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तिरुपति। यहां अदालत परिसर में एक नर्स ने एक डॉक्टर पर तेजाब फेंक दिया और कथित रूप से इसे पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक इस घटना में 35 वर्षीय डॉक्टर मामूली रूप से घायल हो गया। यह घटना तब हुई जब एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर एक पारिवारिक विवाद के सिलसिले में अदालत आया था। उन्होंने बताया कि ये दोनों पहले एक अस्पताल में साथ काम करते थे, लेकिन बाद में उनके रास्ते अलग हो गए थे। इसके बाद नर्स की डॉक्टर से निजी दुश्मनी हो गई थी। पुलिस ने बताया कि नर्स ने अपने मुहं और सिर को कपड़े से ढक लिया था और अदालत परिसर में डॉक्टर पर बोतल से तेजाब फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी नर्स को हिरासत में ले लिया। बाद में उसे एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऐसा संदेह है कि डॉक्टर पर हमले के बाद उसने बोतल में बचा हुआ तेजाब पी लिया। नर्स और डॉक्टर की स्थिति स्थिर बताई गई है। (भाषा)
तिरुपति। यहां अदालत परिसर में एक नर्स ने एक डॉक्टर पर तेजाब फेंक दिया और कथित रूप से इसे पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक इस घटना में पैंतीस वर्षीय डॉक्टर मामूली रूप से घायल हो गया। यह घटना तब हुई जब एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर एक पारिवारिक विवाद के सिलसिले में अदालत आया था। उन्होंने बताया कि ये दोनों पहले एक अस्पताल में साथ काम करते थे, लेकिन बाद में उनके रास्ते अलग हो गए थे। इसके बाद नर्स की डॉक्टर से निजी दुश्मनी हो गई थी। पुलिस ने बताया कि नर्स ने अपने मुहं और सिर को कपड़े से ढक लिया था और अदालत परिसर में डॉक्टर पर बोतल से तेजाब फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी नर्स को हिरासत में ले लिया। बाद में उसे एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऐसा संदेह है कि डॉक्टर पर हमले के बाद उसने बोतल में बचा हुआ तेजाब पी लिया। नर्स और डॉक्टर की स्थिति स्थिर बताई गई है।
लखनऊ। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा (AK Sharma) ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर ऊर्जा विभाग ने बकायेदार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के समस्त विद्युत भार वाले उपभोक्ताओं को अप्रैल, 2022 तक के विलम्बित अधिभार (व्याज)/सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट प्रदान करते हुए एकमुश्त समाधान योजना 01 जून, 2022 को लागू की थी। उपभोक्ता हित में तथा उनके उत्साह को देखते हुए योजना की अवधि को 30 जून से आगे 15 जुलाई, 2022 तक बढ़ाई गई। इस समयावधि में 38. 30 लाख से ज्यादा विद्युत के बकायेदार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया और अपनी समस्याओं से मुक्ति पाई। ऊर्जा मंत्री (AK Sharma) ने ओटीएस योजना की ऐतिहासिक सफलता के लिए लाभार्थियों तथा अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि पॉवर कॉरपोरेशन द्वारा अभी तक लाई गई एकमुश्त समाधान योजनाओं में यह योजना सर्वाधिक सफल रही है। अब तक की योजनाओं में 01 मार्च, 2021 को 46 दिन की अवधि तक की ओटीएस योजना से 36,11789 उपभोक्ताओं ने लाभ लिया। इसी प्रकार 21 अक्टूबर, 2021 को 103 दिन की अवधि तक की ओटीएस योजना से 37,61475 उपभोक्ताओं ने लाभ लिया तथा वर्तमान समय की 01 जून, 2022 को 45 दिन की अवधि तक की एकमुश्त समाधान योजना से 38,30747 उपभोक्ताओं ने लाभ लिया, जोकि पूर्व की ओटीएस योजनाओं से कम समयावधि में सर्वाधिक सफल रही। उन्होंने कहा कि इस बार की ओटीएस योजना में किश्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गयी थी। वर्तमान ओटीएस योजना में 01 लाख रूपये तक के बकायेदार उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम 06 किश्तों में भुगतान की व्यवस्था थी तथा 01 लाख रूपये से ऊपर के उपभोक्ताओं के लिए 12 किश्तों में भुगतान की सुविधा प्रदान की गई। ऊर्जा मंत्री (AK Sharma) ने उपभोक्ताओं से सादर अनुरोध किया है कि वे अपनी किश्तों का समय से भुगतान करते रहें, जिससे कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
लखनऊ। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एशून्यकेशून्य शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर ऊर्जा विभाग ने बकायेदार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के समस्त विद्युत भार वाले उपभोक्ताओं को अप्रैल, दो हज़ार बाईस तक के विलम्बित अधिभार /सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट प्रदान करते हुए एकमुश्त समाधान योजना एक जून, दो हज़ार बाईस को लागू की थी। उपभोक्ता हित में तथा उनके उत्साह को देखते हुए योजना की अवधि को तीस जून से आगे पंद्रह जुलाई, दो हज़ार बाईस तक बढ़ाई गई। इस समयावधि में अड़तीस. तीस लाख से ज्यादा विद्युत के बकायेदार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया और अपनी समस्याओं से मुक्ति पाई। ऊर्जा मंत्री ने ओटीएस योजना की ऐतिहासिक सफलता के लिए लाभार्थियों तथा अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि पॉवर कॉरपोरेशन द्वारा अभी तक लाई गई एकमुश्त समाधान योजनाओं में यह योजना सर्वाधिक सफल रही है। अब तक की योजनाओं में एक मार्च, दो हज़ार इक्कीस को छियालीस दिन की अवधि तक की ओटीएस योजना से छत्तीस,ग्यारह हज़ार सात सौ नवासी उपभोक्ताओं ने लाभ लिया। इसी प्रकार इक्कीस अक्टूबर, दो हज़ार इक्कीस को एक सौ तीन दिन की अवधि तक की ओटीएस योजना से सैंतीस,इकसठ हज़ार चार सौ पचहत्तर उपभोक्ताओं ने लाभ लिया तथा वर्तमान समय की एक जून, दो हज़ार बाईस को पैंतालीस दिन की अवधि तक की एकमुश्त समाधान योजना से अड़तीस,तीस हज़ार सात सौ सैंतालीस उपभोक्ताओं ने लाभ लिया, जोकि पूर्व की ओटीएस योजनाओं से कम समयावधि में सर्वाधिक सफल रही। उन्होंने कहा कि इस बार की ओटीएस योजना में किश्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गयी थी। वर्तमान ओटीएस योजना में एक लाख रूपये तक के बकायेदार उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम छः किश्तों में भुगतान की व्यवस्था थी तथा एक लाख रूपये से ऊपर के उपभोक्ताओं के लिए बारह किश्तों में भुगतान की सुविधा प्रदान की गई। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से सादर अनुरोध किया है कि वे अपनी किश्तों का समय से भुगतान करते रहें, जिससे कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
नई दिल्ली॥ इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने महामारी घोषित किये गये CORONA को एक ट्वीट किया है। यह ट्वीट हिंदी में किये जाने के कारण बहुत चर्चा में भी है। इस ट्वीट में पीटरसन ने अपने हिंदी टीचर का नाम भी लिखा है, यह हैं भारतीय क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी। पीटरसन ने ट्वीट की शुरुआत नमस्ते के साथ की है। उन्होंने लिखा- नमस्ते इंडिया, हम सब CORONA को हराने में एक साथ हैं। हम सब अपनी-अपनी सरकार की सलाह का पालने करते हुए कुछ दिनों के लिए घर में ही रहें। यह समय है होशियार रहने का। आप सभी को ढेर सारा प्यार। इसके साथ ही उन्होंने लिखा- मेरे हिंदी टीचर श्रीवत्स गोस्वामी। पीटरसन के इस ट्वीट के जवाब में श्रीवत्स गोस्वामी ने लिखा, 'आप तेजी से सीखने वाले हैं, अगली बार आप हिंदी बोलते हुए अपना विडियो भी बनाएं। ' इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की काफी प्रतिक्रिया भी मिल रही है। अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी पीटरसन को धन्यवाद कहा है।
नई दिल्ली॥ इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने महामारी घोषित किये गये CORONA को एक ट्वीट किया है। यह ट्वीट हिंदी में किये जाने के कारण बहुत चर्चा में भी है। इस ट्वीट में पीटरसन ने अपने हिंदी टीचर का नाम भी लिखा है, यह हैं भारतीय क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी। पीटरसन ने ट्वीट की शुरुआत नमस्ते के साथ की है। उन्होंने लिखा- नमस्ते इंडिया, हम सब CORONA को हराने में एक साथ हैं। हम सब अपनी-अपनी सरकार की सलाह का पालने करते हुए कुछ दिनों के लिए घर में ही रहें। यह समय है होशियार रहने का। आप सभी को ढेर सारा प्यार। इसके साथ ही उन्होंने लिखा- मेरे हिंदी टीचर श्रीवत्स गोस्वामी। पीटरसन के इस ट्वीट के जवाब में श्रीवत्स गोस्वामी ने लिखा, 'आप तेजी से सीखने वाले हैं, अगली बार आप हिंदी बोलते हुए अपना विडियो भी बनाएं। ' इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की काफी प्रतिक्रिया भी मिल रही है। अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी पीटरसन को धन्यवाद कहा है।
मंडी (निस) : वल्लभ डिग्री कालेज मंडी के एग्जामिनेशन हॉल में परीक्षा के दौरान एक छात्र पर सीलिंग की प्लेस गिरने से पीडब्ल्यूडी ने दो ठेकेदारों की 18 लाख की पेमेंट रोक दी है। इसके साथ ठेकेदारों को सीलिंग के कार्य को पूरी तरह से ठीक करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद ही इस कार्य की पेंडिंग पेमेंट मिल पाएगी। इन आदेशों के बाद दोनों ठेकेदार सकते में आ गए हैं। इस घटना के बाद इन ठेकेदारों की छवि भी खराब हुई है जिससे आने वाले दिनों में इन ठेकेदारों के कार्य पर भी असर पड़ सकता है। वहीं कालेज प्रशासन के अनुसार ठेकेदारों ने कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया है।
मंडी : वल्लभ डिग्री कालेज मंडी के एग्जामिनेशन हॉल में परीक्षा के दौरान एक छात्र पर सीलिंग की प्लेस गिरने से पीडब्ल्यूडी ने दो ठेकेदारों की अट्ठारह लाख की पेमेंट रोक दी है। इसके साथ ठेकेदारों को सीलिंग के कार्य को पूरी तरह से ठीक करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद ही इस कार्य की पेंडिंग पेमेंट मिल पाएगी। इन आदेशों के बाद दोनों ठेकेदार सकते में आ गए हैं। इस घटना के बाद इन ठेकेदारों की छवि भी खराब हुई है जिससे आने वाले दिनों में इन ठेकेदारों के कार्य पर भी असर पड़ सकता है। वहीं कालेज प्रशासन के अनुसार ठेकेदारों ने कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया है।
NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संवैधानिक बेंच 18 अप्रैल को समलैंगिक विवाह (same sex marriage) को मान्यता देने के लिए दायर की गयी याचिका पर सुनवाई करेगी. प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि यह मुद्दा एक ओर संवैधानिक अधिकारों और दूसरी ओर विशेष विवाह अधिनियम सहित विशेष विधायी अधिनियमों का एक-दूसरे पर प्रभाव है. पीठ ने कहा, 'हमारी राय है कि यदि उठाये गये मुद्दों को संविधान के अनुच्छेद 145 (3) के संबंध में पांच न्यायाधीशों की पीठ द्वारा हल किया जाता है तो यह उचित होगा. हम मामले को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष भेजने का निर्देश देते हैं. उच्चतम न्यायालय ने मामले को 18 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया और कहा कि पांच न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सुनवाई का सीधा प्रसारण (लाइव-स्ट्रीम) किया जायेगा. इससे पहले आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई किये जाने के दौरान याचिकाकर्ताओं ने केंद्र के हलफनामे पर जवाब देने के लिए समय मांगा. बता दें कि रविवार को केंद्र सरकार ने इस मामले में हलफनामा दायर कर याचिका को विरोध किया था. SG Mehta says the moment marriage as a recognized institution comes between same sex, question will come on adoption and therefore Parliament will have to see the issue of psychology of child, which has to be examined whether it can be raised in such a way. आज इस मुद्दे पर सुनवाई के क्रम में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने पूछा कि इस मामले पर केंद्र का क्या कहना है? जवाब में याचिकाओं का विरोध करते हुए केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SC से कहा कि यह सामाजिक नैतिकता और भारतीय लोकाचार के अनुरूप नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह की याचिका पर केंद्र सरकार के विरोध पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी की निजी जिंदगी में दखल नहीं दे रही है. सरकार ने कभी भी नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को नियंत्रित नहीं किया है. जब विवाह संस्था की बात आती है तो यह नीति का मामला है. एक स्पष्ट अंतर है.
NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट के पाँच जजों की संवैधानिक बेंच अट्ठारह अप्रैल को समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के लिए दायर की गयी याचिका पर सुनवाई करेगी. प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि यह मुद्दा एक ओर संवैधानिक अधिकारों और दूसरी ओर विशेष विवाह अधिनियम सहित विशेष विधायी अधिनियमों का एक-दूसरे पर प्रभाव है. पीठ ने कहा, 'हमारी राय है कि यदि उठाये गये मुद्दों को संविधान के अनुच्छेद एक सौ पैंतालीस के संबंध में पांच न्यायाधीशों की पीठ द्वारा हल किया जाता है तो यह उचित होगा. हम मामले को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष भेजने का निर्देश देते हैं. उच्चतम न्यायालय ने मामले को अट्ठारह अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया और कहा कि पांच न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सुनवाई का सीधा प्रसारण किया जायेगा. इससे पहले आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई किये जाने के दौरान याचिकाकर्ताओं ने केंद्र के हलफनामे पर जवाब देने के लिए समय मांगा. बता दें कि रविवार को केंद्र सरकार ने इस मामले में हलफनामा दायर कर याचिका को विरोध किया था. SG Mehta says the moment marriage as a recognized institution comes between same sex, question will come on adoption and therefore Parliament will have to see the issue of psychology of child, which has to be examined whether it can be raised in such a way. आज इस मुद्दे पर सुनवाई के क्रम में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने पूछा कि इस मामले पर केंद्र का क्या कहना है? जवाब में याचिकाओं का विरोध करते हुए केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SC से कहा कि यह सामाजिक नैतिकता और भारतीय लोकाचार के अनुरूप नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह की याचिका पर केंद्र सरकार के विरोध पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी की निजी जिंदगी में दखल नहीं दे रही है. सरकार ने कभी भी नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को नियंत्रित नहीं किया है. जब विवाह संस्था की बात आती है तो यह नीति का मामला है. एक स्पष्ट अंतर है.
तथा उपनिवेशों और गुलाम देशों में जनता के मुक्ति संघर्षों को विकसित किया जाए, हमले और युद्ध की साम्राज्यवादी नीति के विरुद्ध संघर्ष में व्यापक जन समु दाय को संगठित और लामबंद किया जाए और शांति की तमाम शक्तियों को मजबूती से एकजुट कर तथा संघर्ष के तमाम तौर-तरीकों को संयुक्त कर हर जगह साम्राज्यवादियों पर कड़े प्रहार कर इन युद्ध - लिप्सुओं पर दबाव डाला जाए। अमरीका सेना द्वारा दक्षिण कोरिया पर आधिपत्य और हमले की अमरीकी नीति न केवल कोरियाई प्रश्न के शांतिपूर्ण समाधान में बाधक बन रही है बल्कि सुदूरपूर्व में शांति के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर रही है । कोरियाई जनता अपने देश में एक और युद्ध भड़काने के उद्देश्य से अमरीकी साम्राज्यवादियों की कुचालों को नाकाम बनाने के लिए और उन्हें दक्षिण कोरिया से खदेड़ बाहर करने के लिए अपने दृढ़ संघर्ष को जारी रखेगी । जापानी सैन्यवाद, जिसे अमरीकी साम्राज्यवादियों द्वारा पुनर्जीवित किया जा रहा है, एशिया में हमले की एक खतरनाक शक्ति के रूप में सिर उठा रहा है । जापानी सैन्यवादी खासतौर पर "दक्षिण कोरिया-जापान वार्ताओं" के माध्यम से न-केवल दक्षिण कोरिया में आर्थिक आक्रमण की योजना बना रहे हैं, बल्कि अमरीकी साम्राज्यवादियों की सक्रिय प्रेरणा से आयोजित दक्षिण कोरिया को आक्रामक "नाटो" के साथ एक सदस्य के रूप में जोड़ने की चालें भी चल रहे हैं । दक्षिण कोरियाई सैन्य शासन अमरीकी साम्राज्यवादियों के हाथों में आक्रमण के हथियार के सिवा और कुछ नहीं है - ऐसा हथियार जो दक्षिण कोरियाई जनता पर थोप दिया गया है। यह किसी भी हालत में कोरियाई जनता का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता । अतः जापान सरकार और दक्षिण कोरियाई सैन्य शासन के बीच जो भी सैन्य या आर्थिक करार होगा उसे कोरियाई जनता कदापि स्वीकार नहीं करेगी, बल्कि उसे ठुकरा देगी। भविष्य में जब कोरिया में एक एकीकृत जन सरकार स्थापित होगी तो स्वभावतः जापान के साथ ये तमाम राजनीतिक और आर्थिक मामले उठाये जाएंगे और उन्हें नये सिरे से हल किया जाएगा । कोरियाई जनता दक्षिण कोरिया पर फिर से धावा बोलने के जापानी सैन्यवाद के मन्सूबे और उसे सक्रिय रूप में शह देने वाले अमरीकी साम्राज्यवादियों के अपरावपूर्ण कृत्यों में की तीव्र निंदा करती है । हमारी जनता ताइवान, दक्षिण वियतनाम, जापान और एशिया के अन्य भागों तथा विश्व भर में अमरीकी साम्राज्यवादियों की हमले की कार्रवाइयों की दृढ़तापूर्वक निंदा करती है, और हम विदेशी क्षेत्रों के अमरीकी सैन्य अड्डों की समाप्ति और अमरीकी सेनाओं की वापसी की दृढ़तापूर्वक मांग करते हैं । हम एशिया के प्रत्येक भाग से अमरीकी साम्राज्यवाद की आक्रामक शक्तियों को निष्कासित करने के लिए तमाम एशियाई जनता के साथ दृढ़तापूर्वक एकजुट हो कर संघर्ष करेंगे । हम जर्मन शांति संधि संपन्न करने और पश्चिम बर्लिन स्थिति को सामान्य बनाने से सम्बद्ध सोवियत सरकार और जर्मन जनवादी गणतंत्र की सरकार के न्यायोचित रवैये का समर्थन करते हैं । साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष का झंडा बुलंद किये और पूरे संसार के शांतिप्रिय लोगों के साथ दृढ़ एकता स्थापित करते हुए कोरियाई जनता एशिया और दुनिया में युद्ध भड़काने की अमरीकी साम्राज्यवादियों की चालबाजियों के खिलाफ और शांति की रक्षा के लिए मजबूती से लड़ाई जारी रखेगी । हम अपनी प्रतिरक्षा क्षमताओं को हर तरीके से सुदृढ़ कर और अवाम के समूह को क्रांतिकारी भावना से से लैस कर हमेशा जबर्दस्त चौकसी बनाये रखेंगे । इस प्रकार हम निर्णायक रूप से शत्रु के किसी भी आकस्मिक हमले को परास्त करेंगे, समाजवाद की उपलब्धियों की दृढ़तापूर्वक रक्षा करेंगे और शांति तथा समाजवाद की पूर्वी चौकी की मजबूती से हिफाजत करेंगे । औपनिवेशिक और गुलाम देशों के लोगों का साम्राज्यवाद विरोधी, राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर वर्ग के क्रान्तिकारी संघर्ष का एक अंग है और यह शान्ति को बरकरार रखने में एक सशक्त उपादान है । कोरिया की मजदूर पार्टी और गणतन्त्र की सरकार राष्ट्रीय मुक्ति के संघर्ष को सक्रिय समर्थन देना अपनी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत मानती 1 कोरियाई जनता क्यूबा की बहादुर जनता के अपनी राष्ट्रीय स्वतन्त्रता और क्रांति की उपलब्धियों की रक्षा करने के संघर्ष का हर तरीके से समर्थन करती है और क्यूबा के विरुद्ध अमरीकी साम्राज्यवादियों की आक्रामक चालबाजियों के लिए उनकी जोरदार निंदा करती है । हमारी जनता विदेशी आक्रामक शक्तियों और आंतरिक प्रतिक्रियावादी शक्तियों के खिलाफ, वियतनामियों के देश के पुनरेकीकरण के लिए उनकी लड़ाई का सक्रिय समर्थन करती है और स्वतन्त्रता, लोकतंत्र, शांति और तटस्थता के लिए जापानी जनता के संघर्ष में उनका समर्थन करती है। हम राष्ट्रीय स्वतंत्रता के संघर्ष में लाओस और अल्जीरिया की जनता की जीतों पर उन्हें सौहार्द्रपूर्ण बधाई पेश करते हैं और हम स्वतंत्रता तथा मुक्ति के लिए संघर्षरत एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमरीका के तमाम देशों के लोगों का सक्रिय समर्थन करते हैं । हमारी पार्टी, गणतंत्र की सरकार और सारी कोरियाई जनता हर प्रकार के उपनिवेशवाद और राष्ट्रीय दमन के खिलाफ दृढ़तापूर्वक लड़ाई जारी रखेगी और
तथा उपनिवेशों और गुलाम देशों में जनता के मुक्ति संघर्षों को विकसित किया जाए, हमले और युद्ध की साम्राज्यवादी नीति के विरुद्ध संघर्ष में व्यापक जन समु दाय को संगठित और लामबंद किया जाए और शांति की तमाम शक्तियों को मजबूती से एकजुट कर तथा संघर्ष के तमाम तौर-तरीकों को संयुक्त कर हर जगह साम्राज्यवादियों पर कड़े प्रहार कर इन युद्ध - लिप्सुओं पर दबाव डाला जाए। अमरीका सेना द्वारा दक्षिण कोरिया पर आधिपत्य और हमले की अमरीकी नीति न केवल कोरियाई प्रश्न के शांतिपूर्ण समाधान में बाधक बन रही है बल्कि सुदूरपूर्व में शांति के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर रही है । कोरियाई जनता अपने देश में एक और युद्ध भड़काने के उद्देश्य से अमरीकी साम्राज्यवादियों की कुचालों को नाकाम बनाने के लिए और उन्हें दक्षिण कोरिया से खदेड़ बाहर करने के लिए अपने दृढ़ संघर्ष को जारी रखेगी । जापानी सैन्यवाद, जिसे अमरीकी साम्राज्यवादियों द्वारा पुनर्जीवित किया जा रहा है, एशिया में हमले की एक खतरनाक शक्ति के रूप में सिर उठा रहा है । जापानी सैन्यवादी खासतौर पर "दक्षिण कोरिया-जापान वार्ताओं" के माध्यम से न-केवल दक्षिण कोरिया में आर्थिक आक्रमण की योजना बना रहे हैं, बल्कि अमरीकी साम्राज्यवादियों की सक्रिय प्रेरणा से आयोजित दक्षिण कोरिया को आक्रामक "नाटो" के साथ एक सदस्य के रूप में जोड़ने की चालें भी चल रहे हैं । दक्षिण कोरियाई सैन्य शासन अमरीकी साम्राज्यवादियों के हाथों में आक्रमण के हथियार के सिवा और कुछ नहीं है - ऐसा हथियार जो दक्षिण कोरियाई जनता पर थोप दिया गया है। यह किसी भी हालत में कोरियाई जनता का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता । अतः जापान सरकार और दक्षिण कोरियाई सैन्य शासन के बीच जो भी सैन्य या आर्थिक करार होगा उसे कोरियाई जनता कदापि स्वीकार नहीं करेगी, बल्कि उसे ठुकरा देगी। भविष्य में जब कोरिया में एक एकीकृत जन सरकार स्थापित होगी तो स्वभावतः जापान के साथ ये तमाम राजनीतिक और आर्थिक मामले उठाये जाएंगे और उन्हें नये सिरे से हल किया जाएगा । कोरियाई जनता दक्षिण कोरिया पर फिर से धावा बोलने के जापानी सैन्यवाद के मन्सूबे और उसे सक्रिय रूप में शह देने वाले अमरीकी साम्राज्यवादियों के अपरावपूर्ण कृत्यों में की तीव्र निंदा करती है । हमारी जनता ताइवान, दक्षिण वियतनाम, जापान और एशिया के अन्य भागों तथा विश्व भर में अमरीकी साम्राज्यवादियों की हमले की कार्रवाइयों की दृढ़तापूर्वक निंदा करती है, और हम विदेशी क्षेत्रों के अमरीकी सैन्य अड्डों की समाप्ति और अमरीकी सेनाओं की वापसी की दृढ़तापूर्वक मांग करते हैं । हम एशिया के प्रत्येक भाग से अमरीकी साम्राज्यवाद की आक्रामक शक्तियों को निष्कासित करने के लिए तमाम एशियाई जनता के साथ दृढ़तापूर्वक एकजुट हो कर संघर्ष करेंगे । हम जर्मन शांति संधि संपन्न करने और पश्चिम बर्लिन स्थिति को सामान्य बनाने से सम्बद्ध सोवियत सरकार और जर्मन जनवादी गणतंत्र की सरकार के न्यायोचित रवैये का समर्थन करते हैं । साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष का झंडा बुलंद किये और पूरे संसार के शांतिप्रिय लोगों के साथ दृढ़ एकता स्थापित करते हुए कोरियाई जनता एशिया और दुनिया में युद्ध भड़काने की अमरीकी साम्राज्यवादियों की चालबाजियों के खिलाफ और शांति की रक्षा के लिए मजबूती से लड़ाई जारी रखेगी । हम अपनी प्रतिरक्षा क्षमताओं को हर तरीके से सुदृढ़ कर और अवाम के समूह को क्रांतिकारी भावना से से लैस कर हमेशा जबर्दस्त चौकसी बनाये रखेंगे । इस प्रकार हम निर्णायक रूप से शत्रु के किसी भी आकस्मिक हमले को परास्त करेंगे, समाजवाद की उपलब्धियों की दृढ़तापूर्वक रक्षा करेंगे और शांति तथा समाजवाद की पूर्वी चौकी की मजबूती से हिफाजत करेंगे । औपनिवेशिक और गुलाम देशों के लोगों का साम्राज्यवाद विरोधी, राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर वर्ग के क्रान्तिकारी संघर्ष का एक अंग है और यह शान्ति को बरकरार रखने में एक सशक्त उपादान है । कोरिया की मजदूर पार्टी और गणतन्त्र की सरकार राष्ट्रीय मुक्ति के संघर्ष को सक्रिय समर्थन देना अपनी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत मानती एक कोरियाई जनता क्यूबा की बहादुर जनता के अपनी राष्ट्रीय स्वतन्त्रता और क्रांति की उपलब्धियों की रक्षा करने के संघर्ष का हर तरीके से समर्थन करती है और क्यूबा के विरुद्ध अमरीकी साम्राज्यवादियों की आक्रामक चालबाजियों के लिए उनकी जोरदार निंदा करती है । हमारी जनता विदेशी आक्रामक शक्तियों और आंतरिक प्रतिक्रियावादी शक्तियों के खिलाफ, वियतनामियों के देश के पुनरेकीकरण के लिए उनकी लड़ाई का सक्रिय समर्थन करती है और स्वतन्त्रता, लोकतंत्र, शांति और तटस्थता के लिए जापानी जनता के संघर्ष में उनका समर्थन करती है। हम राष्ट्रीय स्वतंत्रता के संघर्ष में लाओस और अल्जीरिया की जनता की जीतों पर उन्हें सौहार्द्रपूर्ण बधाई पेश करते हैं और हम स्वतंत्रता तथा मुक्ति के लिए संघर्षरत एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमरीका के तमाम देशों के लोगों का सक्रिय समर्थन करते हैं । हमारी पार्टी, गणतंत्र की सरकार और सारी कोरियाई जनता हर प्रकार के उपनिवेशवाद और राष्ट्रीय दमन के खिलाफ दृढ़तापूर्वक लड़ाई जारी रखेगी और
देहरागोपीपुर - सब्जियों के साथ-साथ अब बाजार में अंडे के रेट में भी भारी उछाल आया है। एक माह के दौरान ही 45 रुपए दर्जन बिकने वाला अंडा 75 से 80 रुपए दर्जन बिक रहा है। अंडा की खेप अधिकतर पंजाब के जालंधर, लुधियाना या फिर हरियाणा के बरबाला से अंडों की सप्लाई हिमाचल के विभिन्न इलाकों में होती है। सर्दी के सीजन में जे एंड के में अधिक सप्लाई के कारण मांग बढ़ने से भाव बढ़ जाते हैं, लेकिन वहां की मांग बढ़नी अभी शुरू हुई ही है कि अंडों के दाम 450 से 485 तक पहुंच गए हैं। अंडे से जुड़े पंजाब के मुख्य डीलर लवली का मानना है कि पहली बार इतनी वृद्धि दर्ज हुई है।
देहरागोपीपुर - सब्जियों के साथ-साथ अब बाजार में अंडे के रेट में भी भारी उछाल आया है। एक माह के दौरान ही पैंतालीस रुपयापए दर्जन बिकने वाला अंडा पचहत्तर से अस्सी रुपयापए दर्जन बिक रहा है। अंडा की खेप अधिकतर पंजाब के जालंधर, लुधियाना या फिर हरियाणा के बरबाला से अंडों की सप्लाई हिमाचल के विभिन्न इलाकों में होती है। सर्दी के सीजन में जे एंड के में अधिक सप्लाई के कारण मांग बढ़ने से भाव बढ़ जाते हैं, लेकिन वहां की मांग बढ़नी अभी शुरू हुई ही है कि अंडों के दाम चार सौ पचास से चार सौ पचासी तक पहुंच गए हैं। अंडे से जुड़े पंजाब के मुख्य डीलर लवली का मानना है कि पहली बार इतनी वृद्धि दर्ज हुई है।
लातेहारः लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के टोरी रेलवे जंक्शन के पास एक निर्माणाधीन मकान के पास से आज सुरक्षा गार्ड महेश्वर साहू का शब पुलिस ने बरामद किया है। गार्ड की मौत कैसे हुई यह संदेश का विषय है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक सुरक्षा गार्ड चंदवा थाना क्षेत्र के अलोदिया गांव का ही रहने वाला बताया जा रहा है। वहीं परिजनों का कहना है कि महेश्वर साहू कल रात में अपनी ड्यूटी के लिए निकले थे पर आज सुबह उनकी हत्या हो गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाये और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा। बहरहाल पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेज दिया है। साथ ही मामले की छानबीन में जूट गई है कि यह हत्या है आत्महत्या।
लातेहारः लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के टोरी रेलवे जंक्शन के पास एक निर्माणाधीन मकान के पास से आज सुरक्षा गार्ड महेश्वर साहू का शब पुलिस ने बरामद किया है। गार्ड की मौत कैसे हुई यह संदेश का विषय है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक सुरक्षा गार्ड चंदवा थाना क्षेत्र के अलोदिया गांव का ही रहने वाला बताया जा रहा है। वहीं परिजनों का कहना है कि महेश्वर साहू कल रात में अपनी ड्यूटी के लिए निकले थे पर आज सुबह उनकी हत्या हो गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाये और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा। बहरहाल पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेज दिया है। साथ ही मामले की छानबीन में जूट गई है कि यह हत्या है आत्महत्या।
की एक नवीन गोष्ठी वनाली थी । इसमे अनेक महत्त्वपूर्ण प्रश्नो पर विचार-विनिमय हुआ करता था जिसके कारण इन्होने एक पृथक् सम्प्रदाय ही स्थापित कर दिया । इनकी प्राय ५० फुटकर रचनाओ के संग्रह 'बनारसी विलास' के अंतर्गत कदाचित् इनकी सभी प्रकार की कृतियो का समावेश किया गया है । इसमे हमे बहुत-से ऐसे स्थल भी मिल जाते है, जहाँ से हम इन पर पडे हुए उपर्युक्त प्रभाव के कुछ नमूने पाये जा सकते हैं । उदाहरण के लिए वनारसीदास ने अपनी रचना 'भवसिंधु चतुर्दशी' मे जो "भव समुद्र का अपने घट केही भीतर वर्तमान रहना तथा उसे पार करने के लिए साधन-स्वरूप मन जहाज के भी वही विद्यमान रहने पर मूर्खो द्वारा अपने उद्धार का मार्ग बाहर वाहर ढूंढने मे समय व्यतीत करना" १ वतलाया है। वह ठीक सत-मत वाली वानियो का अनुसरण करता है । इसी प्रकार इन्होने अपने एक पद के अंतर्गत, घट के भीतर होनेवाले अतद्वंद्व का जो वर्णन 'रामायण' मे उल्लिखित विविध पात्रो तथा घटनाओ के आधार पर, उपयुक्त रूपकात्मक शैली मे किया है वह भी इनकी वैसी ही विचार-वारा की पुष्टि करता है। इनका अपने 'अध्यात्म गीत' के अंतर्गत किसी 'निर्गुणिया' विरहिगी को माँति अपने विरहोद्गार प्रकट करना तथा अपने 'अलख, अमूरत पिथ' के साथ घट के भीतर ही अपना आपा खोकर 'दरिया मे बूंद' के समान मिल जाने की आकाक्षा प्रकट करना 3 जैसी वार्ते भी हमे कबीर साहव आदि वाली उक्तियों का स्मरण दिलाती हैं। इसके सिवाय इन्होने अपने 'शवद' को समझाने के लिए 'भो' को जिस ढंग से संबोधित किया है तथा जिस शैली मे इन्होने पहेलियाँ लिखी हैं" वे सभी इस बात का समर्थन करती जान पडती हैं कि इन पर सतो की रचना पद्धति का प्रभाव अवश्य पड़ा होगा । जैन कवि आनंदघन का नाम इनकी दीक्षा के समय, 'लाभ विजय' वा 'लाभानद' था । किंतु कविता करते समय ये अपना उपनाम 'आनंदघन' दिया करते थे । जहाँ तक पता है, जैनी होते हुए भी ये पीछे सत-मत द्वारा बहुत प्रभावित हो गए थे । ये कही गुजरात वा राजस्थान की ओर के निवासी थे । इनके अतिम दिन जोधपुर के मेडता नगर मे बीते । इनकी उपलब्ध रचनाओ के आवार पर इनका समय विक्रम की १७वी शताब्दी के अंतिम चरण तक पहुँचता जान पडता बनारसी विलास, जयपुर, स० २०११, दो० ३, पृ० १५२ । वही, पद १६, पृ० २३३ ।
की एक नवीन गोष्ठी वनाली थी । इसमे अनेक महत्त्वपूर्ण प्रश्नो पर विचार-विनिमय हुआ करता था जिसके कारण इन्होने एक पृथक् सम्प्रदाय ही स्थापित कर दिया । इनकी प्राय पचास फुटकर रचनाओ के संग्रह 'बनारसी विलास' के अंतर्गत कदाचित् इनकी सभी प्रकार की कृतियो का समावेश किया गया है । इसमे हमे बहुत-से ऐसे स्थल भी मिल जाते है, जहाँ से हम इन पर पडे हुए उपर्युक्त प्रभाव के कुछ नमूने पाये जा सकते हैं । उदाहरण के लिए वनारसीदास ने अपनी रचना 'भवसिंधु चतुर्दशी' मे जो "भव समुद्र का अपने घट केही भीतर वर्तमान रहना तथा उसे पार करने के लिए साधन-स्वरूप मन जहाज के भी वही विद्यमान रहने पर मूर्खो द्वारा अपने उद्धार का मार्ग बाहर वाहर ढूंढने मे समय व्यतीत करना" एक वतलाया है। वह ठीक सत-मत वाली वानियो का अनुसरण करता है । इसी प्रकार इन्होने अपने एक पद के अंतर्गत, घट के भीतर होनेवाले अतद्वंद्व का जो वर्णन 'रामायण' मे उल्लिखित विविध पात्रो तथा घटनाओ के आधार पर, उपयुक्त रूपकात्मक शैली मे किया है वह भी इनकी वैसी ही विचार-वारा की पुष्टि करता है। इनका अपने 'अध्यात्म गीत' के अंतर्गत किसी 'निर्गुणिया' विरहिगी को माँति अपने विरहोद्गार प्रकट करना तथा अपने 'अलख, अमूरत पिथ' के साथ घट के भीतर ही अपना आपा खोकर 'दरिया मे बूंद' के समान मिल जाने की आकाक्षा प्रकट करना तीन जैसी वार्ते भी हमे कबीर साहव आदि वाली उक्तियों का स्मरण दिलाती हैं। इसके सिवाय इन्होने अपने 'शवद' को समझाने के लिए 'भो' को जिस ढंग से संबोधित किया है तथा जिस शैली मे इन्होने पहेलियाँ लिखी हैं" वे सभी इस बात का समर्थन करती जान पडती हैं कि इन पर सतो की रचना पद्धति का प्रभाव अवश्य पड़ा होगा । जैन कवि आनंदघन का नाम इनकी दीक्षा के समय, 'लाभ विजय' वा 'लाभानद' था । किंतु कविता करते समय ये अपना उपनाम 'आनंदघन' दिया करते थे । जहाँ तक पता है, जैनी होते हुए भी ये पीछे सत-मत द्वारा बहुत प्रभावित हो गए थे । ये कही गुजरात वा राजस्थान की ओर के निवासी थे । इनके अतिम दिन जोधपुर के मेडता नगर मे बीते । इनकी उपलब्ध रचनाओ के आवार पर इनका समय विक्रम की सत्रहवी शताब्दी के अंतिम चरण तक पहुँचता जान पडता बनारसी विलास, जयपुर, सशून्य दो हज़ार ग्यारह, दोशून्य तीन, पृशून्य एक सौ बावन । वही, पद सोलह, पृशून्य दो सौ तैंतीस ।
दरअसल, मामला माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मिर्जापुर गांव का है। यहां के रहने वाले बृजनंदन को जब अजगर सांप ने काटा तो वह डरा नहीं बल्कि गुस्से में सांप की गर्दन पकड़ ली और उसे बोरी में बंद कर जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आया। इसके बाद युवक ने बोरी से अजगर को बाहर निकाला। अजगर को देख वहां पर हड़कंप मच गया और इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। बाद में युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बताया कि एक स्नैक बाइट का मामला आया है। युवक अपने घर पर था उस वक्त सांप ने काट लिया। युवक इलाज के लिए अस्पताल आया था। उसे सांप ने काटा हुआ था। हालांकि उसमें कोई लक्षण नहीं मिले हैं उसे दवाई दे दी गई है और ऑर्जरवेशन के लिए उसे जिला अस्पताल भेजा गया है।
दरअसल, मामला माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मिर्जापुर गांव का है। यहां के रहने वाले बृजनंदन को जब अजगर सांप ने काटा तो वह डरा नहीं बल्कि गुस्से में सांप की गर्दन पकड़ ली और उसे बोरी में बंद कर जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आया। इसके बाद युवक ने बोरी से अजगर को बाहर निकाला। अजगर को देख वहां पर हड़कंप मच गया और इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। बाद में युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बताया कि एक स्नैक बाइट का मामला आया है। युवक अपने घर पर था उस वक्त सांप ने काट लिया। युवक इलाज के लिए अस्पताल आया था। उसे सांप ने काटा हुआ था। हालांकि उसमें कोई लक्षण नहीं मिले हैं उसे दवाई दे दी गई है और ऑर्जरवेशन के लिए उसे जिला अस्पताल भेजा गया है।
इस राशिवालों का दिन ठीक नहीं है। कामकाज में मन नहीं लगेगा। मन प्रसन्न नहीं रहेगा। निवेश के लिए अच्छा समय नहीं है। आज आपको चिंता रहेगी। युवा वर्ग के लिए दिन कमजोर बना हुआ है। प्रेम संबंध ठीक नहीं रहेंगे। आज निवेश ना करें। आज के दिन घर से निकलने से पहले भगवान शिव को प्रणाम करके निकलें। इस राशिवालों का दिन अच्छा बना हुआ है। निवेश के लिए दिन लाभदायक है। स्त्री पक्ष से लाभ मिलेगा। जरूरी कामों का आज टालें। आज लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद हल होंगे। नीतिगत मामलों में सावधानी रखें। आज सुबह घर से निकलने से पहले गाय को हरा चारा खिलाकर निकलें। इस राशिवालों का दिन ठीक है। मन प्रसन्न रहेगा। कामकाज में मन लगेगा। निवेश के लिए समय अच्छा है। युवा वर्ग के दिन अच्छा है। सेहत को नुकसान हो सकता है। धर्म के काम में मन लगेगा। कारोबार में लाभ मिलेगा। सोच-समझकर काम करें। आज घर से निकलने से पहले भगवान गणेश को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इस राशिवालों का दिन आज अच्छा है। मन प्रसन्न रहेगा। कामकाज में मन लगेगा। निवेश के लिए अच्छा समय है। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। प्रेम संबंध अच्छे बने रहेंगे। संतान से लाभ मिलेगा। वाहन सावधानी से चलाएं। आज घर से निकलने से पहले मां दुर्गा को प्रणाम करके निकलें। इस राशिवालों का दिन कमजोर रहेगा । कामकाज में मन नहीं लगेगा। परेशानी रहेगी। निवेश के लिए समय अच्छा है। धन अधिक खर्च होगा। प्रेम संबंध सामान्य रहेगा। व्यवसायिक जीवन अच्छा रहेगा। युवाओं के लिए दिन अच्छा नहीं है। घर से निकलने से पहेल भगवान शिव को प्रणाम करें। शुभ रंग लाल। इस राशिवालों का दिन बहुत अच्छा है। कामकाज में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंध अच्छे बनेंगे। किसी से वाद-विवाद ना करें। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। आज के दिन आपको सफलता मिलेगी। शिक्षा से जुड़ें कामों में लाभ मिलेगा। सोच-समझकर काम करें। आज के दिन घर से निकले तो पहले गाय को मूंग और पालक खिलाकर निकलें तो आपको लाभ मिलेगा। शुभ रंग हरा, शुभ अंक 9। इस राशिवालों का दिन ठीक होता जा रहा है। मन प्रसन्न नहीं रहेगा। माता की सेहत से जुड़ी चिंता रहेगी। मन में चिंता बनी रहेंगी। कामकाज में मन नहीं लगेगा। प्रेम संबंधों से बचें। वाहन दुर्घटना का योग बन रहा है सावधानी से चलाएं। आज कामकाज में लाभ तो मिलेगा लेकिन कुछ सावधानी रखनी होगी। आज घर से निकलने से पहले भगवान सूर्य तो जल चढ़ाएं। इस राशिवालों का दिन ठीक है। सेहत से जुड़ी चिंता रहोगी। मन प्रसन्न नहीं रहेगा। कामकाज में मन नहीं लगेगा। प्रेम संबंध मधुर बनेंगे। आज सेहत से जुड़ी चिंता रहेगी। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। आज यात्रा के योग बन रहा है लेकिन शुभ नहीं रहेगी। आज भगवान को घर से निकलने से पहले भगवान श्री कृष्ण को खीर का भोग लगाकर घर से निकलें। इस राशिवालों का दिन बहुत अच्छा नहीं बना हुआ है। कामकाज को लेकर परेशानी नहीं रहेगी। किसी महिला से विवाद हो सकता है लेकिन जमीन से जुड़ा विवाद खत्मम होगा। मन में परेशानी बनी रहेगी। प्रेम संबंधों से बचें। निवेश के लिए अच्छा समय नहीं है। कामकाज में लाभ नहीं मिलेगा। आज युवा वर्ग के लिए दिन कमजोर रहेगा। आज के दिन घर से निकलने से पहले गाय को चारा खिलाकर निकलें। शुभ अंक हल्का हरा। शुभ अंक 9। इस वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। मन प्रसन्न रहेगा। कामकाज में मन लगेगा। शेयर मार्केट और निवेश करें समय अच्छा है। युवाओं के लिए दिन अच्छा है। धन लाभ का योग बन रहा है। आज के दिन लंबी यात्रा हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। आज के दिन घर से निकलने से पहले भगवान शिव का पूजन करें। शिक्षा से भाग्य उदय होगा। शुभ अंक सफेद।
इस राशिवालों का दिन ठीक नहीं है। कामकाज में मन नहीं लगेगा। मन प्रसन्न नहीं रहेगा। निवेश के लिए अच्छा समय नहीं है। आज आपको चिंता रहेगी। युवा वर्ग के लिए दिन कमजोर बना हुआ है। प्रेम संबंध ठीक नहीं रहेंगे। आज निवेश ना करें। आज के दिन घर से निकलने से पहले भगवान शिव को प्रणाम करके निकलें। इस राशिवालों का दिन अच्छा बना हुआ है। निवेश के लिए दिन लाभदायक है। स्त्री पक्ष से लाभ मिलेगा। जरूरी कामों का आज टालें। आज लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद हल होंगे। नीतिगत मामलों में सावधानी रखें। आज सुबह घर से निकलने से पहले गाय को हरा चारा खिलाकर निकलें। इस राशिवालों का दिन ठीक है। मन प्रसन्न रहेगा। कामकाज में मन लगेगा। निवेश के लिए समय अच्छा है। युवा वर्ग के दिन अच्छा है। सेहत को नुकसान हो सकता है। धर्म के काम में मन लगेगा। कारोबार में लाभ मिलेगा। सोच-समझकर काम करें। आज घर से निकलने से पहले भगवान गणेश को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इस राशिवालों का दिन आज अच्छा है। मन प्रसन्न रहेगा। कामकाज में मन लगेगा। निवेश के लिए अच्छा समय है। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। प्रेम संबंध अच्छे बने रहेंगे। संतान से लाभ मिलेगा। वाहन सावधानी से चलाएं। आज घर से निकलने से पहले मां दुर्गा को प्रणाम करके निकलें। इस राशिवालों का दिन कमजोर रहेगा । कामकाज में मन नहीं लगेगा। परेशानी रहेगी। निवेश के लिए समय अच्छा है। धन अधिक खर्च होगा। प्रेम संबंध सामान्य रहेगा। व्यवसायिक जीवन अच्छा रहेगा। युवाओं के लिए दिन अच्छा नहीं है। घर से निकलने से पहेल भगवान शिव को प्रणाम करें। शुभ रंग लाल। इस राशिवालों का दिन बहुत अच्छा है। कामकाज में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंध अच्छे बनेंगे। किसी से वाद-विवाद ना करें। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। आज के दिन आपको सफलता मिलेगी। शिक्षा से जुड़ें कामों में लाभ मिलेगा। सोच-समझकर काम करें। आज के दिन घर से निकले तो पहले गाय को मूंग और पालक खिलाकर निकलें तो आपको लाभ मिलेगा। शुभ रंग हरा, शुभ अंक नौ। इस राशिवालों का दिन ठीक होता जा रहा है। मन प्रसन्न नहीं रहेगा। माता की सेहत से जुड़ी चिंता रहेगी। मन में चिंता बनी रहेंगी। कामकाज में मन नहीं लगेगा। प्रेम संबंधों से बचें। वाहन दुर्घटना का योग बन रहा है सावधानी से चलाएं। आज कामकाज में लाभ तो मिलेगा लेकिन कुछ सावधानी रखनी होगी। आज घर से निकलने से पहले भगवान सूर्य तो जल चढ़ाएं। इस राशिवालों का दिन ठीक है। सेहत से जुड़ी चिंता रहोगी। मन प्रसन्न नहीं रहेगा। कामकाज में मन नहीं लगेगा। प्रेम संबंध मधुर बनेंगे। आज सेहत से जुड़ी चिंता रहेगी। युवा वर्ग के लिए दिन अच्छा है। आज यात्रा के योग बन रहा है लेकिन शुभ नहीं रहेगी। आज भगवान को घर से निकलने से पहले भगवान श्री कृष्ण को खीर का भोग लगाकर घर से निकलें। इस राशिवालों का दिन बहुत अच्छा नहीं बना हुआ है। कामकाज को लेकर परेशानी नहीं रहेगी। किसी महिला से विवाद हो सकता है लेकिन जमीन से जुड़ा विवाद खत्मम होगा। मन में परेशानी बनी रहेगी। प्रेम संबंधों से बचें। निवेश के लिए अच्छा समय नहीं है। कामकाज में लाभ नहीं मिलेगा। आज युवा वर्ग के लिए दिन कमजोर रहेगा। आज के दिन घर से निकलने से पहले गाय को चारा खिलाकर निकलें। शुभ अंक हल्का हरा। शुभ अंक नौ। इस वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। मन प्रसन्न रहेगा। कामकाज में मन लगेगा। शेयर मार्केट और निवेश करें समय अच्छा है। युवाओं के लिए दिन अच्छा है। धन लाभ का योग बन रहा है। आज के दिन लंबी यात्रा हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। आज के दिन घर से निकलने से पहले भगवान शिव का पूजन करें। शिक्षा से भाग्य उदय होगा। शुभ अंक सफेद।
बिहार के मोतिहारी जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है। ये मौतें राज्य के मोतिहारी जिले के लक्ष्मीपुर गांव में हुईं। 10 अन्य लोगों ने भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डीआईजी चंपारण रेंज जयंत कांत ने बताया कि छह लोगों की मौत हो गई है और दो गंभीर सहित 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख जताया है और रिपोर्ट मांगी है। इसे भी पढ़ेंः Breaking: बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 5 की मौत, 12 गंभीर रूप से बीमारअप्रैल 2016 में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में शराब की बिक्री और खपत पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। यह एक ऐसा कदम था जिससे नीतीश ने बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं साधने की कोशिश की थी। प्रतिबंध के बावजूद, राज्य में काला बाजार में शराब की बिक्री और स्थानीय रूप से निर्मित नकली शराब के सेवन से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। इस साल फरवरी में राज्य के आबकारी विभाग ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से आठ शराब कारोबारी थे। इनके पास से अधिकारियों ने देशी-विदेशी ब्रांडेड शराब भी बरामद की थी। इसे भी पढ़ेंः Bihar: CM Nitish को गिरिराज की नसीहत, कानून व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ से लेनी चाहिए सीखछपरा में पिछले साल दिसंबर में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 80 लोगों की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि कालाबाजारी में शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय पुलिस के खिलाफ शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनवरी में सीवान में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद, बिहार पुलिस ने राज्य में शराब के व्यापार, भंडारण और खरीद के मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया था।
बिहार के मोतिहारी जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम छः लोगों की मौत हो गई है। ये मौतें राज्य के मोतिहारी जिले के लक्ष्मीपुर गांव में हुईं। दस अन्य लोगों ने भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डीआईजी चंपारण रेंज जयंत कांत ने बताया कि छह लोगों की मौत हो गई है और दो गंभीर सहित दस लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख जताया है और रिपोर्ट मांगी है। इसे भी पढ़ेंः Breaking: बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से पाँच की मौत, बारह गंभीर रूप से बीमारअप्रैल दो हज़ार सोलह में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में शराब की बिक्री और खपत पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। यह एक ऐसा कदम था जिससे नीतीश ने बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं साधने की कोशिश की थी। प्रतिबंध के बावजूद, राज्य में काला बाजार में शराब की बिक्री और स्थानीय रूप से निर्मित नकली शराब के सेवन से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। इस साल फरवरी में राज्य के आबकारी विभाग ने पंद्रह लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से आठ शराब कारोबारी थे। इनके पास से अधिकारियों ने देशी-विदेशी ब्रांडेड शराब भी बरामद की थी। इसे भी पढ़ेंः Bihar: CM Nitish को गिरिराज की नसीहत, कानून व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ से लेनी चाहिए सीखछपरा में पिछले साल दिसंबर में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से अस्सी लोगों की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि कालाबाजारी में शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय पुलिस के खिलाफ शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनवरी में सीवान में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद, बिहार पुलिस ने राज्य में शराब के व्यापार, भंडारण और खरीद के मामले में सोलह लोगों को गिरफ्तार किया था।
ट्वेंटिएथ सेंचुरी स्टूडियोज और 21 लैप्स की हॉरर-थ्रिलर फिल्म द बूगीमैन का नया ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हो गया है। ट्वेंटिएथ सेंचुरी स्टूडियोज और 21 लैप्स की हॉरर-थ्रिलर फिल्म द बूगीमैन का नया ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हो गया है। फिल्म का ट्रेलर काफी डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला है। यह फिल्म 2 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म स्टीफन किंग की लघु कहानी पर आधारित है, जो 1973 में प्रकाशित हुई थी। फिल्म द बूगीमैन में में सोफी थैचर, क्रिस मेसिना, विवियन लायरा ब्लेयर, मारिन आयरलैंड, मैडिसन हू, लिसागे हैमिल्टन और डेविड डेस्टमलचियन हैं। फिल्म के निर्देशक रॉब सैवेज ने कहा कि 'मुझे बचपन में किंग की लघुकथा को पढ़कर महसूस किया गया डर स्पष्ट रूप से याद है। इस डर को मैं दुनिया भर के सिनेमा दर्शकों को महसूस करना चाहता था'। यह फिल्म क्रिएटिव कि एक अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली टीम के सहयोग से बनाई गई है। इस फिल्म में हमारे अविश्वसनीय कलाकारों का अद्भुत अभिनय, भावपूर्ण प्रदर्शन देखने को मिलेगा। हमें इस फिल्म पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है। हम आपको दो जून को फिर से अंधेरे से डरने के लिए तैयार है, जिसका हम इंतजार नहीं कर सकते। फिल्म की कहानी एक मनोचिकित्सक की है जो एक मरीज से मिलने के बाद अलौकिक शक्तियों की उपस्थिति का अनुभव करना शुरू करता है। वह मरीज एक अप्राकृतिक प्राणी द्वारा परिवार का शिकार करने का दावा करता है। वह बताता है कि कैसे एक बूगीमैन ने उसके परिवार को शाप दिया और उसके बच्चों का शिकार किया। डॉक्टर तब उसकी बातों पर विश्वास नहीं करता, लेकिन जब वही सब उसके साथ होता है तो वह कैसे इसका सामना करता है, यही सब फिल्म में दिखाया गया है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
ट्वेंटिएथ सेंचुरी स्टूडियोज और इक्कीस लैप्स की हॉरर-थ्रिलर फिल्म द बूगीमैन का नया ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हो गया है। ट्वेंटिएथ सेंचुरी स्टूडियोज और इक्कीस लैप्स की हॉरर-थ्रिलर फिल्म द बूगीमैन का नया ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हो गया है। फिल्म का ट्रेलर काफी डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला है। यह फिल्म दो जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म स्टीफन किंग की लघु कहानी पर आधारित है, जो एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर में प्रकाशित हुई थी। फिल्म द बूगीमैन में में सोफी थैचर, क्रिस मेसिना, विवियन लायरा ब्लेयर, मारिन आयरलैंड, मैडिसन हू, लिसागे हैमिल्टन और डेविड डेस्टमलचियन हैं। फिल्म के निर्देशक रॉब सैवेज ने कहा कि 'मुझे बचपन में किंग की लघुकथा को पढ़कर महसूस किया गया डर स्पष्ट रूप से याद है। इस डर को मैं दुनिया भर के सिनेमा दर्शकों को महसूस करना चाहता था'। यह फिल्म क्रिएटिव कि एक अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली टीम के सहयोग से बनाई गई है। इस फिल्म में हमारे अविश्वसनीय कलाकारों का अद्भुत अभिनय, भावपूर्ण प्रदर्शन देखने को मिलेगा। हमें इस फिल्म पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है। हम आपको दो जून को फिर से अंधेरे से डरने के लिए तैयार है, जिसका हम इंतजार नहीं कर सकते। फिल्म की कहानी एक मनोचिकित्सक की है जो एक मरीज से मिलने के बाद अलौकिक शक्तियों की उपस्थिति का अनुभव करना शुरू करता है। वह मरीज एक अप्राकृतिक प्राणी द्वारा परिवार का शिकार करने का दावा करता है। वह बताता है कि कैसे एक बूगीमैन ने उसके परिवार को शाप दिया और उसके बच्चों का शिकार किया। डॉक्टर तब उसकी बातों पर विश्वास नहीं करता, लेकिन जब वही सब उसके साथ होता है तो वह कैसे इसका सामना करता है, यही सब फिल्म में दिखाया गया है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
करनाल हाकी क्लब ने 96वीं आल इंडिया ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। नैनीताल, [जेएनएन]: करनाल हाकी क्लब ने 96वीं आल इंडिया ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फ्लैट्स मैदान पर प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबला कोप्स ऑफ सिगनल जालंधर व करनाल हॉकी क्लब के बीच खेला गया। मध्यांतर तक दोनों ही टीमें बिना किसी गोल के बराबरी पर थी। मध्यांतर के बाद खेले गए मुकाबले में करनाल ने दो व जालंधर की टीम ने एक गोल किया और अंत में करनाल ने मैच को दो-एक से जीत लिया। विजयी टीम की ओर से नरेंद्र यादव व कुलजीत सिंह ने अपनी टीम के लिए एक-एक गोल किए, जबकि पराजित टीम की ओर से एकमात्र गोल मनजीत सिंह ने किया। निर्णायक खालिद हसन व जीएस सिंह रहे।
करनाल हाकी क्लब ने छियानवेवीं आल इंडिया ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। नैनीताल, [जेएनएन]: करनाल हाकी क्लब ने छियानवेवीं आल इंडिया ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फ्लैट्स मैदान पर प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबला कोप्स ऑफ सिगनल जालंधर व करनाल हॉकी क्लब के बीच खेला गया। मध्यांतर तक दोनों ही टीमें बिना किसी गोल के बराबरी पर थी। मध्यांतर के बाद खेले गए मुकाबले में करनाल ने दो व जालंधर की टीम ने एक गोल किया और अंत में करनाल ने मैच को दो-एक से जीत लिया। विजयी टीम की ओर से नरेंद्र यादव व कुलजीत सिंह ने अपनी टीम के लिए एक-एक गोल किए, जबकि पराजित टीम की ओर से एकमात्र गोल मनजीत सिंह ने किया। निर्णायक खालिद हसन व जीएस सिंह रहे।
ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा' का बॉक्स ऑफिस पर धमाल अभी भी जारी है। 'कांतारा' को देश में ही नहीं विदेश में काफी सराहना मिल रही हैं। फिल्म वर्ल्ड वाइड 400 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर चुकी हैं और अभी भी इसकी कमाई जारी हैं। छोटे से बजट में बनी यह फिल्म अभी तक कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। वहीं, अब ऋषभ शेट्टी ने फिल्म के क्लाइमेक्स सीन को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा, 'उस स्थान पर पानी लाना बहुत कठिन था। हमने आसपास के ग्रामीणों से पूछा कि क्या हम शूटिंग के उन 6-7 दिनों के लिए पास के कुएं से पानी भर सकते हैं। जब तक हम शूटिंग कर रहे थे, तब तक कुआं भी खाली हो चुका था। बारिश के प्रभाव से पूरी रात शूटिंग करना बहुत हेक्टिक था और हमने कई वर्षों के बाद ऐसा कुछ शूट किया। प्री-क्लाइमेक्स के लिए रिहर्सल करते समय, मुझे अपने कंधे में समस्या होने लगी। 360 डिग्री शॉट के दौरान मेरा एक कंधा खिसक (डिसलोकेट) गया। अगले ही दिन शूटिंग के दौरान मेरा दूसरा कंधा भी खिसक गया, लेकिन मैंने शूटिंग जारी रखी। '
ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा' का बॉक्स ऑफिस पर धमाल अभी भी जारी है। 'कांतारा' को देश में ही नहीं विदेश में काफी सराहना मिल रही हैं। फिल्म वर्ल्ड वाइड चार सौ करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर चुकी हैं और अभी भी इसकी कमाई जारी हैं। छोटे से बजट में बनी यह फिल्म अभी तक कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। वहीं, अब ऋषभ शेट्टी ने फिल्म के क्लाइमेक्स सीन को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा, 'उस स्थान पर पानी लाना बहुत कठिन था। हमने आसपास के ग्रामीणों से पूछा कि क्या हम शूटिंग के उन छः-सात दिनों के लिए पास के कुएं से पानी भर सकते हैं। जब तक हम शूटिंग कर रहे थे, तब तक कुआं भी खाली हो चुका था। बारिश के प्रभाव से पूरी रात शूटिंग करना बहुत हेक्टिक था और हमने कई वर्षों के बाद ऐसा कुछ शूट किया। प्री-क्लाइमेक्स के लिए रिहर्सल करते समय, मुझे अपने कंधे में समस्या होने लगी। तीन सौ साठ डिग्री शॉट के दौरान मेरा एक कंधा खिसक गया। अगले ही दिन शूटिंग के दौरान मेरा दूसरा कंधा भी खिसक गया, लेकिन मैंने शूटिंग जारी रखी। '
दरअसल मैच के आखिरी ओवर की पहली गेंद पर इफ्तिखार ने कगिसो रबाडा को लॉन्ग ऑन के ऊपर से उठाकर मारने की कोशिश की। इस दौरान गेंद से बैट का कनेक्शन भी काफी शानदार था और वह लगभग बाउंड्री को पार चुका था लेकिन वहां खड़े राइली रूसो ने छलांग लगाते हुए गेंद को अपने हाथ में समा लिया। रूसो ने इस दौरान गजब का संतुलन दिखाया क्योंकि उनके पास रिएक्शन टाइम बहुत ही कम था लेकिन बाउंड्री रोप के पास क्लीन कैच लेकर उन्होंने सबको हैरान कर दिया। इस तरह साउथ अफ्रीकी टीम के को हैट्रिक विकेट मिला। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान एक बार फिर से टूर्नामेंट में संघर्ष करते नजर आए। बाबर ने 6 और रिजवान सिर्फ 4 बनाकर आउट हो गए। हालांकि मध्यक्रम में टीम के लिए इफ्तिखार अहमद ने पारी को संभाला और बेहतरीन 51 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 35 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और दो शानदार छक्के भी लगाए। इफ्तिखार के अलावा पाकिस्तान के लिए मैच में शादाब खान ने भी रंग जमाया। शादाब ने 22 गेंद में 52 रनों की तेज तर्रार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने चार छक्के और तीन चौके लगाए। इस तरह पाकिस्तान की टीम मैच में एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। साउथ अफ्रीका की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज एनरिक नॉर्खिया रहे। नॉर्खिया ने अपने चार ओवर के स्पेल में पाकिस्तान के चार बल्लेबाजों को आउट किया। इस दौरान उन्होंने कुल 41 रन खर्च किए। नॉर्खिया के अलावा साउथ अफ्रीका के लिए वेन पर्नेल, कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी और तबरेज शम्सी खाते में एक-एक विकेट आया।
दरअसल मैच के आखिरी ओवर की पहली गेंद पर इफ्तिखार ने कगिसो रबाडा को लॉन्ग ऑन के ऊपर से उठाकर मारने की कोशिश की। इस दौरान गेंद से बैट का कनेक्शन भी काफी शानदार था और वह लगभग बाउंड्री को पार चुका था लेकिन वहां खड़े राइली रूसो ने छलांग लगाते हुए गेंद को अपने हाथ में समा लिया। रूसो ने इस दौरान गजब का संतुलन दिखाया क्योंकि उनके पास रिएक्शन टाइम बहुत ही कम था लेकिन बाउंड्री रोप के पास क्लीन कैच लेकर उन्होंने सबको हैरान कर दिया। इस तरह साउथ अफ्रीकी टीम के को हैट्रिक विकेट मिला। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान एक बार फिर से टूर्नामेंट में संघर्ष करते नजर आए। बाबर ने छः और रिजवान सिर्फ चार बनाकर आउट हो गए। हालांकि मध्यक्रम में टीम के लिए इफ्तिखार अहमद ने पारी को संभाला और बेहतरीन इक्यावन रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने पैंतीस गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और दो शानदार छक्के भी लगाए। इफ्तिखार के अलावा पाकिस्तान के लिए मैच में शादाब खान ने भी रंग जमाया। शादाब ने बाईस गेंद में बावन रनों की तेज तर्रार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने चार छक्के और तीन चौके लगाए। इस तरह पाकिस्तान की टीम मैच में एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। साउथ अफ्रीका की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज एनरिक नॉर्खिया रहे। नॉर्खिया ने अपने चार ओवर के स्पेल में पाकिस्तान के चार बल्लेबाजों को आउट किया। इस दौरान उन्होंने कुल इकतालीस रन खर्च किए। नॉर्खिया के अलावा साउथ अफ्रीका के लिए वेन पर्नेल, कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी और तबरेज शम्सी खाते में एक-एक विकेट आया।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के कुछ हिस्सों में बारिश शुरु हो गई है। मौसम ब्यूरो ने मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के लिए आंधी तूफान की चेतावनी जारी की। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर और उपनगरों में अलग-अलग क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के की रफ्तार से तेज हवाओं के साथयेलो अलर्ट 'जारी किया है। इसी तरह का अलर्ट रविवार को ठाणे के लिए भी जारी किया गया है। इसी बीच बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वह तटीय इलाकों में ना जाए। इसी के साथ देशभर से मानसून लौट रहा है इसी के साथ आज ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कोंकण गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना है। भारत के मौसम विभाग के पश्चिमी क्षेत्र के उप-महानिदेशक केएस होसलीकर ने कहा कि सैटेलाइट इमेज और मौसम के मॉडल ने महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर 3 से 4 अक्टूबर के बीच हल्की और तेज आंधी के साथ मध्यम से तेज आंधी आने के संकेत दिए हैं। रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भी सप्ताहांत में गरज के साथ बारिश हो सकती है। उत्तरी महाराष्ट्र के नंदुरबार, धुले और नासिक जिलों के लिए एक 'नारंगी अलर्ट' जारी किया गया है, जबकि पुणे, कोल्हापुर, सांगली, सतारा और अहमदनगर सहित मध्य महाराष्ट्र के विभिन्न अन्य क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ बारिश की उम्मीद की जा सकती है।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के कुछ हिस्सों में बारिश शुरु हो गई है। मौसम ब्यूरो ने मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए आंधी तूफान की चेतावनी जारी की। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शहर और उपनगरों में अलग-अलग क्षेत्रों में तीस से चालीस किलोग्राममीटर प्रति घंटे के की रफ्तार से तेज हवाओं के साथयेलो अलर्ट 'जारी किया है। इसी तरह का अलर्ट रविवार को ठाणे के लिए भी जारी किया गया है। इसी बीच बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वह तटीय इलाकों में ना जाए। इसी के साथ देशभर से मानसून लौट रहा है इसी के साथ आज ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कोंकण गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना है। भारत के मौसम विभाग के पश्चिमी क्षेत्र के उप-महानिदेशक केएस होसलीकर ने कहा कि सैटेलाइट इमेज और मौसम के मॉडल ने महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर तीन से चार अक्टूबर के बीच हल्की और तेज आंधी के साथ मध्यम से तेज आंधी आने के संकेत दिए हैं। रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भी सप्ताहांत में गरज के साथ बारिश हो सकती है। उत्तरी महाराष्ट्र के नंदुरबार, धुले और नासिक जिलों के लिए एक 'नारंगी अलर्ट' जारी किया गया है, जबकि पुणे, कोल्हापुर, सांगली, सतारा और अहमदनगर सहित मध्य महाराष्ट्र के विभिन्न अन्य क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ बारिश की उम्मीद की जा सकती है।
लगातार जुकाम, कफ, कंपकंपी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत अगर समय रहते दूर न हो तो इसे केवल ठंड की बीमारी नहीं समझना चाहिए क्योंकि यह न्यूमोनिया की शुरुआत भी हो सकती है. यूनिसेफ का कहना है कि फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी न्यूमोनिया दुनिया भर में बच्चों की मौत का मुख्य कारण है और हर साल विश्व के करीब 18 फीसदी बच्चे इसकी वजह से अपनी जान गंवाते हैं. इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रोहित सी अग्रवाल ने कहा कि दुनिया भर में हर साल पांच साल से कम उम्र के करीब 14 लाख बच्चे न्यूमोनिया की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं. यह आंकड़ा एड्स, मलेरिया और टीबी से बच्चों की मौत के कुल आंकड़े से कहीं ज्यादा है. यह समस्या ठंड में बढ़ जाती है. न्यूमोनिया वास्तव में श्वांस संबंधी समस्या है जिसमें फेफड़ों में बैक्टीरिया, वायरस, फफूंद या परजीवी का संक्रमण हो जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, न्यूमोनिया से होने वाली मौत का मुख्य कारण स्ट्रैप्टोकॉकस न्यूमोनिया है. फेफड़ों में संक्रमण (न्यूमोनिया), मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क में संक्रमण), बैक्टेरेमिया (रक्त में संक्रमण), ओटाइटिस मेडिया (कानों में संक्रमण) और साइनोसाइटिस (साइनस संक्रमण) आदि को न्यूमोकॉकल बीमारियां कहा जाता है. डॉ पंकज के अनुसार, 24 माह से 59 माह के ऐसे बच्चों को न्यूमोकॉकल बीमारियां होने की आशंका अधिक होती है जिनका जन्म समय से पहले हुआ हो, जिनका वजन सामान्य से कम हो, जिनके फेफड़ों का पूर्ण विकास न हुआ हो, फेफड़ों में हवाओं की गुहा संकरी हों, जिन्हें कुपोषण हो या जिनका प्रतिरोधक तंत्र कमजोर हो.
लगातार जुकाम, कफ, कंपकंपी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत अगर समय रहते दूर न हो तो इसे केवल ठंड की बीमारी नहीं समझना चाहिए क्योंकि यह न्यूमोनिया की शुरुआत भी हो सकती है. यूनिसेफ का कहना है कि फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी न्यूमोनिया दुनिया भर में बच्चों की मौत का मुख्य कारण है और हर साल विश्व के करीब अट्ठारह फीसदी बच्चे इसकी वजह से अपनी जान गंवाते हैं. इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रोहित सी अग्रवाल ने कहा कि दुनिया भर में हर साल पांच साल से कम उम्र के करीब चौदह लाख बच्चे न्यूमोनिया की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं. यह आंकड़ा एड्स, मलेरिया और टीबी से बच्चों की मौत के कुल आंकड़े से कहीं ज्यादा है. यह समस्या ठंड में बढ़ जाती है. न्यूमोनिया वास्तव में श्वांस संबंधी समस्या है जिसमें फेफड़ों में बैक्टीरिया, वायरस, फफूंद या परजीवी का संक्रमण हो जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, न्यूमोनिया से होने वाली मौत का मुख्य कारण स्ट्रैप्टोकॉकस न्यूमोनिया है. फेफड़ों में संक्रमण , मेनिन्जाइटिस , बैक्टेरेमिया , ओटाइटिस मेडिया और साइनोसाइटिस आदि को न्यूमोकॉकल बीमारियां कहा जाता है. डॉ पंकज के अनुसार, चौबीस माह से उनसठ माह के ऐसे बच्चों को न्यूमोकॉकल बीमारियां होने की आशंका अधिक होती है जिनका जन्म समय से पहले हुआ हो, जिनका वजन सामान्य से कम हो, जिनके फेफड़ों का पूर्ण विकास न हुआ हो, फेफड़ों में हवाओं की गुहा संकरी हों, जिन्हें कुपोषण हो या जिनका प्रतिरोधक तंत्र कमजोर हो.
ड़ा है, यह दूर न हो और अपने आत्म गुण विकसित न हों, तब तक यह नत्रय ज्ञान गुणमाला स्पष्ट दिखती नहीं है। अनुभव में तो आ गई, उसका वरूप अतीन्द्रिय आनन्द पूर्ण परमात्म स्वरूप प्रत्यक्ष वेदन में आ गई, अब सके लिए जो शुद्ध दृष्टि अपने त्रिकाली ध्रुव स्वभाव की साधना करते हैं और ह कब होती है ? जब आशा, भय, स्नेह, लोभ आदि छूट जाते हैं, जो अव्रत शा से ऊपर उठता है, वह आत्म पुरूषार्थी जीव अपना स्व-कार्य साधने में फल होता है। जिसका ज्ञान, रागादि भाव और विकल्प से भिन्न होकर अपने सत्स्वरूप का निर्विकल्प अनुभव करता है, वहाँ अपूर्व शान्ति का वेदन ता है। ऐसी स्वानुभव दशा होते ही, अन्तर में खुद को पक्का निश्चय हो चुका के अब मैं मोक्ष के मार्ग में हूँ, अब मेरे भव का अन्त आ गया, अब मैं सिद्ध भगवान के समाज में शामिल हो गया भले ही मैं छोटा हूँ, अभी मेरा साधक व अल्प है, तो भी मैं सिद्ध के समान ही हूँ। मेरे गुण प्रगट होने पर मैं भी पूर्ण रमात्मा हूँ, इसी लक्ष्य इसी भावना को लेकर अपने अचिन्त्य आत्म वैभव को निज में देखकर साधक परम तृप्ति का अनुभव करता है। अभी ग्रहस्थ दशा में परिवार सहित है, फिर भी उसकी ज्ञानचेतना उन ब से जल में कमलवत् अलिप्त रहती है; अतः वह कर्मों से लिप्त नहीं होता, परन्तु छूटता ही जाता है। जिसको ऐसा स्वानुभव होता है, उसे ही उसका भान होता है। बाकी आणी से, बाह्य चिन्हों से या राग से उसकी पहिचान नहीं होती। ज्ञानी की स्वानुभूति का पथ जगत से निराला है, ऐसे अभूतपूर्व आनन्द की अनुभूति लिए उसे मस्ती जागृत होती है, ज्ञानी की अद्भुत मस्ती को जानी ही पहिचानता है, उसकी गम्भीरता उसके अन्दर में समायी रहती है। वह अकेला ही अन्तर में आनन्द का अनुभव करता हुआ, मोक्ष पथ पर पला जा रहा है, उसे जगत की परवाह नहीं रहती। धर्म के प्रसंग में तथा पर्मात्मा के संग में उसको विशिष्ट उल्लास आता है। अन्तर शुद्ध द्रव्य रूप, निष्क्रिय, ध्रुव, चिदानन्द वह निश्चय तथा उसके अवलम्बन से प्रगट हुई निर्विकल्प, मोक्षमार्ग दशा व्यवहार है।
ड़ा है, यह दूर न हो और अपने आत्म गुण विकसित न हों, तब तक यह नत्रय ज्ञान गुणमाला स्पष्ट दिखती नहीं है। अनुभव में तो आ गई, उसका वरूप अतीन्द्रिय आनन्द पूर्ण परमात्म स्वरूप प्रत्यक्ष वेदन में आ गई, अब सके लिए जो शुद्ध दृष्टि अपने त्रिकाली ध्रुव स्वभाव की साधना करते हैं और ह कब होती है ? जब आशा, भय, स्नेह, लोभ आदि छूट जाते हैं, जो अव्रत शा से ऊपर उठता है, वह आत्म पुरूषार्थी जीव अपना स्व-कार्य साधने में फल होता है। जिसका ज्ञान, रागादि भाव और विकल्प से भिन्न होकर अपने सत्स्वरूप का निर्विकल्प अनुभव करता है, वहाँ अपूर्व शान्ति का वेदन ता है। ऐसी स्वानुभव दशा होते ही, अन्तर में खुद को पक्का निश्चय हो चुका के अब मैं मोक्ष के मार्ग में हूँ, अब मेरे भव का अन्त आ गया, अब मैं सिद्ध भगवान के समाज में शामिल हो गया भले ही मैं छोटा हूँ, अभी मेरा साधक व अल्प है, तो भी मैं सिद्ध के समान ही हूँ। मेरे गुण प्रगट होने पर मैं भी पूर्ण रमात्मा हूँ, इसी लक्ष्य इसी भावना को लेकर अपने अचिन्त्य आत्म वैभव को निज में देखकर साधक परम तृप्ति का अनुभव करता है। अभी ग्रहस्थ दशा में परिवार सहित है, फिर भी उसकी ज्ञानचेतना उन ब से जल में कमलवत् अलिप्त रहती है; अतः वह कर्मों से लिप्त नहीं होता, परन्तु छूटता ही जाता है। जिसको ऐसा स्वानुभव होता है, उसे ही उसका भान होता है। बाकी आणी से, बाह्य चिन्हों से या राग से उसकी पहिचान नहीं होती। ज्ञानी की स्वानुभूति का पथ जगत से निराला है, ऐसे अभूतपूर्व आनन्द की अनुभूति लिए उसे मस्ती जागृत होती है, ज्ञानी की अद्भुत मस्ती को जानी ही पहिचानता है, उसकी गम्भीरता उसके अन्दर में समायी रहती है। वह अकेला ही अन्तर में आनन्द का अनुभव करता हुआ, मोक्ष पथ पर पला जा रहा है, उसे जगत की परवाह नहीं रहती। धर्म के प्रसंग में तथा पर्मात्मा के संग में उसको विशिष्ट उल्लास आता है। अन्तर शुद्ध द्रव्य रूप, निष्क्रिय, ध्रुव, चिदानन्द वह निश्चय तथा उसके अवलम्बन से प्रगट हुई निर्विकल्प, मोक्षमार्ग दशा व्यवहार है।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी पड़ताल करें। नई दिल्ली (विश्वास टीम)। विश्वास न्यूज़ को अपने वॉट्सऐप चैटबॉट पर एक क्लेम मिला, जिसमें लोगों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस देने की बात की जा रही है। पोस्ट में लोगों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया है। विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है। क्या है वायरल पोस्ट में? विश्वास न्यूज को हमारे वॉट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 95992 99372 पर यह मैसेज फैक्ट चेकिंग के लिए मिला। वायरल पोस्ट में किए जा रहे दावे का सच जानने के लिए सबसे पहले गूगल पर कीवर्ड्स की मदद से सर्च शुरू किया, लेकिन भारत में आम जनता के लिए इस तरह की किसी निजी या सरकारी योजन पर हमें कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। हालांकि, हमें jagranjosh.com की एक खबर मिली, जिसमें कहा गया कि हरियाणा सरकार कक्षा 8 से 12 तक के सरकारी स्कूल के बच्चों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस देने वाली है। पर इसे पाने के लिए किसी रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं कहा गया था। हमें ऐसी ही एक खबर वेस्ट बंगाल को लेकर भी मिली। jagranjosh.com की खबर के अनुसार, "ममता बनर्जी की अगुआई वाली पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में 9.5 लाख से अधिक छात्रों को टैबलेट डिवाइस देने की योजना बना रही है, जो अगले साल उच्च माध्यमिक परीक्षा में शामिल होने वाले हैं।" इस खबर में भी किसी रजिस्ट्रेशन के बारे में नहीं कहा गया था। हालांकि, विश्वास को मिले ग्राफिक में कोई लिंक नहीं था मगर ग्राफिक में लिखा था, "रजिस्ट्रेशन करने की आखरी तारीख" जिससे पता चलता है कि इस ग्राफिक के साथ एक लिंक भी भेजा गया होगा। निष्कर्षः विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी पड़ताल करें। कॉरपोरेट और राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सत्ता को हमेशा आइना दिखाने वाली फैक्ट चेक जर्नलिज्म सिर्फ और सिर्फ आपके सहयोग से संभव है। इस मुहिम में हमें आपके साथ और सहयोगी की जरूरत है। फर्जी और गुमराह करने वाली खबर के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमारी मदद करें और कृपया हमें आर्थिक सहयोग दें।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी पड़ताल करें। नई दिल्ली । विश्वास न्यूज़ को अपने वॉट्सऐप चैटबॉट पर एक क्लेम मिला, जिसमें लोगों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस देने की बात की जा रही है। पोस्ट में लोगों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया है। विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है। क्या है वायरल पोस्ट में? विश्वास न्यूज को हमारे वॉट्सऐप हेल्पलाइन नंबर पचानवे हज़ार नौ सौ बानवे निन्यानवे हज़ार तीन सौ बहत्तर पर यह मैसेज फैक्ट चेकिंग के लिए मिला। वायरल पोस्ट में किए जा रहे दावे का सच जानने के लिए सबसे पहले गूगल पर कीवर्ड्स की मदद से सर्च शुरू किया, लेकिन भारत में आम जनता के लिए इस तरह की किसी निजी या सरकारी योजन पर हमें कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। हालांकि, हमें jagranjosh.com की एक खबर मिली, जिसमें कहा गया कि हरियाणा सरकार कक्षा आठ से बारह तक के सरकारी स्कूल के बच्चों को मुफ्त टैबलेट डिवाइस देने वाली है। पर इसे पाने के लिए किसी रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं कहा गया था। हमें ऐसी ही एक खबर वेस्ट बंगाल को लेकर भी मिली। jagranjosh.com की खबर के अनुसार, "ममता बनर्जी की अगुआई वाली पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में नौ.पाँच लाख से अधिक छात्रों को टैबलेट डिवाइस देने की योजना बना रही है, जो अगले साल उच्च माध्यमिक परीक्षा में शामिल होने वाले हैं।" इस खबर में भी किसी रजिस्ट्रेशन के बारे में नहीं कहा गया था। हालांकि, विश्वास को मिले ग्राफिक में कोई लिंक नहीं था मगर ग्राफिक में लिखा था, "रजिस्ट्रेशन करने की आखरी तारीख" जिससे पता चलता है कि इस ग्राफिक के साथ एक लिंक भी भेजा गया होगा। निष्कर्षः विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा यह मैसेज फर्जी है। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले पूरी पड़ताल करें। कॉरपोरेट और राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सत्ता को हमेशा आइना दिखाने वाली फैक्ट चेक जर्नलिज्म सिर्फ और सिर्फ आपके सहयोग से संभव है। इस मुहिम में हमें आपके साथ और सहयोगी की जरूरत है। फर्जी और गुमराह करने वाली खबर के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमारी मदद करें और कृपया हमें आर्थिक सहयोग दें।
Breaking News : बग़ावत के बाद NCP कार्यकर्ताओं में रोष, Sharad Pawar कर सकते हैं शक्ति प्रदर्शन! Breaking News : बग़ावत के बाद NCP कार्यकर्ताओं में रोष, Sharad Pawar कर सकते हैं शक्ति प्रदर्शन! Today there will be a show of strength on behalf of Sharad Pawar, leaders and workers have started arriving outside Sharad Pawars house. There is anger among the workers due to the split in the NCP. आज शरद पवार की तरफ़ से शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा, शरद पवार के घर के बाहर नेता और कार्यकर्ता पहुंचने शुरू हो चुके हैं। एनसीपी के दो फाड़ होने पर कार्यकर्ताओं में रोष है। Seema Haider News : सीमा हैदर के India आने का असल मकसद क्या है? सुनिए क्या बोले Advocate AP Singh ?
