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India News (इंडिया न्यूज़), Kangana Ranaut on Lok Sabha Election 2024, मुंबईः बॉलीवुड धाकड़ एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) अपने एक्टिंग के साथ अपने बयानों को लेकर भी सुर्खियों में बनी रहती हैं। बता दें कि कंगना रनौत हाल ही में धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार पहुंची है, जहां उन्होंने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि का आशीर्वाद लिया। साथ ही दक्षिण काली मंदिर में मां की पूजा अर्चना कर गंगा आरती में भी हिस्सा लिया। कंगना यहां से केदारनाथ धाम के दर्शन करने भी जाएंगी। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जिस गुफा में तपस्या की थी, उस गुफा के भी दर्शन करेंगी। वहीं समलैंगिकता के मामले पर कंगना का कहना है कि शादी के रिश्ते दिल से होते हैं जब लोगों के दिल मिलते हैं तो उसके बारे में किसी को भी कुछ नहीं बोलना चाहिए। इसके साथ ही एक्टर सलमान खान (Salman Khan) को मिली धमकी के मामले पर कंगना ने कहा, "सलमान खान को सरकार द्वारा सुरक्षा मिली हुई है। जब उनकी रक्षा स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह कर रहें हैं तो डरने की कोई बात नहीं है। जब मुझे धमकी मिली थी तो मुझे भी सरकार द्वारा सुरक्षा दी गई थी। आज देश सुरक्षित हाथों में है।
India News , Kangana Ranaut on Lok Sabha Election दो हज़ार चौबीस, मुंबईः बॉलीवुड धाकड़ एक्ट्रेस कंगना रनौत अपने एक्टिंग के साथ अपने बयानों को लेकर भी सुर्खियों में बनी रहती हैं। बता दें कि कंगना रनौत हाल ही में धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार पहुंची है, जहां उन्होंने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि का आशीर्वाद लिया। साथ ही दक्षिण काली मंदिर में मां की पूजा अर्चना कर गंगा आरती में भी हिस्सा लिया। कंगना यहां से केदारनाथ धाम के दर्शन करने भी जाएंगी। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस गुफा में तपस्या की थी, उस गुफा के भी दर्शन करेंगी। वहीं समलैंगिकता के मामले पर कंगना का कहना है कि शादी के रिश्ते दिल से होते हैं जब लोगों के दिल मिलते हैं तो उसके बारे में किसी को भी कुछ नहीं बोलना चाहिए। इसके साथ ही एक्टर सलमान खान को मिली धमकी के मामले पर कंगना ने कहा, "सलमान खान को सरकार द्वारा सुरक्षा मिली हुई है। जब उनकी रक्षा स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह कर रहें हैं तो डरने की कोई बात नहीं है। जब मुझे धमकी मिली थी तो मुझे भी सरकार द्वारा सुरक्षा दी गई थी। आज देश सुरक्षित हाथों में है।
पौष महीने में सूर्य पूजा का बहुत महत्व है। ग्रंथों के मुताबिक इस महीने सूर्य को भग स्वरूप की पूजना चाहिए। रविवार को सप्तमी तिथि होने से भानु सप्तमी का योग बनता है, लेकिन पौष महीने में ऐसा संयोग कम ही बनता है। इस बार 26 दिसंबर को शुक्ल पक्ष के दौरान भानु सप्तमी मनाई जा रही है। हालांकि शुक्ल पक्ष के दौरान ही मार्गशीर्ष, कार्तिक, ज्येष्ठ, फाल्गुन और माघ महीने में भानु सप्तमी मनाई जाती है। भानु सप्तमी जैसा कि नाम से विदित है यह दिन सूर्य देव को समर्पित है। प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष पर रविवार को पड़ने वाली सप्तमी को भानु सप्तमी मनाई जाती है। यह सूर्य सप्तमी के रूप में भी लोकप्रिय है। भानु सप्तमी का सबसे बड़ा महत्व यह है कि इस दिन जो लोग भगवान सूर्य की पूजा करते हैं उन्हें धन, दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यह माना जाता है कि भानु सप्तमी का व्रत करने से व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है । भानु सप्तमी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। ऐसा माना जाता है कि भानु सप्तमी की पूर्व संध्या पर, सूर्य देवता ने सात घोड़ों के रथ पर अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की। कई अन्य सप्तमी तिथियों में, भानु सप्तमी को बहुत शुभ माना जाता है और इसे पश्चिमी भारत और दक्षिणी भारत के क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। भानु सप्तमी के दिन भक्त सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए दित्य हृदय स्तोत्र का जाप करने के साथ-साथ महा-अभिषेक करके भगवान सूर्य की पूजा करते हैं। भक्त गरीबों को फल, वस्त्र आदि का दान भी करते हैं। इस सप्तमी को व्यापक रूप से सूर्य सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। भानु सप्तमी उस दिन का प्रतीक माना जाता है जब भगवान सूर्य के आगमन ने सृष्टि को जीवंत कर दिया था। ऐसा माना जाता है कि भगवान सूर्य एक स्वर्ण रथ पर विराजमान हैं। सात घोड़े उनके रथ को खींचते हैं और ये घोड़े सूर्य की सात किरणों को दर्शाते हैं। अरुण भगवान सूर्य का सारथी हैं, जो सूर्य की चिलचिलाती गर्मी से पृथ्वी को बचाने और ढालने के लिए सामने खड़े हैं। भगवान सूर्य सभी प्राणियों के निर्माता हैं । जो व्यक्ति भगवान सूर्य की पूजा करते हैं और भानु सप्तमी का व्रत रखते हैं, उन्हें अच्छे स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। - सर्वप्रथम भक्तों को सूर्योदय से पूर्व गंगा नदी या किसी अन्य नदी में स्नान करना चाहिए। - यदि नदी में स्नान करना संभव नहीं है, तो भक्त देवी गंगा के मंत्रों का जाप कर सकते हैं और स्नान के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी में उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। - सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल चंदन या कुमकुम, लाल फूल, चावल-गेहूं के दानें डालें। - जल चढ़ाते समय ऊं घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। - जल चढ़ाने के बाद गायत्री मंत्र और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी उचित होगा। - इसके उपरांत सूर्य की शुभ किरणों का स्वागत करने के लिए अपने घरों के सामने सुंदर और रंगीन रंगोली बनाएं। रंगोली के बीच में गाय के गोबर को जलाएं। - मिट्टी के बर्तन में दूध उबालें और उसे सूर्य देव की ओर मुख करके रखें। ऐसी मान्यता है कि जब दूध उबलता है तो वह सूर्य तक पहुंचता है। - इसके बाद, खीर को सूर्य देवता के भोग के रूप में उन्हें अर्पित करें और फिर इस प्रसाद को सभी को वितरित करें। - ॐ घृणिं सूर्य्यः आदित्यः - ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकरः - ॐ सूर्याय नमः - ॐ घृणि सूर्याय नमः
पौष महीने में सूर्य पूजा का बहुत महत्व है। ग्रंथों के मुताबिक इस महीने सूर्य को भग स्वरूप की पूजना चाहिए। रविवार को सप्तमी तिथि होने से भानु सप्तमी का योग बनता है, लेकिन पौष महीने में ऐसा संयोग कम ही बनता है। इस बार छब्बीस दिसंबर को शुक्ल पक्ष के दौरान भानु सप्तमी मनाई जा रही है। हालांकि शुक्ल पक्ष के दौरान ही मार्गशीर्ष, कार्तिक, ज्येष्ठ, फाल्गुन और माघ महीने में भानु सप्तमी मनाई जाती है। भानु सप्तमी जैसा कि नाम से विदित है यह दिन सूर्य देव को समर्पित है। प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष पर रविवार को पड़ने वाली सप्तमी को भानु सप्तमी मनाई जाती है। यह सूर्य सप्तमी के रूप में भी लोकप्रिय है। भानु सप्तमी का सबसे बड़ा महत्व यह है कि इस दिन जो लोग भगवान सूर्य की पूजा करते हैं उन्हें धन, दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यह माना जाता है कि भानु सप्तमी का व्रत करने से व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है । भानु सप्तमी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। ऐसा माना जाता है कि भानु सप्तमी की पूर्व संध्या पर, सूर्य देवता ने सात घोड़ों के रथ पर अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की। कई अन्य सप्तमी तिथियों में, भानु सप्तमी को बहुत शुभ माना जाता है और इसे पश्चिमी भारत और दक्षिणी भारत के क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। भानु सप्तमी के दिन भक्त सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए दित्य हृदय स्तोत्र का जाप करने के साथ-साथ महा-अभिषेक करके भगवान सूर्य की पूजा करते हैं। भक्त गरीबों को फल, वस्त्र आदि का दान भी करते हैं। इस सप्तमी को व्यापक रूप से सूर्य सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। भानु सप्तमी उस दिन का प्रतीक माना जाता है जब भगवान सूर्य के आगमन ने सृष्टि को जीवंत कर दिया था। ऐसा माना जाता है कि भगवान सूर्य एक स्वर्ण रथ पर विराजमान हैं। सात घोड़े उनके रथ को खींचते हैं और ये घोड़े सूर्य की सात किरणों को दर्शाते हैं। अरुण भगवान सूर्य का सारथी हैं, जो सूर्य की चिलचिलाती गर्मी से पृथ्वी को बचाने और ढालने के लिए सामने खड़े हैं। भगवान सूर्य सभी प्राणियों के निर्माता हैं । जो व्यक्ति भगवान सूर्य की पूजा करते हैं और भानु सप्तमी का व्रत रखते हैं, उन्हें अच्छे स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। - सर्वप्रथम भक्तों को सूर्योदय से पूर्व गंगा नदी या किसी अन्य नदी में स्नान करना चाहिए। - यदि नदी में स्नान करना संभव नहीं है, तो भक्त देवी गंगा के मंत्रों का जाप कर सकते हैं और स्नान के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी में उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। - सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल चंदन या कुमकुम, लाल फूल, चावल-गेहूं के दानें डालें। - जल चढ़ाते समय ऊं घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। - जल चढ़ाने के बाद गायत्री मंत्र और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी उचित होगा। - इसके उपरांत सूर्य की शुभ किरणों का स्वागत करने के लिए अपने घरों के सामने सुंदर और रंगीन रंगोली बनाएं। रंगोली के बीच में गाय के गोबर को जलाएं। - मिट्टी के बर्तन में दूध उबालें और उसे सूर्य देव की ओर मुख करके रखें। ऐसी मान्यता है कि जब दूध उबलता है तो वह सूर्य तक पहुंचता है। - इसके बाद, खीर को सूर्य देवता के भोग के रूप में उन्हें अर्पित करें और फिर इस प्रसाद को सभी को वितरित करें। - ॐ घृणिं सूर्य्यः आदित्यः - ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकरः - ॐ सूर्याय नमः - ॐ घृणि सूर्याय नमः
(iv) विश्वविद्यालयों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को विस्मृत नहीं चाहिये । अतः इन्हें राष्ट्रीय विरासत को अपनाने वाले और उसमें योगदान देने वाले नवयुवकों को तैयार करना चाहिये। "आयोग" के शब्दों में - "हम न्याय, स्वतन्त्रता, समानता एवं बन्धुता की प्राप्ति द्वारा प्रजातन्त्र की खोज में संलग्न हैं। अतः हमारे विश्वविद्यालयों को अनिवार्यतः इन आदर्शों का प्रतीक एवं संरक्षक होना चाहिये । " (2) शिक्षक-वर्ग (Teaching Staff) -"आयोग" ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की दशा में सुधार करने के लिये निम्न सुझाव दिये हैं - (i) शिक्षकों के लिये किराये के निवास स्थानों की विश्वविद्यालय के समीप ही व्यवस्था होनी चाहिये। (ii) शिक्षकों को अध्ययन के लिये एक बार में 1 वर्ष का और सम्पूर्ण सेवाकाल में 3 वर्ष का आधे वेतन पर अवकाश दिया जाना चाहिये। (iii) शिक्षकें को "प्रॉविडेण्ट-फण्ड" की अधिक उत्तम सुविधा प्रदान की जानी चाहिये । इस फण्ड में शिक्षक एवं विश्वविद्यालय दोनों को 8-8 प्रतिशत देना चाहिये। (iv) शिक्षकों को एक सप्ताह में 18 घण्टे (Periods) से अधिक का शिक्षण कार्य नहीं दिया जाना चाहिये। (v) शिक्षकों ( Teachers) को 60 वर्ष की अवस्था में अपने पदों से अवकाश दिया जाना चाहिये। अच्छे स्वास्थ्य वाले प्रोफेसरों (Professors) को 64 वर्ष की अवस्था तक अपने पदों पर कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिये। ( 3 ) शिक्षण के स्तर (Standards of Teaching) -"आयोग" ने कॉलेजो और विश्वविद्यालयों के शिक्षण-स्तर का उन्नयन करने के लिये अधोलिखित सिफारिशें की हैं(i) कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में परीक्षा-दिवसों को छोड़कर एक वर्ष में कम से कम 180 दिन शिक्षण कार्य किया जाना चाहिये । (ii) छात्रों की बढ़ती हुई भीड़ को रोकने के लिये शिक्षण विश्वविद्यालयों में 3,000 और उनसे सम्बद्ध कॉलेजों में 1,500 से अधिक छात्र नहीं होने चाहिये। (iii) स्नातकोत्तर (Post Graduate) कक्षाओं के विद्यार्थियों को व्याख्यानों में उपस्थित होने के लिये विवश नहीं किया जाना चाहिये। स्नातकोत्तर कक्षाओं में विचार - गोष्ठियों (Seminars) की योजना क्रियान्वित की जानी चाहिये। (iv) शिक्षकों के व्याख्यान परिश्रम और सावधानी से तैयार किये जाने चाहिये। उनके व्याख्यानों की पूर्ति करने के लिये लिखित कार्य, ट्यूटोरियल कक्षाओं और पुस्तकालयों में अध्ययन की व्यवस्था की जानी चाहिये। (v) परीक्षाओं के स्तर को ऊँचा उठाने के लिये प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के लिये न्यूनतम प्राप्तांक क्रमशः 70, 55 और 40 प्रतिशत होना चाहिये। (4) पाठ्यक्रम (Courses of Study)-"आयोग" के पाठ्यक्रम सम्बन्धी विचार निम्नांकित हैं(i) स्नातकोत्तर उपाधि - स्नातक बनने के 2 वर्ष पश्चात् और " आनर्स कोर्स" के 1 वर्ष पश्चात् दी जानी चाहिये। (ii) शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य और विशेषीकृत शिक्षा में समन्वय स्थापित किया जाना चाहिये। (iii) स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के लिये अध्ययन की अवधि 3 वर्ष की होनी चाहिये। (iv) कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया जाना चाहिये जो 12 वर्ष की विद्यालय शिक्षा समाप्त कर चुके हों । (v) विशेषीकृत शिक्षा (Specialization) के दोषों का निवारण करने के लिये विश्वविद्यालयों और माध्यमिक स्कूलों में "सामान्य शिक्षा के सिद्धान्त एवं प्रयोग" (Theory and Practice of General Education) का शिक्षण आरम्भ किया जाना चाहिये। इकाई - 13: विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग-नीति सापेक्ष अध्यापक शिक्षा (5) शिक्षा का माध्यम (Medium of Instruction)-"आयोग" ने सब राज्यों और जातियों की भाषाओं पर विचा करने के बाद शिक्षा के माध्यम के विषय में निम्नांकित विचार व्यक्त किये हैं(i) संघीय भाषा के लिये केवल देवनागरी लिपि का प्रयोग किया जाना चाहिये और इस लिपि के दोषों को यथाशीघ्र दूर किया जाना चाहिये। (ii) संघीय और प्रादेशिक भाषाओं का विकास करने के लिये शीघ्र ही ठोस कदम उठाये जाने चाहिएँ। (iii) उच्च शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी के बजाए प्रादेशिक भाषाएँ होनी चाहिये, पर संघीय भाषा (हिन्दी) को शिक्षा का माध्यम बनाने की स्वतन्त्रता होनी चाहिये। (iv) विद्यार्थियों को नवीन ज्ञान के सम्पर्क में रखने के लिये हाई स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी की शिक्षा को बनाये रखना चाहिये। (v) उच्चतर माध्यमिक एवं विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों को 3 भाषाओं की शिक्षा दी जानी चाहिये-(a) मातृभाषा अर्थात् प्रादेशिक भाषा, (b) हिन्दी अर्थात् संघीय भाषा और (c) अंग्रेजी । टास्क विश्वविद्यालय आयोग द्वारा शिक्षकों को दी जाने वाली विशेष सुविधाओं का उल्लेख कीजिए । (6) स्नातकोत्तर - प्रशिक्षण व अनुसंधान कार्य (Post-Graduate Training and Research Work) - "आयोग" ने विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर और अनुसंधान कार्य के स्तरों को ऊँचा उठाने के लिये निम्नलिखित सुझाव दिये है(i) स्नातकोत्तर कक्षाओं में छात्रों को प्रवेश अखिल भारतीय स्तर पर दिया जाना चाहिये और छात्रों एवं शिक्षकों में घनिष्ठ व्यक्तिगत सम्बन्ध स्थापित किये जाने चाहिये। (ii) एम. एम-सी. एवं पी-एच. डी. के छात्रों को "शिक्षा मंत्रालय" द्वारा बड़ी संख्या में छात्रवृत्तियाँ दी जानी चाहिये। (iii) स्नातकोत्तर कक्षाओं के पाठ्यक्रमों में एक विशेष विषय के उच्च अध्ययन एवं अनुसंधान की विधियों के प्रशिक्षण को स्थान दिया जाना चाहिये। (iv) डी. लिट्. और डी. एम-सी. उपाधियाँ केवल उच्च कोटि के मौलिक एवं प्रकाशित कार्यों पर दी जानी चाहिए। (v) पी-एच. डी. के छात्रों का चयन अखिल भारतीय स्तर पर किया जाना चाहिये और उनके अनुसंधान कार्य की अविधि दो वर्ष से कम नहीं होनी चाहिये। (7) परीक्षाएँ (Examinations)-"आयोग" ने विश्वविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली को सबसे अधिक दोषपूर्ण पाया है। अतः "आयोग" ने यह विचार प्रकट किया है - "हमें इस बात का विश्वास है कि यदि हमसे विश्वविद्यालय शिक्षा में केवल एक बात के बारे में सुझाव देने के लिये कहा जाये, तो वह सुझाव परीक्षाओं के सम्बन्ध में होगा।" इन परीक्षाओं को दोष मुक्त करने के लिये, "आयोग" ने निम्नलिखित सिफारिशें की हैं(i) त्रिवर्षीय डिग्री कोर्स की परीक्षा 3 वर्ष पश्चात् न ली जाकर, प्रत्येक वर्ष के अन्त में ली जानी चाहिये। यह परीक्षा "स्वतः पूर्ण इकाइयों" (Self-Contained Units) में ली जानी चाहिये और छात्रों के लिये प्रत्येक इकाई अर्थात् प्रति वर्ष की परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होना चाहिये। (ii) छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिये यथाशीघ्र "वस्तुनिष्ठ प्रगति परीक्षाओं" का कुलक (Set of Objective Progressive Tests) तैयार किया जाना चाहिये। (iii) विश्वविद्यालयों की सब परीक्षाओं में कृपाक (Grace Marks) देने की पद्धति समाप्त कर दी जानी चाहिये। (iv) परीक्षाओं के स्तर का उन्नयन करने के लिये प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के न्यूनतम प्राप्तांक क्रमशः 70, 55 एवं 40 प्रतिशत होने चाहियें। (v) प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 5 वर्ष के शिक्षण का अनुभव रखने वाले 3 सदस्यों का एक पूर्णकालीन बोर्ड संगठित किया जाना चाहिये। इस बोर्ड के निम्नांकित 3 मुख्य कार्य होने चाहिये2. (a) विश्वविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं की नवीन योजनाएँ बनाने में सहायता देना। (b) उक्त शिक्षकों को पाठ्यक्रम में संशोधन करने के लिये सामग्री की व्यवस्था करना। (c) सम्बद्ध कॉलेजों के छात्रों की प्रगति का समय-समय पर "प्रगति परीक्षाओं " द्वारा मूल्यांकन करना। स्व- मूल्यांकन (Self Assessment ) रिक्त स्थान की पूर्ति करें- (Fill in the blanks) 1948 में गठित विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग ने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। विश्वविद्यालय आयोग ने शिक्षकों के लिए प्रॉविडेंट फंड की अधिकतम सुविधा की सिफारिश की जिसमें विश्वविद्यालय एवं शिक्षक दोनों को देना चाहिए। विश्वविद्यालय आयोग की सिफारिशों के अनुसार शिक्षक की सेवा निवृत्ति की आयु होनी चाहिए। के प्रयोग की बात कही। आयोग ने शिक्षा के माध्यम पर विचार करते हुए संघीय भाषा के लिए केवल ( 8 ) व्यावसायिक शिक्षा (Professional Education) -"आयोग" ने व्यावसायिक शिक्षा के महत्व को स्वीकार किया है और उसके विभिन्न अंगों के सम्बन्ध में अपनी सिफारिशों को लिखित रूप प्रदान किया है, यथा(i) कृषि (Agriculture)1. छात्रों को कृषि का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि - शिक्षा की संस्थाओं की स्थापना की जानी चाहिये। 2. कृषि के नवीन कॉलेजों को यथासम्भव नवीन ग्रामीण विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध किया जाना चाहिये। 3. प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा में कृषि की शिक्षा को सर्वप्रथम स्थान दिया जाना चाहिये। 4. कृषि-अनुसंधान कार्य के लिये, केन्द्रीय एवं राज्य सरकारों द्वारा "प्रयोगात्मक फार्म" (Experimental Farms) खोले जाने चाहिये। 5. कृषि के वर्तमान कॉलेजों को उदारतापूर्वक आर्थिक सहायता देकर अधिक साधन सम्पन्न बनाया जाना चाहिये। (ii) वाणिज्य (Commerce) 1. बी. कॉम. की शिक्षा प्राप्त करते समय, छात्रों को 3 या 4 प्रकार की विभिन्न व्यावसायिक फर्मों में व्यावहारिक कार्य करने का अवसर दिया जाना चाहिये। 2. बी. कॉम. परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को किसी विशेष शाखा में विशेषज्ञ बनने का परामर्श दिया जाना चाहिये। 3. एम. कॉम. में केवल विशेष योग्यता रखने वाले छात्रों को अध्ययन करने की अनुमति दी जानी चाहिये। इस परीक्षा में पुस्तकीय ज्ञान की अपेक्षा व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक बल दिया जाना चाहिये। (iii) शिक्षण (Teaching) 1. प्रशिक्षण-कॉलेजों के पाठ्यक्रम में संशोधन एवं सुधार किया जाना चाहिये और पुस्तकीय ज्ञान की अपेक्षा अध्यापन के अभ्यास पर अधिक बल दिया जाना चाहिये। इकाई - 13: विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग-नीति सापेक्ष अध्यापक शिक्षा 2. प्रशिक्षण-कॉलेजों में अधिकांश अध्यापक वही होने चाहिये जो स्कूलों में पढ़ाने का पर्याप्त अनुभव प्राप्त कर चुके हों। 3. छात्राध्यापकों के वार्षिक कार्य का मूल्यांकन करने के समय, उनकी शिक्षण - योग्यता को विशेष महत्व दिया जाना चाहिये । 4. एम. एड. की डिग्री के लिये केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये, जो कुछ वर्षों का शिक्षण अनुभव प्राप्त कर चुके हों। 5. शिक्षा सिद्धान्त के पाठ्यक्रम को लचीला एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाया जाना चाहिये। (iv) इंजीनियरिंग व टेक्नॉलॉजी (Engineering and Technology) 1. वर्तमान इंजीनियरिंग एवं टेक्नॉलॉजी की संस्थाओं को देश की राष्ट्रीय सम्पत्ति समझा जाना चाहिये और उनकी उपयोगिता में वृद्धि की जानी चाहिये । 2. देश की विभिन्न आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिये इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं में विभिन्न प्रकार की संस्थाओं का शिलान्यास किया जाना चाहिये। 3. उच्च व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के लिये टेक्नॉलॉजिकल संस्थाओं (Technological Institutes) की शीघ्र से शीघ्र सृष्टि की जानी चाहिये । 4. फोरमैन, ड्राफ्टसमैन और ओवरसियरों को शिक्षा देने वाले इंजीनियरिंग स्कूलों की संख्या में वृद्धि करने के लिये कदम उठाये जाने चाहिये। 5. इंजीनियरिंग के स्कूलों एवं कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को कारखानों में कार्य करने, व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का पूर्ण अवसर दिया जाना चाहिये। (v) कानून (Law) 1. कानून का अध्ययन करने की आज्ञा केवल उन्हीं छात्रों को दी जानी चाहिये जो 3 वर्ष के "पूर्व-कानूनी एवं सामान्य डिग्री कोर्स" (Pre-Legal and General Degree Course) को प्राप्त कर चुके हों। 2. कानून के विद्यार्थियों को अपने अध्ययन काल में अन्य डिग्री कोर्स लेने की अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में प्रदान की जानी चाहिये । 3. प्रत्येक स्थान को कानून की कक्षाओं से कानून सम्बन्धी अनुसन्धान की व्यवस्था होनी चाहिये। 4. कानून के विशेष विषयों के पाठ्यक्रम की अवधि 3 वर्ष की होनी चाहिये। 5. कानून के अध्यापकों में "पूर्णकालीन" और "अल्पकालीन", दोनों प्रकार के अध्यापक नियुक्त किये जाने चाहिये। नोट्स विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (सन् 1949) ने कॉलेज प्राध्यापकों हेतु (Periods) अध्यापक अवधि सप्ताह में 18 घंटे रखने की सिफारिश की थी जो आज भी लागू है। (vi) चिकित्सा (Medicine) 1. प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में योग्य अध्यापक और प्रचुर शिक्षण - सामग्री होनी चाहिये। 2. स्नातक पूर्व और स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिये। 3. किसी भी मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिये। 4. देशी चिकित्सा-पद्धतियों में अनुसन्धान कार्य के लिये सुविधाएँ प्रदान की जानी चाहिये।
विश्वविद्यालयों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को विस्मृत नहीं चाहिये । अतः इन्हें राष्ट्रीय विरासत को अपनाने वाले और उसमें योगदान देने वाले नवयुवकों को तैयार करना चाहिये। "आयोग" के शब्दों में - "हम न्याय, स्वतन्त्रता, समानता एवं बन्धुता की प्राप्ति द्वारा प्रजातन्त्र की खोज में संलग्न हैं। अतः हमारे विश्वविद्यालयों को अनिवार्यतः इन आदर्शों का प्रतीक एवं संरक्षक होना चाहिये । " शिक्षक-वर्ग -"आयोग" ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की दशा में सुधार करने के लिये निम्न सुझाव दिये हैं - शिक्षकों के लिये किराये के निवास स्थानों की विश्वविद्यालय के समीप ही व्यवस्था होनी चाहिये। शिक्षकों को अध्ययन के लिये एक बार में एक वर्ष का और सम्पूर्ण सेवाकाल में तीन वर्ष का आधे वेतन पर अवकाश दिया जाना चाहिये। शिक्षकें को "प्रॉविडेण्ट-फण्ड" की अधिक उत्तम सुविधा प्रदान की जानी चाहिये । इस फण्ड में शिक्षक एवं विश्वविद्यालय दोनों को आठ-आठ प्रतिशत देना चाहिये। शिक्षकों को एक सप्ताह में अट्ठारह घण्टे से अधिक का शिक्षण कार्य नहीं दिया जाना चाहिये। शिक्षकों को साठ वर्ष की अवस्था में अपने पदों से अवकाश दिया जाना चाहिये। अच्छे स्वास्थ्य वाले प्रोफेसरों को चौंसठ वर्ष की अवस्था तक अपने पदों पर कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिये। शिक्षण के स्तर -"आयोग" ने कॉलेजो और विश्वविद्यालयों के शिक्षण-स्तर का उन्नयन करने के लिये अधोलिखित सिफारिशें की हैं कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में परीक्षा-दिवसों को छोड़कर एक वर्ष में कम से कम एक सौ अस्सी दिन शिक्षण कार्य किया जाना चाहिये । छात्रों की बढ़ती हुई भीड़ को रोकने के लिये शिक्षण विश्वविद्यालयों में तीन,शून्य और उनसे सम्बद्ध कॉलेजों में एक,पाँच सौ से अधिक छात्र नहीं होने चाहिये। स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों को व्याख्यानों में उपस्थित होने के लिये विवश नहीं किया जाना चाहिये। स्नातकोत्तर कक्षाओं में विचार - गोष्ठियों की योजना क्रियान्वित की जानी चाहिये। शिक्षकों के व्याख्यान परिश्रम और सावधानी से तैयार किये जाने चाहिये। उनके व्याख्यानों की पूर्ति करने के लिये लिखित कार्य, ट्यूटोरियल कक्षाओं और पुस्तकालयों में अध्ययन की व्यवस्था की जानी चाहिये। परीक्षाओं के स्तर को ऊँचा उठाने के लिये प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के लिये न्यूनतम प्राप्तांक क्रमशः सत्तर, पचपन और चालीस प्रतिशत होना चाहिये। पाठ्यक्रम -"आयोग" के पाठ्यक्रम सम्बन्धी विचार निम्नांकित हैं स्नातकोत्तर उपाधि - स्नातक बनने के दो वर्ष पश्चात् और " आनर्स कोर्स" के एक वर्ष पश्चात् दी जानी चाहिये। शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य और विशेषीकृत शिक्षा में समन्वय स्थापित किया जाना चाहिये। स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के लिये अध्ययन की अवधि तीन वर्ष की होनी चाहिये। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया जाना चाहिये जो बारह वर्ष की विद्यालय शिक्षा समाप्त कर चुके हों । विशेषीकृत शिक्षा के दोषों का निवारण करने के लिये विश्वविद्यालयों और माध्यमिक स्कूलों में "सामान्य शिक्षा के सिद्धान्त एवं प्रयोग" का शिक्षण आरम्भ किया जाना चाहिये। इकाई - तेरह: विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग-नीति सापेक्ष अध्यापक शिक्षा शिक्षा का माध्यम -"आयोग" ने सब राज्यों और जातियों की भाषाओं पर विचा करने के बाद शिक्षा के माध्यम के विषय में निम्नांकित विचार व्यक्त किये हैं संघीय भाषा के लिये केवल देवनागरी लिपि का प्रयोग किया जाना चाहिये और इस लिपि के दोषों को यथाशीघ्र दूर किया जाना चाहिये। संघीय और प्रादेशिक भाषाओं का विकास करने के लिये शीघ्र ही ठोस कदम उठाये जाने चाहिएँ। उच्च शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी के बजाए प्रादेशिक भाषाएँ होनी चाहिये, पर संघीय भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने की स्वतन्त्रता होनी चाहिये। विद्यार्थियों को नवीन ज्ञान के सम्पर्क में रखने के लिये हाई स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी की शिक्षा को बनाये रखना चाहिये। उच्चतर माध्यमिक एवं विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों को तीन भाषाओं की शिक्षा दी जानी चाहिये- मातृभाषा अर्थात् प्रादेशिक भाषा, हिन्दी अर्थात् संघीय भाषा और अंग्रेजी । टास्क विश्वविद्यालय आयोग द्वारा शिक्षकों को दी जाने वाली विशेष सुविधाओं का उल्लेख कीजिए । स्नातकोत्तर - प्रशिक्षण व अनुसंधान कार्य - "आयोग" ने विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर और अनुसंधान कार्य के स्तरों को ऊँचा उठाने के लिये निम्नलिखित सुझाव दिये है स्नातकोत्तर कक्षाओं में छात्रों को प्रवेश अखिल भारतीय स्तर पर दिया जाना चाहिये और छात्रों एवं शिक्षकों में घनिष्ठ व्यक्तिगत सम्बन्ध स्थापित किये जाने चाहिये। एम. एम-सी. एवं पी-एच. डी. के छात्रों को "शिक्षा मंत्रालय" द्वारा बड़ी संख्या में छात्रवृत्तियाँ दी जानी चाहिये। स्नातकोत्तर कक्षाओं के पाठ्यक्रमों में एक विशेष विषय के उच्च अध्ययन एवं अनुसंधान की विधियों के प्रशिक्षण को स्थान दिया जाना चाहिये। डी. लिट्. और डी. एम-सी. उपाधियाँ केवल उच्च कोटि के मौलिक एवं प्रकाशित कार्यों पर दी जानी चाहिए। पी-एच. डी. के छात्रों का चयन अखिल भारतीय स्तर पर किया जाना चाहिये और उनके अनुसंधान कार्य की अविधि दो वर्ष से कम नहीं होनी चाहिये। परीक्षाएँ -"आयोग" ने विश्वविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली को सबसे अधिक दोषपूर्ण पाया है। अतः "आयोग" ने यह विचार प्रकट किया है - "हमें इस बात का विश्वास है कि यदि हमसे विश्वविद्यालय शिक्षा में केवल एक बात के बारे में सुझाव देने के लिये कहा जाये, तो वह सुझाव परीक्षाओं के सम्बन्ध में होगा।" इन परीक्षाओं को दोष मुक्त करने के लिये, "आयोग" ने निम्नलिखित सिफारिशें की हैं त्रिवर्षीय डिग्री कोर्स की परीक्षा तीन वर्ष पश्चात् न ली जाकर, प्रत्येक वर्ष के अन्त में ली जानी चाहिये। यह परीक्षा "स्वतः पूर्ण इकाइयों" में ली जानी चाहिये और छात्रों के लिये प्रत्येक इकाई अर्थात् प्रति वर्ष की परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होना चाहिये। छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिये यथाशीघ्र "वस्तुनिष्ठ प्रगति परीक्षाओं" का कुलक तैयार किया जाना चाहिये। विश्वविद्यालयों की सब परीक्षाओं में कृपाक देने की पद्धति समाप्त कर दी जानी चाहिये। परीक्षाओं के स्तर का उन्नयन करने के लिये प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के न्यूनतम प्राप्तांक क्रमशः सत्तर, पचपन एवं चालीस प्रतिशत होने चाहियें। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम पाँच वर्ष के शिक्षण का अनुभव रखने वाले तीन सदस्यों का एक पूर्णकालीन बोर्ड संगठित किया जाना चाहिये। इस बोर्ड के निम्नांकित तीन मुख्य कार्य होने चाहियेदो. विश्वविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं की नवीन योजनाएँ बनाने में सहायता देना। उक्त शिक्षकों को पाठ्यक्रम में संशोधन करने के लिये सामग्री की व्यवस्था करना। सम्बद्ध कॉलेजों के छात्रों की प्रगति का समय-समय पर "प्रगति परीक्षाओं " द्वारा मूल्यांकन करना। स्व- मूल्यांकन रिक्त स्थान की पूर्ति करें- एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस में गठित विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग ने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। विश्वविद्यालय आयोग ने शिक्षकों के लिए प्रॉविडेंट फंड की अधिकतम सुविधा की सिफारिश की जिसमें विश्वविद्यालय एवं शिक्षक दोनों को देना चाहिए। विश्वविद्यालय आयोग की सिफारिशों के अनुसार शिक्षक की सेवा निवृत्ति की आयु होनी चाहिए। के प्रयोग की बात कही। आयोग ने शिक्षा के माध्यम पर विचार करते हुए संघीय भाषा के लिए केवल व्यावसायिक शिक्षा -"आयोग" ने व्यावसायिक शिक्षा के महत्व को स्वीकार किया है और उसके विभिन्न अंगों के सम्बन्ध में अपनी सिफारिशों को लिखित रूप प्रदान किया है, यथा कृषि एक. छात्रों को कृषि का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि - शिक्षा की संस्थाओं की स्थापना की जानी चाहिये। दो. कृषि के नवीन कॉलेजों को यथासम्भव नवीन ग्रामीण विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध किया जाना चाहिये। तीन. प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा में कृषि की शिक्षा को सर्वप्रथम स्थान दिया जाना चाहिये। चार. कृषि-अनुसंधान कार्य के लिये, केन्द्रीय एवं राज्य सरकारों द्वारा "प्रयोगात्मक फार्म" खोले जाने चाहिये। पाँच. कृषि के वर्तमान कॉलेजों को उदारतापूर्वक आर्थिक सहायता देकर अधिक साधन सम्पन्न बनाया जाना चाहिये। वाणिज्य एक. बी. कॉम. की शिक्षा प्राप्त करते समय, छात्रों को तीन या चार प्रकार की विभिन्न व्यावसायिक फर्मों में व्यावहारिक कार्य करने का अवसर दिया जाना चाहिये। दो. बी. कॉम. परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को किसी विशेष शाखा में विशेषज्ञ बनने का परामर्श दिया जाना चाहिये। तीन. एम. कॉम. में केवल विशेष योग्यता रखने वाले छात्रों को अध्ययन करने की अनुमति दी जानी चाहिये। इस परीक्षा में पुस्तकीय ज्ञान की अपेक्षा व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक बल दिया जाना चाहिये। शिक्षण एक. प्रशिक्षण-कॉलेजों के पाठ्यक्रम में संशोधन एवं सुधार किया जाना चाहिये और पुस्तकीय ज्ञान की अपेक्षा अध्यापन के अभ्यास पर अधिक बल दिया जाना चाहिये। इकाई - तेरह: विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग-नीति सापेक्ष अध्यापक शिक्षा दो. प्रशिक्षण-कॉलेजों में अधिकांश अध्यापक वही होने चाहिये जो स्कूलों में पढ़ाने का पर्याप्त अनुभव प्राप्त कर चुके हों। तीन. छात्राध्यापकों के वार्षिक कार्य का मूल्यांकन करने के समय, उनकी शिक्षण - योग्यता को विशेष महत्व दिया जाना चाहिये । चार. एम. एड. की डिग्री के लिये केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये, जो कुछ वर्षों का शिक्षण अनुभव प्राप्त कर चुके हों। पाँच. शिक्षा सिद्धान्त के पाठ्यक्रम को लचीला एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाया जाना चाहिये। इंजीनियरिंग व टेक्नॉलॉजी एक. वर्तमान इंजीनियरिंग एवं टेक्नॉलॉजी की संस्थाओं को देश की राष्ट्रीय सम्पत्ति समझा जाना चाहिये और उनकी उपयोगिता में वृद्धि की जानी चाहिये । दो. देश की विभिन्न आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिये इंजीनियरिंग की विभिन्न शाखाओं में विभिन्न प्रकार की संस्थाओं का शिलान्यास किया जाना चाहिये। तीन. उच्च व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के लिये टेक्नॉलॉजिकल संस्थाओं की शीघ्र से शीघ्र सृष्टि की जानी चाहिये । चार. फोरमैन, ड्राफ्टसमैन और ओवरसियरों को शिक्षा देने वाले इंजीनियरिंग स्कूलों की संख्या में वृद्धि करने के लिये कदम उठाये जाने चाहिये। पाँच. इंजीनियरिंग के स्कूलों एवं कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को कारखानों में कार्य करने, व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का पूर्ण अवसर दिया जाना चाहिये। कानून एक. कानून का अध्ययन करने की आज्ञा केवल उन्हीं छात्रों को दी जानी चाहिये जो तीन वर्ष के "पूर्व-कानूनी एवं सामान्य डिग्री कोर्स" को प्राप्त कर चुके हों। दो. कानून के विद्यार्थियों को अपने अध्ययन काल में अन्य डिग्री कोर्स लेने की अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में प्रदान की जानी चाहिये । तीन. प्रत्येक स्थान को कानून की कक्षाओं से कानून सम्बन्धी अनुसन्धान की व्यवस्था होनी चाहिये। चार. कानून के विशेष विषयों के पाठ्यक्रम की अवधि तीन वर्ष की होनी चाहिये। पाँच. कानून के अध्यापकों में "पूर्णकालीन" और "अल्पकालीन", दोनों प्रकार के अध्यापक नियुक्त किये जाने चाहिये। नोट्स विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग ने कॉलेज प्राध्यापकों हेतु अध्यापक अवधि सप्ताह में अट्ठारह घंटाटे रखने की सिफारिश की थी जो आज भी लागू है। चिकित्सा एक. प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में योग्य अध्यापक और प्रचुर शिक्षण - सामग्री होनी चाहिये। दो. स्नातक पूर्व और स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिये। तीन. किसी भी मेडिकल कॉलेज में एक सौ से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिये। चार. देशी चिकित्सा-पद्धतियों में अनुसन्धान कार्य के लिये सुविधाएँ प्रदान की जानी चाहिये।
(www. arya-tv. com)उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने एंबुलेंस केस की सुनवाई के दौरान जेल के अंदर अपने लिए टीवी की डिमांड की है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बाराबंकी की सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को टीवी की सुविधा दी जा रही है, लेकिन मेरे बैरक में टीवी नहीं लगवाई गई। जेल में मैं तन्हाई में हूं। अगर आप आदेश कर देंगे तो मुझे जेल में टीवी की सुविधा मिल जाएगी। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश ने 5 जुलाई तक मुख्तार अंसारी की रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया है, अगली सुनवाई उसी दिन होगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एंबुलेंस केस की विवेचना कर रहे अधिकारी मौजूद नहीं थे। मुख्तार अंसारी ने सीजेएम कोर्ट में जज से यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड ने मुझे फिजियोथेरेपी की सलाह दी है। वह सुविधा भी बांदा जेल में मुझे नहीं दी जा रही रही है। डॉक्टरों की सलाह को बांदा का जेल और जिला प्रशासन मानने को तैयार नहीं है। राज्य सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट से इजाजत लेकर मुख्तार ने अपने वकील से भी बात की। पूछा कि जमानत क्यों नहीं हो रही है, इस पर वकील ने कहा कि यह लो एविडेंस केस है। ऐसा राजनीतिक कारणों से हो रहा है। जब मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। मुख्तार को एंबुलेंस से मोहाली की कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया था। उस समय इस एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया। बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी थी। मामले ने तूल पकड़ा तो जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आए वह चौंकाने वाले थे। दरअसल, फर्जी दस्तावेज के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में मुख्तार के गुर्गों ने 2013 में यह एंबुलेंस रजिस्टर्ड कराई थी। यह एंबुलेंस मुख्तार अपने निजी प्रयोग में ला रहा था। UP 41 AT 7171 रजिस्टर्ड नंबर की यह एंबुलेंस मुख्तार अंसारी शुरू से इस्तेमाल कर रहा था। इसी मामले में एक अप्रैल को कोतवाली नगर में मऊ की संजीवनी हॉस्पिटल संचालिका डा. अलका राय के खिलाफ मुकदमा हुआ। इसकी जांच में पुलिस ने मुख्तार अंसारी को भी साजिश और जालसाजी का आरोपी बनाया है। साथ ही, अलका राय के सहयोगी डा. शेषनाथ राय, विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सुहैब मुजाहिद, शाहिद, आनंद यादव, राजनाथ यादव को नामजद किया था। इसमें अलका, शेषनाथ, आनंद यादव और राजनाथ को पुलिस जेल भेज चुकी है। मुख्तार अंसारी पहले से ही बांदा जेल में बंद है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं। जिनकी तलाश में ही बाराबंकी पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने एंबुलेंस केस की सुनवाई के दौरान जेल के अंदर अपने लिए टीवी की डिमांड की है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बाराबंकी की सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को टीवी की सुविधा दी जा रही है, लेकिन मेरे बैरक में टीवी नहीं लगवाई गई। जेल में मैं तन्हाई में हूं। अगर आप आदेश कर देंगे तो मुझे जेल में टीवी की सुविधा मिल जाएगी। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश ने पाँच जुलाई तक मुख्तार अंसारी की रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया है, अगली सुनवाई उसी दिन होगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एंबुलेंस केस की विवेचना कर रहे अधिकारी मौजूद नहीं थे। मुख्तार अंसारी ने सीजेएम कोर्ट में जज से यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड ने मुझे फिजियोथेरेपी की सलाह दी है। वह सुविधा भी बांदा जेल में मुझे नहीं दी जा रही रही है। डॉक्टरों की सलाह को बांदा का जेल और जिला प्रशासन मानने को तैयार नहीं है। राज्य सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट से इजाजत लेकर मुख्तार ने अपने वकील से भी बात की। पूछा कि जमानत क्यों नहीं हो रही है, इस पर वकील ने कहा कि यह लो एविडेंस केस है। ऐसा राजनीतिक कारणों से हो रहा है। जब मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। मुख्तार को एंबुलेंस से मोहाली की कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया था। उस समय इस एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया। बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी थी। मामले ने तूल पकड़ा तो जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आए वह चौंकाने वाले थे। दरअसल, फर्जी दस्तावेज के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में मुख्तार के गुर्गों ने दो हज़ार तेरह में यह एंबुलेंस रजिस्टर्ड कराई थी। यह एंबुलेंस मुख्तार अपने निजी प्रयोग में ला रहा था। UP इकतालीस AT सात हज़ार एक सौ इकहत्तर रजिस्टर्ड नंबर की यह एंबुलेंस मुख्तार अंसारी शुरू से इस्तेमाल कर रहा था। इसी मामले में एक अप्रैल को कोतवाली नगर में मऊ की संजीवनी हॉस्पिटल संचालिका डा. अलका राय के खिलाफ मुकदमा हुआ। इसकी जांच में पुलिस ने मुख्तार अंसारी को भी साजिश और जालसाजी का आरोपी बनाया है। साथ ही, अलका राय के सहयोगी डा. शेषनाथ राय, विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सुहैब मुजाहिद, शाहिद, आनंद यादव, राजनाथ यादव को नामजद किया था। इसमें अलका, शेषनाथ, आनंद यादव और राजनाथ को पुलिस जेल भेज चुकी है। मुख्तार अंसारी पहले से ही बांदा जेल में बंद है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं। जिनकी तलाश में ही बाराबंकी पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
- 41 min ago सोनाक्षी सिन्हा के साथ रोमांस करने से रणबीर कपूर ने कर दिया था इंकार? वजह है चौकाने वाली! Don't Miss! - Travel क्या है पानीपुरी का इतिहास और क्यों सर्च इंजन गूगल कर रहा है इसे Celebrate? नील ने भी इस फिल्म के लिए हां कह दिया है। लेकिन उनकी इच्छा है कि इस फिल्म में उनके साथ असिन काम करें। फिलहाल यह तो पता नहीं कि इस फिल्म के बारे में असिन ने क्या तय किया है। लेकिन उन्होंने यह तय कर लिया है कि वह नील के साथ किसी न किसी फिल्म में नजर जरूर आयेंगे। अगर असिन इस फिल्म के लिए हां कह देती है तो निश्चित ही उनके साथ नील की जोड़ी बन जायेगी। वैसे हाल फिलहाल में ही असिन सलमान खान के साथ फिल्म रेडी में नजर आनेवाली हैं। Neil said, "Asin is a very close friend, and I see no reason why I should shy away from that.
- इकतालीस मिनट ago सोनाक्षी सिन्हा के साथ रोमांस करने से रणबीर कपूर ने कर दिया था इंकार? वजह है चौकाने वाली! Don't Miss! - Travel क्या है पानीपुरी का इतिहास और क्यों सर्च इंजन गूगल कर रहा है इसे Celebrate? नील ने भी इस फिल्म के लिए हां कह दिया है। लेकिन उनकी इच्छा है कि इस फिल्म में उनके साथ असिन काम करें। फिलहाल यह तो पता नहीं कि इस फिल्म के बारे में असिन ने क्या तय किया है। लेकिन उन्होंने यह तय कर लिया है कि वह नील के साथ किसी न किसी फिल्म में नजर जरूर आयेंगे। अगर असिन इस फिल्म के लिए हां कह देती है तो निश्चित ही उनके साथ नील की जोड़ी बन जायेगी। वैसे हाल फिलहाल में ही असिन सलमान खान के साथ फिल्म रेडी में नजर आनेवाली हैं। Neil said, "Asin is a very close friend, and I see no reason why I should shy away from that.
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाइवे किनारे लगाए गए शराब के ठेकों पर बैन को लेकर रॉबर्ट वाड्रा ने स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि बैन से व्यापारियों को नुकसान होगा, इसलिए नियमों को कड़ा कर शराब पर बैन लगाया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने चंडीगढ़ का उदाहरण दिया है। जहां शराब पर बैन नहीं है लेकिन वहां शराब पीने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। जिससे लोगों में कानून का डर है। रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि अभी बैन को लगे हुए चार दिन हुए हैं और लोगों ने बैन से निपटने के तरीके खोजने चालू कर दिए हैं। इसलिये रॉबर्ट वाड्रा ने सरकार की तारीफ करते हुये उसे अगाह किया है।
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाइवे किनारे लगाए गए शराब के ठेकों पर बैन को लेकर रॉबर्ट वाड्रा ने स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि बैन से व्यापारियों को नुकसान होगा, इसलिए नियमों को कड़ा कर शराब पर बैन लगाया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने चंडीगढ़ का उदाहरण दिया है। जहां शराब पर बैन नहीं है लेकिन वहां शराब पीने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। जिससे लोगों में कानून का डर है। रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि अभी बैन को लगे हुए चार दिन हुए हैं और लोगों ने बैन से निपटने के तरीके खोजने चालू कर दिए हैं। इसलिये रॉबर्ट वाड्रा ने सरकार की तारीफ करते हुये उसे अगाह किया है।
ई दिल्ली. प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने बचत जमा खातों पर ब्याज दरों में 0. 50 फीसदी कटौती की है. 1 लाख रुपए से अधिक बैलेंस वाले खाते पर पर ब्याज 4 फीसदी मिलेगा, जो पहले 4. 50 फीसदी सालाना था, जबकि 1 लाख रुपए से कम बैलेंस पर ब्याज दर 3. 75 से घटकर 3. 5 फीसदी कर दिया गया है. बैंक हाल ही में मार्च तक 1 लाख रुपए के बैलेंस पर 6% की पेशकश कर रहा था. पिछले दो महीने में अन्य बैंकों ने भी ब्याज दरों में कटौती दी है. अप्रैल में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सभी बचत योजनाओं की दरों कटौती कर 2. 75 फीसदी कर दी. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत दरों में कटौती के बाद बैंकों ने बचत खातों पर ब्याज दर के साथ ही फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में भी कटौती की है. बचत खातों पर ब्याज दर घटने की वजह से जमाकर्ताओं को कुछ पैसे स्वीप-इन फिक्स्ड डिपॉजिट (Sweep-in fixed deposits) में जमा करने पर विचार करना चाहिए. क्या है स्वीप-इन-डिपॉजिट? क्या है इसका फायदा? इस डिपॉजिट पर न सिर्फ ज्यादा ब्याज मिलता है बल्कि एक फायदा यह भी है कि इस सुविधा की मदद से आप अपने लिए एक बड़ी पूंजी भी तैयार कर सकते हैं जोकि किसी वित्तीय इमरजेंसी में आपके काम आ सकता है. छोटी मोटी जरूरतों के लिए आपको अपने रेग्युलर इन्वेस्टमेंट या FD की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. अगर आप समय से पहले इस रकम की निकासी करते हैं तो आपको कोई फाइन भी नहीं देना पड़ेगा. .
ई दिल्ली. प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक ने बचत जमा खातों पर ब्याज दरों में शून्य. पचास फीसदी कटौती की है. एक लाख रुपए से अधिक बैलेंस वाले खाते पर पर ब्याज चार फीसदी मिलेगा, जो पहले चार. पचास फीसदी सालाना था, जबकि एक लाख रुपए से कम बैलेंस पर ब्याज दर तीन. पचहत्तर से घटकर तीन. पाँच फीसदी कर दिया गया है. बैंक हाल ही में मार्च तक एक लाख रुपए के बैलेंस पर छः% की पेशकश कर रहा था. पिछले दो महीने में अन्य बैंकों ने भी ब्याज दरों में कटौती दी है. अप्रैल में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने अपने सभी बचत योजनाओं की दरों कटौती कर दो. पचहत्तर फीसदी कर दी. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कटौती के बाद बैंकों ने बचत खातों पर ब्याज दर के साथ ही फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में भी कटौती की है. बचत खातों पर ब्याज दर घटने की वजह से जमाकर्ताओं को कुछ पैसे स्वीप-इन फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा करने पर विचार करना चाहिए. क्या है स्वीप-इन-डिपॉजिट? क्या है इसका फायदा? इस डिपॉजिट पर न सिर्फ ज्यादा ब्याज मिलता है बल्कि एक फायदा यह भी है कि इस सुविधा की मदद से आप अपने लिए एक बड़ी पूंजी भी तैयार कर सकते हैं जोकि किसी वित्तीय इमरजेंसी में आपके काम आ सकता है. छोटी मोटी जरूरतों के लिए आपको अपने रेग्युलर इन्वेस्टमेंट या FD की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. अगर आप समय से पहले इस रकम की निकासी करते हैं तो आपको कोई फाइन भी नहीं देना पड़ेगा. .
