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मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक भाई जगताप के कोरोना के महामारी से लड़ने के लिए 10 हजार यूनिट रक्त एकत्र करने के लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से दक्षिण मध्य मुंबई जिला कांग्रेस कमेटी कार्याध्यक्ष लक्ष्मण कोठारी ने चेंबूर केंप इंदिरा नगर के झूलेलाल मंदिर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया ।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कार्याध्यक्ष मुंबई कांग्रेस के प्रभारी व पूर्व समाज कल्याण विभाग मंत्री चंद्रकांत हंडोरे ने फीता काट कर शिविर का उद्घाटन करते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि , कोरोना जैसी बीमारी में बीमार लोगों के लिए रक्त की जरूरत को देखते हुए मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष भाई जगताप के घोषणा के आधार पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है । लक्ष्मण कोठारी और उनके सभी साथियों को इस आयोजन के लिए बधाई देता हूं । श्री हंडोरे ने रक्तदान करने वालों को प्रमाण पत्र और आकर्षक गिफ्ट देकर उनका सम्मान किया । उन्होंने शिविर के उद्घाटन से पूर्व डॉ बाबासाहेब आंबेडकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व एकनाथ गायकवाड़ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया ।
रक्तदान शिविर स्थल पर पहुंचकर लक्ष्मण कोठारी और उनके सभी सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि , इस भयंकर बीमारी में भी कांग्रेस के बहादुर सिपाही अपनी जान को जोखिम में डालकर रक्तदान शिविर आयोजित कर अपना रक्त दान कर रहे हैं और दूसरों से भी रक्त का दान ले रहे हैं । कांग्रेस देश और देश के लोगों के लिए काम करती है ।
लक्ष्मण कोठारी ने शिविर के समापन पर सायन हॉस्पिटल ब्लड बैंक इंचार्ज राहुल बलाल और उनके सभी साथियों को गुलदस्ता और प्रमाण पत्र देकर उनका सम्मान किया । खबर लिखे जाने तक 61लोग अपना रक्त दान कर चुके थे ।
इस मौके पर दक्षिण मध्य मुंबई जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हुकमराज मेहता , वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद नायर , कैलाश आरावडे , एम टी डेविड , राजेश सिंह , एन के कांबले , किशन मिस्त्री , मुरली पिल्लई , सुनील इटोलिया , लक्ष्मण कालखेर , सुनील ढाका , संभाजी लोखंडे , गणेश म्हात्रे , सुरेश शर्मा , अश्वनी शर्मा , दामू कुरमे , पूर्वी पटेल , सुमन कांबले , लीना सुतार , वर्षा पारधे , सुनीता वाघमारे , परमिला सिंह , मन्नू लटके , पांडुराम , सुभाष वरक , रवि पाटिल , अरुण भाई , जगदीश चान आदि उपस्थित थे ।
लक्ष्मण कोठारी ने सभी अतिथियों , डॉक्टर्स और रक्त दान दाताओं का दिल से आभार व्यक्त किया ।
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मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक भाई जगताप के कोरोना के महामारी से लड़ने के लिए दस हजार यूनिट रक्त एकत्र करने के लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से दक्षिण मध्य मुंबई जिला कांग्रेस कमेटी कार्याध्यक्ष लक्ष्मण कोठारी ने चेंबूर केंप इंदिरा नगर के झूलेलाल मंदिर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया । महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कार्याध्यक्ष मुंबई कांग्रेस के प्रभारी व पूर्व समाज कल्याण विभाग मंत्री चंद्रकांत हंडोरे ने फीता काट कर शिविर का उद्घाटन करते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि , कोरोना जैसी बीमारी में बीमार लोगों के लिए रक्त की जरूरत को देखते हुए मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष भाई जगताप के घोषणा के आधार पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है । लक्ष्मण कोठारी और उनके सभी साथियों को इस आयोजन के लिए बधाई देता हूं । श्री हंडोरे ने रक्तदान करने वालों को प्रमाण पत्र और आकर्षक गिफ्ट देकर उनका सम्मान किया । उन्होंने शिविर के उद्घाटन से पूर्व डॉ बाबासाहेब आंबेडकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व एकनाथ गायकवाड़ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया । रक्तदान शिविर स्थल पर पहुंचकर लक्ष्मण कोठारी और उनके सभी सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि , इस भयंकर बीमारी में भी कांग्रेस के बहादुर सिपाही अपनी जान को जोखिम में डालकर रक्तदान शिविर आयोजित कर अपना रक्त दान कर रहे हैं और दूसरों से भी रक्त का दान ले रहे हैं । कांग्रेस देश और देश के लोगों के लिए काम करती है । लक्ष्मण कोठारी ने शिविर के समापन पर सायन हॉस्पिटल ब्लड बैंक इंचार्ज राहुल बलाल और उनके सभी साथियों को गुलदस्ता और प्रमाण पत्र देकर उनका सम्मान किया । खबर लिखे जाने तक इकसठलोग अपना रक्त दान कर चुके थे । इस मौके पर दक्षिण मध्य मुंबई जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हुकमराज मेहता , वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद नायर , कैलाश आरावडे , एम टी डेविड , राजेश सिंह , एन के कांबले , किशन मिस्त्री , मुरली पिल्लई , सुनील इटोलिया , लक्ष्मण कालखेर , सुनील ढाका , संभाजी लोखंडे , गणेश म्हात्रे , सुरेश शर्मा , अश्वनी शर्मा , दामू कुरमे , पूर्वी पटेल , सुमन कांबले , लीना सुतार , वर्षा पारधे , सुनीता वाघमारे , परमिला सिंह , मन्नू लटके , पांडुराम , सुभाष वरक , रवि पाटिल , अरुण भाई , जगदीश चान आदि उपस्थित थे । लक्ष्मण कोठारी ने सभी अतिथियों , डॉक्टर्स और रक्त दान दाताओं का दिल से आभार व्यक्त किया ।
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Vastu Tips : किस दिशा का दोष दूर करने के लिए करनी चाहिए किस देव की पूजा...!
वास्तु शास्त्र में अलग अलग दिशाओं में भी वास्तु दोष होने की बात कही गई है. वास्तु दोष होने पर कई तरह की समस्याएं व्यक्ति को परेशान करती हैं. इन्हें दूर करने के लिए दिशा के अनुसार अलग अलग देवताओं के पूजन का विधान है.
वास्तु शास्त्र को ज्योतिष की अहम शाखा माना गया है. ये भूमि, दिशाओं और ऊर्जा के सिद्धांत पर कार्य करता है और निर्माण से सम्बंधित चीज़ों के शुभ अशुभ फलों के बारे में बताता है. माना जाता है कि यदि घर में वास्तु दोष हो तो चारों तरफ माहौल नकारात्मक हो जाता है. कई शुभ कामों में बेवजह विघ्न आते हैं.
वास्तु शास्त्र में अलग अलग दिशाओं का वास्तु दोष समाप्त करने के लिए अलग अलग देवताओं की पूजा करने की बात कही गई है. आमतौर पर शास्त्रों में दस दिशाएं होने की बात लिखी है, लेकिन वास्तु दोष सिर्फ आठ दिशाओं का ही माना गया है. यहां जानिए किस दिशा का दोष दूर करने के लिए किस भगवान की पूजा करनी चाहिए.
पूर्व दिशा के देव सूर्य माने गए हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर पिता पुत्रों के संबन्धों में खटास, नौकरी की समस्या, यश प्रतिष्ठा का कम होने जैसी परेशानियां आती हैं. पूर्व दिशा का वास्तु दोष दूर करने के लिए नियमित तौर पर सूर्य को जल देना चाहिए और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. आप चाहें तो गायत्री मंत्र का जाप भी कर सकते हैं.
पश्चिम दिशा के स्वामी शनिदेव हैं. इस दिशा में वास्तुदोष होने पर शनि संबन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस दिशा के दोष दूर करने के लिए आप शनिदेव की आराधना करें. हर शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
उत्तर दिशा के देव बुध देव माने गए हैं. इस दिशा में दोष होने पर धन की समस्याएं सामने आती हैं. इन्हें दूर करने के लिए बुध यंत्र को घर में स्थापित करके पूजा करें और गणपति की आराधना करें.
ये दिशा मंगल और यमराज की मानी जाती है. दक्षिण दिशा में दोष होने पर क्रोध बढ़ता है और आपसी टकराव की स्थिति पैदा होती है. दक्षिण दिशा का दोष दूर करने के लिए नियमित तौर पर हनुमान बाबा की पूजा करें.
उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. इसके स्वामी ग्रह गुरु और शिव हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर वैवाहिक जीवन में समस्याएं आती हैं. ऐसे में शिव जी और माता गौरी की आराधना करनी चाहिए. उत्तर-पूर्व दिशा को साफ सुथरा रखना चाहिए.
दक्षिण-पूर्व दिशा को आग्नेय कोण कहा जाता है. शुक्र इसके देव हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर भौतिक सुखों में कमी, असफल प्रेम संबंध जैसी समस्याएं होती हैं. इसके दोष दूर करने के लिए माता लक्ष्मी की पूजा करें और शुक्र यंत्र को स्थापित करके नियमित तौर पर पूजा करें.
दक्षिण-पश्चिम दिशा को नैऋत्य कोण कहा जाता है. इसके स्वामी राहु-केतु हैं. इस दोष के निवारण के लिए भगवान शिव को रोज जल अर्पित करें और राहु-केतु के निमित्त सात प्रकार के अनाज का दान करें.
उत्तर-पश्चिम दिशा को वायव्य कोण कहा जाता है. इस दिशा के स्वामी चंद्रदेव हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर तनाव, जुकाम, मानसिक परेशानी और प्रजनन संबंधी समस्याएं होती है. इसे दूर करने के लिए चंद्र देव के मंत्र का जाप करें और महादेव की आराधना करें.
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Vastu Tips : किस दिशा का दोष दूर करने के लिए करनी चाहिए किस देव की पूजा...! वास्तु शास्त्र में अलग अलग दिशाओं में भी वास्तु दोष होने की बात कही गई है. वास्तु दोष होने पर कई तरह की समस्याएं व्यक्ति को परेशान करती हैं. इन्हें दूर करने के लिए दिशा के अनुसार अलग अलग देवताओं के पूजन का विधान है. वास्तु शास्त्र को ज्योतिष की अहम शाखा माना गया है. ये भूमि, दिशाओं और ऊर्जा के सिद्धांत पर कार्य करता है और निर्माण से सम्बंधित चीज़ों के शुभ अशुभ फलों के बारे में बताता है. माना जाता है कि यदि घर में वास्तु दोष हो तो चारों तरफ माहौल नकारात्मक हो जाता है. कई शुभ कामों में बेवजह विघ्न आते हैं. वास्तु शास्त्र में अलग अलग दिशाओं का वास्तु दोष समाप्त करने के लिए अलग अलग देवताओं की पूजा करने की बात कही गई है. आमतौर पर शास्त्रों में दस दिशाएं होने की बात लिखी है, लेकिन वास्तु दोष सिर्फ आठ दिशाओं का ही माना गया है. यहां जानिए किस दिशा का दोष दूर करने के लिए किस भगवान की पूजा करनी चाहिए. पूर्व दिशा के देव सूर्य माने गए हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर पिता पुत्रों के संबन्धों में खटास, नौकरी की समस्या, यश प्रतिष्ठा का कम होने जैसी परेशानियां आती हैं. पूर्व दिशा का वास्तु दोष दूर करने के लिए नियमित तौर पर सूर्य को जल देना चाहिए और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. आप चाहें तो गायत्री मंत्र का जाप भी कर सकते हैं. पश्चिम दिशा के स्वामी शनिदेव हैं. इस दिशा में वास्तुदोष होने पर शनि संबन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस दिशा के दोष दूर करने के लिए आप शनिदेव की आराधना करें. हर शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं. उत्तर दिशा के देव बुध देव माने गए हैं. इस दिशा में दोष होने पर धन की समस्याएं सामने आती हैं. इन्हें दूर करने के लिए बुध यंत्र को घर में स्थापित करके पूजा करें और गणपति की आराधना करें. ये दिशा मंगल और यमराज की मानी जाती है. दक्षिण दिशा में दोष होने पर क्रोध बढ़ता है और आपसी टकराव की स्थिति पैदा होती है. दक्षिण दिशा का दोष दूर करने के लिए नियमित तौर पर हनुमान बाबा की पूजा करें. उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. इसके स्वामी ग्रह गुरु और शिव हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर वैवाहिक जीवन में समस्याएं आती हैं. ऐसे में शिव जी और माता गौरी की आराधना करनी चाहिए. उत्तर-पूर्व दिशा को साफ सुथरा रखना चाहिए. दक्षिण-पूर्व दिशा को आग्नेय कोण कहा जाता है. शुक्र इसके देव हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर भौतिक सुखों में कमी, असफल प्रेम संबंध जैसी समस्याएं होती हैं. इसके दोष दूर करने के लिए माता लक्ष्मी की पूजा करें और शुक्र यंत्र को स्थापित करके नियमित तौर पर पूजा करें. दक्षिण-पश्चिम दिशा को नैऋत्य कोण कहा जाता है. इसके स्वामी राहु-केतु हैं. इस दोष के निवारण के लिए भगवान शिव को रोज जल अर्पित करें और राहु-केतु के निमित्त सात प्रकार के अनाज का दान करें. उत्तर-पश्चिम दिशा को वायव्य कोण कहा जाता है. इस दिशा के स्वामी चंद्रदेव हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने पर तनाव, जुकाम, मानसिक परेशानी और प्रजनन संबंधी समस्याएं होती है. इसे दूर करने के लिए चंद्र देव के मंत्र का जाप करें और महादेव की आराधना करें.
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रायपुरः Naxalite attack in Jhiram Ghati छत्तीसगढ़ की झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले को 10 साल पूरे चुके हैं। 25 मई 2013 को परिवर्तन यात्रा से लौट रहे कांग्रेस के काफिले में हुए हमले में 27 नेताओं समेत कुल 32 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें कई शीर्ष नेताओं ने अपनी जान गंवाई। बीतें 10 सालों से आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है, लेकिन NIA जांच के बाद भी नतीजा सिफर है। नक्सल हमले के पीछे की असल वजह का खुलासा नहीं हो सका है।
Naxalite attack in Jhiram Ghati दरअसल, 25 मई 2013 को झीरम घाटी में 10 साल पहले एक बड़े एंबुश के जरिए नक्सलियों ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की चुन-चुन कर हत्या की थी। राजनीतिक संहार का ये पहला मामला था। उस वक्त भी IBC24 ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सबसे पहले ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर कई घायलों की मदद की। इस हमले से तमाम सियासी दल समेत पूरा देश सन्न था। सवाल भी उठा कि इस राजनीतिक हत्याकांड के पीछे कौन है? पहले जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अगुवाई में न्यायिक जांच आयोग की घोषणा की गई फिर जांच NIA को सौंप दी गई। NIA की जांच रिपोर्ट आने के बाद फिर बवाल हुआ। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप का लंबा दौर चला। जो आज भी जारी है। बीते 10 साल से इस हमले से जुड़े तमाम सवाल आज भी जिंदा हैं। इस मुद्दे पर बीजेपी नेता लगातार कांग्रेस को घेरते रहे हैं।
Read More : रिवर्स... 'लव जिहाद', पोस्टर पर फसाद! चुनावी साल में RSS, बजरंग दल जैसे संगठनों से किसको डर?
छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस सरकार में आई तो अलग से न्यायिक जांच आयोग का गठन करने की घोषणा की। SIT का गठन भी किया, जो कि कानूनी अड़चनों में उलझ गई। राजनीतिक साजिश के नए बिंदु जांच में जोड़े गए। राज्य शासन ने सेवानिवृत्त जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और जस्टिस जी मिनहाजुद्दीन के 2 सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन इस मामले में किया है जिसकी सुनवाई भी शुरू की जा चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि पीड़ित परिवारों को अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया, इसका दुख है।
झीरम हमले के 10 साल बीत गए हैं, लेकिन जिन्होंने अपनों को खोया, उन परिवारों को दर्द अब भी कम नहीं हुआ है, क्योंकि इंसाफ का एक कतरा भी उनके नसीब में नहीं आया है।
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रायपुरः Naxalite attack in Jhiram Ghati छत्तीसगढ़ की झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले को दस साल पूरे चुके हैं। पच्चीस मई दो हज़ार तेरह को परिवर्तन यात्रा से लौट रहे कांग्रेस के काफिले में हुए हमले में सत्ताईस नेताओं समेत कुल बत्तीस लोगों की मौत हुई थी, जिसमें कई शीर्ष नेताओं ने अपनी जान गंवाई। बीतें दस सालों से आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है, लेकिन NIA जांच के बाद भी नतीजा सिफर है। नक्सल हमले के पीछे की असल वजह का खुलासा नहीं हो सका है। Naxalite attack in Jhiram Ghati दरअसल, पच्चीस मई दो हज़ार तेरह को झीरम घाटी में दस साल पहले एक बड़े एंबुश के जरिए नक्सलियों ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की चुन-चुन कर हत्या की थी। राजनीतिक संहार का ये पहला मामला था। उस वक्त भी IBCचौबीस ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सबसे पहले ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर कई घायलों की मदद की। इस हमले से तमाम सियासी दल समेत पूरा देश सन्न था। सवाल भी उठा कि इस राजनीतिक हत्याकांड के पीछे कौन है? पहले जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अगुवाई में न्यायिक जांच आयोग की घोषणा की गई फिर जांच NIA को सौंप दी गई। NIA की जांच रिपोर्ट आने के बाद फिर बवाल हुआ। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप का लंबा दौर चला। जो आज भी जारी है। बीते दस साल से इस हमले से जुड़े तमाम सवाल आज भी जिंदा हैं। इस मुद्दे पर बीजेपी नेता लगातार कांग्रेस को घेरते रहे हैं। Read More : रिवर्स... 'लव जिहाद', पोस्टर पर फसाद! चुनावी साल में RSS, बजरंग दल जैसे संगठनों से किसको डर? छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस सरकार में आई तो अलग से न्यायिक जांच आयोग का गठन करने की घोषणा की। SIT का गठन भी किया, जो कि कानूनी अड़चनों में उलझ गई। राजनीतिक साजिश के नए बिंदु जांच में जोड़े गए। राज्य शासन ने सेवानिवृत्त जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और जस्टिस जी मिनहाजुद्दीन के दो सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन इस मामले में किया है जिसकी सुनवाई भी शुरू की जा चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि पीड़ित परिवारों को अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया, इसका दुख है। झीरम हमले के दस साल बीत गए हैं, लेकिन जिन्होंने अपनों को खोया, उन परिवारों को दर्द अब भी कम नहीं हुआ है, क्योंकि इंसाफ का एक कतरा भी उनके नसीब में नहीं आया है।
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वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक और कुश्ती जैसे खेलों के कोच तक नहीं। स्पोर्ट्स काउंसिल में बदलाव करने की जरूरत पर दिया जोर।
कुश्ती (सांकेतिक तस्वीर)
प्रदेश में खेल सुविधाओं की कमी और प्रोत्साहन न मिलने के कारण यहां के खिलाड़ी पंजाब, हरियाणा में प्रशिक्षण ले रहे हैं। क्योंकि उन्हें प्रदेश में न तो उस स्तर के एकेडमी मिलती है और न ही कोच। ओलंपिक और एशियन गेम्स में शामिल खेलों के तो प्रदेश में कोच ही नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी बाहरी राज्यों का रुख कर रहे हैं। प्रदेश में कुश्ती, एथलेटिक, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग जैसे मुख्य खेलों में सुविधाओं का बड़ा अभाव है।
इनके न तो ट्रेनिंग सेंटर हैं न ही कोच। ऐसे में मेडल के दावेदार खिलाड़ी हरियाणा और पंजाब का रुख कर रहे हैं। वेटलिफ्टिंग में 20 वर्ष पुरानी खेल सामग्री से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार ग्रामीण स्तर तक खेल ढांचे को बढ़ाने की बात करती है। लेकिन वेटलिफ्टिंग की ही बात करें, तो प्रदेश में एक भी कोच नहीं है। 20 वर्षों से खेल सामग्री नहीं खरीदी है।
वहीं जम्मू-कश्मीर ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव आशुतोष शर्मा ने कहा कि स्पोर्ट्स काउंसिल में बदलाव की जरूरत है। काउंसिल में शासी निकाय समिति का गठन नहीं हुआ। काउंसिल ऐसे खेल संघों को पैसा देती है, जो ओलंपिक या एशियन गेम्स में शामिल ही नहीं है। स्पोर्ट्स काउंसिल को खेल संघों को साथ लेकर चलना होगा।
स्पोर्ट्स काउंसिल एसआरओ 349 के तहत हर वर्ष 25 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देता है। लेकिन पांच वर्षों से खिलाड़ियों को नौकरी नहीं मिली है। मेडल जितने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन नहीं मिलता है। एथलेटिक ट्रैक नहीं है। जम्मू-कश्मीर के पास खेल नीति भी नहीं है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
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वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक और कुश्ती जैसे खेलों के कोच तक नहीं। स्पोर्ट्स काउंसिल में बदलाव करने की जरूरत पर दिया जोर। कुश्ती प्रदेश में खेल सुविधाओं की कमी और प्रोत्साहन न मिलने के कारण यहां के खिलाड़ी पंजाब, हरियाणा में प्रशिक्षण ले रहे हैं। क्योंकि उन्हें प्रदेश में न तो उस स्तर के एकेडमी मिलती है और न ही कोच। ओलंपिक और एशियन गेम्स में शामिल खेलों के तो प्रदेश में कोच ही नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी बाहरी राज्यों का रुख कर रहे हैं। प्रदेश में कुश्ती, एथलेटिक, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग जैसे मुख्य खेलों में सुविधाओं का बड़ा अभाव है। इनके न तो ट्रेनिंग सेंटर हैं न ही कोच। ऐसे में मेडल के दावेदार खिलाड़ी हरियाणा और पंजाब का रुख कर रहे हैं। वेटलिफ्टिंग में बीस वर्ष पुरानी खेल सामग्री से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार ग्रामीण स्तर तक खेल ढांचे को बढ़ाने की बात करती है। लेकिन वेटलिफ्टिंग की ही बात करें, तो प्रदेश में एक भी कोच नहीं है। बीस वर्षों से खेल सामग्री नहीं खरीदी है। वहीं जम्मू-कश्मीर ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव आशुतोष शर्मा ने कहा कि स्पोर्ट्स काउंसिल में बदलाव की जरूरत है। काउंसिल में शासी निकाय समिति का गठन नहीं हुआ। काउंसिल ऐसे खेल संघों को पैसा देती है, जो ओलंपिक या एशियन गेम्स में शामिल ही नहीं है। स्पोर्ट्स काउंसिल को खेल संघों को साथ लेकर चलना होगा। स्पोर्ट्स काउंसिल एसआरओ तीन सौ उनचास के तहत हर वर्ष पच्चीस पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देता है। लेकिन पांच वर्षों से खिलाड़ियों को नौकरी नहीं मिली है। मेडल जितने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन नहीं मिलता है। एथलेटिक ट्रैक नहीं है। जम्मू-कश्मीर के पास खेल नीति भी नहीं है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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Faridabad/Alive News : डबुआ कालोनी वृद्धा आश्रम में बुजुर्ग व नेत्रहीनों को कम्बल वितरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी रामदत्त शर्मा व युधिष्ठिर शर्मा ने बुजुर्गों व नेत्रहीनों को कंबल बांटे व उनका आशीर्वाद लिया।
उन्होंने कहा कि समाज को बुजुर्गों की सेवा व जरूरतमंदों की सहायता हमेशा सबको करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नर सेवा नारायण सेवा होती है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा महिला जिलाध्यक्ष अनीता शर्मा, इनेलो महिला जिलाध्यक्ष जगजीत कौर, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा बबली, समाजसेवी अतुल त्रिखा, जनता दल यूनाइटेड प्रदेश अध्यक्ष युवा सचिन तंवर, समाजसेवी संजीव कुशवाहा, लिव फार नेशन संगठन के संयोजक अनिल कौशिक, ललित शर्मा, तरुण सोनी, रामनिवास वर्मा आदि मौजूद थे।
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Faridabad/Alive News : डबुआ कालोनी वृद्धा आश्रम में बुजुर्ग व नेत्रहीनों को कम्बल वितरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी रामदत्त शर्मा व युधिष्ठिर शर्मा ने बुजुर्गों व नेत्रहीनों को कंबल बांटे व उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि समाज को बुजुर्गों की सेवा व जरूरतमंदों की सहायता हमेशा सबको करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नर सेवा नारायण सेवा होती है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा महिला जिलाध्यक्ष अनीता शर्मा, इनेलो महिला जिलाध्यक्ष जगजीत कौर, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा बबली, समाजसेवी अतुल त्रिखा, जनता दल यूनाइटेड प्रदेश अध्यक्ष युवा सचिन तंवर, समाजसेवी संजीव कुशवाहा, लिव फार नेशन संगठन के संयोजक अनिल कौशिक, ललित शर्मा, तरुण सोनी, रामनिवास वर्मा आदि मौजूद थे।
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इस काॅलेज के छात्रों का कमालः बनाया ये खास वेंटिलेटर सिस्टम, कीमत सिर्फ 10 रुपए!