Breaking News : बग़ावत के बाद NCP कार्यकर्ताओं में रोष, Sharad Pawar कर सकते हैं शक्ति प्रदर्शन! Breaking News : बग़ावत के बाद NCP कार्यकर्ताओं में रोष, Sharad Pawar कर सकते हैं शक्ति प्रदर्शन! Today there will be a show of strength on behalf of Sharad Pawar, leaders and workers have started arriving outside Sharad Pawars house. There is anger among the workers due to the split in the NCP. आज शरद पवार की तरफ़ से शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा, शरद पवार के घर के बाहर नेता और कार्यकर्ता पहुंचने शुरू हो चुके हैं। एनसीपी के दो फाड़ होने पर कार्यकर्ताओं में रोष है। Seema Haider News : सीमा हैदर के India आने का असल मकसद क्या है? सुनिए क्या बोले Advocate AP Singh ?
घटक सबसे प्रत्याशित और पहले में है इतिहास भारत इस दक्षिण एशियाई देश के विशेषज्ञों द्वारा विकसित एक गुप्त मानव रहित लड़ाकू विमान (UCAV) है। पूरे भारत में विभिन्न संगठन इसके निर्माण में शामिल हैं, जिसमें कानपुर में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT- कानपुर भी शामिल है। अल्फा डिफेंस का भारतीय संस्करण इस बारे में बात करता है। वाहन का 1: 1 स्केल मॉडल वर्तमान में विकसित किया जा रहा है, और जल्द ही घाट अपनी पहली उड़ान बनाएगा। यह ध्यान दिया जाता है कि यूएवी में एक फ्लाइंग विंग डिज़ाइन है, जो कुछ हद तक इसके नियंत्रण को जटिल करता है। डिवाइस को नियंत्रित करना आसान बनाने के लिए, भारतीय विमानन विकास एजेंसी एडीए जोर वेक्टर नियंत्रण के सिद्धांत को लागू करने जा रही है। यह तकनीक एडीए और आईआईटी-कानपुर द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई थी। यह एक कड़े मंच के साथ एक परिवर्तित नोजल में अनुप्रस्थ जेट इंजेक्शन पर आधारित है। थ्रस्ट वेक्टरिंग तकनीक से घाटक को यात्रा की दिशा बदलने में आसानी होगी। इस परियोजना पर काम करते हुए, दो संस्थानों के वैज्ञानिकों ने 2017 में संयुक्त परीक्षण किया, जो कि एक दिशात्मक प्रवाह के साथ एक परिवर्तित नोजल में इंजेक्शन के साथ जबड़ा दिशा में एक जोरदार वेक्टरकरण बनाने के लिए और त्रिकोणीय आकार के पिछाड़ी मंच का उपयोग करते हुए, जैसा कि विशेष पोर्टल विज्ञान द्वारा रिपोर्ट किया गया है। प्रत्यक्ष। भारत अपनी वायु सेना के लिए घाट स्वायत्त स्टील्थ ड्रोन विकसित कर रहा है। यह टोही मिशनों के लिए बनाया गया है, लेकिन यह मिसाइलों, बमों और उच्च परिशुद्धता गोला बारूद के साथ हड़ताल कार्य भी कर सकता है। भारत अभी यह बात नहीं कर रहा है कि ऐसा यूएवी कब उतरेगा। - लेखकः - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
घटक सबसे प्रत्याशित और पहले में है इतिहास भारत इस दक्षिण एशियाई देश के विशेषज्ञों द्वारा विकसित एक गुप्त मानव रहित लड़ाकू विमान है। पूरे भारत में विभिन्न संगठन इसके निर्माण में शामिल हैं, जिसमें कानपुर में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT- कानपुर भी शामिल है। अल्फा डिफेंस का भारतीय संस्करण इस बारे में बात करता है। वाहन का एक: एक स्केल मॉडल वर्तमान में विकसित किया जा रहा है, और जल्द ही घाट अपनी पहली उड़ान बनाएगा। यह ध्यान दिया जाता है कि यूएवी में एक फ्लाइंग विंग डिज़ाइन है, जो कुछ हद तक इसके नियंत्रण को जटिल करता है। डिवाइस को नियंत्रित करना आसान बनाने के लिए, भारतीय विमानन विकास एजेंसी एडीए जोर वेक्टर नियंत्रण के सिद्धांत को लागू करने जा रही है। यह तकनीक एडीए और आईआईटी-कानपुर द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई थी। यह एक कड़े मंच के साथ एक परिवर्तित नोजल में अनुप्रस्थ जेट इंजेक्शन पर आधारित है। थ्रस्ट वेक्टरिंग तकनीक से घाटक को यात्रा की दिशा बदलने में आसानी होगी। इस परियोजना पर काम करते हुए, दो संस्थानों के वैज्ञानिकों ने दो हज़ार सत्रह में संयुक्त परीक्षण किया, जो कि एक दिशात्मक प्रवाह के साथ एक परिवर्तित नोजल में इंजेक्शन के साथ जबड़ा दिशा में एक जोरदार वेक्टरकरण बनाने के लिए और त्रिकोणीय आकार के पिछाड़ी मंच का उपयोग करते हुए, जैसा कि विशेष पोर्टल विज्ञान द्वारा रिपोर्ट किया गया है। प्रत्यक्ष। भारत अपनी वायु सेना के लिए घाट स्वायत्त स्टील्थ ड्रोन विकसित कर रहा है। यह टोही मिशनों के लिए बनाया गया है, लेकिन यह मिसाइलों, बमों और उच्च परिशुद्धता गोला बारूद के साथ हड़ताल कार्य भी कर सकता है। भारत अभी यह बात नहीं कर रहा है कि ऐसा यूएवी कब उतरेगा। - लेखकः - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
चंदौली। भाजपा की बैठक बुधवार को जिला कार्यालय पर हुई। इसमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि बलिदान दिवस के रूप में मनायी गयी। इस दौरान जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश में दो विधान दो प्रधान और दो निशान नहीं चलने का नारा दिया। इससे वह देश की एकता व अखंडता को जोड़े रखना चाहते थे। डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झंडा और अलग संविधान था। इसके उपरांत उत्तर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष दर्शना सिंह को भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराने के साथ ही प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अनिल सिंह, अनिल तिवारी, जितेंद्र पांडेय, शिवराज सिंह, जैनेंद्र कुमार, राकेश मिश्रा, पंकज मिश्रा, अविनाश सिंह, मनोज सिंह, शेषनाथ आदि उपस्थित रहे।
चंदौली। भाजपा की बैठक बुधवार को जिला कार्यालय पर हुई। इसमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि बलिदान दिवस के रूप में मनायी गयी। इस दौरान जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश में दो विधान दो प्रधान और दो निशान नहीं चलने का नारा दिया। इससे वह देश की एकता व अखंडता को जोड़े रखना चाहते थे। डाशून्य श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झंडा और अलग संविधान था। इसके उपरांत उत्तर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष दर्शना सिंह को भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराने के साथ ही प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अनिल सिंह, अनिल तिवारी, जितेंद्र पांडेय, शिवराज सिंह, जैनेंद्र कुमार, राकेश मिश्रा, पंकज मिश्रा, अविनाश सिंह, मनोज सिंह, शेषनाथ आदि उपस्थित रहे।
सूरतगंज बाराबंकीः भारतीय किसान यूनियन भदौरिया संगठन के सदस्यता अभियान के दौरान कस्बा सुंधियामऊ स्थित मंडल अयोध्या कार्यालय पर बीते बुधवार को दर्जनों किसानों ने सदस्यता ग्रहण की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर हाकिम सिंह भदौरिया ने संगठन के बारे में विधवत जानकारी के देते कहा कि संगठन से जुड़े हुए किसान सदस्यों के साथ बेलगाम अधिकारियों की बदसलूकी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी शासन प्रशासन का कोई भी अधिकारी कर्मचारी किसानों को बेवजह परेशान करता है तो किसान यूनियन भगोरिया संगठन किसान परिवारों के साथ न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगा। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव मो०साबिर ने कहा हमें एकजुट होकर किसानों के लिए संघर्ष करना है जिसमें जाति धर्म का कोई स्थान नहीं है अकेले कोई भी लड़ाई लड़ी नहीं जा सकती है इसलिए हमें एकजुट होकर संगठन की मजबूती को बुलंदियों तक पहुंचाना, कार्यक्रम में राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार राम सिंह प्रदेश महासचिव रंजीत सिंह प्रदेश सचिव दिलीप सिंह यादव प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यशवंत सिंह, मंडल अध्यक्ष अयोध्या ध्रुव कुमार सिंह, मंडल प्रभारी सूरज रावत, देवीपाटन मंडल महासचिव,जिला उपाध्यक्ष बाराबंकी रजनीश सिंह, बहराइच जिला प्रचार मंत्री हसनैन खान,नदीम सिद्दीकी, लल्लू मिश्रा आदि किसानों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष मुन्नू मो० फरहान हसील फतेहपुर अध्यक्ष अजय कुमार सुजीत,कमल धारी पाण्डेय, मो कय्यूम, रामपाल वर्मा, अबू सलीम, शान वारिस नरेंद्र कुमार,नुरुल हसन, हरदेव यादव मो० कामरान, राममिलन रावत सहित दर्जनों किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सूरतगंज बाराबंकीः भारतीय किसान यूनियन भदौरिया संगठन के सदस्यता अभियान के दौरान कस्बा सुंधियामऊ स्थित मंडल अयोध्या कार्यालय पर बीते बुधवार को दर्जनों किसानों ने सदस्यता ग्रहण की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर हाकिम सिंह भदौरिया ने संगठन के बारे में विधवत जानकारी के देते कहा कि संगठन से जुड़े हुए किसान सदस्यों के साथ बेलगाम अधिकारियों की बदसलूकी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी शासन प्रशासन का कोई भी अधिकारी कर्मचारी किसानों को बेवजह परेशान करता है तो किसान यूनियन भगोरिया संगठन किसान परिवारों के साथ न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगा। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव मोशून्यसाबिर ने कहा हमें एकजुट होकर किसानों के लिए संघर्ष करना है जिसमें जाति धर्म का कोई स्थान नहीं है अकेले कोई भी लड़ाई लड़ी नहीं जा सकती है इसलिए हमें एकजुट होकर संगठन की मजबूती को बुलंदियों तक पहुंचाना, कार्यक्रम में राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार राम सिंह प्रदेश महासचिव रंजीत सिंह प्रदेश सचिव दिलीप सिंह यादव प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यशवंत सिंह, मंडल अध्यक्ष अयोध्या ध्रुव कुमार सिंह, मंडल प्रभारी सूरज रावत, देवीपाटन मंडल महासचिव,जिला उपाध्यक्ष बाराबंकी रजनीश सिंह, बहराइच जिला प्रचार मंत्री हसनैन खान,नदीम सिद्दीकी, लल्लू मिश्रा आदि किसानों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष मुन्नू मोशून्य फरहान हसील फतेहपुर अध्यक्ष अजय कुमार सुजीत,कमल धारी पाण्डेय, मो कय्यूम, रामपाल वर्मा, अबू सलीम, शान वारिस नरेंद्र कुमार,नुरुल हसन, हरदेव यादव मोशून्य कामरान, राममिलन रावत सहित दर्जनों किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Ahmedabad blast case 2008 : ट्विटर ने गुजरात भाजपा का ट्विट डिलीट कर PM मोदी की यूपी की मुहिम को दिया झटका। Ahmedabad Bomb Blast Case : चौहद साल पहले अहमदाबाद बम ब्लास्ट केस में अदालत का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद से आतंकी घटनाओं को लेकर सियासी चर्चा सुर्खियों में हैं। इस बीच ट्विटर ने अहमदाबाद ब्लास्ट केस पर अदालत के फैसले से जुड़े गुजरात भाजपा के एक टिृवट को ट्विटर ने डिलीट ( Twitter Removed BJP Tweet ) कर पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) की आतंकवाद को यूपी से जोड़ने की मुहिम को बड़ा झटका दिया है। गुजरात भाजपा ने अदालत का फैसला आने के बाद विवादित ट्विट पब्लिक डोमेन में साझा किया था, जिसे ट्विटर ने अपने प्रोटोकॉल के खिलाफ माना है। दरअसल, साल 2008 के अहमदाबाद सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में 38 दोषियों को मौत की सजा सुनाए जाने के विशेष अदालत के फैसले की सराहना करते हुए भाजपा गुजरात इकाई द्वारा किए गए ट्वीट को ट्विटर ने एक विवाद के बाद हटा दिया है। इस मामले में गुजरात BJP के प्रवक्ता यग्नेश दवे ने बताया है कि 2008 के सिलसिलेवार बम विस्फोटों के फैसले पर किए गए पोस्ट को किसी की शिकायत के बाद ट्विटर ने हटा दिया है। दवे के मुताबिक ट्वीट अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए किया गया था। गुजरात भाजपा के ट्वीट में क्या था? गुजरात भाजपा के ट्वीट में एक कार्टून डाला गया था। कार्टून में कुछ लोगों को टोपी पहने हुए दिखाया गया था। ट्विट में दिखाए गए लोग फांसी के फंदे से लटके हुए थे। इसकी पृष्ठभूमि में एक तिरंगा और बम विस्फोट के दृश्य को दर्शाने वाला एक चित्र था। चित्र के ऊपरी हिस्से में दाएं कोने पर 'सत्यमेव जयते' लिखा हुआ था। Ahmedabad Bomb Blast Case : इसे अहमदाबाद सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में विशेष अदालत के फैसले के एक दिन बाद यानि शनिवार को गुजरात BJP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया था। अदालत ने इस मामले में 38 दोषियों को मौत की सजा और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी। 200 से अधिक अन्य लोग घायल हो गए थे। अदालत के इस फैसले को ऐतिहासिक माना जा रहा है। भारतीय न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में पहली बार 38 लोगों को एक साथ फांसी की सजा सुनाई गई। लेकिन ट्विटर ने इस मुद्दे को यूपी में सियासी तरीके से कैश करने के भाजपा की मुहिम को शुरुआती स्तर ट्विट डिलीट कर झटका दे दिया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने शनिवार को हरदोई में एक जनसभा में कहा था कि समाजवादी पार्टी को आतंकवादी समर्थक बताया। उन्होंने कहा था कि मैं उस दिन को भूल नहीं सकता जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और अहमदाबाद में सीरियल बम धमाके हुए थे। 2012 में जब सपा सत्ता में आई तो आतंकवादियों पर से बम धमाकों का मुकदमा वापस लेने का फैसला किया था। सपा पर गोरखपुर, अयोध्या और लखनऊ में बम धमाकों के आरोपियों से मुकदमा वापस लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अदालतों ने सपा की साजिश नहीं चलने दी और आतंकी को सजा सुनाई। यूपी में एक दो नहीं बल्कि आतंकी हमलों के 14 मुकदमों में सपा सरकार ने मुकदमे वापस लेने का फैसला लिया था। क्या आतंकवादियों को बचाने का सपा का ये खेल ठीक है?
Ahmedabad blast case दो हज़ार आठ : ट्विटर ने गुजरात भाजपा का ट्विट डिलीट कर PM मोदी की यूपी की मुहिम को दिया झटका। Ahmedabad Bomb Blast Case : चौहद साल पहले अहमदाबाद बम ब्लास्ट केस में अदालत का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद से आतंकी घटनाओं को लेकर सियासी चर्चा सुर्खियों में हैं। इस बीच ट्विटर ने अहमदाबाद ब्लास्ट केस पर अदालत के फैसले से जुड़े गुजरात भाजपा के एक टिृवट को ट्विटर ने डिलीट कर पीएम नरेंद्र मोदी की आतंकवाद को यूपी से जोड़ने की मुहिम को बड़ा झटका दिया है। गुजरात भाजपा ने अदालत का फैसला आने के बाद विवादित ट्विट पब्लिक डोमेन में साझा किया था, जिसे ट्विटर ने अपने प्रोटोकॉल के खिलाफ माना है। दरअसल, साल दो हज़ार आठ के अहमदाबाद सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में अड़तीस दोषियों को मौत की सजा सुनाए जाने के विशेष अदालत के फैसले की सराहना करते हुए भाजपा गुजरात इकाई द्वारा किए गए ट्वीट को ट्विटर ने एक विवाद के बाद हटा दिया है। इस मामले में गुजरात BJP के प्रवक्ता यग्नेश दवे ने बताया है कि दो हज़ार आठ के सिलसिलेवार बम विस्फोटों के फैसले पर किए गए पोस्ट को किसी की शिकायत के बाद ट्विटर ने हटा दिया है। दवे के मुताबिक ट्वीट अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए किया गया था। गुजरात भाजपा के ट्वीट में क्या था? गुजरात भाजपा के ट्वीट में एक कार्टून डाला गया था। कार्टून में कुछ लोगों को टोपी पहने हुए दिखाया गया था। ट्विट में दिखाए गए लोग फांसी के फंदे से लटके हुए थे। इसकी पृष्ठभूमि में एक तिरंगा और बम विस्फोट के दृश्य को दर्शाने वाला एक चित्र था। चित्र के ऊपरी हिस्से में दाएं कोने पर 'सत्यमेव जयते' लिखा हुआ था। Ahmedabad Bomb Blast Case : इसे अहमदाबाद सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में विशेष अदालत के फैसले के एक दिन बाद यानि शनिवार को गुजरात BJP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया था। अदालत ने इस मामले में अड़तीस दोषियों को मौत की सजा और ग्यारह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इन धमाकों में छप्पन लोगों की मौत हो गई थी। दो सौ से अधिक अन्य लोग घायल हो गए थे। अदालत के इस फैसले को ऐतिहासिक माना जा रहा है। भारतीय न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में पहली बार अड़तीस लोगों को एक साथ फांसी की सजा सुनाई गई। लेकिन ट्विटर ने इस मुद्दे को यूपी में सियासी तरीके से कैश करने के भाजपा की मुहिम को शुरुआती स्तर ट्विट डिलीट कर झटका दे दिया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हरदोई में एक जनसभा में कहा था कि समाजवादी पार्टी को आतंकवादी समर्थक बताया। उन्होंने कहा था कि मैं उस दिन को भूल नहीं सकता जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और अहमदाबाद में सीरियल बम धमाके हुए थे। दो हज़ार बारह में जब सपा सत्ता में आई तो आतंकवादियों पर से बम धमाकों का मुकदमा वापस लेने का फैसला किया था। सपा पर गोरखपुर, अयोध्या और लखनऊ में बम धमाकों के आरोपियों से मुकदमा वापस लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अदालतों ने सपा की साजिश नहीं चलने दी और आतंकी को सजा सुनाई। यूपी में एक दो नहीं बल्कि आतंकी हमलों के चौदह मुकदमों में सपा सरकार ने मुकदमे वापस लेने का फैसला लिया था। क्या आतंकवादियों को बचाने का सपा का ये खेल ठीक है?
दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ तमाम जगहों पर लोगों की रैंडम चेकिंग की जा रही है ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। रेलवे स्टेशनों पर भी विशेष तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। यहां यात्रियों की रैंडम कोरोना आरटीपीसीआर व रैपिड एंटीजन जांच हो रही है। बरेली के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों मेडिकल कॉरपोरेशन से मिली एंटीजन किट के रद्दी साबित होने के बावजूद उससे करीब 10 हजार लोगों के टेस्ट कर डाले। बिहार में 1 मई से शुरू हो रहे 18 से 44 साल के लोगों के कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर 28 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। ब्रिटेन की यात्रा से लौटे व्यक्तियों में से कोविड-19 संक्रमितों का पता लगाने के लिए दिल्ली में घर-घर जाकर चलाये जा रहे अभियान के तहत दो और यात्री कोविड-19 संक्रमित पाए गए हैं। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (कोविड-19) के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक रहने से सक्रिय मामलों में कमी आयी है।
दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ तमाम जगहों पर लोगों की रैंडम चेकिंग की जा रही है ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। रेलवे स्टेशनों पर भी विशेष तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। यहां यात्रियों की रैंडम कोरोना आरटीपीसीआर व रैपिड एंटीजन जांच हो रही है। बरेली के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों मेडिकल कॉरपोरेशन से मिली एंटीजन किट के रद्दी साबित होने के बावजूद उससे करीब दस हजार लोगों के टेस्ट कर डाले। बिहार में एक मई से शुरू हो रहे अट्ठारह से चौंतालीस साल के लोगों के कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर अट्ठाईस अप्रैल से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। ब्रिटेन की यात्रा से लौटे व्यक्तियों में से कोविड-उन्नीस संक्रमितों का पता लगाने के लिए दिल्ली में घर-घर जाकर चलाये जा रहे अभियान के तहत दो और यात्री कोविड-उन्नीस संक्रमित पाए गए हैं। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक रहने से सक्रिय मामलों में कमी आयी है।
स्पोर्ट्स स्टेडियम श्रावस्ती के खिलाड़ी विभिन्न स्तरों पर प्रतिभाग कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। जिला क्रीड़ा आधिकारी शिव कुमार यादव एवं खो-खो कोच जागेसर सैनी के नेतृत्व में खो-खो एवं बैडमिंटन में खिलाड़ियों का चयन अंडर 19 एसजीएफआई स्कूल्स गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हुआ। जिले के खिलाड़ी छात्र-छात्राओं ने एसजीएफआई के राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जिले के खिलाड़ियों ने खो-खो प्रतियोगिता में आगरा को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया और जिले का नाम रोशन किया। वहीं इन सभी खिलाड़ियों को डीएम कृतिका शर्मा ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में समारोह का आयोजन कर सम्मानित किया। सभी खिलाड़ियों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की है। वहीं डीएम ने सभी खिलाड़ियों को आश्वासन देते हुए कहा कि खेल से संबंधित मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इससे श्रावस्ती के खिलाड़ी जिले स्तर से लेकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकें। वहीं, जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि 6 से 12 जून 2023 तक दिल्ली में आयोजित एसजीएफआई बालिका खो-खो राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें श्रावस्ती जिले से सिम्मी आजमी ने प्रतिभाग किया। वहीं, ग्वालियर में 8 से 12 जून 2023 तक आयोजित एसजीएफआई बैडमिंटन राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जिले से सजल श्रीवास्तव ने प्रतिभाग कर दोनों खिलाड़ियों ने पूरे जिले का नाम रोशन किया। 1 से 03 जून 2023 तक आगरा एकलव्य स्टेडियम में स्टेयर फाउंडेशन के द्वारा राज्य स्तरीय इंटर स्कूल खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में श्रावस्ती स्टेडियम की टीम विजेता रही। This website follows the DNPA Code of Ethics.
स्पोर्ट्स स्टेडियम श्रावस्ती के खिलाड़ी विभिन्न स्तरों पर प्रतिभाग कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। जिला क्रीड़ा आधिकारी शिव कुमार यादव एवं खो-खो कोच जागेसर सैनी के नेतृत्व में खो-खो एवं बैडमिंटन में खिलाड़ियों का चयन अंडर उन्नीस एसजीएफआई स्कूल्स गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हुआ। जिले के खिलाड़ी छात्र-छात्राओं ने एसजीएफआई के राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जिले के खिलाड़ियों ने खो-खो प्रतियोगिता में आगरा को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया और जिले का नाम रोशन किया। वहीं इन सभी खिलाड़ियों को डीएम कृतिका शर्मा ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में समारोह का आयोजन कर सम्मानित किया। सभी खिलाड़ियों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की है। वहीं डीएम ने सभी खिलाड़ियों को आश्वासन देते हुए कहा कि खेल से संबंधित मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इससे श्रावस्ती के खिलाड़ी जिले स्तर से लेकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकें। वहीं, जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि छः से बारह जून दो हज़ार तेईस तक दिल्ली में आयोजित एसजीएफआई बालिका खो-खो राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें श्रावस्ती जिले से सिम्मी आजमी ने प्रतिभाग किया। वहीं, ग्वालियर में आठ से बारह जून दो हज़ार तेईस तक आयोजित एसजीएफआई बैडमिंटन राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जिले से सजल श्रीवास्तव ने प्रतिभाग कर दोनों खिलाड़ियों ने पूरे जिले का नाम रोशन किया। एक से तीन जून दो हज़ार तेईस तक आगरा एकलव्य स्टेडियम में स्टेयर फाउंडेशन के द्वारा राज्य स्तरीय इंटर स्कूल खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में श्रावस्ती स्टेडियम की टीम विजेता रही। This website follows the DNPA Code of Ethics.
विशाल-शेखर हिन्दी फिल्मों के संगीत निर्देशन की एक जोड़ी है (विशाल दादलानी और शेखर रवजियानी). 36 संबंधोंः चांस पे डांस, चेन्नई एक्सप्रेस, एक अजनबी (२००४ चलचित्र), डॉन २, तीसमार खां, द डर्टी पिक्चर, दोस्ताना (2008), नीरजा (फ़िल्म), फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार, फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार, बुड्ढा होगा तेरा बाप, ब्रेक के बाद, बैंग बैंग, बॉस (२०१३ हिन्दी फ़िल्म), रा.वन, रास्कल्स, रेस 2, श्रेया घोषाल, सुल्तान (2016 फ़िल्म), स्टुडेंट ऑफ़ द ईयर, हंसी तो फंसी, हैप्पी न्यू ईयर (२०१४ फ़िल्म), विशाल दादलानी, गिप्पी, गोरी तेरे प्यार में, गोलमाल (फ़िल्म श्रृंखला), ओम शांति ओम, कनिका कपूर, कमीने, कहानी (फ़िल्म), केके के गाये गीतों की सूची, अनजाना अनजानी, अमिताभ भट्टाचार्य, अरिजीत सिंह के गाये गीतों की सूची, अलादीन (फिल्म), 57वे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार। चांस पे डांस बॉलीवुड की नाटाकीय फ़िल्म है जिसमें मुख्य अभिनय भूमिका में शाहिद कपूर और जेनेलिया डिसूज़ा हैं। इसके निर्देशक केन घोष हैं और निर्माता रोनी स्क्रूवाला हैं जिसे यूटीवी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाया गया है। फ़िल्म 15 जनवरी 2010 को जारी की गयी . चेन्नई एक्सप्रेस रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित और गौरी खान द्वारा निर्मित 2013 की भारतीय एक्शन हास्य फ़िल्म है। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण फ़िल्म में मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म ने 226.70 करोड़ का करोड़ रूपए का कारोबार किया था। . एक अजनबी (२००४ चलचित्र) एक अजनबी टोनी स्कॉट के २००४ के चलचित्र मैन ऑन फ़ायर का एक बॉलीवुड रीमेक है। इस चलचित्र का निर्देशन अपूर्व लखिया ने किया है और अमिताभ बच्चन ने डेन्ज़ेल वॉशिंग्टन की भूमिका निभाई है। सह-कलाकार हैं अर्जुन रामपाल और पेरीज़ाद ज़ोराबियान। . डॉन २ एक बॉलीवुड फ़िल्म है जो २१ दिसम्बर २०११ को रिलीज़ हुई जिसे फरहान अख्तर द्वारा निर्मित किया गया है। फ़िल्म में शाहरुख़ ख़ान व प्रियंका चोपड़ा मुख्य भूमिका में है और लारा दत्ता, ओम पुरी व कुणाल कपूर सह-कलाकार की भूमिका में। यह 2006 में बनी डॉन का दूसरा भाग है। इसे 21 दिसम्बर 2011 को 2डी और 3डी में व तमिल और तेलुगू भाषाओं में रिलिज़ किया गया। . तीसमार खां, 24 दिसम्बर 2010 को प्रदर्शित होने वाली एक बॉलीवुड फिल्म है, जिसका निर्देशन मै हूँ ना और ओम शांति ओम जैसी सफल फिल्मों की निर्देशक फराह खान कर रही हैं। तीसमार खां में अक्षय कुमार, अक्षय खन्ना तथा कैटरीना कैफ की मुख्य भूमिकाएं है। फिल्म का नायक एक अंतर्राष्ट्रीय ठग है जो खुद को तीसमार खां यानी चालक समझता है। फिल्म की पटकथा शिरीष कुंदर ने लिखी है, फिल्म में संगीत विशाल-शेखर का और गीत जावेद अख़्तर के हैं। फिल्म की पटकथा शाहरुख खान को ध्यान में रखकर लिखी गयी थी, पर किसी कारणवश वो उसमे काम नहीं कर सके और यह भूमिका अक्षय कुमार की झोली में चली गयी। आजकल फिल्म को फिल्माया जा रहा है। . द डर्टी पिक्चर (The Dirty Picture) 2011 में बनी सिल्क स्मिता की जीवनी पर आधारित हिन्दी फ़िल्म है। फ़िल्म निर्माताओं ने हालांकि यह साफ़ किया है कि फ़िल्म कि कहानी पूरी तरह स्मिता पर आधारित नहीं है परन्तु उन्ही की तरह अन्य दक्षिणात्य अभिनेत्रियों, जैसे नायलोन नलिनी और डिस्को शांती से भी प्रभावित है और लोकप्रिय संस्क्रती में एक स्त्री के निजी जीवन और उसके संघर्ष की कहानी बयां करती है जिसमें हॉलीवुड अभिनेत्री और सेक्स सिम्बल मर्लिन मुनरो भी शामिल है। फ़िल्म का निर्देशन मिलन लुथरिया ने किया है और इसकी सह-निर्माता शोभा कपूर और एकता कपूर है। एकता कपूर को जब इस फ़िल्म का खयाल आया तब उन्होंने कथानक-कर रजत अरोडा को कहानी लिखने को कहा। द डर्टी पिक्चर को विश्वभर में हिन्दी, तमिल और तेलगु भाषओं में 2 दिसम्बर 2011 को रिलीज़ किया गया (स्मिता की जन्म तारीख पर)। विद्या बालन, नसीरुद्दीन शाह और इमरान हाशमी ने फ़िल्म में मुख्य किरदारों की भुमिका निभाई है। रिलीज़ के पश्च्यात फ़िल्म को समीक्षकों द्वारा काफ़ी सराहा गया और व्यावसाइक दृष्टी से यह एक सफल फ़िल्म रही। . दोस्ताना (हिन्दी) 14 नवम्बर 2008 को प्रदर्शित हुई एक बॉलीवुड की फिल्म है। फिल्म में अभिषेक बच्चन, जॉन अब्राहम और प्रियंका चोपड़ा की प्रमुख भूमिकायें हैं। फिल्म का निर्देशन करण जौहर के सहायक तरुण मनसुखानी ने किया है। पूरी फिल्म को मियामी, अमेरिका में फिल्माया गया है और यह बॉलीवुड की पहली फिल्म है जिसकी पृष्टभूमि पूरी तरह मियामी पर आधारित है। फिल्म की शूटिंग मार्च 2008 में शुरू हुई थी। फिल्म का निर्माण धर्मा प्रोडक्शन्स् ने किया है। . नीरजा (फ़िल्म) नीरजा भनोट २०१५ की भारतीय फ़िल्म है। यह एक जीवनी फ़िल्म है जिसका निर्देशन राम माधवानी कर रहे हैं जबकि पटकथा लेखन का कार्य साइव्यन क़ौद्रस कर रहे हैं एवं इसका निर्माण फॉक्स स्टार स्टूडियो के बैनर तले अतुल कशबेकर कर रहे हैं। फ़िल्म का प्रमुख फ़िल्मांकन १९ अप्रैल २०१५ को आरम्भ हुआ और इसे २०१५ में ही कभी जारी करने की योजना है। . फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार हिंदी फिल्मों के लिए वार्षिक फिल्मफेयर पुरस्कार के हिस्से के रूप में फिल्मफेयर द्वारा दिया जाने वाला पुरस्कार है। यह किसी पुरुष पार्श्व गायक को दिया जाता है जिसने फिल्म गीत में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यद्यपि पुरस्कार समारोह की स्थापना 1954 में हुई थी लेकिन 1959 में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक की श्रेणी शुरू की गई थी। यह पुरस्कार 1967 तक पुरुष और माहिला गायक दोनों के लिए शुरू में एक ही था। इस श्रेणी को अगले वर्ष विभाजित किया गया था और जब से पुरुष और महिला गायक को अलग पुरस्कार से प्रस्तुत किया जाता है। . फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका द्वारा प्रति वर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार है। . ब्रेक के बाद 2010 में बनी भारतीय हिन्दी फ़िल्म है जिसका निर्देशन दानिश असलम ने किया है व दीपिका पादुकोण और इमरान ख़ान ने मुख्य भूमिका निभाई है। फ़िल्म में शहना गोस्वामी और युधिष्टर उर्स भाई-बहन के रूप में व शर्मीला टेगोर, नविन निस्चोल और लिलेट दुबे सह-कलाकारों के रूप में है। . बैंग बैंग! 2014 की सिद्धार्थ आनन्द द्वारा निर्देशित हिन्दी एक्शन रूमानी फ़िल्म है। फिल्म हॉलीवुड फिल्म नाइट एंड डे की आधिकारिक रीमेक है और मूल में क्रमशः टॉम क्रूज़ और कैमरुन डिएज़ द्वारा निभाए गये किरदार इसमें ऋतिक रोशन और कैटरीना कैफ ने अदा करे हैं। फ़िल्म दुनिया भर में लगभग 5100 स्क्रीन में 2 अक्टूबर, 2014 को जारी की गई जो एक बॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे बड़ी रिलीज है। फ़िल्म को मिली-जुली से नकारात्मक समीक्षा मिली। फ़िल्म ने पहले चार दिन में दुनियाभर से 175 करोड़ कमाये। . बॉस (२०१३ हिन्दी फ़िल्म) बॉस एंथनी डीसूजा द्वारा निर्देशित बॉलीवुड की एक एक्शन मसाला फ़िल्म है। फ़िल्म का निर्माण कैप गुड फ़िल्म्स और अश्विन वर्दी प्रोडक्शन ने किया है और अक्षय कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, शिव पंडित, अदिति राव हयाद्री और रॉनित रॉय अभिनीत है। यह स्पष्ट रूप से मलयाली फ़िल्म पोकरी राजा का पुनर्निमाण है जिसमें मामूट्टी, पृथ्वीराज सुकुमारन और श्रिया सरन ने अभिनय किया है। बॉस फ़िल्म का ट्रैलर अक्षय कुमार अभिनीत फ़िल्म वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई-दोबारा के साथ 14 अगस्त 2013 को जारी किया गया, जो एक दिन बाद जारी की गई। फ़िल्म का ट्रैलर यूट्यूब पर 27 अगस्त 2013 को जारी किया गया एवं फ़िल्म 16 अक्टूबर 2013 को जारी की गई। . रा.वन (Ra.One) एक २०११ कि भारतीय विज्ञान कथा सुपरहीरो फ़िल्म है, जो अनुभव सिन्हा द्वारा लिखी और निर्देशित की गयी है। फ़िल्म में शाहरुख खान दोहरी भूमिकाओं में नज़र आते हैं, एक कंप्यूटर खेल विकासकर्ता और जी॰वन सुपर हीरो के रूप में। फ़िल्म में रा॰वन के रूप में अर्जुन रामपाल हैं। फ़िल्म में करीना कपूर और अरमान वर्मा भी हैं। शहना गोस्वामी, दलीप तहिल और चीनी अमेरिकी अभिनेता टॉम वू समर्थन भूमिका में दिखाई देते हैं। रजनीकांत, संजय दत्त और प्रियंका चोपड़ा अतिथि भूमिका में दिखाई देते हैं। . रास्कल्स (Rascals) २०१२ में बनी हिन्दी फ़िल्म है जिसमें संजय दत्त, अजय देवगन, कंगना रानौत, अर्जुन रामपाल मुख्य भूमिका में है। . रेस 2 टिप्स म्यूज़िक के बैनर तले बनी, अब्बास-मस्तान द्वारा निर्देशित एक्शन थ्रिलर फ़िल्म है। यह २००८ की फ़िल्म रेस की उत्तरकृत्ति है जिसमें अभिनय कलाकारों में अल्प बदलाव भी किया गया है जिसमें अनिल कपूर और सैफ़ अली ख़ान क्रमशः अपने रोबर्ट डीकोस्टा और रणवीर सिंह की अभिनय भूमिका में हैं जबकि दीपिका पादुकोण, जॉन अब्राहम, जैकलिन फर्नांडीस और अमीषा पटेल अतिरिक्त कलाकारों के रूप में जुड़े हैं। बिपाशा बसु ने अपना सोनिया मार्टिन का अभिनय अतिथि भूमिका के रूप में निभाया है। इसका कुल बजट था, रेस 2 25 जनवरी 2013 को जारी की गई और समालोचकों से मिली जुली समीक्षा प्राप्त की और टिकट खिड़की पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए घरेलू सिनेमाघरों में कमाए। यह २०१३ में प्रदर्शित फ़िल्मों में प्रथम फ़िल्म है जो १०० करोड़ क्लब में शामील हुई। बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार फ़िल्म घरेलू सिनेमा में अर्ध-सफल रही और विश्वस्तर पर सफल फ़िल्म रही। . श्रेया घोषाल (जन्म तारीख़ः 12 मार्च 1984) एक भारतीय पार्श्व गायिका है। उन्होंने बॉलीवुड में, क्षेत्रीय फिल्मों बहुत सारे गाने गाए और कस्तूरी जैसे भारतीय धारावाहिकों के लिए भी गाया है। हिंदी के अलावा, उन्होंने असमिया, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु में भी गाने गाए हैं। . सुल्तान (2016 फ़िल्म) सुल्तान भारतीय हिन्दी फ़िल्म है, जिसका निर्देशन अली अब्बास जाफ़र ने तथा निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है। इसमें मुख्य किरदार में सलमान खान और अनुष्का शर्मा हैं। . स्टुडेंट ऑफ़ द ईयर एक भारतीय रोमांटिक ड्रामा फिल्म है जिसका निर्देशन करण जौहर ने किया है और निर्माण हीरू यश जौहर ने धर्मा प्रोडक्शन्स के बैनर तले किया है। . हंसी तो फंसी विनिल मैथ्यू द्वारा निर्देशित तथा करण जौहर एवं अनुराग कश्यप द्वारा निर्मित हिन्दी फ़िल्म है। फ़िल्म सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा अभिनीत है। फ़िल्म ७ फ़रवरी २०१४ को अन्य बॉलीवुड फ़िल्मों हार्टलेस, या रबा और बबलू हैप्पी है के साथ जारी की गई। . हैप्पी न्यू ईयर (२०१४ फ़िल्म) कोई विवरण नहीं। विशाल दादलानी एक भारतीय गायक,म्यूज़िक रिकॉर्ड निर्माता, रचनाकार है। अब तक विशाल दादलानी लगभग ३०० से ४०० गाने जा चुके है। इनका जन्म मुम्बई में सन २८ जून १९७३ को हुआ था। इन्हें बचपन से ही संगीत से विशेष लगाव था इस कारण इनके माता-पिता भी बहुत प्रेम करते थे। विशाल का जन्म एक सिंधी परिवार में हुआ था जो मुम्बई महाराष्ट्र में रहते थे। ये एक स्वयं सीखे संगीतकार है और ये रॉक,इलेक्ट्रॉनिका तथा हिप-हॉप शैली में गायन करते हैं। इन्होंने अपनी शिक्षा हिल ग्रेंज हाई स्कूल से शुरू की थी . गिप्पी सोनम नैर द्वारा निर्देशित एवं करण जौहर द्वारा निर्मित 2013 की हिन्दी नाटक फ़िल्म है, जो 10 मई 2013 को जारी की गयी है। फ़िल्म में रिया विज और ताह शाह फ़िल्म में मुख्य भूमिका में हैं। . गोरी तेरे प्यार में पुनीत मल्होत्रा द्वारा लिखित एवं निर्देशित २०१३ की भारतीय रोमांटिक हास्य फ़िल्म है। फ़िल्म का निर्माण धर्मा प्रोडक्शन्स के बैनर तले करण जौहर ने किया है जिसमें इमरान ख़ान, करीना कपूर खान और श्रद्धा कपूर ने मुख्य अभिनेता हैं। . गोलमाल (फ़िल्म श्रृंखला) गोलमाल, रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित भारतीय और ढिल्लिन मेहता द्वारा निर्मित, एक्शन-हास्य फिल्मों की एक श्रृंखला है। अब तक सभी चार फिल्मों में अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर मुख्य भुमिका में रहे हैं। पहली फिल्म गोलमालः फ़न अनलिमिटेड 2006 में प्रदर्शित हुई, दूसरी फिल्म गोलमाल रिटर्न्स 2008 में प्रदर्शित हुई। तीसरी फिल्म गोलमाल 3 को 2010 में प्रदर्शित हुई और उस वर्ष की दूसरी सबसे बड़ी कमाई वाली हिन्दी फिल्म बन गई। इस श्रृंखला की चौथी फ़िल्म गोलमाल अगेन, दीवाली के अवसर पर 20 अक्टूबर 2017 को प्रदर्शित हुई। गोलमाल अब बॉलीवुड में पांचवी सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म श्रृंखला है। सीआईडी 999 श्रृंखला, सीबीआई श्रृंखला, मेजर महादेवन श्रृंखला और राज़ श्रृंखला के बाद यह पांचवी भारतीय फिल्म फ्रेंचाइज जिसकी चार फ़िल्मे आई है। . ओम शांति ओम २००७ में आई बॉलीवुड की एक फिल्म है जिसका निर्देशन और नृत्य निर्देशन फराह खान ने किया है। इसमें शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण प्रमुख भूमिकाओं में हैं जबकि श्रेयस तलपड़े, अर्जुन रामपाल और किरन खेर ने अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई है। अर्जुन रामपाल फिल्म में खलनायक हैं। इसके अतिरिक्त बॉलीवुड के कई अन्य सितारों ने इस फिल्म में विशेष भूमिकायें की हैं। . कणिका कपूर (कनिका कपूर के रूप में भी जानी जाती है) बॉलीवुड की एक नवीनतम गायिका हैं। इनका जन्म २३ मार्च १९७८ को लखनऊ, उत्तरप्रदेश में हुआ, वर्तमान में यह लंदन की निवासी हैं। इनका बेबी डॉल नामक गाना प्रसिद्ध हुआ। इन्होंने अपन करियर हिन्दी भाषी संगीत में २०१२ में शुरू किया। . कमिने विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित एवं शाहिद कपूर, प्रियंका चोपड़ा और अमोल गुप्ते अभिनीत शरारत भरे रहस्य से भरी 2009 की भारतीय फ़िल्म है। इसमें दो भाईयों की एक दिन की कहानी को दिखाया गया है जिनमें से एक तुतलाता है और दूसरा हकलाता है। . कहानी (फ़िल्म) कहानी (Kahaani) 2012 में बनी हिन्दी फ़िल्म है जिसमें विद्या बालन और इमरान हाशमी मुख्य भुमिका में है। . निम्न सूची केके द्वारा गाये गए सभी गीतों की हैः . अनजाना अनजानी 2010 की रुमानी हिन्दी फ़िल्म है जिसका निर्देशन सिद्धार्थ आनन्द ने किया है। रणबीर कपूर, प्रियंका चोपड़ा और ज़ायेद खान अभिनीत इस फ़िल्म का निर्माण नाडियाडवाल ग्रांडसन एंटरटेनमेंट के बैनर तले साजिद नाडियाडवाला ने किया है। इसका संगीत विशाल-शेखर ने दिया है जिन्होंने सिद्धार्थ की पिछली तीन फ़िल्मों में भी संगीत दिया था। सिनेमेटोग्राफी रवि के॰ चन्द्रन की है। अनजाना अनजानी २४ सितम्बर २०१० को जारी होनी थी लेकिन बाद में १ अक्टूबर २०१० को जारी की गई। . अमिताभ भट्टाचार्य बॉलीवुड फ़िल्मों में कार्यरत एक भारतीय गीतकार और पार्श्व गायक हैं। उनके गीतों को "फ्रिलफ्री" और "स्मार्टली वर्डेड" के रूप में वर्णित किये गए हैं। . निम्न सूची अरिजीत सिंह द्वारा गाये गए सभी गीतों की हैः . अलादीन (फिल्म) अलादीन सुजॉय घोष द्वारा निर्देशित २००९ की भारतीय हिंदी कपोल कल्पित साहसिक फिल्म है। इस फिल्म मै अमिताभ बच्चन, साहिल खान, रितेश देशमुख, जैकलिन फर्नांडीस और संजय दत्त ने विशेष किर्दार निभाए है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन दिया। . 57वे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार २९ जनवरी २०१० को फ़िल्म सिटी, मुंबई में २०११ में बनी हिन्दी फ़िल्म-सृष्टी की फ़िल्मों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किए गए थे। समारोह की मेज़बानी शाहरुख खान और रणबीर कपूर ने साथ मिलकर की। पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा ११ जनवरी २०१२ को की गई थी। ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा को सर्वाधिक १३ नामांकन प्राप्त हुए। इसके पीछे रॉकस्टार को नौ और देली बेली को सात नामांकन प्राप्त हुए.
विशाल-शेखर हिन्दी फिल्मों के संगीत निर्देशन की एक जोड़ी है . छत्तीस संबंधोंः चांस पे डांस, चेन्नई एक्सप्रेस, एक अजनबी , डॉन दो, तीसमार खां, द डर्टी पिक्चर, दोस्ताना , नीरजा , फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार, फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार, बुड्ढा होगा तेरा बाप, ब्रेक के बाद, बैंग बैंग, बॉस , रा.वन, रास्कल्स, रेस दो, श्रेया घोषाल, सुल्तान , स्टुडेंट ऑफ़ द ईयर, हंसी तो फंसी, हैप्पी न्यू ईयर , विशाल दादलानी, गिप्पी, गोरी तेरे प्यार में, गोलमाल , ओम शांति ओम, कनिका कपूर, कमीने, कहानी , केके के गाये गीतों की सूची, अनजाना अनजानी, अमिताभ भट्टाचार्य, अरिजीत सिंह के गाये गीतों की सूची, अलादीन , सत्तावनवे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार। चांस पे डांस बॉलीवुड की नाटाकीय फ़िल्म है जिसमें मुख्य अभिनय भूमिका में शाहिद कपूर और जेनेलिया डिसूज़ा हैं। इसके निर्देशक केन घोष हैं और निर्माता रोनी स्क्रूवाला हैं जिसे यूटीवी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाया गया है। फ़िल्म पंद्रह जनवरी दो हज़ार दस को जारी की गयी . चेन्नई एक्सप्रेस रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित और गौरी खान द्वारा निर्मित दो हज़ार तेरह की भारतीय एक्शन हास्य फ़िल्म है। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण फ़िल्म में मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म ने दो सौ छब्बीस.सत्तर करोड़ का करोड़ रूपए का कारोबार किया था। . एक अजनबी एक अजनबी टोनी स्कॉट के दो हज़ार चार के चलचित्र मैन ऑन फ़ायर का एक बॉलीवुड रीमेक है। इस चलचित्र का निर्देशन अपूर्व लखिया ने किया है और अमिताभ बच्चन ने डेन्ज़ेल वॉशिंग्टन की भूमिका निभाई है। सह-कलाकार हैं अर्जुन रामपाल और पेरीज़ाद ज़ोराबियान। . डॉन दो एक बॉलीवुड फ़िल्म है जो इक्कीस दिसम्बर दो हज़ार ग्यारह को रिलीज़ हुई जिसे फरहान अख्तर द्वारा निर्मित किया गया है। फ़िल्म में शाहरुख़ ख़ान व प्रियंका चोपड़ा मुख्य भूमिका में है और लारा दत्ता, ओम पुरी व कुणाल कपूर सह-कलाकार की भूमिका में। यह दो हज़ार छः में बनी डॉन का दूसरा भाग है। इसे इक्कीस दिसम्बर दो हज़ार ग्यारह को दोडी और तीनडी में व तमिल और तेलुगू भाषाओं में रिलिज़ किया गया। . तीसमार खां, चौबीस दिसम्बर दो हज़ार दस को प्रदर्शित होने वाली एक बॉलीवुड फिल्म है, जिसका निर्देशन मै हूँ ना और ओम शांति ओम जैसी सफल फिल्मों की निर्देशक फराह खान कर रही हैं। तीसमार खां में अक्षय कुमार, अक्षय खन्ना तथा कैटरीना कैफ की मुख्य भूमिकाएं है। फिल्म का नायक एक अंतर्राष्ट्रीय ठग है जो खुद को तीसमार खां यानी चालक समझता है। फिल्म की पटकथा शिरीष कुंदर ने लिखी है, फिल्म में संगीत विशाल-शेखर का और गीत जावेद अख़्तर के हैं। फिल्म की पटकथा शाहरुख खान को ध्यान में रखकर लिखी गयी थी, पर किसी कारणवश वो उसमे काम नहीं कर सके और यह भूमिका अक्षय कुमार की झोली में चली गयी। आजकल फिल्म को फिल्माया जा रहा है। . द डर्टी पिक्चर दो हज़ार ग्यारह में बनी सिल्क स्मिता की जीवनी पर आधारित हिन्दी फ़िल्म है। फ़िल्म निर्माताओं ने हालांकि यह साफ़ किया है कि फ़िल्म कि कहानी पूरी तरह स्मिता पर आधारित नहीं है परन्तु उन्ही की तरह अन्य दक्षिणात्य अभिनेत्रियों, जैसे नायलोन नलिनी और डिस्को शांती से भी प्रभावित है और लोकप्रिय संस्क्रती में एक स्त्री के निजी जीवन और उसके संघर्ष की कहानी बयां करती है जिसमें हॉलीवुड अभिनेत्री और सेक्स सिम्बल मर्लिन मुनरो भी शामिल है। फ़िल्म का निर्देशन मिलन लुथरिया ने किया है और इसकी सह-निर्माता शोभा कपूर और एकता कपूर है। एकता कपूर को जब इस फ़िल्म का खयाल आया तब उन्होंने कथानक-कर रजत अरोडा को कहानी लिखने को कहा। द डर्टी पिक्चर को विश्वभर में हिन्दी, तमिल और तेलगु भाषओं में दो दिसम्बर दो हज़ार ग्यारह को रिलीज़ किया गया । विद्या बालन, नसीरुद्दीन शाह और इमरान हाशमी ने फ़िल्म में मुख्य किरदारों की भुमिका निभाई है। रिलीज़ के पश्च्यात फ़िल्म को समीक्षकों द्वारा काफ़ी सराहा गया और व्यावसाइक दृष्टी से यह एक सफल फ़िल्म रही। . दोस्ताना चौदह नवम्बर दो हज़ार आठ को प्रदर्शित हुई एक बॉलीवुड की फिल्म है। फिल्म में अभिषेक बच्चन, जॉन अब्राहम और प्रियंका चोपड़ा की प्रमुख भूमिकायें हैं। फिल्म का निर्देशन करण जौहर के सहायक तरुण मनसुखानी ने किया है। पूरी फिल्म को मियामी, अमेरिका में फिल्माया गया है और यह बॉलीवुड की पहली फिल्म है जिसकी पृष्टभूमि पूरी तरह मियामी पर आधारित है। फिल्म की शूटिंग मार्च दो हज़ार आठ में शुरू हुई थी। फिल्म का निर्माण धर्मा प्रोडक्शन्स् ने किया है। . नीरजा नीरजा भनोट दो हज़ार पंद्रह की भारतीय फ़िल्म है। यह एक जीवनी फ़िल्म है जिसका निर्देशन राम माधवानी कर रहे हैं जबकि पटकथा लेखन का कार्य साइव्यन क़ौद्रस कर रहे हैं एवं इसका निर्माण फॉक्स स्टार स्टूडियो के बैनर तले अतुल कशबेकर कर रहे हैं। फ़िल्म का प्रमुख फ़िल्मांकन उन्नीस अप्रैल दो हज़ार पंद्रह को आरम्भ हुआ और इसे दो हज़ार पंद्रह में ही कभी जारी करने की योजना है। . फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार हिंदी फिल्मों के लिए वार्षिक फिल्मफेयर पुरस्कार के हिस्से के रूप में फिल्मफेयर द्वारा दिया जाने वाला पुरस्कार है। यह किसी पुरुष पार्श्व गायक को दिया जाता है जिसने फिल्म गीत में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यद्यपि पुरस्कार समारोह की स्थापना एक हज़ार नौ सौ चौवन में हुई थी लेकिन एक हज़ार नौ सौ उनसठ में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक की श्रेणी शुरू की गई थी। यह पुरस्कार एक हज़ार नौ सौ सरसठ तक पुरुष और माहिला गायक दोनों के लिए शुरू में एक ही था। इस श्रेणी को अगले वर्ष विभाजित किया गया था और जब से पुरुष और महिला गायक को अलग पुरस्कार से प्रस्तुत किया जाता है। . फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर पत्रिका द्वारा प्रति वर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार है। . ब्रेक के बाद दो हज़ार दस में बनी भारतीय हिन्दी फ़िल्म है जिसका निर्देशन दानिश असलम ने किया है व दीपिका पादुकोण और इमरान ख़ान ने मुख्य भूमिका निभाई है। फ़िल्म में शहना गोस्वामी और युधिष्टर उर्स भाई-बहन के रूप में व शर्मीला टेगोर, नविन निस्चोल और लिलेट दुबे सह-कलाकारों के रूप में है। . बैंग बैंग! दो हज़ार चौदह की सिद्धार्थ आनन्द द्वारा निर्देशित हिन्दी एक्शन रूमानी फ़िल्म है। फिल्म हॉलीवुड फिल्म नाइट एंड डे की आधिकारिक रीमेक है और मूल में क्रमशः टॉम क्रूज़ और कैमरुन डिएज़ द्वारा निभाए गये किरदार इसमें ऋतिक रोशन और कैटरीना कैफ ने अदा करे हैं। फ़िल्म दुनिया भर में लगभग पाँच हज़ार एक सौ स्क्रीन में दो अक्टूबर, दो हज़ार चौदह को जारी की गई जो एक बॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे बड़ी रिलीज है। फ़िल्म को मिली-जुली से नकारात्मक समीक्षा मिली। फ़िल्म ने पहले चार दिन में दुनियाभर से एक सौ पचहत्तर करोड़ कमाये। . बॉस बॉस एंथनी डीसूजा द्वारा निर्देशित बॉलीवुड की एक एक्शन मसाला फ़िल्म है। फ़िल्म का निर्माण कैप गुड फ़िल्म्स और अश्विन वर्दी प्रोडक्शन ने किया है और अक्षय कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, शिव पंडित, अदिति राव हयाद्री और रॉनित रॉय अभिनीत है। यह स्पष्ट रूप से मलयाली फ़िल्म पोकरी राजा का पुनर्निमाण है जिसमें मामूट्टी, पृथ्वीराज सुकुमारन और श्रिया सरन ने अभिनय किया है। बॉस फ़िल्म का ट्रैलर अक्षय कुमार अभिनीत फ़िल्म वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई-दोबारा के साथ चौदह अगस्त दो हज़ार तेरह को जारी किया गया, जो एक दिन बाद जारी की गई। फ़िल्म का ट्रैलर यूट्यूब पर सत्ताईस अगस्त दो हज़ार तेरह को जारी किया गया एवं फ़िल्म सोलह अक्टूबर दो हज़ार तेरह को जारी की गई। . रा.वन एक दो हज़ार ग्यारह कि भारतीय विज्ञान कथा सुपरहीरो फ़िल्म है, जो अनुभव सिन्हा द्वारा लिखी और निर्देशित की गयी है। फ़िल्म में शाहरुख खान दोहरी भूमिकाओं में नज़र आते हैं, एक कंप्यूटर खेल विकासकर्ता और जी॰वन सुपर हीरो के रूप में। फ़िल्म में रा॰वन के रूप में अर्जुन रामपाल हैं। फ़िल्म में करीना कपूर और अरमान वर्मा भी हैं। शहना गोस्वामी, दलीप तहिल और चीनी अमेरिकी अभिनेता टॉम वू समर्थन भूमिका में दिखाई देते हैं। रजनीकांत, संजय दत्त और प्रियंका चोपड़ा अतिथि भूमिका में दिखाई देते हैं। . रास्कल्स दो हज़ार बारह में बनी हिन्दी फ़िल्म है जिसमें संजय दत्त, अजय देवगन, कंगना रानौत, अर्जुन रामपाल मुख्य भूमिका में है। . रेस दो टिप्स म्यूज़िक के बैनर तले बनी, अब्बास-मस्तान द्वारा निर्देशित एक्शन थ्रिलर फ़िल्म है। यह दो हज़ार आठ की फ़िल्म रेस की उत्तरकृत्ति है जिसमें अभिनय कलाकारों में अल्प बदलाव भी किया गया है जिसमें अनिल कपूर और सैफ़ अली ख़ान क्रमशः अपने रोबर्ट डीकोस्टा और रणवीर सिंह की अभिनय भूमिका में हैं जबकि दीपिका पादुकोण, जॉन अब्राहम, जैकलिन फर्नांडीस और अमीषा पटेल अतिरिक्त कलाकारों के रूप में जुड़े हैं। बिपाशा बसु ने अपना सोनिया मार्टिन का अभिनय अतिथि भूमिका के रूप में निभाया है। इसका कुल बजट था, रेस दो पच्चीस जनवरी दो हज़ार तेरह को जारी की गई और समालोचकों से मिली जुली समीक्षा प्राप्त की और टिकट खिड़की पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए घरेलू सिनेमाघरों में कमाए। यह दो हज़ार तेरह में प्रदर्शित फ़िल्मों में प्रथम फ़िल्म है जो एक सौ करोड़ क्लब में शामील हुई। बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार फ़िल्म घरेलू सिनेमा में अर्ध-सफल रही और विश्वस्तर पर सफल फ़िल्म रही। . श्रेया घोषाल एक भारतीय पार्श्व गायिका है। उन्होंने बॉलीवुड में, क्षेत्रीय फिल्मों बहुत सारे गाने गाए और कस्तूरी जैसे भारतीय धारावाहिकों के लिए भी गाया है। हिंदी के अलावा, उन्होंने असमिया, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु में भी गाने गाए हैं। . सुल्तान सुल्तान भारतीय हिन्दी फ़िल्म है, जिसका निर्देशन अली अब्बास जाफ़र ने तथा निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है। इसमें मुख्य किरदार में सलमान खान और अनुष्का शर्मा हैं। . स्टुडेंट ऑफ़ द ईयर एक भारतीय रोमांटिक ड्रामा फिल्म है जिसका निर्देशन करण जौहर ने किया है और निर्माण हीरू यश जौहर ने धर्मा प्रोडक्शन्स के बैनर तले किया है। . हंसी तो फंसी विनिल मैथ्यू द्वारा निर्देशित तथा करण जौहर एवं अनुराग कश्यप द्वारा निर्मित हिन्दी फ़िल्म है। फ़िल्म सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा अभिनीत है। फ़िल्म सात फ़रवरी दो हज़ार चौदह को अन्य बॉलीवुड फ़िल्मों हार्टलेस, या रबा और बबलू हैप्पी है के साथ जारी की गई। . हैप्पी न्यू ईयर कोई विवरण नहीं। विशाल दादलानी एक भारतीय गायक,म्यूज़िक रिकॉर्ड निर्माता, रचनाकार है। अब तक विशाल दादलानी लगभग तीन सौ से चार सौ गाने जा चुके है। इनका जन्म मुम्बई में सन अट्ठाईस जून एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर को हुआ था। इन्हें बचपन से ही संगीत से विशेष लगाव था इस कारण इनके माता-पिता भी बहुत प्रेम करते थे। विशाल का जन्म एक सिंधी परिवार में हुआ था जो मुम्बई महाराष्ट्र में रहते थे। ये एक स्वयं सीखे संगीतकार है और ये रॉक,इलेक्ट्रॉनिका तथा हिप-हॉप शैली में गायन करते हैं। इन्होंने अपनी शिक्षा हिल ग्रेंज हाई स्कूल से शुरू की थी . गिप्पी सोनम नैर द्वारा निर्देशित एवं करण जौहर द्वारा निर्मित दो हज़ार तेरह की हिन्दी नाटक फ़िल्म है, जो दस मई दो हज़ार तेरह को जारी की गयी है। फ़िल्म में रिया विज और ताह शाह फ़िल्म में मुख्य भूमिका में हैं। . गोरी तेरे प्यार में पुनीत मल्होत्रा द्वारा लिखित एवं निर्देशित दो हज़ार तेरह की भारतीय रोमांटिक हास्य फ़िल्म है। फ़िल्म का निर्माण धर्मा प्रोडक्शन्स के बैनर तले करण जौहर ने किया है जिसमें इमरान ख़ान, करीना कपूर खान और श्रद्धा कपूर ने मुख्य अभिनेता हैं। . गोलमाल गोलमाल, रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित भारतीय और ढिल्लिन मेहता द्वारा निर्मित, एक्शन-हास्य फिल्मों की एक श्रृंखला है। अब तक सभी चार फिल्मों में अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर मुख्य भुमिका में रहे हैं। पहली फिल्म गोलमालः फ़न अनलिमिटेड दो हज़ार छः में प्रदर्शित हुई, दूसरी फिल्म गोलमाल रिटर्न्स दो हज़ार आठ में प्रदर्शित हुई। तीसरी फिल्म गोलमाल तीन को दो हज़ार दस में प्रदर्शित हुई और उस वर्ष की दूसरी सबसे बड़ी कमाई वाली हिन्दी फिल्म बन गई। इस श्रृंखला की चौथी फ़िल्म गोलमाल अगेन, दीवाली के अवसर पर बीस अक्टूबर दो हज़ार सत्रह को प्रदर्शित हुई। गोलमाल अब बॉलीवुड में पांचवी सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म श्रृंखला है। सीआईडी नौ सौ निन्यानवे श्रृंखला, सीबीआई श्रृंखला, मेजर महादेवन श्रृंखला और राज़ श्रृंखला के बाद यह पांचवी भारतीय फिल्म फ्रेंचाइज जिसकी चार फ़िल्मे आई है। . ओम शांति ओम दो हज़ार सात में आई बॉलीवुड की एक फिल्म है जिसका निर्देशन और नृत्य निर्देशन फराह खान ने किया है। इसमें शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण प्रमुख भूमिकाओं में हैं जबकि श्रेयस तलपड़े, अर्जुन रामपाल और किरन खेर ने अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई है। अर्जुन रामपाल फिल्म में खलनायक हैं। इसके अतिरिक्त बॉलीवुड के कई अन्य सितारों ने इस फिल्म में विशेष भूमिकायें की हैं। . कणिका कपूर बॉलीवुड की एक नवीनतम गायिका हैं। इनका जन्म तेईस मार्च एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर को लखनऊ, उत्तरप्रदेश में हुआ, वर्तमान में यह लंदन की निवासी हैं। इनका बेबी डॉल नामक गाना प्रसिद्ध हुआ। इन्होंने अपन करियर हिन्दी भाषी संगीत में दो हज़ार बारह में शुरू किया। . कमिने विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित एवं शाहिद कपूर, प्रियंका चोपड़ा और अमोल गुप्ते अभिनीत शरारत भरे रहस्य से भरी दो हज़ार नौ की भारतीय फ़िल्म है। इसमें दो भाईयों की एक दिन की कहानी को दिखाया गया है जिनमें से एक तुतलाता है और दूसरा हकलाता है। . कहानी कहानी दो हज़ार बारह में बनी हिन्दी फ़िल्म है जिसमें विद्या बालन और इमरान हाशमी मुख्य भुमिका में है। . निम्न सूची केके द्वारा गाये गए सभी गीतों की हैः . अनजाना अनजानी दो हज़ार दस की रुमानी हिन्दी फ़िल्म है जिसका निर्देशन सिद्धार्थ आनन्द ने किया है। रणबीर कपूर, प्रियंका चोपड़ा और ज़ायेद खान अभिनीत इस फ़िल्म का निर्माण नाडियाडवाल ग्रांडसन एंटरटेनमेंट के बैनर तले साजिद नाडियाडवाला ने किया है। इसका संगीत विशाल-शेखर ने दिया है जिन्होंने सिद्धार्थ की पिछली तीन फ़िल्मों में भी संगीत दिया था। सिनेमेटोग्राफी रवि के॰ चन्द्रन की है। अनजाना अनजानी चौबीस सितम्बर दो हज़ार दस को जारी होनी थी लेकिन बाद में एक अक्टूबर दो हज़ार दस को जारी की गई। . अमिताभ भट्टाचार्य बॉलीवुड फ़िल्मों में कार्यरत एक भारतीय गीतकार और पार्श्व गायक हैं। उनके गीतों को "फ्रिलफ्री" और "स्मार्टली वर्डेड" के रूप में वर्णित किये गए हैं। . निम्न सूची अरिजीत सिंह द्वारा गाये गए सभी गीतों की हैः . अलादीन अलादीन सुजॉय घोष द्वारा निर्देशित दो हज़ार नौ की भारतीय हिंदी कपोल कल्पित साहसिक फिल्म है। इस फिल्म मै अमिताभ बच्चन, साहिल खान, रितेश देशमुख, जैकलिन फर्नांडीस और संजय दत्त ने विशेष किर्दार निभाए है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन दिया। . सत्तावनवे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार उनतीस जनवरी दो हज़ार दस को फ़िल्म सिटी, मुंबई में दो हज़ार ग्यारह में बनी हिन्दी फ़िल्म-सृष्टी की फ़िल्मों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किए गए थे। समारोह की मेज़बानी शाहरुख खान और रणबीर कपूर ने साथ मिलकर की। पुरस्कार के नामांकनों की घोषणा ग्यारह जनवरी दो हज़ार बारह को की गई थी। ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा को सर्वाधिक तेरह नामांकन प्राप्त हुए। इसके पीछे रॉकस्टार को नौ और देली बेली को सात नामांकन प्राप्त हुए.
तमिलनाडु कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल (Additonal DGP Sandeep Mittal) सिविल सेवा के राजनीतिक निष्पक्षता नियम का लगातार उल्लंघन कर आरएसएस के समर्थन में ट्वीट्स कर चर्चा में बने हुए है. CPI-M ने आरोप लगाया कि उनके वक्तव्य संविधान के विरुद्ध बताकर सख्त कार्यवाई की मांग उठायी है. बता दें की तमिलनाडु CPI-M के प्रदेश सचिव के बालाकृष्णन (K Balakrishnan) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इदाप्पदी के पलानिस्वामी (Edappadi K Palaniswami) और DGP जेके त्रिपाठी (JK Tripathy) को पत्र लिखकर उनके खिलाफ अनुशाशनात्मक करवाई करने की मांग उठायी है. बालाकृष्णन ने आरोप लगाया कि मित्तल लगातार अपने ट्विटर हैंडल से आरएसएस और दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थन में ट्वीट्स कर रहे है जो सिविल सेवा के नियमो के विरुद्ध है. बालाकृष्णन ने खत में उनके जून और अगस्त महीने में ट्वीट्स का हवाला देकर कहा Additonal DGP रैंक का अधिकारी जेके मित्तल ने 23 अगस्त को एक ट्वीट में कहा कि वामपंथी और इस्लामिक विचारधारा के लोग "सैंकड़ों वर्षों से भारत का अपमान कर रहे है". CPI-M का रूप है कि सोशल मीडिया पर उनके वक्तव्य आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित है और यह सिविल सेवा के नियमों का उल्लंघन है. युवाओं के मुद्दे चुनावों से क्यों हो जाते है ग़ायब ? इसका संदर्भ द ऑल इंडिया सर्विसेज (आचरण) नियम, 1968 है, जिसमें कहा गया है, "सेवा का प्रत्येक सदस्य हर समय कर्तव्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण बनाए रखेगा और ऐसा कुछ भी नहीं करेगा जो सेवा के सदस्य के लिए असंतुलित हो।" नियम आगे मांग करते हैं कि सेवाओं का प्रत्येक सदस्य राजनीतिक तटस्थता और निष्पक्षता बनाए रखेगा। नियम यह भी कहते हैं कि सदस्यों को संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की सर्वोच्चता को बनाए रखना चाहिए।
तमिलनाडु कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल सिविल सेवा के राजनीतिक निष्पक्षता नियम का लगातार उल्लंघन कर आरएसएस के समर्थन में ट्वीट्स कर चर्चा में बने हुए है. CPI-M ने आरोप लगाया कि उनके वक्तव्य संविधान के विरुद्ध बताकर सख्त कार्यवाई की मांग उठायी है. बता दें की तमिलनाडु CPI-M के प्रदेश सचिव के बालाकृष्णन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इदाप्पदी के पलानिस्वामी और DGP जेके त्रिपाठी को पत्र लिखकर उनके खिलाफ अनुशाशनात्मक करवाई करने की मांग उठायी है. बालाकृष्णन ने आरोप लगाया कि मित्तल लगातार अपने ट्विटर हैंडल से आरएसएस और दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थन में ट्वीट्स कर रहे है जो सिविल सेवा के नियमो के विरुद्ध है. बालाकृष्णन ने खत में उनके जून और अगस्त महीने में ट्वीट्स का हवाला देकर कहा Additonal DGP रैंक का अधिकारी जेके मित्तल ने तेईस अगस्त को एक ट्वीट में कहा कि वामपंथी और इस्लामिक विचारधारा के लोग "सैंकड़ों वर्षों से भारत का अपमान कर रहे है". CPI-M का रूप है कि सोशल मीडिया पर उनके वक्तव्य आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित है और यह सिविल सेवा के नियमों का उल्लंघन है. युवाओं के मुद्दे चुनावों से क्यों हो जाते है ग़ायब ? इसका संदर्भ द ऑल इंडिया सर्विसेज नियम, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ है, जिसमें कहा गया है, "सेवा का प्रत्येक सदस्य हर समय कर्तव्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण बनाए रखेगा और ऐसा कुछ भी नहीं करेगा जो सेवा के सदस्य के लिए असंतुलित हो।" नियम आगे मांग करते हैं कि सेवाओं का प्रत्येक सदस्य राजनीतिक तटस्थता और निष्पक्षता बनाए रखेगा। नियम यह भी कहते हैं कि सदस्यों को संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की सर्वोच्चता को बनाए रखना चाहिए।
sindri : सिंदरी, रांगामाटी वार्ड नं 55 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के बगल के मैदान को लेकर डीएवी प्रबंधन एवं स्थानीय लोगों के बीच विवाद को लेकर 4 जनवरी को झरिया सीओ की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन, एफसीआई प्रबंधन व जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक बेनतीजा रही. हालांकि प्रशासन द्वारा ग्राउंड को यथावत रखने के आदेश के बाद स्थानीय लोगों व विद्यालय प्रबंधन के बीच खींचातानी पर विराम लग गया है. बैठक के दौरान स्थानीय लोग लगातार आरोप लगा रहे थे कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्थानीय आदिवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की जा रही है. उक्त ग्राउंड को घेरकर आदिवासियों के सरना धर्मस्थल को उजाड़ने की कोशिश स्कूल प्रबंधन कर रहा है. डीएवी स्कूल प्राचार्य आशुतोष कुमार ने कहा कि सीबीएसई के लिहाज से ग्राउंड के बिना स्कूल अधूरा है. वर्ष 2002 में एफसीआई प्रबंधन ने स्कूल के साथ उक्त ग्राउंड भी दिया था. इसकी पुष्टि एफसीआई प्रबंधन ने भी कर दी है. बैठक के बाद झरिया सीओ ने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों द्वारा सहमति नहीं बनने पर यथावत स्थिति रखी गई है. स्थानीयों द्वारा मैदान खोदने पर रोक लगाई गई है और स्कूल प्रबंधन द्वारा फैनसिंग व बाउंड्री वाल किए जाने पर भी रोक लगाई गई है. मौके पर झरिया अंचलाधिकारी प्रमेश कुशवाहा, सिंदरी सर्किल निरीक्षक जगदेव पाहन तिर्की, बलियापुर थाना प्रभारी श्वेता कुमारी, एफसीआई संपदा अधिकारी देवदास अधिकारी, सुनिल सिंह, निवर्तमान पार्षद साहेबराम हेम्ब्रम, पूर्व पार्षद दिनेश सिंह, पार्षद प्रत्याशी नुनूलाल टुडू, लोगेन हेम्ब्रम, आर के झा सहित कई ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के नागरिक उपस्थित थे.
sindri : सिंदरी, रांगामाटी वार्ड नं पचपन स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के बगल के मैदान को लेकर डीएवी प्रबंधन एवं स्थानीय लोगों के बीच विवाद को लेकर चार जनवरी को झरिया सीओ की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन, एफसीआई प्रबंधन व जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक बेनतीजा रही. हालांकि प्रशासन द्वारा ग्राउंड को यथावत रखने के आदेश के बाद स्थानीय लोगों व विद्यालय प्रबंधन के बीच खींचातानी पर विराम लग गया है. बैठक के दौरान स्थानीय लोग लगातार आरोप लगा रहे थे कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्थानीय आदिवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की जा रही है. उक्त ग्राउंड को घेरकर आदिवासियों के सरना धर्मस्थल को उजाड़ने की कोशिश स्कूल प्रबंधन कर रहा है. डीएवी स्कूल प्राचार्य आशुतोष कुमार ने कहा कि सीबीएसई के लिहाज से ग्राउंड के बिना स्कूल अधूरा है. वर्ष दो हज़ार दो में एफसीआई प्रबंधन ने स्कूल के साथ उक्त ग्राउंड भी दिया था. इसकी पुष्टि एफसीआई प्रबंधन ने भी कर दी है. बैठक के बाद झरिया सीओ ने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों द्वारा सहमति नहीं बनने पर यथावत स्थिति रखी गई है. स्थानीयों द्वारा मैदान खोदने पर रोक लगाई गई है और स्कूल प्रबंधन द्वारा फैनसिंग व बाउंड्री वाल किए जाने पर भी रोक लगाई गई है. मौके पर झरिया अंचलाधिकारी प्रमेश कुशवाहा, सिंदरी सर्किल निरीक्षक जगदेव पाहन तिर्की, बलियापुर थाना प्रभारी श्वेता कुमारी, एफसीआई संपदा अधिकारी देवदास अधिकारी, सुनिल सिंह, निवर्तमान पार्षद साहेबराम हेम्ब्रम, पूर्व पार्षद दिनेश सिंह, पार्षद प्रत्याशी नुनूलाल टुडू, लोगेन हेम्ब्रम, आर के झा सहित कई ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के नागरिक उपस्थित थे.
