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नई दिल्लीः आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को उड़ीसा में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा आरंभ होगी। 'जगन्नाथ रथयात्रा' आज, यानी 1 जुलाई, शुक्रवार से शुरू होगी। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का रथ भी निकाला जाता है। तीनों के रथ अलग-अलग होते हैं और भारी भीड़ द्वारा ढोल, नगाड़ों, तुरही और शंखध्वनि के साथ रथों को खींचा जाता है। - भगवान जगन्नाथ श्रीहरि भगवान विष्णु के मुख्य अवतारों में से एक हैं। - जगन्नाथ के रथ का निर्माण अक्षय तृतीया से शुरू होता है। भगवान जगन्नाथ के रथ में एक भी कील का प्रयोग नहीं होता। यह रथ पूरी तरह से लकड़ी से बनाया जाता है। - वसंत पंचमी से लकड़ी के संग्रह का काम शुरू हो जाता है। रथ के लिए लकड़ी एक विशेष जंगल, दशपल्ला से एकत्र किए जाते हैं। भगवान के लिए ये रथ केवल श्रीमंदिर के बढ़ई द्वारा बनाया जाता है। - भगवान जगन्नाथ के रथ में कुल 16 पहिये होते हैं। - भगवान जगन्नाथ का रथ लाल और पीले रंग का होता है और ये रथ अन्य दो रथों से थोड़ा बड़ा भी होता है। - भगवान जगन्नाथ का रथ सबसे पीछे चलता है पहले बलभद्र फिर सुभद्रा का रथ होता है। - भगवान जगन्नाथ के रथ को नंदीघोष कहते है,बलराम के रथ का नाम ताल ध्वज और सुभद्रा के रथ का नाम दर्पदलन रथ होता है। - ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी को 108 घड़े के जल से स्नान कराया जाता है। इस महान अवसर को 'सहस्त्रधारा स्नान' कहा जाता है। जिस कुएं के पानी से स्नान कराया जाता है, वह पूरे साल में सिर्फ एक बार ही खुलता है। - इस वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि 30 जून को सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 1 जुलाई को दोपहर 01:09 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि होने के कारण 'जगन्नाथ रथयात्रा' शुक्रवार 1 जुलाई से शुरू होगी। - भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर पर सात दिनों तक रहते हैं। फिर आठवें दिन आषाढ़ शुक्ल दशमी पर रथों की वापसी होती है। इसे बहुड़ा यात्रा कहा जाता है। - ऐसी मान्यता है कि जगन्नाथ मंदिर की रसोई दुनिया की सबसे बड़ी रसोई है। जगन्नाथ मंदिर ही एक अकेला ऐसा मंदिर है जहां का प्रसाद 'महाप्रसाद' कहलाता है। महाप्रसाद को मिट्टी के 7 बर्तनों में रखकर पकाया जाता है। महाप्रसाद को पकाने में सिर्फ लकड़ी और मिट्टी के बर्तन का ही प्रयोग किया जाता है।
नई दिल्लीः आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को उड़ीसा में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा आरंभ होगी। 'जगन्नाथ रथयात्रा' आज, यानी एक जुलाई, शुक्रवार से शुरू होगी। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का रथ भी निकाला जाता है। तीनों के रथ अलग-अलग होते हैं और भारी भीड़ द्वारा ढोल, नगाड़ों, तुरही और शंखध्वनि के साथ रथों को खींचा जाता है। - भगवान जगन्नाथ श्रीहरि भगवान विष्णु के मुख्य अवतारों में से एक हैं। - जगन्नाथ के रथ का निर्माण अक्षय तृतीया से शुरू होता है। भगवान जगन्नाथ के रथ में एक भी कील का प्रयोग नहीं होता। यह रथ पूरी तरह से लकड़ी से बनाया जाता है। - वसंत पंचमी से लकड़ी के संग्रह का काम शुरू हो जाता है। रथ के लिए लकड़ी एक विशेष जंगल, दशपल्ला से एकत्र किए जाते हैं। भगवान के लिए ये रथ केवल श्रीमंदिर के बढ़ई द्वारा बनाया जाता है। - भगवान जगन्नाथ के रथ में कुल सोलह पहिये होते हैं। - भगवान जगन्नाथ का रथ लाल और पीले रंग का होता है और ये रथ अन्य दो रथों से थोड़ा बड़ा भी होता है। - भगवान जगन्नाथ का रथ सबसे पीछे चलता है पहले बलभद्र फिर सुभद्रा का रथ होता है। - भगवान जगन्नाथ के रथ को नंदीघोष कहते है,बलराम के रथ का नाम ताल ध्वज और सुभद्रा के रथ का नाम दर्पदलन रथ होता है। - ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी को एक सौ आठ घड़े के जल से स्नान कराया जाता है। इस महान अवसर को 'सहस्त्रधारा स्नान' कहा जाता है। जिस कुएं के पानी से स्नान कराया जाता है, वह पूरे साल में सिर्फ एक बार ही खुलता है। - इस वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि तीस जून को सुबह दस:उनचास बजे से शुरू होकर एक जुलाई को दोपहर एक:नौ बजे समाप्त होगी। उदया तिथि होने के कारण 'जगन्नाथ रथयात्रा' शुक्रवार एक जुलाई से शुरू होगी। - भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर पर सात दिनों तक रहते हैं। फिर आठवें दिन आषाढ़ शुक्ल दशमी पर रथों की वापसी होती है। इसे बहुड़ा यात्रा कहा जाता है। - ऐसी मान्यता है कि जगन्नाथ मंदिर की रसोई दुनिया की सबसे बड़ी रसोई है। जगन्नाथ मंदिर ही एक अकेला ऐसा मंदिर है जहां का प्रसाद 'महाप्रसाद' कहलाता है। महाप्रसाद को मिट्टी के सात बर्तनों में रखकर पकाया जाता है। महाप्रसाद को पकाने में सिर्फ लकड़ी और मिट्टी के बर्तन का ही प्रयोग किया जाता है।
आएँगे आएँगे आएँगे, अच्छे दिन आ ही जाएँगे; जीव जड़ ना ही रहेंगे, बोध वे पा भी सकेंगे ! माधुरी दे पाएँगे, मधुर स्वर गा पाएँगे; मोह में ना वे रहेंगे, मुक्ति रस पीते चलेंगे ! सत्व गुण होगा प्रभावी, सूक्ष्म मन होंगे प्रभारी; आएगी उनकी वारी, रहे अब तक जो पिछाड़ी! चरित्र निर्मल होंगे, सही चित्रण वे करेंगे; नीति राजा सीखेंगे, प्रीति जन जन को देंगे ! कला उत्कृष्टि चखेगी, ज्ञान विज्ञान रसेगी; 'मधु' मानुष मन होंगे, प्रभु के काम करेंगे !
आएँगे आएँगे आएँगे, अच्छे दिन आ ही जाएँगे; जीव जड़ ना ही रहेंगे, बोध वे पा भी सकेंगे ! माधुरी दे पाएँगे, मधुर स्वर गा पाएँगे; मोह में ना वे रहेंगे, मुक्ति रस पीते चलेंगे ! सत्व गुण होगा प्रभावी, सूक्ष्म मन होंगे प्रभारी; आएगी उनकी वारी, रहे अब तक जो पिछाड़ी! चरित्र निर्मल होंगे, सही चित्रण वे करेंगे; नीति राजा सीखेंगे, प्रीति जन जन को देंगे ! कला उत्कृष्टि चखेगी, ज्ञान विज्ञान रसेगी; 'मधु' मानुष मन होंगे, प्रभु के काम करेंगे !
- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? खर्राटे एक ऐसी स्थिति है जिसका सामना बहुत से लोग करते हैं। आमतौर पर ये समस्या तब होती है जब गले में हवा का प्रवाह प्रतिबंधित हो जाता है। जिससे सांस लेने में रुकावट आने लगती है। जिससे न सिर्फ खर्राटा लेने वाले को बल्कि उनके आस-पास सोने वाले लोगों को भी इससे समस्या होने लगती है। कभी-कभी खर्राटे लेना ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया नाम की बीमारी से जुड़ा होता है। ये समस्या तब होती है जब गले के पिछले हिस्से की मांसपेशियां बहुत ज्यादा रिलैक्स हो जाती हैं। जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है। कम मात्रा में खर्राटे लेना कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है। लेकिन जब खर्राटे में तेजी बढ़ जाती है, तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के लक्षण में दिन में ज्यादा सोना, सुबह के समय सिर में दर्द होना, हांफना या दम घुटना, सीने में दर्द होना, हाई ब्लड प्रेशर और नींद से उठने के बाद गले में खराश होना शामिल हैं। कई लोग खर्राटों को नियंत्रित करने के तरीके ढुंढते हैं। एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा के फिटनेस ट्रेनर सर्वेश शशि ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होने खर्राटों के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आपके साइड में सोने वाले लोगों को भी ये समस्या हो सकती है। आगे उन्होने बताया कि खर्राटे लेने से न केवल आपकी नींद की प्रभावित होगी, बल्कि आपके साथ या आस-पास सोने वाले लोगों को भी परेशानी होगी। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सांस लेने की गुणवत्ता पर काम करें और इन सरल प्रथाओं के साथ अपने खर्राटों को नियंत्रित करें। इसी के साथ उन्होने कुछ आसान योगासन भी लोगों के साथ शेयर किया। ये योग आसन सांस लेने और खर्राटों से बचने में आपकी मदद करेगा। इन योगासन में धनुरासन, भुजंगासन, और भ्रामरी प्राणायाम शामिल है। यह दिनचर्या कई स्वास्थ्य लाभों के साथ आती है। धनुरासन आपकी पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह परिसंचरण में सुधार, शरीर की मुद्रा को समायोजित करने और डायबिटीज के लक्षणों को प्रबंधित करने में भी मदद करता है। धनुरासन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं। इसके बाद पैरों को आपस में चिपकाकर रखें और हाथों को पैरों के पास रखें। अब धीरे-धीरे अपने घूटनों को मोड़े और हाथों से टखने को पकड़े। इसी के साथ सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया जारी रखें। इसी के साथ सीने और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं। और अपने हाथों से पैरों को खीचें। इसी के साथ अपना ध्यान सांसों की गति पर केंद्रित करने की कोशिश करें। जबकि हाथ धनुष की डोरी का काम करेंगे। इसे तब तक ही करें जब तक आप आसानी से कर सकें। 15 से 20 सेकेंड तक इस पोज में रहने के बाद पहले की तरह सामान्य हो जाएं। भुजंगासन छाती, कंधों और पेट के क्षेत्र में मांसपेशियों को खींचने में मदद करता है। यह शरीर में लचीलापन लाने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब अपनी दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें। इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आएं और दोनों हथेलियों को फर्श की तरफ करें। अब अपने शरीर का पूरा वजन अपनी हथेलियों पर डालें, सांस अंदर की ओर खींचें और अपने सिर को उठाकर पीठ की तरफ खींचें। लेकिन इस दौरान ध्यान दें कि आपकी कुहनी मुड़ी हुई हो। इसके बाद अपने सिर को पीछे की तरफ खीचतें हुए अपनी छाती को भी आगे की तरफ निकालें, और सिर को सांप के फन की तरह खींचकर रखें। लेकिन ध्यान दें कि आपके कंधे कान से दूर रहें और कंधे मजबूत बने रहें। इसके बाद अपने हिप्स, जांघों और पैरों से फर्श की तरफ दबाव बनाएं। अपनी बॉडी को इस पोजीशन में 15 से 30 सेकेंड तक रखें और सांस की गति सामान्य बनाए रखें। इस दौरान ऐसा महसूस करें कि आपका पेट फर्श की तरफ दब रहा है। इस पोज को छोड़ने के लिए, धीरे-धीरे अपने हाथों को वापस साइड पर लेकर जाएं। अपने सिर को फर्श पर रख दें। भ्रामरी प्राणायाम पीनियल और पिट्यूटरी ग्रंथियों को उत्तेजित करते हुए दिमाग के तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से रक्तचाप को कम करने और तनाव को दूर करने में भी मदद मिलती है। इस योग आसन को करने के लिए कुछ देर के लिए अपनी आंखों को बंद कर लें। इस दौरान अपनी बॉडी में शांति और तरंगो को फील करें। अब तर्जनी ऊंगली को अपने कानों पर रखें। आपके कान और गाल के बीच अपनी ऊंगली को रखें। इसके बाद एक लंबी गहरी सांस ले और सांस छोड़ते हुए, धीरे से उपास्थि को दबा दें। अब उपास्थि को बार बार दबाकर छोड़ दें। यह प्रक्रिया करते हुए लंबी भिनभिनाने वाली आवाज निकालें। इस प्रक्रिया को 3 से 4 बार दोहराएं।
- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? खर्राटे एक ऐसी स्थिति है जिसका सामना बहुत से लोग करते हैं। आमतौर पर ये समस्या तब होती है जब गले में हवा का प्रवाह प्रतिबंधित हो जाता है। जिससे सांस लेने में रुकावट आने लगती है। जिससे न सिर्फ खर्राटा लेने वाले को बल्कि उनके आस-पास सोने वाले लोगों को भी इससे समस्या होने लगती है। कभी-कभी खर्राटे लेना ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया नाम की बीमारी से जुड़ा होता है। ये समस्या तब होती है जब गले के पिछले हिस्से की मांसपेशियां बहुत ज्यादा रिलैक्स हो जाती हैं। जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है। कम मात्रा में खर्राटे लेना कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है। लेकिन जब खर्राटे में तेजी बढ़ जाती है, तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के लक्षण में दिन में ज्यादा सोना, सुबह के समय सिर में दर्द होना, हांफना या दम घुटना, सीने में दर्द होना, हाई ब्लड प्रेशर और नींद से उठने के बाद गले में खराश होना शामिल हैं। कई लोग खर्राटों को नियंत्रित करने के तरीके ढुंढते हैं। एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा के फिटनेस ट्रेनर सर्वेश शशि ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होने खर्राटों के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आपके साइड में सोने वाले लोगों को भी ये समस्या हो सकती है। आगे उन्होने बताया कि खर्राटे लेने से न केवल आपकी नींद की प्रभावित होगी, बल्कि आपके साथ या आस-पास सोने वाले लोगों को भी परेशानी होगी। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सांस लेने की गुणवत्ता पर काम करें और इन सरल प्रथाओं के साथ अपने खर्राटों को नियंत्रित करें। इसी के साथ उन्होने कुछ आसान योगासन भी लोगों के साथ शेयर किया। ये योग आसन सांस लेने और खर्राटों से बचने में आपकी मदद करेगा। इन योगासन में धनुरासन, भुजंगासन, और भ्रामरी प्राणायाम शामिल है। यह दिनचर्या कई स्वास्थ्य लाभों के साथ आती है। धनुरासन आपकी पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह परिसंचरण में सुधार, शरीर की मुद्रा को समायोजित करने और डायबिटीज के लक्षणों को प्रबंधित करने में भी मदद करता है। धनुरासन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं। इसके बाद पैरों को आपस में चिपकाकर रखें और हाथों को पैरों के पास रखें। अब धीरे-धीरे अपने घूटनों को मोड़े और हाथों से टखने को पकड़े। इसी के साथ सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया जारी रखें। इसी के साथ सीने और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं। और अपने हाथों से पैरों को खीचें। इसी के साथ अपना ध्यान सांसों की गति पर केंद्रित करने की कोशिश करें। जबकि हाथ धनुष की डोरी का काम करेंगे। इसे तब तक ही करें जब तक आप आसानी से कर सकें। पंद्रह से बीस सेकेंड तक इस पोज में रहने के बाद पहले की तरह सामान्य हो जाएं। भुजंगासन छाती, कंधों और पेट के क्षेत्र में मांसपेशियों को खींचने में मदद करता है। यह शरीर में लचीलापन लाने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब अपनी दोनों हथेलियों को जांघों के पास जमीन की तरफ करके रखें। इसके बाद अपने दोनों हाथों को कंधे के बराबर लेकर आएं और दोनों हथेलियों को फर्श की तरफ करें। अब अपने शरीर का पूरा वजन अपनी हथेलियों पर डालें, सांस अंदर की ओर खींचें और अपने सिर को उठाकर पीठ की तरफ खींचें। लेकिन इस दौरान ध्यान दें कि आपकी कुहनी मुड़ी हुई हो। इसके बाद अपने सिर को पीछे की तरफ खीचतें हुए अपनी छाती को भी आगे की तरफ निकालें, और सिर को सांप के फन की तरह खींचकर रखें। लेकिन ध्यान दें कि आपके कंधे कान से दूर रहें और कंधे मजबूत बने रहें। इसके बाद अपने हिप्स, जांघों और पैरों से फर्श की तरफ दबाव बनाएं। अपनी बॉडी को इस पोजीशन में पंद्रह से तीस सेकेंड तक रखें और सांस की गति सामान्य बनाए रखें। इस दौरान ऐसा महसूस करें कि आपका पेट फर्श की तरफ दब रहा है। इस पोज को छोड़ने के लिए, धीरे-धीरे अपने हाथों को वापस साइड पर लेकर जाएं। अपने सिर को फर्श पर रख दें। भ्रामरी प्राणायाम पीनियल और पिट्यूटरी ग्रंथियों को उत्तेजित करते हुए दिमाग के तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से रक्तचाप को कम करने और तनाव को दूर करने में भी मदद मिलती है। इस योग आसन को करने के लिए कुछ देर के लिए अपनी आंखों को बंद कर लें। इस दौरान अपनी बॉडी में शांति और तरंगो को फील करें। अब तर्जनी ऊंगली को अपने कानों पर रखें। आपके कान और गाल के बीच अपनी ऊंगली को रखें। इसके बाद एक लंबी गहरी सांस ले और सांस छोड़ते हुए, धीरे से उपास्थि को दबा दें। अब उपास्थि को बार बार दबाकर छोड़ दें। यह प्रक्रिया करते हुए लंबी भिनभिनाने वाली आवाज निकालें। इस प्रक्रिया को तीन से चार बार दोहराएं।
मुंबई शहर और उपनगरीय इलाकों में अगले 3 से 4 घंटे बेहद अहम हैं. इन घंटों में अत्यधिक जोरदार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है.कोंकण क्षेत्र में और गोवा में अगले 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. मुंबई और आस-पास के इलाकों में अगले 24 घंटे मौसम विभाग की ओर से रेडअलर्ट जारी किया गया है. इन घंटों में अत्यधिक जोरदार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. रविवार रात के लिए मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी किया गया है. अगले पांच दिनों तक कहीं अधिक और कहीं बहुत अधिक बारिश का जोर कायम रहेगा. अगले 5 दिनों के लिए कोकण और पश्चिम महाराष्ट्र के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है. महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के साथ-साथ गोवा में भी सोमवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इस वजह से किसानों के मन में फसलों के नुकसान की चिंता बढ़ गई है. पिछले 6 दिनों में कोंकण में बहुत अधिक बारिश हुई है. खास कर रत्नागिरी जिले में ज्यादातर इलाके पानी में डूबे हुए हैं. जिले की नदियां लबालब भर गई हैं. गौतमी नदी का पानी सड़कों, घरों और दुकानों में घुस गया है. पिछले कुछ घंटे से यहां बारिश का जोर कम होने की वजह से लोगों ने राहत की सांस ली है. लेकिन मौसम विभाग ने एक बार फिर अगले पांच दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी कर चिंता बढ़ा दी है. कोंकण में हफ्ते भर से मूसलाधार बारिश हुई है. पिछले कुछ घंटे ही थोड़ी राहत मिली है. लेकिन सोमवार से एक बार फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. फुणगूस के पास शास्त्री खाड़ी के आस-पास इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. खाड़ी के इलाके पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं. दस से बारह गांवों मेें किसानों को खेतों के काम छोड़ कर घरों की ओर भागना पड़ा है. खेतों से काटी गई फसलें किसानों की नजरों के सामने बारिश में बह गईं. फुणगूस बाजार में तीन से चार फुट तक पानी भर गया था. दत्त मंदिर के आस-पास भी नदी से पानी की धाराएं तेजी से रिहाइशी इलाकों में घुस आईं. टेंभे पुल के आस-पास के इलाकों में भी पानी भर गया है. काजली नदी में बाढ़ आ गई है. आस-पास के इलाके डूबे हुए हैं. टेंभे पुल के पास से पानी समाज मंदिर तक फैल गया है. कुछ घंटों से बारिश में कमी आने की वजह से पानी धीरे-धीरे नीचे उतर रहा था.लेकिन एक बार फिर रेड अलर्ट की वजह से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कोंकण और गोवा के अलावा मराठवाडा और मध्य महाराष्ट्रे के लिए अत्यधिक बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. मराठवाडा में रविवार और सोमवार को अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है जबकि मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को मध्यम स्तर पर बरसात होने की संभावना है. फिलहाल राज्य में मूसलाधार बारिश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार है. महाराष्ट्र से कर्नाटक की ओर दक्षिण पूर्व की ओर नमी वाली हवाएं चल रही हैं. इसलिए वातावरण बरसात के लिए पूरी तरह से अनुकूल है और अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बरसात की संभावनाएं कायम हैं. मुंबई शहर और इसके उपनगरीय इलाकों में शनिवार को रात भर जम कर बारिश का कहर टूटा. मुंबई में 192.17 मिमी बरसात हुई. पिछले 12 सालों में जुलाई महीने में अब तक 4 बार ही इतनी बारिश हुई है. एक रिसर्च के मुताबिक मुंबई में बरसने वाले बादल की ऊंचाई माउंट एवरेस्ट से भी अधिक थी. शनिवार रात 11 बजे से रविवार 4 बजे तक मुंबई के अनेक ठिकानों में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई. इसलिए कई ठिकानों में लोगों की कमर तक पानी भर गया. मुंबई और इसके आस पास के इलाके में अगले पांच दिन भी बरसात जारी रहेगी. लेकिन मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है. रविवार रात के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके बाद अगले दो दिनों तक अत्यधिक बरसात होगी और उसके बाद तीन दिनों तक मध्यम बरसात कायम रहेगी. शनिवार को दिन भर बारिश ने अपनी हाजिरी लगाई. इसके बाद रात भर बारिश का जोर बढ़ता ही गया. मुंबई सिटी, पूर्वी उपनगरीय इलाकों और पश्चिमी उपनगरीय इलाकों में जोरदार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया.
मुंबई शहर और उपनगरीय इलाकों में अगले तीन से चार घंटाटे बेहद अहम हैं. इन घंटों में अत्यधिक जोरदार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है.कोंकण क्षेत्र में और गोवा में अगले चौबीस घंटाटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. मुंबई और आस-पास के इलाकों में अगले चौबीस घंटाटे मौसम विभाग की ओर से रेडअलर्ट जारी किया गया है. इन घंटों में अत्यधिक जोरदार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. रविवार रात के लिए मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी किया गया है. अगले पांच दिनों तक कहीं अधिक और कहीं बहुत अधिक बारिश का जोर कायम रहेगा. अगले पाँच दिनों के लिए कोकण और पश्चिम महाराष्ट्र के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है. महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के साथ-साथ गोवा में भी सोमवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इस वजह से किसानों के मन में फसलों के नुकसान की चिंता बढ़ गई है. पिछले छः दिनों में कोंकण में बहुत अधिक बारिश हुई है. खास कर रत्नागिरी जिले में ज्यादातर इलाके पानी में डूबे हुए हैं. जिले की नदियां लबालब भर गई हैं. गौतमी नदी का पानी सड़कों, घरों और दुकानों में घुस गया है. पिछले कुछ घंटे से यहां बारिश का जोर कम होने की वजह से लोगों ने राहत की सांस ली है. लेकिन मौसम विभाग ने एक बार फिर अगले पांच दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी कर चिंता बढ़ा दी है. कोंकण में हफ्ते भर से मूसलाधार बारिश हुई है. पिछले कुछ घंटे ही थोड़ी राहत मिली है. लेकिन सोमवार से एक बार फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. फुणगूस के पास शास्त्री खाड़ी के आस-पास इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. खाड़ी के इलाके पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं. दस से बारह गांवों मेें किसानों को खेतों के काम छोड़ कर घरों की ओर भागना पड़ा है. खेतों से काटी गई फसलें किसानों की नजरों के सामने बारिश में बह गईं. फुणगूस बाजार में तीन से चार फुट तक पानी भर गया था. दत्त मंदिर के आस-पास भी नदी से पानी की धाराएं तेजी से रिहाइशी इलाकों में घुस आईं. टेंभे पुल के आस-पास के इलाकों में भी पानी भर गया है. काजली नदी में बाढ़ आ गई है. आस-पास के इलाके डूबे हुए हैं. टेंभे पुल के पास से पानी समाज मंदिर तक फैल गया है. कुछ घंटों से बारिश में कमी आने की वजह से पानी धीरे-धीरे नीचे उतर रहा था.लेकिन एक बार फिर रेड अलर्ट की वजह से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कोंकण और गोवा के अलावा मराठवाडा और मध्य महाराष्ट्रे के लिए अत्यधिक बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. मराठवाडा में रविवार और सोमवार को अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है जबकि मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को मध्यम स्तर पर बरसात होने की संभावना है. फिलहाल राज्य में मूसलाधार बारिश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार है. महाराष्ट्र से कर्नाटक की ओर दक्षिण पूर्व की ओर नमी वाली हवाएं चल रही हैं. इसलिए वातावरण बरसात के लिए पूरी तरह से अनुकूल है और अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बरसात की संभावनाएं कायम हैं. मुंबई शहर और इसके उपनगरीय इलाकों में शनिवार को रात भर जम कर बारिश का कहर टूटा. मुंबई में एक सौ बानवे.सत्रह मिमी बरसात हुई. पिछले बारह सालों में जुलाई महीने में अब तक चार बार ही इतनी बारिश हुई है. एक रिसर्च के मुताबिक मुंबई में बरसने वाले बादल की ऊंचाई माउंट एवरेस्ट से भी अधिक थी. शनिवार रात ग्यारह बजे से रविवार चार बजे तक मुंबई के अनेक ठिकानों में दो सौ मिमी से अधिक बारिश हुई. इसलिए कई ठिकानों में लोगों की कमर तक पानी भर गया. मुंबई और इसके आस पास के इलाके में अगले पांच दिन भी बरसात जारी रहेगी. लेकिन मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटाटे अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है. रविवार रात के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके बाद अगले दो दिनों तक अत्यधिक बरसात होगी और उसके बाद तीन दिनों तक मध्यम बरसात कायम रहेगी. शनिवार को दिन भर बारिश ने अपनी हाजिरी लगाई. इसके बाद रात भर बारिश का जोर बढ़ता ही गया. मुंबई सिटी, पूर्वी उपनगरीय इलाकों और पश्चिमी उपनगरीय इलाकों में जोरदार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया.
वैसे तो देश भर में जल संकट है, लेकिन देश में क़रीब 10 करोड़ लोगों के सामने भयावह स्थिति आने वाली है। अगले एक साल में देश के 21 प्रमुख शहरों में ज़मीन के नीचे का पानी ख़त्म हो जाएगा। ऐसे में लोगों का क्या होगा? क्या महिला सुरक्षा और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का नारा बेमानी साबित नहीं हो रहा है? महिलाओं की स्थिति पर दुनिया की हर रिपोर्ट शर्मिंदा करने वाली है। नयी रिपोर्ट में यौन हिंसा पर देश की ख़राब स्थिति उजागर होती है। नौकरियों में आरक्षण को लेकर विवाद नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद नया नहीं है। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसरों की नियुक्ति में भी आरक्षित पदों संबंधी गड़बड़ियाँ खुलकर सामने आई हैं।
वैसे तो देश भर में जल संकट है, लेकिन देश में क़रीब दस करोड़ लोगों के सामने भयावह स्थिति आने वाली है। अगले एक साल में देश के इक्कीस प्रमुख शहरों में ज़मीन के नीचे का पानी ख़त्म हो जाएगा। ऐसे में लोगों का क्या होगा? क्या महिला सुरक्षा और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का नारा बेमानी साबित नहीं हो रहा है? महिलाओं की स्थिति पर दुनिया की हर रिपोर्ट शर्मिंदा करने वाली है। नयी रिपोर्ट में यौन हिंसा पर देश की ख़राब स्थिति उजागर होती है। नौकरियों में आरक्षण को लेकर विवाद नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद नया नहीं है। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसरों की नियुक्ति में भी आरक्षित पदों संबंधी गड़बड़ियाँ खुलकर सामने आई हैं।
By Jagran Publish Date: Tue, 17 May 2022 09:39 PM (IST)Updated Date: Tue, 17 May 2022 09:39 PM (IST) मुजफ्फरनगर, जेएनएन। तहसील सदर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर एडीएम वित्त एवं राजस्व अजय कुमार तिवारी को मांग-पत्र दिया। उन्होंने कहा कि एसडीएम सदर के राजस्व वादों की पत्रावली संबंधित मामलों को जिला मुख्यालय पर सुना जाए। कहा कि प्रतिदिन करीब 100 वादों की पत्रावलियों का तहसील मुख्यालय से जिला मुख्यालय पर लाना व वापस ले जाना सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से उचित नहीं है। काफी पत्रावली अति संवेदनशील और महत्वूपर्ण होती हैं। जिला मुख्यालय से चुनिंदा अधिवक्ता ही राजस्व वादों की पैरवी को तहसील मुख्यालय जाते हैं। इस दौरान योगेंद्र कुमार कांबोज, मनोज कुमार पाल आदि मौजूद रहे। Edited By:
By Jagran Publish Date: Tue, सत्रह मई दो हज़ार बाईस नौ:उनतालीस PM Updated Date: Tue, सत्रह मई दो हज़ार बाईस नौ:उनतालीस PM मुजफ्फरनगर, जेएनएन। तहसील सदर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर एडीएम वित्त एवं राजस्व अजय कुमार तिवारी को मांग-पत्र दिया। उन्होंने कहा कि एसडीएम सदर के राजस्व वादों की पत्रावली संबंधित मामलों को जिला मुख्यालय पर सुना जाए। कहा कि प्रतिदिन करीब एक सौ वादों की पत्रावलियों का तहसील मुख्यालय से जिला मुख्यालय पर लाना व वापस ले जाना सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से उचित नहीं है। काफी पत्रावली अति संवेदनशील और महत्वूपर्ण होती हैं। जिला मुख्यालय से चुनिंदा अधिवक्ता ही राजस्व वादों की पैरवी को तहसील मुख्यालय जाते हैं। इस दौरान योगेंद्र कुमार कांबोज, मनोज कुमार पाल आदि मौजूद रहे। Edited By:
जिन्हें एक समझौते के अंतर्गत द्वितीय श्रेणी का नागरिक मानकर उनपर कुछ अयोग्यताएँ लाद दी जाती थी । उन्हें उनके जीवन की सुरक्षा का आश्वासन दे दिया जाता था और अपने धर्म को अनुत्तेजक रूप से पालन करने की अनुमति दे दी जाती थी । लेकिन वे न तो अपने धर्म का खुलकर प्रचार कर सकते थे और न किसी को अपने धर्म मे दीक्षित ही कर सकते थे। उन पर कुछ सामाजिक कानूनी और राजनीतिक अयोग्यताएँ भी लगा दी जाती थी । जैसे, वे अच्छे - वस्त्र धारण नहीं कर सकते थे, घोडे पर नहीं बैठ सकते थे और न अस्त्र-शस्त्र धारण कर सकते थे । उन्हें मुसलमानों से बहुत ही संमानपूर्ण व्यवहार - करना पडता था । इस प्रकार अदालतो में गवाही देने, फौजदारी कानून के अंतर्गत् संरक्षण और विवाहो को लेकर उनपर निश्चित वंदिशें लगी हुई थी । उदाहरण के लिये काजी की अदालत में उनकी गवाही को वैध नही माना जाता था । उन्ह नये मंदिर का निर्माण करने या पुराने मंदिरों की मरम्मत कराने की अनुमति नहीं थी 13 फिर उन्हे घृणित जजिया नामक कर भी देना पडता था जो कि उनकी निम्न स्थिति का परिचायक था । मुस्लिम कानून व्यवस्था की जरूरत इसलिये पड़ी कि सत्ता को सुदृढ तथा बढाने के लिये और सत्ता की खिलाफ्त करने वालो को दवाने के लिये, क्योकि यह विदेशी तथा दूसरे के ऊपर हुकूमत करना कठिन कार्य होता है । यह इस्लामिक कानून का मुख्य सचालन कुरान से होता था । यह कुरान का नियम केवल विदेशियो द्वारा नही आया बल्कि कुरान के नियमो को इन्होंने अपनी तरफ से बढ़ाया अर्थात् उसके खिलाफ ही नियमो को लागू किया, न कि परिवर्तन किया । " १. सरकार, औरंगजेव, पृ० ३५१-५५ । २. सरकार, पृ० ३५५-५७ । ३. फतहाते फिरोजशाही ( फारसी प्रति, अलीगढ़ १९५४ ) पृ० ६ । ४. जर्नल आफ इंडियन हिस्ट्री, जिल्द ४१, भाग १, दिसवर, १९६३ । ५. वाहीद हसन, ऐडमिनिस्ट्रेशन आफ जस्टिस ड्यूरिंग दि मुसलिम रूल पृ० १७६ । १० इन लोगो ने जितने प्रकार के नियमो को दर्शाया है, उसका केवल एक मात्र उद्देश्य था कि एक मुसलमान दूसरे की इज्जत करे तथा एक दूसरे के लिये मर मिटे और विदेशियों पर शासन करने के लिये एक दूसरे का सहयोग करे । इस प्रकार का कोई नियम कागज मे नही था ।' मुसलमानो ने इस प्रकार का नियम इसलिये बनाया था कि लोग डरे तथा समझे कि इस्लामिक कानून ही सब कुछ है और उसके फैसले को पडित तथा हिदू चकील प्राथमिकता दे । २ इस प्रकार के सिद्धात की सहायता फतवा-ए-आलमगिरि में लिखा गया है, सभी मुसलमानों के कानून दो रूप मे - एक धार्मिक मामले के लिये तथा दूसरा सत्ता को बनाए रखने और प्राप्त करने के लिये । धार्मिक कानून को सभी मुसलमानो ने प्रयोग के रूप मे कार्यान्वित किया । ३ सभी सम्राटों के कानून का महत्व इसलिये था कि इसके बिना साम्राज्य का कोई भी कार्य ठीक से नही हो सकता था क्योंकि तरह तरह उपद्रव खड़े हो जाते थे । यहाँ तक कि इसके बिना सत्ता नहीं रह सकती थी, क्योकि इसी के द्वारा दड पाने के डर से सब लोग डरते थे और राज्य तथा प्रजा का इसी के ही द्वारा सबंध भी था । इसके सिवाय राज्य का एक भी कार्य करना संभव नहीं था । ४ इस्लामी राज्यों में कानून की रक्षा खलीफा के द्वारा हुई क्योंकि वह धर्म का सब कुछ होता था । इसकी मान्यता के बिना कोई भी राजा वास्तविक राजा नहीं माना जाता था और न प्रजा मे ही इतनी इज्जत थी । राजा को इससे मान्यता लेनी पड़ती थी । इस्लामी विधि शास्त्र का सिद्धात किसी भी मुस्लिमेत्तर व्यक्ति को राज्य का नागरिक स्वीकार नहीं करता है । उसकी दृष्टि मे राज्य इस्लाम १. ई० जी० मैकेलगन, दि जेसुएट एंड दि ग्रेट मुगलस पृ० १४ । २. वजीर अहमद, दि एडमिनिस्ट्रेशन आफ जस्टिस इन मेडिवल इंडिया, पृ० १७४ । ३. वशीर अहमद, पृ० १७८ । ४. वही, पृ० १६१ । धर्म के उद्देश्यों को पूरा करने वाला संगठन अथवा साधन मात्र है । इसलिये उसमे किसी गैर मुस्लिम व्यक्ति का कोई हक नही हो सकता । किंतु जव खलीफाओ के शासन का विस्तार गैर-मुस्लिम देशो मे हुआ, तो उनके संमुख मुस्लिमेत्तर प्रजा के साथ व्यवहार की समस्या उपस्थित हुई । गैर मुस्लिम जनता न तो पूर्णतया मुस्लिम बनने के लिये मजबूर की जा सकती थी, और न उसका किसी प्रकार उन्मूलन ही सभव था । फलत. विधि-वेत्ताओं ने गैरमुस्लिम प्रजा को इस्लामी राज्य में निवास करने के विशेषाधिकार प्रदान करने के लिये उनपर कई तरह के प्रतिबंध और अयोग्यताएँ लागू की तया इपके ऊपर से एक प्रकार का जुरमाना लगाया, जो मुस्लिमेत्तर लोगो को मुस्लिम राज्य मे रहने की कीमत के रूप मे देना था। इसी कीमत का नाम जिजियाह था । २ इस्लामी राज्यों में मुस्निमेत्तर प्रजा की सिद्धाततः यही हैसियत थी । परंतु अन्य देशो की अपेक्षा भारत मे अति विशाल गैरमुस्लिम जनसमु दाय के अस्तित्व का इस्लाम के सिद्धांत के साथ समन्वय करने की समस्या शासको के समुख अधिक आई । शीघ्र ही पता चल गया कि इस विशान जन समुदाय पर अपने धर्म के कठोर आदेशो के अनुसार शासन करना असंभव था, यद्यपि वे अदम्य दुराग्रह से अपने धर्म का प्रतिपादन व प्रचार करते रहे। दिल्ली सुल्तानों की विवशता मुस्लिम कानून का कार्यान्वयन दिल्ली के सुल्तान (१२०६ १५२५) बहुत चाहने पर भी हिंदुओ पर पूरे पूरे इस्लामी कानून लागू करने मे स्वय को असमर्थ पाते रहे । जैसे - उनके अमीरो उलेमाओ ने हिंदुओ पर इस्लामी कानून लागू करने पर जब-जब जोर दिया तब-तब वे बुद्धिमत्ता पूर्वक समय माग कर इसे टालते रहे ४ ४. सनाये मुहम्मदी, मेडिवल इंडिया क्वार्टर्ली, जिल्द १, भाग १ पृ० १००-१०५ । ० ए० निजामी, रिलिजन एड पोलिटिक्स इन इंडिया इन दी थटथ सेंचुरी, पृ० ३१५-१६ । पूरे सल्तनत काल में हिंदुओ को इस्लामी उसूलो के अनुसार द्वितीय श्रेणी का नागरिक समझा जाता था । बलवन वैसे यह मानता था कि एक मुस्लिम शासक का कर्तव्य यह है कि उसकी जानकारी मे या उसको स्वीकृति से किसी भी काफिर को किसी भी मुसलमान से श्रेष्ठता नही. मिलनी चाहिए, उसे खुले और निडर रूप से शिर्क और कुफ (मूर्तिपूजा) का पालन नहीं करने देना चाहिए । पर वह भी इस कठिन काम को नहीं कर सका।' जलालुद्दीन खिलजी (१२६०-६५ ई०) ने भी इस पर अपनी शर्म व्यक्त की थी कि वह हिंदुओं के बारे मे पुराने निर्देशों का पालन नहीं कर सका और न इस देश मे शुद्ध इस्लामी कानून ही लागू कर सका । २ सल्तनत काल के अन्य शासक भी इस प्रकार की असहायता अनुभव करते रहे । हिंदुओं का देश मे बहुमत था और अधिकांश भूभाग अव भी उन्ही के अधिकार मे था । फिर उनके पास अस्त्र शस्त्र भी थे । इसलिये उन्हे पूर्ण रूप से विनष्ट करना न तो संभव ही था और न औचित्य पूर्ण हो । लेकिन जैसा कि आधुनिक लेखको का विचार है, यह मान लेना गलत होगा कि सुल्तानो ने हिंदुओ को अपने विधि नियमों और जीवन प्रणाली का अनुशरण करने की छूट दे दी थी। इसके विपरीत उनमें से अधिकाश ने अपने भरसक प्रयत्न किए कि वे हिंदुओ को इस्लामी रीति रिवाजो के अनुसार रहने को विवश कर दे । उनमें से फिरोज तुगलक और सिकंदर लोदी जैसे सुल्तानो ने तो इस्लामी विधि व्यवस्था को राज्य के शासन मे अपनाना अपनी नीति का मुख्य उद्देश्य ही बना लिया था और उनसे जजिया वसूल किया जाता था । मुस्लिम शरियत और कानूनो के अनुसार उन पर तरह तरह की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और कानूनी बदिशे लगाई जाती थी । उन्हें मालगुजारी और अन्य कर मुसलमानो से ऊँची दर पर देने पडते थे । वे नये मंदिर नहीं बना सकते थे और पुरानो की मरम्मत नहीं करा सकते थे । उनको केंद्रीय अथवा प्रांतीय स्तर पर शासन मे स्थान नहीं दिया जाता था । ये निर्विवाद तथ्य है । विवाद केवल इस पर हे कि विभिन्न सुल्तानो के राज्यकाल में इस्लामी सिद्धांतों को हिंदुओ पर थोपने, हिंदुओ के मंदिर गिराने की नीतिनो और शांतिकाल में उनका वनात धर्म परिवर्तन करने पर कितना कम या अधिक जोर दिया गया । यह सोचना अवास्तविक है तथा उल्लिखित तथ्यों के विरीत होगा किम कानून केवल संहिताओ मे ही वंद रहे और उन्हे अदालतों में कार्यान्वित नही किया गया । कुछ भी हो जिम्मियो के विरुद्ध कानून हटाए नही गए, बल्कि आधुनिक शब्दो मे वे बरावर कानून सहिता में बने रहे । जबकि मुसलमानों और गैर मुसलमानो के लिये एक से कानून नही थे, अदालतो के न्यायाधीश मुसलमान थे, और जबकि गैर मुसनमान काजी की अदालतों में हिंदू गवाहों के रूप में पेश नहीं हो सकते थे तब जैसा कि कुछ आधुनिक लेख को ने तुच्छ के समान वर्णन किया है। यह दावा करना चेकार है कि इस युग मे सबको कानूनी समानता प्राप्त थी और निष्पक्ष न्याय होता था । २ अन्य देशो की अपेक्षा भारत मे अति विशाल गैर मुस्लिम जन समुदाय के अस्तित्व का इस्म के सिद्धानों के साथ समन्वय करने की समस्या शासको के संमुख अधिक आई । शीघ्र ही पता चल गया कि इस विशाल जनसमुदाय पर अपने धर्म के कठोर आदेशो के अनुसार शासन करना असभव था, यद्यपि वे अदम्य दुराग्रह से अपने धर्म का प्रतिपादन व प्रचार करते रहे । सुल्तान से जब उसके भतीजे मलिक अहमद ने इस्लाम के "सिद्धांतों के इस उल्नघन का कारण पूछा तो उसने निराशा भरे शब्दो मे उन हिंदुओ का दमन करने मे अपनी असमर्थता स्वीकार की, जो महल के नीचे घटा-शख व जाते हुए यमुना स्नान और पूजा के लिये खुले आम जाते ये, तथा साफ कार्ड पहनने और विलासमय जीवन व्यतीत करते थे । शेरशाह तथा उसके पीछे आने वाले शासकों में तो पूरी तरह परिवर्तन हो गया था । शेरशाह से पहले शासकों ने तो विवश होकर मुस्लिमेतर १. हुसैन, एडमिनिस्ट्रेशन आफ जस्टिस ड्यूरिंग दि मुस्लिम रूल इन इंडिया, पृ० १५, अहमद पृ० ११५, ए० रहीम, मुहम्मडन जूरिसप्रूडेस, पृ० ५६, अमीर अनी हिस्ट्री आफ सरासेस पृ० १८८४२२ । २. आई० एच० कुरैशी, एडमिनस्ट्रेिशन आफ सल्तनत, पृ० १६१ ६३, ३. परमात्मा शरण, पृ० ३३० । [ उत्तर प्रदेश : सोरहवी शताब्द प्रजा को धार्मिक स्वतंत्रता दी थी, किंतु शेरशाह ने राजनीतिक इष्ट सिद्धि के दृष्टिकोण से पूरी धार्मिक स्वतंत्रता देने की नीति अपनाई । फलस्वरूप उसके समय से हिंदुओं के धार्मिक और सामाजिक व्यवहारों का निर्णय इस्लामी कानूनो से न होकर स्वय उनकी अपनी विधियों द्वारा होने लगा, जैसा कि ग्रेडी का कहना है एक बात मे मुस्लिम विजेताओं का वर्ताव यूरोप मे सामान्य रूप से प्रचलित इस धारणा के बिल्कुन प्रतिकूल था कि मुसलमान प्रशासको का यह एक स्थिर सिद्धान सदैव से मतत् चला आया था कि वे न तो स्वयं ही अपने कानून का वडे कट्टर व अतिचालित तरीके से पान करते थे, वरत् अपनी प्रजा एवं उनके सव, जी उनके अधीन हो, उस कानून का पान्न करने पर मजबूर करते थे । सव धार्मिक मामले मे उन्हे, जो उनके शासन के वणवर्ती हुए, स्वधर्म के अनुसरण की स्वतंत्रता ही न दी गई वल्कि उनके ऐसे विचारों को भी दफना दिया गया, जिनकी मुसलमानो के लिये मान्यता ने दी जाती थी । अन्य व तों मे, विशेषकर लौकिक मामलो ( खासकर फौजदारी क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ) मे मुस्लिम कानून के नियमानुसार ही फैसला दिया जाता था, किंतु जिन मुकदमो मे दोनो पक्ष हिंदू होते थे, उनमे विवाद के विषयको पडितो अथवा विधिवेत्ताओं के पास निर्णय के नये भेज दिया जाता था। इस सिद्धात का समर्थन 'फतवाए आलमगीरी' से होता है, जिसके अनुसार समस्त मुस्लिम कानून दो भागो में विभक्त था - धार्मिक और और पूर्णतया धार्मिक कानूनो का उपयोग केवल. मुसलमानो के लिये होता था । ३ काजी का न्यायालय राजा, वजीर तथा काजी की नियुक्ति स्वयं करना था । ४ काजी को मानसिक एवं शारीरिक दृष्टि से पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए । उसे मुक्त नागरिक होना चाहिए, कोई दाम इस पद को प्राप्त करने का अधिकारी न था । इस्लाम धर्म में आस्था होना एक आवश्यक शर्त थी । १. हिदाया (हेमिलटन औरे ग्रेडी द्वारा संपादित ), पृ० १६ । २. वाहीद हमन, पृ० १८० । ३. वेली डाइजेस्ट आफ मुहम्मडन ला, पृ० १७४ । इस्लाम धर्म में आस्था न रखने वाता मुसलमानो के ऊतर न्यायाधीश का काम नहीं कर सकता था । उसे सत्यवादी, ईमानदार तथा सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक कानून का ज्ञाता होना चाहिए ।' 'हिदाया' के अनुसार काजी मे साक्षी के गुण होने चाहिए, अर्थात् उसे स्वतंत्र बुद्धिमान, प्रौढ, मुसलमान और निष्कलंक होना चाहिए । नारियाँ भी काजी हो सकती है, किंतु विधि वेत्ताओं में उनके अधिकार क्षेत्र के संबंध में मतभेद है. अर्थात् क्या उनके अधिकार समस्त मामलो पर है, या कुछ सीमित प्रकार के मामलो तक ही सीमित है । काजी स्वतंत्र रूप से था, इसपर किसी का कोई अधिकार नहीं था, क्योकि दवात्र में पड करके कार्य नहीं करता था । यह किसी आदमी या किसी चीज के बारे मे पढ़ करके तथा प्रयोग करके ही कानूनी निर्णय देता था । यह मुस्लिम कानून के अंतर्गत स्त्री तथा पुरुष का जूरी के द्वारा सीमित मुकदमों को करता था । ४ नियुक्ति के पश्चात्, काजी को आदेश होता था कि वह अपने पद से संबंधित समस्त अभिलेखों को अपने अधिकार मे ले ले तथा पूर्ववर्ती काजी से 'दीवान' माँग ले । इन अभिलेखो को उसे अपने अमीनो द्वारा प्राप्त करना चाहिए, और इन अमीनो को पूर्ववर्ती सेवा निवृत्त काजी से अलग-अलग विपयो की पृथक मिसिलें- यथा संपत्ति, सनाध, विवाह, उत्तराधिकार - आदि की माँग करनी चाहिए । नये काजी को किसी न्यायिक फैसले के कारण वंद कैदियों के बारे में भी पूछ-ताछ कर लेनी चाहिए, और उनके मामलो को फिर से जाँच कर तदनुसार कार्य करना चाहिए । ५ काजी की नियुक्ति एक तरह से सभी मुकदमों के लिये की जाती थी । इसकी सहायता के लिये दीवान की नियुक्ति की जाती थी क्योकि पदच्युत काजी तथा अमीन के कागजो की छानवीन करता था क्योंकि नया १. फान केमर, पृ० २८४ । २. हिदाया (हैमिलटन और ग्रेडी ), पृ० ३३४ । ३. ब्रिग्स, हिस्ट्री आफ दि राइज आफ दि मुहम्मडन पावर इन इंडिया, पृ०२८४-८६ । ई० जी० मैकेलगन, पृ० ३३४ । फान क्रेमर, पृ० २८६-८७ । काजी जो था, वह सभी प्रकार के मुकदमों की फिर से देखरेख करता था । काजी अपनी कोर्ट का सब कुछ होता था। वह अपने संबधियो की मौजूदा या बीती हुई केसो को स्वीकार नहीं करता था । वह न्यायान्य में बगवर का दर्जा देकर सभी मुकदमों की गवाही लेता था तथा फैसला करता था, वह न्यायालय मे पूरी तैयारी के साथ आता था । २ काजी को अपनी अदालत या तो मस्जिद में या अपने घर में लगानी चाहिए । अपने स्वंधियो के अतिरिक्त वह अन्य किसी से न तो उपहार ले, और न उनकी दावत या भेट स्वीकार करे । उसे मुकदमों मे दोनों पक्षो के साथ समान सौजन्यता का व्यवहार करना चाहिए, और किसी एक के प्रति मुस्कराकर भी किसी प्रकार का पक्षपात न करना चाहिए । अदालत में जाने के पूर्व उसे अपने को शात और निविकार भाव रखने योग्य वना लेना चाहिए । कार्य करते समय भी उसमे यह गुण होना आवश्यक था। 3 काजी का न्यायालय विभाग में राजा के बाद सबसे ज्यादा अधिकार था, राजा भी इसी के परामर्श से कोई कार्य करता था। काजी जो या, वह छोटे छोटे करो के लिये काजी की ही नियुक्ति करता था, टैक्स कलक्टर की नही । ४ काजी के पद मे निम्नलिखित कर्तव्य हासिल थे - (१) मुकदमों को सुनकर निर्णय करना । (२) निर्णय को कार्यान्वित करना । (३) पागल, अवयस्क आदि ऐसे लोगो की संपत्ति के रिये अभिभावक ( एक प्रकार का सरक्षक ) नियुक्त करना, जबकि वह स्वय उसकी देख-रेख करने मे असमर्थ हो । (४) वक्फ संपति का अवीक्षण और प्रबंध करना । (५) वसीयत नामो को कार्यान्वित करना । (६) विधवाओ के पुनविदाह का कार्यभार लेना । (७) धार्मिक कानूनो द्वारा निर्धारित दंडो को कार्यान्वित करना । (८) सडको और मकानो का इस दृष्टि से अर्ध क्षण कि कोई खुली जगह अथवा गलियो की छत के दागे वढाकर अथवा अनधिकृत भवन आदि बनाकर उन्हे बदसूरत न कर दे । (६) न्यायाधिकारियो यथा शोहद, ( लेख प्रमाणक), सचिवो और उन न्यायाधीशो का अश्रीक्षण, इन्हे वहाँ स्वयं नियुक्त अथवा पदच्युत कर सकता था । (१०) जहाँ सदका (निर्धन-कर) वमून करने के लिये कर्मचारी नियुक्ति न हो, वह इस कर की उगाही भी काजी के पल्ले पडती थी ।' न्यायालयों का संगठन उत्तर प्रदेश जैसे भाग मे आगरा, लखनऊ, इटावा, कोयल (अलीगढ), जौनपुर, इलाहाबाद तथा वनारस के काजियो का न्यायालय था । इसके अतिरिक्त सरकार, परगना तथा गाँवो मे भी काजी होते थे । अदालतो के संगठन के संबंध मे अनेक प्रसिद्ध विद्वानो ने ऐसी बाते कही हैं जो प्राप्य तथ्यों के बिल्कुल विपरीत हैं। इस सवध मे सबसे अधिक निश्चयात्मक प्रकारात्मक विचार सर यदुनाथ सरकार के है, 'विधि और न्याय विभाग का प्रधान दोष यह था कि उसकी कोई निश्चित प्रणाली न थी, अदालतों का नियमानुसार बड़ी से छोड़ी अदालतो तक क्रमागत् संगठन न था और न न्याय क्षेत्रों के अनुसार अदालती का अनुपातत. विभाजन ही था । 'र किंतु विचित्रता तो यह है कि उक्त विचारों के साथ ही आपने यह भी लिखा है कि 'प्रत्येक प्रात की राजधानी मे अपना एक काजी होता था, जो साम्राज्य के मुख्य काजी ( काजी-उन-कुजात ) द्वारा नियुक्त होता था, परंतु उसके मातहत कोई छोटी अथवा प्राथमिक अदालत न थी । अत अपील के शिये प्रातीय अदालते भी न थी । हर वड़े नगर तथा फौजदार के मुख्यालय मे एक काजी नियुक्त होता था । छोटे नगर तथा गाँव मे अपना काजी होता था, किंतु उन स्थानो मे रहने वाला कोई भी वादी अपने मुकदमे को पास के जिले के काजी के पास, जिसके न्याय क्षेत्र मे वह निवास करता हो, ले जा सकता था । ३ फिर सरकार ने २. सरकार, मुगल ऐडमिनिस्ट्रेशन (दूसरा सं० ), पृ० १०७ । सरकार, पृ० १०८ ।
जिन्हें एक समझौते के अंतर्गत द्वितीय श्रेणी का नागरिक मानकर उनपर कुछ अयोग्यताएँ लाद दी जाती थी । उन्हें उनके जीवन की सुरक्षा का आश्वासन दे दिया जाता था और अपने धर्म को अनुत्तेजक रूप से पालन करने की अनुमति दे दी जाती थी । लेकिन वे न तो अपने धर्म का खुलकर प्रचार कर सकते थे और न किसी को अपने धर्म मे दीक्षित ही कर सकते थे। उन पर कुछ सामाजिक कानूनी और राजनीतिक अयोग्यताएँ भी लगा दी जाती थी । जैसे, वे अच्छे - वस्त्र धारण नहीं कर सकते थे, घोडे पर नहीं बैठ सकते थे और न अस्त्र-शस्त्र धारण कर सकते थे । उन्हें मुसलमानों से बहुत ही संमानपूर्ण व्यवहार - करना पडता था । इस प्रकार अदालतो में गवाही देने, फौजदारी कानून के अंतर्गत् संरक्षण और विवाहो को लेकर उनपर निश्चित वंदिशें लगी हुई थी । उदाहरण के लिये काजी की अदालत में उनकी गवाही को वैध नही माना जाता था । उन्ह नये मंदिर का निर्माण करने या पुराने मंदिरों की मरम्मत कराने की अनुमति नहीं थी तेरह फिर उन्हे घृणित जजिया नामक कर भी देना पडता था जो कि उनकी निम्न स्थिति का परिचायक था । मुस्लिम कानून व्यवस्था की जरूरत इसलिये पड़ी कि सत्ता को सुदृढ तथा बढाने के लिये और सत्ता की खिलाफ्त करने वालो को दवाने के लिये, क्योकि यह विदेशी तथा दूसरे के ऊपर हुकूमत करना कठिन कार्य होता है । यह इस्लामिक कानून का मुख्य सचालन कुरान से होता था । यह कुरान का नियम केवल विदेशियो द्वारा नही आया बल्कि कुरान के नियमो को इन्होंने अपनी तरफ से बढ़ाया अर्थात् उसके खिलाफ ही नियमो को लागू किया, न कि परिवर्तन किया । " एक. सरकार, औरंगजेव, पृशून्य तीन सौ इक्यावन-पचपन । दो. सरकार, पृशून्य तीन सौ पचपन-सत्तावन । तीन. फतहाते फिरोजशाही पृशून्य छः । चार. जर्नल आफ इंडियन हिस्ट्री, जिल्द इकतालीस, भाग एक, दिसवर, एक हज़ार नौ सौ तिरेसठ । पाँच. वाहीद हसन, ऐडमिनिस्ट्रेशन आफ जस्टिस ड्यूरिंग दि मुसलिम रूल पृशून्य एक सौ छिहत्तर । दस इन लोगो ने जितने प्रकार के नियमो को दर्शाया है, उसका केवल एक मात्र उद्देश्य था कि एक मुसलमान दूसरे की इज्जत करे तथा एक दूसरे के लिये मर मिटे और विदेशियों पर शासन करने के लिये एक दूसरे का सहयोग करे । इस प्रकार का कोई नियम कागज मे नही था ।' मुसलमानो ने इस प्रकार का नियम इसलिये बनाया था कि लोग डरे तथा समझे कि इस्लामिक कानून ही सब कुछ है और उसके फैसले को पडित तथा हिदू चकील प्राथमिकता दे । दो इस प्रकार के सिद्धात की सहायता फतवा-ए-आलमगिरि में लिखा गया है, सभी मुसलमानों के कानून दो रूप मे - एक धार्मिक मामले के लिये तथा दूसरा सत्ता को बनाए रखने और प्राप्त करने के लिये । धार्मिक कानून को सभी मुसलमानो ने प्रयोग के रूप मे कार्यान्वित किया । तीन सभी सम्राटों के कानून का महत्व इसलिये था कि इसके बिना साम्राज्य का कोई भी कार्य ठीक से नही हो सकता था क्योंकि तरह तरह उपद्रव खड़े हो जाते थे । यहाँ तक कि इसके बिना सत्ता नहीं रह सकती थी, क्योकि इसी के द्वारा दड पाने के डर से सब लोग डरते थे और राज्य तथा प्रजा का इसी के ही द्वारा सबंध भी था । इसके सिवाय राज्य का एक भी कार्य करना संभव नहीं था । चार इस्लामी राज्यों में कानून की रक्षा खलीफा के द्वारा हुई क्योंकि वह धर्म का सब कुछ होता था । इसकी मान्यता के बिना कोई भी राजा वास्तविक राजा नहीं माना जाता था और न प्रजा मे ही इतनी इज्जत थी । राजा को इससे मान्यता लेनी पड़ती थी । इस्लामी विधि शास्त्र का सिद्धात किसी भी मुस्लिमेत्तर व्यक्ति को राज्य का नागरिक स्वीकार नहीं करता है । उसकी दृष्टि मे राज्य इस्लाम एक. ईशून्य जीशून्य मैकेलगन, दि जेसुएट एंड दि ग्रेट मुगलस पृशून्य चौदह । दो. वजीर अहमद, दि एडमिनिस्ट्रेशन आफ जस्टिस इन मेडिवल इंडिया, पृशून्य एक सौ चौहत्तर । तीन. वशीर अहमद, पृशून्य एक सौ अठहत्तर । चार. वही, पृशून्य एक सौ इकसठ । धर्म के उद्देश्यों को पूरा करने वाला संगठन अथवा साधन मात्र है । इसलिये उसमे किसी गैर मुस्लिम व्यक्ति का कोई हक नही हो सकता । किंतु जव खलीफाओ के शासन का विस्तार गैर-मुस्लिम देशो मे हुआ, तो उनके संमुख मुस्लिमेत्तर प्रजा के साथ व्यवहार की समस्या उपस्थित हुई । गैर मुस्लिम जनता न तो पूर्णतया मुस्लिम बनने के लिये मजबूर की जा सकती थी, और न उसका किसी प्रकार उन्मूलन ही सभव था । फलत. विधि-वेत्ताओं ने गैरमुस्लिम प्रजा को इस्लामी राज्य में निवास करने के विशेषाधिकार प्रदान करने के लिये उनपर कई तरह के प्रतिबंध और अयोग्यताएँ लागू की तया इपके ऊपर से एक प्रकार का जुरमाना लगाया, जो मुस्लिमेत्तर लोगो को मुस्लिम राज्य मे रहने की कीमत के रूप मे देना था। इसी कीमत का नाम जिजियाह था । दो इस्लामी राज्यों में मुस्निमेत्तर प्रजा की सिद्धाततः यही हैसियत थी । परंतु अन्य देशो की अपेक्षा भारत मे अति विशाल गैरमुस्लिम जनसमु दाय के अस्तित्व का इस्लाम के सिद्धांत के साथ समन्वय करने की समस्या शासको के समुख अधिक आई । शीघ्र ही पता चल गया कि इस विशान जन समुदाय पर अपने धर्म के कठोर आदेशो के अनुसार शासन करना असंभव था, यद्यपि वे अदम्य दुराग्रह से अपने धर्म का प्रतिपादन व प्रचार करते रहे। दिल्ली सुल्तानों की विवशता मुस्लिम कानून का कार्यान्वयन दिल्ली के सुल्तान बहुत चाहने पर भी हिंदुओ पर पूरे पूरे इस्लामी कानून लागू करने मे स्वय को असमर्थ पाते रहे । जैसे - उनके अमीरो उलेमाओ ने हिंदुओ पर इस्लामी कानून लागू करने पर जब-जब जोर दिया तब-तब वे बुद्धिमत्ता पूर्वक समय माग कर इसे टालते रहे चार चार. सनाये मुहम्मदी, मेडिवल इंडिया क्वार्टर्ली, जिल्द एक, भाग एक पृशून्य एक सौ-एक सौ पाँच । शून्य एशून्य निजामी, रिलिजन एड पोलिटिक्स इन इंडिया इन दी थटथ सेंचुरी, पृशून्य तीन सौ पंद्रह-सोलह । पूरे सल्तनत काल में हिंदुओ को इस्लामी उसूलो के अनुसार द्वितीय श्रेणी का नागरिक समझा जाता था । बलवन वैसे यह मानता था कि एक मुस्लिम शासक का कर्तव्य यह है कि उसकी जानकारी मे या उसको स्वीकृति से किसी भी काफिर को किसी भी मुसलमान से श्रेष्ठता नही. मिलनी चाहिए, उसे खुले और निडर रूप से शिर्क और कुफ का पालन नहीं करने देना चाहिए । पर वह भी इस कठिन काम को नहीं कर सका।' जलालुद्दीन खिलजी ने भी इस पर अपनी शर्म व्यक्त की थी कि वह हिंदुओं के बारे मे पुराने निर्देशों का पालन नहीं कर सका और न इस देश मे शुद्ध इस्लामी कानून ही लागू कर सका । दो सल्तनत काल के अन्य शासक भी इस प्रकार की असहायता अनुभव करते रहे । हिंदुओं का देश मे बहुमत था और अधिकांश भूभाग अव भी उन्ही के अधिकार मे था । फिर उनके पास अस्त्र शस्त्र भी थे । इसलिये उन्हे पूर्ण रूप से विनष्ट करना न तो संभव ही था और न औचित्य पूर्ण हो । लेकिन जैसा कि आधुनिक लेखको का विचार है, यह मान लेना गलत होगा कि सुल्तानो ने हिंदुओ को अपने विधि नियमों और जीवन प्रणाली का अनुशरण करने की छूट दे दी थी। इसके विपरीत उनमें से अधिकाश ने अपने भरसक प्रयत्न किए कि वे हिंदुओ को इस्लामी रीति रिवाजो के अनुसार रहने को विवश कर दे । उनमें से फिरोज तुगलक और सिकंदर लोदी जैसे सुल्तानो ने तो इस्लामी विधि व्यवस्था को राज्य के शासन मे अपनाना अपनी नीति का मुख्य उद्देश्य ही बना लिया था और उनसे जजिया वसूल किया जाता था । मुस्लिम शरियत और कानूनो के अनुसार उन पर तरह तरह की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और कानूनी बदिशे लगाई जाती थी । उन्हें मालगुजारी और अन्य कर मुसलमानो से ऊँची दर पर देने पडते थे । वे नये मंदिर नहीं बना सकते थे और पुरानो की मरम्मत नहीं करा सकते थे । उनको केंद्रीय अथवा प्रांतीय स्तर पर शासन मे स्थान नहीं दिया जाता था । ये निर्विवाद तथ्य है । विवाद केवल इस पर हे कि विभिन्न सुल्तानो के राज्यकाल में इस्लामी सिद्धांतों को हिंदुओ पर थोपने, हिंदुओ के मंदिर गिराने की नीतिनो और शांतिकाल में उनका वनात धर्म परिवर्तन करने पर कितना कम या अधिक जोर दिया गया । यह सोचना अवास्तविक है तथा उल्लिखित तथ्यों के विरीत होगा किम कानून केवल संहिताओ मे ही वंद रहे और उन्हे अदालतों में कार्यान्वित नही किया गया । कुछ भी हो जिम्मियो के विरुद्ध कानून हटाए नही गए, बल्कि आधुनिक शब्दो मे वे बरावर कानून सहिता में बने रहे । जबकि मुसलमानों और गैर मुसलमानो के लिये एक से कानून नही थे, अदालतो के न्यायाधीश मुसलमान थे, और जबकि गैर मुसनमान काजी की अदालतों में हिंदू गवाहों के रूप में पेश नहीं हो सकते थे तब जैसा कि कुछ आधुनिक लेख को ने तुच्छ के समान वर्णन किया है। यह दावा करना चेकार है कि इस युग मे सबको कानूनी समानता प्राप्त थी और निष्पक्ष न्याय होता था । दो अन्य देशो की अपेक्षा भारत मे अति विशाल गैर मुस्लिम जन समुदाय के अस्तित्व का इस्म के सिद्धानों के साथ समन्वय करने की समस्या शासको के संमुख अधिक आई । शीघ्र ही पता चल गया कि इस विशाल जनसमुदाय पर अपने धर्म के कठोर आदेशो के अनुसार शासन करना असभव था, यद्यपि वे अदम्य दुराग्रह से अपने धर्म का प्रतिपादन व प्रचार करते रहे । सुल्तान से जब उसके भतीजे मलिक अहमद ने इस्लाम के "सिद्धांतों के इस उल्नघन का कारण पूछा तो उसने निराशा भरे शब्दो मे उन हिंदुओ का दमन करने मे अपनी असमर्थता स्वीकार की, जो महल के नीचे घटा-शख व जाते हुए यमुना स्नान और पूजा के लिये खुले आम जाते ये, तथा साफ कार्ड पहनने और विलासमय जीवन व्यतीत करते थे । शेरशाह तथा उसके पीछे आने वाले शासकों में तो पूरी तरह परिवर्तन हो गया था । शेरशाह से पहले शासकों ने तो विवश होकर मुस्लिमेतर एक. हुसैन, एडमिनिस्ट्रेशन आफ जस्टिस ड्यूरिंग दि मुस्लिम रूल इन इंडिया, पृशून्य पंद्रह, अहमद पृशून्य एक सौ पंद्रह, एशून्य रहीम, मुहम्मडन जूरिसप्रूडेस, पृशून्य छप्पन, अमीर अनी हिस्ट्री आफ सरासेस पृशून्य एक लाख अठासी हज़ार चार सौ बाईस । दो. आईशून्य एचशून्य कुरैशी, एडमिनस्ट्रेिशन आफ सल्तनत, पृशून्य एक सौ इकसठ तिरेसठ, तीन. परमात्मा शरण, पृशून्य तीन सौ तीस । [ उत्तर प्रदेश : सोरहवी शताब्द प्रजा को धार्मिक स्वतंत्रता दी थी, किंतु शेरशाह ने राजनीतिक इष्ट सिद्धि के दृष्टिकोण से पूरी धार्मिक स्वतंत्रता देने की नीति अपनाई । फलस्वरूप उसके समय से हिंदुओं के धार्मिक और सामाजिक व्यवहारों का निर्णय इस्लामी कानूनो से न होकर स्वय उनकी अपनी विधियों द्वारा होने लगा, जैसा कि ग्रेडी का कहना है एक बात मे मुस्लिम विजेताओं का वर्ताव यूरोप मे सामान्य रूप से प्रचलित इस धारणा के बिल्कुन प्रतिकूल था कि मुसलमान प्रशासको का यह एक स्थिर सिद्धान सदैव से मतत् चला आया था कि वे न तो स्वयं ही अपने कानून का वडे कट्टर व अतिचालित तरीके से पान करते थे, वरत् अपनी प्रजा एवं उनके सव, जी उनके अधीन हो, उस कानून का पान्न करने पर मजबूर करते थे । सव धार्मिक मामले मे उन्हे, जो उनके शासन के वणवर्ती हुए, स्वधर्म के अनुसरण की स्वतंत्रता ही न दी गई वल्कि उनके ऐसे विचारों को भी दफना दिया गया, जिनकी मुसलमानो के लिये मान्यता ने दी जाती थी । अन्य व तों मे, विशेषकर लौकिक मामलो मे मुस्लिम कानून के नियमानुसार ही फैसला दिया जाता था, किंतु जिन मुकदमो मे दोनो पक्ष हिंदू होते थे, उनमे विवाद के विषयको पडितो अथवा विधिवेत्ताओं के पास निर्णय के नये भेज दिया जाता था। इस सिद्धात का समर्थन 'फतवाए आलमगीरी' से होता है, जिसके अनुसार समस्त मुस्लिम कानून दो भागो में विभक्त था - धार्मिक और और पूर्णतया धार्मिक कानूनो का उपयोग केवल. मुसलमानो के लिये होता था । तीन काजी का न्यायालय राजा, वजीर तथा काजी की नियुक्ति स्वयं करना था । चार काजी को मानसिक एवं शारीरिक दृष्टि से पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए । उसे मुक्त नागरिक होना चाहिए, कोई दाम इस पद को प्राप्त करने का अधिकारी न था । इस्लाम धर्म में आस्था होना एक आवश्यक शर्त थी । एक. हिदाया , पृशून्य सोलह । दो. वाहीद हमन, पृशून्य एक सौ अस्सी । तीन. वेली डाइजेस्ट आफ मुहम्मडन ला, पृशून्य एक सौ चौहत्तर । इस्लाम धर्म में आस्था न रखने वाता मुसलमानो के ऊतर न्यायाधीश का काम नहीं कर सकता था । उसे सत्यवादी, ईमानदार तथा सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक कानून का ज्ञाता होना चाहिए ।' 'हिदाया' के अनुसार काजी मे साक्षी के गुण होने चाहिए, अर्थात् उसे स्वतंत्र बुद्धिमान, प्रौढ, मुसलमान और निष्कलंक होना चाहिए । नारियाँ भी काजी हो सकती है, किंतु विधि वेत्ताओं में उनके अधिकार क्षेत्र के संबंध में मतभेद है. अर्थात् क्या उनके अधिकार समस्त मामलो पर है, या कुछ सीमित प्रकार के मामलो तक ही सीमित है । काजी स्वतंत्र रूप से था, इसपर किसी का कोई अधिकार नहीं था, क्योकि दवात्र में पड करके कार्य नहीं करता था । यह किसी आदमी या किसी चीज के बारे मे पढ़ करके तथा प्रयोग करके ही कानूनी निर्णय देता था । यह मुस्लिम कानून के अंतर्गत स्त्री तथा पुरुष का जूरी के द्वारा सीमित मुकदमों को करता था । चार नियुक्ति के पश्चात्, काजी को आदेश होता था कि वह अपने पद से संबंधित समस्त अभिलेखों को अपने अधिकार मे ले ले तथा पूर्ववर्ती काजी से 'दीवान' माँग ले । इन अभिलेखो को उसे अपने अमीनो द्वारा प्राप्त करना चाहिए, और इन अमीनो को पूर्ववर्ती सेवा निवृत्त काजी से अलग-अलग विपयो की पृथक मिसिलें- यथा संपत्ति, सनाध, विवाह, उत्तराधिकार - आदि की माँग करनी चाहिए । नये काजी को किसी न्यायिक फैसले के कारण वंद कैदियों के बारे में भी पूछ-ताछ कर लेनी चाहिए, और उनके मामलो को फिर से जाँच कर तदनुसार कार्य करना चाहिए । पाँच काजी की नियुक्ति एक तरह से सभी मुकदमों के लिये की जाती थी । इसकी सहायता के लिये दीवान की नियुक्ति की जाती थी क्योकि पदच्युत काजी तथा अमीन के कागजो की छानवीन करता था क्योंकि नया एक. फान केमर, पृशून्य दो सौ चौरासी । दो. हिदाया , पृशून्य तीन सौ चौंतीस । तीन. ब्रिग्स, हिस्ट्री आफ दि राइज आफ दि मुहम्मडन पावर इन इंडिया, पृदो सौ चौरासी-छियासी । ईशून्य जीशून्य मैकेलगन, पृशून्य तीन सौ चौंतीस । फान क्रेमर, पृशून्य दो सौ छियासी-सत्तासी । काजी जो था, वह सभी प्रकार के मुकदमों की फिर से देखरेख करता था । काजी अपनी कोर्ट का सब कुछ होता था। वह अपने संबधियो की मौजूदा या बीती हुई केसो को स्वीकार नहीं करता था । वह न्यायान्य में बगवर का दर्जा देकर सभी मुकदमों की गवाही लेता था तथा फैसला करता था, वह न्यायालय मे पूरी तैयारी के साथ आता था । दो काजी को अपनी अदालत या तो मस्जिद में या अपने घर में लगानी चाहिए । अपने स्वंधियो के अतिरिक्त वह अन्य किसी से न तो उपहार ले, और न उनकी दावत या भेट स्वीकार करे । उसे मुकदमों मे दोनों पक्षो के साथ समान सौजन्यता का व्यवहार करना चाहिए, और किसी एक के प्रति मुस्कराकर भी किसी प्रकार का पक्षपात न करना चाहिए । अदालत में जाने के पूर्व उसे अपने को शात और निविकार भाव रखने योग्य वना लेना चाहिए । कार्य करते समय भी उसमे यह गुण होना आवश्यक था। तीन काजी का न्यायालय विभाग में राजा के बाद सबसे ज्यादा अधिकार था, राजा भी इसी के परामर्श से कोई कार्य करता था। काजी जो या, वह छोटे छोटे करो के लिये काजी की ही नियुक्ति करता था, टैक्स कलक्टर की नही । चार काजी के पद मे निम्नलिखित कर्तव्य हासिल थे - मुकदमों को सुनकर निर्णय करना । निर्णय को कार्यान्वित करना । पागल, अवयस्क आदि ऐसे लोगो की संपत्ति के रिये अभिभावक नियुक्त करना, जबकि वह स्वय उसकी देख-रेख करने मे असमर्थ हो । वक्फ संपति का अवीक्षण और प्रबंध करना । वसीयत नामो को कार्यान्वित करना । विधवाओ के पुनविदाह का कार्यभार लेना । धार्मिक कानूनो द्वारा निर्धारित दंडो को कार्यान्वित करना । सडको और मकानो का इस दृष्टि से अर्ध क्षण कि कोई खुली जगह अथवा गलियो की छत के दागे वढाकर अथवा अनधिकृत भवन आदि बनाकर उन्हे बदसूरत न कर दे । न्यायाधिकारियो यथा शोहद, , सचिवो और उन न्यायाधीशो का अश्रीक्षण, इन्हे वहाँ स्वयं नियुक्त अथवा पदच्युत कर सकता था । जहाँ सदका वमून करने के लिये कर्मचारी नियुक्ति न हो, वह इस कर की उगाही भी काजी के पल्ले पडती थी ।' न्यायालयों का संगठन उत्तर प्रदेश जैसे भाग मे आगरा, लखनऊ, इटावा, कोयल , जौनपुर, इलाहाबाद तथा वनारस के काजियो का न्यायालय था । इसके अतिरिक्त सरकार, परगना तथा गाँवो मे भी काजी होते थे । अदालतो के संगठन के संबंध मे अनेक प्रसिद्ध विद्वानो ने ऐसी बाते कही हैं जो प्राप्य तथ्यों के बिल्कुल विपरीत हैं। इस सवध मे सबसे अधिक निश्चयात्मक प्रकारात्मक विचार सर यदुनाथ सरकार के है, 'विधि और न्याय विभाग का प्रधान दोष यह था कि उसकी कोई निश्चित प्रणाली न थी, अदालतों का नियमानुसार बड़ी से छोड़ी अदालतो तक क्रमागत् संगठन न था और न न्याय क्षेत्रों के अनुसार अदालती का अनुपातत. विभाजन ही था । 'र किंतु विचित्रता तो यह है कि उक्त विचारों के साथ ही आपने यह भी लिखा है कि 'प्रत्येक प्रात की राजधानी मे अपना एक काजी होता था, जो साम्राज्य के मुख्य काजी द्वारा नियुक्त होता था, परंतु उसके मातहत कोई छोटी अथवा प्राथमिक अदालत न थी । अत अपील के शिये प्रातीय अदालते भी न थी । हर वड़े नगर तथा फौजदार के मुख्यालय मे एक काजी नियुक्त होता था । छोटे नगर तथा गाँव मे अपना काजी होता था, किंतु उन स्थानो मे रहने वाला कोई भी वादी अपने मुकदमे को पास के जिले के काजी के पास, जिसके न्याय क्षेत्र मे वह निवास करता हो, ले जा सकता था । तीन फिर सरकार ने दो. सरकार, मुगल ऐडमिनिस्ट्रेशन , पृशून्य एक सौ सात । सरकार, पृशून्य एक सौ आठ ।
BJP दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल सरकार की फ्री बिजली स्कीम को लेकर पलटवार किया. नई दिल्लीः BJP दिल्ली के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि CM केजरीवाल ने जो बिजली का रेट माफ किया है, हम इससे भी ज्यादा की सोच रहे हैं. हम वह भी करके दिखाएंगे. उन्होंने आगे कहा, 'अब जब 54 हफ्ते बीते गए तब कह रहे हैं कि 200 यूनिट तक फ्री देने का अश्वासन दे दिया है. हम इस बात से खुश है. साढ़े 8 हजार रुपये आप फिक्स नाम पर लूटते है. अब जब आप के पास छह महीने बचे है तो उसमें से कुछ करोड़ रुपये खर्च कर चुनाव से पहले लोगों को लालच दे रहे है. नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि, केजरीवाल सरकार ने अपने साढ़े चार साल में कुछ नहीं किया. दिल्ली में जो टैक्स पेयर हैं वह ठग महसूस कर रहे हैं. उसके लिए कोई नई बस नहीं खरीदी. कोई नया स्कूल नहीं खुला. दिल्ली वालों को बिजली हाफ होने के बजाए फिक्स चार्ज और पीपीए चार्ज लगा कर बिजली के बिल बढ़ गए. विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि, 'केजरीवाल जी आप ने जो 200 यूनिट का माफ करने की बात कही है. उसका पैसा कहा से आएगा. इस साल बजट में इसका जिक्र नही था. कौन सा विकास का काम आप रोक रहे हैं. 25 हजार करोड़ रुपये हर साल रिवेन्यू से जमा कर रहे हैं. 18 सौ करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है सरकार.