आईओटी उपकरण, नवोन्मेषक एयर हूमिडिफिकेशन एंव कंप्रेशन मैकेन्सिम के साथ अल्ट्रा फ्लेक्सिबल कंट्रोल फीचर्स इनबिल्ट ही इस वेंटिलेटर का मुख्य भाग है।
नोएडाः महामारी के दौर में विशेषकर कोविड-19 के मरीजों के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी स्कूल ऑफ इंजिनियरिग एंड टेक्नोलॉजी डिजाइन सेंटर के शोधार्थियों द्बारा किफायती एंव बहुप्रणाली स्मार्ट एंव पोर्टेबल वेंटिलेटर सिस्टम के प्रोटोटाइप को विकसित किया गया है। इस वेंटिलेटर को किसी भी स्थान से आपरेट किया जा सकता है। क्योकि अधिकांश भाग 3डी प्रिंटेड है। जिन्हें स्थानीय रूप में एसेंबल किया जा सकता है। इसकी कीमत महज 10 रुपए आंकी गई है।
आईओटी उपकरण, नवोन्मेषक एयर हूमिडिफिकेशन एंव कंप्रेशन मैकेन्सिम के साथ अल्ट्रा फ्लेक्सिबल कंट्रोल फीचर्स इनबिल्ट ही इस वेंटिलेटर का मुख्य भाग है। यह स्मार्ट वेटिलेटर नियंत्रण मानकों की विस्तृत विविधता प्रदान करता है। जो कोविड 19 के दौरान और अन्य श्वसन विकारों के लिए रोगी के आयु के अनुसार आयतन एंव दबाव नियंत्रण सहित आक्सीमेंट्री के साथ स्वायत्त मोड, हदय की धडकन सेंसर और एग्जॉल्टेड गैसों के शोधन के लिए लाभप्रद साबित होगा। उन्नत किस्म के आसानी से उपयोग होने वाले डिस्पले पैनल एंव नेविगेटर का उपयोग के साथ इसमें मापदंडों की विस्तृत श्रृखंला है। जिसे कुछ क्लिक के साथ नियंत्रित किया जा सकता है।
डिजाइन टीम के साकेत कुमार ने कहा कि यह वेंटिलेटर सिस्टम रोगी के लिए विश्वसनीय और कुशल बनाता है। जिसे गैर चिकित्सीय व्यक्ति द्बारा चिकित्सीय विशेषज्ञ की अनुपस्थिती में गैर अक्रामक रूप में उपयोग किया जा सकता है। प्रतिश शुभम ने बताया कि इस स्मार्ट वेंटिलेटर के 70 प्रतिशत भाग को कस्टमाइज डिजाइन के साथ 3डी प्रिटेंड किया गया है जो केवल वेंटिलेटर की क्षमता को ही नही बढ़ता बल्कि यह रोगी के स्वास्थ्य निगरानी के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस टीम में रोहित अग्रवाल, ओवैस असलम और रोहित कुमार भी शामिल थे।
- रोगी की आयु के अनुसार मात्रा एंव दबाव नियंत्रण।
- परिवर्तनशील सांस की दर पर नियंत्रण।
- सांस की मात्रा, दबाव, तापमान एंव आर्द्रता पर नियंत्रण।
- स्मार्ट वेंटिलेटर द्बारा स्वचलित स्थिति की सुविधा।
- आक्सीमेट्री और हदय के सेंसर के साथ स्वायत्त मोड।
- एग्. जॉल्टेड गैसों का शोधन।
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इस काॅलेज के छात्रों का कमालः बनाया ये खास वेंटिलेटर सिस्टम, कीमत सिर्फ दस रुपयापए! आईओटी उपकरण, नवोन्मेषक एयर हूमिडिफिकेशन एंव कंप्रेशन मैकेन्सिम के साथ अल्ट्रा फ्लेक्सिबल कंट्रोल फीचर्स इनबिल्ट ही इस वेंटिलेटर का मुख्य भाग है। नोएडाः महामारी के दौर में विशेषकर कोविड-उन्नीस के मरीजों के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी स्कूल ऑफ इंजिनियरिग एंड टेक्नोलॉजी डिजाइन सेंटर के शोधार्थियों द्बारा किफायती एंव बहुप्रणाली स्मार्ट एंव पोर्टेबल वेंटिलेटर सिस्टम के प्रोटोटाइप को विकसित किया गया है। इस वेंटिलेटर को किसी भी स्थान से आपरेट किया जा सकता है। क्योकि अधिकांश भाग तीनडी प्रिंटेड है। जिन्हें स्थानीय रूप में एसेंबल किया जा सकता है। इसकी कीमत महज दस रुपयापए आंकी गई है। आईओटी उपकरण, नवोन्मेषक एयर हूमिडिफिकेशन एंव कंप्रेशन मैकेन्सिम के साथ अल्ट्रा फ्लेक्सिबल कंट्रोल फीचर्स इनबिल्ट ही इस वेंटिलेटर का मुख्य भाग है। यह स्मार्ट वेटिलेटर नियंत्रण मानकों की विस्तृत विविधता प्रदान करता है। जो कोविड उन्नीस के दौरान और अन्य श्वसन विकारों के लिए रोगी के आयु के अनुसार आयतन एंव दबाव नियंत्रण सहित आक्सीमेंट्री के साथ स्वायत्त मोड, हदय की धडकन सेंसर और एग्जॉल्टेड गैसों के शोधन के लिए लाभप्रद साबित होगा। उन्नत किस्म के आसानी से उपयोग होने वाले डिस्पले पैनल एंव नेविगेटर का उपयोग के साथ इसमें मापदंडों की विस्तृत श्रृखंला है। जिसे कुछ क्लिक के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। डिजाइन टीम के साकेत कुमार ने कहा कि यह वेंटिलेटर सिस्टम रोगी के लिए विश्वसनीय और कुशल बनाता है। जिसे गैर चिकित्सीय व्यक्ति द्बारा चिकित्सीय विशेषज्ञ की अनुपस्थिती में गैर अक्रामक रूप में उपयोग किया जा सकता है। प्रतिश शुभम ने बताया कि इस स्मार्ट वेंटिलेटर के सत्तर प्रतिशत भाग को कस्टमाइज डिजाइन के साथ तीनडी प्रिटेंड किया गया है जो केवल वेंटिलेटर की क्षमता को ही नही बढ़ता बल्कि यह रोगी के स्वास्थ्य निगरानी के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस टीम में रोहित अग्रवाल, ओवैस असलम और रोहित कुमार भी शामिल थे। - रोगी की आयु के अनुसार मात्रा एंव दबाव नियंत्रण। - परिवर्तनशील सांस की दर पर नियंत्रण। - सांस की मात्रा, दबाव, तापमान एंव आर्द्रता पर नियंत्रण। - स्मार्ट वेंटिलेटर द्बारा स्वचलित स्थिति की सुविधा। - आक्सीमेट्री और हदय के सेंसर के साथ स्वायत्त मोड। - एग्. जॉल्टेड गैसों का शोधन।
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टप्पे पर गया होगा कि महावनखांने अपना हाथी लाकर अर्ज को कि इस वक्त गडबड और भीडभाड होरही है हजरत हाथो पर सवार होकर शिकारको तशरीफ लेचलें । वादशाह हाथो पर मयार होगया । महावांका भरोसेवाला एक राजपूत हौदेके आगे बैठा और दो पीछे। फिर मुकर्रिबखां आकर महाबतखांकी जामन्दीसे होटेमें वादशाहके पास बैठ गया । इस हलचलमें एक जन्म भी उसके माथेमें लग गया था ।
खिदमतपरस्तनां खवासके पास वादशाहको शराब और प्याला था । वह दौडकर हौदेमे जा लिपटा । राजपूतोंने उसको धक्के तो बहुत दिये और भालोंसे भी हटाया पर उसने होटेको न छोडा । वाहर तो जगह न थी जैसे तैसे हौदेमें घुस बैठा ।
आघकोस चले होंगे कि फोलखानेका दारोगा गजपतखां मवारीको खासा हथनी लेकर आया । आप आगे और उसका वेटा पोछे बैठा था । महावतखांके इशारेसे वह दोनो बेगुनाह मारे गये ।
महावतनां शिकारके वहाने वादगाहको अपने डेरेपर लाया । बादशाह उसके घरमें उतर पडा । उसने अपने बेटोंको वादशाहके श्रामपास खड़ा कर दिया। वह नूरजहां वेगमको तरफसे गाफिल था । श्रव वेगमके लानेके लिये वादशाहको फिर दौलतखानेमें ले गया। पर वेगम इस फुरसतमें वादशाही महलोंके नाजिर जवाहिसांके माथ नदीसे उतरकर अपने भाई सफखांके डेरेमें चलो गई थी। महावतां हम भूलसे वहुत पछताया । शहरयारका वादगाहमे अलग रम्नना ठीक न समझकर बादशाहको उसके डेरे पर लेगया। बादशाह उसके काबूमें था जो वह कहता था वही करता था । इस वक्त गुजातवांका पोता छज्जू साथ होगया । उसे शहरयारके डेरे पर पहुंचतेही महावतखाने राजपूत द्वारा
मरवा डाला ।
नूरजहां बैंगमने भाईके डेरे पर पहुंचतेही सत्र अमोरोको
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टप्पे पर गया होगा कि महावनखांने अपना हाथी लाकर अर्ज को कि इस वक्त गडबड और भीडभाड होरही है हजरत हाथो पर सवार होकर शिकारको तशरीफ लेचलें । वादशाह हाथो पर मयार होगया । महावांका भरोसेवाला एक राजपूत हौदेके आगे बैठा और दो पीछे। फिर मुकर्रिबखां आकर महाबतखांकी जामन्दीसे होटेमें वादशाहके पास बैठ गया । इस हलचलमें एक जन्म भी उसके माथेमें लग गया था । खिदमतपरस्तनां खवासके पास वादशाहको शराब और प्याला था । वह दौडकर हौदेमे जा लिपटा । राजपूतोंने उसको धक्के तो बहुत दिये और भालोंसे भी हटाया पर उसने होटेको न छोडा । वाहर तो जगह न थी जैसे तैसे हौदेमें घुस बैठा । आघकोस चले होंगे कि फोलखानेका दारोगा गजपतखां मवारीको खासा हथनी लेकर आया । आप आगे और उसका वेटा पोछे बैठा था । महावतखांके इशारेसे वह दोनो बेगुनाह मारे गये । महावतनां शिकारके वहाने वादगाहको अपने डेरेपर लाया । बादशाह उसके घरमें उतर पडा । उसने अपने बेटोंको वादशाहके श्रामपास खड़ा कर दिया। वह नूरजहां वेगमको तरफसे गाफिल था । श्रव वेगमके लानेके लिये वादशाहको फिर दौलतखानेमें ले गया। पर वेगम इस फुरसतमें वादशाही महलोंके नाजिर जवाहिसांके माथ नदीसे उतरकर अपने भाई सफखांके डेरेमें चलो गई थी। महावतां हम भूलसे वहुत पछताया । शहरयारका वादगाहमे अलग रम्नना ठीक न समझकर बादशाहको उसके डेरे पर लेगया। बादशाह उसके काबूमें था जो वह कहता था वही करता था । इस वक्त गुजातवांका पोता छज्जू साथ होगया । उसे शहरयारके डेरे पर पहुंचतेही महावतखाने राजपूत द्वारा मरवा डाला । नूरजहां बैंगमने भाईके डेरे पर पहुंचतेही सत्र अमोरोको
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25 July 2021 राशिफलः आज का राशिफल (Today's Horoscope)
टिप्स ऑफ दी डे (Tips Of The Day)
आज सावन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।
जिस तरह के घर का आप सपना देख रहे थे अब आपका हकीकत बनने वाला है। व्यायाम की दिनचर्या आपको भले ही थका रही है लेकिन ये आपको रोमांचित करेगा। आपको अपने खर्च को लेकर सावधानी रखनी चाहिए,बचत करने की जरुरत होगी। किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमने जाना बेहद रोचक और जानकारीप्रद साबित होगा।
आज आप उन सभी काम को पूरा कर पाएंगे जो काफी समय से पेंडिंग था। समाजिक क्षेत्र में आप आज अपना रुतवा बढता हुआ महसूस कर पाएंगे। आप में से कुछ लोगों के उपर मानसिक तनाव हावी रहने की संभावना है। किसी पार्टी या समारोह के पीछे आपका बैंक बैलेंस प्रभावित हो सकता है।
किसी अनअपेक्षित स्तोत्र से आमदनी आने के कारण आर्थिक स्तर पर उन्नति होगी। आप में से कुछ लोग शहर से बाहर घूमने जाने के मूड में रहेंगे,प्लान कर सकते हैं। पुश्तैनी संपत्ति से कोई प्राइम प्रॉपर्टी आपके हिस्से में आने की उम्मीद दिख रही है। समाजिक क्षेत्र में होने वाले किसी समारोह में आपकी सक्रियता की सराहना होगी।
सेहत की परेशानी देखते हुए कोई वैकल्पिक दवाई लेने का प्रयास करेंगे। परिवार में खुशियां और रोमांच का माहौल रहने की उम्मीद दिख रही है। आप में से कुछ लोग परिवार के साथ टूर पर जाने के लिए पैकैज लेने वाले हैं। आपके द्वारा बुक की गई प्रॉपर्टी का पजेशन जल्द ही मिल जाने की उम्मीद है।
नियमित व्यायाम के जरिये आपकी सेहत और फिटनेस अच्छी रहने वाली है। कोई व्यक्ति आर्थिक मदद देने का आश्वाशन देकर बाद में मना कर सकता है। घरेलू स्तर पर आज आपके धैर्य की परीक्षा का समय रहेगा,खुद पर काबू रखें। हाईवे पर ड्राइव करने वालों को आज विशेष रुप से सतर्क रहने की जरुरत है।
आपके सामने निवेश का शानदार अवसर आने वाला है, इसे हाथ से जाने नहीं दे सकते। कहीं यात्रा पर जाने के विकल्प खुले रखें, समय अनुकूल है कोई ट्रिप प्लान कर सकते हैं। प्रॉपर्टी का कोई विवाद आपसी बातचीत के जरिये सुलझा लेना ठीक रहेगा,संतुष्टि मिलेगी। समाजिक क्षेत्र में आपको पहचान मिलने की उम्मीद है,आगे बढने का मनोबल मिलेगा।
किसी काम को तय समय में पूरा करने के लिए अच्छी प्लानिंग करने की जरुरत है। परिवार के किसी भावनात्मक मामले को धैर्य और समझदारी से संभालना चाहिए। कहीं बाहर घूमने जाना आपको ताजगी और उर्जा से भर सकता है,प्लान कर सकते हैं। प्रॉपर्टी लेने के लिए अनुकूल मौका है,आपके बजट में ही बात बन जाने की उम्मीद है।
आपके अपने प्रयासों से सेहत अच्छी रहने वाली है, इसका भरपुर आनंद लेंगे। आपको शार्ट नोटिस पर ऑफिसियल ट्रिप के लिए जाना पड़ सकता है,तैयार रहें। प्रॉपर्टी मालिकों को अपने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद दिख रही है। समाजिक क्षेत्र में अपने पैर जमाने का सही अवसर है बिना समय गंवाए आगे बढें।
खाने पीने में सही गलत का फर्क समझना आपको सेहतमंद बनाए रखेगा। आपकी किसी बात से परिवार के सदस्यों को दुख पहुंच सकता है,सतर्क रहें। आप में से कुछ लोग दोस्तों के साथ रोमांचक ट्रिप पर जाने का प्लान करेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े किसी मामले को आज हाथ लगाने से बचें,स्थिति प्रतिकूल है।
फिट और सेहतमंद रहने के लिए संतुलित खाना जरुरी है इसे समझना होगा। परिवार के किसी शादीयोग्य सदस्य की बात फाइनल हो सकती है,उत्साहित रहेंगे। किसी करीबी से मिलने के लिए दूसरे शहर जाने का प्लान करना रोमांचक रहेगा। समाजिक क्षेत्र में आप अपने प्रतिद्वंदियों को मात देने में सफल साबित हो सकते हैं।
अपने दिमाग को शांत रखना फिलहाल आपके लिए सबसे ज्यादा जरुरी है। सेहत को लेकर कोई परेशानी नहीं रहेगी,नियमित व्यायाम का फायदा होगा। आप में से कुछ लोग परिवार के बड़ों की मोरल बातें सुन सुन कर परेशान रहेंगे। मूड नहीं बनने की स्थिति में कहीं घूमने जाने का प्लान टल जाने की संभावना है।
आप अपने करीबी लोगों को किसी पार्टी के आयोजन पर बुलाने वाले हैं। वाहन चलाते समय आज आपको विशेष सावधानी रखने की जरुरत होगी। परिवार के किसी नौजवान के हाथ से निकल जाने पर चिंतित रहने वाले हैं। समाजिक क्षेत्र में वापस अपनी पहचान कायम करने में सफल हो सकते हैं।
- अपने रहने के कमरे में पूर्वी हिस्से में बोंसाई रखने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। अध्ययन के लिए भाग्य और सेहत के संरक्षण के लिए भी इसका प्रदर्शन उपुक्त होता है।
- फेंगशुई का एक उत्पाद 'मनी प्लांट' भाग्य में वृद्धि और जीवन में धनागमन को आकर्षित करता है। इसे अपने कार्यालय या घर में रखने से पैसे के आगमन के साथ-साथ भाग्योदय की उम्मीद कर सकते हैं।
- नकारात्मक उर्जा को दूर कर सकारात्मकता बढाने के लिए आप ची का क्रिसटल झूमर लगा सकते हैं ।
(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi. com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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पच्चीस जुलाईy दो हज़ार इक्कीस राशिफलः आज का राशिफल टिप्स ऑफ दी डे आज सावन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। जिस तरह के घर का आप सपना देख रहे थे अब आपका हकीकत बनने वाला है। व्यायाम की दिनचर्या आपको भले ही थका रही है लेकिन ये आपको रोमांचित करेगा। आपको अपने खर्च को लेकर सावधानी रखनी चाहिए,बचत करने की जरुरत होगी। किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमने जाना बेहद रोचक और जानकारीप्रद साबित होगा। आज आप उन सभी काम को पूरा कर पाएंगे जो काफी समय से पेंडिंग था। समाजिक क्षेत्र में आप आज अपना रुतवा बढता हुआ महसूस कर पाएंगे। आप में से कुछ लोगों के उपर मानसिक तनाव हावी रहने की संभावना है। किसी पार्टी या समारोह के पीछे आपका बैंक बैलेंस प्रभावित हो सकता है। किसी अनअपेक्षित स्तोत्र से आमदनी आने के कारण आर्थिक स्तर पर उन्नति होगी। आप में से कुछ लोग शहर से बाहर घूमने जाने के मूड में रहेंगे,प्लान कर सकते हैं। पुश्तैनी संपत्ति से कोई प्राइम प्रॉपर्टी आपके हिस्से में आने की उम्मीद दिख रही है। समाजिक क्षेत्र में होने वाले किसी समारोह में आपकी सक्रियता की सराहना होगी। सेहत की परेशानी देखते हुए कोई वैकल्पिक दवाई लेने का प्रयास करेंगे। परिवार में खुशियां और रोमांच का माहौल रहने की उम्मीद दिख रही है। आप में से कुछ लोग परिवार के साथ टूर पर जाने के लिए पैकैज लेने वाले हैं। आपके द्वारा बुक की गई प्रॉपर्टी का पजेशन जल्द ही मिल जाने की उम्मीद है। नियमित व्यायाम के जरिये आपकी सेहत और फिटनेस अच्छी रहने वाली है। कोई व्यक्ति आर्थिक मदद देने का आश्वाशन देकर बाद में मना कर सकता है। घरेलू स्तर पर आज आपके धैर्य की परीक्षा का समय रहेगा,खुद पर काबू रखें। हाईवे पर ड्राइव करने वालों को आज विशेष रुप से सतर्क रहने की जरुरत है। आपके सामने निवेश का शानदार अवसर आने वाला है, इसे हाथ से जाने नहीं दे सकते। कहीं यात्रा पर जाने के विकल्प खुले रखें, समय अनुकूल है कोई ट्रिप प्लान कर सकते हैं। प्रॉपर्टी का कोई विवाद आपसी बातचीत के जरिये सुलझा लेना ठीक रहेगा,संतुष्टि मिलेगी। समाजिक क्षेत्र में आपको पहचान मिलने की उम्मीद है,आगे बढने का मनोबल मिलेगा। किसी काम को तय समय में पूरा करने के लिए अच्छी प्लानिंग करने की जरुरत है। परिवार के किसी भावनात्मक मामले को धैर्य और समझदारी से संभालना चाहिए। कहीं बाहर घूमने जाना आपको ताजगी और उर्जा से भर सकता है,प्लान कर सकते हैं। प्रॉपर्टी लेने के लिए अनुकूल मौका है,आपके बजट में ही बात बन जाने की उम्मीद है। आपके अपने प्रयासों से सेहत अच्छी रहने वाली है, इसका भरपुर आनंद लेंगे। आपको शार्ट नोटिस पर ऑफिसियल ट्रिप के लिए जाना पड़ सकता है,तैयार रहें। प्रॉपर्टी मालिकों को अपने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद दिख रही है। समाजिक क्षेत्र में अपने पैर जमाने का सही अवसर है बिना समय गंवाए आगे बढें। खाने पीने में सही गलत का फर्क समझना आपको सेहतमंद बनाए रखेगा। आपकी किसी बात से परिवार के सदस्यों को दुख पहुंच सकता है,सतर्क रहें। आप में से कुछ लोग दोस्तों के साथ रोमांचक ट्रिप पर जाने का प्लान करेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े किसी मामले को आज हाथ लगाने से बचें,स्थिति प्रतिकूल है। फिट और सेहतमंद रहने के लिए संतुलित खाना जरुरी है इसे समझना होगा। परिवार के किसी शादीयोग्य सदस्य की बात फाइनल हो सकती है,उत्साहित रहेंगे। किसी करीबी से मिलने के लिए दूसरे शहर जाने का प्लान करना रोमांचक रहेगा। समाजिक क्षेत्र में आप अपने प्रतिद्वंदियों को मात देने में सफल साबित हो सकते हैं। अपने दिमाग को शांत रखना फिलहाल आपके लिए सबसे ज्यादा जरुरी है। सेहत को लेकर कोई परेशानी नहीं रहेगी,नियमित व्यायाम का फायदा होगा। आप में से कुछ लोग परिवार के बड़ों की मोरल बातें सुन सुन कर परेशान रहेंगे। मूड नहीं बनने की स्थिति में कहीं घूमने जाने का प्लान टल जाने की संभावना है। आप अपने करीबी लोगों को किसी पार्टी के आयोजन पर बुलाने वाले हैं। वाहन चलाते समय आज आपको विशेष सावधानी रखने की जरुरत होगी। परिवार के किसी नौजवान के हाथ से निकल जाने पर चिंतित रहने वाले हैं। समाजिक क्षेत्र में वापस अपनी पहचान कायम करने में सफल हो सकते हैं। - अपने रहने के कमरे में पूर्वी हिस्से में बोंसाई रखने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। अध्ययन के लिए भाग्य और सेहत के संरक्षण के लिए भी इसका प्रदर्शन उपुक्त होता है। - फेंगशुई का एक उत्पाद 'मनी प्लांट' भाग्य में वृद्धि और जीवन में धनागमन को आकर्षित करता है। इसे अपने कार्यालय या घर में रखने से पैसे के आगमन के साथ-साथ भाग्योदय की उम्मीद कर सकते हैं। - नकारात्मक उर्जा को दूर कर सकारात्मकता बढाने के लिए आप ची का क्रिसटल झूमर लगा सकते हैं ।
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- आज रात्रि के बाद सूर्य मेष से वृष राशि में जाएंगे।
- वृष व तुला राशि के जातकों को बहुत बेहतर मिलेगा ग्रह गोचर लाभ।
- कर्क के जातकों को आज स्वास्थ्य के प्रति रहना होगा सचेत।
14 मई 2021 का राशिफलः आज सूर्योदय के समय चन्द्रमा वृष राशि में है व रोहिणी नक्षत्र है। गुरु, कुम्भ तथा शनि मकर राशि में है। आज चन्द्रमा व शुक्र एक साथ वृष राशि में हैं। केतु वृश्चिक में है। आज की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज रात्रि के बाद सूर्य मेष से वृष राशि में जाएंगे। शेष ग्रह स्थितियां पूर्ववत हैं। ग्रहों के गोचर का लाभ वृष व तुला राशि के जातकों को बहुत बेहतर मिलेगा।
कर्क के जातकों को आज स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। मिथुन व मीन राशि के लोग आज राजनीति में सफल रहेंगे। आइए अब जानते हैं प्रत्येक राशियों का विस्तृत राशिफल।
पढ़ें अपना 14 मई का राशिफलः
मेष- आज व्यवसाय में कोई बड़ा कार्य सम्पन्न हो सकता है। चन्द्रमा व शुक्र का वृष गोचर आपकी व्यावसायिक योजनाएं सफल करेंगे। कोई सरकारी कार्य बनेगा। सफेद रंग शुभ है। तिल का दान करें।
वृष- आज शुक्र व चन्द्रमा इसी राशि में हैं। आज जॉब व व्यवसाय में आज कोई बड़ा कार्य पूर्ण हो सकता है। स्वास्थ्य में लापरवाही से बचें। नीला रंग शुभ है। शिक्षा में सफलता मिलेगी। उड़द का दान करें।
मिथुन- आज राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। बैंकिंग व मीडिया जॉब के करियर में प्रोमोशन संभावित है। मकर राशि के मित्र से लाभ होगा। आसमानी रंग शुभ है।
कर्क- छात्र करियर में सफलता से प्रसन्न रह सकते हैं। पिता की सहायता कोई रुका कार्य करेगा। धार्मिक अनुष्ठान की योजना फलीभूत होगी। पीला रंग शुभ है।
सिंह- हेल्थ को लेकर प्रसन्नता रहेगी। आध्यात्म की तरफ प्रेरित होंगे। व्यवसाय में कुक नए प्रोजेक्ट की योजना बनेगी। नारंगी रंग शुभ है। जॉब में सफलता मिलेगी।
कन्या- छात्रों के करियर में उन्नति है। कोई रुका सरकारी पूर्ण होगा। चन्द्रमा व शुक्र का वृष गोचर जॉब में लाभ प्रदान करेंगे। राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। हरा रंग शुभ है। गाय को गुड़ खिलाएं।
तुला- आज जॉब में संघर्ष की स्थिति होगी। जॉब में कन्या व मकर राशि के उच्चाधिकारियों से लाभ की संभावना रहेगी। हरा रंग शुभ है। बजरंगबाण का पाठ करें। गाय को पालक खिलाएं।
वृश्चिक- गुरु व चन्द्रमा गोचर आज आपके लिए अनुकूल हैं। राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। नारंगी रंग शुभ है। उड़द का दान करें। बिजनेस में थोड़ा तनाव रह सकता है। स्वास्थ्य लाभ के लिए हनुमानबाहुक का पाठ करें।
धनु- जॉब में कुछ नवीन कार्यों से सफलता की प्राप्ति होगी। व्यवसाय में संघर्ष है। धन आगमन होने के संकेत हैं। सफेद व पीला रंग शुभ है। श्री सूक्त का पाठ लाभदायक है।
मकर- आज चन्द्रमा व शुक्र वृष तथा शनि इसी राशि में गोचररत हैं। मित्रों की सहायता से व्यवसाय में सफलता संभावित है। सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। बैगनी व हरा रंग शुभ है।
कुंभ- गुरु इस समय इसी राशि में हैं। चन्द्रमा का चतुर्थ गोचर लाभप्रद है। शुक्र आपकी व्यावसायिक सोच को विस्तार देंगे। छात्र सफल रहेंगे। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। हरा रंग शुभ है।
मीन- किसी प्रिय मित्र से किसी बात को लेकर थोड़ा विवाद हो सकता है। छात्र सफल रहेंगे। व्यवसाय से सम्बद्ध लोग सफलता की प्राप्ति करेंगे। पीला रंग शुभ है। श्री सूक्त का पाठ करें।
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- आज रात्रि के बाद सूर्य मेष से वृष राशि में जाएंगे। - वृष व तुला राशि के जातकों को बहुत बेहतर मिलेगा ग्रह गोचर लाभ। - कर्क के जातकों को आज स्वास्थ्य के प्रति रहना होगा सचेत। चौदह मई दो हज़ार इक्कीस का राशिफलः आज सूर्योदय के समय चन्द्रमा वृष राशि में है व रोहिणी नक्षत्र है। गुरु, कुम्भ तथा शनि मकर राशि में है। आज चन्द्रमा व शुक्र एक साथ वृष राशि में हैं। केतु वृश्चिक में है। आज की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज रात्रि के बाद सूर्य मेष से वृष राशि में जाएंगे। शेष ग्रह स्थितियां पूर्ववत हैं। ग्रहों के गोचर का लाभ वृष व तुला राशि के जातकों को बहुत बेहतर मिलेगा। कर्क के जातकों को आज स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। मिथुन व मीन राशि के लोग आज राजनीति में सफल रहेंगे। आइए अब जानते हैं प्रत्येक राशियों का विस्तृत राशिफल। पढ़ें अपना चौदह मई का राशिफलः मेष- आज व्यवसाय में कोई बड़ा कार्य सम्पन्न हो सकता है। चन्द्रमा व शुक्र का वृष गोचर आपकी व्यावसायिक योजनाएं सफल करेंगे। कोई सरकारी कार्य बनेगा। सफेद रंग शुभ है। तिल का दान करें। वृष- आज शुक्र व चन्द्रमा इसी राशि में हैं। आज जॉब व व्यवसाय में आज कोई बड़ा कार्य पूर्ण हो सकता है। स्वास्थ्य में लापरवाही से बचें। नीला रंग शुभ है। शिक्षा में सफलता मिलेगी। उड़द का दान करें। मिथुन- आज राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। बैंकिंग व मीडिया जॉब के करियर में प्रोमोशन संभावित है। मकर राशि के मित्र से लाभ होगा। आसमानी रंग शुभ है। कर्क- छात्र करियर में सफलता से प्रसन्न रह सकते हैं। पिता की सहायता कोई रुका कार्य करेगा। धार्मिक अनुष्ठान की योजना फलीभूत होगी। पीला रंग शुभ है। सिंह- हेल्थ को लेकर प्रसन्नता रहेगी। आध्यात्म की तरफ प्रेरित होंगे। व्यवसाय में कुक नए प्रोजेक्ट की योजना बनेगी। नारंगी रंग शुभ है। जॉब में सफलता मिलेगी। कन्या- छात्रों के करियर में उन्नति है। कोई रुका सरकारी पूर्ण होगा। चन्द्रमा व शुक्र का वृष गोचर जॉब में लाभ प्रदान करेंगे। राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। हरा रंग शुभ है। गाय को गुड़ खिलाएं। तुला- आज जॉब में संघर्ष की स्थिति होगी। जॉब में कन्या व मकर राशि के उच्चाधिकारियों से लाभ की संभावना रहेगी। हरा रंग शुभ है। बजरंगबाण का पाठ करें। गाय को पालक खिलाएं। वृश्चिक- गुरु व चन्द्रमा गोचर आज आपके लिए अनुकूल हैं। राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। नारंगी रंग शुभ है। उड़द का दान करें। बिजनेस में थोड़ा तनाव रह सकता है। स्वास्थ्य लाभ के लिए हनुमानबाहुक का पाठ करें। धनु- जॉब में कुछ नवीन कार्यों से सफलता की प्राप्ति होगी। व्यवसाय में संघर्ष है। धन आगमन होने के संकेत हैं। सफेद व पीला रंग शुभ है। श्री सूक्त का पाठ लाभदायक है। मकर- आज चन्द्रमा व शुक्र वृष तथा शनि इसी राशि में गोचररत हैं। मित्रों की सहायता से व्यवसाय में सफलता संभावित है। सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। बैगनी व हरा रंग शुभ है। कुंभ- गुरु इस समय इसी राशि में हैं। चन्द्रमा का चतुर्थ गोचर लाभप्रद है। शुक्र आपकी व्यावसायिक सोच को विस्तार देंगे। छात्र सफल रहेंगे। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। हरा रंग शुभ है। मीन- किसी प्रिय मित्र से किसी बात को लेकर थोड़ा विवाद हो सकता है। छात्र सफल रहेंगे। व्यवसाय से सम्बद्ध लोग सफलता की प्राप्ति करेंगे। पीला रंग शुभ है। श्री सूक्त का पाठ करें।
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भुवनेश्वर. आगामी तीन सालों में राज्य की समस्त झुग्गी बस्तियां आदर्श कोलोनी होंगी. सोमवार को बालेश्वर से बस्ती उन्नतिकरण योजना का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि बस्तियों में बिजली पानी व अन्य मौलिक सुविधाएं विकसित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है. इस अवसर पर उन्होंने बालेश्वर की 41 बस्तियों के 2054 लोगों को व पूरे राज्य के 1,05,000 लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट वितरण अभियान का शुभारंभ किया. कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रताप जेना, विभाग के सचिव जी माथिभातनन व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. लोक सेवा सदन में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घोषणा की कि राज्यभर में सभी मलिन बस्तियों को सभी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के साथ आदर्श घरों में बदल दिया जाएगा. महान ओड़िय़ा साहित्यकार फकीर मोहन सेनापति की जन्मस्थली बालेश्वर से स्लम विकास की महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब झुग्गी-झोपड़ीवासी जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कोविद के खिलाफ लड़ाई से लेकर शहर के विकास की गतिविधियों तक में योगदान दे रहे हैं. इसलिए उनके पास अपने स्वयं के विकास का समान अधिकार है. उन्होंने कहा कि आज शुरू की गई योजना बिजली आपूर्ति, पीने योग्य पानी, सड़क और सामुदायिक केंद्रों में सुधार के साथ-साथ आजीविका वृद्धि के अवसर पैदा करने की परिकल्पना करती है. इस योजना को तुरंत राज्यभर में 1000 झुग्गी क्षेत्रों में ले जाया जाएगा. नवीन ने यह भी उल्लेख किया कि ओडिशा सरकार के "जग मिशन" कार्यक्रम ने पूरे देश में इतिहास रचा है. इसने वैश्विक ध्यान भी आकर्षित किया है. मुख्यमंत्री ने बालेश्वर में 41 मलिन बस्तियों के 2054 लाभार्थियों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट सौंपे. इससे पहले ओडिशा के 60,000 झुग्गियों में रहने वाले लोगों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट दिया गया है. अगले तीन महीनों में, 1,65,000 से अधिक लाभार्थियों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट वितरित किया जाएगा. विशेष रूप से राज्यभर में 101 नगरपालिका क्षेत्रों की 1718 मलिन बस्तियों में रहने वाले 4. 5 लाख झुग्गियों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट से लाभान्वित किया जाएगा.
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भुवनेश्वर. आगामी तीन सालों में राज्य की समस्त झुग्गी बस्तियां आदर्श कोलोनी होंगी. सोमवार को बालेश्वर से बस्ती उन्नतिकरण योजना का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि बस्तियों में बिजली पानी व अन्य मौलिक सुविधाएं विकसित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है. इस अवसर पर उन्होंने बालेश्वर की इकतालीस बस्तियों के दो हज़ार चौवन लोगों को व पूरे राज्य के एक,पाँच,शून्य लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट वितरण अभियान का शुभारंभ किया. कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रताप जेना, विभाग के सचिव जी माथिभातनन व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. लोक सेवा सदन में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घोषणा की कि राज्यभर में सभी मलिन बस्तियों को सभी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के साथ आदर्श घरों में बदल दिया जाएगा. महान ओड़िय़ा साहित्यकार फकीर मोहन सेनापति की जन्मस्थली बालेश्वर से स्लम विकास की महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब झुग्गी-झोपड़ीवासी जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कोविद के खिलाफ लड़ाई से लेकर शहर के विकास की गतिविधियों तक में योगदान दे रहे हैं. इसलिए उनके पास अपने स्वयं के विकास का समान अधिकार है. उन्होंने कहा कि आज शुरू की गई योजना बिजली आपूर्ति, पीने योग्य पानी, सड़क और सामुदायिक केंद्रों में सुधार के साथ-साथ आजीविका वृद्धि के अवसर पैदा करने की परिकल्पना करती है. इस योजना को तुरंत राज्यभर में एक हज़ार झुग्गी क्षेत्रों में ले जाया जाएगा. नवीन ने यह भी उल्लेख किया कि ओडिशा सरकार के "जग मिशन" कार्यक्रम ने पूरे देश में इतिहास रचा है. इसने वैश्विक ध्यान भी आकर्षित किया है. मुख्यमंत्री ने बालेश्वर में इकतालीस मलिन बस्तियों के दो हज़ार चौवन लाभार्थियों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट सौंपे. इससे पहले ओडिशा के साठ,शून्य झुग्गियों में रहने वाले लोगों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट दिया गया है. अगले तीन महीनों में, एक,पैंसठ,शून्य से अधिक लाभार्थियों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट वितरित किया जाएगा. विशेष रूप से राज्यभर में एक सौ एक नगरपालिका क्षेत्रों की एक हज़ार सात सौ अट्ठारह मलिन बस्तियों में रहने वाले चार. पाँच लाख झुग्गियों को लैंड एंनटाइटलमेंट सर्टिफिकेट से लाभान्वित किया जाएगा.
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जाकर चन्द्रसे दी जाती है। इसके विपरीत दिनमे कमलसे उनमा दी जाती है।
जहाँ थोडा देकर अधिक लेनेका वर्णन हो वहाँ परिवृत्ति अलकार होता है जैसे - अरी । ( नायक ) एक बार बाण चलाकर ( नायिकाका ) शोभायुक्त कटाक्ष ग्रहण कर रहा है ।
जहाँ उसीके समान एक दूसरेको व्यग्यसे वर्जित करनेके अभिप्रायसे, किसी बातका दूसरे स्थानपर होना कहा जाय वहाँ परिसंख्या अलंकार होता है, जैसे - स्नेह ( तैल- प्रेम ) का हृदयमे नाश नहीं हुआ वरन, दीपक हुआ । तात्पर्य यह है कि परिसख्यामे किसी वस्तु, गुण आदिको उनके उपयुक्त स्थानोसे हटाकर किसी विशेष स्थानपर स्थापित किया जाता है, जैसे- रामके राज्यमे नदियोमे ही कुटिलता थी,, मनुष्योमे नहीं ।
जहाँ ऐसी दो बातें कहीं जायँ कि 'ऐसा होगा या वैसा' वहाँ विकल्प अलकार होता है, जैसे- नायिका कहती है कि 'मेरे दुखका अन्त या तो यम करेंगे या मेरे पति "
समुच्चय अलकार दो प्रकारका होता है -१. जहाँ अनेक भावोका एक साथ ही उत्पन्न होना वर्णित हो, जैसे- तुम्हारे शत्रु भागते हैं, गिरते है और फिर डरके मारे भागते हैं । २. जहाँ अनेक कारण मिलकर ऐसा एक कार्य करते वर्णित किए जायँ जिसके लिये एक ही कारण पर्याप्त हो, जैसे- यौवन, प्रभुत्व, धन और कामदेव चारो मद, उत्पन्न करते है। इनमे एक ही मद उत्पन्न करनेको बहुत है फिर भी अनेक कारण दिए गए हैं ।
जहाँ कई क्रिया या भावोका क्रमशः एकमे ( कर्त्तामे ) हीं वर्णन किया जाय वहाँ कारकदीपक अलकार होता है, जैसेदेखकर जाती है, आती है, हँसती है और ज्ञानकी बातें पूछती है।
1. अन्य कारण मिज़ जानेसे जहाँ कार्य सुगम होना वर्णित किया
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जाकर चन्द्रसे दी जाती है। इसके विपरीत दिनमे कमलसे उनमा दी जाती है। जहाँ थोडा देकर अधिक लेनेका वर्णन हो वहाँ परिवृत्ति अलकार होता है जैसे - अरी । एक बार बाण चलाकर शोभायुक्त कटाक्ष ग्रहण कर रहा है । जहाँ उसीके समान एक दूसरेको व्यग्यसे वर्जित करनेके अभिप्रायसे, किसी बातका दूसरे स्थानपर होना कहा जाय वहाँ परिसंख्या अलंकार होता है, जैसे - स्नेह का हृदयमे नाश नहीं हुआ वरन, दीपक हुआ । तात्पर्य यह है कि परिसख्यामे किसी वस्तु, गुण आदिको उनके उपयुक्त स्थानोसे हटाकर किसी विशेष स्थानपर स्थापित किया जाता है, जैसे- रामके राज्यमे नदियोमे ही कुटिलता थी,, मनुष्योमे नहीं । जहाँ ऐसी दो बातें कहीं जायँ कि 'ऐसा होगा या वैसा' वहाँ विकल्प अलकार होता है, जैसे- नायिका कहती है कि 'मेरे दुखका अन्त या तो यम करेंगे या मेरे पति " समुच्चय अलकार दो प्रकारका होता है -एक. जहाँ अनेक भावोका एक साथ ही उत्पन्न होना वर्णित हो, जैसे- तुम्हारे शत्रु भागते हैं, गिरते है और फिर डरके मारे भागते हैं । दो. जहाँ अनेक कारण मिलकर ऐसा एक कार्य करते वर्णित किए जायँ जिसके लिये एक ही कारण पर्याप्त हो, जैसे- यौवन, प्रभुत्व, धन और कामदेव चारो मद, उत्पन्न करते है। इनमे एक ही मद उत्पन्न करनेको बहुत है फिर भी अनेक कारण दिए गए हैं । जहाँ कई क्रिया या भावोका क्रमशः एकमे हीं वर्णन किया जाय वहाँ कारकदीपक अलकार होता है, जैसेदेखकर जाती है, आती है, हँसती है और ज्ञानकी बातें पूछती है। एक. अन्य कारण मिज़ जानेसे जहाँ कार्य सुगम होना वर्णित किया
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बता दें कि इस धमाके की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ इस एक चिट्ठी लगी है वो बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रही है। चिट्ठी में बताया गया है कि यह अभी सिर्फ ट्रेलर है। चिट्ठी में बीते साल अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी का जिक्र है। इससे अब ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए इजरायली दूतावास को निशाना बने गया है।
इजरायल दूतावास के CCTV फुटेज से पता चला है कि धमाके की जगह के पास ही एक कैब ने दो लोगों को छोड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस कैब ड्राइवर तक पहुंचने में कामयाब रही है। ड्राइवर के बताए हुलिये के हिसाब से पुलिस दोनों लोगों का स्कैच भी तैयार करवा रही है। पुलिस को धमाके की जगह से एक लिफाफा और आधा जला स्कार्फ भी मिला है।
धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। इस बीच सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स ने बताया है कि इस ब्लास्ट को ध्यान में रखते हुए सभी एयरपोर्ट, अहम जगहों और सरकारी इमारतों में अलर्ट जारी कर दिया गया है, साथ ही सुरक्षा उपाय भी बढ़ाए गए हैं।
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बता दें कि इस धमाके की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ इस एक चिट्ठी लगी है वो बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रही है। चिट्ठी में बताया गया है कि यह अभी सिर्फ ट्रेलर है। चिट्ठी में बीते साल अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी का जिक्र है। इससे अब ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए इजरायली दूतावास को निशाना बने गया है। इजरायल दूतावास के CCTV फुटेज से पता चला है कि धमाके की जगह के पास ही एक कैब ने दो लोगों को छोड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस कैब ड्राइवर तक पहुंचने में कामयाब रही है। ड्राइवर के बताए हुलिये के हिसाब से पुलिस दोनों लोगों का स्कैच भी तैयार करवा रही है। पुलिस को धमाके की जगह से एक लिफाफा और आधा जला स्कार्फ भी मिला है। धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। इस बीच सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स ने बताया है कि इस ब्लास्ट को ध्यान में रखते हुए सभी एयरपोर्ट, अहम जगहों और सरकारी इमारतों में अलर्ट जारी कर दिया गया है, साथ ही सुरक्षा उपाय भी बढ़ाए गए हैं।
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जगती इससे नयी कल्पनानया-नया सब लगता,
शून्य कक्ष में बैठा खग भी - इसकी धुन पर जगता ।
किन्तु आज में जहाँ खडा हूँवहाँ न कोई आता, इस टीले पर आकर कोईकभी नहीं सुस्ताता ।
आना- रूकना और किसी कोकुछ विश्राम दिलाना,
सम्भव नहीं किसी को जग मेंऐसी टीला पाना।
टीला क्या बस मरू थल समझो आज जहाँ मैं आया,
समय-चक्र ने खीच यहाँ तकमुझको है पहुँचाया।
रोग रुग्ण है काया जिसमेंभीषण दर्द भरा है, शल्य-कर्म हुआ है कितनाउसका घाव हरा है ।
आत्म-बोध 105
ऐसा था यह रोग कि जिससेकिसी तरह बच पाया,
शक्ति नहीं वाणी में, मैंनेस्वर का तत्र गवाया ।
शब्द घुमड कर रहते मन मेंकुछ भी बोल न पाता,
शील-पाट पर लिख-लिख कर मैंइगित से बतलाता।
दुसह वेदना सह कर ही मैंजीवित आज बचा हूँ, अपनी कविता के छन्दों काबनकर साज बचा हूँ।
आत्म-बोध 106
स्वय मुझे है ताज्जुब, मैनेकैसे जीवन पाया ? महारोग के उस फदे सेकैसे बाहर आया ?
