी है, क्योंकिआपको खरीदने के लिए बहुत कुछ चाहिएः फर्नीचर, नलसाजी, और परिष्करण सामग्री। और चूंकि कई अपार्टमेंटों में रसोई न केवल भोजन तैयार करने और खाने के लिए एक जगह है, बल्कि सभाओं के लिए एक पारंपरिक कमरा भी है, आंतरिक तत्वों को चुना जाना चाहिए ताकि वे दोनों सुंदर, आरामदायक और व्यावहारिक हों।
रसोईघर के अनिवार्य गुणों में से एक हैसिंक। इसके बिना किसी भी तरह से, लेकिन जल्दी में इसे खरीद मत करो। प्रारंभिक रूप से यह विशेष दुकानों के चारों ओर घूमने, समीक्षा पढ़ने के लिए चोट नहीं पहुंचाता है। कृत्रिम पत्थर से बने सिंक - एक विकल्प जो अक्सर अलमारियों पर पाया जा सकता है। यह बहुत समय पहले नहीं दिखाई दिया था, लेकिन सामग्री की गुणवत्ता और इसकी व्यावहारिकता के बारे में पहले से ही बहुत सारे प्रतिक्रियाएं हैं। और सकारात्मक और नकारात्मक दोनों।
गोले क्या करते हैं?
उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्रियां हैंइस तत्व के निर्माण के लिए। स्टेनलेस स्टील सिंक थे और अभी भी लोकप्रिय हैं। यह सामग्री बहुत व्यावहारिक और बिल्कुल हानिरहित है। एकमात्र कमी - एक रंग चुनने की क्षमता की कमी, जो काफी बोलती है समीक्षाओं का कहना है। विभिन्न रंगों के साथ कृत्रिम पत्थर से बने एक सिंक को अन्य सकारात्मक गुणों के द्रव्यमान से अलग किया जाता है। यह रसोई सिंक में अच्छा तामचीनी दिखता है। लेकिन इस प्रकार के उत्पाद के लिए एक गंभीर कमी है - यहां तक कि बहुत भारी वस्तु के पतन के साथ (और रसोई में यह होता है), चिप्स सतह पर बने होते हैं। नतीजतन, संक्षारण प्रकट होता है जो अनैतिक दिखता है।
कृत्रिम पत्थर क्या है?
वास्तव में, यह नाम एक निश्चित छुपाता हैप्राकृतिक टुकड़े और सिंथेटिक राल से समग्र सामग्री। पहले घटक के रूप में, ग्रेनाइट, संगमरमर, क्वार्ट्ज या इसका मिश्रण आमतौर पर उपयोग किया जाता है। एक्रिलिक एक कनेक्टिंग लिंक के रूप में कार्य करता है (लेकिन अन्य रूप भी हो सकते हैं)। आवश्यक दृश्य प्रभाव और एक निश्चित रंग को प्राप्त करने के लिए, विभिन्न रंगों, अनुक्रमों आदि को मिश्रण में डाला जाता है। कृत्रिम पत्थर का उपयोग सतहों का सामना करने, फर्नीचर, टेबल टॉप और यहां तक कि स्मृति चिन्ह बनाने के लिए किया जाता है। हाल के वर्षों में बहुत ही लोकप्रिय कृत्रिम पत्थर से रसोई सिंक। संभावित रंगों की विविधता के कारण, वे सामंजस्यपूर्ण रूप से किसी भी इंटीरियर में फिट होते हैं।
समग्र सामग्री की किस्मों में से एक,जिसका उपयोग अक्सर टाईल्स और काउंटरटॉप्स के उत्पादन के लिए किया जाता है, एक्रिलिक राल में एक संगमरमर का टुकड़ा है। यह एक प्राकृतिक पत्थर की तरह दिखता है, इसलिए यह आमतौर पर बाथरूम में स्थापित होता है। रसोईघर का प्रयोग अक्सर होता है, केवल तभी जब यह समग्र डिजाइन में फिट बैठता है।
कृत्रिम ग्रेनाइट समान रूप से बनाया जाता हैसंगमरमर, लेकिन मूल रूप से अलग दिखने के कारण, अक्सर रसोई सिंक के उत्पादन में उपयोग किया जाता है। भौतिक रूप से प्रशंसापत्रों की पुष्टि करने के रूप में सामग्री काफी लोकप्रिय है। शास्त्रीय रंगों में एक कृत्रिम पत्थर से सिंक, एक नियम के रूप में, एक ग्रेनाइट टुकड़े से बना है। हालांकि कुछ निर्माता उज्ज्वल रंगों का उपयोग करते हैं।
बनाने के लिए एक ठोस भराव के रूप मेंकृत्रिम पत्थर कभी-कभी क्वार्ट्ज या विभिन्न टुकड़ों का मिश्रण का उपयोग करते हैं। घरेलू बाजार में, एक्रिलिक मिश्रित अक्सर बहुभुज कहा जाता है। निर्माता के समान नाम के कृत्रिम पत्थर से सिंक उपभोक्ताओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं और बहुत सारी सकारात्मक समीक्षा प्राप्त करते हैं। कंपनी विविध रंग समाधान और खोल आकार की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।
उनके निर्माण में 80% पत्थर का उपयोग किया जाता है।crumbs और 20% बहुलक। इस तरह के सिंक की कीमत चीनी से अधिक महंगा है, लेकिन कई यूरोपीय निर्माताओं के अधिक किफायती उत्पादों। गुणवत्ता के मामले में, यह पहले की तुलना में एक सिर लंबा है और दूसरे से कम नहीं है। सिंक "पोलिग्रेन" - निरंतर, आरामदायक और निरंतर संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया।
सबसे पहले, यह सौंदर्य गुण है। कृत्रिम पत्थर से बने रसोई सिंक किसी भी रंग में बनाया जा सकता है, जिसका अर्थ है कि वे पूरी तरह से फर्नीचर और कमरे के स्वर में फिट होंगे। दूसरा, समग्र एक मूक सामग्री है। यदि आप धातु की सतह पर पानी डालते हैं, तो यह अप्रिय आवाज उठाएगा। समय के साथ आप उन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन वे कई गृहिणियों के लिए परेशान हैं।
अन्य फायदों में - प्रतिरोध और प्रभाव प्रतिरोध पहनते हैं, खाद्य उत्पादों और डिटर्जेंट, जीवाणुरोधी गुणों के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया की अनुपस्थिति।
निस्संदेह, वे भी मौजूद हैं। उनकी आकर्षकता के बावजूद (कृत्रिम पत्थर से बने नक्काशी, जिनकी तस्वीरें लेख में देखी जा सकती हैं, अच्छी लगती हैं), कभी-कभी बहुत ही सफल रंग समाधान नहीं होते हैं। लेकिन यह स्वाद का मामला है।
वास्तव में क्या रोक सकता हैउपभोक्ता, यह सिंक की लागत है। दरअसल, कृत्रिम पत्थर से बने एक अच्छी गुणवत्ता वाले और उच्च गुणवत्ता वाले सिंक, जिनकी कीमतें कभी-कभी 6000 रूबल से अधिक होती हैं, हर किसी के लिए सस्ती नहीं होती हैं। और जब एकीकृत या गैर-मानक संस्करण की बात आती है, तो यह और भी महंगा हो सकता है। ऐक्रेलिक के खतरों के बारे में एक राय (अनुचित नहीं) है, लेकिन यह अंतिम उत्पाद, लेकिन उत्पादन प्रक्रिया से संबंधित नहीं है।
बाकी सब कुछ, जैसा कि वे समीक्षा कहते हैं, कृत्रिम पत्थर की धुलाई स्थापित करना मुश्किल है। इसलिए, ज्यादातर मामलों में एक विशेषज्ञ की सेवाओं का सहारा लेना आवश्यक है, और ये अतिरिक्त लागत हैं।
सामग्री के अलावा जिसमें से यह बनाया गया हैसिंक, अन्य चयन मानदंड हैं। उदाहरण के लिए, धोने का रूप। ऐसे उत्पाद गोल, अंडाकार, चौकोर, आयताकार और बहुत जटिल आकृतियों के रूप में होते हैं। यह सब कई बार मज़ेदार लगता है, लेकिन चुनाव करने से पहले, आपको याद रखना चाहिए कि सिंक के सौंदर्य गुणों के अलावा, व्यावहारिक गुण भी हैं।
इसलिए यदि आप इसे कल्पना के साथ अति करते हैं, तो यह हो सकता हैबाहर आओ ताकि सिंक एक आंतरिक आइटम की भूमिका निभाए, लेकिन इसका उपयोग अपने इच्छित उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है। लेकिन एक गोल या चौकोर चुनें, प्रत्येक परिचारिका को अपने लिए तय करना होगा। व्यवहार में, कृत्रिम पत्थर से बने कोने सिंक अक्सर एकीकृत या अंडाकार बनाये जाते हैं। वे कम जगह लेते हैं और बेहतर दिखते हैं। अन्य मामलों में, एक चौकोर या आयताकार आकार का उपयोग करें। यदि रसोई क्षेत्र अनुमति देता है, तो एक डबल संस्करण प्राप्त करें। इस तरह के सिंक में बड़ी क्षमता होती है, और यह बेहतर दिखता है, और इसका उपयोग करना अधिक सुविधाजनक होता है। हालांकि गोल धोने के लिए बहुत आसान है।
धोने की गहराई के लिए, यहाँ भी चित्रअस्पष्ट। छोटे स्प्रे से आमतौर पर उड़ते हैं, लेकिन यह जितना गहरा होता है, उतना ही आपको झुकना पड़ता है। इसलिए विकल्प अक्सर मध्यवर्ती विकल्प के पक्ष में बनाया जाता है।
गहराई और आकार के अलावा, गोले को विभाजित किया जा सकता हैकई प्रकारों के आधार पर कि वे कैसे काम की सतह से जुड़े हैं। एकीकृत संस्करण के अलावा, जब सिंक टेबल टॉप का हिस्सा होता है, तो मोर्टिज़, इनवॉइस इंस्टॉलेशन के तरीके और साथ ही कोष्ठक पर बढ़ते हैं।
अंतिम विकल्प को सबसे सरल माना जाता हैकि गली का एक आदमी भी इसे संभाल सकता है। ब्रैकेट्स पर बन्धन का उपयोग उन मामलों में भी किया जाता है जब सिंक को पुराने के साथ बदल दिया जाता है, और वे फर्नीचर को बदलने की योजना नहीं बनाते हैं।
मोर्टिज़ की सफाई इनवॉइस से भिन्न होती है कि पहले मामले में इसे टेबल टॉप के साथ समान स्तर पर स्थापित किया गया है, और दूसरे में - यह इसके ऊपर उगता है।
कृत्रिम पत्थर धोने वालों की समीक्षा अधिक बारसकारात्मक हैं। लेकिन कभी-कभी वे तटस्थ हो सकते हैं, और यहां तक कि क्रोधित भी। इसके कई कारण हैं। सबसे पहले, एक विशेष उदाहरण की गुणवत्ता। खरीद पर बचाने की कोशिश करते हुए, उपभोक्ता अक्सर चीनी निर्माता से एक सस्ता समान चुनता है। परिणाम एक खराब गुणवत्ता वाला उत्पाद है जो आसानी से खरोंच हो जाता है या फट सकता है।