BJP दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल सरकार की फ्री बिजली स्कीम को लेकर पलटवार किया. नई दिल्लीः BJP दिल्ली के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि CM केजरीवाल ने जो बिजली का रेट माफ किया है, हम इससे भी ज्यादा की सोच रहे हैं. हम वह भी करके दिखाएंगे. उन्होंने आगे कहा, 'अब जब चौवन हफ्ते बीते गए तब कह रहे हैं कि दो सौ यूनिट तक फ्री देने का अश्वासन दे दिया है. हम इस बात से खुश है. साढ़े आठ हजार रुपये आप फिक्स नाम पर लूटते है. अब जब आप के पास छह महीने बचे है तो उसमें से कुछ करोड़ रुपये खर्च कर चुनाव से पहले लोगों को लालच दे रहे है. नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि, केजरीवाल सरकार ने अपने साढ़े चार साल में कुछ नहीं किया. दिल्ली में जो टैक्स पेयर हैं वह ठग महसूस कर रहे हैं. उसके लिए कोई नई बस नहीं खरीदी. कोई नया स्कूल नहीं खुला. दिल्ली वालों को बिजली हाफ होने के बजाए फिक्स चार्ज और पीपीए चार्ज लगा कर बिजली के बिल बढ़ गए. विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि, 'केजरीवाल जी आप ने जो दो सौ यूनिट का माफ करने की बात कही है. उसका पैसा कहा से आएगा. इस साल बजट में इसका जिक्र नही था. कौन सा विकास का काम आप रोक रहे हैं. पच्चीस हजार करोड़ रुपये हर साल रिवेन्यू से जमा कर रहे हैं. अट्ठारह सौ करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है सरकार.
हैदराबाद, 8 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना के जोगुलंबा गड़वाल जिले में सोमवार तड़के एक एसयूवी अत्यधिक भरी होने के कारण पलट गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने इस बात की जानकारी दी। सभी पीड़ित मजदूर हैं, जो गड़वाल में स्थित एक कपास की फैक्टरी से अपनी नाइट डयूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। घटना धारूर-गोनुपाडु रोड पर परचारला के समीप घटी, जब मजदूर एक बोलेरो में सवार होकर अपने गांव चिन्नापाडु लौट रहे थे। घायलों को गड़वाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि वाहन में क्षमता से अधिक लोग मंौजूद थे। वाहन का चालक कथित रूप से नींद में था और वह गाड़ी भी तेज रफ्तार से चला रहा था। पीड़ितों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने 20 मजदूरों के लिए एक वाहन मुहैया करा रखा था जिसके कारण यह हादसा हुआ।
हैदराबाद, आठ जनवरी । तेलंगाना के जोगुलंबा गड़वाल जिले में सोमवार तड़के एक एसयूवी अत्यधिक भरी होने के कारण पलट गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि पंद्रह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने इस बात की जानकारी दी। सभी पीड़ित मजदूर हैं, जो गड़वाल में स्थित एक कपास की फैक्टरी से अपनी नाइट डयूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। घटना धारूर-गोनुपाडु रोड पर परचारला के समीप घटी, जब मजदूर एक बोलेरो में सवार होकर अपने गांव चिन्नापाडु लौट रहे थे। घायलों को गड़वाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि वाहन में क्षमता से अधिक लोग मंौजूद थे। वाहन का चालक कथित रूप से नींद में था और वह गाड़ी भी तेज रफ्तार से चला रहा था। पीड़ितों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने बीस मजदूरों के लिए एक वाहन मुहैया करा रखा था जिसके कारण यह हादसा हुआ।
भारत में एक ऐसी कार लॉन्च हुई है जो महिंद्रा कंपनी की थार को टक्कर देती है। इसमें कंपनी फिटेड snorkel है। इसके साथ ही एग्जॉस्ट पीछे की तरफ नहीं बल्कि नीचे की तरफ दी गई है। फोर्स इंडिया के ड्राइवर सर्जियो पेरेज ने फार्मूला वन अजरबैजान ग्रां प्री में आज यहां तीसरा स्थान हासिल कर फोर्स इंडिया के लिए 15 अंक हासिल किये। पेरेज के साथी ड्राइवर एस्तेबान ओकोन हालांकि रेस पूरी नहीं कर सके। इस जीत से हैमिल्टन को 25 अंक मिले जिससे उन्होंने चैंपियनशिप में वेटेल पर 28 अंकों की बढ़त बना ली।
भारत में एक ऐसी कार लॉन्च हुई है जो महिंद्रा कंपनी की थार को टक्कर देती है। इसमें कंपनी फिटेड snorkel है। इसके साथ ही एग्जॉस्ट पीछे की तरफ नहीं बल्कि नीचे की तरफ दी गई है। फोर्स इंडिया के ड्राइवर सर्जियो पेरेज ने फार्मूला वन अजरबैजान ग्रां प्री में आज यहां तीसरा स्थान हासिल कर फोर्स इंडिया के लिए पंद्रह अंक हासिल किये। पेरेज के साथी ड्राइवर एस्तेबान ओकोन हालांकि रेस पूरी नहीं कर सके। इस जीत से हैमिल्टन को पच्चीस अंक मिले जिससे उन्होंने चैंपियनशिप में वेटेल पर अट्ठाईस अंकों की बढ़त बना ली।
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा बुरहानपुर से मध्यप्रदेश में प्रवेश कर चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूरी ताकत झोंक रहे हैं कि राहुल यहां के लोगों का दिल जीत लें। आपको बता दें कि राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मध्यप्रदेश में राहुल की यात्रा के रिस्पॉन्स का बाकी हिंदी राज्यों पर भी असर पड़ेगा। इसी से राहुल का भविष्य तय होगा। हालांकि राहुल की यात्रा को शुरू हुए आज 24 नवंबर को 78 दिन हो चुके हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में निकली भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में दाखिल हो चुकी है। मध्यप्रदेश में यह यात्रा पांच जिलों से होकर गुजरेगी। वहीं, भारत जोड़ो यात्रा में आज पहली बार राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी भी शामिल हुई हैं। प्रियंका गांधी के यात्रा में शामिल होने के कारण कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह दिखा। आपको बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को हुई थी, मगर अभी तक प्रियंका गांधी ने यात्रा में हिस्सा नहीं लिया था। आज सुबह बोरगोन गांव से भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत हुई जिसमें राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी यात्रा की अगुवाई करती हुई दिखीं। मध्यप्रदेश में प्रियंका गांधी चार दिनों तक रुकेंगी और इस दौरान उनका पूरा फोकस भारत जोड़ो यात्रा पर ही रहेगा। Congress general secretary Priyanka Gandhi Vadra and her husband Robert Vadra joined Bharat Jodo Yatra today for the first time since the Yatra started. Their son Raihan Vadra has also joined the Yatra. भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ वाले 6 जिलों की 17 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। राहुल बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर मालवा जिलों से गुजरेंगे। यात्रा के दौरान वे दो ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। यात्रा जब मालवा बेल्ट से होकर गुजरेगी, तो 26 नवंबर को अंबेडकर की जन्मस्थली पर राहुल एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा बुरहानपुर से मध्यप्रदेश में प्रवेश कर चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूरी ताकत झोंक रहे हैं कि राहुल यहां के लोगों का दिल जीत लें। आपको बता दें कि राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मध्यप्रदेश में राहुल की यात्रा के रिस्पॉन्स का बाकी हिंदी राज्यों पर भी असर पड़ेगा। इसी से राहुल का भविष्य तय होगा। हालांकि राहुल की यात्रा को शुरू हुए आज चौबीस नवंबर को अठहत्तर दिन हो चुके हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में निकली भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में दाखिल हो चुकी है। मध्यप्रदेश में यह यात्रा पांच जिलों से होकर गुजरेगी। वहीं, भारत जोड़ो यात्रा में आज पहली बार राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी भी शामिल हुई हैं। प्रियंका गांधी के यात्रा में शामिल होने के कारण कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह दिखा। आपको बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत सात सितंबर को हुई थी, मगर अभी तक प्रियंका गांधी ने यात्रा में हिस्सा नहीं लिया था। आज सुबह बोरगोन गांव से भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत हुई जिसमें राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी यात्रा की अगुवाई करती हुई दिखीं। मध्यप्रदेश में प्रियंका गांधी चार दिनों तक रुकेंगी और इस दौरान उनका पूरा फोकस भारत जोड़ो यात्रा पर ही रहेगा। Congress general secretary Priyanka Gandhi Vadra and her husband Robert Vadra joined Bharat Jodo Yatra today for the first time since the Yatra started. Their son Raihan Vadra has also joined the Yatra. भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ वाले छः जिलों की सत्रह विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। राहुल बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर मालवा जिलों से गुजरेंगे। यात्रा के दौरान वे दो ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। यात्रा जब मालवा बेल्ट से होकर गुजरेगी, तो छब्बीस नवंबर को अंबेडकर की जन्मस्थली पर राहुल एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे।
Water Crisis in Delhi: इन इलाकों में प्रभावित रहेगी वाटर सप्लाई, दिल्ली जल बोर्ड ने सूचना की जारी.... Delhi Water Crisis: देश में गर्मी जहां पर आग उगल रही है वहीं पर पानी की समस्या का संकट भी चारों तरफ देखा जा रहा है। वहीं पर राजधानी दिल्ली में 17 मई को पानी की बड़ी कमी नजर आने वाली है जहां पर लाखों लागू पानी के लिए तरस जाएंगे। इसे लेकर दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) ने जानकारी दी है। आपको बताते चलें कि, पानी की समस्या इन इलाकों में आने वाली है जहां पर दिल्ली के सिविल लाइन, हिंदू राव हॉस्पिटल और आसपास के क्षेत्र, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, राजिंदर नगर, पटेल नगर, प्रम नगर, इंदरपुरी, कालकाजी, रामलीला मैदान, सुभाष पार्क, मॉडल टॉउन, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, गुलाबी बाग, मूलचंद, ग्रेटर कैलाश, बूरारी इलाकों के नाम शामिल है।
Water Crisis in Delhi: इन इलाकों में प्रभावित रहेगी वाटर सप्लाई, दिल्ली जल बोर्ड ने सूचना की जारी.... Delhi Water Crisis: देश में गर्मी जहां पर आग उगल रही है वहीं पर पानी की समस्या का संकट भी चारों तरफ देखा जा रहा है। वहीं पर राजधानी दिल्ली में सत्रह मई को पानी की बड़ी कमी नजर आने वाली है जहां पर लाखों लागू पानी के लिए तरस जाएंगे। इसे लेकर दिल्ली जल बोर्ड ने जानकारी दी है। आपको बताते चलें कि, पानी की समस्या इन इलाकों में आने वाली है जहां पर दिल्ली के सिविल लाइन, हिंदू राव हॉस्पिटल और आसपास के क्षेत्र, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, राजिंदर नगर, पटेल नगर, प्रम नगर, इंदरपुरी, कालकाजी, रामलीला मैदान, सुभाष पार्क, मॉडल टॉउन, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, गुलाबी बाग, मूलचंद, ग्रेटर कैलाश, बूरारी इलाकों के नाम शामिल है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने 13 नए जिलों के निर्माण की मंजूरी दे दी है। हालांकि इसकी पूरी प्रक्रिया होनी अभी बाकी है। रिपोर्टर्स के मुताबिक अप्रैल में तेलुगु नए साल तक सभी परिक्रियाएं पूरी की जानी हैं। 13 नए जिलों के बनने के बाद प्रदेश में कुल 26 जिले हो जाएंगे। 24 लोकसभा क्षेत्रों को जिलों में बदला जा रहा है। विशाखापत्तनम में अराकू लोकसभा क्षेत्र भी शामिल है जिसे दो जिलों में विभाजित किया जाएगा। नए जिलों के नाम मान्यम, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली, काकीनाडा, कोना सीमा, एलुरु, एनटीआर, बापटिया, पलनाडु, नंदयाल, श्री सत्यसाई, अन्नामय्या, श्री बालाजी हैं। आखिरी बार आंध्र प्रदेश में 1979 में नया जिला बनाया गया था। उस वक्त आंध्र प्रदेश अविभाजित था। 1979 में विजयनगरम जिला बनाया गया था। राज्य सरकार की कैबिनेट का यह फैसला 25 जनवरी की देर रात आया है। जिसके बाद योजना सचिव जीएसआरकेआर विजयकुमार ने मुख्य सचिव समीर शर्मा को सिफारिशें सौंपीं। बाद में सभी जिलों में जारी करने के लिए अधिसूचना जारी की गई हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने तेरह नए जिलों के निर्माण की मंजूरी दे दी है। हालांकि इसकी पूरी प्रक्रिया होनी अभी बाकी है। रिपोर्टर्स के मुताबिक अप्रैल में तेलुगु नए साल तक सभी परिक्रियाएं पूरी की जानी हैं। तेरह नए जिलों के बनने के बाद प्रदेश में कुल छब्बीस जिले हो जाएंगे। चौबीस लोकसभा क्षेत्रों को जिलों में बदला जा रहा है। विशाखापत्तनम में अराकू लोकसभा क्षेत्र भी शामिल है जिसे दो जिलों में विभाजित किया जाएगा। नए जिलों के नाम मान्यम, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली, काकीनाडा, कोना सीमा, एलुरु, एनटीआर, बापटिया, पलनाडु, नंदयाल, श्री सत्यसाई, अन्नामय्या, श्री बालाजी हैं। आखिरी बार आंध्र प्रदेश में एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में नया जिला बनाया गया था। उस वक्त आंध्र प्रदेश अविभाजित था। एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में विजयनगरम जिला बनाया गया था। राज्य सरकार की कैबिनेट का यह फैसला पच्चीस जनवरी की देर रात आया है। जिसके बाद योजना सचिव जीएसआरकेआर विजयकुमार ने मुख्य सचिव समीर शर्मा को सिफारिशें सौंपीं। बाद में सभी जिलों में जारी करने के लिए अधिसूचना जारी की गई हैं।
सऊदी अरब के विदेशमंत्री आदिल अलजुबैर ने एक बार फिर सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए बश्शार असद के सत्ता से हटने का घिसा पिटा दावा दोहराया है। उन्होंने मंगलवार को वियाना में सीरिया संकट के हल के लिए होने वाली अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस की समाप्ति के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यदि सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद पूरे सीरिया में संघर्ष विराम की स्थापना पर कटिबद्ध नहीं रहते तो दूसरे समाधान की ओर जाना चाहिए। रोइटर्ज़ के अनुसार, सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने दावा किया कि बहुत पहले ही प्लान-बी या सीरिया संकट के समाधान की वैकल्पिक योजना पर अमल करना चाहिए था। सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने कहा कि वैकल्पिक योजना या सीरिया के सशस्त्र विरोधियों की सैन्य सहायता बढ़ाने का चयन, बश्शार असद पर पूर्ण रूप से निर्भर है। ज्ञात रहे कि सीरिया के बारे में वियाना बैठक अन्य बैठकों की भांति एक बयान जारी करके समाप्त हो गयी । इस बयान में पिछले वाले दृष्टिकोणों को ही दोहराया गया जो सीरिया के राजनैतिक समाधान में सहायक सिद्ध नहीं हुआ। (AK)
सऊदी अरब के विदेशमंत्री आदिल अलजुबैर ने एक बार फिर सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए बश्शार असद के सत्ता से हटने का घिसा पिटा दावा दोहराया है। उन्होंने मंगलवार को वियाना में सीरिया संकट के हल के लिए होने वाली अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस की समाप्ति के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यदि सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद पूरे सीरिया में संघर्ष विराम की स्थापना पर कटिबद्ध नहीं रहते तो दूसरे समाधान की ओर जाना चाहिए। रोइटर्ज़ के अनुसार, सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने दावा किया कि बहुत पहले ही प्लान-बी या सीरिया संकट के समाधान की वैकल्पिक योजना पर अमल करना चाहिए था। सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने कहा कि वैकल्पिक योजना या सीरिया के सशस्त्र विरोधियों की सैन्य सहायता बढ़ाने का चयन, बश्शार असद पर पूर्ण रूप से निर्भर है। ज्ञात रहे कि सीरिया के बारे में वियाना बैठक अन्य बैठकों की भांति एक बयान जारी करके समाप्त हो गयी । इस बयान में पिछले वाले दृष्टिकोणों को ही दोहराया गया जो सीरिया के राजनैतिक समाधान में सहायक सिद्ध नहीं हुआ।
लेखक : पुस्तक का साइज़ : कुल पृष्ठ : श्रेणी : लेखक के बारे में अधिक जानकारी : पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश(Click to expand) से प्रभावित थे-उनके प्रसिद्ध उपन्यास 'ए स्टडी इन स्कारलेटर' (1887 ई0) को उन्होंने गोविन्दराम शीर्षक से (1905) में रूपान्तरित भी किया। इसके अतिरिक्त सर कटी लाश (1900 ई0), चक्करदार चोरी ! (1901 ई0) 'जायूस की भूल' (1901 ई0), 'जायूस पर जासूसी? (1904), आदि हैं। गहमरी जी अग्रेजी के जासूसी उपन्यासो से प्रभावित होकर 'जायूस" नामक मासिक पत्र का प्रकाशन किया। इनके उपन्यासों के चरित्र जायूस, डॉकू, हत्यारे हैं किन्तु साथ ही उनके अधिकाश पात्र सामाजिक हैं। उनके सामाजिक उपन्यासो मे चरित्र विकास भी है जो अधिकतर घटनाओ के बदलने के लिए ही हुआ है। उनके उपन्यासो के प्रमुख उद्देश्य (जगत का भला, चतुर होना, अवगुणो का त्याग, "अनरूचिः जी लगाना तथा "कर्तव्य का बोधः इत्यादि है। सक्षेप में वह मनोरजन के साथ ही लोक व्यवहार-ज्ञान देकर पाठक को शिक्षा भी प्रदान करते ह । किन्तु उनके उपन्यासो मँ मनोरजन की प्रधानता हे। मेहता लज्जा राम शर्मा (1863-1931 ई) लज्जा राम शर्मा के उपन्यासो मँ धूर्तं रसिक लाल (1889 ई0)', 'स्वतत्र रमा ओर परतत्र लक्ष्मी (1899 ई0), "आदर्श दम्पत्तिः (1904 ई0), विगडे का सुधार अथवा (सती सुखदेवीः (1907 ई0) "आदर्श हिन्दू (1914ई0), इत्यादि प्रसिद्ध उपन्यासो मेँ है। 'स्वतत्र रमा ओर परतत्र॒ लक्ष्मीः नामक उपन्यास मे रमा ओर लक्ष्मी नामक दो बहनो मेँ रमा अग्रेली शिक्षा से प्रभावित स्वतत्र जीवन बिताने की आकाक्षा स्खती है! लक्ष्मी भारतीय सस्कृति से सराबोर प्रतिब्रता नारी का जीवन व्यतीत करती दै। लेखक भारतीय सस्कृति की महत्ता को प्रतिपादित कर लक्ष्मी को श्रेष्ठ सिद्ध करता दै। यह देखा जाय तो लज्जा-राम शर्मा अपने सारे उपन्यासो के माध्यम से भारतीय सस्कृति को श्रेष्ठ सिद्ध करते हैं। उनके बीस-बाइस उपन्यासो में कुछ तो जीवनी मात्र हैं कुछ अनुवाद मात्र हैं। लज्जा राम शर्मा अपने उपन्यासो का उद्देश्य मनोरजन और शिक्षा प्रद होना दोनो ही माना है।
लेखक : पुस्तक का साइज़ : कुल पृष्ठ : श्रेणी : लेखक के बारे में अधिक जानकारी : पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश से प्रभावित थे-उनके प्रसिद्ध उपन्यास 'ए स्टडी इन स्कारलेटर' को उन्होंने गोविन्दराम शीर्षक से में रूपान्तरित भी किया। इसके अतिरिक्त सर कटी लाश , चक्करदार चोरी ! 'जायूस की भूल' , 'जायूस पर जासूसी? , आदि हैं। गहमरी जी अग्रेजी के जासूसी उपन्यासो से प्रभावित होकर 'जायूस" नामक मासिक पत्र का प्रकाशन किया। इनके उपन्यासों के चरित्र जायूस, डॉकू, हत्यारे हैं किन्तु साथ ही उनके अधिकाश पात्र सामाजिक हैं। उनके सामाजिक उपन्यासो मे चरित्र विकास भी है जो अधिकतर घटनाओ के बदलने के लिए ही हुआ है। उनके उपन्यासो के प्रमुख उद्देश्य लज्जा राम शर्मा के उपन्यासो मँ धूर्तं रसिक लाल ', 'स्वतत्र रमा ओर परतत्र लक्ष्मी , "आदर्श दम्पत्तिः , विगडे का सुधार अथवा "आदर्श हिन्दू , इत्यादि प्रसिद्ध उपन्यासो मेँ है। 'स्वतत्र रमा ओर परतत्र॒ लक्ष्मीः नामक उपन्यास मे रमा ओर लक्ष्मी नामक दो बहनो मेँ रमा अग्रेली शिक्षा से प्रभावित स्वतत्र जीवन बिताने की आकाक्षा स्खती है! लक्ष्मी भारतीय सस्कृति से सराबोर प्रतिब्रता नारी का जीवन व्यतीत करती दै। लेखक भारतीय सस्कृति की महत्ता को प्रतिपादित कर लक्ष्मी को श्रेष्ठ सिद्ध करता दै। यह देखा जाय तो लज्जा-राम शर्मा अपने सारे उपन्यासो के माध्यम से भारतीय सस्कृति को श्रेष्ठ सिद्ध करते हैं। उनके बीस-बाइस उपन्यासो में कुछ तो जीवनी मात्र हैं कुछ अनुवाद मात्र हैं। लज्जा राम शर्मा अपने उपन्यासो का उद्देश्य मनोरजन और शिक्षा प्रद होना दोनो ही माना है।
प्रियंका चोपड़ा ने बेटी मालती मैरी जोनस चोपड़ा का नया वीडियो शेयर किया है। वीडियो में मां- बेटी की ये क्यूट जोड़ी वॉक पर निकली हुई है। इस बीच बेटी ने कुछ ऐसा किया कि एक्ट्रेस इसे शेयर करने से खुद को रोक नहीं पाईं। दरअसल, बेटी को लेकर पार्क में घूमने निकली थीं। जहां से प्रियंका ने एक क्यूट वीडियो शेयर किया है। वीडियो में मालती स्ट्रॉलर में लेटी हुई हैं तो प्रियंका उन्हें घुमाते हुए नजर आ रही हैं। इस बीच मालती एक्साइटमेंट में खिलखिला कर हंस रही हैं। मालती स्ट्रॉलर के अंदर खुशी से पैर पटक कर हंसते हुए दिख रही हैं। बेटी को इस तरह हंसते हुए देखकर प्रियंका भी खुद को रोक नहीं पाई और हंसने लगीं और इस क्यूट मोमेंट का वीडियो भी शेयर किया। प्रियंका चोपड़ा हाल ही में का हिस्सी बनी थीं। जहां उन्होंने रेड कारपेट पर अपने लुक के लिए खूब चर्चा भी बटोरी। एक्ट्रेस की ड्रेस से ज्यादा उनके हीरो से जड़े हार ने सबका ध्यान खींचा था। मेट गाला 2023 में प्रियंका चोपड़ा ने पति निक जोनस के साथ एंट्री की। इवेंट में एक्ट्रेस ब्लैक एंड व्हाइट कलर के खूबसूरत गाउन में नजर आईं और बला की खूबसूरत लगी। मेट गाला में के नेकलेस की बात करें तो उनके नेकलेस में 11. 6 कैरेट का डायमंड जड़ा हुआ था। एक्ट्रेस के इस हार को Bulgari ने डिजाइन किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नेकलेस की कीमत 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 204 करोड़ रुपये है।
प्रियंका चोपड़ा ने बेटी मालती मैरी जोनस चोपड़ा का नया वीडियो शेयर किया है। वीडियो में मां- बेटी की ये क्यूट जोड़ी वॉक पर निकली हुई है। इस बीच बेटी ने कुछ ऐसा किया कि एक्ट्रेस इसे शेयर करने से खुद को रोक नहीं पाईं। दरअसल, बेटी को लेकर पार्क में घूमने निकली थीं। जहां से प्रियंका ने एक क्यूट वीडियो शेयर किया है। वीडियो में मालती स्ट्रॉलर में लेटी हुई हैं तो प्रियंका उन्हें घुमाते हुए नजर आ रही हैं। इस बीच मालती एक्साइटमेंट में खिलखिला कर हंस रही हैं। मालती स्ट्रॉलर के अंदर खुशी से पैर पटक कर हंसते हुए दिख रही हैं। बेटी को इस तरह हंसते हुए देखकर प्रियंका भी खुद को रोक नहीं पाई और हंसने लगीं और इस क्यूट मोमेंट का वीडियो भी शेयर किया। प्रियंका चोपड़ा हाल ही में का हिस्सी बनी थीं। जहां उन्होंने रेड कारपेट पर अपने लुक के लिए खूब चर्चा भी बटोरी। एक्ट्रेस की ड्रेस से ज्यादा उनके हीरो से जड़े हार ने सबका ध्यान खींचा था। मेट गाला दो हज़ार तेईस में प्रियंका चोपड़ा ने पति निक जोनस के साथ एंट्री की। इवेंट में एक्ट्रेस ब्लैक एंड व्हाइट कलर के खूबसूरत गाउन में नजर आईं और बला की खूबसूरत लगी। मेट गाला में के नेकलेस की बात करें तो उनके नेकलेस में ग्यारह. छः कैरेट का डायमंड जड़ा हुआ था। एक्ट्रेस के इस हार को Bulgari ने डिजाइन किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नेकलेस की कीमत पच्चीस मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग दो सौ चार करोड़ रुपये है।
मोदी सरकार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बस में चढ़ कर करोड़ों भक्त बनाए थे जो जन्म से पाठ पढ़ते आए हैं कि पूजापाठ करने से ही जीवन मिलता है, सुख मिलता है, स्मृद्धि मिलती है, लक्ष्मी मिलती है, अगला जन्म अच्छे कर्म में होता है. ये भक्त भाजपा के लिए मरनेमारने को तैयार तो हैं पर देश या समाज के लिए कुछ करने को तैयार हैं, यह एकदम अस्पष्ट है. इस बार फिर 5 विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी देश निर्माण, औद्यिगत निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण आदि की नहीं, राम मंदिर, कृष्ण मंदिर, गंगा किनारे घाटों, चारधामों, ङ्क्षहदूमुस्लिम, ङ्क्षहदू राष्ट्र की ही बात करती दिखी. एक भक्त के चूंकि लगता है कि इसी से तो उस का धर्म के प्रति कर्तव्य पूरा होगा जिस से कोई न कोई भगवान प्रसन्न होगा और वह झप्पड़ फाड़ कर कटोरे में खाना भी डाल देगा और लक्ष्मी भी. आम ङ्क्षहदू मंदिरों में पूजापाठ अपनी गलतियों के लिए दुख मनाने नहीं जाता, वह मंदिर से कुछ पाना चाहता है. बिना हाथपैर हिलाए लगता है यह बात महाभारत युग में भी कृष्ण को मालूम थी कि उन के युग में भी लोग काम चोर हैं क्योंकि पूरा गीत पाठ कर्म करने पर लगा रहा. हां यह बात दूसरी कि गीता बारबार कहती रही कि इस कर्म का फल तुम ही पाओगे यह जरूरी नहीं. अब कर्म किया है तो कोई तो फल पाएगा न. यह कोई उस युग में भी और आज भी या तो राजा और उस के बाङ्क्षशदे थे या मंदिरों के रखवाले या उस से जुड़े लंबे चौड़े व्यवसाय से. भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी में ऐसा प्रचारक देखा जो एक सुंदर भविष्य के सपने दिखा कर लोगों के कर्म का फल छीन सकता था और उन से अपनी भक्ति भी करवा सकता था. ज्यादातर धर्मों में यही हुआ है पर आज शायद सिर्फ नरेंद्र मोदी विश्व के इकलौते शासक हैं जो धर्म का वादा कर के लोगों को खुश करने की क्षमता रखते हैं.
मोदी सरकार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बस में चढ़ कर करोड़ों भक्त बनाए थे जो जन्म से पाठ पढ़ते आए हैं कि पूजापाठ करने से ही जीवन मिलता है, सुख मिलता है, स्मृद्धि मिलती है, लक्ष्मी मिलती है, अगला जन्म अच्छे कर्म में होता है. ये भक्त भाजपा के लिए मरनेमारने को तैयार तो हैं पर देश या समाज के लिए कुछ करने को तैयार हैं, यह एकदम अस्पष्ट है. इस बार फिर पाँच विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी देश निर्माण, औद्यिगत निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण आदि की नहीं, राम मंदिर, कृष्ण मंदिर, गंगा किनारे घाटों, चारधामों, ङ्क्षहदूमुस्लिम, ङ्क्षहदू राष्ट्र की ही बात करती दिखी. एक भक्त के चूंकि लगता है कि इसी से तो उस का धर्म के प्रति कर्तव्य पूरा होगा जिस से कोई न कोई भगवान प्रसन्न होगा और वह झप्पड़ फाड़ कर कटोरे में खाना भी डाल देगा और लक्ष्मी भी. आम ङ्क्षहदू मंदिरों में पूजापाठ अपनी गलतियों के लिए दुख मनाने नहीं जाता, वह मंदिर से कुछ पाना चाहता है. बिना हाथपैर हिलाए लगता है यह बात महाभारत युग में भी कृष्ण को मालूम थी कि उन के युग में भी लोग काम चोर हैं क्योंकि पूरा गीत पाठ कर्म करने पर लगा रहा. हां यह बात दूसरी कि गीता बारबार कहती रही कि इस कर्म का फल तुम ही पाओगे यह जरूरी नहीं. अब कर्म किया है तो कोई तो फल पाएगा न. यह कोई उस युग में भी और आज भी या तो राजा और उस के बाङ्क्षशदे थे या मंदिरों के रखवाले या उस से जुड़े लंबे चौड़े व्यवसाय से. भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी में ऐसा प्रचारक देखा जो एक सुंदर भविष्य के सपने दिखा कर लोगों के कर्म का फल छीन सकता था और उन से अपनी भक्ति भी करवा सकता था. ज्यादातर धर्मों में यही हुआ है पर आज शायद सिर्फ नरेंद्र मोदी विश्व के इकलौते शासक हैं जो धर्म का वादा कर के लोगों को खुश करने की क्षमता रखते हैं.
आमजन को नशे से दूर रहने स्वच्छ हिमालय के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तराखंड के युवा सोमेश पंवार बदरीनाथ धाम से भगवान बदरीनाथ का अंगवस्त्र ध्वज लिए कन्याकुमारी तक स्पर्श हिमालय अमृत साइकिल यात्रा पर निकले हैं। जागरण संवाददाता, देहरादून। दृढ़ संकल्प, जोश के साथ आमजन को नशे से दूर रहने, स्वच्छ हिमालय के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तराखंड के युवा सोमेश पंवार बदरीनाथ धाम से भगवान बदरीनाथ का अंगवस्त्र, ध्वज लिए कन्याकुमारी तक स्पर्श हिमालय अमृत साइकिल यात्रा पर निकले हैं। एक अक्टूबर से शुरू तीन महीने की इस यात्रा के तहत देश के चार धाम होते हुए सोमेश तकरीबन 8000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। बदरीनाथ के सतोपंथ के अलकनंदा के जल को कन्याकुमारी में यात्रा समापन के दौरान समुद्र में प्रवाहित करेंगे। सोमवार को यात्रा के चौथे दिन देहरादून के राजपुर रोड स्थित हिमालयीय यूनिवर्सिटी में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों ने बदरीनाथ के पांडुकेश्वर स्थित बामणी गांव के सोमेश पंवार का स्वागत किया। यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलपति डा. राजेश नैथानी, मैती आंदोलन के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह, आइसीएफआइ के पूर्व अपर महानिदेशक डा. वीआरएस रावत, नौसेना के सेवानिवृत्त रेयर एडमिरल ओपी राणा, डिप्टी कलक्टर शैलेंद्र सिंह नेगी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित व प्रधानाचार्य हुकुम सिंह उनियाल ने सोमेश को पुष्पगुच्छ भेंट किए और फूलमालाएं पहनाई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस यात्रा के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। इस मौके पर राम सिंह खत्री पूर्व प्रधानाचार्य, नियो विजन फाउंडेशन के संस्थापक गजेंद्र रमोला, सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष विजू नेगी, पर्यावरणविद् चंदन सिंह नेगी, स्पर्श हिमालय की सीईओ सीमा शर्मा आदि मौजूद रहे। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित होने वाली जनपद स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के लिए विकासनगर ब्लाक की टीम का चयन कर लिया गया है। नगर के होशियार सिंह बुद्धुमल जैन बालिका इंटर कालेज में हुई ब्लाक स्तरीय प्रतियोगिता के बाद टीम का चयन किया गया। ब्लाक स्तरीय प्रतियोगिता में क्षेत्र के 15 विद्यालयों के 50 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। लिखित परीक्षा के आधार पर पहले पांच टीमों का गठन किया गया। परीक्षा के बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए दो टीम बनाई गई। इस संबंध में जनपदीय विज्ञान समनव्यक व प्रतियोगिता के संचालक सुधीर कांति ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ाने व सामान्य ज्ञान की विस्तृत जानकारी देना है। इस दौरान बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य रेखा अग्रवाल, डा. नरेश कुमार, विजय द्विवेदी, हरिनंद भट्ट, विनोद पैन्यूली, तेजेंद्र कुमार, राजीव अग्रवाल, वीसी जोशी, चंद्रशेखर, जीएस दौरियाल, सिया कुमारी, साक्षी नेगी, अंशुल शर्मा, पवन क्षेत्री, आदित्य धीमान, अर्जुन सिंह, शुभम चौहान, वंश, मोहित कुमार उपस्थित रहे।
आमजन को नशे से दूर रहने स्वच्छ हिमालय के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तराखंड के युवा सोमेश पंवार बदरीनाथ धाम से भगवान बदरीनाथ का अंगवस्त्र ध्वज लिए कन्याकुमारी तक स्पर्श हिमालय अमृत साइकिल यात्रा पर निकले हैं। जागरण संवाददाता, देहरादून। दृढ़ संकल्प, जोश के साथ आमजन को नशे से दूर रहने, स्वच्छ हिमालय के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तराखंड के युवा सोमेश पंवार बदरीनाथ धाम से भगवान बदरीनाथ का अंगवस्त्र, ध्वज लिए कन्याकुमारी तक स्पर्श हिमालय अमृत साइकिल यात्रा पर निकले हैं। एक अक्टूबर से शुरू तीन महीने की इस यात्रा के तहत देश के चार धाम होते हुए सोमेश तकरीबन आठ हज़ार किलोग्राममीटर की दूरी तय करेंगे। बदरीनाथ के सतोपंथ के अलकनंदा के जल को कन्याकुमारी में यात्रा समापन के दौरान समुद्र में प्रवाहित करेंगे। सोमवार को यात्रा के चौथे दिन देहरादून के राजपुर रोड स्थित हिमालयीय यूनिवर्सिटी में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों ने बदरीनाथ के पांडुकेश्वर स्थित बामणी गांव के सोमेश पंवार का स्वागत किया। यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलपति डा. राजेश नैथानी, मैती आंदोलन के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह, आइसीएफआइ के पूर्व अपर महानिदेशक डा. वीआरएस रावत, नौसेना के सेवानिवृत्त रेयर एडमिरल ओपी राणा, डिप्टी कलक्टर शैलेंद्र सिंह नेगी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित व प्रधानाचार्य हुकुम सिंह उनियाल ने सोमेश को पुष्पगुच्छ भेंट किए और फूलमालाएं पहनाई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस यात्रा के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। इस मौके पर राम सिंह खत्री पूर्व प्रधानाचार्य, नियो विजन फाउंडेशन के संस्थापक गजेंद्र रमोला, सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष विजू नेगी, पर्यावरणविद् चंदन सिंह नेगी, स्पर्श हिमालय की सीईओ सीमा शर्मा आदि मौजूद रहे। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित होने वाली जनपद स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के लिए विकासनगर ब्लाक की टीम का चयन कर लिया गया है। नगर के होशियार सिंह बुद्धुमल जैन बालिका इंटर कालेज में हुई ब्लाक स्तरीय प्रतियोगिता के बाद टीम का चयन किया गया। ब्लाक स्तरीय प्रतियोगिता में क्षेत्र के पंद्रह विद्यालयों के पचास छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। लिखित परीक्षा के आधार पर पहले पांच टीमों का गठन किया गया। परीक्षा के बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए दो टीम बनाई गई। इस संबंध में जनपदीय विज्ञान समनव्यक व प्रतियोगिता के संचालक सुधीर कांति ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ाने व सामान्य ज्ञान की विस्तृत जानकारी देना है। इस दौरान बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य रेखा अग्रवाल, डा. नरेश कुमार, विजय द्विवेदी, हरिनंद भट्ट, विनोद पैन्यूली, तेजेंद्र कुमार, राजीव अग्रवाल, वीसी जोशी, चंद्रशेखर, जीएस दौरियाल, सिया कुमारी, साक्षी नेगी, अंशुल शर्मा, पवन क्षेत्री, आदित्य धीमान, अर्जुन सिंह, शुभम चौहान, वंश, मोहित कुमार उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्क्रैप कारोबारी सिराज अहमद के हत्या के मामले में मौदहापारा पुलिस दोनों आरोपियों रजा बिहारी और नीटू सरदार को गिरफ्तार कर रायपुर ले आई है. एसपी नीथू कमल ने मामले में खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने पैसों की तंगी के कारण ही सिराज अहमद की हत्या की थी. बचने के लिए ट्रेन से दिल्ली की ओर भागे रहे थे. मौदहापारा पुलिस आरोपियों को एक दिन की रिमांड पर लेने वाली है. गौरतलब हो कि सिराज अहमद सोमवार को रजा बिहारी से एक ट्रक का सौदा करने 3 लाख रुपए लेकर निकला था. आरोपियों की नीयत खराब होने पर रुपए लूट लिए थे और सिराज की हथौड़े से वार कर हत्या कर दी थी. बता दें कि स्क्रैप कारोबारी मोहम्मद सिराज की हत्या के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. वहीं मामले में लापरवाही बरतने के कारण मौदहापारा पुलिस थाना इंचार्ज को लाइन अटैच किया गया था. रायपुर के मौदहापारा में रहने वाला मोहम्मद सिराज सोमवार शाम को अपने घर से 3 लाख रुपए लेकर रजा बिहारी से ट्रक खरीदने निकला था. देर रात तक वापस नहीं घर आने तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी. ये भी पढ़ेंः पत्नी प्रताड़ित पुरुषों के लिए इस मेले में लगा स्टॉल, सलाह लेने तीन दिन में पहुंचे 500 'पति' . सनी देओल की हीरोइन को जब ज्यादा पढ़ी-लिखी होना पड़ा भारी, एक्ट्रेस ने खूब सुने थे ताने, बोलीं- इंडस्ट्री में. .
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्क्रैप कारोबारी सिराज अहमद के हत्या के मामले में मौदहापारा पुलिस दोनों आरोपियों रजा बिहारी और नीटू सरदार को गिरफ्तार कर रायपुर ले आई है. एसपी नीथू कमल ने मामले में खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने पैसों की तंगी के कारण ही सिराज अहमद की हत्या की थी. बचने के लिए ट्रेन से दिल्ली की ओर भागे रहे थे. मौदहापारा पुलिस आरोपियों को एक दिन की रिमांड पर लेने वाली है. गौरतलब हो कि सिराज अहमद सोमवार को रजा बिहारी से एक ट्रक का सौदा करने तीन लाख रुपए लेकर निकला था. आरोपियों की नीयत खराब होने पर रुपए लूट लिए थे और सिराज की हथौड़े से वार कर हत्या कर दी थी. बता दें कि स्क्रैप कारोबारी मोहम्मद सिराज की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. वहीं मामले में लापरवाही बरतने के कारण मौदहापारा पुलिस थाना इंचार्ज को लाइन अटैच किया गया था. रायपुर के मौदहापारा में रहने वाला मोहम्मद सिराज सोमवार शाम को अपने घर से तीन लाख रुपए लेकर रजा बिहारी से ट्रक खरीदने निकला था. देर रात तक वापस नहीं घर आने तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी. ये भी पढ़ेंः पत्नी प्रताड़ित पुरुषों के लिए इस मेले में लगा स्टॉल, सलाह लेने तीन दिन में पहुंचे पाँच सौ 'पति' . सनी देओल की हीरोइन को जब ज्यादा पढ़ी-लिखी होना पड़ा भारी, एक्ट्रेस ने खूब सुने थे ताने, बोलीं- इंडस्ट्री में. .
इनको पूरा करने की अपकुलता में दुःखी व चिन्तावान है यदि उसको एक दो इच्छाएं कुछ काल के लिए पूर्ण हो जाती हैं तब उसकी इच्छाओं के दुःख में कुछ कमी हुई है। इसी को वह सुख मान लेता है - वास्तव में इच्छा ही दुःख है। जहां इच्छा नहीं, चिन्ता नहीं, वहां दुःख का नाम भी नहीं होता है । सच लोग जानते हैं चिन्ता चिता समान जलाती रहती है। चिन्तावान का शरीर सूख जाता है, मन कुमला जाता है, आत्मा निर्बल हो जाता है । इच्छा था चिन्ता रोग है जिस की पीड़ा से घबरा कर यह संसारी प्राणी इच्छा के मेटने का उपाय करता है । यदि उपाय सफल हुआ तो उस इच्छा के मिटने से वह अपने को सुखी मान लेता है । परन्तु यह इच्छा का मिटना थोड़े ही काल के लिए होता है। तुर्त ही उसी जाति की व उस से भिन्न और इच्छा पैदा हो जाती है । जिस उपाय से यह इच्छा रूपी रोग की शान्ति चाहता है वह उपाय और अधिक इच्छा रूपी रोग को बढ़ा देता है। क्योंकि यह उपाय इच्छाओं और चिन्ताओं के रोग मेटने का उपाय सच्चा उपाय नहीं है । हमको नित्य भूख प्यास की इच्छा होती है। वह मिट जाती है तब थोड़ी देर पीछे फिर वही इच्छा पैदा हो जाती है, यह तो साधारण बात है। हम मनुष्यों के दिलों में पांचों इन्द्रियों के साँगा की निरन्तर बड़ी २ प्रवल इच्छायें रहती हैं और इसी मतलब से उन पदार्थों का सम्बन्ध मिलाना चाहते हैं जिन से यह इच्छा पूर्ण है। इसी लिए धन कमाना चाहते हैं। धन के लिए नाना साधनों को करना चाहते हैं । नाना साधनो के लिये तरह तरह के चेतन अचेतन पदार्थों का सम्बन्ध मिलाना चाहते हैं। इस तरह इच्छाओ वा चिन्ताओं के मेघों से हम
इनको पूरा करने की अपकुलता में दुःखी व चिन्तावान है यदि उसको एक दो इच्छाएं कुछ काल के लिए पूर्ण हो जाती हैं तब उसकी इच्छाओं के दुःख में कुछ कमी हुई है। इसी को वह सुख मान लेता है - वास्तव में इच्छा ही दुःख है। जहां इच्छा नहीं, चिन्ता नहीं, वहां दुःख का नाम भी नहीं होता है । सच लोग जानते हैं चिन्ता चिता समान जलाती रहती है। चिन्तावान का शरीर सूख जाता है, मन कुमला जाता है, आत्मा निर्बल हो जाता है । इच्छा था चिन्ता रोग है जिस की पीड़ा से घबरा कर यह संसारी प्राणी इच्छा के मेटने का उपाय करता है । यदि उपाय सफल हुआ तो उस इच्छा के मिटने से वह अपने को सुखी मान लेता है । परन्तु यह इच्छा का मिटना थोड़े ही काल के लिए होता है। तुर्त ही उसी जाति की व उस से भिन्न और इच्छा पैदा हो जाती है । जिस उपाय से यह इच्छा रूपी रोग की शान्ति चाहता है वह उपाय और अधिक इच्छा रूपी रोग को बढ़ा देता है। क्योंकि यह उपाय इच्छाओं और चिन्ताओं के रोग मेटने का उपाय सच्चा उपाय नहीं है । हमको नित्य भूख प्यास की इच्छा होती है। वह मिट जाती है तब थोड़ी देर पीछे फिर वही इच्छा पैदा हो जाती है, यह तो साधारण बात है। हम मनुष्यों के दिलों में पांचों इन्द्रियों के साँगा की निरन्तर बड़ी दो प्रवल इच्छायें रहती हैं और इसी मतलब से उन पदार्थों का सम्बन्ध मिलाना चाहते हैं जिन से यह इच्छा पूर्ण है। इसी लिए धन कमाना चाहते हैं। धन के लिए नाना साधनों को करना चाहते हैं । नाना साधनो के लिये तरह तरह के चेतन अचेतन पदार्थों का सम्बन्ध मिलाना चाहते हैं। इस तरह इच्छाओ वा चिन्ताओं के मेघों से हम
NCERT ने अपनी किताबों को अपडेट करने की तैयारी शुरू कर दी है. अब इन किताबों में भारत सरकार की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ', 'गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स', 'स्वच्छ भारत', 'डिजिटल इंडिया' और 'नोटबंदी' जैसे मुद्दों से जुड़े विषय जोड़े जाएंगे. सरकार की इन योजनाओं के बारे में छात्रों को अगले सत्र से पढ़ाया जायेगा. बता दें कि सीबीएससी का मौजूदा पाठ्यक्रम दस साल पुराना है. यानी पिछले 10 साल से इन किताबों में न तो कोई जानकारी जोड़ी गयी है न ही इन्हे अपडेट किया गया है. इन किताबों में बहुत सी जानकारियां पुरानी हो गयी है. ख़बरों के मुताबिक़ NCERT करीब 182 पुस्तकों को अपडेट करने की योजना बना रहा है और इसमें अब तक कुल 1,334 बदलाव किए जा चुके हैं. मतलब 7 बदलाव हर किताब में किये गए है. NCERT के निर्देशक 'हृषिकेश सेनापति' का कहना है कि, 'टेक्स्ट एक महीने में तैयार हो जाएंगे और उसके तुरंत बाद प्रिंटिंग के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि, इन किताबों को अप्रैल 2018 में अकादमिक सत्र शुरू होने से पहले मार्च तक स्कूलों और लोगों तक डिलीवर कर दिया जायेगा'. जॉब और करियर से जुडी हर ख़बर न्यूज़ ट्रैक पर सिर्फ एक क्लिक में, पढिये कैसे करे जॉब पाने के लिए तैयारी और बहुत कुछ.
NCERT ने अपनी किताबों को अपडेट करने की तैयारी शुरू कर दी है. अब इन किताबों में भारत सरकार की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ', 'गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स', 'स्वच्छ भारत', 'डिजिटल इंडिया' और 'नोटबंदी' जैसे मुद्दों से जुड़े विषय जोड़े जाएंगे. सरकार की इन योजनाओं के बारे में छात्रों को अगले सत्र से पढ़ाया जायेगा. बता दें कि सीबीएससी का मौजूदा पाठ्यक्रम दस साल पुराना है. यानी पिछले दस साल से इन किताबों में न तो कोई जानकारी जोड़ी गयी है न ही इन्हे अपडेट किया गया है. इन किताबों में बहुत सी जानकारियां पुरानी हो गयी है. ख़बरों के मुताबिक़ NCERT करीब एक सौ बयासी पुस्तकों को अपडेट करने की योजना बना रहा है और इसमें अब तक कुल एक,तीन सौ चौंतीस बदलाव किए जा चुके हैं. मतलब सात बदलाव हर किताब में किये गए है. NCERT के निर्देशक 'हृषिकेश सेनापति' का कहना है कि, 'टेक्स्ट एक महीने में तैयार हो जाएंगे और उसके तुरंत बाद प्रिंटिंग के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि, इन किताबों को अप्रैल दो हज़ार अट्ठारह में अकादमिक सत्र शुरू होने से पहले मार्च तक स्कूलों और लोगों तक डिलीवर कर दिया जायेगा'. जॉब और करियर से जुडी हर ख़बर न्यूज़ ट्रैक पर सिर्फ एक क्लिक में, पढिये कैसे करे जॉब पाने के लिए तैयारी और बहुत कुछ.
अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेश के दो सगे भाइयों को कोर्ट ने सजा सुनाई है। दोनों 2007 से बंगाल में अवैध रूप से रह रहे थे। 2013 में यूपी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। बांग्लादेश चटगांव निवासी दो सगे भाई इकबाल और मोहम्मद फारूक को सीजेएम कोर्ट लखनऊ ने चार साल की कैद की सजा व 65000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साल 2007 से बांग्लादेशी निवासी दोनों दो भाई अवैध रूप से पश्चिम बंगाल में रह रहे थे। 2013 में बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय ने दो साल की सजा सुनाई। दो साल बाद बांग्लादेश के लिए भेज दिया गया। लेकिन दोनों फिर अवैध रूप से सीमा पार करके भारत आ गए। 2015 में यूपी में सहारनपुर के पते से अपने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और यहीं रह कर कारोबार करने लगे। यूपी एटीएस ने इन्हें दो साल पहले सहारनपुर से पकड़ा था और जेल भेज दिया। दोबारा पकड़े जाने पर लखनऊ कोर्ट ने दोनों भाइयों को चार साल की सजा और 65000 अर्थदंड लगाया है। इस मामले में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सहारनपुर के एक शख्स को यूपी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेश के दो सगे भाइयों को कोर्ट ने सजा सुनाई है। दोनों दो हज़ार सात से बंगाल में अवैध रूप से रह रहे थे। दो हज़ार तेरह में यूपी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। बांग्लादेश चटगांव निवासी दो सगे भाई इकबाल और मोहम्मद फारूक को सीजेएम कोर्ट लखनऊ ने चार साल की कैद की सजा व पैंसठ हज़ार रुपयापये का जुर्माना लगाया है। साल दो हज़ार सात से बांग्लादेशी निवासी दोनों दो भाई अवैध रूप से पश्चिम बंगाल में रह रहे थे। दो हज़ार तेरह में बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय ने दो साल की सजा सुनाई। दो साल बाद बांग्लादेश के लिए भेज दिया गया। लेकिन दोनों फिर अवैध रूप से सीमा पार करके भारत आ गए। दो हज़ार पंद्रह में यूपी में सहारनपुर के पते से अपने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और यहीं रह कर कारोबार करने लगे। यूपी एटीएस ने इन्हें दो साल पहले सहारनपुर से पकड़ा था और जेल भेज दिया। दोबारा पकड़े जाने पर लखनऊ कोर्ट ने दोनों भाइयों को चार साल की सजा और पैंसठ हज़ार अर्थदंड लगाया है। इस मामले में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सहारनपुर के एक शख्स को यूपी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
सर्ग । दे दी। सोमश्री और वह जार दोनों गर्गके घर ठहर गये । सोमश्रीने यहाँ भी यक्षके मटकी तरह ही दुर्विलास कर इस स्थानको भी उसी तरह रम्य कर दिखाया । इतनेमें सोमश्रीका पुत्र रोया और गर्गकी ओर उसके स्तन पीनके लिये सटपटाया-झपटय । तव सोमश्रीने अपने जारसे कहा तुम किसी तरह पुत्रको माँगकर मेरे पास ले आओ। जारने गर्गसे पूछा- विमराज ! पुत्र क्यों रोता है? गर्गन उत्तरमें कहाइसकी माता नृत्य देखनेको गई है; इस कारण यह भूखा-प्यासा हो रो रहा है। विटने कहा- यदि ऐसा है तो आप बच्चेको मुझे देवें । मैं अपनी स्त्रीका दूध पिलाकर अभी वापिस लिये आता हूँ । मेरी स्त्रीका बच्चा अभी कुछ समय हुआ जब मर गया था अतएव उसके स्तनोंस दूध निकलता है। अनजान गर्गन पथिकके हाथमें बच्चको दे ढ़िया । पथिक भी बच्चेको दूध पिलाकर वापिस लौटा गया । इस प्रकार करते २ उस दुष्टा सोमश्रीने जारके साथ दुर्विलास करते हुए रात पूरी कर दी । वह सवेरा होते ही उठी और घरसे बाहर कुछ दूर जाकर वापिस आगई और पतिदेवको क्रुद्ध हुआ देख उनके पैरोंपर गिरकर बोली- स्वामिन् ! आप क्रोध मत करो, मुझे इठ करके सखीने ज़बरदस्ती ठहरा लिया था। मैंने सुना है - अपने घर आज रातको कोई पथिक ठहरा था; उसकी स्त्रीके दूधको पी-पीकर बालक खूब सन्तुष्ट रहा है। यह बात सच्ची है या झूठी है ? गर्गने कहा- यह तो सत्य है । गर्गका ऐसा उत्तर सुन सोमश्री सन्तुष्ट हुईसी बैठ गईं। सच है-वेचक (उग) लोग दूसरेके दुःख बिल्कुल नहीं जानते हैं। इस दृष्टा उपाध्यायीके ऐसे स्वभावको जानकर रातमें शिप्यके बहुत विरक्त भाव हो गये। वह आश्चर्यके साथ सोचने लगा१४ ] नवग्रह, समुद्रका जल, और बालुका ढेर इनका परिमाण तो किसी तरहसे जाना भी जा सकता है, पर स्त्रीका मन किसीसे भी नहीं जाना जा सकता है। अन्त में शिप्यने सोचा कि बहुत विकल्सनाल उठानेसे कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होता। इन सब बातोंको कल • उपाध्यायीहीसे पूछ लूँगा । श्रीवर्द्धन मुनिराजने प्रभंजनसे कहा कि दुष्ट चेष्टाको करनेवाली, पापकी खानि स्त्रियांका जो हाल मैंने स्वयं देखा है वह तो आपसे कह दिया । अब कुछ सुना हुआ हाल कहता हूँ उसको भी आप सावधान हो सुनो। इस प्रकार प्रभंजन गुरुके चरितमें यशोघरचरितकी पीटिकाकी रचना में दूसरा -सर्ग समाप्त हुआ । एक दिन निर्लज्जा सोमश्रीने कुछ संकतोंमें उल छात्र ( श्रीवर्द्धन) से कहा - भद्र तुम जबतक मेरे मनोरथको पूरा न करोगे तबतक तुम्हारा लिपि सीखनेका मनोरथ कैसे सिद्ध हो सकता है? कभी भी सिद्ध नहीं हो सकता हैं। सोमश्री•की चेष्टासे उसके मनोरथको जानकर शिष्यने उत्तर दिया कि 'तुम्हारा भी मनोरथ इस जगह कैसे फलित हो सकता है ? सोमधीने कहा कि मेरी पालिका (सुलक्षणा) ने जैसी विधि की उसी तरह अपन भी दूसरी जगह चलें। शिप्यने पूछा कि शुभे! सुलक्षणाने कैसी विधि की थी सो कहो। श्रीवर्द्धन मुनिने प्रमंजन महारानसे कहा- आर्यपुत्र ! मेरे पूछनेपर जैसी कुछ सुलक्षणाकी की हुई विधि मुझे मेरी उपाघ्यायीने बताईं थी वहं सव. मैं कहता हूँ, तुम स्थिर चित्त हो सुनो। राजा नंदिवर्द्धन थे। उनकी रानीका नंदिवर्द्धन और सुनन्दाके पुत्रका नाम श्रीवर्द्धन था। इसी नगरमें एक हरिभद्र नामक वैश्य रहते थे। उन की भार्याका नाम भामिनी था । हरिम और भामिनीके अतीव उत्तम सात पुत्र हुए। उनके नाम श्रीइते, जयदत्त, भद्रे, गोवईर्ने, जये, विष्णु, गामैं इस प्रकार थे, तथा उनके दो पुत्रीं भी थीं जिनके बालरंडा और सुलक्षणा ये नाम थे । एक दिन सुलक्षणा तालावपर स्नान करनेको गई । वहाँ उसने श्रीधर नामके एक मनोहर विद्यार्थीको देखा । उसको देखते ही सुलक्षणाकी कामानि जल उठी । श्रीधरने भी उसके दृष्टि-विभ्रमसे जब जान लिया कि यह मेरे ऊपर अनुरक्ता हो रही है तब उसने यह श्लोक पढ़ापुण्डरीकविशालाक्षं, रोमराजीतरंगकं । उरोजचक्रिकं चेदं, भाति योपित्सरोवरं ॥ १ ॥ अर्थात् यह सरोवर स्त्रीकी नाई मालूम पड़ता है-शोभित होता है, क्योंकि जिस तरह स्त्रीके विशाल नेत्र होते हैं उसी तरह इसमें भी कमलरूपी विशाल नेत्र हैं, स्त्रीके रोमराजी होती है इसमें तरंगे ही रोमराजी है, स्त्रीके कुच होते हैं इसमें भी चक्रवाकरूपी कुत्र हैं । तात्पर्य यह है कि यह स्त्रीसे किसी वातमें भी कम नहीं है। इसके उत्तरमें सुलक्षणाने भी यह श्लोक बोलाएतद्रसस्य योऽभिजो, विलासी 'विमलाशयः । त्यागी भवति तस्येदं, स्निग्धयोपित्सरोवरं ॥ १ ॥ अर्थात् - यह योपित् रूपी सुन्दर सरोवर उसी पुरुषका है जो इसके रसका रसिक है- ज्ञाता है, विलासी है, विमलाशय है तथा
सर्ग । दे दी। सोमश्री और वह जार दोनों गर्गके घर ठहर गये । सोमश्रीने यहाँ भी यक्षके मटकी तरह ही दुर्विलास कर इस स्थानको भी उसी तरह रम्य कर दिखाया । इतनेमें सोमश्रीका पुत्र रोया और गर्गकी ओर उसके स्तन पीनके लिये सटपटाया-झपटय । तव सोमश्रीने अपने जारसे कहा तुम किसी तरह पुत्रको माँगकर मेरे पास ले आओ। जारने गर्गसे पूछा- विमराज ! पुत्र क्यों रोता है? गर्गन उत्तरमें कहाइसकी माता नृत्य देखनेको गई है; इस कारण यह भूखा-प्यासा हो रो रहा है। विटने कहा- यदि ऐसा है तो आप बच्चेको मुझे देवें । मैं अपनी स्त्रीका दूध पिलाकर अभी वापिस लिये आता हूँ । मेरी स्त्रीका बच्चा अभी कुछ समय हुआ जब मर गया था अतएव उसके स्तनोंस दूध निकलता है। अनजान गर्गन पथिकके हाथमें बच्चको दे ढ़िया । पथिक भी बच्चेको दूध पिलाकर वापिस लौटा गया । इस प्रकार करते दो उस दुष्टा सोमश्रीने जारके साथ दुर्विलास करते हुए रात पूरी कर दी । वह सवेरा होते ही उठी और घरसे बाहर कुछ दूर जाकर वापिस आगई और पतिदेवको क्रुद्ध हुआ देख उनके पैरोंपर गिरकर बोली- स्वामिन् ! आप क्रोध मत करो, मुझे इठ करके सखीने ज़बरदस्ती ठहरा लिया था। मैंने सुना है - अपने घर आज रातको कोई पथिक ठहरा था; उसकी स्त्रीके दूधको पी-पीकर बालक खूब सन्तुष्ट रहा है। यह बात सच्ची है या झूठी है ? गर्गने कहा- यह तो सत्य है । गर्गका ऐसा उत्तर सुन सोमश्री सन्तुष्ट हुईसी बैठ गईं। सच है-वेचक लोग दूसरेके दुःख बिल्कुल नहीं जानते हैं। इस दृष्टा उपाध्यायीके ऐसे स्वभावको जानकर रातमें शिप्यके बहुत विरक्त भाव हो गये। वह आश्चर्यके साथ सोचने लगाचौदह ] नवग्रह, समुद्रका जल, और बालुका ढेर इनका परिमाण तो किसी तरहसे जाना भी जा सकता है, पर स्त्रीका मन किसीसे भी नहीं जाना जा सकता है। अन्त में शिप्यने सोचा कि बहुत विकल्सनाल उठानेसे कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होता। इन सब बातोंको कल • उपाध्यायीहीसे पूछ लूँगा । श्रीवर्द्धन मुनिराजने प्रभंजनसे कहा कि दुष्ट चेष्टाको करनेवाली, पापकी खानि स्त्रियांका जो हाल मैंने स्वयं देखा है वह तो आपसे कह दिया । अब कुछ सुना हुआ हाल कहता हूँ उसको भी आप सावधान हो सुनो। इस प्रकार प्रभंजन गुरुके चरितमें यशोघरचरितकी पीटिकाकी रचना में दूसरा -सर्ग समाप्त हुआ । एक दिन निर्लज्जा सोमश्रीने कुछ संकतोंमें उल छात्र से कहा - भद्र तुम जबतक मेरे मनोरथको पूरा न करोगे तबतक तुम्हारा लिपि सीखनेका मनोरथ कैसे सिद्ध हो सकता है? कभी भी सिद्ध नहीं हो सकता हैं। सोमश्री•की चेष्टासे उसके मनोरथको जानकर शिष्यने उत्तर दिया कि 'तुम्हारा भी मनोरथ इस जगह कैसे फलित हो सकता है ? सोमधीने कहा कि मेरी पालिका ने जैसी विधि की उसी तरह अपन भी दूसरी जगह चलें। शिप्यने पूछा कि शुभे! सुलक्षणाने कैसी विधि की थी सो कहो। श्रीवर्द्धन मुनिने प्रमंजन महारानसे कहा- आर्यपुत्र ! मेरे पूछनेपर जैसी कुछ सुलक्षणाकी की हुई विधि मुझे मेरी उपाघ्यायीने बताईं थी वहं सव. मैं कहता हूँ, तुम स्थिर चित्त हो सुनो। राजा नंदिवर्द्धन थे। उनकी रानीका नंदिवर्द्धन और सुनन्दाके पुत्रका नाम श्रीवर्द्धन था। इसी नगरमें एक हरिभद्र नामक वैश्य रहते थे। उन की भार्याका नाम भामिनी था । हरिम और भामिनीके अतीव उत्तम सात पुत्र हुए। उनके नाम श्रीइते, जयदत्त, भद्रे, गोवईर्ने, जये, विष्णु, गामैं इस प्रकार थे, तथा उनके दो पुत्रीं भी थीं जिनके बालरंडा और सुलक्षणा ये नाम थे । एक दिन सुलक्षणा तालावपर स्नान करनेको गई । वहाँ उसने श्रीधर नामके एक मनोहर विद्यार्थीको देखा । उसको देखते ही सुलक्षणाकी कामानि जल उठी । श्रीधरने भी उसके दृष्टि-विभ्रमसे जब जान लिया कि यह मेरे ऊपर अनुरक्ता हो रही है तब उसने यह श्लोक पढ़ापुण्डरीकविशालाक्षं, रोमराजीतरंगकं । उरोजचक्रिकं चेदं, भाति योपित्सरोवरं ॥ एक ॥ अर्थात् यह सरोवर स्त्रीकी नाई मालूम पड़ता है-शोभित होता है, क्योंकि जिस तरह स्त्रीके विशाल नेत्र होते हैं उसी तरह इसमें भी कमलरूपी विशाल नेत्र हैं, स्त्रीके रोमराजी होती है इसमें तरंगे ही रोमराजी है, स्त्रीके कुच होते हैं इसमें भी चक्रवाकरूपी कुत्र हैं । तात्पर्य यह है कि यह स्त्रीसे किसी वातमें भी कम नहीं है। इसके उत्तरमें सुलक्षणाने भी यह श्लोक बोलाएतद्रसस्य योऽभिजो, विलासी 'विमलाशयः । त्यागी भवति तस्येदं, स्निग्धयोपित्सरोवरं ॥ एक ॥ अर्थात् - यह योपित् रूपी सुन्दर सरोवर उसी पुरुषका है जो इसके रसका रसिक है- ज्ञाता है, विलासी है, विमलाशय है तथा
पी के शाहजहांपुर में महिला कांस्टेबल और उसके प्रेमी को रंगरलिया मनाते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रेमी सोमवार (4 सितंबर) महिला कांस्टेबल के घर पहुंचा था। तभी प्रेमी की पत्नी की सूचना पर पुलिस ने दोनो को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिसके बाद मौके से दोनो को पकड़कर थाने लाया गया। शाहजहांपुरः यूपी के शाहजहांपुर में महिला कांस्टेबल और उसके प्रेमी को रंगरलियां मनाते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रेमी सोमवार (4 सितंबर) महिला कांस्टेबल के घर पहुंचा था। तभी प्रेमी की पत्नी की सूचना पर पुलिस ने दोनो को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिसके बाद मौके से दोनो को पकड़कर थाने लाया गया। मामला पुलिस से जुड़ा होने के कारण पुलिस मीडिया को कुछ भी बताने से कतरा रही है। पुलिस पूरी तरह से मामले को दबाने मे जुटी है। क्या था मामला? दरअसल मामला सदर बाजार थाना क्षेत्र के मालगोदाम रोड का है। यहां का रहने वाला करन नाम का शख्स जिला अस्पताल मे एंबुलेंस ड्राईवर है। ड्राईवर की पत्नी के मुताबिक उसके पति का प्रेम प्रसंग पिछले काफी टाईम से महिला कांस्टेबल से चल रहा था। जिसको लेकर उसके पति से विवाद होता रहता था। पत्नी के मुताबिक उसकी पांच साल पहले शादी हुई थी उसका एक बच्चा भी है। क्या कहा पत्नी ने? पत्नी का कहना है कि रविवार रात उसके पति ने कहा कि वह किसी काम से बाहर जा रहा है। उसने कोई विरोध नही किया और पति को जाने दिया। लेकिन उसे शक था कि उसका पति कहीं बाहर नही जा रहा है। इसलिए सोमवार को उसने नया सिम खरीदा और अपने पति को फोन किया और उससे पूछा कि तुम कहां हो जिसके पति ने कहा कि हम शाहजहांपुर में है। इसके बाद उसके शक यकीन मे बदल गया। और वह महिला कांस्टेबल के घर जाकर धमकी और घर के बाहर से अपने पति को फोन किया। लेकिन तब वह यह कह रहा था कि वह बाहर है। उसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके पति को महिला कांस्टेबल के घर से गिरफ्तार किया। उस वक्त महिला कांस्टेबल भी घर पर ही मोजूद थी। जिसके बाद पुलिस ने महिला कांस्टेबल और उसके प्रेमी ड्राईवर को पकड़कर थाने ले आई। मामला पुलिस से जुड़ा होने के कारण पुलिस मामले को दबाने मे जुटी हुई है। इस मामले पर पुलिस मीडिया को कुछ भी बताने से बच रही है। हालांकि एसएसआई ने सिर्फ इतना बताया कि दोनो के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। आगे कुछ और बताने से इंकार कर दिया।
पी के शाहजहांपुर में महिला कांस्टेबल और उसके प्रेमी को रंगरलिया मनाते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रेमी सोमवार महिला कांस्टेबल के घर पहुंचा था। तभी प्रेमी की पत्नी की सूचना पर पुलिस ने दोनो को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिसके बाद मौके से दोनो को पकड़कर थाने लाया गया। शाहजहांपुरः यूपी के शाहजहांपुर में महिला कांस्टेबल और उसके प्रेमी को रंगरलियां मनाते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रेमी सोमवार महिला कांस्टेबल के घर पहुंचा था। तभी प्रेमी की पत्नी की सूचना पर पुलिस ने दोनो को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिसके बाद मौके से दोनो को पकड़कर थाने लाया गया। मामला पुलिस से जुड़ा होने के कारण पुलिस मीडिया को कुछ भी बताने से कतरा रही है। पुलिस पूरी तरह से मामले को दबाने मे जुटी है। क्या था मामला? दरअसल मामला सदर बाजार थाना क्षेत्र के मालगोदाम रोड का है। यहां का रहने वाला करन नाम का शख्स जिला अस्पताल मे एंबुलेंस ड्राईवर है। ड्राईवर की पत्नी के मुताबिक उसके पति का प्रेम प्रसंग पिछले काफी टाईम से महिला कांस्टेबल से चल रहा था। जिसको लेकर उसके पति से विवाद होता रहता था। पत्नी के मुताबिक उसकी पांच साल पहले शादी हुई थी उसका एक बच्चा भी है। क्या कहा पत्नी ने? पत्नी का कहना है कि रविवार रात उसके पति ने कहा कि वह किसी काम से बाहर जा रहा है। उसने कोई विरोध नही किया और पति को जाने दिया। लेकिन उसे शक था कि उसका पति कहीं बाहर नही जा रहा है। इसलिए सोमवार को उसने नया सिम खरीदा और अपने पति को फोन किया और उससे पूछा कि तुम कहां हो जिसके पति ने कहा कि हम शाहजहांपुर में है। इसके बाद उसके शक यकीन मे बदल गया। और वह महिला कांस्टेबल के घर जाकर धमकी और घर के बाहर से अपने पति को फोन किया। लेकिन तब वह यह कह रहा था कि वह बाहर है। उसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके पति को महिला कांस्टेबल के घर से गिरफ्तार किया। उस वक्त महिला कांस्टेबल भी घर पर ही मोजूद थी। जिसके बाद पुलिस ने महिला कांस्टेबल और उसके प्रेमी ड्राईवर को पकड़कर थाने ले आई। मामला पुलिस से जुड़ा होने के कारण पुलिस मामले को दबाने मे जुटी हुई है। इस मामले पर पुलिस मीडिया को कुछ भी बताने से बच रही है। हालांकि एसएसआई ने सिर्फ इतना बताया कि दोनो के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। आगे कुछ और बताने से इंकार कर दिया।
नई दिल्ली, राजसत्ता एक्सप्रेस। बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों में से एक ऋषि कपूर का आज गुरुवार की सुबह निधन हो गया। अपने अभिनय कौशल से दशकों तक लोगों के दिलों पर राज करने वाले ऋषि कपूर जीवन के आखिरी पलों में भी डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का मनोरंजन करते रहे। वे दो सालों से ल्यूकेमिया से जंग लड़ रहे थे। ऋषि कपूर इस घातक कैंसर का इलाज करवाने के लिए 2018 से करीब एक साल से ज्यादा वक्त तक न्यूयार्क में रहे। फरवरी में स्वास्थ्य कारणों के चलते ऋषि कपूर को दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह बीमारी कैंसर का ऐसा रूप है जो शरीर के उस हिस्से को प्रभावित करती है, जहां से हमें बाहरी संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है। ल्यूकेमिया एक प्रकार का ब्लड कैंसर होता है। खून में रेड ब्लड सेल, व्हाइट ब्लड सेल और प्लेटलेट्स होते हैं। इनमें से व्हाइट ब्लड सेल्स, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं, ल्यूकेमिया से सबसे ज्यादा यही प्रभावित होते हैं। इससे इनकी संख्या बढ़ने लगती है और ये असामान्य हो जाते हैं, जिन्हें ल्यूकेमिक सेल कहा जाता है। इससे शरीर में टिश्यूज को ऑक्सीजन पहुंचाने वाले रेड ब्लड सेल और प्लेटलेट्स की भी कमी होने लगती है। ल्यूकेमिया मरीज में वाइट ब्लड सेल के असामान्य हो जाने के कारण शरीर में बाहरी संक्रमण से लड़ने की क्षमता क्षीण हो जाती है। शरीर दिन पर दिन कमजोर होता जाता है और अंतिम समय में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है। अभी तक कैंसर की बीमारी के कारण का पता नहीं चला है। मायोक्लिनिक डॉट नेट के अनुसार, यह बीमारी जेनेटिक व पर्यावरण के कारण होता है। इस बीमारी के सामान्य लक्षणों में बुखार, कमजोरी, भूख न लगना, काफी कमजोरी महसूस होना, त्वचा पर लाल धब्बे पड़ना और हड्डियों में दर्द होना। वैसे तो अभी किसी भी स्टडी में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ल्येकेमिया किन कारणों से होता है। आमतौर पर डॉक्टर यही बताते हैं कि ल्यूकेमिया ध्रूपमान करने, अधिक मात्रा में सफेद ब्लड सेल्स बनने, दवाई का साइड-इफेक्ट्स होने, कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी का साइड-इफेक्ट्स होने और परिवार में किसी दूसरे व्यक्ति को ल्यूकेमिया (जेनेटिक डिसऑर्डर) होने से हो सकता है।
नई दिल्ली, राजसत्ता एक्सप्रेस। बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों में से एक ऋषि कपूर का आज गुरुवार की सुबह निधन हो गया। अपने अभिनय कौशल से दशकों तक लोगों के दिलों पर राज करने वाले ऋषि कपूर जीवन के आखिरी पलों में भी डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का मनोरंजन करते रहे। वे दो सालों से ल्यूकेमिया से जंग लड़ रहे थे। ऋषि कपूर इस घातक कैंसर का इलाज करवाने के लिए दो हज़ार अट्ठारह से करीब एक साल से ज्यादा वक्त तक न्यूयार्क में रहे। फरवरी में स्वास्थ्य कारणों के चलते ऋषि कपूर को दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह बीमारी कैंसर का ऐसा रूप है जो शरीर के उस हिस्से को प्रभावित करती है, जहां से हमें बाहरी संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है। ल्यूकेमिया एक प्रकार का ब्लड कैंसर होता है। खून में रेड ब्लड सेल, व्हाइट ब्लड सेल और प्लेटलेट्स होते हैं। इनमें से व्हाइट ब्लड सेल्स, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं, ल्यूकेमिया से सबसे ज्यादा यही प्रभावित होते हैं। इससे इनकी संख्या बढ़ने लगती है और ये असामान्य हो जाते हैं, जिन्हें ल्यूकेमिक सेल कहा जाता है। इससे शरीर में टिश्यूज को ऑक्सीजन पहुंचाने वाले रेड ब्लड सेल और प्लेटलेट्स की भी कमी होने लगती है। ल्यूकेमिया मरीज में वाइट ब्लड सेल के असामान्य हो जाने के कारण शरीर में बाहरी संक्रमण से लड़ने की क्षमता क्षीण हो जाती है। शरीर दिन पर दिन कमजोर होता जाता है और अंतिम समय में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है। अभी तक कैंसर की बीमारी के कारण का पता नहीं चला है। मायोक्लिनिक डॉट नेट के अनुसार, यह बीमारी जेनेटिक व पर्यावरण के कारण होता है। इस बीमारी के सामान्य लक्षणों में बुखार, कमजोरी, भूख न लगना, काफी कमजोरी महसूस होना, त्वचा पर लाल धब्बे पड़ना और हड्डियों में दर्द होना। वैसे तो अभी किसी भी स्टडी में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ल्येकेमिया किन कारणों से होता है। आमतौर पर डॉक्टर यही बताते हैं कि ल्यूकेमिया ध्रूपमान करने, अधिक मात्रा में सफेद ब्लड सेल्स बनने, दवाई का साइड-इफेक्ट्स होने, कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी का साइड-इफेक्ट्स होने और परिवार में किसी दूसरे व्यक्ति को ल्यूकेमिया होने से हो सकता है।
टीवी सीरियल की मशूहर एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा की मौत के तीन दिन बाद सुसाइड का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में तुनिषा के एक्स बॉयफ्रेंड शीजान खान गोद में उठाकर अस्पताल ले जाते नजर आ रहे हैं। टीवी सीरियल की मशूहर एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा (Actress Tunisha Sharma) ने 24 दिसंबर को 'अली बाबा-दास्तान-ए-काबुल' सीरियल के सेट के मेकअप रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली थी। अब एक्ट्रेस की मौत के तीन दिन बाद सुसाइड का एक वीडियो सामने आया है। ये वीडियो तब का बताया जा रहा है जब तुनिषा ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड शीजान खान (Ex boyfriend sheezan khan) के मेकअप रूम में फांसी लगा ली थी। ये वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर जमकर वायरल (Video Viral) हो रहा है। इस वीडियो में आप देख सकते है कैसे कि सेट पर मौजूद लोग तुनिषा शर्मा को फांसी के फंदे से उतार कर अस्पताल ले जा रहे हैं। जिसमें शीजान (Sheezan Khan) और कुछ लोग तुनिषा को गोद में उठाकर अस्पताल ले जाते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज का है। इस वीडियो में दो लोगों ने तुनिषा को पकडे हुए है और इन दोनों लोगों के पीछे शिजान भी नजर आ रहे हैं। उन्होंने तुनिषा के पैर पकडे हुए हैं। वीडियो में तीनों सफेद रंग की कार से उतरकर सीढ़ियों से तुनिषा को आनन-फानन में अस्पताल के अंदर ले जाते दिख रहे हैं। वही आज शाम को करीब साढ़े चार बजे मीरा रोड श्मशान घाट में एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। तुनिषा मामा ने मुखाग्नि दी। आरोपी शीजान खान की मां और बहन भी अंतिम संस्कार में पहुंचीं। इसके अलावा तमाम दिग्गज कलाकार भी मौजूद रहे।
टीवी सीरियल की मशूहर एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा की मौत के तीन दिन बाद सुसाइड का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में तुनिषा के एक्स बॉयफ्रेंड शीजान खान गोद में उठाकर अस्पताल ले जाते नजर आ रहे हैं। टीवी सीरियल की मशूहर एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा ने चौबीस दिसंबर को 'अली बाबा-दास्तान-ए-काबुल' सीरियल के सेट के मेकअप रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब एक्ट्रेस की मौत के तीन दिन बाद सुसाइड का एक वीडियो सामने आया है। ये वीडियो तब का बताया जा रहा है जब तुनिषा ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड शीजान खान के मेकअप रूम में फांसी लगा ली थी। ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आप देख सकते है कैसे कि सेट पर मौजूद लोग तुनिषा शर्मा को फांसी के फंदे से उतार कर अस्पताल ले जा रहे हैं। जिसमें शीजान और कुछ लोग तुनिषा को गोद में उठाकर अस्पताल ले जाते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज का है। इस वीडियो में दो लोगों ने तुनिषा को पकडे हुए है और इन दोनों लोगों के पीछे शिजान भी नजर आ रहे हैं। उन्होंने तुनिषा के पैर पकडे हुए हैं। वीडियो में तीनों सफेद रंग की कार से उतरकर सीढ़ियों से तुनिषा को आनन-फानन में अस्पताल के अंदर ले जाते दिख रहे हैं। वही आज शाम को करीब साढ़े चार बजे मीरा रोड श्मशान घाट में एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। तुनिषा मामा ने मुखाग्नि दी। आरोपी शीजान खान की मां और बहन भी अंतिम संस्कार में पहुंचीं। इसके अलावा तमाम दिग्गज कलाकार भी मौजूद रहे।
यूपी के महोबा जिले में एक शादीशुदा महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज करने से इंकार कर दिया और घरवालों से इसकी शिकायत कर दी तो इस बात पर गुस्सा हुए उस प्रेमी युवक ने महिला को धारदार कुल्हाड़ी से काट डाला और और इस जघन्य हत्या को अंजाम देने के बाद वह पागल प्रेमी जहर खाकर खुद थाने पहुंच गया। पुलिस ने इस युवक की मरणासन्न हालत देखकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। मां समान विधवा भाभी से जबरन कराई शादी तो नाबालिग लड़के ने उठाया ये घातक कदम! पुलिस के मुताबिक महोबा जिले के थाना श्रीनगर इलाके में श्याम बिहारी आहिवार अपनी पत्नी कलावती (35) के साथ रहते हैं! पिछले कुछ सालों से गांव के ही रूप सिंह यादव पुत्र जगदीश यादव का कलावती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन जब रुप सिंह ने कलावती पर दबाव डाला कि वह अपने पति को छोड़कर उसके साथ कोर्ट मैरिज कर ले। तो कलावती ने इसकी शिकायत अपने पति से कर दी। इस बात से भड़के कलावती के पति ने रूपसिंह के घरवालों को उसकी हरकतें बताते हुए उनके घर पर जमकर भड़ास निकाली। जब रूप सिंह की हरकतों को लेकर उसके घरवालों ने उसे खरीखोटी सुनाई तो इस बात से गुस्साए रूप सिंह ने कलावती पर अपना गुस्सा उतारने की ठान ली। इसके बाद रविवार दोपहर में खेत पर मौजूद कलावती को कुल्हाड़ी से हमला करके मार डाला। रूपसिंह तो उसके बाद भाग निकला लेकिन रात तक पुलिस के डर और गम में उसने भी जहर खा लिया और ऐसी हालत में ही थाने पहुंच गया। पुलिस ने पहले तो उसे इलाज के वास्ते अस्पताल में भर्ती कराया और जैसे ही वह ठीक हुआ उसे कलावती की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया है।
यूपी के महोबा जिले में एक शादीशुदा महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज करने से इंकार कर दिया और घरवालों से इसकी शिकायत कर दी तो इस बात पर गुस्सा हुए उस प्रेमी युवक ने महिला को धारदार कुल्हाड़ी से काट डाला और और इस जघन्य हत्या को अंजाम देने के बाद वह पागल प्रेमी जहर खाकर खुद थाने पहुंच गया। पुलिस ने इस युवक की मरणासन्न हालत देखकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। मां समान विधवा भाभी से जबरन कराई शादी तो नाबालिग लड़के ने उठाया ये घातक कदम! पुलिस के मुताबिक महोबा जिले के थाना श्रीनगर इलाके में श्याम बिहारी आहिवार अपनी पत्नी कलावती के साथ रहते हैं! पिछले कुछ सालों से गांव के ही रूप सिंह यादव पुत्र जगदीश यादव का कलावती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन जब रुप सिंह ने कलावती पर दबाव डाला कि वह अपने पति को छोड़कर उसके साथ कोर्ट मैरिज कर ले। तो कलावती ने इसकी शिकायत अपने पति से कर दी। इस बात से भड़के कलावती के पति ने रूपसिंह के घरवालों को उसकी हरकतें बताते हुए उनके घर पर जमकर भड़ास निकाली। जब रूप सिंह की हरकतों को लेकर उसके घरवालों ने उसे खरीखोटी सुनाई तो इस बात से गुस्साए रूप सिंह ने कलावती पर अपना गुस्सा उतारने की ठान ली। इसके बाद रविवार दोपहर में खेत पर मौजूद कलावती को कुल्हाड़ी से हमला करके मार डाला। रूपसिंह तो उसके बाद भाग निकला लेकिन रात तक पुलिस के डर और गम में उसने भी जहर खा लिया और ऐसी हालत में ही थाने पहुंच गया। पुलिस ने पहले तो उसे इलाज के वास्ते अस्पताल में भर्ती कराया और जैसे ही वह ठीक हुआ उसे कलावती की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया है।
भारत के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि उन्हें अच्छा लग रहा है कि वह अपने फार्म में लौट आए हैं और उन्होंने सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में शतक जड़ा। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अब दक्षिण अफ्रीका दौरे पर है जो 26 दिसंबर से शुरू होगा। 150 और 62 के साथ भारत की दोनों पारियों में ज्यादा रन बनाने के लिए सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया क्योंकि भारत ने दूसरा टेस्ट 372 रन से जीता और दो मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली। अग्रवाल ने मैच खत्म होने के बाद कहा 'यह प्रदर्शन मेरे लिए खास है। हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगला मैच खेलेंगे, हम इसके लिए भी उत्सुक हैं।' 30 वर्षीय खिलाड़ी ने मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर से मिली सलाह को याद करते हुए उन्होंने कहा 'राहुल भाई ने मुझे मिड-सीरीज की तकनीक के बारे में नहीं सोचने के बारे में बताया, और मुझे बताया कि यह वह तकनीक है जिससे मुझे रन मिले हैं। सुनील सर ने कहा कि मुझे खेल में बाएं कंधे को हमेशा खोलकर रखना चाहिए।'
भारत के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि उन्हें अच्छा लग रहा है कि वह अपने फार्म में लौट आए हैं और उन्होंने सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में शतक जड़ा। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अब दक्षिण अफ्रीका दौरे पर है जो छब्बीस दिसंबर से शुरू होगा। एक सौ पचास और बासठ के साथ भारत की दोनों पारियों में ज्यादा रन बनाने के लिए सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया क्योंकि भारत ने दूसरा टेस्ट तीन सौ बहत्तर रन से जीता और दो मैचों की सीरीज एक-शून्य से जीत ली। अग्रवाल ने मैच खत्म होने के बाद कहा 'यह प्रदर्शन मेरे लिए खास है। हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगला मैच खेलेंगे, हम इसके लिए भी उत्सुक हैं।' तीस वर्षीय खिलाड़ी ने मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर से मिली सलाह को याद करते हुए उन्होंने कहा 'राहुल भाई ने मुझे मिड-सीरीज की तकनीक के बारे में नहीं सोचने के बारे में बताया, और मुझे बताया कि यह वह तकनीक है जिससे मुझे रन मिले हैं। सुनील सर ने कहा कि मुझे खेल में बाएं कंधे को हमेशा खोलकर रखना चाहिए।'
भजन सम्राट अनूप जलोटा और जसलीन मथारू 'बिग बॉस 12' के बाद अब एक फिल्म में साथ में नजर आने वाले हैं। बिग बॉस के घर में अनूप जलोटा और जसलीन मथारू ने एक कपल की तरह एंट्री की थी मगर बाहर आने के बाद दोनों ने अपने रिश्ते को एक गुरू-शिष्य का रिश्ता बताया था। अब दोनों फिल्म वो मेरी स्टूडेंट है में नजर आने वाले हैं। फिल्म की शूटिंग आज शुरू हो गई है। फिल्म को जसलीन के पिता केसर मथारू डायरेक्ट कर रहे हैं। फिल्म का पहला पोस्टर सामने आया है जिसमें अनूप जलोटा बप्पी लहरी के अवतार में नजर आ रहे हैं। वहीं जसलीन एक स्कूल स्टूडेंट जैसी नजर आ रही हैं। टाइम्स नॉओ की रिपोर्ट के मुताबिक अनूप जलोटा ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में कहा- बीते साल दिवाली से पहले एक धमाका किया था बिग बॉस में पार्टिसिपेट करके और ये फिल्म इस दिवाली के पहले का धमाका है। यह लोगों के दिमाग में मुझे और जसलीन को लेकर मौजूद गलत धारणाओं को दूर करेगा। अनूप जलोटा ने बताया- फिल्म में जसलीन उनसे संगीत सीखने के लिए आएंगी और वह उन्हे सही तरह से कपड़े पहनने के लिए कहेंगे क्योकि वह एक ट्रेडिशनल म्यूजिक बैकग्राउंड से हैं। उन्होंने बताया- असल जिंदगी में भी मैं जसलीन और बाकि स्टूडेंट को भी यही बात कहता हूं। मुझे किसी के अपनी पसंद से कपड़े पहनने से कोई परेशानी नहीं है लेकिन कुछ स्थितियों में एक तरह के कपड़े पहनना जरुरी होता है। मैं भी असल जिंदगी में शॉर्ट्स पहनता हूं लेकिन क्लास के दौरान नहीं जब मैं स्टूडेंट को सिखा रहा होता हूं। आपको बता दें अनूप जलोटा और जसलीन मथारू से शो को बहुत टीआरपी मिली थी। इससे लगता है फिल्म को भी लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा।
भजन सम्राट अनूप जलोटा और जसलीन मथारू 'बिग बॉस बारह' के बाद अब एक फिल्म में साथ में नजर आने वाले हैं। बिग बॉस के घर में अनूप जलोटा और जसलीन मथारू ने एक कपल की तरह एंट्री की थी मगर बाहर आने के बाद दोनों ने अपने रिश्ते को एक गुरू-शिष्य का रिश्ता बताया था। अब दोनों फिल्म वो मेरी स्टूडेंट है में नजर आने वाले हैं। फिल्म की शूटिंग आज शुरू हो गई है। फिल्म को जसलीन के पिता केसर मथारू डायरेक्ट कर रहे हैं। फिल्म का पहला पोस्टर सामने आया है जिसमें अनूप जलोटा बप्पी लहरी के अवतार में नजर आ रहे हैं। वहीं जसलीन एक स्कूल स्टूडेंट जैसी नजर आ रही हैं। टाइम्स नॉओ की रिपोर्ट के मुताबिक अनूप जलोटा ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में कहा- बीते साल दिवाली से पहले एक धमाका किया था बिग बॉस में पार्टिसिपेट करके और ये फिल्म इस दिवाली के पहले का धमाका है। यह लोगों के दिमाग में मुझे और जसलीन को लेकर मौजूद गलत धारणाओं को दूर करेगा। अनूप जलोटा ने बताया- फिल्म में जसलीन उनसे संगीत सीखने के लिए आएंगी और वह उन्हे सही तरह से कपड़े पहनने के लिए कहेंगे क्योकि वह एक ट्रेडिशनल म्यूजिक बैकग्राउंड से हैं। उन्होंने बताया- असल जिंदगी में भी मैं जसलीन और बाकि स्टूडेंट को भी यही बात कहता हूं। मुझे किसी के अपनी पसंद से कपड़े पहनने से कोई परेशानी नहीं है लेकिन कुछ स्थितियों में एक तरह के कपड़े पहनना जरुरी होता है। मैं भी असल जिंदगी में शॉर्ट्स पहनता हूं लेकिन क्लास के दौरान नहीं जब मैं स्टूडेंट को सिखा रहा होता हूं। आपको बता दें अनूप जलोटा और जसलीन मथारू से शो को बहुत टीआरपी मिली थी। इससे लगता है फिल्म को भी लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा।
King Charles III: बता दें कि ब्रिटेन में 70 साल बाद राज शाही में बदलाव हुआ है। पिछले 73 साल प्रिंस नाम से मशहूर चार्ल्स-III अब किंग बन गए हैं। वहीं उनकी ताजपोशी के साथ ही ब्रिटेन में काफी कुछ बदलने जा रहा है। 1952 के बाद ब्रिटेन का राष्ट्रगान बदला जाएगा। Uttar Pradesh: पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश औद्योगिक राज्य प्राधिकरण (यूपीसीडा) को सात देशों से 3200 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला है। इसमें यूनाइटेड किंगडम की तीन कंपनियों ने 1237 करोड़, यूएसए की दो कंपनियों से 1237 करोड़, फ्रांस से 307 करोड़, इटली से 250 करोड़, कनाडा से सवा सौ करोड़, जर्मनी की दो कंपनियों ने 60 करोड़, साइप्रस से 10 करोड़ रुपए का निवेश है। इससे 8650 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। Bihar: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चीफ चिराग पासवान को विधिवत केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल खबर सामने आ रही है। भाजपा से सूबे के बारे में अपना खाका पेश करने के अलावा, चिराग ने भाजपा से 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के 'सीएम फेस' को साफ करने के लिए भी कहा है। UP News: बता दें कि सपा इस पोस्टर के जरिए ये बताने की कोशिश कर रही है कि अगर बिहार और यूपी की जनता साथ देंगे तो दिल्ली से मोदी सरकार का जाना तय है। एक तरीके से विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को घेरने के लिए सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दी है ताकि 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दी जा सके। आज से यूपी में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे हो रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके आदेश दिए थे। यूपी सरकार का कहना है कि इस सर्वे से 25 अक्टूबर तक जो डेटा मिलेगा, उसके बाद मदरसों को नए सिरे से मान्यता दी जाएगी। मान्यता मिलने से मदरसा छात्रों और शिक्षकों को तमाम फायदे होंगे, लेकिन विपक्षी दल इसे सियासी मुद्दा बना रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी नए विवाद में घिरते दिख रहे हैं। शुक्रवार को अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने एक ईसाई धर्मगुरु से मुलाकात की। इस धर्मगुरु का नाम पैस्टर जॉर्ज पोन्नैया है। पोन्नैया को हिंदू विरोधी माना जाता है। राहुल गांधी का पोन्नैया के साथ एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें पैस्टर कहते दिखते हैं कि जीसस क्राइस्ट ही असली देवता हैं। चार्ल्स ने महारानी के निधन के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया है। अपने संबोधन में चार्ल्स ने मां और पिछले साल गुजरे पिता प्रिंस फिलिप को याद किया। उन्होंने कहा कि आज वो जो कुछ भी हैं, वो महारानी एलिजाबेथ की वजह से ही हैं। चार्ल्स ने अपनी पत्नी कैमिला पार्कर बाउल्स की भी तारीफ की। झारखंड के गढ़वा में अब दुमका जैसा कांड हुआ है। यहां दीपक सोनी नाम के युवक ने आरोप लगाया है कि दूसरे समुदाय के कसमुद्दीन ने उसपर पेट्रोल डालकर जला दिया। युवक को बुरी तरह झुलसी हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। गढ़वा के नगर उंटारी थाने के प्रभारी राजेश कुमार के मुताबिक इस मामले की जांच चल रही है। इसी ज्वेलर के यहां 9 दिसंबर 2021 को बदमाशों ने 5 करोड़ का सोना भी लूटा था। अब रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी बदमाश दे रहे हैं। दगरु सेठ ज्वेलर्स के मालिक संतोष लाट को तीन महीने में 3 बार धमकी मिल चुकी है। संतोष दरभंगा के सबसे बड़े और नामचीन ज्वेलर हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक साइरस और उनके साथ जान गंवाने वाले शख्स को सिर और अंदरूनी अंगों में गंभीर चोट लगी थी। एसपी पाटिल ने बताया कि अब मर्सिडीज बेंज के अफसर और इंजीनियर सोमवार को पालघर आएंगे। वे यहां आकर कार हादसे की जांच में सहयोग देंगे।
King Charles III: बता दें कि ब्रिटेन में सत्तर साल बाद राज शाही में बदलाव हुआ है। पिछले तिहत्तर साल प्रिंस नाम से मशहूर चार्ल्स-III अब किंग बन गए हैं। वहीं उनकी ताजपोशी के साथ ही ब्रिटेन में काफी कुछ बदलने जा रहा है। एक हज़ार नौ सौ बावन के बाद ब्रिटेन का राष्ट्रगान बदला जाएगा। Uttar Pradesh: पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश औद्योगिक राज्य प्राधिकरण को सात देशों से तीन हज़ार दो सौ करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला है। इसमें यूनाइटेड किंगडम की तीन कंपनियों ने एक हज़ार दो सौ सैंतीस करोड़, यूएसए की दो कंपनियों से एक हज़ार दो सौ सैंतीस करोड़, फ्रांस से तीन सौ सात करोड़, इटली से दो सौ पचास करोड़, कनाडा से सवा सौ करोड़, जर्मनी की दो कंपनियों ने साठ करोड़, साइप्रस से दस करोड़ रुपए का निवेश है। इससे आठ हज़ार छः सौ पचास से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। Bihar: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी के चीफ चिराग पासवान को विधिवत केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल खबर सामने आ रही है। भाजपा से सूबे के बारे में अपना खाका पेश करने के अलावा, चिराग ने भाजपा से दो हज़ार पच्चीस के विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के 'सीएम फेस' को साफ करने के लिए भी कहा है। UP News: बता दें कि सपा इस पोस्टर के जरिए ये बताने की कोशिश कर रही है कि अगर बिहार और यूपी की जनता साथ देंगे तो दिल्ली से मोदी सरकार का जाना तय है। एक तरीके से विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को घेरने के लिए सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दी है ताकि दो हज़ार चौबीस लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दी जा सके। आज से यूपी में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे हो रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके आदेश दिए थे। यूपी सरकार का कहना है कि इस सर्वे से पच्चीस अक्टूबर तक जो डेटा मिलेगा, उसके बाद मदरसों को नए सिरे से मान्यता दी जाएगी। मान्यता मिलने से मदरसा छात्रों और शिक्षकों को तमाम फायदे होंगे, लेकिन विपक्षी दल इसे सियासी मुद्दा बना रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी नए विवाद में घिरते दिख रहे हैं। शुक्रवार को अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने एक ईसाई धर्मगुरु से मुलाकात की। इस धर्मगुरु का नाम पैस्टर जॉर्ज पोन्नैया है। पोन्नैया को हिंदू विरोधी माना जाता है। राहुल गांधी का पोन्नैया के साथ एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें पैस्टर कहते दिखते हैं कि जीसस क्राइस्ट ही असली देवता हैं। चार्ल्स ने महारानी के निधन के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया है। अपने संबोधन में चार्ल्स ने मां और पिछले साल गुजरे पिता प्रिंस फिलिप को याद किया। उन्होंने कहा कि आज वो जो कुछ भी हैं, वो महारानी एलिजाबेथ की वजह से ही हैं। चार्ल्स ने अपनी पत्नी कैमिला पार्कर बाउल्स की भी तारीफ की। झारखंड के गढ़वा में अब दुमका जैसा कांड हुआ है। यहां दीपक सोनी नाम के युवक ने आरोप लगाया है कि दूसरे समुदाय के कसमुद्दीन ने उसपर पेट्रोल डालकर जला दिया। युवक को बुरी तरह झुलसी हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। गढ़वा के नगर उंटारी थाने के प्रभारी राजेश कुमार के मुताबिक इस मामले की जांच चल रही है। इसी ज्वेलर के यहां नौ दिसंबर दो हज़ार इक्कीस को बदमाशों ने पाँच करोड़ का सोना भी लूटा था। अब रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी बदमाश दे रहे हैं। दगरु सेठ ज्वेलर्स के मालिक संतोष लाट को तीन महीने में तीन बार धमकी मिल चुकी है। संतोष दरभंगा के सबसे बड़े और नामचीन ज्वेलर हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक साइरस और उनके साथ जान गंवाने वाले शख्स को सिर और अंदरूनी अंगों में गंभीर चोट लगी थी। एसपी पाटिल ने बताया कि अब मर्सिडीज बेंज के अफसर और इंजीनियर सोमवार को पालघर आएंगे। वे यहां आकर कार हादसे की जांच में सहयोग देंगे।
रेडमी के फ्लैगशिप स्मार्टफोन को गेमिंग लवर्स के लिए खास तौर पर लॉन्च किया जाएगा। लू विबिंग ने Weibo पर इस बात की जानकारी दी है कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट को गेमिंग के लिए भी ऑप्टिमाइज़ किया गया है। चीनी कंपनी Redmi ने पुष्टि कर दी है कि कंपनी जल्द ही स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर वाले स्मार्टफोन को लॉन्च करने वाली है। माना जा रहा है कि यह रेडमी का पहला फ्लैगशिप डिवाइस हो सकता है। कंपनी के जनरल मैनेजर लू वीबिंग ने आने वाले डिवाइस के बारे में कुछ जानकारियां पहले ही शेयर कर दी है। ताजा खबर के मुताबिक, रेडमी का फ्लैगशिप स्मार्टफोन गेमिंग लवर्स के लिए खास तौर पर लॉन्च किया जाएगा। लू विबिंग ने Weibo पर इस बात की जानकारी दी है कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट को गेमिंग के लिए भी ऑप्टिमाइज़ किया गया है। उन्होंने आगे कहा है कि गेम खेलने के दौरान आने वाले प्रॉब्लम्स को दूर किया गया है। इनमें गेम अपलोड में लगे टाइम, बैटरी और फ्रिक्वेंसी रिडक्शन खास है। लू विबिंग ने हाल ही में इशारों में बताया था कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट की बैटरी दो दिनों तक चलेगी। विबिंग ने कहा कि जब उन्होंने रेडमी फ्लैगशिप स्मार्टफोन को Antutu वेबसाइट पर स्कोर देखा तो वह सरप्राइज थे। फोन ने बेंचमार्क टेस्ट में शानदार स्कोर पाए थे। बैटरी के अलावा रेडमी ब्रांड के जनरल मैनेजर लू विबिंग ने हाल ही में टीज़र ज़ारी किया था कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर होगा। कंपनी के जीएम के अलावा, ट्विटर टिप्स्टर ईशान अग्रवाल ने भी दावा किया है कि कंपनी एक नहीं, बल्कि दो स्मार्टफोन्स ला सकती है। ईशान ने इन दोनों डिवाइस के बारे में कुछ जानकारियां भी शेयर की हैं। टिप्स्टर इशान अग्रवाल के मुताबिक, Xiaomi चीन में रेडमी फ्लैगशिप के दो मॉडल लॉन्च करेगी। ट्वीट से इस बात का भी पता चला है कि रेडमी फ्लैगशिप फोन के तीन कलर वेरिएंट होंगे- रेड, ब्लू और कार्बन फाइबर। फोन के चार वेरिएंट होंगे, 6 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज, 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज, 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज और 8 जीबी रैम + 256 जीबी स्टोरेज। हाल ही में नए लीक से पता चला था कि रेडमी फ्लैगशिप (Redmi Flagship) फोन में 6. 39 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले होगा। हैंडसेट ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा। यहां 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 8 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर और 13 मेगापिक्सल का सेंसर होगा। इस फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा होने की संभावना है।
रेडमी के फ्लैगशिप स्मार्टफोन को गेमिंग लवर्स के लिए खास तौर पर लॉन्च किया जाएगा। लू विबिंग ने Weibo पर इस बात की जानकारी दी है कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट को गेमिंग के लिए भी ऑप्टिमाइज़ किया गया है। चीनी कंपनी Redmi ने पुष्टि कर दी है कि कंपनी जल्द ही स्नैपड्रैगन आठ सौ पचपन प्रोसेसर वाले स्मार्टफोन को लॉन्च करने वाली है। माना जा रहा है कि यह रेडमी का पहला फ्लैगशिप डिवाइस हो सकता है। कंपनी के जनरल मैनेजर लू वीबिंग ने आने वाले डिवाइस के बारे में कुछ जानकारियां पहले ही शेयर कर दी है। ताजा खबर के मुताबिक, रेडमी का फ्लैगशिप स्मार्टफोन गेमिंग लवर्स के लिए खास तौर पर लॉन्च किया जाएगा। लू विबिंग ने Weibo पर इस बात की जानकारी दी है कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट को गेमिंग के लिए भी ऑप्टिमाइज़ किया गया है। उन्होंने आगे कहा है कि गेम खेलने के दौरान आने वाले प्रॉब्लम्स को दूर किया गया है। इनमें गेम अपलोड में लगे टाइम, बैटरी और फ्रिक्वेंसी रिडक्शन खास है। लू विबिंग ने हाल ही में इशारों में बताया था कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट की बैटरी दो दिनों तक चलेगी। विबिंग ने कहा कि जब उन्होंने रेडमी फ्लैगशिप स्मार्टफोन को Antutu वेबसाइट पर स्कोर देखा तो वह सरप्राइज थे। फोन ने बेंचमार्क टेस्ट में शानदार स्कोर पाए थे। बैटरी के अलावा रेडमी ब्रांड के जनरल मैनेजर लू विबिंग ने हाल ही में टीज़र ज़ारी किया था कि इस फ्लैगशिप हैंडसेट में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर होगा। कंपनी के जीएम के अलावा, ट्विटर टिप्स्टर ईशान अग्रवाल ने भी दावा किया है कि कंपनी एक नहीं, बल्कि दो स्मार्टफोन्स ला सकती है। ईशान ने इन दोनों डिवाइस के बारे में कुछ जानकारियां भी शेयर की हैं। टिप्स्टर इशान अग्रवाल के मुताबिक, Xiaomi चीन में रेडमी फ्लैगशिप के दो मॉडल लॉन्च करेगी। ट्वीट से इस बात का भी पता चला है कि रेडमी फ्लैगशिप फोन के तीन कलर वेरिएंट होंगे- रेड, ब्लू और कार्बन फाइबर। फोन के चार वेरिएंट होंगे, छः जीबी रैम + चौंसठ जीबी स्टोरेज, छः जीबी रैम + एक सौ अट्ठाईस जीबी स्टोरेज, आठ जीबी रैम + एक सौ अट्ठाईस जीबी स्टोरेज और आठ जीबी रैम + दो सौ छप्पन जीबी स्टोरेज। हाल ही में नए लीक से पता चला था कि रेडमी फ्लैगशिप फोन में छः. उनतालीस इंच का फुल-एचडी+ डिस्प्ले होगा। हैंडसेट ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा। यहां अड़तालीस मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, आठ मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर और तेरह मेगापिक्सल का सेंसर होगा। इस फोन में बत्तीस मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा होने की संभावना है।
इस बारे में सुनना काफी दुर्लभ हैरोग, क्रिगर-नाययार सिंड्रोम की तरह लेकिन, दुर्भाग्य से, यह निदान एक बच्चे को दस लाख में डाल सकता है। ऐसा लगता है कि यह एक अत्यंत दुर्लभ रोग है, लेकिन आज, आनुवंशिकी के युग में, उत्परिवर्तनों का पता अक्सर होता है मान लीजिए कि किस प्रकार की बीमारी है और इस मामले में इसका इलाज क्या है। यह कहा जाना चाहिए कि इस सिंड्रोम को खोजा गया बल्किहाल ही में, पिछली सदी के 1 9 52 में दो बाल रोग विशेषज्ञ, क्रेगर और नैयर, नवजात शिशुओं को देखकर, पहली बार पीलिया के असामान्य लक्षणों के लिए वर्णित हैं। आगे के अध्ययन के कारण यकृत में विकृति का पता लगाया गया। बच्चों में, अप्रत्यक्ष बिलीरुबिन काफी बढ़ गया था, जो बाद में पूरे शरीर पर जहरीले प्रभाव पड़ता था। प्रयोगशाला के आंकड़ों के मुताबिक, बिलीरूबिन को 765 μmol / l तक बढ़ाया गया था, जबकि बच्चे के जीवनकाल में इन सीमाओं के भीतर शेष है। क्रेग्लर-नायर सिंड्रोम एक आनुवंशिक हैरोग। रोग के क्लिनिक को उज्ज्वल पीलिया और गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में व्यक्त किया गया है। जन्म के पश्चात पहले घंटे में पीलिया का पता चला है और पूरे जीवन में बनी रहती है घावों को लड़कों और लड़कियों दोनों में समान माप में प्राप्त होता है चूंकि पीलिया यकृत के साथ समस्याओं का एक अभिव्यक्ति है, कुछ रोगियों में यह अंग आकार में बढ़ गया है। दुर्भाग्य से, क्रेगर-नायर प्रकार 1 सिंड्रोमएक प्रगतिशील पाठ्यक्रम की विशेषता पहले लक्षण जीवन के पहले घंटे में दिखाई देते हैं। बच्चे को आंखों और त्वचा की गोरों की अधिक स्पष्टता हो जाती है, जो कि सामान्य पोस्टपार्टम पीलिया से अलग है। यह कुछ दिनों में नहीं जाता है, और लक्षणों में ऐंठन, शरीर और आँखों के अनैच्छिक आंदोलनों के साथ है। थोड़ी देर बाद, आप बिलीरूबिन एन्सेफैलोपैथी से जुड़े मानसिक विकास में मंदी देख सकते हैं। रोग के पहले लक्षण महत्वपूर्ण रूप से दिखाई देते हैंबाद में टाइप 1 से रोग जीवन के पहले वर्षों में प्रकट हो सकता है कुछ बच्चों में, पीलिया किशोरावस्था तक प्रकट नहीं होती है, और तंत्रिका संबंधी असामान्यताएं दुर्लभ हैं। लक्षण 1 प्रकार के समान हैं, लेकिन इतना गंभीर नहीं है बिलीरुबिन एन्सेफैलोपैथी एक संक्रमण या गंभीर तनाव के बाद हो सकता है। दूसरा चरण कुछ दिनों से लेकर आखिर तक हो सकता हैकई महीनों बच्चा तनावग्रस्त हो जाता है, शरीर की मांसपेशियों को एक अप्राकृतिक स्थिति में ले जाता है, हैंडल लगातार मुट्ठी में संकुचित हो जाती है, मेहराब के पीछे वाले मेहराब नीरस से रोने की आवाज बहुत तेज हो जाती है, चूसने का पलटा गायब हो जाता है और ध्वनि की प्रतिक्रिया होती है। वहाँ आक्षेप, खर्राटे, चेतना के नुकसान हैं। तीसरे चरण को राज्य में झूठे सुधार की अवधि के द्वारा प्रकट किया गया है। कुछ समय के लिए सभी पिछले लक्षण गायब हो जाते हैं। चौथा चरण जीवन के 5 वें महीने में प्रदर्शित हो सकता हैऔर खुद को शारीरिक और मानसिक मंदता के स्पष्ट लक्षण के रूप में प्रकट करें बच्चा अपने सिर को पकड़ नहीं करता, चलती वस्तुओं का पालन नहीं करता, करीबी लोगों की आवाज पर प्रतिक्रिया नहीं करता है वह आक्षेप, पारेसी, लकवा विकसित करता है दुर्भाग्य से, प्रकार 1 पर मस्तिष्क की जहर बहुत जल्दी है, और बच्चा बचपन में मर जाता है। रोग का मुख्य कारण जीन में है। उनमें, एक निश्चित एंजाइम के गठन की प्रक्रिया, जो बिलीरूबिन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है, बाधित है। अधिकांश भाग के लिए, यह रोग ग्रह की एशियाई आबादी को प्रभावित करता है। उत्परिवर्तित जीन एक आटोसॉमल अप्रभावी प्रकार से प्रेषित होता है। इस मामले में, बच्चे के दोनों माता-पिता उत्परिवर्तन के वाहक हो सकते हैं, लेकिन स्वयं स्वस्थ हो सकते हैं। माता-पिता में से एक भी वाहक हो सकता है, फिर रोग की अभिव्यक्ति की संभावना 50 से 50% होगी। ऐसे बच्चों के लिए जो एक सिंड्रोम का निदान करते हैंक्रेगर-नाययार, उपचार का उद्देश्य शरीर मुक्त बिलीरूबिन से निकालने का है। विषाक्त मस्तिष्क क्षति के विकास को रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसके उपचार के लिए, दवाओं का उपयोग किया जाता है,यूरिडाइन की गतिविधि में वृद्धि - डिफोसाइट - ग्लूकोरुनाइडेज़, एक एंजाइम जिसमें यकृत में अपरिवर्तनीय प्रक्रियाएं होती हैं। इसके लिए, "फेनोबार्बिटल" प्रति दिन 5 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के एक खुराक में प्रयोग किया जाता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह सकारात्मक रूप से क्रेफ़र-नायर टाइप 2 सिंड्रोम को प्रभावित करता है। 1 प्रकार में "फेनोबार्बिटल" पर जीव वास्तव में प्रतिक्रिया नहीं करता है। तिथि करने के लिए, दवा स्थापित करने में सक्षम हैक्रेग्लर-नाययार सिंड्रोम जैसे रोगों के कारण लक्षणों और उपचार के तरीकों को लंबे समय से वर्णित किया गया है, और अब डीएनए परीक्षणों की सहायता से संभव है कि गर्भाशय में अभी भी बीमारियों के लिए आनुवंशिक गड़बड़ी का अनुमान लगाया जा सके। बच्चे के जन्म के बाद, डीएनए निदान इस बात के बारे में एक सटीक उत्तर प्रदान करता है कि क्या कुछ जीन में एक उत्परिवर्तन होता है। अगर आपको क्रेफ़्लर-नायर सिंड्रोम पर संदेह है, तो निदान की पुष्टि करने के लिए माता-पिता को अनैमिनीसिस और डीएनए परीक्षण करने होंगे। क्रेगर-न्यूयर सिंड्रोम में निवारक उपाय जटिलताओं की घटना को रोकने के लिए हैं। टाइप आई सिंड्रोम के साथ, बिलीरूबिन एन्सेफैलोपैथी के विकास को रोकने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रोगी की मौत की मृत्यु हो जाती है।
इस बारे में सुनना काफी दुर्लभ हैरोग, क्रिगर-नाययार सिंड्रोम की तरह लेकिन, दुर्भाग्य से, यह निदान एक बच्चे को दस लाख में डाल सकता है। ऐसा लगता है कि यह एक अत्यंत दुर्लभ रोग है, लेकिन आज, आनुवंशिकी के युग में, उत्परिवर्तनों का पता अक्सर होता है मान लीजिए कि किस प्रकार की बीमारी है और इस मामले में इसका इलाज क्या है। यह कहा जाना चाहिए कि इस सिंड्रोम को खोजा गया बल्किहाल ही में, पिछली सदी के एक नौ बावन में दो बाल रोग विशेषज्ञ, क्रेगर और नैयर, नवजात शिशुओं को देखकर, पहली बार पीलिया के असामान्य लक्षणों के लिए वर्णित हैं। आगे के अध्ययन के कारण यकृत में विकृति का पता लगाया गया। बच्चों में, अप्रत्यक्ष बिलीरुबिन काफी बढ़ गया था, जो बाद में पूरे शरीर पर जहरीले प्रभाव पड़ता था। प्रयोगशाला के आंकड़ों के मुताबिक, बिलीरूबिन को सात सौ पैंसठ μmol / l तक बढ़ाया गया था, जबकि बच्चे के जीवनकाल में इन सीमाओं के भीतर शेष है। क्रेग्लर-नायर सिंड्रोम एक आनुवंशिक हैरोग। रोग के क्लिनिक को उज्ज्वल पीलिया और गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में व्यक्त किया गया है। जन्म के पश्चात पहले घंटे में पीलिया का पता चला है और पूरे जीवन में बनी रहती है घावों को लड़कों और लड़कियों दोनों में समान माप में प्राप्त होता है चूंकि पीलिया यकृत के साथ समस्याओं का एक अभिव्यक्ति है, कुछ रोगियों में यह अंग आकार में बढ़ गया है। दुर्भाग्य से, क्रेगर-नायर प्रकार एक सिंड्रोमएक प्रगतिशील पाठ्यक्रम की विशेषता पहले लक्षण जीवन के पहले घंटे में दिखाई देते हैं। बच्चे को आंखों और त्वचा की गोरों की अधिक स्पष्टता हो जाती है, जो कि सामान्य पोस्टपार्टम पीलिया से अलग है। यह कुछ दिनों में नहीं जाता है, और लक्षणों में ऐंठन, शरीर और आँखों के अनैच्छिक आंदोलनों के साथ है। थोड़ी देर बाद, आप बिलीरूबिन एन्सेफैलोपैथी से जुड़े मानसिक विकास में मंदी देख सकते हैं। रोग के पहले लक्षण महत्वपूर्ण रूप से दिखाई देते हैंबाद में टाइप एक से रोग जीवन के पहले वर्षों में प्रकट हो सकता है कुछ बच्चों में, पीलिया किशोरावस्था तक प्रकट नहीं होती है, और तंत्रिका संबंधी असामान्यताएं दुर्लभ हैं। लक्षण एक प्रकार के समान हैं, लेकिन इतना गंभीर नहीं है बिलीरुबिन एन्सेफैलोपैथी एक संक्रमण या गंभीर तनाव के बाद हो सकता है। दूसरा चरण कुछ दिनों से लेकर आखिर तक हो सकता हैकई महीनों बच्चा तनावग्रस्त हो जाता है, शरीर की मांसपेशियों को एक अप्राकृतिक स्थिति में ले जाता है, हैंडल लगातार मुट्ठी में संकुचित हो जाती है, मेहराब के पीछे वाले मेहराब नीरस से रोने की आवाज बहुत तेज हो जाती है, चूसने का पलटा गायब हो जाता है और ध्वनि की प्रतिक्रिया होती है। वहाँ आक्षेप, खर्राटे, चेतना के नुकसान हैं। तीसरे चरण को राज्य में झूठे सुधार की अवधि के द्वारा प्रकट किया गया है। कुछ समय के लिए सभी पिछले लक्षण गायब हो जाते हैं। चौथा चरण जीवन के पाँच वें महीने में प्रदर्शित हो सकता हैऔर खुद को शारीरिक और मानसिक मंदता के स्पष्ट लक्षण के रूप में प्रकट करें बच्चा अपने सिर को पकड़ नहीं करता, चलती वस्तुओं का पालन नहीं करता, करीबी लोगों की आवाज पर प्रतिक्रिया नहीं करता है वह आक्षेप, पारेसी, लकवा विकसित करता है दुर्भाग्य से, प्रकार एक पर मस्तिष्क की जहर बहुत जल्दी है, और बच्चा बचपन में मर जाता है। रोग का मुख्य कारण जीन में है। उनमें, एक निश्चित एंजाइम के गठन की प्रक्रिया, जो बिलीरूबिन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है, बाधित है। अधिकांश भाग के लिए, यह रोग ग्रह की एशियाई आबादी को प्रभावित करता है। उत्परिवर्तित जीन एक आटोसॉमल अप्रभावी प्रकार से प्रेषित होता है। इस मामले में, बच्चे के दोनों माता-पिता उत्परिवर्तन के वाहक हो सकते हैं, लेकिन स्वयं स्वस्थ हो सकते हैं। माता-पिता में से एक भी वाहक हो सकता है, फिर रोग की अभिव्यक्ति की संभावना पचास से पचास% होगी। ऐसे बच्चों के लिए जो एक सिंड्रोम का निदान करते हैंक्रेगर-नाययार, उपचार का उद्देश्य शरीर मुक्त बिलीरूबिन से निकालने का है। विषाक्त मस्तिष्क क्षति के विकास को रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसके उपचार के लिए, दवाओं का उपयोग किया जाता है,यूरिडाइन की गतिविधि में वृद्धि - डिफोसाइट - ग्लूकोरुनाइडेज़, एक एंजाइम जिसमें यकृत में अपरिवर्तनीय प्रक्रियाएं होती हैं। इसके लिए, "फेनोबार्बिटल" प्रति दिन पाँच मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के एक खुराक में प्रयोग किया जाता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह सकारात्मक रूप से क्रेफ़र-नायर टाइप दो सिंड्रोम को प्रभावित करता है। एक प्रकार में "फेनोबार्बिटल" पर जीव वास्तव में प्रतिक्रिया नहीं करता है। तिथि करने के लिए, दवा स्थापित करने में सक्षम हैक्रेग्लर-नाययार सिंड्रोम जैसे रोगों के कारण लक्षणों और उपचार के तरीकों को लंबे समय से वर्णित किया गया है, और अब डीएनए परीक्षणों की सहायता से संभव है कि गर्भाशय में अभी भी बीमारियों के लिए आनुवंशिक गड़बड़ी का अनुमान लगाया जा सके। बच्चे के जन्म के बाद, डीएनए निदान इस बात के बारे में एक सटीक उत्तर प्रदान करता है कि क्या कुछ जीन में एक उत्परिवर्तन होता है। अगर आपको क्रेफ़्लर-नायर सिंड्रोम पर संदेह है, तो निदान की पुष्टि करने के लिए माता-पिता को अनैमिनीसिस और डीएनए परीक्षण करने होंगे। क्रेगर-न्यूयर सिंड्रोम में निवारक उपाय जटिलताओं की घटना को रोकने के लिए हैं। टाइप आई सिंड्रोम के साथ, बिलीरूबिन एन्सेफैलोपैथी के विकास को रोकने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रोगी की मौत की मृत्यु हो जाती है।
जयपुरः कड़े कानूनों और सामाजिक सुधारों के बाद भी भारत के कई हिस्सों में जातिगत भेदभाव बदस्तूर जारी है। इसी तरह का राजस्थान से एक ताजा घटना की रिपोर्ट सामने आई है। दलित आईपीएस अधिकारी को घोड़े पर चढ़ने के लिए पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी। इस युवा दलित आईपीएस अधिकारी को घोड़े पर बिंदौरी नामक अपने विवाह पूर्व रस्म को अंजाम देने के लिए भी पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी। घटना जयपुर के भाबरू थाना क्षेत्र के भगतपुरा जयसिंहपुरा गांव की बताई जा रही है। आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार धनवंत ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच घोड़े की सवारी की। पहले ऐसी कई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। इन इलाकों में कई बार दलित दूल्हों को घोड़े की सवारी करने के लिए निशाना बनाया गया था। पूरे आयोजन के दौरान भारी पुलिस बल ने तैनात किया गया। पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारी 18 फरवरी को शादी करने जा रहे हैं। मंगलवार को सूरजपुरा से इस आईपीएस अधिकारी के परिवार को एक पूर्व-विवाह समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था। इसके बाद आईपीएस अफसर डीजे पार्टी के साथ घोड़े पर सवार होकर सूरजपुरा पहुंचे। दूल्हे की रस्म मंगलवार को गांव के मुख्य मार्गों से गुजरी। पुलिस बंदोबस्त उन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया था क्योंकि घोड़ों पर सवार दलित दूल्हों को कथित तौर पर उच्च जाति के गुंडों द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है। जयपुर (ग्रामीण) के एसपी मनीष अग्रवाल ने कहा कि हमने एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस तैनात कर दी है। अधिकारी की बिंदौरी को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दिया गया। आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार धनवंत ने कहा कि पिछली घटनाओं को देखते हुए पुलिस दल को तैनात किया गया था। साथ ही कहा कि मैं बिना दहेज शादी कर रहा हूं। पिछले साल नवंबर में, राजस्थान के जयपुर में एक दलित दूल्हे की शादी की बारात पर पत्थर फेंके गए थे, जो घोड़े पर सवार होकर अपनी दुल्हन के घर जा रहा था। घटना के बाद, 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) समेत तीन पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया। यह हमला सुरक्षा मुहैया कराने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुआ था। जयपुर के कोटपुतली क्षेत्र के केरोड़ी गांव के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई दलित दूल्हा घोड़े पर सवार हुआ है। परेशानी होने पर दुल्हन के पिता ने पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए आवेदन दिया। तदनुसार, विवाह समारोह के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए करीब 70 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। बारात के दुल्हन के घर पहुंचने के बाद दूल्हे और उसके रिश्तेदारों ने तोरण की रस्म शुरू की। हैरानी की बात यह है कि भारी पुलिस बल के बावजूद इलाके के कुछ लोगों ने जुलूस पर पथराव किया।
जयपुरः कड़े कानूनों और सामाजिक सुधारों के बाद भी भारत के कई हिस्सों में जातिगत भेदभाव बदस्तूर जारी है। इसी तरह का राजस्थान से एक ताजा घटना की रिपोर्ट सामने आई है। दलित आईपीएस अधिकारी को घोड़े पर चढ़ने के लिए पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी। इस युवा दलित आईपीएस अधिकारी को घोड़े पर बिंदौरी नामक अपने विवाह पूर्व रस्म को अंजाम देने के लिए भी पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी। घटना जयपुर के भाबरू थाना क्षेत्र के भगतपुरा जयसिंहपुरा गांव की बताई जा रही है। आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार धनवंत ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच घोड़े की सवारी की। पहले ऐसी कई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। इन इलाकों में कई बार दलित दूल्हों को घोड़े की सवारी करने के लिए निशाना बनाया गया था। पूरे आयोजन के दौरान भारी पुलिस बल ने तैनात किया गया। पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारी अट्ठारह फरवरी को शादी करने जा रहे हैं। मंगलवार को सूरजपुरा से इस आईपीएस अधिकारी के परिवार को एक पूर्व-विवाह समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था। इसके बाद आईपीएस अफसर डीजे पार्टी के साथ घोड़े पर सवार होकर सूरजपुरा पहुंचे। दूल्हे की रस्म मंगलवार को गांव के मुख्य मार्गों से गुजरी। पुलिस बंदोबस्त उन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया था क्योंकि घोड़ों पर सवार दलित दूल्हों को कथित तौर पर उच्च जाति के गुंडों द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है। जयपुर के एसपी मनीष अग्रवाल ने कहा कि हमने एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस तैनात कर दी है। अधिकारी की बिंदौरी को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दिया गया। आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार धनवंत ने कहा कि पिछली घटनाओं को देखते हुए पुलिस दल को तैनात किया गया था। साथ ही कहा कि मैं बिना दहेज शादी कर रहा हूं। पिछले साल नवंबर में, राजस्थान के जयपुर में एक दलित दूल्हे की शादी की बारात पर पत्थर फेंके गए थे, जो घोड़े पर सवार होकर अपनी दुल्हन के घर जा रहा था। घटना के बाद, दस लोगों को गिरफ्तार किया गया और पुलिस उपाधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत तीन पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया। यह हमला सुरक्षा मुहैया कराने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुआ था। जयपुर के कोटपुतली क्षेत्र के केरोड़ी गांव के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई दलित दूल्हा घोड़े पर सवार हुआ है। परेशानी होने पर दुल्हन के पिता ने पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए आवेदन दिया। तदनुसार, विवाह समारोह के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए करीब सत्तर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। बारात के दुल्हन के घर पहुंचने के बाद दूल्हे और उसके रिश्तेदारों ने तोरण की रस्म शुरू की। हैरानी की बात यह है कि भारी पुलिस बल के बावजूद इलाके के कुछ लोगों ने जुलूस पर पथराव किया।
आज मंगलवार को कोरोना संक्रमण के रुड़की में 21 मरीज सामने आए हैं। दो दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों का यह आंकड़ा 27 हो गया है आज आई कोरोना की जांच रिपोर्ट में सैंपलिंग नोडल अधिकारी भी संक्रमित मिले हैं। संवाद सहयोगी, रुड़की। कोरोना संक्रमण को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी। वह पूरी होती दिख रही है। मंगलवार को कोरोना संक्रमण के रुड़की में 21 मरीज सामने आए हैं। दो दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों का यह आंकड़ा 27 हो गया है। मंगलवार आई रिपोर्ट में सैंपलिंग नोडल अधिकारी भी संक्रमित आए हैं। अकेले सिविल अस्पताल रुड़की में स्टाफ नर्स, एक लिपिक सहित पांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के आने से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। कोरोना की तीसरी लहर आती नजर आ रही है। रुड़की में मंगलवार को एक साथ 21 व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। रुड़की में कोविड सैंपलिंग के नोडल अधिकारी पॉजिटिव आ गए हैं। सिविल अस्पताल रुड़की की एक स्टाफ नर्स, लिपिक, एक कर्मी की पत्नी सहित पांच कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसके अलावा गणेश विहार, बीइजी रुड़की, मोहनपुरा, आवास विकास, सिविल लाइंस, पूर्वावली गणेशपुर, एमएच रुड़की से कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कई मरीज सामने आ चुके हैं। अब लापरवाही किसी खतरे से खाली नहीं है। इसलिए सभी लोग कोविड गाइडलाइन का पालन करें। किसी भी स्थिति में बिना मास्क के बाहर न निकलें। हाथों को धोते रहें। हाथ मिलाने के बजाए हाथ जोड़कर अभिवादन करें। उन्होंने बताया कि जो लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। उनके संपर्क में आए सभी व्यक्तियों से कहा जा रहा है कि वह घर पर ही रहें। अपनी कोविड जांच कराएं। ताकि यदि वह किसी कारणवश संक्रमित हो गए हैं तो उनका उपचार शुरू हो सके। रुड़की में आए कोरोना संक्रमितों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मरीज कोरोना के ओमिक्रॉन वैरियंट से पीड़ित हैं या नहीं।