और तभी आँखों के आगेपुत्र-वधू आ जाती, बनकर मेरी शक्ति वही तोमुझको रही जिलाती।
नाम सुधा है- सचमुच अमृत उसने दान किया है, मेरे मरणासन्न प्राण कोजीवन-दान दिया है।
उसकी सेवा और तपस्याभूल नहीं मैं पाता, लगता मेरे हित ही अब तकरक्खा उसे विधाता।
उसके दुख को देख सभी कीआँख स्वयं भर आती,
सुनकर करूण कहानी फटतीपत्थर की भी छाती ।
फिर भी सब कुछ भूल उसी नेअब तक मुझे जिलाया, शव-सा मैं निचेष्ट पड़ा थाउसने मुझे जगाया।
सेवा - भाव स्वय बन जाएजैसे कोई प्रतिमा,
वैसे ही यह बाला मेरेजीवन की है गरिमा ।
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जगती इससे नयी कल्पनानया-नया सब लगता, शून्य कक्ष में बैठा खग भी - इसकी धुन पर जगता । किन्तु आज में जहाँ खडा हूँवहाँ न कोई आता, इस टीले पर आकर कोईकभी नहीं सुस्ताता । आना- रूकना और किसी कोकुछ विश्राम दिलाना, सम्भव नहीं किसी को जग मेंऐसी टीला पाना। टीला क्या बस मरू थल समझो आज जहाँ मैं आया, समय-चक्र ने खीच यहाँ तकमुझको है पहुँचाया। रोग रुग्ण है काया जिसमेंभीषण दर्द भरा है, शल्य-कर्म हुआ है कितनाउसका घाव हरा है । आत्म-बोध एक सौ पाँच ऐसा था यह रोग कि जिससेकिसी तरह बच पाया, शक्ति नहीं वाणी में, मैंनेस्वर का तत्र गवाया । शब्द घुमड कर रहते मन मेंकुछ भी बोल न पाता, शील-पाट पर लिख-लिख कर मैंइगित से बतलाता। दुसह वेदना सह कर ही मैंजीवित आज बचा हूँ, अपनी कविता के छन्दों काबनकर साज बचा हूँ। आत्म-बोध एक सौ छः स्वय मुझे है ताज्जुब, मैनेकैसे जीवन पाया ? महारोग के उस फदे सेकैसे बाहर आया ? और तभी आँखों के आगेपुत्र-वधू आ जाती, बनकर मेरी शक्ति वही तोमुझको रही जिलाती। नाम सुधा है- सचमुच अमृत उसने दान किया है, मेरे मरणासन्न प्राण कोजीवन-दान दिया है। उसकी सेवा और तपस्याभूल नहीं मैं पाता, लगता मेरे हित ही अब तकरक्खा उसे विधाता। उसके दुख को देख सभी कीआँख स्वयं भर आती, सुनकर करूण कहानी फटतीपत्थर की भी छाती । फिर भी सब कुछ भूल उसी नेअब तक मुझे जिलाया, शव-सा मैं निचेष्ट पड़ा थाउसने मुझे जगाया। सेवा - भाव स्वय बन जाएजैसे कोई प्रतिमा, वैसे ही यह बाला मेरेजीवन की है गरिमा ।
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इजरायल पांचवीं पीढ़ी के एफ -35 सेनानियों के तीसरे स्क्वाड्रन को खरीदने के बारे में सोच रहा है। यह बात देश के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने कही।
मंत्री के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि इजरायल अभी भी 35 जनवरी, 20 तक एफ -2021 सेनानियों के एक बैच के अधिग्रहण के लिए एक समझौते का समापन करेगा, जब मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्तीफा दे देंगे।
- मीडिया गैंट्ज़ के शब्दों को उद्धृत करता है।
वर्तमान में, इज़राइल रक्षा बल (IDF) F-35 सेनानियों के दो स्क्वाड्रन से लैस है, संयुक्त राज्य अमेरिका से कुल 50 इकाइयों में आदेश दिया गया है। इजरायल के मंत्री ने नए स्क्वाड्रन के लिए F-35s की योजनाबद्ध संख्या निर्दिष्ट नहीं की, लेकिन इसमें 20 विमानों के शामिल होने की उम्मीद है।
हालांकि, जैसा कि उल्लेख किया गया है, अमेरिकी सहायता के बावजूद, इज़राइल द्वारा F-35 की खरीद में बाधा एक अपेक्षाकृत सीमित सैन्य बजट हो सकता है। यद्यपि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की खरीद कीमत काफी कम हो गई है, लेकिन आईडीएफ के साथ सेवा में चौथी पीढ़ी के एफ -35 लड़ाकू विमानों की तुलना में बनाए रखने और बनाए रखने के लिए एफ -16 काफी महंगा है।
अमेरिकी लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण में एक और बाधा उच्च तीव्रता वाले लड़ाकू अभियानों के लिए एफ -35 की अनिश्चितता है, साथ ही इसकी छोटी सीमा भी है, जो लड़ाकू विमानों को ईरान के हवाई क्षेत्र तक पहुंचने में असमर्थ बनाती है, जो इजरायल का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी है।
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इजरायल पांचवीं पीढ़ी के एफ -पैंतीस सेनानियों के तीसरे स्क्वाड्रन को खरीदने के बारे में सोच रहा है। यह बात देश के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने कही। मंत्री के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि इजरायल अभी भी पैंतीस जनवरी, बीस तक एफ -दो हज़ार इक्कीस सेनानियों के एक बैच के अधिग्रहण के लिए एक समझौते का समापन करेगा, जब मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस्तीफा दे देंगे। - मीडिया गैंट्ज़ के शब्दों को उद्धृत करता है। वर्तमान में, इज़राइल रक्षा बल F-पैंतीस सेनानियों के दो स्क्वाड्रन से लैस है, संयुक्त राज्य अमेरिका से कुल पचास इकाइयों में आदेश दिया गया है। इजरायल के मंत्री ने नए स्क्वाड्रन के लिए F-पैंतीस सेकंड की योजनाबद्ध संख्या निर्दिष्ट नहीं की, लेकिन इसमें बीस विमानों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, जैसा कि उल्लेख किया गया है, अमेरिकी सहायता के बावजूद, इज़राइल द्वारा F-पैंतीस की खरीद में बाधा एक अपेक्षाकृत सीमित सैन्य बजट हो सकता है। यद्यपि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की खरीद कीमत काफी कम हो गई है, लेकिन आईडीएफ के साथ सेवा में चौथी पीढ़ी के एफ -पैंतीस लड़ाकू विमानों की तुलना में बनाए रखने और बनाए रखने के लिए एफ -सोलह काफी महंगा है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण में एक और बाधा उच्च तीव्रता वाले लड़ाकू अभियानों के लिए एफ -पैंतीस की अनिश्चितता है, साथ ही इसकी छोटी सीमा भी है, जो लड़ाकू विमानों को ईरान के हवाई क्षेत्र तक पहुंचने में असमर्थ बनाती है, जो इजरायल का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी है।
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देहरादून की बस्तियों पर हाउस टैक्स लगाने के बाद अब इन्हे मालिकाना हक देने की मांग उठने लगी है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने बस्तियों को नियमित करने की मांग को लेकर नरग निगम परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद मंच के प्रतिनिधिमंडल ने मेयर सुनील उनियाल गामा को ज्ञापन देकर मांग पूरी करने की गुहार लगायी।
ज्ञापन के जरिए मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी व जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने संयुक्त रूप से कहा कि निगम प्रशासन ने बस्तियों पर हाउस टैक्स लगाना शुरू कर दिया है, जिसका मंच स्वागत करता है, लेकिन सवाल इस बात का है कि आखिर बस्तियों को मालिकाना हक कब दिया जाएगा। कहा कि हाउस टैक्स क़ी रसीद पर इस बात तरह की बात लिखी जा रही है कि यह मालिकाना हक के लिए नहीं है। इससे बस्ती के लोगों के बीच संदेह की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने घर-घर से कूड़ा उठान, नालियों की सफाई, आवारा पशुओं से बने आतंक से जुड़ी समस्या भी उठायी। मेयर के साथ वार्ता के दौरान कहा कि एक तरफ स्मार्ट सिटी की बात खूब हो रही है, लेकिन नगर निगम में न तो सफाई कर्मचारी और न ही सुपरवाईजर बढ़ा जा रहे हैं। जिसका असर सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। इसके लिए शहरी विकास मंत्री को गंभीरता से सोचना होगा। कुंभ पर नजर बनाने के साथ ही प्रदेश के नगर निकायों को भी देखना चाहिए। उन्होने कहा कि सरकार अपने वायदे के तहत बस्तियों को नियमित करे। इस दौरान मंच के सलाहकार ओमी उनियाल, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी, रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , पूर्ण सिह लिंगवाल , विनोद असवाल , केप्टन मोहन सिह रावत , कलम गुसाई , मनमोहन लखेड़ा , विनीत त्यागी , सुरेश नेगी , यशवीर आर्य , जीतपाल बर्त्वाल , प्रभात डंडरिया , पवन शर्मा, शकुन्तला भट्ट , ज्ञानदेवी कुंडलिया , प्रतिमा चौहान , अंजलि चौहान , राजेन्द्र कुमार , प्रेमा खंडूड़ी , लक्ष्मी रावत , मीना नेगी, संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।
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देहरादून की बस्तियों पर हाउस टैक्स लगाने के बाद अब इन्हे मालिकाना हक देने की मांग उठने लगी है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने बस्तियों को नियमित करने की मांग को लेकर नरग निगम परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद मंच के प्रतिनिधिमंडल ने मेयर सुनील उनियाल गामा को ज्ञापन देकर मांग पूरी करने की गुहार लगायी। ज्ञापन के जरिए मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी व जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने संयुक्त रूप से कहा कि निगम प्रशासन ने बस्तियों पर हाउस टैक्स लगाना शुरू कर दिया है, जिसका मंच स्वागत करता है, लेकिन सवाल इस बात का है कि आखिर बस्तियों को मालिकाना हक कब दिया जाएगा। कहा कि हाउस टैक्स क़ी रसीद पर इस बात तरह की बात लिखी जा रही है कि यह मालिकाना हक के लिए नहीं है। इससे बस्ती के लोगों के बीच संदेह की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने घर-घर से कूड़ा उठान, नालियों की सफाई, आवारा पशुओं से बने आतंक से जुड़ी समस्या भी उठायी। मेयर के साथ वार्ता के दौरान कहा कि एक तरफ स्मार्ट सिटी की बात खूब हो रही है, लेकिन नगर निगम में न तो सफाई कर्मचारी और न ही सुपरवाईजर बढ़ा जा रहे हैं। जिसका असर सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। इसके लिए शहरी विकास मंत्री को गंभीरता से सोचना होगा। कुंभ पर नजर बनाने के साथ ही प्रदेश के नगर निकायों को भी देखना चाहिए। उन्होने कहा कि सरकार अपने वायदे के तहत बस्तियों को नियमित करे। इस दौरान मंच के सलाहकार ओमी उनियाल, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी, रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , पूर्ण सिह लिंगवाल , विनोद असवाल , केप्टन मोहन सिह रावत , कलम गुसाई , मनमोहन लखेड़ा , विनीत त्यागी , सुरेश नेगी , यशवीर आर्य , जीतपाल बर्त्वाल , प्रभात डंडरिया , पवन शर्मा, शकुन्तला भट्ट , ज्ञानदेवी कुंडलिया , प्रतिमा चौहान , अंजलि चौहान , राजेन्द्र कुमार , प्रेमा खंडूड़ी , लक्ष्मी रावत , मीना नेगी, संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।
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MI vs SRH: आईपीएल 2023 के 69वें मुकाबले में आज मुंबई इंडियंस के सामने सनराइजर्स हैदराबाद की टीम थी। इस मैच में मुंबई की टीम ने 8 विकेट से जीत हासिल की है। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने 200 रन बनाए थे। जवाब में मुंबई की टीम ने 2 ओवर पहले ही इस टारगेट को चेज कर लिया। इस मैच में मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था।
MI vs SRH मैच का स्कोर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
मुंबई इंडियंस की जीत के सबसे बड़े हीरो कैमरन ग्रीन रहे। ग्रीन ने इस मैच में नाबाद रहते हुए 47 गेंदों पर शतक ठोक दिया। इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 8 छक्के ठोके। वहीं उनका साथ कप्तान रोहित शर्मा ने बखूबी निभाया जिन्होंने 56 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 25 रन की पारी खेली।
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने 5 विकेट खोकर 200 रन बनाए। हैदराबाद की ओर से विवरांत शर्मा ने 69 रनों की पारी खेली। वहीं उनके साथ ओपनर मयंक अग्रवाल ने 83 रनों की बेहतरीन पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के लगाए। वहीं एनरिच क्लासेन ने 18 रन बनाए। वहीं एडेन मार्क्रम ने 13 रन बनाए। मुंबई की ओर से आकाश मधवाल ने 4 विकेट झटके।
सनराइजर्स हैदराबादः मयंक अग्रवाल, विव्रांत शर्मा, ऐडेन मार्करम (कप्तान), हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक, नितीश रेड्डी, ग्लेन फिलिप्स, सनवीर सिंह, मयंक डागर, भुवनेश्वर कुमार, उमरान मलिक।
मुंबई इंडियंसः रोहित शर्मा (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, सूर्यकुमार यादव, टिम डेविड, नेहाल वढेरा, क्रिस जॉर्डन, पीयूष चावला, जेसन बेहेरेनडार्फ, कुमार कार्तिकेय, आकाश मधवाल।
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MI vs SRH: आईपीएल दो हज़ार तेईस के उनहत्तरवें मुकाबले में आज मुंबई इंडियंस के सामने सनराइजर्स हैदराबाद की टीम थी। इस मैच में मुंबई की टीम ने आठ विकेट से जीत हासिल की है। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने दो सौ रन बनाए थे। जवाब में मुंबई की टीम ने दो ओवर पहले ही इस टारगेट को चेज कर लिया। इस मैच में मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। MI vs SRH मैच का स्कोर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। मुंबई इंडियंस की जीत के सबसे बड़े हीरो कैमरन ग्रीन रहे। ग्रीन ने इस मैच में नाबाद रहते हुए सैंतालीस गेंदों पर शतक ठोक दिया। इस पारी में उन्होंने आठ चौके और आठ छक्के ठोके। वहीं उनका साथ कप्तान रोहित शर्मा ने बखूबी निभाया जिन्होंने छप्पन रनों की शानदार पारी खेली। वहीं सूर्यकुमार यादव ने नाबाद पच्चीस रन की पारी खेली। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने पाँच विकेट खोकर दो सौ रन बनाए। हैदराबाद की ओर से विवरांत शर्मा ने उनहत्तर रनों की पारी खेली। वहीं उनके साथ ओपनर मयंक अग्रवाल ने तिरासी रनों की बेहतरीन पारी खेली। इस पारी में उन्होंने आठ चौके और चार छक्के लगाए। वहीं एनरिच क्लासेन ने अट्ठारह रन बनाए। वहीं एडेन मार्क्रम ने तेरह रन बनाए। मुंबई की ओर से आकाश मधवाल ने चार विकेट झटके। सनराइजर्स हैदराबादः मयंक अग्रवाल, विव्रांत शर्मा, ऐडेन मार्करम , हेनरिक क्लासेन , हैरी ब्रूक, नितीश रेड्डी, ग्लेन फिलिप्स, सनवीर सिंह, मयंक डागर, भुवनेश्वर कुमार, उमरान मलिक। मुंबई इंडियंसः रोहित शर्मा , ईशान किशन , कैमरन ग्रीन, सूर्यकुमार यादव, टिम डेविड, नेहाल वढेरा, क्रिस जॉर्डन, पीयूष चावला, जेसन बेहेरेनडार्फ, कुमार कार्तिकेय, आकाश मधवाल।
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सिद्धार्थ-कियारा के मुंबई रिसेप्शन लुक को लेकर खूब चर्चा हो रही है। ऐसे में पसंदीदा सेलिब्रिटी जोड़ों के बेहतरीन रिस्पेशन लुक पर एक नजर।
अपने रिसेप्शन पार्टी में रणवीर सिंह जहां ब्लैक कलर के कोट पैंट में नजर आये तो वहीं, दीपिका रेड कलर के गाउन में बेहद खूबसूरत लग रही थीं।
विराट और अनुष्का ने रिसेप्शन पार्टी में ट्रेडिशनल लुक अपनाया था। अनुष्का ने सब्यसाची के डिजाइन की हुई लाल बनारसी साड़ी तो विराट ने काली अचकन और सफेद चूड़ीदार पायजामा पहना था।
प्रियंका ने अपने रिसेप्शन में लाइट ग्रे कलर की कस्टम टुल स्प्रिंग ब्लॉसम स्कर्ट पहनी थी, जिसपर हैंड एम्बॉयडरी की गई थी। निक जोनस ने ब्लैक टेस्टीडो सूट पहना था।
आलिया और रणबीर ने ब्लैक एंड ब्लिंग आउटफिस्ट कैरी किया था। आलिया ग्रे कलर की ड्रेस में थी तो वहीं रणबीर ब्लैक टाई सूट कैरी किये हुए थे।
अपने रिसेप्शन में सोनम कपूर ने डिजाइन लहंगा कैरी किया था, जिसमें लाइनिंग डिजाइंस बनी हुई थी। वहीं, आनंद अहूजा ब्लू और व्हाइट कॉम्बीनेशन वाली ड्रेस वियर कर रखे थे।
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सिद्धार्थ-कियारा के मुंबई रिसेप्शन लुक को लेकर खूब चर्चा हो रही है। ऐसे में पसंदीदा सेलिब्रिटी जोड़ों के बेहतरीन रिस्पेशन लुक पर एक नजर। अपने रिसेप्शन पार्टी में रणवीर सिंह जहां ब्लैक कलर के कोट पैंट में नजर आये तो वहीं, दीपिका रेड कलर के गाउन में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। विराट और अनुष्का ने रिसेप्शन पार्टी में ट्रेडिशनल लुक अपनाया था। अनुष्का ने सब्यसाची के डिजाइन की हुई लाल बनारसी साड़ी तो विराट ने काली अचकन और सफेद चूड़ीदार पायजामा पहना था। प्रियंका ने अपने रिसेप्शन में लाइट ग्रे कलर की कस्टम टुल स्प्रिंग ब्लॉसम स्कर्ट पहनी थी, जिसपर हैंड एम्बॉयडरी की गई थी। निक जोनस ने ब्लैक टेस्टीडो सूट पहना था। आलिया और रणबीर ने ब्लैक एंड ब्लिंग आउटफिस्ट कैरी किया था। आलिया ग्रे कलर की ड्रेस में थी तो वहीं रणबीर ब्लैक टाई सूट कैरी किये हुए थे। अपने रिसेप्शन में सोनम कपूर ने डिजाइन लहंगा कैरी किया था, जिसमें लाइनिंग डिजाइंस बनी हुई थी। वहीं, आनंद अहूजा ब्लू और व्हाइट कॉम्बीनेशन वाली ड्रेस वियर कर रखे थे।
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ड्राइवर ने ऐसे दिया मौत को चकमा!
यह वीडियो 15 सेकंड का है जिसमें देखा जा सकता है कि सड़क से सफेद रंग की दो गाड़ियां गुजर रही थीं कि अचानक पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगते हैं। एक कार वाला तो निकल जाता है, लेकिन दूसरे कार वाले के सामने एकाएक पत्थरों की बारिश होने लगती है! हालांकि, वह इस परिस्थिति में घबराता नहीं है और समझदारी से काम लेते हुए गाड़ी को एक बड़े से पत्थर से टकराने से बचा लेता है। रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच कई इलाकों में तेज बारिश हुई। लैंडस्लाइड से करीब 45 सड़कें बंद हो गई। वहीं सड़कें तालाब में तब्दील हो गई।
यह वीडियो ट्विटर यूजर शुभम (@shubhamtorres09) ने 7 जुलाई को पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा - आज का लैंडस्लाइड वीडियो परवाणू के दत्यार का है, जहां एक कार बाल-बाल बची। 07 जुलाई 2023, सोलन हिमाचल प्रदेश। यह शॉकिंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे न्यूज लिखे जाने तक 36 हजार से अधिक व्यूज और चार सौ ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। साथ ही, तमाम यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। जैसे एक शख्स ने लिखा - किस्मत अच्छी थी ड्राइवर की. . . । दूसरे ने कहा- जब भगवान मेहरबान हों, तो कुछ ने ड्राइवर की तारीफ की। इस वीडियो को देखकर आपका क्या कहना है? कमेंट में लिखें।
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ड्राइवर ने ऐसे दिया मौत को चकमा! यह वीडियो पंद्रह सेकंड का है जिसमें देखा जा सकता है कि सड़क से सफेद रंग की दो गाड़ियां गुजर रही थीं कि अचानक पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगते हैं। एक कार वाला तो निकल जाता है, लेकिन दूसरे कार वाले के सामने एकाएक पत्थरों की बारिश होने लगती है! हालांकि, वह इस परिस्थिति में घबराता नहीं है और समझदारी से काम लेते हुए गाड़ी को एक बड़े से पत्थर से टकराने से बचा लेता है। रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच कई इलाकों में तेज बारिश हुई। लैंडस्लाइड से करीब पैंतालीस सड़कें बंद हो गई। वहीं सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। यह वीडियो ट्विटर यूजर शुभम ने सात जुलाई को पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा - आज का लैंडस्लाइड वीडियो परवाणू के दत्यार का है, जहां एक कार बाल-बाल बची। सात जुलाई दो हज़ार तेईस, सोलन हिमाचल प्रदेश। यह शॉकिंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे न्यूज लिखे जाने तक छत्तीस हजार से अधिक व्यूज और चार सौ ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। साथ ही, तमाम यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। जैसे एक शख्स ने लिखा - किस्मत अच्छी थी ड्राइवर की. . . । दूसरे ने कहा- जब भगवान मेहरबान हों, तो कुछ ने ड्राइवर की तारीफ की। इस वीडियो को देखकर आपका क्या कहना है? कमेंट में लिखें।
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Jamshedpur (Ashok kumar) : टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष वीजी गोपाल की हत्या 14 अक्तूबर 1993 को स्कूटर पर सवार बदमाशों ने दिन-दहाड़े गोली मारकर कर दी थी. घटना के बाद जमशेदपुर दहल गया था. इसके विरोध में भाजपा के पूर्व विधायक दीनानाथ पांडेय ने तब जोरदार आंदोलन किया था. आंदोलन में आम लोग भी शरीक हुये थे और खूब राजनीति भी हुई थी. तब एसपी परवेज हयात हुआ करते थे. इनके बाद ही डॉ. अजय कुमार को जमशेदपुर का नया एसपी बनाया गया था. अजय कुमार के प्रभार संभालने के पहले अपराधी वीर सिंह बोदरा, संजय ओझा और गरमनाला गिरोह का साहेब सिंह मुठभेड़ में मारा गया था. इस बीच टाटा स्टील के अधिकारी टीपी सिंह और ठाकुर जी पाठक की भी हत्या कर दी गयी थी. अधिकारियों की हत्या के बाद भाजपा की ओर से तब एसपी के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया गया था. इस बीच ही वीजी गोपाल की हत्या हो गयी थी. इस दौरान टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक डॉ. जेजे ईरानी ने अपराध पर नियंत्रण के लिये अविभाजीत बिहार के सीएम लालू प्रसाद यादव से नया एसपी देने का आग्रह किया था.
डॉ. अजय कुमार ने 1994 में जमशेदपुर एसपी का प्रभार संभाला था. एसपी ने प्रभार संभालने के बाद सोनारी और मानगो बस स्टैंड में मुठभेड़ के दौरान अखिलेश सिंह गिरोह के सात गुर्गों को मार गिराया था. मुठभेड़ में मारे जाने वालों में नरेंद्र बहादुर सिंह, श्रवण कुमार, इशा, रंजन आहूजा और विमल लोहार शामिल है. जिस तरह से अपराधियों के खिलाफ अजय कुमार ने मुहिम छेड़ दिया था उससे अपराधी शहर छोड़कर भाग निकले थे या अंडरग्राउंड हो गये थे. डॉ. अजय कुमार की कार्यशैली से लोग गद-गद थे. तब उनकी चर्चा चौक-चौराहें पर भी खूब होती थी.
एसपी अजय कुमार के कार्यकाल में कुछ ऐसे अपराधी मुठभेड़ में मारे गये थे जिनका शव तक बरामद नहीं हुआ था. इसमें से आदित्यपुर का रहने वाला गरमनाला गिरोह का नरेंद्र बहादुर सिंह भी शामिल है. उनके कार्याकल में ही परसुडीह के तिलगढ़ में वीर सिंह बोदरा, सुंदरनगर में ओमियो उर्फ ओमी और सुंदरनगर में राजेश पगला को मुठभेड़ में मार गिराया गया था. बोकारो का चर्चित अपराधी भोला सिंह भी जमशेदपुर में ही मारा गया था. तब गुंजन मछुआ बचकर भागने में सफल रहा था, लेकिन दो साल के बाद उसकी बीमारी से मौत हो गयी थी.
डॉ. अजय कुमार 1994 से 1996 तक जमशेदपुर में एसपी थे. इस बीच उनके बेहतर पुलिसिंग से अपराधियों में खौफ था. उनके भय से अपराधी या तो शहर छोड़कर भाग चुके थे या जेल के भीतर रहना ही खुद को सुरक्षित समझते थे. 1996 में ही उन्होंने आइपीएस की नौकरी छोड़ दी और टाटा समूह से जुड़ गये थे. यह नौकरी भी उन्हें रास नहीं आयी और राजनीति की राह पकड़ ली. अपने कार्यशैली के बूते ही लोगों ने उन्हें 2011 में जमशेदपुर का सांसद बनाया था.
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Jamshedpur : टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष वीजी गोपाल की हत्या चौदह अक्तूबर एक हज़ार नौ सौ तिरानवे को स्कूटर पर सवार बदमाशों ने दिन-दहाड़े गोली मारकर कर दी थी. घटना के बाद जमशेदपुर दहल गया था. इसके विरोध में भाजपा के पूर्व विधायक दीनानाथ पांडेय ने तब जोरदार आंदोलन किया था. आंदोलन में आम लोग भी शरीक हुये थे और खूब राजनीति भी हुई थी. तब एसपी परवेज हयात हुआ करते थे. इनके बाद ही डॉ. अजय कुमार को जमशेदपुर का नया एसपी बनाया गया था. अजय कुमार के प्रभार संभालने के पहले अपराधी वीर सिंह बोदरा, संजय ओझा और गरमनाला गिरोह का साहेब सिंह मुठभेड़ में मारा गया था. इस बीच टाटा स्टील के अधिकारी टीपी सिंह और ठाकुर जी पाठक की भी हत्या कर दी गयी थी. अधिकारियों की हत्या के बाद भाजपा की ओर से तब एसपी के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया गया था. इस बीच ही वीजी गोपाल की हत्या हो गयी थी. इस दौरान टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक डॉ. जेजे ईरानी ने अपराध पर नियंत्रण के लिये अविभाजीत बिहार के सीएम लालू प्रसाद यादव से नया एसपी देने का आग्रह किया था. डॉ. अजय कुमार ने एक हज़ार नौ सौ चौरानवे में जमशेदपुर एसपी का प्रभार संभाला था. एसपी ने प्रभार संभालने के बाद सोनारी और मानगो बस स्टैंड में मुठभेड़ के दौरान अखिलेश सिंह गिरोह के सात गुर्गों को मार गिराया था. मुठभेड़ में मारे जाने वालों में नरेंद्र बहादुर सिंह, श्रवण कुमार, इशा, रंजन आहूजा और विमल लोहार शामिल है. जिस तरह से अपराधियों के खिलाफ अजय कुमार ने मुहिम छेड़ दिया था उससे अपराधी शहर छोड़कर भाग निकले थे या अंडरग्राउंड हो गये थे. डॉ. अजय कुमार की कार्यशैली से लोग गद-गद थे. तब उनकी चर्चा चौक-चौराहें पर भी खूब होती थी. एसपी अजय कुमार के कार्यकाल में कुछ ऐसे अपराधी मुठभेड़ में मारे गये थे जिनका शव तक बरामद नहीं हुआ था. इसमें से आदित्यपुर का रहने वाला गरमनाला गिरोह का नरेंद्र बहादुर सिंह भी शामिल है. उनके कार्याकल में ही परसुडीह के तिलगढ़ में वीर सिंह बोदरा, सुंदरनगर में ओमियो उर्फ ओमी और सुंदरनगर में राजेश पगला को मुठभेड़ में मार गिराया गया था. बोकारो का चर्चित अपराधी भोला सिंह भी जमशेदपुर में ही मारा गया था. तब गुंजन मछुआ बचकर भागने में सफल रहा था, लेकिन दो साल के बाद उसकी बीमारी से मौत हो गयी थी. डॉ. अजय कुमार एक हज़ार नौ सौ चौरानवे से एक हज़ार नौ सौ छियानवे तक जमशेदपुर में एसपी थे. इस बीच उनके बेहतर पुलिसिंग से अपराधियों में खौफ था. उनके भय से अपराधी या तो शहर छोड़कर भाग चुके थे या जेल के भीतर रहना ही खुद को सुरक्षित समझते थे. एक हज़ार नौ सौ छियानवे में ही उन्होंने आइपीएस की नौकरी छोड़ दी और टाटा समूह से जुड़ गये थे. यह नौकरी भी उन्हें रास नहीं आयी और राजनीति की राह पकड़ ली. अपने कार्यशैली के बूते ही लोगों ने उन्हें दो हज़ार ग्यारह में जमशेदपुर का सांसद बनाया था.
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Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) की एक बेटी सरिता (बदला हुआ नाम) अपने दूसरे पति की दूसरी शादी रोकवाने के लिए धनबाद महिला थाने का चक्कर लगा रही है. यहां भी उसे न्याय की जगह पिटाई मिली. महिला थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसका दुखड़ा सुनने की बजाय रौब दिखाते हुए डंडे से पिटाई कर भगा दिया. इस अभागन महिला के दूसरे पति गिरिडीह निवासी गौतम राय की दूसरी शादी 20 मई को तय है. लेकिन पुलिस ने शादी रोकवाने के लिए अब तक कोई पहल नहीं की है. अपने तीन साल के बेटे के साथ थाना पहुंची सरिता लगातार रिपोर्टर को आपबीती सुनाते हुए रो पड़ी. उसने बताया कि अपनों के नाम पर उसके दो छोटे-छोटे बच्चों के अलावा और कोई नहीं है. माता-पिता पहले ही इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं. समाज में घूम रहे दो भेड़िये भाइयों ने उसके शरीर को नोच डाला है. अब सामज भी उन दरिंदो को घोड़ी पर बिठा बादशाह बनाने की तैयारी कर रहा है.
सरिता ने बताया कि उसकी शादी गिरिडीह के रहने वाले त्रिपुरारी रॉय से वर्ष 2011 में परिवार की सहमति से हुई थी. शादी के महज 3 साल बाद ही पति ने उसे छोड़ दिया और दूसरी शादी रचा ली. पीड़िता बताती है कि पहले पति से उसे एक बेटा है. इसके बाद ससुराल वालों ने बहला-फुसला कर त्रिपुरारी रॉय के छोटे भाई गौतम रॉय से उसकी शादी रचा दी. गौतम रॉय भी अपने बड़े भाई के नक्शे कदम पर चलते हुए महज 2 साल में ही उसे ठुकरा दिया. 20 मई को गौतम रॉय दूसरी शादी रचाने जा रहा है. दोनों भाइयों की दूसरी शादी करवाने में उनके परिवार वालों का भरपूर सहयोग रहा. पीड़िता का कहना है कि दूसरे भाई से भी उसक एक बेटा है. पहले पति ने मुझे यूज़ कर अपने भाई के हाथों थमा दिया, फिर उसने भी अपनी हवस का शिकार बनाने के बाद ठुकरा दिया.
अपने दोनों पतियों और समाज से ठोकर खाने के बाद शिकायत लेकर धनबाद के महिला थाना पहुंची सरिता को वहां भी ठोकर ही मिली. सरिता ने महिला थाना प्रभारी से गुहार लगाई कि पुलिस उसके दूसरे पति की शादी रोकवा दे. वह पिछले 10 दिनों से महिला थाना का चक्कर लगा रही है, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपियों पर किसी तरीके की कार्रवाई नहीं की है. उल्टे उसे ही पीटा गया.
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Dhanbad : धनबाद की एक बेटी सरिता अपने दूसरे पति की दूसरी शादी रोकवाने के लिए धनबाद महिला थाने का चक्कर लगा रही है. यहां भी उसे न्याय की जगह पिटाई मिली. महिला थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसका दुखड़ा सुनने की बजाय रौब दिखाते हुए डंडे से पिटाई कर भगा दिया. इस अभागन महिला के दूसरे पति गिरिडीह निवासी गौतम राय की दूसरी शादी बीस मई को तय है. लेकिन पुलिस ने शादी रोकवाने के लिए अब तक कोई पहल नहीं की है. अपने तीन साल के बेटे के साथ थाना पहुंची सरिता लगातार रिपोर्टर को आपबीती सुनाते हुए रो पड़ी. उसने बताया कि अपनों के नाम पर उसके दो छोटे-छोटे बच्चों के अलावा और कोई नहीं है. माता-पिता पहले ही इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं. समाज में घूम रहे दो भेड़िये भाइयों ने उसके शरीर को नोच डाला है. अब सामज भी उन दरिंदो को घोड़ी पर बिठा बादशाह बनाने की तैयारी कर रहा है. सरिता ने बताया कि उसकी शादी गिरिडीह के रहने वाले त्रिपुरारी रॉय से वर्ष दो हज़ार ग्यारह में परिवार की सहमति से हुई थी. शादी के महज तीन साल बाद ही पति ने उसे छोड़ दिया और दूसरी शादी रचा ली. पीड़िता बताती है कि पहले पति से उसे एक बेटा है. इसके बाद ससुराल वालों ने बहला-फुसला कर त्रिपुरारी रॉय के छोटे भाई गौतम रॉय से उसकी शादी रचा दी. गौतम रॉय भी अपने बड़े भाई के नक्शे कदम पर चलते हुए महज दो साल में ही उसे ठुकरा दिया. बीस मई को गौतम रॉय दूसरी शादी रचाने जा रहा है. दोनों भाइयों की दूसरी शादी करवाने में उनके परिवार वालों का भरपूर सहयोग रहा. पीड़िता का कहना है कि दूसरे भाई से भी उसक एक बेटा है. पहले पति ने मुझे यूज़ कर अपने भाई के हाथों थमा दिया, फिर उसने भी अपनी हवस का शिकार बनाने के बाद ठुकरा दिया. अपने दोनों पतियों और समाज से ठोकर खाने के बाद शिकायत लेकर धनबाद के महिला थाना पहुंची सरिता को वहां भी ठोकर ही मिली. सरिता ने महिला थाना प्रभारी से गुहार लगाई कि पुलिस उसके दूसरे पति की शादी रोकवा दे. वह पिछले दस दिनों से महिला थाना का चक्कर लगा रही है, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपियों पर किसी तरीके की कार्रवाई नहीं की है. उल्टे उसे ही पीटा गया.