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रसोईघर में मरम्मत महंगा और परेशानी है, क्योंकिआपको खरीदने के लिए बहुत कुछ चाहिएः फर्नीचर, नलसाजी, और परिष्करण सामग्री। और चूंकि कई अपार्टमेंटों में रसोई न केवल भोजन तैयार करने और खाने के लिए एक जगह है, बल्कि सभाओं के लिए एक पारंपरिक कमरा भी है, आंतरिक तत्वों को चुना जाना चाहिए ताकि वे दोनों सुंदर, आरामदायक और व्यावहारिक हों। रसोईघर के अनिवार्य गुणों में से एक हैसिंक। इसके बिना किसी भी तरह से, लेकिन जल्दी में इसे खरीद मत करो। प्रारंभिक रूप से यह विशेष दुकानों के चारों ओर घूमने, समीक्षा पढ़ने के लिए चोट नहीं पहुंचाता है। कृत्रिम पत्थर से बने सिंक - एक विकल्प जो अक्सर अलमारियों पर पाया जा सकता है। यह बहुत समय पहले नहीं दिखाई दिया था, लेकिन सामग्री की गुणवत्ता और इसकी व्यावहारिकता के बारे में पहले से ही बहुत सारे प्रतिक्रियाएं हैं। और सकारात्मक और नकारात्मक दोनों। गोले क्या करते हैं? उपयोग की जाने वाली कुछ सामग्रियां हैंइस तत्व के निर्माण के लिए। स्टेनलेस स्टील सिंक थे और अभी भी लोकप्रिय हैं। यह सामग्री बहुत व्यावहारिक और बिल्कुल हानिरहित है। एकमात्र कमी - एक रंग चुनने की क्षमता की कमी, जो काफी बोलती है समीक्षाओं का कहना है। विभिन्न रंगों के साथ कृत्रिम पत्थर से बने एक सिंक को अन्य सकारात्मक गुणों के द्रव्यमान से अलग किया जाता है। यह रसोई सिंक में अच्छा तामचीनी दिखता है। लेकिन इस प्रकार के उत्पाद के लिए एक गंभीर कमी है - यहां तक कि बहुत भारी वस्तु के पतन के साथ , चिप्स सतह पर बने होते हैं। नतीजतन, संक्षारण प्रकट होता है जो अनैतिक दिखता है। कृत्रिम पत्थर क्या है? वास्तव में, यह नाम एक निश्चित छुपाता हैप्राकृतिक टुकड़े और सिंथेटिक राल से समग्र सामग्री। पहले घटक के रूप में, ग्रेनाइट, संगमरमर, क्वार्ट्ज या इसका मिश्रण आमतौर पर उपयोग किया जाता है। एक्रिलिक एक कनेक्टिंग लिंक के रूप में कार्य करता है । आवश्यक दृश्य प्रभाव और एक निश्चित रंग को प्राप्त करने के लिए, विभिन्न रंगों, अनुक्रमों आदि को मिश्रण में डाला जाता है। कृत्रिम पत्थर का उपयोग सतहों का सामना करने, फर्नीचर, टेबल टॉप और यहां तक कि स्मृति चिन्ह बनाने के लिए किया जाता है। हाल के वर्षों में बहुत ही लोकप्रिय कृत्रिम पत्थर से रसोई सिंक। संभावित रंगों की विविधता के कारण, वे सामंजस्यपूर्ण रूप से किसी भी इंटीरियर में फिट होते हैं। समग्र सामग्री की किस्मों में से एक,जिसका उपयोग अक्सर टाईल्स और काउंटरटॉप्स के उत्पादन के लिए किया जाता है, एक्रिलिक राल में एक संगमरमर का टुकड़ा है। यह एक प्राकृतिक पत्थर की तरह दिखता है, इसलिए यह आमतौर पर बाथरूम में स्थापित होता है। रसोईघर का प्रयोग अक्सर होता है, केवल तभी जब यह समग्र डिजाइन में फिट बैठता है। कृत्रिम ग्रेनाइट समान रूप से बनाया जाता हैसंगमरमर, लेकिन मूल रूप से अलग दिखने के कारण, अक्सर रसोई सिंक के उत्पादन में उपयोग किया जाता है। भौतिक रूप से प्रशंसापत्रों की पुष्टि करने के रूप में सामग्री काफी लोकप्रिय है। शास्त्रीय रंगों में एक कृत्रिम पत्थर से सिंक, एक नियम के रूप में, एक ग्रेनाइट टुकड़े से बना है। हालांकि कुछ निर्माता उज्ज्वल रंगों का उपयोग करते हैं। बनाने के लिए एक ठोस भराव के रूप मेंकृत्रिम पत्थर कभी-कभी क्वार्ट्ज या विभिन्न टुकड़ों का मिश्रण का उपयोग करते हैं। घरेलू बाजार में, एक्रिलिक मिश्रित अक्सर बहुभुज कहा जाता है। निर्माता के समान नाम के कृत्रिम पत्थर से सिंक उपभोक्ताओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं और बहुत सारी सकारात्मक समीक्षा प्राप्त करते हैं। कंपनी विविध रंग समाधान और खोल आकार की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। उनके निर्माण में अस्सी% पत्थर का उपयोग किया जाता है।crumbs और बीस% बहुलक। इस तरह के सिंक की कीमत चीनी से अधिक महंगा है, लेकिन कई यूरोपीय निर्माताओं के अधिक किफायती उत्पादों। गुणवत्ता के मामले में, यह पहले की तुलना में एक सिर लंबा है और दूसरे से कम नहीं है। सिंक "पोलिग्रेन" - निरंतर, आरामदायक और निरंतर संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया। सबसे पहले, यह सौंदर्य गुण है। कृत्रिम पत्थर से बने रसोई सिंक किसी भी रंग में बनाया जा सकता है, जिसका अर्थ है कि वे पूरी तरह से फर्नीचर और कमरे के स्वर में फिट होंगे। दूसरा, समग्र एक मूक सामग्री है। यदि आप धातु की सतह पर पानी डालते हैं, तो यह अप्रिय आवाज उठाएगा। समय के साथ आप उन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन वे कई गृहिणियों के लिए परेशान हैं। अन्य फायदों में - प्रतिरोध और प्रभाव प्रतिरोध पहनते हैं, खाद्य उत्पादों और डिटर्जेंट, जीवाणुरोधी गुणों के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया की अनुपस्थिति। निस्संदेह, वे भी मौजूद हैं। उनकी आकर्षकता के बावजूद , कभी-कभी बहुत ही सफल रंग समाधान नहीं होते हैं। लेकिन यह स्वाद का मामला है। वास्तव में क्या रोक सकता हैउपभोक्ता, यह सिंक की लागत है। दरअसल, कृत्रिम पत्थर से बने एक अच्छी गुणवत्ता वाले और उच्च गुणवत्ता वाले सिंक, जिनकी कीमतें कभी-कभी छः हज़ार रूबल से अधिक होती हैं, हर किसी के लिए सस्ती नहीं होती हैं। और जब एकीकृत या गैर-मानक संस्करण की बात आती है, तो यह और भी महंगा हो सकता है। ऐक्रेलिक के खतरों के बारे में एक राय है, लेकिन यह अंतिम उत्पाद, लेकिन उत्पादन प्रक्रिया से संबंधित नहीं है। बाकी सब कुछ, जैसा कि वे समीक्षा कहते हैं, कृत्रिम पत्थर की धुलाई स्थापित करना मुश्किल है। इसलिए, ज्यादातर मामलों में एक विशेषज्ञ की सेवाओं का सहारा लेना आवश्यक है, और ये अतिरिक्त लागत हैं। सामग्री के अलावा जिसमें से यह बनाया गया हैसिंक, अन्य चयन मानदंड हैं। उदाहरण के लिए, धोने का रूप। ऐसे उत्पाद गोल, अंडाकार, चौकोर, आयताकार और बहुत जटिल आकृतियों के रूप में होते हैं। यह सब कई बार मज़ेदार लगता है, लेकिन चुनाव करने से पहले, आपको याद रखना चाहिए कि सिंक के सौंदर्य गुणों के अलावा, व्यावहारिक गुण भी हैं। इसलिए यदि आप इसे कल्पना के साथ अति करते हैं, तो यह हो सकता हैबाहर आओ ताकि सिंक एक आंतरिक आइटम की भूमिका निभाए, लेकिन इसका उपयोग अपने इच्छित उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है। लेकिन एक गोल या चौकोर चुनें, प्रत्येक परिचारिका को अपने लिए तय करना होगा। व्यवहार में, कृत्रिम पत्थर से बने कोने सिंक अक्सर एकीकृत या अंडाकार बनाये जाते हैं। वे कम जगह लेते हैं और बेहतर दिखते हैं। अन्य मामलों में, एक चौकोर या आयताकार आकार का उपयोग करें। यदि रसोई क्षेत्र अनुमति देता है, तो एक डबल संस्करण प्राप्त करें। इस तरह के सिंक में बड़ी क्षमता होती है, और यह बेहतर दिखता है, और इसका उपयोग करना अधिक सुविधाजनक होता है। हालांकि गोल धोने के लिए बहुत आसान है। धोने की गहराई के लिए, यहाँ भी चित्रअस्पष्ट। छोटे स्प्रे से आमतौर पर उड़ते हैं, लेकिन यह जितना गहरा होता है, उतना ही आपको झुकना पड़ता है। इसलिए विकल्प अक्सर मध्यवर्ती विकल्प के पक्ष में बनाया जाता है। गहराई और आकार के अलावा, गोले को विभाजित किया जा सकता हैकई प्रकारों के आधार पर कि वे कैसे काम की सतह से जुड़े हैं। एकीकृत संस्करण के अलावा, जब सिंक टेबल टॉप का हिस्सा होता है, तो मोर्टिज़, इनवॉइस इंस्टॉलेशन के तरीके और साथ ही कोष्ठक पर बढ़ते हैं। अंतिम विकल्प को सबसे सरल माना जाता हैकि गली का एक आदमी भी इसे संभाल सकता है। ब्रैकेट्स पर बन्धन का उपयोग उन मामलों में भी किया जाता है जब सिंक को पुराने के साथ बदल दिया जाता है, और वे फर्नीचर को बदलने की योजना नहीं बनाते हैं। मोर्टिज़ की सफाई इनवॉइस से भिन्न होती है कि पहले मामले में इसे टेबल टॉप के साथ समान स्तर पर स्थापित किया गया है, और दूसरे में - यह इसके ऊपर उगता है। कृत्रिम पत्थर धोने वालों की समीक्षा अधिक बारसकारात्मक हैं। लेकिन कभी-कभी वे तटस्थ हो सकते हैं, और यहां तक कि क्रोधित भी। इसके कई कारण हैं। सबसे पहले, एक विशेष उदाहरण की गुणवत्ता। खरीद पर बचाने की कोशिश करते हुए, उपभोक्ता अक्सर चीनी निर्माता से एक सस्ता समान चुनता है। परिणाम एक खराब गुणवत्ता वाला उत्पाद है जो आसानी से खरोंच हो जाता है या फट सकता है।
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विराट कोहली ने 2008 के दौरान टीम इंडिया में डेब्यू किया और जल्द ही टीम में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरे, खासकर सचिन और सहवाग जैसे खिलाड़ियों के बाद कोहली ने टीम के लिए एक जिम्मेदार भूमिका निभाई. हाल में ही कोहली का एक पुराना विडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह ऑफ फील्ड सबसे बड़ी उपलब्धि के बारे में बात करते दिखे.
विराट कोहली अपने आक्रामक स्वाभाव, अच्छे लुक्स व बेहतर खेल के लिए शुरू से ही पसंदीदा चेहरा रहे हैं, दरअसल जो विडियो वायरल हो रहा है वह एक्ट्रेस कैटरीना कैफ और कोहली को लेकर चर्चा में है. इस विडियो को उनके फैंस क्लब से फिर से शेयर किया गया है, एक इवेंट के दौरान जब विराट कोहली की मुलाकात एक्ट्रेस कैटरीना कैफ से हुई थी, उस कार्यक्रम के बाद जब एंकर ने विराट कोहली से ऑफ फील्ड में उनकी सबसे बड़ी अचीवमेंट के बारे में जानना चाहा तो कोहली ने मजाकिया जबाव देते हुए कहा था कि कैटरीना कैफ के साथ बिताये गए दो मिनट ऑफ फील्ड में मेरी अब तक सबसे बड़ी उपलब्धि है. विराट का इस तरह का जबाव सुनकर एंकर भी मुस्करा गयीं थी.
बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा से शादी करने से पहले विराट कोहली को कई चर्चित एक्ट्रेस के साथ जोड़ा गया, हालंकि 2017 में विराट ने अनुष्का शर्मा से शादी कर ली और अन्य ख़बरों पर विराम दे दिया, हालांकि विराट कोहली लम्बे समय से अनुष्का शर्मा के साथ रिलेशनशिप में थे, लेकिन इस निजी रिश्ते को भी उन्होंने छिपाए रखा, लेकिन अंतत विराट ने इटली में अपने करीबी लोगों के साथ अनुष्का शर्मा के साथ विवाह कर लिया और कुछ महीने पहले दोनों अनुष्का ने एक बेटी को जन्म दिया है.
इस दौरान विराट कोहली ऑस्ट्रलिया दौरे पर थे जहां से वह अपनी पत्नी की देखभाल के लिए एक टेस्ट मैच खेलकर भारत लौट आये थे, उस टेस्ट सीरीज में विराट की गैर मौजूदगी में अजिंक्य रहाणे को कप्तान बनाया गया था.
विश्व की रोमांचक लीग आईपीएल का आगाज़ 9 अप्रैल से हो चुका है, वर्तमान समय में आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ने जीत के साथ इस सीजन की शुरुआत की है, आरसीबी ने खले गए पहले मैच में मुंबई इंडियंस को मात दी और अंक तालिका में दो अंक के साथ दिल्ली कैपिटल्स के बाद दुसरे स्थान पर काबिज़ है, इस सीजन कोहली की कोशिश रहेगी कि टीम को फाइनल तक लेकर जायें और ट्रॉफी जीतें.
आपको बता दें आरसीबी ने आईपीएल में अब तक एक भी ट्रॉफी नहीं जीती है, हालांकि यह टीम दो बार फाइनल तक जरूर पहुंची है लेकिन फिनिशिंग लाइन क्रॉस करने में सफल नहीं हुई. आरसीबी में विराट कोहली के साथ-साथ एबी डीविलियर्स, ग्लेन मैक्सवेल, देवदत्त जैसे धाकड़ बल्लेबाज भी शामिल हैं.
