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Adityapur (Sanjeev Mehta) : कांड्रा के श्वेता स्टोर में बीती रात हुई फायरिंग मामले की एसपी आनंद प्रकाश ने शनिवार को जांच की. एसपी ने श्वेता स्टोर के मालिक दुर्गा अग्रवाल से अपराधी श्रवण महतो के नाम से मांगी गई रंगदारी के हर पहलू की जांच करने का आदेश कांड्रा पुलिस को दिया है. बता दें कि घटना के बाद नकाबपोश अपराधियों ने दुकान में पर्चा फेंका था. जिसमें रंगदारी न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी लिखी गई थी. इस बात का खुलासा दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे से हुआ है. फेंके गए पर्चे में कांड्रा बानाडूंगरी निवासी श्रवण महतो और राहुल सिंह नामक व्यक्ति का जिक्र है. पर्चा में लिखा गया था कि रंगदारी न देने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें. एसपी ने बताया कि दुकान मालिक से पूर्व में भी श्रवण महतो के नाम से फोन पर रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस द्वारा लगातार उस नंबर को ट्रेस किया जा रहा है जिससे रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस अपराधियों के गिरफ्तारी को लेकर छापामारी कर रही है. एसपी ने बताया कि अपराधी श्रवण महतो हाल ही में चाईबासा रिमांड होम से छूटा है. अब फिर से उसकी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता सामने आ रही है. एसपी ने बताया कि श्रवण महतो और राहुल सिंह के संबंध में पुलिस जानकारियां जुटा रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि इन दोनों अपराधियों द्वारा ही प्लानिंग के तहत फायरिंग की गई है या इनके नाम पर किसी अन्य गिरोह द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है.
Adityapur : कांड्रा के श्वेता स्टोर में बीती रात हुई फायरिंग मामले की एसपी आनंद प्रकाश ने शनिवार को जांच की. एसपी ने श्वेता स्टोर के मालिक दुर्गा अग्रवाल से अपराधी श्रवण महतो के नाम से मांगी गई रंगदारी के हर पहलू की जांच करने का आदेश कांड्रा पुलिस को दिया है. बता दें कि घटना के बाद नकाबपोश अपराधियों ने दुकान में पर्चा फेंका था. जिसमें रंगदारी न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी लिखी गई थी. इस बात का खुलासा दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे से हुआ है. फेंके गए पर्चे में कांड्रा बानाडूंगरी निवासी श्रवण महतो और राहुल सिंह नामक व्यक्ति का जिक्र है. पर्चा में लिखा गया था कि रंगदारी न देने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें. एसपी ने बताया कि दुकान मालिक से पूर्व में भी श्रवण महतो के नाम से फोन पर रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस द्वारा लगातार उस नंबर को ट्रेस किया जा रहा है जिससे रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस अपराधियों के गिरफ्तारी को लेकर छापामारी कर रही है. एसपी ने बताया कि अपराधी श्रवण महतो हाल ही में चाईबासा रिमांड होम से छूटा है. अब फिर से उसकी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता सामने आ रही है. एसपी ने बताया कि श्रवण महतो और राहुल सिंह के संबंध में पुलिस जानकारियां जुटा रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि इन दोनों अपराधियों द्वारा ही प्लानिंग के तहत फायरिंग की गई है या इनके नाम पर किसी अन्य गिरोह द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है.
श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने जयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष की नियुक्ति की है। कोटपूतली क्षेत्र के कुजोता निवासी नरेंद्र सिंह कुजोता को श्री राजपूत करणी सेना जयपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया है। नरेंद्र सिंह का विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान जितेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, अजय सिंह, संजय सिंह, पवन सिंह, धर्मपाल सिंह, रवि सिंह, निखिल सिंह, नवीन सिंह, रोहित सिंह, संजय सिंह, बलवीर सिंह, सौरव सिंह, हंसराज सिंह, दिनेश सिंह, राहुल सिंह, अजीत सिंह, दलीप सिंह, वीरेंद्र सिंह, संदीप सिंह और सुरेश सिंह मौजूद थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने जयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष की नियुक्ति की है। कोटपूतली क्षेत्र के कुजोता निवासी नरेंद्र सिंह कुजोता को श्री राजपूत करणी सेना जयपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया है। नरेंद्र सिंह का विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान जितेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, अजय सिंह, संजय सिंह, पवन सिंह, धर्मपाल सिंह, रवि सिंह, निखिल सिंह, नवीन सिंह, रोहित सिंह, संजय सिंह, बलवीर सिंह, सौरव सिंह, हंसराज सिंह, दिनेश सिंह, राहुल सिंह, अजीत सिंह, दलीप सिंह, वीरेंद्र सिंह, संदीप सिंह और सुरेश सिंह मौजूद थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बही धोखामें पण्डित लोग लगावतभये कि वह जो ब्रह्म सर्वत्र पूर्ण है सो तुहीं है अहंब्रह्मास्मि यह भावना करु सो वातो जीवहीको अनुभवहै जीव ब्रह्म कैसे होइगो अरु पण्डित कहा बतावै बाको तौ अनामाक हैं अरु वाको बस्तु गाउँ कहां बतावैं वाको तो देशकाळ बस्तुके रहित कहै हैं सो जाके नाम रूप नहीं है देशकाल बस्तुते रहित है सो वह है कि नहीं है जो कहो अनु भवमें तो आवै तौता अनुभवौ तौ जीवहीको है जो यह विचारिबो धोखाई भयो तौ जीवब्रह्म कैसे होईगो ।। ३ ।। दानपुण्यउनबहुतबखाना। अपने मरनकी खबरिनजाना॥४॥ एक नाम है अगमगंभीरा । तहवांअस्थिरदासकवीरा ॥ ५ ॥ अरुकर्मकांडवारे दानपुण्य बहुतबखान्याहै पै अपनेमरिबेकी खबारे नहीं जान्यों कि यहकाल बहुतदान पुण्यवारेनको खाइ लियोहै हमकैसेबचेंगे ॥ ४ ॥ जौने नाम में लगे जन्म मरणनहीं होइहै औअगमहै कहे जेसंतलोगहैं तेईपावे हैं अरु गंभीरपद है कहेगहिर अर्थ है सो कबीरजी कहै हैं कि तौने नाममें मैं स्थिरौं ॥ ५ ॥ साखी ॥ चीटी जहां न चढिसकै, राई नहिं ठहराय ।। आवागमन कि गमनहीं, तहँ सकलौजगजाय ॥६॥ वो ब्रह्म कैसों है कि चीटी जो बाणी है सो नहीं पहुँचे औ राई जो बुद्धि है सो नहीं ठहराय अर्थात् मन बचन के परे है औ आवागमनकी गमनहीं है अर्थात् न वहांते कोई आवै है न यहां ते कोई जाय है अर्थात मिथ्या तां सिगरो जग जायँहै ॥ ६ ॥ इति चौंतीसवीं रमैनी समाप्ता । ब्राह्मण क्षत्री वैश्य उपदेशपावै है कहो मुक्तिकेद्दिकी भई है काहेते बाकोतात्पर्य तो यह है कि जबसाहब को स्वरूप अरु अपनो स्वस्वरूप जानै तौ मुक्तिहोइ सो साहेबको स्वरूपऔ आपनो स्वरूपतो जानतई नहीं है मुक्ति कैसे पावै ॥ ३ और के छुये लेतही सींचा तुमते कहौ कौन है नीचा ॥ ४॥ यहगुणगर्व करौ अधिकाई। अतिकेगर्बन होइभलाई ॥ ५ ॥ जासु नाम है गर्व प्रहारी । सोकसगर्वहिसकैसहारी ॥ ६॥ औरको छुबौहो तो गंगाजल सींचौहौ कि पवित्र जाय सोकहों तुम कौननी है ॥ ४ ॥ मलमूत्रादिक तुमहू में भरे हैं और अपने गुणको गर्ने अधिक तुम करतेहौ सो अतिगर्ब किये भलाई नहीं होइ है काहेते कि ॥ ५॥ जाको नाम गर्व महारी है सोकैसे गर्वको सहारि सके वह जो परमपुरुषहै सो गर्व महारी है तिहारोगर्व कैसे सहगो ॥ ६ ॥ साखी ॥ कुल मर्यादा खोइकै, खोजिनि पदनिर्वान ॥ अंकुर वीज नशाइकै, भये विदेही थान ॥ ७ ॥ नेकर्मको त्यागकिये हैं तिनको गांठिहूको धर्मगयो आपनीकुलमर्यादा तो पहिले खोइदियो है ओ निर्वानं पदको खोजत भये अंकुर जो है सुरतिबीज जो है शुद्धनीवआत्माबीजजो है साहेब ताको नशायके बिदेहीजा है ब्रह्म निराकार ताहीके थानभये कहे आपनेको ब्रह्म मानतभये सो जाको अनुभवहै ब्रह्म ताको तौ भूलिही गये बिनाअंकुरपाले कैसे होइगो अर्थात् धोखेहीमें परेर हिं गये वामें कुछ नहीं मिलै है तामें प्रमाण कबीरजी को ( अंकुर बीज जहां नहीं, नहीं तत्त्व परकाश । तहांजाय का लेउगे, छोड़हु झूठी भाश ॥ ) अर्थात चेष्टारहित ब्रह्मको खोजतभये सो बातो कुछु वस्तुंही नहीं है मिलिबोई कहां कैर ॥ ७ ॥ इति पैंतीसवीं रमैनी समाप्ता ।
बही धोखामें पण्डित लोग लगावतभये कि वह जो ब्रह्म सर्वत्र पूर्ण है सो तुहीं है अहंब्रह्मास्मि यह भावना करु सो वातो जीवहीको अनुभवहै जीव ब्रह्म कैसे होइगो अरु पण्डित कहा बतावै बाको तौ अनामाक हैं अरु वाको बस्तु गाउँ कहां बतावैं वाको तो देशकाळ बस्तुके रहित कहै हैं सो जाके नाम रूप नहीं है देशकाल बस्तुते रहित है सो वह है कि नहीं है जो कहो अनु भवमें तो आवै तौता अनुभवौ तौ जीवहीको है जो यह विचारिबो धोखाई भयो तौ जीवब्रह्म कैसे होईगो ।। तीन ।। दानपुण्यउनबहुतबखाना। अपने मरनकी खबरिनजाना॥चार॥ एक नाम है अगमगंभीरा । तहवांअस्थिरदासकवीरा ॥ पाँच ॥ अरुकर्मकांडवारे दानपुण्य बहुतबखान्याहै पै अपनेमरिबेकी खबारे नहीं जान्यों कि यहकाल बहुतदान पुण्यवारेनको खाइ लियोहै हमकैसेबचेंगे ॥ चार ॥ जौने नाम में लगे जन्म मरणनहीं होइहै औअगमहै कहे जेसंतलोगहैं तेईपावे हैं अरु गंभीरपद है कहेगहिर अर्थ है सो कबीरजी कहै हैं कि तौने नाममें मैं स्थिरौं ॥ पाँच ॥ साखी ॥ चीटी जहां न चढिसकै, राई नहिं ठहराय ।। आवागमन कि गमनहीं, तहँ सकलौजगजाय ॥छः॥ वो ब्रह्म कैसों है कि चीटी जो बाणी है सो नहीं पहुँचे औ राई जो बुद्धि है सो नहीं ठहराय अर्थात् मन बचन के परे है औ आवागमनकी गमनहीं है अर्थात् न वहांते कोई आवै है न यहां ते कोई जाय है अर्थात मिथ्या तां सिगरो जग जायँहै ॥ छः ॥ इति चौंतीसवीं रमैनी समाप्ता । ब्राह्मण क्षत्री वैश्य उपदेशपावै है कहो मुक्तिकेद्दिकी भई है काहेते बाकोतात्पर्य तो यह है कि जबसाहब को स्वरूप अरु अपनो स्वस्वरूप जानै तौ मुक्तिहोइ सो साहेबको स्वरूपऔ आपनो स्वरूपतो जानतई नहीं है मुक्ति कैसे पावै ॥ तीन और के छुये लेतही सींचा तुमते कहौ कौन है नीचा ॥ चार॥ यहगुणगर्व करौ अधिकाई। अतिकेगर्बन होइभलाई ॥ पाँच ॥ जासु नाम है गर्व प्रहारी । सोकसगर्वहिसकैसहारी ॥ छः॥ औरको छुबौहो तो गंगाजल सींचौहौ कि पवित्र जाय सोकहों तुम कौननी है ॥ चार ॥ मलमूत्रादिक तुमहू में भरे हैं और अपने गुणको गर्ने अधिक तुम करतेहौ सो अतिगर्ब किये भलाई नहीं होइ है काहेते कि ॥ पाँच॥ जाको नाम गर्व महारी है सोकैसे गर्वको सहारि सके वह जो परमपुरुषहै सो गर्व महारी है तिहारोगर्व कैसे सहगो ॥ छः ॥ साखी ॥ कुल मर्यादा खोइकै, खोजिनि पदनिर्वान ॥ अंकुर वीज नशाइकै, भये विदेही थान ॥ सात ॥ नेकर्मको त्यागकिये हैं तिनको गांठिहूको धर्मगयो आपनीकुलमर्यादा तो पहिले खोइदियो है ओ निर्वानं पदको खोजत भये अंकुर जो है सुरतिबीज जो है शुद्धनीवआत्माबीजजो है साहेब ताको नशायके बिदेहीजा है ब्रह्म निराकार ताहीके थानभये कहे आपनेको ब्रह्म मानतभये सो जाको अनुभवहै ब्रह्म ताको तौ भूलिही गये बिनाअंकुरपाले कैसे होइगो अर्थात् धोखेहीमें परेर हिं गये वामें कुछ नहीं मिलै है तामें प्रमाण कबीरजी को अर्थात चेष्टारहित ब्रह्मको खोजतभये सो बातो कुछु वस्तुंही नहीं है मिलिबोई कहां कैर ॥ सात ॥ इति पैंतीसवीं रमैनी समाप्ता ।
Asia Cup 2022: दिनेश कार्तिक बीते कई समय से अपना बेस्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खासकर आईपीएल 2022 से उन्होंने लगातार अपने प्रभावशाली खेल की बदौलत चयनकर्ताओं को खुद को टीम में शामिल करने पर मजबूर किया है। इन सब के बाद भी एशिया कप में उनको प्लेइंग इलेवन में जगह मिल पाना कठिन लग रहा है। नई दिल्ली। आने वाले 27 अगस्त से एशिया कप का आयोजन होने वाला है। इससे पहले भारत को एक बड़ा झटका लगा था। दरअसल, कल रात भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने देर रात एशिया कप के लिए टीम का ऐलान किया और हैरानी की बात ये थी कि इसमे भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल नहीं था। बाद में पता चला कि कमर की चोट के चलते भारत का ये अहम गेंदबाज एशिया कप में भारतीय टीम में शामिल नहीं होगा। एशिया कप में सिर्फ पड़ोसी देशों की ही नजर नहीं बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें रहती है। इसकी वजह है भारत पाकिस्तान का मैच। जी हां, भारत पाकिस्तान का मैच सबसे रोमांचक होता है। ये ही वजह है कि जब भी ये दोनों टीमों की जब भी आपस में भिड़ंत होती है तो रोमांच का स्तर बढ़ जाता है। भारत पाकिस्तान का मैच 28 अगस्त को होने वाला है। ऐसे में करोड़ी क्रिकेट प्रेमियों में भारतीय प्लेइंग इलेवन के बारे में जानने की आतुरता दिखाई दे रही है। दिनेश कार्तिक बीते कई समय से अपना बेस्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खासकर आईपीएल 2022 से उन्होंने लगातार अपने प्रभावशाली खेल की बदौलत चयनकर्ताओं को खुद को टीम में शामिल करने पर मजबूर किया है। इन सब के बाद भी एशिया कप में उनको प्लेइंग इलेवन में जगह मिल पाना कठिन लग रहा है। उनको टीम में शामिल ना करने की दूसरी सबसे बड़ी वजह विराट कोहली और हार्दिक पांड्या हैं। दिनेश कार्तिक को फिनिशर के रुप में टीम में जगह दी गई थी, लेकिन अब उनकी इस फिनिशर वाली भूमिका के लिए ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा निभाते हुए नजर आएंगे। सभी क्रिकेट प्रशंसकों को भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में होने वाले मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है। अगर भारत पाकिस्तान के मैच के बीच भारत की प्लेइंग इलेवन की बात करें तो भारत को सलामी बल्लेबाज के रूप में कप्तान रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी दिख सकती है। इसके बाद भारत के पूर्व कप्तान विरोट कोहली बल्लेबाजी के लिए आएंगे। चौथे नंबर पर सूर्यकुमार यादव और इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत मैदान पर उतर सकते हैं। भारतीय टीम में फिनिशर की भूमिका हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा निभाते हुए नजर आएंगे। ये तो रही बल्लेबाजी क्रम की बात इसके अलावा यदि गेंदबाजी की बात करें तो शुरुआत अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार से हो सकती है, क्योंकि जसप्रीत बुमराह एशिया कप में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल, युवा गेंदबाज अर्शदीप सिंह को भी प्लेइंग में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनके अलावा अनुभवी स्पिन गेंदबाज रविचंंद्रन अश्निन भी टीम में दिखाई देंगे।
Asia Cup दो हज़ार बाईस: दिनेश कार्तिक बीते कई समय से अपना बेस्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खासकर आईपीएल दो हज़ार बाईस से उन्होंने लगातार अपने प्रभावशाली खेल की बदौलत चयनकर्ताओं को खुद को टीम में शामिल करने पर मजबूर किया है। इन सब के बाद भी एशिया कप में उनको प्लेइंग इलेवन में जगह मिल पाना कठिन लग रहा है। नई दिल्ली। आने वाले सत्ताईस अगस्त से एशिया कप का आयोजन होने वाला है। इससे पहले भारत को एक बड़ा झटका लगा था। दरअसल, कल रात भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने देर रात एशिया कप के लिए टीम का ऐलान किया और हैरानी की बात ये थी कि इसमे भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल नहीं था। बाद में पता चला कि कमर की चोट के चलते भारत का ये अहम गेंदबाज एशिया कप में भारतीय टीम में शामिल नहीं होगा। एशिया कप में सिर्फ पड़ोसी देशों की ही नजर नहीं बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें रहती है। इसकी वजह है भारत पाकिस्तान का मैच। जी हां, भारत पाकिस्तान का मैच सबसे रोमांचक होता है। ये ही वजह है कि जब भी ये दोनों टीमों की जब भी आपस में भिड़ंत होती है तो रोमांच का स्तर बढ़ जाता है। भारत पाकिस्तान का मैच अट्ठाईस अगस्त को होने वाला है। ऐसे में करोड़ी क्रिकेट प्रेमियों में भारतीय प्लेइंग इलेवन के बारे में जानने की आतुरता दिखाई दे रही है। दिनेश कार्तिक बीते कई समय से अपना बेस्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खासकर आईपीएल दो हज़ार बाईस से उन्होंने लगातार अपने प्रभावशाली खेल की बदौलत चयनकर्ताओं को खुद को टीम में शामिल करने पर मजबूर किया है। इन सब के बाद भी एशिया कप में उनको प्लेइंग इलेवन में जगह मिल पाना कठिन लग रहा है। उनको टीम में शामिल ना करने की दूसरी सबसे बड़ी वजह विराट कोहली और हार्दिक पांड्या हैं। दिनेश कार्तिक को फिनिशर के रुप में टीम में जगह दी गई थी, लेकिन अब उनकी इस फिनिशर वाली भूमिका के लिए ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा निभाते हुए नजर आएंगे। सभी क्रिकेट प्रशंसकों को भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में होने वाले मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है। अगर भारत पाकिस्तान के मैच के बीच भारत की प्लेइंग इलेवन की बात करें तो भारत को सलामी बल्लेबाज के रूप में कप्तान रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी दिख सकती है। इसके बाद भारत के पूर्व कप्तान विरोट कोहली बल्लेबाजी के लिए आएंगे। चौथे नंबर पर सूर्यकुमार यादव और इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत मैदान पर उतर सकते हैं। भारतीय टीम में फिनिशर की भूमिका हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा निभाते हुए नजर आएंगे। ये तो रही बल्लेबाजी क्रम की बात इसके अलावा यदि गेंदबाजी की बात करें तो शुरुआत अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार से हो सकती है, क्योंकि जसप्रीत बुमराह एशिया कप में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल, युवा गेंदबाज अर्शदीप सिंह को भी प्लेइंग में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। इनके अलावा अनुभवी स्पिन गेंदबाज रविचंंद्रन अश्निन भी टीम में दिखाई देंगे।
एक तरफ एम पी कैडर के आई ए एस नियाज़ खान जैसे कुछ प्रबुद्ध अधिकारी ब्राह्मण के आई क्यू की प्रशंसा कर रहे है । ब्रह्मण की सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सराहना कर रहे हैं,वही देश में बहुत बड़ा वर्ग ब्राह्मण के गुणों को नजरंदाज करते हुए नकारतमक प्रचार प्रसार कर रहा है। समाज में हमेशा अच्छी बातें ही प्रसारित होनी चाहिए। भारत में जाति संबंधी हिंसा विभिन्न रूपों में होती है । ह्यूमन राइट्स वॉच की एक रिपोर्ट के अनुसार , "भेदभाव पूर्ण और क्रूर, अमानवीय और भारत में 165 मिलियन से अधिक लोगों के अपमानजनक व्यवहार को जाति के आधार पर उचित ठहराया गया है। जाति प्रकृति पर आधारित है और वंशानुगत है। यह एक विशेषता निर्धारित है। किसी विशेष जाति में जन्म के बावजूद, व्यक्ति द्वारा विश्वास किए जाने के बावजूद। जाति, वंश और व्यवसाय द्वारा परिभाषित रैंक वाले समूहों में कठोर सामाजिक स्तरीकरण की एक पारंपरिक प्रणाली को दर्शाती है। भारत में जाति विभाजन आवास, विवाह, रोजगार और सामान्य सामाजिक क्षेत्रों में हावी है। बातचीत-विभाजन, जो सामाजिक बहिष्कार, आर्थिक बहिष्कार और शारीरिक हिंसा के अभ्यास और खतरे के माध्यम से प्रबलित होते हैं। आरक्षण की त्रुटिपूर्ण व्यवस्था से योग्य होने के बावजूद ब्राह्मण युवा सरकारी नौकरियों में पिछड़ रहे हैं। उनके आगे बढ़ने के अवसर कम हो रहे हैं क्योंकि उनकी बात उठाने वाला कोई नहीं है। किसी एक के बूते नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज के सम्मान और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होना पड़ेगा तभी ब्राह्मण समाज का गौरव भविष्य में बरकरार रहेगा। मंसूबे पूरे किए। इन चारों में चुनी हुई दिखावटी सरकारें बनी पर चलती थी इन सब के सत्तासीनों के मन के मुताबिक जनमत दिखाया जाता। चुनाव भी होते पर सब काम आकाओं के मन मर्जी के मुताबिक चलता था। संविधान कानून और संधि समझौते में देश का व्यापक हित ना देखकर मालिकों के हित साधे गए। विदेशी संविधान का नकल कर अपने अपने देश में कानून बने । उसे अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार बदलते जाते रहे। चूंकि नई नई आजादी मिली थी इसलिए विरोध के स्वर भी दबा दिए जाते रहे। संविधान सभा द्वारा बनाया गया नकल वाले संविधान को एक खास व्यक्तिके नाम पट्टा कर दिया गया। बदलती रही। धर्म के आधार पर देश को तोड़ने और अपने हिस्से में लेने वालो ने मुस्लिम बहुल तीन भाग मुस्लिमों को मुकम्मल दे दिया और हिन्दू बहुल भारत को खिचड़ी बना कर सबको लूटने के लिए छोड़ दिया। सनातन धर्म और परम्परा पर प्रहार किया जाता रहा। वैदिक आर्य धर्म पर हर तरह से प्रहार होता रहा। वेद उपनिषद पुराण और धर्म की खिल्ली उड़ाई जाती रही। कांग्रेस कम्नयुस्त और विदेशी दबाव ने यहां के बहुसंख्यक के हितों से खिलवाड़ करते रहे। पक्षपात होता रहा। ब्रह्मण धर्म और जाति पर सर्वाधिक प्रहार होता रहा। उन्हें अगड़ा कह कर सारी सरकारी सुविधाओं से महरूम कर दिया गया। समय समय पर उन्हें जहर और जलालत के आंच में सेंका जाता रहा। महात्मा गांधी की हत्या के बाद नाथूराम गोडसे जो एक ब्राह्मण था, उस पर ब्राह्मणों द्वारा निशाना बनाया गया । कुनबी - मराठा समुदाय द्वारा बलात्कार, लिंचिंग और यौन उत्पीड़न की कई घटनाएं दर्ज की गईं। 12-13 फरवरी 1992 की मध्यरात्रि में, भारत के माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (अब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)) ने बिहार, बिहार के गया जिले के पास बारा गाँव में भूमिहार जाति के 35 सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी । MCC का सशस्त्र समूह बारा गाँव के 35 लोगों को पास की एक नहर के किनारे ले आया, उनके हाथ बाँध दिए और उनका गला काट दिया। 36 के रूप में कई लोगों पर अपराध का आरोप लगाया गया था, लेकिन केवल 13. के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। दूसरों को गिरफ्तार करें, जिन्होंने अपने सम्मन को खारिज कर दिया था। छोटन शुक्ला भूमिहार समुदाय के एक गिरोह के सरगना थे। उन्हें ओबीसी बनिया जाति से होने वाले एक सरकारी मंत्री बृज बिहारी प्रसाद के साथ उनके विवाद के लिए जाना जाता था । एक चुनाव अभियान से लौटने के दौरान प्रसाद की ओर से काम कर रहे पुरुषों द्वारा कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रतिशोध में, प्रसाद को भी गोली मार दी गई थी। आनंद मोहन सिंह, जो उच्च जाति के राजपूतों के नेता थे , और उनके करीबी साथी मुन्ना शुक्ला, जो भूमिहार नेता थे और छोटन शुक्ला के भाई थे, पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें जेल में उम्रकैद की सजा दी गई। 1999 में, यादव और दुसाध के प्रभुत्व वाले माओवादी चरमपंथी केंद्र ने जहानाबाद के पास सेनारी गाँव में 34 भूमिहारों का हत्या किया था। साल 2015 में यूपी के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव की सरकार के दौरान गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर संतों ने सड़क पर बड़ा आंदोलन किया था. इस आंदोलन में पुलिस ने संतों और बटुकों पर बर्बर लाठीचार्ज किया था. यूपी के वाराणसी में सात साल पुराने संतों के प्रतिकार यात्रा में हुए बवाल मामले में हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है. जिस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती समेत सतुआ बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर संतोष दास और पातालपुरी मठ के प्रमुख बालक दास समेत कई संतों को निचली अदालत से जमानत लेनी पड़ी। 2017 में पांच ब्राह्मणों की नृशंस हत्या : 2017 में रायबरेली के अप्टा गांव में रोहित शुक्ला सहित पांच ब्राह्मणों की नृशंस हत्या से ब्राह्मण समाज के लोगों में आक्रोश है। ब्राह्मण समाज के लोगों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें पीड़ित परिवार के लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग की। ग्वालियर एमपी में, ब्राह्मण समुदाय के एक युवा छात्र को बंदूक की नोक पर लूट लिया गया और क्षेत्र में दलितों का दबदबा मानने के लिए मजबूर किया गया था। इस घटना के बाद थाने में तहरीर भी दी गई थी। आवेदक का परिवार, जो कि हिन्दू धर्म का एक ब्राह्मण परिवार है, विगत 23 वर्षों से ग्वालियर की पूजा विहार कॉलोनी, आपा गंज, लश्कर में रहता है। उनके आस पास दलित समाज के लोग रहते हैं जिनमे उमरैया परिवार बाहुबली है, जो आस पास के सवर्ण परिवारों से ज़बरन हफ्ता वसूली करता है। न देने पर SC/ST के झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी देता है। राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक मुस्लिम युवक द्वारा हिंदू लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में सांसद किरोड़ी लाल मीणा पीड़िता के परिजनों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। मीणा सहित परिजनों की मांग है कि अपहृत लड़की को जल्द से जल्द मुस्लिम युवक के चंगुल से जारी किया जाए। परवेज ने बंदूक की नोंक पर किया ब्राह्मण समाज की बेटी का अपहरण': पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बीजेपी सांसद ने कहा - गहलोत राज में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं (18 अक्टूबर, 2022) को मुस्लिम समाज परवेज ने बंदूक की नोक पर ब्राह्मण समाज का अपहरण कर लिया। परिजनों ने जब विरोध किया तो युवक ने लड़की की मां को झटका देकर गिरा दिया। साथ ही जान मारने की धमकी देकर लड़की की कनपटी पर बंदूक दी और उसे बाइक पर बिठाकर ले गए। बागपत में अधिवक्ता के परिवार पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा हमला करने और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ब्राह्मण समाज के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया है। इसके अलावा गुस्साए ब्रह्मण समाज के लोगों ने थाना पुलिस पर मिलीभगत से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। फिलहाल ब्राह्मण समाज के लोग धरने पर बैठ गए हैं। कानपुर देहात में '13 फरवरी 2023 को मौत का बुलडोजर' चला. यहां अतिक्रमण हटाने के दौरान मां और बेटी की जलकर मौत हो गई. एसडीएम (मैथा) ज्ञानेश्वर प्रसाद मैथा तहसील क्षेत्र के मडौली गांव में सोमवार 13 फरवरी की सुबह बढ़ते अतिक्रमण हटाने के लिए गए थे. प्रमिला दीक्षित (45) और उनकी बेटी नेहा (20) ने कथित तौर पर पुलिस, जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में यह कदम उठाया, जो जिले के रूरा क्षेत्र के मडौली गांव में "ग्राम समाज" की भूमि से अतिक्रमण हटाने गए थे. एक पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. भारतीय संविधान न्यायपालिका राजनेता और प्रबुद्ध वर्ग ने इस कौम को शोषण कर्ता बताया है । उन पर आरोप लगाए जाते हैं कि इस कौम ने करोड़ो वर्षों से लोगों का खून चूसा है । अब ये जाति संवैधानिक अछूत है । ये भले कितने भी गरीब हो , पीने के लिए पानी तक न हो , लेकिन ये ब्रह्मांड के सबसे अमीर और खून चूसने वाले प्राणी माने जा रहे हैं। ये राजनैतिक अछूत हो गए हैं और ब्रह्मांड के कण कण का इन्होंने शोषण किया है । आज अगर ब्रह्मण से इतर किसी दूसरी जाति की बात होती तो अब तक पूरा देश उबल पड़ता और दलित दलित करके सूर्य को ठंडा कर चुका होता । ब्रह्मण को धिक्कार है जो लोकशाही भारतवर्ष में जन्में जहाँ इनकी औकात सबसे बदतर है । धिक्कार है इस देश के व्यवस्थकारों को जो धीरे धीरे सारी व्यवस्था को खोखला करते हुए 21वीं सदी तक पहुंच गए हैं। अब कलियुग में आना दलित बन कर आना ज्यादा मुफीद है। जो पाप ब्रह्मण के पूर्वजों ने भी नहीं किया उसका खामियाजा उनकी औलादों को भुगतना ही पड़ रहा है। क्योंकि पूरा कलियुग अब ब्रह्म जनों का नही है गैर ब्रह्म जनों का है । अब तो ब्रह्म जन जल्दी जल्दी इसी जन्म में भज गोविंदं करके अपना उद्धार कर लो तो बेहतर होगा ताकि इस निकृष्ट दुनियाँ में उन्हें फिर न आना पड़े । लेकिन जाने- अनजाने ही समाज को जातीय संघर्ष में धकेलने का नतीजा सभी के लिए विघटनकारी होगा और भारत कभी भी विश्व गुरु नहीं बन पाएगा।
एक तरफ एम पी कैडर के आई ए एस नियाज़ खान जैसे कुछ प्रबुद्ध अधिकारी ब्राह्मण के आई क्यू की प्रशंसा कर रहे है । ब्रह्मण की सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सराहना कर रहे हैं,वही देश में बहुत बड़ा वर्ग ब्राह्मण के गुणों को नजरंदाज करते हुए नकारतमक प्रचार प्रसार कर रहा है। समाज में हमेशा अच्छी बातें ही प्रसारित होनी चाहिए। भारत में जाति संबंधी हिंसा विभिन्न रूपों में होती है । ह्यूमन राइट्स वॉच की एक रिपोर्ट के अनुसार , "भेदभाव पूर्ण और क्रूर, अमानवीय और भारत में एक सौ पैंसठ मिलियन से अधिक लोगों के अपमानजनक व्यवहार को जाति के आधार पर उचित ठहराया गया है। जाति प्रकृति पर आधारित है और वंशानुगत है। यह एक विशेषता निर्धारित है। किसी विशेष जाति में जन्म के बावजूद, व्यक्ति द्वारा विश्वास किए जाने के बावजूद। जाति, वंश और व्यवसाय द्वारा परिभाषित रैंक वाले समूहों में कठोर सामाजिक स्तरीकरण की एक पारंपरिक प्रणाली को दर्शाती है। भारत में जाति विभाजन आवास, विवाह, रोजगार और सामान्य सामाजिक क्षेत्रों में हावी है। बातचीत-विभाजन, जो सामाजिक बहिष्कार, आर्थिक बहिष्कार और शारीरिक हिंसा के अभ्यास और खतरे के माध्यम से प्रबलित होते हैं। आरक्षण की त्रुटिपूर्ण व्यवस्था से योग्य होने के बावजूद ब्राह्मण युवा सरकारी नौकरियों में पिछड़ रहे हैं। उनके आगे बढ़ने के अवसर कम हो रहे हैं क्योंकि उनकी बात उठाने वाला कोई नहीं है। किसी एक के बूते नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज के सम्मान और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होना पड़ेगा तभी ब्राह्मण समाज का गौरव भविष्य में बरकरार रहेगा। मंसूबे पूरे किए। इन चारों में चुनी हुई दिखावटी सरकारें बनी पर चलती थी इन सब के सत्तासीनों के मन के मुताबिक जनमत दिखाया जाता। चुनाव भी होते पर सब काम आकाओं के मन मर्जी के मुताबिक चलता था। संविधान कानून और संधि समझौते में देश का व्यापक हित ना देखकर मालिकों के हित साधे गए। विदेशी संविधान का नकल कर अपने अपने देश में कानून बने । उसे अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार बदलते जाते रहे। चूंकि नई नई आजादी मिली थी इसलिए विरोध के स्वर भी दबा दिए जाते रहे। संविधान सभा द्वारा बनाया गया नकल वाले संविधान को एक खास व्यक्तिके नाम पट्टा कर दिया गया। बदलती रही। धर्म के आधार पर देश को तोड़ने और अपने हिस्से में लेने वालो ने मुस्लिम बहुल तीन भाग मुस्लिमों को मुकम्मल दे दिया और हिन्दू बहुल भारत को खिचड़ी बना कर सबको लूटने के लिए छोड़ दिया। सनातन धर्म और परम्परा पर प्रहार किया जाता रहा। वैदिक आर्य धर्म पर हर तरह से प्रहार होता रहा। वेद उपनिषद पुराण और धर्म की खिल्ली उड़ाई जाती रही। कांग्रेस कम्नयुस्त और विदेशी दबाव ने यहां के बहुसंख्यक के हितों से खिलवाड़ करते रहे। पक्षपात होता रहा। ब्रह्मण धर्म और जाति पर सर्वाधिक प्रहार होता रहा। उन्हें अगड़ा कह कर सारी सरकारी सुविधाओं से महरूम कर दिया गया। समय समय पर उन्हें जहर और जलालत के आंच में सेंका जाता रहा। महात्मा गांधी की हत्या के बाद नाथूराम गोडसे जो एक ब्राह्मण था, उस पर ब्राह्मणों द्वारा निशाना बनाया गया । कुनबी - मराठा समुदाय द्वारा बलात्कार, लिंचिंग और यौन उत्पीड़न की कई घटनाएं दर्ज की गईं। बारह-तेरह फरवरी एक हज़ार नौ सौ बानवे की मध्यरात्रि में, भारत के माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ) ने बिहार, बिहार के गया जिले के पास बारा गाँव में भूमिहार जाति के पैंतीस सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी । MCC का सशस्त्र समूह बारा गाँव के पैंतीस लोगों को पास की एक नहर के किनारे ले आया, उनके हाथ बाँध दिए और उनका गला काट दिया। छत्तीस के रूप में कई लोगों पर अपराध का आरोप लगाया गया था, लेकिन केवल तेरह. के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। दूसरों को गिरफ्तार करें, जिन्होंने अपने सम्मन को खारिज कर दिया था। छोटन शुक्ला भूमिहार समुदाय के एक गिरोह के सरगना थे। उन्हें ओबीसी बनिया जाति से होने वाले एक सरकारी मंत्री बृज बिहारी प्रसाद के साथ उनके विवाद के लिए जाना जाता था । एक चुनाव अभियान से लौटने के दौरान प्रसाद की ओर से काम कर रहे पुरुषों द्वारा कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रतिशोध में, प्रसाद को भी गोली मार दी गई थी। आनंद मोहन सिंह, जो उच्च जाति के राजपूतों के नेता थे , और उनके करीबी साथी मुन्ना शुक्ला, जो भूमिहार नेता थे और छोटन शुक्ला के भाई थे, पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें जेल में उम्रकैद की सजा दी गई। एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में, यादव और दुसाध के प्रभुत्व वाले माओवादी चरमपंथी केंद्र ने जहानाबाद के पास सेनारी गाँव में चौंतीस भूमिहारों का हत्या किया था। साल दो हज़ार पंद्रह में यूपी के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव की सरकार के दौरान गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर संतों ने सड़क पर बड़ा आंदोलन किया था. इस आंदोलन में पुलिस ने संतों और बटुकों पर बर्बर लाठीचार्ज किया था. यूपी के वाराणसी में सात साल पुराने संतों के प्रतिकार यात्रा में हुए बवाल मामले में हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है. जिस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती समेत सतुआ बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर संतोष दास और पातालपुरी मठ के प्रमुख बालक दास समेत कई संतों को निचली अदालत से जमानत लेनी पड़ी। दो हज़ार सत्रह में पांच ब्राह्मणों की नृशंस हत्या : दो हज़ार सत्रह में रायबरेली के अप्टा गांव में रोहित शुक्ला सहित पांच ब्राह्मणों की नृशंस हत्या से ब्राह्मण समाज के लोगों में आक्रोश है। ब्राह्मण समाज के लोगों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें पीड़ित परिवार के लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग की। ग्वालियर एमपी में, ब्राह्मण समुदाय के एक युवा छात्र को बंदूक की नोक पर लूट लिया गया और क्षेत्र में दलितों का दबदबा मानने के लिए मजबूर किया गया था। इस घटना के बाद थाने में तहरीर भी दी गई थी। आवेदक का परिवार, जो कि हिन्दू धर्म का एक ब्राह्मण परिवार है, विगत तेईस वर्षों से ग्वालियर की पूजा विहार कॉलोनी, आपा गंज, लश्कर में रहता है। उनके आस पास दलित समाज के लोग रहते हैं जिनमे उमरैया परिवार बाहुबली है, जो आस पास के सवर्ण परिवारों से ज़बरन हफ्ता वसूली करता है। न देने पर SC/ST के झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी देता है। राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक मुस्लिम युवक द्वारा हिंदू लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में सांसद किरोड़ी लाल मीणा पीड़िता के परिजनों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। मीणा सहित परिजनों की मांग है कि अपहृत लड़की को जल्द से जल्द मुस्लिम युवक के चंगुल से जारी किया जाए। परवेज ने बंदूक की नोंक पर किया ब्राह्मण समाज की बेटी का अपहरण': पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बीजेपी सांसद ने कहा - गहलोत राज में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं को मुस्लिम समाज परवेज ने बंदूक की नोक पर ब्राह्मण समाज का अपहरण कर लिया। परिजनों ने जब विरोध किया तो युवक ने लड़की की मां को झटका देकर गिरा दिया। साथ ही जान मारने की धमकी देकर लड़की की कनपटी पर बंदूक दी और उसे बाइक पर बिठाकर ले गए। बागपत में अधिवक्ता के परिवार पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा हमला करने और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ब्राह्मण समाज के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया है। इसके अलावा गुस्साए ब्रह्मण समाज के लोगों ने थाना पुलिस पर मिलीभगत से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। फिलहाल ब्राह्मण समाज के लोग धरने पर बैठ गए हैं। कानपुर देहात में 'तेरह फरवरी दो हज़ार तेईस को मौत का बुलडोजर' चला. यहां अतिक्रमण हटाने के दौरान मां और बेटी की जलकर मौत हो गई. एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद मैथा तहसील क्षेत्र के मडौली गांव में सोमवार तेरह फरवरी की सुबह बढ़ते अतिक्रमण हटाने के लिए गए थे. प्रमिला दीक्षित और उनकी बेटी नेहा ने कथित तौर पर पुलिस, जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में यह कदम उठाया, जो जिले के रूरा क्षेत्र के मडौली गांव में "ग्राम समाज" की भूमि से अतिक्रमण हटाने गए थे. एक पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. भारतीय संविधान न्यायपालिका राजनेता और प्रबुद्ध वर्ग ने इस कौम को शोषण कर्ता बताया है । उन पर आरोप लगाए जाते हैं कि इस कौम ने करोड़ो वर्षों से लोगों का खून चूसा है । अब ये जाति संवैधानिक अछूत है । ये भले कितने भी गरीब हो , पीने के लिए पानी तक न हो , लेकिन ये ब्रह्मांड के सबसे अमीर और खून चूसने वाले प्राणी माने जा रहे हैं। ये राजनैतिक अछूत हो गए हैं और ब्रह्मांड के कण कण का इन्होंने शोषण किया है । आज अगर ब्रह्मण से इतर किसी दूसरी जाति की बात होती तो अब तक पूरा देश उबल पड़ता और दलित दलित करके सूर्य को ठंडा कर चुका होता । ब्रह्मण को धिक्कार है जो लोकशाही भारतवर्ष में जन्में जहाँ इनकी औकात सबसे बदतर है । धिक्कार है इस देश के व्यवस्थकारों को जो धीरे धीरे सारी व्यवस्था को खोखला करते हुए इक्कीसवीं सदी तक पहुंच गए हैं। अब कलियुग में आना दलित बन कर आना ज्यादा मुफीद है। जो पाप ब्रह्मण के पूर्वजों ने भी नहीं किया उसका खामियाजा उनकी औलादों को भुगतना ही पड़ रहा है। क्योंकि पूरा कलियुग अब ब्रह्म जनों का नही है गैर ब्रह्म जनों का है । अब तो ब्रह्म जन जल्दी जल्दी इसी जन्म में भज गोविंदं करके अपना उद्धार कर लो तो बेहतर होगा ताकि इस निकृष्ट दुनियाँ में उन्हें फिर न आना पड़े । लेकिन जाने- अनजाने ही समाज को जातीय संघर्ष में धकेलने का नतीजा सभी के लिए विघटनकारी होगा और भारत कभी भी विश्व गुरु नहीं बन पाएगा।
विश्व नंबर 1 ऑस्ट्रेलियाई टीम 15वें पुरुष हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। 3 बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने ओडिशा में हो रही प्रतियोगिता के पहले क्वार्टर-फाइनल में स्पेन पर 4-3 से जीत दर्ज की। भुवनेश्व के कलिंगा स्टेडियम में हुए मैच में ऑस्ट्रेलिया से बड़ी जीत की उम्मीद थी लेकिन स्पेन ने अच्छा प्रदर्शन किया और अंत तक कंगारूओं को कड़ी टक्कर दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम मैच को शुरुआती दो क्वार्टर में काफी संघर्ष करती दिखी। स्पेन ने न सिर्फ बढ़िया डिफेंस किया बल्कि उनका अटैक भी अच्छा रहा। पहले क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ। दूसरे क्वार्टर में 19वें मिनट में गिस्पर्ट जेवियर ने स्पेन के लिए फील्ड गोल किया। इसके बाद 23वें मिनट में रेकासेंस मार्क ने गोल कर स्पेन को 2-0 से आगे कर दिया। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम इन दो गोल को खाकर बैकफुट पर आ गई। लेकिन इसके बाद उन्होंने वापसी की। ऑस्ट्रेलिया के लिए 29वें मिनट में ओगिल्वी फ्लिन ने गोल कर खाता खोला। 31वें मिनट में जालेव्स्की आरेन ने गोल कर स्कोर बराबर किया। इसके बाद 32वें और 36वें मिनट में दो पेनेल्टी कॉर्नर सफलता से हासिल कर इन्हें टीम ने गोल में बदला और 4-2 से आगे हो गई। स्पेन ने 40वें मिनट में गोल किया। इसके बाद चौथे क्वार्टर में स्पेन को पेनेल्टी के जरिए गोल का मौका मिला, लेकिन वह विफल रहे और ऑस्ट्रेलिया ने मैच जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया ने लगातार 12वीं बार विश्व कप में सेमीफाइनलिस्ट बनने का रिकॉर्ड बनाया है। शुरुआती तीन विश्व कप को छोड़ दें तो 1978 से हुए हर विश्व कप में यह टीम अंतिम-4 में पहुंची है। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के अलावा गत विजेता बेल्जियम ने भी जगह बनाई। ओलंपिक चैंपियन बेल्जियम ने दूसरे क्वार्टर-फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से मात दी। प्रतियोगिता में तीसरे क्वार्टर-फाइनल में आज इंग्लैंड का सामना जर्मनी से होगा जबकि चौथे क्वार्टर-फाइनल में दक्षिण कोरियाई टीम 3 बार की विजेता नीदरलैंड्स का सामना करेगी।
विश्व नंबर एक ऑस्ट्रेलियाई टीम पंद्रहवें पुरुष हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने ओडिशा में हो रही प्रतियोगिता के पहले क्वार्टर-फाइनल में स्पेन पर चार-तीन से जीत दर्ज की। भुवनेश्व के कलिंगा स्टेडियम में हुए मैच में ऑस्ट्रेलिया से बड़ी जीत की उम्मीद थी लेकिन स्पेन ने अच्छा प्रदर्शन किया और अंत तक कंगारूओं को कड़ी टक्कर दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम मैच को शुरुआती दो क्वार्टर में काफी संघर्ष करती दिखी। स्पेन ने न सिर्फ बढ़िया डिफेंस किया बल्कि उनका अटैक भी अच्छा रहा। पहले क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ। दूसरे क्वार्टर में उन्नीसवें मिनट में गिस्पर्ट जेवियर ने स्पेन के लिए फील्ड गोल किया। इसके बाद तेईसवें मिनट में रेकासेंस मार्क ने गोल कर स्पेन को दो-शून्य से आगे कर दिया। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम इन दो गोल को खाकर बैकफुट पर आ गई। लेकिन इसके बाद उन्होंने वापसी की। ऑस्ट्रेलिया के लिए उनतीसवें मिनट में ओगिल्वी फ्लिन ने गोल कर खाता खोला। इकतीसवें मिनट में जालेव्स्की आरेन ने गोल कर स्कोर बराबर किया। इसके बाद बत्तीसवें और छत्तीसवें मिनट में दो पेनेल्टी कॉर्नर सफलता से हासिल कर इन्हें टीम ने गोल में बदला और चार-दो से आगे हो गई। स्पेन ने चालीसवें मिनट में गोल किया। इसके बाद चौथे क्वार्टर में स्पेन को पेनेल्टी के जरिए गोल का मौका मिला, लेकिन वह विफल रहे और ऑस्ट्रेलिया ने मैच जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया ने लगातार बारहवीं बार विश्व कप में सेमीफाइनलिस्ट बनने का रिकॉर्ड बनाया है। शुरुआती तीन विश्व कप को छोड़ दें तो एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर से हुए हर विश्व कप में यह टीम अंतिम-चार में पहुंची है। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के अलावा गत विजेता बेल्जियम ने भी जगह बनाई। ओलंपिक चैंपियन बेल्जियम ने दूसरे क्वार्टर-फाइनल में न्यूजीलैंड को दो-शून्य से मात दी। प्रतियोगिता में तीसरे क्वार्टर-फाइनल में आज इंग्लैंड का सामना जर्मनी से होगा जबकि चौथे क्वार्टर-फाइनल में दक्षिण कोरियाई टीम तीन बार की विजेता नीदरलैंड्स का सामना करेगी।
इंदौर जिले के किशानंगज थाना क्षेत्र का मामला. युवती ने भाग कर शादी की थी। युवती के घर वाले शादी के खिलाफ थे। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। इंदौरः इंदौर जिले के किशानंगज थाना क्षेत्र में एक मां ने अपनी दुधमुंही बच्ची के साथ जहर खा कर आत्महत्या कर ली। लड़की होने के बाद से पति उसे ताने मारता था। जिससे परेशान हो कर उसने यह कदम उठाया। युवती ने भाग कर शादी की थी। युवती के घर वाले शादी के खिलाफ थे। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। एसडीओपी महु विनोद शर्मा ने बताया कि मानपुर के कह खुरदी गांव की रहने वाली रजनी भील ने गांव के ही रहने वाले सुभाष नामक युवक से प्रेम हो गया था। वह सुभाष से शादी करना चाहती थी लेकिन उसके घर वाले इसके लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद रजनी सुभाष के साथ भाग गई। जिस समय वह भागी थी तब वह नाबालिक थी। दोनों भाग कर महु के किशानंगज इलाके के साउथ शांति नगर क्षेत्र में आकर छुप गए। बालिग होने के बाद रजनी ने सुभाष के साथ शादी कर ली। घर वालों ने भी विरोध नहीं किया। चार माह पहले ही रजनी ने एक लड़की को जन्म दिया था। लड़की के जन्म के बाद से ही पति सुभाष उसे ताने मारने लगा था। यही नहीं उसने घर खर्च के पैसे देना भी बंद कर दिया था। पति के तानो से तंग आ कर रजनी ने अपनी दुधमुंही बच्ची को पहले जहर खिलाया फिर खुद जहर खा लिया। दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने पति सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
इंदौर जिले के किशानंगज थाना क्षेत्र का मामला. युवती ने भाग कर शादी की थी। युवती के घर वाले शादी के खिलाफ थे। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। इंदौरः इंदौर जिले के किशानंगज थाना क्षेत्र में एक मां ने अपनी दुधमुंही बच्ची के साथ जहर खा कर आत्महत्या कर ली। लड़की होने के बाद से पति उसे ताने मारता था। जिससे परेशान हो कर उसने यह कदम उठाया। युवती ने भाग कर शादी की थी। युवती के घर वाले शादी के खिलाफ थे। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। एसडीओपी महु विनोद शर्मा ने बताया कि मानपुर के कह खुरदी गांव की रहने वाली रजनी भील ने गांव के ही रहने वाले सुभाष नामक युवक से प्रेम हो गया था। वह सुभाष से शादी करना चाहती थी लेकिन उसके घर वाले इसके लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद रजनी सुभाष के साथ भाग गई। जिस समय वह भागी थी तब वह नाबालिक थी। दोनों भाग कर महु के किशानंगज इलाके के साउथ शांति नगर क्षेत्र में आकर छुप गए। बालिग होने के बाद रजनी ने सुभाष के साथ शादी कर ली। घर वालों ने भी विरोध नहीं किया। चार माह पहले ही रजनी ने एक लड़की को जन्म दिया था। लड़की के जन्म के बाद से ही पति सुभाष उसे ताने मारने लगा था। यही नहीं उसने घर खर्च के पैसे देना भी बंद कर दिया था। पति के तानो से तंग आ कर रजनी ने अपनी दुधमुंही बच्ची को पहले जहर खिलाया फिर खुद जहर खा लिया। दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने पति सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
लरकोरी हो गइली अनुष्का शर्मा. उनका बेटी भइल काल्ह. बधाई होखे विराट भाई ! जिलेबी बंटाव. जी हाँ, टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली अब पापा बन गइल बाड़न. उ ट्वीट क के खुशखबरी देले बाड़न. जान जाईं कि विराट कोहली के ऑस्ट्रेलिया दौरा के बीचे से भारत लौटे के पड़ल. एकरा पहिले उ वनडे टी-20 आ पहिला टेस्ट मैच में टीम के हिस्सा रहलें. पापा बनला के बाद विराट कोहली ट्विटर पर खुशी जाहिर करत भावुक होके लोग बाग़ के शुभकामना खातिर धन्यवाद देले बाड़न. विराट कोहली ट्वीट क के कहले बाड़न कि "हम दोनों को यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमारे घर बेटी हुई है. हम आपके प्यार और शुभकामनओं के लिए दिल से आभारी हैं. अनुष्का और हमारी बेटी, दोनों बिल्कुल ठीक हैं. हमारा यह सौभाग्य है कि हमें जिंदगी का यह चैप्टर अनुभव करने का मौका मिला. हम जानते हैं कि आप यह जरूर समझेंगे कि इस वक्त हमें थोड़ी प्राइवेसी चाहिए. " होला का कि अक्सर फैंस के दिलचस्पी अपना पसंदीदा क्रिकेटर आ फिल्म स्टार में एह हद तक होला कि उ ओकरा निजी जिंदगी में भी ताके-झांके भा टिक्का-टिप्पड़ी करे से बाज ना आवे. दरअसल सेलिब्रिटी पब्लिक प्रॉपर्टी हो जाला आ ओकर निजता हमेशा लोग के कैमरा के फोकस पर रहेला. रउरा लोग सैफ-करीना के बबुआ तैमूर के लेके फैंस आ पैपराजी के जूनून के बारे में सुनलही होखब. ओइसही फैंस लोग के विराट आ अनुष्का के बेटी के पहिला झलक देखे के जूनून सवार भइल बा आ काल्ह से लेके आजतक में गूगल पर ई टर्म 'विराट की बेटी की पहली तस्वीर' काफी सर्च भइल बा. इहे कारण बा कि विराट पहिलही सबका से अपना निजता के सम्मान करे खातिर निहोरा कइले बाड़न. अनुष्का पेट से बाड़ी. ई खुशखबरी अनुष्का आ विराट कोहली अगस्ते में सबका साथ शेयर कइले रहे लोग. बतवले रहे लोग कि जनवरी में उ लोग दू से तीन हो जाई लोग. अनुष्का त एह दौरान ऐड शूट आ मैग्जीन शूट भी कइली. बेबी बम्प में आपन खूबसूरत तस्वीरो पोस्ट कइली, जवना के उनकर फैन्स लोग बड़ी सरधा से नेशनल न्यूज के तरह देखल आ वायरल कइल. एह सबसे पहिले एगो ज्योतिष पंडित जगन्नाथ गुरूजी त इहाँ तक भविष्यवाणी क देले रहनी कि विराट आ अनुष्का के बेटिये होई. अच्छा एगो रोचक आ संजोग के बात अउर देखीं कि ज्यादातर महान क्रिकेटर लोग के पहिलौंठी के लइका बेटिये भइल बा. सर डॉन ब्रेडमैन के अगर छोड़ दिहल जाए त सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, रिकी पॉन्टिंग जइसन कई गो महान क्रिकेटर्स के घरे सबसे पहले बेटिये के जन्म भइल बा. विराट कोहली के समकालीन कई गो भारतीय क्रिकेटर के भी पहिला संतान बेटिये बाड़ी, जइसे कि महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, गौतम गंभीर, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, चेतेश्वर पुजारा, आर अश्विन, अजिंक्य रहाणे आदि. अक्सर एह सब खिलाड़ी के साथ कुदरत के एह संयोग के प्रतिफल भी सुंदर रहल बा माने बेटी के आइल शुभ साबित भइल बा. बेटी के अइला के बाद क्रिकेट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कइले बा लो ई लोग. करियर ऊपरे गइल बा. विराटो अपना करियर के ग्यारहवाँ आईसीसी वर्ल्ड टूर्नामेंट खेले वाला बाड़न त बढ़िया आ बेहतर प्रदर्शन के उम्मीद कइल जाय. बेटी के लक्ष्मी के रूप अइसहीं थोड़े कहल गइल बा. उ घर में चाहें बेटी के रूप में आवे या बहू के रूप में, ओकरा अइला से बरक्कते होला. रउरा ईयाद होई कि बेटी जब ब्याह के घर से विदा कइल जाला त ओह दिन एगो रस्म होला, घर भरावल. उ रस्म एही खातिर होला कि घर के लक्ष्मी के त हमनी दोसरा के देतानी बाकिर जाये से पहिले अगर उ अपना हाथ से घर भर दी त कबहूँ बेटी के मायका में समृद्धि के कमी ना होई. विराट कोहली के ज़िन्दगी में एगो गज़ब के इत्तेफ़ाक़ बा. उ साल के 11वां महीना में जनमलें, 11 तारीख के परिणय सूत्र में बंधलें आ 11 तारीख के पिता बनलें. अतने ना विराट कोहली अकेले एगो अइसन कप्तान बाड़न जे एक कैलेंडर साल में 11 सौ रन बनवलें बाड़न. भारत के स्टार महिला पहलवान बबीता फोगाट के बेटा भइल बा. बबीतो आपना पति विवेक सुहाग के साथ ट्विटर पर एगो पोस्ट शेयर क के एह बात के जानकारी देले बाड़ी. लिखले बाड़ी कि, "हमारे बेटे से मिलिए. सपनों में विश्वास करिए, ये पूरे होते हैं. हमारे पूरे हुए हैं. नीले कपड़ो में देखिए. " 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीते वाली बबीता 2018 दिसंबर में विवेक सुहाग के साथे शादी कइली. उ 2020 नवंबर में इंस्टाग्राम पर एगो पोस्ट के जरिए अपना मां बने के खबर देले रहली. जान जाईं कि बबीता के पति विवेक सुहाग भी एगो पहलवान हउवन. एह लोग के मुलाकात छह साल पहिले भइल रहे. विवेक भारत केसरी रह चुकल बाड़न. 1 दिसंबर 2019 के दूनो लोग के शादी भइल. बबीता 2014 में भइल कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करत देश खातिर गोल्ड मेडल जीतली. बबीता के ऊपर बॉलीवुड में दंगल फिल्म भी बन चुकल बा, जेकरा के लोग खूब पसंद कइल. कहे के मतलब कि कोरोना काल खाली उदासी, फ्रस्ट्रेशन, डिप्रेशन आ बेरोजगार होखे के साल नइखे रहल. प्लानिंग, क्रियेशन आ योजना के साल भी रहल बा. ओकर फल सामने बा. सपना साकार भइल बा. फिलहाल अनुष्का शर्मा आ बबीता फोगाट सोईरी में बा लोग. बच्चा-जच्चा खातिर हमार शुभकामना (लेखक मनोज भावुक भोजपुरी भाषा-साहित्य के मर्मज्ञ और पत्रकार हैं. ) .
लरकोरी हो गइली अनुष्का शर्मा. उनका बेटी भइल काल्ह. बधाई होखे विराट भाई ! जिलेबी बंटाव. जी हाँ, टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली अब पापा बन गइल बाड़न. उ ट्वीट क के खुशखबरी देले बाड़न. जान जाईं कि विराट कोहली के ऑस्ट्रेलिया दौरा के बीचे से भारत लौटे के पड़ल. एकरा पहिले उ वनडे टी-बीस आ पहिला टेस्ट मैच में टीम के हिस्सा रहलें. पापा बनला के बाद विराट कोहली ट्विटर पर खुशी जाहिर करत भावुक होके लोग बाग़ के शुभकामना खातिर धन्यवाद देले बाड़न. विराट कोहली ट्वीट क के कहले बाड़न कि "हम दोनों को यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमारे घर बेटी हुई है. हम आपके प्यार और शुभकामनओं के लिए दिल से आभारी हैं. अनुष्का और हमारी बेटी, दोनों बिल्कुल ठीक हैं. हमारा यह सौभाग्य है कि हमें जिंदगी का यह चैप्टर अनुभव करने का मौका मिला. हम जानते हैं कि आप यह जरूर समझेंगे कि इस वक्त हमें थोड़ी प्राइवेसी चाहिए. " होला का कि अक्सर फैंस के दिलचस्पी अपना पसंदीदा क्रिकेटर आ फिल्म स्टार में एह हद तक होला कि उ ओकरा निजी जिंदगी में भी ताके-झांके भा टिक्का-टिप्पड़ी करे से बाज ना आवे. दरअसल सेलिब्रिटी पब्लिक प्रॉपर्टी हो जाला आ ओकर निजता हमेशा लोग के कैमरा के फोकस पर रहेला. रउरा लोग सैफ-करीना के बबुआ तैमूर के लेके फैंस आ पैपराजी के जूनून के बारे में सुनलही होखब. ओइसही फैंस लोग के विराट आ अनुष्का के बेटी के पहिला झलक देखे के जूनून सवार भइल बा आ काल्ह से लेके आजतक में गूगल पर ई टर्म 'विराट की बेटी की पहली तस्वीर' काफी सर्च भइल बा. इहे कारण बा कि विराट पहिलही सबका से अपना निजता के सम्मान करे खातिर निहोरा कइले बाड़न. अनुष्का पेट से बाड़ी. ई खुशखबरी अनुष्का आ विराट कोहली अगस्ते में सबका साथ शेयर कइले रहे लोग. बतवले रहे लोग कि जनवरी में उ लोग दू से तीन हो जाई लोग. अनुष्का त एह दौरान ऐड शूट आ मैग्जीन शूट भी कइली. बेबी बम्प में आपन खूबसूरत तस्वीरो पोस्ट कइली, जवना के उनकर फैन्स लोग बड़ी सरधा से नेशनल न्यूज के तरह देखल आ वायरल कइल. एह सबसे पहिले एगो ज्योतिष पंडित जगन्नाथ गुरूजी त इहाँ तक भविष्यवाणी क देले रहनी कि विराट आ अनुष्का के बेटिये होई. अच्छा एगो रोचक आ संजोग के बात अउर देखीं कि ज्यादातर महान क्रिकेटर लोग के पहिलौंठी के लइका बेटिये भइल बा. सर डॉन ब्रेडमैन के अगर छोड़ दिहल जाए त सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, रिकी पॉन्टिंग जइसन कई गो महान क्रिकेटर्स के घरे सबसे पहले बेटिये के जन्म भइल बा. विराट कोहली के समकालीन कई गो भारतीय क्रिकेटर के भी पहिला संतान बेटिये बाड़ी, जइसे कि महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, गौतम गंभीर, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, चेतेश्वर पुजारा, आर अश्विन, अजिंक्य रहाणे आदि. अक्सर एह सब खिलाड़ी के साथ कुदरत के एह संयोग के प्रतिफल भी सुंदर रहल बा माने बेटी के आइल शुभ साबित भइल बा. बेटी के अइला के बाद क्रिकेट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कइले बा लो ई लोग. करियर ऊपरे गइल बा. विराटो अपना करियर के ग्यारहवाँ आईसीसी वर्ल्ड टूर्नामेंट खेले वाला बाड़न त बढ़िया आ बेहतर प्रदर्शन के उम्मीद कइल जाय. बेटी के लक्ष्मी के रूप अइसहीं थोड़े कहल गइल बा. उ घर में चाहें बेटी के रूप में आवे या बहू के रूप में, ओकरा अइला से बरक्कते होला. रउरा ईयाद होई कि बेटी जब ब्याह के घर से विदा कइल जाला त ओह दिन एगो रस्म होला, घर भरावल. उ रस्म एही खातिर होला कि घर के लक्ष्मी के त हमनी दोसरा के देतानी बाकिर जाये से पहिले अगर उ अपना हाथ से घर भर दी त कबहूँ बेटी के मायका में समृद्धि के कमी ना होई. विराट कोहली के ज़िन्दगी में एगो गज़ब के इत्तेफ़ाक़ बा. उ साल के ग्यारहवां महीना में जनमलें, ग्यारह तारीख के परिणय सूत्र में बंधलें आ ग्यारह तारीख के पिता बनलें. अतने ना विराट कोहली अकेले एगो अइसन कप्तान बाड़न जे एक कैलेंडर साल में ग्यारह सौ रन बनवलें बाड़न. भारत के स्टार महिला पहलवान बबीता फोगाट के बेटा भइल बा. बबीतो आपना पति विवेक सुहाग के साथ ट्विटर पर एगो पोस्ट शेयर क के एह बात के जानकारी देले बाड़ी. लिखले बाड़ी कि, "हमारे बेटे से मिलिए. सपनों में विश्वास करिए, ये पूरे होते हैं. हमारे पूरे हुए हैं. नीले कपड़ो में देखिए. " दो हज़ार चौदह कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीते वाली बबीता दो हज़ार अट्ठारह दिसंबर में विवेक सुहाग के साथे शादी कइली. उ दो हज़ार बीस नवंबर में इंस्टाग्राम पर एगो पोस्ट के जरिए अपना मां बने के खबर देले रहली. जान जाईं कि बबीता के पति विवेक सुहाग भी एगो पहलवान हउवन. एह लोग के मुलाकात छह साल पहिले भइल रहे. विवेक भारत केसरी रह चुकल बाड़न. एक दिसंबर दो हज़ार उन्नीस के दूनो लोग के शादी भइल. बबीता दो हज़ार चौदह में भइल कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करत देश खातिर गोल्ड मेडल जीतली. बबीता के ऊपर बॉलीवुड में दंगल फिल्म भी बन चुकल बा, जेकरा के लोग खूब पसंद कइल. कहे के मतलब कि कोरोना काल खाली उदासी, फ्रस्ट्रेशन, डिप्रेशन आ बेरोजगार होखे के साल नइखे रहल. प्लानिंग, क्रियेशन आ योजना के साल भी रहल बा. ओकर फल सामने बा. सपना साकार भइल बा. फिलहाल अनुष्का शर्मा आ बबीता फोगाट सोईरी में बा लोग. बच्चा-जच्चा खातिर हमार शुभकामना .