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।अकराश (Akrash)
मंगल ग्रह मेष राशि का स्वामी माना जाता है। मेष राशि का आराध्य देव भगवान श्री गणेश को माना जाता है। अकराश नाम के लड़कों के जन्म लेने का मौसम काफी सुहावना होता है। इस जाति के अकराश नाम के लड़के रक्त की अशुद्धि से होने वाले रोगों, दांतों में दर्द (पायरिया), ज्वर, अनिद्रा, जल्दी गुस्सा आना, सिरदर्द आदि समस्याओं से अकराश नाम के लड़के पीड़ित रहते हैं। मेष राशि के अकराश नाम के लड़कों में चेहरे की हड्डियों, मस्तिष्क, पीयूष ग्रंथि (पिट्युटरी ग्लैंड) और जबड़े से सम्बंधित बीमारियां होने का खतरा रहता है। मेष राशि के अकराश नाम के लड़कों का अपने मन पर नियंत्रण नहीं होता जिस कारण ये खुद को खाने से रोक नहीं पाते और पेट की बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। अकराश नाम के लड़के मेहनती होते हैं और कार्य पूरा करने के लिए देर तक काम कर सकते हैं।
अगर आप अपने बच्चे का नाम अकराश रखने की सोच रहें हैं तो पहले उसका मतलब जान लेना जरूरी है। आपको बता दें कि अकराश का मतलब मोह लेने वाला होता है। अकराश नाम रखने से आपका बच्चा भी इस नाम के मतलब की तरह व्यव्हार करने लगता है। आपको बता दें कि अपने शिशु को अकराश नाम देकर आप उसके जीवन में सकारात्मक संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं। अकराश नाम रखने से आपका बच्चा भी वो गुण ले लेता है जो इसके अर्थ में समाहित होता है। अकराश नाम वाले व्यक्ति बिलकुल अपने नाम के मतलब की तरह यानी मोह लेने वाला होते हैं। आगे पढ़ें अकराश नाम की राशि, इसका लकी नंबर क्या है, अकराश नाम के मोह लेने वाला मतलब के बारे में विस्तार से जानें।
अकराश नाम के लोगों का ग्रह स्वामी मंगल है। इनका शुभ अंक 9 होता है। 9 लकी नंबर वाले लोग दिमागी तौर पर स्वस्थ होते हैं और उनमें मुसीबतों से लड़ने का जुनून होता है। अकराश नाम के लोग सफलता के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। भले ही इन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़े, लेकिन ये कभी पीछे नहीं हटते। अकराश नाम वाले लोग किसी भी व्यक्ति या परिस्थति से नहीं डरते, कभी-कभी यही बात इनके लिए परेशानी का सबब बन जाती है। 9 लकी नंबर वाले लोगों में अच्छा नेता बनने के गुण होते हैं। 9 लकी नंबर वाले लोग दोस्ती ही नहीं दुश्मनी भी पूरे साहस से निभाते हैं।
जिनका नाम अकराश है उनकी राशि मेष होती है, ये लोग साहसी होते हैं और इन्हें खुद पर भरोसा होता है। ये आत्मविश्वासी होते हैं और हमेशा कुछ जानने की इच्छा रखते हैं। अकराश नाम के व्यक्ति को जोखिम उठाने में बिलकुल भी डर महसूस नहीं होता है। ये लोग नए काम के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। मेष राशि के लोग चुनौतियों को खुशी से स्वीकार करते हैं और ये खूब ऊर्जावान होते हैं। अकराश नाम के लोगों में काफी अहंकार व हठ होता है। ये लोग करियर और पैसों के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करते।
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।अकराश मंगल ग्रह मेष राशि का स्वामी माना जाता है। मेष राशि का आराध्य देव भगवान श्री गणेश को माना जाता है। अकराश नाम के लड़कों के जन्म लेने का मौसम काफी सुहावना होता है। इस जाति के अकराश नाम के लड़के रक्त की अशुद्धि से होने वाले रोगों, दांतों में दर्द , ज्वर, अनिद्रा, जल्दी गुस्सा आना, सिरदर्द आदि समस्याओं से अकराश नाम के लड़के पीड़ित रहते हैं। मेष राशि के अकराश नाम के लड़कों में चेहरे की हड्डियों, मस्तिष्क, पीयूष ग्रंथि और जबड़े से सम्बंधित बीमारियां होने का खतरा रहता है। मेष राशि के अकराश नाम के लड़कों का अपने मन पर नियंत्रण नहीं होता जिस कारण ये खुद को खाने से रोक नहीं पाते और पेट की बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। अकराश नाम के लड़के मेहनती होते हैं और कार्य पूरा करने के लिए देर तक काम कर सकते हैं। अगर आप अपने बच्चे का नाम अकराश रखने की सोच रहें हैं तो पहले उसका मतलब जान लेना जरूरी है। आपको बता दें कि अकराश का मतलब मोह लेने वाला होता है। अकराश नाम रखने से आपका बच्चा भी इस नाम के मतलब की तरह व्यव्हार करने लगता है। आपको बता दें कि अपने शिशु को अकराश नाम देकर आप उसके जीवन में सकारात्मक संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं। अकराश नाम रखने से आपका बच्चा भी वो गुण ले लेता है जो इसके अर्थ में समाहित होता है। अकराश नाम वाले व्यक्ति बिलकुल अपने नाम के मतलब की तरह यानी मोह लेने वाला होते हैं। आगे पढ़ें अकराश नाम की राशि, इसका लकी नंबर क्या है, अकराश नाम के मोह लेने वाला मतलब के बारे में विस्तार से जानें। अकराश नाम के लोगों का ग्रह स्वामी मंगल है। इनका शुभ अंक नौ होता है। नौ लकी नंबर वाले लोग दिमागी तौर पर स्वस्थ होते हैं और उनमें मुसीबतों से लड़ने का जुनून होता है। अकराश नाम के लोग सफलता के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। भले ही इन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़े, लेकिन ये कभी पीछे नहीं हटते। अकराश नाम वाले लोग किसी भी व्यक्ति या परिस्थति से नहीं डरते, कभी-कभी यही बात इनके लिए परेशानी का सबब बन जाती है। नौ लकी नंबर वाले लोगों में अच्छा नेता बनने के गुण होते हैं। नौ लकी नंबर वाले लोग दोस्ती ही नहीं दुश्मनी भी पूरे साहस से निभाते हैं। जिनका नाम अकराश है उनकी राशि मेष होती है, ये लोग साहसी होते हैं और इन्हें खुद पर भरोसा होता है। ये आत्मविश्वासी होते हैं और हमेशा कुछ जानने की इच्छा रखते हैं। अकराश नाम के व्यक्ति को जोखिम उठाने में बिलकुल भी डर महसूस नहीं होता है। ये लोग नए काम के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। मेष राशि के लोग चुनौतियों को खुशी से स्वीकार करते हैं और ये खूब ऊर्जावान होते हैं। अकराश नाम के लोगों में काफी अहंकार व हठ होता है। ये लोग करियर और पैसों के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करते।
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काफी स्थानों पर थानों व चौकियों के भवन की जर्जर हालत को लेकर चिंतित मंत्री अनिल विज इनकी हालत में सुधार कराना चाहते हैं। सभी जिलों से इसकी रिपोर्ट आ जाने के बाद में गृहमंत्री के सामने पूरा खाका होगा कि कहां कहां पर बिल्डिंग किराए पर ली गई हैं, जिनकी हालत खस्ता बनी हुई है।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने राज्यभर के सभी जिलों के अंतर्गत आने वाले थाने और चौकियों की हालत को लेकर पुलिस अफसरों से जानकारी मांगी है। जिलों में चौकियों और थाने की बिल्डिंग के हालात के साथ-साथ इनके भवन किराए पर लिए हैं या फिर यह सरकार की संपत्ति है। जानकारी मंगाने के पीछे मंत्री काफी स्थानों पर थानों व चौकियों के भवन की जर्जर हालत को लेकर चिंतित मंत्री इनकी हालत को तुरंत ही सुधार कराना चाहते हैं।
गृहमंत्री हरियाणा अनिल विज ने इस संबंध में एसीएस गृह विभाग, डीजीपी के माध्यम से सभी जिलों को भेजे पत्र में सभी 22 जिलों के तहत स्थित थाने व चौकियों की हालत पर रिपोर्ट मांगी है। सभी जिलों से इसकी रिपोर्ट आ जाने के बाद में गृहमंत्री के सामने पूरा खाका होगा कि कहां कहां पर बिल्डिंग किराए पर ली गई हैं, जिनकी हालत खस्ता बनी हुई है। जहां जहां पर सरकारी भवन में चौकी व थाने चल रहे हैं, अगर इनकी हालत खराब है, तो वहां पर भी उनकी सेहत को पूरी तरह से सुधारने की मुहिम चलेगी।
एक दिन पहले जिस तरह से सीपी गुरुग्राम और बाकी अफसरों की समीक्षा बैठक राज्य के गृहमंत्री विज ने ली है, उसी तरह से आने वाले वक्त में बाकी रेंज में जाकर भी विज बैठकें लेंगे, जिसमें उन रेंज के तहत आने वाले सभी एसपी, डीएसपी और बाकी अफसरों के साथ में कानून व्यवस्था से लेकर खुले दरबार में आने वाली समस्याओं पर क्या एक्शन लिया गया, इस पर विस्तार से समीक्षा होगी।
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काफी स्थानों पर थानों व चौकियों के भवन की जर्जर हालत को लेकर चिंतित मंत्री अनिल विज इनकी हालत में सुधार कराना चाहते हैं। सभी जिलों से इसकी रिपोर्ट आ जाने के बाद में गृहमंत्री के सामने पूरा खाका होगा कि कहां कहां पर बिल्डिंग किराए पर ली गई हैं, जिनकी हालत खस्ता बनी हुई है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने राज्यभर के सभी जिलों के अंतर्गत आने वाले थाने और चौकियों की हालत को लेकर पुलिस अफसरों से जानकारी मांगी है। जिलों में चौकियों और थाने की बिल्डिंग के हालात के साथ-साथ इनके भवन किराए पर लिए हैं या फिर यह सरकार की संपत्ति है। जानकारी मंगाने के पीछे मंत्री काफी स्थानों पर थानों व चौकियों के भवन की जर्जर हालत को लेकर चिंतित मंत्री इनकी हालत को तुरंत ही सुधार कराना चाहते हैं। गृहमंत्री हरियाणा अनिल विज ने इस संबंध में एसीएस गृह विभाग, डीजीपी के माध्यम से सभी जिलों को भेजे पत्र में सभी बाईस जिलों के तहत स्थित थाने व चौकियों की हालत पर रिपोर्ट मांगी है। सभी जिलों से इसकी रिपोर्ट आ जाने के बाद में गृहमंत्री के सामने पूरा खाका होगा कि कहां कहां पर बिल्डिंग किराए पर ली गई हैं, जिनकी हालत खस्ता बनी हुई है। जहां जहां पर सरकारी भवन में चौकी व थाने चल रहे हैं, अगर इनकी हालत खराब है, तो वहां पर भी उनकी सेहत को पूरी तरह से सुधारने की मुहिम चलेगी। एक दिन पहले जिस तरह से सीपी गुरुग्राम और बाकी अफसरों की समीक्षा बैठक राज्य के गृहमंत्री विज ने ली है, उसी तरह से आने वाले वक्त में बाकी रेंज में जाकर भी विज बैठकें लेंगे, जिसमें उन रेंज के तहत आने वाले सभी एसपी, डीएसपी और बाकी अफसरों के साथ में कानून व्यवस्था से लेकर खुले दरबार में आने वाली समस्याओं पर क्या एक्शन लिया गया, इस पर विस्तार से समीक्षा होगी।
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भोपाल । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP National President) जेपी नड्डा (JP Nadda) रविवार को भोपाल में (In Bhopal) आगामी विधानसभा चुनाव में (In Upcoming Assembly Elections) 200 पार का नारा दिया (Gave the Slogan of 200 Crosses) । मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और भारतीय जनता पार्टी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में पार्टी अध्यक्ष नड्डा का भोपाल दौरा हुआ है। भोपाल में अपने स्वागत से गदगद नड्डा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में 200 पार का लक्ष्य रखें।
भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने मध्यप्रदेश में शुरू की गई लाडली बहना योजना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ की। उन्होंने इस मौके पर कहा, पहले लाडली लक्ष्मी और अब लाडली बहना योजना अमल में आई है। यह बताता है कि समाज के महिला सशक्तिकरण के लिए हमारे कार्यक्रम किस तरह लक्षित होते हैं। उन्होंने आगे कहा हम सभी वर्ग, सभी समाज को समानता के साथ आगे लेकर बढ़ रहे हैं। गांव, गरीब, वंचितों के साथ प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए शिवराज सिंह चौहान लाडली बहना योजना लेकर आये हैं। Share:
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भोपाल । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा रविवार को भोपाल में आगामी विधानसभा चुनाव में दो सौ पार का नारा दिया । मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और भारतीय जनता पार्टी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में पार्टी अध्यक्ष नड्डा का भोपाल दौरा हुआ है। भोपाल में अपने स्वागत से गदगद नड्डा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में दो सौ पार का लक्ष्य रखें। भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने मध्यप्रदेश में शुरू की गई लाडली बहना योजना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ की। उन्होंने इस मौके पर कहा, पहले लाडली लक्ष्मी और अब लाडली बहना योजना अमल में आई है। यह बताता है कि समाज के महिला सशक्तिकरण के लिए हमारे कार्यक्रम किस तरह लक्षित होते हैं। उन्होंने आगे कहा हम सभी वर्ग, सभी समाज को समानता के साथ आगे लेकर बढ़ रहे हैं। गांव, गरीब, वंचितों के साथ प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए शिवराज सिंह चौहान लाडली बहना योजना लेकर आये हैं। Share:
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दोपहर के डेढ़ बजे झारखंड के गवर्नर के एडवाइजर के विजय कुमार ने जैक की वेबसाइट पर क्लिक करके रिजल्ट जारी किया। इसके बाद सभी स्टूडेंट्स का रिजल्ट वेबसाइट पर आ गया। रिजल्ट जारी करने के मौके पर झारखंड के एचआरडी सेक्रेटरी और जैक चेयरपर्सन आनंद भूषण भी मौजूद थे।
बोर्ड का रिजल्ट जारी करते हुए गवर्नर के एडवाइजर के विजय कुमार ने बताया कि जिन स्टूडेंट्स का रिजल्ट अच्छा नहीं हो पाया है, उन्हें अधिक निराश होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड का रिजल्ट ही बेंच मार्क नहीं है। कॅरियर में बहुत सारे बेंच मार्क हैैं, जिन्हें स्टूडेंट्स को पार करना है। उन्होंने खुद के बारे में बताया कि एक बार कॉलेज में वह फेल कर गए थे, लेकिन वह निराश नहीं हुए। उन्हें लगा कि उनकी बहुत अच्छी तैयारी नहीं होगी, इसलिए रिजल्ट खराब हुआ। इस कारण उन्होंने और अधिक मेहनत की और रिजल्ट बेहतर पाकर दिखाया। जो भी स्टूडेंट सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें अपने स्ट्रेस को पॉजिटिव वे में लेना चाहिए। जिंदगी बहुत बड़ी रेस है। यह रिजल्ट तो महज एक रास्ता है।
जैक चेयरपर्सन आनंद भूषण ने बताया कि इस बार रिजल्ट पिछले साल की अपेक्षा अच्छा रहा। उन्होंने बताया कि जैक के द्वारा वेडनसडे से जैक मुख्यालय में काउंसेलिंग का अरेंजमेंट किया गया है, जहां स्टूडेंट अपनी परेशानी बता सकते हैैं। यहां उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व किया जाएगा। रिजल्ट आने के बाद कई स्टूडेंट्स का रिजल्ट अच्छा नहीं होता है और वे डिप्रेशन में चले जाते हैं। इसलिए उनकी काउंसेलिंग कराई जाएगी।
जैक के द्वारा मैट्रिक का जो रिजल्ट जारी किया गया है, उसमें हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट पहले स्थान पर है। हजारीबाग 79. 550 परसेंट के साथ टॉप पर है, वहीं 62. 477 परसेंट के साथ पाकुड़ सबसे कम परसेंट पर है। पिछले साल 2012 के मैट्रिक रिजल्ट में रांची में ओवर ऑल 69. 86 परसेंट परिणाम आया था। उस समय भी रांची डिस्ट्रिक्ट पूरे स्टेट में सातवें रैंक पर था। इस साल भी 76. 120 परसेंट के साथ सातवें रैंक पर है।
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दोपहर के डेढ़ बजे झारखंड के गवर्नर के एडवाइजर के विजय कुमार ने जैक की वेबसाइट पर क्लिक करके रिजल्ट जारी किया। इसके बाद सभी स्टूडेंट्स का रिजल्ट वेबसाइट पर आ गया। रिजल्ट जारी करने के मौके पर झारखंड के एचआरडी सेक्रेटरी और जैक चेयरपर्सन आनंद भूषण भी मौजूद थे। बोर्ड का रिजल्ट जारी करते हुए गवर्नर के एडवाइजर के विजय कुमार ने बताया कि जिन स्टूडेंट्स का रिजल्ट अच्छा नहीं हो पाया है, उन्हें अधिक निराश होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड का रिजल्ट ही बेंच मार्क नहीं है। कॅरियर में बहुत सारे बेंच मार्क हैैं, जिन्हें स्टूडेंट्स को पार करना है। उन्होंने खुद के बारे में बताया कि एक बार कॉलेज में वह फेल कर गए थे, लेकिन वह निराश नहीं हुए। उन्हें लगा कि उनकी बहुत अच्छी तैयारी नहीं होगी, इसलिए रिजल्ट खराब हुआ। इस कारण उन्होंने और अधिक मेहनत की और रिजल्ट बेहतर पाकर दिखाया। जो भी स्टूडेंट सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें अपने स्ट्रेस को पॉजिटिव वे में लेना चाहिए। जिंदगी बहुत बड़ी रेस है। यह रिजल्ट तो महज एक रास्ता है। जैक चेयरपर्सन आनंद भूषण ने बताया कि इस बार रिजल्ट पिछले साल की अपेक्षा अच्छा रहा। उन्होंने बताया कि जैक के द्वारा वेडनसडे से जैक मुख्यालय में काउंसेलिंग का अरेंजमेंट किया गया है, जहां स्टूडेंट अपनी परेशानी बता सकते हैैं। यहां उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व किया जाएगा। रिजल्ट आने के बाद कई स्टूडेंट्स का रिजल्ट अच्छा नहीं होता है और वे डिप्रेशन में चले जाते हैं। इसलिए उनकी काउंसेलिंग कराई जाएगी। जैक के द्वारा मैट्रिक का जो रिजल्ट जारी किया गया है, उसमें हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट पहले स्थान पर है। हजारीबाग उन्यासी. पाँच सौ पचास परसेंट के साथ टॉप पर है, वहीं बासठ. चार सौ सतहत्तर परसेंट के साथ पाकुड़ सबसे कम परसेंट पर है। पिछले साल दो हज़ार बारह के मैट्रिक रिजल्ट में रांची में ओवर ऑल उनहत्तर. छियासी परसेंट परिणाम आया था। उस समय भी रांची डिस्ट्रिक्ट पूरे स्टेट में सातवें रैंक पर था। इस साल भी छिहत्तर. एक सौ बीस परसेंट के साथ सातवें रैंक पर है।
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अमेरिका प्रवास के दौरान मैंने देखा न्यू जर्सी इलाके मैं जहां मैं रहता था, हिरन बहुत होते हैं l सरकार प्रतिवर्ष उनकी संख्या स्थिर रखती है ! ज्यादा हिरन होने पर उन्हें कानूनन मार देती है l भारत मैं तो आवारा कुत्ते आदमी को काट दें और उसकी मृत्यु हो जाय, तो यह अपराध नहीं है l परन्तु यदि आदमी आवारा कुत्ते को मारना तो दूर, नुक्सान भी पहुंचा दे, तो यह अपराध है l यह तो अंधेर नगरी और चौपट राजा वाली कहावत हो गई ! कटु सत्य तो यह है कि आदि काल से पशु मनुष्य का भोजन रहा है और आज भी है l हालांकि हम पशुओं का संरक्षण पुरातन काल से करते आये है l इसके बावजूद संसार के लगभग 95 प्रतिशत लोग मांसाहारी है l मात्र 5-6 प्रतिशत लोग ही शाकाहारी है l भारत में लगभग 70 प्रतिशत लोग मांसाहारी है तथा मात्र 30 प्रतिशत लोग ही शाकाहारी है l जबकि हमें शाकाहारी देश कहा जाता है l कुछ दिन पहले मेनका गाँधी उत्तराखंड मैं आकर बता गई कि हमें प्रकृति के साइकिल मैं हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए l परन्तु यह अमेरिका वाले क्या कर रहे हैं और कैसे प्रक्रति के कार्य पर हस्तक्षेप कर रहे हैं ? वह जानवरों की संख्या पर प्रतिबन्ध कैसे लगा रहे हैं ? सच तो यह है वह प्रक्रति के साइकिल मैं संतुलन स्थापित करते हैं l इन प्रश्नों का उत्तर मिलना ही चाहिए l इस मामले मैं केंद्र सरकार व राज्य सरकारों को हस्तक्षेप करना चाहिए जिससे कि मानव व जानवर का संतुलन स्थापित हो सके ! किसी भी जानवर का यदि संतुलन मानव के मुकाबले ज्यादा हो तो उतने जानवर मार दिए जाने चाहिए ! जैसे हर शहर मैं आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है उनको पहले की तरह मार देने का फैसला किया जाना चाहिए ! बन्दर एक उत्पाती जीव है l बन्दर खाता कम है पर खेती, फल, पेड़ आदि को बड़ी मात्रा मैं उजाड़ता ज्यादा है ! उनका भी जब जब संतुलन बिगड़े तो यदि धार्मिक कारणों से इन्हें मारा नहीं जा सकता तो इनका बंध्याकरण किया जाना चाहिए, जिससे की प्रकृति का साइकिल सही रहे l यह कार्य तो सरकार व केंद्र सरकार ही मिल कर सकते है ! यदि उत्तराखंड मैं यह संतुलन गड़बड़ा रहा है तो इसे समय समय पर ठीक करना सरकार का ही कार्य है l पर्यावरण संरक्षण के नाम पर जनता को गुलदार व बाघ यहाँ तक कि बन्दर व कुत्तों का भोजन बनने का अधिकार कब तक दिया जाएगा ? उत्तराखंड के अनेक गाँव मैं आये दिन गुलदार के आतंक के कारण लोग अँधेरे से पहले ही घर के अन्दर शरण ले रहे है ! किसी का मासूम बेटा व किसी की पुत्री या पत्नी गुलदार का शिकार हो रही है और उनकी मौत पर लोग रोने के अलावा क्या कर सकते हैं ? भारत के लोग पशु प्रेमी है हम उनकी पूजा भी करते हैं l परन्तु यह तो मानव के अस्तित्व का प्रश्न है l क्या सरकार इस समस्या के समाधान हेतु गंभीर चिंतन कर इसका हल ढूढने हेतु कार्य करेगी ?
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अमेरिका प्रवास के दौरान मैंने देखा न्यू जर्सी इलाके मैं जहां मैं रहता था, हिरन बहुत होते हैं l सरकार प्रतिवर्ष उनकी संख्या स्थिर रखती है ! ज्यादा हिरन होने पर उन्हें कानूनन मार देती है l भारत मैं तो आवारा कुत्ते आदमी को काट दें और उसकी मृत्यु हो जाय, तो यह अपराध नहीं है l परन्तु यदि आदमी आवारा कुत्ते को मारना तो दूर, नुक्सान भी पहुंचा दे, तो यह अपराध है l यह तो अंधेर नगरी और चौपट राजा वाली कहावत हो गई ! कटु सत्य तो यह है कि आदि काल से पशु मनुष्य का भोजन रहा है और आज भी है l हालांकि हम पशुओं का संरक्षण पुरातन काल से करते आये है l इसके बावजूद संसार के लगभग पचानवे प्रतिशत लोग मांसाहारी है l मात्र पाँच-छः प्रतिशत लोग ही शाकाहारी है l भारत में लगभग सत्तर प्रतिशत लोग मांसाहारी है तथा मात्र तीस प्रतिशत लोग ही शाकाहारी है l जबकि हमें शाकाहारी देश कहा जाता है l कुछ दिन पहले मेनका गाँधी उत्तराखंड मैं आकर बता गई कि हमें प्रकृति के साइकिल मैं हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए l परन्तु यह अमेरिका वाले क्या कर रहे हैं और कैसे प्रक्रति के कार्य पर हस्तक्षेप कर रहे हैं ? वह जानवरों की संख्या पर प्रतिबन्ध कैसे लगा रहे हैं ? सच तो यह है वह प्रक्रति के साइकिल मैं संतुलन स्थापित करते हैं l इन प्रश्नों का उत्तर मिलना ही चाहिए l इस मामले मैं केंद्र सरकार व राज्य सरकारों को हस्तक्षेप करना चाहिए जिससे कि मानव व जानवर का संतुलन स्थापित हो सके ! किसी भी जानवर का यदि संतुलन मानव के मुकाबले ज्यादा हो तो उतने जानवर मार दिए जाने चाहिए ! जैसे हर शहर मैं आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है उनको पहले की तरह मार देने का फैसला किया जाना चाहिए ! बन्दर एक उत्पाती जीव है l बन्दर खाता कम है पर खेती, फल, पेड़ आदि को बड़ी मात्रा मैं उजाड़ता ज्यादा है ! उनका भी जब जब संतुलन बिगड़े तो यदि धार्मिक कारणों से इन्हें मारा नहीं जा सकता तो इनका बंध्याकरण किया जाना चाहिए, जिससे की प्रकृति का साइकिल सही रहे l यह कार्य तो सरकार व केंद्र सरकार ही मिल कर सकते है ! यदि उत्तराखंड मैं यह संतुलन गड़बड़ा रहा है तो इसे समय समय पर ठीक करना सरकार का ही कार्य है l पर्यावरण संरक्षण के नाम पर जनता को गुलदार व बाघ यहाँ तक कि बन्दर व कुत्तों का भोजन बनने का अधिकार कब तक दिया जाएगा ? उत्तराखंड के अनेक गाँव मैं आये दिन गुलदार के आतंक के कारण लोग अँधेरे से पहले ही घर के अन्दर शरण ले रहे है ! किसी का मासूम बेटा व किसी की पुत्री या पत्नी गुलदार का शिकार हो रही है और उनकी मौत पर लोग रोने के अलावा क्या कर सकते हैं ? भारत के लोग पशु प्रेमी है हम उनकी पूजा भी करते हैं l परन्तु यह तो मानव के अस्तित्व का प्रश्न है l क्या सरकार इस समस्या के समाधान हेतु गंभीर चिंतन कर इसका हल ढूढने हेतु कार्य करेगी ?
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पुणे। कोरोना काल में खेलों का आयोजन काफी चुनौतीपूर्ण है। इस संकट के दौर में खिलाड़ियों को सख्त बायो बबल में रहना पड़ता है जिसकी वजह से खिलाड़ियों को ना सिर्फ शरीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की शुरुआत से पहले कप्तान विराट कोहली ने बायो बबल के दौर में खेले जाए रहे क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर खुलकर बात की है।
विराट कोहली ने कहा कि क्रिकेट शेड्यूल हमारे हाथ में नहीं है, हमारे लिए हर अंतरराष्ट्रीय मैच, हर खेल अहम है और हर खेल की हमारे लिए खास अहमियत है। यह खिलाड़ी के पास मौका होता है कि वह अपनी टीम के लिए खेले। आपके पास यह मौका होता है कि आप अपनी टीम की ओर से खेल सकते हैं। हमारे लिए सबसे अहम बात यही है और हम इसी पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। बता दें कि बायो बबल को लेकर कैगिसो रबाडा ने कहा था कि यह आलीशान जेल की तरह है। जबकि जस्टिन लैंगर ने कहा कि क्वारेंटीन की ना सिर्फ खिलाड़ी बल्कि पूरे परिवार की नाराजगी की वजह बना हुआ है।
विराट कोहली ने कहा कि मैंने पहले भी यह कहा है कि शेड्यूल और वर्कलोड को लेकर हर किसी को पहले से जागरुक रहना चाहिए और इसपर ध्यान देने की जरूरत है। आपको पता नहीं होता है कि कब और किस तरह का प्रतिबंध लग सकता है। भविष्य में हमे बबल्स में खेलना पड़ सकता है, लिहाजा यह बहुत जरूरी है कि इस बात पर ध्यान दिया जाए कि हम कितना क्रिकेट खेल रहे हैं। यह ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक चुनौती है। खिलाड़ियों से बात की जानी चाहिए और उनकी राय लेनी चाहिए। अन्यथा कौन खिलाड़ी मुश्किल समय में कितने दिन तक रह सकता है यह कह पाना कठिन है। अगर खिलाड़ी बाहर जाता है और उसकी जगह कोई दूसरा आता है, मुझे लगता है कि क्रिकेट के लिहाज से ठीक नहीं है।
इसे भी पढ़ें- सूर्यकुमार यादव के विवादित कैच पर विराट कोहली का तंज, कहां गई खेल भावना?
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पुणे। कोरोना काल में खेलों का आयोजन काफी चुनौतीपूर्ण है। इस संकट के दौर में खिलाड़ियों को सख्त बायो बबल में रहना पड़ता है जिसकी वजह से खिलाड़ियों को ना सिर्फ शरीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की शुरुआत से पहले कप्तान विराट कोहली ने बायो बबल के दौर में खेले जाए रहे क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर खुलकर बात की है। विराट कोहली ने कहा कि क्रिकेट शेड्यूल हमारे हाथ में नहीं है, हमारे लिए हर अंतरराष्ट्रीय मैच, हर खेल अहम है और हर खेल की हमारे लिए खास अहमियत है। यह खिलाड़ी के पास मौका होता है कि वह अपनी टीम के लिए खेले। आपके पास यह मौका होता है कि आप अपनी टीम की ओर से खेल सकते हैं। हमारे लिए सबसे अहम बात यही है और हम इसी पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। बता दें कि बायो बबल को लेकर कैगिसो रबाडा ने कहा था कि यह आलीशान जेल की तरह है। जबकि जस्टिन लैंगर ने कहा कि क्वारेंटीन की ना सिर्फ खिलाड़ी बल्कि पूरे परिवार की नाराजगी की वजह बना हुआ है। विराट कोहली ने कहा कि मैंने पहले भी यह कहा है कि शेड्यूल और वर्कलोड को लेकर हर किसी को पहले से जागरुक रहना चाहिए और इसपर ध्यान देने की जरूरत है। आपको पता नहीं होता है कि कब और किस तरह का प्रतिबंध लग सकता है। भविष्य में हमे बबल्स में खेलना पड़ सकता है, लिहाजा यह बहुत जरूरी है कि इस बात पर ध्यान दिया जाए कि हम कितना क्रिकेट खेल रहे हैं। यह ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक चुनौती है। खिलाड़ियों से बात की जानी चाहिए और उनकी राय लेनी चाहिए। अन्यथा कौन खिलाड़ी मुश्किल समय में कितने दिन तक रह सकता है यह कह पाना कठिन है। अगर खिलाड़ी बाहर जाता है और उसकी जगह कोई दूसरा आता है, मुझे लगता है कि क्रिकेट के लिहाज से ठीक नहीं है। इसे भी पढ़ें- सूर्यकुमार यादव के विवादित कैच पर विराट कोहली का तंज, कहां गई खेल भावना?
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर बेकाबू हो गई है. कोरोना संक्रमितों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. तेजी से बढ़ती कोरोना संक्रमितों की तादाद के बीच अब यूपी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब यूपी में कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए एमबीबीएस के छात्रों को भी कोविड ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा. यूपी सरकार ने कोरोना संक्रमितों के बेहतर उपचार के लिए यह फैसला लिया है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमबीबीएस के चौथे और पांचवें वर्ष के छात्रों को कोविड ड्यूटी पर तैनात करने के निर्देश दे दिए हैं. एमबीबीएस के छात्रों की कोविड ड्यूटी लगाने का फैसला इनकी परीक्षा निरस्त होने के बाद लिया गया. इसके अलावा यूपी सरकार ने कोविड संक्रमितों के बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल और प्रयोगशाला का भी अधिग्रहण करने का फैसला किया है.
यूपी सरकार ने कोरोना के कारण बने हालात को देखते हुए निजी अस्पतालों पर भी नकेल कस दी है. अब निजी अस्पतालों के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मनमानी छुट्टियां नहीं ले सकते. यूपी सरकार ने निजी अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ के मनमानी छुट्टी लेने पर रोक लगा दी है. अब मेडिकल सेवा में किसी को भी अवकाश के लिए सीएमओ से अनुमति लेनी होगी.
गौरतलब है कि यूपी में कोरोना के कारण बिगड़ते हालात के बीच हाईकोर्ट ने एक दिन पहले ही प्रदेश सरकार से दो से तीन हफ्ते का लॉकडाउन लागू करने पर विचार करने के लिए कहा था. यूपी में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के बीच कोरोना के नए मामले हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहे हैं.
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर बेकाबू हो गई है. कोरोना संक्रमितों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. तेजी से बढ़ती कोरोना संक्रमितों की तादाद के बीच अब यूपी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब यूपी में कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए एमबीबीएस के छात्रों को भी कोविड ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा. यूपी सरकार ने कोरोना संक्रमितों के बेहतर उपचार के लिए यह फैसला लिया है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमबीबीएस के चौथे और पांचवें वर्ष के छात्रों को कोविड ड्यूटी पर तैनात करने के निर्देश दे दिए हैं. एमबीबीएस के छात्रों की कोविड ड्यूटी लगाने का फैसला इनकी परीक्षा निरस्त होने के बाद लिया गया. इसके अलावा यूपी सरकार ने कोविड संक्रमितों के बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल और प्रयोगशाला का भी अधिग्रहण करने का फैसला किया है. यूपी सरकार ने कोरोना के कारण बने हालात को देखते हुए निजी अस्पतालों पर भी नकेल कस दी है. अब निजी अस्पतालों के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मनमानी छुट्टियां नहीं ले सकते. यूपी सरकार ने निजी अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ के मनमानी छुट्टी लेने पर रोक लगा दी है. अब मेडिकल सेवा में किसी को भी अवकाश के लिए सीएमओ से अनुमति लेनी होगी. गौरतलब है कि यूपी में कोरोना के कारण बिगड़ते हालात के बीच हाईकोर्ट ने एक दिन पहले ही प्रदेश सरकार से दो से तीन हफ्ते का लॉकडाउन लागू करने पर विचार करने के लिए कहा था. यूपी में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के बीच कोरोना के नए मामले हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहे हैं.