आज मंगलवार को कोरोना संक्रमण के रुड़की में इक्कीस मरीज सामने आए हैं। दो दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों का यह आंकड़ा सत्ताईस हो गया है आज आई कोरोना की जांच रिपोर्ट में सैंपलिंग नोडल अधिकारी भी संक्रमित मिले हैं। संवाद सहयोगी, रुड़की। कोरोना संक्रमण को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी। वह पूरी होती दिख रही है। मंगलवार को कोरोना संक्रमण के रुड़की में इक्कीस मरीज सामने आए हैं। दो दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों का यह आंकड़ा सत्ताईस हो गया है। मंगलवार आई रिपोर्ट में सैंपलिंग नोडल अधिकारी भी संक्रमित आए हैं। अकेले सिविल अस्पताल रुड़की में स्टाफ नर्स, एक लिपिक सहित पांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के आने से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। कोरोना की तीसरी लहर आती नजर आ रही है। रुड़की में मंगलवार को एक साथ इक्कीस व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। रुड़की में कोविड सैंपलिंग के नोडल अधिकारी पॉजिटिव आ गए हैं। सिविल अस्पताल रुड़की की एक स्टाफ नर्स, लिपिक, एक कर्मी की पत्नी सहित पांच कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसके अलावा गणेश विहार, बीइजी रुड़की, मोहनपुरा, आवास विकास, सिविल लाइंस, पूर्वावली गणेशपुर, एमएच रुड़की से कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कई मरीज सामने आ चुके हैं। अब लापरवाही किसी खतरे से खाली नहीं है। इसलिए सभी लोग कोविड गाइडलाइन का पालन करें। किसी भी स्थिति में बिना मास्क के बाहर न निकलें। हाथों को धोते रहें। हाथ मिलाने के बजाए हाथ जोड़कर अभिवादन करें। उन्होंने बताया कि जो लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। उनके संपर्क में आए सभी व्यक्तियों से कहा जा रहा है कि वह घर पर ही रहें। अपनी कोविड जांच कराएं। ताकि यदि वह किसी कारणवश संक्रमित हो गए हैं तो उनका उपचार शुरू हो सके। रुड़की में आए कोरोना संक्रमितों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मरीज कोरोना के ओमिक्रॉन वैरियंट से पीड़ित हैं या नहीं।
- 15 min ago हिंदू देवताओं पर तेल और दूध चढ़ाने को लेकर अक्षय कुमार ने कही थी ऐसी बात? अब हो रहा है बवाल! Don't Miss! - News 'संन्यासी मछली खाते हैं', जानिए कौन हैं विवेकानंद पर विवादित टिप्पणी करने वाले अमोघ लीला दास? तनुश्री दत्ता करेंगी एक्शन फिल्म! इससे पहले आई उनकी फिल्मों ने बॉक्स आफिस पर कुछ खास धमाल नही मचाया था। उनकी छवि एक सेक्सी हीरोइन की है पर अब वे इस छवि को उतारने जा रही है। फिल्म रामा द सेवियर में कुछ एक्शन दृश्य देने जा रही है। जिसके लिए वे मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लेने में लगी हुई है। इस फिल्म के बारे में तनुश्री ने बताया कि इस फिल्म में काम करके मुझे बहुत अच्छा लग रहा है यह फिल्म बच्चो और युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इस फिल्म में तनुश्री के साथ ग्रेट खली भी एक दृश्य में दिखाई देंगे। फिल्म की शुटिंग थाइलैंड के घने जंगलों में की गई है। तनुश्री को एक्शन दृश्य देते हुए काफी मजा आया। खैर अब तो हम तनुश्री के नए अवतार को देखने के इंतजार में है।
- पंद्रह मिनट ago हिंदू देवताओं पर तेल और दूध चढ़ाने को लेकर अक्षय कुमार ने कही थी ऐसी बात? अब हो रहा है बवाल! Don't Miss! - News 'संन्यासी मछली खाते हैं', जानिए कौन हैं विवेकानंद पर विवादित टिप्पणी करने वाले अमोघ लीला दास? तनुश्री दत्ता करेंगी एक्शन फिल्म! इससे पहले आई उनकी फिल्मों ने बॉक्स आफिस पर कुछ खास धमाल नही मचाया था। उनकी छवि एक सेक्सी हीरोइन की है पर अब वे इस छवि को उतारने जा रही है। फिल्म रामा द सेवियर में कुछ एक्शन दृश्य देने जा रही है। जिसके लिए वे मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लेने में लगी हुई है। इस फिल्म के बारे में तनुश्री ने बताया कि इस फिल्म में काम करके मुझे बहुत अच्छा लग रहा है यह फिल्म बच्चो और युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इस फिल्म में तनुश्री के साथ ग्रेट खली भी एक दृश्य में दिखाई देंगे। फिल्म की शुटिंग थाइलैंड के घने जंगलों में की गई है। तनुश्री को एक्शन दृश्य देते हुए काफी मजा आया। खैर अब तो हम तनुश्री के नए अवतार को देखने के इंतजार में है।
वीनस विलेंडोर्फ को माना जाता है, जैसा कि कहा जाएगाअब, पाषाण युग युग की सुंदरता का मानक 1 9 08 में ऑस्ट्रिया में एक पूर्ण शरीर वाली महिला का चित्रण एक छोटी सी आकृति थी। वीनस की आयु, जैसा कि वैज्ञानिकों का कहना है, 24-25 हज़ार साल है। यह पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे प्राचीन सांस्कृतिक वस्तुओं में से एक है। इसी प्रकार के पुजारी को खोजना शुरू हुआपिछली सदी के मध्य से उन सभी ने ऊपरी पीलेपोलिथिक से बड़े पैमाने पर रूपों और तिथि के साथ महिलाओं को चित्रित किया है। जिस क्षेत्र पर ऐसा पता चलता है वह काफी व्यापक थाः पाइरनीस से साइबेरिया तक सभी मूर्तियों (उनमें से कुल संख्या - कई सौ) आज नाम "पीलेओलिथिक वीनस" द्वारा एकजुट हैं मूल रूप से, सुंदरता की प्राचीन रोमन देवी का नाम मजाक के रूप में इस्तेमाल किया गया थाः आंकड़े महिला शरीर की छवि के स्वीकार किए गए सिद्धांतों से भी अलग थे। हालांकि, यह आज तय है और आज हर जगह इस्तेमाल किया जाता है। वीनस विलेंडोर्फ और इसी तरह के statuettesकई मापदंड हैं जो उन्हें कला वस्तुओं की एक श्रेणी में जोड़ा जा सकता है। ये शानदार रूप हैं, एक छोटे से सिर, यौन संकेत, अक्सर अनुपस्थिति या हाथों और पैरों से बाहर काम करने के लिए तुच्छ काम किया। कई statuettes एक rhomboid सिल्हूट है आकृति का सबसे बड़ा हिस्सा पेट और नितंब है। पैरों और सिर बहुत छोटे होते हैं, क्योंकि ये थे, चूंबों के सबसे ऊपर के आकार के होते हैं। पीलेओलिथिक मूर्तियों में से एक की खोज की गई थीऑस्ट्रिया में विलेंडोर्फ के शहर के पास 1 9 08 में, यहां पूर्व ईंट कारखाने की खुदाई की जगह पर आयोजित किया गया था, और अब पाया आंकड़ा की एक विस्तृत प्रति के रूप में एक छोटा सा स्मारक है। वीनस विलेंडर्फ का आकार काफी हैछोटा - केवल 11 सेमी। यह एक नग्न महिला है जिसमें अधिक बढ़े हुए स्तन, बड़े नितंब और बड़े पेट होते हैं। शरीर के मुकाबले वीनस का सिर, बहुत छोटा है और इसकी कोई विशेषता नहीं है, लेकिन यह सावधानी से तैयार की गई प्राचीन ब्राइड्स के साथ सुशोभित है। महिला के हाथ एक विशाल छाती पर स्थित होते हैं और छोटे आकार में भी भिन्न होते हैं, पैर गायब होते हैं। आज कोई यह दावा कर सकता है कि शुक्र हैविलेंडोर्फ़ महिलाओं की छवियों का सबसे पुराना पाया है। हालांकि, स्थिति कुछ अलग है वैज्ञानिकों के अनुसार वीनस विलेंडोर्फ़ को लगभग 24-25 हजार साल पहले बनाया गया था। बेशक, उम्र काफी महत्वपूर्ण है हालांकि, यहां अधिक प्राचीन मूर्तियां भी हैंः वीनस होल-फेल्स (35-40 हजार वर्ष), वीनस वेस्टनित्स्काया (27-30 हजार वर्ष)। इसके अलावा, पिछली सदी के अंत में वहाँ थेपाया दो आंकड़े, जिसका मूल स्पष्ट नहीं है। यह साबित हो जाता है कि वे मानव हाथ, कटाव और अपक्षय नहीं बनाया है, टैन-टैन की वीनस और Berekhat राम की वीनस सबसे पुरानी मूर्तियों (300-500 और 230 हजार। साल, क्रमशः) बन जाएगा, एक औरत चित्रण। वीनस विलेंडोर्फ अलोलिथिक से बना हैझरझरा चूना पत्थर यह दिलचस्प है कि इस तरह की सामग्री उस क्षेत्र में नहीं मिली है जहां प्रतिमा मिल गई थी। कुछ समय के लिए शुक्र का जन्म शोधकर्ताओं के लिए एक रहस्य बना रहा। वियना में प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय के कर्मचारी, जहां यह आंकड़ा आज रखा जाता है, गोपनीयता के घूंघट को खोलने में सक्षम था। शायद चूना पत्थर चेक शहर ब्रनो के पास खनन किया गया था, जो कि विलेंडोर्फ से लगभग 140 किमी दूर है। यहां स्ट्राससाया स्काला है, जिसकी चूना पत्थर का द्रव्यमान शुक्र की सामग्रियों की संरचना के समान है। यह अज्ञात है कि यह आंकड़ा ब्रनो के शहर या विलेनडॉर्फ से बनाया गया था, जहां सामग्री वितरित की गई थी। सुविधाओं से बाहर काम करने के किसी भी प्रकार की अनुपस्थितिव्यक्ति भी इस संस्करण के पक्ष में प्रमाणित करता है प्राचीन समय में यह माना जाता था कि एक व्यक्ति व्यक्तित्व की बाहरी अभिव्यक्ति है उनकी मूर्तियों से वंचित कुछ लोगों की तुलना में कुछ और भी शामिल हैं। संभवतः, वीनस विलेंडोर्फ़ और इसी तरह की मूर्तियां प्रजनन के पंथों के धार्मिक अनुष्ठान थे, गर्भधारण, प्रजनन, बहुतायत की महिमा। बढ़े हुए पेट और नितम्ब भी समर्थन और सुरक्षा का प्रतीक हो सकते हैं। यह भूल नहीं होना चाहिए कि प्राचीन समय मेंहमारे पूर्वजों का भोजन कठिन काम था, और भूख असामान्य घटना नहीं थी। इसलिए, समृद्ध रूप से महिलाओं को पूर्ण, स्वस्थ और समृद्ध, मजबूत और स्थायी बच्चों को जन्म देने में सक्षम समझा जाता था। शायद पेलोलिथिक वीनस अवतार थादेवी-देवताओं या तावीज़ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, भाग्य को आकर्षित करना, प्रजनन के गुण, स्थिरता, सुरक्षा और जीवन की निरंतरता मूर्तियों के उद्देश्य के बारे में सटीक जवाब, सबसे अधिक संभावना है, वैज्ञानिक कभी नहीं जानते, क्योंकि उनकी स्थापना के समय से बहुत अधिक समय बीत चुका है और उस युग के बहुत कम सबूत हैं। जो लोग पहली बार शुक्र से देखते हैंVillendorf, यह विभिन्न तरीकों से प्रतिक्रिया। किसी ने स्त्री की सुंदरता की आज की रूढ़िवादी (बार्बी गुड़िया, 90-60-90 और इतने पर) से स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में वास्तविक प्रशंसा की है। कभी-कभी शुक्र को स्त्री की सार के प्रतीक भी कहा जाता है इस छवि की दृष्टि से किसी ने अपनी असामान्यता के कारण छवि से स्पष्ट रूप से भयभीत किया। एक शब्द में, कला के सबसे बहुमूल्य कार्यों के मामले में, वीनस विलेंडोर्फ, जिनकी शैली सभी पीलेओलिथिक मूर्तियों में निहित है, सबसे विवादास्पद भावनाओं को उजागर करती है। कुछ समकालीन कलाकारों के लिए यह हैप्रेरणा का एक स्रोत। 4.5 मीटर की ऊंचाई की एक मूर्ति, रीगा में कला अकादमी के स्नातकों में से एक का काम - रचनात्मक छवि प्रसंस्करण के परिणामों में से एक Willendorf 21 वीं सदी के तथाकथित वीनस बन गया है। एक प्रोटोटाइप के रूप में, यह आलोचकों और आम जनता से एक मिश्रित प्रतिक्रिया प्राप्त हुआ है।
वीनस विलेंडोर्फ को माना जाता है, जैसा कि कहा जाएगाअब, पाषाण युग युग की सुंदरता का मानक एक नौ आठ में ऑस्ट्रिया में एक पूर्ण शरीर वाली महिला का चित्रण एक छोटी सी आकृति थी। वीनस की आयु, जैसा कि वैज्ञानिकों का कहना है, चौबीस-पच्चीस हज़ार साल है। यह पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे प्राचीन सांस्कृतिक वस्तुओं में से एक है। इसी प्रकार के पुजारी को खोजना शुरू हुआपिछली सदी के मध्य से उन सभी ने ऊपरी पीलेपोलिथिक से बड़े पैमाने पर रूपों और तिथि के साथ महिलाओं को चित्रित किया है। जिस क्षेत्र पर ऐसा पता चलता है वह काफी व्यापक थाः पाइरनीस से साइबेरिया तक सभी मूर्तियों आज नाम "पीलेओलिथिक वीनस" द्वारा एकजुट हैं मूल रूप से, सुंदरता की प्राचीन रोमन देवी का नाम मजाक के रूप में इस्तेमाल किया गया थाः आंकड़े महिला शरीर की छवि के स्वीकार किए गए सिद्धांतों से भी अलग थे। हालांकि, यह आज तय है और आज हर जगह इस्तेमाल किया जाता है। वीनस विलेंडोर्फ और इसी तरह के statuettesकई मापदंड हैं जो उन्हें कला वस्तुओं की एक श्रेणी में जोड़ा जा सकता है। ये शानदार रूप हैं, एक छोटे से सिर, यौन संकेत, अक्सर अनुपस्थिति या हाथों और पैरों से बाहर काम करने के लिए तुच्छ काम किया। कई statuettes एक rhomboid सिल्हूट है आकृति का सबसे बड़ा हिस्सा पेट और नितंब है। पैरों और सिर बहुत छोटे होते हैं, क्योंकि ये थे, चूंबों के सबसे ऊपर के आकार के होते हैं। पीलेओलिथिक मूर्तियों में से एक की खोज की गई थीऑस्ट्रिया में विलेंडोर्फ के शहर के पास एक नौ आठ में, यहां पूर्व ईंट कारखाने की खुदाई की जगह पर आयोजित किया गया था, और अब पाया आंकड़ा की एक विस्तृत प्रति के रूप में एक छोटा सा स्मारक है। वीनस विलेंडर्फ का आकार काफी हैछोटा - केवल ग्यारह सेमी। यह एक नग्न महिला है जिसमें अधिक बढ़े हुए स्तन, बड़े नितंब और बड़े पेट होते हैं। शरीर के मुकाबले वीनस का सिर, बहुत छोटा है और इसकी कोई विशेषता नहीं है, लेकिन यह सावधानी से तैयार की गई प्राचीन ब्राइड्स के साथ सुशोभित है। महिला के हाथ एक विशाल छाती पर स्थित होते हैं और छोटे आकार में भी भिन्न होते हैं, पैर गायब होते हैं। आज कोई यह दावा कर सकता है कि शुक्र हैविलेंडोर्फ़ महिलाओं की छवियों का सबसे पुराना पाया है। हालांकि, स्थिति कुछ अलग है वैज्ञानिकों के अनुसार वीनस विलेंडोर्फ़ को लगभग चौबीस-पच्चीस हजार साल पहले बनाया गया था। बेशक, उम्र काफी महत्वपूर्ण है हालांकि, यहां अधिक प्राचीन मूर्तियां भी हैंः वीनस होल-फेल्स , वीनस वेस्टनित्स्काया । इसके अलावा, पिछली सदी के अंत में वहाँ थेपाया दो आंकड़े, जिसका मूल स्पष्ट नहीं है। यह साबित हो जाता है कि वे मानव हाथ, कटाव और अपक्षय नहीं बनाया है, टैन-टैन की वीनस और Berekhat राम की वीनस सबसे पुरानी मूर्तियों बन जाएगा, एक औरत चित्रण। वीनस विलेंडोर्फ अलोलिथिक से बना हैझरझरा चूना पत्थर यह दिलचस्प है कि इस तरह की सामग्री उस क्षेत्र में नहीं मिली है जहां प्रतिमा मिल गई थी। कुछ समय के लिए शुक्र का जन्म शोधकर्ताओं के लिए एक रहस्य बना रहा। वियना में प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय के कर्मचारी, जहां यह आंकड़ा आज रखा जाता है, गोपनीयता के घूंघट को खोलने में सक्षम था। शायद चूना पत्थर चेक शहर ब्रनो के पास खनन किया गया था, जो कि विलेंडोर्फ से लगभग एक सौ चालीस किमी दूर है। यहां स्ट्राससाया स्काला है, जिसकी चूना पत्थर का द्रव्यमान शुक्र की सामग्रियों की संरचना के समान है। यह अज्ञात है कि यह आंकड़ा ब्रनो के शहर या विलेनडॉर्फ से बनाया गया था, जहां सामग्री वितरित की गई थी। सुविधाओं से बाहर काम करने के किसी भी प्रकार की अनुपस्थितिव्यक्ति भी इस संस्करण के पक्ष में प्रमाणित करता है प्राचीन समय में यह माना जाता था कि एक व्यक्ति व्यक्तित्व की बाहरी अभिव्यक्ति है उनकी मूर्तियों से वंचित कुछ लोगों की तुलना में कुछ और भी शामिल हैं। संभवतः, वीनस विलेंडोर्फ़ और इसी तरह की मूर्तियां प्रजनन के पंथों के धार्मिक अनुष्ठान थे, गर्भधारण, प्रजनन, बहुतायत की महिमा। बढ़े हुए पेट और नितम्ब भी समर्थन और सुरक्षा का प्रतीक हो सकते हैं। यह भूल नहीं होना चाहिए कि प्राचीन समय मेंहमारे पूर्वजों का भोजन कठिन काम था, और भूख असामान्य घटना नहीं थी। इसलिए, समृद्ध रूप से महिलाओं को पूर्ण, स्वस्थ और समृद्ध, मजबूत और स्थायी बच्चों को जन्म देने में सक्षम समझा जाता था। शायद पेलोलिथिक वीनस अवतार थादेवी-देवताओं या तावीज़ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, भाग्य को आकर्षित करना, प्रजनन के गुण, स्थिरता, सुरक्षा और जीवन की निरंतरता मूर्तियों के उद्देश्य के बारे में सटीक जवाब, सबसे अधिक संभावना है, वैज्ञानिक कभी नहीं जानते, क्योंकि उनकी स्थापना के समय से बहुत अधिक समय बीत चुका है और उस युग के बहुत कम सबूत हैं। जो लोग पहली बार शुक्र से देखते हैंVillendorf, यह विभिन्न तरीकों से प्रतिक्रिया। किसी ने स्त्री की सुंदरता की आज की रूढ़िवादी से स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में वास्तविक प्रशंसा की है। कभी-कभी शुक्र को स्त्री की सार के प्रतीक भी कहा जाता है इस छवि की दृष्टि से किसी ने अपनी असामान्यता के कारण छवि से स्पष्ट रूप से भयभीत किया। एक शब्द में, कला के सबसे बहुमूल्य कार्यों के मामले में, वीनस विलेंडोर्फ, जिनकी शैली सभी पीलेओलिथिक मूर्तियों में निहित है, सबसे विवादास्पद भावनाओं को उजागर करती है। कुछ समकालीन कलाकारों के लिए यह हैप्रेरणा का एक स्रोत। चार दशमलव पाँच मीटर की ऊंचाई की एक मूर्ति, रीगा में कला अकादमी के स्नातकों में से एक का काम - रचनात्मक छवि प्रसंस्करण के परिणामों में से एक Willendorf इक्कीस वीं सदी के तथाकथित वीनस बन गया है। एक प्रोटोटाइप के रूप में, यह आलोचकों और आम जनता से एक मिश्रित प्रतिक्रिया प्राप्त हुआ है।
1. काबिल (मैमोरी से डिलीट) 2. रईस (बैट्री नहीं बोलने का) शाहरुख खान की आने वाली फिल्म रईस के इस नए प्रोमों की शुरुआत एक ऐसे सीन से होती है जिसमें शाहरुख खान एक बाइक को चलाते दिख रहे हैं। फिल्म के इस शॉट को देखते हुए लग रहा है कि रईस में आपको जवान शाहरुख खान भी देखने को मिलेगा। इसके अगले ही शॉट में उनको कोई बैट्री बुलाते दिख रहा है, जिसके बाद फूट पड़ता है रईस का गुस्सा। इस प्रोमों में शाहरुख खान का लहू-लुहान चेहरा देख आप भी कह उठेंगे 'बैट्री नहीं बोलने का'। आपको इन दोनों डायलॉग प्रमोंज़ में से कौन सा पसंद आया है और क्यों हमें कमेंट करके नीचे जरुर बताये। साथ ही हमें अपनी पसंद भी बतायें कि आप 25 तारीख को कौन सी फिल्म देखने जा रहे हैं। वैसे इन प्रोमोज़ को देखकर लग रहा है कि किसी एक को चुन पाना मुश्किल होगा।
एक. काबिल दो. रईस शाहरुख खान की आने वाली फिल्म रईस के इस नए प्रोमों की शुरुआत एक ऐसे सीन से होती है जिसमें शाहरुख खान एक बाइक को चलाते दिख रहे हैं। फिल्म के इस शॉट को देखते हुए लग रहा है कि रईस में आपको जवान शाहरुख खान भी देखने को मिलेगा। इसके अगले ही शॉट में उनको कोई बैट्री बुलाते दिख रहा है, जिसके बाद फूट पड़ता है रईस का गुस्सा। इस प्रोमों में शाहरुख खान का लहू-लुहान चेहरा देख आप भी कह उठेंगे 'बैट्री नहीं बोलने का'। आपको इन दोनों डायलॉग प्रमोंज़ में से कौन सा पसंद आया है और क्यों हमें कमेंट करके नीचे जरुर बताये। साथ ही हमें अपनी पसंद भी बतायें कि आप पच्चीस तारीख को कौन सी फिल्म देखने जा रहे हैं। वैसे इन प्रोमोज़ को देखकर लग रहा है कि किसी एक को चुन पाना मुश्किल होगा।
खनिज निष्कर्षण प्रक्रिया के कारण प्रदूषण के लिए बढ़ती चिंता के साथ, अधिक इंजीनियरों और छात्रों को सुरक्षित खनन प्रथाओं के विकास पर केंद्रित है। खनन इंजीनियरिंग के अध्ययन को, अधिक कुशल और टिकाऊ खनन प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी दोनों को गले लगाने का अभ्यास माना जा सकता है। दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में उपलब्ध है, पीएचडी की डिग्री छात्रों को, जो शिक्षा या अनुसंधान के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं उनके लिए एक उत्कृष्ट पसंद है। डिग्री के इस प्रकार के उच्चतम योग्यता से कई क्षेत्रों में उपलब्ध है और प्राप्त करने के लिए अध्ययन के एक महान सौदा की आवश्यकता है।
खनिज निष्कर्षण प्रक्रिया के कारण प्रदूषण के लिए बढ़ती चिंता के साथ, अधिक इंजीनियरों और छात्रों को सुरक्षित खनन प्रथाओं के विकास पर केंद्रित है। खनन इंजीनियरिंग के अध्ययन को, अधिक कुशल और टिकाऊ खनन प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी दोनों को गले लगाने का अभ्यास माना जा सकता है। दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में उपलब्ध है, पीएचडी की डिग्री छात्रों को, जो शिक्षा या अनुसंधान के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं उनके लिए एक उत्कृष्ट पसंद है। डिग्री के इस प्रकार के उच्चतम योग्यता से कई क्षेत्रों में उपलब्ध है और प्राप्त करने के लिए अध्ययन के एक महान सौदा की आवश्यकता है।
४ । जैन कथामाला ( राम-कथा) वानर के मर्म-स्थल को वींध गया । मर्मान्तक पीड़ा से वह चीखा i और गिरता पड़ता निकट ही कायोत्सर्ग करते हुए एक मुनि के श्री चरणों के समीप जाकर गिरा । अचानक ही एक भयभीत व्यक्ति आया और भगवान की वन्दना करके एक ओर बैठ गया। उसके पीछे-पीछे अस्त्र-शस्त्र धारण किये हुए एक अन्य व्यक्ति ने प्रवेश किया । किन्तु भगवान की धर्मसभा में प्रवेश करते ही उसका शत्रु-भाव समाप्त हो गया और वह भी शस्त्रास्त्रों को छोड़कर त्रिभुवन तिलक भगवान की वन्दना करके एक ओर जा बैठा । दोनों पुरुषों के प्रति चक्रवर्ती सगर के हृदय में जिज्ञासा जाग्रत हुई । उसने अजलिबद्ध होकर भगवान से पूछा - नाथ ! ये दोनों पुरुष कौन हैं ? प्रभु ने बताया-- सगर ! भयभीत होकर आया हुआ पुरुष मेघवाहन है । यह वैताढ्यगिरि पर निवास करने वाले विद्याधर पूर्णमेघ का पुत्र है और इसके पीछे-पीछे इसे मारने की भावना से आने वाले पुरुष का नाम है सहस्रलोचन । यह भी वहीं के निवासी विद्याधर सुलोचन का पुत्र है । - इनकी शत्रुता का कारण क्या है, विभो ? -सगर का प्रश्न था । उत्तर मिला - पूर्वजन्म का वैर भाव ! - चक्री ! पूर्वजन्म में पूर्णमेघ सूर्यपुरनगर में भावन नाम का कोट्याधिपति व्यापारी था और सुलोचन था उसका पुत्र हरिदास । एक बार भावन अपने पुत्र हरिदास को घर पर ही छोड़कर धनोपार्जन हेतु परदेश चला गया। वह वारह वर्ष तक देश-देशान्तर भ्रमण करता रहा और बहुत-सा द्रव्य कमाकर घर वापिस लोटा ।
चार । जैन कथामाला वानर के मर्म-स्थल को वींध गया । मर्मान्तक पीड़ा से वह चीखा i और गिरता पड़ता निकट ही कायोत्सर्ग करते हुए एक मुनि के श्री चरणों के समीप जाकर गिरा । अचानक ही एक भयभीत व्यक्ति आया और भगवान की वन्दना करके एक ओर बैठ गया। उसके पीछे-पीछे अस्त्र-शस्त्र धारण किये हुए एक अन्य व्यक्ति ने प्रवेश किया । किन्तु भगवान की धर्मसभा में प्रवेश करते ही उसका शत्रु-भाव समाप्त हो गया और वह भी शस्त्रास्त्रों को छोड़कर त्रिभुवन तिलक भगवान की वन्दना करके एक ओर जा बैठा । दोनों पुरुषों के प्रति चक्रवर्ती सगर के हृदय में जिज्ञासा जाग्रत हुई । उसने अजलिबद्ध होकर भगवान से पूछा - नाथ ! ये दोनों पुरुष कौन हैं ? प्रभु ने बताया-- सगर ! भयभीत होकर आया हुआ पुरुष मेघवाहन है । यह वैताढ्यगिरि पर निवास करने वाले विद्याधर पूर्णमेघ का पुत्र है और इसके पीछे-पीछे इसे मारने की भावना से आने वाले पुरुष का नाम है सहस्रलोचन । यह भी वहीं के निवासी विद्याधर सुलोचन का पुत्र है । - इनकी शत्रुता का कारण क्या है, विभो ? -सगर का प्रश्न था । उत्तर मिला - पूर्वजन्म का वैर भाव ! - चक्री ! पूर्वजन्म में पूर्णमेघ सूर्यपुरनगर में भावन नाम का कोट्याधिपति व्यापारी था और सुलोचन था उसका पुत्र हरिदास । एक बार भावन अपने पुत्र हरिदास को घर पर ही छोड़कर धनोपार्जन हेतु परदेश चला गया। वह वारह वर्ष तक देश-देशान्तर भ्रमण करता रहा और बहुत-सा द्रव्य कमाकर घर वापिस लोटा ।
चरखी दादरी। दिल्ली रोड पर बनी जाम की समस्या को लेकर लोगों और स्थानीय दुकानदारों में रोष है। वीरवार को इस संबंध में जन आंदोलन समिति के संयोजक नितिन जांघू की अगुवाई में दुकानदारों ने बैठक की। बैठक में जाम की समस्या पर मंथन किया गया और प्रशासन के इस पर संज्ञान न लेने के चलते नारेबाजी कर रोष जताया। बैठक को संबोधित करते हुए नितिन जांघू ने कहा कि दिल्ली रोड पर तीन से चार घंटे वाहनों के खड़े रहने से जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसके कारण दुकानदारों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि जाम का असर ग्राहकी पर पड़ रहा है और दुकानदार इस समस्या से परेशान हैं। आलम यह है कि दुकानदार मासिक किराया तक नहीं निकाल पा रहे हैं। राजबीर, नवीन सांगवान, विजय कुमार, रामफल, लीलाराम, अनिल, सतबीर, नीरज, दीपक बैनीवाल, नरसी, नरेश, कुलवंत, संजय कुमार, नवीन, दीपक जून, योगेश यादव, अंकित सिंगला, धर्मवीर व बिल्लू आदि ने बताया कि दोपहर के समय घंटों तक स्कूली बसें जाम में फंसी रहती हैं और विद्यार्थियों व शिक्षकों को भी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले प्रशसन को समस्या के संबंध में ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं, वीरवार को नितिन जांघू ने एसडीएम विरेंद्र सिंह को यहां बने हालातों से अवगत करवाया। जांघू ने बताया कि इस विषय को लेकर शुक्रवार सुबह दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम विरेंद्र से मिलेगा।
चरखी दादरी। दिल्ली रोड पर बनी जाम की समस्या को लेकर लोगों और स्थानीय दुकानदारों में रोष है। वीरवार को इस संबंध में जन आंदोलन समिति के संयोजक नितिन जांघू की अगुवाई में दुकानदारों ने बैठक की। बैठक में जाम की समस्या पर मंथन किया गया और प्रशासन के इस पर संज्ञान न लेने के चलते नारेबाजी कर रोष जताया। बैठक को संबोधित करते हुए नितिन जांघू ने कहा कि दिल्ली रोड पर तीन से चार घंटे वाहनों के खड़े रहने से जाम की स्थिति बनी रहती है। जिसके कारण दुकानदारों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि जाम का असर ग्राहकी पर पड़ रहा है और दुकानदार इस समस्या से परेशान हैं। आलम यह है कि दुकानदार मासिक किराया तक नहीं निकाल पा रहे हैं। राजबीर, नवीन सांगवान, विजय कुमार, रामफल, लीलाराम, अनिल, सतबीर, नीरज, दीपक बैनीवाल, नरसी, नरेश, कुलवंत, संजय कुमार, नवीन, दीपक जून, योगेश यादव, अंकित सिंगला, धर्मवीर व बिल्लू आदि ने बताया कि दोपहर के समय घंटों तक स्कूली बसें जाम में फंसी रहती हैं और विद्यार्थियों व शिक्षकों को भी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले प्रशसन को समस्या के संबंध में ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं, वीरवार को नितिन जांघू ने एसडीएम विरेंद्र सिंह को यहां बने हालातों से अवगत करवाया। जांघू ने बताया कि इस विषय को लेकर शुक्रवार सुबह दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम विरेंद्र से मिलेगा।
बढ़ी हुई सुरक्षा के तहत उनके घर पर सशस्त्र गॉर्ड तैनात रहेंगे और आंगतुकों को मेटल डिटेक्टर वाले दरवाजों (डीएफएमडी)से होकर गुजरना पड़ेगा। केजरीवाल जहां कहीं भी जाएंगे उनके साथ एक पायलट कार और दो एस्कॉर्ट कारें चलेंगी जिसमें सुरक्षाकर्मी बैठे होंगे। केजरीवाल 14 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ लेंगे। उनकी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में 67 सीटों पर विजय हासिल की है। दिल्ली पुलिस ने पहले ही गाजियाबाद पुलिस में अपने समक्षकों को केजरीवाल के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों के बारे में बता दिया है। शनिवार को उनके शपथ लेने के बाद, अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। जैसे उनके काफिले के गुजरने के लिए रास्ता साफ करने के लिए यातायात पुलिस की मोटरसाइकिलों की तैनाती। आप नेता ने पिछली बार सुरक्षा इंतजामों के प्रति असहमति जताई थी, लेकिन दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्वतः उनके लिए सुरक्षा प्रबंध किए थे।
बढ़ी हुई सुरक्षा के तहत उनके घर पर सशस्त्र गॉर्ड तैनात रहेंगे और आंगतुकों को मेटल डिटेक्टर वाले दरवाजों से होकर गुजरना पड़ेगा। केजरीवाल जहां कहीं भी जाएंगे उनके साथ एक पायलट कार और दो एस्कॉर्ट कारें चलेंगी जिसमें सुरक्षाकर्मी बैठे होंगे। केजरीवाल चौदह फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ लेंगे। उनकी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में सरसठ सीटों पर विजय हासिल की है। दिल्ली पुलिस ने पहले ही गाजियाबाद पुलिस में अपने समक्षकों को केजरीवाल के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों के बारे में बता दिया है। शनिवार को उनके शपथ लेने के बाद, अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। जैसे उनके काफिले के गुजरने के लिए रास्ता साफ करने के लिए यातायात पुलिस की मोटरसाइकिलों की तैनाती। आप नेता ने पिछली बार सुरक्षा इंतजामों के प्रति असहमति जताई थी, लेकिन दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्वतः उनके लिए सुरक्षा प्रबंध किए थे।
मेडिकल आँकड़े हरकत प्रणाली में संख्या में वृद्धि और रोगों की प्रगति दिखा। तेजी से, पुराने रोगियों उनके जोड़ों के दर्द की पीड़ा के बारे में शिकायत करते हैं। युवा लोगों को बीमारी भी बख्शा नहीं कर रहा है, और बच्चों यह से पीड़ित हैं। संयुक्त रोग यह बहुत प्रारंभिक दौर पहचान करने के लिए उनके आगे प्रगति और अन्य जटिलताओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। मानव अस्थि प्रणाली रोग गठिया के बीच सबसे आम जटिल और कम जटिल उपचार की घटना की विशेषता है। और क्योंकि हर किसी को इस रोग से ग्रस्त एक व्यक्ति रुमेटी गठिया के रोगियों में विरोधी सीसीपी परख के बारे में पता है। यह आदर्श इस लेख में दी गई हो जाएगा। विरोधी सीसीपी परीक्षण क्या है? आरए, या गठिया - दोनों बच्चों और वयस्कों को प्रभावित करता है कि जोड़ों की एक जटिल विकृति है। रोग श्लेष झिल्ली की सूजन, संयुक्त उपास्थि के विनाश, और इसकी विरूपण की विशेषता है। कि विषमता के परिणामों प्रारंभिक अवस्था में नहीं पाया गया और शीघ्र उपचार शुरू किया नहीं किया गया है बहुत खतरनाक हो सकता है। विकार और संयुक्त विनाश मोटर समारोह है, जो एक विकलांगता से ज्यादातर मामलों में है की कुल या आंशिक नुकसान का खतरा पैदा। क्यों के लिए की जरूरत विरोधी सीसीपी के विश्लेषण रुमेटी गठिया में? नोर्मा प्रदर्शन काफी महत्व की है। यह किसलिए है? एक महत्वपूर्ण कदम एक समय पर ढंग गठिया का निदान करने में, जो रोगी, भड़काऊ प्रक्रिया बंद करो और संयुक्त समारोह बहाल करने के लिए है, जिनमें से प्रभावी और सही उपचार की सलाह नहीं है। इस उद्देश्य के दो तरीकों कि एंटीबॉडी की एकाग्रता का निर्धारण करने के चक्रीय पेप्टाइड (विरोधी सीसीपी) tsitrullinovomu करने की अनुमति, और रुमेटी कारक (आरएफ) के लिए। शुरुआती दौर में असामान्यताओं के निदान के लिए, डॉक्टरों, विरोधी सीसीपी विश्लेषण का उपयोग करने की सलाह दी जाती क्योंकि इस प्रक्रिया में और अधिक सटीक संकेतक है और मंच की परवाह किए बिना रोग निर्धारित करने के लिए अनुमति देता है। आरएफ के लिए परीक्षण काफी विशिष्ट है, और परिणाम की सटीकता काफी हद तक विकृति विज्ञान के विकास की अवधि पर निर्भर करता है। गठिया विरोधी सीसीपी परीक्षण का उपयोग कर के प्रारंभिक काल में अच्छी तरह से पता चला है। इसके अलावा, उसे एंटीबॉडी और मार्कर है कि वहाँ प्रसारित, इस रोग की प्रगति के दौरान की खोज की रक्त के लिए धन्यवाद। यह परीक्षण रक्त में चक्रीय पेप्टाइड एंटीबॉडी tsitrullinovogo रिश्तेदार राशि को मापता है। यह पेप्टाइड - चयापचय का एक महत्वपूर्ण घटक। Citrulline प्रतिक्रिया जैव रासायनिक anginina का उपयोग कर अलग एमिनो एसिड जा रहा है के दौरान ही बना है। यही कारण है कि गठिया में क्या विरोधी सीसीपी है। नोर्मा नीचे दी जाएगी। चेतावनी! मुझे कहना पड़ेगा कि citrulline प्रोटीन संश्लेषण में शामिल नहीं है और शरीर से एक निश्चित समय के लिए प्रदर्शित किया जाता है। यह गठिया के जोड़ों को प्रभावित करता है शरीर में कई परिवर्तन से होकर गुजरती है। एक ही समय प्रोटीन अमीनो एसिड श्रृंखला की संरचना, संयुक्त उपास्थि की कार्यक्षमता को प्रभावित करने में citrulline का निर्माण किया। पेप्टाइड कि citrulline होता है, विदेशी के रूप में प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा माना जाता है और इस खतरे को समाप्त करने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन कर रहा है। क्या फायदे रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी के विश्लेषण करता है? नोर्मा यह सब करने के लिए पता होना चाहिए। विरोधी सीसीपी परीक्षण रुमेटी सहित गठिया के केवल विभिन्न प्रकार के निर्धारण में मदद करता है, लेकिन कोई रास्ता नहीं में अन्य रोगों के निदान के लिए उपयुक्त है। क्योंकि यह उसके बारे में शुरुआती दौर में न केवल रोग, लेकिन यह भी रोग और उसके चरित्र की अवस्था का पता लगाता है रक्त सीरम परीक्षा का यह तरीका, सबसे नकचढ़ा और एक ही समय में सटीक से एक है। परीक्षण इसके विकास की शुरुआत में आमवाती जोड़ों और आरए के निदान के लिए संकेत दिया जाता है। अध्ययन सबसे पूर्ण उपचार योजना है, जो दर्द और सूजन को हटाने, रुमेटी गठिया के रूप में इस तरह के रोगों के त्वरित निपटान से छुटकारा पाने का उद्देश्य बनाने के लिए अनुमति देता है। सीसीपीए आरएफ भर में कई लाभ हैंः कई महीनों पहले विकास अविशिष्ट जोड़दार सिंड्रोम या गठिया के एक अधिक जटिल रूप में गठिया के लिए विरोधी सीसीपी एंटीबॉडी का पता लगाने के उच्च संभावना; 70% में आरए के शुरुआती चरणों में निर्धारित करने के लिए; रोग की प्रकृति का निर्धारण करने के लिए; मामलों के 79% में एक प्रगतिशील कदम में आरए निर्धारित; विशिष्टता और 98% द्वारा विश्लेषण की सटीकता। और यह सब विश्लेषण रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी पता लगा सकते हैं। यह क्या है, हम की समीक्षा की है। सीसीपीए विधि एक उच्च परिशुद्धता कहा जा सकता है, कनेक्शन, जिसके साथ उनके डॉक्टरों अधिक रोगियों को जो सब गठिया के लक्षण है के लिए दिया जा की संभावना थी में। परीक्षण के परिणाम के अनुसार गठिया के रूप है, साथ ही अपने वर्तमान है, जो सही रोगी उपचार आवंटित करने के लिए अनुमति देता है भविष्यवाणी करने के लिए निर्धारित किया जा सकता। विश्लेषण के लिए तैयार करने की प्रक्रिया क्या है? विरोधी सीसीपी के एक मरीज विश्लेषण करने के लिए प्रशासन के बाद, वह नियमों के एक नंबर का पालन करना चाहिए। परीक्षण (8 घंटे) से पहले खाने के लिए नहीं कर सकते हैं। चाय, जूस और कॉफी सहित किसी भी तरल, 24 घंटे के भीतर नहीं किया जा सकता। इस नियम ने भी धूम्रपान करने के लिए लागू होता है क्योंकि धूम्रपान न करने 2 घंटे के लिए सिगरेट देने के लिए जब तक यह गठिया में विरोधी सीसीपी का विश्लेषण करेगा होगा। स्पष्टीकरण तो और अधिक सटीक हो जाएगा। परीक्षण की एक विशेषता सिर्फ एक खाली पेट पकड़े यह कह सकते हैं। परीक्षण एक नस से खून लेने से किया जाता है। फिर, यह मट्ठा, जो बाद में विरोधी सीसीपी के लिए इस्तेमाल किया जाता है से निकाला जाता है। सीरम spetstsentrifuge में बरामद किया। विश्लेषण और प्रयोगशाला रोजगार की जरूरत के आधार पर, परिणाम एक सप्ताह के भीतर या दिन में एक बार सेवन उपलब्ध हो जाएगा। महत्वपूर्ण! सीरम केवल एक बार जमे हुए किया जा सकता है, तो परिणाम पहले से ही जब फिर से ठंड गलत हो जाएगा। कैसे रुमेटी गठिया में ACCP विश्लेषण है? यह क्या है, हम पहले से ही जानते हैं। अनुसंधान की प्रक्रिया के बारे मेंः सीरम टेस्ट ट्यूब और लेजर रैयत में रखा गया है। इस विधि tsitofluometriey कहा जाता है। लेजर बीम और अपने तरल चरित्र बिखरने से अनुपस्थिति या शरीर में विरोधी सीसीपी की उपस्थिति पर आंका जा सकता है। विश्लेषण पूरी तरह से सुरक्षित है और रोगी के लिए दर्द रहित, बल्कि pricey है। परीक्षण लागत तात्कालिकता और प्रयोगशाला की कीमतों के आधार पर, परीक्षण के, सात सौ हजार rubles के एक हजार से भिन्न होता है। इस विश्लेषण सभी रोगियों को नहीं भेजी जाती है, यह रोगी के लक्षण और शिकायतों की जांच की जरूरत है। इसके बाद, पर विचार कैसे बाहर रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी परीक्षण के परिणाम की डिकोडिंग ले जाने के लिए। परीक्षण के परिणाम के अनुसार चिकित्सक उपस्थिति या अनुपस्थिति आरए की, रोग की अनुमानित मंच और अपने पाठ्यक्रम की गंभीरता के बारे में जानता है। यह ध्यान देने योग्य है कि चिकित्सा के क्षेत्र में इस परीक्षण के कुछ जिसका दर अलग अलग उम्र के लोगों से अलग नहीं है में से एक है। रक्त प्राप्त करने के बाद अप करने के लिए 8 डिग्री के तापमान पर सप्ताह में एक से अधिक नहीं के लिए भंडारित किया जा सकता है। तब गठिया में सीसीपीए का विश्लेषण। -200 डिग्री -, रक्त के नमूने के इष्टतम ठंड तापमान है तो यह अनिश्चित काल के लिए यदि आवश्यक हो तो संग्रहित किया जा सकता। पुरुषों, महिलाओं और सभी उम्र के बच्चों के नॉर्म विश्लेषण वर्णित किया जा सकता 3-3. 1 IU / मिलीलीटर और केवल कुछ दुर्लभ मामलों में यह थोड़ा बदला जा सकता है मेंः बच्चे की कम उम्र में पूरी तरह से हड्डी प्रणाली का गठन नहीं करने के लिए - 2,7-2,7 यू / एमएल; सीसीपीए आरए गर्भवती महिलाओं - 3. 8-4 यू / एमएल; बुजुर्ग लोगों में 2 यू / एमएल के लिए क्रमिक वृद्धि की अनुमति दी। कैसे विश्लेषण खड़ा है? खाते में विश्लेषण के परिणामों लेते हुए विशेषज्ञ जटिल उपचार, प्रभावशीलता जिनमें से फिर पुनः परीक्षण होगा प्रदान करती है। उपचार के सही होने रक्त सीरम एंटीबॉडी की मात्रा को कम के आधार पर आंका जाना चाहिए। यह गठिया के रूप में विरोधी सीसीपी की उपस्थिति के लिए खड़ा हैः 0-20 - सूचक नकारात्मक है, 20,0-39,9 - सकारात्मक, दुर्बलता से व्यक्त किया; 40-59,9 - सकारात्मक; 60 से अधिक इकाइयों - सकारात्मक, दृढ़ता से व्यक्त किया। महत्वपूर्ण! तथ्य यह है कि 20 यू / एमएल आदर्श विश्लेषण माना जाता है के बावजूद, कई विशेषज्ञों का मानना है कि आरए रक्त डेटा में एंटीबॉडी के अभाव में बाहर रखा जा सकता है जब सीसीपीए विश्लेषण पैरामीटर शून्य हैं, यानी,। यह हर मरीज है कि सीसीपीए विश्लेषण 95% पर मान्य है याद किया जाना चाहिए, और यदि परीक्षा परिणाम नकारात्मक था, लेकिन यह गठिया के सभी लक्षण है, तो आपको निदान के अन्य तरीकों, उपस्थित चिकित्सक द्वारा निर्धारित का उपयोग कर अतिरिक्त परीक्षण का संचालन करने की आवश्यकता होगी। हम रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी के विश्लेषण पर विचार किया है। महिलाओं, पुरुषों और सामान्य मूल्यों के बच्चों थोड़े अलग हैं।
मेडिकल आँकड़े हरकत प्रणाली में संख्या में वृद्धि और रोगों की प्रगति दिखा। तेजी से, पुराने रोगियों उनके जोड़ों के दर्द की पीड़ा के बारे में शिकायत करते हैं। युवा लोगों को बीमारी भी बख्शा नहीं कर रहा है, और बच्चों यह से पीड़ित हैं। संयुक्त रोग यह बहुत प्रारंभिक दौर पहचान करने के लिए उनके आगे प्रगति और अन्य जटिलताओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। मानव अस्थि प्रणाली रोग गठिया के बीच सबसे आम जटिल और कम जटिल उपचार की घटना की विशेषता है। और क्योंकि हर किसी को इस रोग से ग्रस्त एक व्यक्ति रुमेटी गठिया के रोगियों में विरोधी सीसीपी परख के बारे में पता है। यह आदर्श इस लेख में दी गई हो जाएगा। विरोधी सीसीपी परीक्षण क्या है? आरए, या गठिया - दोनों बच्चों और वयस्कों को प्रभावित करता है कि जोड़ों की एक जटिल विकृति है। रोग श्लेष झिल्ली की सूजन, संयुक्त उपास्थि के विनाश, और इसकी विरूपण की विशेषता है। कि विषमता के परिणामों प्रारंभिक अवस्था में नहीं पाया गया और शीघ्र उपचार शुरू किया नहीं किया गया है बहुत खतरनाक हो सकता है। विकार और संयुक्त विनाश मोटर समारोह है, जो एक विकलांगता से ज्यादातर मामलों में है की कुल या आंशिक नुकसान का खतरा पैदा। क्यों के लिए की जरूरत विरोधी सीसीपी के विश्लेषण रुमेटी गठिया में? नोर्मा प्रदर्शन काफी महत्व की है। यह किसलिए है? एक महत्वपूर्ण कदम एक समय पर ढंग गठिया का निदान करने में, जो रोगी, भड़काऊ प्रक्रिया बंद करो और संयुक्त समारोह बहाल करने के लिए है, जिनमें से प्रभावी और सही उपचार की सलाह नहीं है। इस उद्देश्य के दो तरीकों कि एंटीबॉडी की एकाग्रता का निर्धारण करने के चक्रीय पेप्टाइड tsitrullinovomu करने की अनुमति, और रुमेटी कारक के लिए। शुरुआती दौर में असामान्यताओं के निदान के लिए, डॉक्टरों, विरोधी सीसीपी विश्लेषण का उपयोग करने की सलाह दी जाती क्योंकि इस प्रक्रिया में और अधिक सटीक संकेतक है और मंच की परवाह किए बिना रोग निर्धारित करने के लिए अनुमति देता है। आरएफ के लिए परीक्षण काफी विशिष्ट है, और परिणाम की सटीकता काफी हद तक विकृति विज्ञान के विकास की अवधि पर निर्भर करता है। गठिया विरोधी सीसीपी परीक्षण का उपयोग कर के प्रारंभिक काल में अच्छी तरह से पता चला है। इसके अलावा, उसे एंटीबॉडी और मार्कर है कि वहाँ प्रसारित, इस रोग की प्रगति के दौरान की खोज की रक्त के लिए धन्यवाद। यह परीक्षण रक्त में चक्रीय पेप्टाइड एंटीबॉडी tsitrullinovogo रिश्तेदार राशि को मापता है। यह पेप्टाइड - चयापचय का एक महत्वपूर्ण घटक। Citrulline प्रतिक्रिया जैव रासायनिक anginina का उपयोग कर अलग एमिनो एसिड जा रहा है के दौरान ही बना है। यही कारण है कि गठिया में क्या विरोधी सीसीपी है। नोर्मा नीचे दी जाएगी। चेतावनी! मुझे कहना पड़ेगा कि citrulline प्रोटीन संश्लेषण में शामिल नहीं है और शरीर से एक निश्चित समय के लिए प्रदर्शित किया जाता है। यह गठिया के जोड़ों को प्रभावित करता है शरीर में कई परिवर्तन से होकर गुजरती है। एक ही समय प्रोटीन अमीनो एसिड श्रृंखला की संरचना, संयुक्त उपास्थि की कार्यक्षमता को प्रभावित करने में citrulline का निर्माण किया। पेप्टाइड कि citrulline होता है, विदेशी के रूप में प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा माना जाता है और इस खतरे को समाप्त करने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन कर रहा है। क्या फायदे रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी के विश्लेषण करता है? नोर्मा यह सब करने के लिए पता होना चाहिए। विरोधी सीसीपी परीक्षण रुमेटी सहित गठिया के केवल विभिन्न प्रकार के निर्धारण में मदद करता है, लेकिन कोई रास्ता नहीं में अन्य रोगों के निदान के लिए उपयुक्त है। क्योंकि यह उसके बारे में शुरुआती दौर में न केवल रोग, लेकिन यह भी रोग और उसके चरित्र की अवस्था का पता लगाता है रक्त सीरम परीक्षा का यह तरीका, सबसे नकचढ़ा और एक ही समय में सटीक से एक है। परीक्षण इसके विकास की शुरुआत में आमवाती जोड़ों और आरए के निदान के लिए संकेत दिया जाता है। अध्ययन सबसे पूर्ण उपचार योजना है, जो दर्द और सूजन को हटाने, रुमेटी गठिया के रूप में इस तरह के रोगों के त्वरित निपटान से छुटकारा पाने का उद्देश्य बनाने के लिए अनुमति देता है। सीसीपीए आरएफ भर में कई लाभ हैंः कई महीनों पहले विकास अविशिष्ट जोड़दार सिंड्रोम या गठिया के एक अधिक जटिल रूप में गठिया के लिए विरोधी सीसीपी एंटीबॉडी का पता लगाने के उच्च संभावना; सत्तर% में आरए के शुरुआती चरणों में निर्धारित करने के लिए; रोग की प्रकृति का निर्धारण करने के लिए; मामलों के उन्यासी% में एक प्रगतिशील कदम में आरए निर्धारित; विशिष्टता और अट्ठानवे% द्वारा विश्लेषण की सटीकता। और यह सब विश्लेषण रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी पता लगा सकते हैं। यह क्या है, हम की समीक्षा की है। सीसीपीए विधि एक उच्च परिशुद्धता कहा जा सकता है, कनेक्शन, जिसके साथ उनके डॉक्टरों अधिक रोगियों को जो सब गठिया के लक्षण है के लिए दिया जा की संभावना थी में। परीक्षण के परिणाम के अनुसार गठिया के रूप है, साथ ही अपने वर्तमान है, जो सही रोगी उपचार आवंटित करने के लिए अनुमति देता है भविष्यवाणी करने के लिए निर्धारित किया जा सकता। विश्लेषण के लिए तैयार करने की प्रक्रिया क्या है? विरोधी सीसीपी के एक मरीज विश्लेषण करने के लिए प्रशासन के बाद, वह नियमों के एक नंबर का पालन करना चाहिए। परीक्षण से पहले खाने के लिए नहीं कर सकते हैं। चाय, जूस और कॉफी सहित किसी भी तरल, चौबीस घंटाटे के भीतर नहीं किया जा सकता। इस नियम ने भी धूम्रपान करने के लिए लागू होता है क्योंकि धूम्रपान न करने दो घंटाटे के लिए सिगरेट देने के लिए जब तक यह गठिया में विरोधी सीसीपी का विश्लेषण करेगा होगा। स्पष्टीकरण तो और अधिक सटीक हो जाएगा। परीक्षण की एक विशेषता सिर्फ एक खाली पेट पकड़े यह कह सकते हैं। परीक्षण एक नस से खून लेने से किया जाता है। फिर, यह मट्ठा, जो बाद में विरोधी सीसीपी के लिए इस्तेमाल किया जाता है से निकाला जाता है। सीरम spetstsentrifuge में बरामद किया। विश्लेषण और प्रयोगशाला रोजगार की जरूरत के आधार पर, परिणाम एक सप्ताह के भीतर या दिन में एक बार सेवन उपलब्ध हो जाएगा। महत्वपूर्ण! सीरम केवल एक बार जमे हुए किया जा सकता है, तो परिणाम पहले से ही जब फिर से ठंड गलत हो जाएगा। कैसे रुमेटी गठिया में ACCP विश्लेषण है? यह क्या है, हम पहले से ही जानते हैं। अनुसंधान की प्रक्रिया के बारे मेंः सीरम टेस्ट ट्यूब और लेजर रैयत में रखा गया है। इस विधि tsitofluometriey कहा जाता है। लेजर बीम और अपने तरल चरित्र बिखरने से अनुपस्थिति या शरीर में विरोधी सीसीपी की उपस्थिति पर आंका जा सकता है। विश्लेषण पूरी तरह से सुरक्षित है और रोगी के लिए दर्द रहित, बल्कि pricey है। परीक्षण लागत तात्कालिकता और प्रयोगशाला की कीमतों के आधार पर, परीक्षण के, सात सौ हजार rubles के एक हजार से भिन्न होता है। इस विश्लेषण सभी रोगियों को नहीं भेजी जाती है, यह रोगी के लक्षण और शिकायतों की जांच की जरूरत है। इसके बाद, पर विचार कैसे बाहर रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी परीक्षण के परिणाम की डिकोडिंग ले जाने के लिए। परीक्षण के परिणाम के अनुसार चिकित्सक उपस्थिति या अनुपस्थिति आरए की, रोग की अनुमानित मंच और अपने पाठ्यक्रम की गंभीरता के बारे में जानता है। यह ध्यान देने योग्य है कि चिकित्सा के क्षेत्र में इस परीक्षण के कुछ जिसका दर अलग अलग उम्र के लोगों से अलग नहीं है में से एक है। रक्त प्राप्त करने के बाद अप करने के लिए आठ डिग्री के तापमान पर सप्ताह में एक से अधिक नहीं के लिए भंडारित किया जा सकता है। तब गठिया में सीसीपीए का विश्लेषण। -दो सौ डिग्री -, रक्त के नमूने के इष्टतम ठंड तापमान है तो यह अनिश्चित काल के लिए यदि आवश्यक हो तो संग्रहित किया जा सकता। पुरुषों, महिलाओं और सभी उम्र के बच्चों के नॉर्म विश्लेषण वर्णित किया जा सकता तीन-तीन. एक IU / मिलीलीटर और केवल कुछ दुर्लभ मामलों में यह थोड़ा बदला जा सकता है मेंः बच्चे की कम उम्र में पूरी तरह से हड्डी प्रणाली का गठन नहीं करने के लिए - दो,सात-दो,सात यू / एमएल; सीसीपीए आरए गर्भवती महिलाओं - तीन. आठ-चार यू / एमएल; बुजुर्ग लोगों में दो यू / एमएल के लिए क्रमिक वृद्धि की अनुमति दी। कैसे विश्लेषण खड़ा है? खाते में विश्लेषण के परिणामों लेते हुए विशेषज्ञ जटिल उपचार, प्रभावशीलता जिनमें से फिर पुनः परीक्षण होगा प्रदान करती है। उपचार के सही होने रक्त सीरम एंटीबॉडी की मात्रा को कम के आधार पर आंका जाना चाहिए। यह गठिया के रूप में विरोधी सीसीपी की उपस्थिति के लिए खड़ा हैः शून्य-बीस - सूचक नकारात्मक है, बीस,शून्य-उनतालीस,नौ - सकारात्मक, दुर्बलता से व्यक्त किया; चालीस-उनसठ,नौ - सकारात्मक; साठ से अधिक इकाइयों - सकारात्मक, दृढ़ता से व्यक्त किया। महत्वपूर्ण! तथ्य यह है कि बीस यू / एमएल आदर्श विश्लेषण माना जाता है के बावजूद, कई विशेषज्ञों का मानना है कि आरए रक्त डेटा में एंटीबॉडी के अभाव में बाहर रखा जा सकता है जब सीसीपीए विश्लेषण पैरामीटर शून्य हैं, यानी,। यह हर मरीज है कि सीसीपीए विश्लेषण पचानवे% पर मान्य है याद किया जाना चाहिए, और यदि परीक्षा परिणाम नकारात्मक था, लेकिन यह गठिया के सभी लक्षण है, तो आपको निदान के अन्य तरीकों, उपस्थित चिकित्सक द्वारा निर्धारित का उपयोग कर अतिरिक्त परीक्षण का संचालन करने की आवश्यकता होगी। हम रुमेटी गठिया में विरोधी सीसीपी के विश्लेषण पर विचार किया है। महिलाओं, पुरुषों और सामान्य मूल्यों के बच्चों थोड़े अलग हैं।
ऐसा क्या योग्य पात्र - चित्रा का कौन भाग्य फूटा है उसके पास आने को - बड़ा एक आया. किन्तु दूसी को इसके हृदय से छीन ले तो क्या मजा होगा ? चित्रा की आशा मानो सफल होती जा रही थी ! काशी में तीन साल की लड़की, चौदह साल पहले, अच्छा तो उसकी अवस्था या अठारह वर्ष होगी- अच्छी बात है ! श्री गिरीश गोस्वामी का इन्द्रजित एवेन्यू के ऊपर एक बहुत बड़ा मकान था । इस सुदीर्घ अट्टालिका के निर्मात्ता थे स्वयं श्री गिरीश के बाप श्री इन्द्रजीत गोस्वामी । मकान देखते ही प्रशंसा करनी पड़ती थी। इसके विशाल उपवन में जहाँ क्यारी क्यारी में फूल लगे हैं, झरना भी करता था, और टेनिस खेलने का मैदान भी था । मानो किसी के स्वागत की तैयारियाँ रहती थीं । श्रीगिरीश और श्रीमती गोस्वामी दोनों ही मकान पर थे । शायद ही वे कभी कलकत्ता छोड़कर कहीं जाते थे। दिन-रात इस विशाल प्रासाद की सफाई-सुधराई का ध्यान रखा जाता था । कारण शायद श्री गिरीश का धनिकों से 'प्रेम' था बड़े बड़े आफसर लोगों का उनके घर आना प्रायः रोज का काम था । वे फि सरों की खातिर पूर्ण साहबी सभ्यतानुसार करते थे। खूब आडम्बर करते थे ― पैसे की कोई कमी नथी । किन्तु आश्चर्य यही था कि श्रीमती गोस्वामी कभी इन बातों में भाग नहीं लेती थीं। गृह स्वामिनी की अनुपस्थिति से प्रीति-भोज-सभाएँ बिना नमक के भोजन के समान होती थीं, उनका अभाव श्री गिरीश सुन्दरी परिवेश और निमन्त्रित महिलाओं द्वारा पूरा करते थे । श्री गिरीश भी अद्भुत व्यक्ति थे । अँग्रेजी राज में वे सारे
ऐसा क्या योग्य पात्र - चित्रा का कौन भाग्य फूटा है उसके पास आने को - बड़ा एक आया. किन्तु दूसी को इसके हृदय से छीन ले तो क्या मजा होगा ? चित्रा की आशा मानो सफल होती जा रही थी ! काशी में तीन साल की लड़की, चौदह साल पहले, अच्छा तो उसकी अवस्था या अठारह वर्ष होगी- अच्छी बात है ! श्री गिरीश गोस्वामी का इन्द्रजित एवेन्यू के ऊपर एक बहुत बड़ा मकान था । इस सुदीर्घ अट्टालिका के निर्मात्ता थे स्वयं श्री गिरीश के बाप श्री इन्द्रजीत गोस्वामी । मकान देखते ही प्रशंसा करनी पड़ती थी। इसके विशाल उपवन में जहाँ क्यारी क्यारी में फूल लगे हैं, झरना भी करता था, और टेनिस खेलने का मैदान भी था । मानो किसी के स्वागत की तैयारियाँ रहती थीं । श्रीगिरीश और श्रीमती गोस्वामी दोनों ही मकान पर थे । शायद ही वे कभी कलकत्ता छोड़कर कहीं जाते थे। दिन-रात इस विशाल प्रासाद की सफाई-सुधराई का ध्यान रखा जाता था । कारण शायद श्री गिरीश का धनिकों से 'प्रेम' था बड़े बड़े आफसर लोगों का उनके घर आना प्रायः रोज का काम था । वे फि सरों की खातिर पूर्ण साहबी सभ्यतानुसार करते थे। खूब आडम्बर करते थे ― पैसे की कोई कमी नथी । किन्तु आश्चर्य यही था कि श्रीमती गोस्वामी कभी इन बातों में भाग नहीं लेती थीं। गृह स्वामिनी की अनुपस्थिति से प्रीति-भोज-सभाएँ बिना नमक के भोजन के समान होती थीं, उनका अभाव श्री गिरीश सुन्दरी परिवेश और निमन्त्रित महिलाओं द्वारा पूरा करते थे । श्री गिरीश भी अद्भुत व्यक्ति थे । अँग्रेजी राज में वे सारे
प्रसारण प्रातः आठ सौ तीस बजे से अवधि दस मिनट एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से थोड़ी देर बाद साढ़े नौ बजे नमो एप के माध्यम से किसानों से करेंगे सीधा संवाद दो गोपालगंज स्थित एसएस कॉलेज से मैट्रिक की तैंतालीस हजार से अधिक कॉपियों के गायब होने के मामले में प्राचार्य आदेशपाल और गार्ड गिरफ्तार | तीन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर मौसम विभाग ने तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी की जतायी आशंका चार और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में अड़सठ अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से थोड़ी देर बाद साढ़े नौ बजे नमो एप के माध्यम से किसानों से बातचीत करेंगे एक ट्वीट में श्री मोदी ने कहा है कि देश के परिश्रमी किसान भारत के गौरव हैं उन्होंने लोगों से किसानों के साथ बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री देश के किसानों के साथ सीधी वार्ता कर रहे हैं इस बातचीत के दौरान वर्ष दो हजार बाईस तक किसानों की आय दोगुनी करने से संबंधित विभिन्न उपायों पर मुख्यम रूप से चर्चा की जाएगी किसानों के साथ प्रधानमंत्री की इस बातचीत को आकाशवाणी कृषि विज्ञान केन्द्र सार्वजनिक सेवा केन्द्र दूरदर्शन और डी डी किसान से सीधे प्रसारित किया जाएगा जम्मूकश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मूकश्मीर में भाजपापीडीपी सरकार गिरने के बाद राष्ट्रपति शासन लागू करने की राज्यपाल की सिफारिश को आज मंजूरी दे दी मैट्रिक की तैंतालीस हजार से अधिक कॉपियों के गायब होने के मामले में एसएस कॉलेज गोपालगंज के प्राचार्य आदेशपाल और गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है पुलिस देर रात गिरफ्तार प्राचार्य को गोपालगंज लेकर गयी जहां उनसे पूछताछ जारी है इधर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा है कि मूल्यांकन केंद्र से उत्तरपुस्तिकाओं का गायब होना बोर्ड को बदनाम करने का षड्यंत्र है उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच डीएम और एसपी द्वारा की जायेगी एसएस कॉलेज के सभी शिक्षक कर्मचारी और प्राचार्य के सभी सहयोगी से भी पूछताछ की जा रही है इधर मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट अब छब्बीस जून को जारी किया जायेगा पहले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आज परीक्षा परिणाम घोषित करने की तिथि निर्धारित की थी बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों में अनियमितता बरतने के आरोप में जल संसाधन विभाग ने अड़सठ अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है विभाग के जनसंपर्क अधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पूर्णिया प्रक्षेत्र में पूर्वी कोसी नहर पुनर्स्थापना कार्य में अनियमितता बरतने के आरोप में बयालीस अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है वहीं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कटिहार और सालमारी के अधीन अपर महानंदा योजना के तटबंधों में काम के दौरान अनियमितता के मामले में बीस अभियंताओं के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गयी है दूसरी ओर सहरसा प्रक्षेत्र में छह अभियंताओं और संवेदकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गयी है प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है मौसम विभाग ने तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी की आशंका जतायी है विभाग ने कहा है कि आज तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है वहीं कल से चौबीस जून तक तापमान बढ़कर चौवालीस डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है हवा में नमी की मात्रा बढ़कर पचहत्तर प्रतिशत होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है इधर पटना जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुये सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पच्चीस जून को खोलने का निर्देश दिया है प्रदेश में पहली बार देश के पूर्वी राज्यों में जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न चुनौतियों और इनसे निपटने के उपायों पर चर्चा के लिये देशभर के विशेषज्ञ चौबीस और पच्चीस जून को पटना में आयोजित सम्मेलन में व्यापक विचारविमर्श करेंगे उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यह जानकारी देते हुये बताया कि कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्द्धन होंगे भारतीय रिजर्व बैंक ने प्राथमिकता क्षेत्र वाले होमलोन की सीमा बढ़ाकर पैंतीस लाख रूपये कर दी है पैंतालीस लाख रूपये तक की कीमत के मकान के लिये पैंतीस लाख रूपये तक के कर्ज प्राथमिकता क्षेत्र में माने जायेंगे प्राथमिकता वाले क्षेत्र का ऋण आमतौर पर बाजार मूल्य के ऋण के मुकाबले सस्ता होता है आरबीआई की अधिसूचना में कहा गया है कि इस कदम से कमजोर वर्ग और कम आय वाले लोगों को सस्ता कर्ज लेना आसान हो जायेगा रेलवे के ग्रुपसी के पदों पर काम कर रहे तीन लाख कर्मचारियों को अधिकारी वर्ग में प्रोन्नति दी जायेगी रेलवे बोर्ड ने इसके लिये उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सातवें वेतन आयोग की सिफारिश में छियालीस सौ रूपये ग्रेडपे वाले कर्मचारियों को ग्रुपसी से ग्रुपबी में प्रोन्नति दी जायेगी शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विकास के विभिन्न पैमानों पर प्रदेश के चिन्हित तेरह पिछड़े जिलों का समेकित विकास किया जायेगा नीति आयोग की बैठक में इस संबंध में व्यापक चर्चा हुयी इन जिलों में बेगूसराय खगड़िया कटिहार अररिया पूर्णिया बांका औरंगाबाद गया नवादा मुजफ्फरपुर और मधेपुरा शामिल हैं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा है कि पूर्णिया छपरा और समस्तीपुर में नये मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है श्री पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय कार्यक्रम के तहत झंझारपुर सीतामढ़ी वैशाली बेगूसराय और आरा में भी नये मेडिकल कॉलेजों की भी स्थापना की जायेगी शिक्षा विभाग ने कटिहार और सासाराम में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दे दी है सब्जी उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार मूल्य उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में अगस्त महीने से सब्जियों की बिक्री सहकारी समितियों के माध्यम से की जायेगी श्रम संसाधन विभाग ने आउटसोर्सिंग पर चल रहे सैंतीस कौशल प्रशिक्षण केंद्रों को रद्द करने का निर्णय लिया है पूर्व मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के दो महीने में तीन हजार इक्कीस करोड़ छियालीस लाख रूपये का राजस्व अर्जित कर आय के मामले में देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने बिहार को रणजी ट्रॉफी में खेलने की अनुमति दे दी है बोर्ड के प्रशासकों की हुयी बैठक में यह फैसला लिया गया बिहार को ग्रुपडी से खेलने की अनुमति दी गयी है इसके अलावा उत्तराखण्ड और पूर्वोत्तर की नई टीमें भी ग्रुपडी से खेलेंगी इस ग्रुप से एक टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचेगी अब पटना से प्रकाशित प्रमुख समाचार पत्रों की सुर्खियां आज के सभी समाचार पत्रों ने जम्मूकश्मीर में भाजपा द्वारा सरकार से समर्थन वापस लिये जाने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है हिन्दुस्तान लिखता है जम्मूकश्मीर में महबूबा सरकार गिरी दैनिक जागरण की खबर है छब्बीस को मैट्रिक रिजल्ट कॉपी चोरी में प्राचार्य बंदी दैनिक भास्कर की सुर्थी है राजधानी में चौबीस जून के बाद होगी बारिश प्रभात खबर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान को प्रमुखता देते हुये लिखा है पूरे सूबे में लागू होगी बांका उन्नयन राष्ट्रीय सहारा लिखता है जैश के तीन आंतकी ढेर आज ने मोतिहारी में आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या से जुड़ी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है और अब अंत में मुख्य समाचार एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से थोड़ी देर बाद साढ़े नौ बजे नमो एप के माध्यम से किसानों से करेंगे सीधा संवाद | दो गोपालगंज स्थित एसएस कॉलेज से मैट्रिक की तैंतालीस हजार से अधिक कॉपियों के गायब होने के मामले में प्राचार्य आदेशपाल और गार्ड गिरफ्तार तीन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर मौसम विभाग ने तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी की जतायी आशंका चार और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में अड़सठ अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू | इसके साथ ही आकाशवाणी पटना से प्रसारित प्रादेशिक समाचार का ये अंक समाप्त हुआ
प्रसारण प्रातः आठ सौ तीस बजे से अवधि दस मिनट एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से थोड़ी देर बाद साढ़े नौ बजे नमो एप के माध्यम से किसानों से करेंगे सीधा संवाद दो गोपालगंज स्थित एसएस कॉलेज से मैट्रिक की तैंतालीस हजार से अधिक कॉपियों के गायब होने के मामले में प्राचार्य आदेशपाल और गार्ड गिरफ्तार | तीन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर मौसम विभाग ने तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी की जतायी आशंका चार और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में अड़सठ अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से थोड़ी देर बाद साढ़े नौ बजे नमो एप के माध्यम से किसानों से बातचीत करेंगे एक ट्वीट में श्री मोदी ने कहा है कि देश के परिश्रमी किसान भारत के गौरव हैं उन्होंने लोगों से किसानों के साथ बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री देश के किसानों के साथ सीधी वार्ता कर रहे हैं इस बातचीत के दौरान वर्ष दो हजार बाईस तक किसानों की आय दोगुनी करने से संबंधित विभिन्न उपायों पर मुख्यम रूप से चर्चा की जाएगी किसानों के साथ प्रधानमंत्री की इस बातचीत को आकाशवाणी कृषि विज्ञान केन्द्र सार्वजनिक सेवा केन्द्र दूरदर्शन और डी डी किसान से सीधे प्रसारित किया जाएगा जम्मूकश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मूकश्मीर में भाजपापीडीपी सरकार गिरने के बाद राष्ट्रपति शासन लागू करने की राज्यपाल की सिफारिश को आज मंजूरी दे दी मैट्रिक की तैंतालीस हजार से अधिक कॉपियों के गायब होने के मामले में एसएस कॉलेज गोपालगंज के प्राचार्य आदेशपाल और गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है पुलिस देर रात गिरफ्तार प्राचार्य को गोपालगंज लेकर गयी जहां उनसे पूछताछ जारी है इधर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा है कि मूल्यांकन केंद्र से उत्तरपुस्तिकाओं का गायब होना बोर्ड को बदनाम करने का षड्यंत्र है उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच डीएम और एसपी द्वारा की जायेगी एसएस कॉलेज के सभी शिक्षक कर्मचारी और प्राचार्य के सभी सहयोगी से भी पूछताछ की जा रही है इधर मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट अब छब्बीस जून को जारी किया जायेगा पहले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आज परीक्षा परिणाम घोषित करने की तिथि निर्धारित की थी बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों में अनियमितता बरतने के आरोप में जल संसाधन विभाग ने अड़सठ अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है विभाग के जनसंपर्क अधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पूर्णिया प्रक्षेत्र में पूर्वी कोसी नहर पुनर्स्थापना कार्य में अनियमितता बरतने के आरोप में बयालीस अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है वहीं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कटिहार और सालमारी के अधीन अपर महानंदा योजना के तटबंधों में काम के दौरान अनियमितता के मामले में बीस अभियंताओं के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गयी है दूसरी ओर सहरसा प्रक्षेत्र में छह अभियंताओं और संवेदकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गयी है प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है मौसम विभाग ने तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी की आशंका जतायी है विभाग ने कहा है कि आज तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है वहीं कल से चौबीस जून तक तापमान बढ़कर चौवालीस डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है हवा में नमी की मात्रा बढ़कर पचहत्तर प्रतिशत होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है इधर पटना जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुये सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पच्चीस जून को खोलने का निर्देश दिया है प्रदेश में पहली बार देश के पूर्वी राज्यों में जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न चुनौतियों और इनसे निपटने के उपायों पर चर्चा के लिये देशभर के विशेषज्ञ चौबीस और पच्चीस जून को पटना में आयोजित सम्मेलन में व्यापक विचारविमर्श करेंगे उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यह जानकारी देते हुये बताया कि कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्द्धन होंगे भारतीय रिजर्व बैंक ने प्राथमिकता क्षेत्र वाले होमलोन की सीमा बढ़ाकर पैंतीस लाख रूपये कर दी है पैंतालीस लाख रूपये तक की कीमत के मकान के लिये पैंतीस लाख रूपये तक के कर्ज प्राथमिकता क्षेत्र में माने जायेंगे प्राथमिकता वाले क्षेत्र का ऋण आमतौर पर बाजार मूल्य के ऋण के मुकाबले सस्ता होता है आरबीआई की अधिसूचना में कहा गया है कि इस कदम से कमजोर वर्ग और कम आय वाले लोगों को सस्ता कर्ज लेना आसान हो जायेगा रेलवे के ग्रुपसी के पदों पर काम कर रहे तीन लाख कर्मचारियों को अधिकारी वर्ग में प्रोन्नति दी जायेगी रेलवे बोर्ड ने इसके लिये उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सातवें वेतन आयोग की सिफारिश में छियालीस सौ रूपये ग्रेडपे वाले कर्मचारियों को ग्रुपसी से ग्रुपबी में प्रोन्नति दी जायेगी शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विकास के विभिन्न पैमानों पर प्रदेश के चिन्हित तेरह पिछड़े जिलों का समेकित विकास किया जायेगा नीति आयोग की बैठक में इस संबंध में व्यापक चर्चा हुयी इन जिलों में बेगूसराय खगड़िया कटिहार अररिया पूर्णिया बांका औरंगाबाद गया नवादा मुजफ्फरपुर और मधेपुरा शामिल हैं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा है कि पूर्णिया छपरा और समस्तीपुर में नये मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है श्री पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय कार्यक्रम के तहत झंझारपुर सीतामढ़ी वैशाली बेगूसराय और आरा में भी नये मेडिकल कॉलेजों की भी स्थापना की जायेगी शिक्षा विभाग ने कटिहार और सासाराम में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दे दी है सब्जी उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार मूल्य उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में अगस्त महीने से सब्जियों की बिक्री सहकारी समितियों के माध्यम से की जायेगी श्रम संसाधन विभाग ने आउटसोर्सिंग पर चल रहे सैंतीस कौशल प्रशिक्षण केंद्रों को रद्द करने का निर्णय लिया है पूर्व मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के दो महीने में तीन हजार इक्कीस करोड़ छियालीस लाख रूपये का राजस्व अर्जित कर आय के मामले में देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने बिहार को रणजी ट्रॉफी में खेलने की अनुमति दे दी है बोर्ड के प्रशासकों की हुयी बैठक में यह फैसला लिया गया बिहार को ग्रुपडी से खेलने की अनुमति दी गयी है इसके अलावा उत्तराखण्ड और पूर्वोत्तर की नई टीमें भी ग्रुपडी से खेलेंगी इस ग्रुप से एक टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचेगी अब पटना से प्रकाशित प्रमुख समाचार पत्रों की सुर्खियां आज के सभी समाचार पत्रों ने जम्मूकश्मीर में भाजपा द्वारा सरकार से समर्थन वापस लिये जाने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है हिन्दुस्तान लिखता है जम्मूकश्मीर में महबूबा सरकार गिरी दैनिक जागरण की खबर है छब्बीस को मैट्रिक रिजल्ट कॉपी चोरी में प्राचार्य बंदी दैनिक भास्कर की सुर्थी है राजधानी में चौबीस जून के बाद होगी बारिश प्रभात खबर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान को प्रमुखता देते हुये लिखा है पूरे सूबे में लागू होगी बांका उन्नयन राष्ट्रीय सहारा लिखता है जैश के तीन आंतकी ढेर आज ने मोतिहारी में आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या से जुड़ी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है और अब अंत में मुख्य समाचार एक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से थोड़ी देर बाद साढ़े नौ बजे नमो एप के माध्यम से किसानों से करेंगे सीधा संवाद | दो गोपालगंज स्थित एसएस कॉलेज से मैट्रिक की तैंतालीस हजार से अधिक कॉपियों के गायब होने के मामले में प्राचार्य आदेशपाल और गार्ड गिरफ्तार तीन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर मौसम विभाग ने तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी की जतायी आशंका चार और बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में अड़सठ अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू | इसके साथ ही आकाशवाणी पटना से प्रसारित प्रादेशिक समाचार का ये अंक समाप्त हुआ
न रुकना है तुझे झण्डा उड़ा केवल पहाड़ों पर, विजय पानी है तुझको चाँद-सूरज पर, सितारोंपर । वधू रहती जहाँ नरवीर की, तलवारवालों की, जमीं वह इस जरा-से आसमाँ के पार है साथी । भुजाओं पर मही का भार फूलों-सा उठाये जा, कॅपाये जा गगन को, इन्द्र का आसन हिलाये जा । जहाँ में एक ही है रौशनी, वह नाम की तेरे, जमीं को एक तेरी आग का आधार है साथो । ॥ समात ॥
न रुकना है तुझे झण्डा उड़ा केवल पहाड़ों पर, विजय पानी है तुझको चाँद-सूरज पर, सितारोंपर । वधू रहती जहाँ नरवीर की, तलवारवालों की, जमीं वह इस जरा-से आसमाँ के पार है साथी । भुजाओं पर मही का भार फूलों-सा उठाये जा, कॅपाये जा गगन को, इन्द्र का आसन हिलाये जा । जहाँ में एक ही है रौशनी, वह नाम की तेरे, जमीं को एक तेरी आग का आधार है साथो । ॥ समात ॥
Katras : कतरास (Katras) भटमुरना स्थित आकाशकिनारी कोलियरी कार्यालय के निकट बजरंगबली मंदिर में गुरुवार 20 अप्रैल को 24 घंटा अखंड हरि कीर्तन का आयोजन किया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान में आसपास के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया. अखंड हरि कीर्तन के पूर्व विद्वान पंडित अजय पांडे एवं चंद्रदेव पांडे ने पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की. इस आयोजन में बीसीसीएल गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक जीसी साहा, अपर महाप्रबंधक यूके सिंह,परियोजना पदाधिकारी पंकज कुमार, मैनेजर अमित कुमार, अभियंता योगेश कुमार, मजदूर नेता रणधीर ठाकुर, अशोक सिंह, जितेंद्र पांडे, तरुण राठौर,अशोक ओझा, हिमांशु सिंह वसंत ओझा, कृपा शंकर द्विवेदी, अमृत, जयप्रकाश, दीपू बाबा,चंदन चावड़ा, संतोष सिह सोहन ठाकुर आदि मौजूद थे.
Katras : कतरास भटमुरना स्थित आकाशकिनारी कोलियरी कार्यालय के निकट बजरंगबली मंदिर में गुरुवार बीस अप्रैल को चौबीस घंटाटा अखंड हरि कीर्तन का आयोजन किया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान में आसपास के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया. अखंड हरि कीर्तन के पूर्व विद्वान पंडित अजय पांडे एवं चंद्रदेव पांडे ने पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की. इस आयोजन में बीसीसीएल गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक जीसी साहा, अपर महाप्रबंधक यूके सिंह,परियोजना पदाधिकारी पंकज कुमार, मैनेजर अमित कुमार, अभियंता योगेश कुमार, मजदूर नेता रणधीर ठाकुर, अशोक सिंह, जितेंद्र पांडे, तरुण राठौर,अशोक ओझा, हिमांशु सिंह वसंत ओझा, कृपा शंकर द्विवेदी, अमृत, जयप्रकाश, दीपू बाबा,चंदन चावड़ा, संतोष सिह सोहन ठाकुर आदि मौजूद थे.