[PART II - गन्तव्य स्थान पर कार्रवाई (च) सा० इ० नि० सं० जो० के प्रशासनिक कार्यालय में दो प्रतियों में प्रायवनों की प्राप्ति पर "बंधक में रसीदों के अभिलेख" में तुरन्त उसे प्रविष्ट किया जाएगा ( उपाबन्ध 'ग' देखिए ) भौर उसे उसी दिन सुरक्षा के भारसाधक अधिकारी को भेजा जाएगा। इस अभिलेख को प्रविष्टियों का सत्यापन विकास प्रायुक्त द्वारा विहित कच्ची सामग्री के अभिलेख की संबंधित प्रविष्टियों से किया जाएगा। प्रतिरिक्त लेखा के लिए उत्तरदायित्व (छ) भारत के शेष भाग में किसी विनिर्माता से ऐसे उत्पाद शुल्क्य माल के, जिस पर शुल्क संदत्त नहीं किया गया है, सा० ६० नि०सं०जो० में प्लाटधारक को परिदान करने के पश्चात् इस माल के बारे में उचित लेखा देने का उत्तरदायित्व सा० इ० नि० सं० ओ० प्राधिकारियों का होगा । प्राप्ति पर परेषण की परीक्षा (ज) (1) परेषिती को, अपने परिसरों पर परेषण के पहुंचने की सूचना अविलम्ब स०१०नि० सं०जी० के सुरक्षा भारसाधक अधिकारी को देनी होगी और वह उसे पुथकतः और प्रक्षत रूप में भंडार में निवारक अधिकारी द्वारा जिसे इस प्रयोजन के लिए सुरक्षा के भारसाधक अधिकारी द्वारा प्रतिनियुक्त किया जाएगा, परीक्षा और जांच होने तक रखा जाना चाहिए । निवारक अधिकारी माल का हिसाब लेने के पश्चात् चिह्न और संख्याएं द्वारा उनकी पहचान करेगा और परेषण का पूरा तोल करेगा । तत्पश्चात् सुरक्षा भारसाधक अधिकारी से दूसरी प्रति और परेषिती द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों की मूल और तीसरी प्रति के प्राप्त होने पर वह पुनः भांडागारण प्रमाणपत्र पूरा करेगा, अपनयन कारखाने के केन्द्रीय उत्पाद शुल्क भारसाधक अधिकारी को दूसरी प्रति सोधे ही लौटा वेगा तथा तीसरी प्रति पर कमी या आधिक्य यदि कोई हो, अंकित करने के पश्चात् परेषक को भेजने के लिए परेषिती के पास तीसरी प्रति भेजेगा। अभिवहन में कमियों / हानियों पर शुल्क ( 2 ) यदि परेषिती द्वारा ख 5 बन्धपत (प्रतिभू / प्रतिभूति / साधारण प्रतिभूति / साधारण प्रतिभू ) ( जैसा कि उपाबन्धघ-1 से 4 में है) निष्पादित किया जाता है, तो अभिवहन के दौरान मनुज्ञेय हानियों को माफ करने के पश्चात् उससे कमियों पर शुल्क की मांग की जाएगी। प्रत्येक वस्तु की बाबत हानियों की पुथक अनुसूची बनाई जाएगी तथा वह विकास आयुक्त द्वारा जारी की जाएगी। पुनः प्रविष्टि ( श) यदि जोन के सुरक्षा भारसाधक अधिकारी द्वारा दो प्रतियों में प्रावेदन परेषिती द्वारा उसे माल के हुंचने के बारे में सूचित करने से पूर्व प्राप्त किया जाता है तो वह इसे सुरक्षित रूप से लंबित रखेगा और "ए०भार० 3 क श्रावेदन दो प्रतियों में लंबित अंकित फाइल में उसे सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से फाइल करेगा और अपने बंधक' में रसीदों के प्रभिलेख" में परेषण की विशिष्टियां अभिलिखित करेगा जैसे कि उपाबन्ध 'ग' में विहित है और जैसे ही परेषण प्राप्त होता है बसे ही वह उपर्युक्त राज में विहित प्रक्रिया का अनुसरण करेगा । उत्पाद शुल्क्य ऐसे माल पर उद्ग्रहणीय शुल्क जिसका सम्यकतः हिसाब नहीं दिया गया है कि निर्यात प्रावि के लिए माल के विनिर्माण में उसका उपयोग किया गया है (अ) यदि इस प्रक्रिया के अधीन अभिप्राप्त किसी उत्पाद शुल्क्य माल का सम्यकतः हिसाब नहीं दिया जाता है कि केवल निर्यात के लिए माल के विनिर्माण में उसका उपयोग किया गया है, या, समुचित अधिकारी के समाधानप्रद रूप में यह दर्शित नहीं किया गया है कि वह अनुमोदित परिसरों में भांडागारण या हस्तलन के दौरान प्राकृतिक कारणों या अपरिवर्जनीय दुर्घटनाओं के कारण खो गया है या नष्ट हो गया है, या, विकास आयुक्त द्वारा विहित अनुज्ञेय सीमाओं के भीतर कूड़ें या रही के रूप में उसके व्ययन करने के लिए अनुशा दी गई है, तो आवेदक, समुचित अधिकारी द्वारा मांग करने पर ऐसे माल पर उद्ग्रहणीय शुल्क का तुरन्त संदाय करेगा । विकास आयुक्त द्वारा किसी भी समय यह रियायत वापस ली जा सकेगी जब कि श्रावेदक, उसके अभिकर्ता या उसके द्वारा नियोजित किसी व्यक्ति द्वारा प्रक्रिया को भंग किया जाता है । ऐसा भंग होने की दशा में, विकास आयुक्त प्रक्रिया के पैरा (क) के अधीन जमा की हुई प्रतिभूति का समपहरण का प्रदेश भी कर सकेगा और उत्पाद शुल्क्य माल तथा प्रावेदक के परिसरों के भंडार में ऐसे माल से विनिमित सभी माल का अधिहरण भी कर सकेगा । दूसरी प्रतियों का रजिस्ट्रीकृत रसीबी डाक द्वारा भेजा जाना (ट) पैरा (ङ) में निर्दिष्ट प्ररूप ए० आर० 3-क में आवेदन की दो प्रतियां सदैव रजिस्ट्रीकृत रसीदी डाक द्वारा भेजनी होंगी तथा परेषक द्वारा व्यवस्थित रूप से डाक प्राप्ति रसीद फाइल की जाएगी तथा उसे जब कभी प्रपेक्षित हो कारखाने के भारसाधक अधीक्षक को निरीक्षणार्थ प्रस्तुत किया जाएगा । ऐसे माल पर शुल्क की मांग जो गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंचा ( 3 ) केन्द्रीय उत्पाद शुल्क नियम, 1954 के नियम 156 ( ख ) के उपनियम ( 1 ) के अधीन यदि सा० इ० नि० सं० ओ० के परेषिती को भेजे गए उत्पाद शुल्क्य माल के परेषण का पुनः भांडागारण प्रमाणपत्र माल के हटाए जाने के 90 दिन के भीतर या ऐसी बढ़ाई गई अवधि के भीतर ओ कलेक्टर द्वारा अनुज्ञात की जाए, परेषक द्वारा वापस प्राप्त नहीं की जाती है [ पैरा च ( 1 ) के अनुसार ] तो स्वंय परेषक का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह अपने चालू खाने में डेबिट प्रविष्टि करके परेषण पर उद्ग्रहणीय शुल्क का संदाय करे । तथापि, यह उपबन्ध किया गया है कि ऐसे मामलों में जहां परेषक समुचित अधिकारी के समाधानप्रद रूप में उपर्युक्त रीति से शुल्क का संदाय करने के पश्चात् पुनः भांडागारण का सबुत प्रस्तुत कर लेता है, यहां, आवेदन करके, इस प्रकार दिए गए शुल्क का प्रतिदाय पाने का यह पात्र होगा। कारखाने या भांडागार का भारसाधक अधिकारी उस परेषण पर शुल्क की मांग भी कर सकेगा जिसकी बाबत पुनः भांडागारण प्रमाणपत्र अनुबद्ध अवधि के भीतर प्राप्त नहीं हुआ है । ऐसे मामलों में यदि परेषक ने अपने चालू खाते में जेबिट प्रविष्टि करके परेषण पर उद्ग्रहणीय शुल्क का पहले ही संदाय कर दिया हो, तो वह इस मांग सूचना के प्रत्युत्तर में ऐसे निक्षेप की विशिष्टियों की बाबत भारसाधक अधिकारी को सूचित कर सकेगा ।
[PART II - गन्तव्य स्थान पर कार्रवाई साशून्य इशून्य निशून्य संशून्य जोशून्य के प्रशासनिक कार्यालय में दो प्रतियों में प्रायवनों की प्राप्ति पर "बंधक में रसीदों के अभिलेख" में तुरन्त उसे प्रविष्ट किया जाएगा भौर उसे उसी दिन सुरक्षा के भारसाधक अधिकारी को भेजा जाएगा। इस अभिलेख को प्रविष्टियों का सत्यापन विकास प्रायुक्त द्वारा विहित कच्ची सामग्री के अभिलेख की संबंधित प्रविष्टियों से किया जाएगा। प्रतिरिक्त लेखा के लिए उत्तरदायित्व भारत के शेष भाग में किसी विनिर्माता से ऐसे उत्पाद शुल्क्य माल के, जिस पर शुल्क संदत्त नहीं किया गया है, साशून्य साठ निशून्यसंशून्यजोशून्य में प्लाटधारक को परिदान करने के पश्चात् इस माल के बारे में उचित लेखा देने का उत्तरदायित्व साशून्य इशून्य निशून्य संशून्य ओशून्य प्राधिकारियों का होगा । प्राप्ति पर परेषण की परीक्षा परेषिती को, अपने परिसरों पर परेषण के पहुंचने की सूचना अविलम्ब सदसनिशून्य संशून्यजीशून्य के सुरक्षा भारसाधक अधिकारी को देनी होगी और वह उसे पुथकतः और प्रक्षत रूप में भंडार में निवारक अधिकारी द्वारा जिसे इस प्रयोजन के लिए सुरक्षा के भारसाधक अधिकारी द्वारा प्रतिनियुक्त किया जाएगा, परीक्षा और जांच होने तक रखा जाना चाहिए । निवारक अधिकारी माल का हिसाब लेने के पश्चात् चिह्न और संख्याएं द्वारा उनकी पहचान करेगा और परेषण का पूरा तोल करेगा । तत्पश्चात् सुरक्षा भारसाधक अधिकारी से दूसरी प्रति और परेषिती द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों की मूल और तीसरी प्रति के प्राप्त होने पर वह पुनः भांडागारण प्रमाणपत्र पूरा करेगा, अपनयन कारखाने के केन्द्रीय उत्पाद शुल्क भारसाधक अधिकारी को दूसरी प्रति सोधे ही लौटा वेगा तथा तीसरी प्रति पर कमी या आधिक्य यदि कोई हो, अंकित करने के पश्चात् परेषक को भेजने के लिए परेषिती के पास तीसरी प्रति भेजेगा। अभिवहन में कमियों / हानियों पर शुल्क यदि परेषिती द्वारा ख पाँच बन्धपत निष्पादित किया जाता है, तो अभिवहन के दौरान मनुज्ञेय हानियों को माफ करने के पश्चात् उससे कमियों पर शुल्क की मांग की जाएगी। प्रत्येक वस्तु की बाबत हानियों की पुथक अनुसूची बनाई जाएगी तथा वह विकास आयुक्त द्वारा जारी की जाएगी। पुनः प्रविष्टि यदि जोन के सुरक्षा भारसाधक अधिकारी द्वारा दो प्रतियों में प्रावेदन परेषिती द्वारा उसे माल के हुंचने के बारे में सूचित करने से पूर्व प्राप्त किया जाता है तो वह इसे सुरक्षित रूप से लंबित रखेगा और "एशून्यभारशून्य तीन क श्रावेदन दो प्रतियों में लंबित अंकित फाइल में उसे सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से फाइल करेगा और अपने बंधक' में रसीदों के प्रभिलेख" में परेषण की विशिष्टियां अभिलिखित करेगा जैसे कि उपाबन्ध 'ग' में विहित है और जैसे ही परेषण प्राप्त होता है बसे ही वह उपर्युक्त राज में विहित प्रक्रिया का अनुसरण करेगा । उत्पाद शुल्क्य ऐसे माल पर उद्ग्रहणीय शुल्क जिसका सम्यकतः हिसाब नहीं दिया गया है कि निर्यात प्रावि के लिए माल के विनिर्माण में उसका उपयोग किया गया है यदि इस प्रक्रिया के अधीन अभिप्राप्त किसी उत्पाद शुल्क्य माल का सम्यकतः हिसाब नहीं दिया जाता है कि केवल निर्यात के लिए माल के विनिर्माण में उसका उपयोग किया गया है, या, समुचित अधिकारी के समाधानप्रद रूप में यह दर्शित नहीं किया गया है कि वह अनुमोदित परिसरों में भांडागारण या हस्तलन के दौरान प्राकृतिक कारणों या अपरिवर्जनीय दुर्घटनाओं के कारण खो गया है या नष्ट हो गया है, या, विकास आयुक्त द्वारा विहित अनुज्ञेय सीमाओं के भीतर कूड़ें या रही के रूप में उसके व्ययन करने के लिए अनुशा दी गई है, तो आवेदक, समुचित अधिकारी द्वारा मांग करने पर ऐसे माल पर उद्ग्रहणीय शुल्क का तुरन्त संदाय करेगा । विकास आयुक्त द्वारा किसी भी समय यह रियायत वापस ली जा सकेगी जब कि श्रावेदक, उसके अभिकर्ता या उसके द्वारा नियोजित किसी व्यक्ति द्वारा प्रक्रिया को भंग किया जाता है । ऐसा भंग होने की दशा में, विकास आयुक्त प्रक्रिया के पैरा के अधीन जमा की हुई प्रतिभूति का समपहरण का प्रदेश भी कर सकेगा और उत्पाद शुल्क्य माल तथा प्रावेदक के परिसरों के भंडार में ऐसे माल से विनिमित सभी माल का अधिहरण भी कर सकेगा । दूसरी प्रतियों का रजिस्ट्रीकृत रसीबी डाक द्वारा भेजा जाना पैरा में निर्दिष्ट प्ररूप एशून्य आरशून्य तीन-क में आवेदन की दो प्रतियां सदैव रजिस्ट्रीकृत रसीदी डाक द्वारा भेजनी होंगी तथा परेषक द्वारा व्यवस्थित रूप से डाक प्राप्ति रसीद फाइल की जाएगी तथा उसे जब कभी प्रपेक्षित हो कारखाने के भारसाधक अधीक्षक को निरीक्षणार्थ प्रस्तुत किया जाएगा । ऐसे माल पर शुल्क की मांग जो गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंचा केन्द्रीय उत्पाद शुल्क नियम, एक हज़ार नौ सौ चौवन के नियम एक सौ छप्पन के उपनियम के अधीन यदि साशून्य इशून्य निशून्य संशून्य ओशून्य के परेषिती को भेजे गए उत्पाद शुल्क्य माल के परेषण का पुनः भांडागारण प्रमाणपत्र माल के हटाए जाने के नब्बे दिन के भीतर या ऐसी बढ़ाई गई अवधि के भीतर ओ कलेक्टर द्वारा अनुज्ञात की जाए, परेषक द्वारा वापस प्राप्त नहीं की जाती है [ पैरा च के अनुसार ] तो स्वंय परेषक का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह अपने चालू खाने में डेबिट प्रविष्टि करके परेषण पर उद्ग्रहणीय शुल्क का संदाय करे । तथापि, यह उपबन्ध किया गया है कि ऐसे मामलों में जहां परेषक समुचित अधिकारी के समाधानप्रद रूप में उपर्युक्त रीति से शुल्क का संदाय करने के पश्चात् पुनः भांडागारण का सबुत प्रस्तुत कर लेता है, यहां, आवेदन करके, इस प्रकार दिए गए शुल्क का प्रतिदाय पाने का यह पात्र होगा। कारखाने या भांडागार का भारसाधक अधिकारी उस परेषण पर शुल्क की मांग भी कर सकेगा जिसकी बाबत पुनः भांडागारण प्रमाणपत्र अनुबद्ध अवधि के भीतर प्राप्त नहीं हुआ है । ऐसे मामलों में यदि परेषक ने अपने चालू खाते में जेबिट प्रविष्टि करके परेषण पर उद्ग्रहणीय शुल्क का पहले ही संदाय कर दिया हो, तो वह इस मांग सूचना के प्रत्युत्तर में ऐसे निक्षेप की विशिष्टियों की बाबत भारसाधक अधिकारी को सूचित कर सकेगा ।
क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उन्नाव के मकूर गांव में कांग्रेस के भीतर ही फारवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी. इसी गांव में आजादी की लड़ाई का पहला सम्मेलन आयोजित किया गया था. 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा' का नारा देने वाले क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उन्नाव के मकूर गांव से गहरा नाता है. यही पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों के खिलाफ पहला प्रांतीय युवा सम्मेलन किया था. तीन दिन रुक कर देश के क्रांतिकारी युवाओं को अंग्रेजों से भारत को मुक्त करवाने के लिए एकत्र किया था. इसके साथ कांग्रेस के भीतर ही फारवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी. सम्मेलन का संचालन स्वतंत्रता सेनानी विशम्भर दयाल त्रिपाठी और बेताज बादशाह व स्वतंत्रता सेनानी बृजलाल को मुंशी पदवी दी गई थी. मकूर गांव की निवासियों और आसपास के लोगों को इस बात की खुशी है कि देश की आजादी की अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी ने यहीं पर लोगों को एकत्र किया था. जिसमें उस वक्त लगभग 5 हजार युवाओं ने भाग लिया था. क्रांति की एक नई अलख जगाई थी. ऐतिहासिक गांव मकूर ने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. 16, 17 और 18 मई 1939 में नेताजी के आह्वान पर अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार के खिलाफ बहुत बड़ा युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था. जिसमें हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. सम्मेलन जिस स्थान पर हुआ था, उस स्थान को इमलिया बाग के नाम से जाना जाता है. आपको बता दें कि हसनगंज थाना क्षेत्र स्थित मकूर इकलौता गांव है, जहां पर सबसे ज्यादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने जन्म लिया है. मकूर गांव में सात स्वतंत्रता सेनानियों में मुंशी बृजलाल, मुंशी रामगुलाम, रामगुलाम भजनी, जगनायक, जुराखन, राम स्वरूप यादव और बृजलाल शामिल हैं. जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए बहुत संघर्ष किया, मगर आज तक सेनानियों की याद में इस गांव में कोई स्मारक नहीं बना है. जिससे क्षेत्रीय लोगों में रोष है.
क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उन्नाव के मकूर गांव में कांग्रेस के भीतर ही फारवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी. इसी गांव में आजादी की लड़ाई का पहला सम्मेलन आयोजित किया गया था. 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा' का नारा देने वाले क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उन्नाव के मकूर गांव से गहरा नाता है. यही पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों के खिलाफ पहला प्रांतीय युवा सम्मेलन किया था. तीन दिन रुक कर देश के क्रांतिकारी युवाओं को अंग्रेजों से भारत को मुक्त करवाने के लिए एकत्र किया था. इसके साथ कांग्रेस के भीतर ही फारवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी. सम्मेलन का संचालन स्वतंत्रता सेनानी विशम्भर दयाल त्रिपाठी और बेताज बादशाह व स्वतंत्रता सेनानी बृजलाल को मुंशी पदवी दी गई थी. मकूर गांव की निवासियों और आसपास के लोगों को इस बात की खुशी है कि देश की आजादी की अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी ने यहीं पर लोगों को एकत्र किया था. जिसमें उस वक्त लगभग पाँच हजार युवाओं ने भाग लिया था. क्रांति की एक नई अलख जगाई थी. ऐतिहासिक गांव मकूर ने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. सोलह, सत्रह और अट्ठारह मई एक हज़ार नौ सौ उनतालीस में नेताजी के आह्वान पर अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार के खिलाफ बहुत बड़ा युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था. जिसमें हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. सम्मेलन जिस स्थान पर हुआ था, उस स्थान को इमलिया बाग के नाम से जाना जाता है. आपको बता दें कि हसनगंज थाना क्षेत्र स्थित मकूर इकलौता गांव है, जहां पर सबसे ज्यादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने जन्म लिया है. मकूर गांव में सात स्वतंत्रता सेनानियों में मुंशी बृजलाल, मुंशी रामगुलाम, रामगुलाम भजनी, जगनायक, जुराखन, राम स्वरूप यादव और बृजलाल शामिल हैं. जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए बहुत संघर्ष किया, मगर आज तक सेनानियों की याद में इस गांव में कोई स्मारक नहीं बना है. जिससे क्षेत्रीय लोगों में रोष है.
WTC Final Team India Playing 11: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल मुकाबले में आज लंदन के ओवल में इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारत और ऑस्ट्रेलिया (IND vs AUS) की टीमें एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया की नजरें 2013 के बाद पहली आईसीसी ट्रॉफी पर हैं, तो आस्ट्रेलिया की टीम भी पहली बार ही टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची है। दोनों टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट में कड़ी प्रतिद्वंदिता को देखते हुए एक रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। इस मैच की प्लेइंग इलेवन की बात करें तो आस्ट्रेलिया की टीम भारत की तुलना में कहीं अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जिसकी लाइन-अप पहले से ही सेट है। लेकिन भारत के पास अभी कुछ सवालों के जवाब देने बाकी है। बड़ा सवाल यही है कि टीम इंडिया यहां तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरेगी या चार तेज गेंदबाजों के? स्पिनरों में रविचंद्रन अश्विन व रवींद्र जडेजा की जोड़ी खेलेगी या नहीं। विकेटकीपिंग में सवाल है कि केएस भरत खेलेंगे या फिर ईशान किशन? रोहित शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि वह मैच के दिन ही पिच को देखकर अंतिम प्लेइंग इलेवन पर फैसला लेंगे। ओपनिंग की बात है तो रोहित शर्मा और शुभमन गिल ओपन करेंगे। नंबर 3 पर चेतेश्वर पुजारा होंगे, तो नंबर चार पर विराट कोहली तय हैं। नंबर पांच पर अजिंक्य रहाणे हो सकते हैं क्योंकि उनके अनुभव को सूर्यकुमार यादव के ऊपर वरीयता दी जाएगी। नंबर 6 पर रवींद्र जडेजा की जगह भी पक्की ही है। विकेटकीपिंग में ईशान किशन और भरत में किसी एक को लिया जाएगा, जिसमें भरत अपनी कीपिंग स्किल के चलते बाजी मारते हुए दिखाई देते हैं। अश्विन पर भारतीय टीम पिच के हिसाब से फैसला लेगी। ओवल पर स्पिनरों ने भी बुरा नहीं किया है, जिसके चलते अश्विन भी आज के मैच के दावेदार हैं। मौके पर अश्विन और शार्दुल ठाकुर में कोई एक खेल सकता है। तेज गेंदबाजी में उमेश और उनादकट के बीच दिलचस्प फाइट है। उमेश यादव अनुभवी हैं, लेकिन जयदेव उनादकट बाएं हाथ से गेंदबाजी करने के कारण बॉलिंग अटैक में एक नया एंगल जोड़ देते हैं। तो उमेश यादव और जयदेव उनादकट के बीच भी कोई एक ही खेलेगा। दो गेंदबाजों में मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज पक्के हैं। भारत (संभावित 11): 1. रोहित शर्मा (कप्तान), 2. शुभमन गिल, 3. चेतेश्वर पुजारा, 4. विराट कोहली, 5. अजिंक्य रहाणे, 6 रवींद्र जडेजा, 7. केएस भरत (विकेटकीपर), 8. रविचंद्रन अश्विन/शार्दुल ठाकुर, 9. उमेश यादव/जयदेव उनादकट, 10 मोहम्मद शमी, 11. मोहम्मद सिराज।
WTC Final Team India Playing ग्यारह: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप दो हज़ार तेईस के फाइनल मुकाबले में आज लंदन के ओवल में इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया की नजरें दो हज़ार तेरह के बाद पहली आईसीसी ट्रॉफी पर हैं, तो आस्ट्रेलिया की टीम भी पहली बार ही टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची है। दोनों टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट में कड़ी प्रतिद्वंदिता को देखते हुए एक रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। इस मैच की प्लेइंग इलेवन की बात करें तो आस्ट्रेलिया की टीम भारत की तुलना में कहीं अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जिसकी लाइन-अप पहले से ही सेट है। लेकिन भारत के पास अभी कुछ सवालों के जवाब देने बाकी है। बड़ा सवाल यही है कि टीम इंडिया यहां तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरेगी या चार तेज गेंदबाजों के? स्पिनरों में रविचंद्रन अश्विन व रवींद्र जडेजा की जोड़ी खेलेगी या नहीं। विकेटकीपिंग में सवाल है कि केएस भरत खेलेंगे या फिर ईशान किशन? रोहित शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि वह मैच के दिन ही पिच को देखकर अंतिम प्लेइंग इलेवन पर फैसला लेंगे। ओपनिंग की बात है तो रोहित शर्मा और शुभमन गिल ओपन करेंगे। नंबर तीन पर चेतेश्वर पुजारा होंगे, तो नंबर चार पर विराट कोहली तय हैं। नंबर पांच पर अजिंक्य रहाणे हो सकते हैं क्योंकि उनके अनुभव को सूर्यकुमार यादव के ऊपर वरीयता दी जाएगी। नंबर छः पर रवींद्र जडेजा की जगह भी पक्की ही है। विकेटकीपिंग में ईशान किशन और भरत में किसी एक को लिया जाएगा, जिसमें भरत अपनी कीपिंग स्किल के चलते बाजी मारते हुए दिखाई देते हैं। अश्विन पर भारतीय टीम पिच के हिसाब से फैसला लेगी। ओवल पर स्पिनरों ने भी बुरा नहीं किया है, जिसके चलते अश्विन भी आज के मैच के दावेदार हैं। मौके पर अश्विन और शार्दुल ठाकुर में कोई एक खेल सकता है। तेज गेंदबाजी में उमेश और उनादकट के बीच दिलचस्प फाइट है। उमेश यादव अनुभवी हैं, लेकिन जयदेव उनादकट बाएं हाथ से गेंदबाजी करने के कारण बॉलिंग अटैक में एक नया एंगल जोड़ देते हैं। तो उमेश यादव और जयदेव उनादकट के बीच भी कोई एक ही खेलेगा। दो गेंदबाजों में मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज पक्के हैं। भारत : एक. रोहित शर्मा , दो. शुभमन गिल, तीन. चेतेश्वर पुजारा, चार. विराट कोहली, पाँच. अजिंक्य रहाणे, छः रवींद्र जडेजा, सात. केएस भरत , आठ. रविचंद्रन अश्विन/शार्दुल ठाकुर, नौ. उमेश यादव/जयदेव उनादकट, दस मोहम्मद शमी, ग्यारह. मोहम्मद सिराज।
बिलासपुर (निप्र)। ट्रेनों में चेन पुलिंग की बढ़ती घटना को लेकर रेलवे के सुरक्षा विभाग ने ठोस निर्णय लिया है। बेवजह चेन पुलिंग करने वाले यात्रियों को पकड़कर उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए सात सदस्यीय टीम . . . chhattisgarhFri, 24 Jan 2014 11:10 PM (IST)
बिलासपुर । ट्रेनों में चेन पुलिंग की बढ़ती घटना को लेकर रेलवे के सुरक्षा विभाग ने ठोस निर्णय लिया है। बेवजह चेन पुलिंग करने वाले यात्रियों को पकड़कर उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए सात सदस्यीय टीम . . . chhattisgarhFri, चौबीस जनवरी दो हज़ार चौदह ग्यारह:दस PM
कोई भी यह भी नहीं सोचा था कि नई संरचना क्या होगी"वियाग्रा", जब टीम में नए प्रतिभागियों के चयन पर कॉन्स्टेंटिन मेलैड का शो शुरू हुआ कई योग्य उम्मीदवार थे, रूसी भूमि सुंदर और प्रतिभाशाली लड़कियों में समृद्ध है और फिर भी उनमें से तीन सबसे मजबूत बने - आवाज, स्त्रीत्व और चुंबकीय आकर्षण का अद्भुत सौंदर्य ने अपना काम किया हाल ही में, "वियाग्रा" की एक नई रचना लोगों को प्रस्तुत की गई थी इसमें तीन खूबसूरत लड़कियों - अनास्तासिया कोज़ेविनोको, मिसा रोनानोवा और एरिका हर्सेग शामिल हैं। प्रसिद्ध निर्माता और संगीतकार कॉन्स्टेंटिनमेलैडेज़ अपने अस्तित्व की संपूर्ण अवधि 13 से अधिक वर्षों के लिए "वीआईए ग्रा" समूह का ट्यूटर है। इस समय के दौरान, सामूहिक कई बार बदल गया है। समूह में हुआ बदलाव न केवल अपने प्रतिभागियों के भाग्य से संबंधित है, बल्कि शो व्यवसाय में तकनीकी, शैलीगत और सामाजिक रुझानों को भी दर्शाता है। सब के बाद, "वीआईए ग्रा" हमेशा महिला समूह के नंबर 1 द्वारा मंच पर रहे। और वह हमारे समय के कई लोकप्रिय सितारों के लिए "जीवन का विद्यालय" बन गया। इस स्कूल के स्नातक वेरा ब्रेजनेव, Svetlana Loboda, एलेन विनितसिया, अल्बिना डजनबेवा, आशा Meyher-Granovsky, Anna Sedokova और अन्य प्रसिद्ध गायक, टीवी प्रस्तुतकर्ता और अभिनेत्रियों कर रहे हैं। चार सीआईएस देशों के पंद्रह हजार प्रतिभागियोंकई महीनों के समूह के लोकप्रिय गायकों में से एक बनने के लिए सही के लिए लड़ाई लड़ी के लिए (रूस, कजाकिस्तान, बेलारूस और यूक्रेन)। अंतिम दो परस्पर विरोधी तिकड़ी में चुने गए हैं। आकर्षक पसंदीदा एक जूरी सदस्य इगोर वेर्निक - अनास्तासिया Kozhevnikova, मिशा रोमानोवा और एरिक Herceg - मारिया Goncharuk, रेड इंडियन जूलिया Louth और जल श्यामला डायना Ivanitskaya यूक्रेन से अद्भुत और बेहद प्रतिभाशाली लड़कियों के साथ प्रतिस्पर्धा की। दो पूरी तरह से अलग टीमों की जीत के लिए केवल एक कदम करना था। प्रतिभागियों की इस अदम्य ऊर्जा, लड़कियों में से प्रत्येक की असंदिग्ध प्रतिभा, उनके अद्भुत कामुकता और स्त्रीत्व - लेकिन वहाँ कुछ है कि उन्हें एकजुट था। दर्शकों द्वारा एसएमएस वोटिंग ने भाग्य का फैसला कियासदस्य। यह अनुमान लगाने में मुश्किल था कि वे किसके लिए प्राथमिकता देंगे। वोटिंग और मतों की गणना के पूरा होने पर, इगोर वर्निक ने शो के विजेताओं के नामों के साथ लिफाफा खोल दिया। वे सुंदर यूक्रेनी महिलाओं - अनास्तासिया कोज़ेविनोको, मीसा रोनानोवा और एरिका हर्सेग थे समूह कॉन्स्टेंटिन मेलैडज़ के निर्माता के मुताबिक, लड़कियां बहुत आशाजनक, रचनात्मक और विविध हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से जीएआई की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं को अवशोषित कर सकेंगे और सामूहिक की सफलता को तेरह वर्ष के अस्तित्व के इतिहास के साथ बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों के आदी होने के लिए काफी तरह से नहीं, "वियाग्रा" का एक अद्यतन समूह होगा। नई संरचना में इसके चमकीले रंग लाएंगे। इसके अलावा, यह तय किया गया था कि टीम की छवि को कुछ हद तक बदलने का फैसला किया गया, जिससे नए सदस्यों की विशिष्टताओं को ध्यान में रखा गया। नए समूह "वियाग्रा" की रचना को परिभाषित किया गया है, और अबपौराणिक संगीत सामूहिकों के प्रशंसकों ने अपने नए प्रतिभागियों की आत्मकथाओं में तेजी से रुचि रखी है चलो पता लगाओ कि कॉन्सटेंटिन मेलैडज़ के शो में आने से पहले लड़कियों का जीवन क्या था। नैस्त्य का जन्म युज़ह्नुकेर्नस्क शहर में हुआ थायूक्रेन में मैकोलाइव क्षेत्र छह साल की उम्र में, वह गायन शुरू कर दिया और बच्चों के गाना बजानेवालों "बूंदों" में गाना शुरू कर दिया। आठ वर्ष की आयु में, नस्तिया पियानो का अध्ययन करने के लिए संगीत स्कूल गया मध्य और संगीत विद्यालयों में पढ़ाई के समानांतर, लड़की कोरियोग्राफी करने में कामयाब रही और "गलेटा" नामक पॉप गाने के थिएटर में अभिनय कौशल सीखने में कामयाब रहा। बड़ा मंच के एक कलाकार बनने के बच्चों के सपने का नेतृत्व कियाNastya जीवन पर है वह अपने आप को और उसकी प्रतिभा दिखाने का एक मौका नहीं छोड़ी लड़की ने विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लिया, उनमें से "द फर्स्ट स्लोव्स", "रनिंग ऑन द वेव्स", "यंग गैलीचिना" और अन्य लेकिन उस समय उसने बहुत सफलता हासिल नहीं की। जूरी का ध्यान आकर्षित करने वाली एकमात्र चीज है, इसलिए यह युवा लड़की की अदम्य ऊर्जा पर है। जब Anastasia सोलह बदल गया, वहशो "सुपरज़िरका" पर अपनी पहली कास्टिंग में भाग लिया लेकिन, दुर्भाग्य से, लड़की फिर से ध्यान से वंचित थी। नास्तिया ने हार नहीं छोड़ी और शो "एक्स फैक्टर" का कास्टिंग करने के लिए चले गए, जो पहले दौर से आगे नहीं पारित हुआ। निराशाजनक और एक बड़ा मंच के अपने सपने को छोड़कर, अनास्तासिया कीव राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी और डिजाइन विश्वविद्यालय में एक छात्र बन गया। जब उन्होंने "मैं चाहता था कि" वीआईए ग्रू शो के कास्टिंग की शुरुआत के बारे में सीखा, तो मैंने आखिरी बार अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। और इस बार उसकी किस्मत मुस्कुराई गई - उन्हें नए "वियाग्रा" में शामिल किया गया था! इस लेख में आप जो फोटो देख रहे हैं वह लड़की की वास्तविक खुशी का प्रदर्शन करती है! बीस साल की उम्र तक उसने अपना पहला बड़ा सपना महसूस किया, और यह एक वास्तविक जीत है! एरिका का जन्म मलाया डोबरन नामक गांव में हुआ था, जो उज्जोरोड के निकट हंगरी के साथ यूक्रेनी सीमा के पास स्थित है। लड़की मिश्रित रक्त हैः उसका पिता हंगरी है, मां यूक्रेनी और हंगेरियाई की बेटी है एरिका के माता-पिता से शादी कर ली, जब वे बहुत ही छोटे थे- 22 उनके पिता थे, 18. जब वह पांच थी, तो उन्होंने एक दूसरे बच्चे का फैसला किया। जन्म बहुत मुश्किल था, जिसने एरिका की मां के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। परिवार की भलाई और छोटे बच्चों की परवरिश के लिए चिंता परिवार के पिता निकोलस के कंधों पर पूरी तरह से गिर गई। एरिका हंगरी के स्कूल में गई, जहां सप्ताह में केवल दो घंटे यूक्रेनी भाषा का अध्ययन किया गया। इस प्रयोजन के लिए दैनिक मैं घर से 12 किलोमीटर की दूरी पर गया और सीमा पार कर गया। जब देश की सीमाओं को पार करने के नियमों को मुश्किल हो गया, तो लड़की को स्कूल बदलना पड़ा। हाई स्कूल में, एरिका एक स्थानीय चर्च में लिसेयुम में पढ़ी, एक चर्च गाना बजानेवालों में गाया। औसतन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बादलड़की फेरेक राकोसी II के नाम पर ट्रांस्पेरपैथीयन हंगरी के इंस्टीट्यूट के छात्र बनने के लिए बेरहोवो शहर में गई थी। अध्ययन करते समय, एरिका स्थानीय कैफे में एक वेट्रेस के रूप में काम करती थी। 2008 लड़की के लिए बदलाव का वर्ष था। मॉडलिंग बिजनेस में उसके हाथ की कोशिश करने के लिए उसने लगभग 30 किलोग्राम वजन घटाया। उसने विज्ञापन गहने और नीचे पहनने के कपड़ा में अभिनय किया। नए सिरे समूह के तीसरे एकल कलाकार में पैदा हुआ थाखेरसॉन के यूक्रेनी शहर जन्म के समय, माता-पिता ने अपनी बेटी को नतालिया नाम दिया उसका वास्तविक नाम Mogilenets है मिशी रोनानो एक सुंदर छद्म नाम है, जिसकी लड़की एक बार प्यार करती थीं, दो लोगों की याद में आई थी। लड़की ने एक माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन किया और अक्सर बदमाशी के साथियों से पीड़ित थे। यह कल्पना करना मुश्किल है, लेकिन एक बच्चे के रूप में उसने बहुत कुछ झुठलाया। यह तब शुरू हुई जब मिशी पांच साल की थी जब उसके माता-पिता के बीच एक झगड़ा का अनैच्छिक गवाह बन गया। लड़की को याद है कि यह उसके लिए कितना मुश्किल था, क्योंकि वह दुकान में उसे चबाने वाली गम भी नहीं खरीद सकती थी, क्योंकि विक्रेताओं ने उसे नहीं समझा। डॉक्टरों की सलाह पर, माता-पिता ने लड़की को दियाअभ्यास वोकल्स आश्चर्य की बात है और मश्या की कोई सीमा नहीं थी, जब उन्हें पता चला कि जब वह गाती है तो वह तबाही नहीं करती थी। तब से, उसने सीखा सामग्री को भी नहीं बताया, भले ही उसे जवाब देने के लिए बुलाया गया, लेकिन "गाया" एक अभिनेत्री बनने का सपना उसने उसे लेने की ताकत दे दीसभी संभावित संगीत प्रतियोगिताओं में भागीदारी उसने "लिटिल ज़िरका", "कैरसुसल मेलोडी", "स्वीट टैलेंट" में पुरस्कार ले लिया। मिशा रोनानोवा को किवा वैराइटी एंड सर्कस स्कूल में शिक्षित किया गया था, जहां उन्होंने 2007 में प्रवेश किया था। 23 साल की उम्र में, उसका सपना सच हो गया - वह एक असली कलाकार बन गया, जो कि पौराणिक समूह "वियाग्रा" के एकल कलाकार था। बैंड ने पहले से ही कई नए गाने दर्ज किए हैं,क्लिप हटाने, दौरे पर काम किया। लड़कियों का पहला संयुक्त कार्य रचना "अरमिस्टिस" है, जिसे पहले से ही प्रतिभाशाली निर्देशक एलन बैडोव ने शूट किया है। और 4 नवंबर, 2013 को मॉस्को में राज्य क्रेमलिन पैलेस में अपना पहला कॉन्सर्ट एक अद्यतन "वियाग्रा" दिया। नई लाइनअप - एरिका, नैस्त्य और मिशा - ने दर्शकों को जीता, लड़कियों ने हजारों प्रशंसकों को पाया, मंच पर अपना समर्पित कार्य दिखाते हुए। और यह केवल उनका पहला संगीत कार्यक्रम था!
कोई भी यह भी नहीं सोचा था कि नई संरचना क्या होगी"वियाग्रा", जब टीम में नए प्रतिभागियों के चयन पर कॉन्स्टेंटिन मेलैड का शो शुरू हुआ कई योग्य उम्मीदवार थे, रूसी भूमि सुंदर और प्रतिभाशाली लड़कियों में समृद्ध है और फिर भी उनमें से तीन सबसे मजबूत बने - आवाज, स्त्रीत्व और चुंबकीय आकर्षण का अद्भुत सौंदर्य ने अपना काम किया हाल ही में, "वियाग्रा" की एक नई रचना लोगों को प्रस्तुत की गई थी इसमें तीन खूबसूरत लड़कियों - अनास्तासिया कोज़ेविनोको, मिसा रोनानोवा और एरिका हर्सेग शामिल हैं। प्रसिद्ध निर्माता और संगीतकार कॉन्स्टेंटिनमेलैडेज़ अपने अस्तित्व की संपूर्ण अवधि तेरह से अधिक वर्षों के लिए "वीआईए ग्रा" समूह का ट्यूटर है। इस समय के दौरान, सामूहिक कई बार बदल गया है। समूह में हुआ बदलाव न केवल अपने प्रतिभागियों के भाग्य से संबंधित है, बल्कि शो व्यवसाय में तकनीकी, शैलीगत और सामाजिक रुझानों को भी दर्शाता है। सब के बाद, "वीआईए ग्रा" हमेशा महिला समूह के नंबर एक द्वारा मंच पर रहे। और वह हमारे समय के कई लोकप्रिय सितारों के लिए "जीवन का विद्यालय" बन गया। इस स्कूल के स्नातक वेरा ब्रेजनेव, Svetlana Loboda, एलेन विनितसिया, अल्बिना डजनबेवा, आशा Meyher-Granovsky, Anna Sedokova और अन्य प्रसिद्ध गायक, टीवी प्रस्तुतकर्ता और अभिनेत्रियों कर रहे हैं। चार सीआईएस देशों के पंद्रह हजार प्रतिभागियोंकई महीनों के समूह के लोकप्रिय गायकों में से एक बनने के लिए सही के लिए लड़ाई लड़ी के लिए । अंतिम दो परस्पर विरोधी तिकड़ी में चुने गए हैं। आकर्षक पसंदीदा एक जूरी सदस्य इगोर वेर्निक - अनास्तासिया Kozhevnikova, मिशा रोमानोवा और एरिक Herceg - मारिया Goncharuk, रेड इंडियन जूलिया Louth और जल श्यामला डायना Ivanitskaya यूक्रेन से अद्भुत और बेहद प्रतिभाशाली लड़कियों के साथ प्रतिस्पर्धा की। दो पूरी तरह से अलग टीमों की जीत के लिए केवल एक कदम करना था। प्रतिभागियों की इस अदम्य ऊर्जा, लड़कियों में से प्रत्येक की असंदिग्ध प्रतिभा, उनके अद्भुत कामुकता और स्त्रीत्व - लेकिन वहाँ कुछ है कि उन्हें एकजुट था। दर्शकों द्वारा एसएमएस वोटिंग ने भाग्य का फैसला कियासदस्य। यह अनुमान लगाने में मुश्किल था कि वे किसके लिए प्राथमिकता देंगे। वोटिंग और मतों की गणना के पूरा होने पर, इगोर वर्निक ने शो के विजेताओं के नामों के साथ लिफाफा खोल दिया। वे सुंदर यूक्रेनी महिलाओं - अनास्तासिया कोज़ेविनोको, मीसा रोनानोवा और एरिका हर्सेग थे समूह कॉन्स्टेंटिन मेलैडज़ के निर्माता के मुताबिक, लड़कियां बहुत आशाजनक, रचनात्मक और विविध हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से जीएआई की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं को अवशोषित कर सकेंगे और सामूहिक की सफलता को तेरह वर्ष के अस्तित्व के इतिहास के साथ बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों के आदी होने के लिए काफी तरह से नहीं, "वियाग्रा" का एक अद्यतन समूह होगा। नई संरचना में इसके चमकीले रंग लाएंगे। इसके अलावा, यह तय किया गया था कि टीम की छवि को कुछ हद तक बदलने का फैसला किया गया, जिससे नए सदस्यों की विशिष्टताओं को ध्यान में रखा गया। नए समूह "वियाग्रा" की रचना को परिभाषित किया गया है, और अबपौराणिक संगीत सामूहिकों के प्रशंसकों ने अपने नए प्रतिभागियों की आत्मकथाओं में तेजी से रुचि रखी है चलो पता लगाओ कि कॉन्सटेंटिन मेलैडज़ के शो में आने से पहले लड़कियों का जीवन क्या था। नैस्त्य का जन्म युज़ह्नुकेर्नस्क शहर में हुआ थायूक्रेन में मैकोलाइव क्षेत्र छह साल की उम्र में, वह गायन शुरू कर दिया और बच्चों के गाना बजानेवालों "बूंदों" में गाना शुरू कर दिया। आठ वर्ष की आयु में, नस्तिया पियानो का अध्ययन करने के लिए संगीत स्कूल गया मध्य और संगीत विद्यालयों में पढ़ाई के समानांतर, लड़की कोरियोग्राफी करने में कामयाब रही और "गलेटा" नामक पॉप गाने के थिएटर में अभिनय कौशल सीखने में कामयाब रहा। बड़ा मंच के एक कलाकार बनने के बच्चों के सपने का नेतृत्व कियाNastya जीवन पर है वह अपने आप को और उसकी प्रतिभा दिखाने का एक मौका नहीं छोड़ी लड़की ने विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लिया, उनमें से "द फर्स्ट स्लोव्स", "रनिंग ऑन द वेव्स", "यंग गैलीचिना" और अन्य लेकिन उस समय उसने बहुत सफलता हासिल नहीं की। जूरी का ध्यान आकर्षित करने वाली एकमात्र चीज है, इसलिए यह युवा लड़की की अदम्य ऊर्जा पर है। जब Anastasia सोलह बदल गया, वहशो "सुपरज़िरका" पर अपनी पहली कास्टिंग में भाग लिया लेकिन, दुर्भाग्य से, लड़की फिर से ध्यान से वंचित थी। नास्तिया ने हार नहीं छोड़ी और शो "एक्स फैक्टर" का कास्टिंग करने के लिए चले गए, जो पहले दौर से आगे नहीं पारित हुआ। निराशाजनक और एक बड़ा मंच के अपने सपने को छोड़कर, अनास्तासिया कीव राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी और डिजाइन विश्वविद्यालय में एक छात्र बन गया। जब उन्होंने "मैं चाहता था कि" वीआईए ग्रू शो के कास्टिंग की शुरुआत के बारे में सीखा, तो मैंने आखिरी बार अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। और इस बार उसकी किस्मत मुस्कुराई गई - उन्हें नए "वियाग्रा" में शामिल किया गया था! इस लेख में आप जो फोटो देख रहे हैं वह लड़की की वास्तविक खुशी का प्रदर्शन करती है! बीस साल की उम्र तक उसने अपना पहला बड़ा सपना महसूस किया, और यह एक वास्तविक जीत है! एरिका का जन्म मलाया डोबरन नामक गांव में हुआ था, जो उज्जोरोड के निकट हंगरी के साथ यूक्रेनी सीमा के पास स्थित है। लड़की मिश्रित रक्त हैः उसका पिता हंगरी है, मां यूक्रेनी और हंगेरियाई की बेटी है एरिका के माता-पिता से शादी कर ली, जब वे बहुत ही छोटे थे- बाईस उनके पिता थे, अट्ठारह. जब वह पांच थी, तो उन्होंने एक दूसरे बच्चे का फैसला किया। जन्म बहुत मुश्किल था, जिसने एरिका की मां के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। परिवार की भलाई और छोटे बच्चों की परवरिश के लिए चिंता परिवार के पिता निकोलस के कंधों पर पूरी तरह से गिर गई। एरिका हंगरी के स्कूल में गई, जहां सप्ताह में केवल दो घंटे यूक्रेनी भाषा का अध्ययन किया गया। इस प्रयोजन के लिए दैनिक मैं घर से बारह किलोग्राममीटर की दूरी पर गया और सीमा पार कर गया। जब देश की सीमाओं को पार करने के नियमों को मुश्किल हो गया, तो लड़की को स्कूल बदलना पड़ा। हाई स्कूल में, एरिका एक स्थानीय चर्च में लिसेयुम में पढ़ी, एक चर्च गाना बजानेवालों में गाया। औसतन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बादलड़की फेरेक राकोसी II के नाम पर ट्रांस्पेरपैथीयन हंगरी के इंस्टीट्यूट के छात्र बनने के लिए बेरहोवो शहर में गई थी। अध्ययन करते समय, एरिका स्थानीय कैफे में एक वेट्रेस के रूप में काम करती थी। दो हज़ार आठ लड़की के लिए बदलाव का वर्ष था। मॉडलिंग बिजनेस में उसके हाथ की कोशिश करने के लिए उसने लगभग तीस किलोग्रामग्राम वजन घटाया। उसने विज्ञापन गहने और नीचे पहनने के कपड़ा में अभिनय किया। नए सिरे समूह के तीसरे एकल कलाकार में पैदा हुआ थाखेरसॉन के यूक्रेनी शहर जन्म के समय, माता-पिता ने अपनी बेटी को नतालिया नाम दिया उसका वास्तविक नाम Mogilenets है मिशी रोनानो एक सुंदर छद्म नाम है, जिसकी लड़की एक बार प्यार करती थीं, दो लोगों की याद में आई थी। लड़की ने एक माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन किया और अक्सर बदमाशी के साथियों से पीड़ित थे। यह कल्पना करना मुश्किल है, लेकिन एक बच्चे के रूप में उसने बहुत कुछ झुठलाया। यह तब शुरू हुई जब मिशी पांच साल की थी जब उसके माता-पिता के बीच एक झगड़ा का अनैच्छिक गवाह बन गया। लड़की को याद है कि यह उसके लिए कितना मुश्किल था, क्योंकि वह दुकान में उसे चबाने वाली गम भी नहीं खरीद सकती थी, क्योंकि विक्रेताओं ने उसे नहीं समझा। डॉक्टरों की सलाह पर, माता-पिता ने लड़की को दियाअभ्यास वोकल्स आश्चर्य की बात है और मश्या की कोई सीमा नहीं थी, जब उन्हें पता चला कि जब वह गाती है तो वह तबाही नहीं करती थी। तब से, उसने सीखा सामग्री को भी नहीं बताया, भले ही उसे जवाब देने के लिए बुलाया गया, लेकिन "गाया" एक अभिनेत्री बनने का सपना उसने उसे लेने की ताकत दे दीसभी संभावित संगीत प्रतियोगिताओं में भागीदारी उसने "लिटिल ज़िरका", "कैरसुसल मेलोडी", "स्वीट टैलेंट" में पुरस्कार ले लिया। मिशा रोनानोवा को किवा वैराइटी एंड सर्कस स्कूल में शिक्षित किया गया था, जहां उन्होंने दो हज़ार सात में प्रवेश किया था। तेईस साल की उम्र में, उसका सपना सच हो गया - वह एक असली कलाकार बन गया, जो कि पौराणिक समूह "वियाग्रा" के एकल कलाकार था। बैंड ने पहले से ही कई नए गाने दर्ज किए हैं,क्लिप हटाने, दौरे पर काम किया। लड़कियों का पहला संयुक्त कार्य रचना "अरमिस्टिस" है, जिसे पहले से ही प्रतिभाशाली निर्देशक एलन बैडोव ने शूट किया है। और चार नवंबर, दो हज़ार तेरह को मॉस्को में राज्य क्रेमलिन पैलेस में अपना पहला कॉन्सर्ट एक अद्यतन "वियाग्रा" दिया। नई लाइनअप - एरिका, नैस्त्य और मिशा - ने दर्शकों को जीता, लड़कियों ने हजारों प्रशंसकों को पाया, मंच पर अपना समर्पित कार्य दिखाते हुए। और यह केवल उनका पहला संगीत कार्यक्रम था!