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बुलंदशहर हिंसा मामले पर सियासत गरमाने लगी है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने मंगलवार (4 दिसंबर) को हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के पैतृक गांव एटा में जाकर दुखी परिवार को सांत्वना दी और सूबे की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा, "यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है एक ऐसा जांबाज पुलिस अफसर जिन्होंने लोगों की रक्षा के लिए अपनी जान गवा दी, मैं अगर कहूं कि उनकी जान ले ली गई तो कतई गलत नहीं होगा क्योंकि जो तथ्य अभी तक सामने आए हैं उन्हें देखते हुए यह एक सुनियोजित हत्या का मामला प्रतीत होता है क्योंकि जिस प्रकार से स्थानीय भारतीय जनता पार्टी के विधायक इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी बड़ी बेशर्मी की हद दिखाते हुए कह रहे हैं कि शहीद सुबोध सिंह जी की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई यह बहुत शर्मनाक बात है। मैं तो यह मानता हूं कि आज उत्तर प्रदेश में यह घटना हुई है. . योगी का शासन नहीं चल रहा है. . यहां भारतीय जनता पार्टी के गुंडों का शासन चल रहा है और इस तरह की गुंडागर्दी के लिए किसी भी सभ्य समाज में छूट नहीं होना चाहिए लेकिन आज उत्तर प्रदेश को तालिबान बनाने की कोशिश की जा रही है।
संजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, "यहां गुंडों की फौज बना रखी है योगी ने। आज इस परिवार में मातम है और योगी बैठकर लेजर शो देख रहे हैं गोरखपुर में। जबकि यह कोई सामान्य मामला नहीं है, इस परिवार के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में न्याय की लड़ाई आम आदमी पार्टी लड़ेगी। शहीद परिवार को कम से कम एक करोड़ की सम्मान राशि सरकार को देनी चाहिए। दिल्ली में हमारी सरकार है हमने वहां पर शहीदों के लिए एक करोड़ सम्मान राशि घोषित कर रखी है, इसलिए मेरी मांग है कि शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि देनी चाहिए और उनके परिवार को सुरक्षा देनी चाहिए क्योंकि जो उनकी पत्नी का बयान है वह बेहद गंभीर हैं।
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बुलंदशहर हिंसा मामले पर सियासत गरमाने लगी है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के पैतृक गांव एटा में जाकर दुखी परिवार को सांत्वना दी और सूबे की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा, "यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है एक ऐसा जांबाज पुलिस अफसर जिन्होंने लोगों की रक्षा के लिए अपनी जान गवा दी, मैं अगर कहूं कि उनकी जान ले ली गई तो कतई गलत नहीं होगा क्योंकि जो तथ्य अभी तक सामने आए हैं उन्हें देखते हुए यह एक सुनियोजित हत्या का मामला प्रतीत होता है क्योंकि जिस प्रकार से स्थानीय भारतीय जनता पार्टी के विधायक इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी बड़ी बेशर्मी की हद दिखाते हुए कह रहे हैं कि शहीद सुबोध सिंह जी की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई यह बहुत शर्मनाक बात है। मैं तो यह मानता हूं कि आज उत्तर प्रदेश में यह घटना हुई है. . योगी का शासन नहीं चल रहा है. . यहां भारतीय जनता पार्टी के गुंडों का शासन चल रहा है और इस तरह की गुंडागर्दी के लिए किसी भी सभ्य समाज में छूट नहीं होना चाहिए लेकिन आज उत्तर प्रदेश को तालिबान बनाने की कोशिश की जा रही है। संजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, "यहां गुंडों की फौज बना रखी है योगी ने। आज इस परिवार में मातम है और योगी बैठकर लेजर शो देख रहे हैं गोरखपुर में। जबकि यह कोई सामान्य मामला नहीं है, इस परिवार के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में न्याय की लड़ाई आम आदमी पार्टी लड़ेगी। शहीद परिवार को कम से कम एक करोड़ की सम्मान राशि सरकार को देनी चाहिए। दिल्ली में हमारी सरकार है हमने वहां पर शहीदों के लिए एक करोड़ सम्मान राशि घोषित कर रखी है, इसलिए मेरी मांग है कि शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि देनी चाहिए और उनके परिवार को सुरक्षा देनी चाहिए क्योंकि जो उनकी पत्नी का बयान है वह बेहद गंभीर हैं।
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प॰चंपारणः जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां मझौलिया थाना क्षेत्र के महोदीपुर पंचायत में मरनवा गुमटी के समीप। गोबरी सरेह के खेत में रवि चौरसिया का संदिगध हालत में शव पाया गया है.
सरेह से शव मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. ग्रामीणों की सुचना पर मझौलिया पुलिस पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया एमजेके अस्पताल भेज दिया है। इसकी पुस्टी करते हुए मझौलिया थानाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि शव देखने से पहले यही प्रतीत होता है कि गला दबाकर हत्या की गई है लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही मामला का खुलासा होगा।
वहीं इस मामले में मृतक के पिता शिवचन चौरसिया ने बताया कि कल शाम से ही उसका पुत्र घर से गायब था. इसकी तलाश की जा रही थी तभी उसे भी ग्रामीणों ने उसके लड़के की मौत की सूचना दी. मौत की सूचना मिलते ही घर पर परीजनों का बुरा हाल है.
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प॰चंपारणः जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां मझौलिया थाना क्षेत्र के महोदीपुर पंचायत में मरनवा गुमटी के समीप। गोबरी सरेह के खेत में रवि चौरसिया का संदिगध हालत में शव पाया गया है. सरेह से शव मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. ग्रामीणों की सुचना पर मझौलिया पुलिस पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया एमजेके अस्पताल भेज दिया है। इसकी पुस्टी करते हुए मझौलिया थानाध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि शव देखने से पहले यही प्रतीत होता है कि गला दबाकर हत्या की गई है लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही मामला का खुलासा होगा। वहीं इस मामले में मृतक के पिता शिवचन चौरसिया ने बताया कि कल शाम से ही उसका पुत्र घर से गायब था. इसकी तलाश की जा रही थी तभी उसे भी ग्रामीणों ने उसके लड़के की मौत की सूचना दी. मौत की सूचना मिलते ही घर पर परीजनों का बुरा हाल है.
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चंडीगढ़ः भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज किया गया है। सरदार सिंह की मंगेतर अशपाल कौर की शिकायत पर रेप का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सरदार सिंह को मुकदमा दर्ज होने की सूचना दे दी गई है। सरदार सिंह इस समय ओलंपिक की तैयारियों में व्यस्त हैं।
बताया जा रहा है कि अशपाल कौर और सरदार सिंह की पहली मुलाकात 2012 में लंदन ओलिंपिक के दौरान हुई थी। उसके बाद से दोनों साथ में रह रहे थे। अशपाल कौर भी हॉकी खिलाड़ी हैं। वह इंग्लैंड की अंडर-19 टीम की ओर से खेल चुकी हैं। अगस्त 2014 में दोनों ने सगाई कर ली थी।
कुछ दिन पहले सरदार सिंह ने हॉकी इंडिया (HI) का समर्थन करते हुए कहा था कि अगर पाकिस्तान के खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया लीग (HIL) में खेलना है तो उन्हें पहले माफी मांगनी पड़ेगी।
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चंडीगढ़ः भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज किया गया है। सरदार सिंह की मंगेतर अशपाल कौर की शिकायत पर रेप का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सरदार सिंह को मुकदमा दर्ज होने की सूचना दे दी गई है। सरदार सिंह इस समय ओलंपिक की तैयारियों में व्यस्त हैं। बताया जा रहा है कि अशपाल कौर और सरदार सिंह की पहली मुलाकात दो हज़ार बारह में लंदन ओलिंपिक के दौरान हुई थी। उसके बाद से दोनों साथ में रह रहे थे। अशपाल कौर भी हॉकी खिलाड़ी हैं। वह इंग्लैंड की अंडर-उन्नीस टीम की ओर से खेल चुकी हैं। अगस्त दो हज़ार चौदह में दोनों ने सगाई कर ली थी। कुछ दिन पहले सरदार सिंह ने हॉकी इंडिया का समर्थन करते हुए कहा था कि अगर पाकिस्तान के खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया लीग में खेलना है तो उन्हें पहले माफी मांगनी पड़ेगी।
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पंछी घाला आलना' तरवर छाया देख । गरभ जून के कारने मन में किया बिबेक ॥ २२ ॥ जैसे पंछी बन रमा संका ले बिसराम ।
प्रात समय उड़ जात है सो कहिये निःकाम ॥ २३ ॥ जा के नाद न बिंदु है घट मठ नहीं मुकाम । गरीबदास सेवन करै आदि अनादं राम ॥ २४ ॥
'लै' लागी तब जानिये जग सूँ रहै उदास । नाम रटै निरभय कला हर दम हीरा स्वाँस ॥१॥ लै लागी तब जानिये जग सूँ रहे उदास । नाम रटै निरदुंद होय अनहदपुर मेँ बास ॥ २ ॥ लै लागी तब जानिये हरदम नाम उचार ।
एकै मन एकै दिसा साँईं के दरबार ॥ ३ ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम उचार ।
एकै मन एकै दिसा खड़ा रहै दरबार ॥ ४ ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम उचार । धीरे धीरे होयगा वह अल्लह दीदार ॥ ५ ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम हनोज । बिकट पंथ पावै नहीं मौनी केसा खोज ॥ ६ ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम हनेोज । मैं मेरी कूँ पटक दे सिर से डारो बोझ ॥
(१) खोता लगाया । (२) लैा । (३) जैसे गूँगा किसी बेजाने हुए स्थान या मनुष्य की खोज में सैन से पूछे तो पता नहीं लग सकता ।
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पंछी घाला आलना' तरवर छाया देख । गरभ जून के कारने मन में किया बिबेक ॥ बाईस ॥ जैसे पंछी बन रमा संका ले बिसराम । प्रात समय उड़ जात है सो कहिये निःकाम ॥ तेईस ॥ जा के नाद न बिंदु है घट मठ नहीं मुकाम । गरीबदास सेवन करै आदि अनादं राम ॥ चौबीस ॥ 'लै' लागी तब जानिये जग सूँ रहै उदास । नाम रटै निरभय कला हर दम हीरा स्वाँस ॥एक॥ लै लागी तब जानिये जग सूँ रहे उदास । नाम रटै निरदुंद होय अनहदपुर मेँ बास ॥ दो ॥ लै लागी तब जानिये हरदम नाम उचार । एकै मन एकै दिसा साँईं के दरबार ॥ तीन ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम उचार । एकै मन एकै दिसा खड़ा रहै दरबार ॥ चार ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम उचार । धीरे धीरे होयगा वह अल्लह दीदार ॥ पाँच ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम हनोज । बिकट पंथ पावै नहीं मौनी केसा खोज ॥ छः ॥ लै लागी तब जानिये हर दम नाम हनेोज । मैं मेरी कूँ पटक दे सिर से डारो बोझ ॥ खोता लगाया । लैा । जैसे गूँगा किसी बेजाने हुए स्थान या मनुष्य की खोज में सैन से पूछे तो पता नहीं लग सकता ।
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पच्चीस साल हो गए हैं जब 1989 में अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में बिहार के भागलपुर शहर और इसके आस-पास दंगे शुरू हुए थे.
जानकार मानते हैं कि इसने बिहार के साथ-साथ भारत की राजनीति पर भी गहरा असर छोड़ा.
भागलपुर दंगों ने राजनीति और समाज पर क्या असर डाला, पढ़िए भागलपुर दंगों पर बीबीसी हिंदी की विशेष श्रृंखला की आख़िरी कड़ी में.
भागलपुर का दंगा 1947 के बाद बिहार के इतिहास में सबसे बड़ा दंगा था. इस दंगे ने पुराने राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को झकझोर दिया.
वरिष्ठ पत्रकार सुरूर अहमद दंगे को 'सांप्रदायिक भूकंप' की संज्ञा देते हैं.
उनके अनुसार इस घटना के कारण ही तब देश से लेकर प्रदेश तक कई नए राजनीतिक समीकरण उभरे और फ़ैसले लिए गए.
वह कहते हैं, "अगर यह दंगा नहीं होता तो शायद लालू प्रसाद यादव बिहार में यादव-मुस्लिम समीकरण नहीं बनाते. शायद तत्कालीन प्रधानमंत्री मंडल आयोग की सिफ़ारिशें लागू नहीं करते. "
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता उदय भागलपुर दंगे को एक प्रयोग के रूप में देखते हैं. उनके अनुसार इस प्रयोग के परिणाम अब सामने आ रहे हैं.
उदय कहते हैं, "पिछले दिनों केंद्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी की जीत ने यह साबित कर दिया है कि अल्पसंख्यकों के समर्थन के बिना भी सत्ता हासिल की जा सकती है. ऐसी राजनीति की नींव भागलपुर दंगे के दौरान रखी गई थी और आज उसे विस्तार मिला है. "
अस्सी के दशक के अंत में जब ये दंगे भड़के थे तब बिहार में कांग्रेस की सरकार थी. राजनीतिक विश्लेषक महेंद्र सुमन मानते हैं कि कांग्रेस ने इन दंगों की बड़ी राजनीतिक क़ीमत चुकाई है.
1989 के भागलपुर दंगे के बाद भारत की बड़ी राजनीतिक घटनाओं में भाजपा द्वारा राम मंदिर अंदोलन चलाना और बाबरी मस्जिद का ध्वंस शामिल है.
सुमन कहते हैं, "कांग्रेस ने इन घटनाओं के प्रति जैसा राजनीतिक रुख़ अपनाया, उसने भागलुपर दंगे की पृष्ठभूमि में बिहार में मुसलमानों को बड़े पैमाने पर कांग्रेस से दूर कर दिया. "
उनके मुताबिक़ उस समय जिन राजनीतिक दलों ने धर्मनिरपेक्षता को अपना प्रमुख राजनीतिक एजेंडा बनाया उन्हें मुसलमानों का व्यापक समर्थन मिला.
तब लालू प्रसाद यादव ऐसी राजनीतिक और सामाजिक पहल करने में सबसे आगे रहे थे.
दूसरी ओर यह भी माना जाता है कि इस दंगे से राज्य और समाज ने कुछ सीखा भी और आज यह सीख उपलब्धि जैसी लगती है.
इस संबंध में भागलपुर के सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफ़ेसर फारुख़ अली का कहना है, "भारत के कुछ दूसरे हिस्सों की तरह सांप्रदायिक ताक़तों की पैठ बिहारी समाज में अब भी नहीं बन पाई है. ऐसा इस कारण मुमकिन हुआ क्योंकि बिहारी समाज ने भागलपुर दंगों से सीख हासिल की है.
भागलपुर दंगों के बाद बिहार में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ है. महेंद्र सुमन इसे बिहार जैसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानते हैं जहां मुसलमानों की बड़ी आबादी रहती है.
साथ ही उनका कहना है कि भागलपुर दंगों के बाद के दौर में मुसलमानों को राजनीतिक रूप से ज़्यादा मौके मिले हैं.
वह बताते हैं कि बिहार की राजनीति में ऐसा पहले नहीं था.
भागलपुर दंगों ने न सिर्फ राजनीतिक और सामाजिक रूप से देश एवं समाज को प्रभावित किया बल्कि इस घटना ने 90 के दशक में हुए बड़े बदलावों को भी गति प्रदान की.
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पच्चीस साल हो गए हैं जब एक हज़ार नौ सौ नवासी में अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में बिहार के भागलपुर शहर और इसके आस-पास दंगे शुरू हुए थे. जानकार मानते हैं कि इसने बिहार के साथ-साथ भारत की राजनीति पर भी गहरा असर छोड़ा. भागलपुर दंगों ने राजनीति और समाज पर क्या असर डाला, पढ़िए भागलपुर दंगों पर बीबीसी हिंदी की विशेष श्रृंखला की आख़िरी कड़ी में. भागलपुर का दंगा एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस के बाद बिहार के इतिहास में सबसे बड़ा दंगा था. इस दंगे ने पुराने राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को झकझोर दिया. वरिष्ठ पत्रकार सुरूर अहमद दंगे को 'सांप्रदायिक भूकंप' की संज्ञा देते हैं. उनके अनुसार इस घटना के कारण ही तब देश से लेकर प्रदेश तक कई नए राजनीतिक समीकरण उभरे और फ़ैसले लिए गए. वह कहते हैं, "अगर यह दंगा नहीं होता तो शायद लालू प्रसाद यादव बिहार में यादव-मुस्लिम समीकरण नहीं बनाते. शायद तत्कालीन प्रधानमंत्री मंडल आयोग की सिफ़ारिशें लागू नहीं करते. " वहीं सामाजिक कार्यकर्ता उदय भागलपुर दंगे को एक प्रयोग के रूप में देखते हैं. उनके अनुसार इस प्रयोग के परिणाम अब सामने आ रहे हैं. उदय कहते हैं, "पिछले दिनों केंद्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी की जीत ने यह साबित कर दिया है कि अल्पसंख्यकों के समर्थन के बिना भी सत्ता हासिल की जा सकती है. ऐसी राजनीति की नींव भागलपुर दंगे के दौरान रखी गई थी और आज उसे विस्तार मिला है. " अस्सी के दशक के अंत में जब ये दंगे भड़के थे तब बिहार में कांग्रेस की सरकार थी. राजनीतिक विश्लेषक महेंद्र सुमन मानते हैं कि कांग्रेस ने इन दंगों की बड़ी राजनीतिक क़ीमत चुकाई है. एक हज़ार नौ सौ नवासी के भागलपुर दंगे के बाद भारत की बड़ी राजनीतिक घटनाओं में भाजपा द्वारा राम मंदिर अंदोलन चलाना और बाबरी मस्जिद का ध्वंस शामिल है. सुमन कहते हैं, "कांग्रेस ने इन घटनाओं के प्रति जैसा राजनीतिक रुख़ अपनाया, उसने भागलुपर दंगे की पृष्ठभूमि में बिहार में मुसलमानों को बड़े पैमाने पर कांग्रेस से दूर कर दिया. " उनके मुताबिक़ उस समय जिन राजनीतिक दलों ने धर्मनिरपेक्षता को अपना प्रमुख राजनीतिक एजेंडा बनाया उन्हें मुसलमानों का व्यापक समर्थन मिला. तब लालू प्रसाद यादव ऐसी राजनीतिक और सामाजिक पहल करने में सबसे आगे रहे थे. दूसरी ओर यह भी माना जाता है कि इस दंगे से राज्य और समाज ने कुछ सीखा भी और आज यह सीख उपलब्धि जैसी लगती है. इस संबंध में भागलपुर के सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफ़ेसर फारुख़ अली का कहना है, "भारत के कुछ दूसरे हिस्सों की तरह सांप्रदायिक ताक़तों की पैठ बिहारी समाज में अब भी नहीं बन पाई है. ऐसा इस कारण मुमकिन हुआ क्योंकि बिहारी समाज ने भागलपुर दंगों से सीख हासिल की है. भागलपुर दंगों के बाद बिहार में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ है. महेंद्र सुमन इसे बिहार जैसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानते हैं जहां मुसलमानों की बड़ी आबादी रहती है. साथ ही उनका कहना है कि भागलपुर दंगों के बाद के दौर में मुसलमानों को राजनीतिक रूप से ज़्यादा मौके मिले हैं. वह बताते हैं कि बिहार की राजनीति में ऐसा पहले नहीं था. भागलपुर दंगों ने न सिर्फ राजनीतिक और सामाजिक रूप से देश एवं समाज को प्रभावित किया बल्कि इस घटना ने नब्बे के दशक में हुए बड़े बदलावों को भी गति प्रदान की.
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एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) रविवार को मुंबई से अपने फ्लाइट होम (चंडीगढ़) में रनवे पर थे, जब उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पाकिस्तान के खिलाफ भारत को जीतते देखा, तब पूरा विमान खुशी से झूम उठा। पायलट ने टेकऑफ में देरी कर दी ताकि उड़ान भरने से पहले लोग अपने मोबाइल फोन पर अंतिम क्षणों को देख सकें और जैसे ही भारत जीता, इंजन जश्न में गरज उठा।
इसके बाद आयुष्मान ने जीत का जश्न मनाते हुए एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, यह कहानी मेरी आने वाली पीढ़ियों के लिए है। मैंने मुंबई-चंडीगढ़ उड़ान के अंदर अंतिम दो ओवरों को यात्रियों के साथ अपने सेल फोन से चिपके हुए देखा। मुझे यकीन है कि पायलट ने जानबूझकर 5 मिनट की देरी की और कोई भी शिकायत नहीं कर रहा था।"
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एक्टर आयुष्मान खुराना रविवार को मुंबई से अपने फ्लाइट होम में रनवे पर थे, जब उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पाकिस्तान के खिलाफ भारत को जीतते देखा, तब पूरा विमान खुशी से झूम उठा। पायलट ने टेकऑफ में देरी कर दी ताकि उड़ान भरने से पहले लोग अपने मोबाइल फोन पर अंतिम क्षणों को देख सकें और जैसे ही भारत जीता, इंजन जश्न में गरज उठा। इसके बाद आयुष्मान ने जीत का जश्न मनाते हुए एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, यह कहानी मेरी आने वाली पीढ़ियों के लिए है। मैंने मुंबई-चंडीगढ़ उड़ान के अंदर अंतिम दो ओवरों को यात्रियों के साथ अपने सेल फोन से चिपके हुए देखा। मुझे यकीन है कि पायलट ने जानबूझकर पाँच मिनट की देरी की और कोई भी शिकायत नहीं कर रहा था।"
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छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए भारत सरकार सब्सिडी स्कीम चला रही है. (तस्वीरः Canva)
Rooftop Solar Scheme: महंगाई के इस दौर में सभी चीजों के साथ बिजली बिल भी काफी महंगा हो गया है. वहीं अब गर्मियों में एसी, कूलर और पंखों के चलने से बिजली बिल भी दोगुना आता है. ऐसे में आपकी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बिजली के बिल भरने में खर्च हो जाता है और भविष्य के लिए ज्यादा बचत नहीं हो पाती. लेकिन अगर आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल (Rooftop Solar Panel) लगवा लेते हैं, तो बस एक बार के खर्च में हर साल हजारों के बिजली बिल भरने से बच सकते हैं.
फायदे की बात ये हैं कि आपको आपकी छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए भारत सरकार सब्सिडी भी देगी, जिससे सोलर पैनल को लगवाने का खर्च लगभग आधा हो जाएगा. सोलर पैनल 25 साल तक चलते हैं, इसलिए लंबे समय तक इन्हें बदलवाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. 25 साल तक फ्री बिजली और ऊपर से सब्सिडी भी, क्यों है न ये फायदे की बात? तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं.
घर में सोलर पैनल लगवाने से पहले इस बात पर जरूर चर्चा कर लें कि आपको कितनी बिजली की जरूरत है. कहने का मतलब है कि आप अपनी आवश्यकता के हिसाब से ही घर में सोलर सेटअप लगवाएं. वैसे तो घरों के लिए 1 KW से 10 KW क्षमता के सोलर सिस्टम उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल 3 KW के सोलर सिस्टम का होता है.
साफ तौर पर कहें तो अगर आपको घर में 5-6 एलईडी बल्ब, 2-3 पंखे, एक ऐसी या एक कूलर, टीवी, फ्रिज और वाशिंग मशीन चलाना हो तो आपको 3 KW के सोलर सिस्टम की जरूरत पड़ेगी. इस सिस्टम से ये सभी उपकरण आसानी से चल सकते हैं. वहीं अगर आपकी जरूरत ज्यादा है तो 4KW या उससे ऊपर का सोलर सिस्टम बेहतर होगा.
कैसे लगवाएं रूफटॉप सोलर?
अगर आप सोलर पैनल लगवाने में सरकार की स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको डिस्कॉम (Discom) पर रजिस्टर्ड कंपनियों से ही सोलर सिस्टम खरीदना होगा. देश में केंद्र सरकार की "रूफटॉप सोलर योजना" चल रही है जिसके तहत आप सोलर पैनल लगवाने पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी के हकदार होंगे. घर में रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने के लिए आपको नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New & Renewable energy) की वेबसाइट (solarrooftop. gov. in) पर जाकर डिस्कॉम में शामिल किसी भी सेलर से सोलर सिस्टम खरीद सकते हैं. इसके बाद कंपनी आपके घर में सोलर प्लांट इनस्टॉल करने आएगी.
डिस्कॉम द्वारा आपके घर में सोलर पैनल लगाए जाने के बाद सरकार उसे प्रमाणित करती है. इंस्टालेशन के पूरा होने के बाद आपको प्लांट की पूरी जानकारी देते हुए नेट मीटर के लिए ऑनलाइन आवेदन देना होता है. इसके बाद डिस्कॉम घर में लगाए गए प्लांट और सभी उपकरणों की जांच करता है. सभी तरह से प्रमाण हासिल करने के बाद आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते में 30 दिनों के भीतर सब्सिडी भेज दी जाती है. उदहारण के तौर पर, यदि 3KW का सोलर लगवाने में 1. 20 लाख रुपये का खर्च आता है, तो आपको उसका 40%, यानी सरकार से 40 हजार रुपये सब्सिडी के तौर पर मिल जाएंगे.
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'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए भारत सरकार सब्सिडी स्कीम चला रही है. Rooftop Solar Scheme: महंगाई के इस दौर में सभी चीजों के साथ बिजली बिल भी काफी महंगा हो गया है. वहीं अब गर्मियों में एसी, कूलर और पंखों के चलने से बिजली बिल भी दोगुना आता है. ऐसे में आपकी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बिजली के बिल भरने में खर्च हो जाता है और भविष्य के लिए ज्यादा बचत नहीं हो पाती. लेकिन अगर आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवा लेते हैं, तो बस एक बार के खर्च में हर साल हजारों के बिजली बिल भरने से बच सकते हैं. फायदे की बात ये हैं कि आपको आपकी छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए भारत सरकार सब्सिडी भी देगी, जिससे सोलर पैनल को लगवाने का खर्च लगभग आधा हो जाएगा. सोलर पैनल पच्चीस साल तक चलते हैं, इसलिए लंबे समय तक इन्हें बदलवाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. पच्चीस साल तक फ्री बिजली और ऊपर से सब्सिडी भी, क्यों है न ये फायदे की बात? तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं. घर में सोलर पैनल लगवाने से पहले इस बात पर जरूर चर्चा कर लें कि आपको कितनी बिजली की जरूरत है. कहने का मतलब है कि आप अपनी आवश्यकता के हिसाब से ही घर में सोलर सेटअप लगवाएं. वैसे तो घरों के लिए एक KW से दस KW क्षमता के सोलर सिस्टम उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल तीन KW के सोलर सिस्टम का होता है. साफ तौर पर कहें तो अगर आपको घर में पाँच-छः एलईडी बल्ब, दो-तीन पंखे, एक ऐसी या एक कूलर, टीवी, फ्रिज और वाशिंग मशीन चलाना हो तो आपको तीन KW के सोलर सिस्टम की जरूरत पड़ेगी. इस सिस्टम से ये सभी उपकरण आसानी से चल सकते हैं. वहीं अगर आपकी जरूरत ज्यादा है तो चारKW या उससे ऊपर का सोलर सिस्टम बेहतर होगा. कैसे लगवाएं रूफटॉप सोलर? अगर आप सोलर पैनल लगवाने में सरकार की स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको डिस्कॉम पर रजिस्टर्ड कंपनियों से ही सोलर सिस्टम खरीदना होगा. देश में केंद्र सरकार की "रूफटॉप सोलर योजना" चल रही है जिसके तहत आप सोलर पैनल लगवाने पर चालीस प्रतिशत की सब्सिडी के हकदार होंगे. घर में रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने के लिए आपको नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर डिस्कॉम में शामिल किसी भी सेलर से सोलर सिस्टम खरीद सकते हैं. इसके बाद कंपनी आपके घर में सोलर प्लांट इनस्टॉल करने आएगी. डिस्कॉम द्वारा आपके घर में सोलर पैनल लगाए जाने के बाद सरकार उसे प्रमाणित करती है. इंस्टालेशन के पूरा होने के बाद आपको प्लांट की पूरी जानकारी देते हुए नेट मीटर के लिए ऑनलाइन आवेदन देना होता है. इसके बाद डिस्कॉम घर में लगाए गए प्लांट और सभी उपकरणों की जांच करता है. सभी तरह से प्रमाण हासिल करने के बाद आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते में तीस दिनों के भीतर सब्सिडी भेज दी जाती है. उदहारण के तौर पर, यदि तीनKW का सोलर लगवाने में एक. बीस लाख रुपये का खर्च आता है, तो आपको उसका चालीस%, यानी सरकार से चालीस हजार रुपये सब्सिडी के तौर पर मिल जाएंगे. . 'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रोहित शर्मा ने इस पावन पर्व पर ट्वीट किया किया कि इस करवाचौथ पर अपने प्यार के साथ हूं। उम्मीद करता हूं कि सभी महिलाओं को जल्द ही चांद दिखे। '
तो वहीं ट्विटर किंग वीरेंद्र सहवाग ने अपनी मुहब्बत संग इस खूबसूरत दिन को सेलिब्रेट किया। वीरू की पत्नी ने उनके लिए एक खास ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्यार द्वारा चांद देखने का इंतजार। मेरी जिंदगी के प्यार के लिए व्रत रखने पर गर्व है। मेरा पूरा ध्यान करवा चौथ पर लगा है। '
तो वहीं अपनी आशिकी के लिए मशहूर हरभजन सिंह ने प्यार भरा ट्ववीट किया कि 'शुक्रिया बीवी, हैप्पी करवा चौथ। अब खाओ पियो और मौज करो। मुझे विश्वास है कि तुम्हें बड़ी भूख भी लगी होगी। '
तो वहीं हरदिल अजीज सुरेश रैना ने भी अपनी पत्नी प्रियंका चौधरी संग इस खास दिन का आनंद लिया। दोनों काफी पारंपरिक अंदाज में नजर आए।
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भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रोहित शर्मा ने इस पावन पर्व पर ट्वीट किया किया कि इस करवाचौथ पर अपने प्यार के साथ हूं। उम्मीद करता हूं कि सभी महिलाओं को जल्द ही चांद दिखे। ' तो वहीं ट्विटर किंग वीरेंद्र सहवाग ने अपनी मुहब्बत संग इस खूबसूरत दिन को सेलिब्रेट किया। वीरू की पत्नी ने उनके लिए एक खास ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्यार द्वारा चांद देखने का इंतजार। मेरी जिंदगी के प्यार के लिए व्रत रखने पर गर्व है। मेरा पूरा ध्यान करवा चौथ पर लगा है। ' तो वहीं अपनी आशिकी के लिए मशहूर हरभजन सिंह ने प्यार भरा ट्ववीट किया कि 'शुक्रिया बीवी, हैप्पी करवा चौथ। अब खाओ पियो और मौज करो। मुझे विश्वास है कि तुम्हें बड़ी भूख भी लगी होगी। ' तो वहीं हरदिल अजीज सुरेश रैना ने भी अपनी पत्नी प्रियंका चौधरी संग इस खास दिन का आनंद लिया। दोनों काफी पारंपरिक अंदाज में नजर आए।
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पंजाब की पूर्व मुख्य सचिव विनी महाजन की केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में सचिव के तौर पर नियुक्ति दर्शाती है कि मोदी सरकार ने नौकरशाही की योग्यता का सही तरीके से इस्तेमाल किया है। मोदी सरकार में जिन अफसरों को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें कई ऐसे हैं जो पूर्व की मनमोहन सिंह सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
दिप्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, विनी महाजन के अलावा, मनमोहन सिंह सरकार में अहम पदों पर रहे प्रशासनिक, विदेश और सुरक्षा सेवाओं से जुड़े एक दर्जन से अधिक नौकरशाहों को पीएम मोदी की प्रमुख नीतियों को लागू करने की महत्वपूर्ण भूमिकाएं सौंपी गई हैं। विनी महाजन 2004 से 2012 के बीच 8 साल दिल्ली में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस दौरान वह करीब सात साल मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान पीएमओ में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत रहीं।
ये नियुक्ति इसलिए भी अहम है कि 2019 में 'नल से जल मिशन' शुरू होने के बाद से इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे आईएफएस अफसर के भरत लाल औपचारिक तौर पर सेवा से रिटायर हो चुके हैं। इन्हें प्रधानमंत्री का बेहद भरोसेमंद माना जाता है। वहीं, भरत लाल सेवानिवृत्ति के बाद अनुबंध के तहत पूर्ण सचिव के दर्जे के साथ भ्रष्टाचार विरोधी निकाय लोकपाल में सचिव बनाए गए हैं।
ये नियुक्ति उन आलोचनाओं पर कुछ हद तक विराम लगाती दिखाई देती है कि मोदी खासकर उन अफसरों को तरजीह देते हैं जो उनके गुजरात के सीएम रहने के दौरान विश्वासपात्र रहे हैं। मनमोहन सरकार में कई अहम पदों पर रहे एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी वी. रमानी का कहना है कि नियुक्तियां मुख्यतः दक्षता और योग्यता पर निर्भर करती हैं। उनका कहना है कि हर प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों का ये प्रयास रहता है कि काम ठीक से हो। यह बिल्कुल सच नहीं है कि निष्ठा योग्यता पर भारी पड़ती है। ऐसे सिस्टम नहीं चलता है।
मोदी के कार्यकाल में कई ऐसे नौकरशाह रहे हैं जो पिछली सरकार में हाई-प्रोफाइल पदों पर जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अनिल बैजल वैसे ही एक अफसर हैं जो मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शहरी विकास की जिम्मेदारी संभालते थे और इस वक्त दिल्ली के एलजी हैं।
पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह सरकार में अपनी सेवाएं दे चुके बीवीआर सुब्रह्मण्यम को 2014 में जम्मू-कश्मीर में मुख्य सचिव के तौर पर नियुक्त किया। फिलहाल वह, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सचिव के तौर पर कार्यरत हैं।
इसी प्रकार, 2017 में राजमार्ग सचिव के तौर पर पदभार संभालने के लिए नई दिल्ली लौटने से पहले पश्चिम बंगाल-कैडर के आईएएस अफसर संजय मित्रा ने मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान पीएमओ में संयुक्त सचिव के तौर पर सेवाएं दीं। इसके बाद वह ममता बनर्जी सरकार में मुख्य सचिव रहे। वह 2019 में रक्षा सचिव के पद से रिटायर हुए।
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पंजाब की पूर्व मुख्य सचिव विनी महाजन की केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में सचिव के तौर पर नियुक्ति दर्शाती है कि मोदी सरकार ने नौकरशाही की योग्यता का सही तरीके से इस्तेमाल किया है। मोदी सरकार में जिन अफसरों को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें कई ऐसे हैं जो पूर्व की मनमोहन सिंह सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। दिप्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, विनी महाजन के अलावा, मनमोहन सिंह सरकार में अहम पदों पर रहे प्रशासनिक, विदेश और सुरक्षा सेवाओं से जुड़े एक दर्जन से अधिक नौकरशाहों को पीएम मोदी की प्रमुख नीतियों को लागू करने की महत्वपूर्ण भूमिकाएं सौंपी गई हैं। विनी महाजन दो हज़ार चार से दो हज़ार बारह के बीच आठ साल दिल्ली में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस दौरान वह करीब सात साल मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान पीएमओ में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत रहीं। ये नियुक्ति इसलिए भी अहम है कि दो हज़ार उन्नीस में 'नल से जल मिशन' शुरू होने के बाद से इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे आईएफएस अफसर के भरत लाल औपचारिक तौर पर सेवा से रिटायर हो चुके हैं। इन्हें प्रधानमंत्री का बेहद भरोसेमंद माना जाता है। वहीं, भरत लाल सेवानिवृत्ति के बाद अनुबंध के तहत पूर्ण सचिव के दर्जे के साथ भ्रष्टाचार विरोधी निकाय लोकपाल में सचिव बनाए गए हैं। ये नियुक्ति उन आलोचनाओं पर कुछ हद तक विराम लगाती दिखाई देती है कि मोदी खासकर उन अफसरों को तरजीह देते हैं जो उनके गुजरात के सीएम रहने के दौरान विश्वासपात्र रहे हैं। मनमोहन सरकार में कई अहम पदों पर रहे एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी वी. रमानी का कहना है कि नियुक्तियां मुख्यतः दक्षता और योग्यता पर निर्भर करती हैं। उनका कहना है कि हर प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों का ये प्रयास रहता है कि काम ठीक से हो। यह बिल्कुल सच नहीं है कि निष्ठा योग्यता पर भारी पड़ती है। ऐसे सिस्टम नहीं चलता है। मोदी के कार्यकाल में कई ऐसे नौकरशाह रहे हैं जो पिछली सरकार में हाई-प्रोफाइल पदों पर जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अनिल बैजल वैसे ही एक अफसर हैं जो मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शहरी विकास की जिम्मेदारी संभालते थे और इस वक्त दिल्ली के एलजी हैं। पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह सरकार में अपनी सेवाएं दे चुके बीवीआर सुब्रह्मण्यम को दो हज़ार चौदह में जम्मू-कश्मीर में मुख्य सचिव के तौर पर नियुक्त किया। फिलहाल वह, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सचिव के तौर पर कार्यरत हैं। इसी प्रकार, दो हज़ार सत्रह में राजमार्ग सचिव के तौर पर पदभार संभालने के लिए नई दिल्ली लौटने से पहले पश्चिम बंगाल-कैडर के आईएएस अफसर संजय मित्रा ने मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान पीएमओ में संयुक्त सचिव के तौर पर सेवाएं दीं। इसके बाद वह ममता बनर्जी सरकार में मुख्य सचिव रहे। वह दो हज़ार उन्नीस में रक्षा सचिव के पद से रिटायर हुए।
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लाखेरी के रेलवे स्टेशन क्षेत्र मे एक धार्मिक आयोजन को लेकर हुए मनमुटाव का अंत 56 सालों के बाद हुआ.
