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जोसफ बर्नाड, नई दिल्ली आरबीआई ने पिछले कई महीनों से मॉनिटरी पॉलिसी में कोई रेट कट नहीं किया है। उसने नीतिगत दरों रीपो और रिवर्स रीपो रेट को यथावत रखा है। पिछले माह भी मॉनिटरी पॉलिसी में रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया था, मगर इसमें एक खास बात थी कि मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी के एक सदस्य ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बात कही। अब जिस तरह से कच्चे तेल के दाम और बैंक डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ रहे हैं, बॉन्ड यील्ड में भी उछाल है, वैसे में सवाल उठता है कि अब इंट्रेस्ट रेट ऊपर ही जाएंगे? यानी अब लोन पर ब्याज दरें कम नहीं होंगी और लोन महंगे होंगे। साथ ही डिपॉजिट रेट भी बढ़ेंगे। खुद आरबीआई के डेप्युटी गवर्नर के. सी. चक्रवर्ती ने माना है कि 'बैंकों के सामने मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण है। ' बैंकों में कैश की कमी है। खुदरा महंगाई दर के बढ़ने का खतरा है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने की आशंका में बैंकों का लागत खर्च बढ़ रहा है। इसके चलते बैंकों ने डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दिया है। जब बैंक जमाकर्ताओं को ज्यादा ब्याज देंगे तो लोन सस्ता करने का सवाल ही नहीं उठता। लोन महंगे जरूर हो सकते हैं। यानी इंट्रेस्ट रेट ऊपर जा सकते हैं। एफडी पर बढ़ा ब्याज एसबीआई के पूर्व सीएमडी पी. चौधरी के अनुसार जब एफडी और अन्य जमाओं पर इंट्रेस्ट रेट बढ़ने लगे तो समझ लेना चाहिए है कि अब लोन पर ब्याज दर ऊपर जाने वाले हैं। जमा के साथ लोन पर भी इंट्रेस्ट रेट बढ़ने वाला है। कई बैंकों जैसे SBI, RBL बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, ICICI बैंक ने एफडी पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। अब बैंक में 1 करोड़ रुपए से कम की 1 साल एवं 2 साल अवधि वाली FD पर ब्याज दर 7. 45 फीसदी सालाना हो गई है। पहले यह क्रमशः 7. 34 फीसदी एवं 7. 40 फीसदी थी। बैंक ने सीनियर सिटिजन के लिए इस संदर्भ में दर बढ़ाकर 7. 98 फीसदी कर दी है, जो पहले 1 एवं 2 साल के लिए क्रमशः 7. 87 फीसदी और 7. 93 फीसदी थी। 3 और 5 साल की अवधि के लिए 1 करोड़ रुपए से कम की FD पर आम लोगों के लिए ब्याज दर 7. 34 फीसदी है। बढ़ेगा रीपो रेट? ड्यूश बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि जून की मॉनिटरी पॉलिसी में आरबीआई रीपो रेट में 0. 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल के दाम 85 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की आशंका है। आरबीआई को पता है कि अगर कच्चे तेल के दाम नई ऊंचाई तक पहुंचे तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ना तय है। आरबीआई के पास मार्केट में मनी फ्लो रोकने और डिमांड कम करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने यानी लोन को महंगा करने के अलावा चारा नहीं रह जाएगा। चालू वित्त वर्ष में ब्याज दर 0. 75 फीसदी तक बढ़ सकती हैं।
जोसफ बर्नाड, नई दिल्ली आरबीआई ने पिछले कई महीनों से मॉनिटरी पॉलिसी में कोई रेट कट नहीं किया है। उसने नीतिगत दरों रीपो और रिवर्स रीपो रेट को यथावत रखा है। पिछले माह भी मॉनिटरी पॉलिसी में रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया था, मगर इसमें एक खास बात थी कि मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी के एक सदस्य ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बात कही। अब जिस तरह से कच्चे तेल के दाम और बैंक डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ रहे हैं, बॉन्ड यील्ड में भी उछाल है, वैसे में सवाल उठता है कि अब इंट्रेस्ट रेट ऊपर ही जाएंगे? यानी अब लोन पर ब्याज दरें कम नहीं होंगी और लोन महंगे होंगे। साथ ही डिपॉजिट रेट भी बढ़ेंगे। खुद आरबीआई के डेप्युटी गवर्नर के. सी. चक्रवर्ती ने माना है कि 'बैंकों के सामने मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण है। ' बैंकों में कैश की कमी है। खुदरा महंगाई दर के बढ़ने का खतरा है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने की आशंका में बैंकों का लागत खर्च बढ़ रहा है। इसके चलते बैंकों ने डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दिया है। जब बैंक जमाकर्ताओं को ज्यादा ब्याज देंगे तो लोन सस्ता करने का सवाल ही नहीं उठता। लोन महंगे जरूर हो सकते हैं। यानी इंट्रेस्ट रेट ऊपर जा सकते हैं। एफडी पर बढ़ा ब्याज एसबीआई के पूर्व सीएमडी पी. चौधरी के अनुसार जब एफडी और अन्य जमाओं पर इंट्रेस्ट रेट बढ़ने लगे तो समझ लेना चाहिए है कि अब लोन पर ब्याज दर ऊपर जाने वाले हैं। जमा के साथ लोन पर भी इंट्रेस्ट रेट बढ़ने वाला है। कई बैंकों जैसे SBI, RBL बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, ICICI बैंक ने एफडी पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। अब बैंक में एक करोड़ रुपए से कम की एक साल एवं दो साल अवधि वाली FD पर ब्याज दर सात. पैंतालीस फीसदी सालाना हो गई है। पहले यह क्रमशः सात. चौंतीस फीसदी एवं सात. चालीस फीसदी थी। बैंक ने सीनियर सिटिजन के लिए इस संदर्भ में दर बढ़ाकर सात. अट्ठानवे फीसदी कर दी है, जो पहले एक एवं दो साल के लिए क्रमशः सात. सत्तासी फीसदी और सात. तिरानवे फीसदी थी। तीन और पाँच साल की अवधि के लिए एक करोड़ रुपए से कम की FD पर आम लोगों के लिए ब्याज दर सात. चौंतीस फीसदी है। बढ़ेगा रीपो रेट? ड्यूश बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि जून की मॉनिटरी पॉलिसी में आरबीआई रीपो रेट में शून्य. पच्चीस फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल के दाम पचासी डॉलर प्रति बैरल तक जाने की आशंका है। आरबीआई को पता है कि अगर कच्चे तेल के दाम नई ऊंचाई तक पहुंचे तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ना तय है। आरबीआई के पास मार्केट में मनी फ्लो रोकने और डिमांड कम करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने यानी लोन को महंगा करने के अलावा चारा नहीं रह जाएगा। चालू वित्त वर्ष में ब्याज दर शून्य. पचहत्तर फीसदी तक बढ़ सकती हैं।
कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के खांसने, छींकने या जोर से हंसने के दौरान उनके मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स से अन्य लोगों को संक्रमण फैल सकता है। ये ड्रॉपलेट्स अगर हवा में रहें तो उसके संपर्क में आने से भी संक्रमण हो सकता है। संक्रमण के इन तरीकों से बचने के लिए मास्क जरूरी होता है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हर किसी को मास्क पहनना जरूरी नहीं बताया है, लेकिन चिकित्सा सेवा में लगे लोगों, भीड़भाड़ वाली जगहों, सार्वजनिक परिवहन या फिर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मास्क पहनना संक्रमण से बचाव का बेहतर उपाय है। बाजार में मास्क की कमी या अधिक दाम में बेचे जाने की रिपोर्टों के बीच सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की ओर से मंगलवार को घर पर तैयार होने वाले मास्क के संबंध में एक विस्तृत मैनुअल जारी किया गया है और इसे 70 फीसदी प्रभावी बताया गया है। संक्रमित व्यक्ति द्वारा हवा में छोड़े गए ड्रॉपलेट्स को हमारी सांस के माध्यम से अंदर शरीर के श्वसन तंत्र तक पहुंचने से मास्क रोकता है। घर पर रुमाल, पुरानी टीशर्ट, सूती कपड़े से मास्क आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए कपड़ा बिल्कुल साफ होना चाहिए। गर्मी, सूर्य के पाराबैंगनी किरणों, साबुन, पानी और अल्कोहल के संयोजन में कपड़े का तैयार किया हुआ मास्क कोरोना वायरस को रोकने में ज्यादा कारगर होगा। मैनुअल में बताया गया है कि 100 फीसदी सूती कपड़े की दोहरी परत से तैयार मास्क सर्जिकल मास्क की तरह ही प्रभावी होती है, जो कोरोना वायरस से पांच गुना कम महीन कणों को भी रोकने में कारगर होगी। यह सांस लेने के लिए भी कंफर्ट है। मास्क बनाने से पहले कपड़े को अच्छी तरह से धोया जाना चाहिए और पांच मिनट के लिए नमक मिले पानी में उबाल लेना चाहिए। घर पर तैयार ऐसे रियूजेबल यानी बार-बार प्रयोग किए जाने योग्य मास्क संक्रमित व्यक्ति द्वारा हवा में छोड़े गए ड्रॉपलेट्स से बचाने में कारगर हैं। हालांकि ये संक्रमण फैलने के दूसरे तरीकों से पूरी तरह नहीं बचाते। मैनुअल में बताया गया है कि इस मास्क को हर दिन धोने और गर्म पानी में उबालने के बाद ही उपयोग करना चाहिए। सामाजिक स्तर पर एनजीओ या अन्य संस्थाएं भी इस तरह के मास्क तैयार कर सकती हैं। यह समाज के लिए उपयोगी होगा। बस तीन बातों का ध्यान रहे कि इसके लिए मैटेरियल/कपड़े आसानी से मिल जाएं, घर पर बनाने में आसानी हो और फिर से प्रयोग होने लायक हों। विश्लेषण बताते हैं कि अगर 50 फीसदी आबादी मास्क पहनती है, तो केवल 50 फीसदी के ही संक्रमित होने की संभावना बचेगी और एक बार जब 80 फीसदी आबादी मास्क पहनने लगे तो इसका संक्रमण तुरंत रोका जा सकता है।
कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के खांसने, छींकने या जोर से हंसने के दौरान उनके मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स से अन्य लोगों को संक्रमण फैल सकता है। ये ड्रॉपलेट्स अगर हवा में रहें तो उसके संपर्क में आने से भी संक्रमण हो सकता है। संक्रमण के इन तरीकों से बचने के लिए मास्क जरूरी होता है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हर किसी को मास्क पहनना जरूरी नहीं बताया है, लेकिन चिकित्सा सेवा में लगे लोगों, भीड़भाड़ वाली जगहों, सार्वजनिक परिवहन या फिर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मास्क पहनना संक्रमण से बचाव का बेहतर उपाय है। बाजार में मास्क की कमी या अधिक दाम में बेचे जाने की रिपोर्टों के बीच सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की ओर से मंगलवार को घर पर तैयार होने वाले मास्क के संबंध में एक विस्तृत मैनुअल जारी किया गया है और इसे सत्तर फीसदी प्रभावी बताया गया है। संक्रमित व्यक्ति द्वारा हवा में छोड़े गए ड्रॉपलेट्स को हमारी सांस के माध्यम से अंदर शरीर के श्वसन तंत्र तक पहुंचने से मास्क रोकता है। घर पर रुमाल, पुरानी टीशर्ट, सूती कपड़े से मास्क आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए कपड़ा बिल्कुल साफ होना चाहिए। गर्मी, सूर्य के पाराबैंगनी किरणों, साबुन, पानी और अल्कोहल के संयोजन में कपड़े का तैयार किया हुआ मास्क कोरोना वायरस को रोकने में ज्यादा कारगर होगा। मैनुअल में बताया गया है कि एक सौ फीसदी सूती कपड़े की दोहरी परत से तैयार मास्क सर्जिकल मास्क की तरह ही प्रभावी होती है, जो कोरोना वायरस से पांच गुना कम महीन कणों को भी रोकने में कारगर होगी। यह सांस लेने के लिए भी कंफर्ट है। मास्क बनाने से पहले कपड़े को अच्छी तरह से धोया जाना चाहिए और पांच मिनट के लिए नमक मिले पानी में उबाल लेना चाहिए। घर पर तैयार ऐसे रियूजेबल यानी बार-बार प्रयोग किए जाने योग्य मास्क संक्रमित व्यक्ति द्वारा हवा में छोड़े गए ड्रॉपलेट्स से बचाने में कारगर हैं। हालांकि ये संक्रमण फैलने के दूसरे तरीकों से पूरी तरह नहीं बचाते। मैनुअल में बताया गया है कि इस मास्क को हर दिन धोने और गर्म पानी में उबालने के बाद ही उपयोग करना चाहिए। सामाजिक स्तर पर एनजीओ या अन्य संस्थाएं भी इस तरह के मास्क तैयार कर सकती हैं। यह समाज के लिए उपयोगी होगा। बस तीन बातों का ध्यान रहे कि इसके लिए मैटेरियल/कपड़े आसानी से मिल जाएं, घर पर बनाने में आसानी हो और फिर से प्रयोग होने लायक हों। विश्लेषण बताते हैं कि अगर पचास फीसदी आबादी मास्क पहनती है, तो केवल पचास फीसदी के ही संक्रमित होने की संभावना बचेगी और एक बार जब अस्सी फीसदी आबादी मास्क पहनने लगे तो इसका संक्रमण तुरंत रोका जा सकता है।
अर्टोमोवस्क क्षेत्र से जानकारी मिलती है कि यूक्रेनी सैनिक इस शहर के पास अपनी स्थिति छोड़ रहे हैं। विशेष रूप से, एलपीआर के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रमुख के सहायक विटाली किसलीव ने एक बयान दिया कि यूक्रेन के सशस्त्र बल अर्टोमोवस्क के पास पीछे हट रहे थे। याद दिला दें कि डीपीआर में स्थित इस शहर का नाम पहले कीव शासन द्वारा बख्मुत रखा गया था। "वैगनर ग्रुप" की इकाइयाँ, डोनेट्स्क और लुहान्स्क गणराज्य दोनों के पीपुल्स मिलिशिया उसकी रिहाई में व्यस्त हैं। विटाली किसलीव के अनुसार, अर्टोमोवस्क के पास यूक्रेन के सशस्त्र बलों की वापसी शायद इस तथ्य के कारण है कि दुश्मन सैनिकों ने उत्तर में तोड़ने के लिए आर्टीमोवस्क-सोलडर समूह क्षेत्र से भंडार वापस ले लिया - कसीनी लिमन क्षेत्र में। इस बीच, यूक्रेनी सैनिकों द्वारा शूट किया गया फुटेज नेटवर्क पर दिखाई देता है। फुटेज से पता चलता है कि कैसे यूक्रेनी सेना शहर के नाम के साथ स्टेल की दिशा में सड़क पर भटकती है। उनमें से एक, स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहता है कि "वे नरक के केंद्र को छोड़ रहे हैं - शहर में। " यूक्रेनी आतंकवादी के अनुसार, बखमुट (आर्टोमोव्स्क) के आसपास के क्षेत्र में पानी, भोजन और संचार के बिना दो दिन थे। पहले यह बताया गया था कि वैगनर समूह के लड़ाके शहर में प्रवेश करते हैं और कम से कम अपने औद्योगिक क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। अर्टिमोव्स्क में ही पदों पर कब्जा करने के लिए, दुश्मन को मोर्चे के अन्य क्षेत्रों से भंडार वापस लेना होगा, यदि कोई हो। उसी समय, मित्र देशों की सेनाएं, अपनी गतिविधि को कम किए बिना, यूक्रेन के सशस्त्र बलों को शहर से बाहर निकाल रही हैं, दुश्मन को इस क्षेत्र में रक्षा लाइन को फिर से संतृप्त करने का समय नहीं दे रही हैं।
अर्टोमोवस्क क्षेत्र से जानकारी मिलती है कि यूक्रेनी सैनिक इस शहर के पास अपनी स्थिति छोड़ रहे हैं। विशेष रूप से, एलपीआर के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रमुख के सहायक विटाली किसलीव ने एक बयान दिया कि यूक्रेन के सशस्त्र बल अर्टोमोवस्क के पास पीछे हट रहे थे। याद दिला दें कि डीपीआर में स्थित इस शहर का नाम पहले कीव शासन द्वारा बख्मुत रखा गया था। "वैगनर ग्रुप" की इकाइयाँ, डोनेट्स्क और लुहान्स्क गणराज्य दोनों के पीपुल्स मिलिशिया उसकी रिहाई में व्यस्त हैं। विटाली किसलीव के अनुसार, अर्टोमोवस्क के पास यूक्रेन के सशस्त्र बलों की वापसी शायद इस तथ्य के कारण है कि दुश्मन सैनिकों ने उत्तर में तोड़ने के लिए आर्टीमोवस्क-सोलडर समूह क्षेत्र से भंडार वापस ले लिया - कसीनी लिमन क्षेत्र में। इस बीच, यूक्रेनी सैनिकों द्वारा शूट किया गया फुटेज नेटवर्क पर दिखाई देता है। फुटेज से पता चलता है कि कैसे यूक्रेनी सेना शहर के नाम के साथ स्टेल की दिशा में सड़क पर भटकती है। उनमें से एक, स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहता है कि "वे नरक के केंद्र को छोड़ रहे हैं - शहर में। " यूक्रेनी आतंकवादी के अनुसार, बखमुट के आसपास के क्षेत्र में पानी, भोजन और संचार के बिना दो दिन थे। पहले यह बताया गया था कि वैगनर समूह के लड़ाके शहर में प्रवेश करते हैं और कम से कम अपने औद्योगिक क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। अर्टिमोव्स्क में ही पदों पर कब्जा करने के लिए, दुश्मन को मोर्चे के अन्य क्षेत्रों से भंडार वापस लेना होगा, यदि कोई हो। उसी समय, मित्र देशों की सेनाएं, अपनी गतिविधि को कम किए बिना, यूक्रेन के सशस्त्र बलों को शहर से बाहर निकाल रही हैं, दुश्मन को इस क्षेत्र में रक्षा लाइन को फिर से संतृप्त करने का समय नहीं दे रही हैं।
ईरान और नाइजीरिया से कच्चे तेल की आपूर्ति के प्रभावित होने की आशंका के चलते तेल की कीमत में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी हुई। न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में कच्चे तेल में 81 सेंट की मजबूती आयी और यह 126. 30 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। जबकि गुरुवार को कच्चा तेल 1. 05 डॉलर की मजबूती के साथ 125. 49 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। उधर पेट्रोलॉजिस्टिक लिमिटेड के मुताबिक, जुलाई महीने में ओपेक की ओर से होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति में संभवतः 2 लाख बैरल यानी 0. 6 फीसदी रोज की वृद्धि हो सकती है। इजरायल के शीर्ष सैन्य कमांडर ने गुरुवार को कहा था कि ईरान मसले का यदि कूटनीति से समाधान न निकला तो ताकत का इस्तेमाल किया जा सकता है। इजरायल के लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि इजरायल व अमेरिका दोनों ने सभी विकल्पों पर विचार कर लिया है। हालांकि उनकी कोशिश होगी कि कूटनीति से ही यह संकट सुलझ जाए। नाइजीरिया में आतंकवादियों ने तेल कंपनियों से पैसे की मांग की है। विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग न मानी गई तो आपूर्ति ठप करने के लिए तेल पाइपलाइनों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान और नाइजीरिया से कच्चे तेल की आपूर्ति के प्रभावित होने की आशंका के चलते तेल की कीमत में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी हुई। न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में कच्चे तेल में इक्यासी सेंट की मजबूती आयी और यह एक सौ छब्बीस. तीस डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। जबकि गुरुवार को कच्चा तेल एक. पाँच डॉलर की मजबूती के साथ एक सौ पच्चीस. उनचास डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। उधर पेट्रोलॉजिस्टिक लिमिटेड के मुताबिक, जुलाई महीने में ओपेक की ओर से होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति में संभवतः दो लाख बैरल यानी शून्य. छः फीसदी रोज की वृद्धि हो सकती है। इजरायल के शीर्ष सैन्य कमांडर ने गुरुवार को कहा था कि ईरान मसले का यदि कूटनीति से समाधान न निकला तो ताकत का इस्तेमाल किया जा सकता है। इजरायल के लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि इजरायल व अमेरिका दोनों ने सभी विकल्पों पर विचार कर लिया है। हालांकि उनकी कोशिश होगी कि कूटनीति से ही यह संकट सुलझ जाए। नाइजीरिया में आतंकवादियों ने तेल कंपनियों से पैसे की मांग की है। विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग न मानी गई तो आपूर्ति ठप करने के लिए तेल पाइपलाइनों को निशाना बनाया जा सकता है।
झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का निधन (Photo Credit: फाइल फोटो) Ranchi: Lal Hemendra Pratap Dehati: झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री लाल हेमेंद्र प्रताप देहाती ने 90 वर्ष की आयु में हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया. हेमेंद्र प्रताप देहाती लंबे समय से बीमार चल रहे थे. रांची के रिम्स में इलाज के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अंतिम सांस ली. बता दें कि सांस लेने की तकलीफ होने के बाद उन्हें रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया था. बता दें कि हेमेन्द्र शाही बीजेपी विधायक भानू प्रताप शाही के पिता थे. झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिलने के बाद हेमेंद्र शाही मधु कोड़ा की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने थे. वहीं, मधु कोड़ा की सरकार में अपने बेटे भानु प्रताप शाही के जेल जाने के बाद यह पद संभाली थी. भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही के पिता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री 1969 में पहली बार बिहार विधानसभा के सदस्य बने थे. उनके निधन के बाद से शोक का माहौल है. 12 दिसंबर, 2022 को झारखंड राज्य के पेयजल व स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर हेमेंद्र शाही से मिलने के लिए रिम्स पहुंचे थे. वो विगत कई दिनों से रांची के रिम्स में इलाजरत थे। ईश्वर उन्हें सद्गति व शोकाकुल परिजनों को साहस प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि। झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने हेमेंद्र प्रताप देहाती के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा कि दुखद सूचना मिली, वो विगत कई दिनों से रांची के रिम्स में इलाजरत थे. ईश्वर उन्हें सद्गति व शोकाकुल परिजनों को साहस प्रदान करें. विनम्र श्रद्धांजलि. वहीं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने हेमेंद्र शाही के निधन पर शोक जताया है.
झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का निधन Ranchi: Lal Hemendra Pratap Dehati: झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री लाल हेमेंद्र प्रताप देहाती ने नब्बे वर्ष की आयु में हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया. हेमेंद्र प्रताप देहाती लंबे समय से बीमार चल रहे थे. रांची के रिम्स में इलाज के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अंतिम सांस ली. बता दें कि सांस लेने की तकलीफ होने के बाद उन्हें रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया था. बता दें कि हेमेन्द्र शाही बीजेपी विधायक भानू प्रताप शाही के पिता थे. झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिलने के बाद हेमेंद्र शाही मधु कोड़ा की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने थे. वहीं, मधु कोड़ा की सरकार में अपने बेटे भानु प्रताप शाही के जेल जाने के बाद यह पद संभाली थी. भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही के पिता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में पहली बार बिहार विधानसभा के सदस्य बने थे. उनके निधन के बाद से शोक का माहौल है. बारह दिसंबर, दो हज़ार बाईस को झारखंड राज्य के पेयजल व स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर हेमेंद्र शाही से मिलने के लिए रिम्स पहुंचे थे. वो विगत कई दिनों से रांची के रिम्स में इलाजरत थे। ईश्वर उन्हें सद्गति व शोकाकुल परिजनों को साहस प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि। झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने हेमेंद्र प्रताप देहाती के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा कि दुखद सूचना मिली, वो विगत कई दिनों से रांची के रिम्स में इलाजरत थे. ईश्वर उन्हें सद्गति व शोकाकुल परिजनों को साहस प्रदान करें. विनम्र श्रद्धांजलि. वहीं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने हेमेंद्र शाही के निधन पर शोक जताया है.
नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय। कोविड से लड़ रहे अग्रिम पंक्ति में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मचारियों एवं अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक सुरक्षात्मक चश्मा बनाने की तकनीक विकसित की है। यह चश्मा कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ रहे लोगों को संक्रमण से बचाने में मददगार हो सकता है। चश्में का उपयोग आम लोग भी कर सकते हैं। यही कारण है कि इस चश्में के बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी गई है। सीएसआईआर ने चश्मे के बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उत्पादन के लिए चंडीगढ़ की कंपनी सार्क इंडस्ट्रीज से समझौता किया है, जो अब इसे बनाएगी। वैज्ञानिकों ने इसकी तकनीक और कंपनी को सौंप दिया है। यह खोज केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ), चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों ने किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस सुरक्षात्मक चश्मे में लचीला फ्रेम लगाया गया है, ताकि यह त्वचा के साथ प्रभावी सीलिंग के रूप में आँखों के ऊपर एक अवरोधक के रूप में कार्य कर सके। आँखों के आसपास की त्वचा को कवर करने में सक्षम इस चश्मे के फ्रेम को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है, जिससे इसमें प्रिस्क्रिप्शन ग्लास भी लगा सकते हैं। इस चश्मे में मजबूत पॉलीकार्बोनेट लेंस और पहनने में आसानी के लिए इलास्टिक पट्टे का उपयोग किया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पलकों के भीतर आंख की पुतलियों को चिकनाई देने वाली नेत्र श्लेषमला झिल्ली, शरीर में एकमात्र आवरण रहित श्लेष्म झिल्ली होती है। आंखें खुलती हैं तो नेत्र श्लेषमला झिल्ली बाहरी वातावरण के संपर्क में आती है, जो अनजाने में वायरस के प्रवेश का कारण बन सकती है। सीएसआईओ के शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सुरक्षात्मक चश्मा इस चुनौती से लडऩे में मदद कर सकता है। इस चश्मे को कुछ इस तरह से बनाया गया है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को खतरनाक एरोसॉल के साथ-साथ अन्य निलंबित कणों से बचाया जा सकता है। सीएसआईओ के ऑप्टिकल डिवाइसेज ऐंड सिस्टम्स विभाग के प्रमुख डॉ विनोद कराड़ के मुताबिक इस चश्मे की तकनीक को विकसित करने के लिए उद्योगों और संबंधित हितधारकों के सुझावों को भी शामिल किया गया है। सीएसआईओ के निदेशक डॉ संजय कुमार की माने तो यह तकनीक इस प्रयोगशाला के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जो कोविड-19 का मुकाबला करने के उद्देश्य से तकनीकी समाधान विकसित करने और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के लिए किये जा रहे हैं। परियोजना से जुड़ीं प्रमुख शोधकर्ता डा. नेहा खत्री कहती हैं कि इस चश्मे को विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में उपयोग किया जा सकता है। सीएसआईओ में बिजनेस इनिशिएटिव्स ऐंड प्रोजेक्ट प्लानिंग के प्रमुख डॉ सुरेंदर एस. सैनी ने बताया कि इस सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा आम लोग भी कर सकते हैं। इस परियोजना में डा. संजीव सोनी, डा. अमित एल. शर्मा, डा. मुकेश कुमार और विनोद मिश्रा शामिल हैं। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय। कोविड से लड़ रहे अग्रिम पंक्ति में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मचारियों एवं अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक सुरक्षात्मक चश्मा बनाने की तकनीक विकसित की है। यह चश्मा कोविड-उन्नीस महामारी के खिलाफ लड़ रहे लोगों को संक्रमण से बचाने में मददगार हो सकता है। चश्में का उपयोग आम लोग भी कर सकते हैं। यही कारण है कि इस चश्में के बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी गई है। सीएसआईआर ने चश्मे के बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उत्पादन के लिए चंडीगढ़ की कंपनी सार्क इंडस्ट्रीज से समझौता किया है, जो अब इसे बनाएगी। वैज्ञानिकों ने इसकी तकनीक और कंपनी को सौंप दिया है। यह खोज केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन , चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों ने किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस सुरक्षात्मक चश्मे में लचीला फ्रेम लगाया गया है, ताकि यह त्वचा के साथ प्रभावी सीलिंग के रूप में आँखों के ऊपर एक अवरोधक के रूप में कार्य कर सके। आँखों के आसपास की त्वचा को कवर करने में सक्षम इस चश्मे के फ्रेम को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है, जिससे इसमें प्रिस्क्रिप्शन ग्लास भी लगा सकते हैं। इस चश्मे में मजबूत पॉलीकार्बोनेट लेंस और पहनने में आसानी के लिए इलास्टिक पट्टे का उपयोग किया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पलकों के भीतर आंख की पुतलियों को चिकनाई देने वाली नेत्र श्लेषमला झिल्ली, शरीर में एकमात्र आवरण रहित श्लेष्म झिल्ली होती है। आंखें खुलती हैं तो नेत्र श्लेषमला झिल्ली बाहरी वातावरण के संपर्क में आती है, जो अनजाने में वायरस के प्रवेश का कारण बन सकती है। सीएसआईओ के शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सुरक्षात्मक चश्मा इस चुनौती से लडऩे में मदद कर सकता है। इस चश्मे को कुछ इस तरह से बनाया गया है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को खतरनाक एरोसॉल के साथ-साथ अन्य निलंबित कणों से बचाया जा सकता है। सीएसआईओ के ऑप्टिकल डिवाइसेज ऐंड सिस्टम्स विभाग के प्रमुख डॉ विनोद कराड़ के मुताबिक इस चश्मे की तकनीक को विकसित करने के लिए उद्योगों और संबंधित हितधारकों के सुझावों को भी शामिल किया गया है। सीएसआईओ के निदेशक डॉ संजय कुमार की माने तो यह तकनीक इस प्रयोगशाला के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जो कोविड-उन्नीस का मुकाबला करने के उद्देश्य से तकनीकी समाधान विकसित करने और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के लिए किये जा रहे हैं। परियोजना से जुड़ीं प्रमुख शोधकर्ता डा. नेहा खत्री कहती हैं कि इस चश्मे को विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में उपयोग किया जा सकता है। सीएसआईओ में बिजनेस इनिशिएटिव्स ऐंड प्रोजेक्ट प्लानिंग के प्रमुख डॉ सुरेंदर एस. सैनी ने बताया कि इस सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा आम लोग भी कर सकते हैं। इस परियोजना में डा. संजीव सोनी, डा. अमित एल. शर्मा, डा. मुकेश कुमार और विनोद मिश्रा शामिल हैं। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
Chamoli Incident: ...तो करंट से 70-80 लोगों की चली जाती जान, फिर कैसे हुआ बचाव? Chamoli Incident: घटना में पीआरडी का एक जवान और उनका बेटा भी करंट की चपेट में आने से उस की दर्दनाक मौत हो गई. घटना की सूचना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना ने अधिकारियों को राहत बचाव कार्य के सख्त निर्देश दिए. सीएम ने डीएम चमोली को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है.
Chamoli Incident: ...तो करंट से सत्तर-अस्सी लोगों की चली जाती जान, फिर कैसे हुआ बचाव? Chamoli Incident: घटना में पीआरडी का एक जवान और उनका बेटा भी करंट की चपेट में आने से उस की दर्दनाक मौत हो गई. घटना की सूचना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना ने अधिकारियों को राहत बचाव कार्य के सख्त निर्देश दिए. सीएम ने डीएम चमोली को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है.
पश्चिम बंगाल में बोगटुई नरसंहार के मामले के मुख्य आरोपी लालन शेख की सीबीआई कस्टडी में हुई मौत ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है. इस समय टीएमसी, बीजेपी पर हमलावर है. सबसे ज्यादा निशाने पर शुभेंदु अधिकारी को लिया जा रहा है. टीएमसी नेता कुणाल घोष ने तो अधिकारी की गिरफ्तारी तक की मांग उठा दी है. ये मांग इसलिए उठ रही है क्योंकि एक रैली के दौरान शुभेंदु ने कुछ ऐसी भविष्यवाणी की थी जो अब विवाद का विषय बन गई है. असल में सोमवार को एक रैली में शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि बंगाल की राजनीति में तीन तारीख काफी मायने रखने वाली हैं. एक बड़े धोखेबाज को जेल की सलाखों के पीछे किया जाएगा. 12, 14 और 21 दिसंबर अहम साबित होंगे. फिर हजरा में एक दूसरी रैली में शुभेंदु ने यहां तक कह दिया कि अगले साल 13 जनवरी को एक बड़े धोखेबाज को गिरफ्तार किया जाएगा. अब इस तरह की भविष्यवाणी के बीच ही बोगटुई नरसंहार के मामले के मुख्य आरोपी लालन शेख की सीबीआई कस्टडी में मौत का मामला सामने आ गया. इसी वजह से टीएमसी नेता कुणाल घोष ने उनकी गिरफ्तारी की मांग कर दी. उन्होंने कहा कि शुभेंदु को कैसे पता था कि 12 दिसंबर को कुछ बड़ा होने वाला है. अगर उनका कहने का मतलब ये था कि 12 दिसंबर को लालन सिंह का शव सीबीआई कस्टडी में लटकता मिलेगा, तो फिर उनसे तो पूछताछ होनी ही चाहिए. उनकी गिरफ्तारी जरूरी है. इस मामले की बात करें तो टीएमसी नेता भादू शेख की हत्या कर दी गई थी. कथित तौर पर बोगटुई क्षेत्र में बम से उन पर हमला किया गया था. जांच के बाद लालन सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ भी जारी थी, लेकिन अब उसकी मौत की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल में बोगटुई नरसंहार के मामले के मुख्य आरोपी लालन शेख की सीबीआई कस्टडी में हुई मौत ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है. इस समय टीएमसी, बीजेपी पर हमलावर है. सबसे ज्यादा निशाने पर शुभेंदु अधिकारी को लिया जा रहा है. टीएमसी नेता कुणाल घोष ने तो अधिकारी की गिरफ्तारी तक की मांग उठा दी है. ये मांग इसलिए उठ रही है क्योंकि एक रैली के दौरान शुभेंदु ने कुछ ऐसी भविष्यवाणी की थी जो अब विवाद का विषय बन गई है. असल में सोमवार को एक रैली में शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि बंगाल की राजनीति में तीन तारीख काफी मायने रखने वाली हैं. एक बड़े धोखेबाज को जेल की सलाखों के पीछे किया जाएगा. बारह, चौदह और इक्कीस दिसंबर अहम साबित होंगे. फिर हजरा में एक दूसरी रैली में शुभेंदु ने यहां तक कह दिया कि अगले साल तेरह जनवरी को एक बड़े धोखेबाज को गिरफ्तार किया जाएगा. अब इस तरह की भविष्यवाणी के बीच ही बोगटुई नरसंहार के मामले के मुख्य आरोपी लालन शेख की सीबीआई कस्टडी में मौत का मामला सामने आ गया. इसी वजह से टीएमसी नेता कुणाल घोष ने उनकी गिरफ्तारी की मांग कर दी. उन्होंने कहा कि शुभेंदु को कैसे पता था कि बारह दिसंबर को कुछ बड़ा होने वाला है. अगर उनका कहने का मतलब ये था कि बारह दिसंबर को लालन सिंह का शव सीबीआई कस्टडी में लटकता मिलेगा, तो फिर उनसे तो पूछताछ होनी ही चाहिए. उनकी गिरफ्तारी जरूरी है. इस मामले की बात करें तो टीएमसी नेता भादू शेख की हत्या कर दी गई थी. कथित तौर पर बोगटुई क्षेत्र में बम से उन पर हमला किया गया था. जांच के बाद लालन सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ भी जारी थी, लेकिन अब उसकी मौत की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
समय समय पर सिंडिकेट द्वारा निश्चित देरी फीस के बिना / सहित परीक्षा दाखिला फार्म प्राप्त करने की तिथि को परीक्षा- कंट्रोलर द्वारा अधिसूचित किया जाएगा । जिस विद्यार्थी के पास विनियम 1.2 और 1.3 में निर्धारित योग्यता है और उसे एम. ऍड. कोर्स में दाखिल कर लिया जाता है, उसको पत्राचार अध्ययन विभाग में दाखिल माना जाएगा और वह यूनिवर्सिटी को वही फीस देगा जिसे सिंडिकेट समय समय पर निर्धारित कर सकती है । 3.2 प्रत्येक परीक्षार्थी की समय समय पर निर्धारित पाठ्यक्रम में दिए विषयों में परीक्षा ली जाएगी । परीक्षा वही विद्यार्थी दे सकेगा जिसका अध्ययन विभाग के में कोर्स अध्यक्ष / समन्वयक द्वारा भेजा गया है और [भाग III ---- खण्ड 4 (i) जिसका नाम परीक्षा से एक शैक्षिक वर्ष पूर्व में पत्राचार अध्ययन विभाग में दर्ज रहा हो ; (ii) जिसने पत्राचार अध्ययन विभाग को मूल्यांकन के लिए कम से पत्र भेजे प्रत्युत्तर हों और नियतकार्यो (असाइन्मेन्टस) में अधिकतम अंकों में से 30% से कम अंक प्राप्त न किए हर्हो । 3.3 जिस विद्यार्थी का नाम पत्राचार अध्ययन विभाग में दर्ज हो गया है, वह परीक्षा में न बैठ सका हो अथवा परीक्षा में फेल हो गया हो, उसे जिस शैक्षिक वर्ष में उसका पहले नाम दर्ज हुआ था, उसके तुरन्त तीन वर्ष बाद की अवधि के लिए पत्राचार अध्ययन ।विभाग में अपना नामांकन जारी रखने की अनुमति दी जा सकती । इस मतलब के लिए उसे सिंडिकेट द्वारा समय समय पर । ऐसे निश्चित की गई अनुवर्ती फीस प्रत्येक वर्ष देनी होगी परीक्षार्थी को पत्राचार अध्ययन विभाग के पूर्व विधार्थी के रूप में अगले लगातार तीन वर्षों तक परीक्षा देने की अनुमति दी जा सकती है ।
समय समय पर सिंडिकेट द्वारा निश्चित देरी फीस के बिना / सहित परीक्षा दाखिला फार्म प्राप्त करने की तिथि को परीक्षा- कंट्रोलर द्वारा अधिसूचित किया जाएगा । जिस विद्यार्थी के पास विनियम एक.दो और एक.तीन में निर्धारित योग्यता है और उसे एम. ऍड. कोर्स में दाखिल कर लिया जाता है, उसको पत्राचार अध्ययन विभाग में दाखिल माना जाएगा और वह यूनिवर्सिटी को वही फीस देगा जिसे सिंडिकेट समय समय पर निर्धारित कर सकती है । तीन.दो प्रत्येक परीक्षार्थी की समय समय पर निर्धारित पाठ्यक्रम में दिए विषयों में परीक्षा ली जाएगी । परीक्षा वही विद्यार्थी दे सकेगा जिसका अध्ययन विभाग के में कोर्स अध्यक्ष / समन्वयक द्वारा भेजा गया है और [भाग III ---- खण्ड चार जिसका नाम परीक्षा से एक शैक्षिक वर्ष पूर्व में पत्राचार अध्ययन विभाग में दर्ज रहा हो ; जिसने पत्राचार अध्ययन विभाग को मूल्यांकन के लिए कम से पत्र भेजे प्रत्युत्तर हों और नियतकार्यो में अधिकतम अंकों में से तीस% से कम अंक प्राप्त न किए हर्हो । तीन.तीन जिस विद्यार्थी का नाम पत्राचार अध्ययन विभाग में दर्ज हो गया है, वह परीक्षा में न बैठ सका हो अथवा परीक्षा में फेल हो गया हो, उसे जिस शैक्षिक वर्ष में उसका पहले नाम दर्ज हुआ था, उसके तुरन्त तीन वर्ष बाद की अवधि के लिए पत्राचार अध्ययन ।विभाग में अपना नामांकन जारी रखने की अनुमति दी जा सकती । इस मतलब के लिए उसे सिंडिकेट द्वारा समय समय पर । ऐसे निश्चित की गई अनुवर्ती फीस प्रत्येक वर्ष देनी होगी परीक्षार्थी को पत्राचार अध्ययन विभाग के पूर्व विधार्थी के रूप में अगले लगातार तीन वर्षों तक परीक्षा देने की अनुमति दी जा सकती है ।
Dhanbad : राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के तहत बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) सहित देश के सभी विश्वविद्यालयों में होने वाले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी-2023 में रजिस्ट्रेशन के लिए विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया है. अब विद्यार्थी 9 से 11 अप्रैल तक सीयूईटी में रजिट्रेशन कर सकते हैं. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सीनियर डायरेक्टर डॉ. साधना पराशर ने इस बाबत नोटिफिकेशन जारी किया है. विद्यार्थी 11 अप्रैल को रात 11 बजे तक आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन फीस पेमेंट रात के 11:50 बजे तक होगा. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने नोटिफिकेशन में बताया है कि बहुत से विद्यार्थी आवेदन करने से वंचित रह गए थे. विद्यार्थियों के द्वारा तिथि बढ़ाने की मांग की जा रही थी. वहीं सीयूईटी के अंतर्गत पीजी में नामांकन के लिये आवेदन करने की तिथि 19 अप्रैल तक है. बता दें कि इस साल से बीबीएमकेयू के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में यूजी और पीजी में नामांकन सीयूईटी के माध्यम से होगा.
Dhanbad : राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के तहत बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय सहित देश के सभी विश्वविद्यालयों में होने वाले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यूजी-दो हज़ार तेईस में रजिस्ट्रेशन के लिए विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया है. अब विद्यार्थी नौ से ग्यारह अप्रैल तक सीयूईटी में रजिट्रेशन कर सकते हैं. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सीनियर डायरेक्टर डॉ. साधना पराशर ने इस बाबत नोटिफिकेशन जारी किया है. विद्यार्थी ग्यारह अप्रैल को रात ग्यारह बजे तक आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन फीस पेमेंट रात के ग्यारह:पचास बजे तक होगा. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने नोटिफिकेशन में बताया है कि बहुत से विद्यार्थी आवेदन करने से वंचित रह गए थे. विद्यार्थियों के द्वारा तिथि बढ़ाने की मांग की जा रही थी. वहीं सीयूईटी के अंतर्गत पीजी में नामांकन के लिये आवेदन करने की तिथि उन्नीस अप्रैल तक है. बता दें कि इस साल से बीबीएमकेयू के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में यूजी और पीजी में नामांकन सीयूईटी के माध्यम से होगा.
शिकागो। अमेरिका के शिकागो में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस की भारतीय मूल की 19 वर्षीय एक छात्रा का यौन उत्पीड़न किया गया और गला दबाकर हत्या कर दी गई। अमेरिकन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (ABC) ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। रूथ जॉर्ज नामक इस छात्रा का शव कैंपस के हैलस्टेड स्ट्रीट पर एक वाहन की पिछली सीट पर बरामद किया गया। कैंपस पुलिस के प्रमुख केविन बुकर ने एक बयान में कहा कि जांचकर्ताओं का मानना है कि भारत के हैदराबाद मूल की इस छात्रा की मौत एक साजिश का नतीजा है। उन्होंने बताया कि जॉर्ज के परिवार ने शनिवार को स्थानीय समयानुसार करीब 1100 बजे कैंपस पुलिस में रिपोर्ट की कि रात से ही उनकी छात्रा से बात नहीं हुई है। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हमलावर डाेनाल्ड थरमैन (26) को रविवार को शिकागो मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। उसका विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं है। सोमवार को उसके खिलाफ जाॅर्ज के यौन उत्पीड़न और हत्या का मामला दर्ज किया गया।
शिकागो। अमेरिका के शिकागो में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस की भारतीय मूल की उन्नीस वर्षीय एक छात्रा का यौन उत्पीड़न किया गया और गला दबाकर हत्या कर दी गई। अमेरिकन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। रूथ जॉर्ज नामक इस छात्रा का शव कैंपस के हैलस्टेड स्ट्रीट पर एक वाहन की पिछली सीट पर बरामद किया गया। कैंपस पुलिस के प्रमुख केविन बुकर ने एक बयान में कहा कि जांचकर्ताओं का मानना है कि भारत के हैदराबाद मूल की इस छात्रा की मौत एक साजिश का नतीजा है। उन्होंने बताया कि जॉर्ज के परिवार ने शनिवार को स्थानीय समयानुसार करीब एक हज़ार एक सौ बजे कैंपस पुलिस में रिपोर्ट की कि रात से ही उनकी छात्रा से बात नहीं हुई है। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हमलावर डाेनाल्ड थरमैन को रविवार को शिकागो मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। उसका विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं है। सोमवार को उसके खिलाफ जाॅर्ज के यौन उत्पीड़न और हत्या का मामला दर्ज किया गया।
हरियाणा के गुरुग्राम में राजीव चौक से सोहना तक का सफर आसान होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-248ए पर निर्मित छह लेन एलिवेटिड हाईवे सोमवार से यातायात के लिए ट्रायल के तौर पर खोल दिया गया। परियोजना के पूर्ण होने से पहले की तुलना यात्रा का समय 60 मिनट से घटकर अब 15-20 मिनट ही रह जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 25 किलोमीटर लंबे गुरुग्राम-सोहना हाईवे के खुलने से यात्रियों को सुविधा होगी। उनका ईंधन और समय बचेगा। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस राजमार्ग पर 7 किलोमीटर के कुल एलिवेटिड सेक्शन के साथ छह लेन का एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर विकसित किया गया है। स्थानीय यातायात को सुगम बनाने के लिए राजमार्ग के दोनों ओर तीन-तीन लेन का सर्विस रोड बनाया गया है। राजमार्ग का यह भाग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्ली और गुरुग्राम को भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। प्रोजेक्ट-2 के तहत आने वाले निर्माण क्षेत्र में 24 लेन का टोल प्लाजा भी बनाया गया है। टोल प्लाजा में दोनों तरफ 12-12 लेन बनाए हैं, ताकि कम समय में वाहनों की आवाजाही हो सके। निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए प्रोजेक्ट को दो भागों में विभाजित किया गया था। प्रोजेक्ट-वन के तहत एक जनवरी 2019 को राजीव चौक से बादशाहपुर के बीच करीब 8.94 किलोमीटर के प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू किया गया। तीन एलिवेटिड स्ट्रक्चर तैयार किए गए, जिनकी कुल लंबाई 4.752 किलोमीटर निर्धारित की गई। पूरी परियोजना के साथ-साथ यह एलिवेटिड स्ट्रक्चर गुरुग्राम में सबसे लंबा एलिवेटेड रोड होगा। प्रोजेक्ट-1 के तहत ही बादशाहपुर में भी 324 मीटर लंबाई का तीसरा एलिवेटेड स्ट्रक्चर तैयार किया गया है। 30 जनवरी 2019 को प्रोजेक्ट-दो के तहत भोंडसी से शुरू होकर सोहना तक के भाग का निर्माण कार्य शुरू किया गया। प्रोजेक्ट के 12.718 किलोमीटर के पूरे हिस्से में 1.846 व 1.12 किलोमीटर के दो एलिवेटिड रोड, 1 किलोमीटर की लंबाई के साथ एक फ्लाईओवर सहित दो अंडरपास का निर्माण किया गया है। छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए 750 मीटर का लाइट व्हीकल अंडरपास भी बनाया है।
हरियाणा के गुरुग्राम में राजीव चौक से सोहना तक का सफर आसान होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-दो सौ अड़तालीसए पर निर्मित छह लेन एलिवेटिड हाईवे सोमवार से यातायात के लिए ट्रायल के तौर पर खोल दिया गया। परियोजना के पूर्ण होने से पहले की तुलना यात्रा का समय साठ मिनट से घटकर अब पंद्रह-बीस मिनट ही रह जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पच्चीस किलोग्राममीटर लंबे गुरुग्राम-सोहना हाईवे के खुलने से यात्रियों को सुविधा होगी। उनका ईंधन और समय बचेगा। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस राजमार्ग पर सात किलोग्राममीटर के कुल एलिवेटिड सेक्शन के साथ छह लेन का एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर विकसित किया गया है। स्थानीय यातायात को सुगम बनाने के लिए राजमार्ग के दोनों ओर तीन-तीन लेन का सर्विस रोड बनाया गया है। राजमार्ग का यह भाग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्ली और गुरुग्राम को भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। प्रोजेक्ट-दो के तहत आने वाले निर्माण क्षेत्र में चौबीस लेन का टोल प्लाजा भी बनाया गया है। टोल प्लाजा में दोनों तरफ बारह-बारह लेन बनाए हैं, ताकि कम समय में वाहनों की आवाजाही हो सके। निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए प्रोजेक्ट को दो भागों में विभाजित किया गया था। प्रोजेक्ट-वन के तहत एक जनवरी दो हज़ार उन्नीस को राजीव चौक से बादशाहपुर के बीच करीब आठ दशमलव चौरानवे किलोग्राममीटर के प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू किया गया। तीन एलिवेटिड स्ट्रक्चर तैयार किए गए, जिनकी कुल लंबाई चार दशमलव सात सौ बावन किलोग्राममीटर निर्धारित की गई। पूरी परियोजना के साथ-साथ यह एलिवेटिड स्ट्रक्चर गुरुग्राम में सबसे लंबा एलिवेटेड रोड होगा। प्रोजेक्ट-एक के तहत ही बादशाहपुर में भी तीन सौ चौबीस मीटर लंबाई का तीसरा एलिवेटेड स्ट्रक्चर तैयार किया गया है। तीस जनवरी दो हज़ार उन्नीस को प्रोजेक्ट-दो के तहत भोंडसी से शुरू होकर सोहना तक के भाग का निर्माण कार्य शुरू किया गया। प्रोजेक्ट के बारह दशमलव सात सौ अट्ठारह किलोग्राममीटर के पूरे हिस्से में एक.आठ सौ छियालीस व एक दशमलव बारह किलोग्राममीटर के दो एलिवेटिड रोड, एक किलोग्राममीटर की लंबाई के साथ एक फ्लाईओवर सहित दो अंडरपास का निर्माण किया गया है। छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सात सौ पचास मीटर का लाइट व्हीकल अंडरपास भी बनाया है।
अमरावती/दि. 17 - जिले में होने वाले आगामी ग्रामपंचायत, नगरपंचायत के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यालय में समाजवादी पार्टी, आरपीआय सेक्युलर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पदाधिकारियों की बुधवार को संयुक्त बैठक संपन्न हुई. जिसमें चुनाव में अपने उम्मीदवार खडे करने को लेकर चर्चा की गई. बैठक में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सलीम जावेद खान, शहर अध्यक्ष इमरान खान, तिवसा तहसील अध्यक्ष डॉ. मोहन टाले, आरपीआय सेक्युलर विदर्भ प्रदेश नेता भाऊराव वानखडे, विदर्भ प्रदेश संगठक जीतू भाऊ, जिलाध्यक्ष नरेंद्र पुंडकर, जिला अल्संख्याक अध्यक्ष मो. असलम, शहर अध्यक्ष जावेद अहमद, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग शहर अध्यक्ष अ. रहमान, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग उपाध्यक्ष रशीद खान, कार्यकारी अध्यक्ष नसीम बेग उपस्थित थे.
अमरावती/दि. सत्रह - जिले में होने वाले आगामी ग्रामपंचायत, नगरपंचायत के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यालय में समाजवादी पार्टी, आरपीआय सेक्युलर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पदाधिकारियों की बुधवार को संयुक्त बैठक संपन्न हुई. जिसमें चुनाव में अपने उम्मीदवार खडे करने को लेकर चर्चा की गई. बैठक में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सलीम जावेद खान, शहर अध्यक्ष इमरान खान, तिवसा तहसील अध्यक्ष डॉ. मोहन टाले, आरपीआय सेक्युलर विदर्भ प्रदेश नेता भाऊराव वानखडे, विदर्भ प्रदेश संगठक जीतू भाऊ, जिलाध्यक्ष नरेंद्र पुंडकर, जिला अल्संख्याक अध्यक्ष मो. असलम, शहर अध्यक्ष जावेद अहमद, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग शहर अध्यक्ष अ. रहमान, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग उपाध्यक्ष रशीद खान, कार्यकारी अध्यक्ष नसीम बेग उपस्थित थे.
Meerut। सीसीएसयू में एडमिशन प्रक्रिया लेट होने से करीब 40 हजार स्टूडेंट ऐसे हैं जो स्कॉलरशिप से वंचित रह गए हैं। ऐसे में इस साल उनको स्कॉलरशिप नहीं मिल पाएगी। हालांकि इसके चलते स्टूडेंट समाज कल्याण अधिकारी से भी मिले। उन्होंने इसके लिए शासन को भी लेटर लिखा है। ट्वीट भी किया है, पर इसके बावजूद भी उनकी स्कॉलरशिप फार्म की डेट नहीं बढ़ाई गई, न ही फार्म दोबारा से फार्म का लिंक खोला गया है। अब उनको स्कॉलरशिप नहीं मिल पाएगी वो इसी टेंशन में है। जबकि काफी स्टूडेंट ऐसे हैं जो इसी स्कॉलरशिप के जरिए अपनी स्टडी के लिए फाइनेंशियल रूप से स्ट्रांग हो पाते हैं। उनको इस बार बहुत परेशानी होगी। दरअसल सीसीएसयू में इस बार ओपन मेरिट से एडमिशन की डेट लगातार बढ़ती रही, जो 20 जनवरी तक चले, इसके चलते स्टूडेंट के एडमिशन नहीं हो पाए और उधर 10 जनवरी स्कॉलरशिप का फार्म भरने की लास्ट डेट थी। इसके चलते स्टूडेंट के एडमिशन ही नहीं हो पाए और वो स्कालरशिप फार्म नहीं एडमिशन न होने की वजह से भर ही नही पाए। इनमें 29 हजार 600 फस्र्ट इयर के स्टूडेंट हैं। बाकी सेकेंड इयर व थर्ड इयर के स्टूडेंट हैं, जो स्कॉलरशिप से वंचित रह जाएंगे। हालांकि इन स्टूडेंट ने स्कॉलरशिप की डेट बढ़वाने के लिए संबंधित समाज कल्याण अधिकारी से भी मिले थे, इसके साथ ही शासन को भी इस बारे में ट्विटर पर ट्वीट किया था, लेकिन इसके बाद भी कोई डेट नहीं बढ़ी और वो स्कॉलरशिप का फार्म भरने से रह गए हैं। एडमिशन की प्रक्रिया में देरी के चलते हजारों स्टूडेंट जो गरीब है वो स्कॉलरशिप फार्म सत्यापित नहीं करवा पाएं। समाज कल्याण विभाग में पोर्टल पर लास्ट डेट भी नहीं बढ़ाई, ऐसे में स्टूडेंट फार्म नहीं भर पाए है। जबकि स्टूडेंट के लिए उनकी फीस के लिए एक मात्र साधर स्कॉलरशिप ही है। स्टूडेंट की स्कॉलरशिप का फार्म खुलने जरूरी हैं, क्योंकि यूनिवíसटी द्वारा जनवरी माह के लास्ट डेट तक एडमिशन ही चलते रहे, ऐसे में स्कॉलरशिप फार्म सत्यापित नहीं हो पाए। यहां स्टूडेंट का फाल्ट नहीं विभाग को समझना चाहिए, इस बारे में कुछ न कुछ करना जरुरी हे, डेट बढ़ानी चाहिए ऐसे तो स्टूडेंट का भविष्य दांव पर लग जाएगा, उनकी स्टडी इसी स्कॉलरशिप से फीस भरकर होती है।
Meerut। सीसीएसयू में एडमिशन प्रक्रिया लेट होने से करीब चालीस हजार स्टूडेंट ऐसे हैं जो स्कॉलरशिप से वंचित रह गए हैं। ऐसे में इस साल उनको स्कॉलरशिप नहीं मिल पाएगी। हालांकि इसके चलते स्टूडेंट समाज कल्याण अधिकारी से भी मिले। उन्होंने इसके लिए शासन को भी लेटर लिखा है। ट्वीट भी किया है, पर इसके बावजूद भी उनकी स्कॉलरशिप फार्म की डेट नहीं बढ़ाई गई, न ही फार्म दोबारा से फार्म का लिंक खोला गया है। अब उनको स्कॉलरशिप नहीं मिल पाएगी वो इसी टेंशन में है। जबकि काफी स्टूडेंट ऐसे हैं जो इसी स्कॉलरशिप के जरिए अपनी स्टडी के लिए फाइनेंशियल रूप से स्ट्रांग हो पाते हैं। उनको इस बार बहुत परेशानी होगी। दरअसल सीसीएसयू में इस बार ओपन मेरिट से एडमिशन की डेट लगातार बढ़ती रही, जो बीस जनवरी तक चले, इसके चलते स्टूडेंट के एडमिशन नहीं हो पाए और उधर दस जनवरी स्कॉलरशिप का फार्म भरने की लास्ट डेट थी। इसके चलते स्टूडेंट के एडमिशन ही नहीं हो पाए और वो स्कालरशिप फार्म नहीं एडमिशन न होने की वजह से भर ही नही पाए। इनमें उनतीस हजार छः सौ फस्र्ट इयर के स्टूडेंट हैं। बाकी सेकेंड इयर व थर्ड इयर के स्टूडेंट हैं, जो स्कॉलरशिप से वंचित रह जाएंगे। हालांकि इन स्टूडेंट ने स्कॉलरशिप की डेट बढ़वाने के लिए संबंधित समाज कल्याण अधिकारी से भी मिले थे, इसके साथ ही शासन को भी इस बारे में ट्विटर पर ट्वीट किया था, लेकिन इसके बाद भी कोई डेट नहीं बढ़ी और वो स्कॉलरशिप का फार्म भरने से रह गए हैं। एडमिशन की प्रक्रिया में देरी के चलते हजारों स्टूडेंट जो गरीब है वो स्कॉलरशिप फार्म सत्यापित नहीं करवा पाएं। समाज कल्याण विभाग में पोर्टल पर लास्ट डेट भी नहीं बढ़ाई, ऐसे में स्टूडेंट फार्म नहीं भर पाए है। जबकि स्टूडेंट के लिए उनकी फीस के लिए एक मात्र साधर स्कॉलरशिप ही है। स्टूडेंट की स्कॉलरशिप का फार्म खुलने जरूरी हैं, क्योंकि यूनिवíसटी द्वारा जनवरी माह के लास्ट डेट तक एडमिशन ही चलते रहे, ऐसे में स्कॉलरशिप फार्म सत्यापित नहीं हो पाए। यहां स्टूडेंट का फाल्ट नहीं विभाग को समझना चाहिए, इस बारे में कुछ न कुछ करना जरुरी हे, डेट बढ़ानी चाहिए ऐसे तो स्टूडेंट का भविष्य दांव पर लग जाएगा, उनकी स्टडी इसी स्कॉलरशिप से फीस भरकर होती है।
WhatsApp ने भारत में फैक्ट चेक सर्विस शुरू की है। पहली बार वॉट्सऐप ने फैक्ट चेक की सुविधा विश्व के किसी हिस्से में शुरू की है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आपको फेक मैसेज को Checkpoint Tipline पर भेजना होगा, इससे आपके फेक मैसेज वेरिफाई होंगे। Checkpoint Tipline फैक्ट चेक करने वाला भारतीय स्टार्टअप है ,जो खबरों की फैक्ट चेकिंग करेगा। फैक्ट चेकिंग के लिए वॉट्सऐप की ओर से 9643000888 नंबर को जारी किया गया है। - अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में 9643000888 नंबर को किसी भी नाम से सेव कर लें। - फिर आप वॉट्सऐप में जाकर इस कॉन्टैक्ट को सर्च करें। - फैक्ट चेक इंग्लिश, हिंदी, तेलुगू, बंगाली और मलयालम जैसी भाषाओं को सपोर्ट करता है। - जिस मैसेज पर शक है उसे ऊपर बताए गए नंबर पर भेजें। - यहां आप लिखित मैसेज , वीडियो और इमेज का चयन कर सकते हैं। - यह मैसेज भेजे मिलने के बाद टीम मैसेज को चेक करेगी, इसके बाद जो फर्जी खबर होगी उसे False, Misleading या Disputed मार्क करेगी। - सही खबर को True का लेबल दिया जाएगा।
WhatsApp ने भारत में फैक्ट चेक सर्विस शुरू की है। पहली बार वॉट्सऐप ने फैक्ट चेक की सुविधा विश्व के किसी हिस्से में शुरू की है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आपको फेक मैसेज को Checkpoint Tipline पर भेजना होगा, इससे आपके फेक मैसेज वेरिफाई होंगे। Checkpoint Tipline फैक्ट चेक करने वाला भारतीय स्टार्टअप है ,जो खबरों की फैक्ट चेकिंग करेगा। फैक्ट चेकिंग के लिए वॉट्सऐप की ओर से नौ छः चार तीन शून्य शून्य शून्य आठ आठ आठ नंबर को जारी किया गया है। - अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में नौ छः चार तीन शून्य शून्य शून्य आठ आठ आठ नंबर को किसी भी नाम से सेव कर लें। - फिर आप वॉट्सऐप में जाकर इस कॉन्टैक्ट को सर्च करें। - फैक्ट चेक इंग्लिश, हिंदी, तेलुगू, बंगाली और मलयालम जैसी भाषाओं को सपोर्ट करता है। - जिस मैसेज पर शक है उसे ऊपर बताए गए नंबर पर भेजें। - यहां आप लिखित मैसेज , वीडियो और इमेज का चयन कर सकते हैं। - यह मैसेज भेजे मिलने के बाद टीम मैसेज को चेक करेगी, इसके बाद जो फर्जी खबर होगी उसे False, Misleading या Disputed मार्क करेगी। - सही खबर को True का लेबल दिया जाएगा।
रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (एनटीपीसी) भर्ती परीक्षा के लिए आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड 2021 जारी कर दिया है। आरआरबी एनटीपीसी 2021 परीक्षा के बारे में अधिसूचना आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg. gov. in पर प्रकाशित की गई है। बता दें कि आरआरबी 16 और 30 जनवरी, 2021 के बीच एनटीपीसी चरण 2 परीक्षा आयोजित करेगा। बोर्ड ने कहा है कि लगभग 2. 7 मिलियन उम्मीदवार पहले चरण के कंप्यूटर-आधारित परीक्षण (सीबीटी) के लिए उपस्थित होंगे। नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कटेगरी (एनटीपी) भर्ती 2019 प्रक्रिया के अंतर्गत पहले फेज में आयोजित की जाने वाली कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी 1) के दूसरे चरण में सम्मिलित होने जा रहे 27 लाख उम्मीदवारों के लिए परीक्षा तिथि, शिफ्ट और एग्जाम सिटी की जानकारी के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा लिंक को पहले एक्टिव कर दिया गया था। अभ्यर्थियों को ध्यान देना चाहिए कि परीक्षा की तारीख, समय, परीक्षा स्थल और एडमिट कार्ड में बताए गए पते अंतिम होंगे और किसी भी परिस्थिति में किसी भी बदलाव की अनुमति नहीं होगी। उम्मीदवारों को परीक्षाओं के दो राउंड के लिए उपस्थित होना चाहिए - कंप्यूटर-आधारित परीक्षण और कौशल परीक्षण। - रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg. gov. in पर जाएं। - अपना आरआरबी एनटीपीसी आवश्यक साख, पंजीकरण आईडी, आवेदन संख्या, जन्म तिथि, सत्यापन कोड आदि दर्ज करें। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) भारत सरकार के तहत एक संगठन है जो भारतीय रेलवे में काम करने के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रबंधन करता है। भारत के विभिन्न हिस्सों में 21 मंडल स्थित हैं।
रेलवे भर्ती बोर्ड ने गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों भर्ती परीक्षा के लिए आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड दो हज़ार इक्कीस जारी कर दिया है। आरआरबी एनटीपीसी दो हज़ार इक्कीस परीक्षा के बारे में अधिसूचना आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg. gov. in पर प्रकाशित की गई है। बता दें कि आरआरबी सोलह और तीस जनवरी, दो हज़ार इक्कीस के बीच एनटीपीसी चरण दो परीक्षा आयोजित करेगा। बोर्ड ने कहा है कि लगभग दो. सात मिलियन उम्मीदवार पहले चरण के कंप्यूटर-आधारित परीक्षण के लिए उपस्थित होंगे। नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कटेगरी भर्ती दो हज़ार उन्नीस प्रक्रिया के अंतर्गत पहले फेज में आयोजित की जाने वाली कंप्यूटर आधारित परीक्षा के दूसरे चरण में सम्मिलित होने जा रहे सत्ताईस लाख उम्मीदवारों के लिए परीक्षा तिथि, शिफ्ट और एग्जाम सिटी की जानकारी के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा लिंक को पहले एक्टिव कर दिया गया था। अभ्यर्थियों को ध्यान देना चाहिए कि परीक्षा की तारीख, समय, परीक्षा स्थल और एडमिट कार्ड में बताए गए पते अंतिम होंगे और किसी भी परिस्थिति में किसी भी बदलाव की अनुमति नहीं होगी। उम्मीदवारों को परीक्षाओं के दो राउंड के लिए उपस्थित होना चाहिए - कंप्यूटर-आधारित परीक्षण और कौशल परीक्षण। - रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg. gov. in पर जाएं। - अपना आरआरबी एनटीपीसी आवश्यक साख, पंजीकरण आईडी, आवेदन संख्या, जन्म तिथि, सत्यापन कोड आदि दर्ज करें। रेलवे भर्ती बोर्ड भारत सरकार के तहत एक संगठन है जो भारतीय रेलवे में काम करने के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रबंधन करता है। भारत के विभिन्न हिस्सों में इक्कीस मंडल स्थित हैं।
सर्वतः प्रथममेष पाचकोधौडमिश्रइह दुष्टमानवैः । सत्कृतो गरलदानकर्मणि प्रेरितश्च धनदानलोभनैः ॥ ८७॥ सबसे पहले आपका रसोई बनाने वाला रसोइया जिसका नाम धौडमिश्र था काल दूतो ने पट्टी पर चढाया और उससे कहा कि जो तुम स्वामीजी को विष दे दो तो तुमको हम इतना द्रव्य देगे ॥ ८७ ॥ धीवरस्तदपरं महाधमैनोंदितो धनमिहाहरत्पुनः । दूरदेशमगमन्मुनेद्भुतं सप्त तानि शतकानि यन्मितिः ॥८८ ॥ फिर आपका पानी भरने वाला कहार जो था उसको कालदूता ने सिखाया और वह भी ७०० रुपये लेकर भाग गया । उसका कुछ पता न लगा। भला सकेत में काम करने वालो का पता कैसे लगता ? ॥ ८८ ॥ एवमेष बह दूतचेष्टितं वीक्ष्य सत्वरगतौ कृतोद्यमः । कारणान्तरवशाहिनैककं वस्तुमत्र पुनराहतोऽभवत् ॥८६॥ इस प्रकार के अनेक उपद्रव देख कर आप यहाँ से चलने को उद्यत हुए परन्तु विशेष कारण से आज २७ दिसम्बर को न चल सके । कारण और कुछ नहीं, वही काल की कूट रचना है ॥ ८९ ॥ प्रातरत्र कृतपूर्ववत्क्रियः सौरभाणि पयसा समं मुदा ।
सर्वतः प्रथममेष पाचकोधौडमिश्रइह दुष्टमानवैः । सत्कृतो गरलदानकर्मणि प्रेरितश्च धनदानलोभनैः ॥ सत्तासी॥ सबसे पहले आपका रसोई बनाने वाला रसोइया जिसका नाम धौडमिश्र था काल दूतो ने पट्टी पर चढाया और उससे कहा कि जो तुम स्वामीजी को विष दे दो तो तुमको हम इतना द्रव्य देगे ॥ सत्तासी ॥ धीवरस्तदपरं महाधमैनोंदितो धनमिहाहरत्पुनः । दूरदेशमगमन्मुनेद्भुतं सप्त तानि शतकानि यन्मितिः ॥अठासी ॥ फिर आपका पानी भरने वाला कहार जो था उसको कालदूता ने सिखाया और वह भी सात सौ रुपयापये लेकर भाग गया । उसका कुछ पता न लगा। भला सकेत में काम करने वालो का पता कैसे लगता ? ॥ अठासी ॥ एवमेष बह दूतचेष्टितं वीक्ष्य सत्वरगतौ कृतोद्यमः । कारणान्तरवशाहिनैककं वस्तुमत्र पुनराहतोऽभवत् ॥छियासी॥ इस प्रकार के अनेक उपद्रव देख कर आप यहाँ से चलने को उद्यत हुए परन्तु विशेष कारण से आज सत्ताईस दिसम्बर को न चल सके । कारण और कुछ नहीं, वही काल की कूट रचना है ॥ नवासी ॥ प्रातरत्र कृतपूर्ववत्क्रियः सौरभाणि पयसा समं मुदा ।
"क्ये गये हैं, वे हैं. मुख्य सचिव, पुलिस - महानिरीक्षक, विशेष पुल्मि महानिरीक्षक तथा वित्त, गृह, राजस्व, समाजाल्याण, शिक्षा विभागो के सचिव, उत्पादन 'भयुक्त विशेष सचिव गृह व विशेष सचिव उद्योग संभागायुक्त रोव व ग्वालियर । ग्वालियर व सेवा में होनेवाली बैठकों में यहाँ के जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक विशेष भामंत्रित होगे । अशासकीय सदस्यों में सर्वश्री पहाडसिंह, रघुवरदशल परसाईया शीतलासहाय, महेन्द्रकुमार मानव, दशरथ जैन, सरदार४ि६, चौधरी राघोगम, भागवत सहस्र, चन्द्रकला सहाय, चौरड़िया बाद है । इनके अतिरिक्त मिशन के चार प्रमुख कार्यकर्ताओं सर्वधी चतुर्भुज पाठक, तहसीलदार सिंह, महावीर सिंह, रामचन्द्र नवाल को लिया गया है। जिन दो पत्रबारो को बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिला है, वे दैनिक नवप्रभात, ग्वालियर एवं दैनिक भास्कर के सम्पादक हैं । के प्रति अपनी शुभकामना प्रकट की। वोट क्लब पर विद्यार्थियों की ओर से एक माँग पत्र पढ़ा गया जिसमें मांग की गयी कि शिक्षा नीति में तुरन्त परिवर्तन किया जाये, नयी पीढ़ी के लिए के नयी शिक्षा दी जाये, शिक्षा उत्पादक हो और उसका सम्बन्ध जीवन से हृा, शिक्षा डिग्री प्रधान न हो, तथा सरकारी नियंत्रण से मुक्त हो । सभा के बाद चार लोगो का एक प्रतिनिधि मण्डल अपना मांग-पत्र प्रस्तुत करने के लिए शिक्षा मंत्रालय भी गया । जयप्रकाश बाबू कानपुर सर्वोदय साहित्य स्टाल पर शिक्षा में क्रान्ति दिवस नमी दिल्ली, १० अगस्त ३९ अगस्त के ऐतिहासिक दिन को स्थानीय राजघाट अहसा विद्यालय से सम्बद्ध दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षा में क्रान्ति दिवस के रूप में मनाया । लगभग ६० छात्र-छात्रामोव एक मोन जुलूस राजघाट स्थित गाधी समाधी से प्रारम्भ होकर नगर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ वोट क्लब पहुँचा। सभी छात्र-छात्राएँ अपने हाथो में स्तियाँ लिये हुए थे जिनपर आजको प्रचलित शिक्षा प्रणाली को बदलने की मांग सम्बन्ध वाजप लिखे हुए पे छात्रछात्राओको राजघाट से वोट क्लव तक की अपनी ७ मलकी यात्रा के दौरान हजारो लोगों को शिक्षा नीति में परिवर्तन की माँग सम्बन्धी परचे बांटे। जब जुलूस वोट क्लब के निकट पहुँचा तब प्रसिद्ध सर्वोदय नेता श्री जयप्रकाश नारायण ने जुलूस में भाग लेनेवाले साथियों को अपना आशीर्वाद दिया और आयोजन कानपुर ७ अगस्त ७२ । श्रीजयप्रकाश नारायण काशी से दिल्ली होकर चम्बलघाटी जाते हुए आज रात बानपुर स्टेशन से गुजरे, नगर सर्वोदय कार्यकर्ताओ, शान्ति संनियो और तरण शान्ति सैनिकों ने सर्वोदय साहित्य स्थल पर उनसे भेंट की। विनयभाई ने उनसे सभी भाई-बहनों का परिचय कराया और स्टाल आदि प्रवृत्तियों का विवरण बताया। नगर सर्वोदय मण्डल के अध्यक्ष श्री इक्बाल बहादुर सिन्हा ने नगर के नाम की जानकारी दी । स्मरण रहे कि सर्व सेवा सघ प्रकाशन के तत्वावधान में गांधी शान्ति प्रतिष्ठान केन्द्र द्वारा कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन पर फर्म प्रह्लादराय द्वारा निर्मित इस स्टाल का कार्यारम्भ गत अप्रैल से हुआ है। गत चार माह में स्टाल में कुल ८,९२६ ७६० का साहित्य बिका। हरियाणा प्रान्तीय सर्वोदय मण्डल के तत्वावधान में दिनांक १ अगस्त ७२ को वयोवृद्ध सर्वोदय नेता श्री ओमप्रकाश दिखा के मार्गदर्शन में दो पदयात्रा ढोलियो का गठन किया गया। ये टोलियां बागामी २१ में अखिल भारत सर्वोदय समाज सम्मेलन तक पदयात्रा करतो रहेगी । अन्य कार्यकर्ताओं तथा ग्रामवासियों के अतिरिक्त सघ के सहमंत्री श्री यशपाल मित्तल, श्री सत्यप्रकाश शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा सर्वोदय मण्डल एवं माता श्रीमती लक्ष्मी त्रिखा भी शरीक रहे । रतलाम जिले में ग्रामसभाओं का गठन रतलाम जिले के रतलाम विकास खण्ड में २९ जुलाई से ५ अगस्त तक ग्रामदानी गाँव विरमावल के पटेल श्री तुलसीराम के नेतृत्व में ग्रामस्वराज्यपदयात्रा सम्पन्न हुई। परिणामस्वरूप कुआनागर, रुपाखेडा, विरमावल, जाबडा, तलगारा बखतपुरा, भैसोला, मुडोला प्रामदानी गाँवो में ग्रामसभाओं का गठन किया गया व कार्य की योजना बनायो गयो । विशेषता यह रही कि यात्रा में रतलाम नगर के सर्वोदय प्रेमी प्रति.. ष्ठित व्यापारी श्री चम्पालाल पिरोदिया और श्रीमती धूलीबाई के अतिरिक्त अन्य छ सदस्य श्रमदानी गाँवो के थे । पदयात्रा का अच्छा प्रभाव हुआ प्रेरणा मिली व उत्साह बढ़ा। गाँवो के अच्छे किसान आगे आयेंगे तो ग्रामस्वराज्य ना काम आगे बढ़ेगा, यह अनुभव इस यात्रा से हुआ है। काम चाहनेवाले को काम मिलेग ६ अगस्त को सेवाग्राम में आश्रम प्रतिष्ठान तथा सर्व सेवा सघ की कार्यवारिणी की मिलीजुली बैठक में रजतजयन्ती समारोह में सेवाग्राम आश्रम का क्श योगदान हो, इस पर बातचीत करते हुए फैसला लिया गया है कि १५ अगस्त से आस-पास के क्षेत्रों में आश्रम के सोग घूम-घूमकर एसे व्यक्तियों की एक पेरिश्त बनायेंगे जिनके पास जीविका था तो है ही नहीं और यदि है भो तो बहुत अधूरी निर्णय लिया गया है कि जो भी व्यक्ति काम चाहता है उसे एक बम्बर चरखा दिया जायेगा तथा विना इस बात पर विचार किये कि उस चरखे के माध्यम से वह विवना सूत काढता है उसे दो रुपया रोज दिया जायेगा । : सोमवार, २८ अगस्त, ७२
"क्ये गये हैं, वे हैं. मुख्य सचिव, पुलिस - महानिरीक्षक, विशेष पुल्मि महानिरीक्षक तथा वित्त, गृह, राजस्व, समाजाल्याण, शिक्षा विभागो के सचिव, उत्पादन 'भयुक्त विशेष सचिव गृह व विशेष सचिव उद्योग संभागायुक्त रोव व ग्वालियर । ग्वालियर व सेवा में होनेवाली बैठकों में यहाँ के जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक विशेष भामंत्रित होगे । अशासकीय सदस्यों में सर्वश्री पहाडसिंह, रघुवरदशल परसाईया शीतलासहाय, महेन्द्रकुमार मानव, दशरथ जैन, सरदारचारिछः, चौधरी राघोगम, भागवत सहस्र, चन्द्रकला सहाय, चौरड़िया बाद है । इनके अतिरिक्त मिशन के चार प्रमुख कार्यकर्ताओं सर्वधी चतुर्भुज पाठक, तहसीलदार सिंह, महावीर सिंह, रामचन्द्र नवाल को लिया गया है। जिन दो पत्रबारो को बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिला है, वे दैनिक नवप्रभात, ग्वालियर एवं दैनिक भास्कर के सम्पादक हैं । के प्रति अपनी शुभकामना प्रकट की। वोट क्लब पर विद्यार्थियों की ओर से एक माँग पत्र पढ़ा गया जिसमें मांग की गयी कि शिक्षा नीति में तुरन्त परिवर्तन किया जाये, नयी पीढ़ी के लिए के नयी शिक्षा दी जाये, शिक्षा उत्पादक हो और उसका सम्बन्ध जीवन से हृा, शिक्षा डिग्री प्रधान न हो, तथा सरकारी नियंत्रण से मुक्त हो । सभा के बाद चार लोगो का एक प्रतिनिधि मण्डल अपना मांग-पत्र प्रस्तुत करने के लिए शिक्षा मंत्रालय भी गया । जयप्रकाश बाबू कानपुर सर्वोदय साहित्य स्टाल पर शिक्षा में क्रान्ति दिवस नमी दिल्ली, दस अगस्त उनतालीस अगस्त के ऐतिहासिक दिन को स्थानीय राजघाट अहसा विद्यालय से सम्बद्ध दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षा में क्रान्ति दिवस के रूप में मनाया । लगभग साठ छात्र-छात्रामोव एक मोन जुलूस राजघाट स्थित गाधी समाधी से प्रारम्भ होकर नगर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ वोट क्लब पहुँचा। सभी छात्र-छात्राएँ अपने हाथो में स्तियाँ लिये हुए थे जिनपर आजको प्रचलित शिक्षा प्रणाली को बदलने की मांग सम्बन्ध वाजप लिखे हुए पे छात्रछात्राओको राजघाट से वोट क्लव तक की अपनी सात मलकी यात्रा के दौरान हजारो लोगों को शिक्षा नीति में परिवर्तन की माँग सम्बन्धी परचे बांटे। जब जुलूस वोट क्लब के निकट पहुँचा तब प्रसिद्ध सर्वोदय नेता श्री जयप्रकाश नारायण ने जुलूस में भाग लेनेवाले साथियों को अपना आशीर्वाद दिया और आयोजन कानपुर सात अगस्त बहत्तर । श्रीजयप्रकाश नारायण काशी से दिल्ली होकर चम्बलघाटी जाते हुए आज रात बानपुर स्टेशन से गुजरे, नगर सर्वोदय कार्यकर्ताओ, शान्ति संनियो और तरण शान्ति सैनिकों ने सर्वोदय साहित्य स्थल पर उनसे भेंट की। विनयभाई ने उनसे सभी भाई-बहनों का परिचय कराया और स्टाल आदि प्रवृत्तियों का विवरण बताया। नगर सर्वोदय मण्डल के अध्यक्ष श्री इक्बाल बहादुर सिन्हा ने नगर के नाम की जानकारी दी । स्मरण रहे कि सर्व सेवा सघ प्रकाशन के तत्वावधान में गांधी शान्ति प्रतिष्ठान केन्द्र द्वारा कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन पर फर्म प्रह्लादराय द्वारा निर्मित इस स्टाल का कार्यारम्भ गत अप्रैल से हुआ है। गत चार माह में स्टाल में कुल आठ,नौ सौ छब्बीस सात सौ साठ का साहित्य बिका। हरियाणा प्रान्तीय सर्वोदय मण्डल के तत्वावधान में दिनांक एक अगस्त बहत्तर को वयोवृद्ध सर्वोदय नेता श्री ओमप्रकाश दिखा के मार्गदर्शन में दो पदयात्रा ढोलियो का गठन किया गया। ये टोलियां बागामी इक्कीस में अखिल भारत सर्वोदय समाज सम्मेलन तक पदयात्रा करतो रहेगी । अन्य कार्यकर्ताओं तथा ग्रामवासियों के अतिरिक्त सघ के सहमंत्री श्री यशपाल मित्तल, श्री सत्यप्रकाश शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा सर्वोदय मण्डल एवं माता श्रीमती लक्ष्मी त्रिखा भी शरीक रहे । रतलाम जिले में ग्रामसभाओं का गठन रतलाम जिले के रतलाम विकास खण्ड में उनतीस जुलाई से पाँच अगस्त तक ग्रामदानी गाँव विरमावल के पटेल श्री तुलसीराम के नेतृत्व में ग्रामस्वराज्यपदयात्रा सम्पन्न हुई। परिणामस्वरूप कुआनागर, रुपाखेडा, विरमावल, जाबडा, तलगारा बखतपुरा, भैसोला, मुडोला प्रामदानी गाँवो में ग्रामसभाओं का गठन किया गया व कार्य की योजना बनायो गयो । विशेषता यह रही कि यात्रा में रतलाम नगर के सर्वोदय प्रेमी प्रति.. ष्ठित व्यापारी श्री चम्पालाल पिरोदिया और श्रीमती धूलीबाई के अतिरिक्त अन्य छ सदस्य श्रमदानी गाँवो के थे । पदयात्रा का अच्छा प्रभाव हुआ प्रेरणा मिली व उत्साह बढ़ा। गाँवो के अच्छे किसान आगे आयेंगे तो ग्रामस्वराज्य ना काम आगे बढ़ेगा, यह अनुभव इस यात्रा से हुआ है। काम चाहनेवाले को काम मिलेग छः अगस्त को सेवाग्राम में आश्रम प्रतिष्ठान तथा सर्व सेवा सघ की कार्यवारिणी की मिलीजुली बैठक में रजतजयन्ती समारोह में सेवाग्राम आश्रम का क्श योगदान हो, इस पर बातचीत करते हुए फैसला लिया गया है कि पंद्रह अगस्त से आस-पास के क्षेत्रों में आश्रम के सोग घूम-घूमकर एसे व्यक्तियों की एक पेरिश्त बनायेंगे जिनके पास जीविका था तो है ही नहीं और यदि है भो तो बहुत अधूरी निर्णय लिया गया है कि जो भी व्यक्ति काम चाहता है उसे एक बम्बर चरखा दिया जायेगा तथा विना इस बात पर विचार किये कि उस चरखे के माध्यम से वह विवना सूत काढता है उसे दो रुपया रोज दिया जायेगा । : सोमवार, अट्ठाईस अगस्त, बहत्तर
Maruti Suzuki Dzire का स्पेशल एडिशन हुआ इंडियन मार्केट में लॉन्च! Benelli साल के अंत तक इंडिया में 7 नयी बाइक्स के लॉन्च की घोषणा करेगी! इन तरीकों से आप अपनी कार केबिन को Rolls Royce कार्स जैसा शांत बना सकते हैं! क्या ये है भारतीय सड़कों पर राज करने वाली Ambassador का भविष्य? GPS ट्रैकर ने की कार चोर को पकड़ने में मदद, क्यों है ये डिवाइस आपके लिए ज़रूरी?