यूक्रेनी सैन्य कमान की रिपोर्ट है कि एक अमेरिकी वायु सेना के सैन्य परिवहन विमान ओडेसा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अनिर्धारित मरम्मत से गुजर रहा था। इससे पहले जानकारी थी कि सी -130 हरक्यूलिस ने इंजनों में पहचानी गई समस्याओं के कारण ओडेसा में एक आपातकालीन लैंडिंग की। जब चालक दल ने आपातकालीन लैंडिंग का अनुरोध किया, तो हवाई अड्डे की बचाव सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया। उसी समय, नागरिक उड़ानों के स्वागत और प्रस्थान को निलंबित कर दिया गया था। जैसा कि यह पता चला है, अमेरिकी तकनीशियनों को सैन्य परिवहन के इंजनों में से एक की मरम्मत शुरू करने के लिए मजबूर किया गया था। लगभग एक दिन के भीतर, मरम्मत कार्य किया गया और तकनीशियनों से गारंटी ली गई कि C-130 हरक्यूलिस ओडेसा से बाहर उड़ान भरने और नाटो देशों के सैन्य ठिकानों में से एक तक पहुंचने में सक्षम होगा। नवीनतम जानकारी के अनुसार, मैंने उड़ान भरी और वहां गया। यह बताया नहीं गया है कि अमेरिकी सैन्य परिवहन के इंजन का वास्तव में क्या हुआ था। याद है कि पहले अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक बी -52 ने यूक्रेन के ऊपर उड़ानें भरी थीं। होम एयरफील्ड्स में लौटने के बाद, अमेरिकी वायु सेना के "रणनीतिकारों" में से एक को भी तकनीकी समस्याएं थीं और उन्हें अनिर्धारित रखरखाव के लिए भेजा जाना था, जिसे यूके के फेयरफोर्ड एयरबेस में किया गया था।
यूक्रेनी सैन्य कमान की रिपोर्ट है कि एक अमेरिकी वायु सेना के सैन्य परिवहन विमान ओडेसा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अनिर्धारित मरम्मत से गुजर रहा था। इससे पहले जानकारी थी कि सी -एक सौ तीस हरक्यूलिस ने इंजनों में पहचानी गई समस्याओं के कारण ओडेसा में एक आपातकालीन लैंडिंग की। जब चालक दल ने आपातकालीन लैंडिंग का अनुरोध किया, तो हवाई अड्डे की बचाव सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया। उसी समय, नागरिक उड़ानों के स्वागत और प्रस्थान को निलंबित कर दिया गया था। जैसा कि यह पता चला है, अमेरिकी तकनीशियनों को सैन्य परिवहन के इंजनों में से एक की मरम्मत शुरू करने के लिए मजबूर किया गया था। लगभग एक दिन के भीतर, मरम्मत कार्य किया गया और तकनीशियनों से गारंटी ली गई कि C-एक सौ तीस हरक्यूलिस ओडेसा से बाहर उड़ान भरने और नाटो देशों के सैन्य ठिकानों में से एक तक पहुंचने में सक्षम होगा। नवीनतम जानकारी के अनुसार, मैंने उड़ान भरी और वहां गया। यह बताया नहीं गया है कि अमेरिकी सैन्य परिवहन के इंजन का वास्तव में क्या हुआ था। याद है कि पहले अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक बी -बावन ने यूक्रेन के ऊपर उड़ानें भरी थीं। होम एयरफील्ड्स में लौटने के बाद, अमेरिकी वायु सेना के "रणनीतिकारों" में से एक को भी तकनीकी समस्याएं थीं और उन्हें अनिर्धारित रखरखाव के लिए भेजा जाना था, जिसे यूके के फेयरफोर्ड एयरबेस में किया गया था।
पद का नामः टीजीटी (गणित) योग्यता : (i) गणित में स्नातक की डिग्री (50% के साथ) और निम्नलिखित विषयों में से कोई दोः - गणित। भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान। अर्थशास्त्र, कंप्यूटर विज्ञान, सांख्यिकी। (ii) मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएड या समकक्ष डिग्री। पद का नामः टीजीटी (विज्ञान) योग्यता : (i) विज्ञान में स्नातक की डिग्री (50% के साथ) और निम्नलिखित विषयों में से कोई दोः - वनस्पति विज्ञान, जूलॉजी, रसायन विज्ञान और भौतिकी। (iii) एनसीटीई द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सीटीईटी/टीईटी पास करें। पद का नामः टीजीटी (कंप्यूटर साइंस) योग्यता : (i) कंप्यूटर विज्ञान में बीसीए या स्नातक या बीई / बीटेक (कंप्यूटर विज्ञान / आईटी) या किसी भी विषय में स्नातक और डीओईएसीसी, सूचना और संचार और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार से एक स्तर का पाठ्यक्रम। (ii) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी. एड या समकक्ष डिग्री। (iii) एनसीटीई द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सीटीईटी/टीईटी पास करें। योग्यता : (ii) एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से बी. ईआई. एड/2 वर्षीय डी. ईआई. एड/बी. एड छह महीने के पीडीपीईटी/ब्रिज कोर्स के साथ। (iii) एनसीटीई द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सीटीईटी/टीईटी पास करें।
पद का नामः टीजीटी योग्यता : गणित में स्नातक की डिग्री और निम्नलिखित विषयों में से कोई दोः - गणित। भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान। अर्थशास्त्र, कंप्यूटर विज्ञान, सांख्यिकी। मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएड या समकक्ष डिग्री। पद का नामः टीजीटी योग्यता : विज्ञान में स्नातक की डिग्री और निम्नलिखित विषयों में से कोई दोः - वनस्पति विज्ञान, जूलॉजी, रसायन विज्ञान और भौतिकी। एनसीटीई द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सीटीईटी/टीईटी पास करें। पद का नामः टीजीटी योग्यता : कंप्यूटर विज्ञान में बीसीए या स्नातक या बीई / बीटेक या किसी भी विषय में स्नातक और डीओईएसीसी, सूचना और संचार और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार से एक स्तर का पाठ्यक्रम। किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी. एड या समकक्ष डिग्री। एनसीटीई द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सीटीईटी/टीईटी पास करें। योग्यता : एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से बी. ईआई. एड/दो वर्षीय डी. ईआई. एड/बी. एड छह महीने के पीडीपीईटी/ब्रिज कोर्स के साथ। एनसीटीई द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सीटीईटी/टीईटी पास करें।
*MEMURLUE HUBE DE ME DEDE MEDE DIE DE 19E BIL NIEMEYEMEN ERDAGENE BEJN UIT DOE MERE JERUSALEM TETTELU DAN BERN DE BOTE BIEDENO TUDIUA IN BAD साधनों का उपयोग किया जाता था, इसका पृथकरण करना और उसके औचित्य का विचार करना । में एक ही जाति और एक ही कुटुम्ब में अक्सर चारों पुरुषों की या उनमें से अनेक पुरुषों की पूजा या मान्यता प्रचलित थी और अब भी है । पूज्य पुरुषों के आदर्श मूलतः भिन्न भिन्न होने पर भी बाद में उनमें आपस में बहुत सा लेनदेन हुआ है और एक दूसरे का एक दूसरे पर बहुत प्रभाव पड़ा है। वस्तुस्थिति इस प्रकार की होने पर भी यहां पर तो सिर्फ धर्मवीर महावीर के जीवन के साथ कर्मवीर कृष्ण के जीवन की तुलना करने का ही विचार किया गया है। और इन दोनों महान पुरुषों के जीवन प्रसंगों की तुलना भी उपयुक्त मर्यादा के भीतर रह कर ही करने का विचार है। समग्र जीवन-व्यापी तुलना एवं चारों पुरुषों की एक साथ विस्तृत तुलना करने के लिये जिस समय और स्वास्थ्य की आवश्यकता है, उसका इस समय अभाव है। अतएव यहां बहुत ही संक्षेप में तुलना की जायगी। महावीर के जन्म क्षण से लेकर केवल ज्ञान की प्राप्ति तक के प्रसगों को कृष्ण के जन्म से लेकर कंसंबध तक की कुछ घटनाओं के साथ मिलान किया जायगा । यह तुलना मुख्य रूप से तीन दृष्टि बिन्दुओं को लक्ष्य करके की जायगी ( १ ) प्रथम तो यह फलित करना कि दोनों के जीवन की घटनाओं में क्या संस्कृति भेद है ? ( २ ) दूसरे, इस बात की परीक्षा करना कि इस घटनावर्णन का एक दूसरे पर कुछ प्रभाव पड़ा है या नहीं ? और इसमें कितना परिवर्तन और विकास सिद्ध हुआ है ? ( ३ ) तीसरे यह कि जनता में धर्मभावना जागृत रस्त्रने और सम्प्रदाय का आधार सुदृढ़ बनाने के लिये कथामन्थों एवं जीवन वृतान्तों में प्रधान रूप से किम पर सम्प्रदायों के शास्त्रों में उपलब्ध निर्देश एवं वर्णन । ऊपर कहे हुए दृष्टिविन्दुओं से कतिपय घटनाओं का उल्लेख करने से पूर्व एक बात यहां खास उल्लेख नीय है। वह विचारकों के लिये कौतूहलवर्द्धक है, इतना ही नहीं वरन अनेक ऐतिहासिक रहस्यों के उद्घाटन और विश्लेषण के लिये उनसे सतन और अवलोकनपूर्ण मध्यस्थ प्रयन्न की अपेक्षा भी रखती है। वह यह है बौद्धपिटकों में ज्ञातपुत्र के रूप में भगवान महावीर का अनेकों बार स्पष्ट निर्देश पाया जाता है परन्तु राम और कृष्ण में से किसी का भी निर्देश नहीं है। पीछे की बौद्ध जातकों में ( देखिये दशग्थ जातक नं० ४६१ ) राम और सीता की कुछ कथा आई है परन्तु वह वास्मीकि के वर्णन से एकदम भिन्न प्रकार की है। उसमें सीता को राम की बहिन कहा गया है। कृष्ण की कथा तो किसी भी बौद्धग्रन्थ में आज तक मेरे देखने में नहीं आई। किन्तु जैनशास्त्रों में राम और कृष्ण इन दोनों की जीवन कथाओं ने क़ाफी स्थान घेग है । आगम माने जाने और अन्य आगम ग्रन्थों की पपेक्षा प्राचीन गिने जानेवाले अङ्ग साहित्य में रामचन्द्रजी की कथा तो नहीं है फिर भी कृष्ण की कथा दो अङ्गों-- ज्ञाता और अन्तगड-में स्पष्ट और विस्तृत रूप से आती है। आगम ग्रन्थों में स्थान न पानेवाली रामचन्द्रजी की कथा भी पिछले श्वेताम्बर, दिगम्बर दोनों के प्राकृत संस्कृत के कथा साहित्य में विशिष्ट स्थान प्राप्त करती है। जैन साहित्य में वाल्मीकि रामायण की जगह जैन रामायण तक बन
*MEMURLUE HUBE DE ME DEDE MEDE DIE DE उन्नीसE BIL NIEMEYEMEN ERDAGENE BEJN UIT DOE MERE JERUSALEM TETTELU DAN BERN DE BOTE BIEDENO TUDIUA IN BAD साधनों का उपयोग किया जाता था, इसका पृथकरण करना और उसके औचित्य का विचार करना । में एक ही जाति और एक ही कुटुम्ब में अक्सर चारों पुरुषों की या उनमें से अनेक पुरुषों की पूजा या मान्यता प्रचलित थी और अब भी है । पूज्य पुरुषों के आदर्श मूलतः भिन्न भिन्न होने पर भी बाद में उनमें आपस में बहुत सा लेनदेन हुआ है और एक दूसरे का एक दूसरे पर बहुत प्रभाव पड़ा है। वस्तुस्थिति इस प्रकार की होने पर भी यहां पर तो सिर्फ धर्मवीर महावीर के जीवन के साथ कर्मवीर कृष्ण के जीवन की तुलना करने का ही विचार किया गया है। और इन दोनों महान पुरुषों के जीवन प्रसंगों की तुलना भी उपयुक्त मर्यादा के भीतर रह कर ही करने का विचार है। समग्र जीवन-व्यापी तुलना एवं चारों पुरुषों की एक साथ विस्तृत तुलना करने के लिये जिस समय और स्वास्थ्य की आवश्यकता है, उसका इस समय अभाव है। अतएव यहां बहुत ही संक्षेप में तुलना की जायगी। महावीर के जन्म क्षण से लेकर केवल ज्ञान की प्राप्ति तक के प्रसगों को कृष्ण के जन्म से लेकर कंसंबध तक की कुछ घटनाओं के साथ मिलान किया जायगा । यह तुलना मुख्य रूप से तीन दृष्टि बिन्दुओं को लक्ष्य करके की जायगी प्रथम तो यह फलित करना कि दोनों के जीवन की घटनाओं में क्या संस्कृति भेद है ? दूसरे, इस बात की परीक्षा करना कि इस घटनावर्णन का एक दूसरे पर कुछ प्रभाव पड़ा है या नहीं ? और इसमें कितना परिवर्तन और विकास सिद्ध हुआ है ? तीसरे यह कि जनता में धर्मभावना जागृत रस्त्रने और सम्प्रदाय का आधार सुदृढ़ बनाने के लिये कथामन्थों एवं जीवन वृतान्तों में प्रधान रूप से किम पर सम्प्रदायों के शास्त्रों में उपलब्ध निर्देश एवं वर्णन । ऊपर कहे हुए दृष्टिविन्दुओं से कतिपय घटनाओं का उल्लेख करने से पूर्व एक बात यहां खास उल्लेख नीय है। वह विचारकों के लिये कौतूहलवर्द्धक है, इतना ही नहीं वरन अनेक ऐतिहासिक रहस्यों के उद्घाटन और विश्लेषण के लिये उनसे सतन और अवलोकनपूर्ण मध्यस्थ प्रयन्न की अपेक्षा भी रखती है। वह यह है बौद्धपिटकों में ज्ञातपुत्र के रूप में भगवान महावीर का अनेकों बार स्पष्ट निर्देश पाया जाता है परन्तु राम और कृष्ण में से किसी का भी निर्देश नहीं है। पीछे की बौद्ध जातकों में राम और सीता की कुछ कथा आई है परन्तु वह वास्मीकि के वर्णन से एकदम भिन्न प्रकार की है। उसमें सीता को राम की बहिन कहा गया है। कृष्ण की कथा तो किसी भी बौद्धग्रन्थ में आज तक मेरे देखने में नहीं आई। किन्तु जैनशास्त्रों में राम और कृष्ण इन दोनों की जीवन कथाओं ने क़ाफी स्थान घेग है । आगम माने जाने और अन्य आगम ग्रन्थों की पपेक्षा प्राचीन गिने जानेवाले अङ्ग साहित्य में रामचन्द्रजी की कथा तो नहीं है फिर भी कृष्ण की कथा दो अङ्गों-- ज्ञाता और अन्तगड-में स्पष्ट और विस्तृत रूप से आती है। आगम ग्रन्थों में स्थान न पानेवाली रामचन्द्रजी की कथा भी पिछले श्वेताम्बर, दिगम्बर दोनों के प्राकृत संस्कृत के कथा साहित्य में विशिष्ट स्थान प्राप्त करती है। जैन साहित्य में वाल्मीकि रामायण की जगह जैन रामायण तक बन
कहते हैं इस दुनिया में किसी को हंसा पाना सबसे मुश्किल काम होता है और ऐसा कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। फिल्मों से लेकर टीवी सीरियल तक बहुत से ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को काफी प्रभावित किया और उनके कारण शो या फिल्म और भी मजेदार बन गई। टीवी पर स्टैंडअप कॉमेडियंस की कमी नहीं है लेकिन उनके लिए भी प्रतियोगिता अब काफी तगड़ी हो चुकी है। हालांकि कुछ कॉमेडियंस ऐसे हैं जो सालों साल दर्शकों के दिलों दिमाग पर छाए रहते हैं। हालांकि स्टैंडअप कॉमेडियन के रूप में कपिल शर्मा पिछले कुछ सालों से नंबर वन हुए हैं। उन्होंने अपने शो के जरिए दर्शकों का दिल भी जीता है और कामयाबी भी हासिल की है। कपिल फिल्मफेयर भी होस्ट कर चुके हैं और उन्हें कई मशहूर चैट शो में भी बुलाया जा चुका है। हालांकि कपिल के अलावा भी कुछ स्टैंडअप कॉमेडियन ऐसे हैं जिन्होंने दर्शकों का भरपूर मनोरंडन किया है और अब वो टीवी पर फिर से कमबैक कर रहे हैं। एक समय था जब राजू श्रीवास्तव की कॉमेडी के आगे कोई नहीं टिक पाता था। लॉफ्टर चैलेंज से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजू श्रीवास्तव ने कई सालों तक दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्हें इंडस्ट्री में 40 साल से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है। अब वो एक बार फिर अपने शो 'हंसते रहो विथ राजू श्रीवास्तव' में नजर आएंगे। सुदेश सबसे पहले ग्रेट इंडिया लॉफ्टर चैलेंज से दर्शकों के सामने आए थे। इसके बाद उनकी जोड़ी कृष्णा अभिषेक के साथ कॉमेडी सर्कस में जमी। दोनों की जुगलबंदी इतनी जमी कि इन दोनों ने कई सीजन एक साथ जीते। हालांकि पिछले कुछ समय से सुदेश टीवी से दूर हो गए थे लेकिन अब वो 'द कपिल शर्मा शो' से दोबारा पर्दे पर लौट रहे हैं। भारती सिंह के बाद किसी महिला कॉमेडियन ने दर्शकों का दिल जीता है तो वो हैं सुगंधा मिश्रा। सुगंधा लता मंगेशकर की मिमिक्री करने के लिए बहुत मशहूर है। वो बहुत जल्द 'कॉमेडी फैक्ट्री' से कमबैक करने वाली हैं। वो आखिरी बार गैंग्स ऑफ फिल्मीस्तान में नजर आईं थीं। कभी सीरियल में गंभीर अभिनय करने वाले अली असगर धीरे धीरे कॉमेडी की दुनिया में छा गए। वो कॉमेडी सर्कस के अलावा कॉमेडी नाइट्स विद कपिल और द कपिल शर्मा शो में दादी के किरदार में नजर आते हैं। अली भी बहुत जल्द 'कॉमेडी फैक्ट्री' में नजर आएंगे।
कहते हैं इस दुनिया में किसी को हंसा पाना सबसे मुश्किल काम होता है और ऐसा कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं है। फिल्मों से लेकर टीवी सीरियल तक बहुत से ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को काफी प्रभावित किया और उनके कारण शो या फिल्म और भी मजेदार बन गई। टीवी पर स्टैंडअप कॉमेडियंस की कमी नहीं है लेकिन उनके लिए भी प्रतियोगिता अब काफी तगड़ी हो चुकी है। हालांकि कुछ कॉमेडियंस ऐसे हैं जो सालों साल दर्शकों के दिलों दिमाग पर छाए रहते हैं। हालांकि स्टैंडअप कॉमेडियन के रूप में कपिल शर्मा पिछले कुछ सालों से नंबर वन हुए हैं। उन्होंने अपने शो के जरिए दर्शकों का दिल भी जीता है और कामयाबी भी हासिल की है। कपिल फिल्मफेयर भी होस्ट कर चुके हैं और उन्हें कई मशहूर चैट शो में भी बुलाया जा चुका है। हालांकि कपिल के अलावा भी कुछ स्टैंडअप कॉमेडियन ऐसे हैं जिन्होंने दर्शकों का भरपूर मनोरंडन किया है और अब वो टीवी पर फिर से कमबैक कर रहे हैं। एक समय था जब राजू श्रीवास्तव की कॉमेडी के आगे कोई नहीं टिक पाता था। लॉफ्टर चैलेंज से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजू श्रीवास्तव ने कई सालों तक दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्हें इंडस्ट्री में चालीस साल से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है। अब वो एक बार फिर अपने शो 'हंसते रहो विथ राजू श्रीवास्तव' में नजर आएंगे। सुदेश सबसे पहले ग्रेट इंडिया लॉफ्टर चैलेंज से दर्शकों के सामने आए थे। इसके बाद उनकी जोड़ी कृष्णा अभिषेक के साथ कॉमेडी सर्कस में जमी। दोनों की जुगलबंदी इतनी जमी कि इन दोनों ने कई सीजन एक साथ जीते। हालांकि पिछले कुछ समय से सुदेश टीवी से दूर हो गए थे लेकिन अब वो 'द कपिल शर्मा शो' से दोबारा पर्दे पर लौट रहे हैं। भारती सिंह के बाद किसी महिला कॉमेडियन ने दर्शकों का दिल जीता है तो वो हैं सुगंधा मिश्रा। सुगंधा लता मंगेशकर की मिमिक्री करने के लिए बहुत मशहूर है। वो बहुत जल्द 'कॉमेडी फैक्ट्री' से कमबैक करने वाली हैं। वो आखिरी बार गैंग्स ऑफ फिल्मीस्तान में नजर आईं थीं। कभी सीरियल में गंभीर अभिनय करने वाले अली असगर धीरे धीरे कॉमेडी की दुनिया में छा गए। वो कॉमेडी सर्कस के अलावा कॉमेडी नाइट्स विद कपिल और द कपिल शर्मा शो में दादी के किरदार में नजर आते हैं। अली भी बहुत जल्द 'कॉमेडी फैक्ट्री' में नजर आएंगे।
देश की राजधानी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में मार्केट में भीषण आग लग गई है. आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है। आग बुझाने की कवायद जारी है. दिल्ली के गांधी नगर मार्केट में एक प्लाईवुड की दुकान में आग लग गई. सुबह-सुबह आग लग गई. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच गई हैं. फायर ब्रिगेड के अधिकारी राजेंद्र ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि एक प्लाईवुड की दुकान में आग लग गई. आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है. फिलहाल मौके पर दमकल की 21 गाड़ियां पहुंच गई हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि प्लाइवुड दुकान में आग लगने की सूचना आज सुबह 4.07 बजे मिली. फिर आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. लेकिन अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है. हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी तरह के हताहत की कोई खबर नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. घटना के संबंध में दुकान मालिक अमनदीप ने बताया कि आग आज सुबह साढ़े तीन बजे लगी. आग लगने के 15 मिनट बाद मेरे भाई का फोन आया. मे सो रहा था। आग दुकान के पिछले हिस्से में कहीं लगी थी। हमने पुलिस से मदद मांगी और आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए।
देश की राजधानी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में मार्केट में भीषण आग लग गई है. आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है। आग बुझाने की कवायद जारी है. दिल्ली के गांधी नगर मार्केट में एक प्लाईवुड की दुकान में आग लग गई. सुबह-सुबह आग लग गई. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच गई हैं. फायर ब्रिगेड के अधिकारी राजेंद्र ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि एक प्लाईवुड की दुकान में आग लग गई. आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है. फिलहाल मौके पर दमकल की इक्कीस गाड़ियां पहुंच गई हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि प्लाइवुड दुकान में आग लगने की सूचना आज सुबह चार.सात बजे मिली. फिर आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. लेकिन अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है. हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी तरह के हताहत की कोई खबर नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. घटना के संबंध में दुकान मालिक अमनदीप ने बताया कि आग आज सुबह साढ़े तीन बजे लगी. आग लगने के पंद्रह मिनट बाद मेरे भाई का फोन आया. मे सो रहा था। आग दुकान के पिछले हिस्से में कहीं लगी थी। हमने पुलिस से मदद मांगी और आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए।
मिनरल वॉटर "बोरोजोमी" को इसका श्रेय दिया जा सकता हैकिंवदंतियों की श्रेणी उसके उपचार गुणों को XIX सदी की पहली छमाही में मान्यता दी गई थी, जब कर्नल में से एक ने आश्चर्यजनक रूप से सामान्य पानी के साथ पेट की समस्याओं को ठीक किया। वह जॉर्जिया में बोरजोमी नदी के निकट एक स्रोत पर पाया गया था। इस जगह पर एक रिसॉर्ट का आयोजन किया गया था, जो अब तक एक अद्वितीय प्राकृतिक और जलवायु क्षेत्र बना हुआ है। पानी एक प्राकृतिक तरीके से सतह पर आता है। इसमें किशोर जल शामिल हैं, जो जटिल ज्वालामुखी प्रक्रियाओं के कारण बनते हैं। "बोरोजोमी" औषधीय तालिका जल की श्रेणी को संदर्भित करता है यह रिफ्रेशिंग से कार्य करता है, जिससे जीव के नमक संतुलन को क्रम में लगाया जा सकता है। इस सोडियम बिकारबोनिट पानी का उपयोगक्रोनिक गैस्ट्रेटिस और गैस्ट्रोडोडेनाइटिस, पेट के अल्सर या ग्रहणी के मामलों में सिफारिश की है। लेकिन गहराई की अवधि में, इस पानी को पीने से निषिद्ध है। "बोरोजोमी" का लाभकारी प्रभाव तब होता है जबआंत्र श्लेष्म की सूजन और जठरांत्र संबंधी जटिलताओं के मामले में अग्नाशयशोथ के साथ स्थिति में सुधार भी पानी "Borjomi" में मदद मिलेगी उपयोग के लिए संकेत मोटापे के मामले में और किसी भी प्रकार के मधुमेह के मामलों में दिखाई देते हैं। यह शरीर के चयापचय प्रक्रियाओं को अनुकूलित करने में सक्षम है, साथ ही निकासी प्रणाली पर लाभकारी प्रभाव भी है। "बोरोजोमी" ऊपरी श्वसन तंत्र और सर्दी के रोगों से बहुत जल्दी से मुकाबला करता है यह विभिन्न कार्यों के बाद पुनर्वास प्रक्रिया को बहुत तेज करने में भी सक्षम है। "बोरोजोमी" के उपयोग के संकेत उसके कारण हैंसंतुलित संरचना, जो आपको आंशिक रूप से इसे टेबल पानी से बदलने की अनुमति देता है। हालांकि, अपने आहार तालिका से बाहर जाने के लिए पूरी तरह से सिफारिश नहीं की जाती है। खनिज पानी में एक अद्वितीय रसायन हैरचना जो इसकी उपयोगी गुणों को निर्धारित करती है यह एक क्षारीय पानी है, इसकी खनिज 5.5-7.5 ग्राम प्रति लीटर है। Borjomi की रचना शरीर के लिए 80 से अधिक उपयोगी रासायनिक तत्वों और यौगिक शामिल हैं। इसमें कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन की एक महत्वपूर्ण राशि है। इसके अतिरिक्त, मैग्नीशियम, सिलिकॉन, एल्यूमीनियम, स्ट्रोंटियम, टाइटेनियम, बोरान, सल्फर और फ्लोरीन यौगिकों इसकी मात्रा में कम मात्रा में मौजूद हैं, साथ ही ज्वालामुखी मूल की राख भी मौजूद हैं। अपनी अनूठी संरचना के कारण, बोरोजोमीपेट के एसिड-बेसिक बैलेंस के सामान्यीकरण से पूरी तरह से सामना करना पड़ता है, भोजन की पाचन से निपटने में मदद करता है। पानी का नियमित उपयोग ग्लाइकोजन की मात्रा बढ़ाता है, एक पशु प्रोटीन जो एक साथ यकृत गतिविधि और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। "बोरोजोमी" के उपयोग के अन्य संकेत गुर्दे में मूत्र के पत्थर हैं। यह व्यास में 0.7 सेंटीमीटर से अधिक नहीं हो सकता है। एक हैंगओवर से ग्रस्त व्यक्ति के लिएसिंड्रोम, खासकर वास्तविक पानी "बोरोजोमी" हो जाता है इस मामले में उपयोग के लिए संकेत शरीर में नमी को बनाए रखने के लिए पानी की क्षमता से निर्दोष हैं और निर्जलीकरण से बचाते हैं। Borjomi न केवल एक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता हैउपचार के घटक, लेकिन रोकथाम के लिए भी। उदाहरण के लिए, गर्मी के दौरान यह आपकी प्यास बुझाने में ही नहीं, बल्कि नमक संतुलन भी बहाल कर सकता है, जो नमी के नुकसान के कारण शरीर में परेशान हो रहा है। गर्भावस्था के दौरान, इस औषधीय पानी के उपयोग पर कोई सख्त प्रतिबंध नहीं है, लेकिन फिर भी यह एक दिन में एक से अधिक गिलास खाने के लिए उपयुक्त नहीं है। इस खुराक को इस तथ्य से समझाया गया है कि शरीर को पानी के भाग के रूप में प्रसंस्करण लवण के लिए समय और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। "बोरोजोमी" विषाक्तता के दौरान की स्थिति को कम करने में मदद करेगा, और ईर्ष्या से भी बचाएगा, क्योंकि इस स्थिति में गोलियों को छोड़ देना होगा। "बोरोजोमी" का प्रयोग करें गर्भवती महिलाओं को केवल तब ही गैस से जारी किया जा सकता है। कई मायनों में बच्चों के लिए संकेत और मतभेदउनकी उम्र पर निर्भर करता है डॉक्टर तीन साल से कम उम्र के बच्चों को बोरोजोमी पीने की सलाह नहीं देते हैं। इस समय के अंत में, यह कब्ज के लिए निर्धारित किया जा सकता है, क्योंकि पानी में एक मूत्रवर्धक, रेचक और शुद्ध प्रभाव होता है। नियमित उपयोग बच्चों के शरीर में पोटेशियम की मात्रा को बढ़ाता है, जो उनके सामान्य विकास के लिए आवश्यक है। बच्चों को पीने की अनुमति दी जाने वाली पानी की मात्रा,उनके शरीर के द्रव्यमान पर निर्भर करता है अनुशंसित खुराक बच्चे के वजन का प्रति किलोग्राम 4 मिलीलीटर है। बच्चे को किस प्रकार की जठरांत्र ग्रस्त है, यह निर्भर करेगा कि आप भोजन के पहले या बाद में बोरोजी को पीते हैं या नहीं। अधिक वजन वाले लोगों को अधिक पानी पीना चाहिए,दूसरों की तुलना में जल निकासी आहार पानी "बोरोजोमी" को मदद करेगा खनिज जल का उपयोग आंत के काम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, लिपिड चयापचय को गति देता है और एटीपी-एसिड बनाता है। विघटित होने के बाद, अतिरिक्त ऊर्जा का उत्पादन होता है, और एंजाइम का काम होता है, जो वसा को तोड़ता है, में सुधार भी होता है। शरीर को विषाक्त पदार्थों से शुद्ध किया जाना शुरू होता है। यदि आप पीते हैं तो शरीर जल्दी से विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पायेगासुबह में बोरोजोमी खनिज पानी वजन घटाने में योगदान देता है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि पूरे आहार में इसके केवल शामिल होना चाहिए। चिकित्सा के पानी को उचित पोषण और मध्यम शारीरिक श्रम के साथ जोड़ा जाना चाहिए। आप बोरोजोमी में एक दिन का बंद भी कर सकते हैं, लेकिन यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि केवल एक दिन ऐसा सप्ताह हो सकता है। अधिक वजन वाले लोग खा सकते हैंखनिज पानी, इससे पहले इससे पहले गैस जारी की थी। तथ्य यह है कि यह गैस्ट्रिक रस के उत्पादन को उत्तेजित करता है, जिससे भोजन का उपभोग करने की इच्छा बढ़ती है। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, "बोरोजोमी" का एक चिकित्सीय प्रभाव है, जो सर्दी, खांसी और ब्रोंकाइटिस से छुटकारा पाने में मदद करता है। प्रश्न के सवाल पर विशेषज्ञों के बहुमतठंड और खांसी के दौरान सही ढंग से "बोरोजोमी" पीने से 1: 1 अनुपात में पानी और दूध को मिलाकर लेने की सिफारिश की गई है। पानी को पहले पानी से हटाया जाना चाहिए। यदि कोई विशेष इंहेलर नहीं है, तो साधारण गहरी व्यंजन उपयोग किया जाता है। जल "बोरोजोमी" को 50 डिग्री तक गर्म करने और पांच मिनट तक श्वास लेने की आवश्यकता होती है। इस पानी का उपयोग करते समय मतभेदसबसे पहले, अल्सर से पीड़ित लोगों को ध्यान देना चाहिए इस तरल के अत्यधिक उपयोग उन्हें अच्छा नहीं करेंगे। तथ्य यह है कि Borjomi सहित अधिकांश खनिज पानी में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड की अत्यधिक मात्रा में, पेट की दीवारों को कुचलना होगा, और केवल इसके साथ समस्याओं को बढ़ाएगा। कार्बन डाइऑक्साइड पेट, पित्त स्राव और पित्त के गठन के स्रावी और मोटर कार्यों को बाधित करेगा, और शरीर में एसिड-बेस बैलेंस का उल्लंघन भी कर सकता है। खनिज औषधीय जल के सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं ज्यादातर लोग गलत तरीके से सोचते हैं कि यह पानी पूरी तरह से भोजन कक्ष को बदल सकता है और इसे असीमित मात्रा में उपभोग कर सकता है। Borjomi एक उच्च नमक सामग्री है 100 मिली पानी के लिए इन खनिजों के आठ ग्राम हैं। यह खुराक शरीर के लिए जरूरी आदर्श से अधिक है। अतिरिक्त खनिजों का शरीर पर उनकी नकारात्मक कमी के रूप में उनकी कमजोरी होगी मानव अंगों और ग्रंथियों को उत्पादित पदार्थों के साथ अतिभारित किया जाएगा, और उनका काम बिगड़ जाएगा। इससे पूरे शरीर के कामकाज को प्रभावित होगा। "बोरोजोमी" अनियंत्रित हो सकता हैपदार्थों के यौगिकों यह विशेष रूप से शराब के विषाक्तता के दौरान स्पष्ट किया जाता है। चिकित्सीय खनिज पानी हेगओवर के पाठ्यक्रम की सुविधा प्रदान कर सकता है, हालांकि, इस प्रक्रिया को सुरक्षित करना मुश्किल नहीं है। यह इस तथ्य के कारण है कि अंतर्वेशन के बाद शराब और इसके अपघटन के उत्पादों से संतृप्त खनिज पदार्थ अराजक जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं का कारण हो सकते हैं, जो अब तक का अध्ययन नहीं हुआ है। इससे चयापचय में एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन हो सकता है।
मिनरल वॉटर "बोरोजोमी" को इसका श्रेय दिया जा सकता हैकिंवदंतियों की श्रेणी उसके उपचार गुणों को XIX सदी की पहली छमाही में मान्यता दी गई थी, जब कर्नल में से एक ने आश्चर्यजनक रूप से सामान्य पानी के साथ पेट की समस्याओं को ठीक किया। वह जॉर्जिया में बोरजोमी नदी के निकट एक स्रोत पर पाया गया था। इस जगह पर एक रिसॉर्ट का आयोजन किया गया था, जो अब तक एक अद्वितीय प्राकृतिक और जलवायु क्षेत्र बना हुआ है। पानी एक प्राकृतिक तरीके से सतह पर आता है। इसमें किशोर जल शामिल हैं, जो जटिल ज्वालामुखी प्रक्रियाओं के कारण बनते हैं। "बोरोजोमी" औषधीय तालिका जल की श्रेणी को संदर्भित करता है यह रिफ्रेशिंग से कार्य करता है, जिससे जीव के नमक संतुलन को क्रम में लगाया जा सकता है। इस सोडियम बिकारबोनिट पानी का उपयोगक्रोनिक गैस्ट्रेटिस और गैस्ट्रोडोडेनाइटिस, पेट के अल्सर या ग्रहणी के मामलों में सिफारिश की है। लेकिन गहराई की अवधि में, इस पानी को पीने से निषिद्ध है। "बोरोजोमी" का लाभकारी प्रभाव तब होता है जबआंत्र श्लेष्म की सूजन और जठरांत्र संबंधी जटिलताओं के मामले में अग्नाशयशोथ के साथ स्थिति में सुधार भी पानी "Borjomi" में मदद मिलेगी उपयोग के लिए संकेत मोटापे के मामले में और किसी भी प्रकार के मधुमेह के मामलों में दिखाई देते हैं। यह शरीर के चयापचय प्रक्रियाओं को अनुकूलित करने में सक्षम है, साथ ही निकासी प्रणाली पर लाभकारी प्रभाव भी है। "बोरोजोमी" ऊपरी श्वसन तंत्र और सर्दी के रोगों से बहुत जल्दी से मुकाबला करता है यह विभिन्न कार्यों के बाद पुनर्वास प्रक्रिया को बहुत तेज करने में भी सक्षम है। "बोरोजोमी" के उपयोग के संकेत उसके कारण हैंसंतुलित संरचना, जो आपको आंशिक रूप से इसे टेबल पानी से बदलने की अनुमति देता है। हालांकि, अपने आहार तालिका से बाहर जाने के लिए पूरी तरह से सिफारिश नहीं की जाती है। खनिज पानी में एक अद्वितीय रसायन हैरचना जो इसकी उपयोगी गुणों को निर्धारित करती है यह एक क्षारीय पानी है, इसकी खनिज पाँच.पाँच-सात दशमलव पाँच ग्राम प्रति लीटर है। Borjomi की रचना शरीर के लिए अस्सी से अधिक उपयोगी रासायनिक तत्वों और यौगिक शामिल हैं। इसमें कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन की एक महत्वपूर्ण राशि है। इसके अतिरिक्त, मैग्नीशियम, सिलिकॉन, एल्यूमीनियम, स्ट्रोंटियम, टाइटेनियम, बोरान, सल्फर और फ्लोरीन यौगिकों इसकी मात्रा में कम मात्रा में मौजूद हैं, साथ ही ज्वालामुखी मूल की राख भी मौजूद हैं। अपनी अनूठी संरचना के कारण, बोरोजोमीपेट के एसिड-बेसिक बैलेंस के सामान्यीकरण से पूरी तरह से सामना करना पड़ता है, भोजन की पाचन से निपटने में मदद करता है। पानी का नियमित उपयोग ग्लाइकोजन की मात्रा बढ़ाता है, एक पशु प्रोटीन जो एक साथ यकृत गतिविधि और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। "बोरोजोमी" के उपयोग के अन्य संकेत गुर्दे में मूत्र के पत्थर हैं। यह व्यास में शून्य दशमलव सात सेंटीमीटर से अधिक नहीं हो सकता है। एक हैंगओवर से ग्रस्त व्यक्ति के लिएसिंड्रोम, खासकर वास्तविक पानी "बोरोजोमी" हो जाता है इस मामले में उपयोग के लिए संकेत शरीर में नमी को बनाए रखने के लिए पानी की क्षमता से निर्दोष हैं और निर्जलीकरण से बचाते हैं। Borjomi न केवल एक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता हैउपचार के घटक, लेकिन रोकथाम के लिए भी। उदाहरण के लिए, गर्मी के दौरान यह आपकी प्यास बुझाने में ही नहीं, बल्कि नमक संतुलन भी बहाल कर सकता है, जो नमी के नुकसान के कारण शरीर में परेशान हो रहा है। गर्भावस्था के दौरान, इस औषधीय पानी के उपयोग पर कोई सख्त प्रतिबंध नहीं है, लेकिन फिर भी यह एक दिन में एक से अधिक गिलास खाने के लिए उपयुक्त नहीं है। इस खुराक को इस तथ्य से समझाया गया है कि शरीर को पानी के भाग के रूप में प्रसंस्करण लवण के लिए समय और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। "बोरोजोमी" विषाक्तता के दौरान की स्थिति को कम करने में मदद करेगा, और ईर्ष्या से भी बचाएगा, क्योंकि इस स्थिति में गोलियों को छोड़ देना होगा। "बोरोजोमी" का प्रयोग करें गर्भवती महिलाओं को केवल तब ही गैस से जारी किया जा सकता है। कई मायनों में बच्चों के लिए संकेत और मतभेदउनकी उम्र पर निर्भर करता है डॉक्टर तीन साल से कम उम्र के बच्चों को बोरोजोमी पीने की सलाह नहीं देते हैं। इस समय के अंत में, यह कब्ज के लिए निर्धारित किया जा सकता है, क्योंकि पानी में एक मूत्रवर्धक, रेचक और शुद्ध प्रभाव होता है। नियमित उपयोग बच्चों के शरीर में पोटेशियम की मात्रा को बढ़ाता है, जो उनके सामान्य विकास के लिए आवश्यक है। बच्चों को पीने की अनुमति दी जाने वाली पानी की मात्रा,उनके शरीर के द्रव्यमान पर निर्भर करता है अनुशंसित खुराक बच्चे के वजन का प्रति किलोग्राम चार मिलीलीटर है। बच्चे को किस प्रकार की जठरांत्र ग्रस्त है, यह निर्भर करेगा कि आप भोजन के पहले या बाद में बोरोजी को पीते हैं या नहीं। अधिक वजन वाले लोगों को अधिक पानी पीना चाहिए,दूसरों की तुलना में जल निकासी आहार पानी "बोरोजोमी" को मदद करेगा खनिज जल का उपयोग आंत के काम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, लिपिड चयापचय को गति देता है और एटीपी-एसिड बनाता है। विघटित होने के बाद, अतिरिक्त ऊर्जा का उत्पादन होता है, और एंजाइम का काम होता है, जो वसा को तोड़ता है, में सुधार भी होता है। शरीर को विषाक्त पदार्थों से शुद्ध किया जाना शुरू होता है। यदि आप पीते हैं तो शरीर जल्दी से विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पायेगासुबह में बोरोजोमी खनिज पानी वजन घटाने में योगदान देता है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि पूरे आहार में इसके केवल शामिल होना चाहिए। चिकित्सा के पानी को उचित पोषण और मध्यम शारीरिक श्रम के साथ जोड़ा जाना चाहिए। आप बोरोजोमी में एक दिन का बंद भी कर सकते हैं, लेकिन यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि केवल एक दिन ऐसा सप्ताह हो सकता है। अधिक वजन वाले लोग खा सकते हैंखनिज पानी, इससे पहले इससे पहले गैस जारी की थी। तथ्य यह है कि यह गैस्ट्रिक रस के उत्पादन को उत्तेजित करता है, जिससे भोजन का उपभोग करने की इच्छा बढ़ती है। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, "बोरोजोमी" का एक चिकित्सीय प्रभाव है, जो सर्दी, खांसी और ब्रोंकाइटिस से छुटकारा पाने में मदद करता है। प्रश्न के सवाल पर विशेषज्ञों के बहुमतठंड और खांसी के दौरान सही ढंग से "बोरोजोमी" पीने से एक: एक अनुपात में पानी और दूध को मिलाकर लेने की सिफारिश की गई है। पानी को पहले पानी से हटाया जाना चाहिए। यदि कोई विशेष इंहेलर नहीं है, तो साधारण गहरी व्यंजन उपयोग किया जाता है। जल "बोरोजोमी" को पचास डिग्री तक गर्म करने और पांच मिनट तक श्वास लेने की आवश्यकता होती है। इस पानी का उपयोग करते समय मतभेदसबसे पहले, अल्सर से पीड़ित लोगों को ध्यान देना चाहिए इस तरल के अत्यधिक उपयोग उन्हें अच्छा नहीं करेंगे। तथ्य यह है कि Borjomi सहित अधिकांश खनिज पानी में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड की अत्यधिक मात्रा में, पेट की दीवारों को कुचलना होगा, और केवल इसके साथ समस्याओं को बढ़ाएगा। कार्बन डाइऑक्साइड पेट, पित्त स्राव और पित्त के गठन के स्रावी और मोटर कार्यों को बाधित करेगा, और शरीर में एसिड-बेस बैलेंस का उल्लंघन भी कर सकता है। खनिज औषधीय जल के सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं ज्यादातर लोग गलत तरीके से सोचते हैं कि यह पानी पूरी तरह से भोजन कक्ष को बदल सकता है और इसे असीमित मात्रा में उपभोग कर सकता है। Borjomi एक उच्च नमक सामग्री है एक सौ मिली पानी के लिए इन खनिजों के आठ ग्राम हैं। यह खुराक शरीर के लिए जरूरी आदर्श से अधिक है। अतिरिक्त खनिजों का शरीर पर उनकी नकारात्मक कमी के रूप में उनकी कमजोरी होगी मानव अंगों और ग्रंथियों को उत्पादित पदार्थों के साथ अतिभारित किया जाएगा, और उनका काम बिगड़ जाएगा। इससे पूरे शरीर के कामकाज को प्रभावित होगा। "बोरोजोमी" अनियंत्रित हो सकता हैपदार्थों के यौगिकों यह विशेष रूप से शराब के विषाक्तता के दौरान स्पष्ट किया जाता है। चिकित्सीय खनिज पानी हेगओवर के पाठ्यक्रम की सुविधा प्रदान कर सकता है, हालांकि, इस प्रक्रिया को सुरक्षित करना मुश्किल नहीं है। यह इस तथ्य के कारण है कि अंतर्वेशन के बाद शराब और इसके अपघटन के उत्पादों से संतृप्त खनिज पदार्थ अराजक जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं का कारण हो सकते हैं, जो अब तक का अध्ययन नहीं हुआ है। इससे चयापचय में एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन हो सकता है।
वाराणसी। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और वाराणसी संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस बार के आम चुनाव में राजनीतिक बदलाव की चाबी बनारस वालों के हाथ है। वाराणसी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को चुनौती देने आए केजरीवाल ने गुरुवार को ग्रामीण इलाकों में चैपाल लगाई। केजरीवाल ने गुरुवार को जलालपुर रसूलहन बारता सहित दर्जनभर गांवों में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। केजरीवाल ने गांव वालों की कठनाइयों को सुना और कांग्रेस व भाजपा पर निशाना साधा। बारता गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा "देश में राजनीतिक बदलाव की चाबी बनारस के हाथ में है। मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई राष्ट्रीय क्रांति का आगाज करने बनारस आया हूं। " केजरीवाल ने कहा कि हजारों सालों से दुनिया को दिशा दिखाने वाले बनारस ने बदलाव और व्यवस्था परिवर्तन का मन बना लिया है। बनारस वाले भाजपा व कांग्रेस दोनों को मजा चखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा "भाजपा व कांग्रेस भ्रष्टाचार कर रही हैं और उनके निशाने पर आम आदमी पार्टी है। दिल्ली में हमने सरकार बनाई और फिर दोनो दलों को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस से गठबंधन तोड़ दिया। " केजरीवाल ने कहा कि आज कांग्रेस व भाजपा एक जैसा बरताव कर रही है जिसमें मोदी व राहुल का नेतृत्व है। हम इसीलिए बनारस व अमेठी में इनके विरूद्ध खुली लड़ाई लड़ने आए हंै। गांवों की चैपालों में बैठकर जनता से संवाद स्थापित करने की अरविंद केजरीवाल की पहल का हालांकि लोगों ने स्वागत भी किया। बारता के बाद अरविंद केजरीवाल बरियारपुर भीष्मपुर और बेनीपुर जाकर ग्रामीणों से मिले और उनसे संवाद स्थापित किया।
वाराणसी। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और वाराणसी संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस बार के आम चुनाव में राजनीतिक बदलाव की चाबी बनारस वालों के हाथ है। वाराणसी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को चुनौती देने आए केजरीवाल ने गुरुवार को ग्रामीण इलाकों में चैपाल लगाई। केजरीवाल ने गुरुवार को जलालपुर रसूलहन बारता सहित दर्जनभर गांवों में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। केजरीवाल ने गांव वालों की कठनाइयों को सुना और कांग्रेस व भाजपा पर निशाना साधा। बारता गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा "देश में राजनीतिक बदलाव की चाबी बनारस के हाथ में है। मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई राष्ट्रीय क्रांति का आगाज करने बनारस आया हूं। " केजरीवाल ने कहा कि हजारों सालों से दुनिया को दिशा दिखाने वाले बनारस ने बदलाव और व्यवस्था परिवर्तन का मन बना लिया है। बनारस वाले भाजपा व कांग्रेस दोनों को मजा चखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा "भाजपा व कांग्रेस भ्रष्टाचार कर रही हैं और उनके निशाने पर आम आदमी पार्टी है। दिल्ली में हमने सरकार बनाई और फिर दोनो दलों को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस से गठबंधन तोड़ दिया। " केजरीवाल ने कहा कि आज कांग्रेस व भाजपा एक जैसा बरताव कर रही है जिसमें मोदी व राहुल का नेतृत्व है। हम इसीलिए बनारस व अमेठी में इनके विरूद्ध खुली लड़ाई लड़ने आए हंै। गांवों की चैपालों में बैठकर जनता से संवाद स्थापित करने की अरविंद केजरीवाल की पहल का हालांकि लोगों ने स्वागत भी किया। बारता के बाद अरविंद केजरीवाल बरियारपुर भीष्मपुर और बेनीपुर जाकर ग्रामीणों से मिले और उनसे संवाद स्थापित किया।
बॉलीवुड के हैंडसम हंक ऋतिक रोशन आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही लाइफ में अपने बेस्ट फेज में हैं। जल्द ही ऋतिक दीपिका पादुकोण के साथ अपनी अगली फिल्म फाइटर की शूटिंग शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, अब खबरें आ रही हैं कि बॉलीवुड के ग्रीक गॉड इस साल अपनी गर्लफ्रेंड सबा आजाद से शादी करने की तैयारी में हैं। सबा को लेकर ऋतिक रोशन का परिवार भी काफी खुश है, क्योंकि उन्हें लगता है कि सबा अभिनेता के लिए बिल्कुल सही रहेंगी।
बॉलीवुड के हैंडसम हंक ऋतिक रोशन आज अपना उनचासवां जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही लाइफ में अपने बेस्ट फेज में हैं। जल्द ही ऋतिक दीपिका पादुकोण के साथ अपनी अगली फिल्म फाइटर की शूटिंग शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, अब खबरें आ रही हैं कि बॉलीवुड के ग्रीक गॉड इस साल अपनी गर्लफ्रेंड सबा आजाद से शादी करने की तैयारी में हैं। सबा को लेकर ऋतिक रोशन का परिवार भी काफी खुश है, क्योंकि उन्हें लगता है कि सबा अभिनेता के लिए बिल्कुल सही रहेंगी।
चर्चा में क्यों? हाल ही में राज्यसभा द्वारा राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक (National Bank for Financing Infrastructure and Development- NBFID) विधेयक, 2021 पारित किया गया। - इस विधेयक का उद्देश्य बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये एक प्रमुख विकास वित्तीय संस्थान (Development Financial Institutions- DFIs) के तौर पर राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक (NBFID) की स्थापना करना है। - NFBID की घोषणा बजट 2021 में की गई थी। विकास वित्तीय संस्थान (DFI) - DFIs का गठन अर्थव्यवस्था के ऐसे क्षेत्रों को दीर्घकालिक वित्त प्रदान करने के लिये किया जाता है जिनसे संबंधित जोखिम वाणिज्यिक बैंकों और अन्य साधारण वित्तीय संस्थानों की स्वीकार्य सीमा से परे हैं। - DFIs बैंकों की तरह लोगों से जमा स्वीकार नहीं करते हैं। - वे बाज़ार, सरकार और साथ ही बहुपक्षीय संस्थानों से धन जुटाते हैं तथा प्रायः सरकारी गारंटी द्वारा समर्थित होते हैं। NBFID एक कॉर्पोरेट के रूप मेंः - NBFID का गठन एक कॉरपोरेट निकाय के रूप में किया जाएगा जिसकी अधिकृत शेयर पूंजी एक लाख करोड़ रुपए होगी। - वित्तीय उद्देश्यः - इसके वित्तीय उद्देश्यों में पूरी तरह से या आंशिक रूप से भारत में अवस्थित अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिये प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उधार देना, निवेश करना या निवेश को आकर्षित करना शामिल है। - विकासपरक उद्देश्यः - विकासपरक उद्देश्यों में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये बॉण्ड, ऋण और व्युत्पन्नों (डेरिवेटिव्स) के बाज़ार के विकास में मदद करना शामिल है। NBFID के कार्यः - अवसंरचना परियोजनाओं/इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लोन तथा एडवांस देना। - मौजूदा ऋण/लोन का अधिग्रहण कर उसका फिर से वित्तपोषण करना। - अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश के लिये निजी क्षेत्र के निवेशकों और संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करना। - अवसंरचना परियोजनाओं में विदेशी भागीदारी को सरल बनाना। - अवसंरचना वित्तपोषण के क्षेत्र में विवाद निवारण के लिये विभिन्न सरकारी प्राधिकारियों/प्राधिकरणों से बातचीत को सुविधाजनक बनाना। - अवसंरचना वित्तपोषण में परामर्श सेवाएँ प्रदान करना। धनराशि का स्रोतः - यह लोन/ऋण के रूप में भारतीय रुपए तथा विदेशी मुद्रा दोनों में धन जुटा सकता है या बॉण्ड्स और डिबेंचर्स सहित विभिन्न वित्तीय साधनों को जारी करके और उन्हें बेचकर धन प्राप्त कर सकता है। - यह केंद्र सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक, अधिसूचित वाणिज्यिक बैंक, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसे बहुपक्षीय संस्थानों से धन उधार ले सकता है। - प्रारंभ में इस संस्थान में केंद्र सरकार की भागीदारी 100% होगी जो धीरे-धीरे कम होकर 26% तक पहुँच जाएगी। NBFID का प्रबंधनः - NBFID का प्रबंधन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा किया जाएगा। इसके अध्यक्ष की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा RBI की सलाह से की जाएगी। - केंद्र सरकार द्वारा गठित एक निकाय मैनेजिंग डायरेक्टर और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर्स के पद के लिये उम्मीदवारों के नामों का सुझाव देगा। - आंतरिक समिति के सुझावों के आधार पर बोर्ड स्वतंत्र डायरेक्टर्स की नियुक्ति करेगा। केंद्र सरकार से सहयोगः - केंद्र सरकार पहले वित्तीय वर्ष के अंत में NBFID को 5,000 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। - सरकार बहुपक्षीय संस्थानों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स और अन्य विदेशी फंड्स से उधारियों के लिये अधिकतम 0.1% की रियायती दर पर गारंटी भी प्रदान करेगी। - विदेशी मुद्रा (विदेशी मुद्रा में उधारियाँ लेने पर) में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाली हानि से संबंधित लागत की भरपाई सरकार द्वारा पूरी तरह या आंशिक रूप से की जा सकती है। - NBFID द्वारा अनुरोध किये जाने पर सरकार उसके द्वारा जारी बॉण्ड्स, डिबेंचर्स और लोन की गारंटी ले सकती है। जाँच और अभियोजन के लिये पूर्व मंज़ूरीः - अध्यक्ष और दूसरे डायरेक्टर्स के मामले में केंद्र सरकार तथा अन्य कर्मचारियों के मामले में मैनेजिंग डायरेक्टर की पूर्व मंज़ूरी के बिना NBFID के कर्मचारियों की जाँच शुरू नहीं की जा सकती। - NBFID के कर्मचारियों से संबंधित मामलों में अपराधों का संज्ञान लेने के लिये न्यायालयों को भी पूर्व मंज़ूरी लेनी होगी। अन्य विकास वित्तीय संस्थान (DFI): - विधेयक में यह प्रावधान भी है कि RBI में आवेदन करके कोई भी व्यक्ति DFI बना सकता है। - RBI केंद्र सरकार की सलाह से DFI को लाइसेंस दे सकता है। - इन विकास वित्तीय संस्थानों के लिये विनियम RBI द्वारा निर्दिष्ट किये जाएंगे।
चर्चा में क्यों? हाल ही में राज्यसभा द्वारा राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक विधेयक, दो हज़ार इक्कीस पारित किया गया। - इस विधेयक का उद्देश्य बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये एक प्रमुख विकास वित्तीय संस्थान के तौर पर राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक की स्थापना करना है। - NFBID की घोषणा बजट दो हज़ार इक्कीस में की गई थी। विकास वित्तीय संस्थान - DFIs का गठन अर्थव्यवस्था के ऐसे क्षेत्रों को दीर्घकालिक वित्त प्रदान करने के लिये किया जाता है जिनसे संबंधित जोखिम वाणिज्यिक बैंकों और अन्य साधारण वित्तीय संस्थानों की स्वीकार्य सीमा से परे हैं। - DFIs बैंकों की तरह लोगों से जमा स्वीकार नहीं करते हैं। - वे बाज़ार, सरकार और साथ ही बहुपक्षीय संस्थानों से धन जुटाते हैं तथा प्रायः सरकारी गारंटी द्वारा समर्थित होते हैं। NBFID एक कॉर्पोरेट के रूप मेंः - NBFID का गठन एक कॉरपोरेट निकाय के रूप में किया जाएगा जिसकी अधिकृत शेयर पूंजी एक लाख करोड़ रुपए होगी। - वित्तीय उद्देश्यः - इसके वित्तीय उद्देश्यों में पूरी तरह से या आंशिक रूप से भारत में अवस्थित अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिये प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उधार देना, निवेश करना या निवेश को आकर्षित करना शामिल है। - विकासपरक उद्देश्यः - विकासपरक उद्देश्यों में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये बॉण्ड, ऋण और व्युत्पन्नों के बाज़ार के विकास में मदद करना शामिल है। NBFID के कार्यः - अवसंरचना परियोजनाओं/इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लोन तथा एडवांस देना। - मौजूदा ऋण/लोन का अधिग्रहण कर उसका फिर से वित्तपोषण करना। - अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश के लिये निजी क्षेत्र के निवेशकों और संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करना। - अवसंरचना परियोजनाओं में विदेशी भागीदारी को सरल बनाना। - अवसंरचना वित्तपोषण के क्षेत्र में विवाद निवारण के लिये विभिन्न सरकारी प्राधिकारियों/प्राधिकरणों से बातचीत को सुविधाजनक बनाना। - अवसंरचना वित्तपोषण में परामर्श सेवाएँ प्रदान करना। धनराशि का स्रोतः - यह लोन/ऋण के रूप में भारतीय रुपए तथा विदेशी मुद्रा दोनों में धन जुटा सकता है या बॉण्ड्स और डिबेंचर्स सहित विभिन्न वित्तीय साधनों को जारी करके और उन्हें बेचकर धन प्राप्त कर सकता है। - यह केंद्र सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक, अधिसूचित वाणिज्यिक बैंक, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसे बहुपक्षीय संस्थानों से धन उधार ले सकता है। - प्रारंभ में इस संस्थान में केंद्र सरकार की भागीदारी एक सौ% होगी जो धीरे-धीरे कम होकर छब्बीस% तक पहुँच जाएगी। NBFID का प्रबंधनः - NBFID का प्रबंधन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा किया जाएगा। इसके अध्यक्ष की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा RBI की सलाह से की जाएगी। - केंद्र सरकार द्वारा गठित एक निकाय मैनेजिंग डायरेक्टर और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर्स के पद के लिये उम्मीदवारों के नामों का सुझाव देगा। - आंतरिक समिति के सुझावों के आधार पर बोर्ड स्वतंत्र डायरेक्टर्स की नियुक्ति करेगा। केंद्र सरकार से सहयोगः - केंद्र सरकार पहले वित्तीय वर्ष के अंत में NBFID को पाँच,शून्य करोड़ रुपए का अनुदान देगी। - सरकार बहुपक्षीय संस्थानों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स और अन्य विदेशी फंड्स से उधारियों के लिये अधिकतम शून्य.एक% की रियायती दर पर गारंटी भी प्रदान करेगी। - विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाली हानि से संबंधित लागत की भरपाई सरकार द्वारा पूरी तरह या आंशिक रूप से की जा सकती है। - NBFID द्वारा अनुरोध किये जाने पर सरकार उसके द्वारा जारी बॉण्ड्स, डिबेंचर्स और लोन की गारंटी ले सकती है। जाँच और अभियोजन के लिये पूर्व मंज़ूरीः - अध्यक्ष और दूसरे डायरेक्टर्स के मामले में केंद्र सरकार तथा अन्य कर्मचारियों के मामले में मैनेजिंग डायरेक्टर की पूर्व मंज़ूरी के बिना NBFID के कर्मचारियों की जाँच शुरू नहीं की जा सकती। - NBFID के कर्मचारियों से संबंधित मामलों में अपराधों का संज्ञान लेने के लिये न्यायालयों को भी पूर्व मंज़ूरी लेनी होगी। अन्य विकास वित्तीय संस्थान : - विधेयक में यह प्रावधान भी है कि RBI में आवेदन करके कोई भी व्यक्ति DFI बना सकता है। - RBI केंद्र सरकार की सलाह से DFI को लाइसेंस दे सकता है। - इन विकास वित्तीय संस्थानों के लिये विनियम RBI द्वारा निर्दिष्ट किये जाएंगे।
Entertainment News: बॉलीवुड एक्ट्रेस नरगिस फाखरी जहां कई फिल्मों में अपने अभिनय से फैंस को दिवाना कर गई है वहीं पर उनके डांस मूव्स फैंस द्वारा काफी पसंद किए जा रहे है हाल ही में एक्ट्रेस फाखरी ने अपने बढ़े हुए वजन को लेकर चुप्पी तोड़ी है। यहां पर इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस नरगिस फाखरी ने कहा कि, हर कोई हर मौके पर अच्छा नहीं हो सकता, क्योंकि सबकी अलग-अलग राय होती है.' लोगों की उनसे जुड़ी उम्मीदों के बारे में बात करते हुए वह बताती हैं कि जब वह पहली बार भारत आई थीं, उस समय बेहद पतली थीं. इस दौरान उन्हें हर कोई वजन बढ़ाने के लिए कहता था. नेचुरली स्किनी होने पर नरगिस ने बताया कि जब उनका 50 पाउंड वजन बढ़ गया तो लोगों ने उन्हें प्रेग्नेंट कहकर बुलाना शुरू कर दिया। जिसे उन्होनेें मजाकिया ना लेते हुए अपनी ट्रोलिग का जवाब वजन कम करने से किया। बताया जा रहा है कि, उन्होने 40 पाउंड वजन कम भी किया था। आपको बताते चलें कि, अपने बढ़े हुए वजन को लेकर अब तक कई एक्ट्रेस इसका शिकार हो चुकी है जहां पर सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha), विद्या बालन (Vidya Balan), इलियाना डिक्रूज (Ileana D'Cruz) के नाम आम है। इसके अलावा हाल ही में मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू को भी ट्रोल किया जा चुका है।
Entertainment News: बॉलीवुड एक्ट्रेस नरगिस फाखरी जहां कई फिल्मों में अपने अभिनय से फैंस को दिवाना कर गई है वहीं पर उनके डांस मूव्स फैंस द्वारा काफी पसंद किए जा रहे है हाल ही में एक्ट्रेस फाखरी ने अपने बढ़े हुए वजन को लेकर चुप्पी तोड़ी है। यहां पर इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस नरगिस फाखरी ने कहा कि, हर कोई हर मौके पर अच्छा नहीं हो सकता, क्योंकि सबकी अलग-अलग राय होती है.' लोगों की उनसे जुड़ी उम्मीदों के बारे में बात करते हुए वह बताती हैं कि जब वह पहली बार भारत आई थीं, उस समय बेहद पतली थीं. इस दौरान उन्हें हर कोई वजन बढ़ाने के लिए कहता था. नेचुरली स्किनी होने पर नरगिस ने बताया कि जब उनका पचास पाउंड वजन बढ़ गया तो लोगों ने उन्हें प्रेग्नेंट कहकर बुलाना शुरू कर दिया। जिसे उन्होनेें मजाकिया ना लेते हुए अपनी ट्रोलिग का जवाब वजन कम करने से किया। बताया जा रहा है कि, उन्होने चालीस पाउंड वजन कम भी किया था। आपको बताते चलें कि, अपने बढ़े हुए वजन को लेकर अब तक कई एक्ट्रेस इसका शिकार हो चुकी है जहां पर सोनाक्षी सिन्हा , विद्या बालन , इलियाना डिक्रूज के नाम आम है। इसके अलावा हाल ही में मिस यूनिवर्स हरनाज कौर संधू को भी ट्रोल किया जा चुका है।
ग्रहब्राह्मणान् सामगानाम् नवान् गेोत्रान् तबुद्वाहाय पञ्चविंशाधिकशत मिताः कन्यका अमृगत् ॥ साम्बत्सरो ज्योतिषिको दैवज्ञो गणकोपि च । ग्रहविप्रो द्विजश्रेष्ठः सर्वशास्त्रविशारदः । आचाय ब्राह्मणेत्रश्च घटकः सार्ववेदिकः ॥ सुखी शाखी नमस्योऽग्भिः षट कर्मा ग्रहभूसुरः । मौहूतिकष मौहूर्तः ज्ञानी कार्तान्तिश्च स ॥ अपरंच । ग्रहाणा मर्चन 1 तोः शाकद्वीपसमुद्भवः । ब्रह्मवत्र इवेन्म देवो ब्राह्मणो ध्रुव' ।। सत्ये ग्रहद्विजाः पूज्यातायां साग्निकद्विजाः । नाड़ीचा द्वापरे विप्रा निरमिब्राह्मणाः कलो ।। ज्योतिषाध्यापन पूजा वेदशास्त्र प्रकाशन । यज्ञः प्रतिमहो भिक्षा षड़ ग्रइद्रिजलक्षण' ।। एमिः षड मिवि होनो यो ग्रहविप्रः सुरेशर । अग्रहब्राह्मणः प्रोक्तः सोऽन्यथा कथयामि ते ॥ मार्कण्ड, माण्डर, गगं, पराशर, भृगु, सनातन, अङ्गिरा और जड़ ये आठ मुनि शाकहोप में रहते थे । उनके महातेजा पुत्रगण प्रतिदिन ग्रह चालन करते थे देव कृष्ण के आदेशानुसार गरुड़ जब उन्हें बहमे ले आयें, तब वे शाम्बके घर में घुम पड़े । उनके नाम ये थे - वराह सोम, ईशान, शान्ति, शुक्र, धनञ्जय, दनु र वसुन्धर । ग्रहदान में ये ही भाठ व्यक्ति ब्राह्मण ये ग्रहदान ग्रहण करने के कारण ये ग्रहविप्र नामसे प्रसिद्ध हुए । सूर्य और वृहस्पतिक दान में वराह, चन्द्र के दान में सोम, मङ्गलकं दान में ईशान, बुधक टानमे शान्ति, शुक्रक दानमें शुक्र, शनिके दानमें धनञ्जय, राहु दानमं दनु और तुक दान में वसुन्धर दान ग्रहणकर्ता हुए थे । उनके गोत्र इस प्रकार थे - वराहका काश्यप, सोमक कौशिक, ईशानका गौतम, शान्तिका वासा, भृगुका भरद्दाज, धनजयका पराशर, दनुका माण्डिल्य और वसुन्धरका मौहल्य । परमेश्वर कह रहे हैं - सहस्रमुख ब्रह्माने सब प्रकार भूमिकी सृष्टि कर ग्रहशान्तिके निमित्त मध्य, जव और अधोभाग के प्रकाशानुसार एक सो पञ्चोस मुखोंसे ग्रहाँक शोंमें एक एक करके एक सौ पचोस ग्रहब्राह्मणोंको दृष्टिको यो । ही चार वेदोंके ज्ञाता हो कर ग्रह ब्राह्मण हुए। ये सामवेदके गान गा सकते हैं। इनके नौ प्रकारके गोत्र थे । पोछे ब्रह्माने. १२५ कन्याएं उत्पन कों, जिनमें साथ उनका विवाह हुआ। ग्रहविप्रोंक ये इक्कोस नाम निर्दिष्ट थे - १ माम्बत्सर, २ ज्योतिषिक, ३ द वन, ४ गणक, ५ ग्रहविप्र ६ दिज श्रेष्ठ, ७ सर्व शास्त्रविशारद, ८ आचाय, ८ ब्राह्मणेत्र, १० घटक, ११ साव वोदिक, १२ सुखो, १३ शाखो, १४ नमस्य, १५ अग्नि, १६ षटकर्मा. १७ ग्रहभूसुर, १८ मोहति क. १८ मोइत, २० ज्ञाना और २१ कार्त्तान्तिक । * और भी कहा गया है, कि ग्रहाँकी पूजाक लिये शाकद्दोप में ब्रह्मा के मुख स द वज्ञ उत्पन्न हुए थे, उनको निचय हो ब्राह्मण समझना चाहिये । सत्ययुगमे ग्रहविप्र. त्रेता में सात्त्विक ब्राह्मण, डापरमं नाड़ोच ब्राह्मण और कलियुग में निरग्नि ब्राह्मण पूज्य हैं । ग्रहविप्र के ज्योतिष अध्यापन, पूजा, वेदशास्त्रकथन, यज्ञ, दान-ग्रहण और भिक्षा ये छः प्रकारक लक्षण हैं। कः कर्मसे वर्जित ब्राह्मणका ग्रहविप्र नहीं कहा जा सकता । जन्मपत्रिका (जनमपत्री ) लिखवा कर जो वाक्ति ग्रडवियोंको उसके परिश्रमानुसार दक्षिणा नहीं देते, वो पितरकिसाथ सो वर्ष तक कुम्भोपाक नामक नरक में वास करते हैं । देवालिया लोग गणकोंसे और गतायु व्यक्ति चिकि त्सकोंसे ईष करते हैं; गोवाक्ति और गतायु वयक्ति ब्राह्मणमात्र से हो ६ष रखते हैं । ( ग्रहयामल ) राजमार्तण्डमें लिखा है"ग्रहविजास्तुष्टतमा वदन्ति यत्तद्ग्रहाः कम भिराचरन्ति । तुष्टं तु तुटाः सतत भवेयुग्रहांशविप्रेषु स्खशिमुख्याः ॥ ग्रहशतो विप्रो यो हस्ताय जुइयादपि । यद्गृह्णाति यदश्नाति प्राप्नुवन्ति ग्रहाः स्वयं ॥ ब्रह्मन् ग्रहब्राह्मणार्चा ग्रहदान ग्रहाचेनम् । ग्रहहोमदक्षिणा च तद्ग्रहब्राह्मणाय वै ॥ दयात् समं च तद्दव्य ग्रहब्राह्मणभोजनम् । इत्येव ग्रहयज्ञञ्च काम्यादिसिद्धये भवेत् ॥" ग्रहविप्र सन्तुष्ट हो कर जो कुछ कहते हैं, प्रगण * ये इक्कीस नाम ब्रह्माण्डपुराण में भी पाये जाते हैं।
ग्रहब्राह्मणान् सामगानाम् नवान् गेोत्रान् तबुद्वाहाय पञ्चविंशाधिकशत मिताः कन्यका अमृगत् ॥ साम्बत्सरो ज्योतिषिको दैवज्ञो गणकोपि च । ग्रहविप्रो द्विजश्रेष्ठः सर्वशास्त्रविशारदः । आचाय ब्राह्मणेत्रश्च घटकः सार्ववेदिकः ॥ सुखी शाखी नमस्योऽग्भिः षट कर्मा ग्रहभूसुरः । मौहूतिकष मौहूर्तः ज्ञानी कार्तान्तिश्च स ॥ अपरंच । ग्रहाणा मर्चन एक तोः शाकद्वीपसमुद्भवः । ब्रह्मवत्र इवेन्म देवो ब्राह्मणो ध्रुव' ।। सत्ये ग्रहद्विजाः पूज्यातायां साग्निकद्विजाः । नाड़ीचा द्वापरे विप्रा निरमिब्राह्मणाः कलो ।। ज्योतिषाध्यापन पूजा वेदशास्त्र प्रकाशन । यज्ञः प्रतिमहो भिक्षा षड़ ग्रइद्रिजलक्षण' ।। एमिः षड मिवि होनो यो ग्रहविप्रः सुरेशर । अग्रहब्राह्मणः प्रोक्तः सोऽन्यथा कथयामि ते ॥ मार्कण्ड, माण्डर, गगं, पराशर, भृगु, सनातन, अङ्गिरा और जड़ ये आठ मुनि शाकहोप में रहते थे । उनके महातेजा पुत्रगण प्रतिदिन ग्रह चालन करते थे देव कृष्ण के आदेशानुसार गरुड़ जब उन्हें बहमे ले आयें, तब वे शाम्बके घर में घुम पड़े । उनके नाम ये थे - वराह सोम, ईशान, शान्ति, शुक्र, धनञ्जय, दनु र वसुन्धर । ग्रहदान में ये ही भाठ व्यक्ति ब्राह्मण ये ग्रहदान ग्रहण करने के कारण ये ग्रहविप्र नामसे प्रसिद्ध हुए । सूर्य और वृहस्पतिक दान में वराह, चन्द्र के दान में सोम, मङ्गलकं दान में ईशान, बुधक टानमे शान्ति, शुक्रक दानमें शुक्र, शनिके दानमें धनञ्जय, राहु दानमं दनु और तुक दान में वसुन्धर दान ग्रहणकर्ता हुए थे । उनके गोत्र इस प्रकार थे - वराहका काश्यप, सोमक कौशिक, ईशानका गौतम, शान्तिका वासा, भृगुका भरद्दाज, धनजयका पराशर, दनुका माण्डिल्य और वसुन्धरका मौहल्य । परमेश्वर कह रहे हैं - सहस्रमुख ब्रह्माने सब प्रकार भूमिकी सृष्टि कर ग्रहशान्तिके निमित्त मध्य, जव और अधोभाग के प्रकाशानुसार एक सो पञ्चोस मुखोंसे ग्रहाँक शोंमें एक एक करके एक सौ पचोस ग्रहब्राह्मणोंको दृष्टिको यो । ही चार वेदोंके ज्ञाता हो कर ग्रह ब्राह्मण हुए। ये सामवेदके गान गा सकते हैं। इनके नौ प्रकारके गोत्र थे । पोछे ब्रह्माने. एक सौ पच्चीस कन्याएं उत्पन कों, जिनमें साथ उनका विवाह हुआ। ग्रहविप्रोंक ये इक्कोस नाम निर्दिष्ट थे - एक माम्बत्सर, दो ज्योतिषिक, तीन द वन, चार गणक, पाँच ग्रहविप्र छः दिज श्रेष्ठ, सात सर्व शास्त्रविशारद, आठ आचाय, आठ ब्राह्मणेत्र, दस घटक, ग्यारह साव वोदिक, बारह सुखो, तेरह शाखो, चौदह नमस्य, पंद्रह अग्नि, सोलह षटकर्मा. सत्रह ग्रहभूसुर, अट्ठारह मोहति क. अट्ठारह मोइत, बीस ज्ञाना और इक्कीस कार्त्तान्तिक । * और भी कहा गया है, कि ग्रहाँकी पूजाक लिये शाकद्दोप में ब्रह्मा के मुख स द वज्ञ उत्पन्न हुए थे, उनको निचय हो ब्राह्मण समझना चाहिये । सत्ययुगमे ग्रहविप्र. त्रेता में सात्त्विक ब्राह्मण, डापरमं नाड़ोच ब्राह्मण और कलियुग में निरग्नि ब्राह्मण पूज्य हैं । ग्रहविप्र के ज्योतिष अध्यापन, पूजा, वेदशास्त्रकथन, यज्ञ, दान-ग्रहण और भिक्षा ये छः प्रकारक लक्षण हैं। कः कर्मसे वर्जित ब्राह्मणका ग्रहविप्र नहीं कहा जा सकता । जन्मपत्रिका लिखवा कर जो वाक्ति ग्रडवियोंको उसके परिश्रमानुसार दक्षिणा नहीं देते, वो पितरकिसाथ सो वर्ष तक कुम्भोपाक नामक नरक में वास करते हैं । देवालिया लोग गणकोंसे और गतायु व्यक्ति चिकि त्सकोंसे ईष करते हैं; गोवाक्ति और गतायु वयक्ति ब्राह्मणमात्र से हो छःष रखते हैं । राजमार्तण्डमें लिखा है"ग्रहविजास्तुष्टतमा वदन्ति यत्तद्ग्रहाः कम भिराचरन्ति । तुष्टं तु तुटाः सतत भवेयुग्रहांशविप्रेषु स्खशिमुख्याः ॥ ग्रहशतो विप्रो यो हस्ताय जुइयादपि । यद्गृह्णाति यदश्नाति प्राप्नुवन्ति ग्रहाः स्वयं ॥ ब्रह्मन् ग्रहब्राह्मणार्चा ग्रहदान ग्रहाचेनम् । ग्रहहोमदक्षिणा च तद्ग्रहब्राह्मणाय वै ॥ दयात् समं च तद्दव्य ग्रहब्राह्मणभोजनम् । इत्येव ग्रहयज्ञञ्च काम्यादिसिद्धये भवेत् ॥" ग्रहविप्र सन्तुष्ट हो कर जो कुछ कहते हैं, प्रगण * ये इक्कीस नाम ब्रह्माण्डपुराण में भी पाये जाते हैं।
7 दिसंबर को एक राष्ट्रीय ब्लॉकचेन समिति भी स्थापित की गई है। इसका पहला उपयोग ऑडिटिंग में किया जाएगा। जिसके बाद दूसरा उपयोग सिटीजन आइडेंटिफिकेशन में किया जाएगा। अर्जेंटीना भविष्य के लिए इस तकनीक के महत्व पर चर्चा कर रहा है और कई अनुप्रयोगों को सूचीबद्ध कर रहा है जो देश के डिजिटल परिवर्तन के लिए ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के उपयोग का लाभ ले सके। अधिक से अधिक देश अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि कैसे ब्लॉकचेन तकनीक को लागू करने से उनकी कुछ सार्वजनिक सेवाओं में सुधार हो सकता है। अर्जेंटीना ने हाल ही में अपने ब्लॉकचेन राष्ट्रीय दिशानिर्देश जारी किए हैं। 7 दिसंबर को एक राष्ट्रीय ब्लॉकचेन समिति भी स्थापित की गई है। इस समिति के कर्तव्यों में स्थानीय ब्लॉकचेन इकोसिस्टम में एक मध्यस्त के रूप में कार्य करना, ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी की क्षमता और एक सुशासन का समर्थन करना शामिल है। समिति का गठन सार्वजनिक नवाचार सचिवालय और राज्य के अन्य संगठनों द्वारा किया जाएगा जो ब्लॉकचेन-आधारित सार्वजनिक नीतियों और तकनीकी समाधानों का विकास करेंगे। हालाँकि, ये अन्य संगठन जिन्हें समिति का हिस्सा बनने के लिए कहा गया है। उन्हें जारी किए गए फ्रेमवर्क के हिस्से के रूप में विस्तृत जानकारी नहीं हैं। सरकार द्वारा जारी किया गया फ्रेमवर्क कई उपयोगों को प्रस्तुत करता है जो ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के राज्य के कार्यों में सहायता कर सकते हैं। इसका पहला उपयोग ऑडिटिंग में किया जाएगा। जिसके बाद दूसरा उपयोग सिटीजन आइडेंटिफिकेशन में किया जाएगा। इसे पूरा करने के लिए वर्तमान में ब्लॉकचेन का उपयोग करने की पहल की जा रही है। Buenos Aires शहर वर्तमान में Tangoid नामक एक प्रणाली को लागू कर रहा है इसके जनवरी में चालू होने की उम्मीद है। रेगुलेटरी उद्देश्यों के लिए इसे बेहतर समझने के लिए, क्रिप्टो करंसी के आंतरिक कामकाज की जांच करने के लिए शहर Ethereum नोड्स को एक प्रयोग के रूप में भी चलाएगा।
सात दिसंबर को एक राष्ट्रीय ब्लॉकचेन समिति भी स्थापित की गई है। इसका पहला उपयोग ऑडिटिंग में किया जाएगा। जिसके बाद दूसरा उपयोग सिटीजन आइडेंटिफिकेशन में किया जाएगा। अर्जेंटीना भविष्य के लिए इस तकनीक के महत्व पर चर्चा कर रहा है और कई अनुप्रयोगों को सूचीबद्ध कर रहा है जो देश के डिजिटल परिवर्तन के लिए ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के उपयोग का लाभ ले सके। अधिक से अधिक देश अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि कैसे ब्लॉकचेन तकनीक को लागू करने से उनकी कुछ सार्वजनिक सेवाओं में सुधार हो सकता है। अर्जेंटीना ने हाल ही में अपने ब्लॉकचेन राष्ट्रीय दिशानिर्देश जारी किए हैं। सात दिसंबर को एक राष्ट्रीय ब्लॉकचेन समिति भी स्थापित की गई है। इस समिति के कर्तव्यों में स्थानीय ब्लॉकचेन इकोसिस्टम में एक मध्यस्त के रूप में कार्य करना, ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी की क्षमता और एक सुशासन का समर्थन करना शामिल है। समिति का गठन सार्वजनिक नवाचार सचिवालय और राज्य के अन्य संगठनों द्वारा किया जाएगा जो ब्लॉकचेन-आधारित सार्वजनिक नीतियों और तकनीकी समाधानों का विकास करेंगे। हालाँकि, ये अन्य संगठन जिन्हें समिति का हिस्सा बनने के लिए कहा गया है। उन्हें जारी किए गए फ्रेमवर्क के हिस्से के रूप में विस्तृत जानकारी नहीं हैं। सरकार द्वारा जारी किया गया फ्रेमवर्क कई उपयोगों को प्रस्तुत करता है जो ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के राज्य के कार्यों में सहायता कर सकते हैं। इसका पहला उपयोग ऑडिटिंग में किया जाएगा। जिसके बाद दूसरा उपयोग सिटीजन आइडेंटिफिकेशन में किया जाएगा। इसे पूरा करने के लिए वर्तमान में ब्लॉकचेन का उपयोग करने की पहल की जा रही है। Buenos Aires शहर वर्तमान में Tangoid नामक एक प्रणाली को लागू कर रहा है इसके जनवरी में चालू होने की उम्मीद है। रेगुलेटरी उद्देश्यों के लिए इसे बेहतर समझने के लिए, क्रिप्टो करंसी के आंतरिक कामकाज की जांच करने के लिए शहर Ethereum नोड्स को एक प्रयोग के रूप में भी चलाएगा।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर : नाव हादसे का शिकार हुए रमसोलेपुर मजरे रामनगर कौंहन का 18 वर्षीय करण पुत्र खिच्चू 56 घंटे बाद सकुशल घर लौट आया। एसडीएम एनपी मौर्य व नायब तहसीलदार विकास पांडेय ने घर पहुंच कर हाल जाना और युवक के बयान दर्ज किये। वहीं, युवक के लौटने से घर में खुशियां छा गईं और मोहल्ले के लोग यह जानने के लिए उत्सुक दिखे कि आखिर उसने किस तरह से जान बचाई। रात करीब आठ बजे घर पहुंचे करण ने बताया कि वह भाई की ससुराल से वापस आ रहा था, नाव आधी दूर में चली तो पतवार टूट गई। नाव में पानी भरने लगा तो चीख पुकार मच गई। वह धक्के के साथ नदीं में गिर गया और तैरते-तैरते जब थक गया तो उसने उल्टा बहने का प्रयास किया। कब वह बांदा की तरफ किनारे लग गया पता नहीं। बेहोशी हालत में वह नदीं किनारे कई घंटे पड़ा रहा। शुक्रवार की सुबह उसे होश आया तो वह अपने भाई की ससुराल बांदा चला गया। वहां से अपने घर जीवित होने की सूचना दी और आज वह घर लौट आया। सकुशल वापसी पर पिता, भाई व मां व बहन ने खुशी जताई।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर : नाव हादसे का शिकार हुए रमसोलेपुर मजरे रामनगर कौंहन का अट्ठारह वर्षीय करण पुत्र खिच्चू छप्पन घंटाटे बाद सकुशल घर लौट आया। एसडीएम एनपी मौर्य व नायब तहसीलदार विकास पांडेय ने घर पहुंच कर हाल जाना और युवक के बयान दर्ज किये। वहीं, युवक के लौटने से घर में खुशियां छा गईं और मोहल्ले के लोग यह जानने के लिए उत्सुक दिखे कि आखिर उसने किस तरह से जान बचाई। रात करीब आठ बजे घर पहुंचे करण ने बताया कि वह भाई की ससुराल से वापस आ रहा था, नाव आधी दूर में चली तो पतवार टूट गई। नाव में पानी भरने लगा तो चीख पुकार मच गई। वह धक्के के साथ नदीं में गिर गया और तैरते-तैरते जब थक गया तो उसने उल्टा बहने का प्रयास किया। कब वह बांदा की तरफ किनारे लग गया पता नहीं। बेहोशी हालत में वह नदीं किनारे कई घंटे पड़ा रहा। शुक्रवार की सुबह उसे होश आया तो वह अपने भाई की ससुराल बांदा चला गया। वहां से अपने घर जीवित होने की सूचना दी और आज वह घर लौट आया। सकुशल वापसी पर पिता, भाई व मां व बहन ने खुशी जताई।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को झारखंड और यूपी में होने वाले विधानसभा उप चुनाव के लिए प्रस्तावित उम्मीदवारों की सूची पर मुहर लगा दी है। इस सूची में झारखंड से एक जबकि उत्तर प्रदेश से पांच उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। कांग्रेस ने यूपी की जिन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें नौगांवा सादात से डॉ. कमलेश सिंह, बुलंदशहर से सुशील चौधरी, टुंडला एससी से स्नेह लता, घाटमपुर एससी से कृपा शंकर और देवरिया से मुकुंद भास्कर मणि त्रिपाठी के नाम शामिल हैं। वहीं, झारखंड के बेरमो सीट से कांग्रेस ने कुमार जयमंगल को अपना उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की सात सीटों पर उपचुनाव के लिए नामांकन आज से शुरू हो गए हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा ने भी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। मगर सत्ताधारी भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं किया है। नामांकन 16 अक्तूबर तक दाखिल किए जा सकेंगे। गौरतलब है कि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक विधानसभा सीट से त्यागपत्र देने और कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र सिंह के निधन के कारण क्रमशः दुमका और बेरमो सीट पर उपचुनाव कराया जाना है।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को झारखंड और यूपी में होने वाले विधानसभा उप चुनाव के लिए प्रस्तावित उम्मीदवारों की सूची पर मुहर लगा दी है। इस सूची में झारखंड से एक जबकि उत्तर प्रदेश से पांच उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। कांग्रेस ने यूपी की जिन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें नौगांवा सादात से डॉ. कमलेश सिंह, बुलंदशहर से सुशील चौधरी, टुंडला एससी से स्नेह लता, घाटमपुर एससी से कृपा शंकर और देवरिया से मुकुंद भास्कर मणि त्रिपाठी के नाम शामिल हैं। वहीं, झारखंड के बेरमो सीट से कांग्रेस ने कुमार जयमंगल को अपना उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की सात सीटों पर उपचुनाव के लिए नामांकन आज से शुरू हो गए हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा ने भी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। मगर सत्ताधारी भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं किया है। नामांकन सोलह अक्तूबर तक दाखिल किए जा सकेंगे। गौरतलब है कि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक विधानसभा सीट से त्यागपत्र देने और कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र सिंह के निधन के कारण क्रमशः दुमका और बेरमो सीट पर उपचुनाव कराया जाना है।
संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए देश भर में 15 विश्वविद्यालय और 3 डीम्ड विश्वविद्यालय हैं। सरकार ने राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली के माध्यम से संस्कृत भाषा के विकास हेतु निम्नलिखित उपाय भी किए हैंः 1. आदर्श संस्कृत महाविद्यालयों/शोध संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना। 2. संस्कृत पाठशाला के छात्रों को महाविद्यालय स्तर पर योग्यता छात्रवृत्ति प्रदान करना। 3. विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं/कार्यक्रमों के लिए गैर-सरकारी संगठनों/संस्कृत के उच्च शिक्षण संस्थानों को वित्तीय सहायता। 4. शास्त्र चूड़ामणि योजना के अंर्तगत सेवानिवृत्त प्रख्यात संस्कृत विद्वानों द्वारा शिक्षण। 5. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आयुर्वेद संस्थान, आधुनिक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में गैर-औपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्रों की स्थापना करके, गैर-औपचारिक संस्कृत शिक्षा (एनएफएससी) कार्यक्रम के माध्यम से भी संस्कृत पढ़ाई जाती है। 6. संस्कृत भाषा के लिए प्रतिवर्ष 16 वरिष्ठ विद्वानों और 5 युवा विद्वानों को राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं। 7. दुर्लभ संस्कृत पुस्तकों के प्रकाशन और पुनर्मुद्रण के लिए वित्तीय सहायता। 8. संस्कृत के विकास को बनाए रखने के लिए अष्टदशी में अठारह परियोजनाएँ कार्यान्वित की गई हैं। 9. विद्यालय छात्रों के लिए संस्कृत शब्दकोश का विकास। 10. माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों के लिए ऑनलाइन व्यावसायिक विकास कार्यक्रम के लिए संस्कृत भाषा में ई-सामग्री का विकास। 11. उच्च प्राथमिक स्तर पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के संस्कृत शिक्षकों के लिए 21 दिवसीय रिफ्रेशर पाठ्यक्रम। 12. माध्यमिक स्तर पर संस्कृत कार्यपुस्तिका अभ्यासावन भव का विकास। 13. शिक्षकों और छात्रों के लिए विभिन्न ई-सामग्री का विकास। 14. वर्तमान में जारी परियोजनाः संस्कृत में प्राचीन भारतीय शिक्षा विचारों के संकलन का विकास। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए देश भर में पंद्रह विश्वविद्यालय और तीन डीम्ड विश्वविद्यालय हैं। सरकार ने राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली के माध्यम से संस्कृत भाषा के विकास हेतु निम्नलिखित उपाय भी किए हैंः एक. आदर्श संस्कृत महाविद्यालयों/शोध संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना। दो. संस्कृत पाठशाला के छात्रों को महाविद्यालय स्तर पर योग्यता छात्रवृत्ति प्रदान करना। तीन. विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं/कार्यक्रमों के लिए गैर-सरकारी संगठनों/संस्कृत के उच्च शिक्षण संस्थानों को वित्तीय सहायता। चार. शास्त्र चूड़ामणि योजना के अंर्तगत सेवानिवृत्त प्रख्यात संस्कृत विद्वानों द्वारा शिक्षण। पाँच. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आयुर्वेद संस्थान, आधुनिक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में गैर-औपचारिक संस्कृत शिक्षण केंद्रों की स्थापना करके, गैर-औपचारिक संस्कृत शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से भी संस्कृत पढ़ाई जाती है। छः. संस्कृत भाषा के लिए प्रतिवर्ष सोलह वरिष्ठ विद्वानों और पाँच युवा विद्वानों को राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं। सात. दुर्लभ संस्कृत पुस्तकों के प्रकाशन और पुनर्मुद्रण के लिए वित्तीय सहायता। आठ. संस्कृत के विकास को बनाए रखने के लिए अष्टदशी में अठारह परियोजनाएँ कार्यान्वित की गई हैं। नौ. विद्यालय छात्रों के लिए संस्कृत शब्दकोश का विकास। दस. माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों के लिए ऑनलाइन व्यावसायिक विकास कार्यक्रम के लिए संस्कृत भाषा में ई-सामग्री का विकास। ग्यारह. उच्च प्राथमिक स्तर पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के संस्कृत शिक्षकों के लिए इक्कीस दिवसीय रिफ्रेशर पाठ्यक्रम। बारह. माध्यमिक स्तर पर संस्कृत कार्यपुस्तिका अभ्यासावन भव का विकास। तेरह. शिक्षकों और छात्रों के लिए विभिन्न ई-सामग्री का विकास। चौदह. वर्तमान में जारी परियोजनाः संस्कृत में प्राचीन भारतीय शिक्षा विचारों के संकलन का विकास। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने लिखा है, 'अटल बिहारी वाजपेयी और बाल ठाकरे के विचारों से प्रेरित होकर, भाजपा-शिवसेना गठबंधन महाराष्ट्र के लोगों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य एकबार फिर ऐसे जनप्रतिनिधि चुने जो विकासोन्मुखी, भ्रष्टाचार मुक्त और भारतीय संस्कृति पर गर्व करने वाले हों। ' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शिवसेना के साथ भाजपा का गठबंधन राजनीति से परे है। उन्होंने लिखा, 'यह मजबूत और विकसित भारत देखने की आकांक्षा से बंधे हुए हैं। ' महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से भाजपा 25 पर और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। दोनों पार्टियां गठबंधन के अन्य सहयोगियों को उनके हिस्से की सीटें देने के बाद इस साल प्रस्तावित 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा में बराबर बराबर सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगी।
उन्होंने लिखा है, 'अटल बिहारी वाजपेयी और बाल ठाकरे के विचारों से प्रेरित होकर, भाजपा-शिवसेना गठबंधन महाराष्ट्र के लोगों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य एकबार फिर ऐसे जनप्रतिनिधि चुने जो विकासोन्मुखी, भ्रष्टाचार मुक्त और भारतीय संस्कृति पर गर्व करने वाले हों। ' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शिवसेना के साथ भाजपा का गठबंधन राजनीति से परे है। उन्होंने लिखा, 'यह मजबूत और विकसित भारत देखने की आकांक्षा से बंधे हुए हैं। ' महाराष्ट्र की अड़तालीस लोकसभा सीटों में से भाजपा पच्चीस पर और शिवसेना तेईस सीटों पर चुनाव लड़ेगी। दोनों पार्टियां गठबंधन के अन्य सहयोगियों को उनके हिस्से की सीटें देने के बाद इस साल प्रस्तावित दो सौ अठासी सदस्यीय राज्य विधानसभा में बराबर बराबर सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगी।
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण को 12 मार्च को होने वाले आगामी 95 वें ऑस्कर ऑवर्ड्स में प्रेजेंटर के रुप में नामित किया गया है। इसके लिए अनुपम खेर ने अपनी स्टूडेंट दीपिका पादुकोण की सराहना की है। एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर दीपिका की एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए खास नोट लिखा है। ये तस्वीर उस समय की है जब दीपिका ने उनके एक्टिंग स्कूल में दाखिला लिया था। अनुपम ने फोटो के साथ दिए कैप्शन में लिखा है, 'प्रिय दीपिका पादुकोण, इस साल ऑस्कर प्रेजेंटर्स में से एक होने पर बधाई। हर बार सफलता की सीढ़ी पर एक कदम ऊपर चढ़ती हैं तो हम आपकी यात्रा का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करते हैं। आपका टीचर होने के नाते मैं हमेशा जानता था कि इस आकाश की सीमा नहीं है, तुम परे जाओगे, प्यार और आर्शीर्वाद हमेशा पठान की भी बधाई। जय हो'। 37 साल की दीपिका ऑस्कर 2023 में रिज अहमद, एमिली ब्लंट, ग्लेन क्लोज, जेनिफर कॉनेली, एरियाना डीबोस, सैमुअल एल जैक्सन, ड्वेन जॉनसन, माइकल बी जॉर्डन, ट्रॉय कोटसर, जोनाथन मेजर्स, मेलिसा मैक्कार्थी, जेनेल मोने, क्वेस्टलोव, जोई सलदाना और डॉनी येन के साथ मिलकर पुरस्कार प्रदान करेंगी। जब से यह खबर सामने आई है, बॉलीवुड के तमाम सेलेब्स एक्ट्रेस को बधाई दे रहे हैं। काम की बात करें, तो एक्ट्रेस को फिल्म पठान में शाहरुख खान के अपोजिट देखा गया था। वे अगली बार 'प्रोजेक्ट के' और 'फाइटर' में नजर आएंगी।
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण को बारह मार्च को होने वाले आगामी पचानवे वें ऑस्कर ऑवर्ड्स में प्रेजेंटर के रुप में नामित किया गया है। इसके लिए अनुपम खेर ने अपनी स्टूडेंट दीपिका पादुकोण की सराहना की है। एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर दीपिका की एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए खास नोट लिखा है। ये तस्वीर उस समय की है जब दीपिका ने उनके एक्टिंग स्कूल में दाखिला लिया था। अनुपम ने फोटो के साथ दिए कैप्शन में लिखा है, 'प्रिय दीपिका पादुकोण, इस साल ऑस्कर प्रेजेंटर्स में से एक होने पर बधाई। हर बार सफलता की सीढ़ी पर एक कदम ऊपर चढ़ती हैं तो हम आपकी यात्रा का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करते हैं। आपका टीचर होने के नाते मैं हमेशा जानता था कि इस आकाश की सीमा नहीं है, तुम परे जाओगे, प्यार और आर्शीर्वाद हमेशा पठान की भी बधाई। जय हो'। सैंतीस साल की दीपिका ऑस्कर दो हज़ार तेईस में रिज अहमद, एमिली ब्लंट, ग्लेन क्लोज, जेनिफर कॉनेली, एरियाना डीबोस, सैमुअल एल जैक्सन, ड्वेन जॉनसन, माइकल बी जॉर्डन, ट्रॉय कोटसर, जोनाथन मेजर्स, मेलिसा मैक्कार्थी, जेनेल मोने, क्वेस्टलोव, जोई सलदाना और डॉनी येन के साथ मिलकर पुरस्कार प्रदान करेंगी। जब से यह खबर सामने आई है, बॉलीवुड के तमाम सेलेब्स एक्ट्रेस को बधाई दे रहे हैं। काम की बात करें, तो एक्ट्रेस को फिल्म पठान में शाहरुख खान के अपोजिट देखा गया था। वे अगली बार 'प्रोजेक्ट के' और 'फाइटर' में नजर आएंगी।
CAA और NRC पर सोनिया गांधी की अहम बैठक से पहले ही विपक्ष बिखरा नजर आ रहा है. इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पहले ही न शामिल होने का ऐलान कर दिया था. अब महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने भी इस मीटिंग में शामिल होने से इनकार कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक शिवसेना अब इस बैठक में शामिल नहीं होगी.