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। जुआन साइमन गुटिरेज़ की चित्रकारी, कबूतर के रूप में पवित्र आत्मा पवित्र परिवार के ऊपर दर्शाया गया है त्रिमूर्तिपंथी (ट्रिनीटेरियन) ईसाई धर्म में, पवित्र आत्मा (पूर्व अंग्रेजी भाषा के उपयोग मेंः होली घोस्ट (पुराने अंग्रेजी में गैस्ट, "आत्मा")) पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की पवित्र त्रिमूर्ति का एक अन्य व्यक्ति है और वह अपने आपमें सर्वशक्तिमान ईश्वर है। पवित्र आत्मा को ज्यादातर ईसाईयों द्वारा तीन देवताओं में से एक के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि त्रयात्मक (ट्रायून) ईश्वर के एक रूप की तरह देखा जाता है, जो अपने-आपको तीन व्यक्तियों के रूप में प्रकट करता है, या फिर यूनानी हाइपोस्टेटस में, एक अस्तित्व के रूप में. ईसाईयत में, बपतिस्मा (ग्रीक शब्द βαπτίζω baptizo सेः "डुबोना", "प्रक्षालन करना", अर्थात् "धार्मिक स्नान") जल के प्रयोग के साथ किया जाने वाला एक धार्मिक कृत्य है, जिसके द्वारा किसी व्यक्ति को चर्च की सदस्यता प्रदान की जाती है। स्वयं ईसा मसीह का बपतिस्मा किया गया था। प्रारंभिक ईसाईयों में उम्मीदवार (अथवा "बपतिस्माधारी (Baptizand)") को पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोना बपतिस्मा का सामान्य रूप था। हालांकि बपतिस्मा-दाता जॉन (John the Baptist) द्वारा अपने बपतिस्मा के लिये एक गहरी नदी का प्रयोग निमज्जन का सुझाव दिया गया है, लेकिन ईसाई बपतिस्मा के संबंध में तीसरी शताब्दी और उसके बाद के चित्रात्मक तथा पुरातात्विक प्रमाण यह सूचित करते हैं कि सामान्य रूप से उम्मीदवार को पानी में खड़ा रखा जाता था और उसके शरीर के ऊपरी भाग पर जल छिड़का जाता था। बपतिस्मा के अब प्रयोग किये जाने वाले अन्य सामान्य रूपों में माथे पर तीन बार जल छिड़कना शामिल है। सोलहवीं सदी में हल्द्रिच ज़्विंगली (Huldrych Zwingli) द्वारा इसकी आवश्यकता को नकारे जाने तक बपतिस्मा को मोक्ष-प्राप्ति के लिये कुछ हद तक आवश्यक समझा जाता था। चर्च के प्रारंभिक इतिहास में शहादत को "खून से बपतिस्मा" के रूप में पहचाना जाता था, ताकि जिन शहीदों का बपतिस्मा जल के द्वारा न किया गया हो, उन्हें बचाया जा सके. पवित्र आत्मा और बपतिस्मा आम में 2 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): इब्रानी भाषा, इस्लाम। हिब्रूभाषी क्षेत्र हिब्रू (עִבְרִית, Ivrit) सामी-हामी भाषा-परिवार की सामी शाखा में आने वाली एक भाषा है। ये इस्राइल की मुख्य- और राष्ट्रभाषा है। इसका पुरातन रूप बिब्लिकल हिब्रू यहूदी धर्म की धर्मभाषा है और बाइबिल का पुराना नियम इसी में लिखा गया था। ये हिब्रू लिपि में लिखी जाती है ये दायें से बायें पढ़ी और लिखी जाती है। पश्चिम के विश्वविद्यालयों में आजकल इब्रानी का अध्ययन अपेक्षाकृत लोकप्रिय है। प्रथम महायुद्ध के बाद फिलिस्तीन (यहूदियों का इज़रायल नामक नया राज्य) की राजभाषा आधुनिक इब्रानी है। सन् १९२५ई. इस्लाम (अरबीः الإسلام) एक एकेश्वरवादी धर्म है, जो इसके अनुयायियों के अनुसार, अल्लाह के अंतिम रसूल और नबी, मुहम्मद द्वारा मनुष्यों तक पहुंचाई गई अंतिम ईश्वरीय पुस्तक क़ुरआन की शिक्षा पर आधारित है। कुरान अरबी भाषा में रची गई और इसी भाषा में विश्व की कुल जनसंख्या के 25% हिस्से, यानी लगभग 1.6 से 1.8 अरब लोगों, द्वारा पढ़ी जाती है; इनमें से (स्रोतों के अनुसार) लगभग 20 से 30 करोड़ लोगों की यह मातृभाषा है। हजरत मुहम्मद साहब के मुँह से कथित होकर लिखी जाने वाली पुस्तक और पुस्तक का पालन करने के निर्देश प्रदान करने वाली शरीयत ही दो ऐसे संसाधन हैं जो इस्लाम की जानकारी स्रोत को सही करार दिये जाते हैं। . पवित्र आत्मा 17 संबंध है और बपतिस्मा 40 है। वे आम 2 में है, समानता सूचकांक 3.51% है = 2 / (17 + 40)। यह लेख पवित्र आत्मा और बपतिस्मा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। जुआन साइमन गुटिरेज़ की चित्रकारी, कबूतर के रूप में पवित्र आत्मा पवित्र परिवार के ऊपर दर्शाया गया है त्रिमूर्तिपंथी ईसाई धर्म में, पवित्र आत्मा ) पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की पवित्र त्रिमूर्ति का एक अन्य व्यक्ति है और वह अपने आपमें सर्वशक्तिमान ईश्वर है। पवित्र आत्मा को ज्यादातर ईसाईयों द्वारा तीन देवताओं में से एक के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि त्रयात्मक ईश्वर के एक रूप की तरह देखा जाता है, जो अपने-आपको तीन व्यक्तियों के रूप में प्रकट करता है, या फिर यूनानी हाइपोस्टेटस में, एक अस्तित्व के रूप में. ईसाईयत में, बपतिस्मा जल के प्रयोग के साथ किया जाने वाला एक धार्मिक कृत्य है, जिसके द्वारा किसी व्यक्ति को चर्च की सदस्यता प्रदान की जाती है। स्वयं ईसा मसीह का बपतिस्मा किया गया था। प्रारंभिक ईसाईयों में उम्मीदवार ") को पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोना बपतिस्मा का सामान्य रूप था। हालांकि बपतिस्मा-दाता जॉन द्वारा अपने बपतिस्मा के लिये एक गहरी नदी का प्रयोग निमज्जन का सुझाव दिया गया है, लेकिन ईसाई बपतिस्मा के संबंध में तीसरी शताब्दी और उसके बाद के चित्रात्मक तथा पुरातात्विक प्रमाण यह सूचित करते हैं कि सामान्य रूप से उम्मीदवार को पानी में खड़ा रखा जाता था और उसके शरीर के ऊपरी भाग पर जल छिड़का जाता था। बपतिस्मा के अब प्रयोग किये जाने वाले अन्य सामान्य रूपों में माथे पर तीन बार जल छिड़कना शामिल है। सोलहवीं सदी में हल्द्रिच ज़्विंगली द्वारा इसकी आवश्यकता को नकारे जाने तक बपतिस्मा को मोक्ष-प्राप्ति के लिये कुछ हद तक आवश्यक समझा जाता था। चर्च के प्रारंभिक इतिहास में शहादत को "खून से बपतिस्मा" के रूप में पहचाना जाता था, ताकि जिन शहीदों का बपतिस्मा जल के द्वारा न किया गया हो, उन्हें बचाया जा सके. पवित्र आत्मा और बपतिस्मा आम में दो बातें हैं : इब्रानी भाषा, इस्लाम। हिब्रूभाषी क्षेत्र हिब्रू सामी-हामी भाषा-परिवार की सामी शाखा में आने वाली एक भाषा है। ये इस्राइल की मुख्य- और राष्ट्रभाषा है। इसका पुरातन रूप बिब्लिकल हिब्रू यहूदी धर्म की धर्मभाषा है और बाइबिल का पुराना नियम इसी में लिखा गया था। ये हिब्रू लिपि में लिखी जाती है ये दायें से बायें पढ़ी और लिखी जाती है। पश्चिम के विश्वविद्यालयों में आजकल इब्रानी का अध्ययन अपेक्षाकृत लोकप्रिय है। प्रथम महायुद्ध के बाद फिलिस्तीन की राजभाषा आधुनिक इब्रानी है। सन् एक हज़ार नौ सौ पच्चीसई. इस्लाम एक एकेश्वरवादी धर्म है, जो इसके अनुयायियों के अनुसार, अल्लाह के अंतिम रसूल और नबी, मुहम्मद द्वारा मनुष्यों तक पहुंचाई गई अंतिम ईश्वरीय पुस्तक क़ुरआन की शिक्षा पर आधारित है। कुरान अरबी भाषा में रची गई और इसी भाषा में विश्व की कुल जनसंख्या के पच्चीस% हिस्से, यानी लगभग एक.छः से एक.आठ अरब लोगों, द्वारा पढ़ी जाती है; इनमें से लगभग बीस से तीस करोड़ लोगों की यह मातृभाषा है। हजरत मुहम्मद साहब के मुँह से कथित होकर लिखी जाने वाली पुस्तक और पुस्तक का पालन करने के निर्देश प्रदान करने वाली शरीयत ही दो ऐसे संसाधन हैं जो इस्लाम की जानकारी स्रोत को सही करार दिये जाते हैं। . पवित्र आत्मा सत्रह संबंध है और बपतिस्मा चालीस है। वे आम दो में है, समानता सूचकांक तीन.इक्यावन% है = दो / । यह लेख पवित्र आत्मा और बपतिस्मा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
इंदौर। शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में आगामी दिसम्बर 2022 में स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण करेगा। संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया कि इस अवसर पर स्वर्ण जयंती महोत्सव आयोजित किया जाएगा। बैठक में आयुर्वेद महाविद्यालय में चिकित्सा संबंधी विभिन्न आवश्यक कार्यों की सहमति प्रदान की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा, अपर आयुक्त रजनी सिंह तथा आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सतीश चन्द्र शर्मा एवं अन्य संबंधित चिकित्सक तथा अधिकारीगण उपस्थित थे। चिकित्सालय में स्थापित डिजिटल एक्स-रे एवं अन्य उपकरणों के सुचारू संचालन हेतु एक ट्रांसफार्मर पृथक से स्थापित किया जायेगा। साथ ही छात्रों की उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन एवं सोनोग्राफी कक्ष हेतु एक कलर प्रिंटर एवं कान्फ्रेंस हॉल को सुसज्जित करने के लिये आवश्यक सामग्री क्रय करने की स्वीकृति भी बैठक में दी गई। हाऊसकीपिंग (सफाईकर्मी, सुरक्षागार्ड, बार्डबॉय) हेतु नवीन आऊट सोर्स एजेंसी की निविदा आमंत्रण हेतु अनुमति दी गई। आयुष मंत्री द्वारा जारी विशेष निर्देशों के क्रम में महाविद्यालय चिकित्सालय में आवश्यक होने से पार्किंग व्यवस्था हेतु पेवर ब्लॉक एवं गार्डन रैलिंग के कार्य हेतु अनुमति प्रदान की गई। बताया गया कि महाविद्यालय चिकित्सालय में महिला प्रसूति केन्द्र स्थापित किया गया है। इसके लिये प्रसूति एवं सर्जरी विभाग एवं चिकित्सालय एवं एन. सी. आई. एस. एम. की मान्यता हेतु आवश्यक चिकित्सीय उपकरण, पैथोलॉजी केमिकल्स तथा फार्मेसी मे औषधियों के निर्माण हेतु कच्ची औषधियों एवं उपकरणों के क्रय हेतु प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। बताया गया कि 12 दिसम्बर 2022 को महाविद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक स्वर्ण जयंती कार्यक्रम, अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं वार्षिकोत्सव के आयोजन होंगे।
इंदौर। शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में आगामी दिसम्बर दो हज़ार बाईस में स्थापना के पचास वर्ष पूर्ण करेगा। संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया कि इस अवसर पर स्वर्ण जयंती महोत्सव आयोजित किया जाएगा। बैठक में आयुर्वेद महाविद्यालय में चिकित्सा संबंधी विभिन्न आवश्यक कार्यों की सहमति प्रदान की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा, अपर आयुक्त रजनी सिंह तथा आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सतीश चन्द्र शर्मा एवं अन्य संबंधित चिकित्सक तथा अधिकारीगण उपस्थित थे। चिकित्सालय में स्थापित डिजिटल एक्स-रे एवं अन्य उपकरणों के सुचारू संचालन हेतु एक ट्रांसफार्मर पृथक से स्थापित किया जायेगा। साथ ही छात्रों की उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन एवं सोनोग्राफी कक्ष हेतु एक कलर प्रिंटर एवं कान्फ्रेंस हॉल को सुसज्जित करने के लिये आवश्यक सामग्री क्रय करने की स्वीकृति भी बैठक में दी गई। हाऊसकीपिंग हेतु नवीन आऊट सोर्स एजेंसी की निविदा आमंत्रण हेतु अनुमति दी गई। आयुष मंत्री द्वारा जारी विशेष निर्देशों के क्रम में महाविद्यालय चिकित्सालय में आवश्यक होने से पार्किंग व्यवस्था हेतु पेवर ब्लॉक एवं गार्डन रैलिंग के कार्य हेतु अनुमति प्रदान की गई। बताया गया कि महाविद्यालय चिकित्सालय में महिला प्रसूति केन्द्र स्थापित किया गया है। इसके लिये प्रसूति एवं सर्जरी विभाग एवं चिकित्सालय एवं एन. सी. आई. एस. एम. की मान्यता हेतु आवश्यक चिकित्सीय उपकरण, पैथोलॉजी केमिकल्स तथा फार्मेसी मे औषधियों के निर्माण हेतु कच्ची औषधियों एवं उपकरणों के क्रय हेतु प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। बताया गया कि बारह दिसम्बर दो हज़ार बाईस को महाविद्यालय की स्थापना के पचास वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक स्वर्ण जयंती कार्यक्रम, अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं वार्षिकोत्सव के आयोजन होंगे।
IND vs BAN 2nd Test: बांग्लादेश के लिए भारत का महत्व बहुत खास है। उसे भारत के कारण ही आजादी मिली थी। बांग्लादेश के टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत भी भारत से खेल कर हुई थी। बांग्लादेश की राजनीति की तरह क्रिकेट भी बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा है। क्रिकेट के खेल में उसके नाम पर कुछ उपलब्धियां दर्ज हैं तो कई शर्मनाक रिकॉर्ड भी जुड़े हैं। बांग्लादेश को 21 टेस्ट और 23 वनडे में लगातार हार का समना करना पड़ा है। किसी देश के लिए लगातार हार की यह सबसे बड़ी संख्या है। दूसरी तरफ बांग्लादेश के मौजूदा कप्तान शाकिबुल हसन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर में से एक हैं। वे दुनिया के केवल चौथे ऑलराउंडर हैं जिन्होंने एक टेस्ट में शतक और 10 विकेट लिये हैं। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के एलेन डेविडसन, इंग्लैंड के इयान बॉथम और पाकिस्तान के इमरान खान ने ही यह रिकॉर्ड बनाया था। शाकिबुल हसन 2015 में क्रिकेट के तीनों फॉरमेट में नम्बर एक ऑलराउंडर थे। बांग्लादेश दुनिया का केवल तीसरा देश है जिसने अपने 100वें टेस्ट, 100वें वनडे और 100वें टी-20 में जीत हासिल की है। इसके पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान ही ऐसा कर पाये हैं। बांग्लादेश ने सन 2000 में अपना पहला टेस्ट मैच भारत के खिलाफ खेला था जिसमें उसकी हार हुई थी। Test: चोटिल, जब बांग्लादेश (पूर्वी पाकिस्तान) पाकिस्तान का हिस्सा था तब उसके साथ राजनीति के अलावा क्रिकेट में भी घोर भेदभाव होता था। पाकिस्तान क्रिकेट टीम में पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान के खिलाड़ी तो शामिल किये जाते थे लेकिन पूर्वी पाकिस्तान के क्रिकेटरों को मौका नहीं मिलता था। पाकिस्तान बांग्लादेशियों को कितनी हिकारत की नजर से देखता था, वह इस वाकये से समझा जा सकता है। 1969 में न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान के दौरे पर आयी थी। ढाका में टेस्ट मैच खेला जाने वाला था। तब रकीबुल हसन बांग्लादेश के उभरते हुए होनहार खिलाड़ी थे। उनकी उम्र उस समय 16 साल थी और पाकिस्तान की जूनियर टीम में शामिल थे। चूंकि ढाका में मैच था तो पाकिस्तान के चयनकर्ताओं ने रकीबुल हसन को टीम में शामिल कर लिया। वे पहले बांग्लादेशी थे जो पाकिस्तान की टेस्ट टीम में चुने गये थे। लेकिन पाकिस्तान ने रकीबुल हसन को 12वां खिलाड़ी बना कर जले पर नमक छिड़क दिया। बांग्लादेश के कई क्रिकेटर लाहौर और कराची जा कर खेलते थे। लेकिन उनको भी नहीं चुना जाता था। 1971 में जब भारत ने पाकिस्तान को हरा कर बांग्लादेश को आजाद कराया तब वहां क्रिकेट के लिए माहौल बना। उसे टेस्ट मान्यता हासिल करने में 29 साल लग गये। बांग्लादेश में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत भारत ने की। नवम्बर 2000 में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत की टीम बांग्लादेश के दौरे पर गयी। ढाका के बंगबंधु स्टेडियम में एक मात्र टेस्ट खेला जाना था। नईमुर रहमान की कप्तानी में बांग्लादेश के 11 खिलाड़ियों ने टेस्ट डेब्यू किया। टॉस जीत कर बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी चुनी। इस नवोदित टीम ने धमाकेदार शुरुआत की। अमीनुल इस्लाम के 145 और हबीबुल बसर के 71 रनों की बदौलत बांग्लादेश ने अपनी पहली टेस्ट पारी 400 रनों पर खत्म की। इस मैच में बांग्लादेश के छह विकेट 231 पर ही गिर गये थे। लेकिन बाद में पुछल्ले बल्लेबाजों के योगदान के कारण स्कोर 400 तक पहुंच गया था। भारत के स्पिनर सुनील जोशी ने पांच विकेट लिये। जहीर खान और अजीत अगरकर को 2-2 और सचिन तेंदुलकर को एक विकेट मिला। इस टेस्ट में भारत की तरफ से शिवसुंदर दास, सबा करीम और जहीर खान ने डेब्यू किया था। भारत के लिए स्पिनर सुनील जोशी ने सबसे अधिक 92 रन बनाये थे। कप्तान सौरव गांगुली ने 84 रनों की पारी खेली थी। सलामी बल्लेबाज सदगोपन रमेश ने 58 रनों का योगदान दिया था। सचिन तेंदुलकर केवल 18 रन बना पाये थे। भारत ने 429 रनों का स्कोर खड़ा किया। ऐसा लग रहा था कि मैच ड्रा हो जाएगा। पहली पारी में बांग्लादेश ने अच्छी बैटिंग की थी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बांग्लादेश की दूसरी पारी बालू के भीत की तरह ढह गयी। वह केवल 91 रन ही बना पायी। श्रीनाथ, सुनील जोशी ने 3-3, अजीत अगरकर ने 2 और जहीर खान, मुरली कार्तिक ने 1-1 विकेट लेकर बांग्लादेश का बेड़ा गर्क कर दिया। भारत को जीतने के लिए केवल 63 रन बनाने थे। उसने जीत का लक्ष्य 15 ओवरों में ही पूरा कर लिया। शिवसुंदर दास 22 और द्रविड़ 41 रनों पर नाबाद रहे। सदगोपन रमेश एक रन बना कर आउट हुए थे। इस तरह भारत ने बांग्लादेश को डेब्यू टेस्ट मैच में 9 विकेट से हरा दिया था।
IND vs BAN दोnd Test: बांग्लादेश के लिए भारत का महत्व बहुत खास है। उसे भारत के कारण ही आजादी मिली थी। बांग्लादेश के टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत भी भारत से खेल कर हुई थी। बांग्लादेश की राजनीति की तरह क्रिकेट भी बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा है। क्रिकेट के खेल में उसके नाम पर कुछ उपलब्धियां दर्ज हैं तो कई शर्मनाक रिकॉर्ड भी जुड़े हैं। बांग्लादेश को इक्कीस टेस्ट और तेईस वनडे में लगातार हार का समना करना पड़ा है। किसी देश के लिए लगातार हार की यह सबसे बड़ी संख्या है। दूसरी तरफ बांग्लादेश के मौजूदा कप्तान शाकिबुल हसन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर में से एक हैं। वे दुनिया के केवल चौथे ऑलराउंडर हैं जिन्होंने एक टेस्ट में शतक और दस विकेट लिये हैं। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के एलेन डेविडसन, इंग्लैंड के इयान बॉथम और पाकिस्तान के इमरान खान ने ही यह रिकॉर्ड बनाया था। शाकिबुल हसन दो हज़ार पंद्रह में क्रिकेट के तीनों फॉरमेट में नम्बर एक ऑलराउंडर थे। बांग्लादेश दुनिया का केवल तीसरा देश है जिसने अपने एक सौवें टेस्ट, एक सौवें वनडे और एक सौवें टी-बीस में जीत हासिल की है। इसके पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान ही ऐसा कर पाये हैं। बांग्लादेश ने सन दो हज़ार में अपना पहला टेस्ट मैच भारत के खिलाफ खेला था जिसमें उसकी हार हुई थी। Test: चोटिल, जब बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था तब उसके साथ राजनीति के अलावा क्रिकेट में भी घोर भेदभाव होता था। पाकिस्तान क्रिकेट टीम में पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान के खिलाड़ी तो शामिल किये जाते थे लेकिन पूर्वी पाकिस्तान के क्रिकेटरों को मौका नहीं मिलता था। पाकिस्तान बांग्लादेशियों को कितनी हिकारत की नजर से देखता था, वह इस वाकये से समझा जा सकता है। एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान के दौरे पर आयी थी। ढाका में टेस्ट मैच खेला जाने वाला था। तब रकीबुल हसन बांग्लादेश के उभरते हुए होनहार खिलाड़ी थे। उनकी उम्र उस समय सोलह साल थी और पाकिस्तान की जूनियर टीम में शामिल थे। चूंकि ढाका में मैच था तो पाकिस्तान के चयनकर्ताओं ने रकीबुल हसन को टीम में शामिल कर लिया। वे पहले बांग्लादेशी थे जो पाकिस्तान की टेस्ट टीम में चुने गये थे। लेकिन पाकिस्तान ने रकीबुल हसन को बारहवां खिलाड़ी बना कर जले पर नमक छिड़क दिया। बांग्लादेश के कई क्रिकेटर लाहौर और कराची जा कर खेलते थे। लेकिन उनको भी नहीं चुना जाता था। एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर में जब भारत ने पाकिस्तान को हरा कर बांग्लादेश को आजाद कराया तब वहां क्रिकेट के लिए माहौल बना। उसे टेस्ट मान्यता हासिल करने में उनतीस साल लग गये। बांग्लादेश में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत भारत ने की। नवम्बर दो हज़ार में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत की टीम बांग्लादेश के दौरे पर गयी। ढाका के बंगबंधु स्टेडियम में एक मात्र टेस्ट खेला जाना था। नईमुर रहमान की कप्तानी में बांग्लादेश के ग्यारह खिलाड़ियों ने टेस्ट डेब्यू किया। टॉस जीत कर बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी चुनी। इस नवोदित टीम ने धमाकेदार शुरुआत की। अमीनुल इस्लाम के एक सौ पैंतालीस और हबीबुल बसर के इकहत्तर रनों की बदौलत बांग्लादेश ने अपनी पहली टेस्ट पारी चार सौ रनों पर खत्म की। इस मैच में बांग्लादेश के छह विकेट दो सौ इकतीस पर ही गिर गये थे। लेकिन बाद में पुछल्ले बल्लेबाजों के योगदान के कारण स्कोर चार सौ तक पहुंच गया था। भारत के स्पिनर सुनील जोशी ने पांच विकेट लिये। जहीर खान और अजीत अगरकर को दो-दो और सचिन तेंदुलकर को एक विकेट मिला। इस टेस्ट में भारत की तरफ से शिवसुंदर दास, सबा करीम और जहीर खान ने डेब्यू किया था। भारत के लिए स्पिनर सुनील जोशी ने सबसे अधिक बानवे रन बनाये थे। कप्तान सौरव गांगुली ने चौरासी रनों की पारी खेली थी। सलामी बल्लेबाज सदगोपन रमेश ने अट्ठावन रनों का योगदान दिया था। सचिन तेंदुलकर केवल अट्ठारह रन बना पाये थे। भारत ने चार सौ उनतीस रनों का स्कोर खड़ा किया। ऐसा लग रहा था कि मैच ड्रा हो जाएगा। पहली पारी में बांग्लादेश ने अच्छी बैटिंग की थी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बांग्लादेश की दूसरी पारी बालू के भीत की तरह ढह गयी। वह केवल इक्यानवे रन ही बना पायी। श्रीनाथ, सुनील जोशी ने तीन-तीन, अजीत अगरकर ने दो और जहीर खान, मुरली कार्तिक ने एक-एक विकेट लेकर बांग्लादेश का बेड़ा गर्क कर दिया। भारत को जीतने के लिए केवल तिरेसठ रन बनाने थे। उसने जीत का लक्ष्य पंद्रह ओवरों में ही पूरा कर लिया। शिवसुंदर दास बाईस और द्रविड़ इकतालीस रनों पर नाबाद रहे। सदगोपन रमेश एक रन बना कर आउट हुए थे। इस तरह भारत ने बांग्लादेश को डेब्यू टेस्ट मैच में नौ विकेट से हरा दिया था।
बकरीद पर बकरा काटने या ना काटने की बहस में अब एक और नाम जुड़ गया है। यह नाम है बॉलीवुड कलाकार और फिल्म समीक्षक कमाल राशिद खान उर्फ केआरके (KRK) का। KRK ने ट्वीट कर लोगों को बकरीद पर कुर्बानी न देने की सलाह दी है, जिसके कारण उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाने वाले KRK का यह ट्वीट कुछ लोगों को पसंद आया है, तो कुछ इससे नाराज भी हैं। एक मुस्लिम युवक ने KRK के ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि हम मुस्लिम इसे 'मारना' नहीं बल्कि 'कुर्बानी' कहते हैं, अगली बार लिखने से पहले सोचना। वहीं, कुछ लोगों ने ईद पर मारे जाने वाले बकरे के बारे में कुरान का जिक्र करते हुए कहा है कि कुर्बान किए हुए बकरे को अपने साथियों और भूखे लोगों में बाँटने के निर्देश दिए रहते हैं, इसलिए यह बकरा मारा जाता है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर जानवरों के अधिकारों की वकालत करने का भ्रामक दावा करने वाली संस्था PETA-इंडिया ने हाल ही में रक्षाबंधन पर लोगों से गाय के चमड़े की राखी इस्तेमाल ना करने की बात कही थी। PETA-इंडिया का जब इस झूठे दावे को लेकर विरोध किया गया तो उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी माँगी। यहीं से कुछ लोगों ने माँग की कि PETA को मुस्लिमों द्वारा ईद पर काटी जाने वाली बकरी पर भी अपने विचार रखने चाहिए और मुस्लिमों से अपील करनी चाहिए कि वो बकरा ना काटें। इसके बाद ही मशहूर फिल्म अभिनेता KRK ने यह ट्वीट किया है।
बकरीद पर बकरा काटने या ना काटने की बहस में अब एक और नाम जुड़ गया है। यह नाम है बॉलीवुड कलाकार और फिल्म समीक्षक कमाल राशिद खान उर्फ केआरके का। KRK ने ट्वीट कर लोगों को बकरीद पर कुर्बानी न देने की सलाह दी है, जिसके कारण उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाने वाले KRK का यह ट्वीट कुछ लोगों को पसंद आया है, तो कुछ इससे नाराज भी हैं। एक मुस्लिम युवक ने KRK के ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि हम मुस्लिम इसे 'मारना' नहीं बल्कि 'कुर्बानी' कहते हैं, अगली बार लिखने से पहले सोचना। वहीं, कुछ लोगों ने ईद पर मारे जाने वाले बकरे के बारे में कुरान का जिक्र करते हुए कहा है कि कुर्बान किए हुए बकरे को अपने साथियों और भूखे लोगों में बाँटने के निर्देश दिए रहते हैं, इसलिए यह बकरा मारा जाता है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर जानवरों के अधिकारों की वकालत करने का भ्रामक दावा करने वाली संस्था PETA-इंडिया ने हाल ही में रक्षाबंधन पर लोगों से गाय के चमड़े की राखी इस्तेमाल ना करने की बात कही थी। PETA-इंडिया का जब इस झूठे दावे को लेकर विरोध किया गया तो उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी माँगी। यहीं से कुछ लोगों ने माँग की कि PETA को मुस्लिमों द्वारा ईद पर काटी जाने वाली बकरी पर भी अपने विचार रखने चाहिए और मुस्लिमों से अपील करनी चाहिए कि वो बकरा ना काटें। इसके बाद ही मशहूर फिल्म अभिनेता KRK ने यह ट्वीट किया है।
(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS)) मैड्रिडः एनफील्ड में मंगलवार को लिवरपूल के खिलाफ रियाल मैड्रिड की प्रभावशाली जीत बड़ी मुश्किल से आई है। इस सप्ताह के अंत में एटलेटिको मैड्रिड के घर में रियाल मैड्रिड से मुकाबला होगा। हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझने के बाद डेविड अलाबा को पहले हाफ में मैच से बाहर जाना पड़ा था, जबकि रोड्रिगो को दूसरे हाफ में अपने बाएं पैर के पिछले हिस्से में खिंचाव के कारण बाहर होना पड़ा। शिन्हुआ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अलाबा के लिए सैंटियागो बर्नब्यू स्टेडियम में शनिवार के मैच के लिए उबरना असंभव लग रहा है, जबकि रोड्रिगो भी उस मैच और अगले हफ्ते होने वाले कोपा डेल रे सेमीफाइनल के पहले चरण में एफसी बार्सिलोना के लिए एक संदेह होगा। हालांकि, क्रोस और ऑरेलियन टचौमेनी के साथ दोनों फ्लू से पीड़ित होने के बाद सप्ताहांत में फिट हो गए, रियाल मैड्रिड के कोच कार्लो एंसेलोटी के पास विकल्प है। रियाल मैड्रिड स्ट्राइकर के दाईं ओर एक भूमिका के लिए केंद्रीय मिडफील्ड से फेडे वाल्वरडे को भी आजमाना चाहेंगे। अलाबा की अनुपस्थिति होने के बावजूद, फेरलैंड मेंडी के मांसपेशियों की चोट के कारण अभी भी बाहर है, लेकिन नाचो फर्नांडीज के लिए एक और मौका है, जिन्होंने इस सीजन में अपनी क्षमता दिखाई है। रियाल मैड्रिड ने मंगलवार को लिवरपूल का फायदा उठाते हुए 2-0 से पिछड़ने से उबरने के लिए 5-2 से जीत हासिल की, जिसमें विनीसियस जूनियर और करीम बेंजेमा ने दो-दो गोल किए और एडर मिलिटाओ ने भी स्कोर किया। मैच के बाद, लिवरपूल के कोच जुर्गन क्लॉप ने स्वीकार किया कि उनकी टीम के लिए टाई में वापस आना लगभग असंभव होगा। डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
) मैड्रिडः एनफील्ड में मंगलवार को लिवरपूल के खिलाफ रियाल मैड्रिड की प्रभावशाली जीत बड़ी मुश्किल से आई है। इस सप्ताह के अंत में एटलेटिको मैड्रिड के घर में रियाल मैड्रिड से मुकाबला होगा। हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझने के बाद डेविड अलाबा को पहले हाफ में मैच से बाहर जाना पड़ा था, जबकि रोड्रिगो को दूसरे हाफ में अपने बाएं पैर के पिछले हिस्से में खिंचाव के कारण बाहर होना पड़ा। शिन्हुआ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अलाबा के लिए सैंटियागो बर्नब्यू स्टेडियम में शनिवार के मैच के लिए उबरना असंभव लग रहा है, जबकि रोड्रिगो भी उस मैच और अगले हफ्ते होने वाले कोपा डेल रे सेमीफाइनल के पहले चरण में एफसी बार्सिलोना के लिए एक संदेह होगा। हालांकि, क्रोस और ऑरेलियन टचौमेनी के साथ दोनों फ्लू से पीड़ित होने के बाद सप्ताहांत में फिट हो गए, रियाल मैड्रिड के कोच कार्लो एंसेलोटी के पास विकल्प है। रियाल मैड्रिड स्ट्राइकर के दाईं ओर एक भूमिका के लिए केंद्रीय मिडफील्ड से फेडे वाल्वरडे को भी आजमाना चाहेंगे। अलाबा की अनुपस्थिति होने के बावजूद, फेरलैंड मेंडी के मांसपेशियों की चोट के कारण अभी भी बाहर है, लेकिन नाचो फर्नांडीज के लिए एक और मौका है, जिन्होंने इस सीजन में अपनी क्षमता दिखाई है। रियाल मैड्रिड ने मंगलवार को लिवरपूल का फायदा उठाते हुए दो-शून्य से पिछड़ने से उबरने के लिए पाँच-दो से जीत हासिल की, जिसमें विनीसियस जूनियर और करीम बेंजेमा ने दो-दो गोल किए और एडर मिलिटाओ ने भी स्कोर किया। मैच के बाद, लिवरपूल के कोच जुर्गन क्लॉप ने स्वीकार किया कि उनकी टीम के लिए टाई में वापस आना लगभग असंभव होगा। डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
विदेश में खाद्य तेल की कीमतों में भारी गिरावट, भारत में फिर भी क्यों नहीं हो रहे सस्ते ? पामतेल से कोई डीआयल्ड केक (डीओसी) और खल प्राप्त नहीं होता जिसकी पूरी दुनिया में मांग है. हमारे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला जैसे अधिकतर देशी तेल-तिलहन से पर्याप्त मात्रा में डीओसी और खल की प्राप्ति होती है. विदेशों में भारी मंदी से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को लगभग सभी तेल- तिलहन कीमतों में नरमी रही. सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन तथा बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल की कीमतों में गिरावट रही, लेकिन उपभोक्ताओं को अभी इस गिरावट का लाभ मिलना बाकी है. बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में 3.5 प्रतिशत की गिरावट है. जबकि शिकागो एक्सचेंज कल रात 3.5 प्रतिशत कमजोर बंद हुआ था और फिलहाल इसमें लगभग 4.5 प्रतिशत की गिरावट है. सूत्रों ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द खाद्यतेलों की कोटा प्रणाली को समाप्त करना चाहिये और सस्ते आयातित तेलों की मार से देश के किसानों, तेल मिलों और उपभोक्ताओं की रक्षा करने के लिए सूरजमुखी, सोयाबीन जैसे बेहद सस्ते आयातित तेल पर आयात शुल्क अधिक से अधिक लगाने के बारे में सोचना चाहिये, क्योंकि अभी सूरजमुखी बुवाई का समय है. अगर बाजार में सस्ते आयातित तेलों की भरमार रही तो किसान तिलहन की बुवाई नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पहले भी अनुभव किया गया है कि जब विदेशी तेल महंगे हुए तो देशी तेल तिलहनों की वजह से स्थिति संभली थी. इसलिए तेल- तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है. इससे न केवल खाद्यतेल आयात पर खर्च होने वाले विदेशीमुद्रा की भारी मात्रा में बचत होगी, बल्कि किसान- तिलहन खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे. साथ ही तेल मिलों के चलने से रोजगार बढ़ेंगे, विदेशों पर निर्भरता घटने के साथ- साथ मुद्रास्फीति भी कम होगी. पामतेल से कोई डीआयल्ड केक (डीओसी) और खल प्राप्त नहीं होता जिसकी पूरी दुनिया में मांग है. हमारे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला जैसे अधिकतर देशी तेल-तिलहन से पर्याप्त मात्रा में डीओसी और खल की प्राप्ति होती है और किसान सोयाबीन की खेती भी इस कारण करते हैं कि इसके डीओसी के निर्यात से उन्हें अच्छा लाभ मिलता है. सोयाबीन फसल से किसानों को तेल के अलावा लगभग 82 प्रतिशत डीओसी की प्राप्ति होती है. इसलिए आयात पर निर्भरता कम करना और देशी तेल तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कोटा व्यवस्था को समाप्त करना अहम है. सूत्रों ने कहा कि पशुचारे और डीओसी की कमी का असर दूध, अंडा, चिकन, मक्खन आदि जैसे दैनिक उपयोग वाली वस्तुओं पर हो रहा है, जिससे मुद्रास्फीति पर प्रभाव पड़ता है. ये वस्तुयें महंगी हो रही हैं. इनकी महंगाई को रोकने के लिए भी देशी तेल तिलहनों का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने कि देश में सूरजमुखी के उत्पादन और पेराई के बाद तेल निकालने में लगभग 6,800 रुपये क्विन्टल का भाव बैठता है और इस प्रकार इसके तेल का थोक भाव 160 रुपये किलो बैठता है. जबकि आयातित सूरजमुखी तेल का भाव अब घटकर 1,320 डॉलर प्रति टन (लगभग 108 रुपये किलो) और सोयाबीन तेल का भाव घटकर लगभग 1,300 डॉलर प्रति टन (लगभग 107 रुपये किलो) रह गया है. - सरसों तिलहन - 7,125-7,175 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल. - मूंगफली - 6,360-6,420 रुपये प्रति क्विंटल. - मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,800 रुपये प्रति क्विंटल. - मूंगफली रिफाइंड तेल 2,390-2,655 रुपये प्रति टिन. - सरसों तेल दादरी- 14,300 रुपये प्रति क्विंटल. - सरसों पक्की घानी- 2,160-2,290 रुपये प्रति टिन. - सरसों कच्ची घानी- 2,220-2,345 रुपये प्रति टिन. - तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,000 रुपये प्रति क्विंटल. - सीपीओ एक्स-कांडला- 8,700 रुपये प्रति क्विंटल. - बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,850 रुपये प्रति क्विंटल. - पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल. - पामोलिन एक्स- कांडला- 9,250 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल. - सोयाबीन दाना - 5,500-5,600 रुपये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन लूज 5,310-5,360 रुपये प्रति क्विंटल. - मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल. (इनपुट- भाषा)
विदेश में खाद्य तेल की कीमतों में भारी गिरावट, भारत में फिर भी क्यों नहीं हो रहे सस्ते ? पामतेल से कोई डीआयल्ड केक और खल प्राप्त नहीं होता जिसकी पूरी दुनिया में मांग है. हमारे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला जैसे अधिकतर देशी तेल-तिलहन से पर्याप्त मात्रा में डीओसी और खल की प्राप्ति होती है. विदेशों में भारी मंदी से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को लगभग सभी तेल- तिलहन कीमतों में नरमी रही. सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल तिलहन तथा बिनौला, कच्चा पामतेल एवं पामोलीन तेल की कीमतों में गिरावट रही, लेकिन उपभोक्ताओं को अभी इस गिरावट का लाभ मिलना बाकी है. बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में तीन.पाँच प्रतिशत की गिरावट है. जबकि शिकागो एक्सचेंज कल रात तीन.पाँच प्रतिशत कमजोर बंद हुआ था और फिलहाल इसमें लगभग चार.पाँच प्रतिशत की गिरावट है. सूत्रों ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द खाद्यतेलों की कोटा प्रणाली को समाप्त करना चाहिये और सस्ते आयातित तेलों की मार से देश के किसानों, तेल मिलों और उपभोक्ताओं की रक्षा करने के लिए सूरजमुखी, सोयाबीन जैसे बेहद सस्ते आयातित तेल पर आयात शुल्क अधिक से अधिक लगाने के बारे में सोचना चाहिये, क्योंकि अभी सूरजमुखी बुवाई का समय है. अगर बाजार में सस्ते आयातित तेलों की भरमार रही तो किसान तिलहन की बुवाई नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पहले भी अनुभव किया गया है कि जब विदेशी तेल महंगे हुए तो देशी तेल तिलहनों की वजह से स्थिति संभली थी. इसलिए तेल- तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है. इससे न केवल खाद्यतेल आयात पर खर्च होने वाले विदेशीमुद्रा की भारी मात्रा में बचत होगी, बल्कि किसान- तिलहन खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे. साथ ही तेल मिलों के चलने से रोजगार बढ़ेंगे, विदेशों पर निर्भरता घटने के साथ- साथ मुद्रास्फीति भी कम होगी. पामतेल से कोई डीआयल्ड केक और खल प्राप्त नहीं होता जिसकी पूरी दुनिया में मांग है. हमारे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला जैसे अधिकतर देशी तेल-तिलहन से पर्याप्त मात्रा में डीओसी और खल की प्राप्ति होती है और किसान सोयाबीन की खेती भी इस कारण करते हैं कि इसके डीओसी के निर्यात से उन्हें अच्छा लाभ मिलता है. सोयाबीन फसल से किसानों को तेल के अलावा लगभग बयासी प्रतिशत डीओसी की प्राप्ति होती है. इसलिए आयात पर निर्भरता कम करना और देशी तेल तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कोटा व्यवस्था को समाप्त करना अहम है. सूत्रों ने कहा कि पशुचारे और डीओसी की कमी का असर दूध, अंडा, चिकन, मक्खन आदि जैसे दैनिक उपयोग वाली वस्तुओं पर हो रहा है, जिससे मुद्रास्फीति पर प्रभाव पड़ता है. ये वस्तुयें महंगी हो रही हैं. इनकी महंगाई को रोकने के लिए भी देशी तेल तिलहनों का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने कि देश में सूरजमुखी के उत्पादन और पेराई के बाद तेल निकालने में लगभग छः,आठ सौ रुपयापये क्विन्टल का भाव बैठता है और इस प्रकार इसके तेल का थोक भाव एक सौ साठ रुपयापये किलो बैठता है. जबकि आयातित सूरजमुखी तेल का भाव अब घटकर एक,तीन सौ बीस डॉलर प्रति टन और सोयाबीन तेल का भाव घटकर लगभग एक,तीन सौ डॉलर प्रति टन रह गया है. - सरसों तिलहन - सात,एक सौ पच्चीस-सात,एक सौ पचहत्तर रुपये प्रति क्विंटल. - मूंगफली - छः,तीन सौ साठ-छः,चार सौ बीस रुपयापये प्रति क्विंटल. - मूंगफली तेल मिल डिलिवरी - चौदह,आठ सौ रुपयापये प्रति क्विंटल. - मूंगफली रिफाइंड तेल दो,तीन सौ नब्बे-दो,छः सौ पचपन रुपयापये प्रति टिन. - सरसों तेल दादरी- चौदह,तीन सौ रुपयापये प्रति क्विंटल. - सरसों पक्की घानी- दो,एक सौ साठ-दो,दो सौ नब्बे रुपयापये प्रति टिन. - सरसों कच्ची घानी- दो,दो सौ बीस-दो,तीन सौ पैंतालीस रुपयापये प्रति टिन. - तिल तेल मिल डिलिवरी - अट्ठारह,नौ सौ-इक्कीस,शून्य रुपयापये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- तेरह,सात सौ पचास रुपयापये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- तेरह,चार सौ रुपयापये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- बारह,शून्य रुपयापये प्रति क्विंटल. - सीपीओ एक्स-कांडला- आठ,सात सौ रुपयापये प्रति क्विंटल. - बिनौला मिल डिलिवरी - ग्यारह,आठ सौ पचास रुपयापये प्रति क्विंटल. - पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- दस,दो सौ रुपयापये प्रति क्विंटल. - पामोलिन एक्स- कांडला- नौ,दो सौ पचास रुपयापये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन दाना - पाँच,पाँच सौ-पाँच,छः सौ रुपयापये प्रति क्विंटल. - सोयाबीन लूज पाँच,तीन सौ दस-पाँच,तीन सौ साठ रुपयापये प्रति क्विंटल. - मक्का खल चार,दस रुपयापये प्रति क्विंटल.
Saving: अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपको सैलरी मिलती होगी. ऐसे में सैलरी आते ही अपको जो सेविंग करनी है उसको बचा लें. उसके बाद खर्चे करें. अगर आप सैलरी आते ही उसमें से पैसा नहीं बचाते हैं तो सारी सैलरी खर्चे में ही जा सकती है. ऐसे में खर्चे बाद में करें, पहले बचाएं. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपको सैलरी मिलती होगी. ऐसे में सैलरी आते ही अपको जो सेविंग करनी है उसको बचा लें. उसके बाद खर्चे करें. अगर आप सैलरी आते ही उसमें से पैसा नहीं बचाते हैं तो सारी सैलरी खर्चे में ही जा सकती है. ऐसे में खर्चे बाद में करें, पहले बचाएं. अब जो रुपये आपने बचा लिए हैं उससे इंवेस्टमेंट की शुरुआत करें. इंवेस्टमेंट आपको किसमें करना है, इसका ध्यान आपको रखना होगा. अगर आप जोखिम ले सकते हैं तो शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड आदि में इंवेस्टमेंट कर सकते हैं. वहीं अगर आप जोखिम नहीं ले सकते हैं तो आप सुरक्षित निवेश ऑप्शन जैसे एफडी, आरडी, गोल्ड आदि में निवेश कर सकते हैं. साथ ही आपको एक रिटर्न टारगेट भी बनाना होगा. इसके तहत आपको ये तय करना होगा कि आपको एक टाइम पीरियड में कितना पैसा बचाना है और उस पैसे पर कितना रिटर्न कमाना है. अगर रिटर्न टारगेट पर फोकस करेंगे तो सही से ज्यादा बचत करने के रास्ते भी खुलेंगे और उस पर अच्छा रिटर्न भी कमा लेंगे. वहीं जब वह टाइम पीरियड खत्म होने को आएगा तो आप पाएंगे कि आपने अच्छा पैसा बचा लिया है.
Saving: अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपको सैलरी मिलती होगी. ऐसे में सैलरी आते ही अपको जो सेविंग करनी है उसको बचा लें. उसके बाद खर्चे करें. अगर आप सैलरी आते ही उसमें से पैसा नहीं बचाते हैं तो सारी सैलरी खर्चे में ही जा सकती है. ऐसे में खर्चे बाद में करें, पहले बचाएं. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपको सैलरी मिलती होगी. ऐसे में सैलरी आते ही अपको जो सेविंग करनी है उसको बचा लें. उसके बाद खर्चे करें. अगर आप सैलरी आते ही उसमें से पैसा नहीं बचाते हैं तो सारी सैलरी खर्चे में ही जा सकती है. ऐसे में खर्चे बाद में करें, पहले बचाएं. अब जो रुपये आपने बचा लिए हैं उससे इंवेस्टमेंट की शुरुआत करें. इंवेस्टमेंट आपको किसमें करना है, इसका ध्यान आपको रखना होगा. अगर आप जोखिम ले सकते हैं तो शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड आदि में इंवेस्टमेंट कर सकते हैं. वहीं अगर आप जोखिम नहीं ले सकते हैं तो आप सुरक्षित निवेश ऑप्शन जैसे एफडी, आरडी, गोल्ड आदि में निवेश कर सकते हैं. साथ ही आपको एक रिटर्न टारगेट भी बनाना होगा. इसके तहत आपको ये तय करना होगा कि आपको एक टाइम पीरियड में कितना पैसा बचाना है और उस पैसे पर कितना रिटर्न कमाना है. अगर रिटर्न टारगेट पर फोकस करेंगे तो सही से ज्यादा बचत करने के रास्ते भी खुलेंगे और उस पर अच्छा रिटर्न भी कमा लेंगे. वहीं जब वह टाइम पीरियड खत्म होने को आएगा तो आप पाएंगे कि आपने अच्छा पैसा बचा लिया है.