Athiya Wedding Photo: सुनील शेट्टी ने बेटी अथिया की शादी की एक तस्वीर पोस्ट करके इमोशनल मैसेज लिखा है। इसमें वह अथिया के साथ डांस कर रहे हैं और उनके पैदा होने के बाद का वक्त याद किया है। सुनील शेट्टी की बेटी अथिया क्रिकेटर केएल राहुल की दुलहनिया बन चुकी हैं। अब उनके पिता ने तस्वीर के साथ इमोशनल पोस्ट किया है। अथिया और सुनील इस फोटो में डांस करते दिखाई दे रहे हैं। यह तस्वीर अथिया भी शेयर कर चुकी हैं। अब उनके पिता ने इसमें दिल की बात लिखी है। रिपोर्ट्स में यह भी आया था कि बेटी को दुलहन बना देख सुनील शेट्टी भावुक होकर रो पड़े थे। सुनील शेट्टी की लाडली अथिया की अब शादी हो चुकी है। अब उन्होंने शादी की एक तस्वीर के साथ बेटी को याद किया है। सुनील शेट्टी ने लिखा है, जिस दिन से तुम पैदा हुई, मुझे उंगलियों पर नचा रही थी और अब तुमने मुझे अपनी धुन पर नचाया. . . मेरी बेबी तुमको बहुत प्यार करता हूं. . . सदा सुखी रहो। अथिया ने सुनील शेट्टी के पोस्ट पर हार्ट इमोजी बनाए हैं। सुनील शेट्टी के इस पोस्ट पर उनके फैन्स ने कमेंट्स किए हैं। एक यूजर ने लिखा है, मैं इस फोटो में एक पिता का प्यार महसूस कर सकता हूं। एक और ने लिखा है, ऐसा पिता सबको मिले। एक ने कमेंट किया है, अन्ना सर पिता के तौर पर आप प्रेरणा देते हो। इससे पहले सुनील शेट्टी अथिया की शादी की तस्वीरें पोस्ट कर चुके हैं। शादी के बाद वह मीडिया से मिलने आए और अपने बेटे के साथ मिठाई भी बांटी थी। केएल राहुल और अथिया शेट्टी की शादी 23 जनवरी को सुनील शेट्टी के फार्महाउस में हुई थी। वेडिंग सेरिमनीज करीबियों के बीच हुई थीं। इसमें अथिया के दोस्त इंडस्ट्री के कुछ करीबी शामिल हुए थे।
Athiya Wedding Photo: सुनील शेट्टी ने बेटी अथिया की शादी की एक तस्वीर पोस्ट करके इमोशनल मैसेज लिखा है। इसमें वह अथिया के साथ डांस कर रहे हैं और उनके पैदा होने के बाद का वक्त याद किया है। सुनील शेट्टी की बेटी अथिया क्रिकेटर केएल राहुल की दुलहनिया बन चुकी हैं। अब उनके पिता ने तस्वीर के साथ इमोशनल पोस्ट किया है। अथिया और सुनील इस फोटो में डांस करते दिखाई दे रहे हैं। यह तस्वीर अथिया भी शेयर कर चुकी हैं। अब उनके पिता ने इसमें दिल की बात लिखी है। रिपोर्ट्स में यह भी आया था कि बेटी को दुलहन बना देख सुनील शेट्टी भावुक होकर रो पड़े थे। सुनील शेट्टी की लाडली अथिया की अब शादी हो चुकी है। अब उन्होंने शादी की एक तस्वीर के साथ बेटी को याद किया है। सुनील शेट्टी ने लिखा है, जिस दिन से तुम पैदा हुई, मुझे उंगलियों पर नचा रही थी और अब तुमने मुझे अपनी धुन पर नचाया. . . मेरी बेबी तुमको बहुत प्यार करता हूं. . . सदा सुखी रहो। अथिया ने सुनील शेट्टी के पोस्ट पर हार्ट इमोजी बनाए हैं। सुनील शेट्टी के इस पोस्ट पर उनके फैन्स ने कमेंट्स किए हैं। एक यूजर ने लिखा है, मैं इस फोटो में एक पिता का प्यार महसूस कर सकता हूं। एक और ने लिखा है, ऐसा पिता सबको मिले। एक ने कमेंट किया है, अन्ना सर पिता के तौर पर आप प्रेरणा देते हो। इससे पहले सुनील शेट्टी अथिया की शादी की तस्वीरें पोस्ट कर चुके हैं। शादी के बाद वह मीडिया से मिलने आए और अपने बेटे के साथ मिठाई भी बांटी थी। केएल राहुल और अथिया शेट्टी की शादी तेईस जनवरी को सुनील शेट्टी के फार्महाउस में हुई थी। वेडिंग सेरिमनीज करीबियों के बीच हुई थीं। इसमें अथिया के दोस्त इंडस्ट्री के कुछ करीबी शामिल हुए थे।
भोपालः मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम एवं प्रदेश कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) का मंगलवार को सिंगरौली (Singrauli) दौरा था। इस के चलते कमलनाथ ने सिंगरौली में सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिंगरौली में आकर वादा किया था कि इसको सिंगापुर बनाऊंगा, मगर ऐसा हुआ क्या। उन्होंने कहा कि सिंगरौली सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। अपार खनिज संसाधनों से संपन्न एवं राज्य प्रदेश को भरपूर राजस्व देने वाला सिंगरौली विकास की दौड़ में पीछे छूट गया है। कमलनाथ ने कहा किपंचायती राज को कमजोर कर दिया गया है। जिले में माइनिंग फंड का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। छल-कपट कर नोटों से बनी सरकार, आपसे भी नोट वसूल रही है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा राजधानी सिंगरौली में आकर बहुत प्रसन्नता होती है। मैं यहां की पावन भूमि को प्रणाम करता हूं। सिंगरौली आकर प्रसन्नता तो होती है, मगर साथ-साथ दुख भी होता है, जो जिला अपार खनिज संसाधनों से भरा हुआ है। उस जिले में 20 सालों से भाजपा का MLA होने के बाद भी विकास कोसों दूर है। पीसीसी चीफ ने कहा- "मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इसी सिंगरौली में आकर कहा था कि मैं सिंगरौली को सिंगापुर बनाऊंगा। यहां आकर देख रहा हूं सडक़, बिजली, पानी आदि के मामले में आप सब को कितना जूझना पड़ रहा है। जितना राजस्व सिंगरौली मध्य प्रदेश को देता है, उस अनुपात में क्या सिंगरौली के विकास के लिए राशि भाजपा की सरकार द्वारा दी गई। सिंगरौली के युवा रोजगार को तरस रहे हैं। " आगे उन्होंने कहा कि आज बड़ा सवाल है कि इतनी अपार संभावनाएं होने के बाद भी सिंगरौली जिले का हमारा नौजवान काम के लिए तरस रहा है तथा पलायन करने को मजबूर है। बेरोजगारी चरम पर है। कमलनाथ ने कहा कि माताओं तथा बहनों ने कितने प्यार से जिन बच्चों को पाला आज उन्हें अपने ही जिले में अपनी ही भूमि पर उन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा। यदि मध्य प्रदेश इसी तरह भ्रष्टाचार में नंबर वन बना रहेगा, तो आगे चलकर बड़े उद्योग तथा निवेशक क्या सिंगरौली आना पसंद करेंगे। यही वजह है कि मैं हमेशा बोलता हूं कि हमें मध्य प्रदेश की एक नई पहचान बनाने की जरुरत है। जिसके लिए हमनें अपनी सरकार में करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में जमीन का अधिग्रहण किया गया, मगर रेल लाइन अब तक नहीं बन पाई। कमलनाथ ने कहा "दिसंबर 2018 में वोटों से तो कांग्रेस की सरकार बनी थी, मगर छल-कपट एवं नोटों से दोबारा भाजपा की सरकार सत्ता में आई जो सरकार नोटों से बनेगी। वह आगे चलकर आपसे ही नोट लेगी। यही काम यह लोग कर रहे हैं। नोटों के बल पर बनी हुई सरकार जनता की जेब से नोट वसूल करती है। एमपी देश में भाजपा की सरकार ने पंचायती राज पूरी तरह ध्वस्त एवं चौपट कर रखा है। आज सरपंचों एवं उप सरपंचों की कोई कीमत नहीं रह गई । कार्यकाल में पंचायती राज का शासकीय करण स्वयं के फायदे के लिए किया कमीशन खोरी के लिए किया गया। माइनिंग फंड का बेतहाशा दुरुपयोग किया जा रहा है। माइनिंग फंड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। " 'इन्हें भाजपा में जाने से रोकना है', IPS विकास वैभव को लेकर आखिर क्यों ऐसा बोले नीतीश सरकार के मंत्री?
भोपालः मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का मंगलवार को सिंगरौली दौरा था। इस के चलते कमलनाथ ने सिंगरौली में सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिंगरौली में आकर वादा किया था कि इसको सिंगापुर बनाऊंगा, मगर ऐसा हुआ क्या। उन्होंने कहा कि सिंगरौली सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। अपार खनिज संसाधनों से संपन्न एवं राज्य प्रदेश को भरपूर राजस्व देने वाला सिंगरौली विकास की दौड़ में पीछे छूट गया है। कमलनाथ ने कहा किपंचायती राज को कमजोर कर दिया गया है। जिले में माइनिंग फंड का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। छल-कपट कर नोटों से बनी सरकार, आपसे भी नोट वसूल रही है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा राजधानी सिंगरौली में आकर बहुत प्रसन्नता होती है। मैं यहां की पावन भूमि को प्रणाम करता हूं। सिंगरौली आकर प्रसन्नता तो होती है, मगर साथ-साथ दुख भी होता है, जो जिला अपार खनिज संसाधनों से भरा हुआ है। उस जिले में बीस सालों से भाजपा का MLA होने के बाद भी विकास कोसों दूर है। पीसीसी चीफ ने कहा- "मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इसी सिंगरौली में आकर कहा था कि मैं सिंगरौली को सिंगापुर बनाऊंगा। यहां आकर देख रहा हूं सडक़, बिजली, पानी आदि के मामले में आप सब को कितना जूझना पड़ रहा है। जितना राजस्व सिंगरौली मध्य प्रदेश को देता है, उस अनुपात में क्या सिंगरौली के विकास के लिए राशि भाजपा की सरकार द्वारा दी गई। सिंगरौली के युवा रोजगार को तरस रहे हैं। " आगे उन्होंने कहा कि आज बड़ा सवाल है कि इतनी अपार संभावनाएं होने के बाद भी सिंगरौली जिले का हमारा नौजवान काम के लिए तरस रहा है तथा पलायन करने को मजबूर है। बेरोजगारी चरम पर है। कमलनाथ ने कहा कि माताओं तथा बहनों ने कितने प्यार से जिन बच्चों को पाला आज उन्हें अपने ही जिले में अपनी ही भूमि पर उन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा। यदि मध्य प्रदेश इसी तरह भ्रष्टाचार में नंबर वन बना रहेगा, तो आगे चलकर बड़े उद्योग तथा निवेशक क्या सिंगरौली आना पसंद करेंगे। यही वजह है कि मैं हमेशा बोलता हूं कि हमें मध्य प्रदेश की एक नई पहचान बनाने की जरुरत है। जिसके लिए हमनें अपनी सरकार में करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में जमीन का अधिग्रहण किया गया, मगर रेल लाइन अब तक नहीं बन पाई। कमलनाथ ने कहा "दिसंबर दो हज़ार अट्ठारह में वोटों से तो कांग्रेस की सरकार बनी थी, मगर छल-कपट एवं नोटों से दोबारा भाजपा की सरकार सत्ता में आई जो सरकार नोटों से बनेगी। वह आगे चलकर आपसे ही नोट लेगी। यही काम यह लोग कर रहे हैं। नोटों के बल पर बनी हुई सरकार जनता की जेब से नोट वसूल करती है। एमपी देश में भाजपा की सरकार ने पंचायती राज पूरी तरह ध्वस्त एवं चौपट कर रखा है। आज सरपंचों एवं उप सरपंचों की कोई कीमत नहीं रह गई । कार्यकाल में पंचायती राज का शासकीय करण स्वयं के फायदे के लिए किया कमीशन खोरी के लिए किया गया। माइनिंग फंड का बेतहाशा दुरुपयोग किया जा रहा है। माइनिंग फंड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। " 'इन्हें भाजपा में जाने से रोकना है', IPS विकास वैभव को लेकर आखिर क्यों ऐसा बोले नीतीश सरकार के मंत्री?
साथ ही कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) की वजह से तमाम बच्चों या छात्रों के पैरेंट्स की आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक रूप से प्रभाव पड़ा। ऐसे में सरकारें इस बात पर विचार कर रही हैं कि उनके स्कूल की फीस को न बढ़ाई जाए। करियर डेस्क. पूरे देश में फैले कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते पिछले कई महीनों से स्कूल- कॉलेज बंद हैं। बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा (Online Education) दी जा रही है ताकि उनकी पढ़ाई का भी नुकसान न हो और उनके स्वास्थ्य की भी सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) की वजह से तमाम बच्चों या छात्रों के पैरेंट्स की आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक रूप से प्रभाव पड़ा। ऐसे में सरकारें इस बात पर विचार कर रही हैं कि उनके स्कूल की फीस को न बढ़ाई जाए। इसी कड़ी में असम सरकार ने एक सरकुलर जारी करके प्राइवेट स्कूलों को इस साल के लिए 25 फीसदी माफ करने का निर्देश दिया है। सरकुलर के मुताबिक स्कूल फीस सभी छात्रों के लिए प्रि-प्राइमरी लेबल से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए माफी कर दी जाएगी। सरकार ने 14 अगस्त को सरकुलर जारी किया और शिक्षा मंत्री हेमंत विस्व सर्मा ने इस ट्विटर पर भी अपलोड कर दिया। यह फीस माफी मई से लेकर स्कूलों को खोले जाने तक लागू रहेगा। शिक्षा मंत्री ने ट्वीट में कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए हमने प्राइवेट स्कूलों को सलाह दी है कि वे प्रि-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए 1 मई से लेकर स्कूलों के खोले जाने तक छात्रों की 25 फीसदी फीस को माफ कर दिया जाए। जिन पैरेंट्स से स्कूल ने पहले से ही फीस कलेक्ट कर ली है उसे अगले इन्स्टॉलमेंट के लिए समायोजित यानी एडजस्ट करना होगा। एकय बयान में कहा गया कि असम में लोगों की आय पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है और ऐसे में वे लॉकडाउन तक स्कूल की फीस पेमेंट करने में सक्षम नहीं हैं। लगभग सारे स्कूल ऑनलाइन क्लासेज चला रहे हैं इसलिए वे इलेक्ट्रिसिटी, मेनटेनेंस और अन्य खर्चों की बचत भी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी लागत घटी है। इन परिस्थितियों में फीस घटाई जा रही है ताकि पैरेंट्स को सहायता पहुंचाई जा सके। हालांकि, यह भी कहा गया है कि सारे पैरेंट्स सितंबर अंत कर फीस की पेमेंट कर दें ताकि टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की सैलरी दी जा सके।
साथ ही कोविड-उन्नीस महामारी की वजह से तमाम बच्चों या छात्रों के पैरेंट्स की आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक रूप से प्रभाव पड़ा। ऐसे में सरकारें इस बात पर विचार कर रही हैं कि उनके स्कूल की फीस को न बढ़ाई जाए। करियर डेस्क. पूरे देश में फैले कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले कई महीनों से स्कूल- कॉलेज बंद हैं। बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है ताकि उनकी पढ़ाई का भी नुकसान न हो और उनके स्वास्थ्य की भी सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही कोविड-उन्नीस महामारी की वजह से तमाम बच्चों या छात्रों के पैरेंट्स की आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक रूप से प्रभाव पड़ा। ऐसे में सरकारें इस बात पर विचार कर रही हैं कि उनके स्कूल की फीस को न बढ़ाई जाए। इसी कड़ी में असम सरकार ने एक सरकुलर जारी करके प्राइवेट स्कूलों को इस साल के लिए पच्चीस फीसदी माफ करने का निर्देश दिया है। सरकुलर के मुताबिक स्कूल फीस सभी छात्रों के लिए प्रि-प्राइमरी लेबल से लेकर बारहवीं तक के छात्रों के लिए माफी कर दी जाएगी। सरकार ने चौदह अगस्त को सरकुलर जारी किया और शिक्षा मंत्री हेमंत विस्व सर्मा ने इस ट्विटर पर भी अपलोड कर दिया। यह फीस माफी मई से लेकर स्कूलों को खोले जाने तक लागू रहेगा। शिक्षा मंत्री ने ट्वीट में कहा कि कोविड-उन्नीस की परिस्थितियों को देखते हुए हमने प्राइवेट स्कूलों को सलाह दी है कि वे प्रि-प्राइमरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के लिए एक मई से लेकर स्कूलों के खोले जाने तक छात्रों की पच्चीस फीसदी फीस को माफ कर दिया जाए। जिन पैरेंट्स से स्कूल ने पहले से ही फीस कलेक्ट कर ली है उसे अगले इन्स्टॉलमेंट के लिए समायोजित यानी एडजस्ट करना होगा। एकय बयान में कहा गया कि असम में लोगों की आय पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है और ऐसे में वे लॉकडाउन तक स्कूल की फीस पेमेंट करने में सक्षम नहीं हैं। लगभग सारे स्कूल ऑनलाइन क्लासेज चला रहे हैं इसलिए वे इलेक्ट्रिसिटी, मेनटेनेंस और अन्य खर्चों की बचत भी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी लागत घटी है। इन परिस्थितियों में फीस घटाई जा रही है ताकि पैरेंट्स को सहायता पहुंचाई जा सके। हालांकि, यह भी कहा गया है कि सारे पैरेंट्स सितंबर अंत कर फीस की पेमेंट कर दें ताकि टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की सैलरी दी जा सके।
एक अनिवार्य कला - तत्त्व के रूप में स्वीकृत कर लिया गया है। आगे हम इस उभयोन्मुख व्यंग्य प्रणाली से सम्बद्ध एक उत्कृष्ट छन्द उद्धृत करते है विलग जनि मानहू, ऊधौ प्यारे ! वह मथुरा काजर की कोठरि, जे आवह ते कारे ॥ तुम कारे, सुफलकसुत कारे, कारे मधुप भँवारे । तिनके संग अधिक छवि उपजत, कमल नैन मनिआरे ॥ मानहु नील माट तें काढ़े, लै जमुना ज्यों पखारे । ता गुन स्याम भई कालिंदी, सूर स्याम गुन न्यारे ॥ व्यंग्य के पश्चात् सूर ने उपालम्भ- पद्धति को विशेष रूप से अपनाया है। उपालम्भ से हमारा तात्पर्य उस वक्र पदावली से है जिसका प्रयोग साधारणतः प्रिय अथवा प्रेयसी द्वारा प्रदर्शित उपेक्षा भाव के अवसर पर किया जाता है । कृष्ण द्वारा उपेक्षित होने पर गोपियाँ इसी पद्धति का आश्रय ग्रहण करती हैं । उपालम्भ की चरमावस्था उस समय होती है जब सम्बन्धित व्यक्ति (विरह का भोक्ता) उपेक्षा के कारण ग्लामि का अनुभव करने के अनन्तर मान का प्रदर्शन करता है । उस समय उपालम्भ में तिक्तता का कुछ अधिक मात्रा में समावेश हो जाता है और परिस्थिति कहीं अधिक अनुकूल प्रतीत होने लगती है, किन्तु इसके लिए यह आवश्यक है कि मान-भाव की अन्तर्व्याप्ति नितान्त प्रच्छन्न रूप में हो । 'सूर-सागर' में इस प्रकार की मान-संयुक्त उपालम्भ शैली के अनेक सफल प्रयोग उपलब्ध होते है । यथा :-- स्याम बिनोदी रे मधुबनियाँ । अब हरि गोकुल काहे को आहिं, चाहत नव यौवनियाँ ॥ वे दिन माधव भूलि बिसरि गये, गोद खिलाए कनियाँ । गुहि - गुहि देते नन्द जसोदा, तनक काँच के मनियाँ । दिन चारि तें पहिरन सीखे, पट पीताम्बर तनियाँ । सूरदास प्रभु तजि कामरी अब, हरि भए चिकनियाँ । विवरणात्मक शैली का प्रयोग मूर ने अत्यन्त अल्प स्थानों पर ही किया है । वास्तव में इस शैली के संचरण से काव्य-तत्व में कुछ न कुछ शिथिलता का ही संचार होता है । इसके मूल में तथ्य-दर्शन की अपेक्षा वस्तु परिगणन को अधिक महत्त्व प्रदान किया जाता है और यही कारण है कि इसमें आन्तरिक भाव-सौष्ठवकी अपेक्षा बाह्य कलासौन्दर्य ही शेष रह जाता है । कतिपय परिस्थितियों में कला के उच्चतर मूल्यों का भी इसमें अभाव ही रहता है, किन्तु गीति-तत्व के सफल संयोजन द्वारा सूर अपनी वर्णनशैली को भी विशेष माधर्य प्रदान कर सके हैं। फिर भी इतना स्मरणीय है कि विवर णात्मक शैली की अतिवादी सीमाओं का स्पर्श सूर ने कहीं भी नहीं किया। उनके काव्य में विवरण का समावेश केवल उसी सीमा तक हुआ है, जहाँ तक वह सहज ग्राह्य है । उदाहरणार्थ गोपियों की निम्नलिखित उक्ति देखिए :-- हम तो नन्द घोष को बासी । नाम गोपाल, जाति कुल गोपहि, गोप-गोपाल उपासी ॥ गिरवरधारी, गोधनचारी, वृन्दावन अभिलासी । राजा नन्द जसोदा रानी, जलधि नदी जमुना-सी ॥ प्रान हमारे परम मनोहर, कमलनयन सुखरासी । सूरदास प्रभु कहाँ कहाँ लौं, अष्ट महासिधि दासी ॥ उपर्युक्त विवेचन से यह नितान्त स्पष्ट है कि सूर ने अपने साहित्य का सृजन करते समय प्रकरण के अनुसार प्रत्येक स्थल पर शैली परिवर्तन किया है । शैली को और भी • सजीव तथा मर्मभेदी बनाने के लिए उन्होंने मुहावरों और लोकोक्तियों का उन्मुक्त प्रयोग किया है । इस प्रकार के प्रयोगों से प्राप्त होने वाला प्रथम लाभ यह है कि इनके द्वारा सम्पूर्ण गतिरोध विनष्ट हो जाता है और उसमें एक नवीन प्रवाह अथवा आत्मा का संचार हो जाता है । मुहावरे व्यंजना पर आधृत होने के कारण व्यंग्य शैली को सहायता प्रदान करते हैं और इस प्रकार भाषा में ध्वन्यात्मक तत्व की उपयुक्त सृष्टि करते हैं । लोकोक्तियाँ सत्य की ओर उन्मुख होने के कारण अनुभव पर आधारित रहती हैं और काव्यशैली में विशेष गम्भीरता का संचार करती हैं । इस प्रकार यह स्पष्ट है कि मुहावरों में विषय के वक्र प्रतिपादन की ओर विशेष ध्यान दिया जाता है। इनके माध्यम से वक्ता अपने अभिप्रेत को सहज ही पहले की अपेक्षा अधिक प्रभावशाली बना सकता है। उदाहरणार्थ सूर की निम्नलिखित काव्य - पंक्ति देखिये : -- तिनका तोर करो जनि हम सों, एक बारू को लज्जा गहियो । यहाँ 'तिनका तोड़ करना' नामक मुहावरे का 'सम्बन्ध विच्छेद करना' के अर्थ में प्रयोग किया गया है। स्पष्ट है कि यह प्रयोग भाव को सामान्यतः कहीं अधिक शोभा प्रदान करता है । लोकोक्तियों के माध्यम से सम्बद्ध व्यक्ति अपनी भावनाओं को पूर्वानुभूत तथ्यों द्वारा उदाहृत करता है । काव्य में इनका प्रयोग निश्चित रूप से व्यावहारिक अथवा नित्य प्रति की शैली का प्रतीक है। 'सूरसागर' में उद्धव की शुष्क और तर्कप्रधान ज्ञान-साधना को भाव-शून्य सिद्ध करने के लिए गोपियों ने सहज प्रयुक्त लोकोक्तियों का प्रायः उपयोग किया है। किसी भी हठवादी व्यक्ति को निरुत्तर करने के लिए यह सर्वोत्कृष्ट वर्णन प्रणाली है । उदाहरणार्थ गोपियों ने निम्नलिखित पंक्तियों में लोकोक्तिप्रयोग द्वारा क्रमशः कृष्ण और उद्धव के प्रति अत्यन्त व्यंग्य-तिक्त वचनों का सहज आधार पर सफल प्रयोग किया है ( i ) ज्यों गजराज काज के ओसर, और दसन दिखावत । (ii) स्वान पूंछ कोटिक जो लागे, सूधि न काहू करी । शैली में प्रवाह का विधान करने के लिए सूर ने प्रत्येक चरण में गति-तत्व का एक सूर को भाषा-शैलो विशिष्ट आधार पर संयोजन किया है। चरणान्त में तुक का पालन करने के साथ-साथ उन्होंने अधिकांश पंक्तियों में आन्तरिक तुक-साम्य का निर्वाह करने का भी प्रयास किया है। इस प्रकार उन्होंने विभिन्न प्रणालियों का आधार ग्रहण करते हुए प्रत्येक रीति से यह चेष्टा की है कि वर्णन के अनुसार उनकी शैली में भी उचित संशोधन और परि कार हो जाए । आन्तरिक तुक-साम्य के निर्वहन द्वारा शैलीगत माधुर्य के संयोजन का एक उदाहरण देखिए :-- फाटक देकर हाटक माँगत, भोरी निपट सुधारी । निष्कर्प रूप में हमारी यही मान्यता है कि सूर ने अपने 'भ्रमरगीत' में भाषा और शैली के द्विविध आधार को एकरूपता प्रदान की है और प्रत्येक सम्भव रीति से यह चेष्टा की है कि वह उनमें अन्योन्याश्रय सम्बन्ध को अनिवार्यतः स्थापित कर सकें । भाषा और शैली, दोनों में ही उन्होंने अनेक प्रकार से वैविध्य का संयोजन करने की चेष्टा की है और इस प्रकार अपने प्रतिपाद्य विषय को न केवल कला की दृष्टि से ही, अपितु भाव की दृष्टि से भी बोझिल होने से बचाया है। ब्रजभाषा-साहित्य के उस प्रारम्भिक युग में भाषा और शैली का इतने व्यापक आधार पर ऋजु-सरल संयोजन निश्चय ही अत्यन्त प्रशंसनीय है और यही कारण है कि परवर्ती कवियों ने उनके काव्य की चेतना का इतने आग्रह के साथ स्पर्श करने का प्रयत्न किया है । उपर्युक्त अध्ययन में यह स्पष्ट है कि महाकवि सूरदास ने अपने काव्य में भाषा और शैली की योजना करते समय उन्हें पूर्णतः सहज आधार पर स्थापित रखने का प्रयास किया है। यह एक नितान्त स्वस्थ प्रवृत्ति है और सूर द्वारा इसके परिपालन में सफलता प्राप्त करने का रहस्य यही है कि उनकी दृष्टि मूलतः भावना पर रही है और कला - संयोजन को उन्होंने मुख्य नहीं होने दिया है । कला-विषयक अपूर्णतायें काव्य में कलाको गौण स्थान प्रदान करने से नहीं आतीं। भाव-सौन्दर्य भी कला- विकास के लिए प्रेरक शक्ति के रूप में ही उपस्थित होता है । वस्तुतः कला-तत्व को काव्य में प्रमुख स्थान प्रदान कर उसके लिए नवीन क्षेत्रों की खोज करना ही कभी-कभी कला- विकास के लिए घातक सिद्ध हो जाता है । उपर्युक्त तथ्य के समर्थन के लिए हम आधुनिक हिन्दी काव्य में प्राप्त होने वाली छायावादी और प्रयोगवादी काव्य-धाराओं पर विचार करेंगे। यद्यपि यह सत्य है कि इन दोनों काव्य-रचना-प्रणालियों में भाव-समृद्धि की उपेक्षा नहीं की गई है, किन्तु कला - सौन्दर्य की अभिवृद्धि के लिए इनमें परम्परा से भिन्न कुछ नवीन उपकरणों का आवश्यकता से अधिक विस्तार के साथ आश्रय लिया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि इन दोनों काव्य-धाराओं के रचयिताओं में से केवल प्रौढ़ साहित्यकार ही भावना और कला का पूर्ण अथवा अंशगत सामंजस्य स्थापित करने में सफल हो सके हैं। इसके विपरीत प्रायः सभी नवीन कवि इनके कला-तत्वों की अतिशयता से प्रभावित होकर अपने भाव-चित्रण में पूर्ण सिद्धि प्राप्त नहीं कर सके हैं। महाकवि सूरदास ने अपने काव्य को इस प्रकार के कला-चमत्कार से पृथक् रखा है। कला की दृष्टि से उन्होंने अपने काव्य में केवल गीतिकाव्यत्व के निर्वाह की आवश्यकता का ही प्रतिपालन किया है । इसके अतिरिक्त उनके समक्ष अन्य कोई भी आग्रह वर्तमान नहीं रहा है। इसी कारण उन्हें गेय पदों की रचना में भी पूर्ण सफलता प्राप्त हुई है । आगे हम उनके गीति-काव्य पर पृथक् से प्रकाश डालेंगे । सूर का गीति-काव्य प्रगीतात्मकता को काव्य के लिए एक अनिवार्य विषय के रूप में ग्रहण करते हुए पाश्चात्य आलोचक श्रीयुत ऑल्फ्रेड आस्टिन ने एक स्थल पर कहा है :"No verse which is unmusical or obscure can be regarded as poetry, whatever other qualities it may possess.' अर्थात् "किसी भी गीति-विहीन अथवा अर्द्ध-व्यक्त चरण को काव्य की संज्ञा से अभिहित नहीं किया जा सकता, भले ही अन्य अनेक गुण उसमें हों । " मूर ने अपने काव्य की सृष्टि स्वतन्त्र पदों के रूप में की है और उपर्युक्त मन्तव्य अनुसार उनकी रचनाओं में गीति तत्व का सर्वत्र अत्यत सहज रूप में समावेश हो गया है । उनके प्रगीत-काव्य में 'भ्रमरगीत - पदावली' को मूर्धन्य स्थान प्राप्त है और विनय तथा वात्सल्य सम्बन्धी पद इस दृष्टिकोण से इसके पश्चात् आते हैं । इन पदों में आत्मा की रागात्मिका वृत्ति का जितने महज स्वाभाविक रूप में अन्तर्भाव हुआ है, उतना अन्यत्र विरल है । वास्तव में महाकवि सूरदास न केवल काव्य-प्रणेता ही थे, अपितु संगीतशास्त्र के उद्भावक आचार्य के सभी गुणों का भी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व में स्वतंत्र रूप मे समावेश हो गया था। इसी प्रतिभा के फलस्वरूप वह अपने पदों की पृष्ठभूमि में संगीत की इतनी सफल स्थापना कर सके है । हमारी चेतना को इतने आग्रह के साथ आकृष्ट और रस समन्वित करने का कारण रूप मूल गुण भी यही है । सूर के काव्य में संगीत के सूक्ष्म और स्थूल, दोनों प्रकार के उपकरणों का अवसर के अनुकूल सहज समावेश हुआ है। सूक्ष्म उपकरणों से हमारा तात्पर्य उन उपादानों से है जो मनोभावों की गतिविधि से सम्बन्ध रखते हैं। इस प्रकार के तत्व प्रगीत-काव्य के लिए प्राण-सत्ता के समान होते हैं और इनसे मन्निवेष्टित होने पर ही वह चिरस्थायी तथा आत्म-स्पर्शी हो सकता है। इसी प्रकार स्थूलतः रागादि का आधार ग्रहण करते हुए भी वह अपने पदों में उनका इतनी कुशलता के साथ समावेश कर सके हैं कि प्रथम दृष्टि में ही हमें ऐसा प्रतीत होने लगता है कि राग-रागिनी-विषयक इस आयोजन में भी काव्यत्व का प्रचुर समावेश है । इसके अतिरिक्त संगीत के विशिष्ट आरोह-अवरोह और स्वर-ताल आदि के समवेत संयोजन का भी उन्होंने सर्वत्र ध्यान रखा है। रागनियोजन के दृष्टिकोण से उन्होंने अपने पदों में अनेकानेक रागों का प्रयोग किया है । राग सारंग, सोरठ, बिलावल, रामकली, टोड़ी, नट, कल्याण, मल्हार, धनाश्री, केदार, काफी, कान्हरो, विहागरो, जैतश्री, केदारो, मारू, गौरी, गौड़, नटनारायण, आसावरी, देसाख, अडानो, परज । इन सभी रागों का प्रयोग करते समय सूर ने विषय की चेतना को यथासम्भव अक्षुण्ण रखने का प्रयास किया है। इनमें से उनके काव्य में सारंग, सोरठ, बिलावल, मल्हार, घनाश्री, केदार, कान्हरो, विहागरो और आसावरी आदि राग मुख्य रूप से प्रयुक्त हुए हैं और शेष का व्यवहार गोण रूप से हुआ है । इस विषय में सबसे अधिक द्रष्टव्य तथ्य यही है कि इनके आयोजन में सूर किसी प्रकार के आग्रह से युक्त नहीं रहे हैं ओर उन्होंने सर्वत्र अपनी चेतना को सहज-प्वाभाविक धरातल पर स्थिर रखने का प्रयास किया है। राग-नियोजन और कम-बन्धन करते समय केवल नात्र वैविध्य पर उनकी दृष्टि कदापि नहीं रही है ओर केशव की 'रामचन्द्रिका' के रूप में छन्द - शास्त्र की कृति के समान उन्होंने 'सूरसागर' के रूप में राग-शास्त्र की सृष्टि नहीं की है। प्रत्येक राग के लिए उपयुक्त विषय का संयोजन और विभाजन उनकी अपनी मोलिक विशेषता है और उनकी मनोवैज्ञानिक तथा काव्यात्मक विचारधारा का उत्कृष्ट प्रतीक है। प्रगीत-काव्य का एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण गुण यह है कि उसमें आत्मकपन की संक्षिप्ततम प्रणाली को ग्रहण किया जाता है। विस्तार की प्रवृत्ति वहाँ पूर्णतः निराकृत न होने पर भी संगति विहीन ओर विय-बाह्य है। इसका कारण स्पष्टतः यही है कि आत्मा का जितना सहज उद्भावन संक्षिप्त पद में सम्भव है, उतना विस्तृत और वर्णनात्मक आख्यान में नहीं । सूर ने अपने काव्य का प्रगयन करते समय सिद्धान्ततः इस तत्व को सर्वत्र आधारभूत रूप में ग्रहण करने का प्रयास किया है, तथापि कुछ ऐसे पदों का समावेश भी उनके काव्य में हो गया है, जिनमें व्यर्थ के आग्रह के फलस्वरूप वर्ण्य का आवश्यकता से अधिक प्रस्तार लक्षित होता है । इस प्रकार के पदों में स्वभावतः कवि की अन्तर्दृष्टि विषय की मूल चेतना पर अधिक समय तक केन्द्रित नहीं रह पाई है और परिणाम-रूप में उनमें प्रायः कुछ बोझिलना का समावेश हो गया है । गीति-काव्य का एक सूक्ष्मतर ओर अपेक्षाकृत अधिक मोन्दर्यपरक गुण यह है कि उसमें संगीत की भावमय चेतना का सर्वत्र समान रूप से प्रसार रहता है । इसका मूल अर्थ यही है कि उसमें संगीत के स्वर ओर ताल की प्रकट अभिव्यक्ति के साथ-साथ पार्श्वगत रूप में मन की मार्मिक अनुभति की प्रच्छन्न अभिव्यंजना भी वर्तमान रहती है । संगीत के माध्यम से मनः चेतना की इस अभिव्यक्ति का संयोजन निश्चय ही एक कुशल ओर सूक्ष्मद्रटा कवि का कार्य है । सूर के काव्य में हमें इस तत्व का अनंक स्थलों पर प्रभूत परिमाण में अनायास समावेश उपलब्ध होता है। उनके काव्य में स्वभावतः संवेदन की सहज क्षमता वर्तमान रही है और भावना प्रधान होने के कारण उसमें समाविष्ट संगात नत्व भी अत्यधिक भावमय हो गया है। सांगीतिक अन्तर्चेतना के इस रमणीय भावन के दो उदाहरण देखिए :-- कहाँ कहाँ तँ आये हो ? जानति हौं अनुमान मनो तुम, जादवनाथ पठाए हो ॥ - ( राग सोरठ ) (ii) ऊषो ! कोकिल कूजत कानन । तुम हमको उपवेस करत हो, भस्म लगावन आनन ।। - ( राग बिलावल ) इन उद्धरणों में संगीत की सामान्य विधा के समावेश के साथ-साथ व्यंजना पर आघृत जिस सूक्ष्म भाव-लहरी का अन्तर्भाव हुआ है, वह निश्चय ही काव्य के रागात्मक पक्ष की दृष्टि से अत्यन्त श्रेष्ठ है। संगीत और भावना, दोनों ही का इन पंक्तियों में अत्यन्त सहज स्तर पर समन्वय हुआ है । प्रगीत-काव्य में सम्बद्ध व्यक्ति अथवा विषय की समग्र मूल वृत्तियों के सहज और स्वतन्त्र उद्भावन की अपेक्षा रहती है। सूर ने इस तत्व का प्रतिपालन कर वस्तुस्थिति का, बिना कुछ घटाए- बढ़ाए, अत्यन्त स्वच्छ आधार पर विश्लेषण उपस्थित किया है । उन्होंने सर्वत्र वर्ण्य को चित्रात्मक और स्पष्ट अभिव्यक्ति प्रदान की है। यही कारण है कि मूल तत्व को अनुकृत करते समय उन्होंने किसी प्रकार की अतिवादी कल्पना अथवा दुर्बोध बौद्धिक चिन्तन का आश्रय ग्रहण नही किया है। उनकी गोपियाँ कृष्ण पर अनुरक्त हैं और यह अनुरक्ति किसी भी दृष्टिकोण से प्रच्छन्न नहीं है। उद्धव के समक्ष अपनी वियोग-विह्वल मनःस्थिति का स्पष्ट शब्दों में उल्लेख करने में उन्हें किसी प्रकार के संकोच की अनुभूति नहीं होती और यह अनावृत्त व्याख्यान की प्रणाली ही गीतिकाव्य की आत्मा का निर्माण करने वाली मूल इकाइयों में से एक है । गोपियाँ अपनी आत्मा की स्थिति का स्वतः विश्लेषण करते हुए कृष्ण के प्रति अपने आत्मिक अनुराग का मर्मस्पर्शी आख्यान करती हैं अंखियाँ हरि दरसन को भूखी । कैसे रहें रूपरसराची, ये बतियाँ सुनि रूखी ॥ ( ii) उर में माखन-जोर गड़े । अब कैसहु निकसत नहि ऊषो ! तिरछे है जु अड़े ॥ - ( राग केदारो) महाकवि सूरदाम के काव्य का अध्ययन करने पर यह सहज ही स्पष्ट हो जाता है कि स्थूलतः प्रत्येक विरहिणी गोप-त्रधु अन्नमय कोश की प्रतीक है, किन्तु मनोमय कोश के उपयुक्त गुणों का भी उसके व्यक्तित्व में सहज समावेश हुआ है । वस्तुतः गीति-काव्य की सफल सृष्टि उसी अवस्था में सम्भव है, जब स्रष्टा सामान्य रूप से आनन्दमय कोश की सामरस्य पूर्ण स्थिति को प्राप्त कर चुका हो । सूर कवि और भावक के रूप में निश्चय ही आनन्दमय कोश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें समाजदर्शन में अटल विश्वास था और यहां कारण है कि वह अपनी उच्चतर काव्य प्रतिभा के आधार पर गोप-वधुओं के अन्नमय कोश के उपयुक्त स्थूल व्यवहार को भी मनोमय कोश के सूक्ष्म आध्यात्मिक संकेतों की ओर प्रवृत कर सके हैं। संगीत की सहज उद्भावना के लिए भी यह अनिवार्य है कि स्रष्टा कवि की अन्तर्चेतना मनोमय कोश से लेकर आनन्दसूर की भाषा-शैली मय कोश तक किसी भी मध्यवर्ती जीव से सम्बद्ध हो । सूर इस दिशा में किसी भी रीति से पराभूत अथवा मानसिक कुण्ठाओं से अभिभूत नहीं रहे हैं । इसी स्वस्थ स्थिति के फलस्वरूप वह जीव की अन्नमय और मनोमय, दोनों ही अवस्थाओं का सफल चित्रग कर सके हैं। उदाहरणार्थ गोप-वधुओं के निम्नांकित वचन निश्चित रूप से जीव के अन्नमय स्वरूप से इतर अन्य किमी स्वरूप से सम्बद्ध नहीं है :( १ ) हम तो कान्ह-केलि की भूखी । कैसे निरगुन सुर्नाह तिहारो, बिरहिनि बिरह-बिदूखो ।। ( २ ) ऊधो ! कहत न कछू बने । अधरामृत-आस्वादिनी रसना, कैसे जोग भर्न ? - ( राग आसावरी ) उल्लिखित पंक्तियों के अध्ययन से स्पष्ट है कि इनमें अध्यात्मपरक विचारधारा का निराकरण कर भोग की स्थूल और मांसारिक वृत्ति के प्रति गहन आकांक्षा प्रकट की गई है । वस्तुतः वर्तमान युग के वैज्ञानिक और तर्क-सम्मत दृष्टिकोण के अनुसार गोपियों के विरह के मूल में सर्वत्र इसी प्रकार की कामना अपेक्षित भी थी, किन्तु जन-श्रुति ओर पोराणिक रचनाओं पर विश्वास करते हुए सूर ने अपने काव्य में गोपियों को मनोमय कोश की प्रतीक के रूप में भी ग्रहण किया है । वह उनके अन्तम् में भौतिक और ऐन्द्रिक चेतना को गीण तथा जीवात्मा की साधनापरक भावमय गति को प्रमुख मानते हुए उनके चरित्र के एक दूसरे उदान स्वरूप को भी उपस्थित करते हैं। गोपियों का अधोलिखित कथन स्पष्टतः इसी तथ्य के संकेत उपस्थित करता है हरि न मिले, री माई ! जन्म ऐसे ही लाग्यो जान । जोवत मग द्यौस द्यौस, बीतत जुग-समान ॥ - ( राग टोड़ी) सूर की पदावली में नाद-सोन्दर्य के तत्व को प्रमुख स्थान प्राप्त हुआ है और यही कारण है कि उनके गेय पदों में चेतना को आकृष्ट करने वाली रम्य मधुर वाणी का उत्कृष्ट सामंजस्य हुआ है। संगीत के अमूर्त तत्वों से युक्त होने के फलस्वरूप उनके काव्य के अन्तर्भाग में एक विशिष्ट प्रकार के सूक्ष्म सौन्दर्य की सहज व्याप्ति हुई है । संगीत के साहचर्य में सौन्दर्य - भावना का यह प्रसार सामान्यतः काव्य में अत्यन्त विरल रहता है । इसके सफल आयोजन के साथ-साथ सूर ने अपने काव्य में आलाप और मूर्च्छना के तत्वों का भी पूर्ण प्रकर्षात्मक रूप उपस्थित किया है। संगीत की ध्वनि में सामान्यतः जिस भावात्मक सत्ता की निसर्ग अभिव्यक्ति रहती है, उसका अवस्थान भी सूर की काव्य-लहरी में सर्वत्र दृष्टिगत होता है। स्वर-तारतम्य के फलस्वरूप उनके गीत-संयोजन में अर्थ को व्यंजित करने की क्षमता का अत्यन्त व्यापक आधार पर संघटन हुआ है । उनके काव्य में सांगीतिक अन्तर्चेतना का प्रायः अनिवार्य योग रहा है और यही कारण है कि 'भ्रमरगीत के माध्यम से वह इतने रम्य वातावरण की सृष्टि कर सके हैं । इसी के फलस्वरूप उनका काव्य अध्येता के चित्त का प्रसादन करते समय उसके अत्यन्त निकट सम्पर्क में रह सका है। गीति-काव्य के लिए यह अनिवार्य है कि उसका प्रत्येक शब्द इन्द्रियों को अपनी ओर आकृष्ट करने में सक्षम हो और वह समष्टि रूप में अन्तम् में पैठकर व्यक्ति को में रागात्मिका वृत्ति को उद्बुद्ध करने और मन को एक विशिष्ट रमणीय चेतना की ओर उन्मुख करने में समर्थ हो । 'सूरसागर' में इस तथ्य को प्रायः सिद्धान्त रूप में ही स्वीकृत कर लिया गया है । सूर ने प्रकृति और जीव को सहज-सम्बद्ध मानकर इस प्रकार के अनेक हृदयस्पर्शी और मुखर चित्रों की सजीव उद्भावना की है। उनकी गोपियों के विरहोद्गार करुण प्रकृति के होने के कारण भावुक की मनसा का तुरन्त स्पर्श करते हैं और अध्येता का चित्त परिस्थिति से तदाकार सम्बन्ध का अनुभव कर प्रायः वहीं रमण करने लगता है । मन के इस सहज अभिनिवेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखिए :-- ऊषो ! मन नाहीं दस-बोस । एक हुतो, सो गयो हरि के संग, को अराध तुव ईस ? भइँ अति सिथिल सबै माधव बिनु, जथा देह बिनु सोस । स्वासा अटकि रहे आसा लगि, जीवह कोटि बरोस । ( राग घनाश्री ) सूर ने अपने गीति- पम्मत काव्य में कोमल - कमनीय पद-विन्यास को अत्यन्त सहज आधार पर संयोजित करने का प्रयाम किया है । यद्यपि ब्रज भाषा में मधुर शब्दों की स्थिति स्वभावतः ही प्रभूत मात्रा में दृष्टिगत होती है, तथापि सूर ने उसे और भी सजाते-पंवारते हुए लोक व्यवहृत भाषा के अधिक समीप रखा है और व्यावहारिक शब्दों का बृहत् परिमाण में उन्मुक्त प्रयोग किया है। संगीत की सृष्टि के लिए सामान्यतः शब्दों के जिस उपयुक्त चयन की अपेक्षा रहती है, उसका सूर ने अतिशय ध्यान रखा है । यथा :-- निरमोहिया सों प्रीति कीन्हीं, काहे न दुख होय ? कपट करि करि प्रीति कपटी, लै गयो मन गोय ॥ काल-मुख ते काढ़ि आनी, बहुरि दीन्हीं ढोय । मेरे जिय की सोइ जानं, जाहि बोती होय ॥ ( राग सोरठ) सूर के काव्य का प्रणयन मूलतः रागों के आधार पर हुआ है और यही कारण है कि पिंगल-शास्त्र की दृष्टि से प्रोढ़ छन्द -विधान का समावेश वहाँ नहीं हो पाया है । फिर भी संगीत की स्वाभाविक लय के फलस्वरूप उनके काव्य में यत्र तत्र छन्द योजना का उत्कृष्ट रूप भी दृष्टिगत होता है। इस दृष्टिकोण से उनके पदों में सार, गोतिका, 'हरि-गीतिका, झूलना एवं विधाता आदि छब्बीस से अट्ठाईस मात्राओं वाले छन्दों का ही विशेष रूप से समावेश हुआ है। कहीं-कहीं एक ही पद में इनमें से दो या तीन छन्दों का भी समावेश हो गया ह जो काव्य की दृष्टि से अधिक उपयुक्त नहीं है, तथापि
एक अनिवार्य कला - तत्त्व के रूप में स्वीकृत कर लिया गया है। आगे हम इस उभयोन्मुख व्यंग्य प्रणाली से सम्बद्ध एक उत्कृष्ट छन्द उद्धृत करते है विलग जनि मानहू, ऊधौ प्यारे ! वह मथुरा काजर की कोठरि, जे आवह ते कारे ॥ तुम कारे, सुफलकसुत कारे, कारे मधुप भँवारे । तिनके संग अधिक छवि उपजत, कमल नैन मनिआरे ॥ मानहु नील माट तें काढ़े, लै जमुना ज्यों पखारे । ता गुन स्याम भई कालिंदी, सूर स्याम गुन न्यारे ॥ व्यंग्य के पश्चात् सूर ने उपालम्भ- पद्धति को विशेष रूप से अपनाया है। उपालम्भ से हमारा तात्पर्य उस वक्र पदावली से है जिसका प्रयोग साधारणतः प्रिय अथवा प्रेयसी द्वारा प्रदर्शित उपेक्षा भाव के अवसर पर किया जाता है । कृष्ण द्वारा उपेक्षित होने पर गोपियाँ इसी पद्धति का आश्रय ग्रहण करती हैं । उपालम्भ की चरमावस्था उस समय होती है जब सम्बन्धित व्यक्ति उपेक्षा के कारण ग्लामि का अनुभव करने के अनन्तर मान का प्रदर्शन करता है । उस समय उपालम्भ में तिक्तता का कुछ अधिक मात्रा में समावेश हो जाता है और परिस्थिति कहीं अधिक अनुकूल प्रतीत होने लगती है, किन्तु इसके लिए यह आवश्यक है कि मान-भाव की अन्तर्व्याप्ति नितान्त प्रच्छन्न रूप में हो । 'सूर-सागर' में इस प्रकार की मान-संयुक्त उपालम्भ शैली के अनेक सफल प्रयोग उपलब्ध होते है । यथा :-- स्याम बिनोदी रे मधुबनियाँ । अब हरि गोकुल काहे को आहिं, चाहत नव यौवनियाँ ॥ वे दिन माधव भूलि बिसरि गये, गोद खिलाए कनियाँ । गुहि - गुहि देते नन्द जसोदा, तनक काँच के मनियाँ । दिन चारि तें पहिरन सीखे, पट पीताम्बर तनियाँ । सूरदास प्रभु तजि कामरी अब, हरि भए चिकनियाँ । विवरणात्मक शैली का प्रयोग मूर ने अत्यन्त अल्प स्थानों पर ही किया है । वास्तव में इस शैली के संचरण से काव्य-तत्व में कुछ न कुछ शिथिलता का ही संचार होता है । इसके मूल में तथ्य-दर्शन की अपेक्षा वस्तु परिगणन को अधिक महत्त्व प्रदान किया जाता है और यही कारण है कि इसमें आन्तरिक भाव-सौष्ठवकी अपेक्षा बाह्य कलासौन्दर्य ही शेष रह जाता है । कतिपय परिस्थितियों में कला के उच्चतर मूल्यों का भी इसमें अभाव ही रहता है, किन्तु गीति-तत्व के सफल संयोजन द्वारा सूर अपनी वर्णनशैली को भी विशेष माधर्य प्रदान कर सके हैं। फिर भी इतना स्मरणीय है कि विवर णात्मक शैली की अतिवादी सीमाओं का स्पर्श सूर ने कहीं भी नहीं किया। उनके काव्य में विवरण का समावेश केवल उसी सीमा तक हुआ है, जहाँ तक वह सहज ग्राह्य है । उदाहरणार्थ गोपियों की निम्नलिखित उक्ति देखिए :-- हम तो नन्द घोष को बासी । नाम गोपाल, जाति कुल गोपहि, गोप-गोपाल उपासी ॥ गिरवरधारी, गोधनचारी, वृन्दावन अभिलासी । राजा नन्द जसोदा रानी, जलधि नदी जमुना-सी ॥ प्रान हमारे परम मनोहर, कमलनयन सुखरासी । सूरदास प्रभु कहाँ कहाँ लौं, अष्ट महासिधि दासी ॥ उपर्युक्त विवेचन से यह नितान्त स्पष्ट है कि सूर ने अपने साहित्य का सृजन करते समय प्रकरण के अनुसार प्रत्येक स्थल पर शैली परिवर्तन किया है । शैली को और भी • सजीव तथा मर्मभेदी बनाने के लिए उन्होंने मुहावरों और लोकोक्तियों का उन्मुक्त प्रयोग किया है । इस प्रकार के प्रयोगों से प्राप्त होने वाला प्रथम लाभ यह है कि इनके द्वारा सम्पूर्ण गतिरोध विनष्ट हो जाता है और उसमें एक नवीन प्रवाह अथवा आत्मा का संचार हो जाता है । मुहावरे व्यंजना पर आधृत होने के कारण व्यंग्य शैली को सहायता प्रदान करते हैं और इस प्रकार भाषा में ध्वन्यात्मक तत्व की उपयुक्त सृष्टि करते हैं । लोकोक्तियाँ सत्य की ओर उन्मुख होने के कारण अनुभव पर आधारित रहती हैं और काव्यशैली में विशेष गम्भीरता का संचार करती हैं । इस प्रकार यह स्पष्ट है कि मुहावरों में विषय के वक्र प्रतिपादन की ओर विशेष ध्यान दिया जाता है। इनके माध्यम से वक्ता अपने अभिप्रेत को सहज ही पहले की अपेक्षा अधिक प्रभावशाली बना सकता है। उदाहरणार्थ सूर की निम्नलिखित काव्य - पंक्ति देखिये : -- तिनका तोर करो जनि हम सों, एक बारू को लज्जा गहियो । यहाँ 'तिनका तोड़ करना' नामक मुहावरे का 'सम्बन्ध विच्छेद करना' के अर्थ में प्रयोग किया गया है। स्पष्ट है कि यह प्रयोग भाव को सामान्यतः कहीं अधिक शोभा प्रदान करता है । लोकोक्तियों के माध्यम से सम्बद्ध व्यक्ति अपनी भावनाओं को पूर्वानुभूत तथ्यों द्वारा उदाहृत करता है । काव्य में इनका प्रयोग निश्चित रूप से व्यावहारिक अथवा नित्य प्रति की शैली का प्रतीक है। 'सूरसागर' में उद्धव की शुष्क और तर्कप्रधान ज्ञान-साधना को भाव-शून्य सिद्ध करने के लिए गोपियों ने सहज प्रयुक्त लोकोक्तियों का प्रायः उपयोग किया है। किसी भी हठवादी व्यक्ति को निरुत्तर करने के लिए यह सर्वोत्कृष्ट वर्णन प्रणाली है । उदाहरणार्थ गोपियों ने निम्नलिखित पंक्तियों में लोकोक्तिप्रयोग द्वारा क्रमशः कृष्ण और उद्धव के प्रति अत्यन्त व्यंग्य-तिक्त वचनों का सहज आधार पर सफल प्रयोग किया है ज्यों गजराज काज के ओसर, और दसन दिखावत । स्वान पूंछ कोटिक जो लागे, सूधि न काहू करी । शैली में प्रवाह का विधान करने के लिए सूर ने प्रत्येक चरण में गति-तत्व का एक सूर को भाषा-शैलो विशिष्ट आधार पर संयोजन किया है। चरणान्त में तुक का पालन करने के साथ-साथ उन्होंने अधिकांश पंक्तियों में आन्तरिक तुक-साम्य का निर्वाह करने का भी प्रयास किया है। इस प्रकार उन्होंने विभिन्न प्रणालियों का आधार ग्रहण करते हुए प्रत्येक रीति से यह चेष्टा की है कि वर्णन के अनुसार उनकी शैली में भी उचित संशोधन और परि कार हो जाए । आन्तरिक तुक-साम्य के निर्वहन द्वारा शैलीगत माधुर्य के संयोजन का एक उदाहरण देखिए :-- फाटक देकर हाटक माँगत, भोरी निपट सुधारी । निष्कर्प रूप में हमारी यही मान्यता है कि सूर ने अपने 'भ्रमरगीत' में भाषा और शैली के द्विविध आधार को एकरूपता प्रदान की है और प्रत्येक सम्भव रीति से यह चेष्टा की है कि वह उनमें अन्योन्याश्रय सम्बन्ध को अनिवार्यतः स्थापित कर सकें । भाषा और शैली, दोनों में ही उन्होंने अनेक प्रकार से वैविध्य का संयोजन करने की चेष्टा की है और इस प्रकार अपने प्रतिपाद्य विषय को न केवल कला की दृष्टि से ही, अपितु भाव की दृष्टि से भी बोझिल होने से बचाया है। ब्रजभाषा-साहित्य के उस प्रारम्भिक युग में भाषा और शैली का इतने व्यापक आधार पर ऋजु-सरल संयोजन निश्चय ही अत्यन्त प्रशंसनीय है और यही कारण है कि परवर्ती कवियों ने उनके काव्य की चेतना का इतने आग्रह के साथ स्पर्श करने का प्रयत्न किया है । उपर्युक्त अध्ययन में यह स्पष्ट है कि महाकवि सूरदास ने अपने काव्य में भाषा और शैली की योजना करते समय उन्हें पूर्णतः सहज आधार पर स्थापित रखने का प्रयास किया है। यह एक नितान्त स्वस्थ प्रवृत्ति है और सूर द्वारा इसके परिपालन में सफलता प्राप्त करने का रहस्य यही है कि उनकी दृष्टि मूलतः भावना पर रही है और कला - संयोजन को उन्होंने मुख्य नहीं होने दिया है । कला-विषयक अपूर्णतायें काव्य में कलाको गौण स्थान प्रदान करने से नहीं आतीं। भाव-सौन्दर्य भी कला- विकास के लिए प्रेरक शक्ति के रूप में ही उपस्थित होता है । वस्तुतः कला-तत्व को काव्य में प्रमुख स्थान प्रदान कर उसके लिए नवीन क्षेत्रों की खोज करना ही कभी-कभी कला- विकास के लिए घातक सिद्ध हो जाता है । उपर्युक्त तथ्य के समर्थन के लिए हम आधुनिक हिन्दी काव्य में प्राप्त होने वाली छायावादी और प्रयोगवादी काव्य-धाराओं पर विचार करेंगे। यद्यपि यह सत्य है कि इन दोनों काव्य-रचना-प्रणालियों में भाव-समृद्धि की उपेक्षा नहीं की गई है, किन्तु कला - सौन्दर्य की अभिवृद्धि के लिए इनमें परम्परा से भिन्न कुछ नवीन उपकरणों का आवश्यकता से अधिक विस्तार के साथ आश्रय लिया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि इन दोनों काव्य-धाराओं के रचयिताओं में से केवल प्रौढ़ साहित्यकार ही भावना और कला का पूर्ण अथवा अंशगत सामंजस्य स्थापित करने में सफल हो सके हैं। इसके विपरीत प्रायः सभी नवीन कवि इनके कला-तत्वों की अतिशयता से प्रभावित होकर अपने भाव-चित्रण में पूर्ण सिद्धि प्राप्त नहीं कर सके हैं। महाकवि सूरदास ने अपने काव्य को इस प्रकार के कला-चमत्कार से पृथक् रखा है। कला की दृष्टि से उन्होंने अपने काव्य में केवल गीतिकाव्यत्व के निर्वाह की आवश्यकता का ही प्रतिपालन किया है । इसके अतिरिक्त उनके समक्ष अन्य कोई भी आग्रह वर्तमान नहीं रहा है। इसी कारण उन्हें गेय पदों की रचना में भी पूर्ण सफलता प्राप्त हुई है । आगे हम उनके गीति-काव्य पर पृथक् से प्रकाश डालेंगे । सूर का गीति-काव्य प्रगीतात्मकता को काव्य के लिए एक अनिवार्य विषय के रूप में ग्रहण करते हुए पाश्चात्य आलोचक श्रीयुत ऑल्फ्रेड आस्टिन ने एक स्थल पर कहा है :"No verse which is unmusical or obscure can be regarded as poetry, whatever other qualities it may possess.' अर्थात् "किसी भी गीति-विहीन अथवा अर्द्ध-व्यक्त चरण को काव्य की संज्ञा से अभिहित नहीं किया जा सकता, भले ही अन्य अनेक गुण उसमें हों । " मूर ने अपने काव्य की सृष्टि स्वतन्त्र पदों के रूप में की है और उपर्युक्त मन्तव्य अनुसार उनकी रचनाओं में गीति तत्व का सर्वत्र अत्यत सहज रूप में समावेश हो गया है । उनके प्रगीत-काव्य में 'भ्रमरगीत - पदावली' को मूर्धन्य स्थान प्राप्त है और विनय तथा वात्सल्य सम्बन्धी पद इस दृष्टिकोण से इसके पश्चात् आते हैं । इन पदों में आत्मा की रागात्मिका वृत्ति का जितने महज स्वाभाविक रूप में अन्तर्भाव हुआ है, उतना अन्यत्र विरल है । वास्तव में महाकवि सूरदास न केवल काव्य-प्रणेता ही थे, अपितु संगीतशास्त्र के उद्भावक आचार्य के सभी गुणों का भी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व में स्वतंत्र रूप मे समावेश हो गया था। इसी प्रतिभा के फलस्वरूप वह अपने पदों की पृष्ठभूमि में संगीत की इतनी सफल स्थापना कर सके है । हमारी चेतना को इतने आग्रह के साथ आकृष्ट और रस समन्वित करने का कारण रूप मूल गुण भी यही है । सूर के काव्य में संगीत के सूक्ष्म और स्थूल, दोनों प्रकार के उपकरणों का अवसर के अनुकूल सहज समावेश हुआ है। सूक्ष्म उपकरणों से हमारा तात्पर्य उन उपादानों से है जो मनोभावों की गतिविधि से सम्बन्ध रखते हैं। इस प्रकार के तत्व प्रगीत-काव्य के लिए प्राण-सत्ता के समान होते हैं और इनसे मन्निवेष्टित होने पर ही वह चिरस्थायी तथा आत्म-स्पर्शी हो सकता है। इसी प्रकार स्थूलतः रागादि का आधार ग्रहण करते हुए भी वह अपने पदों में उनका इतनी कुशलता के साथ समावेश कर सके हैं कि प्रथम दृष्टि में ही हमें ऐसा प्रतीत होने लगता है कि राग-रागिनी-विषयक इस आयोजन में भी काव्यत्व का प्रचुर समावेश है । इसके अतिरिक्त संगीत के विशिष्ट आरोह-अवरोह और स्वर-ताल आदि के समवेत संयोजन का भी उन्होंने सर्वत्र ध्यान रखा है। रागनियोजन के दृष्टिकोण से उन्होंने अपने पदों में अनेकानेक रागों का प्रयोग किया है । राग सारंग, सोरठ, बिलावल, रामकली, टोड़ी, नट, कल्याण, मल्हार, धनाश्री, केदार, काफी, कान्हरो, विहागरो, जैतश्री, केदारो, मारू, गौरी, गौड़, नटनारायण, आसावरी, देसाख, अडानो, परज । इन सभी रागों का प्रयोग करते समय सूर ने विषय की चेतना को यथासम्भव अक्षुण्ण रखने का प्रयास किया है। इनमें से उनके काव्य में सारंग, सोरठ, बिलावल, मल्हार, घनाश्री, केदार, कान्हरो, विहागरो और आसावरी आदि राग मुख्य रूप से प्रयुक्त हुए हैं और शेष का व्यवहार गोण रूप से हुआ है । इस विषय में सबसे अधिक द्रष्टव्य तथ्य यही है कि इनके आयोजन में सूर किसी प्रकार के आग्रह से युक्त नहीं रहे हैं ओर उन्होंने सर्वत्र अपनी चेतना को सहज-प्वाभाविक धरातल पर स्थिर रखने का प्रयास किया है। राग-नियोजन और कम-बन्धन करते समय केवल नात्र वैविध्य पर उनकी दृष्टि कदापि नहीं रही है ओर केशव की 'रामचन्द्रिका' के रूप में छन्द - शास्त्र की कृति के समान उन्होंने 'सूरसागर' के रूप में राग-शास्त्र की सृष्टि नहीं की है। प्रत्येक राग के लिए उपयुक्त विषय का संयोजन और विभाजन उनकी अपनी मोलिक विशेषता है और उनकी मनोवैज्ञानिक तथा काव्यात्मक विचारधारा का उत्कृष्ट प्रतीक है। प्रगीत-काव्य का एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण गुण यह है कि उसमें आत्मकपन की संक्षिप्ततम प्रणाली को ग्रहण किया जाता है। विस्तार की प्रवृत्ति वहाँ पूर्णतः निराकृत न होने पर भी संगति विहीन ओर विय-बाह्य है। इसका कारण स्पष्टतः यही है कि आत्मा का जितना सहज उद्भावन संक्षिप्त पद में सम्भव है, उतना विस्तृत और वर्णनात्मक आख्यान में नहीं । सूर ने अपने काव्य का प्रगयन करते समय सिद्धान्ततः इस तत्व को सर्वत्र आधारभूत रूप में ग्रहण करने का प्रयास किया है, तथापि कुछ ऐसे पदों का समावेश भी उनके काव्य में हो गया है, जिनमें व्यर्थ के आग्रह के फलस्वरूप वर्ण्य का आवश्यकता से अधिक प्रस्तार लक्षित होता है । इस प्रकार के पदों में स्वभावतः कवि की अन्तर्दृष्टि विषय की मूल चेतना पर अधिक समय तक केन्द्रित नहीं रह पाई है और परिणाम-रूप में उनमें प्रायः कुछ बोझिलना का समावेश हो गया है । गीति-काव्य का एक सूक्ष्मतर ओर अपेक्षाकृत अधिक मोन्दर्यपरक गुण यह है कि उसमें संगीत की भावमय चेतना का सर्वत्र समान रूप से प्रसार रहता है । इसका मूल अर्थ यही है कि उसमें संगीत के स्वर ओर ताल की प्रकट अभिव्यक्ति के साथ-साथ पार्श्वगत रूप में मन की मार्मिक अनुभति की प्रच्छन्न अभिव्यंजना भी वर्तमान रहती है । संगीत के माध्यम से मनः चेतना की इस अभिव्यक्ति का संयोजन निश्चय ही एक कुशल ओर सूक्ष्मद्रटा कवि का कार्य है । सूर के काव्य में हमें इस तत्व का अनंक स्थलों पर प्रभूत परिमाण में अनायास समावेश उपलब्ध होता है। उनके काव्य में स्वभावतः संवेदन की सहज क्षमता वर्तमान रही है और भावना प्रधान होने के कारण उसमें समाविष्ट संगात नत्व भी अत्यधिक भावमय हो गया है। सांगीतिक अन्तर्चेतना के इस रमणीय भावन के दो उदाहरण देखिए :-- कहाँ कहाँ तँ आये हो ? जानति हौं अनुमान मनो तुम, जादवनाथ पठाए हो ॥ - ऊषो ! कोकिल कूजत कानन । तुम हमको उपवेस करत हो, भस्म लगावन आनन ।। - इन उद्धरणों में संगीत की सामान्य विधा के समावेश के साथ-साथ व्यंजना पर आघृत जिस सूक्ष्म भाव-लहरी का अन्तर्भाव हुआ है, वह निश्चय ही काव्य के रागात्मक पक्ष की दृष्टि से अत्यन्त श्रेष्ठ है। संगीत और भावना, दोनों ही का इन पंक्तियों में अत्यन्त सहज स्तर पर समन्वय हुआ है । प्रगीत-काव्य में सम्बद्ध व्यक्ति अथवा विषय की समग्र मूल वृत्तियों के सहज और स्वतन्त्र उद्भावन की अपेक्षा रहती है। सूर ने इस तत्व का प्रतिपालन कर वस्तुस्थिति का, बिना कुछ घटाए- बढ़ाए, अत्यन्त स्वच्छ आधार पर विश्लेषण उपस्थित किया है । उन्होंने सर्वत्र वर्ण्य को चित्रात्मक और स्पष्ट अभिव्यक्ति प्रदान की है। यही कारण है कि मूल तत्व को अनुकृत करते समय उन्होंने किसी प्रकार की अतिवादी कल्पना अथवा दुर्बोध बौद्धिक चिन्तन का आश्रय ग्रहण नही किया है। उनकी गोपियाँ कृष्ण पर अनुरक्त हैं और यह अनुरक्ति किसी भी दृष्टिकोण से प्रच्छन्न नहीं है। उद्धव के समक्ष अपनी वियोग-विह्वल मनःस्थिति का स्पष्ट शब्दों में उल्लेख करने में उन्हें किसी प्रकार के संकोच की अनुभूति नहीं होती और यह अनावृत्त व्याख्यान की प्रणाली ही गीतिकाव्य की आत्मा का निर्माण करने वाली मूल इकाइयों में से एक है । गोपियाँ अपनी आत्मा की स्थिति का स्वतः विश्लेषण करते हुए कृष्ण के प्रति अपने आत्मिक अनुराग का मर्मस्पर्शी आख्यान करती हैं अंखियाँ हरि दरसन को भूखी । कैसे रहें रूपरसराची, ये बतियाँ सुनि रूखी ॥ उर में माखन-जोर गड़े । अब कैसहु निकसत नहि ऊषो ! तिरछे है जु अड़े ॥ - महाकवि सूरदाम के काव्य का अध्ययन करने पर यह सहज ही स्पष्ट हो जाता है कि स्थूलतः प्रत्येक विरहिणी गोप-त्रधु अन्नमय कोश की प्रतीक है, किन्तु मनोमय कोश के उपयुक्त गुणों का भी उसके व्यक्तित्व में सहज समावेश हुआ है । वस्तुतः गीति-काव्य की सफल सृष्टि उसी अवस्था में सम्भव है, जब स्रष्टा सामान्य रूप से आनन्दमय कोश की सामरस्य पूर्ण स्थिति को प्राप्त कर चुका हो । सूर कवि और भावक के रूप में निश्चय ही आनन्दमय कोश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें समाजदर्शन में अटल विश्वास था और यहां कारण है कि वह अपनी उच्चतर काव्य प्रतिभा के आधार पर गोप-वधुओं के अन्नमय कोश के उपयुक्त स्थूल व्यवहार को भी मनोमय कोश के सूक्ष्म आध्यात्मिक संकेतों की ओर प्रवृत कर सके हैं। संगीत की सहज उद्भावना के लिए भी यह अनिवार्य है कि स्रष्टा कवि की अन्तर्चेतना मनोमय कोश से लेकर आनन्दसूर की भाषा-शैली मय कोश तक किसी भी मध्यवर्ती जीव से सम्बद्ध हो । सूर इस दिशा में किसी भी रीति से पराभूत अथवा मानसिक कुण्ठाओं से अभिभूत नहीं रहे हैं । इसी स्वस्थ स्थिति के फलस्वरूप वह जीव की अन्नमय और मनोमय, दोनों ही अवस्थाओं का सफल चित्रग कर सके हैं। उदाहरणार्थ गोप-वधुओं के निम्नांकित वचन निश्चित रूप से जीव के अन्नमय स्वरूप से इतर अन्य किमी स्वरूप से सम्बद्ध नहीं है : हम तो कान्ह-केलि की भूखी । कैसे निरगुन सुर्नाह तिहारो, बिरहिनि बिरह-बिदूखो ।। ऊधो ! कहत न कछू बने । अधरामृत-आस्वादिनी रसना, कैसे जोग भर्न ? - उल्लिखित पंक्तियों के अध्ययन से स्पष्ट है कि इनमें अध्यात्मपरक विचारधारा का निराकरण कर भोग की स्थूल और मांसारिक वृत्ति के प्रति गहन आकांक्षा प्रकट की गई है । वस्तुतः वर्तमान युग के वैज्ञानिक और तर्क-सम्मत दृष्टिकोण के अनुसार गोपियों के विरह के मूल में सर्वत्र इसी प्रकार की कामना अपेक्षित भी थी, किन्तु जन-श्रुति ओर पोराणिक रचनाओं पर विश्वास करते हुए सूर ने अपने काव्य में गोपियों को मनोमय कोश की प्रतीक के रूप में भी ग्रहण किया है । वह उनके अन्तम् में भौतिक और ऐन्द्रिक चेतना को गीण तथा जीवात्मा की साधनापरक भावमय गति को प्रमुख मानते हुए उनके चरित्र के एक दूसरे उदान स्वरूप को भी उपस्थित करते हैं। गोपियों का अधोलिखित कथन स्पष्टतः इसी तथ्य के संकेत उपस्थित करता है हरि न मिले, री माई ! जन्म ऐसे ही लाग्यो जान । जोवत मग द्यौस द्यौस, बीतत जुग-समान ॥ - सूर की पदावली में नाद-सोन्दर्य के तत्व को प्रमुख स्थान प्राप्त हुआ है और यही कारण है कि उनके गेय पदों में चेतना को आकृष्ट करने वाली रम्य मधुर वाणी का उत्कृष्ट सामंजस्य हुआ है। संगीत के अमूर्त तत्वों से युक्त होने के फलस्वरूप उनके काव्य के अन्तर्भाग में एक विशिष्ट प्रकार के सूक्ष्म सौन्दर्य की सहज व्याप्ति हुई है । संगीत के साहचर्य में सौन्दर्य - भावना का यह प्रसार सामान्यतः काव्य में अत्यन्त विरल रहता है । इसके सफल आयोजन के साथ-साथ सूर ने अपने काव्य में आलाप और मूर्च्छना के तत्वों का भी पूर्ण प्रकर्षात्मक रूप उपस्थित किया है। संगीत की ध्वनि में सामान्यतः जिस भावात्मक सत्ता की निसर्ग अभिव्यक्ति रहती है, उसका अवस्थान भी सूर की काव्य-लहरी में सर्वत्र दृष्टिगत होता है। स्वर-तारतम्य के फलस्वरूप उनके गीत-संयोजन में अर्थ को व्यंजित करने की क्षमता का अत्यन्त व्यापक आधार पर संघटन हुआ है । उनके काव्य में सांगीतिक अन्तर्चेतना का प्रायः अनिवार्य योग रहा है और यही कारण है कि 'भ्रमरगीत के माध्यम से वह इतने रम्य वातावरण की सृष्टि कर सके हैं । इसी के फलस्वरूप उनका काव्य अध्येता के चित्त का प्रसादन करते समय उसके अत्यन्त निकट सम्पर्क में रह सका है। गीति-काव्य के लिए यह अनिवार्य है कि उसका प्रत्येक शब्द इन्द्रियों को अपनी ओर आकृष्ट करने में सक्षम हो और वह समष्टि रूप में अन्तम् में पैठकर व्यक्ति को में रागात्मिका वृत्ति को उद्बुद्ध करने और मन को एक विशिष्ट रमणीय चेतना की ओर उन्मुख करने में समर्थ हो । 'सूरसागर' में इस तथ्य को प्रायः सिद्धान्त रूप में ही स्वीकृत कर लिया गया है । सूर ने प्रकृति और जीव को सहज-सम्बद्ध मानकर इस प्रकार के अनेक हृदयस्पर्शी और मुखर चित्रों की सजीव उद्भावना की है। उनकी गोपियों के विरहोद्गार करुण प्रकृति के होने के कारण भावुक की मनसा का तुरन्त स्पर्श करते हैं और अध्येता का चित्त परिस्थिति से तदाकार सम्बन्ध का अनुभव कर प्रायः वहीं रमण करने लगता है । मन के इस सहज अभिनिवेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण देखिए :-- ऊषो ! मन नाहीं दस-बोस । एक हुतो, सो गयो हरि के संग, को अराध तुव ईस ? भइँ अति सिथिल सबै माधव बिनु, जथा देह बिनु सोस । स्वासा अटकि रहे आसा लगि, जीवह कोटि बरोस । सूर ने अपने गीति- पम्मत काव्य में कोमल - कमनीय पद-विन्यास को अत्यन्त सहज आधार पर संयोजित करने का प्रयाम किया है । यद्यपि ब्रज भाषा में मधुर शब्दों की स्थिति स्वभावतः ही प्रभूत मात्रा में दृष्टिगत होती है, तथापि सूर ने उसे और भी सजाते-पंवारते हुए लोक व्यवहृत भाषा के अधिक समीप रखा है और व्यावहारिक शब्दों का बृहत् परिमाण में उन्मुक्त प्रयोग किया है। संगीत की सृष्टि के लिए सामान्यतः शब्दों के जिस उपयुक्त चयन की अपेक्षा रहती है, उसका सूर ने अतिशय ध्यान रखा है । यथा :-- निरमोहिया सों प्रीति कीन्हीं, काहे न दुख होय ? कपट करि करि प्रीति कपटी, लै गयो मन गोय ॥ काल-मुख ते काढ़ि आनी, बहुरि दीन्हीं ढोय । मेरे जिय की सोइ जानं, जाहि बोती होय ॥ सूर के काव्य का प्रणयन मूलतः रागों के आधार पर हुआ है और यही कारण है कि पिंगल-शास्त्र की दृष्टि से प्रोढ़ छन्द -विधान का समावेश वहाँ नहीं हो पाया है । फिर भी संगीत की स्वाभाविक लय के फलस्वरूप उनके काव्य में यत्र तत्र छन्द योजना का उत्कृष्ट रूप भी दृष्टिगत होता है। इस दृष्टिकोण से उनके पदों में सार, गोतिका, 'हरि-गीतिका, झूलना एवं विधाता आदि छब्बीस से अट्ठाईस मात्राओं वाले छन्दों का ही विशेष रूप से समावेश हुआ है। कहीं-कहीं एक ही पद में इनमें से दो या तीन छन्दों का भी समावेश हो गया ह जो काव्य की दृष्टि से अधिक उपयुक्त नहीं है, तथापि
वेद का रहस्य । । दूसरा अध्याय । वैदिक वादका सिंहावलोकन । वैदिक विद्वान् । [ख] [ लेखक - श्री० योगी अरविंद घोष अनुवादक- स्वामी अभयदेवजी ] संग्रहीता ने क्रमबद्ध किया था । जो मूल वेद इस समय हमारे पास हैं, उसमें दो सहस्र वर्षों से अधिक काल से कोई विकार नहीं आया है । जहाँ तक हम जानते हैं, इस का काल भारतीय बौद्धिक प्रगति के महान् युग से, जो ग्रीक पुष्पोम के समकालीन किन्तु अपने प्रारम्भिक रूपों में इस से पहले का है, प्रारम्भ होता मैं ने कहा है 'साररूप में, न कि उस के वर्तमान लिखित रूप में । क्योंकि वैदिक छन्दःशास्त्र कई अंशों में संस्कृत के छन्दःशाखसे भिन्नता रखता था और विशेष है, जिसने देश के संस्कृत-सहित्य में लेखबद्ध पाई जाने कर, पृथक पृथक् शब्दों की सन्धि करनेके नियमों को जो कि साहित्यक भाषाका एक विशेष अंग है, बढी स्वच्छन्दता के जीवित भाषा में होना स्वाभाविक ही था, नियत नियमो साथ काम में लाता था । वैदिक ऋषि, जैसा कि एक की अपेक्षा श्रुति का ही अधिक अनुपरण करते थे; कभी वे पृथक् शब्दों में सब्धि कर देते थे और कभी वे उन्हें बिन सन्धि किये वैसा ही रहने देते थे । परन्तु जब वेद का लिखित रूप में आना शुरू हुआ, तब सन्धिके नियमका भाषाके ऊपर और भी अधिक निष्प्रतिबन्ध आधिपत्य हो गया और प्राचीन मूल वेदको वैयाकरणों ने जहाँतक हो सका, इसके नियमोंके अनुकूल बना कर लिखा। फिर भी, इस बात में वे सचेत रहें कि इस संहिता के साथ उन्होंने एक दूसरा ग्रन्थ भी बना दिया, जिसे 'पदपाठ' कहा जाता है और जिसमें सन्धिके द्वारा संयुक्त सभी शब्दोंका फिरसे उनके मूल तथा पृथक् पृथक् शब्दोंमें सन्धिच्छेद कर दिया गया है और यहाँ तक कि समस्त शब्दों के घटकों का भी निर्देश कर दिया गया है । वाली संस्कृति और सभ्यता की नींव डाली । हम नहीं कह सकते कि कितनी अधिक प्राचीन तिथि तक हमारे इस मूल वेद को ले जाया जा सकता है। पर कुछ विचार हैं, जो इसके विषयमें हमारे इस मन्तव्यको प्रमाणित करते हैं कि यह अत्यन्त ही प्राचीन काल का होना चाहिये । एक शुद्ध वेदका ग्रन्थ जिसका प्रत्येक अक्षर शुद्ध हो, प्रत्येक स्वर शुद्ध हो, वैदिक कर्मकाण्डियोंके लिये बहुतही अधिक महत्व का विषय था, क्योंकि सतर्कतायुक्त शुद्धता पर ही यशकी फलांस्पाइकता निर्भर थी। उदाहरणस्वरूप ब्राह्मण-ग्रन्थों में हमें त्वष्टा की कथा मिलती है कि वह इस उद्देश्य से यज्ञ कर रहा था कि, इन्द्रसे उस के पुत्रवध का बदला लेनेवाला कोई उत्पन्न हो, पर स्वर की एक अशुद्धि के कारण इन्द्र का वध करनेवाला तो पैदा नहीं हुआ, किन्तु वह पैदा हो गया, जिसका कि इन्द्र वध करनेवाला बने । प्राचीन भारतीय स्मृतिशक्ति की असाधारण शुद्धता भी लोकविश्रुत है। और वेदके साथ जो पवित्रताकी भावना बुडी हुई है, उसके कारण इस में वैसे प्रक्षेप, परिवर्तन, नवीन संस्करण नहीं हो सके, जैसों के कारण कि कुरु वंशियों का प्राचीन महाकाव्य बदलता-बदलता महाभारत के वर्तमान रूपमें आ गया है । इसलिये यह सर्वथा सम्भव है कि हमारे पास व्यासकी संहिता साररूप में वैसी की वैसी हो, जैसा कि इसे उस महान ऋषि और वेदों को स्मरण रखनेवाले प्राचीन पण्डितोंकी सचाईके विषय में यह एक बडी उल्लेखयोग्य प्रशंसा की बात है कि, उस अव्यवस्था के स्थान पर जो कि इस संस्थान में बडी आसानी से पैदा की जा सकती थी, यह पूर्ण रूप से आसान रहा है कि इस संहितारमक वेद को सदा वैदिक छन्द - शाखके मौलिक समस्वर रूपोंमें पृथक् करके देखा जा सके । और बहुत ही कम ऐसे उदाहरण हैं, जिनमें कि पदपाठ की यथार्थता अथवा उसके युक्तियुक्त निर्णय पर आपत्ति उठाई जा सके । तो, हमारे पास अपने आधार के रूप में एक वेदका ग्रन्थ है, जिसे कि हम विश्वास के साथ स्वीकार कर सकते हैं, और चाहे इसे हम कुछ थोडेसे अवसरों पर सन्दिग्ध या दोपयुक्त भी क्यो न पाते हों, यह किसी प्रकारसे भी संशोधन के उस प्रायः उच्छृङ्खल प्रयत्न के योग्य नहीं है, जिसके लिये कि कुछ युरोपियन विद्वान् अपने आपको प्रस्तुत करते हैं। प्रथम तो यही एक अमूल्य लाभ है, जिसके लिये हम प्राचीन भारतीय पाण्डित्यकी सस्थ निष्ठा के प्रति जितने कृतज्ञ हों, उतनाही थोडा है । कुछ अन्य दिशाओं में संभवतः यह सर्वदा सुरक्षित न हो- अर्थात् जहाँ कहीं प्राचीन परम्परा पुष्ट और युक्तियुक्त नहीं भी थी, वहाँ भी-कि पण्डितों की परम्परा का हमेशा निर्विवाद रूपसे अनुपरण किया जाय- जैसे कि वैदिक सूक्तोंका उनके ऋषियों के साथ सम्बन्ध में। परन्तु ये सब ईयारे की बातें हैं जो कि बहुत ही कम महत्व की हैं । न ही मेरी दृष्टि में इसमें सन्देह करने का कोई युक्तियुक्त कारण है कि वेदके सूक्त अधिकतर अपनी ऋचाओंके सही क्रम में और अपनी यथार्थ सम्पूर्णता में बद्ध हैं। अपवाद यदि कोई हों भी तो वे संख्या और महत्व की दृष्टि से उपेक्षणीय है । जब सूक्त हमें असम्बद्ध से प्रतीत होते हैं, तो उसका कारण यह होता है कि, वे हमारी समझ में नहीं आ रहे होते। एक बार जब मूल सूत्र हाथ लग जाय, तो हम पाते हैं कि वे पूर्ण अवयवी हैं, जो जैसे कि अपनी भाषा में और अपने छन्दोंमें वैसे ही अपनी विचार - रचना में भी आश्चर्यजनक हैं । यह तब होता है जब हम वेद की व्याख्या की ओर आते है और इसमें प्राचीन भारतीय पाण्डित्यसे सहायता लेना चाहते हैं, कि हम अधिक से अधिक संकोच करनेके लिये अपनेको बाध्य अनुभव करते हैं। क्योंकि प्रथम श्रेणिके पांडित्य के प्राचीनतर काल में भी वेदों के विषय में कर्म काण्डपरक दृष्टिकोण पहले से ही प्रधान था, शब्दों का पंक्तियों का, संकेतोंका मौलिक अर्थ तथा विचार रचना का मूल सूत्र चिरकाल से लुप्त हो चुका था या धुंधला पड गया था, नहीं उस समय के विद्वान् में वह अन्तर्ज्ञान या वह आध्यात्मिक अनुभूति थी, जो लुप्त रहस्य को अंशतः ही पुनरुज्जीवित कर सकती । ऐसे क्षेत्र में केवल मात्र अध्ययन जितनी बार पथप्रदर्शक होता है, सतनीही बार उलझानेवाला जाल भी बन जाता है, विशेषकर तब जब कि इसके पीछे एक खुले कुशल पाण्डिस्यका मन हो । यास्क के कोषमें, जो कोष कि हमारे लिए सबसे आवश्यक सहायता है, हमें दो बहुत ही असमान मूल्यवाले अंगों में भेद करना चाहिये । जब यास्क एक कोषकार की हैसियत से वैदिक शब्दों के विविध अर्थों को देता है, तो उसकी रामाणिकता बहुत बड़ी है और जो सहायता वह देता है, वह प्रथम महत्व की हैं। यह प्रतीत नहीं होता कि वह सभी प्राचीन अर्थोपर अधिकार रखता था, क्योंकि उनमें से बहुतसे अर्थ कालक्रमसे और युगपरिवर्तन के कारण विलुप्त हो चुके थे और एक वैज्ञानिक भाषाविज्ञान की अनुपस्थिति में उन्हें फिर से प्राप्त नहीं किया जा सकता था । पर फिर भी परम्परा के द्वारा बहुत बहुत कुछ सुरक्षित था। जहां कहीं यास्क इस परम्पराको कायम रखता है और एक व्याकरणज्ञ के बुद्धि-कौशल को कामसें नहीं लाता, वहाँ वह शब्दों के जो अर्थ निश्चित करता है, चाहे यह हमेशा ठीक न भी हो कि जिस मन्त्र के लिये वह उन शब्दोंका निर्देश करता है, वहाँ उनका वही अर्थ लगे, फिर भी युक्तियुक्त भाषाविज्ञान के द्वारा उनकी पुष्टि की जा सकती है कि, उनके अर्थ संगत हैं। परन्तु निरुक्तिकार यास्क कोषकार यास्क की कोटि में नहीं आता । वैज्ञानिक व्याकरण पहले पहल भारतीय पाण्डित्यके द्वारा विकसित हुआ, परन्तु सुव्यवस्थित भाषाविज्ञान के प्रारम्भके लिये हम आधुनिक अनुसन्धानके ऋणी हैं। केवलमात्र बुद्धि कौशल की उन प्रणालियोंकी अपेक्षा अधिक मनमौजी तथा नियम-रहित अन्य कुछ नहीं हो सकता, जो कि प्राचीन निरुक्तकारोंसे लेकर १८ वीं शताब्दी तक भी प्रयुक्त की गई हैं, चाहे वे योरोप में की गई हों, चाहे भारतमें। और जब यास्क इन प्रणालियों का अनुसरण करता है तो हम सर्वथा उसका साथ छोडने के लिये बाध्य हो जाते हैं। नहीं वह किन्ही अमुक अमुक मन्त्रों की अपनी व्याख्या में उत्तरकालीन सायणके पाण्डित्यकी अपेक्षा अधिक विश्वासोत्पादक है।
वेद का रहस्य । । दूसरा अध्याय । वैदिक वादका सिंहावलोकन । वैदिक विद्वान् । [ख] [ लेखक - श्रीशून्य योगी अरविंद घोष अनुवादक- स्वामी अभयदेवजी ] संग्रहीता ने क्रमबद्ध किया था । जो मूल वेद इस समय हमारे पास हैं, उसमें दो सहस्र वर्षों से अधिक काल से कोई विकार नहीं आया है । जहाँ तक हम जानते हैं, इस का काल भारतीय बौद्धिक प्रगति के महान् युग से, जो ग्रीक पुष्पोम के समकालीन किन्तु अपने प्रारम्भिक रूपों में इस से पहले का है, प्रारम्भ होता मैं ने कहा है 'साररूप में, न कि उस के वर्तमान लिखित रूप में । क्योंकि वैदिक छन्दःशास्त्र कई अंशों में संस्कृत के छन्दःशाखसे भिन्नता रखता था और विशेष है, जिसने देश के संस्कृत-सहित्य में लेखबद्ध पाई जाने कर, पृथक पृथक् शब्दों की सन्धि करनेके नियमों को जो कि साहित्यक भाषाका एक विशेष अंग है, बढी स्वच्छन्दता के जीवित भाषा में होना स्वाभाविक ही था, नियत नियमो साथ काम में लाता था । वैदिक ऋषि, जैसा कि एक की अपेक्षा श्रुति का ही अधिक अनुपरण करते थे; कभी वे पृथक् शब्दों में सब्धि कर देते थे और कभी वे उन्हें बिन सन्धि किये वैसा ही रहने देते थे । परन्तु जब वेद का लिखित रूप में आना शुरू हुआ, तब सन्धिके नियमका भाषाके ऊपर और भी अधिक निष्प्रतिबन्ध आधिपत्य हो गया और प्राचीन मूल वेदको वैयाकरणों ने जहाँतक हो सका, इसके नियमोंके अनुकूल बना कर लिखा। फिर भी, इस बात में वे सचेत रहें कि इस संहिता के साथ उन्होंने एक दूसरा ग्रन्थ भी बना दिया, जिसे 'पदपाठ' कहा जाता है और जिसमें सन्धिके द्वारा संयुक्त सभी शब्दोंका फिरसे उनके मूल तथा पृथक् पृथक् शब्दोंमें सन्धिच्छेद कर दिया गया है और यहाँ तक कि समस्त शब्दों के घटकों का भी निर्देश कर दिया गया है । वाली संस्कृति और सभ्यता की नींव डाली । हम नहीं कह सकते कि कितनी अधिक प्राचीन तिथि तक हमारे इस मूल वेद को ले जाया जा सकता है। पर कुछ विचार हैं, जो इसके विषयमें हमारे इस मन्तव्यको प्रमाणित करते हैं कि यह अत्यन्त ही प्राचीन काल का होना चाहिये । एक शुद्ध वेदका ग्रन्थ जिसका प्रत्येक अक्षर शुद्ध हो, प्रत्येक स्वर शुद्ध हो, वैदिक कर्मकाण्डियोंके लिये बहुतही अधिक महत्व का विषय था, क्योंकि सतर्कतायुक्त शुद्धता पर ही यशकी फलांस्पाइकता निर्भर थी। उदाहरणस्वरूप ब्राह्मण-ग्रन्थों में हमें त्वष्टा की कथा मिलती है कि वह इस उद्देश्य से यज्ञ कर रहा था कि, इन्द्रसे उस के पुत्रवध का बदला लेनेवाला कोई उत्पन्न हो, पर स्वर की एक अशुद्धि के कारण इन्द्र का वध करनेवाला तो पैदा नहीं हुआ, किन्तु वह पैदा हो गया, जिसका कि इन्द्र वध करनेवाला बने । प्राचीन भारतीय स्मृतिशक्ति की असाधारण शुद्धता भी लोकविश्रुत है। और वेदके साथ जो पवित्रताकी भावना बुडी हुई है, उसके कारण इस में वैसे प्रक्षेप, परिवर्तन, नवीन संस्करण नहीं हो सके, जैसों के कारण कि कुरु वंशियों का प्राचीन महाकाव्य बदलता-बदलता महाभारत के वर्तमान रूपमें आ गया है । इसलिये यह सर्वथा सम्भव है कि हमारे पास व्यासकी संहिता साररूप में वैसी की वैसी हो, जैसा कि इसे उस महान ऋषि और वेदों को स्मरण रखनेवाले प्राचीन पण्डितोंकी सचाईके विषय में यह एक बडी उल्लेखयोग्य प्रशंसा की बात है कि, उस अव्यवस्था के स्थान पर जो कि इस संस्थान में बडी आसानी से पैदा की जा सकती थी, यह पूर्ण रूप से आसान रहा है कि इस संहितारमक वेद को सदा वैदिक छन्द - शाखके मौलिक समस्वर रूपोंमें पृथक् करके देखा जा सके । और बहुत ही कम ऐसे उदाहरण हैं, जिनमें कि पदपाठ की यथार्थता अथवा उसके युक्तियुक्त निर्णय पर आपत्ति उठाई जा सके । तो, हमारे पास अपने आधार के रूप में एक वेदका ग्रन्थ है, जिसे कि हम विश्वास के साथ स्वीकार कर सकते हैं, और चाहे इसे हम कुछ थोडेसे अवसरों पर सन्दिग्ध या दोपयुक्त भी क्यो न पाते हों, यह किसी प्रकारसे भी संशोधन के उस प्रायः उच्छृङ्खल प्रयत्न के योग्य नहीं है, जिसके लिये कि कुछ युरोपियन विद्वान् अपने आपको प्रस्तुत करते हैं। प्रथम तो यही एक अमूल्य लाभ है, जिसके लिये हम प्राचीन भारतीय पाण्डित्यकी सस्थ निष्ठा के प्रति जितने कृतज्ञ हों, उतनाही थोडा है । कुछ अन्य दिशाओं में संभवतः यह सर्वदा सुरक्षित न हो- अर्थात् जहाँ कहीं प्राचीन परम्परा पुष्ट और युक्तियुक्त नहीं भी थी, वहाँ भी-कि पण्डितों की परम्परा का हमेशा निर्विवाद रूपसे अनुपरण किया जाय- जैसे कि वैदिक सूक्तोंका उनके ऋषियों के साथ सम्बन्ध में। परन्तु ये सब ईयारे की बातें हैं जो कि बहुत ही कम महत्व की हैं । न ही मेरी दृष्टि में इसमें सन्देह करने का कोई युक्तियुक्त कारण है कि वेदके सूक्त अधिकतर अपनी ऋचाओंके सही क्रम में और अपनी यथार्थ सम्पूर्णता में बद्ध हैं। अपवाद यदि कोई हों भी तो वे संख्या और महत्व की दृष्टि से उपेक्षणीय है । जब सूक्त हमें असम्बद्ध से प्रतीत होते हैं, तो उसका कारण यह होता है कि, वे हमारी समझ में नहीं आ रहे होते। एक बार जब मूल सूत्र हाथ लग जाय, तो हम पाते हैं कि वे पूर्ण अवयवी हैं, जो जैसे कि अपनी भाषा में और अपने छन्दोंमें वैसे ही अपनी विचार - रचना में भी आश्चर्यजनक हैं । यह तब होता है जब हम वेद की व्याख्या की ओर आते है और इसमें प्राचीन भारतीय पाण्डित्यसे सहायता लेना चाहते हैं, कि हम अधिक से अधिक संकोच करनेके लिये अपनेको बाध्य अनुभव करते हैं। क्योंकि प्रथम श्रेणिके पांडित्य के प्राचीनतर काल में भी वेदों के विषय में कर्म काण्डपरक दृष्टिकोण पहले से ही प्रधान था, शब्दों का पंक्तियों का, संकेतोंका मौलिक अर्थ तथा विचार रचना का मूल सूत्र चिरकाल से लुप्त हो चुका था या धुंधला पड गया था, नहीं उस समय के विद्वान् में वह अन्तर्ज्ञान या वह आध्यात्मिक अनुभूति थी, जो लुप्त रहस्य को अंशतः ही पुनरुज्जीवित कर सकती । ऐसे क्षेत्र में केवल मात्र अध्ययन जितनी बार पथप्रदर्शक होता है, सतनीही बार उलझानेवाला जाल भी बन जाता है, विशेषकर तब जब कि इसके पीछे एक खुले कुशल पाण्डिस्यका मन हो । यास्क के कोषमें, जो कोष कि हमारे लिए सबसे आवश्यक सहायता है, हमें दो बहुत ही असमान मूल्यवाले अंगों में भेद करना चाहिये । जब यास्क एक कोषकार की हैसियत से वैदिक शब्दों के विविध अर्थों को देता है, तो उसकी रामाणिकता बहुत बड़ी है और जो सहायता वह देता है, वह प्रथम महत्व की हैं। यह प्रतीत नहीं होता कि वह सभी प्राचीन अर्थोपर अधिकार रखता था, क्योंकि उनमें से बहुतसे अर्थ कालक्रमसे और युगपरिवर्तन के कारण विलुप्त हो चुके थे और एक वैज्ञानिक भाषाविज्ञान की अनुपस्थिति में उन्हें फिर से प्राप्त नहीं किया जा सकता था । पर फिर भी परम्परा के द्वारा बहुत बहुत कुछ सुरक्षित था। जहां कहीं यास्क इस परम्पराको कायम रखता है और एक व्याकरणज्ञ के बुद्धि-कौशल को कामसें नहीं लाता, वहाँ वह शब्दों के जो अर्थ निश्चित करता है, चाहे यह हमेशा ठीक न भी हो कि जिस मन्त्र के लिये वह उन शब्दोंका निर्देश करता है, वहाँ उनका वही अर्थ लगे, फिर भी युक्तियुक्त भाषाविज्ञान के द्वारा उनकी पुष्टि की जा सकती है कि, उनके अर्थ संगत हैं। परन्तु निरुक्तिकार यास्क कोषकार यास्क की कोटि में नहीं आता । वैज्ञानिक व्याकरण पहले पहल भारतीय पाण्डित्यके द्वारा विकसित हुआ, परन्तु सुव्यवस्थित भाषाविज्ञान के प्रारम्भके लिये हम आधुनिक अनुसन्धानके ऋणी हैं। केवलमात्र बुद्धि कौशल की उन प्रणालियोंकी अपेक्षा अधिक मनमौजी तथा नियम-रहित अन्य कुछ नहीं हो सकता, जो कि प्राचीन निरुक्तकारोंसे लेकर अट्ठारह वीं शताब्दी तक भी प्रयुक्त की गई हैं, चाहे वे योरोप में की गई हों, चाहे भारतमें। और जब यास्क इन प्रणालियों का अनुसरण करता है तो हम सर्वथा उसका साथ छोडने के लिये बाध्य हो जाते हैं। नहीं वह किन्ही अमुक अमुक मन्त्रों की अपनी व्याख्या में उत्तरकालीन सायणके पाण्डित्यकी अपेक्षा अधिक विश्वासोत्पादक है।
बिहार के बक्सर में आज 11 जनवरी पुलिस को किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. किसानों ने यहां जमकर प्रदर्शन किया और बसों में आग लगा दी. साथ ही पुलिस की गाड़ियां भी फूंक डालीं. चौसा में एसजेवीएन के पावर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहित की जा रही है. इस जमीन के मुआवजे के लिए किसान काफी समय से प्रदर्शन कर रहे हैं.