Keshoraipatan: कोई भी विवाद ज्यादा समय तक नही रहता है लेकिन लाखेरी के रेलवे स्टेशन क्षेत्र मे एक धार्मिक आयोजन को लेकर हुए मनमुटाव का अंत 56 सालों के बाद हुआ. इस मनमुटाव को आपसी सौहार्द मे बदलने में क्षेत्र के बुजुर्गों के साथ युवाओं की भुमिका महत्वपुर्ण रही.
दरअसल होली ओर दीवाली की दोज पर गांवो और कस्बों में घास भैरू निकालने की परम्परा चली आ रही है. लोगों मे इसके पीछे मान्यता है कि घास भैरू लोगों को आपदा ओर अन्य रोगों से बचाते है. इसी सिलसिले मे घास भैरू की पत्थर की प्रतिमा को गली मोहल्लो मे घुमाया जाता है. रेलवे स्टेशन क्षेत्र मे इस रिवाज को लेकर 1966 मे विवाद हो गया था. मनमुटाव इतना बढ गया था कि क्षेत्र मे शान्ति बनाए रखने के लिए इस रिवाज को स्थगित करना पडा.
तब से क्षेत्र मे घास भैरू की सवारी बंद थी. इस बार होली के अवसर पर क्षेत्र के लोगों ने आपसी भाईचारे ओर सौहार्द का हवाला देते हुए इसे फिर से शुरू करने की पहल की. इसमे युवाओ की भुमिका महत्वपुर्ण रही. लाखेरी क्षेत्र के सुरजमल मीणा ब्रजमोहन हरपाल, तुलसीराम बताते है कि रास्ते के विवाद और अन्य कारण से यह आयोजन बंद हो गया था. इस बार युवाओं ने इसकी शुरूआत की बात की तो सभी बुजुर्गों ने पिछले विवादो और मनमुटाव को भुलाकर इस आयोजन की शुरूआत की है.
56 सालो बाद इस धार्मिक आयोजन की शुरूआत तीन दिन पहले हुई जब विवि विधान से घास भैरू की सवारी के लिए गणेश जी को आमंत्रित किया और बालिकाओं ने कलश यात्रा निकाली. दुसरे दिन पुजा और जागरण के बाद तीसरे दिन दोज के दिन लोगों घास भैरू की सवारी की शुरूआत की. गली मोहल्लो मे घास भेरू को घुमाया गया. लोगों ने पुजा अर्चना कर आपसी सौहार्द की कामना की.
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लाखेरी के रेलवे स्टेशन क्षेत्र मे एक धार्मिक आयोजन को लेकर हुए मनमुटाव का अंत छप्पन सालों के बाद हुआ. Keshoraipatan: कोई भी विवाद ज्यादा समय तक नही रहता है लेकिन लाखेरी के रेलवे स्टेशन क्षेत्र मे एक धार्मिक आयोजन को लेकर हुए मनमुटाव का अंत छप्पन सालों के बाद हुआ. इस मनमुटाव को आपसी सौहार्द मे बदलने में क्षेत्र के बुजुर्गों के साथ युवाओं की भुमिका महत्वपुर्ण रही. दरअसल होली ओर दीवाली की दोज पर गांवो और कस्बों में घास भैरू निकालने की परम्परा चली आ रही है. लोगों मे इसके पीछे मान्यता है कि घास भैरू लोगों को आपदा ओर अन्य रोगों से बचाते है. इसी सिलसिले मे घास भैरू की पत्थर की प्रतिमा को गली मोहल्लो मे घुमाया जाता है. रेलवे स्टेशन क्षेत्र मे इस रिवाज को लेकर एक हज़ार नौ सौ छयासठ मे विवाद हो गया था. मनमुटाव इतना बढ गया था कि क्षेत्र मे शान्ति बनाए रखने के लिए इस रिवाज को स्थगित करना पडा. तब से क्षेत्र मे घास भैरू की सवारी बंद थी. इस बार होली के अवसर पर क्षेत्र के लोगों ने आपसी भाईचारे ओर सौहार्द का हवाला देते हुए इसे फिर से शुरू करने की पहल की. इसमे युवाओ की भुमिका महत्वपुर्ण रही. लाखेरी क्षेत्र के सुरजमल मीणा ब्रजमोहन हरपाल, तुलसीराम बताते है कि रास्ते के विवाद और अन्य कारण से यह आयोजन बंद हो गया था. इस बार युवाओं ने इसकी शुरूआत की बात की तो सभी बुजुर्गों ने पिछले विवादो और मनमुटाव को भुलाकर इस आयोजन की शुरूआत की है. छप्पन सालो बाद इस धार्मिक आयोजन की शुरूआत तीन दिन पहले हुई जब विवि विधान से घास भैरू की सवारी के लिए गणेश जी को आमंत्रित किया और बालिकाओं ने कलश यात्रा निकाली. दुसरे दिन पुजा और जागरण के बाद तीसरे दिन दोज के दिन लोगों घास भैरू की सवारी की शुरूआत की. गली मोहल्लो मे घास भेरू को घुमाया गया. लोगों ने पुजा अर्चना कर आपसी सौहार्द की कामना की.
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मुंबई. करिश्मा कपूर फिल्मों से तो दूर हैं लेकिन अपनी वेब सीरीज मेंटलहुड को लेकर इन दिनों काफी सुर्खियों में है। एकता कपूर की इस वेब सीरीज में करिश्मा ने अपना डिजिटल डेब्यू किया है। वैसे देखा जाए तो करिश्मा ने जितनी सफलता अपने करियर में प्राप्त की, उतनी वे अपनी पर्सनल लाइफ में हासिल नहीं कर पाई। अभिषेक बच्चन से रिश्ता टूटने के बाद उन्होंने तलाकशुदा बिजनेसमैन संजय कपूर से शादी की। हालांकि, इस शादी में पहले ही दिन से कुछ भी ठीक नहीं रहा। बता दें कि करिश्मा इन दिनों बेटी और बेटे के साथ घर पर वक्त बीता रही है।
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मुंबई. करिश्मा कपूर फिल्मों से तो दूर हैं लेकिन अपनी वेब सीरीज मेंटलहुड को लेकर इन दिनों काफी सुर्खियों में है। एकता कपूर की इस वेब सीरीज में करिश्मा ने अपना डिजिटल डेब्यू किया है। वैसे देखा जाए तो करिश्मा ने जितनी सफलता अपने करियर में प्राप्त की, उतनी वे अपनी पर्सनल लाइफ में हासिल नहीं कर पाई। अभिषेक बच्चन से रिश्ता टूटने के बाद उन्होंने तलाकशुदा बिजनेसमैन संजय कपूर से शादी की। हालांकि, इस शादी में पहले ही दिन से कुछ भी ठीक नहीं रहा। बता दें कि करिश्मा इन दिनों बेटी और बेटे के साथ घर पर वक्त बीता रही है।
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नई दिल्लीः
इंग्लैंड (England) के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के बॉलर्स (Indian Bowlers) का जलवा एक बार फिर से देखने को मिला. भारतीय गेंदबाजों के आगे अंग्रेज बल्लेबाजों ने हथियार डाल दिए. पहली पारी में इंग्लैंड की पूरी टीम 75.5 ओवरों में 205 रनों पर ऑल आउट हो गई है. इंग्लैंड की ओर से बेन स्टोक्स ने सर्वाधिक 55 रनों की पारी खेली. स्टोक्स के अलावा डेनियल लॉरेंस ने भी 46 रन बनाए. भारत की ओर से अक्षर पटेल ने 4, रविचंद्रन अश्विन ने 3 और मोहम्मद सिराज ने 2 विकेट झटके. जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने एक विकेट झटका. टीम इंडिया के गेंदबाजों के इस शानदार प्रदर्शन पर बिग-बी यानी अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने ट्वीट करके उन्हें बधाई दी.
In the test today India v England ..
Sundar took 1 ..
अमिताभ के इस ट्वीट पर अब लोग अपना रिएक्शन दे रहे हैं. मोहम्मद जुबैर (@zoo_bear) ने इस पर अपना रिएक्शन देते हुए लिखा कि वॉह, एक और इत्तफाक. दिल्ली में 4 लीटर डीजल 321 रुपये में. 4 3 2 1 पीएम मोदी की ओर से.
ये भी पढ़ें- तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, सामने आई इतने करोड़ की छिपी 'संपत्ति'
अमिताभ के इस ट्वीट पर लोग उन्हें काफी ट्रोल कर रहे हैं. एक अन्य यूजर्स अरुण अरोड़ा ने लिखा कि धन्यवाद सर, मेरे कमरे के फैन रेगुलेटर में भी 4 3 2 1 हैं..
यह भी पढ़ें- मुंबई में आयकर छापे पर कंगना रनौत का ट्वीट, कही ये बड़ी बात..
मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया. भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लिश बल्लेबाजों को टिककर खेलने का मौका नहीं था. बेन स्टोक्स इकलौते ऐसे बल्लेबाज रहे, जो 50 का आंकड़ा पार कर सके. इसके अलावा डैनियल लॉरेंस ने 46 रनों की पारी खेली. जवाब में भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर 24 रन बना लिए हैं.
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नई दिल्लीः इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के बॉलर्स का जलवा एक बार फिर से देखने को मिला. भारतीय गेंदबाजों के आगे अंग्रेज बल्लेबाजों ने हथियार डाल दिए. पहली पारी में इंग्लैंड की पूरी टीम पचहत्तर.पाँच ओवरों में दो सौ पाँच रनों पर ऑल आउट हो गई है. इंग्लैंड की ओर से बेन स्टोक्स ने सर्वाधिक पचपन रनों की पारी खेली. स्टोक्स के अलावा डेनियल लॉरेंस ने भी छियालीस रन बनाए. भारत की ओर से अक्षर पटेल ने चार, रविचंद्रन अश्विन ने तीन और मोहम्मद सिराज ने दो विकेट झटके. जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने एक विकेट झटका. टीम इंडिया के गेंदबाजों के इस शानदार प्रदर्शन पर बिग-बी यानी अमिताभ बच्चन ने ट्वीट करके उन्हें बधाई दी. In the test today India v England .. Sundar took एक .. अमिताभ के इस ट्वीट पर अब लोग अपना रिएक्शन दे रहे हैं. मोहम्मद जुबैर ने इस पर अपना रिएक्शन देते हुए लिखा कि वॉह, एक और इत्तफाक. दिल्ली में चार लीटरटर डीजल तीन सौ इक्कीस रुपयापये में. चार तीन दो एक पीएम मोदी की ओर से. ये भी पढ़ें- तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, सामने आई इतने करोड़ की छिपी 'संपत्ति' अमिताभ के इस ट्वीट पर लोग उन्हें काफी ट्रोल कर रहे हैं. एक अन्य यूजर्स अरुण अरोड़ा ने लिखा कि धन्यवाद सर, मेरे कमरे के फैन रेगुलेटर में भी चार तीन दो एक हैं.. यह भी पढ़ें- मुंबई में आयकर छापे पर कंगना रनौत का ट्वीट, कही ये बड़ी बात.. मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया. भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लिश बल्लेबाजों को टिककर खेलने का मौका नहीं था. बेन स्टोक्स इकलौते ऐसे बल्लेबाज रहे, जो पचास का आंकड़ा पार कर सके. इसके अलावा डैनियल लॉरेंस ने छियालीस रनों की पारी खेली. जवाब में भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर चौबीस रन बना लिए हैं.
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लव बर्ड्स के लिए रोमांस भरा दिन , लव जीवन में कुछ कर दिखाने का मन करेगा। घर वालो से लवर को मिला सकते है विवाह का जिक्र भी कर सकते है आपका प्रेमी आपकी इस भावना को पसन्द कर सकता है। मन मतवाला है, नये लव पार्टनर बन सकते हैं। विवाहित दम्पत्ति सतर्क रहें अचानक खर्चा आ सकता है।
विवाह करना चाहते हैं तो प्रोपॉज कर दें। अपनी बेचैनियों को किसी प्रकार भी रिश्ते में न आने दें। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक पल बिताएंगे। माता की तबीयत खराब हो सकती है। फेंफडों की परेशानी से तंग आ सकते हैं। सरकारी काम देरी से होंगे। सट्टे में अचानक लाभ मिलने की संभावना है।
लव रिलेशन को लेकर नवयुवकों के लिए दिन उत्तम । लव बर्डस को भी अपने प्रेम को लेकर सीरियस होने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर छाए रहेंगे लव मैरिज में इच्छुक युवक युवतियों की इच्छा आज पूरी होने की सम्भावना है। प्रेमी आपके मन की बात शायद न समझ पाएं। कुछ जातक अपने लव रिलेशन से बोर हो सकते हैं, जिस कारण प्रियतम रूठ सकता है।
मंगल, राहु की युति आपसी झगड़े करवा सकती है । जीवनसाथी से तनाव रहेगा विवाहित जन को संयम और अनुकूलता बनाये रखें, वक्री शनि के कारण नोंक-झोंक रहेगी। अपने आपको किसी क्रिएटिव कार्य में बिजी रखें। सेहत खराब हो सकता है। खान-पान का ध्यान रखें।
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लव बर्ड्स के लिए रोमांस भरा दिन , लव जीवन में कुछ कर दिखाने का मन करेगा। घर वालो से लवर को मिला सकते है विवाह का जिक्र भी कर सकते है आपका प्रेमी आपकी इस भावना को पसन्द कर सकता है। मन मतवाला है, नये लव पार्टनर बन सकते हैं। विवाहित दम्पत्ति सतर्क रहें अचानक खर्चा आ सकता है। विवाह करना चाहते हैं तो प्रोपॉज कर दें। अपनी बेचैनियों को किसी प्रकार भी रिश्ते में न आने दें। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक पल बिताएंगे। माता की तबीयत खराब हो सकती है। फेंफडों की परेशानी से तंग आ सकते हैं। सरकारी काम देरी से होंगे। सट्टे में अचानक लाभ मिलने की संभावना है। लव रिलेशन को लेकर नवयुवकों के लिए दिन उत्तम । लव बर्डस को भी अपने प्रेम को लेकर सीरियस होने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर छाए रहेंगे लव मैरिज में इच्छुक युवक युवतियों की इच्छा आज पूरी होने की सम्भावना है। प्रेमी आपके मन की बात शायद न समझ पाएं। कुछ जातक अपने लव रिलेशन से बोर हो सकते हैं, जिस कारण प्रियतम रूठ सकता है। मंगल, राहु की युति आपसी झगड़े करवा सकती है । जीवनसाथी से तनाव रहेगा विवाहित जन को संयम और अनुकूलता बनाये रखें, वक्री शनि के कारण नोंक-झोंक रहेगी। अपने आपको किसी क्रिएटिव कार्य में बिजी रखें। सेहत खराब हो सकता है। खान-पान का ध्यान रखें।
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Jamshedpur : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन पर भाजपा जमशेदपुर महानगर ने 'सेवा ही समर्पण' के तहत अस्पतालों में फल वितरण, स्वच्छता अभियान, महाआरती समेत जनहित के कई सेवा कार्यों को किया. शुक्रवार को इसी कड़ी में साकची स्थित भाजपा जिला कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन को दर्शाती एक भव्य प्रदर्शनी लगाई गई. समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का जीवन अभावों एवं संघर्षों में बीता. उनकी मानव सेवा करने के संकल्प ने उन्हें इतना मजबूत बना दिया कि आज वे देश की सभी बड़ी चुनौतियों का सामना कर उसका समाधान कर रहे हैं. भारतीय राजनीति के इतिहास में ऐसा कोई नेता नहीं होगा, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए 12-12 घंटे सीबीआई की जांच में थाना में बैठकर सहयोग किया. पूरी कांग्रेस पार्टी समेत विपक्षी दल उन्हें बदनाम करने की निरंतर साजिश की, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी का सामना करते हुए देश के प्रधानसेवक का सफर तय किया. युवा पीढ़ी को उनके जीवन से सीख लेने की आवश्यकता है.
प्रदर्शनी का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो, प्रदेश मंत्री रीता मिश्रा एवं महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव समेत अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से किया. नरेंद्र मोदी के बचपन से लेकर वर्तमान स्थिति को दर्शाती हुई प्रदर्शनी में अलग-अलग चित्र के जरिए उनके संघर्षों और राजनीतिक उपलब्धियों को दिखाया गया. पीएम के जन्मदिन पर महानगर अंतर्गत सभी मंडलों में मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में मंदिरों में महाआरती की गई. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की. सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पुनः विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर है. महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री मोदी के बचपन, युवावस्था और राजनीतिक जीवन की छोटी सी झलकियों को दर्शाया गया है. कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन महामंत्री राकेश सिंह और धन्यवाद ज्ञापन मंत्री पप्पू सिंह ने किया. इस अवसर पर रीता मिश्रा, चंद्रशेखर मिश्रा, रामबाबू तिवारी, नंदजी प्रसाद, दिनेश कुमार, कल्याणी शरण, राजेश शुक्ल, मिथिलेश सिंह यादव, बबुआ सिंह, संजीव सिन्हा, राकेश सिंह, पप्पू सिंह, जितेंद्र राय, मंजीत सिंह, राजीव सिंह, बोलटू सरकार, प्रेम झा आदि उपस्थित थे.
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Jamshedpur : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इकहत्तरवें जन्मदिन पर भाजपा जमशेदपुर महानगर ने 'सेवा ही समर्पण' के तहत अस्पतालों में फल वितरण, स्वच्छता अभियान, महाआरती समेत जनहित के कई सेवा कार्यों को किया. शुक्रवार को इसी कड़ी में साकची स्थित भाजपा जिला कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन को दर्शाती एक भव्य प्रदर्शनी लगाई गई. समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का जीवन अभावों एवं संघर्षों में बीता. उनकी मानव सेवा करने के संकल्प ने उन्हें इतना मजबूत बना दिया कि आज वे देश की सभी बड़ी चुनौतियों का सामना कर उसका समाधान कर रहे हैं. भारतीय राजनीति के इतिहास में ऐसा कोई नेता नहीं होगा, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए बारह-बारह घंटाटे सीबीआई की जांच में थाना में बैठकर सहयोग किया. पूरी कांग्रेस पार्टी समेत विपक्षी दल उन्हें बदनाम करने की निरंतर साजिश की, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी का सामना करते हुए देश के प्रधानसेवक का सफर तय किया. युवा पीढ़ी को उनके जीवन से सीख लेने की आवश्यकता है. प्रदर्शनी का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो, प्रदेश मंत्री रीता मिश्रा एवं महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव समेत अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से किया. नरेंद्र मोदी के बचपन से लेकर वर्तमान स्थिति को दर्शाती हुई प्रदर्शनी में अलग-अलग चित्र के जरिए उनके संघर्षों और राजनीतिक उपलब्धियों को दिखाया गया. पीएम के जन्मदिन पर महानगर अंतर्गत सभी मंडलों में मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में मंदिरों में महाआरती की गई. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की. सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पुनः विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर है. महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री मोदी के बचपन, युवावस्था और राजनीतिक जीवन की छोटी सी झलकियों को दर्शाया गया है. कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन महामंत्री राकेश सिंह और धन्यवाद ज्ञापन मंत्री पप्पू सिंह ने किया. इस अवसर पर रीता मिश्रा, चंद्रशेखर मिश्रा, रामबाबू तिवारी, नंदजी प्रसाद, दिनेश कुमार, कल्याणी शरण, राजेश शुक्ल, मिथिलेश सिंह यादव, बबुआ सिंह, संजीव सिन्हा, राकेश सिंह, पप्पू सिंह, जितेंद्र राय, मंजीत सिंह, राजीव सिंह, बोलटू सरकार, प्रेम झा आदि उपस्थित थे.
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- दीपिका कक्कड़ मां बनने के बाद क्या छोड़ देंगी एक्टिंग? जानें क्या है 'ससुराल सिमर का' फेम एक्ट्रेस की प्लानिंगTelevision । Edited by: नरेंद्र सैनी ।सोमवार मई 29, 2023 04:24 PM ISTदीपिका कक्कड़ अब बहुत जल्द अपने फैन्स को खुशखबरी सुनाएंगी. लेकिन इस बीच ये सवाल भी हो रहे हैं कि क्या डिलीवरी के बाद दीपिका फैन्स को वापस पर्दे पर नजर आएंगी या नहीं. इस बारे में खुद दीपिका कक्कड़ ने फैन्स को अपने प्लान्स के बारे में जानकारी दी है.
- 'कितने तकिए बदलोगी' दीपिका कक्कड़ की प्रेग्नेंसी को फेक बताते हुए लोगों ने कही थी कड़वी बातें, पति शोएब ने कही ये बातTelevision । Written by: रोज़ी पंवार ।शनिवार मई 20, 2023 06:16 AM ISTनए ब्लॉग में एक्ट्रेस के पति शोएब इब्राहिम ट्रोल करने वालों को करारा जवाब देते हुए नजर आ रहे हैं, जिन्होंने दीपिका कक्कड़ की प्रेग्नेंसी को फेक बताया है.
- बहन सबा को रोता देख भड़के दीपिका कक्कड़ के पति शोएब इब्राहिम, धमकी देते हुए बोले- 'अल्लाह का खौफ खाओ, मैं घमंडी. . . 'Television । Written by: शिखा यादव ।शनिवार अप्रैल 29, 2023 10:13 PM ISTटीवी एक्टर शोएब मलिक को सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव देखा जाता है. शोएब मशहूर टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ के पति भी हैं. शोएब का एक यूट्यूब चैनल भी हैं, जहां वे आए दिन ब्लॉग पोस्ट करते रहते है. शोएब इब्राहिम की बहन सबा इन दिनों प्रेग्नेंट हैं और प्रेगनेंसी कॉम्प्लिकेशंस से गुजर रही हैं.
- प्रेग्नेंट वाइफ दीपिका कक्कड़ के लिए शोएब इब्राहिम ने किया कुछ ऐसा, फैन्स बोले- ऐसा ही पति चाहिए बस. . . देखें VIDEOBollywood । Edited by: शिखा यादव ।शनिवार अप्रैल 8, 2023 10:14 PM ISTछोटे पर्दे की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपने जीवन के खूबसूरत पल यानी कि प्रेग्नेंसी पीरियड को इन्जॉय कर रही हैं. वहीं उनके हबी शोएब इब्राहिम भी ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते, जब प्यार जता सकें.
- दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम ने शानदार अंदाज में मनाया न्यू ईयर, एक्टर ने पत्नी को गिफ्ट की करोड़ों रुपये की कारTelevision । Written by: आनंद कश्यप ।रविवार जनवरी 1, 2023 09:21 AM ISTइस बात की जानकारी अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए दी है. शोएब इब्राहिम सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. वह अपनी पत्नी दीपिका कक्कड़ के साथ अपनी खास तस्वीरें अक्सर शेयर करते रहते हैं.
- शादी के 4 साल बाद दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम पर चढ़ा स्टूडेंट बनने का खुमार, कॉलेज कैंपस में रोमांस करते आए नजरTelevision । Written by: आनंद कश्यप ।शुक्रवार अक्टूबर 21, 2022 06:39 PM ISTदीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम का नया म्यूजिक वीडियो रिलीज हुआ, जिसमें दोनों का काफी अलग और खास अंदाज देखने को मिल रहा है. दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम का यह म्यूजिक वीडियो पुराने गाने को रीक्रिएट किया गया है.
- दीपिका कक्कड़ का मजेदार अंदाज देख नहीं रुकेगी आपकी हंसी, एक्ट्रेस के जॉब इंटरव्यू का वीडियो हुआ वायरलTelevision । Edited by: शिखा यादव ।सोमवार जुलाई 4, 2022 11:09 AM ISTटेलीविजन इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों और वीडियोज़ को लेकर छाई रहती हैं. ससुराल सिमर का फेम दीपिका भले ही इन दिनों टेलीविजन इंडस्ट्री से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनका जलवा बरकरार है.
- Television । Edited by: नरेंद्र सैनी ।बुधवार मई 25, 2022 10:47 PM ISTइस वीडियो में शोएब के साथ दीपिका नजर आईं जो काफी एक्साइटेड दिखीं. शोएब और दीपिका ने इस गुड न्यूज को एक वीडियो के जरिए फैंस के साथ शेयर किया.
- Television । Written by: प्रणीता सुतार ।सोमवार सितम्बर 13, 2021 03:57 PM ISTशोएब इब्राहिम (Shoaib ibrahim) ने अपना एक डांस वीडियो शेयर किया है, जो खूब वायरल हो रहा है.
- Television । Written by: प्रणीता सुतार ।रविवार सितम्बर 12, 2021 01:47 PM ISTशोएब इब्राहिम (Shoaib ibrahim) ने अपना एक डांस वीडियो शेयर किया है, जो खूब वायरल हो रहा है.
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- दीपिका कक्कड़ मां बनने के बाद क्या छोड़ देंगी एक्टिंग? जानें क्या है 'ससुराल सिमर का' फेम एक्ट्रेस की प्लानिंगTelevision । Edited by: नरेंद्र सैनी ।सोमवार मई उनतीस, दो हज़ार तेईस चार:चौबीस PM ISTदीपिका कक्कड़ अब बहुत जल्द अपने फैन्स को खुशखबरी सुनाएंगी. लेकिन इस बीच ये सवाल भी हो रहे हैं कि क्या डिलीवरी के बाद दीपिका फैन्स को वापस पर्दे पर नजर आएंगी या नहीं. इस बारे में खुद दीपिका कक्कड़ ने फैन्स को अपने प्लान्स के बारे में जानकारी दी है. - 'कितने तकिए बदलोगी' दीपिका कक्कड़ की प्रेग्नेंसी को फेक बताते हुए लोगों ने कही थी कड़वी बातें, पति शोएब ने कही ये बातTelevision । Written by: रोज़ी पंवार ।शनिवार मई बीस, दो हज़ार तेईस छः:सोलह AM ISTनए ब्लॉग में एक्ट्रेस के पति शोएब इब्राहिम ट्रोल करने वालों को करारा जवाब देते हुए नजर आ रहे हैं, जिन्होंने दीपिका कक्कड़ की प्रेग्नेंसी को फेक बताया है. - बहन सबा को रोता देख भड़के दीपिका कक्कड़ के पति शोएब इब्राहिम, धमकी देते हुए बोले- 'अल्लाह का खौफ खाओ, मैं घमंडी. . . 'Television । Written by: शिखा यादव ।शनिवार अप्रैल उनतीस, दो हज़ार तेईस दस:तेरह PM ISTटीवी एक्टर शोएब मलिक को सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव देखा जाता है. शोएब मशहूर टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ के पति भी हैं. शोएब का एक यूट्यूब चैनल भी हैं, जहां वे आए दिन ब्लॉग पोस्ट करते रहते है. शोएब इब्राहिम की बहन सबा इन दिनों प्रेग्नेंट हैं और प्रेगनेंसी कॉम्प्लिकेशंस से गुजर रही हैं. - प्रेग्नेंट वाइफ दीपिका कक्कड़ के लिए शोएब इब्राहिम ने किया कुछ ऐसा, फैन्स बोले- ऐसा ही पति चाहिए बस. . . देखें VIDEOBollywood । Edited by: शिखा यादव ।शनिवार अप्रैल आठ, दो हज़ार तेईस दस:चौदह PM ISTछोटे पर्दे की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपने जीवन के खूबसूरत पल यानी कि प्रेग्नेंसी पीरियड को इन्जॉय कर रही हैं. वहीं उनके हबी शोएब इब्राहिम भी ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते, जब प्यार जता सकें. - दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम ने शानदार अंदाज में मनाया न्यू ईयर, एक्टर ने पत्नी को गिफ्ट की करोड़ों रुपये की कारTelevision । Written by: आनंद कश्यप ।रविवार जनवरी एक, दो हज़ार तेईस नौ:इक्कीस AM ISTइस बात की जानकारी अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए दी है. शोएब इब्राहिम सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. वह अपनी पत्नी दीपिका कक्कड़ के साथ अपनी खास तस्वीरें अक्सर शेयर करते रहते हैं. - शादी के चार साल बाद दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम पर चढ़ा स्टूडेंट बनने का खुमार, कॉलेज कैंपस में रोमांस करते आए नजरTelevision । Written by: आनंद कश्यप ।शुक्रवार अक्टूबर इक्कीस, दो हज़ार बाईस छः:उनतालीस PM ISTदीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम का नया म्यूजिक वीडियो रिलीज हुआ, जिसमें दोनों का काफी अलग और खास अंदाज देखने को मिल रहा है. दीपिका कक्कड़ और शोएब इब्राहिम का यह म्यूजिक वीडियो पुराने गाने को रीक्रिएट किया गया है. - दीपिका कक्कड़ का मजेदार अंदाज देख नहीं रुकेगी आपकी हंसी, एक्ट्रेस के जॉब इंटरव्यू का वीडियो हुआ वायरलTelevision । Edited by: शिखा यादव ।सोमवार जुलाई चार, दो हज़ार बाईस ग्यारह:नौ AM ISTटेलीविजन इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों और वीडियोज़ को लेकर छाई रहती हैं. ससुराल सिमर का फेम दीपिका भले ही इन दिनों टेलीविजन इंडस्ट्री से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनका जलवा बरकरार है. - Television । Edited by: नरेंद्र सैनी ।बुधवार मई पच्चीस, दो हज़ार बाईस दस:सैंतालीस PM ISTइस वीडियो में शोएब के साथ दीपिका नजर आईं जो काफी एक्साइटेड दिखीं. शोएब और दीपिका ने इस गुड न्यूज को एक वीडियो के जरिए फैंस के साथ शेयर किया. - Television । Written by: प्रणीता सुतार ।सोमवार सितम्बर तेरह, दो हज़ार इक्कीस तीन:सत्तावन PM ISTशोएब इब्राहिम ने अपना एक डांस वीडियो शेयर किया है, जो खूब वायरल हो रहा है. - Television । Written by: प्रणीता सुतार ।रविवार सितम्बर बारह, दो हज़ार इक्कीस एक:सैंतालीस PM ISTशोएब इब्राहिम ने अपना एक डांस वीडियो शेयर किया है, जो खूब वायरल हो रहा है.