कोटवाधाम (बाराबंकी)। बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर फिर एक सेमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा है। सरयू की कटान की चपेट में आकर तेलवारी गांव के पांच घर नदी में समा गए हैं। यह कटान लगातार तेज होती जा रही है। नदी का आबादी की ओर रुख करने से तराई के लोगों में हड़कंप मच गया है और लोग सुरक्षित स्थानों के लिए निकल रहे हैं। तहसील क्षेत्र के तेलवारी गांव में पिछले एक माह से लगातार सरयू कटान कर रही है जिम्मेदारों द्वारा बरती जा रही लापरवाही यहां के निवासियों पर भारी पड़ने लगी है। यहां के निवासी मायाराम, मौला सिंह, दुर्गा प्रसाद, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, मनराजा के घर बुधवार को नदी में बह गए। इसके साथ ही कई और मकान नदी के निशाने पर आ आ गए हैं। जिन लोगों के मकान नदी में समा गए हैं वह या तो बंधे पर शरण लिए हुए हैं या फिर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। उधर दो दिन से हो रही तेज बारिश से बांध पर रह रहे लोगों के सामने दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। पन्नी, तिरपाल तानकर अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर रह रहे लोगों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा होता जा रहा है। पानी और तेज हवा की वजह से सभी के तिरपाल उड़ गए हैं और लोगों का गृहस्थी का सामान पूरी तरह से भीग गया है। जहां पर वह परिवार के लिए खाना पकाते थे वहां भी बारिश के चलते खाना बना पाना मुश्किल होता जा रहा है। इन लोगों का कहना है कि घर तो पहले ही कट गया था बांध पर भी आने के बाद बारिश की वजह से हम लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता धनंजय तिवारी ने कटान प्रभावित गांव का निरीक्षण किया। कहा कि कटान रोकने के लिए मैकेनिकल डिपार्टमेंट के साथ बाढ़ खंड लगातार कार्य कर रहा है। जल्द ही कटान रोक ली जाएगी।
कोटवाधाम । बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर फिर एक सेमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा है। सरयू की कटान की चपेट में आकर तेलवारी गांव के पांच घर नदी में समा गए हैं। यह कटान लगातार तेज होती जा रही है। नदी का आबादी की ओर रुख करने से तराई के लोगों में हड़कंप मच गया है और लोग सुरक्षित स्थानों के लिए निकल रहे हैं। तहसील क्षेत्र के तेलवारी गांव में पिछले एक माह से लगातार सरयू कटान कर रही है जिम्मेदारों द्वारा बरती जा रही लापरवाही यहां के निवासियों पर भारी पड़ने लगी है। यहां के निवासी मायाराम, मौला सिंह, दुर्गा प्रसाद, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, मनराजा के घर बुधवार को नदी में बह गए। इसके साथ ही कई और मकान नदी के निशाने पर आ आ गए हैं। जिन लोगों के मकान नदी में समा गए हैं वह या तो बंधे पर शरण लिए हुए हैं या फिर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। उधर दो दिन से हो रही तेज बारिश से बांध पर रह रहे लोगों के सामने दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। पन्नी, तिरपाल तानकर अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर रह रहे लोगों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा होता जा रहा है। पानी और तेज हवा की वजह से सभी के तिरपाल उड़ गए हैं और लोगों का गृहस्थी का सामान पूरी तरह से भीग गया है। जहां पर वह परिवार के लिए खाना पकाते थे वहां भी बारिश के चलते खाना बना पाना मुश्किल होता जा रहा है। इन लोगों का कहना है कि घर तो पहले ही कट गया था बांध पर भी आने के बाद बारिश की वजह से हम लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता धनंजय तिवारी ने कटान प्रभावित गांव का निरीक्षण किया। कहा कि कटान रोकने के लिए मैकेनिकल डिपार्टमेंट के साथ बाढ़ खंड लगातार कार्य कर रहा है। जल्द ही कटान रोक ली जाएगी।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने अभिभावकों को गेमिंग डिस्ऑर्डर का लेकर चेताया है। जनता से रिस्ता वेबडेस्कः ऋषिकेश। पबजी और फ्री फायर जैसे गेम्स पर भारत सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन अब भी इनके कई विकल्प गेम्स और एप्स स्टोर पर उपलब्ध हैं। ऐसे गेम्स की लत बच्चों को गेमिंग डिस्ऑर्डर जैसी खतरनाक मानसिक बीमारी का शिकार बना रही है। हाल के दिनों में गेमिंग डिस्ऑर्डर के मामलों में काफी इजाफा हुआ है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने अभिभावकों को गेमिंग डिस्ऑर्डर का लेकर चेताया है। ऑनलाइन गेमिंग का चस्का किसी नशे से कम नहीं है। एक बार बच्चे को ऑनलाइन गेमिंग की लत लग जाए तो इससे पीछा छुड़ाना बड़ा मुश्किल हो जाता है। पबजी और फ्री फायर जैसे गेम्स पर भारत में प्रतिबंध लगने के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब भी ऐसे ही गेम्स और एप्स की स्टोर पर भरमार है। ये ऑनलाइन गेम्स बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं। बच्चे अपना अधिकांश समय इन ऑनलाइन गेम्स को खेलते हुए बिता रहे हैं। इससे बच्चों में चिड़चिड़ापन, आक्रामकता और नींद की कमी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। एम्स ऋषिकेश के मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र रोहिला ने बताया कि हाल ही में बच्चों में गेमिंग डिस्ऑर्डर के मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि गेमिंग डिस्ऑर्डर आईसीडी 11 की श्रेणी में आता है, लेकिन भारत में अभी आईसीडी 10 के तहत बीमारी का डाइग्नोस हो रहा है। इसमें रोगी गेम्स को अपने दैनिक कामों से ज्यादा तवज्जो देने लगता है। रोगी तय नहीं कर पाता है कि उसको कितनी देर गेम खेलना है। इससे रोगी के मस्तिष्क और व्यवहार में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डॉ. जितेंद्र रोहिला ने बताया कि नींद न आना, अचानक आक्रामक हो जाना और चिड़चिड़ापन इसके प्रमुख लक्षण हैं। कई बार गेमिंग डिस्ऑर्डर से पीड़ित रोगी अन्य मानसिक रोग से भी ग्रस्त होता है। - गेम खेलने की आदत पर कंट्रोल न रख पाना। - अन्य शौक और कामों से ज्यादा प्राथमिकता गेमिंग को देना। - नकारात्मक प्रभावों के बावजूद गेम खेलने का मोह न छोड़ पाना। - लगातार निष्क्रिय रहने से वजन का बढ़ना। - पारिवारिक जीवन, शिक्षा और कामकाज को समाप्ति की कगार पर ला देना। - रोगी को अकेला न छोड़ें। - उसके आत्मबल को बढ़ाएं। - उसको स्वास्थ्य दिनचर्या और शौक को विकसित करने के प्रोत्साहित करें। - मनोचिकित्सक की सलाह लें। - बिना अभिभावकों की अनुमति के गेम्स की खरीदारी नहीं हो चाहिए। - गेम्स की खरीदारी के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड का प्रयोग न करें। - गेम खेलते समय बच्चे अपने वास्तविक नाम का प्रयोग न करें। - अभिभावक बच्चों के लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल पर नजर रखें। - अनजान वेबसाइट से एप्स और गेम डाउनलोड करने से बचें। - ऑनलाइन चैट के माध्यम से अनजान व्यक्ति से बात न करें।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश ने अभिभावकों को गेमिंग डिस्ऑर्डर का लेकर चेताया है। जनता से रिस्ता वेबडेस्कः ऋषिकेश। पबजी और फ्री फायर जैसे गेम्स पर भारत सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन अब भी इनके कई विकल्प गेम्स और एप्स स्टोर पर उपलब्ध हैं। ऐसे गेम्स की लत बच्चों को गेमिंग डिस्ऑर्डर जैसी खतरनाक मानसिक बीमारी का शिकार बना रही है। हाल के दिनों में गेमिंग डिस्ऑर्डर के मामलों में काफी इजाफा हुआ है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश ने अभिभावकों को गेमिंग डिस्ऑर्डर का लेकर चेताया है। ऑनलाइन गेमिंग का चस्का किसी नशे से कम नहीं है। एक बार बच्चे को ऑनलाइन गेमिंग की लत लग जाए तो इससे पीछा छुड़ाना बड़ा मुश्किल हो जाता है। पबजी और फ्री फायर जैसे गेम्स पर भारत में प्रतिबंध लगने के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब भी ऐसे ही गेम्स और एप्स की स्टोर पर भरमार है। ये ऑनलाइन गेम्स बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं। बच्चे अपना अधिकांश समय इन ऑनलाइन गेम्स को खेलते हुए बिता रहे हैं। इससे बच्चों में चिड़चिड़ापन, आक्रामकता और नींद की कमी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। एम्स ऋषिकेश के मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र रोहिला ने बताया कि हाल ही में बच्चों में गेमिंग डिस्ऑर्डर के मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि गेमिंग डिस्ऑर्डर आईसीडी ग्यारह की श्रेणी में आता है, लेकिन भारत में अभी आईसीडी दस के तहत बीमारी का डाइग्नोस हो रहा है। इसमें रोगी गेम्स को अपने दैनिक कामों से ज्यादा तवज्जो देने लगता है। रोगी तय नहीं कर पाता है कि उसको कितनी देर गेम खेलना है। इससे रोगी के मस्तिष्क और व्यवहार में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डॉ. जितेंद्र रोहिला ने बताया कि नींद न आना, अचानक आक्रामक हो जाना और चिड़चिड़ापन इसके प्रमुख लक्षण हैं। कई बार गेमिंग डिस्ऑर्डर से पीड़ित रोगी अन्य मानसिक रोग से भी ग्रस्त होता है। - गेम खेलने की आदत पर कंट्रोल न रख पाना। - अन्य शौक और कामों से ज्यादा प्राथमिकता गेमिंग को देना। - नकारात्मक प्रभावों के बावजूद गेम खेलने का मोह न छोड़ पाना। - लगातार निष्क्रिय रहने से वजन का बढ़ना। - पारिवारिक जीवन, शिक्षा और कामकाज को समाप्ति की कगार पर ला देना। - रोगी को अकेला न छोड़ें। - उसके आत्मबल को बढ़ाएं। - उसको स्वास्थ्य दिनचर्या और शौक को विकसित करने के प्रोत्साहित करें। - मनोचिकित्सक की सलाह लें। - बिना अभिभावकों की अनुमति के गेम्स की खरीदारी नहीं हो चाहिए। - गेम्स की खरीदारी के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड का प्रयोग न करें। - गेम खेलते समय बच्चे अपने वास्तविक नाम का प्रयोग न करें। - अभिभावक बच्चों के लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल पर नजर रखें। - अनजान वेबसाइट से एप्स और गेम डाउनलोड करने से बचें। - ऑनलाइन चैट के माध्यम से अनजान व्यक्ति से बात न करें।
तेलगु की पॉपुलर एक्ट्रेस रश्मि गौतम की कार ने एक व्यक्ति को टक्कर मार दी है। खबरों की मानें तो व्यक्ति रविवार (17 मार्च) की रात विशाखापट्टनम के पास अग्नमपुड़ी राजमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहा था तभी रश्मि की कार ने उसे टक्कर मार दी। घायल व्यक्ति की पहचान सैय्यद अब्दुल के रूप में की गई है। पेशे से ट्रक ड्राइवर सैय्यद अब्दुल को तुरंत अग्नमपुड़ी के एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में विशाखापट्टनम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रक चालक को गंभीर चोट आई है वहीं, रश्मि गौतम को मामूली खरोंच आई है। बता दें रश्मि एक वेब-सीरीज क शूटिंग कर विशाखापट्टनम में अपने घर लौट रही थीं। जिस कार से ये दुर्घटना हुई वह उसी प्रोडक्शन हाउस ने उपलब्ध कराई थी जिसकी शूटिंग से रश्मि वापस आ रही थीं। इससे पहले रश्मि अपने साथ हुए रेप की घटना को लेकर चर्चा में आई थीं। दरअसल, रश्मि ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि चलती कार में उनके साथ रेप करने की कोशिश की गई। बता दें कि रश्मि ने तेलुगु, तमिल और कन्नड़ भाषाओं की फिल्मों के साथ रश्मि ने बॉलीवुड में 'वेलडन अब्बा' और 'लॉग इन' जैसी फिल्मों में काम किया है।
तेलगु की पॉपुलर एक्ट्रेस रश्मि गौतम की कार ने एक व्यक्ति को टक्कर मार दी है। खबरों की मानें तो व्यक्ति रविवार की रात विशाखापट्टनम के पास अग्नमपुड़ी राजमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहा था तभी रश्मि की कार ने उसे टक्कर मार दी। घायल व्यक्ति की पहचान सैय्यद अब्दुल के रूप में की गई है। पेशे से ट्रक ड्राइवर सैय्यद अब्दुल को तुरंत अग्नमपुड़ी के एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में विशाखापट्टनम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रक चालक को गंभीर चोट आई है वहीं, रश्मि गौतम को मामूली खरोंच आई है। बता दें रश्मि एक वेब-सीरीज क शूटिंग कर विशाखापट्टनम में अपने घर लौट रही थीं। जिस कार से ये दुर्घटना हुई वह उसी प्रोडक्शन हाउस ने उपलब्ध कराई थी जिसकी शूटिंग से रश्मि वापस आ रही थीं। इससे पहले रश्मि अपने साथ हुए रेप की घटना को लेकर चर्चा में आई थीं। दरअसल, रश्मि ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि चलती कार में उनके साथ रेप करने की कोशिश की गई। बता दें कि रश्मि ने तेलुगु, तमिल और कन्नड़ भाषाओं की फिल्मों के साथ रश्मि ने बॉलीवुड में 'वेलडन अब्बा' और 'लॉग इन' जैसी फिल्मों में काम किया है।
नई दिल्लीः वर्तमान में पैन कार्ड एक जरूरी दस्तावेज बन गया है, जिसके नहीं होने पर बैंक से संबंधित सभी काम लटक जाते हैं अब तक कई बैंकों ने ऐसा नियम बना दिया है कि बिना पैन कार्ड के आपका अकाउंट ही ओपन नहीं करते दिख रहे हैं, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पैन कार्ड को लेकर सरकार की ओर से एक बड़ी जानकारी साझा की गई है, जिसे जान आप हैरान रह जाएंगे। अब अगर आपके पास पैन कार्ड है तो फिर आयकर विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें, नहीं तो नुकसान उठाना पडे़गा। आयकर विभाग की ओर से एक ऐसा दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसे देख हर किसी के चेहरे पर निराशा ही निराशा झलक रही है। अब आपको पैन कार्ड अपने आधार कार्ड से लिंक कराना जरूरी कर दिया है, जिसे इग्नोर करना आपके लिए बहुत ही घाटे का सौदा होगा। अगर आपने अपना पैन कार्ड 31 मार्च 2023 तक अपने आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया तो फिर आपको तगड़ा नुकसान उठाना पडे़गा, जिसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा आयकर विभाग के मुताबिक, आपको पैन आधार से लिंक नहीं कराने पर 10 हजार रुपये तक का भारी भरकम जुर्माना लाया जाएगा। इसलिए आप तुरंत घर से निकले और इस काम को अभी कराएं। इतना ही नहीं पैन कार्ड को एक अप्रैल 2023 से निष्क्रिय भी करने का काम किया जाएगा, जिसकी चर्चा तेजी से चल रही है। इससे बचने के लिए आपको जल्द से जल्द दूसरा पैन कार्ड विभाग को भेजना होगा। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 272बी में भी इसका प्रावधान रखा गया है। अगर आपके पास दो पैन कार्ड हैं तो फिर तुरंत एक का सरेंडर कर सकते हैं। अगर सरकार की चेतावनी के बाद भी आप दो पैन कार्ड का यूज कर रहे हैं तो फिर नुकसान उठाने के लिए तैयार हो जाए। इनकम के दिशा-निर्देश के मुताबिक आपको 6 महीने की जेल जाना होगा। दो पैन कार्ड का यूज करना अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
नई दिल्लीः वर्तमान में पैन कार्ड एक जरूरी दस्तावेज बन गया है, जिसके नहीं होने पर बैंक से संबंधित सभी काम लटक जाते हैं अब तक कई बैंकों ने ऐसा नियम बना दिया है कि बिना पैन कार्ड के आपका अकाउंट ही ओपन नहीं करते दिख रहे हैं, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पैन कार्ड को लेकर सरकार की ओर से एक बड़ी जानकारी साझा की गई है, जिसे जान आप हैरान रह जाएंगे। अब अगर आपके पास पैन कार्ड है तो फिर आयकर विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें, नहीं तो नुकसान उठाना पडे़गा। आयकर विभाग की ओर से एक ऐसा दिशा-निर्देश जारी किया गया है, जिसे देख हर किसी के चेहरे पर निराशा ही निराशा झलक रही है। अब आपको पैन कार्ड अपने आधार कार्ड से लिंक कराना जरूरी कर दिया है, जिसे इग्नोर करना आपके लिए बहुत ही घाटे का सौदा होगा। अगर आपने अपना पैन कार्ड इकतीस मार्च दो हज़ार तेईस तक अपने आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया तो फिर आपको तगड़ा नुकसान उठाना पडे़गा, जिसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा आयकर विभाग के मुताबिक, आपको पैन आधार से लिंक नहीं कराने पर दस हजार रुपये तक का भारी भरकम जुर्माना लाया जाएगा। इसलिए आप तुरंत घर से निकले और इस काम को अभी कराएं। इतना ही नहीं पैन कार्ड को एक अप्रैल दो हज़ार तेईस से निष्क्रिय भी करने का काम किया जाएगा, जिसकी चर्चा तेजी से चल रही है। इससे बचने के लिए आपको जल्द से जल्द दूसरा पैन कार्ड विभाग को भेजना होगा। इनकम टैक्स एक्ट एक हज़ार नौ सौ इकसठ के सेक्शन दो सौ बहत्तरबी में भी इसका प्रावधान रखा गया है। अगर आपके पास दो पैन कार्ड हैं तो फिर तुरंत एक का सरेंडर कर सकते हैं। अगर सरकार की चेतावनी के बाद भी आप दो पैन कार्ड का यूज कर रहे हैं तो फिर नुकसान उठाने के लिए तैयार हो जाए। इनकम के दिशा-निर्देश के मुताबिक आपको छः महीने की जेल जाना होगा। दो पैन कार्ड का यूज करना अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव के पूर्व राज्य में एक राजनीतिक हंगामा मच गया। दरअसल पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल की जनसभा गांधीनगर में होना थी। मगर इसे अनुमति नहीं मिली। प्रशासन ने इस सभा की अनुमति नहीं दी। माना जा रहा है कि, हार्दिक इस सभा में सेक्स सीडी कांड को लेकर, महत्वपूर्ण खुलासा कर सकते थे। इस मामले में हार्दिक पटेल ने ट्वीट किया और, जानकारी दी कि उनकी सभा को रद्द कर दिया गया है। ट्वीटर में लिखा गया था कि, आचार संहिता लगने के बाद भी सत्ता का ही हुक्म चलता है। गांधीनगर में मेरी जनसभा होने वाली थी मगर, इसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आकर इसे कैंसल कर दिया गया है। जनसभा में बड़े पैमाने पर लोग पहुंचने वाले थे। मगर पुलिस ने कह दिया कि, जनसभा के लिए जो भी पहुंचेगा उसे पकड़ लिया जाएगा। हजारों की संख्या में जनता जनसभा के लिए पहुंचने वाली थी मगर आयोजन के पहले ही इसे बैन कर दिया गया। उनका कहना था कि, चुनाव के पहले ही भाजपा घबरा रही है। गौरतलब है कि, हार्दिक पटेल ने इसके पूर्व भारतीय जनता पार्टी को टारगेट कर ट्वीट किया था कि, श्रीराम कह गये सिया से,ऐसा कलियुग आएगा। गोडसे का मंदिर बनेगा,तंबू में राम विराजा जाएगा। मार ना सका एक अंग्रेज को,वो गांधी मार के हिंदू कहलाएगा। जो निभा ना सका पत्नी से, दूसरों की सीडी बनवाएगा। बांटेगा हिंदू को, मुस्लिम से,दलित को भी खा जाएगा। गाय को कहकर अपनी मां, उसका मांस तक बेच खाएगा। इस तरह की कविता ट्विटर पर लिखने पर विवाद हो गया था। मगर इसके बाद, जब हार्दिक पटेल को सभा करने की अनुमति नहीं दी गई तो, उन्होंने ट्विटर पर विरोध जताया और लिखा कि, भारतीय जनता पार्टी इस तरह का प्रयास कर रही है। लोग भाजपा से असंतुष्ट हैं। जब भाजपा के विरोध में बात कही जा रही है, तो वह गुंडागर्दी कर इसे रोकने में लगी है। विरोध करते हुए हार्दिक ने तर्क दिया था कि, लोग 22 साल के लड़के की सीडी नहीं गुजरात में 22 वर्षों में हुए विकास को देखना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने, कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया था। अपनी सभा को लेकर ट्वीट करने से पूर्व वे कांग्रेस से कह चुके हैं कि, कांग्रेस को भावी आरक्षण नीति को लेकर अपना रूख स्पष्ट करना होगा। कांग्रेस और हार्दिक पटेल व उनके समर्थकों के बीच, बैठक आयोजित होनी थी। मगर शुक्रवार को प्रस्तावित यह बैठक नहीं हो पाई, ऐसे में हार्दिक ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव के पूर्व राज्य में एक राजनीतिक हंगामा मच गया। दरअसल पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल की जनसभा गांधीनगर में होना थी। मगर इसे अनुमति नहीं मिली। प्रशासन ने इस सभा की अनुमति नहीं दी। माना जा रहा है कि, हार्दिक इस सभा में सेक्स सीडी कांड को लेकर, महत्वपूर्ण खुलासा कर सकते थे। इस मामले में हार्दिक पटेल ने ट्वीट किया और, जानकारी दी कि उनकी सभा को रद्द कर दिया गया है। ट्वीटर में लिखा गया था कि, आचार संहिता लगने के बाद भी सत्ता का ही हुक्म चलता है। गांधीनगर में मेरी जनसभा होने वाली थी मगर, इसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आकर इसे कैंसल कर दिया गया है। जनसभा में बड़े पैमाने पर लोग पहुंचने वाले थे। मगर पुलिस ने कह दिया कि, जनसभा के लिए जो भी पहुंचेगा उसे पकड़ लिया जाएगा। हजारों की संख्या में जनता जनसभा के लिए पहुंचने वाली थी मगर आयोजन के पहले ही इसे बैन कर दिया गया। उनका कहना था कि, चुनाव के पहले ही भाजपा घबरा रही है। गौरतलब है कि, हार्दिक पटेल ने इसके पूर्व भारतीय जनता पार्टी को टारगेट कर ट्वीट किया था कि, श्रीराम कह गये सिया से,ऐसा कलियुग आएगा। गोडसे का मंदिर बनेगा,तंबू में राम विराजा जाएगा। मार ना सका एक अंग्रेज को,वो गांधी मार के हिंदू कहलाएगा। जो निभा ना सका पत्नी से, दूसरों की सीडी बनवाएगा। बांटेगा हिंदू को, मुस्लिम से,दलित को भी खा जाएगा। गाय को कहकर अपनी मां, उसका मांस तक बेच खाएगा। इस तरह की कविता ट्विटर पर लिखने पर विवाद हो गया था। मगर इसके बाद, जब हार्दिक पटेल को सभा करने की अनुमति नहीं दी गई तो, उन्होंने ट्विटर पर विरोध जताया और लिखा कि, भारतीय जनता पार्टी इस तरह का प्रयास कर रही है। लोग भाजपा से असंतुष्ट हैं। जब भाजपा के विरोध में बात कही जा रही है, तो वह गुंडागर्दी कर इसे रोकने में लगी है। विरोध करते हुए हार्दिक ने तर्क दिया था कि, लोग बाईस साल के लड़के की सीडी नहीं गुजरात में बाईस वर्षों में हुए विकास को देखना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने, कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया था। अपनी सभा को लेकर ट्वीट करने से पूर्व वे कांग्रेस से कह चुके हैं कि, कांग्रेस को भावी आरक्षण नीति को लेकर अपना रूख स्पष्ट करना होगा। कांग्रेस और हार्दिक पटेल व उनके समर्थकों के बीच, बैठक आयोजित होनी थी। मगर शुक्रवार को प्रस्तावित यह बैठक नहीं हो पाई, ऐसे में हार्दिक ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
शनिवार को शहर के एक मंदिर में हनुमान जयंती समारोह हो रहा था। यूट्यूब पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग हो रही थी। इसी दौरान एक रिटायर प्रोफेसर रणंजय सिंह मंच पर ही चक्कर खाकर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। छपरा(Bihar). बिहार के छपरा में रामकथा के दौरान मंच संचालक की मौत का मामला सामने आया है। शनिवार को शहर के एक मंदिर में हनुमान जयंती समारोह हो रहा था। यूट्यूब पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग हो रही थी। इसी दौरान एक रिटायर प्रोफेसर रणंजय सिंह मंच पर ही चक्कर खाकर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक को प्रोफेसर की मौत का कारण बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना शनिवार शाम की है। प्रोफेसर रणंजय सिंह शहर के जाने-माने शख्सियत थे। वे हनुमान जयंती समारोह के सचिव रहे। इसके अलावा मारुति मानस मंदिर के प्रधान सचिव थे। शाम में वे मंदिर परिसर में ही प्रवचन कर रहे थे। मंच से श्रोताओं को संबोधित करने के दौरान अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया। हाथ में माइक पकड़े हुए रणंजय सिंह अचानक मंच पर गिर गए। वहां मौजूद लोग शुरुआत में कुछ समझ नहीं सके। आनन-फानन में प्रोफेसर रणंजय सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कुछ देर में उनके निधन की खबर फैल गई। प्रवचन करते हुए अचानक मौत आने से हर कोई हैरान है। प्रोफेसर रणंजय सिंह जाने-माने शिक्षाविद और धार्मिक-सामाजिक शख्सियत थे। उनकी उम्र करीब 80 साल थी। प्रोफेसर रणंजय सिंह छपरा के जगदंब कॉलेज के रिटायर्ट प्राचार्य थे। वे मूल रूप जलाल प्रखंड के कोठिया गांव के रहने वाले थे। हनुमान जयंती समारोह के सदस्य अनिरुद्ध जी ने बताया कि मानस मंदिर में पिछले 55 साल से हनुमान जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस साल भी इस कार्यक्रम का 13 अक्टूबर को शुरू किया गया था। शनिवार को अयोध्या के संत रत्नेश्वर जी महाराज के प्रवचन हुए थे।
शनिवार को शहर के एक मंदिर में हनुमान जयंती समारोह हो रहा था। यूट्यूब पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग हो रही थी। इसी दौरान एक रिटायर प्रोफेसर रणंजय सिंह मंच पर ही चक्कर खाकर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। छपरा. बिहार के छपरा में रामकथा के दौरान मंच संचालक की मौत का मामला सामने आया है। शनिवार को शहर के एक मंदिर में हनुमान जयंती समारोह हो रहा था। यूट्यूब पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग हो रही थी। इसी दौरान एक रिटायर प्रोफेसर रणंजय सिंह मंच पर ही चक्कर खाकर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक को प्रोफेसर की मौत का कारण बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना शनिवार शाम की है। प्रोफेसर रणंजय सिंह शहर के जाने-माने शख्सियत थे। वे हनुमान जयंती समारोह के सचिव रहे। इसके अलावा मारुति मानस मंदिर के प्रधान सचिव थे। शाम में वे मंदिर परिसर में ही प्रवचन कर रहे थे। मंच से श्रोताओं को संबोधित करने के दौरान अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया। हाथ में माइक पकड़े हुए रणंजय सिंह अचानक मंच पर गिर गए। वहां मौजूद लोग शुरुआत में कुछ समझ नहीं सके। आनन-फानन में प्रोफेसर रणंजय सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कुछ देर में उनके निधन की खबर फैल गई। प्रवचन करते हुए अचानक मौत आने से हर कोई हैरान है। प्रोफेसर रणंजय सिंह जाने-माने शिक्षाविद और धार्मिक-सामाजिक शख्सियत थे। उनकी उम्र करीब अस्सी साल थी। प्रोफेसर रणंजय सिंह छपरा के जगदंब कॉलेज के रिटायर्ट प्राचार्य थे। वे मूल रूप जलाल प्रखंड के कोठिया गांव के रहने वाले थे। हनुमान जयंती समारोह के सदस्य अनिरुद्ध जी ने बताया कि मानस मंदिर में पिछले पचपन साल से हनुमान जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस साल भी इस कार्यक्रम का तेरह अक्टूबर को शुरू किया गया था। शनिवार को अयोध्या के संत रत्नेश्वर जी महाराज के प्रवचन हुए थे।
बाबा भागीरथ वर्णी नियमसे करने लगे । इन कार्यो मे आपको इतना रस जाया कि कुछ दिन पश्चात् आप अपना धन्या छोटकर त्यागी बन गये, और आपने वाल ब्रह्मचारी रहकर विद्याभ्यास करनेका विचार किया। विद्याभ्याम करनेके लिए आप जयपुर और खुर्जा गये। उस समय आपको उम पच्चीन वर्षकी हो चुकी थी। खुर्जामं अनायास ही पूज्य प० गणेगप्रमादजीका समागम हो गया, फिर तो आप अपने अभ्यासको और भी लगन नया दृढ़ता के साथ सम्पन्न करने लगे। कुछ समय धर्मशिक्षाको प्राप्त करनेके लिए दोनो ही आगरेमें प० वलदेवदासजीके पास गये और पूज्यपादकी सर्वार्थसिद्धिका पाठ प्रारम्भ हुआ। पञ्चात् प० गणेशप्रसादजीकी इच्छा अजैन न्यायके पढनेकी हुई, तब आप दोनो वनारस गये और वहाँ भेलूपुरा की धर्मशालामे ठहरे । एक दिन आप दोनो मेयरत्नमाला और आप्तपरीक्षा आदि जैन न्याय सम्वन्धी ग्रन्थ लेकर प० जीवनाथ शास्त्रीके मकान पर गये । सामने चौकी पर पुस्तके और १रु० गुरुदक्षिणा स्वरूप रख दिया, तब शास्त्रीजीने कहा - "आज दिन ठीक नहीं है कल ठीक है।" दूसरे दिन पुन निश्चित समय पर उक्त शास्त्रीजीके पास पहुँचे । शास्त्रीजी अपने स्थानसे पाठ्य स्थान पर आये और आसन पर वैठते ही पुस्तके और रुपया उठाकर फेंक दिया और कहने लगे कि "मै ऐसी पुस्तकोका स्पर्श तक नहीं करता ।" इस घटनासे हृदयमे क्रोधका उद्वेग उत्पन्न होने पर भी आप दोनो कुछ न कह सके और वहाँसे चुपचाप चले आये । अपने स्थान पर आकर सोचने लगे कि यदि आज हमारी पाठशाला होती तो क्या ऐसा अपमान हो सकता ? अव हमे यही प्रयत्न करना चाहिए, जिससे यहाँ जैनपाठशालाकी स्थापना हो सके और विद्याके इच्छुक विद्यार्थियोको विद्याभ्यासके समुचित साधन सुलभ हो सके। यह विचार कर ही रहे थे कि उस समय कामा मथुराके ला० झम्मनलालने, जो धर्मशालामे ठहरे हुए थे, आपका शुभ विचार जानकर एक रुपया प्रदान किया। उस एक रुपयेके ६४ कार्ड खरीदे गये, और ६४ स्थानोको अभिमत कार्यकी प्रेरणारूपमे डाले गये ।
बाबा भागीरथ वर्णी नियमसे करने लगे । इन कार्यो मे आपको इतना रस जाया कि कुछ दिन पश्चात् आप अपना धन्या छोटकर त्यागी बन गये, और आपने वाल ब्रह्मचारी रहकर विद्याभ्यास करनेका विचार किया। विद्याभ्याम करनेके लिए आप जयपुर और खुर्जा गये। उस समय आपको उम पच्चीन वर्षकी हो चुकी थी। खुर्जामं अनायास ही पूज्य पशून्य गणेगप्रमादजीका समागम हो गया, फिर तो आप अपने अभ्यासको और भी लगन नया दृढ़ता के साथ सम्पन्न करने लगे। कुछ समय धर्मशिक्षाको प्राप्त करनेके लिए दोनो ही आगरेमें पशून्य वलदेवदासजीके पास गये और पूज्यपादकी सर्वार्थसिद्धिका पाठ प्रारम्भ हुआ। पञ्चात् पशून्य गणेशप्रसादजीकी इच्छा अजैन न्यायके पढनेकी हुई, तब आप दोनो वनारस गये और वहाँ भेलूपुरा की धर्मशालामे ठहरे । एक दिन आप दोनो मेयरत्नमाला और आप्तपरीक्षा आदि जैन न्याय सम्वन्धी ग्रन्थ लेकर पशून्य जीवनाथ शास्त्रीके मकान पर गये । सामने चौकी पर पुस्तके और एक रुपयाशून्य गुरुदक्षिणा स्वरूप रख दिया, तब शास्त्रीजीने कहा - "आज दिन ठीक नहीं है कल ठीक है।" दूसरे दिन पुन निश्चित समय पर उक्त शास्त्रीजीके पास पहुँचे । शास्त्रीजी अपने स्थानसे पाठ्य स्थान पर आये और आसन पर वैठते ही पुस्तके और रुपया उठाकर फेंक दिया और कहने लगे कि "मै ऐसी पुस्तकोका स्पर्श तक नहीं करता ।" इस घटनासे हृदयमे क्रोधका उद्वेग उत्पन्न होने पर भी आप दोनो कुछ न कह सके और वहाँसे चुपचाप चले आये । अपने स्थान पर आकर सोचने लगे कि यदि आज हमारी पाठशाला होती तो क्या ऐसा अपमान हो सकता ? अव हमे यही प्रयत्न करना चाहिए, जिससे यहाँ जैनपाठशालाकी स्थापना हो सके और विद्याके इच्छुक विद्यार्थियोको विद्याभ्यासके समुचित साधन सुलभ हो सके। यह विचार कर ही रहे थे कि उस समय कामा मथुराके लाशून्य झम्मनलालने, जो धर्मशालामे ठहरे हुए थे, आपका शुभ विचार जानकर एक रुपया प्रदान किया। उस एक रुपयेके चौंसठ कार्ड खरीदे गये, और चौंसठ स्थानोको अभिमत कार्यकी प्रेरणारूपमे डाले गये ।
वाशिंगटनः अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा है कि वर्ष 2023 पिछले साल की तुलना में " कठिन" होगा, क्योंकि अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन की अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार धीमी रहेगी। सुश्री जॉर्जीवा ने कहा कि रूस-यूक्रेन के कारण बढ़ती कीमतें, उच्च ब्याज दरें और चीन में कोविड का प्रसार का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। यूक्रेन युद्ध, बढ़ती कीमतों, उच्च ब्याज दों और चीन में कोविड के प्रसार का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर रहेगा। आईएमएफ ने अक्टूबर में 2023 के लिए वैश्विक आर्थिक विकास की अपनी अनुमानित दर में कटौती की थी। वहीं, सिडनी में मूडीज़ एनालिटिक्स की एक अर्थशास्त्री कैटरीना एल ने बीबीसी को विश्व अर्थव्यवस्था को लेकर अपना नजरिया बताया। सुश्री जॉर्जीवा ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके लिए 2023 में खासी परेशानियां आयेंगी। अगले कुछ महीनों के लिए चीन को मुश्किल समय का सामना करना पड़ेगा जिससे उसकी ग्रोथ पर नकारात्मक असर आयेगा और इससे पूरे क्षेत्र पर नकारात्मक असर रहेगा। आईएमएफ दुनिया के 190 देशों का एक संगठन हैऔर वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने का काम करता है। इसके कुछ महत्वपूर्ण कार्यों में से एक यह भी है कि समय से पहले अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में आने वाली दिक्कतों को लेकर चेतावनी जारी करे।
वाशिंगटनः अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा है कि वर्ष दो हज़ार तेईस पिछले साल की तुलना में " कठिन" होगा, क्योंकि अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन की अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार धीमी रहेगी। सुश्री जॉर्जीवा ने कहा कि रूस-यूक्रेन के कारण बढ़ती कीमतें, उच्च ब्याज दरें और चीन में कोविड का प्रसार का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। यूक्रेन युद्ध, बढ़ती कीमतों, उच्च ब्याज दों और चीन में कोविड के प्रसार का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर रहेगा। आईएमएफ ने अक्टूबर में दो हज़ार तेईस के लिए वैश्विक आर्थिक विकास की अपनी अनुमानित दर में कटौती की थी। वहीं, सिडनी में मूडीज़ एनालिटिक्स की एक अर्थशास्त्री कैटरीना एल ने बीबीसी को विश्व अर्थव्यवस्था को लेकर अपना नजरिया बताया। सुश्री जॉर्जीवा ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके लिए दो हज़ार तेईस में खासी परेशानियां आयेंगी। अगले कुछ महीनों के लिए चीन को मुश्किल समय का सामना करना पड़ेगा जिससे उसकी ग्रोथ पर नकारात्मक असर आयेगा और इससे पूरे क्षेत्र पर नकारात्मक असर रहेगा। आईएमएफ दुनिया के एक सौ नब्बे देशों का एक संगठन हैऔर वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने का काम करता है। इसके कुछ महत्वपूर्ण कार्यों में से एक यह भी है कि समय से पहले अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में आने वाली दिक्कतों को लेकर चेतावनी जारी करे।
संयुक्त किसान मंच के बैनर तले प्रदेश के 27 किसान-बागवान संगठन आज राजधानी में नवबहार चौक से छोटा शिमला तक आक्रोश रैली निकाल रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। डीजीपी संजय कुंडू मौके पर मौजूद हैं। किसान-बागवान सचिवालय का घेराव भी करेंगे। किसान-बागवानों को समर्थन देने के लिए आम आदमी पार्टी किसान विंग और कांग्रेस के नेता भी पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं भी आक्रोश रैली में पहुंची हैं। बागवान संगठन सरकार की ओर दी गई 6 फीसदी जीएसटी छूट की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग कर रहे हैं। 20 सूत्रीय मांग पत्र में उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी में बागवान प्रतिनिधियों को शामिल न करने से भी बागवान संगठन नाराज हैं। छोटा शिमला में किसानों-बागवानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई है। आम आदमी पार्टी किसान विंग के प्रदेशाध्यक्ष अनिंदर सिंह नॉटी ने बताया कि दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान भी पार्टी ने पूरा समर्थन दिया था। भाजपा सरकार ने बागवानों पर भारी भरकम जीएसटी का बोझ डाल दिया है। एपीएमसी एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। आम आदमी पार्टी के सभी पदाधिकारी और वालंटियर ने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अपना पूर्ण सहयोग दिया ।
संयुक्त किसान मंच के बैनर तले प्रदेश के सत्ताईस किसान-बागवान संगठन आज राजधानी में नवबहार चौक से छोटा शिमला तक आक्रोश रैली निकाल रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। डीजीपी संजय कुंडू मौके पर मौजूद हैं। किसान-बागवान सचिवालय का घेराव भी करेंगे। किसान-बागवानों को समर्थन देने के लिए आम आदमी पार्टी किसान विंग और कांग्रेस के नेता भी पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं भी आक्रोश रैली में पहुंची हैं। बागवान संगठन सरकार की ओर दी गई छः फीसदी जीएसटी छूट की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग कर रहे हैं। बीस सूत्रीय मांग पत्र में उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी में बागवान प्रतिनिधियों को शामिल न करने से भी बागवान संगठन नाराज हैं। छोटा शिमला में किसानों-बागवानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई है। आम आदमी पार्टी किसान विंग के प्रदेशाध्यक्ष अनिंदर सिंह नॉटी ने बताया कि दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान भी पार्टी ने पूरा समर्थन दिया था। भाजपा सरकार ने बागवानों पर भारी भरकम जीएसटी का बोझ डाल दिया है। एपीएमसी एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। आम आदमी पार्टी के सभी पदाधिकारी और वालंटियर ने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अपना पूर्ण सहयोग दिया ।
महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में लोकसभा चुनाव के बाद बारी बारी से चुनाव होता है। सोचें, एक साथ पूरे देश में चुनाव कराने की बातों के बीच न तो भाजपा चाहती है कि तीन अलग अलग महीने में होने वाले इन तीनों राज्यों के चुनाव एक साथ हों और न चुनाव आयोग को यह बात समझ में आती है कि ये तीनों चुनाव एक साथ हो सकते हैं। मई में लोकसभा चुनाव होते हैं। उसके बाद अक्टूबर में महाराष्ट्र का चुनाव होता है। फिर नवंबर में हरियाणा का और दिसंबर में झारखंड का। ये तीनों चुनाव एक साथ अक्टूबर में हो सकते हैं और अगर चुनाव आयोग चाहे तो लोकसभा के साथ भी इनका चुनाव हो सकता है। इस बार इन तीनों राज्यों के चुनाव को लेकर सस्पेंस इसलिए बना है क्योंकि तीनों राज्यों के भारतीय जनता पार्टी के नेता चाहते हैं कि उनका चुनाव लोकसभा के साथ हो। भाजपा के प्रदेश नेता चाहते हैं कि लोकसभा के साथ चुनाव होगा तो मोदी की हवा में प्रदेश की नाव भी पार लग जाएगी। ध्यान रहे लोकसभा के साथ ओडिशा, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के चुनाव होते हैं। आयोग चाहे तो साल के अंत में होने वाले तीनों चुनाव भी साथ में करा सकता है। लेकिन क्या भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इसके लिए तैयार होगा? प्रदेश के नेता भले सोच रहे हों कि लोकसभा के साथ मोदी के नाम पर विधानसभा लड़ेंगे तो जीत जाएंगे लेकिन केंद्रीय नेतृत्व को यह भी चिंता होगी कि कहीं राज्यों की एंटी इन्कम्बैंसी, अंदरूनी खींचतान और जनता की नाराजगी लोकसभा पर भी भारी न पड़ जाए। सो, लोकसभा के साथ चुनाव की संभावना कम दिख रही है। हां, यह संभावना जरूर दिख रही है कि इस साल के अंत में ही महाराष्ट्र का चुनाव हो जाए।
महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में लोकसभा चुनाव के बाद बारी बारी से चुनाव होता है। सोचें, एक साथ पूरे देश में चुनाव कराने की बातों के बीच न तो भाजपा चाहती है कि तीन अलग अलग महीने में होने वाले इन तीनों राज्यों के चुनाव एक साथ हों और न चुनाव आयोग को यह बात समझ में आती है कि ये तीनों चुनाव एक साथ हो सकते हैं। मई में लोकसभा चुनाव होते हैं। उसके बाद अक्टूबर में महाराष्ट्र का चुनाव होता है। फिर नवंबर में हरियाणा का और दिसंबर में झारखंड का। ये तीनों चुनाव एक साथ अक्टूबर में हो सकते हैं और अगर चुनाव आयोग चाहे तो लोकसभा के साथ भी इनका चुनाव हो सकता है। इस बार इन तीनों राज्यों के चुनाव को लेकर सस्पेंस इसलिए बना है क्योंकि तीनों राज्यों के भारतीय जनता पार्टी के नेता चाहते हैं कि उनका चुनाव लोकसभा के साथ हो। भाजपा के प्रदेश नेता चाहते हैं कि लोकसभा के साथ चुनाव होगा तो मोदी की हवा में प्रदेश की नाव भी पार लग जाएगी। ध्यान रहे लोकसभा के साथ ओडिशा, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के चुनाव होते हैं। आयोग चाहे तो साल के अंत में होने वाले तीनों चुनाव भी साथ में करा सकता है। लेकिन क्या भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इसके लिए तैयार होगा? प्रदेश के नेता भले सोच रहे हों कि लोकसभा के साथ मोदी के नाम पर विधानसभा लड़ेंगे तो जीत जाएंगे लेकिन केंद्रीय नेतृत्व को यह भी चिंता होगी कि कहीं राज्यों की एंटी इन्कम्बैंसी, अंदरूनी खींचतान और जनता की नाराजगी लोकसभा पर भी भारी न पड़ जाए। सो, लोकसभा के साथ चुनाव की संभावना कम दिख रही है। हां, यह संभावना जरूर दिख रही है कि इस साल के अंत में ही महाराष्ट्र का चुनाव हो जाए।
RANCHI : रिटायर्ड टीचर्स के लिए एक समान पेंशन मिले। इतना ही नहीं, वर्किग और रिटायर्ड टीचर्स के लिए हेल्थ प्लान हो। केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव भेजा जाएगा। बुधवार को ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गनाइजेशन के अधिवेशन के दूसरे दिन यह रिजॉल्यूशन सर्वसम्मति से पारित किया गया। अधिवेशन के समापन समारोह में डॉ बब्बन चौबे, डॉ एमपी शर्मा, डॉ आनंद ठाकुर, डॉ कमल बोस, डॉ पूनम सहाय और डॉ मिथिलेश समेत बड़ी संख्या में टीचर्स मौजूद थे। इस मौके पर पारित रिजॉल्यूशन के जल्द से जल्द क्रियान्वयन के लिए कई कमिटियों का भी गठन किया गया। 1-ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गनाइजेशन की एक हाई लेवल कमिटी बनेगी। यह कमिटी ई शिक्षा नीति पर सरकार को सलाह देगी। 3-रिटायर्ड और वर्किंग टीचर्स के एक समान हेल्थ पॉलिसी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों का कॉमन प्लेटफार्म तैयार किया जाए। 4-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में रिटायर्ड टीचरों को भी वन रैंक वन पेंशन दिया जाए। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। डॉ. राम सिंह बने एआईफुक्टा के अध्यक्ष (बॉक्स) इस अधिवेशन में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड टीचर्स यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर आर्गेनाइजेशन की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। एआइफुक्टा के नए अध्यक्ष हरियाणा के प्रो राम सिंह बनाए गए हैं, जबकि जनरल सेक्रेटरी प्रो। बी पार्थसारथी व ट्रेजरर के पद के लिए यूपी के प्रो। जेएन शुक्ला निर्वाचित हुए। प्रो। सदानंद उपाध्यक्ष का पद संभालेंगे।
RANCHI : रिटायर्ड टीचर्स के लिए एक समान पेंशन मिले। इतना ही नहीं, वर्किग और रिटायर्ड टीचर्स के लिए हेल्थ प्लान हो। केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव भेजा जाएगा। बुधवार को ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गनाइजेशन के अधिवेशन के दूसरे दिन यह रिजॉल्यूशन सर्वसम्मति से पारित किया गया। अधिवेशन के समापन समारोह में डॉ बब्बन चौबे, डॉ एमपी शर्मा, डॉ आनंद ठाकुर, डॉ कमल बोस, डॉ पूनम सहाय और डॉ मिथिलेश समेत बड़ी संख्या में टीचर्स मौजूद थे। इस मौके पर पारित रिजॉल्यूशन के जल्द से जल्द क्रियान्वयन के लिए कई कमिटियों का भी गठन किया गया। एक-ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गनाइजेशन की एक हाई लेवल कमिटी बनेगी। यह कमिटी ई शिक्षा नीति पर सरकार को सलाह देगी। तीन-रिटायर्ड और वर्किंग टीचर्स के एक समान हेल्थ पॉलिसी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों का कॉमन प्लेटफार्म तैयार किया जाए। चार-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में रिटायर्ड टीचरों को भी वन रैंक वन पेंशन दिया जाए। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। डॉ. राम सिंह बने एआईफुक्टा के अध्यक्ष इस अधिवेशन में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड टीचर्स यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर आर्गेनाइजेशन की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। एआइफुक्टा के नए अध्यक्ष हरियाणा के प्रो राम सिंह बनाए गए हैं, जबकि जनरल सेक्रेटरी प्रो। बी पार्थसारथी व ट्रेजरर के पद के लिए यूपी के प्रो। जेएन शुक्ला निर्वाचित हुए। प्रो। सदानंद उपाध्यक्ष का पद संभालेंगे।
आत्माओं की पसंद हमेशा एक बहुत ही महत्वपूर्ण और विनम्र व्यवसाय है, जिसके लिए कुछ समय और प्रयास की आवश्यकता होती है। आखिरकार, मैं ऐसी सुगंध चुनना चाहता हूं जो आपके चरित्र और चरित्र को पूरी तरह से फिट करेगी और आस-पास के लोगों के बीच कुछ सहयोग करेगी। एक गंध का चयन करना जरूरी है जो लगातार, सुखद और तेज नहीं होगा, और साथ ही, यह आपकी गंध की भावना को लागू करने और पुनः पेश करने में सुखद होगा। ऐसा करने के लिए, उन आत्माओं के पक्ष में चयन करना उचित है जिनमें अल्कोहल आधार नहीं है। यह उन विशेषताओं में से एक है जो परंपरागत लोगों से तेल की आत्माओं को अलग करते हैं। इस तरह के परफ्यूम को अक्सर इतिहास में यात्रा कहा जाता है, मूल उत्पत्ति पर लौट आती है, जब प्राचीन परफ्यूमरी कला का जन्म हुआ था और इसे अविश्वसनीय रहस्यमय और नाज़ुक व्यवसाय माना जाता था जो केवल चयनित पुजारियों के अधीन था। उन्होंने महान गुप्तता में तथाकथित "प्रेम तेल" को पकाने के लिए अद्वितीय व्यंजनों को रखा, जिससे इत्र की कला की केवल तैयार की गई बहुमूल्य प्रतियां दी गईं। आधुनिक तेल आत्माएं क्या हैं? समय के साथ, सब कुछ बदल गया, और इत्र विशेष प्रयोगशालाओं के गहन काम का परिणाम था। अब उनका आधार जड़ी बूटी, पौधे और फूल नहीं है, लेकिन कृत्रिम रूप से कृत्रिम शराब और अणु बनाते हैं। तेल आधारित आत्माओं में उनकी संरचना में शराब नहीं होता है, जो उन्हें अधिक संतृप्त, प्राकृतिक और यहां तक कि यौन बनाता है। इस तरह के परफ्यूम की सबसे प्रसिद्ध किस्म अरब तेल आत्माएं हैं। अरब तेल आधारित परफ्यूम विशेष रूप से प्राकृतिक अवयवों के आधार पर बनाए जाते हैं, जो सबसे मजबूत एफ़्रोडायसियाक होते हैं। ओरिएंटल तेल की आत्माओं में कई अलग-अलग घटक होते हैं, जिनमें से मुख्य रूप से गुलाब ताइफी, उद, कस्तूरी, मसालों, एम्बर और अन्य मूल्यवान अवयवों को बुलाया जा सकता है जो पूरी तरह से तंत्रिका तंत्र, मनोदशा, ऊर्जा और पूरी तरह से जीव की स्थिति को प्रभावित करते हैं। तेल इत्र कैसे लागू करें? हर कोई नहीं जानता कि केंद्रित तेल आत्माओं में एक बहुत ही असामान्य विशेषता है - वे तब प्रकट होते हैं जब कोई व्यक्ति चलता है, और बाकी के दौरान उनके पास व्यावहारिक रूप से अदृश्य प्रकाश सुगंध होती है। बहुत से लोग नहीं जानते कि तेल आत्माओं का उपयोग कैसे करें। आवेदन का मुख्य नियम एक माइक्रोडोज है। यूरोपीय अल्कोहल अनुरूपों के विपरीत, ऐसी आत्माओं को एक विशेष डिवाइस के साथ लागू किया जाता है - शीशी टोपी में निर्मित एक छोटी ग्लास रॉड। इत्र की एक बूंद फर्म और 10 घंटे के लिए ध्यान देने योग्य रहेगी। यहां, उदाहरण के लिए, मिस्र के तेल की आत्माओं को स्नीफ करने के लिए स्वीकार नहीं किया जाता है, क्योंकि शरीर पर सुगंध अभी भी शीशी में एक ही स्वाद से अलग होती है। अपने सभी सूक्ष्मता को महसूस करने के लिए, शरीर को रखना और थोड़ी देर इंतजार करना आवश्यक है। लेकिन भारतीय तेल की आत्माएं इस तथ्य के लिए जानी जाती हैं कि जब वे पानी से संपर्क में आते हैं, तो वे कई बार प्रकट होने लगते हैं। उनके समकक्ष - सीरियाई तेल की आत्माओं ने चुनाव के लिए इत्र कहा जाता है। उत्पादकों का तर्क है कि उन्हें विज्ञापन की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जिन लोगों ने एक बार इन आत्माओं के सभी सूक्ष्मता और परिष्कार को महसूस किया, हमेशा के लिए नियमित खरीदारों रहते हैं। कई लड़कियां फेरोमोन के साथ तेल की आत्माओं से प्यार करती हैं। वे कहते हैं कि एक तिथि से पहले, शरीर को इस स्वाद की बूंद लागू करना आवश्यक है और फिर मजबूत लिंग से ध्यान दिया जाता है। इस तरह का एक उदाहरण "शेहेराज़ेड" और तेल आत्माओं "तेल पुनर्वसन" की तेल आत्माओं है। कुछ उपयोगकर्ताओं को पता नहीं है कि कैसे तेल की आत्माओं को पतला करना है और उन्हें कैसे पतला किया जा सकता है ताकि एक छोटा शीश लंबे समय तक पर्याप्त हो। लेकिन यह बेहतर है कि उन्हें छोटे माज़ोचकी में कम करने के लिए बेहतर न हो - और स्वाद प्रतिरोधी रहेगा, और क्षमता लंबे समय तक चली जाएगी। तेल आत्माओं के लिए बोतलों को कला के असली काम माना जा सकता है। उनमें से कई डिजाइनरों द्वारा सबसे छोटे विस्तार से सावधानीपूर्वक विचार किए जाते हैं, ताकि इत्र की शैली पूरी तरह से बनाए रखा जा सके।
आत्माओं की पसंद हमेशा एक बहुत ही महत्वपूर्ण और विनम्र व्यवसाय है, जिसके लिए कुछ समय और प्रयास की आवश्यकता होती है। आखिरकार, मैं ऐसी सुगंध चुनना चाहता हूं जो आपके चरित्र और चरित्र को पूरी तरह से फिट करेगी और आस-पास के लोगों के बीच कुछ सहयोग करेगी। एक गंध का चयन करना जरूरी है जो लगातार, सुखद और तेज नहीं होगा, और साथ ही, यह आपकी गंध की भावना को लागू करने और पुनः पेश करने में सुखद होगा। ऐसा करने के लिए, उन आत्माओं के पक्ष में चयन करना उचित है जिनमें अल्कोहल आधार नहीं है। यह उन विशेषताओं में से एक है जो परंपरागत लोगों से तेल की आत्माओं को अलग करते हैं। इस तरह के परफ्यूम को अक्सर इतिहास में यात्रा कहा जाता है, मूल उत्पत्ति पर लौट आती है, जब प्राचीन परफ्यूमरी कला का जन्म हुआ था और इसे अविश्वसनीय रहस्यमय और नाज़ुक व्यवसाय माना जाता था जो केवल चयनित पुजारियों के अधीन था। उन्होंने महान गुप्तता में तथाकथित "प्रेम तेल" को पकाने के लिए अद्वितीय व्यंजनों को रखा, जिससे इत्र की कला की केवल तैयार की गई बहुमूल्य प्रतियां दी गईं। आधुनिक तेल आत्माएं क्या हैं? समय के साथ, सब कुछ बदल गया, और इत्र विशेष प्रयोगशालाओं के गहन काम का परिणाम था। अब उनका आधार जड़ी बूटी, पौधे और फूल नहीं है, लेकिन कृत्रिम रूप से कृत्रिम शराब और अणु बनाते हैं। तेल आधारित आत्माओं में उनकी संरचना में शराब नहीं होता है, जो उन्हें अधिक संतृप्त, प्राकृतिक और यहां तक कि यौन बनाता है। इस तरह के परफ्यूम की सबसे प्रसिद्ध किस्म अरब तेल आत्माएं हैं। अरब तेल आधारित परफ्यूम विशेष रूप से प्राकृतिक अवयवों के आधार पर बनाए जाते हैं, जो सबसे मजबूत एफ़्रोडायसियाक होते हैं। ओरिएंटल तेल की आत्माओं में कई अलग-अलग घटक होते हैं, जिनमें से मुख्य रूप से गुलाब ताइफी, उद, कस्तूरी, मसालों, एम्बर और अन्य मूल्यवान अवयवों को बुलाया जा सकता है जो पूरी तरह से तंत्रिका तंत्र, मनोदशा, ऊर्जा और पूरी तरह से जीव की स्थिति को प्रभावित करते हैं। तेल इत्र कैसे लागू करें? हर कोई नहीं जानता कि केंद्रित तेल आत्माओं में एक बहुत ही असामान्य विशेषता है - वे तब प्रकट होते हैं जब कोई व्यक्ति चलता है, और बाकी के दौरान उनके पास व्यावहारिक रूप से अदृश्य प्रकाश सुगंध होती है। बहुत से लोग नहीं जानते कि तेल आत्माओं का उपयोग कैसे करें। आवेदन का मुख्य नियम एक माइक्रोडोज है। यूरोपीय अल्कोहल अनुरूपों के विपरीत, ऐसी आत्माओं को एक विशेष डिवाइस के साथ लागू किया जाता है - शीशी टोपी में निर्मित एक छोटी ग्लास रॉड। इत्र की एक बूंद फर्म और दस घंटाटे के लिए ध्यान देने योग्य रहेगी। यहां, उदाहरण के लिए, मिस्र के तेल की आत्माओं को स्नीफ करने के लिए स्वीकार नहीं किया जाता है, क्योंकि शरीर पर सुगंध अभी भी शीशी में एक ही स्वाद से अलग होती है। अपने सभी सूक्ष्मता को महसूस करने के लिए, शरीर को रखना और थोड़ी देर इंतजार करना आवश्यक है। लेकिन भारतीय तेल की आत्माएं इस तथ्य के लिए जानी जाती हैं कि जब वे पानी से संपर्क में आते हैं, तो वे कई बार प्रकट होने लगते हैं। उनके समकक्ष - सीरियाई तेल की आत्माओं ने चुनाव के लिए इत्र कहा जाता है। उत्पादकों का तर्क है कि उन्हें विज्ञापन की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जिन लोगों ने एक बार इन आत्माओं के सभी सूक्ष्मता और परिष्कार को महसूस किया, हमेशा के लिए नियमित खरीदारों रहते हैं। कई लड़कियां फेरोमोन के साथ तेल की आत्माओं से प्यार करती हैं। वे कहते हैं कि एक तिथि से पहले, शरीर को इस स्वाद की बूंद लागू करना आवश्यक है और फिर मजबूत लिंग से ध्यान दिया जाता है। इस तरह का एक उदाहरण "शेहेराज़ेड" और तेल आत्माओं "तेल पुनर्वसन" की तेल आत्माओं है। कुछ उपयोगकर्ताओं को पता नहीं है कि कैसे तेल की आत्माओं को पतला करना है और उन्हें कैसे पतला किया जा सकता है ताकि एक छोटा शीश लंबे समय तक पर्याप्त हो। लेकिन यह बेहतर है कि उन्हें छोटे माज़ोचकी में कम करने के लिए बेहतर न हो - और स्वाद प्रतिरोधी रहेगा, और क्षमता लंबे समय तक चली जाएगी। तेल आत्माओं के लिए बोतलों को कला के असली काम माना जा सकता है। उनमें से कई डिजाइनरों द्वारा सबसे छोटे विस्तार से सावधानीपूर्वक विचार किए जाते हैं, ताकि इत्र की शैली पूरी तरह से बनाए रखा जा सके।
भारतीय टीम को 21 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया दौरे में क्रिकेट खेलनी हैं. ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले टीम के कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रवि शास्त्री ने इशारों-इशारों में उन खिलाड़ियों के बारे में भी बताया हैं, जो विश्व कप 2019 खेलने जा सकते हैं. भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री ने अपने बयान में कहा, "भले ही इंग्लैंड की धरती में टेस्ट सीरीज की स्कोरलाइन हमारे प्रदर्शन को सही नहीं ठहरा रही हो, लेकिन इंग्लैंड में हमारे तीनों फॉर्मेट के प्रदर्शन को देखा जाये, तो वह काफी अच्छा था और हम इसे खुश भी हैं. भारतीय टीम के कोच रवि शात्री ने आगे अपने बयान में कहा, "विश्व कप 2019 से पहले हमारे पास अब सिर्फ 13 मैच बचे हैं, इसलिए हम हर समय सर्वश्रेष्ठ टीम को खिलाने का प्रयास करेंगे. हम उन 15 खिलाड़ियों को खिलाने का प्रयास करेंगे जो विश्व कप के लिए जाएंगे. अब बदलाव नहीं होंगे. बदलाव का समय खत्म हो गया है. कोच रवि शास्त्री के बयान से साफ़ हैं, कि टीम में ज्यादा बदलाव नहीं होंगे, इसलिए वेस्टइंडीज के खिलाफ चुने गये वनडे टीम के खिलाड़ियों में से ही अधिकतर खिलाड़ी विश्व कप 2019 खेलने जा सकते हैं. अगर आपकों हमारा आर्टिकल पसंद आया, तो प्लीज इसे लाइक करें. अपने दोस्तों तक ये खबर सबसे पहले पहुंचाने के लिए शेयर करें. साथ ही अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो प्लीज कमेंट करें. अगर आपने अब तक हमारा पेज लाइक नहीं किया हैं, तो कृपया अभी लाइक करें, जिससे लेटेस्ट अपडेट हम आपकों जल्दी पहुंचा सकें.
भारतीय टीम को इक्कीस नवंबर से ऑस्ट्रेलिया दौरे में क्रिकेट खेलनी हैं. ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले टीम के कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रवि शास्त्री ने इशारों-इशारों में उन खिलाड़ियों के बारे में भी बताया हैं, जो विश्व कप दो हज़ार उन्नीस खेलने जा सकते हैं. भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री ने अपने बयान में कहा, "भले ही इंग्लैंड की धरती में टेस्ट सीरीज की स्कोरलाइन हमारे प्रदर्शन को सही नहीं ठहरा रही हो, लेकिन इंग्लैंड में हमारे तीनों फॉर्मेट के प्रदर्शन को देखा जाये, तो वह काफी अच्छा था और हम इसे खुश भी हैं. भारतीय टीम के कोच रवि शात्री ने आगे अपने बयान में कहा, "विश्व कप दो हज़ार उन्नीस से पहले हमारे पास अब सिर्फ तेरह मैच बचे हैं, इसलिए हम हर समय सर्वश्रेष्ठ टीम को खिलाने का प्रयास करेंगे. हम उन पंद्रह खिलाड़ियों को खिलाने का प्रयास करेंगे जो विश्व कप के लिए जाएंगे. अब बदलाव नहीं होंगे. बदलाव का समय खत्म हो गया है. कोच रवि शास्त्री के बयान से साफ़ हैं, कि टीम में ज्यादा बदलाव नहीं होंगे, इसलिए वेस्टइंडीज के खिलाफ चुने गये वनडे टीम के खिलाड़ियों में से ही अधिकतर खिलाड़ी विश्व कप दो हज़ार उन्नीस खेलने जा सकते हैं. अगर आपकों हमारा आर्टिकल पसंद आया, तो प्लीज इसे लाइक करें. अपने दोस्तों तक ये खबर सबसे पहले पहुंचाने के लिए शेयर करें. साथ ही अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो प्लीज कमेंट करें. अगर आपने अब तक हमारा पेज लाइक नहीं किया हैं, तो कृपया अभी लाइक करें, जिससे लेटेस्ट अपडेट हम आपकों जल्दी पहुंचा सकें.
Sunday March 12, 2023, वैज्ञानिकों ने नर कोशिकाओं से अंडे उत्पन्न करा के दो बायोलॉजिकल पिताओं वाले चूहे का जन्म कराया है. यह एक ऐसा डेवल्पमेंट है जो प्रजनन की नई और मौलिक संभावनाओं के दरवाजे खोल रहा है. जर्नल नेचर में प्रकाशित इस नए रिसर्च में, जापान के शोधकर्ताओं ने रिपोर्ट दी है कि जीन-नियंत्रित प्रोटीन के उत्पादन के लिए सिर्फ आठ जीनों को सक्रिय करना माउस स्टेम सेल को सीधे ऊसाइट जैसी कोशिकाओं में बदलने के लिए पर्याप्त है, जो परिपक्व होती हैं और अंडे की कोशिकाओं की तरह फर्टीलाइज भी हो सकती हैं. जापान के क्यूशू यूनिवर्सिटी में एक नई रिसर्च के तहत दो मेल चूहों के अंडो से एक चूहे का जन्म कराया है. रिपोर्ट के अनुसार इस नवजात चूहे के दो बायोलॉजिकल पिता हैं. हयाशी ने जापान में क्यूशू यूनिवर्सिटी में इस रिसर्च का नेतृत्व किया और लैब में विकसित अंडे पर काम कर उसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया. हयाशी, जिन्होंने बुधवार को लंदन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट में ह्यूमन जीनोम एडिटिंग पर तीसरे अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में रिसर्च को प्रस्तुत किया. उन्होंने भविष्यवाणी की कि एक दशक के भीतर ही एक मेल स्किन सेल से एक व्यवहार्य मानव अंडा बनाना तकनीकी रूप से संभव होगा. उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में यह टेक्निकली संभव होगा और अगर दो पुरुषों को बच्चे रखने की अनुमति मिली तो ये मेडिकली भी सेफ होगा. हयाशी ने आगे कहा कि यह समाज के साथ-साथ वैज्ञानिकों और रिसर्च के लिए भी एक सवाल है कि क्या पुरुष इस प्रकार के रिप्रोडक्शन के लिए तैयार होंगे. दि गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी वैज्ञानिकों ने ऐसे चूहे बनाए हैं जिनके तकनीकी रूप एवं जेनेटिक तौर पर दो पिता थे. हालांकि, यह पहली बार है जब मेल सेल्स से ऐसे अंडे बनाये जिसमें प्रजनन की क्षमता है, इसलिए यह एक महत्वपूर्ण प्रगति है. हयाशी की टीम अब ह्यूमन सेल के साथ इस उपलब्धि को दोहराने का प्रयास कर रही है, हालांकि लैब में विकसित अंडों के सामने कुछ बाधाएं भी होंगी, जिसमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी शामिल है. हयाशी ने कहा कि इस टेक्निक को इनफर्टिलिटी के अलग अलग तरीकों में इस्तेमाल किया जा सकता है और यहीं उनके रिसर्च की प्रेरणा भी थी. हालांकि इस पर अन्य लोगों ने सुझाव दिया कि इस तकनीक को ह्यूमन सेल के साथ प्रयोग करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि ह्यूमन सेल अंडे प्रोड्यूस करने में अधिक समय लेते है. जिससे शरीर में जेनेटिक बदलाव का खतरा बढ़ सकता है. हयाशी और उनके सहकर्मी अब ह्यूमन सेल का उपयोग करके लैब में विकसित अंडों के निर्माण को दोहराने का प्रयास कर रहे हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजेलिस में लैब में विकसित गैमेट्स पर काम करने वाले प्रोफेसर अमैंडर क्लार्क ने कहा कि इस रिसर्च को ह्यूमन सेल के साथ करना एक बहुत ही बड़ी बात होगी. क्योंकि वैज्ञानिक अभी तक मादा कोशिकाओं से प्रयोगशाला में विकसित मानव अंडे नहीं बना पाए हैं. वैज्ञानिकों ने मानव अंडों पर भी काम किया है लेकिन एक स्टेज (मियोसिस- अर्धसूत्री विभाजन) के बिंदु से पहले ये सेल्स डेवल्प करना बंद कर देते हैं, कोशिका विभाजन का एक महत्वपूर्ण चरण जो परिपक्व अंडे और शुक्राणु के विकास में आवश्यक है. उन्होंने कहा,'इस समय बहुत बड़ी अड़चन बनी हुई है. लेकिन इस चुनौती से गुजरने में 10 से बीस साल का समय लग सकता है.
Sunday March बारह, दो हज़ार तेईस, वैज्ञानिकों ने नर कोशिकाओं से अंडे उत्पन्न करा के दो बायोलॉजिकल पिताओं वाले चूहे का जन्म कराया है. यह एक ऐसा डेवल्पमेंट है जो प्रजनन की नई और मौलिक संभावनाओं के दरवाजे खोल रहा है. जर्नल नेचर में प्रकाशित इस नए रिसर्च में, जापान के शोधकर्ताओं ने रिपोर्ट दी है कि जीन-नियंत्रित प्रोटीन के उत्पादन के लिए सिर्फ आठ जीनों को सक्रिय करना माउस स्टेम सेल को सीधे ऊसाइट जैसी कोशिकाओं में बदलने के लिए पर्याप्त है, जो परिपक्व होती हैं और अंडे की कोशिकाओं की तरह फर्टीलाइज भी हो सकती हैं. जापान के क्यूशू यूनिवर्सिटी में एक नई रिसर्च के तहत दो मेल चूहों के अंडो से एक चूहे का जन्म कराया है. रिपोर्ट के अनुसार इस नवजात चूहे के दो बायोलॉजिकल पिता हैं. हयाशी ने जापान में क्यूशू यूनिवर्सिटी में इस रिसर्च का नेतृत्व किया और लैब में विकसित अंडे पर काम कर उसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया. हयाशी, जिन्होंने बुधवार को लंदन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट में ह्यूमन जीनोम एडिटिंग पर तीसरे अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में रिसर्च को प्रस्तुत किया. उन्होंने भविष्यवाणी की कि एक दशक के भीतर ही एक मेल स्किन सेल से एक व्यवहार्य मानव अंडा बनाना तकनीकी रूप से संभव होगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दस वर्षों में यह टेक्निकली संभव होगा और अगर दो पुरुषों को बच्चे रखने की अनुमति मिली तो ये मेडिकली भी सेफ होगा. हयाशी ने आगे कहा कि यह समाज के साथ-साथ वैज्ञानिकों और रिसर्च के लिए भी एक सवाल है कि क्या पुरुष इस प्रकार के रिप्रोडक्शन के लिए तैयार होंगे. दि गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी वैज्ञानिकों ने ऐसे चूहे बनाए हैं जिनके तकनीकी रूप एवं जेनेटिक तौर पर दो पिता थे. हालांकि, यह पहली बार है जब मेल सेल्स से ऐसे अंडे बनाये जिसमें प्रजनन की क्षमता है, इसलिए यह एक महत्वपूर्ण प्रगति है. हयाशी की टीम अब ह्यूमन सेल के साथ इस उपलब्धि को दोहराने का प्रयास कर रही है, हालांकि लैब में विकसित अंडों के सामने कुछ बाधाएं भी होंगी, जिसमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी शामिल है. हयाशी ने कहा कि इस टेक्निक को इनफर्टिलिटी के अलग अलग तरीकों में इस्तेमाल किया जा सकता है और यहीं उनके रिसर्च की प्रेरणा भी थी. हालांकि इस पर अन्य लोगों ने सुझाव दिया कि इस तकनीक को ह्यूमन सेल के साथ प्रयोग करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि ह्यूमन सेल अंडे प्रोड्यूस करने में अधिक समय लेते है. जिससे शरीर में जेनेटिक बदलाव का खतरा बढ़ सकता है. हयाशी और उनके सहकर्मी अब ह्यूमन सेल का उपयोग करके लैब में विकसित अंडों के निर्माण को दोहराने का प्रयास कर रहे हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजेलिस में लैब में विकसित गैमेट्स पर काम करने वाले प्रोफेसर अमैंडर क्लार्क ने कहा कि इस रिसर्च को ह्यूमन सेल के साथ करना एक बहुत ही बड़ी बात होगी. क्योंकि वैज्ञानिक अभी तक मादा कोशिकाओं से प्रयोगशाला में विकसित मानव अंडे नहीं बना पाए हैं. वैज्ञानिकों ने मानव अंडों पर भी काम किया है लेकिन एक स्टेज के बिंदु से पहले ये सेल्स डेवल्प करना बंद कर देते हैं, कोशिका विभाजन का एक महत्वपूर्ण चरण जो परिपक्व अंडे और शुक्राणु के विकास में आवश्यक है. उन्होंने कहा,'इस समय बहुत बड़ी अड़चन बनी हुई है. लेकिन इस चुनौती से गुजरने में दस से बीस साल का समय लग सकता है.
निर्धारित समय में विलारियल के लिए गेरार्ड मोरीनो ने 29वें मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम को आगे कर दिया था लेकिन एडिसन कावानी ने 55वें मिनट में यह गोल उतार दिया। इसके बाद रोमांचक शूटआउट हुआ, जिसमें विलारियल ने बाजी मारी। शूटआउट में युनाइटेड के गोलकीपर डेविड गिया एक आसान स्पॉट किक मिस कर गए और इस तरह उनकी टीम का चार साल से चला आ रहा ट्रॉफी का सूखा खत्म नहीं हो सका। विलारियल सातवां ऐसा क्लब है, जिसने सीजन में बिना कोई मैच गंवाए या तो यूईएएफ कप या फिर यूईएफए यूरोपा लीग का खिताब अपने नाम किया है।
निर्धारित समय में विलारियल के लिए गेरार्ड मोरीनो ने उनतीसवें मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम को आगे कर दिया था लेकिन एडिसन कावानी ने पचपनवें मिनट में यह गोल उतार दिया। इसके बाद रोमांचक शूटआउट हुआ, जिसमें विलारियल ने बाजी मारी। शूटआउट में युनाइटेड के गोलकीपर डेविड गिया एक आसान स्पॉट किक मिस कर गए और इस तरह उनकी टीम का चार साल से चला आ रहा ट्रॉफी का सूखा खत्म नहीं हो सका। विलारियल सातवां ऐसा क्लब है, जिसने सीजन में बिना कोई मैच गंवाए या तो यूईएएफ कप या फिर यूईएफए यूरोपा लीग का खिताब अपने नाम किया है।
जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने एक युवक को अवैध 12 बोर बंदूक सहित गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी साल भर से एनडीपीएस एक्ट में फरार चल रहा था। वारदात में प्रयुक्त बिना नंबरी स्कोर्पियो वाहन को जब्त की। जिला पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण अनिल कयाल ने बताया कि अपराधियों की धरपकड हेतु गठित जिले की स्पेशल टीम ने थाना बाप टीम ने सरहद टेपू मे पुलिस थाना औसिया के एनडीपीएस के प्रकरण में वांछित अभियुक्त मक़सूद पुत्र हाजी अब्दुल रहीम निवासी हिण्डालगोल को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट में वांछित अभियुक्त मक़सूद को एक बिना नम्बरी काले रंग की स्कोर्पियो गाडी मे अवैध 12 बोर बन्दूक के साथ गिरफ्तार कर पुलिस थाना बाप पर मुलजिम मक़सूद के विरूद्ध धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने एक युवक को अवैध बारह बोर बंदूक सहित गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी साल भर से एनडीपीएस एक्ट में फरार चल रहा था। वारदात में प्रयुक्त बिना नंबरी स्कोर्पियो वाहन को जब्त की। जिला पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण अनिल कयाल ने बताया कि अपराधियों की धरपकड हेतु गठित जिले की स्पेशल टीम ने थाना बाप टीम ने सरहद टेपू मे पुलिस थाना औसिया के एनडीपीएस के प्रकरण में वांछित अभियुक्त मक़सूद पुत्र हाजी अब्दुल रहीम निवासी हिण्डालगोल को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट में वांछित अभियुक्त मक़सूद को एक बिना नम्बरी काले रंग की स्कोर्पियो गाडी मे अवैध बारह बोर बन्दूक के साथ गिरफ्तार कर पुलिस थाना बाप पर मुलजिम मक़सूद के विरूद्ध धारा तीन/पच्चीस आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
BPSC 67th Prelims CCE Answer Key 2022, BPSC 67th Prelims Answer Key 2022 Out: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 67वीं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा की आंसर की आधिकारिक वेबसाइट bpsc. bih. nic. in पर जारी कर दी है। आयोग द्वारा यह परीक्षा 30 सितंबर को एक पाली में आयोजित की गई थी। बिहार 67वीं प्रारंभिक परीक्षा की आंसर की जारी। - सबसे पहले अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc. bih. nic. in पर जाएं। - फिर होम पेज पर दिख रहे 'Important Notice: Invitation of Objection to Answers of 67th Combined (Preliminary) Competitive Re-Examination held on 30/09/2022' के नीचे 'Provisional Answer Keys :: General Studies - Booklet Series A, B, C, D' के लिंक पर क्लिक करें। - अब आपके सामने बीपीएससी 67वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा आंसर की 2022 का पीडीएफ खुल जाएगा। - अभ्यर्थी आंसर की चेक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं। Big And Bold । अतीक गैंग भी टूट गया. . . 'खजाने' पर लूट मची है! Big And Bold: Yogi का 'रॉबिनहुड' फॉर्मूला. . . गरीब गदगद! B&B Political: Rajasthan में Congress पर जमकर बरसे PM Modi, कही ये बड़ी बात!