CAA और NRC पर सोनिया गांधी की अहम बैठक से पहले ही विपक्ष बिखरा नजर आ रहा है. इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पहले ही न शामिल होने का ऐलान कर दिया था. अब महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने भी इस मीटिंग में शामिल होने से इनकार कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक शिवसेना अब इस बैठक में शामिल नहीं होगी.
सुशांत सिंह राजपूत के निधन से इस समय सभी लोग सदमे में है. ऐसे में अब एक के बाद एक राज खुल रहे हैं. सुशांत के निधन के बाद से सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं. ऐसे में उनमें से एक वीडियो एक अवॉर्ड शो का है, जिसमें स्टेज पर सबके सामने उनका मजाक बनाया जा रहा है. आप देख सकते हैं इस वीडियो को देखने के बाद भोजपुरी लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. जी दरअसल, जो वीडियो वायरल हो रहा है वो वीडियो आइफा अवॉर्ड समारोह का है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे शाहरुख और शाहिद ने सुशांत सिंह राजपूत को मंच पर बुलाया है और उनका मजाक बना रहे हैं. आप देख सकते हैं सुशांत दोनों स्टार्स की बातों को सुन रहे हैं और बस मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. वहीं आप देख सकते हैं इसमें ऑडियंस में भी सभी हंसते नजर आ रहे हैं. वैसे वीडियो भले ही काफी पुराना हो, लेकिन सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड कर लेने के बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वैसे मालिनी अवस्थी ने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा- 'जब से यह वीडियो आया है, हतप्रभ हूँ! मनोरंजन के नाम पर ऐसा वीभत्स रंग! एंकरिग के नाम पर बड़े कलाकारों द्वारा अवार्ड सेरेमनी में इस तरह नवोदित अभिनेता #SushantSingh को अपमानित करना, यह किस नजरिये से स्वीकार्य है? ' आप सभी को बता दें कि मालिनी के इस वीडियो पर लोग कमेंट कर रहे है. इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग शॉक्ड हैं और कुछ ना कुछ कह रहे हैं. वहीं अगर सुशांत के बारे में बात करें तो वह पिछले 6 महीने से डिप्रेशन का शिकार थे और वह अपना इलाज भी करा रहे थे लेकिन कुछ समय से उन्होंने अपनी दवाईयां लेनी बंद कर दी थीं. सुशांत की मौत के बाद रवीना टंडन ने किया बड़ा खुलासा, कहा- 'इंडस्ट्री में गंदी पॉलिटिक्स. . . '
सुशांत सिंह राजपूत के निधन से इस समय सभी लोग सदमे में है. ऐसे में अब एक के बाद एक राज खुल रहे हैं. सुशांत के निधन के बाद से सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं. ऐसे में उनमें से एक वीडियो एक अवॉर्ड शो का है, जिसमें स्टेज पर सबके सामने उनका मजाक बनाया जा रहा है. आप देख सकते हैं इस वीडियो को देखने के बाद भोजपुरी लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. जी दरअसल, जो वीडियो वायरल हो रहा है वो वीडियो आइफा अवॉर्ड समारोह का है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे शाहरुख और शाहिद ने सुशांत सिंह राजपूत को मंच पर बुलाया है और उनका मजाक बना रहे हैं. आप देख सकते हैं सुशांत दोनों स्टार्स की बातों को सुन रहे हैं और बस मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. वहीं आप देख सकते हैं इसमें ऑडियंस में भी सभी हंसते नजर आ रहे हैं. वैसे वीडियो भले ही काफी पुराना हो, लेकिन सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड कर लेने के बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वैसे मालिनी अवस्थी ने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा- 'जब से यह वीडियो आया है, हतप्रभ हूँ! मनोरंजन के नाम पर ऐसा वीभत्स रंग! एंकरिग के नाम पर बड़े कलाकारों द्वारा अवार्ड सेरेमनी में इस तरह नवोदित अभिनेता #SushantSingh को अपमानित करना, यह किस नजरिये से स्वीकार्य है? ' आप सभी को बता दें कि मालिनी के इस वीडियो पर लोग कमेंट कर रहे है. इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग शॉक्ड हैं और कुछ ना कुछ कह रहे हैं. वहीं अगर सुशांत के बारे में बात करें तो वह पिछले छः महीने से डिप्रेशन का शिकार थे और वह अपना इलाज भी करा रहे थे लेकिन कुछ समय से उन्होंने अपनी दवाईयां लेनी बंद कर दी थीं. सुशांत की मौत के बाद रवीना टंडन ने किया बड़ा खुलासा, कहा- 'इंडस्ट्री में गंदी पॉलिटिक्स. . . '
टेस्ला की कार के लिए इंडिया में करना होगा इंतजार. नई दिल्ली. भारत में टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों का इंतज़ार लम्बे समय से किया जा रहा है. टेस्ला ने भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारों के 3 मॉडल की टेस्टिंग की है. जिसे टेस्टिंग के दौरान स्पॉट भी किया गया था. भारत सरकार और टेस्ला के बीच आयात शुल्क के विवाद के चलते, टेस्ला की कारों को अभी भारत में आने के लिए इंतज़ार करना होगा. टेस्ला के लिए अपनी इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय बाज़ारों में उतारना आसान नहीं होगा. भारत सरकार की ईवी योजना के तहत, इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत में बनाया और अंसेबल्ड किया जाए. इस परेशानी की वजह से होगी देरी - भारत में पूरी तरह से आयात की जाने वाली कारों पर लगने वाला टैक्स, टेस्ला की परेशानी को बढ़ा सकता है. हालांकि सरकार ने टेस्ला कंपनी को कुछ छूट दी हैं, और आयात शुल्क को कम करने पर भी विचार कर रही है. भारत कारों का एक बड़ा बाजार है, ऐसे में टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों के आयात शुक्ल में होने वाली परेशानी कंपनी की दिक्कतों को बढ़ा सकती है. इतने रुपये महंगी होगी टेस्ला की कार - भारत में अभी 30 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत वाली आययित कारों पर बीमा और शिपिंग खर्च 100 प्रतिशत टैक्स के साथ लगता है. वहीं 30 लाख रूपये से कम की कीमत वाली आययित कारों पर 60 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है. ऑटोमोटिव एंड डिवाइसेज इकोसिस्टम के रिसर्च एनालिस्ट सौमेन मंडल ने कहा कि, एलन मस्क ने भारत सरकार की ईवी नीतिओं पर सवाल उठाये है, जिसमे इलेक्ट्रिक कारों के आयात में लगने वाला टैक्स, पेट्रोल और डीजल कारों की तरह ही लगाया जा रहा है. टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भारत में इलेक्ट्रिक कारों के आयात में लगने वाले टैक्स को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि, हम टेस्ला को भारतीय बाज़ारों में अल्ट्रा-प्रीमियम बनाना चाहते हैं, लेकिन आयात शुल्क में छूट मिले बिना ये सिर्फ प्रीमियम बनी रहेगी. एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि, वो भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारों को जल्द लॉन्च करना चाहते हैं, लेकिन भारत में इलेक्ट्रिक कारों के आयात में लगने वाला टैक्स पूरी दुनिया के देशों के मुकाबले कहीं ज्यादा है. . 237 से ज्यादा फिल्में, 93 रहीं सुपरहिट, शाहरुख-सलमान या अमिताभ नहीं. . . कौन है सबसे ज्यादा HIT देने वाला एक्टर?
टेस्ला की कार के लिए इंडिया में करना होगा इंतजार. नई दिल्ली. भारत में टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों का इंतज़ार लम्बे समय से किया जा रहा है. टेस्ला ने भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारों के तीन मॉडल की टेस्टिंग की है. जिसे टेस्टिंग के दौरान स्पॉट भी किया गया था. भारत सरकार और टेस्ला के बीच आयात शुल्क के विवाद के चलते, टेस्ला की कारों को अभी भारत में आने के लिए इंतज़ार करना होगा. टेस्ला के लिए अपनी इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय बाज़ारों में उतारना आसान नहीं होगा. भारत सरकार की ईवी योजना के तहत, इलेक्ट्रिक वाहनों को भारत में बनाया और अंसेबल्ड किया जाए. इस परेशानी की वजह से होगी देरी - भारत में पूरी तरह से आयात की जाने वाली कारों पर लगने वाला टैक्स, टेस्ला की परेशानी को बढ़ा सकता है. हालांकि सरकार ने टेस्ला कंपनी को कुछ छूट दी हैं, और आयात शुल्क को कम करने पर भी विचार कर रही है. भारत कारों का एक बड़ा बाजार है, ऐसे में टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों के आयात शुक्ल में होने वाली परेशानी कंपनी की दिक्कतों को बढ़ा सकती है. इतने रुपये महंगी होगी टेस्ला की कार - भारत में अभी तीस लाख रुपये से ज्यादा की कीमत वाली आययित कारों पर बीमा और शिपिंग खर्च एक सौ प्रतिशत टैक्स के साथ लगता है. वहीं तीस लाख रूपये से कम की कीमत वाली आययित कारों पर साठ प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है. ऑटोमोटिव एंड डिवाइसेज इकोसिस्टम के रिसर्च एनालिस्ट सौमेन मंडल ने कहा कि, एलन मस्क ने भारत सरकार की ईवी नीतिओं पर सवाल उठाये है, जिसमे इलेक्ट्रिक कारों के आयात में लगने वाला टैक्स, पेट्रोल और डीजल कारों की तरह ही लगाया जा रहा है. टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भारत में इलेक्ट्रिक कारों के आयात में लगने वाले टैक्स को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि, हम टेस्ला को भारतीय बाज़ारों में अल्ट्रा-प्रीमियम बनाना चाहते हैं, लेकिन आयात शुल्क में छूट मिले बिना ये सिर्फ प्रीमियम बनी रहेगी. एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि, वो भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारों को जल्द लॉन्च करना चाहते हैं, लेकिन भारत में इलेक्ट्रिक कारों के आयात में लगने वाला टैक्स पूरी दुनिया के देशों के मुकाबले कहीं ज्यादा है. . दो सौ सैंतीस से ज्यादा फिल्में, तिरानवे रहीं सुपरहिट, शाहरुख-सलमान या अमिताभ नहीं. . . कौन है सबसे ज्यादा HIT देने वाला एक्टर?
नई दिल्ली, (भाषा)। दिल्ली की गहमागहमी, सायकिल रिक्शा, परां"s वाली गली, कुंदन के जेवरात जैसी चीजें पाकिस्तानी महिला उद्यमियों को भारत खींच लायी हैं और इनमें से बहुतों की रुचि कारोबार से ज्यादा भारत घूमने में है। फेडरेशन आफ इंडियन वीमेन इंट्रेप्रेन्योर्स ःफीवेः द्वारा यहां आयोजित महिला उद्यमियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने वाली डिजाईनर अस्मां गुल ने कहा कि वह सिर्फ भारत देखने आई हैं। बिक्री हुई तो "ाrक नहीं तो कोई बात नहीं। दिल्ली के अशोक होटल में आयोजित इस तीन दिन के सम्मेलन के आज पहले दिन गुल ने `भाषा' से बातचीत में कहा,कल शाम ही आई हूं . . और मैं सबसे पहले चांदनी चौक गई। सम्मेलन का उद्घाटन सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के मंत्री वायलार रवि ने किया। पिछले 13 साल से कपड़े विशेष तौर पर शिफॉन के कपड़ों का कारोबार कर रही मुल्तान की मुन्ना खाकवानी ने कहा कि वह इससे पहले भी कई बार दिल्ली आई हैं लेकिन हर बार उसी उत्साह से आती है और सबसे पहले परां"s वाली गली की लस्सी का लुत्फ उ"ाने जाती हैं। इस्लामाबाद वीमेन चेंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के नेतृत्व में आई महिला उद्यमियों में से एक खाकवानी ने कहा, ` दोनों तरफ के लोगों की पसंद भी लगभग एक सी है इसलिए प्रदर्शनी में कारोबार भी "ाrक ही हो जाता है। यहां से हम मुख्य तौर पर लेस ःकिनारीः खरीद कर ले जाते हैं जो यहां बेहद अच्छे बनते हैं। ' खाकवानी के साथ उनकी रिश्तेदार 67 की हाकिम आई हैं जिनका कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है वह सिर्फ भारत घूमने आई हैं। हाकिम ने कहा जब भारत पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था तो मैं दो-तीन साल की थी और मेरी बड़ी तमन्ना थी कि भारत देखूं . . खास तौर पर दिल्ली देखने की बड़ी तमन्ना थी- सो अपनी भतीजी के साथ उसकी सहायक बनकर आ गई -. बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं मेरा। उन्होंने कुछ शरमाते हुए कहा कि यहां मुझे सलमान खान की नई फिल्म `एक था टाईगर' भी देखनी है। भारत की प्रशंसा में उन्होंने कुछ दरियादिली से कहा यहां तो हमसे भी ज्यादा अच्छे लोग हैं-कपड़े तो हमारे भी लाजवाब बनते हैं लेकिन हमें भारत के डिजाईन का डिजाईन पसंद और बहुत सी खरीदारी करना चाहते हैं। प्रदर्शनी में शिफॉन और सूती कपड़े के सूट लेकर आईं साजिदा अनवर ने कहा हमारे कपड़े यहां बहुत पसंद किए जाते हैं इसलिए कारोबार यहां बहुत अच्छा होता। लेकिन यहां तो अक्सर प्रदर्शनी के बहाने भारत की तासीर से रु-ब-रु होना हमारे लिए सुखद अनुभव होता है। पिछले नवंबर में यहां आयोजित प्रदर्शनी में आ चुकी साजिदा ने कहा यहां सायकिल रिक्शा पर घूमना बहुत पसंद है-और पिछली बार यहां से खूब सारी साड़ियां, कुंदन के जेवरात और कोल्हापुरी चप्पलें लेकर गई थी। इसी प्रदर्शनी में शामिल इस्लामाबाद से पहली बार आईं रूबीना नासिर ने उम्मीद जताई कि उनके कपड़े पसंद किए जाएंगे। उन्होंने कहा हमने सुना है कि यहां पाकिस्तान का शिफोन बहुत पसंद किया जाता है और मैं मुख्य तौर पर शिफोन कपड़ों के क्षेत्र में काम करती हूं इसलिए मुझे अच्छी बिक्री की उम्मीद है। लेकिन सच पूछिए तो मैं दिल्ली देखने आईं जिसकी तमन्ना बरसों से ही। हालांकि इस उत्साहजनक टिप्पणियों के बीच इस्लामाबाद से ही आई रिजवाना ने कहा कि उन्हें अटारी बार्डर पर सीमा शुल्क विभाग द्वारा गैर-कानूनी वसूली से लेकर प्रदर्शनी में अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी वह यहां आकर खुश हैं एक फिर से दिल्ली और यहां खरीदारी का लुत्फ उ"ा सकेंगी।
नई दिल्ली, । दिल्ली की गहमागहमी, सायकिल रिक्शा, परां"s वाली गली, कुंदन के जेवरात जैसी चीजें पाकिस्तानी महिला उद्यमियों को भारत खींच लायी हैं और इनमें से बहुतों की रुचि कारोबार से ज्यादा भारत घूमने में है। फेडरेशन आफ इंडियन वीमेन इंट्रेप्रेन्योर्स ःफीवेः द्वारा यहां आयोजित महिला उद्यमियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने वाली डिजाईनर अस्मां गुल ने कहा कि वह सिर्फ भारत देखने आई हैं। बिक्री हुई तो "ाrक नहीं तो कोई बात नहीं। दिल्ली के अशोक होटल में आयोजित इस तीन दिन के सम्मेलन के आज पहले दिन गुल ने `भाषा' से बातचीत में कहा,कल शाम ही आई हूं . . और मैं सबसे पहले चांदनी चौक गई। सम्मेलन का उद्घाटन सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के मंत्री वायलार रवि ने किया। पिछले तेरह साल से कपड़े विशेष तौर पर शिफॉन के कपड़ों का कारोबार कर रही मुल्तान की मुन्ना खाकवानी ने कहा कि वह इससे पहले भी कई बार दिल्ली आई हैं लेकिन हर बार उसी उत्साह से आती है और सबसे पहले परां"s वाली गली की लस्सी का लुत्फ उ"ाने जाती हैं। इस्लामाबाद वीमेन चेंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के नेतृत्व में आई महिला उद्यमियों में से एक खाकवानी ने कहा, ` दोनों तरफ के लोगों की पसंद भी लगभग एक सी है इसलिए प्रदर्शनी में कारोबार भी "ाrक ही हो जाता है। यहां से हम मुख्य तौर पर लेस ःकिनारीः खरीद कर ले जाते हैं जो यहां बेहद अच्छे बनते हैं। ' खाकवानी के साथ उनकी रिश्तेदार सरसठ की हाकिम आई हैं जिनका कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है वह सिर्फ भारत घूमने आई हैं। हाकिम ने कहा जब भारत पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था तो मैं दो-तीन साल की थी और मेरी बड़ी तमन्ना थी कि भारत देखूं . . खास तौर पर दिल्ली देखने की बड़ी तमन्ना थी- सो अपनी भतीजी के साथ उसकी सहायक बनकर आ गई -. बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं मेरा। उन्होंने कुछ शरमाते हुए कहा कि यहां मुझे सलमान खान की नई फिल्म `एक था टाईगर' भी देखनी है। भारत की प्रशंसा में उन्होंने कुछ दरियादिली से कहा यहां तो हमसे भी ज्यादा अच्छे लोग हैं-कपड़े तो हमारे भी लाजवाब बनते हैं लेकिन हमें भारत के डिजाईन का डिजाईन पसंद और बहुत सी खरीदारी करना चाहते हैं। प्रदर्शनी में शिफॉन और सूती कपड़े के सूट लेकर आईं साजिदा अनवर ने कहा हमारे कपड़े यहां बहुत पसंद किए जाते हैं इसलिए कारोबार यहां बहुत अच्छा होता। लेकिन यहां तो अक्सर प्रदर्शनी के बहाने भारत की तासीर से रु-ब-रु होना हमारे लिए सुखद अनुभव होता है। पिछले नवंबर में यहां आयोजित प्रदर्शनी में आ चुकी साजिदा ने कहा यहां सायकिल रिक्शा पर घूमना बहुत पसंद है-और पिछली बार यहां से खूब सारी साड़ियां, कुंदन के जेवरात और कोल्हापुरी चप्पलें लेकर गई थी। इसी प्रदर्शनी में शामिल इस्लामाबाद से पहली बार आईं रूबीना नासिर ने उम्मीद जताई कि उनके कपड़े पसंद किए जाएंगे। उन्होंने कहा हमने सुना है कि यहां पाकिस्तान का शिफोन बहुत पसंद किया जाता है और मैं मुख्य तौर पर शिफोन कपड़ों के क्षेत्र में काम करती हूं इसलिए मुझे अच्छी बिक्री की उम्मीद है। लेकिन सच पूछिए तो मैं दिल्ली देखने आईं जिसकी तमन्ना बरसों से ही। हालांकि इस उत्साहजनक टिप्पणियों के बीच इस्लामाबाद से ही आई रिजवाना ने कहा कि उन्हें अटारी बार्डर पर सीमा शुल्क विभाग द्वारा गैर-कानूनी वसूली से लेकर प्रदर्शनी में अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी वह यहां आकर खुश हैं एक फिर से दिल्ली और यहां खरीदारी का लुत्फ उ"ा सकेंगी।
विद्युत वितरण खंड देवबंद कार्यालय से अधीक्षण अभियंता का दबंगी करते हुए एक वीडियो सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया। बिजली विभाग में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के मुख्य महामंत्री आशीष कुमार ने बताया अनिल वर्मा पुत्र श्याम सुंदर वर्मा कम्प्यूटर आपरेटर (संविदा कर्मी) अधिशासी अभियंता कार्यालय विद्युत वितरण खंड देवबंद में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। 30 दिसंबर को अधीक्षण अभियंता असलम हुसैन द्वारा विभागीय कार्यों के प्रगति की समीक्षा की जा रही थी। समीक्षा के दौरान संविदाकर्मी ने यह कहा कि सर मेरा पुरानी कम्पनी का 3 महीने का वेतन अभी नहीं मिला है सर मेरा वेतन दिलवा दीजिए उसके पश्चात मैं कार्य छोड़ कर कोई और कार्य कर लूंगा। इतना सुनते ही अधीक्षण अभियंता महोदय गुस्से में आ गए और कर्मी से बदतमीजी से बोलते हुए अपनी पिस्टल निकाल ली और उसकी ओर करते हुए बोले कि निकलता है बाहर या या दूं तुझे वेतन। अधीक्षण अभियंता को अधिक गुस्से के साथ हाथ में पिस्टल देखकर कर्मी बुरी तरह से डर गया और मारे डर के बाहर आ गया! इस घटना के दौरान कार्यालय में अधिशासी अभियंता स्वयं कम्प्यूटर आपरेटर मुजम्मिल, एक रेलवे का कर्मचारी जो कि अपने किसी काम से उसी दौरान अधिशासी अभियंता से मिलने आया हुआ था, व अन्य लोग भी उपस्थित थे। कर्मचारी संगठन ने इस मामले में उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन के प्रबंधन निदेशक सहित जिलाधिकारी सहारनपुर को पत्र लिखकर अधीक्षण अभियंता के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। social media.
विद्युत वितरण खंड देवबंद कार्यालय से अधीक्षण अभियंता का दबंगी करते हुए एक वीडियो सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया। बिजली विभाग में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के मुख्य महामंत्री आशीष कुमार ने बताया अनिल वर्मा पुत्र श्याम सुंदर वर्मा कम्प्यूटर आपरेटर अधिशासी अभियंता कार्यालय विद्युत वितरण खंड देवबंद में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। तीस दिसंबर को अधीक्षण अभियंता असलम हुसैन द्वारा विभागीय कार्यों के प्रगति की समीक्षा की जा रही थी। समीक्षा के दौरान संविदाकर्मी ने यह कहा कि सर मेरा पुरानी कम्पनी का तीन महीने का वेतन अभी नहीं मिला है सर मेरा वेतन दिलवा दीजिए उसके पश्चात मैं कार्य छोड़ कर कोई और कार्य कर लूंगा। इतना सुनते ही अधीक्षण अभियंता महोदय गुस्से में आ गए और कर्मी से बदतमीजी से बोलते हुए अपनी पिस्टल निकाल ली और उसकी ओर करते हुए बोले कि निकलता है बाहर या या दूं तुझे वेतन। अधीक्षण अभियंता को अधिक गुस्से के साथ हाथ में पिस्टल देखकर कर्मी बुरी तरह से डर गया और मारे डर के बाहर आ गया! इस घटना के दौरान कार्यालय में अधिशासी अभियंता स्वयं कम्प्यूटर आपरेटर मुजम्मिल, एक रेलवे का कर्मचारी जो कि अपने किसी काम से उसी दौरान अधिशासी अभियंता से मिलने आया हुआ था, व अन्य लोग भी उपस्थित थे। कर्मचारी संगठन ने इस मामले में उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन के प्रबंधन निदेशक सहित जिलाधिकारी सहारनपुर को पत्र लिखकर अधीक्षण अभियंता के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। social media.
के लिये प्राय स्त्रियाँ भुककर बैठी रहती है। ऐसा बैठना ठीक नहीं । कुर्सी पर बैठने के लिये भी शरीर को आराम के साथ रखना चाहिए । पत्थर की मूर्ति की भाँति कडकर बैठना ठीक नही । बैठने की गलन रीति y "price" montres बैठने की शुद्ध रीति SUR =
के लिये प्राय स्त्रियाँ भुककर बैठी रहती है। ऐसा बैठना ठीक नहीं । कुर्सी पर बैठने के लिये भी शरीर को आराम के साथ रखना चाहिए । पत्थर की मूर्ति की भाँति कडकर बैठना ठीक नही । बैठने की गलन रीति y "price" montres बैठने की शुद्ध रीति SUR =
ललितपुर में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म पर थाना इंचार्ज की बड़ी कार्रवाई हुई। पाली थाने के सभी पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए। साथ ही डीआईजी झांसी जोगेंद्र कुमार को जांच सौंपी है। ललितपुरः उत्तर प्रदेश के जिले ललितपुर नाबालिग के साथ थाने में रेप मामले पर पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। दुष्कर्म के आरोपी ललितपुर थाना इंजार्ज को पहले ही पद से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन अब एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें पाली थाने के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। ADG ने 24 घंटे में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही थाने में नाबालिग से रेप मामले की जांच डीआईजी झांसी जोगेंद्र कुमार को सौंपी है। इसके अलावा आदेश दिए है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई हो। वहीं पीड़ित किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है। इसके साथ ही आरोपी मौसी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शहर में 13 साल की किशोरी ने एसएचओ पर रेप का आरोप लगाया है। इसकी तहरीर किशोरी की मां ने दी है। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी तिलकधारी सरोज ने कमरे में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। इसका खुलासा होने के बाद एसएचओ फरार है। वहीं एसपी निखिल पाठक ने आरोपी एसएचओ तिलकधारी सरोज को सस्पेंड कर दिया है। थाना प्रभारी से पहले किशोरी को भोपाल ले जाकर चार लड़कों ने तीन दिनों तक दुष्कर्म किया था। बीते सोमवार को चाइल्ड लाइन की टीम को मां ने बताया कि 22 अप्रैल को चंदन, राजभान, हरिशंकर और महेंद्र चौरसिया किशोरी को बहला फुसलाकर भोपाल ले गए थे। वहां इन चारों ने तीन दिनों तक उसके साथ रेप किया। उसके बाद 25 अप्रैल को पाली कस्बे के थाने में छोड़कर भाग गए। पुलिस ने किशोरी की मौसी को बुलाकर उन्हें सौपं दिया। लेकिन जब 27 अप्रैल को एसएचओ ने बयान के लिए थाने में बुलाया तो देर शाम किशोरी को अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 30 अप्रैल को पुलिस ने उसे फिर थाने बुलाया और लड़की को चाइल्ड लाइन भेजा और वहां पर पीड़ित किशोरी ने आपबीती सुनाई। नाबालिग के साथ हुए रेप मामले में पुलिस ने आरोपी थानाध्यक्ष पाली तिलकधारी सिंह सरोज, राजभान, चंदन, महेन्द्र चौरसिया, हरिशंकर और एक महिला के खिलाफ धारा 363, 376, 376B, 120B और पॉक्सो एक्ट के साथ साथ SC एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं एसपी निखिल पाठक ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही एसएचओ को निलंबित कर लाइन में अटैच किया गया था लेकिन वह फरार हो गया। एसपी आगे कहते है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई है। जल्द ही पकड़कर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
ललितपुर में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म पर थाना इंचार्ज की बड़ी कार्रवाई हुई। पाली थाने के सभी पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए। साथ ही डीआईजी झांसी जोगेंद्र कुमार को जांच सौंपी है। ललितपुरः उत्तर प्रदेश के जिले ललितपुर नाबालिग के साथ थाने में रेप मामले पर पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। दुष्कर्म के आरोपी ललितपुर थाना इंजार्ज को पहले ही पद से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन अब एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें पाली थाने के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। ADG ने चौबीस घंटाटे में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही थाने में नाबालिग से रेप मामले की जांच डीआईजी झांसी जोगेंद्र कुमार को सौंपी है। इसके अलावा आदेश दिए है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई हो। वहीं पीड़ित किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है। इसके साथ ही आरोपी मौसी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शहर में तेरह साल की किशोरी ने एसएचओ पर रेप का आरोप लगाया है। इसकी तहरीर किशोरी की मां ने दी है। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी तिलकधारी सरोज ने कमरे में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। इसका खुलासा होने के बाद एसएचओ फरार है। वहीं एसपी निखिल पाठक ने आरोपी एसएचओ तिलकधारी सरोज को सस्पेंड कर दिया है। थाना प्रभारी से पहले किशोरी को भोपाल ले जाकर चार लड़कों ने तीन दिनों तक दुष्कर्म किया था। बीते सोमवार को चाइल्ड लाइन की टीम को मां ने बताया कि बाईस अप्रैल को चंदन, राजभान, हरिशंकर और महेंद्र चौरसिया किशोरी को बहला फुसलाकर भोपाल ले गए थे। वहां इन चारों ने तीन दिनों तक उसके साथ रेप किया। उसके बाद पच्चीस अप्रैल को पाली कस्बे के थाने में छोड़कर भाग गए। पुलिस ने किशोरी की मौसी को बुलाकर उन्हें सौपं दिया। लेकिन जब सत्ताईस अप्रैल को एसएचओ ने बयान के लिए थाने में बुलाया तो देर शाम किशोरी को अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद तीस अप्रैल को पुलिस ने उसे फिर थाने बुलाया और लड़की को चाइल्ड लाइन भेजा और वहां पर पीड़ित किशोरी ने आपबीती सुनाई। नाबालिग के साथ हुए रेप मामले में पुलिस ने आरोपी थानाध्यक्ष पाली तिलकधारी सिंह सरोज, राजभान, चंदन, महेन्द्र चौरसिया, हरिशंकर और एक महिला के खिलाफ धारा तीन सौ तिरेसठ, तीन सौ छिहत्तर, तीन सौ छिहत्तरB, एक सौ बीसB और पॉक्सो एक्ट के साथ साथ SC एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं एसपी निखिल पाठक ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही एसएचओ को निलंबित कर लाइन में अटैच किया गया था लेकिन वह फरार हो गया। एसपी आगे कहते है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई है। जल्द ही पकड़कर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
सांख्यिकीय भौतिकी, भौतिकी की वह शाखा है जिसमें भौतिक समस्याओं के समाधान के लिये प्रायिकता सिद्धांत एवं सांख्यिकी का उपयोगकिया जाता है। इसके द्वारा अनेकानेक क्षेत्रों का वर्णन किया जा सकता है जो मूलतः स्टॉकैस्टिक (stochastic) प्रकृति के होते हैं। श्रेणीःसांख्यिकीय यांत्रिकी. 5 संबंधोंः ऊष्मा-अर्थशास्त्र, बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी, मुस्तानसिर बार्मा, क्रमचय-संचय, अल्बर्ट आइंस्टीन। ऊष्मा-अर्थशास्त्र (Thermoeconomics), अर्थशास्त्र का एक सम्प्रदाय है जो अर्थशास्त्र में भी ऊष्मागतिकी के नियमों के उपयोग का पक्षधर है। 'थर्मो-इकनॉमिक्स' शब्द का सबसे पहले प्रयोग १९६२ में अमेरिकी इंजीनियर माइरन ट्राइबस ने किया था। ऊष्मा-अर्थशास्त्र को उसी प्रकार समझा जा सकता है जैसे सांख्यिकीय भौतिकी (statistical physics) को। श्रेणीःअर्थशास्त्र. बसु-आइंस्टीन वक्र (ऊपर वाला) तथा फर्मी-डिरैक वक्र (नीचे वाला) क्वांटम सांख्यिकी तथा सांख्यिकीय भौतिकी में अविलगनीय (indistinguishable) कणों का संचय केवल दो विविक्त ऊर्जा प्रावस्थाओं (discrete energy states) में रह रकता है। इसमें से एक का नाम बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी (Bose-Einstein statistics) है। लेजर तथा घर्षणहीन अतितरल हिलियम के व्यवहार इसी सांख्यिकी के परिणाम हैं। इस व्यवहार का सिद्धान्त १९२४-२५ में सत्येन्द्र नाथ बसु और अल्बर्ट आइंस्टीन ने विकसित किया था। 'अविलगनीय कणों' से मतलब उन कणों से है जिनकी ऊर्जा अवस्थाएँ बिल्कुल समान हों। यह सांख्यिकी उन्ही कणों पर लागू होती है जो जो पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के अनुसार नहीं चलते, अर्थात् अनेकों कण एक साथ एक ही 'क्वांटम स्टेट' में रह सकते हैं। ऐसे कणों का चक्रण (स्पिन) का मान पूर्णांक होता है तथा उन्हें बोसॉन (bosons) कहते हैं। यह सांख्यिकी १९२० में सत्येन्द्रनाथ बोस द्वारा प्रतिपादित की गयी थी और फोटानों के सांख्यिकीय व्यवहार को बताने के लिये थी। इसे सन् १९२४ में आइंस्टीन ने सामान्यीकृत किया जो कणों पर भी लागू होती है। . पद्म श्री डॉ॰ मुस्तानसिर बार्मा सांख्यिकीय भौतिकी के क्षेत्र में कार्यरत भारतीय वैज्ञानिक हैं। वो टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक हैं। . दोहराव के साथ क्रमपरिवर्तन। क्रमचय-संचय (Combinatorics) गणित की शाखा है जिसमें गिनने योग्य विवर्त (discrete) संरचनाओं (structures) का अध्ययन किया जाता है। शुद्ध गणित, बीजगणित, प्रायिकता सिद्धांत, टोपोलोजी तथा ज्यामिति आदि गणित के विभिन्न क्षेत्रों में क्रमचय-संचय से संबन्धित समस्याये पैदा होतीं हैं। इसके अलावा क्रमचय-संचय का उपयोग इष्टतमीकरण (आप्टिमाइजेशन), संगणक विज्ञान, एर्गोडिक सिद्धांत (ergodic theory) तथा सांख्यिकीय भौतिकी में भी होता है। ग्राफ सिद्धांत, क्रमचय-संचय के सबसे पुराने एवं सर्वाधिक प्रयुक्त भागों में से है। ऐतिहासिक रूप से क्रमचय-संचय के बहुत से प्रश्न विलगित रूप में उठते रहे थे और उनके तदर्थ हल प्रस्तुत किये जाते रहे। किन्तु बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में शक्तिशाली एवं सामान्य सैद्धांतिक विधियाँ विकसित हुईं और क्रमचय-संचय गणित की स्वतंत्र शाखा बनकर उभरा। . अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein; १४ मार्च १८७९ - १८ अप्रैल १९५५) एक विश्वप्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिकविद् थे जो सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण E .
सांख्यिकीय भौतिकी, भौतिकी की वह शाखा है जिसमें भौतिक समस्याओं के समाधान के लिये प्रायिकता सिद्धांत एवं सांख्यिकी का उपयोगकिया जाता है। इसके द्वारा अनेकानेक क्षेत्रों का वर्णन किया जा सकता है जो मूलतः स्टॉकैस्टिक प्रकृति के होते हैं। श्रेणीःसांख्यिकीय यांत्रिकी. पाँच संबंधोंः ऊष्मा-अर्थशास्त्र, बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी, मुस्तानसिर बार्मा, क्रमचय-संचय, अल्बर्ट आइंस्टीन। ऊष्मा-अर्थशास्त्र , अर्थशास्त्र का एक सम्प्रदाय है जो अर्थशास्त्र में भी ऊष्मागतिकी के नियमों के उपयोग का पक्षधर है। 'थर्मो-इकनॉमिक्स' शब्द का सबसे पहले प्रयोग एक हज़ार नौ सौ बासठ में अमेरिकी इंजीनियर माइरन ट्राइबस ने किया था। ऊष्मा-अर्थशास्त्र को उसी प्रकार समझा जा सकता है जैसे सांख्यिकीय भौतिकी को। श्रेणीःअर्थशास्त्र. बसु-आइंस्टीन वक्र तथा फर्मी-डिरैक वक्र क्वांटम सांख्यिकी तथा सांख्यिकीय भौतिकी में अविलगनीय कणों का संचय केवल दो विविक्त ऊर्जा प्रावस्थाओं में रह रकता है। इसमें से एक का नाम बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी है। लेजर तथा घर्षणहीन अतितरल हिलियम के व्यवहार इसी सांख्यिकी के परिणाम हैं। इस व्यवहार का सिद्धान्त एक हज़ार नौ सौ चौबीस-पच्चीस में सत्येन्द्र नाथ बसु और अल्बर्ट आइंस्टीन ने विकसित किया था। 'अविलगनीय कणों' से मतलब उन कणों से है जिनकी ऊर्जा अवस्थाएँ बिल्कुल समान हों। यह सांख्यिकी उन्ही कणों पर लागू होती है जो जो पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के अनुसार नहीं चलते, अर्थात् अनेकों कण एक साथ एक ही 'क्वांटम स्टेट' में रह सकते हैं। ऐसे कणों का चक्रण का मान पूर्णांक होता है तथा उन्हें बोसॉन कहते हैं। यह सांख्यिकी एक हज़ार नौ सौ बीस में सत्येन्द्रनाथ बोस द्वारा प्रतिपादित की गयी थी और फोटानों के सांख्यिकीय व्यवहार को बताने के लिये थी। इसे सन् एक हज़ार नौ सौ चौबीस में आइंस्टीन ने सामान्यीकृत किया जो कणों पर भी लागू होती है। . पद्म श्री डॉ॰ मुस्तानसिर बार्मा सांख्यिकीय भौतिकी के क्षेत्र में कार्यरत भारतीय वैज्ञानिक हैं। वो टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक हैं। . दोहराव के साथ क्रमपरिवर्तन। क्रमचय-संचय गणित की शाखा है जिसमें गिनने योग्य विवर्त संरचनाओं का अध्ययन किया जाता है। शुद्ध गणित, बीजगणित, प्रायिकता सिद्धांत, टोपोलोजी तथा ज्यामिति आदि गणित के विभिन्न क्षेत्रों में क्रमचय-संचय से संबन्धित समस्याये पैदा होतीं हैं। इसके अलावा क्रमचय-संचय का उपयोग इष्टतमीकरण , संगणक विज्ञान, एर्गोडिक सिद्धांत तथा सांख्यिकीय भौतिकी में भी होता है। ग्राफ सिद्धांत, क्रमचय-संचय के सबसे पुराने एवं सर्वाधिक प्रयुक्त भागों में से है। ऐतिहासिक रूप से क्रमचय-संचय के बहुत से प्रश्न विलगित रूप में उठते रहे थे और उनके तदर्थ हल प्रस्तुत किये जाते रहे। किन्तु बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में शक्तिशाली एवं सामान्य सैद्धांतिक विधियाँ विकसित हुईं और क्रमचय-संचय गणित की स्वतंत्र शाखा बनकर उभरा। . अल्बर्ट आइंस्टीन एक विश्वप्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिकविद् थे जो सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण E .
गाज़ियाबाद में Dr. Anita Singla जाने-माने डॉक्टर हैं जो कि प्रसूति एवं स्त्री रोग में विशेषज्ञ हैं। Dr. Anita Singla को 13 वर्षों का चिकित्सकीय अनुभव है। Dr. Anita Singla आजकल Bara Hindu Rao Hospital, Max Hospital में कार्य रहे हैं। Dr. Anita Singla Bara Hindu Rao Hospital, Max Hospital में अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। Dr. Anita Singla Laparoscopy Hysterectomy, Laparoscopic Sterilization, Infertility Evaluation / Treatment, High-Risk Pregnancy Care, Laparoscopic Surgery (Obs & Gyn), Normal Vaginal Delivery (NVD) में विशेषज्ञ हैं। अनेक स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े होने के अलावा Dr. Anita Singla मेडिकल क्षेत्र में विभिन्न तरह से सक्रिय हैं। Dr. Anita Singla को Association of Obstetricians & Gynaecologists of Delhi (AOGD) और Society of Endoscopic and Laproscopic Endoscopic Surgeons of India (SELSI) की सदस्यता हासिल है। Dr. Anita Singla ने DNB - Obstetrics & Gynecology की डिग्री Vardhman Mahavir Medical College & Safdarjung Hospital, Delhi से प्राप्त की है। इसके अलावा इन्होंने अपनी MBBS डिग्री University of Delhi से पूरी की है। Q: Dr. Anita Singla के पास कौन-कौन सी डिग्री हैं? A: Dr. Anita Singla ने DNB - Obstetrics & Gynecology व MBBS की डिग्री प्राप्त की हुई हैं, इनकी डिग्रीज की संपूर्ण जानकारी के लिए ऊपर देखें। Q: इस फील्ड में काम करते हुए Dr. Anita Singla को कितना समय हो गया है? A: प्रसूति एवं स्त्री रोग में Dr. Anita Singla 13 सालों से काम कर रहे हैं। Q: रोगी Dr. Anita Singla के पास किन-किन उपचार के लिए जाते हैं? A: Dr. Anita Singla Laparoscopy Hysterectomy, Laparoscopic Sterilization, Infertility Evaluation / Treatment के मरीजों को देखते हैं। ऊपर सूची में Dr. Anita Singla द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाओं की जानकारी दी गई है। Q: Dr. Anita Singla से परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट कैसे ले सकते हैं? A: क्लिनिक में मिलना हो या ऑनलाइन परामर्श लेना हो, दोनों के लिए आप myUpchar के माध्यम से Dr. Anita Singla के साथ अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। आपको बस ऊपर दिए गए बटन "अपॉइंटमेंट बुक करें" पर क्लिक करना होगा!
गाज़ियाबाद में Dr. Anita Singla जाने-माने डॉक्टर हैं जो कि प्रसूति एवं स्त्री रोग में विशेषज्ञ हैं। Dr. Anita Singla को तेरह वर्षों का चिकित्सकीय अनुभव है। Dr. Anita Singla आजकल Bara Hindu Rao Hospital, Max Hospital में कार्य रहे हैं। Dr. Anita Singla Bara Hindu Rao Hospital, Max Hospital में अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। Dr. Anita Singla Laparoscopy Hysterectomy, Laparoscopic Sterilization, Infertility Evaluation / Treatment, High-Risk Pregnancy Care, Laparoscopic Surgery , Normal Vaginal Delivery में विशेषज्ञ हैं। अनेक स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े होने के अलावा Dr. Anita Singla मेडिकल क्षेत्र में विभिन्न तरह से सक्रिय हैं। Dr. Anita Singla को Association of Obstetricians & Gynaecologists of Delhi और Society of Endoscopic and Laproscopic Endoscopic Surgeons of India की सदस्यता हासिल है। Dr. Anita Singla ने DNB - Obstetrics & Gynecology की डिग्री Vardhman Mahavir Medical College & Safdarjung Hospital, Delhi से प्राप्त की है। इसके अलावा इन्होंने अपनी MBBS डिग्री University of Delhi से पूरी की है। Q: Dr. Anita Singla के पास कौन-कौन सी डिग्री हैं? A: Dr. Anita Singla ने DNB - Obstetrics & Gynecology व MBBS की डिग्री प्राप्त की हुई हैं, इनकी डिग्रीज की संपूर्ण जानकारी के लिए ऊपर देखें। Q: इस फील्ड में काम करते हुए Dr. Anita Singla को कितना समय हो गया है? A: प्रसूति एवं स्त्री रोग में Dr. Anita Singla तेरह सालों से काम कर रहे हैं। Q: रोगी Dr. Anita Singla के पास किन-किन उपचार के लिए जाते हैं? A: Dr. Anita Singla Laparoscopy Hysterectomy, Laparoscopic Sterilization, Infertility Evaluation / Treatment के मरीजों को देखते हैं। ऊपर सूची में Dr. Anita Singla द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाओं की जानकारी दी गई है। Q: Dr. Anita Singla से परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट कैसे ले सकते हैं? A: क्लिनिक में मिलना हो या ऑनलाइन परामर्श लेना हो, दोनों के लिए आप myUpchar के माध्यम से Dr. Anita Singla के साथ अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। आपको बस ऊपर दिए गए बटन "अपॉइंटमेंट बुक करें" पर क्लिक करना होगा!