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महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार बढ़ते भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई एवं आमजन में जागरूकता के लिए गुरुवार को निंबाहेड़ा पंचायत समिति सभागार में चितौड़गढ़ से पुलिस उप अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, परमेंद्र कुमार द्वारा जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिसमें ट्रांसपोर्ट व्यवसायी, ट्रैवेल्स व्यवसायी, टैक्स एडवाइजर एंड ब्रोकर्स, विभिन्न व्यवसाय से जुड़े व्यापारीगण, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यगण, वरिष्ठ नागरीकगण, क्षेत्र के पत्रकार आदी उपस्थित थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक चौहान ने कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत करते हुए सरकार की मंशा के अनुरूप कार्यक्रम करना बताया।
मुख्य वक्ता के तौर पर परमेंद्र कुमार ने बताया कि भ्रष्टाचार नया नहीं है काफी पुराना है। भारत के प्रधानमंत्री भी यही चाहते है कि देश से भ्रष्टाचार दूर हो, लेकिन एक आदमी के प्रयासों से भ्रष्टाचार दूर नहीं होगा। प्रत्येक व्यक्ति इस मिशन में विभाग के साथ जुड़ेगा तभी यह सपना साकार हो पाएगा। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार देने व लेने वाला और दोनों ही समान रूप से दोषी है। शिकायत करने के 7 दिनों में कार्रवाई होती ही है।
आम जनता, कर्मचारी, व्यापारी, सभी मिल कर ही देश से भ्रष्टाचार खत्म कर सकते है। आम जनता की सहूलियत के लिए टोल फ्री नंबर 1064 के साथ ही व्हाट्सएप नंबर 9413502834 भी बताया व सभी सरकारी, गैर-सरकारी अधिकारी कर्मचारी को भ्रष्टाचार से दूर रहे। स्वच्छता एवं ईमानदारी से काम कर जनता की सेवा करने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार नवाचार के रूप में जिले के नेतावल पांचली गांव को गोद लेकर भ्रष्टाचार मुक्त किया जाएगा। इस पर सभा में उपस्थित कई लोगों ने निंबाहेड़ा को गोद लेने का आग्रह किया। वहीं एडवोकेट लक्ष्मण सिंह ने कार्रवाई व निस्तारण की लिस्ट जारी करने की बात कही। वहीं समाज सेवी सोहन लाल आंजना ने कनेरा में हुए जमीन आवंटन में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच करने की बात कही।
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महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार बढ़ते भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई एवं आमजन में जागरूकता के लिए गुरुवार को निंबाहेड़ा पंचायत समिति सभागार में चितौड़गढ़ से पुलिस उप अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, परमेंद्र कुमार द्वारा जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें ट्रांसपोर्ट व्यवसायी, ट्रैवेल्स व्यवसायी, टैक्स एडवाइजर एंड ब्रोकर्स, विभिन्न व्यवसाय से जुड़े व्यापारीगण, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यगण, वरिष्ठ नागरीकगण, क्षेत्र के पत्रकार आदी उपस्थित थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक चौहान ने कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत करते हुए सरकार की मंशा के अनुरूप कार्यक्रम करना बताया। मुख्य वक्ता के तौर पर परमेंद्र कुमार ने बताया कि भ्रष्टाचार नया नहीं है काफी पुराना है। भारत के प्रधानमंत्री भी यही चाहते है कि देश से भ्रष्टाचार दूर हो, लेकिन एक आदमी के प्रयासों से भ्रष्टाचार दूर नहीं होगा। प्रत्येक व्यक्ति इस मिशन में विभाग के साथ जुड़ेगा तभी यह सपना साकार हो पाएगा। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार देने व लेने वाला और दोनों ही समान रूप से दोषी है। शिकायत करने के सात दिनों में कार्रवाई होती ही है। आम जनता, कर्मचारी, व्यापारी, सभी मिल कर ही देश से भ्रष्टाचार खत्म कर सकते है। आम जनता की सहूलियत के लिए टोल फ्री नंबर एक हज़ार चौंसठ के साथ ही व्हाट्सएप नंबर नौ चार एक तीन पाँच शून्य दो आठ तीन चार भी बताया व सभी सरकारी, गैर-सरकारी अधिकारी कर्मचारी को भ्रष्टाचार से दूर रहे। स्वच्छता एवं ईमानदारी से काम कर जनता की सेवा करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार नवाचार के रूप में जिले के नेतावल पांचली गांव को गोद लेकर भ्रष्टाचार मुक्त किया जाएगा। इस पर सभा में उपस्थित कई लोगों ने निंबाहेड़ा को गोद लेने का आग्रह किया। वहीं एडवोकेट लक्ष्मण सिंह ने कार्रवाई व निस्तारण की लिस्ट जारी करने की बात कही। वहीं समाज सेवी सोहन लाल आंजना ने कनेरा में हुए जमीन आवंटन में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच करने की बात कही। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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रांची। गुरिल्ला वार की हर उस तकनीक का उपयोग उग्रवादी झारखंड मे कर रहे हैं जिसका उपयोग पूर्व में लड़े गए युद्धों में हो चुका है। अपने अंतिम गढ को बचाने के लिए उग्रवादी अमेरिका वियतनाम युद्ध में उपयोग की गई तकनीक के साथ साथ पूरे विश्व के जंगलों मे हुई छापामार युद्ध की रणनीतियों को झारखंड के बैटल ग्राउंड मे उतारते नजर आ रहे हैं। बैटल ग्राउंड मे आमने-सामने मुकाबला करने से मुट्ठी भर उग्रवादी बच रहे हैं, लेकिन सुरक्षाबलों को ट्रैप करने के लिए और उन्हें हानि पहुंचाने को लेकर आईडी, गाइडेड आईडी, तीर आईडी, स्पाइक होल सहित कई अन्य तकनीक का उपयोग उग्रवादियों के द्वारा किया जा रहा है।
बता दें कि इस कारण अबतक 22 सुरक्षाबलों के जवान शिकार हो चुके हैं। पुलिस मुख्यालय को भी कई ऐसे प्रमाण बैटल ग्राउंड से मिले हैं, जिसमें ये बात सामने आई है कि उग्रवादी अमेरिका वियतनाम युद्ध के साथ साथ कई अन्य गुरिल्ला वार की तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। झारखंड के डीजीपी अजय कुमार सिंह के अनुसार, ऑपरेशन 01 नवंबर 2022 से चाईबासा जिले के जंगलों मे ऑपरेशन चल रहे हैं। अब उग्रवादियों का अंतिम समूह एक छोटे पार्ट में रहने को विवश है।
डीजीपी ने बताया कि तुम्बाहाका, जहां तक सुरक्षाबल नहीं पहुंच पाते थे अब उस स्थान पुलिस ने अपना फॉरवर्ड पोस्ट बना लिया है। तुम्बाहाका क्षेत्र में उग्रवादियों ने स्पाइक होल और आईडी लगा रखी थी। पुलिस के अनुसार, दूसरी स्थान जो टेक्निक अपनाई गई थी वहां से जानकारियां जुटाकर नक्सली उसका प्रयोग चाईबासा में कर रहे हैं। डीजीपी बताते हैं कि पूर्व में आईडी और लैंड माइंस का ईस्तेमाल उग्रवादी किया करते थे तो अब स्पाक्स और स्पाइक होल का उपयोग कर रहे हैं। स्पाक्स और स्पाइक होल का इतिहास अमेरिका और वियतनाम युद्ध मे देखने को मिला है। इस युद्ध पद्धति के कारण नवंबर माह से अबतक 22 सुरक्षाबलों के जवान उग्रवादियों के ट्रैप में आकर घायल हो गए हैं। वहीं। नवंबर माह से अबतक 08 ग्रामीणों की मृत्यु हो चुकी है।
मामले की जानकारी देते हुए झारखंड के डीजीपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि उग्रवादियों के विरूद्ध ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जिस कारण ही सुरक्षाबलों ने तुम्बाहाका मे फॉरवर्ड पोस्ट बना उग्रवादियों को बैकफुट पर धकेल दिया है।
बहरहाल, बुलबुल की जंगलों में उग्रवादियों के विरूद्ध ऑपरेशन से उनके सप्लाई चेन को समाप्त मिया गया जिसके बाद बूढ़ा पहाड़ को उग्रवादियों से मुक्त कराया गया तो अब चाईबासा जिले से उग्रवादियों के अंतिम गढ़ मे आर पार कि जंग चल रही है।
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रांची। गुरिल्ला वार की हर उस तकनीक का उपयोग उग्रवादी झारखंड मे कर रहे हैं जिसका उपयोग पूर्व में लड़े गए युद्धों में हो चुका है। अपने अंतिम गढ को बचाने के लिए उग्रवादी अमेरिका वियतनाम युद्ध में उपयोग की गई तकनीक के साथ साथ पूरे विश्व के जंगलों मे हुई छापामार युद्ध की रणनीतियों को झारखंड के बैटल ग्राउंड मे उतारते नजर आ रहे हैं। बैटल ग्राउंड मे आमने-सामने मुकाबला करने से मुट्ठी भर उग्रवादी बच रहे हैं, लेकिन सुरक्षाबलों को ट्रैप करने के लिए और उन्हें हानि पहुंचाने को लेकर आईडी, गाइडेड आईडी, तीर आईडी, स्पाइक होल सहित कई अन्य तकनीक का उपयोग उग्रवादियों के द्वारा किया जा रहा है। बता दें कि इस कारण अबतक बाईस सुरक्षाबलों के जवान शिकार हो चुके हैं। पुलिस मुख्यालय को भी कई ऐसे प्रमाण बैटल ग्राउंड से मिले हैं, जिसमें ये बात सामने आई है कि उग्रवादी अमेरिका वियतनाम युद्ध के साथ साथ कई अन्य गुरिल्ला वार की तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। झारखंड के डीजीपी अजय कुमार सिंह के अनुसार, ऑपरेशन एक नवंबर दो हज़ार बाईस से चाईबासा जिले के जंगलों मे ऑपरेशन चल रहे हैं। अब उग्रवादियों का अंतिम समूह एक छोटे पार्ट में रहने को विवश है। डीजीपी ने बताया कि तुम्बाहाका, जहां तक सुरक्षाबल नहीं पहुंच पाते थे अब उस स्थान पुलिस ने अपना फॉरवर्ड पोस्ट बना लिया है। तुम्बाहाका क्षेत्र में उग्रवादियों ने स्पाइक होल और आईडी लगा रखी थी। पुलिस के अनुसार, दूसरी स्थान जो टेक्निक अपनाई गई थी वहां से जानकारियां जुटाकर नक्सली उसका प्रयोग चाईबासा में कर रहे हैं। डीजीपी बताते हैं कि पूर्व में आईडी और लैंड माइंस का ईस्तेमाल उग्रवादी किया करते थे तो अब स्पाक्स और स्पाइक होल का उपयोग कर रहे हैं। स्पाक्स और स्पाइक होल का इतिहास अमेरिका और वियतनाम युद्ध मे देखने को मिला है। इस युद्ध पद्धति के कारण नवंबर माह से अबतक बाईस सुरक्षाबलों के जवान उग्रवादियों के ट्रैप में आकर घायल हो गए हैं। वहीं। नवंबर माह से अबतक आठ ग्रामीणों की मृत्यु हो चुकी है। मामले की जानकारी देते हुए झारखंड के डीजीपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि उग्रवादियों के विरूद्ध ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जिस कारण ही सुरक्षाबलों ने तुम्बाहाका मे फॉरवर्ड पोस्ट बना उग्रवादियों को बैकफुट पर धकेल दिया है। बहरहाल, बुलबुल की जंगलों में उग्रवादियों के विरूद्ध ऑपरेशन से उनके सप्लाई चेन को समाप्त मिया गया जिसके बाद बूढ़ा पहाड़ को उग्रवादियों से मुक्त कराया गया तो अब चाईबासा जिले से उग्रवादियों के अंतिम गढ़ मे आर पार कि जंग चल रही है।
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ग्वालियर : अक्सर आपने देश के विभिन्न राज्यों की एसटी और सिटी बसों को बंद होते और उसे धक्का लगाकर स्टार्ट करते देखा होगा लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि ट्रेनों को स्टार्ट करने के लिए यात्रियों द्वारा उतरकर धक्का लगाया गया हो। जी नहीं, अभी तक तो आपने यह सब नहीं सुना था लेकिन अब आप यह सुन लीजिए। जी, हाल में ग्वालियर में रेलवे स्टेशन से नैरोगेज ट्रेन प्रतिदिन कैलारस - सबलगढ़ के लिए रवाना हुई। इस दौरान कहा गया कि ट्रेन रामदास घाटी पर पहुंची। रेल जैसे तैसे घाटी पर चढ़ी मगर यहां पहुंचकर इंजन ही बंद हो गया। इसके बाद रेल को प्रारंभ करने के लिए लोग एक घंटे तक इंतजार में लगे रहे।
मगर जब रेल चालू नहीं हुई तो लोगों ने ही धक्का लगाना प्रारंभ कर दिया। कुछ दूर चलने के बाद ट्रेन स्टार्ट हो गई। और यात्रियों को सबलगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया। रेल के चालू होते ही लोग खुश हो उठे। सभी संगठन की शक्ति के इस प्रयोग पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे थे। बाद में रेलवे अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई। उल्लेखनीय है कि रेलवे द्वारा आज भी कई स्थानों पर पुराने रेलमार्ग पर पुरानी पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। जिसके चलते कभी - कभी इस तरह की मुश्किलें सामने आने लगती हैं।
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ग्वालियर : अक्सर आपने देश के विभिन्न राज्यों की एसटी और सिटी बसों को बंद होते और उसे धक्का लगाकर स्टार्ट करते देखा होगा लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि ट्रेनों को स्टार्ट करने के लिए यात्रियों द्वारा उतरकर धक्का लगाया गया हो। जी नहीं, अभी तक तो आपने यह सब नहीं सुना था लेकिन अब आप यह सुन लीजिए। जी, हाल में ग्वालियर में रेलवे स्टेशन से नैरोगेज ट्रेन प्रतिदिन कैलारस - सबलगढ़ के लिए रवाना हुई। इस दौरान कहा गया कि ट्रेन रामदास घाटी पर पहुंची। रेल जैसे तैसे घाटी पर चढ़ी मगर यहां पहुंचकर इंजन ही बंद हो गया। इसके बाद रेल को प्रारंभ करने के लिए लोग एक घंटे तक इंतजार में लगे रहे। मगर जब रेल चालू नहीं हुई तो लोगों ने ही धक्का लगाना प्रारंभ कर दिया। कुछ दूर चलने के बाद ट्रेन स्टार्ट हो गई। और यात्रियों को सबलगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया। रेल के चालू होते ही लोग खुश हो उठे। सभी संगठन की शक्ति के इस प्रयोग पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे थे। बाद में रेलवे अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई। उल्लेखनीय है कि रेलवे द्वारा आज भी कई स्थानों पर पुराने रेलमार्ग पर पुरानी पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। जिसके चलते कभी - कभी इस तरह की मुश्किलें सामने आने लगती हैं।
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संघर्ष कालीन नेताओं की जीवनियाँ
का नायकत्व संभाला । जनवरी में सिहौर तथा इन्दौर से दुर्गध्वंसक तोपखाने का काफिला लेते हुए ह्यू रोज उत्तर की ओर बढ़ा । भोपाल से भी से युद्ध - सामग्री एकत्रित की और महीने के अन्त तक रायगढ के दुर्ग पर क्रान्तिकारियों की सेना से मुठभेड़ हो गयी । क्रान्तिकारियों को भी अंग्रेजों की सरगर्मी के समाचार मिलते जा रहे थे। उनकी चालबाजियों को रोकने के लिए मालवा, इन्दौर, भोपाल, सागर, जयलपुर इत्यादि में क्रान्तिकारियों ने भरसक प्रयत्न किया। परन्तु दिल्ली की पराजय से बडा धक्का पहुँचा । फिर भी क्रान्तिकारी इस प्रकार जुटे रहे कि कोई घटना घटी ही नहीं । ग्वालियर की प्रमुख सेना स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़ी और काल्पी को अपना गढ़ बनाकर कानपुर तक छापा मारा । नवम्बर मे कानपुर की तीसरी लढाई के बाद वे सब काल्पी में आकर डट गये । रानी लक्ष्मीबाई ने वाणपुर के राजा से मुँहबोले भाई का सम्बन्ध स्थापित किया तथा उसकी सहायता से झॉसी के दक्षिणी प्रदेश की सुरक्षा का प्रबन्ध किया ।
रहटगढ़ तथा गढ़राकोटे का युद्ध - अंग्रेजों की दक्षिणी भारत से थायी हुई सेना से क्रान्तिकारियों की मुठभेड रहटगढ में २५ जनवरी १८५८ ई० को हुई । राजा बाणपुर ने २८ जनवरी को अंग्रेजी सेना के पृष्ठभाग पर आक्रमण किया । इस युद्ध में २,००० विलायती अफगानों ने भी भाग लिया । राजा का ध्येय गढ़ का घेरा बनाने का था । परन्तु भोपाल तथा हैदराबाद की सेनाया जाने से क्रान्तिकारी दल ने पीछे हटना प्रारम्भ किया । अंग्रेजी सेना जब रहटगढ के दुर्ग में पहुँची तब एक चिड़िया भी नहीं मिली। रहटगढ से अंग्रेजी सेना ने वरोदिया तथा सागर पर अधिकार प्राप्त किया । सागर से बीस मील पूर्व मे गढराकोटे का दुर्ग था । झॉसी की सुरक्षा के लिए इसका महत्व बहुत था । फलतः बुन्देलखण्ड से क्रान्तिकारी सैनिकों ने अंग्रेजी सेना को रोकने के लिए दुर्ग की किया ।
१० फरवरी १८५८ ई० को क्रान्तिकारी सेनाएँ इस गढ को भी खाली करके बरोदिया की ओर बढ गयीं । इस समय ह्यू रोज को युद्ध सामग्री की कमी मालूम हुई । चह झॉसी की ओर बढ़ने को बहुत उत्सुक था । स्थानस्थान पर वह झाँसी की रानी की प्रशंसा तथा झाँसी के दुर्ग की दृढता व झॉसी की महिला सेना के बारे में सुनता आ रहा था । क्रान्तिकारी सेना का प्रसिद्ध नायक तात्या उस समय चरखारी को घेरे पहा था । लार्ड कैनिंग
१. सर ह्य, रोज का सैनिक प्रपत्र - सागर से - ७ फरवरी १८१८ ई०
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संघर्ष कालीन नेताओं की जीवनियाँ का नायकत्व संभाला । जनवरी में सिहौर तथा इन्दौर से दुर्गध्वंसक तोपखाने का काफिला लेते हुए ह्यू रोज उत्तर की ओर बढ़ा । भोपाल से भी से युद्ध - सामग्री एकत्रित की और महीने के अन्त तक रायगढ के दुर्ग पर क्रान्तिकारियों की सेना से मुठभेड़ हो गयी । क्रान्तिकारियों को भी अंग्रेजों की सरगर्मी के समाचार मिलते जा रहे थे। उनकी चालबाजियों को रोकने के लिए मालवा, इन्दौर, भोपाल, सागर, जयलपुर इत्यादि में क्रान्तिकारियों ने भरसक प्रयत्न किया। परन्तु दिल्ली की पराजय से बडा धक्का पहुँचा । फिर भी क्रान्तिकारी इस प्रकार जुटे रहे कि कोई घटना घटी ही नहीं । ग्वालियर की प्रमुख सेना स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़ी और काल्पी को अपना गढ़ बनाकर कानपुर तक छापा मारा । नवम्बर मे कानपुर की तीसरी लढाई के बाद वे सब काल्पी में आकर डट गये । रानी लक्ष्मीबाई ने वाणपुर के राजा से मुँहबोले भाई का सम्बन्ध स्थापित किया तथा उसकी सहायता से झॉसी के दक्षिणी प्रदेश की सुरक्षा का प्रबन्ध किया । रहटगढ़ तथा गढ़राकोटे का युद्ध - अंग्रेजों की दक्षिणी भारत से थायी हुई सेना से क्रान्तिकारियों की मुठभेड रहटगढ में पच्चीस जनवरी एक हज़ार आठ सौ अट्ठावन ईशून्य को हुई । राजा बाणपुर ने अट्ठाईस जनवरी को अंग्रेजी सेना के पृष्ठभाग पर आक्रमण किया । इस युद्ध में दो,शून्य विलायती अफगानों ने भी भाग लिया । राजा का ध्येय गढ़ का घेरा बनाने का था । परन्तु भोपाल तथा हैदराबाद की सेनाया जाने से क्रान्तिकारी दल ने पीछे हटना प्रारम्भ किया । अंग्रेजी सेना जब रहटगढ के दुर्ग में पहुँची तब एक चिड़िया भी नहीं मिली। रहटगढ से अंग्रेजी सेना ने वरोदिया तथा सागर पर अधिकार प्राप्त किया । सागर से बीस मील पूर्व मे गढराकोटे का दुर्ग था । झॉसी की सुरक्षा के लिए इसका महत्व बहुत था । फलतः बुन्देलखण्ड से क्रान्तिकारी सैनिकों ने अंग्रेजी सेना को रोकने के लिए दुर्ग की किया । दस फरवरी एक हज़ार आठ सौ अट्ठावन ईशून्य को क्रान्तिकारी सेनाएँ इस गढ को भी खाली करके बरोदिया की ओर बढ गयीं । इस समय ह्यू रोज को युद्ध सामग्री की कमी मालूम हुई । चह झॉसी की ओर बढ़ने को बहुत उत्सुक था । स्थानस्थान पर वह झाँसी की रानी की प्रशंसा तथा झाँसी के दुर्ग की दृढता व झॉसी की महिला सेना के बारे में सुनता आ रहा था । क्रान्तिकारी सेना का प्रसिद्ध नायक तात्या उस समय चरखारी को घेरे पहा था । लार्ड कैनिंग एक. सर ह्य, रोज का सैनिक प्रपत्र - सागर से - सात फरवरी एक हज़ार आठ सौ अट्ठारह ईशून्य
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कांग्रेस के संकटमोचक नेताओं में शामिल अभिषेक मनु सिंघवी से पार्टी आलाकमान नाराज है. इस नाराजगी की वजह है सिंघवी का वो ट्वीट जिसमें उन्होंने बीजेपी के नायकों में शामिल विनायक दामोदर सावरकर की प्रशंसा की थी. सिंघवी का ये ट्वीट सोमवार को जब आया तो महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए वोटिंग चल रही थी. इस ट्वीट की टाइमिंग और इसके सार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सिंघवी से खफा हैं. उन्होंने अपने एक विश्वस्त को सिंघवी को फोन करने को कहा और उनसे सफाई तलब की.
शाम होते-होते सिंघवी पर दबाव बढ़ा और टीवी चैनलों पर जाकर उन्हें सफाई देनी पड़ी कि आखिर सावरकर को परिपूर्ण कहने का उनका मतलब क्या था. हालांकि इसे सिंघवी की ओर से डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा गया.
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कांग्रेस के संकटमोचक नेताओं में शामिल अभिषेक मनु सिंघवी से पार्टी आलाकमान नाराज है. इस नाराजगी की वजह है सिंघवी का वो ट्वीट जिसमें उन्होंने बीजेपी के नायकों में शामिल विनायक दामोदर सावरकर की प्रशंसा की थी. सिंघवी का ये ट्वीट सोमवार को जब आया तो महाराष्ट्र और हरियाणा के लिए वोटिंग चल रही थी. इस ट्वीट की टाइमिंग और इसके सार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सिंघवी से खफा हैं. उन्होंने अपने एक विश्वस्त को सिंघवी को फोन करने को कहा और उनसे सफाई तलब की. शाम होते-होते सिंघवी पर दबाव बढ़ा और टीवी चैनलों पर जाकर उन्हें सफाई देनी पड़ी कि आखिर सावरकर को परिपूर्ण कहने का उनका मतलब क्या था. हालांकि इसे सिंघवी की ओर से डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा गया.
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माने जाते हैं । वैदिक संस्कृत में एक और लकार था जिसे लेट् कहते थे । संस्कृत की अपेक्षा आधुनिक भारतीय भाषाओं में कालों को है। संस्कृत की अपेक्षा इन भाषाओं में भिन्न, भिन्न कालों की अभिव्यक्ति अधिक निश्चित रूप में हो सकती है । संस्कृत में भूतकाल के लिये तीन लकार हैं; पहले उनमें परस्पर भेद था और उनका ठीक ठीक व्यवहार होता था पर पीछे से उनमें कोई अंतर नहीं रह गया । भविष्य के लिये दो लकार हैं, पर 'लृटू' का प्रयोग काल-निर्णय कराने में विशेष सहायक नहीं जान पड़ता। अतएव कालों में उसकी गरगना करना व्यर्थ है। वर्तमान के लिये केवल एक लकार का प्रयोग होता था। इस प्रकार संस्कृत का काल-विभाग पूर्ण नहीं कहा जा सकता । इस विषय में आधुनिक भाषाओं का काल-विभाग अधिक विकसित है।
बहुत प्राचीन काल में वर्तमान का प्रयोग तीन अर्थों में होता था - ( १ ) जो नित्य सत्य हो; जैसे दिन-रात का होना, ( २ ) ऐतिहा सिक वर्तमान और ( ३ ) भविष्य के अर्थ में; जैसे 'मैं कल जा रहा हूँ।' भूतकाल के विषय में हम पहले कह चुके हैं कि पूर्ण, अपूर्ण और सामान्य का प्रयोग विना भेद के होता था । पहले 'लिट्' का प्रयोग नियमतः बिना देखी हुई भूतकाल की घटना ( परोक्ष भूत ) के लिये होता था । पर भट्टि काव्य के लेखक ने 'अभून्नृपः' लिखकर इस नियम को तोड़ दिया है। अतएव पीछे भूतकाल मात्र के लिये 'लिटू' का प्रयोग होने लगा । सामान्यभूत का प्रयोग कभी कभी ऐसी घटना के लिये भी होता था जो आरंभ तो भूतकाल में हुई पर समाप्त हुई है अर्थात जिसे हम पूर्ण वर्तमान कह सकते हैं। पूर्ण वर्तमान का इस अर्थ में प्रयोग संस्कृत और स्लैह्रोनिक भाषा में विशेष रूप से पाया जाता है । हेतुहेतुमद् का प्रयोग भविष्य का अर्थ द्योतित करता था जैसा कि संस्कृत में है। यूनानी आदि भाषाओं में यह एक अर्थ (mood) माना जाता है।
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माने जाते हैं । वैदिक संस्कृत में एक और लकार था जिसे लेट् कहते थे । संस्कृत की अपेक्षा आधुनिक भारतीय भाषाओं में कालों को है। संस्कृत की अपेक्षा इन भाषाओं में भिन्न, भिन्न कालों की अभिव्यक्ति अधिक निश्चित रूप में हो सकती है । संस्कृत में भूतकाल के लिये तीन लकार हैं; पहले उनमें परस्पर भेद था और उनका ठीक ठीक व्यवहार होता था पर पीछे से उनमें कोई अंतर नहीं रह गया । भविष्य के लिये दो लकार हैं, पर 'लृटू' का प्रयोग काल-निर्णय कराने में विशेष सहायक नहीं जान पड़ता। अतएव कालों में उसकी गरगना करना व्यर्थ है। वर्तमान के लिये केवल एक लकार का प्रयोग होता था। इस प्रकार संस्कृत का काल-विभाग पूर्ण नहीं कहा जा सकता । इस विषय में आधुनिक भाषाओं का काल-विभाग अधिक विकसित है। बहुत प्राचीन काल में वर्तमान का प्रयोग तीन अर्थों में होता था - जो नित्य सत्य हो; जैसे दिन-रात का होना, ऐतिहा सिक वर्तमान और भविष्य के अर्थ में; जैसे 'मैं कल जा रहा हूँ।' भूतकाल के विषय में हम पहले कह चुके हैं कि पूर्ण, अपूर्ण और सामान्य का प्रयोग विना भेद के होता था । पहले 'लिट्' का प्रयोग नियमतः बिना देखी हुई भूतकाल की घटना के लिये होता था । पर भट्टि काव्य के लेखक ने 'अभून्नृपः' लिखकर इस नियम को तोड़ दिया है। अतएव पीछे भूतकाल मात्र के लिये 'लिटू' का प्रयोग होने लगा । सामान्यभूत का प्रयोग कभी कभी ऐसी घटना के लिये भी होता था जो आरंभ तो भूतकाल में हुई पर समाप्त हुई है अर्थात जिसे हम पूर्ण वर्तमान कह सकते हैं। पूर्ण वर्तमान का इस अर्थ में प्रयोग संस्कृत और स्लैह्रोनिक भाषा में विशेष रूप से पाया जाता है । हेतुहेतुमद् का प्रयोग भविष्य का अर्थ द्योतित करता था जैसा कि संस्कृत में है। यूनानी आदि भाषाओं में यह एक अर्थ माना जाता है।
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तहसील मांसलपुर-यह राजधानी से उत्तर-पूर्व में है। इसके दो ताल्लुके चौरासी और सेरणी नाम से है। क्षेत्रफल २२३ वर्गमील यानी १,४२,७२० एकड़ और भावादी २०,६५६ मनुष्यों की है। गाँव कुत जिसमें से ५४ खालसा और २८ जागीरी है। मुसलमानों के जमाने में ८४ गाँव इस वास्तुके में होने से ये पौरासी कहलाया है। यह चौरासी का इलाका राजा गोपालदास के पूर्वजों के हाथ से निकल गया था परन्तु ५०० वर्ष के पाद बादशाह अकवर ने राजा गोपालदास को उसकी दक्सिन की य में की हुई सेवाओं के एवज में वापिस दिया था। यह पानी प्रदेश है और यहाँ पर १ हजार फुट से लेकर तेरह सौ फुट ऊँची पहाड़ियों पाई जाती हैं। इस तहसील में कर्मों का पानी २० हाथ की गहराई पर पाया जाता है। यहाँ गूबर, मीना और जाटों की जमींदारी है। पहले यहाँ के जमदार गोंज अकुर थे जिन्हें महाराजा गोपालदास ने यहाँ से निकाल दिया।
तहसील ऊटगिर - यह तहसील करौली से दक्षिण पश्चिम में है। इसके ६ ताल्लुके हैं जिसमें ३३ गाँव (साक्षसा १६ व जागीरी १७) है। भाषादी ६,०४८ मनुष्यों की है। फी वर्गमील २१ मनुष्यों की औसत है। क्षेत्रफल ३०६ वर्गमील पानी १,६७,७६० एकड़ है। पहले यह प्रदेश क्षोघा लोगों के कब्जे में था ओ मंडरायल और उटगिर के बादशाही शकिमों को सिराज देव थे। रामा अर्जुनपाल ने सं० १३१७ में इस इलाके पर अपना कम्या किया और सोषा लोगों से मालगुजारी बसूल की । लोषों के बनवाये हुए वन्य और धामाप अब तक मौजूद हैं। भग इस तहसील में गूजर ष मीने ही अधिक पसते है। यहाँ कप नहीं है। बन्दों में भी गर्मी के दिनों में पानी सूख जाता है। दर्शनीय स्थानों में ऊटगिर का किरता है जो बहुत पुराना है। इस किसे का भीतरी हिस्सा महाराजा हरपाल ने बनवाया था।
राज्य भर में छोटे बड़े १२ कि हैं। उन माम १ पा महल, २ विममगड़, ३- मंडरायक्ष, ४ - सपोटरा दौलतपुरा, ७-पाती, बंबूरा - सुडा, १० विएडा ११ जुवाई और १२-ऊटगिर है। इनमें से किसा तिमनगढ़, मांडरायल, छटगिर और करोली पड़े किसे है, छोटे हैं।
ऐतिहासिक और प्रसिद्ध स्थान
पुरानी धवारीकी योज की शेषकता के लिये मुख्य स्थान विममगढ़ और यहादुरपुर है। परन्तु ये दोनों स्थान बजड़े हुए व शहर है। इन स्थानों पर इतिहास की माममी शिवाय भादि मिल सकते है, परन्तु किन 2
तो राज्य का ध्यान उधर गया है और न इतिहास प्रेमियों का । तिमनगढ़ का किला बयाना के अग्निकोण मे १५ मील पर है उसे महाराजा तहवनपाल यादव ने बनवाया था । वह आज भी भारत के प्राचीन शिल्प की गर्दन ऊँची कर रहा है। उसकी शिल्पकारी बहुत ही सुन्दर है। इसके चारों तरफ पहाड़ हैं और तलहटी मे एक सुन्दर तालाव है। पहले ये करौली की राजधानी थी। इसमें बाजार, महल और बड़े-बड़े सुन्दर मकान थे । जो आज खंडहर रूप मे हैं। आजकल इस किले में एक भी आदमी नहीं रहता है । वह सिंह, वघेरा आदि हिसक पशुओं का घर बन रहा है। क्या ही अच्छा हो राज्य इस किले की झाड़ी को कटवा कर कुछ बस्ती को वहाँ बसावे । यदि यह न हो तो कम से कम किले का जीर्णोद्धार करके दूसरे किलों की तरह वहाँ पर भी कुछ सिपाही रक्खें ताकि उसकी प्राचीन कारीगरी नष्ट न हो ।
बहादुरपुर करौली से ८ मील पश्चिम में व ऊटगिर से १८ मील उत्तर मे है । इसे राजा गोपालदास के पुत्र बहादुर ने बसाया था । किसी समय यह एक अच्छा नगर था जिसके खंडहर आज दिखाई देते हैं । इस समय यहाँ थोड़ी सी बस्ती है । इसके आसपास सॉपो का बड़ा डर रहता है ।
करौली- - यह राजधानी है और इसके चारो तरफ लाल पत्थर को पक्की शहरपनाह है, जो सवा दो मील के घेरे में है। शहर की आबादी १६,६७१ हैं, जिसमे हिन्दू १५, ४४४ ( जैनी ३५२), मुसलमान ४, २१३ और ईसाई १६ हैं । इस नगर का पुराना नाम भद्रावती कहा जाता है । इसको महाराजा अजुनदेव यादव ने सं० १४०५ (ई० सन १३३८) मे बसाया था, तब इसका नाम कल्याणजी के मन्दिर के पीछे कल्याणपुरी पड़ा । इस शब्द का करौली हुआ है । यह शहर मथुरा, ग्वालियर, आगरा, अलवर, जयपुर और टोंक से ७० मील के फासले पर है। राजधानी के परकोटे में ६ दरवाजे और ११ खिडकियों और उसके चारों तरफ मिट्टी का एक धूलकोट है । धूलकोट के पास ही उन यादव राजाओं की देवलियां ( स्मृति भवनचबूतरें ) हैं जो युद्ध में एक साथ मारे गये थे। महाराजा अजुनदेव के बनाये महल इस समय नहीं हैं परन्तु उस वक्त के महलों के बाग के वृक्ष अब तक हैं। दिल्ली की शाही इमारतों के ढंग पर लाल पत्थर से महाराजा गोपालपाल के बनवाये हुए महल बहुत सुन्दर हैं । इन महलो का घेरा २,२४० गज के लगभग है और उसके गिर्द एक ऊँची दीवार का अहाता है। महलों में चित्रकारी का काम बहुत उम्दा है। शहर के कुल मकान लाल पत्थर के बने हुए हैं जिसमे कई कीमती और अच्छे मकान हैं। खूवराम प्रधान और अजीतसिंह के मकान खूब ऊँचे बने हुए हैं। सब से सुन्दर मन्दिर " शिरोमणि का मन्दिर " है, जिसे महाराजा प्रतापपाल ने सं० १८६४ (ई० सन १८३७) में
बनवाया था। सब से बड़ा मन्दिर मदन मोहन का है जिसकी मूर्ति जयपुर के महाराजा जगवसिंह से महाराजा गोपालपाल लाये थे। शहर सफाई के लिए म्युनिसीपस्टी है, जो राज्य भर में एक ही है। इसकी सालाना आमदनी ७,६०० रु० और खर्च ७,१२७ रुपये है। सड़कों की जड़ाई पत्थर से है और सफाइ अच्छी है। शहर के बाहर दो मील तक भद्रावती नदी के वहाव से कटी हुई जमीन ऊँची नीची है। दो पहाड़ियों पर छोटे-छोटे से बने हुए हैं। शहर के बाहर नाहर दरवाजे के पास "कलकता" नामक स्थान पर शिवरात्रि का मेजा फाल्गुन यदि १२ से सुदि १२ तक लगता है, जिसमें कराब २० हजार पशुओं का लेन देन होता है। राम्प को इस मेले से ११ हजार की आय होती है। इस स्थान का 'कसकता" नाम महाराजा अमोलकपाल ने अॅमेज पीछे रक्खा था ।