BPSC सरसठth Prelims CCE Answer Key दो हज़ार बाईस, BPSC सरसठth Prelims Answer Key दो हज़ार बाईस Out: बिहार लोक सेवा आयोग ने सरसठवीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा की आंसर की आधिकारिक वेबसाइट bpsc. bih. nic. in पर जारी कर दी है। आयोग द्वारा यह परीक्षा तीस सितंबर को एक पाली में आयोजित की गई थी। बिहार सरसठवीं प्रारंभिक परीक्षा की आंसर की जारी। - सबसे पहले अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc. bih. nic. in पर जाएं। - फिर होम पेज पर दिख रहे 'Important Notice: Invitation of Objection to Answers of सरसठth Combined Competitive Re-Examination held on तीस सितंबर दो हज़ार बाईस' के नीचे 'Provisional Answer Keys :: General Studies - Booklet Series A, B, C, D' के लिंक पर क्लिक करें। - अब आपके सामने बीपीएससी सरसठवीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा आंसर की दो हज़ार बाईस का पीडीएफ खुल जाएगा। - अभ्यर्थी आंसर की चेक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं। Big And Bold । अतीक गैंग भी टूट गया. . . 'खजाने' पर लूट मची है! Big And Bold: Yogi का 'रॉबिनहुड' फॉर्मूला. . . गरीब गदगद! B&B Political: Rajasthan में Congress पर जमकर बरसे PM Modi, कही ये बड़ी बात!
न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम रिकॉर्ड धवस्त करने के मिशन पर चल रही है और इस तूफान में तिनके की तरह उस रही है आयरलैंड की टीम. मौजूदा वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड की महिला टीम ने एक बार फिर रनों का अम्बार लगा दिया है. पहले दो मैचों में 400 से ज्यादा रन बनाने के बाद तीसरे वनडे में भी न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 440 रन बना कर कीर्तिमानों की झड़ी लगा दी है. महज 17 साल की बल्लेबाज एमिला केर का धमाकेदार दोहरा शतक इस मैच का मुख्य आकर्षण रहा. जिसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट के कई रिकॉर्ड बदल गए . -पहले मैच में कीवी टीम ने 490, दूसरे मैच में 418 और तीसरे मैच में 440 रन बनाए. -2015 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका की पुरुष टीम ने लगातार दो बार 400 से ज्यादा रन बनाए थे. -ओपनर एमिला केर ने 145 गेंदों में 232 रनों की पारी खेली. - एमिला ने ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 1997 में डेनमार्क के खिलाफ नाबाद 229 रन बनाए थे. -एमिला केर ने महज 17 साल 243 दिन की उम्र में दोहरा शतक लगाया. वो इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में यह कारनामा करने वाली प्लेयर हैं. -एमिला ने जावेद मियांदाद का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 1976 में 19 साल 140 दिन की उम्र में कीवी टीम के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था. -एमिला केर के नाम इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. -रोहित शर्मा ने 264, मार्टिन गप्टिल ने 237* रनों की पारी खेली है. -एमिला के साथ-साथ न्यूजीलैंड वीमेंस टीम लगातार तीन मैचों में 400 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली टीम बन गई है.
न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम रिकॉर्ड धवस्त करने के मिशन पर चल रही है और इस तूफान में तिनके की तरह उस रही है आयरलैंड की टीम. मौजूदा वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड की महिला टीम ने एक बार फिर रनों का अम्बार लगा दिया है. पहले दो मैचों में चार सौ से ज्यादा रन बनाने के बाद तीसरे वनडे में भी न्यूजीलैंड ने पचास ओवर में चार सौ चालीस रन बना कर कीर्तिमानों की झड़ी लगा दी है. महज सत्रह साल की बल्लेबाज एमिला केर का धमाकेदार दोहरा शतक इस मैच का मुख्य आकर्षण रहा. जिसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट के कई रिकॉर्ड बदल गए . -पहले मैच में कीवी टीम ने चार सौ नब्बे, दूसरे मैच में चार सौ अट्ठारह और तीसरे मैच में चार सौ चालीस रन बनाए. -दो हज़ार पंद्रह वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका की पुरुष टीम ने लगातार दो बार चार सौ से ज्यादा रन बनाए थे. -ओपनर एमिला केर ने एक सौ पैंतालीस गेंदों में दो सौ बत्तीस रनों की पारी खेली. - एमिला ने ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में डेनमार्क के खिलाफ नाबाद दो सौ उनतीस रन बनाए थे. -एमिला केर ने महज सत्रह साल दो सौ तैंतालीस दिन की उम्र में दोहरा शतक लगाया. वो इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में यह कारनामा करने वाली प्लेयर हैं. -एमिला ने जावेद मियांदाद का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने एक हज़ार नौ सौ छिहत्तर में उन्नीस साल एक सौ चालीस दिन की उम्र में कीवी टीम के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था. -एमिला केर के नाम इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. -रोहित शर्मा ने दो सौ चौंसठ, मार्टिन गप्टिल ने दो सौ सैंतीस* रनों की पारी खेली है. -एमिला के साथ-साथ न्यूजीलैंड वीमेंस टीम लगातार तीन मैचों में चार सौ से ज्यादा रन बनाने वाली पहली टीम बन गई है.
लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय अजय मिश्र उर्फ टेनी के बेटे आशीष मिश्र को जमानत मिलने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने हाईकोर्ट का जजमेंट निराशाजनक बताया है। झांसी में योगेंद्र यादव ने कहा कि किसी मर्डर केस में आरोपी को इतनी जल्दी जमानत होते नहीं सुना। किसानों पर जीप चढ़ा दी, उसी में आरोपी बैठा था। लेकिन उस पर 302 नहीं लगाया गया, बल्कि किसानों पर लगाया गया। पुलिस, प्रशासन, प्रॉसिक्यूशन और भाजपा मिले हुए हैं। केस को पहले दिन से ही कमजोर बनाया गया। इससे उसे जमानत मिल गई। अजय मिश्र आज भी केंद्रीय मंत्री बने हैं, जबकि एसआईटी ने उनको षड़यंत्र में लिप्त पाया था। उनका मंत्री बना रहना, किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कना है। योगेंद्र यादव ने कहा कि 3 कृषि कानून के विरोध में किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे थे। 9 दिसंबर को केंद्र सरकार ने चिट्टी देकर मोर्चा को उठने के लिए कहा। विश्वास करके किसान घर चले गए। मगर, लिखित वादों पर सरकार टिकी है। न तो एमएसपी पर दो महीने बाद कमेटी बन पाई। हरियाणा को छोड़कर अन्य जगह किसानों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए गए। मुआवजा भी नहीं दिया गया। अब संयुक्त किसान मोर्चा ने 3 फरवरी को दिल्ली में मिशन उत्तर प्रदेश लांच किया। इसमें मोर्चा का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश के कोने-कोने में जाकर सभा, जनसभा, प्रेसवार्ता करेगी। किसानों को कहेंगी कि चुनाव में बीजेपी को सजा दें। मेरठ, मुरादाबाद, बरेली के बाद अब बुंदेलखंड आए हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी को न जिताने आए है और न हराने। हमारे साथ विश्वासघात हुआ, यह किसानों को बताने आए हैं। किसान खुद समझदार है कि उन्हें किसे वोट देना है। इस दौरान शिवकुमार कक्का, सुनीलम, विमल शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय अजय मिश्र उर्फ टेनी के बेटे आशीष मिश्र को जमानत मिलने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने हाईकोर्ट का जजमेंट निराशाजनक बताया है। झांसी में योगेंद्र यादव ने कहा कि किसी मर्डर केस में आरोपी को इतनी जल्दी जमानत होते नहीं सुना। किसानों पर जीप चढ़ा दी, उसी में आरोपी बैठा था। लेकिन उस पर तीन सौ दो नहीं लगाया गया, बल्कि किसानों पर लगाया गया। पुलिस, प्रशासन, प्रॉसिक्यूशन और भाजपा मिले हुए हैं। केस को पहले दिन से ही कमजोर बनाया गया। इससे उसे जमानत मिल गई। अजय मिश्र आज भी केंद्रीय मंत्री बने हैं, जबकि एसआईटी ने उनको षड़यंत्र में लिप्त पाया था। उनका मंत्री बना रहना, किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कना है। योगेंद्र यादव ने कहा कि तीन कृषि कानून के विरोध में किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे थे। नौ दिसंबर को केंद्र सरकार ने चिट्टी देकर मोर्चा को उठने के लिए कहा। विश्वास करके किसान घर चले गए। मगर, लिखित वादों पर सरकार टिकी है। न तो एमएसपी पर दो महीने बाद कमेटी बन पाई। हरियाणा को छोड़कर अन्य जगह किसानों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए गए। मुआवजा भी नहीं दिया गया। अब संयुक्त किसान मोर्चा ने तीन फरवरी को दिल्ली में मिशन उत्तर प्रदेश लांच किया। इसमें मोर्चा का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश के कोने-कोने में जाकर सभा, जनसभा, प्रेसवार्ता करेगी। किसानों को कहेंगी कि चुनाव में बीजेपी को सजा दें। मेरठ, मुरादाबाद, बरेली के बाद अब बुंदेलखंड आए हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी को न जिताने आए है और न हराने। हमारे साथ विश्वासघात हुआ, यह किसानों को बताने आए हैं। किसान खुद समझदार है कि उन्हें किसे वोट देना है। इस दौरान शिवकुमार कक्का, सुनीलम, विमल शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
श्रवण भारद्वाज. नीमकाथाना. भाजपा विधायक व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर ने नीमकाथाना विधानसभा सीट के लिए भरे नामांकन पत्र में अपनी उम्र 61 साल लिखी है। उन्होंने नवंबर 2013 के आम चुनावों में अपने शपथ पत्र में भी इतनी ही उम्र लिखी थी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
श्रवण भारद्वाज. नीमकाथाना. भाजपा विधायक व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर ने नीमकाथाना विधानसभा सीट के लिए भरे नामांकन पत्र में अपनी उम्र इकसठ साल लिखी है। उन्होंने नवंबर दो हज़ार तेरह के आम चुनावों में अपने शपथ पत्र में भी इतनी ही उम्र लिखी थी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जापान में एक 64 साल का शख्स पिछले 10 सालों से अपनी पत्नी को ढूंढ रहा है। यासुओ ताकामात्सु की पत्नी युको साल 2011 में जापान में आई सुनामी के बाद से ही लापता हैं। अपनी पत्नी को ढूंढने के लिए उन्होंने अंडरवॉटर डाइविंग का लाइसेंस भी हासिल कर लिया है। वे पिछले 7 सालों से अकेले अंडरवॉटर डाइव कर रहे हैं ताकि वे अपनी पत्नी से जुड़ी किसी भी चीज को ढूंढने में कामयाब हो सकें। जापान का प्रशासन पिछले कुछ सालों से ढाई हजार लोगों की गुमशुदगी के चलते अंडरवॉटर सर्च चला रहा है। यासुओ निजी तौर पर तो अंडरवॉटर डाइव करते ही हैं साथ ही वे स्थानीय प्रशासन से हर महीने संपर्क करने के बाद उनके साथ भी सर्च अभियान के लिए जुड़ते हैं। अब तक इस शख्स को पानी के अंदर कपड़े, एल्बम जैसी कई चीजें मिल चुकी हैं लेकिन ये सभी दूसरे लोगों की हैं। अभी तक उन्हें अपनी पत्नी से जुड़ी कोई भी वस्तु हासिल नहीं हुई है।
जापान में एक चौंसठ साल का शख्स पिछले दस सालों से अपनी पत्नी को ढूंढ रहा है। यासुओ ताकामात्सु की पत्नी युको साल दो हज़ार ग्यारह में जापान में आई सुनामी के बाद से ही लापता हैं। अपनी पत्नी को ढूंढने के लिए उन्होंने अंडरवॉटर डाइविंग का लाइसेंस भी हासिल कर लिया है। वे पिछले सात सालों से अकेले अंडरवॉटर डाइव कर रहे हैं ताकि वे अपनी पत्नी से जुड़ी किसी भी चीज को ढूंढने में कामयाब हो सकें। जापान का प्रशासन पिछले कुछ सालों से ढाई हजार लोगों की गुमशुदगी के चलते अंडरवॉटर सर्च चला रहा है। यासुओ निजी तौर पर तो अंडरवॉटर डाइव करते ही हैं साथ ही वे स्थानीय प्रशासन से हर महीने संपर्क करने के बाद उनके साथ भी सर्च अभियान के लिए जुड़ते हैं। अब तक इस शख्स को पानी के अंदर कपड़े, एल्बम जैसी कई चीजें मिल चुकी हैं लेकिन ये सभी दूसरे लोगों की हैं। अभी तक उन्हें अपनी पत्नी से जुड़ी कोई भी वस्तु हासिल नहीं हुई है।
PATNA : बिहार में पुलिस प्रसाशन की टीम उस वक्त से अधिक एक्टिव मोड पर काम कर रही है, जब डीजीपी ने बैठक कर अपराधियों और बदमाशों के खिलाफ कड़े एक्शन लेने की बात कही है। यही वजह है कि, पुलिस की टीम आए दिन अवैध और गलत काम करने वालों के खिलाफ रेड कर रही है और उन्हें अरेस्ट भी कर रही है। हालांकि, इस दौरान पुलिस टीम को काफी विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। इस बीच अब एक ताजा मामला मसौढ़ी से निकल कर सामने आया है। जहां एक आरोपी को अरेस्ट करने पहुंची पुलिस टीम पूरी रात भटकती रही और बाबजूद इसके आरोपी को अरेस्ट नहीं कर पाई। दरअसल, पटना के मसौढ़ी स्थानीय पटेल नगर स्थित जीर्ण-शीर्ण पार्क के पास आपसी वर्चस्व को लेकर दो गुटों में पत्थरबाजी और फायरिंग करने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि, इसमें किसी के जख्मी होने की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि, घटना की सूचना पाकर पुलिस की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ सका। अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपितों ने पुलिस को ही खूब दौड़ाया। जिसके बाद भड़की पुलिस ने अपनी भड़ास पटेलनगर की ओर से मनीचक जाने वाली एक पगडंडी पर बैठे मनीचक के कुछ युवकों की पिटाई कर निकाली। हालांकि, फायरिंग की घटना से उन्होंने इनकार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस काफी देर तक वहां रही, लेकिन पुलिस के सामने कोई नहीं आया। फिलहाल घटना किन लोगों के बीच और किस कारण को लेकर घटी, यह पता नहीं चल सका है। आपको बताते चलें कि, फायरिंग और पत्थरबाजी की सूचना पर पुलिस के पहुंचते ही करीब दो दर्जन युवक भागकर मनीचक तालाब के पास जाकर छिप गए। पुलिस पूरे मुहल्ले में दो घंटे तक घूमती रही। थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि पटेल नगर में मारपीट की सूचना मिली थी।
PATNA : बिहार में पुलिस प्रसाशन की टीम उस वक्त से अधिक एक्टिव मोड पर काम कर रही है, जब डीजीपी ने बैठक कर अपराधियों और बदमाशों के खिलाफ कड़े एक्शन लेने की बात कही है। यही वजह है कि, पुलिस की टीम आए दिन अवैध और गलत काम करने वालों के खिलाफ रेड कर रही है और उन्हें अरेस्ट भी कर रही है। हालांकि, इस दौरान पुलिस टीम को काफी विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। इस बीच अब एक ताजा मामला मसौढ़ी से निकल कर सामने आया है। जहां एक आरोपी को अरेस्ट करने पहुंची पुलिस टीम पूरी रात भटकती रही और बाबजूद इसके आरोपी को अरेस्ट नहीं कर पाई। दरअसल, पटना के मसौढ़ी स्थानीय पटेल नगर स्थित जीर्ण-शीर्ण पार्क के पास आपसी वर्चस्व को लेकर दो गुटों में पत्थरबाजी और फायरिंग करने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि, इसमें किसी के जख्मी होने की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि, घटना की सूचना पाकर पुलिस की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ सका। अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपितों ने पुलिस को ही खूब दौड़ाया। जिसके बाद भड़की पुलिस ने अपनी भड़ास पटेलनगर की ओर से मनीचक जाने वाली एक पगडंडी पर बैठे मनीचक के कुछ युवकों की पिटाई कर निकाली। हालांकि, फायरिंग की घटना से उन्होंने इनकार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस काफी देर तक वहां रही, लेकिन पुलिस के सामने कोई नहीं आया। फिलहाल घटना किन लोगों के बीच और किस कारण को लेकर घटी, यह पता नहीं चल सका है। आपको बताते चलें कि, फायरिंग और पत्थरबाजी की सूचना पर पुलिस के पहुंचते ही करीब दो दर्जन युवक भागकर मनीचक तालाब के पास जाकर छिप गए। पुलिस पूरे मुहल्ले में दो घंटे तक घूमती रही। थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि पटेल नगर में मारपीट की सूचना मिली थी।
मई के बाद आरबीआई ने लगातार अंतराल पर रेपो रेट में इजाफा किया है। रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद देश के लगभग सभी प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने अपने एफडी रेट्स को बढ़ाया है। मई के बाद आरबीआई ने लगातार अंतराल पर रेपो रेट में इजाफा किया है। रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद देश के लगभग सभी प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने अपने एफडी रेट्स को बढ़ाया है। बंधन बैंक (Bandhan Bank) ने भी बल्क डिपॉजिट (2 करोड़ रुपये से अधिक की एफडी) पर इंटरेस्ट रेट को बढ़ा दिया है। इस इजाफे के बाद बैंक 7 दिन से 10 साल की एफडी पर 3. 25 पर्सेंट से 5 पर्सेंट का ब्याज देगा। वहीं, बैंक 365 दिन से लेकर 15 महीने से कम के बल्क एफडी पर 7. 25 पर्सेंट का अधिकतम ब्याज देगा। बढ़े एफडी रेट्स आज यानी 6 दिसंबर से लागू हैं। बल्क एफडी में इजाफे के बाद बैंक 7 दिन से 28 दिन की एफडी पर 3. 25 पर्सेंट, 29 दिन से 90 दिन की एफडी पर 5. 55 पर्सेंट, 91 दिन से 364 दिन की एफडी पर 6 पर्सेंट और 365 दिन से लेकर 15 महीने से कम की एफडी पर अधिकतम 7. 25 पर्सेंट का ब्याज दे रहा है। वहीं, बैंक 15 महीने से लेकर 5 साल से कम की एफडी पर 6. 15 पर्सेंट और 5 साल से लेकर 10 साल की एफडी पर 5 पर्सेंट का ब्याज देगा। यस बैंक ने भी 2 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। ब्याज दरों में इस बदलाव के बाद बैंक 7 दिन से 120 महीने की एफडी पर अपने सामान्य ग्राहकों को 3. 25 पर्सेंट से 6. 75 पर्सेंट का ब्याज देगा। दूसरी ओर बैंक इसी टाइम पीरियड की एफडी पर अपने सीनियर सिटीजन ग्राहकों को 3. 75 पर्सेंट से 7. 50 पर्सेंट का ब्याज देगा। जबकि बैंक अपने सामान्य ग्राहकों को 1 साल से 3 साल की एफडी पर अधिकतम 7 पर्सेंट का ब्याज देगा। बढ़ी हुई नई ब्याज दरें 5 दिसंबर से लागू है।
मई के बाद आरबीआई ने लगातार अंतराल पर रेपो रेट में इजाफा किया है। रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद देश के लगभग सभी प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने अपने एफडी रेट्स को बढ़ाया है। मई के बाद आरबीआई ने लगातार अंतराल पर रेपो रेट में इजाफा किया है। रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद देश के लगभग सभी प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने अपने एफडी रेट्स को बढ़ाया है। बंधन बैंक ने भी बल्क डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट को बढ़ा दिया है। इस इजाफे के बाद बैंक सात दिन से दस साल की एफडी पर तीन. पच्चीस पर्सेंट से पाँच पर्सेंट का ब्याज देगा। वहीं, बैंक तीन सौ पैंसठ दिन से लेकर पंद्रह महीने से कम के बल्क एफडी पर सात. पच्चीस पर्सेंट का अधिकतम ब्याज देगा। बढ़े एफडी रेट्स आज यानी छः दिसंबर से लागू हैं। बल्क एफडी में इजाफे के बाद बैंक सात दिन से अट्ठाईस दिन की एफडी पर तीन. पच्चीस पर्सेंट, उनतीस दिन से नब्बे दिन की एफडी पर पाँच. पचपन पर्सेंट, इक्यानवे दिन से तीन सौ चौंसठ दिन की एफडी पर छः पर्सेंट और तीन सौ पैंसठ दिन से लेकर पंद्रह महीने से कम की एफडी पर अधिकतम सात. पच्चीस पर्सेंट का ब्याज दे रहा है। वहीं, बैंक पंद्रह महीने से लेकर पाँच साल से कम की एफडी पर छः. पंद्रह पर्सेंट और पाँच साल से लेकर दस साल की एफडी पर पाँच पर्सेंट का ब्याज देगा। यस बैंक ने भी दो करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। ब्याज दरों में इस बदलाव के बाद बैंक सात दिन से एक सौ बीस महीने की एफडी पर अपने सामान्य ग्राहकों को तीन. पच्चीस पर्सेंट से छः. पचहत्तर पर्सेंट का ब्याज देगा। दूसरी ओर बैंक इसी टाइम पीरियड की एफडी पर अपने सीनियर सिटीजन ग्राहकों को तीन. पचहत्तर पर्सेंट से सात. पचास पर्सेंट का ब्याज देगा। जबकि बैंक अपने सामान्य ग्राहकों को एक साल से तीन साल की एफडी पर अधिकतम सात पर्सेंट का ब्याज देगा। बढ़ी हुई नई ब्याज दरें पाँच दिसंबर से लागू है।
प्रावधान के अनुसार विगत दो वर्षों में समिति की कितनी बैठकें आयोजित की गई? कौन-कौन उपस्थित रहे एवं क्याक्या प्रस्ताव रखे गये तथा क्या कार्यवाही की गयी? (ख) रेड क्रास समिति सबलगढ़ द्वारा किसी कर्मचारी की सेवा अवधि बढ़ाने का प्रावधान अनुसार नियम हैं। यदि हाँ, तो नियम की प्रति उपलब्ध करावें? प्रावधान अनुसार साधारण सभा की बैठक अथवा कार्य समिति की बैठक में सदस्यों के उपस्थित न होने पर बैठक निरस्त कर दी जाती है? यदि हाँ, तो कब-कब बैठक निरस्त की गई? (ग) क्या रेड क्रास समिति सबलगढ़ द्वारा किसी कर्मचारी जो कि सेवानिवृत्त हो चुका है, जिन्हें पेंशन भी मिलती है उन्हें रेड क्रास समिति से मानदेय देकर राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है, क्योंकि प्रावधान अनुसार रेड क्रास की राशि गरीबों की मदद, आगजनी, विशेष बीमारी में व्यय की जाती है? (घ) क्या समिति सदस्यों को बिना सूचना दिये एवं सदस्यों द्वारा जिला रेड क्रास समिति में विरोध करने पर भी सेवानिवृत्त कर्मचारी की सेवा अवधि दो बार बढ़ा ली है? क्या पुनः रेडक्रास समिति की बैठक बुलाकर रेड क्रास की राशि का दुरूपयोग बचाने हेतु सेवानिवृत्त कर्मचारी की सेवा अवधि समाप्त की जायेगी? लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री (श्री रुस्तम सिंह ) : (क) रेडक्रास सोसायटी के गठन के प्रावधानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। संचालित रेडक्रास समिति सबलगढ़ के सदस्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। प्रावधान अनुसार विगत दो वर्षों में समिति की 09 बैठकें आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों एवं रखे गये प्रस्ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है। (ख) रेडक्रास सोसायटी के सदस्यों द्वारा अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया जाता है। प्रावधान अनुसार साधारण सभा की बैठक अथवा कार्य समिति की बैठक में सदस्यों की उपस्थिति आधे से कम होने पर बैठक निरस्त कर दी जाती है। सदस्यों के अभाव में कोई बैठक निरस्त नहीं की गई है । (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही [लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण] 76. ( क्र. 1605 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्रमांक 2797 दिनांक 01.03.2017 एवं प्रश्न क्रमांक 883 दिनांक 21 जुलाई 2017 के अन्तर्गत प्रश्नकर्ता के प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के अनुसार दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर क्या कार्यवाही हुई है? (ख) क्या केवल स्टोर कीपर को ही निलम्बित किया गया है? शेष मुख्य चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण बड़े जिले में किया गया है एवं एक अन्य कर्मचारी जिला शाजापुर में कार्यरत है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार कार्या. कलेक्टर जिला शाजापुर के पत्र क्रमांक स्था.4-1/2017/77 शाजापुर, दिनांक 22.02.2017 के अनुसार स्वास्थ्य आयुक्त भोपाल को अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है? (घ) क्या अनियमितता करने वाले अधिकारी / कर्मचारी पर कार्यवाही होगी? यदि हाँ, तो कब तक होगी? लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ । कलेक्टर, जिला शाजापुर के पत्र क्रमांक स्था. 4-1/2017/77 शाजापुर, दिनांक 22.02.2017 के अनुसार स्वास्थ्य विभाग, शाजापुर में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संचालनालय को प्रस्ताव प्राप्त होने पर पत्र दिनांक 09.05.2017 द्वारा क्रमशः -1. अनुसुईया गवली तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शाजापुर वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ 2. श्री कैलाश बाबू वर्मा निलंबित ड्रेसर 3. श्री एस. पी. जोशी, लेखापाल सह लेखा शाखा प्रभारी एवं 4. श्री अनिल वर्मा, सह स्टेशनरी क्रय प्रभारी के विरूद्ध आरोप पत्रादि आदि जारी कर संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर चाहा गया। संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर प्राप्त होने पर प्रस्तुत प्रतिवाद उत्तर परीक्षणोंपरान्त संतोषजनक नहीं पाये जाने पर संचालनालय के आदेश क्रमांक. 1834/दिनांक 16.11.2007 द्वारा उपरोक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। शाजापुर में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संचालनालय को प्रस्ताव प्राप्त होने पर पत्र दिनांक 09.05.2017 द्वारा क्रमशः-1. अनुसुईया गवली तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शाजापुर वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ 2. श्री कैलाश बाबू वर्मा निलंबित ड्रेसर 3. श्री एस. पी. जोशी, लेखापाल सह लेखा शाखा प्रभारी एवं 4. श्री अनिल वर्मा, केशियर क्रय प्रभारी के विरूद्ध आरोप पत्रादि आदि जारी कर संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर चाहा गया। संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर प्राप्त होने पर प्रस्तुत प्रतिवाद उत्तर परीक्षणोंपरान्त संतोषजनक नहीं पाये जाने पर संचालनालय के आदेश क्रमांक. 1834/दिनांक 16.11.2007 द्वारा उपरोक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। (ग) हाँ । (घ) कार्यवाही प्रचलन में है। संचालनालय के आदेश क्रमांक. 1834 / दिनांक 16.11.2007 द्वारा उपरोक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। हाई स्कूल का उन्नयन [स्कूल शिक्षा] 77. ( क्र. 1606 ) श्री अरूण भीमावद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड शाजापुर में स्थित हाई स्कूल सतगांव एवं हाई स्कूल साजोद से हायर सेकेण्ड्री स्कूल कितनी दूरी पर स्थित है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शासकीय हाई स्कूल सतगांव एवं हाई स्कूल साजोद को हायर सेकेण्ड्री के रूप में उन्नयन किये जाने हेतु शासन स्तर पर कोई योजना है ? स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) हाईस्कूल सतगांव से 8 कि.मी. की दूरी पर उ.मा.वि. ज्योतिनगर एवं हाईस्कूल साजोद से 21 कि.मी. की दूरी उ.मा.वि. ज्योति नगर पर हायर सेकण्डरी स्कूल स्थित है। (ख) शाला के उन्नयन हेतु नीति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इसके अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता भी विचारणीय होती है। परिशिष्ट - "तिरेपन" हाईस्कूलों में प्राचार्य के पद [स्कूल शिक्षा] 78. ( क्र. 1607 ) श्री अरूण भीमावद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कितने हाई स्कूल विद्यालय हैं तथा कितने विद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं? रिक्त पदों पर पदोन्नति का क्या प्रावधान है? (ख) हाई स्कूल प्राचार्य के पद का वेतनमान क्या होता है? (ग) व्याख्याता एवं प्रधान अध्यापक (मा.वि.) की क्रमोन्नति के पश्चात् वेतनमान हाई स्कूल प्राचार्य के समकक्ष होता है? (घ) यदि हाँ, तो क्या व्याख्याता एवं प्रधानाध्यापक (मा.वि.) को हाई स्कूल प्राचार्य के पद पर पदोन्नति देने पर शासन को वित्तीय भार होगा? स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह) : (क) प्रदेश में 3600 हाईस्कूल है। जिनमें से 1692 हाईस्कूलों में प्राचार्य के पद रिक्त है। वर्तमान प्रचलित भरती तथा पदोन्नति नियमों के अनुसार कुल स्वीकृत पदों के 50 प्रतिशत पद व्याख्याता संवर्ग से प्राचार्य हाईस्कूल के पद पर पदोन्नत किये जाने का प्रावधान है। (ख) प्राचार्य हाईस्कूल पद का वेतनमान 9300-34800/- + 4200/- ग्रेड पे है। (ग) जी हाँ। (घ) प्राचार्य हाईस्कूल के पद पर व्याख्याता संवर्ग की पदोन्नति का ही प्रावधान है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शिक्षकों, अध्यापकों को अतिशेष कर पदांकन 79. ( क्र. 1630 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर के शिक्षकों, अध्यापकों की अतिशेष सूची किन मापदण्डों के अनुसार तैयार की गयी? शासन के क्या नियम थे? क्या माध्यमिक विद्यालयों में विषयमान के अनुसार शिक्षकों को अतिशेष करना था ? जबलपुर जिले की प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं के किन-किन शिक्षकों, अध्यापकों का कहाँ-कहाँ पदांकन किया गया है? नाम सहित शालावार जानकारी दें। (ख) जबलपुर जिले की किन-किन माध्यमिक शालाओं में एक ही विषय के एक से अधिक शिक्षक/अध्यापक पदस्थ हैं, उनमें से कौन शिक्षक/अध्यापक शाला में वरिष्ठ होने पर भी अतिशेष नहीं हुआ? नाम सहित शालावार बतायें? नियम विरूद्ध अतिशेष करने के लिए कौन दोषी है? (ग) क्या प्रदेश में अतिशेष शिक्षकों का विषयवार क्रम में हिन्दी भाषा को छटवें (6) क्रम में रखा गया है? यदि हाँ, तो क्यों? स्कूल शिक्षा मंत्री (कुँवर विजय शाह) : (क) निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) माध्यमिक शालाओं जिनमें एक ही विषय के एक से अधिक शिक्षक/अध्यापक पदस्थ है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। शेषांश जी नहीं, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 19 के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा देने वाले स्कूलों में शिक्षकों की स्वीकृत पदस्थापना संरचना अनुसार कार्यवाही की गई है। प्रयोग शालाओं में छात्रों का अभ्यास 80. ( क्र. 1631 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री स्कूलों में प्रयोग शालाओं के उन्नयन प्रयोग शाला सामग्री के क्रय आदि हेतु कितनी-कितनी राशि स्कूलवार प्रदान की गयी? उक्त राशि से क्रय की गयी सामग्री से तैयार प्रयोग शालाओं में छात्रछात्राओं से प्रयोग कराये जा रहे हैं या नहीं? (ख) जिले के शासकीय हायर सेकेण्ड्री स्कूल बेलखेड़ा की प्रयोग शाला छात्र-छात्राओं के लिये क्यों नहीं खोली जाती है? छात्र-छात्राओं के हित में प्रयोग शाला का उन्नयन कर छात्रछात्राओं के लिये खोलने के निर्देश देंगे? यदि हाँ, तो कब तक? स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। (ख) शास. हायर सेकेण्डरी स्कूल बेलखेड़ा की प्रयोगशाला छात्र-छात्राओं के लिये खोली जाती है। छात्र-छात्राओं के हित में प्रयोगशाला उन्नयन कर खोलने के निर्देश पूर्व से ही शालाओं को है। व्यवसायिक पाठ्यक्रम में VTP की नियुक्ति 81. ( क्र. 1637 ) श्री बलवीर सिंह डण्डौतिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत R.M.S.A. द्वारा जिन अभ्यर्थियों को वोकेशनल ट्रेनर पार्टनर के रूप में कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के स्कूलों में नियुक्त / पदस्थ / व्यवस्था के रूप में छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई व उनके उज्जवल भविष्य के लिये रखा गया है तो उनकी नियुक्ति/व्यवस्था हेतु क्या नियम प्रक्रिया है, की जानकारी छायाप्रति सहित उपलब्ध करावें। (ख) मुरैना जिले में इस वर्ष कितने शिक्षकों को किन-किन स्कूलों में VTP के रूप में नियुक्त किया गया है, की जानकारी शिक्षक का नाम, पदस्थ स्कूल का नाम, पता सहित दी जावें। स्कूल शिक्षा मंत्री (कुँवर विजय शाह) : (क) राष्ट्रीय कौशल विकास कॉर्पोरेशन नई दिल्ली से एमपेनल्ड वोकेशनल ट्रेनिंग पार्टनर (VTP) का चयन संबंधित VTP द्वारा किये गए तकनीकी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से किया जाता है। चयनित VTPs के साथ अनुबंध किया जाता है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार VTPS द्वारा पंडित सुन्दर लाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान भोपाल द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यताधारी अभ्यार्थियों से आवेदन प्राप्त कर परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाता है। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है । (ख) जिला मुरैना अंतर्गत वर्ष 2017-18 में 07 विद्यालयों में VTP के रूप में नियुक्ति की गई है। VTPs के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों की जानकारी शिक्षक का नाम, पदस्थ स्कूल का नाम, पता सहित विवरण सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। दोषी संविदा शिक्षक के विरूद्ध कार्यवाही 82. ( क्र. 1682 ) श्रीमती शीला त्यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जवा जिला रीवा को संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण रीवा ने अपने पत्र क्रमांक/सतर्कता/2016/226 रीवा दिनांक 22.11.2016 से कृष्ण देव तिवारी संविदा सहायक, तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्राथ.पाठशाला तोमरनपुर्वा संकुल बरहुला के ऊपर शासकीय धनराशि का दुरूपयोग एवं संस्था में अध्ययनरत छात्रों से नियम विरूद्ध शुल्क लेने, रसोइया मानदेय न देने, शौचालय निर्माण की राशि बगैर कार्य के निकालने का दोषी मानते हुये संविदा समाप्त करने हेतु पत्र प्रेषित किया था? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ है तो दोषी संविदा शिक्षक के विरूद्ध राशि वसूली करते हुए संविदा समाप्त कर दी गई अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) के दोषी संविदा शिक्षक के विरूद्ध पुलिस प्रकरण दर्ज कराते हुए उक्त धन राशि की वसूली कब तक करा लेंगे? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संबंध में क्या प्राथ. पाठशाला तोमरनपुर्वा के प्रभारी पदस्थापना अवधि में उक्त संस्था का सम्पूर्ण रिकार्ड आज दिनांक तक प्रभार में नहीं दिया है। कब तक संस्था की कैशबुक एवं अन्य प्रभार वर्तमान प्रधानाध्यापक को दिला दिये जायेंगे? स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ । (ख) संबंधित के विरूद्ध प्राप्त जाँच प्रतिवेदन दिनांक 16.11.2017 के परीक्षण उपरांत संबंधित को कारण बताओं सूचना पत्र दिनांक 20.11.17 जारी किया है। प्रतिवाद
प्रावधान के अनुसार विगत दो वर्षों में समिति की कितनी बैठकें आयोजित की गई? कौन-कौन उपस्थित रहे एवं क्याक्या प्रस्ताव रखे गये तथा क्या कार्यवाही की गयी? रेड क्रास समिति सबलगढ़ द्वारा किसी कर्मचारी की सेवा अवधि बढ़ाने का प्रावधान अनुसार नियम हैं। यदि हाँ, तो नियम की प्रति उपलब्ध करावें? प्रावधान अनुसार साधारण सभा की बैठक अथवा कार्य समिति की बैठक में सदस्यों के उपस्थित न होने पर बैठक निरस्त कर दी जाती है? यदि हाँ, तो कब-कब बैठक निरस्त की गई? क्या रेड क्रास समिति सबलगढ़ द्वारा किसी कर्मचारी जो कि सेवानिवृत्त हो चुका है, जिन्हें पेंशन भी मिलती है उन्हें रेड क्रास समिति से मानदेय देकर राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है, क्योंकि प्रावधान अनुसार रेड क्रास की राशि गरीबों की मदद, आगजनी, विशेष बीमारी में व्यय की जाती है? क्या समिति सदस्यों को बिना सूचना दिये एवं सदस्यों द्वारा जिला रेड क्रास समिति में विरोध करने पर भी सेवानिवृत्त कर्मचारी की सेवा अवधि दो बार बढ़ा ली है? क्या पुनः रेडक्रास समिति की बैठक बुलाकर रेड क्रास की राशि का दुरूपयोग बचाने हेतु सेवानिवृत्त कर्मचारी की सेवा अवधि समाप्त की जायेगी? लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री : रेडक्रास सोसायटी के गठन के प्रावधानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। संचालित रेडक्रास समिति सबलगढ़ के सदस्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। प्रावधान अनुसार विगत दो वर्षों में समिति की नौ बैठकें आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सदस्यों एवं रखे गये प्रस्ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है। रेडक्रास सोसायटी के सदस्यों द्वारा अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया जाता है। प्रावधान अनुसार साधारण सभा की बैठक अथवा कार्य समिति की बैठक में सदस्यों की उपस्थिति आधे से कम होने पर बैठक निरस्त कर दी जाती है। सदस्यों के अभाव में कोई बैठक निरस्त नहीं की गई है । जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही [लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण] छिहत्तर. श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्न क्रमांक दो हज़ार सात सौ सत्तानवे दिनांक एक.तीन.दो हज़ार सत्रह एवं प्रश्न क्रमांक आठ सौ तिरासी दिनांक इक्कीस जुलाई दो हज़ार सत्रह के अन्तर्गत प्रश्नकर्ता के प्रश्नांश , , एवं के अनुसार दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर क्या कार्यवाही हुई है? क्या केवल स्टोर कीपर को ही निलम्बित किया गया है? शेष मुख्य चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण बड़े जिले में किया गया है एवं एक अन्य कर्मचारी जिला शाजापुर में कार्यरत है? प्रश्नांश के अनुसार कार्या. कलेक्टर जिला शाजापुर के पत्र क्रमांक स्था.चार जनवरी दो हज़ार सत्रह/सतहत्तर शाजापुर, दिनांक बाईस.दो.दो हज़ार सत्रह के अनुसार स्वास्थ्य आयुक्त भोपाल को अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है? क्या अनियमितता करने वाले अधिकारी / कर्मचारी पर कार्यवाही होगी? यदि हाँ, तो कब तक होगी? लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री : जी हाँ । कलेक्टर, जिला शाजापुर के पत्र क्रमांक स्था. चार जनवरी दो हज़ार सत्रह/सतहत्तर शाजापुर, दिनांक बाईस.दो.दो हज़ार सत्रह के अनुसार स्वास्थ्य विभाग, शाजापुर में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संचालनालय को प्रस्ताव प्राप्त होने पर पत्र दिनांक नौ.पाँच.दो हज़ार सत्रह द्वारा क्रमशः -एक. अनुसुईया गवली तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शाजापुर वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ दो. श्री कैलाश बाबू वर्मा निलंबित ड्रेसर तीन. श्री एस. पी. जोशी, लेखापाल सह लेखा शाखा प्रभारी एवं चार. श्री अनिल वर्मा, सह स्टेशनरी क्रय प्रभारी के विरूद्ध आरोप पत्रादि आदि जारी कर संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर चाहा गया। संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर प्राप्त होने पर प्रस्तुत प्रतिवाद उत्तर परीक्षणोंपरान्त संतोषजनक नहीं पाये जाने पर संचालनालय के आदेश क्रमांक. एक हज़ार आठ सौ चौंतीस/दिनांक सोलह.ग्यारह.दो हज़ार सात द्वारा उपरोक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। शाजापुर में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संचालनालय को प्रस्ताव प्राप्त होने पर पत्र दिनांक नौ.पाँच.दो हज़ार सत्रह द्वारा क्रमशः-एक. अनुसुईया गवली तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शाजापुर वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजगढ़ दो. श्री कैलाश बाबू वर्मा निलंबित ड्रेसर तीन. श्री एस. पी. जोशी, लेखापाल सह लेखा शाखा प्रभारी एवं चार. श्री अनिल वर्मा, केशियर क्रय प्रभारी के विरूद्ध आरोप पत्रादि आदि जारी कर संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर चाहा गया। संबंधितों से प्रतिवाद उत्तर प्राप्त होने पर प्रस्तुत प्रतिवाद उत्तर परीक्षणोंपरान्त संतोषजनक नहीं पाये जाने पर संचालनालय के आदेश क्रमांक. एक हज़ार आठ सौ चौंतीस/दिनांक सोलह.ग्यारह.दो हज़ार सात द्वारा उपरोक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। हाँ । कार्यवाही प्रचलन में है। संचालनालय के आदेश क्रमांक. एक हज़ार आठ सौ चौंतीस / दिनांक सोलह.ग्यारह.दो हज़ार सात द्वारा उपरोक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। हाई स्कूल का उन्नयन [स्कूल शिक्षा] सतहत्तर. श्री अरूण भीमावद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि शाजापुर जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड शाजापुर में स्थित हाई स्कूल सतगांव एवं हाई स्कूल साजोद से हायर सेकेण्ड्री स्कूल कितनी दूरी पर स्थित है? प्रश्नांश के संदर्भ में शासकीय हाई स्कूल सतगांव एवं हाई स्कूल साजोद को हायर सेकेण्ड्री के रूप में उन्नयन किये जाने हेतु शासन स्तर पर कोई योजना है ? स्कूल शिक्षा मंत्री : हाईस्कूल सतगांव से आठ कि.मी. की दूरी पर उ.मा.वि. ज्योतिनगर एवं हाईस्कूल साजोद से इक्कीस कि.मी. की दूरी उ.मा.वि. ज्योति नगर पर हायर सेकण्डरी स्कूल स्थित है। शाला के उन्नयन हेतु नीति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। इसके अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता भी विचारणीय होती है। परिशिष्ट - "तिरेपन" हाईस्कूलों में प्राचार्य के पद [स्कूल शिक्षा] अठहत्तर. श्री अरूण भीमावद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रदेश में कितने हाई स्कूल विद्यालय हैं तथा कितने विद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं? रिक्त पदों पर पदोन्नति का क्या प्रावधान है? हाई स्कूल प्राचार्य के पद का वेतनमान क्या होता है? व्याख्याता एवं प्रधान अध्यापक की क्रमोन्नति के पश्चात् वेतनमान हाई स्कूल प्राचार्य के समकक्ष होता है? यदि हाँ, तो क्या व्याख्याता एवं प्रधानाध्यापक को हाई स्कूल प्राचार्य के पद पर पदोन्नति देने पर शासन को वित्तीय भार होगा? स्कूल शिक्षा मंत्री : प्रदेश में तीन हज़ार छः सौ हाईस्कूल है। जिनमें से एक हज़ार छः सौ बानवे हाईस्कूलों में प्राचार्य के पद रिक्त है। वर्तमान प्रचलित भरती तथा पदोन्नति नियमों के अनुसार कुल स्वीकृत पदों के पचास प्रतिशत पद व्याख्याता संवर्ग से प्राचार्य हाईस्कूल के पद पर पदोन्नत किये जाने का प्रावधान है। प्राचार्य हाईस्कूल पद का वेतनमान नौ हज़ार तीन सौ-चौंतीस हज़ार आठ सौ/- + चार हज़ार दो सौ/- ग्रेड पे है। जी हाँ। प्राचार्य हाईस्कूल के पद पर व्याख्याता संवर्ग की पदोन्नति का ही प्रावधान है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शिक्षकों, अध्यापकों को अतिशेष कर पदांकन उन्यासी. श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जबलपुर के शिक्षकों, अध्यापकों की अतिशेष सूची किन मापदण्डों के अनुसार तैयार की गयी? शासन के क्या नियम थे? क्या माध्यमिक विद्यालयों में विषयमान के अनुसार शिक्षकों को अतिशेष करना था ? जबलपुर जिले की प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं के किन-किन शिक्षकों, अध्यापकों का कहाँ-कहाँ पदांकन किया गया है? नाम सहित शालावार जानकारी दें। जबलपुर जिले की किन-किन माध्यमिक शालाओं में एक ही विषय के एक से अधिक शिक्षक/अध्यापक पदस्थ हैं, उनमें से कौन शिक्षक/अध्यापक शाला में वरिष्ठ होने पर भी अतिशेष नहीं हुआ? नाम सहित शालावार बतायें? नियम विरूद्ध अतिशेष करने के लिए कौन दोषी है? क्या प्रदेश में अतिशेष शिक्षकों का विषयवार क्रम में हिन्दी भाषा को छटवें क्रम में रखा गया है? यदि हाँ, तो क्यों? स्कूल शिक्षा मंत्री : निर्देशों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। माध्यमिक शालाओं जिनमें एक ही विषय के एक से अधिक शिक्षक/अध्यापक पदस्थ है की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। शेषांश जी नहीं, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम दो हज़ार नौ की धारा उन्नीस के अंतर्गत कक्षा छः से आठ तक की शिक्षा देने वाले स्कूलों में शिक्षकों की स्वीकृत पदस्थापना संरचना अनुसार कार्यवाही की गई है। प्रयोग शालाओं में छात्रों का अभ्यास अस्सी. श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जबलपुर जिले के हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री स्कूलों में प्रयोग शालाओं के उन्नयन प्रयोग शाला सामग्री के क्रय आदि हेतु कितनी-कितनी राशि स्कूलवार प्रदान की गयी? उक्त राशि से क्रय की गयी सामग्री से तैयार प्रयोग शालाओं में छात्रछात्राओं से प्रयोग कराये जा रहे हैं या नहीं? जिले के शासकीय हायर सेकेण्ड्री स्कूल बेलखेड़ा की प्रयोग शाला छात्र-छात्राओं के लिये क्यों नहीं खोली जाती है? छात्र-छात्राओं के हित में प्रयोग शाला का उन्नयन कर छात्रछात्राओं के लिये खोलने के निर्देश देंगे? यदि हाँ, तो कब तक? स्कूल शिक्षा मंत्री : जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ। शास. हायर सेकेण्डरी स्कूल बेलखेड़ा की प्रयोगशाला छात्र-छात्राओं के लिये खोली जाती है। छात्र-छात्राओं के हित में प्रयोगशाला उन्नयन कर खोलने के निर्देश पूर्व से ही शालाओं को है। व्यवसायिक पाठ्यक्रम में VTP की नियुक्ति इक्यासी. श्री बलवीर सिंह डण्डौतिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत R.M.S.A. द्वारा जिन अभ्यर्थियों को वोकेशनल ट्रेनर पार्टनर के रूप में कक्षा नौ वीं से बारह वीं तक के स्कूलों में नियुक्त / पदस्थ / व्यवस्था के रूप में छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई व उनके उज्जवल भविष्य के लिये रखा गया है तो उनकी नियुक्ति/व्यवस्था हेतु क्या नियम प्रक्रिया है, की जानकारी छायाप्रति सहित उपलब्ध करावें। मुरैना जिले में इस वर्ष कितने शिक्षकों को किन-किन स्कूलों में VTP के रूप में नियुक्त किया गया है, की जानकारी शिक्षक का नाम, पदस्थ स्कूल का नाम, पता सहित दी जावें। स्कूल शिक्षा मंत्री : राष्ट्रीय कौशल विकास कॉर्पोरेशन नई दिल्ली से एमपेनल्ड वोकेशनल ट्रेनिंग पार्टनर का चयन संबंधित VTP द्वारा किये गए तकनीकी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से किया जाता है। चयनित VTPs के साथ अनुबंध किया जाता है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार VTPS द्वारा पंडित सुन्दर लाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान भोपाल द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यताधारी अभ्यार्थियों से आवेदन प्राप्त कर परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाता है। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है । जिला मुरैना अंतर्गत वर्ष दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह में सात विद्यालयों में VTP के रूप में नियुक्ति की गई है। VTPs के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों की जानकारी शिक्षक का नाम, पदस्थ स्कूल का नाम, पता सहित विवरण सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। दोषी संविदा शिक्षक के विरूद्ध कार्यवाही बयासी. श्रीमती शीला त्यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जवा जिला रीवा को संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण रीवा ने अपने पत्र क्रमांक/सतर्कता/दो हज़ार सोलह/दो सौ छब्बीस रीवा दिनांक बाईस.ग्यारह.दो हज़ार सोलह से कृष्ण देव तिवारी संविदा सहायक, तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्राथ.पाठशाला तोमरनपुर्वा संकुल बरहुला के ऊपर शासकीय धनराशि का दुरूपयोग एवं संस्था में अध्ययनरत छात्रों से नियम विरूद्ध शुल्क लेने, रसोइया मानदेय न देने, शौचालय निर्माण की राशि बगैर कार्य के निकालने का दोषी मानते हुये संविदा समाप्त करने हेतु पत्र प्रेषित किया था? यदि प्रश्नांश हाँ है तो दोषी संविदा शिक्षक के विरूद्ध राशि वसूली करते हुए संविदा समाप्त कर दी गई अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्यों? प्रश्नांश के दोषी संविदा शिक्षक के विरूद्ध पुलिस प्रकरण दर्ज कराते हुए उक्त धन राशि की वसूली कब तक करा लेंगे? प्रश्नांश , एवं के संबंध में क्या प्राथ. पाठशाला तोमरनपुर्वा के प्रभारी पदस्थापना अवधि में उक्त संस्था का सम्पूर्ण रिकार्ड आज दिनांक तक प्रभार में नहीं दिया है। कब तक संस्था की कैशबुक एवं अन्य प्रभार वर्तमान प्रधानाध्यापक को दिला दिये जायेंगे? स्कूल शिक्षा मंत्री : जी हाँ । संबंधित के विरूद्ध प्राप्त जाँच प्रतिवेदन दिनांक सोलह.ग्यारह.दो हज़ार सत्रह के परीक्षण उपरांत संबंधित को कारण बताओं सूचना पत्र दिनांक बीस.ग्यारह.सत्रह जारी किया है। प्रतिवाद
9.5 ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन को ऐरीन भी कहते हैं, क्योंकि इनके अधिकांश यौगिकों में विशिष्ट गंध (ग्रीक शब्द 'ऐरोमा', जिसका अर्थ सुगंध होता है।) रहती है। ऐसे यौगिकों को 'ऐरौमेटिक यौगिक' नाम दिया गया है। अधिकतर ऐसे यौगिकों में बेन्जीनवलय पाई जाती है । यद्यपि बेन्जीनवलय अतिअसंतृप्त होती है, परंतु अधिकतर अभिक्रियाओं में बेन्जीनवलय अति असंतृप्त बनी रहती है। ऐरोमैटिक यौगिकों के कई उदाहरण ऐसे भी हैं, जिनमें बेन्जीनवलय नहीं होती है, किंतु उनमें अन्य अतिअसंतृप्त वलय होती है। जिन ऐरोमेटिक यौगिकों में बेन्जीनवलय होती है, उन्हें बेन्जेनाइड (Benzenoid) तथा बेन्जीनवलय नहीं होती है, उन्हें अबेन्जेनाइड (nonbezenoid) कहते है। ऐरीन के कुछ उदाहरण नीचे दिए हैंबेन्जीन 9.5.1 नाम पद्धति तथा समावयवता हम ऐरामैटिक यौगिकों की नाम पद्धति तथा समावयवता का वर्णन एकक 8 में कर चुके हैं। बेन्जीन के सभी छः हाइड्रोजन परमाणु समतुल्य हैं। अतः ये एक प्रकार का एकल प्रतिस्थापित उत्पाद बनाती हैं। यदि बेन्जीन के दो हाइड्रोजन परमाणु दो समान या भिन्न एक संयोजी परमाणु या समूह द्वारा प्रतिस्थापित हों, तो तीन विभिन्न स्थिति समावयव संभव हैं। ये 1, 2 अथवा 1, 6 आर्थो (0-); 1, 3 अथवा 1, 5 मेटा (m-) तथा 1, 4 पैरा (p-) हैं। द्विप्रतिस्थापित बेन्जीन व्युत्पन्न के कुछ उदाहरण यहाँ दिए जा रहे हैं। मेथिल बेन्जीन (टालूईन) 1, 3- डाईमेथिलबेन्जीन 1, (m-जाइलीन) Rationalised 2023-24 बेन्जीन की संरचना बेन्जीन को सर्वप्रथम माइकेल फैराडे ने सन् 1825 में प्राप्त किया। बेन्जीन का अणुसूत्र CH, है, जो उच्च असंतृप्तता दर्शाता है। यह अणुसूत्र संगत ऐल्केन, एल्कीन तथा एल्काइन, से कोई संबंध नहीं बताता है। आप इसकी संभावित संरचना के बारे में क्या सोचते हैं? इसके विशिष्ट गुण तथा असामान्य स्थायित्व के कारण इसकी संरचना निर्धारित करने में कई वर्ष लग गए। बेन्जीन एक स्थायी अणु है और ट्राईओजोनाइड बनाता है, जो तीन द्विआबंध की उपस्थिति को इंगित करता है। बेन्जीन केवल एक प्रकार का एकल प्रतिस्थापित व्युत्पन्न बनाता है, जो बेन्जीन के छः कार्बन तथा छः हाइड्रोजन की समानता को इंगित करती है। इन प्रेक्षणों के आधार पर आगुस्ट् केकुले ने सन् 1865 में बेन्जीन की एक संरचना दी, जिसमें छः कार्बन परमाणु की चक्रीय व्यवस्था है। उसमें एकांतर क्रम में द्विआबंध है तथा प्रत्येक कार्बन से एक हाइड्रोजन परमाणु जुड़ा है। 1, 2 - डाइमेथिलबेन्जीन (o - जाइलीन) 1, 4-डाइमेथिलबेन्जीन (p-जाइलीन)
नौ.पाँच ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन को ऐरीन भी कहते हैं, क्योंकि इनके अधिकांश यौगिकों में विशिष्ट गंध रहती है। ऐसे यौगिकों को 'ऐरौमेटिक यौगिक' नाम दिया गया है। अधिकतर ऐसे यौगिकों में बेन्जीनवलय पाई जाती है । यद्यपि बेन्जीनवलय अतिअसंतृप्त होती है, परंतु अधिकतर अभिक्रियाओं में बेन्जीनवलय अति असंतृप्त बनी रहती है। ऐरोमैटिक यौगिकों के कई उदाहरण ऐसे भी हैं, जिनमें बेन्जीनवलय नहीं होती है, किंतु उनमें अन्य अतिअसंतृप्त वलय होती है। जिन ऐरोमेटिक यौगिकों में बेन्जीनवलय होती है, उन्हें बेन्जेनाइड तथा बेन्जीनवलय नहीं होती है, उन्हें अबेन्जेनाइड कहते है। ऐरीन के कुछ उदाहरण नीचे दिए हैंबेन्जीन नौ.पाँच.एक नाम पद्धति तथा समावयवता हम ऐरामैटिक यौगिकों की नाम पद्धति तथा समावयवता का वर्णन एकक आठ में कर चुके हैं। बेन्जीन के सभी छः हाइड्रोजन परमाणु समतुल्य हैं। अतः ये एक प्रकार का एकल प्रतिस्थापित उत्पाद बनाती हैं। यदि बेन्जीन के दो हाइड्रोजन परमाणु दो समान या भिन्न एक संयोजी परमाणु या समूह द्वारा प्रतिस्थापित हों, तो तीन विभिन्न स्थिति समावयव संभव हैं। ये एक, दो अथवा एक, छः आर्थो ; एक, तीन अथवा एक, पाँच मेटा तथा एक, चार पैरा हैं। द्विप्रतिस्थापित बेन्जीन व्युत्पन्न के कुछ उदाहरण यहाँ दिए जा रहे हैं। मेथिल बेन्जीन एक, तीन- डाईमेथिलबेन्जीन एक, Rationalised दो हज़ार तेईस-चौबीस बेन्जीन की संरचना बेन्जीन को सर्वप्रथम माइकेल फैराडे ने सन् एक हज़ार आठ सौ पच्चीस में प्राप्त किया। बेन्जीन का अणुसूत्र CH, है, जो उच्च असंतृप्तता दर्शाता है। यह अणुसूत्र संगत ऐल्केन, एल्कीन तथा एल्काइन, से कोई संबंध नहीं बताता है। आप इसकी संभावित संरचना के बारे में क्या सोचते हैं? इसके विशिष्ट गुण तथा असामान्य स्थायित्व के कारण इसकी संरचना निर्धारित करने में कई वर्ष लग गए। बेन्जीन एक स्थायी अणु है और ट्राईओजोनाइड बनाता है, जो तीन द्विआबंध की उपस्थिति को इंगित करता है। बेन्जीन केवल एक प्रकार का एकल प्रतिस्थापित व्युत्पन्न बनाता है, जो बेन्जीन के छः कार्बन तथा छः हाइड्रोजन की समानता को इंगित करती है। इन प्रेक्षणों के आधार पर आगुस्ट् केकुले ने सन् एक हज़ार आठ सौ पैंसठ में बेन्जीन की एक संरचना दी, जिसमें छः कार्बन परमाणु की चक्रीय व्यवस्था है। उसमें एकांतर क्रम में द्विआबंध है तथा प्रत्येक कार्बन से एक हाइड्रोजन परमाणु जुड़ा है। एक, दो - डाइमेथिलबेन्जीन एक, चार-डाइमेथिलबेन्जीन
Weight Loss with Mangoes: अगर हम आपसे कहें कि अब आप आम खाएंगे तो आपका वज़न कम होगा तो? आप ज़रूर हैरत में पड़ जायेंगे लेकिन ये सच है। आइये जानते हैं कैसे। Weight Loss with Mangoes: फलों का राजा आम इस समय बाज़ारों में खूब ज़ोरों शोरों में आया हुआ है। हर तरफ आम की खुशबू से मन उसकी ओर खींचा चला जाता है। लेकिन ऐसा मन जाता है कि आम वज़न को काफी तेज़ी से बढ़ाता है। जिसके चलते कई लोग इसे खाने से हिचकिचाते हैं। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि अब आप आम खाएंगे तो आपका वज़न कम होगा तो? आप ज़रूर हैरत में पड़ जायेंगे लेकिन ये सच है। आज हम आपको आम खाने का सही तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आपका वज़न बढ़ने के बजाय कम होगा। आइये जानते हैं कैसे। आम का सेवन अक्सर वजन बढ़ने से जुड़ा होता है। ऐसे में जरूरी है कि आम को सही समय पर और सही तरीके से खाया जाए। आम कई प्रकार के आते हैं और इस समय मार्केट में काफी तेज़ी से बिक रहे हैं। आम को फलों का राजा माना जाता है, क्योंकि ये स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। आम अक्सर इस विचार से जुड़े होते हैं कि इनका सेवन करने से तेजी से वजन बढ़ता है। लेकिन आज हम इस अवधारणा को बदलने जा रहे हैं। अगर सही समय पर और सही तरीके से आम खाया जाए तो आम वजन बढ़ने से रोक सकता है। आम में सभी आवश्यक विटामिन और खनिज मौजूद होते हैं। ये रक्त शर्करा के नियमन में भी सहायता करता है। 99 कैलोरी, 1. 4 ग्राम प्रोटीन, 25 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 22. 5 ग्राम चीनी, 2. 6 ग्राम फाइबर, 67% विटामिन सी, 18% फोलेट, 10% विटामिन ए और 10% विटामिन ई सभी आम के एक कप डाइस में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, जिंक, आयरन और मैग्नीशियम की भी अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। मैंगो का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ये पता लगाने का एक तरीका है कि कोई भोजन आपके रक्त शर्करा के स्तर को कैसे प्रभावित कर सकता है। इसे 0 और 100 के बीच स्कोर किया जाता है। इस पैमाने पर, 55 से कम अंक प्राप्त करने पर भोजन को कम चीनी का माना जाता है। साथ ही इन खाद्य पदार्थों को मधुमेह रोगियों के लिए स्वस्थ माना जाता है। आम का जीआई रैंक 51 है, जो इसे मधुमेह रोगियों द्वारा सेवन के लिए उपयुक्त बनाता है। आम फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं; अगर आप अपना वजन कम करने का प्रयास कर रहे हैं, तब भी आप उन्हें खा सकते हैं, लेकिन ऐसा कम मात्रा में करें। अधिक मात्रा में आम का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है। अकसर लोग आम को डेजर्ट के रूप में खाना पसंद करते हैं और खाने के बाद आम का सेवन करते हैं जो बिलकुल गलत है। दरअसल ऐसा करने से आपके शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा हो सकती है। दोपहर में आम का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है। आप चाहें तो आम को स्नैक्स के तौर पर भी खा सकते हैं। एक कटोरी आम को नाश्ते के रूप में खाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। आम में बड़ी मात्रा में डायटरी फाइबर होता है। आम आपको अधिक ऊर्जावान महसूस करने में भी मदद करता है। आम एक बेहतरीन प्री-वर्कआउट मील है। मैंगो जूस या मैंगो स्मूदी बनाने के बजाय सिर्फ पूरा फल खाइए। रस उत्पादन के दौरान आम के रेशे पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। नोट-इस आर्टिकल में दी गयी जानकारी विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। न्यूज़ट्रैक इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
Weight Loss with Mangoes: अगर हम आपसे कहें कि अब आप आम खाएंगे तो आपका वज़न कम होगा तो? आप ज़रूर हैरत में पड़ जायेंगे लेकिन ये सच है। आइये जानते हैं कैसे। Weight Loss with Mangoes: फलों का राजा आम इस समय बाज़ारों में खूब ज़ोरों शोरों में आया हुआ है। हर तरफ आम की खुशबू से मन उसकी ओर खींचा चला जाता है। लेकिन ऐसा मन जाता है कि आम वज़न को काफी तेज़ी से बढ़ाता है। जिसके चलते कई लोग इसे खाने से हिचकिचाते हैं। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि अब आप आम खाएंगे तो आपका वज़न कम होगा तो? आप ज़रूर हैरत में पड़ जायेंगे लेकिन ये सच है। आज हम आपको आम खाने का सही तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आपका वज़न बढ़ने के बजाय कम होगा। आइये जानते हैं कैसे। आम का सेवन अक्सर वजन बढ़ने से जुड़ा होता है। ऐसे में जरूरी है कि आम को सही समय पर और सही तरीके से खाया जाए। आम कई प्रकार के आते हैं और इस समय मार्केट में काफी तेज़ी से बिक रहे हैं। आम को फलों का राजा माना जाता है, क्योंकि ये स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। आम अक्सर इस विचार से जुड़े होते हैं कि इनका सेवन करने से तेजी से वजन बढ़ता है। लेकिन आज हम इस अवधारणा को बदलने जा रहे हैं। अगर सही समय पर और सही तरीके से आम खाया जाए तो आम वजन बढ़ने से रोक सकता है। आम में सभी आवश्यक विटामिन और खनिज मौजूद होते हैं। ये रक्त शर्करा के नियमन में भी सहायता करता है। निन्यानवे कैलोरी, एक. चार ग्राम प्रोटीन, पच्चीस ग्राम कार्बोहाइड्रेट, बाईस. पाँच ग्राम चीनी, दो. छः ग्राम फाइबर, सरसठ% विटामिन सी, अट्ठारह% फोलेट, दस% विटामिन ए और दस% विटामिन ई सभी आम के एक कप डाइस में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, जिंक, आयरन और मैग्नीशियम की भी अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। मैंगो का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ये पता लगाने का एक तरीका है कि कोई भोजन आपके रक्त शर्करा के स्तर को कैसे प्रभावित कर सकता है। इसे शून्य और एक सौ के बीच स्कोर किया जाता है। इस पैमाने पर, पचपन से कम अंक प्राप्त करने पर भोजन को कम चीनी का माना जाता है। साथ ही इन खाद्य पदार्थों को मधुमेह रोगियों के लिए स्वस्थ माना जाता है। आम का जीआई रैंक इक्यावन है, जो इसे मधुमेह रोगियों द्वारा सेवन के लिए उपयुक्त बनाता है। आम फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं; अगर आप अपना वजन कम करने का प्रयास कर रहे हैं, तब भी आप उन्हें खा सकते हैं, लेकिन ऐसा कम मात्रा में करें। अधिक मात्रा में आम का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है। अकसर लोग आम को डेजर्ट के रूप में खाना पसंद करते हैं और खाने के बाद आम का सेवन करते हैं जो बिलकुल गलत है। दरअसल ऐसा करने से आपके शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा हो सकती है। दोपहर में आम का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है। आप चाहें तो आम को स्नैक्स के तौर पर भी खा सकते हैं। एक कटोरी आम को नाश्ते के रूप में खाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। आम में बड़ी मात्रा में डायटरी फाइबर होता है। आम आपको अधिक ऊर्जावान महसूस करने में भी मदद करता है। आम एक बेहतरीन प्री-वर्कआउट मील है। मैंगो जूस या मैंगो स्मूदी बनाने के बजाय सिर्फ पूरा फल खाइए। रस उत्पादन के दौरान आम के रेशे पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। नोट-इस आर्टिकल में दी गयी जानकारी विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। न्यूज़ट्रैक इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
पत्नी बदलने का शौकीन ढोंगी बाबा गिरफ्तार, 5 पत्नियों के बाद छटवीं शादी की थी तैयारी. कानपुर. फिल्म 'किस किसको प्यार करूं' की कहानी तो आपको याद ही होगी. फिल्म के नायक ने किसी न किसी मजबूरी में आकर चार शादियां (marrying) की थीं, लेकिन यह तो फिल्म की बात हुई. कानपुर (Kanpur) में पुलिस ने एक ऐसे बाबा को गिरफ्तार (arrested) किया जो फिल्मी कहानी से भी दो कदम आगे निकल गया. पांच शादियां करने के बाद वह बाद छठवीं शादी की तैयारी कर रहा था. ऐन मौके पर पुलिस ने इस शादी वाले बाबा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. शादी वाले बाबा का असली नाम अनुज चेतन कठेरिया हैं, जो मूल रूप से शाहजहांपुर का रहने वाला है. पुलिस के फेर में फसे ढोंगी बाबा ने अपना धर्म छिपाकर पहले से ही चार शादियां कर रखी थीं. पांचवीं शादी उसने श्याम नगर थाना चकेरी की रहने वाली एक महिला से की थी. शादी के कुछ ही समय बाद ही ढोंगी बाबा अपनी पांचवी पत्नी को प्रताड़ित करने लगा था, जिसके बाद उसके खिलाफ चकेरी और किदवई नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. इसी मामले में अनुज बाबा किदवई नगर थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने जब बाबा की कुंडली निकालनी शुरू की तो पता चला कि बाबा अनुज ने शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र में मां कामाख्या बंजारे बाबा कल्याण सेवा ट्रस्ट के नाम से तंत्र मंत्र का अड्डा बना रखा है. वहां पर अपनी परेशानी लेकर आने वाली युवतियों को बाबा अपने जाल में फंसाता था. बाबा अनुज कठेरिया ने शादी डॉट कॉम में भी लकी पांडेय के नाम से अपनी प्रोफाइल बना रखी थी. पुलिस की जांच में पता चला है कि करीब 32 लड़कियों से अनुज की चैटिंग चल रही थी, जिसका रिकॉर्ड भी पुलिस को मिला है. लड़कियों से चैटिंग में बाबा कभी खुद को टीचर बताता था तो कभी किसी होटल का मालिक. आठवीं तक पढ़ा बाबा अनुज खुद को बीएससी पास बताकर अंग्रेजी में चैट करता था. अनुज ने अपने छोटे भाई की पत्नी को भी नहीं छोड़ा. छोटे भाई की पत्नी ने शाहजहांपुर के निगोही थाने में वर्ष 2018 में बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था. इस मुकदमे में पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार किया था, जिसमें पुलिस जांच चल रही है। . .