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विराट कोहली ने दो हज़ार आठ के दौरान टीम इंडिया में डेब्यू किया और जल्द ही टीम में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरे, खासकर सचिन और सहवाग जैसे खिलाड़ियों के बाद कोहली ने टीम के लिए एक जिम्मेदार भूमिका निभाई. हाल में ही कोहली का एक पुराना विडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह ऑफ फील्ड सबसे बड़ी उपलब्धि के बारे में बात करते दिखे. विराट कोहली अपने आक्रामक स्वाभाव, अच्छे लुक्स व बेहतर खेल के लिए शुरू से ही पसंदीदा चेहरा रहे हैं, दरअसल जो विडियो वायरल हो रहा है वह एक्ट्रेस कैटरीना कैफ और कोहली को लेकर चर्चा में है. इस विडियो को उनके फैंस क्लब से फिर से शेयर किया गया है, एक इवेंट के दौरान जब विराट कोहली की मुलाकात एक्ट्रेस कैटरीना कैफ से हुई थी, उस कार्यक्रम के बाद जब एंकर ने विराट कोहली से ऑफ फील्ड में उनकी सबसे बड़ी अचीवमेंट के बारे में जानना चाहा तो कोहली ने मजाकिया जबाव देते हुए कहा था कि कैटरीना कैफ के साथ बिताये गए दो मिनट ऑफ फील्ड में मेरी अब तक सबसे बड़ी उपलब्धि है. विराट का इस तरह का जबाव सुनकर एंकर भी मुस्करा गयीं थी. बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा से शादी करने से पहले विराट कोहली को कई चर्चित एक्ट्रेस के साथ जोड़ा गया, हालंकि दो हज़ार सत्रह में विराट ने अनुष्का शर्मा से शादी कर ली और अन्य ख़बरों पर विराम दे दिया, हालांकि विराट कोहली लम्बे समय से अनुष्का शर्मा के साथ रिलेशनशिप में थे, लेकिन इस निजी रिश्ते को भी उन्होंने छिपाए रखा, लेकिन अंतत विराट ने इटली में अपने करीबी लोगों के साथ अनुष्का शर्मा के साथ विवाह कर लिया और कुछ महीने पहले दोनों अनुष्का ने एक बेटी को जन्म दिया है. इस दौरान विराट कोहली ऑस्ट्रलिया दौरे पर थे जहां से वह अपनी पत्नी की देखभाल के लिए एक टेस्ट मैच खेलकर भारत लौट आये थे, उस टेस्ट सीरीज में विराट की गैर मौजूदगी में अजिंक्य रहाणे को कप्तान बनाया गया था. विश्व की रोमांचक लीग आईपीएल का आगाज़ नौ अप्रैल से हो चुका है, वर्तमान समय में आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ने जीत के साथ इस सीजन की शुरुआत की है, आरसीबी ने खले गए पहले मैच में मुंबई इंडियंस को मात दी और अंक तालिका में दो अंक के साथ दिल्ली कैपिटल्स के बाद दुसरे स्थान पर काबिज़ है, इस सीजन कोहली की कोशिश रहेगी कि टीम को फाइनल तक लेकर जायें और ट्रॉफी जीतें. आपको बता दें आरसीबी ने आईपीएल में अब तक एक भी ट्रॉफी नहीं जीती है, हालांकि यह टीम दो बार फाइनल तक जरूर पहुंची है लेकिन फिनिशिंग लाइन क्रॉस करने में सफल नहीं हुई. आरसीबी में विराट कोहली के साथ-साथ एबी डीविलियर्स, ग्लेन मैक्सवेल, देवदत्त जैसे धाकड़ बल्लेबाज भी शामिल हैं.
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सिक्यूरिटी काउन्सिलमें जो राष्ट्र स्थायी पद सँभालकर द्विज बने बैठे हैं वे किस न्यायसे और राष्ट्रसंघके लिए चीन क्यों शुद्र है ? इसका यह अर्थ नहीं कि पिछले युगका अन्याय आजके युगके अन्याय के लिए दलील बनाया जाये, किन्तु जब कूटनीतिज्ञ कहते हैं कि मनुष्यका व्यवहार केबल 'न्याय' से ही नहीं 'परिस्थितिकी आवश्यकताएँ' देखकर चलता है तो हमें मनुस्मृतिके विधि-विधानोंको भो यथार्थवादी दृष्टिकोणसे देखना होगा ।
यह हमारा यथार्थवादी दृष्टिकोण ही मनुस्मृतिको १९६०में टिकने नहीं देता । उस ज़माने में जिन्हें शूद्र माना गया था वे प्रायः 'विजातीय' थे --- देशको उस छोटी-सी सीगाके परेके लोग जिन्हें युद्ध में बन्दी बनाया जाता था या जो परम्परागत शूद्रोंकी सन्तान थे या जिन्हें खरीद लिया जाता था । यदि जगहकी तंगी थी और वंशकी परम्परा चलानेका विधान शास्त्र - गत होने के कारण जन्म संख्या बढ़ रही थी तो अभावग्रस्तताका प्रभाव पहले विजातीय अंशपर पड़ता था । शूद्रकी अधिकार देना पड़ा कि यह बाहर जाकर अपना पेट भर लें। यह अधिकार है या अवज्ञा ? मनुस्मृतिमें कहा है -- "ब्राह्मणको अधिकार मिलता है विद्यासे, क्षत्रियको शस्त्रसे, वैश्यको धनसे और शूद्रको जन्मसे ।" शूद्र जब धन नहीं रख सकता, शास्त्र नहीं ले सकता, विद्याका अधिकारी नहीं, तो उस बेचारेके पास शरीर ही तो रहता है, वह भी दूसरोंके लिए! बस उसका जन्म ही उसका अधिकार है ---- "साँस लेते हैं हम, गनीमत है !"
मनु महाराजको मनुस्मृतिसे किस-किस बात में गुणा करेंगे ? १९६० से भाग दे दीजिए, प्रायः सभी कुछ विलीन होता चला जायगा । मामूली-सी बात है। आपका नाम क्या है ? आपका नाम 'राजेन्द्र' है और देशके सिंहासनपर बैठे हैं तब तो ठीक, किन्तु यदि आप 'कैलाशनाथ' हैं और
ब्राह्मण नहीं है या फ़ौजसे सम्बद्ध है तो मनुस्मृति इसकी इजाजत नहीं
देती। नियम है - "ब्राह्मणके नाम मंगल-सूचक हों और ( विष्णुपुराणको व्याख्या के अनुसार ) 'शर्मा' लगा हुआ हो; क्षत्रियका नाम बल सूचक हो
Broat ferra
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सिक्यूरिटी काउन्सिलमें जो राष्ट्र स्थायी पद सँभालकर द्विज बने बैठे हैं वे किस न्यायसे और राष्ट्रसंघके लिए चीन क्यों शुद्र है ? इसका यह अर्थ नहीं कि पिछले युगका अन्याय आजके युगके अन्याय के लिए दलील बनाया जाये, किन्तु जब कूटनीतिज्ञ कहते हैं कि मनुष्यका व्यवहार केबल 'न्याय' से ही नहीं 'परिस्थितिकी आवश्यकताएँ' देखकर चलता है तो हमें मनुस्मृतिके विधि-विधानोंको भो यथार्थवादी दृष्टिकोणसे देखना होगा । यह हमारा यथार्थवादी दृष्टिकोण ही मनुस्मृतिको एक हज़ार नौ सौ साठमें टिकने नहीं देता । उस ज़माने में जिन्हें शूद्र माना गया था वे प्रायः 'विजातीय' थे --- देशको उस छोटी-सी सीगाके परेके लोग जिन्हें युद्ध में बन्दी बनाया जाता था या जो परम्परागत शूद्रोंकी सन्तान थे या जिन्हें खरीद लिया जाता था । यदि जगहकी तंगी थी और वंशकी परम्परा चलानेका विधान शास्त्र - गत होने के कारण जन्म संख्या बढ़ रही थी तो अभावग्रस्तताका प्रभाव पहले विजातीय अंशपर पड़ता था । शूद्रकी अधिकार देना पड़ा कि यह बाहर जाकर अपना पेट भर लें। यह अधिकार है या अवज्ञा ? मनुस्मृतिमें कहा है -- "ब्राह्मणको अधिकार मिलता है विद्यासे, क्षत्रियको शस्त्रसे, वैश्यको धनसे और शूद्रको जन्मसे ।" शूद्र जब धन नहीं रख सकता, शास्त्र नहीं ले सकता, विद्याका अधिकारी नहीं, तो उस बेचारेके पास शरीर ही तो रहता है, वह भी दूसरोंके लिए! बस उसका जन्म ही उसका अधिकार है ---- "साँस लेते हैं हम, गनीमत है !" मनु महाराजको मनुस्मृतिसे किस-किस बात में गुणा करेंगे ? एक हज़ार नौ सौ साठ से भाग दे दीजिए, प्रायः सभी कुछ विलीन होता चला जायगा । मामूली-सी बात है। आपका नाम क्या है ? आपका नाम 'राजेन्द्र' है और देशके सिंहासनपर बैठे हैं तब तो ठीक, किन्तु यदि आप 'कैलाशनाथ' हैं और ब्राह्मण नहीं है या फ़ौजसे सम्बद्ध है तो मनुस्मृति इसकी इजाजत नहीं देती। नियम है - "ब्राह्मणके नाम मंगल-सूचक हों और 'शर्मा' लगा हुआ हो; क्षत्रियका नाम बल सूचक हो Broat ferra
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एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि लालगंज इलाके की पुलिस वहां से गुजर रही गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाशों को पुलिस ने रोकने की कोशिश लेकिन वे पुलिस पर फायर कर भागने लगे।
बस्ती यूपी के प्रयागराज में हत्या के एक मामले में वांछित चल रहे 50 हज़ार के इनामी बदमाश मंगल को बस्ती पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान मंगल के पैर में गोली लग गई जिससे वह घायल हो गया। उसका एक साथी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। इस दौरान क्रॉस फायरिंग में स्वाट टीम प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हो गए।
घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। गुरुवार की सुबह करीब 4. 30 बजे कोतवाली इलाके के सोनूपार में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि लालगंज इलाके की पुलिस वहां से गुजर रही गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाशों को पुलिस ने रोकने की कोशिश लेकिन वे पुलिस पर फायर कर भागने लगे।
तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद स्वाट टीम समेत आसपास के थानों की पुलिस ने बदमाशों को सोनूपार में घेर लिया। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो वे फायर झोककर भागने लगे। इसमें स्वाट टीम प्रभारी राजेश मिश्र के हाथ को गोली छूकर निकल गई। इसके बाद पुलिस के क्रॉस फायरिंग में मंगल के पैर में गोली लगने से वह गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी सूरज पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। एसपी ने बताया कि 50 हज़ार का इनामी बदमाश मंगल पांडेय इलाहाबाद के झूंसी में हत्या के एक मामले में फरार चल रहा था। उसके ऊपर डेढ़ दर्जन से ज्यादा आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। उसके दूसरे साथी सूरज पर भी करीब 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम उसकी तलाश कर रही है।
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एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि लालगंज इलाके की पुलिस वहां से गुजर रही गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाशों को पुलिस ने रोकने की कोशिश लेकिन वे पुलिस पर फायर कर भागने लगे। बस्ती यूपी के प्रयागराज में हत्या के एक मामले में वांछित चल रहे पचास हज़ार के इनामी बदमाश मंगल को बस्ती पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान मंगल के पैर में गोली लग गई जिससे वह घायल हो गया। उसका एक साथी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। इस दौरान क्रॉस फायरिंग में स्वाट टीम प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हो गए। घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। गुरुवार की सुबह करीब चार. तीस बजे कोतवाली इलाके के सोनूपार में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि लालगंज इलाके की पुलिस वहां से गुजर रही गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाशों को पुलिस ने रोकने की कोशिश लेकिन वे पुलिस पर फायर कर भागने लगे। तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद स्वाट टीम समेत आसपास के थानों की पुलिस ने बदमाशों को सोनूपार में घेर लिया। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो वे फायर झोककर भागने लगे। इसमें स्वाट टीम प्रभारी राजेश मिश्र के हाथ को गोली छूकर निकल गई। इसके बाद पुलिस के क्रॉस फायरिंग में मंगल के पैर में गोली लगने से वह गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी सूरज पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। एसपी ने बताया कि पचास हज़ार का इनामी बदमाश मंगल पांडेय इलाहाबाद के झूंसी में हत्या के एक मामले में फरार चल रहा था। उसके ऊपर डेढ़ दर्जन से ज्यादा आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। उसके दूसरे साथी सूरज पर भी करीब आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम उसकी तलाश कर रही है।
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RANCHI : रांची नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर आशा लकड़ा शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आजकल शहर के अलग-अलग एरियाज में सफाई अभियान चला रही हैं। वह यह अभियान रांची नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर चला रही हैं। हालांकि, यह सफाई अभियान भी सिर्फ खानापूर्ति ही साबित हो रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। लेकिन, जिस रांची नगर निगम के हवाले रांची की सफाई व्यवस्था है। वहां भी सफाई की स्थिति दयनीय है। गंदगी और कूड़े-कबाड़ के बीच यहां के कर्मचारी काम करने को मजबूर हैं।
रांची नगर निगम बिल्डिंग में जगह-जगह कबाड़ पसरा हुआ है। टेबल, चेयर, बक्से से लेकर दूसरे सामानों के कबाड़ को यहां से सालों से हटाया नहीं गया है। यह कबाड़ गैलरी से लेकर कमरों तक में जैसे-तैसे रखा गया है। इसी कबाड़ के और गंदगी के बीच निगम के कर्मचारी काम करने पर मजबूर हैं।
रांची नगर निगम के सेकंड और थर्ड फ्लोर की गैलरी में जगह-जगह पानी पसरा रहता है। इसके कारण लोग आए दिन यहां पर फिसलकर गिरते भी हैं। इसके बावजूद यहां पर सफाई नहीं होती है। रांची नगर निगम की बिल्डिंग में जगह-जगह पर दीवारों पर लोग पान-गुटखा चबाने के बाद थूकते हैं। हालत यह है कि रांची नगर निगम बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर जहां पर निगम का रिसेप्शन और आम पब्लिक के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं, वहां पर भी जगह-जगह पान के पीक के दाग हैं। यहीं पर रांची नगर निगम के कर्मचारियों की अटेंडेंस के लिए बायोमीट्रिक पंचिंग मशीन भी लगाई गई है। सभी लोग इसके पास से गुजरते हैं, लेकिन फिर भी इसपर कोई ध्यान नहीं देता है।
रांची नगर निगम बिल्डिंग में सबसे खराब स्थिति रिकॉर्ड रूम की है। यहां पर जमीन और मकान से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज रखे हुए हैं, लेकिन ये दस्तावेज यहां पर सड़ रहे हैं। आम आदमी को जब अपने मकान और जमीन से संबंधित दस्तावेज की जरूतर पड़ती है और वह यहां पर आता है, तो उसे बहुत परेशानी होती है। इस रिकॉर्ड रूम में हालत यह है कि कागज यहां रखे-रखे सड़ गए हैं, जिसके कारण से यहां पर बदबू आती है। इस रिकॉर्ड रूम में काम करनेवाले कर्मचारी इसकी वजह से बीमार भी हो रहे हैं। उन्हें सांस से जुड़ी बीमारियों समेत दूसरी बीमारियां हो रही हैं। रांची नगर निगम के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रिकॉर्ड रूम को कहीं और शिफ्ट करने की मांग सालों से की जा रही है, क्योंकि यहां पर रखे गए महत्वपूर्ण दस्तावेज खराब हो रहे हैं। लेकिन, इसके बावजूद इस रिकॉर्ड रूम को शिफ्ट नहीं किया गया। इसका नतीजा यह हो रहा है कि यहां रखे कागजात खराब हो रहे हैं।
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RANCHI : रांची नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर आशा लकड़ा शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आजकल शहर के अलग-अलग एरियाज में सफाई अभियान चला रही हैं। वह यह अभियान रांची नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर चला रही हैं। हालांकि, यह सफाई अभियान भी सिर्फ खानापूर्ति ही साबित हो रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। लेकिन, जिस रांची नगर निगम के हवाले रांची की सफाई व्यवस्था है। वहां भी सफाई की स्थिति दयनीय है। गंदगी और कूड़े-कबाड़ के बीच यहां के कर्मचारी काम करने को मजबूर हैं। रांची नगर निगम बिल्डिंग में जगह-जगह कबाड़ पसरा हुआ है। टेबल, चेयर, बक्से से लेकर दूसरे सामानों के कबाड़ को यहां से सालों से हटाया नहीं गया है। यह कबाड़ गैलरी से लेकर कमरों तक में जैसे-तैसे रखा गया है। इसी कबाड़ के और गंदगी के बीच निगम के कर्मचारी काम करने पर मजबूर हैं। रांची नगर निगम के सेकंड और थर्ड फ्लोर की गैलरी में जगह-जगह पानी पसरा रहता है। इसके कारण लोग आए दिन यहां पर फिसलकर गिरते भी हैं। इसके बावजूद यहां पर सफाई नहीं होती है। रांची नगर निगम की बिल्डिंग में जगह-जगह पर दीवारों पर लोग पान-गुटखा चबाने के बाद थूकते हैं। हालत यह है कि रांची नगर निगम बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर जहां पर निगम का रिसेप्शन और आम पब्लिक के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं, वहां पर भी जगह-जगह पान के पीक के दाग हैं। यहीं पर रांची नगर निगम के कर्मचारियों की अटेंडेंस के लिए बायोमीट्रिक पंचिंग मशीन भी लगाई गई है। सभी लोग इसके पास से गुजरते हैं, लेकिन फिर भी इसपर कोई ध्यान नहीं देता है। रांची नगर निगम बिल्डिंग में सबसे खराब स्थिति रिकॉर्ड रूम की है। यहां पर जमीन और मकान से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज रखे हुए हैं, लेकिन ये दस्तावेज यहां पर सड़ रहे हैं। आम आदमी को जब अपने मकान और जमीन से संबंधित दस्तावेज की जरूतर पड़ती है और वह यहां पर आता है, तो उसे बहुत परेशानी होती है। इस रिकॉर्ड रूम में हालत यह है कि कागज यहां रखे-रखे सड़ गए हैं, जिसके कारण से यहां पर बदबू आती है। इस रिकॉर्ड रूम में काम करनेवाले कर्मचारी इसकी वजह से बीमार भी हो रहे हैं। उन्हें सांस से जुड़ी बीमारियों समेत दूसरी बीमारियां हो रही हैं। रांची नगर निगम के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रिकॉर्ड रूम को कहीं और शिफ्ट करने की मांग सालों से की जा रही है, क्योंकि यहां पर रखे गए महत्वपूर्ण दस्तावेज खराब हो रहे हैं। लेकिन, इसके बावजूद इस रिकॉर्ड रूम को शिफ्ट नहीं किया गया। इसका नतीजा यह हो रहा है कि यहां रखे कागजात खराब हो रहे हैं।
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चर्चा में क्यों?