लंदन, (आईएएनएस)। बैटलशिप से अभिनय की शुरुआत करने वाली पॉप गायिका रिहाना अब सेथ रोजेन की नई हास्यपधान फिल्म द एंड ऑफ द वर्ल्ड में अभिनय करेंगी। 24 वर्षीया रिहाना ने पीटर बर्ग की बैटलशिप में एक कठोर सैनिक की भूमिका निभाई थी। अब वह रोजेन की फिल्म में लोगों को हंसाने की अपनी क्षमताओं का पदर्शन करेंगी। वेसबाइट कांटेक्ट म्यूजिक डॉट कॉम के मुताबिक रिहाना को लूसियाना के न्यू ऑर्लिएंस में अभिनेत्री एम्मा वाटसन व जोनाह हिल के साथ शूटिंग करते देखा गया था। फिल्म में जेम्स पेंको, जेसन सीगल, डेनी मैकब्राइड व मिंडी केलिंग भी अभिनय कर रहे हैं। फिल्म अगले साल पदर्शित होगी।
लंदन, । बैटलशिप से अभिनय की शुरुआत करने वाली पॉप गायिका रिहाना अब सेथ रोजेन की नई हास्यपधान फिल्म द एंड ऑफ द वर्ल्ड में अभिनय करेंगी। चौबीस वर्षीया रिहाना ने पीटर बर्ग की बैटलशिप में एक कठोर सैनिक की भूमिका निभाई थी। अब वह रोजेन की फिल्म में लोगों को हंसाने की अपनी क्षमताओं का पदर्शन करेंगी। वेसबाइट कांटेक्ट म्यूजिक डॉट कॉम के मुताबिक रिहाना को लूसियाना के न्यू ऑर्लिएंस में अभिनेत्री एम्मा वाटसन व जोनाह हिल के साथ शूटिंग करते देखा गया था। फिल्म में जेम्स पेंको, जेसन सीगल, डेनी मैकब्राइड व मिंडी केलिंग भी अभिनय कर रहे हैं। फिल्म अगले साल पदर्शित होगी।
उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय सीमा से नेपाल के हाईवे को लिंक हो रही आंतरिक सड़क का काम ब्रह्मदेव में विवादित गायब पिलरों के कारण रुक गया है। अब सर्वे ऑफ इंडिया और सर्वे ऑफ नेपाल की ओर से सर्वेक्षण के बाद ही इस पर आगे की कार्यवाही हो पाएगी। दोनों देशों के अधिकारियों ने आपस में बातचीत के बाद सड़क निर्माण को ब्रह्मदेव में रोक दिया है। यहां एसएसबी प्रत्येक मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। नेपाल दार्चुला से खल्ला, मसेटी, परीगांव, तातापानी और सादनी होते हुए कंचनपुर जिले तक हाईवे का निर्माण कर रहा है। उधर, दार्चुला से टिंकर बॉर्डर तक सड़क का सर्वे भी नेपाल आर्मी के सहयोग से कुछ माह पूर्व ही पूर्ण हो चुका है। यह हाईवे ब्रह्मदेव के वन समिति से करीब 2.5 किमी के दायरे में बड़ी चट्टान के कारण रुका हुआ है। जबकि इससे आगे कंचनपुर तक हाईवे तैयार हो गया है। इस हाइवे को आंतरिक मार्ग से लिंक के लिए खल्ला गांव के करीब से एक सड़क ब्रह्मदेव और मटेना गांव से होते हुए बनाई जा रही है जो कंचनपुर में हाईवे से लिंक होगी। लेकिन इस आंतरिक सड़क का कार्य ब्रह्मदेव में नोमैंस लैंड के करीब विवादित गायब पिलरों के कारण रुक गया है। करीब तीन दशक से भारत-नेपाल सीमा पर गायब चल रहे पिलर संख्या 811 और 810/2 के समानांतर ही नेपाल ने आंतरिक सड़क का सर्वे किया था जो यू-टर्न होकर आगे बढ़नी थी। लेकिन भारतीय प्रशासन और एसएसबी ने इस विवादित जगह पर नेपाल के सड़क निर्माण में रोक लगा दी है। अब सर्वे ऑफ इंडिया के क्लीयरेंस के बाद ही बाकी सड़क निर्माण पर फैसला होगा। टनकपुर। सड़क निर्माण में बाधा बने विवादित पिलर संख्या 811 करीब तीन दशक से गायब चल रहा है। दोनों देशों के बीच इसे लेकर कई बार विवाद खड़ा हुआ है। नेपाली पिलर 811 को शारदा नदी के बीचों-बीच तो भारत ब्रह्मदेव चौकी के आसपास बताता है। वहीं पिलर संख्या 810/2 पिछले कई समय से लकड़ी के खूंटे से दो देशों की सीमा तय कर रहा है। अब इन दोनों विवादों का हल दोनों देशों की सर्वे टीमों को निकालना है। नेपाल अपनी और दार्चुला से कंचनपुर तक हाईवे का निर्माण कर रहा है। जिसके लिए एक आंतरिक मार्ग ब्रह्मदेव से लिंक किया जाना था। मगर इसमें विवादित गायब पिलरों का मसला खड़ा हो गया है। जिसके बाद हमने इसे वहां के अधिकारियों से बातचीत कर कार्य रुकवा दिया है। यह सड़क मटेना होते हुए हाईवे में लिंक होनी थी। मगर अब सर्वे के बाद ही स्थिति हो पाई। ब्रह्मदेव के पास सड़क का काम पूर्व में ही रोक दिया गया है। हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।
उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय सीमा से नेपाल के हाईवे को लिंक हो रही आंतरिक सड़क का काम ब्रह्मदेव में विवादित गायब पिलरों के कारण रुक गया है। अब सर्वे ऑफ इंडिया और सर्वे ऑफ नेपाल की ओर से सर्वेक्षण के बाद ही इस पर आगे की कार्यवाही हो पाएगी। दोनों देशों के अधिकारियों ने आपस में बातचीत के बाद सड़क निर्माण को ब्रह्मदेव में रोक दिया है। यहां एसएसबी प्रत्येक मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। नेपाल दार्चुला से खल्ला, मसेटी, परीगांव, तातापानी और सादनी होते हुए कंचनपुर जिले तक हाईवे का निर्माण कर रहा है। उधर, दार्चुला से टिंकर बॉर्डर तक सड़क का सर्वे भी नेपाल आर्मी के सहयोग से कुछ माह पूर्व ही पूर्ण हो चुका है। यह हाईवे ब्रह्मदेव के वन समिति से करीब दो.पाँच किमी के दायरे में बड़ी चट्टान के कारण रुका हुआ है। जबकि इससे आगे कंचनपुर तक हाईवे तैयार हो गया है। इस हाइवे को आंतरिक मार्ग से लिंक के लिए खल्ला गांव के करीब से एक सड़क ब्रह्मदेव और मटेना गांव से होते हुए बनाई जा रही है जो कंचनपुर में हाईवे से लिंक होगी। लेकिन इस आंतरिक सड़क का कार्य ब्रह्मदेव में नोमैंस लैंड के करीब विवादित गायब पिलरों के कारण रुक गया है। करीब तीन दशक से भारत-नेपाल सीमा पर गायब चल रहे पिलर संख्या आठ सौ ग्यारह और आठ सौ दस/दो के समानांतर ही नेपाल ने आंतरिक सड़क का सर्वे किया था जो यू-टर्न होकर आगे बढ़नी थी। लेकिन भारतीय प्रशासन और एसएसबी ने इस विवादित जगह पर नेपाल के सड़क निर्माण में रोक लगा दी है। अब सर्वे ऑफ इंडिया के क्लीयरेंस के बाद ही बाकी सड़क निर्माण पर फैसला होगा। टनकपुर। सड़क निर्माण में बाधा बने विवादित पिलर संख्या आठ सौ ग्यारह करीब तीन दशक से गायब चल रहा है। दोनों देशों के बीच इसे लेकर कई बार विवाद खड़ा हुआ है। नेपाली पिलर आठ सौ ग्यारह को शारदा नदी के बीचों-बीच तो भारत ब्रह्मदेव चौकी के आसपास बताता है। वहीं पिलर संख्या आठ सौ दस/दो पिछले कई समय से लकड़ी के खूंटे से दो देशों की सीमा तय कर रहा है। अब इन दोनों विवादों का हल दोनों देशों की सर्वे टीमों को निकालना है। नेपाल अपनी और दार्चुला से कंचनपुर तक हाईवे का निर्माण कर रहा है। जिसके लिए एक आंतरिक मार्ग ब्रह्मदेव से लिंक किया जाना था। मगर इसमें विवादित गायब पिलरों का मसला खड़ा हो गया है। जिसके बाद हमने इसे वहां के अधिकारियों से बातचीत कर कार्य रुकवा दिया है। यह सड़क मटेना होते हुए हाईवे में लिंक होनी थी। मगर अब सर्वे के बाद ही स्थिति हो पाई। ब्रह्मदेव के पास सड़क का काम पूर्व में ही रोक दिया गया है। हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।
रेवाड़ी के धारूहेड़ा में चार साल पहले सेक्टर-6 से लापता होने के बाद हरिद्वार में हुई महिला की हत्या का राजफाश हो गया है। हत्या का आरोपी इस समय चोरी के मामले में झज्जर जेल में बंद है। धारूहेड़ा पुलिस उसे 29 नवंबर को पूछताछ के लिए प्रोडेक्शन वारंट पर लेकर आएगी। सेक्टर-6 पुलिस चौकी प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि पलवल के गांव अलालपुर निवासी उर्मिला देवी सेक्टर-6 में पति के साथ रह रही थी। तीन अप्रैल 2012 को वह घर से स्कूटी लेकर घर से निकली थी, परंतु वापस नहीं लौटी थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं लगा। महिला के पिता गिरीराज ने धारूहेड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। कुछ दिन बाद उर्मिला का शव हरिद्वार में पड़ा मिला था। उर्मिला की गोली मारकर हत्या की गई थी। हरिद्वार पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ ही हत्या का मामला दर्ज किया था, परंतु बाद में मामला जांच के लिए धारूहेड़ा पुलिस को सौंप दिया गया था। झज्जर पुलिस ने जिला झज्जर के गांव बहराणा निवासी राजपाल को चोरी के मामले में रिमांड पर लिया था। पूछताछ में राजपाल ने उर्मिला की हरिद्वार में ले जाकर हत्या करना स्वीकार किया है। राजपाल की उर्मिला के साथ दोस्ती थी तथा वह उसे घुमाने के लिए हरिद्वार लेकर गया था। बाद में वह उसे गोली मारकर फरार हो गया था। महिला हत्या का आरोपी फिलहाल झज्जर जेल में बंद है। आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी लगवाई थी। अदालत ने 29 नवंबर को आरोपी को प्रोडक्शन वारंट लेने के निर्देश किए है। पूछताछ के बाद ही सामने आ पाएगा कि उसने महिला की हत्या क्यों की थी। -रामकुंवार, थाना प्रभारी, धारूहेड़ा।
रेवाड़ी के धारूहेड़ा में चार साल पहले सेक्टर-छः से लापता होने के बाद हरिद्वार में हुई महिला की हत्या का राजफाश हो गया है। हत्या का आरोपी इस समय चोरी के मामले में झज्जर जेल में बंद है। धारूहेड़ा पुलिस उसे उनतीस नवंबर को पूछताछ के लिए प्रोडेक्शन वारंट पर लेकर आएगी। सेक्टर-छः पुलिस चौकी प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि पलवल के गांव अलालपुर निवासी उर्मिला देवी सेक्टर-छः में पति के साथ रह रही थी। तीन अप्रैल दो हज़ार बारह को वह घर से स्कूटी लेकर घर से निकली थी, परंतु वापस नहीं लौटी थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं लगा। महिला के पिता गिरीराज ने धारूहेड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। कुछ दिन बाद उर्मिला का शव हरिद्वार में पड़ा मिला था। उर्मिला की गोली मारकर हत्या की गई थी। हरिद्वार पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ ही हत्या का मामला दर्ज किया था, परंतु बाद में मामला जांच के लिए धारूहेड़ा पुलिस को सौंप दिया गया था। झज्जर पुलिस ने जिला झज्जर के गांव बहराणा निवासी राजपाल को चोरी के मामले में रिमांड पर लिया था। पूछताछ में राजपाल ने उर्मिला की हरिद्वार में ले जाकर हत्या करना स्वीकार किया है। राजपाल की उर्मिला के साथ दोस्ती थी तथा वह उसे घुमाने के लिए हरिद्वार लेकर गया था। बाद में वह उसे गोली मारकर फरार हो गया था। महिला हत्या का आरोपी फिलहाल झज्जर जेल में बंद है। आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी लगवाई थी। अदालत ने उनतीस नवंबर को आरोपी को प्रोडक्शन वारंट लेने के निर्देश किए है। पूछताछ के बाद ही सामने आ पाएगा कि उसने महिला की हत्या क्यों की थी। -रामकुंवार, थाना प्रभारी, धारूहेड़ा।
ब्रम्य-संग्रह । तृतीय अधिकार । सम्महंसणणाणं चरणं मुक्खस्स कारणं जाणे । ववहारा णिच्छयदो तत्तियमइओ णिओ अप्पा ॥ ३९ ॥ अर्थ - सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चारित्र, इन तीनोके समुदायको व्यवहारसे मोक्षका कारण जानो । निश्चयसे सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्रचारित्र-स्वरूप नो निज आत्मा है वह ही मोक्षका कारण है । भावार्थ- सच्चा श्रद्धान, सच्चा ज्ञान और सभा आचरण, ये तीनों इकट्ठे होनेसे मोक्षकी सिद्धि होती है। वास्तवमे ये तीनो गुण आत्माके हैं । इसलिये निश्चयसे आत्माको ही मोक्षका कारण जानो। ये तीनो कारण तीन रत्न अर्थात् रत्नत्रय कहते हैं । रयणत्तयं ण वट्टड अप्पाणमुयत्तु अण्णदवियति । तह्मा तत्तियमइओ होदि हु मुक्खस्स कारणं आदा॥ ४० ॥ अर्थ- जीवात्माके सिवाय अन्य किसी भी द्रव्यमें रत्नत्रय नहीं रहता है । इस कारण रत्नत्रयमयी जो आत्मा है बह ही निश्चय-नयसे मोक्षका कारण है । भावार्थ-दर्शन, ज्ञान, और चारित्र, ये आत्मामें ही होते हैं। पुल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल, इन पांच द्रव्योमेसे किसी द्रव्यमें भी दर्शन, ज्ञान, चारित्र नहीं हो सकता । क्योकि ये पांचो द्रव्य अजीव हैं, अचेतन हैं, जड हैं । इस हेतु जीवात्मा ही वास्तव में मोक्षका कारण है। वह ही रत्नत्रयका धारक है । जीवादीसद्दहणं सम्मत्तं रूवमप्पणो तं तु । दुरभिणिवेसविमुक्कं णाणं सम्मं खु होदि सदि ज ि॥४१॥ अर्थ- जीव आदि पदार्थोंका जो सच्चा श्रद्धान करना है वह सम्यक्त्व है । और वह सम्यक्त्व आत्माका स्वरूप है । इस सम्यक्त्वके होने पर संशय, विपर्यय और अनध्यवसायरहित ज्ञानको सम्यग्ज्ञान कहते हैं । भावार्थ- जानना अर्थात् ज्ञान, और निश्चय करना - रुचि करना - यकीन करना अर्थात् श्रद्धान, ये दो पृथक २ बाते हैं । ज्ञान और बात है, और श्रद्धान और । फारसी वाले ज्ञानको इल्म और श्रद्धानको यकीन कहते हैं । अङ्गरेजीमे ज्ञानको नॉलेज (knowledge ) और श्रद्धानको बिलीफ ( belief ) कहते हैं । धर्म-कथन अर्थात् मोक्षमार्गमे अपनी आत्माको शुद्ध निरञ्जन मानना और निज आत्मासे मिन्न शरीर आदि सब पदार्थोंको भिन्न समझना और सांसारिक अवस्थाको कर्मोंके वश कैदखाना समझ कर इससे छुटकारा पाना आवश्यक समझना, इन सब बातोकी श्रद्धा मनमे होना सञ्चा श्रद्धान अर्थात् सम्यग्दर्शन है। वस्तुको ज्योका त्यों जानना सच्चा ज्ञान है । जिस ज्ञानमें तीन प्रकारके दोष नहीं होते हैं वह ही सच्चा ज्ञान होता है । १ संशय अर्थात् दुविधारूप ज्ञान, कि यह है वा वह है, इस प्रकार है वा उस प्रकार है। जैसे आकाशमें चमकती हुई वस्तुको देखकर संशय करना कि यह तारा है वा कागजका बुर्ज है, जिसमें अग्नि जलती होती है और अनिके जोरसे आकाशमे चढ़ जाता है । २ विपरीत अर्थात् उल्टी बात जानना । जैसे कोई औषधि रोगके उत्पन्न करने वाली हो उसीको रोगके दूर करने वाली जानना, विषको अमृत वा अमृतको विष जानना । ३ अनध्यवसाय वा विश्रम अर्थात् यह मालूम ही न होना कि क्या वस्तु है । संशयमे तो किसी वस्तुकी बाबत दो चार ही प्रकारका ख्याल होता है कि यह है वा यह है, परन्तु विभ्रममें कुछ पता ठिकाना ही नहीं होता है। जैसे रस्ते चलते हुए मनुष्यके पैरसे धरतीमें
ब्रम्य-संग्रह । तृतीय अधिकार । सम्महंसणणाणं चरणं मुक्खस्स कारणं जाणे । ववहारा णिच्छयदो तत्तियमइओ णिओ अप्पा ॥ उनतालीस ॥ अर्थ - सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चारित्र, इन तीनोके समुदायको व्यवहारसे मोक्षका कारण जानो । निश्चयसे सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्रचारित्र-स्वरूप नो निज आत्मा है वह ही मोक्षका कारण है । भावार्थ- सच्चा श्रद्धान, सच्चा ज्ञान और सभा आचरण, ये तीनों इकट्ठे होनेसे मोक्षकी सिद्धि होती है। वास्तवमे ये तीनो गुण आत्माके हैं । इसलिये निश्चयसे आत्माको ही मोक्षका कारण जानो। ये तीनो कारण तीन रत्न अर्थात् रत्नत्रय कहते हैं । रयणत्तयं ण वट्टड अप्पाणमुयत्तु अण्णदवियति । तह्मा तत्तियमइओ होदि हु मुक्खस्स कारणं आदा॥ चालीस ॥ अर्थ- जीवात्माके सिवाय अन्य किसी भी द्रव्यमें रत्नत्रय नहीं रहता है । इस कारण रत्नत्रयमयी जो आत्मा है बह ही निश्चय-नयसे मोक्षका कारण है । भावार्थ-दर्शन, ज्ञान, और चारित्र, ये आत्मामें ही होते हैं। पुल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल, इन पांच द्रव्योमेसे किसी द्रव्यमें भी दर्शन, ज्ञान, चारित्र नहीं हो सकता । क्योकि ये पांचो द्रव्य अजीव हैं, अचेतन हैं, जड हैं । इस हेतु जीवात्मा ही वास्तव में मोक्षका कारण है। वह ही रत्नत्रयका धारक है । जीवादीसद्दहणं सम्मत्तं रूवमप्पणो तं तु । दुरभिणिवेसविमुक्कं णाणं सम्मं खु होदि सदि ज ि॥इकतालीस॥ अर्थ- जीव आदि पदार्थोंका जो सच्चा श्रद्धान करना है वह सम्यक्त्व है । और वह सम्यक्त्व आत्माका स्वरूप है । इस सम्यक्त्वके होने पर संशय, विपर्यय और अनध्यवसायरहित ज्ञानको सम्यग्ज्ञान कहते हैं । भावार्थ- जानना अर्थात् ज्ञान, और निश्चय करना - रुचि करना - यकीन करना अर्थात् श्रद्धान, ये दो पृथक दो बाते हैं । ज्ञान और बात है, और श्रद्धान और । फारसी वाले ज्ञानको इल्म और श्रद्धानको यकीन कहते हैं । अङ्गरेजीमे ज्ञानको नॉलेज और श्रद्धानको बिलीफ कहते हैं । धर्म-कथन अर्थात् मोक्षमार्गमे अपनी आत्माको शुद्ध निरञ्जन मानना और निज आत्मासे मिन्न शरीर आदि सब पदार्थोंको भिन्न समझना और सांसारिक अवस्थाको कर्मोंके वश कैदखाना समझ कर इससे छुटकारा पाना आवश्यक समझना, इन सब बातोकी श्रद्धा मनमे होना सञ्चा श्रद्धान अर्थात् सम्यग्दर्शन है। वस्तुको ज्योका त्यों जानना सच्चा ज्ञान है । जिस ज्ञानमें तीन प्रकारके दोष नहीं होते हैं वह ही सच्चा ज्ञान होता है । एक संशय अर्थात् दुविधारूप ज्ञान, कि यह है वा वह है, इस प्रकार है वा उस प्रकार है। जैसे आकाशमें चमकती हुई वस्तुको देखकर संशय करना कि यह तारा है वा कागजका बुर्ज है, जिसमें अग्नि जलती होती है और अनिके जोरसे आकाशमे चढ़ जाता है । दो विपरीत अर्थात् उल्टी बात जानना । जैसे कोई औषधि रोगके उत्पन्न करने वाली हो उसीको रोगके दूर करने वाली जानना, विषको अमृत वा अमृतको विष जानना । तीन अनध्यवसाय वा विश्रम अर्थात् यह मालूम ही न होना कि क्या वस्तु है । संशयमे तो किसी वस्तुकी बाबत दो चार ही प्रकारका ख्याल होता है कि यह है वा यह है, परन्तु विभ्रममें कुछ पता ठिकाना ही नहीं होता है। जैसे रस्ते चलते हुए मनुष्यके पैरसे धरतीमें
मुंबई। 'दो दूनी चार' से चर्चित फिल्म निर्देशक हबीब फैजल यश राज फिल्म्स के नेतृत्व में नए चेहरों के साथ फिल्म का निर्देशन करने के लिए तैयार हैं। बैनर के मुताबिक, राज फिल्म्स दो नए चेहरों को लांच करने जा रहा है। हबीब फैजल फिल्म का निर्देशन करेंगे। फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए नए कलाकारों को चुना जाएगा। हबीब फैजल निपुण लेखक भी हैं, इससे पहले उन्होंने अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ फिल्म 'इश्कजादे' का निर्देशन किया था। हालांकि 2014 में उनके द्वारा निर्देशित फिल्म 'दावत-ए-इश्क' अपना प्रभाव छोड़ने में असफल रही।
मुंबई। 'दो दूनी चार' से चर्चित फिल्म निर्देशक हबीब फैजल यश राज फिल्म्स के नेतृत्व में नए चेहरों के साथ फिल्म का निर्देशन करने के लिए तैयार हैं। बैनर के मुताबिक, राज फिल्म्स दो नए चेहरों को लांच करने जा रहा है। हबीब फैजल फिल्म का निर्देशन करेंगे। फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए नए कलाकारों को चुना जाएगा। हबीब फैजल निपुण लेखक भी हैं, इससे पहले उन्होंने अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ फिल्म 'इश्कजादे' का निर्देशन किया था। हालांकि दो हज़ार चौदह में उनके द्वारा निर्देशित फिल्म 'दावत-ए-इश्क' अपना प्रभाव छोड़ने में असफल रही।
देश भर में इन दिनों चीनी सामानों का बहिष्कार का ट्रेंड चल रहा है. कई रिपोर्ट्स आ रही हैं जिनमें दिखाया जा रहा है कि लोग इस दिवाली पर चीनी लाइट्स का बायकॉट कर रहे हैं और देशी सामानों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं. देशी सामानों का यूज कई लिहाज से फायदेमंद है इस तथ्य को ठुकराया नहीं जा सकता है. लेकिन क्या ये बहिष्कार सिर्फ चुनिंदा प्रोडक्ट्स के लिए ही है या सभी के लिए. आंकड़ों से तो यह जाहिर हो रहा है कि चीनी प्रोडक्ट्स की बिक्री लगातार बढ़ रही हैं. चीन की टेक्नॉलोजी दिग्गज शाओमी ने कहा है कि कंपनी ने भारत में सिर्फ 18 दिनों में 10 लाख से ज्यादा स्मार्टफोन बेज दिए हैं. इस मौके पर कंपनी के सीईओ ली जुन ने भारत में शाओमी के कर्मचारियों और फैंस के लिए एक खुला खत लिखा है. उन्होंने अपने ओपन लेटर में यहां के कर्मचारियों की सराहना करते हुए आला अधिकारियों की जमकर तारीफ भी की है. भारतीय फैंस का शुक्रिया अदा किया है और पिछले कुछ सालों से शाओमी इंडिया से जुड़े कुछ खास तथ्य भी बताए हैं. उन्होंने कहा है कि सिर्फ छह महीने में ही कंपनी ने Redmi Note 3 के 2. 3 मिलियन युनिट्स बेच दिए जो अब शाओमी का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन बन चुका है. इतना ही नहीं उन्होंने अपने खुले खत में यह भी लिखा है कि भारत में अगले 3 से 5 सालों में शाओमी मार्केट शेयर के मामले में सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी. जाहिर है यह स्टेटमेंट माइक्रोमैक्स, लावा और इंटेक्स जैसे स्वदेशी कंपनियों को नागवार ही गुजरेगा. अगस्त, 2015: शाओमी पीएम मोदी के मेक इन इंडिया में भागिदार बनने वाली पहली कंपनी बनी. जुलाई से अगस्त 2016: आईडीसी के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी भारत में नंबर-1 ऑनलाइन स्मार्टफोन ब्रांड बन गई. सितंबर 2016 : आईडीसी के मुताबिक कंपनी भारत के टॉप 30 शहरों में 8. 4 फीसदी मार्केट शेयर के साथ तीसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन वेंडर बन गई. सितंबर 2016: Redmi Note 3 ऑनलाइन मार्केट में बिकने वाला बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन बन गया और सिर्फ 6 महीने में 2. 3 मिलियन युनिट्स बिक गए. गौरतलब है कि आईडीसी यानी इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन अमेरिका की मार्केट रिसर्च अलानिसिस कंपनी है और बड़ी कंपनियां इसके डेटा पर भरोसा करती हैं. आंकड़ों से इस बात का अंदाजा हो गया होगा कि किस कदर चीनी स्मार्टफोन कंपनी देश में आक्रामक तरीके से हावी हो रही है. लेकिन सवाल यह है कि अगर चीनी सामानों का बायकॉट जोर शोर से हो रहा है तो यह नौबत क्यों आ रही है.
देश भर में इन दिनों चीनी सामानों का बहिष्कार का ट्रेंड चल रहा है. कई रिपोर्ट्स आ रही हैं जिनमें दिखाया जा रहा है कि लोग इस दिवाली पर चीनी लाइट्स का बायकॉट कर रहे हैं और देशी सामानों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं. देशी सामानों का यूज कई लिहाज से फायदेमंद है इस तथ्य को ठुकराया नहीं जा सकता है. लेकिन क्या ये बहिष्कार सिर्फ चुनिंदा प्रोडक्ट्स के लिए ही है या सभी के लिए. आंकड़ों से तो यह जाहिर हो रहा है कि चीनी प्रोडक्ट्स की बिक्री लगातार बढ़ रही हैं. चीन की टेक्नॉलोजी दिग्गज शाओमी ने कहा है कि कंपनी ने भारत में सिर्फ अट्ठारह दिनों में दस लाख से ज्यादा स्मार्टफोन बेज दिए हैं. इस मौके पर कंपनी के सीईओ ली जुन ने भारत में शाओमी के कर्मचारियों और फैंस के लिए एक खुला खत लिखा है. उन्होंने अपने ओपन लेटर में यहां के कर्मचारियों की सराहना करते हुए आला अधिकारियों की जमकर तारीफ भी की है. भारतीय फैंस का शुक्रिया अदा किया है और पिछले कुछ सालों से शाओमी इंडिया से जुड़े कुछ खास तथ्य भी बताए हैं. उन्होंने कहा है कि सिर्फ छह महीने में ही कंपनी ने Redmi Note तीन के दो. तीन मिलियन युनिट्स बेच दिए जो अब शाओमी का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन बन चुका है. इतना ही नहीं उन्होंने अपने खुले खत में यह भी लिखा है कि भारत में अगले तीन से पाँच सालों में शाओमी मार्केट शेयर के मामले में सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी. जाहिर है यह स्टेटमेंट माइक्रोमैक्स, लावा और इंटेक्स जैसे स्वदेशी कंपनियों को नागवार ही गुजरेगा. अगस्त, दो हज़ार पंद्रह: शाओमी पीएम मोदी के मेक इन इंडिया में भागिदार बनने वाली पहली कंपनी बनी. जुलाई से अगस्त दो हज़ार सोलह: आईडीसी के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी भारत में नंबर-एक ऑनलाइन स्मार्टफोन ब्रांड बन गई. सितंबर दो हज़ार सोलह : आईडीसी के मुताबिक कंपनी भारत के टॉप तीस शहरों में आठ. चार फीसदी मार्केट शेयर के साथ तीसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन वेंडर बन गई. सितंबर दो हज़ार सोलह: Redmi Note तीन ऑनलाइन मार्केट में बिकने वाला बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन बन गया और सिर्फ छः महीने में दो. तीन मिलियन युनिट्स बिक गए. गौरतलब है कि आईडीसी यानी इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन अमेरिका की मार्केट रिसर्च अलानिसिस कंपनी है और बड़ी कंपनियां इसके डेटा पर भरोसा करती हैं. आंकड़ों से इस बात का अंदाजा हो गया होगा कि किस कदर चीनी स्मार्टफोन कंपनी देश में आक्रामक तरीके से हावी हो रही है. लेकिन सवाल यह है कि अगर चीनी सामानों का बायकॉट जोर शोर से हो रहा है तो यह नौबत क्यों आ रही है.
बल्लेबाज रोबिन उथप्पा ने एक बार फिर से याद किया जब उन्होंने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ होटल का रूम साझा किया था। दो बार के विश्व कप विजेता कप्तान धोनी ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया है। उथप्पा ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ 2015 में खेला था. वह आईपीएल के 13वें सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलेंगे. उथप्पा ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ 2015 में खेला था. वह आईपीएल के 13वें सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलेंगे.
बल्लेबाज रोबिन उथप्पा ने एक बार फिर से याद किया जब उन्होंने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ होटल का रूम साझा किया था। दो बार के विश्व कप विजेता कप्तान धोनी ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया है। उथप्पा ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ दो हज़ार पंद्रह में खेला था. वह आईपीएल के तेरहवें सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलेंगे. उथप्पा ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ दो हज़ार पंद्रह में खेला था. वह आईपीएल के तेरहवें सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलेंगे.
(active tab) ग्राउंड रिपोर्टः बुंदेलखंड के गांवों में कुपोषित बच्चों की सुध कब लेगी यूपी सरकार? बिहार का आनंद मोहन रिहाई विवाद, दिल्ली में ब्रजभूषण का बचाव और बिल्किस बानो के 'आजाद गुनहगार' अतीक़ अहमद की मौत के 'LIVE प्रसारण' से उठते सवाल! बीबीसी को 'डराकर' भाजपा को क्या हासिल? 'बुलडोज़र' ने कैसे पर्दाफाश किया गोदी मीडिया-भाजपा को!
ग्राउंड रिपोर्टः बुंदेलखंड के गांवों में कुपोषित बच्चों की सुध कब लेगी यूपी सरकार? बिहार का आनंद मोहन रिहाई विवाद, दिल्ली में ब्रजभूषण का बचाव और बिल्किस बानो के 'आजाद गुनहगार' अतीक़ अहमद की मौत के 'LIVE प्रसारण' से उठते सवाल! बीबीसी को 'डराकर' भाजपा को क्या हासिल? 'बुलडोज़र' ने कैसे पर्दाफाश किया गोदी मीडिया-भाजपा को!
नई दिल्ली। शिक्षा बैंक एनजीओ द्वारा समर कैंप का आयोजन 15 से 22 जून 2022 तक जैन स्थानक पहाड़ी धीरज और जैन मंदिर शास्त्री नगर में किया गया। समर कैंप में करीब 200 छात्र-छात्राओं को फोटोग्राफी, फायरलेस कुकिंग, पर्सनेलिटी डवलमेंट, क्यूलिंग, फ्रेंच क्लास, बेसिक इंग्लिश आदि कोर्सिस करवाये गए। शिक्षा बैंक एनजीओ ने कोर्स करने वाले सभी बच्चों का टेस्ट लिया और प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा अन्य बच्चों को सर्टीफिकेट प्रदान किये गए। समर कैंप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नवीन जैन (नवीन मैटल उद्योग), समाजसेवी रोहतास चौधरी, सुरेश चौधरी, नन्द किशोर, मांगेराम जैन, संभव जैन (चिंतामणी क्लोथ हाउस), देवेन्द्र जैन, अंजू जैन, मंजू जैन, शारदा जैन उपस्थित थे। समर कैंप में शिक्षक गौरव जैन, रीचा जैन, तुशार, गुंजन वर्मा, निमीशा अग्रवाल, अर्षिता मित्तल व पारुल सचदेवा की देख-रेख में सभी कोसिर्स करवाये गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षा बैंक के गौरव जैन, नितिन जैन, पारुल, रीचा जैन, अमित गोयल, राजेश गुप्ता, गिरीश मित्तल, संजय गुप्ता, सुमित, अनुज जैन के अलावा अन्य पदाधिकारियों तथा सभी वोलेंटियरों का भी विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य लोगों के लिए जल-पाल की व्यवस्था भी की गई थी, जिसका सभी ने आनन्द लिया।
नई दिल्ली। शिक्षा बैंक एनजीओ द्वारा समर कैंप का आयोजन पंद्रह से बाईस जून दो हज़ार बाईस तक जैन स्थानक पहाड़ी धीरज और जैन मंदिर शास्त्री नगर में किया गया। समर कैंप में करीब दो सौ छात्र-छात्राओं को फोटोग्राफी, फायरलेस कुकिंग, पर्सनेलिटी डवलमेंट, क्यूलिंग, फ्रेंच क्लास, बेसिक इंग्लिश आदि कोर्सिस करवाये गए। शिक्षा बैंक एनजीओ ने कोर्स करने वाले सभी बच्चों का टेस्ट लिया और प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा अन्य बच्चों को सर्टीफिकेट प्रदान किये गए। समर कैंप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नवीन जैन , समाजसेवी रोहतास चौधरी, सुरेश चौधरी, नन्द किशोर, मांगेराम जैन, संभव जैन , देवेन्द्र जैन, अंजू जैन, मंजू जैन, शारदा जैन उपस्थित थे। समर कैंप में शिक्षक गौरव जैन, रीचा जैन, तुशार, गुंजन वर्मा, निमीशा अग्रवाल, अर्षिता मित्तल व पारुल सचदेवा की देख-रेख में सभी कोसिर्स करवाये गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षा बैंक के गौरव जैन, नितिन जैन, पारुल, रीचा जैन, अमित गोयल, राजेश गुप्ता, गिरीश मित्तल, संजय गुप्ता, सुमित, अनुज जैन के अलावा अन्य पदाधिकारियों तथा सभी वोलेंटियरों का भी विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य लोगों के लिए जल-पाल की व्यवस्था भी की गई थी, जिसका सभी ने आनन्द लिया।
करने वालो पर निर्भर है । अगर उन्होंने पूर्ण श्रद्धा से मन्त्र ग्रहण किया है तो वे तुम्हारे भक्त सद्गति को प्राप्त कर सकेंगे ।" यह बात सुनकर तो रामानुज का चेहरा पुन प्रफुल्लित हो गया और वे अपने गुरु के समक्ष हाथ जोड़कर वोले - "गुरुदेव । तव तो मुझे आपके द्वारा प्रदत्त मन्त्र का रहस्य ओरो को बताने का कोई दु.ख नही है । मेरे बताए हुए मत्र से अगर उन सबकी सद्गति होगी तो केवल मेरी दुर्गति के लिए मुझे तनिक भी चिन्ता नही है । " गुरुजी अपने शिष्य की वात सुनकर अवाक् रह गए और उन्होंने हृदय से अपने देवता स्वरूप शिष्य को धन्य धन्य कहा । ये उदाहरण मनुष्य मे रहने वाली दैवी वृत्ति के परिचायक हैं और ये बताते हैं कि इस वृत्ति वाले पुरुष किस प्रकार अपना अहित करके भी औरो का हितचिन्तन करते हैं । रामानुज जैसे सत ने अपने भक्तो की सद्गति की खुशी मे जव अपनी स्वय की दुर्गति की भी परवाह नही की, जिसके कारण न जाने कितने काल तक नाना कष्ट उठाने पडते है तो फिर धन की तो बात ही क्या है ? जिसके लिए मेरा-मेरा कहकर ओरो के पेट पर लात मारे । दैवीवृत्ति वाले महामानव तो अपना सर्वस्त्र ही औरो को देने के लिए तैयार रहते हैं । उनके हृदय में अपनी अधिकृत किसी भी वस्तु के लिए ममत्व नहीं होता और इसीलिए वे- 'तेरा सो तेरा मेरा भी तेरा' - यह कहते है । (४) ब्रह्मवृत्ति वन्धुओ, ध्यान में रखने की बात है कि देवी वृत्ति वाले मनुष्य अपना भी औरो को देते हैं, किन्तु इतना जरूर कहते हैं कि 'मेरा सो भी तेरा है ।' अर्थात्वे मेरे और तेरे मे अन्तर जरूर समझते हैं पर ब्रह्मवृत्ति वाले व्यक्ति में तो मेरे और तेरे की भावना ही नहीं रहती । उसके पवित्र मानस में ज्ञान की दिव्य ज्योति जल जाती है तथा उसके प्रकाश में उसे कोई पराया नही दिखाई देता । वह सभी को आत्मा मे परमात्मा का अश देखता है, दूसरे शब्दो मे सभी आत्माओ को परमात्मा का ही रूप मानता है । कहा जाता है कि सत एकनाथ जी ऐसी ही ब्रह्मवृत्ति के स्वामी थे । एक बार वे अपने लिए रोटियां सेक रहे थे कि एक कुत्ता उनकी कुछ रोटियां मुंह मे लेकर भागने लगा । जब एकनाथ जी ने यह देखा तो वे घी की कटोरी लेकर उस कुत्ते के पीछे दौड़ते हुए बोले"अरे भगवन् । रुखी रोटियाँ लेकर मत जाइये, उन्हें चुपड तो देने दीजिये ।" कई बार एकनाथ जी के साथ कुत्ते खाने के लिए भी बैठ जाते थे क्योकि वे उन्हे भगाते नहीं थे । लोग जब इस दृश्य को देखते तो हँस पडते थे। यह देखकर एकनाथ जी चकित होते और लोगो से कहते - "भगवन् । हंसते क्यो हैं ? भगवान, भगवान के साथ खा रहा है, इसमे भला हँसने की कोनसी बात है ?" तो ब्रह्मवृत्ति वाले महापुरुष किसी को भी अपने से हीन नही समझते । वे मानते हैं कि कीडी से लेकर कुजर यानी हाथी के अन्दर तक भी एक सी अनन्त शक्तिशाली आत्माएँ हैं । कोई भी आत्मा कम या अधिक महत्व नहीं रखती । केवल पूर्व कर्मों के कारण ही उन्हे भिन्न-भिन्न योनियो में जाना पड़ता है और भिन्न-भिन्न प्रकार के आकारो मे कैद रहना पड़ता है। इसलिए वे किसी प्राणी का अपमान नहीं करते तथा सभी पर समान प्रेम एव करुणा का भाव रखते है । वे सदा यही भावना अपने अन्तर में बनाये रखते हैं कि अगर आत्मा का कल्याण करना है तो भगवान के आदेशो का पालन करना पडेगा और श्रेष्ठ आर्य धर्म को स्वीकार करके जीवन के अन्त तक उसे दृढतापूर्वक निभाना पडेगा । यद्यपि धर्म का पालन करने में अनेको बाधाएं, विघ्न और परिपह आते हैं किन्तु जब शरीर पर से ममत्व हटा लिया जाता है तो उन्हें सहन करना कठिन नही होता । मारे परियह शरीर को ही कष्ट पहुँचाते हैं, आत्मा को उनसे कोई हानि नही होती । उल्टे परिषहो को समतापूर्वक सहन करने से आत्मा की शक्ति जाप्रत होती है । हमारे प्रवचन मे भी 'जल्ल परिषह' का वर्णन चल रहा है। इसके लिए विवेकी और शक्तिशाली सत सोचते हैं कि जब साधना को समीचीन रूप से चलाने के लिए गजसुकुमाल जैसे बाल मुनि कुछ क्षणो मे ही यह देह त्याग देने की दृढता रखते हैं तो शरीर पर पसीने का आ जाना और उस पर मल का जम जाना क्या महत्व रखता है ? यह शरीर तो एक दिन जाना ही है चाहे इसे धो-धोकर साफ करते रहो या फिर जैसी भी स्थिति में रहता है, रहने दो । दशवकालिक सूत्र के छठे अध्याय में कहा गया है - में - तम्हा ते न सिणायति, सीएण उसियेण वा । जावज्जीव वय घोर असिणाणम हिट्ठगा ।। के लिए कहा गया है कि वे कभी भी उष्ण या शीतल जल से स्नान नही करते तथा जीवनभर इस घोर व्रत का पालन करते हैं । यद्यपि शरीर पर पानी का पड़ जाना या न पडना महत्व नहीं रखता, महत्व मन की वृत्ति का होता है । हम देखते है कि किसी पतिव्रता स्त्री का पति अगर परदेश में चला जाता है तो उसे अच्छे वस्त्र पहनना, नाभूषण धारण करना या इम-फुलेल आदि लगाना अच्छा नहीं लगता। यानी शरीर का शृंगार करना उसे प्रिय नहीं लगता । तो हाड-मास के एक व्यक्ति के लिए भी जब स्त्री अपने शरीर के सजाने का मोह छोड देती है तो फिर मुनि तो अपनी आत्मा को परमात्मा के रूप में लाने का सर्वोत्कृष्ट लक्ष्य अपने सामने रखता है और उसे पूरा करने के उद्देश्य मे जब जुट जाता है तो फिर शरीर को नहलाने, धुलाने और सजाने मे वह कब अपने मन को लगा सकता है ? शरीर की शुश्रूषा करने पर मन की वृत्ति मे फर्क आ जाता है। हमारे बुजुर्ग तो यह कहते रहे हैं कि अगर कपडा फट जाय और नया पहनना पडे तो शरीर पर पहने जाने वाले सभी वस्त्र नये नही होने चाहिए। एक कपडा नया हो तो अन्य पुराने होने चाहिए । इस प्रकार शरीर को आकर्षक बनाने का प्रयत्न न करके इन्द्रियो पर सयम रखने से सवर के मार्ग पर चला जा सकता है । साधक को तो दृढ सकल्प के साथ अपनी आत्म-शुद्धि करके आत्मा के शुद्ध स्वरूप को प्राप्त करने का प्रयत्न करना चाहिए । शरीर की शुद्धि मे लगा रहने से उसे क्या हासिल हो सकता है ? कुछ भी नही, यह शरीर तो चाहे मलिन रहने दिया जाय या सजाकर रखा जाय एक दिन निश्चय ही नष्ट हो जायगा । किन्तु अगर आत्मा को शुद्ध कर लिया जाएगा तो सदा के लिए शाश्वत सुख की प्राप्ति हो जाएगी और फिर शरीर धारण करने की जरूरत ही नही रहेगी। इसलिए साधक को चाहिए कि वह अपनी आत्म-शक्ति पर दृढ विश्वास रखता हुआ यह चिन्तन करेऐ जजवाए दिल ! गर मैं चाहूँ, हर चीज मुकाविल आ जाए । मजिल के लिए दो गाम चलूं, सामने मजिल आ जाए ॥ इस उर्दू भाषा के पद्य मे गाम का अर्थ है कदम । आप विचार करेंगे कि क्या दो कदम चलने का निश्चय कर लेने पर ही मजिल मिल सकती है ? अवश्य मिल सकती है । यद्यपि मोक्ष की मजिल जीव को कई-कई जन्म तक चलने पर प्राप्त होती है, किन्तु गजसुकुमाल मुनि उस मजिल को प्राप्त करने के लिए कितना चले थे ? केवल एक रात्रि, सभवत वह भी पूरी नहीं निकल सकी थी । अपनी माता के हाथ से खाये हुए अन्न के पश्चात् सयमी जीवन मे सभवत उन्होंने पुन अन्न भी ग्रहण नहीं किया था । साधना के जीवन मे एक दिन चलकर ही उन्होंने शिवपुर की लम्बी मजिल हासिल करके अक्षय सुख और शांति प्राप्त कर ली थी । तो बधुओ, परिषहयुक्त साधना का मार्ग कठिन अवश्य है किन्तु आत्म-शक्ति की दृढता उसे अवश्यमेव पार लगा देती है । इसीलिए भगवान का कथन है कि परिपहो के कारण तनिक भी विचलित न होते हुए साधक को सवर के मार्ग पर बढ़ना चाहिए और ऐसा करने पर ही मुक्ति रूपी मंजिल प्राप्त हो सकती है । धर्मप्रेमी बन्धुओ, माताओो एव बहनो । बहुत दिनो से हमारा सवर तत्व पर विवेचन चल रहा है । सवर के सत्तावन प्रकार होते हैं और उसके छब्बीसवे भेद यानी अठारहवें 'जल्ल परिषह' का वर्णन पिछले दो दिनों से किया जा रहा है । कल श्री उत्तराध्ययन सूत्र के दूसरे अध्याय की सैतीसवी गाथा मैंने आपके सामने रखी थी । जिसमे भगवान महावीर ने मुमुक्षु प्राणियो को उपदेश दिया है कि अगर कर्मों को निर्जरा करनी है तो आर्य धर्म का शरीर रहते पालन करो । आर्य धर्म भी कैसा ? अनुत्तरम् अर्थात् जिससे बढकर और कोई धर्म नहीं है । ऐसे धर्म की महत्ता का वर्णन शब्दो के द्वारा नहीं किया जा सकता । शास्त्र कहते हैंदिव्य च गई गच्छन्ति चरित्ता धम्ममारिय । - उत्तराव्ययन सूत्र आर्य धर्म का आचरण करके महापुरुष दिव्य गति को प्राप्त होते है । तो धर्म से बढकर इस संसार में और कुछ नही है, जो आत्मा का भला करने मे समर्थ हो सके । इसीलिए कहते है - 'लोकस्स धम्मो सारो ।' इस संसार मे अगर - कोई सारभूत पदार्थ है तो वह एकमात्र धर्म ही है । वैसे भी कीमत सारभूत वस्तु की होती है । अनाज की कीमत होती है भूसे की नहीं, क्योंकि वह सारहीन होता । इसी प्रकार विश्व के सम्पूर्ण पदार्थों मे सारभूत केवल घम है और अन्य सव सारहीन । इसीलिए प्रत्येक प्राणी को सच्चे धर्म का अनुसरण करना चाहिए । धर्म के तीन प्रकार हैं - ज्ञान, दर्शन एव चारित्र ज्ञान ने समझा, दर्शन से उस पर श्रद्धा रखी और चारित्र के द्वारा अमल में लाया गया तो धर्म सच्चे अर्थो मे ग्रहण किया गया है, ऐसा कहा जा सकता है । अभी मैंने बताया कि लोक मे सारभून पदार्थ क्या है ? बताया गया है कि लोक मे नारभूत पदार्थ केवल धर्म है। अब ज्ञान का माहात्म्य इस प्रश्न के उत्तर मे दूसरा प्रश्न होता है
करने वालो पर निर्भर है । अगर उन्होंने पूर्ण श्रद्धा से मन्त्र ग्रहण किया है तो वे तुम्हारे भक्त सद्गति को प्राप्त कर सकेंगे ।" यह बात सुनकर तो रामानुज का चेहरा पुन प्रफुल्लित हो गया और वे अपने गुरु के समक्ष हाथ जोड़कर वोले - "गुरुदेव । तव तो मुझे आपके द्वारा प्रदत्त मन्त्र का रहस्य ओरो को बताने का कोई दु.ख नही है । मेरे बताए हुए मत्र से अगर उन सबकी सद्गति होगी तो केवल मेरी दुर्गति के लिए मुझे तनिक भी चिन्ता नही है । " गुरुजी अपने शिष्य की वात सुनकर अवाक् रह गए और उन्होंने हृदय से अपने देवता स्वरूप शिष्य को धन्य धन्य कहा । ये उदाहरण मनुष्य मे रहने वाली दैवी वृत्ति के परिचायक हैं और ये बताते हैं कि इस वृत्ति वाले पुरुष किस प्रकार अपना अहित करके भी औरो का हितचिन्तन करते हैं । रामानुज जैसे सत ने अपने भक्तो की सद्गति की खुशी मे जव अपनी स्वय की दुर्गति की भी परवाह नही की, जिसके कारण न जाने कितने काल तक नाना कष्ट उठाने पडते है तो फिर धन की तो बात ही क्या है ? जिसके लिए मेरा-मेरा कहकर ओरो के पेट पर लात मारे । दैवीवृत्ति वाले महामानव तो अपना सर्वस्त्र ही औरो को देने के लिए तैयार रहते हैं । उनके हृदय में अपनी अधिकृत किसी भी वस्तु के लिए ममत्व नहीं होता और इसीलिए वे- 'तेरा सो तेरा मेरा भी तेरा' - यह कहते है । ब्रह्मवृत्ति वन्धुओ, ध्यान में रखने की बात है कि देवी वृत्ति वाले मनुष्य अपना भी औरो को देते हैं, किन्तु इतना जरूर कहते हैं कि 'मेरा सो भी तेरा है ।' अर्थात्वे मेरे और तेरे मे अन्तर जरूर समझते हैं पर ब्रह्मवृत्ति वाले व्यक्ति में तो मेरे और तेरे की भावना ही नहीं रहती । उसके पवित्र मानस में ज्ञान की दिव्य ज्योति जल जाती है तथा उसके प्रकाश में उसे कोई पराया नही दिखाई देता । वह सभी को आत्मा मे परमात्मा का अश देखता है, दूसरे शब्दो मे सभी आत्माओ को परमात्मा का ही रूप मानता है । कहा जाता है कि सत एकनाथ जी ऐसी ही ब्रह्मवृत्ति के स्वामी थे । एक बार वे अपने लिए रोटियां सेक रहे थे कि एक कुत्ता उनकी कुछ रोटियां मुंह मे लेकर भागने लगा । जब एकनाथ जी ने यह देखा तो वे घी की कटोरी लेकर उस कुत्ते के पीछे दौड़ते हुए बोले"अरे भगवन् । रुखी रोटियाँ लेकर मत जाइये, उन्हें चुपड तो देने दीजिये ।" कई बार एकनाथ जी के साथ कुत्ते खाने के लिए भी बैठ जाते थे क्योकि वे उन्हे भगाते नहीं थे । लोग जब इस दृश्य को देखते तो हँस पडते थे। यह देखकर एकनाथ जी चकित होते और लोगो से कहते - "भगवन् । हंसते क्यो हैं ? भगवान, भगवान के साथ खा रहा है, इसमे भला हँसने की कोनसी बात है ?" तो ब्रह्मवृत्ति वाले महापुरुष किसी को भी अपने से हीन नही समझते । वे मानते हैं कि कीडी से लेकर कुजर यानी हाथी के अन्दर तक भी एक सी अनन्त शक्तिशाली आत्माएँ हैं । कोई भी आत्मा कम या अधिक महत्व नहीं रखती । केवल पूर्व कर्मों के कारण ही उन्हे भिन्न-भिन्न योनियो में जाना पड़ता है और भिन्न-भिन्न प्रकार के आकारो मे कैद रहना पड़ता है। इसलिए वे किसी प्राणी का अपमान नहीं करते तथा सभी पर समान प्रेम एव करुणा का भाव रखते है । वे सदा यही भावना अपने अन्तर में बनाये रखते हैं कि अगर आत्मा का कल्याण करना है तो भगवान के आदेशो का पालन करना पडेगा और श्रेष्ठ आर्य धर्म को स्वीकार करके जीवन के अन्त तक उसे दृढतापूर्वक निभाना पडेगा । यद्यपि धर्म का पालन करने में अनेको बाधाएं, विघ्न और परिपह आते हैं किन्तु जब शरीर पर से ममत्व हटा लिया जाता है तो उन्हें सहन करना कठिन नही होता । मारे परियह शरीर को ही कष्ट पहुँचाते हैं, आत्मा को उनसे कोई हानि नही होती । उल्टे परिषहो को समतापूर्वक सहन करने से आत्मा की शक्ति जाप्रत होती है । हमारे प्रवचन मे भी 'जल्ल परिषह' का वर्णन चल रहा है। इसके लिए विवेकी और शक्तिशाली सत सोचते हैं कि जब साधना को समीचीन रूप से चलाने के लिए गजसुकुमाल जैसे बाल मुनि कुछ क्षणो मे ही यह देह त्याग देने की दृढता रखते हैं तो शरीर पर पसीने का आ जाना और उस पर मल का जम जाना क्या महत्व रखता है ? यह शरीर तो एक दिन जाना ही है चाहे इसे धो-धोकर साफ करते रहो या फिर जैसी भी स्थिति में रहता है, रहने दो । दशवकालिक सूत्र के छठे अध्याय में कहा गया है - में - तम्हा ते न सिणायति, सीएण उसियेण वा । जावज्जीव वय घोर असिणाणम हिट्ठगा ।। के लिए कहा गया है कि वे कभी भी उष्ण या शीतल जल से स्नान नही करते तथा जीवनभर इस घोर व्रत का पालन करते हैं । यद्यपि शरीर पर पानी का पड़ जाना या न पडना महत्व नहीं रखता, महत्व मन की वृत्ति का होता है । हम देखते है कि किसी पतिव्रता स्त्री का पति अगर परदेश में चला जाता है तो उसे अच्छे वस्त्र पहनना, नाभूषण धारण करना या इम-फुलेल आदि लगाना अच्छा नहीं लगता। यानी शरीर का शृंगार करना उसे प्रिय नहीं लगता । तो हाड-मास के एक व्यक्ति के लिए भी जब स्त्री अपने शरीर के सजाने का मोह छोड देती है तो फिर मुनि तो अपनी आत्मा को परमात्मा के रूप में लाने का सर्वोत्कृष्ट लक्ष्य अपने सामने रखता है और उसे पूरा करने के उद्देश्य मे जब जुट जाता है तो फिर शरीर को नहलाने, धुलाने और सजाने मे वह कब अपने मन को लगा सकता है ? शरीर की शुश्रूषा करने पर मन की वृत्ति मे फर्क आ जाता है। हमारे बुजुर्ग तो यह कहते रहे हैं कि अगर कपडा फट जाय और नया पहनना पडे तो शरीर पर पहने जाने वाले सभी वस्त्र नये नही होने चाहिए। एक कपडा नया हो तो अन्य पुराने होने चाहिए । इस प्रकार शरीर को आकर्षक बनाने का प्रयत्न न करके इन्द्रियो पर सयम रखने से सवर के मार्ग पर चला जा सकता है । साधक को तो दृढ सकल्प के साथ अपनी आत्म-शुद्धि करके आत्मा के शुद्ध स्वरूप को प्राप्त करने का प्रयत्न करना चाहिए । शरीर की शुद्धि मे लगा रहने से उसे क्या हासिल हो सकता है ? कुछ भी नही, यह शरीर तो चाहे मलिन रहने दिया जाय या सजाकर रखा जाय एक दिन निश्चय ही नष्ट हो जायगा । किन्तु अगर आत्मा को शुद्ध कर लिया जाएगा तो सदा के लिए शाश्वत सुख की प्राप्ति हो जाएगी और फिर शरीर धारण करने की जरूरत ही नही रहेगी। इसलिए साधक को चाहिए कि वह अपनी आत्म-शक्ति पर दृढ विश्वास रखता हुआ यह चिन्तन करेऐ जजवाए दिल ! गर मैं चाहूँ, हर चीज मुकाविल आ जाए । मजिल के लिए दो गाम चलूं, सामने मजिल आ जाए ॥ इस उर्दू भाषा के पद्य मे गाम का अर्थ है कदम । आप विचार करेंगे कि क्या दो कदम चलने का निश्चय कर लेने पर ही मजिल मिल सकती है ? अवश्य मिल सकती है । यद्यपि मोक्ष की मजिल जीव को कई-कई जन्म तक चलने पर प्राप्त होती है, किन्तु गजसुकुमाल मुनि उस मजिल को प्राप्त करने के लिए कितना चले थे ? केवल एक रात्रि, सभवत वह भी पूरी नहीं निकल सकी थी । अपनी माता के हाथ से खाये हुए अन्न के पश्चात् सयमी जीवन मे सभवत उन्होंने पुन अन्न भी ग्रहण नहीं किया था । साधना के जीवन मे एक दिन चलकर ही उन्होंने शिवपुर की लम्बी मजिल हासिल करके अक्षय सुख और शांति प्राप्त कर ली थी । तो बधुओ, परिषहयुक्त साधना का मार्ग कठिन अवश्य है किन्तु आत्म-शक्ति की दृढता उसे अवश्यमेव पार लगा देती है । इसीलिए भगवान का कथन है कि परिपहो के कारण तनिक भी विचलित न होते हुए साधक को सवर के मार्ग पर बढ़ना चाहिए और ऐसा करने पर ही मुक्ति रूपी मंजिल प्राप्त हो सकती है । धर्मप्रेमी बन्धुओ, माताओो एव बहनो । बहुत दिनो से हमारा सवर तत्व पर विवेचन चल रहा है । सवर के सत्तावन प्रकार होते हैं और उसके छब्बीसवे भेद यानी अठारहवें 'जल्ल परिषह' का वर्णन पिछले दो दिनों से किया जा रहा है । कल श्री उत्तराध्ययन सूत्र के दूसरे अध्याय की सैतीसवी गाथा मैंने आपके सामने रखी थी । जिसमे भगवान महावीर ने मुमुक्षु प्राणियो को उपदेश दिया है कि अगर कर्मों को निर्जरा करनी है तो आर्य धर्म का शरीर रहते पालन करो । आर्य धर्म भी कैसा ? अनुत्तरम् अर्थात् जिससे बढकर और कोई धर्म नहीं है । ऐसे धर्म की महत्ता का वर्णन शब्दो के द्वारा नहीं किया जा सकता । शास्त्र कहते हैंदिव्य च गई गच्छन्ति चरित्ता धम्ममारिय । - उत्तराव्ययन सूत्र आर्य धर्म का आचरण करके महापुरुष दिव्य गति को प्राप्त होते है । तो धर्म से बढकर इस संसार में और कुछ नही है, जो आत्मा का भला करने मे समर्थ हो सके । इसीलिए कहते है - 'लोकस्स धम्मो सारो ।' इस संसार मे अगर - कोई सारभूत पदार्थ है तो वह एकमात्र धर्म ही है । वैसे भी कीमत सारभूत वस्तु की होती है । अनाज की कीमत होती है भूसे की नहीं, क्योंकि वह सारहीन होता । इसी प्रकार विश्व के सम्पूर्ण पदार्थों मे सारभूत केवल घम है और अन्य सव सारहीन । इसीलिए प्रत्येक प्राणी को सच्चे धर्म का अनुसरण करना चाहिए । धर्म के तीन प्रकार हैं - ज्ञान, दर्शन एव चारित्र ज्ञान ने समझा, दर्शन से उस पर श्रद्धा रखी और चारित्र के द्वारा अमल में लाया गया तो धर्म सच्चे अर्थो मे ग्रहण किया गया है, ऐसा कहा जा सकता है । अभी मैंने बताया कि लोक मे सारभून पदार्थ क्या है ? बताया गया है कि लोक मे नारभूत पदार्थ केवल धर्म है। अब ज्ञान का माहात्म्य इस प्रश्न के उत्तर मे दूसरा प्रश्न होता है
रिपोर्टर- प्रमोद मल्ल (असम) असम के कारबी आलोंग जिले के बोकाजान में स्थानीय दुकानदारों में व्यापर लाइसेंस को लेकर बड़ा बवाल मचा हुआ है कर सग्रह करने आये हुए अधिकारियो पर आरोप है की कर संग्रह का किसी प्रकार के रशीद दिए बिना कर संग्रह किया जा रहा है और कर संग्रह को लेकर मनमानी चलायी जा रही है। आज कारबी आलोंग जिले के सुखानजान में इसी तरह से कर संग्रह को लेकर स्थानीय दुकानदार तंग आकर सड़क पड़ उतर आये उसके बाद सड़क पर उतरकर स्थानीय प्रशासन के विरोध जमकर नारेबाजी कर सभी ने अपनी व्यापारिक प्रतिष्ठान को बंद कर दिया वही हालत इतनी बिगड़ गयी की स्थानिय पुलिस के साथ एक छड़प भी हो गयी। जिसको लेकर बोकाजान पुलिस ने तीन लोगो को गिरफ्तार भी किया। स्थानीय लोगो का कहना है की यहाँ के कर अधिकारियो के कार्यालय में जब हम जाते है ट्रैड लाइसेंस के लिए उन्हें किसी तरह का उनका सहयोग नहीं मिलता है और अचानक दुकान पर आकर मनमानी तरीके से अपने मन के मुताबिक ये लोग कर संग्रह में लग जाते है जो एक चिंता का विषय है। स्थानीय लोगो का का कहना है की हम आज काफी वर्षो से यहाँ रहकर व्यसाय कर रहे है पड़ अचानक इस तरीके से कर के नाम पर व्यापारियों को तकलीफ देना उचित नहीं है। यहाँ के व्यापारियों ने मांग की है की असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा शर्मा पुरे मामले को लेकर यहाँ के कौंसिल के अधिकारियो के लापरवाही की जांच करे और इस समस्या के समाधान को लेकर उचित करवाई करे।
रिपोर्टर- प्रमोद मल्ल असम के कारबी आलोंग जिले के बोकाजान में स्थानीय दुकानदारों में व्यापर लाइसेंस को लेकर बड़ा बवाल मचा हुआ है कर सग्रह करने आये हुए अधिकारियो पर आरोप है की कर संग्रह का किसी प्रकार के रशीद दिए बिना कर संग्रह किया जा रहा है और कर संग्रह को लेकर मनमानी चलायी जा रही है। आज कारबी आलोंग जिले के सुखानजान में इसी तरह से कर संग्रह को लेकर स्थानीय दुकानदार तंग आकर सड़क पड़ उतर आये उसके बाद सड़क पर उतरकर स्थानीय प्रशासन के विरोध जमकर नारेबाजी कर सभी ने अपनी व्यापारिक प्रतिष्ठान को बंद कर दिया वही हालत इतनी बिगड़ गयी की स्थानिय पुलिस के साथ एक छड़प भी हो गयी। जिसको लेकर बोकाजान पुलिस ने तीन लोगो को गिरफ्तार भी किया। स्थानीय लोगो का कहना है की यहाँ के कर अधिकारियो के कार्यालय में जब हम जाते है ट्रैड लाइसेंस के लिए उन्हें किसी तरह का उनका सहयोग नहीं मिलता है और अचानक दुकान पर आकर मनमानी तरीके से अपने मन के मुताबिक ये लोग कर संग्रह में लग जाते है जो एक चिंता का विषय है। स्थानीय लोगो का का कहना है की हम आज काफी वर्षो से यहाँ रहकर व्यसाय कर रहे है पड़ अचानक इस तरीके से कर के नाम पर व्यापारियों को तकलीफ देना उचित नहीं है। यहाँ के व्यापारियों ने मांग की है की असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा शर्मा पुरे मामले को लेकर यहाँ के कौंसिल के अधिकारियो के लापरवाही की जांच करे और इस समस्या के समाधान को लेकर उचित करवाई करे।
को भूमिका में देने के अतिरिक्त मूल पुस्तक की आख्यायिका वडे कौशल से फेर-फार किया है । मे भी (१०) बुद्ध चरित ~ Light of Asia के आधार पर का एक सरस काव्य । 'काव्य-भाषा' पर एक बहुत बड़ा निबन्ध भी भूमिका के साथ है, जिसमें खड़ी, ब्रज और तीनों बोलियो का तारतम्य दिखाते हुए बहुत सूक्ष्म और पाडित्य पूर्ण विवेचन किया गया है । बुद्ध चरित विविध छदो में लिखा गया है । कविता बडी मधुर है। (११) गोस्वामी तुलसीदास (लोचना) (१२) जायसी ग्रन्थावली (१३) महाकवि सूरदास (१४) भ्रमरगीत सार (१५) हिन्दी साहित्य का इतिहास (१६) काव्य में रहस्यवाद कठिन प्राचीन ग्रंथों के सम्पादन की ओर भी इनका पूरा ध्यान रहता है। इन्होंने सूरदास के 'भ्रमर-गीत' और केशवदास के 'वीरसिह - देव-चरित' का टीका-टिप्पणी के साथ सम्पादन किया है। नागरीप्रचारिणी सभा से निकलनेवाली 'तुलसी ग्रथावली' के तीन सम्पादको मे एक ये भी है । उक्त प्रथावली में गम्भीर आलोचनापूर्ण भूमिका इन्हीं की लिखी है। 'जायसी-ग्रथावली' का सम्पादन प्रचुर टीकाटिप्पणी के साथ बड़े विशद रूप में किया है। जिसके साथ २५५ पृष्ठों की बडी ही विस्तृत, गूढ और पाढित्य- पूर्ण समीक्षा है। सूर की आलोचना भी इसी प्रकार की है। काव्य के सिद्धान्तो पर ये एक बहुत बड़ी और स्वतन्त्र पुस्तक लिख रहे हैं । शुक्लजी करुण रस लिखने में तो सिद्धहस्त हैं ही, इनके प्राकृतिक
को भूमिका में देने के अतिरिक्त मूल पुस्तक की आख्यायिका वडे कौशल से फेर-फार किया है । मे भी बुद्ध चरित ~ Light of Asia के आधार पर का एक सरस काव्य । 'काव्य-भाषा' पर एक बहुत बड़ा निबन्ध भी भूमिका के साथ है, जिसमें खड़ी, ब्रज और तीनों बोलियो का तारतम्य दिखाते हुए बहुत सूक्ष्म और पाडित्य पूर्ण विवेचन किया गया है । बुद्ध चरित विविध छदो में लिखा गया है । कविता बडी मधुर है। गोस्वामी तुलसीदास जायसी ग्रन्थावली महाकवि सूरदास भ्रमरगीत सार हिन्दी साहित्य का इतिहास काव्य में रहस्यवाद कठिन प्राचीन ग्रंथों के सम्पादन की ओर भी इनका पूरा ध्यान रहता है। इन्होंने सूरदास के 'भ्रमर-गीत' और केशवदास के 'वीरसिह - देव-चरित' का टीका-टिप्पणी के साथ सम्पादन किया है। नागरीप्रचारिणी सभा से निकलनेवाली 'तुलसी ग्रथावली' के तीन सम्पादको मे एक ये भी है । उक्त प्रथावली में गम्भीर आलोचनापूर्ण भूमिका इन्हीं की लिखी है। 'जायसी-ग्रथावली' का सम्पादन प्रचुर टीकाटिप्पणी के साथ बड़े विशद रूप में किया है। जिसके साथ दो सौ पचपन पृष्ठों की बडी ही विस्तृत, गूढ और पाढित्य- पूर्ण समीक्षा है। सूर की आलोचना भी इसी प्रकार की है। काव्य के सिद्धान्तो पर ये एक बहुत बड़ी और स्वतन्त्र पुस्तक लिख रहे हैं । शुक्लजी करुण रस लिखने में तो सिद्धहस्त हैं ही, इनके प्राकृतिक
पानीपत, 24 नवंबर(निस) पानीपत के सनौली थाना क्षेत्र के गांव नवादा पार में अनिल पुत्र नरेंद्र निवासी उग्राखेड़ी अदालत से केस जीतने के बाद बुधवार दोपहर को करीब एक बजे अपने समर्थकों के साथ 46 कनाल 12 मरले जमीन पर कब्जा लेने के लिये पहुंचा। अनिल के साथ ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में समालखा तहसीलदार सुमन लत्ता व सनौली थाना प्रभारी नवीन कुमार भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अनिल व उनके समर्थकों ने ट्रैक्टरों से कब्जे वाली जमीन पर जोताई करने की कोशिश की तो कब्जा करने वाले दूसरे इकबाल पक्ष के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गये। इकबाल पक्ष के पुरुषों व महिलाओं ने जमीन पर कब्जा लेने का विरोध किया, पर अनिल पक्ष के लोग कब्जा लेने को अड़े हुए थे। इससे दोनो पक्षों के बीच टकराव के हालात बन गये। लेकिन तहसीलदार सुमन लत्ाा व थाना प्रभारी नवीन कुमार ने पुलिस बल की मदद से बीचबचाव करके दोनो पक्षों को रोक दिया। कई गांवों के गणमान्य लोगों ने भी बीच बचाव किया और कई घंटे की मशक्कत के बाद कब्जा करने वाले पक्ष ने अनिल उग्राखेड़ी को जमीन का कब्जा देने की बात स्वीकार कर ली। इस मौके पर कानूनगो नरेश कुमार व निशान मलिक आदि मौजूद रहे। सनौली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि वे अदालत के आदेश अनुसार ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार सुमन लता के साथ जमीन का कब्जा दिलवाने गांव नवादा पहुंचे थे। हालांकि दोनों पक्षों में एक बार तनाव के हालत बन गये थे, पर बीचबचाव करके दोनो पक्षों को समझा-बुझा कर शांत कर दिया। अदालत के आदेश पर कब्जा दिलवा दिया है।
पानीपत, चौबीस नवंबर पानीपत के सनौली थाना क्षेत्र के गांव नवादा पार में अनिल पुत्र नरेंद्र निवासी उग्राखेड़ी अदालत से केस जीतने के बाद बुधवार दोपहर को करीब एक बजे अपने समर्थकों के साथ छियालीस कनाल बारह मरले जमीन पर कब्जा लेने के लिये पहुंचा। अनिल के साथ ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में समालखा तहसीलदार सुमन लत्ता व सनौली थाना प्रभारी नवीन कुमार भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अनिल व उनके समर्थकों ने ट्रैक्टरों से कब्जे वाली जमीन पर जोताई करने की कोशिश की तो कब्जा करने वाले दूसरे इकबाल पक्ष के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गये। इकबाल पक्ष के पुरुषों व महिलाओं ने जमीन पर कब्जा लेने का विरोध किया, पर अनिल पक्ष के लोग कब्जा लेने को अड़े हुए थे। इससे दोनो पक्षों के बीच टकराव के हालात बन गये। लेकिन तहसीलदार सुमन लत्ाा व थाना प्रभारी नवीन कुमार ने पुलिस बल की मदद से बीचबचाव करके दोनो पक्षों को रोक दिया। कई गांवों के गणमान्य लोगों ने भी बीच बचाव किया और कई घंटे की मशक्कत के बाद कब्जा करने वाले पक्ष ने अनिल उग्राखेड़ी को जमीन का कब्जा देने की बात स्वीकार कर ली। इस मौके पर कानूनगो नरेश कुमार व निशान मलिक आदि मौजूद रहे। सनौली थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि वे अदालत के आदेश अनुसार ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार सुमन लता के साथ जमीन का कब्जा दिलवाने गांव नवादा पहुंचे थे। हालांकि दोनों पक्षों में एक बार तनाव के हालत बन गये थे, पर बीचबचाव करके दोनो पक्षों को समझा-बुझा कर शांत कर दिया। अदालत के आदेश पर कब्जा दिलवा दिया है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक की अध्यक्षता की। पीएम ने बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने बैठक में साफ शब्दों में कहा, न्यू इंडिया का मिशन सभी राज्यों के सहयोग से संभव है। मुख्यमंत्रियों को परियोजनाओं की मंजूरी के लिए नीति आयोग के चक्कर काटने की जरुरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा आयोग अब सिर्फ सरकारी इनपुट्स पर निर्भर नहीं है, इसमें पेशेवर और विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। पीएम ने दावा किया कि ये पहला मौका है जब मुख्यमंत्रियों को केंद्रीय योजनाओं में योगदान के लिए कहा जा रहा है और फंड की कमी के बावजूद उनकी सिफारिशों को स्वीकार किया गया है। वहीं इस बैठक में कुल 13 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल होना था लेकिन पंश्चिम बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल नहीं हुए। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की यह तीसरी बैठक है जो कि राष्ट्रपति भवन में दिनभर चलेगी। बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा नीति आयोग के सदस्य और विशेष रूप से आमंत्रित विशेषज्ञ शरीक हुए। इस बैठक में केंद्र सरकार के विजन दस्तावेज पर चर्चा होगी साथ ही अगले 15 साल के दौरान देश की आर्थिक तरक्की की रफ्तार बढ़ाने का खाका तैयार किया जायेगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगरिया विजन डॉक्यूमेंट में सुझाए रोडमैप के अहम पहलुओं पर प्रेजेंटेशन देंगे। इसके अलावा, 1 जुलाई से जीएसटी लागू करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। (शिप्रा सक्सेना)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक की अध्यक्षता की। पीएम ने बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने बैठक में साफ शब्दों में कहा, न्यू इंडिया का मिशन सभी राज्यों के सहयोग से संभव है। मुख्यमंत्रियों को परियोजनाओं की मंजूरी के लिए नीति आयोग के चक्कर काटने की जरुरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा आयोग अब सिर्फ सरकारी इनपुट्स पर निर्भर नहीं है, इसमें पेशेवर और विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। पीएम ने दावा किया कि ये पहला मौका है जब मुख्यमंत्रियों को केंद्रीय योजनाओं में योगदान के लिए कहा जा रहा है और फंड की कमी के बावजूद उनकी सिफारिशों को स्वीकार किया गया है। वहीं इस बैठक में कुल तेरह राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल होना था लेकिन पंश्चिम बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल नहीं हुए। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की यह तीसरी बैठक है जो कि राष्ट्रपति भवन में दिनभर चलेगी। बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा नीति आयोग के सदस्य और विशेष रूप से आमंत्रित विशेषज्ञ शरीक हुए। इस बैठक में केंद्र सरकार के विजन दस्तावेज पर चर्चा होगी साथ ही अगले पंद्रह साल के दौरान देश की आर्थिक तरक्की की रफ्तार बढ़ाने का खाका तैयार किया जायेगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगरिया विजन डॉक्यूमेंट में सुझाए रोडमैप के अहम पहलुओं पर प्रेजेंटेशन देंगे। इसके अलावा, एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
जब जीत की हैट्रिक का ख्वाब पूरा ही होने वाला हो और अचानक से कोई आकर उसे चकनाचूर कर दे तो सदमा तो लगता है. पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को ऐसा ही सदमा KKR के रिंकू सिंह ने दिया. कप्तान शिखर धवन अकेले लड़ेंगे या सबक लेकर पंजाब की पूरी टीम जोर लगाएगी. मोहाली में IPL 2023 का 18वां मैच इसी को लेकर दिलचस्प रहने वाला है. पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच IPL 2023 में ये पहली टक्कर होगी, जो कि मोहाली में खेला जाएगा. वहीं इस सीजन दोनों टीमों का ये चौथा मुकाबला होगा. वहीं सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को हराया था. टूटे बल्ले से सर्वाधिक रन बनाने वाले ने बांधे तारीफों के पुल, रोहित शर्मा को कहना पड़ा- बस कर यार गुजरात-पंजाब में होगा कांटे का मुकाबला पंजाब की मुसीबत ये है कि वो पूरी तरह से अपने कप्तान शिखर धवन की बैटिंग पर निर्भर दिख रही है. पिछले मैच में 143 में से 99 रन अकेले धवन ने बनाए थे. मोहाली में खेले 56 IPL मैचों में पंजाब किंग्स ने 30 जीते और 26 हारे हैं. इस मैदान पर पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 24 बार जबकि रन चेज करने वाली टीम ने 32 बार जीत दर्ज की है. मोहाली में 11 बार बना 200 प्लस का स्कोर गुजरात और पंजाब के बीच मुकाबला हाई स्कोरिंग होने की पूरी उम्मीद है क्योंकि मोहाली के स्टेडियम का मिजाज कुछ ऐसा है.
जब जीत की हैट्रिक का ख्वाब पूरा ही होने वाला हो और अचानक से कोई आकर उसे चकनाचूर कर दे तो सदमा तो लगता है. पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को ऐसा ही सदमा KKR के रिंकू सिंह ने दिया. कप्तान शिखर धवन अकेले लड़ेंगे या सबक लेकर पंजाब की पूरी टीम जोर लगाएगी. मोहाली में IPL दो हज़ार तेईस का अट्ठारहवां मैच इसी को लेकर दिलचस्प रहने वाला है. पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच IPL दो हज़ार तेईस में ये पहली टक्कर होगी, जो कि मोहाली में खेला जाएगा. वहीं इस सीजन दोनों टीमों का ये चौथा मुकाबला होगा. वहीं सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को हराया था. टूटे बल्ले से सर्वाधिक रन बनाने वाले ने बांधे तारीफों के पुल, रोहित शर्मा को कहना पड़ा- बस कर यार गुजरात-पंजाब में होगा कांटे का मुकाबला पंजाब की मुसीबत ये है कि वो पूरी तरह से अपने कप्तान शिखर धवन की बैटिंग पर निर्भर दिख रही है. पिछले मैच में एक सौ तैंतालीस में से निन्यानवे रन अकेले धवन ने बनाए थे. मोहाली में खेले छप्पन IPL मैचों में पंजाब किंग्स ने तीस जीते और छब्बीस हारे हैं. इस मैदान पर पहले बैटिंग करने वाली टीम ने चौबीस बार जबकि रन चेज करने वाली टीम ने बत्तीस बार जीत दर्ज की है. मोहाली में ग्यारह बार बना दो सौ प्लस का स्कोर गुजरात और पंजाब के बीच मुकाबला हाई स्कोरिंग होने की पूरी उम्मीद है क्योंकि मोहाली के स्टेडियम का मिजाज कुछ ऐसा है.