Maruti Suzuki Dzire का स्पेशल एडिशन हुआ इंडियन मार्केट में लॉन्च! Benelli साल के अंत तक इंडिया में सात नयी बाइक्स के लॉन्च की घोषणा करेगी! इन तरीकों से आप अपनी कार केबिन को Rolls Royce कार्स जैसा शांत बना सकते हैं! क्या ये है भारतीय सड़कों पर राज करने वाली Ambassador का भविष्य? GPS ट्रैकर ने की कार चोर को पकड़ने में मदद, क्यों है ये डिवाइस आपके लिए ज़रूरी?
सोशल मीडिया पर मुस्लिमों के बयानों के साथ भड़काऊ होर्डिंग दिखाने वाली एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. यूज़र्स इस घटना को पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से जोड़कर शेयर कर रहे हैं. होर्डिंग्स में दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुख़ारी, उपदेशक मौलाना ज़ाकिर नाइक और मुस्लिम धर्मगुरु नूर उर रहमान बरकती की तस्वीरें हैं. होर्डिंग्स की तस्वीरें, भड़काऊ हिंदू विरोधी बयानों के साथ, विभिन्न दावों के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हैं. श्रीनगर में आतंकवादी की गिरफ़्तारी के दावे से वायरल वीडियो कहां से है? बूम ने पाया कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कुंडा में एक स्कूल की चारदीवारी पर होर्डिंग लगाया गया था. हमने कुंडा पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी से बात की, जिसने हमें पुष्टि की कि होर्डिंग्स कुंडा में ही लगाये गए थे. इंस्पेक्टर ने बूम को बताया कि यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि होर्डिंग किसने लगाए थे क्योंकि अभी जांच चल रही है. वायरल तस्वीर में दिखाए गए तीन होर्डिंग्स में गोहत्या के समर्थन में भड़काऊ हिंदू विरोधी बयान हैं और हिंदुओं को उत्तर प्रदेश, हैदराबाद, केरल, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को छोड़ने के लिए कह रहे हैं. तस्वीर को ट्विटर पर हिंदी कैप्शन के साथ शेयर किया गया है 'हिन्दू मुस्लिम भाई-भाई के नारे लगाने वाले, इन होर्डिंग्स को जूम कर के पढ़ो. छत्तीसगढ़ के कुंदा में लगे हैं ये होर्डिंग्स! इसका वीडियो नीचे थ्रेड में है' बूम को 12 अगस्त को प्रतापगढ़ पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से घटना के संबंध में एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ का एक बयान है. एसपी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रतापगढ़ के कुंडा में 'शरारती तत्वों' ने होर्डिंग लगाई थी. उन्हें तुरंत हटा दिया गया और मामला दर्ज कर लिया गया है. बूम ने कुंडा पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी से बात की जिन्होंने हमें बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इंस्पेक्टर ने बूम को बताया, "एक स्कूल की चारदीवारी पर पोस्टर लगाए गए थे. बाद में सभी पोस्टर हटा दिए गए थे. हमारी स्थानीय खुफिया एजेंसी भी मामले की जांच कर रही है. अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अपराधियों की तलाश जारी है. उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. " पुलिस कर्मियों ने हमें यह भी बताया कि अभी विभाग यह नहीं बता सकता कि पोस्टर मुस्लिम या हिंदू समुदाय के लोगों द्वारा लगाए गए थे क्योंकि मामले की जांच की जा रही है. इंस्पेक्टर ने बूम को बताया, "धारा 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. " बूम ने वायरल पोस्ट में बुख़ारी, बरकती और नाइक के बयानों की भी जाँच की. हालांकि हमने पाया कि पहले भी कई सोशल मीडिया पेजों पर इसी तरह के बयानों के लिये उन्हे जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन आरोपों की पुष्टि करने वाली कोई समाचार रिपोर्ट नहीं थी. सैयद अहमद शाह बुख़ारी को किस बयान के लिये जिम्मेदार ठहराया गया? वायरल पोस्ट में होर्डिंग में बुख़ारी का एक बयान दिया गया है जिसके अनुसार उत्तर प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद और असम के हिंदुओं को इन राज्यों को छोड़ देना चाहिए क्योंकि यहां मुस्लिम बहुसंख्यक थे. हमने पाया कि इसी बयान को जनवरी 2014 में एक फेसबुक पेज Hindu Hu Mai से शेयर किया गया था. बूम ने 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदू-मुस्लिम आबादी की भी जाँच की. बूम ने एक टिप्पणी के लिए सैयद अहमद बुख़ारी से भी संपर्क किया है. उनसे स्पष्ट होने के बाद रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा. पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम मौलवी बरकती के हवाले से कहा गया है कि मुसलमान गायों का वध करना जारी रखेंगे और मुसलमान किसी सरकार से नहीं डरते क्योंकि उनकी आबादी अब काफी बड़ी है. आगे लिखा है, "हम हिंदुओं की तरह बहस नहीं करते, हम सीधे काट देते हैं. " बरकती एक विवादास्पद व्यक्ति हैं और कई बार अपने बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं. News 18 की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में, उन्हें पश्चिम बंगाल में टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम के पद से बर्खास्त कर दिया गया था. बूम को 2010 का एक वीडियो मिला जिसमें बरकती को यह दावा करते हुए देखा जा सकता है कि मुसलमान गोहत्या नहीं रोकेंगे. उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वे उन्हें गोहत्या से रोककर दिखायें. बूम ने बरकती के कीवर्ड के साथ फेसबुक की जाँच की और 2012 से कई पोस्ट पाए जिनमें एक ही कथन था. पोस्ट में विचलिच करने वाली तस्वीरें शामिल हैं. ज़ाकिर नाइक को किस बयान के लिये जिम्मेदार ठहराया? विवादास्पद मुस्लिम उपदेशक ज़ाकिर नाइक के हवाले से लिखे बयान का दावा है कि मुसलमानों ने 1100 वर्षों तक भारत पर शासन किया है और इस डर से हिंदू, हिंदू-मुस्लिम एकता के नारे लगाते हैं. हमने फेसबुक पर ज़ाकिर नाइक को इस बयान के साथ एक कीवर्ड के रूप में सर्च किया और 2014 की शुरुआत में शंखनाद धर्म और राजनीति, हिंदुत्व - अ राइजिंग और अन्य कई पेजों पर एक ही कथन पाया. एक कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक और टेलीविज़नवादी, ज़ाकिर नाइक अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं. उसने 2016 में भारत छोड़ दिया था और कथित मनी लॉन्ड्रिंग और 'अभद्र भाषा' के मामलों में भारतीय अधिकारियों द्वारा वांछित है. हालांकि बूम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं कर सका कि होर्डिंग्स में लिखे विवादित बयान उन व्यक्तियों द्वारा कभी दिए गए थे या नहीं. लेकिन यह जरीर पता चला कि होर्डिंग उत्तर प्रदेश में लगे थे, न कि छत्तीसगढ़ या पश्चिम बंगाल में, जैसा कि दावा किया गया है.
सोशल मीडिया पर मुस्लिमों के बयानों के साथ भड़काऊ होर्डिंग दिखाने वाली एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. यूज़र्स इस घटना को पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से जोड़कर शेयर कर रहे हैं. होर्डिंग्स में दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुख़ारी, उपदेशक मौलाना ज़ाकिर नाइक और मुस्लिम धर्मगुरु नूर उर रहमान बरकती की तस्वीरें हैं. होर्डिंग्स की तस्वीरें, भड़काऊ हिंदू विरोधी बयानों के साथ, विभिन्न दावों के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हैं. श्रीनगर में आतंकवादी की गिरफ़्तारी के दावे से वायरल वीडियो कहां से है? बूम ने पाया कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कुंडा में एक स्कूल की चारदीवारी पर होर्डिंग लगाया गया था. हमने कुंडा पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी से बात की, जिसने हमें पुष्टि की कि होर्डिंग्स कुंडा में ही लगाये गए थे. इंस्पेक्टर ने बूम को बताया कि यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि होर्डिंग किसने लगाए थे क्योंकि अभी जांच चल रही है. वायरल तस्वीर में दिखाए गए तीन होर्डिंग्स में गोहत्या के समर्थन में भड़काऊ हिंदू विरोधी बयान हैं और हिंदुओं को उत्तर प्रदेश, हैदराबाद, केरल, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को छोड़ने के लिए कह रहे हैं. तस्वीर को ट्विटर पर हिंदी कैप्शन के साथ शेयर किया गया है 'हिन्दू मुस्लिम भाई-भाई के नारे लगाने वाले, इन होर्डिंग्स को जूम कर के पढ़ो. छत्तीसगढ़ के कुंदा में लगे हैं ये होर्डिंग्स! इसका वीडियो नीचे थ्रेड में है' बूम को बारह अगस्त को प्रतापगढ़ पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से घटना के संबंध में एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ का एक बयान है. एसपी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रतापगढ़ के कुंडा में 'शरारती तत्वों' ने होर्डिंग लगाई थी. उन्हें तुरंत हटा दिया गया और मामला दर्ज कर लिया गया है. बूम ने कुंडा पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी से बात की जिन्होंने हमें बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इंस्पेक्टर ने बूम को बताया, "एक स्कूल की चारदीवारी पर पोस्टर लगाए गए थे. बाद में सभी पोस्टर हटा दिए गए थे. हमारी स्थानीय खुफिया एजेंसी भी मामले की जांच कर रही है. अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अपराधियों की तलाश जारी है. उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. " पुलिस कर्मियों ने हमें यह भी बताया कि अभी विभाग यह नहीं बता सकता कि पोस्टर मुस्लिम या हिंदू समुदाय के लोगों द्वारा लगाए गए थे क्योंकि मामले की जांच की जा रही है. इंस्पेक्टर ने बूम को बताया, "धारा एक सौ तिरेपन ए सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. " बूम ने वायरल पोस्ट में बुख़ारी, बरकती और नाइक के बयानों की भी जाँच की. हालांकि हमने पाया कि पहले भी कई सोशल मीडिया पेजों पर इसी तरह के बयानों के लिये उन्हे जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन आरोपों की पुष्टि करने वाली कोई समाचार रिपोर्ट नहीं थी. सैयद अहमद शाह बुख़ारी को किस बयान के लिये जिम्मेदार ठहराया गया? वायरल पोस्ट में होर्डिंग में बुख़ारी का एक बयान दिया गया है जिसके अनुसार उत्तर प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद और असम के हिंदुओं को इन राज्यों को छोड़ देना चाहिए क्योंकि यहां मुस्लिम बहुसंख्यक थे. हमने पाया कि इसी बयान को जनवरी दो हज़ार चौदह में एक फेसबुक पेज Hindu Hu Mai से शेयर किया गया था. बूम ने दो हज़ार ग्यारह की जनगणना के अनुसार हिंदू-मुस्लिम आबादी की भी जाँच की. बूम ने एक टिप्पणी के लिए सैयद अहमद बुख़ारी से भी संपर्क किया है. उनसे स्पष्ट होने के बाद रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा. पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम मौलवी बरकती के हवाले से कहा गया है कि मुसलमान गायों का वध करना जारी रखेंगे और मुसलमान किसी सरकार से नहीं डरते क्योंकि उनकी आबादी अब काफी बड़ी है. आगे लिखा है, "हम हिंदुओं की तरह बहस नहीं करते, हम सीधे काट देते हैं. " बरकती एक विवादास्पद व्यक्ति हैं और कई बार अपने बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं. News अट्ठारह की रिपोर्ट के अनुसार, दो हज़ार सत्रह में, उन्हें पश्चिम बंगाल में टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम के पद से बर्खास्त कर दिया गया था. बूम को दो हज़ार दस का एक वीडियो मिला जिसमें बरकती को यह दावा करते हुए देखा जा सकता है कि मुसलमान गोहत्या नहीं रोकेंगे. उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वे उन्हें गोहत्या से रोककर दिखायें. बूम ने बरकती के कीवर्ड के साथ फेसबुक की जाँच की और दो हज़ार बारह से कई पोस्ट पाए जिनमें एक ही कथन था. पोस्ट में विचलिच करने वाली तस्वीरें शामिल हैं. ज़ाकिर नाइक को किस बयान के लिये जिम्मेदार ठहराया? विवादास्पद मुस्लिम उपदेशक ज़ाकिर नाइक के हवाले से लिखे बयान का दावा है कि मुसलमानों ने एक हज़ार एक सौ वर्षों तक भारत पर शासन किया है और इस डर से हिंदू, हिंदू-मुस्लिम एकता के नारे लगाते हैं. हमने फेसबुक पर ज़ाकिर नाइक को इस बयान के साथ एक कीवर्ड के रूप में सर्च किया और दो हज़ार चौदह की शुरुआत में शंखनाद धर्म और राजनीति, हिंदुत्व - अ राइजिंग और अन्य कई पेजों पर एक ही कथन पाया. एक कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक और टेलीविज़नवादी, ज़ाकिर नाइक अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं. उसने दो हज़ार सोलह में भारत छोड़ दिया था और कथित मनी लॉन्ड्रिंग और 'अभद्र भाषा' के मामलों में भारतीय अधिकारियों द्वारा वांछित है. हालांकि बूम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं कर सका कि होर्डिंग्स में लिखे विवादित बयान उन व्यक्तियों द्वारा कभी दिए गए थे या नहीं. लेकिन यह जरीर पता चला कि होर्डिंग उत्तर प्रदेश में लगे थे, न कि छत्तीसगढ़ या पश्चिम बंगाल में, जैसा कि दावा किया गया है.
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)महामना मालवीय इंटर कॉलेज मु. नगर के प्रांगण में ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला के अंतर्गत क्रॉफ्टर मानसी नामदेव के द्वारा छात्र कलाकारों को क्राफ्ट कार्य का डेमोंसट्रेशन दिया गया। जिसमें आपने बच्चों को वेस्टमैट्रियल के द्वारा फूलदान एवं कलर पेपर के द्वारा विभिन्न प्रकार के फूलों को बनाकर दिखाया तथा सुंदर- सुंदर पेपर मेसी के फ्लावर पोट, वॉल हैंगर कडिल आदि बनाकर भी दिखाए गए। मुजफ्फरनगर जिले में आप क्राफ्टर के रूप में मशहूर हैं। इस अवसर पर वरेर्णा, कनिष्का नित्य राधिका सैनी हंस धीमान, वर्णन्या मेधावी वंशिका प्रत्यूष सिंह सार्थक अरोरा अंशिका वर्मा नसरा अक्षिता आयुषी सपना कल्याणी प्रीति धीमान योगेश श्रुति ज्योति आर्य अंशुल वंदिता मित्तल पूनम कुमारी शिवानी सृष्टि ऐश्वर्या एवं मोहम्मद शाहिद हसन आदि उपस्थित रहे। सभी बच्चों ने उत्साह पूर्वक क्राफ्ट कार्य को सीखा। कार्यशाला के संयोजक डॉश अनिल सैनी ने बताया कि कल प्रसिद्ध मूर्तिकार सोनिया सैनी मूर्तिकला के अंतर्गत रेत का मोल्ड बनाकर मूर्ति की ढलाई के कार्य का प्रशिक्षण देंगी। जो बहुत ही अद्भुत एवं अनोखी तकनीक है। कॉलेज के प्रवक्ता डॉ रंजन सिंह पुंडीर द्वारा शिविर में उपस्थित नन्हे-मुन्ने कलाकारों को भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए ठंडे शरबत का वितरण भी कराया। शिविर में मीडिया प्रभारी डॉ राजबल सैनी, पुनीत राठी,सुनील कुमार, प्रिया सैनी, अर्जुन पाल, मनोज कुमार,एवं संदीप आदि का सहयोग रहा।
मुजफ्फरनगर। महामना मालवीय इंटर कॉलेज मु. नगर के प्रांगण में ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला के अंतर्गत क्रॉफ्टर मानसी नामदेव के द्वारा छात्र कलाकारों को क्राफ्ट कार्य का डेमोंसट्रेशन दिया गया। जिसमें आपने बच्चों को वेस्टमैट्रियल के द्वारा फूलदान एवं कलर पेपर के द्वारा विभिन्न प्रकार के फूलों को बनाकर दिखाया तथा सुंदर- सुंदर पेपर मेसी के फ्लावर पोट, वॉल हैंगर कडिल आदि बनाकर भी दिखाए गए। मुजफ्फरनगर जिले में आप क्राफ्टर के रूप में मशहूर हैं। इस अवसर पर वरेर्णा, कनिष्का नित्य राधिका सैनी हंस धीमान, वर्णन्या मेधावी वंशिका प्रत्यूष सिंह सार्थक अरोरा अंशिका वर्मा नसरा अक्षिता आयुषी सपना कल्याणी प्रीति धीमान योगेश श्रुति ज्योति आर्य अंशुल वंदिता मित्तल पूनम कुमारी शिवानी सृष्टि ऐश्वर्या एवं मोहम्मद शाहिद हसन आदि उपस्थित रहे। सभी बच्चों ने उत्साह पूर्वक क्राफ्ट कार्य को सीखा। कार्यशाला के संयोजक डॉश अनिल सैनी ने बताया कि कल प्रसिद्ध मूर्तिकार सोनिया सैनी मूर्तिकला के अंतर्गत रेत का मोल्ड बनाकर मूर्ति की ढलाई के कार्य का प्रशिक्षण देंगी। जो बहुत ही अद्भुत एवं अनोखी तकनीक है। कॉलेज के प्रवक्ता डॉ रंजन सिंह पुंडीर द्वारा शिविर में उपस्थित नन्हे-मुन्ने कलाकारों को भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए ठंडे शरबत का वितरण भी कराया। शिविर में मीडिया प्रभारी डॉ राजबल सैनी, पुनीत राठी,सुनील कुमार, प्रिया सैनी, अर्जुन पाल, मनोज कुमार,एवं संदीप आदि का सहयोग रहा।
औरंगाबाद में धार्मिक स्थलों के बाहर मांस का टुकड़ा फेंकने का मामला सामने आया. . दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है। रविवार अलसुबह लोग सड़क पर उतर गए और विरोध प्रदर्शन किया। दुकानें बंद रख टायर जलाकर आगजनी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डीएम और एसपी पहुंचे है। दोनों अधिकारी ग्रामीणों के साथ बैठक कर रहे हैं।
औरंगाबाद में धार्मिक स्थलों के बाहर मांस का टुकड़ा फेंकने का मामला सामने आया. . दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है। रविवार अलसुबह लोग सड़क पर उतर गए और विरोध प्रदर्शन किया। दुकानें बंद रख टायर जलाकर आगजनी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डीएम और एसपी पहुंचे है। दोनों अधिकारी ग्रामीणों के साथ बैठक कर रहे हैं।
सीएम शिवराज की अध्यक्षता में आज हो रही बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में बताया जा रहा है कि प्रदेश में सिंचाई के लिए सोलर पंप की स्थापना में किसानों को अब दोगुना अंशदान देना होगा। दरअसल, अभी एक हॉर्सपावर के लिए किसान का अंशदान 19 हजार रुपए के आसपास होता है, जो नई व्यवस्था में बढ़कर 38 हजार 795 रुपए हो जाएगा। इसी तरह 10 हॉर्स पावर के पंप के लिए किसान को दो लाख 20 हजार 135 रुपए देने होंगे। केंद्र और राज्य सरकार का अंशदान 30-30 प्रतिशत होगा। इसके अलावा राज्य सरकार राज्य ऊर्जा विकास निगम को दिया जाने वाला सर्विस चार्ज अलग से देगी। साथ ही कहा जा रहा है कि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना में संशोधन का प्रस्ताव रखेगा। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के तहत सोलर पंप के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2017 से मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना लागू है। ऐसे में अब तक 21 हजार 338 हितग्राहियों को लाभांवित किया जा चुका है। वहीं इस योजना को लेकर मांग और भी ज्यादा बढ़ गई है। अभी केंद्र सरकार का अंशदान तो 30 प्रतिशत है, पर राज्य सरकार काफी अनुदान देती है।
सीएम शिवराज की अध्यक्षता में आज हो रही बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में बताया जा रहा है कि प्रदेश में सिंचाई के लिए सोलर पंप की स्थापना में किसानों को अब दोगुना अंशदान देना होगा। दरअसल, अभी एक हॉर्सपावर के लिए किसान का अंशदान उन्नीस हजार रुपए के आसपास होता है, जो नई व्यवस्था में बढ़कर अड़तीस हजार सात सौ पचानवे रुपयापए हो जाएगा। इसी तरह दस हॉर्स पावर के पंप के लिए किसान को दो लाख बीस हजार एक सौ पैंतीस रुपयापए देने होंगे। केंद्र और राज्य सरकार का अंशदान तीस-तीस प्रतिशत होगा। इसके अलावा राज्य सरकार राज्य ऊर्जा विकास निगम को दिया जाने वाला सर्विस चार्ज अलग से देगी। साथ ही कहा जा रहा है कि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना में संशोधन का प्रस्ताव रखेगा। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के तहत सोलर पंप के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वर्ष दो हज़ार सत्रह से मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना लागू है। ऐसे में अब तक इक्कीस हजार तीन सौ अड़तीस हितग्राहियों को लाभांवित किया जा चुका है। वहीं इस योजना को लेकर मांग और भी ज्यादा बढ़ गई है। अभी केंद्र सरकार का अंशदान तो तीस प्रतिशत है, पर राज्य सरकार काफी अनुदान देती है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। JEE Main 2020 जनवरी सेशन के लिए आवेदन 2 सितम्बर से और अप्रैल सेशन के लिए 7 फरवरी 2020 से प्रारंभ किए जाएंगे। JEE Mains एक राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा है जो National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है। यह एक राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा है जिस द्वारा छात्रों को बी. टेक (B. Tech) और बी. आर्क (B. Arch)पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। इस परीक्षा द्वारा छात्रों को IIT, NIT और विभिन्न विश्वविद्यालय में दाखिला मिलेगा। छात्र ऑनलाइन माध्यम से JEE Main के लिए रेजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ध्यान दें, एक से अधिक आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा। NTA आवेदन पत्र में सुधार सुविधा भी उपलब्ध कराएगा। यह सुविधा कुछ ही समय के लिए प्रदान की जाएगी, तो सभी छात्र ध्यान से ऐप्लिकेशन फ़ॉर्म भरें। आवेदन शुल्कः आवेदन शुल्क पेपर और वर्ग अनुसार निम्न प्रकार से होगाः छात्र निम्न तरीकों से JEE Main 2020 के लिए आवेदन कर सकते हैः JEE Mains 2020 परीक्षा जनवरी सेशन के लिए 6 से 11 जनवरी 2020 और अप्रैल सेशन के लिए 3 से 9 अप्रैल 2020 में आयोजित कराई जाएगी। परीक्षा में प्रवेश करने के लिए छात्रों को 10 वी और 12 वी की परीक्षा में उतीर्ण होना अनिवार्य होगाऔर 12 वी कक्षा में पढ़ रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा के लिए कोई भी आयु या प्रयास सीमा नहीं होगी।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। JEE Main दो हज़ार बीस जनवरी सेशन के लिए आवेदन दो सितम्बर से और अप्रैल सेशन के लिए सात फरवरी दो हज़ार बीस से प्रारंभ किए जाएंगे। JEE Mains एक राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा है जो National Testing Agency द्वारा आयोजित की जाती है। यह एक राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा है जिस द्वारा छात्रों को बी. टेक और बी. आर्क पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। इस परीक्षा द्वारा छात्रों को IIT, NIT और विभिन्न विश्वविद्यालय में दाखिला मिलेगा। छात्र ऑनलाइन माध्यम से JEE Main के लिए रेजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ध्यान दें, एक से अधिक आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा। NTA आवेदन पत्र में सुधार सुविधा भी उपलब्ध कराएगा। यह सुविधा कुछ ही समय के लिए प्रदान की जाएगी, तो सभी छात्र ध्यान से ऐप्लिकेशन फ़ॉर्म भरें। आवेदन शुल्कः आवेदन शुल्क पेपर और वर्ग अनुसार निम्न प्रकार से होगाः छात्र निम्न तरीकों से JEE Main दो हज़ार बीस के लिए आवेदन कर सकते हैः JEE Mains दो हज़ार बीस परीक्षा जनवरी सेशन के लिए छः से ग्यारह जनवरी दो हज़ार बीस और अप्रैल सेशन के लिए तीन से नौ अप्रैल दो हज़ार बीस में आयोजित कराई जाएगी। परीक्षा में प्रवेश करने के लिए छात्रों को दस वी और बारह वी की परीक्षा में उतीर्ण होना अनिवार्य होगाऔर बारह वी कक्षा में पढ़ रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा के लिए कोई भी आयु या प्रयास सीमा नहीं होगी।
TVS Apache 310 RR Sportsbike के लॉन्च की तारीख़ का हो गया है खुलासा! मात्र 7 महीनों में बिके 20 लाख Honda Activa ऑटोमैटिक स्कूटर्स!! छोड़ा Hero Splendor को पीछे! Bajaj Avenger 400 Cruiser Motorcycle Dominar इंजन के साथः तो कैसी दिखेगी? यूथ आइकन वरुण धवन को पड़ी मुंबई पुलिस की डाँटः जानिए क्यों? 10 बातें Royal Enfield Interceptor और Continental GT 650 के बारे में जो आप नहीं जानते! Maruti Vitara Brezza Convertible SUV: कैसी लगी आपको?
TVS Apache तीन सौ दस RR Sportsbike के लॉन्च की तारीख़ का हो गया है खुलासा! मात्र सात महीनों में बिके बीस लाख Honda Activa ऑटोमैटिक स्कूटर्स!! छोड़ा Hero Splendor को पीछे! Bajaj Avenger चार सौ Cruiser Motorcycle Dominar इंजन के साथः तो कैसी दिखेगी? यूथ आइकन वरुण धवन को पड़ी मुंबई पुलिस की डाँटः जानिए क्यों? दस बातें Royal Enfield Interceptor और Continental GT छः सौ पचास के बारे में जो आप नहीं जानते! Maruti Vitara Brezza Convertible SUV: कैसी लगी आपको?
रोहतास मुख्यालय समाहरणालय में सोमवार को जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ। इसमें करगहर पश्चिमी की जिला पार्षद पूनम भारती ने सीधे मुकाबले में शिवसागर की जिला परिषद सदस्य सुप्रिया कुमारी को हराकर जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया। पूनम को कुल 21 वोट प्राप्त हुए जबकि सुप्रिया को 12 वोट मिले। उल्लेखनीय है कि 33 सदस्यीय रोहतास जिला परिषद अध्यक्ष का पद एससी/एसटी के लिए सुरक्षित है। उपाध्यक्ष पद हेतु भी दो नामांकन हुए जो सही पाए गए। उसके बाद हुई वोटिंग में वंदना राज को 18 एवं महावीर साह को 15 मत प्राप्त हुए। इसके पूर्व समाहरणालय स्थित सभागार में सभी नवनिर्वाचित जिला परिषद को डीएम सह निर्वाची पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार द्वारा शपथ दिलाई गई। पद के शपथ के साथ-साथ उन्हें शराब ना पीने की भी शपथ दिलाई गई। इसके बाद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया आरंभ हुई। दो उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद मतदान शुरू हुआ। अंत में मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए गए। रोहतास जिला परिषद के अध्यक्ष के चुनाव का रोचक पक्ष यह भी रहा कि चुनाव में जदयू के दो गुट पर्दे के पीछे से अलग-अलग उम्मीदवारों को सपोर्ट कर रहे थे। इसमें एक उम्मीदवार के पीछे राज्य के एक पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक का गुट काम कर रहा था, जबकि दूसरे के पीछे जदयू के एक नेता जो बालू व्यवसाय से जुड़े गुट काम कर रहा था। जिला परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष नथुनी पसवान भी इस बार भी डेहरी से पार्षद बनने में सफल रहे थे, परंतु वे इस बार अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नहीं बने। बताते हैं कि पैसे के खेल में वो पिछड़ रहे थे। पर्दे के पीछे जो लोग दाव चल रहे थे, वो उन पर पैसे लगाने को तैयार नहीं थे। जिस कारण दो महिला उम्मीदवार में ही मुकाबला हुआ और नथुनी पासवान के गुट ने भी इनमें से एक का समर्थन करने में ही अपनी भलाई समझी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
रोहतास मुख्यालय समाहरणालय में सोमवार को जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ। इसमें करगहर पश्चिमी की जिला पार्षद पूनम भारती ने सीधे मुकाबले में शिवसागर की जिला परिषद सदस्य सुप्रिया कुमारी को हराकर जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया। पूनम को कुल इक्कीस वोट प्राप्त हुए जबकि सुप्रिया को बारह वोट मिले। उल्लेखनीय है कि तैंतीस सदस्यीय रोहतास जिला परिषद अध्यक्ष का पद एससी/एसटी के लिए सुरक्षित है। उपाध्यक्ष पद हेतु भी दो नामांकन हुए जो सही पाए गए। उसके बाद हुई वोटिंग में वंदना राज को अट्ठारह एवं महावीर साह को पंद्रह मत प्राप्त हुए। इसके पूर्व समाहरणालय स्थित सभागार में सभी नवनिर्वाचित जिला परिषद को डीएम सह निर्वाची पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार द्वारा शपथ दिलाई गई। पद के शपथ के साथ-साथ उन्हें शराब ना पीने की भी शपथ दिलाई गई। इसके बाद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया आरंभ हुई। दो उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद मतदान शुरू हुआ। अंत में मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए गए। रोहतास जिला परिषद के अध्यक्ष के चुनाव का रोचक पक्ष यह भी रहा कि चुनाव में जदयू के दो गुट पर्दे के पीछे से अलग-अलग उम्मीदवारों को सपोर्ट कर रहे थे। इसमें एक उम्मीदवार के पीछे राज्य के एक पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक का गुट काम कर रहा था, जबकि दूसरे के पीछे जदयू के एक नेता जो बालू व्यवसाय से जुड़े गुट काम कर रहा था। जिला परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष नथुनी पसवान भी इस बार भी डेहरी से पार्षद बनने में सफल रहे थे, परंतु वे इस बार अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नहीं बने। बताते हैं कि पैसे के खेल में वो पिछड़ रहे थे। पर्दे के पीछे जो लोग दाव चल रहे थे, वो उन पर पैसे लगाने को तैयार नहीं थे। जिस कारण दो महिला उम्मीदवार में ही मुकाबला हुआ और नथुनी पासवान के गुट ने भी इनमें से एक का समर्थन करने में ही अपनी भलाई समझी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
IND vs AUS Indore Test Day 2 HIGHLIGHTS: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2023 का तीसरा टेस्ट मैच इंदौर में खेला जा रहा है। पहली पारी में भारत की पूरी टीम 109 रनों पर सिमट गई। वहीं जवाब में मेहमान टीम ने 197 रन बनाए। वहीं दूसरी पारी में भी टीम इंडिया सिर्फ 163 रन बनाकर आउट हो गई। भारतीय टीम को सिर्फ 75 रनों की लीड मिली। तीसरे दिन अब ऑस्ट्रेलियाई टीम का पक्ष थोड़ा मजबूत रहने वाला है।
IND vs AUS Indore Test Day दो HIGHLIGHTS: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी दो हज़ार तेईस का तीसरा टेस्ट मैच इंदौर में खेला जा रहा है। पहली पारी में भारत की पूरी टीम एक सौ नौ रनों पर सिमट गई। वहीं जवाब में मेहमान टीम ने एक सौ सत्तानवे रन बनाए। वहीं दूसरी पारी में भी टीम इंडिया सिर्फ एक सौ तिरेसठ रन बनाकर आउट हो गई। भारतीय टीम को सिर्फ पचहत्तर रनों की लीड मिली। तीसरे दिन अब ऑस्ट्रेलियाई टीम का पक्ष थोड़ा मजबूत रहने वाला है।
जौनपुर। लायंस क्लब क्षितिज द्वारा विश्व मधुमेह दिवस के पूर्व दिवस पर रविवार को सुबह 7 बजे शाही किले पर एक डायबिटिक का निःशुल्क जांच का कैंप लगाया गया। जिसमे सैकडो लोगो की डायबिटीज की जांच की गई तथा उच्च जोखिम वाले लोगों को चिन्हित कर बेहतर चिकित्सा हेतु सुझाव दिया गया तथा डायबिटीज से बचाव कैसे किया जाए के पंपलेट बांटे गए। इस सेवा कार्य में डॉ. चंदन नाथ गुप्ता जी ने अपना विशेष सहयोग देकर उपस्थित जनों का परीक्षण किया तथा उचित मार्ग दर्शन किया। इस सेवा कार्य में लायन विष्णु सहाय अध्यक्ष, शशांक सिंह रानू, अजीत सोनकर, अतुल सिंह, सर्वेश गुप्ता, संजय गुप्ता, राजीव गुप्ता, डॉ. प्रशांत, सुनील जायसवाल, संजय जायसवाल, कौशल त्रिपाठी, वैभव श्रीवास्तव, रत्नेश जी आदि लोग उपस्थित रहे और इस सेवा कार्य में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कार्यक्रम की समाप्ति पर अध्यक्ष विष्णु सहाय द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
जौनपुर। लायंस क्लब क्षितिज द्वारा विश्व मधुमेह दिवस के पूर्व दिवस पर रविवार को सुबह सात बजे शाही किले पर एक डायबिटिक का निःशुल्क जांच का कैंप लगाया गया। जिसमे सैकडो लोगो की डायबिटीज की जांच की गई तथा उच्च जोखिम वाले लोगों को चिन्हित कर बेहतर चिकित्सा हेतु सुझाव दिया गया तथा डायबिटीज से बचाव कैसे किया जाए के पंपलेट बांटे गए। इस सेवा कार्य में डॉ. चंदन नाथ गुप्ता जी ने अपना विशेष सहयोग देकर उपस्थित जनों का परीक्षण किया तथा उचित मार्ग दर्शन किया। इस सेवा कार्य में लायन विष्णु सहाय अध्यक्ष, शशांक सिंह रानू, अजीत सोनकर, अतुल सिंह, सर्वेश गुप्ता, संजय गुप्ता, राजीव गुप्ता, डॉ. प्रशांत, सुनील जायसवाल, संजय जायसवाल, कौशल त्रिपाठी, वैभव श्रीवास्तव, रत्नेश जी आदि लोग उपस्थित रहे और इस सेवा कार्य में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कार्यक्रम की समाप्ति पर अध्यक्ष विष्णु सहाय द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
Rohit Sharma and Virat Kohli: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और वर्तमान कप्तान रोहित शर्मा की जल्द ही भारतीय टी 20 टीम में वापसी हो सकती है। Rohit Sharma and Virat Kohli: भारतीय टीम के दो सबसे बड़े खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक लंबे अरसे से टी 20 टीम से का रास्ता दिखा दिया गया है। दरअसल BCCI के रोहित और विराट को भारतीय टी 20 टीम से बाहर निकालने के पीछे का कारण टी 20 वर्ल्ड कप है। पिछली साल भारतीय टीम को रोहित की कप्तानी में टी 20 वर्ल्ड टेस्ट के सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड टीम से हार का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद से ही दोनों खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया गया था। लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो इन दोनों की जल्द ही टी20 टीम में वापसी हो सकती है। रोहित की गैर मौजूदगी में टी 20 टीम की कमान हार्दिक पांड्या के हाथों में है। Rohit Sharma and Virat Kohli Comeback: इस समय भारतीय टीम का ध्यान ओडीआई वर्ल्ड कप पर केंद्रित है और इससे पहले टीम का ध्यान वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल मुकाबले पर था। अगले साल टी 20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। ऐसे में BCCI जल्द ही एक नया चीफ सेलेक्टर चुनने वाली है, जो रोहित शर्मा, विराट कोहली, अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों के टी 20 क्रिकेट में भविष्य के बारे में विचार करेगा। Will Rohit and Virat do their t20 comeback?: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विराट कोहली और रोहित शर्मा को अगले साल होने वाली टी 20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बनाया जाएगा। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि ओडीआई वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम का सारा ध्यान टी 20 वर्ल्ड कप 2024 पर होगा। हमनें अंतिम बार साल 2007 में टी 20 वर्ल्ड कप जीता है। ऐसे में भारतीय टीम अगले वर्ल्ड कप को लेकर काफी ज्यादा तैयारियां करने वाली है।
Rohit Sharma and Virat Kohli: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और वर्तमान कप्तान रोहित शर्मा की जल्द ही भारतीय टी बीस टीम में वापसी हो सकती है। Rohit Sharma and Virat Kohli: भारतीय टीम के दो सबसे बड़े खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक लंबे अरसे से टी बीस टीम से का रास्ता दिखा दिया गया है। दरअसल BCCI के रोहित और विराट को भारतीय टी बीस टीम से बाहर निकालने के पीछे का कारण टी बीस वर्ल्ड कप है। पिछली साल भारतीय टीम को रोहित की कप्तानी में टी बीस वर्ल्ड टेस्ट के सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड टीम से हार का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद से ही दोनों खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया गया था। लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो इन दोनों की जल्द ही टीबीस टीम में वापसी हो सकती है। रोहित की गैर मौजूदगी में टी बीस टीम की कमान हार्दिक पांड्या के हाथों में है। Rohit Sharma and Virat Kohli Comeback: इस समय भारतीय टीम का ध्यान ओडीआई वर्ल्ड कप पर केंद्रित है और इससे पहले टीम का ध्यान वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल मुकाबले पर था। अगले साल टी बीस वर्ल्ड कप खेला जाना है। ऐसे में BCCI जल्द ही एक नया चीफ सेलेक्टर चुनने वाली है, जो रोहित शर्मा, विराट कोहली, अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों के टी बीस क्रिकेट में भविष्य के बारे में विचार करेगा। Will Rohit and Virat do their tबीस comeback?: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विराट कोहली और रोहित शर्मा को अगले साल होने वाली टी बीस वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बनाया जाएगा। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि ओडीआई वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम का सारा ध्यान टी बीस वर्ल्ड कप दो हज़ार चौबीस पर होगा। हमनें अंतिम बार साल दो हज़ार सात में टी बीस वर्ल्ड कप जीता है। ऐसे में भारतीय टीम अगले वर्ल्ड कप को लेकर काफी ज्यादा तैयारियां करने वाली है।
पणजी, 5 जून । मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि गोवा सरकार ने शनिवार को कोविड-19 के कारण लगे कर्फ्यू को 14 जून तक के लिए बढ़ा दिया है। सावंत ने शनिवार देर रात ट्वीट किया, हमारी सरकार ने राज्य स्तरीय कर्फ्यू को 14 जून तक बढ़ाने का फैसला किया है। आवश्यक दुकानों के लिए निर्धारित समय को बढ़ाकर शाम 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा। इसके अलावा, घर या भवन की मरम्मत, मानसून की तैयारी या बारिश से सुरक्षा और स्थिर वस्तुओं से संबंधित दुकानों और दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। गोवा में कोविड मामलों में उछाल के बीच 9 मई को पहला कर्फ्यू लगाया गया था।
पणजी, पाँच जून । मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि गोवा सरकार ने शनिवार को कोविड-उन्नीस के कारण लगे कर्फ्यू को चौदह जून तक के लिए बढ़ा दिया है। सावंत ने शनिवार देर रात ट्वीट किया, हमारी सरकार ने राज्य स्तरीय कर्फ्यू को चौदह जून तक बढ़ाने का फैसला किया है। आवश्यक दुकानों के लिए निर्धारित समय को बढ़ाकर शाम सात बजे से दोपहर तीन बजे तक किया जाएगा। इसके अलावा, घर या भवन की मरम्मत, मानसून की तैयारी या बारिश से सुरक्षा और स्थिर वस्तुओं से संबंधित दुकानों और दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। गोवा में कोविड मामलों में उछाल के बीच नौ मई को पहला कर्फ्यू लगाया गया था।
कुमुद ने उसका हाथ छोड़ दिया। धीरे-धीरे फिर उसी जगह वह आ बैठा । इस मरतबे वह लेटा नहीं । उथेलो ने वहाँ आकर कहा--"देखो अपनी करतूत । क्या किया है ! मेरी कलाई की चूड़ी टूटकर कलाई के मांस में घुस गई है। अरे रे !" - - वह दर्द के मारे हाथ भटकने लगी । पाकेट में दियासलाई थी । एक सलाई जलाकर कुमुद ने देखा कि उथेलो की बात बिलकुल सच है। अनामेल की चूड़ी टूट गई है और एक टुकड़े की नोक उथेलो की कलाई में छिद गई है । , खून बह रहा है। वह उसे तुरन्त झील के किनारे ले गया। चूड़ो के टुकड़े निकालकर उसने घाव को धोया । फिर कुछ घास उखाड़कर उसे .खूब चबाया और घाव पर रख दिया। फिर रूमाल से एक चिन्धो फाड़कर पानी में भिगोई और पट्टी बाँध दी । प्रेम के साथ पूछा- उथेले! क्या बहुत दर्द है ? उथेलो -- नहीं, अब कुछ घट गया है । "सचमुच उथेलो मैं पशु हूँ । चलो" कहकर फिर दोनों उसी जगह जा बैठे। कुमुद ने कहा- अब दर्द कैसा है ? चलो किसी दवाखाने में अच्छी तरह से बँधवा दें। उथेला खड़ी हो गई -- "एक पेनी से क्या दवा हो सकेगी ?" प्राह भरकर कुमुद ने कहा- हाँ, मैं तो भूल ही गया । " उथेलो ने कहा -- चलो अब बाहर चलें । किसी दवाखाने में नहीं, किसी भोजनशाला में चलें । मेरे पास रुपये हैं। बड़ी भूख लगी है। कुमुद ने पूछा- क्या तुम खाना खाकर न आई थीं ? "सात बजे ही खा आई थी । इधर तीन-चार घण्टे में फिर भूख न लगेगी ! तुमने खाना कब खाया था ?" "खाया ही नहीं । " "खाया नहीं !-~-चाय ?" "चाय भी नहीं पी 1" "नाश्ता ? " "वह भी नहीं । आठ बजे घर से दो, अण्डे खाकर निकला हूँ । तब से फिर कुछ भी नहीं खाया ।" यह सुनकर उथेलो बोली- - हाय हाय ! दिन भर में कुछ भी नहीं खाया ! चलो, जल्दी चलो - अब जरा भी देर न करो फाटक से निकलकर दोनों एक भोजनालय में पहुँचे । उथेलो ने पूछा- कोई एकान्त कमरा ख़ाली है ? नौकरनी ने फुरा मुसकुराकर कहा -- हाँ है, आइए । कमरे में दोनों के लिए खाने का सामान आ गया । अब यहाँ और कोई न आ सकेगा। बिना बुलाये नौकरनी तक भ्रा सकेगी।
कुमुद ने उसका हाथ छोड़ दिया। धीरे-धीरे फिर उसी जगह वह आ बैठा । इस मरतबे वह लेटा नहीं । उथेलो ने वहाँ आकर कहा--"देखो अपनी करतूत । क्या किया है ! मेरी कलाई की चूड़ी टूटकर कलाई के मांस में घुस गई है। अरे रे !" - - वह दर्द के मारे हाथ भटकने लगी । पाकेट में दियासलाई थी । एक सलाई जलाकर कुमुद ने देखा कि उथेलो की बात बिलकुल सच है। अनामेल की चूड़ी टूट गई है और एक टुकड़े की नोक उथेलो की कलाई में छिद गई है । , खून बह रहा है। वह उसे तुरन्त झील के किनारे ले गया। चूड़ो के टुकड़े निकालकर उसने घाव को धोया । फिर कुछ घास उखाड़कर उसे .खूब चबाया और घाव पर रख दिया। फिर रूमाल से एक चिन्धो फाड़कर पानी में भिगोई और पट्टी बाँध दी । प्रेम के साथ पूछा- उथेले! क्या बहुत दर्द है ? उथेलो -- नहीं, अब कुछ घट गया है । "सचमुच उथेलो मैं पशु हूँ । चलो" कहकर फिर दोनों उसी जगह जा बैठे। कुमुद ने कहा- अब दर्द कैसा है ? चलो किसी दवाखाने में अच्छी तरह से बँधवा दें। उथेला खड़ी हो गई -- "एक पेनी से क्या दवा हो सकेगी ?" प्राह भरकर कुमुद ने कहा- हाँ, मैं तो भूल ही गया । " उथेलो ने कहा -- चलो अब बाहर चलें । किसी दवाखाने में नहीं, किसी भोजनशाला में चलें । मेरे पास रुपये हैं। बड़ी भूख लगी है। कुमुद ने पूछा- क्या तुम खाना खाकर न आई थीं ? "सात बजे ही खा आई थी । इधर तीन-चार घण्टे में फिर भूख न लगेगी ! तुमने खाना कब खाया था ?" "खाया ही नहीं । " "खाया नहीं !-~-चाय ?" "चाय भी नहीं पी एक" "नाश्ता ? " "वह भी नहीं । आठ बजे घर से दो, अण्डे खाकर निकला हूँ । तब से फिर कुछ भी नहीं खाया ।" यह सुनकर उथेलो बोली- - हाय हाय ! दिन भर में कुछ भी नहीं खाया ! चलो, जल्दी चलो - अब जरा भी देर न करो फाटक से निकलकर दोनों एक भोजनालय में पहुँचे । उथेलो ने पूछा- कोई एकान्त कमरा ख़ाली है ? नौकरनी ने फुरा मुसकुराकर कहा -- हाँ है, आइए । कमरे में दोनों के लिए खाने का सामान आ गया । अब यहाँ और कोई न आ सकेगा। बिना बुलाये नौकरनी तक भ्रा सकेगी।
आयकर से बचने के लिए पता बदलने वाले अब जहां भी जाएंगे, नोटिस उनके पीछे आएगा। आयकर विभाग अब केवल आईटीआर में दी गई जानकारी पर निर्भर नहीं रहेगा। नियमों में बदलाव कर दिया गया है। इसके तहत अब बैंक, बीमा कंपनी, डाकघर या कहीं और सरकारी रिकॉर्ड में दिए गए पते पर भी आयकर का नोटिस आएगा। इस बदलाव के बाद कोई भी नोटिस से नहीं बच पाएगा। केंद्र सरकार ने 20 दिसंबर 2017 को एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत आयकर की पहुंच का नियम बदल दिया गया है। आयकर विभाग को यह शक्ति भी मिल गई है कि वह आपके पते पर हर हाल में नोटिस पहुंचाए। आयकर के नियम 127 के तहत यह नोटिस भेजा जा सकेगा। हर साल तमाम ऐसे लोग सामने आते हैं जो कि आईटीआर भरने के बाद आयकर विभाग के पचड़े से बचने के लिए अपना पता बदल लेते हैं। आयकर नोटिस भेजता है, लेकिन वह पहुंचता नहीं है। नियम में बदलाव के बाद अब आपका पता कहीं से भी लिया जा सकेगा। आयकर विभाग के मुताबिक नए साल से इस नियम के तहत सही पते की जानकारी लेकर ही नोटिस भेजा जाएगा। पैन कार्ड का पता, इनकम टैक्स रिटर्न में दिया गया पता, पूर्व की रिटर्न में दर्ज पता, ई-मेल आईडी, पूर्व की आईटीआर में दी गई ई-मेल आईडी या आयकर विभाग के पास उपलब्ध आपकी कोई और ई-मेल आईडी।
आयकर से बचने के लिए पता बदलने वाले अब जहां भी जाएंगे, नोटिस उनके पीछे आएगा। आयकर विभाग अब केवल आईटीआर में दी गई जानकारी पर निर्भर नहीं रहेगा। नियमों में बदलाव कर दिया गया है। इसके तहत अब बैंक, बीमा कंपनी, डाकघर या कहीं और सरकारी रिकॉर्ड में दिए गए पते पर भी आयकर का नोटिस आएगा। इस बदलाव के बाद कोई भी नोटिस से नहीं बच पाएगा। केंद्र सरकार ने बीस दिसंबर दो हज़ार सत्रह को एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत आयकर की पहुंच का नियम बदल दिया गया है। आयकर विभाग को यह शक्ति भी मिल गई है कि वह आपके पते पर हर हाल में नोटिस पहुंचाए। आयकर के नियम एक सौ सत्ताईस के तहत यह नोटिस भेजा जा सकेगा। हर साल तमाम ऐसे लोग सामने आते हैं जो कि आईटीआर भरने के बाद आयकर विभाग के पचड़े से बचने के लिए अपना पता बदल लेते हैं। आयकर नोटिस भेजता है, लेकिन वह पहुंचता नहीं है। नियम में बदलाव के बाद अब आपका पता कहीं से भी लिया जा सकेगा। आयकर विभाग के मुताबिक नए साल से इस नियम के तहत सही पते की जानकारी लेकर ही नोटिस भेजा जाएगा। पैन कार्ड का पता, इनकम टैक्स रिटर्न में दिया गया पता, पूर्व की रिटर्न में दर्ज पता, ई-मेल आईडी, पूर्व की आईटीआर में दी गई ई-मेल आईडी या आयकर विभाग के पास उपलब्ध आपकी कोई और ई-मेल आईडी।
नई दिल्ली, जेएनएन। टाइगर श्रॉफ ने कुछ दिन पहले अपनी नई फ़िल्म गणपत पार्ट-1 का एलान किया था। फ़िल्म का वीडियो टीज़र शेयर किया था। अब फ़िल्म का एक और टीज़र वीडियो जारी किया गया है, जिसमें टाइगर के लुक की झलक दिखायी गयी है। टाइगर ने यह वीडियो सोशल मीडिया में साझा किया है, जिसमें उनका अतरंगी स्टाइल नज़र आ रहा है। रंग-बिरंगी शर्ट, पेट तक खुले बटन और अंदर से झांकती कसी हुई मांसपेशियां, अंगुलियों के बीच दबी सिगरेट. . . टाइगर पहली बार इतना स्वैग दिखाते हुए नज़र आ रहे हैं। वीडियो में उनका वॉयसओवर है- जब मैं डरता हूं तो बहुत मारता हूं। इस वीडियो के साथ टाइगर ने लिखा- यारों का यार हूं, दुश्मनों का बाप हूं। गणपत का फ़र्स्ट लुक हाज़िर है। इस टीज़र वीडियो में दी गयी जानकारी के अनुसार, फ़िल्म की शूटिंग 2021 में शुरू होगी। फ़िल्म का निर्देशन विकास बहल कर रहे हैं, जो चौंकाने वाली जानकारी है, क्योंकि विकास की यह पहली हार्डकोर एक्शन फ़िल्म होगी। वो भी टाइगर श्रॉफ के साथ। फ़िल्म का निर्माण वासु भगनानी और जैकी भगनानी कर रहे हैं। टाइगर श्रॉफ ने बॉलीवुड के स्टार किड्स में अपने लिए एक अलग जगह बनायी है। बॉलीवुड के नौजवान सितारों में बहुत कम ऐसे हैं, जो टाइगर जैसा एक्शन करने का माद्दा रखते हों और यही ख़ूबी उन्हें दूसरों से अलग करती है। टाइगर अधिकांश ऐसी फ़िल्मों का चुनाव कर रहे हैं, जिनमें उनके एक्शन और डांसिंग स्किल्स खुलकर सामना आयें। हाल ही में टाइगर श्रॉफ की दो और एक्शन फ़िल्मों का एलान हो चुका है। एक है हीरोपंती 2 और दूसरी बाग़ी 4। ये दोनों फ़िल्में टाइगर की फ़िल्मों की फ्रेंचाइजी हैं। हीरोपंती से टाइगर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हीरोपंती 2 को अहमद ख़ान निर्देशित कर रहे हैं, जो टाइगर को बाग़ी 2 और बाग़ी 3 में डायरेक्ट कर चुके हैं। हीरोपंती में तारा सुतारिया टाइगर के साथ फीमेल लीड में हैं। इस फ़िल्म की शूटिंग दिसम्बर से शुरू होगी। इसके बाद बाग़ी 4 शुरू करेंगे। इन दोनों फ़िल्मों का निर्माण साजिद नाडियाडवाला कर रहे हैं।
नई दिल्ली, जेएनएन। टाइगर श्रॉफ ने कुछ दिन पहले अपनी नई फ़िल्म गणपत पार्ट-एक का एलान किया था। फ़िल्म का वीडियो टीज़र शेयर किया था। अब फ़िल्म का एक और टीज़र वीडियो जारी किया गया है, जिसमें टाइगर के लुक की झलक दिखायी गयी है। टाइगर ने यह वीडियो सोशल मीडिया में साझा किया है, जिसमें उनका अतरंगी स्टाइल नज़र आ रहा है। रंग-बिरंगी शर्ट, पेट तक खुले बटन और अंदर से झांकती कसी हुई मांसपेशियां, अंगुलियों के बीच दबी सिगरेट. . . टाइगर पहली बार इतना स्वैग दिखाते हुए नज़र आ रहे हैं। वीडियो में उनका वॉयसओवर है- जब मैं डरता हूं तो बहुत मारता हूं। इस वीडियो के साथ टाइगर ने लिखा- यारों का यार हूं, दुश्मनों का बाप हूं। गणपत का फ़र्स्ट लुक हाज़िर है। इस टीज़र वीडियो में दी गयी जानकारी के अनुसार, फ़िल्म की शूटिंग दो हज़ार इक्कीस में शुरू होगी। फ़िल्म का निर्देशन विकास बहल कर रहे हैं, जो चौंकाने वाली जानकारी है, क्योंकि विकास की यह पहली हार्डकोर एक्शन फ़िल्म होगी। वो भी टाइगर श्रॉफ के साथ। फ़िल्म का निर्माण वासु भगनानी और जैकी भगनानी कर रहे हैं। टाइगर श्रॉफ ने बॉलीवुड के स्टार किड्स में अपने लिए एक अलग जगह बनायी है। बॉलीवुड के नौजवान सितारों में बहुत कम ऐसे हैं, जो टाइगर जैसा एक्शन करने का माद्दा रखते हों और यही ख़ूबी उन्हें दूसरों से अलग करती है। टाइगर अधिकांश ऐसी फ़िल्मों का चुनाव कर रहे हैं, जिनमें उनके एक्शन और डांसिंग स्किल्स खुलकर सामना आयें। हाल ही में टाइगर श्रॉफ की दो और एक्शन फ़िल्मों का एलान हो चुका है। एक है हीरोपंती दो और दूसरी बाग़ी चार। ये दोनों फ़िल्में टाइगर की फ़िल्मों की फ्रेंचाइजी हैं। हीरोपंती से टाइगर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हीरोपंती दो को अहमद ख़ान निर्देशित कर रहे हैं, जो टाइगर को बाग़ी दो और बाग़ी तीन में डायरेक्ट कर चुके हैं। हीरोपंती में तारा सुतारिया टाइगर के साथ फीमेल लीड में हैं। इस फ़िल्म की शूटिंग दिसम्बर से शुरू होगी। इसके बाद बाग़ी चार शुरू करेंगे। इन दोनों फ़िल्मों का निर्माण साजिद नाडियाडवाला कर रहे हैं।
ठाकुर जगमोहन सिंह हिंदी के प्रसिद्ध प्रेमी कवियों - रसखान थालम, घनानंद, बोधा, ठाकुर और भारतेन्दु हरिश्चंद्र की परम्परा के अंतिम कवि थे जिन्होंने प्रेममय जीवन व्यतीत किया और जिनके साहित्य में प्रेम की उत्कृष्ट और स्वाभाविक व्यंजना हुई है। प्रेम को इन्होंने जीवन दर्शन के रूप में स्वीकार किया था। 'श्यामालता' ( सं०१९४२ ) के समर्पण में उन्होंने अपने प्रेमी जीवन की एक झाँकी प्रस्तुत भी है। उस समर्पण का आरम्भ देखिए : मैने तुम्हारे अनेक नाम धरे हैं क्योंकि तुम मेरे इट हौ न ओर तुम्हारे तो अनेक नाम शास्त्र वेद पुरान काव्य स्वयं गा रहे हैं तो फिर मेरे अकेले नाम धरने से क्या होता है। तुम्हारे सबसे अच्छे नाम श्यामा, दुर्गा, पार्वती, लक्ष्मी, वैष्णवी, त्रिपुरसुदरी, श्यामसुंदरी, मनमोहिनी, त्रिभुवन मोहिनी, शैलोक्य विजयिनी, सुभद्रा, घह्माणी, अनादिनी, देवी, जगन्मोहिनी इत्यादि, - इनमें से मैं तुम्हें कोई एक नाम से पुकार सकता हूँ । पर उपासना भेद से तथा इस काव्य को देश में इस समय केवल श्यामा ही कहूँगा । यदि में कदाचित् तुम्हें ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण, बलदेव, नंदगोपाल, माधव, ब्रजचंद्र या प्राणेश प्रभृति नाम से गाऊँ तो भी सब ठीक है। क्योंकि "अनेक रूप रूपाय" यह गीत तुम्हारा पहिले हो से गाया है। और 'मोमें तोमें खन सम्भ में यह भी सभी जानते हैं। सम्हारना-गुस्सा मत होना। हमको सिवाय तेरे और किसी का बल नहीं हूँ तू मेरी इष्ट देवता है। और उसी समर्पण का अंत इस प्रकार किया गया ¡ मुझे तो कुछ चेत नही कि क्या करता हूँ वा क्या कहता हूँ । अधमोद्धारिनि ! इस अधम का उद्धार करो इस अधम का कर गहो। और अपने शरण में राखो । यह मेरे प्रेम का उद्द्वार है। तूने मुझे कहने की शक्ति दी। मेरी लेखनी को शक्ति दी तभी तो इतना यक भी गया। यह मेरा सच्चा प्रेम है कुछ ऊपर का नहीं जो लोग हँसे । हँसगे वही जो मूर्ख हैं भरम में वही पड़ेगे जिनके पापी हृदय हैं मैं तो सदा का पापी हूँ अपने को नहीं कहता तेरे शरणागत हूँ "पाहिमाम्" ~ अपनी दया की कोर से मुझे अपनी ओर करो । मुख मत मोरो इसमें तुम्हारी हँसी होगी अपनाय के अब दूसरों के मत बनाओ - यहाँ तेरे नाम की माला सदा जपते हैं जपना क्या तेरा नाम मेरी हर एक हड्डी में मुद्रित हो गया है। चाहे तो देख लेव-हूँ कहाँ तक "गिरा अनयन नयन बिनु बानी" और जहाँ तक तुम्हें जाँच करनी हो कर लो मेरी भक्ति इतने ही से जान लेना : "शेचन मगु रामहि उर भानी । दीन्हे पल्क कपाट सयानी ।" "तत्व प्रेम कर सम अरु तोरा । जानत प्रिया एक मन मोरा ॥ सो मन सदा वसत तुहि पाहीं । जानु प्रोति रस इतनेहि माहीं ॥" नाम पाहरू रात दिन ध्यान तुम्हार कपाट । लोचन निज पद यत्रित जाहि प्राण केहि बाट ॥ इत्यादि से समझ लेना-दया राखो और इसे महण करो क्योंकि यह सब तुम्हीं को समर्पित है। इसी प्रकार 'देवयानी' के समर्पण में भी श्यामा को सम्मोधन पर पनि ने स्वीकार किया है : इस देवयानी और ययाति के (की) सरल प्रीति के विवरन की सार तुम्ही हौ - किसी न किसी मिस से तुम्हारा जप, तप और ध्यान करी लेता हूँ इसमें भी हमारा तुम्हारा प्रेम गाया गया है - पर प्रकट रूप में नहीं क्योंकि इसके सुनने के पात्र तो कोई भी नहीं है मैं तो तेश हो चुका - उसी दिन - जिस दिन तुमने मुझे कृतार्थ किया था - 'श्यामा सरोजनी' भी उसी श्यामा को समर्पित किया गया है। अस्तु, 'श्यामास्वप्न', 'दयामालता', 'देवयानी' और 'श्यामा सरोजनी' सभी मे कनि ने अपने प्रेम और प्रेमी जीवन की अभिव्यक्ति की है। इतना ही नहीं इनके अनुवादित ग्रंथों में भी प्रेम की ही चर्चा है । इस प्रेम स्वरूप कवि की प्रेमाभिव्यक्तियाँ वास्तन में भनूठी है। भारतेन्दु युग के इस प्रेमो करि ने अपनी रचनाओ मे जहाँ तहाँ अपना परिचय भी दे दिया है। पुस्तकों के मुखपृष्ठ पर हो वे अपना पर्याप्त परिचय हिन्दी और एगरेनी दोनों में दे दिया करते थे। 'देवयानी' के मुखपृष्ठ पर ऊपर देवनागरी में शीर्षक और भरना संक्षिप्त परिचय देकर नीचे उन्होंने भँगरेजी में लिखा है : Devayani-Story of Devayani and YayatiTranslated from the original Sanskrita, of the Mahabharata into Hindi verse by Thakur Jagmohan Sinha, Member of the Royal Asiatic Society of Great Britain and Ireland-son of the late Chief of Bijayraghogarh C. P., Author of the Hindi version of the Meghduta, Ritu-Samhar, Kumarsambhava, Life of Ramlochan Prasad, Pramitakshar Dipika Prem-Ratnakar,
ठाकुर जगमोहन सिंह हिंदी के प्रसिद्ध प्रेमी कवियों - रसखान थालम, घनानंद, बोधा, ठाकुर और भारतेन्दु हरिश्चंद्र की परम्परा के अंतिम कवि थे जिन्होंने प्रेममय जीवन व्यतीत किया और जिनके साहित्य में प्रेम की उत्कृष्ट और स्वाभाविक व्यंजना हुई है। प्रेम को इन्होंने जीवन दर्शन के रूप में स्वीकार किया था। 'श्यामालता' के समर्पण में उन्होंने अपने प्रेमी जीवन की एक झाँकी प्रस्तुत भी है। उस समर्पण का आरम्भ देखिए : मैने तुम्हारे अनेक नाम धरे हैं क्योंकि तुम मेरे इट हौ न ओर तुम्हारे तो अनेक नाम शास्त्र वेद पुरान काव्य स्वयं गा रहे हैं तो फिर मेरे अकेले नाम धरने से क्या होता है। तुम्हारे सबसे अच्छे नाम श्यामा, दुर्गा, पार्वती, लक्ष्मी, वैष्णवी, त्रिपुरसुदरी, श्यामसुंदरी, मनमोहिनी, त्रिभुवन मोहिनी, शैलोक्य विजयिनी, सुभद्रा, घह्माणी, अनादिनी, देवी, जगन्मोहिनी इत्यादि, - इनमें से मैं तुम्हें कोई एक नाम से पुकार सकता हूँ । पर उपासना भेद से तथा इस काव्य को देश में इस समय केवल श्यामा ही कहूँगा । यदि में कदाचित् तुम्हें ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण, बलदेव, नंदगोपाल, माधव, ब्रजचंद्र या प्राणेश प्रभृति नाम से गाऊँ तो भी सब ठीक है। क्योंकि "अनेक रूप रूपाय" यह गीत तुम्हारा पहिले हो से गाया है। और 'मोमें तोमें खन सम्भ में यह भी सभी जानते हैं। सम्हारना-गुस्सा मत होना। हमको सिवाय तेरे और किसी का बल नहीं हूँ तू मेरी इष्ट देवता है। और उसी समर्पण का अंत इस प्रकार किया गया ¡ मुझे तो कुछ चेत नही कि क्या करता हूँ वा क्या कहता हूँ । अधमोद्धारिनि ! इस अधम का उद्धार करो इस अधम का कर गहो। और अपने शरण में राखो । यह मेरे प्रेम का उद्द्वार है। तूने मुझे कहने की शक्ति दी। मेरी लेखनी को शक्ति दी तभी तो इतना यक भी गया। यह मेरा सच्चा प्रेम है कुछ ऊपर का नहीं जो लोग हँसे । हँसगे वही जो मूर्ख हैं भरम में वही पड़ेगे जिनके पापी हृदय हैं मैं तो सदा का पापी हूँ अपने को नहीं कहता तेरे शरणागत हूँ "पाहिमाम्" ~ अपनी दया की कोर से मुझे अपनी ओर करो । मुख मत मोरो इसमें तुम्हारी हँसी होगी अपनाय के अब दूसरों के मत बनाओ - यहाँ तेरे नाम की माला सदा जपते हैं जपना क्या तेरा नाम मेरी हर एक हड्डी में मुद्रित हो गया है। चाहे तो देख लेव-हूँ कहाँ तक "गिरा अनयन नयन बिनु बानी" और जहाँ तक तुम्हें जाँच करनी हो कर लो मेरी भक्ति इतने ही से जान लेना : "शेचन मगु रामहि उर भानी । दीन्हे पल्क कपाट सयानी ।" "तत्व प्रेम कर सम अरु तोरा । जानत प्रिया एक मन मोरा ॥ सो मन सदा वसत तुहि पाहीं । जानु प्रोति रस इतनेहि माहीं ॥" नाम पाहरू रात दिन ध्यान तुम्हार कपाट । लोचन निज पद यत्रित जाहि प्राण केहि बाट ॥ इत्यादि से समझ लेना-दया राखो और इसे महण करो क्योंकि यह सब तुम्हीं को समर्पित है। इसी प्रकार 'देवयानी' के समर्पण में भी श्यामा को सम्मोधन पर पनि ने स्वीकार किया है : इस देवयानी और ययाति के सरल प्रीति के विवरन की सार तुम्ही हौ - किसी न किसी मिस से तुम्हारा जप, तप और ध्यान करी लेता हूँ इसमें भी हमारा तुम्हारा प्रेम गाया गया है - पर प्रकट रूप में नहीं क्योंकि इसके सुनने के पात्र तो कोई भी नहीं है मैं तो तेश हो चुका - उसी दिन - जिस दिन तुमने मुझे कृतार्थ किया था - 'श्यामा सरोजनी' भी उसी श्यामा को समर्पित किया गया है। अस्तु, 'श्यामास्वप्न', 'दयामालता', 'देवयानी' और 'श्यामा सरोजनी' सभी मे कनि ने अपने प्रेम और प्रेमी जीवन की अभिव्यक्ति की है। इतना ही नहीं इनके अनुवादित ग्रंथों में भी प्रेम की ही चर्चा है । इस प्रेम स्वरूप कवि की प्रेमाभिव्यक्तियाँ वास्तन में भनूठी है। भारतेन्दु युग के इस प्रेमो करि ने अपनी रचनाओ मे जहाँ तहाँ अपना परिचय भी दे दिया है। पुस्तकों के मुखपृष्ठ पर हो वे अपना पर्याप्त परिचय हिन्दी और एगरेनी दोनों में दे दिया करते थे। 'देवयानी' के मुखपृष्ठ पर ऊपर देवनागरी में शीर्षक और भरना संक्षिप्त परिचय देकर नीचे उन्होंने भँगरेजी में लिखा है : Devayani-Story of Devayani and YayatiTranslated from the original Sanskrita, of the Mahabharata into Hindi verse by Thakur Jagmohan Sinha, Member of the Royal Asiatic Society of Great Britain and Ireland-son of the late Chief of Bijayraghogarh C. P., Author of the Hindi version of the Meghduta, Ritu-Samhar, Kumarsambhava, Life of Ramlochan Prasad, Pramitakshar Dipika Prem-Ratnakar,
कोरियाई टीम 2003 के बाद पहली बार खिताब के करीब है। उसने अब तक तीन बार यह खिताब जीता है। दूसरी ओर, चीन की टीम 12वीं बार यह खिताब जीतने के लिए प्रयासरत है। चीनी टीम लगातार सातवीं बार चैम्पियन बनने की कोशिश करेगी। चीन ने क्वार्टर फाइनल में भारत को मात दी थी। (IANS)
कोरियाई टीम दो हज़ार तीन के बाद पहली बार खिताब के करीब है। उसने अब तक तीन बार यह खिताब जीता है। दूसरी ओर, चीन की टीम बारहवीं बार यह खिताब जीतने के लिए प्रयासरत है। चीनी टीम लगातार सातवीं बार चैम्पियन बनने की कोशिश करेगी। चीन ने क्वार्टर फाइनल में भारत को मात दी थी।
Quick links: IPL 2023 में एमएस धोनी (MS Dhoni) की टीम चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) शानदार फॉर्म में चल रही है। लेकिन एक ऐसी खबर भी सामने आ रही है जिसके कारण CSK फैंस अभी से टेंशन में नजर आ रहे हैं। धोनी अब 41 साल के हो गए हैं और इसकी कयास लगाई जा रही है कि वो इस सीजन के बाद IPL से संन्यास ले लेंगे। अब इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान इयोन मोर्गन (Eoin Morgan) ने माही को लेकर बड़ी बात बोल दी है। अपने पिछले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) को हराने के बाद एमएस धोनी ने कहा कि वो अपने करियर की आखिरी दौर में हैं। उनके इस बयान के बाद फैंस ये अनुमान लगाने लगे कि माही इस सीजन के बाद आईपीएल से संन्यास ले लेंगे। 2019 में इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान इयोन मोर्गन ने एमएस धोनी की तारीफ करते हुए बड़ी बात बोल दी है। उन्होंने माही की लीडरशिप और मैदान पर उनकी शांत नेचर की सराहना की। इयोन मोर्गन ने जियो सिनेमा पर बातचीत के दौरान कहा कि धोनी खेल के दौरान जीवंत रहते हैं। मैच के बाद वो युवा खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव शेयर करते हैं जो कमाल की बात है। इयोन मोर्गन ने आगे कहा कि एमएस धोनी जब आईपीएल से संन्यास ले लेंगे तब चेन्नई सुपर किंग्स के युवा खिलाड़ियों को उनकी कमी महसूस होगी। यंग खिलाड़ी धोनी को एक लीडर के तौर पर देखते हैं। यह भी पढ़ेंः VIDEO: जिससे हाथ मिलाने को दुनिया रहती है बेकरार, उस खिलाड़ी को एक बच्ची ने क्यों किया इनकार? मोर्गन ने कहा कि धोनी जब आईपीएल से संन्यास लेंगे तो सबसे ज्यादा याद उनकी लीडरशिप की आएगी। वो जो टीम के खिलाड़ियों पर अपना प्रभाव डालते थे वो कोई और नहीं डाल पाएगा। यह भी पढ़ेंः GT Vs LSG Dream 11: लखनऊ और गुजरात टीम के इन खिलाड़ियो को चुनकर बनाएं मजबूत ड्रीम 11 और बने करोड़पति!