28 अप्रैल, 2023 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित गर्भपात देखभाल पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम (National Consultation on Comprehensive Abortion Care) में छत्तीसगढ़ को सुरक्षित गर्भपात सेवाओं में नवाचार के लिये प्रथम पुरस्कार मिला है।
- मातृत्व स्वास्थ्य के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. शैलेंद्र अग्रवाल और राज्य सलाहकार अभिलाषा शर्मा रात्रे ने छत्तीसगढ़ की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया।
- उल्लेखनीय है कि देश में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं की निगरानी के लिये मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट लागू किया गया है।
- मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी (संशोधन) एक्ट, 2021 के अनुसार गर्भवती महिला 24 हफ्ते तक गर्भपात करा सकती है। यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म, नाबालिग या गर्भावस्था के दौरान वैवाहिक स्थिति में बदलाव (विधवा और तलाक), शारीरिक रूप से अक्षम और मानसिक रूप से बीमार महिलाओं को गर्भपात की अनुमति है। साथ ही वे महिलाएँ भी गर्भपात करा सकती हैं, जिनके गर्भ में पल रहे भ्रूण में विकृति हो।
- प्रदेश में निजी चिकित्सालयों में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं की उपलब्धता एवं एमटीपी एक्ट के पालन की निगरानी के लिये 'ई-कल्याणी एप' तैयार किया गया है।
- इस एप के माध्यम से निजी चिकित्सालय अधिनियम के अंतर्गत सेवाएं प्रदान करने के लिये आवेदन कर सकती हैं, जिसकी ज़िला स्तरीय समिति द्वारा समीक्षा कर अनुमति प्रदान की जाती है।
- वर्तमान में प्रदेश में 'ई-कल्याणी एप' में 136 निजी चिकित्सालय पंजीकृत हैं, जहाँ एमटीपी एक्ट के तहत सुरक्षित गर्भपात सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। इनके अलावा 193 शासकीय चिकित्सालयों में भी सुरक्षित गर्भपात संबंधी सेवाएँ उपलब्ध हैं।
- राज्य में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के संचालन में आईपास डवेलपमेंट फाउंडेशन (Ipas Development Foundation) द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
चर्चा में क्यों?
28 अप्रैल, 2023 को छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने प्रदेश के तीन नगर निगमों भिलाई चरौदा, धमतरी और बिरगाँव में ऑनलाइन भवन अनुज्ञा परियोजना का वर्चुअली शुभारंभ किया, जिससे प्रदेश के सभी नगर निगमों में भवन निर्माण का नक्शा पास करने की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है।
- विदित है कि प्रदेश की 11 नगर निगमों में ऑनलाइन भवन अनुज्ञा परियोजना पहले ही प्रारंभ हो चुकी है।
- इस सॉफ्टवेयर में सभी फिजिकल टच प्वाइंट को हटाया गया है, जिससे नागरिकों को भवन अनुज्ञा से संबंधित कार्य हेतु कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, दस्तावेजों का परीक्षण भी ऑनलाइन होगा एवं ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। नागरिकों को अब इस सुविधा का घर पर ही लाभ मिलेगा।
- अधिकारियों के लिये भी इस सॉफ्टवेयर में समय-सीमा तय की गई है, जिससे यह सुविधा नागरिकों को समय-सीमा में दी जा सके।
- इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से, छत्तीसगढ़ मॉडल के डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रोजेक्ट को भी इन शहरों में प्रारंभ किया गया है, अर्थात इन शहरों के नागरिकों को अब केवल एक क्लिक और एक रुपए में 5000 वर्ग फुट तक के घर बनाने की अनुमति मिलेगी।
- इस प्रक्रिया के माध्यम से, शहरों को भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को एक सरल, त्वरित और आसान सिस्टम में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
- छत्तीसगढ़ मॉडल पर आधारित इस सॉफ्टवेयर का विकास नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स द्वारा नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत किया गया है।
चर्चा में क्यों?
30 अप्रैल, 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. गीतेश कुमार अमरोहित की पुस्तक 'बासी' का विमोचन किया।
- मुख्यमंत्री को डॉ. गीतेश अमरोहित ने बताया कि बासी छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है। पिछले वर्ष पूरे प्रदेश के साथ विदेशों में भी बोरे बासी दिवस पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। इस आयोजन से प्रेरित होकर उन्हें बासी पर किताब लिखने का विचार आया।
- इस पुस्तक में बासी से संबंधित विभिन्न जानकारियाँ, जैसे- बासी बनाने की विधि, बासी के पोषक तत्त्व, बासी खाने से विभिन्न बीमारियों में होने वाले लाभ, छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में बासी का महत्त्व सहित बासी की अन्य विशेषताओं का संकलन किया गया है।
- पिछले वर्ष बोरे बासी दिवस पर विदेशों में भी मनाया गया, जिसके विषय में भी जानकारी किताब में दी गई है।
चर्चा में क्यों?
29 अप्रैल, 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को विश्व प्रसिद्ध सोरबोन यूनिवर्सिटी द्वारा छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीमित एवं स्थानीय संसाधनों की उपयोगिता के साथ आगे बढ़ाने की विशिष्ट पहल के लिये डॉक्टरेट की उपाधि से नवाज़ा गया।
- यह उपाधि श्री अरोबिंदो फाउंडेशन द्वारा राजधानी रायपुर स्थित होटल सायाजी में आयोजित सोरबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्राँस के कार्यक्रम 'ग्लोबल अवार्ड्स 2023' में दी गई।
- उल्लेखनीय है कि सोरबोन यूनिवर्सिटी का वैश्विक शैक्षणिक परिदृश्य में बड़ा स्थान है। यहाँ से निकले छात्र-छात्राओं को 33 नोबेल पुरस्कार मिल चुके हैं। इस यूनिवर्सिटी ने मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी एवं सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम के संचालन की सराहना भी की है।
- मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को आगे बढ़ाने के लिये जो उल्लेखनीय कार्य किये गए हैं, उन पर यूनिवर्सिटी के शोधार्थी एवं प्रोफेसर रिसर्च पेपर भी तैयार कर रहे हैं, जिसे यूनिवर्सिटी के विश्व प्रसिद्ध रिसर्च जनरल पर प्रकाशित किया जाएगा।
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चर्चा में क्यों? अट्ठाईस अप्रैल, दो हज़ार तेईस को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित गर्भपात देखभाल पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को सुरक्षित गर्भपात सेवाओं में नवाचार के लिये प्रथम पुरस्कार मिला है। - मातृत्व स्वास्थ्य के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. शैलेंद्र अग्रवाल और राज्य सलाहकार अभिलाषा शर्मा रात्रे ने छत्तीसगढ़ की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया। - उल्लेखनीय है कि देश में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं की निगरानी के लिये मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी एक्ट लागू किया गया है। - मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी एक्ट, दो हज़ार इक्कीस के अनुसार गर्भवती महिला चौबीस हफ्ते तक गर्भपात करा सकती है। यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म, नाबालिग या गर्भावस्था के दौरान वैवाहिक स्थिति में बदलाव , शारीरिक रूप से अक्षम और मानसिक रूप से बीमार महिलाओं को गर्भपात की अनुमति है। साथ ही वे महिलाएँ भी गर्भपात करा सकती हैं, जिनके गर्भ में पल रहे भ्रूण में विकृति हो। - प्रदेश में निजी चिकित्सालयों में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं की उपलब्धता एवं एमटीपी एक्ट के पालन की निगरानी के लिये 'ई-कल्याणी एप' तैयार किया गया है। - इस एप के माध्यम से निजी चिकित्सालय अधिनियम के अंतर्गत सेवाएं प्रदान करने के लिये आवेदन कर सकती हैं, जिसकी ज़िला स्तरीय समिति द्वारा समीक्षा कर अनुमति प्रदान की जाती है। - वर्तमान में प्रदेश में 'ई-कल्याणी एप' में एक सौ छत्तीस निजी चिकित्सालय पंजीकृत हैं, जहाँ एमटीपी एक्ट के तहत सुरक्षित गर्भपात सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। इनके अलावा एक सौ तिरानवे शासकीय चिकित्सालयों में भी सुरक्षित गर्भपात संबंधी सेवाएँ उपलब्ध हैं। - राज्य में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं के संचालन में आईपास डवेलपमेंट फाउंडेशन द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है। चर्चा में क्यों? अट्ठाईस अप्रैल, दो हज़ार तेईस को छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने प्रदेश के तीन नगर निगमों भिलाई चरौदा, धमतरी और बिरगाँव में ऑनलाइन भवन अनुज्ञा परियोजना का वर्चुअली शुभारंभ किया, जिससे प्रदेश के सभी नगर निगमों में भवन निर्माण का नक्शा पास करने की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। - विदित है कि प्रदेश की ग्यारह नगर निगमों में ऑनलाइन भवन अनुज्ञा परियोजना पहले ही प्रारंभ हो चुकी है। - इस सॉफ्टवेयर में सभी फिजिकल टच प्वाइंट को हटाया गया है, जिससे नागरिकों को भवन अनुज्ञा से संबंधित कार्य हेतु कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, दस्तावेजों का परीक्षण भी ऑनलाइन होगा एवं ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। नागरिकों को अब इस सुविधा का घर पर ही लाभ मिलेगा। - अधिकारियों के लिये भी इस सॉफ्टवेयर में समय-सीमा तय की गई है, जिससे यह सुविधा नागरिकों को समय-सीमा में दी जा सके। - इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से, छत्तीसगढ़ मॉडल के डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रोजेक्ट को भी इन शहरों में प्रारंभ किया गया है, अर्थात इन शहरों के नागरिकों को अब केवल एक क्लिक और एक रुपए में पाँच हज़ार वर्ग फुट तक के घर बनाने की अनुमति मिलेगी। - इस प्रक्रिया के माध्यम से, शहरों को भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को एक सरल, त्वरित और आसान सिस्टम में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। - छत्तीसगढ़ मॉडल पर आधारित इस सॉफ्टवेयर का विकास नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स द्वारा नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत किया गया है। चर्चा में क्यों? तीस अप्रैल, दो हज़ार तेईस को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. गीतेश कुमार अमरोहित की पुस्तक 'बासी' का विमोचन किया। - मुख्यमंत्री को डॉ. गीतेश अमरोहित ने बताया कि बासी छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है। पिछले वर्ष पूरे प्रदेश के साथ विदेशों में भी बोरे बासी दिवस पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। इस आयोजन से प्रेरित होकर उन्हें बासी पर किताब लिखने का विचार आया। - इस पुस्तक में बासी से संबंधित विभिन्न जानकारियाँ, जैसे- बासी बनाने की विधि, बासी के पोषक तत्त्व, बासी खाने से विभिन्न बीमारियों में होने वाले लाभ, छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में बासी का महत्त्व सहित बासी की अन्य विशेषताओं का संकलन किया गया है। - पिछले वर्ष बोरे बासी दिवस पर विदेशों में भी मनाया गया, जिसके विषय में भी जानकारी किताब में दी गई है। चर्चा में क्यों? उनतीस अप्रैल, दो हज़ार तेईस को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को विश्व प्रसिद्ध सोरबोन यूनिवर्सिटी द्वारा छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीमित एवं स्थानीय संसाधनों की उपयोगिता के साथ आगे बढ़ाने की विशिष्ट पहल के लिये डॉक्टरेट की उपाधि से नवाज़ा गया। - यह उपाधि श्री अरोबिंदो फाउंडेशन द्वारा राजधानी रायपुर स्थित होटल सायाजी में आयोजित सोरबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्राँस के कार्यक्रम 'ग्लोबल अवार्ड्स दो हज़ार तेईस' में दी गई। - उल्लेखनीय है कि सोरबोन यूनिवर्सिटी का वैश्विक शैक्षणिक परिदृश्य में बड़ा स्थान है। यहाँ से निकले छात्र-छात्राओं को तैंतीस नोबेल पुरस्कार मिल चुके हैं। इस यूनिवर्सिटी ने मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी एवं सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम के संचालन की सराहना भी की है। - मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को आगे बढ़ाने के लिये जो उल्लेखनीय कार्य किये गए हैं, उन पर यूनिवर्सिटी के शोधार्थी एवं प्रोफेसर रिसर्च पेपर भी तैयार कर रहे हैं, जिसे यूनिवर्सिटी के विश्व प्रसिद्ध रिसर्च जनरल पर प्रकाशित किया जाएगा।
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बहादुरगढ़ नगर परिषद ने नई ब्याज माफी योजना शुरू की है,जिससे लोगों को काफी फायदा मिलने वाला है।