बिहार के बक्सर में आज ग्यारह जनवरी पुलिस को किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. किसानों ने यहां जमकर प्रदर्शन किया और बसों में आग लगा दी. साथ ही पुलिस की गाड़ियां भी फूंक डालीं. चौसा में एसजेवीएन के पावर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहित की जा रही है. इस जमीन के मुआवजे के लिए किसान काफी समय से प्रदर्शन कर रहे हैं.
Team India के चाइनामैन कुलदीप यादव ने इंग्लैंड के साथ खेले गए पहले वनडे मैच में निराशाजनक गेंदबाजी की थी। उन्होंने 9 ओवर में 68 रन दिए थे और एक भी विकेट नहीं निकाल पाए थे। ऐसे में कप्तान विराट कोहली दूसरे वनडे मैच में कुलदीप की जगह युजवेंद्र चहल को मौका दे सकते हैं, जो इस वक्त बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। Team India के तेज गेंदबाजी इकाई का प्रतिनिधित्व भुवनेश्वर कुमार करते नजर आ सकते हैं। पहले वनडे मैच में भुवी ने सबसे किफायती गेंदबाजी की। भुवनेश्वर ने 9 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट चटका लिए। भुवी के प्लेइंग इलेवन में रहने से तेज गेंदबाजी इकाई को मजबूती मिलती ही है, साथ ही साथ वह युवा गेंदबाजों की मदद भी करते हैं।
Team India के चाइनामैन कुलदीप यादव ने इंग्लैंड के साथ खेले गए पहले वनडे मैच में निराशाजनक गेंदबाजी की थी। उन्होंने नौ ओवर में अड़सठ रन दिए थे और एक भी विकेट नहीं निकाल पाए थे। ऐसे में कप्तान विराट कोहली दूसरे वनडे मैच में कुलदीप की जगह युजवेंद्र चहल को मौका दे सकते हैं, जो इस वक्त बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। Team India के तेज गेंदबाजी इकाई का प्रतिनिधित्व भुवनेश्वर कुमार करते नजर आ सकते हैं। पहले वनडे मैच में भुवी ने सबसे किफायती गेंदबाजी की। भुवनेश्वर ने नौ ओवर में तीस रन देकर दो विकेट चटका लिए। भुवी के प्लेइंग इलेवन में रहने से तेज गेंदबाजी इकाई को मजबूती मिलती ही है, साथ ही साथ वह युवा गेंदबाजों की मदद भी करते हैं।
अचलपुर प्रतिनिधि/दि. 22 - देश के टॉपटेन में शुमार रहनेवाले मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प को आज 48 वर्ष पूरे हो चुके है. लेकिन इन 48 वर्षों के दौर में मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प को बाघों की कम हो रही संख्या की चिंता सता रही है. इस ओर ध्यान देकर उपाययोजना करने की मांग जोर पकडने लगी है. यहां बता दें कि, मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प की शुरूआत 22 फरवरी 1972 में हुई थी. व्याघ्र प्रकल्प अस्तित्व में आने से पहले मेलघाट के जंगल में 210 बाघों का संचार रहने की आकडेवारी है. लेकिन इसके बाद से प्रतिवर्ष बाघों की संख्या कम होते जा रही है. 125 बाघों की क्षमता रहनेवाले मेलघाट में 55 के आसपास बाघ है. हाल की घडी में 55 बाघ ही मेलघाट में मुक्त संचार कर रहे है. यह जानकारी अमरावती कार्यालय से प्राप्त हुई है. जंगल क्षेत्र में भोजन के लिए पर्याप्त खाद्य नहीं रहने से बाघो की संख्या कम हो रही है. कभी भूखे पेट, तो कभी आधा-अधूरा पेट खाली रहने से मेलघाट के बाघ भोजन की तलाश में अन्य जंगलों में जा रहे है. मेलघाट के रंगूबेली, हरिसाल, सेमाडोह, जारिदा, माखला, सिपना व गूगामल वन्यजीव क्षेत्र के जंगलों का ग्राफ गिरता जा रहा है. जंगल के कुछ हिस्सों में शिकारियों के चलते जंगल का तनाव बढ गया है. बाघों का अधिवास सुरक्षित नहीं रहने से कोकटू अथवा कोअर क्षेत्र के दो-चार हिस्सों को छोड मेलघाट की बाघिन केवल एक-दो शावकों को जन्म दे रही है. यह जानकारी सामने आयी है. वहीं मेलघाट की तुलना में ताडोबा में बाघों की संख्या 3 से 4 होने की जानकारी है. मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प की ओर से पर्यटको के लिए विविध प्रकार की सुविधाएं निर्माण की जा रही है. जिनमें हरिसाल में झोरबीबॉल, आमझरी, एडवेंचर, जंगल सफारी, हाथी सफारी, हाथीबाथ आदि सुविधाएं उपलब्ध कराकर दी गई है. वहीं रहने की सुविधा होने से पर्यटको की संख्या भी मेलघाट में दिन-ब-दिन बढती जा रही है. यह मेलघाट की दृष्टि से राहतवाली खबर है.
अचलपुर प्रतिनिधि/दि. बाईस - देश के टॉपटेन में शुमार रहनेवाले मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प को आज अड़तालीस वर्ष पूरे हो चुके है. लेकिन इन अड़तालीस वर्षों के दौर में मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प को बाघों की कम हो रही संख्या की चिंता सता रही है. इस ओर ध्यान देकर उपाययोजना करने की मांग जोर पकडने लगी है. यहां बता दें कि, मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प की शुरूआत बाईस फरवरी एक हज़ार नौ सौ बहत्तर में हुई थी. व्याघ्र प्रकल्प अस्तित्व में आने से पहले मेलघाट के जंगल में दो सौ दस बाघों का संचार रहने की आकडेवारी है. लेकिन इसके बाद से प्रतिवर्ष बाघों की संख्या कम होते जा रही है. एक सौ पच्चीस बाघों की क्षमता रहनेवाले मेलघाट में पचपन के आसपास बाघ है. हाल की घडी में पचपन बाघ ही मेलघाट में मुक्त संचार कर रहे है. यह जानकारी अमरावती कार्यालय से प्राप्त हुई है. जंगल क्षेत्र में भोजन के लिए पर्याप्त खाद्य नहीं रहने से बाघो की संख्या कम हो रही है. कभी भूखे पेट, तो कभी आधा-अधूरा पेट खाली रहने से मेलघाट के बाघ भोजन की तलाश में अन्य जंगलों में जा रहे है. मेलघाट के रंगूबेली, हरिसाल, सेमाडोह, जारिदा, माखला, सिपना व गूगामल वन्यजीव क्षेत्र के जंगलों का ग्राफ गिरता जा रहा है. जंगल के कुछ हिस्सों में शिकारियों के चलते जंगल का तनाव बढ गया है. बाघों का अधिवास सुरक्षित नहीं रहने से कोकटू अथवा कोअर क्षेत्र के दो-चार हिस्सों को छोड मेलघाट की बाघिन केवल एक-दो शावकों को जन्म दे रही है. यह जानकारी सामने आयी है. वहीं मेलघाट की तुलना में ताडोबा में बाघों की संख्या तीन से चार होने की जानकारी है. मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प की ओर से पर्यटको के लिए विविध प्रकार की सुविधाएं निर्माण की जा रही है. जिनमें हरिसाल में झोरबीबॉल, आमझरी, एडवेंचर, जंगल सफारी, हाथी सफारी, हाथीबाथ आदि सुविधाएं उपलब्ध कराकर दी गई है. वहीं रहने की सुविधा होने से पर्यटको की संख्या भी मेलघाट में दिन-ब-दिन बढती जा रही है. यह मेलघाट की दृष्टि से राहतवाली खबर है.
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर लंबे समय से पहलवानों का धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच सरकार के रूख और पहलवानों के हौसले में कोई फर्क नहीं पड़ा है। मोदी सरकार आरोपी को बचाने का हर यत्न कर रही है तो पहलवान आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को जेल भेजने की अपनी मांग पर अडिग हैं। पहलवानों पर जहां सरकार और प्रशासन का हर दांव बेअसर साबित हो रहा है वहीं पहलवानों की मांग के प्रति समर्थन व्यक्त करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब समर्थक बृजभूषण की गिरफ्तारी के साथ जय बजरंग बली का नारा भी लगा रहे हैं। वहां समर्थन देने आए लोगों का कहना है कि कर्नाटक में जैसे बजरंग बली भाजपा का किला ध्वस्त कर दिये उसी तरह दिल्ली में भी सरकार का गुरुर तोड़ देंगे। पहलवानों ने मंगलवार को कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर तक मार्च निकाला। मंगलवार को पहलवानों के धरना का 24वां दिन था। यह धरना 23 अप्रैल से चल रहा है। इस बीच दिनोंदिन मौसम का मिजाज गरम होता जा है। लेकिन इसका प्रदर्शनकारियों के मिजाज पर कोई असर नहीं है। हां! मई की तपती गर्मी से बचने के लिए पहलवानों ने प्लास्टिक की एक पीली पन्नी को तान दिया है। धरना स्थल पर पहुंचने वालों को स्वयंसेवक निःशुल्क पानी और शरबत पिला रहे हैं। सामाजिक संगठन और राजनीतिक लोग वहां पहुंचकर समर्थन में भाषण करते हैं। वकील, प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं और एनजीओ के लोग भी वहां अपना समर्थन व्यक्त करने पहुंचते हैं। यह रोज का रूटीन वर्क है। लेकिन पिछले दो दिनों से पहलवानों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब वह रोज शाम के वक्त जंतर-मंतर से दिल्ली के किसी एक क्षेत्र तक मार्च निकालते हैं। सोमवार को जहां पहलवानों और उनके समर्थकों ने कनॉट प्लेस के पालिका बाजार तक मार्च निकाला। सोमवार के मार्च में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर भी शामिल थे। वहीं मंगलवार को कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर तक मार्च निकाला। पहलवानों का कहना है कि हम धरना को अब जंतर-मंतर से आगे बढ़ाना चाहते हैं। उसी क्रम में यह मार्च निकाल रहे हैं। मंगलवार को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद धरनास्थल पर अपने समर्थकों के साथ दोबारा आए और शाम तक रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज से वह भी लगातार यहीं धरनास्थल पर ही रहेंगे। उन्होंने पहलवानों से आग्रह किया कि वे 21 मई के बाद अपने आंदोलन को रामलीला मैदान ले जाकर इसे 'बड़ा' बनाने को लेकर फैसला करें। खाप पंचायतों ने बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर सरकार के लिए यही समय सीमा निर्धारित की है। विनेश ने समर्थन में आने वाले नेताओं से कहा कि ये हक की लड़ाई है। इसे आंदोलन कहना ठीक नहीं है। हमने 21 मई की समयसीमा तय की है। अगर तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो इसके बाद हम आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला करेंगे। विनेश ने इस बीच कहा कि कुछ लोग उनके प्रदर्शन की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। रोकने के बावजूद रात को आकर यहां हमारी फोटो खींच रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को धरनास्थल पर राजनेताओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। सोमवार को बीजेपी से चौधरी वीरेंद्र सिंह पहुंचे और उन्होंने महिला पहलवानों के पक्ष में बोलते हुए कहा कि इन्हें न्याय मिलनी चाहिए। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक दूसरी बार पहलवानों के समर्थन में पहुंचे और कहा कि जब तक इन्हें न्याय नहीं मिल जाता, आता रहूंगा। उन्होंने कहा कि जिस दिन ये पहलवान कह देंगे कि उन्हें समर्थन की जरूरत है, उस दिन रामलीला मैदान भी कम पड़ जाएगा। बृजभूषण का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि बात अगर सीधे तरीके से नहीं मानी गई तो जिस बंगले में घुसने की जरूरत है, वह बंगला तो बगल में ही है। जंतर मंतर पर धरना दे रहे खिलाड़ियों ने 23वें दिन यानि सोमवार को समर्थन जुटाने के लिए एक मोबाइल नंबर जारी किया है। पहलवान साक्षी मलिक ने 9053903100 नंबर जारी कर कहा कि लोग इस पर मिस कॉल देकर उनका समर्थन करें। इस बीच जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों का कहना है कि रात वहां पर कुछ लोग आ जाते हैं, जो फोटो खीचने और वीडियो रिकार्डिंग करने की जिद करते हैं। कुछ तो धरना स्थल पर ही रूकना चाहते हैं। साक्षी मलिक का कहना है कि रविवार रात को एक बार फिर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वह चिट्ठी लिखकर इंटरनेशनल ओलम्पियंस से समर्थन की मांग करेंगे और अपने प्रदर्शन को जंतर-मंतर से बाहर भी लेकर जाएंगे। (प्रदीप सिंह की रिपोर्ट।)
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर लंबे समय से पहलवानों का धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच सरकार के रूख और पहलवानों के हौसले में कोई फर्क नहीं पड़ा है। मोदी सरकार आरोपी को बचाने का हर यत्न कर रही है तो पहलवान आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को जेल भेजने की अपनी मांग पर अडिग हैं। पहलवानों पर जहां सरकार और प्रशासन का हर दांव बेअसर साबित हो रहा है वहीं पहलवानों की मांग के प्रति समर्थन व्यक्त करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब समर्थक बृजभूषण की गिरफ्तारी के साथ जय बजरंग बली का नारा भी लगा रहे हैं। वहां समर्थन देने आए लोगों का कहना है कि कर्नाटक में जैसे बजरंग बली भाजपा का किला ध्वस्त कर दिये उसी तरह दिल्ली में भी सरकार का गुरुर तोड़ देंगे। पहलवानों ने मंगलवार को कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर तक मार्च निकाला। मंगलवार को पहलवानों के धरना का चौबीसवां दिन था। यह धरना तेईस अप्रैल से चल रहा है। इस बीच दिनोंदिन मौसम का मिजाज गरम होता जा है। लेकिन इसका प्रदर्शनकारियों के मिजाज पर कोई असर नहीं है। हां! मई की तपती गर्मी से बचने के लिए पहलवानों ने प्लास्टिक की एक पीली पन्नी को तान दिया है। धरना स्थल पर पहुंचने वालों को स्वयंसेवक निःशुल्क पानी और शरबत पिला रहे हैं। सामाजिक संगठन और राजनीतिक लोग वहां पहुंचकर समर्थन में भाषण करते हैं। वकील, प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं और एनजीओ के लोग भी वहां अपना समर्थन व्यक्त करने पहुंचते हैं। यह रोज का रूटीन वर्क है। लेकिन पिछले दो दिनों से पहलवानों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब वह रोज शाम के वक्त जंतर-मंतर से दिल्ली के किसी एक क्षेत्र तक मार्च निकालते हैं। सोमवार को जहां पहलवानों और उनके समर्थकों ने कनॉट प्लेस के पालिका बाजार तक मार्च निकाला। सोमवार के मार्च में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर भी शामिल थे। वहीं मंगलवार को कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर तक मार्च निकाला। पहलवानों का कहना है कि हम धरना को अब जंतर-मंतर से आगे बढ़ाना चाहते हैं। उसी क्रम में यह मार्च निकाल रहे हैं। मंगलवार को भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद धरनास्थल पर अपने समर्थकों के साथ दोबारा आए और शाम तक रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज से वह भी लगातार यहीं धरनास्थल पर ही रहेंगे। उन्होंने पहलवानों से आग्रह किया कि वे इक्कीस मई के बाद अपने आंदोलन को रामलीला मैदान ले जाकर इसे 'बड़ा' बनाने को लेकर फैसला करें। खाप पंचायतों ने बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर सरकार के लिए यही समय सीमा निर्धारित की है। विनेश ने समर्थन में आने वाले नेताओं से कहा कि ये हक की लड़ाई है। इसे आंदोलन कहना ठीक नहीं है। हमने इक्कीस मई की समयसीमा तय की है। अगर तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो इसके बाद हम आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला करेंगे। विनेश ने इस बीच कहा कि कुछ लोग उनके प्रदर्शन की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। रोकने के बावजूद रात को आकर यहां हमारी फोटो खींच रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को धरनास्थल पर राजनेताओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। सोमवार को बीजेपी से चौधरी वीरेंद्र सिंह पहुंचे और उन्होंने महिला पहलवानों के पक्ष में बोलते हुए कहा कि इन्हें न्याय मिलनी चाहिए। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक दूसरी बार पहलवानों के समर्थन में पहुंचे और कहा कि जब तक इन्हें न्याय नहीं मिल जाता, आता रहूंगा। उन्होंने कहा कि जिस दिन ये पहलवान कह देंगे कि उन्हें समर्थन की जरूरत है, उस दिन रामलीला मैदान भी कम पड़ जाएगा। बृजभूषण का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि बात अगर सीधे तरीके से नहीं मानी गई तो जिस बंगले में घुसने की जरूरत है, वह बंगला तो बगल में ही है। जंतर मंतर पर धरना दे रहे खिलाड़ियों ने तेईसवें दिन यानि सोमवार को समर्थन जुटाने के लिए एक मोबाइल नंबर जारी किया है। पहलवान साक्षी मलिक ने नौ शून्य पाँच तीन नौ शून्य तीन एक शून्य शून्य नंबर जारी कर कहा कि लोग इस पर मिस कॉल देकर उनका समर्थन करें। इस बीच जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों का कहना है कि रात वहां पर कुछ लोग आ जाते हैं, जो फोटो खीचने और वीडियो रिकार्डिंग करने की जिद करते हैं। कुछ तो धरना स्थल पर ही रूकना चाहते हैं। साक्षी मलिक का कहना है कि रविवार रात को एक बार फिर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वह चिट्ठी लिखकर इंटरनेशनल ओलम्पियंस से समर्थन की मांग करेंगे और अपने प्रदर्शन को जंतर-मंतर से बाहर भी लेकर जाएंगे।
इन्फ्रारेड हीटर "प्लान" सबसे नया हैरूसी वैज्ञानिकों द्वारा विकसित हीटिंग सिस्टम। इसे एक फिल्म के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और इसकी मोटाई भिन्न हो सकती है। इसके आधार पर, इसके पैरामीटर अलग हो सकते हैं। एक प्रतिरोधक उपकरण का उपयोग फिल्म में हीटिंग तत्व के रूप में किया जाता है। योजना प्रणालियों को एक नियम के रूप में, कमरे में छत पर स्थापित किया गया है और विभिन्न निर्धारण भवन तत्वों की मदद से तय किया गया है। इस स्थिति में, बहुत मोटाई पर निर्भर करता हैफिल्म का आदेश दिया। हालांकि, इस योजना और एहतियाती उपायों में हैं। जैसा कि विशेषज्ञ आश्वासन देते हैं, योजना तत्वों को स्थापित करते समय, आप किसी भी धातु की वस्तुओं, साथ ही दर्पण का उपयोग नहीं कर सकते हैं। जब सही ढंग से स्थापित किया जाता है, तो सिस्टम केवल वस्तुओं को गर्म करेगा, हवा नहीं। वे "योजना" के तत्वों को संवहन हीटिंग सिस्टम के लिए जिम्मेदार मानते हैं। सुविधाएँ प्रणाली "योजना" सबसे पहले यह उच्च ध्यान दिया जाना चाहिएफिल्म प्रदर्शन "योजना"। सिस्टम की कम बिजली खपत को देखते हुए, यह लगभग तीन वर्षों में भुगतान करता है। निर्माता इस उत्पाद के लिए एक अच्छी गारंटी देते हैं, और यह लगभग 50 वर्षों तक सेवा कर सकता है। उपरोक्त प्रणाली को स्थापित करना सस्ती है और इस पर विचार किया जाना चाहिए। औसतन, वर्ग की स्थापना के लिए विशेषज्ञ। मी। 1,500 रूबल के लिए बाजार से पूछ रहा हूं। जैसा कि आप जानते हैं, इन प्रणालियों को रखरखाव की आवश्यकता नहीं है। नियंत्रण इकाई का उपयोग करके, आप डिवाइस की शक्ति को समायोजित कर सकते हैं। इस प्रकार, घर में लोगों की अनुपस्थिति मेंसिस्टम में किफायती मोड पर रखने की क्षमता है। चूंकि प्लान ब्रांड हीटर बनाता है जो हवा को गर्म नहीं करते हैं, दीवारें सूख नहीं जाती हैं। आप सर्दियों के समय में सिस्टम को बिना एयरिंग के सुरक्षित रूप से उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि उत्सर्जित अवरक्त किरणें दीवारों पर मोल्ड की उपस्थिति को रोकती हैं। इस प्रकार, नमी के सामान्य स्तर के साथ कमरा हमेशा सूखा रहेगा। यह एक औसत वर्ग है। मी। कैनवास लगभग 1300 रूबल। सिस्टम की मुख्य विशेषताओं के लिए "प्लान" चाहिएप्रदर्शन प्रदर्शन के साथ-साथ बिजली की खपत। इसके अतिरिक्त, खरीदार को दक्षता के स्तर को ध्यान में रखना चाहिए। हीटिंग तत्व का सीमित तापमान वेब की मोटाई पर निर्भर करता है। हीटर की सतह पर यह थोड़ा कम होगा। इस पैरामीटर को निर्माता के साथ भी जांचा जा सकता है। योजना प्रणाली की बिजली आपूर्ति 180, 200 या 220 वी के वोल्टेज के साथ एक नेटवर्क है। विकिरण तरंग दैर्ध्य हीटिंग तत्व के आकार पर निर्भर करता है। जब स्थापित करना महत्वपूर्ण है तो वर्ग की मोटाई और वजन है। m कैनवास। यह फिल्म "योजना" (हीटिंग) तकनीकीविशेषताएं इस प्रकार हैंः हीटिंग तत्व की शक्ति 180 वी है, और वर्तमान खपत 1 ए प्रति वर्ग मीटर है। फिल्म की विशिष्ट शक्ति 130 किलोवाट प्रति वर्ग मीटर है। मी। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, वेब की मोटाई 1.2 मिमी है। औसत विकिरण तरंग दैर्ध्य 9 माइक्रोन है। हीटिंग तत्व का न्यूनतम तापमान 47 डिग्री तक पहुंच जाता है। हीटर की वोल्टेज की खपत 200 वी पर है। कैनवास के एक वर्ग मीटर की कीमत 1,500 रूबल है। इस प्रणाली के मालिकों की "प्लान" समीक्षा हैअच्छे हैं कई खरीदार इस कैनवास को इस तथ्य के लिए पसंद करते हैं कि एक छोटे से घर के लिए यह पूरी तरह से फिट बैठता है। ऊर्जा की खपत नगण्य है, और यह अच्छी खबर है। इसके अलावा, योजना फिल्म को उत्पाद की उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा के वर्ग के कारण लोगों से अच्छी समीक्षा मिली। इसके कारण, कपड़े अग्निरोधक हैं। कमरे को गर्म करना बहुत तेज है। कंट्रोल यूनिट का उपयोग आराम से करें। कैनवास कैसे स्थापित करें? घर में ठीक से स्थापित करने के लिए"प्लान" (हीटिंग), अपने हाथों से स्थापना माप से शुरू होनी चाहिए। शुरू करने से पहले, काम की सतह करना महत्वपूर्ण है। इस मामले में, छत को बहुत सावधानी से साफ किया जाना चाहिए। यदि इसमें पेंट है, तो आप एक विलायक का उपयोग कर सकते हैं। यदि वॉलपेपर मरम्मत के लिए उपयोग किया गया था, तो आपको एक स्पैटुला के साथ सब कुछ हटाने की आवश्यकता है। अगला, आपको सतह को एक प्राइमर के साथ इलाज करने और पूरी तरह से सब कुछ चिकना करने की आवश्यकता है, साथ ही साथ इसे स्तर। उसके बाद, कैनवास की लंबाई की गणना (के आधार पर) की जाती हैकमरे के वर्ग से)। दीवार के किनारे से, न्यूनतम इंडेंट कम से कम 2 सेमी होना चाहिए। फिर, फास्टनरों को तैयार किया जाना चाहिए। ऐसी मोटाई की वेब के लिए, प्लास्टिक स्टड का उपयोग करना अधिक समीचीन है। कुछ मामलों में, विशेषज्ञ हुक के उपयोग की सलाह देते हैं। हालांकि, वे अधिक महंगे फिक्सिंग तत्व हैं, इस पर विचार किया जाना चाहिए। कैनवास को ठीक करने के लिए आदमी को एक सहायक की आवश्यकता होगी। पहले किनारे पर दूसरी शीट शीर्ष पर अंकित है।लगभग 3 सेमी। वेब के साथ बन्धन हर 20 सेमी किया जाना चाहिए। हीटिंग तत्वों को नहीं छूना बहुत महत्वपूर्ण है अन्यथा, आपूर्ति केबल क्षतिग्रस्त हो सकती है। नतीजतन, चिंतनशील फिल्म की अखंडता टूट जाएगी। इसके बाद ढांकता हुआ कोटिंग को बहाल करना असंभव होगा। सिस्टम को ठीक करने के बाद कंट्रोल यूनिट को करना चाहिए। इस मामले में, बहुत कुछ इसके प्रकार पर निर्भर करता है। अधिकांश निर्माता तीन मोड के साथ पारंपरिक डिवाइस पेश करते हैं। यूनिट की स्थापना आउटलेट के पास की जाती है। शॉर्ट सर्किट के मामलों से बचने के लिए पहलेबॉक्स को फिक्स करना आपको घर में वायरिंग के स्थान के बारे में जानने की आवश्यकता है। यह काफी सरलता से किया जा सकता है - एक परीक्षक का उपयोग करके। अगला, बिजली की आपूर्ति के बगल में एक विशेष न्यूनाधिक "प्लान" माउंट किया गया है। सिस्टम पिछले आउटलेट से जुड़ा हुआ है। इस मामले में तत्व का पूर्ण हीटिंग लगभग 40 मिनट तक चलेगा। यदि हीटर काम नहीं करता है, तो आपको नेटवर्क से यूनिट को डिस्कनेक्ट करने और घुमावदार की अखंडता की जांच करने की आवश्यकता है। यह फिल्म ("योजना" -heating) तकनीकीविशेषताएं इस प्रकार हैंः सीमित वोल्टेज 180 वी है, और ऑपरेटिंग वर्तमान 3 ए है। कोटिंग के रूप में, आइसोलोन की एक अतिरिक्त परत का उपयोग किया जाता है। इस मॉडल में थर्मोस्टैट को अंकन "टीयू 3" के साथ स्थापित किया गया है। बदले में, न्यूनाधिक एक किस्म का उपयोग किया जा सकता है। इस मामले में पोस्टिंग PW2 है। केबल चैनल 3 मीटर की लंबाई के साथ शामिल हैं। हीटर को नेटवर्क से जोड़ने के लिए यह काफी हैपर्याप्त। इसके अलावा, यह प्रणाली एक विशेष चुंबकीय एक्ट्यूएटर कंपनी "इलेक्ट्रिक" से सुसज्जित है। अधिकतम भार 30 ए पर रखा गया है। ऐसे उपकरणों की दक्षता 80% तक पहुंच जाती है। न्यूनाधिक की चरम शक्ति 4 किलोवाट है। सिस्टम की खपत स्वीकार्य है। कंट्रोल यूनिट पर किफायती मोड का उपयोग किया जाता है। इस मामले में, प्रति घंटे ऑपरेशन के बारे में 6 किलोवाट प्रति घंटे की खपत होगी। योग्य वर। एम। लिनन 1.4 मिमी मोटी लगभग 1500 रूबल। वे "प्लान 1.4" सिस्टम के बारे में क्या कहते हैं? और यह सिस्टम "प्लान" मालिकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करता हैसकारात्मक। कई खरीदार इसकी कॉम्पैक्टनेस के लिए 1.4 मिमी फिल्म की प्रशंसा करते हैं। इसकी स्थापना में कमरे में आकार कुछ भी नहीं खो देता है। कैनवास की स्थापना काफी तेज है। यदि आप योग्य श्रमिकों को किराए पर लेते हैं, तो वर्ग की स्थापना। मी। फिल्म की औसत लागत लगभग 1,400 रूबल है। सिस्टम के दहन उत्पाद पूरी तरह से अनुपस्थित हैं। इस प्रकार, हवा हमेशा साफ रहती है। सीधे हीटिंग "प्लान" -सिस्टमसमान रूप से प्रदर्शन किया। सभी मौसम की स्थिति में बिल्कुल नियंत्रण इकाई का उपयोग करना संभव है। कमियों को ध्यान में रखते हुए तापमान को लंबे समय तक सेट करना चाहिए। इस प्रकार, तुरन्त गर्म काम नहीं करेगा। हीटिंग तत्व का सीमित तापमान बहुत अधिक नहीं है, इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। इस तथ्य के बावजूद कि संकेतित योजना प्रणाली में काफी अच्छी तकनीकी विशेषताएं हैं, सर्दियों के समय में अन्य हीटिंग उपकरणों के साथ फिल्म का उपयोग करना बेहतर है। फिल्म 1 का उपयोग करना।4 मिमी ("प्लान"), घर में एक गर्म मंजिल स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है। कैनवास को डॉवेल से जोड़ा जाना चाहिए। काम शुरू करने से पहले, सतह को पूरी तरह से साफ करना नहीं भूलना महत्वपूर्ण है। वर्ग। m कैनवास का वजन 750 ग्राम है, इसलिए इसे हर 20 सेमी पर फर्श पर लगाया जाना चाहिए। दीवार से ऑफसेट - 2 सेमी - किया जाना चाहिए। शीट पर कैनवास डालना कमरे के वर्ग के आधार पर बेहतर है। फिल्म को ठीक करने के लिए फर्श की न्यूनतम दूरी 3 सेमी है। किसी भी धातु की वस्तुओं का उपयोग नहीं करना महत्वपूर्ण है। यदि दीवारों पर दर्पण हैं, तो उन्हें सुरक्षित दूरी पर स्थापित करना होगा। इस प्रणाली "योजना" में विशेषताएं हैंनिम्नलिखितः विकिरण तरंग दैर्ध्य 10 माइक्रोन है, और सीमित वोल्टेज 200 वी है। बिजली की खपत प्रति वर्ग मीटर 1 ए है। हीटर की कार्य आवृत्ति लगभग 22 हर्ट्ज है। इस मामले में हीटिंग तत्व प्रतिरोधक है। इसकी अधिकतम शक्ति प्रति वर्ग 150 वाट तक पहुंचती है। अर्थव्यवस्था मोड में सतह पर, अधिकतम तापमान 40 डिग्री है। हीटर की क्षमता70% पर है। इस प्रकार, इसका प्रदर्शन काफी अधिक है। प्रणाली में सामग्री का घनत्व 7 किलोग्राम प्रति घन मीटर है। मी। मायलार के उत्पादन में उपयोग किया जाने वाला लेप। थर्मोस्टेट डिफ़ॉल्ट तीन-चैनल पर सेट है। स्थापना के दौरान, विद्युत पैनल 220 वी के वोल्टेज के साथ सालट कंपनी के एक मानक का उपयोग करता है। यह 30 ए तक के भार को झेलने में सक्षम है। मानक पैकेज में मॉड्यूलेटर को पीपीके 20 के साथ लेबल किया गया है। यह सिस्टम "प्लान" मालिकों की समीक्षा करता हैअसाधारण रूप से अच्छा है, कई खरीदार उपरोक्त ग्रीनहाउस कपड़े का अधिग्रहण करते हैं। यह कमरे में तापमान उत्कृष्ट है, प्रदर्शन के बारे में कोई शिकायत नहीं है। इसके अलावा, इस प्रणाली को अक्सर विभिन्न कैफे और रेस्तरां को गर्म करने के लिए चुना जाता है। इस हीटर की ख़ासियत यह है कि आर्द्रता हमेशा सामान्य रहती है। 1 में सामग्री की मोटाई को देखते हुए।6 मिमी, हीटिंग तत्व काफी शक्तिशाली है। नतीजतन, हीटिंग दर में बहुत कम समय लगता है। मालिकों के अनुसार, कमरा समान रूप से गर्म होता है और दीवारें हमेशा सूखी रहती हैं। अवरक्त किरणें, सामान्य रूप से, मानव स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित नहीं करती हैं। बिना किसी जोखिम के लंबे समय तक डिवाइस चालू रहने से घर के अंदर रहना संभव है। योग्य वर। एक विशेष स्टोर में 1700 रूबल के बारे में निर्दिष्ट कैनवास। यदि प्रत्येक वर्ग के लिए स्वतंत्र रूप से सेट नहीं किया गया है। मीटर विशेषज्ञों को 1500 रूबल का भुगतान करना होगा। क्या मैं इसे खुद स्थापित कर सकता हूं? समीक्षा कहती है कि स्थापना "योजना"(हीटर) पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है। इस मामले में, सतह के प्राइमर को जिम्मेदारी से व्यवहार करना बहुत महत्वपूर्ण है। छत के लिए सामग्री के करीब फिट होना आवश्यक है। इस प्रकार, मोल्ड कमरे में कभी नहीं दिखाई देगा। विशेषज्ञ डॉवल्स को फास्टनरों के रूप में उपयोग करने की सलाह देते हैं। इस स्थिति में, दीवारों की सामग्री पर बहुत कुछ निर्भर करता है। यदि घर पूर्वनिर्मित है, तो डॉवल्स पूरी तरह से फिट होते हैं। जब लकड़ी की सतहों की बात आती है, तो आप clamps पर बचा सकते हैं और उदाहरण के लिए, कैप के साथ हुक करते हैं। स्पिन में वे थोड़ा अधिक जटिल हैं, लेकिन मालिक कम पैसे के परिमाण के एक आदेश को खर्च करेगा। नियंत्रण इकाई स्थापित करने से पहले, तारों को बिना असफलता के जांचना चाहिए। अन्यथा, आप इसे नुकसान पहुंचा सकते हैं और सर्किट को पूरी तरह से शॉर्ट सर्किट कर सकते हैं। किसी भी खराबी से बचने के लिए, स्थापना के दौरान सभी धातु की वस्तुओं को फिल्म से हटा दिया जाना चाहिए। दर्पण से छुटकारा पाने के लिए भी वांछनीय है। किट में न्यूनाधिक दोहरी चैनल है। यह दो कनेक्टर्स के माध्यम से नियंत्रण इकाई से जुड़ा हुआ है। हीटर की महत्वपूर्ण विशेषताएं "प्लान 1.8" पावर वर्ग। मीटर। ब्लेड 5 किलोवाट है, और ऑपरेटिंग आवृत्ति 23 हर्ट्ज है। लगातार संचालन के एक घंटे के लिए, हीटिंग तत्व प्रति मिनट लगभग 6 ए का उपभोग करता है। दक्षता 86% के स्तर पर है। 220 वी के वोल्टेज वाले नेटवर्क के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती है। किट में नियंत्रण इकाई मानक है। निर्माता द्वारा अर्थव्यवस्था मोड प्रदान नहीं किया जाता है। पीक पावर सिस्टम 6 किलोवाट तक पहुंचने में सक्षम है। सामान्य तौर पर, कैनवास की सतह होती हैअग्निरोधक। सामग्री का घनत्व 8 किलोग्राम प्रति घन मीटर के क्षेत्र में है। मी। इस मामले में विकिरण तरंग दैर्ध्य 9 माइक्रोन है। मॉड्यूलेटर MPP 23 श्रृंखला में चूक करता है। इसे विभिन्न फास्टनरों का उपयोग करके बिजली केबल से जोड़ा जा सकता है। इस हीटिंग सिस्टम के लिए विद्युत पैनल सलाट प्रकार के लिए उपयुक्त है। इस मॉडल में निर्माता द्वारा चुंबकीय स्टार्टर प्रदान किया जाता है। वर्ग खर्च होगा। 1550 रूबल के लिए एम। कैनवास खरीदार। इस स्थापना वर्ग में। मी। फिल्म की औसत लागत लगभग 1,700 रूबल है। निर्दिष्ट सिस्टम "प्लान" मालिकों की समीक्षा करता हैसकारात्मक पात्र हैं, क्योंकि यह फिल्म अलग-अलग कमरों में लागू की जा सकती है। ईंट के घरों के लिए, यह पूरी तरह से फिट बैठता है। इसी समय, वह विभिन्न कार्यशालाओं में भी जगह पाएगी। कैनवास में विद्युत ताप तत्व प्रतिरोधक है। सेवा में, यह हीटिंग सिस्टम बहुत सरल है। यदि आवश्यक हो, तो इसे हमेशा साफ किया जा सकता हैसूखे कपड़े से पोंछना। साथ ही, योजना प्रणाली को बिल्कुल मूक संचालन के कारण अच्छी समीक्षा मिली है। सर्दियों में, अवरक्त किरणों का त्वचा पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है, और इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। इस प्रकार, बादल के दिनों में, यह फिल्म मानव शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालने में सक्षम है। फास्टनरों का उपयोग करना, आप कर सकते हैंस्वतंत्र रूप से स्थापना "प्लान" करें। ताप नियंत्रण इकाई द्वारा नियंत्रित किया जाता है। स्थापना में यह काफी सरल है, कोई भी मोड स्विच कर सकता है। फिल्म को ठीक करने के लिए आपको सभी माप बनाने और फास्टनरों को तैयार करने की आवश्यकता है। काम को हमेशा किनारे से शुरू करने की आवश्यकता होती है। यदि हीटिंग तत्व क्षतिग्रस्त है, तो शीट को तुरंत फेंक दिया जा सकता है। इस प्रकार, चादरों को बहुत सावधानी से जकड़ना आवश्यक है। कम से कम पैड को 5 सेमी करना चाहिए। इस मामले में हुक की सिफारिश नहीं की जाती है। विपरीत परिस्थिति में, कुछ समय के बाद शीट शिथिल हो सकती है और यह अवांछनीय है। इस संबंध में, सब कुछ बहुत जल्दी से dowels के साथ किया जाता है। वे बाजार पर बहुत खर्च करते हैं, लेकिन ऐसे तत्व विश्वसनीय हैं। नतीजतन, आप कई वर्षों तक उन पर ध्यान नहीं दे सकते हैं। पैरामीटर्स हीटर "प्लान 2.0" अधिकतम सतह ताप तापमान - 30डिग्री, और सीमित वोल्टेज 200 वी है। हीटर 30 ए के भार का सामना करने में सक्षम है। इस मॉडल में थर्मोस्टैट को РР233 श्रृंखला में स्थापित किया गया है। नेटवर्क पर तारों को विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है, और केबल की लंबाई 3 मीटर है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि वेब की मोटाई 2 मिमी है। इस मामले में विकिरण तरंग दैर्ध्य 9 माइक्रोन है। इस हीटिंग सिस्टम की कार्य शक्ति5 किलोवाट के स्तर पर है। लगातार संचालन के एक घंटे के लिए, यह लगभग 8 किलोवाट की औसत खपत करता है। एक ही समय में दक्षता अधिकतम 85% तक पहुंच जाती है। अंदर सामग्री का घनत्व 8 किलो प्रति घन मीटर है। नियंत्रण इकाई 200 वी के वोल्टेज के साथ नेटवर्क से संचालित होती है। मॉड्यूलेटर की अधिकतम शक्ति बिल्कुल 5 किलोवाट है। योग्य वर। एम। एक विशेष स्टोर में लगभग 1800 रूबल की फिल्म। स्थापना जबकि मालिक को लगभग 1600 रूबल की लागत आएगी। तिमाही के लिए। मीटर। अधिकांश सभी फिल्म मोटाई 2।0 मिमी विभिन्न प्रशासनिक परिसरों को गर्म करने के लिए उपयुक्त है। एक आवासीय भवन में, आप इसे स्थापित कर सकते हैं। ऑपरेशन में, यह सरल है और विशेष ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। कमरे का हीटिंग लंबे समय तक किया जाता है, लेकिन यह शायद इस प्रणाली का एकमात्र दोष है। सर्दियों में, इस हीटर का उपयोग अन्य हीटिंग उपकरणों के साथ किया जाता है। कहा जाता है कि इससे बिजली की बचत होती हैफिल्म काफी सरल हो सकती है। यह सीखना महत्वपूर्ण है कि नियंत्रण इकाई का ठीक से उपयोग कैसे किया जाए। गीले कमरों में निर्दिष्ट हीटर का भी उपयोग किया जा सकता है। कई घंटों के ऑपरेशन के बाद, आर्द्रता सामान्य हो जाती है। इसके अलावा, कई लोगों को लंबे समय तक शैल्फ जीवन के लिए इस प्रणाली से प्यार था। माल की कम लागत को देखते हुए, यह एक महत्वपूर्ण लाभ माना जाता है। फिल्म को ठीक करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? घर में ठीक से स्थापित करने के लिएयोजना (हीटिंग), डू-इट-ही इंस्टॉलेशन केवल डॉवल्स का उपयोग करके किया जाना चाहिए। बिजली की आपूर्ति सीधे आउटलेट के पास तय की जाती है। न्यूनाधिक भी वहां संलग्न है। हीटिंग सिस्टम को सुरक्षित रूप से उपयोग करने के लिए, दीवार के किनारे से न्यूनतम दूरी 3 सेमी होनी चाहिए इसी समय, कमरे के वर्ग के आधार पर इंडेंटेशन कम से कम 4 सेमी होना चाहिए। काम से पहले, बिना असफलता के पोस्टिंगएक परीक्षक द्वारा जाँच की गई। अन्यथा शॉर्ट सर्किट की स्थिति हो सकती है। धातु की वस्तुओं की स्थापना के दौरान उपयोग सख्त वर्जित है। सतह पर फिल्म को ठीक करते समय गोंद का उपयोग करने की भी सिफारिश नहीं की जाती है। सुरक्षात्मक परत को सावधानीपूर्वक छेदना आवश्यक है ताकि हीटिंग तत्वों को नुकसान न पहुंचे। लक्षण हीटर "योजना 2.2" छत की शक्ति "योजना 2।2 "में 5 किलोवाट है, और ऑपरेटिंग आवृत्ति 55 हर्ट्ज है। थर्मोस्टैट केवल एक सेट है। एक अतिरिक्त परत के रूप में, इसका उपयोग एल्युफोम द्वारा किया जाता है। इस मामले में, यह सिस्टम प्रदर्शन में काफी सुधार करता है। दक्षता 77% है। सिस्टम एक पीवी 3 श्रृंखला का उपयोग करता है नियंत्रण बॉक्स में थर्मल इन्सुलेशन मौजूद है, मोड केवल मैन्युअल रूप से कॉन्फ़िगर किए गए हैं।
इन्फ्रारेड हीटर "प्लान" सबसे नया हैरूसी वैज्ञानिकों द्वारा विकसित हीटिंग सिस्टम। इसे एक फिल्म के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और इसकी मोटाई भिन्न हो सकती है। इसके आधार पर, इसके पैरामीटर अलग हो सकते हैं। एक प्रतिरोधक उपकरण का उपयोग फिल्म में हीटिंग तत्व के रूप में किया जाता है। योजना प्रणालियों को एक नियम के रूप में, कमरे में छत पर स्थापित किया गया है और विभिन्न निर्धारण भवन तत्वों की मदद से तय किया गया है। इस स्थिति में, बहुत मोटाई पर निर्भर करता हैफिल्म का आदेश दिया। हालांकि, इस योजना और एहतियाती उपायों में हैं। जैसा कि विशेषज्ञ आश्वासन देते हैं, योजना तत्वों को स्थापित करते समय, आप किसी भी धातु की वस्तुओं, साथ ही दर्पण का उपयोग नहीं कर सकते हैं। जब सही ढंग से स्थापित किया जाता है, तो सिस्टम केवल वस्तुओं को गर्म करेगा, हवा नहीं। वे "योजना" के तत्वों को संवहन हीटिंग सिस्टम के लिए जिम्मेदार मानते हैं। सुविधाएँ प्रणाली "योजना" सबसे पहले यह उच्च ध्यान दिया जाना चाहिएफिल्म प्रदर्शन "योजना"। सिस्टम की कम बिजली खपत को देखते हुए, यह लगभग तीन वर्षों में भुगतान करता है। निर्माता इस उत्पाद के लिए एक अच्छी गारंटी देते हैं, और यह लगभग पचास वर्षों तक सेवा कर सकता है। उपरोक्त प्रणाली को स्थापित करना सस्ती है और इस पर विचार किया जाना चाहिए। औसतन, वर्ग की स्थापना के लिए विशेषज्ञ। मी। एक,पाँच सौ रूबल के लिए बाजार से पूछ रहा हूं। जैसा कि आप जानते हैं, इन प्रणालियों को रखरखाव की आवश्यकता नहीं है। नियंत्रण इकाई का उपयोग करके, आप डिवाइस की शक्ति को समायोजित कर सकते हैं। इस प्रकार, घर में लोगों की अनुपस्थिति मेंसिस्टम में किफायती मोड पर रखने की क्षमता है। चूंकि प्लान ब्रांड हीटर बनाता है जो हवा को गर्म नहीं करते हैं, दीवारें सूख नहीं जाती हैं। आप सर्दियों के समय में सिस्टम को बिना एयरिंग के सुरक्षित रूप से उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि उत्सर्जित अवरक्त किरणें दीवारों पर मोल्ड की उपस्थिति को रोकती हैं। इस प्रकार, नमी के सामान्य स्तर के साथ कमरा हमेशा सूखा रहेगा। यह एक औसत वर्ग है। मी। कैनवास लगभग एक हज़ार तीन सौ रूबल। सिस्टम की मुख्य विशेषताओं के लिए "प्लान" चाहिएप्रदर्शन प्रदर्शन के साथ-साथ बिजली की खपत। इसके अतिरिक्त, खरीदार को दक्षता के स्तर को ध्यान में रखना चाहिए। हीटिंग तत्व का सीमित तापमान वेब की मोटाई पर निर्भर करता है। हीटर की सतह पर यह थोड़ा कम होगा। इस पैरामीटर को निर्माता के साथ भी जांचा जा सकता है। योजना प्रणाली की बिजली आपूर्ति एक सौ अस्सी, दो सौ या दो सौ बीस वी के वोल्टेज के साथ एक नेटवर्क है। विकिरण तरंग दैर्ध्य हीटिंग तत्व के आकार पर निर्भर करता है। जब स्थापित करना महत्वपूर्ण है तो वर्ग की मोटाई और वजन है। m कैनवास। यह फिल्म "योजना" तकनीकीविशेषताएं इस प्रकार हैंः हीटिंग तत्व की शक्ति एक सौ अस्सी वी है, और वर्तमान खपत एक ए प्रति वर्ग मीटर है। फिल्म की विशिष्ट शक्ति एक सौ तीस किलोग्रामवाट प्रति वर्ग मीटर है। मी। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, वेब की मोटाई एक.दो मिमी है। औसत विकिरण तरंग दैर्ध्य नौ माइक्रोन है। हीटिंग तत्व का न्यूनतम तापमान सैंतालीस डिग्री तक पहुंच जाता है। हीटर की वोल्टेज की खपत दो सौ वी पर है। कैनवास के एक वर्ग मीटर की कीमत एक,पाँच सौ रूबल है। इस प्रणाली के मालिकों की "प्लान" समीक्षा हैअच्छे हैं कई खरीदार इस कैनवास को इस तथ्य के लिए पसंद करते हैं कि एक छोटे से घर के लिए यह पूरी तरह से फिट बैठता है। ऊर्जा की खपत नगण्य है, और यह अच्छी खबर है। इसके अलावा, योजना फिल्म को उत्पाद की उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा के वर्ग के कारण लोगों से अच्छी समीक्षा मिली। इसके कारण, कपड़े अग्निरोधक हैं। कमरे को गर्म करना बहुत तेज है। कंट्रोल यूनिट का उपयोग आराम से करें। कैनवास कैसे स्थापित करें? घर में ठीक से स्थापित करने के लिए"प्लान" , अपने हाथों से स्थापना माप से शुरू होनी चाहिए। शुरू करने से पहले, काम की सतह करना महत्वपूर्ण है। इस मामले में, छत को बहुत सावधानी से साफ किया जाना चाहिए। यदि इसमें पेंट है, तो आप एक विलायक का उपयोग कर सकते हैं। यदि वॉलपेपर मरम्मत के लिए उपयोग किया गया था, तो आपको एक स्पैटुला के साथ सब कुछ हटाने की आवश्यकता है। अगला, आपको सतह को एक प्राइमर के साथ इलाज करने और पूरी तरह से सब कुछ चिकना करने की आवश्यकता है, साथ ही साथ इसे स्तर। उसके बाद, कैनवास की लंबाई की गणना की जाती हैकमरे के वर्ग से)। दीवार के किनारे से, न्यूनतम इंडेंट कम से कम दो सेमी होना चाहिए। फिर, फास्टनरों को तैयार किया जाना चाहिए। ऐसी मोटाई की वेब के लिए, प्लास्टिक स्टड का उपयोग करना अधिक समीचीन है। कुछ मामलों में, विशेषज्ञ हुक के उपयोग की सलाह देते हैं। हालांकि, वे अधिक महंगे फिक्सिंग तत्व हैं, इस पर विचार किया जाना चाहिए। कैनवास को ठीक करने के लिए आदमी को एक सहायक की आवश्यकता होगी। पहले किनारे पर दूसरी शीट शीर्ष पर अंकित है।लगभग तीन सेमी। वेब के साथ बन्धन हर बीस सेमी किया जाना चाहिए। हीटिंग तत्वों को नहीं छूना बहुत महत्वपूर्ण है अन्यथा, आपूर्ति केबल क्षतिग्रस्त हो सकती है। नतीजतन, चिंतनशील फिल्म की अखंडता टूट जाएगी। इसके बाद ढांकता हुआ कोटिंग को बहाल करना असंभव होगा। सिस्टम को ठीक करने के बाद कंट्रोल यूनिट को करना चाहिए। इस मामले में, बहुत कुछ इसके प्रकार पर निर्भर करता है। अधिकांश निर्माता तीन मोड के साथ पारंपरिक डिवाइस पेश करते हैं। यूनिट की स्थापना आउटलेट के पास की जाती है। शॉर्ट सर्किट के मामलों से बचने के लिए पहलेबॉक्स को फिक्स करना आपको घर में वायरिंग के स्थान के बारे में जानने की आवश्यकता है। यह काफी सरलता से किया जा सकता है - एक परीक्षक का उपयोग करके। अगला, बिजली की आपूर्ति के बगल में एक विशेष न्यूनाधिक "प्लान" माउंट किया गया है। सिस्टम पिछले आउटलेट से जुड़ा हुआ है। इस मामले में तत्व का पूर्ण हीटिंग लगभग चालीस मिनट तक चलेगा। यदि हीटर काम नहीं करता है, तो आपको नेटवर्क से यूनिट को डिस्कनेक्ट करने और घुमावदार की अखंडता की जांच करने की आवश्यकता है। यह फिल्म तकनीकीविशेषताएं इस प्रकार हैंः सीमित वोल्टेज एक सौ अस्सी वी है, और ऑपरेटिंग वर्तमान तीन ए है। कोटिंग के रूप में, आइसोलोन की एक अतिरिक्त परत का उपयोग किया जाता है। इस मॉडल में थर्मोस्टैट को अंकन "टीयू तीन" के साथ स्थापित किया गया है। बदले में, न्यूनाधिक एक किस्म का उपयोग किया जा सकता है। इस मामले में पोस्टिंग PWदो है। केबल चैनल तीन मीटर की लंबाई के साथ शामिल हैं। हीटर को नेटवर्क से जोड़ने के लिए यह काफी हैपर्याप्त। इसके अलावा, यह प्रणाली एक विशेष चुंबकीय एक्ट्यूएटर कंपनी "इलेक्ट्रिक" से सुसज्जित है। अधिकतम भार तीस ए पर रखा गया है। ऐसे उपकरणों की दक्षता अस्सी% तक पहुंच जाती है। न्यूनाधिक की चरम शक्ति चार किलोग्रामवाट है। सिस्टम की खपत स्वीकार्य है। कंट्रोल यूनिट पर किफायती मोड का उपयोग किया जाता है। इस मामले में, प्रति घंटे ऑपरेशन के बारे में छः किलोग्रामवाट प्रति घंटे की खपत होगी। योग्य वर। एम। लिनन एक.चार मिमी मोटी लगभग एक हज़ार पाँच सौ रूबल। वे "प्लान एक.चार" सिस्टम के बारे में क्या कहते हैं? और यह सिस्टम "प्लान" मालिकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करता हैसकारात्मक। कई खरीदार इसकी कॉम्पैक्टनेस के लिए एक.चार मिमी फिल्म की प्रशंसा करते हैं। इसकी स्थापना में कमरे में आकार कुछ भी नहीं खो देता है। कैनवास की स्थापना काफी तेज है। यदि आप योग्य श्रमिकों को किराए पर लेते हैं, तो वर्ग की स्थापना। मी। फिल्म की औसत लागत लगभग एक,चार सौ रूबल है। सिस्टम के दहन उत्पाद पूरी तरह से अनुपस्थित हैं। इस प्रकार, हवा हमेशा साफ रहती है। सीधे हीटिंग "प्लान" -सिस्टमसमान रूप से प्रदर्शन किया। सभी मौसम की स्थिति में बिल्कुल नियंत्रण इकाई का उपयोग करना संभव है। कमियों को ध्यान में रखते हुए तापमान को लंबे समय तक सेट करना चाहिए। इस प्रकार, तुरन्त गर्म काम नहीं करेगा। हीटिंग तत्व का सीमित तापमान बहुत अधिक नहीं है, इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। इस तथ्य के बावजूद कि संकेतित योजना प्रणाली में काफी अच्छी तकनीकी विशेषताएं हैं, सर्दियों के समय में अन्य हीटिंग उपकरणों के साथ फिल्म का उपयोग करना बेहतर है। फिल्म एक का उपयोग करना।चार मिमी , घर में एक गर्म मंजिल स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है। कैनवास को डॉवेल से जोड़ा जाना चाहिए। काम शुरू करने से पहले, सतह को पूरी तरह से साफ करना नहीं भूलना महत्वपूर्ण है। वर्ग। m कैनवास का वजन सात सौ पचास ग्राम है, इसलिए इसे हर बीस सेमी पर फर्श पर लगाया जाना चाहिए। दीवार से ऑफसेट - दो सेमी - किया जाना चाहिए। शीट पर कैनवास डालना कमरे के वर्ग के आधार पर बेहतर है। फिल्म को ठीक करने के लिए फर्श की न्यूनतम दूरी तीन सेमी है। किसी भी धातु की वस्तुओं का उपयोग नहीं करना महत्वपूर्ण है। यदि दीवारों पर दर्पण हैं, तो उन्हें सुरक्षित दूरी पर स्थापित करना होगा। इस प्रणाली "योजना" में विशेषताएं हैंनिम्नलिखितः विकिरण तरंग दैर्ध्य दस माइक्रोन है, और सीमित वोल्टेज दो सौ वी है। बिजली की खपत प्रति वर्ग मीटर एक ए है। हीटर की कार्य आवृत्ति लगभग बाईस हर्ट्ज है। इस मामले में हीटिंग तत्व प्रतिरोधक है। इसकी अधिकतम शक्ति प्रति वर्ग एक सौ पचास वाट तक पहुंचती है। अर्थव्यवस्था मोड में सतह पर, अधिकतम तापमान चालीस डिग्री है। हीटर की क्षमतासत्तर% पर है। इस प्रकार, इसका प्रदर्शन काफी अधिक है। प्रणाली में सामग्री का घनत्व सात किलोग्रामग्राम प्रति घन मीटर है। मी। मायलार के उत्पादन में उपयोग किया जाने वाला लेप। थर्मोस्टेट डिफ़ॉल्ट तीन-चैनल पर सेट है। स्थापना के दौरान, विद्युत पैनल दो सौ बीस वी के वोल्टेज के साथ सालट कंपनी के एक मानक का उपयोग करता है। यह तीस ए तक के भार को झेलने में सक्षम है। मानक पैकेज में मॉड्यूलेटर को पीपीके बीस के साथ लेबल किया गया है। यह सिस्टम "प्लान" मालिकों की समीक्षा करता हैअसाधारण रूप से अच्छा है, कई खरीदार उपरोक्त ग्रीनहाउस कपड़े का अधिग्रहण करते हैं। यह कमरे में तापमान उत्कृष्ट है, प्रदर्शन के बारे में कोई शिकायत नहीं है। इसके अलावा, इस प्रणाली को अक्सर विभिन्न कैफे और रेस्तरां को गर्म करने के लिए चुना जाता है। इस हीटर की ख़ासियत यह है कि आर्द्रता हमेशा सामान्य रहती है। एक में सामग्री की मोटाई को देखते हुए।छः मिमी, हीटिंग तत्व काफी शक्तिशाली है। नतीजतन, हीटिंग दर में बहुत कम समय लगता है। मालिकों के अनुसार, कमरा समान रूप से गर्म होता है और दीवारें हमेशा सूखी रहती हैं। अवरक्त किरणें, सामान्य रूप से, मानव स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित नहीं करती हैं। बिना किसी जोखिम के लंबे समय तक डिवाइस चालू रहने से घर के अंदर रहना संभव है। योग्य वर। एक विशेष स्टोर में एक हज़ार सात सौ रूबल के बारे में निर्दिष्ट कैनवास। यदि प्रत्येक वर्ग के लिए स्वतंत्र रूप से सेट नहीं किया गया है। मीटर विशेषज्ञों को एक हज़ार पाँच सौ रूबल का भुगतान करना होगा। क्या मैं इसे खुद स्थापित कर सकता हूं? समीक्षा कहती है कि स्थापना "योजना" पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है। इस मामले में, सतह के प्राइमर को जिम्मेदारी से व्यवहार करना बहुत महत्वपूर्ण है। छत के लिए सामग्री के करीब फिट होना आवश्यक है। इस प्रकार, मोल्ड कमरे में कभी नहीं दिखाई देगा। विशेषज्ञ डॉवल्स को फास्टनरों के रूप में उपयोग करने की सलाह देते हैं। इस स्थिति में, दीवारों की सामग्री पर बहुत कुछ निर्भर करता है। यदि घर पूर्वनिर्मित है, तो डॉवल्स पूरी तरह से फिट होते हैं। जब लकड़ी की सतहों की बात आती है, तो आप clamps पर बचा सकते हैं और उदाहरण के लिए, कैप के साथ हुक करते हैं। स्पिन में वे थोड़ा अधिक जटिल हैं, लेकिन मालिक कम पैसे के परिमाण के एक आदेश को खर्च करेगा। नियंत्रण इकाई स्थापित करने से पहले, तारों को बिना असफलता के जांचना चाहिए। अन्यथा, आप इसे नुकसान पहुंचा सकते हैं और सर्किट को पूरी तरह से शॉर्ट सर्किट कर सकते हैं। किसी भी खराबी से बचने के लिए, स्थापना के दौरान सभी धातु की वस्तुओं को फिल्म से हटा दिया जाना चाहिए। दर्पण से छुटकारा पाने के लिए भी वांछनीय है। किट में न्यूनाधिक दोहरी चैनल है। यह दो कनेक्टर्स के माध्यम से नियंत्रण इकाई से जुड़ा हुआ है। हीटर की महत्वपूर्ण विशेषताएं "प्लान एक.आठ" पावर वर्ग। मीटर। ब्लेड पाँच किलोग्रामवाट है, और ऑपरेटिंग आवृत्ति तेईस हर्ट्ज है। लगातार संचालन के एक घंटे के लिए, हीटिंग तत्व प्रति मिनट लगभग छः ए का उपभोग करता है। दक्षता छियासी% के स्तर पर है। दो सौ बीस वी के वोल्टेज वाले नेटवर्क के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती है। किट में नियंत्रण इकाई मानक है। निर्माता द्वारा अर्थव्यवस्था मोड प्रदान नहीं किया जाता है। पीक पावर सिस्टम छः किलोग्रामवाट तक पहुंचने में सक्षम है। सामान्य तौर पर, कैनवास की सतह होती हैअग्निरोधक। सामग्री का घनत्व आठ किलोग्रामग्राम प्रति घन मीटर के क्षेत्र में है। मी। इस मामले में विकिरण तरंग दैर्ध्य नौ माइक्रोन है। मॉड्यूलेटर MPP तेईस श्रृंखला में चूक करता है। इसे विभिन्न फास्टनरों का उपयोग करके बिजली केबल से जोड़ा जा सकता है। इस हीटिंग सिस्टम के लिए विद्युत पैनल सलाट प्रकार के लिए उपयुक्त है। इस मॉडल में निर्माता द्वारा चुंबकीय स्टार्टर प्रदान किया जाता है। वर्ग खर्च होगा। एक हज़ार पाँच सौ पचास रूबल के लिए एम। कैनवास खरीदार। इस स्थापना वर्ग में। मी। फिल्म की औसत लागत लगभग एक,सात सौ रूबल है। निर्दिष्ट सिस्टम "प्लान" मालिकों की समीक्षा करता हैसकारात्मक पात्र हैं, क्योंकि यह फिल्म अलग-अलग कमरों में लागू की जा सकती है। ईंट के घरों के लिए, यह पूरी तरह से फिट बैठता है। इसी समय, वह विभिन्न कार्यशालाओं में भी जगह पाएगी। कैनवास में विद्युत ताप तत्व प्रतिरोधक है। सेवा में, यह हीटिंग सिस्टम बहुत सरल है। यदि आवश्यक हो, तो इसे हमेशा साफ किया जा सकता हैसूखे कपड़े से पोंछना। साथ ही, योजना प्रणाली को बिल्कुल मूक संचालन के कारण अच्छी समीक्षा मिली है। सर्दियों में, अवरक्त किरणों का त्वचा पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है, और इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। इस प्रकार, बादल के दिनों में, यह फिल्म मानव शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालने में सक्षम है। फास्टनरों का उपयोग करना, आप कर सकते हैंस्वतंत्र रूप से स्थापना "प्लान" करें। ताप नियंत्रण इकाई द्वारा नियंत्रित किया जाता है। स्थापना में यह काफी सरल है, कोई भी मोड स्विच कर सकता है। फिल्म को ठीक करने के लिए आपको सभी माप बनाने और फास्टनरों को तैयार करने की आवश्यकता है। काम को हमेशा किनारे से शुरू करने की आवश्यकता होती है। यदि हीटिंग तत्व क्षतिग्रस्त है, तो शीट को तुरंत फेंक दिया जा सकता है। इस प्रकार, चादरों को बहुत सावधानी से जकड़ना आवश्यक है। कम से कम पैड को पाँच सेमी करना चाहिए। इस मामले में हुक की सिफारिश नहीं की जाती है। विपरीत परिस्थिति में, कुछ समय के बाद शीट शिथिल हो सकती है और यह अवांछनीय है। इस संबंध में, सब कुछ बहुत जल्दी से dowels के साथ किया जाता है। वे बाजार पर बहुत खर्च करते हैं, लेकिन ऐसे तत्व विश्वसनीय हैं। नतीजतन, आप कई वर्षों तक उन पर ध्यान नहीं दे सकते हैं। पैरामीटर्स हीटर "प्लान दो.शून्य" अधिकतम सतह ताप तापमान - तीसडिग्री, और सीमित वोल्टेज दो सौ वी है। हीटर तीस ए के भार का सामना करने में सक्षम है। इस मॉडल में थर्मोस्टैट को РРदो सौ तैंतीस श्रृंखला में स्थापित किया गया है। नेटवर्क पर तारों को विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है, और केबल की लंबाई तीन मीटर है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि वेब की मोटाई दो मिमी है। इस मामले में विकिरण तरंग दैर्ध्य नौ माइक्रोन है। इस हीटिंग सिस्टम की कार्य शक्तिपाँच किलोग्रामवाट के स्तर पर है। लगातार संचालन के एक घंटे के लिए, यह लगभग आठ किलोग्रामवाट की औसत खपत करता है। एक ही समय में दक्षता अधिकतम पचासी% तक पहुंच जाती है। अंदर सामग्री का घनत्व आठ किलो प्रति घन मीटर है। नियंत्रण इकाई दो सौ वी के वोल्टेज के साथ नेटवर्क से संचालित होती है। मॉड्यूलेटर की अधिकतम शक्ति बिल्कुल पाँच किलोग्रामवाट है। योग्य वर। एम। एक विशेष स्टोर में लगभग एक हज़ार आठ सौ रूबल की फिल्म। स्थापना जबकि मालिक को लगभग एक हज़ार छः सौ रूबल की लागत आएगी। तिमाही के लिए। मीटर। अधिकांश सभी फिल्म मोटाई दो।शून्य मिमी विभिन्न प्रशासनिक परिसरों को गर्म करने के लिए उपयुक्त है। एक आवासीय भवन में, आप इसे स्थापित कर सकते हैं। ऑपरेशन में, यह सरल है और विशेष ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। कमरे का हीटिंग लंबे समय तक किया जाता है, लेकिन यह शायद इस प्रणाली का एकमात्र दोष है। सर्दियों में, इस हीटर का उपयोग अन्य हीटिंग उपकरणों के साथ किया जाता है। कहा जाता है कि इससे बिजली की बचत होती हैफिल्म काफी सरल हो सकती है। यह सीखना महत्वपूर्ण है कि नियंत्रण इकाई का ठीक से उपयोग कैसे किया जाए। गीले कमरों में निर्दिष्ट हीटर का भी उपयोग किया जा सकता है। कई घंटों के ऑपरेशन के बाद, आर्द्रता सामान्य हो जाती है। इसके अलावा, कई लोगों को लंबे समय तक शैल्फ जीवन के लिए इस प्रणाली से प्यार था। माल की कम लागत को देखते हुए, यह एक महत्वपूर्ण लाभ माना जाता है। फिल्म को ठीक करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? घर में ठीक से स्थापित करने के लिएयोजना , डू-इट-ही इंस्टॉलेशन केवल डॉवल्स का उपयोग करके किया जाना चाहिए। बिजली की आपूर्ति सीधे आउटलेट के पास तय की जाती है। न्यूनाधिक भी वहां संलग्न है। हीटिंग सिस्टम को सुरक्षित रूप से उपयोग करने के लिए, दीवार के किनारे से न्यूनतम दूरी तीन सेमी होनी चाहिए इसी समय, कमरे के वर्ग के आधार पर इंडेंटेशन कम से कम चार सेमी होना चाहिए। काम से पहले, बिना असफलता के पोस्टिंगएक परीक्षक द्वारा जाँच की गई। अन्यथा शॉर्ट सर्किट की स्थिति हो सकती है। धातु की वस्तुओं की स्थापना के दौरान उपयोग सख्त वर्जित है। सतह पर फिल्म को ठीक करते समय गोंद का उपयोग करने की भी सिफारिश नहीं की जाती है। सुरक्षात्मक परत को सावधानीपूर्वक छेदना आवश्यक है ताकि हीटिंग तत्वों को नुकसान न पहुंचे। लक्षण हीटर "योजना दो.दो" छत की शक्ति "योजना दो।दो "में पाँच किलोग्रामवाट है, और ऑपरेटिंग आवृत्ति पचपन हर्ट्ज है। थर्मोस्टैट केवल एक सेट है। एक अतिरिक्त परत के रूप में, इसका उपयोग एल्युफोम द्वारा किया जाता है। इस मामले में, यह सिस्टम प्रदर्शन में काफी सुधार करता है। दक्षता सतहत्तर% है। सिस्टम एक पीवी तीन श्रृंखला का उपयोग करता है नियंत्रण बॉक्स में थर्मल इन्सुलेशन मौजूद है, मोड केवल मैन्युअल रूप से कॉन्फ़िगर किए गए हैं।
देश के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। महाराष्ट्र और गोवा में ताड़तोड़ बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के कई जिलों में भीषण बारिश का अनुमान जताया है। मुंबई में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा दिल्ली में बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया है। वहीं, यूपी में कल से मूसलाधार बारिश का अनुमान है। - देशभर में बारिश को लेकर और क्या है बड़ा अपडेट' दिल्ली-एसीआर में सुबह से ही कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने आज (शनिवार) को कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बरसात होने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना हैं। बाकी राज्यों का क्या है हाल' मौसम विभाग ने दिल्ली समेत 19 राज्यों में आज भारी से भारी बारिश की संभावना जताई है। इन राज्यों में MP, छत्तीसगढ़,पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। इसके अलावा मौसम विभाग ने गुजरात, तेलंगाना, पंजाब और कर्नाटक में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है। संबंधित विभागों को मौसम विभाग ने सतर्क रहने के लिए कहा है। राज्य में भूस्खलन के साथ-साथ अचानक बाढ़ की आशंका है। नदियां एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर सकती हैं। मुंबई में बारिश की वजह से यातायात, लोकल ट्रेन और बस सेवाओं में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भर गया है। मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम हो गया और पश्चिमी और मध्य रेलवे दोनों की उपनगरीय ट्रेन सेवाओं में देरी हुई। मुंबई में एक बार फिर बारिश का रिकॉर्ड टूटा है। मुंबई शहर में 1991 के बाद से इस साल जुलाई में 1,500 मिमी के आंकड़े को पार करते हुए सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई है।
देश के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। महाराष्ट्र और गोवा में ताड़तोड़ बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के कई जिलों में भीषण बारिश का अनुमान जताया है। मुंबई में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा दिल्ली में बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया है। वहीं, यूपी में कल से मूसलाधार बारिश का अनुमान है। - देशभर में बारिश को लेकर और क्या है बड़ा अपडेट' दिल्ली-एसीआर में सुबह से ही कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने आज को कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बरसात होने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान चौंतीस और न्यूनतम छब्बीस डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना हैं। बाकी राज्यों का क्या है हाल' मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उन्नीस राज्यों में आज भारी से भारी बारिश की संभावना जताई है। इन राज्यों में MP, छत्तीसगढ़,पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। इसके अलावा मौसम विभाग ने गुजरात, तेलंगाना, पंजाब और कर्नाटक में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है। संबंधित विभागों को मौसम विभाग ने सतर्क रहने के लिए कहा है। राज्य में भूस्खलन के साथ-साथ अचानक बाढ़ की आशंका है। नदियां एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर सकती हैं। मुंबई में बारिश की वजह से यातायात, लोकल ट्रेन और बस सेवाओं में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भर गया है। मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम हो गया और पश्चिमी और मध्य रेलवे दोनों की उपनगरीय ट्रेन सेवाओं में देरी हुई। मुंबई में एक बार फिर बारिश का रिकॉर्ड टूटा है। मुंबई शहर में एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे के बाद से इस साल जुलाई में एक,पाँच सौ मिमी के आंकड़े को पार करते हुए सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई है।
Gujarat Assembly Election 2022: भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची जारी कर दी है। इसमें 160 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है। सूची में हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और रिवाबा जडेजा का नाम शामिल किया गया है। Himachal Pradesh Assembly Election 2022: शनिवार, 12 नवंबर को होने वाली वोटिंग के लिए आज गुरुवार, 10 नवंबर को प्रचार अभियान थम जाएगा। सभी दलों के स्टार प्रचारकों काे हिमाचल प्रदेश छोड़कर जाना होगा। इस बार भी वोटिंग एक चरण में हो रही है। Gujarat Assembly Election 2022: भाजपा ने गुजरात में अब ई-बाइक के जरिए प्रचार अभियान शुरू किया है। पार्टी ने ई-बाइक में एलईडी स्क्रीन लगाकर लोगों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। भाजपा ने इसे गौरव यात्रा नाम दिया है। Gujarat Assembly Election 2022: भारतीय जनता पार्टी इस बार गुजरात विधानसभा चुनाव में क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रीवा जडेजा को भी मैदान में उतार सकती है। माना जा रहा है कि उनके नाम का ऐलान पार्टी जल्द ही कर सकती है। Gujarat Assembly Election 2022: चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए 197 चुनाव चिन्ह की सूची जारी कर दी है। पहली बार इस सूची में जेवेलिन थ्रो को भी शामिल किया गया है। Gujarat Assembly Election 2022: दस बार विधायक रहे कद्दावर आदिवासी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहन सिंह राठवा ने बेटे संग भाजपा ज्वाइन कर ली। दावा किया जा रहा है कि भाजपा उन्हें पार्टी में शामिल कराने के लिए 32 साल से फील्डिंग जमा रही थी और इस बार वे अचानक ही उसकी झोली में आ गिरे। Himachal Pradesh Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के बीच पालमपुर में भाजपा प्रत्याशी त्रिलोक कपूर के समर्थम में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण कार्य आधा हो चुका है। 2023 के अंत तक यह पूरा हो जाएगा। Gujarat Assembly Election 2022: भाजपा नेता अमित शाह ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर बताया है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए कैसे हर घर जल योजना शुरू की और धीरे-धीरे इसे पूरा करते गए। Gujarat Assembly Election 2022: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन इस बार गुजरात विधानसभा चुनाव में मुस्लिम, आदिवासी और दलित बहुल 30 विधानसभा सीट पर प्रत्याशी खड़े कर सकती है। अहमदाबाद की रिजर्व सीट दाणीलिमडा विधानसभा सीट पर कौशिक परमार को टिकट देकर उन्होंने इसके संकेत दे दिए हैं। Himachal Pradesh Assembly Election 2022: भाजपा इस बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोलन जिले की सभी पांच सीट अपने खाते में करना चाहती है। पिछले चुनाव में पार्टी के खाते में दो सीट ही आई थी, जबकि तीन सीट कांग्रेस के पास गई थी।
Gujarat Assembly Election दो हज़ार बाईस: भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची जारी कर दी है। इसमें एक सौ साठ उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है। सूची में हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और रिवाबा जडेजा का नाम शामिल किया गया है। Himachal Pradesh Assembly Election दो हज़ार बाईस: शनिवार, बारह नवंबर को होने वाली वोटिंग के लिए आज गुरुवार, दस नवंबर को प्रचार अभियान थम जाएगा। सभी दलों के स्टार प्रचारकों काे हिमाचल प्रदेश छोड़कर जाना होगा। इस बार भी वोटिंग एक चरण में हो रही है। Gujarat Assembly Election दो हज़ार बाईस: भाजपा ने गुजरात में अब ई-बाइक के जरिए प्रचार अभियान शुरू किया है। पार्टी ने ई-बाइक में एलईडी स्क्रीन लगाकर लोगों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। भाजपा ने इसे गौरव यात्रा नाम दिया है। Gujarat Assembly Election दो हज़ार बाईस: भारतीय जनता पार्टी इस बार गुजरात विधानसभा चुनाव में क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रीवा जडेजा को भी मैदान में उतार सकती है। माना जा रहा है कि उनके नाम का ऐलान पार्टी जल्द ही कर सकती है। Gujarat Assembly Election दो हज़ार बाईस: चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए एक सौ सत्तानवे चुनाव चिन्ह की सूची जारी कर दी है। पहली बार इस सूची में जेवेलिन थ्रो को भी शामिल किया गया है। Gujarat Assembly Election दो हज़ार बाईस: दस बार विधायक रहे कद्दावर आदिवासी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहन सिंह राठवा ने बेटे संग भाजपा ज्वाइन कर ली। दावा किया जा रहा है कि भाजपा उन्हें पार्टी में शामिल कराने के लिए बत्तीस साल से फील्डिंग जमा रही थी और इस बार वे अचानक ही उसकी झोली में आ गिरे। Himachal Pradesh Assembly Election दो हज़ार बाईस: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के बीच पालमपुर में भाजपा प्रत्याशी त्रिलोक कपूर के समर्थम में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण कार्य आधा हो चुका है। दो हज़ार तेईस के अंत तक यह पूरा हो जाएगा। Gujarat Assembly Election दो हज़ार बाईस: भाजपा नेता अमित शाह ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर बताया है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए कैसे हर घर जल योजना शुरू की और धीरे-धीरे इसे पूरा करते गए। Gujarat Assembly Election दो हज़ार बाईस: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन इस बार गुजरात विधानसभा चुनाव में मुस्लिम, आदिवासी और दलित बहुल तीस विधानसभा सीट पर प्रत्याशी खड़े कर सकती है। अहमदाबाद की रिजर्व सीट दाणीलिमडा विधानसभा सीट पर कौशिक परमार को टिकट देकर उन्होंने इसके संकेत दे दिए हैं। Himachal Pradesh Assembly Election दो हज़ार बाईस: भाजपा इस बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोलन जिले की सभी पांच सीट अपने खाते में करना चाहती है। पिछले चुनाव में पार्टी के खाते में दो सीट ही आई थी, जबकि तीन सीट कांग्रेस के पास गई थी।
व्हाइट हाउस के प्रतिनिधि के बयान सेः मैं राष्ट्रपति अभियान (डोनाल्ड ट्रम्प) का प्रबंधक था। अगर हम हिलेरी क्लिंटन पर साक्ष्य से समझौता करने की बात करते हैं, तो मुझे खुद हिलेरी के अलावा कहीं और देखने की जरूरत नहीं थी। वह खुद उसके बारे में सभी नकारात्मक जानकारी रखती थी। यह सिर्फ नकारात्मक जानकारी का पैदल मार्ग है। प्रतियोगियों के लिए खजाना। उसी समय, कॉनवे ने "मॉस्को के हाथ" के बारे में एक शब्द नहीं कहा, "सर्वव्यापी रूसी हैकर और जासूस। " अब, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के पूर्व मुख्यालय के प्रतिनिधियों को सलाहकार डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों में "क्रेमलिन के साथ संबंध" खोजने की संभावना है। आखिरकार, वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं करते हैं कि क्लिंटन खुद चुनावों में विफल रहीं - गलतियों की उसी श्रृंखला के आधार पर जो उनके राष्ट्रपति अभियान के लिए घातक थी। इससे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में, उन्होंने इस तथ्य के बारे में एक बातचीत शुरू की कि ट्रम्प जूनियर ने रूसी वकील नताल्या वेस्नेलित्स्काया से मुलाकात की, जिनके एच। क्लिंटन पर कथित रूप से कुछ सबूत थे। अमेरिकी राष्ट्रपति और वेसेलनित्स्काया के बेटे दोनों ने खुद इस जानकारी से इनकार किया है कि बैठक विशेष रूप से "साक्ष्य को कम करने" के लिए समर्पित थी।
व्हाइट हाउस के प्रतिनिधि के बयान सेः मैं राष्ट्रपति अभियान का प्रबंधक था। अगर हम हिलेरी क्लिंटन पर साक्ष्य से समझौता करने की बात करते हैं, तो मुझे खुद हिलेरी के अलावा कहीं और देखने की जरूरत नहीं थी। वह खुद उसके बारे में सभी नकारात्मक जानकारी रखती थी। यह सिर्फ नकारात्मक जानकारी का पैदल मार्ग है। प्रतियोगियों के लिए खजाना। उसी समय, कॉनवे ने "मॉस्को के हाथ" के बारे में एक शब्द नहीं कहा, "सर्वव्यापी रूसी हैकर और जासूस। " अब, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के पूर्व मुख्यालय के प्रतिनिधियों को सलाहकार डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों में "क्रेमलिन के साथ संबंध" खोजने की संभावना है। आखिरकार, वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं करते हैं कि क्लिंटन खुद चुनावों में विफल रहीं - गलतियों की उसी श्रृंखला के आधार पर जो उनके राष्ट्रपति अभियान के लिए घातक थी। इससे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में, उन्होंने इस तथ्य के बारे में एक बातचीत शुरू की कि ट्रम्प जूनियर ने रूसी वकील नताल्या वेस्नेलित्स्काया से मुलाकात की, जिनके एच। क्लिंटन पर कथित रूप से कुछ सबूत थे। अमेरिकी राष्ट्रपति और वेसेलनित्स्काया के बेटे दोनों ने खुद इस जानकारी से इनकार किया है कि बैठक विशेष रूप से "साक्ष्य को कम करने" के लिए समर्पित थी।
एकादशी, कृष्ण पक्ष, """"""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्। । विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत । । Singh Rashifal 2 September 2022 Leo horoscope Today: पारिवारिक चिकित्सा खर्च में वृद्धि से इंकार नहीं किया जा सकता है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। आपके व्यक्तिगत मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण विकास होगा जो आपके और आपके पूरे परिवार के लिए खुशी लाएगा। कार्ड पर रोमांस लेकिन कामुक भावनाएं भड़क सकती हैं जो आपके रिश्ते को खराब कर सकती हैं। आपके पास बहुत कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का पीछा करें।
एकादशी, कृष्ण पक्ष, """""""""""""""""""""""""""""""""""""" देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्। । विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत । । Singh Rashifal दो सितंबरtember दो हज़ार बाईस Leo horoscope Today: पारिवारिक चिकित्सा खर्च में वृद्धि से इंकार नहीं किया जा सकता है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। आपके व्यक्तिगत मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण विकास होगा जो आपके और आपके पूरे परिवार के लिए खुशी लाएगा। कार्ड पर रोमांस लेकिन कामुक भावनाएं भड़क सकती हैं जो आपके रिश्ते को खराब कर सकती हैं। आपके पास बहुत कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का पीछा करें।
दुबई से ग़ायब होने के बाद लंदन पहुंचे हैदर ने अब संन्यास की घोषणा की है. पाकिस्तान के विकेटकीपर ज़ुलक़रनैन हैदर ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल को बताया है कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं. हैदर ने बीते शुक्रवार को दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ चौथे एक दिवसीय मैच में टीम को जीत दिलाई थी लेकिन उसके बाद वे टीम को छोड़कर लंदन चले गए थे. पाकिस्तानी टीवी चैनल जिओ को दिए एक इंटरव्यू में हैदर ने कहा, "मुझे और मेरे परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं इसलिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना ही उचित है. " हैदर ने जिओ से कहा कि उन्होंने अपने देश के सम्मान को बेचने के बजाय टीम को छोड़कर लंदन चले जाने की सही समझा. हैदर ने कहा कि उन्हें एक व्यक्ति ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ चौथे और पांचवे एक दिवसीय मैच को फ़िक्स करने के लिए कहा था. पाकिस्तान के विकेटकीपर ने जिओ टीवी को बताया, "मुझसे कहा गया कि सहयोग करें नहीं तो दिक्कत होगी. " उन्होंने संन्यास के अपने फ़ैसले को सही ठहराते हुए कहा, "मैंने वही किया जो मुझे सही लगा. मैं फ़िलहाल इसके विस्तार में नहीं जाना चाहता लेकिन ये सही है कि मैं किसी भी भ्रष्टाचार का हिस्सा नहीं बनना चाहता और ना ही अपने देश के ख़िलाफ़ जाना चाहता हूं. " ज़ुलक़रनैन हैदर ने कहा कि उन्होंने ब्रितानी अधिकारियों से राजनीतिक शरण के बारे में बात की है. उधर पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने इस सारे मामले पर जांच शुरू कर दी है.