Quick links: IPL दो हज़ार तेईस में एमएस धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स शानदार फॉर्म में चल रही है। लेकिन एक ऐसी खबर भी सामने आ रही है जिसके कारण CSK फैंस अभी से टेंशन में नजर आ रहे हैं। धोनी अब इकतालीस साल के हो गए हैं और इसकी कयास लगाई जा रही है कि वो इस सीजन के बाद IPL से संन्यास ले लेंगे। अब इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान इयोन मोर्गन ने माही को लेकर बड़ी बात बोल दी है। अपने पिछले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को हराने के बाद एमएस धोनी ने कहा कि वो अपने करियर की आखिरी दौर में हैं। उनके इस बयान के बाद फैंस ये अनुमान लगाने लगे कि माही इस सीजन के बाद आईपीएल से संन्यास ले लेंगे। दो हज़ार उन्नीस में इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान इयोन मोर्गन ने एमएस धोनी की तारीफ करते हुए बड़ी बात बोल दी है। उन्होंने माही की लीडरशिप और मैदान पर उनकी शांत नेचर की सराहना की। इयोन मोर्गन ने जियो सिनेमा पर बातचीत के दौरान कहा कि धोनी खेल के दौरान जीवंत रहते हैं। मैच के बाद वो युवा खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव शेयर करते हैं जो कमाल की बात है। इयोन मोर्गन ने आगे कहा कि एमएस धोनी जब आईपीएल से संन्यास ले लेंगे तब चेन्नई सुपर किंग्स के युवा खिलाड़ियों को उनकी कमी महसूस होगी। यंग खिलाड़ी धोनी को एक लीडर के तौर पर देखते हैं। यह भी पढ़ेंः VIDEO: जिससे हाथ मिलाने को दुनिया रहती है बेकरार, उस खिलाड़ी को एक बच्ची ने क्यों किया इनकार? मोर्गन ने कहा कि धोनी जब आईपीएल से संन्यास लेंगे तो सबसे ज्यादा याद उनकी लीडरशिप की आएगी। वो जो टीम के खिलाड़ियों पर अपना प्रभाव डालते थे वो कोई और नहीं डाल पाएगा। यह भी पढ़ेंः GT Vs LSG Dream ग्यारह: लखनऊ और गुजरात टीम के इन खिलाड़ियो को चुनकर बनाएं मजबूत ड्रीम ग्यारह और बने करोड़पति!
चरखी दादरी,16 जून (निस) अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन 21 जून को सुबह 6 बजे स्थानीय नयी अनाजमंडी परिसर में किया जाएगा। भिवानी के सांसद धर्मबीर सिंह मुख्य अतिथि होंगे। बृस्पतिवार को अधिकारियों की मीटिंग में नगराधीश नरेंद्र कुमार ने योग दिवस को लेकर दिशा-निर्देश दिए। बाढड़ा की विधायक नैना सिंह चौटाला एवं दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान विशिष्ट अतिथि होंगे। बैठक में आयुष विभाग के डॉ. राकेश वशिष्ठ, जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट, उप जिला शिक्षा अधिकारी जलधीर कलकल, सुंदर सिंह, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित लांबा, जिला खेल अधिकारी प्रीतम सिंह, परिवहन विभाग के यातायात प्रबंधक दीपक खत्री इत्यादि उपस्थित रहे।
चरखी दादरी,सोलह जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन इक्कीस जून को सुबह छः बजे स्थानीय नयी अनाजमंडी परिसर में किया जाएगा। भिवानी के सांसद धर्मबीर सिंह मुख्य अतिथि होंगे। बृस्पतिवार को अधिकारियों की मीटिंग में नगराधीश नरेंद्र कुमार ने योग दिवस को लेकर दिशा-निर्देश दिए। बाढड़ा की विधायक नैना सिंह चौटाला एवं दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान विशिष्ट अतिथि होंगे। बैठक में आयुष विभाग के डॉ. राकेश वशिष्ठ, जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट, उप जिला शिक्षा अधिकारी जलधीर कलकल, सुंदर सिंह, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित लांबा, जिला खेल अधिकारी प्रीतम सिंह, परिवहन विभाग के यातायात प्रबंधक दीपक खत्री इत्यादि उपस्थित रहे।
"लड़की के लिए बढ़िया वर लाया हूँ। लड़के में बस, एक ही खराबी है। जरा ठिगना है। " "क्या हुआ। अगर ठिगना है। बहुत अच्छा है। जो कुछ कहा जायेगा, वैसे ही करेगा।" रामघारी ने कहा । ठीक कहा, पर एक बात है। जब तक हम झुककर बात नहीं करते तब तक वह जवाब नहीं देता। ठिगना है न?" शादी के दलाल ने कहा। इस में क्या है यह तो कोई बड़ा काम नहीं है। उसी तरह बात करेंगे।" रामधारी ने सन्तुष्ट होकर कहा। उसे देखा गाला गया। शादी भी हो गई और और विवाह की वेदिका पर ही, रामधारी ने, दामाद पर रौब जमाना चाहा। परन्तु उसने उसकी परवाह न की। जब तक उसने झुककर बात न की, उसने जवाब भी न दिया विवाह होते ही, वर-वधु को मन्दिर में ले गये । रास्ते में रामधारी ने शादी के दलाल से कहा - "क्या, दामाद से हमेशा झुककर ही बात करनी होगी? बड़ी तकलीफ हो रही है। " इतने में सब मन्दिर के द्वार के पास पहुँचे। द्वार बड़ा छोटा और नीचा था। सब तो सिर झुकाकर, अन्दर गये, पर चम्मचलाल, बिना सिर झुकाये ही अन्दर चला गया । "देखा....! वह भगवान के सामने ही सिर नहीं झुकाता है। क्यों हमारे सामने झुकायेगा ?" शादी के दलाल ने कहा। यह सुन रामधारी के मुँह पर ताला पड़ गया।
"लड़की के लिए बढ़िया वर लाया हूँ। लड़के में बस, एक ही खराबी है। जरा ठिगना है। " "क्या हुआ। अगर ठिगना है। बहुत अच्छा है। जो कुछ कहा जायेगा, वैसे ही करेगा।" रामघारी ने कहा । ठीक कहा, पर एक बात है। जब तक हम झुककर बात नहीं करते तब तक वह जवाब नहीं देता। ठिगना है न?" शादी के दलाल ने कहा। इस में क्या है यह तो कोई बड़ा काम नहीं है। उसी तरह बात करेंगे।" रामधारी ने सन्तुष्ट होकर कहा। उसे देखा गाला गया। शादी भी हो गई और और विवाह की वेदिका पर ही, रामधारी ने, दामाद पर रौब जमाना चाहा। परन्तु उसने उसकी परवाह न की। जब तक उसने झुककर बात न की, उसने जवाब भी न दिया विवाह होते ही, वर-वधु को मन्दिर में ले गये । रास्ते में रामधारी ने शादी के दलाल से कहा - "क्या, दामाद से हमेशा झुककर ही बात करनी होगी? बड़ी तकलीफ हो रही है। " इतने में सब मन्दिर के द्वार के पास पहुँचे। द्वार बड़ा छोटा और नीचा था। सब तो सिर झुकाकर, अन्दर गये, पर चम्मचलाल, बिना सिर झुकाये ही अन्दर चला गया । "देखा....! वह भगवान के सामने ही सिर नहीं झुकाता है। क्यों हमारे सामने झुकायेगा ?" शादी के दलाल ने कहा। यह सुन रामधारी के मुँह पर ताला पड़ गया।
थी, उनके अनेक विशिष्ट धर्म थे । अन्यान्य पदार्थों में हम सब विशिष्ट धर्मोका प्रभाव था। स्वप, रौप्य, ताम्र सोस, रङ्ग, लौह, पारद ये सब धात गुरुभार-विशिष्ट है, इनमें उजलापन और चमक दमक है, सभी (पारद अवश्य है और कठिन अवस्था में ) घात-सह हैं । उन पर चोट देने से पत्तर होता है । बजानेसे भी एक प्रकारका विशेष शब्द निकलता है, इत्यादि धर्म घासबत्व के निर्णायक थे । किन्तु अभी परिमित धातुको संख्या इतनी अधिक है और वे इतने विभिन्न तथा विरुद्ध धर्मा कान्स हैं, कि इस प्रकार के धात पदार्थ के विशेष धर्म. का निर्देश करना दुःसाधा है। पटाशक, सर्जक आदि धात, अलकी अपेक्षा लघु है। पान्तिमनि, विसमथ आदि धातु उतनी घातसह नहीं है । तेल रक ( Telhurium, नामक अपघात, ग्राफाइट नामक भार (जिससे पेन्सिल तैयार होती है। ये मज पदार्थ यद्यपि धासु नहीं हैं, तो भी धातु के जैसा उनमें चमक दमक है । यया थंधात और अपधात इन दो नामको पारिभाषिक सांज्ञा देना हो कठिन है। किसने पदार्थ ऐसे हैं, यथा- पार्मोनिक, आन्तिमनि, तेल रक इत्यादि, जिन्हें थोड़ो गुणों के कारण धात की श्रेणी में और थोड़े गुलक कारण श्रधात को श्रेणी में रख सकते हैं। नीचे कुछ स्थल धर्मका उल्लेख किया जाता है। अधिकांश धातुमें हो ये सब धर्म पाये जाते हैं। ( १ ) धात का प्रापेक्षिक गुरुत्व साधारणतः प धात की अपेक्षा अधिक है । जलको त लना में प्रातिनक वा गुरुत्ल २१, स्वर्ण का १८, पारदका १३५, सोसकका ११ ई, इत्यादि । पचान्तर में पटासक, सर्जक, लियक बादि जलको अपेक्षा लघु है । ( २ ) अत्यन्त उष्ण नहीं होने पर धात, पदार्थ न तो द्रवीभूत होता है और न वाष्पीभूत धातु में एक पारद सहज में तरल है और नवाविष्क त हेलिक वायवीय है। विवजनादि अपधात सहज अवस्था में वायवीय और ब्रोमिन, तरल अवस्था में रहता है। गन्धक, पायो दोन, फासनिक पदार्थ सहजमें बाबीभूत हो जाते हैं। पचान्तर में पाक मिलिक, बोरक यादि भवधात्, सहज । मेंद्रीभूत वा बाष्पीभूत हो। ( ३ ) साथ और ताड़ित परिचालनको चमता धातु, पदार्थको अत्यन्त अधिक है । अपधात साधारणतः अपरिचालक है 1 अपघात में ग्राफाइट, प्रकार, तेलुरक आादिको परिचालन क्षमता कुछ अधिक है । ) घातसहता, तान्तवता यादि बहुतमे धम' धातु पदार्थ में वर्तमान हैं। इससे उन्हें पोट कर और खींच कर तार बनाया जाता है । अपधात घोंमें जो सहजमें कठिनावस्था में रहतो है। (जैसे भङ्गार, गन्धक इत्यादि ) वे साधारणतः भङ्गप्रवण है । ( ५ ) धात, पदार्थ के पृष्ठदेश पर एक प्रकारका प्रोज्वल्य वा चाकचिक्य देखा जाता है, स्वर्ण, रौप्य, ताम्रादि धात पदार्थों में ये गुण विशेष रूप से वर्तम.न हैं। इससे उन सब द्रों में अच्छी तरह पालिग कर सकते हैं। यही कारण है, कि धातु पदार्थ से दर्पण तथा अलहारादि बनाये जाते हैं। तेल रक, ग्राफाइट, कठिना वस्थ पायोदोन आदिमें उजलापन कम देखा जाता है । ( ६ ) धातुद्रवा साधारणतः भालोक के लिये स्वच्छताहोन है । पालोक उसे भेद कर नहीं जा सकता । भक्सिजनादि वायवीय अपधात सम्पूर्ण स्वच्छ हैं । गन्धकादिके भीतर हो कर भालोक कुछ कुछ जा सकताहै । पचान्तर अङ्गार अपधासु, होने पर भी वह लि कुल स्वच्छताहीन है । जिनमें ताड़ित परिचालनको क्षमता अधिक है उनमें यहो तत्व प्रभो निर्णीत हुआ है। ( ७ ) घात पदार्थ पर प्राघात करने से एक प्रकारका मोठा शब्द निकलता है । अपधात निर्मित पदार्थों में इस गुणका प्रभाव हं । (८) धातु पदार्थ में अक्सिजन मिलाने से चार उत्पन होता है। अक्सिजनके योग से अपधातु उत्पादन करतो है। चार और के योगसे लवण उत्पन्न होता है। साधारण नियम यह है कि धातुका Oxide चारजनक (basic) है और उपधातुका Oxide बम्बोत्पादक (acid forming ) । साधारण नियम ऐसा होने पर भी इसमें व्यभिचार हैं। अनेक धातुषार्म एकाधिक oxide है; एक हो धातुः विभिन्न परिणाम जिन ग्रहण करतो है, जैसे
थी, उनके अनेक विशिष्ट धर्म थे । अन्यान्य पदार्थों में हम सब विशिष्ट धर्मोका प्रभाव था। स्वप, रौप्य, ताम्र सोस, रङ्ग, लौह, पारद ये सब धात गुरुभार-विशिष्ट है, इनमें उजलापन और चमक दमक है, सभी घात-सह हैं । उन पर चोट देने से पत्तर होता है । बजानेसे भी एक प्रकारका विशेष शब्द निकलता है, इत्यादि धर्म घासबत्व के निर्णायक थे । किन्तु अभी परिमित धातुको संख्या इतनी अधिक है और वे इतने विभिन्न तथा विरुद्ध धर्मा कान्स हैं, कि इस प्रकार के धात पदार्थ के विशेष धर्म. का निर्देश करना दुःसाधा है। पटाशक, सर्जक आदि धात, अलकी अपेक्षा लघु है। पान्तिमनि, विसमथ आदि धातु उतनी घातसह नहीं है । तेल रक धात का प्रापेक्षिक गुरुत्व साधारणतः प धात की अपेक्षा अधिक है । जलको त लना में प्रातिनक वा गुरुत्ल इक्कीस, स्वर्ण का अट्ठारह, पारदका एक सौ पैंतीस, सोसकका ग्यारह ई, इत्यादि । पचान्तर में पटासक, सर्जक, लियक बादि जलको अपेक्षा लघु है । अत्यन्त उष्ण नहीं होने पर धात, पदार्थ न तो द्रवीभूत होता है और न वाष्पीभूत धातु में एक पारद सहज में तरल है और नवाविष्क त हेलिक वायवीय है। विवजनादि अपधात सहज अवस्था में वायवीय और ब्रोमिन, तरल अवस्था में रहता है। गन्धक, पायो दोन, फासनिक पदार्थ सहजमें बाबीभूत हो जाते हैं। पचान्तर में पाक मिलिक, बोरक यादि भवधात्, सहज । मेंद्रीभूत वा बाष्पीभूत हो। साथ और ताड़ित परिचालनको चमता धातु, पदार्थको अत्यन्त अधिक है । अपधात साधारणतः अपरिचालक है एक अपघात में ग्राफाइट, प्रकार, तेलुरक आादिको परिचालन क्षमता कुछ अधिक है । ) घातसहता, तान्तवता यादि बहुतमे धम' धातु पदार्थ में वर्तमान हैं। इससे उन्हें पोट कर और खींच कर तार बनाया जाता है । अपधात घोंमें जो सहजमें कठिनावस्था में रहतो है। वे साधारणतः भङ्गप्रवण है । धात, पदार्थ के पृष्ठदेश पर एक प्रकारका प्रोज्वल्य वा चाकचिक्य देखा जाता है, स्वर्ण, रौप्य, ताम्रादि धात पदार्थों में ये गुण विशेष रूप से वर्तम.न हैं। इससे उन सब द्रों में अच्छी तरह पालिग कर सकते हैं। यही कारण है, कि धातु पदार्थ से दर्पण तथा अलहारादि बनाये जाते हैं। तेल रक, ग्राफाइट, कठिना वस्थ पायोदोन आदिमें उजलापन कम देखा जाता है । धातुद्रवा साधारणतः भालोक के लिये स्वच्छताहोन है । पालोक उसे भेद कर नहीं जा सकता । भक्सिजनादि वायवीय अपधात सम्पूर्ण स्वच्छ हैं । गन्धकादिके भीतर हो कर भालोक कुछ कुछ जा सकताहै । पचान्तर अङ्गार अपधासु, होने पर भी वह लि कुल स्वच्छताहीन है । जिनमें ताड़ित परिचालनको क्षमता अधिक है उनमें यहो तत्व प्रभो निर्णीत हुआ है। घात पदार्थ पर प्राघात करने से एक प्रकारका मोठा शब्द निकलता है । अपधात निर्मित पदार्थों में इस गुणका प्रभाव हं । धातु पदार्थ में अक्सिजन मिलाने से चार उत्पन होता है। अक्सिजनके योग से अपधातु उत्पादन करतो है। चार और के योगसे लवण उत्पन्न होता है। साधारण नियम यह है कि धातुका Oxide चारजनक है और उपधातुका Oxide बम्बोत्पादक । साधारण नियम ऐसा होने पर भी इसमें व्यभिचार हैं। अनेक धातुषार्म एकाधिक oxide है; एक हो धातुः विभिन्न परिणाम जिन ग्रहण करतो है, जैसे
ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मुरैना में वन विभाग (Forest) की दबंग महिला अधिकारी एसडीओ श्रद्धा पांढरे (SDO Shraddha Pandhare) पर हुए हमले की सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने निंदा की है उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में मुख्यमंत्री जी से बात करूंगा, तहकीकात होगी। सिंधिया ने कहा कि अवैध उत्खनन के खिलाफ मेरा झंडा हमेशा से ही बरक़रार रहा है। ग्वालियर पहुंचे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अवैध उत्खनन किसी का भी हो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुरैना में वन विभाग की दबंग महिला अधिकारी एसडीओ श्रद्धा मांढरे पर हमले के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि मुझे अभी जानकारी मिली है मैं प्रशासन से बात करूँगा और मुख्यमंत्री जी से भी बात करूंगा। इस मामले की तहकीकात होनी चाहिए। सांसद सिंधिया ने कहा कि अवैध उत्खनन के खिलाफ मेरा झंडा हमेशा बरकरार रहा है। जो लोग सरकार को रॉयल्टी देते हैं उनकी सुरक्षा भी होनी चाहिए और जो अवैध उत्खनन करते हैं उनपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मुरैना में वन विभाग की दबंग महिला अधिकारी एसडीओ श्रद्धा पांढरे पर हुए हमले की सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निंदा की है उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में मुख्यमंत्री जी से बात करूंगा, तहकीकात होगी। सिंधिया ने कहा कि अवैध उत्खनन के खिलाफ मेरा झंडा हमेशा से ही बरक़रार रहा है। ग्वालियर पहुंचे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अवैध उत्खनन किसी का भी हो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुरैना में वन विभाग की दबंग महिला अधिकारी एसडीओ श्रद्धा मांढरे पर हमले के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि मुझे अभी जानकारी मिली है मैं प्रशासन से बात करूँगा और मुख्यमंत्री जी से भी बात करूंगा। इस मामले की तहकीकात होनी चाहिए। सांसद सिंधिया ने कहा कि अवैध उत्खनन के खिलाफ मेरा झंडा हमेशा बरकरार रहा है। जो लोग सरकार को रॉयल्टी देते हैं उनकी सुरक्षा भी होनी चाहिए और जो अवैध उत्खनन करते हैं उनपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कपिल शर्मा की आने वाली फिल्म 'फिरंगी' में लीड रोल में नजर आने वाली इशिता दत्ता ने वत्सल सेठ से शादी कर ली है. जिसकी खूबसूरत तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है. Delhi के Yamuna Ghat के पास नहीं पहुंची Arvind Kejriwal की मदद, पानी में डुब चुका है पूरा इलाका! आखिर क्यों ढह रहा है बॉलीवुड, बड़े-बड़े स्टारों की चमक हो चुकी है फीकी?
कपिल शर्मा की आने वाली फिल्म 'फिरंगी' में लीड रोल में नजर आने वाली इशिता दत्ता ने वत्सल सेठ से शादी कर ली है. जिसकी खूबसूरत तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है. Delhi के Yamuna Ghat के पास नहीं पहुंची Arvind Kejriwal की मदद, पानी में डुब चुका है पूरा इलाका! आखिर क्यों ढह रहा है बॉलीवुड, बड़े-बड़े स्टारों की चमक हो चुकी है फीकी?
जगदलपुर। बस्तर यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह आज आयोजित किया गया, इस समारोह में 296 छात्र- छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ राज्यपाल महामहिम अनुसूइया उइके जगदलपुर पहुँची। यह सम्मान समारोह 6 वर्ष बाद आयोजित की गई है।
जगदलपुर। बस्तर यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह आज आयोजित किया गया, इस समारोह में दो सौ छियानवे छात्र- छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ राज्यपाल महामहिम अनुसूइया उइके जगदलपुर पहुँची। यह सम्मान समारोह छः वर्ष बाद आयोजित की गई है।
नई दिल्ली, 18 जुलाई : सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए गठित की गई प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय का कहना है कि उन्होंने बोर्ड के साथ मिलकर समिति की सिफारिशों को लागू करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके और इसी कारण अंततः उन्हें अदालत के पास ही जाना पड़ा। राय को लगता है कि उनके बोर्ड के सदस्यों के बीच सिफारिशों के बीच आम सहमति बनाने के सारे प्रयास एक तरीके से नाकाम रहे। राय ने क्रिकइंफो को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उन्होंने बीसीसीई के सदस्यों से अदालत के लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के आदेश के बाद कहा है कि उन्हें जो समस्या है उन्हें वो थोड़ा कम करें और एक बार फिर अदालत के सामने अपना पक्ष रखें। राय ने कहा कि उनका यह प्रयास बोर्ड में मौजूद कुछ लोगों के कारण विफल रहा।
नई दिल्ली, अट्ठारह जुलाई : सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए गठित की गई प्रशासकों की समिति के अध्यक्ष विनोद राय का कहना है कि उन्होंने बोर्ड के साथ मिलकर समिति की सिफारिशों को लागू करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके और इसी कारण अंततः उन्हें अदालत के पास ही जाना पड़ा। राय को लगता है कि उनके बोर्ड के सदस्यों के बीच सिफारिशों के बीच आम सहमति बनाने के सारे प्रयास एक तरीके से नाकाम रहे। राय ने क्रिकइंफो को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उन्होंने बीसीसीई के सदस्यों से अदालत के लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के आदेश के बाद कहा है कि उन्हें जो समस्या है उन्हें वो थोड़ा कम करें और एक बार फिर अदालत के सामने अपना पक्ष रखें। राय ने कहा कि उनका यह प्रयास बोर्ड में मौजूद कुछ लोगों के कारण विफल रहा।
मुंबईः अभिनेत्री रविजा चौहान ने कहा कि उनका इम्तियाज अली की लघु फिल्म से अपने रियर की शुरुआत करना सपने जैसा था। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली रविजा को इम्तियाज अली की लघु फिल्म 'इंडिया टुमॉरो' में एक वेश्या का किरदार निभाने का पहली बार मौका मिला था। रविजा ने शनिवार को एक साक्षात्कार में कहा, "एक दिन के अंदर ही मैं प्रोजेक्ट का हिस्सा थी। इम्तियाज अली जैसे निर्देशक के साथ पहले ब्रेक में काम करना सपने जैसा है। रविजा जल्द ही सृजित मुखर्जी के निर्देशन में बनी 'बेगम जान' के साथ बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं।
मुंबईः अभिनेत्री रविजा चौहान ने कहा कि उनका इम्तियाज अली की लघु फिल्म से अपने रियर की शुरुआत करना सपने जैसा था। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली रविजा को इम्तियाज अली की लघु फिल्म 'इंडिया टुमॉरो' में एक वेश्या का किरदार निभाने का पहली बार मौका मिला था। रविजा ने शनिवार को एक साक्षात्कार में कहा, "एक दिन के अंदर ही मैं प्रोजेक्ट का हिस्सा थी। इम्तियाज अली जैसे निर्देशक के साथ पहले ब्रेक में काम करना सपने जैसा है। रविजा जल्द ही सृजित मुखर्जी के निर्देशन में बनी 'बेगम जान' के साथ बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं।
दो दिन बाद शिखा डॉक्टर से मिलने गयी . उसे चेक करने के बाद डॉक्टर ने कहा " सब ठीक है . आपकी सी डी मैंने ही मंगवा लिया था यह सोच कर कि आप मेरे पास आएँगी ही . अभी देती हूँ , मेरी आलमारी में है . " बोल कर आलमारी से सी डी निकाल कर डॉक्टर ने उसे दे दिया . सी डी ले कर वह अपने घर लौटी और लैपटॉप पर सी डी देखने लगी . जो कुछ उसने देखा उससे उसकी रूह काँप उठी . बच्चे के छोटे छोटे हाथ पैर निकल आये थे . डॉक्टर का औजार जब उन्हें पकड़ने की कोशिश करता वह हाथ पैर फेंकता या गर्भ में अलग किसी कोने में खिसक जाता जैसे कोई आदमी कत्ल होने समय छटपटाता है और बचने की कोशिश करता है . बाद में उसके टुकड़े कर युट्रस से निकाल दिया गया . इस दृश्य को देख कर उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे . इधर विक्रम चेन्नई चला गया था . कुछ महीनों बाद विक्रम ने अपनी कलीग विजयलक्ष्मी से शादी कर ली . इस घटना के एक साल बाद शिखा की शादी एक सजातीय लड़के रमेश से हुई . तीन साल तक शिखा बच्चे के लिए तरसती रही . फिर एक दिन शिखा अपने पति के साथ उसी अस्पताल में डॉक्टर से मिली. डॉक्टर ने दोनों का टेस्ट कराया .रमेश को कोई प्रॉब्लम नहीं था . डॉक्टर ने शिखा को टेस्ट के बाद एकांत में बताया कि बार बार एबॉर्शन के चलते यूट्रस को इरिवरसिबल डैमेज हुआ है जिसके चलते आप माँ नहीं बन सकती हैं . शिखा ने डॉक्टर को पति को यह बात बताने से मना किया . " हाँ , मैंने भी सोच लिया है . पहले रिश्ते में ही सैरोगेट मदर ढूंढने की कोशिश करती हूँ . अगर कोई न मिली तो किराए की कोख लेनी होगी . शिखा और रमेश के परिवार के डोनर्स से जो सैम्पल्स मिले वे मैच नहीं कर रहे थे . कुछ दिनों बाद चेन्नई के कॉर्ड ब्लड बैंक से मिले एक सैंपल से सभी उम्मीद लगाए थे . वहां के कॉर्ड बैंक से एक डोनर के कॉर्ड ब्लड मिला जो सौभाग्यवश सनी के मैच का था . कॉर्ड ब्लड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बाद सनी की हालत सुधरने लगी . लगभग तीन महीने के बाद डॉक्टर ने कहा " अब चिंता की कोई बात नहीं है . टेस्ट्स से सेल ग्रोथ के पॉजिटिव रिपोर्ट मिले हैं . मुंह , पेट , आंत , मसल्स और बाल सभी के सेल्स को पूरी तरह रिग्रो करने में कुछ और समय लग सकता है . आपको अस्पताल से जल्द ही छुट्टी मिल जाएगी . फॉलो अप के लिए फिलहाल तीन तीन महीने के बाद आना होगा . विजयलक्ष्मी ने सब को बैठने के लिए कहा . तब तक विजया ट्रे में स्नैक्स , मिठाई आदि ले कर आई . शिखा के माता पिता विजया को देख रहे थे और शिखा ने जब उन्हें सवालिया नजरों से देखा तो उन्होंने नजरें झुका लीं . रमेश और विजया को छोड़ सभी बात की नजाकत समझ रहे थे .
दो दिन बाद शिखा डॉक्टर से मिलने गयी . उसे चेक करने के बाद डॉक्टर ने कहा " सब ठीक है . आपकी सी डी मैंने ही मंगवा लिया था यह सोच कर कि आप मेरे पास आएँगी ही . अभी देती हूँ , मेरी आलमारी में है . " बोल कर आलमारी से सी डी निकाल कर डॉक्टर ने उसे दे दिया . सी डी ले कर वह अपने घर लौटी और लैपटॉप पर सी डी देखने लगी . जो कुछ उसने देखा उससे उसकी रूह काँप उठी . बच्चे के छोटे छोटे हाथ पैर निकल आये थे . डॉक्टर का औजार जब उन्हें पकड़ने की कोशिश करता वह हाथ पैर फेंकता या गर्भ में अलग किसी कोने में खिसक जाता जैसे कोई आदमी कत्ल होने समय छटपटाता है और बचने की कोशिश करता है . बाद में उसके टुकड़े कर युट्रस से निकाल दिया गया . इस दृश्य को देख कर उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे . इधर विक्रम चेन्नई चला गया था . कुछ महीनों बाद विक्रम ने अपनी कलीग विजयलक्ष्मी से शादी कर ली . इस घटना के एक साल बाद शिखा की शादी एक सजातीय लड़के रमेश से हुई . तीन साल तक शिखा बच्चे के लिए तरसती रही . फिर एक दिन शिखा अपने पति के साथ उसी अस्पताल में डॉक्टर से मिली. डॉक्टर ने दोनों का टेस्ट कराया .रमेश को कोई प्रॉब्लम नहीं था . डॉक्टर ने शिखा को टेस्ट के बाद एकांत में बताया कि बार बार एबॉर्शन के चलते यूट्रस को इरिवरसिबल डैमेज हुआ है जिसके चलते आप माँ नहीं बन सकती हैं . शिखा ने डॉक्टर को पति को यह बात बताने से मना किया . " हाँ , मैंने भी सोच लिया है . पहले रिश्ते में ही सैरोगेट मदर ढूंढने की कोशिश करती हूँ . अगर कोई न मिली तो किराए की कोख लेनी होगी . शिखा और रमेश के परिवार के डोनर्स से जो सैम्पल्स मिले वे मैच नहीं कर रहे थे . कुछ दिनों बाद चेन्नई के कॉर्ड ब्लड बैंक से मिले एक सैंपल से सभी उम्मीद लगाए थे . वहां के कॉर्ड बैंक से एक डोनर के कॉर्ड ब्लड मिला जो सौभाग्यवश सनी के मैच का था . कॉर्ड ब्लड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बाद सनी की हालत सुधरने लगी . लगभग तीन महीने के बाद डॉक्टर ने कहा " अब चिंता की कोई बात नहीं है . टेस्ट्स से सेल ग्रोथ के पॉजिटिव रिपोर्ट मिले हैं . मुंह , पेट , आंत , मसल्स और बाल सभी के सेल्स को पूरी तरह रिग्रो करने में कुछ और समय लग सकता है . आपको अस्पताल से जल्द ही छुट्टी मिल जाएगी . फॉलो अप के लिए फिलहाल तीन तीन महीने के बाद आना होगा . विजयलक्ष्मी ने सब को बैठने के लिए कहा . तब तक विजया ट्रे में स्नैक्स , मिठाई आदि ले कर आई . शिखा के माता पिता विजया को देख रहे थे और शिखा ने जब उन्हें सवालिया नजरों से देखा तो उन्होंने नजरें झुका लीं . रमेश और विजया को छोड़ सभी बात की नजाकत समझ रहे थे .
दिल्ली कैपिटल्स की महिला टीम का पहला अभ्यास सत्र मुंबई में मुख्य कोच जोनाथन बैटी की निगरानी में आयोजित किया गया था। महिला प्रीमियर लीग के शुरूआती सीजन से पहले डीसी खिलाड़ियों की शानदार टीम के बारे में बात करते हुए, बैटी ने कहा, खिलाड़ियों ने हमारे पहले अभ्यास सत्र में एक-दूसरे को समझना शुरू कर दिया। हमारी टीम में प्रतिभा बिल्कुल शानदार है। मैं इस बात से प्रभावित था कि कैसे खिलाड़ियों ने सत्र के दौरान बल्लेबाजी की।
दिल्ली कैपिटल्स की महिला टीम का पहला अभ्यास सत्र मुंबई में मुख्य कोच जोनाथन बैटी की निगरानी में आयोजित किया गया था। महिला प्रीमियर लीग के शुरूआती सीजन से पहले डीसी खिलाड़ियों की शानदार टीम के बारे में बात करते हुए, बैटी ने कहा, खिलाड़ियों ने हमारे पहले अभ्यास सत्र में एक-दूसरे को समझना शुरू कर दिया। हमारी टीम में प्रतिभा बिल्कुल शानदार है। मैं इस बात से प्रभावित था कि कैसे खिलाड़ियों ने सत्र के दौरान बल्लेबाजी की।
साल 2017 में सहारनपुर में जातीय दंगे फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासूका) के तहत जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद 'रावण' देर रात रिहा कर दिया गया है। साल 2017 में सहारनपुर में जातीय दंगे फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासूका) के तहत जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद 'रावण' देर रात रिहा कर दिया गया है। योगी सरकार चंद्रशेखर उर्फ रावण को समय से पहले रिहा किया है। सहारनपुर की जेल रिहाई के तुरंत बाद चंद्रशेखर आजाद ने सभा को संबोधित किया, इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला. रावण ने कहा कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराना है। रावण को गुरुवार रात 2:30 बजे जेल से रिहा किया गया है। रावण को पहले एक नवंबर को रिहा किया जाना था। लेकिन यूपी सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति में जारी करते हुए कहा कि चंद्रशेखर उर्फ रावण की माता के प्रत्यावेदन एवं वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहानुभूति पूर्वक समय पूर्व रिहाई का निर्णय लिया गया है। बता दें कि रावण को 1 नवंबर, 2018 तक जेल में रहना था लेकिन अब उन्हें जल्द ही रिहा किया गया है। 2017 के सहारनपुर दंगों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी चंद्रशेखर पर जातीय दंगे फैलाने का आरोप था। लेकिन बाद में उन्हें इलाहाबाद हाइकोर्ट से जमानत मिल गई थी। राज्य सरकार ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया।
साल दो हज़ार सत्रह में सहारनपुर में जातीय दंगे फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद 'रावण' देर रात रिहा कर दिया गया है। साल दो हज़ार सत्रह में सहारनपुर में जातीय दंगे फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद 'रावण' देर रात रिहा कर दिया गया है। योगी सरकार चंद्रशेखर उर्फ रावण को समय से पहले रिहा किया है। सहारनपुर की जेल रिहाई के तुरंत बाद चंद्रशेखर आजाद ने सभा को संबोधित किया, इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला. रावण ने कहा कि साल दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराना है। रावण को गुरुवार रात दो:तीस बजे जेल से रिहा किया गया है। रावण को पहले एक नवंबर को रिहा किया जाना था। लेकिन यूपी सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति में जारी करते हुए कहा कि चंद्रशेखर उर्फ रावण की माता के प्रत्यावेदन एवं वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहानुभूति पूर्वक समय पूर्व रिहाई का निर्णय लिया गया है। बता दें कि रावण को एक नवंबर, दो हज़ार अट्ठारह तक जेल में रहना था लेकिन अब उन्हें जल्द ही रिहा किया गया है। दो हज़ार सत्रह के सहारनपुर दंगों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी चंद्रशेखर पर जातीय दंगे फैलाने का आरोप था। लेकिन बाद में उन्हें इलाहाबाद हाइकोर्ट से जमानत मिल गई थी। राज्य सरकार ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा दिया।
गहरी चाल वर्ष 1973 में रिलीज़ हुई एक एक्शन थ्रिलर ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन और निर्माण दोनों ही, सी. वी. श्रीधर ने किया था। इस फिल्म के स्टारकास्ट में अमिताभ बच्चन, जीतेन्द्र, हेमा मालिनी, लीड रोलमे नज़र आयें थे। फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल ने निर्देशित किया है।
गहरी चाल वर्ष एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर में रिलीज़ हुई एक एक्शन थ्रिलर ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन और निर्माण दोनों ही, सी. वी. श्रीधर ने किया था। इस फिल्म के स्टारकास्ट में अमिताभ बच्चन, जीतेन्द्र, हेमा मालिनी, लीड रोलमे नज़र आयें थे। फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल ने निर्देशित किया है।
नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसे भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के टूर पर IRCTC इस बार लेकर जा रहा है। यदि आपने घूमने का कोई प्लान बनाया है तो कृपया IRCTC के इस टूर पर एक नजर जरूर डाल लीजियेगा, ये एक अच्छा ऑप्शन है। IRCTC इस बार पर्यटकों को भारत के पूर्वी राज्य मेघालय लेकर जा रहा है। टूर का अनाउंसमेंट हो चुका है। टूर का नाम हैं स्टनिंग मेघालय (IRCTC Stunning Meghalaya Tour Packages), ये एयर टूर (IRCTC Air Tour Packages) मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई कहे जाने वाले और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से 28 नवम्बर 2022 और 24 फरवरी 2023 को जायेगा। 07 दिन और 06 रात वाले इस टूर का किराया IRCTC ने 41,300/- रुपये प्रति व्यक्ति तय किया है। किराये के और भी पैकेज हैं जो आप सदस्य संख्या के आधार पर चुन सकते हैं। किराये में ब्रेकफास्ट और डिनर भी शामिल है यानि इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना। ये भी पढ़ें - Indian Railways Update : IRCTC ने रद्द की 290 ट्रेन, अपनी टिकट देख लीजिये एक बार ? IRCTC इस टूर में पर्यटकों को गुवाहाटी, शिलॉंग, चेरापूंजी, डौकी, कांजीरंगा सहित अन्य प्रसिद्द और महत्वपूर्ण स्थलों की सैर कराएगी यात्रियों को इंदौर से गुवाहाटी फ्लाइट से ले जाया जायेगा फिर आगे का सफर टेम्पो ट्रेवलर जैसे टूरिस्ट वाहनों से होगा। सेवन सिस्टर्स कहे जाने वाले भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में से एक मेघालय बहुत ही खूबसूरत राज्य है, ये प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसा हुआ एक पर्वतीय राज्य है। मेघालय का अर्थ "बादलों का घर" होता है और इसकी खूबसूरती देखकर ही इस राज्य को ये नाम मिला था। पहले ये असम का ही हिस्सा था, 21 जनवरी 1972 को असम के खासी, गारो एवं जैन्तिया पर्वतीय जिलों को अलग कर नया राज्य मेघालय अस्तित्व में आया, भारत में ब्रिटिश राज के समय तत्कालीन ब्रिटिश शाही अधिकारियों द्वारा इसे "पूर्व का स्काटलैण्ड" कहा गया था।
नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसे भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के टूर पर IRCTC इस बार लेकर जा रहा है। यदि आपने घूमने का कोई प्लान बनाया है तो कृपया IRCTC के इस टूर पर एक नजर जरूर डाल लीजियेगा, ये एक अच्छा ऑप्शन है। IRCTC इस बार पर्यटकों को भारत के पूर्वी राज्य मेघालय लेकर जा रहा है। टूर का अनाउंसमेंट हो चुका है। टूर का नाम हैं स्टनिंग मेघालय , ये एयर टूर मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई कहे जाने वाले और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से अट्ठाईस नवम्बर दो हज़ार बाईस और चौबीस फरवरी दो हज़ार तेईस को जायेगा। सात दिन और छः रात वाले इस टूर का किराया IRCTC ने इकतालीस,तीन सौ/- रुपये प्रति व्यक्ति तय किया है। किराये के और भी पैकेज हैं जो आप सदस्य संख्या के आधार पर चुन सकते हैं। किराये में ब्रेकफास्ट और डिनर भी शामिल है यानि इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना। ये भी पढ़ें - Indian Railways Update : IRCTC ने रद्द की दो सौ नब्बे ट्रेन, अपनी टिकट देख लीजिये एक बार ? IRCTC इस टूर में पर्यटकों को गुवाहाटी, शिलॉंग, चेरापूंजी, डौकी, कांजीरंगा सहित अन्य प्रसिद्द और महत्वपूर्ण स्थलों की सैर कराएगी यात्रियों को इंदौर से गुवाहाटी फ्लाइट से ले जाया जायेगा फिर आगे का सफर टेम्पो ट्रेवलर जैसे टूरिस्ट वाहनों से होगा। सेवन सिस्टर्स कहे जाने वाले भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में से एक मेघालय बहुत ही खूबसूरत राज्य है, ये प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसा हुआ एक पर्वतीय राज्य है। मेघालय का अर्थ "बादलों का घर" होता है और इसकी खूबसूरती देखकर ही इस राज्य को ये नाम मिला था। पहले ये असम का ही हिस्सा था, इक्कीस जनवरी एक हज़ार नौ सौ बहत्तर को असम के खासी, गारो एवं जैन्तिया पर्वतीय जिलों को अलग कर नया राज्य मेघालय अस्तित्व में आया, भारत में ब्रिटिश राज के समय तत्कालीन ब्रिटिश शाही अधिकारियों द्वारा इसे "पूर्व का स्काटलैण्ड" कहा गया था।
These Zodiac Sign will Become Rich मेष- शनि और सूर्य ग्रह की युति मेष राशि के लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इन दोनों ग्रहों के मिलने से राशि के लोगों की आमदनी में जबरदस्त वृद्धि हो सकती है। कमाई के नए नए रास्ते बनेंगे और पहले से किए गए निवेश में भी अच्छा खासा लाभ हो सकता है। नौकरी करने वालों को पदोन्नति के साथ ही वेतन वृद्धि या इन्क्रीमेंट भी मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों को भी अच्छे मुनाफे के साथ व्यापार में किया गया निवेश लाभ देगा। शेयर बाजार, सट्टा के काम में लगे हुए लोग कमाई कर सकेंगे। वृष- वृष राशि लोगों के लिए सूर्य और शनि देव मिलकर करियर और व्यवसाय में लाभ दिलाएंगे। इस राशि के लोगों को नई नौकरी का ऑफर भी मिल सकता है। आपके अधिकारी कार्य से प्रसन्न होकर पदोन्नति करने और वेतन बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं। मकर- सूर्य और शनि की युति मकर राशि वालों के लिए भी जबरदस्त लाभदायक सिद्ध हो सकती है। आर्थिक दृष्टि से आपको मजबूती प्राप्त होगी और मनोकामना पूरी होगी। यदि कहीं आपका पैसा फंसा हुआ था तो वह भी मिल सकेगा, कोशिश करते रहें। व्यापारियों के लिए समय अनुकूल रहेगा, अच्छी कमाई होने से पैसे की बचत भी कर सकेंगे और भविष्य के लिहाज से किसी बड़े स्तर पर निवेश भी कर सकेंगे। वाणी का ही उपयोग शानदार लाभ दिलाएगा, जिसमें मीडिया, फिल्म लाइन, मार्केटिंग और शिक्षण व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
These Zodiac Sign will Become Rich मेष- शनि और सूर्य ग्रह की युति मेष राशि के लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इन दोनों ग्रहों के मिलने से राशि के लोगों की आमदनी में जबरदस्त वृद्धि हो सकती है। कमाई के नए नए रास्ते बनेंगे और पहले से किए गए निवेश में भी अच्छा खासा लाभ हो सकता है। नौकरी करने वालों को पदोन्नति के साथ ही वेतन वृद्धि या इन्क्रीमेंट भी मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों को भी अच्छे मुनाफे के साथ व्यापार में किया गया निवेश लाभ देगा। शेयर बाजार, सट्टा के काम में लगे हुए लोग कमाई कर सकेंगे। वृष- वृष राशि लोगों के लिए सूर्य और शनि देव मिलकर करियर और व्यवसाय में लाभ दिलाएंगे। इस राशि के लोगों को नई नौकरी का ऑफर भी मिल सकता है। आपके अधिकारी कार्य से प्रसन्न होकर पदोन्नति करने और वेतन बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं। मकर- सूर्य और शनि की युति मकर राशि वालों के लिए भी जबरदस्त लाभदायक सिद्ध हो सकती है। आर्थिक दृष्टि से आपको मजबूती प्राप्त होगी और मनोकामना पूरी होगी। यदि कहीं आपका पैसा फंसा हुआ था तो वह भी मिल सकेगा, कोशिश करते रहें। व्यापारियों के लिए समय अनुकूल रहेगा, अच्छी कमाई होने से पैसे की बचत भी कर सकेंगे और भविष्य के लिहाज से किसी बड़े स्तर पर निवेश भी कर सकेंगे। वाणी का ही उपयोग शानदार लाभ दिलाएगा, जिसमें मीडिया, फिल्म लाइन, मार्केटिंग और शिक्षण व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
नहीं किया जा सकता । प्रच्छ् - माणवकात् पन्थानं पृच्छति ( बच्चे से मार्ग पूछता है ) । यहां 'माणवक' अपादान है अतः उस में पञ्चमी विभक्ति हुई है । परन्तु जब वक्ता इसे अपादानरूप में प्रस्तुत न कर कारकत्व मात्र कहना चाहता है तब प्रकृतसूत्र से इस की कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - माणवकं पन्थानं पृच्छति । यहा 'प्रच्छ्' धातु द्विकर्मक हो जाती है । कर्ता का ईप्सिततम होने से 'पथिन्' इस का मुख्य कर्म है तथा 'माणवक' इस का अप्रधान या गौणकर्म । हिन्दी में इस संस्कृतवाक्य का 'बच्चे को मार्ग पूछता है' इस प्रकार भाव व्यक्त किया जा सकता है । चि-वृक्षाद् अवचिनोति फलानि ( वृक्ष से फलों को चुनता या तोड़ता है) । यहां 'वृक्ष' अपादान है अतः इस से पञ्चमी हुई है। परन्तु जब वक्ता वृक्ष को अपा प्रस्तुत न कर कारकत्व मात्र कहना चाहता है तब प्रकृतसूत्र से उस की कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - वृक्षमवचिनोति फलानि । यहां 'चिन्' धातु द्विकर्मक हो जाती है । 'फल' इस का प्रधानकर्म तथा 'वृक्ष' अप्रधानकर्म है । हिन्दी में संस्कृतवाक्य का भाव प्रकट नहीं किया जा सकता । ब्रू, शासू माणवकाय धर्म ब्रूते शास्ति वा ( बच्चे के लिये धर्म को कहता या सिखाता है) यहां 'माणवक' सम्प्रदान है अतः उस में चतुर्थी सम्प्रदाने (८६७ ) से चतुर्थी विभक्ति हो जाती है। परन्तु जब वक्ता 'माणवक' को सम्प्रदान के रूप में प्रस्तुत न कर कारकत्व मात्र रूप में कहना चाहता है तो प्रकृतसूत्र से उसकी कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - माणवकं धर्मं ब्रूते शास्ति वा । यहां 'ब्रू' और 'शास्' दोनों धातुएं द्विकर्मक हो जाती हैं। इन का प्रधान कर्म 'धर्म' तथा गौण कर्म 'माणवक' है । हिन्दी में संस्कृतवाक्य का अनुवाद होगा - बच्चे को धर्म कहता या सिखाता है । जि - शतं जयति देवदत्तात् ( देवदत्त से सौ जीतता है) । यहां 'देवदत्त' अपादान है अतः उस में पञ्चमी विभक्ति हुई है। परन्तु जब वक्ता 'देवदत्त' को अपादानरूप में न कह कर कारकत्व मात्र रूप में कहना चाहता है तब इस की प्रकृतसूत्र से कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - शतं जयति देवदत्तम् । यहां 'जि' धातु द्विकर्मक हो जाती है । इस का प्रधानकर्म 'शत' तथा गौणकर्म 'देवदत्त' है । हिन्दी में संस्कृतवाक्य का टूटा-फूटा अनुवाद 'देवदत्त को सौ जीतता है' इस प्रकार होगा । मथ् - सुधां क्षीरनिर्धर्मथ्नाति ( क्षीरसागर से अमृत मथकर निकालता है) । यहां 'क्षीरनिधि अवधिभूत होने से अपादान है अतः इस में पञ्चमी विभक्ति हुई है । १. 'माणवकात् मार्गोपदेशं जिघृक्षति' इस प्रकार अर्थ मानकर यहां 'माणवक' को अपादान माना जाता है । परन्तु कुछ लोग इसे अपादान न मानकर करण और सम्प्रदान भी मानते हैं । इस विषय का विवेचन आकरग्रन्थों में देखना चाहिये । बालोपयोगी यहां इतना ही पर्याप्त है।
नहीं किया जा सकता । प्रच्छ् - माणवकात् पन्थानं पृच्छति । यहां 'माणवक' अपादान है अतः उस में पञ्चमी विभक्ति हुई है । परन्तु जब वक्ता इसे अपादानरूप में प्रस्तुत न कर कारकत्व मात्र कहना चाहता है तब प्रकृतसूत्र से इस की कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - माणवकं पन्थानं पृच्छति । यहा 'प्रच्छ्' धातु द्विकर्मक हो जाती है । कर्ता का ईप्सिततम होने से 'पथिन्' इस का मुख्य कर्म है तथा 'माणवक' इस का अप्रधान या गौणकर्म । हिन्दी में इस संस्कृतवाक्य का 'बच्चे को मार्ग पूछता है' इस प्रकार भाव व्यक्त किया जा सकता है । चि-वृक्षाद् अवचिनोति फलानि । यहां 'वृक्ष' अपादान है अतः इस से पञ्चमी हुई है। परन्तु जब वक्ता वृक्ष को अपा प्रस्तुत न कर कारकत्व मात्र कहना चाहता है तब प्रकृतसूत्र से उस की कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - वृक्षमवचिनोति फलानि । यहां 'चिन्' धातु द्विकर्मक हो जाती है । 'फल' इस का प्रधानकर्म तथा 'वृक्ष' अप्रधानकर्म है । हिन्दी में संस्कृतवाक्य का भाव प्रकट नहीं किया जा सकता । ब्रू, शासू माणवकाय धर्म ब्रूते शास्ति वा यहां 'माणवक' सम्प्रदान है अतः उस में चतुर्थी सम्प्रदाने से चतुर्थी विभक्ति हो जाती है। परन्तु जब वक्ता 'माणवक' को सम्प्रदान के रूप में प्रस्तुत न कर कारकत्व मात्र रूप में कहना चाहता है तो प्रकृतसूत्र से उसकी कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - माणवकं धर्मं ब्रूते शास्ति वा । यहां 'ब्रू' और 'शास्' दोनों धातुएं द्विकर्मक हो जाती हैं। इन का प्रधान कर्म 'धर्म' तथा गौण कर्म 'माणवक' है । हिन्दी में संस्कृतवाक्य का अनुवाद होगा - बच्चे को धर्म कहता या सिखाता है । जि - शतं जयति देवदत्तात् । यहां 'देवदत्त' अपादान है अतः उस में पञ्चमी विभक्ति हुई है। परन्तु जब वक्ता 'देवदत्त' को अपादानरूप में न कह कर कारकत्व मात्र रूप में कहना चाहता है तब इस की प्रकृतसूत्र से कर्मसंज्ञा हो कर द्वितीया विभक्ति हो जाती है - शतं जयति देवदत्तम् । यहां 'जि' धातु द्विकर्मक हो जाती है । इस का प्रधानकर्म 'शत' तथा गौणकर्म 'देवदत्त' है । हिन्दी में संस्कृतवाक्य का टूटा-फूटा अनुवाद 'देवदत्त को सौ जीतता है' इस प्रकार होगा । मथ् - सुधां क्षीरनिर्धर्मथ्नाति । यहां 'क्षीरनिधि अवधिभूत होने से अपादान है अतः इस में पञ्चमी विभक्ति हुई है । एक. 'माणवकात् मार्गोपदेशं जिघृक्षति' इस प्रकार अर्थ मानकर यहां 'माणवक' को अपादान माना जाता है । परन्तु कुछ लोग इसे अपादान न मानकर करण और सम्प्रदान भी मानते हैं । इस विषय का विवेचन आकरग्रन्थों में देखना चाहिये । बालोपयोगी यहां इतना ही पर्याप्त है।
झारखण्ड के बहुचर्चित अलीमुद्दीन हत्याकांड का फैसला आ गया. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आज रामगढ़ में अलीमुद्दीन हत्याकांड में भाजपा नेता नित्यानंद महतो सहित सभी 11 अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई . बता दें कि प्रतिबंधित मांस ले जाने के मामले में अलीमुद्दीन की लोगों ने पीटकर कर हत्या कर दी थी. उल्लेखनीय है कि बहुचर्चित अलीमुद्दीन हत्याकांड के समय झारखण्ड के हालात बहुत खराब हो गए थे. इस मामले ने उस समय खूब तूल पकड़ा था. बाद में यह मामला फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को दिया गया. पिछले सप्ताह रामगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों को इस मामले में दोषी करार दिया था. कोर्ट ने दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा व संतोष सिंह को मुख्य अभियुक्त करार दिया . जबकि भाजपा नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, कपिल ठाकुर, रोहित ठाकुर, राजू कुमार, विक्रम प्रसाद व उत्तम राम को भी दोषी करार दिया गया. गत वर्ष 29 जून, 2017 को हुए इस मामले से अवगत करा दें कि अलीमुद्दीन मनुआ से कोयला लेकर जाता था और चितरपुर से मांस लेकर आता था. प्रतिबंधित मांस को लेकर हुए बवाल के समय वाहन में मांस ले जा रहे अलीमुद्दीन की भीड़ ने हत्या कर दी थी. हालाँकि उसे इलाज के लिए रांची ले जाया गया लेकिन अलीमुद्दीन की मौत हो गई थी. अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून की ओर से नामजद रिपोर्ट लिखाने के बाद यह मामला दर्ज किया गया था. हालाँकि भाजपा नेता नित्यानंद महतो ने खुद को बेकुसूर बताते हुए कहा था कि वह सिर्फ घटना के बारे में पूछताछ के लिए मौके पर गए थे.
झारखण्ड के बहुचर्चित अलीमुद्दीन हत्याकांड का फैसला आ गया. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आज रामगढ़ में अलीमुद्दीन हत्याकांड में भाजपा नेता नित्यानंद महतो सहित सभी ग्यारह अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई . बता दें कि प्रतिबंधित मांस ले जाने के मामले में अलीमुद्दीन की लोगों ने पीटकर कर हत्या कर दी थी. उल्लेखनीय है कि बहुचर्चित अलीमुद्दीन हत्याकांड के समय झारखण्ड के हालात बहुत खराब हो गए थे. इस मामले ने उस समय खूब तूल पकड़ा था. बाद में यह मामला फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को दिया गया. पिछले सप्ताह रामगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी ग्यारह आरोपियों को इस मामले में दोषी करार दिया था. कोर्ट ने दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा व संतोष सिंह को मुख्य अभियुक्त करार दिया . जबकि भाजपा नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, कपिल ठाकुर, रोहित ठाकुर, राजू कुमार, विक्रम प्रसाद व उत्तम राम को भी दोषी करार दिया गया. गत वर्ष उनतीस जून, दो हज़ार सत्रह को हुए इस मामले से अवगत करा दें कि अलीमुद्दीन मनुआ से कोयला लेकर जाता था और चितरपुर से मांस लेकर आता था. प्रतिबंधित मांस को लेकर हुए बवाल के समय वाहन में मांस ले जा रहे अलीमुद्दीन की भीड़ ने हत्या कर दी थी. हालाँकि उसे इलाज के लिए रांची ले जाया गया लेकिन अलीमुद्दीन की मौत हो गई थी. अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून की ओर से नामजद रिपोर्ट लिखाने के बाद यह मामला दर्ज किया गया था. हालाँकि भाजपा नेता नित्यानंद महतो ने खुद को बेकुसूर बताते हुए कहा था कि वह सिर्फ घटना के बारे में पूछताछ के लिए मौके पर गए थे.
तेज बहादुर यादव के नामांकन में गलती पर भेजे गए नोटिस में चुनाव आयोग ने खुद भी की गलती! तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द हो चुका है, लेकिन तेज बहादुर यादव के नामांकन में कमी निकालनेवाले चुनाव आयोग ने खुद अपने नोटिस में एक गलती कर दी. चुनाव में सबके नामांकन पत्र जांचनेवाला जिला निर्वाचन आयोग भी कभी-कभी गलती कर बैठता है. ये तब पता चला जब आयोग ने वाराणसी से लोकसभा प्रत्याशी बने तेज बहादुर यादव को नोटिस भेजा. आयोग ने ये नोटिस दो-दो हलफनामे दाखिल करने के मामले में तेज बहादुर को भेजा था. तेज बहादुर ने एक हलफनामा निर्दलीय उम्मीदवार तो दूसरा समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर जमा किया था. उन्हें शालिनी यादव की जगह उम्मीदवार बनाया गया था. जिला निर्वाचन आयोग ने जो नोटिस भेजा उसमें आप साफ देख सकते हैं कि तेज बहादुर यादव को साक्ष्य जमा करने के लिए 90 साल का समय दिया गया है. दरअसल लिखना तो 1-05-2019 था लेकिन लिखा गया 1-05-2109. ज़ाहिर है, टाइपिंग करनेवाले ने ये गलती की है. नोटिस भेजने से पहले किसी ने इस पर ध्यान भी नहीं दिया. गौरतलब है कि ऐसी गलतियां करने पर उम्मीदवारों के नामांकन पत्र तक निरस्त हो जाते हैं लेकिन खुद आयोग ने वैसी ही गलती की. आपको बता दें कि जब तेज बहादुर ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा था तब उन्होंने सेना की बर्खास्तगी की जानकारी लिखी थी, लेकिन समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामांकन करते हुए वो संभवतः जानकारी छिपा गए. नामांकन पत्र की जांच के दौरान रिटर्निंग अफसर ने जब ये देखा तो उन्हें नोटिस भेज जवाब मांगा. वैसे तेज बहादुर का नामांकन पत्र अब निरस्त हो चुका है. जैसे ही ये खबर आई तो देशभर से प्रतिक्रियाएं मिलने लगीं. RLSP उपेंद्र कुशवाहा ने लिखा कि कुछ दिनों पूर्व PM मोदी जी के विमान की तलाशी लेने वाला ईमानदार IAS पर्यवेक्षक मो. मोहसिन की बर्खास्तगी और अब गरीब किसान का बेटा व पूर्व BSF जवान श्री तेजबहादुर यादव की वाराणासी से उम्मीदवारी रदद्! कुछ दिनों पूर्व PM मोदी जी के विमान की तलाशी लेने वाला ईमानदार IAS पर्यवेक्षक मो. मोहसिन की बर्खास्तगी और अब गरीब किसान का बेटा व पूर्व BSF जवान श्री तेजबहादुर यादव की वाराणासी से उम्मीदवारी रदद्! दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तो पीएम मोदी पर ही नामांकन रद्द कराने का आरोप लगा दिया.
तेज बहादुर यादव के नामांकन में गलती पर भेजे गए नोटिस में चुनाव आयोग ने खुद भी की गलती! तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द हो चुका है, लेकिन तेज बहादुर यादव के नामांकन में कमी निकालनेवाले चुनाव आयोग ने खुद अपने नोटिस में एक गलती कर दी. चुनाव में सबके नामांकन पत्र जांचनेवाला जिला निर्वाचन आयोग भी कभी-कभी गलती कर बैठता है. ये तब पता चला जब आयोग ने वाराणसी से लोकसभा प्रत्याशी बने तेज बहादुर यादव को नोटिस भेजा. आयोग ने ये नोटिस दो-दो हलफनामे दाखिल करने के मामले में तेज बहादुर को भेजा था. तेज बहादुर ने एक हलफनामा निर्दलीय उम्मीदवार तो दूसरा समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर जमा किया था. उन्हें शालिनी यादव की जगह उम्मीदवार बनाया गया था. जिला निर्वाचन आयोग ने जो नोटिस भेजा उसमें आप साफ देख सकते हैं कि तेज बहादुर यादव को साक्ष्य जमा करने के लिए नब्बे साल का समय दिया गया है. दरअसल लिखना तो एक मई दो हज़ार उन्नीस था लेकिन लिखा गया एक मई दो हज़ार एक सौ नौ. ज़ाहिर है, टाइपिंग करनेवाले ने ये गलती की है. नोटिस भेजने से पहले किसी ने इस पर ध्यान भी नहीं दिया. गौरतलब है कि ऐसी गलतियां करने पर उम्मीदवारों के नामांकन पत्र तक निरस्त हो जाते हैं लेकिन खुद आयोग ने वैसी ही गलती की. आपको बता दें कि जब तेज बहादुर ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा था तब उन्होंने सेना की बर्खास्तगी की जानकारी लिखी थी, लेकिन समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामांकन करते हुए वो संभवतः जानकारी छिपा गए. नामांकन पत्र की जांच के दौरान रिटर्निंग अफसर ने जब ये देखा तो उन्हें नोटिस भेज जवाब मांगा. वैसे तेज बहादुर का नामांकन पत्र अब निरस्त हो चुका है. जैसे ही ये खबर आई तो देशभर से प्रतिक्रियाएं मिलने लगीं. RLSP उपेंद्र कुशवाहा ने लिखा कि कुछ दिनों पूर्व PM मोदी जी के विमान की तलाशी लेने वाला ईमानदार IAS पर्यवेक्षक मो. मोहसिन की बर्खास्तगी और अब गरीब किसान का बेटा व पूर्व BSF जवान श्री तेजबहादुर यादव की वाराणासी से उम्मीदवारी रदद्! कुछ दिनों पूर्व PM मोदी जी के विमान की तलाशी लेने वाला ईमानदार IAS पर्यवेक्षक मो. मोहसिन की बर्खास्तगी और अब गरीब किसान का बेटा व पूर्व BSF जवान श्री तेजबहादुर यादव की वाराणासी से उम्मीदवारी रदद्! दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तो पीएम मोदी पर ही नामांकन रद्द कराने का आरोप लगा दिया.