Monkeypox: कोरोना वायरस संकट के बीच भारत में मंकीपॉक्स वायरस की एंट्री हो गई है। गुरुवार (14 जुलाई, 2022) को दक्षिण के सूबे केरल में इसके पहले केस की पुष्टि हुई। वहां की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस बाबत तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों को बताया, "मंकीपॉक्स के पॉजिटिव केस रिकॉर्ड किए गए हैं। संक्रमित व्यक्ति संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आया है। संक्रमित व्यक्ति 12 जुलाई को राज्य में पहुंचा था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और आईसीएमआर की ओर से सारी गाइडलाइन्स का पालन किया जा रहा है। " उनके मुताबिक, "केरल सरकार ने मंकीपॉक्स को लेकर गाइडलाइन जारी की है। संक्रमित व्यक्ति की हालत अभी स्थिर है। संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की जानकारी निकाल ली गई है। " दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने मरीज का सैंपल जांच के लिए भेजा था। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को बताया कि मरीज की यहां आने पर तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, यात्री से सैंपल लेकर उसे जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजा गया। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय टीम को केरल भेजा। यह दस्ता राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ मंकीपॉक्स के पहले पुष्ट मामले पर जरूरी कदम उठाने की दिशा में काम करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मंकीपॉक्स जानवर से मनुष्यों में आने वाला वायरल रोग है। इसके लक्षण स्मालपॉक्स जैसे होते हैं लेकिन इसे कम घातक माना जा रहा है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि वायरस से संक्रमित वस्तुओं, जानवरों एवं मनुष्यों के करीबी संपर्क में आने पर यह रोग फैलने लगता है। इसके लक्षण शरीर में दो से चार सप्ताह तक रह सकते हैं। मंकीपॉक्स को लेकर सरकार पहले से अलर्ट है। स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को पहले ही इस बारे में दिशानिर्देश जारी कर चुका है। राज्य सरकारों ने भी अपने यहां विदेश यात्रा से आए लोगों की रैंडलम सैंपलिंग की है। गत मई में ICMR ने कहा कि यह संक्रमण बच्चों के लिए अधिक खतरनाक है। इसलिए बच्चों इससे बचाने की आवश्यकता ज्यादा है। एएनआई समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान ICMR वैज्ञानिक डॉ. अर्चना मुखर्जी ने कहां, कि बच्चों को इस संक्रमण से बचाने की अधिक जरूरत है। डॉ. अर्चना मुखर्जी के अनुसार जिन लोगों को 1980 के बाद टीका नहीं लगा है, उनके लिए यह संक्रमण अधिक खतरनाक है। मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर शरीर में दर्द और शरीर पर चकत्ते पड़ने लगते हैं। व्यक्ति को तेज बुखार होता है और गले के पास गांठें उभरने लगती हैं। मंकीपॉक्स संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए विश्व स्वास्थ संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अधिकारी ने कहा है, कि मंकीपॉक्स के मामले को रोकने के लिए सही उपाय सही समय पर करने चाहिए। Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
Monkeypox: कोरोना वायरस संकट के बीच भारत में मंकीपॉक्स वायरस की एंट्री हो गई है। गुरुवार को दक्षिण के सूबे केरल में इसके पहले केस की पुष्टि हुई। वहां की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस बाबत तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों को बताया, "मंकीपॉक्स के पॉजिटिव केस रिकॉर्ड किए गए हैं। संक्रमित व्यक्ति संयुक्त अरब अमीरात से आया है। संक्रमित व्यक्ति बारह जुलाई को राज्य में पहुंचा था। विश्व स्वास्थ्य संगठन और आईसीएमआर की ओर से सारी गाइडलाइन्स का पालन किया जा रहा है। " उनके मुताबिक, "केरल सरकार ने मंकीपॉक्स को लेकर गाइडलाइन जारी की है। संक्रमित व्यक्ति की हालत अभी स्थिर है। संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की जानकारी निकाल ली गई है। " दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने मरीज का सैंपल जांच के लिए भेजा था। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को बताया कि मरीज की यहां आने पर तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, यात्री से सैंपल लेकर उसे जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजा गया। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय टीम को केरल भेजा। यह दस्ता राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ मंकीपॉक्स के पहले पुष्ट मामले पर जरूरी कदम उठाने की दिशा में काम करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मंकीपॉक्स जानवर से मनुष्यों में आने वाला वायरल रोग है। इसके लक्षण स्मालपॉक्स जैसे होते हैं लेकिन इसे कम घातक माना जा रहा है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि वायरस से संक्रमित वस्तुओं, जानवरों एवं मनुष्यों के करीबी संपर्क में आने पर यह रोग फैलने लगता है। इसके लक्षण शरीर में दो से चार सप्ताह तक रह सकते हैं। मंकीपॉक्स को लेकर सरकार पहले से अलर्ट है। स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को पहले ही इस बारे में दिशानिर्देश जारी कर चुका है। राज्य सरकारों ने भी अपने यहां विदेश यात्रा से आए लोगों की रैंडलम सैंपलिंग की है। गत मई में ICMR ने कहा कि यह संक्रमण बच्चों के लिए अधिक खतरनाक है। इसलिए बच्चों इससे बचाने की आवश्यकता ज्यादा है। एएनआई समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान ICMR वैज्ञानिक डॉ. अर्चना मुखर्जी ने कहां, कि बच्चों को इस संक्रमण से बचाने की अधिक जरूरत है। डॉ. अर्चना मुखर्जी के अनुसार जिन लोगों को एक हज़ार नौ सौ अस्सी के बाद टीका नहीं लगा है, उनके लिए यह संक्रमण अधिक खतरनाक है। मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर शरीर में दर्द और शरीर पर चकत्ते पड़ने लगते हैं। व्यक्ति को तेज बुखार होता है और गले के पास गांठें उभरने लगती हैं। मंकीपॉक्स संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए विश्व स्वास्थ संगठन के अधिकारी ने कहा है, कि मंकीपॉक्स के मामले को रोकने के लिए सही उपाय सही समय पर करने चाहिए। Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
नई दिल्ली, 21 मई । अगले महीने होने वाले इंडियन ग्रां प्री 4 और इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन अब बेंगलुरु में नहीं किया जाएगा। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने इसकी जानकारी दी। भारतीय एथलीटों के लिए टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल करने के लिए यह आखिरी घरेलू टूर्नामेंट है। एएफआई ने सोशल मीडिया पर कहा, महासंघ इंडियन ग्रां प्री 4 और इंटर स्टेट चैंपियनशिप को बेंगलुरु से स्थानांतरित करने पर काम कर रहा है। पटियाला एक विकल्प के तौर पर उभरा है। कर्नाटक एथलेटिक्स संघ (केएए) ने कहा, कर्नाटक में लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है जिसके कारण टूर्नामेंट को कराना संभव नहीं है। एएफआई को इंडियन ग्रां प्री 4 और स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप को पटियाला में कराने की उम्मीद है। Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.
नई दिल्ली, इक्कीस मई । अगले महीने होने वाले इंडियन ग्रां प्री चार और इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन अब बेंगलुरु में नहीं किया जाएगा। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने इसकी जानकारी दी। भारतीय एथलीटों के लिए टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल करने के लिए यह आखिरी घरेलू टूर्नामेंट है। एएफआई ने सोशल मीडिया पर कहा, महासंघ इंडियन ग्रां प्री चार और इंटर स्टेट चैंपियनशिप को बेंगलुरु से स्थानांतरित करने पर काम कर रहा है। पटियाला एक विकल्प के तौर पर उभरा है। कर्नाटक एथलेटिक्स संघ ने कहा, कर्नाटक में लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है जिसके कारण टूर्नामेंट को कराना संभव नहीं है। एएफआई को इंडियन ग्रां प्री चार और स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप को पटियाला में कराने की उम्मीद है। Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.
मुजफ्फरनगर। सरकारी योजनाओं को अधिकारी किस तरह पलीता लगा रहे हैं यह तो गाहे-बगाहे हमारे सामने आता ही रहता है लेकिन बिजली विभाग का एक ऐसा कारनामा आज जिलाधिकारी के दरबार तक जा पहुंचा जिसे सुनकर खुद जिलाधिकारी भी हतप्रभ हैं। जिलाधिकारी ने पीड़ित को जल्द ही न्याय का भरोसा दिलाया है। ये पीड़ित बिजली विभाग में प्रधानमंत्री द्वारा गरीबों के लिए चलाई गई सौभाग्य विद्युत कनेक्शन योजना में आवेदन कर तीन साल से कनेक्शन का इन्तजार कर रहा था। कनेक्शन तो नहीं मिला लेकिन बिजली विभाग ने अब इस व्यक्ति को बिना कनेक्शन ही 18 हजार से ज्यादा का बिल भेजा है। छपार क्षेत्र के गांव दतियाना निवासी जयवीर सिंह टैम्पू चलाकर अपने परिवार का पालन पोषन करता है। उसने तीन वर्ष पूर्व सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसका बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया। जिस कारण जयवीर रात्रि में घर में रोशनी करने के लिए आज भी मोमबत्ती और टैम्पू की लाइट का प्रयोग कर रहा है। पावर कारपोरेशन विभाग के कई चक्कर काटने के बाद भी उसका बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया और उसके घर पर बिजली मीटर भी नहीं लगा। तीन साल बाद पावर कारपोरेशन ने उसके मोबाइल फोन पर कनेक्शन संख्या दर्शाते हुए 18225 रुपए का बिजली बिल भेजा है। पीडित ने इस मामले की शिकायत डीएम से की है। डीएम ने इस मामले में जांच कराने के निर्देश दिए है।
मुजफ्फरनगर। सरकारी योजनाओं को अधिकारी किस तरह पलीता लगा रहे हैं यह तो गाहे-बगाहे हमारे सामने आता ही रहता है लेकिन बिजली विभाग का एक ऐसा कारनामा आज जिलाधिकारी के दरबार तक जा पहुंचा जिसे सुनकर खुद जिलाधिकारी भी हतप्रभ हैं। जिलाधिकारी ने पीड़ित को जल्द ही न्याय का भरोसा दिलाया है। ये पीड़ित बिजली विभाग में प्रधानमंत्री द्वारा गरीबों के लिए चलाई गई सौभाग्य विद्युत कनेक्शन योजना में आवेदन कर तीन साल से कनेक्शन का इन्तजार कर रहा था। कनेक्शन तो नहीं मिला लेकिन बिजली विभाग ने अब इस व्यक्ति को बिना कनेक्शन ही अट्ठारह हजार से ज्यादा का बिल भेजा है। छपार क्षेत्र के गांव दतियाना निवासी जयवीर सिंह टैम्पू चलाकर अपने परिवार का पालन पोषन करता है। उसने तीन वर्ष पूर्व सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसका बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया। जिस कारण जयवीर रात्रि में घर में रोशनी करने के लिए आज भी मोमबत्ती और टैम्पू की लाइट का प्रयोग कर रहा है। पावर कारपोरेशन विभाग के कई चक्कर काटने के बाद भी उसका बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया और उसके घर पर बिजली मीटर भी नहीं लगा। तीन साल बाद पावर कारपोरेशन ने उसके मोबाइल फोन पर कनेक्शन संख्या दर्शाते हुए अट्ठारह हज़ार दो सौ पच्चीस रुपयापए का बिजली बिल भेजा है। पीडित ने इस मामले की शिकायत डीएम से की है। डीएम ने इस मामले में जांच कराने के निर्देश दिए है।
पिछले करीब पांच माह से अररिया के लोगों को उपचुनाव की घोषणा का इंतजार था, जो शुक्रवार को खत्म हुआ। 11 मार्च को चुनाव और 14 को नतीजा आयेगा। लेकिन सबसे बड़ा सस्पेंस अब तक राजनीति के बदले समीकरण को लेकर एनडीए में है। 2014 के लोकसभा चुनाव के समय भाजपा, जदयू और राजद तीनों अलग-अलग मैदान में थे। लेकिन इस बीच बिहार की राजनीति बहुत तेजी से बदली और दोस्त से दुश्मन बने भाजपा और जदयू फिर से दोस्त बनकर बिहार में सरकार चला रहे हैं। वहीं, लंबी राजनीतिक दुश्मनी के बाद साथ आये जदयू और राजद फिर से अलग अलग हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में अररिया सीट से भाजपा ने तत्कालीन सीटिंग सांसद प्रदीप कुमार सिंह को उतारा था, जो 261447(26. 80%) वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं, जदयू ने विजय कुमार मंडल पर दांव लगाया था। उन्हें 221769 (22. 73%) वोट मिले थे। जबकि राजद के मो. तस्लीमुद्दीन 407978 (41. 81) वोट लेकर विजयी हुए थे। राजनीति फेरबदल में फिलहाल विजय मंडल भाजपा से सिकटी के विधायक हैं। एनडीए में अब तक अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि इस सीट पर कौन लड़ेगा भाजपा या जदयू। संशय इसलिए भी अधिक है क्योंकि मो. तस्लीमुद्दीन राजद से सांसद थे। उनके बेटे जोकीहाट विधायक जदयू से हैं। उनके चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है। ऐसी स्थिति में क्या दृश्य बनेगा कहना मुश्किल है। भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष सुराना की माने तो आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है लेकिन उन्हें विश्वास है कि अररिया सीट से भाजपा चुनाव लड़ेगी। वहीं, जदयू के जिलाध्यक्ष संजय राणा का कहना है कि जिला स्तर से पार्टी ने शीर्ष नेतृत्व के पास दावा रखा है कि अररिया सीट जदयू को मिले। अब शीघ्र नेतृत्व जैसा फैसला ले। हालांकि दोनों दल के नेता शीर्ष नेतृत्व के फैसले के अनुसार काम करने की बात कह रहे हैं।
पिछले करीब पांच माह से अररिया के लोगों को उपचुनाव की घोषणा का इंतजार था, जो शुक्रवार को खत्म हुआ। ग्यारह मार्च को चुनाव और चौदह को नतीजा आयेगा। लेकिन सबसे बड़ा सस्पेंस अब तक राजनीति के बदले समीकरण को लेकर एनडीए में है। दो हज़ार चौदह के लोकसभा चुनाव के समय भाजपा, जदयू और राजद तीनों अलग-अलग मैदान में थे। लेकिन इस बीच बिहार की राजनीति बहुत तेजी से बदली और दोस्त से दुश्मन बने भाजपा और जदयू फिर से दोस्त बनकर बिहार में सरकार चला रहे हैं। वहीं, लंबी राजनीतिक दुश्मनी के बाद साथ आये जदयू और राजद फिर से अलग अलग हैं। दो हज़ार चौदह के लोकसभा चुनाव में अररिया सीट से भाजपा ने तत्कालीन सीटिंग सांसद प्रदीप कुमार सिंह को उतारा था, जो दो लाख इकसठ हज़ार चार सौ सैंतालीस वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं, जदयू ने विजय कुमार मंडल पर दांव लगाया था। उन्हें दो लाख इक्कीस हज़ार सात सौ उनहत्तर वोट मिले थे। जबकि राजद के मो. तस्लीमुद्दीन चार लाख सात हज़ार नौ सौ अठहत्तर वोट लेकर विजयी हुए थे। राजनीति फेरबदल में फिलहाल विजय मंडल भाजपा से सिकटी के विधायक हैं। एनडीए में अब तक अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि इस सीट पर कौन लड़ेगा भाजपा या जदयू। संशय इसलिए भी अधिक है क्योंकि मो. तस्लीमुद्दीन राजद से सांसद थे। उनके बेटे जोकीहाट विधायक जदयू से हैं। उनके चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है। ऐसी स्थिति में क्या दृश्य बनेगा कहना मुश्किल है। भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष सुराना की माने तो आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है लेकिन उन्हें विश्वास है कि अररिया सीट से भाजपा चुनाव लड़ेगी। वहीं, जदयू के जिलाध्यक्ष संजय राणा का कहना है कि जिला स्तर से पार्टी ने शीर्ष नेतृत्व के पास दावा रखा है कि अररिया सीट जदयू को मिले। अब शीघ्र नेतृत्व जैसा फैसला ले। हालांकि दोनों दल के नेता शीर्ष नेतृत्व के फैसले के अनुसार काम करने की बात कह रहे हैं।
उमरिया। एक तरफ देश में भारत-पाक को लेकर तनाव चल रहा है वही दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी जोरों पर है। इसी बीच एक दिसवीय दौरे पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मध्यप्रदेश के उमरिया जिले पहुंचे। यहां पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने गुलाब का गुलदस्ता भेंट कर उनकी आगुवाई की। शाह यहां से निकलकर सीधे अमर शहीद स्टेडियम ग्राउंड पहुंचेंगे। वहां बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के लिए युवाओं की विजय संकल्प बाइक रैली को हरी झंडी दिखा बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्र की बाइक रैली में खुद शामिल होकर युवाओं में चुनावी जोश भरेंगे। इसके बाद स्टेडियम ग्राउंड में आमसभा को संबोधित करेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले शाह का यह दौरा अहम माना जा रहा है। चुंकी विधानसभा में मिली करारी हार के बाद माहौल कांग्रेस के पक्ष में ज्यादा दिखाई दे रहा है। हालांकि एयर स्ट्राइक के बाद मोदी लहर फिर से चलने लगी है। लोकसभा में भाजपा का फोकस 15 से ज्यादा सीटे निकालने का है। इस बाइक रैली के माध्यम से युवा लोगों को मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगें। यह रैली मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा में निकाली जाएगी। भाजपा पूरे देश में एक साथ बाइक रैली निकालेगी। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को लेकर पार्टी नेता और कार्यकर्ता खासे उत्साहित हैं। पूरे शहर को अमित शाह के बैनर और पोस्टरों से पाट दिया गया है। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, लोकसभा चुनाव के प्रदेश प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह सहित कई बड़े नेताओं के यहां आने की उम्मीद है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मध्यप्रदेश के उमरिया से इस मोटरसाइकिल का नेतृत्व करेंगे। पार्टी का दावा है कि इस रैली में एक करोड़ से अधिक मोटरसाइकिलें भाग लेंगी और यह रैली एक विश्व रिकॉर्ड बनाएगी। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डे ने बताया कि 2 मार्च को प्रदेश की सभी 230 विधानसभाओं में विजय संकल्प 2019 बाइक महारैली निकलेगी। उमरिया से देशभर के युवाओं को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संबोधित कर 'मिशन मोदी अगेन' के लिए जुट जाने का आह्वान करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्यप्रदेश के युवाओं पर विश्वास व्यक्त किया है। उम्मीद है कि 29 लोकसभा सीटें जीतकर युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विश्वास पर खरा उतरेंगे। बता दे कि यह कार्यक्रम देश भर में मंडल, जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इसमें एक करोड़ से अधिक बीजेपी कार्यकर्ता बाइक रैली निकालकर जन-जन से संपर्क करेंगे एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार की उपलब्धियों को उन तक पहुंचाएंगे। विजय संकल्प बाइक रैलियां देश के सभी राज्यों में आयोजित की जाएंगी। देश भर के कुल 4120 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 3500 से अधिक जगहों पर यह रैलियां निकाली जाएंगी। गत तीन फरवरी को शाह ने पार्टी के एक माह तक चलने वाले व्यापक अभियान "संकल्प पत्रः भारत के मन की बात, मोदी के साथ" कार्यक्रम की शुरुआत के समय चार कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए जन-जन तक महासंपर्क करने की बात कही थी।
उमरिया। एक तरफ देश में भारत-पाक को लेकर तनाव चल रहा है वही दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी जोरों पर है। इसी बीच एक दिसवीय दौरे पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मध्यप्रदेश के उमरिया जिले पहुंचे। यहां पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने गुलाब का गुलदस्ता भेंट कर उनकी आगुवाई की। शाह यहां से निकलकर सीधे अमर शहीद स्टेडियम ग्राउंड पहुंचेंगे। वहां बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के लिए युवाओं की विजय संकल्प बाइक रैली को हरी झंडी दिखा बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्र की बाइक रैली में खुद शामिल होकर युवाओं में चुनावी जोश भरेंगे। इसके बाद स्टेडियम ग्राउंड में आमसभा को संबोधित करेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले शाह का यह दौरा अहम माना जा रहा है। चुंकी विधानसभा में मिली करारी हार के बाद माहौल कांग्रेस के पक्ष में ज्यादा दिखाई दे रहा है। हालांकि एयर स्ट्राइक के बाद मोदी लहर फिर से चलने लगी है। लोकसभा में भाजपा का फोकस पंद्रह से ज्यादा सीटे निकालने का है। इस बाइक रैली के माध्यम से युवा लोगों को मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगें। यह रैली मध्यप्रदेश की दो सौ तीस विधानसभा में निकाली जाएगी। भाजपा पूरे देश में एक साथ बाइक रैली निकालेगी। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को लेकर पार्टी नेता और कार्यकर्ता खासे उत्साहित हैं। पूरे शहर को अमित शाह के बैनर और पोस्टरों से पाट दिया गया है। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, लोकसभा चुनाव के प्रदेश प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह सहित कई बड़े नेताओं के यहां आने की उम्मीद है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मध्यप्रदेश के उमरिया से इस मोटरसाइकिल का नेतृत्व करेंगे। पार्टी का दावा है कि इस रैली में एक करोड़ से अधिक मोटरसाइकिलें भाग लेंगी और यह रैली एक विश्व रिकॉर्ड बनाएगी। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पाण्डे ने बताया कि दो मार्च को प्रदेश की सभी दो सौ तीस विधानसभाओं में विजय संकल्प दो हज़ार उन्नीस बाइक महारैली निकलेगी। उमरिया से देशभर के युवाओं को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संबोधित कर 'मिशन मोदी अगेन' के लिए जुट जाने का आह्वान करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्यप्रदेश के युवाओं पर विश्वास व्यक्त किया है। उम्मीद है कि उनतीस लोकसभा सीटें जीतकर युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विश्वास पर खरा उतरेंगे। बता दे कि यह कार्यक्रम देश भर में मंडल, जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इसमें एक करोड़ से अधिक बीजेपी कार्यकर्ता बाइक रैली निकालकर जन-जन से संपर्क करेंगे एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार की उपलब्धियों को उन तक पहुंचाएंगे। विजय संकल्प बाइक रैलियां देश के सभी राज्यों में आयोजित की जाएंगी। देश भर के कुल चार हज़ार एक सौ बीस विधानसभा क्षेत्रों में लगभग तीन हज़ार पाँच सौ से अधिक जगहों पर यह रैलियां निकाली जाएंगी। गत तीन फरवरी को शाह ने पार्टी के एक माह तक चलने वाले व्यापक अभियान "संकल्प पत्रः भारत के मन की बात, मोदी के साथ" कार्यक्रम की शुरुआत के समय चार कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए जन-जन तक महासंपर्क करने की बात कही थी।
1. बूझो भैया एक पहेली, जब काटो तो नई नवेली । 2. एक लडक़ी 40 फीट ऊंची सीढ़ी से गिर गई, फिर भी उसे चोट नहीं लगी, कैसे? उत्तर. क्योंकि वह सबसे निचले पायदान से गिरी थी । 3. वह क्या है जो तुम्हारा है पर उसे तुमसे ज्यादा दूसरे लोग इस्तेमाल करते हैं? Share:
एक. बूझो भैया एक पहेली, जब काटो तो नई नवेली । दो. एक लडक़ी चालीस फीट ऊंची सीढ़ी से गिर गई, फिर भी उसे चोट नहीं लगी, कैसे? उत्तर. क्योंकि वह सबसे निचले पायदान से गिरी थी । तीन. वह क्या है जो तुम्हारा है पर उसे तुमसे ज्यादा दूसरे लोग इस्तेमाल करते हैं? Share:
बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सेलेब्स इन दिनों भगवान शिव की आराधना में जुटे हुए हैं। सारा अली खान, अक्ष्य कुमार के बाद अब कंगना रानौत भी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंची, यहां उन्होंने पूजा- अर्चना कर मन्नत मांगी। इस दौरान उनके साथ महामंडलेश्वर स्वामी 1008 कैलाशानंद जी महाराज भी थे। बाबा के दर्शन करने के बाद कंगना काफी खुश नजर आई। माथे पर तिलक, गले में चुनर डाले बॉलीवुड क्वीन पूरी भक्ति में डूबी नजर आई। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो शेयर कर लिखा- मैं समर्पण भाव से केदारनाथ पहुंची है और यहां आकर सनातन धर्म के प्रति उनकी आस्था को और भी अधिक बल मिला है। उन्हांने आम तीर्थयात्रियों के साथ ही बाबा के दर्शन किए और तीर्थयात्रियों तथा तीर्थ पुरोहितों के साथ कुछ वक्त भी गुजारा। वीडियो में देख सकते हैं कि हेलीकाप्टर में बैठी कंगना बाबा के दर्शन कर रही हैं और हर- हर महादेव के जयकारे लगा रही हैं। बताया जा रहा है कि महामंडलेश्वर स्वामी 1008 कैलाशानंद जी महाराज भी कंगना रनौत के साथ ही भगवान केदारनाथ के दर्शन को पहुंचे प्राउनका बदरीनाथ दर्शन का भी कार्यक्रम था लेकिन मौसम खराब होने के कारण कार्यक्रम में बदलाव किया गया। केदारनाथ यात्रा व्यवस्था के लिए कंगना ने मंदिर समिति तथा प्रशासन की भी प्रशंसा की। वहीं एक दिन पहले बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने केदारनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि कुमार अपने पारिवारिक मित्र सुमित अदालका के साथ हेलीकॉप्टर से सुबह केदारनाथ पहुंचे और उन्होंने एक आम श्रद्धालु की तरह भगवान केदारनाथ के दर्शन किए। फिल्म अभिनेता हैलीपेड से बिना जूते पहने नंगे पांव चलकर मंदिर तक पहुंचे जहां उन्होंने भोले बाबा के दर्शन के किए और पूजा में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से सिंह ने उन्हें बाबा केदारनाथ का प्रसाद, भस्म तथा रूद्राक्ष माला भेंट की। दर्शन के बाद अभिनेता ने कहा कि केदारनाथ धाम में भगवान शिव के दर्शन करके वह बहुत अभिभूत हैं। उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद तीर्थयात्रियों का अभिवादन भी किया। उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में 11750 फुट की उंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम की यात्रा में इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। पच्चीस अप्रैल को मंदिर के कपाट खुलने के बाद से शुक्रवार तक चार लाख 52 हजार 84 श्रद्धालु भगवान केदार के दर्शन कर चुके हैं।
बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सेलेब्स इन दिनों भगवान शिव की आराधना में जुटे हुए हैं। सारा अली खान, अक्ष्य कुमार के बाद अब कंगना रानौत भी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंची, यहां उन्होंने पूजा- अर्चना कर मन्नत मांगी। इस दौरान उनके साथ महामंडलेश्वर स्वामी एक हज़ार आठ कैलाशानंद जी महाराज भी थे। बाबा के दर्शन करने के बाद कंगना काफी खुश नजर आई। माथे पर तिलक, गले में चुनर डाले बॉलीवुड क्वीन पूरी भक्ति में डूबी नजर आई। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो शेयर कर लिखा- मैं समर्पण भाव से केदारनाथ पहुंची है और यहां आकर सनातन धर्म के प्रति उनकी आस्था को और भी अधिक बल मिला है। उन्हांने आम तीर्थयात्रियों के साथ ही बाबा के दर्शन किए और तीर्थयात्रियों तथा तीर्थ पुरोहितों के साथ कुछ वक्त भी गुजारा। वीडियो में देख सकते हैं कि हेलीकाप्टर में बैठी कंगना बाबा के दर्शन कर रही हैं और हर- हर महादेव के जयकारे लगा रही हैं। बताया जा रहा है कि महामंडलेश्वर स्वामी एक हज़ार आठ कैलाशानंद जी महाराज भी कंगना रनौत के साथ ही भगवान केदारनाथ के दर्शन को पहुंचे प्राउनका बदरीनाथ दर्शन का भी कार्यक्रम था लेकिन मौसम खराब होने के कारण कार्यक्रम में बदलाव किया गया। केदारनाथ यात्रा व्यवस्था के लिए कंगना ने मंदिर समिति तथा प्रशासन की भी प्रशंसा की। वहीं एक दिन पहले बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने केदारनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि कुमार अपने पारिवारिक मित्र सुमित अदालका के साथ हेलीकॉप्टर से सुबह केदारनाथ पहुंचे और उन्होंने एक आम श्रद्धालु की तरह भगवान केदारनाथ के दर्शन किए। फिल्म अभिनेता हैलीपेड से बिना जूते पहने नंगे पांव चलकर मंदिर तक पहुंचे जहां उन्होंने भोले बाबा के दर्शन के किए और पूजा में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से सिंह ने उन्हें बाबा केदारनाथ का प्रसाद, भस्म तथा रूद्राक्ष माला भेंट की। दर्शन के बाद अभिनेता ने कहा कि केदारनाथ धाम में भगवान शिव के दर्शन करके वह बहुत अभिभूत हैं। उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद तीर्थयात्रियों का अभिवादन भी किया। उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में ग्यारह हज़ार सात सौ पचास फुट की उंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम की यात्रा में इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। पच्चीस अप्रैल को मंदिर के कपाट खुलने के बाद से शुक्रवार तक चार लाख बावन हजार चौरासी श्रद्धालु भगवान केदार के दर्शन कर चुके हैं।
पट्टीः आज जनसत्ता दल लोकतांत्रिक युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने पट्टी क्षेत्र के भाजपा नेता असगर अंसारी की कार दुर्घटना में मृत्यु की सूचना पर नगर पंचायत पट्टी स्थित निज निवास पहुंचकर परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त किया। परिजनों को बधाया ढांढस। जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि असगर जी बहुत ही व्यवहार कुशल, मिलनसार एवम महान व्यक्तित्व के धनी थे। उनका सभी पार्टी के लोगों से व्यक्तिगत व्यवहार एवं संबंध था ।वह सभी के सुख दुख में हमेशा खड़े रहते थे। उनका अकस्मात चले जाना स्तब्ध कर देने वाली घटना है ।पट्टी क्षेत्र के लिए बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके निधन से पूरा क्षेत्र दुखी है। हम और हमारी पार्टी उनकी कार दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु पर गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भगवान इस अपार दुख की घड़ी में उनके पूरे परिवार को साहस एवं धैर्य प्रदान करें ।और उनके साथ रहे घायल उनके पुत्र एवं अन्य लोगों की जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। इस दौरान ब्लॉक पट्टी के प्रधान महासचिव विकास तिवारी, ब्लॉक बाबा बेलखरनाथ के उपाध्यक्ष राहुल गौड़ एवं उमेश रजक आदि मौजूद रहे।
पट्टीः आज जनसत्ता दल लोकतांत्रिक युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने पट्टी क्षेत्र के भाजपा नेता असगर अंसारी की कार दुर्घटना में मृत्यु की सूचना पर नगर पंचायत पट्टी स्थित निज निवास पहुंचकर परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त किया। परिजनों को बधाया ढांढस। जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि असगर जी बहुत ही व्यवहार कुशल, मिलनसार एवम महान व्यक्तित्व के धनी थे। उनका सभी पार्टी के लोगों से व्यक्तिगत व्यवहार एवं संबंध था ।वह सभी के सुख दुख में हमेशा खड़े रहते थे। उनका अकस्मात चले जाना स्तब्ध कर देने वाली घटना है ।पट्टी क्षेत्र के लिए बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके निधन से पूरा क्षेत्र दुखी है। हम और हमारी पार्टी उनकी कार दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु पर गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भगवान इस अपार दुख की घड़ी में उनके पूरे परिवार को साहस एवं धैर्य प्रदान करें ।और उनके साथ रहे घायल उनके पुत्र एवं अन्य लोगों की जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। इस दौरान ब्लॉक पट्टी के प्रधान महासचिव विकास तिवारी, ब्लॉक बाबा बेलखरनाथ के उपाध्यक्ष राहुल गौड़ एवं उमेश रजक आदि मौजूद रहे।
नई दिल्ली, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को यहां भारत दौरे पर आए श्रीलंका के विदेश मंत्री तिलक मारापना से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा,निकट और ऐतिहासिक द्विपक्षीय संबंधों का निर्माण। सुषमा स्वराज ने आज श्रीलंका के विदेश मंत्री तिलक मारापना से मुलाकात की। दोनों नेताओं की इस माह की शुरुआत में कोलंबो में दूसरे भारतीय महासागर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। पिछले माह श्रीलंका के विदेश मंत्री का पदभार संभालने वाले मारापना शुक्रवार को भारत की दो दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे थे। वह शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
नई दिल्ली, नौ सितम्बर । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को यहां भारत दौरे पर आए श्रीलंका के विदेश मंत्री तिलक मारापना से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा,निकट और ऐतिहासिक द्विपक्षीय संबंधों का निर्माण। सुषमा स्वराज ने आज श्रीलंका के विदेश मंत्री तिलक मारापना से मुलाकात की। दोनों नेताओं की इस माह की शुरुआत में कोलंबो में दूसरे भारतीय महासागर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। पिछले माह श्रीलंका के विदेश मंत्री का पदभार संभालने वाले मारापना शुक्रवार को भारत की दो दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे थे। वह शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
आगरा। कल रविवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पार्टी और संगठन के तमाम शीर्ष नेता आगरा आ रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में जहां एक तरफ जेपी नड्डा आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। वहीँ उसके बाद दूसरे होटल में आयोजित कार्यक्रम में कोरोना वारियर्स के रूप में चिकित्सकों को सम्मानित करेंगे।
आगरा। कल रविवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पार्टी और संगठन के तमाम शीर्ष नेता आगरा आ रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में जहां एक तरफ जेपी नड्डा आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। वहीँ उसके बाद दूसरे होटल में आयोजित कार्यक्रम में कोरोना वारियर्स के रूप में चिकित्सकों को सम्मानित करेंगे।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार सबसे पहले पूजा घर का सही दिशा में होना बहुत जरूरी होता है। पूजा घर का दक्षिण दिशा में होना अच्छा नहीं माना गया है। इसके लिए सबसे अच्छी दिशा पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा मानी गयी है। - भगवान की मूर्ति को उत्तर या पूर्व की दीवार की तरफ रखना शुभ होता है। लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें कि मूर्तियों को कभी भी दीवार से सटा कर नहीं रखना चाहिए। - पूजा करते समय व्यक्ति का चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा आती है। - ध्यान रखें कि पूजा घर कभी भी भंडार ग्रह यानी स्टोर रूम में नहीं होना चाहिए। - बेडरूम में भी पूजा घर का होना अच्छा नहीं माना जाता है। क्योंकि पूजा घर में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। - घर के निचले हिस्से या बैसमेंट में पूजा घर नहीं बनाना चाहिए। - मंदिर में कभी भी भगवान की टूटी हुई या खंडित मूर्तियां नहीं होनी चाहिए। - पूजा घर टॉयलेट या किचन के नीचे या फिर सीढ़ियों के नीचे कभी नहीं बनाया जाता है। इससे नकारात्मकता आती है। - पुराने मंदिर से भगवान की प्रतिमाओं को पूजा घर में नहीं रखना चाहिए। साथ ही मंदिर ऐसी जगह पर भी नहीं होना चाहिए कि घर के मुख्य दरवाजे से प्रवेश करते हुए लोगों को दिख जाए। माना जाता है कि इससे घर से सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है। - घर के पूर्वजों की मूर्तियों को कभी भी पूजा स्थान में नहीं रखना चाहिए। साथ ही किसी भी तरह के जानवर और पक्षियों के चित्र भी पूजा घर में नहीं लगाने चाहिए।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार सबसे पहले पूजा घर का सही दिशा में होना बहुत जरूरी होता है। पूजा घर का दक्षिण दिशा में होना अच्छा नहीं माना गया है। इसके लिए सबसे अच्छी दिशा पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा मानी गयी है। - भगवान की मूर्ति को उत्तर या पूर्व की दीवार की तरफ रखना शुभ होता है। लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें कि मूर्तियों को कभी भी दीवार से सटा कर नहीं रखना चाहिए। - पूजा करते समय व्यक्ति का चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा आती है। - ध्यान रखें कि पूजा घर कभी भी भंडार ग्रह यानी स्टोर रूम में नहीं होना चाहिए। - बेडरूम में भी पूजा घर का होना अच्छा नहीं माना जाता है। क्योंकि पूजा घर में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। - घर के निचले हिस्से या बैसमेंट में पूजा घर नहीं बनाना चाहिए। - मंदिर में कभी भी भगवान की टूटी हुई या खंडित मूर्तियां नहीं होनी चाहिए। - पूजा घर टॉयलेट या किचन के नीचे या फिर सीढ़ियों के नीचे कभी नहीं बनाया जाता है। इससे नकारात्मकता आती है। - पुराने मंदिर से भगवान की प्रतिमाओं को पूजा घर में नहीं रखना चाहिए। साथ ही मंदिर ऐसी जगह पर भी नहीं होना चाहिए कि घर के मुख्य दरवाजे से प्रवेश करते हुए लोगों को दिख जाए। माना जाता है कि इससे घर से सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है। - घर के पूर्वजों की मूर्तियों को कभी भी पूजा स्थान में नहीं रखना चाहिए। साथ ही किसी भी तरह के जानवर और पक्षियों के चित्र भी पूजा घर में नहीं लगाने चाहिए।
एक शेयर बाजार एक ऐसा स्थान है जो निवेशकों को अच्छे लाभ कमाने की क्षमता देता है। बाजारों में निवेश करते समय, शेयर बाजार की शर्तों का ज्ञान आवश्यक है। समझने वाली पहली बात शेयर का अंकित मूल्य है। इसे सम मूल्य के रूप में भी जाना जाता है और जब शेयर जारी होता है तब निश्चित होता है। अंकित मूल्य की एक आवश्यक विशेषता यह है कि यह निश्चित है, और यह कभी नहीं बदलता। अब, हमने शेयर के अंकित मूल्य के अर्थ को देखा, हम देखेंगे कि यह कैसे निर्धारित किया जाता है। इसकी गणना नहीं की जाती है बल्कि इसके बजाय मनमाने ढंग से नियत किया जाता है। अंकित मूल्य का उपयोग कंपनी के बैलेंस शीट के लिए कंपनी के शेयर के लेखांकन मूल्य की गणना करने के लिए किया जाता है। इसलिए, यह याद रखना जरूरी है कि अंकित मूल्य का प्रचलित शेयर मूल्य से कोई संबंध नहीं है। शेयर बाजार में अंकित मूल्य का महत्व कानूनी और लेखांकन कारणों के लिए है। पहले, जब एक शेयरधारक ने शेयर खरीदता था, तो उसे एक शेयर प्रमाणपत्र जारी किया जाता था जिसमें अंकित मूल्य शामिल था। आजकल, हालांकि, सभी प्रमाणपत्र डिजिटल प्रारूप में जारी किए जाते हैं। ज्यादातर भारतीय कंपनी के शेयरों का अंकित मूल्य 10 रुपये का होता है। अंकित मूल्य और बाजार मूल्य के बीच अंतरः कई पहली बार निवेशक शेयर के अंकित मूल्य और इसके बाजार मूल्य के बीच अंतर से भ्रमित हो सकते हैं। बाजार मूल्य वर्तमान मूल्य है जिस पर पूंजी बाजारों में एक शेयर बेचा या खरीदा जाता है। ज्यादातर एक शेयर का अंकित मूल्य बाजार मूल्य से कम होती है। किसी कंपनी का बाजार मूल्य इसके प्रदर्शन और मांग और उसके शेयर की आपूर्ति के आधार पर बदलता है। चलिए हम मन लेते हैं कि एक कंपनी 10 रुपये के अंकित मूल्य पर सार्वजनिक होती है। इसका बाजार मूल्य 50 रुपये हो सकता है। हालांकि, यह हमेशा का मामला नहीं है। कुछ शेयरों के मामले में, अंकित मूल्य बाजार मूल्य से अधिक हो सकता है। एक शेयर को प्रीमियम या सम के ऊपर कहा जाता है जब इसका बाजार मूल्य उपरोक्त उदाहरण की तरह इसके अंकित मूल्य से अधिक होता है। यदि 10 रुपये के अंकित मूल्य वाला शेयर 25 रुपये पर बिक रहा है, तो यह 15 रुपये के प्रीमियम पर है। बाजार मूल्य अंकित मूल्य के बराबर होने पर यह सम माना जाता है। यदि बाजार मूल्य अंकित मूल्य से कम है, तो यह छूट पर या सम से नीचे बिक रहा है। उदाहरण के लिए, यदि 100 रुपये के अंकित मूल्य वाला शेयर 50 रुपये पर बिक रहा है, तो यह 50 रुपये की छूट पर है। लाभांश की गणना में अंकित मूल्य का महत्वः जब कोई कंपनी अपने शेयरधारकों के बीच अपने वार्षिक मुनाफे का एक हिस्सा वितरित करती है, तो इसे लाभांश के रूप में जाना जाता है। किसी शेयर का अंकित मूल्य लाभांश की गणना में महत्व रखता है। यही कारण है कि एक निवेशक के रूप में लाभांश की गणना करने के लिए शेयर के अंकित मूल्य को देखना महत्वपूर्ण है। आइए हम एक उदाहरण के साथ समझें। हम मानते हैं कि एक शेयर बाजार में 100 रुपये पर कारोबार कर रहा है, लेकिन 10 का अंकित मूल्य है। जब यह 10 प्रतिशत के लाभांश की घोषणा करता है, तो 1 रुपये लाभांश होता है, न कि 10 रुपये। शेयर विभाजन के मामले में अंकित मूल्यः जब कोई कंपनी अपने शेयर को विभाजित करने का निर्णय लेती है, तो यह अंकित मूल्य पर आधारित होता है। यह भी समझना आवश्यक है कि शेयर विभाजन के मामले में एक शेयर का अंकित मूल्य का क्या होता है। शेयर विभाजन अंकित मूल्य के विभाजन के अलावा कुछ भी नहीं है, इसलिए 1:5 विभाजन के मामले में, जिन शेयरों में 10 रुपये का अंकित मूल्य था, उन्हें 2 रुपये के अंकित मूल्य में बदल दिया जाएगा। हालांकि, शेयरों की कीमत भी आनुपातिक रूप से गिर जाएगी। जबकि, आपके स्वामित्व की कुल राशि वही रहेगी। असल में, निवेशकों के लिए अधिक शेयर उपलब्ध होंगे। जब शेयर बाजारों में निवेश करते हैं तो शेयर के अंकित मूल्य के अर्थ को समझना और यह बाजार मूल्य से अलग कैसे है, यह समझना महत्वपूर्ण है।
एक शेयर बाजार एक ऐसा स्थान है जो निवेशकों को अच्छे लाभ कमाने की क्षमता देता है। बाजारों में निवेश करते समय, शेयर बाजार की शर्तों का ज्ञान आवश्यक है। समझने वाली पहली बात शेयर का अंकित मूल्य है। इसे सम मूल्य के रूप में भी जाना जाता है और जब शेयर जारी होता है तब निश्चित होता है। अंकित मूल्य की एक आवश्यक विशेषता यह है कि यह निश्चित है, और यह कभी नहीं बदलता। अब, हमने शेयर के अंकित मूल्य के अर्थ को देखा, हम देखेंगे कि यह कैसे निर्धारित किया जाता है। इसकी गणना नहीं की जाती है बल्कि इसके बजाय मनमाने ढंग से नियत किया जाता है। अंकित मूल्य का उपयोग कंपनी के बैलेंस शीट के लिए कंपनी के शेयर के लेखांकन मूल्य की गणना करने के लिए किया जाता है। इसलिए, यह याद रखना जरूरी है कि अंकित मूल्य का प्रचलित शेयर मूल्य से कोई संबंध नहीं है। शेयर बाजार में अंकित मूल्य का महत्व कानूनी और लेखांकन कारणों के लिए है। पहले, जब एक शेयरधारक ने शेयर खरीदता था, तो उसे एक शेयर प्रमाणपत्र जारी किया जाता था जिसमें अंकित मूल्य शामिल था। आजकल, हालांकि, सभी प्रमाणपत्र डिजिटल प्रारूप में जारी किए जाते हैं। ज्यादातर भारतीय कंपनी के शेयरों का अंकित मूल्य दस रुपयापये का होता है। अंकित मूल्य और बाजार मूल्य के बीच अंतरः कई पहली बार निवेशक शेयर के अंकित मूल्य और इसके बाजार मूल्य के बीच अंतर से भ्रमित हो सकते हैं। बाजार मूल्य वर्तमान मूल्य है जिस पर पूंजी बाजारों में एक शेयर बेचा या खरीदा जाता है। ज्यादातर एक शेयर का अंकित मूल्य बाजार मूल्य से कम होती है। किसी कंपनी का बाजार मूल्य इसके प्रदर्शन और मांग और उसके शेयर की आपूर्ति के आधार पर बदलता है। चलिए हम मन लेते हैं कि एक कंपनी दस रुपयापये के अंकित मूल्य पर सार्वजनिक होती है। इसका बाजार मूल्य पचास रुपयापये हो सकता है। हालांकि, यह हमेशा का मामला नहीं है। कुछ शेयरों के मामले में, अंकित मूल्य बाजार मूल्य से अधिक हो सकता है। एक शेयर को प्रीमियम या सम के ऊपर कहा जाता है जब इसका बाजार मूल्य उपरोक्त उदाहरण की तरह इसके अंकित मूल्य से अधिक होता है। यदि दस रुपयापये के अंकित मूल्य वाला शेयर पच्चीस रुपयापये पर बिक रहा है, तो यह पंद्रह रुपयापये के प्रीमियम पर है। बाजार मूल्य अंकित मूल्य के बराबर होने पर यह सम माना जाता है। यदि बाजार मूल्य अंकित मूल्य से कम है, तो यह छूट पर या सम से नीचे बिक रहा है। उदाहरण के लिए, यदि एक सौ रुपयापये के अंकित मूल्य वाला शेयर पचास रुपयापये पर बिक रहा है, तो यह पचास रुपयापये की छूट पर है। लाभांश की गणना में अंकित मूल्य का महत्वः जब कोई कंपनी अपने शेयरधारकों के बीच अपने वार्षिक मुनाफे का एक हिस्सा वितरित करती है, तो इसे लाभांश के रूप में जाना जाता है। किसी शेयर का अंकित मूल्य लाभांश की गणना में महत्व रखता है। यही कारण है कि एक निवेशक के रूप में लाभांश की गणना करने के लिए शेयर के अंकित मूल्य को देखना महत्वपूर्ण है। आइए हम एक उदाहरण के साथ समझें। हम मानते हैं कि एक शेयर बाजार में एक सौ रुपयापये पर कारोबार कर रहा है, लेकिन दस का अंकित मूल्य है। जब यह दस प्रतिशत के लाभांश की घोषणा करता है, तो एक रुपयापये लाभांश होता है, न कि दस रुपयापये। शेयर विभाजन के मामले में अंकित मूल्यः जब कोई कंपनी अपने शेयर को विभाजित करने का निर्णय लेती है, तो यह अंकित मूल्य पर आधारित होता है। यह भी समझना आवश्यक है कि शेयर विभाजन के मामले में एक शेयर का अंकित मूल्य का क्या होता है। शेयर विभाजन अंकित मूल्य के विभाजन के अलावा कुछ भी नहीं है, इसलिए एक:पाँच विभाजन के मामले में, जिन शेयरों में दस रुपयापये का अंकित मूल्य था, उन्हें दो रुपयापये के अंकित मूल्य में बदल दिया जाएगा। हालांकि, शेयरों की कीमत भी आनुपातिक रूप से गिर जाएगी। जबकि, आपके स्वामित्व की कुल राशि वही रहेगी। असल में, निवेशकों के लिए अधिक शेयर उपलब्ध होंगे। जब शेयर बाजारों में निवेश करते हैं तो शेयर के अंकित मूल्य के अर्थ को समझना और यह बाजार मूल्य से अलग कैसे है, यह समझना महत्वपूर्ण है।
मेष आज नौकरी में सफलता मिलेगी। परिवार में कोई कलह चल रही थी, तो वह आज समाप्त होगी, जिसके कारण आपको मानसिक शांति मिलेगी। मेष आज नौकरी के लिए अनुकूल समय है। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। मानसिक शान्ति रहेगी। सफलता के मार्ग प्रशस्त होंगे। मेष आज जॉब में नवीन उत्तरदायित्व मिल सकता है। व्यवसाय को लेकर तनाव रहेगा, विवाद की भी संभावना है। आपके सभी काम बन जायेंगे। मेष चोट से बचने के लिए सावधानी से बैठें। साथ ही सही तरीक़े से कमर सीधी करके बैठना न केवल व्यक्तित्वमें सुधार लाता है,
मेष आज नौकरी में सफलता मिलेगी। परिवार में कोई कलह चल रही थी, तो वह आज समाप्त होगी, जिसके कारण आपको मानसिक शांति मिलेगी। मेष आज नौकरी के लिए अनुकूल समय है। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। मानसिक शान्ति रहेगी। सफलता के मार्ग प्रशस्त होंगे। मेष आज जॉब में नवीन उत्तरदायित्व मिल सकता है। व्यवसाय को लेकर तनाव रहेगा, विवाद की भी संभावना है। आपके सभी काम बन जायेंगे। मेष चोट से बचने के लिए सावधानी से बैठें। साथ ही सही तरीक़े से कमर सीधी करके बैठना न केवल व्यक्तित्वमें सुधार लाता है,
वर्क फ्रॉम होम के शरीर पर पड़ेंगे ये बुरे प्रभाव. ( Image Source : Furniture@Work ) Work From Home Side Effects: कोरोना महामारी के आने के बाद तमाम कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' दे दिया था. वर्क फ्रॉम होम ने लोगों को इतनी सहुलियतें प्रदान की हैं कि अब उनको इसकी बुरी आदत लग चुकी है. कुछ कंपनीज़ ने अब भी अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' दिया हुआ है. क्योंकि इससे ऑफिस का खर्च काफी बच रहा है. कर्मचारियों का भी ऑफिस आने-जाने का समय और किराया बच रहा है. यही वजह है कि वर्क फ्रॉम होम कोरोना का कहर खत्म होने के बाद भी जारी है. मगर क्या आप जानते हैं कि वर्क फ्रॉम होम के चलते लोगों की सेहत पर कितना बुरा असर पड़ रहा है? दरअसल यूनाइटेड किंगडम की एक फर्नीचर कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम के कुछ चौंकाने वाले साइड इफेक्ट्स बताए हैं. इस कंपनी ने कुछ 3-डी तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें वर्क फ्रॉम होम की वजह से शरीर पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को दिखाया गया है. इस तस्वीरों को जब आप गौर से देखेंगे तो चौंक जाएंगे. फोटोज़ में एक मॉडल की शारीरिक बनावट को 3-D में दिखाया गया है. वर्क फ्रॉम होम के प्रभाव के कारण शरीर की बनावट बिल्कुल खराब दिखाई गई है. उंगलियां मुड़ी हुई तो कूबड़ निकला हुआ दिखाया गया है. शरीर का निचला हिस्सा भी फैटी दिखाया गया है. कंपनी के मुताबिक, यह तस्वीरें इस बात का बखान करती हैं कि 2100 में हम सब कैसे दिखाई देंगे. स्किन एक्सपोजर, बैठने का गलत तरीका और टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल न सिर्फ शरीर को बिगाड़ देगा, बल्कि कई बीमारियां भी पैदा कर देगा. प्यू रिसर्च सेंटर की मानें तो अमेरिका की 14 प्रतिशत आबादी ऐसी है, जो सिर्फ घर से काम कर रही है. जबकि 28 प्रतिशत लोगों ने हाइब्रिड शेड्यूल पर अपना काम किया. फर्नीचर कंपनी के मुताबिक, एक डॉक्टर ने कहा कि रेगुलर मूवमेंट की कमी से मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर हो सकता है. लगातार बैठे रहने या गलत तरीके से बैठने से किसी पुराने दर्द की फिर से शुरुआत हो सकती है. इसके अलावा, चूंकि कई लोग अंधेरे या कम रोशनी में लैपटॉप में काम करना पसंद करते हैं. इससे आंखों पर बुरा असर पड़ेगा. आंखों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों से बचने के लिए यह जरूरी है कि 20 मिनट तक लगातार लैपटॉप स्किन को देखने के बाद अपनी नजर वहां से हटा लें और 20 फीट की दूरी पर 20 सेकंड के लिए देखें. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
वर्क फ्रॉम होम के शरीर पर पड़ेंगे ये बुरे प्रभाव. Work From Home Side Effects: कोरोना महामारी के आने के बाद तमाम कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' दे दिया था. वर्क फ्रॉम होम ने लोगों को इतनी सहुलियतें प्रदान की हैं कि अब उनको इसकी बुरी आदत लग चुकी है. कुछ कंपनीज़ ने अब भी अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' दिया हुआ है. क्योंकि इससे ऑफिस का खर्च काफी बच रहा है. कर्मचारियों का भी ऑफिस आने-जाने का समय और किराया बच रहा है. यही वजह है कि वर्क फ्रॉम होम कोरोना का कहर खत्म होने के बाद भी जारी है. मगर क्या आप जानते हैं कि वर्क फ्रॉम होम के चलते लोगों की सेहत पर कितना बुरा असर पड़ रहा है? दरअसल यूनाइटेड किंगडम की एक फर्नीचर कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम के कुछ चौंकाने वाले साइड इफेक्ट्स बताए हैं. इस कंपनी ने कुछ तीन-डी तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें वर्क फ्रॉम होम की वजह से शरीर पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को दिखाया गया है. इस तस्वीरों को जब आप गौर से देखेंगे तो चौंक जाएंगे. फोटोज़ में एक मॉडल की शारीरिक बनावट को तीन-D में दिखाया गया है. वर्क फ्रॉम होम के प्रभाव के कारण शरीर की बनावट बिल्कुल खराब दिखाई गई है. उंगलियां मुड़ी हुई तो कूबड़ निकला हुआ दिखाया गया है. शरीर का निचला हिस्सा भी फैटी दिखाया गया है. कंपनी के मुताबिक, यह तस्वीरें इस बात का बखान करती हैं कि दो हज़ार एक सौ में हम सब कैसे दिखाई देंगे. स्किन एक्सपोजर, बैठने का गलत तरीका और टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल न सिर्फ शरीर को बिगाड़ देगा, बल्कि कई बीमारियां भी पैदा कर देगा. प्यू रिसर्च सेंटर की मानें तो अमेरिका की चौदह प्रतिशत आबादी ऐसी है, जो सिर्फ घर से काम कर रही है. जबकि अट्ठाईस प्रतिशत लोगों ने हाइब्रिड शेड्यूल पर अपना काम किया. फर्नीचर कंपनी के मुताबिक, एक डॉक्टर ने कहा कि रेगुलर मूवमेंट की कमी से मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर हो सकता है. लगातार बैठे रहने या गलत तरीके से बैठने से किसी पुराने दर्द की फिर से शुरुआत हो सकती है. इसके अलावा, चूंकि कई लोग अंधेरे या कम रोशनी में लैपटॉप में काम करना पसंद करते हैं. इससे आंखों पर बुरा असर पड़ेगा. आंखों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों से बचने के लिए यह जरूरी है कि बीस मिनट तक लगातार लैपटॉप स्किन को देखने के बाद अपनी नजर वहां से हटा लें और बीस फीट की दूरी पर बीस सेकंड के लिए देखें. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. Calculate Your Body Mass Index
PATNA : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राज्य में दिन प्रति दिन कमजोर होता जा रहा है। एक ओर राज्य बजट में इसके लिए आवंटित राशि में कमी, दूसरी ओर कर्मचारियों की राशि भी बकाया रह रही है। जिला स्तर पर कार्यरत आशा, ममता, कुरियर के पद पर कार्यरत कर्मचारियों का बकाया राशि की भुगतान की मंाग की जा रही है। इसी संबंध में बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आशा संघर्ष समिति, प्रशिक्षित प्रसव सेविका सह ममता, संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेल्थ से पांच जून को मिला। इसमें संघ के जेनरल सेक्रेटरी विश्वनाथ सिंह ने इनकी मांगों को रखा। राज्यस्तरीय मांगों में आशा, ममता, कुरियर के तमाम किस्म के बकाये प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान कराने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर के निर्देश में आशा को एक हजार रुपया प्रति माह भुगतान कराने, प्रत्येक संस्थान में आशा को कमरा उपलब्ध कराने, नर्सिग कॉलेज में योग्यता प्राप्त आशा के नामांकन के लिए सीट आरक्षित करने की बात शामिल है। विश्वनाथ सिंह ने कहा कि आठ जून को प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ के साथ मीटिंग है। आठ जून से कारगिल चौक, गांधी मैदान से डीएम ऑफिस तक विभिन्न मांगों को लेकर आशा संघर्ष समिति का प्रदर्शन निकाला जाएगा, जबकि क्भ् जून को राज्य भर के कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन कर आम लोगों के सिग्नेचर को भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय भेजा जाएगा।
PATNA : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राज्य में दिन प्रति दिन कमजोर होता जा रहा है। एक ओर राज्य बजट में इसके लिए आवंटित राशि में कमी, दूसरी ओर कर्मचारियों की राशि भी बकाया रह रही है। जिला स्तर पर कार्यरत आशा, ममता, कुरियर के पद पर कार्यरत कर्मचारियों का बकाया राशि की भुगतान की मंाग की जा रही है। इसी संबंध में बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आशा संघर्ष समिति, प्रशिक्षित प्रसव सेविका सह ममता, संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेल्थ से पांच जून को मिला। इसमें संघ के जेनरल सेक्रेटरी विश्वनाथ सिंह ने इनकी मांगों को रखा। राज्यस्तरीय मांगों में आशा, ममता, कुरियर के तमाम किस्म के बकाये प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान कराने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर के निर्देश में आशा को एक हजार रुपया प्रति माह भुगतान कराने, प्रत्येक संस्थान में आशा को कमरा उपलब्ध कराने, नर्सिग कॉलेज में योग्यता प्राप्त आशा के नामांकन के लिए सीट आरक्षित करने की बात शामिल है। विश्वनाथ सिंह ने कहा कि आठ जून को प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ के साथ मीटिंग है। आठ जून से कारगिल चौक, गांधी मैदान से डीएम ऑफिस तक विभिन्न मांगों को लेकर आशा संघर्ष समिति का प्रदर्शन निकाला जाएगा, जबकि क्भ् जून को राज्य भर के कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन कर आम लोगों के सिग्नेचर को भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय भेजा जाएगा।
नई दिल्ली. पाकिस्तान को अफगानिस्तान ने टी20 सीरीज में बुरी तरह से धो दिया. अफगान टीम ने शुरुआती 2 मुकाबले जीतकर 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ली है. इस हार के बाद पाकिस्तान की दुनियाभर में फजीहत हो रही है. इतना ही नहीं मैच के दौरान भी पाकिस्तान स्टार की फजीहत हो गई. दरअसल सीरीज के दूसरे मुकाबले में बाबर आजम को लेकर ऑन एयर साइमन डूल और पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर आमिर सोहेल भिड़ गए. डूल और सोहेल के बीच मैच के दौरान बाबर की स्ट्राइक रेट को लेकर चर्चा शुरू हो गई, जिन्हें इस सीरीज से आराम दिया गया है. डूल ने पाकिस्तानी कप्तान बाबर को लेकर अपनी राय रखी. उनका कहना था कि बाबर को टी20 में ओपनिंग नहीं करनी चाहिए और मोहम्मद रिजवान के साथ उनकी जगह सायम अयूब या फिर मोहम्मद हारिस को ओपनिंग करनी चाहिए. ये भी पढ़ें- पलट गया इंदौर टेस्ट का फैसला, दिखी BCCI की ताकत, मिली बड़ी जीत! डूल का कहना था कि बाबर नंबर 3 के बेस्ट बल्लेबाज हैं. उनकी राय सोहेल को पसंद नहीं आई. इसके बाद सोहेल ने डूल को कहा कि पाकिस्तान टी20 टीम का चयन स्ट्राइक रेट की बजाय एवरेज के आधार पर होता है. उन्होंने एवरेज को स्ट्राइक रेट से ज्यादा अहम बताया. उन्होंने दुनिया के बेस्ट टी20 बल्लेबाज क्रिस गेल और एबी डिविलियर्स का भी उदाहरण दिया. पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर का कहना था कि दोनों की स्ट्राइक रेट कम थी, मगर औसत शानदार था. सोहेल ने पूछा कि गेल और डिविलियर्स की स्ट्राइकर रेट 135 और 137 के बीच थी? डूल ने उनके इस आंकड़े को सही करते हुए कहा कि गेल की स्ट्राइक रेट 158 और डिविलियर्स की 145 थी. इसके बाद डूल ने बाबर की स्ट्राइक रेट के बारे में पूछ लिया. जिस पर सोहेल ने सीधे तो जवाब नहीं दिया, मगर फिर पॉइंट पर आने से पहले उन्होने इतना ही कहा कि पिछली बार जब चेक किया था. पाकिस्तान दिग्गज अपनी बात में फंस गए. जिसके बाद उनकी जमकर फजीहत हो रही है. मैच की बात करें तो पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हाथों 7 विकेट से दूसरा टी20 मैच गंवा दिया.
नई दिल्ली. पाकिस्तान को अफगानिस्तान ने टीबीस सीरीज में बुरी तरह से धो दिया. अफगान टीम ने शुरुआती दो मुकाबले जीतकर तीन मैचों की सीरीज में दो-शून्य से अजेय बढ़त हासिल कर ली है. इस हार के बाद पाकिस्तान की दुनियाभर में फजीहत हो रही है. इतना ही नहीं मैच के दौरान भी पाकिस्तान स्टार की फजीहत हो गई. दरअसल सीरीज के दूसरे मुकाबले में बाबर आजम को लेकर ऑन एयर साइमन डूल और पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर आमिर सोहेल भिड़ गए. डूल और सोहेल के बीच मैच के दौरान बाबर की स्ट्राइक रेट को लेकर चर्चा शुरू हो गई, जिन्हें इस सीरीज से आराम दिया गया है. डूल ने पाकिस्तानी कप्तान बाबर को लेकर अपनी राय रखी. उनका कहना था कि बाबर को टीबीस में ओपनिंग नहीं करनी चाहिए और मोहम्मद रिजवान के साथ उनकी जगह सायम अयूब या फिर मोहम्मद हारिस को ओपनिंग करनी चाहिए. ये भी पढ़ें- पलट गया इंदौर टेस्ट का फैसला, दिखी BCCI की ताकत, मिली बड़ी जीत! डूल का कहना था कि बाबर नंबर तीन के बेस्ट बल्लेबाज हैं. उनकी राय सोहेल को पसंद नहीं आई. इसके बाद सोहेल ने डूल को कहा कि पाकिस्तान टीबीस टीम का चयन स्ट्राइक रेट की बजाय एवरेज के आधार पर होता है. उन्होंने एवरेज को स्ट्राइक रेट से ज्यादा अहम बताया. उन्होंने दुनिया के बेस्ट टीबीस बल्लेबाज क्रिस गेल और एबी डिविलियर्स का भी उदाहरण दिया. पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर का कहना था कि दोनों की स्ट्राइक रेट कम थी, मगर औसत शानदार था. सोहेल ने पूछा कि गेल और डिविलियर्स की स्ट्राइकर रेट एक सौ पैंतीस और एक सौ सैंतीस के बीच थी? डूल ने उनके इस आंकड़े को सही करते हुए कहा कि गेल की स्ट्राइक रेट एक सौ अट्ठावन और डिविलियर्स की एक सौ पैंतालीस थी. इसके बाद डूल ने बाबर की स्ट्राइक रेट के बारे में पूछ लिया. जिस पर सोहेल ने सीधे तो जवाब नहीं दिया, मगर फिर पॉइंट पर आने से पहले उन्होने इतना ही कहा कि पिछली बार जब चेक किया था. पाकिस्तान दिग्गज अपनी बात में फंस गए. जिसके बाद उनकी जमकर फजीहत हो रही है. मैच की बात करें तो पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हाथों सात विकेट से दूसरा टीबीस मैच गंवा दिया.