कल्याण आयुर्वेद - आजकल एक्ने की समस्या ने लोगों को उलझन में डाल दिया है. इससे छुटकारा पाने के लिए कोई डॉक्टर की अधिक फीस भर रहा है, तो कोई कई तरह के केमिकल प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहा है. आपको बता दें कि ये चेहरे पर दिखने में जितने बुरे लगते हैं, उतने ही कहीं ज्यादा दर्दनाक भी होते हैं. एक्ने कई प्रकार के होते हैं. जैसे टीनएज एक्ने, हार्मोनल एक्ने, मेनोपॉज और डैंड्रफ से संबंधित एक्ने आदि. इनमें से हार्मोनल एक्ने की समस्या महिलाओं को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी सता रही है. आइए जानते हैं आखिर हार्मोनल एक्ने क्या है और इसके होने के पीछे क्या वजह होती है. साथ ही हम यह भी जानेंगे कि इसे ठीक करने के लिए हम कौन से उपाय कर सकते हैं. सभी प्रकार के एक्ने में हार्मोनल एक्ने काफी कोमन होता . है यह हार्मोन चेंज के कारण होता है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार ऐसा माना जाता है, कि हार्मोनल एक्ने शरीर में हार्मोन के उतार-चढ़ाव से लेकर ब्रेकआउट के कारण होता है. आमतौर पर यह समस्या टीनएज के दौरान उत्पन्न होती है. लेकिन यह महिलाओं में अधिक उम्र में होने वाले हार्मोनल चेंजेज, मेनोपॉज और प्रेगनेंसी में भी उभर सकते हैं. इस समस्या में महिलाओं को अधिकतर 20 से 30 वर्ष की आयु में चेहरे पर मुंहासे होते हैं. हालांकि पुरुषों में भी इसी उम्र में यह समस्या देखी जाती है. हार्मोनल एक्ने का होने का सबसे बड़ा कारण है, गड़बड़ लाइफस्टाइल, सही समय पर नो सोना, सही समय पर ना उठना, खाने में अधिक चिकनाई वाली चीजों का सेवन करना, व्यायाम न करना आदि. इसके कारण हो सकते हैं. हार्मोनल एक्ने का एक कारण एंड्रोजेनिक लेवल में बदलाव से ऑइलग्लैंड से अधिक तेल निकलना भी हो सकता है. टीनएज में अनियमित पीरियड्स की समस्या भी इसके लिए जिम्मेदार है. कई बार गर्भनिरोधक गोलियों के अधिक सेवन से भी एंड्रोजेनिक लेवल में बदलाव हो सकता है. जिससे हार्मोनल एक्ने की समस्या होने लगती है. 1. गालों और जो लाइन के आसपास मुंहासे, 2. ब्लैक हेड्स, व्हाइट हेड्स या सिस्ट. 3. ऑयली स्किन, सूजन, संवेदनशीलता. 1. गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से बचे. 2. त्वचा को हमेशा क्लीन रखने की कोशिश करें. 3. ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें. 4. हेल्दी डाइट को मेंटेन करें. 5. रोजाना एक्सरसाइज और योग करने की कोशिश करें. 6. केमिकल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से बचें. टी ट्री ऑयल में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो की पिंपल से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं. पिंपल से छुटकारा पाने के लिए नारियल तेल में दो से तीन बूंदे टी ट्री ऑयल मिलाएं. कुछ देर के लिए अफेक्टेड एरिया में लगाएं और बाद में गुनगुने पानी से धो लें. त्वचा से जुड़ी समस्याओं का रामबाण इलाज एलोवेरा है. आप इसका इस्तेमाल ड्राईनेस को दूर करने के लिए भी कर सकते हैं. आप इसे पिम्पल के एरिया में लगाकर रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह इसे धो लें. शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इसके लिए आपको रात के समय में पिंपल वाले एरिया में शहद लगाना है और सुबह उठकर धो लेना है. इससे आपको जल्दी फायदा मिलेगा. पिंपल से छुटकारा पाने में आप आइसक्यूब का इस्तेमाल करें. इसके लिए बर्फ के पतले से टुकड़े को कपड़े में लपेटकर पिम्पल्स पर लगाएं. बर्फ को सीधा चेहरे पर न लगाएं, इसे 20 मिनट से ज्यादा देर तक न रखें. आपको यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट में जरूर बताइए और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक तथा शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर कर ले. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.
कल्याण आयुर्वेद - आजकल एक्ने की समस्या ने लोगों को उलझन में डाल दिया है. इससे छुटकारा पाने के लिए कोई डॉक्टर की अधिक फीस भर रहा है, तो कोई कई तरह के केमिकल प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहा है. आपको बता दें कि ये चेहरे पर दिखने में जितने बुरे लगते हैं, उतने ही कहीं ज्यादा दर्दनाक भी होते हैं. एक्ने कई प्रकार के होते हैं. जैसे टीनएज एक्ने, हार्मोनल एक्ने, मेनोपॉज और डैंड्रफ से संबंधित एक्ने आदि. इनमें से हार्मोनल एक्ने की समस्या महिलाओं को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी सता रही है. आइए जानते हैं आखिर हार्मोनल एक्ने क्या है और इसके होने के पीछे क्या वजह होती है. साथ ही हम यह भी जानेंगे कि इसे ठीक करने के लिए हम कौन से उपाय कर सकते हैं. सभी प्रकार के एक्ने में हार्मोनल एक्ने काफी कोमन होता . है यह हार्मोन चेंज के कारण होता है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार ऐसा माना जाता है, कि हार्मोनल एक्ने शरीर में हार्मोन के उतार-चढ़ाव से लेकर ब्रेकआउट के कारण होता है. आमतौर पर यह समस्या टीनएज के दौरान उत्पन्न होती है. लेकिन यह महिलाओं में अधिक उम्र में होने वाले हार्मोनल चेंजेज, मेनोपॉज और प्रेगनेंसी में भी उभर सकते हैं. इस समस्या में महिलाओं को अधिकतर बीस से तीस वर्ष की आयु में चेहरे पर मुंहासे होते हैं. हालांकि पुरुषों में भी इसी उम्र में यह समस्या देखी जाती है. हार्मोनल एक्ने का होने का सबसे बड़ा कारण है, गड़बड़ लाइफस्टाइल, सही समय पर नो सोना, सही समय पर ना उठना, खाने में अधिक चिकनाई वाली चीजों का सेवन करना, व्यायाम न करना आदि. इसके कारण हो सकते हैं. हार्मोनल एक्ने का एक कारण एंड्रोजेनिक लेवल में बदलाव से ऑइलग्लैंड से अधिक तेल निकलना भी हो सकता है. टीनएज में अनियमित पीरियड्स की समस्या भी इसके लिए जिम्मेदार है. कई बार गर्भनिरोधक गोलियों के अधिक सेवन से भी एंड्रोजेनिक लेवल में बदलाव हो सकता है. जिससे हार्मोनल एक्ने की समस्या होने लगती है. एक. गालों और जो लाइन के आसपास मुंहासे, दो. ब्लैक हेड्स, व्हाइट हेड्स या सिस्ट. तीन. ऑयली स्किन, सूजन, संवेदनशीलता. एक. गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से बचे. दो. त्वचा को हमेशा क्लीन रखने की कोशिश करें. तीन. ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें. चार. हेल्दी डाइट को मेंटेन करें. पाँच. रोजाना एक्सरसाइज और योग करने की कोशिश करें. छः. केमिकल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से बचें. टी ट्री ऑयल में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो की पिंपल से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं. पिंपल से छुटकारा पाने के लिए नारियल तेल में दो से तीन बूंदे टी ट्री ऑयल मिलाएं. कुछ देर के लिए अफेक्टेड एरिया में लगाएं और बाद में गुनगुने पानी से धो लें. त्वचा से जुड़ी समस्याओं का रामबाण इलाज एलोवेरा है. आप इसका इस्तेमाल ड्राईनेस को दूर करने के लिए भी कर सकते हैं. आप इसे पिम्पल के एरिया में लगाकर रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह इसे धो लें. शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इसके लिए आपको रात के समय में पिंपल वाले एरिया में शहद लगाना है और सुबह उठकर धो लेना है. इससे आपको जल्दी फायदा मिलेगा. पिंपल से छुटकारा पाने में आप आइसक्यूब का इस्तेमाल करें. इसके लिए बर्फ के पतले से टुकड़े को कपड़े में लपेटकर पिम्पल्स पर लगाएं. बर्फ को सीधा चेहरे पर न लगाएं, इसे बीस मिनट से ज्यादा देर तक न रखें. आपको यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट में जरूर बताइए और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक तथा शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर कर ले. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने फ़लूजा को विद्रोहियों के नियंत्रण से मुक्त कराने का संकल्प व्यक्त किया है. बताया जा रहा है कि अमरीकी और इराक़ी सैनिक फलूजा पर शीघ्र ही ज़ोरदार कार्रवाई शुरू करने जा रहे हैं. उन्होंने पूरे शहर को चारों तरफ़ से घेर लिया है और फलूजा जाने वाली सड़कों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी गई है. बीबीसी संवाददाता पॉल वुड ने अमरीकी सैनिक अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बड़े पैमाने पर अमरीकी सैनिक शहर में दाख़िल हो रहे हैं. इससे पहले फ़लूजा पर हुए हमलों में बड़ी संख्या में इराक़ी नागरिक मारे गए हैं और शहर से आम लोगों की आबादी पलायन करने पर मजबूर हुई है. फ़लूजा के निकट अमरीकी मरीन सैनिक कर्नल माइकल शॉप ने रॉयटर को बताया, "हम आख़िरी तैयारी कर रहे हैं. जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी. हम सिर्फ़ प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं. " समाचार एजेंसी एपी के अनुसार फ़लूजा के निकट अमरीकी सैनिक ठिकाने के पास स्थित सैनिक अस्पताल में भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है. इस अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या दोगुनी कर दी गई है और ज़रूरत से ज़्यादा सामान भी इकट्ठा कर लिया गया है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों का कहना है कि उनके लड़ाकू विमानों ने पिछले सात घंटों के दौरान फ़लूजा में पाँच बार हवाई हमले किए हैं. इस हमले में विद्रोहियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया. सैनिक अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में विद्रोहियों को बड़ा नुक़सान हुआ है.
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने फ़लूजा को विद्रोहियों के नियंत्रण से मुक्त कराने का संकल्प व्यक्त किया है. बताया जा रहा है कि अमरीकी और इराक़ी सैनिक फलूजा पर शीघ्र ही ज़ोरदार कार्रवाई शुरू करने जा रहे हैं. उन्होंने पूरे शहर को चारों तरफ़ से घेर लिया है और फलूजा जाने वाली सड़कों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी गई है. बीबीसी संवाददाता पॉल वुड ने अमरीकी सैनिक अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बड़े पैमाने पर अमरीकी सैनिक शहर में दाख़िल हो रहे हैं. इससे पहले फ़लूजा पर हुए हमलों में बड़ी संख्या में इराक़ी नागरिक मारे गए हैं और शहर से आम लोगों की आबादी पलायन करने पर मजबूर हुई है. फ़लूजा के निकट अमरीकी मरीन सैनिक कर्नल माइकल शॉप ने रॉयटर को बताया, "हम आख़िरी तैयारी कर रहे हैं. जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी. हम सिर्फ़ प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं. " समाचार एजेंसी एपी के अनुसार फ़लूजा के निकट अमरीकी सैनिक ठिकाने के पास स्थित सैनिक अस्पताल में भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है. इस अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या दोगुनी कर दी गई है और ज़रूरत से ज़्यादा सामान भी इकट्ठा कर लिया गया है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों का कहना है कि उनके लड़ाकू विमानों ने पिछले सात घंटों के दौरान फ़लूजा में पाँच बार हवाई हमले किए हैं. इस हमले में विद्रोहियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया. सैनिक अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में विद्रोहियों को बड़ा नुक़सान हुआ है.
69 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए अभिनेता प्रताप पोथेन ने 2007 में आई फिल्म गुरु' में आईएएस ऑफिसर के. आर. मेनन का किरदार निभाया था। उन्होंने इंडस्ट्री में बतौर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रिप्ट राइटर भी काम किया था। एंटरटेनमेंट डेस्क. अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) और ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) स्टारर फिल्म 'गुरु' (2007) में नज़र आए अभिनेता और फिल्ममेकर प्रताप के. पोथेन का निधन हो गया है। वे 69 साल के थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह उन्हें चेन्नई स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाया गया। उनकी मौत की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है, लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और संभवतः इसी के चलते उनका निधन हुआ है। प्रताप पोथेन का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह करीब 10 बजे चेन्नई के न्यू अवादी रोड स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा। मूल रूप से मलयालम फिल्मों के अभिनेता प्रताप पोथेन 1978 से लगातार फिल्मों में काम कर रहे थे। उन्होंने मलयालम के अलावा तमिल , तेलुगु और हिंदी फिल्मों में भी काम किया है। 1978 में उनकी पहली फिल्म 'अरवाम' आई थी। उनकी पॉपुलर मलयालम फिल्मों में 'ठाकरा', 'आरोहणं', 'पनेनीर', 'पुषपंगल', 'तनमात्र', '22 फीमेल कोट्टयम' और 'बैंगलोर डेज' हैं। पिछली बार उन्हें ममूटी स्टारर 'CB15: द ब्रेन' शामिल हैं। मणि रत्नम के निर्देशन में बनी फिल्म 'गुरु' में प्रताप ने आईएएस ऑफिसर के. आर. मेनन का किरदार निभाया था। उन्होंने इंडस्ट्री में एक्टर के साथ-साथ फिल्म डायरेक्टर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर भी काम किया है। मलयालम सिनेमा में काम करते हुए उन्होंने दो बार फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर अवॉर्ड जीता था। उन्हें पहला फिल्मफेयर 1979 में फिल्म 'ठाकरा' और दूसरा फिल्मफेयर 1980 में आई फिल्म 'चमरम' के लिए मिला था। 13 अगस्त 1952 को तिरुवंतपुरम में जन्मे प्रताप पोथेन उस वक्त महज 15 साल के थे, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। उन्होंने ऊटी के लवडेल स्थित लॉरेंस स्कूल से स्कूलिंग कंप्लीट की और फिर मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से उन्होंने ग्रैजुएशन किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मुंबई की एक एड एजेंसी में बतौर कॉपीराइटर की थी। प्रताप पोथेन की शादी एक्ट्रेस राधिका से हुई थी, जो महज एक साल चली थी। बाद में उन्होंने आमला सत्यनाथ से शादी की, जो 22 साल तक चली और 2012 में तलाक पर खत्म हो गई। प्रताप और आमला की एक बेटी है, जिसका नाम काव्या है।
उनहत्तर साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए अभिनेता प्रताप पोथेन ने दो हज़ार सात में आई फिल्म गुरु' में आईएएस ऑफिसर के. आर. मेनन का किरदार निभाया था। उन्होंने इंडस्ट्री में बतौर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रिप्ट राइटर भी काम किया था। एंटरटेनमेंट डेस्क. अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय स्टारर फिल्म 'गुरु' में नज़र आए अभिनेता और फिल्ममेकर प्रताप के. पोथेन का निधन हो गया है। वे उनहत्तर साल के थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह उन्हें चेन्नई स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाया गया। उनकी मौत की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है, लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और संभवतः इसी के चलते उनका निधन हुआ है। प्रताप पोथेन का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह करीब दस बजे चेन्नई के न्यू अवादी रोड स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा। मूल रूप से मलयालम फिल्मों के अभिनेता प्रताप पोथेन एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर से लगातार फिल्मों में काम कर रहे थे। उन्होंने मलयालम के अलावा तमिल , तेलुगु और हिंदी फिल्मों में भी काम किया है। एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर में उनकी पहली फिल्म 'अरवाम' आई थी। उनकी पॉपुलर मलयालम फिल्मों में 'ठाकरा', 'आरोहणं', 'पनेनीर', 'पुषपंगल', 'तनमात्र', 'बाईस फीमेल कोट्टयम' और 'बैंगलोर डेज' हैं। पिछली बार उन्हें ममूटी स्टारर 'CBपंद्रह: द ब्रेन' शामिल हैं। मणि रत्नम के निर्देशन में बनी फिल्म 'गुरु' में प्रताप ने आईएएस ऑफिसर के. आर. मेनन का किरदार निभाया था। उन्होंने इंडस्ट्री में एक्टर के साथ-साथ फिल्म डायरेक्टर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर भी काम किया है। मलयालम सिनेमा में काम करते हुए उन्होंने दो बार फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर अवॉर्ड जीता था। उन्हें पहला फिल्मफेयर एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में फिल्म 'ठाकरा' और दूसरा फिल्मफेयर एक हज़ार नौ सौ अस्सी में आई फिल्म 'चमरम' के लिए मिला था। तेरह अगस्त एक हज़ार नौ सौ बावन को तिरुवंतपुरम में जन्मे प्रताप पोथेन उस वक्त महज पंद्रह साल के थे, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। उन्होंने ऊटी के लवडेल स्थित लॉरेंस स्कूल से स्कूलिंग कंप्लीट की और फिर मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से उन्होंने ग्रैजुएशन किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मुंबई की एक एड एजेंसी में बतौर कॉपीराइटर की थी। प्रताप पोथेन की शादी एक्ट्रेस राधिका से हुई थी, जो महज एक साल चली थी। बाद में उन्होंने आमला सत्यनाथ से शादी की, जो बाईस साल तक चली और दो हज़ार बारह में तलाक पर खत्म हो गई। प्रताप और आमला की एक बेटी है, जिसका नाम काव्या है।
बाराबंकी। आदर्श आचार संहिता (code of conduct) की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कमोबेश सभी प्रत्याशी धनबल के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत में लगे हैं। चुनावी व्यय की पाबंदियों को तार-तार किया जा रहा है। चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी जमकर धन लुटा रहे हैं। खास बात यह है कि चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त व्यय प्रेक्षक भी इस पर मौन हैं। वह कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ज्यों-ज्यों मतदान की तारीख निकट आती जा रही है। सभी प्रत्याशियों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। जिले की छह विधानसभा सीटों पर कुल 51 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रमुख दलों के प्रत्याशी आदर्श आचार संहिता को ताक पर रखकर जमकर धन लुटा रहे हैं। इस समय वोटों के ठेकेदारों से सभी प्रत्याशी घिरे हुए हैं। जिले में वोटों की खरीद फरोख्त का धंधा जोरों पर चल रहा है। कोई बता रहा है कि पांच हजार उसकी जेब में हैं। जो वह जिधर चाहेगा मोड़ देगा। ऐसे-ऐसे ठेकेदार इन प्रत्यिाशियों को मूड़ने में लगे हैं। सत्ता सुख भोगने की लालसा में ऐसे प्रत्याशी दोनों हाथों से धन लुटा रहे हैं। कहीं गोश्त व भोजन की दावत चल रही है तो कहीं शराब की पार्टी हो रही है। हर जगह दावतों की भरमार है। मतदाता भी अब सभी से लाभ लेने के मूड में नजर आ रहा है। वह एक दावत से निकल कर दूसरी दावत का आनंद लेने पहुंच रहा है। इतना ही नहीं मीडिया जगत में भी कुछ ठेकेदार खबर प्रकाशित कराने का ठेका लेते नजर आ रहे हैं। प्रत्याशी जितना धन अपने खर्च के ब्योरे में दर्शा रहे हैं। उससे कई गुना अधिक खर्च कर रहे हैं। प्रत्याशियों के घरों व कार्यालयों से धन वितरण का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य अक्सर रात के समय में ही किया जा रहा है। प्रमुख दलों के लगभग सभी प्रत्याशी नोट के बदले वोट खरीदने में मस्त हैं। खास बात यह है कि चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त व्यय प्रेक्षक भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि किसी भी प्रत्याशी के घर पर रात के समय धन की बंदरबांट होते हुए देखा जा सकती है। शासन के निर्देशानुसार 16, 21 व 25 फरवरी को सभी प्रत्याशियों को अपना व्यय का ब्यौरा व्यय प्रेक्षक के समक्ष प्रस्तुत करना था। चुनाव आयोग की ओर से जिले में कुर्सी, बाराबंकी व जैदपुर (अ0जा0) के लिए आकाशदीप एवं रामनगर, दरियाबाद व हैदरगढ़ (अ0जा0) के लिए मसूदुर्रहमान फारूखी को नियुक्त किया गया है। इस संबंध में व्यय प्रेक्षक के लाइजन आफीसर अनिल कुमार राव व संजय कुमार गुप्ता ने मोबाइल पर वार्ता हुई। व्यय के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जो भी शिकायतें आती हैं। उन पर कार्रवाई की जा रही है। यह पूछे जाने पर कि कितनी कार्रवाई की जा चुकी है। इस पर उन्होंने बताया कि इसका जवाब देने का अधिकार उनके पास नहीं है। इस ब्यौरा व्यय प्रेक्षक ही उपलब्ध करा सकते हैं जो अभी मीटिंग में है इसलिए उनसे बात नहीं हो सकती।
बाराबंकी। आदर्श आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कमोबेश सभी प्रत्याशी धनबल के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत में लगे हैं। चुनावी व्यय की पाबंदियों को तार-तार किया जा रहा है। चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी जमकर धन लुटा रहे हैं। खास बात यह है कि चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त व्यय प्रेक्षक भी इस पर मौन हैं। वह कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ज्यों-ज्यों मतदान की तारीख निकट आती जा रही है। सभी प्रत्याशियों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। जिले की छह विधानसभा सीटों पर कुल इक्यावन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रमुख दलों के प्रत्याशी आदर्श आचार संहिता को ताक पर रखकर जमकर धन लुटा रहे हैं। इस समय वोटों के ठेकेदारों से सभी प्रत्याशी घिरे हुए हैं। जिले में वोटों की खरीद फरोख्त का धंधा जोरों पर चल रहा है। कोई बता रहा है कि पांच हजार उसकी जेब में हैं। जो वह जिधर चाहेगा मोड़ देगा। ऐसे-ऐसे ठेकेदार इन प्रत्यिाशियों को मूड़ने में लगे हैं। सत्ता सुख भोगने की लालसा में ऐसे प्रत्याशी दोनों हाथों से धन लुटा रहे हैं। कहीं गोश्त व भोजन की दावत चल रही है तो कहीं शराब की पार्टी हो रही है। हर जगह दावतों की भरमार है। मतदाता भी अब सभी से लाभ लेने के मूड में नजर आ रहा है। वह एक दावत से निकल कर दूसरी दावत का आनंद लेने पहुंच रहा है। इतना ही नहीं मीडिया जगत में भी कुछ ठेकेदार खबर प्रकाशित कराने का ठेका लेते नजर आ रहे हैं। प्रत्याशी जितना धन अपने खर्च के ब्योरे में दर्शा रहे हैं। उससे कई गुना अधिक खर्च कर रहे हैं। प्रत्याशियों के घरों व कार्यालयों से धन वितरण का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य अक्सर रात के समय में ही किया जा रहा है। प्रमुख दलों के लगभग सभी प्रत्याशी नोट के बदले वोट खरीदने में मस्त हैं। खास बात यह है कि चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त व्यय प्रेक्षक भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि किसी भी प्रत्याशी के घर पर रात के समय धन की बंदरबांट होते हुए देखा जा सकती है। शासन के निर्देशानुसार सोलह, इक्कीस व पच्चीस फरवरी को सभी प्रत्याशियों को अपना व्यय का ब्यौरा व्यय प्रेक्षक के समक्ष प्रस्तुत करना था। चुनाव आयोग की ओर से जिले में कुर्सी, बाराबंकी व जैदपुर के लिए आकाशदीप एवं रामनगर, दरियाबाद व हैदरगढ़ के लिए मसूदुर्रहमान फारूखी को नियुक्त किया गया है। इस संबंध में व्यय प्रेक्षक के लाइजन आफीसर अनिल कुमार राव व संजय कुमार गुप्ता ने मोबाइल पर वार्ता हुई। व्यय के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जो भी शिकायतें आती हैं। उन पर कार्रवाई की जा रही है। यह पूछे जाने पर कि कितनी कार्रवाई की जा चुकी है। इस पर उन्होंने बताया कि इसका जवाब देने का अधिकार उनके पास नहीं है। इस ब्यौरा व्यय प्रेक्षक ही उपलब्ध करा सकते हैं जो अभी मीटिंग में है इसलिए उनसे बात नहीं हो सकती।
बदतर दौर से गुजर रहे उत्तर कोरिया की जनता हताश, परेशान और बदहाल है. ऐसे में उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अपनी आर्थिक विफलता के लिए माफी मांगकर जनता के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश की है. उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने कहा है कि देश अब तक की सबसे बदतर चुनौतियों का सामना कर रहा है और आंतरिक एकता से हम इस चुनौती को पार कर लेंगे. सत्तारूढ़ पार्टी की कांग्रेस में देश के लिए नई आर्थिक नीति की घोषणा किए जाने की संभावना है. अपने परमाणु कार्यक्रमों के चलते पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ चुके उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि खुद किम जोंग उन भी सकते में हैं. देखें खास कार्यक्रम, सुनीता राय के साथ.
बदतर दौर से गुजर रहे उत्तर कोरिया की जनता हताश, परेशान और बदहाल है. ऐसे में उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अपनी आर्थिक विफलता के लिए माफी मांगकर जनता के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश की है. उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने कहा है कि देश अब तक की सबसे बदतर चुनौतियों का सामना कर रहा है और आंतरिक एकता से हम इस चुनौती को पार कर लेंगे. सत्तारूढ़ पार्टी की कांग्रेस में देश के लिए नई आर्थिक नीति की घोषणा किए जाने की संभावना है. अपने परमाणु कार्यक्रमों के चलते पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ चुके उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि खुद किम जोंग उन भी सकते में हैं. देखें खास कार्यक्रम, सुनीता राय के साथ.
मेषः खुद पर कंट्रोल रखें। ऑफिस में किसी से उलझ सकते हैं। अपने काम में ज्यादा ध्यान दें। दिन भर आलस का माहौल रह सकता है। वृषः प्रोफैशनल मामले में सावधानी रखें। नुकसान होने से बचेगा। इन्वैस्टमैंट लाभ देगा। काम पर ध्यान देने से पॉजिटिव रिजल्ट मिलेगा। मिथुनः ई-मेल से किसी खास मामले की जानकारी मिलेगी। स्टूडैंट्स को पढ़ाई में फायदा होगा। बिजनैस में नई तकनीक से लाभ मिलेगा। कर्कः सामाजिक प्रभाव व पॉपुलरिटी बढ़ेगी। रिस्क वाला कदम उठाने से बचें। पारिवारिक क्लेश के संकेत हैं। विरोधी फिलहाल दबे रहेंगे। सिंहः नए आइडियाज को लेकर आगे बढ़ेंगे। रिश्तेदारों से पुराने गिले-शिकवे दूर होंगे। पारिवारिक बहसबाजी होगी। पार्टनर को समय दें। कन्याः इंटेलिजेंस से कार्यक्षेत्र में फायदा होगा। पुराने समय से चली आ रही टैंशन कम होगी। लोग मदद करेंगे। दिनभर व्यस्तता रहेगी। तुलाः फोन कॉल से खुशखबरी मिलेगी। सहकर्मी टीमवर्क से खुश होंगे। नए प्रॉजेक्ट से अड़चन दूर होगी। रोमांस के लिए समय बेहतर है। वृश्चिकः मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। मुनाफे के मौके आएंगे। पार्टी में असरदार लोगों से मुलाकात होगी। खास काम की चिंता खत्म होगी। धनुः सहकर्मियों से बहस टलेगी। सभी इच्छाएं पूरी होंगी। कार्यक्षेत्र हेतु भागदौड़ रहेगी। वरिष्ठ लोगों की सलाह से लाभ होगा। मकरः किसी से अनबन हो सकती है। कामकाज कि स्थितियां बेहतर होंगी। शादीशुदा जिंदगी कामयाब होगी। समय को व्यवस्थित रखें। कुंभः सौदे संबंधित टैंशन खत्म होगी। कोई प्रॉजैक्ट फाइनलाइज होगा। रोमांटिक अफेयर्स मजबूत बनेंगे। ऑफिशियल कार्य पर ध्यान दें। मीनः कोशिश जारी रखने से लंबित कार्य बनेंगे। सतर्क होकर काम में जुटे रहें। बाहर फिजूलखर्ची करने से बचें। परिजनों संग समय गुजारें।
मेषः खुद पर कंट्रोल रखें। ऑफिस में किसी से उलझ सकते हैं। अपने काम में ज्यादा ध्यान दें। दिन भर आलस का माहौल रह सकता है। वृषः प्रोफैशनल मामले में सावधानी रखें। नुकसान होने से बचेगा। इन्वैस्टमैंट लाभ देगा। काम पर ध्यान देने से पॉजिटिव रिजल्ट मिलेगा। मिथुनः ई-मेल से किसी खास मामले की जानकारी मिलेगी। स्टूडैंट्स को पढ़ाई में फायदा होगा। बिजनैस में नई तकनीक से लाभ मिलेगा। कर्कः सामाजिक प्रभाव व पॉपुलरिटी बढ़ेगी। रिस्क वाला कदम उठाने से बचें। पारिवारिक क्लेश के संकेत हैं। विरोधी फिलहाल दबे रहेंगे। सिंहः नए आइडियाज को लेकर आगे बढ़ेंगे। रिश्तेदारों से पुराने गिले-शिकवे दूर होंगे। पारिवारिक बहसबाजी होगी। पार्टनर को समय दें। कन्याः इंटेलिजेंस से कार्यक्षेत्र में फायदा होगा। पुराने समय से चली आ रही टैंशन कम होगी। लोग मदद करेंगे। दिनभर व्यस्तता रहेगी। तुलाः फोन कॉल से खुशखबरी मिलेगी। सहकर्मी टीमवर्क से खुश होंगे। नए प्रॉजेक्ट से अड़चन दूर होगी। रोमांस के लिए समय बेहतर है। वृश्चिकः मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। मुनाफे के मौके आएंगे। पार्टी में असरदार लोगों से मुलाकात होगी। खास काम की चिंता खत्म होगी। धनुः सहकर्मियों से बहस टलेगी। सभी इच्छाएं पूरी होंगी। कार्यक्षेत्र हेतु भागदौड़ रहेगी। वरिष्ठ लोगों की सलाह से लाभ होगा। मकरः किसी से अनबन हो सकती है। कामकाज कि स्थितियां बेहतर होंगी। शादीशुदा जिंदगी कामयाब होगी। समय को व्यवस्थित रखें। कुंभः सौदे संबंधित टैंशन खत्म होगी। कोई प्रॉजैक्ट फाइनलाइज होगा। रोमांटिक अफेयर्स मजबूत बनेंगे। ऑफिशियल कार्य पर ध्यान दें। मीनः कोशिश जारी रखने से लंबित कार्य बनेंगे। सतर्क होकर काम में जुटे रहें। बाहर फिजूलखर्ची करने से बचें। परिजनों संग समय गुजारें।
वर्धा. तलेगांव-आष्टी-वरुड़ महामार्ग पर ट्रक अनियंत्रित होने के बाद हादसे का शिकार हो गया. इसमें सौभाग्यवश चालक व क्लीनर बाल बाल बच गए. उक्त हादसा सोमवार की सुबह 7. 30 बजे घटा. जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के बैतूल से वरुड़ होते हुए तलेगांव में मका लेकर जा रहा ट्रक क्रमांक एमपी 48 एच 0619 आष्टी से गुजरते समय पुराना बस स्थानक के समीप टायर फटने से पलट गया. हादसा इतना भीषण था कि ट्रक बीच का डिवायडर तोड़कर मार्ग के दूसरे छोर पर जा पलटा़ इसमें चालक राजा धुर्वे व क्लीनर संदीप इसराम बाल-बाल बच गए. हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग की यातायात प्रभावित हो गया था.
वर्धा. तलेगांव-आष्टी-वरुड़ महामार्ग पर ट्रक अनियंत्रित होने के बाद हादसे का शिकार हो गया. इसमें सौभाग्यवश चालक व क्लीनर बाल बाल बच गए. उक्त हादसा सोमवार की सुबह सात. तीस बजे घटा. जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के बैतूल से वरुड़ होते हुए तलेगांव में मका लेकर जा रहा ट्रक क्रमांक एमपी अड़तालीस एच छः सौ उन्नीस आष्टी से गुजरते समय पुराना बस स्थानक के समीप टायर फटने से पलट गया. हादसा इतना भीषण था कि ट्रक बीच का डिवायडर तोड़कर मार्ग के दूसरे छोर पर जा पलटा़ इसमें चालक राजा धुर्वे व क्लीनर संदीप इसराम बाल-बाल बच गए. हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग की यातायात प्रभावित हो गया था.
संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन को हथियारों और उपकरणों की आपूर्ति जारी रखता है। अमेरिकी सैन्य सहायता का एक और बैच ओडेसा में आ गया है, यूक्रेनी प्रेस की रिपोर्ट। जैसा कि ओडेसा संस्करण "डमस्काया" द्वारा बताया गया है, अमेरिकी ड्राई-कार्गो जहाज "ओशन ग्लोरी" ओडेसा के बंदरगाह पर आ गया है, जो यूएस शिपिंग कमांड के साथ एक अनुबंध के तहत काम कर रहा है। प्रस्थान बंदरगाह - चार्ल्सटन, गंतव्य बंदरगाह - ओडेसा। 350 अमेरिकी ऑफ-रोड वाहन HMMWV ("हम्वे") सहित लगभग 35 टन विभिन्न सैन्य उपकरणों पर। बल्क कैरियर का उतारना पहले ही शुरू हो चुका है, यह योजना है कि यह शुक्रवार 26 मार्च, 2021 तक चलेगा। ऑफ-रोड वाहनों सहित सभी आपूर्ति किए गए उपकरण, यूक्रेनी सशस्त्र बलों के लिए अभिप्रेत है। ध्यान दें कि यह इस वर्ष की शुरुआत से यूक्रेन के सशस्त्र बलों को अमेरिकी सहायता की तीसरी डिलीवरी है। जनवरी के मध्य में, 20 HMMWV बख्तरबंद वाहनों और 84 विशेष नौकाओं को भी समुद्र के द्वारा यूक्रेन पहुंचाया गया था। नौसेना के लिए ग्राउंड फोर्सेस और विशेष ऑपरेशन बलों, नौकाओं के लिए बख्तरबंद वाहनों का इरादा था। 10 फरवरी, 2021 को अमेरिकी सहायता का एक दल ओडेसा पहुंचा, जिसमें 10 विलार्ड स्पीडबोट और 70 से अधिक राशिगत inflatable नौकाओं के साथ-साथ यूक्रेनी नौसेना के लिए विभिन्न उपकरण शामिल थे। बाद में यह ज्ञात हुआ कि साथ वाले उपकरणों में डाइविंग उपकरण, थर्मल इमेजर्स और संचार उपकरण, रेडियो-तकनीकी परिसर शामिल थे। संख्या का नाम नहीं है।
संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन को हथियारों और उपकरणों की आपूर्ति जारी रखता है। अमेरिकी सैन्य सहायता का एक और बैच ओडेसा में आ गया है, यूक्रेनी प्रेस की रिपोर्ट। जैसा कि ओडेसा संस्करण "डमस्काया" द्वारा बताया गया है, अमेरिकी ड्राई-कार्गो जहाज "ओशन ग्लोरी" ओडेसा के बंदरगाह पर आ गया है, जो यूएस शिपिंग कमांड के साथ एक अनुबंध के तहत काम कर रहा है। प्रस्थान बंदरगाह - चार्ल्सटन, गंतव्य बंदरगाह - ओडेसा। तीन सौ पचास अमेरिकी ऑफ-रोड वाहन HMMWV सहित लगभग पैंतीस टन विभिन्न सैन्य उपकरणों पर। बल्क कैरियर का उतारना पहले ही शुरू हो चुका है, यह योजना है कि यह शुक्रवार छब्बीस मार्च, दो हज़ार इक्कीस तक चलेगा। ऑफ-रोड वाहनों सहित सभी आपूर्ति किए गए उपकरण, यूक्रेनी सशस्त्र बलों के लिए अभिप्रेत है। ध्यान दें कि यह इस वर्ष की शुरुआत से यूक्रेन के सशस्त्र बलों को अमेरिकी सहायता की तीसरी डिलीवरी है। जनवरी के मध्य में, बीस HMMWV बख्तरबंद वाहनों और चौरासी विशेष नौकाओं को भी समुद्र के द्वारा यूक्रेन पहुंचाया गया था। नौसेना के लिए ग्राउंड फोर्सेस और विशेष ऑपरेशन बलों, नौकाओं के लिए बख्तरबंद वाहनों का इरादा था। दस फरवरी, दो हज़ार इक्कीस को अमेरिकी सहायता का एक दल ओडेसा पहुंचा, जिसमें दस विलार्ड स्पीडबोट और सत्तर से अधिक राशिगत inflatable नौकाओं के साथ-साथ यूक्रेनी नौसेना के लिए विभिन्न उपकरण शामिल थे। बाद में यह ज्ञात हुआ कि साथ वाले उपकरणों में डाइविंग उपकरण, थर्मल इमेजर्स और संचार उपकरण, रेडियो-तकनीकी परिसर शामिल थे। संख्या का नाम नहीं है।
Shardiya Navratri 2021: वैसे तो नवरात्र के दिनों में खरीदारी करना शुभ माना जाता है लेकिन कुछ ऐसी चीजें भी होती है जिन्हें अगर आप घर ले आते हैं तो इससे आपको मां का आशिर्वाद तो मिलता है ही साथ ही कभी भी आपको धन की कमी नहीं होगी। तुलसी का पौधा- वैसे तो ज्यादातर घरों में तुलसी का पौधा मिल ही जाता है लेकिन अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो आप नवरात्रि के दिन इसे अपने घर जरूर लाएं। तुलसी के पौधे की अच्छे से देखभाल भी की जानी चाहिए। तुलसी के सामने घी का दीप जलाना चाहिए। कहते हैं ऐसा करने से उस घर में महालक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार के सदस्यों को कभी भी पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ता। केले का पौधा- केले का पौधा घर में लाने से आपके परिवार की हर परेशानी दूर होगी। किसी भी शुभ मुहूर्त में इस पौधे को घर ला सकते हैं। इसे गमले में लगाकर 9 दिन तक जल चढ़ाएं। गुरुवार के दिन जल में थोड़ा दूध मिलाकर केले के पौधे पर चढ़ाने से धन की कमी दूरी होगी। बरगद का पत्ता- बरगद का पत्ता तोड़कर उसे गंगाजल से धो लें, इसके बाद उस पर हल्दी और देशी घी से स्वास्तिक बना लें। इस पत्ते को पूजा के स्थान पर रखें और 9 दिन तक धूप दिखाएं और पूजा करें। ऐसा करने से हर प्रकार की समस्या दूर होगी। धतूरे की जड़- भगवान शिव को धतूरे काफी प्रिय है। इसका प्रयोग मां काली की पूजा में भी होता है। नवरात्रि के दिनों में आप शुभ मुहूर्त में धतूरे की जड़ को घर लाएं। इसे लाल कपड़े में लपेटकर रखें और मां काली के मंत्रों का जाप करते हुए इसका पूजन करें। इससे काफी लाभ होगा।
Shardiya Navratri दो हज़ार इक्कीस: वैसे तो नवरात्र के दिनों में खरीदारी करना शुभ माना जाता है लेकिन कुछ ऐसी चीजें भी होती है जिन्हें अगर आप घर ले आते हैं तो इससे आपको मां का आशिर्वाद तो मिलता है ही साथ ही कभी भी आपको धन की कमी नहीं होगी। तुलसी का पौधा- वैसे तो ज्यादातर घरों में तुलसी का पौधा मिल ही जाता है लेकिन अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो आप नवरात्रि के दिन इसे अपने घर जरूर लाएं। तुलसी के पौधे की अच्छे से देखभाल भी की जानी चाहिए। तुलसी के सामने घी का दीप जलाना चाहिए। कहते हैं ऐसा करने से उस घर में महालक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार के सदस्यों को कभी भी पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ता। केले का पौधा- केले का पौधा घर में लाने से आपके परिवार की हर परेशानी दूर होगी। किसी भी शुभ मुहूर्त में इस पौधे को घर ला सकते हैं। इसे गमले में लगाकर नौ दिन तक जल चढ़ाएं। गुरुवार के दिन जल में थोड़ा दूध मिलाकर केले के पौधे पर चढ़ाने से धन की कमी दूरी होगी। बरगद का पत्ता- बरगद का पत्ता तोड़कर उसे गंगाजल से धो लें, इसके बाद उस पर हल्दी और देशी घी से स्वास्तिक बना लें। इस पत्ते को पूजा के स्थान पर रखें और नौ दिन तक धूप दिखाएं और पूजा करें। ऐसा करने से हर प्रकार की समस्या दूर होगी। धतूरे की जड़- भगवान शिव को धतूरे काफी प्रिय है। इसका प्रयोग मां काली की पूजा में भी होता है। नवरात्रि के दिनों में आप शुभ मुहूर्त में धतूरे की जड़ को घर लाएं। इसे लाल कपड़े में लपेटकर रखें और मां काली के मंत्रों का जाप करते हुए इसका पूजन करें। इससे काफी लाभ होगा।
रविवार देर शाम ऋषिकेश बदरीनाथ राजमार्ग पर गूलर के समीप एक निर्माणाधीन पुल गिर गया। घायल हुए 13 लोगों का एम्स में उपचार चल रहा है, 03 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुल के गिरने से पुल पर काम कर रहे मजदूर सतपाल(26), पुत्र घनश्याम, अमरोहा यूपी की एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई है। मुनिकीरेती थाना पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। घटनास्थल पर विभागीय अधिकारी फुल का निरीक्षण करने के लिए पहुंच गए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके सुधांशु ने एनएच के चीफ इंजीनियर को हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। रविवार शाम करीब छह बजे थाना मुनिकीरेती पुलिस को सूचना मिली कि बदरीनाथ राजमार्ग पर ऑलवेदर कार्य के दौरान गूलर के समीप एक निर्माणधीन पुल टूट गया है। मौके पर पहुंची थाना मुनिकीरेती पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने घायलों को मलबे से बाहर निकाला। थाना मुनिकीरेती प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि गूलर में ऑलवेदर का करीब 90 मीटर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था।
रविवार देर शाम ऋषिकेश बदरीनाथ राजमार्ग पर गूलर के समीप एक निर्माणाधीन पुल गिर गया। घायल हुए तेरह लोगों का एम्स में उपचार चल रहा है, तीन लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुल के गिरने से पुल पर काम कर रहे मजदूर सतपाल, पुत्र घनश्याम, अमरोहा यूपी की एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई है। मुनिकीरेती थाना पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। घटनास्थल पर विभागीय अधिकारी फुल का निरीक्षण करने के लिए पहुंच गए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके सुधांशु ने एनएच के चीफ इंजीनियर को हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। रविवार शाम करीब छह बजे थाना मुनिकीरेती पुलिस को सूचना मिली कि बदरीनाथ राजमार्ग पर ऑलवेदर कार्य के दौरान गूलर के समीप एक निर्माणधीन पुल टूट गया है। मौके पर पहुंची थाना मुनिकीरेती पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने घायलों को मलबे से बाहर निकाला। थाना मुनिकीरेती प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि गूलर में ऑलवेदर का करीब नब्बे मीटर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था।
मैं जिस प्रोफेशन में हूं, उसमें घूमने का समय ही नहीं होता। आपको अपने काम से ही फुर्सत निकालनी पड़ती है। हम जहां कहीं भी शो करने के लिए जाते हैं, वहां शो खत्म होने के बाद जो कुछ समय मिलता है, उसमें आप घूम सकते हैं। वैसे मुझे ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से संपन्न जगहों पर जाना बहुत पसंद है। जहां पर आप दुनिया से अंजान रहें और ज्यादा से ज्यादा खुद के लिए समय दे सकें। मैंने भारत में जहां-जहां शोज किए हैं, उन जगहों को जरूर घूमा हूं। वैसे अभी तक मैं गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर भारत के अलावा दक्षिण भारत के भी कुछ राज्यों में घूम चुका हूं। वहीं विदेश में अमेरिका, यूके, कनाडा, नेपाल समेत लगभग 15 देशों की खूबसूरती और वहां के कुछ समृद्ध संस्कृतियों को देख चुका हूं। जहां तक मेरी पसंदीदा जगह की बात है, तो तीन-चार जगहें बहुत पसंद हैं, जिनमें अमेरिका का न्यूयॉर्क और कनाडा का टोरोंटो शहर बहुत पसंद आया। टोरोंटो कनाडा का सबसे बड़ा शहर एवं ओंटारियो राज्य की राजधानी है। मैं टोरोंटो अक्सर जाता रहता हूं। कुछ समय पहले ही मेरा टोरोंटो जाना हुआ। टोरोंटो में मुझे सर्दी का मौसम बहुत पसंद है। जब यहां बर्फ गिरती है, तो वह लम्हा मुझे ऐसा लगता है कि कैमरे में कैद कर लूं। खाने के मामले में मैं ज्यादा प्रयोग करना पसंद नहीं करता, कोशिश करता हूं कि भारतीय खाना ही खाऊं। कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी तादात है, इसलिए कहीं न कहीं भारतीय भोजन मिल ही जाता है। वहां भारतीय गानों को लोग बहुत पसंद करते हैं। वहां हमारी भारतीय संस्कृति बहुत फल-फूल रही है। टोरोंटो का प्रसिद्ध लैंडमार्क 553-मीटर का सीएन टॉवर, शहर के आकर्षण में से एक है और आपके लिए इसके आकर्षण से बचना मुश्किल है। शहर में लगभग हर जगह से इसे देखा जा सकता है। वहीं, यहां की प्रसिद्ध दूनदैस स्ट्रीट दरअसल वहां की अनेक छोटी-छोटी गलियों को एक साथ जोड़ देने के कारण बनी है, जिसमें घूमने में बहुत मजा आता है। आप एक के बाद एक गलियों में कब पहुंच जाते हो, पता ही नहीं चलता। यहां का रॉयल ओंटारियो संग्रहालय भी मुझे बहुत पसंद आया। यह संग्रहालय कनाडा के प्रमुख संग्रहालयों में से एक है। रॉयल ओंटारियो संग्रहालय विश्व संस्कृति और प्राकृतिक इतिहास का संग्रहालय है। टोरोंटो का विशाल चिड़ियाघर भी शहर में घूमने लायक एक दिलचस्प जगह है। सेंट लॉरेंस मार्केट भी टोरोंटो में आकर्षण का केंद्र है। इस मार्केट में हमेशा लोगों की चहल-पहल बनी रहती है। वहीं अगर आप टोरोंटो एंटरटेनमेंट डिस्ट्रिक्ट नहीं गए, तो समझिए शहर की सांस्कृतिक विरासत से अछूते रह गए। टोरोंटो का ट्राम सिस्टम यानी स्ट्रीट कार सिस्टम कोलकाता की याद दिलाता है। इन ट्रामों का इतिहास भी बड़ा पुराना है। शाम को यह जगह जीवंत हो उठती है। यहां नए-नए शोज, संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाओं के साथ प्रमुख थिएटर प्रस्तुतियां भी देखने को मिलती हैं। मैं जब भी टोरोंटो जाता हूं, तो कुछ समय बीच के किनारे जरूर बिताता हूं। जैसे ही अपने काम से फुर्सत मिलती है, मैं फिर से टोंरटो जाना चाहूंगा।
मैं जिस प्रोफेशन में हूं, उसमें घूमने का समय ही नहीं होता। आपको अपने काम से ही फुर्सत निकालनी पड़ती है। हम जहां कहीं भी शो करने के लिए जाते हैं, वहां शो खत्म होने के बाद जो कुछ समय मिलता है, उसमें आप घूम सकते हैं। वैसे मुझे ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से संपन्न जगहों पर जाना बहुत पसंद है। जहां पर आप दुनिया से अंजान रहें और ज्यादा से ज्यादा खुद के लिए समय दे सकें। मैंने भारत में जहां-जहां शोज किए हैं, उन जगहों को जरूर घूमा हूं। वैसे अभी तक मैं गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर भारत के अलावा दक्षिण भारत के भी कुछ राज्यों में घूम चुका हूं। वहीं विदेश में अमेरिका, यूके, कनाडा, नेपाल समेत लगभग पंद्रह देशों की खूबसूरती और वहां के कुछ समृद्ध संस्कृतियों को देख चुका हूं। जहां तक मेरी पसंदीदा जगह की बात है, तो तीन-चार जगहें बहुत पसंद हैं, जिनमें अमेरिका का न्यूयॉर्क और कनाडा का टोरोंटो शहर बहुत पसंद आया। टोरोंटो कनाडा का सबसे बड़ा शहर एवं ओंटारियो राज्य की राजधानी है। मैं टोरोंटो अक्सर जाता रहता हूं। कुछ समय पहले ही मेरा टोरोंटो जाना हुआ। टोरोंटो में मुझे सर्दी का मौसम बहुत पसंद है। जब यहां बर्फ गिरती है, तो वह लम्हा मुझे ऐसा लगता है कि कैमरे में कैद कर लूं। खाने के मामले में मैं ज्यादा प्रयोग करना पसंद नहीं करता, कोशिश करता हूं कि भारतीय खाना ही खाऊं। कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी तादात है, इसलिए कहीं न कहीं भारतीय भोजन मिल ही जाता है। वहां भारतीय गानों को लोग बहुत पसंद करते हैं। वहां हमारी भारतीय संस्कृति बहुत फल-फूल रही है। टोरोंटो का प्रसिद्ध लैंडमार्क पाँच सौ तिरेपन-मीटर का सीएन टॉवर, शहर के आकर्षण में से एक है और आपके लिए इसके आकर्षण से बचना मुश्किल है। शहर में लगभग हर जगह से इसे देखा जा सकता है। वहीं, यहां की प्रसिद्ध दूनदैस स्ट्रीट दरअसल वहां की अनेक छोटी-छोटी गलियों को एक साथ जोड़ देने के कारण बनी है, जिसमें घूमने में बहुत मजा आता है। आप एक के बाद एक गलियों में कब पहुंच जाते हो, पता ही नहीं चलता। यहां का रॉयल ओंटारियो संग्रहालय भी मुझे बहुत पसंद आया। यह संग्रहालय कनाडा के प्रमुख संग्रहालयों में से एक है। रॉयल ओंटारियो संग्रहालय विश्व संस्कृति और प्राकृतिक इतिहास का संग्रहालय है। टोरोंटो का विशाल चिड़ियाघर भी शहर में घूमने लायक एक दिलचस्प जगह है। सेंट लॉरेंस मार्केट भी टोरोंटो में आकर्षण का केंद्र है। इस मार्केट में हमेशा लोगों की चहल-पहल बनी रहती है। वहीं अगर आप टोरोंटो एंटरटेनमेंट डिस्ट्रिक्ट नहीं गए, तो समझिए शहर की सांस्कृतिक विरासत से अछूते रह गए। टोरोंटो का ट्राम सिस्टम यानी स्ट्रीट कार सिस्टम कोलकाता की याद दिलाता है। इन ट्रामों का इतिहास भी बड़ा पुराना है। शाम को यह जगह जीवंत हो उठती है। यहां नए-नए शोज, संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाओं के साथ प्रमुख थिएटर प्रस्तुतियां भी देखने को मिलती हैं। मैं जब भी टोरोंटो जाता हूं, तो कुछ समय बीच के किनारे जरूर बिताता हूं। जैसे ही अपने काम से फुर्सत मिलती है, मैं फिर से टोंरटो जाना चाहूंगा।
काठमांडू, १ नवम्बर । सांसद् राजेन्द्र गौतम के रुम में चोरी हो गई है । वीरगंज के पावर हाउस नजदीक स्थित जिएचपी स्कुल के होस्टल से एक विद्यार्थी लापता है। रेयाज आलम , बीरगंज, श्रवण ३१गते शुक्रवार । पर्सा के कलिकामाई गांवपालिका के वड़ा न. महेश गुप्ता, रुपन्देही । रूपन्देही जिला भैरहवा सशस्त्र प्रहरी नेपाल नम्बर ३८ गुल्म हे. क्वा. खस्यौली - रुपन्देही के देवदह नगरपालिका में एक युवा का हत्या किया गया है ।
काठमांडू, एक नवम्बर । सांसद् राजेन्द्र गौतम के रुम में चोरी हो गई है । वीरगंज के पावर हाउस नजदीक स्थित जिएचपी स्कुल के होस्टल से एक विद्यार्थी लापता है। रेयाज आलम , बीरगंज, श्रवण इकतीसगते शुक्रवार । पर्सा के कलिकामाई गांवपालिका के वड़ा न. महेश गुप्ता, रुपन्देही । रूपन्देही जिला भैरहवा सशस्त्र प्रहरी नेपाल नम्बर अड़तीस गुल्म हे. क्वा. खस्यौली - रुपन्देही के देवदह नगरपालिका में एक युवा का हत्या किया गया है ।
ओ चिंता करके क्या पायेगा मरने से पहले मर जायेगा ओ चिंता करके क्या पायेगा मरने से पहले मर जायेगा सुन ये गाना काम आएगा बस खा ले, पी ले, जी ले क्यूँ की हिन्दीट्रैक्स ज़िन्दगी है शोर्ट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट जो भी होगा होने दे, होने दे, होने दे अरे पगले फिकर नॉट कल की खुशियों का महंगा म्यूच्यूअल फण्ड लेके किश्तें क्यूँ भर रहा है आज को दण्ड देके हाँ रैबिट बनके कर ना सके जो कछुआ बनके कर जायेगा सुन ये गाना काम आएगा बस खा का, पी का, जीने का बोले तो ज़िन्दगी है शोर्ट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट जो भी होगा होने दे, होने दे, होने दे अरे पगले फिकर नॉट
ओ चिंता करके क्या पायेगा मरने से पहले मर जायेगा ओ चिंता करके क्या पायेगा मरने से पहले मर जायेगा सुन ये गाना काम आएगा बस खा ले, पी ले, जी ले क्यूँ की हिन्दीट्रैक्स ज़िन्दगी है शोर्ट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट जो भी होगा होने दे, होने दे, होने दे अरे पगले फिकर नॉट कल की खुशियों का महंगा म्यूच्यूअल फण्ड लेके किश्तें क्यूँ भर रहा है आज को दण्ड देके हाँ रैबिट बनके कर ना सके जो कछुआ बनके कर जायेगा सुन ये गाना काम आएगा बस खा का, पी का, जीने का बोले तो ज़िन्दगी है शोर्ट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट अरे रे रे पगले फिकर नॉट जो भी होगा होने दे, होने दे, होने दे अरे पगले फिकर नॉट
Juiced Bikes ने अपनी नई HyperScrambler 2 इलेक्ट्रिक बाइक को लॉन्च किया है। कंपनी की यह हाई परफॉर्मेंस वाली ई-बाइक ज्यादा बेहतर डिजाइन और परफॉर्मेंस के साथ आई है। फाउंडर्स एडिशन हाइपरस्क्रैम्बलर 2 ई-बाइक की सिर्फ 150 यूनिट्स तैयार होंगी। प्रत्येक यूनिट पर एक नंबर दिया जाएगा। नई ई-बाइक असली हाइपरस्क्रैम्बलर 2 के जैसा ही परफॉर्मेंस प्रदान करती है। असली हाइपरस्क्रैम्बलर 2 मॉडल रिलीज होने पर काफी पसंद की गई थी और अब इसका नया वर्जन काफी धमाकेदार हो सकता है। यहां हम आपको Founders Edition HyperScrambler 2 के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। पर 19 जनवरी से ऑर्डर लेना शुरू होंगे। पावर की बात करें तो HyperScrambler 2 में 1kW रेट्रोब्लेड मोटर दी गई है जो कि 2kW पीक आउटपुट प्रदान करती है। वहीं स्पीड की बात की जाए तो यह 35mph (56. 32km) की टॉप स्पीड के साथ दौड़ सकती है। हालांकि टॉप स्पीड करीब 30mph (48. 28km) बताई गई है, लेकिंग टेस्टिंग ने 35mph (56. 32km) तक दिखाया है। रेंज की बात की जाए तो लिमिटेड वर्जन हाइपरस्क्रैम्बलर 2 में एक पावर बैटरी सेटअप है जो फुल चार्ज पर 100 मील (160. 93km) तक की रेंज प्रदान करता है। इसमें दो 52V 19. 2Ah बैटरी दी गई हैं। इसकी कुल 2,000 Wh कैपेसिटी इसे अपनी इलेक्ट्रिक बाइक कैटेगरी में सबसे ज्यादा बनाती है। में सेफ्टी और कंफर्ट पर काफी ध्यान दिया गया है। इसमें फ्रंट और रियर सस्पेंशन से फुल इलेक्ट्रिक मोपेड की पावर मिलती है। इसकी बड़ी हेडलाइट खराब से खराब स्थिति में भी फुल विजन प्रदान करती है। मनोरंजन के लिए इसमें ब्लूटूथ स्पीकर है जो कि चलते-फिरते हाई-ऑक्टेन म्यूजिक का मजा देता है। इस बाइक में टर्न सिग्नल और फुल एलईडी लाइट सिस्टम है। डिजाइन की बात करें तो इसमें कस्टम ग्रीन कलरवे, एक एडवांस टैन सैडल, हेडलाइट फेयरिंग और काफी कुछ है। इसमें दिए गए 4 इंच के टायर मुश्किल रास्तों में बेहतर काम करते हैं। इसमें कई पावर और स्पीड मोड कस्टमाइज परफॉर्मेंस प्रदान करते हैं। जूस्ड बाइक्स के फाउंडर तोरा हैरिस ने लिमिटेड एडिशन हाइपरस्क्रैम्बलर 2 के डिजाइन को बेहतर बनाया है।
Juiced Bikes ने अपनी नई HyperScrambler दो इलेक्ट्रिक बाइक को लॉन्च किया है। कंपनी की यह हाई परफॉर्मेंस वाली ई-बाइक ज्यादा बेहतर डिजाइन और परफॉर्मेंस के साथ आई है। फाउंडर्स एडिशन हाइपरस्क्रैम्बलर दो ई-बाइक की सिर्फ एक सौ पचास यूनिट्स तैयार होंगी। प्रत्येक यूनिट पर एक नंबर दिया जाएगा। नई ई-बाइक असली हाइपरस्क्रैम्बलर दो के जैसा ही परफॉर्मेंस प्रदान करती है। असली हाइपरस्क्रैम्बलर दो मॉडल रिलीज होने पर काफी पसंद की गई थी और अब इसका नया वर्जन काफी धमाकेदार हो सकता है। यहां हम आपको Founders Edition HyperScrambler दो के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। पर उन्नीस जनवरी से ऑर्डर लेना शुरू होंगे। पावर की बात करें तो HyperScrambler दो में एक किलोवाट रेट्रोब्लेड मोटर दी गई है जो कि दो किलोवाट पीक आउटपुट प्रदान करती है। वहीं स्पीड की बात की जाए तो यह पैंतीसmph की टॉप स्पीड के साथ दौड़ सकती है। हालांकि टॉप स्पीड करीब तीसmph बताई गई है, लेकिंग टेस्टिंग ने पैंतीसmph तक दिखाया है। रेंज की बात की जाए तो लिमिटेड वर्जन हाइपरस्क्रैम्बलर दो में एक पावर बैटरी सेटअप है जो फुल चार्ज पर एक सौ मील तक की रेंज प्रदान करता है। इसमें दो बावन वोल्ट उन्नीस. दोAh बैटरी दी गई हैं। इसकी कुल दो,शून्य Wh कैपेसिटी इसे अपनी इलेक्ट्रिक बाइक कैटेगरी में सबसे ज्यादा बनाती है। में सेफ्टी और कंफर्ट पर काफी ध्यान दिया गया है। इसमें फ्रंट और रियर सस्पेंशन से फुल इलेक्ट्रिक मोपेड की पावर मिलती है। इसकी बड़ी हेडलाइट खराब से खराब स्थिति में भी फुल विजन प्रदान करती है। मनोरंजन के लिए इसमें ब्लूटूथ स्पीकर है जो कि चलते-फिरते हाई-ऑक्टेन म्यूजिक का मजा देता है। इस बाइक में टर्न सिग्नल और फुल एलईडी लाइट सिस्टम है। डिजाइन की बात करें तो इसमें कस्टम ग्रीन कलरवे, एक एडवांस टैन सैडल, हेडलाइट फेयरिंग और काफी कुछ है। इसमें दिए गए चार इंच के टायर मुश्किल रास्तों में बेहतर काम करते हैं। इसमें कई पावर और स्पीड मोड कस्टमाइज परफॉर्मेंस प्रदान करते हैं। जूस्ड बाइक्स के फाउंडर तोरा हैरिस ने लिमिटेड एडिशन हाइपरस्क्रैम्बलर दो के डिजाइन को बेहतर बनाया है।
Don't Miss! आए दिन इंस्टा पर किसी ना किसी स्टार का बोल्ड वीडियो या फिर तस्वीरें छाई रहती हैं। इस बार एक बार फिर बिग बॅास की भोजपुरी कंटेस्टेंट मोनालिसा का यह वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर इतना छाया हुआ है। इस वीडियो को अब तक 2.50 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। हाल ही में सनी लियोन ने एक बनियान एड के सांग पर डांस किया था।जिसे काफी देखा गया। अब इसी सांग पर बिग बॅास 10 की स्टार मोनालिसा ने डांस किया है। उन्होंने लंबा टिकेगी सांग पर डांस करते हुए एक वीडियो अपलोड किया है। इस सांग पर डांस करने की वजह बताते हुए मोनालिसा ने कहा कि वह खुद को इस सांग से दूर नहीं रख पायी। इससे पहले अजय देवगन भी इस एड के सांग पर डांस कर चुके हैं। वैसे इन दिनों मोनालिसा की काफी डिमांड है। इन दिनों वह अपनी बंगाली वेब सीरीज से चर्चा में है। दुपुर ठाकुरपो के सीजन 2 में वह सेक्सी भाभी की भूमिका में हैं। जिसके कई वीडियो इन दिनों खबरों का हिस्सा बन चुके हैं।इस सीरीज की कई तस्वीरों में भी मोनालिसा काफी बोल्ड अंदाज में नजर आ रही हैं। फिलहाल यहां देखिए मोनालिसा का डांस वीडियो जो उन्होंने अपलोड किया है। बहरहाल,यहां देखिए बिग बॅास की विदेशी कंटेस्टेंट की एक झलक..
Don't Miss! आए दिन इंस्टा पर किसी ना किसी स्टार का बोल्ड वीडियो या फिर तस्वीरें छाई रहती हैं। इस बार एक बार फिर बिग बॅास की भोजपुरी कंटेस्टेंट मोनालिसा का यह वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर इतना छाया हुआ है। इस वीडियो को अब तक दो.पचास लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। हाल ही में सनी लियोन ने एक बनियान एड के सांग पर डांस किया था।जिसे काफी देखा गया। अब इसी सांग पर बिग बॅास दस की स्टार मोनालिसा ने डांस किया है। उन्होंने लंबा टिकेगी सांग पर डांस करते हुए एक वीडियो अपलोड किया है। इस सांग पर डांस करने की वजह बताते हुए मोनालिसा ने कहा कि वह खुद को इस सांग से दूर नहीं रख पायी। इससे पहले अजय देवगन भी इस एड के सांग पर डांस कर चुके हैं। वैसे इन दिनों मोनालिसा की काफी डिमांड है। इन दिनों वह अपनी बंगाली वेब सीरीज से चर्चा में है। दुपुर ठाकुरपो के सीजन दो में वह सेक्सी भाभी की भूमिका में हैं। जिसके कई वीडियो इन दिनों खबरों का हिस्सा बन चुके हैं।इस सीरीज की कई तस्वीरों में भी मोनालिसा काफी बोल्ड अंदाज में नजर आ रही हैं। फिलहाल यहां देखिए मोनालिसा का डांस वीडियो जो उन्होंने अपलोड किया है। बहरहाल,यहां देखिए बिग बॅास की विदेशी कंटेस्टेंट की एक झलक..