हिमाचल के बंगाणा स्थित सिविल अस्पताल में कुटलैहड़ के नवनिर्वाचित विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो ने अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने सिविल अस्पताल की व्यवस्था को जांचा। उन्होंने बंगाणा हेल्थ ब्लॉक में सुविधाओं की विस्तृत फीडबैक ली। साथ ही उन्होंने हेल्थ विभाग के अधिकारियों को सुविधाओं को सुदृढ़ करने संबंधी निर्देश दिए। देवेंद्र कुमार भुट्टो ने सिविल अस्पताल में लोगों को जल्द ही बेहतर हेल्थ सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। कहा कि जिन सुविधाओं का पहले अभाव था, उनमें सुधार लाया जाएगा। इस बारे उन्होंने सिविल अस्पताल के प्रभारी से फीडबैक ली। 'सिविल अस्पताल में जल्द होगी सभी सुविधाएं' विधायक ने कहा कि अभी सिविल अस्पताल में सुविधाओं की कमी है। गर्भवती महिलाओं के चैकअप और प्रसूति सुविधा के लिए इंतजाम किए जाएंगे। कहा कि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सिविल अस्पताल लोगों को सभी टेस्ट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 'क्षेत्र में जन सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहेगी' देवेंद्र कुमार भुट्टो ने कहा कि सिविल अस्पताल में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। कहा कि आपातकालीन सेवा को सुदृढ़ किया जाएगा। विधायक ने कहा कि कुटलैहड़ की जनता ने उन पर भरोसा किया है। वह एक सेवक के रूप में कार्य करेंगे। क्षेत्र में जन सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हेल्थ, एजुकेशन और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। वह गरीब और जरूरतमंदों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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Shalin Bhanot to be a part of Bigg Boss 16: बिग बॉस 16 के मेकर्स लगातार टीवी सितारों को शो में आने का न्योता दे रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि टीवी एक्टर शालीन भनोट को बिग बॉस में आने का ऑफर भेजा गया है। Shalin Bhanot to be a part of Bigg Boss 16: सलमान खान (Salman Khan) का विवादित टीवी रिएलिटी शो बिग बॉस 16 (Bigg Boss 16) बीते कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ये शो जल्द ही टीवी पर दस्तक देने की तैयारी कर रहा है। कुछ समय पहले ही बिग बॉस 16 के मेकर्स ने पहला प्रोमो फैंस के साथ शेयर किया है। समय के साथ बिग बॉस में नजर आने वाले सितारों के नाम से भी पर्दा हटने लगा है। अब तक मेकर्स ने रिद्धिमा पंडित, जिया मानेक, विवियन डीसेना, शिवेन नारंग, सुरभि ज्योति, प्रियंका चौधरी, फहमान खान, सुंबुल तौकीर खान, शाईनी अहूजा, अंकित गुप्ता और दिव्यांका त्रिपाठी जैसे सितारों को बिग बॉस का ऑफर भेजा है। इसी बीच बिग बॉस 16 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर है कि टीवी एक्टर शालीन भनोट ने बिग बॉस 16 के घर में कैद होने के लिए हामी भर दी है। पिंकविला की एक रिपोर्ट की मानें तो मेकर्स शालीन भनोट को बिग बॉस में आने के लिए मना चुके हैं। शालीन भनोट बिग बॉस 16 का हिस्सा बनने के लिए राजी हो गए हैं। ऐसे में जल्द ही बिग बॉस के घर में शालीन भनोट की एंट्री होगी। ये पहली बार नहीं है जब शालीन भनोट को बिग बॉस का ऑफर भेजा गया है। इससे पहले भी शालीन भनोट को बिग बॉस का ऑफर मिल चुका है। हालांकि हर बार शालीन भनोट ने इस शो में जाने से इनकार कर दिया। शालीन भनोट से पहले उनकी एक्स वाइफ दलजीत कौर ने भी बिग बॉस के घर में दस्तक दी थी। दलजीत कौर बिग बॉस 13 का हिस्सा बनीं थीं। तलाक के बाद दलजीत कौर ने इस शो में आकर तहलका मचा दिया था। हालांकि दलजीत कौर ज्यादा समय तक बिग बॉस में नहीं टिक पाईं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शालीन भनोट भी अपनी पत्नी की तरह बिग बॉस के घर में हंगामा मचा देंगे। दलजीत कौर शालीन भनोट पर गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। शादी तोड़ते समय दलजीत कौर ने शालीन भनोट को एक बुरा इंसान बताया था। ऐसे में अब जनता शालीन भनोट को टीवी पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
Shalin Bhanot to be a part of Bigg Boss सोलह: बिग बॉस सोलह के मेकर्स लगातार टीवी सितारों को शो में आने का न्योता दे रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि टीवी एक्टर शालीन भनोट को बिग बॉस में आने का ऑफर भेजा गया है। Shalin Bhanot to be a part of Bigg Boss सोलह: सलमान खान का विवादित टीवी रिएलिटी शो बिग बॉस सोलह बीते कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ये शो जल्द ही टीवी पर दस्तक देने की तैयारी कर रहा है। कुछ समय पहले ही बिग बॉस सोलह के मेकर्स ने पहला प्रोमो फैंस के साथ शेयर किया है। समय के साथ बिग बॉस में नजर आने वाले सितारों के नाम से भी पर्दा हटने लगा है। अब तक मेकर्स ने रिद्धिमा पंडित, जिया मानेक, विवियन डीसेना, शिवेन नारंग, सुरभि ज्योति, प्रियंका चौधरी, फहमान खान, सुंबुल तौकीर खान, शाईनी अहूजा, अंकित गुप्ता और दिव्यांका त्रिपाठी जैसे सितारों को बिग बॉस का ऑफर भेजा है। इसी बीच बिग बॉस सोलह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर है कि टीवी एक्टर शालीन भनोट ने बिग बॉस सोलह के घर में कैद होने के लिए हामी भर दी है। पिंकविला की एक रिपोर्ट की मानें तो मेकर्स शालीन भनोट को बिग बॉस में आने के लिए मना चुके हैं। शालीन भनोट बिग बॉस सोलह का हिस्सा बनने के लिए राजी हो गए हैं। ऐसे में जल्द ही बिग बॉस के घर में शालीन भनोट की एंट्री होगी। ये पहली बार नहीं है जब शालीन भनोट को बिग बॉस का ऑफर भेजा गया है। इससे पहले भी शालीन भनोट को बिग बॉस का ऑफर मिल चुका है। हालांकि हर बार शालीन भनोट ने इस शो में जाने से इनकार कर दिया। शालीन भनोट से पहले उनकी एक्स वाइफ दलजीत कौर ने भी बिग बॉस के घर में दस्तक दी थी। दलजीत कौर बिग बॉस तेरह का हिस्सा बनीं थीं। तलाक के बाद दलजीत कौर ने इस शो में आकर तहलका मचा दिया था। हालांकि दलजीत कौर ज्यादा समय तक बिग बॉस में नहीं टिक पाईं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शालीन भनोट भी अपनी पत्नी की तरह बिग बॉस के घर में हंगामा मचा देंगे। दलजीत कौर शालीन भनोट पर गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। शादी तोड़ते समय दलजीत कौर ने शालीन भनोट को एक बुरा इंसान बताया था। ऐसे में अब जनता शालीन भनोट को टीवी पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
नाटो - दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य और राजनीतिक संगठनों में से एक। वहाँ 60 से अधिक वर्षों हैं। शुरू में एक गठबंधन संरचना, सोवियत संघ के नीति और जर्मनी समक्ष समर्पण करने का सैन्य आकांक्षाओं पुनर्जीवित होने की संभावना का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया के रूप में बनाया। सोवियत संघ के पतन के बाद, नाटो पूर्व सोवियत गुट के पूर्वी यूरोपीय देशों के बहुमत की श्रेणी में शामिल। कुछ विश्लेषकों जॉर्जिया और यूक्रेन के लिए (दूर भविष्य में भी) इकाई में प्रवेश की संभावनाओं के बारे में कहा। एक दिलचस्प तथ्य यह है कि नाटो में शामिल होने के (या कुंजी वैश्विक मुद्दों पर एक संयुक्त सैन्य-राजनीतिक सहयोग की घोषणा) और सोवियत संघ और आधुनिक रूस में किया था के लिए प्रयास करता है। अब नाटो 28 देशों में शामिल हैं। इस संगठन में सैन्य संदर्भ में एक प्रमुख भूमिका संयुक्त राज्य अमेरिका खेलते हैं। कार्यक्रम "शांति के लिए भागीदारी", के साथ रूस सहयोग में के आरोप में इकाई परिषद "रूस-नाटो" के काम का आयोजन करता है। इंटरनेशनल सचिवालय और सैन्य समिति - इसके दो मुख्य संरचनाओं के होते हैं। यह एक बड़ी सैन्य संसाधनों (रिस्पांस फोर्स) है। नाटो मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में स्थित है। फ्रेंच और अंग्रेजी - गठबंधन दो आधिकारिक भाषाओं है। संगठन के महासचिव के नेतृत्व में। नागरिक, सैन्य (सबसे विशाल वित्तीय) और सुरक्षा कार्यक्रम के वित्त पोषण - नाटो बजट तीन प्रकार में विभाजित है। गठबंधन सैन्य बलों बोस्निया और हर्जेगोविना (1992-1995 वर्ष), यूगोस्लाविया (1999 वें), लीबिया (2011 वें) में सशस्त्र संघर्ष में शामिल किया गया। नाटो एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य बल अग्रणी कर दिया गया है कोसोवो में सुरक्षा सुनिश्चित करने के, एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका में सैन्य-राजनीतिक समस्याओं के निर्णय में भाग लेता है। यह भूमध्य क्षेत्र में सैन्य संरचनाओं के बीच बातचीत पर नजर रखता है, संगठनों सामूहिक विनाश के हथियारों की आपूर्ति में शामिल की पहचान। एलायंस सक्रिय रूप से रूस, चीन, भारत और अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ अंतरराष्ट्रीय संवाद में शामिल है। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, सोवियत संघ के कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में नाटो और रूस के बीच तनाव गायब हो गया है कभी नहीं, और अब बढ़ती जा रही है। नाटो 1949 में बारह राज्यों ने की थी। भौगोलिक दृष्टि से, देश के प्रमुख संगठन संयुक्त राज्य अमेरिका सहित बनाया जा रहा, - राजनीतिक और सैन्य राज्य में सबसे प्रभावशाली अटलांटिक महासागर है, जो नए अंतरराष्ट्रीय संरचना के नाम पर प्रभावित करने के लिए उपयोग किया था। नाटो (नाटो) - इस उत्तर अटलांटिक संधि संगठन, वह है, उत्तर अटलांटिक संगठन अनुबंध के तहत काम। यह गठबंधन अक्सर कहा जाता है। इकाई के उद्देश्य और सोवियत संघ के राजनीतिक आकांक्षाओं को पूर्वी यूरोप में इसे करने के लिए अनुकूल देशों और दुनिया के अन्य भागों के विरोध किया गया था। नाटो देशों के बीच समझौतों के अनुसार दुनिया के कम्युनिस्ट राज्यों की आक्रामकता के मामले में आपसी सैन्य रक्षा प्रदान करने के लिए। बहरहाल, यह राजनीतिक संघ देशों जो यह गठन में एकीकरण के रुझान के लिए योगदान दिया। पश्चिम जर्मनी और 1982 में - - स्पेन 1952 में, नाटो, ग्रीस और तुर्की, 1956 में शामिल हो गए। बाद सोवियत पतन ब्लॉक आगे दुनिया में अपना प्रभाव का विस्तार करें। जब सोवियत संघ ध्वस्त हो गई, यह प्रतीत होता है, गठबंधन के आगे अस्तित्व के लिए की जरूरत गायब हो गया। लेकिन यह सब गलत निकला। नाटो सदस्यों केवल यूनिट रखने के लिए निर्णय नहीं लिया है, लेकिन यह भी अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए शुरू करने के लिए। 1991 में, यह यूरो-अटलांटिक भागीदारी परिषद, जो देश हैं जो नाटो के सदस्य नहीं हैं के साथ काम करने के प्रभारी थे द्वारा बनाया गया था। वह उसी वर्ष, द्विपक्षीय समझौतों एलायंस, रूस और यूक्रेन के राज्यों के बीच हस्ताक्षर किए गए। 1995 में, एक कार्यक्रम के साथ एक बातचीत के निर्माण पर स्थापित किया गया था मध्य पूर्व (इसराइल और जॉर्डन), उत्तरी अफ्रीका (मिस्र, ट्यूनीशिया) और भूमध्य। वह मॉरिटानिया, मोरक्को और अल्जीरिया के रूप में शामिल किया गया था। , आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए हथियारों के प्रसार को सीमित - 2002 में, यह परिषद "रूस-नाटो" है कि देश दुनिया की राजनीति के प्रमुख मुद्दों पर संवाद बनाने के लिए जारी करने की अनुमति द्वारा बनाया गया था। नाटो के आकार, जो सैनिकों ब्लॉक उढ़ाना एकीकृत नहीं किया गया है। राष्ट्रीय मानकों पर सैन्य छलावरण, सभी कम या ज्यादा की तरह है - यह हरे और "हैक" का रंग है। कभी कभी सैनिकों विशेष वातावरण (रेगिस्तान या मैदान) में एक विशेष अभियान के दौरान कपड़े के अतिरिक्त प्रकार (छलावरण चौग़ा तथाकथित) पर डाल दिया। कुछ देशों में, नाटो प्रपत्र सबसे अच्छा मास्किंग सैनिकों को प्राप्त करने के लिए अनुमति देता है, डिजाइन और पैटर्न की एक किस्म शामिल हैं। अमेरिका में, उदाहरण के लिए, पांच मुख्य मानकों में सबसे लोकप्रिय छलावरण पैटर्न। सबसे पहले, यह वुडलैंड है - हरे रंग के चार रंगों के साथ कपड़े। दूसरे, यह रेगिस्तान 3 रंग - रेगिस्तान है कि तीन रंगों में शामिल है में सैन्य अभियानों के लिए एक समान। तीसरा, इस रेगिस्तान 6-रंग - इस बार छह रंगों के साथ रेगिस्तान में से लड़ने के लिए अन्य कपड़े विकल्प। सर्दियों (प्रकाश या दूधिया सफेद रंग) और बर्फ सर्दियों (बिल्कुल शुद्ध सफेद छाया) - और वहाँ सर्दियों वर्दी के दो वेरिएंट हैं। इन रंगों के सभी - कई अन्य सेनाओं कि छलावरण नाटो में अपने सैनिकों उढ़ाना के डिजाइनरों के लिए एक गाइड। अमेरिकी सेना की वर्दी का एक दिलचस्प विकास। खुद को छिपाने - एक अपेक्षाकृत हाल आविष्कार। जल्दी 70 के दशक तक, अमेरिकी सैनिकों ज्यादातर कपड़े विशेष रूप से हरे थे। लेकिन वियतनाम में आपरेशन के दौरान इस तरह के रंगों जंगल की स्थिति में युद्ध की आवश्यकताओं को संतोषजनक नहीं था, छलावरण में सैनिकों pereoblachilis जिसके परिणामस्वरूप, वर्षावन में मुखौटा की इजाजत दी। 70 के दशक में प्रपत्र के इस प्रकार अमेरिकी सेना के लिए लगभग एक राष्ट्रीय मानक बन गया है। एक ही पांच रंगों - धीरे-धीरे वहाँ छलावरण के संशोधन थे। दुनिया में सबसे बड़ा, कुछ सैन्य विशेषज्ञों ने माना जाता है - नाटो काफी सशस्त्र बलों, आम जनता में है। यूनाइटेड और राष्ट्रीय - गठबंधन के सैनिकों की दो प्रकार होते हैं। पहले प्रकार के प्रमुख नाटो सैन्य इकाई - प्रतिक्रिया बलों है। वे गुट बाहर के देशों में सहित स्थानीय प्राकृतिक और सैन्य संघर्ष के क्षेत्रों में विशेष अभियान में काफी हद तक तत्काल भाग लेने के लिए तैयार कर रहे हैं,। नाटो भी है, और तत्काल प्रतिक्रिया बलों। स्थानांतरण के माध्यम से विभिन्न हथियारों और सैनिकों की एक बड़ी संख्या युद्ध की एक जगह पर है - और उनके काम में लाने से में जोर हथियारों के व्यावहारिक उपयोग, और मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर नहीं है। गणना कि विरोधी पक्षों, नाटो के आसन्न शक्ति को साकार करने, एक शांतिपूर्ण निपटारा के पक्ष में उनके रणनीति बदल जाएगा। ब्लॉक एक शक्तिशाली वायु सेना है। नाटो विमान - यह 22 लड़ाकू विमान स्क्वाड्रनों (विमान उपकरणों के बारे में 500 टुकड़े)। वहाँ भी एक इकाई है - सैन्य परिवहन प्रयोजनों के 80 विमान। नाटो देशों ने भी बेड़े शरीर है। विमान वाहक, पनडुब्बियों (बहुउद्देशीय परमाणु सहित), फ्रिगेट, मिसाइल नौकाओं और नौसेना के विमानन - यह के होते हैं। नाटो के युद्धपोतों 100 से अधिक इकाइयों के लिए खाते। सबसे बड़ी नाटो सैन्य संरचना - एक मुख्य रक्षा बल। अटलांटिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों के मामले में उनके ही संभव की भागीदारी। शांति के समय में वे मुख्य भाग में लड़ाकू अभियानों में लगे हुए हैं। 4000 से अधिक विमान और 500 से अधिक जहाजों - नाटो के मुख्य रक्षात्मक बलों के एक भाग के रूप में। तो, सोवियत संघ के पतन के बाद, नाटो अस्तित्व के लिए जारी रखा, इसके अलावा, दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ गया है। 1999 में, गठबंधन राज्य में प्रवेश किया है हाल ही में सोवियत संघ के प्रभाव के क्षेत्र का हिस्सा थे जब तक - हंगरी, पोलैंड और चेक गणराज्य। बाद में पांच साल - अन्य पूर्व समाजवादी देशोंः बुल्गारिया, रोमानिया, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया और बाल्टिक राज्यों। अल्बानिया क्रोएशिया - 2009 में, वहाँ नाटो के नए सदस्य थे। राजनीतिक संकट और यूक्रेन में शत्रुता की पृष्ठभूमि के खिलाफ, कुछ विशेषज्ञों का कहना है, नाटो आकांक्षाओं आगे विस्तार करने के लिए करने के लिए नहीं होगा। विशेष रूप से, प्रबंधन इकाई और नाटो में देश के प्रवेश पर यूक्रेनी प्रश्न के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता में, विश्लेषकों का कहना है, सीधे नहीं रखा गया है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, कई देशों गुट में शामिल होने को तैयार हैं। मोंटेनेग्रो, मैसेडोनिया और बोस्निया और हर्जेगोविना - यह सब बाल्कन देशों से ऊपर है। के किन-किन देशों हर तरह से नाटो की ख्वाहिश बात हो रही है, यह जॉर्जिया ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि, कुछ विश्लेषकों के अनुसार, अबकाज़िया और दक्षिण ओसेशिया में संघर्ष - कारक है कि ब्लॉक के लिए देश के आकर्षण को कम। विशेषज्ञों के बीच राय है कि आगे नाटो विस्तार रूस की स्थिति पर निर्भर करता है के हैं। उदाहरण के लिए, बुखारेस्ट शिखर सम्मेलन, 2008 में आयोजित में, इकाई कुछ के विलय की संभावना बना पूर्व सोवियत संघ के देशों, लेकिन सटीक तिथियों व्लादिमीर पुतिन की राय की वजह से नामित नहीं कर रहे हैं घटना में आवाज दी गयी थी कि रूस की सीमा के पास नाटो की उपस्थिति - एक सीधा खतरा। रूस की यह स्थिति आज वैध बनी हुई है। हालांकि, कुछ पश्चिमी विश्लेषकों रूस निराधार भय का कहना है। नाटो के बाद से - एक सैन्य संगठन है, यह बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास के लिए आम बात है। वे सैनिकों की बहुत विभिन्न प्रकार शामिल है। पूर्वी यूरोप में 2013 के अंत में यह, किया गया है के रूप में वे कई पाया सैन्य विश्लेषकों, प्रमुख नाटो अभ्यास दृढ़ जैज कहा जाता है। लिथुआनिया, एस्टोनिया और लातविया - वे पोलैंड और बाल्टिक राज्यों में ले लिया। नाटो, विभिन्न देशों से और अधिक से अधिक छह हजार सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिए बुलाई गई तीन सौ लड़ाकू वाहनों, 50 से अधिक विमानन इकाइयों, 13 युद्धपोतों को आकर्षित किया। पारंपरिक दुश्मन इकाई रहा था एक झूठी राज्य "Botnia" एस्टोनिया के खिलाफ आक्रामकता के एक अधिनियम प्रतिबद्ध है। सैन्य विश्लेषकों द्वारा आविष्कार किया, देश एक सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक संकट का अनुभव किया, विदेशी भागीदारों के साथ संबंधों को खराब हो जाती है। नतीजतन, संघर्ष एक युद्ध है कि आक्रमण "Botnia" एस्टोनिया में के साथ शुरू हुआ हुई है। अनुबंध के आधार पर, नाटो के सैन्य-राजनीतिक गुट के सामूहिक सुरक्षा तुरंत छोटे बाल्टिक राज्य की रक्षा के लिए सत्ता हस्तांतरण का फैसला किया। साथ व्यायाम के कुछ चरण रूस के सशस्त्र बलों के प्रतिनिधियों द्वारा मनाया गया (बारी में, पहले रूस और बेलारूस के इस संयुक्त युद्धाभ्यास कुछ ही महीनों के सैन्य नाटो देखा है)। नाटो नेताओं रूस के साथ संयुक्त सैन्य गतिविधियों के आयोजन की संभावना के बारे में बात की। विशेषज्ञों ने बताया कि सैन्य अभ्यास में नाटो और रूस के आपसी खुलापन विश्वास को बढ़ाता है। नाटो और अमेरिका - प्रमुख सैन्य शक्ति इकाई - 2015 में दक्षिणी यूरोपीय देशों में की योजना बनाई अभ्यास। यह उम्मीद है कि वे के बारे में 40 हजार सैनिकों को शामिल किया जाएगा। रूसी सैन्य विशेषज्ञों कई सैन्य उपकरणों इकाई, दुनिया में अद्वितीय है नहीं या बहुत कम कहा जाता है। इस गठबंधन की सेना के उच्च मुकाबला क्षमता कह नाटो के हथियार है। रूस, विश्लेषकों का मानना है कि सैन्य, आप हथियारों के पांच प्रकार के विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। सबसे पहले, यह ब्रिटिश टैंक चैलेंजर 2 उत्पादन है। यह एक 120 म कैनन से लैस है और भारी कवच से लैस है। प्रति घंटे के बारे में 25 मील की दूरी - टैंक एक अच्छा गति से स्थानांतरित करने के लिए सक्षम है। दूसरे, यह एक पनडुब्बी है कि जर्मन रक्षा कंपनियों द्वारा तथाकथित "परियोजना 212" द्वारा एकत्र किया जाता है। यह कम शोर स्तर, सभ्य गति (20 समुद्री मील), उत्कृष्ट हथियार (तारपीडो Wass 184, DM2A4), और एक मिसाइल प्रणाली की विशेषता है। तीसरा, नाटो सैन्य लड़ाकू विमान है यूरोफाइटर टाइफून। अमेरिकी एफ -22 और रूसी टी 50 - अपनी विशेषताओं के अनुसार, वे तथाकथित पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के करीब हैं। मशीन एक 27 मिलीमीटर तोप और मिसाइलों "हवा से हवा में" एक से अधिक प्रकार और के साथ सुसज्जित है "हवा से जमीन पर। " कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एक समान आंधी ऐसी सु-35 के रूप में रूसी विमान का केवल नवीनतम नमूने का सामना। नाटो हथियारों की एक और उल्लेखनीय उपस्थिति - हेलीकाप्टर यूरोकॉप्टर टाइगर सह उत्पादन फ्रांस और जर्मनी की। अपनी विशेषताओं के अनुसार यह आकार और वजन में पौराणिक अमेरिकी एएच 64 "अपाचे" के करीब है, लेकिन छोटी है, जो लड़ाई के दौरान कार एक फायदा दे सकता है। हेलीकाप्टर मिसाइलों की अधिकता ( "हवा से हवा में" विरोधी) के साथ सशस्त्र। नाटो हथियार है, जो रूसी सैन्य, विश्लेषकों के अनुसार, यह करने के लिए ध्यान दे लायक है का एक और उदाहरण - मिसाइल है, जो रक्षा कंपनियों इसराइल द्वारा निर्मित है स्पाईक। स्पाइक - प्रभावी एंटी टैंक हथियार। इसकी विशेषता यह दो चरणों की वारहेड लैस में होते हैंः पहला बाहरी परत टैंक, दूसरे का कवच में छेद - आंतरिक। गठबंधन के देशों में से प्रत्येक के क्षेत्र में नाटो के कम से कम एक सैन्य अड्डे की है। उदाहरण के लिए, एक पूर्व सोवियत गुट देश के रूप में हंगरी पर विचार करें। सबसे पहले नाटो बेस यहां 1998 में आया था। अमेरिकी सरकार यूगोस्लाविया के साथ आपरेशन के दौरान हंगरी हवाई क्षेत्र "तसर" का इस्तेमाल किया गया है - इसलिए मुख्य रूप से उत्सर्जित ड्रोन और एफ 18 विमान। एक ही एयर फोर्स बेस पर 2003 में इराक में विपक्षी समूहों (शीघ्र ही अमेरिकी सेना से पहले मध्य पूर्वी देश में लड़) के बीच में से सैन्य विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया। सैन्य ठिकानों के अपने क्षेत्र पर तैनाती पर पश्चिमी देशों के बीच अमेरिका के सहयोगी दलों की बात हो रही है, यह लायक विशेष उल्लेख इटली है। इसके तत्काल बाद द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, इस राज्य अमेरिका नौसेना बलों की बड़ी दल पर रखा गया था। अब पेंटागन नेपल्स में बंदरगाहों, साथ ही विसेंज़ा, Piacenza, Trapani, Istranov और कई अन्य इतालवी शहरों में हवाई अड्डे चल रही है। इटली में सबसे प्रसिद्ध नाटो आधार - "Aviano"। यह 50 के दशक में बनाया गया था, लेकिन अभी भी कई सैन्य विशेषज्ञों क्षेत्र में सबसे अच्छा माना जाता है। इस संस्करण में टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए बुनियादी सुविधाओं की गिनती नहीं, वहाँ हैंगर जहां विमान उपकरण बम विस्फोट के मामले में शरण ले सकते हैं। नेविगेशन उपकरण है, जो के उपयोग रात में मुकाबला मिशन किया जा सकता है और लगभग किसी भी मौसम में हैं। "Bezmer", "ग्रेफ Ignatievo" और "नया गांव" बुल्गारिया में - यूरोप में नए नाटो ठिकानों के अलावा। इस बाल्कन देश की सरकार की गणना कैसे करें, नाटो सैनिकों की तैनाती के राज्य की सुरक्षा को मजबूत करेगा, साथ ही सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रूस और नाटो, 20 वीं सदी में राजनीतिक टकराव का एक लंबा इतिहास के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र पर रचनात्मक बातचीत करने के लिए प्रयास करता है। जैसा कि ऊपर उल्लेख, 1991 में, वह दस्तावेजों के एक नंबर संयुक्त रूप से विश्व राजनीति में मुद्दों में से कुछ को संबोधित पर हस्ताक्षर किए। यह नाटो कार्यक्रम "शांति के लिए भागीदारी" शुरू की 1994 में, रूस में शामिल हो गए। 1997 में, रूस और नाटो के सहयोग और सुरक्षा पर कार्रवाई पर हस्ताक्षर किए, स्थायी संयुक्त परिषद, जो जल्द ही रूस और ब्लॉक के बीच विचार-विमर्श के दौरान आम सहमति की खोज की मुख्य संसाधन बन बनाया गया था। कोसोवो में घटनाक्रम, विश्लेषकों के अनुसार, दृढ़ता से आपसी विश्वास रूस और गठबंधन को कम आंका। लेकिन, इस के बावजूद, सहयोग जारी रखा। विशेष रूप से, परिषद के काम राजदूतों और सेना के प्रतिनिधियों के बीच नियमित राजनयिक बैठकों में शामिल हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, आपात स्थितियों में सामूहिक विनाश, मिसाइल रक्षा, साथ ही सहयोग के हथियारों का नियंत्रण - परिषद के ढांचे में सहयोग के मुख्य क्षेत्रों। सहयोग के मुख्य बिंदुओं में से एक - मध्य एशिया में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी का दमन। रिश्ते गुट और रूस अगस्त 2008 में जॉर्जिया में युद्ध के बाद में खटास आ गई, "रूस-नाटो" के ढांचे के भीतर एक बातचीत में जिसके परिणामस्वरूप परिषद निलंबित कर दिया गया। लेकिन 2009 की गर्मियों में, विदेश मंत्रियों के प्रयासों के लिए धन्यवाद, परिषद अपना काम प्रमुख क्षेत्रों के एक नंबर पर शुरू हुआ। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नाटो के जारी अस्तित्व और यूनिट के प्रभाव के विस्तार के लिए संभावनाओं के सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति पर निर्भर करता है। तथ्य यह है कि संगठन के ढांचे में सैन्य साझेदारी रक्षा खर्च में सरकार बजट सहयोगी दलों का एक निश्चित प्रतिशत निकलता है। लेकिन अब कई विकसित देशों की राजकोषीय नीति में स्थिति आदर्श से दूर है। नाटो के सदस्य देशों के एक नंबर की सरकारों, के रूप में विश्लेषकों का मानना है, सशस्त्र बलों में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए वित्तीय संसाधन नहीं है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका के उदाहराणदर्शक उदाहरण - यह अनुमान लगाया गया है कि हाल के वर्षों में सैन्य हस्तक्षेप नुकसान के लिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था और एक आधा खरब डॉलर लाया है। जाहिर है, सहयोगी दलों में से कोई भी दुनिया के क्षेत्र में सैन्य बल इस तरह के प्रयोग के प्रभाव पीड़ित नहीं करना चाहता था। (- केवल ब्रिटेन, ग्रीस और एस्टोनिया में अधिक से अधिक) 2010-2013 में नाटो रक्षा में अधिकांश यूरोपीय देशों के बजट आवंटन सकल घरेलू उत्पाद का 2% से अधिक नहीं किया। कि 3-4% की दर ग्रहण करने के लिए एक ओर जहां 90 के दशक में काफी स्वाभाविक है। वहाँ एक संस्करण है कि यूरोपीय संघ के देशों अमेरिका के स्वतंत्र संचालन करने के लिए इच्छुक हैं है सैन्य नीति। विशेष रूप से इस क्षेत्र में सक्रिय जर्मनी को दर्शाता है। लेकिन यह फिर से वित्तीय घटक पर आधारित हैः यूरोप में सशस्त्र बलों, अमेरिका के लिए तुलनीय, के निर्माण के अरबों डॉलर के सैकड़ों खर्च कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था में ठहराव का सामना यूरोपीय संघ के देशों, इस तरह की लागत ऐसा करने में सक्षम नहीं हो सकता।
नाटो - दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य और राजनीतिक संगठनों में से एक। वहाँ साठ से अधिक वर्षों हैं। शुरू में एक गठबंधन संरचना, सोवियत संघ के नीति और जर्मनी समक्ष समर्पण करने का सैन्य आकांक्षाओं पुनर्जीवित होने की संभावना का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया के रूप में बनाया। सोवियत संघ के पतन के बाद, नाटो पूर्व सोवियत गुट के पूर्वी यूरोपीय देशों के बहुमत की श्रेणी में शामिल। कुछ विश्लेषकों जॉर्जिया और यूक्रेन के लिए इकाई में प्रवेश की संभावनाओं के बारे में कहा। एक दिलचस्प तथ्य यह है कि नाटो में शामिल होने के और सोवियत संघ और आधुनिक रूस में किया था के लिए प्रयास करता है। अब नाटो अट्ठाईस देशों में शामिल हैं। इस संगठन में सैन्य संदर्भ में एक प्रमुख भूमिका संयुक्त राज्य अमेरिका खेलते हैं। कार्यक्रम "शांति के लिए भागीदारी", के साथ रूस सहयोग में के आरोप में इकाई परिषद "रूस-नाटो" के काम का आयोजन करता है। इंटरनेशनल सचिवालय और सैन्य समिति - इसके दो मुख्य संरचनाओं के होते हैं। यह एक बड़ी सैन्य संसाधनों है। नाटो मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में स्थित है। फ्रेंच और अंग्रेजी - गठबंधन दो आधिकारिक भाषाओं है। संगठन के महासचिव के नेतृत्व में। नागरिक, सैन्य और सुरक्षा कार्यक्रम के वित्त पोषण - नाटो बजट तीन प्रकार में विभाजित है। गठबंधन सैन्य बलों बोस्निया और हर्जेगोविना , यूगोस्लाविया , लीबिया में सशस्त्र संघर्ष में शामिल किया गया। नाटो एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य बल अग्रणी कर दिया गया है कोसोवो में सुरक्षा सुनिश्चित करने के, एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका में सैन्य-राजनीतिक समस्याओं के निर्णय में भाग लेता है। यह भूमध्य क्षेत्र में सैन्य संरचनाओं के बीच बातचीत पर नजर रखता है, संगठनों सामूहिक विनाश के हथियारों की आपूर्ति में शामिल की पहचान। एलायंस सक्रिय रूप से रूस, चीन, भारत और अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ अंतरराष्ट्रीय संवाद में शामिल है। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, सोवियत संघ के कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में नाटो और रूस के बीच तनाव गायब हो गया है कभी नहीं, और अब बढ़ती जा रही है। नाटो एक हज़ार नौ सौ उनचास में बारह राज्यों ने की थी। भौगोलिक दृष्टि से, देश के प्रमुख संगठन संयुक्त राज्य अमेरिका सहित बनाया जा रहा, - राजनीतिक और सैन्य राज्य में सबसे प्रभावशाली अटलांटिक महासागर है, जो नए अंतरराष्ट्रीय संरचना के नाम पर प्रभावित करने के लिए उपयोग किया था। नाटो - इस उत्तर अटलांटिक संधि संगठन, वह है, उत्तर अटलांटिक संगठन अनुबंध के तहत काम। यह गठबंधन अक्सर कहा जाता है। इकाई के उद्देश्य और सोवियत संघ के राजनीतिक आकांक्षाओं को पूर्वी यूरोप में इसे करने के लिए अनुकूल देशों और दुनिया के अन्य भागों के विरोध किया गया था। नाटो देशों के बीच समझौतों के अनुसार दुनिया के कम्युनिस्ट राज्यों की आक्रामकता के मामले में आपसी सैन्य रक्षा प्रदान करने के लिए। बहरहाल, यह राजनीतिक संघ देशों जो यह गठन में एकीकरण के रुझान के लिए योगदान दिया। पश्चिम जर्मनी और एक हज़ार नौ सौ बयासी में - - स्पेन एक हज़ार नौ सौ बावन में, नाटो, ग्रीस और तुर्की, एक हज़ार नौ सौ छप्पन में शामिल हो गए। बाद सोवियत पतन ब्लॉक आगे दुनिया में अपना प्रभाव का विस्तार करें। जब सोवियत संघ ध्वस्त हो गई, यह प्रतीत होता है, गठबंधन के आगे अस्तित्व के लिए की जरूरत गायब हो गया। लेकिन यह सब गलत निकला। नाटो सदस्यों केवल यूनिट रखने के लिए निर्णय नहीं लिया है, लेकिन यह भी अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए शुरू करने के लिए। एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में, यह यूरो-अटलांटिक भागीदारी परिषद, जो देश हैं जो नाटो के सदस्य नहीं हैं के साथ काम करने के प्रभारी थे द्वारा बनाया गया था। वह उसी वर्ष, द्विपक्षीय समझौतों एलायंस, रूस और यूक्रेन के राज्यों के बीच हस्ताक्षर किए गए। एक हज़ार नौ सौ पचानवे में, एक कार्यक्रम के साथ एक बातचीत के निर्माण पर स्थापित किया गया था मध्य पूर्व , उत्तरी अफ्रीका और भूमध्य। वह मॉरिटानिया, मोरक्को और अल्जीरिया के रूप में शामिल किया गया था। , आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए हथियारों के प्रसार को सीमित - दो हज़ार दो में, यह परिषद "रूस-नाटो" है कि देश दुनिया की राजनीति के प्रमुख मुद्दों पर संवाद बनाने के लिए जारी करने की अनुमति द्वारा बनाया गया था। नाटो के आकार, जो सैनिकों ब्लॉक उढ़ाना एकीकृत नहीं किया गया है। राष्ट्रीय मानकों पर सैन्य छलावरण, सभी कम या ज्यादा की तरह है - यह हरे और "हैक" का रंग है। कभी कभी सैनिकों विशेष वातावरण में एक विशेष अभियान के दौरान कपड़े के अतिरिक्त प्रकार पर डाल दिया। कुछ देशों में, नाटो प्रपत्र सबसे अच्छा मास्किंग सैनिकों को प्राप्त करने के लिए अनुमति देता है, डिजाइन और पैटर्न की एक किस्म शामिल हैं। अमेरिका में, उदाहरण के लिए, पांच मुख्य मानकों में सबसे लोकप्रिय छलावरण पैटर्न। सबसे पहले, यह वुडलैंड है - हरे रंग के चार रंगों के साथ कपड़े। दूसरे, यह रेगिस्तान तीन रंग - रेगिस्तान है कि तीन रंगों में शामिल है में सैन्य अभियानों के लिए एक समान। तीसरा, इस रेगिस्तान छः-रंग - इस बार छह रंगों के साथ रेगिस्तान में से लड़ने के लिए अन्य कपड़े विकल्प। सर्दियों और बर्फ सर्दियों - और वहाँ सर्दियों वर्दी के दो वेरिएंट हैं। इन रंगों के सभी - कई अन्य सेनाओं कि छलावरण नाटो में अपने सैनिकों उढ़ाना के डिजाइनरों के लिए एक गाइड। अमेरिकी सेना की वर्दी का एक दिलचस्प विकास। खुद को छिपाने - एक अपेक्षाकृत हाल आविष्कार। जल्दी सत्तर के दशक तक, अमेरिकी सैनिकों ज्यादातर कपड़े विशेष रूप से हरे थे। लेकिन वियतनाम में आपरेशन के दौरान इस तरह के रंगों जंगल की स्थिति में युद्ध की आवश्यकताओं को संतोषजनक नहीं था, छलावरण में सैनिकों pereoblachilis जिसके परिणामस्वरूप, वर्षावन में मुखौटा की इजाजत दी। सत्तर के दशक में प्रपत्र के इस प्रकार अमेरिकी सेना के लिए लगभग एक राष्ट्रीय मानक बन गया है। एक ही पांच रंगों - धीरे-धीरे वहाँ छलावरण के संशोधन थे। दुनिया में सबसे बड़ा, कुछ सैन्य विशेषज्ञों ने माना जाता है - नाटो काफी सशस्त्र बलों, आम जनता में है। यूनाइटेड और राष्ट्रीय - गठबंधन के सैनिकों की दो प्रकार होते हैं। पहले प्रकार के प्रमुख नाटो सैन्य इकाई - प्रतिक्रिया बलों है। वे गुट बाहर के देशों में सहित स्थानीय प्राकृतिक और सैन्य संघर्ष के क्षेत्रों में विशेष अभियान में काफी हद तक तत्काल भाग लेने के लिए तैयार कर रहे हैं,। नाटो भी है, और तत्काल प्रतिक्रिया बलों। स्थानांतरण के माध्यम से विभिन्न हथियारों और सैनिकों की एक बड़ी संख्या युद्ध की एक जगह पर है - और उनके काम में लाने से में जोर हथियारों के व्यावहारिक उपयोग, और मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर नहीं है। गणना कि विरोधी पक्षों, नाटो के आसन्न शक्ति को साकार करने, एक शांतिपूर्ण निपटारा के पक्ष में उनके रणनीति बदल जाएगा। ब्लॉक एक शक्तिशाली वायु सेना है। नाटो विमान - यह बाईस लड़ाकू विमान स्क्वाड्रनों । वहाँ भी एक इकाई है - सैन्य परिवहन प्रयोजनों के अस्सी विमान। नाटो देशों ने भी बेड़े शरीर है। विमान वाहक, पनडुब्बियों , फ्रिगेट, मिसाइल नौकाओं और नौसेना के विमानन - यह के होते हैं। नाटो के युद्धपोतों एक सौ से अधिक इकाइयों के लिए खाते। सबसे बड़ी नाटो सैन्य संरचना - एक मुख्य रक्षा बल। अटलांटिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों के मामले में उनके ही संभव की भागीदारी। शांति के समय में वे मुख्य भाग में लड़ाकू अभियानों में लगे हुए हैं। चार हज़ार से अधिक विमान और पाँच सौ से अधिक जहाजों - नाटो के मुख्य रक्षात्मक बलों के एक भाग के रूप में। तो, सोवियत संघ के पतन के बाद, नाटो अस्तित्व के लिए जारी रखा, इसके अलावा, दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ गया है। एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में, गठबंधन राज्य में प्रवेश किया है हाल ही में सोवियत संघ के प्रभाव के क्षेत्र का हिस्सा थे जब तक - हंगरी, पोलैंड और चेक गणराज्य। बाद में पांच साल - अन्य पूर्व समाजवादी देशोंः बुल्गारिया, रोमानिया, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया और बाल्टिक राज्यों। अल्बानिया क्रोएशिया - दो हज़ार नौ में, वहाँ नाटो के नए सदस्य थे। राजनीतिक संकट और यूक्रेन में शत्रुता की पृष्ठभूमि के खिलाफ, कुछ विशेषज्ञों का कहना है, नाटो आकांक्षाओं आगे विस्तार करने के लिए करने के लिए नहीं होगा। विशेष रूप से, प्रबंधन इकाई और नाटो में देश के प्रवेश पर यूक्रेनी प्रश्न के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता में, विश्लेषकों का कहना है, सीधे नहीं रखा गया है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, कई देशों गुट में शामिल होने को तैयार हैं। मोंटेनेग्रो, मैसेडोनिया और बोस्निया और हर्जेगोविना - यह सब बाल्कन देशों से ऊपर है। के किन-किन देशों हर तरह से नाटो की ख्वाहिश बात हो रही है, यह जॉर्जिया ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि, कुछ विश्लेषकों के अनुसार, अबकाज़िया और दक्षिण ओसेशिया में संघर्ष - कारक है कि ब्लॉक के लिए देश के आकर्षण को कम। विशेषज्ञों के बीच राय है कि आगे नाटो विस्तार रूस की स्थिति पर निर्भर करता है के हैं। उदाहरण के लिए, बुखारेस्ट शिखर सम्मेलन, दो हज़ार आठ में आयोजित में, इकाई कुछ के विलय की संभावना बना पूर्व सोवियत संघ के देशों, लेकिन सटीक तिथियों व्लादिमीर पुतिन की राय की वजह से नामित नहीं कर रहे हैं घटना में आवाज दी गयी थी कि रूस की सीमा के पास नाटो की उपस्थिति - एक सीधा खतरा। रूस की यह स्थिति आज वैध बनी हुई है। हालांकि, कुछ पश्चिमी विश्लेषकों रूस निराधार भय का कहना है। नाटो के बाद से - एक सैन्य संगठन है, यह बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास के लिए आम बात है। वे सैनिकों की बहुत विभिन्न प्रकार शामिल है। पूर्वी यूरोप में दो हज़ार तेरह के अंत में यह, किया गया है के रूप में वे कई पाया सैन्य विश्लेषकों, प्रमुख नाटो अभ्यास दृढ़ जैज कहा जाता है। लिथुआनिया, एस्टोनिया और लातविया - वे पोलैंड और बाल्टिक राज्यों में ले लिया। नाटो, विभिन्न देशों से और अधिक से अधिक छह हजार सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिए बुलाई गई तीन सौ लड़ाकू वाहनों, पचास से अधिक विमानन इकाइयों, तेरह युद्धपोतों को आकर्षित किया। पारंपरिक दुश्मन इकाई रहा था एक झूठी राज्य "Botnia" एस्टोनिया के खिलाफ आक्रामकता के एक अधिनियम प्रतिबद्ध है। सैन्य विश्लेषकों द्वारा आविष्कार किया, देश एक सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक संकट का अनुभव किया, विदेशी भागीदारों के साथ संबंधों को खराब हो जाती है। नतीजतन, संघर्ष एक युद्ध है कि आक्रमण "Botnia" एस्टोनिया में के साथ शुरू हुआ हुई है। अनुबंध के आधार पर, नाटो के सैन्य-राजनीतिक गुट के सामूहिक सुरक्षा तुरंत छोटे बाल्टिक राज्य की रक्षा के लिए सत्ता हस्तांतरण का फैसला किया। साथ व्यायाम के कुछ चरण रूस के सशस्त्र बलों के प्रतिनिधियों द्वारा मनाया गया । नाटो नेताओं रूस के साथ संयुक्त सैन्य गतिविधियों के आयोजन की संभावना के बारे में बात की। विशेषज्ञों ने बताया कि सैन्य अभ्यास में नाटो और रूस के आपसी खुलापन विश्वास को बढ़ाता है। नाटो और अमेरिका - प्रमुख सैन्य शक्ति इकाई - दो हज़ार पंद्रह में दक्षिणी यूरोपीय देशों में की योजना बनाई अभ्यास। यह उम्मीद है कि वे के बारे में चालीस हजार सैनिकों को शामिल किया जाएगा। रूसी सैन्य विशेषज्ञों कई सैन्य उपकरणों इकाई, दुनिया में अद्वितीय है नहीं या बहुत कम कहा जाता है। इस गठबंधन की सेना के उच्च मुकाबला क्षमता कह नाटो के हथियार है। रूस, विश्लेषकों का मानना है कि सैन्य, आप हथियारों के पांच प्रकार के विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। सबसे पहले, यह ब्रिटिश टैंक चैलेंजर दो उत्पादन है। यह एक एक सौ बीस म कैनन से लैस है और भारी कवच से लैस है। प्रति घंटे के बारे में पच्चीस मील की दूरी - टैंक एक अच्छा गति से स्थानांतरित करने के लिए सक्षम है। दूसरे, यह एक पनडुब्बी है कि जर्मन रक्षा कंपनियों द्वारा तथाकथित "परियोजना दो सौ बारह" द्वारा एकत्र किया जाता है। यह कम शोर स्तर, सभ्य गति , उत्कृष्ट हथियार , और एक मिसाइल प्रणाली की विशेषता है। तीसरा, नाटो सैन्य लड़ाकू विमान है यूरोफाइटर टाइफून। अमेरिकी एफ -बाईस और रूसी टी पचास - अपनी विशेषताओं के अनुसार, वे तथाकथित पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के करीब हैं। मशीन एक सत्ताईस मिलीमीटर तोप और मिसाइलों "हवा से हवा में" एक से अधिक प्रकार और के साथ सुसज्जित है "हवा से जमीन पर। " कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एक समान आंधी ऐसी सु-पैंतीस के रूप में रूसी विमान का केवल नवीनतम नमूने का सामना। नाटो हथियारों की एक और उल्लेखनीय उपस्थिति - हेलीकाप्टर यूरोकॉप्टर टाइगर सह उत्पादन फ्रांस और जर्मनी की। अपनी विशेषताओं के अनुसार यह आकार और वजन में पौराणिक अमेरिकी एएच चौंसठ "अपाचे" के करीब है, लेकिन छोटी है, जो लड़ाई के दौरान कार एक फायदा दे सकता है। हेलीकाप्टर मिसाइलों की अधिकता के साथ सशस्त्र। नाटो हथियार है, जो रूसी सैन्य, विश्लेषकों के अनुसार, यह करने के लिए ध्यान दे लायक है का एक और उदाहरण - मिसाइल है, जो रक्षा कंपनियों इसराइल द्वारा निर्मित है स्पाईक। स्पाइक - प्रभावी एंटी टैंक हथियार। इसकी विशेषता यह दो चरणों की वारहेड लैस में होते हैंः पहला बाहरी परत टैंक, दूसरे का कवच में छेद - आंतरिक। गठबंधन के देशों में से प्रत्येक के क्षेत्र में नाटो के कम से कम एक सैन्य अड्डे की है। उदाहरण के लिए, एक पूर्व सोवियत गुट देश के रूप में हंगरी पर विचार करें। सबसे पहले नाटो बेस यहां एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में आया था। अमेरिकी सरकार यूगोस्लाविया के साथ आपरेशन के दौरान हंगरी हवाई क्षेत्र "तसर" का इस्तेमाल किया गया है - इसलिए मुख्य रूप से उत्सर्जित ड्रोन और एफ अट्ठारह विमान। एक ही एयर फोर्स बेस पर दो हज़ार तीन में इराक में विपक्षी समूहों के बीच में से सैन्य विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया। सैन्य ठिकानों के अपने क्षेत्र पर तैनाती पर पश्चिमी देशों के बीच अमेरिका के सहयोगी दलों की बात हो रही है, यह लायक विशेष उल्लेख इटली है। इसके तत्काल बाद द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, इस राज्य अमेरिका नौसेना बलों की बड़ी दल पर रखा गया था। अब पेंटागन नेपल्स में बंदरगाहों, साथ ही विसेंज़ा, Piacenza, Trapani, Istranov और कई अन्य इतालवी शहरों में हवाई अड्डे चल रही है। इटली में सबसे प्रसिद्ध नाटो आधार - "Aviano"। यह पचास के दशक में बनाया गया था, लेकिन अभी भी कई सैन्य विशेषज्ञों क्षेत्र में सबसे अच्छा माना जाता है। इस संस्करण में टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए बुनियादी सुविधाओं की गिनती नहीं, वहाँ हैंगर जहां विमान उपकरण बम विस्फोट के मामले में शरण ले सकते हैं। नेविगेशन उपकरण है, जो के उपयोग रात में मुकाबला मिशन किया जा सकता है और लगभग किसी भी मौसम में हैं। "Bezmer", "ग्रेफ Ignatievo" और "नया गांव" बुल्गारिया में - यूरोप में नए नाटो ठिकानों के अलावा। इस बाल्कन देश की सरकार की गणना कैसे करें, नाटो सैनिकों की तैनाती के राज्य की सुरक्षा को मजबूत करेगा, साथ ही सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रूस और नाटो, बीस वीं सदी में राजनीतिक टकराव का एक लंबा इतिहास के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र पर रचनात्मक बातचीत करने के लिए प्रयास करता है। जैसा कि ऊपर उल्लेख, एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में, वह दस्तावेजों के एक नंबर संयुक्त रूप से विश्व राजनीति में मुद्दों में से कुछ को संबोधित पर हस्ताक्षर किए। यह नाटो कार्यक्रम "शांति के लिए भागीदारी" शुरू की एक हज़ार नौ सौ चौरानवे में, रूस में शामिल हो गए। एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में, रूस और नाटो के सहयोग और सुरक्षा पर कार्रवाई पर हस्ताक्षर किए, स्थायी संयुक्त परिषद, जो जल्द ही रूस और ब्लॉक के बीच विचार-विमर्श के दौरान आम सहमति की खोज की मुख्य संसाधन बन बनाया गया था। कोसोवो में घटनाक्रम, विश्लेषकों के अनुसार, दृढ़ता से आपसी विश्वास रूस और गठबंधन को कम आंका। लेकिन, इस के बावजूद, सहयोग जारी रखा। विशेष रूप से, परिषद के काम राजदूतों और सेना के प्रतिनिधियों के बीच नियमित राजनयिक बैठकों में शामिल हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, आपात स्थितियों में सामूहिक विनाश, मिसाइल रक्षा, साथ ही सहयोग के हथियारों का नियंत्रण - परिषद के ढांचे में सहयोग के मुख्य क्षेत्रों। सहयोग के मुख्य बिंदुओं में से एक - मध्य एशिया में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी का दमन। रिश्ते गुट और रूस अगस्त दो हज़ार आठ में जॉर्जिया में युद्ध के बाद में खटास आ गई, "रूस-नाटो" के ढांचे के भीतर एक बातचीत में जिसके परिणामस्वरूप परिषद निलंबित कर दिया गया। लेकिन दो हज़ार नौ की गर्मियों में, विदेश मंत्रियों के प्रयासों के लिए धन्यवाद, परिषद अपना काम प्रमुख क्षेत्रों के एक नंबर पर शुरू हुआ। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नाटो के जारी अस्तित्व और यूनिट के प्रभाव के विस्तार के लिए संभावनाओं के सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति पर निर्भर करता है। तथ्य यह है कि संगठन के ढांचे में सैन्य साझेदारी रक्षा खर्च में सरकार बजट सहयोगी दलों का एक निश्चित प्रतिशत निकलता है। लेकिन अब कई विकसित देशों की राजकोषीय नीति में स्थिति आदर्श से दूर है। नाटो के सदस्य देशों के एक नंबर की सरकारों, के रूप में विश्लेषकों का मानना है, सशस्त्र बलों में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए वित्तीय संसाधन नहीं है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका के उदाहराणदर्शक उदाहरण - यह अनुमान लगाया गया है कि हाल के वर्षों में सैन्य हस्तक्षेप नुकसान के लिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था और एक आधा खरब डॉलर लाया है। जाहिर है, सहयोगी दलों में से कोई भी दुनिया के क्षेत्र में सैन्य बल इस तरह के प्रयोग के प्रभाव पीड़ित नहीं करना चाहता था। दो हज़ार दस-दो हज़ार तेरह में नाटो रक्षा में अधिकांश यूरोपीय देशों के बजट आवंटन सकल घरेलू उत्पाद का दो% से अधिक नहीं किया। कि तीन-चार% की दर ग्रहण करने के लिए एक ओर जहां नब्बे के दशक में काफी स्वाभाविक है। वहाँ एक संस्करण है कि यूरोपीय संघ के देशों अमेरिका के स्वतंत्र संचालन करने के लिए इच्छुक हैं है सैन्य नीति। विशेष रूप से इस क्षेत्र में सक्रिय जर्मनी को दर्शाता है। लेकिन यह फिर से वित्तीय घटक पर आधारित हैः यूरोप में सशस्त्र बलों, अमेरिका के लिए तुलनीय, के निर्माण के अरबों डॉलर के सैकड़ों खर्च कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था में ठहराव का सामना यूरोपीय संघ के देशों, इस तरह की लागत ऐसा करने में सक्षम नहीं हो सकता।
उत्तराखंड में मदरसों का कायाकल्प करने के लिए धामी सरकार ने होमवर्क पूरा कर लिया है। अब इसे धरातल पर उतारा जा रहा है। उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के दायरे में आने वाले सभी 103 मदरसों में अगले सत्र से ड्रेस कोड लागू हो जाएगा। सभी मदरसों में भी एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चैयरमेन शादाब शम्स ने कहा कि मदरसों को भी आधुनिक स्कूलों की तर्ज पर चलाने की तैयारी है। पहले चरण में 7 मदरसों को आधुनिक बनाया जाएगा, दो देहरादून में, दो उधमसिंह नगर में, दो हरिद्वार में और एक नैनीताल में मदरसों में ये व्यवस्था लागू की जाएगी। उत्तराखंड में मदरसों के हालात सुधारने को वक्फ बोर्ड पहले ही दिन से होमवर्क करने पर जुटा है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चैयरमेन शादाब शम्स ने कुर्सी संभालते ही मदरसों के हालात सुधारने का ऐलान किया था। इसमें सबसे पहले मदरसों को एनसीईआरटी लागू करने और अन्य स्कूलों की तरह ड्रेस कोड लागू करने की बात की थी। इसका मकसद मदरसों में दी जानी वाली शिक्षा को आधुनिक बनाने और मदरसों को मॉर्डन बनाने की पहल बताया गया है। अब इस पर धरातल पर काम शुरू हो गया है। मदरसों में एनसीईआरटी लागू करने के साथ ही स्कूल ड्रेस भी लागू किया जा रहा है। उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के दायरे में आने वाले सभी 103 मदरसों में अगले सत्र से ड्रेस कोड लागू हो जाएगा। सभी मदरसों में भी एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चैयरमेन शादाब शम्स ने कहा कि मदरसों को भी आधुनिक स्कूलों की तर्ज पर चलाने की तैयारी है। पहले चरण में 7 मदरसों को आधुनिक बनाया जाएगा, इनमें दो देहरादून में, दो उधमसिंह नगर में, दो हरिद्वार में और एक नैनीताल में मदरसों को चिह्रित किया गया है। Petrol-Diesel Price 10th July: कच्चे तेल के दाम गिरे, जानिए क्या घटे देश में पेट्रोल के दाम?
उत्तराखंड में मदरसों का कायाकल्प करने के लिए धामी सरकार ने होमवर्क पूरा कर लिया है। अब इसे धरातल पर उतारा जा रहा है। उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के दायरे में आने वाले सभी एक सौ तीन मदरसों में अगले सत्र से ड्रेस कोड लागू हो जाएगा। सभी मदरसों में भी एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चैयरमेन शादाब शम्स ने कहा कि मदरसों को भी आधुनिक स्कूलों की तर्ज पर चलाने की तैयारी है। पहले चरण में सात मदरसों को आधुनिक बनाया जाएगा, दो देहरादून में, दो उधमसिंह नगर में, दो हरिद्वार में और एक नैनीताल में मदरसों में ये व्यवस्था लागू की जाएगी। उत्तराखंड में मदरसों के हालात सुधारने को वक्फ बोर्ड पहले ही दिन से होमवर्क करने पर जुटा है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चैयरमेन शादाब शम्स ने कुर्सी संभालते ही मदरसों के हालात सुधारने का ऐलान किया था। इसमें सबसे पहले मदरसों को एनसीईआरटी लागू करने और अन्य स्कूलों की तरह ड्रेस कोड लागू करने की बात की थी। इसका मकसद मदरसों में दी जानी वाली शिक्षा को आधुनिक बनाने और मदरसों को मॉर्डन बनाने की पहल बताया गया है। अब इस पर धरातल पर काम शुरू हो गया है। मदरसों में एनसीईआरटी लागू करने के साथ ही स्कूल ड्रेस भी लागू किया जा रहा है। उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के दायरे में आने वाले सभी एक सौ तीन मदरसों में अगले सत्र से ड्रेस कोड लागू हो जाएगा। सभी मदरसों में भी एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चैयरमेन शादाब शम्स ने कहा कि मदरसों को भी आधुनिक स्कूलों की तर्ज पर चलाने की तैयारी है। पहले चरण में सात मदरसों को आधुनिक बनाया जाएगा, इनमें दो देहरादून में, दो उधमसिंह नगर में, दो हरिद्वार में और एक नैनीताल में मदरसों को चिह्रित किया गया है। Petrol-Diesel Price दस जुलाईy: कच्चे तेल के दाम गिरे, जानिए क्या घटे देश में पेट्रोल के दाम?