पत्नी बदलने का शौकीन ढोंगी बाबा गिरफ्तार, पाँच पत्नियों के बाद छटवीं शादी की थी तैयारी. कानपुर. फिल्म 'किस किसको प्यार करूं' की कहानी तो आपको याद ही होगी. फिल्म के नायक ने किसी न किसी मजबूरी में आकर चार शादियां की थीं, लेकिन यह तो फिल्म की बात हुई. कानपुर में पुलिस ने एक ऐसे बाबा को गिरफ्तार किया जो फिल्मी कहानी से भी दो कदम आगे निकल गया. पांच शादियां करने के बाद वह बाद छठवीं शादी की तैयारी कर रहा था. ऐन मौके पर पुलिस ने इस शादी वाले बाबा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. शादी वाले बाबा का असली नाम अनुज चेतन कठेरिया हैं, जो मूल रूप से शाहजहांपुर का रहने वाला है. पुलिस के फेर में फसे ढोंगी बाबा ने अपना धर्म छिपाकर पहले से ही चार शादियां कर रखी थीं. पांचवीं शादी उसने श्याम नगर थाना चकेरी की रहने वाली एक महिला से की थी. शादी के कुछ ही समय बाद ही ढोंगी बाबा अपनी पांचवी पत्नी को प्रताड़ित करने लगा था, जिसके बाद उसके खिलाफ चकेरी और किदवई नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. इसी मामले में अनुज बाबा किदवई नगर थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने जब बाबा की कुंडली निकालनी शुरू की तो पता चला कि बाबा अनुज ने शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र में मां कामाख्या बंजारे बाबा कल्याण सेवा ट्रस्ट के नाम से तंत्र मंत्र का अड्डा बना रखा है. वहां पर अपनी परेशानी लेकर आने वाली युवतियों को बाबा अपने जाल में फंसाता था. बाबा अनुज कठेरिया ने शादी डॉट कॉम में भी लकी पांडेय के नाम से अपनी प्रोफाइल बना रखी थी. पुलिस की जांच में पता चला है कि करीब बत्तीस लड़कियों से अनुज की चैटिंग चल रही थी, जिसका रिकॉर्ड भी पुलिस को मिला है. लड़कियों से चैटिंग में बाबा कभी खुद को टीचर बताता था तो कभी किसी होटल का मालिक. आठवीं तक पढ़ा बाबा अनुज खुद को बीएससी पास बताकर अंग्रेजी में चैट करता था. अनुज ने अपने छोटे भाई की पत्नी को भी नहीं छोड़ा. छोटे भाई की पत्नी ने शाहजहांपुर के निगोही थाने में वर्ष दो हज़ार अट्ठारह में बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था. इस मुकदमे में पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार किया था, जिसमें पुलिस जांच चल रही है। . .
बिलासपुर - सतलुज झील किनारे लुहणू मैदान में 17 मार्च से सजने वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के सफल आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 14 मार्च तक रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं में प्रस्तुतियां देने वाले पंजाबी व हिंदी कलाकारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस बाबत दस मार्च पंजाबी व हिंदी कलाकारों से टेंडर कोटेशन मांगे गए हैं। एडीएम विनय कुमार गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस बार मेले को नए स्वरूप में मनाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जाएगा तो वहीं, मेले में आने वालों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इस तरह के प्रबंध भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रात्रि संध्याओं में नामी कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही लोकल कलाकारों को भी विशेष अधिमान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही कलाकारों की लिस्ट तय कर सार्वजनिक की जाएगी।
बिलासपुर - सतलुज झील किनारे लुहणू मैदान में सत्रह मार्च से सजने वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के सफल आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि चौदह मार्च तक रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं में प्रस्तुतियां देने वाले पंजाबी व हिंदी कलाकारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस बाबत दस मार्च पंजाबी व हिंदी कलाकारों से टेंडर कोटेशन मांगे गए हैं। एडीएम विनय कुमार गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस बार मेले को नए स्वरूप में मनाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जाएगा तो वहीं, मेले में आने वालों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इस तरह के प्रबंध भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रात्रि संध्याओं में नामी कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही लोकल कलाकारों को भी विशेष अधिमान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही कलाकारों की लिस्ट तय कर सार्वजनिक की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के चंद्रताल में फंसे 300 टूरिस्ट में से सात सैलानियों को लेकर हेलीकॉप्टर कुल्लू के भुंतर पहुंच गया है। अब दूसरे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए हेलीकॉप्टर ने चंद्रताल के उड़ान भरी है। चंद्रताल के अलावा प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अभी भी 550 से ज्यादा टूरिस्ट फंसे हुए है। राहत की बात यह है कि सभी होटल, होम स्टे, टेम्परैरी टैंट या लोगों के घरों में सुरक्षित है। चंद्रताल में अभी भी 293 टूरिस्ट, चंबा के मणिमहेश में 200 और 100 से ज्यादा लोग कुल्लू जिले के ऊंचे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अलग-अलग जगह फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए छह हेलीकॉप्टर लगा दिए गए है। चंद्रताल से कुल्लू के भुंतर लाए गए पर्यटकों का मुख्यमंत्री सुक्खू ने खुद शाम सात बजे स्वागत किया। प्रदेश में लैंडस्लाइड से सड़कें जगह-जगह बंद पड़ी है। ऐसे में हेलीकॉप्टर की मदद से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा रहा। फंसे हुए पर्यटकों में कुछ विदेशी, देशी और प्रदेश के लोग भी शामिल है। वहीं कुल्लू जिला प्रशासन ने आज श्रीखंड यात्रा में गए 43 श्रद्धालुओं और प्रशासन के 7 अधिकारियों व कर्मचारियों को भी रेस्क्यू कर लिया है। सभी को भीमद्वार से नीचे निरमंड लाया जा रहा है। वहीं किन्नर कैलाश ट्रेक से भी कुल 37 लोगों को जिला QRT जवानों द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर दिया गया है। किन्नौर की भावा वैली में भी एक दर्जन से ज्यादा ट्रैकर और लाहौल स्पीति की उदयपुर वैली में भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट फंसे हुए हैं। सभी सुरक्षित ठिकानों बताए जा रहे हैं। क्षेत्र में बिजली की सुविधा नहीं होने से मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से परिजन यहां फंसे लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे। स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से आज कुल्लू जिले के कई क्षेत्रों में आज मोबाइल नेटवर्क रिस्टोर कर दिया गया है। लाहौल स्पीति के सिसू में भी प्रशासन ने वाइ-फाय, होट-स्पाट का इंतजाम किया है, ताकि लोग फोन कॉल कर सके। इसके बाद जगह-जगह फंसे हुए पर्यटक प्रशासन से संपर्क कर रहे है। वहीं मणिमहेश में भी भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड होने से सड़कें बंद पड़ी है। इससे मणिमहेश में भी 200 लोग फंसे हुए है। अच्छी बात यह है कि मणिमहेश में फंसे लोगों के पास अभी पर्याप्त मात्रा में दो-तीन दिन की राशन सामग्री वगैरह उपलब्ध है। इसी तरह कुल्लू जिले के ऊंचे क्षेत्रो में भी लगभग 100 पर्यटक फंसे हुए है। DC कुल्लू आशुतोष गर्ग के अनुसार, सभी लोग सुरक्षित है और होटल या लोगों के घर या फिर टैंटों में ठहरे हुए है। उन्होंने बताया कि मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से ऐसे लोगों से बात नहीं हो पा रही। आज शाम तक मोबाइल नेटवर्क रिस्टोर होने उम्मीद है। सिरमौर के पांवटा साहिब में गिरि नदी डोरियां वाला के समीप भी क्रशर में 5 लोग तीन दिन से फंसे हुए थे। दोपहर बाद इन्हें हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इससे पहले इन लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री और दवाईयां पहुंचाने को ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हिमाचल पुलिस की एक्टिंग DGP सतवंत अटवाल ने बताया कि मणिमहेश में फंसे सभी लोग सुरक्षित है। इन्हें रेस्क्यू करने के लिए पुलिस दल बीती शाम भेज दिया गया है। जल्द सभी लोगों को सुरक्षित निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि चंद्रताल से सात लोग भुंतर लाए जा चुके है। सभी को जल्द रेस्क्यू कर दिया जाएगा। उन्होंने कुल्लू जिले के होटलियर के ट्वीटर के जरिए आग्रह किया जहां भी लोग नजर आए, उन्हें अपने होटल में शैल्टर दें। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हिमाचल प्रदेश के चंद्रताल में फंसे तीन सौ टूरिस्ट में से सात सैलानियों को लेकर हेलीकॉप्टर कुल्लू के भुंतर पहुंच गया है। अब दूसरे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए हेलीकॉप्टर ने चंद्रताल के उड़ान भरी है। चंद्रताल के अलावा प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अभी भी पाँच सौ पचास से ज्यादा टूरिस्ट फंसे हुए है। राहत की बात यह है कि सभी होटल, होम स्टे, टेम्परैरी टैंट या लोगों के घरों में सुरक्षित है। चंद्रताल में अभी भी दो सौ तिरानवे टूरिस्ट, चंबा के मणिमहेश में दो सौ और एक सौ से ज्यादा लोग कुल्लू जिले के ऊंचे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अलग-अलग जगह फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए छह हेलीकॉप्टर लगा दिए गए है। चंद्रताल से कुल्लू के भुंतर लाए गए पर्यटकों का मुख्यमंत्री सुक्खू ने खुद शाम सात बजे स्वागत किया। प्रदेश में लैंडस्लाइड से सड़कें जगह-जगह बंद पड़ी है। ऐसे में हेलीकॉप्टर की मदद से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा रहा। फंसे हुए पर्यटकों में कुछ विदेशी, देशी और प्रदेश के लोग भी शामिल है। वहीं कुल्लू जिला प्रशासन ने आज श्रीखंड यात्रा में गए तैंतालीस श्रद्धालुओं और प्रशासन के सात अधिकारियों व कर्मचारियों को भी रेस्क्यू कर लिया है। सभी को भीमद्वार से नीचे निरमंड लाया जा रहा है। वहीं किन्नर कैलाश ट्रेक से भी कुल सैंतीस लोगों को जिला QRT जवानों द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर दिया गया है। किन्नौर की भावा वैली में भी एक दर्जन से ज्यादा ट्रैकर और लाहौल स्पीति की उदयपुर वैली में भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट फंसे हुए हैं। सभी सुरक्षित ठिकानों बताए जा रहे हैं। क्षेत्र में बिजली की सुविधा नहीं होने से मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से परिजन यहां फंसे लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे। स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से आज कुल्लू जिले के कई क्षेत्रों में आज मोबाइल नेटवर्क रिस्टोर कर दिया गया है। लाहौल स्पीति के सिसू में भी प्रशासन ने वाइ-फाय, होट-स्पाट का इंतजाम किया है, ताकि लोग फोन कॉल कर सके। इसके बाद जगह-जगह फंसे हुए पर्यटक प्रशासन से संपर्क कर रहे है। वहीं मणिमहेश में भी भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड होने से सड़कें बंद पड़ी है। इससे मणिमहेश में भी दो सौ लोग फंसे हुए है। अच्छी बात यह है कि मणिमहेश में फंसे लोगों के पास अभी पर्याप्त मात्रा में दो-तीन दिन की राशन सामग्री वगैरह उपलब्ध है। इसी तरह कुल्लू जिले के ऊंचे क्षेत्रो में भी लगभग एक सौ पर्यटक फंसे हुए है। DC कुल्लू आशुतोष गर्ग के अनुसार, सभी लोग सुरक्षित है और होटल या लोगों के घर या फिर टैंटों में ठहरे हुए है। उन्होंने बताया कि मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से ऐसे लोगों से बात नहीं हो पा रही। आज शाम तक मोबाइल नेटवर्क रिस्टोर होने उम्मीद है। सिरमौर के पांवटा साहिब में गिरि नदी डोरियां वाला के समीप भी क्रशर में पाँच लोग तीन दिन से फंसे हुए थे। दोपहर बाद इन्हें हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इससे पहले इन लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री और दवाईयां पहुंचाने को ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हिमाचल पुलिस की एक्टिंग DGP सतवंत अटवाल ने बताया कि मणिमहेश में फंसे सभी लोग सुरक्षित है। इन्हें रेस्क्यू करने के लिए पुलिस दल बीती शाम भेज दिया गया है। जल्द सभी लोगों को सुरक्षित निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि चंद्रताल से सात लोग भुंतर लाए जा चुके है। सभी को जल्द रेस्क्यू कर दिया जाएगा। उन्होंने कुल्लू जिले के होटलियर के ट्वीटर के जरिए आग्रह किया जहां भी लोग नजर आए, उन्हें अपने होटल में शैल्टर दें। This website follows the DNPA Code of Ethics.
मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के स्पिन आल राउंडर एश्टन एगर ने कहा कि हाल में शेफील्ड शील्फ मैचों के दौरान का अनुभव उन्हें भारत के खिलाफ आगामी श्रृंखला में मदद करेगा। एगर ने अक्टूबर-नवंबर में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिये तीन मैचों में 10 विकेट लिये। उन्होंने 'क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू' से कहा कि मैंने तीन शील्ड मैचों में 150 ओवर के करीब गेंदबाजी की। मैंने कुछ कठिन विकेटों पर भी गेंदबाजी की। अच्छे विकेट पर बल्लेबाजों को आउट करने की कोशिश करने के बारे में सोचने के बाद आपको वनडे और टी-20 श्रृंखला में वास्तव में सहायता मिलती है। एगर हालांकि दक्षिण अफ्रीका में मार्च में 50 ओवर का मैच खेलने के बाद वनडे में नहीं खेले हैं क्योंकि इसके बाद कोविड-19 महामारी के कारण स्थानीय लॉकडाउन लग गया। हां, मैंने काफी समय से सफेद गेंद का क्रिकेट नहीं खेला है लेकिन मुझे इससे ज्यादा चिंता नहीं है। वनडे टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है। मैंने टी-20 क्रिकेट के लिये खुद के चयन के लिये सबकुछ कर दिया है। मैं इस प्रारूप में ज्यादा आत्मविश्वास से भरा महसूस करता हूं।
मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के स्पिन आल राउंडर एश्टन एगर ने कहा कि हाल में शेफील्ड शील्फ मैचों के दौरान का अनुभव उन्हें भारत के खिलाफ आगामी श्रृंखला में मदद करेगा। एगर ने अक्टूबर-नवंबर में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिये तीन मैचों में दस विकेट लिये। उन्होंने 'क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू' से कहा कि मैंने तीन शील्ड मैचों में एक सौ पचास ओवर के करीब गेंदबाजी की। मैंने कुछ कठिन विकेटों पर भी गेंदबाजी की। अच्छे विकेट पर बल्लेबाजों को आउट करने की कोशिश करने के बारे में सोचने के बाद आपको वनडे और टी-बीस श्रृंखला में वास्तव में सहायता मिलती है। एगर हालांकि दक्षिण अफ्रीका में मार्च में पचास ओवर का मैच खेलने के बाद वनडे में नहीं खेले हैं क्योंकि इसके बाद कोविड-उन्नीस महामारी के कारण स्थानीय लॉकडाउन लग गया। हां, मैंने काफी समय से सफेद गेंद का क्रिकेट नहीं खेला है लेकिन मुझे इससे ज्यादा चिंता नहीं है। वनडे टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है। मैंने टी-बीस क्रिकेट के लिये खुद के चयन के लिये सबकुछ कर दिया है। मैं इस प्रारूप में ज्यादा आत्मविश्वास से भरा महसूस करता हूं।
भारत में हाॅकी खेल को राष्ट्रीय खेल का दर्जा दिया गया है, लेकिन जो खिलाड़ियो की हालत है उसे देख किसी का भी सिर शर्म से झुक जाएगा । टीम जब हारती है तो दर्शक कोसते हैं। लेकिन भारतीय हॉकी टीम के खिलाडियों की क्या हालत है, ये उनके कोच के लिखे पत्र से बखूबी समझा जा सकता है । और कॉमनवेल्थ खेलों से पहले एक कैंप में माननीय खेलमंत्री आये थे और उन्होंने अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर इन समस्याओं का समाधान जल्द ठीक करेने को कहा था। लेकिन ऐसा आज तक नहीं हो सका।" भारत की हॉकी टीम इस समय बेंगलुरु के साई सेंटर में एशियन खेलों और विश्व कप की तैयारी कर रही है। आईओए ने हाकी इंडिया से सूचना मिलने के बाद साइ को इस मामले को देखने के लिये कहा है। आईओए अध्यक्ष बत्रा ने साइ की महानिदेशक नीलम कपूर को पत्र लिखकर मामले को गंभीरता से लेने के लिए कहा। हरेंद्र की शिकायत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ यानी आईओए के अध्यक्ष और हॉकी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखा है। बत्रा ने लिखा, "किचन में जो बर्तन इस्तेमाल हो रहे हैं, वे भी ठीक नहीं हैं। हम चैंपियंस ट्रॉफी, एशियाई खेल और विश्व कप की तैयारी कर रहे हैं। इनके लिए खिलाड़ियों को ऐसी खुराक चाहिए जिसमें सारे पोषक तत्व हों। हमने 48 खिलाड़ियों के खून की जांच कराई है और कुछ खिलाड़ियों के खून के नमूने में खान पान संबंधी कमी पाई गई है, जिससे वे इस स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
भारत में हाॅकी खेल को राष्ट्रीय खेल का दर्जा दिया गया है, लेकिन जो खिलाड़ियो की हालत है उसे देख किसी का भी सिर शर्म से झुक जाएगा । टीम जब हारती है तो दर्शक कोसते हैं। लेकिन भारतीय हॉकी टीम के खिलाडियों की क्या हालत है, ये उनके कोच के लिखे पत्र से बखूबी समझा जा सकता है । और कॉमनवेल्थ खेलों से पहले एक कैंप में माननीय खेलमंत्री आये थे और उन्होंने अधिकारियों को अड़तालीस घंटाटे के भीतर इन समस्याओं का समाधान जल्द ठीक करेने को कहा था। लेकिन ऐसा आज तक नहीं हो सका।" भारत की हॉकी टीम इस समय बेंगलुरु के साई सेंटर में एशियन खेलों और विश्व कप की तैयारी कर रही है। आईओए ने हाकी इंडिया से सूचना मिलने के बाद साइ को इस मामले को देखने के लिये कहा है। आईओए अध्यक्ष बत्रा ने साइ की महानिदेशक नीलम कपूर को पत्र लिखकर मामले को गंभीरता से लेने के लिए कहा। हरेंद्र की शिकायत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ यानी आईओए के अध्यक्ष और हॉकी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखा है। बत्रा ने लिखा, "किचन में जो बर्तन इस्तेमाल हो रहे हैं, वे भी ठीक नहीं हैं। हम चैंपियंस ट्रॉफी, एशियाई खेल और विश्व कप की तैयारी कर रहे हैं। इनके लिए खिलाड़ियों को ऐसी खुराक चाहिए जिसमें सारे पोषक तत्व हों। हमने अड़तालीस खिलाड़ियों के खून की जांच कराई है और कुछ खिलाड़ियों के खून के नमूने में खान पान संबंधी कमी पाई गई है, जिससे वे इस स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
पटना. विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने शुक्रवार को कहा कि मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र में अब तक समाज के सभी वर्गों के गरीबों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कुढ़नी की जनता से एक बार वीआईपी के प्रत्याशी को मौका देने का अनुरोध किया। मुकेश सहनी कुढनी विधानसभा क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर तथा कई क्षेत्रों में रोड शो कर लोगों से संपर्क साध रहे हैं और वीआईपी के प्रत्याशी नीलाभ कुमार के जीताने का आग्रह कर रहे हैं। मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन में शामिल दल हों या भाजपा दोनों का काम भ्रम फैलाकर सत्ता हथियाने की रही है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई और बेरोजगारी देश और बिहार में सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है, लेकिन केंद्र की सरकार हो या राज्य की सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी राजनीतिक पार्टी सिर्फ राजनीति कर रही है, जिसका सबसे अधिक नुकसान गरीबों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में शिक्षा की बात हो या किसानों की कोई कुछ बोलने का तैयार नहीं है। कुढनी विधानसभा क्षेत्र के ही कई घरों में युवा नहीं हैं, युवा बाहर कमाने चले गए हैं, आखिर इसके लिए दोषी कौन है? उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि सभी लोग अपने हक और अधिकार के लिए आगे आए और ऐसे नेताओं को सबक सिखाएं, जिनके कारण बिहार आज भी पिछडे़ राज्य की श्रेणी में है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से बिहार के पिछडे रहने की बात सुन रहा हूं, जबकि जो भी पार्टी सत्ता में रही उसके नेता अमीर होते चले गए। उन्होंने लोगों को एकजुट होकर समाज, जात-पात से उठकर युवा और कर्मठ प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की।
पटना. विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने शुक्रवार को कहा कि मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र में अब तक समाज के सभी वर्गों के गरीबों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कुढ़नी की जनता से एक बार वीआईपी के प्रत्याशी को मौका देने का अनुरोध किया। मुकेश सहनी कुढनी विधानसभा क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर तथा कई क्षेत्रों में रोड शो कर लोगों से संपर्क साध रहे हैं और वीआईपी के प्रत्याशी नीलाभ कुमार के जीताने का आग्रह कर रहे हैं। मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन में शामिल दल हों या भाजपा दोनों का काम भ्रम फैलाकर सत्ता हथियाने की रही है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई और बेरोजगारी देश और बिहार में सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है, लेकिन केंद्र की सरकार हो या राज्य की सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी राजनीतिक पार्टी सिर्फ राजनीति कर रही है, जिसका सबसे अधिक नुकसान गरीबों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में शिक्षा की बात हो या किसानों की कोई कुछ बोलने का तैयार नहीं है। कुढनी विधानसभा क्षेत्र के ही कई घरों में युवा नहीं हैं, युवा बाहर कमाने चले गए हैं, आखिर इसके लिए दोषी कौन है? उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि सभी लोग अपने हक और अधिकार के लिए आगे आए और ऐसे नेताओं को सबक सिखाएं, जिनके कारण बिहार आज भी पिछडे़ राज्य की श्रेणी में है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से बिहार के पिछडे रहने की बात सुन रहा हूं, जबकि जो भी पार्टी सत्ता में रही उसके नेता अमीर होते चले गए। उन्होंने लोगों को एकजुट होकर समाज, जात-पात से उठकर युवा और कर्मठ प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की।
(www. arya-tv. com)जब भी कोई व्यक्ति गुरुनानक देवजी से कुछ प्रश्न पूछता तो वे बड़े काव्यात्मक अंदाज में उत्तर दिया करते थे। उनके उत्तरों को समझने के लिए व्यक्ति को बहुत गहराई से उनकी बात पर सोच-विचार करना पड़ता था। एक दिन गुरुनानक पानीपत में घूम रहे थे। उस समय वहां एक प्रसिद्ध फकीर शाह शरफ भी आए हुए थे। गुरुनानक जो कपड़े पहनते थे, वे बिल्कुल गृहस्थ लोगों की तरह होते थे। उन्हें देखकर लगता नहीं था कि वे साधु हैं। फकीर ने कुछ और प्रश्न इसी तरह के पूछे और नानकजी ने उनके जवाब भी बड़े रोचक ढंग से दिए। सीख - काफी लोग सिर्फ दिखावे के लिए बहुत सारे वेश, बहुत सारे पद, बहुत सारी पहचान बना लेते हैं। इससे सामान्य लोग धोखा खा सकते हैं, लेकिन भगवान कर्म के प्रदर्शन को नहीं, सिर्फ कर्म को देखता है।
जब भी कोई व्यक्ति गुरुनानक देवजी से कुछ प्रश्न पूछता तो वे बड़े काव्यात्मक अंदाज में उत्तर दिया करते थे। उनके उत्तरों को समझने के लिए व्यक्ति को बहुत गहराई से उनकी बात पर सोच-विचार करना पड़ता था। एक दिन गुरुनानक पानीपत में घूम रहे थे। उस समय वहां एक प्रसिद्ध फकीर शाह शरफ भी आए हुए थे। गुरुनानक जो कपड़े पहनते थे, वे बिल्कुल गृहस्थ लोगों की तरह होते थे। उन्हें देखकर लगता नहीं था कि वे साधु हैं। फकीर ने कुछ और प्रश्न इसी तरह के पूछे और नानकजी ने उनके जवाब भी बड़े रोचक ढंग से दिए। सीख - काफी लोग सिर्फ दिखावे के लिए बहुत सारे वेश, बहुत सारे पद, बहुत सारी पहचान बना लेते हैं। इससे सामान्य लोग धोखा खा सकते हैं, लेकिन भगवान कर्म के प्रदर्शन को नहीं, सिर्फ कर्म को देखता है।
प्रदर्शनकारी BTET अभ्यर्थी राजभवन का घेराव करने के लिए डाकबंगला चौराहे से आगे की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी जब नहीं माने और पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई। पटना में परीक्षा की मांग आयोजित करने की माग पर प्रदर्शन कर रहे BTET अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया है। पिटाई से कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। डाकबंगला चौराह के पास इन पर लाठी चलाई। प्रदर्शनकारी BTET अभ्यर्थी राजभवन का घेराव करने के लिए डाकबंगला चौराहे से आगे की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी जब नहीं माने और पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई। इसपर पुलिस ने लाठी के बल पर उन्हें तितर वितर कर दिया। पुलिस ने एक महिला प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया है। हिरासत में ली गई महिला ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बेरहमी के पीटा। दरअसल, पिछले दिनों शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बाद इस इलाके को प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया था। पटना प्रशासन की ओर से गरदनीबाग इलाके में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई थी। लेकिन, बीटेट अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से राजभवन मार्च और राजभवन के घेराव की घोषणा कर दी थी। अपनी योजना अनुसार वे राजभवन की ओर बढ़ रहे थे जिन्हें पुलिस ने लाठी के बल पर रोक दिया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में बीएड और डीएलएड पास शिक्षक अभ्यर्थी गांधी मैदान में महात्मा गांधी की मूर्ति पर इकट्ठा हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए डाक बंगला चौहारा की ओर चल पड़े । बिस्कोमान भवन के पास पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान मौके पर गहमागहमी का माहौल हो गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार सातवें चरण की शिक्षक भर्ती निकालने वाली है। उनकी मांग है कि पिछले चरण की बैकलॉगिंग को रद्द करते हुए उन्हें भी इसमें शामिल किया जाए। इसके लिए शिक्षक बहाली शुरू करने से पहले बीटीईटी एग्जाम आयोजित किया जाए, ताकि उन्हें भी सातवें चरण की शिक्षक बहाली में हिस्सा लेने का मौका मिल सके। दूसरी ओर, सीटीईटी और बीटीईटी पास शिक्षक पास अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि 5 सितंबर तक सातवें चरण की बहाली प्रक्रिया नहीं शुरू की गई, तो पूरे बिहार में लाखों शिक्षक अभ्यर्थी आंदोलन पर उतर आएंगे।
प्रदर्शनकारी BTET अभ्यर्थी राजभवन का घेराव करने के लिए डाकबंगला चौराहे से आगे की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी जब नहीं माने और पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई। पटना में परीक्षा की मांग आयोजित करने की माग पर प्रदर्शन कर रहे BTET अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया है। पिटाई से कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। डाकबंगला चौराह के पास इन पर लाठी चलाई। प्रदर्शनकारी BTET अभ्यर्थी राजभवन का घेराव करने के लिए डाकबंगला चौराहे से आगे की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी जब नहीं माने और पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई। इसपर पुलिस ने लाठी के बल पर उन्हें तितर वितर कर दिया। पुलिस ने एक महिला प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया है। हिरासत में ली गई महिला ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बेरहमी के पीटा। दरअसल, पिछले दिनों शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बाद इस इलाके को प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया था। पटना प्रशासन की ओर से गरदनीबाग इलाके में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई थी। लेकिन, बीटेट अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से राजभवन मार्च और राजभवन के घेराव की घोषणा कर दी थी। अपनी योजना अनुसार वे राजभवन की ओर बढ़ रहे थे जिन्हें पुलिस ने लाठी के बल पर रोक दिया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में बीएड और डीएलएड पास शिक्षक अभ्यर्थी गांधी मैदान में महात्मा गांधी की मूर्ति पर इकट्ठा हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए डाक बंगला चौहारा की ओर चल पड़े । बिस्कोमान भवन के पास पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान मौके पर गहमागहमी का माहौल हो गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार सातवें चरण की शिक्षक भर्ती निकालने वाली है। उनकी मांग है कि पिछले चरण की बैकलॉगिंग को रद्द करते हुए उन्हें भी इसमें शामिल किया जाए। इसके लिए शिक्षक बहाली शुरू करने से पहले बीटीईटी एग्जाम आयोजित किया जाए, ताकि उन्हें भी सातवें चरण की शिक्षक बहाली में हिस्सा लेने का मौका मिल सके। दूसरी ओर, सीटीईटी और बीटीईटी पास शिक्षक पास अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि पाँच सितंबर तक सातवें चरण की बहाली प्रक्रिया नहीं शुरू की गई, तो पूरे बिहार में लाखों शिक्षक अभ्यर्थी आंदोलन पर उतर आएंगे।
Indian idol 12 के फिनाले में आशीष से पवनदीप को मिलेगा शानदार सरप्राइज, जानिए क्या होगा खास? इंडियन आइडल 12 का फिनाले 15 अगस्त के खास मौके पर फैंस के सामने पेश किया जाएगा. आपको बता दें कि शो के फिनाले के लिए मेकर्स भी खासा तैयारी कर रहे हैं. अब हर किसी की निगाह शो के फिनाले पर टिकी है. सोनी टेलीविजन के फेमस शो इंडियन आइडल 12 (Indian idol 12 ) अपने अंतिम चरण पर पहुंच गया है. इंडियन आइडल काफी समय से छोटे पर्दे पर पेश किया जा रहा है. अब इस इंडिपेंडेंस डे पर सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन 12, अपने दर्शकों के लिए अब तक का सबसे बड़ा फिनाले लेकर आ रहा है! आशीष कुलकर्णी, जो इस सीजन का हिस्सा रहे थे, ने अपने बेस्ट बडी पवनदीप राजन को बहुत सपोर्ट किया और इस खास दिन अपने दोस्त के लिए एक स्पेशल सरप्राइज़ लेकर आए. उन्होंने अपने और पवनदीप के लिए एक नेम प्लेट बनवाई, जिस पर लिखा था - म्यूजिक डायरेक्टर डुओ (संगीत निर्देशक जोड़ी). अपने दोस्त पवनदीप को सपोर्ट करते हुए आशीष कुलकर्णी ने कहा, "सभी कंटेस्टेंट्स मेरे परिवार की तरह हैं, लेकिन इस पूरे सफर में पवनदीप मेरा पहला दोस्त बना. इसलिए मैं उसके ज्यादा करीब हूं. देखिए इंडियन आइडल सीजन 12 का अब तक का सबसे बड़ा फिनाले, 15 अगस्त को दोपहर 12 बजे से, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर. फैंस की निगाह अब इस बात पर टिकी है कि क्या पवनदीप शो के विजेता होते हैं या फिर नहीं. यह भी पढ़ें- 'बड़े अच्छे लगते हैं 2' के प्रोमो में दिखे नए राम-प्रिया, जानिए इस बार दोनों में क्या है कॉमन?
Indian idol बारह के फिनाले में आशीष से पवनदीप को मिलेगा शानदार सरप्राइज, जानिए क्या होगा खास? इंडियन आइडल बारह का फिनाले पंद्रह अगस्त के खास मौके पर फैंस के सामने पेश किया जाएगा. आपको बता दें कि शो के फिनाले के लिए मेकर्स भी खासा तैयारी कर रहे हैं. अब हर किसी की निगाह शो के फिनाले पर टिकी है. सोनी टेलीविजन के फेमस शो इंडियन आइडल बारह अपने अंतिम चरण पर पहुंच गया है. इंडियन आइडल काफी समय से छोटे पर्दे पर पेश किया जा रहा है. अब इस इंडिपेंडेंस डे पर सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन बारह, अपने दर्शकों के लिए अब तक का सबसे बड़ा फिनाले लेकर आ रहा है! आशीष कुलकर्णी, जो इस सीजन का हिस्सा रहे थे, ने अपने बेस्ट बडी पवनदीप राजन को बहुत सपोर्ट किया और इस खास दिन अपने दोस्त के लिए एक स्पेशल सरप्राइज़ लेकर आए. उन्होंने अपने और पवनदीप के लिए एक नेम प्लेट बनवाई, जिस पर लिखा था - म्यूजिक डायरेक्टर डुओ . अपने दोस्त पवनदीप को सपोर्ट करते हुए आशीष कुलकर्णी ने कहा, "सभी कंटेस्टेंट्स मेरे परिवार की तरह हैं, लेकिन इस पूरे सफर में पवनदीप मेरा पहला दोस्त बना. इसलिए मैं उसके ज्यादा करीब हूं. देखिए इंडियन आइडल सीजन बारह का अब तक का सबसे बड़ा फिनाले, पंद्रह अगस्त को दोपहर बारह बजे से, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर. फैंस की निगाह अब इस बात पर टिकी है कि क्या पवनदीप शो के विजेता होते हैं या फिर नहीं. यह भी पढ़ें- 'बड़े अच्छे लगते हैं दो' के प्रोमो में दिखे नए राम-प्रिया, जानिए इस बार दोनों में क्या है कॉमन?
शायद आप ऐड ब्लॉकर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पढ़ना जारी रखने के लिए ऐड ब्लॉकर को बंद करके पेज रिफ्रेश करें। रूस के ड्रोन Russian drone लगातार यूक्रेन Ukraine में तबाही मचा रहे हैं। हाल ही जारी एक वीडियो में दिख रहा है कि पुतिन के सुसाइड ड्रोन ने यूक्रेन के BMP-2 tank पर निशाना बनाया है। इससे यूक्रेन की आर्मी एक बड़ा और महत्वपूर्ण हथियार तबाह हो गया है। ये टैंक सेना के जवानों की ताकत माना जाता है।
शायद आप ऐड ब्लॉकर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पढ़ना जारी रखने के लिए ऐड ब्लॉकर को बंद करके पेज रिफ्रेश करें। रूस के ड्रोन Russian drone लगातार यूक्रेन Ukraine में तबाही मचा रहे हैं। हाल ही जारी एक वीडियो में दिख रहा है कि पुतिन के सुसाइड ड्रोन ने यूक्रेन के BMP-दो tank पर निशाना बनाया है। इससे यूक्रेन की आर्मी एक बड़ा और महत्वपूर्ण हथियार तबाह हो गया है। ये टैंक सेना के जवानों की ताकत माना जाता है।
गुरदासपुर - बाबा मेहर सिंह मेमोरियल ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूट पुराना शाला गुरदासपुर के नर्सिंग कालेज के चेयरमैन ई. कुलविंद्र सिंह की अगवाई में नर्सिंग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों ने पोस्टर, रंगोली और पोट मेकिंग मुकाबले करवाए। इस संबंध में नर्सिंग दिवस की महत्ता बताते हुए एक नाटक भी पेश किया गया। चेयरमैन कुलविंद्र सिंह और प्रिंसीपल रुथ अनायत मसीह ने इस दिन की महत्ता बताई। इस दौरान पोस्टर मेकिंग में नेहा कुमारी व कुलविंद्र कौर, पोट मेकिंग में सेमी ज्ञान व कविता और रंगोली में मनप्रीत व मोनिका ने पहला स्थान हासिल किया। इस मौके पर प्रो. रवनील कौर, सतिंद्र कौर व अनीता आदि शामिल हुईं। अपने सपनों के जीवनसंगी को ढूँढिये भारत मैट्रिमोनी पर - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!
गुरदासपुर - बाबा मेहर सिंह मेमोरियल ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूट पुराना शाला गुरदासपुर के नर्सिंग कालेज के चेयरमैन ई. कुलविंद्र सिंह की अगवाई में नर्सिंग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों ने पोस्टर, रंगोली और पोट मेकिंग मुकाबले करवाए। इस संबंध में नर्सिंग दिवस की महत्ता बताते हुए एक नाटक भी पेश किया गया। चेयरमैन कुलविंद्र सिंह और प्रिंसीपल रुथ अनायत मसीह ने इस दिन की महत्ता बताई। इस दौरान पोस्टर मेकिंग में नेहा कुमारी व कुलविंद्र कौर, पोट मेकिंग में सेमी ज्ञान व कविता और रंगोली में मनप्रीत व मोनिका ने पहला स्थान हासिल किया। इस मौके पर प्रो. रवनील कौर, सतिंद्र कौर व अनीता आदि शामिल हुईं। अपने सपनों के जीवनसंगी को ढूँढिये भारत मैट्रिमोनी पर - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!
बनाया कि पूना और बड़ौदा से क्रमशः निकलने वाले कोठारी और भगवन्त राव पालेकर के 'जागरूक' और 'जाग्रति' पत्र धूमिल पड़ गये । लोकमान्य तिलक 27 नवम्बर 1919 को लन्दन से बम्बई वापस आ गये। अतिशूद्र समाज ने उनके स्वागत समारोह का विरोध किया। तिलक ने अपने मित्र सत्यमूर्ति से कहा, "समुद्र पार करने के लिये परम्परागत कोई प्रायश्चित नहीं करूँगा" परन्तु उनको प्रायश्चित की पूरी पद्धति स्वीकार करनी पड़ी और उन्होंने वैसा ही किया। शाहू जी वन्य पशुओं को पालने और शिकार करने के बहुत शौकीन थे। एक बार उन्होंने अपने पालतू चीता और चीती की अविश्वसनीय कहानी सुनाई जिसे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी आफ बाम्बे को रिकार्ड करने के लिये कहा गया। शाहू जी का सम्पूर्ण जीवन वृत्त अखण्ड मानवता के आराधक की कथा है। यदि भारत के इतिहास को तथ्यों पर आधारित करके पुनः लिखा जाये तो इतिहासकारों को लिखना पड़ेगा कि शाहू जी तथा डॉ० नायर मानव से मानव की मुक्ति के अग्रदूत थे । इतिहास और यह देश तथा दलित और शोषित सभी इन दो महापुरूषों के युग-युग तक ऋणी रहेगें । अस्वस्थ रहते हुए भी छत्रपति शाहू जी का ध्यान सदैव गरीबों, पिछड़े तथा दलितों के अभ्युथान के लिये सतत् - सक्रिय था । वे कोई भी कार्य करते थे उसमें उद्देश्य एक ही रहता था, वह उद्देश्य उपेक्षित मानवता का सामाजिक उन्नयन था । एक क्षण के लिये भी वे इस चिन्ता से मुक्त नहीं रह सकते थे। कुलकर्णी वातन- इच्छलकरणजी का मामला, उच्च कुलीन तन्त्रों के आये दिन के षड़यन्त्र, ब्रिटिश शासन की परिस्थितिजन्य वर्जनाएं, कोल्हापुर की कृषि और उद्योग का विकास तिलक का वैट-विरोध, बीच-बीच में उठने वाली गृहस्थी की जटिलतायें एक नहीं अनेक समस्यायें थी जिनकी कटीली परिधि में शाहू जी एक नव
बनाया कि पूना और बड़ौदा से क्रमशः निकलने वाले कोठारी और भगवन्त राव पालेकर के 'जागरूक' और 'जाग्रति' पत्र धूमिल पड़ गये । लोकमान्य तिलक सत्ताईस नवम्बर एक हज़ार नौ सौ उन्नीस को लन्दन से बम्बई वापस आ गये। अतिशूद्र समाज ने उनके स्वागत समारोह का विरोध किया। तिलक ने अपने मित्र सत्यमूर्ति से कहा, "समुद्र पार करने के लिये परम्परागत कोई प्रायश्चित नहीं करूँगा" परन्तु उनको प्रायश्चित की पूरी पद्धति स्वीकार करनी पड़ी और उन्होंने वैसा ही किया। शाहू जी वन्य पशुओं को पालने और शिकार करने के बहुत शौकीन थे। एक बार उन्होंने अपने पालतू चीता और चीती की अविश्वसनीय कहानी सुनाई जिसे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी आफ बाम्बे को रिकार्ड करने के लिये कहा गया। शाहू जी का सम्पूर्ण जीवन वृत्त अखण्ड मानवता के आराधक की कथा है। यदि भारत के इतिहास को तथ्यों पर आधारित करके पुनः लिखा जाये तो इतिहासकारों को लिखना पड़ेगा कि शाहू जी तथा डॉशून्य नायर मानव से मानव की मुक्ति के अग्रदूत थे । इतिहास और यह देश तथा दलित और शोषित सभी इन दो महापुरूषों के युग-युग तक ऋणी रहेगें । अस्वस्थ रहते हुए भी छत्रपति शाहू जी का ध्यान सदैव गरीबों, पिछड़े तथा दलितों के अभ्युथान के लिये सतत् - सक्रिय था । वे कोई भी कार्य करते थे उसमें उद्देश्य एक ही रहता था, वह उद्देश्य उपेक्षित मानवता का सामाजिक उन्नयन था । एक क्षण के लिये भी वे इस चिन्ता से मुक्त नहीं रह सकते थे। कुलकर्णी वातन- इच्छलकरणजी का मामला, उच्च कुलीन तन्त्रों के आये दिन के षड़यन्त्र, ब्रिटिश शासन की परिस्थितिजन्य वर्जनाएं, कोल्हापुर की कृषि और उद्योग का विकास तिलक का वैट-विरोध, बीच-बीच में उठने वाली गृहस्थी की जटिलतायें एक नहीं अनेक समस्यायें थी जिनकी कटीली परिधि में शाहू जी एक नव
जनरल दलबीर सिंह देश के आर्मी चीफ का पद संभालने के बाद आज पहली बार हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे। देखिए, उनके बारे में 10 अनसुनी बातें। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में 10 अनसुनी बातें? लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर का पैतृक गांव हरियाणा के झज्जर जिले का गांव बिसाहन है। इसे फौजियों का गांव कहा जाता है। गांव बिसाहन की आबादी करीब 2500 की है। गांव के लिए फख्र की बात यह है कि लगभग हर परिवार से कोई न कोई किसी न किसी रूप से सेना से जुड़ा हुआ है। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में 10 अनसुनी बातें? गांव बिसाहन में भारतीय थल सेना के प्रति एक अजीब ही जोश नजर आता है। गांव की पृष्ठभूमि से पलकर बड़े हुए करीब 42 आफिसर जो सेना में लेफ्टिनेंट से लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर के पद भी पहुंच चुके हैं। जबकि काफी संख्या में सूबेदार, सिपाही के पद पर भी तैनात है। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में 10 अनसुनी बातें? गांव बिसाहन में पिता रामफल व माता ईशरी की गोद से जन्मे दलबीर सुहाग चार भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई धर्मबीर सिंह भी भारतीय थल सेना में ही कर्नल के पद पर तैनात हैं। कर्नल धर्मबीर साल भर में कई बार गांव का दौरा करते हैं और सहपाठियों से मिलते हैं। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में 10 अनसुनी बातें? जनरल दलबीर की माता ईशरी देवी ने बताया कि बचपन में उन्हें साबुन इनाम में मिलता था, ताकि बच्चे नहा-धोकर स्वच्छ रहें। अब वह 59 साल का हो रहा है। दलबीर सिंह को गोला फेंकना पसंद था। दूध-दही और चूरमा खाने का तो बेहद शौक था। मैं अपने हाथ का बना चूरमा उसे खिलाऊंगी।
जनरल दलबीर सिंह देश के आर्मी चीफ का पद संभालने के बाद आज पहली बार हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे। देखिए, उनके बारे में दस अनसुनी बातें। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में दस अनसुनी बातें? लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर का पैतृक गांव हरियाणा के झज्जर जिले का गांव बिसाहन है। इसे फौजियों का गांव कहा जाता है। गांव बिसाहन की आबादी करीब दो हज़ार पाँच सौ की है। गांव के लिए फख्र की बात यह है कि लगभग हर परिवार से कोई न कोई किसी न किसी रूप से सेना से जुड़ा हुआ है। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में दस अनसुनी बातें? गांव बिसाहन में भारतीय थल सेना के प्रति एक अजीब ही जोश नजर आता है। गांव की पृष्ठभूमि से पलकर बड़े हुए करीब बयालीस आफिसर जो सेना में लेफ्टिनेंट से लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर के पद भी पहुंच चुके हैं। जबकि काफी संख्या में सूबेदार, सिपाही के पद पर भी तैनात है। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में दस अनसुनी बातें? गांव बिसाहन में पिता रामफल व माता ईशरी की गोद से जन्मे दलबीर सुहाग चार भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई धर्मबीर सिंह भी भारतीय थल सेना में ही कर्नल के पद पर तैनात हैं। कर्नल धर्मबीर साल भर में कई बार गांव का दौरा करते हैं और सहपाठियों से मिलते हैं। देखिए, आर्मी चीफ जनरल दलबीर के बारे में दस अनसुनी बातें? जनरल दलबीर की माता ईशरी देवी ने बताया कि बचपन में उन्हें साबुन इनाम में मिलता था, ताकि बच्चे नहा-धोकर स्वच्छ रहें। अब वह उनसठ साल का हो रहा है। दलबीर सिंह को गोला फेंकना पसंद था। दूध-दही और चूरमा खाने का तो बेहद शौक था। मैं अपने हाथ का बना चूरमा उसे खिलाऊंगी।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करना एक पत्रकार को महंगा पड़ गया। पत्रकार के इस रवैये की वजह से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी कस्बे के पत्रकार रजनीश शर्मा को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को बदनाम करने की मंशा से फेसबुक पर टिपप्णी करने के लिए गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कांग्रेस नेता पूरन चंद की शिकायत पर शर्मा को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करना एक पत्रकार को महंगा पड़ गया। पत्रकार के इस रवैये की वजह से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी कस्बे के पत्रकार रजनीश शर्मा को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को बदनाम करने की मंशा से फेसबुक पर टिपप्णी करने के लिए गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कांग्रेस नेता पूरन चंद की शिकायत पर शर्मा को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) भी बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। मतदाताओं को लुभाने के लिए सियासी दल इसे लागू करने या नहीं करने के वादे कर रहे हैं। एमके स्टालिन (फाइल फोटो) तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी द्रमुक यानी डीएमके के प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो राज्य में सीएए को लागू नहीं करने दिया जाएगा। स्टालिन ने सीएए के मुद्दे पर संसद में भाजपा का 'समर्थन' करने को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की आलोचना की। कहा कि यदि अन्नाद्रमुक और राज्यसभा में पीएमके के एकमात्र सदस्य ने संबद्ध विधेयक के खिलाफ मतदान किया होता, तो सीएए अस्तित्व में नहीं आया होता। उन्होंने कहा कि पूरे देश में अल्पसंख्यकों की 'दुर्दशा' के लिए दोनों दलों (भाजपा और अन्नाद्रमुक) को दोषी ठहराया जाना चाहिए। स्टालिन ने जोलारपेट में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक पर चुनाव से पहले नाटक करने का आरोप लगाया और याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने पहले सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। उन्होंने कहा, 'मैं आश्वासन देता हूं। हम सत्ता में आने वाले हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। इसलिए सत्ता में आने के बाद हम तमिलनाडु में इस सीएए (लागू होने) नहीं देंगे। यह स्टालिन द्वारा दिया गया आश्वासन है। ' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने संसद में विधेयक का विरोध किया था। अन्नाद्रमुक ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने और तीन तलाक को खत्म करने जैसे मुद्दों पर भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन अब वह अल्पसंख्यकों की रक्षक होने का नाटक कर रही है। उन्होंने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित नहीं करने को लेकर भी मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी की आलोचना की। बता दें, दिल्ली के शाहीन बाग सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस बीच, राज्य की विपक्षी पार्टी डीएमके के नेता ए. राजा ने एक चुनावी रैली में सीएम पलानीस्वामी को 'अवैध संतान' बता दिया। उनकी इस आपत्तिजनक टिप्पणी से सीएम भावुक हो गए और रो पड़े। ऐसे में राजा ने बाजी हाथ से निकलते देख सोमवार को माफी मांगकर मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास किया। राजा ने कहा कि एक चुनावी सभा में सीएम पलानीस्वामी के भावुक होने से मैं आहत हूं। मेरा इरादा उन पर निजी हमले का नहीं था, लेकिन मैं सिर्फ उनके राजनीतिक करियर को लेकर तुलना कर रहा था। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में नागरिकता संशोधन कानून भी बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। मतदाताओं को लुभाने के लिए सियासी दल इसे लागू करने या नहीं करने के वादे कर रहे हैं। एमके स्टालिन तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी द्रमुक यानी डीएमके के प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो राज्य में सीएए को लागू नहीं करने दिया जाएगा। स्टालिन ने सीएए के मुद्दे पर संसद में भाजपा का 'समर्थन' करने को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की आलोचना की। कहा कि यदि अन्नाद्रमुक और राज्यसभा में पीएमके के एकमात्र सदस्य ने संबद्ध विधेयक के खिलाफ मतदान किया होता, तो सीएए अस्तित्व में नहीं आया होता। उन्होंने कहा कि पूरे देश में अल्पसंख्यकों की 'दुर्दशा' के लिए दोनों दलों को दोषी ठहराया जाना चाहिए। स्टालिन ने जोलारपेट में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक पर चुनाव से पहले नाटक करने का आरोप लगाया और याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने पहले सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। उन्होंने कहा, 'मैं आश्वासन देता हूं। हम सत्ता में आने वाले हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। इसलिए सत्ता में आने के बाद हम तमिलनाडु में इस सीएए नहीं देंगे। यह स्टालिन द्वारा दिया गया आश्वासन है। ' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने संसद में विधेयक का विरोध किया था। अन्नाद्रमुक ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के अधिकतर प्रावधान हटाने और तीन तलाक को खत्म करने जैसे मुद्दों पर भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन अब वह अल्पसंख्यकों की रक्षक होने का नाटक कर रही है। उन्होंने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित नहीं करने को लेकर भी मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी की आलोचना की। बता दें, दिल्ली के शाहीन बाग सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस बीच, राज्य की विपक्षी पार्टी डीएमके के नेता ए. राजा ने एक चुनावी रैली में सीएम पलानीस्वामी को 'अवैध संतान' बता दिया। उनकी इस आपत्तिजनक टिप्पणी से सीएम भावुक हो गए और रो पड़े। ऐसे में राजा ने बाजी हाथ से निकलते देख सोमवार को माफी मांगकर मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास किया। राजा ने कहा कि एक चुनावी सभा में सीएम पलानीस्वामी के भावुक होने से मैं आहत हूं। मेरा इरादा उन पर निजी हमले का नहीं था, लेकिन मैं सिर्फ उनके राजनीतिक करियर को लेकर तुलना कर रहा था। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ ही भारतीय टीम होम सीजन की शुरूआत करेगी। भारतीय टीम इस सीजन में अपने घरेलू मैदानों पर कुल 13 टेस्ट मैच खेलेगी। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 22 सितंबर को कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट कोलकाता में तो तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। टेस्ट सीरीज के बाद दोनों टीमें 5 मैचों की वनडे सीरीज भी खेलेगी। कानपुर में होने वाला पहला टेस्ट भारत का 500वां टेस्ट मैच भी होगा जिसे भारतीय टीम हर हाल में जीतना चाहेगी। भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमों की कप्तानी युवा कप्तानों के हाथों में है। भारतीय टीम की कप्तानी विराट कोहली के कंधों पर है तो किवी टीम केन विलियमसन के नेतृ्त्व में पहली बार भारत आई है। अगर दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो भारतीय टीम हाल ही में वेस्टइंडीज का दौरा करके लौटी जहां उसने कैरेबियन टीम को टेस्ट सीरीज में 2-0 से मात दी थी। कप्तान के रूप में एक साल पूरे कर चुके विराट के नेतृ्त्व में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया है। विराट की कप्तानी में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका को हराया है। अगर न्यूजीलैंड के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो न्यूजीलैंड ने हाल ही में जिंबाब्वे को टेस्ट सीरीज में मात दी है, लेकिन इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम संघर्ष करती दिखी। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में किवी टीम को 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बात करें तो टीम के बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं। विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे टीम के लिए लगातार रन बना रहे हैं तो लोकेश राहुल भी खुद को इस कड़ी में शामिल कर चुके हैं। नंबर 3 की पोजीशन के लिए चेतेश्वर पुजारा ने दिलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी फिर से प्रस्तुत की है। भारतीय पिचों पर उनके शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए वो किवी गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। टीम इंडिया में इस बार विराट और रहाणे से ज्यादा लोगों की नजर पुजारा और राहुल के प्रदर्शन पर होगी। भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय शिखर धवन और रोहित शर्मा की खराब फॉर्म है। दोनों ही खिलाड़ियों के लिए ये अंतिम मौका भी होगा। न्यूजीलैंड के लिए सीरीज शुरू होने से पहले ही मुश्किलों की शुरूआत हो चुकी है। तेज गेंदबाज टिम साउदी के बाद अब ऑलराउंडर जिमी निशाम भी चोट की चपेट में आ चुके हैं। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में मार्टिन गप्टिल की फॉर्म भी किवी टीम के लिए चिंता का विषय है। वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले गप्टिल टेस्ट क्रिकेट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। टीम की बल्लेबाजी में केन विलियमसन, टॉम लेथम, रॉस टेलर के अलावा बीजे वाटलिंग भी अच्छी फॉर्म में हैं। न्यूजीलैंड के साथ इस सीरीज पर प्लस प्वाइंट है उनका स्पिन अटैक। मिशेल सैंटनर जिन्होंने टी20 विश्व कप के दौरान भारतीय बल्लेबाजों को चौंकाया था पर सबकी नजर रहेगी। लाल गेंद से सैंनटर भारतीय पिचों पर और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसके अलावा किवी टीम के पास ईश सोढ़ी भी हैं जो स्पिन के लिए अनुकूल विकेटों पर भारतीय बल्लेबाजों को टेस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा किवी टीम के पास एक अच्छा पेस अटैक भी है। नील वागनर, ट्रेंट बोल्ट के अलावा डग ब्रेसवेल भी नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful. Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings. If you disable this cookie, we will not be able to save your preferences. This means that every time you visit this website you will need to enable or disable cookies again.