गयी है। इन स्थानों के अतिरिक्त अन्य शास्त्रीय ग्रन्थों में भी स्थानकों का वर्णन मिलता है। इनमें सङ्गीतरत्नाकर में आसन तथा स्थान का विवरण अधिक स्पष्ट तथा व्यवस्थित रूप में मिलता है । ये स्थान इस प्रकार हैं :( १) स्वस्तिक, ( २ ) वर्धमान, ३) नन्द्यावर्त, (५) समपाद, (६) एकपाद, ( ७ ) पृष्ठोत्तानतल, (८ ) चतुरस्र, ( ६ ) पार्ष्णिविद्ध, (१०) पाणिपार्श्वगत, (११) एकपार्श्वगत, ( १२) एकजानुगत, (१३) परावृत्त, (१४) समसूची, (१५) विषमसूची, (१६) खण्डसूची, (१७) ब्राह्म, ( १८ ) वैष्णव, (११) शैव, ( २० ) गारुड, (२१) कूर्मासन, (२२) नागबन्ध तथा ( २३ ) वृषभासन । इनमें समसूची, विषमसूची, खण्डसूची, गारुड, कूर्मासन, नागबन्ध तथा वृषभासन ये सभी आसन ( स्थान ) है तथा शेष स्थान है। नृत्याचार्यों के मत में ( इन्हीं में से ) पाणिविद्ध, पाष्णिपाश्र्वागत तथा एकपाश्र्वगत जैसे स्थानों के स्पष्ट लक्षण ज्ञात नहीं हैं । अशोकमल्ल आदि उत्तरवर्ती नृत्य नाट्य के आचार्यों के मत के अनुसार वैष्णव, समपाद आदि छः पुरुष स्थानक कहलाते हैं, जिनका नाट्यशास्त्र में विवरण दिया गया है । इसके अतिरिक्त आठ स्त्री स्थानक भी होते हैं। इनके नाम हैः- आयत, अवहित्य, अश्वक्रान्त, गतागत, वलित, मोटित, विनिवर्तित, तथा प्रोन्नत । इसके अतिरिक्त पूर्वकथित तेईस देशी स्थानक भी होते हैं तथा छः शयन या सुप्त स्थानक होते हैं । यथा-सम, नत, आकुश्चित, विवर्तित तथा उद्वाहित । सङ्गीतरत्नाकर में भी छ पुरुष स्थानक तथा उपर्युक्त आठ स्त्री स्थानक के अतिरिक्त ये ही छः सुप्त स्थानक बतलाये गये हैं तथा साथ ही नौ उपविष्ट स्थान भी बतलाये गये हैं। ये नौ उपविष्ट स्थान इस प्रकार हैं, (१) स्वस्थ, (२) मदालस, (३) क्रान्त, (४) विष्कम्भित, (५) उत्कट, (६) स्रस्तालस, (७) जानुगत, (८) मुक्तजानु तथा (६) विमुक्त । विस्तार भय से इनके लक्षणादि विवरण को यहाँ नहीं दे रहे हैं । न्याय - अभिनय में शस्त्रमोक्षण की चार विधियाँ प्रयुक्त की जाती हैं जिनकी शास्त्रीय संज्ञा 'न्याय' कहलाती है। क्योंकि इन्ही न्याय के आश्रित अङ्गहार तथा 'न्याय' से ही उपस्थित युद्ध को रंगमञ्च पर लाते हैं। ये न्याय चार हैंः- ( १ ) भारत, (२) सात्वत, (३) वार्षगण्य तथा (४) कैशिक । भारत के अनुसार कटि प्रदेश पर, सात्वत के अनुसार पैर पर, वार्षगण्य के अनुसार वक्षःस्थल पर तथा कैशिक के अनुसार मस्तक से शस्त्र प्रहार का विधान होता है । १. गारुडम् आसन आसनस्थान क्रमशः ( ना० शा० पृष्ठ १८ प्रस्तावना ) ४. कूर्म आसन 2. विषमसूची आसन आसन स्थान ३. वृषभ आसनं ५. नागबन्ध आसन
गयी है। इन स्थानों के अतिरिक्त अन्य शास्त्रीय ग्रन्थों में भी स्थानकों का वर्णन मिलता है। इनमें सङ्गीतरत्नाकर में आसन तथा स्थान का विवरण अधिक स्पष्ट तथा व्यवस्थित रूप में मिलता है । ये स्थान इस प्रकार हैं : स्वस्तिक, वर्धमान, तीन) नन्द्यावर्त, समपाद, एकपाद, पृष्ठोत्तानतल, चतुरस्र, पार्ष्णिविद्ध, पाणिपार्श्वगत, एकपार्श्वगत, एकजानुगत, परावृत्त, समसूची, विषमसूची, खण्डसूची, ब्राह्म, वैष्णव, शैव, गारुड, कूर्मासन, नागबन्ध तथा वृषभासन । इनमें समसूची, विषमसूची, खण्डसूची, गारुड, कूर्मासन, नागबन्ध तथा वृषभासन ये सभी आसन है तथा शेष स्थान है। नृत्याचार्यों के मत में पाणिविद्ध, पाष्णिपाश्र्वागत तथा एकपाश्र्वगत जैसे स्थानों के स्पष्ट लक्षण ज्ञात नहीं हैं । अशोकमल्ल आदि उत्तरवर्ती नृत्य नाट्य के आचार्यों के मत के अनुसार वैष्णव, समपाद आदि छः पुरुष स्थानक कहलाते हैं, जिनका नाट्यशास्त्र में विवरण दिया गया है । इसके अतिरिक्त आठ स्त्री स्थानक भी होते हैं। इनके नाम हैः- आयत, अवहित्य, अश्वक्रान्त, गतागत, वलित, मोटित, विनिवर्तित, तथा प्रोन्नत । इसके अतिरिक्त पूर्वकथित तेईस देशी स्थानक भी होते हैं तथा छः शयन या सुप्त स्थानक होते हैं । यथा-सम, नत, आकुश्चित, विवर्तित तथा उद्वाहित । सङ्गीतरत्नाकर में भी छ पुरुष स्थानक तथा उपर्युक्त आठ स्त्री स्थानक के अतिरिक्त ये ही छः सुप्त स्थानक बतलाये गये हैं तथा साथ ही नौ उपविष्ट स्थान भी बतलाये गये हैं। ये नौ उपविष्ट स्थान इस प्रकार हैं, स्वस्थ, मदालस, क्रान्त, विष्कम्भित, उत्कट, स्रस्तालस, जानुगत, मुक्तजानु तथा विमुक्त । विस्तार भय से इनके लक्षणादि विवरण को यहाँ नहीं दे रहे हैं । न्याय - अभिनय में शस्त्रमोक्षण की चार विधियाँ प्रयुक्त की जाती हैं जिनकी शास्त्रीय संज्ञा 'न्याय' कहलाती है। क्योंकि इन्ही न्याय के आश्रित अङ्गहार तथा 'न्याय' से ही उपस्थित युद्ध को रंगमञ्च पर लाते हैं। ये न्याय चार हैंः- भारत, सात्वत, वार्षगण्य तथा कैशिक । भारत के अनुसार कटि प्रदेश पर, सात्वत के अनुसार पैर पर, वार्षगण्य के अनुसार वक्षःस्थल पर तथा कैशिक के अनुसार मस्तक से शस्त्र प्रहार का विधान होता है । एक. गारुडम् आसन आसनस्थान क्रमशः चार. कूर्म आसन दो. विषमसूची आसन आसन स्थान तीन. वृषभ आसनं पाँच. नागबन्ध आसन
लग गये थे उसे इस बार हम चौबीस घंटों में ही पार कर लेंगे। हमने हवाई रफ्तार से पाईंट कस्पेप्शन को पार किया। हवा इतनी तेज चल रही थी कि अगर हम दूसरे रास्ते से जा रहे होते तो हमें ऐसा लगता जैसे भझा चल रही हो । जब हम सेंटा बारबरा के समीपवर्ती द्वीपों पर पहुचे तो हवा कुछ मन्द पड गयी लेकिन फिर भी मौटेरी से चलने के बाद ३० घंटो के अंदर ही हमने फिर अपनी पुरानी जगह पर ही लगर डाल लिया । यहां हर चीज पहले जैसी ही सुन्दर थी - विशाल पोतहीन खाडी, गरजती भौर सागर-तट से टकराती भग्नोमि, सफेद मिशन; अधेरा कम्बा और ऊचे वृक्षहीन पर्वत । यहा पहुँचते हो हमने जहाज पर दक्षिणी पूर्वी भंझा के समय समुद्र की ओर भाग खड़े होने की पूरी तैयारी कर ली । हम यहां लगभग पद्रह दिन रहे । जब भग्नोमि खास ऊँची नही होती थी तब हम सामान किनारे पर पहुचा आते थे और किनारे से खालें जहाज पर ले आते थे, लेकिन मोटेरी के मुकाबले यहा आधा व्यापार भी नहीं था। सच तो यह है कि जहा तक हमारा ताल्लुक है हम तो यही समझते थे कि वह कस्बा पहाडो के बीच मे कही होगा । हमारे जहाज ने जहा लगर डाला था वह जगह समुद्र तट से तीन मील थी और कस्बा समुद्र तट से भी एक मील परे था इसलिए हम उसे बहुत कम, या नहीं के बराबर ही देख पाये । कभी-कभी हम कुछ सामान किनारे पर उतारते थे। वहां से उस सामान को इंडियन लोग अपनी भोडी, बडी बैलगाडिया मे लाद कर ले जाते थे। इन गाडियों में जुआ बँल की गरदन के ऊपर रहता था और पहिए छोटे और भारी-भरकम होते थे । कुछ खालें कस्बे से किनारे पर लायी गयी थी और हम उन्हें कैलिफोर्निया स्टाइल में जहाज पर ले आये । अब हमें खालें ढोने का अभ्यास हो गया था और हम थोड़े से पुख्ता भी हो चले थे, क्योकि कोई आदमी कितना हो कसीला क्यों म हो इस काम के लिए उमे थोडा धीर पुख्ता होना पडता था । खालें सुखा कर ही लायी जाती है, वर्ना उन्हें खरीदा नहीं जाता। जब जानवरों की खालें उतारी जाती है तब उनके सिरों पर छेद होते हैं जिनमें खू टियां ठोक कर उन्हें सुखाया जाता है ताकि वे खुली धूप में सूख भी जायें और सिकुडें भी नही। सूखने के बाद उन्हें लबाई से मोड कर दुहरा किया जाता है, जिसमें ग्राम तौर पर बालों वाला हिस्सा अदर की तरफ रहता है। और फिर उन्हे खच्चरों
लग गये थे उसे इस बार हम चौबीस घंटों में ही पार कर लेंगे। हमने हवाई रफ्तार से पाईंट कस्पेप्शन को पार किया। हवा इतनी तेज चल रही थी कि अगर हम दूसरे रास्ते से जा रहे होते तो हमें ऐसा लगता जैसे भझा चल रही हो । जब हम सेंटा बारबरा के समीपवर्ती द्वीपों पर पहुचे तो हवा कुछ मन्द पड गयी लेकिन फिर भी मौटेरी से चलने के बाद तीस घंटाटो के अंदर ही हमने फिर अपनी पुरानी जगह पर ही लगर डाल लिया । यहां हर चीज पहले जैसी ही सुन्दर थी - विशाल पोतहीन खाडी, गरजती भौर सागर-तट से टकराती भग्नोमि, सफेद मिशन; अधेरा कम्बा और ऊचे वृक्षहीन पर्वत । यहा पहुँचते हो हमने जहाज पर दक्षिणी पूर्वी भंझा के समय समुद्र की ओर भाग खड़े होने की पूरी तैयारी कर ली । हम यहां लगभग पद्रह दिन रहे । जब भग्नोमि खास ऊँची नही होती थी तब हम सामान किनारे पर पहुचा आते थे और किनारे से खालें जहाज पर ले आते थे, लेकिन मोटेरी के मुकाबले यहा आधा व्यापार भी नहीं था। सच तो यह है कि जहा तक हमारा ताल्लुक है हम तो यही समझते थे कि वह कस्बा पहाडो के बीच मे कही होगा । हमारे जहाज ने जहा लगर डाला था वह जगह समुद्र तट से तीन मील थी और कस्बा समुद्र तट से भी एक मील परे था इसलिए हम उसे बहुत कम, या नहीं के बराबर ही देख पाये । कभी-कभी हम कुछ सामान किनारे पर उतारते थे। वहां से उस सामान को इंडियन लोग अपनी भोडी, बडी बैलगाडिया मे लाद कर ले जाते थे। इन गाडियों में जुआ बँल की गरदन के ऊपर रहता था और पहिए छोटे और भारी-भरकम होते थे । कुछ खालें कस्बे से किनारे पर लायी गयी थी और हम उन्हें कैलिफोर्निया स्टाइल में जहाज पर ले आये । अब हमें खालें ढोने का अभ्यास हो गया था और हम थोड़े से पुख्ता भी हो चले थे, क्योकि कोई आदमी कितना हो कसीला क्यों म हो इस काम के लिए उमे थोडा धीर पुख्ता होना पडता था । खालें सुखा कर ही लायी जाती है, वर्ना उन्हें खरीदा नहीं जाता। जब जानवरों की खालें उतारी जाती है तब उनके सिरों पर छेद होते हैं जिनमें खू टियां ठोक कर उन्हें सुखाया जाता है ताकि वे खुली धूप में सूख भी जायें और सिकुडें भी नही। सूखने के बाद उन्हें लबाई से मोड कर दुहरा किया जाता है, जिसमें ग्राम तौर पर बालों वाला हिस्सा अदर की तरफ रहता है। और फिर उन्हे खच्चरों
बुधवार रात को घर में पत्नी और बेटी के साथ बैठे थे, तभी उनके मकान की पहली मंजिल पर धुआं निकलता दिखा। रात 11. 30 बजे वह दौड़कर पहली मंजिल पर पहुंचे। तभी आग ने विकराल रूप ले लिया। भोपाल के बागमुगालिया थाना क्षेत्र में घर में लगी आग बुझाने के प्रयास में कृषि विभाग के इंजीनियर की झुलसकर मौत हो गई। घटना बुधवार रात की है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के संभागीय कृषि इंजीनियर 55 वर्षीय अनिल पोरवाल 9-ए, पेबल-बे कॉलोनी बागमुगालिया में रहते थे। परिवार में पत्नी और एक बेटी है। बुधवार रात को घर में पत्नी और बेटी के साथ बैठे थे, तभी उनके मकान की पहली मंजिल पर धुआं निकलता दिखा। रात 11. 30 बजे वह दौड़कर पहली मंजिल पर पहुंचे। तभी आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी। देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। तभी देखा कि सीढ़ियों के पास शव पड़ा था। बागसेवनिया थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद उनके परिजन पहली मंजिल पर पहुंचे, जहां सीढ़ियों पर अनिल पोरवाल का शव पड़ा था। आग की लपटो से वह झुलस चुके थे। पुलिस का अनुमान है कि ऊपर जाते समय धुआं के कारण वह गिर गए। परिजनों ने उनको रोकने का प्रयास भी किया था। घर में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट से लगने की बात कही जा रही है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
बुधवार रात को घर में पत्नी और बेटी के साथ बैठे थे, तभी उनके मकान की पहली मंजिल पर धुआं निकलता दिखा। रात ग्यारह. तीस बजे वह दौड़कर पहली मंजिल पर पहुंचे। तभी आग ने विकराल रूप ले लिया। भोपाल के बागमुगालिया थाना क्षेत्र में घर में लगी आग बुझाने के प्रयास में कृषि विभाग के इंजीनियर की झुलसकर मौत हो गई। घटना बुधवार रात की है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के संभागीय कृषि इंजीनियर पचपन वर्षीय अनिल पोरवाल नौ-ए, पेबल-बे कॉलोनी बागमुगालिया में रहते थे। परिवार में पत्नी और एक बेटी है। बुधवार रात को घर में पत्नी और बेटी के साथ बैठे थे, तभी उनके मकान की पहली मंजिल पर धुआं निकलता दिखा। रात ग्यारह. तीस बजे वह दौड़कर पहली मंजिल पर पहुंचे। तभी आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी। देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। तभी देखा कि सीढ़ियों के पास शव पड़ा था। बागसेवनिया थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद उनके परिजन पहली मंजिल पर पहुंचे, जहां सीढ़ियों पर अनिल पोरवाल का शव पड़ा था। आग की लपटो से वह झुलस चुके थे। पुलिस का अनुमान है कि ऊपर जाते समय धुआं के कारण वह गिर गए। परिजनों ने उनको रोकने का प्रयास भी किया था। घर में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट से लगने की बात कही जा रही है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
संयुक्त राज्य संविधान ने महिलाओं का उल्लेख नहीं किया है या पुरुषों के अपने अधिकारों या विशेषाधिकारों को सीमित नहीं किया है। "व्यक्तियों" शब्द का उपयोग किया गया था, जो लिंग तटस्थ लगता है। हालांकि, ब्रिटिश कानूनों से विरासत में मिला, आम कानून, कानून की व्याख्या को सूचित किया। और कई राज्य कानून लिंग-तटस्थ नहीं थे। संविधान को अपनाए जाने के ठीक बाद, न्यू जर्सी ने महिलाओं के लिए मतदान अधिकार स्वीकार कर लिया, यहां तक कि उन लोगों ने 1807 में एक बिल से खो दिया था, जो उस राज्य में वोट देने के लिए महिलाओं और काले पुरुषों दोनों के अधिकार को रद्द कर दिया था। जब संविधान लिखे और अपनाया गया था तब गुप्तचर का सिद्धांत प्रचलित थाः एक विवाहित महिला बस कानून के तहत एक व्यक्ति नहीं थी; उसका कानूनी अस्तित्व उसके पति के साथ बंधे थे। अपने जीवनकाल के दौरान विधवा की आय की रक्षा के लिए डावर अधिकारों को पहले से ही अनदेखा कर दिया जा रहा था, और इसलिए महिलाएं अपनी संपत्ति के लिए महत्वपूर्ण अधिकार नहीं रखने की कठिन स्थिति में थीं, जबकि उस प्रणाली के तहत उन्हें संरक्षित करने वाले डावर का सम्मेलन गिर रहा था । 1840 के दशक की शुरुआत में, महिलाओं के अधिकार समर्थकों ने कुछ राज्यों में महिलाओं के लिए कानूनी और राजनीतिक समानता स्थापित करने के लिए काम करना शुरू कर दिया। महिलाओं के संपत्ति अधिकार पहले लक्ष्यों में से थे। लेकिन इससे महिलाओं के संघीय संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित नहीं हुआ। अभी नहीं। महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित करने वाला पहला प्रमुख संवैधानिक परिवर्तन चौदहवें संशोधन था । इस संशोधन को ड्रेड स्कॉट फैसले को खत्म करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिसमें पाया गया था कि काले नागरिकों के पास "नागरिक अधिकार का सम्मान करने के लिए कोई अधिकार नहीं था," और अमेरिकी गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद अन्य नागरिकता अधिकारों को स्पष्ट करने के लिए। प्राथमिक प्रभाव यह सुनिश्चित करना था कि मुक्त गुलामों और अन्य अफ्रीकी अमेरिकियों के पास पूर्ण नागरिकता अधिकार हों। लेकिन संशोधन में मतदान के संबंध में "पुरुष" शब्द भी शामिल था, और महिलाओं के अधिकार आंदोलन में संशोधन का समर्थन करने के लिए विभाजित किया गया था क्योंकि यह मतदान में नस्लीय समानता स्थापित करता है, या इसका विरोध करता है क्योंकि यह पहली स्पष्ट संघीय अस्वीकार थी कि महिलाओं ने मतदान किया था अधिकार। मताधिकार आंदोलन ने चौदहवें संशोधन का उपयोग करने का फैसला किया, यहां तक कि महिलाओं के वोट को औचित्य देने के लिए "पुरुष" के उल्लेख के साथ भी। 1872 में कई महिलाओं ने संघीय चुनाव में मतदान करने का प्रयास किया; सुसान बी एंथनी को गिरफ्तार कर लिया गया और ऐसा करने के लिए दोषी पाया गया। एक मिसौरी महिला, वर्जीनिया माइनर ने भी कानून को चुनौती दी। रजिस्ट्रार की कार्रवाई ने उन्हें मतदान से मना कर दिया था, फिर भी एक और मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचने का आधार था। (उसके पति को मुकदमा दायर करना पड़ा, क्योंकि गुप्त कानूनों ने उसे अपनी तरफ से दाखिल करने से विवाहित महिला के रूप में मना कर दिया था। ) माइनर वी। हैप्परसेट में उनके फैसले में, अदालत ने पाया कि महिलाएं वास्तव में नागरिक थे, मतदान मतदान में से एक नहीं था "नागरिकता के विशेषाधिकार और उन्मूलन" और इस तरह के राज्य महिलाओं को वोट देने का अधिकार अस्वीकार कर सकते हैं। बेलवा लॉकवुड ने वर्जीनिया को कानून का अभ्यास करने की अनुमति देने के लिए एक मुकदमा दायर किया। वह पहले से ही कोलंबिया जिले में बार का सदस्य था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि 14 वें संशोधन में केवल "नागरिक" शब्द को पढ़ने के लिए स्वीकार्य था, जिसमें केवल पुरुष नागरिक शामिल थे। नागरिक मामलों के रूप में महिलाओं की पूर्ण समानता का दावा करने वाले कानूनी मामलों में विफल, महिला अधिकार और श्रम अधिकार श्रमिकों ने मुलर बनाम ओरेगन के मामले में ब्रांडेस संक्षिप्त दायर किया। दावा यह था कि पत्नियों और मांओं, विशेष रूप से माताओं के रूप में महिलाओं की विशेष स्थिति के लिए आवश्यक है कि उन्हें श्रमिकों के रूप में विशेष सुरक्षा दी जाए। सर्वोच्च न्यायालय विधायकों को घंटों या न्यूनतम मजदूरी आवश्यकताओं पर सीमा निर्धारित करके नियोक्ताओं के अनुबंध अधिकारों में हस्तक्षेप करने की अनुमति देने के लिए अनिच्छुक था; हालांकि, इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने कार्य परिस्थितियों के साक्ष्य को देखा और कार्यस्थल में महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा की अनुमति दी। लुई ब्रांडेस, जिसे बाद में सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया, महिलाओं के लिए सुरक्षात्मक कानून को बढ़ावा देने के मामले में वकील था; ब्रांडेस संक्षिप्त रूप से मुख्य रूप से अपनी बहू जोसेफिन गोल्डमार्क और सुधारक फ्लोरेंस केली द्वारा तैयार किया गया था। महिलाओं को 1 9 1 9 में कांग्रेस द्वारा पारित 1 9वीं संशोधन द्वारा वोट देने का अधिकार दिया गया था और 1 9 20 में पर्याप्त राज्यों द्वारा इसे प्रभावी बनाने के लिए अनुमोदित किया गया था। 1 9 23 में, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया कि संघीय न्यूनतम मजदूरी कानून अनुबंध की स्वतंत्रता और इस प्रकार पांचवें संशोधन पर उल्लंघन करने वाली महिलाओं को लागू करता है। हालांकि, मुलर बनाम ओरेगन को उलट नहीं दिया गया था। एलिस पॉल ने संविधान में पुरुषों और महिलाओं के बराबर अधिकारों के लिए एक प्रस्तावित समान अधिकार संशोधन लिखा था। उन्होंने मताधिकार अग्रणी लुक्रेटिया मोट के लिए प्रस्तावित संशोधन का नाम दिया। जब उन्होंने 1 9 40 के दशक में संशोधन का खुलासा किया, तो उसे ऐलिस पॉल संशोधन कहा जाने लगा। 1 9 72 तक कांग्रेस ने इसे पास नहीं किया। एडकिन्स बनाम चिल्ड्रेन हॉस्पिटल को उलटाने वाले सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस फैसले ने वाशिंगटन राज्य के न्यूनतम मजदूरी कानून को बरकरार रखा, महिलाओं या पुरुषों को लागू सुरक्षा श्रम कानून के लिए फिर से दरवाजा खोल दिया। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने शराब की सेवा या बेचने से ज्यादातर महिलाओं (पुरुष सराय रखवालों की बेटियों की पत्नियों के अलावा) को प्रतिबंधित करने वाले राज्य कानून को वैध पाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को इस आधार पर एक दृढ़ संकल्प को चुनौती दी कि महिला प्रतिवादी को सभी पुरुष जूरी का सामना करना पड़ा क्योंकि महिलाओं के लिए जूरी ड्यूटी अनिवार्य नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया कि जूरी ड्यूटी से महिलाओं को छूट देने वाला राज्य कानून भेदभावपूर्ण था, यह पता लगाने के लिए कि महिलाओं को अदालत के वातावरण से सुरक्षा की आवश्यकता है और यह मानना उचित था कि घर में महिलाओं की जरूरत थी। रीड वी। रीड में , यूएस सुप्रीम कोर्ट ने एक मामला सुना जहां राज्य कानून ने महिलाओं को संपत्ति के प्रशासक के रूप में महिलाओं को पसंद किया। इस मामले में, कई पुराने मामलों के विपरीत, अदालत ने कहा कि 14 वें संशोधन के समान संरक्षण खंड महिलाओं पर समान रूप से लागू होते हैं। 1 9 72 में, अमेरिकी कांग्रेस ने समान अधिकार संशोधन पारित किया, इसे राज्यों को भेज दिया । कांग्रेस ने एक आवश्यकता को जोड़ दिया कि संशोधन को सात साल के भीतर मंजूरी दे दी गई, बाद में 1 9 82 तक बढ़ा दी गई, लेकिन अपेक्षित राज्यों के बजाय केवल 35 ने उस अवधि के दौरान इसे मंजूरी दे दी। कुछ कानूनी विद्वान समय सीमा को चुनौती देते हैं, और उस आकलन के अनुसार, ईआरए अभी भी तीन और राज्यों द्वारा अनुमोदित होने के लिए जीवित है। फ्रंटियरो वी। रिचर्डसन के मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि पांचवें संशोधन के कारण प्रक्रिया खंड का उल्लंघन करते हुए सेना के लाभ के लिए पात्रता तय करने में सैन्य सदस्यों के पुरुष पति / पत्नी के लिए अलग-अलग मानदंड नहीं हो सकते थे। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यह कानून में सेक्स भेदभाव को देखने में भविष्य में और अधिक जांच का उपयोग करेगा - काफी सख्त जांच नहीं, जिसे मामले में न्यायसंगतों में बहुमत नहीं मिला। गेडुलडिग बनाम एइलो ने एक राज्य की विकलांगता बीमा प्रणाली को देखा जिसने गर्भावस्था विकलांगता के कारण काम से अस्थायी अनुपस्थितियों को छोड़ दिया, और पाया कि सामान्य गर्भावस्था को सिस्टम द्वारा कवर नहीं किया जाना चाहिए था। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने उस उम्र में भेदभाव फेंक दिया जिस पर लड़कियों और लड़कों को बाल समर्थन के हकदार थे। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि पारस्परिक सहमति कानून (इस मामले में, तीसरे तिमाही में) असंवैधानिक थे, क्योंकि गर्भवती महिला के अधिकार उसके पति की तुलना में अधिक आकर्षक थे। न्यायालय ने यह कायम रखा कि महिलाओं की पूर्ण और सूचित सहमति की आवश्यकता वाले नियम संवैधानिक थे। क्रेग बनाम बोरेन में , अदालत ने एक कानून फेंक दिया जिसने पुरुषों और महिलाओं को पीने की उम्र निर्धारित करने में अलग-अलग व्यवहार किया। मामले में सेक्स भेदभाव, मध्यवर्ती जांच शामिल मामलों में न्यायिक समीक्षा के नए मानक को स्थापित करने के लिए भी नोट किया गया है। ओरर वी। ओरर में, अदालत ने कहा कि गुमराह कानून महिलाओं और पुरुषों के लिए समान रूप से लागू होते हैं, और साथी के साधनों पर विचार किया जाना चाहिए, न केवल उनके लिंग। इस मामले में, अदालत ने यह जांचने के लिए बराबर सुरक्षा विश्लेषण लागू किया कि चुनिंदा सेवा के लिए पुरुष-केवल पंजीकरण ने उचित प्रक्रिया खंड का उल्लंघन किया है या नहीं। छः से तीन निर्णय तक, अदालत ने क्रेग बनाम बोरेन के बढ़ते जांच मानक को लागू करने के लिए सैन्य तैयारी और संसाधनों के उचित उपयोग को लिंग-आधारित वर्गीकरण को उचित ठहराया। अदालत ने महिलाओं को युद्ध से बचाने और सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को अपना निर्णय लेने में चुनौती नहीं दी। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने "अपने नागरिकों के खिलाफ लिंग आधारित भेदभाव को खत्म करने और एक निजी संगठन के सदस्यों द्वारा लगाए गए संघ की संवैधानिक आजादी को खत्म करने के राज्य के प्रयासों का वजन किया। " न्यायमूर्ति ब्रेनन द्वारा लिखित निर्णय के साथ अदालत द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय , सर्वसम्मति से पाया गया कि संगठन का संदेश महिलाओं को स्वीकार करके बदला नहीं जाएगा, और इसलिए, सख्त जांच परीक्षण द्वारा, राज्य के हित ने संघ की स्वतंत्रता और भाषण की स्वतंत्रता के पहले संशोधन अधिकार के दावे को ओवरराइड कर दिया।
संयुक्त राज्य संविधान ने महिलाओं का उल्लेख नहीं किया है या पुरुषों के अपने अधिकारों या विशेषाधिकारों को सीमित नहीं किया है। "व्यक्तियों" शब्द का उपयोग किया गया था, जो लिंग तटस्थ लगता है। हालांकि, ब्रिटिश कानूनों से विरासत में मिला, आम कानून, कानून की व्याख्या को सूचित किया। और कई राज्य कानून लिंग-तटस्थ नहीं थे। संविधान को अपनाए जाने के ठीक बाद, न्यू जर्सी ने महिलाओं के लिए मतदान अधिकार स्वीकार कर लिया, यहां तक कि उन लोगों ने एक हज़ार आठ सौ सात में एक बिल से खो दिया था, जो उस राज्य में वोट देने के लिए महिलाओं और काले पुरुषों दोनों के अधिकार को रद्द कर दिया था। जब संविधान लिखे और अपनाया गया था तब गुप्तचर का सिद्धांत प्रचलित थाः एक विवाहित महिला बस कानून के तहत एक व्यक्ति नहीं थी; उसका कानूनी अस्तित्व उसके पति के साथ बंधे थे। अपने जीवनकाल के दौरान विधवा की आय की रक्षा के लिए डावर अधिकारों को पहले से ही अनदेखा कर दिया जा रहा था, और इसलिए महिलाएं अपनी संपत्ति के लिए महत्वपूर्ण अधिकार नहीं रखने की कठिन स्थिति में थीं, जबकि उस प्रणाली के तहत उन्हें संरक्षित करने वाले डावर का सम्मेलन गिर रहा था । एक हज़ार आठ सौ चालीस के दशक की शुरुआत में, महिलाओं के अधिकार समर्थकों ने कुछ राज्यों में महिलाओं के लिए कानूनी और राजनीतिक समानता स्थापित करने के लिए काम करना शुरू कर दिया। महिलाओं के संपत्ति अधिकार पहले लक्ष्यों में से थे। लेकिन इससे महिलाओं के संघीय संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित नहीं हुआ। अभी नहीं। महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित करने वाला पहला प्रमुख संवैधानिक परिवर्तन चौदहवें संशोधन था । इस संशोधन को ड्रेड स्कॉट फैसले को खत्म करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिसमें पाया गया था कि काले नागरिकों के पास "नागरिक अधिकार का सम्मान करने के लिए कोई अधिकार नहीं था," और अमेरिकी गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद अन्य नागरिकता अधिकारों को स्पष्ट करने के लिए। प्राथमिक प्रभाव यह सुनिश्चित करना था कि मुक्त गुलामों और अन्य अफ्रीकी अमेरिकियों के पास पूर्ण नागरिकता अधिकार हों। लेकिन संशोधन में मतदान के संबंध में "पुरुष" शब्द भी शामिल था, और महिलाओं के अधिकार आंदोलन में संशोधन का समर्थन करने के लिए विभाजित किया गया था क्योंकि यह मतदान में नस्लीय समानता स्थापित करता है, या इसका विरोध करता है क्योंकि यह पहली स्पष्ट संघीय अस्वीकार थी कि महिलाओं ने मतदान किया था अधिकार। मताधिकार आंदोलन ने चौदहवें संशोधन का उपयोग करने का फैसला किया, यहां तक कि महिलाओं के वोट को औचित्य देने के लिए "पुरुष" के उल्लेख के साथ भी। एक हज़ार आठ सौ बहत्तर में कई महिलाओं ने संघीय चुनाव में मतदान करने का प्रयास किया; सुसान बी एंथनी को गिरफ्तार कर लिया गया और ऐसा करने के लिए दोषी पाया गया। एक मिसौरी महिला, वर्जीनिया माइनर ने भी कानून को चुनौती दी। रजिस्ट्रार की कार्रवाई ने उन्हें मतदान से मना कर दिया था, फिर भी एक और मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचने का आधार था। माइनर वी। हैप्परसेट में उनके फैसले में, अदालत ने पाया कि महिलाएं वास्तव में नागरिक थे, मतदान मतदान में से एक नहीं था "नागरिकता के विशेषाधिकार और उन्मूलन" और इस तरह के राज्य महिलाओं को वोट देने का अधिकार अस्वीकार कर सकते हैं। बेलवा लॉकवुड ने वर्जीनिया को कानून का अभ्यास करने की अनुमति देने के लिए एक मुकदमा दायर किया। वह पहले से ही कोलंबिया जिले में बार का सदस्य था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि चौदह वें संशोधन में केवल "नागरिक" शब्द को पढ़ने के लिए स्वीकार्य था, जिसमें केवल पुरुष नागरिक शामिल थे। नागरिक मामलों के रूप में महिलाओं की पूर्ण समानता का दावा करने वाले कानूनी मामलों में विफल, महिला अधिकार और श्रम अधिकार श्रमिकों ने मुलर बनाम ओरेगन के मामले में ब्रांडेस संक्षिप्त दायर किया। दावा यह था कि पत्नियों और मांओं, विशेष रूप से माताओं के रूप में महिलाओं की विशेष स्थिति के लिए आवश्यक है कि उन्हें श्रमिकों के रूप में विशेष सुरक्षा दी जाए। सर्वोच्च न्यायालय विधायकों को घंटों या न्यूनतम मजदूरी आवश्यकताओं पर सीमा निर्धारित करके नियोक्ताओं के अनुबंध अधिकारों में हस्तक्षेप करने की अनुमति देने के लिए अनिच्छुक था; हालांकि, इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने कार्य परिस्थितियों के साक्ष्य को देखा और कार्यस्थल में महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा की अनुमति दी। लुई ब्रांडेस, जिसे बाद में सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया, महिलाओं के लिए सुरक्षात्मक कानून को बढ़ावा देने के मामले में वकील था; ब्रांडेस संक्षिप्त रूप से मुख्य रूप से अपनी बहू जोसेफिन गोल्डमार्क और सुधारक फ्लोरेंस केली द्वारा तैयार किया गया था। महिलाओं को एक नौ एक नौ में कांग्रेस द्वारा पारित एक नौवीं संशोधन द्वारा वोट देने का अधिकार दिया गया था और एक नौ बीस में पर्याप्त राज्यों द्वारा इसे प्रभावी बनाने के लिए अनुमोदित किया गया था। एक नौ तेईस में, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया कि संघीय न्यूनतम मजदूरी कानून अनुबंध की स्वतंत्रता और इस प्रकार पांचवें संशोधन पर उल्लंघन करने वाली महिलाओं को लागू करता है। हालांकि, मुलर बनाम ओरेगन को उलट नहीं दिया गया था। एलिस पॉल ने संविधान में पुरुषों और महिलाओं के बराबर अधिकारों के लिए एक प्रस्तावित समान अधिकार संशोधन लिखा था। उन्होंने मताधिकार अग्रणी लुक्रेटिया मोट के लिए प्रस्तावित संशोधन का नाम दिया। जब उन्होंने एक नौ चालीस के दशक में संशोधन का खुलासा किया, तो उसे ऐलिस पॉल संशोधन कहा जाने लगा। एक नौ बहत्तर तक कांग्रेस ने इसे पास नहीं किया। एडकिन्स बनाम चिल्ड्रेन हॉस्पिटल को उलटाने वाले सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस फैसले ने वाशिंगटन राज्य के न्यूनतम मजदूरी कानून को बरकरार रखा, महिलाओं या पुरुषों को लागू सुरक्षा श्रम कानून के लिए फिर से दरवाजा खोल दिया। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने शराब की सेवा या बेचने से ज्यादातर महिलाओं को प्रतिबंधित करने वाले राज्य कानून को वैध पाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को इस आधार पर एक दृढ़ संकल्प को चुनौती दी कि महिला प्रतिवादी को सभी पुरुष जूरी का सामना करना पड़ा क्योंकि महिलाओं के लिए जूरी ड्यूटी अनिवार्य नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया कि जूरी ड्यूटी से महिलाओं को छूट देने वाला राज्य कानून भेदभावपूर्ण था, यह पता लगाने के लिए कि महिलाओं को अदालत के वातावरण से सुरक्षा की आवश्यकता है और यह मानना उचित था कि घर में महिलाओं की जरूरत थी। रीड वी। रीड में , यूएस सुप्रीम कोर्ट ने एक मामला सुना जहां राज्य कानून ने महिलाओं को संपत्ति के प्रशासक के रूप में महिलाओं को पसंद किया। इस मामले में, कई पुराने मामलों के विपरीत, अदालत ने कहा कि चौदह वें संशोधन के समान संरक्षण खंड महिलाओं पर समान रूप से लागू होते हैं। एक नौ बहत्तर में, अमेरिकी कांग्रेस ने समान अधिकार संशोधन पारित किया, इसे राज्यों को भेज दिया । कांग्रेस ने एक आवश्यकता को जोड़ दिया कि संशोधन को सात साल के भीतर मंजूरी दे दी गई, बाद में एक नौ बयासी तक बढ़ा दी गई, लेकिन अपेक्षित राज्यों के बजाय केवल पैंतीस ने उस अवधि के दौरान इसे मंजूरी दे दी। कुछ कानूनी विद्वान समय सीमा को चुनौती देते हैं, और उस आकलन के अनुसार, ईआरए अभी भी तीन और राज्यों द्वारा अनुमोदित होने के लिए जीवित है। फ्रंटियरो वी। रिचर्डसन के मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि पांचवें संशोधन के कारण प्रक्रिया खंड का उल्लंघन करते हुए सेना के लाभ के लिए पात्रता तय करने में सैन्य सदस्यों के पुरुष पति / पत्नी के लिए अलग-अलग मानदंड नहीं हो सकते थे। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यह कानून में सेक्स भेदभाव को देखने में भविष्य में और अधिक जांच का उपयोग करेगा - काफी सख्त जांच नहीं, जिसे मामले में न्यायसंगतों में बहुमत नहीं मिला। गेडुलडिग बनाम एइलो ने एक राज्य की विकलांगता बीमा प्रणाली को देखा जिसने गर्भावस्था विकलांगता के कारण काम से अस्थायी अनुपस्थितियों को छोड़ दिया, और पाया कि सामान्य गर्भावस्था को सिस्टम द्वारा कवर नहीं किया जाना चाहिए था। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने उस उम्र में भेदभाव फेंक दिया जिस पर लड़कियों और लड़कों को बाल समर्थन के हकदार थे। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि पारस्परिक सहमति कानून असंवैधानिक थे, क्योंकि गर्भवती महिला के अधिकार उसके पति की तुलना में अधिक आकर्षक थे। न्यायालय ने यह कायम रखा कि महिलाओं की पूर्ण और सूचित सहमति की आवश्यकता वाले नियम संवैधानिक थे। क्रेग बनाम बोरेन में , अदालत ने एक कानून फेंक दिया जिसने पुरुषों और महिलाओं को पीने की उम्र निर्धारित करने में अलग-अलग व्यवहार किया। मामले में सेक्स भेदभाव, मध्यवर्ती जांच शामिल मामलों में न्यायिक समीक्षा के नए मानक को स्थापित करने के लिए भी नोट किया गया है। ओरर वी। ओरर में, अदालत ने कहा कि गुमराह कानून महिलाओं और पुरुषों के लिए समान रूप से लागू होते हैं, और साथी के साधनों पर विचार किया जाना चाहिए, न केवल उनके लिंग। इस मामले में, अदालत ने यह जांचने के लिए बराबर सुरक्षा विश्लेषण लागू किया कि चुनिंदा सेवा के लिए पुरुष-केवल पंजीकरण ने उचित प्रक्रिया खंड का उल्लंघन किया है या नहीं। छः से तीन निर्णय तक, अदालत ने क्रेग बनाम बोरेन के बढ़ते जांच मानक को लागू करने के लिए सैन्य तैयारी और संसाधनों के उचित उपयोग को लिंग-आधारित वर्गीकरण को उचित ठहराया। अदालत ने महिलाओं को युद्ध से बचाने और सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को अपना निर्णय लेने में चुनौती नहीं दी। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने "अपने नागरिकों के खिलाफ लिंग आधारित भेदभाव को खत्म करने और एक निजी संगठन के सदस्यों द्वारा लगाए गए संघ की संवैधानिक आजादी को खत्म करने के राज्य के प्रयासों का वजन किया। " न्यायमूर्ति ब्रेनन द्वारा लिखित निर्णय के साथ अदालत द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय , सर्वसम्मति से पाया गया कि संगठन का संदेश महिलाओं को स्वीकार करके बदला नहीं जाएगा, और इसलिए, सख्त जांच परीक्षण द्वारा, राज्य के हित ने संघ की स्वतंत्रता और भाषण की स्वतंत्रता के पहले संशोधन अधिकार के दावे को ओवरराइड कर दिया।
चर्चा में क्यों? 22 दिसंबर, 2022 को हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने चंडीगढ़ में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बताया कि राज्य में 20 साल से अधिक समय से किराये या लीज पर चल रही पालिकाओं की व्यावसायिक भूमि की मलकियत उन पर काबिज व्यक्तियों को देने के लिये बनाई गई 'मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना' को अन्य विभागों द्वारा भी अपनाया जाएगा। इसके लिये नए सिरे से योजना का खाका तैयार किया जा रहा है। - मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का प्रारूप 15 दिनों में तैयार करें। तत्पश्चात् प्रारूप को मुख्यमंत्री तथा वित्त विभाग की मंज़ूरी के लिये भेजा जाएगा और अंतिम मंज़ूरी हेतु मंत्रिपरिषद की बैठक में लाया जाएगा। - मुख्य सचिव ने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना जून 2021 में बनाई गई थी। इसके तहत शहरी निकायों के उन सभी नागरिकों को मालिकाना हक प्रदान किया गया, जिनके पास व्यावसायिक भूमि का 20 साल या 20 साल से अधिक कब्ज़ा है। - इस योजना के तहत जो व्यक्ति किराये या लीज के माध्यम से भूमि पर 20 साल से काबिज हैं, उन्हें कलेक्टर रेट का 80 प्रतिशत तक भुगतान करने पर मालिकाना हक दिया जा रहा है। - इसी प्रकार, भूमि पर काबिज वर्षों की सीमा के अनुसार क्लेक्टर रेट का अलग-अलग दर पर भुगतान करना होगा, जैसे- 25 साल तक काबिज व्यक्ति को कलेक्टर रेट का 75 प्रतिशत, 30 साल तक 70 प्रतिशत, 35 साल तक 65 प्रतिशत, 40 साल तक 60 प्रतिशत, 45 साल तक 55 प्रतिशत और 50 साल तक 50 प्रतिशत का भुगतान करने पर मालिकाना हक दिये जाने का प्रावधान है। - उन्होंने बताया कि अब राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि निकायों के अलावा अन्य विभागों की ज़मीनों पर भी इसी प्रकार से नागरिकों को मालिकाना हक देने के लिये प्रदेशभर में एकरूपता लाते हुए नए सिरे से योजना बनाई जाएगी। - उन्होंने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि अन्य विभागों के लिये इस योजना का प्रारूप शहरी स्थानीय निकाय विभाग ही तैयार करे और इस प्रारूप को संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ साझा किया जाएगा और उनसे टिप्पणियां माँगी जाएंगी। - बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के पहले चरण के दौरान लगभग 7 हज़ार आवेदन आए थे। 1730 आवेदकों को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी हो चुके हैं।
चर्चा में क्यों? बाईस दिसंबर, दो हज़ार बाईस को हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने चंडीगढ़ में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बताया कि राज्य में बीस साल से अधिक समय से किराये या लीज पर चल रही पालिकाओं की व्यावसायिक भूमि की मलकियत उन पर काबिज व्यक्तियों को देने के लिये बनाई गई 'मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना' को अन्य विभागों द्वारा भी अपनाया जाएगा। इसके लिये नए सिरे से योजना का खाका तैयार किया जा रहा है। - मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का प्रारूप पंद्रह दिनों में तैयार करें। तत्पश्चात् प्रारूप को मुख्यमंत्री तथा वित्त विभाग की मंज़ूरी के लिये भेजा जाएगा और अंतिम मंज़ूरी हेतु मंत्रिपरिषद की बैठक में लाया जाएगा। - मुख्य सचिव ने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना जून दो हज़ार इक्कीस में बनाई गई थी। इसके तहत शहरी निकायों के उन सभी नागरिकों को मालिकाना हक प्रदान किया गया, जिनके पास व्यावसायिक भूमि का बीस साल या बीस साल से अधिक कब्ज़ा है। - इस योजना के तहत जो व्यक्ति किराये या लीज के माध्यम से भूमि पर बीस साल से काबिज हैं, उन्हें कलेक्टर रेट का अस्सी प्रतिशत तक भुगतान करने पर मालिकाना हक दिया जा रहा है। - इसी प्रकार, भूमि पर काबिज वर्षों की सीमा के अनुसार क्लेक्टर रेट का अलग-अलग दर पर भुगतान करना होगा, जैसे- पच्चीस साल तक काबिज व्यक्ति को कलेक्टर रेट का पचहत्तर प्रतिशत, तीस साल तक सत्तर प्रतिशत, पैंतीस साल तक पैंसठ प्रतिशत, चालीस साल तक साठ प्रतिशत, पैंतालीस साल तक पचपन प्रतिशत और पचास साल तक पचास प्रतिशत का भुगतान करने पर मालिकाना हक दिये जाने का प्रावधान है। - उन्होंने बताया कि अब राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि निकायों के अलावा अन्य विभागों की ज़मीनों पर भी इसी प्रकार से नागरिकों को मालिकाना हक देने के लिये प्रदेशभर में एकरूपता लाते हुए नए सिरे से योजना बनाई जाएगी। - उन्होंने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि अन्य विभागों के लिये इस योजना का प्रारूप शहरी स्थानीय निकाय विभाग ही तैयार करे और इस प्रारूप को संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ साझा किया जाएगा और उनसे टिप्पणियां माँगी जाएंगी। - बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के पहले चरण के दौरान लगभग सात हज़ार आवेदन आए थे। एक हज़ार सात सौ तीस आवेदकों को लेटर ऑफ इंटेंट जारी हो चुके हैं।
यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Fourderm Cream 5gm की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Fourderm Cream 5gm की खुराक अलग हो सकती है। क्या Fourderm Cream 5gm का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? Fourderm गर्भवती महिलाओं पर बुरा असर दिखाती है। इस कारण इसका सेवन डॉक्टरी सलाह के बाद ही करें। अपनी इच्छा से इसको लेना हानिकारक हो सकता है। क्या Fourderm Cream 5gm का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Fourderm के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। अगर आप इसके दुष्प्रभावों को महसूस करें तो दवा लेना तुरंत बंद कर दें और जब डॉक्टर कहें तब ही इसे दोबारा लें। Fourderm Cream 5gm का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? Fourderm का बुरा प्रभाव किडनी पर कम होता है, क्योंकि ये नुकसानदायक नहीं है। Fourderm Cream 5gm का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है? लीवर के लिए Fourderm हानिकारक नहीं होती। आप इसे डॉक्टर की सलाह के बिना भी ले सकते हैं। क्या ह्रदय पर Fourderm Cream 5gm का प्रभाव पड़ता है? Fourderm हृदय के लिए सुरक्षित है। क्या Fourderm Cream 5gm आदत या लत बन सकती है? नहीं, इसका कोई प्रमाण नहीं है कि Fourderm Cream 5gm को लेने से आपको इसकी लत पड़ जाएगी। कोई भी दवा डॉक्टर से पूछ कर ही लें, जिससे कोई हानि न हो। क्या Fourderm Cream 5gm को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है? नहीं, आप ऐसा कोई भी काम न करें, जिसमें दिमाग के सक्रिय होने की आवश्यकता होती हो। Fourderm Cream 5gm लेने के बाद किसी मशीन पर काम करने या वाहन चलाने से आपको दूरी बनानी होगी। क्या Fourderm Cream 5gm को लेना सुरखित है? हां, परंतु इसको लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Fourderm Cream 5gm इस्तेमाल की जा सकती है? नहीं, मस्तिष्क विकार में Fourderm Cream 5gm का उपयोग कारगर नहीं है। क्या Fourderm Cream 5gm को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? आप खाने के साथ भी Fourderm Cream 5gm को ले सकते हैं। जब Fourderm Cream 5gm ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? Fourderm Cream 5gm के बुरे प्रभावों के बारे में जानकारी मौजूद नहीं है। क्योंकि इस विषय पर अभी रिसर्च नहीं हो पाई है। अतः डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस दवा को लें। US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Impoyz (clobetasol propionate) US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Vusion® (miconazole nitrate, zinc oxide, and white petrolatum) US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Neo-Fradin (neomycin sulfate)
यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Fourderm Cream पाँचgm की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Fourderm Cream पाँचgm की खुराक अलग हो सकती है। क्या Fourderm Cream पाँचgm का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? Fourderm गर्भवती महिलाओं पर बुरा असर दिखाती है। इस कारण इसका सेवन डॉक्टरी सलाह के बाद ही करें। अपनी इच्छा से इसको लेना हानिकारक हो सकता है। क्या Fourderm Cream पाँचgm का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Fourderm के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। अगर आप इसके दुष्प्रभावों को महसूस करें तो दवा लेना तुरंत बंद कर दें और जब डॉक्टर कहें तब ही इसे दोबारा लें। Fourderm Cream पाँचgm का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? Fourderm का बुरा प्रभाव किडनी पर कम होता है, क्योंकि ये नुकसानदायक नहीं है। Fourderm Cream पाँचgm का जिगर पर क्या असर होता है? लीवर के लिए Fourderm हानिकारक नहीं होती। आप इसे डॉक्टर की सलाह के बिना भी ले सकते हैं। क्या ह्रदय पर Fourderm Cream पाँचgm का प्रभाव पड़ता है? Fourderm हृदय के लिए सुरक्षित है। क्या Fourderm Cream पाँचgm आदत या लत बन सकती है? नहीं, इसका कोई प्रमाण नहीं है कि Fourderm Cream पाँचgm को लेने से आपको इसकी लत पड़ जाएगी। कोई भी दवा डॉक्टर से पूछ कर ही लें, जिससे कोई हानि न हो। क्या Fourderm Cream पाँचgm को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है? नहीं, आप ऐसा कोई भी काम न करें, जिसमें दिमाग के सक्रिय होने की आवश्यकता होती हो। Fourderm Cream पाँचgm लेने के बाद किसी मशीन पर काम करने या वाहन चलाने से आपको दूरी बनानी होगी। क्या Fourderm Cream पाँचgm को लेना सुरखित है? हां, परंतु इसको लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Fourderm Cream पाँचgm इस्तेमाल की जा सकती है? नहीं, मस्तिष्क विकार में Fourderm Cream पाँचgm का उपयोग कारगर नहीं है। क्या Fourderm Cream पाँचgm को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? आप खाने के साथ भी Fourderm Cream पाँचgm को ले सकते हैं। जब Fourderm Cream पाँचgm ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? Fourderm Cream पाँचgm के बुरे प्रभावों के बारे में जानकारी मौजूद नहीं है। क्योंकि इस विषय पर अभी रिसर्च नहीं हो पाई है। अतः डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस दवा को लें। US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Impoyz US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Vusion® US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Neo-Fradin
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है. कातिल कोरोना ने आते ही तीन लोगों को मार डाला. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को सख्त एक्शन लेने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि 4% से अधिक संक्रमण वाले जिलों में स्कूल, पुस्तकालय, आंगनबाड़ी बंद कर दिए जाएं. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसे जिलों में नाइट कर्फ्यू भी लगाया जाए. इसके बाद सभी जिले के कलेक्टर एक्शन मोड पर आ गए हैं. एक के बाद एक लगातार 9 जिलों में पाबंदियां लगा दी गई हैं. इसमें महासमुंद, मुंगेली, कवर्धा, कांकेर, कोरिया, बालोद, रायगढ़ और बलौदाबाजार में धारा 144 लागू कर दी गई है. महासमुंद में कोविड केस में बढोत्तरी को देखते हुए कलेक्टर ने 8 बिन्दुओं पर आदेश जारी किया है. रैली , सामाजिक , सांस्कृतिक, धार्मिक एवं खेल कूद आदि से वृहत आयोजनों व जनसमुदाय के एक स्थान पर एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दी गई है. मुंगेली जिले में जुलूस ,सभा, अन्य भीड़ वाले कार्यक्रम पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. वैवाहिक व अंत्येष्टि कार्यक्रम में सशर्त छूट मिलेगी. कोरोना के फैलाव को देखते हुए निर्णय लिया गया है. कलेक्टर अजीत वसन्त ने आदेश जारी किया है. आगामी आदेश पर्यन्त तक जिले में यह प्रतिबंध लागू रहेगा. कवर्धा जिले में बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने आदेश जारी किया है. जिले में धरना प्रदर्शन, जुलूस, रैली, सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल धार्मिक कार्यक्रम पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगा दिए हैं. सिनेमा घर, स्वीमिंग पूल, हॉटल रेस्टोरेंट में एक तिहाई क्षमता के साथ संचालित करने का आदेश जारी किया है. जिले में कोरोना के 16 एक्टिव मरीज हैं. धमतरी जिले में कोविड-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी पी. एस. एल्मा नेकलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में सभी प्रकार के जुलूस, रैली, सभा, सार्वजनिक समारोह, सामाजिक (विवाह आयोजन एवं अंत्येष्टि कार्यक्रम को छोड़कर) सांस्कृतिक, धार्मिक, खेल आदि सामूहिक आयोजनों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. कांकेर जिले में धारा 144 लागू की गई है. यहां चल रहे वार्षिक मेले को प्रशासन ने बंद करा दिया है. पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर 4 दिवसीय मेले को बंद करा दिया है, बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते फैसला लिया गया है. जिले में भी धारा 144 लगा दी गई है. इसके साथ ही सभी सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है. 33% क्षमता के साथ होटल-रेस्टोरेंट संचालित होंगे. साथ ही सिनेमा, मैरिज हाल, कोचिंग सेंटर में भी 33% क्षमता होगी. मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य किया गया है. कलेक्टर चंदन कुमार ने आदेश जारी किया है. कोरिया में भी धारा 144 लागू कर दी गई है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देख कलेक्टर ने आदेश जारी किया है. जिले में सभी प्रकार के जुलूस, रैली, सभा, सार्वजनिक समारोह, सामाजिक (विवाह आयोजन एवं अंत्येष्टि कार्यक्रम को छोड़कर) सांस्कृतिक, धार्मिक, खेल आदि सामूहिक आयोजनों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. बालोद जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते कलेक्टर ने आदेश जारी किया है. धार्मिक, संस्कृतिक, सामाजिक आयोजन, रैली सहित वृहद आयोजनों पर रोक लगा दी गई है. मॉल, जिम, होटल, रेस्टोरेंट में एक तिहाई क्षमता के साथ संचालित होंगे. जिले की सीमाओं और रेलवे स्टेशनों पर रेंडम कोरोना जांच होगी. रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने आज पत्रकार वार्ता ली. राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में 4% से अधिक पॉजिटिव दर होने पर निर्देशित किया है. जिला स्तर पर पाबंदी और नाइट कर्फ्यू लगा है. यहां भी धारा 144 लागू कर दी गई है. बलौदाबाजार में ओमिक्रान के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एतिहाद तौर पर धारा 144 लागू कर दी गई है. कलेक्टर सुनील जैन ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन सहित सांस्कृतिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दी गई है. शादी के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. बाजारों में भीड़भाड़ वाले इलाकों मे मास्क सैनिटाइजर उपयोग करना अनिवार्य है. बता दें कि कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के बढ़ते ग्राफ और ओमिक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) के खतरे के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Govt) ने नई पाबंदियों का एलान किया है. छत्तीसगढ़ सीएमओ ने गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि हर ज़िले में जुलूस, रैलियों, सार्वजनिक समारोहों, सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके बावजूद कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं. प्रदेश में 1059 नए कोरोना के केस सामने आए हैं. जबकि 3 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है. छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग राज्य कन्ट्रोल एन्ड कमांड सेंटर ने कोरोना बुलेटिन जारी किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में आज 35 हजार 705 सैम्पलों की जांच हुई. जांच में से 1059 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. प्रदेश की औसत पॉजिटिविटी दर 2. 97 प्रतिशत है. कोरोना वायरस से आज तीन लोगों ने दम तोड़ दिया है. इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन लगातार सख्त रूख अपना रहा है, ताकि कोरोना पर ब्रेक लगाया जा सके. प्रदेश के 3 जिलों में आज कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है. 12 जिले में 01 से 10 के मध्य कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. प्रदेश में आज 04 जनवरी को 03 जिलों बेमेतरा, कोण्डागांव एवं नारायणपुर में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है. दंतेवाड़ा से 01, बलौदाबाजार, बलरामपुर, बस्तर एवं कांकेर से 02-02, बालोद एवं गरियाबंद से 03-03, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 04, धमतरी एवं मुंगेली से 05-05, कबीरधाम एवं महासमुंद से 07-07 कोरोना संक्रमित पाए गए.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है. कातिल कोरोना ने आते ही तीन लोगों को मार डाला. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को सख्त एक्शन लेने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि चार% से अधिक संक्रमण वाले जिलों में स्कूल, पुस्तकालय, आंगनबाड़ी बंद कर दिए जाएं. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसे जिलों में नाइट कर्फ्यू भी लगाया जाए. इसके बाद सभी जिले के कलेक्टर एक्शन मोड पर आ गए हैं. एक के बाद एक लगातार नौ जिलों में पाबंदियां लगा दी गई हैं. इसमें महासमुंद, मुंगेली, कवर्धा, कांकेर, कोरिया, बालोद, रायगढ़ और बलौदाबाजार में धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी गई है. महासमुंद में कोविड केस में बढोत्तरी को देखते हुए कलेक्टर ने आठ बिन्दुओं पर आदेश जारी किया है. रैली , सामाजिक , सांस्कृतिक, धार्मिक एवं खेल कूद आदि से वृहत आयोजनों व जनसमुदाय के एक स्थान पर एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दी गई है. मुंगेली जिले में जुलूस ,सभा, अन्य भीड़ वाले कार्यक्रम पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. वैवाहिक व अंत्येष्टि कार्यक्रम में सशर्त छूट मिलेगी. कोरोना के फैलाव को देखते हुए निर्णय लिया गया है. कलेक्टर अजीत वसन्त ने आदेश जारी किया है. आगामी आदेश पर्यन्त तक जिले में यह प्रतिबंध लागू रहेगा. कवर्धा जिले में बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने आदेश जारी किया है. जिले में धरना प्रदर्शन, जुलूस, रैली, सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल धार्मिक कार्यक्रम पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगा दिए हैं. सिनेमा घर, स्वीमिंग पूल, हॉटल रेस्टोरेंट में एक तिहाई क्षमता के साथ संचालित करने का आदेश जारी किया है. जिले में कोरोना के सोलह एक्टिव मरीज हैं. धमतरी जिले में कोविड-उन्नीस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी पी. एस. एल्मा नेकलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में सभी प्रकार के जुलूस, रैली, सभा, सार्वजनिक समारोह, सामाजिक सांस्कृतिक, धार्मिक, खेल आदि सामूहिक आयोजनों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. कांकेर जिले में धारा एक सौ चौंतालीस लागू की गई है. यहां चल रहे वार्षिक मेले को प्रशासन ने बंद करा दिया है. पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर चार दिवसीय मेले को बंद करा दिया है, बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते फैसला लिया गया है. जिले में भी धारा एक सौ चौंतालीस लगा दी गई है. इसके साथ ही सभी सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है. तैंतीस% क्षमता के साथ होटल-रेस्टोरेंट संचालित होंगे. साथ ही सिनेमा, मैरिज हाल, कोचिंग सेंटर में भी तैंतीस% क्षमता होगी. मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य किया गया है. कलेक्टर चंदन कुमार ने आदेश जारी किया है. कोरिया में भी धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी गई है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देख कलेक्टर ने आदेश जारी किया है. जिले में सभी प्रकार के जुलूस, रैली, सभा, सार्वजनिक समारोह, सामाजिक सांस्कृतिक, धार्मिक, खेल आदि सामूहिक आयोजनों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. बालोद जिले में धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी गई है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते कलेक्टर ने आदेश जारी किया है. धार्मिक, संस्कृतिक, सामाजिक आयोजन, रैली सहित वृहद आयोजनों पर रोक लगा दी गई है. मॉल, जिम, होटल, रेस्टोरेंट में एक तिहाई क्षमता के साथ संचालित होंगे. जिले की सीमाओं और रेलवे स्टेशनों पर रेंडम कोरोना जांच होगी. रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने आज पत्रकार वार्ता ली. राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में चार% से अधिक पॉजिटिव दर होने पर निर्देशित किया है. जिला स्तर पर पाबंदी और नाइट कर्फ्यू लगा है. यहां भी धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी गई है. बलौदाबाजार में ओमिक्रान के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एतिहाद तौर पर धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी गई है. कलेक्टर सुनील जैन ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन सहित सांस्कृतिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दी गई है. शादी के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. बाजारों में भीड़भाड़ वाले इलाकों मे मास्क सैनिटाइजर उपयोग करना अनिवार्य है. बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते ग्राफ और ओमिक्रोन वेरिएंट के खतरे के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ सरकार ने नई पाबंदियों का एलान किया है. छत्तीसगढ़ सीएमओ ने गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि हर ज़िले में जुलूस, रैलियों, सार्वजनिक समारोहों, सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके बावजूद कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं. प्रदेश में एक हज़ार उनसठ नए कोरोना के केस सामने आए हैं. जबकि तीन लोगों की कोरोना से मौत हो गई है. छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग राज्य कन्ट्रोल एन्ड कमांड सेंटर ने कोरोना बुलेटिन जारी किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में आज पैंतीस हजार सात सौ पाँच सैम्पलों की जांच हुई. जांच में से एक हज़ार उनसठ व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. प्रदेश की औसत पॉजिटिविटी दर दो. सत्तानवे प्रतिशत है. कोरोना वायरस से आज तीन लोगों ने दम तोड़ दिया है. इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन लगातार सख्त रूख अपना रहा है, ताकि कोरोना पर ब्रेक लगाया जा सके. प्रदेश के तीन जिलों में आज कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है. बारह जिले में एक से दस के मध्य कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. प्रदेश में आज चार जनवरी को तीन जिलों बेमेतरा, कोण्डागांव एवं नारायणपुर में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है. दंतेवाड़ा से एक, बलौदाबाजार, बलरामपुर, बस्तर एवं कांकेर से दो-दो, बालोद एवं गरियाबंद से तीन-तीन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से चार, धमतरी एवं मुंगेली से पाँच-पाँच, कबीरधाम एवं महासमुंद से सात-सात कोरोना संक्रमित पाए गए.