लखनऊ, 21 जून, 2021: उत्तर प्रदेश की बिजली कम्पनियों की तरफ से दाखिल एआरआर वर्ष 2021-22 व स्लैब परिवर्तन सहित रेग्यूलेटरी सरचार्ज बढाने के लिये दाखिल प्रस्ताव पर आज ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बडी संवैधानिक राज्य सलाहकार समिति की विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन एवं सदस्यगण की उपस्थित में वीडियों कान्फे्रसिंग के माध्यम से बैठक सम्पन्न हुयी। नियामक आयोग व सलाहकार समिति के चेयरमैन श्री आर पी सिंह द्वारा सभी एजेन्डा बिन्दुओं पर समिति के सदस्यों के बीच प्रस्तुतीकरण किया गया इसके बाद बिन्दुवार हर एजेंडा पर सभी सदस्यों ने अपनी राय रखी। नियामक आयोग अध्यक्ष द्वारा सर्वप्रथम बिजली कम्पनियों द्वारा दाखिल एआरआर ट्रू-अप के आकडों पर प्रकाश डालते हुये विस्तार से एक प्रस्तुतीकरण की स्लाइड दिखाते हुये सबकी राय मांगी गयी इसके बाद स्लैब परिवर्तन व बिजली कम्पनियों द्वारा निकाले गये रेग्यूलेटरी असेट लगभग 49827 करोड पर प्रस्तुतीकरण भी किया गया। तत्पश्चात नोयडा पावर कम्पनी, पावर ट्रांसमीशन कम्पनी के एआरआर पर भी प्रकाश डाला गया। आयोग चेयरमैन ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद कहा विद्युत नियामक आयोग अब आगे सभी पहलुओं पर विचार विमर्श करने के बाद बिजली दर को अंतिम रूप देगा और अपना फैसला जल्द सुनायेगा। उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं की तरफ से उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कारपोरेशन के एआरआर पर सवाल उठाते हुये कहा कि बिजली कम्पनियों के ऊपर उपभोक्ताओं का लगभग 19537 करोड रू0 निकल रहा है इसलिये बिजली दरों में कमी करने के लिये उपभोक्ता परिषद के कोविड राहत टैरिफ प्रस्ताव को लागू कराया जाये ओर उसके संबंध में अनेकों विधिक तथ्य रखा और आगे कहा वितरण हानियाॅं 16. 64 प्रतिशत प्रस्तावित करना गलत है क्योंकि 11. 08 बिजनेस प्लान में पहले से अनुमोदित है। सब मिलाकर गैप को बढाने के लिये ऐसा किया जा रहा है। राज्य सेक्टर के उत्पादन गृह से पहले रू0 3. 60 प्रति यूनिट औसत में बिजली खरीद हो रही थी अब रू0 4. 10 प्रति यूनिट यानि 50 पैसा प्रति यूनिट अधिक पूरी तरह गलत है। इसी प्रकार निजी घरानों से भी मंहगी बिजली खारिज करने योग्य है। इस मसले पर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने स्लैब परिवर्तन पर अनेकों विधिक सवाल उठाते हुये कहा जब तक रेट शेडयूल के साथ स्लैब परिवर्तन न दाखिल हो उसे खारिज किया जाना चाहिये। जिस पर पावर कारपोरेशन को छोडकर समिति के दूसरे सदस्यों सीआईआई वेस्टर्न रीजन के चेयरमैन श्री सी पी गुप्ता, डी जी आफ स्कूल मैनेजमेंट के डा भरत राज सिंह ने भी उपभोक्ता परिषद की बात का समर्थन किया। सी पी गुप्ता द्वारा उद्योंगों की दरों में कमी करने का भी सुझाव देते हुये ओपेन एक्सेस का भी मुददा उठाया गया। सभी सदस्यों ने स्लैब परिवर्तन को खारिज करने की मांग करते हुये कहा जब तक रेट शेडयूल के आधार पर आम जनता के बीच में व्यापक चर्चा न करा ली जाये उसे लागू करना उचित न होगा। इसलिये स्लैब परिवर्तन खारिज होना जरूरी है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने रेग्यूलेटरी असेट के मुददे पर बिजली कम्पनियों पर सवाल उठाते हुये कहा भारत सरकार, उप्र सरकार व पावर कारपोरेशन के बीच उदय का अनुबंध हुआ और अब 6 साल बाद शासन के एक पत्र का हवाला देते हुये रेग्यूलेटरी असेट का गलत आंकलन किया जाना पूरी तरह फोरजरी की श्रेणी में आता है। ऐसे में आयोग को सख्त कदम उठाना चाहियेे।
लखनऊ, इक्कीस जून, दो हज़ार इक्कीस: उत्तर प्रदेश की बिजली कम्पनियों की तरफ से दाखिल एआरआर वर्ष दो हज़ार इक्कीस-बाईस व स्लैब परिवर्तन सहित रेग्यूलेटरी सरचार्ज बढाने के लिये दाखिल प्रस्ताव पर आज ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बडी संवैधानिक राज्य सलाहकार समिति की विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन एवं सदस्यगण की उपस्थित में वीडियों कान्फे्रसिंग के माध्यम से बैठक सम्पन्न हुयी। नियामक आयोग व सलाहकार समिति के चेयरमैन श्री आर पी सिंह द्वारा सभी एजेन्डा बिन्दुओं पर समिति के सदस्यों के बीच प्रस्तुतीकरण किया गया इसके बाद बिन्दुवार हर एजेंडा पर सभी सदस्यों ने अपनी राय रखी। नियामक आयोग अध्यक्ष द्वारा सर्वप्रथम बिजली कम्पनियों द्वारा दाखिल एआरआर ट्रू-अप के आकडों पर प्रकाश डालते हुये विस्तार से एक प्रस्तुतीकरण की स्लाइड दिखाते हुये सबकी राय मांगी गयी इसके बाद स्लैब परिवर्तन व बिजली कम्पनियों द्वारा निकाले गये रेग्यूलेटरी असेट लगभग उनचास हज़ार आठ सौ सत्ताईस करोड पर प्रस्तुतीकरण भी किया गया। तत्पश्चात नोयडा पावर कम्पनी, पावर ट्रांसमीशन कम्पनी के एआरआर पर भी प्रकाश डाला गया। आयोग चेयरमैन ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद कहा विद्युत नियामक आयोग अब आगे सभी पहलुओं पर विचार विमर्श करने के बाद बिजली दर को अंतिम रूप देगा और अपना फैसला जल्द सुनायेगा। उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं की तरफ से उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कारपोरेशन के एआरआर पर सवाल उठाते हुये कहा कि बिजली कम्पनियों के ऊपर उपभोक्ताओं का लगभग उन्नीस हज़ार पाँच सौ सैंतीस करोड रूशून्य निकल रहा है इसलिये बिजली दरों में कमी करने के लिये उपभोक्ता परिषद के कोविड राहत टैरिफ प्रस्ताव को लागू कराया जाये ओर उसके संबंध में अनेकों विधिक तथ्य रखा और आगे कहा वितरण हानियाॅं सोलह. चौंसठ प्रतिशत प्रस्तावित करना गलत है क्योंकि ग्यारह. आठ बिजनेस प्लान में पहले से अनुमोदित है। सब मिलाकर गैप को बढाने के लिये ऐसा किया जा रहा है। राज्य सेक्टर के उत्पादन गृह से पहले रूशून्य तीन. साठ प्रति यूनिट औसत में बिजली खरीद हो रही थी अब रूशून्य चार. दस प्रति यूनिट यानि पचास पैसा प्रति यूनिट अधिक पूरी तरह गलत है। इसी प्रकार निजी घरानों से भी मंहगी बिजली खारिज करने योग्य है। इस मसले पर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने स्लैब परिवर्तन पर अनेकों विधिक सवाल उठाते हुये कहा जब तक रेट शेडयूल के साथ स्लैब परिवर्तन न दाखिल हो उसे खारिज किया जाना चाहिये। जिस पर पावर कारपोरेशन को छोडकर समिति के दूसरे सदस्यों सीआईआई वेस्टर्न रीजन के चेयरमैन श्री सी पी गुप्ता, डी जी आफ स्कूल मैनेजमेंट के डा भरत राज सिंह ने भी उपभोक्ता परिषद की बात का समर्थन किया। सी पी गुप्ता द्वारा उद्योंगों की दरों में कमी करने का भी सुझाव देते हुये ओपेन एक्सेस का भी मुददा उठाया गया। सभी सदस्यों ने स्लैब परिवर्तन को खारिज करने की मांग करते हुये कहा जब तक रेट शेडयूल के आधार पर आम जनता के बीच में व्यापक चर्चा न करा ली जाये उसे लागू करना उचित न होगा। इसलिये स्लैब परिवर्तन खारिज होना जरूरी है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने रेग्यूलेटरी असेट के मुददे पर बिजली कम्पनियों पर सवाल उठाते हुये कहा भारत सरकार, उप्र सरकार व पावर कारपोरेशन के बीच उदय का अनुबंध हुआ और अब छः साल बाद शासन के एक पत्र का हवाला देते हुये रेग्यूलेटरी असेट का गलत आंकलन किया जाना पूरी तरह फोरजरी की श्रेणी में आता है। ऐसे में आयोग को सख्त कदम उठाना चाहियेे।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
भारत के मंदिरों तथा पुरातात्विक महत्व के अन्य स्थानों पर देव प्रतिमाओं, व अन्य कलानिधियों के रूप में अपार खजाना मौजूद है जिसे समाज विरोधी तत्व भारत से चुरा कर दूसरे देशों में बेच कर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। भारत के मंदिरों तथा पुरातात्विक महत्व के अन्य स्थानों पर देव प्रतिमाओं, व अन्य कलानिधियों के रूप में अपार खजाना मौजूद है जिसे समाज विरोधी तत्व भारत से चुरा कर दूसरे देशों में बेच कर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। वाशिंगटन स्थित 'एडवोकेसी ग्रुप ग्लोबल फाइनैंशियल इंटीग्रिटी' का अनुमान है कि 6 बिलियन डॉलर प्रति वर्ष के लेन-देन वाला पेंंिटग्स, मूर्तियों और अन्य कलानिधियों का अवैध व्यापार दुनिया के सबसे आकर्षक आपराधिक उद्यमों में से एक है। सितम्बर, 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के साथ समझौते के बाद अमरीका ने भारत को 157 कलाकृतियां सौंपी थीं। और अब अमरीका में भारत से अवैध रूप से लाई गई 15 मूल्यवान देव प्रतिमाओं का पता चलने पर न्यूयार्क स्थित 'मैट्रोपोलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट' इन्हें भारत को लौटाने जा रहा है। ये सभी प्रतिमाएं इस समय त्रिची की जेल में बंद कलाकृतियों के व्यापारी सुभाष कपूर द्वारा बेची गई थीं। पहली शताब्दी ई. पू. से लेकर 11वीं सदी तक की टेराकोटा, ताम्बा तथा पत्थर से निर्मित इन प्राचीन कलानिधियों में मध्य ग्यारहवीं सदी की लगभग 82 करोड़ रुपए मूल्य की अप्सरा की 33. 5 इंच ऊंची मूर्ति के अलावा आठवीं सदी की कामदेव की प्रतिमा और अन्य प्रतिमाएं शामिल हैं। सुभाष कपूर को जर्मनी की पुलिस ने 2012 में गिरफ्तार करने के बाद तमिलनाडु सी. आई. डी. के मूर्ति विंग के हवाले कर दिया था। गत वर्ष उसे तमिलनाडु के एक मंदिर से 94 करोड़ रुपए मूल्य की 19 प्राचीन प्रतिमाएं चुरा कर न्यूयार्क की एक आर्ट गैलरी को बेचने के आरोप में दोषी ठहरा कर 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। सुभाष कपूर पर आरोप है कि उसने ब्रुकलिन, हांगकांग, भारत, लंदन और सिंगापुर में सक्रिय तस्करों के एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के साथ मिलकर अमरीका में 145 मिलियन डॉलर मूल्य की लगभग 2,600 प्राचीन कलानिधियोंं की तस्करी की है। सिंगापुर स्थित, भारतीय मूल के शिपिंग कार्यकारी एस. विजय कुमार के अनुसार भारत को ये कलानिधियां मिलने के बावजूद अभी भी दुनिया में उसकी बेची हजारों नहीं तो सैंकड़ों ऐसी कलानिधियां अवश्य होंगी। उक्त दोनों प्रकरण इस बात को दर्शाते हैं कि कैसे कानूनों के प्रावधान के बावजूद भारत की अमूल्य विरासत और सांस्कृतिक संपदा तस्करों और चोरी करने वालों के हाथों में जा रही है। हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग की 2018 में आई एक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 1992 और 2017 के बीच अकेले दक्षिण भारत के तमिलनाडु के मंदिरों से 1200 प्राचीन मूर्तियों की चोरी हुई। कुल मिलाकर, इसी अवधि के दौरान पूरे भारत में 3676 संरक्षित स्मारकों से 4408 वस्तुओं की चोरी हुई, लेकिन पुलिस द्वारा केवल 1493 को पकड़ा गया। शेष कलाकृतियों में से, लगभग 2913 को दुनिया भर के डीलरों और नीलामी घरों में भेज दिए जाने की आशंका है। एस. विजय कुमार के अनुसार भारतीय मंदिरों से प्रति वर्ष अनुमानित 1,000 प्राचीन कलाकृतियां चुरा कर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भेज दी जाती हैं जिन्हें प्रतिष्ठित नीलामी घरों द्वारा आयोजित नीलामी में उच्चतम बोली लगाने वालों को बेचा जाता है। इनमें से केवल 5 प्रतिशत की ही चोरी की रिपोर्ट दर्ज होती है। बेशक अमरीकी संग्रहालय ने हमारी कलानिधियां लौटाने की पहल की है परंतु इंगलैंड आदि कई देश तो अपने यहां पहुंची हुई हमारी कलानिधियां लौटा ही नहीं रहे। आमतौर पर हमारे मन में यह विचार आता है कि विदेशी (इंगलैंड) तो केवल हमारे यहां से कोहिनूर ही लेकर गए हैं परंतु वास्तविकता ऐसी नहीं है। हमारे पुरातात्विक महत्व के जितने भी स्थल हैं, चाहे वे सिंधु घाटी सभ्यता या गौतम बुद्ध से जुड़े सारनाथ हों, हड़प्पा या नालंदा वहां से रात के समय तम्बू लगा कर प्रतिमाएं आदि चुरा कर बाहर भेजी जाती हैं और इनकी तस्करी जारी है। अतः भारत को अपनी कलानिधियों की रक्षा के लिए एक शक्तिशाली कानून की आवश्यकता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग सभी चोरी की गई भारतीय कलानिधियां बिना दस्तावेजों के हैं। इतिहासकार ऐतिहासिक खजाने की चोरी रोकने के लिए भारत के कानूनों की कमजोरी की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा हमारे यहां ऐसे तस्करों और चोरों के लिए कड़े दंड का प्रावधान भी नहीं है। मौजूदा अधिनियम में यह अनिवार्य है कि प्राचीन वस्तुओं के मालिक उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के साथ पंजीकृत करें, जो पुरातात्विक खुदाई, स्मारकों के संरक्षण और विरासत स्थलों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार नोडल एजैंसी है। कानून पुरावशेषों के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाता है और केवल लाइसैंस के अंतर्गत देश के भीतर उनकी बिक्री की अनुमति देता है। इसके विपरीत, तस्करी से होने वाली कमाई बहुत अधिक है।
भारत के मंदिरों तथा पुरातात्विक महत्व के अन्य स्थानों पर देव प्रतिमाओं, व अन्य कलानिधियों के रूप में अपार खजाना मौजूद है जिसे समाज विरोधी तत्व भारत से चुरा कर दूसरे देशों में बेच कर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। भारत के मंदिरों तथा पुरातात्विक महत्व के अन्य स्थानों पर देव प्रतिमाओं, व अन्य कलानिधियों के रूप में अपार खजाना मौजूद है जिसे समाज विरोधी तत्व भारत से चुरा कर दूसरे देशों में बेच कर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। वाशिंगटन स्थित 'एडवोकेसी ग्रुप ग्लोबल फाइनैंशियल इंटीग्रिटी' का अनुमान है कि छः बिलियन डॉलर प्रति वर्ष के लेन-देन वाला पेंंिटग्स, मूर्तियों और अन्य कलानिधियों का अवैध व्यापार दुनिया के सबसे आकर्षक आपराधिक उद्यमों में से एक है। सितम्बर, दो हज़ार इक्कीस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के साथ समझौते के बाद अमरीका ने भारत को एक सौ सत्तावन कलाकृतियां सौंपी थीं। और अब अमरीका में भारत से अवैध रूप से लाई गई पंद्रह मूल्यवान देव प्रतिमाओं का पता चलने पर न्यूयार्क स्थित 'मैट्रोपोलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट' इन्हें भारत को लौटाने जा रहा है। ये सभी प्रतिमाएं इस समय त्रिची की जेल में बंद कलाकृतियों के व्यापारी सुभाष कपूर द्वारा बेची गई थीं। पहली शताब्दी ई. पू. से लेकर ग्यारहवीं सदी तक की टेराकोटा, ताम्बा तथा पत्थर से निर्मित इन प्राचीन कलानिधियों में मध्य ग्यारहवीं सदी की लगभग बयासी करोड़ रुपए मूल्य की अप्सरा की तैंतीस. पाँच इंच ऊंची मूर्ति के अलावा आठवीं सदी की कामदेव की प्रतिमा और अन्य प्रतिमाएं शामिल हैं। सुभाष कपूर को जर्मनी की पुलिस ने दो हज़ार बारह में गिरफ्तार करने के बाद तमिलनाडु सी. आई. डी. के मूर्ति विंग के हवाले कर दिया था। गत वर्ष उसे तमिलनाडु के एक मंदिर से चौरानवे करोड़ रुपए मूल्य की उन्नीस प्राचीन प्रतिमाएं चुरा कर न्यूयार्क की एक आर्ट गैलरी को बेचने के आरोप में दोषी ठहरा कर दस वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। सुभाष कपूर पर आरोप है कि उसने ब्रुकलिन, हांगकांग, भारत, लंदन और सिंगापुर में सक्रिय तस्करों के एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के साथ मिलकर अमरीका में एक सौ पैंतालीस मिलियन डॉलर मूल्य की लगभग दो,छः सौ प्राचीन कलानिधियोंं की तस्करी की है। सिंगापुर स्थित, भारतीय मूल के शिपिंग कार्यकारी एस. विजय कुमार के अनुसार भारत को ये कलानिधियां मिलने के बावजूद अभी भी दुनिया में उसकी बेची हजारों नहीं तो सैंकड़ों ऐसी कलानिधियां अवश्य होंगी। उक्त दोनों प्रकरण इस बात को दर्शाते हैं कि कैसे कानूनों के प्रावधान के बावजूद भारत की अमूल्य विरासत और सांस्कृतिक संपदा तस्करों और चोरी करने वालों के हाथों में जा रही है। हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग की दो हज़ार अट्ठारह में आई एक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार एक हज़ार नौ सौ बानवे और दो हज़ार सत्रह के बीच अकेले दक्षिण भारत के तमिलनाडु के मंदिरों से एक हज़ार दो सौ प्राचीन मूर्तियों की चोरी हुई। कुल मिलाकर, इसी अवधि के दौरान पूरे भारत में तीन हज़ार छः सौ छिहत्तर संरक्षित स्मारकों से चार हज़ार चार सौ आठ वस्तुओं की चोरी हुई, लेकिन पुलिस द्वारा केवल एक हज़ार चार सौ तिरानवे को पकड़ा गया। शेष कलाकृतियों में से, लगभग दो हज़ार नौ सौ तेरह को दुनिया भर के डीलरों और नीलामी घरों में भेज दिए जाने की आशंका है। एस. विजय कुमार के अनुसार भारतीय मंदिरों से प्रति वर्ष अनुमानित एक,शून्य प्राचीन कलाकृतियां चुरा कर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भेज दी जाती हैं जिन्हें प्रतिष्ठित नीलामी घरों द्वारा आयोजित नीलामी में उच्चतम बोली लगाने वालों को बेचा जाता है। इनमें से केवल पाँच प्रतिशत की ही चोरी की रिपोर्ट दर्ज होती है। बेशक अमरीकी संग्रहालय ने हमारी कलानिधियां लौटाने की पहल की है परंतु इंगलैंड आदि कई देश तो अपने यहां पहुंची हुई हमारी कलानिधियां लौटा ही नहीं रहे। आमतौर पर हमारे मन में यह विचार आता है कि विदेशी तो केवल हमारे यहां से कोहिनूर ही लेकर गए हैं परंतु वास्तविकता ऐसी नहीं है। हमारे पुरातात्विक महत्व के जितने भी स्थल हैं, चाहे वे सिंधु घाटी सभ्यता या गौतम बुद्ध से जुड़े सारनाथ हों, हड़प्पा या नालंदा वहां से रात के समय तम्बू लगा कर प्रतिमाएं आदि चुरा कर बाहर भेजी जाती हैं और इनकी तस्करी जारी है। अतः भारत को अपनी कलानिधियों की रक्षा के लिए एक शक्तिशाली कानून की आवश्यकता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग सभी चोरी की गई भारतीय कलानिधियां बिना दस्तावेजों के हैं। इतिहासकार ऐतिहासिक खजाने की चोरी रोकने के लिए भारत के कानूनों की कमजोरी की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा हमारे यहां ऐसे तस्करों और चोरों के लिए कड़े दंड का प्रावधान भी नहीं है। मौजूदा अधिनियम में यह अनिवार्य है कि प्राचीन वस्तुओं के मालिक उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के साथ पंजीकृत करें, जो पुरातात्विक खुदाई, स्मारकों के संरक्षण और विरासत स्थलों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार नोडल एजैंसी है। कानून पुरावशेषों के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाता है और केवल लाइसैंस के अंतर्गत देश के भीतर उनकी बिक्री की अनुमति देता है। इसके विपरीत, तस्करी से होने वाली कमाई बहुत अधिक है।
प्रिलिम्स के लियेः सर्वोच्च न्यायालय, भारत के मुख्य न्यायाधीश, अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (AIJS)। मेन्स के लियेः भारत में न्यायपालिका संबंधी पहल, भारतीय न्यायिक प्रणाली से संबंधित चुनौतियाँ। चर्चा में क्यों? हाल ही में ऑनलाइन ई-निरीक्षण सॉफ्टवेयर के उद्घाटन के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गए निर्णयों का अब चार भाषाओं- हिंदी, तमिल, गुजराती और ओडिया में अनुवाद किया जाएगा। - इस पहल के परिणामस्वरूप न्यायपालिका का भारतीयकरण होगा जो कि समय की मांग है। न्यायपालिका का भारतीयकरणः - भारतीयकृत न्यायपालिकाः - CJI के अनुसार, न्यायालयों को वादी-केंद्रित होने की आवश्यकता है, जबकि न्याय वितरण का सरलीकरण प्रमुख चिंता होनी चाहिये। - CJI ने निर्दिष्ट किया कि न्यायपालिका के भारतीयकरण का अर्थ न्याय वितरण प्रणाली का स्थानीयकरण है। - भारत की सदियों पुरानी न्यायिक प्रणालीः - भारत में विश्व की सबसे पुरानी न्यायिक प्रणाली है जो लगभग 5000 वर्ष पुरानी है। - ऐतिहासिक काल से ही भारत में एक बहुत ही प्रभावी, विश्वसनीय और लोकतांत्रिक न्यायिक प्रणाली रही है, लेकिन वर्तमान निर्णयों में अधिकांश बयान/कथन पश्चिमी न्यायशास्त्र से लिये गए हैं। - न्याय प्रदान करने की भारत की अपनी प्राचीन प्रणाली को बहुत कम मान्यता दी जाती है। - संबंधित अनुशंसाएँः - मलिमथ समिति की रिपोर्टः मलिमथ समिति (2000) ने सुझाव दिया कि संहिता की एक अनुसूची सभी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की जानी चाहिये ताकि अभियुक्त अपने अधिकारों को जान सकें, साथ ही उन्हें कैसे लागू किया जाए और उन अधिकारों के उल्लंघन होने पर किससे संपर्क किया जाए। - विधि आयोग, 1958: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (AIJS) को पहली बार वर्ष 1958 में विधि आयोग की 14वीं रिपोर्ट द्वारा प्रस्तावित किया गया था। - विधि आयोग की एक रिपोर्ट (1987) में सिफारिश की गई थी कि भारत में प्रति दस लाख की आबादी पर 50 न्यायाधीश होने चाहिये, जबकि तब यह संख्या 10.50 थी। न्यायिक प्रणाली में सुधार के लिये पहलः - वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC): - लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ही मुख्य सहारा रहा है। - दिल्ली उच्च न्यायालय एकमात्र ऐसा न्यायालय है जिसने VC के माध्यम से अधिकतम मामलों की सुनवाई की है। - लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ही मुख्य सहारा रहा है। - AI आधारित सुपेस (SUPACE) पोर्टलः - मई 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने कानूनी शोध के साथ न्यायाधीशों की सहायता करने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence- AI) आधारित सुप्रीम कोर्ट पोर्टल फॉर असिस्टेंस इन कोर्ट एफिशिएंसी (Supreme Court Portal for Assistance in Court's Efficiency- SUPACE) लॉन्च किया। - न्याय वितरण और कानूनी सुधार हेतु राष्ट्रीय मिशनः - मिशन न्यायिक प्रशासन में बकाया और लंबित मामलों के चरणबद्ध परिसमापन के लिये एक समन्वित दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ कंप्यूटरीकरण, अधीनस्थ न्यायपालिका की शक्ति में वृद्धि, नीति एवं विधायी उपायों सहित न्यायालयों के लिये बेहतर बुनियादी ढाँचा शामिल है। - ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों हेतु बुनियादी ढाँचे में सुधारः - बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिये केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme- CSS) की शुरुआत के बाद से 9291.79 करोड़ रुपए जारी किये गए हैं। - कोर्ट हॉल की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। - सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (Information and Communication Technology- ICT) का लाभ उठानाः - सरकार ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम करने के लिये पूरे देश में ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना को लागू कर रही है। - कंप्यूटरीकृत ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों की संख्या अब तक बढ़कर 18,735 हो गई है। भारतीय न्यायिक प्रणाली से संबंधित चुनौतियाँः - लंबित मामलों की बड़ी संख्याः भारतीय न्यायालयों के समक्ष 30 मिलियन से अधिक मामले लंबित पड़े हैं। - उनमें से 4 मिलियन से अधिक मामले उच्च न्यायालयों में लंबित हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के पास 60,000 मामले लंबित हैं। यह आँकड़ा लगातार बढ़ रहा है और न्याय प्रणाली की अपर्याप्तता को प्रदर्शित करता है। - विचाराधीन कैदीः भारतीय जेलों में बंद अधिकांश कैदी वे हैं जो अपने मामलों में निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं (यानी वे विचाराधीन कैदी हैं) और उन्हें निर्णयन की अवधि तक के लिये बंद रखा जाता है। - अधिकांश आरोपितों को जेल में लंबी सज़ा काटनी पड़ती है (दोषी सिद्ध होने पर दी जाने वाली सज़ा की अवधि से अधिक समय तक) और न्यायालय में स्वयं का बचाव करने से संबद्ध लागत, मानसिक कष्ट एवं पीड़ा वास्तविक दंड की तुलना में अधिक महँगी और पीड़ादायी सिद्ध होती है। - नियुक्ति/भर्ती में देरीः न्यायिक पदों को आवश्यकतानुसार यथाशीघ्र नहीं भरा जाता है। 135 मिलियन आबादी वाले देश में लगभग 25000 न्यायाधीश ही उपलब्ध हैं। - उच्च न्यायालयों में रिक्तियों की संख्या लगभग 400 है और निचली न्यायालयों में करीब 35 फीसदी पद खाली पड़े हैं। - CJI की नियुक्ति में पक्षपात और भाई-भतीजावादः चूँकि CJI के पद के लिये उम्मीदवारों के मूल्यांकन के संबंध में कोई विशिष्ट मानदंड नहीं हैं, इसलिये इस मामले में भाई-भतीजावाद और पक्षपात आम बात है। - परिणामतः न्यायिक नियुक्ति में कोई पारदर्शिता नहीं है और साथ ही वे किसी भी प्रशासनिक निकाय के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। - ब्रिटिश शासन से प्रेरित भारतीय न्यायपालिकाः भारत की वर्तमान न्यायिक प्रणाली की उत्पत्ति न्यायपालिका की औपनिवेशिक प्रणाली में देखी जा सकती है जो भारतीय आबादी की आवश्यकताओं के लिये बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। - नियुक्ति प्रणाली में बदलावः रिक्तियों को तुरंत भरे जाने की आवश्यकता है, और न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिये एक उपयुक्त समयसीमा स्थापित करना तथा अग्रिम सुझाव देना आवश्यक है। - अन्य महत्त्वपूर्ण कारक जो निर्विवाद रूप से भारत में एक बेहतर न्यायिक प्रणाली विकसित करने में सहायता कर सकता है, वह है AIJS। - जाँच प्रक्रिया में सुधारः भारत में एक जाँच संबंधी सक्रिय नीति का अभाव है, जिसके कारण कई निर्दोष लोगों को गलत तरीके से आरोपित किया जाता है और दंडित किया जाता है। - इसलिये भारत सरकार को न्याय प्रणाली में सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी, सक्रिय और व्यापक जाँच नीति तैयार करने की आवश्यकता है। - न्याय के लिये नवोन्मेषी समाधानः बड़ी मात्रा में लंबित मामलों के निपटान के समाधान के लिये केवल अधिक न्यायाधीशों की नियुक्ति काफी नहीं है, इसके लिये नवोन्मेषी समाधानों की भी आवश्यकता है। - हाल ही में शुरू की गई पहल को एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है क्योंकि यह समझना आवश्यक है कि न्यायालयों में इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेज़ी भाषा सभी नागरिकों के समझ में नहीं आती है। - इसे न्याय तक पहुँच तब तक नहीं माना जा सकता जब तक निर्णयों/फैसलों को आम जनता की समझ में आ जाने वाली भाषा में निर्गत नहीं किया जाता है। - हाल ही में शुरू की गई पहल को एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है क्योंकि यह समझना आवश्यक है कि न्यायालयों में इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेज़ी भाषा सभी नागरिकों के समझ में नहीं आती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? उत्तरः (c) प्रश्न. भारत में कानूनी सेवा प्राधिकरण निम्नलिखित में से किस प्रकार के नागरिकों को मुफ्त कानूनी सेवाएँ प्रदान करते हैं? (2020) नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनियेः उत्तरः (a) प्रश्न. भारतीय न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? उत्तरः (c) प्रश्न. भारत में उच्च न्यायपालिका के न्यायाधीशों की नियुक्ति के संदर्भ में 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम, 2014' पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रिलिम्स के लियेः सर्वोच्च न्यायालय, भारत के मुख्य न्यायाधीश, अखिल भारतीय न्यायिक सेवा । मेन्स के लियेः भारत में न्यायपालिका संबंधी पहल, भारतीय न्यायिक प्रणाली से संबंधित चुनौतियाँ। चर्चा में क्यों? हाल ही में ऑनलाइन ई-निरीक्षण सॉफ्टवेयर के उद्घाटन के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गए निर्णयों का अब चार भाषाओं- हिंदी, तमिल, गुजराती और ओडिया में अनुवाद किया जाएगा। - इस पहल के परिणामस्वरूप न्यायपालिका का भारतीयकरण होगा जो कि समय की मांग है। न्यायपालिका का भारतीयकरणः - भारतीयकृत न्यायपालिकाः - CJI के अनुसार, न्यायालयों को वादी-केंद्रित होने की आवश्यकता है, जबकि न्याय वितरण का सरलीकरण प्रमुख चिंता होनी चाहिये। - CJI ने निर्दिष्ट किया कि न्यायपालिका के भारतीयकरण का अर्थ न्याय वितरण प्रणाली का स्थानीयकरण है। - भारत की सदियों पुरानी न्यायिक प्रणालीः - भारत में विश्व की सबसे पुरानी न्यायिक प्रणाली है जो लगभग पाँच हज़ार वर्ष पुरानी है। - ऐतिहासिक काल से ही भारत में एक बहुत ही प्रभावी, विश्वसनीय और लोकतांत्रिक न्यायिक प्रणाली रही है, लेकिन वर्तमान निर्णयों में अधिकांश बयान/कथन पश्चिमी न्यायशास्त्र से लिये गए हैं। - न्याय प्रदान करने की भारत की अपनी प्राचीन प्रणाली को बहुत कम मान्यता दी जाती है। - संबंधित अनुशंसाएँः - मलिमथ समिति की रिपोर्टः मलिमथ समिति ने सुझाव दिया कि संहिता की एक अनुसूची सभी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की जानी चाहिये ताकि अभियुक्त अपने अधिकारों को जान सकें, साथ ही उन्हें कैसे लागू किया जाए और उन अधिकारों के उल्लंघन होने पर किससे संपर्क किया जाए। - विधि आयोग, एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा को पहली बार वर्ष एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन में विधि आयोग की चौदहवीं रिपोर्ट द्वारा प्रस्तावित किया गया था। - विधि आयोग की एक रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि भारत में प्रति दस लाख की आबादी पर पचास न्यायाधीश होने चाहिये, जबकि तब यह संख्या दस.पचास थी। न्यायिक प्रणाली में सुधार के लिये पहलः - वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग : - लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ही मुख्य सहारा रहा है। - दिल्ली उच्च न्यायालय एकमात्र ऐसा न्यायालय है जिसने VC के माध्यम से अधिकतम मामलों की सुनवाई की है। - लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ही मुख्य सहारा रहा है। - AI आधारित सुपेस पोर्टलः - मई दो हज़ार बीस में सर्वोच्च न्यायालय ने कानूनी शोध के साथ न्यायाधीशों की सहायता करने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुप्रीम कोर्ट पोर्टल फॉर असिस्टेंस इन कोर्ट एफिशिएंसी लॉन्च किया। - न्याय वितरण और कानूनी सुधार हेतु राष्ट्रीय मिशनः - मिशन न्यायिक प्रशासन में बकाया और लंबित मामलों के चरणबद्ध परिसमापन के लिये एक समन्वित दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ कंप्यूटरीकरण, अधीनस्थ न्यायपालिका की शक्ति में वृद्धि, नीति एवं विधायी उपायों सहित न्यायालयों के लिये बेहतर बुनियादी ढाँचा शामिल है। - ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों हेतु बुनियादी ढाँचे में सुधारः - बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिये केंद्र प्रायोजित योजना की शुरुआत के बाद से नौ हज़ार दो सौ इक्यानवे.उन्यासी करोड़ रुपए जारी किये गए हैं। - कोर्ट हॉल की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। - सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का लाभ उठानाः - सरकार ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम करने के लिये पूरे देश में ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना को लागू कर रही है। - कंप्यूटरीकृत ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों की संख्या अब तक बढ़कर अट्ठारह,सात सौ पैंतीस हो गई है। भारतीय न्यायिक प्रणाली से संबंधित चुनौतियाँः - लंबित मामलों की बड़ी संख्याः भारतीय न्यायालयों के समक्ष तीस मिलियन से अधिक मामले लंबित पड़े हैं। - उनमें से चार मिलियन से अधिक मामले उच्च न्यायालयों में लंबित हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के पास साठ,शून्य मामले लंबित हैं। यह आँकड़ा लगातार बढ़ रहा है और न्याय प्रणाली की अपर्याप्तता को प्रदर्शित करता है। - विचाराधीन कैदीः भारतीय जेलों में बंद अधिकांश कैदी वे हैं जो अपने मामलों में निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उन्हें निर्णयन की अवधि तक के लिये बंद रखा जाता है। - अधिकांश आरोपितों को जेल में लंबी सज़ा काटनी पड़ती है और न्यायालय में स्वयं का बचाव करने से संबद्ध लागत, मानसिक कष्ट एवं पीड़ा वास्तविक दंड की तुलना में अधिक महँगी और पीड़ादायी सिद्ध होती है। - नियुक्ति/भर्ती में देरीः न्यायिक पदों को आवश्यकतानुसार यथाशीघ्र नहीं भरा जाता है। एक सौ पैंतीस मिलियन आबादी वाले देश में लगभग पच्चीस हज़ार न्यायाधीश ही उपलब्ध हैं। - उच्च न्यायालयों में रिक्तियों की संख्या लगभग चार सौ है और निचली न्यायालयों में करीब पैंतीस फीसदी पद खाली पड़े हैं। - CJI की नियुक्ति में पक्षपात और भाई-भतीजावादः चूँकि CJI के पद के लिये उम्मीदवारों के मूल्यांकन के संबंध में कोई विशिष्ट मानदंड नहीं हैं, इसलिये इस मामले में भाई-भतीजावाद और पक्षपात आम बात है। - परिणामतः न्यायिक नियुक्ति में कोई पारदर्शिता नहीं है और साथ ही वे किसी भी प्रशासनिक निकाय के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। - ब्रिटिश शासन से प्रेरित भारतीय न्यायपालिकाः भारत की वर्तमान न्यायिक प्रणाली की उत्पत्ति न्यायपालिका की औपनिवेशिक प्रणाली में देखी जा सकती है जो भारतीय आबादी की आवश्यकताओं के लिये बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। - नियुक्ति प्रणाली में बदलावः रिक्तियों को तुरंत भरे जाने की आवश्यकता है, और न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिये एक उपयुक्त समयसीमा स्थापित करना तथा अग्रिम सुझाव देना आवश्यक है। - अन्य महत्त्वपूर्ण कारक जो निर्विवाद रूप से भारत में एक बेहतर न्यायिक प्रणाली विकसित करने में सहायता कर सकता है, वह है AIJS। - जाँच प्रक्रिया में सुधारः भारत में एक जाँच संबंधी सक्रिय नीति का अभाव है, जिसके कारण कई निर्दोष लोगों को गलत तरीके से आरोपित किया जाता है और दंडित किया जाता है। - इसलिये भारत सरकार को न्याय प्रणाली में सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी, सक्रिय और व्यापक जाँच नीति तैयार करने की आवश्यकता है। - न्याय के लिये नवोन्मेषी समाधानः बड़ी मात्रा में लंबित मामलों के निपटान के समाधान के लिये केवल अधिक न्यायाधीशों की नियुक्ति काफी नहीं है, इसके लिये नवोन्मेषी समाधानों की भी आवश्यकता है। - हाल ही में शुरू की गई पहल को एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है क्योंकि यह समझना आवश्यक है कि न्यायालयों में इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेज़ी भाषा सभी नागरिकों के समझ में नहीं आती है। - इसे न्याय तक पहुँच तब तक नहीं माना जा सकता जब तक निर्णयों/फैसलों को आम जनता की समझ में आ जाने वाली भाषा में निर्गत नहीं किया जाता है। - हाल ही में शुरू की गई पहल को एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है क्योंकि यह समझना आवश्यक है कि न्यायालयों में इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेज़ी भाषा सभी नागरिकों के समझ में नहीं आती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? उत्तरः प्रश्न. भारत में कानूनी सेवा प्राधिकरण निम्नलिखित में से किस प्रकार के नागरिकों को मुफ्त कानूनी सेवाएँ प्रदान करते हैं? नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनियेः उत्तरः प्रश्न. भारतीय न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? उत्तरः प्रश्न. भारत में उच्च न्यायपालिका के न्यायाधीशों की नियुक्ति के संदर्भ में 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम, दो हज़ार चौदह' पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
ऑस्ट्रेलिया से मिले 354 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 233 रन पर ऑल आउट हो गई। एडिलेड, एएफपी। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एडिलेड में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच को कंगारुओं ने 120 रन से जीत लिया है। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है। ऑस्ट्रेलिया से मिले 354 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 233 रन पर ऑल आउट हो गई। दूसरी पारी में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने सबसे ज़्यादा 67 रन बनाए तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी पारी में मिचेल स्टार्क ने पांच इंग्लिश बल्लेबाज़ों का शिकार किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी पारी में 138 रन पर सिमट गई थी, जिससे पहली पारी में 215 रनों की बढ़त की बदौलत इंग्लैंड को एडिलेड मैदान पर रिकॉर्ड 354 रनों का लक्ष्य मिला। इससे पहले एडिलेड मैदान पर 1902 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 315 रनों के लक्ष्य का सफल पीछा किया था। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इंग्लैंड की टीम को जल्द ही शुरुआती झटके देने शुरू कर दिए, जब 53 रन के कुल स्कोर पर अनुभवी सलामी बल्लेबाज एलिस्टेयर कुक (16) स्पिनर नाथन लियोन (1/37) की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद अपनी पारी को जमा रहे मार्क स्टोनमैन (36) भी तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क (2/65) की गेंद पर ख्वाजा को कैच थमा बैठे। वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। हालांकि, 54 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड की टीम दबाव में थी कि इस बीच, जेम्स विंस (15) को भी स्टार्क ने पीटर हैंड्सकोंब के हाथों कैच आउट करा दिया। लेकिन डेविड मलान (29) ने कुछ देर तक जो रूट का साथ देते हुए टीम की पारी को संभाल लिया। लेकिन उन्हें भी 169 रन के स्कोर पर पैट कमिंस ने बोल्ड कर दिया। इंग्लैंड के कप्तान रूट ने इस बीच अपना अर्धशतक पूरा किया। पांचवें दिन की शुरुआत में ही हेजलवुड इंग्लैंड पर कहर बनकर टूट पड़े। पहले उन्होंने वोक्स (05) को अपनाशिकार बनाया तो इसके बाद उन्होंने इंग्लिश कप्तान जो रुट (67) को विकेटकीपर पेन के हाथों कैच आउट करवाकर वापस पवेलियव बेज दिया। इसके बाद मोइन अली (02) को लायन ने एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इसके बाद बाकी बचा हुआ काम मिचे स्टार्क ने कर दिया आखिर के तीन विकेट लेकर। स्टार्क ने ओवरटन (07) को एलबीडब्ल्यब आउट कर दिया। इसके बाद उन्होंने ब्रॉड (08) को पेन के हाथों विकेट के पीछे कैच आउट करवा दिया। इसके बाद स्टार्क ने बेयरस्ट्रो (36) को बोल्ड कर इंग्लैंड की हार पर मुहर लगा दी।
ऑस्ट्रेलिया से मिले तीन सौ चौवन रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम दो सौ तैंतीस रन पर ऑल आउट हो गई। एडिलेड, एएफपी। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एडिलेड में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच को कंगारुओं ने एक सौ बीस रन से जीत लिया है। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज़ में दो-शून्य की बढ़त बना ली है। ऑस्ट्रेलिया से मिले तीन सौ चौवन रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम दो सौ तैंतीस रन पर ऑल आउट हो गई। दूसरी पारी में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने सबसे ज़्यादा सरसठ रन बनाए तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी पारी में मिचेल स्टार्क ने पांच इंग्लिश बल्लेबाज़ों का शिकार किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी पारी में एक सौ अड़तीस रन पर सिमट गई थी, जिससे पहली पारी में दो सौ पंद्रह रनों की बढ़त की बदौलत इंग्लैंड को एडिलेड मैदान पर रिकॉर्ड तीन सौ चौवन रनों का लक्ष्य मिला। इससे पहले एडिलेड मैदान पर एक हज़ार नौ सौ दो में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन सौ पंद्रह रनों के लक्ष्य का सफल पीछा किया था। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इंग्लैंड की टीम को जल्द ही शुरुआती झटके देने शुरू कर दिए, जब तिरेपन रन के कुल स्कोर पर अनुभवी सलामी बल्लेबाज एलिस्टेयर कुक स्पिनर नाथन लियोन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके बाद अपनी पारी को जमा रहे मार्क स्टोनमैन भी तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर ख्वाजा को कैच थमा बैठे। वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। हालांकि, चौवन रन पर दो विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड की टीम दबाव में थी कि इस बीच, जेम्स विंस को भी स्टार्क ने पीटर हैंड्सकोंब के हाथों कैच आउट करा दिया। लेकिन डेविड मलान ने कुछ देर तक जो रूट का साथ देते हुए टीम की पारी को संभाल लिया। लेकिन उन्हें भी एक सौ उनहत्तर रन के स्कोर पर पैट कमिंस ने बोल्ड कर दिया। इंग्लैंड के कप्तान रूट ने इस बीच अपना अर्धशतक पूरा किया। पांचवें दिन की शुरुआत में ही हेजलवुड इंग्लैंड पर कहर बनकर टूट पड़े। पहले उन्होंने वोक्स को अपनाशिकार बनाया तो इसके बाद उन्होंने इंग्लिश कप्तान जो रुट को विकेटकीपर पेन के हाथों कैच आउट करवाकर वापस पवेलियव बेज दिया। इसके बाद मोइन अली को लायन ने एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इसके बाद बाकी बचा हुआ काम मिचे स्टार्क ने कर दिया आखिर के तीन विकेट लेकर। स्टार्क ने ओवरटन को एलबीडब्ल्यब आउट कर दिया। इसके बाद उन्होंने ब्रॉड को पेन के हाथों विकेट के पीछे कैच आउट करवा दिया। इसके बाद स्टार्क ने बेयरस्ट्रो को बोल्ड कर इंग्लैंड की हार पर मुहर लगा दी।
Posted On: बीते 24 घंटे में टीके की 25 लाख से ज्यादा खुराकें दी गयी हैं। - आज देश में संक्रमण से मुक्त होने वालों की कुल संख्या 1,48,17,371 पर रही। - देश के संक्रमण से मुक्त होने वालों की दर 82.33 प्रतिशत है। - बीते 24 घंटे में 3,60,960 नये मामले दर्ज हुए। - देश में कोविड से मरने वालों की दर में गिरावट जारी, फिलहाल मृत्यु दर 1.12 प्रतिशत पर। - 5 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में बीते 24 घंटे के दौरान एक भी मौत दर्ज नहीं हुई। ये हैं दमन औऱ दीव, दादर नगर हवेली, लक्षद्वीप, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।. 1 मई, 2021 से कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे चरण को और प्रभावी तथा उदार स्वरूप में देश भर में क्रियान्वित किया जाएगा। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड रोधी टीके की लगभग 16 करोड़ (15,95,96,140) ख़ुराकें निःशुल्क उपलब्ध कराई हैं। इसमें से बर्बादी सहित 14,89,76,248 ख़ुराकों का उपयोग किया जा चुका है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास इस समय कोविड रोधी टीके की एक करोड़ से अधिक (1,06,19,892) खुराक उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल किया जाना है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अगले 3दिनों में 57लाख से अधिक (57,70,000) अतिरिक्त ख़ुराकें उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम केयर्स फंड के अंतर्गत डीआरडीओ द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित 500 और पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को स्वीकृति दी गई है। पीएसए संयंत्रों और पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मांग वालों क्षेत्रों के करीब ऑक्सीजन की आपूर्ति में बड़ी बढ़ोतरी करेंगे। विस्तृत जानकारी के लियेः एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने प्रधानमंत्री को बताया कि त्वरित गति से देश और विदेशों में कोविड संबंधित कार्य को पूरा करने के लिए आईएएफ ने पूरे हेवी लिफ्ट फ्लीट और पर्याप्त संख्या में मीडियम लिफ्ट फ्लीट को एक हब एवं स्पोक मॉडल में संचालित करने को लेकर हमेशा तैयार रहने का आदेश दिया है। सभी बेड़े के लिए दिन-रात परिचालनों को सुनिश्चित करने के लिए हवाई कर्मियों को तैयार किया गया है।वहीं प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजन टैंकरों एवं अन्य जरूरी सामग्री के परिवहन में परिचालन की गति, पैमाने और सुरक्षा को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोविड संबंधित कार्यों में संलग्न वायुसेना कर्मी संक्रमण से सुरक्षित रहें। इसके अलावा उन्होंने सभी कोविड संबंधित परिचालनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जरूरत के बारे में भी बात की। जानकारी के लियेः भारतीय रेलवे ने अब तक उत्तर प्रदेश को 202 मीट्रिक टन, महाराष्ट्र को 174 मीट्रिक टन, दिल्ली को 70 मीट्रिक टन और मध्य प्रदेश को 64 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन पहुंचाई है। जानकारी के लियेः राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा की अपनी विशेषता को बनाए रखते हुए भारतीय सेना ने युद्ध स्तर पर कई कोविड सुविधाओं कीस्थापना की है ताकि विभिन्न स्थानों पर पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों (परिवारों) को व्यापक चिकित्सा सुविधाएं दी जा सकेंI ऐसी ही एक सुविधा बेस चिकित्सालय दिल्ली छावनी (कैंटोनमेंट) में तैयार की गई है जहां पूरे अस्पताल को ऐसेकोविड चिकित्सालय में बदल दिया गया है जहां आने वाले सभी रोगियों की अत्यावश्यक महत्वपूर्ण देखरेख के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।यह सुविधा प्राप्त करने के लिए नागरिक निम्नलिखित टेलीफोन नम्बरों पर सम्पर्क कर सकते है : - -37176 (सेना लाइन के माध्यम से) जानकारी के लियेः उम्मीद है की उर्वरक संयंत्रों द्वारा कोविड रोगियों के लिए प्रतिदिन लगभग 50 मीट्रिक टन (एमटी) मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध करायी जा सकती है। ये कदम आने वाले दिनों में देश के अस्पतालों में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाएंगे। जानकारी के लिये : महाराष्ट्रः महाराष्ट्र कैबिनेट ने आज 18 से 44 आयुवर्ग में सभी को मुफ्त में वैक्सीन देने की मंजूरी दे दी। राज्य के लिये इस आयुवर्ग के करीब 5.7 करोड़ नागरिकों को टीका लगाने की लागत करीब 6500 करोड़ रुपये होगी। ये फैसला केंद्र द्वारा टीकाकरण अभियान का विस्तार सभी वयस्कों तक करने के बाद लिया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा "महाराष्ट्र में हमारे पास 13000 टीकाकरण केंद्र हैं, जिनके जरिये हम अगले 6 महीने में 5.71 करोड़ लोगों का टीकाकरण पूरा करने का लक्ष्यरख रहे हैं"। 895 मौतों के साथ मंगलवार को किसी एक दिन की सर्वाधिक मौतें दर्ज की गयीं। राज्य में 66,358 नये मामले दर्ज किये गये, साथ 2.88 लाख कोविड जांच भी हुईं, जो कि नया रिकॉर्ड है। गुजरातः कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बढ़त को नियंत्रित करने के प्रयास में, राज्य सरकार ने सख्त प्रतिबंध लगाये हैं और रात्रि कर्फ्यू वाले शहरों और कस्बों की संख्या मौजूदा 20 से बढ़ाकर 29 कर दी है।नये प्रतिबंध 29 अप्रैल से 5 मई तक जारी रहेंगे। ये फैसला गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के द्वारा बुलायी गयी उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। गुजरात ने 14,352 नये मामले दर्ज किये। मध्य प्रदेशः आज कुल 64 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन के 6 टैंकर लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस भोपाल के करीब मंडीदीप पहुंची। इसमें से 2 टैंकर को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए भोपाल लाया गया। गोवाः गोवा सरकार ने गुरुवार को रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक 80 घंटे के लॉकडाउन का ऐलान किया है। इस अवधि के दौरान सभी आवश्यक सेवायें और किराने की दुकाने पूरे दिन खुली रहेंगी, जबकि रेस्टोरेंट सिर्फ होम डिलीवरी के लिए खुले रहेंगे। केसिनो और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से बंद रहेंगे। केरलः राज्य सरकार ने कोरोना टीके की एक करोड़ खुराक खरीदने का फैसला किया है, जिसमें कोविशील्ड की 70 लाख और कोवैक्सीन की 30 लाख खुराकें हैं। सरकार ने लॉकडाउन न लगाने का फैसला लिया। फिलहाल सप्ताह के अंत में सीमित लॉकडाउन है। इसके साथ ही हर दिन रात्रि कर्फ्यू भी है। राज्य ने बीते दिन 32,819 कोविड मामले दर्ज किये, जो कि किसी एक दिन की सर्वाधिक संख्या है, जिससे कुल संख्या बढ़कर 14,60,364 हो गयी है। जांच सकारात्मक दर 23.24 प्रतिशत थी। मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,170 हो गयी है। बीते दिन राज्य में 1,13,009 लोगों को टीका लगा। तमिलनाडुः राज्य पहली मई से 18 साल से ऊपर के सभी को मुफ्त में टीका लगाने की तैयारी कर रही है, इसलिये तमिलनाडु सरकार ने पहले चरण में 1.5 करोड़ कोविड-19 टीके की खरीद का आदेश दे दिया है। तमिलनाडु के लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार को ऐलान किया कि वो राज्य में अतिरिक्त 12,370 बेड में ऑक्सीजन पाइपलाइन उपलब्ध करायेगा। सोमवार को तमिलनाडु ने कोविड-19 के 15,684 मामले दर्ज किये, जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 10,97,672 हो गयी। इसमें से चेन्नई में 4250 सकारात्मक मामले दर्ज हुए, जिससे शहर के संक्रमितों की कुल संख्या 3,14,074 पर पहुंच गयी। बीते दिन राज्य में 1,41,458 लोगों को टीका लगा। इसके साथ राज्य में कुल 56,26,091 लोगों को टीका लगाया जा चुका है, इसमें से 44,96,115 लोगों को टीके की पहली खुराक और 11,29,976 को दूसरी खुराक मिल चुकी है। कर्नाटकः दर्ज हुए नये मामलेः 31,830; कुल सक्रिय मामलेः 301899; कोरोना से हुई मौतेंः 180, कोरोना से कुल मौतेंः 14,807। बीते दिन 1,33,662 को टीका लगा, इसके साथ राज्य में अब तक कुल 90,43,861 को टीका लगाया जा चुका है। शहर में कोविड के आम बेड की कोई कमी नहीं है। बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त गौरव गुप्ता ने कहा कि संक्रमित मरीज कोविड हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं, और अस्पतालों में भर्ती हो सकते हैं, और उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो अधिकार क्षेत्र की सभी निजी प्रयोगशालाओं से 24 घंटे के अंदर कोविड टेस्ट रिपोर्ट जारी करने के लिए परामर्श करें। आंध्र प्रदेशः राज्य ने बीते 24 घंटे में कोविड 19 के 11,434 नये मामले और 64 मौतें दर्ज की हैं, वहीं 7055 संक्रमण से मुक्त हुए हैं। कुल मामलेः 10,54,875; सक्रिय मामलेः 99446; डिस्चार्जः 9,47,629; मौतेंः 7800। बीते दिन तक राज्य में कोविड टीके की कुल 61,77,974 खुराकें दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार ने 40 बेड वाले अस्पतालों को कोविड अस्पतालों में बदलने का अहम निर्णय लिया है, और हर निर्वाचन क्षेत्र में केयर सेंटर स्थापित करने के लिये कदम उठाये गये हैं। अधिकारी हर निर्वाचन केंद्र में कॉलेजों की पहचान करने में लगे थे। सरकार वितरण के लिए हर दिन 12,000 रेमडिसिवर इंजेक्शन का प्रबंध कर रही है। इसी बीच टीटीडी प्रशासन ने पहली मई से प्रतिबंधों को फिर से लागू करने का फैसला लिया है, मंदिर के उप कार्यकारी अधिकारी के अनुसार मौजूदा 25000 की जगह अब प्रतिदिन 15,000 श्रद्धालु को ही दर्शन की अनुमति होगी। तेलंगानाः राज्य में एक दिन के दौरान कुल 8,061 नये कोविड मामले और 56 मौतें दर्ज हुईं। मंगलवार शाम तक राज्य के सभी श्रेणियों में टीके की पहली खुराक पाने वालों की कुल संख्या 38,48,591 और दूसरी खुराक पाने वालों की संख्या 5,49,898 थी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री इटेला राजेंद्र ने कहा कि राज्य में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और राज्य में अगले एक हफ्ते के अंदर कोविड मरीजों के लिये 3010 अतिरिक्त ऑक्सीजन बेड उपलब्ध करा दिये जायेंगे। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक जो कि कोवैक्सीन का निर्माण कर रही है, ने तेलंगाना सरकार के द्वारा राज्य को टीके की अधिकतम खुराकों की आपूर्ति के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने और होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों को टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हितम (होम आइसोलेशन टेलीमेडिसिन एंड मॉनिटरिंग) एप को फिर से शुरू करने का निर्देश दिया। असमः असम सरकार ने कोविड-19 मामलों में बढ़त के बीच पूरे असम में रात 8 बजे से सुबह 5 बजे के बीच रात्रि कर्फ्यू लगा दिया है। मंगलवार को राज्य को 5 लाख खुराकें मिली हैं। ऐसे जिलों में जहां कोविड मामलों की संख्या 300 से ज्यादा होगी, प्री-प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालयों तक सभी स्कूल और कॉलेज 15 दिन के लिए बंद रहेंगे। मणिपुरः राज्य में कोविड 19 से बीते 24 घंटे के दौरान 3 और लोगों की मौत हो गयी, जबकि 175 लोग जांच में संक्रमित पाये गये। अब तक राज्य में 1,39,457 लोगों को कोविड के खिलाफ टीका लग चुका है। मेघालयः मंगलवार को लगातार 9वें दिन मेघालय ने 100 से ज्यादा नये मामले दर्ज किये। राज्य में इस दिन 4 मौतें भी दर्ज हुईं जिससे कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 165 हो गयी। मंगलवार को 147 नये मामलों के साथ राज्य में अब 1,456 सक्रिय मामले हैं। साथ ही मंगलवार को राज्य में 90 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए। स्वास्थ्य मंत्री ए एल हेक ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार 20 मई तक राज्य में 3 ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। राज्य सरकार ये जांच रही है कि कोविड 19 का कौन सा स्ट्रेन मेघालय में मामलों में तेज बढ़ोतरी कर रहा है और मृतकों की संख्या बढ़ा रहा है। सिक्किमः केंद्रीय रक्षा मंत्री ने राज्यपाल के साथ सिक्किम में कोरोना की स्थिति पर समीक्षा की। सिक्किम में 97 नये मामले और 2 मौतें दर्ज होने की वजह से सरकारी कार्यालय एक हफ्ते के लिये बंद कर दिये गये हैं। देश में कोरोना में बढ़त के बाद नेपाल ने भारत के साथ अपनी सीमायें बंद कर दी हैं। त्रिपुराः बीते 24 घंटे में 111 कोविड मामले और 2 मौतें दर्ज की गयीं।त्रिपुरा हाईकोर्ट में 31 मई तक वर्चुअली सुनवाई होगी। निचली अदालत जरूरी मामलों पर सुनवाई करेगी, लेकिन ऐसे मामलों की सुनवाई कोर्ट रूम में होगी। नागालैंडः नागालैंड ने मंगलवार को 207 नये मामलों के साथ अब तक की सबसे अधिक दैनिक बढ़त दर्ज की। सक्रिय मामले अब 874 हैं। नागालैंड कैबिनेट ने 30 अप्रैल से 14 मई तक लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। संयुक्त दिशानिर्देश कल जारी होंगे। ये भी फैसला लिया गया है कि 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोविड वैक्सीन मुफ्त में लगायी जायेगी। पंजाबः संक्रमित पाये गये मरीजों की संख्या 351282 है। सक्रिय मामलों की संख्या 51936 है। दर्ज की कुल मौतों की संख्या 8630 है। कोविड 19 टीके की पहली खुराक पाने वालों ( हेल्थकेयर + फ्रंटलाइन कर्मचारी)की कुल संख्या 599384 है। कोविड 19 टीके की दूसरी खुराक पाने वालों ( हेल्थकेयर + फ्रंटलाइन कर्मचारी)की कुल संख्या 174908 है। 45 साल से ऊपर टीके की पहली खुराक पाने वालों की संख्या 2167231 है। 45 साल से ऊपर टीके की दूसरी खुराक पाने वालों की संख्या 164329 है। चंडीगढ़ः प्रयोगशाला से पुष्टि हुए कुल कोविड -19 मामले 40,350 हैं। कुल सक्रिय मामले 5980 हैं। अब तक कोविड 19 से मरने वालों की संख्या 446 है। हिमाचलप्रदेशः अब तक कोविड संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 91350 है। सक्रिय मामलों की कुल संख्या 15151 है। अब तक दर्ज हुई कुल मौतें 1374 हैं।
Posted On: बीते चौबीस घंटाटे में टीके की पच्चीस लाख से ज्यादा खुराकें दी गयी हैं। - आज देश में संक्रमण से मुक्त होने वालों की कुल संख्या एक,अड़तालीस,सत्रह,तीन सौ इकहत्तर पर रही। - देश के संक्रमण से मुक्त होने वालों की दर बयासी.तैंतीस प्रतिशत है। - बीते चौबीस घंटाटे में तीन,साठ,नौ सौ साठ नये मामले दर्ज हुए। - देश में कोविड से मरने वालों की दर में गिरावट जारी, फिलहाल मृत्यु दर एक.बारह प्रतिशत पर। - पाँच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में बीते चौबीस घंटाटे के दौरान एक भी मौत दर्ज नहीं हुई। ये हैं दमन औऱ दीव, दादर नगर हवेली, लक्षद्वीप, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।. एक मई, दो हज़ार इक्कीस से कोविड-उन्नीस टीकाकरण के तीसरे चरण को और प्रभावी तथा उदार स्वरूप में देश भर में क्रियान्वित किया जाएगा। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड रोधी टीके की लगभग सोलह करोड़ ख़ुराकें निःशुल्क उपलब्ध कराई हैं। इसमें से बर्बादी सहित चौदह,नवासी,छिहत्तर,दो सौ अड़तालीस ख़ुराकों का उपयोग किया जा चुका है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास इस समय कोविड रोधी टीके की एक करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल किया जाना है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अगले तीनदिनों में सत्तावनलाख से अधिक अतिरिक्त ख़ुराकें उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम केयर्स फंड के अंतर्गत डीआरडीओ द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित पाँच सौ और पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को स्वीकृति दी गई है। पीएसए संयंत्रों और पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मांग वालों क्षेत्रों के करीब ऑक्सीजन की आपूर्ति में बड़ी बढ़ोतरी करेंगे। विस्तृत जानकारी के लियेः एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने प्रधानमंत्री को बताया कि त्वरित गति से देश और विदेशों में कोविड संबंधित कार्य को पूरा करने के लिए आईएएफ ने पूरे हेवी लिफ्ट फ्लीट और पर्याप्त संख्या में मीडियम लिफ्ट फ्लीट को एक हब एवं स्पोक मॉडल में संचालित करने को लेकर हमेशा तैयार रहने का आदेश दिया है। सभी बेड़े के लिए दिन-रात परिचालनों को सुनिश्चित करने के लिए हवाई कर्मियों को तैयार किया गया है।वहीं प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजन टैंकरों एवं अन्य जरूरी सामग्री के परिवहन में परिचालन की गति, पैमाने और सुरक्षा को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोविड संबंधित कार्यों में संलग्न वायुसेना कर्मी संक्रमण से सुरक्षित रहें। इसके अलावा उन्होंने सभी कोविड संबंधित परिचालनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जरूरत के बारे में भी बात की। जानकारी के लियेः भारतीय रेलवे ने अब तक उत्तर प्रदेश को दो सौ दो मीट्रिक टन, महाराष्ट्र को एक सौ चौहत्तर मीट्रिक टन, दिल्ली को सत्तर मीट्रिक टन और मध्य प्रदेश को चौंसठ मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन पहुंचाई है। जानकारी के लियेः राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा की अपनी विशेषता को बनाए रखते हुए भारतीय सेना ने युद्ध स्तर पर कई कोविड सुविधाओं कीस्थापना की है ताकि विभिन्न स्थानों पर पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को व्यापक चिकित्सा सुविधाएं दी जा सकेंI ऐसी ही एक सुविधा बेस चिकित्सालय दिल्ली छावनी में तैयार की गई है जहां पूरे अस्पताल को ऐसेकोविड चिकित्सालय में बदल दिया गया है जहां आने वाले सभी रोगियों की अत्यावश्यक महत्वपूर्ण देखरेख के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।यह सुविधा प्राप्त करने के लिए नागरिक निम्नलिखित टेलीफोन नम्बरों पर सम्पर्क कर सकते है : - -सैंतीस हज़ार एक सौ छिहत्तर जानकारी के लियेः उम्मीद है की उर्वरक संयंत्रों द्वारा कोविड रोगियों के लिए प्रतिदिन लगभग पचास मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध करायी जा सकती है। ये कदम आने वाले दिनों में देश के अस्पतालों में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाएंगे। जानकारी के लिये : महाराष्ट्रः महाराष्ट्र कैबिनेट ने आज अट्ठारह से चौंतालीस आयुवर्ग में सभी को मुफ्त में वैक्सीन देने की मंजूरी दे दी। राज्य के लिये इस आयुवर्ग के करीब पाँच.सात करोड़ नागरिकों को टीका लगाने की लागत करीब छः हज़ार पाँच सौ करोड़ रुपये होगी। ये फैसला केंद्र द्वारा टीकाकरण अभियान का विस्तार सभी वयस्कों तक करने के बाद लिया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा "महाराष्ट्र में हमारे पास तेरह हज़ार टीकाकरण केंद्र हैं, जिनके जरिये हम अगले छः महीने में पाँच.इकहत्तर करोड़ लोगों का टीकाकरण पूरा करने का लक्ष्यरख रहे हैं"। आठ सौ पचानवे मौतों के साथ मंगलवार को किसी एक दिन की सर्वाधिक मौतें दर्ज की गयीं। राज्य में छयासठ,तीन सौ अट्ठावन नये मामले दर्ज किये गये, साथ दो.अठासी लाख कोविड जांच भी हुईं, जो कि नया रिकॉर्ड है। गुजरातः कोविड-उन्नीस संक्रमण के मामलों में बढ़त को नियंत्रित करने के प्रयास में, राज्य सरकार ने सख्त प्रतिबंध लगाये हैं और रात्रि कर्फ्यू वाले शहरों और कस्बों की संख्या मौजूदा बीस से बढ़ाकर उनतीस कर दी है।नये प्रतिबंध उनतीस अप्रैल से पाँच मई तक जारी रहेंगे। ये फैसला गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के द्वारा बुलायी गयी उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। गुजरात ने चौदह,तीन सौ बावन नये मामले दर्ज किये। मध्य प्रदेशः आज कुल चौंसठ मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन के छः टैंकर लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस भोपाल के करीब मंडीदीप पहुंची। इसमें से दो टैंकर को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए भोपाल लाया गया। गोवाः गोवा सरकार ने गुरुवार को रात दस बजे से सोमवार सुबह छः बजे तक अस्सी घंटाटे के लॉकडाउन का ऐलान किया है। इस अवधि के दौरान सभी आवश्यक सेवायें और किराने की दुकाने पूरे दिन खुली रहेंगी, जबकि रेस्टोरेंट सिर्फ होम डिलीवरी के लिए खुले रहेंगे। केसिनो और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से बंद रहेंगे। केरलः राज्य सरकार ने कोरोना टीके की एक करोड़ खुराक खरीदने का फैसला किया है, जिसमें कोविशील्ड की सत्तर लाख और कोवैक्सीन की तीस लाख खुराकें हैं। सरकार ने लॉकडाउन न लगाने का फैसला लिया। फिलहाल सप्ताह के अंत में सीमित लॉकडाउन है। इसके साथ ही हर दिन रात्रि कर्फ्यू भी है। राज्य ने बीते दिन बत्तीस,आठ सौ उन्नीस कोविड मामले दर्ज किये, जो कि किसी एक दिन की सर्वाधिक संख्या है, जिससे कुल संख्या बढ़कर चौदह,साठ,तीन सौ चौंसठ हो गयी है। जांच सकारात्मक दर तेईस.चौबीस प्रतिशत थी। मरने वालों की संख्या बढ़कर पाँच,एक सौ सत्तर हो गयी है। बीते दिन राज्य में एक,तेरह,नौ लोगों को टीका लगा। तमिलनाडुः राज्य पहली मई से अट्ठारह साल से ऊपर के सभी को मुफ्त में टीका लगाने की तैयारी कर रही है, इसलिये तमिलनाडु सरकार ने पहले चरण में एक.पाँच करोड़ कोविड-उन्नीस टीके की खरीद का आदेश दे दिया है। तमिलनाडु के लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार को ऐलान किया कि वो राज्य में अतिरिक्त बारह,तीन सौ सत्तर बेड में ऑक्सीजन पाइपलाइन उपलब्ध करायेगा। सोमवार को तमिलनाडु ने कोविड-उन्नीस के पंद्रह,छः सौ चौरासी मामले दर्ज किये, जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या दस,सत्तानवे,छः सौ बहत्तर हो गयी। इसमें से चेन्नई में चार हज़ार दो सौ पचास सकारात्मक मामले दर्ज हुए, जिससे शहर के संक्रमितों की कुल संख्या तीन,चौदह,चौहत्तर पर पहुंच गयी। बीते दिन राज्य में एक,इकतालीस,चार सौ अट्ठावन लोगों को टीका लगा। इसके साथ राज्य में कुल छप्पन,छब्बीस,इक्यानवे लोगों को टीका लगाया जा चुका है, इसमें से चौंतालीस,छियानवे,एक सौ पंद्रह लोगों को टीके की पहली खुराक और ग्यारह,उनतीस,नौ सौ छिहत्तर को दूसरी खुराक मिल चुकी है। कर्नाटकः दर्ज हुए नये मामलेः इकतीस,आठ सौ तीस; कुल सक्रिय मामलेः तीन लाख एक हज़ार आठ सौ निन्यानवे; कोरोना से हुई मौतेंः एक सौ अस्सी, कोरोना से कुल मौतेंः चौदह,आठ सौ सात। बीते दिन एक,तैंतीस,छः सौ बासठ को टीका लगा, इसके साथ राज्य में अब तक कुल नब्बे,तैंतालीस,आठ सौ इकसठ को टीका लगाया जा चुका है। शहर में कोविड के आम बेड की कोई कमी नहीं है। बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त गौरव गुप्ता ने कहा कि संक्रमित मरीज कोविड हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं, और अस्पतालों में भर्ती हो सकते हैं, और उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो अधिकार क्षेत्र की सभी निजी प्रयोगशालाओं से चौबीस घंटाटे के अंदर कोविड टेस्ट रिपोर्ट जारी करने के लिए परामर्श करें। आंध्र प्रदेशः राज्य ने बीते चौबीस घंटाटे में कोविड उन्नीस के ग्यारह,चार सौ चौंतीस नये मामले और चौंसठ मौतें दर्ज की हैं, वहीं सात हज़ार पचपन संक्रमण से मुक्त हुए हैं। कुल मामलेः दस,चौवन,आठ सौ पचहत्तर; सक्रिय मामलेः निन्यानवे हज़ार चार सौ छियालीस; डिस्चार्जः नौ,सैंतालीस,छः सौ उनतीस; मौतेंः सात हज़ार आठ सौ। बीते दिन तक राज्य में कोविड टीके की कुल इकसठ,सतहत्तर,नौ सौ चौहत्तर खुराकें दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार ने चालीस बेड वाले अस्पतालों को कोविड अस्पतालों में बदलने का अहम निर्णय लिया है, और हर निर्वाचन क्षेत्र में केयर सेंटर स्थापित करने के लिये कदम उठाये गये हैं। अधिकारी हर निर्वाचन केंद्र में कॉलेजों की पहचान करने में लगे थे। सरकार वितरण के लिए हर दिन बारह,शून्य रेमडिसिवर इंजेक्शन का प्रबंध कर रही है। इसी बीच टीटीडी प्रशासन ने पहली मई से प्रतिबंधों को फिर से लागू करने का फैसला लिया है, मंदिर के उप कार्यकारी अधिकारी के अनुसार मौजूदा पच्चीस हज़ार की जगह अब प्रतिदिन पंद्रह,शून्य श्रद्धालु को ही दर्शन की अनुमति होगी। तेलंगानाः राज्य में एक दिन के दौरान कुल आठ,इकसठ नये कोविड मामले और छप्पन मौतें दर्ज हुईं। मंगलवार शाम तक राज्य के सभी श्रेणियों में टीके की पहली खुराक पाने वालों की कुल संख्या अड़तीस,अड़तालीस,पाँच सौ इक्यानवे और दूसरी खुराक पाने वालों की संख्या पाँच,उनचास,आठ सौ अट्ठानवे थी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री इटेला राजेंद्र ने कहा कि राज्य में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और राज्य में अगले एक हफ्ते के अंदर कोविड मरीजों के लिये तीन हज़ार दस अतिरिक्त ऑक्सीजन बेड उपलब्ध करा दिये जायेंगे। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक जो कि कोवैक्सीन का निर्माण कर रही है, ने तेलंगाना सरकार के द्वारा राज्य को टीके की अधिकतम खुराकों की आपूर्ति के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने और होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों को टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हितम एप को फिर से शुरू करने का निर्देश दिया। असमः असम सरकार ने कोविड-उन्नीस मामलों में बढ़त के बीच पूरे असम में रात आठ बजे से सुबह पाँच बजे के बीच रात्रि कर्फ्यू लगा दिया है। मंगलवार को राज्य को पाँच लाख खुराकें मिली हैं। ऐसे जिलों में जहां कोविड मामलों की संख्या तीन सौ से ज्यादा होगी, प्री-प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालयों तक सभी स्कूल और कॉलेज पंद्रह दिन के लिए बंद रहेंगे। मणिपुरः राज्य में कोविड उन्नीस से बीते चौबीस घंटाटे के दौरान तीन और लोगों की मौत हो गयी, जबकि एक सौ पचहत्तर लोग जांच में संक्रमित पाये गये। अब तक राज्य में एक,उनतालीस,चार सौ सत्तावन लोगों को कोविड के खिलाफ टीका लग चुका है। मेघालयः मंगलवार को लगातार नौवें दिन मेघालय ने एक सौ से ज्यादा नये मामले दर्ज किये। राज्य में इस दिन चार मौतें भी दर्ज हुईं जिससे कुल मृतकों की संख्या बढ़कर एक सौ पैंसठ हो गयी। मंगलवार को एक सौ सैंतालीस नये मामलों के साथ राज्य में अब एक,चार सौ छप्पन सक्रिय मामले हैं। साथ ही मंगलवार को राज्य में नब्बे लोग संक्रमण मुक्त भी हुए। स्वास्थ्य मंत्री ए एल हेक ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार बीस मई तक राज्य में तीन ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। राज्य सरकार ये जांच रही है कि कोविड उन्नीस का कौन सा स्ट्रेन मेघालय में मामलों में तेज बढ़ोतरी कर रहा है और मृतकों की संख्या बढ़ा रहा है। सिक्किमः केंद्रीय रक्षा मंत्री ने राज्यपाल के साथ सिक्किम में कोरोना की स्थिति पर समीक्षा की। सिक्किम में सत्तानवे नये मामले और दो मौतें दर्ज होने की वजह से सरकारी कार्यालय एक हफ्ते के लिये बंद कर दिये गये हैं। देश में कोरोना में बढ़त के बाद नेपाल ने भारत के साथ अपनी सीमायें बंद कर दी हैं। त्रिपुराः बीते चौबीस घंटाटे में एक सौ ग्यारह कोविड मामले और दो मौतें दर्ज की गयीं।त्रिपुरा हाईकोर्ट में इकतीस मई तक वर्चुअली सुनवाई होगी। निचली अदालत जरूरी मामलों पर सुनवाई करेगी, लेकिन ऐसे मामलों की सुनवाई कोर्ट रूम में होगी। नागालैंडः नागालैंड ने मंगलवार को दो सौ सात नये मामलों के साथ अब तक की सबसे अधिक दैनिक बढ़त दर्ज की। सक्रिय मामले अब आठ सौ चौहत्तर हैं। नागालैंड कैबिनेट ने तीस अप्रैल से चौदह मई तक लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। संयुक्त दिशानिर्देश कल जारी होंगे। ये भी फैसला लिया गया है कि अट्ठारह साल से ऊपर के सभी लोगों को कोविड वैक्सीन मुफ्त में लगायी जायेगी। पंजाबः संक्रमित पाये गये मरीजों की संख्या तीन लाख इक्यावन हज़ार दो सौ बयासी है। सक्रिय मामलों की संख्या इक्यावन हज़ार नौ सौ छत्तीस है। दर्ज की कुल मौतों की संख्या आठ हज़ार छः सौ तीस है। कोविड उन्नीस टीके की पहली खुराक पाने वालों की कुल संख्या पाँच लाख निन्यानवे हज़ार तीन सौ चौरासी है। कोविड उन्नीस टीके की दूसरी खुराक पाने वालों की कुल संख्या एक लाख चौहत्तर हज़ार नौ सौ आठ है। पैंतालीस साल से ऊपर टीके की पहली खुराक पाने वालों की संख्या इक्कीस लाख सरसठ हज़ार दो सौ इकतीस है। पैंतालीस साल से ऊपर टीके की दूसरी खुराक पाने वालों की संख्या एक लाख चौंसठ हज़ार तीन सौ उनतीस है। चंडीगढ़ः प्रयोगशाला से पुष्टि हुए कुल कोविड -उन्नीस मामले चालीस,तीन सौ पचास हैं। कुल सक्रिय मामले पाँच हज़ार नौ सौ अस्सी हैं। अब तक कोविड उन्नीस से मरने वालों की संख्या चार सौ छियालीस है। हिमाचलप्रदेशः अब तक कोविड संक्रमित मरीजों की कुल संख्या इक्यानवे हज़ार तीन सौ पचास है। सक्रिय मामलों की कुल संख्या पंद्रह हज़ार एक सौ इक्यावन है। अब तक दर्ज हुई कुल मौतें एक हज़ार तीन सौ चौहत्तर हैं।
स्वामिनि कही साधु ही पावें । इनके पीछे उनकौं ज्यावें ॥ ये कहें अतिथि प्रास करि श्रावें । तिन बैठे हम कैसे पावें ॥ श्रहो, वर देखन आये लोग । पीछे निखरौ लगि है भोग ।। तब तो स्वामी बहुत रिसाये । तिय कौं प्रति अपराध लगाये ॥ क्यौं जू प्रभु कौं रूखी-मीसी 3 । समधोजन हित पूरी दोसी ॥ हरिजन तें बड़ मानें माइक । निकसि नहीं तू सेवा-लायक ॥ स्वामिनि कौं पाक तें उठायौ । तच्छिन एक कवित्त बनायौ ॥ सुन्दर प्रकार रचें प्रकार रचें मोदक मधुर वर, उज्जवल ज्योनार जग करत जमाई करें। प्रानि भूषन बसन बानि, भवन भंडार बहु पकवान थान" भामिनी के भाई कीं ॥ भ्रमित पतित जोइ निमित न जानें कोड, अधिक रसोई करें समधी के नाई कौं । 'लाल' भनि गज-रद" दुविध भजन एसौ, छाँड़ न स्वभाव क्यों हूँ बरजि बिलाई कौं ॥ स्वामी वेऊ जु बुलाये । भोग लग्यौ सो सबै जिमाये ।। जैवे वे रूखौ ग्रास । प्रज्ञा लै ह्व गये उदास ।। कही । स्वामी नामी कुल गुन सही ।। जोग । घर में दारिद सौं संजोग ॥ बैरागिन के रहें समाज । तिनके घर कोऊ करै न लाज ।। मुड़िया वें बसें रु जाहिं । बहु तक घर में बैठे खाहि ।। कोऊ संगारथ कौं कहुँ आवै । रॉडहु काढ़ि पुरी करि ख्वाव इनतौ रूखी रोटी दार । मुड़िया हम समान ज्यौनार ।। स्वामी परमारथ में साँच्यौ । माया कालव्याल" तें बाँच्यौ ॥ १ भोजन करावें । २ पक्का भोजन । ३ बेकर की रोटी । ४ संसारी लोग ५ समूह । ६ पत्नी । ७ हाथी के दाँत । ८ दिखाने और खाने के भिन्न । ६ बरागीदाबा जी १० विधवा स्त्री भी पूर्वी बनाकर खिलाती है ११ सर्प श्री लाल स्वामी जिन प्रभु कौं यौं तन-धन दीयौ । जन-ब्यौहार स्याम सिर लोयौ ।। प्रभु वा द्विज को हिरदौ प्रेरौ । सुनतहि वचन भयो मन चेरौ ॥ नेगिन सौं बोल्यौ वह एसें । परम वैष्णव बोलत जैसें ॥ जे-जे मेरी धरें । ते ते तुम्हरौ आदर करें । वे प्रभु के जन सदा निसंक । गर्ने लोक-पालनि को रंक ।। वे तौ उत्सव मांझ उदार । सर्वसु देत न लावें वार ।। कछु संकोच खरच को यातें । राग-भोग घटि प्रभु कौ तातें । द्व घरिया ज्योतिष सुधवायो । द्वे हजार को तिलक पठायौ ।। भूषण भाजन वसन अनेक । पठये विधिवत सहित विवेक ।। तिय सेवा पाक तें छुटाई । गुरु के कहे बरस में श्राई ।। सोऊ तब जब दंड सहायौ । गहनौं बैंच महोत्सव लायौ ।। वह व्यवहार कैंसर तब गई। स्वामिनि प्रकृति भाँवती भई ॥ सुत-बरात कौं बन्धु सजावें । कागद द्रुम बहु जंत्र बनावें ।। प्रगनि-जंत्र को नाम सुन्यौ जब । कवित एक स्वामी कीनौ तब ।। : वित्त-पूत के ब्याह पिता परिफुल्लित कंचन काढ़ि उलू बरसै । कागद बाग लगाइ कलि-द्रुम" भूख लगे फल को तरसे ।। तरतारक नाम नहीं परचे वर बोरक' नाम हियौ सरसे । सठ स्वारथ सौं संबंध बन्यौ परमारथ 'लाल' कहाँ परमं ॥ पुनि विवाह को बहु विधि दीनों । समधी तन-धन अपन कोनों ॥ कौं वाकै भक्ति भई अति शुद्ध । स्वामी के प्रताप सत् बुद्ध । दोहा - 'भगवत' जे प्रभु सौं लगे तजि नस्वर संसार सब लज्जा भगवान को बिगरे क्यों ब्यौहार ॥ १ मुहूर्त निकलवाया । २ उत्तम । ५. कलियुगी पेड़ । ६ निर्मल बुद्धि । ३ सोना खर्च करके । ४ अनि उल्का । श्री दामोदर स्वामी जी की परचई दोहा - अब सुनि स्वामी लाल के शिष्य दमोदर विप्र । हित करुना आये बिपिन कीरतिपुर तें छित्र ॥ जब तें 'लाल' चरन सिरनायौ । रसिक अनन्य धर्म उर छायों ॥ श्री वृन्दावन - वोस दृढ़ायौ । दंपति-संपति को सुख पायो ।। श्री राधावल्लभ सौंचित । सब संसार स्वादसुख फटक्यो ।। निसि-दिन प्रभुके चरितनि गावें । श्रहंता- ममता निकट न आवै ।। जो कछु देश के भेंट पठावें । प्रभुक उत्तम भोग लगावें ।। गुप्त बोलि संतति भुगतावें । प्रभुता करि काहू न जनावें ।। श्री यमुना सौं साँचौ प्रेम । पूजा करें घरै दृढ़ नेम ।। श्री राधावल्लभ को सु प्रसाद । तुलसी गंध मलय" मालादि ।। नित प्रति कालिंदी कौं देहि । बैठि भावना करि सुख लँहि ।। लिखि-लिखि श्री भागीत पुरान। दस पुस्तक सुंदर लिपि बान ।। गुरुकुल में पधराई तथा। पात्र विचारि और ठां जथा i १ शीघ्र । २ निकाल कर फेंक दिया। ३ संतों की सेवा में लगा देते थे । ४ बड़पने । ५ चंदन । ६ यमुना । * सहनशील की सींव रहसि ग्रन्थनि को जाने । हिये बसें जुग चरन रीति हित की पहिचाने ।। दिन-मरिण श्री भागौत करि जग दरसायौ । हरि गुरु संत प्रताप विविध भाँतिनु करि गायौ ॥ निजु धरी प्रतिज्ञा विपिन बसि डग न एक बाहर घरी । हित, दामोदर श्राशय उदधि वानी विमल प्रगट करी ।। ११७ ।। प्रभु-सेवा नित नेम नेम कालिन्दी बन्दन । प्रीति सहित पुनि पूजन कुसुम गन्ध फल चन्दन ।। इक दिन अन्तर भयौ ताप तन अधिक सतायौ । जन पर करुना अमित हंसजा नीर बढ़ायौ ।। तिन पौरि निकट बहि ग्रानिक सांची निष्ठा जानि उर । श्री यमुना इष्ट प्रसाद को हित दामोदर परिचय प्रचुर ।। ( २० प्र० प० ११६ ११७ )
स्वामिनि कही साधु ही पावें । इनके पीछे उनकौं ज्यावें ॥ ये कहें अतिथि प्रास करि श्रावें । तिन बैठे हम कैसे पावें ॥ श्रहो, वर देखन आये लोग । पीछे निखरौ लगि है भोग ।। तब तो स्वामी बहुत रिसाये । तिय कौं प्रति अपराध लगाये ॥ क्यौं जू प्रभु कौं रूखी-मीसी तीन । समधोजन हित पूरी दोसी ॥ हरिजन तें बड़ मानें माइक । निकसि नहीं तू सेवा-लायक ॥ स्वामिनि कौं पाक तें उठायौ । तच्छिन एक कवित्त बनायौ ॥ सुन्दर प्रकार रचें प्रकार रचें मोदक मधुर वर, उज्जवल ज्योनार जग करत जमाई करें। प्रानि भूषन बसन बानि, भवन भंडार बहु पकवान थान" भामिनी के भाई कीं ॥ भ्रमित पतित जोइ निमित न जानें कोड, अधिक रसोई करें समधी के नाई कौं । 'लाल' भनि गज-रद" दुविध भजन एसौ, छाँड़ न स्वभाव क्यों हूँ बरजि बिलाई कौं ॥ स्वामी वेऊ जु बुलाये । भोग लग्यौ सो सबै जिमाये ।। जैवे वे रूखौ ग्रास । प्रज्ञा लै ह्व गये उदास ।। कही । स्वामी नामी कुल गुन सही ।। जोग । घर में दारिद सौं संजोग ॥ बैरागिन के रहें समाज । तिनके घर कोऊ करै न लाज ।। मुड़िया वें बसें रु जाहिं । बहु तक घर में बैठे खाहि ।। कोऊ संगारथ कौं कहुँ आवै । रॉडहु काढ़ि पुरी करि ख्वाव इनतौ रूखी रोटी दार । मुड़िया हम समान ज्यौनार ।। स्वामी परमारथ में साँच्यौ । माया कालव्याल" तें बाँच्यौ ॥ एक भोजन करावें । दो पक्का भोजन । तीन बेकर की रोटी । चार संसारी लोग पाँच समूह । छः पत्नी । सात हाथी के दाँत । आठ दिखाने और खाने के भिन्न । छः बरागीदाबा जी दस विधवा स्त्री भी पूर्वी बनाकर खिलाती है ग्यारह सर्प श्री लाल स्वामी जिन प्रभु कौं यौं तन-धन दीयौ । जन-ब्यौहार स्याम सिर लोयौ ।। प्रभु वा द्विज को हिरदौ प्रेरौ । सुनतहि वचन भयो मन चेरौ ॥ नेगिन सौं बोल्यौ वह एसें । परम वैष्णव बोलत जैसें ॥ जे-जे मेरी धरें । ते ते तुम्हरौ आदर करें । वे प्रभु के जन सदा निसंक । गर्ने लोक-पालनि को रंक ।। वे तौ उत्सव मांझ उदार । सर्वसु देत न लावें वार ।। कछु संकोच खरच को यातें । राग-भोग घटि प्रभु कौ तातें । द्व घरिया ज्योतिष सुधवायो । द्वे हजार को तिलक पठायौ ।। भूषण भाजन वसन अनेक । पठये विधिवत सहित विवेक ।। तिय सेवा पाक तें छुटाई । गुरु के कहे बरस में श्राई ।। सोऊ तब जब दंड सहायौ । गहनौं बैंच महोत्सव लायौ ।। वह व्यवहार कैंसर तब गई। स्वामिनि प्रकृति भाँवती भई ॥ सुत-बरात कौं बन्धु सजावें । कागद द्रुम बहु जंत्र बनावें ।। प्रगनि-जंत्र को नाम सुन्यौ जब । कवित एक स्वामी कीनौ तब ।। : वित्त-पूत के ब्याह पिता परिफुल्लित कंचन काढ़ि उलू बरसै । कागद बाग लगाइ कलि-द्रुम" भूख लगे फल को तरसे ।। तरतारक नाम नहीं परचे वर बोरक' नाम हियौ सरसे । सठ स्वारथ सौं संबंध बन्यौ परमारथ 'लाल' कहाँ परमं ॥ पुनि विवाह को बहु विधि दीनों । समधी तन-धन अपन कोनों ॥ कौं वाकै भक्ति भई अति शुद्ध । स्वामी के प्रताप सत् बुद्ध । दोहा - 'भगवत' जे प्रभु सौं लगे तजि नस्वर संसार सब लज्जा भगवान को बिगरे क्यों ब्यौहार ॥ एक मुहूर्त निकलवाया । दो उत्तम । पाँच. कलियुगी पेड़ । छः निर्मल बुद्धि । तीन सोना खर्च करके । चार अनि उल्का । श्री दामोदर स्वामी जी की परचई दोहा - अब सुनि स्वामी लाल के शिष्य दमोदर विप्र । हित करुना आये बिपिन कीरतिपुर तें छित्र ॥ जब तें 'लाल' चरन सिरनायौ । रसिक अनन्य धर्म उर छायों ॥ श्री वृन्दावन - वोस दृढ़ायौ । दंपति-संपति को सुख पायो ।। श्री राधावल्लभ सौंचित । सब संसार स्वादसुख फटक्यो ।। निसि-दिन प्रभुके चरितनि गावें । श्रहंता- ममता निकट न आवै ।। जो कछु देश के भेंट पठावें । प्रभुक उत्तम भोग लगावें ।। गुप्त बोलि संतति भुगतावें । प्रभुता करि काहू न जनावें ।। श्री यमुना सौं साँचौ प्रेम । पूजा करें घरै दृढ़ नेम ।। श्री राधावल्लभ को सु प्रसाद । तुलसी गंध मलय" मालादि ।। नित प्रति कालिंदी कौं देहि । बैठि भावना करि सुख लँहि ।। लिखि-लिखि श्री भागीत पुरान। दस पुस्तक सुंदर लिपि बान ।। गुरुकुल में पधराई तथा। पात्र विचारि और ठां जथा i एक शीघ्र । दो निकाल कर फेंक दिया। तीन संतों की सेवा में लगा देते थे । चार बड़पने । पाँच चंदन । छः यमुना । * सहनशील की सींव रहसि ग्रन्थनि को जाने । हिये बसें जुग चरन रीति हित की पहिचाने ।। दिन-मरिण श्री भागौत करि जग दरसायौ । हरि गुरु संत प्रताप विविध भाँतिनु करि गायौ ॥ निजु धरी प्रतिज्ञा विपिन बसि डग न एक बाहर घरी । हित, दामोदर श्राशय उदधि वानी विमल प्रगट करी ।। एक सौ सत्रह ।। प्रभु-सेवा नित नेम नेम कालिन्दी बन्दन । प्रीति सहित पुनि पूजन कुसुम गन्ध फल चन्दन ।। इक दिन अन्तर भयौ ताप तन अधिक सतायौ । जन पर करुना अमित हंसजा नीर बढ़ायौ ।। तिन पौरि निकट बहि ग्रानिक सांची निष्ठा जानि उर । श्री यमुना इष्ट प्रसाद को हित दामोदर परिचय प्रचुर ।।
Ranchi: सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की ओर से अभियान चलाया जायेगा. अभियान में मुख्य रूप से फैक्टिरयों, खदानों आदि क्षेत्रों में काम करनेवाले मजदूरों को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के बारे में बताया जायेगा. इसकी जानकारी एटक के महासचिव पीके गांगुली ने दी. वे शुक्रवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त बैठक हुई. जिसमें ये निर्णय लिया गया. केंद्र सरकार की ओर से जो नागरिकता संशोधन कानून लागू किया गया, उससे सबसे अधिक नुकसान गरीब और श्रमिक वर्ग का है. एक तो श्रमिक वर्ग को ऐसे कानून के बारे में पता नहीं है. वहीं उनके पास ऐसे कागजात की भी कमी होगी, जिससे वो अपनी नागकिरता साबित कर सकें. ऐसे में जरूरी है कि श्रमिक वर्ग को इन कानूनों के बारे में बताया जाये. इसके लिए ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता लोगों तक जायेंगे. एक्टू के महासचिव शुभेंदू सेन ने कहा कि ट्रेड यूनियनों का मानना है कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेच देश को कमजोर कर रही है. राष्ट्रीय संपत्तियों का देशी विदेशी कॉरपोरेट हाथों में बेचना देश विरोधी काम है. इससे लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा. साथ ही अर्थव्यवस्था कमजोर होगी. सेन ने कहा कि देश के संविधान को दर किनार कर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया जा रहा है. जिनके पास साधन है, वो ऐसे कानून से वाकिफ रखते हैं. लेकिन श्रमिक और किसानों को इसके बारे में पता भी नहीं होगा. ऐसे में जरूरी है कि इन लोगों को कानून की जानकारी दी जाये. बजट का जिक्र करते हुए सीटू महासचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ठप है. बढ़ती बेरोजगारी और कृषि संकट से निपटने के लिए सरकार ने बजट में कुछ विशेष नहीं किया. जबकि जरूरत है तो सिर्फ रोजगार की. राज्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड वन सेवा संघ के वन कर्मियों की ओर से पिछले कुछ समय से धरना दिया जा रहा है. धरना 15 सूत्री मांग के लिए है. सरकार से जनता को काफी उम्मीद है. ऐसे में धरना में बैठे वनकर्मियों के लिए राज्य सरकार ठोस कदम उठायें.
Ranchi: सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की ओर से अभियान चलाया जायेगा. अभियान में मुख्य रूप से फैक्टिरयों, खदानों आदि क्षेत्रों में काम करनेवाले मजदूरों को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के बारे में बताया जायेगा. इसकी जानकारी एटक के महासचिव पीके गांगुली ने दी. वे शुक्रवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त बैठक हुई. जिसमें ये निर्णय लिया गया. केंद्र सरकार की ओर से जो नागरिकता संशोधन कानून लागू किया गया, उससे सबसे अधिक नुकसान गरीब और श्रमिक वर्ग का है. एक तो श्रमिक वर्ग को ऐसे कानून के बारे में पता नहीं है. वहीं उनके पास ऐसे कागजात की भी कमी होगी, जिससे वो अपनी नागकिरता साबित कर सकें. ऐसे में जरूरी है कि श्रमिक वर्ग को इन कानूनों के बारे में बताया जाये. इसके लिए ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता लोगों तक जायेंगे. एक्टू के महासचिव शुभेंदू सेन ने कहा कि ट्रेड यूनियनों का मानना है कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेच देश को कमजोर कर रही है. राष्ट्रीय संपत्तियों का देशी विदेशी कॉरपोरेट हाथों में बेचना देश विरोधी काम है. इससे लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा. साथ ही अर्थव्यवस्था कमजोर होगी. सेन ने कहा कि देश के संविधान को दर किनार कर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया जा रहा है. जिनके पास साधन है, वो ऐसे कानून से वाकिफ रखते हैं. लेकिन श्रमिक और किसानों को इसके बारे में पता भी नहीं होगा. ऐसे में जरूरी है कि इन लोगों को कानून की जानकारी दी जाये. बजट का जिक्र करते हुए सीटू महासचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ठप है. बढ़ती बेरोजगारी और कृषि संकट से निपटने के लिए सरकार ने बजट में कुछ विशेष नहीं किया. जबकि जरूरत है तो सिर्फ रोजगार की. राज्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड वन सेवा संघ के वन कर्मियों की ओर से पिछले कुछ समय से धरना दिया जा रहा है. धरना पंद्रह सूत्री मांग के लिए है. सरकार से जनता को काफी उम्मीद है. ऐसे में धरना में बैठे वनकर्मियों के लिए राज्य सरकार ठोस कदम उठायें.