दुबई से ग़ायब होने के बाद लंदन पहुंचे हैदर ने अब संन्यास की घोषणा की है. पाकिस्तान के विकेटकीपर ज़ुलक़रनैन हैदर ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल को बताया है कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं. हैदर ने बीते शुक्रवार को दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ चौथे एक दिवसीय मैच में टीम को जीत दिलाई थी लेकिन उसके बाद वे टीम को छोड़कर लंदन चले गए थे. पाकिस्तानी टीवी चैनल जिओ को दिए एक इंटरव्यू में हैदर ने कहा, "मुझे और मेरे परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं इसलिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना ही उचित है. " हैदर ने जिओ से कहा कि उन्होंने अपने देश के सम्मान को बेचने के बजाय टीम को छोड़कर लंदन चले जाने की सही समझा. हैदर ने कहा कि उन्हें एक व्यक्ति ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ चौथे और पांचवे एक दिवसीय मैच को फ़िक्स करने के लिए कहा था. पाकिस्तान के विकेटकीपर ने जिओ टीवी को बताया, "मुझसे कहा गया कि सहयोग करें नहीं तो दिक्कत होगी. " उन्होंने संन्यास के अपने फ़ैसले को सही ठहराते हुए कहा, "मैंने वही किया जो मुझे सही लगा. मैं फ़िलहाल इसके विस्तार में नहीं जाना चाहता लेकिन ये सही है कि मैं किसी भी भ्रष्टाचार का हिस्सा नहीं बनना चाहता और ना ही अपने देश के ख़िलाफ़ जाना चाहता हूं. " ज़ुलक़रनैन हैदर ने कहा कि उन्होंने ब्रितानी अधिकारियों से राजनीतिक शरण के बारे में बात की है. उधर पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने इस सारे मामले पर जांच शुरू कर दी है.
Rakesh Jhunjhunwala: साल 2022 खत्म को है. इस वर्ष भारतीय शेयर बाजार के वॉरेट बफे कहने जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिनकी कमी सदा बाजार के निवेशकों को खलती रहेगी. 14 अगस्त 2022 को लंबी बीमारी के बाद राकेश झुनझुनवाला की मृत्यु हो गई. अब वे हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी सीख को शेयर बाजार के निवेशक आज भी याद रखते हैं. राकेश झुनझुनवाला किसी भी स्टॉक में लंबी अवधि के लिए ही निवेश करने के लिए जाने थे. इसका नतीजा ये है कि जिस भी स्टॉक में उन्होंने निवेश किया उसमें से ज्यादा शेयरों ने उन्हें मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. कोरोना महामारी के दौरान भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई तब भी राकेश झुनझुनवाला भारतीय शेयर बाजार को बेहद बुलिश थे. और उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई. निफ्टी 7500 तक गिरने के बाद 18,800 तो सेंसेक्स 25600 तक गिरने के बाद 63000 के पार के लेवल को देख चुका है. लेकिन बीते एक साल से राकेश झुनझुनवाला सरकारी बैंकों में निवेश को लेकर बेहद बुलिश थे. उन्होंने कहा था कि वे इन दिनों सरकारी बैंकों में निवेश कर रहे हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा पीएसयू बैंक ऐसा क्षेत्र है जिसपर मैं सबसे ज्यादा बुलिश हूं. और देखिए कैसे बाजार के बिगबुल का दांव सही निकला. हाल के दिनों में सरकारी बैंकों ने बाजार में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है. बैंक निफ्टी 2022 में 32155 के निचले लेवल को देखने के बाद 44151 के हाई को छू चुका है. यानि बैंक निफ्टी ने 2022 में 37 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न निवेशकों को दिया है. तो निफ्टी के पीएसयू बैंक के इंडेक्स ने 2022 में 102 फीसदी का रिटर्न दिया है. राकेश झुनझुनवाला ने केनरा बैंक का स्टॉक खरीदा ता और अभी भी ये स्टॉक 1. 5 फीसदी स्टेक के साथ पोर्टफोलियो में शामिल है. कोरोना के शुरूआत के दौरान केनरा बैंक का शेयर 73 रुपये पर ट्रेड कर रहा जो अब 300 रुपये पर कारोबार कर रहा है. यानि ढाई साल से समय में केनरा बैंक का शेयर ने निवेशकों को 310 का फीसदी का रिटर्न दे चुका है. केनरा बैंक ही नहीं बल्कि कई सरकारी बैंकों ने 2022 में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. बीते हफ्ते की गिरावट को छोड़ दें तो पंजाब एंड सिंध बैंक के शेयर ने 238 फीसदी, यूको बैंक ने 261 फीसदी, सेंट्रल बैंक के शेयर ने 157 फीसदी तो बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयर ने 140 फीसदी का रिटर्न दिया है. ट्रेंडलाइन के डाटा के मुताबिक राकेश झुनझुनवाला एंड एसोसिएट्स के पोर्टफोलियो में कुल 30 शेयर हैं जिनका वैल्यू 31,593 करोड़ रुपये है. जिसमें टाइटन के अलावा स्टार हेल्थ, नजारा टैक्नलॉजीज, मेट्रो ब्रांड्स, फोर्टिस हेल्थकेयर, सिंगर इंडिया, Va Tech Wabag जैसे शेयर हैं.
Rakesh Jhunjhunwala: साल दो हज़ार बाईस खत्म को है. इस वर्ष भारतीय शेयर बाजार के वॉरेट बफे कहने जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिनकी कमी सदा बाजार के निवेशकों को खलती रहेगी. चौदह अगस्त दो हज़ार बाईस को लंबी बीमारी के बाद राकेश झुनझुनवाला की मृत्यु हो गई. अब वे हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी सीख को शेयर बाजार के निवेशक आज भी याद रखते हैं. राकेश झुनझुनवाला किसी भी स्टॉक में लंबी अवधि के लिए ही निवेश करने के लिए जाने थे. इसका नतीजा ये है कि जिस भी स्टॉक में उन्होंने निवेश किया उसमें से ज्यादा शेयरों ने उन्हें मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. कोरोना महामारी के दौरान भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई तब भी राकेश झुनझुनवाला भारतीय शेयर बाजार को बेहद बुलिश थे. और उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई. निफ्टी सात हज़ार पाँच सौ तक गिरने के बाद अट्ठारह,आठ सौ तो सेंसेक्स पच्चीस हज़ार छः सौ तक गिरने के बाद तिरेसठ हज़ार के पार के लेवल को देख चुका है. लेकिन बीते एक साल से राकेश झुनझुनवाला सरकारी बैंकों में निवेश को लेकर बेहद बुलिश थे. उन्होंने कहा था कि वे इन दिनों सरकारी बैंकों में निवेश कर रहे हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा पीएसयू बैंक ऐसा क्षेत्र है जिसपर मैं सबसे ज्यादा बुलिश हूं. और देखिए कैसे बाजार के बिगबुल का दांव सही निकला. हाल के दिनों में सरकारी बैंकों ने बाजार में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है. बैंक निफ्टी दो हज़ार बाईस में बत्तीस हज़ार एक सौ पचपन के निचले लेवल को देखने के बाद चौंतालीस हज़ार एक सौ इक्यावन के हाई को छू चुका है. यानि बैंक निफ्टी ने दो हज़ार बाईस में सैंतीस फीसदी से ज्यादा का रिटर्न निवेशकों को दिया है. तो निफ्टी के पीएसयू बैंक के इंडेक्स ने दो हज़ार बाईस में एक सौ दो फीसदी का रिटर्न दिया है. राकेश झुनझुनवाला ने केनरा बैंक का स्टॉक खरीदा ता और अभी भी ये स्टॉक एक. पाँच फीसदी स्टेक के साथ पोर्टफोलियो में शामिल है. कोरोना के शुरूआत के दौरान केनरा बैंक का शेयर तिहत्तर रुपयापये पर ट्रेड कर रहा जो अब तीन सौ रुपयापये पर कारोबार कर रहा है. यानि ढाई साल से समय में केनरा बैंक का शेयर ने निवेशकों को तीन सौ दस का फीसदी का रिटर्न दे चुका है. केनरा बैंक ही नहीं बल्कि कई सरकारी बैंकों ने दो हज़ार बाईस में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. बीते हफ्ते की गिरावट को छोड़ दें तो पंजाब एंड सिंध बैंक के शेयर ने दो सौ अड़तीस फीसदी, यूको बैंक ने दो सौ इकसठ फीसदी, सेंट्रल बैंक के शेयर ने एक सौ सत्तावन फीसदी तो बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयर ने एक सौ चालीस फीसदी का रिटर्न दिया है. ट्रेंडलाइन के डाटा के मुताबिक राकेश झुनझुनवाला एंड एसोसिएट्स के पोर्टफोलियो में कुल तीस शेयर हैं जिनका वैल्यू इकतीस,पाँच सौ तिरानवे करोड़ रुपये है. जिसमें टाइटन के अलावा स्टार हेल्थ, नजारा टैक्नलॉजीज, मेट्रो ब्रांड्स, फोर्टिस हेल्थकेयर, सिंगर इंडिया, Va Tech Wabag जैसे शेयर हैं.
Disney+ Hotstar मार्च 2023 से प्रीमियर लीग 2023 सीजन के मैचों को आधिकारिक ओटीटी ब्रॉडकास्टर के रूप में लाइव स्ट्रीम करने के लिए तैयार है। हालाँकि, इस बार, Jio यूजर्स थोड़ा परेशान हों सकते हैं क्योंकि नेटवर्क प्रदाता ने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान की रिचार्ज लिस्ट से Disney+ Hotstar मेम्बरशिप को हटा दिया है। वहींं अगर आपके पास Airtel या Vodafone-Idea का पोस्टपेड सिम है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये आप को दे रहें हैं कुछ बेहतरीन प्लान, तो चलिए जानते हैं सभी प्लान के बारे में। Airtel और Vodafone-Idea यानी (Vi) यूजर्स चुनिंदा पोस्टपेड मोबाइल रिचार्ज प्लान के साथ Disney+ Hotstar का फ्री सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं। दोनों मोबाइल ऑपरेटर यूजर्स को ज्यादा मूल्य और लाभ प्रदान करने के लिए फ्री के ओटीटी मेम्बरशिप के साथ डेटा और कॉलिंग लाभ प्रोवाइट कर रहा है। Airtel और Vi पोस्टपेड प्लान्स पर एक नजर डालते हैं जिन पर Disney+ Hotstar सब्सक्रिप्शन फ्री में दिया जा रहा है। 75GB के डेटा रोलओवर के साथ, यह पोस्टपेड प्लान अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन 100 SMS के साथ डिज्नी + हॉटस्टार मोबाइल और अमेजन प्राइम वीडियो के फ्री सब्सक्रिप्शन की पेशकश करता है। इस प्लान के तहत एयरटेल में 3 फ्री फैमिली ऐड-वन के साथ 1 रेगुलर सिम, 100GB डेटा रोलओवर, अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन 100 SMS शामिल हैं। ओटीटी के लिए इस प्लान में डिज्नी + हॉटस्टार मोबाइल और अमेजन प्राइम वीडियो मेम्बरशिप शामिल है। सभी योजना के समान, इस प्लान में भी 3 फ्री पारिवारिक ऐड-ऑन, अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन 100 SMS के साथ 1 नियमित सिम भी शामिल है। हालांकि, डेटा रोलओवर के लिए इस पोस्टपेड प्लान में Disney+ Hotstar मोबाइल, Amazon Prime Video और Netflix Basic के फ्री सब्सक्रिप्शन के साथ 150GB डेटा मिलता है। यह पोस्टपेड प्लान 4 फ्री पारिवारिक ऐड-ऑन के साथ 1 नियमित सिम, 200 जीबी डेटा रोल ओवर, हर दिन 100 SMS, अनलिमिटेड कॉलिंग और डिज्नी + हॉटस्टार मोबाइल, अमेज़ॅन प्राइम वीडियो और नेटफ्लिक्स बेसिक की फ्री मेम्बरशिप प्रदान करता है। इस प्लान में Vi ने 90GB डेटा रोलओवर, अनलिमिटेड कॉलिंग, एक महीने के लिए 3000 SMS और Disney+ Hotstar मोबाइल का फ्री सब्सक्रिप्शन शामिल किया है। इसके अलावा, यह प्लान Amazon Prime, Vi Movies and TV, Hungama Music के साथ कई और भी सब्सक्रिप्शन प्रोवाइट करता है। इस प्लान के तहत इस प्लान में अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग और 3000 SMS मिलते हैं। फ्री ओटीटी बंडल में Disney+ Hotstar Super, Amazon Prime और अन्य का फ्री सब्सक्रिप्शन शामिल है। यह प्लान Vi द्वारा सबसे महंगे पोस्टपेड प्लान के रूप में लिस्ट किया गया है। प्लान में अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग, हर महीने 3000 SMS और Amazon Prime और Disney+ Hotstar Super का फ्री सब्सक्रिप्शन शामिल है।
Disney+ Hotstar मार्च दो हज़ार तेईस से प्रीमियर लीग दो हज़ार तेईस सीजन के मैचों को आधिकारिक ओटीटी ब्रॉडकास्टर के रूप में लाइव स्ट्रीम करने के लिए तैयार है। हालाँकि, इस बार, Jio यूजर्स थोड़ा परेशान हों सकते हैं क्योंकि नेटवर्क प्रदाता ने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान की रिचार्ज लिस्ट से Disney+ Hotstar मेम्बरशिप को हटा दिया है। वहींं अगर आपके पास Airtel या Vodafone-Idea का पोस्टपेड सिम है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये आप को दे रहें हैं कुछ बेहतरीन प्लान, तो चलिए जानते हैं सभी प्लान के बारे में। Airtel और Vodafone-Idea यानी यूजर्स चुनिंदा पोस्टपेड मोबाइल रिचार्ज प्लान के साथ Disney+ Hotstar का फ्री सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं। दोनों मोबाइल ऑपरेटर यूजर्स को ज्यादा मूल्य और लाभ प्रदान करने के लिए फ्री के ओटीटी मेम्बरशिप के साथ डेटा और कॉलिंग लाभ प्रोवाइट कर रहा है। Airtel और Vi पोस्टपेड प्लान्स पर एक नजर डालते हैं जिन पर Disney+ Hotstar सब्सक्रिप्शन फ्री में दिया जा रहा है। पचहत्तरGB के डेटा रोलओवर के साथ, यह पोस्टपेड प्लान अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन एक सौ SMS के साथ डिज्नी + हॉटस्टार मोबाइल और अमेजन प्राइम वीडियो के फ्री सब्सक्रिप्शन की पेशकश करता है। इस प्लान के तहत एयरटेल में तीन फ्री फैमिली ऐड-वन के साथ एक रेगुलर सिम, एक सौGB डेटा रोलओवर, अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन एक सौ SMS शामिल हैं। ओटीटी के लिए इस प्लान में डिज्नी + हॉटस्टार मोबाइल और अमेजन प्राइम वीडियो मेम्बरशिप शामिल है। सभी योजना के समान, इस प्लान में भी तीन फ्री पारिवारिक ऐड-ऑन, अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन एक सौ SMS के साथ एक नियमित सिम भी शामिल है। हालांकि, डेटा रोलओवर के लिए इस पोस्टपेड प्लान में Disney+ Hotstar मोबाइल, Amazon Prime Video और Netflix Basic के फ्री सब्सक्रिप्शन के साथ एक सौ पचासGB डेटा मिलता है। यह पोस्टपेड प्लान चार फ्री पारिवारिक ऐड-ऑन के साथ एक नियमित सिम, दो सौ जीबी डेटा रोल ओवर, हर दिन एक सौ SMS, अनलिमिटेड कॉलिंग और डिज्नी + हॉटस्टार मोबाइल, अमेज़ॅन प्राइम वीडियो और नेटफ्लिक्स बेसिक की फ्री मेम्बरशिप प्रदान करता है। इस प्लान में Vi ने नब्बेGB डेटा रोलओवर, अनलिमिटेड कॉलिंग, एक महीने के लिए तीन हज़ार SMS और Disney+ Hotstar मोबाइल का फ्री सब्सक्रिप्शन शामिल किया है। इसके अलावा, यह प्लान Amazon Prime, Vi Movies and TV, Hungama Music के साथ कई और भी सब्सक्रिप्शन प्रोवाइट करता है। इस प्लान के तहत इस प्लान में अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग और तीन हज़ार SMS मिलते हैं। फ्री ओटीटी बंडल में Disney+ Hotstar Super, Amazon Prime और अन्य का फ्री सब्सक्रिप्शन शामिल है। यह प्लान Vi द्वारा सबसे महंगे पोस्टपेड प्लान के रूप में लिस्ट किया गया है। प्लान में अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग, हर महीने तीन हज़ार SMS और Amazon Prime और Disney+ Hotstar Super का फ्री सब्सक्रिप्शन शामिल है।
कमिश्नरेट पुलिस की तत्परता से डकैतों की डकैती की साजिश विफल हो गयी है. सदर थाना पुलिस ने कल रात तीन आरोपियों को पकड़कर डकैती की योजना बनाने के मंसूबे पर पानी फेर दिया. गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान नरेंद्र प्रधान, संतोष प्रधान और सोमनाथ प्रधान उर्फ सोमू के रूप में हुई है. नरेंद्र और संतोष गंजाम जिले के हैं, वहीं सोमू पुरी जिले का निवासी है. पुलिस ने उनके कब्जे से एक देसी पिस्तौल, एक मोटर-साइकिल, दो तेज भुजाली और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है. कमिश्नरेट पुलिस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सदर थाने के जवान ड्यूटी पर गश्त लगा रहे थे. इसी दौरान उन्हें गोपालपुर हाई स्कूल के मैदान में हथियारों के साथ पांच असामाजिक संगठनों के जुटे होने के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिली. वे पास के इलाके में डकैती करने की योजना बना रहे थे. इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीन आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही, जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे. छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों ने सिंदूर, कुछ गुलाब फूल, अगरबत्ती और केला बरामद हुआ. जांच में पता चला कि गोपालपुर पेट्रोल पंप पर डाका डालने की उनकी योजना थी.
कमिश्नरेट पुलिस की तत्परता से डकैतों की डकैती की साजिश विफल हो गयी है. सदर थाना पुलिस ने कल रात तीन आरोपियों को पकड़कर डकैती की योजना बनाने के मंसूबे पर पानी फेर दिया. गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान नरेंद्र प्रधान, संतोष प्रधान और सोमनाथ प्रधान उर्फ सोमू के रूप में हुई है. नरेंद्र और संतोष गंजाम जिले के हैं, वहीं सोमू पुरी जिले का निवासी है. पुलिस ने उनके कब्जे से एक देसी पिस्तौल, एक मोटर-साइकिल, दो तेज भुजाली और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है. कमिश्नरेट पुलिस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सदर थाने के जवान ड्यूटी पर गश्त लगा रहे थे. इसी दौरान उन्हें गोपालपुर हाई स्कूल के मैदान में हथियारों के साथ पांच असामाजिक संगठनों के जुटे होने के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिली. वे पास के इलाके में डकैती करने की योजना बना रहे थे. इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीन आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही, जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे. छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों ने सिंदूर, कुछ गुलाब फूल, अगरबत्ती और केला बरामद हुआ. जांच में पता चला कि गोपालपुर पेट्रोल पंप पर डाका डालने की उनकी योजना थी.
अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएं थमते नहीं थम रहीं। अब वर्जीनिया के रिचमोंड में एक पार्क में बंदूकधारी के गोली चलाए जाने से दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना में पांच लोग घायल भी हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी की घटना तब हुई, जब हाई स्कूल के स्नातक छात्र और उनके परिवार के सदस्य दीक्षांत समारोह समाप्त होने के बाद एक थिएटर से बाहर निकल रहे थे। पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि उसने एक संदिग्ध, 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया और उस पर अन्य संभावित अपराधों के अलावा दूसरी डिग्री की हत्या के दो मामलों के आरोप लगाने की योजना बनाई।
अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएं थमते नहीं थम रहीं। अब वर्जीनिया के रिचमोंड में एक पार्क में बंदूकधारी के गोली चलाए जाने से दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना में पांच लोग घायल भी हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी की घटना तब हुई, जब हाई स्कूल के स्नातक छात्र और उनके परिवार के सदस्य दीक्षांत समारोह समाप्त होने के बाद एक थिएटर से बाहर निकल रहे थे। पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि उसने एक संदिग्ध, उन्नीस वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया और उस पर अन्य संभावित अपराधों के अलावा दूसरी डिग्री की हत्या के दो मामलों के आरोप लगाने की योजना बनाई।
आधार सर्वर में तकनीकी खराबी के चलते राशनकार्ड धारक उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी का काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। सर्वर डाउन होने की वजह से उन्हें राशन तक नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को बिलासपुर जिला में डिपुओं पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगी रही। इससे लोगों के साथ ही डिपो होल्डर्स को भी परेशान होना पड़ा। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार राशनकार्ड धारक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए डिपो होल्डर्स को ट्रेनिंग दी गई है। राशनकार्डों में दर्ज परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी होनी है। इसके लिए उन्हें राशनकार्ड और आधार नंबर के साथ उचित मूल्य की नजदीकी दुकानों पर पहुंचने को कहा गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से दी गई सूचना के आधार पर हर रोज काफी संख्या में लोग ई-केवाईसी करवाने के लिए डिपुओं पर पहुंच रहे हैं, लेकिन आधार सर्वर की प्रॉब्लम के चलते काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ई-केवाईसी होना तो दूर, कनेक्टिविटी की प्रॉब्लम की वजह से लोगों को डिपुओं के माध्यम से सस्ता राशन देने का काम भी बाधित हो रहा है। मंगलवार को भी डिपुओं के बाहर लोगों का जमघट लगा रहा। आधार सर्वर बंगलुरू में है। वहीं पर इसमें कोई खराबी आई है। इस लिहाज से हिमाचल समेत अन्य राज्यों में भी यही दिक्कत हो सकती है। बहरहाल, आधार सर्वर में आई इस खराबी की वजह से उपभोक्ताओं के साथ ही डिपो होल्डर्स को भी बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है। ई-केवाईसी के लिए 31 मई तक का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन इस प्रॉब्लम के चलते यह काम समयबद्ध पूरा हो पाना बेहद मुश्किल है। उधर, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ब्रिजेंद्र सिंह पठानिया ने इस बात की पुष्टि की कि आधार सर्वर में प्रॉब्लम की वजह से काम बाधित हुआ है। शिमला हैडक्वार्टर को सूचित कर दिया गया है। यदि इस प्रॉब्लम के चलते ई-केवाईसी का काम 31 मई तक पूरा नहीं हो पाया तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
आधार सर्वर में तकनीकी खराबी के चलते राशनकार्ड धारक उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी का काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। सर्वर डाउन होने की वजह से उन्हें राशन तक नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को बिलासपुर जिला में डिपुओं पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगी रही। इससे लोगों के साथ ही डिपो होल्डर्स को भी परेशान होना पड़ा। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार राशनकार्ड धारक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए डिपो होल्डर्स को ट्रेनिंग दी गई है। राशनकार्डों में दर्ज परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी होनी है। इसके लिए उन्हें राशनकार्ड और आधार नंबर के साथ उचित मूल्य की नजदीकी दुकानों पर पहुंचने को कहा गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से दी गई सूचना के आधार पर हर रोज काफी संख्या में लोग ई-केवाईसी करवाने के लिए डिपुओं पर पहुंच रहे हैं, लेकिन आधार सर्वर की प्रॉब्लम के चलते काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ई-केवाईसी होना तो दूर, कनेक्टिविटी की प्रॉब्लम की वजह से लोगों को डिपुओं के माध्यम से सस्ता राशन देने का काम भी बाधित हो रहा है। मंगलवार को भी डिपुओं के बाहर लोगों का जमघट लगा रहा। आधार सर्वर बंगलुरू में है। वहीं पर इसमें कोई खराबी आई है। इस लिहाज से हिमाचल समेत अन्य राज्यों में भी यही दिक्कत हो सकती है। बहरहाल, आधार सर्वर में आई इस खराबी की वजह से उपभोक्ताओं के साथ ही डिपो होल्डर्स को भी बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है। ई-केवाईसी के लिए इकतीस मई तक का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन इस प्रॉब्लम के चलते यह काम समयबद्ध पूरा हो पाना बेहद मुश्किल है। उधर, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ब्रिजेंद्र सिंह पठानिया ने इस बात की पुष्टि की कि आधार सर्वर में प्रॉब्लम की वजह से काम बाधित हुआ है। शिमला हैडक्वार्टर को सूचित कर दिया गया है। यदि इस प्रॉब्लम के चलते ई-केवाईसी का काम इकतीस मई तक पूरा नहीं हो पाया तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
Don't Miss! अभिनेत्री अलाया एफ ने अपने नाना और अभिनेता कबीर बेदी की किताब 'स्टोरीज़ आई मस्ट टेलः द इमोशनल लाइफ ऑफ़ एन एक्टर' की सफलता का जश्न मनाने के लिए एक लाइव चैट की मेजबानी की थी। इस बातचीत में कबीर बेदी ने अपने लाइफ के विभिन्न विषयों को शामिल किया गया। उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, विभिन्न रिश्ते, ओपन मैरिज, पैरेंटहुड, टूटी हुई शादियां और मानसिक स्वास्थ्य पर बातें की। कबीर बेदी ने खुलासा किया कि वह इटली के सबसे बड़े पब्लिशर मोंडाडोरी के साथ सितंबर में इटली में अपनी पुस्तक रिलीज़ करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस चैट के दौरान अलाया ने बताया कि कैसे उन्हें और उनके दोस्तों ने कबीर बेदी की किताब और उनके जीवन की कहानी को पढ़ा और बहुत कुछ सीखा। कई बातें आज भी बहुत प्रासंगिक और संबंधित है। कबीर ने कहा कि उन्होंने अपनी किताब उन सभी युवाओं को समर्पित की है जो इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाना चाहते हैं। अलाया ने यह भी व्यक्त किया कि कैसे उन्होंने कबीर बेदी के जीवन को इतना साहसी और अपने समय से आगे पाया, जबकि कबीर ने हंसते हुए कहा कि कैसे एक समय था जब वह अलाया जितने छोटे थे और परिवार के लिए बागी थे। कबीर बेदी ने बताया, "मैं अमेरिका में बड़ी सफलताओं सहित में दिवालिया जैसी स्थिति से गुज़र चुका हूं। लेकिन मैं उन सब आगे निकल गया.. पाठकों के लिए, वे मेरे जीवन से सीख सकते हैं, उन्होंने ऐसा क्या गलत किया जो मुझे नहीं दोहराना चाहिए। असफल होना ठीक है, लेकिन हार नहीं माननी चाहिए। मैंने अपनी असफलताओं से सीखा है और आशा करता हूं कि दूसरे भी सीखेंगे।" अलाया ने साझा किया कि कैसे उन्होंने महसूस किया कि वह उस परिवार का हिस्सा थी जिनका ऐसा नॉवेल इतिहास था, जिस पर कबीर ने कहा, "यह तुम्हारा भी इतिहास है, अलाया!" 'स्टोरीज़ आई मस्ट टेलः द इमोशनल लाइफ ऑफ़ ए एक्टर' वेस्टलैंड पब्लिशर्स (एक अमेज़ॅन कंपनी) द्वारा प्रकाशित किया गया है जो किताबों की दुकानों या ऑनलाइन में आसानी से उपलब्ध है।
Don't Miss! अभिनेत्री अलाया एफ ने अपने नाना और अभिनेता कबीर बेदी की किताब 'स्टोरीज़ आई मस्ट टेलः द इमोशनल लाइफ ऑफ़ एन एक्टर' की सफलता का जश्न मनाने के लिए एक लाइव चैट की मेजबानी की थी। इस बातचीत में कबीर बेदी ने अपने लाइफ के विभिन्न विषयों को शामिल किया गया। उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, विभिन्न रिश्ते, ओपन मैरिज, पैरेंटहुड, टूटी हुई शादियां और मानसिक स्वास्थ्य पर बातें की। कबीर बेदी ने खुलासा किया कि वह इटली के सबसे बड़े पब्लिशर मोंडाडोरी के साथ सितंबर में इटली में अपनी पुस्तक रिलीज़ करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस चैट के दौरान अलाया ने बताया कि कैसे उन्हें और उनके दोस्तों ने कबीर बेदी की किताब और उनके जीवन की कहानी को पढ़ा और बहुत कुछ सीखा। कई बातें आज भी बहुत प्रासंगिक और संबंधित है। कबीर ने कहा कि उन्होंने अपनी किताब उन सभी युवाओं को समर्पित की है जो इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाना चाहते हैं। अलाया ने यह भी व्यक्त किया कि कैसे उन्होंने कबीर बेदी के जीवन को इतना साहसी और अपने समय से आगे पाया, जबकि कबीर ने हंसते हुए कहा कि कैसे एक समय था जब वह अलाया जितने छोटे थे और परिवार के लिए बागी थे। कबीर बेदी ने बताया, "मैं अमेरिका में बड़ी सफलताओं सहित में दिवालिया जैसी स्थिति से गुज़र चुका हूं। लेकिन मैं उन सब आगे निकल गया.. पाठकों के लिए, वे मेरे जीवन से सीख सकते हैं, उन्होंने ऐसा क्या गलत किया जो मुझे नहीं दोहराना चाहिए। असफल होना ठीक है, लेकिन हार नहीं माननी चाहिए। मैंने अपनी असफलताओं से सीखा है और आशा करता हूं कि दूसरे भी सीखेंगे।" अलाया ने साझा किया कि कैसे उन्होंने महसूस किया कि वह उस परिवार का हिस्सा थी जिनका ऐसा नॉवेल इतिहास था, जिस पर कबीर ने कहा, "यह तुम्हारा भी इतिहास है, अलाया!" 'स्टोरीज़ आई मस्ट टेलः द इमोशनल लाइफ ऑफ़ ए एक्टर' वेस्टलैंड पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित किया गया है जो किताबों की दुकानों या ऑनलाइन में आसानी से उपलब्ध है।
मुंबई। नितिश राणा (53) के अर्धशतक और रोहित शर्मा (40) की दमदार पारी की बदौलत मुंबई के वानखेड़े स्टेडियर में रविवार को हुए आईपीएल-10 के 16वें मैच में मुंबई इंडियंस ने गुजरात लायंस को 6 विकेट से हराकर मुकाबला जीत लिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात ने मुंबई के खिलाफ निर्धारित 20 ओवरों में केवल चार विकेट खोकर 176 रन बनाए। जवाब में मुंबई इंडियंस की टीम ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 19. 3 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 177 रन बनाकर जीत दर्ज की। मुंबई के बल्लेबाज नितिश राणा, कप्तान रोहित शर्मा और किरोन पोलार्ड ने शानदार बल्लेबाजी की और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले ब्रेंडन मैक्लम (64) के अर्धशतक और दिनेश कार्तिक की (नाबाद 48) संयम भरी पारी की बदौलत गुजरात लायंस ने मुंबई इंडियंस के सामने 177 रनों का लक्ष्य रखा। गुजरात को पहला झटका पहले ओवर की दूसरी गेंद पर ड्वायन स्मिथ के रूप में लगा। मिशेल मैक्लेघन ने स्मिथ को नितीश राणा के हाथों कैच आउट कर पवेलियन भेजा। ड्वायन खाता भी नहीं खोल पाए थे। इसके बाद, कप्तान सुरेश रैना (28) ने मैक्लम के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण 80 रन जोडक़र टीम को मजबूती देनी की कोशिश की, लेकिन रैना 81 के कुलयोग पर हरभजन सिंह की गेंद पर मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा के हाथों लपके गए। खराब स्वास्थ्य के कारण पिछले मैच में अनुपस्थित रहे मुंबई के गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने इस मैच में शानदार वापसी की और ईशान किशन (11) के साथ दूसरे छोर पर गुजरात की पारी संभाल रहे मैक्लम को 99 के स्कोर पर बोल्ड आउट कर पवेलियन भेजा। मैक्लम ने 44 गेंदों पर छह चौके और तीन छक्के लगाए। मोहित शर्मा ने CSK के खिलाफ दिल दहलाने वाले आखिरी ओवर पर किया खुलासाः "मैं सो नहीं पाया"
मुंबई। नितिश राणा के अर्धशतक और रोहित शर्मा की दमदार पारी की बदौलत मुंबई के वानखेड़े स्टेडियर में रविवार को हुए आईपीएल-दस के सोलहवें मैच में मुंबई इंडियंस ने गुजरात लायंस को छः विकेट से हराकर मुकाबला जीत लिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात ने मुंबई के खिलाफ निर्धारित बीस ओवरों में केवल चार विकेट खोकर एक सौ छिहत्तर रन बनाए। जवाब में मुंबई इंडियंस की टीम ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए उन्नीस. तीन ओवर में चार विकेट के नुकसान पर एक सौ सतहत्तर रन बनाकर जीत दर्ज की। मुंबई के बल्लेबाज नितिश राणा, कप्तान रोहित शर्मा और किरोन पोलार्ड ने शानदार बल्लेबाजी की और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले ब्रेंडन मैक्लम के अर्धशतक और दिनेश कार्तिक की संयम भरी पारी की बदौलत गुजरात लायंस ने मुंबई इंडियंस के सामने एक सौ सतहत्तर रनों का लक्ष्य रखा। गुजरात को पहला झटका पहले ओवर की दूसरी गेंद पर ड्वायन स्मिथ के रूप में लगा। मिशेल मैक्लेघन ने स्मिथ को नितीश राणा के हाथों कैच आउट कर पवेलियन भेजा। ड्वायन खाता भी नहीं खोल पाए थे। इसके बाद, कप्तान सुरेश रैना ने मैक्लम के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण अस्सी रन जोडक़र टीम को मजबूती देनी की कोशिश की, लेकिन रैना इक्यासी के कुलयोग पर हरभजन सिंह की गेंद पर मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा के हाथों लपके गए। खराब स्वास्थ्य के कारण पिछले मैच में अनुपस्थित रहे मुंबई के गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने इस मैच में शानदार वापसी की और ईशान किशन के साथ दूसरे छोर पर गुजरात की पारी संभाल रहे मैक्लम को निन्यानवे के स्कोर पर बोल्ड आउट कर पवेलियन भेजा। मैक्लम ने चौंतालीस गेंदों पर छह चौके और तीन छक्के लगाए। मोहित शर्मा ने CSK के खिलाफ दिल दहलाने वाले आखिरी ओवर पर किया खुलासाः "मैं सो नहीं पाया"
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2022 के अपने दूसरे मुकाबले में नीदरलैंड्स को 56 रनों से मात दी. पहले मैच में पाक को रोमांचक मैच में मात देने के बाद भारतीय टीम ने इस मैच में एक आसान और एकतरफा जीत दर्ज की. पाक के विरूद्ध बड़ा स्कोर करने में असफल रहने वाले स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने इस मैच में कमाल की पारी खेलते हुए हाफ सेंचुरी ठोकी. सूर्यकुमार ने टीम इण्डिया की जीत के बाद एक बड़ा बयान भी दिया है. इस तरह से अभ्यास के दौरान मैच के हालात पैदा करने से उन्हें मैच की तैयारी करने में सहायता मिलती है. सूर्यकुमार ने कहा, "जब मैं मैच खेलने उतरता हूं तो यही चीज करता हूं और मेरी योजना बहुत साफ होती है. मुझे कौन से शॉट खेलने हैं, मैं क्रीज पर जाता हूं और खेलता हूं. मैं कुछ भी अलग नहीं करता. इससे मुझे काफी सहायता मिल रही है और आशा है कि आनें वाले मैचों में भी यही चीज करने की प्रयास करूंगा.
भारतीय क्रिकेट टीम ने टीबीस वर्ल्ड कप दो हज़ार बाईस के अपने दूसरे मुकाबले में नीदरलैंड्स को छप्पन रनों से मात दी. पहले मैच में पाक को रोमांचक मैच में मात देने के बाद भारतीय टीम ने इस मैच में एक आसान और एकतरफा जीत दर्ज की. पाक के विरूद्ध बड़ा स्कोर करने में असफल रहने वाले स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने इस मैच में कमाल की पारी खेलते हुए हाफ सेंचुरी ठोकी. सूर्यकुमार ने टीम इण्डिया की जीत के बाद एक बड़ा बयान भी दिया है. इस तरह से अभ्यास के दौरान मैच के हालात पैदा करने से उन्हें मैच की तैयारी करने में सहायता मिलती है. सूर्यकुमार ने कहा, "जब मैं मैच खेलने उतरता हूं तो यही चीज करता हूं और मेरी योजना बहुत साफ होती है. मुझे कौन से शॉट खेलने हैं, मैं क्रीज पर जाता हूं और खेलता हूं. मैं कुछ भी अलग नहीं करता. इससे मुझे काफी सहायता मिल रही है और आशा है कि आनें वाले मैचों में भी यही चीज करने की प्रयास करूंगा.
स्टेट डेस्कः बिहार के मधुबनी जिले में एमएलसी चुनाव के बाबत मंगलवार को चार उम्मीदवारों ने नामांकन किया. इनमें एनडीए से बागी हुए पूर्व एमएलसी विनोद सिंह व पूर्व एमएलसी सुमन कुमार महासेठ और आरजेडी उम्मीदवार मेराज आलम व पूर्व विधायक गुलाब यादव की पत्नी अंबिका गुलाब यादव शामिल हैं. हालांकि, अंबिका गुलाब यादव के नामांकन की घोषणा के बाद ही पूर्व विधायक गुलाब यादव को आरजेडी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. आरजेडी उम्मीदवार मेराज आलम के नामांकन में आए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी ने मेराज आलम को टिकट दिया है. इस बार ज्यादातर जनप्रतिनिधि जो पंचायत चुनाव में चुनकर आए हैं, वे हम लोगों की विचारधारा के हैं. ऐसे में जीते हुए तमाम जनप्रतिनिधियों से अपील करता हूं कि वे अपनी कीमती वोट देकर मेराज आलम को जिताएं. ये मेराज आलम का चुनाव नहीं है, ये मेरा चुनाव है. ये उनका चुनाव है. ये चुनाव लालू यादव का है.
स्टेट डेस्कः बिहार के मधुबनी जिले में एमएलसी चुनाव के बाबत मंगलवार को चार उम्मीदवारों ने नामांकन किया. इनमें एनडीए से बागी हुए पूर्व एमएलसी विनोद सिंह व पूर्व एमएलसी सुमन कुमार महासेठ और आरजेडी उम्मीदवार मेराज आलम व पूर्व विधायक गुलाब यादव की पत्नी अंबिका गुलाब यादव शामिल हैं. हालांकि, अंबिका गुलाब यादव के नामांकन की घोषणा के बाद ही पूर्व विधायक गुलाब यादव को आरजेडी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. आरजेडी उम्मीदवार मेराज आलम के नामांकन में आए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी ने मेराज आलम को टिकट दिया है. इस बार ज्यादातर जनप्रतिनिधि जो पंचायत चुनाव में चुनकर आए हैं, वे हम लोगों की विचारधारा के हैं. ऐसे में जीते हुए तमाम जनप्रतिनिधियों से अपील करता हूं कि वे अपनी कीमती वोट देकर मेराज आलम को जिताएं. ये मेराज आलम का चुनाव नहीं है, ये मेरा चुनाव है. ये उनका चुनाव है. ये चुनाव लालू यादव का है.
यूपी विधानसभा का चुनाव सातवें चरण में पहुंच चुका है। नामांकन में अब केवल दो दिन रह गए हैं। वाराणसी में सोमवार को नामांकन के पांचवें दिन अजब गजब नजारे देखने को मिले। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष जायसवाल एम्बुलेंस से पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गले में स्टेथोस्कोप भी लटकाया हुआ था। दूसरी तरफ भारतीय महान सम्मान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रप्रकाश उर्फ राका पांडेय आकर्षण का केंद्र बने रहे। अपनी लंबी मूंछ पर ताव देते हुए उन्होंने पर्चा खरीदा। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जायसवाल सोमवार को एम्बुलेंस से नामांकन करने पहुंचे थे। डॉ. आशीष अपने गले में स्टेथोस्कोप लटकाए हुए जब एम्बुलेंस से उतरे तो लोगों की नजरें उनकी ओर मुड़ गईं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस से आने का उद्देश्य यह बताना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था इमरजेंसी हालत में है। इस चुनाव में स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा मुद्दा है। एक डॉक्टर होने के नाते मैं इस पर ज्यादा फोकस करुंगा। डॉ. आशीष बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वहां से इस्तीफा दिया। फिर चुनाव लड़ने का फैसला किया। पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने जा रहे भारतीय महान सम्मान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रप्रकाश उर्फ राका पांडेय सोमवार को कलक्ट्रेट में अपनी लंबी मूंछ के चलते आकर्षण का केन्द्र बन गए। एक फीट लंबी मूंछ रखने वाले राका पांडेय फूलपुर थानाक्षेत्र के मानी गांव के रहने वाले हैं। सोमवार को उन्होंने नामांकन पत्र खरीदा। वह 16 फरवरी को नामांकन करेंगे। उन्होंने पिछले 30 साल से मूंछ नहीं कटवाई हैं। बोले, मूंछ मर्द की शान है। यह हमारी पहचान है। वह अब तक कुल आठ बार चुनाव लड़ चुके हैं। तीन बार विधानसभा के चुनाव में खड़े हुए लेकिन कभी जमानत भी नहीं बचा सके। राका पांडेय ने कहा कि यह भोले बाबा की नगरी है, फिर भी लोग परेशान हैं। चुनाव जीतकर मैं लोगों को रोजगार दूंगा। वाराणसी की आठों सीटों से कुल 23 लोगों ने नामांकन दाखिल किया। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर बेटे अरविंद का नामांकन कराने पहुंचे तो हंगामा और नोकझोंक हुआ। वहीं, भारी हुजूम के साथ मंत्री अनिल राजभर, नीलकंठ तिवारी और रवींद्र जायसवाल ने नामांकन दाखिल किये।
यूपी विधानसभा का चुनाव सातवें चरण में पहुंच चुका है। नामांकन में अब केवल दो दिन रह गए हैं। वाराणसी में सोमवार को नामांकन के पांचवें दिन अजब गजब नजारे देखने को मिले। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष जायसवाल एम्बुलेंस से पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गले में स्टेथोस्कोप भी लटकाया हुआ था। दूसरी तरफ भारतीय महान सम्मान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रप्रकाश उर्फ राका पांडेय आकर्षण का केंद्र बने रहे। अपनी लंबी मूंछ पर ताव देते हुए उन्होंने पर्चा खरीदा। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जायसवाल सोमवार को एम्बुलेंस से नामांकन करने पहुंचे थे। डॉ. आशीष अपने गले में स्टेथोस्कोप लटकाए हुए जब एम्बुलेंस से उतरे तो लोगों की नजरें उनकी ओर मुड़ गईं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस से आने का उद्देश्य यह बताना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था इमरजेंसी हालत में है। इस चुनाव में स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा मुद्दा है। एक डॉक्टर होने के नाते मैं इस पर ज्यादा फोकस करुंगा। डॉ. आशीष बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वहां से इस्तीफा दिया। फिर चुनाव लड़ने का फैसला किया। पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने जा रहे भारतीय महान सम्मान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रप्रकाश उर्फ राका पांडेय सोमवार को कलक्ट्रेट में अपनी लंबी मूंछ के चलते आकर्षण का केन्द्र बन गए। एक फीट लंबी मूंछ रखने वाले राका पांडेय फूलपुर थानाक्षेत्र के मानी गांव के रहने वाले हैं। सोमवार को उन्होंने नामांकन पत्र खरीदा। वह सोलह फरवरी को नामांकन करेंगे। उन्होंने पिछले तीस साल से मूंछ नहीं कटवाई हैं। बोले, मूंछ मर्द की शान है। यह हमारी पहचान है। वह अब तक कुल आठ बार चुनाव लड़ चुके हैं। तीन बार विधानसभा के चुनाव में खड़े हुए लेकिन कभी जमानत भी नहीं बचा सके। राका पांडेय ने कहा कि यह भोले बाबा की नगरी है, फिर भी लोग परेशान हैं। चुनाव जीतकर मैं लोगों को रोजगार दूंगा। वाराणसी की आठों सीटों से कुल तेईस लोगों ने नामांकन दाखिल किया। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर बेटे अरविंद का नामांकन कराने पहुंचे तो हंगामा और नोकझोंक हुआ। वहीं, भारी हुजूम के साथ मंत्री अनिल राजभर, नीलकंठ तिवारी और रवींद्र जायसवाल ने नामांकन दाखिल किये।
भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत का मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है. जहां मौत से पहले के सीसीटीवी फुटेज एक-एक कर सामने आ रहे हैं वहीं इस मामले में दो आरोपी समर सिंह और उनके भाई को गिरफ्तार करने में अभी तक यूपी पुलिस को सफलता नहीं मिली है. Akanksha Dubey Case: भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत का मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है. जहां मौत से पहले के सीसीटीवी फुटेज एक-एक कर सामने आ रहे हैं वहीं इस मामले में दो आरोपी समर सिंह और उनके भाई को गिरफ्तार करने में अभी तक यूपी पुलिस को सफलता नहीं मिली है. बता दें कि आकांक्षा की मां ने समर सिंह और उसके भाई के खिलाफ आत्महत्या के लिए उसे उकसाने का आरोप लगाते हुए दोनों पर सारनाथ थाने में मामला दर्ज कराया है. लेकिन सारनाथ पुलिस इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है. बता दें कि जिस दिन आकांक्षा ने आत्महत्या की उस दिन के बारे में कहा जा रहा है कि समर सिंह गोरखपुर में किसी फिल्म की शूटिंग कर रहा था ऐसे में वह आखिर गायब कहां हो गया. इस मामले पर कार्रवाई ना होता देख आकांक्षा की मां मधु दुबे पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन के कार्यालय भी गई थी. जहां उसने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई थी लेकिन वहां से भी वह केवल वादा ही लेकर वापस आ पाई पुलिस उस वादे को निभा नहीं पाई है. हालांकि पुलिस की तरफ से समर और उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. इसके साथ ही आपको बता दें कि इस सब के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें आकांक्षा दुबे किसी दंपती के साथ एक रेस्टोरेंट में पार्टी में शामिल होती नजर आ रही हैं. बता दें कि आकांक्षा की मां की शिनाख्त पर इस युवक से भी पुलिस ने पूछताछ की है और अभी उससे आगे भी पूछताछ की जाएगी. ये भी पढ़ें- क्यों लगाई गई है नए सांसद भवन में सांसदों के लिए इतनी सारी सीटें, आखिर इस भवन की जरूरत क्यों पड़ी? बता दें कि आकांक्षा की मौत की रात से एक रात पहले का यह वीडियो बताया जा रहा है. यह सीसीटीवी फुटेज है जिसमें आकांक्षा नजर आ रही है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर आप वायरल होते देख सकते हैं. इस वीडियो नें आकांक्षा झूमती नजर आ रही हैं. वीडियो फुटेज महमूरगंज स्थित क्लब का है. आकांक्षा इसकी क्लब में दंपती के साथ पार्टी के लिए गई थीं. वहीं इस सीसीटीवी फुटेज में वह झूमती नजर आ रही हैं. इसी पार्टी के बाद अगले दिन सुबह उसका शव सारनाथ के होटल सोमेंद्र में उसके कमरे में मिला. इससे पहले उस होटल का भी सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था.
भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत का मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है. जहां मौत से पहले के सीसीटीवी फुटेज एक-एक कर सामने आ रहे हैं वहीं इस मामले में दो आरोपी समर सिंह और उनके भाई को गिरफ्तार करने में अभी तक यूपी पुलिस को सफलता नहीं मिली है. Akanksha Dubey Case: भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत का मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है. जहां मौत से पहले के सीसीटीवी फुटेज एक-एक कर सामने आ रहे हैं वहीं इस मामले में दो आरोपी समर सिंह और उनके भाई को गिरफ्तार करने में अभी तक यूपी पुलिस को सफलता नहीं मिली है. बता दें कि आकांक्षा की मां ने समर सिंह और उसके भाई के खिलाफ आत्महत्या के लिए उसे उकसाने का आरोप लगाते हुए दोनों पर सारनाथ थाने में मामला दर्ज कराया है. लेकिन सारनाथ पुलिस इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है. बता दें कि जिस दिन आकांक्षा ने आत्महत्या की उस दिन के बारे में कहा जा रहा है कि समर सिंह गोरखपुर में किसी फिल्म की शूटिंग कर रहा था ऐसे में वह आखिर गायब कहां हो गया. इस मामले पर कार्रवाई ना होता देख आकांक्षा की मां मधु दुबे पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन के कार्यालय भी गई थी. जहां उसने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई थी लेकिन वहां से भी वह केवल वादा ही लेकर वापस आ पाई पुलिस उस वादे को निभा नहीं पाई है. हालांकि पुलिस की तरफ से समर और उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. इसके साथ ही आपको बता दें कि इस सब के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें आकांक्षा दुबे किसी दंपती के साथ एक रेस्टोरेंट में पार्टी में शामिल होती नजर आ रही हैं. बता दें कि आकांक्षा की मां की शिनाख्त पर इस युवक से भी पुलिस ने पूछताछ की है और अभी उससे आगे भी पूछताछ की जाएगी. ये भी पढ़ें- क्यों लगाई गई है नए सांसद भवन में सांसदों के लिए इतनी सारी सीटें, आखिर इस भवन की जरूरत क्यों पड़ी? बता दें कि आकांक्षा की मौत की रात से एक रात पहले का यह वीडियो बताया जा रहा है. यह सीसीटीवी फुटेज है जिसमें आकांक्षा नजर आ रही है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर आप वायरल होते देख सकते हैं. इस वीडियो नें आकांक्षा झूमती नजर आ रही हैं. वीडियो फुटेज महमूरगंज स्थित क्लब का है. आकांक्षा इसकी क्लब में दंपती के साथ पार्टी के लिए गई थीं. वहीं इस सीसीटीवी फुटेज में वह झूमती नजर आ रही हैं. इसी पार्टी के बाद अगले दिन सुबह उसका शव सारनाथ के होटल सोमेंद्र में उसके कमरे में मिला. इससे पहले उस होटल का भी सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था.