बैतूल : अपने एक कहावत सुनी होगी कि बुरे काम का बुरा नतीजा। ऐसा ही कुछ हुआ मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में। हाल ही में कुछ दिनों पहले जिले के स्क्रेप व्यापारी मोहन डालडा हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा तो कर दिया लेकिन इस मामले की जो हकीकत सामने आई है उसने केस की दशा और दिशा दोनों बदलकर रख दी। इस मामले में पुलिस ने हत्या के आरोपी सहित पांच लोगो को गिरफ्तार किया है। दरअसल इस हत्याकांड में पुलिस व्यावसायिक रंजिस और ब्याज से पैसे देने के जैसी कड़ियों को सुलझाने में लगी हुई थी लेकिन तफ्तीश की आंच में पुलिस को पता चला की मृतक मोहन डालडा ने एक लड़की से छेड़छाड़ की थी। जब पुलिस ने छेड़छाड़ के मामले को गहराई से खंगाला तो इस हत्याकांड के आरोपी बेनकाब हो गए। पुलिस के मुताबिक मोहन द्वारा छेड़छाड़ से पीड़ित लड़की के भाई ने बदले की आग में जलते हुए मोहन को सिर कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है और आगे की कार्यवाही जारी है।
बैतूल : अपने एक कहावत सुनी होगी कि बुरे काम का बुरा नतीजा। ऐसा ही कुछ हुआ मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में। हाल ही में कुछ दिनों पहले जिले के स्क्रेप व्यापारी मोहन डालडा हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा तो कर दिया लेकिन इस मामले की जो हकीकत सामने आई है उसने केस की दशा और दिशा दोनों बदलकर रख दी। इस मामले में पुलिस ने हत्या के आरोपी सहित पांच लोगो को गिरफ्तार किया है। दरअसल इस हत्याकांड में पुलिस व्यावसायिक रंजिस और ब्याज से पैसे देने के जैसी कड़ियों को सुलझाने में लगी हुई थी लेकिन तफ्तीश की आंच में पुलिस को पता चला की मृतक मोहन डालडा ने एक लड़की से छेड़छाड़ की थी। जब पुलिस ने छेड़छाड़ के मामले को गहराई से खंगाला तो इस हत्याकांड के आरोपी बेनकाब हो गए। पुलिस के मुताबिक मोहन द्वारा छेड़छाड़ से पीड़ित लड़की के भाई ने बदले की आग में जलते हुए मोहन को सिर कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है और आगे की कार्यवाही जारी है।
ऑपइंडिया के सारे लेख (Archives) आज तड़के सुबह पुलवामा जिले के लस्सीपोरा में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों को बीच जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 4 आतंकियों को मार गिराया। एमीसैट के अलावा PSLV C-4 लॉन्च वेहिकल द्वारा अमेरिका के 24, स्पेन का एक, लिथुआनिआ के दो और एक स्विट्ज़रलैंड का सैटेलाइट भी कक्षा में स्थापित किया गया। हार के बाद इंदिरा गाँधी ने दक्षिण भारत का रुख किया। अपना पहला चुनाव लड़ रही सोनिया के लिए दक्षिण में 'सेफ सीट' खोजी गई। अब हार से डरे राहुल भी दक्षिण भारत भाग खड़े हुए हैं। चिकमंगलूर, बेल्लारी और अब वायनाड- क्या है इनमें समान? अजातशत्रु के अभियंताओं ने ऐसे रथों का अविष्कार किया, जिनमें घूमते चक्र थे। फारसी रथों में लगी हुई दरांतियाँ इसी से प्रेरित थीं। प्राचीन व्यक्तियों ने कृत्रिम जीवन, रोबोट आदि बनाने के बारे में तब सोचना शुरू कर दिया था, जब वे इसे निष्पादित करने से कोसों दूर थे। अपने हाथों से बूढ़ी महिला को खिलाना, साधु-संतों को दण्डवत प्रणाम, मंदिरों में दर्शन, ग़रीबों संग भोजन, बीजद-कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेताओं का सम्मान- संबित पात्रा ने पुरी में भाजपा के लिए बिगुल बजा दिया है। उनके अभी तक के पूरे चुनावी अभियान का विश्लेषण। जामा मस्जिद के शाही इमाम द्वारा किसी खास पार्टी के समर्थन की घोषणा करने से लेकर जनेऊ और शिव-भक्त बनते हुए भारतीय राजनीति ने लंबा सफर तय कर लिया है। इस सफर में मजार पर चढ़ते चादर से लेकर गंगा आरती तक के स्टेशन आए। लेकिन अब जो आया है, वो 'रंगीला' है, 'खूबसूरत' है। फ़र्ज़ी न्यूज फैलाने में पेशेवर और स्वघोषित फ़ैक्ट-चेकर AltNews के संस्थापक प्रतीक सिन्हा 'कमेंट' के लिए ऑपइंडिया के CEO राहुल रोशन के पास जा पहुँचे। इस प्रतिक्रिया को प्रकाशित इसीलिए किया गया है ताकि ऐसे तत्वों को ऑपइंडिया के CEO के बयान को ग़लत ढंग से प्रचारित और प्रसारित करने का कोई अवसर न मिल सके। मेजर गोगोई के खिलाफ यह मामला जब प्रकाश में आया था तो टुकड़े-टुकड़े गिरोह के समर्थकों ने यह हवा बनानी शुरू कर दी थी कि मेजर गोगोई को कोई सजा नहीं मिलेगी क्योंकि उन्हें 'राईट-विन्गर्स' का समर्थन है। यह ख़बर उनके चेहरे पर सड़े अंडे की तरह है। धर्मांतरण के ज़रिए ईसाई बनने वाली किमी मुंडा ने बताया कि जिस सुकरो मुंडा को हिरासत में लिया गया है वो उसकी मौसी हैं, जो पहले सरना धर्म से थी, बाद में उसने ईसाई धर्म अपना लिया था। 82 साल के पूर्व सांसद राम सिंह अहिरवार को अपना घर खर्च चलाने के लिए बीड़ी बनाने का काम करना पड़ता है और इस उम्र में भी वो इतने सक्रिय हैं कि साईकिल चलाकर लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं। कहानी 1992 नई दिल्ली उपचुनाव की, जिसके बाद 'हारे' हुए शत्रुघ्न सिन्हा को भाजपा ने वो सब कुछ दिया, जो उन्हें किसी और पार्टी में जीतने के बाद भी नहीं नसीब होता। और कहानी अब की, जब वो भीड़ भी नहीं जुटा पाते। भाजपा ने उन्हें सही तरीके से हैंडल किया। यह दिलचस्प है कि आरती पटेल का नाम मोदी विरोधी बयान में शामिल था, जबकि वो ख़ुद पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए #VoteKar अभियान में भाग ले रही हैं, जिसमें लोगों से लोकसभा चुनाव के दौरान बाहर आने और वोट करने का आग्रह किया गया है। ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी के पूर्व सचिव एवं वरिष्ठ नेता पी. सुधाकर रेड्डी ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया है कि पार्टी अपना टिकट देने के लिए उम्मीदवारों से करोड़ों रुपये माँगती है। वायनाड में मुक़ाबला बहुत अधिक दिलचस्प है क्योंकि कॉन्ग्रेस ने 2014 में लोकसभा में माकपा के उम्मीदवार के रूप में मुस्लिम उम्मीदवार एमएल शाहनवाज़ को मैदान में उतारा था। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ने 21,000 मतों के बहुत कम अंतर से जीत हासिल की थी। लालू यादव के समय उनके आस-पास रघुनाथ झा, रघुवंश प्रसाद, अखिलेश सिंह और सीताराम सिंह जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता संकटमोचक के रूप में हुआ करते थे जो पार्टी में किसी भी तरह की स्थिति को संभालने की ताक़त रखते थे। आज पार्टी को इनकी कमी खल रही है। मेनका गाँधी ने सुल्तानपुर में कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वो राहुल गाँधी के खिलाफ प्रचार करने के लिए अमेठी भी जाएँगी। जैसे ही इंजन में खराबी आई, पायलट सूझबूझ दिखाते हुए विमान को आबादी से दूर ले गए। इससे क्रैश वाली साइट पर किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते पायलट ने खुद भी इजेक्ट कर लिया और वो सुरक्षित हैं। पाँच वर्ष पहले तक क्या होता था दुनियाभर से हम पर सवाल-जबाव शुरू हो जाते थे, दुनिया के देश रूल बनाते थे और हम उसे फॉलो करने के लिए मजबूर हो जाते थे। आज हर मामले में देश ख़ुद आगे बढ़कर निर्णय लेता है, फिर चाहे कोई भी मामला हो। सरकार को जहाँ लोगों को जिम्मेदार बनाने की कोशिश करनी चाहिए, उन्हें मेहनत करके अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए, वहाँ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष लोगों में मुफ्तखोरी का बीज बो रहे हैं। अगर प्रवीण को पैरोल दिया जाता है, तो पैरोल बोर्ड होमलैंड सिक्योरिटी से उसे तुरंत हैदराबाद भेजने के लिए कह सकता है या किसी भी राज्य में पहली बार पैरोल दिया जा सकता है। लोकसभा का परिसीमन होने के बाद साल 2008 में केरल की वायनाड सीट अस्तित्व में आई थी। यह सीट कन्नूर, मलाप्पुरम और वायनाड संसदीय क्षेत्र को मिलाकर बनी है। कॉन्ग्रेस ज्वाइन करते ही लोग बौरा काहे जाते हैं? प्रियंका तो 'C' फ़ैक्टर है, पर बाकी? जिस तरह की पार्टी है, और जैसे चाटुकार लोग हैं, वो लोगों की गालियों वाले ट्वीट को भी 'चर्चा में तो हैं हमलोग' मानकर निकल ले रहे हैं। मालिक तो पहले ही मूर्ख है, वो तो पेपर देखकर पढ़ नहीं पाता, उसको कुछ भी कह दो, क्या फ़र्क़ पड़ता है! चुनाव आयोग ने ये निर्देश दिया है कि पहले चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद नेता दूसरे चरण में मतदान होने वाले क्षेत्रों में भी ऐसे भाषण नहीं दे सकते, जिससे पहले चरण के क्षेत्र के लिए वोट अपील करने का भाव उत्पन्न होता हो। बेजान दारूवाला गणेश जी के भक्त हैं और भारत के एक प्रसिद्ध भविष्यवक्ता हैं। उनसे बॉलीवुड के तमाम सितारे भी सलाह लेते हैं। आतंकी संगठन स्कूली बच्चों को नाबालिग होने की वजह से अपना स्लीपर सेल बना रहे हैं। स्कूली बच्चों पर किसी को शक नहीं होगा और ये पकड़े गए तो जुवेनाइल एक्ट में जल्द छूट जाएँगे, इन्हीं वजहों से इन बच्चों को आसान हथियार बनाया जा रहा है। मोदी विरोध के लिए देश की उपलब्धियों को झुठलाने वाली कॉन्ग्रेस व विपक्षी दल फिर कटघरे में हैं। आज नहीं कल, लोग उनसे हिसाब माँगेंगे और पूछेंगे कि देश को मजबूत बनाने वालों की संदिग्ध मौत और भारत को असुरक्षित बनाने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी के इतिहास में इतने ब्लैक होल क्यों हैं? सभी पीड़ितों ने पुलिस के असहयोग की भी बात की, और कुछ ने यह भी कहा कि पुलिस ने उल्टा उन्हें ही और भी प्रताड़ित किया, जबकि आरोपियों को खुला छोड़ दिया। जर्मनी के म्यूनिख में शुक्रवार को भारतीय दंपति के साथ उनके ही अपार्टमेंट पर रहने वाले एक व्यक्ति से बहस हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि व्यक्ति ने दंपति पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमले के दौरान प्रशांत के सिर पर चाकुओं से कई वार किए गए। क्यों दफ़्न किए गए दस्तावेज़? क्या सोनिया गाँधी का इतालवी परिवार बोफोर्स घोटाले में शामिल था? ऑपइंडिया ने इस तरफ अपना ध्यान केंद्रित किया और सबूतों को प्राप्त करने की दिशा में क़दम आगे बढ़ाए जिससे यह पता चल सके कि कहीं सोनिया गाँधी और उनका इटैलियन परिवार बोफोर्स घोटाले में शामिल तो नहीं था और फिर उनके नाम सार्वजनिक रूप से छिपा दिए गए हों। आजादी के बाद पहली बार 'सरकारी MEME', PIB क्यों उतर आई MEME की दुनिया में? PIB सोशल मीडिया के माध्यम से MEME बनाकर जनता से मतदान करने का सन्देश दे रहा है। एक MEME में PIB युवाओं से मतदान के दिन मोबाइल पर PUBG खेलने की जगह मतदान करने का निर्देश दे रहा है। हमले घायल हुए सीआरपीएफ जवान को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जवान का नाम सूरजचंद है। वह 182 बटालियन में तैनात थे। हक़ीक़त क्या है? ये तो चुनाव नज़दीक आते-आते और साफ हो जाएगा। अगर ऐसे ही हवाई माहौल बनाने की कोशिश की गई तो नंबर-1 का किला ढहकर अगर 3 पर जगह मिले तो कोई आश्चर्य की बात नहीं। लता मंगेशकर ने सेना के जवानों को समर्पित करते हुए इन पंक्तियों को अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड किया है। इसे बीजेपी अपनी चुनाव कैम्पेनिंग का गीत बनाएगी। फसल को इसलिए कटवाया जा रहा है ताकि मायावती का विमान आसमान से वहाँ पर उतरे और उनका चुनावी भाषण जोर-शोर से वोटर्स को सुनाया जा सके। चिंता की बात यह भी है कि अभी फ़सल पकने का समय नहीं है, ऐसे में यह फ़सल मवेशियों के चारे के अलावा किसी काम में नहीं आ सकेगा। जो बात अवमानना कानून के भय से देश के उग्रतम पत्रकार और भ्रष्टाचार से लड़ रहे कार्यकर्ता बोलने से कतरा जाएँ, मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने दो-टूक कह दी। वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस बारे में कहना है कि अगर न्यूनतम आय योजना को लागू किया गया तो देश में पहले से चल रहा राजकोषीय घाटा और अधिक बढ़ जाएगा। भारत में पैकेटबंद देसी पेय पदार्थों का बाजार लगभग 32% की दर से बढ़ रहा है। भारतीय कम्पनियाँ एक हद तक राष्ट्रवादी भावनाओं पर भी दाँव लगाती हैं । देश के जवानों की मौत और प्रधानमंत्री के कार्यों पर सवाल उठाने वाले फारूक का नाम उन नेताओं की सूची में रह चुका हैं जिन्हें जान का खतरा होने पर सरकार द्वारा जेड प्लस सिक्योरिटी तक मुहैया कराई गई। प्रियंका जी को बताया गया है कि आप इंसान नहीं बल्कि लगभग अवतार हैं, कि लोग आपको सुनने नहीं बल्कि वे आपके कपड़े, नाक देखने आते हैं, वे यह भी देखने आते हैं कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में आपकी त्वचा में प्रचूर मॉइस्चराइजेशन आखिर कैसे बना रहता है। नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेन्ट्स एंड स्टूडेन्ट्स राइट्स (NAPSR) के सदस्यों ने देहरादून के जिलाधिकारी से मुलाकात कर स्कूल की मान्यता रद्द करने की माँग की है। NAPSR ने माँग की है कि स्कूल की जाँच कर वैधानिक तरीके से कार्रवाई की जाए। चाको और चाको टाइप्स चिरकुट लोग, भूल चुके हैं कि समय बदल गया है और गाँधी चालीसा का पाठ उन्हें सोनिया और राहुल की नज़र में तो 'अले मेला बच्चा' तक तो पहुँचा देगा लेकिन भारत की जनता से नहीं बचाएगा जिसने नेहरू और नकली गाँधियों के कुकर्मों को लगातार झेला है। पुलिस जहाँ इस हत्या को आपसी रंजिश के तौर पर देख रही है, वहीं संघ से संबंध के चलते इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। कुछ मीडिया खबर इसे कार सिलेंडर ब्लास्ट का मामला बता रहे हैं। लेकिन ड्राइवर के गायब होने से इस पूरे धमाके पर शक गहराता जा रहा है। ड्राइवर की खोज फिलहाल जारी है। यह हेडलाइन जो न केवल प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करती है, बल्कि उनकी माँ के लिए भी भद्दे और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। नामांकन दाखिल करने से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा, "मैंने अहमदाबाद के नारनपुरा में संघवी हाई स्कूल में एक बूथ कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और वहाँ से मैं पार्टी का अध्यक्ष बना। एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा और शिवसेना में विचारों में अंतर था, लेकिन एक साथ बैठकर सभी मसलों को हल कर लिया गया है। इस खबर के मूल हकीक़त को परखेे बिना इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना दिखाता है कि आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस प्रकार फेक न्यूज को फैलाने के लिए किया जा रहा है। चीन भारत के द्वारा किए गए 'मिशन शक्ति' के सफल परीक्षण से तो दुखी है ही, साथ ही उसे इस बात का भी दुख है कि भारत को इसमें अमेरिका का सहयोग मिल रहा है। जिस वनुआटू की बात हो रही है असल में वो दक्षिण प्रशांत महासागर का एक छोटा सा द्वीप है, जहाँ से नीरव मोदी अपना व्यापार चलाने की कोशिश में था।
ऑपइंडिया के सारे लेख आज तड़के सुबह पुलवामा जिले के लस्सीपोरा में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों को बीच जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया। एमीसैट के अलावा PSLV C-चार लॉन्च वेहिकल द्वारा अमेरिका के चौबीस, स्पेन का एक, लिथुआनिआ के दो और एक स्विट्ज़रलैंड का सैटेलाइट भी कक्षा में स्थापित किया गया। हार के बाद इंदिरा गाँधी ने दक्षिण भारत का रुख किया। अपना पहला चुनाव लड़ रही सोनिया के लिए दक्षिण में 'सेफ सीट' खोजी गई। अब हार से डरे राहुल भी दक्षिण भारत भाग खड़े हुए हैं। चिकमंगलूर, बेल्लारी और अब वायनाड- क्या है इनमें समान? अजातशत्रु के अभियंताओं ने ऐसे रथों का अविष्कार किया, जिनमें घूमते चक्र थे। फारसी रथों में लगी हुई दरांतियाँ इसी से प्रेरित थीं। प्राचीन व्यक्तियों ने कृत्रिम जीवन, रोबोट आदि बनाने के बारे में तब सोचना शुरू कर दिया था, जब वे इसे निष्पादित करने से कोसों दूर थे। अपने हाथों से बूढ़ी महिला को खिलाना, साधु-संतों को दण्डवत प्रणाम, मंदिरों में दर्शन, ग़रीबों संग भोजन, बीजद-कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेताओं का सम्मान- संबित पात्रा ने पुरी में भाजपा के लिए बिगुल बजा दिया है। उनके अभी तक के पूरे चुनावी अभियान का विश्लेषण। जामा मस्जिद के शाही इमाम द्वारा किसी खास पार्टी के समर्थन की घोषणा करने से लेकर जनेऊ और शिव-भक्त बनते हुए भारतीय राजनीति ने लंबा सफर तय कर लिया है। इस सफर में मजार पर चढ़ते चादर से लेकर गंगा आरती तक के स्टेशन आए। लेकिन अब जो आया है, वो 'रंगीला' है, 'खूबसूरत' है। फ़र्ज़ी न्यूज फैलाने में पेशेवर और स्वघोषित फ़ैक्ट-चेकर AltNews के संस्थापक प्रतीक सिन्हा 'कमेंट' के लिए ऑपइंडिया के CEO राहुल रोशन के पास जा पहुँचे। इस प्रतिक्रिया को प्रकाशित इसीलिए किया गया है ताकि ऐसे तत्वों को ऑपइंडिया के CEO के बयान को ग़लत ढंग से प्रचारित और प्रसारित करने का कोई अवसर न मिल सके। मेजर गोगोई के खिलाफ यह मामला जब प्रकाश में आया था तो टुकड़े-टुकड़े गिरोह के समर्थकों ने यह हवा बनानी शुरू कर दी थी कि मेजर गोगोई को कोई सजा नहीं मिलेगी क्योंकि उन्हें 'राईट-विन्गर्स' का समर्थन है। यह ख़बर उनके चेहरे पर सड़े अंडे की तरह है। धर्मांतरण के ज़रिए ईसाई बनने वाली किमी मुंडा ने बताया कि जिस सुकरो मुंडा को हिरासत में लिया गया है वो उसकी मौसी हैं, जो पहले सरना धर्म से थी, बाद में उसने ईसाई धर्म अपना लिया था। बयासी साल के पूर्व सांसद राम सिंह अहिरवार को अपना घर खर्च चलाने के लिए बीड़ी बनाने का काम करना पड़ता है और इस उम्र में भी वो इतने सक्रिय हैं कि साईकिल चलाकर लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं। कहानी एक हज़ार नौ सौ बानवे नई दिल्ली उपचुनाव की, जिसके बाद 'हारे' हुए शत्रुघ्न सिन्हा को भाजपा ने वो सब कुछ दिया, जो उन्हें किसी और पार्टी में जीतने के बाद भी नहीं नसीब होता। और कहानी अब की, जब वो भीड़ भी नहीं जुटा पाते। भाजपा ने उन्हें सही तरीके से हैंडल किया। यह दिलचस्प है कि आरती पटेल का नाम मोदी विरोधी बयान में शामिल था, जबकि वो ख़ुद पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए #VoteKar अभियान में भाग ले रही हैं, जिसमें लोगों से लोकसभा चुनाव के दौरान बाहर आने और वोट करने का आग्रह किया गया है। ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी के पूर्व सचिव एवं वरिष्ठ नेता पी. सुधाकर रेड्डी ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया है कि पार्टी अपना टिकट देने के लिए उम्मीदवारों से करोड़ों रुपये माँगती है। वायनाड में मुक़ाबला बहुत अधिक दिलचस्प है क्योंकि कॉन्ग्रेस ने दो हज़ार चौदह में लोकसभा में माकपा के उम्मीदवार के रूप में मुस्लिम उम्मीदवार एमएल शाहनवाज़ को मैदान में उतारा था। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ने इक्कीस,शून्य मतों के बहुत कम अंतर से जीत हासिल की थी। लालू यादव के समय उनके आस-पास रघुनाथ झा, रघुवंश प्रसाद, अखिलेश सिंह और सीताराम सिंह जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता संकटमोचक के रूप में हुआ करते थे जो पार्टी में किसी भी तरह की स्थिति को संभालने की ताक़त रखते थे। आज पार्टी को इनकी कमी खल रही है। मेनका गाँधी ने सुल्तानपुर में कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वो राहुल गाँधी के खिलाफ प्रचार करने के लिए अमेठी भी जाएँगी। जैसे ही इंजन में खराबी आई, पायलट सूझबूझ दिखाते हुए विमान को आबादी से दूर ले गए। इससे क्रैश वाली साइट पर किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते पायलट ने खुद भी इजेक्ट कर लिया और वो सुरक्षित हैं। पाँच वर्ष पहले तक क्या होता था दुनियाभर से हम पर सवाल-जबाव शुरू हो जाते थे, दुनिया के देश रूल बनाते थे और हम उसे फॉलो करने के लिए मजबूर हो जाते थे। आज हर मामले में देश ख़ुद आगे बढ़कर निर्णय लेता है, फिर चाहे कोई भी मामला हो। सरकार को जहाँ लोगों को जिम्मेदार बनाने की कोशिश करनी चाहिए, उन्हें मेहनत करके अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए, वहाँ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष लोगों में मुफ्तखोरी का बीज बो रहे हैं। अगर प्रवीण को पैरोल दिया जाता है, तो पैरोल बोर्ड होमलैंड सिक्योरिटी से उसे तुरंत हैदराबाद भेजने के लिए कह सकता है या किसी भी राज्य में पहली बार पैरोल दिया जा सकता है। लोकसभा का परिसीमन होने के बाद साल दो हज़ार आठ में केरल की वायनाड सीट अस्तित्व में आई थी। यह सीट कन्नूर, मलाप्पुरम और वायनाड संसदीय क्षेत्र को मिलाकर बनी है। कॉन्ग्रेस ज्वाइन करते ही लोग बौरा काहे जाते हैं? प्रियंका तो 'C' फ़ैक्टर है, पर बाकी? जिस तरह की पार्टी है, और जैसे चाटुकार लोग हैं, वो लोगों की गालियों वाले ट्वीट को भी 'चर्चा में तो हैं हमलोग' मानकर निकल ले रहे हैं। मालिक तो पहले ही मूर्ख है, वो तो पेपर देखकर पढ़ नहीं पाता, उसको कुछ भी कह दो, क्या फ़र्क़ पड़ता है! चुनाव आयोग ने ये निर्देश दिया है कि पहले चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद नेता दूसरे चरण में मतदान होने वाले क्षेत्रों में भी ऐसे भाषण नहीं दे सकते, जिससे पहले चरण के क्षेत्र के लिए वोट अपील करने का भाव उत्पन्न होता हो। बेजान दारूवाला गणेश जी के भक्त हैं और भारत के एक प्रसिद्ध भविष्यवक्ता हैं। उनसे बॉलीवुड के तमाम सितारे भी सलाह लेते हैं। आतंकी संगठन स्कूली बच्चों को नाबालिग होने की वजह से अपना स्लीपर सेल बना रहे हैं। स्कूली बच्चों पर किसी को शक नहीं होगा और ये पकड़े गए तो जुवेनाइल एक्ट में जल्द छूट जाएँगे, इन्हीं वजहों से इन बच्चों को आसान हथियार बनाया जा रहा है। मोदी विरोध के लिए देश की उपलब्धियों को झुठलाने वाली कॉन्ग्रेस व विपक्षी दल फिर कटघरे में हैं। आज नहीं कल, लोग उनसे हिसाब माँगेंगे और पूछेंगे कि देश को मजबूत बनाने वालों की संदिग्ध मौत और भारत को असुरक्षित बनाने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी के इतिहास में इतने ब्लैक होल क्यों हैं? सभी पीड़ितों ने पुलिस के असहयोग की भी बात की, और कुछ ने यह भी कहा कि पुलिस ने उल्टा उन्हें ही और भी प्रताड़ित किया, जबकि आरोपियों को खुला छोड़ दिया। जर्मनी के म्यूनिख में शुक्रवार को भारतीय दंपति के साथ उनके ही अपार्टमेंट पर रहने वाले एक व्यक्ति से बहस हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि व्यक्ति ने दंपति पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमले के दौरान प्रशांत के सिर पर चाकुओं से कई वार किए गए। क्यों दफ़्न किए गए दस्तावेज़? क्या सोनिया गाँधी का इतालवी परिवार बोफोर्स घोटाले में शामिल था? ऑपइंडिया ने इस तरफ अपना ध्यान केंद्रित किया और सबूतों को प्राप्त करने की दिशा में क़दम आगे बढ़ाए जिससे यह पता चल सके कि कहीं सोनिया गाँधी और उनका इटैलियन परिवार बोफोर्स घोटाले में शामिल तो नहीं था और फिर उनके नाम सार्वजनिक रूप से छिपा दिए गए हों। आजादी के बाद पहली बार 'सरकारी MEME', PIB क्यों उतर आई MEME की दुनिया में? PIB सोशल मीडिया के माध्यम से MEME बनाकर जनता से मतदान करने का सन्देश दे रहा है। एक MEME में PIB युवाओं से मतदान के दिन मोबाइल पर PUBG खेलने की जगह मतदान करने का निर्देश दे रहा है। हमले घायल हुए सीआरपीएफ जवान को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जवान का नाम सूरजचंद है। वह एक सौ बयासी बटालियन में तैनात थे। हक़ीक़त क्या है? ये तो चुनाव नज़दीक आते-आते और साफ हो जाएगा। अगर ऐसे ही हवाई माहौल बनाने की कोशिश की गई तो नंबर-एक का किला ढहकर अगर तीन पर जगह मिले तो कोई आश्चर्य की बात नहीं। लता मंगेशकर ने सेना के जवानों को समर्पित करते हुए इन पंक्तियों को अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड किया है। इसे बीजेपी अपनी चुनाव कैम्पेनिंग का गीत बनाएगी। फसल को इसलिए कटवाया जा रहा है ताकि मायावती का विमान आसमान से वहाँ पर उतरे और उनका चुनावी भाषण जोर-शोर से वोटर्स को सुनाया जा सके। चिंता की बात यह भी है कि अभी फ़सल पकने का समय नहीं है, ऐसे में यह फ़सल मवेशियों के चारे के अलावा किसी काम में नहीं आ सकेगा। जो बात अवमानना कानून के भय से देश के उग्रतम पत्रकार और भ्रष्टाचार से लड़ रहे कार्यकर्ता बोलने से कतरा जाएँ, मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने दो-टूक कह दी। वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस बारे में कहना है कि अगर न्यूनतम आय योजना को लागू किया गया तो देश में पहले से चल रहा राजकोषीय घाटा और अधिक बढ़ जाएगा। भारत में पैकेटबंद देसी पेय पदार्थों का बाजार लगभग बत्तीस% की दर से बढ़ रहा है। भारतीय कम्पनियाँ एक हद तक राष्ट्रवादी भावनाओं पर भी दाँव लगाती हैं । देश के जवानों की मौत और प्रधानमंत्री के कार्यों पर सवाल उठाने वाले फारूक का नाम उन नेताओं की सूची में रह चुका हैं जिन्हें जान का खतरा होने पर सरकार द्वारा जेड प्लस सिक्योरिटी तक मुहैया कराई गई। प्रियंका जी को बताया गया है कि आप इंसान नहीं बल्कि लगभग अवतार हैं, कि लोग आपको सुनने नहीं बल्कि वे आपके कपड़े, नाक देखने आते हैं, वे यह भी देखने आते हैं कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में आपकी त्वचा में प्रचूर मॉइस्चराइजेशन आखिर कैसे बना रहता है। नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेन्ट्स एंड स्टूडेन्ट्स राइट्स के सदस्यों ने देहरादून के जिलाधिकारी से मुलाकात कर स्कूल की मान्यता रद्द करने की माँग की है। NAPSR ने माँग की है कि स्कूल की जाँच कर वैधानिक तरीके से कार्रवाई की जाए। चाको और चाको टाइप्स चिरकुट लोग, भूल चुके हैं कि समय बदल गया है और गाँधी चालीसा का पाठ उन्हें सोनिया और राहुल की नज़र में तो 'अले मेला बच्चा' तक तो पहुँचा देगा लेकिन भारत की जनता से नहीं बचाएगा जिसने नेहरू और नकली गाँधियों के कुकर्मों को लगातार झेला है। पुलिस जहाँ इस हत्या को आपसी रंजिश के तौर पर देख रही है, वहीं संघ से संबंध के चलते इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। कुछ मीडिया खबर इसे कार सिलेंडर ब्लास्ट का मामला बता रहे हैं। लेकिन ड्राइवर के गायब होने से इस पूरे धमाके पर शक गहराता जा रहा है। ड्राइवर की खोज फिलहाल जारी है। यह हेडलाइन जो न केवल प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करती है, बल्कि उनकी माँ के लिए भी भद्दे और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। नामांकन दाखिल करने से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा, "मैंने अहमदाबाद के नारनपुरा में संघवी हाई स्कूल में एक बूथ कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और वहाँ से मैं पार्टी का अध्यक्ष बना। एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा और शिवसेना में विचारों में अंतर था, लेकिन एक साथ बैठकर सभी मसलों को हल कर लिया गया है। इस खबर के मूल हकीक़त को परखेे बिना इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना दिखाता है कि आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस प्रकार फेक न्यूज को फैलाने के लिए किया जा रहा है। चीन भारत के द्वारा किए गए 'मिशन शक्ति' के सफल परीक्षण से तो दुखी है ही, साथ ही उसे इस बात का भी दुख है कि भारत को इसमें अमेरिका का सहयोग मिल रहा है। जिस वनुआटू की बात हो रही है असल में वो दक्षिण प्रशांत महासागर का एक छोटा सा द्वीप है, जहाँ से नीरव मोदी अपना व्यापार चलाने की कोशिश में था।
मनुष्यत्व को उठाने वाली गौरव-भावना उनके छन्दों में बारबार फूट पड़ती है। "धूत कहो, अवधूत कहो, रजपूत कहो, जुलहा कही कोक" आदि पंक्तियों में उनका यह विकट चुनौती का स्वर सुनाई पड़ता है। परंतु उन्होंने समाज में बहुत कष्ट सहा था। बचपन का जीवन सिद्धि प्राप्त कवि को बार-बार याद आता था । "विनय पत्रिका" और "कवितावली" में तुलमीदास के दो चित्र मिलते हैं। एक तो वह जो बाहु-पीड़ा से क्षुब्ध था, काशी निवासियों को महामारी से ग्रस्त होकर प्राण गंवाते देखता था और अंत काल में महारे के लिये बार-बार अपने देवता से उत्कट आत्म-निवेदन करता था। दूसरा चित्र उस तुलसीदास का है जिसने बचपन में दर-दर ठोकरें खाई हैं, जिसे समाज ने कभी सम्मान नहीं दिया और जो केवल देवत्व और उससे अधिक अपने मनुष्यत्व में विश्वास करके दूसरों को चुनौती देता रहा था। घचपन और प्रौदता के बीच के तुलमीदास हमें दिखाई नहीं देते। उनका भ्रमण, माहित्य की माधना, हृदय के अन्य द्वन्द जैसे सिद्धि प्राप्त होने पर तिरोहित हो गये हैं। परंतु वचपन का यह कष्ट और प्रौढ़ता के समय मा परिडतों की अवज्ञा उन्हें नहीं भूली । तुलसीदास का वह व्यकित्म जिसमें व्यंग्य और हास्यप्रियता के साथ. अथाह करुणा और सहानुभूति है, उनकी गेयता का अटूट स्रोत है। स्वान्तः से मध्यकालीन धंधनों में जकड़े हुए मनुष्य ने अपनी अभिव्यक्ति का एक नया सन्देश पाया था। तुलसीदास को छोड़कर दूस और गीतों में अधिक सबको पीछे छोड़ दिया है व्यक्तित्व एक प्रयत्न के पद रचने में भिम उनका है तन्मयना ।
मनुष्यत्व को उठाने वाली गौरव-भावना उनके छन्दों में बारबार फूट पड़ती है। "धूत कहो, अवधूत कहो, रजपूत कहो, जुलहा कही कोक" आदि पंक्तियों में उनका यह विकट चुनौती का स्वर सुनाई पड़ता है। परंतु उन्होंने समाज में बहुत कष्ट सहा था। बचपन का जीवन सिद्धि प्राप्त कवि को बार-बार याद आता था । "विनय पत्रिका" और "कवितावली" में तुलमीदास के दो चित्र मिलते हैं। एक तो वह जो बाहु-पीड़ा से क्षुब्ध था, काशी निवासियों को महामारी से ग्रस्त होकर प्राण गंवाते देखता था और अंत काल में महारे के लिये बार-बार अपने देवता से उत्कट आत्म-निवेदन करता था। दूसरा चित्र उस तुलसीदास का है जिसने बचपन में दर-दर ठोकरें खाई हैं, जिसे समाज ने कभी सम्मान नहीं दिया और जो केवल देवत्व और उससे अधिक अपने मनुष्यत्व में विश्वास करके दूसरों को चुनौती देता रहा था। घचपन और प्रौदता के बीच के तुलमीदास हमें दिखाई नहीं देते। उनका भ्रमण, माहित्य की माधना, हृदय के अन्य द्वन्द जैसे सिद्धि प्राप्त होने पर तिरोहित हो गये हैं। परंतु वचपन का यह कष्ट और प्रौढ़ता के समय मा परिडतों की अवज्ञा उन्हें नहीं भूली । तुलसीदास का वह व्यकित्म जिसमें व्यंग्य और हास्यप्रियता के साथ. अथाह करुणा और सहानुभूति है, उनकी गेयता का अटूट स्रोत है। स्वान्तः से मध्यकालीन धंधनों में जकड़े हुए मनुष्य ने अपनी अभिव्यक्ति का एक नया सन्देश पाया था। तुलसीदास को छोड़कर दूस और गीतों में अधिक सबको पीछे छोड़ दिया है व्यक्तित्व एक प्रयत्न के पद रचने में भिम उनका है तन्मयना ।
चंडीगढ़ नगर निगम की सोमवार को हुई बैठक में हाउस टैक्स, रोड और वाटर सप्लाई कमेटी के गठन से जुड़े प्रस्ताव पास किए गए। वहीं, शहर में लोकसभा के साथ राज्य सभा सीट की मांग के प्रस्ताव को पार्षदों ने हाथ उठाकर मंजूरी दे दी। बैठक में रायपुरकलां की गोशाला में पशु चिकित्सालय और रोगी पशु भवन के निर्माण का प्रस्ताव हंगामे के बीच पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव से पूर्व निगम के सदन में पेड पार्किंग, बिजली के निजीकरण के अलावा वाटर टैरिफ में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए खूब हंगामा हुआ। हालांकि, मेयर सरबजीत कौर ने पार्षदों की हर मांग को सुना, जिनके सवालों के जवाब उन्होंने पूरी तत्परता के साथ दिए। हाउस की बैठक के दौरान भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ में लोकसभा सीट के अलावा राज्यसभा की सीट भी होनी चाहिए। आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ से जुड़े इस मुद्दे को उठाया था। आज सदन में सभी 35 पार्षदों ने इस मुद्दे का समर्थन किया और इसे पास कर दिया। पार्षद जोशी ने कहा कि यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो चंडीगढ़ में लोकसभा के साथ ही राज्यसभा की भी सीट होगी। इस प्रस्ताव को शहर के प्रशासक बीएल पुराहित के पास भेजा जाएगा। यदि प्रशासक से इस प्रस्ताव को सहमति मिल जाती है तो आगे केंद्र के गृह मंत्रालय के पास जाएगा। पशु भवन के निर्माण का प्रस्ताव हंगामे के बीच पारित : कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत ने शहर में गौवंश की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने की मांग की। औद्योगिक क्षेत्र में बनाई गई गौशालाओं के जीर्णोध्दार की बात करते हुए उन्होंने चंडीगढ़ में गौवंश की देखभाल के लिए पशु भवन के निर्माण पर जोर दिया गया। पार्षदों ने रायपुर कलां की गोशाला में पशु चिकित्सालय ओर रोगी पशु भवन के निर्माण का प्रस्ताव हंगामे के बीच पारित कर दिया। बैठक में नगर निगम में ठेके पर 112 कर्मचारियों को रखने का प्रस्ताव भी हाउस ने पास कर दिया। इसके अलावा बैठक के दौरान हाउस टैक्स, रोड और वाटर सप्लाई कमेटी के गठन से जुड़े प्रस्ताव पास हो गए। वहीं रायपुर कलां में 3.79 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पशु अस्पताल की बिल्डिंग के निर्माण, गऊशाला के निर्माण आदि प्रस्ताव भी पास हो गए। इसके अलावा चंडीगढ़ नगर निगम गार्बेज फ्री सिटी के लिए फाइव स्टार रेटिंग घोषित करने का भी प्रस्ताव भी पास हो गया। निगम बैठक के दौरान शहर में पानी के बिल बढ़ाने का मुद्दा भी छाया रहा। सभी पार्षदों ने रेट बढ़ाने के विरोध में लामबंद होने की बात कही। मेयर ने कहा कि वह पानी के रेट नहीं बढ़ने देंगी।
चंडीगढ़ नगर निगम की सोमवार को हुई बैठक में हाउस टैक्स, रोड और वाटर सप्लाई कमेटी के गठन से जुड़े प्रस्ताव पास किए गए। वहीं, शहर में लोकसभा के साथ राज्य सभा सीट की मांग के प्रस्ताव को पार्षदों ने हाथ उठाकर मंजूरी दे दी। बैठक में रायपुरकलां की गोशाला में पशु चिकित्सालय और रोगी पशु भवन के निर्माण का प्रस्ताव हंगामे के बीच पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव से पूर्व निगम के सदन में पेड पार्किंग, बिजली के निजीकरण के अलावा वाटर टैरिफ में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए खूब हंगामा हुआ। हालांकि, मेयर सरबजीत कौर ने पार्षदों की हर मांग को सुना, जिनके सवालों के जवाब उन्होंने पूरी तत्परता के साथ दिए। हाउस की बैठक के दौरान भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ में लोकसभा सीट के अलावा राज्यसभा की सीट भी होनी चाहिए। आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ से जुड़े इस मुद्दे को उठाया था। आज सदन में सभी पैंतीस पार्षदों ने इस मुद्दे का समर्थन किया और इसे पास कर दिया। पार्षद जोशी ने कहा कि यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो चंडीगढ़ में लोकसभा के साथ ही राज्यसभा की भी सीट होगी। इस प्रस्ताव को शहर के प्रशासक बीएल पुराहित के पास भेजा जाएगा। यदि प्रशासक से इस प्रस्ताव को सहमति मिल जाती है तो आगे केंद्र के गृह मंत्रालय के पास जाएगा। पशु भवन के निर्माण का प्रस्ताव हंगामे के बीच पारित : कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत ने शहर में गौवंश की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने की मांग की। औद्योगिक क्षेत्र में बनाई गई गौशालाओं के जीर्णोध्दार की बात करते हुए उन्होंने चंडीगढ़ में गौवंश की देखभाल के लिए पशु भवन के निर्माण पर जोर दिया गया। पार्षदों ने रायपुर कलां की गोशाला में पशु चिकित्सालय ओर रोगी पशु भवन के निर्माण का प्रस्ताव हंगामे के बीच पारित कर दिया। बैठक में नगर निगम में ठेके पर एक सौ बारह कर्मचारियों को रखने का प्रस्ताव भी हाउस ने पास कर दिया। इसके अलावा बैठक के दौरान हाउस टैक्स, रोड और वाटर सप्लाई कमेटी के गठन से जुड़े प्रस्ताव पास हो गए। वहीं रायपुर कलां में तीन.उन्यासी करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पशु अस्पताल की बिल्डिंग के निर्माण, गऊशाला के निर्माण आदि प्रस्ताव भी पास हो गए। इसके अलावा चंडीगढ़ नगर निगम गार्बेज फ्री सिटी के लिए फाइव स्टार रेटिंग घोषित करने का भी प्रस्ताव भी पास हो गया। निगम बैठक के दौरान शहर में पानी के बिल बढ़ाने का मुद्दा भी छाया रहा। सभी पार्षदों ने रेट बढ़ाने के विरोध में लामबंद होने की बात कही। मेयर ने कहा कि वह पानी के रेट नहीं बढ़ने देंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक जब महिला को गेट पर रोका गया तो उसने इसका कारण पूछा। कुछ देर बाद वहां मौजूद गार्ड ने जवाब दिया कि अरब देशों के परिवार यहां मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें ऐसी ड्रेस पहनकर नहीं आना चाहिए। कई बार ऐसा होता है जब किसी रेस्त्रां में लोगों के साथ उनके कपड़ों या उनके धर्म-जाति की वजह से होता है। भारत में तो ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला लंदन के एक मशहूर रेस्त्रां से सामने आया है। इस रेस्त्रां में एक महिला को उस समय रोक दिया गया जब वह महिला अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंची थी। ठीक इसी दौरान उससे कहा था कि कपड़े ठीक नहीं हैं इन्हें बदलकर आएं। दरअसल, यह घटना इंग्लैंड की राजधानी लंदन की है। डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस महिला का नाम कैटी हेवुड है और वह पेशे से एक सोशल मीडिया इनफ्लुंसर हैं। वे लंदन में मौजूद एक नामी रेस्त्रां में पहुंची थीं। महिला ने यहां कपड़ों को लेकर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि रेस्त्रां ने उनसे कहा कि पहले वो अपने कपड़े बदलकर आएं तभी उन्हें एंट्री मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक जब महिला को गेट पर रोका गया तो उसने इसका कारण पूछा। कुछ देर बाद वहां मौजूद गार्ड ने जवाब दिया कि अरब देशों के परिवार यहां मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें ऐसी ड्रेस पहनकर नहीं आना चाहिए था। कैटी ने फिर गार्ड से यह भी कहा कि 'ड्रेस कोड' को लेकर उनकी वेबसाइट पर कुछ नहीं लिखा है। ऐसे में उसे अंदर जाने दिया जाए। आखिर में महिला की वहां मौजूद कर्मचारियों से बहस हो गई। कुछ देर के बीच बचाव के बाद महिला को अंदर जाने दिया गया लेकिन उसे एक जैकेट पहनने की हिदायत दी गई। खुद महिला ने अपने सोशल मीडिया स्पेस में इस बारे में बताया कि शायद वह थोड़ी मोटी दिख रही थीं, इसी कारण उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ। जबकि एक अन्य महिला ने बिलकुल उसी की तरह कपड़े पहन रखे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक जब महिला को गेट पर रोका गया तो उसने इसका कारण पूछा। कुछ देर बाद वहां मौजूद गार्ड ने जवाब दिया कि अरब देशों के परिवार यहां मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें ऐसी ड्रेस पहनकर नहीं आना चाहिए। कई बार ऐसा होता है जब किसी रेस्त्रां में लोगों के साथ उनके कपड़ों या उनके धर्म-जाति की वजह से होता है। भारत में तो ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला लंदन के एक मशहूर रेस्त्रां से सामने आया है। इस रेस्त्रां में एक महिला को उस समय रोक दिया गया जब वह महिला अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंची थी। ठीक इसी दौरान उससे कहा था कि कपड़े ठीक नहीं हैं इन्हें बदलकर आएं। दरअसल, यह घटना इंग्लैंड की राजधानी लंदन की है। डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस महिला का नाम कैटी हेवुड है और वह पेशे से एक सोशल मीडिया इनफ्लुंसर हैं। वे लंदन में मौजूद एक नामी रेस्त्रां में पहुंची थीं। महिला ने यहां कपड़ों को लेकर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि रेस्त्रां ने उनसे कहा कि पहले वो अपने कपड़े बदलकर आएं तभी उन्हें एंट्री मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक जब महिला को गेट पर रोका गया तो उसने इसका कारण पूछा। कुछ देर बाद वहां मौजूद गार्ड ने जवाब दिया कि अरब देशों के परिवार यहां मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें ऐसी ड्रेस पहनकर नहीं आना चाहिए था। कैटी ने फिर गार्ड से यह भी कहा कि 'ड्रेस कोड' को लेकर उनकी वेबसाइट पर कुछ नहीं लिखा है। ऐसे में उसे अंदर जाने दिया जाए। आखिर में महिला की वहां मौजूद कर्मचारियों से बहस हो गई। कुछ देर के बीच बचाव के बाद महिला को अंदर जाने दिया गया लेकिन उसे एक जैकेट पहनने की हिदायत दी गई। खुद महिला ने अपने सोशल मीडिया स्पेस में इस बारे में बताया कि शायद वह थोड़ी मोटी दिख रही थीं, इसी कारण उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ। जबकि एक अन्य महिला ने बिलकुल उसी की तरह कपड़े पहन रखे थे।
आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नए थीम नारे का चुनाव कर लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 'फिर एक बार-मोदी सरकार' नारे को 2019 लोकसभा चुनाव के लिए मंजूरी दी है। BJP की लोकसभा चुनाव प्रचार समिती की पिछली बैठक में इस नारे पर चर्चा हुई थी और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसपर अपनी मुहर लगा दी है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 'अबकी बार मोदी सरकार' के थीम नारे के साथ भारतीय जनता पार्टी उतरी थी और अकेले अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें जीती थीं। इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, 2014 में जिस थीम नारे के दम पर भाजपा को रिकॉर्ड जीत मिली थी, उसमें थोड़ा सा बदलाव करके BJP ने अब 2019 के लिए नया नारा लॉन्च किया है। हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 'फिर एक बार-मोदी सरकार' नारे के अलावा भाजपा लोकसभा चुनाव के दौरान और भी कई नारों का इस्तेमाल करेगी। हाल ही में दिल्ली में संपन्न हुए भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर रणनीति बनाई गई है और पार्टी में कई नारों पर चर्चा की है।
आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने नए थीम नारे का चुनाव कर लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 'फिर एक बार-मोदी सरकार' नारे को दो हज़ार उन्नीस लोकसभा चुनाव के लिए मंजूरी दी है। BJP की लोकसभा चुनाव प्रचार समिती की पिछली बैठक में इस नारे पर चर्चा हुई थी और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसपर अपनी मुहर लगा दी है। दो हज़ार चौदह के लोकसभा चुनाव में 'अबकी बार मोदी सरकार' के थीम नारे के साथ भारतीय जनता पार्टी उतरी थी और अकेले अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें जीती थीं। इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, दो हज़ार चौदह में जिस थीम नारे के दम पर भाजपा को रिकॉर्ड जीत मिली थी, उसमें थोड़ा सा बदलाव करके BJP ने अब दो हज़ार उन्नीस के लिए नया नारा लॉन्च किया है। हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 'फिर एक बार-मोदी सरकार' नारे के अलावा भाजपा लोकसभा चुनाव के दौरान और भी कई नारों का इस्तेमाल करेगी। हाल ही में दिल्ली में संपन्न हुए भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनावों को लेकर रणनीति बनाई गई है और पार्टी में कई नारों पर चर्चा की है।
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने प्रेम और सौहार्द्र के प्रतीक ईद पर्व को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिये जनपद के प्रबुद्ध नागरिको, समाजसेवियो, व्यापार मण्डल के पदाधिकारियो सहित सभी जनप्रतिनिधिगणांं से सहयोग मांगा है। पुलिस अधीक्षक आज कलेक्ट्रेट सभागार में ईद पर्व के दृष्टिगत पीस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन के साथ-साथ जनपद के समस्त प्रबुद्ध निवासीगणों, समाजसेवियों और व्यापारी बन्धुओं तथा अन्य सभी लोगो का दायित्व है कि प्रेम और सौहार्द्र के प्रतीक ईद पर्व को गरिमा के अनुरूप मनाया जाये। उन्होने यह भी कहा कि हिन्दु-मुस्लिम भाई ईद का पर्व आपसी प्रेम और सौहार्द्र के साथ मिलकर मनाते है। उन्होने यह भी बताया कि जनपद प्रतापगढ़ में यह बात बहुत ही अच्छी है कि यहां पर शान्ति व्यवस्था हर पर्व पर कायम रहती है। उपजिलाधिकारी सदर श्री पंकज वर्मा ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित करते हुये कहा कि मस्जिद के आस-पास साफ-सफाई, चूना छिड़काव, पानी पीने के टैंकर आदि की व्यवस्था सुचारू रूप से कर दी जाये। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) राजकुमार अग्रवाल ने भी पीस कमेटी को सम्बोधित करते हुये कहा कि कोई भी त्योहार भाईचारे का प्रतीक होता है और इसको इसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव, उप जिलाधिकारी सदर पंकज वर्मा, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष मंजीत सिंह छावड़ा, टांसप्रोर्ट के अध्यक्ष श्री विजय सिंह, अशोक कुमार सिंह, सद्दाम अहमद, मो0 कासिम, अकरम खान, सुरेश मोदनवाल, मनीष कुमार, रमाशंकर जयसवाल आदि सहित सम्भ्रान्त नागरिक मौजूद रहे। ---------------------------------------------------------------------------------------------------------- Disclaimer हमे आप के इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करे और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य मे कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह ईमेल hindustankiaawaz.in@gmail.com भेज कर सूचित करे । साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दे । जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने प्रेम और सौहार्द्र के प्रतीक ईद पर्व को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिये जनपद के प्रबुद्ध नागरिको, समाजसेवियो, व्यापार मण्डल के पदाधिकारियो सहित सभी जनप्रतिनिधिगणांं से सहयोग मांगा है। पुलिस अधीक्षक आज कलेक्ट्रेट सभागार में ईद पर्व के दृष्टिगत पीस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन के साथ-साथ जनपद के समस्त प्रबुद्ध निवासीगणों, समाजसेवियों और व्यापारी बन्धुओं तथा अन्य सभी लोगो का दायित्व है कि प्रेम और सौहार्द्र के प्रतीक ईद पर्व को गरिमा के अनुरूप मनाया जाये। उन्होने यह भी कहा कि हिन्दु-मुस्लिम भाई ईद का पर्व आपसी प्रेम और सौहार्द्र के साथ मिलकर मनाते है। उन्होने यह भी बताया कि जनपद प्रतापगढ़ में यह बात बहुत ही अच्छी है कि यहां पर शान्ति व्यवस्था हर पर्व पर कायम रहती है। उपजिलाधिकारी सदर श्री पंकज वर्मा ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित करते हुये कहा कि मस्जिद के आस-पास साफ-सफाई, चूना छिड़काव, पानी पीने के टैंकर आदि की व्यवस्था सुचारू रूप से कर दी जाये। अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार अग्रवाल ने भी पीस कमेटी को सम्बोधित करते हुये कहा कि कोई भी त्योहार भाईचारे का प्रतीक होता है और इसको इसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव, उप जिलाधिकारी सदर पंकज वर्मा, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष मंजीत सिंह छावड़ा, टांसप्रोर्ट के अध्यक्ष श्री विजय सिंह, अशोक कुमार सिंह, सद्दाम अहमद, मोशून्य कासिम, अकरम खान, सुरेश मोदनवाल, मनीष कुमार, रमाशंकर जयसवाल आदि सहित सम्भ्रान्त नागरिक मौजूद रहे। ---------------------------------------------------------------------------------------------------------- Disclaimer हमे आप के इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करे और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य मे कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह ईमेल hindustankiaawaz.in@gmail.com भेज कर सूचित करे । साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दे । जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2023) के 16वें सीजन का अंत अब आ गया है। लीग के आखिरी दो मुकाबले आज यानी 21 मई को ही खेले जाने है। ऐसे में हमें इस सीजन अब तक तीन क्वालीफायर टीमें मिल गई है। वहीं गुजरात टाइटंस, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है। हालांकि अब आरसीबी, आरआर और एमआई के बीच चौथे स्थान के लिए जंग बाकी है। वहीं लीग का आखिरी मुकाबला आरसीबी बनाम जीटी के बीच खेला जाना है। इसी बीच आपको बताएंगे कि इस सीजन इन बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने अपने प्रदर्शन से दिग्गजों समेत सभी को प्रभावित किया है। राजस्थान रॉयल्स के स्टार सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने आईपीएल 2023 में बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। जायवाल अपनी टीम के लिए टॉप रन स्कोरर भी रहे है। इसके अलावा उन्होंने अपने बल्ले से काफी गेंदबाजों को परेशान किया है। उन्होंने इस सीजन 14 मैचों में 48. 8 की औसत से 625 रन बनाए है और साथ ही टॉप रन स्कोरर की लिस्ट में टॉप-2 में शामिल है। वहीं जायस्वाल के इस प्रदर्शन के बाद दिग्गजों का कहना है कि उन्हें जल्द ही टीम इंडिया से बुलावा आ सकता है। कोलकाता नाइट राइडर्स के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह ने अपने शामदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खीचा है। उन्होंने इस सीजन केकेआर के लिए आंद्रे रसेल वाला काम खुद किया है, जिसके बाद सभी कह है कि उन्हें भारतीय टीम की ओर से बुलावा आ सकता है। उन्होंने आईपीएल 2023 में 14 मैचों में 59. 45 की औसत के साथ 474 रन बनाए है औऱ साथ ही अपनी टीम के लिए टॉप रन स्कोरर भी रहे है। इसके अलावा 16वें सीजन में रिंकू की सबसे अधिक औसत भी रही है। गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेलबाज शुभमन गिल पिछले कुछ समय से बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि आईपीएल 2023 में भी गिल ने अपना आईपीएल का पहला शतक लगाकर साबिक कर दिया है कि वो किसी बल्लेबाज से कम नहीं है। उन्होंने इस सीजन 13 मैचों में 48 की औसत से 576 रन बनाए है। इस दौरान उन्होंने एक शतक भी लगाया है। हालांकि अभी लीग का उनका आखिरी मुकाबला आरसीबी के खिलाफ बचा हुआ है। चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार पेसर तुषार देशपांडे ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि एमएस धोनी के अंडर काम करने से खिलाड़ी को अच्छा करना ही करना होता है। लेकिन उन्होंने सीएसके के लिए काफी अच्छा किया है और टीम के लिए टॉप विकेट टेकर भी रहे हैं। उन्होंने 14 मैचों में 20 विकेट अपने नाम किए है। वहीं उन्होंने इस दौरान कई बल्लेबाजों को परेशान किया है। मुंबई इंडियंस के स्टार स्पिनर पीयूष चावला ने इस साल अपने फिरकी से सभी बल्लेबाजों के नाक में दम कर के रखा हुआ था। हालांकि चावला पिछले साल बिके नहीं थे, लेकिन बार मुंबई इंडियंस ने उन्हें खरीदा और उन्होंने कमान भी किया है। उऩ्होंने इस बार 13 मैचों में 20 विकेट लिए है। इसके साथ ही टीम के लिए टॉप विकेट टेकर भी रहे है। इसके अलावा सीजन में चौथे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज है। राजस्थान रॉयल्स के स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल ने भारतीय टीम के लिए भी अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन कुछ समय बाद उनको टीम में जगह नहीं मिल पा रही है। हालांकि आईपीएल 2023 में उन्होंने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने पिछले बार आईपीएल 2022 में सबसे ज्यादा विकेट लिए थे, जिसके बाद टीम इंडिया बी में जगह मिली थी। हालांकि इस बार भी उन्होंने सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने इस सीजन 14 मैचों में 21 विकेट लिए है। वहीं इस सीजन सबसे विकेट लेने के मामले में तीसरे स्थान पर भी है। क्रिकेट और अन्य खेल से सम्बंधित खबरों (Latest Cricket News, Sports News, Breaking Sports News, Viral Video) को पढ़ने के लिए हमें गूगल न्यूज (Google News) पर फॉलो करें।
इंडियन प्रीमियर लीग के सोलहवें सीजन का अंत अब आ गया है। लीग के आखिरी दो मुकाबले आज यानी इक्कीस मई को ही खेले जाने है। ऐसे में हमें इस सीजन अब तक तीन क्वालीफायर टीमें मिल गई है। वहीं गुजरात टाइटंस, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है। हालांकि अब आरसीबी, आरआर और एमआई के बीच चौथे स्थान के लिए जंग बाकी है। वहीं लीग का आखिरी मुकाबला आरसीबी बनाम जीटी के बीच खेला जाना है। इसी बीच आपको बताएंगे कि इस सीजन इन बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने अपने प्रदर्शन से दिग्गजों समेत सभी को प्रभावित किया है। राजस्थान रॉयल्स के स्टार सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने आईपीएल दो हज़ार तेईस में बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। जायवाल अपनी टीम के लिए टॉप रन स्कोरर भी रहे है। इसके अलावा उन्होंने अपने बल्ले से काफी गेंदबाजों को परेशान किया है। उन्होंने इस सीजन चौदह मैचों में अड़तालीस. आठ की औसत से छः सौ पच्चीस रन बनाए है और साथ ही टॉप रन स्कोरर की लिस्ट में टॉप-दो में शामिल है। वहीं जायस्वाल के इस प्रदर्शन के बाद दिग्गजों का कहना है कि उन्हें जल्द ही टीम इंडिया से बुलावा आ सकता है। कोलकाता नाइट राइडर्स के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह ने अपने शामदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खीचा है। उन्होंने इस सीजन केकेआर के लिए आंद्रे रसेल वाला काम खुद किया है, जिसके बाद सभी कह है कि उन्हें भारतीय टीम की ओर से बुलावा आ सकता है। उन्होंने आईपीएल दो हज़ार तेईस में चौदह मैचों में उनसठ. पैंतालीस की औसत के साथ चार सौ चौहत्तर रन बनाए है औऱ साथ ही अपनी टीम के लिए टॉप रन स्कोरर भी रहे है। इसके अलावा सोलहवें सीजन में रिंकू की सबसे अधिक औसत भी रही है। गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेलबाज शुभमन गिल पिछले कुछ समय से बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि आईपीएल दो हज़ार तेईस में भी गिल ने अपना आईपीएल का पहला शतक लगाकर साबिक कर दिया है कि वो किसी बल्लेबाज से कम नहीं है। उन्होंने इस सीजन तेरह मैचों में अड़तालीस की औसत से पाँच सौ छिहत्तर रन बनाए है। इस दौरान उन्होंने एक शतक भी लगाया है। हालांकि अभी लीग का उनका आखिरी मुकाबला आरसीबी के खिलाफ बचा हुआ है। चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार पेसर तुषार देशपांडे ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि एमएस धोनी के अंडर काम करने से खिलाड़ी को अच्छा करना ही करना होता है। लेकिन उन्होंने सीएसके के लिए काफी अच्छा किया है और टीम के लिए टॉप विकेट टेकर भी रहे हैं। उन्होंने चौदह मैचों में बीस विकेट अपने नाम किए है। वहीं उन्होंने इस दौरान कई बल्लेबाजों को परेशान किया है। मुंबई इंडियंस के स्टार स्पिनर पीयूष चावला ने इस साल अपने फिरकी से सभी बल्लेबाजों के नाक में दम कर के रखा हुआ था। हालांकि चावला पिछले साल बिके नहीं थे, लेकिन बार मुंबई इंडियंस ने उन्हें खरीदा और उन्होंने कमान भी किया है। उऩ्होंने इस बार तेरह मैचों में बीस विकेट लिए है। इसके साथ ही टीम के लिए टॉप विकेट टेकर भी रहे है। इसके अलावा सीजन में चौथे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज है। राजस्थान रॉयल्स के स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल ने भारतीय टीम के लिए भी अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन कुछ समय बाद उनको टीम में जगह नहीं मिल पा रही है। हालांकि आईपीएल दो हज़ार तेईस में उन्होंने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने पिछले बार आईपीएल दो हज़ार बाईस में सबसे ज्यादा विकेट लिए थे, जिसके बाद टीम इंडिया बी में जगह मिली थी। हालांकि इस बार भी उन्होंने सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने इस सीजन चौदह मैचों में इक्कीस विकेट लिए है। वहीं इस सीजन सबसे विकेट लेने के मामले में तीसरे स्थान पर भी है। क्रिकेट और अन्य खेल से सम्बंधित खबरों को पढ़ने के लिए हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें।
रावलपिंडीः पदार्पण कर रहे बाएं हाथ के बल्लेबाज सऊद शकील और मोहम्मद रिजवान की उम्दा पारियों से इंग्लैंड के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के अंतिम दिन लंच तक पाकिस्तान जीत से 174 रन दूर है। इंग्लैंड के 343 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने लंच तक तीन विकेट पर 169 रन बना लिए हैं। लंच के समय शकील 63 जबकि रिजवान 42 रन बनाकर खेल रहे थे। सुबह के सत्र में आक्रामक क्षेत्ररक्षण सजाने के बावजूद इंग्लैंड सिर्फ इमाम उल हक (48) का विकेट हासिल कर पाया। पाकिस्तान ने दिन की शुरुआत दो विकेट पर 80 रन से की। अनुभवी जेम्स एंडरसन ने दिन के छठे ओवर में इमाम को लेग साइड से बाहर जाती गेंद पर विकेटकीपर ओली पोप के हाथों कैच कराया। कप्तान बेन स्टोक्स के आक्रामक क्षेत्र के सामने रिजवान को खाता खोलने के लिए 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने 24वीं गेंद पर खाता खोला। रिजवान ने हालांकि इसके बाद स्पिनरों के खिलाफ खुलकर बल्लेबाजी की जिससे पाकिस्तान ने सुबह के सत्र में 89 रन जोड़े। रिजवान ने ऑफ स्पिनर विल जैक्स के खिलाफ दो चौकों के साथ शुरुआत की। शकील ने बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच पर सीधा चौका जड़कर 104 गेंद में पहला अर्धशतक पूरा किया। (एजेंसी)
रावलपिंडीः पदार्पण कर रहे बाएं हाथ के बल्लेबाज सऊद शकील और मोहम्मद रिजवान की उम्दा पारियों से इंग्लैंड के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के अंतिम दिन लंच तक पाकिस्तान जीत से एक सौ चौहत्तर रन दूर है। इंग्लैंड के तीन सौ तैंतालीस रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने लंच तक तीन विकेट पर एक सौ उनहत्तर रन बना लिए हैं। लंच के समय शकील तिरेसठ जबकि रिजवान बयालीस रन बनाकर खेल रहे थे। सुबह के सत्र में आक्रामक क्षेत्ररक्षण सजाने के बावजूद इंग्लैंड सिर्फ इमाम उल हक का विकेट हासिल कर पाया। पाकिस्तान ने दिन की शुरुआत दो विकेट पर अस्सी रन से की। अनुभवी जेम्स एंडरसन ने दिन के छठे ओवर में इमाम को लेग साइड से बाहर जाती गेंद पर विकेटकीपर ओली पोप के हाथों कैच कराया। कप्तान बेन स्टोक्स के आक्रामक क्षेत्र के सामने रिजवान को खाता खोलने के लिए पैंतालीस मिनट तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने चौबीसवीं गेंद पर खाता खोला। रिजवान ने हालांकि इसके बाद स्पिनरों के खिलाफ खुलकर बल्लेबाजी की जिससे पाकिस्तान ने सुबह के सत्र में नवासी रन जोड़े। रिजवान ने ऑफ स्पिनर विल जैक्स के खिलाफ दो चौकों के साथ शुरुआत की। शकील ने बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच पर सीधा चौका जड़कर एक सौ चार गेंद में पहला अर्धशतक पूरा किया।
गुण, दोप और उनकी निवृत्ति अहंका अस्तित्व ही नहीं रह सकता। यह नियम है कि सोमित अहंके मिटते हो 'मम' मिट जाता है तथा 'अहं' और 'मम' के नाश होते ही सीमित प्रोति अर्थात् सब प्रकारको आसक्तिया मिट जाती हैं, जिनके मिटते हो सभी दोष मिट जाते हैं। फिर गुण और दोपका द्वन्द्व नहीं रहता । कामनाओंकी निवृत्तिमें चिरशान्ति और सामर्थ्य, जिशासाको पूर्तिमें अमरत्व और समस्त आसक्तियोंको निवृत्तिमें दिव्य चिन्मय प्रीति निहित है। यद्यपि दिव्य चिन्मय प्रीति बीजरूपसे सभोमें विद्यमान है। परन्तु वह अविवेकसे आच्छादित हो जाती है, अविवेक उसका विनाश नहीं कर सकता। इसी कारण प्राणिमात्रमें किसी-न-किसी रूपमें प्रोति रहती है, जैसे हिंसक प्राणी भी अपने शरीरसे और अपने बच्चोसे प्रीति करते हैं। प्रीतिको न्यूनतामें हो लोभ, मोह, आसक्ति, जड़ता एवं हिंसा आदि दोष उत्पन्न होते हैं और प्रीति की व्यापकतामें ही निर्मोहता, निर्लोभता, अनासक्ति, चिन्मयता आदि दिव्य गुणोंका प्रादुर्भाव होता है। इस दृष्टिसे सभी दोपोंका मूल प्रीतिको न्यूनता और सभी दिव्य गुणोंके प्रादुर्भावका हेतु प्रीतिको अनन्तता है। प्रोति न तो किसो कर्मका फल है और न अभ्यासका हो; क्योंकि कर्मका फल नित्य नही हो सकता और प्रीति नित्यतत्त्व है । अभ्यास अनंत नहीं हो सकता, श्रमरहित नहीं सकता, अहंरहित नहीं हो सकता; परन्तु प्रीति महंरहित है, अनन्त है, मौर दिव्य चिन्मय है। ई आदर करनेपर सीमित अहंभावरूपी अन्धकार, जो अविवेक है, स्वतः मिट जाता है। उसके मिटते ही समस्त दोष नष्ट हो जाते हैं; क्योंकि जिस भूमिमें दोष निवास करते थे वह भूमि ही शेष नहीं रहती। अब विचार यह करना है कि विवेकका आदर क्या है ? तो कहना होगा कि 'यह' को 'मैं' न मानना ही विवेकका आदर है, जिसके करते ही सीमित अहंभाव मिट जाता है। जिस प्रकार सूर्यका उदय और अन्धकारको निवृत्ति युगपत् है, उसी प्रकार विवेकका आदर और अविवेककी निवृत्ति युगपत् है । 'यह' को 'मैं' न मानने पर सभी दोष मिट जाते हैं, जिनके मिटते ही स्वतः दिव्य गुण प्रकाशित होते हैं, क्योंकि 'यह' को 'मैं' न माननेसे कामनाओंका अन्त हो जाता है और कामनाओंकी निवृत्तिमें ही जिज्ञासाकी पूर्ति निहित है । कामनाओंकी निवृत्ति और जिज्ञासाकी पूर्ति होते ही सीमित अहंभाव- जैसी कोई वस्तु ही शेष नहीं रहती, क्योंकि सभी कामनाओंका उद्गमस्थान जो 'यह' को 'मैं' मानना था, वह शेष नहीं रहा । अब यदि कोई यह कहे कि कामना-रहित होनेपर क्या जिज्ञासाके आधारपर सीमित अहं नहीं रह सकता ? तो कहना होगा कि कदापि नहीं; क्योंकि जिज्ञासा उसीकी होती है जिससे देश-कालकी दूरी नहीं है और जो उत्पत्ति विनाशयुक्त नहीं है। जिससे देश-कालकी दूरी नहीं है और जो अविनाशी है उसकी जिज्ञासा उसीमें विलीन हो जाती है, यह प्राकृतिक विधान है । अतः कामनाओंकी निवृत्ति और जिज्ञासाकी पूर्ति होनेपर सीमित
गुण, दोप और उनकी निवृत्ति अहंका अस्तित्व ही नहीं रह सकता। यह नियम है कि सोमित अहंके मिटते हो 'मम' मिट जाता है तथा 'अहं' और 'मम' के नाश होते ही सीमित प्रोति अर्थात् सब प्रकारको आसक्तिया मिट जाती हैं, जिनके मिटते हो सभी दोष मिट जाते हैं। फिर गुण और दोपका द्वन्द्व नहीं रहता । कामनाओंकी निवृत्तिमें चिरशान्ति और सामर्थ्य, जिशासाको पूर्तिमें अमरत्व और समस्त आसक्तियोंको निवृत्तिमें दिव्य चिन्मय प्रीति निहित है। यद्यपि दिव्य चिन्मय प्रीति बीजरूपसे सभोमें विद्यमान है। परन्तु वह अविवेकसे आच्छादित हो जाती है, अविवेक उसका विनाश नहीं कर सकता। इसी कारण प्राणिमात्रमें किसी-न-किसी रूपमें प्रोति रहती है, जैसे हिंसक प्राणी भी अपने शरीरसे और अपने बच्चोसे प्रीति करते हैं। प्रीतिको न्यूनतामें हो लोभ, मोह, आसक्ति, जड़ता एवं हिंसा आदि दोष उत्पन्न होते हैं और प्रीति की व्यापकतामें ही निर्मोहता, निर्लोभता, अनासक्ति, चिन्मयता आदि दिव्य गुणोंका प्रादुर्भाव होता है। इस दृष्टिसे सभी दोपोंका मूल प्रीतिको न्यूनता और सभी दिव्य गुणोंके प्रादुर्भावका हेतु प्रीतिको अनन्तता है। प्रोति न तो किसो कर्मका फल है और न अभ्यासका हो; क्योंकि कर्मका फल नित्य नही हो सकता और प्रीति नित्यतत्त्व है । अभ्यास अनंत नहीं हो सकता, श्रमरहित नहीं सकता, अहंरहित नहीं हो सकता; परन्तु प्रीति महंरहित है, अनन्त है, मौर दिव्य चिन्मय है। ई आदर करनेपर सीमित अहंभावरूपी अन्धकार, जो अविवेक है, स्वतः मिट जाता है। उसके मिटते ही समस्त दोष नष्ट हो जाते हैं; क्योंकि जिस भूमिमें दोष निवास करते थे वह भूमि ही शेष नहीं रहती। अब विचार यह करना है कि विवेकका आदर क्या है ? तो कहना होगा कि 'यह' को 'मैं' न मानना ही विवेकका आदर है, जिसके करते ही सीमित अहंभाव मिट जाता है। जिस प्रकार सूर्यका उदय और अन्धकारको निवृत्ति युगपत् है, उसी प्रकार विवेकका आदर और अविवेककी निवृत्ति युगपत् है । 'यह' को 'मैं' न मानने पर सभी दोष मिट जाते हैं, जिनके मिटते ही स्वतः दिव्य गुण प्रकाशित होते हैं, क्योंकि 'यह' को 'मैं' न माननेसे कामनाओंका अन्त हो जाता है और कामनाओंकी निवृत्तिमें ही जिज्ञासाकी पूर्ति निहित है । कामनाओंकी निवृत्ति और जिज्ञासाकी पूर्ति होते ही सीमित अहंभाव- जैसी कोई वस्तु ही शेष नहीं रहती, क्योंकि सभी कामनाओंका उद्गमस्थान जो 'यह' को 'मैं' मानना था, वह शेष नहीं रहा । अब यदि कोई यह कहे कि कामना-रहित होनेपर क्या जिज्ञासाके आधारपर सीमित अहं नहीं रह सकता ? तो कहना होगा कि कदापि नहीं; क्योंकि जिज्ञासा उसीकी होती है जिससे देश-कालकी दूरी नहीं है और जो उत्पत्ति विनाशयुक्त नहीं है। जिससे देश-कालकी दूरी नहीं है और जो अविनाशी है उसकी जिज्ञासा उसीमें विलीन हो जाती है, यह प्राकृतिक विधान है । अतः कामनाओंकी निवृत्ति और जिज्ञासाकी पूर्ति होनेपर सीमित
Pawan Singh and Kajal Raghwani: पवन सिंह एक बेहद लोकप्रिय भोजपुरी स्टार हैं। उनकी फैन फॉलोइंग सिर्फ एक राज्य में नहीं है, बल्कि वह पूरे भारत में समान रूप से प्रसिद्ध हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। उनके नए और पुराने दोनों गाने देश भर में उनके प्रशंसकों द्वारा पसंद किए जाते हैं। सुपरस्टार पवन सिंह ने पिछले कई सालों में कई अभिनेत्रियों के साथ काम किया है और उनमें से एक हैं काजल राघवानी। जो वीडियो हम आपके लिए यहां लेकर आए हैं वह एक रोमांटिक गाना है जिसका टाइटल 'मेहरी के सुख' है। इस वीडियो में पवन सिंह बेड पर काजल राघवानी के साथ रोमांस करते नजर आ रहे हैं. पवन सिंह और काजल राघवानी ने कई हिट नंबर दिए हैं लेकिन यह एक खास है। यहां देखिए पूरी तरह से बटरली स्वादिष्ट रोमांटिक गानाः इस सुपरहिट गाने का टाइटल है मेहरी के सुख नहीं देबू। ये भोजपुरी गाना पवन सिंह और काजल राघवानी का सबसे हिट गाना है. गाने में पवन सिंह और कदल राघवानी बंद कमरे में रोमांस कर रहे हैं. इस रोमांटिक गाने के बोल और म्यूजिक बहुत ही शानदार है. कपल की रोमांटिक केमिस्ट्री फैन्स को खूब पसंद आ रही है. गाने में पवन सिंह काफी स्टाइलिश दिख रहे हैं और उनका लुक भी काफी अट्रैक्टिव है. काजल राघवानी ने नाइट सूट पहना हुआ है और एक्ट्रेस भी बेहद खूबसूरत लग रही हैं. इस गाने को पवन सिंह और भोजपुरी सिंगर इंदु सोनाली ने गाया है. इस गाने को DRJ Records भोजपुरी नाम के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है. इस गाने पर अब तक लाखों व्यूज आ चुके हैं और कई कमेंट भी आ रहे हैं. यह भी पढ़ेंः
Pawan Singh and Kajal Raghwani: पवन सिंह एक बेहद लोकप्रिय भोजपुरी स्टार हैं। उनकी फैन फॉलोइंग सिर्फ एक राज्य में नहीं है, बल्कि वह पूरे भारत में समान रूप से प्रसिद्ध हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। उनके नए और पुराने दोनों गाने देश भर में उनके प्रशंसकों द्वारा पसंद किए जाते हैं। सुपरस्टार पवन सिंह ने पिछले कई सालों में कई अभिनेत्रियों के साथ काम किया है और उनमें से एक हैं काजल राघवानी। जो वीडियो हम आपके लिए यहां लेकर आए हैं वह एक रोमांटिक गाना है जिसका टाइटल 'मेहरी के सुख' है। इस वीडियो में पवन सिंह बेड पर काजल राघवानी के साथ रोमांस करते नजर आ रहे हैं. पवन सिंह और काजल राघवानी ने कई हिट नंबर दिए हैं लेकिन यह एक खास है। यहां देखिए पूरी तरह से बटरली स्वादिष्ट रोमांटिक गानाः इस सुपरहिट गाने का टाइटल है मेहरी के सुख नहीं देबू। ये भोजपुरी गाना पवन सिंह और काजल राघवानी का सबसे हिट गाना है. गाने में पवन सिंह और कदल राघवानी बंद कमरे में रोमांस कर रहे हैं. इस रोमांटिक गाने के बोल और म्यूजिक बहुत ही शानदार है. कपल की रोमांटिक केमिस्ट्री फैन्स को खूब पसंद आ रही है. गाने में पवन सिंह काफी स्टाइलिश दिख रहे हैं और उनका लुक भी काफी अट्रैक्टिव है. काजल राघवानी ने नाइट सूट पहना हुआ है और एक्ट्रेस भी बेहद खूबसूरत लग रही हैं. इस गाने को पवन सिंह और भोजपुरी सिंगर इंदु सोनाली ने गाया है. इस गाने को DRJ Records भोजपुरी नाम के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है. इस गाने पर अब तक लाखों व्यूज आ चुके हैं और कई कमेंट भी आ रहे हैं. यह भी पढ़ेंः
नोएडा, दो दिसंबर नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन करने पर अड़े किसानों ने बुधवार को दूसरे दिन भी नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर धरना दिया जिससे उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग को बंद करना पड़ा। पुलिस ने हालांकि काफी मशक्कत के बाद दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिये मार्ग खुलवाने में सफलता पाई। नोएडा यातायात पुलिस ने सुबह ही यात्रियों को डीएनडी या कालिंदी कुंज मार्ग इस्तेमाल करने का परामर्श जारी किया था। लोगों को चिल्ला मार्ग और नोएडा लिंक रोड से बचने को कहा गया था जो धरने की वजह से मंगलवार शाम से बंद था। उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर पर्याप्त संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात है। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को भारतीय किसान परिषद के बैनर तले किसान नेता सुखबीर पहलवान तथा उनके साथ दर्जनों लोग नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने बताया कि ये लोग डीएनडी के रास्ते दिल्ली में प्रवेश करना चाह रहे थे। दलित प्रेरणा स्थल के पास सुबीर पहलवान सहित दर्जनों किसान नेताओ को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को पुलिस लाइन में रखा गया है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को अलीगढ़, हाथरस, आगरा और गौतमबुद्ध नगर जिले के सैकड़ों किसान नोएडा में चिल्ला बॉर्डर पहुंच गए थे। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
नोएडा, दो दिसंबर नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन करने पर अड़े किसानों ने बुधवार को दूसरे दिन भी नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर धरना दिया जिससे उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग को बंद करना पड़ा। पुलिस ने हालांकि काफी मशक्कत के बाद दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिये मार्ग खुलवाने में सफलता पाई। नोएडा यातायात पुलिस ने सुबह ही यात्रियों को डीएनडी या कालिंदी कुंज मार्ग इस्तेमाल करने का परामर्श जारी किया था। लोगों को चिल्ला मार्ग और नोएडा लिंक रोड से बचने को कहा गया था जो धरने की वजह से मंगलवार शाम से बंद था। उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर पर्याप्त संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात है। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को भारतीय किसान परिषद के बैनर तले किसान नेता सुखबीर पहलवान तथा उनके साथ दर्जनों लोग नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने बताया कि ये लोग डीएनडी के रास्ते दिल्ली में प्रवेश करना चाह रहे थे। दलित प्रेरणा स्थल के पास सुबीर पहलवान सहित दर्जनों किसान नेताओ को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को पुलिस लाइन में रखा गया है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को अलीगढ़, हाथरस, आगरा और गौतमबुद्ध नगर जिले के सैकड़ों किसान नोएडा में चिल्ला बॉर्डर पहुंच गए थे। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
Ghee Milk Benefits: दूध और घी हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. ये दोनों ही खाद्य पदार्थ छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग व्यक्ति के स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करते हैं। दूध और घी सदियों से हमारे आहार का अभिन्न अंग रहे हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व हमारे शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। आयुर्वेद के जानकार मानते हैं कि रात को खाना खाने के बाद एक गिलास दूध पीने से सेहत दुरुस्त रहती है। इससे हमारी सेहत को कई बेहतरीन फायदे होते हैं। अगर दूध में कुछ चीजें मिला दी जाएं तो सेहत को चमत्कारी फायदे मिल सकते हैं। अगर गुनगुने दूध में एक चम्मच घी डालकर पिया जाए तो आप कुछ ही दिनों में स्वस्थ हो सकते हैं। दूध और घी का मिश्रण बहुत अच्छा माना जाता है और इन दोनों चीजों में मौजूद पोषक तत्व शरीर को रातों-रात ताकतवर बना सकते हैं। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच घी मिलाकर पीने से इम्युनिटी तेजी से मजबूत होती है और पाचन संबंधी कई समस्याओं से राहत मिलती है। दूध में प्रोटीन, वसा और ट्रिप्टोफैन नामक यौगिक होता है, जो हमारे शरीर में पहुंचकर सेरोटोनिन में परिवर्तित हो जाता है। यह हमारे शरीर की नसों को आराम देता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है। घी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। दोनों को एक साथ पीने से अच्छी नींद आती है। अगर आप सर्दी-खांसी से जूझ रहे हैं तो दूध में घी मिलाकर पीना काफी फायदेमंद हो सकता है। यह एक आयुर्वेदिक नुस्खा है, जो जोड़ों के दर्द से राहत देता है और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। गर्म दूध में घी मिलाने से आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। इस मिक्सर में मौजूद एंजाइम भोजन को पचाने में मदद करते हैं और आपके शरीर को स्वस्थ रखते हैं। अगर आपको भी रोज दूध पीकर नींद आती है तो यह आयुर्वेदिक नुस्खा आजमा सकते हैं। महिलाएं अगर दूध में घी मिलाकर पिएं तो उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास बेहतर तरीके से होगा। हालांकि, ऐसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। वैसे तो इसे दूध में मिलाकर हर उम्र के लोग पी सकते हैं, लेकिन जिन्हें किसी भी तरह की बीमारी हो, वे सावधान हो जाएं। स्वस्थ लोग इस नुस्खे को आसानी से आजमा सकते हैं।
Ghee Milk Benefits: दूध और घी हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. ये दोनों ही खाद्य पदार्थ छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग व्यक्ति के स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करते हैं। दूध और घी सदियों से हमारे आहार का अभिन्न अंग रहे हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व हमारे शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। आयुर्वेद के जानकार मानते हैं कि रात को खाना खाने के बाद एक गिलास दूध पीने से सेहत दुरुस्त रहती है। इससे हमारी सेहत को कई बेहतरीन फायदे होते हैं। अगर दूध में कुछ चीजें मिला दी जाएं तो सेहत को चमत्कारी फायदे मिल सकते हैं। अगर गुनगुने दूध में एक चम्मच घी डालकर पिया जाए तो आप कुछ ही दिनों में स्वस्थ हो सकते हैं। दूध और घी का मिश्रण बहुत अच्छा माना जाता है और इन दोनों चीजों में मौजूद पोषक तत्व शरीर को रातों-रात ताकतवर बना सकते हैं। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच घी मिलाकर पीने से इम्युनिटी तेजी से मजबूत होती है और पाचन संबंधी कई समस्याओं से राहत मिलती है। दूध में प्रोटीन, वसा और ट्रिप्टोफैन नामक यौगिक होता है, जो हमारे शरीर में पहुंचकर सेरोटोनिन में परिवर्तित हो जाता है। यह हमारे शरीर की नसों को आराम देता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है। घी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। दोनों को एक साथ पीने से अच्छी नींद आती है। अगर आप सर्दी-खांसी से जूझ रहे हैं तो दूध में घी मिलाकर पीना काफी फायदेमंद हो सकता है। यह एक आयुर्वेदिक नुस्खा है, जो जोड़ों के दर्द से राहत देता है और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। गर्म दूध में घी मिलाने से आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। इस मिक्सर में मौजूद एंजाइम भोजन को पचाने में मदद करते हैं और आपके शरीर को स्वस्थ रखते हैं। अगर आपको भी रोज दूध पीकर नींद आती है तो यह आयुर्वेदिक नुस्खा आजमा सकते हैं। महिलाएं अगर दूध में घी मिलाकर पिएं तो उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास बेहतर तरीके से होगा। हालांकि, ऐसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। वैसे तो इसे दूध में मिलाकर हर उम्र के लोग पी सकते हैं, लेकिन जिन्हें किसी भी तरह की बीमारी हो, वे सावधान हो जाएं। स्वस्थ लोग इस नुस्खे को आसानी से आजमा सकते हैं।
अलाना पांडे और इवोर मैकक्रे की शादी की इनसाइड तस्वीरें ( Image Source : Instagram ) Alanna Panday Wedding Photos: बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे की कजन सिस्टर अलाना पांडे गुरुवार को मुंबई में अपने लॉन्ग टाइम ब्वॉयफ्रेंड इवोर मैकक्रे के साथ शादी के बंधन में बंध गई. अलाना और इवोर की प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की तस्वीरें पहले ही सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. उनकी हल्दी, मेहंदी और ब्राइडल शॉवर की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही हैं. वहीं अब इस कपल की शादी की इनसाइड तस्वीरें भी सामन आ गई हैं. बता दें कि अलाना के बिग डे पर अनन्या पांडे अपने पैरेंट्स चंकी पांडे और भावना पांडे के साथ पहुंची थीं. वहीं मनीष मल्होत्रा, जैकी श्रॉफ, सलमान की बहन अलवीरा अग्निहोत्री सहित तमाम सेलेब्स भी अलाना की शादी में पहुंचे थे. अलाना के 'फेरों' की रस्म निभाते हुए कुछ इनसाइड वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे है जिनसे अलाना की ग्रैंड ड्रीमी वेडिंग की झलक मिली है. अलाना ने अपनी शादी में आइवरी कलर का लहंगा पहना था और वे काफी खूबसूरत लग रही थीं. वहीं उनके दूल्हे मियां इवोर ने भी अपनी दुल्हनियां से ट्विनिंग करते हुए 'शेरवानी' पहनी थी जिसमें वे काफी जंच रहे थे. अनुराग कश्यप की बेटी आलिया कश्यप ने अपने इंस्टाग्राम पर अलाना और इवोर की वेडिंग की इनसाइड तस्वीरें शेयर की हैं. तस्वीर में अलाना और इवोर स्टेज पर एक दूसरे का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं वहीं फोटोग्राफर न्यूली वेड कपल की तस्वीर क्लिक कर रहा है. अलाना और इवोर ने व्हाइट फ्लॉवर्स की वरमाला एक दूसरे को पहनाई थी. वहीं वेन्यू की डेकोरेशन ब्यूटिफुल लाइट्स, व्हाइट फ्लावर्स और कंट्रास्टिंग ग्रीन बोटानिकल से की गई थी. तस्वीरों से लग रहा है कि कपल की शादी की डेकोर की थीम व्हाइट और गोल्डन थी. वहीं अनन्या पांडे अपनी कजन अलाना की वेडिंग में मनीष मल्होत्रा की प्लम ब्लू साड़ी में नजर आई थीं. अनन्या काफी खूबसूरत लग रही हैं. अनन्या ने अपनी साड़ी को आइवरी कलर की बिकनी-स्टाइल स्ट्रैपी ब्लाउज़ के साथ पेयर किया था जिसमें एक प्लंजिंग नेकलाइन थी. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर अपना लुक भी शेयर किया था और कैप्शन में लिखा था, "लड़की वाले तैयार है! " वहीं बता दें कि अलाना चंकी के भाई चिक्की पांडे की बेटी हैं. अलाना पेशे से मॉडल से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं. जबकि इवोर फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर हैं. नवंबर 2021 में अलाना और इवोर की सगाई हुई है. इवोर ने उन्हें मालदीव में प्रपोज किया था.