त्रिपुरा से एकमात्र राज्यसभा सांसद सीपीएम की झरना दास का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने की पेशकश की है। उन्होंने बताया कि वेवे 16 जुलाई को गृहमंत्री अमित शाह से संसद में उनके कार्यालय में मिली थीं। उन्होंने गृहमंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र में पंचायत चुनावों के दौरान हो रही हिंसक घटनाओं से संबंधित ज्ञापन दिया और इस मामले में कार्यवाही का आग्रह किया। इसके अलावा वे गृहमंत्री से एक ऐसी महिला के मुद्दे पर बात करने गई थीं जिसके पति की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह चुनाव लड़ना चाहती थी। झरना दास बताती है कि जब वे अमित शाह से मिलीं, तो अमित शाह ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने की पेशकश की। झरना दास कहती हैं, अमित शाह ने कहा कि आप इस पार्टी (सीपीएम) में क्यों हो। आप हमारी पार्टी (बीजेपी) ज्वाइन कर लो। झरना दास ने बताया कि वे गृह मंत्री से मिलने गई थीं, न कि बीजेपी अध्यक्ष से, लेकिन उन्हें लगा कि अमित शाह बीजेपी अध्यक्ष की तरह ही व्यवहार कर रहे हैं। झरना दास कहती हैं कि, मुझे नहीं मालून कि वे मजाक कर रहे थे या नहीं, लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मैं सीपीएम की सदस्य हूं और भले ही हमारी पार्टी का एक ही सदस्य हो, मैं बीजेपी से लड़ती रहूंगी। झरना दास का कार्यकाल अभी 2022 तक है।
त्रिपुरा से एकमात्र राज्यसभा सांसद सीपीएम की झरना दास का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने की पेशकश की है। उन्होंने बताया कि वेवे सोलह जुलाई को गृहमंत्री अमित शाह से संसद में उनके कार्यालय में मिली थीं। उन्होंने गृहमंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र में पंचायत चुनावों के दौरान हो रही हिंसक घटनाओं से संबंधित ज्ञापन दिया और इस मामले में कार्यवाही का आग्रह किया। इसके अलावा वे गृहमंत्री से एक ऐसी महिला के मुद्दे पर बात करने गई थीं जिसके पति की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह चुनाव लड़ना चाहती थी। झरना दास बताती है कि जब वे अमित शाह से मिलीं, तो अमित शाह ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने की पेशकश की। झरना दास कहती हैं, अमित शाह ने कहा कि आप इस पार्टी में क्यों हो। आप हमारी पार्टी ज्वाइन कर लो। झरना दास ने बताया कि वे गृह मंत्री से मिलने गई थीं, न कि बीजेपी अध्यक्ष से, लेकिन उन्हें लगा कि अमित शाह बीजेपी अध्यक्ष की तरह ही व्यवहार कर रहे हैं। झरना दास कहती हैं कि, मुझे नहीं मालून कि वे मजाक कर रहे थे या नहीं, लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मैं सीपीएम की सदस्य हूं और भले ही हमारी पार्टी का एक ही सदस्य हो, मैं बीजेपी से लड़ती रहूंगी। झरना दास का कार्यकाल अभी दो हज़ार बाईस तक है।
जैसे-जैसे बिग बॉस क घर में दिन बीतते जा रहे हैं वैसे वैसे हाउसमेट्स को घर में टिके रहने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। वही सभी सदस्य खुद को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। कुछ ऐसा ही नजारा आपको आज के एपिसोड में देखने को मिलने वाला है क्योंकि आज घर की कैप्टेंसी को ले कर घमासान मचने वाला है। बता दें कि, कल के एपिसोड में रोमिल चौधरी और शिवाशिष को घर की कैप्टेंसी का दावेदार बनाया गया है, जिसके बाद आज कैप्टेंसी टास्क के दौरान घरवाले अपना पसंदीदा कैप्टन चुनने के चक्कर में दोनों को जम कर टॉर्चर करने वाले हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि शो के नए प्रोमो की माने तो कैप्टेंसी टास्क के दौरान घर में जम कर हंगामा होने वाला है। दरअसल, इस टास्क के मुताबिक घरवालों को कैप्टेंसी के दावेदार रोमिल चौधरी और शिवाशिष में से अपने पसंदीदा कैप्टन चुनने के लिए दूसरे दावेदार को टार्चर करना होगा। जिसके बाद घर दो गुटों में बंटा नजर आएगा। बिग बॉस के नए प्रोमो में जहां हैप्पी क्लब रोमिल का साथ दे रहा है वहीं श्रीसंथ की टीम शिवाशिष के सपोर्ट में उतर आयी है। जिसके बाद घर में हाउसमेट्स के बीच काफी टकराव हो गया है। जैसा कि आप प्रोमो में देख सकते हैं कि, शिवाशिष पर लगातार हो रहे हमले से श्रीसंथ नाराज है और वो रोमिल को हटाने के लिए मिर्च का इस्तेमाल करने लगते हैं। जब इस बात की भनक घरवालों को लगती है तो वो श्रीसंथ को रोकते हैं। वहीं रोमिल भी जता देते हैं कि वो ठान कर बैठे है कि कोई कितना भी टॉर्चर कर ले वो अपनी जगह से टस से मस नहीं होने वाले हैं। क्योंकि इस बार वो घर का कैप्टन बनना चाहते हैं। अब घर का अगला कैप्टन कौन होगा यह तो आने वाला एपिसोड ही बताएगा। बहरहाल, आप आज का एपिसोड देखने के लिए कितने उत्सुक हैं कमेंट करके जरूर बताएं। बॉलीवुड और टीवी की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
जैसे-जैसे बिग बॉस क घर में दिन बीतते जा रहे हैं वैसे वैसे हाउसमेट्स को घर में टिके रहने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। वही सभी सदस्य खुद को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। कुछ ऐसा ही नजारा आपको आज के एपिसोड में देखने को मिलने वाला है क्योंकि आज घर की कैप्टेंसी को ले कर घमासान मचने वाला है। बता दें कि, कल के एपिसोड में रोमिल चौधरी और शिवाशिष को घर की कैप्टेंसी का दावेदार बनाया गया है, जिसके बाद आज कैप्टेंसी टास्क के दौरान घरवाले अपना पसंदीदा कैप्टन चुनने के चक्कर में दोनों को जम कर टॉर्चर करने वाले हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि शो के नए प्रोमो की माने तो कैप्टेंसी टास्क के दौरान घर में जम कर हंगामा होने वाला है। दरअसल, इस टास्क के मुताबिक घरवालों को कैप्टेंसी के दावेदार रोमिल चौधरी और शिवाशिष में से अपने पसंदीदा कैप्टन चुनने के लिए दूसरे दावेदार को टार्चर करना होगा। जिसके बाद घर दो गुटों में बंटा नजर आएगा। बिग बॉस के नए प्रोमो में जहां हैप्पी क्लब रोमिल का साथ दे रहा है वहीं श्रीसंथ की टीम शिवाशिष के सपोर्ट में उतर आयी है। जिसके बाद घर में हाउसमेट्स के बीच काफी टकराव हो गया है। जैसा कि आप प्रोमो में देख सकते हैं कि, शिवाशिष पर लगातार हो रहे हमले से श्रीसंथ नाराज है और वो रोमिल को हटाने के लिए मिर्च का इस्तेमाल करने लगते हैं। जब इस बात की भनक घरवालों को लगती है तो वो श्रीसंथ को रोकते हैं। वहीं रोमिल भी जता देते हैं कि वो ठान कर बैठे है कि कोई कितना भी टॉर्चर कर ले वो अपनी जगह से टस से मस नहीं होने वाले हैं। क्योंकि इस बार वो घर का कैप्टन बनना चाहते हैं। अब घर का अगला कैप्टन कौन होगा यह तो आने वाला एपिसोड ही बताएगा। बहरहाल, आप आज का एपिसोड देखने के लिए कितने उत्सुक हैं कमेंट करके जरूर बताएं। बॉलीवुड और टीवी की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
प्रयागराज (ब्यूरो)। यह आह्वान मंगलवार को राजकीय मुद्रणालय में आयोजित संयुक्त राज्य स्तरीय कर्मचारी सम्मेलन में किया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली पाप नहीं, कर्मचारियों का अधिकार है, जिसको केन्द्र एवं राज्य कर्मचारी लड़कर लेंगे। उन्होंने सवाल किया कि अगर पुरानी पेंशन पाप है तो भाजपा के एमपी और एमएलए पुरानी पेंशन स्कीम के अनुसार पेंशन प्राप्त कर इस पाप को क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि बड़े पूंजीपतियों के लाखों करोड़ के कजऱ्े को माफ करना, कारपोरेट टैक्स 30 से घटाकर 22 प्रतिशत करना और गरीबों की खाने पीने की चीजों पर जीएसटी लगाना तथा सार्वजनिक क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना पाप है, जिस पाप को सरकार तेजी से कर रही है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने राज्य सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए पुरानी पेंशन बहाली को पाप बताने हुए राज्यों को ऐसा न करने की सलाह दी थी। जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सम्मेलन में पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर 14 मार्च को संसद पर होने जा रहे धरने प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर शामिल होने और सभी जिलों व तहसील स्तर पर कर्मचारी सम्मेलन करने का भी फैसला लिया गया। सम्मेलन का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष बिजेंद्र प्रताप सिंह ने किया। किया। अध्यक्षता सुभाष चन्द्र पाण्डेय और कड़े दीन यादव ने किया। कमलेश मिश्रा, पुनीत त्रिपाठी, अशोक सिंह, एसपी सिंह, रूद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, रवि मिश्रा, जवाहर लाल विश्वकर्मा, अनुग्रह नारायण सिंह व वीएन पांडेय आदि मौजूद थे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने बताया कि जून महीने तक कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए सभी राज्यों, जनपद, ताल्लुक व खंडों में कर्मचारी सम्मेलन किए जाएंगे। इसके बाद जुलाई महीने में देश के चारों कोनों से केन्द्रीय व राज्य स्तरीय नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी वाहन जत्थे चलाए जाएंगे। यह जत्थे रीच टू इच के नारे के साथ देश के सभी महानगरों, शहरों, कस्बों में कर्मचारियों के कार्य स्थलों पर सभाएं करते हुए 3 नवंबर को दिल्ली में पहुंचेंगे। दिल्ली में 3 नवंबर को विशाल कर्मचारी रैली की जाएगी।
प्रयागराज । यह आह्वान मंगलवार को राजकीय मुद्रणालय में आयोजित संयुक्त राज्य स्तरीय कर्मचारी सम्मेलन में किया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली पाप नहीं, कर्मचारियों का अधिकार है, जिसको केन्द्र एवं राज्य कर्मचारी लड़कर लेंगे। उन्होंने सवाल किया कि अगर पुरानी पेंशन पाप है तो भाजपा के एमपी और एमएलए पुरानी पेंशन स्कीम के अनुसार पेंशन प्राप्त कर इस पाप को क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि बड़े पूंजीपतियों के लाखों करोड़ के कजऱ्े को माफ करना, कारपोरेट टैक्स तीस से घटाकर बाईस प्रतिशत करना और गरीबों की खाने पीने की चीजों पर जीएसटी लगाना तथा सार्वजनिक क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना पाप है, जिस पाप को सरकार तेजी से कर रही है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने राज्य सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए पुरानी पेंशन बहाली को पाप बताने हुए राज्यों को ऐसा न करने की सलाह दी थी। जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सम्मेलन में पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर चौदह मार्च को संसद पर होने जा रहे धरने प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर शामिल होने और सभी जिलों व तहसील स्तर पर कर्मचारी सम्मेलन करने का भी फैसला लिया गया। सम्मेलन का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष बिजेंद्र प्रताप सिंह ने किया। किया। अध्यक्षता सुभाष चन्द्र पाण्डेय और कड़े दीन यादव ने किया। कमलेश मिश्रा, पुनीत त्रिपाठी, अशोक सिंह, एसपी सिंह, रूद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, रवि मिश्रा, जवाहर लाल विश्वकर्मा, अनुग्रह नारायण सिंह व वीएन पांडेय आदि मौजूद थे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने बताया कि जून महीने तक कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए सभी राज्यों, जनपद, ताल्लुक व खंडों में कर्मचारी सम्मेलन किए जाएंगे। इसके बाद जुलाई महीने में देश के चारों कोनों से केन्द्रीय व राज्य स्तरीय नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी वाहन जत्थे चलाए जाएंगे। यह जत्थे रीच टू इच के नारे के साथ देश के सभी महानगरों, शहरों, कस्बों में कर्मचारियों के कार्य स्थलों पर सभाएं करते हुए तीन नवंबर को दिल्ली में पहुंचेंगे। दिल्ली में तीन नवंबर को विशाल कर्मचारी रैली की जाएगी।
भारतीय टेलीविजन का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस काफी ज्यादा चर्चा में रहता है। बिग बॉस शो की फैन फॉलोइंग काफी अधिक है। बिग बॉस के शो को देखने के लिए फैंस अपना सारा काम छोड़ देते हैं और सबसे पहले इसके सारे एपिसोड देखना पसंद करते हैं। अभी हाल ही में बिग बॉस के फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही बिग बॉस 16 टेलीविजन पर प्रीमियर हो सकता है। दरअसल, मेकर्स ने भी इस शो के प्रीमियर के लिए अपनी कमर कस ली है। बिग बॉस 16 स्टोर को सलमान खान ही होस्ट करेंगे। अब तक के सारे शो को वही होस्ट करते हुए आए हैं। अभी हाल ही में बिग बॉस 16 चौके आगामी सीजन की तारीख सामने आई है। बताया जा रहा है कि 8 अक्टूबर से बिग बॉस 16 का आगाज धमाकेदार अंदाज में होने वाला है। हालांकि इसका प्रीमियर 1 अक्टूबर से ही हो जाएगा। खास बात यह है कि बिग बॉस 16 में इस बार सलमान खान की थीम बहुत ही अलग और धमाकेदार होने वाली है। दरअसल बिग बॉस 15 में जंगल की थीम रखी गई थी। लेकिन 16 में यह टीम बहुत अलग होने वाली है कहा जा रहा है कि इस बार Turqouise थीम हो सकती है। इतना ही नहीं दावा यह भी किया गया है कि सलमान खान के साथ शहनाज गिल भी बिग बॉस 16 को होस्ट कर सकती है। हालांकि अब तक इसकी कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार यह दोनों इस शो को होस्ट करेंगे। जानकारी के अनुसार, बिग बॉस 16 के प्रीमियर की डेट सामने आने के बाद फैंस में काफी ज्यादा उत्साह देखने को मिल रहा है। लेकिन फैंस अभी इस शो के कंटेस्टेंट के बारे में जानने के लिए काफी उत्सुकता जता रहे हैं। फैंस ये जानना चाहते है कि इस बार बिग बॉस 16 के घर में कौन-कौनसे सेलिब्रिटी कैद होने वाले हैं। दरअसल, अब तक जो लिस्ट सामने आई है उसमें पहला नाम मुनव्वर फारुखी का है। इसके अलावा संभावित कंटेस्टेंट्स की सूची में फैजल शेख, शिविन नारंग, कनिका मान, विवियन डिसेना, अंकिता लोखंडे जैसे नाम शामिल हैं।
भारतीय टेलीविजन का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस काफी ज्यादा चर्चा में रहता है। बिग बॉस शो की फैन फॉलोइंग काफी अधिक है। बिग बॉस के शो को देखने के लिए फैंस अपना सारा काम छोड़ देते हैं और सबसे पहले इसके सारे एपिसोड देखना पसंद करते हैं। अभी हाल ही में बिग बॉस के फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही बिग बॉस सोलह टेलीविजन पर प्रीमियर हो सकता है। दरअसल, मेकर्स ने भी इस शो के प्रीमियर के लिए अपनी कमर कस ली है। बिग बॉस सोलह स्टोर को सलमान खान ही होस्ट करेंगे। अब तक के सारे शो को वही होस्ट करते हुए आए हैं। अभी हाल ही में बिग बॉस सोलह चौके आगामी सीजन की तारीख सामने आई है। बताया जा रहा है कि आठ अक्टूबर से बिग बॉस सोलह का आगाज धमाकेदार अंदाज में होने वाला है। हालांकि इसका प्रीमियर एक अक्टूबर से ही हो जाएगा। खास बात यह है कि बिग बॉस सोलह में इस बार सलमान खान की थीम बहुत ही अलग और धमाकेदार होने वाली है। दरअसल बिग बॉस पंद्रह में जंगल की थीम रखी गई थी। लेकिन सोलह में यह टीम बहुत अलग होने वाली है कहा जा रहा है कि इस बार Turqouise थीम हो सकती है। इतना ही नहीं दावा यह भी किया गया है कि सलमान खान के साथ शहनाज गिल भी बिग बॉस सोलह को होस्ट कर सकती है। हालांकि अब तक इसकी कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार यह दोनों इस शो को होस्ट करेंगे। जानकारी के अनुसार, बिग बॉस सोलह के प्रीमियर की डेट सामने आने के बाद फैंस में काफी ज्यादा उत्साह देखने को मिल रहा है। लेकिन फैंस अभी इस शो के कंटेस्टेंट के बारे में जानने के लिए काफी उत्सुकता जता रहे हैं। फैंस ये जानना चाहते है कि इस बार बिग बॉस सोलह के घर में कौन-कौनसे सेलिब्रिटी कैद होने वाले हैं। दरअसल, अब तक जो लिस्ट सामने आई है उसमें पहला नाम मुनव्वर फारुखी का है। इसके अलावा संभावित कंटेस्टेंट्स की सूची में फैजल शेख, शिविन नारंग, कनिका मान, विवियन डिसेना, अंकिता लोखंडे जैसे नाम शामिल हैं।
लैटिन शब्द "पाइरोपस" से पाइरोप शब्द आता है। हालांकि, यह अनदेखी नहीं की जानी चाहिए कि यह, बदले में, ग्रीक "पायरोपोस" से निकलता है, जिसका अनुवाद "आग लाल" या "चेहरे में आग" के रूप में किया जा सकता है। और यह "पायरोस" के योग का परिणाम है, जो "अग्नि", और "ऑप्स" का पर्याय है, जो "चेहरे" के बराबर है। पिरोपे अवधारणा का सबसे आम अर्थ एक महिला की व्यक्त की गई प्रशंसा से जुड़ा हुआ है। उदाहरण के लिएः "मैं चौक पार कर रहा था जब एक लड़के ने एक कार से एक तारीफ चिल्लायी", "मैंने अपनी प्रेमिका को तारीफ के आधार पर जीत लिया जिसे मैंने उसे चैट द्वारा भेजा था", "मुझे तारीफ पसंद है जब वे रोमांटिक होते हैं और अश्लील नहीं होते हैं" । आमतौर पर, तारीफ किसी व्यक्ति की शारीरिक बनावट की चापलूसी करती है। कुछ मामलों में, वे एक सेक्सिस्ट और आपत्तिजनक घटक को शामिल करते हैं, जिससे महिलाओं को यह महसूस हो सकता है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है। अगर कोई पुरुष अपने घर के दरवाजे से गुजरने वाली महिला को देखता है और कहता है कि "मैं भगवान को चेतावनी देने जा रहा हूं कि स्वर्ग के दरवाजे खुले हैंः एक परी अभी बच गई है और मैं उसे इस समय देख रहा हूं", यह इंगित किया जा सकता है कि प्रश्न में विषय ने महिला की प्रशंसा की है। हालांकि, हमें यह स्थापित करना चाहिए कि ऐसी कई महिलाएं हैं, जो चाहे कितनी भी वीभत्स क्यों न हों, उनका कहना है कि यह रवैया माचो है और 21 वीं सदी में तर्क की कमी है। जब आप तारीफ के बारे में सोचते हैं, तो बहुमत को एक ऐसी छवि का ख्याल आता है, जो फिल्मों, टेलीविजन श्रृंखला और यहां तक कि विज्ञापनों में भी प्रसारित होती है। विशेष रूप से, हम उस का उल्लेख कर रहे हैं जिसमें एक महिला एक गली से नीचे चलना शुरू कर देती है और जब वह एक काम से गुजरती है तो राजमिस्त्री जो उस पर काम कर रहे होते हैं, न केवल उसे देखते हैं बल्कि वे उसकी सुंदरता या उसके शरीर पर अलग-अलग टिप्पणियां फेंकते हैं। पिरोपो के "पेशेवरों" में से एक अर्जेंटीना का एक पात्र था, जिसे जार्डिन फ्लोरिडो के नाम से जाना जाता था। यह फर्नांडो अल्बेरियो बर्टापेल (1875 - 1963) था, जिन्होंने कोर्डोबा की सड़कों से गुजरने वाली महिलाओं के लिए विलक्षण और उत्कृष्ट प्रशंसा की। परिष्कृत और विनम्र उनके शिष्टाचार और प्रशंसा दोनों थे, इसलिए उन्हें एक सच्चे कवि के रूप में देखा गया था। पाइरोप की धारणा का यह अर्थ एक खनिज से जुड़ा हुआ है जिसे एक कीमती पत्थर माना जाता है। इस अर्थ में, पिरोपे, खनिजों के समूह का हिस्सा है जिसे गार्नेट कहा जाता है और इसकी लाल रंग की विशेषता है। चूंकि, पुरातनता में, स्पेन के युवा लोग उन लड़कियों को ये तारीफ देते थे जिनकी वे जीतना चाहते थे, इस शब्द का इस्तेमाल प्रतीकात्मक अर्थों में उपरोक्त वाक्यांशों के वर्ग को संदर्भित करने के लिए किया जाना शुरू हुआ।
लैटिन शब्द "पाइरोपस" से पाइरोप शब्द आता है। हालांकि, यह अनदेखी नहीं की जानी चाहिए कि यह, बदले में, ग्रीक "पायरोपोस" से निकलता है, जिसका अनुवाद "आग लाल" या "चेहरे में आग" के रूप में किया जा सकता है। और यह "पायरोस" के योग का परिणाम है, जो "अग्नि", और "ऑप्स" का पर्याय है, जो "चेहरे" के बराबर है। पिरोपे अवधारणा का सबसे आम अर्थ एक महिला की व्यक्त की गई प्रशंसा से जुड़ा हुआ है। उदाहरण के लिएः "मैं चौक पार कर रहा था जब एक लड़के ने एक कार से एक तारीफ चिल्लायी", "मैंने अपनी प्रेमिका को तारीफ के आधार पर जीत लिया जिसे मैंने उसे चैट द्वारा भेजा था", "मुझे तारीफ पसंद है जब वे रोमांटिक होते हैं और अश्लील नहीं होते हैं" । आमतौर पर, तारीफ किसी व्यक्ति की शारीरिक बनावट की चापलूसी करती है। कुछ मामलों में, वे एक सेक्सिस्ट और आपत्तिजनक घटक को शामिल करते हैं, जिससे महिलाओं को यह महसूस हो सकता है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है। अगर कोई पुरुष अपने घर के दरवाजे से गुजरने वाली महिला को देखता है और कहता है कि "मैं भगवान को चेतावनी देने जा रहा हूं कि स्वर्ग के दरवाजे खुले हैंः एक परी अभी बच गई है और मैं उसे इस समय देख रहा हूं", यह इंगित किया जा सकता है कि प्रश्न में विषय ने महिला की प्रशंसा की है। हालांकि, हमें यह स्थापित करना चाहिए कि ऐसी कई महिलाएं हैं, जो चाहे कितनी भी वीभत्स क्यों न हों, उनका कहना है कि यह रवैया माचो है और इक्कीस वीं सदी में तर्क की कमी है। जब आप तारीफ के बारे में सोचते हैं, तो बहुमत को एक ऐसी छवि का ख्याल आता है, जो फिल्मों, टेलीविजन श्रृंखला और यहां तक कि विज्ञापनों में भी प्रसारित होती है। विशेष रूप से, हम उस का उल्लेख कर रहे हैं जिसमें एक महिला एक गली से नीचे चलना शुरू कर देती है और जब वह एक काम से गुजरती है तो राजमिस्त्री जो उस पर काम कर रहे होते हैं, न केवल उसे देखते हैं बल्कि वे उसकी सुंदरता या उसके शरीर पर अलग-अलग टिप्पणियां फेंकते हैं। पिरोपो के "पेशेवरों" में से एक अर्जेंटीना का एक पात्र था, जिसे जार्डिन फ्लोरिडो के नाम से जाना जाता था। यह फर्नांडो अल्बेरियो बर्टापेल था, जिन्होंने कोर्डोबा की सड़कों से गुजरने वाली महिलाओं के लिए विलक्षण और उत्कृष्ट प्रशंसा की। परिष्कृत और विनम्र उनके शिष्टाचार और प्रशंसा दोनों थे, इसलिए उन्हें एक सच्चे कवि के रूप में देखा गया था। पाइरोप की धारणा का यह अर्थ एक खनिज से जुड़ा हुआ है जिसे एक कीमती पत्थर माना जाता है। इस अर्थ में, पिरोपे, खनिजों के समूह का हिस्सा है जिसे गार्नेट कहा जाता है और इसकी लाल रंग की विशेषता है। चूंकि, पुरातनता में, स्पेन के युवा लोग उन लड़कियों को ये तारीफ देते थे जिनकी वे जीतना चाहते थे, इस शब्द का इस्तेमाल प्रतीकात्मक अर्थों में उपरोक्त वाक्यांशों के वर्ग को संदर्भित करने के लिए किया जाना शुरू हुआ।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गुजरात के सूरत की सत्र अदालत मोदी सरनेम मामले में उनकी याचिका पर आज फैसला सुनाएगी। राहुल ने खुद को निचली अदालत के दोषी ठहराये जाने के फैसले पर रोक के लिए यह याचिका दायर की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि अदालत राहुल की सजा पर रोक लगाती है, तो कांग्रेस नेता की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता खुल जाएगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरपी मोगेरा की अदालत ने पिछले गुरुवार को राहुल गांधी के आवेदन पर फैसला 20 अप्रैल तक सुरक्षित रखा था। निचली अदालत ने राहुल गांधी को एक मानहानि के मामले में दोषी करार दिया था और दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके एक दिन बाद ही उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया गया था। राहुल ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ 3 अप्रैल को सत्र अदालत में अपील दायर की थी। उनके वकीलों ने दो आवेदन भी दाखिल किए हैं जिनमें एक सजा पर रोक के लिए और दूसरा अपील के निस्तारण तक दोषी ठहराये जाने पर स्थगन के लिए था। अदालत ने राहुल को जमानत देते हुए शिकायती पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए थे। सीनियर एडवोकेट आरएस चीमा ने राहुल गांधी का पक्ष कोर्ट के सामने रखा था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गुजरात के सूरत की सत्र अदालत मोदी सरनेम मामले में उनकी याचिका पर आज फैसला सुनाएगी। राहुल ने खुद को निचली अदालत के दोषी ठहराये जाने के फैसले पर रोक के लिए यह याचिका दायर की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि अदालत राहुल की सजा पर रोक लगाती है, तो कांग्रेस नेता की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता खुल जाएगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरपी मोगेरा की अदालत ने पिछले गुरुवार को राहुल गांधी के आवेदन पर फैसला बीस अप्रैल तक सुरक्षित रखा था। निचली अदालत ने राहुल गांधी को एक मानहानि के मामले में दोषी करार दिया था और दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके एक दिन बाद ही उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया गया था। राहुल ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ तीन अप्रैल को सत्र अदालत में अपील दायर की थी। उनके वकीलों ने दो आवेदन भी दाखिल किए हैं जिनमें एक सजा पर रोक के लिए और दूसरा अपील के निस्तारण तक दोषी ठहराये जाने पर स्थगन के लिए था। अदालत ने राहुल को जमानत देते हुए शिकायती पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए थे। सीनियर एडवोकेट आरएस चीमा ने राहुल गांधी का पक्ष कोर्ट के सामने रखा था।
नई दिल्ली, (हसं)। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत पर नजरें टिकाए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मतदाताओं से सीधे जुड़ने के लिए पंजाबी सीख रहे हैं। वह गत दो महीने से गुरमुखी लिखना और पढ़ना सीख रहे हैं। गत दिनों अरविंद केजरीवाल जब भी पंजाब दौरे पर गए तो वहां सभाओं में सिर पर पगड़ी बांधे दिखे थे। आने वाले दिनों में पंजाबी में जनसभाओं को संबोधित करते नजर आएंगे। आम आदमी पार्टी (आप) सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केजरीवाल जुलाई के पहले सप्ताह में फिर पंजाब दौरे पर जाने वाले हैं, जहां वह पंजाबी भाषा में जनसभा को पहली बार संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनुसार वह जनता से जुड़ने के लिए पंजाबी सीख रहे हैं ताकि पंजाब के लोगों की नब्ज को सही से पकड़ सकें। इससे उनकी संस्कृति और सामाजिक स्थिति को भी समझने में आसानी होगी। सत्ता तो बिना भाषा या पिप्ट के भी हासिल की जा सकती है, लेकिन पंजाबी सीखने के बाद पंजाब की जनता से जुड़ने में आसानी होगी। पंजाबी भाषा पर पकड़ बनाने के लिए केजरीवाल दो महीने से मेहनत कर रहे हैं। वह गुरमुखी सीखने के लिए लगातार क्लास ले रहे हैं और टेस्ट में भी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने पंजाबी अखबार भी पढ़ना शुरू कर दिया है। गत दिनों पंजाबी भाषा और शिक्षकों को लेकर दिल्ली सरकार ने यह फैसला किया है कि दिल्ली के हर सरकारी स्कूल में पंजाबी शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। पंजाबी भाषा के शिक्षकों का वेतन भी बढ़ाने का फैसला किया गया है। सरकार के इस फैसले को अन्य राजनीतिक दल पंजाब चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।
नई दिल्ली, । पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत पर नजरें टिकाए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मतदाताओं से सीधे जुड़ने के लिए पंजाबी सीख रहे हैं। वह गत दो महीने से गुरमुखी लिखना और पढ़ना सीख रहे हैं। गत दिनों अरविंद केजरीवाल जब भी पंजाब दौरे पर गए तो वहां सभाओं में सिर पर पगड़ी बांधे दिखे थे। आने वाले दिनों में पंजाबी में जनसभाओं को संबोधित करते नजर आएंगे। आम आदमी पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केजरीवाल जुलाई के पहले सप्ताह में फिर पंजाब दौरे पर जाने वाले हैं, जहां वह पंजाबी भाषा में जनसभा को पहली बार संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनुसार वह जनता से जुड़ने के लिए पंजाबी सीख रहे हैं ताकि पंजाब के लोगों की नब्ज को सही से पकड़ सकें। इससे उनकी संस्कृति और सामाजिक स्थिति को भी समझने में आसानी होगी। सत्ता तो बिना भाषा या पिप्ट के भी हासिल की जा सकती है, लेकिन पंजाबी सीखने के बाद पंजाब की जनता से जुड़ने में आसानी होगी। पंजाबी भाषा पर पकड़ बनाने के लिए केजरीवाल दो महीने से मेहनत कर रहे हैं। वह गुरमुखी सीखने के लिए लगातार क्लास ले रहे हैं और टेस्ट में भी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने पंजाबी अखबार भी पढ़ना शुरू कर दिया है। गत दिनों पंजाबी भाषा और शिक्षकों को लेकर दिल्ली सरकार ने यह फैसला किया है कि दिल्ली के हर सरकारी स्कूल में पंजाबी शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। पंजाबी भाषा के शिक्षकों का वेतन भी बढ़ाने का फैसला किया गया है। सरकार के इस फैसले को अन्य राजनीतिक दल पंजाब चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।
रीवां हाईवे पर अमिलिया गांव के सामने बुधवार की रात सड़क पार कर रही बाइक को अनियंत्रित रफ्तार से चल रहे ट्रक ने रौंद दिया। घटना में दो युवकों की मौत हो गयी और एक किशोरी बुरी तरह से जख्मी। किशोरी को उपचार के लिए एसआरएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक जीजा-साले थे। इस सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मृतकों का नाम राजन और छोटे लाल भारतीय बताया गया है। राजन घूरपुर थाना क्षेत्र के हथिगन गांव का रहने वाला था। घायल किशोरी का नाम रेनू था। बताया जाता है कि दोनों रेनू का इलाज कराने के लिए शहर आये थे। बुधवार की रात पौने नौ बजे के करीब वे दवा आदि लेकर घर लौट रहे थे। अमिलिया गांव के सामने उन्होंने हाईवे क्रास करने की कोशिश की इसी दौरान ट्रक आ गयी। रफ्तार तेज होने से चालक ट्रक पर काबू नहीं रख पाया और वह बाइक को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। राजन ने आन द स्पॉट दम तोड़ दिया जबकि छोटे लाल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा।
रीवां हाईवे पर अमिलिया गांव के सामने बुधवार की रात सड़क पार कर रही बाइक को अनियंत्रित रफ्तार से चल रहे ट्रक ने रौंद दिया। घटना में दो युवकों की मौत हो गयी और एक किशोरी बुरी तरह से जख्मी। किशोरी को उपचार के लिए एसआरएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक जीजा-साले थे। इस सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मृतकों का नाम राजन और छोटे लाल भारतीय बताया गया है। राजन घूरपुर थाना क्षेत्र के हथिगन गांव का रहने वाला था। घायल किशोरी का नाम रेनू था। बताया जाता है कि दोनों रेनू का इलाज कराने के लिए शहर आये थे। बुधवार की रात पौने नौ बजे के करीब वे दवा आदि लेकर घर लौट रहे थे। अमिलिया गांव के सामने उन्होंने हाईवे क्रास करने की कोशिश की इसी दौरान ट्रक आ गयी। रफ्तार तेज होने से चालक ट्रक पर काबू नहीं रख पाया और वह बाइक को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। राजन ने आन द स्पॉट दम तोड़ दिया जबकि छोटे लाल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा।
लाहौरः पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैच की सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट रविवार से लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा। रावलपिंडी और कराची में खेले गए सीरीज के शुरुआती दो मैच बेजान पिचों पर बराबरी पर समाप्त हुए थे। ऐसे में तीसरे मैच को जीतकर दोनों टीमों की नजर सीरीज अपने नाम करने पर हैं। ऐसे में कंगारू कप्तान पैट कमिंस ने तीसरे टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर अपनी प्लेइंग-11 का ऐलान कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच की एकादश में कोई बदलाव नहीं किया है। कराची टेस्ट की चौथी पारी में 506 रन का बचाव पाकिस्तान करने में सफल रहा था। ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत से केवल 3 विकेट दूर रह गई थी। कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान जीत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बाधा बने थे। दोनों ने शानदार शतकीय पारी खेली थी। कराची टेस्ट में कोई बड़ा धमाल नहीं मचा पाने के बावजूद कप्तान कमिंस ने अपने स्पिनर्स नाथन लॉयन और मिचेस स्वेपसन भर लाहौर टेस्ट के लिए भरोसा जताया है। दोनों ने पाकिस्तान की दूसरी पारी में 50 से ज्यादा ओवर गेंदबाजी की थी। माना जा रहा है कि लाहौर की परिस्थितियां भी रावलपिंडी और कराची की तरह होंगी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने विश्व के नंबर 10 टेस्ट गेंदबाज जोश हेजलवुड, एशेज के हीरो स्कॉट बोलैंड और बांए हाथ के स्पिनर एश्टन एगर की अनदेखी करते हुए तीसरे टेस्ट के लिए टीम का चयन किया है। कमिंस ने तीसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, दूसरे टेस्ट में हमारे 11 खिलाड़ियों ने जो प्रदर्शन किया हम उससे खुश हैं। हर किसी ने उसमें अपना जोर लगाया था, हम उन्हें आराम के लिए अतिरिक्त वक्त दिया जिससे कि वो फ्रेश होकर मैदान में उतरें और चोट की भी कोई चिंता न हो। हर खिलाड़ी तरोजाता है और हमें पिछले मैच की एकादश पर पूरा विश्वास है। कमिंस ने दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरने के बारे में कहा, इस मुकाबले में रिवर्स स्विंग की अहम भूमिका होगी, स्टार्क ने पिछले मैच में जो प्रदर्शन किया वो शानदार था। जोश हेजलवुड और स्टॉक बोलैंड जैसे खिलाड़ी को बाहर रखने का फैसला मुश्किल है। लेकिन बांए हाथ के गेंदबाज होने के साथ-साथ स्टार्क जो क्लास और अनुभव लाते हैं वो अहम है। हवा में उनकी गेंद की गति भी थोड़ी ज्यादा होती है। इसलिए 20 विकेट चटकाने की सर्वश्रेष्ठ संभावना है। तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग 11: डेविड वॉर्नर, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रेविस हेड, कैमरून ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्वेपसन, नाथन लॉयन।
लाहौरः पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैच की सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट रविवार से लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा। रावलपिंडी और कराची में खेले गए सीरीज के शुरुआती दो मैच बेजान पिचों पर बराबरी पर समाप्त हुए थे। ऐसे में तीसरे मैच को जीतकर दोनों टीमों की नजर सीरीज अपने नाम करने पर हैं। ऐसे में कंगारू कप्तान पैट कमिंस ने तीसरे टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर अपनी प्लेइंग-ग्यारह का ऐलान कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच की एकादश में कोई बदलाव नहीं किया है। कराची टेस्ट की चौथी पारी में पाँच सौ छः रन का बचाव पाकिस्तान करने में सफल रहा था। ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत से केवल तीन विकेट दूर रह गई थी। कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान जीत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बाधा बने थे। दोनों ने शानदार शतकीय पारी खेली थी। कराची टेस्ट में कोई बड़ा धमाल नहीं मचा पाने के बावजूद कप्तान कमिंस ने अपने स्पिनर्स नाथन लॉयन और मिचेस स्वेपसन भर लाहौर टेस्ट के लिए भरोसा जताया है। दोनों ने पाकिस्तान की दूसरी पारी में पचास से ज्यादा ओवर गेंदबाजी की थी। माना जा रहा है कि लाहौर की परिस्थितियां भी रावलपिंडी और कराची की तरह होंगी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने विश्व के नंबर दस टेस्ट गेंदबाज जोश हेजलवुड, एशेज के हीरो स्कॉट बोलैंड और बांए हाथ के स्पिनर एश्टन एगर की अनदेखी करते हुए तीसरे टेस्ट के लिए टीम का चयन किया है। कमिंस ने तीसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, दूसरे टेस्ट में हमारे ग्यारह खिलाड़ियों ने जो प्रदर्शन किया हम उससे खुश हैं। हर किसी ने उसमें अपना जोर लगाया था, हम उन्हें आराम के लिए अतिरिक्त वक्त दिया जिससे कि वो फ्रेश होकर मैदान में उतरें और चोट की भी कोई चिंता न हो। हर खिलाड़ी तरोजाता है और हमें पिछले मैच की एकादश पर पूरा विश्वास है। कमिंस ने दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरने के बारे में कहा, इस मुकाबले में रिवर्स स्विंग की अहम भूमिका होगी, स्टार्क ने पिछले मैच में जो प्रदर्शन किया वो शानदार था। जोश हेजलवुड और स्टॉक बोलैंड जैसे खिलाड़ी को बाहर रखने का फैसला मुश्किल है। लेकिन बांए हाथ के गेंदबाज होने के साथ-साथ स्टार्क जो क्लास और अनुभव लाते हैं वो अहम है। हवा में उनकी गेंद की गति भी थोड़ी ज्यादा होती है। इसलिए बीस विकेट चटकाने की सर्वश्रेष्ठ संभावना है। तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग ग्यारह: डेविड वॉर्नर, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रेविस हेड, कैमरून ग्रीन, एलेक्स कैरी , मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस , मिचेल स्वेपसन, नाथन लॉयन।
सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट के उल्लंघन के मामले में चार एनजीओ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। एनजीओ ने नियमों के विरुद्ध विदेश से 2. 85 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा जुटाया था। लखनऊ, राज्य ब्यूरोः सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट के उल्लंघन के मामले में चार एनजीओ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। एनजीओ ने नियमों के विरुद्ध विदेश से 2. 85 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा जुटाया था। सीबीआई के अनुसार, गांधी भवन, लखनऊ के पते पर पंजीकृत एनजीओ इंडिया डेवलपमेंट ग्रुप (इंडिया चैप्टर वन) व (इंडिया चैप्टर टू), एप्रोप्रियेट टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एसोसिएशन तथा सोमाखर इंस्टीट्यूट ऑफ एप्रोप्रियेट टेक्नोलॉजी एंड रूरल डेवलपमेंट के विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र व फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में वर्ष 2012 में केंद्रीय गृह मंत्रालय के फारेन करेंसी रेगुलेशन एक्ट डिवीजन के मॉनिटरिंग यूनिट के अधिकारी ने चारों एनजीओ के विरुद्ध शिकायत की थी। तीन एनजीओ ने नियमों के विरुद्ध वर्ष 1994 से वर्ष 2003 के मध्य विदेश से 2. 85 करोड़ रुपये से अधिक चंदा जुटाया था। मामले में सीबीआई ने राज्य सरकार को जांच के लिए पत्र लिखा था। शासन ने मई, 2022 को जांच की अनुमति दी थी। सीबीआई ने केस दर्ज कर विवेचना आरंभ की है।
सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन एक्ट के उल्लंघन के मामले में चार एनजीओ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। एनजीओ ने नियमों के विरुद्ध विदेश से दो. पचासी करोड़ रुपये से अधिक का चंदा जुटाया था। लखनऊ, राज्य ब्यूरोः सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन एक्ट के उल्लंघन के मामले में चार एनजीओ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। एनजीओ ने नियमों के विरुद्ध विदेश से दो. पचासी करोड़ रुपये से अधिक का चंदा जुटाया था। सीबीआई के अनुसार, गांधी भवन, लखनऊ के पते पर पंजीकृत एनजीओ इंडिया डेवलपमेंट ग्रुप व , एप्रोप्रियेट टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एसोसिएशन तथा सोमाखर इंस्टीट्यूट ऑफ एप्रोप्रियेट टेक्नोलॉजी एंड रूरल डेवलपमेंट के विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र व फॉरेन कंट्रीब्यूशन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में वर्ष दो हज़ार बारह में केंद्रीय गृह मंत्रालय के फारेन करेंसी रेगुलेशन एक्ट डिवीजन के मॉनिटरिंग यूनिट के अधिकारी ने चारों एनजीओ के विरुद्ध शिकायत की थी। तीन एनजीओ ने नियमों के विरुद्ध वर्ष एक हज़ार नौ सौ चौरानवे से वर्ष दो हज़ार तीन के मध्य विदेश से दो. पचासी करोड़ रुपये से अधिक चंदा जुटाया था। मामले में सीबीआई ने राज्य सरकार को जांच के लिए पत्र लिखा था। शासन ने मई, दो हज़ार बाईस को जांच की अनुमति दी थी। सीबीआई ने केस दर्ज कर विवेचना आरंभ की है।
कोच्चि, 30 मार्च निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को केरल उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसके गहन विश्लेषण के बाद मतदाता सूची में 316671 प्रविष्टियों में से केवल 38,586 जनसांख्यिकी रूप से समान प्रविष्टियों (डीएसई) की पहचान हुई है। आयोग ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद उसने 38,586 डीएसई मिली। उच्च न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि जिन मतदाताओं के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम हैं, वे राज्य विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक ही वोट डालें। राज्य में अप्रैल को विधानसभा चुनाव होना है। मामला आज जब सुनवाई के लिए आया तो आयोग ने एक बयान में अदालत से कहा कि उसने मतदाता सूची की शुचिता बनी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए हैं और विधानसभा चुनाव में किसी भी व्यक्ति को अनधिकृत वोट डालने नहीं दिया जाएगा। आयोग ने यह बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला की याचिका के जवाब में दायर किया है। चेन्निथला ने जाली और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं को चुनाव में भाग लेने से रोकने का आग्रह किया है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
कोच्चि, तीस मार्च निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को केरल उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसके गहन विश्लेषण के बाद मतदाता सूची में तीन लाख सोलह हज़ार छः सौ इकहत्तर प्रविष्टियों में से केवल अड़तीस,पाँच सौ छियासी जनसांख्यिकी रूप से समान प्रविष्टियों की पहचान हुई है। आयोग ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद उसने अड़तीस,पाँच सौ छियासी डीएसई मिली। उच्च न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि जिन मतदाताओं के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम हैं, वे राज्य विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक ही वोट डालें। राज्य में अप्रैल को विधानसभा चुनाव होना है। मामला आज जब सुनवाई के लिए आया तो आयोग ने एक बयान में अदालत से कहा कि उसने मतदाता सूची की शुचिता बनी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए हैं और विधानसभा चुनाव में किसी भी व्यक्ति को अनधिकृत वोट डालने नहीं दिया जाएगा। आयोग ने यह बयान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला की याचिका के जवाब में दायर किया है। चेन्निथला ने जाली और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं को चुनाव में भाग लेने से रोकने का आग्रह किया है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
पंजाब नेशनल बैंक ने 31 मार्च तक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 1000 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उसे डिफाल्टर घोषित कर देगा। यही नहीं यूनियन बैंक के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक को दिए लोन को एनपीए भी घोषित किया जा सकता है। भारतीय बैंकिंग जगत में देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक यानि पंजाब नेशनल बैंक पर डिफाल्टर होने का खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर पंजाब नेशनल बैंक ने 31 मार्च तक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 1000 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उसे डिफाल्टर घोषित कर देगा। यही नहीं यूनियन बैंक के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक को दिए लोन को एनपीए भी घोषित किया जा सकता है। बता दे कि यह पूरा मामला पंजाब नेशनल बैंक की ओर से जारी 1000 करोड़ के एलओयू पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के भुगतान का है। पंजाब बैंक के डिफाल्टर होने से बचाने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को इस मामलें में हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। जानकारों के मुताबिक अगर सरकार और रिजर्व बैंक द्वारा इस मामलें में जल्द हस्तक्षेप कर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बैकिंग इतिहास में यह पहला मामला होगा जब कोई एक बैंक देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक को डिफाल्टर की सूची में डालेगा। जानकारों का मानना है कि ऐसी स्थति में देश और पंजाब नेशन बैंक की साख पर निश्चित ही बुरा असर पड़ेगा। ऐसा में उम्मीद की जा रही है कि सरकार और रिजर्व बैंक जरूर इस मामलें में संज्ञान लेंगे और दोनों ही बैंको से बात कर जल्द ही मामलें को सुलझाने की कोशिश करेंगे। बता दे कि एलओयू आमतौर पर व्यापार के लिए आसान और सस्ता साधन माना जाता है।
पंजाब नेशनल बैंक ने इकतीस मार्च तक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को एक हज़ार करोड़ रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उसे डिफाल्टर घोषित कर देगा। यही नहीं यूनियन बैंक के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक को दिए लोन को एनपीए भी घोषित किया जा सकता है। भारतीय बैंकिंग जगत में देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक यानि पंजाब नेशनल बैंक पर डिफाल्टर होने का खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर पंजाब नेशनल बैंक ने इकतीस मार्च तक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को एक हज़ार करोड़ रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उसे डिफाल्टर घोषित कर देगा। यही नहीं यूनियन बैंक के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक को दिए लोन को एनपीए भी घोषित किया जा सकता है। बता दे कि यह पूरा मामला पंजाब नेशनल बैंक की ओर से जारी एक हज़ार करोड़ के एलओयू पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के भुगतान का है। पंजाब बैंक के डिफाल्टर होने से बचाने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को इस मामलें में हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। जानकारों के मुताबिक अगर सरकार और रिजर्व बैंक द्वारा इस मामलें में जल्द हस्तक्षेप कर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बैकिंग इतिहास में यह पहला मामला होगा जब कोई एक बैंक देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक को डिफाल्टर की सूची में डालेगा। जानकारों का मानना है कि ऐसी स्थति में देश और पंजाब नेशन बैंक की साख पर निश्चित ही बुरा असर पड़ेगा। ऐसा में उम्मीद की जा रही है कि सरकार और रिजर्व बैंक जरूर इस मामलें में संज्ञान लेंगे और दोनों ही बैंको से बात कर जल्द ही मामलें को सुलझाने की कोशिश करेंगे। बता दे कि एलओयू आमतौर पर व्यापार के लिए आसान और सस्ता साधन माना जाता है।
प्रिलिम्स के लियेः मेन्स के लियेः चर्चा में क्यों? हाल ही में भारत अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International Telecommunication Union- ITU) के वैश्विक साइबर सुरक्षा सूचकांक (Global Cybersecurity Index- GCI) 2020 में 37 स्थानों की बढ़त के साथ 10वें स्थान पर पहुँच गया है। - 1 जुलाई को डिजिटल इंडिया ( Digital India) की छठी वर्षगांँठ से ठीक पहले इसकी पुष्टि की गई है। शीर्ष रैंकिंगः - अमेरिका शीर्ष पर रहा, उसके बाद यूके (यूनाइटेड किंगडम) और सऊदी अरब एक साथ दूसरे स्थान पर रहे। - एस्टोनिया सूचकांक में तीसरे स्थान पर रहा। भारत की स्थितिः - भारत ने GCI 2020 में दसवें स्थान पर पहुंँचने के लिये अधिकतम 100 अंकों में से कुल 97.5 अंक प्राप्त किये। - एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत चौथे स्थान पर रहा। - भारत एक वैश्विक आईटी महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, जो डेटा गोपनीयता और नागरिकों के ऑनलाइन अधिकारों की रक्षा हेतु दृढ़ उपायों के साथ अपनी डिजिटल संप्रभुता का दावा प्रस्तुत कर रहा है। - साइबर सुरक्षा डोमेन के सभी मापदंडों के तहत प्राप्त परिणाम पर्याप्त समग्र सुधार और भारत की मज़बूत स्थिति को दर्शाते हैं। आकलन का आधारः - साइबर सुरक्षा के प्रदर्शन का आधार पाँच मापदंडों पर निहित है जो इस प्रकार हैंः - कानूनी उपाय, तकनीकी उपाय, संगठनात्मक उपाय, क्षमता विकास और सहयोग। - इनके आधार पर प्रदर्शन का एक समग्र स्कोर प्राप्त किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघः - अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International Telecommunication Union- ITU) सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के लिये संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है। - इसे संचार नेटवर्क में अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी की सुविधा के लिये वर्ष 1865 में स्थापित किया गया। इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है। - यह वैश्विक रेडियो स्पेक्ट्रम और उपग्रह की कक्षाओं को आवंटित करता है, तकनीकी मानकों को विकसित करता है ताकि नेटवर्क और प्रौद्योगिकियों को निर्बाध रूप से आपस में जोड़ा जा सके और दुनिया भर में कम सेवा वाले समुदायों के लिये ICT तक पहुँच में सुधार करने का प्रयास किया जाए। - भारत को अगले 4 वर्षों की अवधि (2019-2022) के लिये पुनः अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) परिषद का सदस्य चुना गया है। भारत वर्ष 1952 से इसका एक नियमित सदस्य बना हुआ है। - विभिन्न साइबर सुरक्षा उपकरणों को तैनात करना एक खंडित और जटिल सुरक्षा वातावरण को मज़बूती प्रदान करता है, हालाँकि यह मानवीय त्रुटि से उत्पन्न जोखिमों के प्रति सुभेद्य होता है। - भारतीय कंपनियाँ भी साइबर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहीं हैं, क्योंकि कोविड-19 के कारण कंपनियों के अधिकांश कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' मोड में स्थानांतरित कर दिया गया है। - भारत में हार्डवेयर के साथ-साथ सॉफ्टवेयर साइबर सुरक्षा उपकरणों में स्वदेशीकरण का अभाव है। यह भारत के साइबरस्पेस को राज्य और गैर-राज्य अभिकर्त्ताओं द्वारा प्रेरित साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील बनाता है। - भारत के पास यूरोपीय संघ के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) या अमेरिका के 'क्लेरिफाइंग लॉफुल ओवरसीज़ यूज़ ऑफ डेटा' (CLOUD) एक्ट जैसी कोई 'सक्रिय साइबर डिफेंस' नीति नहीं है। भारत में साइबर सुरक्षा में सुधार के प्रयासः - राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति 2020: इस रणनीति को और अधिक कठिन ऑडिट प्रकिया के माध्यम से साइबर जागरूकता एवं साइबर सुरक्षा में सुधार के लिये तैयार किया गया है। - नागरिकों के डेटा को सुरक्षित करने के लिये व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक मसौदा, 2018 (न्यायमूर्ति बी.एन. श्रीकृष्ण समिति की सिफारिश के आधार पर)। - सभी प्रकार के साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के लिये अक्तूबर 2018 में I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) स्थापित करने की योजना को मंज़ूरी दी गई थी। - भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) सभी साइबर सुरक्षा प्रयासों, आपातकालीन प्रतिक्रियाओं और संकट प्रबंधन के समन्वय के लिये नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। - राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (National Critical Information Infrastructure Protection Centre- NCIIPC) की स्थापना के साथ महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचनाओं को संरक्षण प्रदान किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय तंत्रः - साइबर अपराध पर बुडापेस्ट अभिसमयः यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जो राष्ट्रीय कानूनों के सामंजस्य, जाँच तकनीकों में सुधार और राष्ट्रों के बीच सहयोग बढ़ाकर इंटरनेट तथा कंप्यूटर से जुड़े अपराधों से निपटने का प्रयास करती है। यह संधि 1 जुलाई, 2004 को लागू हुई। भारत इस अभिसमय/कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्त्ता नहीं है। - इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (IGF): यह इंटरनेट गवर्नेंस संबंधी चर्चाओं/डिबेट पर सभी हितधारकों यानी सरकार, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज को एक साथ लाने का कार्य करता है।
प्रिलिम्स के लियेः मेन्स के लियेः चर्चा में क्यों? हाल ही में भारत अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के वैश्विक साइबर सुरक्षा सूचकांक दो हज़ार बीस में सैंतीस स्थानों की बढ़त के साथ दसवें स्थान पर पहुँच गया है। - एक जुलाई को डिजिटल इंडिया की छठी वर्षगांँठ से ठीक पहले इसकी पुष्टि की गई है। शीर्ष रैंकिंगः - अमेरिका शीर्ष पर रहा, उसके बाद यूके और सऊदी अरब एक साथ दूसरे स्थान पर रहे। - एस्टोनिया सूचकांक में तीसरे स्थान पर रहा। भारत की स्थितिः - भारत ने GCI दो हज़ार बीस में दसवें स्थान पर पहुंँचने के लिये अधिकतम एक सौ अंकों में से कुल सत्तानवे.पाँच अंक प्राप्त किये। - एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत चौथे स्थान पर रहा। - भारत एक वैश्विक आईटी महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, जो डेटा गोपनीयता और नागरिकों के ऑनलाइन अधिकारों की रक्षा हेतु दृढ़ उपायों के साथ अपनी डिजिटल संप्रभुता का दावा प्रस्तुत कर रहा है। - साइबर सुरक्षा डोमेन के सभी मापदंडों के तहत प्राप्त परिणाम पर्याप्त समग्र सुधार और भारत की मज़बूत स्थिति को दर्शाते हैं। आकलन का आधारः - साइबर सुरक्षा के प्रदर्शन का आधार पाँच मापदंडों पर निहित है जो इस प्रकार हैंः - कानूनी उपाय, तकनीकी उपाय, संगठनात्मक उपाय, क्षमता विकास और सहयोग। - इनके आधार पर प्रदर्शन का एक समग्र स्कोर प्राप्त किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघः - अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के लिये संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है। - इसे संचार नेटवर्क में अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी की सुविधा के लिये वर्ष एक हज़ार आठ सौ पैंसठ में स्थापित किया गया। इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है। - यह वैश्विक रेडियो स्पेक्ट्रम और उपग्रह की कक्षाओं को आवंटित करता है, तकनीकी मानकों को विकसित करता है ताकि नेटवर्क और प्रौद्योगिकियों को निर्बाध रूप से आपस में जोड़ा जा सके और दुनिया भर में कम सेवा वाले समुदायों के लिये ICT तक पहुँच में सुधार करने का प्रयास किया जाए। - भारत को अगले चार वर्षों की अवधि के लिये पुनः अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ परिषद का सदस्य चुना गया है। भारत वर्ष एक हज़ार नौ सौ बावन से इसका एक नियमित सदस्य बना हुआ है। - विभिन्न साइबर सुरक्षा उपकरणों को तैनात करना एक खंडित और जटिल सुरक्षा वातावरण को मज़बूती प्रदान करता है, हालाँकि यह मानवीय त्रुटि से उत्पन्न जोखिमों के प्रति सुभेद्य होता है। - भारतीय कंपनियाँ भी साइबर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहीं हैं, क्योंकि कोविड-उन्नीस के कारण कंपनियों के अधिकांश कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' मोड में स्थानांतरित कर दिया गया है। - भारत में हार्डवेयर के साथ-साथ सॉफ्टवेयर साइबर सुरक्षा उपकरणों में स्वदेशीकरण का अभाव है। यह भारत के साइबरस्पेस को राज्य और गैर-राज्य अभिकर्त्ताओं द्वारा प्रेरित साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील बनाता है। - भारत के पास यूरोपीय संघ के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन या अमेरिका के 'क्लेरिफाइंग लॉफुल ओवरसीज़ यूज़ ऑफ डेटा' एक्ट जैसी कोई 'सक्रिय साइबर डिफेंस' नीति नहीं है। भारत में साइबर सुरक्षा में सुधार के प्रयासः - राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति दो हज़ार बीस: इस रणनीति को और अधिक कठिन ऑडिट प्रकिया के माध्यम से साइबर जागरूकता एवं साइबर सुरक्षा में सुधार के लिये तैयार किया गया है। - नागरिकों के डेटा को सुरक्षित करने के लिये व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक मसौदा, दो हज़ार अट्ठारह । - सभी प्रकार के साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के लिये अक्तूबर दो हज़ार अट्ठारह में Iचार डिग्री सेल्सियस स्थापित करने की योजना को मंज़ूरी दी गई थी। - भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम सभी साइबर सुरक्षा प्रयासों, आपातकालीन प्रतिक्रियाओं और संकट प्रबंधन के समन्वय के लिये नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। - राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र की स्थापना के साथ महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचनाओं को संरक्षण प्रदान किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय तंत्रः - साइबर अपराध पर बुडापेस्ट अभिसमयः यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जो राष्ट्रीय कानूनों के सामंजस्य, जाँच तकनीकों में सुधार और राष्ट्रों के बीच सहयोग बढ़ाकर इंटरनेट तथा कंप्यूटर से जुड़े अपराधों से निपटने का प्रयास करती है। यह संधि एक जुलाई, दो हज़ार चार को लागू हुई। भारत इस अभिसमय/कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्त्ता नहीं है। - इंटरनेट गवर्नेंस फोरम : यह इंटरनेट गवर्नेंस संबंधी चर्चाओं/डिबेट पर सभी हितधारकों यानी सरकार, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज को एक साथ लाने का कार्य करता है।
आइये एक सुन्दर विश्व का निर्माण करें जो की बिना आप के सहयोग के तो हो ही नहीं सकता आज मै पास होता तो आप के कान में ढेर सारा मन्त्र देता -जादू दिखाता -कबूतर बना देता . . फूल खिला देता ... कुछ हंसाता गुदगुदाता और आप से हाथ उठवाकर ये संकल्प करवाता की हम अपने देश , संस्कृति , ईमानदारी, अहिंसा से कोई समझौता नहीं करेंगे अपने माँ पिता गुरु को हमेशा सम्मान देंगे उन्हें हर सुख सुविधा देंगे भरपूर प्यार देंगे जितना दुलार उन्होंने किया है जितना त्याग उन्होंने हमें इतना बड़ा करने में किया है वो कोई त्याग कोई भी नहीं कर सकता और आजीवन हमे उनके नन्हे मुन्ने पप्पू बने रहना होगा जब चाहें वे हमें डांट दें प्यार दें मार दें दुलार दें उनको हर हक़ देना होगा जो भी अच्छा होगा उसे ग्रहण करना होगा बुराईयों से हमेशा दूर बहुत दूर रहना होगा तब हमारा ये उज्जवल भविष्य बनेगा बड़ी मेहनत करनी हैं कर्म ही पूजा है इससे हम अपना भाग्य भी अपने हक़ में कर लेते हैं हमारे हाथ की रेखाएं बदल जाती हैं हमें सुअवसर मिलता रहता है और हम कभी कभी इस जग में अपना नाम कमा सकते हैं आओ हम बच्चे किसी से भी भेद भाव न करें सब एक दुसरे की सहायता करें विशेषकर जिसके पास कुछ कमी हो उसकी सहायता का हर हमेशा मन बनाये रखें ...जब आप ऐसा करोगे दुसरे की सहायता प्रभु आप की सहायता और वो जिसकी सहायता आप ने की दोनों खड़े रहेंगे आप की सहायता को .... आज मिठाई भी नहीं खिलाना क्योंकि विश्व मधुमेह दिवस है ...५०. ८ मिलिओन लोग इस मधुमेह से ग्रसित हैं ...४० से ५९ साल में आप लोग भी तो आते होंगे न ! बच के रहना रे बाबा . . मेहनत करिए . . मेथी भिगा के खाइए. . जामुन और कैथ खट्टा फल मिले तो खाइए . . करेला खाइए .... समय से पूर्व की वीमारी और जल्दी .... . से बच के सब रहिये ....... बने सदा हम वीर सपूत.
आइये एक सुन्दर विश्व का निर्माण करें जो की बिना आप के सहयोग के तो हो ही नहीं सकता आज मै पास होता तो आप के कान में ढेर सारा मन्त्र देता -जादू दिखाता -कबूतर बना देता . . फूल खिला देता ... कुछ हंसाता गुदगुदाता और आप से हाथ उठवाकर ये संकल्प करवाता की हम अपने देश , संस्कृति , ईमानदारी, अहिंसा से कोई समझौता नहीं करेंगे अपने माँ पिता गुरु को हमेशा सम्मान देंगे उन्हें हर सुख सुविधा देंगे भरपूर प्यार देंगे जितना दुलार उन्होंने किया है जितना त्याग उन्होंने हमें इतना बड़ा करने में किया है वो कोई त्याग कोई भी नहीं कर सकता और आजीवन हमे उनके नन्हे मुन्ने पप्पू बने रहना होगा जब चाहें वे हमें डांट दें प्यार दें मार दें दुलार दें उनको हर हक़ देना होगा जो भी अच्छा होगा उसे ग्रहण करना होगा बुराईयों से हमेशा दूर बहुत दूर रहना होगा तब हमारा ये उज्जवल भविष्य बनेगा बड़ी मेहनत करनी हैं कर्म ही पूजा है इससे हम अपना भाग्य भी अपने हक़ में कर लेते हैं हमारे हाथ की रेखाएं बदल जाती हैं हमें सुअवसर मिलता रहता है और हम कभी कभी इस जग में अपना नाम कमा सकते हैं आओ हम बच्चे किसी से भी भेद भाव न करें सब एक दुसरे की सहायता करें विशेषकर जिसके पास कुछ कमी हो उसकी सहायता का हर हमेशा मन बनाये रखें ...जब आप ऐसा करोगे दुसरे की सहायता प्रभु आप की सहायता और वो जिसकी सहायता आप ने की दोनों खड़े रहेंगे आप की सहायता को .... आज मिठाई भी नहीं खिलाना क्योंकि विश्व मधुमेह दिवस है ...पचास. आठ मिलिओन लोग इस मधुमेह से ग्रसित हैं ...चालीस से उनसठ साल में आप लोग भी तो आते होंगे न ! बच के रहना रे बाबा . . मेहनत करिए . . मेथी भिगा के खाइए. . जामुन और कैथ खट्टा फल मिले तो खाइए . . करेला खाइए .... समय से पूर्व की वीमारी और जल्दी .... . से बच के सब रहिये ....... बने सदा हम वीर सपूत.
टीवी के रियलिटी शो 'बिग बॉस 16' (Bigg Boss) का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में 'बिग बॉस' का 16वां सीजन इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है. ये शो कभी शामिल होने वाले कंटेस्टेंट्स को लेकर तो कभी शो के स्ट्रक्चर को लेकर सुर्खियां बटोरता नजर आता है. वहीं अब दर्शकों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है. खबरों के मुताबिक इस बार सलमान खान (Salman Khan) 'बिग बॉस 16' (Bigg Boss) का हिस्सा नहीं होंगे. इस बार सलमान कंटेस्टेंट की क्लास लगाते नहीं नजर आएंगे. मांगी मोटी रकम : आपको बता दें, बॉलीवुड के सल्लू मियां यानी सलमान खान (Salman Khan) इस बार 'बिग बॉस' (Bigg Boss) के 16वां सीजन होस्ट नहीं करने वाले हैं. इसके पीछे की वजह उनकी फीस बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, सलमान खान (Salman Khan) ने इस बार सीजन को होस्ट करने के लिए शो मेकर्स से मोटी फीस मांगी है. इस सीजन को होस्ट करने के लिए सलमान ने 1000 करोड़ रुपये की डिमांड रखी है. लेकिन कुछ चैनल के सूत्रों के अनुसार, सलमान खान (Salman Khan) का 'बिग बॉस' के 16वें सीजन को होस्ट नहीं करने की खबरें बेबुनियाद है. रोहित शेट्टी करेंगे होस्ट : गौरतलब हैं कि, दस साल से इस शो से जुड़े सलमान खान (Salman Khan) के फैंस उनकी जगह किसी और को देने के लिए तैयार नहीं हैं. पिछले सीजन में कुछ समय सलमान की जगह फराह खान नजर आई थीं, लेकिन लोगों को उनका अंदाज पसंद नहीं आया और इसका असर चैनल की टीआरपी पर पड़ा. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 'बिग बॉस 16' (Bigg Boss) में सलमान (Salman Khan) की जगह रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) लेने वाले हैं. इस बार 'बिग बॉस' का 16वां सीजन रोहित शेट्टी होस्ट करेंगे. हालांकि अभी तक इस बात की ऑफिशियली पुष्टि नहीं हुई है. रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) कई सालों से कलर्स चैनल के टीवी शो 'खतरों के खिलाड़ी' को होस्ट करते नजर आते हैं. बॉलीवुड और टीवी की अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंः
टीवी के रियलिटी शो 'बिग बॉस सोलह' का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में 'बिग बॉस' का सोलहवां सीजन इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है. ये शो कभी शामिल होने वाले कंटेस्टेंट्स को लेकर तो कभी शो के स्ट्रक्चर को लेकर सुर्खियां बटोरता नजर आता है. वहीं अब दर्शकों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है. खबरों के मुताबिक इस बार सलमान खान 'बिग बॉस सोलह' का हिस्सा नहीं होंगे. इस बार सलमान कंटेस्टेंट की क्लास लगाते नहीं नजर आएंगे. मांगी मोटी रकम : आपको बता दें, बॉलीवुड के सल्लू मियां यानी सलमान खान इस बार 'बिग बॉस' के सोलहवां सीजन होस्ट नहीं करने वाले हैं. इसके पीछे की वजह उनकी फीस बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, सलमान खान ने इस बार सीजन को होस्ट करने के लिए शो मेकर्स से मोटी फीस मांगी है. इस सीजन को होस्ट करने के लिए सलमान ने एक हज़ार करोड़ रुपये की डिमांड रखी है. लेकिन कुछ चैनल के सूत्रों के अनुसार, सलमान खान का 'बिग बॉस' के सोलहवें सीजन को होस्ट नहीं करने की खबरें बेबुनियाद है. रोहित शेट्टी करेंगे होस्ट : गौरतलब हैं कि, दस साल से इस शो से जुड़े सलमान खान के फैंस उनकी जगह किसी और को देने के लिए तैयार नहीं हैं. पिछले सीजन में कुछ समय सलमान की जगह फराह खान नजर आई थीं, लेकिन लोगों को उनका अंदाज पसंद नहीं आया और इसका असर चैनल की टीआरपी पर पड़ा. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 'बिग बॉस सोलह' में सलमान की जगह रोहित शेट्टी लेने वाले हैं. इस बार 'बिग बॉस' का सोलहवां सीजन रोहित शेट्टी होस्ट करेंगे. हालांकि अभी तक इस बात की ऑफिशियली पुष्टि नहीं हुई है. रोहित शेट्टी कई सालों से कलर्स चैनल के टीवी शो 'खतरों के खिलाड़ी' को होस्ट करते नजर आते हैं. बॉलीवुड और टीवी की अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंः
केरल और महाराष्ट्र में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ रहा है. दोनों राज्यों में संक्रमण दर पांच फीसदी से अधिक है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन राज्यों में आने वाले दिनों में केस और बढ़ सकते हैं. देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना (Corona) के 3,676 नए केस दर्ज किए गए हैं. रविवार को 4,518 मामले आए थे. इस हिसाब से देखें तो कोरोना के मामलों में 5.4 फीसदी की कमी आई है, लेकिन कुल संक्रमितों में से 70 प्रतिशत केस केवल केरल और महाराष्ट्र Covid cases in kerala)से आ रहे हैं. इन राज्यों में दैनिक संक्रमितों के साथ-साथ पॉजिटिविटी रेट (Corona Positivity rate) भी बढ़ रहा है रिकवरी दर कम हो रही है. केरल में पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से अधिक हो गया है और महाराष्ट्र में 6 प्रतिशत के करीब है. इस वजह से देश के कुल एक्टिव मरीजों में से 34 फीसदी केवल केरल से हैं. केरल में पिछले कई दिनों से कोरोना के रोजाना एक हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं. राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 8542 हो गई है. वहीं, पॉजिटिविटी रेट करीब 11 प्रतिशत दर्ज किया गया है. यानी, प्रति 100 लोगों की जांच पर 11 लोग संक्रमित मिल रहे हैं. उधर, महाराष्ट्र में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 7429 हो गई है. महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी रेट 6.49 फीसदी है.विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, जिस इलाके में पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से अधिक हो जाता है वहां महामारी कंट्रोंल में नहीं मानी जाती है.एक्सपर्ट्स का कहना है कि केरल और महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में केस बढ़ सकते हैं. कोविड एक्सपर्ट डॉ. अंशुमान ने बताया कि इन दोनों राज्यों में आने वाले दिनों में मामलों में और इजाफा हो सकता है, हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इस प्रकार कुछ राज्यों में कोरोना के केस आते रहेंगे. ऐसे में जब तक कोई नया वेरिएंट नहीं आता तब तक कोई खतरा नहीं है. ऐसा हो सकता है कि अभी ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट BA.5 की वजह से केस बढ़ रहे हो. ऐसे में चिंता की बात नहीं है, लेकिन जिन लोगों को कोई पुरानी बीमारी है और बुजुर्गों को सतर्क रहने की जरूरत है. इसके अलावा जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है. उनको भी संक्रमण हो सकता है. ऐसे में टीकाकरण कराना जरूरी है. कोविड एक्सपर्ट डॉ. युद्धवीर सिंह का कहना है कि केस बढ़ना खतरे का संकेत नहीं है, लेकिन संक्रमितों के लक्षणों पर नजर रखनी होगी. अगर लक्षण ओमिक्रॉन की तरह ही हैं, तो केस बढ़ने पर भी कोई खतरा नहीं होगा, लेकिन अगर लक्षणों में कुल बदलाव देखा जा रहा है तो ये किसी नए वेरिएंट के आने की आंशका हो सकती है. ऐसे में संक्रमितों के सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी बढ़ानी होगी. डॉ. अंशुमान ने कहा कि देशभर में सिर्फ दो राज्यों मे ही केस बढ़ रहे हैं और देश में कुल संक्रमितों का दैनिक आंकड़ा भी चार हजार से कम है. ऐसे में बढ़ते मामलों को चौथी लहर मानना ठीक नहीं है. महामारी एंडेमिक फेज में है. ऐसे में कुछ राज्यों में केस बढ़ेंगे और थोड़े समय बाद कम भी हो जाएंगे.