निग्रन्थ-प्रवचन ( द्वितीय अध्याय) कर्म निरूपण ॥ श्रीभगवानुवाच ।। मूलः अट्ट कम्माइ वोच्छामि चापुनि जद्दकम । जेहिं नद्धो श्रय जीवो, ससारे परियत्तइ ॥ १ ॥ छाया भ्रष्टमणि चम्यामि चानुपुत्र्यां यथाक्रमम् । चैवद्धोऽय जीन ससारे परिवर्त्तते ॥ १ ॥ शवयार्थ हे इद्रभूति ! ( अट्ट) आठ कम्मद ) कम्मको ( ) अनुपूर्वी स ( जद्दकम ) मयार ( वोच्छामि ) कहता हूँ, सो सुन । क्योंकि ( जा ) व ही क्म से ( बद्धो ) बघा हुआ ( ) यह (ज) जान ( ससारे । मसार में ( परियत्सव ) परिभ्रमण करता हूँ । माराथ -हे गौतम ! जिन कर्मों को करके यह यत्मा सवार में परिभ्रमण करता है, जिनके द्वारा सार सात नहीं होता है वे षम आठ प्रकार के होते हैं। मैं उन्हें म पूर्वक और उ के स्वरूप के ग्राम कहता हूँ । मूलः नायास्सावरणिज्ज, दसयावरण तद्दा । वैयणिज्ज तदा मोद, आाउकम्म तदेव य ।।२।। नागकम्म च गाय च, राम संदेष य । पवमेयाइ कम्माई, अट्टर उ समासच ॥ ३ ॥ छाया छानस्यावरणाय, दशनावरण तथा । घेदनीय तथा मोह, आयु कम तथैव च ॥२॥ नामकम च गोत्र च, अप्तराय तथैव च । पघमेतानि माणि अष्टी तु समासतः ॥ ३ ॥ श्र वयाथ दे इद्रभूति ] ( नाणसावरखिन ) झा नावरणीय ( तह ) तथा ( दायर ) दर्शनावरणीय ( सहा ) तथा ( वैयणि ) वेदनाय ( माद ) माइनाय ( तथैव ) और (उधम्म ) आयुष्म ( च ) और ( नामम) शम कर्म (थ) और ( गो ) गोश म ( य ) और ( तदेव ) घसे ही ( कतरा ) अन्तराय कम ( एवमयाइ ) इस प्रकार ये ( कम्माई ) कम ( अ ) हो ( रामाय) सक्षप से शनी जनोंने कहे है । ( उ ) पाइपूर्ति अर्थम । भावार्थ हे गौतम ! जिसके द्वारा बुद्धि एवं ज्ञान क न्यूनता हो, अथात् ज्ञान वृद्धे में बाधा रूप जो हो उसे ज्ञानावरणाय अर्थात् ज्ञान शक्ति को दर्शनेवाला कम कहते है । पदार्थ को साक्षात्यार करन में बाधा डाले, उसे दशनावरणग्य कर्म कहा गया है । सम्यत्व और चारित को षो विगाड़े, उसे माइनीय कम कहते हैं। जाम राम जो सहाय्यभूत हो वह आयुकर्म माना गया है। जो शरीर सादि के निर्माण का कारण हो यह नाम कम है। जीव को जो लोकप्रतिष्ठित या लोकनिंद्य कुलों में उत्म करने का कारण हो वह गोन कर्म कराता है। जीन की अनत शक्ति प्रकट हाने में लो बाध रूप हो वह अत्तराय कम कलाता है। इस प्रहार ये साठों ही इस जीन को चौराग्री के नार में डाल रहे है । मूलः- नाणावरण पचव सुयश्रमिणिवेदिय । थोहिनाय च सहय, मखनाण च केवल ।।४।। छाया ज्ञानावरण पञ्चविध, श्रुतमामिनि रोधिम् । ज्ञानतृतीय, मनोशान च केवलम्॥४॥ अन्वयार्थ हे इ द्रभूति 1 ( नाणावरण) शनावरणीय कर्म ( पचविद ) पाच प्रकार का है । ( वय ) थुनज्ञानावर सोय (आमिशिवोद्दिय) मतिज्ञानावरणीय ( तइय ) तीसरा ( श्रोद्दिनःण ) अवधिज्ञानावरतीय (च) और (मणुनाए ) मन पथव शनावरणीय (च) और (केवल ) केवल ज्ञानावरणीय भावाथ हे गौतम । अब ज्ञानावरणीय कम के पांच भेद कहते हैं । सो पुनो । (१) श्रुतानारणीय कम जिस के द्वारा श्रवण शक्ति यादि में न्यूनता हो । ( ३ ) मति
निग्रन्थ-प्रवचन कर्म निरूपण ॥ श्रीभगवानुवाच ।। मूलः अट्ट कम्माइ वोच्छामि चापुनि जद्दकम । जेहिं नद्धो श्रय जीवो, ससारे परियत्तइ ॥ एक ॥ छाया भ्रष्टमणि चम्यामि चानुपुत्र्यां यथाक्रमम् । चैवद्धोऽय जीन ससारे परिवर्त्तते ॥ एक ॥ शवयार्थ हे इद्रभूति ! आठ कम्मद ) कम्मको अनुपूर्वी स मयार कहता हूँ, सो सुन । क्योंकि व ही क्म से बघा हुआ यह जान परिभ्रमण करता हूँ । माराथ -हे गौतम ! जिन कर्मों को करके यह यत्मा सवार में परिभ्रमण करता है, जिनके द्वारा सार सात नहीं होता है वे षम आठ प्रकार के होते हैं। मैं उन्हें म पूर्वक और उ के स्वरूप के ग्राम कहता हूँ । मूलः नायास्सावरणिज्ज, दसयावरण तद्दा । वैयणिज्ज तदा मोद, आाउकम्म तदेव य ।।दो।। नागकम्म च गाय च, राम संदेष य । पवमेयाइ कम्माई, अट्टर उ समासच ॥ तीन ॥ छाया छानस्यावरणाय, दशनावरण तथा । घेदनीय तथा मोह, आयु कम तथैव च ॥दो॥ नामकम च गोत्र च, अप्तराय तथैव च । पघमेतानि माणि अष्टी तु समासतः ॥ तीन ॥ श्र वयाथ दे इद्रभूति ] झा नावरणीय तथा दर्शनावरणीय तथा वेदनाय माइनाय और आयुष्म और शम कर्म और गोश म और घसे ही अन्तराय कम इस प्रकार ये कम हो सक्षप से शनी जनोंने कहे है । पाइपूर्ति अर्थम । भावार्थ हे गौतम ! जिसके द्वारा बुद्धि एवं ज्ञान क न्यूनता हो, अथात् ज्ञान वृद्धे में बाधा रूप जो हो उसे ज्ञानावरणाय अर्थात् ज्ञान शक्ति को दर्शनेवाला कम कहते है । पदार्थ को साक्षात्यार करन में बाधा डाले, उसे दशनावरणग्य कर्म कहा गया है । सम्यत्व और चारित को षो विगाड़े, उसे माइनीय कम कहते हैं। जाम राम जो सहाय्यभूत हो वह आयुकर्म माना गया है। जो शरीर सादि के निर्माण का कारण हो यह नाम कम है। जीव को जो लोकप्रतिष्ठित या लोकनिंद्य कुलों में उत्म करने का कारण हो वह गोन कर्म कराता है। जीन की अनत शक्ति प्रकट हाने में लो बाध रूप हो वह अत्तराय कम कलाता है। इस प्रहार ये साठों ही इस जीन को चौराग्री के नार में डाल रहे है । मूलः- नाणावरण पचव सुयश्रमिणिवेदिय । थोहिनाय च सहय, मखनाण च केवल ।।चार।। छाया ज्ञानावरण पञ्चविध, श्रुतमामिनि रोधिम् । ज्ञानतृतीय, मनोशान च केवलम्॥चार॥ अन्वयार्थ हे इ द्रभूति एक शनावरणीय कर्म पाच प्रकार का है । थुनज्ञानावर सोय मतिज्ञानावरणीय तीसरा अवधिज्ञानावरतीय और मन पथव शनावरणीय और केवल ज्ञानावरणीय भावाथ हे गौतम । अब ज्ञानावरणीय कम के पांच भेद कहते हैं । सो पुनो । श्रुतानारणीय कम जिस के द्वारा श्रवण शक्ति यादि में न्यूनता हो । मति
सोशल मीडिया पर NSA अजीत डोभाल के नाम से एक चिट्ठी वायरल की जा रही है। जिसमें वो कुंभ मेले के सफलतापूर्वक आयोजन पर तारीफ कर रहे हैं। लेकिन अधिकारियों ने इस वायरल हुई चिट्ठी को फेक बताया है। दरअसल वायरल हो रही चिट्ठी में अजीत डोभाल ने कुंभ मेले के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए उत्तराखंड सरकार और अधिकारियों की प्रशंसा की है। जिसपर अधिकारियों ने कहा कि ये लेटर फेक है, और NSA ने इस तरह की कोई चिट्ठी नहीं लिखी। फेक चिट्ठी में क्या लिखा ? वायरल हो रही चिट्ठी में लिखा है कि सभी एजेंसियों और सरकारी विभागों के साझा प्रयास से कुंभ मेले का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ, और इसने राज्य में धार्मिक माहौल को बढ़ाया है। मुझे भरोसा है कि आपके प्रयास से धार्मिक मौहाल सुनिश्चित होगा और भविष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा को फैलाने का मौका मिलेगी। बता दें कि कोरोना के कारण एक महीने की अवधि के लिए सीमित कर दिए गए महाकुंभ के तीन शाही स्नान हो चुके हैं। जबकि 27 तारीख को रामनवमी के अवसर पर आखिरी शाही स्नान है। और आधिकारिक रूप से 30 अप्रैल को कुंभ मेला समाप्त किया जाएगा। क्योंकि कुंभ में हरिद्वार पहुंचे कई साधु और श्रद्धालु कोरोना संक्रमित हुए हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच पीएम मोदी ने जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर से अपील की थी कि कुंभ को कोरोना संकट के कारण अब प्रतीकात्मक रखा जाए। जिसके बाद जूना अखाड़े ने कुंभ से अपनी भागीदारी समाप्त करने की घोषणा की थी। याद हो कि पीएम ने ट्वीट कर लिखा था कि प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।
सोशल मीडिया पर NSA अजीत डोभाल के नाम से एक चिट्ठी वायरल की जा रही है। जिसमें वो कुंभ मेले के सफलतापूर्वक आयोजन पर तारीफ कर रहे हैं। लेकिन अधिकारियों ने इस वायरल हुई चिट्ठी को फेक बताया है। दरअसल वायरल हो रही चिट्ठी में अजीत डोभाल ने कुंभ मेले के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए उत्तराखंड सरकार और अधिकारियों की प्रशंसा की है। जिसपर अधिकारियों ने कहा कि ये लेटर फेक है, और NSA ने इस तरह की कोई चिट्ठी नहीं लिखी। फेक चिट्ठी में क्या लिखा ? वायरल हो रही चिट्ठी में लिखा है कि सभी एजेंसियों और सरकारी विभागों के साझा प्रयास से कुंभ मेले का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ, और इसने राज्य में धार्मिक माहौल को बढ़ाया है। मुझे भरोसा है कि आपके प्रयास से धार्मिक मौहाल सुनिश्चित होगा और भविष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा को फैलाने का मौका मिलेगी। बता दें कि कोरोना के कारण एक महीने की अवधि के लिए सीमित कर दिए गए महाकुंभ के तीन शाही स्नान हो चुके हैं। जबकि सत्ताईस तारीख को रामनवमी के अवसर पर आखिरी शाही स्नान है। और आधिकारिक रूप से तीस अप्रैल को कुंभ मेला समाप्त किया जाएगा। क्योंकि कुंभ में हरिद्वार पहुंचे कई साधु और श्रद्धालु कोरोना संक्रमित हुए हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच पीएम मोदी ने जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर से अपील की थी कि कुंभ को कोरोना संकट के कारण अब प्रतीकात्मक रखा जाए। जिसके बाद जूना अखाड़े ने कुंभ से अपनी भागीदारी समाप्त करने की घोषणा की थी। याद हो कि पीएम ने ट्वीट कर लिखा था कि प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।
ड्रग्स मामले में फंसे शिरोमणि अकाली दल के महासचिव व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की नियमित जमानत जिला अदालत ने खारिज कर दी। शुक्रवार को मोहाली की जिला अदालत में बचाव पक्ष और सरकारी पक्ष की ओर से मजीठिया की नियमित जमानत को लेकर करीब तीन घंटे तक बहस चली। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि ये मामला राजनीति से प्रेरित है, पूरे मामले में मजीठिया को जानबूझ कर फंसाया जा रहा है। मजीठिया से एसआईटी पूछताछ करना चाहती थी इसके लिए कोर्ट की ओर से डेढ़ घंटे के लिए पूछताछ का समय भी दिया गया था। एसआईटी ने पूछताछ की और इस केस में कुछ नहीं निकला। इसलिए मजीठिया को मामले में नियमित जमानत मिलनी चाहिए। वहीं अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि धारा 37 यह कहती है कि जिस आरोपित को धारा 27 ए एनडीपीएस एक्ट में नामजद किया गया है, उसे जांच के दौरान छोड़ा नहीं जा सकता। अदालत ने अपने निर्देशों में यह बताया कि बिक्रम सिंह मजीठिया एक पावरफुल लीडर है। अगर जमानत पर रिहा कर दिया जाता है तो यह जांच को प्रभावित कर सकता है। मजीठिया के वकील की ओर से बहस दौरान जो तर्क दिए गए हैं उनको केस के ट्रॉयल दौरान देखा जाएगा। ध्यान रहे कि मजीठिया को 6000 करोड़ के ड्रग्स मामले में आठ मार्च तक के लिए जेल भेज दिया गया है। ध्यान रहे कि मजीठिया के खिलाफ बीती 20 दिसंबर को ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने मोहाली स्टेट क्राइम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था।
ड्रग्स मामले में फंसे शिरोमणि अकाली दल के महासचिव व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की नियमित जमानत जिला अदालत ने खारिज कर दी। शुक्रवार को मोहाली की जिला अदालत में बचाव पक्ष और सरकारी पक्ष की ओर से मजीठिया की नियमित जमानत को लेकर करीब तीन घंटे तक बहस चली। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि ये मामला राजनीति से प्रेरित है, पूरे मामले में मजीठिया को जानबूझ कर फंसाया जा रहा है। मजीठिया से एसआईटी पूछताछ करना चाहती थी इसके लिए कोर्ट की ओर से डेढ़ घंटे के लिए पूछताछ का समय भी दिया गया था। एसआईटी ने पूछताछ की और इस केस में कुछ नहीं निकला। इसलिए मजीठिया को मामले में नियमित जमानत मिलनी चाहिए। वहीं अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि धारा सैंतीस यह कहती है कि जिस आरोपित को धारा सत्ताईस ए एनडीपीएस एक्ट में नामजद किया गया है, उसे जांच के दौरान छोड़ा नहीं जा सकता। अदालत ने अपने निर्देशों में यह बताया कि बिक्रम सिंह मजीठिया एक पावरफुल लीडर है। अगर जमानत पर रिहा कर दिया जाता है तो यह जांच को प्रभावित कर सकता है। मजीठिया के वकील की ओर से बहस दौरान जो तर्क दिए गए हैं उनको केस के ट्रॉयल दौरान देखा जाएगा। ध्यान रहे कि मजीठिया को छः हज़ार करोड़ के ड्रग्स मामले में आठ मार्च तक के लिए जेल भेज दिया गया है। ध्यान रहे कि मजीठिया के खिलाफ बीती बीस दिसंबर को ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने मोहाली स्टेट क्राइम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था।
व अभिनन्दन-प्रन्थ "काहे को होत अघीरा रे"जब वर्णी जी उक्त प्रकारसे समाजका सम्मान और पूजा तथा मातुश्री बाईजीके मातृस्नेहका अविरोधेन रस ले रहे थे उसी समय बाईजीका एकाएक स्वास्थ्य बिगड़ा । विवेकी वर्णीजीकी आखोंके धागे प्राथमिलनसे तब तककी घटनाएं धूम गयीं। और कल्पना श्रायी प्रकृत्या विवेकी, बुद्धिमान, दयालु तथा व्यवस्था प्रेमी बाईजी शायद अब और मेरे ऊपर अपनी स्नेह छाया नहीं रख सकेंगी। उनका सरल हृदय भर आया और आंखें इलहला आर्थी, विवेक जागा, 'माता ? तुमने क्या नहीं दिया और किया १ अपने उत्थानका उपादान तो मुझे ही बनना है। आपके अनन्त फलदायक निमित्त को न भूल सकूगा तथापि प्रारब्धको टालना भी संभव नहीं। फलतः अनन्त मातृ-वियोगके लिए अपनेको प्रस्तुत किया । बाईजीने सर्वस्व त्याग कर समाश्रिमरण पूर्वक अपनी इहलीला समाप्त की । विवेकी लोकगुरु वणोंजी भी रो दिये और अन्तरंग में अनन्तवियोग दुःख छिपाये सागरसे अपने परम प्रिय तीर्थक्षेत्र द्रोणगिरिकी ओर चल दिये। पर कहां है शान्ति ? मोटरकी अगली सीटके लिए कहा सुनी क्या हुई; राज मवारीका ही त्याग कर दिया। सागर वापस आये तो बाईजीकी "भैया भोजन कर लो" आवाज फिर फानों में आने सी लगी । सोचा मोहनीय अपना प्रताप दिखा रहा है। फिर क्या है अपने मनको दृढ़ किया और अबकी बार पैदल निकल पड़े वास्तविक विरक्तिकी खोजमें। फिर क्या था गांव, गांवने बाइजीके लाइलेसे ज्योति पायी। यदि सवारी न त्यागते वैसेवाले भक्त लोग आत्म सुधारके बहाने उन्हें वायुयान पर लिये फिरते, पर न रहा बांस, न रही बांसुरी । वजी झोपड़ी झोपड़ी में शान्तिका सन्देश देते फिरने लगे और पहुंचे हजारों मील चलकर गिरिराज सम्मेदशिखर के अंचल में शायद पूजनीया बाईजी जो जीवित रहके न कर सकती वह उनके मरणने संभव कर दिया। यद्यपि वर्णोजीको यह कहते सुना है "मुझे कुछ स्वदेशका ( स्वजनपद ) अभिमान जग्रत हो गया और वहां के लोगों के उत्थान करनेकी भावना उठ खड़ी हुई। लोगोंके कहने में आकर फिर से सागर जाने का निश्चय कर लिया। इस पर्याय में हमसे यह महती भूल हुई जिसका प्रायश्चित फिर शिखरजी जानेके सिवाय अन्य कुछ नहीं, चक्रमें आ गया।" तथापि आज वर्णांजी न व्यक्तिसे बंधे है न प्रान्त या समाजसे, उनका विवेक और विरक्तिका उपदेश जलवायुके समान सर्वसाधारणके हिताय है। तुम्हारा ही वह पौरुष धन्य ! श्री हुकमचन्द्र बुखारिया, 'तन्य' म सम्प्रति युगके हे एक श्रेष्ठतम पुरुष वृद्ध ! मुट्ठी भर दुर्बल हाड़ोंके हे स्तूप !! जियो तुम श्रविन्चल जब तक दूर क्षितिज पर तम दिवाकर, शीतल शशि, नक्षत्र अनेकानेक - प्रकाशित है जगमग-जगमग ! माना- भले मुख्यात या कि बदनाम, स्वार्थमय या कि परम निष्काम, विकृत प्रति या कि पूर्ण अभिराम ! सहन गम्भीर वही इतिहास अब तक इतिहास बहन करता आया है भारअनेको का - लघु या कि महान - किन्तु अब शनैः शनै भयभीत हुआ जाता यह सोच-विचारकि निकटागत में तुम जब प्राप्त इसे होओ गे ही अनिवार्य, संभालेगा तब कैसे भार तुम्हारा वह ९ है गहन महान् ! अनेकों शिशु भोले सुकुमार, प्रशिक्षित बने भूमिके भार, -
व अभिनन्दन-प्रन्थ "काहे को होत अघीरा रे"जब वर्णी जी उक्त प्रकारसे समाजका सम्मान और पूजा तथा मातुश्री बाईजीके मातृस्नेहका अविरोधेन रस ले रहे थे उसी समय बाईजीका एकाएक स्वास्थ्य बिगड़ा । विवेकी वर्णीजीकी आखोंके धागे प्राथमिलनसे तब तककी घटनाएं धूम गयीं। और कल्पना श्रायी प्रकृत्या विवेकी, बुद्धिमान, दयालु तथा व्यवस्था प्रेमी बाईजी शायद अब और मेरे ऊपर अपनी स्नेह छाया नहीं रख सकेंगी। उनका सरल हृदय भर आया और आंखें इलहला आर्थी, विवेक जागा, 'माता ? तुमने क्या नहीं दिया और किया एक अपने उत्थानका उपादान तो मुझे ही बनना है। आपके अनन्त फलदायक निमित्त को न भूल सकूगा तथापि प्रारब्धको टालना भी संभव नहीं। फलतः अनन्त मातृ-वियोगके लिए अपनेको प्रस्तुत किया । बाईजीने सर्वस्व त्याग कर समाश्रिमरण पूर्वक अपनी इहलीला समाप्त की । विवेकी लोकगुरु वणोंजी भी रो दिये और अन्तरंग में अनन्तवियोग दुःख छिपाये सागरसे अपने परम प्रिय तीर्थक्षेत्र द्रोणगिरिकी ओर चल दिये। पर कहां है शान्ति ? मोटरकी अगली सीटके लिए कहा सुनी क्या हुई; राज मवारीका ही त्याग कर दिया। सागर वापस आये तो बाईजीकी "भैया भोजन कर लो" आवाज फिर फानों में आने सी लगी । सोचा मोहनीय अपना प्रताप दिखा रहा है। फिर क्या है अपने मनको दृढ़ किया और अबकी बार पैदल निकल पड़े वास्तविक विरक्तिकी खोजमें। फिर क्या था गांव, गांवने बाइजीके लाइलेसे ज्योति पायी। यदि सवारी न त्यागते वैसेवाले भक्त लोग आत्म सुधारके बहाने उन्हें वायुयान पर लिये फिरते, पर न रहा बांस, न रही बांसुरी । वजी झोपड़ी झोपड़ी में शान्तिका सन्देश देते फिरने लगे और पहुंचे हजारों मील चलकर गिरिराज सम्मेदशिखर के अंचल में शायद पूजनीया बाईजी जो जीवित रहके न कर सकती वह उनके मरणने संभव कर दिया। यद्यपि वर्णोजीको यह कहते सुना है "मुझे कुछ स्वदेशका अभिमान जग्रत हो गया और वहां के लोगों के उत्थान करनेकी भावना उठ खड़ी हुई। लोगोंके कहने में आकर फिर से सागर जाने का निश्चय कर लिया। इस पर्याय में हमसे यह महती भूल हुई जिसका प्रायश्चित फिर शिखरजी जानेके सिवाय अन्य कुछ नहीं, चक्रमें आ गया।" तथापि आज वर्णांजी न व्यक्तिसे बंधे है न प्रान्त या समाजसे, उनका विवेक और विरक्तिका उपदेश जलवायुके समान सर्वसाधारणके हिताय है। तुम्हारा ही वह पौरुष धन्य ! श्री हुकमचन्द्र बुखारिया, 'तन्य' म सम्प्रति युगके हे एक श्रेष्ठतम पुरुष वृद्ध ! मुट्ठी भर दुर्बल हाड़ोंके हे स्तूप !! जियो तुम श्रविन्चल जब तक दूर क्षितिज पर तम दिवाकर, शीतल शशि, नक्षत्र अनेकानेक - प्रकाशित है जगमग-जगमग ! माना- भले मुख्यात या कि बदनाम, स्वार्थमय या कि परम निष्काम, विकृत प्रति या कि पूर्ण अभिराम ! सहन गम्भीर वही इतिहास अब तक इतिहास बहन करता आया है भारअनेको का - लघु या कि महान - किन्तु अब शनैः शनै भयभीत हुआ जाता यह सोच-विचारकि निकटागत में तुम जब प्राप्त इसे होओ गे ही अनिवार्य, संभालेगा तब कैसे भार तुम्हारा वह नौ है गहन महान् ! अनेकों शिशु भोले सुकुमार, प्रशिक्षित बने भूमिके भार, -
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों (US Presidential Elections 2020) में हार के बावजूद व्हाइट हाउस डोनाल्ड ट्रंप के लिए दूसरे कार्यकाल की योजना बना रहा है. इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने दी है. नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों (US Presidential Elections 2020) में हार के बावजूद व्हाइट हाउस डोनाल्ड ट्रंप के लिए दूसरे कार्यकाल की योजना बना रहा है. इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने दी है. डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क से बातचीत में कहा, 'हम व्हाइट हाउस में इस धारणा के तहत आगे बढ़ रहे हैं कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल होगा.' इस संबंध में अमेरिकी मीडिया ने घोषणा की है कि डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनावों के एक सप्ताह बाद भी अभी तक ये नहीं स्वीकार किया है कि उनके डेमोक्रेटिक चैलेंजर जो बाइडेन ने उन्हें 3 नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में हरा दिया है. फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाइट हाउस में बाइडेन के स्वागत की जगह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की तैयारियां हो रही हैं. बता दें कि बाइडेन को 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने जब से चुनाव नतीजों को कानूनी चुनौती दी है, तब से कई बार सार्वजनिक तौर पर सामने आ चुके हैं लेकिन उन्होंने अभी तक चुनावी धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं दिए हैं. पीटर नवारो ने ट्रंप समर्थकों के बिना सबूत वाले आरोपों को दोहराते हुए कहा, 'हम चाहते हैं कि मतपत्रों का सत्यापन हो, प्रमाणित मतमत्रों की जांच हो क्योंकि गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित धोखाधड़ी के आरोपों की संख्या बढ़ती जा रही है.' नवारो ने 'बेईमान धोखे' (immaculate deception) का जिक्र करते हुए कहा कि जो बाइडेन व्यापार नीति पर या चीन के संबंध में क्या कर सकते हैं, इस बारे में कई अटकलें लगाई जा रही हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इस बिंदु पर विचार करना लाजिमी है. बता दें कि फेडरल और स्टेट यूएस चुनाव अधिकारियों ने गुरुवार को चुनावों में किसी भी तरह की धोखधाड़ी से इनकार किया था और कहा था कि मत चोरी या धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं है, दुनियाभर के करीब सभी नेता बाइडेन को जीत की बधाई दे चुके हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में हार के बावजूद व्हाइट हाउस डोनाल्ड ट्रंप के लिए दूसरे कार्यकाल की योजना बना रहा है. इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने दी है. नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में हार के बावजूद व्हाइट हाउस डोनाल्ड ट्रंप के लिए दूसरे कार्यकाल की योजना बना रहा है. इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने दी है. डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क से बातचीत में कहा, 'हम व्हाइट हाउस में इस धारणा के तहत आगे बढ़ रहे हैं कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल होगा.' इस संबंध में अमेरिकी मीडिया ने घोषणा की है कि डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनावों के एक सप्ताह बाद भी अभी तक ये नहीं स्वीकार किया है कि उनके डेमोक्रेटिक चैलेंजर जो बाइडेन ने उन्हें तीन नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में हरा दिया है. फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाइट हाउस में बाइडेन के स्वागत की जगह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की तैयारियां हो रही हैं. बता दें कि बाइडेन को बीस जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने जब से चुनाव नतीजों को कानूनी चुनौती दी है, तब से कई बार सार्वजनिक तौर पर सामने आ चुके हैं लेकिन उन्होंने अभी तक चुनावी धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं दिए हैं. पीटर नवारो ने ट्रंप समर्थकों के बिना सबूत वाले आरोपों को दोहराते हुए कहा, 'हम चाहते हैं कि मतपत्रों का सत्यापन हो, प्रमाणित मतमत्रों की जांच हो क्योंकि गवाहों द्वारा हस्ताक्षरित धोखाधड़ी के आरोपों की संख्या बढ़ती जा रही है.' नवारो ने 'बेईमान धोखे' का जिक्र करते हुए कहा कि जो बाइडेन व्यापार नीति पर या चीन के संबंध में क्या कर सकते हैं, इस बारे में कई अटकलें लगाई जा रही हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इस बिंदु पर विचार करना लाजिमी है. बता दें कि फेडरल और स्टेट यूएस चुनाव अधिकारियों ने गुरुवार को चुनावों में किसी भी तरह की धोखधाड़ी से इनकार किया था और कहा था कि मत चोरी या धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं है, दुनियाभर के करीब सभी नेता बाइडेन को जीत की बधाई दे चुके हैं.
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। डेमी गइनस कूचर (जन्म 11 नवम्बर 1962), पेशेवर तौर पर डेमी मूर नाम से ज्ञात, एक अमेरिकी अभिनेत्री है। फ़िल्मों में लघु भूमिकाएं और टी.वी. मिसरी (ईजिप्ट) मुस्लिमान नमाज़ पढ रहे हैं, एक तस्वीर। मुसलमान (अरबीः مسلم، مسلمة फ़ारसीः مسلمان،, अंग्रेजीः Muslim) का मतलब वह व्यक्ति है जो इस्लाम में विश्वास रखता हो। हालाँकि मुसलमानों के आस्था के अनुसार इस्लाम ईश्वर का धर्म है और धर्म हज़रत मुहम्मद से पहले मौजूद था और जो लोग अल्लाह के धर्म का पालन करते रहे वह मुसलमान हैं। जैसे कुरान के अनुसार हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम भी मुसलमान थे। मगर आजकल मुसलमान का मतलब उसे लिया जाता है जो हज़रत मुहम्मद लाए हुए दीन का पालन करता हो और विश्वास रखता हो। मध्यकालीन मुस्लिम इतिहासकारों ने भारत को हिन्द अथवा हिन्दुस्तान कहा है । . डेमी मूर और मुसलमान आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। डेमी मूर 22 संबंध है और मुसलमान 9 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (22 + 9)। यह लेख डेमी मूर और मुसलमान के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। डेमी गइनस कूचर , पेशेवर तौर पर डेमी मूर नाम से ज्ञात, एक अमेरिकी अभिनेत्री है। फ़िल्मों में लघु भूमिकाएं और टी.वी. मिसरी मुस्लिमान नमाज़ पढ रहे हैं, एक तस्वीर। मुसलमान का मतलब वह व्यक्ति है जो इस्लाम में विश्वास रखता हो। हालाँकि मुसलमानों के आस्था के अनुसार इस्लाम ईश्वर का धर्म है और धर्म हज़रत मुहम्मद से पहले मौजूद था और जो लोग अल्लाह के धर्म का पालन करते रहे वह मुसलमान हैं। जैसे कुरान के अनुसार हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम भी मुसलमान थे। मगर आजकल मुसलमान का मतलब उसे लिया जाता है जो हज़रत मुहम्मद लाए हुए दीन का पालन करता हो और विश्वास रखता हो। मध्यकालीन मुस्लिम इतिहासकारों ने भारत को हिन्द अथवा हिन्दुस्तान कहा है । . डेमी मूर और मुसलमान आम में शून्य बातें हैं । डेमी मूर बाईस संबंध है और मुसलमान नौ है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख डेमी मूर और मुसलमान के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
पिछले काफी दिनों से देश के दूसरे राज्यों समेत दिल्ली (Delhi Weather Update) भी भीषण गर्मी से जूझ रहा है. गर्मी के बीच बारिश और तेज हवाएं सुकून देने वाली हैं. उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी (Weather Update) के बीच दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में आज मौसम सुहाना हो गया है. दिल्ली और इससे सटे आसपास के इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है. दिल्ली में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है. आज सुबह दिल्ली के कई इलाकों (Delhi Rain) में बारिश के साथ ओले भी पड़े थे. अब एक बार फिर से बारिश शुरू हो गई है. दिल्ली से सटे नोएडा में भी गरज के साथ छीटे पड़ रहे हैं. दिल्ली के साथ ही हरियाणा में भी बारिश से मौसम सुहाना हो गया. त्वचा झुलसा देने वाली गर्मी के बीच तेज हवाओं से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है. लोग घरों से बाहर निकलकर मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं. उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश की खबर सामने आई है. पिछले काफी दिनों से देश के दूसरे राज्यों समेत दिल्ली भी भीषण गर्मी से जूझ रहा है. गर्मी के बीच बारिश और तेज हवाएं सुकून देने वाली हैं. दिल्ली-NCR में बारिश आंधी-तूफान की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. राजधानी दिल्ली पिछले कई दिनों से हीटवेव की मार झेल रहा है. बारिश और हवा दिल्लीवालों के लिए राहत की खबर लेकर आई है. तेज हवाओं के साथ कई जगहों पर बूंदाबांदी हो रही है. उत्तर भारत के कई इलाकों में आज सुबह से ही बारिश शुरू हो गई है.चंडीगढ़ समेत कई जगहों पर सुबर से ही बूंदाबांदी हो रही है. साथ ही तेज हवाओं से मौसम काफी सुहावना हो गया है. सुबह हुई बारिश के बाद चंडीगढ़ का तापमान सामान्य से करीब 8-10 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली में धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई थी. साथ ही हल्की बारिश की भी भविष्यवाणी की गई थी. दिल्ली से सटे दूसरी जगहों में भी गरज के साथ बारिश हो रही है. दिल्ली में तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंच गया था. भीषण गर्मी से लोगों का बुरा हाल था. तेज धूप के साथ ही गर्म हवाओं से लोगों का हाल बेहाल था. आज हुई बारिश के बाद गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है.
पिछले काफी दिनों से देश के दूसरे राज्यों समेत दिल्ली भी भीषण गर्मी से जूझ रहा है. गर्मी के बीच बारिश और तेज हवाएं सुकून देने वाली हैं. उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच दिल्ली-एनसीआर में आज मौसम सुहाना हो गया है. दिल्ली और इससे सटे आसपास के इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है. दिल्ली में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है. आज सुबह दिल्ली के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले भी पड़े थे. अब एक बार फिर से बारिश शुरू हो गई है. दिल्ली से सटे नोएडा में भी गरज के साथ छीटे पड़ रहे हैं. दिल्ली के साथ ही हरियाणा में भी बारिश से मौसम सुहाना हो गया. त्वचा झुलसा देने वाली गर्मी के बीच तेज हवाओं से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है. लोग घरों से बाहर निकलकर मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं. उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश की खबर सामने आई है. पिछले काफी दिनों से देश के दूसरे राज्यों समेत दिल्ली भी भीषण गर्मी से जूझ रहा है. गर्मी के बीच बारिश और तेज हवाएं सुकून देने वाली हैं. दिल्ली-NCR में बारिश आंधी-तूफान की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. राजधानी दिल्ली पिछले कई दिनों से हीटवेव की मार झेल रहा है. बारिश और हवा दिल्लीवालों के लिए राहत की खबर लेकर आई है. तेज हवाओं के साथ कई जगहों पर बूंदाबांदी हो रही है. उत्तर भारत के कई इलाकों में आज सुबह से ही बारिश शुरू हो गई है.चंडीगढ़ समेत कई जगहों पर सुबर से ही बूंदाबांदी हो रही है. साथ ही तेज हवाओं से मौसम काफी सुहावना हो गया है. सुबह हुई बारिश के बाद चंडीगढ़ का तापमान सामान्य से करीब आठ-दस डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली में धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई थी. साथ ही हल्की बारिश की भी भविष्यवाणी की गई थी. दिल्ली से सटे दूसरी जगहों में भी गरज के साथ बारिश हो रही है. दिल्ली में तापमान छियालीस डिग्री के करीब पहुंच गया था. भीषण गर्मी से लोगों का बुरा हाल था. तेज धूप के साथ ही गर्म हवाओं से लोगों का हाल बेहाल था. आज हुई बारिश के बाद गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है.
दलीप शर्मा महेन्दगढ़। बीती देर सायं क्षेत्र में घटी दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार व्यक्तियों की मौत हो गई । पुलिस ने अपनी कार्रवाई के उपरान्त महेन्दगढ़ के सिविल अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिये। पाप्त जानकारी के अनुसार महेन्दगढ़-दादरी सड़क मार्ग पर स्थित गांव पालड़ी पनिहार के निकट एक सड़क दुर्घटना में जहां तीन लोगों की मौत हो गई वहीं गांव जासावास के पास आल्टो कार की टक्कर से एक आदमी ने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि पालड़ी पनिहार के निकट बजरी से भरा एक ट्रक खराब हालत में खड़ा हुआ था। खराब ट्रक को ठीक करने के लिये उसके नीचे मिस्त्रियों की एक टीम काम कर रही थी। इसी दौरान महेन्दगढ़ की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले ने उस खराब खड़े ट्रक में टक्कर मार दी जिससे ट्रक के नीचे काम कर रहे तीन लोगों की दब कर मौत हो गई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खराब ट्रक लगभग 8-10 कदम दूर तक घिसता चला गया। अचानक हुये इस हादसे में जहां इस उपमण्डल के गांव खुडाना वासी पहलाद पुत्र शम्भू दयाल की मौके पर ही मौत हो गई वहीं शहर के मोहल्ला बांस निवासी लोकेश पुत्र शिवचरण मिस्त्राr (20) तथा रोहताश पुत्र सूरजभान (35) निवासी दिलपुरा राजस्थान ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
दलीप शर्मा महेन्दगढ़। बीती देर सायं क्षेत्र में घटी दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार व्यक्तियों की मौत हो गई । पुलिस ने अपनी कार्रवाई के उपरान्त महेन्दगढ़ के सिविल अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिये। पाप्त जानकारी के अनुसार महेन्दगढ़-दादरी सड़क मार्ग पर स्थित गांव पालड़ी पनिहार के निकट एक सड़क दुर्घटना में जहां तीन लोगों की मौत हो गई वहीं गांव जासावास के पास आल्टो कार की टक्कर से एक आदमी ने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि पालड़ी पनिहार के निकट बजरी से भरा एक ट्रक खराब हालत में खड़ा हुआ था। खराब ट्रक को ठीक करने के लिये उसके नीचे मिस्त्रियों की एक टीम काम कर रही थी। इसी दौरान महेन्दगढ़ की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले ने उस खराब खड़े ट्रक में टक्कर मार दी जिससे ट्रक के नीचे काम कर रहे तीन लोगों की दब कर मौत हो गई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खराब ट्रक लगभग आठ-दस कदम दूर तक घिसता चला गया। अचानक हुये इस हादसे में जहां इस उपमण्डल के गांव खुडाना वासी पहलाद पुत्र शम्भू दयाल की मौके पर ही मौत हो गई वहीं शहर के मोहल्ला बांस निवासी लोकेश पुत्र शिवचरण मिस्त्राr तथा रोहताश पुत्र सूरजभान निवासी दिलपुरा राजस्थान ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ 9 अप्रैल को खेले जाने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2021 के ओपनिंग मैच से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के फैंस के लिए बुरी खबर आएगी। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एडम जाम्पा इस मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। जाम्पा शादी के बंधन में बंधने वाले है, इस कारण वह आरसीबी के लिए पहला मैच नहीं खेल पाएंगे। आरसीबी के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट माइक हेसन ने इस बात की जानकारी दी।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ नौ अप्रैल को खेले जाने वाले इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार इक्कीस के ओपनिंग मैच से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के फैंस के लिए बुरी खबर आएगी। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एडम जाम्पा इस मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। जाम्पा शादी के बंधन में बंधने वाले है, इस कारण वह आरसीबी के लिए पहला मैच नहीं खेल पाएंगे। आरसीबी के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट माइक हेसन ने इस बात की जानकारी दी।
कौन बनेगा सांसद ? कौन बनेगा सांसद ? बिहार में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर पार्टियों के बंटे विचार, जानिए किसने क्या कहा ? बेगूसराय से कौन बनेगा सांसद ? ध्यान देंः वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी सामग्री से संपादक मंडल का सहमत होना आवश्यक नहीं है. अपने विचारों के लिए लेखक/रचनाकार स्वयं उत्तरदायी है. Contact us:
कौन बनेगा सांसद ? कौन बनेगा सांसद ? बिहार में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर पार्टियों के बंटे विचार, जानिए किसने क्या कहा ? बेगूसराय से कौन बनेगा सांसद ? ध्यान देंः वेबसाइट में प्रकाशित किसी भी सामग्री से संपादक मंडल का सहमत होना आवश्यक नहीं है. अपने विचारों के लिए लेखक/रचनाकार स्वयं उत्तरदायी है. Contact us:
Begusarai, Beforeprint : बेगूसराय गोलीकांड मामले में एक के बाद एक नया मोड़ सामने आ रहा है। जिन आरोपियों को घटना के दो दिन बाद गिरफ्तार किया गया अब उनके परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। आरोपी के माता-पिता ने धरना दे रहे है और परिजनों का कहना है कि पुलिस उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसा रही है। पुलिस ने सुबह सवेरे उनके एक बेटे को गिरफ्तार किया। इसी डर से दूसरा बेटा झांझा जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। केशव उर्फ नागा के माता पिता का कहना है कि हमारे पास सबूत के तौर पर CCTV फुटेज भी है। एक कैमरा उनके घर पर लगा था तो वहीं दूसरा उनके होटल में था। उन्होंने CCTV फुटेज जारी कर कहा है कि घटना के दौरान मेरा बेटा दुकान पर ही बैठा था। पुलिस जबरस्ती उसे फंसाने की कोशिश कर रही है। आरोपी की मां ने ये भी कहा कि पुलिस वालों ने उन्हें गंदी-गंदी गालियां भी दी है। बता दें, विपक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठा रहा था। अब जब पुलिस को मामले में कामयाबी मिली और चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया तो अब नागा के माता-पिता ने भी प्रशासन पर आरोप लगाए है।
Begusarai, Beforeprint : बेगूसराय गोलीकांड मामले में एक के बाद एक नया मोड़ सामने आ रहा है। जिन आरोपियों को घटना के दो दिन बाद गिरफ्तार किया गया अब उनके परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। आरोपी के माता-पिता ने धरना दे रहे है और परिजनों का कहना है कि पुलिस उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसा रही है। पुलिस ने सुबह सवेरे उनके एक बेटे को गिरफ्तार किया। इसी डर से दूसरा बेटा झांझा जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। केशव उर्फ नागा के माता पिता का कहना है कि हमारे पास सबूत के तौर पर CCTV फुटेज भी है। एक कैमरा उनके घर पर लगा था तो वहीं दूसरा उनके होटल में था। उन्होंने CCTV फुटेज जारी कर कहा है कि घटना के दौरान मेरा बेटा दुकान पर ही बैठा था। पुलिस जबरस्ती उसे फंसाने की कोशिश कर रही है। आरोपी की मां ने ये भी कहा कि पुलिस वालों ने उन्हें गंदी-गंदी गालियां भी दी है। बता दें, विपक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठा रहा था। अब जब पुलिस को मामले में कामयाबी मिली और चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया तो अब नागा के माता-पिता ने भी प्रशासन पर आरोप लगाए है।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने कहा है कि उनकी सरकार जल्द ही खेल नीति लेकर आएगी। एनई-जोन अंतर्राजीय बैडमिंटन चैम्पियनशिप के समापन पर नेफियू ने यह घोषणा की। नेफियू का कहना है कि इस खेल नीति में राज्य के युवाओं के लिए विभिन्न खेल विषयों को पहचाना जाएगा और उनका प्रचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, असम के बाद उत्तर पूर्व में नागालैंड दूसरा बड़ा राज्य है और नागालैंड ओलम्पिक संघ 41 साल बाद 2004 में भारतीय ओलम्पिक संघ से संबद्ध हो सकता था। एक बात को याद करते हुए नेफियू ने कहा कि एक जाने-माने नागालैंड निवासी डॉ. टी एओ ने 1948 में भारतीय फुटबाल टीम की कप्तानी की थी। मुख्यमंत्री ने कहा, हमने फरवरी, 2007 में पहली बार 33वें राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया था, जिसका आयोजन गुवाहाटी में हुआ था। नागालैंड ने इसमें 11 पदक जीते थे, जिसमें एक स्वर्ण पदक शामिल था, लेकिन हमारे इस प्रदर्शन को पहचान नहीं मिली। उत्तर-पूर्वी देशों की बड़ी प्रतिभा और क्षमता पर प्रकाश डालते हुए नेफियू ने कहा कि इन राज्यों में प्रशिक्षण सुविधाएं और आधारभूत संरचनाओं की कमी के कारण युवा अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। नेफियू ने कहा, खेल लोगों को जोड़ता है और हमें एक-दूसरे की मदद कर सीखना चाहिएस ताकि हम एक अच्छी छवि का निर्माण कर सकें। जिससे हम अपने राज्य, उत्तर-पूर्वी राज्य और भारत देश को गौरवांन्वित करें। "
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने कहा है कि उनकी सरकार जल्द ही खेल नीति लेकर आएगी। एनई-जोन अंतर्राजीय बैडमिंटन चैम्पियनशिप के समापन पर नेफियू ने यह घोषणा की। नेफियू का कहना है कि इस खेल नीति में राज्य के युवाओं के लिए विभिन्न खेल विषयों को पहचाना जाएगा और उनका प्रचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, असम के बाद उत्तर पूर्व में नागालैंड दूसरा बड़ा राज्य है और नागालैंड ओलम्पिक संघ इकतालीस साल बाद दो हज़ार चार में भारतीय ओलम्पिक संघ से संबद्ध हो सकता था। एक बात को याद करते हुए नेफियू ने कहा कि एक जाने-माने नागालैंड निवासी डॉ. टी एओ ने एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस में भारतीय फुटबाल टीम की कप्तानी की थी। मुख्यमंत्री ने कहा, हमने फरवरी, दो हज़ार सात में पहली बार तैंतीसवें राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया था, जिसका आयोजन गुवाहाटी में हुआ था। नागालैंड ने इसमें ग्यारह पदक जीते थे, जिसमें एक स्वर्ण पदक शामिल था, लेकिन हमारे इस प्रदर्शन को पहचान नहीं मिली। उत्तर-पूर्वी देशों की बड़ी प्रतिभा और क्षमता पर प्रकाश डालते हुए नेफियू ने कहा कि इन राज्यों में प्रशिक्षण सुविधाएं और आधारभूत संरचनाओं की कमी के कारण युवा अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। नेफियू ने कहा, खेल लोगों को जोड़ता है और हमें एक-दूसरे की मदद कर सीखना चाहिएस ताकि हम एक अच्छी छवि का निर्माण कर सकें। जिससे हम अपने राज्य, उत्तर-पूर्वी राज्य और भारत देश को गौरवांन्वित करें। "
दीपावली के शुभ अवसर पर जब लोग लक्ष्मी पूजन में व्यस्त होते हैं, उसी दौरान राजस्थान में गुर्जर समाज अपने पूर्वजों का श्राद्ध मनाता है। यह परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा कस्बे के चौथ माता सरोवर में गुर्जर समाज दीपावली के दिन श्राद्ध मनाकर अपने पितरों का तर्पण करता है। वंश वृद्धि की कामना कर अपने पूर्वजों को याद करता है। दीपावली के अवसर पर गुर्जर समाज के लोगों द्वारा चौथ माता सरोवर पर मानव श्रृंखला बनाकर बेल पूजा करते हैं। देवनारायण मंदिर समिति के पदाधिकारी रामकिशन, मुकुल तथा अन्य बुजुर्ग लोगों ने बताया कि पूर्व के समय में तिथियों का ध्यान नहीं रहता था। दीपावली बड़ा त्यौहार है। तिथियों में गड़बड़ी न हो, इसलिए यह दिन चुना गया। दिवाली जैसे शुभ मौके पर श्राद्ध मनाने की परंपरा के पीछे समाज की बड़ी मान्यता है। देवनारायण मंदिर समिति के पदाधिकारी रामकिशन इसके पीछे एक पौराणिक कथा बताते हैं। वह कहते हैं, पुष्कर में जब ब्रह्मा जी ने यज्ञ किया था, तब सावित्री माता समय पर नहीं आई थीं। पोखर गुर्जर जिनका चेची गोत्र था की एक कन्या गायत्री वहां गाय चरा रही थी। ब्रह्मा जी ने उसे यज्ञ में सावित्री माता की जगह बैठा दिया था। सावित्री माता यज्ञ शाला में पहुंचीं और ब्रह्मा जी के वामांग गायत्री को देख क्रोधित हो गईं। गायत्री के द्वारा अपने अधिकारों में अतिक्रमण मानते हुए आवेश में आकर गायत्री को वंश के विनाश का श्राप दे दिया। सावित्री माता के दिए गए श्राप से गायत्री रोने लगीं और प्रार्थना करने लगी की मेरा कोई दोष नहीं है। मेरे वंश को श्राप से मुक्त किया जावे। सावित्री माता टस से मस नहीं हुईं। इससे दुखी गायत्री को बहुत पीडा हुई। उन्होंने ईश्वर को साक्षी मानकर स्वयं के निर्दोष निष्कलंक होने की घोषणा करते हुए क्रोध में आकर सावित्री माता को श्राप दिया कि हे सावित्री माता मैं पूर्णतः निर्दोष हूं और आपने बिना परिस्थिति को जाने क्रोध में मुझे वंश के विनाश का श्राप बदले की भावना से दिया है, इसलिए मैं तुम्हें श्राप देती हूं कि इस सम्पूर्ण संसार में तुम्हें कोई आदर सम्मान नहीं मिलेगा। तुम्हारी कहीं पूजा नहीं होगी। तुम्हारी सम्पूर्ण कीर्ति का विनाश होगा। गायत्री के श्राप के कारण सावित्री घबरा गई और क्षमा मांगने लगीं। उन्होंने कहा कि हे गायत्री मेरे शब्द मिथ्या नहीं हो सकते, इसलिए मैं तुम्हारे वंश की वृद्धि का उपाय बताती हूं। तब उन्होंने पितरों के तर्पण का उपाय बताया और कहा कि इससे तुम्हारे वंश की वृद्धि, समृद्धि और कीर्ति होगी। तभी से यह परम्परा निभाई जा रही है। चौथ का बरवाड़ा तालाब में यह परम्परा हर साल कार्तिक चतुर्दशी और अमावस्या को निभाई जाती है। गुर्जर समाज के लोग चतुर्दशी की रात को महिला पितरों का तर्पण करते है। अमावस्या की सुबह अपने पुरुष पितरों का तालाब में तर्पण करते हैं। चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर सैकड़ों सालों से चली आ रही परंपरा आज भी निभाई जा रही है। समाज के लोग एक साथ अपने घरों से रवाना होकर ढ़ोल बजाते हुए सरोवर पर पहुंचते हैं। चौथ माता सरोवर तथा राय सागर तालाब पर सामूहिक रूप से बेल पूजा की जाती है। इस दौरान अपने पितरों का तर्पण कर पूर्वजों को याद किया जाता है। इसी परम्परा को गुर्जर समाज के लोग छांट के नाम से जानते हैं। गुर्जर समाज में दो गोत्र होते हैं- लौर और खारी। लौर गोत्र के लोग अमावस्या के दिन दूध नहीं बेचते हैं। इस समाज के लोगों का अमावस्या के दिन दूध बेचने का मतलब पूत यानी पुत्र बेचने के बराबर है। अमावस्या को यह लोग अपने दूध की खीर बनाकर अपने पितरों को भोग लगाते हैं। पूरे साल अमावस्या को यह प्रक्रिया गुर्जर समाज के लोग अपनाते हैं। कार्तिक अमावस्या के तर्पण के साथ ही इस परम्परा की पूर्णाहूति होती है। इसके बाद फिर से हर अमावस्या को दूध नहीं बेचकर और खीर का भोग लगाकर यह परम्परा निभाई जाती है। फोटो : अजीम कुरैशी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
दीपावली के शुभ अवसर पर जब लोग लक्ष्मी पूजन में व्यस्त होते हैं, उसी दौरान राजस्थान में गुर्जर समाज अपने पूर्वजों का श्राद्ध मनाता है। यह परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा कस्बे के चौथ माता सरोवर में गुर्जर समाज दीपावली के दिन श्राद्ध मनाकर अपने पितरों का तर्पण करता है। वंश वृद्धि की कामना कर अपने पूर्वजों को याद करता है। दीपावली के अवसर पर गुर्जर समाज के लोगों द्वारा चौथ माता सरोवर पर मानव श्रृंखला बनाकर बेल पूजा करते हैं। देवनारायण मंदिर समिति के पदाधिकारी रामकिशन, मुकुल तथा अन्य बुजुर्ग लोगों ने बताया कि पूर्व के समय में तिथियों का ध्यान नहीं रहता था। दीपावली बड़ा त्यौहार है। तिथियों में गड़बड़ी न हो, इसलिए यह दिन चुना गया। दिवाली जैसे शुभ मौके पर श्राद्ध मनाने की परंपरा के पीछे समाज की बड़ी मान्यता है। देवनारायण मंदिर समिति के पदाधिकारी रामकिशन इसके पीछे एक पौराणिक कथा बताते हैं। वह कहते हैं, पुष्कर में जब ब्रह्मा जी ने यज्ञ किया था, तब सावित्री माता समय पर नहीं आई थीं। पोखर गुर्जर जिनका चेची गोत्र था की एक कन्या गायत्री वहां गाय चरा रही थी। ब्रह्मा जी ने उसे यज्ञ में सावित्री माता की जगह बैठा दिया था। सावित्री माता यज्ञ शाला में पहुंचीं और ब्रह्मा जी के वामांग गायत्री को देख क्रोधित हो गईं। गायत्री के द्वारा अपने अधिकारों में अतिक्रमण मानते हुए आवेश में आकर गायत्री को वंश के विनाश का श्राप दे दिया। सावित्री माता के दिए गए श्राप से गायत्री रोने लगीं और प्रार्थना करने लगी की मेरा कोई दोष नहीं है। मेरे वंश को श्राप से मुक्त किया जावे। सावित्री माता टस से मस नहीं हुईं। इससे दुखी गायत्री को बहुत पीडा हुई। उन्होंने ईश्वर को साक्षी मानकर स्वयं के निर्दोष निष्कलंक होने की घोषणा करते हुए क्रोध में आकर सावित्री माता को श्राप दिया कि हे सावित्री माता मैं पूर्णतः निर्दोष हूं और आपने बिना परिस्थिति को जाने क्रोध में मुझे वंश के विनाश का श्राप बदले की भावना से दिया है, इसलिए मैं तुम्हें श्राप देती हूं कि इस सम्पूर्ण संसार में तुम्हें कोई आदर सम्मान नहीं मिलेगा। तुम्हारी कहीं पूजा नहीं होगी। तुम्हारी सम्पूर्ण कीर्ति का विनाश होगा। गायत्री के श्राप के कारण सावित्री घबरा गई और क्षमा मांगने लगीं। उन्होंने कहा कि हे गायत्री मेरे शब्द मिथ्या नहीं हो सकते, इसलिए मैं तुम्हारे वंश की वृद्धि का उपाय बताती हूं। तब उन्होंने पितरों के तर्पण का उपाय बताया और कहा कि इससे तुम्हारे वंश की वृद्धि, समृद्धि और कीर्ति होगी। तभी से यह परम्परा निभाई जा रही है। चौथ का बरवाड़ा तालाब में यह परम्परा हर साल कार्तिक चतुर्दशी और अमावस्या को निभाई जाती है। गुर्जर समाज के लोग चतुर्दशी की रात को महिला पितरों का तर्पण करते है। अमावस्या की सुबह अपने पुरुष पितरों का तालाब में तर्पण करते हैं। चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर सैकड़ों सालों से चली आ रही परंपरा आज भी निभाई जा रही है। समाज के लोग एक साथ अपने घरों से रवाना होकर ढ़ोल बजाते हुए सरोवर पर पहुंचते हैं। चौथ माता सरोवर तथा राय सागर तालाब पर सामूहिक रूप से बेल पूजा की जाती है। इस दौरान अपने पितरों का तर्पण कर पूर्वजों को याद किया जाता है। इसी परम्परा को गुर्जर समाज के लोग छांट के नाम से जानते हैं। गुर्जर समाज में दो गोत्र होते हैं- लौर और खारी। लौर गोत्र के लोग अमावस्या के दिन दूध नहीं बेचते हैं। इस समाज के लोगों का अमावस्या के दिन दूध बेचने का मतलब पूत यानी पुत्र बेचने के बराबर है। अमावस्या को यह लोग अपने दूध की खीर बनाकर अपने पितरों को भोग लगाते हैं। पूरे साल अमावस्या को यह प्रक्रिया गुर्जर समाज के लोग अपनाते हैं। कार्तिक अमावस्या के तर्पण के साथ ही इस परम्परा की पूर्णाहूति होती है। इसके बाद फिर से हर अमावस्या को दूध नहीं बेचकर और खीर का भोग लगाकर यह परम्परा निभाई जाती है। फोटो : अजीम कुरैशी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
इस राशि के लोग थोडे स्वार्थी किस्म के होते है। यह दूसरों लोगो से थोडा अलग होते है यानी कि अगर इन्हें अपने साथी से वह नहीं मिल रहा है जो यह चाहते है तो उससे दूर होने में यह थोडा सा भी समय नहीं लगाते है। और उसे धोखा दे देते है। यह इतने शातिर होते है कि जब यद धोखा देते है तो अपनी सफाई इस तरह देते है कि सामने वाले को विश्वास हो जाता है। कि वह सच बोल रहा है। उत्सुक और समर्पित, प्रेम के मामले में तुला राशि के जातकों की यही खूबियां उन्हें दूसरों से अलग बनाती हैं। अगर आपका साथी तुला राशि का है तो इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वह आपको अपना आदर्श मानता है। जब भी ये किसी के साथ होते हैं हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश करते हैं इसलिए इन्हें सबसे बेहतरीन प्रेमी माना जाता है।
इस राशि के लोग थोडे स्वार्थी किस्म के होते है। यह दूसरों लोगो से थोडा अलग होते है यानी कि अगर इन्हें अपने साथी से वह नहीं मिल रहा है जो यह चाहते है तो उससे दूर होने में यह थोडा सा भी समय नहीं लगाते है। और उसे धोखा दे देते है। यह इतने शातिर होते है कि जब यद धोखा देते है तो अपनी सफाई इस तरह देते है कि सामने वाले को विश्वास हो जाता है। कि वह सच बोल रहा है। उत्सुक और समर्पित, प्रेम के मामले में तुला राशि के जातकों की यही खूबियां उन्हें दूसरों से अलग बनाती हैं। अगर आपका साथी तुला राशि का है तो इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वह आपको अपना आदर्श मानता है। जब भी ये किसी के साथ होते हैं हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश करते हैं इसलिए इन्हें सबसे बेहतरीन प्रेमी माना जाता है।
पुर मंडल साहसाब साहब बह तो साप पर जान देती है। उसका भी तो वह है कि दिन मापकी सूरत वैसा करे। अमर है। मापकी उस पर तुरी यह कि मतमाम बोगी की मराठ से पीर जी नाक में दम है। कमक्यागिरि की चोटी पर रास्ते में उसके बैठने की जगह है। रास्ता रोके बैठा रहता है। उसी तरफ से माना जाना खरा । नवाज : 'यह बनस्यामोमी कौन है ? जालिम पुरी बना है। बारी में अपना सानी नहीं रखता। हिमामय पहाड़ की एक चोटी बहुत ही ऊंची है। उसका स्थान है बो परी उर से निकलती है उसको पेड़ता होता रहता है। बाब फिर चापस भरपूर का कोई बन्दोबस्त नहीं करते ? साई पाइ बीहाँ मापसे पहले मुझे उसका समान है मगर उसकी तदबीर मापी के हम में है। नवाब फिर कम हो किया नाम । विदेश की सैर है। साह साहब बुध दिनों नवाब में हर तरह साह साहब 'हाँ सभी इसका बाप कहें। नहीं पाया। मैं आपसे ही । मगर ऐसा न हो कि बक्क पर आप कम पायें । बाद : माहील बलाआपके कहने की बात है। बीफ़ा (धा साइब से):इससे माप इत्मीनान रखें। जिव ब कहियेगा आपके साथ हो जायेंगे। खूब साथ भाया आपकी माँ ने सुना है, साह साहब मुप्रियाबाद जाने वाली है। सवाब 'जी हाँ इस बारह दिन में बायेंगी। साह साहब "यहाँ कही धापकी बादी ठहरी है।' नवाब मुझे मालूम नहीं । डमीफा भी ऐसा ही कुछ मुना गया है r पुष बंटात थाई साइम और यह भाबी कहाँ ठहरी है ? खलीफा नवाब साहब के मामा की लड़की है। आपके मामा बजे भारी प्रमौर हैं। करोड़ों की बामदार है और उनकी एक इकब बचपन से आपके साथ मँगनी हुई है। वैषम साहिबा से कुछ बिवाया था मगर सापके बालिय के इहान के बाद वह बुद्ध यह मामपूर्वी के मि ब से हो गई। भव म्हन का किया है। इस बात को तुमकर शाह साहब बहुत ही नाराज हुए । फिर मुझे माफ़ कीजिये। आपने सम्बया से मुफ्त मुझे घरमिन्दा किया। नाम 'पाविदा कह करें। मैं तो शादी म कया । पाइसाइब देखिये इस बात में फिर बाइसैमा घरमा प्रथम हो मयाब मैंने सोपसे कह दिया। दुनियाँ फिर बाय मैं न फिरूपा । पती भवाब की सेरि बमा रडिये बोक बड़ी होगा। ग्राहम और अपर न हो तो किसका मुहसान होगा ? मौका यह भी सही है । पाईसाहब सबसे पाने में बसर मुक्सान है। पहले तो ★ मुमार को आपको मिली है। दूसरी किमान पर, बुबा बाने क्या बन जाए। खसीबी ठीक कमति है मगर हर पीतको ईवडार है। सिफ जमी की सेवाभाती हो जाती है। कोई सूरत ऐसी कसद के लिए मिलका बैठ बाता । थाहा 'इस कदर जन्नी ! इतनी जल इससे ग्राह साइब ने बड़े कि नवाब साहब और मीश्री दोनों घबरा गये। सूद साह साहब के चहरे पर फ्रिक के विधान पाय आते थे। बड़ी देर तक बोर ओर से कुछ पढ़ा दिये कोड़ी देर के बाद मुस्कुरा के जीनेः
पुर मंडल साहसाब साहब बह तो साप पर जान देती है। उसका भी तो वह है कि दिन मापकी सूरत वैसा करे। अमर है। मापकी उस पर तुरी यह कि मतमाम बोगी की मराठ से पीर जी नाक में दम है। कमक्यागिरि की चोटी पर रास्ते में उसके बैठने की जगह है। रास्ता रोके बैठा रहता है। उसी तरफ से माना जाना खरा । नवाज : 'यह बनस्यामोमी कौन है ? जालिम पुरी बना है। बारी में अपना सानी नहीं रखता। हिमामय पहाड़ की एक चोटी बहुत ही ऊंची है। उसका स्थान है बो परी उर से निकलती है उसको पेड़ता होता रहता है। बाब फिर चापस भरपूर का कोई बन्दोबस्त नहीं करते ? साई पाइ बीहाँ मापसे पहले मुझे उसका समान है मगर उसकी तदबीर मापी के हम में है। नवाब फिर कम हो किया नाम । विदेश की सैर है। साह साहब बुध दिनों नवाब में हर तरह साह साहब 'हाँ सभी इसका बाप कहें। नहीं पाया। मैं आपसे ही । मगर ऐसा न हो कि बक्क पर आप कम पायें । बाद : माहील बलाआपके कहने की बात है। बीफ़ा :इससे माप इत्मीनान रखें। जिव ब कहियेगा आपके साथ हो जायेंगे। खूब साथ भाया आपकी माँ ने सुना है, साह साहब मुप्रियाबाद जाने वाली है। सवाब 'जी हाँ इस बारह दिन में बायेंगी। साह साहब "यहाँ कही धापकी बादी ठहरी है।' नवाब मुझे मालूम नहीं । डमीफा भी ऐसा ही कुछ मुना गया है r पुष बंटात थाई साइम और यह भाबी कहाँ ठहरी है ? खलीफा नवाब साहब के मामा की लड़की है। आपके मामा बजे भारी प्रमौर हैं। करोड़ों की बामदार है और उनकी एक इकब बचपन से आपके साथ मँगनी हुई है। वैषम साहिबा से कुछ बिवाया था मगर सापके बालिय के इहान के बाद वह बुद्ध यह मामपूर्वी के मि ब से हो गई। भव म्हन का किया है। इस बात को तुमकर शाह साहब बहुत ही नाराज हुए । फिर मुझे माफ़ कीजिये। आपने सम्बया से मुफ्त मुझे घरमिन्दा किया। नाम 'पाविदा कह करें। मैं तो शादी म कया । पाइसाइब देखिये इस बात में फिर बाइसैमा घरमा प्रथम हो मयाब मैंने सोपसे कह दिया। दुनियाँ फिर बाय मैं न फिरूपा । पती भवाब की सेरि बमा रडिये बोक बड़ी होगा। ग्राहम और अपर न हो तो किसका मुहसान होगा ? मौका यह भी सही है । पाईसाहब सबसे पाने में बसर मुक्सान है। पहले तो ★ मुमार को आपको मिली है। दूसरी किमान पर, बुबा बाने क्या बन जाए। खसीबी ठीक कमति है मगर हर पीतको ईवडार है। सिफ जमी की सेवाभाती हो जाती है। कोई सूरत ऐसी कसद के लिए मिलका बैठ बाता । थाहा 'इस कदर जन्नी ! इतनी जल इससे ग्राह साइब ने बड़े कि नवाब साहब और मीश्री दोनों घबरा गये। सूद साह साहब के चहरे पर फ्रिक के विधान पाय आते थे। बड़ी देर तक बोर ओर से कुछ पढ़ा दिये कोड़ी देर के बाद मुस्कुरा के जीनेः
रायपुर। एबीवीपी द्वारा सतनामी समाज के गुरु घासीदास के फोटो वाला पोस्टर डस्टबीन मेें चिपकाए जाने का मामला तूल पकड़ लिया है. एबीवीपी द्वारा मामले में माफी मांगे जाने के बाद भी रविवार को सतनामी समाज के कार्यकर्ताओं द्वारा तेलीबांधा थाना का घेराव किया गया. समाज के आक्रोशित कार्यकर्ता थाना में ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि एबीवीपी के प्रदेशाध्यक्ष आशुतोष मंडावी और प्रदेश मंत्री अंकित जायसवाल वहां पहुंचकर उनसे माफी मांगे और इस मामले में प्रेस वार्ता लेकर खेद प्रकट करें. समाज के लोगों ने इसके लिए एबीवीपी को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि अगर 24 घंटे में माफी नहीं मांगी जाती तो वे लोग प्रदेश भर में उग्र प्रदर्शन करेंगे और इसकी जिम्मेदारी एबीवीपी की ही होगी. आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को सतनामी समाज ने इसी मामले में एबीवीपी कार्यालय में पहुंचकर तोड़-फोड़ की और तालाबंदी कर दी. गौरतलब है कि एबीवीपी द्वारा 21 से 23 जनवरी तक 50 वां प्रदेश अधिवेशन का आयोजन किया गया है. आयोजन का पोस्टर मेरीन ड्राइव में रखे डस्टबीन में भी चिपका दिया गया. जिसकी वजह से समाज में आक्रोश है.
रायपुर। एबीवीपी द्वारा सतनामी समाज के गुरु घासीदास के फोटो वाला पोस्टर डस्टबीन मेें चिपकाए जाने का मामला तूल पकड़ लिया है. एबीवीपी द्वारा मामले में माफी मांगे जाने के बाद भी रविवार को सतनामी समाज के कार्यकर्ताओं द्वारा तेलीबांधा थाना का घेराव किया गया. समाज के आक्रोशित कार्यकर्ता थाना में ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि एबीवीपी के प्रदेशाध्यक्ष आशुतोष मंडावी और प्रदेश मंत्री अंकित जायसवाल वहां पहुंचकर उनसे माफी मांगे और इस मामले में प्रेस वार्ता लेकर खेद प्रकट करें. समाज के लोगों ने इसके लिए एबीवीपी को चौबीस घंटाटे का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि अगर चौबीस घंटाटे में माफी नहीं मांगी जाती तो वे लोग प्रदेश भर में उग्र प्रदर्शन करेंगे और इसकी जिम्मेदारी एबीवीपी की ही होगी. आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को सतनामी समाज ने इसी मामले में एबीवीपी कार्यालय में पहुंचकर तोड़-फोड़ की और तालाबंदी कर दी. गौरतलब है कि एबीवीपी द्वारा इक्कीस से तेईस जनवरी तक पचास वां प्रदेश अधिवेशन का आयोजन किया गया है. आयोजन का पोस्टर मेरीन ड्राइव में रखे डस्टबीन में भी चिपका दिया गया. जिसकी वजह से समाज में आक्रोश है.
नई दिल्लीः बॉलीवूड फिल्मों के अलावा भोजपुरी सिनेमा का भी जादु लोगों पर चढ़ता जा रहा है. खासकर भोजपुरी फिल्मों के गानों का जादू लोगों के सिर पर चढ़कर बोलता है. शादी हो या पार्टी भोजपूरी गानों के बिना सब फीका है. हाल ही भोजपूरी सेंसेशन अंजना सिंह का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. यूट्युब पर धमाल मचा रहा अंजना का ये गाना काफी हॉट है. गाने में अंजना, प्रमोद प्रेमी यादव के साथ भींगती हुई दिख रही हैं. प्रमोद प्रेमी यादव के साथ रेन डांस करती हुई अंजना की अदांए बेहद कातिलाना है. बारिश में डांस करती हुई अंजना नीले साड़ी में दिखाई दे रही हैं जो अपनी अदाओं से किसी को भी घायल कर देंगी. भोजपुरी फिल्म मुन्ना मवाली के गाने 'लह लह लह जरता जवानी' को प्रियंका सिंह और राजेश पांडे ने गाया है. करीब एक महीने पहले यूट्यूब पर अपलोड हुए इस गाने को अब तक 1 लाख से ज्यादा के व्यूज मिल चुके हैं. बता दें कि अंजना सिंह भोजपुरी फिल्मों की हॉट एंड डिमांडिंग एक्ट्रेसेस में से एक हैं. अपनी कातिल अदाओं की वजह से अंजना इंस्टाग्राम पर छाई रहती हैं. अंजना ने कई फेमस एक्टर्स के साथ काम कर चुकी हैं. जिनमें खेसारी लाल यादव, निरहुआ और पवन सिंह एक हैं. अब तक कई भोजपूरी फिल्मों में काम कर चुकी अंजना ने करियर की शुरुआत टीवी शो से की थी और साल 2012 में उन्होंने भोजपुरी फिल्म एक और फौलाद से की थी.
नई दिल्लीः बॉलीवूड फिल्मों के अलावा भोजपुरी सिनेमा का भी जादु लोगों पर चढ़ता जा रहा है. खासकर भोजपुरी फिल्मों के गानों का जादू लोगों के सिर पर चढ़कर बोलता है. शादी हो या पार्टी भोजपूरी गानों के बिना सब फीका है. हाल ही भोजपूरी सेंसेशन अंजना सिंह का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. यूट्युब पर धमाल मचा रहा अंजना का ये गाना काफी हॉट है. गाने में अंजना, प्रमोद प्रेमी यादव के साथ भींगती हुई दिख रही हैं. प्रमोद प्रेमी यादव के साथ रेन डांस करती हुई अंजना की अदांए बेहद कातिलाना है. बारिश में डांस करती हुई अंजना नीले साड़ी में दिखाई दे रही हैं जो अपनी अदाओं से किसी को भी घायल कर देंगी. भोजपुरी फिल्म मुन्ना मवाली के गाने 'लह लह लह जरता जवानी' को प्रियंका सिंह और राजेश पांडे ने गाया है. करीब एक महीने पहले यूट्यूब पर अपलोड हुए इस गाने को अब तक एक लाख से ज्यादा के व्यूज मिल चुके हैं. बता दें कि अंजना सिंह भोजपुरी फिल्मों की हॉट एंड डिमांडिंग एक्ट्रेसेस में से एक हैं. अपनी कातिल अदाओं की वजह से अंजना इंस्टाग्राम पर छाई रहती हैं. अंजना ने कई फेमस एक्टर्स के साथ काम कर चुकी हैं. जिनमें खेसारी लाल यादव, निरहुआ और पवन सिंह एक हैं. अब तक कई भोजपूरी फिल्मों में काम कर चुकी अंजना ने करियर की शुरुआत टीवी शो से की थी और साल दो हज़ार बारह में उन्होंने भोजपुरी फिल्म एक और फौलाद से की थी.