अलाना पांडे और इवोर मैकक्रे की शादी की इनसाइड तस्वीरें Alanna Panday Wedding Photos: बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे की कजन सिस्टर अलाना पांडे गुरुवार को मुंबई में अपने लॉन्ग टाइम ब्वॉयफ्रेंड इवोर मैकक्रे के साथ शादी के बंधन में बंध गई. अलाना और इवोर की प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की तस्वीरें पहले ही सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. उनकी हल्दी, मेहंदी और ब्राइडल शॉवर की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही हैं. वहीं अब इस कपल की शादी की इनसाइड तस्वीरें भी सामन आ गई हैं. बता दें कि अलाना के बिग डे पर अनन्या पांडे अपने पैरेंट्स चंकी पांडे और भावना पांडे के साथ पहुंची थीं. वहीं मनीष मल्होत्रा, जैकी श्रॉफ, सलमान की बहन अलवीरा अग्निहोत्री सहित तमाम सेलेब्स भी अलाना की शादी में पहुंचे थे. अलाना के 'फेरों' की रस्म निभाते हुए कुछ इनसाइड वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे है जिनसे अलाना की ग्रैंड ड्रीमी वेडिंग की झलक मिली है. अलाना ने अपनी शादी में आइवरी कलर का लहंगा पहना था और वे काफी खूबसूरत लग रही थीं. वहीं उनके दूल्हे मियां इवोर ने भी अपनी दुल्हनियां से ट्विनिंग करते हुए 'शेरवानी' पहनी थी जिसमें वे काफी जंच रहे थे. अनुराग कश्यप की बेटी आलिया कश्यप ने अपने इंस्टाग्राम पर अलाना और इवोर की वेडिंग की इनसाइड तस्वीरें शेयर की हैं. तस्वीर में अलाना और इवोर स्टेज पर एक दूसरे का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं वहीं फोटोग्राफर न्यूली वेड कपल की तस्वीर क्लिक कर रहा है. अलाना और इवोर ने व्हाइट फ्लॉवर्स की वरमाला एक दूसरे को पहनाई थी. वहीं वेन्यू की डेकोरेशन ब्यूटिफुल लाइट्स, व्हाइट फ्लावर्स और कंट्रास्टिंग ग्रीन बोटानिकल से की गई थी. तस्वीरों से लग रहा है कि कपल की शादी की डेकोर की थीम व्हाइट और गोल्डन थी. वहीं अनन्या पांडे अपनी कजन अलाना की वेडिंग में मनीष मल्होत्रा की प्लम ब्लू साड़ी में नजर आई थीं. अनन्या काफी खूबसूरत लग रही हैं. अनन्या ने अपनी साड़ी को आइवरी कलर की बिकनी-स्टाइल स्ट्रैपी ब्लाउज़ के साथ पेयर किया था जिसमें एक प्लंजिंग नेकलाइन थी. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर अपना लुक भी शेयर किया था और कैप्शन में लिखा था, "लड़की वाले तैयार है! " वहीं बता दें कि अलाना चंकी के भाई चिक्की पांडे की बेटी हैं. अलाना पेशे से मॉडल से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं. जबकि इवोर फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर हैं. नवंबर दो हज़ार इक्कीस में अलाना और इवोर की सगाई हुई है. इवोर ने उन्हें मालदीव में प्रपोज किया था.
काठमांडू, १८ कार्तिक । डोटी जिला के केआईसिंह गांवपालिका-३ देउराली में जीप दुर्घटना होने के कारण ४ लोगों की निधन हुई है । केआईसिंह गांवपालिका से दिपायल की ओर जा रहे से१ज २०६५ नम्बर के जीप में सवार ४ यात्रुओं निधन हुआ है । दुर्घटना में अन्य दो यात्रु घायल हुए हैं । पुलिस का कहना है कि मृतको का नाम पता नहीं हो रहा है । उद्धार के लिए पुलिस की एक टोली घटनास्थल की ओर गया है । घटना की विस्तृत विवरण आना बांकी है ।
काठमांडू, अट्ठारह कार्तिक । डोटी जिला के केआईसिंह गांवपालिका-तीन देउराली में जीप दुर्घटना होने के कारण चार लोगों की निधन हुई है । केआईसिंह गांवपालिका से दिपायल की ओर जा रहे सेएकज दो हज़ार पैंसठ नम्बर के जीप में सवार चार यात्रुओं निधन हुआ है । दुर्घटना में अन्य दो यात्रु घायल हुए हैं । पुलिस का कहना है कि मृतको का नाम पता नहीं हो रहा है । उद्धार के लिए पुलिस की एक टोली घटनास्थल की ओर गया है । घटना की विस्तृत विवरण आना बांकी है ।
प्रशासन द्वारा मिनाक्षी चौक से शहीद चौक तक कुछ दुकानदारों की दुकाने सील करवाई गई है। कचहरी पहुंचे दुकानदारों का कहना है कि वे दुकाने सील होने से उन्हे अपने परिवार की गुजर-बसर मे दिक्कत आ रही है। वे लोग किसी प्रकार के झगडे मे शामिल नही हैं। अतः उन लोगो की निष्पक्ष जांच कराते हुए जल्द से जल्द उनकी दुकानो की सील खुलवाई जाए। ताकि वे लोग फिर से अपना कारोबार कर सकें। एडीएम अमित सिह ने उक्त सभी दुकानदारों का आश्वासन दिया कि उन सभी दुकानदारों के सम्बन्ध मे निष्पक्ष जांच करायी जायेगी। तथा जांच मे निर्दोष पाये जाने पर तथा साक्ष्यो के आधार पर बहुत जल्द ऐसे दुकानदारो की दुकानों की सील खुलवा दी जाएगी।
प्रशासन द्वारा मिनाक्षी चौक से शहीद चौक तक कुछ दुकानदारों की दुकाने सील करवाई गई है। कचहरी पहुंचे दुकानदारों का कहना है कि वे दुकाने सील होने से उन्हे अपने परिवार की गुजर-बसर मे दिक्कत आ रही है। वे लोग किसी प्रकार के झगडे मे शामिल नही हैं। अतः उन लोगो की निष्पक्ष जांच कराते हुए जल्द से जल्द उनकी दुकानो की सील खुलवाई जाए। ताकि वे लोग फिर से अपना कारोबार कर सकें। एडीएम अमित सिह ने उक्त सभी दुकानदारों का आश्वासन दिया कि उन सभी दुकानदारों के सम्बन्ध मे निष्पक्ष जांच करायी जायेगी। तथा जांच मे निर्दोष पाये जाने पर तथा साक्ष्यो के आधार पर बहुत जल्द ऐसे दुकानदारो की दुकानों की सील खुलवा दी जाएगी।
अमृतसरः पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला का किसान आंदोलन को लेकर गाना SYL भारत सरकार की शिकायत के बाद यूट्यूब से हटा दिया गया था। सिद्धू मूसेवाला के आखिरी गाने के बाद अब संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) पर भी गाज गिरी है। सिद्धू मूसेवाला का गाना यूट्यूब से हटाए जाने के बाद अब SKM के दो ट्विटर हैंडल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बता दें कि SKM के जो दो ट्विटर हैंडल बैन किए गए हैं, उनमें एक किसान एकता मोर्चा और दूसरा ट्रैक्टर टू ट्विटर है। किसान एकता मोर्चा के ट्विटर हैंडल पर लघभग पांच लाख फॉलोवर्स थे। वहीं, ट्रैक्टर टू ट्विटर नाम वाले ट्विटर हैंडल को भी 55 हजार लोग फॉलो कर रहे थे। कृषि कानूनों के विरुद्ध आंदोलन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन से संबंधित सूचनाएं सार्वजनिक करने के लिए इन दोनों ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल किया था। इन दोनों ट्विटर हैंडल के माध्यम से संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन से जुड़ी हर चीज जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया था। किसान संगठनों की तरफ से आंदोलन के दौरान बनाए गए इन ट्विटर एकाउंट्स पर किसान आंदोलन से संबंधित करीब-करीब पूरी जानकारी दी। अब ये ट्विटर हैंडल्स प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, तो इन हैंडल्स पर पोस्ट की गईं किसान आंदोलन से संबंधित जानकारियां भी पब्लिक डोमेन से बाहर हो गई हैं। बता दें कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के गाने एक गाने को यूट्यूब से हटवा दिया था। इस गाने में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को मिलाकर संयुक्त पंजाब की बात कही गई थी। सिद्धू मूसेवाला ने गाने में सतलुज-यमुना लिंक नहर के पानी और SYL का काम करने वाले अफसरों की हत्या करने वालों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया था।
अमृतसरः पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला का किसान आंदोलन को लेकर गाना SYL भारत सरकार की शिकायत के बाद यूट्यूब से हटा दिया गया था। सिद्धू मूसेवाला के आखिरी गाने के बाद अब संयुक्त किसान मोर्चा पर भी गाज गिरी है। सिद्धू मूसेवाला का गाना यूट्यूब से हटाए जाने के बाद अब SKM के दो ट्विटर हैंडल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बता दें कि SKM के जो दो ट्विटर हैंडल बैन किए गए हैं, उनमें एक किसान एकता मोर्चा और दूसरा ट्रैक्टर टू ट्विटर है। किसान एकता मोर्चा के ट्विटर हैंडल पर लघभग पांच लाख फॉलोवर्स थे। वहीं, ट्रैक्टर टू ट्विटर नाम वाले ट्विटर हैंडल को भी पचपन हजार लोग फॉलो कर रहे थे। कृषि कानूनों के विरुद्ध आंदोलन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन से संबंधित सूचनाएं सार्वजनिक करने के लिए इन दोनों ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल किया था। इन दोनों ट्विटर हैंडल के माध्यम से संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन से जुड़ी हर चीज जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया था। किसान संगठनों की तरफ से आंदोलन के दौरान बनाए गए इन ट्विटर एकाउंट्स पर किसान आंदोलन से संबंधित करीब-करीब पूरी जानकारी दी। अब ये ट्विटर हैंडल्स प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, तो इन हैंडल्स पर पोस्ट की गईं किसान आंदोलन से संबंधित जानकारियां भी पब्लिक डोमेन से बाहर हो गई हैं। बता दें कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के गाने एक गाने को यूट्यूब से हटवा दिया था। इस गाने में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को मिलाकर संयुक्त पंजाब की बात कही गई थी। सिद्धू मूसेवाला ने गाने में सतलुज-यमुना लिंक नहर के पानी और SYL का काम करने वाले अफसरों की हत्या करने वालों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया था।
72 वर्षीय ज्योति प्रकाश का दिल का दौरा पड़ने 17 दिसंबर की सुबह निधन हो गया था। उनकी कंपनी में तैयार बल्लों की आज आईपीएल सहित विश्वभर धूम है। सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धौनी जैसे बड़े खिलाड़ी उनकी कंपनी में तैयार बैट से खेल चुके हैं। जासं, जालंधर। स्पार्टन स्पोर्ट्स के एमडी ज्योति प्रकाश शर्मा की आत्मिक शांति के लिए श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर जेल रोड में रस्म किरिया रखी गई। इसमें गणमान्य लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। एमडी ज्योति प्रकाश का 17 दिसंबर की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में पारिवारिक सदस्य बेटा कुणाल शर्मा, नितिन खोसला ,अमित शर्मा, चिराग शर्मा, यशपाल शर्मा, रोहन शर्मा, प्रेम नाथ सागर, विधायक सुशील रिंकू, मेयर जगदीश राजा, मुंबई से फिल्म डायरेक्टर अपूर्वा लाखिया, डा. राजकुमार हरजाई, अनुराग सोंधी, कुमार वासन, गोल्डी होशियारपुर, रविंद्र सिंह, हेमंत मरवाहा, सुनील मंटू, राघव, गुरप्रीत सिंह, हेमंत मरवाह, विनोद महाजन,अनु माटा, तिलक खिंडर, रजनीश खिला, प्राणनाथ चड्डा, राजन कोहली, अल्केश कोहली, अशोक गुप्ता, लाली अंगुराल, भाजपा नेता मोहिंदर भगत, आशीष आनंद, सुभाष कोहली, बालकृष्ण कोहली, नितिन महाजन, मनीष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया और स्पार्टन स्पोर्ट्स समूह स्टाफ ने शिरकत की। बता दें कि 72 वर्षीय ज्योति प्रकाश का दिल का दौरा पड़ने 17 दिसंबर की सुबह निधन हो गया था। उनकी कंपनी में तैयार बल्लों की आज आईपीएल सहित विश्वभर धूम है। सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धौनी जैसे बड़े खिलाड़ी उनकी कंपनी में तैयार बैट से खेल चुके हैं। दिवंगत ज्योति प्रकाश न केवल अच्छे बैट निर्माता थे, बल्कि खुद क्रिकेट खेलने के शौकीन थे। उन्हें जब भी समय मिलता तो वह कंपनी के कर्मचारियों के साथ खेलने में जुट जाते थे। वह खुशमिजाज थे और खुद को हमेशा फिट रखते थे। धार्मिक प्रवृत्ति के स्व. ज्योति प्रकाश 17 दिसंबर की सुबह घर से जेल रोड स्थित महालक्ष्मी मंदिर के लिए निकले थे। मंदिर पहुंचते ही उनकी तबीयत खराब हो गई। आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बहत्तर वर्षीय ज्योति प्रकाश का दिल का दौरा पड़ने सत्रह दिसंबर की सुबह निधन हो गया था। उनकी कंपनी में तैयार बल्लों की आज आईपीएल सहित विश्वभर धूम है। सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धौनी जैसे बड़े खिलाड़ी उनकी कंपनी में तैयार बैट से खेल चुके हैं। जासं, जालंधर। स्पार्टन स्पोर्ट्स के एमडी ज्योति प्रकाश शर्मा की आत्मिक शांति के लिए श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर जेल रोड में रस्म किरिया रखी गई। इसमें गणमान्य लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। एमडी ज्योति प्रकाश का सत्रह दिसंबर की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में पारिवारिक सदस्य बेटा कुणाल शर्मा, नितिन खोसला ,अमित शर्मा, चिराग शर्मा, यशपाल शर्मा, रोहन शर्मा, प्रेम नाथ सागर, विधायक सुशील रिंकू, मेयर जगदीश राजा, मुंबई से फिल्म डायरेक्टर अपूर्वा लाखिया, डा. राजकुमार हरजाई, अनुराग सोंधी, कुमार वासन, गोल्डी होशियारपुर, रविंद्र सिंह, हेमंत मरवाहा, सुनील मंटू, राघव, गुरप्रीत सिंह, हेमंत मरवाह, विनोद महाजन,अनु माटा, तिलक खिंडर, रजनीश खिला, प्राणनाथ चड्डा, राजन कोहली, अल्केश कोहली, अशोक गुप्ता, लाली अंगुराल, भाजपा नेता मोहिंदर भगत, आशीष आनंद, सुभाष कोहली, बालकृष्ण कोहली, नितिन महाजन, मनीष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया और स्पार्टन स्पोर्ट्स समूह स्टाफ ने शिरकत की। बता दें कि बहत्तर वर्षीय ज्योति प्रकाश का दिल का दौरा पड़ने सत्रह दिसंबर की सुबह निधन हो गया था। उनकी कंपनी में तैयार बल्लों की आज आईपीएल सहित विश्वभर धूम है। सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धौनी जैसे बड़े खिलाड़ी उनकी कंपनी में तैयार बैट से खेल चुके हैं। दिवंगत ज्योति प्रकाश न केवल अच्छे बैट निर्माता थे, बल्कि खुद क्रिकेट खेलने के शौकीन थे। उन्हें जब भी समय मिलता तो वह कंपनी के कर्मचारियों के साथ खेलने में जुट जाते थे। वह खुशमिजाज थे और खुद को हमेशा फिट रखते थे। धार्मिक प्रवृत्ति के स्व. ज्योति प्रकाश सत्रह दिसंबर की सुबह घर से जेल रोड स्थित महालक्ष्मी मंदिर के लिए निकले थे। मंदिर पहुंचते ही उनकी तबीयत खराब हो गई। आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
नाखून चबाने के पीछे भला क्या वजह हो सकती है? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आपको बता दें कि ये छोटी और आम सी लगने वाली आदत के पीछे काफी सारे ट्रिगर्स छिपे हो सकते हैं। उदाहरण के लिए जब व्यक्ति बहुत ज्यादा स्ट्रेस या एंग्जायटी से गुजर रहा हो, उस समय उनका शरीर रिएक्शन के रूप में या खुद को शांत करने के लिए नेल बाइटिंग की आदत अपना सकता है। इस तरह के केस में आप देखेंगे कि ऐसे व्यक्ति जब भी किसी स्ट्रेसफुल सिचुएशन से गुजरते हैं, उस दौरान वह हमेशा ही दांतों से नाखून चबाते रहते हैं। अपने नाखूनों पर नेल पॉलिश लगाएं। ये आपको दो तरह से रोकेगा। पहलाः आप लुक को ध्यान में रखते हुए नाखून को मुंह की ओर ले जाने से खुद को रोकेंगे। दूसराः नेल पॉलिश का स्वाद कड़वा होता है, जिससे आप बाइटिंग से बचेंगे। अगर आप मेल हैं, तो आप ट्रांसपैरंट नेल पॉलिश का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने नाखूनों को छोटा रखें और लगातार उन्हें ट्रिम करते रहें। नाखून छोटे रखने पर आप उन्हें बाइट करने से बचेंगे, क्योंकि इस स्थिति में नेल बाइटिंग से चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है। इस दर्द को कोई भी अवॉइड करना चाहेगा। नेल एक्सटेंशन के लिए अलग-अलग तरह के मटीरियल का इस्तेमाल किया जाता है। ये हार्ड होते हैं और महंगे भी। ये दोनों ही चीजें मिलकर आपको नाखून चबाने से रोकने में मदद करेंगी। वैसे आप चाहें तो नेल आर्ट की भी मदद ले सकती हैं। लंबे नाखूनों पर बनी खूबसूरत डिजाइन को आप दांतों से बिल्कुल नहीं बिगाड़ना चाहेंगीं। - किसी-किसी को सिर्फ एक खास उंगली के नेल बाइट करने की आदत होती है। ऐसी स्थिति में उस पर बैंड-ऐड लगाई जा सकती है। - जब भी नाखून चबाने की तीव्र इच्छा हो, तो उस दौरान मुंह में एक बबलगम डाल लें और उसे चबाते रहें। - मैनीक्योर से नाखून साफ और ट्रिम्ड रहते हैं। ये हाथों को क्लीन लुक भी देते हैं। मैनीक्योर किए सुंदर हाथों को देखने के बाद आप खुद को नाखून चबाने से रोकने लगेंगे। - अपने आसपास के लोगों की मदद लें और उन्हें आपको तब रोकने को कहें, जब आप नेल बाइट करने लगें। - अगर आपको लगता है कि नेल बाइटिंग किसी मेंटल या इमोशनल सिचुएशन/ट्रिगर के कारण है, तो एक्सपर्ट की मदद लेने से न झिझकें। (डिस्क्लेमरः यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। )
नाखून चबाने के पीछे भला क्या वजह हो सकती है? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आपको बता दें कि ये छोटी और आम सी लगने वाली आदत के पीछे काफी सारे ट्रिगर्स छिपे हो सकते हैं। उदाहरण के लिए जब व्यक्ति बहुत ज्यादा स्ट्रेस या एंग्जायटी से गुजर रहा हो, उस समय उनका शरीर रिएक्शन के रूप में या खुद को शांत करने के लिए नेल बाइटिंग की आदत अपना सकता है। इस तरह के केस में आप देखेंगे कि ऐसे व्यक्ति जब भी किसी स्ट्रेसफुल सिचुएशन से गुजरते हैं, उस दौरान वह हमेशा ही दांतों से नाखून चबाते रहते हैं। अपने नाखूनों पर नेल पॉलिश लगाएं। ये आपको दो तरह से रोकेगा। पहलाः आप लुक को ध्यान में रखते हुए नाखून को मुंह की ओर ले जाने से खुद को रोकेंगे। दूसराः नेल पॉलिश का स्वाद कड़वा होता है, जिससे आप बाइटिंग से बचेंगे। अगर आप मेल हैं, तो आप ट्रांसपैरंट नेल पॉलिश का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने नाखूनों को छोटा रखें और लगातार उन्हें ट्रिम करते रहें। नाखून छोटे रखने पर आप उन्हें बाइट करने से बचेंगे, क्योंकि इस स्थिति में नेल बाइटिंग से चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है। इस दर्द को कोई भी अवॉइड करना चाहेगा। नेल एक्सटेंशन के लिए अलग-अलग तरह के मटीरियल का इस्तेमाल किया जाता है। ये हार्ड होते हैं और महंगे भी। ये दोनों ही चीजें मिलकर आपको नाखून चबाने से रोकने में मदद करेंगी। वैसे आप चाहें तो नेल आर्ट की भी मदद ले सकती हैं। लंबे नाखूनों पर बनी खूबसूरत डिजाइन को आप दांतों से बिल्कुल नहीं बिगाड़ना चाहेंगीं। - किसी-किसी को सिर्फ एक खास उंगली के नेल बाइट करने की आदत होती है। ऐसी स्थिति में उस पर बैंड-ऐड लगाई जा सकती है। - जब भी नाखून चबाने की तीव्र इच्छा हो, तो उस दौरान मुंह में एक बबलगम डाल लें और उसे चबाते रहें। - मैनीक्योर से नाखून साफ और ट्रिम्ड रहते हैं। ये हाथों को क्लीन लुक भी देते हैं। मैनीक्योर किए सुंदर हाथों को देखने के बाद आप खुद को नाखून चबाने से रोकने लगेंगे। - अपने आसपास के लोगों की मदद लें और उन्हें आपको तब रोकने को कहें, जब आप नेल बाइट करने लगें। - अगर आपको लगता है कि नेल बाइटिंग किसी मेंटल या इमोशनल सिचुएशन/ट्रिगर के कारण है, तो एक्सपर्ट की मदद लेने से न झिझकें।
खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ में हर दिन कोरोना के 100 से ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग की टेंशन बढ़ती जा रही हैं और विभाग के अधिकारी सभी जिलों में अलर्ट पर हैं ताकि कोरोना के होते फैलाव को रोका जा सकें। बता दें की पिछले 24 घंटे के अंदर रायपुर में 35, बलौदाबाजार में 16, दुर्ग में 15, राजनांदगांव में 13, कांकेर में 9, बिलासपुर में 8, मुंगेली में 7, कबीरधाम में 6, बेमेतरा में 6, धमतरी में 3, सरगुजा में 3, कोरबा में 2, सूरजपुर में 2, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, महासमुंद व जशपुर में 1-1 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में 12 हजार 581 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 129 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि रायपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई हैं। राज्य में फिलहाल कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 983 पहुंच गई हैं।
खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ में हर दिन कोरोना के एक सौ से ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग की टेंशन बढ़ती जा रही हैं और विभाग के अधिकारी सभी जिलों में अलर्ट पर हैं ताकि कोरोना के होते फैलाव को रोका जा सकें। बता दें की पिछले चौबीस घंटाटे के अंदर रायपुर में पैंतीस, बलौदाबाजार में सोलह, दुर्ग में पंद्रह, राजनांदगांव में तेरह, कांकेर में नौ, बिलासपुर में आठ, मुंगेली में सात, कबीरधाम में छः, बेमेतरा में छः, धमतरी में तीन, सरगुजा में तीन, कोरबा में दो, सूरजपुर में दो, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, महासमुंद व जशपुर में एक-एक मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में बारह हजार पाँच सौ इक्यासी सैंपलों की जांच की गई, जिसमें एक सौ उनतीस नए संक्रमित मिले हैं। जबकि रायपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई हैं। राज्य में फिलहाल कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर नौ सौ तिरासी पहुंच गई हैं।
परिवारवाद पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीख चुनावी जुमला साबित हुई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसदो से अपने करीबी रिश्तेदारों को चुनावी टिकट दिलाने की पैरवी करने से मना किया था. प्रधानमंत्री ने इस बहाने पार्टी में परिवारवाद को रोकने का दिखावा किया था. भाजपा जैसे जैसे उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के नाम फाइनल करती जा रही है परिवारवाद की नई परिभाषा सामने आती जा रही है. भाजपा ने केवल अपने ही दल के नेताओं और उनके परिवार वालों को ही टिकट नहीं दिया बल्कि दलबदल करने वाले नेताओं के परिवार वालों को भी टिकट दे दिया है. राजनीतिक शुचिता, ईमानदारी और पार्टी विद डिफरेंस का दावा करने वाली भाजपा चुनावी हमाम में दूसर दलों से भी बदत्तर साबित हुई है. पार्टी जिस तरह से अपने वसूलों और सिद्धान्तों की दुहाई देती रही है वह इस चुनाव में तारतार नजर आ रहे हैं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मलिहाबाद सीट से भाजपा से मोहनलालगंज लोकसभा सीट के सांसद कौशल किशोर की पत्नी जय देवी को टिकट दिया है. कौशल किशोर कम्यूनिस्ट विचारधारा के नेता हैं. वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे थे. लोकसभा चुनाव में कौशल किशोर भाजपा में शामिल हुये. अब वह मोहनलालगंज लोकसभा से सांसद हैं उनकी पत्नी जय देवी को भाजपा ने मलिहाबाद विधानसभा से टिकट दे कर विधानसभा चुनाव में उतार दिया है. कौशल किशोर तो लोकसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हुये थे. विधानसभा चुनाव में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुये स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा ने पडरौना से उनके पुत्र उत्कर्ष मौर्य का ऊंचाहार सीट से टिकट दिया है.
परिवारवाद पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीख चुनावी जुमला साबित हुई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसदो से अपने करीबी रिश्तेदारों को चुनावी टिकट दिलाने की पैरवी करने से मना किया था. प्रधानमंत्री ने इस बहाने पार्टी में परिवारवाद को रोकने का दिखावा किया था. भाजपा जैसे जैसे उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के नाम फाइनल करती जा रही है परिवारवाद की नई परिभाषा सामने आती जा रही है. भाजपा ने केवल अपने ही दल के नेताओं और उनके परिवार वालों को ही टिकट नहीं दिया बल्कि दलबदल करने वाले नेताओं के परिवार वालों को भी टिकट दे दिया है. राजनीतिक शुचिता, ईमानदारी और पार्टी विद डिफरेंस का दावा करने वाली भाजपा चुनावी हमाम में दूसर दलों से भी बदत्तर साबित हुई है. पार्टी जिस तरह से अपने वसूलों और सिद्धान्तों की दुहाई देती रही है वह इस चुनाव में तारतार नजर आ रहे हैं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मलिहाबाद सीट से भाजपा से मोहनलालगंज लोकसभा सीट के सांसद कौशल किशोर की पत्नी जय देवी को टिकट दिया है. कौशल किशोर कम्यूनिस्ट विचारधारा के नेता हैं. वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे थे. लोकसभा चुनाव में कौशल किशोर भाजपा में शामिल हुये. अब वह मोहनलालगंज लोकसभा से सांसद हैं उनकी पत्नी जय देवी को भाजपा ने मलिहाबाद विधानसभा से टिकट दे कर विधानसभा चुनाव में उतार दिया है. कौशल किशोर तो लोकसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हुये थे. विधानसभा चुनाव में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुये स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा ने पडरौना से उनके पुत्र उत्कर्ष मौर्य का ऊंचाहार सीट से टिकट दिया है.
सिख समाज की ओर से रविवार को गुरु अर्जनदेव जी की शहीदी दिवस मनाई गई। इस दौरान शहर से लेकर बस्ती इलाकों के गुरुद्वारों में रौनक देखते ही बन रही थी। रविवार को कतरास थाना चौक पर गुरु अर्जनदेव जी की शहीदी दिवस पर शर्बत का वितरण किया गया। इसके अलावा की स्थानों पर सेवा स्टॉल भी लगाए गए। जिससे आने जाने वाले राहगीरों को खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। सिख समाज के लोगों ने रविवार को गुरुवारा जाकर शब्द कीर्तन में हिस्सा लेने के साथ सेवा भी की।
सिख समाज की ओर से रविवार को गुरु अर्जनदेव जी की शहीदी दिवस मनाई गई। इस दौरान शहर से लेकर बस्ती इलाकों के गुरुद्वारों में रौनक देखते ही बन रही थी। रविवार को कतरास थाना चौक पर गुरु अर्जनदेव जी की शहीदी दिवस पर शर्बत का वितरण किया गया। इसके अलावा की स्थानों पर सेवा स्टॉल भी लगाए गए। जिससे आने जाने वाले राहगीरों को खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। सिख समाज के लोगों ने रविवार को गुरुवारा जाकर शब्द कीर्तन में हिस्सा लेने के साथ सेवा भी की।
अधिकतर माता-पिता अपने बच्चे को कारदार नाम देना चाहते हैं लेकिन इससे पहले वो इसका मतलब जानने का प्रयास नहीं करते हैं। कारदार नाम का मतलब प्रधान मंत्री होता है। अपनी संतान को कारदार नाम देकर आप उसके जीवन को एक नई दिशा दे सकते हैं। इस वजह से भी बच्चे का नाम कारदार रखने से पहले उसका अर्थ पता होना चाहिए। वेदों में भी ये बात कही गई कि शिशु को कारदार देने से पहले माता-पिता को इसकी पूरी जानकारी लेनी चाहिए। कुछ सामाजिक अवधारणाओं के अनुसार कारदार नाम का अर्थ व्यक्ति के स्वभाव से जुड़ा होता है, यानी कि कारदार नाम का अर्थ प्रधान मंत्री है तो आपके स्वभाव में भी इसकी झलक दिखेगी। कारदार नाम की राशि, कारदार नाम का लकी नंबर व कारदार नाम के लोगों के व्यक्तित्व अथवा इस नाम के मतलब जो कि प्रधान मंत्री है, आदि के बारे में आगे बताया गया है।
अधिकतर माता-पिता अपने बच्चे को कारदार नाम देना चाहते हैं लेकिन इससे पहले वो इसका मतलब जानने का प्रयास नहीं करते हैं। कारदार नाम का मतलब प्रधान मंत्री होता है। अपनी संतान को कारदार नाम देकर आप उसके जीवन को एक नई दिशा दे सकते हैं। इस वजह से भी बच्चे का नाम कारदार रखने से पहले उसका अर्थ पता होना चाहिए। वेदों में भी ये बात कही गई कि शिशु को कारदार देने से पहले माता-पिता को इसकी पूरी जानकारी लेनी चाहिए। कुछ सामाजिक अवधारणाओं के अनुसार कारदार नाम का अर्थ व्यक्ति के स्वभाव से जुड़ा होता है, यानी कि कारदार नाम का अर्थ प्रधान मंत्री है तो आपके स्वभाव में भी इसकी झलक दिखेगी। कारदार नाम की राशि, कारदार नाम का लकी नंबर व कारदार नाम के लोगों के व्यक्तित्व अथवा इस नाम के मतलब जो कि प्रधान मंत्री है, आदि के बारे में आगे बताया गया है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
भारत सरकार उसकी प्रबन्धकारिणी सभा (कौंसिल ) - गवर्नर जनरल की कौंसिल के सदस्यों की संख्या प्रायः छः होती है; यह आवश्यकतानुसार घट-बढ़ सकती हैं । हाँ, कम-से-कम तीन सदस्य ऐसे होने चाहिएँ, जिन्होंने भारतवर्ष में दस वर्ष भारत सरकार की नौकरी की हो । क़ानूनी योग्यता के लिए एक सदस्य हाईकोर्ट का ऐसा वकील, अथवा इंगलैंड या आयलैंड का ऐसा बैरिस्टर होना चाहिए, जिसने दस वर्ष वकालत (प्रैक्टिस ) की हो । इस तरह का कोई नियम नहीं है कि इस सभा में हिन्दुस्तानियों की अमुक संख्या रहे; बहुधा तीन सदस्य भारतीय होते हैं। प्रत्येक सदस्य सम्राट् की अनुमति से प्रायः पाँच साल के लिए नियुक्त होता है । उपयुक्त छः सदस्यों में से प्रत्येक को भारत सरकार के एक-एक विभाग का कार्य सुपुर्द रहता है । इन विभागों का नाम तथा कार्य क्षेत्र आवश्यकतानुसार समय-समय पर बदलता रहता है। पिछले दिनों ये विभाग ( १ ) अर्थ या फाइनेंस, ( २ ) स्वदेश या 'होम' ( ३ ) क़ानून, ( ४ ) संवाद - वाइन, ( कम्यूनिकेशंस, ), ( ५ ) शिक्षा स्वास्थ्य और भूमि तथा ( ६ ) रेल और वाणिज्य विभाग थे। इनके ६ अतिरिक्त भारत सरकार के दो विभाग और होते हैं - विदेश विभाग ओर सेना विभाग । विदेश विभाग स्वयं गवर्नर जनरल के अधीन होता है और सेना विभाग पर जंगी लाट अर्थात् कमांडरनचीफ़ का प्रभुत्व रहता है। अगर जंगी लाट गवर्नर-जनरल की प्रबन्धकारिणी सभा का सदस्य हो, तो सभा में उसका पद और स्थान गवर्नर-जनरल से दूसरे दर्जे पर होता है ।
भारत सरकार उसकी प्रबन्धकारिणी सभा - गवर्नर जनरल की कौंसिल के सदस्यों की संख्या प्रायः छः होती है; यह आवश्यकतानुसार घट-बढ़ सकती हैं । हाँ, कम-से-कम तीन सदस्य ऐसे होने चाहिएँ, जिन्होंने भारतवर्ष में दस वर्ष भारत सरकार की नौकरी की हो । क़ानूनी योग्यता के लिए एक सदस्य हाईकोर्ट का ऐसा वकील, अथवा इंगलैंड या आयलैंड का ऐसा बैरिस्टर होना चाहिए, जिसने दस वर्ष वकालत की हो । इस तरह का कोई नियम नहीं है कि इस सभा में हिन्दुस्तानियों की अमुक संख्या रहे; बहुधा तीन सदस्य भारतीय होते हैं। प्रत्येक सदस्य सम्राट् की अनुमति से प्रायः पाँच साल के लिए नियुक्त होता है । उपयुक्त छः सदस्यों में से प्रत्येक को भारत सरकार के एक-एक विभाग का कार्य सुपुर्द रहता है । इन विभागों का नाम तथा कार्य क्षेत्र आवश्यकतानुसार समय-समय पर बदलता रहता है। पिछले दिनों ये विभाग अर्थ या फाइनेंस, स्वदेश या 'होम' क़ानून, संवाद - वाइन, , शिक्षा स्वास्थ्य और भूमि तथा रेल और वाणिज्य विभाग थे। इनके छः अतिरिक्त भारत सरकार के दो विभाग और होते हैं - विदेश विभाग ओर सेना विभाग । विदेश विभाग स्वयं गवर्नर जनरल के अधीन होता है और सेना विभाग पर जंगी लाट अर्थात् कमांडरनचीफ़ का प्रभुत्व रहता है। अगर जंगी लाट गवर्नर-जनरल की प्रबन्धकारिणी सभा का सदस्य हो, तो सभा में उसका पद और स्थान गवर्नर-जनरल से दूसरे दर्जे पर होता है ।
यूरोपीय संघ की दूसरी सर्वोच्च अदालत ने एकाधिकार व्यापार विरोधी आदेश के ख़िलाफ़ दाखिल अमरीकी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की याचिका ख़ारिज कर दी है. अदालत ने सोमवार को दिए अपने फ़ैसले में यूरोपीय आयोग के माइक्रोसॉफ्ट पर 49 करोड़ 70 लाख यूरो का जुर्माना भी कायम रखा है. अदालत ने कहा कि बाज़ार में अपने दबदबे का दुरुपयोग करने पर माइक्रोसॉफ्ट को दंडित करने का आयोग का निर्णय सही है. वर्ष 2004 में संपन्न हुई जाँच में माइक्रोसॉफ्ट को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के सर्वर सॉफ्टवेयर और मीडिया प्लेयर जैसे उत्पादों पर रोक लगाने का दोषी पाया गया था. माइक्रोसॉफ्ट को अपना व्यवसाय बदलने का आदेश देने के साथ ही उस पर 49 करोड़ 70 लाख यूरो का जुर्माना भी किया गया था. वर्ष 2004 के आदेश में माइक्रोसॉफ्ट को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के साथ सूचना का आदान-प्रदान कर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि उसके उत्पाद दूसरी कंपनियों के कंप्यूटर सिस्टमों पर काम कर सकें. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट को यह भी आदेश दिया गया था कि वह ऐसे विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम भी विकसित करे जिसमें मीडिया प्लेयर जैसे सॉफ्टवेयर जुड़े हुए न हों. वर्ष 2004 के फ़ैसले को न मानने पर पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट पर 28 करोड़ पाँच लाख यूरो का जुर्माना किया गया था. माइक्रोसॉफ्ट ने यूरोपीय संघ के इस आदेश को अदालत में चुनौती दी थी. साथ ही उस पर लगे जुर्माने को भी निरस्त करने का आग्रह किया था. विश्लेषकों का मानना है कि अदालत का यह फ़ैसला भविष्य के लिए नज़ीर होगा कि बाज़ार में दबदबा रखने वाली कंपनियों को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए.
यूरोपीय संघ की दूसरी सर्वोच्च अदालत ने एकाधिकार व्यापार विरोधी आदेश के ख़िलाफ़ दाखिल अमरीकी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की याचिका ख़ारिज कर दी है. अदालत ने सोमवार को दिए अपने फ़ैसले में यूरोपीय आयोग के माइक्रोसॉफ्ट पर उनचास करोड़ सत्तर लाख यूरो का जुर्माना भी कायम रखा है. अदालत ने कहा कि बाज़ार में अपने दबदबे का दुरुपयोग करने पर माइक्रोसॉफ्ट को दंडित करने का आयोग का निर्णय सही है. वर्ष दो हज़ार चार में संपन्न हुई जाँच में माइक्रोसॉफ्ट को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के सर्वर सॉफ्टवेयर और मीडिया प्लेयर जैसे उत्पादों पर रोक लगाने का दोषी पाया गया था. माइक्रोसॉफ्ट को अपना व्यवसाय बदलने का आदेश देने के साथ ही उस पर उनचास करोड़ सत्तर लाख यूरो का जुर्माना भी किया गया था. वर्ष दो हज़ार चार के आदेश में माइक्रोसॉफ्ट को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के साथ सूचना का आदान-प्रदान कर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि उसके उत्पाद दूसरी कंपनियों के कंप्यूटर सिस्टमों पर काम कर सकें. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट को यह भी आदेश दिया गया था कि वह ऐसे विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम भी विकसित करे जिसमें मीडिया प्लेयर जैसे सॉफ्टवेयर जुड़े हुए न हों. वर्ष दो हज़ार चार के फ़ैसले को न मानने पर पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट पर अट्ठाईस करोड़ पाँच लाख यूरो का जुर्माना किया गया था. माइक्रोसॉफ्ट ने यूरोपीय संघ के इस आदेश को अदालत में चुनौती दी थी. साथ ही उस पर लगे जुर्माने को भी निरस्त करने का आग्रह किया था. विश्लेषकों का मानना है कि अदालत का यह फ़ैसला भविष्य के लिए नज़ीर होगा कि बाज़ार में दबदबा रखने वाली कंपनियों को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए.
एक रुपए के किराए पर दिया गया हजरतगंज जनपथ स्थित मिनी सचिवालय करीब 44 साल बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA को वापस मिलने जा रहा है। LDA के पास सचिवालय का मालिकाना हक पहले से था, लेकिन अब इस पर कब्जा मिल जाएगा। सचिवालय के साथ यहां बेसमेंट में 175 दुकानें भी चलती हैं। यहां सचिवालय के कार्यालय हुआ करते थे, लेकिन अब ज्यादातर कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट हो गए है। एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी ने अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के साथ इस इमारत का निरीक्षण किया और इंजीनियरों के साथ इसके उपयोग को लेकर चर्चा भी की। हजरतगंज की प्राइम लोकेशन पर इमारत खाली होने से एलडीए को काफी फायदा होने की उम्मीद है। 2 अप्रैल 2009 को इसे एक रुपए के सालाना टोकन मनी पर देकर मरम्मत और रखरखाव का जिम्मा राज्य संपत्ति विभाग को दे दिया गया जबकि मालिकाना हक एलडीए का ही बना रहा। राज्य निर्वाचन आयोग को छोड़कर यहां से सभी विभाग हट गए है। सभी विभाग बापू भवन और एनेक्सी समेत दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं। इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से खाली हो चुका है। इसे देखते हुए शासन ने यह इमारत वापस एलडीए को हैंड ओवर करने का निर्देश दिया है। वीसी ने बताया कि बिल्डिंग के खाली हो चुके फ्लोर्स को कब्जे में लेने का निर्देश दिया गया है। हजरतगंज के प्राइम लोकेशन पर स्थित इस इमारत की मार्केट वैल्यू काफी ज्यादा है। इसका व्यावसायिक उपयोग बेहतर हो सकता है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
एक रुपए के किराए पर दिया गया हजरतगंज जनपथ स्थित मिनी सचिवालय करीब चौंतालीस साल बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA को वापस मिलने जा रहा है। LDA के पास सचिवालय का मालिकाना हक पहले से था, लेकिन अब इस पर कब्जा मिल जाएगा। सचिवालय के साथ यहां बेसमेंट में एक सौ पचहत्तर दुकानें भी चलती हैं। यहां सचिवालय के कार्यालय हुआ करते थे, लेकिन अब ज्यादातर कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट हो गए है। एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी ने अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के साथ इस इमारत का निरीक्षण किया और इंजीनियरों के साथ इसके उपयोग को लेकर चर्चा भी की। हजरतगंज की प्राइम लोकेशन पर इमारत खाली होने से एलडीए को काफी फायदा होने की उम्मीद है। दो अप्रैल दो हज़ार नौ को इसे एक रुपए के सालाना टोकन मनी पर देकर मरम्मत और रखरखाव का जिम्मा राज्य संपत्ति विभाग को दे दिया गया जबकि मालिकाना हक एलडीए का ही बना रहा। राज्य निर्वाचन आयोग को छोड़कर यहां से सभी विभाग हट गए है। सभी विभाग बापू भवन और एनेक्सी समेत दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं। इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से खाली हो चुका है। इसे देखते हुए शासन ने यह इमारत वापस एलडीए को हैंड ओवर करने का निर्देश दिया है। वीसी ने बताया कि बिल्डिंग के खाली हो चुके फ्लोर्स को कब्जे में लेने का निर्देश दिया गया है। हजरतगंज के प्राइम लोकेशन पर स्थित इस इमारत की मार्केट वैल्यू काफी ज्यादा है। इसका व्यावसायिक उपयोग बेहतर हो सकता है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
यूपी के गाजियाबाद में बीच सड़क पर महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया। यहां बीच सड़क पर महिला से बातचीत के बाद उसके साथ मारपीट की गई। मौके पर मौजूद कई महिलाओं ने थप्पड़ और डंडे से उस पर हमला किया। उमेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपी विजय चौधरी उर्फ उस्मान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। हालांकि इस एनकाउंटर को लेकर विजय की पत्नी ने कई सवाल खड़े किए हैं। यूपी के गाजीपुर में सब्जी विक्रेता के खाते में 172. 81 करोड़ रुपए आने के बाद उसे इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला। मामले को लेकर पीड़ित काफी परेशान है। लगातार उससे सवाल किया जा रह है कि यह पैसा कहां से आया। चित्रकूट जेल में अब्बास और निखत की मिलाई के बदले जेल अधिकारियों के द्वारा महंगे गिफ्ट और नगदी ली जाती थी। मामले की पड़ताल के दौरान कई और भी खुलासे हुए हैं। मेरठ में होली के चंदे को लेकर जमकर बवाल सामने आया। इस बीच वहां जमकर ईंट पत्थर बरसाए गए। इस बीच खुफिया तंत्र और पुलिस पूरी तरह से फेल नजर आई। जमकर हुए पथराव में कई लोग घायल हो गए। उमेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपी उस्मान को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। एडीजी ने बताया कि माफिया ने ही धर्म परिवर्तन करवाकर विजय को उस्मान बनाया था। यूपी के गोरखपुर में बारात की रसमलाई खाकर बारातियों की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और पुलिस ने मैरिज हाल को सील कर दिया है। होली की धूम मथुरा में जमकर देखने को मिल रही है। हालांकि इस बीच ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के चलते 5 श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ गई। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। प्रयागराज उमेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने एनकाउंटर में उस्मान को ढेर कर दिया है। इस बीच पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। उनको गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। यूपी के अलीगढ़ में परीक्षा देकर वापस आ रही एक किशोरी के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई। आरोपी उसे किडनैप कर जंगल ले गए और इसके बाद वहीं पर बारी-बारी से वारदात को अंजाम दिया।
यूपी के गाजियाबाद में बीच सड़क पर महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया। यहां बीच सड़क पर महिला से बातचीत के बाद उसके साथ मारपीट की गई। मौके पर मौजूद कई महिलाओं ने थप्पड़ और डंडे से उस पर हमला किया। उमेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपी विजय चौधरी उर्फ उस्मान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। हालांकि इस एनकाउंटर को लेकर विजय की पत्नी ने कई सवाल खड़े किए हैं। यूपी के गाजीपुर में सब्जी विक्रेता के खाते में एक सौ बहत्तर. इक्यासी करोड़ रुपए आने के बाद उसे इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला। मामले को लेकर पीड़ित काफी परेशान है। लगातार उससे सवाल किया जा रह है कि यह पैसा कहां से आया। चित्रकूट जेल में अब्बास और निखत की मिलाई के बदले जेल अधिकारियों के द्वारा महंगे गिफ्ट और नगदी ली जाती थी। मामले की पड़ताल के दौरान कई और भी खुलासे हुए हैं। मेरठ में होली के चंदे को लेकर जमकर बवाल सामने आया। इस बीच वहां जमकर ईंट पत्थर बरसाए गए। इस बीच खुफिया तंत्र और पुलिस पूरी तरह से फेल नजर आई। जमकर हुए पथराव में कई लोग घायल हो गए। उमेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपी उस्मान को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। एडीजी ने बताया कि माफिया ने ही धर्म परिवर्तन करवाकर विजय को उस्मान बनाया था। यूपी के गोरखपुर में बारात की रसमलाई खाकर बारातियों की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और पुलिस ने मैरिज हाल को सील कर दिया है। होली की धूम मथुरा में जमकर देखने को मिल रही है। हालांकि इस बीच ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के चलते पाँच श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ गई। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। प्रयागराज उमेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस ने एनकाउंटर में उस्मान को ढेर कर दिया है। इस बीच पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। उनको गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। यूपी के अलीगढ़ में परीक्षा देकर वापस आ रही एक किशोरी के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई। आरोपी उसे किडनैप कर जंगल ले गए और इसके बाद वहीं पर बारी-बारी से वारदात को अंजाम दिया।
वाशिंगटन, 2 अक्तूबर (एजेंसी) पेंटागन ने सी-130जे सुपर हरक्यूलिस मालवाहक विमान के भारत के बेड़े के लिए नौ करोड़ डॉलर मूल्य के उपकरण, कलपुर्जे और साजो-सामान खरीदने के भारत के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। 'रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी' (डीएससीए) ने कांग्रेस को अपनी अधिसूचना में कहा कि प्रस्तावित बिक्री से अमेरिका एवं भारत के बीच सामरिक साझेदारी मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे अमेरिका की विदेश नीति एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। इससे एक ऐसे बड़े रक्षा साझेदार की सुरक्षा स्थिति भी मजबूत होगी, जो हिंद-प्रशांत एवं दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति एवं आर्थिक विकास के लिए अहम ताकत बना हुआ है। भारतीय वायु सेना के पास इस समय पांच सी130जे-30 विमानों का बेड़ा है। भारत ने छह और सी-130जे-30 सुपर हरक्यूलिस विमान का ऑर्डर दिया है। यह बिक्री रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनी लॉकहीड-मार्टिन संभव बनाएगी। भारत उन 17 देशों में से एक है, जिन्हें अमेरिका ने अपना सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान बेचा है।
वाशिंगटन, दो अक्तूबर पेंटागन ने सी-एक सौ तीसजे सुपर हरक्यूलिस मालवाहक विमान के भारत के बेड़े के लिए नौ करोड़ डॉलर मूल्य के उपकरण, कलपुर्जे और साजो-सामान खरीदने के भारत के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। 'रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी' ने कांग्रेस को अपनी अधिसूचना में कहा कि प्रस्तावित बिक्री से अमेरिका एवं भारत के बीच सामरिक साझेदारी मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे अमेरिका की विदेश नीति एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। इससे एक ऐसे बड़े रक्षा साझेदार की सुरक्षा स्थिति भी मजबूत होगी, जो हिंद-प्रशांत एवं दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति एवं आर्थिक विकास के लिए अहम ताकत बना हुआ है। भारतीय वायु सेना के पास इस समय पांच सीएक सौ तीसजे-तीस विमानों का बेड़ा है। भारत ने छह और सी-एक सौ तीसजे-तीस सुपर हरक्यूलिस विमान का ऑर्डर दिया है। यह बिक्री रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनी लॉकहीड-मार्टिन संभव बनाएगी। भारत उन सत्रह देशों में से एक है, जिन्हें अमेरिका ने अपना सी-एक सौ तीसजे सुपर हरक्यूलिस विमान बेचा है।
तीन साल पहले तक पूरे भारत में, अधिकतर ग्रामीण और कई शहरी इलाकों में लाखों लोग सुबह के नित्यकर्म को लेकर बेपरवाह थे। खासकर वे खुले में खुद को कहीं भी हल्का कर लेते थे। उन्हें स्वच्छता के साथ-साथ इस वजह से होने वाली बीमारियों की तनिक भी चिन्ता नहीं रहती थी। माता-पिता अपने बच्चों को गंभीर खतरे में डाल रहे थे। 2 अक्टूबर, 2019 तक (महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती) तक सार्वभौमिक स्वच्छता के साथ स्वच्छ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद लोगों की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। इस दौरान सदियों से चली आ रही खुले में शौच की आदत में उल्लेखनीय कमी आई है। सार्वभौमिक स्वच्छता भारत के विकास एजेंडे में सबसे ऊपर है। 2014 तक, केवल 39 प्रतिशत लोगों तक ही सुरक्षित स्वच्छता वाली सुविधाओं की पहुंच थी। आज स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तीन साल पूरे होने के बाद पूरे देश में पांच राज्यों, लगभग 200 जिलों और लगभग 2.4 लाख गांवों ने खुद को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया है। इसके अलावा, गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के आधार पर 1.5 लाख गांवों ने स्वच्छता सूचकांक में रैंकिग दर्ज कराई है। बेहतर स्वच्छता के परिणामस्वरूप घरेलू बचत हुई है। एसबीएम के लागत लाभ का अनुमान लगाने के लिए यूनिसेफ द्वारा हाल ही में किए एक स्वतंत्र अध्ययन से यह पता चला है कि स्वच्छता में सुधार के लिए निवेश किए गए प्रत्येक रुपये से 4.30 रुपये की बचत हुई है। अध्ययन में पाया गया कि औसत लागत-लाभ का अनुपात 430 प्रतिशत था। अध्ययन में "एक तरफ घरेलू और सरकारी व्यय, और दूसरी तरफ बेहतर स्वच्छता से प्रेरित वित्तीय बचत के विचार" का पता चला। इससे लाभ लेने वाली आबादी में सर्वाधिक संख्या गरीबों की थी। इसके अलावा, पूरी तरह से ओडीएफ समुदाय में, एक औसत परिवार जो शौचालय में निवेश करता है वह प्रति वर्ष करीब 50,000 रुपये की बचत करता है। चिकित्सा लागत और मृत्यु दर पर ध्यान दिया जा रहा है और समय की बचत भी हो रही है। 12 राज्यों में चयनित 10,000 ग्रामीण परिवारों पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया कि 85 प्रतिशत परिवार के सदस्य अपने शौचालयों का उपयोग करते हैं। सर्वेक्षण घरेलू स्तर पर स्वच्छता के आर्थिक प्रभाव को मापने के लिए किया गया था। जल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव परमेश्वरन अय्यर बताते हैं कि भारतीय गुणवत्ता परिषद ने 1,40,000 घरों में एक स्वतंत्र सर्वेक्षण किया था, जिसमें पाया गया कि 'घरेलू शौचालय का उपयोग करने वालों की संख्या 91 प्रतिशत है।' सुलभ और सुरक्षित शौचालयों की बदौलत ग्रामीणों के जीवन में एक बड़ा गुणात्मक परिवर्तन आया है। विशेष रूप से उन महिलाओं को सुरक्षा प्राप्त हुई है जो अंधेरे में खुले में शौच जाने के लिए मजबूर थे तथा उन्हें मानसिक यातना का सामना करना पड़ता था। उचित स्वच्छता की सुविधाओं की कमी से स्वास्थ्य और परिव्यय में वृद्धि हो जाती है जिसका खामियाजा भारत की जीडीपी पर प्रतिवर्ष 6 प्रतिशत पड़ता है। अनुसंधान में शौचालय, कुपोषण जैसी तथ्यों का जिक्र किया गया है। शौचालय की कमी के कारण दूषित वातावरण के सम्पर्क में रहने से आमजन के स्वास्थ्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। अतिसार बीमारियों से प्रभावित 10,000 बच्चों की मौतें डायरिया के कारण हुईं हैं। विश्व बैंक के अनुसार भारत के लगभग 40 प्रतिशत बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित रहे हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लोगों की सोच में परिवर्तन लाया जाए, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की जनता में जिनके पास शौचालय की कमी है जिसे एक बुनियादी ढांचे के कार्यक्रम के द्वारा पूरा किया जा सकता है। सभी महत्वपूर्ण कारकों पर ध्यान केंद्रित करना होगा तथा सदियों पुरानी बुरी आदत से निपटने और इसके बारे में बात करने के लिए जागरूक करना होगा। स्वच्छता के लिए सामुदायिक बहस के जरिये कई पारस्परिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से देश में परिवर्तन लाया जा रहा है। मिशन मजबूत करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार त्वरित पखवाड़ा अभियान के तहत 'स्वच्छता ही सेवा है' जैसे कई कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, जिसमें शौचालयों, बस स्टैंड, सिनेमा घरों, रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक सभागारों और कई अन्य की सफाई शामिल है। इस अभियान का समापन 2 अक्तूबर को 'स्वच्छ भारत दिवस' के साथ होगा। खुले में शौचमुक्त शहरों के वर्तमान अभियान को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं और भूमि तथा नदियों को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित शहरी पर्यावरण के प्रबंधन की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। हर दिन भारत में लगभग 1.7 मिलियन टन मल संबंधी कचरा पैदा होता है। इसका लगभग 78 प्रतिशत मल अनुपचारित रहता है और इसे नदियों, झीलों या भूजल में फेंक दिया जाता है। इससे बैक्टीरिया और रोगजनक पैदा होते हैं, जिससे बीमारी होने का खतरा बना रहता है और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बन जाता है। पहाड़ी, सूखे से प्रभावित, बाढ़ प्रभावी और दूर-दराज के क्षेत्रों में टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और सस्ती शौचालय तकनीक के लिए युवाओं तथा अन्य हितधारकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शौचालयों के उपयोग तथा उनकी निगरानी के लिए तकनीकी समाधान और व्यावहारिक परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खुली अवधि वाली योजनाओं के विपरीत यह मिशन कार्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और 12 लाख शौचालयों का निर्माण करके भारत को खुले में शौच कराने की दिशा में अग्रसर है। यह एक कठिन और ज्यादा समय लेने वाला अभियान है, जिसमें व्यावहारिक परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति प्रत्येक का सहयोग शामिल है, जो प्रधान या कलेक्टर या सांसद द्वारा भी किया जा सकता है। इसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों, जिला मजिस्ट्रेट, गांव के मुखियाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा स्वच्छाग्राही सेना बनाई गई है और नुक्कड़ नाटकों को बढ़ावा दिया गया है। व्यावहारिक परिवर्तनों को आम जन द्वारा प्रेरित किया जा रहा है और प्रमुख हस्तियों द्वारा संदेश के माध्यम से खुले में शौच के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है। ** लेखक एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं, जो मीडिया जगत - प्रिंट, ऑनलाइन, रेडियो और टेलीविजन में चार दशकों का अनुभव रखते हैं। लेखक विज्ञान और विकास संबंधी मुद्दों पर लिखते हैं। ** लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं।
तीन साल पहले तक पूरे भारत में, अधिकतर ग्रामीण और कई शहरी इलाकों में लाखों लोग सुबह के नित्यकर्म को लेकर बेपरवाह थे। खासकर वे खुले में खुद को कहीं भी हल्का कर लेते थे। उन्हें स्वच्छता के साथ-साथ इस वजह से होने वाली बीमारियों की तनिक भी चिन्ता नहीं रहती थी। माता-पिता अपने बच्चों को गंभीर खतरे में डाल रहे थे। दो अक्टूबर, दो हज़ार उन्नीस तक तक सार्वभौमिक स्वच्छता के साथ स्वच्छ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद लोगों की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। इस दौरान सदियों से चली आ रही खुले में शौच की आदत में उल्लेखनीय कमी आई है। सार्वभौमिक स्वच्छता भारत के विकास एजेंडे में सबसे ऊपर है। दो हज़ार चौदह तक, केवल उनतालीस प्रतिशत लोगों तक ही सुरक्षित स्वच्छता वाली सुविधाओं की पहुंच थी। आज स्वच्छ भारत मिशन के तीन साल पूरे होने के बाद पूरे देश में पांच राज्यों, लगभग दो सौ जिलों और लगभग दो.चार लाख गांवों ने खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है। इसके अलावा, गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के आधार पर एक.पाँच लाख गांवों ने स्वच्छता सूचकांक में रैंकिग दर्ज कराई है। बेहतर स्वच्छता के परिणामस्वरूप घरेलू बचत हुई है। एसबीएम के लागत लाभ का अनुमान लगाने के लिए यूनिसेफ द्वारा हाल ही में किए एक स्वतंत्र अध्ययन से यह पता चला है कि स्वच्छता में सुधार के लिए निवेश किए गए प्रत्येक रुपये से चार दशमलव तीस रुपयापये की बचत हुई है। अध्ययन में पाया गया कि औसत लागत-लाभ का अनुपात चार सौ तीस प्रतिशत था। अध्ययन में "एक तरफ घरेलू और सरकारी व्यय, और दूसरी तरफ बेहतर स्वच्छता से प्रेरित वित्तीय बचत के विचार" का पता चला। इससे लाभ लेने वाली आबादी में सर्वाधिक संख्या गरीबों की थी। इसके अलावा, पूरी तरह से ओडीएफ समुदाय में, एक औसत परिवार जो शौचालय में निवेश करता है वह प्रति वर्ष करीब पचास,शून्य रुपयापये की बचत करता है। चिकित्सा लागत और मृत्यु दर पर ध्यान दिया जा रहा है और समय की बचत भी हो रही है। बारह राज्यों में चयनित दस,शून्य ग्रामीण परिवारों पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया कि पचासी प्रतिशत परिवार के सदस्य अपने शौचालयों का उपयोग करते हैं। सर्वेक्षण घरेलू स्तर पर स्वच्छता के आर्थिक प्रभाव को मापने के लिए किया गया था। जल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव परमेश्वरन अय्यर बताते हैं कि भारतीय गुणवत्ता परिषद ने एक,चालीस,शून्य घरों में एक स्वतंत्र सर्वेक्षण किया था, जिसमें पाया गया कि 'घरेलू शौचालय का उपयोग करने वालों की संख्या इक्यानवे प्रतिशत है।' सुलभ और सुरक्षित शौचालयों की बदौलत ग्रामीणों के जीवन में एक बड़ा गुणात्मक परिवर्तन आया है। विशेष रूप से उन महिलाओं को सुरक्षा प्राप्त हुई है जो अंधेरे में खुले में शौच जाने के लिए मजबूर थे तथा उन्हें मानसिक यातना का सामना करना पड़ता था। उचित स्वच्छता की सुविधाओं की कमी से स्वास्थ्य और परिव्यय में वृद्धि हो जाती है जिसका खामियाजा भारत की जीडीपी पर प्रतिवर्ष छः प्रतिशत पड़ता है। अनुसंधान में शौचालय, कुपोषण जैसी तथ्यों का जिक्र किया गया है। शौचालय की कमी के कारण दूषित वातावरण के सम्पर्क में रहने से आमजन के स्वास्थ्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। अतिसार बीमारियों से प्रभावित दस,शून्य बच्चों की मौतें डायरिया के कारण हुईं हैं। विश्व बैंक के अनुसार भारत के लगभग चालीस प्रतिशत बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित रहे हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लोगों की सोच में परिवर्तन लाया जाए, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की जनता में जिनके पास शौचालय की कमी है जिसे एक बुनियादी ढांचे के कार्यक्रम के द्वारा पूरा किया जा सकता है। सभी महत्वपूर्ण कारकों पर ध्यान केंद्रित करना होगा तथा सदियों पुरानी बुरी आदत से निपटने और इसके बारे में बात करने के लिए जागरूक करना होगा। स्वच्छता के लिए सामुदायिक बहस के जरिये कई पारस्परिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से देश में परिवर्तन लाया जा रहा है। मिशन मजबूत करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार त्वरित पखवाड़ा अभियान के तहत 'स्वच्छता ही सेवा है' जैसे कई कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, जिसमें शौचालयों, बस स्टैंड, सिनेमा घरों, रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक सभागारों और कई अन्य की सफाई शामिल है। इस अभियान का समापन दो अक्तूबर को 'स्वच्छ भारत दिवस' के साथ होगा। खुले में शौचमुक्त शहरों के वर्तमान अभियान को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं और भूमि तथा नदियों को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित शहरी पर्यावरण के प्रबंधन की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। हर दिन भारत में लगभग एक.सात मिलियन टन मल संबंधी कचरा पैदा होता है। इसका लगभग अठहत्तर प्रतिशत मल अनुपचारित रहता है और इसे नदियों, झीलों या भूजल में फेंक दिया जाता है। इससे बैक्टीरिया और रोगजनक पैदा होते हैं, जिससे बीमारी होने का खतरा बना रहता है और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बन जाता है। पहाड़ी, सूखे से प्रभावित, बाढ़ प्रभावी और दूर-दराज के क्षेत्रों में टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और सस्ती शौचालय तकनीक के लिए युवाओं तथा अन्य हितधारकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शौचालयों के उपयोग तथा उनकी निगरानी के लिए तकनीकी समाधान और व्यावहारिक परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खुली अवधि वाली योजनाओं के विपरीत यह मिशन कार्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और बारह लाख शौचालयों का निर्माण करके भारत को खुले में शौच कराने की दिशा में अग्रसर है। यह एक कठिन और ज्यादा समय लेने वाला अभियान है, जिसमें व्यावहारिक परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति प्रत्येक का सहयोग शामिल है, जो प्रधान या कलेक्टर या सांसद द्वारा भी किया जा सकता है। इसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों, जिला मजिस्ट्रेट, गांव के मुखियाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा स्वच्छाग्राही सेना बनाई गई है और नुक्कड़ नाटकों को बढ़ावा दिया गया है। व्यावहारिक परिवर्तनों को आम जन द्वारा प्रेरित किया जा रहा है और प्रमुख हस्तियों द्वारा संदेश के माध्यम से खुले में शौच के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है। ** लेखक एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं, जो मीडिया जगत - प्रिंट, ऑनलाइन, रेडियो और टेलीविजन में चार दशकों का अनुभव रखते हैं। लेखक विज्ञान और विकास संबंधी मुद्दों पर लिखते हैं। ** लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं।
Scrapping Old Car (Photo Credit: Social Media) नई दिल्लीः Scrapping Old Car: दिल्ली सरकार पुरानी कार को स्क्रैप करवाने पर बंपर ऑफर दे रही है. अगर आप पुरानी कार को स्क्रैप करवाते हैं और नई कार खरीददते हैं तो रोड टैक्स पर छूट का फायदा मिलेगा. रोड टैक्स पर 25 प्रतिशत टैक्स छूट मिलने का मौका मिल रहा है. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत का कहना है कि सरकार की ओर से ये कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पुरानी कार को स्क्रैप कर बदले में नई कार के विकल्प पर जाएं. दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव के लिए मंजूरी दे दी है. दिल्ली के राज्यपाल द्वारा अंतिम फैसला आने के बाद फैसले को लागू कर दिया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करवाने पर सर्टिफिकेशन ऑफ डिपॉजिट उपलब्ध करवाया जाएगा. इस सर्टिफिकेशन ऑफ डिपॉजिट को सरकार द्वारा रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर द्वारा जारी किया जाएगा. जिसके बाद इसके जरिए नई गाड़ी की खरीद पर पर्सनल व्हीकल के केस में 25 प्रतिशत और कमर्शियल गाड़ी के केस में 15 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी. नए नियम के लागू होने पर खुद की पर्सनल गाड़ी वाले ग्राहकों को 5 लाख रुपये तक की गाड़ियों की खरीद पर छूट दी जाएगी. इसमें पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों पर 25 फीसदी छूट जबकि पेट्रोल से चलने वाली गाड़ी पर 20 प्रतिशत छूट मिलेगी. कार की खरीद पर छूट अलग- अलग टैक्स स्लैब के तहत दी जाएगी. जैसे 20 लाख रुपये से महंगी गाड़ी की खरीद पर पेट्रोल और सीएनजी के केस में 12. 5 प्रतिशत छूट दी जाएगी. जबकि डीजल से चलने वाली गाड़ी पर यही छूट 8 फीसदी हो जाएगी. इसके अलावा कमर्शियल गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन के समय टैक्स पर 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी.
Scrapping Old Car नई दिल्लीः Scrapping Old Car: दिल्ली सरकार पुरानी कार को स्क्रैप करवाने पर बंपर ऑफर दे रही है. अगर आप पुरानी कार को स्क्रैप करवाते हैं और नई कार खरीददते हैं तो रोड टैक्स पर छूट का फायदा मिलेगा. रोड टैक्स पर पच्चीस प्रतिशत टैक्स छूट मिलने का मौका मिल रहा है. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत का कहना है कि सरकार की ओर से ये कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पुरानी कार को स्क्रैप कर बदले में नई कार के विकल्प पर जाएं. दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव के लिए मंजूरी दे दी है. दिल्ली के राज्यपाल द्वारा अंतिम फैसला आने के बाद फैसले को लागू कर दिया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करवाने पर सर्टिफिकेशन ऑफ डिपॉजिट उपलब्ध करवाया जाएगा. इस सर्टिफिकेशन ऑफ डिपॉजिट को सरकार द्वारा रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर द्वारा जारी किया जाएगा. जिसके बाद इसके जरिए नई गाड़ी की खरीद पर पर्सनल व्हीकल के केस में पच्चीस प्रतिशत और कमर्शियल गाड़ी के केस में पंद्रह प्रतिशत तक छूट दी जाएगी. नए नियम के लागू होने पर खुद की पर्सनल गाड़ी वाले ग्राहकों को पाँच लाख रुपये तक की गाड़ियों की खरीद पर छूट दी जाएगी. इसमें पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों पर पच्चीस फीसदी छूट जबकि पेट्रोल से चलने वाली गाड़ी पर बीस प्रतिशत छूट मिलेगी. कार की खरीद पर छूट अलग- अलग टैक्स स्लैब के तहत दी जाएगी. जैसे बीस लाख रुपये से महंगी गाड़ी की खरीद पर पेट्रोल और सीएनजी के केस में बारह. पाँच प्रतिशत छूट दी जाएगी. जबकि डीजल से चलने वाली गाड़ी पर यही छूट आठ फीसदी हो जाएगी. इसके अलावा कमर्शियल गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन के समय टैक्स पर पंद्रह प्रतिशत की छूट मिलेगी.
नई दिल्ली। आईटी हब के रुप में विश्वभर में पहचाने जाना वाला बेंगलूरु अब अपने लोगो की वजह से पहचाना जाएगा. सोमवार को पर्यटन राज्य मंत्री ने शहर के इस लोगो को लॉन्च किया. जिसके बाद बेंगलुरू देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जिसका खुद का लोगो है. कर्नाटक सरकार के पर्यटन मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि इस 'लोगो' का इस्तेमाल बेंगलुरु शहर को दुनिया भर में एक अलग पहचान दिलाने के लिए किया जाएगा. बेंगलुरु शहर के 'लोगो' में इस्तेमाल गिए गए पहले दो शब्द बी और इ और अंतिम के शब्द यू को लाल रंग से लिखा गया है. इसे बनाने में तकरीबन साल भर का समय लगा है. इस लोगो को नाम्मुर नाम की एक स्टार्ट अप कंपनी ने बनाया है. एक प्रतियोगिता के तहत नाम्मुर को इस 'लोगो' के लिए सरकार से 5 लाख रुपये का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है. आपको बता दें कि बेंगलुरु पिछले कुछ समय से प्रदूषण, सड़क में गड्ढ़ों की वजह से सुर्खियों में था. अब माना जा रहा है कि इस लोगो की वजह से शहर को एक नई पहचान मिल जाएगी.
नई दिल्ली। आईटी हब के रुप में विश्वभर में पहचाने जाना वाला बेंगलूरु अब अपने लोगो की वजह से पहचाना जाएगा. सोमवार को पर्यटन राज्य मंत्री ने शहर के इस लोगो को लॉन्च किया. जिसके बाद बेंगलुरू देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जिसका खुद का लोगो है. कर्नाटक सरकार के पर्यटन मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि इस 'लोगो' का इस्तेमाल बेंगलुरु शहर को दुनिया भर में एक अलग पहचान दिलाने के लिए किया जाएगा. बेंगलुरु शहर के 'लोगो' में इस्तेमाल गिए गए पहले दो शब्द बी और इ और अंतिम के शब्द यू को लाल रंग से लिखा गया है. इसे बनाने में तकरीबन साल भर का समय लगा है. इस लोगो को नाम्मुर नाम की एक स्टार्ट अप कंपनी ने बनाया है. एक प्रतियोगिता के तहत नाम्मुर को इस 'लोगो' के लिए सरकार से पाँच लाख रुपये का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है. आपको बता दें कि बेंगलुरु पिछले कुछ समय से प्रदूषण, सड़क में गड्ढ़ों की वजह से सुर्खियों में था. अब माना जा रहा है कि इस लोगो की वजह से शहर को एक नई पहचान मिल जाएगी.