केरल और महाराष्ट्र में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ रहा है. दोनों राज्यों में संक्रमण दर पांच फीसदी से अधिक है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन राज्यों में आने वाले दिनों में केस और बढ़ सकते हैं. देश में पिछले चौबीस घंटाटे में कोरोना के तीन,छः सौ छिहत्तर नए केस दर्ज किए गए हैं. रविवार को चार,पाँच सौ अट्ठारह मामले आए थे. इस हिसाब से देखें तो कोरोना के मामलों में पाँच.चार फीसदी की कमी आई है, लेकिन कुल संक्रमितों में से सत्तर प्रतिशत केस केवल केरल और महाराष्ट्र Covid cases in kerala)से आ रहे हैं. इन राज्यों में दैनिक संक्रमितों के साथ-साथ पॉजिटिविटी रेट भी बढ़ रहा है रिकवरी दर कम हो रही है. केरल में पॉजिटिविटी रेट दस प्रतिशत से अधिक हो गया है और महाराष्ट्र में छः प्रतिशत के करीब है. इस वजह से देश के कुल एक्टिव मरीजों में से चौंतीस फीसदी केवल केरल से हैं. केरल में पिछले कई दिनों से कोरोना के रोजाना एक हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं. राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर आठ हज़ार पाँच सौ बयालीस हो गई है. वहीं, पॉजिटिविटी रेट करीब ग्यारह प्रतिशत दर्ज किया गया है. यानी, प्रति एक सौ लोगों की जांच पर ग्यारह लोग संक्रमित मिल रहे हैं. उधर, महाराष्ट्र में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर सात हज़ार चार सौ उनतीस हो गई है. महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी रेट छः.उनचास फीसदी है.विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, जिस इलाके में पॉजिटिविटी रेट पाँच फीसदी से अधिक हो जाता है वहां महामारी कंट्रोंल में नहीं मानी जाती है.एक्सपर्ट्स का कहना है कि केरल और महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में केस बढ़ सकते हैं. कोविड एक्सपर्ट डॉ. अंशुमान ने बताया कि इन दोनों राज्यों में आने वाले दिनों में मामलों में और इजाफा हो सकता है, हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इस प्रकार कुछ राज्यों में कोरोना के केस आते रहेंगे. ऐसे में जब तक कोई नया वेरिएंट नहीं आता तब तक कोई खतरा नहीं है. ऐसा हो सकता है कि अभी ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट BA.पाँच की वजह से केस बढ़ रहे हो. ऐसे में चिंता की बात नहीं है, लेकिन जिन लोगों को कोई पुरानी बीमारी है और बुजुर्गों को सतर्क रहने की जरूरत है. इसके अलावा जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है. उनको भी संक्रमण हो सकता है. ऐसे में टीकाकरण कराना जरूरी है. कोविड एक्सपर्ट डॉ. युद्धवीर सिंह का कहना है कि केस बढ़ना खतरे का संकेत नहीं है, लेकिन संक्रमितों के लक्षणों पर नजर रखनी होगी. अगर लक्षण ओमिक्रॉन की तरह ही हैं, तो केस बढ़ने पर भी कोई खतरा नहीं होगा, लेकिन अगर लक्षणों में कुल बदलाव देखा जा रहा है तो ये किसी नए वेरिएंट के आने की आंशका हो सकती है. ऐसे में संक्रमितों के सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी बढ़ानी होगी. डॉ. अंशुमान ने कहा कि देशभर में सिर्फ दो राज्यों मे ही केस बढ़ रहे हैं और देश में कुल संक्रमितों का दैनिक आंकड़ा भी चार हजार से कम है. ऐसे में बढ़ते मामलों को चौथी लहर मानना ठीक नहीं है. महामारी एंडेमिक फेज में है. ऐसे में कुछ राज्यों में केस बढ़ेंगे और थोड़े समय बाद कम भी हो जाएंगे.
कन्या राशि वालों के लिए इस समय लाभदायक ग्रह अपनी अच्छी स्थिति में बने हुए हैं. कारोबारी स्त्रियां विशेष रूप से अपने व्यवसाय पर विशेष ध्यान रखें. मनोरंजन तथा सौंदर्य प्रसाधन संबंधी व्यवसाय विशेष रुप से तरक्की में रहेंगे. आपका आज का दिन कैसा रहने वाला है. मीन राशि के लोगों को आज के दिन क्या-क्या उपाय करने चाहिए, जिससे उनका दिन शुभ रहे. इसके अलावा वे कौन-सी बातें हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर आप आज होने वाले नुकसान से बच सकते हैं. इसके साथ ही आज आपको किन चीजों से सावधान रहना चाहिए. आज के दिन आपके लिए कौन-सा रंग, कौन-सा नंबर और कौन-सा अक्षर शुभ है, ये भी जानेंगे. आइए, जानते हैं आज का कन्या राशिफल. घर के बुजुर्गों का स्नेह व आशीर्वाद बना रहेगा. कुछ समय धार्मिक, सामाजिक संबंधित गतिविधियों में व्यतीत करें. इससे आत्मिक व मानसिक शांति प्राप्त होगी. आर्थिक मामलों में भी निवेश आदि करने के लिए दिन अति उत्तम है. कभी-कभी आपका शक्की स्वभाव आपके व परिवार दोनों के लिए समस्याएं उत्पन्न कर देता है. वक्त के अनुसार खुद में भी बदलाव लाना जरुरी है. अपने बजट का भी ध्यान रखें. किसी प्रकार की फिजूलखर्ची भी हो सकती है. इस समय लाभदायक ग्रह स्थिति बनी हुए हैं. कारोबारी स्त्रियां विशेष रूप से अपने व्यवसाय पर विशेष ध्यान केंद्रित रखें. मनोरंजन तथा सौंदर्य प्रसाधन संबंधी व्यवसाय विशेष रूप से तरक्की में रहेंगे. नौकरी में आपको कोई महत्वपूर्ण पद की प्राप्ति हो सकती है. लव फोकस- घर का माहौल अनुशासित तथा मर्यादित रहेगा. प्रेम प्रसंगों के मामले में आप लकी रहेंगे. सावधानियां- तनाव व पेट से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत हो सकती है. अपने खान-पान को संयमित रखें. लेखक के बारे मेंः डॉ. अजय भांबी, ज्योतिष का एक जाना-पहचाना नाम हैं. डॉ. भांबी नक्षत्र ध्यान के विशेषज्ञ और उपचारकर्ता भी हैं. एक ज्योतिषी के रूप में पंडित भांबी की ख्याति दुनिया भर में फैली है. इन्होंने अंग्रेजी और हिंदी भाषा में कई किताबें लिखी हैं. साथ ही वह कई भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए लेख लिखते हैं. उनकी हालिया किताब प्लैनेटरी मेडिटेशन- ए कॉस्मिक अप्रोच इन इंग्लिश, काफी प्रसिद्ध हुई है. थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री द्वारा बैंकाक में उन्हें World Icon Award 2018 से सम्मानित किया गया. उन्हें अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिल चुका है.
कन्या राशि वालों के लिए इस समय लाभदायक ग्रह अपनी अच्छी स्थिति में बने हुए हैं. कारोबारी स्त्रियां विशेष रूप से अपने व्यवसाय पर विशेष ध्यान रखें. मनोरंजन तथा सौंदर्य प्रसाधन संबंधी व्यवसाय विशेष रुप से तरक्की में रहेंगे. आपका आज का दिन कैसा रहने वाला है. मीन राशि के लोगों को आज के दिन क्या-क्या उपाय करने चाहिए, जिससे उनका दिन शुभ रहे. इसके अलावा वे कौन-सी बातें हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर आप आज होने वाले नुकसान से बच सकते हैं. इसके साथ ही आज आपको किन चीजों से सावधान रहना चाहिए. आज के दिन आपके लिए कौन-सा रंग, कौन-सा नंबर और कौन-सा अक्षर शुभ है, ये भी जानेंगे. आइए, जानते हैं आज का कन्या राशिफल. घर के बुजुर्गों का स्नेह व आशीर्वाद बना रहेगा. कुछ समय धार्मिक, सामाजिक संबंधित गतिविधियों में व्यतीत करें. इससे आत्मिक व मानसिक शांति प्राप्त होगी. आर्थिक मामलों में भी निवेश आदि करने के लिए दिन अति उत्तम है. कभी-कभी आपका शक्की स्वभाव आपके व परिवार दोनों के लिए समस्याएं उत्पन्न कर देता है. वक्त के अनुसार खुद में भी बदलाव लाना जरुरी है. अपने बजट का भी ध्यान रखें. किसी प्रकार की फिजूलखर्ची भी हो सकती है. इस समय लाभदायक ग्रह स्थिति बनी हुए हैं. कारोबारी स्त्रियां विशेष रूप से अपने व्यवसाय पर विशेष ध्यान केंद्रित रखें. मनोरंजन तथा सौंदर्य प्रसाधन संबंधी व्यवसाय विशेष रूप से तरक्की में रहेंगे. नौकरी में आपको कोई महत्वपूर्ण पद की प्राप्ति हो सकती है. लव फोकस- घर का माहौल अनुशासित तथा मर्यादित रहेगा. प्रेम प्रसंगों के मामले में आप लकी रहेंगे. सावधानियां- तनाव व पेट से संबंधित किसी प्रकार की दिक्कत हो सकती है. अपने खान-पान को संयमित रखें. लेखक के बारे मेंः डॉ. अजय भांबी, ज्योतिष का एक जाना-पहचाना नाम हैं. डॉ. भांबी नक्षत्र ध्यान के विशेषज्ञ और उपचारकर्ता भी हैं. एक ज्योतिषी के रूप में पंडित भांबी की ख्याति दुनिया भर में फैली है. इन्होंने अंग्रेजी और हिंदी भाषा में कई किताबें लिखी हैं. साथ ही वह कई भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए लेख लिखते हैं. उनकी हालिया किताब प्लैनेटरी मेडिटेशन- ए कॉस्मिक अप्रोच इन इंग्लिश, काफी प्रसिद्ध हुई है. थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री द्वारा बैंकाक में उन्हें World Icon Award दो हज़ार अट्ठारह से सम्मानित किया गया. उन्हें अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिल चुका है.
CM Yogi Gift for UP School Students: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (1 अगस्त 2022) को प्रदेश के स्कूल के छात्रों को 1200 रुपयों का तोहफा दिया है। सीएम योगी की इस योजना से प्रदेश के स्कूली छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। इस धनराशि से स्कूली छात्र अपने लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग, स्वेटर, और कॉपी-किताब सहित स्टेशनरी का सामान खरीद सकेंगे। सीएम योगी ने 1,200 रुपए की धनराशि छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर योजना का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कुल 1. 91 करोड़ रजिस्टर्ड छात्र-छात्राओं के लिए उनके अभिभावकों के खाते में 1200 रुपए ट्रांसफर किए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया और इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने प्रदेश के सर्वोच्च स्वच्छता वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापकों और उनके ग्राम प्रधानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा, 'प्रदेश के1. 91 करोड़ स्कूली छात्र एवं छात्राओं को डीबीटी से पैसा ट्रांसफर कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभियान शुरू हुआ। ' सीएम योगी ने आगे कहा, 'स्कूल चलो अभियान' के भी बेहतरीन परिणाम आए हैं। कोरोना संक्रमण महामारी की वजह से प्रदेश में हर कोई प्रभावित हुआ था। की वजह से अभियान की सफलता से 1. 91 करोड़ नामांकन हुआ है। कोरोना के कारण हमारा जनजीवन प्रभावित हुआ है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हमारे बच्चों की बेसिक शिक्षा हुई थी। इस दौरान सरकार ने ऑनलाइन और दूरदर्शन के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था की।
CM Yogi Gift for UP School Students: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के स्कूल के छात्रों को एक हज़ार दो सौ रुपयापयों का तोहफा दिया है। सीएम योगी की इस योजना से प्रदेश के स्कूली छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। इस धनराशि से स्कूली छात्र अपने लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग, स्वेटर, और कॉपी-किताब सहित स्टेशनरी का सामान खरीद सकेंगे। सीएम योगी ने एक,दो सौ रुपयापए की धनराशि छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर योजना का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कुल एक. इक्यानवे करोड़ रजिस्टर्ड छात्र-छात्राओं के लिए उनके अभिभावकों के खाते में एक हज़ार दो सौ रुपयापए ट्रांसफर किए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया और इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने प्रदेश के सर्वोच्च स्वच्छता वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापकों और उनके ग्राम प्रधानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा, 'प्रदेश केएक. इक्यानवे करोड़ स्कूली छात्र एवं छात्राओं को डीबीटी से पैसा ट्रांसफर कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभियान शुरू हुआ। ' सीएम योगी ने आगे कहा, 'स्कूल चलो अभियान' के भी बेहतरीन परिणाम आए हैं। कोरोना संक्रमण महामारी की वजह से प्रदेश में हर कोई प्रभावित हुआ था। की वजह से अभियान की सफलता से एक. इक्यानवे करोड़ नामांकन हुआ है। कोरोना के कारण हमारा जनजीवन प्रभावित हुआ है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हमारे बच्चों की बेसिक शिक्षा हुई थी। इस दौरान सरकार ने ऑनलाइन और दूरदर्शन के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था की।
• भीड़ और नजदीकि संपर्क से बचें। • जब शारीरिक दूरी संभव न हो तो ठीक से मास्क पहनें। • अपने हाथों को असैनिटाइजर या साबुन और पानी से साफ करें। • यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। • COVID-19 के लक्षणों की पूरी श्रृंखला जानें। कोविड-19 के सबसे आम लक्षण हैं बुखार, सूखी खांसी, थकान, स्वाद या गंध का न आना। सिरदर्द, गले में खराश, लाल या जलती हुई आंखें, दस्त, त्वचा पर दाने। • लक्षण शुरू होने के बाद 10 दिन और लक्षण बंद होने के बाद तीन दिन तक घर पर रहें और खुद को अलग-थलग कर लें। सलाह के लिए अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को फोन करें। • यदि आप में इनमें से कोई भी कोविड के लक्षण पाए जाते हैं तो तुरंत किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में अपना कोविड टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से संपर्क करें सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड का इलाज मुफ्त है।
• भीड़ और नजदीकि संपर्क से बचें। • जब शारीरिक दूरी संभव न हो तो ठीक से मास्क पहनें। • अपने हाथों को असैनिटाइजर या साबुन और पानी से साफ करें। • यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। • COVID-उन्नीस के लक्षणों की पूरी श्रृंखला जानें। कोविड-उन्नीस के सबसे आम लक्षण हैं बुखार, सूखी खांसी, थकान, स्वाद या गंध का न आना। सिरदर्द, गले में खराश, लाल या जलती हुई आंखें, दस्त, त्वचा पर दाने। • लक्षण शुरू होने के बाद दस दिन और लक्षण बंद होने के बाद तीन दिन तक घर पर रहें और खुद को अलग-थलग कर लें। सलाह के लिए अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को फोन करें। • यदि आप में इनमें से कोई भी कोविड के लक्षण पाए जाते हैं तो तुरंत किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में अपना कोविड टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से संपर्क करें सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड का इलाज मुफ्त है।
Firefighters Day: दुनिया में हर दिन का कोई विशेष महत्व होता है। ऐसे में आज 4 मई को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया जाता है। यह दिन खास तौर पर अग्निशामकों के लिए मनाया जाता है। पहली बार 1999 में अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया गया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्थित लिंटन की झाड़ियों में आग लग गई थी। इस आग को बुझाने के लिए वहां एक टीम आई थी। उस समय टीम के पांच सदस्य आग में झुलस गए थे और इस वजह से उनकी मौत हो गई थी। ऐसे में उनकी याद में हर वर्ष 4 मई को अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया जाता है। जब भी कहीं पर आग लगती है तो अग्निशामक अपनी जान जोखिम में डालकर उस आपदा से निपटते हैं और लोगों की जान बचाते हैं। इसलिए इस दिन वर्तमान और अतीत के अग्निशामकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया जाता है। इस दिन लोग लाल और नीले रंग के रिबन लगाते हैं। इस रिबन में लाल और नीले रंगों का अर्थ अलग अलग है। लाल आग के तत्व और नीला पानी के तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस 2023 की थीम "हमारी रक्षा करने वाले नायकों का सम्मान" है। यह विषय हमें सुरक्षित रखने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालने वाले अग्निशामकों की बहादुरी और समर्पण को पहचानने के महत्व को दर्शाता है। साथ ही यह हमें इन नायकों के लिए किसी भी तरह से अपनी प्रशंसा और समर्थन दिखाने के लिए प्रोत्साहित करता है, चाहे एक साधारण धन्यवाद या हमारे स्थानीय अग्निशमन विभाग को दान के माध्यम से इन नायकों का सम्मान करके उनके द्वारा किए गए बलिदानों और उनके काम के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अलग से 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन 14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉकयार्ड में एक दुर्भाग्यपूर्ण और बड़े पैमाने पर विस्फोट के दौरान जान गंवाने वाले 71 अग्निशमन कर्मियों को याद किया जाता है। साथ ही भारत सरकार भी इस दिन निडर अग्निशामकों को सम्मानित करती है। वहीं इस वर्ष राष्ट्रीय अग्निशमन दिवस की थीम अग्नि सुरक्षा सीखो, उत्पादकता बढ़ाओ थी। इस दौरान 14 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह भी मनाया गया था। BMJ इंजरी प्रिवेंशन जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में भारत में आग लगने की 16 लाख घटनाएं हुईं थी जिनमें 27,027 लोगों की मौत हुई थी। जबकि पूरी दुनिया में आग लगने की करीब 90 लाख घटनाओं में 1. 2 लाख लोगों की जान गई थी। यानी विश्व में आग लगने से मरने वाले में हर पांचवा नागरिक भारतीय था। वहीं चीन की बात करें तो 2017 में आग लगने की वजह से चीन में 10,836 लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही यह भी रिपोर्ट में बताया गया है कि जागरूकता के कारण अधिकतर देशों में आग की वजहों से होने वाली मौतों में काफी कमी आई है। भारत में भी 1990 से 2017 के बीच मौतों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की कमी देखी गई है। 13 जनवरी 2022 को जारी स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2021 के अनुसार, भारत में नवंबर 2020 से जून 2021 तक जंगलों में 345,989 आग लगने की सूचना मिली थी। यह इस अवधि के दौरान देश के जंगलों में आग लगने का अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में इसी समय के दौरान जंगलों में कम से कम 258,480 आग लगने की सूचनाएं मिली थी। भारत में हर साल नवंबर से लेकर मई में विभिन्न प्राकृतिक और मानव जनित कारणों से जंगलों में आग लगती है। 2021 में हुई आग लगने की घटनाएं नवंबर 2019 और जून 2020 के बीच हुई आग की घटनाओं से 2. 7 गुना अधिक रही। 2004 के बाद से फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने वास्तविक समय में जंगल की आग की निगरानी के लिए फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम विकसित किया। जनवरी 2019 में लॉन्च किए गए अपने उन्नत संस्करण में सिस्टम अब नासा और इसरो से एकत्रित उपग्रह जानकारी का उपयोग करता है। लगभग 21 राज्यों द्वारा केंद्र के समक्ष वनाग्नि निवारण की कार्य योजना दी गई है । इनमें से महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रस्तुत कार्य-योजना को केंद्र सरकार द्वारा सहमति प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग समय समय पर लोगों को आग से बचने के लिए मॉकड्रिल का भी आयोजन देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, सोसायटियों, संस्थाओं में करता है।
Firefighters Day: दुनिया में हर दिन का कोई विशेष महत्व होता है। ऐसे में आज चार मई को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया जाता है। यह दिन खास तौर पर अग्निशामकों के लिए मनाया जाता है। पहली बार एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया गया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्थित लिंटन की झाड़ियों में आग लग गई थी। इस आग को बुझाने के लिए वहां एक टीम आई थी। उस समय टीम के पांच सदस्य आग में झुलस गए थे और इस वजह से उनकी मौत हो गई थी। ऐसे में उनकी याद में हर वर्ष चार मई को अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस मनाया जाता है। जब भी कहीं पर आग लगती है तो अग्निशामक अपनी जान जोखिम में डालकर उस आपदा से निपटते हैं और लोगों की जान बचाते हैं। इसलिए इस दिन वर्तमान और अतीत के अग्निशामकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया जाता है। इस दिन लोग लाल और नीले रंग के रिबन लगाते हैं। इस रिबन में लाल और नीले रंगों का अर्थ अलग अलग है। लाल आग के तत्व और नीला पानी के तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस दो हज़ार तेईस की थीम "हमारी रक्षा करने वाले नायकों का सम्मान" है। यह विषय हमें सुरक्षित रखने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालने वाले अग्निशामकों की बहादुरी और समर्पण को पहचानने के महत्व को दर्शाता है। साथ ही यह हमें इन नायकों के लिए किसी भी तरह से अपनी प्रशंसा और समर्थन दिखाने के लिए प्रोत्साहित करता है, चाहे एक साधारण धन्यवाद या हमारे स्थानीय अग्निशमन विभाग को दान के माध्यम से इन नायकों का सम्मान करके उनके द्वारा किए गए बलिदानों और उनके काम के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अलग से चौदह अप्रैल को राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन चौदह अप्रैल एक हज़ार नौ सौ चौंतालीस को मुंबई डॉकयार्ड में एक दुर्भाग्यपूर्ण और बड़े पैमाने पर विस्फोट के दौरान जान गंवाने वाले इकहत्तर अग्निशमन कर्मियों को याद किया जाता है। साथ ही भारत सरकार भी इस दिन निडर अग्निशामकों को सम्मानित करती है। वहीं इस वर्ष राष्ट्रीय अग्निशमन दिवस की थीम अग्नि सुरक्षा सीखो, उत्पादकता बढ़ाओ थी। इस दौरान चौदह अप्रैल से लेकर बीस अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह भी मनाया गया था। BMJ इंजरी प्रिवेंशन जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो हज़ार सत्रह में भारत में आग लगने की सोलह लाख घटनाएं हुईं थी जिनमें सत्ताईस,सत्ताईस लोगों की मौत हुई थी। जबकि पूरी दुनिया में आग लगने की करीब नब्बे लाख घटनाओं में एक. दो लाख लोगों की जान गई थी। यानी विश्व में आग लगने से मरने वाले में हर पांचवा नागरिक भारतीय था। वहीं चीन की बात करें तो दो हज़ार सत्रह में आग लगने की वजह से चीन में दस,आठ सौ छत्तीस लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही यह भी रिपोर्ट में बताया गया है कि जागरूकता के कारण अधिकतर देशों में आग की वजहों से होने वाली मौतों में काफी कमी आई है। भारत में भी एक हज़ार नौ सौ नब्बे से दो हज़ार सत्रह के बीच मौतों की संख्या में करीब तीस प्रतिशत की कमी देखी गई है। तेरह जनवरी दो हज़ार बाईस को जारी स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट दो हज़ार इक्कीस के अनुसार, भारत में नवंबर दो हज़ार बीस से जून दो हज़ार इक्कीस तक जंगलों में तीन सौ पैंतालीस,नौ सौ नवासी आग लगने की सूचना मिली थी। यह इस अवधि के दौरान देश के जंगलों में आग लगने का अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, दो हज़ार अट्ठारह-उन्नीस में इसी समय के दौरान जंगलों में कम से कम दो सौ अट्ठावन,चार सौ अस्सी आग लगने की सूचनाएं मिली थी। भारत में हर साल नवंबर से लेकर मई में विभिन्न प्राकृतिक और मानव जनित कारणों से जंगलों में आग लगती है। दो हज़ार इक्कीस में हुई आग लगने की घटनाएं नवंबर दो हज़ार उन्नीस और जून दो हज़ार बीस के बीच हुई आग की घटनाओं से दो. सात गुना अधिक रही। दो हज़ार चार के बाद से फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने वास्तविक समय में जंगल की आग की निगरानी के लिए फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम विकसित किया। जनवरी दो हज़ार उन्नीस में लॉन्च किए गए अपने उन्नत संस्करण में सिस्टम अब नासा और इसरो से एकत्रित उपग्रह जानकारी का उपयोग करता है। लगभग इक्कीस राज्यों द्वारा केंद्र के समक्ष वनाग्नि निवारण की कार्य योजना दी गई है । इनमें से महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रस्तुत कार्य-योजना को केंद्र सरकार द्वारा सहमति प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग समय समय पर लोगों को आग से बचने के लिए मॉकड्रिल का भी आयोजन देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, सोसायटियों, संस्थाओं में करता है।
राहुल ने अब आखिरकार अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है। बॉम्बे टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में, राहुल ने न केवल अफवाहों को हंसी में उड़ा दिया,स्तव में कागजात नहीं पढ़ता, इसलिए मुझे नहीं पता कि मेरे बारे में क्या लिखा गया है। मैंने अपने निजी जीवन को निजी रखना सीख लिया है और इस बारे में बात नहीं करना चाहता। मैं अभी क्रिकेट के लिए प्रतिबद्ध हूं। " यह पूछे जाने पर कि क्या वह अकेले हैं या नहीं, राहुल ने यह कहते हुए एक रक्षात्मक शॉट खेला, "मैं वास्तव में नहीं जानता। जब मैं यह पता लगाऊंगा, तो मैं आपको फोन करके बता दूंगा। " चर्चाएं थीं कि दोनों काफी समय से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं लेकिन सार्वजनिक तौर पर इनमे से किसी ने भी इस अफेयर को स्वीकारा नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स यह भी बता रही थी कि आकांक्षा विश्व कप के दौरान टीम इंडिया को चीयर करने के लिए इंग्लैंड जाने वाली थीं। हालांकि ऐसा नहीं हो सका लेकिन इसी बीच आकांक्षा ने राहुल के प्रदर्शन पर अपनी नजरें जमाए रखी। दिलचस्प बात तो यह है कि आकांक्षा ने राहुल की फोटो को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी शेयर किया था जिसके बाद उनके अफेयर की अटकलें और लगाई जाने लगीं। केएल राहुल, हालांकि, करण विवाद के साथ काॅफी के बाद वापसी करने के बाद से मैदान पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्व कप से पहले उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब के साथ शानदार प्रदर्शन किया था। चोटिल शिखर धवन की जगह लेने के बाद उन्होंने टूर्नामेंट में दो अर्द्धशतक और एक शतक बनाया। राहुल इस समय वेस्टइंडीज दाैरे पर हैं। भारत पहले ही एकदिवसीय और T20I श्रृंखला जीत चुका है और अब दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला की तैयारी कर रहा है।
राहुल ने अब आखिरकार अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है। बॉम्बे टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में, राहुल ने न केवल अफवाहों को हंसी में उड़ा दिया,स्तव में कागजात नहीं पढ़ता, इसलिए मुझे नहीं पता कि मेरे बारे में क्या लिखा गया है। मैंने अपने निजी जीवन को निजी रखना सीख लिया है और इस बारे में बात नहीं करना चाहता। मैं अभी क्रिकेट के लिए प्रतिबद्ध हूं। " यह पूछे जाने पर कि क्या वह अकेले हैं या नहीं, राहुल ने यह कहते हुए एक रक्षात्मक शॉट खेला, "मैं वास्तव में नहीं जानता। जब मैं यह पता लगाऊंगा, तो मैं आपको फोन करके बता दूंगा। " चर्चाएं थीं कि दोनों काफी समय से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं लेकिन सार्वजनिक तौर पर इनमे से किसी ने भी इस अफेयर को स्वीकारा नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स यह भी बता रही थी कि आकांक्षा विश्व कप के दौरान टीम इंडिया को चीयर करने के लिए इंग्लैंड जाने वाली थीं। हालांकि ऐसा नहीं हो सका लेकिन इसी बीच आकांक्षा ने राहुल के प्रदर्शन पर अपनी नजरें जमाए रखी। दिलचस्प बात तो यह है कि आकांक्षा ने राहुल की फोटो को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी शेयर किया था जिसके बाद उनके अफेयर की अटकलें और लगाई जाने लगीं। केएल राहुल, हालांकि, करण विवाद के साथ काॅफी के बाद वापसी करने के बाद से मैदान पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्व कप से पहले उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब के साथ शानदार प्रदर्शन किया था। चोटिल शिखर धवन की जगह लेने के बाद उन्होंने टूर्नामेंट में दो अर्द्धशतक और एक शतक बनाया। राहुल इस समय वेस्टइंडीज दाैरे पर हैं। भारत पहले ही एकदिवसीय और TबीसI श्रृंखला जीत चुका है और अब दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला की तैयारी कर रहा है।
भाग I "ऐसा होता है, यह जल्द ही गुजर जाएगा . . . " अनातोली एडुआर्डोविच याद करने लगे और उनकी याद में तस्वीर उभरने लगी। वह सोचता हैः क्या यह वास्तव में "Zhitnoye" नहीं है, जो कि रक्षा मंत्रालय में मेरे आने तक केवल घुमावदार सड़कों का नेतृत्व करता था, और फिर अचानक 18 मिलियन रूबल की लागत वाली उत्कृष्ट एस्पलेटेड परिवहन धमनियों का नेतृत्व करना शुरू कर दिया . . . शायद यह "Zhitnoye" है, जहां निकटतम सैन्य इकाई से, कॉन्सेप्ट सैनिकों को लैंडस्केप डिज़ाइन, नवीनतम लॉन के वर्ग किलोमीटर को रोल करने, और पेड़ लगाने के लिए - निशुल्क, निश्चित रूप से . . . के लिए भेजा गया था . . . और यह Zhitnoye नहीं है, जहां दिमित्री एनाटोल ने एक साल के लिए 2011 में आराम किया था an'evich और व्लादिमीर व्लादिमीरोविच, सफेद पतलून और काले चश्मे में, सुंदर नौकाओं के किनारों से चकित मछली। और यहाँ हमने अनातोली सेरड्यूकोव, वकील - श्री पादवा की संक्रामक हँसी सुनी। जब वह हँसा और एक कैम्ब्रिज स्कार्फ के साथ हँसी के साथ उसकी आँखों के कोनों पर दिखाई देने वाले आंसुओं को रगड़ दिया, हेनरिक पावलोविच ने कहाः और आप क्या कर रहे हैं, कृपाण संप्रभु हैं, मेरे मुवक्किल पर शक करते हैं? . . क्या यह संभव है कि वह व्यक्तिगत रूप से एक हरे लॉन को रोल करने के लिए सैनिकों का नेतृत्व कर रहा था? क्या यह संभव है कि सड़क को पक्का कर दिया गया था और इस तरह से रक्षा मंत्रालय के बजट को नुकसान पहुंचा! हां, आपके सभी शुल्क एक जर्जर के लायक नहीं हैं, क्योंकि सड़क अब सैन्य विभाग से संबंधित है, और यह खर्च कर सकता है, यदि वांछित हो, तो खर्चों की प्रतिपूर्ति कर सकता है; और सैनिक - सैनिक क्या हैं? हो सकता है कि वे युद्ध प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से चले गए, घास में लुढ़क गए और आधार के क्षेत्र में लगाए गए पेड़ों की मदद से खुद को भटका दिया। "OboronSirotServis" क्या रूस में अनाथों के लिए एक नया मंत्रालय देखभाल करेगा? रूस में तथाकथित "एंटी-मैग्नेटिक लॉ" की चर्चा करते समय गर्मी की डिग्री कम नहीं होती है। किसी ने इस कानून पर निर्णय लेने वालों की खुलेआम आलोचना की, इस मायने में कि यह अमेरिकी नागरिकों द्वारा रूसी बच्चों को अपनाने पर रोक लगाने के लिए सच्ची निंदा थी। कोई, इसके विपरीत, सोचता है कि निन्दा रूसी अनाथों को विदेश भेजने के लिए है, जिससे यह विचार करना कि समस्या हल हो गई है। सामान्य तौर पर, जुनून उबल रहा है, प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे पर चिल्लाने के लिए तैयार हैं, और यहां तक कि एक-दूसरे के चेहरे को खरोंच कर रहे हैं - उनकी शुद्धता के तेज प्रमाण के लिए। हालांकि, कानून को अपनाया गया था, और इस अवसर पर भाले को तोड़ने के लिए और एक, और दूसरों को पहले से ही कुछ भी। लेकिन रूस में एक पूरे मंत्रालय को बनाने की संभावना के बारे में कई मीडिया आउटलेट्स से जानकारी के संदर्भ में बात करने में देर नहीं हुई है, जो बिना माता-पिता की देखभाल के अनाथ बच्चों और बच्चों की देखभाल करेंगे। ऐसा विचार कथित तौर पर वर्तमान लोकपाल ने देश के राष्ट्रपति पावेल अस्ताखोव के अधिकारों के लिए व्यक्त किया था। नहीं, बच्चों की देखभाल करना, ज़ाहिर है, एक सर्वोपरि बात है। जैसा कि वे कहते हैं, बच्चे हमारे सब कुछ हैं। लेकिन यहां केवल इस तथ्य को शर्मिंदा किया गया है कि "हमारी हर चीज" की देखभाल करने के लिए, केवल एक मंत्रालय या इसी तरह की अन्य संस्था बनाना आवश्यक है। कई पूछेंगेः वास्तव में यहाँ इतना अस्पष्ट क्या है? . . हाँ, किसी भी तरह एक और विभाग बनाने की बहुत संभावना के उल्लेख पर, जिसे इस या उस समस्या को हल करने के लिए सौंपा गया है, तुरंत यह विचार मन में आता है कि, जहां विभाग है, और उनके प्रबंधक, उनके आधा दर्जन से अधिक डिपो, आधा दर्जन डिप्टी डयूटी और आधा दर्जन सलाहकार, डिप्टी डिपो के विशेष प्रतिनिधि और सलाहकारों के सलाहकार . . . और यह सब एक साथ नए बजट खर्च को कहते हैं, और यह सब इस तथ्य के लिए नहीं है कि वे पूरी तरह से रूस का ध्यान रखेंगे। Sgiach अनाथ। इस तरह के एक लेखक के गंदे संदेह और आग्रह, निश्चित रूप से उत्पन्न नहीं हुए होते अगर देश के सभी उपलब्ध मंत्रालय और विभाग एक घड़ी की तरह काम करते और भ्रष्टाचार के घोटालों, धन के दुरुपयोग और साज़िशों द्वारा अधिक छोटे रूप से समय-समय पर हिलाए नहीं जाते। और इसलिए, उस समय, एक निश्चित "OboronSirotService" देश में दिखाई देगा, जिसके नेता के निजी महल में, समय के साथ, वे अचानक "brunettes" के साथ अगले बक्से पर ले जाएंगे, अनाथों के लिए अत्यधिक देखभाल पर ईमानदार और अति-कार्य द्वारा अधिग्रहित। और फिर क्या? सर्गेई शोइगू, बोलो? बेशक, Shoigu एक विकल्प है। लेकिन वह अभी भी दूसरे मोर्चे पर व्यस्त हैं। जॉर्जियाई लोकतंत्र की नई "उपलब्धियां" सप्ताह के दौरान, जॉर्जिया फिर से सोवियत संघ के बाद के स्थान पर एक प्रमुख आकर्षण बन गया। यहां एक बड़ा सेक्स स्कैंडल सामने आया जिसमें उच्च पदस्थ अधिकारियों और विशेष सेवाओं को फंसाया गया। जैसा कि यह पता चला, जॉर्जिया में संसदीय चुनावों से ठीक पहले, जिसमें जीत, जैसा कि आप जानते हैं, बिडज़िना इविनेस्विली के "जॉर्जियाई ड्रीम" द्वारा मनाया गया था, विशेष सेवाओं ने काम किया था, आइए एक विशिष्ट चरित्र कहते हैं। सैन्य पुलिस विभाग के प्रमुख, श्री लेगिस कर्दवा के निर्देश पर, देश में यौन अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधियों की एक तरह की निगरानी की गई। यह पता चला कि ये वही अल्पसंख्यक काकेशस पर्वत की ढलान पर पाए जाते हैं। उनकी खुशी को वीडियो कैमरों पर फिल्माया गया था, जिसके बाद निजी संदर्भ के लिए "नायकों" को सामग्री प्रदान की गई थी। जैसे, दोस्तों, अगर आप त्बिलिसी, कुटैसी और आगे नहीं होना चाहते हैं - हर जगह उन्हें पता है कि आपके लिंग के सदस्यों के लिए आपकी गर्म भावनाएं हैं, तो कृपया - हमारे दुःख में मदद करें - हमारे लिए और मिखाइल निकोलोविच के लिए एक ही समय में काम करें। नहीं, नहीं, आपने गलत समझा . . . जैसा काम आप करते थे, वैसा ही करें, लेकिन विपक्ष के खेमे के प्रमुख लोगों (उस समय, विपक्ष - लेखक के नोट) से परिचित होने का प्रयास करें, और उसके बाद ही आप अपने रास्ते पर चल सकते हैंः इन लोगों से प्यार करो पूर्ण कार्यक्रम के अनुसार . . . और हम आपके मजबूत मर्दाना प्यार को वीडियो पर ले जाएंगे, और, अपने लोगों को "मिटा" रहे हैं, हम आपको दिखाएंगे कि आइवीनिशवी कैंप के पहले डिग्री राजनेताओं के कौन से संपर्क हैं। और जॉर्जियाई विशेष सेवाओं के नवनियुक्त विशेष एजेंटों ने उपयोगी के साथ सुखद को संयोजित करने के लिए भाग लिया . . . संपर्क शुरू हो गया, हाँ क्या! . . कुछ जॉर्जियाई टीवी चैनलों ने भी उनमें से सबसे निर्दोष को दिखाया, 18 / बैज प्रदर्शित करना भूल गया . . . ! " जाहिर है, पूरी तरह से परेशान, जॉर्जिया के वर्तमान राष्ट्रपति ने किसी तरह विपक्षी नेता की अपनी कड़वी गोली को मीठा करने का फैसला किया और राष्ट्रपति के काम से अभिभूत होकर अपने हाथ से एक बड़ी माफी पर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। जॉर्जिया में, यह उम्मीद की गई थी कि केवल एक बार जो लोग साकाश्विली की नीति के खिलाफ बात करते थे, उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन मिखाइल निकोलोजोविच, जैसा कि वे कहते हैं, अपराधियों को मुक्त कर दिया, साथ ही एक्सएनयूएमएक्स की ठंडी गर्मीः एक्सएनयूएमएक्स की ठंडी गर्मी की रीमेक का मंचन किया। Продолжаются потуги молдавских властей по ликвидации истории страны. Запрета на использование советской символики в виде серпа и молота Кишинёву показалось недостаточно, а потому было решено подумать над запретом использования любых геральдических и им подобных символов и объектов, которые не прошли регистрацию Минюста. При этом сразу было не совсем понятно, что именно собираются запрещать власти независимой Молдовы. Но потом в ряде местных изданий появились публикации мнений молдавских оппозиционных политиков, которые суть инициативы разъяснили. Оказывается, официальный Кишинёв «катит бочку» на знамя Победы (даже без серпа и молота), а также на красно-синий стяг с гербом древнего Молдавского княжества. Видите ли, властям страны не нравится, что во многих городах эти знамёна используются при проведении тех или иных праздничных мероприятий. आधिकारिक चिसीनाउ, शायद, अपने राज्य के ध्वज में, एक रंग के रूप में लाल रंग निषिद्ध होगा, लेकिन यहां, आप जानते हैं, रोमानियाई पड़ोसी समर्थन नहीं कर सकते हैं, और इसके अलावा, यूक्रेन सोचेंगे कि मोल्दोवन ने उसका झंडा चुरा लिया और इसे "प्रतीकात्मक चोरी" को छिपाने के लिए खड़ी कर दिया। । एक और प्रभावशाली पहल वर्तमान स्टेट ड्यूमा दीक्षांत समारोह सर्गेई जेलेज़नीक के सबसे सक्रिय deputies में से एक प्रदान करता है। उन्होंने संयुक्त रूस ड्यूमा गुट के कई अन्य कर्तव्यों के साथ मिलकर आधुनिक रूसी मीडिया के नैतिक चरित्र में भाग लेने का फैसला किया। चिंता की बात यह है कि अब हर विशेष रूप से प्रभावशाली व्यक्ति किसी विशेष मीडिया आउटलेट में अश्लील शब्दों की उपस्थिति दर्ज कर सकता है और तुरंत रोस्कोम्नाडज़ोर की ओर रुख कर सकता है, जो शपथ ग्रहण के लिए मीडिया को दंडित करने के सभी उपाय करेगा। भाग II "जब तर्क लंगड़ा होता है, तो मन अपना संतुलन खो देता है" "डोमोस्ट्रॉय", जिसने रूसी गृहिणियों को घर से सावधान, थ्रिफ्ट, सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा रहने के लिए सिखाया (अप करने के लिए "बाहर धोया और बाहर निकाल दिया गया" और झोपड़ी में समाप्त होने के लिए "स्वर्ग और युद्ध में पसंद था"), मालिक को एक बार दिखाई दिया, जैसे ही उसकी पत्नी घर का नेतृत्व करने के पवित्र कर्तव्य से दूर हो गई। पति को न केवल "अपनी पत्नी को किसी भी प्रवचन के साथ दंडित करने" के लिए सक्षम होना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा "सुनता नहीं है और ध्यान नहीं देता है, और एक Boitsa नहीं है," लेकिन "हतोत्साहित" की तुलना में अधिक संवेदनशील दंड भी लागू करता है। पत्नी को आराम करने के लिए, "डोमोस्ट्रॉय" पति को सलाह देता है कि वह रस्सियों को उठा ले और पत्नी को ठीक से बंद कर दे - बंद दरवाजों के पीछे, नौकरों के सामने नहीं। Quilting, आप उसे मौखिक रूप से पढ़ाने की जरूरत है। पत्नी को कान या आंख में "डोमोस्ट्रॉय" देने की सलाह नहीं देता हैः आखिरकार, पत्नी अंधा या बहरा हो सकता है। दिल को मारने और छिद्रित करने की सिफारिश भी नहीं की जाती है। किसी कर्मचारी के साथ जीवनसाथी को थपथपाना या किसी लोहे से छुरा घोंपना अवांछनीय है। कोड़े के रूप में, यह देखभाल के साथ पीटा जाना चाहिए, "यथोचित और दर्दनाक, और भयानक और स्वस्थ। " इससे पहले कि आप धड़कना शुरू करें, आपको अपनी पत्नी से शर्ट उतारना चाहिए। कोड़े के साथ स्ट्रिपिंग कुछ भी नहीं के लिए होना चाहिए, लेकिन केवल भयानक अवज्ञा या उपेक्षा के मामले में। पत्नियों को पालने का थोड़ा अलग परिदृश्य द्वारा विकसित सऊदी अरब और ईरान में रहने वाले आधुनिक इस्लामी लेखक। उदाहरण के लिए, काम "वूमन इन इस्लाम" के लेखक मोहम्मद कमाल मुस्तफा का मानना है कि एक महिला को छड़ी से पीटना बेहतर है - बहुत मोटी नहीं है, क्योंकि मारपीट उसे "शारीरिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पीड़ा" देनी चाहिए। जाहिर है, जीवनसाथी की आध्यात्मिक शिक्षा, शिक्षक द्वारा उस पर किए गए प्रहारों को जितनी जल्दी हो सके, उतनी ही सटीक साबित करेगी। हम क्या हैं? और यह तथ्य कि पुस्तक का लेखक पतियों को "शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर वार करने की सलाह देता हैः चेहरा, छाती, पेट, सिर, और इसी तरह। " यदि हम कल्पना करते हैं कि श्री मोहम्मद कमाल मुस्तफा ने महिला के चेहरे, स्तनों, पेटों को धमकी दी "और इसी तरह" एक रॉड (अच्छी तरह से, सुदृढीकरण का एक टुकड़ा नहीं) के साथ कुछ फेसबुक में एक पृष्ठ है, तो हम यह मान सकते हैं कि उनकी महिला पाठक महिला नहीं हैं। हालांकि, सजा के महिला रूपों के बारे में बहुत नरम राय है। डॉक्टर-सऊदित गाजी अल-शिमरी का दावा है कि आपको किसी महिला को चेहरे से नहीं पीटना चाहिए। यहाँ अन्य स्थानों पर हाँ है। केवल ब्लो लाइट होना चाहिए। जॉर्ज डब्ल्यू बुश, टेक्सास के गवर्नर होने के नाते, एक कानून पारित किया, जिसके अनुसार अपराधी को मौखिक रूप से या लिखित रूप में अपने पीड़ित को आसन्न अपराध के बारे में चेतावनी देनी चाहिए, और प्रतिबद्ध होने से पहले 24 से कम नहीं। चेतावनी में अपराध शुरू होने का वर्णन करना आवश्यक था, अन्यथा अदालत स्वीकार करती है कि आक्रामक परिस्थितियां थीं। डॉ। अल-शिमरी, श्री बुश के शानदार विधायी निर्माणों के अनुसार, यह मानते हैं कि पति को अपनी पत्नी को चाहिए कि वह कितने धमाकों के बारे में आगाह करे जो उसे प्राप्त होने वाला है। यह अरब विशेषज्ञ अपनी पत्नी को टूथब्रश से पीटने के लिए अन्य मामलों में (जाहिरा तौर पर, विशेष रूप से नरम) सलाह देता है। एक प्रगतिशील वैज्ञानिक कांच के बर्तनों के साथ महिलाओं की पिटाई करने की मंजूरी नहीं देता है, जैसे कि प्लेट या पानी की बोतल। वह चाकू से प्रहार करने की सलाह नहीं देता। और यहाँ एक और विशेषज्ञ शिक्षक है। "सेक्स एंड एटिकेट्स इन इस्लाम" पुस्तक के लेखक, कोई जॉर्ज बॉस्केट कहते हैं कि जब एक महिला की पिटाई होती है, तो मुख्य बात यह है कि . . . अपने आप को नहीं काटना। महिलाओं, आप जानते हैं, अलग हैं। लेखक का सुझाव है कि "एक पतली महिला . . . एक बेंत से पीटा, एक खुली हथेली के साथ एक पूर्ण, और एक मुट्ठी के साथ एक मजबूत। " नरकट और मुट्ठी के रूप में, अल-जज़ीरा टीवी चैनल के कर्मचारी, जो साप्ताहिक शरिया और जीवन कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं, सुनिश्चित नहीं हैं। उनका मानना है कि, सामान्य रूप से, शारीरिक हिंसा केवल उस महिला को बढ़ाने के लिए उपयुक्त है जो "इस प्रक्रिया को सामान्य रूप से मानती है। " यदि पत्नी को शारीरिक दंड से अपमानित किया जाता है, तो उसे पीटा नहीं जाना चाहिए। यहाँ यह है। और कौन "इस प्रक्रिया को सामान्य रूप से मानता है"? Masochist? इसके बाद "इस्लाम में महिलाओं की अधीनता पर" गसन आशा नामक पुस्तक के लेखक बने। इस कॉमरेड ने समझाया कि अपनी पत्नी को क्या और कब हराया जाए। शिक्षा की शारीरिक पद्धति उन मामलों में उपयुक्त है जहां पत्नी अपने पति से मिलने से पहले स्मार्ट होने से इंकार करती है, अपने धार्मिक कर्तव्यों की उपेक्षा करती है, बिना अनुमति घर छोड़ देती है और पति की यौन जरूरतों को पूरा नहीं करना चाहती है। यदि नार्वे के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में जारी भयानक प्रवृत्ति, आने वाले वर्षों में, ओस्लो स्कूलों में 2021 वर्ष तक जारी रहेगी, जो विद्यार्थियों को नॉर्वेजियन बोलते हैं, बाहर हो जाएगा एक अप्रत्याशित स्थिति में। पिछले पांच वर्षों में, नॉर्वे में लड़कों और लड़कियों के स्कूलों की संख्या 40 से 58 तक बढ़ गई है। 21 वीं सदी के मोड़ पर, ओस्लो में स्कूली बच्चों के 31% वे थे जिन्हें तब "अल्पसंख्यक" के रूप में परिभाषित किया गया था - वे जिनके लिए नार्वेजियन भाषा मूल नहीं है। एक दशक बाद, उनका हिस्सा बढ़कर 40% हो गया। नॉर्वे में ऐसे स्कूल हैं जहाँ "आगंतुक" छात्रों के 80-90 प्रतिशत बनाते हैं। ओस्लो में आज 16 स्कूल हैं, जहाँ 75 प्रतिशत से अधिक छात्र "अल्पसंख्यक" हैं, और छह स्कूल हैं, जहाँ यह अनुपात 90% से भी अधिक है। नार्वे के पर्यवेक्षकों के अनुसार, आबादी का वास्तविक बहुमत अब देश में है के लिए खाते 18 वर्ष से कम आयु के आप्रवासी। एक और समस्या फिनलैंड में है। यदि पहले नॉर्वेजियन और स्वेदेस के साथ संवाद करने के लिए स्कूलों में स्वीडिश भाषा का गहन अध्ययन किया गया था, तो अब पूर्वी फिनलैंड प्रांत के निवासी रूसी सीखना आवश्यक मानते हैं। रूसियों के साथ शानदार व्यापार करता है, रूसी वोदका पीता है, रूसी पर्यटकों के साथ बात करता है और यहां तक कि खुद पर्यटन पर भी जाता है, और इसलिए उन्हें स्वीडिश की आवश्यकता क्यों है? इसके अलावा, स्वीडिश जल्द ही अप्रचलित हो जाएगाः एक्सएनयूएमएक्स द्वारा, "स्विडेस" और "नॉर्वेजियन" अरबी बोलेंगे। अगर लातवियाई, एस्टोनियाई और लिथुआनियाई फासीवादी मुक्तिदाता के बड़े प्रशंसक हैं, जो मौद्रिक मुआवजे के लिए रूस के कब्जे की ओर रुख कर रहे हैं, तो यूनानियों को एक और परीक्षण से बनाया गया है। उन्होंने अब जर्मनों से धन का अनुरोध किया है। वे कहते हैं कि उन्होंने हमला किया, आक्रमण किया, बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया, दुर्भाग्य का कारण बना, हमारे जैतून खाए, शराब पिया, संतरा खाया, हमारी महिलाओं का इस्तेमाल किया - और अब आपके कारण हमारे पास आर्थिक संकट है, इसलिए भुगतान करना शुरू करें। नहीं, नहीं, आपके पिछले लाखों हमारे हित नहीं करते हैं। चलो अरबों! ग्रीस में 2008 वर्ष में शुरू हुए संकट का कारण, नाजियों के कार्यों में ठीक है, जो जैतून के तेल के मेहनती उत्पादकों के अनुसार है। आखिरकार, फासीवादियों ने सोने के भंडार को देश से बाहर ले गए, और इसके अलावा स्थानीय अधिकारियों को उन्हें एक बड़ा ऋण देने के लिए मजबूर किया। नतीजतन, अगर जर्मनी अब संपन्न हो रहा है, तो यह अपने धन को गरीबों, लूटे गए ग्रीस के कारण देता है, जहां नागरिकों के पास मोलोटोव कॉकटेल के लिए गैस के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। जर्मन पुनर्मिलन के लिए ग्रीक नेशनल काउंसिल के स्टर्न सदस्य अरिस्टोमेनिस सिगेलैकिस गुलाब और объявилबर्लिन को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नष्ट किए गए बुनियादी ढांचे के लिए एथेंस 108 बिलियन यूरो का भुगतान करना होगा। अधिक जर्मनों ने कब्जे के लिए यूनानियों 54 को एक अरब यूरो का भुगतान किया। और ब्याज की गिनती नहीं। सिगलेगाकिस के पास उन्हें गिनने का समय नहीं था। परिषद के एक सदस्य ने स्पष्ट किया कि जर्मनों द्वारा पुरातात्विक मूल्यों के विनाश के लिए मुआवजे की अतिरिक्त मांग थी। और इस सब के बाद, नाजी अपराधों के पीड़ितों के साथ निजी संबंध बनाने का समय आ जाएगा। संक्षेप में, ग्रीस में ऐसा कोई नहीं बचा होगा जो कॉमरेड सिगेलैकिस द्वारा बताई गई वाणी से वंचित हो। जर्मनों को जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए, यूनानियों ने जर्मन अधिकारियों को अपमानित करने के लिए एक अभियान शुरू किया। उद्यमी दिमित्रियोस ट्रायडिस, जर्मनी और ग्रीस के बीच में, लेकिन एथेंस हवाई अड्डे पर जर्मनी में रहना पसंद करते हैं मैंने पाया ओपन वाई-फाई नेटवर्क जिसे "एफ . . . एंजेला मर्केल" कहा जाता है। पूरे एथेंस हवाई अड्डे पर वाई-फाई नेटवर्क मुफ्त में उपलब्ध था। ट्रायडिस वित्तीय सहायता के लिए जर्मनी को आभारी मानते थे। "मेरे दोस्तों में ऐसा कोई नहीं है जो जर्मनी या हमारे चांसलर से नफरत करता हो," वह कहता है, यह भूलकर कि वह दो होमलैंड्स में रहता हैः जर्मनी और ग्रीस, और यह निर्दिष्ट किए बिना कि दोनों देशों में उसके दोस्त किस देश में रहते हैं। जर्मन, जैसा कि ज्ञात है, वास्तव में चांसलर से प्यार करते हैं। लेकिन अन्य पत्रिकाओं के कवर पर यूनानियों ने नाजी वर्दी में एन्जिल्स मर्केल को कपड़े पहनाए। कॉमरेड सिगेलैकिस के रूप में, वह जर्मनों को सलाह दे सकते थे, जो अमेरिकियों और फ्रांसीसी से अपने सोने के भंडार के उचित हिस्से के बारे में हैं, इसे सीधे ग्रीस ले जाने के लिए। चलो धूम्रपान करते हैं, कॉमरेड? उत्तर कोरिया में, गांजा सब कुछ धूम्रपान करता है। इस बंद देश में मेथामफेटामाइन की शूटिंग की जा सकती है, लेकिन सड़कों (यहां तक कि प्योंगयांग) की सड़कों पर भी गांजा ("आईपी टैम्प्स") उग रहा है। आप अक्सर कोरियाई पीपुल्स आर्मी के बहादुर योद्धाओं के काले दांतों में मारिजुआना का रोल कर सकते हैं। वे इसे साधारण तंबाकू पसंद करते हैं। मिसाइल बलों में अफवाहों के अनुसार, विशेष रूप से आम धूम्रपान मारिजुआना। देश के साधारण नागरिक कड़ी मेहनत के दिनों से बचना चाहते हैं। यह समझ में आता हैः यदि कोई रूसी व्यक्ति वोदका की एक बोतल या "स्याही" खरीदता है, तो उत्तर कोरियाई, कारखाने से प्योंगयांग की सड़कों के माध्यम से लौटते हैं, "गुच्छा" चुनना नहीं भूलते हैं। वैसे, रूसियों को आधा लीटर के लिए भुगतान करना पड़ता है, और कोरियाई अक्सर मुफ्त में सामान प्राप्त करते हैं। हालांकि, तह रोल-अपकोरियाई बेहद सावधान है। भगवान न करे, अनजाने में नेता या उसके पिता का चित्र बना ले। कर सकते हैं और एक मोर्टार से दूर शर्मीली। टेक्सास राज्य के एक कांग्रेसी अधिकारी स्टीव स्टॉकमैन ने दूसरे दिन कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति गणतंत्र के मूल सिद्धांतों पर "असंवैधानिक और भद्दा हमला कर रहे हैं" और इसके लिए वह, स्टॉकमैन, एक महाभियोग प्रक्रिया शुरू करते हैं। श्री स्टॉकमैन उन लोगों में से एक हैं जिनके ऊपर यूएसए के राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन की छाया, अमेरिका में मुख्य हथियार लॉबी, अदृश्य रूप से चढ़ता है। वैसे, यह शक्तिशाली, प्रभावशाली और बहुत समृद्ध संगठन है की योजना है शनिवार को खर्च करने के लिए "हथियार के लिए आभार का दिन"। NCA नियमित रूप से लगभग आधे कांग्रेसियों को प्रायोजित करता है, जो गणराज्यों के लिए "हॉक्स" पसंद करते हैं। उदाहरण के लिए, पिछले साल के चुनाव अभियान के दौरान, उसने इन लक्ष्यों पर 20 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए। अपनी "छत" के तहत विभिन्न "सार्वजनिक" संगठनों को जीवित और पनपाते हैं। देश के लगभग सभी राज्यों में NSA के कार्यालय हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं में से एक विरोधी साइट Infowars. com से एलेक्स जोन्स है, जहां वह शौकिया पत्रकार-अलार्मिस्टों के एक समूह की अध्यक्षता करता है, एक चैम्बर गाना बजानेवालों के साथ उन हथियारों को गाता है, फिर दूसरा संशोधन। "हथियार के लिए आभार दिवस" के आयोजक चाहते हैं कि अमेरिकी इस दिन यथासंभव पिस्तौल, राइफल और कारतूस खरीदना चाहते हैं। ओबामा और बिडेन के निरस्त्रीकरण अभियान का सक्रिय रूप से सामना करने वाले, एनएसए के लोग जो खुद को "पिस्तौल के साथ अच्छे लोग" मानते हैं, आक्रामक, बहुत पागल होने के बाद, प्रमुख टेलीविजन चैनलों पर दिसंबर के शो, जनवरी में लोगों के पास गए। बहुत पहले नहीं, ओहियो और टेक्सास में शिक्षकों के लिए निः शुल्क 3- दिन शूटिंग पाठ्यक्रम हुए। उनके आयोजक उन्होंने कहाक्लास का उद्देश्य कनेक्टिकट में दिसंबर 14 पर होने वाली त्रासदियों को रोकना है। ओहियो आग्नेयास्त्र संघ द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों में 900 से अधिक शिक्षकों और अन्य स्कूल कर्मचारियों ने नामांकन किया है। और टेक्सास में, शिक्षकों के लिए चार सौ स्थान पर्याप्त नहीं थे, और आयोजकों को कार्यक्रम का विस्तार करना था। शिक्षकों के साथ सशस्त्र, एनएसए बच्चों को ले गए। उसने आईओएस के लिए एक एप्लिकेशन विकसित किया और जारी किया, जिसका कार्य एक बच्चे को बंदूक चलाना सिखाता है। kiddies अभ्यास करने में सक्षम होगा बेरेटा, ब्राउनिंग और बछेड़ा पिस्तौल, M16, AWM, SVD, MK11 राइफल्स और निश्चित रूप से, कलाश्निकोव हमला राइफल्स के साथ तय और चलते लक्ष्य की शूटिंग। इसी समय, यह मुफ्त कार्यक्रम एनएसए की गतिविधियों का विज्ञापन करता है। नेटवर्क स्टोर "ऐप स्टोर" में, जो iPhone और iPad के लिए प्रोग्राम बेचता है, एप्लिकेशन को + 4 की रेटिंग प्राप्त हुई, अर्थात, कोई "संदिग्ध सामग्री" प्रोग्राम में नहीं मिली, और चार साल की उम्र के बच्चे खिलौना खेल सकते हैं। इस प्रकार, एनएसए उन लोगों की देखभाल को बहुत गंभीरता से लेता है जो निकट भविष्य में इसके हितों को लागू करेंगे। इस बीच, संघ संविधान के अमूल्य द्वितीय संशोधन के रक्षक पर है, अमेरिकी शैक्षिक संस्थानों में आग्नेयास्त्रों का "बोलना" जारी है। संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सप्ताह से थोड़ा अधिक कई खूनी घटनाएं, साथ ही साथ घटनाएं भी थीं। 10 जनवरी 16-वर्षीय छात्र आग लगा दी टाफ्ट के एक स्कूल में एक बन्दूक से। दो घायल हुए; लंबे समय से अंश से गंभीर चोटों वाला एक स्कूली क्लिनिक गया। स्कूल के कर्मचारी अपराधी को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए मनाने में कामयाब रहे। उसी दिन यह ज्ञात हो गया अलबामा स्कूल में घटना के बारे में। वहां, पुलिस ने एक 13-वर्षीय किशोरी को हिरासत में लिया, जिसके बैग में फिजिकल ट्रेनिंग क्लास के दौरान एक लोडेड पिस्तौल और चाकू मिले थे। लड़के ने पुलिस को समझाया कि स्कूल में उसे धमकाया जा रहा था और इसलिए वह एक हथियार लेकर आया था। जनवरी 15 दो लोग मारे गए केंटकी के हजार्ड के परिसर में शाम को हुई शूटिंग के परिणामस्वरूप। एक व्यक्ति घायल हो गया। मंगलवार को सेंट लुइस (मिसौरी) के एक कॉलेज में शूटिंग हुई। एक कॉलेज के छात्र ने इमारत में प्रवेश किया, स्कूल के एक कर्मचारी को घायल कर दिया और फिर खुद को सीने में गोली मार ली। पीड़ित और अपराधी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। अंत में, जनवरी 17 पर, वयस्कों को न्यूयॉर्क के एक स्कूल में पहली-ग्रेडर की नोक पर एक भरी हुई पिस्तौल मिली। हथियार जब्त किया गया था, और लड़का भेजा है आत्मा को बचाने वाली बातचीत के लिए पुलिस को। क्वींस में स्कूल, जिसमें एक सात वर्षीय अपराधी ने भाग लिया था, अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। यह बच्चा, शायद, पहले ही एनएसए से एक खिलौना खेल चुका है। अमेरिका में आगे क्या होगा, जहां एक ओर, ओबामा व्यापार-हथियार प्रतिबंधों के पक्ष में हैं, और दूसरी तरफ, पैरवीकारों द्वारा प्रचार करना मुश्किल है। अलार्मिस्ट आने वाले गृहयुद्ध और टेक्सास की पैरवी, ग्लोबकोव की दुकानों को भरने, अपने पसंदीदा स्लोगन को दोहराने के बारे में जानकारी के छोटे-छोटे टुकड़ों को खंगाल रहे हैंः "यह बंदूकें नहीं हैं जो शूट करते हैं, पुरुष शूटिंग कर रहे हैं" सेल्फ-डिफेंस "या फ़ोल्डर शॉटगन और" ज़िग सॉयर "या एआर-एक्सएनयूएमएक्स की मदद से अपमान का बदला। किसी भी मामले में, यदि तीन सौ मिलियन अमेरिकी चड्डी एक बार में झूठ बोल रही है, तो घर और फ्लैट के लिए "एक्स" के दिन का इंतजार करना होगा, सींग और पैर "विषम" से रहेंगे। वह खुद को नष्ट कर देगा। दूसरे संशोधन की मदद से। "मैंने उससे कहा, उसने कहाः सराय और महिलाओं को ज़ुगंडर में लाया जाएगा! " - फिल्म से ब्रुकबैक के शब्द "बैठक की जगह को बदला नहीं जा सकता"
भाग I "ऐसा होता है, यह जल्द ही गुजर जाएगा . . . " अनातोली एडुआर्डोविच याद करने लगे और उनकी याद में तस्वीर उभरने लगी। वह सोचता हैः क्या यह वास्तव में "Zhitnoye" नहीं है, जो कि रक्षा मंत्रालय में मेरे आने तक केवल घुमावदार सड़कों का नेतृत्व करता था, और फिर अचानक अट्ठारह मिलियन रूबल की लागत वाली उत्कृष्ट एस्पलेटेड परिवहन धमनियों का नेतृत्व करना शुरू कर दिया . . . शायद यह "Zhitnoye" है, जहां निकटतम सैन्य इकाई से, कॉन्सेप्ट सैनिकों को लैंडस्केप डिज़ाइन, नवीनतम लॉन के वर्ग किलोमीटर को रोल करने, और पेड़ लगाने के लिए - निशुल्क, निश्चित रूप से . . . के लिए भेजा गया था . . . और यह Zhitnoye नहीं है, जहां दिमित्री एनाटोल ने एक साल के लिए दो हज़ार ग्यारह में आराम किया था an'evich और व्लादिमीर व्लादिमीरोविच, सफेद पतलून और काले चश्मे में, सुंदर नौकाओं के किनारों से चकित मछली। और यहाँ हमने अनातोली सेरड्यूकोव, वकील - श्री पादवा की संक्रामक हँसी सुनी। जब वह हँसा और एक कैम्ब्रिज स्कार्फ के साथ हँसी के साथ उसकी आँखों के कोनों पर दिखाई देने वाले आंसुओं को रगड़ दिया, हेनरिक पावलोविच ने कहाः और आप क्या कर रहे हैं, कृपाण संप्रभु हैं, मेरे मुवक्किल पर शक करते हैं? . . क्या यह संभव है कि वह व्यक्तिगत रूप से एक हरे लॉन को रोल करने के लिए सैनिकों का नेतृत्व कर रहा था? क्या यह संभव है कि सड़क को पक्का कर दिया गया था और इस तरह से रक्षा मंत्रालय के बजट को नुकसान पहुंचा! हां, आपके सभी शुल्क एक जर्जर के लायक नहीं हैं, क्योंकि सड़क अब सैन्य विभाग से संबंधित है, और यह खर्च कर सकता है, यदि वांछित हो, तो खर्चों की प्रतिपूर्ति कर सकता है; और सैनिक - सैनिक क्या हैं? हो सकता है कि वे युद्ध प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से चले गए, घास में लुढ़क गए और आधार के क्षेत्र में लगाए गए पेड़ों की मदद से खुद को भटका दिया। "OboronSirotServis" क्या रूस में अनाथों के लिए एक नया मंत्रालय देखभाल करेगा? रूस में तथाकथित "एंटी-मैग्नेटिक लॉ" की चर्चा करते समय गर्मी की डिग्री कम नहीं होती है। किसी ने इस कानून पर निर्णय लेने वालों की खुलेआम आलोचना की, इस मायने में कि यह अमेरिकी नागरिकों द्वारा रूसी बच्चों को अपनाने पर रोक लगाने के लिए सच्ची निंदा थी। कोई, इसके विपरीत, सोचता है कि निन्दा रूसी अनाथों को विदेश भेजने के लिए है, जिससे यह विचार करना कि समस्या हल हो गई है। सामान्य तौर पर, जुनून उबल रहा है, प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे पर चिल्लाने के लिए तैयार हैं, और यहां तक कि एक-दूसरे के चेहरे को खरोंच कर रहे हैं - उनकी शुद्धता के तेज प्रमाण के लिए। हालांकि, कानून को अपनाया गया था, और इस अवसर पर भाले को तोड़ने के लिए और एक, और दूसरों को पहले से ही कुछ भी। लेकिन रूस में एक पूरे मंत्रालय को बनाने की संभावना के बारे में कई मीडिया आउटलेट्स से जानकारी के संदर्भ में बात करने में देर नहीं हुई है, जो बिना माता-पिता की देखभाल के अनाथ बच्चों और बच्चों की देखभाल करेंगे। ऐसा विचार कथित तौर पर वर्तमान लोकपाल ने देश के राष्ट्रपति पावेल अस्ताखोव के अधिकारों के लिए व्यक्त किया था। नहीं, बच्चों की देखभाल करना, ज़ाहिर है, एक सर्वोपरि बात है। जैसा कि वे कहते हैं, बच्चे हमारे सब कुछ हैं। लेकिन यहां केवल इस तथ्य को शर्मिंदा किया गया है कि "हमारी हर चीज" की देखभाल करने के लिए, केवल एक मंत्रालय या इसी तरह की अन्य संस्था बनाना आवश्यक है। कई पूछेंगेः वास्तव में यहाँ इतना अस्पष्ट क्या है? . . हाँ, किसी भी तरह एक और विभाग बनाने की बहुत संभावना के उल्लेख पर, जिसे इस या उस समस्या को हल करने के लिए सौंपा गया है, तुरंत यह विचार मन में आता है कि, जहां विभाग है, और उनके प्रबंधक, उनके आधा दर्जन से अधिक डिपो, आधा दर्जन डिप्टी डयूटी और आधा दर्जन सलाहकार, डिप्टी डिपो के विशेष प्रतिनिधि और सलाहकारों के सलाहकार . . . और यह सब एक साथ नए बजट खर्च को कहते हैं, और यह सब इस तथ्य के लिए नहीं है कि वे पूरी तरह से रूस का ध्यान रखेंगे। Sgiach अनाथ। इस तरह के एक लेखक के गंदे संदेह और आग्रह, निश्चित रूप से उत्पन्न नहीं हुए होते अगर देश के सभी उपलब्ध मंत्रालय और विभाग एक घड़ी की तरह काम करते और भ्रष्टाचार के घोटालों, धन के दुरुपयोग और साज़िशों द्वारा अधिक छोटे रूप से समय-समय पर हिलाए नहीं जाते। और इसलिए, उस समय, एक निश्चित "OboronSirotService" देश में दिखाई देगा, जिसके नेता के निजी महल में, समय के साथ, वे अचानक "brunettes" के साथ अगले बक्से पर ले जाएंगे, अनाथों के लिए अत्यधिक देखभाल पर ईमानदार और अति-कार्य द्वारा अधिग्रहित। और फिर क्या? सर्गेई शोइगू, बोलो? बेशक, Shoigu एक विकल्प है। लेकिन वह अभी भी दूसरे मोर्चे पर व्यस्त हैं। जॉर्जियाई लोकतंत्र की नई "उपलब्धियां" सप्ताह के दौरान, जॉर्जिया फिर से सोवियत संघ के बाद के स्थान पर एक प्रमुख आकर्षण बन गया। यहां एक बड़ा सेक्स स्कैंडल सामने आया जिसमें उच्च पदस्थ अधिकारियों और विशेष सेवाओं को फंसाया गया। जैसा कि यह पता चला, जॉर्जिया में संसदीय चुनावों से ठीक पहले, जिसमें जीत, जैसा कि आप जानते हैं, बिडज़िना इविनेस्विली के "जॉर्जियाई ड्रीम" द्वारा मनाया गया था, विशेष सेवाओं ने काम किया था, आइए एक विशिष्ट चरित्र कहते हैं। सैन्य पुलिस विभाग के प्रमुख, श्री लेगिस कर्दवा के निर्देश पर, देश में यौन अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधियों की एक तरह की निगरानी की गई। यह पता चला कि ये वही अल्पसंख्यक काकेशस पर्वत की ढलान पर पाए जाते हैं। उनकी खुशी को वीडियो कैमरों पर फिल्माया गया था, जिसके बाद निजी संदर्भ के लिए "नायकों" को सामग्री प्रदान की गई थी। जैसे, दोस्तों, अगर आप त्बिलिसी, कुटैसी और आगे नहीं होना चाहते हैं - हर जगह उन्हें पता है कि आपके लिंग के सदस्यों के लिए आपकी गर्म भावनाएं हैं, तो कृपया - हमारे दुःख में मदद करें - हमारे लिए और मिखाइल निकोलोविच के लिए एक ही समय में काम करें। नहीं, नहीं, आपने गलत समझा . . . जैसा काम आप करते थे, वैसा ही करें, लेकिन विपक्ष के खेमे के प्रमुख लोगों से परिचित होने का प्रयास करें, और उसके बाद ही आप अपने रास्ते पर चल सकते हैंः इन लोगों से प्यार करो पूर्ण कार्यक्रम के अनुसार . . . और हम आपके मजबूत मर्दाना प्यार को वीडियो पर ले जाएंगे, और, अपने लोगों को "मिटा" रहे हैं, हम आपको दिखाएंगे कि आइवीनिशवी कैंप के पहले डिग्री राजनेताओं के कौन से संपर्क हैं। और जॉर्जियाई विशेष सेवाओं के नवनियुक्त विशेष एजेंटों ने उपयोगी के साथ सुखद को संयोजित करने के लिए भाग लिया . . . संपर्क शुरू हो गया, हाँ क्या! . . कुछ जॉर्जियाई टीवी चैनलों ने भी उनमें से सबसे निर्दोष को दिखाया, अट्ठारह / बैज प्रदर्शित करना भूल गया . . . ! " जाहिर है, पूरी तरह से परेशान, जॉर्जिया के वर्तमान राष्ट्रपति ने किसी तरह विपक्षी नेता की अपनी कड़वी गोली को मीठा करने का फैसला किया और राष्ट्रपति के काम से अभिभूत होकर अपने हाथ से एक बड़ी माफी पर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। जॉर्जिया में, यह उम्मीद की गई थी कि केवल एक बार जो लोग साकाश्विली की नीति के खिलाफ बात करते थे, उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन मिखाइल निकोलोजोविच, जैसा कि वे कहते हैं, अपराधियों को मुक्त कर दिया, साथ ही एक्सएनयूएमएक्स की ठंडी गर्मीः एक्सएनयूएमएक्स की ठंडी गर्मी की रीमेक का मंचन किया। Продолжаются потуги молдавских властей по ликвидации истории страны. Запрета на использование советской символики в виде серпа и молота Кишинёву показалось недостаточно, а потому было решено подумать над запретом использования любых геральдических и им подобных символов и объектов, которые не прошли регистрацию Минюста. При этом сразу было не совсем понятно, что именно собираются запрещать власти независимой Молдовы. Но потом в ряде местных изданий появились публикации мнений молдавских оппозиционных политиков, которые суть инициативы разъяснили. Оказывается, официальный Кишинёв «катит бочку» на знамя Победы , а также на красно-синий стяг с гербом древнего Молдавского княжества. Видите ли, властям страны не нравится, что во многих городах эти знамёна используются при проведении тех или иных праздничных мероприятий. आधिकारिक चिसीनाउ, शायद, अपने राज्य के ध्वज में, एक रंग के रूप में लाल रंग निषिद्ध होगा, लेकिन यहां, आप जानते हैं, रोमानियाई पड़ोसी समर्थन नहीं कर सकते हैं, और इसके अलावा, यूक्रेन सोचेंगे कि मोल्दोवन ने उसका झंडा चुरा लिया और इसे "प्रतीकात्मक चोरी" को छिपाने के लिए खड़ी कर दिया। । एक और प्रभावशाली पहल वर्तमान स्टेट ड्यूमा दीक्षांत समारोह सर्गेई जेलेज़नीक के सबसे सक्रिय deputies में से एक प्रदान करता है। उन्होंने संयुक्त रूस ड्यूमा गुट के कई अन्य कर्तव्यों के साथ मिलकर आधुनिक रूसी मीडिया के नैतिक चरित्र में भाग लेने का फैसला किया। चिंता की बात यह है कि अब हर विशेष रूप से प्रभावशाली व्यक्ति किसी विशेष मीडिया आउटलेट में अश्लील शब्दों की उपस्थिति दर्ज कर सकता है और तुरंत रोस्कोम्नाडज़ोर की ओर रुख कर सकता है, जो शपथ ग्रहण के लिए मीडिया को दंडित करने के सभी उपाय करेगा। भाग II "जब तर्क लंगड़ा होता है, तो मन अपना संतुलन खो देता है" "डोमोस्ट्रॉय", जिसने रूसी गृहिणियों को घर से सावधान, थ्रिफ्ट, सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा रहने के लिए सिखाया , मालिक को एक बार दिखाई दिया, जैसे ही उसकी पत्नी घर का नेतृत्व करने के पवित्र कर्तव्य से दूर हो गई। पति को न केवल "अपनी पत्नी को किसी भी प्रवचन के साथ दंडित करने" के लिए सक्षम होना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा "सुनता नहीं है और ध्यान नहीं देता है, और एक Boitsa नहीं है," लेकिन "हतोत्साहित" की तुलना में अधिक संवेदनशील दंड भी लागू करता है। पत्नी को आराम करने के लिए, "डोमोस्ट्रॉय" पति को सलाह देता है कि वह रस्सियों को उठा ले और पत्नी को ठीक से बंद कर दे - बंद दरवाजों के पीछे, नौकरों के सामने नहीं। Quilting, आप उसे मौखिक रूप से पढ़ाने की जरूरत है। पत्नी को कान या आंख में "डोमोस्ट्रॉय" देने की सलाह नहीं देता हैः आखिरकार, पत्नी अंधा या बहरा हो सकता है। दिल को मारने और छिद्रित करने की सिफारिश भी नहीं की जाती है। किसी कर्मचारी के साथ जीवनसाथी को थपथपाना या किसी लोहे से छुरा घोंपना अवांछनीय है। कोड़े के रूप में, यह देखभाल के साथ पीटा जाना चाहिए, "यथोचित और दर्दनाक, और भयानक और स्वस्थ। " इससे पहले कि आप धड़कना शुरू करें, आपको अपनी पत्नी से शर्ट उतारना चाहिए। कोड़े के साथ स्ट्रिपिंग कुछ भी नहीं के लिए होना चाहिए, लेकिन केवल भयानक अवज्ञा या उपेक्षा के मामले में। पत्नियों को पालने का थोड़ा अलग परिदृश्य द्वारा विकसित सऊदी अरब और ईरान में रहने वाले आधुनिक इस्लामी लेखक। उदाहरण के लिए, काम "वूमन इन इस्लाम" के लेखक मोहम्मद कमाल मुस्तफा का मानना है कि एक महिला को छड़ी से पीटना बेहतर है - बहुत मोटी नहीं है, क्योंकि मारपीट उसे "शारीरिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पीड़ा" देनी चाहिए। जाहिर है, जीवनसाथी की आध्यात्मिक शिक्षा, शिक्षक द्वारा उस पर किए गए प्रहारों को जितनी जल्दी हो सके, उतनी ही सटीक साबित करेगी। हम क्या हैं? और यह तथ्य कि पुस्तक का लेखक पतियों को "शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर वार करने की सलाह देता हैः चेहरा, छाती, पेट, सिर, और इसी तरह। " यदि हम कल्पना करते हैं कि श्री मोहम्मद कमाल मुस्तफा ने महिला के चेहरे, स्तनों, पेटों को धमकी दी "और इसी तरह" एक रॉड के साथ कुछ फेसबुक में एक पृष्ठ है, तो हम यह मान सकते हैं कि उनकी महिला पाठक महिला नहीं हैं। हालांकि, सजा के महिला रूपों के बारे में बहुत नरम राय है। डॉक्टर-सऊदित गाजी अल-शिमरी का दावा है कि आपको किसी महिला को चेहरे से नहीं पीटना चाहिए। यहाँ अन्य स्थानों पर हाँ है। केवल ब्लो लाइट होना चाहिए। जॉर्ज डब्ल्यू बुश, टेक्सास के गवर्नर होने के नाते, एक कानून पारित किया, जिसके अनुसार अपराधी को मौखिक रूप से या लिखित रूप में अपने पीड़ित को आसन्न अपराध के बारे में चेतावनी देनी चाहिए, और प्रतिबद्ध होने से पहले चौबीस से कम नहीं। चेतावनी में अपराध शुरू होने का वर्णन करना आवश्यक था, अन्यथा अदालत स्वीकार करती है कि आक्रामक परिस्थितियां थीं। डॉ। अल-शिमरी, श्री बुश के शानदार विधायी निर्माणों के अनुसार, यह मानते हैं कि पति को अपनी पत्नी को चाहिए कि वह कितने धमाकों के बारे में आगाह करे जो उसे प्राप्त होने वाला है। यह अरब विशेषज्ञ अपनी पत्नी को टूथब्रश से पीटने के लिए अन्य मामलों में सलाह देता है। एक प्रगतिशील वैज्ञानिक कांच के बर्तनों के साथ महिलाओं की पिटाई करने की मंजूरी नहीं देता है, जैसे कि प्लेट या पानी की बोतल। वह चाकू से प्रहार करने की सलाह नहीं देता। और यहाँ एक और विशेषज्ञ शिक्षक है। "सेक्स एंड एटिकेट्स इन इस्लाम" पुस्तक के लेखक, कोई जॉर्ज बॉस्केट कहते हैं कि जब एक महिला की पिटाई होती है, तो मुख्य बात यह है कि . . . अपने आप को नहीं काटना। महिलाओं, आप जानते हैं, अलग हैं। लेखक का