बहादुरगढ़(प्रवीन): बहादुरगढ़ नगर परिषद ने नई ब्याज माफी योजना शुरू की है,जिससे लोगों को काफी फायदा मिलने वाला है। बता दें कि इस योजना के तहत टैक्स की भरने वाले लोगों का पिछला बकाया ब्याज माफ किया जा रहा है। लोग इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते है। जिसके लिए 31 दिसंबर तक तिथि निर्धारित की गई है।
नगर परिषद के अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि हाउसिंग टैक्स 18% की दर से ब्याज वसूला जाएगा। उन्होंने लोगों से जल्द से जल्द इस योजना का फायदा उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि भारी संख्या में लोग इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। इस टैक्स को लोग नगर परिषद कार्यालय में आने की बजाय अपने घर से ऑनलाइन जमा कर सकते है।
बहादुरगढ़ नगर परिषद को करोड़ों रुपए का रेवेन्यू हर साल प्राप्त होता है। जिसे शहर के विकास के लिए खर्च किया जाता है। अगर यहां की स्थानीय लोग अपना पूरा बकाया हाउस टैक्स जमा करवा दें तो नगर परिषद शहर में और भी ज्यादा विकास कार्य करवाने में पूरी तरह से सक्षम हो जाएगी।
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बहादुरगढ़ नगर परिषद ने नई ब्याज माफी योजना शुरू की है,जिससे लोगों को काफी फायदा मिलने वाला है। बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ नगर परिषद ने नई ब्याज माफी योजना शुरू की है,जिससे लोगों को काफी फायदा मिलने वाला है। बता दें कि इस योजना के तहत टैक्स की भरने वाले लोगों का पिछला बकाया ब्याज माफ किया जा रहा है। लोग इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते है। जिसके लिए इकतीस दिसंबर तक तिथि निर्धारित की गई है। नगर परिषद के अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि हाउसिंग टैक्स अट्ठारह% की दर से ब्याज वसूला जाएगा। उन्होंने लोगों से जल्द से जल्द इस योजना का फायदा उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि भारी संख्या में लोग इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। इस टैक्स को लोग नगर परिषद कार्यालय में आने की बजाय अपने घर से ऑनलाइन जमा कर सकते है। बहादुरगढ़ नगर परिषद को करोड़ों रुपए का रेवेन्यू हर साल प्राप्त होता है। जिसे शहर के विकास के लिए खर्च किया जाता है। अगर यहां की स्थानीय लोग अपना पूरा बकाया हाउस टैक्स जमा करवा दें तो नगर परिषद शहर में और भी ज्यादा विकास कार्य करवाने में पूरी तरह से सक्षम हो जाएगी।
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अक्षय कुमार इन दिनों हराफेरी 3 को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म न करने के उनके फैसले के बाद, फ़िरोज़ नाडियाडवाला ने उन्हें दो सीक्वल फ़िल्मों से हटा दिया। अक्षय के फैन्स के लिए खुशखबरी है कि अक्षय ने एक कॉमेडी फिल्म साइन कर ली है. निर्माता मुदस्सर अजीज एक कॉमेडी फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। फिल्म के सब्जेक्ट के हिसाब से फिल्म का नाम खेल खेल में है. जिसमें अक्षय के साथ तापसी पन्नू और वाणी कपूर नजर आएंगी। प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि फिल्म की अन्य स्टार कास्ट भी कुछ दिनों में फाइनल कर ली जाएगी। फिल्म में अक्षय, तापसी और वाणी कपूर के साथ पंजाबी सिंगर एमी विर्क भी अहम भूमिका में नजर आएंगी. इस फिल्म में और भी कलाकारों को साइन किया जाएगा। इस फिल्म की शूटिंग अगले साल शुरू होने की संभावना है।
बॉलीवुड में बैक टू बैक फिल्में करने के बाद अब अक्षय कुमार मराठी फिल्मों की ओर रुख करने जा रहे हैं। वह जल्द ही मराठी फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू करने जा रहे हैं। महेश मांजरेकर की फिल्म 'वेदत मराठे वीर दौड़े सात' में अक्षय अहम भूमिका में नजर आएंगे। इस फिल्म में अक्षय कुमार छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका में नजर आएंगे।
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अक्षय कुमार इन दिनों हराफेरी तीन को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म न करने के उनके फैसले के बाद, फ़िरोज़ नाडियाडवाला ने उन्हें दो सीक्वल फ़िल्मों से हटा दिया। अक्षय के फैन्स के लिए खुशखबरी है कि अक्षय ने एक कॉमेडी फिल्म साइन कर ली है. निर्माता मुदस्सर अजीज एक कॉमेडी फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। फिल्म के सब्जेक्ट के हिसाब से फिल्म का नाम खेल खेल में है. जिसमें अक्षय के साथ तापसी पन्नू और वाणी कपूर नजर आएंगी। प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि फिल्म की अन्य स्टार कास्ट भी कुछ दिनों में फाइनल कर ली जाएगी। फिल्म में अक्षय, तापसी और वाणी कपूर के साथ पंजाबी सिंगर एमी विर्क भी अहम भूमिका में नजर आएंगी. इस फिल्म में और भी कलाकारों को साइन किया जाएगा। इस फिल्म की शूटिंग अगले साल शुरू होने की संभावना है। बॉलीवुड में बैक टू बैक फिल्में करने के बाद अब अक्षय कुमार मराठी फिल्मों की ओर रुख करने जा रहे हैं। वह जल्द ही मराठी फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू करने जा रहे हैं। महेश मांजरेकर की फिल्म 'वेदत मराठे वीर दौड़े सात' में अक्षय अहम भूमिका में नजर आएंगे। इस फिल्म में अक्षय कुमार छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका में नजर आएंगे।
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Raebareli News: जनपद में श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलट जाने से डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
Raebareli News: जनपद में श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलट जाने से डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामला ऊंचाहार थाना इलाके के सबीसपुर गांव के पास का है। यहां अरखा स्थित पहलवान बाबा मंदिर में झंडा निशान चढ़ाने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। पिकअप के पलटते ही चीख पुकार मच गई। किसी तरह स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से घायल हुए 16 श्रद्धालुओं को सीएचसी ऊंचाहार पहुंचाया। जहां चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सभी श्रद्धालु प्रतापगढ़ ज़िले में मानिकपुर थाना इलाके के समसपुर सैलवार के रहने वाले बताये जा रहे हैं।
जिले की प्रतापगढ़ सीमा पर सबीसपुर गांव के पास भंडारे में शामिल होने जा रही सवारियों से भरी पिकप सड़क पर पलट गई। जिससे पिकअप सवार 15 महिलाएं व एक बालक समेत 16 लोग घायल हो गए। घटना चालक के लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएससी में भर्ती कराया। जहां गंभीर रूप से घायल 4 महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद पिकअप चालक फरार हो गया है।
कोतवाली क्षेत्र के बंधवा मजरे अरखा गांव निवासी कालिका प्रसाद के घर मंगलवार को निशान चढ़ाने के बाद पहलवान वीर बाबा मंदिर पर भंडारे था। भंडारे में शामिल होने के लिए प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के समसपुर सैलवारा गांव से उसके रिश्तेदार पिकप पर सवार होकर आ रहे थे। तभी लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव के पास पिकप अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे उसमें सवार राजकली 68 वर्ष, सावित्री देवी 60 वर्ष, कलावती 40 वर्ष, आशा देवी 55 वर्ष, कंचन 28 वर्ष, शोभा देवी 38 वर्ष, कुसुम 16 वर्ष, श्यामकली 60 वर्ष, शकुंतला 45 वर्ष, अमरावती 35 वर्ष, मुस्कान 16 वर्ष, हर्ष 10 वर्ष, काजल 18 वर्ष, लालती 13 वर्ष, उर्मिला 35 वर्ष व करीना 16 वर्ष घायल हो गईं। आसपास के लोगों ने सभी को बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस ने सभी को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां गंभीर हालत में राजकली, सावित्री, कलावती व आशा देवी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। कोतवाल बालेंदु गौतम ने बताया कि घटना की सूचना पर घायलों को इलाज के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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Raebareli News: जनपद में श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलट जाने से डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। Raebareli News: जनपद में श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलट जाने से डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामला ऊंचाहार थाना इलाके के सबीसपुर गांव के पास का है। यहां अरखा स्थित पहलवान बाबा मंदिर में झंडा निशान चढ़ाने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। पिकअप के पलटते ही चीख पुकार मच गई। किसी तरह स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से घायल हुए सोलह श्रद्धालुओं को सीएचसी ऊंचाहार पहुंचाया। जहां चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सभी श्रद्धालु प्रतापगढ़ ज़िले में मानिकपुर थाना इलाके के समसपुर सैलवार के रहने वाले बताये जा रहे हैं। जिले की प्रतापगढ़ सीमा पर सबीसपुर गांव के पास भंडारे में शामिल होने जा रही सवारियों से भरी पिकप सड़क पर पलट गई। जिससे पिकअप सवार पंद्रह महिलाएं व एक बालक समेत सोलह लोग घायल हो गए। घटना चालक के लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएससी में भर्ती कराया। जहां गंभीर रूप से घायल चार महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद पिकअप चालक फरार हो गया है। कोतवाली क्षेत्र के बंधवा मजरे अरखा गांव निवासी कालिका प्रसाद के घर मंगलवार को निशान चढ़ाने के बाद पहलवान वीर बाबा मंदिर पर भंडारे था। भंडारे में शामिल होने के लिए प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के समसपुर सैलवारा गांव से उसके रिश्तेदार पिकप पर सवार होकर आ रहे थे। तभी लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव के पास पिकप अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे उसमें सवार राजकली अड़सठ वर्ष, सावित्री देवी साठ वर्ष, कलावती चालीस वर्ष, आशा देवी पचपन वर्ष, कंचन अट्ठाईस वर्ष, शोभा देवी अड़तीस वर्ष, कुसुम सोलह वर्ष, श्यामकली साठ वर्ष, शकुंतला पैंतालीस वर्ष, अमरावती पैंतीस वर्ष, मुस्कान सोलह वर्ष, हर्ष दस वर्ष, काजल अट्ठारह वर्ष, लालती तेरह वर्ष, उर्मिला पैंतीस वर्ष व करीना सोलह वर्ष घायल हो गईं। आसपास के लोगों ने सभी को बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस ने सभी को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां गंभीर हालत में राजकली, सावित्री, कलावती व आशा देवी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। कोतवाल बालेंदु गौतम ने बताया कि घटना की सूचना पर घायलों को इलाज के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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वर्ष 2001 में फरान अख्तर की फिल्म दिल चाहता है. . . में 3 दोस्ती की जिंदगी के इर्दगिर्द थी। जिसमें आकाश, समीर, सिद्धार्थ। इन किरदारों में आमिर खान, सेफ अली खान, अक्षय खाना के ऊपर थी। ये तीनों दोस्त उच्चस्तर के घराने में पले बडे हुए थे। लेकिन अक्षय खाना को अपने दोगुनी औरत से प्यार हो जाता है। कहानी में एक नया मोड आता है। आकाश यानी आमिर को प्यार कभी विश्वास नहीं है उनकी लाइफ में एक ऎसी लडकी की एंट्री होती है जिससे प्यार से बहुत प्यार है। बस इस फिल्म कहानी की बहुत ही खूबसूरत ढंग से दर्शकों के सामने पेश किया गया है और यह तीनों दोस्त की बेस्ट फें्रडशिप को दिखाया गया है।
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वर्ष दो हज़ार एक में फरान अख्तर की फिल्म दिल चाहता है. . . में तीन दोस्ती की जिंदगी के इर्दगिर्द थी। जिसमें आकाश, समीर, सिद्धार्थ। इन किरदारों में आमिर खान, सेफ अली खान, अक्षय खाना के ऊपर थी। ये तीनों दोस्त उच्चस्तर के घराने में पले बडे हुए थे। लेकिन अक्षय खाना को अपने दोगुनी औरत से प्यार हो जाता है। कहानी में एक नया मोड आता है। आकाश यानी आमिर को प्यार कभी विश्वास नहीं है उनकी लाइफ में एक ऎसी लडकी की एंट्री होती है जिससे प्यार से बहुत प्यार है। बस इस फिल्म कहानी की बहुत ही खूबसूरत ढंग से दर्शकों के सामने पेश किया गया है और यह तीनों दोस्त की बेस्ट फें्रडशिप को दिखाया गया है।
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दंगल फिल्म में अपनी अदाकारी से बॉलीवुड में पहचान कायम करने वाली सान्या मल्होत्रा डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की फिल्म पटाखा में नजर आने वाली हैं. फिल्म के ट्रेलर में सान्या छुटकी के किरदार में नजर आ रही हैं. उन्हें गांव की लड़की के रोल में पहचानना भी मुश्किल है. सान्या ने इस रोल के लिए कैसे तैयारी की है, इसका खुलासा हाल ही में एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो से हुआ है.