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ ही भारतीय टीम होम सीजन की शुरूआत करेगी। भारतीय टीम इस सीजन में अपने घरेलू मैदानों पर कुल तेरह टेस्ट मैच खेलेगी। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट मैच बाईस सितंबर को कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट कोलकाता में तो तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। टेस्ट सीरीज के बाद दोनों टीमें पाँच मैचों की वनडे सीरीज भी खेलेगी। कानपुर में होने वाला पहला टेस्ट भारत का पाँच सौवां टेस्ट मैच भी होगा जिसे भारतीय टीम हर हाल में जीतना चाहेगी। भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमों की कप्तानी युवा कप्तानों के हाथों में है। भारतीय टीम की कप्तानी विराट कोहली के कंधों पर है तो किवी टीम केन विलियमसन के नेतृ्त्व में पहली बार भारत आई है। अगर दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो भारतीय टीम हाल ही में वेस्टइंडीज का दौरा करके लौटी जहां उसने कैरेबियन टीम को टेस्ट सीरीज में दो-शून्य से मात दी थी। कप्तान के रूप में एक साल पूरे कर चुके विराट के नेतृ्त्व में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया है। विराट की कप्तानी में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका को हराया है। अगर न्यूजीलैंड के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो न्यूजीलैंड ने हाल ही में जिंबाब्वे को टेस्ट सीरीज में मात दी है, लेकिन इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम संघर्ष करती दिखी। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में किवी टीम को शून्य-एक से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बात करें तो टीम के बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं। विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे टीम के लिए लगातार रन बना रहे हैं तो लोकेश राहुल भी खुद को इस कड़ी में शामिल कर चुके हैं। नंबर तीन की पोजीशन के लिए चेतेश्वर पुजारा ने दिलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी फिर से प्रस्तुत की है। भारतीय पिचों पर उनके शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए वो किवी गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। टीम इंडिया में इस बार विराट और रहाणे से ज्यादा लोगों की नजर पुजारा और राहुल के प्रदर्शन पर होगी। भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय शिखर धवन और रोहित शर्मा की खराब फॉर्म है। दोनों ही खिलाड़ियों के लिए ये अंतिम मौका भी होगा। न्यूजीलैंड के लिए सीरीज शुरू होने से पहले ही मुश्किलों की शुरूआत हो चुकी है। तेज गेंदबाज टिम साउदी के बाद अब ऑलराउंडर जिमी निशाम भी चोट की चपेट में आ चुके हैं। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में मार्टिन गप्टिल की फॉर्म भी किवी टीम के लिए चिंता का विषय है। वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले गप्टिल टेस्ट क्रिकेट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। टीम की बल्लेबाजी में केन विलियमसन, टॉम लेथम, रॉस टेलर के अलावा बीजे वाटलिंग भी अच्छी फॉर्म में हैं। न्यूजीलैंड के साथ इस सीरीज पर प्लस प्वाइंट है उनका स्पिन अटैक। मिशेल सैंटनर जिन्होंने टीबीस विश्व कप के दौरान भारतीय बल्लेबाजों को चौंकाया था पर सबकी नजर रहेगी। लाल गेंद से सैंनटर भारतीय पिचों पर और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसके अलावा किवी टीम के पास ईश सोढ़ी भी हैं जो स्पिन के लिए अनुकूल विकेटों पर भारतीय बल्लेबाजों को टेस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा किवी टीम के पास एक अच्छा पेस अटैक भी है। नील वागनर, ट्रेंट बोल्ट के अलावा डग ब्रेसवेल भी नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful. Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings. If you disable this cookie, we will not be able to save your preferences. This means that every time you visit this website you will need to enable or disable cookies again.
रायपुर। राजधानी रायपुर से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल की सुरक्षा में तैनात उनके पीएसओ ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। मिली जानकरी के मुताबिक सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई है। तैनात पीएसओ का नाम आरक्षक विशंभर राठौर बताया गया है। उसने अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली है। आरक्षक विशंभर राठौर ने खुदकुशी क्यों की है, फिलहाल इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। सर्विस रिवाल्वर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट को लेकर किसी तरह की बात सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस इस मामले की तहकीकात में जुट गई है। इस मामले में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से भी चर्चा नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि इस घटना को लेकर वे खुद भी बेहद हैरान हैं। पुलिस जाँच में जुट गयी है जिसके बाद ही वास्तविकता का पता चल पाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दिया है। इस घटना को लेकर पूर्व मंत्री अग्रवाल के साथ ही उनका पूरा स्टाफ हतप्रभ है, क्योंकि बृजमोहन अग्रवाल की टीम में इस तरह की यह पहली घटना है, जिसकी उम्मीद किसी ने भी नहीं की थी।
रायपुर। राजधानी रायपुर से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल की सुरक्षा में तैनात उनके पीएसओ ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। मिली जानकरी के मुताबिक सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई है। तैनात पीएसओ का नाम आरक्षक विशंभर राठौर बताया गया है। उसने अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली है। आरक्षक विशंभर राठौर ने खुदकुशी क्यों की है, फिलहाल इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। सर्विस रिवाल्वर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट को लेकर किसी तरह की बात सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस इस मामले की तहकीकात में जुट गई है। इस मामले में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से भी चर्चा नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि इस घटना को लेकर वे खुद भी बेहद हैरान हैं। पुलिस जाँच में जुट गयी है जिसके बाद ही वास्तविकता का पता चल पाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दिया है। इस घटना को लेकर पूर्व मंत्री अग्रवाल के साथ ही उनका पूरा स्टाफ हतप्रभ है, क्योंकि बृजमोहन अग्रवाल की टीम में इस तरह की यह पहली घटना है, जिसकी उम्मीद किसी ने भी नहीं की थी।
प्रतिनिधि कवियों की समीक्षा रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ - रीति से सात्पर्य काम्प-शास्त्र के विमित भर्गो, रस, ध्वनि, अहंकार, काम्प के गुस् दोप-आदि के विवेधन से होता है। हिन्दी साहित्य में सन् १६०० से लेकर सन् १८५० तक के समय में ऐसे ही रीसियद्ध और रीतियुक्त प्रन्थों की रचना हुई थी। इसी कारण उसे रीतिकाल कहा गया है 1 इन भायों में काम्प-सत्रण, रस मिकपण, माव-भेत्र, मायक-नायिका भवे, ध्वनि, अलंकार, पिंगल, काष्य के गुण-दोष आदि समस्त काम्यांगों की विशद चर्चा है । हिन्द ने अपने साहित्य-सुमन के लिए संस्कृत से जीवन तत्त्व प्राप्त किया है। हिन्दी की रीति-रचना के पीछे भी संस्कृत के रीति-साहित्य की प्रेरणा है। संस्कृत साहित्य में पहिसे रचमाएँ खिसी गई, इसके आधार पर कुछ य स्थिर किए गए और फिर उन अक्षयों को स्पष्ट एवं स्थापित करने के लिए सत्सम्ब म्बिस उत्तम, शुद्ध और ससूर्य पथ उदाहरणों के रूप में उपस्थित किए गए। सहयों की कसौटी पर जो रचमा खरी न उतरती थी, उसकी उपेक्षा कर दी जातो अघम अपी का काम्प कह कर उसकी निन्दा भी कर दी जाती थी। निर्धारित सड़कों के अनुसार शु उदाहरण हुने के लिए अन्य प्राचार्यो एवं कवियों द्वारा निर्मित पदों को निस्सकोच एव स्वतन्यता पूर्वक मदय कर लिया जाता था। इस प्रकार संस्कृत के रीति-साहित्य के अन्तर्गत कवि और आचार्य, दो पृपक व्यक्ति थे, उनकी दो भिन्न श्रखियाँ थीं । संस्कृत की रीति रचनायें पंडित वग के लिए जिसी जाती थीं और उनके अन्तर्गत तर्क सम्मत तमा शुद्धसम विवेचन प्रभीष्ट था। पथयाअभ्याय ।
प्रतिनिधि कवियों की समीक्षा रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ - रीति से सात्पर्य काम्प-शास्त्र के विमित भर्गो, रस, ध्वनि, अहंकार, काम्प के गुस् दोप-आदि के विवेधन से होता है। हिन्दी साहित्य में सन् एक हज़ार छः सौ से लेकर सन् एक हज़ार आठ सौ पचास तक के समय में ऐसे ही रीसियद्ध और रीतियुक्त प्रन्थों की रचना हुई थी। इसी कारण उसे रीतिकाल कहा गया है एक इन भायों में काम्प-सत्रण, रस मिकपण, माव-भेत्र, मायक-नायिका भवे, ध्वनि, अलंकार, पिंगल, काष्य के गुण-दोष आदि समस्त काम्यांगों की विशद चर्चा है । हिन्द ने अपने साहित्य-सुमन के लिए संस्कृत से जीवन तत्त्व प्राप्त किया है। हिन्दी की रीति-रचना के पीछे भी संस्कृत के रीति-साहित्य की प्रेरणा है। संस्कृत साहित्य में पहिसे रचमाएँ खिसी गई, इसके आधार पर कुछ य स्थिर किए गए और फिर उन अक्षयों को स्पष्ट एवं स्थापित करने के लिए सत्सम्ब म्बिस उत्तम, शुद्ध और ससूर्य पथ उदाहरणों के रूप में उपस्थित किए गए। सहयों की कसौटी पर जो रचमा खरी न उतरती थी, उसकी उपेक्षा कर दी जातो अघम अपी का काम्प कह कर उसकी निन्दा भी कर दी जाती थी। निर्धारित सड़कों के अनुसार शु उदाहरण हुने के लिए अन्य प्राचार्यो एवं कवियों द्वारा निर्मित पदों को निस्सकोच एव स्वतन्यता पूर्वक मदय कर लिया जाता था। इस प्रकार संस्कृत के रीति-साहित्य के अन्तर्गत कवि और आचार्य, दो पृपक व्यक्ति थे, उनकी दो भिन्न श्रखियाँ थीं । संस्कृत की रीति रचनायें पंडित वग के लिए जिसी जाती थीं और उनके अन्तर्गत तर्क सम्मत तमा शुद्धसम विवेचन प्रभीष्ट था। पथयाअभ्याय ।
सीसवाली 14 नवम्बर । सीसवाली 108 में सोमवार को एक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया । 108 के जिला कॉडिनेटेर आकाश गुप्ता ने बताया कि दोपहर बाद 108 पर कॉल आया की प्रताप चौक बस स्टेंड निवासी प्रसूता विद्या पत्नी धनराज राठौर के प्रसव पीड़ा हो रही है । जिस पर कम्पाउंडर भारत जांगिड़ व् पॉयलट संजय कुमार फौजदार तुरंत प्रसूता को लेने गए, और जब प्रसूता लेकर आ रहे थे तो रास्ते में तेज दर्द होने पर ही 108 एम्बुलेंस में ही प्रसव कराया गया । उन्होंने बताया कि प्रसूता ने बालक को जन्म दिया । जच्चा व् बच्चा दोनों स्वस्थ है । चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ जय किशन मीणा ने बताया कि 108 एम्बुलेंस का स्टाफ हमेशा तैयार रहता है । और उन्होंने अपनी सूझ बूझ से प्रसव कराया है ।
सीसवाली चौदह नवम्बर । सीसवाली एक सौ आठ में सोमवार को एक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया । एक सौ आठ के जिला कॉडिनेटेर आकाश गुप्ता ने बताया कि दोपहर बाद एक सौ आठ पर कॉल आया की प्रताप चौक बस स्टेंड निवासी प्रसूता विद्या पत्नी धनराज राठौर के प्रसव पीड़ा हो रही है । जिस पर कम्पाउंडर भारत जांगिड़ व् पॉयलट संजय कुमार फौजदार तुरंत प्रसूता को लेने गए, और जब प्रसूता लेकर आ रहे थे तो रास्ते में तेज दर्द होने पर ही एक सौ आठ एम्बुलेंस में ही प्रसव कराया गया । उन्होंने बताया कि प्रसूता ने बालक को जन्म दिया । जच्चा व् बच्चा दोनों स्वस्थ है । चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ जय किशन मीणा ने बताया कि एक सौ आठ एम्बुलेंस का स्टाफ हमेशा तैयार रहता है । और उन्होंने अपनी सूझ बूझ से प्रसव कराया है ।
चंडीगढ़। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जन्म दिवस पर भेंट किए गए फूलों के गुलदस्तों का सार्थक उपयोग करते हुए उनकी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। विज ने यह निर्णय लेते हुए गुलदस्तों को कंपोस्ट खाद बनाने के लिए एसडी कॉलेज, अंबाला छावनी में भिजवा दिया। विज का बुधवार को 70वां जन्मदिन अंबाला में उत्सव की तरह मनाया गया था। इस दौरान प्रशंसकों द्वारा फूलों के गुलदस्ते भेंट किए गए जो काफी संख्या में एकत्रित हो गए थे। इसलिए इनसे तैयार कंपोस्ट अर्थात जैविक खाद पेड-पौधों के लिए तैयार की जाएगी। गृहमंत्री विज को विभिन्न मंत्रियों, विधायकों, सेलेब्रिटी, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं समेत विभिन्न लोगों ने जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी थी। इस दौरान बाजारों, मंदिरों और अन्य स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया।
चंडीगढ़। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जन्म दिवस पर भेंट किए गए फूलों के गुलदस्तों का सार्थक उपयोग करते हुए उनकी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। विज ने यह निर्णय लेते हुए गुलदस्तों को कंपोस्ट खाद बनाने के लिए एसडी कॉलेज, अंबाला छावनी में भिजवा दिया। विज का बुधवार को सत्तरवां जन्मदिन अंबाला में उत्सव की तरह मनाया गया था। इस दौरान प्रशंसकों द्वारा फूलों के गुलदस्ते भेंट किए गए जो काफी संख्या में एकत्रित हो गए थे। इसलिए इनसे तैयार कंपोस्ट अर्थात जैविक खाद पेड-पौधों के लिए तैयार की जाएगी। गृहमंत्री विज को विभिन्न मंत्रियों, विधायकों, सेलेब्रिटी, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं समेत विभिन्न लोगों ने जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी थी। इस दौरान बाजारों, मंदिरों और अन्य स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया।
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में सोमवार को सड़क किनारे हुए एक भीषण बम विस्फोट में कम से कम 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए. हरनाई जिले के खोस्त इलाके में हुए इस विस्फोट की चपेट में फ्रंटियर कोर का एक वाहन आ गया जो गश्त पर निकला था. सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बम सड़क किनारे लगाया गया था. विस्फोट में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने कहा, 6 सैनिक मारे गए तथा 3 अन्य घायल हो गए. गौरतलब है कि शनिवार को पाकिस्तान के क्वेटा में सुरक्षाबलों के एक वाहन को निशाना बनाया गया था. इसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक घायल हो गए. यह विस्फोट पिशिन बस स्टॉप के पास हुआ जो कि उच्च सुरक्षा वाला इलाका है.
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में सोमवार को सड़क किनारे हुए एक भीषण बम विस्फोट में कम से कम छः सुरक्षाकर्मी मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए. हरनाई जिले के खोस्त इलाके में हुए इस विस्फोट की चपेट में फ्रंटियर कोर का एक वाहन आ गया जो गश्त पर निकला था. सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बम सड़क किनारे लगाया गया था. विस्फोट में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने कहा, छः सैनिक मारे गए तथा तीन अन्य घायल हो गए. गौरतलब है कि शनिवार को पाकिस्तान के क्वेटा में सुरक्षाबलों के एक वाहन को निशाना बनाया गया था. इसमें सत्रह लोगों की मौत हो गई थी और तीस से अधिक घायल हो गए. यह विस्फोट पिशिन बस स्टॉप के पास हुआ जो कि उच्च सुरक्षा वाला इलाका है.
वाराणसी। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन पर पार्टी स्तब्ध है। शनिवार अपराह्न चुनार से शहर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए आई कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने शीला दीक्षित को नमन कर उन्हें याद किया। प्रियंका ने कहा कि शीला जी मुझे बहुत प्यार करती थीं। उनसे जब मैं मिलती थी तो हमेशा गले लगा लेती थीं। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद ज्ञानवापी क्रासिंग पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश खासकर दिल्ली के विकास के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनका निधन कांग्रेस पार्टी के लिए भी राजनीतिक रूप से बड़ी क्षति है। गौरतलब है कि घोरावल जमीनी संघर्ष में हुई मृतकों के परिजनों से संवेदना जताने के लिए उम्भा गांव जाने की जिद्द पर प्रियंका वाड्रा को जिला प्रशासन ने मीरजापुर चुनाव में रोक लिया था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लगभग 26 घंटे धरने पर रहने के बाद पीड़ित परिवारोंं से मुलाकात के बाद वाराणसी पहुंची थीं।
वाराणसी। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन पर पार्टी स्तब्ध है। शनिवार अपराह्न चुनार से शहर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए आई कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने शीला दीक्षित को नमन कर उन्हें याद किया। प्रियंका ने कहा कि शीला जी मुझे बहुत प्यार करती थीं। उनसे जब मैं मिलती थी तो हमेशा गले लगा लेती थीं। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद ज्ञानवापी क्रासिंग पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश खासकर दिल्ली के विकास के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनका निधन कांग्रेस पार्टी के लिए भी राजनीतिक रूप से बड़ी क्षति है। गौरतलब है कि घोरावल जमीनी संघर्ष में हुई मृतकों के परिजनों से संवेदना जताने के लिए उम्भा गांव जाने की जिद्द पर प्रियंका वाड्रा को जिला प्रशासन ने मीरजापुर चुनाव में रोक लिया था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लगभग छब्बीस घंटाटे धरने पर रहने के बाद पीड़ित परिवारोंं से मुलाकात के बाद वाराणसी पहुंची थीं।
एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले वर्ष पैसेंजर द्वारा किए गए गलत व्यवहार के करीब 5500 से अधिक मामले दर्ज किए थे। इनमें से कई यात्रियों पर एयरलाइंस द्वारा प्रतिबंध भी लगाया गया है। दुनिया में किस्म किस्म के लोग हैं। कुछ ऐसे हैं जो कभी भी कुछ अलग करने से नहीं चूकते भले ही इससे किसी को नुकसान ही क्यों न हो जाए। ऐसा ही कुछ अमेरिका के शिकागो में उस वक्त देखने को मिला जब एक पैसेंजर अचानक विमान का इमरजेंसी गेट खोलकर प्लेन के विग्स पर चलने लगा। हालांकि जिस वक्त की ये घटना है उस वक्त न तो विमान रनवे पर था और न ही मूव हो रहा था। उस वक्त विमान शिकागो ओ हारे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टैक्सी एरिया में खड़ा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पैसेंजर को बाद में पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया। बताया जाता है कि ये पैसेंजर केलीफार्निया का था। शिकागो पुलिस डिपार्टमेंट की तरफ से बताया गया है कि ये पुरुष यात्री विमान में बैठने के कुछ देर बाद ही इमरजेंसी गेट की तरफ चला या और गेट खोल दिया। उसको विमान के विंग्स पर चलता देख कुछ देर के लिए विमान में बैठे दूसरे पैसेंजर भी घबरा गए। पुलिस का कहना है कि ये पैसेंजर विमान के विंग्स पर धीरे-धीरे एयरफील्ड पर नीचे उतरने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक इस पैसेंजर का नाम रेंडी फ्रैंक डेविला बताया गया है। इस पैसेंजर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। शिकागो पुलिस ने बताया है कि ये पैसेंजर यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 2478 पर सवार था और सेनडियागो से आ रहा था। यूनाइटेड एयरलाइंस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इस पैसेंजर को ग्राउंड क्रू ने बाहर जाने से रोकने की कोशिश भी की थी। जब विमान गेट पर पहुंचा तो अन्य यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। पुलिस का कहना है कि ये पैसेंजर कोर्ट के समक्ष 27 जून को पेश होगा। बता दें कि जो आरोप इस पैसेंजर पर लगा है उसके तहत विमान की सेवा को बाधित करना शामिल है। इसी वर्ष फरवरी में ही अमेरिकन एयरलाइंस के एक पैसेंजर ने विमान के हवा में रहते हुए विमान का इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश की थी। इसके बाद वहां पर मौजूद अटेंडेंट ने उस पैसेंजर को काफी मग से मारा था। बाद में कोर्ट ने इस पैसेंटर पर 81950 डालर का फाइन लगाया था। इसके अलावा एक महिला पैसेंजर पर करीब 77272 डालर का फाइन लगाया गया था। ये महिला भी विमान के हवा में रहते हुए गेट खोलने का प्रयास कर रही थी। गौरतलब है कि अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले वर्ष पैसेंजर द्वारा किए गए गलत व्यवहार के करीब 5500 से अधिक मामले दर्ज किए थे। इनमें से कई यात्रियों पर एयरलाइंस द्वारा प्रतिबंध भी लगाया गया है।
एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले वर्ष पैसेंजर द्वारा किए गए गलत व्यवहार के करीब पाँच हज़ार पाँच सौ से अधिक मामले दर्ज किए थे। इनमें से कई यात्रियों पर एयरलाइंस द्वारा प्रतिबंध भी लगाया गया है। दुनिया में किस्म किस्म के लोग हैं। कुछ ऐसे हैं जो कभी भी कुछ अलग करने से नहीं चूकते भले ही इससे किसी को नुकसान ही क्यों न हो जाए। ऐसा ही कुछ अमेरिका के शिकागो में उस वक्त देखने को मिला जब एक पैसेंजर अचानक विमान का इमरजेंसी गेट खोलकर प्लेन के विग्स पर चलने लगा। हालांकि जिस वक्त की ये घटना है उस वक्त न तो विमान रनवे पर था और न ही मूव हो रहा था। उस वक्त विमान शिकागो ओ हारे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टैक्सी एरिया में खड़ा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पैसेंजर को बाद में पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया। बताया जाता है कि ये पैसेंजर केलीफार्निया का था। शिकागो पुलिस डिपार्टमेंट की तरफ से बताया गया है कि ये पुरुष यात्री विमान में बैठने के कुछ देर बाद ही इमरजेंसी गेट की तरफ चला या और गेट खोल दिया। उसको विमान के विंग्स पर चलता देख कुछ देर के लिए विमान में बैठे दूसरे पैसेंजर भी घबरा गए। पुलिस का कहना है कि ये पैसेंजर विमान के विंग्स पर धीरे-धीरे एयरफील्ड पर नीचे उतरने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक इस पैसेंजर का नाम रेंडी फ्रैंक डेविला बताया गया है। इस पैसेंजर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। शिकागो पुलिस ने बताया है कि ये पैसेंजर यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या दो हज़ार चार सौ अठहत्तर पर सवार था और सेनडियागो से आ रहा था। यूनाइटेड एयरलाइंस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इस पैसेंजर को ग्राउंड क्रू ने बाहर जाने से रोकने की कोशिश भी की थी। जब विमान गेट पर पहुंचा तो अन्य यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। पुलिस का कहना है कि ये पैसेंजर कोर्ट के समक्ष सत्ताईस जून को पेश होगा। बता दें कि जो आरोप इस पैसेंजर पर लगा है उसके तहत विमान की सेवा को बाधित करना शामिल है। इसी वर्ष फरवरी में ही अमेरिकन एयरलाइंस के एक पैसेंजर ने विमान के हवा में रहते हुए विमान का इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश की थी। इसके बाद वहां पर मौजूद अटेंडेंट ने उस पैसेंजर को काफी मग से मारा था। बाद में कोर्ट ने इस पैसेंटर पर इक्यासी हज़ार नौ सौ पचास डालर का फाइन लगाया था। इसके अलावा एक महिला पैसेंजर पर करीब सतहत्तर हज़ार दो सौ बहत्तर डालर का फाइन लगाया गया था। ये महिला भी विमान के हवा में रहते हुए गेट खोलने का प्रयास कर रही थी। गौरतलब है कि अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले वर्ष पैसेंजर द्वारा किए गए गलत व्यवहार के करीब पाँच हज़ार पाँच सौ से अधिक मामले दर्ज किए थे। इनमें से कई यात्रियों पर एयरलाइंस द्वारा प्रतिबंध भी लगाया गया है।
ताकि वे सभी जो हमें रणनीतिक हार के बारे में सोच रहे हैं, वे इस परिस्थिति से बेखबर नहीं हैं। " दशकों तक विश्व पटल पर कम रहे। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियारों की उनकी तैनाती, जिसकी उन्होंने पहली बार पुष्टि की थी, पश्चिम के लिए एक अनुस्मारक था कि यह रूस को रणनीतिक हार नहीं दे सकता था। सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के प्रमुख आर्थिक मंच में बोलते हुए, पुतिन ने कहा कि रूसी सामरिक परमाणु हथियार पहले से ही करीबी सहयोगी बेलारूस को वितरित किए गए थे, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस को अब परमाणु हथियारों का सहारा लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। "जैसा कि आप जानते हैं कि हम अपने सहयोगी (बेलारूसी राष्ट्रपति (अलेक्जेंडर) लुकाशेंको के साथ बातचीत कर रहे थे, कि हम इन सामरिक परमाणु हथियारों के एक हिस्से को बेलारूस के क्षेत्र में स्थानांतरित करेंगे - यह हो गया है," पुतिन ने कहा। "पहले परमाणु हथियार बेलारूस के क्षेत्र में वितरित किए गए थे। लेकिन केवल पहले वाले, पहला भाग। लेकिन हम यह काम पूरी तरह से गर्मियों के अंत तक या साल के अंत तक करेंगे। " सोवियत संघ के पतन के बाद से रूस के बाहर युद्ध के मैदान में संभावित रूप से युद्ध के मैदान में इस्तेमाल किए जा सकने वाले कम दूरी के परमाणु हथियारों की मास्को की पहली तैनाती, इस कदम का उद्देश्य पश्चिम को चेतावनी देना और यूक्रेन, रूसी नेता का समर्थन करना था। कहा। पुतिन ने कहा, ". . . यह निश्चित रूप से प्रतिरोध के एक तत्व के रूप में है ताकि वे सभी जो हमें रणनीतिक हार के बारे में सोच रहे हैं, वे इस परिस्थिति से बेखबर नहीं हैं। " दशकों तक विश्व पटल पर कम रहे।
ताकि वे सभी जो हमें रणनीतिक हार के बारे में सोच रहे हैं, वे इस परिस्थिति से बेखबर नहीं हैं। " दशकों तक विश्व पटल पर कम रहे। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियारों की उनकी तैनाती, जिसकी उन्होंने पहली बार पुष्टि की थी, पश्चिम के लिए एक अनुस्मारक था कि यह रूस को रणनीतिक हार नहीं दे सकता था। सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के प्रमुख आर्थिक मंच में बोलते हुए, पुतिन ने कहा कि रूसी सामरिक परमाणु हथियार पहले से ही करीबी सहयोगी बेलारूस को वितरित किए गए थे, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस को अब परमाणु हथियारों का सहारा लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। "जैसा कि आप जानते हैं कि हम अपने सहयोगी लुकाशेंको के साथ बातचीत कर रहे थे, कि हम इन सामरिक परमाणु हथियारों के एक हिस्से को बेलारूस के क्षेत्र में स्थानांतरित करेंगे - यह हो गया है," पुतिन ने कहा। "पहले परमाणु हथियार बेलारूस के क्षेत्र में वितरित किए गए थे। लेकिन केवल पहले वाले, पहला भाग। लेकिन हम यह काम पूरी तरह से गर्मियों के अंत तक या साल के अंत तक करेंगे। " सोवियत संघ के पतन के बाद से रूस के बाहर युद्ध के मैदान में संभावित रूप से युद्ध के मैदान में इस्तेमाल किए जा सकने वाले कम दूरी के परमाणु हथियारों की मास्को की पहली तैनाती, इस कदम का उद्देश्य पश्चिम को चेतावनी देना और यूक्रेन, रूसी नेता का समर्थन करना था। कहा। पुतिन ने कहा, ". . . यह निश्चित रूप से प्रतिरोध के एक तत्व के रूप में है ताकि वे सभी जो हमें रणनीतिक हार के बारे में सोच रहे हैं, वे इस परिस्थिति से बेखबर नहीं हैं। " दशकों तक विश्व पटल पर कम रहे।
बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने ट्विटर पर वापसी करने के बाद करण जौहर के बयान पर उनकी जमकर क्लास लगा दी है। इतना ही नहीं बॉलीवुड की पंगा गर्ल ने पठान की सफलता के पीछे का कारण भी बता डाला है। Kangana Ranaut Reation on Pathaan: बॉलीवुड की पंगा गर्ल कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लंबे समय बाद वापसी हुई हैं। इन दिनों 'पठान' (Pathaan) का क्रेज लोगों के बीच खूब देखने को मिल रहा है। हाल ही में कंगना ने भी शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की पठान फिल्म की तारीफ की थी। इस बीच करण जौहर (Karan Johar) के एक बयान पर कंगना ने अपने पुराने मिजाज में रिएक्ट किया है। खास बात है कि कंगना ने ट्वीट कर फिल्ममेकर करण के पठान की सफलता पर दिए 'प्यार से नफरत हारी' वाले बयान पर बदले तेवर में रिएक्ट किया है। बेबाक ढंग से अपनी बात रखने वाली कंगना रनौत ने 'पठान फिल्म' (Pathaan Movie) को लेकर एक ट्वीट लिखा है। इसमें उन्होंने करण जौहर के बयान का जिक्र करते हुए कहा, 'जो लोग दावा कर रहे हैं कि पठान नफरत पर प्यार की जीत है। मैं उनकी बात से सहमत हूं। ' लेकिन कंगना ने सवाल खड़ा किया कि किसका प्यार और किसकी नफरत? 'भारत में 80 प्रतिशत हिंदू धर्म के लोग रहते हैं। बावजूद इसके शाहरुख खान की पठान फिल्म में हमारे दुश्मन देश पाकिस्तान और आईएसआईएस को अच्छी रोशनी में दिखाया गया है। फिर भी फिल्म सफलतापूर्वक चल रही है। पठान का चलना नफरत से परे भारत के महान होने की भावना को दिखाता है। ' पठान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कुल तीन ट्वीट शेयर किए हैं। अपनी बात को पूरा करते हुए कंगना ने आगे लिखा- 'ये भारत देश का ही प्यार है, जिसने नफरत और दुश्मनों की निचले स्तर की राजनीति पर जीत हासिल की है। लेकिन, जो लोग फिल्म की सफलता से काफी ज्यादा उम्मीदें लगा रहे हैं। वह इस बात का ध्यान भी कृप्या रखें कि पठान केवल एक फिल्म हो सकती है, देश में गूंजेगा तो सिर्फ 'जय श्री राम' ही। ' आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्विटर पर कंगना रनौत ने साल 2020 में लगे प्रतिबंध के बाद वापसी की है। ट्विटर पर वापसी करते ही कंगना ने अपने पुराने अंदाज को फिर से बयां कर दिया है। लेटेस्ट ट्वीट में कंगना ने नाम लिए बगैर करण जौहर के प्यार से नफर को हराने वाले बयान पर उनकी खूब आलोचना की है। साथ ही 'पठान' की सफलता का भारत के प्यार और समावेश को बताया है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने ट्विटर पर वापसी करने के बाद करण जौहर के बयान पर उनकी जमकर क्लास लगा दी है। इतना ही नहीं बॉलीवुड की पंगा गर्ल ने पठान की सफलता के पीछे का कारण भी बता डाला है। Kangana Ranaut Reation on Pathaan: बॉलीवुड की पंगा गर्ल कंगना रनौत की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लंबे समय बाद वापसी हुई हैं। इन दिनों 'पठान' का क्रेज लोगों के बीच खूब देखने को मिल रहा है। हाल ही में कंगना ने भी शाहरुख खान की पठान फिल्म की तारीफ की थी। इस बीच करण जौहर के एक बयान पर कंगना ने अपने पुराने मिजाज में रिएक्ट किया है। खास बात है कि कंगना ने ट्वीट कर फिल्ममेकर करण के पठान की सफलता पर दिए 'प्यार से नफरत हारी' वाले बयान पर बदले तेवर में रिएक्ट किया है। बेबाक ढंग से अपनी बात रखने वाली कंगना रनौत ने 'पठान फिल्म' को लेकर एक ट्वीट लिखा है। इसमें उन्होंने करण जौहर के बयान का जिक्र करते हुए कहा, 'जो लोग दावा कर रहे हैं कि पठान नफरत पर प्यार की जीत है। मैं उनकी बात से सहमत हूं। ' लेकिन कंगना ने सवाल खड़ा किया कि किसका प्यार और किसकी नफरत? 'भारत में अस्सी प्रतिशत हिंदू धर्म के लोग रहते हैं। बावजूद इसके शाहरुख खान की पठान फिल्म में हमारे दुश्मन देश पाकिस्तान और आईएसआईएस को अच्छी रोशनी में दिखाया गया है। फिर भी फिल्म सफलतापूर्वक चल रही है। पठान का चलना नफरत से परे भारत के महान होने की भावना को दिखाता है। ' पठान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कुल तीन ट्वीट शेयर किए हैं। अपनी बात को पूरा करते हुए कंगना ने आगे लिखा- 'ये भारत देश का ही प्यार है, जिसने नफरत और दुश्मनों की निचले स्तर की राजनीति पर जीत हासिल की है। लेकिन, जो लोग फिल्म की सफलता से काफी ज्यादा उम्मीदें लगा रहे हैं। वह इस बात का ध्यान भी कृप्या रखें कि पठान केवल एक फिल्म हो सकती है, देश में गूंजेगा तो सिर्फ 'जय श्री राम' ही। ' आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्विटर पर कंगना रनौत ने साल दो हज़ार बीस में लगे प्रतिबंध के बाद वापसी की है। ट्विटर पर वापसी करते ही कंगना ने अपने पुराने अंदाज को फिर से बयां कर दिया है। लेटेस्ट ट्वीट में कंगना ने नाम लिए बगैर करण जौहर के प्यार से नफर को हराने वाले बयान पर उनकी खूब आलोचना की है। साथ ही 'पठान' की सफलता का भारत के प्यार और समावेश को बताया है।
नई दिल्ली (एजेंसी). रिटायर्ड बास्केटबॉल स्टार कोबी ब्रायंट की रविवार को हेलिकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। हादसे में कोबी की बेटी गियाना मारिया (13) समेत कुल नौ लोगों की मौत हो गई। कोबी अपने निजी हेलिकॉप्टर में थे। अमेरिका के कैलिफोर्निया के कैलाबैसस में हुए इस हादसे की खबर सामने आने के बाद कोबी के फैन्स और खेल जगत में गम का माहौल है। जानकारी के मुताबिक हेलिकॉप्टर में उनके साथ कम से कम आठ लोग और थे। घटना लॉस एंजिलिस से करीब 65 किमी दूर की है जहां हवा में हेलिकॉप्टर में आग लग गई और इसके बाद यह संतुलन खोते हुए झाड़ियों में आ गिरा। कोबी प्रतिष्ठित नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) में 20 साल रहे और इस दौरान पांच बार चैंपियनशिप अपने नाम की। अपने 20 साल के करियर में ब्रायंट ने कई रिकॉर्ड बनाए। उन्हें 18 बार ऑल स्टार के लिए नामित किया गया। 2016 में ब्रायंट ने एनबीए के तीसरे सबसे बड़े ऑल टाइम स्कोरर रहते हुए संन्यास ले लिया था। कोबी ने साल 2008 और 2012 ओलंपिक में अमेरिकी टीम के लिए दो स्वर्ण पदक भी जीते थे।
नई दिल्ली . रिटायर्ड बास्केटबॉल स्टार कोबी ब्रायंट की रविवार को हेलिकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। हादसे में कोबी की बेटी गियाना मारिया समेत कुल नौ लोगों की मौत हो गई। कोबी अपने निजी हेलिकॉप्टर में थे। अमेरिका के कैलिफोर्निया के कैलाबैसस में हुए इस हादसे की खबर सामने आने के बाद कोबी के फैन्स और खेल जगत में गम का माहौल है। जानकारी के मुताबिक हेलिकॉप्टर में उनके साथ कम से कम आठ लोग और थे। घटना लॉस एंजिलिस से करीब पैंसठ किमी दूर की है जहां हवा में हेलिकॉप्टर में आग लग गई और इसके बाद यह संतुलन खोते हुए झाड़ियों में आ गिरा। कोबी प्रतिष्ठित नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन में बीस साल रहे और इस दौरान पांच बार चैंपियनशिप अपने नाम की। अपने बीस साल के करियर में ब्रायंट ने कई रिकॉर्ड बनाए। उन्हें अट्ठारह बार ऑल स्टार के लिए नामित किया गया। दो हज़ार सोलह में ब्रायंट ने एनबीए के तीसरे सबसे बड़े ऑल टाइम स्कोरर रहते हुए संन्यास ले लिया था। कोबी ने साल दो हज़ार आठ और दो हज़ार बारह ओलंपिक में अमेरिकी टीम के लिए दो स्वर्ण पदक भी जीते थे।
ग्राम तरौद भाठापारा में महिला के घर घुसने पर नेमीचंद के खिलाफ बालोद थाने में धारा 456 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। 30 वर्षीय महिला ने बताया कि बुधवार रात 8. 30 बजे घर में खाना खा रही थी। इसी दौरान नेमीचंद दरवाजा खोलने के लिए कहा। जब दरवाजा नहीं खोला तो घर के बाहर के सांकल को लगा दिया। जिसके बाद आवाज देने पर पड़ोसी संतू विश्वकर्मा, रूपराम साहू पहुंचे। इस दौरान नेमीचंद भाग गया। जिसके बाद गांव वाले अपने घर में चले गए तब दोबारा घर के अंदर नेमीचंद घुस गया। जिसे गांव वालों ने पकड़कर बाहर निकाला। This website follows the DNPA Code of Ethics.
ग्राम तरौद भाठापारा में महिला के घर घुसने पर नेमीचंद के खिलाफ बालोद थाने में धारा चार सौ छप्पन के तहत अपराध दर्ज किया गया है। तीस वर्षीय महिला ने बताया कि बुधवार रात आठ. तीस बजे घर में खाना खा रही थी। इसी दौरान नेमीचंद दरवाजा खोलने के लिए कहा। जब दरवाजा नहीं खोला तो घर के बाहर के सांकल को लगा दिया। जिसके बाद आवाज देने पर पड़ोसी संतू विश्वकर्मा, रूपराम साहू पहुंचे। इस दौरान नेमीचंद भाग गया। जिसके बाद गांव वाले अपने घर में चले गए तब दोबारा घर के अंदर नेमीचंद घुस गया। जिसे गांव वालों ने पकड़कर बाहर निकाला। This website follows the DNPA Code of Ethics.
Prostado D डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली दवा है, जो टैबलेट के रूप में उपलब्ध है। मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी के आधार पर ही Prostado D की खुराक निर्धारित की जाती है। इसकी खुराक मरीज की समस्या और दवा देने के तरीके पर भी आधारित की जाती है। नीचे दिए गए खुराक के खंड में इस बारे में पूरी जानकारी के साथ बताया गया है। Prostado D के इस तरह के साइड इफेक्ट सामान्यतः लंबे समय तक नहीं रहते और एक बार इलाज पूरा होने जाने के बाद अपने आप खत्म हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और ज्यादा बिगड़ जाते हैं या ठीक नहीं होते तो अपने डॉक्टर से तुरंत बात करें। इसके अतिरिक्त Prostado D का लिवर, हृदय और किडनी पर क्या असर होता है इस बारे में नीचे Prostado D से जुड़ी चेतावनी के सेक्शन में चर्चा की गई है। इन उपरोक्त परिस्थितियों के अलावा Prostado D कुछ अन्य दवाओं के साथ लिए जाने पर गंभीर प्रतिक्रिया कर सकती है। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी देखें। Tamsulosin बढ़े हुए प्रोस्टेट (सौम्य प्रोस्टॅटिक हाइपरप्लेशिया) के साथ पुरुषों में मूत्र त्याग करने में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता है। Dutasteride का उपयोग पुरस्थ ग्रंथि में अतिवृद्धि (benign prostatic hyperplasia) के उपचार में किया जाता है। चिकित्सा साहित्य में Prostado D के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Prostado D का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।
Prostado D डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली दवा है, जो टैबलेट के रूप में उपलब्ध है। मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी के आधार पर ही Prostado D की खुराक निर्धारित की जाती है। इसकी खुराक मरीज की समस्या और दवा देने के तरीके पर भी आधारित की जाती है। नीचे दिए गए खुराक के खंड में इस बारे में पूरी जानकारी के साथ बताया गया है। Prostado D के इस तरह के साइड इफेक्ट सामान्यतः लंबे समय तक नहीं रहते और एक बार इलाज पूरा होने जाने के बाद अपने आप खत्म हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और ज्यादा बिगड़ जाते हैं या ठीक नहीं होते तो अपने डॉक्टर से तुरंत बात करें। इसके अतिरिक्त Prostado D का लिवर, हृदय और किडनी पर क्या असर होता है इस बारे में नीचे Prostado D से जुड़ी चेतावनी के सेक्शन में चर्चा की गई है। इन उपरोक्त परिस्थितियों के अलावा Prostado D कुछ अन्य दवाओं के साथ लिए जाने पर गंभीर प्रतिक्रिया कर सकती है। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी देखें। Tamsulosin बढ़े हुए प्रोस्टेट के साथ पुरुषों में मूत्र त्याग करने में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता है। Dutasteride का उपयोग पुरस्थ ग्रंथि में अतिवृद्धि के उपचार में किया जाता है। चिकित्सा साहित्य में Prostado D के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Prostado D का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए राज्य में लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने बताया कि राज्य में लॉकडाउन को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक लॉकडाउन में छूट दी जाएगी। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए राज्य में लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने बताया कि राज्य में लॉकडाउन को इकतीस जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक लॉकडाउन में छूट दी जाएगी। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) ने घोषणा की है कि वह तेलंगाना राज्य में 20,761 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ कई डेटा केंद्र स्थापित कर रही है। ट्विटर पर खबर की घोषणा करते हुए, तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग मंत्री - के टी रामाराव ने ट्वीट किया, "तेलंगाना के इतिहास में सबसे बड़े विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की घोषणा करने की शुभकामना! बैठकों की एक श्रृंखला के बाद, AWS ने 207. 61 अरब रुपये के निवेश को अंतिम रूप दिया है! तेलंगाना में कई डेटा सेंटर स्थापित करना है। मुख्यमंत्री - के चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामा राव की आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि AWS हैदराबाद में तीन उपलब्धता जोन (AZ) के साथ AWS क्षेत्र की स्थापना करेगा। इसने आगे कहा कि हैदराबाद में AWS एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 2022 के मध्य तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि "AWS जैसे डेटा केंद्रों की स्थापना से तेलंगाना की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र को बहुविध तरीके से समर्थन मिलने की उम्मीद है"। "AWS ने हैदराबाद को चुना है क्योंकि तेलंगाना सरकार द्वारा प्रदान किए गए समर्थन, मजबूत नीतिगत ढांचे, और क्योंकि यह AWS क्षेत्र के लिए सबसे अच्छी आवश्यकताओं को पूरा करता है," इस निवेश से मौजूदा रिश्ते को और मजबूत करने की उम्मीद है जो तेलंगाना अमेज़न पर है , जिसका हैदराबाद में सबसे बड़ा कार्यालय परिसर है।
अमेज़न वेब सर्विसेज ने घोषणा की है कि वह तेलंगाना राज्य में बीस,सात सौ इकसठ करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ कई डेटा केंद्र स्थापित कर रही है। ट्विटर पर खबर की घोषणा करते हुए, तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग मंत्री - के टी रामाराव ने ट्वीट किया, "तेलंगाना के इतिहास में सबसे बड़े विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की घोषणा करने की शुभकामना! बैठकों की एक श्रृंखला के बाद, AWS ने दो सौ सात. इकसठ अरब रुपये के निवेश को अंतिम रूप दिया है! तेलंगाना में कई डेटा सेंटर स्थापित करना है। मुख्यमंत्री - के चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामा राव की आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि AWS हैदराबाद में तीन उपलब्धता जोन के साथ AWS क्षेत्र की स्थापना करेगा। इसने आगे कहा कि हैदराबाद में AWS एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दो हज़ार बाईस के मध्य तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि "AWS जैसे डेटा केंद्रों की स्थापना से तेलंगाना की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बहुविध तरीके से समर्थन मिलने की उम्मीद है"। "AWS ने हैदराबाद को चुना है क्योंकि तेलंगाना सरकार द्वारा प्रदान किए गए समर्थन, मजबूत नीतिगत ढांचे, और क्योंकि यह AWS क्षेत्र के लिए सबसे अच्छी आवश्यकताओं को पूरा करता है," इस निवेश से मौजूदा रिश्ते को और मजबूत करने की उम्मीद है जो तेलंगाना अमेज़न पर है , जिसका हैदराबाद में सबसे बड़ा कार्यालय परिसर है।
इंग्लैंड रवाना होने से पहले कहा कि - "मुझे इंग्लैंड में बल्लेबाजी करना काफी पसंद है. लेकिन दुर्भाग्यवश वहां कोई दर्शक नहीं होगा जो मुझ पर अंडे फेंके और मुझे थोड़ा और प्रेरित करे." कोरोना काल में सिर्फ इंग्लैंड एक ऐसा 'वेन्यू' है जहां इंटरनेशनल क्रिकेट मैच हो रहे हैं. इंग्लेंड क्रिकेट बोर्ड कोरोनावायरस के संक्रमण से खिलाड़ियों को बचाने के लिए बायो सेक्योर जोन तैयार कर लगातार विदेशी टीम की मेजबानी कर रहा है. सबसे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड ने घर में टेस्ट सीरीज जीती. उसके बाद आयलैंड के खिलाफ मेजबान ने वनडे सीरीज में जीत हासिल की और अब पाकिस्तान भी टेस्ट और टी-20 सीरीज के लिए इंग्लैंड में है. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया भी इंग्लैंड में ही वनडे और टी-20 सीरीज के लिए रवाना हो चुकी है. बिना दर्शकों के खाली मैदान में क्रिकेट सीरीज खेली जा रही हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ मानते हैं कि उन्हें इंग्लैंड में इस बार जो दर्शक 'हूटिंग' करते थे उनकी कमी खलेगी. उन्होंने कहा कि उन पर अंडे फेंकने के लिए कोई दर्शक नहीं होगा. क्रिकेट के मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की दुश्मनी के चर्चे सदियों पुराने हैं. दोनों देशों के बीच खेली जाने वाली एशेज सीरीज में ये दुश्मनी साफ तौर पर देखी जाती है. सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि फैंस में भी एक अलग रोमांच होता है. अब कोरोना काल में भी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया मैदान पर उतरने की तैयारी कर चुके हैं. सितंबर में ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड में मेजबान के खिलाफ तीन मैच की वनडे और टी-20 सीरीज खेलेगी. लेकिन इस सीरीज में खिलाड़ियों का जोश बढ़ाने के लिए दर्शक नहीं होंगे. इसकी कमी विश्व में टेस्ट के नंबर एक बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को काफी खलेगी. उन्होंने इंग्लैंड रवाना होने से पहले कहा कि - 'मुझे इंग्लैंड में बल्लेबाजी करना काफी पसंद है. लेकिन दुर्भाग्यवश वहां कोई दर्शक नहीं होगा जो मुझ पर अंडे फेंके और मुझे थोड़ा और प्रेरित करे. लेकिन फिर भी टीवी पर काफी फैंस की निगाहें लगी होंगी और वहां खेल में वापसी करना शानदार होगा'. स्टीव स्मिथ इस वक्त विश्व के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज हैं. पिछले साल ही स्मिथ ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बॉल टेंपरिंग विवाद में फंसने के बाद एशेज सीरीज से अपना 12 महीने का बैन खत्म कर कमबैक किया था. स्मिथ ने एशेज में चार मैच में 110 की औसत से 774 रन बनाए थे. इसमें तीन शतक भी शामिल थे. इसके साथ ही स्टीव स्मिथ एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए थे. अब एक बार फिर स्मिथ इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे. लेकिन इस बार व्हाइट बॉल क्रिकेट में स्मिथ के सामने इंग्लैंड की चुनौती होगी.
इंग्लैंड रवाना होने से पहले कहा कि - "मुझे इंग्लैंड में बल्लेबाजी करना काफी पसंद है. लेकिन दुर्भाग्यवश वहां कोई दर्शक नहीं होगा जो मुझ पर अंडे फेंके और मुझे थोड़ा और प्रेरित करे." कोरोना काल में सिर्फ इंग्लैंड एक ऐसा 'वेन्यू' है जहां इंटरनेशनल क्रिकेट मैच हो रहे हैं. इंग्लेंड क्रिकेट बोर्ड कोरोनावायरस के संक्रमण से खिलाड़ियों को बचाने के लिए बायो सेक्योर जोन तैयार कर लगातार विदेशी टीम की मेजबानी कर रहा है. सबसे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड ने घर में टेस्ट सीरीज जीती. उसके बाद आयलैंड के खिलाफ मेजबान ने वनडे सीरीज में जीत हासिल की और अब पाकिस्तान भी टेस्ट और टी-बीस सीरीज के लिए इंग्लैंड में है. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया भी इंग्लैंड में ही वनडे और टी-बीस सीरीज के लिए रवाना हो चुकी है. बिना दर्शकों के खाली मैदान में क्रिकेट सीरीज खेली जा रही हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ मानते हैं कि उन्हें इंग्लैंड में इस बार जो दर्शक 'हूटिंग' करते थे उनकी कमी खलेगी. उन्होंने कहा कि उन पर अंडे फेंकने के लिए कोई दर्शक नहीं होगा. क्रिकेट के मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की दुश्मनी के चर्चे सदियों पुराने हैं. दोनों देशों के बीच खेली जाने वाली एशेज सीरीज में ये दुश्मनी साफ तौर पर देखी जाती है. सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि फैंस में भी एक अलग रोमांच होता है. अब कोरोना काल में भी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया मैदान पर उतरने की तैयारी कर चुके हैं. सितंबर में ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड में मेजबान के खिलाफ तीन मैच की वनडे और टी-बीस सीरीज खेलेगी. लेकिन इस सीरीज में खिलाड़ियों का जोश बढ़ाने के लिए दर्शक नहीं होंगे. इसकी कमी विश्व में टेस्ट के नंबर एक बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को काफी खलेगी. उन्होंने इंग्लैंड रवाना होने से पहले कहा कि - 'मुझे इंग्लैंड में बल्लेबाजी करना काफी पसंद है. लेकिन दुर्भाग्यवश वहां कोई दर्शक नहीं होगा जो मुझ पर अंडे फेंके और मुझे थोड़ा और प्रेरित करे. लेकिन फिर भी टीवी पर काफी फैंस की निगाहें लगी होंगी और वहां खेल में वापसी करना शानदार होगा'. स्टीव स्मिथ इस वक्त विश्व के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज हैं. पिछले साल ही स्मिथ ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बॉल टेंपरिंग विवाद में फंसने के बाद एशेज सीरीज से अपना बारह महीने का बैन खत्म कर कमबैक किया था. स्मिथ ने एशेज में चार मैच में एक सौ दस की औसत से सात सौ चौहत्तर रन बनाए थे. इसमें तीन शतक भी शामिल थे. इसके साथ ही स्टीव स्मिथ एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए थे. अब एक बार फिर स्मिथ इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे. लेकिन इस बार व्हाइट बॉल क्रिकेट में स्मिथ के सामने इंग्लैंड की चुनौती होगी.