लोकसभा चुनाव 2024 के साथ साथ इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपने अपने हिसाब से तैयारियों में जुट गए हैं। चुनावी तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी कमर कस ली है। इसी कड़ी में बीजेपी ने कई राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2024 के साथ साथ इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपने अपने हिसाब से तैयारियों में जुट गए हैं। चुनावी तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी कमर कस ली है। इसी कड़ी में बीजेपी ने कई राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। जिसके तहत तेलंगाना में किशन रेड्डी, पंजाब में सुनील जाखड़, आंध्र प्रदेश में डी. पुरंदेश्वरी और झारखंड में बाबूलाल मरांडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। (बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष, झारखंड बीजेपी) बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्हें झारखंड में बीजेपी का कद्दावार नेता माना जाता है। मरांडी राज्य के पहले मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने अपनी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी में विलय करवा लिया था। गौरतलब है कि झारखंड में लोकसभा की 14 सीटें हैं, वर्तमान में एनडीए गठबंधन के पास 12 सीट हैं। (सुनील जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष, पंजाब बीजेपी) वहीं सुनील जाखड़ पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। जो बाद में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। सुनील जाखड़ को इससे पहले राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया था। (डी. पुरंदेश्वरी, प्रदेश अध्यक्ष, आंध्र प्रदेश बीजेपी) आंध्र प्रदेश बीजेपी की कमान अब डी. पुरंदेश्वरी के हाथों में होगी। पुरंदेश्वरी टीडीपी के संस्थापक रहे एनटी रामाराव की बेटी हैं। इससे पहले वो पार्टी की महासचिव भी रह चुकी हैं। (जी किशन रेड्डी, प्रदेश अध्यक्ष, तेलंगाना बीजेपी) वहीं बीजेपी ने जी किशन रेड्डी को तेलंगना की कमान सौंपी है। जी. किशन रेड्डी मोदी सरकार में मंत्री हैं। तेलंगाना में जल्द विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए बीजेपी के लिए तेलंगाना अहम राज्य है।
लोकसभा चुनाव दो हज़ार चौबीस के साथ साथ इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपने अपने हिसाब से तैयारियों में जुट गए हैं। चुनावी तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी कमर कस ली है। इसी कड़ी में बीजेपी ने कई राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव दो हज़ार चौबीस के साथ साथ इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपने अपने हिसाब से तैयारियों में जुट गए हैं। चुनावी तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी कमर कस ली है। इसी कड़ी में बीजेपी ने कई राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। जिसके तहत तेलंगाना में किशन रेड्डी, पंजाब में सुनील जाखड़, आंध्र प्रदेश में डी. पुरंदेश्वरी और झारखंड में बाबूलाल मरांडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्हें झारखंड में बीजेपी का कद्दावार नेता माना जाता है। मरांडी राज्य के पहले मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। दो हज़ार उन्नीस के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने अपनी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी में विलय करवा लिया था। गौरतलब है कि झारखंड में लोकसभा की चौदह सीटें हैं, वर्तमान में एनडीए गठबंधन के पास बारह सीट हैं। वहीं सुनील जाखड़ पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। जो बाद में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। सुनील जाखड़ को इससे पहले राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया था। आंध्र प्रदेश बीजेपी की कमान अब डी. पुरंदेश्वरी के हाथों में होगी। पुरंदेश्वरी टीडीपी के संस्थापक रहे एनटी रामाराव की बेटी हैं। इससे पहले वो पार्टी की महासचिव भी रह चुकी हैं। वहीं बीजेपी ने जी किशन रेड्डी को तेलंगना की कमान सौंपी है। जी. किशन रेड्डी मोदी सरकार में मंत्री हैं। तेलंगाना में जल्द विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए बीजेपी के लिए तेलंगाना अहम राज्य है।
भोपाल के कई इलाकों में 30 अक्टूबर को बिजली की सप्लाई नहीं होगी। यहां पर बिजली कंपनी मेंटेनेस करेगी। इसके चलते कटौती होगी। सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक आनंद नगर, दुरदर्शन कॉलोनी, भारत भवन रोड, राजीव गांधी भवन, पटेल नगर, प्राभतम्ब हाईट्स, ईशान पार्क, ओमेगा कैम्पस, रजत विहार, राधा-कृष्णा इन्क्लेव, आदि परिसर, परी पार्क, इस्लामी गेट, पुतली घर, गोल घर, विनोवा कॉलोनी एवं आसपास के इलाकों में कटौती होगी। सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक बाग मुगालिया, रामेश्वरम् कैम्पस, सिल्वर स्टेट व अन्य इलाकों में सप्लाई नहीं होगी। दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक वर्द्धमान ग्रीन, कोकता बायपास, आईबीडी रायसेना, शर्मा कॉलोनी, रेजिमेंट रोड, टीला जमालपुरा, मिलेट्री एरिया एवं आससपास के इलाकों में सप्लाई नहीं की जाएगी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
भोपाल के कई इलाकों में तीस अक्टूबर को बिजली की सप्लाई नहीं होगी। यहां पर बिजली कंपनी मेंटेनेस करेगी। इसके चलते कटौती होगी। सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक आनंद नगर, दुरदर्शन कॉलोनी, भारत भवन रोड, राजीव गांधी भवन, पटेल नगर, प्राभतम्ब हाईट्स, ईशान पार्क, ओमेगा कैम्पस, रजत विहार, राधा-कृष्णा इन्क्लेव, आदि परिसर, परी पार्क, इस्लामी गेट, पुतली घर, गोल घर, विनोवा कॉलोनी एवं आसपास के इलाकों में कटौती होगी। सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक बाग मुगालिया, रामेश्वरम् कैम्पस, सिल्वर स्टेट व अन्य इलाकों में सप्लाई नहीं होगी। दोपहर एक से शाम पाँच बजे तक वर्द्धमान ग्रीन, कोकता बायपास, आईबीडी रायसेना, शर्मा कॉलोनी, रेजिमेंट रोड, टीला जमालपुरा, मिलेट्री एरिया एवं आससपास के इलाकों में सप्लाई नहीं की जाएगी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
एक जानेमाने राजनीतिक सलाहकार ने पिछले दिनों एक ऐसी टिप्पणी की जिसने मेरा कुतूहल जगा दिया। उन्होंने कहा कि अगर केवल 50 प्रतिशत हिंदू भाजपा को वोट देते हैं तो इसका अर्थ यह है कि शेष 50 प्रतिशत लोगों को उसकी 'हिंदू प्रथम' की नीतियां पसंद नहीं। यह बात सही नहीं है। बल्कि यह गलत है। इस आलेख में हम जो बातें करेंगे उससे कई लोग नाराज होंगे। इनमे कई अच्छे मित्र शामिल हैं। हम एक ऐसी अवधारणा की बात कर रहे हैं जिसे अर्थशास्त्री लंबे समय से मानते हैं। परंतु समाजशास्त्रियों और राजनीतिक विज्ञानियों ने समूह व्यवहार के अपने अध्ययनों में इनकी अनदेखी की है। इस अवधारणा को फ्री राइडर समस्या कहा जाता है। इसमें वस्तुओं एवं सेवाओं का गैर किफायती वितरण होता है और लोग या तो साझा संसाधनों में अपने हिस्से से अधिक का इस्तेमाल करते हैं या निर्धारित से कम भुगतान करते हैं। यह वैश्विक अवधारणा है लेकिन शायद राजनीतिक सलाहकार इससे अपरिचित थे। अर्थशास्त्री जब इस समस्या की बात करते हैं तो उनके इरादे एकदम विशिष्ट रहते हैं। वे इसे ही बाजार विफलता का कारण भी बताते हैं। ऐसी ही विफलताओं का एक परिणाम यह है कि लोग बिना भुगतान किए किसी चीज से लाभान्वित होते हैं या उसे ग्रहण करते हैं। उन्हें रोका भी नहीं जा सकता है। इसे ही फ्री राइडिंग कहा जाता है क्योंकि इसमें अपवाद की गुंजाइश नहीं रहती। हिंदुत्व भी हिंदुओं के लिए ऐसी ही एक चीज है जिसका बहिष्करण संभव नहीं है। यह एक ऐसी चीज है जिसे यदि एक अतिरिक्त व्यक्ति भी ग्रहण कर ले तो उसमें कोई कमी नहीं आती। इतना ही नहीं इसका उत्पादन बढ़ाने की कोई खास लागत भी नहीं। भारत में इसे लेकर सामाजिक और आर्थिक स्तर पर बहुत कम जागरूकता है। परंतु यह आलेख फ्री राइडर समस्या के आर्थिक पहलू पर आधारित नहीं है। यह इसके सामाजिक और राजनीतिक पहलू पर केंद्रित है। खासतौर पर राजनीतिक हिंदुत्व की आपूर्ति, इसकी खपत और लाभार्थियों पर। इसके उदाहरण हर जगह देखने को मिलते हैं। हालांकि लोग सक्रिय ढंग से इसका पक्ष नहीं लेते लेकिन वे इसे खारिज भी नहीं करते। वे बेहद रणनीतिक ढंग से इसे स्वीकृत करते हैं। मेरा मानना है कि भारत में हिंदुत्व पर भी यह बात लागू होती है। राजनीतिक सलाहकार जिन 50 प्रतिशत लोगों की बात कर रहे हैं वे शायद उन गिनेचुने लोगों की तरह व्यवहार न करें जो मुस्लिमों के बारे में अनापशनाप बातें करते हैं। परंतु यह खामोश रहने वाला बहुमत हिंदुत्व की बस पर निःशुल्क सवारी करने वाला नहीं है। यह बात आप्रासंगिक है कि उसने शायद जानबूझकर हिंदुत्व की बस न पकड़ी हो। यह बात भी प्रासंगिक नहीं है कि यह उन्हें अच्छा नहीं लगता। यह कहा जा सकता है कि यह 80:20 की समस्या का एक प्रकार है जहां 80 प्रतिशत काम 20 प्रतिशत लोग करते हैं लेकिन 80 प्रतिशत को भी फायदा मिलता है। दिक्कत यह नहीं है कि वाम उदारवादी हिंदू हिंदुत्व का विरोध करते हैं। यह उनका अधिकार है। हाशिये वाले हिंदुत्ववादी भी भारतीय मुस्लिमों के साथ खराब ढंग से पेश आते हैं। देश में 20 करोड़ से अधिक मुस्लिम रहते हैं और यह कहना निंदनीय है कि उन्हें दूसरे दर्जे के नागरिक माना जाना चाहिए। परंतु यहां मैं हिंदुओं में उन हिंदुओं की बात कर रहा हूं जिन्हें हिंदुत्व से मिलने वाले लाभ (यदि कोई हो) से अलग नहीं किया जा सकता है। इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि हिंदी राज्यों में भाजपा को वोट के अलावा इससे कोई लाभ मिलेगा। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि हिंदुत्व अनिवार्य तौर पर कुछ या कई तरह से लाभदायक ही होगा। मैं यह कह रहा हूं कि ऐसे लोग हमेशा रहेंगे जो लाभान्वित होते रहेंगे, भले ही उन्होंने उस विचारधारा का पुरजोर विरोध किया हो। वाम उदारवादियों ने भारतीय राजनीति में फ्री राइडर समस्या का प्रतिनिधित्व किया है। कहावती हिंदी में इसे 'चित भी मेरी, पट भी मेरी-और अंटा मेरे बाप का' कहा जाता है। सन 1972 के बाद कांग्रेसी शैली के समाजवाद के साथ यही हुआ। इसके वितरण कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों ने भी लिया जिन्होंने उनका विरेोध किया था क्योंकि उन्हें बहिष्कृत नहीं किया जा सकता था। यह निःशुल्क विरोध है। अर्थशास्त्र में इसे गैर बहिष्करण कहा जाता है और इसके माध्यम से मैं अपनी बात समझा सकता हूं। यह पूछना उचित हैः हिंदुत्व से कौन से लाभ संभावित हैं? इसका उत्तर आरएसएस द्वारा हिंदू सामाजिक ढांचे की पड़ताल में निहित है। हिंदुत्व के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है लोगों को यह अहसास कराना कि उनके लिए हिंदुत्व और उसकी संस्कृति सबसे पहले आती है, विभिन्न जातियां उसके बाद। ऐसा करके जन्म आधारित राजनीतिक और सामाजिक विभाजन को समाप्त किया जा सकता है। जब मैं कहता हूं कि 'जागरण' दरअसल यही है तो मैं वाम उदारवादियों की तुष्टि चाहता हूं। कम से कम यह एक ऐसी चीज है जिस पर गंभीर आपत्ति नहीं ली जा सकती है। लेकिन आप इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनाए जा रहे तरीके पर आपत्ति जरूर जता सकते हैं। सभी इस्लामिक या मुस्लिम चीजों के पीछे पडऩे की कोई जरूरत नहीं है। हिंदू रुझान को बढ़ाने के लिए गैर हिंदुओं को प्रताडि़त न करना परिपक्व आत्मविश्वास का उदाहरण है न कि कोई कमजोरी। उस लिहाज से देखा जाए तो यह सवाल पूछना भी महत्त्वपूर्ण है कि क्या वाम उदारवादियों की आपत्ति केवल अपनाए जा रहे तौर तरीकों से है या यह उन सिरों तक है जहां जातीय पहचान को धार्मिक पहचान से प्रतिस्थापित किया जा रहा है।
एक जानेमाने राजनीतिक सलाहकार ने पिछले दिनों एक ऐसी टिप्पणी की जिसने मेरा कुतूहल जगा दिया। उन्होंने कहा कि अगर केवल पचास प्रतिशत हिंदू भाजपा को वोट देते हैं तो इसका अर्थ यह है कि शेष पचास प्रतिशत लोगों को उसकी 'हिंदू प्रथम' की नीतियां पसंद नहीं। यह बात सही नहीं है। बल्कि यह गलत है। इस आलेख में हम जो बातें करेंगे उससे कई लोग नाराज होंगे। इनमे कई अच्छे मित्र शामिल हैं। हम एक ऐसी अवधारणा की बात कर रहे हैं जिसे अर्थशास्त्री लंबे समय से मानते हैं। परंतु समाजशास्त्रियों और राजनीतिक विज्ञानियों ने समूह व्यवहार के अपने अध्ययनों में इनकी अनदेखी की है। इस अवधारणा को फ्री राइडर समस्या कहा जाता है। इसमें वस्तुओं एवं सेवाओं का गैर किफायती वितरण होता है और लोग या तो साझा संसाधनों में अपने हिस्से से अधिक का इस्तेमाल करते हैं या निर्धारित से कम भुगतान करते हैं। यह वैश्विक अवधारणा है लेकिन शायद राजनीतिक सलाहकार इससे अपरिचित थे। अर्थशास्त्री जब इस समस्या की बात करते हैं तो उनके इरादे एकदम विशिष्ट रहते हैं। वे इसे ही बाजार विफलता का कारण भी बताते हैं। ऐसी ही विफलताओं का एक परिणाम यह है कि लोग बिना भुगतान किए किसी चीज से लाभान्वित होते हैं या उसे ग्रहण करते हैं। उन्हें रोका भी नहीं जा सकता है। इसे ही फ्री राइडिंग कहा जाता है क्योंकि इसमें अपवाद की गुंजाइश नहीं रहती। हिंदुत्व भी हिंदुओं के लिए ऐसी ही एक चीज है जिसका बहिष्करण संभव नहीं है। यह एक ऐसी चीज है जिसे यदि एक अतिरिक्त व्यक्ति भी ग्रहण कर ले तो उसमें कोई कमी नहीं आती। इतना ही नहीं इसका उत्पादन बढ़ाने की कोई खास लागत भी नहीं। भारत में इसे लेकर सामाजिक और आर्थिक स्तर पर बहुत कम जागरूकता है। परंतु यह आलेख फ्री राइडर समस्या के आर्थिक पहलू पर आधारित नहीं है। यह इसके सामाजिक और राजनीतिक पहलू पर केंद्रित है। खासतौर पर राजनीतिक हिंदुत्व की आपूर्ति, इसकी खपत और लाभार्थियों पर। इसके उदाहरण हर जगह देखने को मिलते हैं। हालांकि लोग सक्रिय ढंग से इसका पक्ष नहीं लेते लेकिन वे इसे खारिज भी नहीं करते। वे बेहद रणनीतिक ढंग से इसे स्वीकृत करते हैं। मेरा मानना है कि भारत में हिंदुत्व पर भी यह बात लागू होती है। राजनीतिक सलाहकार जिन पचास प्रतिशत लोगों की बात कर रहे हैं वे शायद उन गिनेचुने लोगों की तरह व्यवहार न करें जो मुस्लिमों के बारे में अनापशनाप बातें करते हैं। परंतु यह खामोश रहने वाला बहुमत हिंदुत्व की बस पर निःशुल्क सवारी करने वाला नहीं है। यह बात आप्रासंगिक है कि उसने शायद जानबूझकर हिंदुत्व की बस न पकड़ी हो। यह बात भी प्रासंगिक नहीं है कि यह उन्हें अच्छा नहीं लगता। यह कहा जा सकता है कि यह अस्सी:बीस की समस्या का एक प्रकार है जहां अस्सी प्रतिशत काम बीस प्रतिशत लोग करते हैं लेकिन अस्सी प्रतिशत को भी फायदा मिलता है। दिक्कत यह नहीं है कि वाम उदारवादी हिंदू हिंदुत्व का विरोध करते हैं। यह उनका अधिकार है। हाशिये वाले हिंदुत्ववादी भी भारतीय मुस्लिमों के साथ खराब ढंग से पेश आते हैं। देश में बीस करोड़ से अधिक मुस्लिम रहते हैं और यह कहना निंदनीय है कि उन्हें दूसरे दर्जे के नागरिक माना जाना चाहिए। परंतु यहां मैं हिंदुओं में उन हिंदुओं की बात कर रहा हूं जिन्हें हिंदुत्व से मिलने वाले लाभ से अलग नहीं किया जा सकता है। इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि हिंदी राज्यों में भाजपा को वोट के अलावा इससे कोई लाभ मिलेगा। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि हिंदुत्व अनिवार्य तौर पर कुछ या कई तरह से लाभदायक ही होगा। मैं यह कह रहा हूं कि ऐसे लोग हमेशा रहेंगे जो लाभान्वित होते रहेंगे, भले ही उन्होंने उस विचारधारा का पुरजोर विरोध किया हो। वाम उदारवादियों ने भारतीय राजनीति में फ्री राइडर समस्या का प्रतिनिधित्व किया है। कहावती हिंदी में इसे 'चित भी मेरी, पट भी मेरी-और अंटा मेरे बाप का' कहा जाता है। सन एक हज़ार नौ सौ बहत्तर के बाद कांग्रेसी शैली के समाजवाद के साथ यही हुआ। इसके वितरण कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों ने भी लिया जिन्होंने उनका विरेोध किया था क्योंकि उन्हें बहिष्कृत नहीं किया जा सकता था। यह निःशुल्क विरोध है। अर्थशास्त्र में इसे गैर बहिष्करण कहा जाता है और इसके माध्यम से मैं अपनी बात समझा सकता हूं। यह पूछना उचित हैः हिंदुत्व से कौन से लाभ संभावित हैं? इसका उत्तर आरएसएस द्वारा हिंदू सामाजिक ढांचे की पड़ताल में निहित है। हिंदुत्व के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है लोगों को यह अहसास कराना कि उनके लिए हिंदुत्व और उसकी संस्कृति सबसे पहले आती है, विभिन्न जातियां उसके बाद। ऐसा करके जन्म आधारित राजनीतिक और सामाजिक विभाजन को समाप्त किया जा सकता है। जब मैं कहता हूं कि 'जागरण' दरअसल यही है तो मैं वाम उदारवादियों की तुष्टि चाहता हूं। कम से कम यह एक ऐसी चीज है जिस पर गंभीर आपत्ति नहीं ली जा सकती है। लेकिन आप इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनाए जा रहे तरीके पर आपत्ति जरूर जता सकते हैं। सभी इस्लामिक या मुस्लिम चीजों के पीछे पडऩे की कोई जरूरत नहीं है। हिंदू रुझान को बढ़ाने के लिए गैर हिंदुओं को प्रताडि़त न करना परिपक्व आत्मविश्वास का उदाहरण है न कि कोई कमजोरी। उस लिहाज से देखा जाए तो यह सवाल पूछना भी महत्त्वपूर्ण है कि क्या वाम उदारवादियों की आपत्ति केवल अपनाए जा रहे तौर तरीकों से है या यह उन सिरों तक है जहां जातीय पहचान को धार्मिक पहचान से प्रतिस्थापित किया जा रहा है।
Khushali Kumar Hot Video: बॉलीवुड अभिनेत्री खुशहाली कुमार ने हाल ही में माल्टा में अपनी आगामी फिल्म 'स्टारफिश' के सेट पर लोगों का ध्यान खींचा, जब उन्होंने एक शानदार ऑरेंज ब्रालेट, लूज हेयर, और आत्मविश्वास से लबरेज हॉटनेस और स्टाइल में देखा गया. अभिनेत्री फिल्म में एक स्कूबा गोताखोर की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और उनके नवीनतम लुक ने प्रशंसकों और फॉलोअर्स को हैरान कर दिया है. खुशाली कुमार, जो अपने फैशन-फॉरवर्ड चॉइस और बोल्ड स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं, को माल्टा में अपनी आगामी फिल्म 'स्टारफिश' के सेट पर देखा गया, जो बिल्कुल आश्चर्यजनक लग रही थीं. देखें वीडियोः (SocialLY के साथ पाएं लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज, वायरल ट्रेंड और सोशल मीडिया की दुनिया से जुड़ी सभी खबरें. यहां आपको ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल होने वाले हर कंटेंट की सीधी जानकारी मिलेगी. ऊपर दिखाया गया पोस्ट अनएडिटेड कंटेंट है, जिसे सीधे सोशल मीडिया यूजर्स के अकाउंट से लिया गया है. लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है. सोशल मीडिया पोस्ट लेटेस्टली के विचारों और भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, हम इस पोस्ट में मौजूद किसी भी कंटेंट के लिए कोई जिम्मेदारी या दायित्व स्वीकार नहीं करते हैं. )
Khushali Kumar Hot Video: बॉलीवुड अभिनेत्री खुशहाली कुमार ने हाल ही में माल्टा में अपनी आगामी फिल्म 'स्टारफिश' के सेट पर लोगों का ध्यान खींचा, जब उन्होंने एक शानदार ऑरेंज ब्रालेट, लूज हेयर, और आत्मविश्वास से लबरेज हॉटनेस और स्टाइल में देखा गया. अभिनेत्री फिल्म में एक स्कूबा गोताखोर की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और उनके नवीनतम लुक ने प्रशंसकों और फॉलोअर्स को हैरान कर दिया है. खुशाली कुमार, जो अपने फैशन-फॉरवर्ड चॉइस और बोल्ड स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं, को माल्टा में अपनी आगामी फिल्म 'स्टारफिश' के सेट पर देखा गया, जो बिल्कुल आश्चर्यजनक लग रही थीं. देखें वीडियोः
अलका यागनिक एक भारतीय, प्रसिद्ध पार्श्वगायिका है। ये अपनी गायिकी से सिनेमा में तीन दशकों तक राज किया है और संगीत के क्षेत्र में अपनी गायिकी का लोहा मनवाया है। अलका याग्निक को कई नेशनल अवार्ड और फिल्मफेयर अवार्ड से नवाज़ा जा चूका है। सिनेमा के तीन दशकों तक पुराने करियर में, इन्होने एक से बढ़ के एक गाने गाये है। लता जी और आशा जी के बाद अगर किसी का नाम लिया जाता है, तो वो अलका याग्निक का नाम है। अलका ने अपने करियर के दौरान हिंदी के अलावा उर्दू, गुजराती, अवधी, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषा में भी गाने गाये है। अलका याग्निक का जन्म 20 मार्च 1966 को पश्चिम बंगाल, कोलकाता में हुआ था। अलका की माता का नाम शुभा याग्निक है और वो एक क्लासिकल सिंगर थी। अलका गुजराती हिन्दू परिवार से आती है। अलका ने शिल्लोंग के मशहूर बिज़नेसमैन नीरज कपूर के साथ 1989 में शादी की। उनकी बेटी का नाम सयेशा है। 14 साल की छोटी सी उम्र में अलका ने फिल्म 'पायल की झंकार' के गाने 'थिरकत अंग लचक झुकी' गीत से अपना डेब्यू किया। जिसके बाद 1981 में आयी फिल्म 'लावारिस' का गाना 'मेरे अँगने में' अलका को शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया। साल 1988 आयी फिल्म 'तेजाब' के गाने 'एक दो तीन' के लिए इन्हे पहली बार फिल्मफेयर अवार्ड मिला। इन्होने जानी मानी बड़ी-बड़ी फिल्मों के लिए गाने गाये, और आज अलका एक विख्यात हस्ती है, जिनके गाये हुए गाने लोग आज भी बेहद पसंद करते है।
अलका यागनिक एक भारतीय, प्रसिद्ध पार्श्वगायिका है। ये अपनी गायिकी से सिनेमा में तीन दशकों तक राज किया है और संगीत के क्षेत्र में अपनी गायिकी का लोहा मनवाया है। अलका याग्निक को कई नेशनल अवार्ड और फिल्मफेयर अवार्ड से नवाज़ा जा चूका है। सिनेमा के तीन दशकों तक पुराने करियर में, इन्होने एक से बढ़ के एक गाने गाये है। लता जी और आशा जी के बाद अगर किसी का नाम लिया जाता है, तो वो अलका याग्निक का नाम है। अलका ने अपने करियर के दौरान हिंदी के अलावा उर्दू, गुजराती, अवधी, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषा में भी गाने गाये है। अलका याग्निक का जन्म बीस मार्च एक हज़ार नौ सौ छयासठ को पश्चिम बंगाल, कोलकाता में हुआ था। अलका की माता का नाम शुभा याग्निक है और वो एक क्लासिकल सिंगर थी। अलका गुजराती हिन्दू परिवार से आती है। अलका ने शिल्लोंग के मशहूर बिज़नेसमैन नीरज कपूर के साथ एक हज़ार नौ सौ नवासी में शादी की। उनकी बेटी का नाम सयेशा है। चौदह साल की छोटी सी उम्र में अलका ने फिल्म 'पायल की झंकार' के गाने 'थिरकत अंग लचक झुकी' गीत से अपना डेब्यू किया। जिसके बाद एक हज़ार नौ सौ इक्यासी में आयी फिल्म 'लावारिस' का गाना 'मेरे अँगने में' अलका को शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया। साल एक हज़ार नौ सौ अठासी आयी फिल्म 'तेजाब' के गाने 'एक दो तीन' के लिए इन्हे पहली बार फिल्मफेयर अवार्ड मिला। इन्होने जानी मानी बड़ी-बड़ी फिल्मों के लिए गाने गाये, और आज अलका एक विख्यात हस्ती है, जिनके गाये हुए गाने लोग आज भी बेहद पसंद करते है।
अविमुक्त में नाशको प्राप्तहुये १९ तो आधा चन्द्रमा मस्तक में धारे तीन नेत्रवाले बड़े बैलको वाहन किये तिस हमारे पुरमें मनुष्य होते हैं २० अविमुक्त में मरा हुआ कोईभी पापी नरक को नहीं जाता है ईश्वरकी दया युक्त होकर सब श्रेष्ठ गतिको प्राप्तहोते हैं २१ मनुष्य मोक्षको अत्यन्त दुर्लभ और संसारको अत्यन्त भयानक मानकर पत्थरसे चरणोंको मर्दनकर काशीजी में बसै २२ हे परमेश्वरि ! तपसेभी दुर्लभ जहां तहां विपन्न मरे हुये की संसार छुड़ाने वाली गति २३ हमारे प्रसादसे अच्छी तरह होती है है हिमवान की पुत्री ! हमारी मायासे मोहित नहीं प्रवृद्धहुये नहीं देखते हैं २४ वे वारंवार विष्ठा मूत्र और वीयों के मध्य में बसते हैं सैकड़ों विघ्नों से ताड़ित हुआाभी जो विद्वान् बसता है २५ वह श्रेष्ठस्थान को जाता है जहां जाकर फिर शोचनहीं होता है जन्म मृत्यु और बुढ़ापे से मुक्त श्रेष्ठ शिवजी के स्थानको जाते हैं २६ मोक्षकी कांक्षा करने वाले फिर मरण न होने वालोंकी वह गति है जिसको पाकर मनुष्य कृत कृत्य होता है यह पण्डित लोग मानते हैं २७ दान तपस्या यज्ञ और विद्यासे श्रेष्ठ गति नहीं मिलती जो अविमुक्कमें मिलती है २८ अ नेक प्रकारके वर्णवाले विवर्ण चांडालादिक निन्दित योनि पापों से पूर्णदेह और विशिष्ट पापों से भी पूर्णदेह वाले जे हैं २९ तिनको अविमुक्त श्रेष्ठज्ञान और परंपद हैं यह पण्डित लोग कहते हैं ३० अविमुक्त परंतत्व और परमकल्याण है नैष्ठिकी दीक्षा कर जे अविमुक्त में बसते हैं ३१ तिनको अन्त समय में परमज्ञान और परंपद हम देते हैं प्रयोग नैमिषारण्य श्रीशैल महाबल ३२ केदार भद्रकर्ण गया पुष्कर कुरुक्षेत्र भद्रकोटि नमदा आमाकेश्वरी ३३ शालग्राम कुब्जान अत्युत्तम कोकामुख प्रभास विजयेशान गोकर्ण और भद्रकर्णक ३४ ये त्रैलोक्य में प्रसिद्ध पुण्य स्थान है काशीजी में जैसे मरे हुये श्रेष्ठ तत्त्वको प्राप्तहोते हैं तैसे अन्य स्थान में नहीं पाते हैं ३५ काशीजी में विशेष कर आकाश पाताल और मृत्यु लोकम जानेवाली गंगाजी प्रविष्ठहैं वे मनुष्यों के सैकड़ों जन्मके किये हुये पापोंको नाशती हैं ३६ और जगह भी गंगा सुलभ हैं श्राद्ध दान तप जप व्रत सब काशीजी में अत्यन्त दुर्लभ हैं ३७ निरंतर वायु भोजन करता हुआ काशीजी में स्थित मनुष्य जपकरें नित्यही हवनकरै दानदेवे और देवताओं को पूजन करे ३८ यदि पापी मूर्ख वा धार्मिक मनुष्यहो वह काशीजी को प्राप्त होकर सब कुलको पवित्रकरता है ३९ काशीजी में जे महादेवजी को पूजते और स्तुतिकरते हैं वे सबपापों से छूटकर गर्यो के ईश्वर होते हैं ४० और जगह योग ज्ञान अथवा संन्यास से सहसूजन्मसे श्रेष्ठ स्थान प्राप्त होता है ४१ हे देवदेवोंकी स्वामिनी ! जे भक्त काशीजी में बसते हैं वे एकही जन्मसे श्रेष्ठ मोक्षको प्राप्त होते हैं ४२ जहां योग ज्ञान और मुक्ति एकही जन्मसे मिलती है तिस अविमुक्तको प्राप्तहोकर और तपोवनकी न इच्छाकरै ४३ जहां से हम अविमुक्त हुये तिसी से अविमुक्त कहता है सोई गुह्योंका गुह्य यह विज्ञान कहता है ४४ हे सुन्दर भौंहवाली ! ज्ञान अज्ञान में निष्ठ परमानन्दकी इच्छा करने वालों की जो गति विदित है सो अविमुक्त में मरेहये की होती है ४५ जो अविमुक्तकी देह में सम्पूर्ण देखेगये हैं काशीपुरी तिन स्थानों से शुभ ४६ जहां ईश्वर साक्षात् महादेवजी देहके अन्त में आपही मुक्तिके लिये तारक ब्रह्मको कहते हैं ४७ जो त श्रेष्ठ तत्त्वहै वह अविमुक्तही है यह सुना है हे देवि ! काशीजी में एक ही जन्मसे सो प्राप्त होता है ४८ भौंहके मध्य में तोंदी के बीच में हृदय और मस्तक में जैसे सूर्य में अविमुक्त है तैसे काशी में स्थित है ४९ वरणा नदी और असीनदी के बीचमें वाराणसी अर्थात् काशीपुरी है तहांपर स्थित तत्व इसीप्रकार से नित्यही मुक्तिका क रनेवाला है ५० काशीजी से श्रेष्ठ स्थान न हुआ है न होगा जहां नारायण देव स्वर्ग के ईश्वर महादेवजी हैं ५१ तहां देवता गंधर्व यक्ष सर्प राक्षस और देवों के देव ब्रह्माजी जिनकी निरन्तर उपासना करते हैं. ५२ हे देवि ! महापापी और जे तिनसे भी अधिक पापी हैं वे काशीजी में प्राप्त होकर परमगतिको प्राप्त होते हैं ५३ तिससे नियत मोक्षकी इच्छा करनेवाला मनुष्य काशीजी में मरणके अन्त तक बसे और महादेवजी से ज्ञानप्राप्त होकर मुक्त होजावे ५४ किन्तु पाप
अविमुक्त में नाशको प्राप्तहुये उन्नीस तो आधा चन्द्रमा मस्तक में धारे तीन नेत्रवाले बड़े बैलको वाहन किये तिस हमारे पुरमें मनुष्य होते हैं बीस अविमुक्त में मरा हुआ कोईभी पापी नरक को नहीं जाता है ईश्वरकी दया युक्त होकर सब श्रेष्ठ गतिको प्राप्तहोते हैं इक्कीस मनुष्य मोक्षको अत्यन्त दुर्लभ और संसारको अत्यन्त भयानक मानकर पत्थरसे चरणोंको मर्दनकर काशीजी में बसै बाईस हे परमेश्वरि ! तपसेभी दुर्लभ जहां तहां विपन्न मरे हुये की संसार छुड़ाने वाली गति तेईस हमारे प्रसादसे अच्छी तरह होती है है हिमवान की पुत्री ! हमारी मायासे मोहित नहीं प्रवृद्धहुये नहीं देखते हैं चौबीस वे वारंवार विष्ठा मूत्र और वीयों के मध्य में बसते हैं सैकड़ों विघ्नों से ताड़ित हुआाभी जो विद्वान् बसता है पच्चीस वह श्रेष्ठस्थान को जाता है जहां जाकर फिर शोचनहीं होता है जन्म मृत्यु और बुढ़ापे से मुक्त श्रेष्ठ शिवजी के स्थानको जाते हैं छब्बीस मोक्षकी कांक्षा करने वाले फिर मरण न होने वालोंकी वह गति है जिसको पाकर मनुष्य कृत कृत्य होता है यह पण्डित लोग मानते हैं सत्ताईस दान तपस्या यज्ञ और विद्यासे श्रेष्ठ गति नहीं मिलती जो अविमुक्कमें मिलती है अट्ठाईस अ नेक प्रकारके वर्णवाले विवर्ण चांडालादिक निन्दित योनि पापों से पूर्णदेह और विशिष्ट पापों से भी पूर्णदेह वाले जे हैं उनतीस तिनको अविमुक्त श्रेष्ठज्ञान और परंपद हैं यह पण्डित लोग कहते हैं तीस अविमुक्त परंतत्व और परमकल्याण है नैष्ठिकी दीक्षा कर जे अविमुक्त में बसते हैं इकतीस तिनको अन्त समय में परमज्ञान और परंपद हम देते हैं प्रयोग नैमिषारण्य श्रीशैल महाबल बत्तीस केदार भद्रकर्ण गया पुष्कर कुरुक्षेत्र भद्रकोटि नमदा आमाकेश्वरी तैंतीस शालग्राम कुब्जान अत्युत्तम कोकामुख प्रभास विजयेशान गोकर्ण और भद्रकर्णक चौंतीस ये त्रैलोक्य में प्रसिद्ध पुण्य स्थान है काशीजी में जैसे मरे हुये श्रेष्ठ तत्त्वको प्राप्तहोते हैं तैसे अन्य स्थान में नहीं पाते हैं पैंतीस काशीजी में विशेष कर आकाश पाताल और मृत्यु लोकम जानेवाली गंगाजी प्रविष्ठहैं वे मनुष्यों के सैकड़ों जन्मके किये हुये पापोंको नाशती हैं छत्तीस और जगह भी गंगा सुलभ हैं श्राद्ध दान तप जप व्रत सब काशीजी में अत्यन्त दुर्लभ हैं सैंतीस निरंतर वायु भोजन करता हुआ काशीजी में स्थित मनुष्य जपकरें नित्यही हवनकरै दानदेवे और देवताओं को पूजन करे अड़तीस यदि पापी मूर्ख वा धार्मिक मनुष्यहो वह काशीजी को प्राप्त होकर सब कुलको पवित्रकरता है उनतालीस काशीजी में जे महादेवजी को पूजते और स्तुतिकरते हैं वे सबपापों से छूटकर गर्यो के ईश्वर होते हैं चालीस और जगह योग ज्ञान अथवा संन्यास से सहसूजन्मसे श्रेष्ठ स्थान प्राप्त होता है इकतालीस हे देवदेवोंकी स्वामिनी ! जे भक्त काशीजी में बसते हैं वे एकही जन्मसे श्रेष्ठ मोक्षको प्राप्त होते हैं बयालीस जहां योग ज्ञान और मुक्ति एकही जन्मसे मिलती है तिस अविमुक्तको प्राप्तहोकर और तपोवनकी न इच्छाकरै तैंतालीस जहां से हम अविमुक्त हुये तिसी से अविमुक्त कहता है सोई गुह्योंका गुह्य यह विज्ञान कहता है चौंतालीस हे सुन्दर भौंहवाली ! ज्ञान अज्ञान में निष्ठ परमानन्दकी इच्छा करने वालों की जो गति विदित है सो अविमुक्त में मरेहये की होती है पैंतालीस जो अविमुक्तकी देह में सम्पूर्ण देखेगये हैं काशीपुरी तिन स्थानों से शुभ छियालीस जहां ईश्वर साक्षात् महादेवजी देहके अन्त में आपही मुक्तिके लिये तारक ब्रह्मको कहते हैं सैंतालीस जो त श्रेष्ठ तत्त्वहै वह अविमुक्तही है यह सुना है हे देवि ! काशीजी में एक ही जन्मसे सो प्राप्त होता है अड़तालीस भौंहके मध्य में तोंदी के बीच में हृदय और मस्तक में जैसे सूर्य में अविमुक्त है तैसे काशी में स्थित है उनचास वरणा नदी और असीनदी के बीचमें वाराणसी अर्थात् काशीपुरी है तहांपर स्थित तत्व इसीप्रकार से नित्यही मुक्तिका क रनेवाला है पचास काशीजी से श्रेष्ठ स्थान न हुआ है न होगा जहां नारायण देव स्वर्ग के ईश्वर महादेवजी हैं इक्यावन तहां देवता गंधर्व यक्ष सर्प राक्षस और देवों के देव ब्रह्माजी जिनकी निरन्तर उपासना करते हैं. बावन हे देवि ! महापापी और जे तिनसे भी अधिक पापी हैं वे काशीजी में प्राप्त होकर परमगतिको प्राप्त होते हैं तिरेपन तिससे नियत मोक्षकी इच्छा करनेवाला मनुष्य काशीजी में मरणके अन्त तक बसे और महादेवजी से ज्ञानप्राप्त होकर मुक्त होजावे चौवन किन्तु पाप
21 मार्च, दुबई (CRICKETNMORE)। गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे टेस्ट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रविंद्र जडेजा ने रविचंद्रन अश्विन को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। आईसीसी ने मंगलवार को बयान जारी कर यह जानकारी दी। 21 मार्च, दुबई (CRICKETNMORE)। गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे टेस्ट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रविंद्र जडेजा ने रविचंद्रन अश्विन को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। आईसीसी ने मंगलवार को बयान जारी कर यह जानकारी दी। जडेजा ने रांची टेस्ट मैच में कुल नौ विकेट अपने नाम किए थे। उन्होंने पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में चार विकेट लिए थे। वह आईसीसी रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं। उनसे पहले बिशन सिंह बेदी और अश्विन ही यह मुकाम हासिल कर सके हैं। जडेजा ने बीती 24 पारियों में 22.98 की औसत से 67 विकेट अपने नाम किए हैं। टीम रैंकिंग में भारत शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, लेकिन दूसरे स्थान की दावेदारी अब रोचक हो गई है। ऑस्ट्रेलिया इस समय दूसरे स्थान पर है। एक अप्रैल से पहले इस स्थान के लिए ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। अगर ऑस्ट्रेलिया भारत के खिलाफ खेला जाने वाला धर्मशाला टेस्ट ड्रॉ करा लेती है तो वह दूसरे स्थान पर रहेगा, लेकिन अगर वह हार जाता है और साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड के खिलाफ हेमिल्टन में खेला जाने वाले टेस्ट मैच जीत जाता है या ड्रॉ भी करा लेता है तो वह दूसरे स्थान पर आ जाएगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मैच 25 मार्च से शुरू होगा।
इक्कीस मार्च, दुबई । गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे टेस्ट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रविंद्र जडेजा ने रविचंद्रन अश्विन को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। आईसीसी ने मंगलवार को बयान जारी कर यह जानकारी दी। इक्कीस मार्च, दुबई । गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे टेस्ट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रविंद्र जडेजा ने रविचंद्रन अश्विन को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। आईसीसी ने मंगलवार को बयान जारी कर यह जानकारी दी। जडेजा ने रांची टेस्ट मैच में कुल नौ विकेट अपने नाम किए थे। उन्होंने पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में चार विकेट लिए थे। वह आईसीसी रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं। उनसे पहले बिशन सिंह बेदी और अश्विन ही यह मुकाम हासिल कर सके हैं। जडेजा ने बीती चौबीस पारियों में बाईस.अट्ठानवे की औसत से सरसठ विकेट अपने नाम किए हैं। टीम रैंकिंग में भारत शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, लेकिन दूसरे स्थान की दावेदारी अब रोचक हो गई है। ऑस्ट्रेलिया इस समय दूसरे स्थान पर है। एक अप्रैल से पहले इस स्थान के लिए ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। अगर ऑस्ट्रेलिया भारत के खिलाफ खेला जाने वाला धर्मशाला टेस्ट ड्रॉ करा लेती है तो वह दूसरे स्थान पर रहेगा, लेकिन अगर वह हार जाता है और साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड के खिलाफ हेमिल्टन में खेला जाने वाले टेस्ट मैच जीत जाता है या ड्रॉ भी करा लेता है तो वह दूसरे स्थान पर आ जाएगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मैच पच्चीस मार्च से शुरू होगा।
उत्तर प्रदेश के बड़े नकल माफिया गिरोह ने उत्तराखंड के नकल माफिया के साथ मिलकर उत्तराखंड सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा में पेपर लीक का खेल खेला। शनिवार को व्यायाम शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने यह दावा किया है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
उत्तर प्रदेश के बड़े नकल माफिया गिरोह ने उत्तराखंड के नकल माफिया के साथ मिलकर उत्तराखंड सेवा चयन आयोग की परीक्षा में पेपर लीक का खेल खेला। शनिवार को व्यायाम शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने यह दावा किया है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
अंबिकापुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सेंट्रल जेल से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बता दें, यहां अंबिकापुर सेंट्रल जेल में महिला बंदियों के कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाए जाने का सनसनीखेज आरोप एक युवक ने लगाया है और इसकी शिकायत राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष से की है। उसने कहा है कि उसकी मौसी ने जेल में हो रहे अमानवीय व्यवहार की बात उसे और उसके परिवार को बताई है। क्या है मामलाः दरअसल, मुडेसा के रहने वाले एक युवक ने राज्य मानवाधिकार, गृह विभाग, सरगुज़ा कलेक्टर समेत सेंट्रल जेल अम्बिकापुर के अधीक्षक को एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें उसने कहा है कि, उसकी एक रिश्तेदार अम्बिकापुर जेल में निरुद्ध है, जहां दो महिला प्रहरी बंदी महिला को प्रताडित करती हैं, उससे पैसे मांगे जाते हैं और पैसे नहीं दिए जाने पर महिला बंदियों के कपड़े उतरवाए जाते हैं और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी जाती है। युवक ने राज्य मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। साथ ही गृह विभाग के सचिव, जेल विभाग के महानिदेशक, सरगुजा कलेक्टर सहित केंद्रीय जेल अंबिकापुर के अधीक्षक से शिकायत की है। युवक ने कहा कही यह बातः युवक ने कहा कि, उसकी मौसी पिछले 6 महीने से एक मामले में केंद्रीय जेल में है। वो और उसका परिवार मौसी से मिलने समय-समय पर सेंट्रल जेल जाता रहता है। उसकी मौसी ने बताया कि, जेलर ममता पटेल और महिला जेल प्रहरी मेरी मारग्रेट को हर महीने पैसे देने पड़ते हैं। अगर किसी महिला बंदी द्वारा रुपए देने से मना किया जाता है, तो अधिकारी और जेल प्रहरी उसके साथ अमानवीय व्यवहार करती हैं। युवक ने बताया कि, वे महिला नंबरदारों से महिला बंदियों के कपड़े उतरवाकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं। उनके साथ अश्लील और गंदी हरकत की जाती है। यही नहीं महिला अधिकारी इसका वीडियो अपने मोबाइल पर बना लेती है। वो उसे अन्य लोगों को वीडियो शेयर कर देने की धमकी देती है। युवक ने कहा कि, उसकी मौसी से भी रुपए मांगे गए हैं। मौसी ने परिवार को बताया कि उसे प्रताड़ित न किया जाए, इसलिए पैसे दे दिए जाएं, नहीं तो वो शांति से रह नहीं पाएगी और उसे ठीक से खाना भी नहीं मिल पाएगा। इस तरह के सनसनीखेज आरोप के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इधर जेल प्रबंधन इस तरह के किसी घटना से तो इन्कार कर रहा है, मगर शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक ने जांच टीम बनाकर इसकी जांच शुरू कर दी है। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
अंबिकापुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सेंट्रल जेल से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बता दें, यहां अंबिकापुर सेंट्रल जेल में महिला बंदियों के कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाए जाने का सनसनीखेज आरोप एक युवक ने लगाया है और इसकी शिकायत राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष से की है। उसने कहा है कि उसकी मौसी ने जेल में हो रहे अमानवीय व्यवहार की बात उसे और उसके परिवार को बताई है। क्या है मामलाः दरअसल, मुडेसा के रहने वाले एक युवक ने राज्य मानवाधिकार, गृह विभाग, सरगुज़ा कलेक्टर समेत सेंट्रल जेल अम्बिकापुर के अधीक्षक को एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें उसने कहा है कि, उसकी एक रिश्तेदार अम्बिकापुर जेल में निरुद्ध है, जहां दो महिला प्रहरी बंदी महिला को प्रताडित करती हैं, उससे पैसे मांगे जाते हैं और पैसे नहीं दिए जाने पर महिला बंदियों के कपड़े उतरवाए जाते हैं और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी जाती है। युवक ने राज्य मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। साथ ही गृह विभाग के सचिव, जेल विभाग के महानिदेशक, सरगुजा कलेक्टर सहित केंद्रीय जेल अंबिकापुर के अधीक्षक से शिकायत की है। युवक ने कहा कही यह बातः युवक ने कहा कि, उसकी मौसी पिछले छः महीने से एक मामले में केंद्रीय जेल में है। वो और उसका परिवार मौसी से मिलने समय-समय पर सेंट्रल जेल जाता रहता है। उसकी मौसी ने बताया कि, जेलर ममता पटेल और महिला जेल प्रहरी मेरी मारग्रेट को हर महीने पैसे देने पड़ते हैं। अगर किसी महिला बंदी द्वारा रुपए देने से मना किया जाता है, तो अधिकारी और जेल प्रहरी उसके साथ अमानवीय व्यवहार करती हैं। युवक ने बताया कि, वे महिला नंबरदारों से महिला बंदियों के कपड़े उतरवाकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं। उनके साथ अश्लील और गंदी हरकत की जाती है। यही नहीं महिला अधिकारी इसका वीडियो अपने मोबाइल पर बना लेती है। वो उसे अन्य लोगों को वीडियो शेयर कर देने की धमकी देती है। युवक ने कहा कि, उसकी मौसी से भी रुपए मांगे गए हैं। मौसी ने परिवार को बताया कि उसे प्रताड़ित न किया जाए, इसलिए पैसे दे दिए जाएं, नहीं तो वो शांति से रह नहीं पाएगी और उसे ठीक से खाना भी नहीं मिल पाएगा। इस तरह के सनसनीखेज आरोप के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इधर जेल प्रबंधन इस तरह के किसी घटना से तो इन्कार कर रहा है, मगर शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक ने जांच टीम बनाकर इसकी जांच शुरू कर दी है। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
CBSE BOARDS 2020: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं की परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी है। यह परीक्षाएं जुलाई में होंगी। सीबीएसई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक एक से 15 जुलाई के बीच परीक्षाएं कराई जाएंगी। बता दें कि 10वीं की परीक्षा केवल दंगा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली के छात्रों के लिए होगी, बाकी के लिए नहीं। सीबीएसई के नोटिस में कहा गया कि 1 अप्रैल के सर्कुलर के मुताबिक 10वीं की परीक्षा होगी। यहां पर यह समझ लेना जरूरी है कि दंगा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों को छोड़कर बाकी देश में 10वीं की मुख्य परीक्षाएं हो गई थीं। ऐसे में पूरे देश के लिए 10वीं की परीक्षा का कोई सवाल नहीं है क्योंकि अब सिर्फ मुख्य विषयों की परीक्षा होनी है। केंद्रीय मंत्री निशंक ने ट्वीट करते हुए लिखा, "लंबे समय से #CBSE की 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाओं की तिथि का इंतज़ार था, आज इन परीक्षाओं की तिथि 1. 07. 2020 से 15. 07. 2020 के बीच में निश्चित कर दी गई है। मैं इस परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
CBSE BOARDS दो हज़ार बीस: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं की परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी है। यह परीक्षाएं जुलाई में होंगी। सीबीएसई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक एक से पंद्रह जुलाई के बीच परीक्षाएं कराई जाएंगी। बता दें कि दसवीं की परीक्षा केवल दंगा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली के छात्रों के लिए होगी, बाकी के लिए नहीं। सीबीएसई के नोटिस में कहा गया कि एक अप्रैल के सर्कुलर के मुताबिक दसवीं की परीक्षा होगी। यहां पर यह समझ लेना जरूरी है कि दंगा प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों को छोड़कर बाकी देश में दसवीं की मुख्य परीक्षाएं हो गई थीं। ऐसे में पूरे देश के लिए दसवीं की परीक्षा का कोई सवाल नहीं है क्योंकि अब सिर्फ मुख्य विषयों की परीक्षा होनी है। केंद्रीय मंत्री निशंक ने ट्वीट करते हुए लिखा, "लंबे समय से #CBSE की दसवीं और बारहवीं की बची हुई परीक्षाओं की तिथि का इंतज़ार था, आज इन परीक्षाओं की तिथि एक. सात. दो हज़ार बीस से पंद्रह. सात. दो हज़ार बीस के बीच में निश्चित कर दी गई है। मैं इस परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
खीरी टाउन-खीरी। ब्लॉक स्तरीय प्रेरणा ज्ञानोत्सव समारोह एवं संगोष्ठी का आयोजन बीआरसी चहमलपुर में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर टीएलएम मेले का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक योगेश वर्मा व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन बीईओ अमित कुमार वर्मा ने किया। इस संगोष्ठी में प्रेरक बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मिशन कायाकल्प के अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। टीएलएम मेले में स्टाल लगाने वाले व उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले शिक्षकों को भी प्रमाण पत्र दिया गया।
खीरी टाउन-खीरी। ब्लॉक स्तरीय प्रेरणा ज्ञानोत्सव समारोह एवं संगोष्ठी का आयोजन बीआरसी चहमलपुर में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर टीएलएम मेले का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक योगेश वर्मा व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन बीईओ अमित कुमार वर्मा ने किया। इस संगोष्ठी में प्रेरक बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मिशन कायाकल्प के अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। टीएलएम मेले में स्टाल लगाने वाले व उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले शिक्षकों को भी प्रमाण पत्र दिया गया।
दुकान के बाहर अकेला लेता बच्चा, शराब पिए हुए जमीन में पड़ा आदमी, अगर आपको लगता है ये सभी चीजें तो आपको कई जगह देखने को मिल जाती है। लेकिन अगर यही चीजें गूगल स्ट्रीट व्यू कैमरे में दिख जाएं तो कैसा लगेगा। गूगल अपने स्ट्रीट व्यू प्रोग्राम के लिए दुनिया भर में स्ट्रीट व्यू कैमरे वाली कार और कई दूसरे वाहनों से वहां की सड़कों की तस्वीरें और लोकेशन रिकार्ड कर रहा है। इस दौरान गूगल स्ट्रीट व्यू में कई ऐसी चीजें देखने को मिल जाती हैं जो देखने में थोड़ी अजीब और बेहूदा होती है। गूगल के अुनसार अभी तक उसने करीब 20 पेटाबाइट यानी 163840 टीबी डेटा स्ट्रीट व्यू से स्टोर कर चुका है। हम आपके लिए आज कुछ ऐसी की तस्वीरें लाए हैं जो गूगल स्ट्रीट व्यू द्वारा ली गईं हैं। सड़क किनारे दो छोटे बच्चें समुराई की तरह लड़ते हुए। हाईवे में सड़क किनारे सेक्स करते कपल। कार में बैठा आदमी अपनी नाक में उंगली डालते हुए। गलत रोड में साइकिल चलाता बच्चा। तस्वीर देखकर आप खुद ही जान गए होंगे कि इनका कुत्ता क्या कर रहा है। थोड़ा आगे चलने पर गूगल स्ट्रीट व्यू कैमरे को दूसरा नजारा भी कुछ ऐसा ही दिखा। रेगिस्तान में कुछ अंजान लोगों का झुंड मास्क पहने हुए। बिना शर्ट के एक व्यक्ति अपने कुत्ते को घूमाने ले जाते हुए। कार की चाबी ढूड़ती एक महिला। गूगल का कर्मचारी स्ट्रीट व्यू कैमरे को साफ करते हुए। सड़क किनारे थोड़ा आराम करती एक महिला। दिवाल में पेशाब करता कुत्ता शायद कैमरे की तरफ की देख रहा है। बाहर के मौसम का मजा लेता व्यक्ति। कुछ लोगों को गिरफ्तार करती पुलिस। घर के दरवाजे पर फंसा बेचारा कुत्ता। एक्सीडेंट के बाद कार सड़क के अंदर धस चुकी है। चोर पुलिस का खेल खेलते छोटे बच्चे।
दुकान के बाहर अकेला लेता बच्चा, शराब पिए हुए जमीन में पड़ा आदमी, अगर आपको लगता है ये सभी चीजें तो आपको कई जगह देखने को मिल जाती है। लेकिन अगर यही चीजें गूगल स्ट्रीट व्यू कैमरे में दिख जाएं तो कैसा लगेगा। गूगल अपने स्ट्रीट व्यू प्रोग्राम के लिए दुनिया भर में स्ट्रीट व्यू कैमरे वाली कार और कई दूसरे वाहनों से वहां की सड़कों की तस्वीरें और लोकेशन रिकार्ड कर रहा है। इस दौरान गूगल स्ट्रीट व्यू में कई ऐसी चीजें देखने को मिल जाती हैं जो देखने में थोड़ी अजीब और बेहूदा होती है। गूगल के अुनसार अभी तक उसने करीब बीस पेटाबाइट यानी एक लाख तिरेसठ हज़ार आठ सौ चालीस टीबी डेटा स्ट्रीट व्यू से स्टोर कर चुका है। हम आपके लिए आज कुछ ऐसी की तस्वीरें लाए हैं जो गूगल स्ट्रीट व्यू द्वारा ली गईं हैं। सड़क किनारे दो छोटे बच्चें समुराई की तरह लड़ते हुए। हाईवे में सड़क किनारे सेक्स करते कपल। कार में बैठा आदमी अपनी नाक में उंगली डालते हुए। गलत रोड में साइकिल चलाता बच्चा। तस्वीर देखकर आप खुद ही जान गए होंगे कि इनका कुत्ता क्या कर रहा है। थोड़ा आगे चलने पर गूगल स्ट्रीट व्यू कैमरे को दूसरा नजारा भी कुछ ऐसा ही दिखा। रेगिस्तान में कुछ अंजान लोगों का झुंड मास्क पहने हुए। बिना शर्ट के एक व्यक्ति अपने कुत्ते को घूमाने ले जाते हुए। कार की चाबी ढूड़ती एक महिला। गूगल का कर्मचारी स्ट्रीट व्यू कैमरे को साफ करते हुए। सड़क किनारे थोड़ा आराम करती एक महिला। दिवाल में पेशाब करता कुत्ता शायद कैमरे की तरफ की देख रहा है। बाहर के मौसम का मजा लेता व्यक्ति। कुछ लोगों को गिरफ्तार करती पुलिस। घर के दरवाजे पर फंसा बेचारा कुत्ता। एक्सीडेंट के बाद कार सड़क के अंदर धस चुकी है। चोर पुलिस का खेल खेलते छोटे बच्चे।
शिवपुरी। खबर शहर के सिटी कोतवाली की है। जहां इन दिनों सिटी कोतवाल अपने आप को एसपी से भी बडा मानने पर तुले हुए है। जिसके चलते हालात यह है कि सिटी कोतवाल अब एसपी के आदेश की भी खुलेआम अव्हेलना कर रहे है। इसका जीता जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला जब आज लगातार 8 दिन से एस एफआईआर कराने कोतवाली के चक्कर काट रहे एक युवक ने अपनी फरियाद पुलिस अधीक्षक को सुनाई। परंतु हालात यह थी कि इस मामले में एसपी ने तत्काल कोतवाली टीआई को पीडित का मेडीकल कराकर कार्यवाही के लिए कहा। परंतु जैसे ही पीडित कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने हमेशा की तरह पीडित को फिर भगा दिया। जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत तीन युवकों द्वारा गाड़ी मालिक एवं ड्रायवर के साथ मारपीट किए जाने मामला था। जिसपर पीडि़त युवकों ने आज पुलिस अधीक्षक के समक्ष जनसुनवाई में शिकायत करते हुए बताया कि हमारे साथ मारपीट की यह घटना 2 दिस बर को घटित हुई थी मगर पुलिस ने अभी तक कार्यवाही नहीं की है। पीडित का आरोप था कि पुलिस ने अभी तक उसका मेडीकल तक नहीं कराया है। उसने प्रायवेट इलाज कराया जिसमें उसके पसली टूट गई है। जिसपर एसपी ने तत्काल सिटी कोतवाल बादाम सिंह यादव को कार्यवाही करने के लिए आदेशित किया। जानकारी के अनुसार गाड़ी मालिक अर्जुन खटीक निवासी सईसपुरा एवं ड्रायवर दीनू पाल ट्रक पर बैठे हुए थे तभी वहां रामलखन गुर्जर, नाहर सिंह गुर्जर एवं राहुल गुर्जर आ गए जिन्होंने पुराने लेनदेन के चलते अर्जुन खटीक को जातिसूचक गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट कर दी, इस दौरान युवकों ने दीनू पाल के साथ भी मारपीट की। आज दोनों युवकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच पूरे मामले से पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल को अवगत कराया। परंतु जैसे ही पीडित कोतवाली पहुंचा पुलिस ने पीडित को हमेशा की तरह भगा दिया।
शिवपुरी। खबर शहर के सिटी कोतवाली की है। जहां इन दिनों सिटी कोतवाल अपने आप को एसपी से भी बडा मानने पर तुले हुए है। जिसके चलते हालात यह है कि सिटी कोतवाल अब एसपी के आदेश की भी खुलेआम अव्हेलना कर रहे है। इसका जीता जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला जब आज लगातार आठ दिन से एस एफआईआर कराने कोतवाली के चक्कर काट रहे एक युवक ने अपनी फरियाद पुलिस अधीक्षक को सुनाई। परंतु हालात यह थी कि इस मामले में एसपी ने तत्काल कोतवाली टीआई को पीडित का मेडीकल कराकर कार्यवाही के लिए कहा। परंतु जैसे ही पीडित कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने हमेशा की तरह पीडित को फिर भगा दिया। जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत तीन युवकों द्वारा गाड़ी मालिक एवं ड्रायवर के साथ मारपीट किए जाने मामला था। जिसपर पीडि़त युवकों ने आज पुलिस अधीक्षक के समक्ष जनसुनवाई में शिकायत करते हुए बताया कि हमारे साथ मारपीट की यह घटना दो दिस बर को घटित हुई थी मगर पुलिस ने अभी तक कार्यवाही नहीं की है। पीडित का आरोप था कि पुलिस ने अभी तक उसका मेडीकल तक नहीं कराया है। उसने प्रायवेट इलाज कराया जिसमें उसके पसली टूट गई है। जिसपर एसपी ने तत्काल सिटी कोतवाल बादाम सिंह यादव को कार्यवाही करने के लिए आदेशित किया। जानकारी के अनुसार गाड़ी मालिक अर्जुन खटीक निवासी सईसपुरा एवं ड्रायवर दीनू पाल ट्रक पर बैठे हुए थे तभी वहां रामलखन गुर्जर, नाहर सिंह गुर्जर एवं राहुल गुर्जर आ गए जिन्होंने पुराने लेनदेन के चलते अर्जुन खटीक को जातिसूचक गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट कर दी, इस दौरान युवकों ने दीनू पाल के साथ भी मारपीट की। आज दोनों युवकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच पूरे मामले से पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल को अवगत कराया। परंतु जैसे ही पीडित कोतवाली पहुंचा पुलिस ने पीडित को हमेशा की तरह भगा दिया।
जानपनेकी सामर्थ्य है । अथवा कोई शूद्र मदिरा पीता है। परन्तु परिणामों में कुछ दुश्चिन्ता है, मदिरा पीनेमें रुचि नहीं है, ऐसा शूद्र जीव मतवाला नहीं होता । जैसा था वैसा ही रहता है । मद्य तो ऐसा है जो अन्य कोई पीता है तो तत्काल मतवाला होता है । सो जो कोई मतवाला नहीं होता ऐसा अरुचि परिणामका गुरण जानो । उसी प्रकार कोई सम्यग्दृष्टि जीव नाना प्रकारकी सामग्रीको भोगता है, सुख-दुखको जानता है, परन्तु ज्ञानमें शुद्ध स्वरूप आत्माको अनुभवता है, उससे ऐसा अनुभवता है जो ऐसी सामग्री कर्मका स्वरूप है, जीवको दुखमय है, जीवका स्वरूप नहीं, उपाधि है ऐसा जानता है। उस जीवको ज्ञानावरणादि कर्मका बन्ध नहीं होता है। सामग्री तो ऐसी है जो मिथ्यादृष्टिके भोगनेमात्र कर्मबन्ध होता है । जो जीवको कर्मबन्ध नहीं होता, वह जानपनाकी सामर्थ्य है ऐसा जानना । अथवा सम्यग्दृष्टि जीव नानाप्रकारके कर्मके उदयफल भोगता है, परन्तु अभ्यंतर शुद्ध स्वरूपको अनुभवता है, इसलिए कर्मके उदयफलमें रति नहीं उपजती, उपाधि जानता है, दुख जानता है, इसलिए रूखा है। ऐसे जीवके कर्मका बन्ध नहीं होता है, वह रूखे परिणामांकी सामर्थ्य है ऐसा जानो । इसलिए ऐसा अर्थ ठहराया जो सम्यग्दृष्टि जीवके शरीर, इन्द्रिय आदि विषयोंका भोग निर्जराके लेखेमें है, निर्जरा होती है । क्योंकि आगामी कर्म तो नहीं बँधता है, पिछला उदयफल देकर मूलसे निर्जर जाता है, इसलिए सम्यग्दृष्टिका भोग निर्जरा है ।। २-१३४।। ( रथोता ) नाश्नुते विषयमानेऽपि यत् स्व फलं विषयमेवनस्य ना । ज्ञानवे भवविगगताबलात्मैवको पि तदमावसेवकः ।।३-१३५॥ खण्डान्वय सहित अर्थ - "तत् असौ सेवकः अपि प्रसेवकः " ( तत् तिम कारण (सौ ) सम्यग्दृष्टि जीव (सेवकः अपि) कर्मके उदयमे हुआ है जो शरीर पञ्चेन्द्रिय विषय सामग्री, उसको भोगता है तथापि (सेवकः ) नहीं भोगता है । किस कारण ? "यत् ना विषयसेवनेऽपि विषयसेवनस्य स्वं फलं न प्रश्नुते " ( यत् ) जिस कारणसे (ना) सम्यग्दृष्टि जीव (विषयसेवनेsपि) पञ्चन्द्रियसम्बन्धी विषयको सेवता है तथापि (विषयसेवनस्य स्वं फलं ) पञ्चन्द्रिय भोगका फल है ज्ञानावरणादि कर्मका बन्ध, उसको (न प्रश्नुते) नहीं पाता है। ऐसा भी किस [ भगवान् श्री कुन्दकुन्वकारणसे ? "ज्ञानवैभवविरागताबलात्" (ज्ञानवैभव ) शुद्धस्वरूपका अनुभव, उसकी महिमा, उसके कारण अथवा (विरागताबलात्) कर्मके उदयसे है विषयका सुख, जीवका स्वरूप नहीं है, इसलिए विषयसुखमें रति नहीं उत्पन्न होती है, उदास भाव है, इस कारण कर्मबन्ध नहीं होता है । भावार्थ इस प्रकार हैसम्यग्दृष्टि जो भोग भोगता है सो निर्जराके निमित्त है ।।३-१३५।। सभ्यरष्टर्भवति नियतं ज्ञानवैराग्यशक्तिः म्यं वस्तुत्वं कलयितुमयं स्यान्यरूपाणिमुक्त्या । माया व्यतिकर्गमदं तत्त्वतः परं च यस्मिन्ना विमति परात्मनंतो गगयोगान ॥ ३६॥ खण्डान्वय सहित अर्थ - "सम्यग्दृष्टेः नियतं ज्ञानवैराग्यशक्तिः भवति" (सम्यग्दृष्टः) द्रव्यरूपसे मिथ्यात्वकर्म उपशमा है, भावरूपसे शुद्ध सम्यक्त्व भावरूप परिणमा है जो जीव, उसके (ज्ञान) शुद्धस्वरूपका अनुभवरूप जानपना, (वैराग्य) जितने परद्रव्य द्रव्यकर्मरूप, भावकर्मरूप, नोकर्मरूप ज्ञेयरूप हैं उन समस्त पर द्रव्योंका सर्व प्रकार त्याग (शक्तिः) ऐसी दो शक्तियाँ ( नियतं भवति ) अवश्य होती है - सर्वथा होती हैं। दोनों शक्तियाँ जिस प्रकार होती हैं उस प्रकार कहते हैं - "यस्मात् अयं स्वस्मिन् आस्ते परात् सर्वतः रागयोगात् विरमति" (यस्मात् ) जिस कारण (प्रयं) सम्यग्दृष्टि (स्वस्मिन् ) सहज ही शुद्धस्वरूप में अनुभवरूप होता है तथा (परात रागयोगात्) पुद्गल द्रव्यकी उपाधिसे है जितनी गगादि अशुद्ध परिणति उससे ( सर्वतः विरमति) सर्व प्रकार रहित होता है। भावार्थ इस प्रकार है- ऐसा लक्षण सम्यग्दृष्टि जीवके अवश्य होता है। ऐसा लक्षण होने पर अवश्य वैराग्य गुरण है। क्या करके ऐसा होता है ? "स्वं परं च इमं व्यतिकरं तत्त्वतः ज्ञात्वा" ( स्वं) शुद्ध चैतन्यमात्र मेरा स्वरूप है, ( परं) द्रव्यकर्म, भावकर्म, नोकर्मका विस्तार पराया - पुद्गल द्रव्यका है, ( इमं व्यतिकरं ) ऐसा विवरण ( तत्त्वतः ज्ञात्वा ) कहने के लिए नहीं है, वस्तु स्वरूप ऐसा ही है ऐसा अनुभवरूप जानता है सम्यग्दृष्टि जीव, इसलिए ज्ञानशक्ति है। आगे इतना करता है सम्यग्दृष्टि
जानपनेकी सामर्थ्य है । अथवा कोई शूद्र मदिरा पीता है। परन्तु परिणामों में कुछ दुश्चिन्ता है, मदिरा पीनेमें रुचि नहीं है, ऐसा शूद्र जीव मतवाला नहीं होता । जैसा था वैसा ही रहता है । मद्य तो ऐसा है जो अन्य कोई पीता है तो तत्काल मतवाला होता है । सो जो कोई मतवाला नहीं होता ऐसा अरुचि परिणामका गुरण जानो । उसी प्रकार कोई सम्यग्दृष्टि जीव नाना प्रकारकी सामग्रीको भोगता है, सुख-दुखको जानता है, परन्तु ज्ञानमें शुद्ध स्वरूप आत्माको अनुभवता है, उससे ऐसा अनुभवता है जो ऐसी सामग्री कर्मका स्वरूप है, जीवको दुखमय है, जीवका स्वरूप नहीं, उपाधि है ऐसा जानता है। उस जीवको ज्ञानावरणादि कर्मका बन्ध नहीं होता है। सामग्री तो ऐसी है जो मिथ्यादृष्टिके भोगनेमात्र कर्मबन्ध होता है । जो जीवको कर्मबन्ध नहीं होता, वह जानपनाकी सामर्थ्य है ऐसा जानना । अथवा सम्यग्दृष्टि जीव नानाप्रकारके कर्मके उदयफल भोगता है, परन्तु अभ्यंतर शुद्ध स्वरूपको अनुभवता है, इसलिए कर्मके उदयफलमें रति नहीं उपजती, उपाधि जानता है, दुख जानता है, इसलिए रूखा है। ऐसे जीवके कर्मका बन्ध नहीं होता है, वह रूखे परिणामांकी सामर्थ्य है ऐसा जानो । इसलिए ऐसा अर्थ ठहराया जो सम्यग्दृष्टि जीवके शरीर, इन्द्रिय आदि विषयोंका भोग निर्जराके लेखेमें है, निर्जरा होती है । क्योंकि आगामी कर्म तो नहीं बँधता है, पिछला उदयफल देकर मूलसे निर्जर जाता है, इसलिए सम्यग्दृष्टिका भोग निर्जरा है ।। दो-एक सौ चौंतीस।। नाश्नुते विषयमानेऽपि यत् स्व फलं विषयमेवनस्य ना । ज्ञानवे भवविगगताबलात्मैवको पि तदमावसेवकः ।।तीन-एक सौ पैंतीस॥ खण्डान्वय सहित अर्थ - "तत् असौ सेवकः अपि प्रसेवकः " सम्यग्दृष्टि जीव कर्मके उदयमे हुआ है जो शरीर पञ्चेन्द्रिय विषय सामग्री, उसको भोगता है तथापि नहीं भोगता है । किस कारण ? "यत् ना विषयसेवनेऽपि विषयसेवनस्य स्वं फलं न प्रश्नुते " जिस कारणसे सम्यग्दृष्टि जीव पञ्चन्द्रियसम्बन्धी विषयको सेवता है तथापि पञ्चन्द्रिय भोगका फल है ज्ञानावरणादि कर्मका बन्ध, उसको नहीं पाता है। ऐसा भी किस [ भगवान् श्री कुन्दकुन्वकारणसे ? "ज्ञानवैभवविरागताबलात्" शुद्धस्वरूपका अनुभव, उसकी महिमा, उसके कारण अथवा कर्मके उदयसे है विषयका सुख, जीवका स्वरूप नहीं है, इसलिए विषयसुखमें रति नहीं उत्पन्न होती है, उदास भाव है, इस कारण कर्मबन्ध नहीं होता है । भावार्थ इस प्रकार हैसम्यग्दृष्टि जो भोग भोगता है सो निर्जराके निमित्त है ।।तीन-एक सौ पैंतीस।। सभ्यरष्टर्भवति नियतं ज्ञानवैराग्यशक्तिः म्यं वस्तुत्वं कलयितुमयं स्यान्यरूपाणिमुक्त्या । माया व्यतिकर्गमदं तत्त्वतः परं च यस्मिन्ना विमति परात्मनंतो गगयोगान ॥ छत्तीस॥ खण्डान्वय सहित अर्थ - "सम्यग्दृष्टेः नियतं ज्ञानवैराग्यशक्तिः भवति" द्रव्यरूपसे मिथ्यात्वकर्म उपशमा है, भावरूपसे शुद्ध सम्यक्त्व भावरूप परिणमा है जो जीव, उसके शुद्धस्वरूपका अनुभवरूप जानपना, जितने परद्रव्य द्रव्यकर्मरूप, भावकर्मरूप, नोकर्मरूप ज्ञेयरूप हैं उन समस्त पर द्रव्योंका सर्व प्रकार त्याग ऐसी दो शक्तियाँ अवश्य होती है - सर्वथा होती हैं। दोनों शक्तियाँ जिस प्रकार होती हैं उस प्रकार कहते हैं - "यस्मात् अयं स्वस्मिन् आस्ते परात् सर्वतः रागयोगात् विरमति" जिस कारण सम्यग्दृष्टि सहज ही शुद्धस्वरूप में अनुभवरूप होता है तथा पुद्गल द्रव्यकी उपाधिसे है जितनी गगादि अशुद्ध परिणति उससे सर्व प्रकार रहित होता है। भावार्थ इस प्रकार है- ऐसा लक्षण सम्यग्दृष्टि जीवके अवश्य होता है। ऐसा लक्षण होने पर अवश्य वैराग्य गुरण है। क्या करके ऐसा होता है ? "स्वं परं च इमं व्यतिकरं तत्त्वतः ज्ञात्वा" शुद्ध चैतन्यमात्र मेरा स्वरूप है, द्रव्यकर्म, भावकर्म, नोकर्मका विस्तार पराया - पुद्गल द्रव्यका है, ऐसा विवरण कहने के लिए नहीं है, वस्तु स्वरूप ऐसा ही है ऐसा अनुभवरूप जानता है सम्यग्दृष्टि जीव, इसलिए ज्ञानशक्ति है। आगे इतना करता है सम्यग्दृष्टि
SRH vs CSK, Ruturaj Gaikwad half century: पिछले सीजन के ऑरेंज कैप विजेता ऋतुराज गायकवाड़ ने 33 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह इस सीजन का उनका दूसरा अर्धशतक है। ऋतु 57 गेंदों पर 99 रन बनाकर आउट हुए। अपनी इस पारी में उन्होंने 6 चौके और 6 छक्के जड़े। आज शुरुआत से ही ऋतुराज शानदार लय में नजर आए। उन्होंने पहली 23 गेंदों पर 28 रन बनाए, लेकिन इसके बाद डेवोन कॉनवे के साथ मिलकर चेन्नई को एक बड़े स्कोर की ओर ले गए। इससे पहले उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 48 गेंदों पर 73 रन की पारी खेली थी। चेन्नई सुपर किंग्सः ऋतुराज गायकवाड़, रॉबिन उथप्पा, डेवोन कॉनवे, अंबाती रायुडू, सिमरजीत सिंह, रवींद्र जडेजा, एमएस धोनी (w/c), मिशेल सेंटनर, ड्वेन प्रिटोरियस, मुकेश चौधरी, महेश तीक्षणा। सनराइजर्स हैदराबादः अभिषेक शर्मा, केन विलियमसन (सी), राहुल त्रिपाठी, एडेन मार्कराम, निकोलस पूरन (डब्ल्यू), शशांक सिंह, वाशिंगटन सुंदर, मार्को जानसेन, भुवनेश्वर कुमार, उमरान मलिक, टी नटराजन।
SRH vs CSK, Ruturaj Gaikwad half century: पिछले सीजन के ऑरेंज कैप विजेता ऋतुराज गायकवाड़ ने तैंतीस गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह इस सीजन का उनका दूसरा अर्धशतक है। ऋतु सत्तावन गेंदों पर निन्यानवे रन बनाकर आउट हुए। अपनी इस पारी में उन्होंने छः चौके और छः छक्के जड़े। आज शुरुआत से ही ऋतुराज शानदार लय में नजर आए। उन्होंने पहली तेईस गेंदों पर अट्ठाईस रन बनाए, लेकिन इसके बाद डेवोन कॉनवे के साथ मिलकर चेन्नई को एक बड़े स्कोर की ओर ले गए। इससे पहले उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ अड़तालीस गेंदों पर तिहत्तर रन की पारी खेली थी। चेन्नई सुपर किंग्सः ऋतुराज गायकवाड़, रॉबिन उथप्पा, डेवोन कॉनवे, अंबाती रायुडू, सिमरजीत सिंह, रवींद्र जडेजा, एमएस धोनी , मिशेल सेंटनर, ड्वेन प्रिटोरियस, मुकेश चौधरी, महेश तीक्षणा। सनराइजर्स हैदराबादः अभिषेक शर्मा, केन विलियमसन , राहुल त्रिपाठी, एडेन मार्कराम, निकोलस पूरन , शशांक सिंह, वाशिंगटन सुंदर, मार्को जानसेन, भुवनेश्वर कुमार, उमरान मलिक, टी नटराजन।
आज का पहला मैच कोलकाता और बंगलौर के बिच बंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाने वाला है, और अगर मौसम विभाग की माने तो आज के मैच में वारिश अपनी दखल दे सकती है. इससे पहले भी कोलकाता और बंगलौर दोनों राजस्थान के खिलाफ अपने-अपने मैच वारिश की वजह से रद्द करा चुके है. और अगर आज वारिश इस मैच में दखल डालती है, और मैच नहीं हो पाता है, तो इन दोनों टीमो के नाम राजस्थान की तरह 2-2 मैच रद्द हो जायेंगे. हालाँकि वारिश आने की सम्भावना 7 बजे तक की है, तो ऐसे में उस समय तक मैच के दूसरी पारी के लगभग 15 ओवर खत्म हो चुके होंगे. हालाँकि हम सभी यही चाहते है, कि आज इस मैच में वारिश न हो और दर्शको को मैच का पूरा रोमांच देखने को मिल सके.