पॉलिटिकल बायॉपिक के दौर में बिहार के एक कैंडिडेट की रंक से राजा बनने की दिलचस्प दास्तां भी चर्चा में है, जिसकी पटकथा किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी ही है। मुंबई के मलाड इलाके के 38 वर्षीय सेट डिजाइनर मुकेश सहनी ने महज पांच महीने पहले ही अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की अगुआई वाले महागठबंधन में तीन लोकसभा टिकट झटक लिए। पढ़ेंः योगी-माया पर बैन, बीजेपी-बीएसपी को कितनी चोट? सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) बिहार में 21 लाख की आबादी वाले निषाद समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रही है। इस समुदाय में मल्लाह और मछुआरे दोनों आते हैं। 23 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान में उनका लिटमस टेस्ट होगा, जब खगड़िया सीट पर वोट डाले जाएंगे। सहनी खुद को सन ऑफ मल्लाह (मल्लाह का बेटा) कहते हैं और सोशल मीडिया पर भी वह इसी नाम से चर्चित हैं। लेकिन मुंबई में फिल्म सिटी रोड के पास स्वप्नलोक टावर्स के उनके अच्छी तरह से सजाए गए फ्लैट के प्रवेश द्वार पर सरनेम सोनी लिखा हुआ है। यहां वह अपनी पत्नी कबिता और दो बच्चों के साथ रहते हैं। उनके फ्लैट से पांच मिनट की दूरी पर मलाड ईस्ट में मुकेश फिल्म वर्क्स नाम से उनकी फर्म मौजूद है, जहां फिल्मों के लिए ग्लास (शीशा) और एक्रिलिक सेट तैयार किए जाते हैं। पढ़ेंः कौन हैं सन ऑफ मल्लाह, बिहार में क्यों हो रही पूछ? मुकेश सहनी का जन्म बिहार के दरभंगा में 1981 में हुआ था। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से फोन पर बातचीत के दौरान पटना से उन्होंने बताया, '18 साल की उम्र में घर छोड़कर मुंबई भाग गया था। मेरे माता-पिता पढ़ाई के लिए दबाव डाल रहे थे। मुंबई में मुझे नॉवेल्टी स्टोर में काम मिल गया। इसके बगल में एक फोटोफ्रेम की दुकान थी, जिसको देखने वाला हमेशा घूमता रहता था। मैंने देखा कि कई बुजुर्ग लोग भगवान की फ्रेम की हुई तस्वीर लेने आते हैं लेकिन निराश होकर लौट जाते हैं। इसलिए मैंने उनकी मदद करने की सोची। इस काम को करते-करते मैंने जाना कि शीशे को किस तरह काटते और सांचे में ढालते हैं। आखिरकार मैंने अपना ग्लास बिजनस खड़ा कर लिया। ' इसके बाद किस्मत उन्हें फिल्म सिटी की ओर खींच ले गई। सहनी ने टीओआई को बताया, 'फिल्म स्टार्स को देखने के लिए मुझे हमेशा फिल्म सिटी जाना बहुत अच्छा लगता था लेकिन मुझे कभी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिलती थी। हालांकि बाद में मुझे ग्लास को तराशने के लिए बड़े काम मिलने लगे और मैं फिल्मसिटी के अंदर जाने लगा। इसकी शुरुआत संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास में पारो की हवेली से हुई। मैंने बजरंगी भाईजान से लेकर हाल ही में आई कलंक फिल्म के सेट तैयार किए। नितिन देसाई से लेकर साबू सिरिल जैसे अव्वल सेट डिजाइनर्स ने मेरी सेवाएं लीं। शाहरुख खान की रेड चिलीज से लेकर सलमान खान तक मैंने सभी के लिए काम किया है। ' पिछले दो साल से सहनी ने खुद को बिहार में शिफ्ट कर लिया है। वह कहते हैं, '2014 में मैंने बीजेपी का समर्थन करते हुए उन्हें जीत दिलाने में मदद की थी। बीजेपी ने बिहार में 14 प्रतिशत आबादी वाले निषाद समुदाय को आरक्षण दिलाने का वादा किया था। लेकिन उन्होंने मुझे निराश किया। इस बार मुझे पूरा भरोसा है कि लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी अपने वादे पर कायम रहेंगे। ' सहनी ने चुनावी लड़ाई में काफी पैसा खर्च किया है। प्रचार अभियान के लिए तैयार बस के अंदर मखमली साज-सज्जा की गई है। मलाड में उनके पड़ोसी और कारोबारी सुदेश वैद्य कहते हैं कि सहनी ने पैसा इकट्ठा करने के लिए अपनी संपत्ति को गिरवी पर रखा है। हालांकि सहनी इसे खारिज करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके परिवार ने राजनीति में पैसा लगाने पर आपत्ति नहीं जताई है तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैंने यह पैसा कमाया है। कोई मुझसे यह नहीं कह सकता कि इसे कैसे खर्च करना है। पहले उन्होंने विरोध किया था लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है। '
पॉलिटिकल बायॉपिक के दौर में बिहार के एक कैंडिडेट की रंक से राजा बनने की दिलचस्प दास्तां भी चर्चा में है, जिसकी पटकथा किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी ही है। मुंबई के मलाड इलाके के अड़तीस वर्षीय सेट डिजाइनर मुकेश सहनी ने महज पांच महीने पहले ही अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल की अगुआई वाले महागठबंधन में तीन लोकसभा टिकट झटक लिए। पढ़ेंः योगी-माया पर बैन, बीजेपी-बीएसपी को कितनी चोट? सहनी की विकासशील इंसान पार्टी बिहार में इक्कीस लाख की आबादी वाले निषाद समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रही है। इस समुदाय में मल्लाह और मछुआरे दोनों आते हैं। तेईस अप्रैल को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान में उनका लिटमस टेस्ट होगा, जब खगड़िया सीट पर वोट डाले जाएंगे। सहनी खुद को सन ऑफ मल्लाह कहते हैं और सोशल मीडिया पर भी वह इसी नाम से चर्चित हैं। लेकिन मुंबई में फिल्म सिटी रोड के पास स्वप्नलोक टावर्स के उनके अच्छी तरह से सजाए गए फ्लैट के प्रवेश द्वार पर सरनेम सोनी लिखा हुआ है। यहां वह अपनी पत्नी कबिता और दो बच्चों के साथ रहते हैं। उनके फ्लैट से पांच मिनट की दूरी पर मलाड ईस्ट में मुकेश फिल्म वर्क्स नाम से उनकी फर्म मौजूद है, जहां फिल्मों के लिए ग्लास और एक्रिलिक सेट तैयार किए जाते हैं। पढ़ेंः कौन हैं सन ऑफ मल्लाह, बिहार में क्यों हो रही पूछ? मुकेश सहनी का जन्म बिहार के दरभंगा में एक हज़ार नौ सौ इक्यासी में हुआ था। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से फोन पर बातचीत के दौरान पटना से उन्होंने बताया, 'अट्ठारह साल की उम्र में घर छोड़कर मुंबई भाग गया था। मेरे माता-पिता पढ़ाई के लिए दबाव डाल रहे थे। मुंबई में मुझे नॉवेल्टी स्टोर में काम मिल गया। इसके बगल में एक फोटोफ्रेम की दुकान थी, जिसको देखने वाला हमेशा घूमता रहता था। मैंने देखा कि कई बुजुर्ग लोग भगवान की फ्रेम की हुई तस्वीर लेने आते हैं लेकिन निराश होकर लौट जाते हैं। इसलिए मैंने उनकी मदद करने की सोची। इस काम को करते-करते मैंने जाना कि शीशे को किस तरह काटते और सांचे में ढालते हैं। आखिरकार मैंने अपना ग्लास बिजनस खड़ा कर लिया। ' इसके बाद किस्मत उन्हें फिल्म सिटी की ओर खींच ले गई। सहनी ने टीओआई को बताया, 'फिल्म स्टार्स को देखने के लिए मुझे हमेशा फिल्म सिटी जाना बहुत अच्छा लगता था लेकिन मुझे कभी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिलती थी। हालांकि बाद में मुझे ग्लास को तराशने के लिए बड़े काम मिलने लगे और मैं फिल्मसिटी के अंदर जाने लगा। इसकी शुरुआत संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास में पारो की हवेली से हुई। मैंने बजरंगी भाईजान से लेकर हाल ही में आई कलंक फिल्म के सेट तैयार किए। नितिन देसाई से लेकर साबू सिरिल जैसे अव्वल सेट डिजाइनर्स ने मेरी सेवाएं लीं। शाहरुख खान की रेड चिलीज से लेकर सलमान खान तक मैंने सभी के लिए काम किया है। ' पिछले दो साल से सहनी ने खुद को बिहार में शिफ्ट कर लिया है। वह कहते हैं, 'दो हज़ार चौदह में मैंने बीजेपी का समर्थन करते हुए उन्हें जीत दिलाने में मदद की थी। बीजेपी ने बिहार में चौदह प्रतिशत आबादी वाले निषाद समुदाय को आरक्षण दिलाने का वादा किया था। लेकिन उन्होंने मुझे निराश किया। इस बार मुझे पूरा भरोसा है कि लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी अपने वादे पर कायम रहेंगे। ' सहनी ने चुनावी लड़ाई में काफी पैसा खर्च किया है। प्रचार अभियान के लिए तैयार बस के अंदर मखमली साज-सज्जा की गई है। मलाड में उनके पड़ोसी और कारोबारी सुदेश वैद्य कहते हैं कि सहनी ने पैसा इकट्ठा करने के लिए अपनी संपत्ति को गिरवी पर रखा है। हालांकि सहनी इसे खारिज करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके परिवार ने राजनीति में पैसा लगाने पर आपत्ति नहीं जताई है तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैंने यह पैसा कमाया है। कोई मुझसे यह नहीं कह सकता कि इसे कैसे खर्च करना है। पहले उन्होंने विरोध किया था लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है। '
Ed summons Abhishek banarjee : सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में मामला दर्ज किया था। आरोप है कि पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में जहां ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानें चलाती है, वहां संचालित एक रैकेट द्वारा कई वर्षों में अवैध रूप से खनन किया गया कोयला कई हजार करोड़ रुपए में का ब्लैक मार्केट में बेचा गया है। Hijab row in Supreme court : शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि वह होली की छुट्टियों के बाद हिजाब से जुड़ी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कल के अपने फैसले में कहा था कि हिजाब इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है। उसने छात्राओं की हिजाब बैन से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। वीडियो डेस्क। हिजाब को लेकर जनवरी से देशभर में गरमाया विवाद आज कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के बाद खत्म हो गया। चीफ जस्टिस रितुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस एम खाजी की तीन सदस्यीय बेंच ने कहा कि हिजाब इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है। Hijab row Moved to SC : कर्नाटक से उठा हिजाब का मुद्दा हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी थमा नहीं। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाली छात्राओं ने अब हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में एक याचिका दाखिल की है। भोपाल से पकड़े गए 4 आतंकियों को पुलिस ने आज एटीएस ने अदालत में पेश किया। जहां कोर्ट ने 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब यह आतंकी 28 मार्च तक रिमांड पर रहेंगे। No trust in Pakistan : पाकिस्तान में विपक्षी दल इमरान खान को बाहर करने के लिए आपसी नफरत को दूर कर रहे हैं। इन विपक्षी दलों ने पिछले मंगलवार को राष्ट्रीय विधानसभा सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन इमरान सरकार ने इसमें वोटिंग के लिए सांसदों को अयोग्य करने वाला नियम बना दिया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) की मुरादाबाद जिले (Moradabad) की छह विधानसभा सीटों में से पांच पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, वहीं एक विधानसभा मुरादाबाद सदर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रितेश गुप्ता ने जीत हासिल की है। अखिलेश यादव ने ईवीएम बदले जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने लिखा कि ईवीएम बदले जाने को लेकर एक चुनाव अधिकारी की किसी से बात की जो ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर चल रही है। उसका हाई कोर्ट और राष्ट्रपति को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में एक हैरान करने वाले मामला पहुंचा है। एक शख्स ने आरोप लगाया था कि जिसे वो ब्याह कर लाया, वो महिला नहीं, मर्द है। उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित ने इस मामले में न्याय दिलाने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को पीड़िता की याचिका पर विचार करने के लिए सहमत हो गया कि निश्चय ही कथित पत्नी पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए, क्योंकि उसके पास पुरुष जननांग हैं। स्वार विधानसभा सीट से नए विधायक बने अब्दुल्ला आजम ने कहा कि जनता ने अपना फैसला कर दिया है, अब न्यायालय के फैसले का इंतजार है। उम्मीद है कि न्यायालय भी जल्द अपना फैसला सुनाएगा और आजम खां फिर से हम सबके बीच में होंगे।
Ed summons Abhishek banarjee : सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में मामला दर्ज किया था। आरोप है कि पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में जहां ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानें चलाती है, वहां संचालित एक रैकेट द्वारा कई वर्षों में अवैध रूप से खनन किया गया कोयला कई हजार करोड़ रुपए में का ब्लैक मार्केट में बेचा गया है। Hijab row in Supreme court : शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि वह होली की छुट्टियों के बाद हिजाब से जुड़ी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कल के अपने फैसले में कहा था कि हिजाब इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है। उसने छात्राओं की हिजाब बैन से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। वीडियो डेस्क। हिजाब को लेकर जनवरी से देशभर में गरमाया विवाद आज कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के बाद खत्म हो गया। चीफ जस्टिस रितुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस एम खाजी की तीन सदस्यीय बेंच ने कहा कि हिजाब इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं है। Hijab row Moved to SC : कर्नाटक से उठा हिजाब का मुद्दा हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी थमा नहीं। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाली छात्राओं ने अब हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में एक याचिका दाखिल की है। भोपाल से पकड़े गए चार आतंकियों को पुलिस ने आज एटीएस ने अदालत में पेश किया। जहां कोर्ट ने चौदह दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब यह आतंकी अट्ठाईस मार्च तक रिमांड पर रहेंगे। No trust in Pakistan : पाकिस्तान में विपक्षी दल इमरान खान को बाहर करने के लिए आपसी नफरत को दूर कर रहे हैं। इन विपक्षी दलों ने पिछले मंगलवार को राष्ट्रीय विधानसभा सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन इमरान सरकार ने इसमें वोटिंग के लिए सांसदों को अयोग्य करने वाला नियम बना दिया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव दो हज़ार बाईस की मुरादाबाद जिले की छह विधानसभा सीटों में से पांच पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, वहीं एक विधानसभा मुरादाबाद सदर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रितेश गुप्ता ने जीत हासिल की है। अखिलेश यादव ने ईवीएम बदले जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने लिखा कि ईवीएम बदले जाने को लेकर एक चुनाव अधिकारी की किसी से बात की जो ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर चल रही है। उसका हाई कोर्ट और राष्ट्रपति को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में एक हैरान करने वाले मामला पहुंचा है। एक शख्स ने आरोप लगाया था कि जिसे वो ब्याह कर लाया, वो महिला नहीं, मर्द है। उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित ने इस मामले में न्याय दिलाने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को पीड़िता की याचिका पर विचार करने के लिए सहमत हो गया कि निश्चय ही कथित पत्नी पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए, क्योंकि उसके पास पुरुष जननांग हैं। स्वार विधानसभा सीट से नए विधायक बने अब्दुल्ला आजम ने कहा कि जनता ने अपना फैसला कर दिया है, अब न्यायालय के फैसले का इंतजार है। उम्मीद है कि न्यायालय भी जल्द अपना फैसला सुनाएगा और आजम खां फिर से हम सबके बीच में होंगे।
असम में पशु तस्करों को पकड़ना भारी पड़ गया क्योंकि अभियान के दौरान तालाब में गिरने से पुलिसकर्मी की मौत हो गई। यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट मनकचार की है। अधिकारियों के मुताबिक जालेश्वर और जोरडांगा थाना चौकी के 17 पुलिसकर्मियों की एक टीम मनकचार थाना क्षेत्र के चार कोकुरमोरा में पशु तस्करों को पकड़ने के लिये चलाए गए अभियान का हिस्सा थी। पुलिस ने कहा कि बीती रात करीब पौने दो बजे पशु तस्करों को तालाब के तट पर देखते ही चार सिपाहियों ने उनका पीछा किया। इनमें से एक सिपाही तालाब में गिर गया, जिसकी पहचान राबेन दास (25) के रूप में हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के बाद उनका शव बरामद किया गया, जिसे गाजारिकांडी जन स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया, जहां सिपाही की मौत की पुष्टि की गई।
असम में पशु तस्करों को पकड़ना भारी पड़ गया क्योंकि अभियान के दौरान तालाब में गिरने से पुलिसकर्मी की मौत हो गई। यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट मनकचार की है। अधिकारियों के मुताबिक जालेश्वर और जोरडांगा थाना चौकी के सत्रह पुलिसकर्मियों की एक टीम मनकचार थाना क्षेत्र के चार कोकुरमोरा में पशु तस्करों को पकड़ने के लिये चलाए गए अभियान का हिस्सा थी। पुलिस ने कहा कि बीती रात करीब पौने दो बजे पशु तस्करों को तालाब के तट पर देखते ही चार सिपाहियों ने उनका पीछा किया। इनमें से एक सिपाही तालाब में गिर गया, जिसकी पहचान राबेन दास के रूप में हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के बाद उनका शव बरामद किया गया, जिसे गाजारिकांडी जन स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया, जहां सिपाही की मौत की पुष्टि की गई।
2955 Written Answers AUGUST 29, (b) if so, whether any meeting of the political parties has been convened since the General Elections of 1967? THE DEPUTY MINISTER IN THE MINISTRY OF LAW (SHRI M. YUNUS SALEEM): (a) No, Sir. The Election Commission, however, consults political parties on matters relating to conduct of elections. (b) The Commission called a conference of the representatives of political parties and groups at New Delhi on the 4th May, 1968, to review the rules regarding recognition of political parties and reservation and allotment of symbols. The Commission also consulted the political parties in regard to the mid-term elections in Haryana, West Bengal, Uttar Pradesh and Bihar. कृषकों को उर्वरकों का वितरण 6574. श्री यशवन्त सिंह कुशवाह : क्या खाद्य तथा कृषि मन्त्री यह बताने की कृपा करेंगे कि : (क) उर्वरक कारखानों द्वारा तैयार किये गये उर्वरकों का देश में राज्य जिला और तहसील स्तर पर किसानों में वितरण करने का काम किन अभिकरणों को सौंपने का विचार है; और ( ख ) क्या जिला, तहसील और ग्राम स्तर पर किसानों को उर्वरक बेचने का काम पंचायतों को सौंपने का सरकार का विचार है ? खाद्य, कृषि, सामुदायिक विकास तथा सहकार मंत्रालय में राज्य मंत्री ( श्री अन्नासहिब शिन्दे) : ( क ) और ( ख ) : ने दिसम्बर 1965 में यह निश्चय किया था कि उर्वरक कारखानों को, उनके व्यापारिक उत्पादन के आरम्भ से 7 वर्ष की अवधि के लिए अपने बितरण को संगठित करने और उन्हें अपने उत्पादों के मूल्यों के निर्धारण के संबंध में स्वतन्त्रता दी जाएगी । परन्तु Written Answers 2956 यदि सरकार चाहे तो उत्पादन का 30 प्रतिशत प्राप्त कर सकती है । अतः विनिर्माता सहकारी संस्थाओं और अपनी पसन्द के अन्य वितरकों के माध्यम से उस माल के वितरण का प्रबन्ध स्वयं करते हैं जिसे सरकार नहीं लेती हैं। सरकार द्वारा प्राप्त की गई सामग्री जिसमें आयात की हुई शामिल है राज्य सरकारों को सौंप दी जाती है । आन्तरिक वितरण का संगठन करना राज्य सरकारों का काम है। भारत सरकार इस कार्य को करने के लिए राज्य सरकार को किसी विशेष एजेन्सी का सुझाव नहीं देती है । युद्ध से प्रभावित लोगों को सहायता 6575. श्री भारत सिंह चौहान : क्या श्रम तथा पुनर्वास मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि : ( क ) क्या यह सच है कि पंजाब के सीमान्त क्षेत्रों में युद्ध से प्रभावित लोगों की सहायता करने के उपाय किये गये है ; (ख) क्या अन्य सीमान्त राज्यों ने भी युद्ध से प्रभावित हुए लोगों को सहायता देने का निर्णय किया है; और (ग) क्या इन सहायता कार्यों में हाथ बटाने का सरकार का विचार है ? श्रम, रोजगार तथा पुनवास मंत्रालय में उपमंत्री (श्री द० रा० चव्हान ) : ( क ) से (ग) : जी, हां । डीजल पंम्पिंग सेंट लगाने के लिए बिहार के कृषकों को सहायता 6576. श्री क० मि० मधुकर : क्या खाद्य तथा कृषि मन्त्री यह बताने की कृपा करेंगे कि : ( क ) बिहार में किसानों को डीजल पंम्पिग सैट लगाने तथा छिद्रण (बोरिंग) कार्य के लिये दी जाने वाली 25 प्रतिशत
दो हज़ार नौ सौ पचपन Written Answers AUGUST उनतीस, if so, whether any meeting of the political parties has been convened since the General Elections of एक हज़ार नौ सौ सरसठ? THE DEPUTY MINISTER IN THE MINISTRY OF LAW : No, Sir. The Election Commission, however, consults political parties on matters relating to conduct of elections. The Commission called a conference of the representatives of political parties and groups at New Delhi on the चार मई, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ, to review the rules regarding recognition of political parties and reservation and allotment of symbols. The Commission also consulted the political parties in regard to the mid-term elections in Haryana, West Bengal, Uttar Pradesh and Bihar. कृषकों को उर्वरकों का वितरण छः हज़ार पाँच सौ चौहत्तर. श्री यशवन्त सिंह कुशवाह : क्या खाद्य तथा कृषि मन्त्री यह बताने की कृपा करेंगे कि : उर्वरक कारखानों द्वारा तैयार किये गये उर्वरकों का देश में राज्य जिला और तहसील स्तर पर किसानों में वितरण करने का काम किन अभिकरणों को सौंपने का विचार है; और क्या जिला, तहसील और ग्राम स्तर पर किसानों को उर्वरक बेचने का काम पंचायतों को सौंपने का सरकार का विचार है ? खाद्य, कृषि, सामुदायिक विकास तथा सहकार मंत्रालय में राज्य मंत्री : और : ने दिसम्बर एक हज़ार नौ सौ पैंसठ में यह निश्चय किया था कि उर्वरक कारखानों को, उनके व्यापारिक उत्पादन के आरम्भ से सात वर्ष की अवधि के लिए अपने बितरण को संगठित करने और उन्हें अपने उत्पादों के मूल्यों के निर्धारण के संबंध में स्वतन्त्रता दी जाएगी । परन्तु Written Answers दो हज़ार नौ सौ छप्पन यदि सरकार चाहे तो उत्पादन का तीस प्रतिशत प्राप्त कर सकती है । अतः विनिर्माता सहकारी संस्थाओं और अपनी पसन्द के अन्य वितरकों के माध्यम से उस माल के वितरण का प्रबन्ध स्वयं करते हैं जिसे सरकार नहीं लेती हैं। सरकार द्वारा प्राप्त की गई सामग्री जिसमें आयात की हुई शामिल है राज्य सरकारों को सौंप दी जाती है । आन्तरिक वितरण का संगठन करना राज्य सरकारों का काम है। भारत सरकार इस कार्य को करने के लिए राज्य सरकार को किसी विशेष एजेन्सी का सुझाव नहीं देती है । युद्ध से प्रभावित लोगों को सहायता छः हज़ार पाँच सौ पचहत्तर. श्री भारत सिंह चौहान : क्या श्रम तथा पुनर्वास मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि : क्या यह सच है कि पंजाब के सीमान्त क्षेत्रों में युद्ध से प्रभावित लोगों की सहायता करने के उपाय किये गये है ; क्या अन्य सीमान्त राज्यों ने भी युद्ध से प्रभावित हुए लोगों को सहायता देने का निर्णय किया है; और क्या इन सहायता कार्यों में हाथ बटाने का सरकार का विचार है ? श्रम, रोजगार तथा पुनवास मंत्रालय में उपमंत्री : से : जी, हां । डीजल पंम्पिंग सेंट लगाने के लिए बिहार के कृषकों को सहायता छः हज़ार पाँच सौ छिहत्तर. श्री कशून्य मिशून्य मधुकर : क्या खाद्य तथा कृषि मन्त्री यह बताने की कृपा करेंगे कि : बिहार में किसानों को डीजल पंम्पिग सैट लगाने तथा छिद्रण कार्य के लिये दी जाने वाली पच्चीस प्रतिशत
युद्ध के हजारों वर्ष पश्चात जर्मनी के वैज्ञानिक आधुनिक साउंड रिकॉर्डर लेकर कुरुक्षेत्र गए। उस 18 दिन चले युद्ध में घायलों की चीत्कार धनुष की टंकार इत्यादि ध्वनियां रिकॉर्ड की गईं। इस तरह 3 हजार वर्ष पूर्व हुए युद्ध की पुष्टि हुई। विष्णु खरे ने लिखा है कि 2 4,16 5 लोगों ने युद्ध के पूर्व ही पलायन किया और वे विविध स्थानों पर बस गए। संभवतः प्रवासी भारतीयों का यह पहला दल रहा। कोई आश्चर्य नहीं है कि एक द्वीप में बना राम मंदिर आज भी कायम है। कुछ द्वीपों पर भारतीय मूल के लोग चुनाव जीतकर राज चला रहे हैं। सारांश यह है कि आवाज ही एकमात्र अजर अमर तत्व है। हमारे शास्त्रों में ध्वनि को ब्रम्हा माना गया है। विदेशों में लंबे समय से प्रकाशित अखबार अब मात्र सप्ताहांत प्रकाशित होते हैं। वहां घर पर जाकर अखबार देने वाले हॉकर ही नहीं हैं। भारत में इस महामारी के समय भी हॉकर अपना काम कर रहे हैं । उन्हें प्रणाम । विदेशों में अखबार, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रेस्त्रां में रखे होते हैं। पाठक को कोई मूल्य देना नहीं होता। ताजा खबर है कि एक अखबार 26 अप्रैल से प्रिंटिंग अखबार के अतिरिक्त खबरों की व्याख्या सहित ऑडियो कैप्सूल भी जारी करेगा, जिसे अवाम अपने मोबाइल पर सुन सकेगा। मीनल बघेल इस नए माध्यम की प्रमुख आवाज और चिंतक रहेंगी। कुछ वर्ष पूर्व एक कंपनी 'बुक्स इन वॉइस' ने खाकसार के उपन्यास 'ताज बेकरी का बयान' का ऑडियो वर्जन बनाया था। फिल्म निर्माण प्रारंभिक दशकों में मूक रहा परंतु मूक फिल्मों में मानवीय करुणा की अभिव्यक्ति हुई। चार्ली चैपलिन को फिल्म जगत का पहला कवि माना जाता है। इस क्षेत्र में ध्वनि के आते ही फिल्में वाचाल हो गईं। सप्ताह में 1 दिन मौन रहने से ऊर्जा का बचाव होता है। बहुत अधिक बोलने से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अगर नेता को विश्वास दिला दें कि हर चुनाव में उसे ही विजेता बनाया जाएगा, बशर्ते वह बोलना सीमित कर दे तो उसका मिजाज बिगड़ जाएगा और वह बीमार भी पड़ सकता है। मेडिकल क्षेत्र में स्टेथोस्कोप का आविष्कार एक महान कदम है। दिल की धड़कन से रोग की पहचान होती है। यह यंत्र दिल की धड़कन की ध्वनि को मैग्नीफाई करता है। गीतकारों ने ने धड़कन का बहुत उपयोग किया है। संयुक्त परिवार के बारे में कहते हैं कि एक चौके में बर्तन टकराते हैं। गोयाकि बर्तन बतियाते हैं। यह भी मान्यता है कि मन ही मन बोले श्लोक से लाभ नहीं होता, प्रार्थना स-स्वर होना चाहिए। कुछ घाटियों में आवाज लौट कर आती है और 3 बार आती है। असहाय व्यक्ति पर अत्याचार होता है, तो वह चीत्कार करता है। किसी दिन ये सारे चीत्कार और गरीबों के गले में घुटी हुई आवाजें लौटकर आएंगी। जुल्म करने वालों के सीने में आवाजें तीर की तरह घुस जाएंगी।
युद्ध के हजारों वर्ष पश्चात जर्मनी के वैज्ञानिक आधुनिक साउंड रिकॉर्डर लेकर कुरुक्षेत्र गए। उस अट्ठारह दिन चले युद्ध में घायलों की चीत्कार धनुष की टंकार इत्यादि ध्वनियां रिकॉर्ड की गईं। इस तरह तीन हजार वर्ष पूर्व हुए युद्ध की पुष्टि हुई। विष्णु खरे ने लिखा है कि दो चार,सोलह पाँच लोगों ने युद्ध के पूर्व ही पलायन किया और वे विविध स्थानों पर बस गए। संभवतः प्रवासी भारतीयों का यह पहला दल रहा। कोई आश्चर्य नहीं है कि एक द्वीप में बना राम मंदिर आज भी कायम है। कुछ द्वीपों पर भारतीय मूल के लोग चुनाव जीतकर राज चला रहे हैं। सारांश यह है कि आवाज ही एकमात्र अजर अमर तत्व है। हमारे शास्त्रों में ध्वनि को ब्रम्हा माना गया है। विदेशों में लंबे समय से प्रकाशित अखबार अब मात्र सप्ताहांत प्रकाशित होते हैं। वहां घर पर जाकर अखबार देने वाले हॉकर ही नहीं हैं। भारत में इस महामारी के समय भी हॉकर अपना काम कर रहे हैं । उन्हें प्रणाम । विदेशों में अखबार, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रेस्त्रां में रखे होते हैं। पाठक को कोई मूल्य देना नहीं होता। ताजा खबर है कि एक अखबार छब्बीस अप्रैल से प्रिंटिंग अखबार के अतिरिक्त खबरों की व्याख्या सहित ऑडियो कैप्सूल भी जारी करेगा, जिसे अवाम अपने मोबाइल पर सुन सकेगा। मीनल बघेल इस नए माध्यम की प्रमुख आवाज और चिंतक रहेंगी। कुछ वर्ष पूर्व एक कंपनी 'बुक्स इन वॉइस' ने खाकसार के उपन्यास 'ताज बेकरी का बयान' का ऑडियो वर्जन बनाया था। फिल्म निर्माण प्रारंभिक दशकों में मूक रहा परंतु मूक फिल्मों में मानवीय करुणा की अभिव्यक्ति हुई। चार्ली चैपलिन को फिल्म जगत का पहला कवि माना जाता है। इस क्षेत्र में ध्वनि के आते ही फिल्में वाचाल हो गईं। सप्ताह में एक दिन मौन रहने से ऊर्जा का बचाव होता है। बहुत अधिक बोलने से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अगर नेता को विश्वास दिला दें कि हर चुनाव में उसे ही विजेता बनाया जाएगा, बशर्ते वह बोलना सीमित कर दे तो उसका मिजाज बिगड़ जाएगा और वह बीमार भी पड़ सकता है। मेडिकल क्षेत्र में स्टेथोस्कोप का आविष्कार एक महान कदम है। दिल की धड़कन से रोग की पहचान होती है। यह यंत्र दिल की धड़कन की ध्वनि को मैग्नीफाई करता है। गीतकारों ने ने धड़कन का बहुत उपयोग किया है। संयुक्त परिवार के बारे में कहते हैं कि एक चौके में बर्तन टकराते हैं। गोयाकि बर्तन बतियाते हैं। यह भी मान्यता है कि मन ही मन बोले श्लोक से लाभ नहीं होता, प्रार्थना स-स्वर होना चाहिए। कुछ घाटियों में आवाज लौट कर आती है और तीन बार आती है। असहाय व्यक्ति पर अत्याचार होता है, तो वह चीत्कार करता है। किसी दिन ये सारे चीत्कार और गरीबों के गले में घुटी हुई आवाजें लौटकर आएंगी। जुल्म करने वालों के सीने में आवाजें तीर की तरह घुस जाएंगी।
सत्यपाल सिंह,रायपुर। देश में कोरोना मरीजों को ठीक करने में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है और मरीजों का डिस्चार्ज रेसियों भी बेहतर है. जो लोग मरीजों के ठीक होने को लेकर बेखौफ मनमानी कर रहे हैं और जिनके घर मौत हो रही है वो उनकी पूर्ति नहीं कर सकते है. इसलिए कोरोना संक्रमण को हल्के में लेने की गलतफहमी ना पाले. सावधानी से ही कोरोना से बचा जा सकता है. यह बातें एम्स डायरेक्टर नितिन नागरकर ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में कही है. डारेक्टर नितिन नागरकर ने बताया कि एक हजार से ज्यादा मरीज एम्स से ठीक हो चुके है. जैसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही एम्स स्वास्थ्य व्यवस्था में विस्तार कर रहा है. आज एम्स में 400 बिस्तर की व्यवस्था है और जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जाएगा. इसके साथ ही सैंपल लेने में तेजी लाई गई है. जितना ज्यादा सैंपल होगा उतना मरीज चिन्हित होंगे और संक्रमण का चक्र टूटेगा. कोरोना के दवा को लेकर नागरकर ने कहा कि फिलहाल दवा आने में अभी समय लगेगा, जब तक दवा मार्केट में ना आए, तब तक सावधानी ही विकल्प है. दवा को लेकर कई तरह की खबर है. दवा बनाने में कई देश रेस में भी है. भारत भी इस रेस में है.
सत्यपाल सिंह,रायपुर। देश में कोरोना मरीजों को ठीक करने में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है और मरीजों का डिस्चार्ज रेसियों भी बेहतर है. जो लोग मरीजों के ठीक होने को लेकर बेखौफ मनमानी कर रहे हैं और जिनके घर मौत हो रही है वो उनकी पूर्ति नहीं कर सकते है. इसलिए कोरोना संक्रमण को हल्के में लेने की गलतफहमी ना पाले. सावधानी से ही कोरोना से बचा जा सकता है. यह बातें एम्स डायरेक्टर नितिन नागरकर ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में कही है. डारेक्टर नितिन नागरकर ने बताया कि एक हजार से ज्यादा मरीज एम्स से ठीक हो चुके है. जैसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही एम्स स्वास्थ्य व्यवस्था में विस्तार कर रहा है. आज एम्स में चार सौ बिस्तर की व्यवस्था है और जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जाएगा. इसके साथ ही सैंपल लेने में तेजी लाई गई है. जितना ज्यादा सैंपल होगा उतना मरीज चिन्हित होंगे और संक्रमण का चक्र टूटेगा. कोरोना के दवा को लेकर नागरकर ने कहा कि फिलहाल दवा आने में अभी समय लगेगा, जब तक दवा मार्केट में ना आए, तब तक सावधानी ही विकल्प है. दवा को लेकर कई तरह की खबर है. दवा बनाने में कई देश रेस में भी है. भारत भी इस रेस में है.
दिवालिया होने की कहानी नई नहीं है। पिछली दो शताब्दी से कई देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। रिपोर्ट की मानें, तो कुल 83 देश ऐसे हैं, जो दिवालिया हो चुके हैं। इनमें कई विकसित देश भी शामिल हैं, जिनके पास दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है। यूएस, जर्मनी, जापान और यूके यही वो देश हैं जिनके ऊपर दिवालिया का कलंक लग चुका है। किसी देश के दिवालिया होने पर उसका बेसिक सिस्टम बिगड़ जाता है। पॉवर कंपनियां अपना ऑपरेशन रोक कर देती हैं, तो वहीं गैस और पेट्रोल स्टेशन बंद कर दिए जाते हैं। इसके अलावा बैंकों पर ताले लटक जाते हें, तो वहीं सरकारी कर्मचारियों की सैलरी रोक दी जाती है। दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला देश अमेरिका एक-दो बार नहीं बल्िक कुल 5 बार इसकी चपेट में आया है। पहली बार विदेशी कर्जा न दे पाने के कारण इसे दिवालिया घोषित किया गया था। तो वहीं चार बार अंदरुनी कर्जे में डूबने से अमेरिका को यह दंश झेलना पड़ा। इस माहौल में बैंकिंग सेक्टर में फाइनेंशियल क्राइसिस हो जाती है। अब अगर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देश की बात करें, तो यूके भी 4 बार दिवालिया घोषित हो चुका है। वैसे दिवालिया होने वाले देशों की लिस्ट तो काफी लंबी है। लेकिन इसमें कुछ प्रमुख देशों पर नजर डालें तो जर्मनी भी इससे बच नहीं सका है। वर्ल्ड बार 1 एंड 2 में जर्मनी के सामने काफी भयावह स्िथति पैदा हो गई थी। बड़े कर्ज में डूबा इस देश के पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं बचा और आखिरकार इसे भी दिवालिया होना ही पड़ा। हालांकि बाद में बेहतर सरकारी नीतियों और अनुशासन की बदौलत जर्मनी आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनकर सामने आई। फिलहाल आइसलैंड और अर्जेंटीना भी दिवालिया होने वाले देशों की लिस्ट में शामिल हैं।
दिवालिया होने की कहानी नई नहीं है। पिछली दो शताब्दी से कई देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। रिपोर्ट की मानें, तो कुल तिरासी देश ऐसे हैं, जो दिवालिया हो चुके हैं। इनमें कई विकसित देश भी शामिल हैं, जिनके पास दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है। यूएस, जर्मनी, जापान और यूके यही वो देश हैं जिनके ऊपर दिवालिया का कलंक लग चुका है। किसी देश के दिवालिया होने पर उसका बेसिक सिस्टम बिगड़ जाता है। पॉवर कंपनियां अपना ऑपरेशन रोक कर देती हैं, तो वहीं गैस और पेट्रोल स्टेशन बंद कर दिए जाते हैं। इसके अलावा बैंकों पर ताले लटक जाते हें, तो वहीं सरकारी कर्मचारियों की सैलरी रोक दी जाती है। दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला देश अमेरिका एक-दो बार नहीं बल्िक कुल पाँच बार इसकी चपेट में आया है। पहली बार विदेशी कर्जा न दे पाने के कारण इसे दिवालिया घोषित किया गया था। तो वहीं चार बार अंदरुनी कर्जे में डूबने से अमेरिका को यह दंश झेलना पड़ा। इस माहौल में बैंकिंग सेक्टर में फाइनेंशियल क्राइसिस हो जाती है। अब अगर दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देश की बात करें, तो यूके भी चार बार दिवालिया घोषित हो चुका है। वैसे दिवालिया होने वाले देशों की लिस्ट तो काफी लंबी है। लेकिन इसमें कुछ प्रमुख देशों पर नजर डालें तो जर्मनी भी इससे बच नहीं सका है। वर्ल्ड बार एक एंड दो में जर्मनी के सामने काफी भयावह स्िथति पैदा हो गई थी। बड़े कर्ज में डूबा इस देश के पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं बचा और आखिरकार इसे भी दिवालिया होना ही पड़ा। हालांकि बाद में बेहतर सरकारी नीतियों और अनुशासन की बदौलत जर्मनी आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनकर सामने आई। फिलहाल आइसलैंड और अर्जेंटीना भी दिवालिया होने वाले देशों की लिस्ट में शामिल हैं।
Wajid Khan Birthday: बॉलीवुड के जानेमाने म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान का आज जन्मदिन है. भले ही वाजिद अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके भाई साजिद खान (Sajid Khan) ने सलमान खान (Salman Khan), सोहेल खान (Sohail Khan) और अन्य दोस्तों संग मिलकर उनका जन्मदिन मनाया और उन्हें याद किया. सलमान ने भी वाजिद को याद करते हुए साजिद संग केक काटा जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है. वीडियो में सलमान साजिद के साथ वाजिद का बर्थडे केक काटकर उन्हें याद कर रहे हैं. साजिद ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, "हैप्पी बर्थडे वाजिद एक महान संगीतकार, महान आत्मा और लाजवाब शख्सियत और मेरे प्यारे भाई. मिस यू यार. " इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए टाइगर श्रॉफ और प्रति जिंटा ने भी वाजिद को याद करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है. ये भी पढ़ेंः सलमान खान और फैंस के लिए ये स्पेशल तोहफा छोड़ गए हैं वाजिद खान, जल्द होगा खुलासा! आपको बता दें कि इस साल 1 जून को वाजिद खान को दिल का दौरा पड़ने के चलते उनका निधन हो गया. उनके निधन के बाद परिवार ने बयान जारी करते हुए बताया कि मुंबई के सुराना सेथिया अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली. पिछले साल उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन कराया था और हाल ही में थ्रोट इन्फेक्शन के लिए अपना उपचार करा रहे थे.
Wajid Khan Birthday: बॉलीवुड के जानेमाने म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान का आज जन्मदिन है. भले ही वाजिद अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके भाई साजिद खान ने सलमान खान , सोहेल खान और अन्य दोस्तों संग मिलकर उनका जन्मदिन मनाया और उन्हें याद किया. सलमान ने भी वाजिद को याद करते हुए साजिद संग केक काटा जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है. वीडियो में सलमान साजिद के साथ वाजिद का बर्थडे केक काटकर उन्हें याद कर रहे हैं. साजिद ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, "हैप्पी बर्थडे वाजिद एक महान संगीतकार, महान आत्मा और लाजवाब शख्सियत और मेरे प्यारे भाई. मिस यू यार. " इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए टाइगर श्रॉफ और प्रति जिंटा ने भी वाजिद को याद करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है. ये भी पढ़ेंः सलमान खान और फैंस के लिए ये स्पेशल तोहफा छोड़ गए हैं वाजिद खान, जल्द होगा खुलासा! आपको बता दें कि इस साल एक जून को वाजिद खान को दिल का दौरा पड़ने के चलते उनका निधन हो गया. उनके निधन के बाद परिवार ने बयान जारी करते हुए बताया कि मुंबई के सुराना सेथिया अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली. पिछले साल उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन कराया था और हाल ही में थ्रोट इन्फेक्शन के लिए अपना उपचार करा रहे थे.
इस्से उनको भय नहीं है परन्तु बे भी खंडन नहीं करत और पूजा कर्ते हैं फिर श्रापही बड़े विरत श्रा गए कि इन बातों का खण्डन कर्ते हैं। उत्तर यह बात तो सत्य है कि उनको सत्य भाषाणादिकका छोड़ना और कि मूर्ति का पूजन करना उचित नहीं परन्तु वे भी सैकड़ों में कई और परिउ है अन्य जैसे गृहाश्रम में थे बैसे ही बने रहते हैं और किननेक गृहस्थों से भी नीच कर्म करते हैं क्योंकि उनने केवल खाने पीने और विभाग के हेतु विरक का बेर धारण कर लिया है परन्तु विग्कता उन में कुछ नहीं मालूम पड़ता क्यों कि धर्म की रक्षा और मुक्ति करने हेतु विरक्त नहीं होते हैं किन्तु अपने शरीर और इन्द्रि य भोग के हेतु बिरक्कों की नाई बन गए है कोई धर्मात्माराजा होय और इनकी यथावत् परीक्षा करें तो हजारों में एक बिरकता के योग्य निकले बहुत मजूर्ग और हल ग्रहण करने के योग्य निकलेंगे क्योंकि जब पूर्ण विद्या, जितेन्द्रियता छल कपटादिक दोपहित हो सत्य २ उपदेश तथा सबके ऊपर कृपा करके बैराग्य ज्ञान और परमेश्वर का ध्यान कर तथा काम, क्रोध, लोभ, मोहादिक दोपों को छोड़े और सत्य धर्म, सत्य विद्या, सत्य उपदेश की सदा निष्ठा होने से बिर क होता है अन्यथा नहीं देखना चाहिये कि गोकुलस्थ गो सांई आदिक कैसे धूर्तता से धन हरण करके धनाढ्य बन गए हैं बहुत से चेल और खेलियां बना लेते हैं उन से समपंख करा हैं कितन नाम शरीर, धन और मन गोसाई जी के अर्पण करो सो बड़े २ मन्दिर उनीने बनाए हैं और नाना प्रकार की मूर्तियां रख लिया है और नाना प्रकार के कलावत्त, सकूट ग्राभूषणों से ऐसा जाल रचा है कि देखते ही मोहित होके उसमें फस जाते हैं प्रायः स्त्री लोग उस मन्दिर में बहुत जाती है जितनी व्यभिचारिणी स्त्री और व्यभिचारी पुरुष बहुधा मन्दिर में जाते हैं क्यों कि वहां पर स्पर स्त्री पुरुषों का दर्शन होता है और जिससे जो चाहे उससे समागम बिना परीश्रमसे करले उसमें शयन धार्ती और मङ्गलानी बहुत व्यभिचार के मूल हैं क्यों कि उस समय प्रायः रात्री ही रहती है इसे श्रानन्द पूर्वक निर्भय हो के कोड़ा करते हैं rear fमलके और उसमें पाप भी नहीं गिनने क्यों कि एक श्लोक बना रखा है ।। कृष्णस्वराधाह्यव योरस्तु] संगमः ।। पर स्त्री और पर पुरुष जब परस्पर गमन करा चाहे तो इसको पढ़ले तो कुछ पर स्त्री गमन वा परपुरुष गमन में कुछ बाप नही होता है जब वे परकार सम्मुख होनें नब पुरुष कहें कि मैं कृष्ण हूँ तू गया है तब स्त्री बोली है कि मैं गधा हूं आप कृष्णा है ऐसा कहके कुकर्म करने को लग जाते हैं उनके दो मन्त्र हैं श्रीकृष्णः शरणंमम यह उबाने मिथ्या संस्कृत बना लिया है इसका यह अभिप्राय है कि जो कृष्ण सोई मेरा शरगा अर्थात् इष्ट है फिर भागवत की कथा में राश मंडल की लीला सुन के ऐसा निश्चंय कर्ते हैं कि हम लोगो के इष्ट ने जैसी लीला किया है वैसी हम भी करें कुछ दोष नहीं और इसका ऐसा भी अर्थ बन सका है कि जो श्री कृष्ण है सो मेरी शरण को प्राप्त हा अर्थात् मेरा सेवक श्री कृष्ण बन जाय ऐसा अनर्थ भी भ्रट संस्कृत से हो सका है सो यह मन्त्र गोसांई लोग दरिद्र, कङ्गाल और साकारण पुरुषों को देते हैं और जो बड़ा श्रादमी है उसके हेतु दूसग मन्त्र बनाया है वही समर्पण का मन्त्र है ।। का कृष्पोजन बल्लभाय स्वाहा ।। इस यन्त्रको उसको देते हैं कि जो शरीर, मन और धन गोसांईजी के अर्पण करदे और गोसाई लोग अपनेको कृष्ण मानते हैं और अपनी चेलियां वा जात की सब स्त्रियां राधा है सो जिम स्त्री से चाहे उस स्त्री से समागम करले उनको पाप नहीं लगता और उनके समर्पणी जो केले होते हैं वे अपनी प्रसन्नता से गोमांजा की प्रसाद लेते हैं अर्थात स्त्री वा पुत्री स्त्री तथा कन्या उनको गोसांईजीकी खास सेवाम एकान्त में भेजने हैं जब गोसांई जी एक बार अपनी सेवा में प्रथम रख लेने है तब वह स्त्री पवित्र हो जाती है और वह स्त्री अपने को धन्य मानती हैं तथा उनके सेवक भी अपने का धन्य मानते हैं जिन का गुरू इस प्रकारका व्यभिचारी होगा उनका शिष्य वर्ग व्यमिवारी क्यों नहीं होगा सो बड़े२ अनर्थ होते हैं अब के सम्प्रदाय में सो कहने योग्य नहीं वे पान बीडा खा पात्र में पीक डाल देते हैं सो उसको उनके खेले बडी प्रसन्नता से लेते हैं और अपने को बढ़ा धन्य मान लेते हैं कि हम को गोसांईजी महागन की प्रसादी मिल गई जब कोई माढ्य उनको उमे घरमें ले जाता है उसका नाम पथरावनी कहते हैं जब से वहां जाते हैं तब बड़ा एक पात्रता वा लोहे का रख लेते हैं उस के बीच में स्नान के हेतु एक चौकी रख देते हैं फिर गासाई जो एक धाता सहित उस पात्र के बीच में नाका में बैठ जाते है फिर अनेक सुवन्न कंसरादिक पदार्थों से उनक शगर को रमलते हैं फिर अच्छे २ श्रेष्ठ २ जल से उन की स्नान कराते है फिर जब स्नान हो जाता है तब सूखा पीताको धार लेते हैं और शीली धोनी उस कडाही के जलमें छोड देते हैं फिर गोसांई जो निकल आते हैं न उनके संवक लाग उस जन्म की पी हैं और अपने को धन्य मानते हैं फिर गालाई जी बहुती बेटी, लालजी ठाकुरजी पुजारी, ग गातो, इन मान जालों से उस गृह का बहुत धन हर लेते हैं उनके शसखु धन हो गया है उसे गत दिन विषय सेवा और प्रमाद में रहते हैं उनके चेले जानते हैं कि हम मुकि का प्राप्त होंगे परन्तु इन कर्मों से मुकेता नहीं होनी हिन्दु नरक ही होता क्यों कि इन प्रमादाम जिनका धन जाता है उनका भला कभी न होगा और उन गुरुओं का भी और उन्ने एक कथा रत्र ग्क्खा कि लक्ष्मभट्ट एकतैलं था उसने काशो में आके सयाम लेने साहा तब उससे पूछा कि आपके माता पिता वा बिवाहित स्त्री तो घर में नहीं तर उनतं कहा मिथ्या कि मेरे घर में कोई नहीं है कोई नहीं है मुझ का संन्याम दे शजिये फिर उनने संन्यास दे दिया कुछ दिन के छे उनकी काशी में वजनी २ आई और वह कहीं मर्ग में मिला सो उसके पीछे २ चली गई वह अपने गुरु के पास जाके बैठे स्त्री भी बैठी और उसके गुरू से स्त्री ने कहा कि महाराज मुझको भी आप संन्यास दे दीजिए क्योंकि मेरे पति को तो अपने संन्यास दे दिया अब में क्या करूंगी तब तो उस संन्यासी ने बहुत क्रोध करके उसका दण्ड और बाय बस्त्र ले लिए और उससे कहा कि तू फूठ क्यों बोला तैनै बड़ा अनर्थ किया अब तुम यज्ञोपवीन पहर लेश्रो और अपनी स्त्री के साथ रहो और उनके गुरुने आशिर्वाद दिया कि तुम्हारा पुत्र बड़ा श्रेष्ठ होगा सो उनके भाषा ग्रन्थमें ऐसी बात लिखी है सो मुझ को अनुमान से मालूम पड़ता है कि जब उसने काशी में संन्यास लिया फिर खूब खाने पीने लगे तब कामातुर होके किसी स्त्री से फस गए फिर जब काशी में निन्दा होने लगी तब काशी छोड़ के दक्षिण देश में चले गए परन्तु कोई उनके स्वजाति ब्राह्मणने पंकि में नहीं लिया सो आज तक तैलंग ब्राह्मणों की और गोकुलस्यों की एक पंकि वा एक विवाह नही होता जो कोई तैलंग. ब्राह्मगा, गोसांईजी को कन्या देता है यह भी जाति बाह्य हो जाता है फिर वे दोनो जहां तहां घूमने लगे और उनका एक पुत्र भया उसका नाम बल्लभ रक्खा इस विषय में वे लोग ऐसा कहते हैं कि जन्म समय में ही उस बालक को बन में छोड़ के चले गए सो उस बालक की चारों ओर अग्नि जलता रहता था। इससे उस बालक को कोई जानवर नहीं मार सका जब वे पांच वर्ष के भए तय दिग्विजय करने लगे और सब पृथिवी के परिडतों को उनने जीत लिया पांच वर्ष की उमर में से। यह बात हमको फूल मालुम देती है क्यों कि वे बनमें बालक को कभी नहीं छोडेंगे तथा श्रग्नि रक्षा भी न करेगा और पांच वर्ष की उमर में विद्या कभी नहीं हो सकी फिर वे क्या पराजय करेंगे यह वान अपने संप्रदाय की प्रतिष्ठा के हेतु मिथ्या रच लिई है क्यों कि सुबोधिनी तथा विद्वन्मंडन संस्कृत में ग्रन्थ उन के बनायें देखने में आते हैं उनमें उनका साधारण पण्डित्य हो देखने में आता है इससे वे क्या पण्डितों का पराजय कर सकेंगे फिर वे ऐसा कहते हैं कि श्रीकृष्णाने बल्लभ जी से कहा कि हमारे जितने दैयो जीव है उनका तुम उद्धार करो फिर बल्ल जी फिरते घूमते मधुरा में आके रहे और वहां संप्रदाय का जाल फैलाया कितनेक पुरुष उनके चेंले भएऔौर उनने विवाह किया उम्से सात पुत्र भर से आज तक गोकुलस्यों की सात गद्दी बजनी है फिर ऐसी २ कथा प्रसिद्ध करने लगे कि जो कोई गोसांईजी का बला होगा वही वैष्णव और देवाजीव है, और जो कोई उनका चेला नही होता वह श्रासुर नाम दैत्य और राक्षस संज्ञक जीव है ऐसी प्रसिद्ध होने से बहुत लोग चेले हो गये और बहुत व्यभिचार तथा विषय भांग के हेतु चेले होते हैं यहां तक उनने मिथ्या कथा रची है कि जब मथुरा में रहते थे तब बल्लभ जी ने एक चेले से कहाकि तू दही मेरेलिए बाजार से ले श्रा वहचेला दही लेने के हेतु बाजार में गया वहां एक दही लेके बूढी स्त्री बैठी थी उससे उसने कहा की इस दही का क्या तू मुल्य लेगी तब
इस्से उनको भय नहीं है परन्तु बे भी खंडन नहीं करत और पूजा कर्ते हैं फिर श्रापही बड़े विरत श्रा गए कि इन बातों का खण्डन कर्ते हैं। उत्तर यह बात तो सत्य है कि उनको सत्य भाषाणादिकका छोड़ना और कि मूर्ति का पूजन करना उचित नहीं परन्तु वे भी सैकड़ों में कई और परिउ है अन्य जैसे गृहाश्रम में थे बैसे ही बने रहते हैं और किननेक गृहस्थों से भी नीच कर्म करते हैं क्योंकि उनने केवल खाने पीने और विभाग के हेतु विरक का बेर धारण कर लिया है परन्तु विग्कता उन में कुछ नहीं मालूम पड़ता क्यों कि धर्म की रक्षा और मुक्ति करने हेतु विरक्त नहीं होते हैं किन्तु अपने शरीर और इन्द्रि य भोग के हेतु बिरक्कों की नाई बन गए है कोई धर्मात्माराजा होय और इनकी यथावत् परीक्षा करें तो हजारों में एक बिरकता के योग्य निकले बहुत मजूर्ग और हल ग्रहण करने के योग्य निकलेंगे क्योंकि जब पूर्ण विद्या, जितेन्द्रियता छल कपटादिक दोपहित हो सत्य दो उपदेश तथा सबके ऊपर कृपा करके बैराग्य ज्ञान और परमेश्वर का ध्यान कर तथा काम, क्रोध, लोभ, मोहादिक दोपों को छोड़े और सत्य धर्म, सत्य विद्या, सत्य उपदेश की सदा निष्ठा होने से बिर क होता है अन्यथा नहीं देखना चाहिये कि गोकुलस्थ गो सांई आदिक कैसे धूर्तता से धन हरण करके धनाढ्य बन गए हैं बहुत से चेल और खेलियां बना लेते हैं उन से समपंख करा हैं कितन नाम शरीर, धन और मन गोसाई जी के अर्पण करो सो बड़े दो मन्दिर उनीने बनाए हैं और नाना प्रकार की मूर्तियां रख लिया है और नाना प्रकार के कलावत्त, सकूट ग्राभूषणों से ऐसा जाल रचा है कि देखते ही मोहित होके उसमें फस जाते हैं प्रायः स्त्री लोग उस मन्दिर में बहुत जाती है जितनी व्यभिचारिणी स्त्री और व्यभिचारी पुरुष बहुधा मन्दिर में जाते हैं क्यों कि वहां पर स्पर स्त्री पुरुषों का दर्शन होता है और जिससे जो चाहे उससे समागम बिना परीश्रमसे करले उसमें शयन धार्ती और मङ्गलानी बहुत व्यभिचार के मूल हैं क्यों कि उस समय प्रायः रात्री ही रहती है इसे श्रानन्द पूर्वक निर्भय हो के कोड़ा करते हैं rear fमलके और उसमें पाप भी नहीं गिनने क्यों कि एक श्लोक बना रखा है ।। कृष्णस्वराधाह्यव योरस्तु] संगमः ।। पर स्त्री और पर पुरुष जब परस्पर गमन करा चाहे तो इसको पढ़ले तो कुछ पर स्त्री गमन वा परपुरुष गमन में कुछ बाप नही होता है जब वे परकार सम्मुख होनें नब पुरुष कहें कि मैं कृष्ण हूँ तू गया है तब स्त्री बोली है कि मैं गधा हूं आप कृष्णा है ऐसा कहके कुकर्म करने को लग जाते हैं उनके दो मन्त्र हैं श्रीकृष्णः शरणंमम यह उबाने मिथ्या संस्कृत बना लिया है इसका यह अभिप्राय है कि जो कृष्ण सोई मेरा शरगा अर्थात् इष्ट है फिर भागवत की कथा में राश मंडल की लीला सुन के ऐसा निश्चंय कर्ते हैं कि हम लोगो के इष्ट ने जैसी लीला किया है वैसी हम भी करें कुछ दोष नहीं और इसका ऐसा भी अर्थ बन सका है कि जो श्री कृष्ण है सो मेरी शरण को प्राप्त हा अर्थात् मेरा सेवक श्री कृष्ण बन जाय ऐसा अनर्थ भी भ्रट संस्कृत से हो सका है सो यह मन्त्र गोसांई लोग दरिद्र, कङ्गाल और साकारण पुरुषों को देते हैं और जो बड़ा श्रादमी है उसके हेतु दूसग मन्त्र बनाया है वही समर्पण का मन्त्र है ।। का कृष्पोजन बल्लभाय स्वाहा ।। इस यन्त्रको उसको देते हैं कि जो शरीर, मन और धन गोसांईजी के अर्पण करदे और गोसाई लोग अपनेको कृष्ण मानते हैं और अपनी चेलियां वा जात की सब स्त्रियां राधा है सो जिम स्त्री से चाहे उस स्त्री से समागम करले उनको पाप नहीं लगता और उनके समर्पणी जो केले होते हैं वे अपनी प्रसन्नता से गोमांजा की प्रसाद लेते हैं अर्थात स्त्री वा पुत्री स्त्री तथा कन्या उनको गोसांईजीकी खास सेवाम एकान्त में भेजने हैं जब गोसांई जी एक बार अपनी सेवा में प्रथम रख लेने है तब वह स्त्री पवित्र हो जाती है और वह स्त्री अपने को धन्य मानती हैं तथा उनके सेवक भी अपने का धन्य मानते हैं जिन का गुरू इस प्रकारका व्यभिचारी होगा उनका शिष्य वर्ग व्यमिवारी क्यों नहीं होगा सो बड़ेदो अनर्थ होते हैं अब के सम्प्रदाय में सो कहने योग्य नहीं वे पान बीडा खा पात्र में पीक डाल देते हैं सो उसको उनके खेले बडी प्रसन्नता से लेते हैं और अपने को बढ़ा धन्य मान लेते हैं कि हम को गोसांईजी महागन की प्रसादी मिल गई जब कोई माढ्य उनको उमे घरमें ले जाता है उसका नाम पथरावनी कहते हैं जब से वहां जाते हैं तब बड़ा एक पात्रता वा लोहे का रख लेते हैं उस के बीच में स्नान के हेतु एक चौकी रख देते हैं फिर गासाई जो एक धाता सहित उस पात्र के बीच में नाका में बैठ जाते है फिर अनेक सुवन्न कंसरादिक पदार्थों से उनक शगर को रमलते हैं फिर अच्छे दो श्रेष्ठ दो जल से उन की स्नान कराते है फिर जब स्नान हो जाता है तब सूखा पीताको धार लेते हैं और शीली धोनी उस कडाही के जलमें छोड देते हैं फिर गोसांई जो निकल आते हैं न उनके संवक लाग उस जन्म की पी हैं और अपने को धन्य मानते हैं फिर गालाई जी बहुती बेटी, लालजी ठाकुरजी पुजारी, ग गातो, इन मान जालों से उस गृह का बहुत धन हर लेते हैं उनके शसखु धन हो गया है उसे गत दिन विषय सेवा और प्रमाद में रहते हैं उनके चेले जानते हैं कि हम मुकि का प्राप्त होंगे परन्तु इन कर्मों से मुकेता नहीं होनी हिन्दु नरक ही होता क्यों कि इन प्रमादाम जिनका धन जाता है उनका भला कभी न होगा और उन गुरुओं का भी और उन्ने एक कथा रत्र ग्क्खा कि लक्ष्मभट्ट एकतैलं था उसने काशो में आके सयाम लेने साहा तब उससे पूछा कि आपके माता पिता वा बिवाहित स्त्री तो घर में नहीं तर उनतं कहा मिथ्या कि मेरे घर में कोई नहीं है कोई नहीं है मुझ का संन्याम दे शजिये फिर उनने संन्यास दे दिया कुछ दिन के छे उनकी काशी में वजनी दो आई और वह कहीं मर्ग में मिला सो उसके पीछे दो चली गई वह अपने गुरु के पास जाके बैठे स्त्री भी बैठी और उसके गुरू से स्त्री ने कहा कि महाराज मुझको भी आप संन्यास दे दीजिए क्योंकि मेरे पति को तो अपने संन्यास दे दिया अब में क्या करूंगी तब तो उस संन्यासी ने बहुत क्रोध करके उसका दण्ड और बाय बस्त्र ले लिए और उससे कहा कि तू फूठ क्यों बोला तैनै बड़ा अनर्थ किया अब तुम यज्ञोपवीन पहर लेश्रो और अपनी स्त्री के साथ रहो और उनके गुरुने आशिर्वाद दिया कि तुम्हारा पुत्र बड़ा श्रेष्ठ होगा सो उनके भाषा ग्रन्थमें ऐसी बात लिखी है सो मुझ को अनुमान से मालूम पड़ता है कि जब उसने काशी में संन्यास लिया फिर खूब खाने पीने लगे तब कामातुर होके किसी स्त्री से फस गए फिर जब काशी में निन्दा होने लगी तब काशी छोड़ के दक्षिण देश में चले गए परन्तु कोई उनके स्वजाति ब्राह्मणने पंकि में नहीं लिया सो आज तक तैलंग ब्राह्मणों की और गोकुलस्यों की एक पंकि वा एक विवाह नही होता जो कोई तैलंग. ब्राह्मगा, गोसांईजी को कन्या देता है यह भी जाति बाह्य हो जाता है फिर वे दोनो जहां तहां घूमने लगे और उनका एक पुत्र भया उसका नाम बल्लभ रक्खा इस विषय में वे लोग ऐसा कहते हैं कि जन्म समय में ही उस बालक को बन में छोड़ के चले गए सो उस बालक की चारों ओर अग्नि जलता रहता था। इससे उस बालक को कोई जानवर नहीं मार सका जब वे पांच वर्ष के भए तय दिग्विजय करने लगे और सब पृथिवी के परिडतों को उनने जीत लिया पांच वर्ष की उमर में से। यह बात हमको फूल मालुम देती है क्यों कि वे बनमें बालक को कभी नहीं छोडेंगे तथा श्रग्नि रक्षा भी न करेगा और पांच वर्ष की उमर में विद्या कभी नहीं हो सकी फिर वे क्या पराजय करेंगे यह वान अपने संप्रदाय की प्रतिष्ठा के हेतु मिथ्या रच लिई है क्यों कि सुबोधिनी तथा विद्वन्मंडन संस्कृत में ग्रन्थ उन के बनायें देखने में आते हैं उनमें उनका साधारण पण्डित्य हो देखने में आता है इससे वे क्या पण्डितों का पराजय कर सकेंगे फिर वे ऐसा कहते हैं कि श्रीकृष्णाने बल्लभ जी से कहा कि हमारे जितने दैयो जीव है उनका तुम उद्धार करो फिर बल्ल जी फिरते घूमते मधुरा में आके रहे और वहां संप्रदाय का जाल फैलाया कितनेक पुरुष उनके चेंले भएऔौर उनने विवाह किया उम्से सात पुत्र भर से आज तक गोकुलस्यों की सात गद्दी बजनी है फिर ऐसी दो कथा प्रसिद्ध करने लगे कि जो कोई गोसांईजी का बला होगा वही वैष्णव और देवाजीव है, और जो कोई उनका चेला नही होता वह श्रासुर नाम दैत्य और राक्षस संज्ञक जीव है ऐसी प्रसिद्ध होने से बहुत लोग चेले हो गये और बहुत व्यभिचार तथा विषय भांग के हेतु चेले होते हैं यहां तक उनने मिथ्या कथा रची है कि जब मथुरा में रहते थे तब बल्लभ जी ने एक चेले से कहाकि तू दही मेरेलिए बाजार से ले श्रा वहचेला दही लेने के हेतु बाजार में गया वहां एक दही लेके बूढी स्त्री बैठी थी उससे उसने कहा की इस दही का क्या तू मुल्य लेगी तब
गढ़वा, प्रतिनिधि। जिलांतर्गत डंडा प्रखंड कार्यालय परिसर में गुरुवार को भाकपा माले ने अपने 13 सूत्री मांगों को लेकर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री के नाम 13 सूत्री मांग बीडीओ सह सीओ फणीश्वर रजवार को सौंपा गया। मौके पर बैंक, ब्लॉक, अंचल कार्यालय में व्याप्त लापरवाही, रिश्वतखोरी के खिलाफ माले नेताओं ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड व अंचल कार्यालय में लालफीताशाही हावी है। कोई भी विकास कार्य धरातल पर नहीं उतर पा रही है। प्रखंड की जनता किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, महिला, पुरुष, वृद्ध, विकलांग को दर्जनों बार चक्कर लगाने के बाद भी निराश ही लौटना पड़ता है। जनकल्याणकारी योजनाएं भी लूट की भेंट चढ़ चुकी हैं। करोड़ों रुपए की लागत से अधिकारियों-कर्मियों के रहने के लिए बना आवास यूं ही पड़ा हुआ है। राज्य सरकार का निर्देश है कि सभी पदाधिकारियों व कर्मी अंचल व प्रखंड निर्मित आवास में रहें। झारखंड सरकार की ओर से सरकार आपके द्वार कार्यक्रम महीनों पहले चलाया गया लेकिन किसी भी जनसमस्या का निदान नहीं हो पाया। अब जनता ठगा महसूस कर रही है। माले नेताओं ने कहा भाजपा की रघुवर सरकार के जाने के बाद हेमंत सरकार आई। उसके बाद भी पदाधिकारियों और कर्मियों के चरित्र में बदलाव नहीं आया है। प्रखंड की जनता नया राशन कार्ड बनाने और नाम जोड़ने की प्रक्रिया बीएसओ के पोर्टल में लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है। उसे यथाशीघ्र छोड़ने और लापरवाही बरतने के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। उसके अलावा पीएम किसान योजना में अधिकतर किसानों का जमीन रसीद संलग्न कर राशि मुहैया कराने, पीएम आवास योजना में बिना लाभुक के जानकारी में डिमांड बनाकर अवैध तरीके से राशि की निकासी हुई है। उसपर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उसके अलावा नए लाभूक जो अहर्तापूर्ण करते हैं उन्हें तत्काल आवास आवंटित किया जाए। उसके अलाव सभी किसानों को अविलंब खाद-बीज मुहैया कराने, बिजली बिल माफ करने, कृषि कार्य के लिए मुफ्त में या कम दर तय करने के साथ जर्जर तार पोल दुरुस्त करने की मांग की गई। वहीं स्वास्थ्य केंद्र को दुरुस्त कर चिकित्सक व कर्मियों को केंद्र पर रहना सुनिश्चित करने, जमीन ऑनलाइन करने, रसीद निर्गत व केवाला दाखिल खारिज नियम संगत करने की भी मांग की गई। कार्यक्रम को सुषमा मेहता, कालीचरण मेहता, संतोष चौधरी, कुंदन मेहता, श्रीनंद मेहता, अर्जुन चौधरी, पंचायत समिति सदस्य रहीना बीवी सह एपवा नेत्री ने संबोधित किया। मौके पर सूर्यदेव चौधरी, सुरेश चौधरी, अब्बास अंसारी, ललन चौधरी, चिंता देवी, संगीता देवी, बिगनी चौधरी, महेश चौधरी, सूर्यदेव चौधरी, जुगेश्वर महतो, नंदू महतो, विद्यानंद मेहता, राजमुनी मेहता, रामरेश मेहता सहित अ्रन्य मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डंडा प्रखंड सचिव सह भिखही पंचायत के बीरेंद्र चौधरी ने किया।
गढ़वा, प्रतिनिधि। जिलांतर्गत डंडा प्रखंड कार्यालय परिसर में गुरुवार को भाकपा माले ने अपने तेरह सूत्री मांगों को लेकर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री के नाम तेरह सूत्री मांग बीडीओ सह सीओ फणीश्वर रजवार को सौंपा गया। मौके पर बैंक, ब्लॉक, अंचल कार्यालय में व्याप्त लापरवाही, रिश्वतखोरी के खिलाफ माले नेताओं ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड व अंचल कार्यालय में लालफीताशाही हावी है। कोई भी विकास कार्य धरातल पर नहीं उतर पा रही है। प्रखंड की जनता किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, महिला, पुरुष, वृद्ध, विकलांग को दर्जनों बार चक्कर लगाने के बाद भी निराश ही लौटना पड़ता है। जनकल्याणकारी योजनाएं भी लूट की भेंट चढ़ चुकी हैं। करोड़ों रुपए की लागत से अधिकारियों-कर्मियों के रहने के लिए बना आवास यूं ही पड़ा हुआ है। राज्य सरकार का निर्देश है कि सभी पदाधिकारियों व कर्मी अंचल व प्रखंड निर्मित आवास में रहें। झारखंड सरकार की ओर से सरकार आपके द्वार कार्यक्रम महीनों पहले चलाया गया लेकिन किसी भी जनसमस्या का निदान नहीं हो पाया। अब जनता ठगा महसूस कर रही है। माले नेताओं ने कहा भाजपा की रघुवर सरकार के जाने के बाद हेमंत सरकार आई। उसके बाद भी पदाधिकारियों और कर्मियों के चरित्र में बदलाव नहीं आया है। प्रखंड की जनता नया राशन कार्ड बनाने और नाम जोड़ने की प्रक्रिया बीएसओ के पोर्टल में लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है। उसे यथाशीघ्र छोड़ने और लापरवाही बरतने के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। उसके अलावा पीएम किसान योजना में अधिकतर किसानों का जमीन रसीद संलग्न कर राशि मुहैया कराने, पीएम आवास योजना में बिना लाभुक के जानकारी में डिमांड बनाकर अवैध तरीके से राशि की निकासी हुई है। उसपर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उसके अलावा नए लाभूक जो अहर्तापूर्ण करते हैं उन्हें तत्काल आवास आवंटित किया जाए। उसके अलाव सभी किसानों को अविलंब खाद-बीज मुहैया कराने, बिजली बिल माफ करने, कृषि कार्य के लिए मुफ्त में या कम दर तय करने के साथ जर्जर तार पोल दुरुस्त करने की मांग की गई। वहीं स्वास्थ्य केंद्र को दुरुस्त कर चिकित्सक व कर्मियों को केंद्र पर रहना सुनिश्चित करने, जमीन ऑनलाइन करने, रसीद निर्गत व केवाला दाखिल खारिज नियम संगत करने की भी मांग की गई। कार्यक्रम को सुषमा मेहता, कालीचरण मेहता, संतोष चौधरी, कुंदन मेहता, श्रीनंद मेहता, अर्जुन चौधरी, पंचायत समिति सदस्य रहीना बीवी सह एपवा नेत्री ने संबोधित किया। मौके पर सूर्यदेव चौधरी, सुरेश चौधरी, अब्बास अंसारी, ललन चौधरी, चिंता देवी, संगीता देवी, बिगनी चौधरी, महेश चौधरी, सूर्यदेव चौधरी, जुगेश्वर महतो, नंदू महतो, विद्यानंद मेहता, राजमुनी मेहता, रामरेश मेहता सहित अ्रन्य मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डंडा प्रखंड सचिव सह भिखही पंचायत के बीरेंद्र चौधरी ने किया।
इस राज्य में सहायक अध्यापक की नौकरियों के लिए आवेदन करने का अंतिम दिन कल, जाने भर्ती से जुड़ी पूरी जानकारी। शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं को सुनहरा मौका मिलने जा रहा है। राजस्थान में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा के लिए नोटफिकेशन जारी होने के बाद, 12 जनवरी 2023 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इस राज्य में सहायक अध्यापक की नौकरियों के लिए आवेदन करने का अंतिम दिन कल, जाने भर्ती से जुड़ी पूरी जानकारी। शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं को सुनहरा मौका मिलने जा रहा है। राजस्थान में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा के लिए नोटफिकेशन जारी होने के बाद, बारह जनवरी दो हज़ार तेईस से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
रांचीः झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) में गुरुवार को भी सदन के अंदर और बाहर विपक्ष (Opposition) का हंगामा जारी रहा। इसी बीच मंत्री हफीजुल हसन (Hafeezul Hassan) ने सदन में आश्वासन दिया है कि एक महीने के अंदर झारखंड राज्य वक्फ बोर्ड (Jharkhand State Waqf Board) का गठन कर लिया जाएगा। माले MLA विनोद सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम (Development Corporation) का गठन कर लिया गया है, जिसके माध्यम से CM रोजगार सृजन योजना (CM Employment Generation Scheme) आदि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य एवं जिला स्तरीय 15 सूत्री समिति का गठन कर लिया गया है। एक महीने में भीतर वक्फ बोर्ड का भी गठन कर लिया जाएगा। MLA बिनोद सिंह ने सरकार से जानना चाहा था कि राज्य में 15 सूत्री राज्य और जिला समिति, वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक वित्त निगम (Minority Finance Corporation) का गठन नहीं होने से अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है।
रांचीः झारखंड विधानसभा में गुरुवार को भी सदन के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इसी बीच मंत्री हफीजुल हसन ने सदन में आश्वासन दिया है कि एक महीने के अंदर झारखंड राज्य वक्फ बोर्ड का गठन कर लिया जाएगा। माले MLA विनोद सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का गठन कर लिया गया है, जिसके माध्यम से CM रोजगार सृजन योजना आदि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य एवं जिला स्तरीय पंद्रह सूत्री समिति का गठन कर लिया गया है। एक महीने में भीतर वक्फ बोर्ड का भी गठन कर लिया जाएगा। MLA बिनोद सिंह ने सरकार से जानना चाहा था कि राज्य में पंद्रह सूत्री राज्य और जिला समिति, वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक वित्त निगम का गठन नहीं होने से अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है।
Simdega : सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड के भुसाबेडा गांव में जंगली हाथियों ने हमला कर दिया. हाथियों ने गांव के दो घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथियों के गांव में घुस आने से लोगों की जान पर आ पड़ी थी. ग्रामीणों ने बताया कि गुरूवार की रात करीब 1 बजे 10 हाथियों का एक झुंड गांव में घुस गया. जंगली हाथियों के गांव में आने से लोगों की नींद खुल गयी. हाथियों ने खाने की खोज के उद्देश्य से दो घरों में हमला किया जिसे दोनों घर क्षतिग्रस्त हो गया. ग्रामीणों ने बताया कि दोनों घर निर्मल तोपनो और जागेश्वर सिंह का है. हाथियों के घर पर हमला करने की आवाज से घर पर सो रहे लोग बाहर आये. और कई अन्य घर के लोग भी आवाज सुनकर बाहर आये. बाहर आकर देखा तो हाथियों का झुंड उस घर को धवस्त कर रहा था. लोगों ने मशाल जलाकर हाथियों को भगाने का प्रयास शुरू कर दिया. काफी मशक्कत के बाद हाथियों का झुंड गांव से बाहर भागा. बानो रेंजर सुशील पांडेय ने बताया कि भुसाबेडा में पहले भी एक बार हाथियों ने उत्पात मचाया है. उन्होंने कहा कि आज उनकी टीम गांव जाकर क्षति का मूल्यांकन करेगी. साथ ही ग्रामीणो को मशाल के लिए और जरूरी सामान भी दिये जायेंगे. उनके रेंज में जलडेगा के टोनियां क्षेत्र में भी हाथियों के होने की सूचना है. वहां भी सहायता भेजा जा रहा है.
Simdega : सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड के भुसाबेडा गांव में जंगली हाथियों ने हमला कर दिया. हाथियों ने गांव के दो घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथियों के गांव में घुस आने से लोगों की जान पर आ पड़ी थी. ग्रामीणों ने बताया कि गुरूवार की रात करीब एक बजे दस हाथियों का एक झुंड गांव में घुस गया. जंगली हाथियों के गांव में आने से लोगों की नींद खुल गयी. हाथियों ने खाने की खोज के उद्देश्य से दो घरों में हमला किया जिसे दोनों घर क्षतिग्रस्त हो गया. ग्रामीणों ने बताया कि दोनों घर निर्मल तोपनो और जागेश्वर सिंह का है. हाथियों के घर पर हमला करने की आवाज से घर पर सो रहे लोग बाहर आये. और कई अन्य घर के लोग भी आवाज सुनकर बाहर आये. बाहर आकर देखा तो हाथियों का झुंड उस घर को धवस्त कर रहा था. लोगों ने मशाल जलाकर हाथियों को भगाने का प्रयास शुरू कर दिया. काफी मशक्कत के बाद हाथियों का झुंड गांव से बाहर भागा. बानो रेंजर सुशील पांडेय ने बताया कि भुसाबेडा में पहले भी एक बार हाथियों ने उत्पात मचाया है. उन्होंने कहा कि आज उनकी टीम गांव जाकर क्षति का मूल्यांकन करेगी. साथ ही ग्रामीणो को मशाल के लिए और जरूरी सामान भी दिये जायेंगे. उनके रेंज में जलडेगा के टोनियां क्षेत्र में भी हाथियों के होने की सूचना है. वहां भी सहायता भेजा जा रहा है.
लिविंग रूम के डिजाइन को हमेशा विशेष ध्यान दिया जाता है। यह आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि इस कमरे में वे मेहमानों को प्राप्त करते हैं, पारिवारिक शाम बिताते हैं, कठिन दिन के काम के बाद आराम करते हैं। इसलिए, लिविंग रूम में वातावरण, इसके सभी सामान छोटे विवरण तक, एक सुखद शगल होना चाहिए। दुर्भाग्यवश, अपने सभी डिज़ाइन विचारों को एक विशिष्ट रहने वाले कमरे में अनुवाद करना हमेशा संभव नहीं होता है - उदाहरण के लिए, यह बहुत विशाल नहीं हो सकता है या उतना प्रकाश नहीं जितना हम चाहते हैं। लेकिन हताश परिस्थितियां नहीं होती हैं। ऐसे मामलों में, पेशेवर प्रकाश रंगों में लिविंग रूम को सजाने की सलाह देते हैं। प्रकाश टोन की दृष्टि दृष्टि से अंतरिक्ष का विस्तार करती है, सभी को ज्ञात है और लंबे समय से अंदरूनी डिजाइन करने के लिए उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि एक छोटे से रहने वाले कमरे के इंटीरियर डिजाइन के लिए हल्के टन की पसंद आदर्श विकल्प माना जा सकता है। लेकिन उत्साही मत बनो। यदि, उदाहरण के लिए, ड्राइंग रूम चमकदार सफेद रंगों में सजाया गया है, तो यह एक अस्पताल वार्ड जैसा दिखता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि घर के इस मुख्य कमरे का वातावरण आराम से सांस लेता है, नरम, गर्म रंग और रंगों को चुनना बेहतर होता है। हल्के, छोटे-छोटे इंटीरियर लहजे वाले हल्के-सफेद स्वरों में छोटे रहने वाले कमरे बहुत अच्छे लगते हैं, कुछ सहायक उपकरण (vases, कुशन, पेंटिंग्स) एक भूमिका निभा सकते हैं। अगर आपके लिविंग रूम में फायरप्लेस है, तो आप इसे एक निश्चित अर्थात् उच्चारण के रूप में भी हरा सकते हैं। एक रोशनी वाले रहने वाले कमरे के लिए, हल्के रंगों में सजाए गए, आप इसके लिए एक दिलचस्प डिजाइन की सिफारिश कर सकते हैं, इसमें कोई शक नहीं, कमरे का केंद्रीय तत्व - प्राकृतिक पत्थर के नीचे टाइल के परिधि के चारों ओर एक फायरप्लेस डालने के लिए। विशेष रूप से यह विकल्प देश के घरों के लिए अच्छा है। एक छोटे से रहने वाले कमरे की जगह को दृष्टि से विस्तारित करने के लिए, आप प्रकाश टोन के फर्श को कवर करने का भी सुझाव दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, विकर्ण के साथ रखे कीमती जंगल के लिए एक हल्का टुकड़े टुकड़े, हल्के भूरे रंग के स्वर में रहने वाले कमरे में शानदार रूप से दिखाई देंगे। वसंत की सुबह की ताजगी लिविंग रूम के वायुमंडल से भरी जाएगी, अगर उसके डिजाइन में हल्के हरे रंग के टन इस्तेमाल किए जाएंगे। और प्राकृतिक प्रकाश की कमी के साथ अंधेरे रहने वाले कमरे के लिए, हल्के पीले रंग के टन सबसे अच्छे हैं। इस मामले में, रहने का कमरा सूरज की रोशनी में दृष्टि से खेलता है। हल्के रंगों में रहने वाले कमरे को सजाने के लिए एक और दिलचस्प समाधान ग्रे रंग का उपयोग है। हाँ, हाँ, यह भूरा है। लेकिन यह मत सोचो कि कमरा भूरे और दुखी दिखेंगे। इससे दूर, ग्रे के धुंधले रंगों का उपयोग करने की सिफारिश की जाती है, उदारता से इसे बेज, दूधिया-सफेद या थोड़ा कम बैंगनी, बरगंडी, यहां तक कि नारंगी रंगों के साथ पूरक भी किया जाता है। रंगों के इस तरह के एक विरोधाभासी संयोजन में रहने वाले कमरे, हल्के भूरे रंग के स्वर, कुलीनता और विशेष ठाठ में सजाए जाएंगे। वैसे, हल्के भूरे रंग के रंग और बेज रंग डिजाइनरों के सभी रंगों की बारीकियों पर प्रकाश रंगों में शास्त्रीय रहने वाले कमरे के अंदरूनी निर्माण करते समय शैली के क्लासिक कहा जाता है। प्रकाश में, लेकिन क्रम में अलग, टोन, डिजाइनर संयुक्त कमरे के सजाने और अंदरूनी हिस्सों की सिफारिश करते हैं, उदाहरण के लिए रसोई-स्थान वाले कमरे, यानी, रंग स्थान जोनिंग के सिद्धांत का उपयोग करने के लिए। इस या उस कमरे (इस मामले में एक ड्राइंग रूम) के दृश्य विस्तार के लिए रंग पंजीकरण से कम नहीं, फर्नीचर प्रभावों का सही चयन भी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि एक छोटे से रहने वाले कमरे के लिए सबसे अच्छा विकल्प हल्का फर्नीचर है। वर्तमान में, लोकप्रिय रंगों की ऊंचाई पर प्रकाश रंगों में मॉड्यूलर रहने वाले कमरे (असबाबवाला फर्नीचर और हेडसेट)। वे न केवल किसी भी शैली के इंटीरियर में सामंजस्यपूर्ण रूप से फिट होते हैं, बल्कि यह फर्नीचर भी अंधेरे फर्नीचर की तुलना में कम भारी दिखता है, जो छोटे आकार के कमरों के लिए महत्वपूर्ण है।
लिविंग रूम के डिजाइन को हमेशा विशेष ध्यान दिया जाता है। यह आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि इस कमरे में वे मेहमानों को प्राप्त करते हैं, पारिवारिक शाम बिताते हैं, कठिन दिन के काम के बाद आराम करते हैं। इसलिए, लिविंग रूम में वातावरण, इसके सभी सामान छोटे विवरण तक, एक सुखद शगल होना चाहिए। दुर्भाग्यवश, अपने सभी डिज़ाइन विचारों को एक विशिष्ट रहने वाले कमरे में अनुवाद करना हमेशा संभव नहीं होता है - उदाहरण के लिए, यह बहुत विशाल नहीं हो सकता है या उतना प्रकाश नहीं जितना हम चाहते हैं। लेकिन हताश परिस्थितियां नहीं होती हैं। ऐसे मामलों में, पेशेवर प्रकाश रंगों में लिविंग रूम को सजाने की सलाह देते हैं। प्रकाश टोन की दृष्टि दृष्टि से अंतरिक्ष का विस्तार करती है, सभी को ज्ञात है और लंबे समय से अंदरूनी डिजाइन करने के लिए उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि एक छोटे से रहने वाले कमरे के इंटीरियर डिजाइन के लिए हल्के टन की पसंद आदर्श विकल्प माना जा सकता है। लेकिन उत्साही मत बनो। यदि, उदाहरण के लिए, ड्राइंग रूम चमकदार सफेद रंगों में सजाया गया है, तो यह एक अस्पताल वार्ड जैसा दिखता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि घर के इस मुख्य कमरे का वातावरण आराम से सांस लेता है, नरम, गर्म रंग और रंगों को चुनना बेहतर होता है। हल्के, छोटे-छोटे इंटीरियर लहजे वाले हल्के-सफेद स्वरों में छोटे रहने वाले कमरे बहुत अच्छे लगते हैं, कुछ सहायक उपकरण एक भूमिका निभा सकते हैं। अगर आपके लिविंग रूम में फायरप्लेस है, तो आप इसे एक निश्चित अर्थात् उच्चारण के रूप में भी हरा सकते हैं। एक रोशनी वाले रहने वाले कमरे के लिए, हल्के रंगों में सजाए गए, आप इसके लिए एक दिलचस्प डिजाइन की सिफारिश कर सकते हैं, इसमें कोई शक नहीं, कमरे का केंद्रीय तत्व - प्राकृतिक पत्थर के नीचे टाइल के परिधि के चारों ओर एक फायरप्लेस डालने के लिए। विशेष रूप से यह विकल्प देश के घरों के लिए अच्छा है। एक छोटे से रहने वाले कमरे की जगह को दृष्टि से विस्तारित करने के लिए, आप प्रकाश टोन के फर्श को कवर करने का भी सुझाव दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, विकर्ण के साथ रखे कीमती जंगल के लिए एक हल्का टुकड़े टुकड़े, हल्के भूरे रंग के स्वर में रहने वाले कमरे में शानदार रूप से दिखाई देंगे। वसंत की सुबह की ताजगी लिविंग रूम के वायुमंडल से भरी जाएगी, अगर उसके डिजाइन में हल्के हरे रंग के टन इस्तेमाल किए जाएंगे। और प्राकृतिक प्रकाश की कमी के साथ अंधेरे रहने वाले कमरे के लिए, हल्के पीले रंग के टन सबसे अच्छे हैं। इस मामले में, रहने का कमरा सूरज की रोशनी में दृष्टि से खेलता है। हल्के रंगों में रहने वाले कमरे को सजाने के लिए एक और दिलचस्प समाधान ग्रे रंग का उपयोग है। हाँ, हाँ, यह भूरा है। लेकिन यह मत सोचो कि कमरा भूरे और दुखी दिखेंगे। इससे दूर, ग्रे के धुंधले रंगों का उपयोग करने की सिफारिश की जाती है, उदारता से इसे बेज, दूधिया-सफेद या थोड़ा कम बैंगनी, बरगंडी, यहां तक कि नारंगी रंगों के साथ पूरक भी किया जाता है। रंगों के इस तरह के एक विरोधाभासी संयोजन में रहने वाले कमरे, हल्के भूरे रंग के स्वर, कुलीनता और विशेष ठाठ में सजाए जाएंगे। वैसे, हल्के भूरे रंग के रंग और बेज रंग डिजाइनरों के सभी रंगों की बारीकियों पर प्रकाश रंगों में शास्त्रीय रहने वाले कमरे के अंदरूनी निर्माण करते समय शैली के क्लासिक कहा जाता है। प्रकाश में, लेकिन क्रम में अलग, टोन, डिजाइनर संयुक्त कमरे के सजाने और अंदरूनी हिस्सों की सिफारिश करते हैं, उदाहरण के लिए रसोई-स्थान वाले कमरे, यानी, रंग स्थान जोनिंग के सिद्धांत का उपयोग करने के लिए। इस या उस कमरे के दृश्य विस्तार के लिए रंग पंजीकरण से कम नहीं, फर्नीचर प्रभावों का सही चयन भी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि एक छोटे से रहने वाले कमरे के लिए सबसे अच्छा विकल्प हल्का फर्नीचर है। वर्तमान में, लोकप्रिय रंगों की ऊंचाई पर प्रकाश रंगों में मॉड्यूलर रहने वाले कमरे । वे न केवल किसी भी शैली के इंटीरियर में सामंजस्यपूर्ण रूप से फिट होते हैं, बल्कि यह फर्नीचर भी अंधेरे फर्नीचर की तुलना में कम भारी दिखता है, जो छोटे आकार के कमरों के लिए महत्वपूर्ण है।
लखनऊः लखीमपुर खीरी में हेलिपैड पर धरने से शुरू हुआ किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है. अजय मिश्रा के बेटे अभिषेक मिश्रा 'मोनू' ने अपनी गाड़ी किसानों पर कार चढ़ा दी. यह देख किसानों का गुस्सा फूट गया. किसानों ने अभिषेक की गाड़ी के अलावा एक अन्य गाड़ी को आग के हवाले कर दिया. तोड़फोड़ भी हुई है. पुलिस स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है. वहीं, घायलों को अस्पताल भेजा गया है. भारतीय किसान यूनियन का दावा है कि 3 किसानों की मौत हो गई है. 8 किसान घायल हैं. हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. प्रशासन अजय मिश्रा और डिप्टी सीएम को बनवारी गांव से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है. भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं. कहा जा रहा है की, रविवार सुबह 8 बजे किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी और डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर उतरने के लिए तिकोनिया में बनाए गए हेलिपैड को कब्जे में ले लिया गया था. दोपहर 2:45 पर जब सड़क मार्ग से दोनों नेताओं का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा तो किसान काले झंडे दिखाने के लिए दौड़ पड़े. 26 सितंबर को किसानों ने केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा को लखीमपुर में संपूर्णानगर क्षेत्र में काले झंडे दिखाए थे. मिश्रा एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे. जनसभा में उन्होंने खुद के विरोध का जिक्र करते हुए मंच से किसानों को धमकी दी थी। कहा था कि किसानों के अगुवा यानी संयुक्त किसान मोर्चा के लोग प्रधानमंत्री मोदी का सामना नहीं कर पा रहे हैं. आंदोलन को 10 महीने हो गए. काले झंडे दिखाने वालों के लिए आगे उन्होंने कहा कि अगर हम गाड़ी से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता. कृषि कानून को लेकर केवल 10-15 लोग शोर मचा रहे हैं. यदि कानून इतना गलत है तो अब तक पूरे देश में आंदोलन फैल जाना चाहिए. उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा था कि सुधर जाओ, नहीं तो सामना करो, वरना हम सुधार देंगे दो मिनट लगेंगे. विधायक-सांसद से बनने से पहले से लोग मेरे विषय में जानते होंगे कि मैं चुनौती से भागता नहीं हूं. As an independent media platform, we do not take advertisements from governments and corporate houses. It is you, our readers, who have supported us on our journey to do honest and unbiased journalism. Please contribute, so that we can continue to do the same in future.