अपने लुक से लेकर गांव के रंग-ढंग में खुद को रंगने के लिए सान्या ने मेहनत की है. वो कई दिनों तक गांव के परिवेश में रही हैं. उन्होंने गांव की ठेठ बोली सीखी, महिलाओं के हाव-भाव को करीब से समझा. पटाखा फिल्म 28 सितंबर रिलीज हो रही है.
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दंगल फिल्म में अपनी अदाकारी से बॉलीवुड में पहचान कायम करने वाली सान्या मल्होत्रा डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की फिल्म पटाखा में नजर आने वाली हैं. फिल्म के ट्रेलर में सान्या छुटकी के किरदार में नजर आ रही हैं. उन्हें गांव की लड़की के रोल में पहचानना भी मुश्किल है. सान्या ने इस रोल के लिए कैसे तैयारी की है, इसका खुलासा हाल ही में एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो से हुआ है. अपने लुक से लेकर गांव के रंग-ढंग में खुद को रंगने के लिए सान्या ने मेहनत की है. वो कई दिनों तक गांव के परिवेश में रही हैं. उन्होंने गांव की ठेठ बोली सीखी, महिलाओं के हाव-भाव को करीब से समझा. पटाखा फिल्म अट्ठाईस सितंबर रिलीज हो रही है.
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DESK : पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को फरार घोषित कर दिया गया है. गैर जमानती वॉरेंट यानी NBW जारी होने के बाद भी वह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे. इसके बाद कोर्ट ने धारा 82 की कार्रवाई कर चिन्मयानंद को भगोड़ा घोषित कर दिया. एमपी-एमएलए कोर्ट में चिन्मयानंद के खिलाफ चल रहा है केसअब चिन्मयानंद की फरारी का नोटिस आश्रम में लगाया जाएगा. इसके बाद भी चिन्मयानंद के कोर्ट में पेश नहीं होने पर धारा 83 के तहत उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है. अब मुकदमे की अगली तारीख 16 जनवरी तय की गई है। जिसमें पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को हाजिर होना होगा।
इससे पहले अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चिन्मयानंद को 30 नवंबर तक अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के लिए आदेशित किया गया था। इसके बावजूद चिन्मयानंद कोर्ट में नहीं हाजिर हुए। गुरुवार को चिन्मयानंद की ओर से उनके अधिवक्ता कोर्ट में हाजिर हुए।
अधिवक्ता के द्वारा चिन्मयानंद ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया कि वह एक 'कमजोर और बुजुर्ग है, गंभीर बीमारियों के कारण कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं हो पा रहे हैं'। उन्होंने हाईकोर्ट, इलाहाबाद में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया है, जिसकी सुनवाई 19 दिसंबर को होनी है। चिन्मयानंद ने एनबीडब्ल्यू की प्रक्रिया में रियायत देते हुए उपस्थिति के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया।
विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना की ओर से इस पर मौखिक आपत्ति दर्ज की गई। अभियुक्त द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। चिन्मयानंद के खिलाफ पहले से ही गैर जमानती वारंट जारी है। पत्रावली पर किसी भी सक्षम न्यायालय का स्थगन आदेश मौजूद नहीं है। पत्रावली में रिपोर्ट लगी है कि चिन्मयानंद लगातार फरार चल रहे हैं। जीडी में दर्ज है कि आरोपी की तलाश में दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिले। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि चिन्मयानंद हरिद्वार गए हुए हैं। अभी तक वापस नहीं आए हैं।
चिन्मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या ने 2011 में चौक कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। 2018 में भाजपा सरकार ने मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन पीड़िता के एतराज पर अदालत ने प्रक्रिया खारिज कर दी थी। चिन्मयानंद के हाजिर न होने के कारण अदालत ने उनके खिलाफ पहले जमानती फिर गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। चिन्मयानंद सुप्रीम कोर्ट गए लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। वहीं पुलिस अब तक चिन्मयानंद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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DESK : पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को फरार घोषित कर दिया गया है. गैर जमानती वॉरेंट यानी NBW जारी होने के बाद भी वह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे. इसके बाद कोर्ट ने धारा बयासी की कार्रवाई कर चिन्मयानंद को भगोड़ा घोषित कर दिया. एमपी-एमएलए कोर्ट में चिन्मयानंद के खिलाफ चल रहा है केसअब चिन्मयानंद की फरारी का नोटिस आश्रम में लगाया जाएगा. इसके बाद भी चिन्मयानंद के कोर्ट में पेश नहीं होने पर धारा तिरासी के तहत उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है. अब मुकदमे की अगली तारीख सोलह जनवरी तय की गई है। जिसमें पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को हाजिर होना होगा। इससे पहले अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चिन्मयानंद को तीस नवंबर तक अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के लिए आदेशित किया गया था। इसके बावजूद चिन्मयानंद कोर्ट में नहीं हाजिर हुए। गुरुवार को चिन्मयानंद की ओर से उनके अधिवक्ता कोर्ट में हाजिर हुए। अधिवक्ता के द्वारा चिन्मयानंद ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया कि वह एक 'कमजोर और बुजुर्ग है, गंभीर बीमारियों के कारण कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं हो पा रहे हैं'। उन्होंने हाईकोर्ट, इलाहाबाद में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया है, जिसकी सुनवाई उन्नीस दिसंबर को होनी है। चिन्मयानंद ने एनबीडब्ल्यू की प्रक्रिया में रियायत देते हुए उपस्थिति के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया। विशेष लोक अभियोजक नीलिमा सक्सेना की ओर से इस पर मौखिक आपत्ति दर्ज की गई। अभियुक्त द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। चिन्मयानंद के खिलाफ पहले से ही गैर जमानती वारंट जारी है। पत्रावली पर किसी भी सक्षम न्यायालय का स्थगन आदेश मौजूद नहीं है। पत्रावली में रिपोर्ट लगी है कि चिन्मयानंद लगातार फरार चल रहे हैं। जीडी में दर्ज है कि आरोपी की तलाश में दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिले। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि चिन्मयानंद हरिद्वार गए हुए हैं। अभी तक वापस नहीं आए हैं। चिन्मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या ने दो हज़ार ग्यारह में चौक कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। दो हज़ार अट्ठारह में भाजपा सरकार ने मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन पीड़िता के एतराज पर अदालत ने प्रक्रिया खारिज कर दी थी। चिन्मयानंद के हाजिर न होने के कारण अदालत ने उनके खिलाफ पहले जमानती फिर गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। चिन्मयानंद सुप्रीम कोर्ट गए लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। वहीं पुलिस अब तक चिन्मयानंद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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सफेद गुलाब । १७
एक क्षण रुककर युवती ने, प्रभाव जानने के लिए, दोनों भाइयों की ओर क्रम-क्रम से देखा, मेजर प्रभावित से दिखे ।
' और दूसरे प्रश्न का उत्तर यह कि भारत जैसे गर्म देश में, जहाँ गरीब जनता के पास सिनेमा तथा 'इण्टरकोर्स के अतिरिक्त मनोरंजन के अन्य कोई साधन नहीं हैं, निश्चय ही आबादी दूसरे देशों की तुलना में बहुत अधिक बढ़ रही है ! इसके लिए जहाँ हमें जनता को सिनेमा आदि मनोरंजन के साधन कम खर्च में उपलब्ध कराने होंगे, वहीं 'लूप', 'काण्डम' आदि का प्रचार झूठी शर्मोहया छोड़कर करना होगा ।'
युवती की इस स्पष्टोक्ति पर मेजर दंग रह गए। उन्होंने अभी तक गाँव की, हाथ भर लम्बे घूंघट में छिपो रहनेवाली तथा सास-ससुर के सामने पति से बात करने तक में हिचकनेवाली नारियाँ ही देखी थीं, इस प्रगतिशील आधुनिका को देखकर वह बस, देखते ही रह गए !
'मेरा पड़ाव आ गया है ।' युवती नीलिमा ने फिर कलाई घड़ी को तथा खिड़कियों से दिखाई पड़नेवाली रंगबिरंगे कपड़े पहने स्त्रियों और बच्चों की भीड़ को देखकर दोनों भाइयों को हाथ जोड़े, 'आप दोनों के साथ मेरा सफर काफी दिलचस्पी से गुजरा । मेले में आइए, तो परिवारनियोजन केन्द्र पर आना न भूलिए । नमस्ते !'
दोनों भाइयों के हाथ भी यंत्रचालित से जुड़ गए ।
'मैं तो क्या, मेरे ये भैया जरूर आएँगे परिवार नियोजन-केन्द्र पर ।' रामू ने शरारत से कहा, 'मैं अभी अकेला हूँ ।'
चाहकर भी इस बार मेजर, रामू पर क्रोध का प्रदर्शन न कर सके । वह मंत्रमुग्ध से हो गए थे ।
बस कब रुकी, कव डॉ० नीलिमा उतर गई और कब बस रामू के गाँव की तरफ चल पड़ी, रामू का मस्तिष्क यह सव ग्रहरण न कर सका । गाँव आने तक एक घण्टे में वह घरबार और खेती सम्वन्धी मेजर के प्रश्नों का यद्यपि यंत्रवत् उत्तर देता रहा, किन्तु
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सफेद गुलाब । सत्रह एक क्षण रुककर युवती ने, प्रभाव जानने के लिए, दोनों भाइयों की ओर क्रम-क्रम से देखा, मेजर प्रभावित से दिखे । ' और दूसरे प्रश्न का उत्तर यह कि भारत जैसे गर्म देश में, जहाँ गरीब जनता के पास सिनेमा तथा 'इण्टरकोर्स के अतिरिक्त मनोरंजन के अन्य कोई साधन नहीं हैं, निश्चय ही आबादी दूसरे देशों की तुलना में बहुत अधिक बढ़ रही है ! इसके लिए जहाँ हमें जनता को सिनेमा आदि मनोरंजन के साधन कम खर्च में उपलब्ध कराने होंगे, वहीं 'लूप', 'काण्डम' आदि का प्रचार झूठी शर्मोहया छोड़कर करना होगा ।' युवती की इस स्पष्टोक्ति पर मेजर दंग रह गए। उन्होंने अभी तक गाँव की, हाथ भर लम्बे घूंघट में छिपो रहनेवाली तथा सास-ससुर के सामने पति से बात करने तक में हिचकनेवाली नारियाँ ही देखी थीं, इस प्रगतिशील आधुनिका को देखकर वह बस, देखते ही रह गए ! 'मेरा पड़ाव आ गया है ।' युवती नीलिमा ने फिर कलाई घड़ी को तथा खिड़कियों से दिखाई पड़नेवाली रंगबिरंगे कपड़े पहने स्त्रियों और बच्चों की भीड़ को देखकर दोनों भाइयों को हाथ जोड़े, 'आप दोनों के साथ मेरा सफर काफी दिलचस्पी से गुजरा । मेले में आइए, तो परिवारनियोजन केन्द्र पर आना न भूलिए । नमस्ते !' दोनों भाइयों के हाथ भी यंत्रचालित से जुड़ गए । 'मैं तो क्या, मेरे ये भैया जरूर आएँगे परिवार नियोजन-केन्द्र पर ।' रामू ने शरारत से कहा, 'मैं अभी अकेला हूँ ।' चाहकर भी इस बार मेजर, रामू पर क्रोध का प्रदर्शन न कर सके । वह मंत्रमुग्ध से हो गए थे । बस कब रुकी, कव डॉशून्य नीलिमा उतर गई और कब बस रामू के गाँव की तरफ चल पड़ी, रामू का मस्तिष्क यह सव ग्रहरण न कर सका । गाँव आने तक एक घण्टे में वह घरबार और खेती सम्वन्धी मेजर के प्रश्नों का यद्यपि यंत्रवत् उत्तर देता रहा, किन्तु
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हजारीबागः उपायुक्त नैन्सी सहाय की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सोमवार को जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई।
बैठक में अवैध खनन पर अंकुश लगाने सहित उसमें संलिप्त लोगों व सम्बन्धित गतिविधि पर लगाम लगाने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि अवैध गतिविधि पर राज्य सरकार की विशेष नजर है। एवं ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि खासकर इचाक,पदमा आदि प्रखंड के कई क्षेत्र परिस्थितिकी के हिसाब से संवेदनशील जोन में आते हैं।
इन क्षेत्रों में खनन एवं क्रशर गतिविधि को प्रभावी रूप से बंद किया जायेगा। उन्होंने अवैध खनन एवं संलिप्त माफियाओं पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के समन्वय स्थापित कर एक दूसरे के साथ जानकारी एवं आंकड़े साझा करने के निर्देश दिए।
विद्युत विभाग को अवैध खनन एवं अन्य कार्य में संचालित क्रशर का विद्युत संबंध विच्छेद कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे ने कहा कि कार्रवाई के दौरान पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेरणा दीक्षित, डीएफओ,अपर समाहर्ता राकेश रोशन, एसडीओ सदर विद्या भूषण कुमार,एसडीओ बरही पूनम कुजूर आदि उपस्थित थे।
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हजारीबागः उपायुक्त नैन्सी सहाय की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सोमवार को जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में अवैध खनन पर अंकुश लगाने सहित उसमें संलिप्त लोगों व सम्बन्धित गतिविधि पर लगाम लगाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि अवैध गतिविधि पर राज्य सरकार की विशेष नजर है। एवं ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि खासकर इचाक,पदमा आदि प्रखंड के कई क्षेत्र परिस्थितिकी के हिसाब से संवेदनशील जोन में आते हैं। इन क्षेत्रों में खनन एवं क्रशर गतिविधि को प्रभावी रूप से बंद किया जायेगा। उन्होंने अवैध खनन एवं संलिप्त माफियाओं पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के समन्वय स्थापित कर एक दूसरे के साथ जानकारी एवं आंकड़े साझा करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को अवैध खनन एवं अन्य कार्य में संचालित क्रशर का विद्युत संबंध विच्छेद कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे ने कहा कि कार्रवाई के दौरान पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेरणा दीक्षित, डीएफओ,अपर समाहर्ता राकेश रोशन, एसडीओ सदर विद्या भूषण कुमार,एसडीओ बरही पूनम कुजूर आदि उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (CM YS Jaganmohan Reddy) ने कहा कि जो पीड़ित वेंटिलेटर पर हैं उनको 10 लाख रुपये और जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, उनको 1 लाख रुपये की सहायता राशि देंगे.