सुझाव है कि "एक पतली महिला . . . एक बेंत से पीटा, एक खुली हथेली के साथ एक पूर्ण, और एक मुट्ठी के साथ एक मजबूत। " नरकट और मुट्ठी के रूप में, अल-जज़ीरा टीवी चैनल के कर्मचारी, जो साप्ताहिक शरिया और जीवन कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं, सुनिश्चित नहीं हैं। उनका मानना है कि, सामान्य रूप से, शारीरिक हिंसा केवल उस महिला को बढ़ाने के लिए उपयुक्त है जो "इस प्रक्रिया को सामान्य रूप से मानती है। " यदि पत्नी को शारीरिक दंड से अपमानित किया जाता है, तो उसे पीटा नहीं जाना चाहिए। यहाँ यह है। और कौन "इस प्रक्रिया को सामान्य रूप से मानता है"? Masochist? इसके बाद "इस्लाम में महिलाओं की अधीनता पर" गसन आशा नामक पुस्तक के लेखक बने। इस कॉमरेड ने समझाया कि अपनी पत्नी को क्या और कब हराया जाए। शिक्षा की शारीरिक पद्धति उन मामलों में उपयुक्त है जहां पत्नी अपने पति से मिलने से पहले स्मार्ट होने से इंकार करती है, अपने धार्मिक कर्तव्यों की उपेक्षा करती है, बिना अनुमति घर छोड़ देती है और पति की यौन जरूरतों को पूरा नहीं करना चाहती है। यदि नार्वे के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में जारी भयानक प्रवृत्ति, आने वाले वर्षों में, ओस्लो स्कूलों में दो हज़ार इक्कीस वर्ष तक जारी रहेगी, जो विद्यार्थियों को नॉर्वेजियन बोलते हैं, बाहर हो जाएगा एक अप्रत्याशित स्थिति में। पिछले पांच वर्षों में, नॉर्वे में लड़कों और लड़कियों के स्कूलों की संख्या चालीस से अट्ठावन तक बढ़ गई है। इक्कीस वीं सदी के मोड़ पर, ओस्लो में स्कूली बच्चों के इकतीस% वे थे जिन्हें तब "अल्पसंख्यक" के रूप में परिभाषित किया गया था - वे जिनके लिए नार्वेजियन भाषा मूल नहीं है। एक दशक बाद, उनका हिस्सा बढ़कर चालीस% हो गया। नॉर्वे में ऐसे स्कूल हैं जहाँ "आगंतुक" छात्रों के अस्सी-नब्बे प्रतिशत बनाते हैं। ओस्लो में आज सोलह स्कूल हैं, जहाँ पचहत्तर प्रतिशत से अधिक छात्र "अल्पसंख्यक" हैं, और छह स्कूल हैं, जहाँ यह अनुपात नब्बे% से भी अधिक है। नार्वे के पर्यवेक्षकों के अनुसार, आबादी का वास्तविक बहुमत अब देश में है के लिए खाते अट्ठारह वर्ष से कम आयु के आप्रवासी। एक और समस्या फिनलैंड में है। यदि पहले नॉर्वेजियन और स्वेदेस के साथ संवाद करने के लिए स्कूलों में स्वीडिश भाषा का गहन अध्ययन किया गया था, तो अब पूर्वी फिनलैंड प्रांत के निवासी रूसी सीखना आवश्यक मानते हैं। रूसियों के साथ शानदार व्यापार करता है, रूसी वोदका पीता है, रूसी पर्यटकों के साथ बात करता है और यहां तक कि खुद पर्यटन पर भी जाता है, और इसलिए उन्हें स्वीडिश की आवश्यकता क्यों है? इसके अलावा, स्वीडिश जल्द ही अप्रचलित हो जाएगाः एक्सएनयूएमएक्स द्वारा, "स्विडेस" और "नॉर्वेजियन" अरबी बोलेंगे। अगर लातवियाई, एस्टोनियाई और लिथुआनियाई फासीवादी मुक्तिदाता के बड़े प्रशंसक हैं, जो मौद्रिक मुआवजे के लिए रूस के कब्जे की ओर रुख कर रहे हैं, तो यूनानियों को एक और परीक्षण से बनाया गया है। उन्होंने अब जर्मनों से धन का अनुरोध किया है। वे कहते हैं कि उन्होंने हमला किया, आक्रमण किया, बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया, दुर्भाग्य का कारण बना, हमारे जैतून खाए, शराब पिया, संतरा खाया, हमारी महिलाओं का इस्तेमाल किया - और अब आपके कारण हमारे पास आर्थिक संकट है, इसलिए भुगतान करना शुरू करें। नहीं, नहीं, आपके पिछले लाखों हमारे हित नहीं करते हैं। चलो अरबों! ग्रीस में दो हज़ार आठ वर्ष में शुरू हुए संकट का कारण, नाजियों के कार्यों में ठीक है, जो जैतून के तेल के मेहनती उत्पादकों के अनुसार है। आखिरकार, फासीवादियों ने सोने के भंडार को देश से बाहर ले गए, और इसके अलावा स्थानीय अधिकारियों को उन्हें एक बड़ा ऋण देने के लिए मजबूर किया। नतीजतन, अगर जर्मनी अब संपन्न हो रहा है, तो यह अपने धन को गरीबों, लूटे गए ग्रीस के कारण देता है, जहां नागरिकों के पास मोलोटोव कॉकटेल के लिए गैस के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। जर्मन पुनर्मिलन के लिए ग्रीक नेशनल काउंसिल के स्टर्न सदस्य अरिस्टोमेनिस सिगेलैकिस गुलाब और объявилबर्लिन को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नष्ट किए गए बुनियादी ढांचे के लिए एथेंस एक सौ आठ बिलियन यूरो का भुगतान करना होगा। अधिक जर्मनों ने कब्जे के लिए यूनानियों चौवन को एक अरब यूरो का भुगतान किया। और ब्याज की गिनती नहीं। सिगलेगाकिस के पास उन्हें गिनने का समय नहीं था। परिषद के एक सदस्य ने स्पष्ट किया कि जर्मनों द्वारा पुरातात्विक मूल्यों के विनाश के लिए मुआवजे की अतिरिक्त मांग थी। और इस सब के बाद, नाजी अपराधों के पीड़ितों के साथ निजी संबंध बनाने का समय आ जाएगा। संक्षेप में, ग्रीस में ऐसा कोई नहीं बचा होगा जो कॉमरेड सिगेलैकिस द्वारा बताई गई वाणी से वंचित हो। जर्मनों को जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए, यूनानियों ने जर्मन अधिकारियों को अपमानित करने के लिए एक अभियान शुरू किया। उद्यमी दिमित्रियोस ट्रायडिस, जर्मनी और ग्रीस के बीच में, लेकिन एथेंस हवाई अड्डे पर जर्मनी में रहना पसंद करते हैं मैंने पाया ओपन वाई-फाई नेटवर्क जिसे "एफ . . . एंजेला मर्केल" कहा जाता है। पूरे एथेंस हवाई अड्डे पर वाई-फाई नेटवर्क मुफ्त में उपलब्ध था। ट्रायडिस वित्तीय सहायता के लिए जर्मनी को आभारी मानते थे। "मेरे दोस्तों में ऐसा कोई नहीं है जो जर्मनी या हमारे चांसलर से नफरत करता हो," वह कहता है, यह भूलकर कि वह दो होमलैंड्स में रहता हैः जर्मनी और ग्रीस, और यह निर्दिष्ट किए बिना कि दोनों देशों में उसके दोस्त किस देश में रहते हैं। जर्मन, जैसा कि ज्ञात है, वास्तव में चांसलर से प्यार करते हैं। लेकिन अन्य पत्रिकाओं के कवर पर यूनानियों ने नाजी वर्दी में एन्जिल्स मर्केल को कपड़े पहनाए। कॉमरेड सिगेलैकिस के रूप में, वह जर्मनों को सलाह दे सकते थे, जो अमेरिकियों और फ्रांसीसी से अपने सोने के भंडार के उचित हिस्से के बारे में हैं, इसे सीधे ग्रीस ले जाने के लिए। चलो धूम्रपान करते हैं, कॉमरेड? उत्तर कोरिया में, गांजा सब कुछ धूम्रपान करता है। इस बंद देश में मेथामफेटामाइन की शूटिंग की जा सकती है, लेकिन सड़कों की सड़कों पर भी गांजा उग रहा है। आप अक्सर कोरियाई पीपुल्स आर्मी के बहादुर योद्धाओं के काले दांतों में मारिजुआना का रोल कर सकते हैं। वे इसे साधारण तंबाकू पसंद करते हैं। मिसाइल बलों में अफवाहों के अनुसार, विशेष रूप से आम धूम्रपान मारिजुआना। देश के साधारण नागरिक कड़ी मेहनत के दिनों से बचना चाहते हैं। यह समझ में आता हैः यदि कोई रूसी व्यक्ति वोदका की एक बोतल या "स्याही" खरीदता है, तो उत्तर कोरियाई, कारखाने से प्योंगयांग की सड़कों के माध्यम से लौटते हैं, "गुच्छा" चुनना नहीं भूलते हैं। वैसे, रूसियों को आधा लीटर के लिए भुगतान करना पड़ता है, और कोरियाई अक्सर मुफ्त में सामान प्राप्त करते हैं। हालांकि, तह रोल-अपकोरियाई बेहद सावधान है। भगवान न करे, अनजाने में नेता या उसके पिता का चित्र बना ले। कर सकते हैं और एक मोर्टार से दूर शर्मीली। टेक्सास राज्य के एक कांग्रेसी अधिकारी स्टीव स्टॉकमैन ने दूसरे दिन कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति गणतंत्र के मूल सिद्धांतों पर "असंवैधानिक और भद्दा हमला कर रहे हैं" और इसके लिए वह, स्टॉकमैन, एक महाभियोग प्रक्रिया शुरू करते हैं। श्री स्टॉकमैन उन लोगों में से एक हैं जिनके ऊपर यूएसए के राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन की छाया, अमेरिका में मुख्य हथियार लॉबी, अदृश्य रूप से चढ़ता है। वैसे, यह शक्तिशाली, प्रभावशाली और बहुत समृद्ध संगठन है की योजना है शनिवार को खर्च करने के लिए "हथियार के लिए आभार का दिन"। NCA नियमित रूप से लगभग आधे कांग्रेसियों को प्रायोजित करता है, जो गणराज्यों के लिए "हॉक्स" पसंद करते हैं। उदाहरण के लिए, पिछले साल के चुनाव अभियान के दौरान, उसने इन लक्ष्यों पर बीस मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए। अपनी "छत" के तहत विभिन्न "सार्वजनिक" संगठनों को जीवित और पनपाते हैं। देश के लगभग सभी राज्यों में NSA के कार्यालय हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं में से एक विरोधी साइट Infowars. com से एलेक्स जोन्स है, जहां वह शौकिया पत्रकार-अलार्मिस्टों के एक समूह की अध्यक्षता करता है, एक चैम्बर गाना बजानेवालों के साथ उन हथियारों को गाता है, फिर दूसरा संशोधन। "हथियार के लिए आभार दिवस" के आयोजक चाहते हैं कि अमेरिकी इस दिन यथासंभव पिस्तौल, राइफल और कारतूस खरीदना चाहते हैं। ओबामा और बिडेन के निरस्त्रीकरण अभियान का सक्रिय रूप से सामना करने वाले, एनएसए के लोग जो खुद को "पिस्तौल के साथ अच्छे लोग" मानते हैं, आक्रामक, बहुत पागल होने के बाद, प्रमुख टेलीविजन चैनलों पर दिसंबर के शो, जनवरी में लोगों के पास गए। बहुत पहले नहीं, ओहियो और टेक्सास में शिक्षकों के लिए निः शुल्क तीन- दिन शूटिंग पाठ्यक्रम हुए। उनके आयोजक उन्होंने कहाक्लास का उद्देश्य कनेक्टिकट में दिसंबर चौदह पर होने वाली त्रासदियों को रोकना है। ओहियो आग्नेयास्त्र संघ द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों में नौ सौ से अधिक शिक्षकों और अन्य स्कूल कर्मचारियों ने नामांकन किया है। और टेक्सास में, शिक्षकों के लिए चार सौ स्थान पर्याप्त नहीं थे, और आयोजकों को कार्यक्रम का विस्तार करना था। शिक्षकों के साथ सशस्त्र, एनएसए बच्चों को ले गए। उसने आईओएस के लिए एक एप्लिकेशन विकसित किया और जारी किया, जिसका कार्य एक बच्चे को बंदूक चलाना सिखाता है। kiddies अभ्यास करने में सक्षम होगा बेरेटा, ब्राउनिंग और बछेड़ा पिस्तौल, Mसोलह, AWM, SVD, MKग्यारह राइफल्स और निश्चित रूप से, कलाश्निकोव हमला राइफल्स के साथ तय और चलते लक्ष्य की शूटिंग। इसी समय, यह मुफ्त कार्यक्रम एनएसए की गतिविधियों का विज्ञापन करता है। नेटवर्क स्टोर "ऐप स्टोर" में, जो iPhone और iPad के लिए प्रोग्राम बेचता है, एप्लिकेशन को + चार की रेटिंग प्राप्त हुई, अर्थात, कोई "संदिग्ध सामग्री" प्रोग्राम में नहीं मिली, और चार साल की उम्र के बच्चे खिलौना खेल सकते हैं। इस प्रकार, एनएसए उन लोगों की देखभाल को बहुत गंभीरता से लेता है जो निकट भविष्य में इसके हितों को लागू करेंगे। इस बीच, संघ संविधान के अमूल्य द्वितीय संशोधन के रक्षक पर है, अमेरिकी शैक्षिक संस्थानों में आग्नेयास्त्रों का "बोलना" जारी है। संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सप्ताह से थोड़ा अधिक कई खूनी घटनाएं, साथ ही साथ घटनाएं भी थीं। दस जनवरी सोलह-वर्षीय छात्र आग लगा दी टाफ्ट के एक स्कूल में एक बन्दूक से। दो घायल हुए; लंबे समय से अंश से गंभीर चोटों वाला एक स्कूली क्लिनिक गया। स्कूल के कर्मचारी अपराधी को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए मनाने में कामयाब रहे। उसी दिन यह ज्ञात हो गया अलबामा स्कूल में घटना के बारे में। वहां, पुलिस ने एक तेरह-वर्षीय किशोरी को हिरासत में लिया, जिसके बैग में फिजिकल ट्रेनिंग क्लास के दौरान एक लोडेड पिस्तौल और चाकू मिले थे। लड़के ने पुलिस को समझाया कि स्कूल में उसे धमकाया जा रहा था और इसलिए वह एक हथियार लेकर आया था। जनवरी पंद्रह दो लोग मारे गए केंटकी के हजार्ड के परिसर में शाम को हुई शूटिंग के परिणामस्वरूप। एक व्यक्ति घायल हो गया। मंगलवार को सेंट लुइस के एक कॉलेज में शूटिंग हुई। एक कॉलेज के छात्र ने इमारत में प्रवेश किया, स्कूल के एक कर्मचारी को घायल कर दिया और फिर खुद को सीने में गोली मार ली। पीड़ित और अपराधी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। अंत में, जनवरी सत्रह पर, वयस्कों को न्यूयॉर्क के एक स्कूल में पहली-ग्रेडर की नोक पर एक भरी हुई पिस्तौल मिली। हथियार जब्त किया गया था, और लड़का भेजा है आत्मा को बचाने वाली बातचीत के लिए पुलिस को। क्वींस में स्कूल, जिसमें एक सात वर्षीय अपराधी ने भाग लिया था, अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। यह बच्चा, शायद, पहले ही एनएसए से एक खिलौना खेल चुका है। अमेरिका में आगे क्या होगा, जहां एक ओर, ओबामा व्यापार-हथियार प्रतिबंधों के पक्ष में हैं, और दूसरी तरफ, पैरवीकारों द्वारा प्रचार करना मुश्किल है। अलार्मिस्ट आने वाले गृहयुद्ध और टेक्सास की पैरवी, ग्लोबकोव की दुकानों को भरने, अपने पसंदीदा स्लोगन को दोहराने के बारे में जानकारी के छोटे-छोटे टुकड़ों को खंगाल रहे हैंः "यह बंदूकें नहीं हैं जो शूट करते हैं, पुरुष शूटिंग कर रहे हैं" सेल्फ-डिफेंस "या फ़ोल्डर शॉटगन और" ज़िग सॉयर "या एआर-एक्सएनयूएमएक्स की मदद से अपमान का बदला। किसी भी मामले में, यदि तीन सौ मिलियन अमेरिकी चड्डी एक बार में झूठ बोल रही है, तो घर और फ्लैट के लिए "एक्स" के दिन का इंतजार करना होगा, सींग और पैर "विषम" से रहेंगे। वह खुद को नष्ट कर देगा। दूसरे संशोधन की मदद से। "मैंने उससे कहा, उसने कहाः सराय और महिलाओं को ज़ुगंडर में लाया जाएगा! " - फिल्म से ब्रुकबैक के शब्द "बैठक की जगह को बदला नहीं जा सकता"
नई दिल्ली। बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की रैली में मानव बम के संभावित हमले के मद्देनजर इंटेलिजेंस ब्यूरो ने विशेष अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कहा गया है कि वर्ष 1991 में जिस तरह लिट्टे ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी उसी तरह मोदी को निशाना बनाया जा सकता है। इस अलर्ट में अतांकियों के मूवमेंट पर कुछ जानकारी भी हैं। आकलन के आधार पर राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, मुलायम सिंह यादव, लाल कृष्ण आडवाणी और कुछ अन्य नेताओं को खतरे की वजह से भी अतिरिक्त सतर्कता और सुरक्षा बरतने की सलाह दी गई है। आईबी की इस विशिष्ट अलर्ट में कहा गया है कि मोदी को गोली नहीं मारी जाएगी बल्कि छद्म समर्थक मानव बम उन्हें निशाना बना सकता है। इस अलर्ट के मुताबिक वाराणसी और वडोदरा में मोदी पर हमला हो सकता है। गौर हो कि जब मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था तब भी उन पर हमले की आशंका को लेकर पहली बार रेड अलर्ट जारी किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एजेंसियां सोशल नेटवर्किग साइटों से लिए गए संदेशों पर काम कर रही है। ये संदेश चुनावी घोषणाओं से मेल खाते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा,इंडियन मुजाहिदीन और सिमी के पूर्व कैडर्स के चलायमान सदस्यों को ट्रैक करने में जुटी है। इंडियन मुजाहिदीन के सह संस्थापक यासिन भटकल से हुई पूछताछ के दौरान एनआईए को मोदी पर हमले की साजिश की जानकारी मिली।
नई दिल्ली। बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की रैली में मानव बम के संभावित हमले के मद्देनजर इंटेलिजेंस ब्यूरो ने विशेष अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कहा गया है कि वर्ष एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में जिस तरह लिट्टे ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी उसी तरह मोदी को निशाना बनाया जा सकता है। इस अलर्ट में अतांकियों के मूवमेंट पर कुछ जानकारी भी हैं। आकलन के आधार पर राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, मुलायम सिंह यादव, लाल कृष्ण आडवाणी और कुछ अन्य नेताओं को खतरे की वजह से भी अतिरिक्त सतर्कता और सुरक्षा बरतने की सलाह दी गई है। आईबी की इस विशिष्ट अलर्ट में कहा गया है कि मोदी को गोली नहीं मारी जाएगी बल्कि छद्म समर्थक मानव बम उन्हें निशाना बना सकता है। इस अलर्ट के मुताबिक वाराणसी और वडोदरा में मोदी पर हमला हो सकता है। गौर हो कि जब मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था तब भी उन पर हमले की आशंका को लेकर पहली बार रेड अलर्ट जारी किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एजेंसियां सोशल नेटवर्किग साइटों से लिए गए संदेशों पर काम कर रही है। ये संदेश चुनावी घोषणाओं से मेल खाते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा,इंडियन मुजाहिदीन और सिमी के पूर्व कैडर्स के चलायमान सदस्यों को ट्रैक करने में जुटी है। इंडियन मुजाहिदीन के सह संस्थापक यासिन भटकल से हुई पूछताछ के दौरान एनआईए को मोदी पर हमले की साजिश की जानकारी मिली।
मनदीप बंसल और शादीशुदा कर्मजीत कौर अच्छे दोस्त तो थे ही, दोनों के बीच अच्छाखासा रोमांटिक अफेयर भी था. कर्मजीत कौर 2 ऐसी नावों पर सवार थी, जिन में छेद थे. ऐसे में डूबना गारंटी होता है. और यही बात मनदीप पर भी लागू थी. आर्किटेक्ट मनदीप बंसल उर्फ मिंटी मशहूर बिल्डर था. वह ठेके पर बड़ीबड़ी बिल्डिंग बनाने के साथसाथ प्लौट खरीद कर उन पर कोठियां बना कर बेच देता था. इस काम में उसे अच्छाखासा मुनाफा हो जाता था. सिविल इंजीनियर मनदीप को भवन निर्माण का बड़ा तजुर्बा था. लुधियाना शहर में उस की गिनती बड़े बिल्डरों में होती थी. हालांकि उस के पिता सुरिंदर सिंह कपड़े के व्यापारी थे, पर मिंटी ने भवन निर्माण के क्षेत्र में काफी नाम कमाया था. मनदीप 3 भाईबहन थे. सब से बड़े थे सुरजीत सिंह बंसल, जो कपड़े का व्यापार करते थे. दूसरे नंबर पर मनदीप था और सब से छोटी बहन थी रवनीत कौर. सुरजीत को छोड़ कर मनदीप और रवनीत अभी अविवाहित थे. लगभग 2 साल पहले बंसल परिवार गुरु अंगतदेव नगर में रहता था. फिर अचानक उन्हें वह घर छोड़ कर खन्ना एन्क्लेव, धांदरा रोड पर किराए की एक कोठी में रहना पड़ा. बंसल परिवार के गुरु अंगतदेव नगर छोड़ने के पीछे की भी एक अहम कहानी है, जिस ने आगे चल कर एक बहुत बड़े अपराध को जन्म दिया था. बहरहाल, खन्ना एन्क्लेव में रहते हुए बंसल बंधुओं ने लुधियाना के ही शहीद भगत सिंह नगर में एक प्लौट खरीद कर उस पर एक विशाल कोठी का निर्माण करवाया, जो लगभग पूरा हो चुका था. मुहूर्त के अनुसार उन्हें दिनांक 14 अक्तूबर, 2018 को नई कोठी में गृहप्रवेश करना था. इस के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. उन्होंने घर का सारा सामान भी बांध लिया था.
मनदीप बंसल और शादीशुदा कर्मजीत कौर अच्छे दोस्त तो थे ही, दोनों के बीच अच्छाखासा रोमांटिक अफेयर भी था. कर्मजीत कौर दो ऐसी नावों पर सवार थी, जिन में छेद थे. ऐसे में डूबना गारंटी होता है. और यही बात मनदीप पर भी लागू थी. आर्किटेक्ट मनदीप बंसल उर्फ मिंटी मशहूर बिल्डर था. वह ठेके पर बड़ीबड़ी बिल्डिंग बनाने के साथसाथ प्लौट खरीद कर उन पर कोठियां बना कर बेच देता था. इस काम में उसे अच्छाखासा मुनाफा हो जाता था. सिविल इंजीनियर मनदीप को भवन निर्माण का बड़ा तजुर्बा था. लुधियाना शहर में उस की गिनती बड़े बिल्डरों में होती थी. हालांकि उस के पिता सुरिंदर सिंह कपड़े के व्यापारी थे, पर मिंटी ने भवन निर्माण के क्षेत्र में काफी नाम कमाया था. मनदीप तीन भाईबहन थे. सब से बड़े थे सुरजीत सिंह बंसल, जो कपड़े का व्यापार करते थे. दूसरे नंबर पर मनदीप था और सब से छोटी बहन थी रवनीत कौर. सुरजीत को छोड़ कर मनदीप और रवनीत अभी अविवाहित थे. लगभग दो साल पहले बंसल परिवार गुरु अंगतदेव नगर में रहता था. फिर अचानक उन्हें वह घर छोड़ कर खन्ना एन्क्लेव, धांदरा रोड पर किराए की एक कोठी में रहना पड़ा. बंसल परिवार के गुरु अंगतदेव नगर छोड़ने के पीछे की भी एक अहम कहानी है, जिस ने आगे चल कर एक बहुत बड़े अपराध को जन्म दिया था. बहरहाल, खन्ना एन्क्लेव में रहते हुए बंसल बंधुओं ने लुधियाना के ही शहीद भगत सिंह नगर में एक प्लौट खरीद कर उस पर एक विशाल कोठी का निर्माण करवाया, जो लगभग पूरा हो चुका था. मुहूर्त के अनुसार उन्हें दिनांक चौदह अक्तूबर, दो हज़ार अट्ठारह को नई कोठी में गृहप्रवेश करना था. इस के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. उन्होंने घर का सारा सामान भी बांध लिया था.
बैतुल मुक़द्दस में एक फ़िलिस्तीनी की शहादत प्रेमी कार्यवाही में तीन इस्राईली सैनिक मारे गये हैं। इराक़ के पवित्र नगर सामर्रा के निकटवर्ती क्षेत्रों में स्थित दाइश के कई गुप्त ठिकानों को स्वयंसेवी बलों ने नष्ट कर दिया है। सऊदी अरब ने आतंकवाद से लड़ने के लिए 34 देशों का सैनिक गठबंधन बनाया है और इस गठबंधन की कमान पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख राहील शरीफ़ को सौंप दी गई है। अमरीकी दूतावास को तेलअवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने के अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के फ़ैसले के विरुद्ध सैकड़ों फ़िलिस्तीनियों ने जार्डन नदी के पश्चिमी तट के केन्द्र रामल्लाह में व्यापक प्रदर्शन किए। इराक़ के स्वयंसेवी बल के प्रकव्ता ने बल देकर कहा है कि स्वयंसेवी बल, अमरीकियों से पहले दाइश के सरग़ना अबूबक्र अलबग़दादी को पकड़ेगे। अमरीकी पत्रिका न्यूज़वीक ने लिखा है कि हलब युद्ध का मुख्य विजयी हिज़्बुल्लाह था। यमन की उच्च राजनैतिक परिषद ने कहा है कि विश्व समुदाय के मौन की छाया में सऊदी अरब यमन में आम नागरिकों और विद्यार्थियों का जनसंहार कर रहा है। इस्राईली संसद में ज़ायोनिस्ट यूनियन गठजोड़ के प्रमुख ने ज़ायोनी प्रधानमंत्री से अपना पद छोड़ने की मांग की है। इराक़ी बलों ने मूसिल नगर को आतंकियों से मुक्त कराने के अभियान के दौरान मंगलवार को आतंकी गुट दाइश के कम से कम 150 आतंकवादियों को मार गिराया। बहरैन नरेश ने मंगलवार को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाक़ात में दोनों देशों के निकट संबंधों की ओर संकेत करते हुए उनमें पहले से अधिक विस्तार पर बल दिया है।
बैतुल मुक़द्दस में एक फ़िलिस्तीनी की शहादत प्रेमी कार्यवाही में तीन इस्राईली सैनिक मारे गये हैं। इराक़ के पवित्र नगर सामर्रा के निकटवर्ती क्षेत्रों में स्थित दाइश के कई गुप्त ठिकानों को स्वयंसेवी बलों ने नष्ट कर दिया है। सऊदी अरब ने आतंकवाद से लड़ने के लिए चौंतीस देशों का सैनिक गठबंधन बनाया है और इस गठबंधन की कमान पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख राहील शरीफ़ को सौंप दी गई है। अमरीकी दूतावास को तेलअवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने के अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के फ़ैसले के विरुद्ध सैकड़ों फ़िलिस्तीनियों ने जार्डन नदी के पश्चिमी तट के केन्द्र रामल्लाह में व्यापक प्रदर्शन किए। इराक़ के स्वयंसेवी बल के प्रकव्ता ने बल देकर कहा है कि स्वयंसेवी बल, अमरीकियों से पहले दाइश के सरग़ना अबूबक्र अलबग़दादी को पकड़ेगे। अमरीकी पत्रिका न्यूज़वीक ने लिखा है कि हलब युद्ध का मुख्य विजयी हिज़्बुल्लाह था। यमन की उच्च राजनैतिक परिषद ने कहा है कि विश्व समुदाय के मौन की छाया में सऊदी अरब यमन में आम नागरिकों और विद्यार्थियों का जनसंहार कर रहा है। इस्राईली संसद में ज़ायोनिस्ट यूनियन गठजोड़ के प्रमुख ने ज़ायोनी प्रधानमंत्री से अपना पद छोड़ने की मांग की है। इराक़ी बलों ने मूसिल नगर को आतंकियों से मुक्त कराने के अभियान के दौरान मंगलवार को आतंकी गुट दाइश के कम से कम एक सौ पचास आतंकवादियों को मार गिराया। बहरैन नरेश ने मंगलवार को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाक़ात में दोनों देशों के निकट संबंधों की ओर संकेत करते हुए उनमें पहले से अधिक विस्तार पर बल दिया है।
जींद, 8 जून (हप्र) महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने पहले से स्वीकृत 300 एमपीएचडब्लू के पदों की कटौती की जा रही है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना में स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक (मलेरिया) ने यह जानकारी दी है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ ने विभाग के इस निर्णय की आलोचना करते हुए स्वास्थ्य मन्त्री से तुरन्त हस्तक्षेप करने की मांग की है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा, उप प्रधान सन्तोष देवी व सतपाल खासा तथा वित्त सचिव रणधीर सिंह चहल ने मंगलवार को बताया कि कोरोना काल में एमपीएचडब्लू काडर व उससे पदोन्नत पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को स्वास्थ्य मन्त्री सेल्यूट करके उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। वहीं, विभाग द्वारा पदों में कटौती करने का तुगलकी फरमान जारी किया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि जल्दी ही पदों में कटौती के निर्णय को वापस नहीं लिया तो स्वास्थ्य कर्मी भूख हड़ताल करेंगे और अपना आंदोलन तेज करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
जींद, आठ जून महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने पहले से स्वीकृत तीन सौ एमपीएचडब्लू के पदों की कटौती की जा रही है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना में स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक ने यह जानकारी दी है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ ने विभाग के इस निर्णय की आलोचना करते हुए स्वास्थ्य मन्त्री से तुरन्त हस्तक्षेप करने की मांग की है। स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा, उप प्रधान सन्तोष देवी व सतपाल खासा तथा वित्त सचिव रणधीर सिंह चहल ने मंगलवार को बताया कि कोरोना काल में एमपीएचडब्लू काडर व उससे पदोन्नत पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को स्वास्थ्य मन्त्री सेल्यूट करके उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। वहीं, विभाग द्वारा पदों में कटौती करने का तुगलकी फरमान जारी किया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि जल्दी ही पदों में कटौती के निर्णय को वापस नहीं लिया तो स्वास्थ्य कर्मी भूख हड़ताल करेंगे और अपना आंदोलन तेज करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
रायपुर। कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही 25 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. विधानसभा के समिति कक्ष में चल रहे कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही 15 मार्च तक स्थगित किया गया था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोराना वायरस के मद्देनजर छत्तीसगढ़ विधानसभा की बैठक 10 दिन के लिए टाल दी गई है. अब 26 मार्च से विधानसभा की कार्यवाही शुरु होगी और सत्र 11 अप्रैल तक चलेगा. वहीं 16 मार्च को विधानसभा की बैठक होगी, जहां सदन के अंदर विधानसभा अध्यक्ष सत्र 10 दिन टालने की घोषणा करेंगे. दरअसल कोरोना वायरस के बढ़ते असर और केंद्र की जारी एडवाइजरी के कारण सत्र की अवधि कम किए पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी. विधानसभा सत्र का दूसरा चरण 16 मार्च से शुरू होना था. यही वजह है कि कोरोना वायरस के चलते विधानसभा की कार्यवाही को टालने के लिए सरकार की तरफ से प्रस्ताव लाया गया, जिस पर मुहर लग गई है. इस कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सीएम भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत, संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री टीएस सिंहदेव, मो. अकबर, शिव डहरिया, सत्यनारायण शर्मा, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर और पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह मौजूद रहे. बता दें कि प्रदेश भर में कोरोना वायरस की वजह से शासकीय कार्यक्रम आयोजन को टाल दिया गया है. इसके साथ ही राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों को एहतियात के तौर पर 31 मार्च तक बंद किए जाने का भी निर्देश दिया है.
रायपुर। कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही पच्चीस मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. विधानसभा के समिति कक्ष में चल रहे कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही पंद्रह मार्च तक स्थगित किया गया था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोराना वायरस के मद्देनजर छत्तीसगढ़ विधानसभा की बैठक दस दिन के लिए टाल दी गई है. अब छब्बीस मार्च से विधानसभा की कार्यवाही शुरु होगी और सत्र ग्यारह अप्रैल तक चलेगा. वहीं सोलह मार्च को विधानसभा की बैठक होगी, जहां सदन के अंदर विधानसभा अध्यक्ष सत्र दस दिन टालने की घोषणा करेंगे. दरअसल कोरोना वायरस के बढ़ते असर और केंद्र की जारी एडवाइजरी के कारण सत्र की अवधि कम किए पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी. विधानसभा सत्र का दूसरा चरण सोलह मार्च से शुरू होना था. यही वजह है कि कोरोना वायरस के चलते विधानसभा की कार्यवाही को टालने के लिए सरकार की तरफ से प्रस्ताव लाया गया, जिस पर मुहर लग गई है. इस कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सीएम भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत, संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री टीएस सिंहदेव, मो. अकबर, शिव डहरिया, सत्यनारायण शर्मा, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर और पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह मौजूद रहे. बता दें कि प्रदेश भर में कोरोना वायरस की वजह से शासकीय कार्यक्रम आयोजन को टाल दिया गया है. इसके साथ ही राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों को एहतियात के तौर पर इकतीस मार्च तक बंद किए जाने का भी निर्देश दिया है.
चंडीगढ़। करतारपुर गलियारे पर पाकिस्तान द्वारा शुरू की गई पूरी प्रक्रिया को पाकिस्तान सेना द्वारा रची गई एक बड़ी साजिश करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पड़ोसी दुश्मन पंजाब में आतंकवाद को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वह अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाएगा। इमरान खान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर गलियारा खोलने की खबर देने वाले पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का हवाला देते हुए अमरिंदर ने कहा कि पूरी प्रक्रिया से बड़ी साजिश की बू आ रही है। अमरिंदर ने एक टीवी समाचार चैनल को बताया, करतरपुर गलियारे को खोलना स्पष्ट रूप से आईएसआई (पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) का एक गेम प्लान है। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान सेना ने भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची है। पाकिस्तान, पंजाब में आतंकवाद को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रहा है और सभी को उसके इस हथकंडे से सावधान रहना चाहिए, इससे फर्क नहीं पड़ता कि वे कितने बड़े दिख रहे हैं। रूप में संबोधित करने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 'श्रेय लेने की होड़ से ज्यादा कुछ नहीं' है, और इसके साथ ही उन्होंने अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व पर सिद्धू के साथ उनके संबंधों पर अनचाहे विवाद में संलिप्त होने के लिए हमला बोला। अमरिंदर ने कहा कि दोनों दलों का मकसद सीमा राज्य को अस्थिर करने के उद्देश्य के साथ लोगों का ध्यान पंजाब में आतंकी गतिविधियों में पाकिस्तान की निरंतर संलिप्तता के मूल मुद्दे से भटकाना है।
चंडीगढ़। करतारपुर गलियारे पर पाकिस्तान द्वारा शुरू की गई पूरी प्रक्रिया को पाकिस्तान सेना द्वारा रची गई एक बड़ी साजिश करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पड़ोसी दुश्मन पंजाब में आतंकवाद को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वह अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाएगा। इमरान खान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर गलियारा खोलने की खबर देने वाले पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का हवाला देते हुए अमरिंदर ने कहा कि पूरी प्रक्रिया से बड़ी साजिश की बू आ रही है। अमरिंदर ने एक टीवी समाचार चैनल को बताया, करतरपुर गलियारे को खोलना स्पष्ट रूप से आईएसआई का एक गेम प्लान है। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान सेना ने भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची है। पाकिस्तान, पंजाब में आतंकवाद को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रहा है और सभी को उसके इस हथकंडे से सावधान रहना चाहिए, इससे फर्क नहीं पड़ता कि वे कितने बड़े दिख रहे हैं। रूप में संबोधित करने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 'श्रेय लेने की होड़ से ज्यादा कुछ नहीं' है, और इसके साथ ही उन्होंने अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर सिद्धू के साथ उनके संबंधों पर अनचाहे विवाद में संलिप्त होने के लिए हमला बोला। अमरिंदर ने कहा कि दोनों दलों का मकसद सीमा राज्य को अस्थिर करने के उद्देश्य के साथ लोगों का ध्यान पंजाब में आतंकी गतिविधियों में पाकिस्तान की निरंतर संलिप्तता के मूल मुद्दे से भटकाना है।
उत्तर प्रदेश में चल रहे चौथे चरण के चुनाव के बीच महाराष्ट्र के राजनीतिक हलके से एक बड़ी खबर है। राज्य सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रवक्ता नवाब मलिक को ED ने गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें अंडरवर्ल्ड से रिश्तों के आरोप में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है। उनका नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर ने लिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम बुधवार सुबह 7. 45 बजे पूछताछ के लिए उन्हें लेकर मुंबई स्थित दफ्तर पहुंची थी। ED सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में नवाब मलिक अधिकारियों का सहयोग नहीं कर रहे थे, इसी कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है। मलिक को अरेस्ट कर ED की टीम अस्पताल ले गई, जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई। अब उन्हें स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के ऑफिशियल आवास वर्षा पर CM उद्धव ठाकरे और राज्य के गृहमंत्री के बीच एक बैठक शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में नवाब मलिक की गिरफ्तारी के मुद्दे पर चर्चा हो रही है। इससे पहले NCP सुप्रीमो शरद पवार ने भी नवाब की गिरफ्तारी के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की है। यह भी जानकारी सामने आ रही है की शाम को पवार और सीएम ठाकरे के बीच वर्षा बंगले पर एक मीटिंग भी हो सकती है। नवाब मलिक को जब ED पूछताछ के लिए घर से दफ्तर ले जा रही थी, तब उनकी बॉडी लैंग्वेज अचीवर वाली थी। इसके बाद जब उन्हें गिरफ्तारी के बाद ED दफ्तर के बाहर लाया गया तो उन्होंने बाहर निकलते हुए हाथ उठाकर मुक्का बांधा और जोरदार पंच के साथ हवा में लहराया। घर के गेट से गाड़ी तक मलिक ने चेहरे पर बड़ी मुस्कान बनाए रखी। इस दौरान वे मीडिया की तरफ हाथ उठाकर लहराते भी रहे। मेडिकल जांच के लिए अस्पताल जाने के दौरान मलिक ने मीडिया से कहा कि डरेंगे नहीं, लड़ेंगे और जीतेंगे।
उत्तर प्रदेश में चल रहे चौथे चरण के चुनाव के बीच महाराष्ट्र के राजनीतिक हलके से एक बड़ी खबर है। राज्य सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक को ED ने गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें अंडरवर्ल्ड से रिश्तों के आरोप में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है। उनका नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर ने लिया था। प्रवर्तन निदेशालय की टीम बुधवार सुबह सात. पैंतालीस बजे पूछताछ के लिए उन्हें लेकर मुंबई स्थित दफ्तर पहुंची थी। ED सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में नवाब मलिक अधिकारियों का सहयोग नहीं कर रहे थे, इसी कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है। मलिक को अरेस्ट कर ED की टीम अस्पताल ले गई, जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई। अब उन्हें स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के ऑफिशियल आवास वर्षा पर CM उद्धव ठाकरे और राज्य के गृहमंत्री के बीच एक बैठक शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में नवाब मलिक की गिरफ्तारी के मुद्दे पर चर्चा हो रही है। इससे पहले NCP सुप्रीमो शरद पवार ने भी नवाब की गिरफ्तारी के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की है। यह भी जानकारी सामने आ रही है की शाम को पवार और सीएम ठाकरे के बीच वर्षा बंगले पर एक मीटिंग भी हो सकती है। नवाब मलिक को जब ED पूछताछ के लिए घर से दफ्तर ले जा रही थी, तब उनकी बॉडी लैंग्वेज अचीवर वाली थी। इसके बाद जब उन्हें गिरफ्तारी के बाद ED दफ्तर के बाहर लाया गया तो उन्होंने बाहर निकलते हुए हाथ उठाकर मुक्का बांधा और जोरदार पंच के साथ हवा में लहराया। घर के गेट से गाड़ी तक मलिक ने चेहरे पर बड़ी मुस्कान बनाए रखी। इस दौरान वे मीडिया की तरफ हाथ उठाकर लहराते भी रहे। मेडिकल जांच के लिए अस्पताल जाने के दौरान मलिक ने मीडिया से कहा कि डरेंगे नहीं, लड़ेंगे और जीतेंगे।
नवीन पटनायक आज सुबह 10:30 बजे लगातार पांचवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, "ओडिशा में नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने के लिए एक विशेष संदेश दिल्ली भेजा गया है। " राज्य में विभिन्न दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि प्रधानमंत्री को भेजा गया निमंत्रण महत्वपूर्ण है क्योंकि पटनायक ने चुनाव प्रचार के दौरान मोदी को खुला निमंत्रण दिया था। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष एवं राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की अध्यक्षता में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आज आयोजित की गई है। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी अविनाश पाण्डे तथा राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उपस्थित रहेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि बैठक में पार्टी के लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन और हार के कारणों पर चर्चा की जायेगी। कर्नाटक के सत्तारूढ़ गठबंधन में बढ़ती चिंता के बीच उसके घटक कांग्रेस ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए पार्टी विधायक दल की बैठक बुलायी है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-जदएस गठबंधन की करारी हार और कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के बीच यह बैठक होने जा रही है। कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने विधानपरिषद, लोकसभा और राज्य सभा के सदस्यों और पार्टी विधायकों को लिखे पत्र में कहा कि वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए यहां 29 मई को शाम छह बजे एक होटल में बैठक होगी। पत्र में कहा गया है, "सभी विधायकों को बैठक में जरूर उपस्थित रहना चाहिए और बहुमूल्य सुझाव देना चाहिए। " उसमें कहा गया है कि बैठक में उपमुख्यमंत्री जी परमेशवर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव भी मौजूद रहेंगे। कर्नाटक में पार्टी के अबतक सबसे खराब प्रदर्शन के तहत कांग्रेस ने एक ही लोकसभा सीट मिली। वह 21 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ी थी। जदएस को भी एक ही सीट मिली, वह सात सीटों पर उतरी थी। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, वीरप्पा मोइली और के एच मुनियप्पा समेत गठबंधन के कई बड़े नेता हार गये। कांग्रेस से यह आवाज उठने लगी कि इस खराब प्रदर्शन के लिए जदएस के साथ साझेदारी जिम्मेदारी है, इसलिए इस गठबंधन को खत्म किया, इस पर कुमारस्वामी ने इस्तीफे की पेशकश कर डाली। हालांकि शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई और उनके नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया गया और कहा गया कि गठबंधन जारी रहेगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पार्टी के अंदर असंतोष गहरा रहा है। पार्टी विधायक रमेश जारकिहोली कुछ समय से भाजपा के साथ पींगे बढ़ा रहे हैं और उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद कुछ विधायकों के साथ इस्तीफा भी देने की धमकी दी है। आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की वादा माफ गवाह बनने की अर्जी पर दिल्ली की एक अदालत आज अपना आदेश सुनायेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम भी इस मामले में आरोपी हैं। मुंबई की भायखला जेल से लाये जाने के बाद इंद्राणी को बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश अनुराग सैन के समक्ष पेश किया गया। अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के जुर्म में वह भायखला जेल में सजा काट रही हैं। मामले में वादा माफ गवाह बनने की इंद्राणी की अर्जी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इसका समर्थन किया और दलील दी कि इससे मामले में सबूतों को मजबूती मिलेगी। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मुखर्जी से पूछा कि क्या उन पर कोई दबाव है, इस पर उन्होंने किसी दबाव से इनकार किया था। उन्होंने अदालत को बताया, "मैं स्वेच्छा से वादा माफ गवाह बनना चाहती हूं। " 305 करोड़ रुपये की लिप्तता वाले इस मामले में इंद्राणी के अलावा चिंदबरम, उनके बेटे कार्ति का नाम भी सामने आया है। यह मामला वर्ष 2007 में आईएनएक्स मीडिया को मिले धन के लिये विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से अनुमति मिलने से संबंधित है। सीबीआई ने 15 मई को मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी और वित्त मंत्री रहते हुए चिदंबरम के कार्यकाल में 2007 में कुल 305 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा हासिल करने में मीडिया ग्रुप को एफआईपीबी की मंजूरी देने में कथित अनियमितता का आरोप लगाया था। मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव से वार्ता विफल होने के बाद भारतीय किसान यूनियन आज से प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। यदि यह हड़ताल अपने निर्धारित तीन दिन तक चली तो शहरों में दूध, सब्जी आदि की किल्लत हो सकती है।
नवीन पटनायक आज सुबह दस:तीस बजे लगातार पांचवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, "ओडिशा में नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने के लिए एक विशेष संदेश दिल्ली भेजा गया है। " राज्य में विभिन्न दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि प्रधानमंत्री को भेजा गया निमंत्रण महत्वपूर्ण है क्योंकि पटनायक ने चुनाव प्रचार के दौरान मोदी को खुला निमंत्रण दिया था। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष एवं राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की अध्यक्षता में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आज आयोजित की गई है। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी अविनाश पाण्डे तथा राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उपस्थित रहेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि बैठक में पार्टी के लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन और हार के कारणों पर चर्चा की जायेगी। कर्नाटक के सत्तारूढ़ गठबंधन में बढ़ती चिंता के बीच उसके घटक कांग्रेस ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए पार्टी विधायक दल की बैठक बुलायी है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-जदएस गठबंधन की करारी हार और कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के बीच यह बैठक होने जा रही है। कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने विधानपरिषद, लोकसभा और राज्य सभा के सदस्यों और पार्टी विधायकों को लिखे पत्र में कहा कि वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए यहां उनतीस मई को शाम छह बजे एक होटल में बैठक होगी। पत्र में कहा गया है, "सभी विधायकों को बैठक में जरूर उपस्थित रहना चाहिए और बहुमूल्य सुझाव देना चाहिए। " उसमें कहा गया है कि बैठक में उपमुख्यमंत्री जी परमेशवर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव भी मौजूद रहेंगे। कर्नाटक में पार्टी के अबतक सबसे खराब प्रदर्शन के तहत कांग्रेस ने एक ही लोकसभा सीट मिली। वह इक्कीस लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ी थी। जदएस को भी एक ही सीट मिली, वह सात सीटों पर उतरी थी। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, वीरप्पा मोइली और के एच मुनियप्पा समेत गठबंधन के कई बड़े नेता हार गये। कांग्रेस से यह आवाज उठने लगी कि इस खराब प्रदर्शन के लिए जदएस के साथ साझेदारी जिम्मेदारी है, इसलिए इस गठबंधन को खत्म किया, इस पर कुमारस्वामी ने इस्तीफे की पेशकश कर डाली। हालांकि शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई और उनके नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया गया और कहा गया कि गठबंधन जारी रहेगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पार्टी के अंदर असंतोष गहरा रहा है। पार्टी विधायक रमेश जारकिहोली कुछ समय से भाजपा के साथ पींगे बढ़ा रहे हैं और उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद कुछ विधायकों के साथ इस्तीफा भी देने की धमकी दी है। आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की वादा माफ गवाह बनने की अर्जी पर दिल्ली की एक अदालत आज अपना आदेश सुनायेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम भी इस मामले में आरोपी हैं। मुंबई की भायखला जेल से लाये जाने के बाद इंद्राणी को बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश अनुराग सैन के समक्ष पेश किया गया। अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के जुर्म में वह भायखला जेल में सजा काट रही हैं। मामले में वादा माफ गवाह बनने की इंद्राणी की अर्जी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इसका समर्थन किया और दलील दी कि इससे मामले में सबूतों को मजबूती मिलेगी। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मुखर्जी से पूछा कि क्या उन पर कोई दबाव है, इस पर उन्होंने किसी दबाव से इनकार किया था। उन्होंने अदालत को बताया, "मैं स्वेच्छा से वादा माफ गवाह बनना चाहती हूं। " तीन सौ पाँच करोड़ रुपये की लिप्तता वाले इस मामले में इंद्राणी के अलावा चिंदबरम, उनके बेटे कार्ति का नाम भी सामने आया है। यह मामला वर्ष दो हज़ार सात में आईएनएक्स मीडिया को मिले धन के लिये विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से अनुमति मिलने से संबंधित है। सीबीआई ने पंद्रह मई को मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी और वित्त मंत्री रहते हुए चिदंबरम के कार्यकाल में दो हज़ार सात में कुल तीन सौ पाँच करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा हासिल करने में मीडिया ग्रुप को एफआईपीबी की मंजूरी देने में कथित अनियमितता का आरोप लगाया था। मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव से वार्ता विफल होने के बाद भारतीय किसान यूनियन आज से प्रदेशव्यापी हड़ताल करेगी। यदि यह हड़ताल अपने निर्धारित तीन दिन तक चली तो शहरों में दूध, सब्जी आदि की किल्लत हो सकती है।
(Photo: Dhananjay Yadav/IANS) बेंगलुरू, 30 अप्रैल । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लिंगायत समुदाय तक पहुंचकर सभी को हैरान कर दिया। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह सवाल बरकरार है कि क्या वह लिंगायत वोट बैंक को कांग्रेस की ओर झुका पाएंगे और उसे सत्ता में ला पाएंगे? लिंगायतों के बीच उनकी पहुंच पर इतना जोर क्यों दिया जाता है? लिंगायत नेताaओं, पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार और पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी तक उनकी पहुंच और आरोपों से भाजपा क्यों तिलमिला गई है? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान व भाजपा के अन्य राष्ट्रीय नेता चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए शहरों तक क्यों पहुंच रहे हैं? वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक बी. समीलुल्ला ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि यह सब कर्नाटक में कांग्रेस के पक्ष में पांच फीसदी वोट स्विंग करने को लेकर हो रहा है। पिछले विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस को 38 प्रतिशत वोट शेयर मिला था। भाजपा को 36 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन यह अधिक सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। जद (एस) को 18 प्रतिशत वोट मिले थे। अब नया वोट बैंक बनाने वाले राष्ट्रीय दलों की जीत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को करीब 5 फीसदी वोटों की उम्मीद है। इसके लिए पार्टी को नए वोट हासिल करने होंगे। ' उन्होंने आईएएनएस से कहा, लिंगायत नेताओं के भाजपा से बाहर निकलने के घटनाक्रम के साथ, कांग्रेस को लिंगायत वोटों के 3 फीसदी और वोक्कालिगा वोटों के 2 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। अगर कांग्रेस इसे प्रबंधित करती है, तो उसके पास बहुमत होगा। यह अच्छी तरह से जानने के बाद, राहुल गांधी की कुडाल संगमा की यात्रा की योजना है, जहां 12वीं सदी के सुधारक बासवन्ना की समाधि स्थित है। उधर, शेट्टार ने आवाज उठानी शुरू कर दी कि लिंगायतों को बीजेपी में दरकिनार कर दिया गया है, इस पृष्ठभूमि में राहुल की यात्रा महत्व रखती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का भाजपा पर तीखा हमला और उसकी विचारधारा बसवन्ना के विपरीत बताने का उद्देश्य कांग्रेस को पांच फीसदी स्विंग वोट हासिल करना है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने यह भी कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और अन्य केंद्रीय नेता राज्य के कोने-कोने में शहरों में लोगों से इसलिए संपर्क कर रहे हैं, ताकि कांग्रेस को अतिरिक्त वोट स्विंग होने से रोका जा सके। भगवा पार्टी शेट्टार को निशाना बना रही है और उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर कर रही है। समीउल्ला ने बताया कि भाजपा सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है और जातिगत कारक उसके पक्ष में काम नहीं करेगा। कांग्रेस लीगल सेल के सचिव सूर्यमुकुंद राज ने आईएएनएस को बताया कि राहुल गांधी के प्रयासों से लिंगायत समुदाय के प्रगतिशील लोग कांग्रेस की ओर आकर्षित होंगे। राज कहते हैं कि लिंगायत समुदाय अब भी पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के साथ खड़ा है, लेकिन कांग्रेस के लिए राज्य में 5 प्रतिशत अतिरिक्त वोट हासिल करना आसान है। उन्होंने कहा, पिछले विधानसभा चुनाव कांग्रेस 20 से अधिक सीटें 2,500 से 3,000 मतों के अंतर से हार गईं, विशेष रूप से कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में। लेकिन इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी होंगे। खनन दिग्गज से राजनेता बने जनार्दन रेड्डी का कारक भी भाजपा के खिलाफ काम करेगा। (आईएएनएस)
बेंगलुरू, तीस अप्रैल । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक में दस मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लिंगायत समुदाय तक पहुंचकर सभी को हैरान कर दिया। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह सवाल बरकरार है कि क्या वह लिंगायत वोट बैंक को कांग्रेस की ओर झुका पाएंगे और उसे सत्ता में ला पाएंगे? लिंगायतों के बीच उनकी पहुंच पर इतना जोर क्यों दिया जाता है? लिंगायत नेताaओं, पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार और पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी तक उनकी पहुंच और आरोपों से भाजपा क्यों तिलमिला गई है? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान व भाजपा के अन्य राष्ट्रीय नेता चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए शहरों तक क्यों पहुंच रहे हैं? वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक बी. समीलुल्ला ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि यह सब कर्नाटक में कांग्रेस के पक्ष में पांच फीसदी वोट स्विंग करने को लेकर हो रहा है। पिछले विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस को अड़तीस प्रतिशत वोट शेयर मिला था। भाजपा को छत्तीस प्रतिशत वोट मिले, लेकिन यह अधिक सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। जद को अट्ठारह प्रतिशत वोट मिले थे। अब नया वोट बैंक बनाने वाले राष्ट्रीय दलों की जीत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को करीब पाँच फीसदी वोटों की उम्मीद है। इसके लिए पार्टी को नए वोट हासिल करने होंगे। ' उन्होंने आईएएनएस से कहा, लिंगायत नेताओं के भाजपा से बाहर निकलने के घटनाक्रम के साथ, कांग्रेस को लिंगायत वोटों के तीन फीसदी और वोक्कालिगा वोटों के दो फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। अगर कांग्रेस इसे प्रबंधित करती है, तो उसके पास बहुमत होगा। यह अच्छी तरह से जानने के बाद, राहुल गांधी की कुडाल संगमा की यात्रा की योजना है, जहां बारहवीं सदी के सुधारक बासवन्ना की समाधि स्थित है। उधर, शेट्टार ने आवाज उठानी शुरू कर दी कि लिंगायतों को बीजेपी में दरकिनार कर दिया गया है, इस पृष्ठभूमि में राहुल की यात्रा महत्व रखती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का भाजपा पर तीखा हमला और उसकी विचारधारा बसवन्ना के विपरीत बताने का उद्देश्य कांग्रेस को पांच फीसदी स्विंग वोट हासिल करना है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने यह भी कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और अन्य केंद्रीय नेता राज्य के कोने-कोने में शहरों में लोगों से इसलिए संपर्क कर रहे हैं, ताकि कांग्रेस को अतिरिक्त वोट स्विंग होने से रोका जा सके। भगवा पार्टी शेट्टार को निशाना बना रही है और उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर कर रही है। समीउल्ला ने बताया कि भाजपा सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है और जातिगत कारक उसके पक्ष में काम नहीं करेगा। कांग्रेस लीगल सेल के सचिव सूर्यमुकुंद राज ने आईएएनएस को बताया कि राहुल गांधी के प्रयासों से लिंगायत समुदाय के प्रगतिशील लोग कांग्रेस की ओर आकर्षित होंगे। राज कहते हैं कि लिंगायत समुदाय अब भी पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के साथ खड़ा है, लेकिन कांग्रेस के लिए राज्य में पाँच प्रतिशत अतिरिक्त वोट हासिल करना आसान है। उन्होंने कहा, पिछले विधानसभा चुनाव कांग्रेस बीस से अधिक सीटें दो,पाँच सौ से तीन,शून्य मतों के अंतर से हार गईं, विशेष रूप से कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में। लेकिन इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी होंगे। खनन दिग्गज से राजनेता बने जनार्दन रेड्डी का कारक भी भाजपा के खिलाफ काम करेगा।
दिल्ली में कबतक पहुंचेगा मानसून? (PTI) नई दिल्ली. बिपरजॉय तूफान का असर धीरे-धीरे कम होने लगा है. ऐसे में अब हर किसी के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या इस तूफान के चलते मानसून पर भी असर पड़ा है? क्या मानसून की रफ्तार इस चक्रवाती तूफान के बाद तेज हो जाएगी या फिर मानसून इसके चलते धीमी चाल से चलेगा? मौसम विभाग की तरफ से इन सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून एक बड़े स्तर पर आने वाली एक गतिविधि है. वहीं, अगर तूफान की बात की जाए तो एक लोकल गतिविधि है जो विशेष प्रकार की कंडीशन में उत्पन्न होता है. लिहाजा बड़े स्तर पर समझा जाए तो मानसून पर इसका कोई ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा. दिल्ली-एनसीआर में कब आएगा मानसून? बंगाल की खड़ी के ऊपर व देश के पूर्वी हिस्से में चक्रवाती तूफान का सीधा असर नहीं रहा. हालांकि इसके बावजूद मानसून इस चक्रवात के बाद अपने स्थान से आगे भी नहीं पढ़ा. बताया जा रहा है कि 18 जून के बाद पूर्वी भारत में भी मानसून रफ्तार पकड़ सकता है. अब सवाल यह उठता है कि उत्तर भारत में और देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून कब आएगा. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून दिल्ली में 28 से 30 जून के बीच पहुंच सकता है. दिल्ली में आमतौर पर हर साल मानसून के पहुंचने की आधिकारिक तारीक भी 28 जून है. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में तय समय पर ही मानसून की झमाझम बारिश होने के आसार हैं. मानसून की ऐसी ही पंजाब, हरियाणा में भी रहेगी. .
दिल्ली में कबतक पहुंचेगा मानसून? नई दिल्ली. बिपरजॉय तूफान का असर धीरे-धीरे कम होने लगा है. ऐसे में अब हर किसी के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या इस तूफान के चलते मानसून पर भी असर पड़ा है? क्या मानसून की रफ्तार इस चक्रवाती तूफान के बाद तेज हो जाएगी या फिर मानसून इसके चलते धीमी चाल से चलेगा? मौसम विभाग की तरफ से इन सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून एक बड़े स्तर पर आने वाली एक गतिविधि है. वहीं, अगर तूफान की बात की जाए तो एक लोकल गतिविधि है जो विशेष प्रकार की कंडीशन में उत्पन्न होता है. लिहाजा बड़े स्तर पर समझा जाए तो मानसून पर इसका कोई ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा. दिल्ली-एनसीआर में कब आएगा मानसून? बंगाल की खड़ी के ऊपर व देश के पूर्वी हिस्से में चक्रवाती तूफान का सीधा असर नहीं रहा. हालांकि इसके बावजूद मानसून इस चक्रवात के बाद अपने स्थान से आगे भी नहीं पढ़ा. बताया जा रहा है कि अट्ठारह जून के बाद पूर्वी भारत में भी मानसून रफ्तार पकड़ सकता है. अब सवाल यह उठता है कि उत्तर भारत में और देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून कब आएगा. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून दिल्ली में अट्ठाईस से तीस जून के बीच पहुंच सकता है. दिल्ली में आमतौर पर हर साल मानसून के पहुंचने की आधिकारिक तारीक भी अट्ठाईस जून है. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में तय समय पर ही मानसून की झमाझम बारिश होने के आसार हैं. मानसून की ऐसी ही पंजाब, हरियाणा में भी रहेगी. .
पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 से पहले टाटा स्काई पर इसकी लॉन्चिंग हुई है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 39वें हफ्ते से 42वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। 'लंका प्रीमियर लीग' (LPL) का दूसरा सीजन इस साल 5 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जोकि 23 दिसंबर तक खेला जाएगा। टीवी पत्रकार दीपक पालीवाल ने हिंदी न्यूज चैनल 'इंडिया न्यूज' को बाय बोल दिया है। इन दिनों वह इस चैनल में सीनियर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर (आउटपुट हेड-प्राइम टाइम) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने 'टाइम्स नाउ समिट 2021' में कहा कि सोशल मीडिया आपको अपनी बात कहने के लिए है, लेकिन किसी के बारे में आपत्तिजनक बयान देने के लिए नहीं। टेक कंपनी गूगल ने बुधवार को 10 स्टार्टअप्स के नामों की घोषणा की है, जो जीएनआई स्टार्टअप्स लैब (Google News Initiative Startups Lab India) के पहले समूह का गठन करेंगे। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 37वें हफ्ते से 40वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार 'टाइम्स नेटवर्क' (Times Network) ने बुधवार 10 नवंबर को राजधानी दिल्ली में टाइम्स नाउ समिट 2021 (Times Now Summit 2021) का आगाज किया। चैनल को औपचारिक तौर पर गृहमंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया। यह लॉन्चिंग 10 नवंबर को आयोजित टाइम्स नाउ समिट 2021 (Times Now Summit 2021) के दौरान की गई। महामारी के बुरे दौर का सामना करते हुए लोगों को बेहतर कंटेंट देने वाले मीडिया और एंटरटेनमेंट (M&E) इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा रही है। जाने-माने बिजनेस पत्रकार देवेन्द्र शर्मा ने 'राष्ट्रीय सहारा' (Rastriya Sahara) में अपनी करीब 30 साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। वरिष्ठ पत्रकार और केटीवी नेटवर्क के संपादक शाहिद मसूद बुखारी का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 36वें हफ्ते से 39वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। कुट्टी ने वर्ष 2005 में 'स्टार' में बतौर वाइस प्रेजिडेंट (Research and On-air) जॉइन किया था। बाद में उन्हें एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) के पद पर प्रमोट कर दिया गया था। इससे पूर्व सौनील चार्ल्स 'टाइम्स नेटवर्क' (Times Network) के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट और बिजनेस हेड (डिजिटल) के पद पर कार्यरत थे। देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया ने इस साल 42वें हफ्ते (16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर) के डाटा जारी कर दिए हैं। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 35वें हफ्ते से 38वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) से जी एंटरटेनमेंट (ZEEL) की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर इनवेस्को को तगड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट में दर्ज कराए गए इस मामले में 28 अक्टूबर को सुनवाई हो सकती है। अपने नए सफर और भूमिका के बारे में अमिताभ अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की है।
पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव दो हज़ार बाईस से पहले टाटा स्काई पर इसकी लॉन्चिंग हुई है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के उनतालीसवें हफ्ते से बयालीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। 'लंका प्रीमियर लीग' का दूसरा सीजन इस साल पाँच दिसंबर से शुरू हो रहा है, जोकि तेईस दिसंबर तक खेला जाएगा। टीवी पत्रकार दीपक पालीवाल ने हिंदी न्यूज चैनल 'इंडिया न्यूज' को बाय बोल दिया है। इन दिनों वह इस चैनल में सीनियर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने 'टाइम्स नाउ समिट दो हज़ार इक्कीस' में कहा कि सोशल मीडिया आपको अपनी बात कहने के लिए है, लेकिन किसी के बारे में आपत्तिजनक बयान देने के लिए नहीं। टेक कंपनी गूगल ने बुधवार को दस स्टार्टअप्स के नामों की घोषणा की है, जो जीएनआई स्टार्टअप्स लैब के पहले समूह का गठन करेंगे। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के सैंतीसवें हफ्ते से चालीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार 'टाइम्स नेटवर्क' ने बुधवार दस नवंबर को राजधानी दिल्ली में टाइम्स नाउ समिट दो हज़ार इक्कीस का आगाज किया। चैनल को औपचारिक तौर पर गृहमंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया। यह लॉन्चिंग दस नवंबर को आयोजित टाइम्स नाउ समिट दो हज़ार इक्कीस के दौरान की गई। महामारी के बुरे दौर का सामना करते हुए लोगों को बेहतर कंटेंट देने वाले मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा रही है। जाने-माने बिजनेस पत्रकार देवेन्द्र शर्मा ने 'राष्ट्रीय सहारा' में अपनी करीब तीस साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। वरिष्ठ पत्रकार और केटीवी नेटवर्क के संपादक शाहिद मसूद बुखारी का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के छत्तीसवें हफ्ते से उनतालीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। कुट्टी ने वर्ष दो हज़ार पाँच में 'स्टार' में बतौर वाइस प्रेजिडेंट जॉइन किया था। बाद में उन्हें एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट के पद पर प्रमोट कर दिया गया था। इससे पूर्व सौनील चार्ल्स 'टाइम्स नेटवर्क' के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट और बिजनेस हेड के पद पर कार्यरत थे। देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' इंडिया ने इस साल बयालीसवें हफ्ते के डाटा जारी कर दिए हैं। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के पैंतीसवें हफ्ते से अड़तीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट से जी एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर इनवेस्को को तगड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट में दर्ज कराए गए इस मामले में अट्ठाईस अक्टूबर को सुनवाई हो सकती है। अपने नए सफर और भूमिका के बारे में अमिताभ अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की है।
पुणेः भीमा-कोरेगांव लड़ाई की वर्षगांठ मनाने के कार्यक्रम में जातिगत संघर्ष के एक साल बाद, मंगलवार को यहां आठ से दस लाख लोगों ने भारी सुरक्षा के बीच 'जय स्तम्भ' स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। 'जय स्तम्भ' स्मारक को दलित अपने गौरव का प्रतीक मानते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि "बेहतर योजना" और "स्थानीय लोगों से सहयोग" की बदौलत दिन शांतिपूर्ण रहा। मंगलवार का कार्यक्रम पिछले साल से काफी अलग था क्योंकि पिछले साल जहां इस कार्यक्रम को लेकर जातिगत संघर्ष हुआ था, वहीं मंगलवार को कार्यक्रम में सौहार्दपूर्ण माहौल दिखा। स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों का स्वागत गुलाब देकर किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी और निःशुल्क भोजन भी उपलब्ध कराया। मदद और स्वागत का ये सिलसिला सोमवार से ही चल रहा था। पिछले साल हुई हिंसा के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए थीं। पिछले साल हुए हिंसा के पीछे पुलिस कथित माओवादी संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि हिंसा 31 दिसंबर 2017 को पुणे में एल्गार परिषद के सम्मेलन में हुए भड़काऊ भाषणों के चलते भड़की थी। पुलिस ने बताया कि कम से कम पांच हजार पुलिसकर्मी, 1,200 होमगार्ड, राज्य रिजर्व पुलिस बल की 12 कंपनियां और 2,000 दलित स्वयंसेवी पेरने गांव के आसपास तैनात किए गए, जहां लोगों ने स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही 500 सीसीटीवी कैमरे, 11 ड्रोन कैमरे और 40 वीडियो कैमरे लगाए गए।
पुणेः भीमा-कोरेगांव लड़ाई की वर्षगांठ मनाने के कार्यक्रम में जातिगत संघर्ष के एक साल बाद, मंगलवार को यहां आठ से दस लाख लोगों ने भारी सुरक्षा के बीच 'जय स्तम्भ' स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। 'जय स्तम्भ' स्मारक को दलित अपने गौरव का प्रतीक मानते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि "बेहतर योजना" और "स्थानीय लोगों से सहयोग" की बदौलत दिन शांतिपूर्ण रहा। मंगलवार का कार्यक्रम पिछले साल से काफी अलग था क्योंकि पिछले साल जहां इस कार्यक्रम को लेकर जातिगत संघर्ष हुआ था, वहीं मंगलवार को कार्यक्रम में सौहार्दपूर्ण माहौल दिखा। स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों का स्वागत गुलाब देकर किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी और निःशुल्क भोजन भी उपलब्ध कराया। मदद और स्वागत का ये सिलसिला सोमवार से ही चल रहा था। पिछले साल हुई हिंसा के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए थीं। पिछले साल हुए हिंसा के पीछे पुलिस कथित माओवादी संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि हिंसा इकतीस दिसंबर दो हज़ार सत्रह को पुणे में एल्गार परिषद के सम्मेलन में हुए भड़काऊ भाषणों के चलते भड़की थी। पुलिस ने बताया कि कम से कम पांच हजार पुलिसकर्मी, एक,दो सौ होमगार्ड, राज्य रिजर्व पुलिस बल की बारह कंपनियां और दो,शून्य दलित स्वयंसेवी पेरने गांव के आसपास तैनात किए गए, जहां लोगों ने स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही पाँच सौ सीसीटीवी कैमरे, ग्यारह ड्रोन कैमरे और चालीस वीडियो कैमरे लगाए गए।