लखनऊः लखीमपुर खीरी में हेलिपैड पर धरने से शुरू हुआ किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है. अजय मिश्रा के बेटे अभिषेक मिश्रा 'मोनू' ने अपनी गाड़ी किसानों पर कार चढ़ा दी. यह देख किसानों का गुस्सा फूट गया. किसानों ने अभिषेक की गाड़ी के अलावा एक अन्य गाड़ी को आग के हवाले कर दिया. तोड़फोड़ भी हुई है. पुलिस स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है. वहीं, घायलों को अस्पताल भेजा गया है. भारतीय किसान यूनियन का दावा है कि तीन किसानों की मौत हो गई है. आठ किसान घायल हैं. हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. प्रशासन अजय मिश्रा और डिप्टी सीएम को बनवारी गांव से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है. भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं. कहा जा रहा है की, रविवार सुबह आठ बजे किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी और डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर उतरने के लिए तिकोनिया में बनाए गए हेलिपैड को कब्जे में ले लिया गया था. दोपहर दो:पैंतालीस पर जब सड़क मार्ग से दोनों नेताओं का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा तो किसान काले झंडे दिखाने के लिए दौड़ पड़े. छब्बीस सितंबर को किसानों ने केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा को लखीमपुर में संपूर्णानगर क्षेत्र में काले झंडे दिखाए थे. मिश्रा एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे. जनसभा में उन्होंने खुद के विरोध का जिक्र करते हुए मंच से किसानों को धमकी दी थी। कहा था कि किसानों के अगुवा यानी संयुक्त किसान मोर्चा के लोग प्रधानमंत्री मोदी का सामना नहीं कर पा रहे हैं. आंदोलन को दस महीने हो गए. काले झंडे दिखाने वालों के लिए आगे उन्होंने कहा कि अगर हम गाड़ी से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता. कृषि कानून को लेकर केवल दस-पंद्रह लोग शोर मचा रहे हैं. यदि कानून इतना गलत है तो अब तक पूरे देश में आंदोलन फैल जाना चाहिए. उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा था कि सुधर जाओ, नहीं तो सामना करो, वरना हम सुधार देंगे दो मिनट लगेंगे. विधायक-सांसद से बनने से पहले से लोग मेरे विषय में जानते होंगे कि मैं चुनौती से भागता नहीं हूं. As an independent media platform, we do not take advertisements from governments and corporate houses. It is you, our readers, who have supported us on our journey to do honest and unbiased journalism. Please contribute, so that we can continue to do the same in future.
इंटरकनेक्टिविटी की अवधारणा रॉयल स्पैनिश अकादमी ( RAE ) के शब्दकोश का हिस्सा नहीं है, जहाँ कनेक्टिविटी शब्द दिखाई देता हैः कनेक्शन स्थापित करने या कनेक्ट करने की क्षमता। कनेक्ट करने का विचार, इसके भाग के लिए, दो तत्वों के बीच संचार प्राप्त करने के लिए या दो प्रणालियों या उपकरणों को एक साथ जोड़ने के लिए दृष्टिकोण। इन विचारों के आधार पर हम इंटरकनेक्टिविटी की परिभाषा के साथ आगे बढ़ सकते हैं। धारणा, जिसे अक्सर सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपयोग किया जाता है, दो या अधिक नेटवर्क के बीच संचार से जुड़ी होती है । इंटरकनेक्टिविटी के लिए धन्यवाद, संसाधनों को साझा करना, नोड्स की सीमा को पार करना और साझा किए जाने वाले डेटाबेस तक तुरंत पहुंच बनाना संभव है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि दो नेटवर्क आपस में जुड़े हुए हैं, आपको एक हब ( हब ), एक स्विच (स्विच) या एक राउटर (राउटर) जैसे उपकरणों की आवश्यकता है। यह ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि विभिन्न सेवाओं और प्रौद्योगिकियों में विभिन्न सेवाएं और प्रौद्योगिकियां जो नेटवर्क के डिजाइन, विकास और रखरखाव की अनुमति देती हैं, जो कि विषम होती हैं। इंटरकनेक्शन डिवाइस संचार संरचना के माध्यम से डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार होते हैं जो दो या अधिक नेटवर्क के मिलन से निर्मित होते हैं। परस्पर नेटवर्क अपनी पहचान बनाए रखते हैं, लेकिन वे संसाधनों और डेटा के आदान-प्रदान के लिए उपयुक्त हैं। प्रत्येक नेटवर्क के विभिन्न गुणों से उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों को उपकरण और इंटरकनेक्शन सेवाओं द्वारा बचाया जाता है। इंटरकनेक्टिविटी की प्रासंगिकता, संक्षेप में, ट्रांसमिशन पावर, बैंडविड्थ या पैकेट आकार की सीमाओं के बिना विषम नेटवर्क को जोड़ने की संभावना द्वारा दी गई है।
इंटरकनेक्टिविटी की अवधारणा रॉयल स्पैनिश अकादमी के शब्दकोश का हिस्सा नहीं है, जहाँ कनेक्टिविटी शब्द दिखाई देता हैः कनेक्शन स्थापित करने या कनेक्ट करने की क्षमता। कनेक्ट करने का विचार, इसके भाग के लिए, दो तत्वों के बीच संचार प्राप्त करने के लिए या दो प्रणालियों या उपकरणों को एक साथ जोड़ने के लिए दृष्टिकोण। इन विचारों के आधार पर हम इंटरकनेक्टिविटी की परिभाषा के साथ आगे बढ़ सकते हैं। धारणा, जिसे अक्सर सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपयोग किया जाता है, दो या अधिक नेटवर्क के बीच संचार से जुड़ी होती है । इंटरकनेक्टिविटी के लिए धन्यवाद, संसाधनों को साझा करना, नोड्स की सीमा को पार करना और साझा किए जाने वाले डेटाबेस तक तुरंत पहुंच बनाना संभव है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि दो नेटवर्क आपस में जुड़े हुए हैं, आपको एक हब , एक स्विच या एक राउटर जैसे उपकरणों की आवश्यकता है। यह ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि विभिन्न सेवाओं और प्रौद्योगिकियों में विभिन्न सेवाएं और प्रौद्योगिकियां जो नेटवर्क के डिजाइन, विकास और रखरखाव की अनुमति देती हैं, जो कि विषम होती हैं। इंटरकनेक्शन डिवाइस संचार संरचना के माध्यम से डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार होते हैं जो दो या अधिक नेटवर्क के मिलन से निर्मित होते हैं। परस्पर नेटवर्क अपनी पहचान बनाए रखते हैं, लेकिन वे संसाधनों और डेटा के आदान-प्रदान के लिए उपयुक्त हैं। प्रत्येक नेटवर्क के विभिन्न गुणों से उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों को उपकरण और इंटरकनेक्शन सेवाओं द्वारा बचाया जाता है। इंटरकनेक्टिविटी की प्रासंगिकता, संक्षेप में, ट्रांसमिशन पावर, बैंडविड्थ या पैकेट आकार की सीमाओं के बिना विषम नेटवर्क को जोड़ने की संभावना द्वारा दी गई है।
छोटे निर्माण स्थलों और बड़े वाणिज्यिकनेटवर्क उपभोक्ता को विभिन्न उद्देश्यों के लिए मिश्रणों का एक विशाल चयन प्रदान करते हैं। लोकप्रियता में अग्रणी स्थिति प्रसिद्ध जर्मन चिंता हेनकेल का उत्पाद है, जिसे ब्रांड सेरेसिट के तहत उत्पादित किया जाता है। बिल्डिंग स्टोर्स के अलमारियों पर, आप इस ब्रांड के विभिन्न चिपकने वाले, मिश्रण मिश्रण, प्राइमर्स, सिरेमिक टाइल्स और कई अन्य उत्पादों के लिए ग्रौट देख सकते हैं। हम जलरोधक पर ध्यान केंद्रित करेंगेसेरेसिट सीआर -65 अंकन के तहत इस निर्माता द्वारा निर्मित संरचना। इस लेख में हम यह पता लगाएंगे कि इस उत्पाद को किस विशेषताओं के साथ संपन्न किया गया है, इसमें कौन से गुण निहित हैं, इसका सही तरीके से उपयोग कैसे करें, जहां मिश्रण (जलरोधक) सीआर -65 का उपयोग किया जा सकता है। उपभोक्ताओं से प्रतिक्रिया के आधार पर, "सेरेसाइट" का मिश्रणयह गैर-विकृत ठोस अड्डों पर जलरोधक कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक निविड़ अंधकार कोटिंग बनाने के लिए संरचना किसी भी सतह (छत, दीवारों, मंजिल) पर लागू किया जा सकता है। इसका उपयोग परिसर के अंदर और बाहर दोनों में किया जा सकता है। इस तरह के इन्सुलेशन का मुख्य कार्य नमी की घटना को रोकने और इमारतों के अंदर नमी के प्रवेश को रोकने के लिए है। खरीदारों की टिप्पणियां इंगित करती हैं कि जलरोधक मिश्रण सेरेसिट सीआर -65 का अक्सर उपयोग किया जाता हैः सूखा मिश्रण (निविड़ अंधकार) के होते हैंपोर्टलैंड सीमेंट, खनिज additives और विभिन्न संशोधक के साथ बहुलक। उत्पाद को 25 किलोग्राम के बैग में पैक सूखी संरचना के रूप में बेचा जाता है। उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया के आधार पर, कठोर स्थिति में कोटिंग में निम्नलिखित गुण हैंः तरल रचना उत्कृष्ट भट्ठा recesses और सतह के छिद्रों में droops, जिससे एक सुरक्षित कोटिंग है कि पानी की सबसे छोटा कण के प्रवेश को रोकता है बनाने। अब आइए इस उत्पाद की तकनीकी विशेषताओं को देखें। निर्माता के बारे में जानकारी, जो माल के पैकेज पर है, निम्न के बारे में बताती हैः संरचना के आवेदन के तीन दिन बाद, सिरेमिक टाइल्स की स्थापना शुरू हो सकती है। हाइड्रोलिक लोड कोटिंग का सामना करने की क्षमता आवेदन के 5 दिन बाद हो जाती है। खरीद के लिए दुकान में जाने से पहले,प्रत्येक मास्टर यह समझना चाहेगा कि जलरोधक मिश्रण सेरेसिट सीआर -65 कितना किफायती है। इन गणनाओं में सामग्री की खपत बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। निर्माता हमें सूचित करता है कि सतह के प्रत्येक वर्ग को संसाधित करने के लिए हमें 3 से 8 किलो सूखे मिश्रण की आवश्यकता होती है। यह सूचकांक सुरक्षात्मक परत की मोटाई और उपचार की संख्या से भिन्न होता है। समाप्त होने के आवेदन के साथ आगे बढ़ने से पहलेसमाधान, आपको सतह को अच्छी तरह से तैयार करने की आवश्यकता है। यह काफी घना, यहां तक कि और दृढ़ होना चाहिए। उपचार से पहले, यह विभिन्न प्रदूषकों और धूल से साफ है। प्लास्टर, पेंट और सभी प्रकार के डिटेचमेंट को हटा देना चाहिए। सभी दरारें और अवसाद स्क्रैप किए जाते हैं और विशेष यौगिकों से ढके होते हैं। साफ और यहां तक कि जमीन प्रचुर मात्रा में फैली हुई हैपानी, इसके संचय और streaks के गठन को रोकने। इसके बाद, आप मिश्रण लागू कर सकते हैं। इस ब्रांड के जलरोधक उत्पादों को एक पानी के प्रतिरोधी सेरेसिट सीओ -81 के साथ एक साथ उपयोग किया जा सकता है, जो कई बार पहली सामग्री की प्रदर्शन विशेषताओं में सुधार करता है। काम के दौरान त्रुटियों से बचने के लिए, आपको चाहिएजलरोधक मिश्रण सेरेसिट को सही तरीके से तैयार करने के बारे में जानें। उपभोक्ताओं और निर्माता से प्रतिक्रिया से पता चलता है कि समाधान को मिश्रण करने के लिए +15 से +25 डिग्री के तापमान के साथ पानी की कड़ाई से मापा मात्रा लेनी चाहिए। दोनों घटक जुड़े होते हैं और कम गति वाले मिक्सर के साथ मिश्रित होते हैं जब तक कि गांठ गायब न हो जाएं। पहले kneading के बाद, मिश्रण 5 मिनट के लिए छोड़ दिया जाता है, जिसके बाद यह फिर से kneaded है। जिन लोगों ने अभी तक इस उत्पाद का सामना नहीं किया है,निश्चित रूप से दिलचस्पी है कि तरल जलरोधक मिश्रण (सेरेसिट सीआर -65 / 25) काम करना कितना मुश्किल है। ग्राहक प्रतिक्रिया दर्शाती है कि इस प्रक्रिया में कुछ भी मुश्किल नहीं है। कोई भी इस तरह का काम कर सकता है। इसके अलावा, उपभोक्ता इस सामग्री की गुणवत्ता का जिक्र करते हैं। उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर, यह परेशानी के बिना लंबे समय तक टिकेगा।
छोटे निर्माण स्थलों और बड़े वाणिज्यिकनेटवर्क उपभोक्ता को विभिन्न उद्देश्यों के लिए मिश्रणों का एक विशाल चयन प्रदान करते हैं। लोकप्रियता में अग्रणी स्थिति प्रसिद्ध जर्मन चिंता हेनकेल का उत्पाद है, जिसे ब्रांड सेरेसिट के तहत उत्पादित किया जाता है। बिल्डिंग स्टोर्स के अलमारियों पर, आप इस ब्रांड के विभिन्न चिपकने वाले, मिश्रण मिश्रण, प्राइमर्स, सिरेमिक टाइल्स और कई अन्य उत्पादों के लिए ग्रौट देख सकते हैं। हम जलरोधक पर ध्यान केंद्रित करेंगेसेरेसिट सीआर -पैंसठ अंकन के तहत इस निर्माता द्वारा निर्मित संरचना। इस लेख में हम यह पता लगाएंगे कि इस उत्पाद को किस विशेषताओं के साथ संपन्न किया गया है, इसमें कौन से गुण निहित हैं, इसका सही तरीके से उपयोग कैसे करें, जहां मिश्रण सीआर -पैंसठ का उपयोग किया जा सकता है। उपभोक्ताओं से प्रतिक्रिया के आधार पर, "सेरेसाइट" का मिश्रणयह गैर-विकृत ठोस अड्डों पर जलरोधक कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक निविड़ अंधकार कोटिंग बनाने के लिए संरचना किसी भी सतह पर लागू किया जा सकता है। इसका उपयोग परिसर के अंदर और बाहर दोनों में किया जा सकता है। इस तरह के इन्सुलेशन का मुख्य कार्य नमी की घटना को रोकने और इमारतों के अंदर नमी के प्रवेश को रोकने के लिए है। खरीदारों की टिप्पणियां इंगित करती हैं कि जलरोधक मिश्रण सेरेसिट सीआर -पैंसठ का अक्सर उपयोग किया जाता हैः सूखा मिश्रण के होते हैंपोर्टलैंड सीमेंट, खनिज additives और विभिन्न संशोधक के साथ बहुलक। उत्पाद को पच्चीस किलोग्रामग्राम के बैग में पैक सूखी संरचना के रूप में बेचा जाता है। उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया के आधार पर, कठोर स्थिति में कोटिंग में निम्नलिखित गुण हैंः तरल रचना उत्कृष्ट भट्ठा recesses और सतह के छिद्रों में droops, जिससे एक सुरक्षित कोटिंग है कि पानी की सबसे छोटा कण के प्रवेश को रोकता है बनाने। अब आइए इस उत्पाद की तकनीकी विशेषताओं को देखें। निर्माता के बारे में जानकारी, जो माल के पैकेज पर है, निम्न के बारे में बताती हैः संरचना के आवेदन के तीन दिन बाद, सिरेमिक टाइल्स की स्थापना शुरू हो सकती है। हाइड्रोलिक लोड कोटिंग का सामना करने की क्षमता आवेदन के पाँच दिन बाद हो जाती है। खरीद के लिए दुकान में जाने से पहले,प्रत्येक मास्टर यह समझना चाहेगा कि जलरोधक मिश्रण सेरेसिट सीआर -पैंसठ कितना किफायती है। इन गणनाओं में सामग्री की खपत बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। निर्माता हमें सूचित करता है कि सतह के प्रत्येक वर्ग को संसाधित करने के लिए हमें तीन से आठ किलो सूखे मिश्रण की आवश्यकता होती है। यह सूचकांक सुरक्षात्मक परत की मोटाई और उपचार की संख्या से भिन्न होता है। समाप्त होने के आवेदन के साथ आगे बढ़ने से पहलेसमाधान, आपको सतह को अच्छी तरह से तैयार करने की आवश्यकता है। यह काफी घना, यहां तक कि और दृढ़ होना चाहिए। उपचार से पहले, यह विभिन्न प्रदूषकों और धूल से साफ है। प्लास्टर, पेंट और सभी प्रकार के डिटेचमेंट को हटा देना चाहिए। सभी दरारें और अवसाद स्क्रैप किए जाते हैं और विशेष यौगिकों से ढके होते हैं। साफ और यहां तक कि जमीन प्रचुर मात्रा में फैली हुई हैपानी, इसके संचय और streaks के गठन को रोकने। इसके बाद, आप मिश्रण लागू कर सकते हैं। इस ब्रांड के जलरोधक उत्पादों को एक पानी के प्रतिरोधी सेरेसिट सीओ -इक्यासी के साथ एक साथ उपयोग किया जा सकता है, जो कई बार पहली सामग्री की प्रदर्शन विशेषताओं में सुधार करता है। काम के दौरान त्रुटियों से बचने के लिए, आपको चाहिएजलरोधक मिश्रण सेरेसिट को सही तरीके से तैयार करने के बारे में जानें। उपभोक्ताओं और निर्माता से प्रतिक्रिया से पता चलता है कि समाधान को मिश्रण करने के लिए +पंद्रह से +पच्चीस डिग्री के तापमान के साथ पानी की कड़ाई से मापा मात्रा लेनी चाहिए। दोनों घटक जुड़े होते हैं और कम गति वाले मिक्सर के साथ मिश्रित होते हैं जब तक कि गांठ गायब न हो जाएं। पहले kneading के बाद, मिश्रण पाँच मिनट के लिए छोड़ दिया जाता है, जिसके बाद यह फिर से kneaded है। जिन लोगों ने अभी तक इस उत्पाद का सामना नहीं किया है,निश्चित रूप से दिलचस्पी है कि तरल जलरोधक मिश्रण काम करना कितना मुश्किल है। ग्राहक प्रतिक्रिया दर्शाती है कि इस प्रक्रिया में कुछ भी मुश्किल नहीं है। कोई भी इस तरह का काम कर सकता है। इसके अलावा, उपभोक्ता इस सामग्री की गुणवत्ता का जिक्र करते हैं। उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर, यह परेशानी के बिना लंबे समय तक टिकेगा।
भारत नियंत्रित कश्मीर में बड़ी संख्या में लोगों ने इमाम हुसैन के चेहुलम के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किये। भारत के हरियाणा राज्य की असांध सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी बख्शीश सिंह विर्क ने कहा है कि मतदान में आप चाहे कोई भी बटन दबाओ वोट तो कमल के फूल को ही जाएगा। भारत के महाराष्ट्र एवं हरियाणा राज्यों में सोमवार को विधान सभा के लिए मतदान आरंभ हो चुका है। भारत और पाकिस्तान के छोटे बड़े शहरों में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 4 आतंकी शिविरों को नष्ट करने का दावा किया है। मानवता के शहीद इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम आज भारत में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भारत के बहुत से शहरों की तरह राजधानी दिल्ली में भी शोकसभा और जुलूस का आयोजन हुआ। पाकिस्तान ने कहा है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विशेष अतिथि के रूप में करतारपुर उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे। लखनउ में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम काे चेहलुम का जुलूस पूरी शान से निकलकर कर्बला ताल कटोरा में संपन्न हुआ। भारत और पाकिस्तान की सीमा पर फिर तनाव बढ़ गया है और दोनों ने एक दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
भारत नियंत्रित कश्मीर में बड़ी संख्या में लोगों ने इमाम हुसैन के चेहुलम के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किये। भारत के हरियाणा राज्य की असांध सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी बख्शीश सिंह विर्क ने कहा है कि मतदान में आप चाहे कोई भी बटन दबाओ वोट तो कमल के फूल को ही जाएगा। भारत के महाराष्ट्र एवं हरियाणा राज्यों में सोमवार को विधान सभा के लिए मतदान आरंभ हो चुका है। भारत और पाकिस्तान के छोटे बड़े शहरों में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चार आतंकी शिविरों को नष्ट करने का दावा किया है। मानवता के शहीद इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम आज भारत में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भारत के बहुत से शहरों की तरह राजधानी दिल्ली में भी शोकसभा और जुलूस का आयोजन हुआ। पाकिस्तान ने कहा है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विशेष अतिथि के रूप में करतारपुर उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे। लखनउ में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम काे चेहलुम का जुलूस पूरी शान से निकलकर कर्बला ताल कटोरा में संपन्न हुआ। भारत और पाकिस्तान की सीमा पर फिर तनाव बढ़ गया है और दोनों ने एक दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी के छात्रावास में एक छात्र को ईद पर मिठाई मांगने के बाद हॉस्टल से निकालने का मामला सामने आया था। इस मामले में सोमवार को कई छात्र संगठनों ने यूनिवर्सिटी में प्रोटेस्ट किया। गांव भावड़ और घड़वाल के बीच बुटाना ब्रांच नहर में दोस्तों के साथ नहाने गया किशोर पानी के बहाव के साथ बह गया। उसकी नहर में डूबने से मौत हो गई। बरोदा थाना पुलिस ने नहर से युवक का शव बरामद कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया गया। सफीदों से विधायक सुभाष गंगोली को से भी रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। विधायक से गैंगस्टर गोल्डी बराड के नाम पर रंगदारी मांगी गई है। विधायक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मेष राशि वालों आज आपको कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। धर्म-कर्म के कामों में आपका मन लगेगा। मिथुन राशि वाले जो पारिवारिक बिजनेस से जुड़े हैं उन्हें सफलता मिलने की पूरी संभावना है। सिंह राशि वालों व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए दिन मुनाफा कमाने वाला रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। कन्या राशि वालों ऑफिस में आपके प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता अधिक रहेगी। तुला राशि वालों आपके दिन की शुरुआत बेहद सुखद रहेगी। काफी समय से रुका हुआ काम आज संपन्न हो सकता है। वृश्चिक राशि वालों आज घर की सुख सुविधा संबंधी चीजों पर खर्च हो सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। मकर राशि वालों आय के स्त्रोत बढ़ने से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। युवा वर्ग भविष्य को लेकर ज्यादा फोकस रहेंगे। कुंभ राशि वालों आज का दिन शानदार रहेगा। बिजनेस संबंधित निवेश करना आपके लिए उत्तम रहेगा। Be on the top of everything happening around the world. Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service.
चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी के छात्रावास में एक छात्र को ईद पर मिठाई मांगने के बाद हॉस्टल से निकालने का मामला सामने आया था। इस मामले में सोमवार को कई छात्र संगठनों ने यूनिवर्सिटी में प्रोटेस्ट किया। गांव भावड़ और घड़वाल के बीच बुटाना ब्रांच नहर में दोस्तों के साथ नहाने गया किशोर पानी के बहाव के साथ बह गया। उसकी नहर में डूबने से मौत हो गई। बरोदा थाना पुलिस ने नहर से युवक का शव बरामद कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया गया। सफीदों से विधायक सुभाष गंगोली को से भी रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। विधायक से गैंगस्टर गोल्डी बराड के नाम पर रंगदारी मांगी गई है। विधायक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मेष राशि वालों आज आपको कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। धर्म-कर्म के कामों में आपका मन लगेगा। मिथुन राशि वाले जो पारिवारिक बिजनेस से जुड़े हैं उन्हें सफलता मिलने की पूरी संभावना है। सिंह राशि वालों व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए दिन मुनाफा कमाने वाला रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। कन्या राशि वालों ऑफिस में आपके प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता अधिक रहेगी। तुला राशि वालों आपके दिन की शुरुआत बेहद सुखद रहेगी। काफी समय से रुका हुआ काम आज संपन्न हो सकता है। वृश्चिक राशि वालों आज घर की सुख सुविधा संबंधी चीजों पर खर्च हो सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। मकर राशि वालों आय के स्त्रोत बढ़ने से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। युवा वर्ग भविष्य को लेकर ज्यादा फोकस रहेंगे। कुंभ राशि वालों आज का दिन शानदार रहेगा। बिजनेस संबंधित निवेश करना आपके लिए उत्तम रहेगा। Be on the top of everything happening around the world. Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service.
एकाधिक माइलोमा एक ऑन्कोलॉजी है जो अस्थि मज्जा में कोशिकाओं से विकसित होती है। यह रोग काफी दुर्लभ है, और इसलिए इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। फिर भी, यह जानना कि यह किस प्रकार की बीमारी है, और यह स्वयं कैसे प्रकट हो सकता है, यह आवश्यक है। प्लाज्मा कोशिकाओं में उत्पादित प्रोटीन के लिए धन्यवाद, मानव शरीर विभिन्न बीमारियों और संक्रमणों का प्रतिरोध करता है। जब रोग एकाधिक माइलोमा होता है, प्लाज्मा कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं में बदल जाती हैं और सक्रिय रूप से विकसित होने लगती हैं। एकाधिक माइलोमा पुराने और मध्यम आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करता है। जोखिम क्षेत्र में ज्यादातर पुरुष होते हैं, इस बीमारी से महिलाएं कम प्रभावित होती हैं। माइलोमा के साथ, लोग हड्डियों, प्रतिरक्षा, और गुर्दे की समस्याओं से ग्रस्त हैं, जो काफी खराब हो सकते हैं। लेकिन यह भी दर्ज किया गया था कि जब बीमारी बहुत शांत और अनजान थी, और कुछ योजनाबद्ध परीक्षा के दौरान इसे मौके से निर्धारित करना संभव था। बेशक, देर से चरण में पाए गए कई माइलोमा को बहुत कठिन (शब्द की भौतिक और वित्तीय भावना दोनों में) माना जाता है। इसलिए, मायलोमैटोसिस (माइलोमा के लिए एक और आम नाम) एक अप्रिय आश्चर्य नहीं है और समय पर पाया गया था, नियमित चिकित्सा परीक्षाओं को अनदेखा करना और कम से कम एक बार पूरी परीक्षा लेने के लिए सबसे अच्छा नहीं है। शरीर की विशेषताओं के आधार पर, एकाधिक माइलोमा के मुख्य लक्षण भिन्न हो सकते हैं। बीमारी के शुरुआती चरणों में खुद प्रकट नहीं हो सकता है। जब मायलोमैटोसिस अधिक सक्रिय रूप से विकसित होना शुरू होता है, तो इससे पीड़ित व्यक्ति को कम से कम अभिव्यक्तियों में से एक महसूस करना होगा। एकाधिक माइलोमा के मुख्य लक्षण हैंः - कमजोरी; - तेज वजन घटाने; - गुर्दे की समस्याएं (विशेष रूप से, विफलता); - थकान; - विभिन्न संक्रमणों के क्रोनिक रूपों का विकास (साइनसिसिटिस, निमोनिया और अन्य)। कई माइलोमा की घटना का सटीक कारण अब तक निर्धारित नहीं किया गया है, हालांकि दुनिया भर के मरीजों की संख्या प्रभावशाली अंक तक पहुंच जाती है। संभवतः, सब कुछ संक्रमण से शुरू होता है और एक कैंसर एकल सेल में बदल जाता है। उसके बाद, यह स्वस्थ कोशिकाओं को सक्रिय रूप से साझा और स्थानांतरित करना शुरू कर देता है। एकाधिक माइलोमा के लिए कोई विशिष्ट भविष्यवाणियां देने के लिए और यह कहने के लिए कि एक रोगी कितना जीवित रह सकता है, बहुत मुश्किल है, क्योंकि वसूली कई कारकों पर निर्भर करती है। उपचार की प्रभावशीलता बीमारी के चरण, रोगी के सामान्य स्वास्थ्य, उसकी उम्र, ट्यूमर प्रक्रिया की गतिविधि और बहुत कुछ प्रभावित करती है। माइलोमा के इलाज की आवश्यक विधि भी बीमारी के चरण और मानव प्रतिरक्षा पर निर्भर करती है। शुरुआती चरणों में, जब बीमारी का निदान पहले से ही किया जाता है, लेकिन फिर भी खुद को प्रकट नहीं होता है, तो डॉक्टर के निरीक्षण के लिए पर्याप्त है। अन्य मामलों में, आमतौर पर निम्नलिखित उपचार प्रशासित होते हैंः - कीमोथेरेपी , विशेष हार्मोनल दवाओं के सेवन के साथ, प्रक्रिया के दुष्प्रभावों को निष्क्रिय (जहां तक संभव हो)। - इम्यून थेरेपी आपको जितनी देर तक केमोथेरेपी के प्रभाव को बनाए रखने की अनुमति देती है। - सर्जिकल हस्तक्षेप भी स्वीकार्य है। सच है, केवल बड़े ट्यूमर शल्य चिकित्सा हटा दिए जाते हैं। - यदि आवश्यक हो, अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण और स्टेम रक्त कोशिकाएं हो सकती हैं। एकाधिक माइलोमा के साथ, लोक उपचार निश्चित रूप से आवश्यक नहीं माना जा सकता है, लेकिन कुछ विधियां वास्तव में शरीर का समर्थन करती हैं। उदाहरण के लिए, एक सबर के मादक टिंचर को प्रभावी माना जाता है, इसे दिन में तीन बार एक महीने के दौरान पीना आवश्यक है। और comfrey और blackcorn के साथ संपीड़न हड्डियों में दर्द से छुटकारा पा जाएगा।
एकाधिक माइलोमा एक ऑन्कोलॉजी है जो अस्थि मज्जा में कोशिकाओं से विकसित होती है। यह रोग काफी दुर्लभ है, और इसलिए इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। फिर भी, यह जानना कि यह किस प्रकार की बीमारी है, और यह स्वयं कैसे प्रकट हो सकता है, यह आवश्यक है। प्लाज्मा कोशिकाओं में उत्पादित प्रोटीन के लिए धन्यवाद, मानव शरीर विभिन्न बीमारियों और संक्रमणों का प्रतिरोध करता है। जब रोग एकाधिक माइलोमा होता है, प्लाज्मा कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं में बदल जाती हैं और सक्रिय रूप से विकसित होने लगती हैं। एकाधिक माइलोमा पुराने और मध्यम आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करता है। जोखिम क्षेत्र में ज्यादातर पुरुष होते हैं, इस बीमारी से महिलाएं कम प्रभावित होती हैं। माइलोमा के साथ, लोग हड्डियों, प्रतिरक्षा, और गुर्दे की समस्याओं से ग्रस्त हैं, जो काफी खराब हो सकते हैं। लेकिन यह भी दर्ज किया गया था कि जब बीमारी बहुत शांत और अनजान थी, और कुछ योजनाबद्ध परीक्षा के दौरान इसे मौके से निर्धारित करना संभव था। बेशक, देर से चरण में पाए गए कई माइलोमा को बहुत कठिन माना जाता है। इसलिए, मायलोमैटोसिस एक अप्रिय आश्चर्य नहीं है और समय पर पाया गया था, नियमित चिकित्सा परीक्षाओं को अनदेखा करना और कम से कम एक बार पूरी परीक्षा लेने के लिए सबसे अच्छा नहीं है। शरीर की विशेषताओं के आधार पर, एकाधिक माइलोमा के मुख्य लक्षण भिन्न हो सकते हैं। बीमारी के शुरुआती चरणों में खुद प्रकट नहीं हो सकता है। जब मायलोमैटोसिस अधिक सक्रिय रूप से विकसित होना शुरू होता है, तो इससे पीड़ित व्यक्ति को कम से कम अभिव्यक्तियों में से एक महसूस करना होगा। एकाधिक माइलोमा के मुख्य लक्षण हैंः - कमजोरी; - तेज वजन घटाने; - गुर्दे की समस्याएं ; - थकान; - विभिन्न संक्रमणों के क्रोनिक रूपों का विकास । कई माइलोमा की घटना का सटीक कारण अब तक निर्धारित नहीं किया गया है, हालांकि दुनिया भर के मरीजों की संख्या प्रभावशाली अंक तक पहुंच जाती है। संभवतः, सब कुछ संक्रमण से शुरू होता है और एक कैंसर एकल सेल में बदल जाता है। उसके बाद, यह स्वस्थ कोशिकाओं को सक्रिय रूप से साझा और स्थानांतरित करना शुरू कर देता है। एकाधिक माइलोमा के लिए कोई विशिष्ट भविष्यवाणियां देने के लिए और यह कहने के लिए कि एक रोगी कितना जीवित रह सकता है, बहुत मुश्किल है, क्योंकि वसूली कई कारकों पर निर्भर करती है। उपचार की प्रभावशीलता बीमारी के चरण, रोगी के सामान्य स्वास्थ्य, उसकी उम्र, ट्यूमर प्रक्रिया की गतिविधि और बहुत कुछ प्रभावित करती है। माइलोमा के इलाज की आवश्यक विधि भी बीमारी के चरण और मानव प्रतिरक्षा पर निर्भर करती है। शुरुआती चरणों में, जब बीमारी का निदान पहले से ही किया जाता है, लेकिन फिर भी खुद को प्रकट नहीं होता है, तो डॉक्टर के निरीक्षण के लिए पर्याप्त है। अन्य मामलों में, आमतौर पर निम्नलिखित उपचार प्रशासित होते हैंः - कीमोथेरेपी , विशेष हार्मोनल दवाओं के सेवन के साथ, प्रक्रिया के दुष्प्रभावों को निष्क्रिय । - इम्यून थेरेपी आपको जितनी देर तक केमोथेरेपी के प्रभाव को बनाए रखने की अनुमति देती है। - सर्जिकल हस्तक्षेप भी स्वीकार्य है। सच है, केवल बड़े ट्यूमर शल्य चिकित्सा हटा दिए जाते हैं। - यदि आवश्यक हो, अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण और स्टेम रक्त कोशिकाएं हो सकती हैं। एकाधिक माइलोमा के साथ, लोक उपचार निश्चित रूप से आवश्यक नहीं माना जा सकता है, लेकिन कुछ विधियां वास्तव में शरीर का समर्थन करती हैं। उदाहरण के लिए, एक सबर के मादक टिंचर को प्रभावी माना जाता है, इसे दिन में तीन बार एक महीने के दौरान पीना आवश्यक है। और comfrey और blackcorn के साथ संपीड़न हड्डियों में दर्द से छुटकारा पा जाएगा।
संयुक्त गणना 1 सेना की वायु रक्षा मिसाइल रक्षा वीकेएस, जो उपनगरों से लैंडफिल "अशुलुक" पर पहुंची, एक कठिन जाम की स्थिति में मिसाइल और तोप के हथियारों को लोड करने के लिए मानकों पर काम किया, Zrpk "पैंटिर-एस", लक्ष्य से यात्रा करने, मुकाबला करने और पता लगाने के लिए परिसरों की तैनाती। जमीनी ठिकानों पर हवाई ठिकानों और तोपों के हथियारों से लैस मिसाइलों के साथ सल्वो गोलीबारी सहित सुसज्जित युद्धक चौकियों और आवाजाही दोनों से एकल और समूह फायरिंग का आयोजन। यह ध्यान दिया जाता है कि अभ्यास में कुल दो दर्जन से अधिक लड़ाकू वाहन शामिल थे। उसी समय, पैंटिर-एस ZRPK ने 2,5 लक्ष्य से अधिक मिसाइलों पर 20 हजार शॉट्स की गणना की। लक्ष्य ने यूएवी, वायुगतिकीय लक्ष्य और क्रूज मिसाइलों की नकल की। इसके अलावा, हल्के ढंग से बख्तरबंद जमीन उपकरण के रूप में लक्ष्य के लिए स्ट्राइक लागू किए गए थे। सामग्री सेः सफल प्रारंभिक शूटिंग और रखरखाव के बाद, पैंटिर-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम रूसी संघ की वायु रक्षा मिसाइल रक्षा प्रणाली की सेना के एक्सएनयूएमएक्स एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल रेजीमेंट के स्थायी तैनाती स्थानों पर मॉस्को क्षेत्र में पहुंचाए जाएंगे, जहां नई पैंटीर-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम वायु रक्षा ड्यूटी पर होंगे। मास्को और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम C-1 "ट्रायम्फ" के लिए कवर प्रदान करते हैं। आपकी जानकारी के लिएः ZRPK "शेल-एस" 2-3 वर्ग मीटर की न्यूनतम परावर्तक सतह के साथ किसी भी लक्ष्य को मारने में सक्षम है। सेमी और 1000 मीटर / सेकंड तक की गति, अधिकतम 20 किलोमीटर और विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, क्रूज मिसाइल, निर्देशित बम और सटीक हथियारों सहित 15 किलोमीटर तक की ऊंचाई।
संयुक्त गणना एक सेना की वायु रक्षा मिसाइल रक्षा वीकेएस, जो उपनगरों से लैंडफिल "अशुलुक" पर पहुंची, एक कठिन जाम की स्थिति में मिसाइल और तोप के हथियारों को लोड करने के लिए मानकों पर काम किया, Zrpk "पैंटिर-एस", लक्ष्य से यात्रा करने, मुकाबला करने और पता लगाने के लिए परिसरों की तैनाती। जमीनी ठिकानों पर हवाई ठिकानों और तोपों के हथियारों से लैस मिसाइलों के साथ सल्वो गोलीबारी सहित सुसज्जित युद्धक चौकियों और आवाजाही दोनों से एकल और समूह फायरिंग का आयोजन। यह ध्यान दिया जाता है कि अभ्यास में कुल दो दर्जन से अधिक लड़ाकू वाहन शामिल थे। उसी समय, पैंटिर-एस ZRPK ने दो,पाँच लक्ष्य से अधिक मिसाइलों पर बीस हजार शॉट्स की गणना की। लक्ष्य ने यूएवी, वायुगतिकीय लक्ष्य और क्रूज मिसाइलों की नकल की। इसके अलावा, हल्के ढंग से बख्तरबंद जमीन उपकरण के रूप में लक्ष्य के लिए स्ट्राइक लागू किए गए थे। सामग्री सेः सफल प्रारंभिक शूटिंग और रखरखाव के बाद, पैंटिर-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम रूसी संघ की वायु रक्षा मिसाइल रक्षा प्रणाली की सेना के एक्सएनयूएमएक्स एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल रेजीमेंट के स्थायी तैनाती स्थानों पर मॉस्को क्षेत्र में पहुंचाए जाएंगे, जहां नई पैंटीर-एस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम वायु रक्षा ड्यूटी पर होंगे। मास्को और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम C-एक "ट्रायम्फ" के लिए कवर प्रदान करते हैं। आपकी जानकारी के लिएः ZRPK "शेल-एस" दो-तीन वर्ग मीटर की न्यूनतम परावर्तक सतह के साथ किसी भी लक्ष्य को मारने में सक्षम है। सेमी और एक हज़ार मीटर / सेकंड तक की गति, अधिकतम बीस किलोग्राममीटर और विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, क्रूज मिसाइल, निर्देशित बम और सटीक हथियारों सहित पंद्रह किलोग्राममीटर तक की ऊंचाई।
आणाने दया परिहरी सत्योद्वार पंथ महा घातकूं ॥ ६ ॥ दया धर्म स्थापनार्थ वीत्या जेने राग द्वेष मोह ने अंतरे लेश केवल नाण ने दर्स लेइ वदे ज्ञान कूं । स्याद वाद निरापक्ष संग्रही मलच खटकाय जंत रक्ष दीए अभे दान कुं । आप दया करी पर दया से उमंग धरी निर वद्य वेद चरी, सुख सब जान कूं । एसा ए अगमनाथ आणा कुही दया साथ, रुदे घरो एही बात हणो मन प्राण कूं ॥ ७॥ दया धर्मियों को सूचना मनः हर छंद षट्काय जंत को उगारनार भावे बंधु बांचि समकीत सार दया करो सबको । दया सुख सिंधु सही भव में भमत नहीं शिवगत गेह वही फेरी मिटे कबकी । विगुत्यो अनंत काल हिंसा मिथ्या तणी ढाल खोलो देव हग अब जागो जागो कब की दया ही को धर्म द्वार खोलो जिन ज्ञान लार गहो समकित सार तजो चिंता जग की ॥ ८ ॥ मंगल भावना ग्रन्थराभ्भ के पूर्ण जगत्-माता, भक्तों के स्मरणाधार श्री जिनेश्वर की स्तुति करता हूं कि जिनके भजनानंद द्वारा भव दावाग्नि की विकट ज्वाला से ज्वलित सब भव्य जीवों के (१) वाणी (२) प्राणी (३) सागर ( ४ ) प्राप्त करे [५] व्यतीत हुआ (६) नेत्र अन्तःकरणों को शांति मिलती है, तथा जिन जिनेश्वर देव के ध्यान स्मरण रूप पुस्कल संवत मेघ की धाराएं भव्य प्राणियों के अन्तः करणों को शीतलता प्रदान करती है । जिनेश्वर देव, श्रकल अर्थात् किसी की समझ में न जाने वाले, श्रृगम्य अर्थात् ज्ञान विना सुगमता से नहीं पहचाने जाने वाले, अविनाशी अर्थात् जिनके जन्म मरण नष्ट हो गये हैं । सव कर्म रूपी मेघ नष्ट हो जाने से पर ब्रह्म निराकरण जन्हें रहित ज्ञान रूपी सूर्य प्रगट हो रहा है जिस ज्ञान रूपी प्रकाश में वे लोकालोक के भाव अवलोकन कर परम पद को प्राप्त हुए हैं, जिन्हें फिर इस संसार में अव तार लेना शेष नहीं रहा है, ऐसे विश्ववंद्य परमात्मा के समस्त गुणों की स्तुति कर यह सम-सार भाग २ दयाधर्म वृद्धि और हिंसा बुद्धि से मुक्त होने एवम् मेरे स्वधर्मी विवेत्री वीर नरों की शुद्ध श्रद्धा की पुष्टि के लिए धर्म वन्धुत्रों की पवित्र सेवा में अर्पण करता हूँ । आशा है, लव जीव-या प्रति जैन पालक बन्धु इस में लिखे हुए भावों पर विचार कर दया धर्म की वृद्धि करने में किञ्चिए त्रुटि न करेंगे । तथा तमोगुगादि से सर्व कंचुकी वत् शीघ्र ही दूर हो जायंगे । यही मान धर्मियों का मुख्य विवेक है । आत्मबोध परीक्षा ए धर्माभि लापी वीर जनो ! पहले अपने अन्तः कररा सहित प्रवृत्ति सम्बन्ध त्याग कर निवृति के साथ स्वस्थ वित्त हो निर्वद्य-चचन गुरु मुख से सुन कर विचार करो-अनुसन्धान लगाश्रो कि यह आत्मा इस जगत् के फंटे में क्यों फेलता है ! दिव्य ज्ञान रूपी नेत्रों को खोल कर देखोगे तो तुरंत मात हो जायगा कि अनादि काल से आज तक राग द्वेषादि ममता रूपी फासी के बंधन में फस कर यह आत्मा महा विटम्वना मे रहा है। अपना रमणीक तत्व स्वरूप भूल कर पौलिक भाव में लीन हो, चौदद्द राज लोक में सूक्ष्म और बादर वन चारों गति के स्थानों में नये २ भेष से जन्म मरण कर स्पर्श कर चुका है, और वहां नंदुःख भोगे हैं, जिसका मूल कारण यही प्रतीत होता है, कि वीतराग भाषित दया- धर्म तथा समकित ज्ञान सहित कर्म के विरुद्ध, श्रज्ञान बुद्धि से मिथ्यात्व धर्म पाल कर संसार में परि भ्रमण किया है। जब तक ज्ञान दर्शनादि उपयोग में स्थैर्य भाव नहीं प्राता, तव तक चतुर्गति के वन्धन से मुक्त हो जाना अत्यन्त कठिन है। इस लिए धर्म प्रेमियों ! इस अन्यायी संसार में मनुष्य जन्म पाकर अपनी मूल्य आत्मा की सार्थकता के लिए प्रथम विनयादि गुणों का अनुसरण कर ज्ञान सागर शुद्ध धर्माचार्य के विनयादि गुणों से संतुष्ट कर, उनके श्री मुख से वीतराग भाषित निर्वघ ज्ञान श्रवण कर यथा शक्ति ज्ञानभ्यास करो । फिर उसी ज्ञान शक्ति से सत्यासत्य पदार्थ का निश्चय करो । इस प्रकार प्रति दिन ज्ञान वृद्धि के साथ २ समकित की पुष्टी होगी और स्वपर के पहचानने की शक्ति बढेगी । जिससे अनादि काल से स्व स्वभाव का त्याग होगा और पर भव में पदस्थापित है, इसका निराकरण हो जायगा। किसी कवि ने क्या ही ठीक कहा है। ** दोहा ) तज विभाव हूजे मगन, शुद्धा तम पद मांहि । एक मोक्ष मारग यही अवर दूसरो नाहिं ॥ १ ॥ भावार्थ - विभाव अर्थात् जगत् की ज्वाला में पौलिक धर्म वस्तु को नाशवान् समझ कर त्याग दो। और तुम्हारी शुद्धात्मा रत्नत्रय अर्थात् ज्ञान-दर्शन में सदा मग्न रहो। सारांश यह है कि इन तीनों रत्नों के अतिरिक्त मोक्ष प्राप्ति का प्रत्य कोई साधन नहीं है । जे पूर्व कृत्योदय, रुचि शुं भुजे नांहि । मगन रहे श्राठों पहर, यहा शुद्धातम पद मांहि । भावार्थः सुन वर ! जिस समय शांत दशा प्राप्त हो कर अनुभव गुण के आधार से श्रात्मिक उपयोग में स्थित होने का समय प्राप्त हो उस समय जो २ शुभाशुभ कर्मोदय हो उन्हें निर्मोह ममता से भोग ले । पौलिक भाव में रुचि उत्पन्न न हो और ठों पर शुद्ध श्रात्म उपयोग में ही वीते तो यही धर्म पाने का सुबूत है। सारांश यह कि आत्मा अनन्त ज्ञान का भंडार है। सदा परमानंद स्वरूपी श्राप ही कर्ता और प्राप ही भोक्ता है। अपनी ही शक्ति से मोक्ष पद पाने की सामर्थ्य विना किसी अन्य पुरुष में मोक्ष प्राप्त कराने की शक्ति है ही नहीं । उदाहरणार्थ निम्नाकित दोहा पढ़िये । & दोहा ज्युं सब रतनादिक सदन, महि विन और न कोय । त्युं शिव सुख रतने भरी, तुझ आत्मा मन सोय ॥ १॥ भावार्थ-सम्पूर्ण प्रकार के रत्न उत्पन्न होने का स्थान पृथ्वी के अतिरिक्त दूसरा नहीं है, इसी प्रकार मोक्ष प्राप्त होने वाता रत्न तेरी ही श्रात्मा में स्थित है । हे चतुर ! उन रनों का भोता तेरे सिवाय दूसरा दृष्टि गोचर नहीं होता। और भी कहा है।
आणाने दया परिहरी सत्योद्वार पंथ महा घातकूं ॥ छः ॥ दया धर्म स्थापनार्थ वीत्या जेने राग द्वेष मोह ने अंतरे लेश केवल नाण ने दर्स लेइ वदे ज्ञान कूं । स्याद वाद निरापक्ष संग्रही मलच खटकाय जंत रक्ष दीए अभे दान कुं । आप दया करी पर दया से उमंग धरी निर वद्य वेद चरी, सुख सब जान कूं । एसा ए अगमनाथ आणा कुही दया साथ, रुदे घरो एही बात हणो मन प्राण कूं ॥ सात॥ दया धर्मियों को सूचना मनः हर छंद षट्काय जंत को उगारनार भावे बंधु बांचि समकीत सार दया करो सबको । दया सुख सिंधु सही भव में भमत नहीं शिवगत गेह वही फेरी मिटे कबकी । विगुत्यो अनंत काल हिंसा मिथ्या तणी ढाल खोलो देव हग अब जागो जागो कब की दया ही को धर्म द्वार खोलो जिन ज्ञान लार गहो समकित सार तजो चिंता जग की ॥ आठ ॥ मंगल भावना ग्रन्थराभ्भ के पूर्ण जगत्-माता, भक्तों के स्मरणाधार श्री जिनेश्वर की स्तुति करता हूं कि जिनके भजनानंद द्वारा भव दावाग्नि की विकट ज्वाला से ज्वलित सब भव्य जीवों के वाणी प्राणी सागर प्राप्त करे [पाँच] व्यतीत हुआ नेत्र अन्तःकरणों को शांति मिलती है, तथा जिन जिनेश्वर देव के ध्यान स्मरण रूप पुस्कल संवत मेघ की धाराएं भव्य प्राणियों के अन्तः करणों को शीतलता प्रदान करती है । जिनेश्वर देव, श्रकल अर्थात् किसी की समझ में न जाने वाले, श्रृगम्य अर्थात् ज्ञान विना सुगमता से नहीं पहचाने जाने वाले, अविनाशी अर्थात् जिनके जन्म मरण नष्ट हो गये हैं । सव कर्म रूपी मेघ नष्ट हो जाने से पर ब्रह्म निराकरण जन्हें रहित ज्ञान रूपी सूर्य प्रगट हो रहा है जिस ज्ञान रूपी प्रकाश में वे लोकालोक के भाव अवलोकन कर परम पद को प्राप्त हुए हैं, जिन्हें फिर इस संसार में अव तार लेना शेष नहीं रहा है, ऐसे विश्ववंद्य परमात्मा के समस्त गुणों की स्तुति कर यह सम-सार भाग दो दयाधर्म वृद्धि और हिंसा बुद्धि से मुक्त होने एवम् मेरे स्वधर्मी विवेत्री वीर नरों की शुद्ध श्रद्धा की पुष्टि के लिए धर्म वन्धुत्रों की पवित्र सेवा में अर्पण करता हूँ । आशा है, लव जीव-या प्रति जैन पालक बन्धु इस में लिखे हुए भावों पर विचार कर दया धर्म की वृद्धि करने में किञ्चिए त्रुटि न करेंगे । तथा तमोगुगादि से सर्व कंचुकी वत् शीघ्र ही दूर हो जायंगे । यही मान धर्मियों का मुख्य विवेक है । आत्मबोध परीक्षा ए धर्माभि लापी वीर जनो ! पहले अपने अन्तः कररा सहित प्रवृत्ति सम्बन्ध त्याग कर निवृति के साथ स्वस्थ वित्त हो निर्वद्य-चचन गुरु मुख से सुन कर विचार करो-अनुसन्धान लगाश्रो कि यह आत्मा इस जगत् के फंटे में क्यों फेलता है ! दिव्य ज्ञान रूपी नेत्रों को खोल कर देखोगे तो तुरंत मात हो जायगा कि अनादि काल से आज तक राग द्वेषादि ममता रूपी फासी के बंधन में फस कर यह आत्मा महा विटम्वना मे रहा है। अपना रमणीक तत्व स्वरूप भूल कर पौलिक भाव में लीन हो, चौदद्द राज लोक में सूक्ष्म और बादर वन चारों गति के स्थानों में नये दो भेष से जन्म मरण कर स्पर्श कर चुका है, और वहां नंदुःख भोगे हैं, जिसका मूल कारण यही प्रतीत होता है, कि वीतराग भाषित दया- धर्म तथा समकित ज्ञान सहित कर्म के विरुद्ध, श्रज्ञान बुद्धि से मिथ्यात्व धर्म पाल कर संसार में परि भ्रमण किया है। जब तक ज्ञान दर्शनादि उपयोग में स्थैर्य भाव नहीं प्राता, तव तक चतुर्गति के वन्धन से मुक्त हो जाना अत्यन्त कठिन है। इस लिए धर्म प्रेमियों ! इस अन्यायी संसार में मनुष्य जन्म पाकर अपनी मूल्य आत्मा की सार्थकता के लिए प्रथम विनयादि गुणों का अनुसरण कर ज्ञान सागर शुद्ध धर्माचार्य के विनयादि गुणों से संतुष्ट कर, उनके श्री मुख से वीतराग भाषित निर्वघ ज्ञान श्रवण कर यथा शक्ति ज्ञानभ्यास करो । फिर उसी ज्ञान शक्ति से सत्यासत्य पदार्थ का निश्चय करो । इस प्रकार प्रति दिन ज्ञान वृद्धि के साथ दो समकित की पुष्टी होगी और स्वपर के पहचानने की शक्ति बढेगी । जिससे अनादि काल से स्व स्वभाव का त्याग होगा और पर भव में पदस्थापित है, इसका निराकरण हो जायगा। किसी कवि ने क्या ही ठीक कहा है। ** दोहा ) तज विभाव हूजे मगन, शुद्धा तम पद मांहि । एक मोक्ष मारग यही अवर दूसरो नाहिं ॥ एक ॥ भावार्थ - विभाव अर्थात् जगत् की ज्वाला में पौलिक धर्म वस्तु को नाशवान् समझ कर त्याग दो। और तुम्हारी शुद्धात्मा रत्नत्रय अर्थात् ज्ञान-दर्शन में सदा मग्न रहो। सारांश यह है कि इन तीनों रत्नों के अतिरिक्त मोक्ष प्राप्ति का प्रत्य कोई साधन नहीं है । जे पूर्व कृत्योदय, रुचि शुं भुजे नांहि । मगन रहे श्राठों पहर, यहा शुद्धातम पद मांहि । भावार्थः सुन वर ! जिस समय शांत दशा प्राप्त हो कर अनुभव गुण के आधार से श्रात्मिक उपयोग में स्थित होने का समय प्राप्त हो उस समय जो दो शुभाशुभ कर्मोदय हो उन्हें निर्मोह ममता से भोग ले । पौलिक भाव में रुचि उत्पन्न न हो और ठों पर शुद्ध श्रात्म उपयोग में ही वीते तो यही धर्म पाने का सुबूत है। सारांश यह कि आत्मा अनन्त ज्ञान का भंडार है। सदा परमानंद स्वरूपी श्राप ही कर्ता और प्राप ही भोक्ता है। अपनी ही शक्ति से मोक्ष पद पाने की सामर्थ्य विना किसी अन्य पुरुष में मोक्ष प्राप्त कराने की शक्ति है ही नहीं । उदाहरणार्थ निम्नाकित दोहा पढ़िये । & दोहा ज्युं सब रतनादिक सदन, महि विन और न कोय । त्युं शिव सुख रतने भरी, तुझ आत्मा मन सोय ॥ एक॥ भावार्थ-सम्पूर्ण प्रकार के रत्न उत्पन्न होने का स्थान पृथ्वी के अतिरिक्त दूसरा नहीं है, इसी प्रकार मोक्ष प्राप्त होने वाता रत्न तेरी ही श्रात्मा में स्थित है । हे चतुर ! उन रनों का भोता तेरे सिवाय दूसरा दृष्टि गोचर नहीं होता। और भी कहा है।
स्कीईंग दुर्घटना में ज़ख्मी सात बार के फ़ॉर्मूला वन चैंपियन जर्मनी के माइकल शूमाकर की हालत में मामूली सुधार बताया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक़ यह सुधार उनके दिमाग़ पर दबाव कम करने के लिए हुए ऑपरेशन के बाद हुआ है. शूमाकर का परिवार अस्पताल में उनके क़रीब बुला लिया गया था. उनकी मैनेजर ज़बीने केम के मुताबिक़ ग्रेनोबल अस्पताल में मोटर रेसिंग चैंपियन की पत्नी कोरिना, बेटी गीना मारिया और बेटा मिक मौजूद हैं. 44 साल के शूमाकर रविवार को फ्रांस के अल्पाइन रिजॉर्ट मेरिबल में स्कीइंग के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए थे. उनके मस्तिष्क पर दबाव कम करने के लिए उन्हें अस्पताल में कोमा की हालत में रखा गया है. ज़बीने केम ने संवाददाताओं से कहा, "ज़ाहिर सी बात है कि परिवार सदमे में है. " ग्रेनोबल यूनिवर्सिटी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई के प्रोफ़ेसर ज्यां फ्रेंको पायेन ने बताया था, "अगर शूमाकर ने हेलमेट न पहना होता तो वह यहां तक नहीं पहुंच पाते. उनके मस्तिष्क से दबाव कम करने के लिए हमें तुरंत उनका ऑपरेशन करना पड़ा. " न्यूरोसर्जन स्टीफ़न काबार्डेस ने कहा कि ऑपरेशन के बाद किए गए स्कैन से पता चला है कि उनके दिमाग के दोनों तरफ़ बने रक्त के थक्के अब साफ़ हो गए हैं. ग्रेनोबल में मौजूद बीबीसी की इमोगेन फॉल्केस का कहना है कि ऐसी दुर्घटना के शिकार कई लोग ज़िदगी की लड़ाई जीतने में सफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि मरीज़ की स्थिति को सामान्य बनाने लिए उन्हें कई सप्ताह तक कोमा की स्थिति में रखा जा सकता है और फिर पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए महीनों थेरेपी चल सकती है. कोमा में शूमाकर के शरीर के तापमान को कम करके 34-35 सेल्सियस रखा गया है और उनके मेटाबॉलिज्म को भी धीमा किया गया है. शूमाकर अपने 14 वर्षीय बेटे के साथ स्कीइंग कर रहे थे कि तभी वह गिर पड़े और उनका सिर पत्थर से टकरा गया. शूमाकर को हेलिकॉप्टर के ज़रिए क़रीबी शहर मोतीए के एक अस्पताल ले जाया गया जहाँ से उन्हें ग्रेनोबल के बड़े अस्पताल भेजा गया. इस बीच शूमाकर की सलामती के लिए दुनियाभर से संदेश आ रहे हैं. जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल के प्रवक्ता ने कहा कि करोड़ों जर्मन लोगों की तरह चांसलर और उनकी सरकार भी शूमाकर की हालत से फिक्रमंद है. प्रवक्ता ने कहा, "हमें उम्मीद है कि शूमाकर स्वस्थ होंगे और उनका परिवार इस सदमे से बाहर निकलेगा. " फ़ेरारी में शूमाकर के साथी रहे ब्राज़ील के फेलिप मासा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "मैं आपके लिए दुआ कर रहा हूं मेरे भाई. मुझे उम्मीद है कि आप जल्द स्वस्थ होंगे. भगवान आपकी रक्षा करे माइकल. " मासा 2009 में हंगेरियन ग्रां प्री के दौरान बुरी तरह घायल हो गए थे. उन्हें भी सिर पर गंभीर चोटें आई थीं. सोमवार को शूमाकर के कुछ प्रशंसक ग्रेनोबल में अस्पताल के बाहर जमा हुए थे. यहां पढ़ाई कर रहे किर्गिस्तान के एक छात्र नूराविल रैमबेकोव ने कहा कि शूमाकर एक प्रेरणा स्रोत हैं. उन्होंने कहा, "मैं उनकी सेहत को लेकर चिंतित हूं. लेकिन मूझे उम्मीद है कि वह स्वस्थ होंगे. मैं उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूं. " तीन जनवरी को 45 साल के होने जा रहे शूमाकर ने पिछले साल दूसरी बार फ़ॉर्मूला वन को अलविदा कहा था. अपने 19 साल लंबे एफ़-1 करियर में शूमाकर सात बार विश्व चैंपियन रहे और उन्होंने कुल 91 रेस जीतीं. उन्होंने 1994 और 1995 में बेनेटन के लिए विश्व ख़िताब जीते थे और फिर उन्होंने साल 2000 से लगातार पाँच बार फेरारी के लिए ख़िताब अपने नाम किए. शूमाकर ने साल 2006 में खेल से संन्यास ले लिया था, लेकिन साल 2010 में उन्होंने मर्सीडीज़ के साथ फिर ट्रैक पर वापसी की और फिर 2012 में दोबारा संन्यास ले लिया. (बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं. )
स्कीईंग दुर्घटना में ज़ख्मी सात बार के फ़ॉर्मूला वन चैंपियन जर्मनी के माइकल शूमाकर की हालत में मामूली सुधार बताया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक़ यह सुधार उनके दिमाग़ पर दबाव कम करने के लिए हुए ऑपरेशन के बाद हुआ है. शूमाकर का परिवार अस्पताल में उनके क़रीब बुला लिया गया था. उनकी मैनेजर ज़बीने केम के मुताबिक़ ग्रेनोबल अस्पताल में मोटर रेसिंग चैंपियन की पत्नी कोरिना, बेटी गीना मारिया और बेटा मिक मौजूद हैं. चौंतालीस साल के शूमाकर रविवार को फ्रांस के अल्पाइन रिजॉर्ट मेरिबल में स्कीइंग के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए थे. उनके मस्तिष्क पर दबाव कम करने के लिए उन्हें अस्पताल में कोमा की हालत में रखा गया है. ज़बीने केम ने संवाददाताओं से कहा, "ज़ाहिर सी बात है कि परिवार सदमे में है. " ग्रेनोबल यूनिवर्सिटी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई के प्रोफ़ेसर ज्यां फ्रेंको पायेन ने बताया था, "अगर शूमाकर ने हेलमेट न पहना होता तो वह यहां तक नहीं पहुंच पाते. उनके मस्तिष्क से दबाव कम करने के लिए हमें तुरंत उनका ऑपरेशन करना पड़ा. " न्यूरोसर्जन स्टीफ़न काबार्डेस ने कहा कि ऑपरेशन के बाद किए गए स्कैन से पता चला है कि उनके दिमाग के दोनों तरफ़ बने रक्त के थक्के अब साफ़ हो गए हैं. ग्रेनोबल में मौजूद बीबीसी की इमोगेन फॉल्केस का कहना है कि ऐसी दुर्घटना के शिकार कई लोग ज़िदगी की लड़ाई जीतने में सफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि मरीज़ की स्थिति को सामान्य बनाने लिए उन्हें कई सप्ताह तक कोमा की स्थिति में रखा जा सकता है और फिर पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए महीनों थेरेपी चल सकती है. कोमा में शूमाकर के शरीर के तापमान को कम करके चौंतीस-पैंतीस सेल्सियस रखा गया है और उनके मेटाबॉलिज्म को भी धीमा किया गया है. शूमाकर अपने चौदह वर्षीय बेटे के साथ स्कीइंग कर रहे थे कि तभी वह गिर पड़े और उनका सिर पत्थर से टकरा गया. शूमाकर को हेलिकॉप्टर के ज़रिए क़रीबी शहर मोतीए के एक अस्पताल ले जाया गया जहाँ से उन्हें ग्रेनोबल के बड़े अस्पताल भेजा गया. इस बीच शूमाकर की सलामती के लिए दुनियाभर से संदेश आ रहे हैं. जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल के प्रवक्ता ने कहा कि करोड़ों जर्मन लोगों की तरह चांसलर और उनकी सरकार भी शूमाकर की हालत से फिक्रमंद है. प्रवक्ता ने कहा, "हमें उम्मीद है कि शूमाकर स्वस्थ होंगे और उनका परिवार इस सदमे से बाहर निकलेगा. " फ़ेरारी में शूमाकर के साथी रहे ब्राज़ील के फेलिप मासा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "मैं आपके लिए दुआ कर रहा हूं मेरे भाई. मुझे उम्मीद है कि आप जल्द स्वस्थ होंगे. भगवान आपकी रक्षा करे माइकल. " मासा दो हज़ार नौ में हंगेरियन ग्रां प्री के दौरान बुरी तरह घायल हो गए थे. उन्हें भी सिर पर गंभीर चोटें आई थीं. सोमवार को शूमाकर के कुछ प्रशंसक ग्रेनोबल में अस्पताल के बाहर जमा हुए थे. यहां पढ़ाई कर रहे किर्गिस्तान के एक छात्र नूराविल रैमबेकोव ने कहा कि शूमाकर एक प्रेरणा स्रोत हैं. उन्होंने कहा, "मैं उनकी सेहत को लेकर चिंतित हूं. लेकिन मूझे उम्मीद है कि वह स्वस्थ होंगे. मैं उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूं. " तीन जनवरी को पैंतालीस साल के होने जा रहे शूमाकर ने पिछले साल दूसरी बार फ़ॉर्मूला वन को अलविदा कहा था. अपने उन्नीस साल लंबे एफ़-एक करियर में शूमाकर सात बार विश्व चैंपियन रहे और उन्होंने कुल इक्यानवे रेस जीतीं. उन्होंने एक हज़ार नौ सौ चौरानवे और एक हज़ार नौ सौ पचानवे में बेनेटन के लिए विश्व ख़िताब जीते थे और फिर उन्होंने साल दो हज़ार से लगातार पाँच बार फेरारी के लिए ख़िताब अपने नाम किए. शूमाकर ने साल दो हज़ार छः में खेल से संन्यास ले लिया था, लेकिन साल दो हज़ार दस में उन्होंने मर्सीडीज़ के साथ फिर ट्रैक पर वापसी की और फिर दो हज़ार बारह में दोबारा संन्यास ले लिया.
भोपाल : कोरोना वायरस के संक्रमण से जहां महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रदेश बुरी तरह प्रभावित है वहीं मध्यप्रदेश कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी हद तक कामयाब हो गया है। कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित भोपाल और इंदौर में अब हालत धीमे धीमे सुधर रहे है। देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित सातवें नंबर के शहर इंदौर में रविवार को मात्र 6 नए मरीज मिले। वहीं देश के कोरोना संक्रमित टॉप 20 शहरों में अब भोपाल नहीं शामिल है। मध्यप्रदेश के एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान के मुताबिक भारत के सर्वाधिक संक्रमित 15 शहरों में प्रदेश का इंदौर शहर अब सातवें स्थान पर है वहीं इस सूची में शामिल भोपाल अब इससे बाहर निकल गया है। मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। अब प्रदेश पूरे देश में आठवें स्थान पर आ गया है। प्रदेश में कोरोना का डबलिंग रेट बढ़कर 34. 1 दिन तथा रिकवरी रेट 71. 1 फीसदी हो गया है। गौरतलब है कि रिकवरी रेट में मध्यप्रदेश, राजस्थान के बाद देश में दूसरे स्थान पर है। देश में कोरोना की रिकवरी रेट का औसत 50. 6 प्रतिशत है, जिसमें राजस्थान का रिकवरी रेट सर्वाधिक 75. 3 प्रतिशत, मध्य प्रदेश 71. 1 फीसदी के साथ दूसरे नंबर, गुजरात 68. 9 के साथ तीसरे स्थान पर, उत्तर प्रदेश की 60 और तमिलनाडु की 54. 8 प्रतिशत के साथ चौथे और पांचवे नंबर पर है। कोरोना संक्रमण में प्रदेश आठवें स्थान पर - कोरोना संक्रमण में मध्य प्रदेश भारत में अब 8 वें स्थान पर आ गया है। मध्य प्रदेश में 10802 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण है। देश में सर्वाधिक कोरोना प्रकरण महाराष्ट्र में 1,07,958 इसके बाद तमिलनाडु में 44,661, दिल्ली में 41,182 गुजरात में 23,544, उत्तरप्रदेश में 13,615, राजस्थान में 12,694 तथा पश्चिम बंगाल में 11,087 कोरोना पॉजीटिव प्रकरण हैं। डबलिंग रेट भारत में सबसे कम - कोरोना संक्रमण की पूरे देश में मध्यप्रदेश में सबसे धीमी गति है। हमारी डबलिंग रेट 34. 1 दिन है, जबकि भारत की 18. 4 दिन है। गुजरात की 30. 2 दिन, राजस्थान की 26. 7 दिन, महाराष्ट्र की 21 दिन तथा उत्तरप्रदेश की 18. 6 दिन है।
भोपाल : कोरोना वायरस के संक्रमण से जहां महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रदेश बुरी तरह प्रभावित है वहीं मध्यप्रदेश कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी हद तक कामयाब हो गया है। कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित भोपाल और इंदौर में अब हालत धीमे धीमे सुधर रहे है। देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित सातवें नंबर के शहर इंदौर में रविवार को मात्र छः नए मरीज मिले। वहीं देश के कोरोना संक्रमित टॉप बीस शहरों में अब भोपाल नहीं शामिल है। मध्यप्रदेश के एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान के मुताबिक भारत के सर्वाधिक संक्रमित पंद्रह शहरों में प्रदेश का इंदौर शहर अब सातवें स्थान पर है वहीं इस सूची में शामिल भोपाल अब इससे बाहर निकल गया है। मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। अब प्रदेश पूरे देश में आठवें स्थान पर आ गया है। प्रदेश में कोरोना का डबलिंग रेट बढ़कर चौंतीस. एक दिन तथा रिकवरी रेट इकहत्तर. एक फीसदी हो गया है। गौरतलब है कि रिकवरी रेट में मध्यप्रदेश, राजस्थान के बाद देश में दूसरे स्थान पर है। देश में कोरोना की रिकवरी रेट का औसत पचास. छः प्रतिशत है, जिसमें राजस्थान का रिकवरी रेट सर्वाधिक पचहत्तर. तीन प्रतिशत, मध्य प्रदेश इकहत्तर. एक फीसदी के साथ दूसरे नंबर, गुजरात अड़सठ. नौ के साथ तीसरे स्थान पर, उत्तर प्रदेश की साठ और तमिलनाडु की चौवन. आठ प्रतिशत के साथ चौथे और पांचवे नंबर पर है। कोरोना संक्रमण में प्रदेश आठवें स्थान पर - कोरोना संक्रमण में मध्य प्रदेश भारत में अब आठ वें स्थान पर आ गया है। मध्य प्रदेश में दस हज़ार आठ सौ दो कोरोना पॉजिटिव प्रकरण है। देश में सर्वाधिक कोरोना प्रकरण महाराष्ट्र में एक,सात,नौ सौ अट्ठावन इसके बाद तमिलनाडु में चौंतालीस,छः सौ इकसठ, दिल्ली में इकतालीस,एक सौ बयासी गुजरात में तेईस,पाँच सौ चौंतालीस, उत्तरप्रदेश में तेरह,छः सौ पंद्रह, राजस्थान में बारह,छः सौ चौरानवे तथा पश्चिम बंगाल में ग्यारह,सत्तासी कोरोना पॉजीटिव प्रकरण हैं। डबलिंग रेट भारत में सबसे कम - कोरोना संक्रमण की पूरे देश में मध्यप्रदेश में सबसे धीमी गति है। हमारी डबलिंग रेट चौंतीस. एक दिन है, जबकि भारत की अट्ठारह. चार दिन है। गुजरात की तीस. दो दिन, राजस्थान की छब्बीस. सात दिन, महाराष्ट्र की इक्कीस दिन तथा उत्तरप्रदेश की अट्ठारह. छः दिन है।
बिपाशा बसु अब भले ही करण सिंह ग्रोवर के प्यार में डूब गई हों, लेकिन पहले समय वो पूरी तरह जॉन की होने को तैयार थीं। बस एक गलती के कारण ये न हो सका। एक दौर था, जब बिपाशा बसु, जॉन अब्राहम का बर्थडे धूमधाम से मनाती थीं और जॉन अब्राहम बिपाशा का जन्मदिन उतने ही गर्मजोशी से मनाते थे। कई बार तो ऐसा हुआ कि पार्टी भी एक-दूसरे के घर पर मनाई गई और इसके होस्ट दोनों साथ ही होते। लेकिन एक दिन आज है। आज भी बिपाशा बसु को जन्मदिन है। वह बृहस्पतिवार को अपना 37वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्हें बॉलीवुड के बड़ी-छोड़ी हिस्तयों से बधाई संदेश आ रहे हैं। ट्विटर पर जैकी भगनानी से लेकर राज कुंद्रा तक ने उन्हें शुभकामनाएं भेजी हैं। लेकिन जॉन अब्राहम कहीं नजर नहीं आ रहे है। दोनों के रिश्ते की बीच आई खाई का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि एक शख्स ने बिपाशा बसु से जब ये पूछा कि जॉन अब्राहम ने उन्हें बधाई नहीं भेजी तो उन्होंने कहा, हू इज जॉन? अब सवाल ये है कि इतने गहरे रिश्ते में रहने के बाद भी कोई किसी को भूल सकता है क्या? बिपाशा तो उनके साथ बेडरूम सीन लिए भी हां कर देती थीं। यही नहीं, दर्शकों ने इस जोड़ी को खूब पसंद किया। इन दोनों की फिल्में सफल भी हुईं।
बिपाशा बसु अब भले ही करण सिंह ग्रोवर के प्यार में डूब गई हों, लेकिन पहले समय वो पूरी तरह जॉन की होने को तैयार थीं। बस एक गलती के कारण ये न हो सका। एक दौर था, जब बिपाशा बसु, जॉन अब्राहम का बर्थडे धूमधाम से मनाती थीं और जॉन अब्राहम बिपाशा का जन्मदिन उतने ही गर्मजोशी से मनाते थे। कई बार तो ऐसा हुआ कि पार्टी भी एक-दूसरे के घर पर मनाई गई और इसके होस्ट दोनों साथ ही होते। लेकिन एक दिन आज है। आज भी बिपाशा बसु को जन्मदिन है। वह बृहस्पतिवार को अपना सैंतीसवां जन्मदिन मना रही हैं। उन्हें बॉलीवुड के बड़ी-छोड़ी हिस्तयों से बधाई संदेश आ रहे हैं। ट्विटर पर जैकी भगनानी से लेकर राज कुंद्रा तक ने उन्हें शुभकामनाएं भेजी हैं। लेकिन जॉन अब्राहम कहीं नजर नहीं आ रहे है। दोनों के रिश्ते की बीच आई खाई का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि एक शख्स ने बिपाशा बसु से जब ये पूछा कि जॉन अब्राहम ने उन्हें बधाई नहीं भेजी तो उन्होंने कहा, हू इज जॉन? अब सवाल ये है कि इतने गहरे रिश्ते में रहने के बाद भी कोई किसी को भूल सकता है क्या? बिपाशा तो उनके साथ बेडरूम सीन लिए भी हां कर देती थीं। यही नहीं, दर्शकों ने इस जोड़ी को खूब पसंद किया। इन दोनों की फिल्में सफल भी हुईं।
ग्रेटर नोएडा : आज सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था के प्रतिनिधिमण्डल ने आनंद कुमार सिंह (जिला समाज कल्याण अधिकारी गौतमबुद्धनगर ) से मुलाकात कर क्षेत्र में पेंशन शिविर लगाने की मांग की । संस्था के संस्थापक डा. राहुल वर्मा ने बताया कि संस्था ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से मिलकर क्षेत्र में विधवा पैँशन , वृद्धावस्था पैँशन , दिव्यांग पैँशन , शादी अनुदान और सामूहिक विवाह जैसी सरकारी पैँशन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिये शिविर लगाने की मांग की है । उन्होने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री आनन्द कुमार जी ने मांग पर विचार कर जल्द क्षेत्र में शिविर लगाये जाने का आश्वासन दिया । प्रतिनिधमण्डल में अनिल भाटी , नन्दकिशोर ठाकुर , गीता चौधरी और मनोज गौतम आदि सदस्य उपस्थित रहे ।
ग्रेटर नोएडा : आज सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था के प्रतिनिधिमण्डल ने आनंद कुमार सिंह से मुलाकात कर क्षेत्र में पेंशन शिविर लगाने की मांग की । संस्था के संस्थापक डा. राहुल वर्मा ने बताया कि संस्था ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से मिलकर क्षेत्र में विधवा पैँशन , वृद्धावस्था पैँशन , दिव्यांग पैँशन , शादी अनुदान और सामूहिक विवाह जैसी सरकारी पैँशन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिये शिविर लगाने की मांग की है । उन्होने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री आनन्द कुमार जी ने मांग पर विचार कर जल्द क्षेत्र में शिविर लगाये जाने का आश्वासन दिया । प्रतिनिधमण्डल में अनिल भाटी , नन्दकिशोर ठाकुर , गीता चौधरी और मनोज गौतम आदि सदस्य उपस्थित रहे ।
सीरियाई सेना आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट(आईएसआईएस) के गढ़ रक्का में घुस गई है। सीरियाई सेना ने रूस की ओर से किए जा रही बमबारी की मदद से इस्लामिक स्टेट को पीछे खदेड़ दिया। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्युमन राइट्स ने शनिवार को यह जानकारी दी। शुक्रवार को रूस ने सीरिया के हमा प्रॉविंस के पूर्वी हिस्सों पर हवाई हमले किए। इस हिस्से पर आईएसआईएस का कब्जा था। रूसी हमलों के चलते आईएसआईएस पीछे हटा और सीरियाई सेना रक्का प्रॉविंस के करीब पहुंच गई। सीरिया का रक्का और ईराक का मोसुल शहर इस्लामिक स्टेट की राजधानी है। इसके चलते इन दोनों जगहों पर आईएसआईएस को निशाना बनाया जा रहा है ताकि इस आतंकी संगठन की कमर तोड़ी जा सके। हाल के दिनों में आईएसआईएस पर यह तीसरा बड़ा हमला है। इस्लामिक संगठन ने दो साल पहले खुद को खलीफा राज्य घोषित किया था। इसके बाद उसने ईराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
सीरियाई सेना आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के गढ़ रक्का में घुस गई है। सीरियाई सेना ने रूस की ओर से किए जा रही बमबारी की मदद से इस्लामिक स्टेट को पीछे खदेड़ दिया। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्युमन राइट्स ने शनिवार को यह जानकारी दी। शुक्रवार को रूस ने सीरिया के हमा प्रॉविंस के पूर्वी हिस्सों पर हवाई हमले किए। इस हिस्से पर आईएसआईएस का कब्जा था। रूसी हमलों के चलते आईएसआईएस पीछे हटा और सीरियाई सेना रक्का प्रॉविंस के करीब पहुंच गई। सीरिया का रक्का और ईराक का मोसुल शहर इस्लामिक स्टेट की राजधानी है। इसके चलते इन दोनों जगहों पर आईएसआईएस को निशाना बनाया जा रहा है ताकि इस आतंकी संगठन की कमर तोड़ी जा सके। हाल के दिनों में आईएसआईएस पर यह तीसरा बड़ा हमला है। इस्लामिक संगठन ने दो साल पहले खुद को खलीफा राज्य घोषित किया था। इसके बाद उसने ईराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।