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के विजाग (Visakhapatnam) में गुरुवार तड़के एक केमिकल यूनिट में गैस रिसाव (Gas Leak) के बाद एक नाबालिग सहित 11 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग बेहोश हो गए. इस दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (CM YS Jaganmohan Reddy) ने सहायता राशि की घोषणा की है.
सीएम ने कहा कि गैस लीकेज की वजह से मृतको के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुवावजा दिया जाएगा. साथ ही जो पीड़ित वेंटिलेटर पर हैं उनको 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, उनको 1 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. प्रभावित इलाके में लोगों को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे. जिनके पशुओं की मौत हुई है उनको 10 हजार रुपये की मदद जाएगी.
बड़ी संख्या में बच्चे शामिल अधिकारियों के अनुसार, "स्टाइरीन और पेंटाइन गैसें संभवतः दुर्घटना का कारण बनीं." सुबह कई स्थानों पर जहां एक ओर लोग बेहोश पड़े दिखे, तो वहीं सड़क किनारे मृत मवेशी भी नजर आए. बच्चों को कंधे पर रखकर घबराए लोग अस्पतालों की ओर भागे. एंबुलेंस ने इलाके से बेसुध हुए 70 लोगों को किंग जॉर्ज अस्पताल पहुंचाया. भर्ती हुए मरीजों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं.
पशु भी जहरीली गैस की चपेट में प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा, "घटना सुबह करीब 2.30 बजे हुई. आसपास के क्षेत्रों में लोग अपने घरों में सो रहे थे. तभी अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ, भयानक खुजली और आंखों में जलन महसूस होनी शुरू हुई." दहशत में आकर लोग अपने घरों से बाहर भागे, लेकिन गैस रिसाव के कारण हवा जहरीली हो गई, जिससे वह बेसुध हो गए. इस दौरान कई मवेशी और पशु भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए.
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मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि जो पीड़ित वेंटिलेटर पर हैं उनको दस लाख रुपये और जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, उनको एक लाख रुपये की सहायता राशि देंगे. आंध्र प्रदेश के विजाग में गुरुवार तड़के एक केमिकल यूनिट में गैस रिसाव के बाद एक नाबालिग सहित ग्यारह लोगों की मौत हो गई और सत्तर से अधिक लोग बेहोश हो गए. इस दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सहायता राशि की घोषणा की है. सीएम ने कहा कि गैस लीकेज की वजह से मृतको के परिवार को एक करोड़ रुपये मुवावजा दिया जाएगा. साथ ही जो पीड़ित वेंटिलेटर पर हैं उनको दस लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, उनको एक लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. प्रभावित इलाके में लोगों को पच्चीस हजार रुपये दिए जाएंगे. जिनके पशुओं की मौत हुई है उनको दस हजार रुपये की मदद जाएगी. बड़ी संख्या में बच्चे शामिल अधिकारियों के अनुसार, "स्टाइरीन और पेंटाइन गैसें संभवतः दुर्घटना का कारण बनीं." सुबह कई स्थानों पर जहां एक ओर लोग बेहोश पड़े दिखे, तो वहीं सड़क किनारे मृत मवेशी भी नजर आए. बच्चों को कंधे पर रखकर घबराए लोग अस्पतालों की ओर भागे. एंबुलेंस ने इलाके से बेसुध हुए सत्तर लोगों को किंग जॉर्ज अस्पताल पहुंचाया. भर्ती हुए मरीजों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं. पशु भी जहरीली गैस की चपेट में प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा, "घटना सुबह करीब दो.तीस बजे हुई. आसपास के क्षेत्रों में लोग अपने घरों में सो रहे थे. तभी अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ, भयानक खुजली और आंखों में जलन महसूस होनी शुरू हुई." दहशत में आकर लोग अपने घरों से बाहर भागे, लेकिन गैस रिसाव के कारण हवा जहरीली हो गई, जिससे वह बेसुध हो गए. इस दौरान कई मवेशी और पशु भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए.
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यूपी चुनाव को लेकर अखिलेश की समाजवादी पार्टी और जयंत सिंह की राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन में 29 प्रत्याशियों के नाम की लिस्ट शेयर कर दी है. लिस्ट शेयर करने के बाद RLD के अध्यक्ष जयंत सिंह ने ट्वीट किया कि मुझे विश्वास है गठबंधन के सभी कार्यकर्ता, एकजुट होकर इन प्रत्याशियों के चुनाव में पूरी निष्ठा से मेहनत करेंगे! उन्होंने आगे लिखा कि एक एक विधायक से बनेगी आपकी विधानसभा, आपकी सरकार!
वहीं राष्ट्रीय लोक दल के ट्विटर हैंडल से शेयर करे ट्वीट पर नजर डालें तो यहां लिखा गया कि 'राष्ट्रीय लोकदल-समाजवादी पार्टी का गठबंधन, उत्तर प्रदेश में लाएगा परिवर्तन. युवा, किसान के विकास का मंत्र, आ रहे हैं अखिलेश और जयन्त. ' इसी के साथ ही सपा और आरएलडी के 29 कैंडिडेट के नामों का भी ऐलान कर दिया गया.
उत्तर प्रदेश में लाएगा परिवर्तन"
यूपी चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. इस बार कोरोना के चलते किसी भी प्रकार की रैली और जनसभा पर रोक लगी हुई है, ऐसे में वर्चुअली ही नेता, जनता से संवाद कर सकेंगे. गुरुवार को जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी और आरएलडी के गठबंधन में 29 प्रत्याशियों के नाम की लिस्ट शेयर कर दी गयी है तो वहीं इससे पहले कांग्रेस ने भी प्रत्याशियों के नामों की पहली लिस्ट शेयर कर दी है.
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यूपी चुनाव को लेकर अखिलेश की समाजवादी पार्टी और जयंत सिंह की राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन में उनतीस प्रत्याशियों के नाम की लिस्ट शेयर कर दी है. लिस्ट शेयर करने के बाद RLD के अध्यक्ष जयंत सिंह ने ट्वीट किया कि मुझे विश्वास है गठबंधन के सभी कार्यकर्ता, एकजुट होकर इन प्रत्याशियों के चुनाव में पूरी निष्ठा से मेहनत करेंगे! उन्होंने आगे लिखा कि एक एक विधायक से बनेगी आपकी विधानसभा, आपकी सरकार! वहीं राष्ट्रीय लोक दल के ट्विटर हैंडल से शेयर करे ट्वीट पर नजर डालें तो यहां लिखा गया कि 'राष्ट्रीय लोकदल-समाजवादी पार्टी का गठबंधन, उत्तर प्रदेश में लाएगा परिवर्तन. युवा, किसान के विकास का मंत्र, आ रहे हैं अखिलेश और जयन्त. ' इसी के साथ ही सपा और आरएलडी के उनतीस कैंडिडेट के नामों का भी ऐलान कर दिया गया. उत्तर प्रदेश में लाएगा परिवर्तन" यूपी चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. इस बार कोरोना के चलते किसी भी प्रकार की रैली और जनसभा पर रोक लगी हुई है, ऐसे में वर्चुअली ही नेता, जनता से संवाद कर सकेंगे. गुरुवार को जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी और आरएलडी के गठबंधन में उनतीस प्रत्याशियों के नाम की लिस्ट शेयर कर दी गयी है तो वहीं इससे पहले कांग्रेस ने भी प्रत्याशियों के नामों की पहली लिस्ट शेयर कर दी है.