सुरम्य कर्च के केंद्र में आपकी दृष्टि दिखाई देगीमिथ्रिडिट्स - एक पर्वत जो पुरातनता, मध्य युग और नई समय के युग के सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़ती है। यह वह है जो इस क्षेत्र के कॉलिंग कार्ड है। यहां जंगली प्रकृति के वनस्पति और परिदृश्य के तत्व पूरी तरह से संरक्षित हैं। माउंट मिथ्रिडाइड्स की ऊंचाई 92 मीटर ऊपर नहीं हैसमुद्र के स्तर, और यह शहर के किसी भी बिंदु से दिखाई देता है। क्षेत्र के सुंदर परिदृश्य और केर्च बे की नीलामी की प्रशंसा करने के लिए, आपको सीढ़ियों तक अवलोकन डेक तक चढ़ना होगा, जिसमें 436 कदम हैं। यह 1 9वीं शताब्दी में बनाया गया था। इतालवी वास्तुविद् अलेक्जेंडर डिगबी द्वारा क्लासिकवाद की शैली में नीचे से ऊपर तक के चरणों के विस्तार के साथ एक अनूठी डिजाइन तैयार किया गया था। सीढ़ियों के साथ स्तंभों पर मुखिया ग्रिफिन सिर और ईगल के पंख और शेर का शरीर के साथ हैं। पहाड़ के पैर में जॉन बैप्टिस्ट का चर्च स्थित था। इसके ढलानों पर माउंट मिथ्रिडाइड्स (फोटो, इस लेख में) दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक के इतिहास की छापों को संग्रहित करता है - पंतकपाया। लगभग 26 शताब्दियों पहले यह अपने शीर्ष और ढलान पर भव्य रूप से स्थित था। आजकल, कई युगों से बचने वाले अवशेष भ्रमण के लिए जगह बन गए हैं। इसका नाम महान के सम्मान में पर्वत को दिया गया थाबोस्पोरस के शासक - राजा मिथ्रिथेट्स छठे इप्पुलेटर पोंटियस, जिन्होंने इस पद को 120-63 ईसा पूर्व में आयोजित किया था। ऐसी महान स्थिति पर कब्जा कर लिया, उसने अपने महल को ऊपर बनाया, और पहाड़ की परिधि पर ग्रीक देवताओं के सम्मान में मंदिरों का निर्माण किया, महान लोगों के शानदार घर अपने शासनकाल के दौरान, राज्य धन और विलासिता में डूब गया था। सिकंदर महान के वंशज होने के नाते, राजापोंटस एक अद्वितीय व्यक्तित्व था और उसके चरित्र में दो विपरीत गुण हैंः कला, विज्ञान और शत्रुओं को विशेष क्रूरता का प्यार। उनके पास एक अच्छा शारीरिक आकार था जैसा कि किंवदंती कहते हैं, शासक बहुत समृद्ध था, लेकिन विश्वासघात और विश्वासघात से डरने के लिए, अपने सभी सोने और गहने को दो घोड़ों के सिर में पिघलाने का आदेश दिया गया, जिसे जमीन में दफन किया गया था। अब तक कोई भी ऐसे खजाने को खोजने में सक्षम नहीं है। अपने ठोस चरित्र के कारण, उन्होंने हिम्मत व्यक्त कीसंपन्न रोमन साम्राज्य को चुनौती देने के लिए युद्धों की इस श्रृंखला में तीन मुख्य अवस्थाएं थीं और 26 वर्षों तक चली गईं। दो बार मिथ्रेटेट्स VI एवलपेटर लड़ाई में विजेता बन गए, लेकिन आखिरी लड़ाई में उन्होंने जीत नहीं की। सेना को इकट्ठा करने और नए बलों के साथ आगे बढ़ने के लिए युद्ध के मैदान से घर वापस आना, वह अपने बेटे फारनक के विश्वासघाती साजिश के बारे में सीखता है। अपने आप को कैदी के तौर पर लेने की इजाज़त न करने और निराश होने के लिए, शासक अपनी ज़िन्दगी को जहर से पीने का फैसला करता है, लेकिन कई वर्षों तक धीरे-धीरे नशे की लत ने उन्हें मरने से रोका। और फिर वह अपने वफादार नौकर - अपने गार्ड के प्रमुख - अपने आप को वध करने का आदेश दिया इस तरह महान आदमी की कहानी समाप्त हो गई है, जिसका नाम सदियों से मिथ्रीडेट्स (पर्वत) द्वारा वहन किया जाएगा। अपने पिता की मृत्यु के बाद, उसकी जगह एक गद्दार पुत्र द्वारा ली गई थी,लेकिन फारन का शासन लंबे समय तक नहीं था - पांच साल बाद वह जेलियस सीज़र के साथ जिला शहर के तहत एक युद्ध में मृत्यु हो गई। उनकी सफलता की खबर सीज़र ने रोम के सीनेट में एक अभिव्यक्ति की सूचना दी जो हमारे समय में प्रासंगिक हैः "वह आया, देखा, जीता!" एंटीक के अलावा, मिथ्रिडेट्स (पर्वत) के लिए खुल जाएगापर्यटकों और पर्यटकों को और अधिक आधुनिक इतिहास यह कोई रहस्य नहीं है कि कर्च नायक शहर है। यह यहां था, ढलान के शीर्ष पर, जर्मन फासीवादी आक्रमणकारियों से शहर की मुक्ति के लिए भयंकर लड़ाई लड़े गई थी। स्मारक के आधार पर तीन तोपखाने के टुकड़े हैं। आस-पास, संगमरमर से बने सभी मृतों के नामों के साथ पुस्तक पृष्ठों के रूप में एक स्मारक पट्टिका है। चौदह साल बाद, विजय दिवस पर, स्वर्गीय ज्वाला का पवित्र प्रकाश स्थान ले लिया गया था, जो उस जगह में जलता था, जहां किंवदंतियों के अनुसार, राजा मिथ्रिडेट्स की कुर्सी थी। उन्होंने ए.डि. को स्मारक बनाया। Kiselev, और वह ट्रिनिटी कैथेड्रल के पत्थरों से बनाया। एक विशेष डिजाइन के लिए धन्यवाद, ओबिलिस्क ऑफ ग्लोरी 20 किमी तक की दूरी पर एक अनधिकृत आंख के साथ देखा जा सकता है। वह लेफ्टिनेंट-कर्नल एफआई किनेस्की द्वारा की गई नौवीं इंजन-इंजीनियरिंग बटालियन के मृत सैनिकों के सम्मान में उठाए गए थे। प्रशंसा करने के लिए कई महान लोग यहां आएशीर्ष से खुलने वाले परिदृश्य की सुंदरता इसलिए, 16 99 में, रूसी ज़ार पीटर I ने कदम उठाए, जो अपने जहाज पर काला सागर के विशाल "विशाल किले" नाम के साथ पहुंचे। सत्तारूढ़ वंश के अन्य ऐतिहासिक आंकड़े यहां आएः अलेक्जेंडर I, निकोलस आई। महान कवि एएस पुशकिन ने "वनगिन" लिखते समय अपनी प्रेरणा ली, पहाड़ की ढलानों के साथ चलना। यह ऐसा काम था जिसने Crimea की कविताओं की खोज की शुरुआत की थी।
सुरम्य कर्च के केंद्र में आपकी दृष्टि दिखाई देगीमिथ्रिडिट्स - एक पर्वत जो पुरातनता, मध्य युग और नई समय के युग के सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़ती है। यह वह है जो इस क्षेत्र के कॉलिंग कार्ड है। यहां जंगली प्रकृति के वनस्पति और परिदृश्य के तत्व पूरी तरह से संरक्षित हैं। माउंट मिथ्रिडाइड्स की ऊंचाई बानवे मीटर ऊपर नहीं हैसमुद्र के स्तर, और यह शहर के किसी भी बिंदु से दिखाई देता है। क्षेत्र के सुंदर परिदृश्य और केर्च बे की नीलामी की प्रशंसा करने के लिए, आपको सीढ़ियों तक अवलोकन डेक तक चढ़ना होगा, जिसमें चार सौ छत्तीस कदम हैं। यह एक नौवीं शताब्दी में बनाया गया था। इतालवी वास्तुविद् अलेक्जेंडर डिगबी द्वारा क्लासिकवाद की शैली में नीचे से ऊपर तक के चरणों के विस्तार के साथ एक अनूठी डिजाइन तैयार किया गया था। सीढ़ियों के साथ स्तंभों पर मुखिया ग्रिफिन सिर और ईगल के पंख और शेर का शरीर के साथ हैं। पहाड़ के पैर में जॉन बैप्टिस्ट का चर्च स्थित था। इसके ढलानों पर माउंट मिथ्रिडाइड्स दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक के इतिहास की छापों को संग्रहित करता है - पंतकपाया। लगभग छब्बीस शताब्दियों पहले यह अपने शीर्ष और ढलान पर भव्य रूप से स्थित था। आजकल, कई युगों से बचने वाले अवशेष भ्रमण के लिए जगह बन गए हैं। इसका नाम महान के सम्मान में पर्वत को दिया गया थाबोस्पोरस के शासक - राजा मिथ्रिथेट्स छठे इप्पुलेटर पोंटियस, जिन्होंने इस पद को एक सौ बीस-तिरेसठ ईसा पूर्व में आयोजित किया था। ऐसी महान स्थिति पर कब्जा कर लिया, उसने अपने महल को ऊपर बनाया, और पहाड़ की परिधि पर ग्रीक देवताओं के सम्मान में मंदिरों का निर्माण किया, महान लोगों के शानदार घर अपने शासनकाल के दौरान, राज्य धन और विलासिता में डूब गया था। सिकंदर महान के वंशज होने के नाते, राजापोंटस एक अद्वितीय व्यक्तित्व था और उसके चरित्र में दो विपरीत गुण हैंः कला, विज्ञान और शत्रुओं को विशेष क्रूरता का प्यार। उनके पास एक अच्छा शारीरिक आकार था जैसा कि किंवदंती कहते हैं, शासक बहुत समृद्ध था, लेकिन विश्वासघात और विश्वासघात से डरने के लिए, अपने सभी सोने और गहने को दो घोड़ों के सिर में पिघलाने का आदेश दिया गया, जिसे जमीन में दफन किया गया था। अब तक कोई भी ऐसे खजाने को खोजने में सक्षम नहीं है। अपने ठोस चरित्र के कारण, उन्होंने हिम्मत व्यक्त कीसंपन्न रोमन साम्राज्य को चुनौती देने के लिए युद्धों की इस श्रृंखला में तीन मुख्य अवस्थाएं थीं और छब्बीस वर्षों तक चली गईं। दो बार मिथ्रेटेट्स VI एवलपेटर लड़ाई में विजेता बन गए, लेकिन आखिरी लड़ाई में उन्होंने जीत नहीं की। सेना को इकट्ठा करने और नए बलों के साथ आगे बढ़ने के लिए युद्ध के मैदान से घर वापस आना, वह अपने बेटे फारनक के विश्वासघाती साजिश के बारे में सीखता है। अपने आप को कैदी के तौर पर लेने की इजाज़त न करने और निराश होने के लिए, शासक अपनी ज़िन्दगी को जहर से पीने का फैसला करता है, लेकिन कई वर्षों तक धीरे-धीरे नशे की लत ने उन्हें मरने से रोका। और फिर वह अपने वफादार नौकर - अपने गार्ड के प्रमुख - अपने आप को वध करने का आदेश दिया इस तरह महान आदमी की कहानी समाप्त हो गई है, जिसका नाम सदियों से मिथ्रीडेट्स द्वारा वहन किया जाएगा। अपने पिता की मृत्यु के बाद, उसकी जगह एक गद्दार पुत्र द्वारा ली गई थी,लेकिन फारन का शासन लंबे समय तक नहीं था - पांच साल बाद वह जेलियस सीज़र के साथ जिला शहर के तहत एक युद्ध में मृत्यु हो गई। उनकी सफलता की खबर सीज़र ने रोम के सीनेट में एक अभिव्यक्ति की सूचना दी जो हमारे समय में प्रासंगिक हैः "वह आया, देखा, जीता!" एंटीक के अलावा, मिथ्रिडेट्स के लिए खुल जाएगापर्यटकों और पर्यटकों को और अधिक आधुनिक इतिहास यह कोई रहस्य नहीं है कि कर्च नायक शहर है। यह यहां था, ढलान के शीर्ष पर, जर्मन फासीवादी आक्रमणकारियों से शहर की मुक्ति के लिए भयंकर लड़ाई लड़े गई थी। स्मारक के आधार पर तीन तोपखाने के टुकड़े हैं। आस-पास, संगमरमर से बने सभी मृतों के नामों के साथ पुस्तक पृष्ठों के रूप में एक स्मारक पट्टिका है। चौदह साल बाद, विजय दिवस पर, स्वर्गीय ज्वाला का पवित्र प्रकाश स्थान ले लिया गया था, जो उस जगह में जलता था, जहां किंवदंतियों के अनुसार, राजा मिथ्रिडेट्स की कुर्सी थी। उन्होंने ए.डि. को स्मारक बनाया। Kiselev, और वह ट्रिनिटी कैथेड्रल के पत्थरों से बनाया। एक विशेष डिजाइन के लिए धन्यवाद, ओबिलिस्क ऑफ ग्लोरी बीस किमी तक की दूरी पर एक अनधिकृत आंख के साथ देखा जा सकता है। वह लेफ्टिनेंट-कर्नल एफआई किनेस्की द्वारा की गई नौवीं इंजन-इंजीनियरिंग बटालियन के मृत सैनिकों के सम्मान में उठाए गए थे। प्रशंसा करने के लिए कई महान लोग यहां आएशीर्ष से खुलने वाले परिदृश्य की सुंदरता इसलिए, सोलह निन्यानवे में, रूसी ज़ार पीटर I ने कदम उठाए, जो अपने जहाज पर काला सागर के विशाल "विशाल किले" नाम के साथ पहुंचे। सत्तारूढ़ वंश के अन्य ऐतिहासिक आंकड़े यहां आएः अलेक्जेंडर I, निकोलस आई। महान कवि एएस पुशकिन ने "वनगिन" लिखते समय अपनी प्रेरणा ली, पहाड़ की ढलानों के साथ चलना। यह ऐसा काम था जिसने Crimea की कविताओं की खोज की शुरुआत की थी।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पिछले दिनों हुई युवती की हत्या का राज खुल गया है। उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही बॉयफ्रेंड ने की थी। बताया गया कि लड़की अपने प्रेमी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसके बाद उसने युवक को जहर खाकर जान देने की धमकी भी दी थी। जिसके बाद गुस्साए युवक ने पहले तो युवती का गला घोंटा। फिर पत्थर से बांधकर उसकी लाश को तालाब में फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने अब आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र का है। 24 जून की शाम को तालदेवरी गांव के बेमन तालाब में एक युवती की लाश मिली थी। वहां नहाने गए लोगों ने उसकी लाश देखी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला था। शव निकालने पर पता चला था कि शव को 2 पत्थरों से बांधा गया था। इसके अलावा शव को पॉलीथिन से बांधकर फेंका गया था। इसी वजह से पुलिस को उस लड़की की हत्या का शक था। बाद में शव की पहचान तालदेवरी निवासी सुमन यादव(21) के रूप में हुई थी। ये भी पता चला था कि सुमन पिछले 4 दिनों से लापता थी। इधर, परिजनों ने भी उसी दिन लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। शव मिलने के बाद परिजनों को भी मौके पर बुलाया गया था। अगले दिन एफएसएल की टीम और पुलिस अधिकारी मौके पर गए थे। मामले में जांच शुरू की गई थी। इस दौरान पुलिस ने गांव के करीब 25 लोगों से अलग-अलग पूछताछ की थी। जांच में पुलिस को पता चला था कि सुमन का प्रेम संबंध गांव के रहने वाले नितेश श्रीवास(21) से था। पुलिस ने इस मामले में सुमन के पिता मोहन यादव से भी पूछताछ की थी। जानकारी मिली है कि मोहन को सुमन के प्रेम प्रसंग के बारे में पता था। इसलिए वह सुमन से नाराज था। बात भी नहीं कर रहा था। वहीं जिस पत्थर को सुमन के शव से बांधा गया था। उसके लिए सुमन के दुपट्टे का इस्तेमाल किया गया था। दोनों पत्थर करीब 15-15 किलो के थे। मगर मोहन ने दुपट्टे को ही पहचानने से इनकार कर दिया था। जबकि वह दुपट्टा सुमन घर में हमेशा इस्तेमाल किया करती थी। इसलिए पुलिस को सुमन के पिता पर शक था कि हत्या उसी ने की है। पुलिस ने नितेश को भी हिरासत में लिया था। उसके फोन के कॉल डिटेल्स को भी निकाला गया। कॉल डिटेल निकालने पर पता चला था कि कुछ दिन पहले नितेश ने कई बार सुमन से बात की थी। इस पर पुलिस ने नितेश से सख्ती से पूछताछ की। तब नितेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। नितेश ने बताया कि मेरा सुमन से पिछले 2 साल से प्रेम संबंध था। लेकिन वह पिछले कुछ दिनों से शादी के लिए दबाव बना रही थी। इस वजह से हमारे बीच झगड़ा हुआ करता था। कई बार ऐसा हो चुका था। इस बीच 20 जून की शाम को सुमन ने उसे मिलने के लिए गांव के बेमन तालाब के पास बुलाया था। यहां भी वह झगड़ा करने लगी थी। कह रही थी कि जहर खाकर जान दे दूंगी। इसलिए मैंने उसका गला घोंटा और तालाब में फेंक दिया था। पुलिस ने मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा किया है। आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पिछले दिनों हुई युवती की हत्या का राज खुल गया है। उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही बॉयफ्रेंड ने की थी। बताया गया कि लड़की अपने प्रेमी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसके बाद उसने युवक को जहर खाकर जान देने की धमकी भी दी थी। जिसके बाद गुस्साए युवक ने पहले तो युवती का गला घोंटा। फिर पत्थर से बांधकर उसकी लाश को तालाब में फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने अब आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र का है। चौबीस जून की शाम को तालदेवरी गांव के बेमन तालाब में एक युवती की लाश मिली थी। वहां नहाने गए लोगों ने उसकी लाश देखी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला था। शव निकालने पर पता चला था कि शव को दो पत्थरों से बांधा गया था। इसके अलावा शव को पॉलीथिन से बांधकर फेंका गया था। इसी वजह से पुलिस को उस लड़की की हत्या का शक था। बाद में शव की पहचान तालदेवरी निवासी सुमन यादव के रूप में हुई थी। ये भी पता चला था कि सुमन पिछले चार दिनों से लापता थी। इधर, परिजनों ने भी उसी दिन लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। शव मिलने के बाद परिजनों को भी मौके पर बुलाया गया था। अगले दिन एफएसएल की टीम और पुलिस अधिकारी मौके पर गए थे। मामले में जांच शुरू की गई थी। इस दौरान पुलिस ने गांव के करीब पच्चीस लोगों से अलग-अलग पूछताछ की थी। जांच में पुलिस को पता चला था कि सुमन का प्रेम संबंध गांव के रहने वाले नितेश श्रीवास से था। पुलिस ने इस मामले में सुमन के पिता मोहन यादव से भी पूछताछ की थी। जानकारी मिली है कि मोहन को सुमन के प्रेम प्रसंग के बारे में पता था। इसलिए वह सुमन से नाराज था। बात भी नहीं कर रहा था। वहीं जिस पत्थर को सुमन के शव से बांधा गया था। उसके लिए सुमन के दुपट्टे का इस्तेमाल किया गया था। दोनों पत्थर करीब पंद्रह-पंद्रह किलो के थे। मगर मोहन ने दुपट्टे को ही पहचानने से इनकार कर दिया था। जबकि वह दुपट्टा सुमन घर में हमेशा इस्तेमाल किया करती थी। इसलिए पुलिस को सुमन के पिता पर शक था कि हत्या उसी ने की है। पुलिस ने नितेश को भी हिरासत में लिया था। उसके फोन के कॉल डिटेल्स को भी निकाला गया। कॉल डिटेल निकालने पर पता चला था कि कुछ दिन पहले नितेश ने कई बार सुमन से बात की थी। इस पर पुलिस ने नितेश से सख्ती से पूछताछ की। तब नितेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। नितेश ने बताया कि मेरा सुमन से पिछले दो साल से प्रेम संबंध था। लेकिन वह पिछले कुछ दिनों से शादी के लिए दबाव बना रही थी। इस वजह से हमारे बीच झगड़ा हुआ करता था। कई बार ऐसा हो चुका था। इस बीच बीस जून की शाम को सुमन ने उसे मिलने के लिए गांव के बेमन तालाब के पास बुलाया था। यहां भी वह झगड़ा करने लगी थी। कह रही थी कि जहर खाकर जान दे दूंगी। इसलिए मैंने उसका गला घोंटा और तालाब में फेंक दिया था। पुलिस ने मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा किया है। आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
कला के वैभव में देवसमाज का हिमाचल में स्थान तथा छटा तय है। इस लिहाज से पारंपरिक मेले में देवसमाज के समागम को चित्रित करता मेहनताना केवल हमारी आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि सांस्कृतिक विरासत का पैगाम भी है। इतना जरूर है कि पिछले कुछ सालों से यह भी एक प्रशासनिक परंपरा की तरह तसदीक हो रहा कि कुल्लू अंतरराष्ट्रीय दहशरा में देवसमाज तथा बजंतरियों के वार्षिक बही खाते में क्या डाला जाए। बहरहाल देवताओं का दूरी भत्ता पच्चीस फीसदी दर से बढ़ रहा है, तो बजंतरियों के मानदेय में 15 प्रतिशत वृद्धि का होना इसलिए लाजिमी बन रहा है क्योंकि महंगाई का असर मंदिर तक है। वास्तव में देवसमाज की परंपराओं में शरीक होना ही हिमाचल का शृंगार है, तो इसे बरकरार रखने की कसौटियों में निरंतरता से विशेष प्रयत्नों की जरूरत है। कुल्लू दशहरा के दौरान अनुभूतियों के जिस संगम पर देवी-देवता स्वयं हाजिरी भरते हैं, उस आलौकिक दीप्ति का संरक्षण केवल वार्षिक हिसाब से नहीं हो सकता, बल्कि परिवेश की परिवर्तनशीलता तथा भौतिक तरक्की के साथ सामंजस्य बैठाने की जरूरत है। बेशक इस बार भी देवधुनों का गूंजदार रिकार्ड बन गया या हर साल की तरह बजंतरी समाज की प्रतिभा से कायल होता अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे अपनी पलकों पर बैठकर लौट गया, लेकिन इसकी कलात्मक समीक्षा बेहद जरूरी है। कुल्लू दशहरा, मंडी शिवरात्रि, चंबा मिंजर या रेणुका जी जैसे अनेक सांस्कृतिक समारोहों के बीच देव परंपराएं, मानव समूह को अपने पारंपरिक इतिहास से अवगत कराती हैं। एक साथ बाईस सौ बजंतरियों के साथ कुल्लू दशहरा के संदर्भ ही श्रेष्ठ नहीं होते, बल्कि यह दृश्य एक साथ कई गांवों, कई परिवारों और हिमाचल के कलात्मक माहौल को अद्भूत बना देता है। कुछ इसी तरह दो सौ अस्सी के करीब देवी-देवताओं की उपस्थिति से हिमाचल की गौरवमयी पृष्ठभूमि अलंकृत होती है। पिछले कुछ सालों से कुल्लू दशहरा में महानाटियों के आयोजन से महिला सशक्तिकरण की तस्वीर और जीवन की लय से निकलता गीत-संगीत, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम कर लेता है। इस बार भी स्वच्छता के संदेश पर कुल्लू नाटी ने अपने महालक्ष्य को साधा है। ऐसे में बढ़ते नजराने के आंकड़ों को हम किसी भी सूरत मुकम्म्ल नहीं कर पाएंगे, लेकिन इस बहाने सांस्कृतिक फर्ज का मूल्यांकन और अपनी संस्कृति का संरक्षण जरूर होता है। जरूरत यह तय करने की है कि देव परंपरा केवल चंद मेलों के केंद्र बिंदु में ही आस्था का निरुपण न बने, बल्कि इसे व्यापक स्तर पर राज्य के समर्पण व अभिनंदन का अभिप्राय बनाना होगा। यह शोध, अध्ययन तथा प्रकाशन का विषय भी है और समय-समय पर परंपराओं की अभिव्यक्ति का समावेश जनता के बीच होना ही चाहिए। प्रदेश में सांस्कृतिक समारोहों के नाम पर बाहरी कलाकारों पर खर्च हो रही मोटी रकम का वास्तविक उपयोग देव परंपराओं की विरासत को अंगीकार करने में होना चाहिए। कम से कम एक या दो दिन अगर ऐसे समागमों के लिए विभिन्न मेलों की भूमिका तराशी जाए, तो सारे राज्य की पंरपराएं एकत्रित होंगी। ग्रीष्मकालीन समारोहों या जिस तरह नित नए सांस्कृतिक समारोहों के आयोजन हो रहे हैं, उनके साथ लोक गीत संगीत, वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन या बजंतरियों के माध्यम से रुहानियत के परिदृश्य में इजाफा किया जा सकता है। प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों की आय से मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा होते धन के बजाय, इसका कुछ भाग यदि हिमाचल की परंपराओं को सहेजने या प्रदर्शित करने में इस्तेमाल हो, तो सैलानियों के लिए संस्कृति सबसे बड़ा आकर्षण बन जाएगी।
कला के वैभव में देवसमाज का हिमाचल में स्थान तथा छटा तय है। इस लिहाज से पारंपरिक मेले में देवसमाज के समागम को चित्रित करता मेहनताना केवल हमारी आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि सांस्कृतिक विरासत का पैगाम भी है। इतना जरूर है कि पिछले कुछ सालों से यह भी एक प्रशासनिक परंपरा की तरह तसदीक हो रहा कि कुल्लू अंतरराष्ट्रीय दहशरा में देवसमाज तथा बजंतरियों के वार्षिक बही खाते में क्या डाला जाए। बहरहाल देवताओं का दूरी भत्ता पच्चीस फीसदी दर से बढ़ रहा है, तो बजंतरियों के मानदेय में पंद्रह प्रतिशत वृद्धि का होना इसलिए लाजिमी बन रहा है क्योंकि महंगाई का असर मंदिर तक है। वास्तव में देवसमाज की परंपराओं में शरीक होना ही हिमाचल का शृंगार है, तो इसे बरकरार रखने की कसौटियों में निरंतरता से विशेष प्रयत्नों की जरूरत है। कुल्लू दशहरा के दौरान अनुभूतियों के जिस संगम पर देवी-देवता स्वयं हाजिरी भरते हैं, उस आलौकिक दीप्ति का संरक्षण केवल वार्षिक हिसाब से नहीं हो सकता, बल्कि परिवेश की परिवर्तनशीलता तथा भौतिक तरक्की के साथ सामंजस्य बैठाने की जरूरत है। बेशक इस बार भी देवधुनों का गूंजदार रिकार्ड बन गया या हर साल की तरह बजंतरी समाज की प्रतिभा से कायल होता अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे अपनी पलकों पर बैठकर लौट गया, लेकिन इसकी कलात्मक समीक्षा बेहद जरूरी है। कुल्लू दशहरा, मंडी शिवरात्रि, चंबा मिंजर या रेणुका जी जैसे अनेक सांस्कृतिक समारोहों के बीच देव परंपराएं, मानव समूह को अपने पारंपरिक इतिहास से अवगत कराती हैं। एक साथ बाईस सौ बजंतरियों के साथ कुल्लू दशहरा के संदर्भ ही श्रेष्ठ नहीं होते, बल्कि यह दृश्य एक साथ कई गांवों, कई परिवारों और हिमाचल के कलात्मक माहौल को अद्भूत बना देता है। कुछ इसी तरह दो सौ अस्सी के करीब देवी-देवताओं की उपस्थिति से हिमाचल की गौरवमयी पृष्ठभूमि अलंकृत होती है। पिछले कुछ सालों से कुल्लू दशहरा में महानाटियों के आयोजन से महिला सशक्तिकरण की तस्वीर और जीवन की लय से निकलता गीत-संगीत, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम कर लेता है। इस बार भी स्वच्छता के संदेश पर कुल्लू नाटी ने अपने महालक्ष्य को साधा है। ऐसे में बढ़ते नजराने के आंकड़ों को हम किसी भी सूरत मुकम्म्ल नहीं कर पाएंगे, लेकिन इस बहाने सांस्कृतिक फर्ज का मूल्यांकन और अपनी संस्कृति का संरक्षण जरूर होता है। जरूरत यह तय करने की है कि देव परंपरा केवल चंद मेलों के केंद्र बिंदु में ही आस्था का निरुपण न बने, बल्कि इसे व्यापक स्तर पर राज्य के समर्पण व अभिनंदन का अभिप्राय बनाना होगा। यह शोध, अध्ययन तथा प्रकाशन का विषय भी है और समय-समय पर परंपराओं की अभिव्यक्ति का समावेश जनता के बीच होना ही चाहिए। प्रदेश में सांस्कृतिक समारोहों के नाम पर बाहरी कलाकारों पर खर्च हो रही मोटी रकम का वास्तविक उपयोग देव परंपराओं की विरासत को अंगीकार करने में होना चाहिए। कम से कम एक या दो दिन अगर ऐसे समागमों के लिए विभिन्न मेलों की भूमिका तराशी जाए, तो सारे राज्य की पंरपराएं एकत्रित होंगी। ग्रीष्मकालीन समारोहों या जिस तरह नित नए सांस्कृतिक समारोहों के आयोजन हो रहे हैं, उनके साथ लोक गीत संगीत, वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन या बजंतरियों के माध्यम से रुहानियत के परिदृश्य में इजाफा किया जा सकता है। प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों की आय से मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा होते धन के बजाय, इसका कुछ भाग यदि हिमाचल की परंपराओं को सहेजने या प्रदर्शित करने में इस्तेमाल हो, तो सैलानियों के लिए संस्कृति सबसे बड़ा आकर्षण बन जाएगी।
Ghaziabad Crime: गाजियाबाद पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से कुछ पैसे और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं. थाना साहिबाबाद क्षेत्र में हुई लूट बाद जो खुलासा हुआ वह बेहद हैरान और चौंकाने वाला था. मगर पुलिस गिरफ्त में आने के बाद इन बदमाशों ने जो खुलासा किया है वो जानकर पुलिस भी हैरान हो गई. Ghaziabad Crime: गाजियाबाद पुलिस ने बीती 26 जुलाई को घर में घुसकर हुई लूट के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से कुछ पैसे और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं. थाना साहिबाबाद क्षेत्र में हुई लूट बाद जो खुलासा हुआ वह बेहद हैरान और चौंकाने वाला था. पुलिस गिरफ्त में खड़े इन बदमाशों को पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए पकड़ा है. मगर पुलिस गिरफ्त में आने के बाद इन बदमाशों ने जो खुलासा किया है वो जानकर पुलिस भी हैरान हो गई. दरअसल, थाना साहिबाबाद के लाजपत नगर में रहने वाली मंजू गुप्ता कि घर बीते 26 तारीख को 6 बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश भी कर रही थी. आज मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से लूटे गए कुछ पैसे अवैध हथियार एवं एक चोरी की बाइक भी बरामद की, लेकिन पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने जो बताया उसे जानकर खुद पुलिस भी हैरान रह गई. दरअसल, मंजू के ही पड़ोस में रहने वाले रोशन ने अपने साथियों वरुण, शाहरुख, अंकुश, हर्ष और राजेश को यह सूचना दी थी कि मंजू गुप्ता के घर में कहीं से तीन करोड़ रुपये आए हैं. ऐसे में इन लोगों ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची, जिसके तहत मंजू के तीन साल के पोते का अपहरण कर उनसे 3 करोड़ की रंगदारी मांगी जाती. रेकी करने के बाद 26 जुलाई की रात इन लोगों ने मंजू के धावा बोला मगर घटना वाले दिन मंजू का पोता घर में मौजूद नहीं था. घर में सिर्फ मंजू और उनकी पुत्रवधू मौजूद थी. ऐसे में इस दौरान जब यह बदमाश घटना को अंजाम दे रहे थे तभी अंजू का बेटा जो कि बाहर गया था वह भी वापस आ गया, जिसके चलते यह लोग भागदौड़ में ₹12000 एवं कुछ अन्य एटीएम आदि लेकर मौके से फरार हो गए थे. हालांकि, पुलिस ने रोशन एवं उसके पास अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. मगर बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि जब पड़ोस में ही रहने वाले लोग इस तरीके से आसपास की रैकी करेंगे तो आम जनता का रहना सुरक्षित दुश्वार हो जाएगा. (इनपुटः पीयूष गौड़)
Ghaziabad Crime: गाजियाबाद पुलिस ने छः आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से कुछ पैसे और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं. थाना साहिबाबाद क्षेत्र में हुई लूट बाद जो खुलासा हुआ वह बेहद हैरान और चौंकाने वाला था. मगर पुलिस गिरफ्त में आने के बाद इन बदमाशों ने जो खुलासा किया है वो जानकर पुलिस भी हैरान हो गई. Ghaziabad Crime: गाजियाबाद पुलिस ने बीती छब्बीस जुलाई को घर में घुसकर हुई लूट के मामले में पुलिस ने छः आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से कुछ पैसे और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं. थाना साहिबाबाद क्षेत्र में हुई लूट बाद जो खुलासा हुआ वह बेहद हैरान और चौंकाने वाला था. पुलिस गिरफ्त में खड़े इन बदमाशों को पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए पकड़ा है. मगर पुलिस गिरफ्त में आने के बाद इन बदमाशों ने जो खुलासा किया है वो जानकर पुलिस भी हैरान हो गई. दरअसल, थाना साहिबाबाद के लाजपत नगर में रहने वाली मंजू गुप्ता कि घर बीते छब्बीस तारीख को छः बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश भी कर रही थी. आज मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छः बदमाशों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से लूटे गए कुछ पैसे अवैध हथियार एवं एक चोरी की बाइक भी बरामद की, लेकिन पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने जो बताया उसे जानकर खुद पुलिस भी हैरान रह गई. दरअसल, मंजू के ही पड़ोस में रहने वाले रोशन ने अपने साथियों वरुण, शाहरुख, अंकुश, हर्ष और राजेश को यह सूचना दी थी कि मंजू गुप्ता के घर में कहीं से तीन करोड़ रुपये आए हैं. ऐसे में इन लोगों ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची, जिसके तहत मंजू के तीन साल के पोते का अपहरण कर उनसे तीन करोड़ की रंगदारी मांगी जाती. रेकी करने के बाद छब्बीस जुलाई की रात इन लोगों ने मंजू के धावा बोला मगर घटना वाले दिन मंजू का पोता घर में मौजूद नहीं था. घर में सिर्फ मंजू और उनकी पुत्रवधू मौजूद थी. ऐसे में इस दौरान जब यह बदमाश घटना को अंजाम दे रहे थे तभी अंजू का बेटा जो कि बाहर गया था वह भी वापस आ गया, जिसके चलते यह लोग भागदौड़ में बारह हज़ार रुपया एवं कुछ अन्य एटीएम आदि लेकर मौके से फरार हो गए थे. हालांकि, पुलिस ने रोशन एवं उसके पास अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. मगर बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि जब पड़ोस में ही रहने वाले लोग इस तरीके से आसपास की रैकी करेंगे तो आम जनता का रहना सुरक्षित दुश्वार हो जाएगा.
मकान मालिकों के लिए खुशखबरी है कि अब वो किराये पर अलग तरीके से टैक्स बचा सकेंगे। जी हां, आयकर विभाग के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बेंच ने ऐसे मकान और दुकान मालिकों को राहत देने का फैसला किया है। इससे कोरोना काल में जिन मकान या फिर दुकान मालिकों को किराया नहीं मिला है, उनको टैक्स में बड़ी छूट मिलेगी। ITAT की मुंबई बेंच के आदेश के मुताबिक अगर कोई किरायेदार 10 हजार रुपये दे रहा है और उसने कारोबारी साल 2020-21 के 12 महीनों में 8 महीने का ही किराया दिया है। बाकी 4 महीने का किराया बाद में देने को कहा है तो Tax सिर्फ 8 महीने के किराए पर लगेगा। ऐसे किराये पर आयकर विभाग की तरफ से टैक्स लगाना गलत है। इस तरह मकान मालिक की किराए से कुल आय 80 हजार रुपये ही रहेगी। Land lord को इस रकम पर ही Tax देना होगा। अगर किरायेदार बाकी 4 महीने का किराया कारोबारी साल 2020-21 में नहीं देता है, तो मकान मालिक को इस पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा। कई मामलों में ऐसा हुआ है कि किराएदार किराया देने में असमर्थ है, लेकिन इनकम टैक्स विभाग मकान मालिक पर किराया न मिलने के बाद भी Rental Income मान कर Tax लगा देता है। ऐसे केस में ITAT की मुंबई बेंच ने आदेश दिया कि किसी संपत्ति के मालिक को किरायेदार किराया नहीं दे रहा है, तो संपत्ति के मालिक को उस इनकम पर टैक्स नहीं भरना होगा।
मकान मालिकों के लिए खुशखबरी है कि अब वो किराये पर अलग तरीके से टैक्स बचा सकेंगे। जी हां, आयकर विभाग के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच ने ऐसे मकान और दुकान मालिकों को राहत देने का फैसला किया है। इससे कोरोना काल में जिन मकान या फिर दुकान मालिकों को किराया नहीं मिला है, उनको टैक्स में बड़ी छूट मिलेगी। ITAT की मुंबई बेंच के आदेश के मुताबिक अगर कोई किरायेदार दस हजार रुपये दे रहा है और उसने कारोबारी साल दो हज़ार बीस-इक्कीस के बारह महीनों में आठ महीने का ही किराया दिया है। बाकी चार महीने का किराया बाद में देने को कहा है तो Tax सिर्फ आठ महीने के किराए पर लगेगा। ऐसे किराये पर आयकर विभाग की तरफ से टैक्स लगाना गलत है। इस तरह मकान मालिक की किराए से कुल आय अस्सी हजार रुपये ही रहेगी। Land lord को इस रकम पर ही Tax देना होगा। अगर किरायेदार बाकी चार महीने का किराया कारोबारी साल दो हज़ार बीस-इक्कीस में नहीं देता है, तो मकान मालिक को इस पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा। कई मामलों में ऐसा हुआ है कि किराएदार किराया देने में असमर्थ है, लेकिन इनकम टैक्स विभाग मकान मालिक पर किराया न मिलने के बाद भी Rental Income मान कर Tax लगा देता है। ऐसे केस में ITAT की मुंबई बेंच ने आदेश दिया कि किसी संपत्ति के मालिक को किरायेदार किराया नहीं दे रहा है, तो संपत्ति के मालिक को उस इनकम पर टैक्स नहीं भरना होगा।
Indian Railway IRCTC: महिलाओं को अब ट्रेन में कंफर्म सीट मिला करेगी। इसके लिए भारतीय रेलवे ने स्लीपर और एसी बोगी में कुछ सीट रिजर्व की हैं। जिनको केवल महिलाओं को ही अलांट किया जाया करेगा। आपको बता दें लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं को कंफर्म सीट नहीं मिलने से यात्रा के दौरान काफी परेशानी होती थी। जिसको ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण फैसला किया है। जिसमें अब लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं के लिए बर्थ रिजर्व रहेगी। आइए जानते है रेलवे की सौगात का कैसे महिलाएं फायदा उठा सकती हैं। इसके साथ ही महिलाओं को ट्रेन में सुरक्षा भी मिलेगी। जिसके लिए रेलवे ने खास प्लान तैयार किया है। आपको बता दें अभी तक ट्रेन के अंदर सुरक्षा का जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल के पास होता था। लेकिन अब यात्रियों की सुरखामें आरपीएफ की मदद के लिए जीआरपी और जिला पुलिस भी सहयोग करेगी। इन ट्रेनों में की महिलाओं के लिए बर्थ आरक्षित- भारतीय रेलवे ने मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर क्लास में 6 बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित की है। वहीं गरीब रथ, राजधानी, दुरंतो समेत पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेनों के थर्ड एसी कोच में 6 बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगी। ऐसे में अब कोई भी महिला ट्रेन में यात्रा करेगी तो उन्हें कंफर्म सीट मिलेगी। इन लोगों के लिए सीट की आरक्षित - हर स्लीपर कोच में छह से सात लोअर बर्थ, वातानुकूलित 3 टियर (3 एसी) में कोच में चार से पांच लोअर बर्थ और वातानुकूलित 2 टियर (2 एसी) कोच में तीन से चार लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। आपको बता दें कि रिजर्वेशन ट्रेन में उस श्रेणी के डिब्बों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम - इसके साथ ही, रेलगाड़ियों और स्टेशनों पर महिला यात्रियों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जीआरपी की मदद से रेलवे द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने पिछले साल अखिल भारतीय पहल 'मेरी सहेली' शुरू किया था, जिसका उद्देश्य ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को उनकी पूरी यात्रा में सुरक्षा प्रदान करना था।
Indian Railway IRCTC: महिलाओं को अब ट्रेन में कंफर्म सीट मिला करेगी। इसके लिए भारतीय रेलवे ने स्लीपर और एसी बोगी में कुछ सीट रिजर्व की हैं। जिनको केवल महिलाओं को ही अलांट किया जाया करेगा। आपको बता दें लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं को कंफर्म सीट नहीं मिलने से यात्रा के दौरान काफी परेशानी होती थी। जिसको ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण फैसला किया है। जिसमें अब लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं के लिए बर्थ रिजर्व रहेगी। आइए जानते है रेलवे की सौगात का कैसे महिलाएं फायदा उठा सकती हैं। इसके साथ ही महिलाओं को ट्रेन में सुरक्षा भी मिलेगी। जिसके लिए रेलवे ने खास प्लान तैयार किया है। आपको बता दें अभी तक ट्रेन के अंदर सुरक्षा का जिम्मा रेलवे सुरक्षा बल के पास होता था। लेकिन अब यात्रियों की सुरखामें आरपीएफ की मदद के लिए जीआरपी और जिला पुलिस भी सहयोग करेगी। इन ट्रेनों में की महिलाओं के लिए बर्थ आरक्षित- भारतीय रेलवे ने मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर क्लास में छः बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित की है। वहीं गरीब रथ, राजधानी, दुरंतो समेत पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेनों के थर्ड एसी कोच में छः बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगी। ऐसे में अब कोई भी महिला ट्रेन में यात्रा करेगी तो उन्हें कंफर्म सीट मिलेगी। इन लोगों के लिए सीट की आरक्षित - हर स्लीपर कोच में छह से सात लोअर बर्थ, वातानुकूलित तीन टियर में कोच में चार से पांच लोअर बर्थ और वातानुकूलित दो टियर कोच में तीन से चार लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों, पैंतालीस वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। आपको बता दें कि रिजर्वेशन ट्रेन में उस श्रेणी के डिब्बों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम - इसके साथ ही, रेलगाड़ियों और स्टेशनों पर महिला यात्रियों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जीआरपी की मदद से रेलवे द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने पिछले साल अखिल भारतीय पहल 'मेरी सहेली' शुरू किया था, जिसका उद्देश्य ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को उनकी पूरी यात्रा में सुरक्षा प्रदान करना था।
Sanjay Jaiswal on Agnipath Scheme Protest Bihar : बिहार बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को एक बार अग्निपथ और अग्निवीर के बारे में जानना चाहिए। अपने आवास पर हुए हमले को लेकर कहा कि उनके घर को उड़ाने की साजिश थी। संजय जायसवाल ने उपद्रवियों पर एक्शन को लेकर पुलिस प्रशासन को घेरा है। जानिए क्या कहा?
Sanjay Jaiswal on Agnipath Scheme Protest Bihar : बिहार बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को एक बार अग्निपथ और अग्निवीर के बारे में जानना चाहिए। अपने आवास पर हुए हमले को लेकर कहा कि उनके घर को उड़ाने की साजिश थी। संजय जायसवाल ने उपद्रवियों पर एक्शन को लेकर पुलिस प्रशासन को घेरा है। जानिए क्या कहा?
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
एसआरएमएस रिद्धिमा में बुधवार शाम संगीत की महफिल सजी। जिसमें कव्वाली और सितार की जुगलबंदी हुई। रामपुर सहसवान घराने के कव्वाल दानिश हुसैन बदायूंनी ने सुफियाना कलाम पर सुर साधे वहीं सितारवादक डा. दीपेंद्र उपाध्याय ने अपनी संगीत कला से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक संगीतप्रेमी आनंद लेते रहे। संगीतमयी 'एक शाम कव्वाली के नाम' कार्यक्रम में रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद निसार हुसैन खां साहब के पौत्र दानिश हुसैन बदायूंनी ने कई नामी सूफी कलाम पेश किए। शकील बदायूंनी के कलाम "जो लगा के आग गए हो, तुम वो लगी हुई है बुझी नहीं" पर स्वर साधा। अमीर खुसरो के कलाम "छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके" को अपनी आवाज देकर श्रोताओं को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। सूफी संत बुल्ले शाह के कलाम "दमादम मस्त कलंदर" को पेश कर सभागार में मौजूद सभी लोगों को गुनगुनाने को मजबूर किया। कैसर उल जाफ़री की गजल "हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफ़िर की तरह" को पेश कर गजल गायक उस्ताद गुलाम अली की यादों में डुबा दिया। सहसवान घराने से ही ताल्लुक रखने वाले मशहूर तबला वादक आजम अली खां ने तबले पर संगत देकर दानिश हुसैन बदायूंनी की कव्वाली को और भी सुरमयी बनाया। बरेली निवासी सितारवादक डा. दीपेंद्र उपाध्याय परिवार की पांचवीं पीढ़ी के तंत्रकारी विधा के सितार वादक उस्ताद डा. दीपेंद्र उपाध्याय ने सितार संभाला। तबले पर इनकी संगत तीन ताल और एक ताल पर प्रशांत उपाध्याय ने दी। दोनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति, डा. अनुज सक्सेना, सेंटर हेड डा. कविता अरोड़ा, रजत खंडेलवाल, अश्विनी ओवेराय आदि मौजूद रहे।
एसआरएमएस रिद्धिमा में बुधवार शाम संगीत की महफिल सजी। जिसमें कव्वाली और सितार की जुगलबंदी हुई। रामपुर सहसवान घराने के कव्वाल दानिश हुसैन बदायूंनी ने सुफियाना कलाम पर सुर साधे वहीं सितारवादक डा. दीपेंद्र उपाध्याय ने अपनी संगीत कला से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक संगीतप्रेमी आनंद लेते रहे। संगीतमयी 'एक शाम कव्वाली के नाम' कार्यक्रम में रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद निसार हुसैन खां साहब के पौत्र दानिश हुसैन बदायूंनी ने कई नामी सूफी कलाम पेश किए। शकील बदायूंनी के कलाम "जो लगा के आग गए हो, तुम वो लगी हुई है बुझी नहीं" पर स्वर साधा। अमीर खुसरो के कलाम "छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके" को अपनी आवाज देकर श्रोताओं को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। सूफी संत बुल्ले शाह के कलाम "दमादम मस्त कलंदर" को पेश कर सभागार में मौजूद सभी लोगों को गुनगुनाने को मजबूर किया। कैसर उल जाफ़री की गजल "हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफ़िर की तरह" को पेश कर गजल गायक उस्ताद गुलाम अली की यादों में डुबा दिया। सहसवान घराने से ही ताल्लुक रखने वाले मशहूर तबला वादक आजम अली खां ने तबले पर संगत देकर दानिश हुसैन बदायूंनी की कव्वाली को और भी सुरमयी बनाया। बरेली निवासी सितारवादक डा. दीपेंद्र उपाध्याय परिवार की पांचवीं पीढ़ी के तंत्रकारी विधा के सितार वादक उस्ताद डा. दीपेंद्र उपाध्याय ने सितार संभाला। तबले पर इनकी संगत तीन ताल और एक ताल पर प्रशांत उपाध्याय ने दी। दोनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति, डा. अनुज सक्सेना, सेंटर हेड डा. कविता अरोड़ा, रजत खंडेलवाल, अश्विनी ओवेराय आदि मौजूद रहे।
वास्तविक स्लेजहैमर का उपयोग करके हथौड़ा फेंकने, ब्रिटिश द्वीपों में सदियों से लोकप्रिय था। एक तार के अंत में 16-पौंड स्टील बॉल को रोजगार देने वाले खेल का आधुनिक संस्करण, पुरुषों के पक्ष में 1 9 00 में ओलंपिक में शामिल हो गया। ओलंपिक 'समतावादी प्रवृत्ति 2000 में सफल हुई, जब महिलाओं को हथौड़ा के एक छोटे संस्करण को घुमाने की अनुमति दी गई। भाले की तरह, हथौड़ा फेंकना उतना आम नहीं है जितना कि युवा प्रतिद्वंद्वियों के बीच शॉट डालने या डिस्कस फेंकना - स्पष्ट सुरक्षा कारणों से - बहुत से लोग इस खेल से परिचित नहीं हैं। दरअसल, यदि आपने स्थानीय हाईलैंड गेम्स इवेंट में भाग लिया है, तो आपको केवल एक ही हथौड़ा फेंकने में देखा गया है जो शायद वास्तविक हथौड़ों को फेंकने वाले किल्टों में पुरुषों को शामिल करता है। हथौड़ा एक तीन भाग वाला उपकरण है जिसमें एक धातु की गेंद शामिल होती है जिसे "सिर" कहा जाता है, जो स्टील के तार से 121. 5 सेंटीमीटर (3 फीट 11 3/4 इंच) से अधिक नहीं होता है, और अंत में एक पकड़ या "हैंडल" । हथौड़ा एकमात्र फेंकने वाली प्रतियोगिता है जिसमें एथलीट दस्ताने पहन सकते हैं। पुरुषों ने 7. 26 किलोग्राम बॉल (16 पाउंड) फेंक दिया, जिसमें व्यास 110 से 130 मिलीमीटर (4. 3 से 5. 1 इंच) के बीच था, जबकि महिलाएं 4 किलोग्राम संस्करण (8. 8 पाउंड) को 95 से 100 मिलीमीटर व्यास (3. 7) 3. 9 इंच तक)। हथौड़ा को 2. 135 मीटर व्यास (7 फीट) के साथ एक सर्कल से फेंक दिया जाता है। प्रतिस्पर्धी सर्कल के रिम के अंदर छू सकते हैं लेकिन फेंक के दौरान रिम के शीर्ष को छू नहीं सकते। फेंकने वाले प्रयास के दौरान फेंकने वाले सर्कल के बाहर जमीन को छू नहीं सकता है, न ही वह हथौड़ा जमीन पर हिट होने तक सर्कल छोड़ सकता है। सर्कल बाईस्टैंडर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक संलग्नक के भीतर स्थित है। हथौड़ा फेंकने में एथलीटों को ओलंपिक योग्यता दूरी प्राप्त करनी होगी और उन्हें अपने देश की ओलंपिक टीम के लिए अर्हता प्राप्त करनी होगी। प्रति देश अधिकतम तीन प्रतियोगियों हथौड़ा फेंक में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। ओलंपिक हथौड़ा फेंक फाइनल के लिए बारह प्रतियोगियों योग्य हैं। योग्यता दौर के परिणाम फाइनल में नहीं ले जाते हैं। सभी फेंकने की घटनाओं में, 12 फाइनलवादियों के पास तीन प्रयास हैं, फिर शीर्ष आठ प्रतियोगियों को तीन और प्रयास मिलते हैं। अंतिम जीत के दौरान सबसे लंबा एकल फेंक। कुछ का मानना है कि हथौड़ा फेंकने से आयरिश वजन-फेंकने वाली प्रतियोगिता से विकसित हुआ। तो यह ठीक है कि आयरलैंड के नस्ल फेंकने वाले प्रारंभिक ओलंपिक पर हावी रहे। आयरिश-जन्मी अमेरिकियों ने पहली बार पांच ओलंपिक स्पर्धाएं जीतीं, जो तीन बार के चैंपियन जॉन फ्लानागन से शुरू हुईं। आयरलैंड के पैट ओ'लल्लाघन ने दो बार जीता (1 928-32)। पूर्वी यूरोपियों ने 1 9 48 के बाद से प्रभुत्व बनाए रखा है, लेकिन 2004 में जापान के कोजी मुरोफुशी ने एशिया का पहला हथौड़ा सोना जीता। अमेरिकी हैरोल्ड कॉनॉली ने 1 9 56 ओलंपिक में विश्व रिकॉर्ड का आयोजन किया। पांचवें दौर में कॉनॉली, जिसकी बाएं हाथ जन्म के समय दुर्घटना के कारण असफल रही थी, 207-3 (63. 1 9 मीटर) की दूरी पर जीतने वाले फेंकने वाले 20 वर्षीय ओलंपिक रिकॉर्ड में शीर्ष स्थान पर रहा। कॉनॉली को आयरन पर्दे और रोमांस चेकोस्लोवाकियन डिस्कस स्वर्ण पदक विजेता ओल्गा फिकोटोवा को छेड़छाड़ करने का समय भी मिला। अंततः दोनों का विवाह हो गया, लेकिन 1 9 73 में तलाकशुदा हो गया। हंगरी के विश्व रिकार्ड धारक Gyula Zsivotzky और सोवियत संघ के Romuald Klim - जो लगातार नौ प्रतियोगिताओं में Zsivotzky हराया - मेक्सिको सिटी में एक हलचल द्वंद्वयुद्ध मंचन किया। क्लिम ने पहले राउंड में 237 फुट की फेंक के साथ लीड ली, लेकिन ज़िसिवोट्स्की ने टॉस के साथ दूसरे स्थान पर 237-9 की बढ़त दर्ज की। क्लिम ने तीसरे दौर में 238-11 फेंकने के बाद लीड बैक को पकड़ लिया, फिर चौथे स्थान पर 240-5 टॉस के साथ मार्जिन बढ़ाया। ज़िस्वोट्स्की ने ओलंपिक अंक निर्धारित करने के लिए 240-8 (73. 36 मीटर) के स्वर्ण पदक जीतने वाले फेंक के साथ पांचवें स्थान पर चार्ज किया। हथौड़ा फेंकने के इतिहास के अधिक देखें।
वास्तविक स्लेजहैमर का उपयोग करके हथौड़ा फेंकने, ब्रिटिश द्वीपों में सदियों से लोकप्रिय था। एक तार के अंत में सोलह-पौंड स्टील बॉल को रोजगार देने वाले खेल का आधुनिक संस्करण, पुरुषों के पक्ष में एक नौ शून्य में ओलंपिक में शामिल हो गया। ओलंपिक 'समतावादी प्रवृत्ति दो हज़ार में सफल हुई, जब महिलाओं को हथौड़ा के एक छोटे संस्करण को घुमाने की अनुमति दी गई। भाले की तरह, हथौड़ा फेंकना उतना आम नहीं है जितना कि युवा प्रतिद्वंद्वियों के बीच शॉट डालने या डिस्कस फेंकना - स्पष्ट सुरक्षा कारणों से - बहुत से लोग इस खेल से परिचित नहीं हैं। दरअसल, यदि आपने स्थानीय हाईलैंड गेम्स इवेंट में भाग लिया है, तो आपको केवल एक ही हथौड़ा फेंकने में देखा गया है जो शायद वास्तविक हथौड़ों को फेंकने वाले किल्टों में पुरुषों को शामिल करता है। हथौड़ा एक तीन भाग वाला उपकरण है जिसमें एक धातु की गेंद शामिल होती है जिसे "सिर" कहा जाता है, जो स्टील के तार से एक सौ इक्कीस. पाँच सेंटीमीटर से अधिक नहीं होता है, और अंत में एक पकड़ या "हैंडल" । हथौड़ा एकमात्र फेंकने वाली प्रतियोगिता है जिसमें एथलीट दस्ताने पहन सकते हैं। पुरुषों ने सात. छब्बीस किलोग्रामग्राम बॉल फेंक दिया, जिसमें व्यास एक सौ दस से एक सौ तीस मिलीमीटर के बीच था, जबकि महिलाएं चार किलोग्रामग्राम संस्करण को पचानवे से एक सौ मिलीमीटर व्यास तीन. नौ इंच तक)। हथौड़ा को दो. एक सौ पैंतीस मीटर व्यास के साथ एक सर्कल से फेंक दिया जाता है। प्रतिस्पर्धी सर्कल के रिम के अंदर छू सकते हैं लेकिन फेंक के दौरान रिम के शीर्ष को छू नहीं सकते। फेंकने वाले प्रयास के दौरान फेंकने वाले सर्कल के बाहर जमीन को छू नहीं सकता है, न ही वह हथौड़ा जमीन पर हिट होने तक सर्कल छोड़ सकता है। सर्कल बाईस्टैंडर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक संलग्नक के भीतर स्थित है। हथौड़ा फेंकने में एथलीटों को ओलंपिक योग्यता दूरी प्राप्त करनी होगी और उन्हें अपने देश की ओलंपिक टीम के लिए अर्हता प्राप्त करनी होगी। प्रति देश अधिकतम तीन प्रतियोगियों हथौड़ा फेंक में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। ओलंपिक हथौड़ा फेंक फाइनल के लिए बारह प्रतियोगियों योग्य हैं। योग्यता दौर के परिणाम फाइनल में नहीं ले जाते हैं। सभी फेंकने की घटनाओं में, बारह फाइनलवादियों के पास तीन प्रयास हैं, फिर शीर्ष आठ प्रतियोगियों को तीन और प्रयास मिलते हैं। अंतिम जीत के दौरान सबसे लंबा एकल फेंक। कुछ का मानना है कि हथौड़ा फेंकने से आयरिश वजन-फेंकने वाली प्रतियोगिता से विकसित हुआ। तो यह ठीक है कि आयरलैंड के नस्ल फेंकने वाले प्रारंभिक ओलंपिक पर हावी रहे। आयरिश-जन्मी अमेरिकियों ने पहली बार पांच ओलंपिक स्पर्धाएं जीतीं, जो तीन बार के चैंपियन जॉन फ्लानागन से शुरू हुईं। आयरलैंड के पैट ओ'लल्लाघन ने दो बार जीता । पूर्वी यूरोपियों ने एक नौ अड़तालीस के बाद से प्रभुत्व बनाए रखा है, लेकिन दो हज़ार चार में जापान के कोजी मुरोफुशी ने एशिया का पहला हथौड़ा सोना जीता। अमेरिकी हैरोल्ड कॉनॉली ने एक नौ छप्पन ओलंपिक में विश्व रिकॉर्ड का आयोजन किया। पांचवें दौर में कॉनॉली, जिसकी बाएं हाथ जन्म के समय दुर्घटना के कारण असफल रही थी, दो सौ सात-तीन की दूरी पर जीतने वाले फेंकने वाले बीस वर्षीय ओलंपिक रिकॉर्ड में शीर्ष स्थान पर रहा। कॉनॉली को आयरन पर्दे और रोमांस चेकोस्लोवाकियन डिस्कस स्वर्ण पदक विजेता ओल्गा फिकोटोवा को छेड़छाड़ करने का समय भी मिला। अंततः दोनों का विवाह हो गया, लेकिन एक नौ तिहत्तर में तलाकशुदा हो गया। हंगरी के विश्व रिकार्ड धारक Gyula Zsivotzky और सोवियत संघ के Romuald Klim - जो लगातार नौ प्रतियोगिताओं में Zsivotzky हराया - मेक्सिको सिटी में एक हलचल द्वंद्वयुद्ध मंचन किया। क्लिम ने पहले राउंड में दो सौ सैंतीस फुट की फेंक के साथ लीड ली, लेकिन ज़िसिवोट्स्की ने टॉस के साथ दूसरे स्थान पर दो सौ सैंतीस-नौ की बढ़त दर्ज की। क्लिम ने तीसरे दौर में दो सौ अड़तीस-ग्यारह फेंकने के बाद लीड बैक को पकड़ लिया, फिर चौथे स्थान पर दो सौ चालीस-पाँच टॉस के साथ मार्जिन बढ़ाया। ज़िस्वोट्स्की ने ओलंपिक अंक निर्धारित करने के लिए दो सौ चालीस-आठ के स्वर्ण पदक जीतने वाले फेंक के साथ पांचवें स्थान पर चार्ज किया। हथौड़ा फेंकने के इतिहास के अधिक देखें।
23 सितंबर, 1 9 30 को अल्बानी, जॉर्जिया में पैदा हुए, रे चार्ल्स हर समय के सबसे बहुमुखी रिकॉर्डिंग कलाकारों में से एक थे, आर एंड बी में उत्कृष्टता। रॉक एंड रोल, देश, सुसमाचार, ब्लूज़, और पॉप संगीत। उन्होंने 17 ग्रैमी पुरस्कार जीते और 14 नंबर एक बिलबोर्ड एकल हासिल किए। प्रशंसा की उनकी लंबी सूची में रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम और एनएएसीपी छवि पुरस्कार हॉल ऑफ फेम, हॉलीवुड वॉक ऑफ़ फेम, केनेडी सेंटर ऑनर्स, नेशनल मेडल ऑफ आर्ट्स और एक ग्रैमी लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड में एक स्टार शामिल है। 10 जून, 2004 को, चार्ल्स कैलिफ़ोर्निया के बेवर्ली हिल्स में अपने घर पर जिगर की बीमारी से दूर हो गया, वह 73 वर्ष का था। उनका अंतिम एल्बम, जीनियस लव्स कंपनी , उनकी मृत्यु के दो महीने बाद रिलीज हुई थी, जिसमें बीबी किंग , वैन मॉरिसन, विली नेल्सन, जे एमस टेलर , ग्लेडिस नाइट , माइकल मैकडॉनल्ड्स, नेटली कोल, एल्टन जॉन , बोनी रायट , डायना क्रॉल, नोरा जोन्स और जॉनी मैथिस । सीडी ने आठ ग्रैमी अवॉर्ड्स जीते, जिसमें एल्बम ऑफ द ईयर, और "इयर वी गो अगेन" के लिए रिकॉर्ड ऑफ द ईयर शामिल था। यहां रेन चार्ल्स एक जीनियस क्यों था , "दस कारणों की एक सूची यहां दी गई है । " 1 9 60 - "जॉर्जिया ऑन माई माइंड" 1 9 61 में, रे चार्ल्स द्वारा "जॉर्जिया ऑन माई माइंड" ने दो ग्रैमी अवॉर्ड्स जीतेः सर्वश्रेष्ठ वोकल परफॉर्मेंस एल्बम, पुरुष और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एक पॉप एकल कलाकार। 1 9 60 के एल्बम द जीनियस हिट्स रोड के लिए रिकॉर्ड किया गया, यह 1 9 7 9 में जॉर्जिया राज्य का आधिकारिक राज्य गीत बन गया। 1 9 5 9 - "मैंने क्या कहा" रे चार्ल्स के 1 9 5 9 एल्बम, व्हाट्स आई सई का शीर्षक गीत , उनका पांचवां नंबर एक रैंडब हिट था, और उनका पहला शीर्ष दस पॉप एकल, बिलबोर्ड हॉट 100 पर नंबर छह पर पहुंच गया। यह उनका पहला प्रमाणित स्वर्ण एकल था, और 2002 में, इसे राष्ट्रीय रिकॉर्डिंग रजिस्ट्री में जोड़ा गया था। 1 9 55 - "मुझे एक महिला मिली" 1 9 55 में "आई गॉट ए वूमन" रे चार्ल्स का बिलबोर्ड रैंडबी चार्ट पर पहला नंबर एक हिट था। अपने स्वयं के शीर्षक वाले पहले एल्बम से, गीत एल्विस प्रेस्ली , द बीटल्स और स्टीवी वंडर समेत कई कलाकारों द्वारा कवर किया गया है। 1 9 61 - "रोड जैक हिट करें" 1 9 61 में, "हिट द रोड जैक" बिल चार्ल्स हॉट 100 और रैंडबी चार्ट दोनों के शीर्ष तक पहुंचने के लिए रे चार्ल्स का पहला गीत बन गया। यह रैंडबी चार्ट पर पांच सप्ताह के लिए नंबर एक था, और दो सप्ताह के लिए हॉट 100 के शीर्ष पर रहा। अगले वर्ष, गीत ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ रिकॉर्डिंग के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। 1 9 62 - "मैं आपको प्यार करना बंद नहीं कर सकता" 1 9 62 में, रे चार्ल्स द्वारा "आई कैन स्टॉप लविंग यू" द्वारा उनका पहला गीत बन गया, जो कि तीन बिलबोर्ड चार्ट्सः हॉट 100, रैंडबी पर नंबर एक हिट करने वाला पहला गीत बन गया। और वयस्क समकालीन। यह हॉट 100 पर पांच सप्ताह के लिए नंबर एक था। अगले साल, गीत ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ रिकॉर्डिंग के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। 1 9 60 - "द गुड टाइम्स रोल" 1 9 61 में, रे चार्ल्स द्वारा "लेट द गुड टाइम्स रोल" ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ प्रदर्शन के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। चार्ल्स ने क्विंसी जोन्स के 1995 एल्बम, क्यू के जुक संयुक्त के लिए यू 2 से स्टीवी वंडर और बोनो के साथ फिर से गीत रिकॉर्ड किया । 1 99 3 - "आपके लिए एक गीत" 1 99 4 में, ले चार्ल्स क्लासिक "ए सॉन्ग फॉर यू" के रे चार्ल्स के संस्करण ने सर्वश्रेष्ठ रैंडबी वोकल परफॉर्मेंस, माले के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। 2004 - नोरा जोन्स के साथ "यहां वी गो अगेन" 2004 जेनियस लव कंपनी सीडी से रे चार्ल्स और नोरा जोन्स ने "यहां वी गो अगेन" वर्ष के रिकॉर्ड के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स और वोकल्स के साथ सर्वश्रेष्ठ पॉप सहयोग जीता। सीडी को एल्बम ऑफ द ईयर के रूप में भी सम्मानित किया गया था। 1 9 66 - "रोइंग टाइम" रे चार्ल्स के 1 9 66 के एल्बम क्राइंग टाइम के शीर्षक गीत ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ रिकॉर्डिंग के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स जीता, और बेस्ट रिदम एंड ब्लूज़ सोलो वोकल परफॉर्मेंस, माले या मादा। चार्ल्स और बारबरा स्ट्रेसिस ने गीत को 1 9 73 के एल्बम, बारब्रा स्ट्रिसेंड . . . और अन्य संगीत उपकरण पर एक युगल के रूप में रिकॉर्ड किया। 1 9 8 9 - "मैं आपसे अच्छा रहूंगा" वोकल के साथ एक डुओ या ग्रुप द्वारा सर्वश्रेष्ठ रैंडबी प्रदर्शन। यह गीत बिलबोर्ड रैंडबी और डांस चार्ट पर नंबर एक पर पहुंच गया।
तेईस सितंबर, एक नौ तीस को अल्बानी, जॉर्जिया में पैदा हुए, रे चार्ल्स हर समय के सबसे बहुमुखी रिकॉर्डिंग कलाकारों में से एक थे, आर एंड बी में उत्कृष्टता। रॉक एंड रोल, देश, सुसमाचार, ब्लूज़, और पॉप संगीत। उन्होंने सत्रह ग्रैमी पुरस्कार जीते और चौदह नंबर एक बिलबोर्ड एकल हासिल किए। प्रशंसा की उनकी लंबी सूची में रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम और एनएएसीपी छवि पुरस्कार हॉल ऑफ फेम, हॉलीवुड वॉक ऑफ़ फेम, केनेडी सेंटर ऑनर्स, नेशनल मेडल ऑफ आर्ट्स और एक ग्रैमी लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड में एक स्टार शामिल है। दस जून, दो हज़ार चार को, चार्ल्स कैलिफ़ोर्निया के बेवर्ली हिल्स में अपने घर पर जिगर की बीमारी से दूर हो गया, वह तिहत्तर वर्ष का था। उनका अंतिम एल्बम, जीनियस लव्स कंपनी , उनकी मृत्यु के दो महीने बाद रिलीज हुई थी, जिसमें बीबी किंग , वैन मॉरिसन, विली नेल्सन, जे एमस टेलर , ग्लेडिस नाइट , माइकल मैकडॉनल्ड्स, नेटली कोल, एल्टन जॉन , बोनी रायट , डायना क्रॉल, नोरा जोन्स और जॉनी मैथिस । सीडी ने आठ ग्रैमी अवॉर्ड्स जीते, जिसमें एल्बम ऑफ द ईयर, और "इयर वी गो अगेन" के लिए रिकॉर्ड ऑफ द ईयर शामिल था। यहां रेन चार्ल्स एक जीनियस क्यों था , "दस कारणों की एक सूची यहां दी गई है । " एक नौ साठ - "जॉर्जिया ऑन माई माइंड" एक नौ इकसठ में, रे चार्ल्स द्वारा "जॉर्जिया ऑन माई माइंड" ने दो ग्रैमी अवॉर्ड्स जीतेः सर्वश्रेष्ठ वोकल परफॉर्मेंस एल्बम, पुरुष और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एक पॉप एकल कलाकार। एक नौ साठ के एल्बम द जीनियस हिट्स रोड के लिए रिकॉर्ड किया गया, यह एक नौ सात नौ में जॉर्जिया राज्य का आधिकारिक राज्य गीत बन गया। एक नौ पाँच नौ - "मैंने क्या कहा" रे चार्ल्स के एक नौ पाँच नौ एल्बम, व्हाट्स आई सई का शीर्षक गीत , उनका पांचवां नंबर एक रैंडब हिट था, और उनका पहला शीर्ष दस पॉप एकल, बिलबोर्ड हॉट एक सौ पर नंबर छह पर पहुंच गया। यह उनका पहला प्रमाणित स्वर्ण एकल था, और दो हज़ार दो में, इसे राष्ट्रीय रिकॉर्डिंग रजिस्ट्री में जोड़ा गया था। एक नौ पचपन - "मुझे एक महिला मिली" एक नौ पचपन में "आई गॉट ए वूमन" रे चार्ल्स का बिलबोर्ड रैंडबी चार्ट पर पहला नंबर एक हिट था। अपने स्वयं के शीर्षक वाले पहले एल्बम से, गीत एल्विस प्रेस्ली , द बीटल्स और स्टीवी वंडर समेत कई कलाकारों द्वारा कवर किया गया है। एक नौ इकसठ - "रोड जैक हिट करें" एक नौ इकसठ में, "हिट द रोड जैक" बिल चार्ल्स हॉट एक सौ और रैंडबी चार्ट दोनों के शीर्ष तक पहुंचने के लिए रे चार्ल्स का पहला गीत बन गया। यह रैंडबी चार्ट पर पांच सप्ताह के लिए नंबर एक था, और दो सप्ताह के लिए हॉट एक सौ के शीर्ष पर रहा। अगले वर्ष, गीत ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ रिकॉर्डिंग के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। एक नौ बासठ - "मैं आपको प्यार करना बंद नहीं कर सकता" एक नौ बासठ में, रे चार्ल्स द्वारा "आई कैन स्टॉप लविंग यू" द्वारा उनका पहला गीत बन गया, जो कि तीन बिलबोर्ड चार्ट्सः हॉट एक सौ, रैंडबी पर नंबर एक हिट करने वाला पहला गीत बन गया। और वयस्क समकालीन। यह हॉट एक सौ पर पांच सप्ताह के लिए नंबर एक था। अगले साल, गीत ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ रिकॉर्डिंग के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। एक नौ साठ - "द गुड टाइम्स रोल" एक नौ इकसठ में, रे चार्ल्स द्वारा "लेट द गुड टाइम्स रोल" ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ प्रदर्शन के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। चार्ल्स ने क्विंसी जोन्स के एक हज़ार नौ सौ पचानवे एल्बम, क्यू के जुक संयुक्त के लिए यू दो से स्टीवी वंडर और बोनो के साथ फिर से गीत रिकॉर्ड किया । एक निन्यानवे तीन - "आपके लिए एक गीत" एक निन्यानवे चार में, ले चार्ल्स क्लासिक "ए सॉन्ग फॉर यू" के रे चार्ल्स के संस्करण ने सर्वश्रेष्ठ रैंडबी वोकल परफॉर्मेंस, माले के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। दो हज़ार चार - नोरा जोन्स के साथ "यहां वी गो अगेन" दो हज़ार चार जेनियस लव कंपनी सीडी से रे चार्ल्स और नोरा जोन्स ने "यहां वी गो अगेन" वर्ष के रिकॉर्ड के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स और वोकल्स के साथ सर्वश्रेष्ठ पॉप सहयोग जीता। सीडी को एल्बम ऑफ द ईयर के रूप में भी सम्मानित किया गया था। एक नौ छयासठ - "रोइंग टाइम" रे चार्ल्स के एक नौ छयासठ के एल्बम क्राइंग टाइम के शीर्षक गीत ने सर्वश्रेष्ठ ताल और ब्लूज़ रिकॉर्डिंग के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स जीता, और बेस्ट रिदम एंड ब्लूज़ सोलो वोकल परफॉर्मेंस, माले या मादा। चार्ल्स और बारबरा स्ट्रेसिस ने गीत को एक नौ तिहत्तर के एल्बम, बारब्रा स्ट्रिसेंड . . . और अन्य संगीत उपकरण पर एक युगल के रूप में रिकॉर्ड किया। एक नौ आठ नौ - "मैं आपसे अच्छा रहूंगा" वोकल के साथ एक डुओ या ग्रुप द्वारा सर्वश्रेष्ठ रैंडबी प्रदर्शन। यह गीत बिलबोर्ड रैंडबी और डांस चार्ट पर नंबर एक पर पहुंच गया।
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सौरमंडल में एलियन का बना ठिकाना, मदरशिप पर बैठे करते हैं हमारी जासूसी! वॉशिंगटन। एलियन पर हाल ही में हार्वर्ड के एक वैज्ञानिक एवी लोएब और पेंटागन के ऑलडोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस के निदेशक सीन एम. किर्कपैट्रिक ने...View More सौरमंडल में एलियन का बना ठिकाना, मदरशिप पर बैठे करते हैं हमारी जासूसी!