आज का पहला मैच कोलकाता और बंगलौर के बिच बंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाने वाला है, और अगर मौसम विभाग की माने तो आज के मैच में वारिश अपनी दखल दे सकती है. इससे पहले भी कोलकाता और बंगलौर दोनों राजस्थान के खिलाफ अपने-अपने मैच वारिश की वजह से रद्द करा चुके है. और अगर आज वारिश इस मैच में दखल डालती है, और मैच नहीं हो पाता है, तो इन दोनों टीमो के नाम राजस्थान की तरह दो-दो मैच रद्द हो जायेंगे. हालाँकि वारिश आने की सम्भावना सात बजे तक की है, तो ऐसे में उस समय तक मैच के दूसरी पारी के लगभग पंद्रह ओवर खत्म हो चुके होंगे. हालाँकि हम सभी यही चाहते है, कि आज इस मैच में वारिश न हो और दर्शको को मैच का पूरा रोमांच देखने को मिल सके.
हवाईः आपने सलमान खान द्वारा किया गया थम्सअप का 'आज कुछ तूफानी करते हैं' एड तो देखा ही होगा जिसमें वे थम्सअप के लिए बाइक लेकर कभी पहाड़ों से कूदते दिखाई देते हैं तो कभी समुंद्र के अन्दर जाते दिखाई देते हैं लेकिन हम आपको एक ऐसे एडवेंचर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको सुनकर आप wow कहेंगे और आपकी सांसे भी थम जायेगी। दरअसल, हाल ही में एक लड़की का ऐसा वीडियो सामने आया है जिसमें वे एडवेंचर्स की हदें पार कर गई। मिली जानकारी के अनुसार, ऐलिसन टील नाम की महिला ने हवाई में सक्रिय ज्वालामुखी 'कीलाऊ' के बहते हुए लावा के पास बिकिनी पहन कर सर्फिंग की। 30 साल की ऐलिसन टील ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि ये मेरी जिंदगी का सपना था। वो कहती है कि कहा कि जब मैंने पीछे पलट कर देखा तो एक लहर मेरी तरफ आ रही था। मैं अपनी जान बचाने के लिए उस खतरनाक जगह से जल्दी-जल्दी तैरकर पार किया। मैं एक ही वक्त पर बहुत उत्साहित और डरी हुई थी। उस दिन कुछ भी हो सकता था। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। youtube पर भी इस वीडियो को खूब पसंद किया जा रहा है। इस वीडियो को अपलोड हुए अभी दो दिन भी नहीं हुए हैं कि इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं।
हवाईः आपने सलमान खान द्वारा किया गया थम्सअप का 'आज कुछ तूफानी करते हैं' एड तो देखा ही होगा जिसमें वे थम्सअप के लिए बाइक लेकर कभी पहाड़ों से कूदते दिखाई देते हैं तो कभी समुंद्र के अन्दर जाते दिखाई देते हैं लेकिन हम आपको एक ऐसे एडवेंचर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको सुनकर आप wow कहेंगे और आपकी सांसे भी थम जायेगी। दरअसल, हाल ही में एक लड़की का ऐसा वीडियो सामने आया है जिसमें वे एडवेंचर्स की हदें पार कर गई। मिली जानकारी के अनुसार, ऐलिसन टील नाम की महिला ने हवाई में सक्रिय ज्वालामुखी 'कीलाऊ' के बहते हुए लावा के पास बिकिनी पहन कर सर्फिंग की। तीस साल की ऐलिसन टील ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि ये मेरी जिंदगी का सपना था। वो कहती है कि कहा कि जब मैंने पीछे पलट कर देखा तो एक लहर मेरी तरफ आ रही था। मैं अपनी जान बचाने के लिए उस खतरनाक जगह से जल्दी-जल्दी तैरकर पार किया। मैं एक ही वक्त पर बहुत उत्साहित और डरी हुई थी। उस दिन कुछ भी हो सकता था। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। youtube पर भी इस वीडियो को खूब पसंद किया जा रहा है। इस वीडियो को अपलोड हुए अभी दो दिन भी नहीं हुए हैं कि इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं।
शहर का माहौल सुबह तक शांत था। करीब आठ बजे अचानक एक फोन आया कि सैकड़ों की भीड़ हाथ में नीले झंडे लेकर परतापुर से मेरठ शहर की ओर आ रहे हैं। इसके करीब आधे घंटे बाद दोबारा फोन की घंटी बजी। इस बार कंकरखेड़ा से सूचना थी कि भीड़ ने हाईवे पर कुछ वाहनों में तोड़फोड़ कर दी है। करीब नौ बजे तक हालात बेकाबू हो गए। इस बार सूचना पुलिस के कंट्रोल रूम से फ्लैश की गई कि रोहटा बाईपास पर बवाल हो गया है। 9. 30 बजे के आसपास बलवाइयों ने शोभापुर पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। चौकी फूंक डाली और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। 10 बजते-बजते हालात पूरी तरह से बेकाबू हो गए। हाईवे पर बलवाइयों ने टोलियां बनाकर कब्जा कर लिया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। एसपी सिटी मानसिंह चौहान कई थानों की फोर्स के साथ करीब 10. 15 बजे के आसपास शोभापुर चौकी पहुंच गए। बलवाइयों को चेतावनी दी गई कि वापस लौट जाए, लेकिन मुंह पर नकाब बांधकर और हाथों में हथियार लिए भीड़ मोर्चा संभाल कर खड़ी हो गई। पुलिस को चुनौती दी और पथराव शुरू कर दिया। कुछ नकाबपोश बलवाइयों ने फायरिंग कर दी और पेट्रोल बम फेंके। बात नहीं बनी तो 10. 30 बजे पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद बलवाइयों को लखवाया गांव तक खदेड़ा गया। पुलिस समझी कि मामला शांत हो गया, लेकिन इसी दौरान खड़ौली बाईपास पर आग की लपटें उठती दिखी। करीब 11 बजे का समय हुआ था और बलवाइयों ने खड़ौली बाईपास पर वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। वहां बस और एक बाइक में आग लगा दी गई थी। पुलिस खड़ौली बाईपास पर दौड़ी तो वहां भी बलवाइयों ने हमला बोल दिया। पुलिस ने इस बार अपनी बंदूकों का मुंह खोल दिया। बलवाइयों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। इस दौरान पठानपुरा की ओर से आ रही यूपी 100 की गाड़ी पर बलवाइयों ने हमला बोल दिया। पुलिस को फंसा देखकर मेरठ की ओर से इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल, इंस्पेक्टर दीपक शर्मा और लालकुर्ती इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बलवाइयों पर पिस्टल तानकर दौड़ लगा दी। इसके बाद यूपी 100 के पुलिसकर्मियों की जान बची। इसी दौरान एसपी सिटी के मोबाइल पर करीब 11. 45 सूचना आई कि शोभापुर गांव के पास हाईवे पर भीड़ ने पथराव कर दिया है। पुलिस वहां पहुंची और बलवाइयों को गांव के अंदर तक खदेड़ा। मामला अभी शांत भी नहीं हुआ और पुलिस की गाड़ियां अचानक से परतापुर की ओर दौड़ने लगी। सूचना थी कि बलवाइयों ने एमआईईटी कालेज पर धावा बोल दिया है और पथराव किया गया है। पुलिस तुरंत ही कालेज पर पहुंच गई। बलवाइयों को बागपत की ओर खदेड़ा गया। करीब 15 मिनट बाद यानी 12 बजे खड़ौली पर दोबारा हमले की सूचना मिली। पता चला कि वहां उत्तराखंड डिपो की बस को बलवाइयों ने आग के हवाले कर दिया है। पुलिस की एक टीम को दोबारा खड़ौली भेजा गया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और करीब 30 से ज्यादा बलवाइयों को पकड़ा गया। हालात कुछ काबू हुए तो पुलिस के वायरलेस सेट घनघनाने लगा। करीब 12. 15 का समय हुआ था। सूचना फ्लैश हुई कि कचहरी में भी बलवाइयों ने फायरिंग और आगजनी कर दी है। इसके बाद पुलिस की एक टीम को शहर के लिए रवाना किया गया। यहां कचहरी में बलवाइयों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए पेट्रोल बम फेंके। इस दौरान वकीलों ने पुलिस के साथ बलवाइयों को खदेड़ा। यहीं डीएम और एसएसपी की गाड़ी पर पथराव भी किया गया। इसके बाद पुलिस ने एक्शन शुरू किया। करीब दो बजे तक बवाल होता रहा। तब कहीं जाकर आएएफ और आरआरएफ को बुलाया गया। करीब 2. 30 बजे के आसपास स्थिति कंट्रोल में आई। इसके बाद पुलिस ने दोपहर करीब 3. 30 बजे के आसपास बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनके साथियों को बलवा कराने के आरोप में गिरफ्तार किया। रात तक कई जगहों से छुट-पुट बवाल की खबर आती रही और हाईवे व उसके आसपास पुलिस-पीएसी और आरआरएफ गश्त करती रही।
शहर का माहौल सुबह तक शांत था। करीब आठ बजे अचानक एक फोन आया कि सैकड़ों की भीड़ हाथ में नीले झंडे लेकर परतापुर से मेरठ शहर की ओर आ रहे हैं। इसके करीब आधे घंटे बाद दोबारा फोन की घंटी बजी। इस बार कंकरखेड़ा से सूचना थी कि भीड़ ने हाईवे पर कुछ वाहनों में तोड़फोड़ कर दी है। करीब नौ बजे तक हालात बेकाबू हो गए। इस बार सूचना पुलिस के कंट्रोल रूम से फ्लैश की गई कि रोहटा बाईपास पर बवाल हो गया है। नौ. तीस बजे के आसपास बलवाइयों ने शोभापुर पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। चौकी फूंक डाली और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। दस बजते-बजते हालात पूरी तरह से बेकाबू हो गए। हाईवे पर बलवाइयों ने टोलियां बनाकर कब्जा कर लिया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। एसपी सिटी मानसिंह चौहान कई थानों की फोर्स के साथ करीब दस. पंद्रह बजे के आसपास शोभापुर चौकी पहुंच गए। बलवाइयों को चेतावनी दी गई कि वापस लौट जाए, लेकिन मुंह पर नकाब बांधकर और हाथों में हथियार लिए भीड़ मोर्चा संभाल कर खड़ी हो गई। पुलिस को चुनौती दी और पथराव शुरू कर दिया। कुछ नकाबपोश बलवाइयों ने फायरिंग कर दी और पेट्रोल बम फेंके। बात नहीं बनी तो दस. तीस बजे पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद बलवाइयों को लखवाया गांव तक खदेड़ा गया। पुलिस समझी कि मामला शांत हो गया, लेकिन इसी दौरान खड़ौली बाईपास पर आग की लपटें उठती दिखी। करीब ग्यारह बजे का समय हुआ था और बलवाइयों ने खड़ौली बाईपास पर वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। वहां बस और एक बाइक में आग लगा दी गई थी। पुलिस खड़ौली बाईपास पर दौड़ी तो वहां भी बलवाइयों ने हमला बोल दिया। पुलिस ने इस बार अपनी बंदूकों का मुंह खोल दिया। बलवाइयों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। इस दौरान पठानपुरा की ओर से आ रही यूपी एक सौ की गाड़ी पर बलवाइयों ने हमला बोल दिया। पुलिस को फंसा देखकर मेरठ की ओर से इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल, इंस्पेक्टर दीपक शर्मा और लालकुर्ती इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बलवाइयों पर पिस्टल तानकर दौड़ लगा दी। इसके बाद यूपी एक सौ के पुलिसकर्मियों की जान बची। इसी दौरान एसपी सिटी के मोबाइल पर करीब ग्यारह. पैंतालीस सूचना आई कि शोभापुर गांव के पास हाईवे पर भीड़ ने पथराव कर दिया है। पुलिस वहां पहुंची और बलवाइयों को गांव के अंदर तक खदेड़ा। मामला अभी शांत भी नहीं हुआ और पुलिस की गाड़ियां अचानक से परतापुर की ओर दौड़ने लगी। सूचना थी कि बलवाइयों ने एमआईईटी कालेज पर धावा बोल दिया है और पथराव किया गया है। पुलिस तुरंत ही कालेज पर पहुंच गई। बलवाइयों को बागपत की ओर खदेड़ा गया। करीब पंद्रह मिनट बाद यानी बारह बजे खड़ौली पर दोबारा हमले की सूचना मिली। पता चला कि वहां उत्तराखंड डिपो की बस को बलवाइयों ने आग के हवाले कर दिया है। पुलिस की एक टीम को दोबारा खड़ौली भेजा गया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और करीब तीस से ज्यादा बलवाइयों को पकड़ा गया। हालात कुछ काबू हुए तो पुलिस के वायरलेस सेट घनघनाने लगा। करीब बारह. पंद्रह का समय हुआ था। सूचना फ्लैश हुई कि कचहरी में भी बलवाइयों ने फायरिंग और आगजनी कर दी है। इसके बाद पुलिस की एक टीम को शहर के लिए रवाना किया गया। यहां कचहरी में बलवाइयों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए पेट्रोल बम फेंके। इस दौरान वकीलों ने पुलिस के साथ बलवाइयों को खदेड़ा। यहीं डीएम और एसएसपी की गाड़ी पर पथराव भी किया गया। इसके बाद पुलिस ने एक्शन शुरू किया। करीब दो बजे तक बवाल होता रहा। तब कहीं जाकर आएएफ और आरआरएफ को बुलाया गया। करीब दो. तीस बजे के आसपास स्थिति कंट्रोल में आई। इसके बाद पुलिस ने दोपहर करीब तीन. तीस बजे के आसपास बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनके साथियों को बलवा कराने के आरोप में गिरफ्तार किया। रात तक कई जगहों से छुट-पुट बवाल की खबर आती रही और हाईवे व उसके आसपास पुलिस-पीएसी और आरआरएफ गश्त करती रही।
आजकल की भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल का सबसे ज्यादा असर हमारी खानपान में ही होता है. आजकल लोगों के पास ज्यादा समय नहीं होता कि वह ब्रेकफास्ट या तीन टाइम का खाना बनाएं. आजकल लोग खाने को लेकर बाजार पर ज्यादा डिपेंड करता है. आजकल लोग ब्रेकफास्ट में कॉर्नफ्लेक्स खाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं. कुछ लोग इसमें दूध मिलाकर खाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि कॉर्नफ्लेक्स सिर्फ मक्के के आटे से बनाया जाता है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह स्वस्थ के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है. नास्ते में कॉर्नफ्लेक्स को और हेल्दी बनाने के लिए इसमें ज्यादातर लोग स्ट्रॉबेरी, मिक्सड फ्रूट, बादाम और ऑर्गेनिक शहद मिलाया जाता है. कॉर्नफ्लेक्स में मिलने वाली एडेड शुगर और सॉल्ट मिलाया जाता है. इसे प्रोसेस्ड किया जाता है. जिसकी वजह से हेल्थ खराब बहुत ज्यादा खराब हो सकता है. कॉर्नफ्लेक्स में शुगर और नमक के कारण हाई ब्लड प्रेशर और इंफ्लामेशन, डायबिटीज और फैटी लिवर, मोटापा का खतरा बना रहता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बना रहता है. क़ॉर्नफ्लेक्स को कॉर्न यानी मक्का के टोस्टिंग फ्लेक्स से बनाया जाता है. कॉर्नफ्लैक्स एक पैकेज फूड जिसे लोग अक्सर दूध और चीनी के साथ खाया जाता है. इंग्लैंड के मैनचेस्टर में ट्रैफर्ड पार्क फैक्टरी में सबसे ज्यादा कॉर्नफ्लैक्स का प्रोडक्शन सबसे ज्यादा होता है. कॉर्नफ्लेक्स खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक मेजरमेंट है. जिससे हमें पता चलता है कि फूड में कितनी मात्रा में शुगर लेवल है.
आजकल की भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल का सबसे ज्यादा असर हमारी खानपान में ही होता है. आजकल लोगों के पास ज्यादा समय नहीं होता कि वह ब्रेकफास्ट या तीन टाइम का खाना बनाएं. आजकल लोग खाने को लेकर बाजार पर ज्यादा डिपेंड करता है. आजकल लोग ब्रेकफास्ट में कॉर्नफ्लेक्स खाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं. कुछ लोग इसमें दूध मिलाकर खाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि कॉर्नफ्लेक्स सिर्फ मक्के के आटे से बनाया जाता है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह स्वस्थ के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है. नास्ते में कॉर्नफ्लेक्स को और हेल्दी बनाने के लिए इसमें ज्यादातर लोग स्ट्रॉबेरी, मिक्सड फ्रूट, बादाम और ऑर्गेनिक शहद मिलाया जाता है. कॉर्नफ्लेक्स में मिलने वाली एडेड शुगर और सॉल्ट मिलाया जाता है. इसे प्रोसेस्ड किया जाता है. जिसकी वजह से हेल्थ खराब बहुत ज्यादा खराब हो सकता है. कॉर्नफ्लेक्स में शुगर और नमक के कारण हाई ब्लड प्रेशर और इंफ्लामेशन, डायबिटीज और फैटी लिवर, मोटापा का खतरा बना रहता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बना रहता है. क़ॉर्नफ्लेक्स को कॉर्न यानी मक्का के टोस्टिंग फ्लेक्स से बनाया जाता है. कॉर्नफ्लैक्स एक पैकेज फूड जिसे लोग अक्सर दूध और चीनी के साथ खाया जाता है. इंग्लैंड के मैनचेस्टर में ट्रैफर्ड पार्क फैक्टरी में सबसे ज्यादा कॉर्नफ्लैक्स का प्रोडक्शन सबसे ज्यादा होता है. कॉर्नफ्लेक्स खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक मेजरमेंट है. जिससे हमें पता चलता है कि फूड में कितनी मात्रा में शुगर लेवल है.
प्या र ही प्या र हो जहां - हर स्त्रीट की ख्वाहिश होती है कि वह जो घर बसा रही है, वहां बस प्याहर ही प्या र का डेरा हो। अगर इसमें छोटे-मोटे मतभेद हों भी तो उन्हें प्यावर से सुलझा लिया जाए। शादी से पहले हर लड़की यही सोचती है कि उसका जीवनसाथी उससे बेहद प्यार करें। वह केयरिंग, ईमानदार और बेहद रोमांटिक स्वभाव का हो।
प्या र ही प्या र हो जहां - हर स्त्रीट की ख्वाहिश होती है कि वह जो घर बसा रही है, वहां बस प्याहर ही प्या र का डेरा हो। अगर इसमें छोटे-मोटे मतभेद हों भी तो उन्हें प्यावर से सुलझा लिया जाए। शादी से पहले हर लड़की यही सोचती है कि उसका जीवनसाथी उससे बेहद प्यार करें। वह केयरिंग, ईमानदार और बेहद रोमांटिक स्वभाव का हो।
पिता जीवित हैं ! सब के लिये द्रव्य कमाने के अतिरिक्त वे ही भोजन भी पकाते हैं ! लड़कों को भी टट्टी मैदान कराना आपका ही कर्तव्य है ! पत्नी जी का कभी सिर दर्द करता है तो कभी पैर ! वे चले जायँ, तो उन्हें कौन दवावे ! बेचारे बड़े चिन्तित थे । बोले-भाई चलने की इच्छा तो है, पर गृहस्थी से लाचार हूँ । "मित्रों ने पूछा- आखिर सुनें भी तो, कि क्या लाचारी है ।" मुंशीजी बोले - "अरे तुम लोग क्या जानते नहीं।" पूछो परसू मिसिर सब जानते हैं । "दुवेजो, इस गोष्ठी में सबसे अधिक बुद्धिमान् और विनोदो व्यक्ति थे । बोले - - - कहिये मिसिर जी, मुंशीजी की लाचारी के क्या कारण हैं। ऐसी तो कोई लाचारी ही नहीं, जिसको दूर करने के लिये हम लोग उपाय न प्रकट कर लकें । परसू मिसिर बोले- हाँ यही देखिये, बड़े लालाजी बीमार हैं । अब ऐसे वृद्ध बीमार पिता को छोड़कर बेचारे मुंशी जी कैसे कहीं जा सकते हैं ! दुवेजी ने कहा-बस यही चिन्ता हैन ? अरे लाला जो को मैं काशी के रामकृष्ण सेवा मिशन में भर्ती करा दूंगा ! वहाँ उनकी दवा भी होगी और भरण-पोपण भो ! मिसिर जी - "अच्छा मुंशी जी की धर्मपत्नी जी का क्या होगा ? "उन्हें चुनार के विधवा-आश्रम में भर्ती करा दिया जाय !"
पिता जीवित हैं ! सब के लिये द्रव्य कमाने के अतिरिक्त वे ही भोजन भी पकाते हैं ! लड़कों को भी टट्टी मैदान कराना आपका ही कर्तव्य है ! पत्नी जी का कभी सिर दर्द करता है तो कभी पैर ! वे चले जायँ, तो उन्हें कौन दवावे ! बेचारे बड़े चिन्तित थे । बोले-भाई चलने की इच्छा तो है, पर गृहस्थी से लाचार हूँ । "मित्रों ने पूछा- आखिर सुनें भी तो, कि क्या लाचारी है ।" मुंशीजी बोले - "अरे तुम लोग क्या जानते नहीं।" पूछो परसू मिसिर सब जानते हैं । "दुवेजो, इस गोष्ठी में सबसे अधिक बुद्धिमान् और विनोदो व्यक्ति थे । बोले - - - कहिये मिसिर जी, मुंशीजी की लाचारी के क्या कारण हैं। ऐसी तो कोई लाचारी ही नहीं, जिसको दूर करने के लिये हम लोग उपाय न प्रकट कर लकें । परसू मिसिर बोले- हाँ यही देखिये, बड़े लालाजी बीमार हैं । अब ऐसे वृद्ध बीमार पिता को छोड़कर बेचारे मुंशी जी कैसे कहीं जा सकते हैं ! दुवेजी ने कहा-बस यही चिन्ता हैन ? अरे लाला जो को मैं काशी के रामकृष्ण सेवा मिशन में भर्ती करा दूंगा ! वहाँ उनकी दवा भी होगी और भरण-पोपण भो ! मिसिर जी - "अच्छा मुंशी जी की धर्मपत्नी जी का क्या होगा ? "उन्हें चुनार के विधवा-आश्रम में भर्ती करा दिया जाय !"
बुद्धिस्थ ( सं ० वि०) बुद्धिस्थित । बुद्धिहत ( स० त्रि०) बुद्धिहीन, जिसमें बुद्धि न हो । बुद्धिहा ( स० स्त्रो० ) बुद्धिको नष्ट करनेवाली, शराव । बुद्धिहीन ( स० वि०) जिसे बुद्धि न हो, मूर्ख । बुद्धीन्द्रिय ( स ० क्ली० ) बुद्धधात्मकं वा इन्द्रियं । ज्ञानेन्द्रिय । "मनः कर्णी तथा नेत्रे रसना त्वक् च नासिके । बुद्धीन्द्रियमिति प्राहुः शब्दकोशविचक्षणाः ॥" बुद्धिस्थ - बुध ( शब्दरत्ना० ) चक्ष, कर्ण, नासिका, जिह्वा, त्वक् और मन यही बुद्धीन्द्रिय है। इन्द्रिय ग्यारह हैं जिनमेंसे पांच ज्ञानेन्द्रिय और पांच फर्मेन्द्रिय तथा मन उभय-इद्रिय है। पञ्चज्ञानेन्द्रिय ही बुद्धीन्द्रिय हैं। बुद्धौड़ क ( स० पु० ) चैत्य, वह स्थान जहां बुद्धदेवके अवयव और व्यवहार्य द्रव्यादि रखे हुए हैं। बुदबुद ( स० पु० ) १ वत्त लाकार जलविकार, बुलबुला । २ गर्भस्थ अवयवविशेष । बुध (सं० पु०) बुध्यते यः, वुध (इगुपधज्ञाप्रीकिरः कः । पा ३।१। १३५) पंडित । पर्याय - विद्वत्, विपश्चित्, दोपश, सत् सुधी, कोविद, धीर, मनीपी, श, प्राश, संख्यावत्, पंडित, । कवि, धीमत्, सूरि, कृतिन, कृष्टि, लव्धवर्ण, विचक्षण, दूरदर्शिन, दीर्घदर्शिन, विदग्ध, दूरदृश्, सुरिन, वेदिन, वृद्ध बुद्ध, विधानग, प्रशिल, व्यक्त, प्राप्तरूप, सुरूप, अभिरूप, वुधान, कवितावेदिन, वप्ट, विदित, कवि । ( अमर, शब्दर०, जटाधर ) "अत्युग्रं स्तुतिभिर्गुरु' प्रतिभिर्मुखं कषामिर्बुधम् । विद्याभी रसिकं रसेन सकलं शीलेन कुर्याद्वशम् ॥ ( नवरत्न) २ नवग्रहके अन्तगत चतुर्थग्रह । बृहस्पतिको भार्या ताराके गर्भसे चंद्रके द्वारा इसकी उत्पत्ति हुई है। विष्णुपुराणमें लिखा है --चंद्रने देवगुरु बृहस्पतिकी पत्नी ताराको हरण किया। अनन्तर वृंहस्पतिकी प्रार्थनासे भगघान् ब्रह्माने चंद्रको बहु बार रोका, तथा समस्त देवर्षियाने • भी चंद्रसे याश्चा की। किन्तु चंद्रने ताराका परित्याग नहीं किया। वृहस्पतिके प्रति द्वे पनिबंधन शुक्र भी उसके : सहायक हो गये। इधर अङ्गिरासे विद्यालाभ कर । भगवान् रुद्र भी बृहस्पतिकी सहायता करने लगे। शुक्र चंद्रके पक्षमें थे इस कारण प्रधान प्रधान दांनव बुधके पक्षमें हो गये। वृहस्पति और चंद्रमें तुमुल संग्राम बंधा। इंद्र देवताओंके साथ वृहस्पतिकी सहायता करने लगे। उस समय भगवान् ब्रह्माने असुर और देवताओं को युद्धसे निर्वृ त्त कर वृहस्पतिको तारा दिलवा दी। उस समय बृहस्पति ताराको गर्मिणी देख कहने लगे, 'हमारे क्षेत्र में अन्य व्यक्तिके वीर्य से उत्पन्न पुत्रका धारण करना तुम्हारे लिये उचित नहीं है।' बृहस्पतिके यह वचन सुन ताराने ईपिकास्तम्भ (मूं जके तिनकका गुच्छा) में वह गर्भ गिरा दिया। निक्षेपमासे समुत्पन्न पुल अपने तेज द्वारा देवताओंको अभिभव करने लगा। इसको देख कर देवताओंने तारासे पूछा, 'तुम सत्य कहां, कि यह संतान किसकी है।' ताराने लक्षांसे कुछ भी जवाव न दिया। उस समय इस कुमारने माताको शाप देनेमें उद्यत हो कहा, 'क्यों नहीं हमारे पिताका नाम कहती हो, मैं तुम्हें यही शाप देता हूं कि अन्य कोई भी तुम्हारे जैसो मन्थर-भाषिणी नहीं हो सकती। उस समय तारा लजित हो बोली, 'यह पुत्र चंद्रका है। चंद्रने यह वचन सुन पुत्रका आलिङ्गन किया और उससे कहा, कि तू अतिप्राश है इसलिये तेरा नाम बुध हुआ । (विष्णुपु० ४१७ भ०) काशीखण्डमें लिखा है-बुधने पूर्वोक्त रूपसे जन्मधारण कर चंद्रकी अनुमतिसे काशी में बुधेश्वर नामसे शिवलिङ्गकी प्रतिष्ठा की तथा बहुत वर्षों तक कठोर तपका अनुष्ठान किया। महादेवने उसकी तपस्यासे प्रसन्न हो उसे यह वर प्रदान किया, 'नक्षवलोकके ऊपर तुम्हारा लोक होगा तथा समस्त ग्रहमण्डलके वीचमें तुम श्रेष्टरूपसे सम्मानित होगे। तुम्हारा प्रतिष्ठित शिवलिङ्ग आराधित हो कर सबको बुद्धिध प्रदान करेंगे तथा अन्तमें बुधलोकमें उनकी गति होगी। ( काशीखंड १५ अ० ) मत्स्यपुराण में एक विशेष बात देखने में आती है, कि बृहस्पतिके घरमें ताराने १ वर्ष बाद सन्तान पैदा की तथा वहां ही उसके सस्कारादि कार्य हुए। ( मत्स्यपुराण २४. . .,
बुद्धिस्थ बुद्धिस्थित । बुद्धिहत बुद्धिहीन, जिसमें बुद्धि न हो । बुद्धिहा बुद्धिको नष्ट करनेवाली, शराव । बुद्धिहीन जिसे बुद्धि न हो, मूर्ख । बुद्धीन्द्रिय बुद्धधात्मकं वा इन्द्रियं । ज्ञानेन्द्रिय । "मनः कर्णी तथा नेत्रे रसना त्वक् च नासिके । बुद्धीन्द्रियमिति प्राहुः शब्दकोशविचक्षणाः ॥" बुद्धिस्थ - बुध चक्ष, कर्ण, नासिका, जिह्वा, त्वक् और मन यही बुद्धीन्द्रिय है। इन्द्रिय ग्यारह हैं जिनमेंसे पांच ज्ञानेन्द्रिय और पांच फर्मेन्द्रिय तथा मन उभय-इद्रिय है। पञ्चज्ञानेन्द्रिय ही बुद्धीन्द्रिय हैं। बुद्धौड़ क चैत्य, वह स्थान जहां बुद्धदेवके अवयव और व्यवहार्य द्रव्यादि रखे हुए हैं। बुदबुद एक वत्त लाकार जलविकार, बुलबुला । दो गर्भस्थ अवयवविशेष । बुध बुध्यते यः, वुध पंडित । पर्याय - विद्वत्, विपश्चित्, दोपश, सत् सुधी, कोविद, धीर, मनीपी, श, प्राश, संख्यावत्, पंडित, । कवि, धीमत्, सूरि, कृतिन, कृष्टि, लव्धवर्ण, विचक्षण, दूरदर्शिन, दीर्घदर्शिन, विदग्ध, दूरदृश्, सुरिन, वेदिन, वृद्ध बुद्ध, विधानग, प्रशिल, व्यक्त, प्राप्तरूप, सुरूप, अभिरूप, वुधान, कवितावेदिन, वप्ट, विदित, कवि । "अत्युग्रं स्तुतिभिर्गुरु' प्रतिभिर्मुखं कषामिर्बुधम् । विद्याभी रसिकं रसेन सकलं शीलेन कुर्याद्वशम् ॥ दो नवग्रहके अन्तगत चतुर्थग्रह । बृहस्पतिको भार्या ताराके गर्भसे चंद्रके द्वारा इसकी उत्पत्ति हुई है। विष्णुपुराणमें लिखा है --चंद्रने देवगुरु बृहस्पतिकी पत्नी ताराको हरण किया। अनन्तर वृंहस्पतिकी प्रार्थनासे भगघान् ब्रह्माने चंद्रको बहु बार रोका, तथा समस्त देवर्षियाने • भी चंद्रसे याश्चा की। किन्तु चंद्रने ताराका परित्याग नहीं किया। वृहस्पतिके प्रति द्वे पनिबंधन शुक्र भी उसके : सहायक हो गये। इधर अङ्गिरासे विद्यालाभ कर । भगवान् रुद्र भी बृहस्पतिकी सहायता करने लगे। शुक्र चंद्रके पक्षमें थे इस कारण प्रधान प्रधान दांनव बुधके पक्षमें हो गये। वृहस्पति और चंद्रमें तुमुल संग्राम बंधा। इंद्र देवताओंके साथ वृहस्पतिकी सहायता करने लगे। उस समय भगवान् ब्रह्माने असुर और देवताओं को युद्धसे निर्वृ त्त कर वृहस्पतिको तारा दिलवा दी। उस समय बृहस्पति ताराको गर्मिणी देख कहने लगे, 'हमारे क्षेत्र में अन्य व्यक्तिके वीर्य से उत्पन्न पुत्रका धारण करना तुम्हारे लिये उचित नहीं है।' बृहस्पतिके यह वचन सुन ताराने ईपिकास्तम्भ में वह गर्भ गिरा दिया। निक्षेपमासे समुत्पन्न पुल अपने तेज द्वारा देवताओंको अभिभव करने लगा। इसको देख कर देवताओंने तारासे पूछा, 'तुम सत्य कहां, कि यह संतान किसकी है।' ताराने लक्षांसे कुछ भी जवाव न दिया। उस समय इस कुमारने माताको शाप देनेमें उद्यत हो कहा, 'क्यों नहीं हमारे पिताका नाम कहती हो, मैं तुम्हें यही शाप देता हूं कि अन्य कोई भी तुम्हारे जैसो मन्थर-भाषिणी नहीं हो सकती। उस समय तारा लजित हो बोली, 'यह पुत्र चंद्रका है। चंद्रने यह वचन सुन पुत्रका आलिङ्गन किया और उससे कहा, कि तू अतिप्राश है इसलिये तेरा नाम बुध हुआ । काशीखण्डमें लिखा है-बुधने पूर्वोक्त रूपसे जन्मधारण कर चंद्रकी अनुमतिसे काशी में बुधेश्वर नामसे शिवलिङ्गकी प्रतिष्ठा की तथा बहुत वर्षों तक कठोर तपका अनुष्ठान किया। महादेवने उसकी तपस्यासे प्रसन्न हो उसे यह वर प्रदान किया, 'नक्षवलोकके ऊपर तुम्हारा लोक होगा तथा समस्त ग्रहमण्डलके वीचमें तुम श्रेष्टरूपसे सम्मानित होगे। तुम्हारा प्रतिष्ठित शिवलिङ्ग आराधित हो कर सबको बुद्धिध प्रदान करेंगे तथा अन्तमें बुधलोकमें उनकी गति होगी। मत्स्यपुराण में एक विशेष बात देखने में आती है, कि बृहस्पतिके घरमें ताराने एक वर्ष बाद सन्तान पैदा की तथा वहां ही उसके सस्कारादि कार्य हुए। ( मत्स्यपुराण चौबीस. . .,
बोले- श्रद्धारूपी अग्नि में सत्यरूप पय की आहुति देने का नाम ही तो यज्ञ है - अहूयतैव सत्यं श्रद्धायाम् । श्रद्धा अग्निः सत्यम् आज्यम् । १ मूलतः अग्निहोत्र में अग्नि श्रद्धा का प्रतीक है तथा आज्य, घृत सत्य का प्रतीक । जहाँ पर भी श्रद्धा में सत्य की आहुति पड़ रही हो, अग्निहोत्र हो रहा होता है। यह इस कथा से ज्ञात होता है। इस सारे संवाद से निम्नांकित परिणाम सम्मुख आते हैं१. अग्नि के लिए हव्य यदि कोई द्रव्य है, तो केवलमात्र दूध ही है, उसमें कोई विकल्प नहीं। उसके रूप में विकल्प है - आर्द्र हो अथवा शुष्क, वह दुग्धरूप हो, चावल-यव- ओषधि - वनस्पतिरूप हो अथवा जलरूप हो । यदि वह भी उपलब्ध न हो, तो हवि सत्यरूप ही हो । ये सब दूध के ही विभिन्न रूप हैं। इसे इस प्रकार कहा जा सकता है चतुष्पाद् गाय का दूध न हो, तो पृथिवीरूपी गाय का दूध-चावल-यव- ओषधि-वनस्पतिरूप हो; यदि वह भी नहीं, तो द्यौरूपी गौ का दूध-जल हो, यदि वह भी नहीं, तो वाणीरूपी गौ का दूध-सत्य तो होना ही चाहिए। यह सबसे मूल्यवती आहुति है। अग्निहोत्र में भिन्न-भिन्न गायों से दुहा गया पय उत्तरोत्तर मूल्यवान् है। भगवान् याज्ञवल्क्य के समाधान की पुष्टि यजुर्वेद संहिता के नीचे लिखे मंत्रों से होती है१- सं मा सृजामि पयसा पृथिव्याः सं मा सृजाम्यद्भिरोषधीभिः । सोऽहं वाजं सनेयमग्ने ।।१८।३५।। २- पयः पृथिव्यां पयऽ ओषधीषु पयो दिव्यन्तरिक्षे पयो धाः । पयस्वतीः प्रदिशः सन्तु मह्यम् ॥३६॥ ३- पयसो रूपं यद् यवा दध्नो रूपं कर्कन्धूनि ॥ य० १९।२३ ४- पयसो रेत ऽ आभृतं तस्य दोहमशीमहयुत्तरामुत्तरां समाम् ॥ यजु० ३८।
बोले- श्रद्धारूपी अग्नि में सत्यरूप पय की आहुति देने का नाम ही तो यज्ञ है - अहूयतैव सत्यं श्रद्धायाम् । श्रद्धा अग्निः सत्यम् आज्यम् । एक मूलतः अग्निहोत्र में अग्नि श्रद्धा का प्रतीक है तथा आज्य, घृत सत्य का प्रतीक । जहाँ पर भी श्रद्धा में सत्य की आहुति पड़ रही हो, अग्निहोत्र हो रहा होता है। यह इस कथा से ज्ञात होता है। इस सारे संवाद से निम्नांकित परिणाम सम्मुख आते हैंएक. अग्नि के लिए हव्य यदि कोई द्रव्य है, तो केवलमात्र दूध ही है, उसमें कोई विकल्प नहीं। उसके रूप में विकल्प है - आर्द्र हो अथवा शुष्क, वह दुग्धरूप हो, चावल-यव- ओषधि - वनस्पतिरूप हो अथवा जलरूप हो । यदि वह भी उपलब्ध न हो, तो हवि सत्यरूप ही हो । ये सब दूध के ही विभिन्न रूप हैं। इसे इस प्रकार कहा जा सकता है चतुष्पाद् गाय का दूध न हो, तो पृथिवीरूपी गाय का दूध-चावल-यव- ओषधि-वनस्पतिरूप हो; यदि वह भी नहीं, तो द्यौरूपी गौ का दूध-जल हो, यदि वह भी नहीं, तो वाणीरूपी गौ का दूध-सत्य तो होना ही चाहिए। यह सबसे मूल्यवती आहुति है। अग्निहोत्र में भिन्न-भिन्न गायों से दुहा गया पय उत्तरोत्तर मूल्यवान् है। भगवान् याज्ञवल्क्य के समाधान की पुष्टि यजुर्वेद संहिता के नीचे लिखे मंत्रों से होती हैएक- सं मा सृजामि पयसा पृथिव्याः सं मा सृजाम्यद्भिरोषधीभिः । सोऽहं वाजं सनेयमग्ने ।।अट्ठारह।पैंतीस।। दो- पयः पृथिव्यां पयऽ ओषधीषु पयो दिव्यन्तरिक्षे पयो धाः । पयस्वतीः प्रदिशः सन्तु मह्यम् ॥छत्तीस॥ तीन- पयसो रूपं यद् यवा दध्नो रूपं कर्कन्धूनि ॥ यशून्य उन्नीस।तेईस चार- पयसो रेत ऽ आभृतं तस्य दोहमशीमहयुत्तरामुत्तरां समाम् ॥ यजुशून्य अड़तीस।
Delhi Night Curfew: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार (Delhi Night Curfew) नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है. दिल्ली में नाइट कर्फ्यू और उससे संबंधित नियमों और प्रतिबंधों पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने अधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है. आदेश के मुताबिक आज रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच राजधानी में पाबंदियां रहेगी.DDMA के अधिकारिक आदेश के मुताबिक आदेश संख्या 492 दिनांक 15 दिसंबर 2021 के आदेश में नाइट कर्फ्यू को जोड़ा गया है. दिल्ली में अगले आदेश तक रात्रि 11 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक लोगों के घर से निकलने और अनावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी. आदेश में आसपास की दुकानों से सामन लेने और रात में एक दिल्ली से बाहर जाने या आने वाले यात्रियों को कुछ शर्तों के साथ छूट दी गई है. इसके साथ मीडिया वालों को भी इन पाबंदियों से छूट दी गई है.नाइट कर्फ्यू के दौरान इन चीजों में रहेगी छूट- भोजन, फल और सब्जियां, डेयरी और दूध उत्पाद, दवा आदि जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए पड़ोस की दुकानों में पैदल जाने पर छूट. हवाईअड्डों/रेलवे स्टेशनों/आईएसबीटी से आने/जाने के लिए valid टिकट प्रस्तुत करने पर यात्रा करने की अनुमति होगी. वेलिड पहचान पत्र दिखाने पर प्रिंट और टीवी पत्रकार को छूट रहेगी. ई-कॉमर्स के माध्यम से खाद्य पदार्थ, फार्मा, चिकित्सा उपकरणों सहित आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी की जा सकेगी. दुकानें, खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, फल और सब्जियां, डेयरी और दूध बूथ, मांस और मछली, पशु चारा, फार्मास्यूटिकल्स, दवाएं आदि पर भी छूट रहेगी. वे व्यक्ति जो वेलिड पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन फार्म (हार्ड कॉपी या सॉफ्ट कॉपी) दिखाने पर COVID-19 टीकाकरण के लिए जा रहे हो उन्हें भी नाइट कर्फ्यू में छूट रहेगी.दरअसल, देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को मंजूरी दे रखी है. ऐसे में ग्रैप के तहत अलग-अलग तरह की पाबंदियां कोरोना की संक्रमण दर, एक्टिव मरीजों और हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या के आधार पर तय की गई हैं. इस दौरान तय संख्या में मामले बढ़ने पर सिस्टम खुद ही एक्टिव हो जाएगा. इस दौरान पहला चरण संक्रमण दर करीब 2 दिन 0.50 फीसदी आने पर लागू हो जाएगा.
Delhi Night Curfew: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है. दिल्ली में नाइट कर्फ्यू और उससे संबंधित नियमों और प्रतिबंधों पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है. आदेश के मुताबिक आज रात ग्यारह बजे से सुबह पाँच बजे के बीच राजधानी में पाबंदियां रहेगी.DDMA के अधिकारिक आदेश के मुताबिक आदेश संख्या चार सौ बानवे दिनांक पंद्रह दिसंबर दो हज़ार इक्कीस के आदेश में नाइट कर्फ्यू को जोड़ा गया है. दिल्ली में अगले आदेश तक रात्रि ग्यारह बजे से लेकर सुबह पाँच बजे तक लोगों के घर से निकलने और अनावश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी. आदेश में आसपास की दुकानों से सामन लेने और रात में एक दिल्ली से बाहर जाने या आने वाले यात्रियों को कुछ शर्तों के साथ छूट दी गई है. इसके साथ मीडिया वालों को भी इन पाबंदियों से छूट दी गई है.नाइट कर्फ्यू के दौरान इन चीजों में रहेगी छूट- भोजन, फल और सब्जियां, डेयरी और दूध उत्पाद, दवा आदि जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए पड़ोस की दुकानों में पैदल जाने पर छूट. हवाईअड्डों/रेलवे स्टेशनों/आईएसबीटी से आने/जाने के लिए valid टिकट प्रस्तुत करने पर यात्रा करने की अनुमति होगी. वेलिड पहचान पत्र दिखाने पर प्रिंट और टीवी पत्रकार को छूट रहेगी. ई-कॉमर्स के माध्यम से खाद्य पदार्थ, फार्मा, चिकित्सा उपकरणों सहित आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी की जा सकेगी. दुकानें, खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, फल और सब्जियां, डेयरी और दूध बूथ, मांस और मछली, पशु चारा, फार्मास्यूटिकल्स, दवाएं आदि पर भी छूट रहेगी. वे व्यक्ति जो वेलिड पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन फार्म दिखाने पर COVID-उन्नीस टीकाकरण के लिए जा रहे हो उन्हें भी नाइट कर्फ्यू में छूट रहेगी.दरअसल, देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को मंजूरी दे रखी है. ऐसे में ग्रैप के तहत अलग-अलग तरह की पाबंदियां कोरोना की संक्रमण दर, एक्टिव मरीजों और हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या के आधार पर तय की गई हैं. इस दौरान तय संख्या में मामले बढ़ने पर सिस्टम खुद ही एक्टिव हो जाएगा. इस दौरान पहला चरण संक्रमण दर करीब दो दिन शून्य.पचास फीसदी आने पर लागू हो जाएगा.
हर युग, हर काल व समय में नारियों का सम्मान होता रहा है। वे अपनी मेधा, ज्ञान, प्रतिभा व शक्ति के बूते पूजी जाती रही हैं। आज भी उसी की हकदार हैं। समानता का अधिकार उनको प्रत्येक क्षेत्र में मिलना चाहिए। यह बातें फूलपुर के इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट को आपरेटिव बैंक लिमिटेड में शनिवार को मिशन शक्ति के अन्तर्गत आयोजित नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राजेश कुमार ने कही। शाखा प्रबंधक कनिष्क ने बताया कि सरकार द्वारा महिला हेल्पलाइन, 1090, 1076, 1098, 181, 112 आदि महिला की सुरक्षा व संरक्षा के लिये है। महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष रानी मोदनवाल ने महिलाओं का स्वयं सहायता समूहों में बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
हर युग, हर काल व समय में नारियों का सम्मान होता रहा है। वे अपनी मेधा, ज्ञान, प्रतिभा व शक्ति के बूते पूजी जाती रही हैं। आज भी उसी की हकदार हैं। समानता का अधिकार उनको प्रत्येक क्षेत्र में मिलना चाहिए। यह बातें फूलपुर के इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट को आपरेटिव बैंक लिमिटेड में शनिवार को मिशन शक्ति के अन्तर्गत आयोजित नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राजेश कुमार ने कही। शाखा प्रबंधक कनिष्क ने बताया कि सरकार द्वारा महिला हेल्पलाइन, एक हज़ार नब्बे, एक हज़ार छिहत्तर, एक हज़ार अट्ठानवे, एक सौ इक्यासी, एक सौ बारह आदि महिला की सुरक्षा व संरक्षा के लिये है। महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष रानी मोदनवाल ने महिलाओं का स्वयं सहायता समूहों में बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
Ranchi: शिक्षा मंत्री नीरा यादव के साथ पारा शिक्षकों की वार्ता गुरुवार को विफल हो गयी. 10 सदस्यीय पारा शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री के साथ वार्ता में शामिल हुआ. तय समय से करीब तीन घंटे विलंब से शुरू हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में शिक्षा सचिव एपी सिंह भी मौजूद थे. वार्ता में अस्थायी वेतनमान एवं मानदेय वृद्धि को लेकर चर्चा हुई. इसके बाद पारा शिक्षकों ने वार्ता को विफल बताया. पारा शिक्षकों का कहना था कि सरकार अपने पुराने ढर्रे पर कायम है. पारा शिक्षकों ने नये वेतनमान के रूप में 20,000 से ₹25,000 मासिक वेतनमान की मांग की, जिसे मानने से सरकार ने इनकार कर दिया. यह वार्ता तीन घंटे तक चली. वहीं शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने छत्तीसगढ़ मॉडल को भी लागू करने में असमर्थता जतायी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि पारा शिक्षकों का स्थायीकरण वर्तमान परिवेश में नहीं हो सकता है. इसके लिए पारा शिक्षकों को लिखित परीक्षा के माध्यम से गुजरना होगा. शिक्षा मंत्री के विचारों को सुनते ही पारा शिक्षकों ने वार्ता को विफल बताया. वार्ता विफल होने के बाद पारा शिक्षकों ने कहा कि यह अगली राज्य स्तरीय बैठक में आंदोलन की नयी रूपरेखा तय की जायेगी. सरकार सकारात्मक तरीके से वार्ता के लिए आयी, लेकिन हमें हमारी मांगों के अनुरूप आश्वासन नहीं मिला. अब हमारा राज्यस्तरीय जारी रहेगा.
Ranchi: शिक्षा मंत्री नीरा यादव के साथ पारा शिक्षकों की वार्ता गुरुवार को विफल हो गयी. दस सदस्यीय पारा शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री के साथ वार्ता में शामिल हुआ. तय समय से करीब तीन घंटे विलंब से शुरू हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में शिक्षा सचिव एपी सिंह भी मौजूद थे. वार्ता में अस्थायी वेतनमान एवं मानदेय वृद्धि को लेकर चर्चा हुई. इसके बाद पारा शिक्षकों ने वार्ता को विफल बताया. पारा शिक्षकों का कहना था कि सरकार अपने पुराने ढर्रे पर कायम है. पारा शिक्षकों ने नये वेतनमान के रूप में बीस,शून्य से पच्चीस रुपया,शून्य मासिक वेतनमान की मांग की, जिसे मानने से सरकार ने इनकार कर दिया. यह वार्ता तीन घंटे तक चली. वहीं शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने छत्तीसगढ़ मॉडल को भी लागू करने में असमर्थता जतायी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि पारा शिक्षकों का स्थायीकरण वर्तमान परिवेश में नहीं हो सकता है. इसके लिए पारा शिक्षकों को लिखित परीक्षा के माध्यम से गुजरना होगा. शिक्षा मंत्री के विचारों को सुनते ही पारा शिक्षकों ने वार्ता को विफल बताया. वार्ता विफल होने के बाद पारा शिक्षकों ने कहा कि यह अगली राज्य स्तरीय बैठक में आंदोलन की नयी रूपरेखा तय की जायेगी. सरकार सकारात्मक तरीके से वार्ता के लिए आयी, लेकिन हमें हमारी मांगों के अनुरूप आश्वासन नहीं मिला. अब हमारा राज्यस्तरीय जारी रहेगा.
PATNA : बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब माफिया का बड़ा खेल चल रहा है. हैरत की बात यह है कि इस खेल में पुलिस मुख्यालय की भूमिका पर भी सवाल खड़े होता नजर आ रहा है. पटना के मध्य निषेध एसपी रहते हुए राकेश कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने उत्पाद विभाग से जुड़े अधिकारियों और उनके परिजनों की संपत्ति की जांच कराने को कहा था साथ ही साथ शराब माफिया के साथ जनप्रतिनिधियों की सांठगांठ को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए थे. सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखे जाने के बाद राकेश कुमार सिन्हा का तबादला कर दिया गया. 6 जनवरी को राकेश कुमार सिन्हा ने यह पत्र लिखा और 19 जनवरी को उनका ट्रांसफर स्पेशल ब्रांच में कर दिया गया. लेकिन अब इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस मुख्यालय ने पटना के मध निषेध एसपी रहते राकेश कुमार सिन्हा की तरफ से जारी किए गए उस आदेश को रद्द कर दिया है जो 6 जनवरी को जारी किया गया था. बिहार पुलिस मुख्यालय की तरफ से सभी एसएसपी और एसपी को बजाप्ता है इसके लिए आदेश जारी किया गया है. इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि 6 जनवरी को जारी आदेश को निरस्त किया जाता है. हैरत की बात यह है कि मंगलवार को राकेश कुमार सिन्हा के तबादले के बाद यह आदेश जारी किया गया है. अब ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर आला पुलिस अधिकारी या सरकार उत्पाद विभाग के अधिकारियों की संपत्ति जांच और शराब माफिया के साथ उनकी संलिप्तता की भूमिका की जांच कराने से क्यों भाग रहे हैं.
PATNA : बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब माफिया का बड़ा खेल चल रहा है. हैरत की बात यह है कि इस खेल में पुलिस मुख्यालय की भूमिका पर भी सवाल खड़े होता नजर आ रहा है. पटना के मध्य निषेध एसपी रहते हुए राकेश कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने उत्पाद विभाग से जुड़े अधिकारियों और उनके परिजनों की संपत्ति की जांच कराने को कहा था साथ ही साथ शराब माफिया के साथ जनप्रतिनिधियों की सांठगांठ को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए थे. सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखे जाने के बाद राकेश कुमार सिन्हा का तबादला कर दिया गया. छः जनवरी को राकेश कुमार सिन्हा ने यह पत्र लिखा और उन्नीस जनवरी को उनका ट्रांसफर स्पेशल ब्रांच में कर दिया गया. लेकिन अब इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस मुख्यालय ने पटना के मध निषेध एसपी रहते राकेश कुमार सिन्हा की तरफ से जारी किए गए उस आदेश को रद्द कर दिया है जो छः जनवरी को जारी किया गया था. बिहार पुलिस मुख्यालय की तरफ से सभी एसएसपी और एसपी को बजाप्ता है इसके लिए आदेश जारी किया गया है. इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि छः जनवरी को जारी आदेश को निरस्त किया जाता है. हैरत की बात यह है कि मंगलवार को राकेश कुमार सिन्हा के तबादले के बाद यह आदेश जारी किया गया है. अब ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर आला पुलिस अधिकारी या सरकार उत्पाद विभाग के अधिकारियों की संपत्ति जांच और शराब माफिया के साथ उनकी संलिप्तता की भूमिका की जांच कराने से क्यों भाग रहे हैं.
न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा मानती है कि डायबिटीज को मैनेज करने के लिए अपने पसंदीदा फूड से परहेज करना सही तरीका नहीं है। खासतौर पर जब बात फलों की हो। डायबिटीज होने पर भी फल आपके आहार का हिस्सा हो सकते हैं और होने भी चाहिए, खासकर ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे में एक्सपर्ट ने शुगर फ्रेंडली फ्रूट्स के कुछ विकल्पों को साझा किया है, जिन्हें आप बिना किसी डर के अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। संतरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 40 होता है, जो इसे डायबिटीज मरीजों के लिए सुरक्षित बनाता है। इसके साथ ही यह विटामिन सी का मुख्य स्रोत होता है। जो बॉडी को संक्रमण से बचाने, हड्डियों , खून की नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसके सेवन से फाइबर की भी अच्छी खुराक मिलती है, जो पाचन के लिए जरूरी होता है। ये छोटे फल पोषक तत्वों का एक पैक होते हैं। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स सिर्फ 20 होता है, जिससे शुगर लेवल के बढ़ने का खतरा नहीं रहता है। साथ ही इसमें मौजूद पोटेशियम, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर इम्यून सिस्टम और हार्ट हेल्थ को बूस्ट करने का काम करती है। डायबिटीज मरीजों के लिए सभी तरह के बेरी अच्छे होते हैं। क्योंकि इनमें अन्य फलों की तुलना में चीनी की मात्रा कम होती है और बहुत अधिक फाइबर होता है। स्ट्रॉबेरी में 41 का जीआई होता है और पूरे संतरे की तुलना में अधिक विटामिन सी होता है। सेब ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) और ग्लाइसेमिक लोड दोनों पैमानों पर अपेक्षाकृत कम स्कोर करते हैं। जिससे यह ब्लड शुगर के पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालते हैं। ऐसे में डायबिटीज मरीज भी इसका सेवन कर सकते हैं। नाशपाती फाइबर सामग्री से भरी होती है और वजन कंट्रोल करने में मदद करने के लिए जानी जाती है। नाशपाती का जीआई 38 होता है और इसमें आपके अनुशंसित दैनिक फाइबर का 20% से अधिक होता है, जो इसे मधुमेह वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। डिस्क्लेमरः यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा मानती है कि डायबिटीज को मैनेज करने के लिए अपने पसंदीदा फूड से परहेज करना सही तरीका नहीं है। खासतौर पर जब बात फलों की हो। डायबिटीज होने पर भी फल आपके आहार का हिस्सा हो सकते हैं और होने भी चाहिए, खासकर ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। ऐसे में एक्सपर्ट ने शुगर फ्रेंडली फ्रूट्स के कुछ विकल्पों को साझा किया है, जिन्हें आप बिना किसी डर के अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। संतरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चालीस होता है, जो इसे डायबिटीज मरीजों के लिए सुरक्षित बनाता है। इसके साथ ही यह विटामिन सी का मुख्य स्रोत होता है। जो बॉडी को संक्रमण से बचाने, हड्डियों , खून की नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसके सेवन से फाइबर की भी अच्छी खुराक मिलती है, जो पाचन के लिए जरूरी होता है। ये छोटे फल पोषक तत्वों का एक पैक होते हैं। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स सिर्फ बीस होता है, जिससे शुगर लेवल के बढ़ने का खतरा नहीं रहता है। साथ ही इसमें मौजूद पोटेशियम, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर इम्यून सिस्टम और हार्ट हेल्थ को बूस्ट करने का काम करती है। डायबिटीज मरीजों के लिए सभी तरह के बेरी अच्छे होते हैं। क्योंकि इनमें अन्य फलों की तुलना में चीनी की मात्रा कम होती है और बहुत अधिक फाइबर होता है। स्ट्रॉबेरी में इकतालीस का जीआई होता है और पूरे संतरे की तुलना में अधिक विटामिन सी होता है। सेब ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड दोनों पैमानों पर अपेक्षाकृत कम स्कोर करते हैं। जिससे यह ब्लड शुगर के पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालते हैं। ऐसे में डायबिटीज मरीज भी इसका सेवन कर सकते हैं। नाशपाती फाइबर सामग्री से भरी होती है और वजन कंट्रोल करने में मदद करने के लिए जानी जाती है। नाशपाती का जीआई अड़तीस होता है और इसमें आपके अनुशंसित दैनिक फाइबर का बीस% से अधिक होता है, जो इसे मधुमेह वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। डिस्क्लेमरः यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
IPL 2022: हर्षल पटेल (Harshal Patel) ने आईपीएल में सबसे अहम पल का जिक्र करते हुए बताया कि जब उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ हैट्रिक ली थी और एमआई के खिलाफ 5 विकेट झटके थे। सबसे महत्वपूर्ण विकेट के बारे में बात करते हुए हर्षल कहते हैं कि जब उन्होंने एमआई के कीरोन पोलार्ड का विकेट लिया था वो उनके लिए सबसे खुशी का पल था। आईपीएल 2021 में मुंबई इंडियंस और आरसीबी (Royal Challengers Bangalore) के बीच मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने 9 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाए थे। आरसीबी के सुपर स्टार गेंदबाज हर्षल पटेल ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 5 विकेट झटके और इसी के साथ हैट्रिक भी ली। पहले हर्षल ने 16वें ओवर में हार्दिक पाड्ंया को आउट किया। 18वें ओवर में ईशान किशन को और फिर अगले ओवर में उन्होंने क्रुणाल पांड्या, कीरोन पोलार्ड और मार्को जेनसन के विकेट झटके और मुंबई को 159/9 के स्कोर पर रोक दिया। हर्षल पटेल (Harshal Patel) आईपीएल (IPL) के इतिहास में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 5 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज हैं। IPL 2022: आरसीबी (RCB) पॉडकास्ट के दौरान हर्षल पटेल (Harshal Patel) ने बताया कि आईपीएल सीजन 2021 में जब उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ हैट्रिक ली थी तो लोगों ने उनकी हैट्रिक को गुड लक कहा था। हर्षल पटेल इस बात को सुनकर काफी हैरान हुए थे कि कैसे कोई उनकी मेहनत को गुड लक का नाम दे सकता है। हर्शल पटेल ने आईपीएल 2021 में 30 विकेट झटके थे जिसके चलते उन्हें पर्पल कैप मिली थी। आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी को पर्पल कैप मिलती है। आईपीएल के मौजूदा सीजन में कुल 74 मुकाबले होने हैं। इसमें 70 लीग के राउंड के मैच जबकि 4 प्लेऑफ के मैच शामिल हैं। बीसीसीआई ने लीग राउंड के मैच महाराष्ट्र में कराने का फैसला लिया है। लीग राउंड के मैच मुंबई के तीन स्टेडियम और पुणे के एक स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं प्लेऑफ के मुकाबले किस मैदान पर होंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुकाबले अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में यह मैच हो सकते हैं। - लीग स्टेज के 55 आईपीएल मैच मुंबई में खेले जाएंगे और 15 पुणे में खेले जाएंगे। - लीग के लिए चार स्टेडियमों की पहचान की गई है। - वानखेड़े में 20, ब्रेबोर्न स्टेडियम में 15, डीवाई पाटिल स्टेडियम में 20 और पुणे में 15 मुकाबले खेले जाएंगे। - 10 टीमों को दो ग्रुपों में बांटा जाएंगे। ग्रुप-A में पांच और और ग्रुप-B में पांच टीमें होंगी। - एक टीम को ग्रुप राउंड में कम से कम 14 मैच खेलने होंगे। - अपने ग्रुप में एक-दूसरे के खिलाफ दो बार खेलने का मौका मिलेगा। - दूसरे ग्रुप की किसी एक टीम के खिलाफ दो मैच खेलने होंगे। - इसके बाद दूसरे ग्रुप की बाकी बची चार टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलने होंगे।
IPL दो हज़ार बाईस: हर्षल पटेल ने आईपीएल में सबसे अहम पल का जिक्र करते हुए बताया कि जब उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ हैट्रिक ली थी और एमआई के खिलाफ पाँच विकेट झटके थे। सबसे महत्वपूर्ण विकेट के बारे में बात करते हुए हर्षल कहते हैं कि जब उन्होंने एमआई के कीरोन पोलार्ड का विकेट लिया था वो उनके लिए सबसे खुशी का पल था। आईपीएल दो हज़ार इक्कीस में मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने नौ विकेट के नुकसान पर एक सौ उनसठ रन बनाए थे। आरसीबी के सुपर स्टार गेंदबाज हर्षल पटेल ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ पाँच विकेट झटके और इसी के साथ हैट्रिक भी ली। पहले हर्षल ने सोलहवें ओवर में हार्दिक पाड्ंया को आउट किया। अट्ठारहवें ओवर में ईशान किशन को और फिर अगले ओवर में उन्होंने क्रुणाल पांड्या, कीरोन पोलार्ड और मार्को जेनसन के विकेट झटके और मुंबई को एक सौ उनसठ/नौ के स्कोर पर रोक दिया। हर्षल पटेल आईपीएल के इतिहास में मुंबई इंडियंस के खिलाफ पाँच विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज हैं। IPL दो हज़ार बाईस: आरसीबी पॉडकास्ट के दौरान हर्षल पटेल ने बताया कि आईपीएल सीजन दो हज़ार इक्कीस में जब उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ हैट्रिक ली थी तो लोगों ने उनकी हैट्रिक को गुड लक कहा था। हर्षल पटेल इस बात को सुनकर काफी हैरान हुए थे कि कैसे कोई उनकी मेहनत को गुड लक का नाम दे सकता है। हर्शल पटेल ने आईपीएल दो हज़ार इक्कीस में तीस विकेट झटके थे जिसके चलते उन्हें पर्पल कैप मिली थी। आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी को पर्पल कैप मिलती है। आईपीएल के मौजूदा सीजन में कुल चौहत्तर मुकाबले होने हैं। इसमें सत्तर लीटरग के राउंड के मैच जबकि चार प्लेऑफ के मैच शामिल हैं। बीसीसीआई ने लीग राउंड के मैच महाराष्ट्र में कराने का फैसला लिया है। लीग राउंड के मैच मुंबई के तीन स्टेडियम और पुणे के एक स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं प्लेऑफ के मुकाबले किस मैदान पर होंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुकाबले अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में यह मैच हो सकते हैं। - लीग स्टेज के पचपन आईपीएल मैच मुंबई में खेले जाएंगे और पंद्रह पुणे में खेले जाएंगे। - लीग के लिए चार स्टेडियमों की पहचान की गई है। - वानखेड़े में बीस, ब्रेबोर्न स्टेडियम में पंद्रह, डीवाई पाटिल स्टेडियम में बीस और पुणे में पंद्रह मुकाबले खेले जाएंगे। - दस टीमों को दो ग्रुपों में बांटा जाएंगे। ग्रुप-A में पांच और और ग्रुप-B में पांच टीमें होंगी। - एक टीम को ग्रुप राउंड में कम से कम चौदह मैच खेलने होंगे। - अपने ग्रुप में एक-दूसरे के खिलाफ दो बार खेलने का मौका मिलेगा। - दूसरे ग्रुप की किसी एक टीम के खिलाफ दो मैच खेलने होंगे। - इसके बाद दूसरे ग्रुप की बाकी बची चार टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलने होंगे।