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पदों का विवरण : दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन में मुख्य अभियन्ता के पदों पर भर्ती को लेकर आवेदन आमंत्रित किये गए हैं।
योग्यता : दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की योग्यता बीई, बीटेक आदि निर्धारित किया गया हैं।
चयन प्रक्रिया : दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें।
ऐसे करें आवेदन : इच्छुक उम्मीदवार दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर नोटिश को पढ़ें और फटाफट आवेदन करें।
वेतनमान : दिल्ली मेट्रो के नियमानुसार।
नौकरी करने का स्थान : दिल्ली।
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पदों का विवरण : दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन में मुख्य अभियन्ता के पदों पर भर्ती को लेकर आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। योग्यता : दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की योग्यता बीई, बीटेक आदि निर्धारित किया गया हैं। चयन प्रक्रिया : दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें। ऐसे करें आवेदन : इच्छुक उम्मीदवार दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर नोटिश को पढ़ें और फटाफट आवेदन करें। वेतनमान : दिल्ली मेट्रो के नियमानुसार। नौकरी करने का स्थान : दिल्ली।
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डिजिटल भारत न्यूज़24×7 LiVE- संवाददाता- (सत्येन्द्र तिवारी/नैनपुर/मण्डला/ मध्य प्रदेश)
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नवीन खेल एवं जनकल्याण समिति नैनपुर के तत्वावधान में नगर के जेआरसी मैदान में आयोजित मैत्री फुटबॉल मैच में छः टीमों ने भाग लिया। दो दिन से लगातार होने वाली बारिश के बाद अचानक मौसम साफ होने पर नवीन खेल एवं जनकल्याण समिति के सदस्य श्रीष माहुले, नितिन ठाकुर, डाहिओज ठाकुर, अजीत चौधरी, प्रदीप समुद्रे, अविनाश खंडेलवाल, मनीष कटकवार, अमरसिंह चंदेला, सुजीत शुक्ला, प्रमोद निंबालकर, ओमकार तिलगाम, शेख शरीफ जुगनू, रविंद्र त्रिपाठी आदि ने मैदान में लबालब भरे पानी को निकालने के साथ ही आनन-फानन में सारी तैयारियां पूरी कर मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया।
जूनियर टीम का मैच थंडर इलेवन और लीजेंड इलेवन के बीच खेला गया, जो टाई रहा। जिसमें लीजेंड इलेवन ने टाई ब्रेकर में 3-1 से मैच जीता। सीनियर टीमों में पहला मैच जय मां शारदा और न्यू इलेवन के बीच खेला गया, जिसमें न्यू इलेवन ने 2-0 से मुकाबला जीता। दूसरा मैच जि़ओ क्लब दलदली और स्टार नैनपुर के बीच खेला गया, जिसमें स्टार नैनपुर विजेता रही। सीनियर वर्ग के फाइनल में नैनपुर स्टार और न्यू इलेवन नैनपुर के बीच खेला गया, जिसमें टाई ब्रेकर में नैनपुर स्टार की टीम 3-1 से विजेता रही। नवीन खेल एवं जनकल्याण समिति द्वारा दोनों वर्ग में विजेता और उपविजेता टीमों के साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों को नगद राशि, जर्सी और फुटबॉल देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही प्रतियोगिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निर्णायकों शफीक खान, पवन नंदा, राजेन्द्र विश्वकर्मा, शमीम खान, अनुराग वहनवाल, दीपक पाठक, आनन्द नंदा, शिवम् पटेल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। नगर के खेलप्रेमी विनय कोष्टी, प्रकाश ठाकुर, दिनेश श्रीवास्तव, मनीष कटकवार, सौरभ अवधवाल, खलेश रजक, रॉयल वॉलीबॉल क्लब नैनपुर, साईं स्पोर्ट्स जोन नैनपुर अरविंद राजपूत, समीर उइके इंडियन पेट्रोलियम, गोविंद श्रीवास्तव, मनीष चक्रवर्ती, रमजान भाई, गौतम सूर, अनिल तिवारी आदि दानदाताओं ने सहयोग दे कर कार्यक्रम को सफल बनाया। अंत में समिति के अध्यक्ष सतेन्द्र तिवारी, सदस्य संजीव सोनी ने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कार्यक्रम में सहयोग करने वाले दानदाताओं एवं खेलप्रेमियों को धन्यवाद देकर आभार व्यक्त किया।
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डिजिटल भारत न्यूज़चौबीस×सात LiVE- संवाददाता- हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नवीन खेल एवं जनकल्याण समिति नैनपुर के तत्वावधान में नगर के जेआरसी मैदान में आयोजित मैत्री फुटबॉल मैच में छः टीमों ने भाग लिया। दो दिन से लगातार होने वाली बारिश के बाद अचानक मौसम साफ होने पर नवीन खेल एवं जनकल्याण समिति के सदस्य श्रीष माहुले, नितिन ठाकुर, डाहिओज ठाकुर, अजीत चौधरी, प्रदीप समुद्रे, अविनाश खंडेलवाल, मनीष कटकवार, अमरसिंह चंदेला, सुजीत शुक्ला, प्रमोद निंबालकर, ओमकार तिलगाम, शेख शरीफ जुगनू, रविंद्र त्रिपाठी आदि ने मैदान में लबालब भरे पानी को निकालने के साथ ही आनन-फानन में सारी तैयारियां पूरी कर मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया। जूनियर टीम का मैच थंडर इलेवन और लीजेंड इलेवन के बीच खेला गया, जो टाई रहा। जिसमें लीजेंड इलेवन ने टाई ब्रेकर में तीन-एक से मैच जीता। सीनियर टीमों में पहला मैच जय मां शारदा और न्यू इलेवन के बीच खेला गया, जिसमें न्यू इलेवन ने दो-शून्य से मुकाबला जीता। दूसरा मैच जि़ओ क्लब दलदली और स्टार नैनपुर के बीच खेला गया, जिसमें स्टार नैनपुर विजेता रही। सीनियर वर्ग के फाइनल में नैनपुर स्टार और न्यू इलेवन नैनपुर के बीच खेला गया, जिसमें टाई ब्रेकर में नैनपुर स्टार की टीम तीन-एक से विजेता रही। नवीन खेल एवं जनकल्याण समिति द्वारा दोनों वर्ग में विजेता और उपविजेता टीमों के साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों को नगद राशि, जर्सी और फुटबॉल देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही प्रतियोगिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निर्णायकों शफीक खान, पवन नंदा, राजेन्द्र विश्वकर्मा, शमीम खान, अनुराग वहनवाल, दीपक पाठक, आनन्द नंदा, शिवम् पटेल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। नगर के खेलप्रेमी विनय कोष्टी, प्रकाश ठाकुर, दिनेश श्रीवास्तव, मनीष कटकवार, सौरभ अवधवाल, खलेश रजक, रॉयल वॉलीबॉल क्लब नैनपुर, साईं स्पोर्ट्स जोन नैनपुर अरविंद राजपूत, समीर उइके इंडियन पेट्रोलियम, गोविंद श्रीवास्तव, मनीष चक्रवर्ती, रमजान भाई, गौतम सूर, अनिल तिवारी आदि दानदाताओं ने सहयोग दे कर कार्यक्रम को सफल बनाया। अंत में समिति के अध्यक्ष सतेन्द्र तिवारी, सदस्य संजीव सोनी ने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कार्यक्रम में सहयोग करने वाले दानदाताओं एवं खेलप्रेमियों को धन्यवाद देकर आभार व्यक्त किया।
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Punjab : पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार के कृषि विधेयक के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलनरत है. इसी बिल के विरोध में कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दे दिया था. विपक्ष के सांसदों ने इसके खिलाफ राज्यसभा में हंगामा किया था. अब धीरे-धीरे यह आंदोलन तेज हो रहा है. इस बिल के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहा है. बुधवार को अमृतसर (पंजाब) में कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रदर्शन किया गया. इस दौरान पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी सड़कों पर उतरकर किसान बिल के विरोध में हुंकार भरी. विरोध के सबसे तीखे स्वर पंजाब और हरियाणा से उठ रहे हैं. यहां कई राजनीतिक दलों की ओर से एकजुटता दिखाई गई है, किसान संगठन भी इस बिल के विरोध में सामने आए हैं.
पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी कृषि विधेयक के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में दिखाई दिए. वे लंबे अरसे के बाद किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के साथ भी उकी नहीं पट रही है. यही वजह है कि पंजाब की पॉलिटिक्स में वे कम एक्टिव हैं. हालांकि, कोरोना संकट के दौरान भी वो लगातार सोशल मीडिया पर अपने वीडियो डाल अलग अलग मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं. उन्होंने कहा कि यह बिल किसानों के हित में नहीं है.
गौरतलब है कि कृषि बिल के मसले पर सबसे पहले अकाली दल ने केंद्र सरकार के खिलाफ अवाज उठायी थी. . अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा देते हुए कहा था कि यह बिल किसान विरोधी है. सुखबीर बादल ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर बिल पर हस्ताक्षर ना करने की अपील की थी.
इस मसले पर केंद्र सरकारलगातार यह कह रही है कि विपक्ष बिल को जनता में भ्रम फैला रहा है. किसानों को विपक्ष की बातों में ना आने की सलाह दी जा रही है. बावजूद इसके आंदोलन तेज होता जा रहा है. 25 सितंबर को इस बिल के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है.
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Punjab : पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार के कृषि विधेयक के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलनरत है. इसी बिल के विरोध में कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दे दिया था. विपक्ष के सांसदों ने इसके खिलाफ राज्यसभा में हंगामा किया था. अब धीरे-धीरे यह आंदोलन तेज हो रहा है. इस बिल के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहा है. बुधवार को अमृतसर में कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रदर्शन किया गया. इस दौरान पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी सड़कों पर उतरकर किसान बिल के विरोध में हुंकार भरी. विरोध के सबसे तीखे स्वर पंजाब और हरियाणा से उठ रहे हैं. यहां कई राजनीतिक दलों की ओर से एकजुटता दिखाई गई है, किसान संगठन भी इस बिल के विरोध में सामने आए हैं. पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी कृषि विधेयक के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में दिखाई दिए. वे लंबे अरसे के बाद किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के साथ भी उकी नहीं पट रही है. यही वजह है कि पंजाब की पॉलिटिक्स में वे कम एक्टिव हैं. हालांकि, कोरोना संकट के दौरान भी वो लगातार सोशल मीडिया पर अपने वीडियो डाल अलग अलग मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं. उन्होंने कहा कि यह बिल किसानों के हित में नहीं है. गौरतलब है कि कृषि बिल के मसले पर सबसे पहले अकाली दल ने केंद्र सरकार के खिलाफ अवाज उठायी थी. . अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा देते हुए कहा था कि यह बिल किसान विरोधी है. सुखबीर बादल ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर बिल पर हस्ताक्षर ना करने की अपील की थी. इस मसले पर केंद्र सरकारलगातार यह कह रही है कि विपक्ष बिल को जनता में भ्रम फैला रहा है. किसानों को विपक्ष की बातों में ना आने की सलाह दी जा रही है. बावजूद इसके आंदोलन तेज होता जा रहा है. पच्चीस सितंबर को इस बिल के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है.
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इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अपने यहां लीग क्रिकेट में एक नए फॉर्मेट की शुरुआत की है. टी20 क्रिकेट से अलग ईसीबी ने 'द हंड्रेड' (The Hundred) 100 बॉलों वाली लीग बनाई है. हालांकि दुनिया के महान टेस्ट बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने इसे बकवास करार दिया है, जबकि मौजूदा दौर के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने इसका खुलकर समर्थन किया है और इस नई लीग को जबरदस्त करार दिया है.
अश्विन ने कहा, 'हंड्रेड फॉर्मेट का शुरू होना उत्साहित करने वाला है. कई लोगों का मानना है कि इस फॉर्मेट से खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ेगा लेकिन मुझे यह मजेदार लग रहा है.' इससे पहले, गावस्कर ने कहा था कि इस टूर्नामेंट में सामान्य क्रिकेट है..
(इनपुटः आईएएनएस)
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इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने यहां लीग क्रिकेट में एक नए फॉर्मेट की शुरुआत की है. टीबीस क्रिकेट से अलग ईसीबी ने 'द हंड्रेड' एक सौ बॉलों वाली लीग बनाई है. हालांकि दुनिया के महान टेस्ट बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इसे बकवास करार दिया है, जबकि मौजूदा दौर के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इसका खुलकर समर्थन किया है और इस नई लीग को जबरदस्त करार दिया है. अश्विन ने कहा, 'हंड्रेड फॉर्मेट का शुरू होना उत्साहित करने वाला है. कई लोगों का मानना है कि इस फॉर्मेट से खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ेगा लेकिन मुझे यह मजेदार लग रहा है.' इससे पहले, गावस्कर ने कहा था कि इस टूर्नामेंट में सामान्य क्रिकेट है..
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अपेक्षा द्विवेदी-युग की कविता की तरह । प्रसाद जी का वातावरण राजसिक है, वर्मा जी का वातावरण सार्वजनिक । राजनीति के असाधारण वातावरण में भी उन्होंने जनसाधारण के जीवन को विस्मृत नहीं कर दिया है। वर्त्तमान युग का जनजीवन तो दिखाई देता है किन्तु अतीत के इतिहास में जो दैनन्दिन जीवन श्रोफल है, वर्मा जी उसे ही प्रत्यक्ष करने का प्रयत्न कर रहे हैं । लोकगीतों, दन्तकाओं और युग-युग से प्रवाहित परम्पराओं से विशेष प्रभावित हैं। इतिहास और जीवन दर्शन के अतिरिक्त दृश्य-चित्रण, वातावरण, घटनाओं का सबटन और स्वाभाविक वार्तालाप, उनके उपन्यासों की विशेषताएँ हैं।
राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह अपनी कृतियों द्वारा बृटिशकाल के भारतीय समाज की झलक दे रहे हैं । उस युग का सामाजिक जीवन भी तो अब स्मृति शेष ( ऐतिहासिक ) होता जा रहा है।
राजा साहब की कलम में अब भी ताजगी और जवानी है १ उनकी कहानी कहीं लहरती, कहीं बहरती, कहीं डूबती-उतराती, कैसी रिलमिल - रिलमिल करती, रस की झिरझिरी बहाती चलती है। वातावरण, बातचीत और तर्जेअदा में गोष्ठियों और बैठकों की-सी सजीवता और स्वाभाविकता है। कभी-कभी कथानक में अनावश्यक विस्तार आ जाता है, जैसे 'पूरब और पच्छिम में । यह उपन्यास वहीं पर पूर्ण मर्मस्पर्शी हो जाता है जहाँ मिनी को अपना वाटर प्रूफ और चित्र देकर कथा-लेखक विदा हो जाता है। सदू दास्तानों की तरह कहानी को किस्सा बना देने की अपेक्ष किसी हद तक उसे पाठकों की संवेदनशीलता और कल्पनाशीलता के लिए भी छोड़ देना चाहिये ।
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अपेक्षा द्विवेदी-युग की कविता की तरह । प्रसाद जी का वातावरण राजसिक है, वर्मा जी का वातावरण सार्वजनिक । राजनीति के असाधारण वातावरण में भी उन्होंने जनसाधारण के जीवन को विस्मृत नहीं कर दिया है। वर्त्तमान युग का जनजीवन तो दिखाई देता है किन्तु अतीत के इतिहास में जो दैनन्दिन जीवन श्रोफल है, वर्मा जी उसे ही प्रत्यक्ष करने का प्रयत्न कर रहे हैं । लोकगीतों, दन्तकाओं और युग-युग से प्रवाहित परम्पराओं से विशेष प्रभावित हैं। इतिहास और जीवन दर्शन के अतिरिक्त दृश्य-चित्रण, वातावरण, घटनाओं का सबटन और स्वाभाविक वार्तालाप, उनके उपन्यासों की विशेषताएँ हैं। राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह अपनी कृतियों द्वारा बृटिशकाल के भारतीय समाज की झलक दे रहे हैं । उस युग का सामाजिक जीवन भी तो अब स्मृति शेष होता जा रहा है। राजा साहब की कलम में अब भी ताजगी और जवानी है एक उनकी कहानी कहीं लहरती, कहीं बहरती, कहीं डूबती-उतराती, कैसी रिलमिल - रिलमिल करती, रस की झिरझिरी बहाती चलती है। वातावरण, बातचीत और तर्जेअदा में गोष्ठियों और बैठकों की-सी सजीवता और स्वाभाविकता है। कभी-कभी कथानक में अनावश्यक विस्तार आ जाता है, जैसे 'पूरब और पच्छिम में । यह उपन्यास वहीं पर पूर्ण मर्मस्पर्शी हो जाता है जहाँ मिनी को अपना वाटर प्रूफ और चित्र देकर कथा-लेखक विदा हो जाता है। सदू दास्तानों की तरह कहानी को किस्सा बना देने की अपेक्ष किसी हद तक उसे पाठकों की संवेदनशीलता और कल्पनाशीलता के लिए भी छोड़ देना चाहिये ।
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