कब लगेगा चंद्र ग्रहण? साल का पहला चंद्र ग्रहण 5 मई शुक्रवार के दिन रात 08:44 पर शुरु होगा और देर रात 1. 02 बजे खत्म होगा। इसी दिन वैशाख महीने की पूर्णिमा भी है। वैशाख पूर्णिमा का बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। वहीं चंद्र ग्रहण के परग्रास का समय रात 10:53 पर होगा। चंद्र ग्रहण में सूतक काल का समय 9 घंटे पहले समय शुरु हो जाता है। यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा ऐसे में यहां पर सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यह चंद्रग्रहण उपछाया होगा यानी की पृथ्वी की छाया सिर्फ एक ही ओर होगी ऐसे में यह ग्रहण हर जगह नहीं दिखेगा। साल का पहला चंद्रग्रहण यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अंटार्कटिका, प्रशांत अटलांटिक और हिंद महासागर में दिखेगा। जिस समय चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया न पड़कर सिर्फ उपछाया पड़ती है तो इसे उपछाया चंद्रग्रहण कहते हैं। ग्रहण लगने से पहले चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करता है जिसको चंद्र मालिन्य भी कहते हैं। इसके बाद चांद पृथ्वी की वास्तविक छाया भूभाग में प्रवेश करता है परंतु कई बार चंद्रमा उपछाया में प्रवेश करके उपछाया शंकु से ही बाहर निकल आता है। ऐसे में उपछाया के समय चंद्रमा की रोशनी में हल्का धुंधलापन भी होता है जिसके कारण चंद्रमा का रंग थोड़ा सा मटमैला हो जाता है। इसे ही उपछाया चंद्रग्रहण कहते हैं। हिंदू मान्यताओं की मानें तो चंद्र ग्रहण के समय खाना बनाने और खाना दोनों ही चीजों पर मनाही होती है। इसके अलावा चंद्रग्रहण में पूजा अर्चना भी नहीं करनी चाहिए। यदि आपके घर में मंदिर बना हुआ है तो मंदिर का गेट बंद करके रखें या फिर उस पर पर्दा लगा दें। इसके अलावा ग्रहण के समय सोना भी नहीं चाहिए। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा मंत्रों का जाप करें। इसके अलावा ग्रहण में पेड़-पौधे भी न छुएं। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए ।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण? साल का पहला चंद्र ग्रहण पाँच मई शुक्रवार के दिन रात आठ:चौंतालीस पर शुरु होगा और देर रात एक. दो बजे खत्म होगा। इसी दिन वैशाख महीने की पूर्णिमा भी है। वैशाख पूर्णिमा का बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। वहीं चंद्र ग्रहण के परग्रास का समय रात दस:तिरेपन पर होगा। चंद्र ग्रहण में सूतक काल का समय नौ घंटाटे पहले समय शुरु हो जाता है। यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा ऐसे में यहां पर सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यह चंद्रग्रहण उपछाया होगा यानी की पृथ्वी की छाया सिर्फ एक ही ओर होगी ऐसे में यह ग्रहण हर जगह नहीं दिखेगा। साल का पहला चंद्रग्रहण यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अंटार्कटिका, प्रशांत अटलांटिक और हिंद महासागर में दिखेगा। जिस समय चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया न पड़कर सिर्फ उपछाया पड़ती है तो इसे उपछाया चंद्रग्रहण कहते हैं। ग्रहण लगने से पहले चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करता है जिसको चंद्र मालिन्य भी कहते हैं। इसके बाद चांद पृथ्वी की वास्तविक छाया भूभाग में प्रवेश करता है परंतु कई बार चंद्रमा उपछाया में प्रवेश करके उपछाया शंकु से ही बाहर निकल आता है। ऐसे में उपछाया के समय चंद्रमा की रोशनी में हल्का धुंधलापन भी होता है जिसके कारण चंद्रमा का रंग थोड़ा सा मटमैला हो जाता है। इसे ही उपछाया चंद्रग्रहण कहते हैं। हिंदू मान्यताओं की मानें तो चंद्र ग्रहण के समय खाना बनाने और खाना दोनों ही चीजों पर मनाही होती है। इसके अलावा चंद्रग्रहण में पूजा अर्चना भी नहीं करनी चाहिए। यदि आपके घर में मंदिर बना हुआ है तो मंदिर का गेट बंद करके रखें या फिर उस पर पर्दा लगा दें। इसके अलावा ग्रहण के समय सोना भी नहीं चाहिए। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा मंत्रों का जाप करें। इसके अलावा ग्रहण में पेड़-पौधे भी न छुएं। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए ।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल दिल्ली के 15 जनपथ पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्धाटन करेंगे। वह डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर फॉर सोसियो-इकनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन (डीएआईसीएसईटी) का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, 'कल 11 बजे मैं दिल्ली के 15 जनपथ पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन करूंगा। यह आयोजन मेरे लिए कहीं अधिक खास है क्योंकि मुझे इस सेंटर के लिए आधारशिला रखने का अवसर मिला था। हमारी राष्ट्रीय राजधानी के बीचो-बीच स्थित यह केंद्र डॉ. अंबेडकर के लिए एक उचित श्रद्धांजलि है। डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर बौद्ध और वर्तमान वास्तुकला का मेल है। इसमें सेमिनार के साथ-साथ सम्मेलन कक्ष भी मौजूद हैं। इसमें तीन ऑडिटोरियम और एक समृद्ध डिजिटल रिपॉजिटरी यानि डिजिटल संग्रह के साथ विशाल पुस्तकालय है। कल डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर फॉर सोसियो-इकनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन (डीएआईसीएसईटी) का उद्घाटन किया जाएगा। यह संस्था अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ युवाओं के बीच अनुसंधान एवं मूल सोच को प्रोत्साहित करेगी।'
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल दिल्ली के पंद्रह जनपथ पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्धाटन करेंगे। वह डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर फॉर सोसियो-इकनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, 'कल ग्यारह बजे मैं दिल्ली के पंद्रह जनपथ पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन करूंगा। यह आयोजन मेरे लिए कहीं अधिक खास है क्योंकि मुझे इस सेंटर के लिए आधारशिला रखने का अवसर मिला था। हमारी राष्ट्रीय राजधानी के बीचो-बीच स्थित यह केंद्र डॉ. अंबेडकर के लिए एक उचित श्रद्धांजलि है। डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर बौद्ध और वर्तमान वास्तुकला का मेल है। इसमें सेमिनार के साथ-साथ सम्मेलन कक्ष भी मौजूद हैं। इसमें तीन ऑडिटोरियम और एक समृद्ध डिजिटल रिपॉजिटरी यानि डिजिटल संग्रह के साथ विशाल पुस्तकालय है। कल डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर फॉर सोसियो-इकनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन का उद्घाटन किया जाएगा। यह संस्था अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ युवाओं के बीच अनुसंधान एवं मूल सोच को प्रोत्साहित करेगी।'
कांग्रेस ने एक बार फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं. पंजाब कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन देशों में ईवीएम बनाई है, वो भी इसका उपयोग नहीं करते. ऐसे में चुनाव आयोग को ईवीएम को चेंज कर बैलेट पेपर पर आना चाहिए. फिर भी जब तक ऐसा संभव नहीं है तब तक पेपर ट्रेल की गिनती को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहिए. प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीत में आने का आशा कुमारी ने स्वागत किया. आशा कुमारी ने कहा कि कई वर्षों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह मांग थी. प्रियंका गांधी ने कांग्रेस महासचिव के साथ-साथ ईस्टन यूपी का पदभार संभाला है. उनके आने से न केवल यूपी बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकर्ता उत्साहित हुए हैं. बता दें कि हाल ही में जींद में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला की हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस पार्टी अक्सर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है. .
कांग्रेस ने एक बार फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं. पंजाब कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन देशों में ईवीएम बनाई है, वो भी इसका उपयोग नहीं करते. ऐसे में चुनाव आयोग को ईवीएम को चेंज कर बैलेट पेपर पर आना चाहिए. फिर भी जब तक ऐसा संभव नहीं है तब तक पेपर ट्रेल की गिनती को दस प्रतिशत से बढ़ाकर पचास प्रतिशत करना चाहिए. प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीत में आने का आशा कुमारी ने स्वागत किया. आशा कुमारी ने कहा कि कई वर्षों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह मांग थी. प्रियंका गांधी ने कांग्रेस महासचिव के साथ-साथ ईस्टन यूपी का पदभार संभाला है. उनके आने से न केवल यूपी बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकर्ता उत्साहित हुए हैं. बता दें कि हाल ही में जींद में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला की हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस पार्टी अक्सर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है. .
Digital Tax की शुरुआत अप्रैल 2020 में हुई थी. यह केवल ऐसी विदेशी कंपनियों पर लागू है, जिनकी वार्षिक आय दो करोड़ रुपये से अधिक है. सरकार ने फैसला किया है कि विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों (Foreign E-Commerce Firms) की भारतीय शाखा के जरिए बेची गईं वस्तुओं, सेवाओं पर दो फीसदी का डिजिटल कर (Digital Tax) नहीं लगेगा, ताकि उन्हें बराबरी का मौका मुहैया कराया जा सके. वित्त विधेयक 2021 में संशोधन करके यह स्पष्ट किया गया है कि विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को दो फीसदी के डिजिटल कर का भुगतान नहीं करना पड़ेगा, यदि वे स्थाई रूप से यहां हैं या वे आयकर देते हैं. (भाषा इनपुट के साथ)
Digital Tax की शुरुआत अप्रैल दो हज़ार बीस में हुई थी. यह केवल ऐसी विदेशी कंपनियों पर लागू है, जिनकी वार्षिक आय दो करोड़ रुपये से अधिक है. सरकार ने फैसला किया है कि विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की भारतीय शाखा के जरिए बेची गईं वस्तुओं, सेवाओं पर दो फीसदी का डिजिटल कर नहीं लगेगा, ताकि उन्हें बराबरी का मौका मुहैया कराया जा सके. वित्त विधेयक दो हज़ार इक्कीस में संशोधन करके यह स्पष्ट किया गया है कि विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को दो फीसदी के डिजिटल कर का भुगतान नहीं करना पड़ेगा, यदि वे स्थाई रूप से यहां हैं या वे आयकर देते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम नागरिकों के नेतृत्व में एक संयुक्त निजी-सरकारी सलाहकार निकाय और एक सामाजिक सहमति बनाएंगे। " उन्होंने आगे कहा, "कुत्ते के मांस की खपत पर विवाद नया नहीं है और 1988 के सियोल ओलंपिक के बाद से 30 से ज्यादा सालों से जारी है। " "पालतू जानवरों के साथ घरों की संख्या में तेज वृद्धि और पशु अधिकारों और पशु कल्याण में बढ़ती सार्वजनिक रुचि के साथ, हम पुरानी खाद्य संस्कृति के हिस्से के रूप में कुत्ते के मांस की खपत के खिलाफ बढ़ती मांग देख रहे हैं। " किम के कार्यालय के अनुसार, अगले महीने लॉन्च होने वाली इस परिकल्पना में 20 विशेषज्ञ, नागरिक कार्यकर्ता और सरकारी अधिकारी शामिल होंगे, जो अगले साल अप्रैल तक इस मामले पर गहन चर्चा करेंगे। इसमें कहा गया कि सरकार की कार्य योजनाओं को तैयार करने के लिए एक अलग उप-मंत्रालय स्तर की इकाई बनाने की भी योजना है, जबकि कई संबंधित पक्षों से राय इक्ठ्ठे करने और संबंधित अनुसंधान करने के लिए यह जोड़ा गया है। गुरुवार की बैठक राष्ट्रपति मून जे-इन द्वारा सितंबर में किम के साथ बैठक के दौरान कुत्ते के मांस की खपत पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर ध्यान देने की आवश्यकता के बाद हुई। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस प्रथा की निंदा की है, जबकि अन्य लोगों ने तर्क दिया है कि लोगों को यह चुनने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए कि वे क्या खाते हैं। (आईएएनएस) इस महीने की शुरूआत में, रीयलमेटर के एक सर्वेक्षण से पता चला कि 48. 9 प्रतिशत लोगों ने कानून द्वारा कुत्ते के मांस की खपत पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया, जबकि 38. 6 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। दक्षिण कोरिया के पशु संरक्षण कानून का उद्देश्य कुत्तों और बिल्लियों के क्रूर संहार को रोकना है, लेकिन यह कुत्ते के मांस के सेवन पर प्रतिबंध नहीं लगाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम नागरिकों के नेतृत्व में एक संयुक्त निजी-सरकारी सलाहकार निकाय और एक सामाजिक सहमति बनाएंगे। " उन्होंने आगे कहा, "कुत्ते के मांस की खपत पर विवाद नया नहीं है और एक हज़ार नौ सौ अठासी के सियोल ओलंपिक के बाद से तीस से ज्यादा सालों से जारी है। " "पालतू जानवरों के साथ घरों की संख्या में तेज वृद्धि और पशु अधिकारों और पशु कल्याण में बढ़ती सार्वजनिक रुचि के साथ, हम पुरानी खाद्य संस्कृति के हिस्से के रूप में कुत्ते के मांस की खपत के खिलाफ बढ़ती मांग देख रहे हैं। " किम के कार्यालय के अनुसार, अगले महीने लॉन्च होने वाली इस परिकल्पना में बीस विशेषज्ञ, नागरिक कार्यकर्ता और सरकारी अधिकारी शामिल होंगे, जो अगले साल अप्रैल तक इस मामले पर गहन चर्चा करेंगे। इसमें कहा गया कि सरकार की कार्य योजनाओं को तैयार करने के लिए एक अलग उप-मंत्रालय स्तर की इकाई बनाने की भी योजना है, जबकि कई संबंधित पक्षों से राय इक्ठ्ठे करने और संबंधित अनुसंधान करने के लिए यह जोड़ा गया है। गुरुवार की बैठक राष्ट्रपति मून जे-इन द्वारा सितंबर में किम के साथ बैठक के दौरान कुत्ते के मांस की खपत पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर ध्यान देने की आवश्यकता के बाद हुई। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस प्रथा की निंदा की है, जबकि अन्य लोगों ने तर्क दिया है कि लोगों को यह चुनने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए कि वे क्या खाते हैं। इस महीने की शुरूआत में, रीयलमेटर के एक सर्वेक्षण से पता चला कि अड़तालीस. नौ प्रतिशत लोगों ने कानून द्वारा कुत्ते के मांस की खपत पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया, जबकि अड़तीस. छः प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। दक्षिण कोरिया के पशु संरक्षण कानून का उद्देश्य कुत्तों और बिल्लियों के क्रूर संहार को रोकना है, लेकिन यह कुत्ते के मांस के सेवन पर प्रतिबंध नहीं लगाता है।
भूल गयी ? जब तुम थी नितांत अकेली -परित्यक्ता, ले गया था तुम्हें मैं उन बादलों के ऊपर, उन बाग-बावड़ियों के बीच, तुम्हारे हाथ को पकड़े हुए, अपनी उंगलियों से फेरकर। भागे थे दोनों चुराकर अंडे पक्षीराज के, कुरेदा था बरगद की छाल को, बांस की छोटी पुलिया को मांचते हुए, ले गया था तुम्हें उस निर्जन वन में। उन सूखे पत्तों की खर-खर की आवाज़, जिसका पड़ा था बीज तुम्हारे सुसुप्तांर्तमन में। जिस पर नहीं थी मेरी कोई हिस्सेदारी। सुनो तुम पक्षीराज ! और तुम भी सुनो ऐ बादल ! मेरी दशा पर रोना नहीं तुम, क्योंकि अब चीजे बदलेंगी। अब कहानी मैं लिखूंगा, कवितायें भी मेरी होंगी। मैं लिखूंगा अपने लिये, बराबर की होगी।
भूल गयी ? जब तुम थी नितांत अकेली -परित्यक्ता, ले गया था तुम्हें मैं उन बादलों के ऊपर, उन बाग-बावड़ियों के बीच, तुम्हारे हाथ को पकड़े हुए, अपनी उंगलियों से फेरकर। भागे थे दोनों चुराकर अंडे पक्षीराज के, कुरेदा था बरगद की छाल को, बांस की छोटी पुलिया को मांचते हुए, ले गया था तुम्हें उस निर्जन वन में। उन सूखे पत्तों की खर-खर की आवाज़, जिसका पड़ा था बीज तुम्हारे सुसुप्तांर्तमन में। जिस पर नहीं थी मेरी कोई हिस्सेदारी। सुनो तुम पक्षीराज ! और तुम भी सुनो ऐ बादल ! मेरी दशा पर रोना नहीं तुम, क्योंकि अब चीजे बदलेंगी। अब कहानी मैं लिखूंगा, कवितायें भी मेरी होंगी। मैं लिखूंगा अपने लिये, बराबर की होगी।
बेंच ने कहा कि बेगुनाह लोगों के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए ऐसा प्रावधान किया जाना जरूरी है। जजों ने कहा कि किसी भी ऐक्ट को ब्लैकमेल का जरिया बनने या निजी रंजिश निकालने का उपकरण नहीं बनने दिया जा सकता। अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी ऐक्ट के बेजा इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए इसके तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी न किए जाने का आदेश दिया है। इसके अलावा एससी/एसटी ऐक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस कानून के तहत दर्ज मामलों में ऑटोमेटिक गिरफ्तारी की बजाय पुलिस को 7 दिन के भीतर जांच करनी चाहिए और फिर आगे ऐक्शन लेना चाहिए। जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की बेंच ने अग्रिम जमानत का प्रावधान जोड़ने का आदेश दिया। इस ऐक्ट के सेक्शन 18 के मुताबिक इसके तहत दर्ज केसों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है। बेंच ने कहा कि बेगुनाह लोगों के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए ऐसा प्रावधान किया जाना जरूरी है। जजों ने कहा कि किसी भी ऐक्ट को ब्लैकमेल का जरिया या निजी रंजिश निकालने का उपकरण नहीं बनने दिया जा सकता। 'चुपचाप अधिकारों का उल्लंघन होता नहीं देख सकते' बेंच ने एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि एससी/एसटी ऐक्ट का मतलब जातिवाद को बनाए रखना नहीं, जिसका समाज और संवैधानिक मूल्यों पर विपरीत असर पड़ सकता है। बेंच ने कहा, 'इस ऐक्ट के दुरुपयोग के मामलों को देखते हुए यह जरूरी हो जाता है कि निश्चित अथॉरिटी से मंजूरी मिलने के बाद ही किसी सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा गैर-सरकारी कर्मी को अरेस्ट करने के लिए भी एसएसपी की ओर से अप्रूवल मिलना जरूरी होना चाहिए। ' 'डीएसपी स्तर का अधिकारी करे आरोपों की जांच' अदालत ने कहा कि इस ऐक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है कि इसके तहत दर्ज कराए गए मामलों में डीएसपी की ओर से शुरुआती जांच की जाए। इससे पता चल सकेगा कि आरोप सही हैं या फिर किसी तरह का बदला लेने या किसी के उकसावे में ऐसा किया गया है। बेंच ने कड़े लहजे में कहा कि यदि किसी कानून का बेगुनाह लोगों को क्रिमिनल केसों में फंसाने के लिए दुरुपयोग होता है तो अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती।
बेंच ने कहा कि बेगुनाह लोगों के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए ऐसा प्रावधान किया जाना जरूरी है। जजों ने कहा कि किसी भी ऐक्ट को ब्लैकमेल का जरिया बनने या निजी रंजिश निकालने का उपकरण नहीं बनने दिया जा सकता। अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी ऐक्ट के बेजा इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए इसके तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी न किए जाने का आदेश दिया है। इसके अलावा एससी/एसटी ऐक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस कानून के तहत दर्ज मामलों में ऑटोमेटिक गिरफ्तारी की बजाय पुलिस को सात दिन के भीतर जांच करनी चाहिए और फिर आगे ऐक्शन लेना चाहिए। जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की बेंच ने अग्रिम जमानत का प्रावधान जोड़ने का आदेश दिया। इस ऐक्ट के सेक्शन अट्ठारह के मुताबिक इसके तहत दर्ज केसों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है। बेंच ने कहा कि बेगुनाह लोगों के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए ऐसा प्रावधान किया जाना जरूरी है। जजों ने कहा कि किसी भी ऐक्ट को ब्लैकमेल का जरिया या निजी रंजिश निकालने का उपकरण नहीं बनने दिया जा सकता। 'चुपचाप अधिकारों का उल्लंघन होता नहीं देख सकते' बेंच ने एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि एससी/एसटी ऐक्ट का मतलब जातिवाद को बनाए रखना नहीं, जिसका समाज और संवैधानिक मूल्यों पर विपरीत असर पड़ सकता है। बेंच ने कहा, 'इस ऐक्ट के दुरुपयोग के मामलों को देखते हुए यह जरूरी हो जाता है कि निश्चित अथॉरिटी से मंजूरी मिलने के बाद ही किसी सरकारी कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा गैर-सरकारी कर्मी को अरेस्ट करने के लिए भी एसएसपी की ओर से अप्रूवल मिलना जरूरी होना चाहिए। ' 'डीएसपी स्तर का अधिकारी करे आरोपों की जांच' अदालत ने कहा कि इस ऐक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है कि इसके तहत दर्ज कराए गए मामलों में डीएसपी की ओर से शुरुआती जांच की जाए। इससे पता चल सकेगा कि आरोप सही हैं या फिर किसी तरह का बदला लेने या किसी के उकसावे में ऐसा किया गया है। बेंच ने कड़े लहजे में कहा कि यदि किसी कानून का बेगुनाह लोगों को क्रिमिनल केसों में फंसाने के लिए दुरुपयोग होता है तो अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती।
Don't Miss! जिस तरह से फिल्म के रिव्यू सामने आ रहे हैं इससे एक बात को तय है कि फिल्म काफी धमाकेदार कमाई करने वाली है। इस फिल्म से पहले अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू फिल्म पिंक में नजर आए थे। आलिया-रणबीर अभी नहीं ले पाएंगे सात फेरे- ऋषि कपूर बने कारण- ले लिया ये फैसला! Bollywood celebrities watch Amitabh bachchan and Taapsee pannu's film. reaction is very awesome.
Don't Miss! जिस तरह से फिल्म के रिव्यू सामने आ रहे हैं इससे एक बात को तय है कि फिल्म काफी धमाकेदार कमाई करने वाली है। इस फिल्म से पहले अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू फिल्म पिंक में नजर आए थे। आलिया-रणबीर अभी नहीं ले पाएंगे सात फेरे- ऋषि कपूर बने कारण- ले लिया ये फैसला! Bollywood celebrities watch Amitabh bachchan and Taapsee pannu's film. reaction is very awesome.
नई दिल्ली -कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शनिवार को दिल्ली सर्राफा बाजार बंद रहा, जबकि सप्ताहांत पर वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार जन्माष्टमी के अवसर पर बाजार में अवकाश रहा। सोमवार को सामान्य कारोबार होगा। सप्ताहांत पर शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। लंदन तथा न्यूयार्क से मिली जानकारी के अनुसार सोना हाजिर 1526. 10 डालर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसके साथ ही दिसंबर का अमरीकी सोना वायदा 1527. 20 डालर प्रति औंस बोला गया। पीली धातु की तरह सफेद धातु में भी जबरदस्त तेजी रही। चांदी हाजिर 17. 39 डालर प्रति औंस बोली गई। अमरीका और चीन के बीच टैरिफ युद्ध से वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव बढ़ने की आशंका में निवेशकों के सुरक्षित निवेश के लिए कीमती धातुओं की ओर रूख करने से यह तेजी आई है। चीन ने अमरीकी उत्पादों पर 75 अरब डालर का शुल्क बढ़ा दिया है, जिस पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी यहां की कंपनियों को चीन से निकलने की सलाह दी है।
नई दिल्ली -कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शनिवार को दिल्ली सर्राफा बाजार बंद रहा, जबकि सप्ताहांत पर वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार जन्माष्टमी के अवसर पर बाजार में अवकाश रहा। सोमवार को सामान्य कारोबार होगा। सप्ताहांत पर शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। लंदन तथा न्यूयार्क से मिली जानकारी के अनुसार सोना हाजिर एक हज़ार पाँच सौ छब्बीस. दस डालर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसके साथ ही दिसंबर का अमरीकी सोना वायदा एक हज़ार पाँच सौ सत्ताईस. बीस डालर प्रति औंस बोला गया। पीली धातु की तरह सफेद धातु में भी जबरदस्त तेजी रही। चांदी हाजिर सत्रह. उनतालीस डालर प्रति औंस बोली गई। अमरीका और चीन के बीच टैरिफ युद्ध से वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव बढ़ने की आशंका में निवेशकों के सुरक्षित निवेश के लिए कीमती धातुओं की ओर रूख करने से यह तेजी आई है। चीन ने अमरीकी उत्पादों पर पचहत्तर अरब डालर का शुल्क बढ़ा दिया है, जिस पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी यहां की कंपनियों को चीन से निकलने की सलाह दी है।
'शहीदों की चिताओं पर पड़ेंगे खाक के ढेले वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा' ऐसे ही शब्दों को उलझा कर कुछ नया बनाकर बोलने वाले बादशाह चंद्र शेखर आज़ाद की आज 82 वीं पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं आज़ाद की कुछ ख़ास और रोचक बातेंः 1. 1919 में जलियावाला बाग हत्याकांड हुआ था, जिसके बाद 1921 में महात्मा गांधी द्वारा शुरू हुए असहयोग आंदोलन में अन्य तमाम छात्रों की तरह ही चन्द्रशेखर भी इस आंदोलन से जुड़े जिसके बाद उनकी पहली गिरफ्तारी हुई। 2. जब आज़ाद को अंग्रेजी सरकार ने असहयोग आंदोलन के समय गिरफ्तार किया गया और अदालत में उनसे उनका परिचय पूछा तो उन्होंने कहा- आज़ाद और पिता का नाम स्वतंत्रता और पता जेल बताया। 3. मजिस्ट्रेट ने चंद्रशेखर को 15 दिनों तक जेल में रहने की सजा सुनाई और जेल में उन्हें अंग्रेजों ने बहुत पीटा। हर मार के बाद वो और सख्त होते गए, जेल से बाहर निकलते ही लोगों ने आज़ाद का स्वागत फूल और मालाओं से किया। 4. अख़बार में उनकी फोटो छपी, जिसके बाद से लोग उन्हें आज़ाद के नाम से जानने लगे। 5. एक दिन उन्हें इलाहाबाद के एल्फ्रेड पार्क में उन्हें उनके मित्र सुखदेव राज ने बुलाया। वो बात कर ही रहे थे कि पुलिस ने उन्हें घेर लिया और गोलियां दागनी शुरू कर दी। दोनों ओर से गोलीबारी हुई। चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने जीवन में ये कसम खा रखी थी कि वो कभी भी जिंदा पुलिस के हाथ नहीं आएंगे। इसलिए उन्होंने खुद को गोली मार ली। 6. आज़ाद ने इलाहाबाद के जिस एल्फर्ड पार्क में ख़ुद को गोली मारी उस पार्क का नाम चंद्रशेखर आज़ाद पार्क रखा गया।
'शहीदों की चिताओं पर पड़ेंगे खाक के ढेले वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा' ऐसे ही शब्दों को उलझा कर कुछ नया बनाकर बोलने वाले बादशाह चंद्र शेखर आज़ाद की आज बयासी वीं पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं आज़ाद की कुछ ख़ास और रोचक बातेंः एक. एक हज़ार नौ सौ उन्नीस में जलियावाला बाग हत्याकांड हुआ था, जिसके बाद एक हज़ार नौ सौ इक्कीस में महात्मा गांधी द्वारा शुरू हुए असहयोग आंदोलन में अन्य तमाम छात्रों की तरह ही चन्द्रशेखर भी इस आंदोलन से जुड़े जिसके बाद उनकी पहली गिरफ्तारी हुई। दो. जब आज़ाद को अंग्रेजी सरकार ने असहयोग आंदोलन के समय गिरफ्तार किया गया और अदालत में उनसे उनका परिचय पूछा तो उन्होंने कहा- आज़ाद और पिता का नाम स्वतंत्रता और पता जेल बताया। तीन. मजिस्ट्रेट ने चंद्रशेखर को पंद्रह दिनों तक जेल में रहने की सजा सुनाई और जेल में उन्हें अंग्रेजों ने बहुत पीटा। हर मार के बाद वो और सख्त होते गए, जेल से बाहर निकलते ही लोगों ने आज़ाद का स्वागत फूल और मालाओं से किया। चार. अख़बार में उनकी फोटो छपी, जिसके बाद से लोग उन्हें आज़ाद के नाम से जानने लगे। पाँच. एक दिन उन्हें इलाहाबाद के एल्फ्रेड पार्क में उन्हें उनके मित्र सुखदेव राज ने बुलाया। वो बात कर ही रहे थे कि पुलिस ने उन्हें घेर लिया और गोलियां दागनी शुरू कर दी। दोनों ओर से गोलीबारी हुई। चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने जीवन में ये कसम खा रखी थी कि वो कभी भी जिंदा पुलिस के हाथ नहीं आएंगे। इसलिए उन्होंने खुद को गोली मार ली। छः. आज़ाद ने इलाहाबाद के जिस एल्फर्ड पार्क में ख़ुद को गोली मारी उस पार्क का नाम चंद्रशेखर आज़ाद पार्क रखा गया।
चीन और ताइवान के बीच बीते कुछ दिनों से तनातनी जारी है. ताइवान को चीन चारों तरफ से घेर चुका है. उसके निशाने पर 6 अहम बंदरगाह हैं. चीन लगातार लाइव फायर ड्रिल के नाम पर ताइवान को धमकाने में लगा हुआ है. इसी बीच दुनिया के तीन ताकतवर मुल्कों ने एकजुट होकर चीन को चेतावनी दी है. ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका ने रणनीतिक वार्ता के दौरान तल्ख लहजे में कहा कि चीन अपने सैन्य अभ्यास को तुरंत बंद कर दे. इस अहम मीटिंग के दौरान ताइवान में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को जाहिर किया. तीनों देशों ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) की हालिया कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की. साथ ही कहा कि इस तरह का एक्शन अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. साथ ही चीन की लाइव फायर ड्रिल की निंदा की. तीनों देशों की ओर से कहा गया कि चीन की इस हरकत से तनाव बढ़ गया है. जापान ने कहा कि चीन की ओर से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइलें जापान के क्षेत्रों में गिरी हैं. अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री और सेक्रेटरी के बीच की रणनीतिक हुई. इसमें तीनों मुल्कों ने अपनी त्रिपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की. इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए यूनाइटेड स्टेल्स को मंजूरी दी. रणनीतिक वार्ता में के दौरान कहा गया कि लॉ ऑफ रूल, ह्यूमन राइट्स, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता ही विवादों का शांतिपूर्ण समाधान हैं. साथ ही तीनों देशों के सेक्रेटरी और विदेश मंत्रियों ने आसियान का समर्थन करने के अपने संकल्प को दोहराया. क्या कहा बैठक में? बैठक के दौरान अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने चीन से सैन्य अभ्यास तुरंत बंद करने का आग्रह किया. इसके साथ ही तीनों देशों ने ताइवान में तनाव कम करने को लेकर आसियान के बयान की सराहना की. वहीं यूएस स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे पर चीन अभी भी भड़का हुआ है. चीन की बौखलाहट का आलम ये है कि उसने युद्धाभ्यास के नाम पर ताइवान के चारों ओर पूरी ताकत झोंक दी है. 11 बेलिस्टिक मिसाइल दागी तो 5 जापान के इलाके में जा गिरीं. इतना ही नहीं, चीन ने पानी के अंदर मिसाइल दागीं, जो कि जापान की सीमा से करीब 100 मील दूर दागी गईं. सवाल ये आखिर चीन ताइवान के साथ जापान को क्यों छेड़ रहा है. दरअसल, ये कोई गलती नहीं बल्कि जानबूझकर उठाया गया ड्रैगन का कदम हैं. क्योंकि जिस वक्त चीन ये गुस्ताखी कर रहा था, उस वक्त अमेरिकी हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी जापान में थीं. जहां वो ताइवान की बात कर रही थीं. ड्रैगन को कटघरे में खड़ा कर रही थीं.
चीन और ताइवान के बीच बीते कुछ दिनों से तनातनी जारी है. ताइवान को चीन चारों तरफ से घेर चुका है. उसके निशाने पर छः अहम बंदरगाह हैं. चीन लगातार लाइव फायर ड्रिल के नाम पर ताइवान को धमकाने में लगा हुआ है. इसी बीच दुनिया के तीन ताकतवर मुल्कों ने एकजुट होकर चीन को चेतावनी दी है. ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका ने रणनीतिक वार्ता के दौरान तल्ख लहजे में कहा कि चीन अपने सैन्य अभ्यास को तुरंत बंद कर दे. इस अहम मीटिंग के दौरान ताइवान में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को जाहिर किया. तीनों देशों ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की हालिया कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की. साथ ही कहा कि इस तरह का एक्शन अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. साथ ही चीन की लाइव फायर ड्रिल की निंदा की. तीनों देशों की ओर से कहा गया कि चीन की इस हरकत से तनाव बढ़ गया है. जापान ने कहा कि चीन की ओर से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइलें जापान के क्षेत्रों में गिरी हैं. अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री और सेक्रेटरी के बीच की रणनीतिक हुई. इसमें तीनों मुल्कों ने अपनी त्रिपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की. इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए यूनाइटेड स्टेल्स को मंजूरी दी. रणनीतिक वार्ता में के दौरान कहा गया कि लॉ ऑफ रूल, ह्यूमन राइट्स, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता ही विवादों का शांतिपूर्ण समाधान हैं. साथ ही तीनों देशों के सेक्रेटरी और विदेश मंत्रियों ने आसियान का समर्थन करने के अपने संकल्प को दोहराया. क्या कहा बैठक में? बैठक के दौरान अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने चीन से सैन्य अभ्यास तुरंत बंद करने का आग्रह किया. इसके साथ ही तीनों देशों ने ताइवान में तनाव कम करने को लेकर आसियान के बयान की सराहना की. वहीं यूएस स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे पर चीन अभी भी भड़का हुआ है. चीन की बौखलाहट का आलम ये है कि उसने युद्धाभ्यास के नाम पर ताइवान के चारों ओर पूरी ताकत झोंक दी है. ग्यारह बेलिस्टिक मिसाइल दागी तो पाँच जापान के इलाके में जा गिरीं. इतना ही नहीं, चीन ने पानी के अंदर मिसाइल दागीं, जो कि जापान की सीमा से करीब एक सौ मील दूर दागी गईं. सवाल ये आखिर चीन ताइवान के साथ जापान को क्यों छेड़ रहा है. दरअसल, ये कोई गलती नहीं बल्कि जानबूझकर उठाया गया ड्रैगन का कदम हैं. क्योंकि जिस वक्त चीन ये गुस्ताखी कर रहा था, उस वक्त अमेरिकी हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी जापान में थीं. जहां वो ताइवान की बात कर रही थीं. ड्रैगन को कटघरे में खड़ा कर रही थीं.
हरियाणा के पलवल में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पति और 5 अन्य ससुरालजनों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। होडल थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि असावटा गांव निवासी राहुल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसकी बहन रेनु की शादी 13 वर्ष पूर्व होडल की रोहता पट्टी निवासी भरत सिंह के पुत्र देवेंद्र के साथ की थी। शादी में उन्होंने अपनी हैसियत अनुसार दान दहेज भी दिया गया था। लेकिन ससुराल पक्ष उसकी बहन को और दहेज के लिए परेशान करने लगा और मारपीट तक नौबत आ जाती थी। जिसको लेकर कई बार उसने व उसके परिजनों ने बहन की ससुराल जाकर उन्हें समझाया, लेकिन नहीं माने। 10 फरवरी को देर शाम मनोज का फोन आया कि तुम्हारी बहन रेनु बीमार है। जब वह अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे तो पता चला की उसकी बहन को गला दबाकर हत्या करके उसे फांसी पर लटकाया गया है।
हरियाणा के पलवल में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पति और पाँच अन्य ससुरालजनों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। होडल थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि असावटा गांव निवासी राहुल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसकी बहन रेनु की शादी तेरह वर्ष पूर्व होडल की रोहता पट्टी निवासी भरत सिंह के पुत्र देवेंद्र के साथ की थी। शादी में उन्होंने अपनी हैसियत अनुसार दान दहेज भी दिया गया था। लेकिन ससुराल पक्ष उसकी बहन को और दहेज के लिए परेशान करने लगा और मारपीट तक नौबत आ जाती थी। जिसको लेकर कई बार उसने व उसके परिजनों ने बहन की ससुराल जाकर उन्हें समझाया, लेकिन नहीं माने। दस फरवरी को देर शाम मनोज का फोन आया कि तुम्हारी बहन रेनु बीमार है। जब वह अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे तो पता चला की उसकी बहन को गला दबाकर हत्या करके उसे फांसी पर लटकाया गया है।
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जिला अस्पताल के एक्सरे विभाग में एक्सरे कराने आए तीन युवकों ने ड्यूटी पर तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार की। महिला स्वास्थ्य कर्मी ने जनकपुरी थाने में तीन युवकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए तहरीर दी। हुआ यूं कि शुक्रवार को तीन युवक जिला अस्पताल में एक्सरे कराने आए। एक्सरे विभाग में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी करतारी से युवकों ने एक्सरे कराने को कहा। इसके बाद महिला स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि थोड़ा समय लगेगा। जिस पर युवक महिला के साथ अभद्र करने लगे। शोर हुआ तो अन्य कर्मचारी मौके पर आ गए। देखते ही देखते एक्सरे विभाग के बाहर भीड़ लग गई। तीनों युवक धमकी देते हुए वहां से चले गए। महिला स्वास्थ्य कर्मी ने जनकपुरी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
जिला अस्पताल के एक्सरे विभाग में एक्सरे कराने आए तीन युवकों ने ड्यूटी पर तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार की। महिला स्वास्थ्य कर्मी ने जनकपुरी थाने में तीन युवकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए तहरीर दी। हुआ यूं कि शुक्रवार को तीन युवक जिला अस्पताल में एक्सरे कराने आए। एक्सरे विभाग में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी करतारी से युवकों ने एक्सरे कराने को कहा। इसके बाद महिला स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि थोड़ा समय लगेगा। जिस पर युवक महिला के साथ अभद्र करने लगे। शोर हुआ तो अन्य कर्मचारी मौके पर आ गए। देखते ही देखते एक्सरे विभाग के बाहर भीड़ लग गई। तीनों युवक धमकी देते हुए वहां से चले गए। महिला स्वास्थ्य कर्मी ने जनकपुरी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली, 14 मार्च। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने वरिष्ठ पत्रकार डाॅ. वेदप्रताप वैदिक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वह 78 वर्ष के थे। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के लिए किए गए डाॅ. वैदिक के प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। उनका लेखन युवाओं का सदैव मागदर्शन करता रहेगा। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि वैदिक जी के निधन से हिंदी पत्रकारिता में एक बड़ा स्थान खाली हो गया है। वे देश-विदेश के घटनाक्रम पर पैनी निगाह रखने वाले समीक्षक थे। पड़ोसी देशों को लेकर उनकी जानकारी बेजोड़ थी। उनका निधन भारतीय पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को लेकर जो आंदोलन उन्होंने शुरु किया, उसे कोई नहीं भूल सकता। ऐसे संवेदनशील पत्रकार का हमारे बीच न होना बहुत दुखी करने वाला क्षण है। बुधवार को सुबह 9 बजे से 1 बजे तक डाॅ. वैदिक का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान गुरुग्राम (242, सेक्टर 55, गुरुग्राम) में रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार लोधी क्रेमेटोरियम, नई दिल्ली में बुधवार शाम 4 बजे होगा। 30 दिसंबर, 1944 को इंदौर में जन्मे डाॅ. वेदप्रताप वैदिक को हिंदी को मौलिक चिंतन की भाषा बनाने और भारतीय भाषाओं को उनका उचित स्थान दिलवाने के लिए किये गए उनके संघर्ष के लिए याद किया जाता है। डाॅ. वैदिक ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के 'स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज' से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। वे भारत के ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय राजनीति का शोध ग्रंथ हिंदी में लिखा था।
नई दिल्ली, चौदह मार्च। भारतीय जन संचार संस्थान के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने वरिष्ठ पत्रकार डाॅ. वेदप्रताप वैदिक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वह अठहत्तर वर्ष के थे। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के लिए किए गए डाॅ. वैदिक के प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। उनका लेखन युवाओं का सदैव मागदर्शन करता रहेगा। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि वैदिक जी के निधन से हिंदी पत्रकारिता में एक बड़ा स्थान खाली हो गया है। वे देश-विदेश के घटनाक्रम पर पैनी निगाह रखने वाले समीक्षक थे। पड़ोसी देशों को लेकर उनकी जानकारी बेजोड़ थी। उनका निधन भारतीय पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को लेकर जो आंदोलन उन्होंने शुरु किया, उसे कोई नहीं भूल सकता। ऐसे संवेदनशील पत्रकार का हमारे बीच न होना बहुत दुखी करने वाला क्षण है। बुधवार को सुबह नौ बजे से एक बजे तक डाॅ. वैदिक का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान गुरुग्राम में रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार लोधी क्रेमेटोरियम, नई दिल्ली में बुधवार शाम चार बजे होगा। तीस दिसंबर, एक हज़ार नौ सौ चौंतालीस को इंदौर में जन्मे डाॅ. वेदप्रताप वैदिक को हिंदी को मौलिक चिंतन की भाषा बनाने और भारतीय भाषाओं को उनका उचित स्थान दिलवाने के लिए किये गए उनके संघर्ष के लिए याद किया जाता है। डाॅ. वैदिक ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के 'स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज' से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। वे भारत के ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय राजनीति का शोध ग्रंथ हिंदी में लिखा था।
समस्तीपुर निस। माध्यमिक शिक्षकों ने सातवें दिन सोमवार को भी कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना देकर सरकार की नयी शिक्षक नियुक्ति नियमावली के खिलाफ नारे लगाये। सभा में वक्ताओं ने सभी श्रेणी के शिक्षकों और पुस्तकल्याध्यक्षकों को राज्यकर्मी घोषित करने की मांग की। धरना में प्रारंभिक शिक्षक भी शामिल थे। सभा की अध्यक्षता जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. बालो यादव ने की। संचालन दलसिंहसराय अनुमंडल अध्यक्ष मणिभूषण सिंह ने किया। सभा को जिला सचिव नीतीश कुमार, राज्य कार्यकारिणी समिति सदस्य अरविंद कुमार दास, निलय कुमार, रामदेव राय, रणजीत कुमार, शाह जफर ईमाम, वेदानंद झा, रविन्द्र कुमार ठाकुर, मनोज कुमार मंगलम, मो. वशी इमाम, हुसैन आजाद, ललित कुमार घोष आदि ने संबोधित किया।
समस्तीपुर निस। माध्यमिक शिक्षकों ने सातवें दिन सोमवार को भी कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना देकर सरकार की नयी शिक्षक नियुक्ति नियमावली के खिलाफ नारे लगाये। सभा में वक्ताओं ने सभी श्रेणी के शिक्षकों और पुस्तकल्याध्यक्षकों को राज्यकर्मी घोषित करने की मांग की। धरना में प्रारंभिक शिक्षक भी शामिल थे। सभा की अध्यक्षता जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. बालो यादव ने की। संचालन दलसिंहसराय अनुमंडल अध्यक्ष मणिभूषण सिंह ने किया। सभा को जिला सचिव नीतीश कुमार, राज्य कार्यकारिणी समिति सदस्य अरविंद कुमार दास, निलय कुमार, रामदेव राय, रणजीत कुमार, शाह जफर ईमाम, वेदानंद झा, रविन्द्र कुमार ठाकुर, मनोज कुमार मंगलम, मो. वशी इमाम, हुसैन आजाद, ललित कुमार घोष आदि ने संबोधित किया।