केला देवी का मन्दिर -करौली शहर से १६ मील और हिन्डौन से ३६ मील पक्की सड़क पर कक्षा देवी नाम का एक विशाल ष सुन्दर मन्दिर है जिसमें सभी जातियों के लोग यहा तक कि अछूत (इरिजन ) भी दशनों के लिये प्रवेश कर सकते हैं। यहाँ एक मेला चैत्र यदि १ से चैत्र सुवि १५ तक १ मास का लगता है जिसमें भास पास के स्थानों से करीव एक लाख पात्री मा जात हैं। इस मेले पर राज्य को मन्दिर के भेट चढ़ावे से करीब ३० हजार सालाना की आय व १६ हजार रु० सच है। ये रकम मन्दिर के व मेले के सुधार में ही सभ की जाती है। यह मन्दिर एक पहाड़ी पर सुन्दर स्थान पर बना हुआ है जिसकी दीवारों व भव पर हिन्दू, पुराण, इतिहास व स्थानीय राजाओं के चित्र दिये हुए हैं। पास ही एक बड़ी घमशाला है। यह केला स्थान ऊटगिर के रास्ते में है।
सपोटरा - इसकी भाषादी १७१० मनुष्यों की है। यहाँ एक किशा अदाइ सौ वर्ष का पुराना रखनपाल के पुत्र सयपाल का बनाया हुआ है। यहाँ इस्तेबार इटवाड़ा क्षगता है। मीनों की यहाँ अधिक बस्ती है और ष ही यहाँक फर्मवार है। द्वीपों के घर भी अधिक है। आगी लोग मारू बनाते है ओ पी वोटा राज्य में भेजी जाती है। पानी २० हाम की गहराई पर मिल जाता है।
मंडरायल - यह एक पुराने किसे के लिए प्रसिद्ध है जो यादयों की राजधानी में पहले समय का पना हुआ है। किसा भासपास की भूमि से करीव ४,४०० फीट ऊँचा है। इसकी भाषादी २,७०१ मनुष्यों की है। करीब डेढ़ सौ पप स यहाँ जमींदारी ब्राह्मणों की होगई है। पदल मीना जाति की थी। इस नगर के पागे तर महाराजा यशपाल का बनवाया शहर पनाह है। एक पहाड़ी पर मानगाह की दरगाड़ दे।
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तहसील मांसलपुर-यह राजधानी से उत्तर-पूर्व में है। इसके दो ताल्लुके चौरासी और सेरणी नाम से है। क्षेत्रफल दो सौ तेईस वर्गमील यानी एक,बयालीस,सात सौ बीस एकड़ और भावादी बीस,छः सौ छप्पन मनुष्यों की है। गाँव कुत जिसमें से चौवन खालसा और अट्ठाईस जागीरी है। मुसलमानों के जमाने में चौरासी गाँव इस वास्तुके में होने से ये पौरासी कहलाया है। यह चौरासी का इलाका राजा गोपालदास के पूर्वजों के हाथ से निकल गया था परन्तु पाँच सौ वर्ष के पाद बादशाह अकवर ने राजा गोपालदास को उसकी दक्सिन की य में की हुई सेवाओं के एवज में वापिस दिया था। यह पानी प्रदेश है और यहाँ पर एक हजार फुट से लेकर तेरह सौ फुट ऊँची पहाड़ियों पाई जाती हैं। इस तहसील में कर्मों का पानी बीस हाथ की गहराई पर पाया जाता है। यहाँ गूबर, मीना और जाटों की जमींदारी है। पहले यहाँ के जमदार गोंज अकुर थे जिन्हें महाराजा गोपालदास ने यहाँ से निकाल दिया। तहसील ऊटगिर - यह तहसील करौली से दक्षिण पश्चिम में है। इसके छः ताल्लुके हैं जिसमें तैंतीस गाँव है। भाषादी छः,अड़तालीस मनुष्यों की है। फी वर्गमील इक्कीस मनुष्यों की औसत है। क्षेत्रफल तीन सौ छः वर्गमील पानी एक,सरसठ,सात सौ साठ एकड़ है। पहले यह प्रदेश क्षोघा लोगों के कब्जे में था ओ मंडरायल और उटगिर के बादशाही शकिमों को सिराज देव थे। रामा अर्जुनपाल ने संशून्य एक हज़ार तीन सौ सत्रह में इस इलाके पर अपना कम्या किया और सोषा लोगों से मालगुजारी बसूल की । लोषों के बनवाये हुए वन्य और धामाप अब तक मौजूद हैं। भग इस तहसील में गूजर ष मीने ही अधिक पसते है। यहाँ कप नहीं है। बन्दों में भी गर्मी के दिनों में पानी सूख जाता है। दर्शनीय स्थानों में ऊटगिर का किरता है जो बहुत पुराना है। इस किसे का भीतरी हिस्सा महाराजा हरपाल ने बनवाया था। राज्य भर में छोटे बड़े बारह कि हैं। उन माम एक पा महल, दो विममगड़, तीन- मंडरायक्ष, चार - सपोटरा दौलतपुरा, सात-पाती, बंबूरा - सुडा, दस विएडा ग्यारह जुवाई और बारह-ऊटगिर है। इनमें से किसा तिमनगढ़, मांडरायल, छटगिर और करोली पड़े किसे है, छोटे हैं। ऐतिहासिक और प्रसिद्ध स्थान पुरानी धवारीकी योज की शेषकता के लिये मुख्य स्थान विममगढ़ और यहादुरपुर है। परन्तु ये दोनों स्थान बजड़े हुए व शहर है। इन स्थानों पर इतिहास की माममी शिवाय भादि मिल सकते है, परन्तु किन दो तो राज्य का ध्यान उधर गया है और न इतिहास प्रेमियों का । तिमनगढ़ का किला बयाना के अग्निकोण मे पंद्रह मील पर है उसे महाराजा तहवनपाल यादव ने बनवाया था । वह आज भी भारत के प्राचीन शिल्प की गर्दन ऊँची कर रहा है। उसकी शिल्पकारी बहुत ही सुन्दर है। इसके चारों तरफ पहाड़ हैं और तलहटी मे एक सुन्दर तालाव है। पहले ये करौली की राजधानी थी। इसमें बाजार, महल और बड़े-बड़े सुन्दर मकान थे । जो आज खंडहर रूप मे हैं। आजकल इस किले में एक भी आदमी नहीं रहता है । वह सिंह, वघेरा आदि हिसक पशुओं का घर बन रहा है। क्या ही अच्छा हो राज्य इस किले की झाड़ी को कटवा कर कुछ बस्ती को वहाँ बसावे । यदि यह न हो तो कम से कम किले का जीर्णोद्धार करके दूसरे किलों की तरह वहाँ पर भी कुछ सिपाही रक्खें ताकि उसकी प्राचीन कारीगरी नष्ट न हो । बहादुरपुर करौली से आठ मील पश्चिम में व ऊटगिर से अट्ठारह मील उत्तर मे है । इसे राजा गोपालदास के पुत्र बहादुर ने बसाया था । किसी समय यह एक अच्छा नगर था जिसके खंडहर आज दिखाई देते हैं । इस समय यहाँ थोड़ी सी बस्ती है । इसके आसपास सॉपो का बड़ा डर रहता है । करौली- - यह राजधानी है और इसके चारो तरफ लाल पत्थर को पक्की शहरपनाह है, जो सवा दो मील के घेरे में है। शहर की आबादी सोलह,छः सौ इकहत्तर हैं, जिसमे हिन्दू पंद्रह, चार सौ चौंतालीस , मुसलमान चार, दो सौ तेरह और ईसाई सोलह हैं । इस नगर का पुराना नाम भद्रावती कहा जाता है । इसको महाराजा अजुनदेव यादव ने संशून्य एक हज़ार चार सौ पाँच मे बसाया था, तब इसका नाम कल्याणजी के मन्दिर के पीछे कल्याणपुरी पड़ा । इस शब्द का करौली हुआ है । यह शहर मथुरा, ग्वालियर, आगरा, अलवर, जयपुर और टोंक से सत्तर मील के फासले पर है। राजधानी के परकोटे में छः दरवाजे और ग्यारह खिडकियों और उसके चारों तरफ मिट्टी का एक धूलकोट है । धूलकोट के पास ही उन यादव राजाओं की देवलियां हैं जो युद्ध में एक साथ मारे गये थे। महाराजा अजुनदेव के बनाये महल इस समय नहीं हैं परन्तु उस वक्त के महलों के बाग के वृक्ष अब तक हैं। दिल्ली की शाही इमारतों के ढंग पर लाल पत्थर से महाराजा गोपालपाल के बनवाये हुए महल बहुत सुन्दर हैं । इन महलो का घेरा दो,दो सौ चालीस गज के लगभग है और उसके गिर्द एक ऊँची दीवार का अहाता है। महलों में चित्रकारी का काम बहुत उम्दा है। शहर के कुल मकान लाल पत्थर के बने हुए हैं जिसमे कई कीमती और अच्छे मकान हैं। खूवराम प्रधान और अजीतसिंह के मकान खूब ऊँचे बने हुए हैं। सब से सुन्दर मन्दिर " शिरोमणि का मन्दिर " है, जिसे महाराजा प्रतापपाल ने संशून्य एक हज़ार आठ सौ चौंसठ में बनवाया था। सब से बड़ा मन्दिर मदन मोहन का है जिसकी मूर्ति जयपुर के महाराजा जगवसिंह से महाराजा गोपालपाल लाये थे। शहर सफाई के लिए म्युनिसीपस्टी है, जो राज्य भर में एक ही है। इसकी सालाना आमदनी सात,छः सौ रुपयाशून्य और खर्च सात,एक सौ सत्ताईस रुपयापये है। सड़कों की जड़ाई पत्थर से है और सफाइ अच्छी है। शहर के बाहर दो मील तक भद्रावती नदी के वहाव से कटी हुई जमीन ऊँची नीची है। दो पहाड़ियों पर छोटे-छोटे से बने हुए हैं। शहर के बाहर नाहर दरवाजे के पास "कलकता" नामक स्थान पर शिवरात्रि का मेजा फाल्गुन यदि बारह से सुदि बारह तक लगता है, जिसमें कराब बीस हजार पशुओं का लेन देन होता है। राम्प को इस मेले से ग्यारह हजार की आय होती है। इस स्थान का 'कसकता" नाम महाराजा अमोलकपाल ने अॅमेज पीछे रक्खा था । केला देवी का मन्दिर -करौली शहर से सोलह मील और हिन्डौन से छत्तीस मील पक्की सड़क पर कक्षा देवी नाम का एक विशाल ष सुन्दर मन्दिर है जिसमें सभी जातियों के लोग यहा तक कि अछूत भी दशनों के लिये प्रवेश कर सकते हैं। यहाँ एक मेला चैत्र यदि एक से चैत्र सुवि पंद्रह तक एक मास का लगता है जिसमें भास पास के स्थानों से करीव एक लाख पात्री मा जात हैं। इस मेले पर राज्य को मन्दिर के भेट चढ़ावे से करीब तीस हजार सालाना की आय व सोलह हजार शून्य रुपया सच है। ये रकम मन्दिर के व मेले के सुधार में ही सभ की जाती है। यह मन्दिर एक पहाड़ी पर सुन्दर स्थान पर बना हुआ है जिसकी दीवारों व भव पर हिन्दू, पुराण, इतिहास व स्थानीय राजाओं के चित्र दिये हुए हैं। पास ही एक बड़ी घमशाला है। यह केला स्थान ऊटगिर के रास्ते में है। सपोटरा - इसकी भाषादी एक हज़ार सात सौ दस मनुष्यों की है। यहाँ एक किशा अदाइ सौ वर्ष का पुराना रखनपाल के पुत्र सयपाल का बनाया हुआ है। यहाँ इस्तेबार इटवाड़ा क्षगता है। मीनों की यहाँ अधिक बस्ती है और ष ही यहाँक फर्मवार है। द्वीपों के घर भी अधिक है। आगी लोग मारू बनाते है ओ पी वोटा राज्य में भेजी जाती है। पानी बीस हाम की गहराई पर मिल जाता है। मंडरायल - यह एक पुराने किसे के लिए प्रसिद्ध है जो यादयों की राजधानी में पहले समय का पना हुआ है। किसा भासपास की भूमि से करीव चार,चार सौ फीट ऊँचा है। इसकी भाषादी दो,सात सौ एक मनुष्यों की है। करीब डेढ़ सौ पप स यहाँ जमींदारी ब्राह्मणों की होगई है। पदल मीना जाति की थी। इस नगर के पागे तर महाराजा यशपाल का बनवाया शहर पनाह है। एक पहाड़ी पर मानगाह की दरगाड़ दे।
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे (Former Mumbai Police Commissioner Sanjay Pandey) को गिरफ्तार कर लिया है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी एनएसई (NSE) फोन टैपिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे (Former Mumbai Police Commissioner Sanjay Pandey) को गिरफ्तार कर लिया है। बीते सोमवार को ईडी ने पूछताछ के लिए पांडे को बुलाया था और उससे पहले सीबीआई ने भी पूछताछ की थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत संजय पांडे को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा और ईडी पूछताछ के लिए हिरासत की मांग करेगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व सीएमडी चित्रा रामकृष्णन इस मामले में पहले से ही ईडी की हिरासत में हैं और वह भी उस समय ईडी की हिरासत में हैं। कंपनी ने एनएसई का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था।
जानकारी के लिए बता दें कि जांच के दौरान संजय पांडे कंपनी के मामलों और गतिविधियों से निकटता से जुड़े हुए हैं। इस कंपनी ने एनएसई का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। संजय पांडे को मार्च 2001 में आईसेक सिक्योरिटीज कंपनी में शामिल किया गया था और उन्होंने मई 2006 में इसके निदेशक के रूप में पद छोड़ दिया। तब कंपनी को उनके बेटे और मां ने संभाला था।
दूसरी तरफ सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कथित अवैध टैपिंग के लिए कंपनी को 4. 45 करोड़ रुपये मिले थे। दावा तो यह भी किया गया है कि कंपनी ने टेप की गई बातचीत की एक लिखित प्रति स्टॉक एक्सचेंज के वरिष्ठ प्रबंधन को दी थी। बता दें कि उद्धव ठाकरे सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र के डीजीपी का प्रभार दिया था। हालांकि, आईपीएस रजनीश सेठ को महाराष्ट्र के डीजीपी के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद उनसे यह प्रभार सरकार ने वापस ले लिया था। पांडे बीते महीने ही रिटायर हुए हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे को गिरफ्तार कर लिया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी एनएसई फोन टैपिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे को गिरफ्तार कर लिया है। बीते सोमवार को ईडी ने पूछताछ के लिए पांडे को बुलाया था और उससे पहले सीबीआई ने भी पूछताछ की थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत संजय पांडे को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा और ईडी पूछताछ के लिए हिरासत की मांग करेगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्व सीएमडी चित्रा रामकृष्णन इस मामले में पहले से ही ईडी की हिरासत में हैं और वह भी उस समय ईडी की हिरासत में हैं। कंपनी ने एनएसई का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। जानकारी के लिए बता दें कि जांच के दौरान संजय पांडे कंपनी के मामलों और गतिविधियों से निकटता से जुड़े हुए हैं। इस कंपनी ने एनएसई का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। संजय पांडे को मार्च दो हज़ार एक में आईसेक सिक्योरिटीज कंपनी में शामिल किया गया था और उन्होंने मई दो हज़ार छः में इसके निदेशक के रूप में पद छोड़ दिया। तब कंपनी को उनके बेटे और मां ने संभाला था। दूसरी तरफ सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कथित अवैध टैपिंग के लिए कंपनी को चार. पैंतालीस करोड़ रुपये मिले थे। दावा तो यह भी किया गया है कि कंपनी ने टेप की गई बातचीत की एक लिखित प्रति स्टॉक एक्सचेंज के वरिष्ठ प्रबंधन को दी थी। बता दें कि उद्धव ठाकरे सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र के डीजीपी का प्रभार दिया था। हालांकि, आईपीएस रजनीश सेठ को महाराष्ट्र के डीजीपी के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद उनसे यह प्रभार सरकार ने वापस ले लिया था। पांडे बीते महीने ही रिटायर हुए हैं।
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पिछले हफ्तों में सोने के दामों (gold price today) में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला है। पिछले महीने की शुरुआत में सोने और डॉलर इंडेक्स के बीच हुए मुक़ाबले में सोने ने कुछ सत्रों में जबरदस्त तेजी दर्ज की थी। वहीं कुछ हफ़्तों के बाद ही डॉलर इंडेक्स मज़बूत हुआ और सोने के दाम गिर गए। पिछले कुछ सत्रों के गिरावट के बाद आज फिर सोने के दाम कुछ बढ़े हैं। वहीं चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है।
मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज पर नज़र डालें तो आज सोने के भाव 47,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। वहीं, चांदी की बात करें तो MCX पर चांदी 64,432 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा है। पिछले वर्ष 14 नवंबर को दिवाली मनाई गई थी, जिस दिन सोने का दाम 51,000 प्रति 10 ग्राम से ऊपर था। वहीं दिवाली के पांच दिन पहले यानी 9 नवंबर को इसकी कीमत 52,000 से ऊपर थी और 30 नवंबर को इसकी कीमत गिरकर 48,100 रुपये हो गई थी। इस हिसाब से देखा जाए तो इस साल दिवाली पर सोने का भाव पिछले साल के मुकाबले 3,100-3,400 रुपये तक सस्ता हो गया है।
आज सोने-चांदी की कीमत कुछ इस प्रकार हैंः
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पिछले हफ्तों में सोने के दामों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला है। पिछले महीने की शुरुआत में सोने और डॉलर इंडेक्स के बीच हुए मुक़ाबले में सोने ने कुछ सत्रों में जबरदस्त तेजी दर्ज की थी। वहीं कुछ हफ़्तों के बाद ही डॉलर इंडेक्स मज़बूत हुआ और सोने के दाम गिर गए। पिछले कुछ सत्रों के गिरावट के बाद आज फिर सोने के दाम कुछ बढ़े हैं। वहीं चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज पर नज़र डालें तो आज सोने के भाव सैंतालीस,छः सौ सत्तर रुपयापये प्रति दस ग्राम पर बिक रहा है। वहीं, चांदी की बात करें तो MCX पर चांदी चौंसठ,चार सौ बत्तीस रुपयापये प्रति किलोग्राम पर चल रहा है। पिछले वर्ष चौदह नवंबर को दिवाली मनाई गई थी, जिस दिन सोने का दाम इक्यावन,शून्य प्रति दस ग्राम से ऊपर था। वहीं दिवाली के पांच दिन पहले यानी नौ नवंबर को इसकी कीमत बावन,शून्य से ऊपर थी और तीस नवंबर को इसकी कीमत गिरकर अड़तालीस,एक सौ रुपयापये हो गई थी। इस हिसाब से देखा जाए तो इस साल दिवाली पर सोने का भाव पिछले साल के मुकाबले तीन,एक सौ-तीन,चार सौ रुपयापये तक सस्ता हो गया है। आज सोने-चांदी की कीमत कुछ इस प्रकार हैंः
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160 : सिंधु सभ्यता
प्राप्त न होने से यह कहना कठिन है कि किस देवता का उनके जीवन में सर्वाधिक प्रभुत्व एवं मान्यता थी। मार्शल, मकाइ, व्हीलर आदि विद्वानों का मत है कि संभवतः उस अतीत युग में मातृदेवी की उपासना सबसे अधिक प्रचलित थी और देवताओं में उसका स्थान सर्वोपरि था । केदारनाथ शास्त्री ने वैदिक धर्म की भाँति ही हड़प्पा - वासियों के धर्म में भी पुरुष देवताओं का अधिक महत्त्व माना है। उसके अनुसार सिंधु सभ्यताकाल में मातृदेवी की अपेक्षा पीपल देवता की अधिक महत्ता थी जिसका अंकन मुद्राओं पर सर्वाधिक लोकप्रिय रहा । कालीबंगाँ और लोथल की खुदाइयों से प्राप्त कुछ अग्निकुण्ड सिंधु सभ्यता के धर्म के विषय के कौतूहलवर्धक साक्ष्य उपस्थित करते हैं। इनमें प्राप्त पशुओं की हड्डियों और मिट्टी के पिण्ड, जिनका उल्लेख ऊपर किया जा चुका है, पशु बलि के सूचक लगते हैं।
लोथल में नारि मृण्मूर्तियाँ बहुत कम मिली हैं। रंगनाथ राव तो इन थोड़ी सी नारी आकृतियों में से केवल एक मृणमूर्ति को ही मातृदेवी की मूर्ति मानते हैं। कोटदीजी में मातृदेवी की मूर्तियाँ तो मिली हैं किन्तु लिंग और योनि नहीं मिले। आमरी, कालीबंगाँ, रंगपुर, रोपड़, आलमगीरपुर में भी मातृदेवी की उपासना लोकप्रिय नहीं लगती, बल्कि यह भी संभव है कि इन स्थलों में इसका प्रचलन ही नहीं था । कालीबंगों में भी 'लिंग' और 'योनि' नहीं मिले। वहाँ पर न पत्थर की ही कोई ऐसी मूर्ति मिली है जिसकी देवता की मूर्ति होने की संभावना हो और न मुद्राओं पर ही किसी देवता का अंकन है। अन्य क्षेत्रों की मुद्राओं पर भी मोहेंजोदड़ों की मुद्रा पर प्राप्त शिव-पशुपति जैसा देवता नहीं मिलता। इसका अर्थ यह हुआ कि भौगोलिक तथा अन्य भिन्नताओं के संदर्भ में सिंधु सभ्यता में भी परिवर्तन व परिवर्धन हुए। यह भी संभव है कि परिवर्तन का कारण आर्य संस्कृति के लोगों के साथ संपर्क रहा हो । इस संबंध में साक्ष्य इतने पुष्ट नहीं हैं कि कोई सर्वमान्य और निश्चित अभिमत व्यक्त किया जा सके। यह कहना भी कठिन है कि धर्म के क्षेत्र में सिंधु सभ्यता ने अन्य संस्कृतियों से कब और कितना ग्रहण किया, किन्तु अधिकांश विद्वानों की धारणा है कि परवर्ती धार्मिक विश्वासों में अनेक तत्त्व ऐसे हैं जिनका मूल सिंधु सभ्यता में ढूँढा जा सकता है।
उपर्युक्त विवेचन उस युग के धर्म के बारे में एकांगी और अपर्याप्त सूचना देते हैं। वास्तव में ये साक्ष्य धर्म की जीवन्त रूपरेखा प्रस्तुत करने की बात तो दूर रही उसका पूरा ढाँचा भी नहीं प्रस्तुत करते हैं । भौतिक प्रतीकों की धार्मिक धारणाओं और विश्वासों को अभिव्यक्त करने की अपनी सीमा है।
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एक सौ साठ : सिंधु सभ्यता प्राप्त न होने से यह कहना कठिन है कि किस देवता का उनके जीवन में सर्वाधिक प्रभुत्व एवं मान्यता थी। मार्शल, मकाइ, व्हीलर आदि विद्वानों का मत है कि संभवतः उस अतीत युग में मातृदेवी की उपासना सबसे अधिक प्रचलित थी और देवताओं में उसका स्थान सर्वोपरि था । केदारनाथ शास्त्री ने वैदिक धर्म की भाँति ही हड़प्पा - वासियों के धर्म में भी पुरुष देवताओं का अधिक महत्त्व माना है। उसके अनुसार सिंधु सभ्यताकाल में मातृदेवी की अपेक्षा पीपल देवता की अधिक महत्ता थी जिसका अंकन मुद्राओं पर सर्वाधिक लोकप्रिय रहा । कालीबंगाँ और लोथल की खुदाइयों से प्राप्त कुछ अग्निकुण्ड सिंधु सभ्यता के धर्म के विषय के कौतूहलवर्धक साक्ष्य उपस्थित करते हैं। इनमें प्राप्त पशुओं की हड्डियों और मिट्टी के पिण्ड, जिनका उल्लेख ऊपर किया जा चुका है, पशु बलि के सूचक लगते हैं। लोथल में नारि मृण्मूर्तियाँ बहुत कम मिली हैं। रंगनाथ राव तो इन थोड़ी सी नारी आकृतियों में से केवल एक मृणमूर्ति को ही मातृदेवी की मूर्ति मानते हैं। कोटदीजी में मातृदेवी की मूर्तियाँ तो मिली हैं किन्तु लिंग और योनि नहीं मिले। आमरी, कालीबंगाँ, रंगपुर, रोपड़, आलमगीरपुर में भी मातृदेवी की उपासना लोकप्रिय नहीं लगती, बल्कि यह भी संभव है कि इन स्थलों में इसका प्रचलन ही नहीं था । कालीबंगों में भी 'लिंग' और 'योनि' नहीं मिले। वहाँ पर न पत्थर की ही कोई ऐसी मूर्ति मिली है जिसकी देवता की मूर्ति होने की संभावना हो और न मुद्राओं पर ही किसी देवता का अंकन है। अन्य क्षेत्रों की मुद्राओं पर भी मोहेंजोदड़ों की मुद्रा पर प्राप्त शिव-पशुपति जैसा देवता नहीं मिलता। इसका अर्थ यह हुआ कि भौगोलिक तथा अन्य भिन्नताओं के संदर्भ में सिंधु सभ्यता में भी परिवर्तन व परिवर्धन हुए। यह भी संभव है कि परिवर्तन का कारण आर्य संस्कृति के लोगों के साथ संपर्क रहा हो । इस संबंध में साक्ष्य इतने पुष्ट नहीं हैं कि कोई सर्वमान्य और निश्चित अभिमत व्यक्त किया जा सके। यह कहना भी कठिन है कि धर्म के क्षेत्र में सिंधु सभ्यता ने अन्य संस्कृतियों से कब और कितना ग्रहण किया, किन्तु अधिकांश विद्वानों की धारणा है कि परवर्ती धार्मिक विश्वासों में अनेक तत्त्व ऐसे हैं जिनका मूल सिंधु सभ्यता में ढूँढा जा सकता है। उपर्युक्त विवेचन उस युग के धर्म के बारे में एकांगी और अपर्याप्त सूचना देते हैं। वास्तव में ये साक्ष्य धर्म की जीवन्त रूपरेखा प्रस्तुत करने की बात तो दूर रही उसका पूरा ढाँचा भी नहीं प्रस्तुत करते हैं । भौतिक प्रतीकों की धार्मिक धारणाओं और विश्वासों को अभिव्यक्त करने की अपनी सीमा है।
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43 Inch QLED TV - चूँकि मनोरंजन जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है इसलिए आइए हम अपने लिविंग रूम में एक बेहतरीन मनोरंजन अनुभव सुनिश्चित करने के लिए भारत में मौजूद कुछ सबसे अच्छे QLED टीवी के बारे में जानते हैं जो कि आपके लिए बहुत ही कीमत पर आते हैं और इनकी स्क्रीन साइज 43 इंच है।
43 Inch QLED TV: जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे QLED टीवी ने अपनी प्रभावशाली पिक्चर क्वालिटी और बाइब्रेंट कलर के लिए लोकप्रियता हासिल कर रही हैं। हालाँकि बाज़ार में उपलब्ध कई विकल्पों के साथ अपने लिए सही QLED टीवी चुनना एक कठिन काम हो सकता है, क्योंकि आपको इनकी खरीददारी करने से पहले कई कारकों पर विचार करना पड़ता है, जिसमें कीमत, फीचर्स, कनेक्टिविटी, साउंड और पिक्चर क्वालिटी आदि शामिल है। हालाँकि अब आपको कहीं भटकना नहीं होगा और यहीं पर आपके नए Television सेट की खोज पूरी होगी।
दरअसल इस लेख में हम आपको भारत में उपलब्ध सबसे अच्छे 43 Inch QLED TV और Smart TV Price की सूची लेकर आए हैं, जो कि आपकी इस तलाश को पूरा करने का कार्य करेगा। इन टेलीविज़न सेट में आपको आश्चर्यजनक विजुअल क्वालिटी, इमर्सिव ऑडियो और कई प्रकार की सुविधाएँ मिल जाती है, जो कि आपके टीवी देखने के अनुभव को बढ़ाते हैं।
Google TV vs Android TV की भी करें जांच.
भारत में सैमसंग, हिसेंसे, सैंसुइ, टीसीएल, वेस्टिंगहाउस, वीयू, एसर और एलजी जैसे कई ब्रांड हैं, जो QLED पैनल वाले अपने Television की पेश कश करते हैं। हालाँकि इस लेख में हम आपको कुछ चुनिंदा 43 Inch Smart TV के बारे में ही जानकारी देने जा रहे हैं। आइए अब इन सेट के बारे में विस्तार से जानते हैं।
QLED TV की दुनिया में सैमसंग एक बड़ा नाम है और इस Samsung 4K TV को यूजर्स ने 4. 1 स्टार की रेटिंग दी है। यह टेलीविजन सेट 3840x2160 की 4के रेजोल्यूशन, 50 Hertz के रिफ्रेश रेट के साथ पेश किया जाता है और 20 वॉट का साउंड दिया गया है। Samsung Smart TV Price: Rs 56,825.
Google TV प्लेटफार्म पर संचालित होने वाली यह TCL Smart TV को यूजर्स ने 4. 2 स्टार की दमदार रेटिंग दी है और इसे भारत में बहुत पसंद किया जाता है। इस 43 Inch QLED TV को भारत में बहुत पंसद किया जाता है और इसमें आप अपने पंसदीदा चैनल के साथ-साथ प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म का भा आनंद ले सकते हैं। TCL QLED TV Price: Rs 38,990.
V सीरीज वाली यह Acer Google TV भी आपके लिए एक किफायती कीमत वाली विकल्प है और यह भी बहुत ज्यादा पसंद की जाने वाली 43 Inch Smart TV है। यह टीवी नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, जी5, इरोज नाउ, जिओसिनेमा, हंगामा, हॉटस्टार और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म को सपोर्ट करता है। Acer Smart TV Price: Rs 29,999.
यूजर्स ने इस TCL QLED Google TV को 4. 2 स्टार की रेटिंग दी है और इसे भारत में बहुत पसंद की जाती है। इस 43 Inch Smart TV में नेटफ्लिक्स, जी5, प्राइम वीडियो, सन टीवी, यूट्यूब और हॉटस्टार जैसे प्लेटफार्म का भी आनंद ले सकते हैं। TCL Smart TV Price: Rs 40,990.
3840x2160 की रेजोल्यूशन और 60 हर्ज्ट के रिफ्रेश रेट वाली यह VW 4K TV इस लिस्ट का सबसे सस्ता प्रोडक्ट है और इसका डिजाइन काफी अच्छा है। यह 43 Inch QLED TV वेबओएस द्वारा संचालित है और इसे मैजिक रिमोट, ThinQ AI वॉयस असिस्टेंट, मिराकास्ट, एप्पल टीवी, एप्पल म्यूजिक और एप्पल एयर प्ले जैसे फीचर्स के साथ पेश किया जाता है। VW Smart TV Price: Rs 21,999.
अमेजन पर सभी 43 Inch QLED TV की जांच करें.
1. कौन सा 4K टीवी सबसे अच्छा है?
सैमसंग और एलजी के पास भारत में सबसे अच्छा 4K टीवी है जो बेहतर कलर, कंट्रास्ट, और चमक के साथ शानदार वीडियो पिक्चर प्रदान करता है।
2. कौन सा टीवी खरीदें 4K या UHD?
सच तो यह है कि 4K टीवी बनाम UHD टीवी खरीदने से औसत दर्शक पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि दोनों ही उत्कृष्ट रिज़ॉल्यूशन प्रदान करते हैं। हालाँकि अगर हाई कॉट्रास्ट के साथ ज्यादा स्पष्ट पिक्चर चाहिए तो आप 4के टीवी खरीदें।
3. क्या OLED 4K से बेहतर है?
4k UHD LED टीवी की तुलना में OLED का व्यूइंग एंगल काफी व्यापक और बेहतर है। एलईडी के विपरीत, जिनमें स्क्रीन पिक्सल के कारण अभी भी शटर की समस्या है, OLED ऑटो लाइट क्षमताओं द्वारा संचालित एडवांस पिक्सल के साथ आता है। इस प्रकार OLED इस विभाग में स्पष्ट विजेता है।
Disclaimer: यहां कीमतें अमेजन के संबंध में परिवर्तन के अधीन हैं।
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तैंतालीस Inch QLED TV - चूँकि मनोरंजन जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है इसलिए आइए हम अपने लिविंग रूम में एक बेहतरीन मनोरंजन अनुभव सुनिश्चित करने के लिए भारत में मौजूद कुछ सबसे अच्छे QLED टीवी के बारे में जानते हैं जो कि आपके लिए बहुत ही कीमत पर आते हैं और इनकी स्क्रीन साइज तैंतालीस इंच है। तैंतालीस Inch QLED TV: जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे QLED टीवी ने अपनी प्रभावशाली पिक्चर क्वालिटी और बाइब्रेंट कलर के लिए लोकप्रियता हासिल कर रही हैं। हालाँकि बाज़ार में उपलब्ध कई विकल्पों के साथ अपने लिए सही QLED टीवी चुनना एक कठिन काम हो सकता है, क्योंकि आपको इनकी खरीददारी करने से पहले कई कारकों पर विचार करना पड़ता है, जिसमें कीमत, फीचर्स, कनेक्टिविटी, साउंड और पिक्चर क्वालिटी आदि शामिल है। हालाँकि अब आपको कहीं भटकना नहीं होगा और यहीं पर आपके नए Television सेट की खोज पूरी होगी। दरअसल इस लेख में हम आपको भारत में उपलब्ध सबसे अच्छे तैंतालीस Inch QLED TV और Smart TV Price की सूची लेकर आए हैं, जो कि आपकी इस तलाश को पूरा करने का कार्य करेगा। इन टेलीविज़न सेट में आपको आश्चर्यजनक विजुअल क्वालिटी, इमर्सिव ऑडियो और कई प्रकार की सुविधाएँ मिल जाती है, जो कि आपके टीवी देखने के अनुभव को बढ़ाते हैं। Google TV vs Android TV की भी करें जांच. भारत में सैमसंग, हिसेंसे, सैंसुइ, टीसीएल, वेस्टिंगहाउस, वीयू, एसर और एलजी जैसे कई ब्रांड हैं, जो QLED पैनल वाले अपने Television की पेश कश करते हैं। हालाँकि इस लेख में हम आपको कुछ चुनिंदा तैंतालीस Inch Smart TV के बारे में ही जानकारी देने जा रहे हैं। आइए अब इन सेट के बारे में विस्तार से जानते हैं। QLED TV की दुनिया में सैमसंग एक बड़ा नाम है और इस Samsung चार केल्विन TV को यूजर्स ने चार. एक स्टार की रेटिंग दी है। यह टेलीविजन सेट तीन हज़ार आठ सौ चालीसxदो हज़ार एक सौ साठ की चारके रेजोल्यूशन, पचास Hertz के रिफ्रेश रेट के साथ पेश किया जाता है और बीस वॉट का साउंड दिया गया है। Samsung Smart TV Price: छप्पन रुपया,आठ सौ पच्चीस. Google TV प्लेटफार्म पर संचालित होने वाली यह TCL Smart TV को यूजर्स ने चार. दो स्टार की दमदार रेटिंग दी है और इसे भारत में बहुत पसंद किया जाता है। इस तैंतालीस Inch QLED TV को भारत में बहुत पंसद किया जाता है और इसमें आप अपने पंसदीदा चैनल के साथ-साथ प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म का भा आनंद ले सकते हैं। TCL QLED TV Price: अड़तीस रुपया,नौ सौ नब्बे. वोल्ट सीरीज वाली यह Acer Google TV भी आपके लिए एक किफायती कीमत वाली विकल्प है और यह भी बहुत ज्यादा पसंद की जाने वाली तैंतालीस Inch Smart TV है। यह टीवी नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, जीपाँच, इरोज नाउ, जिओसिनेमा, हंगामा, हॉटस्टार और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म को सपोर्ट करता है। Acer Smart TV Price: उनतीस रुपया,नौ सौ निन्यानवे. यूजर्स ने इस TCL QLED Google TV को चार. दो स्टार की रेटिंग दी है और इसे भारत में बहुत पसंद की जाती है। इस तैंतालीस Inch Smart TV में नेटफ्लिक्स, जीपाँच, प्राइम वीडियो, सन टीवी, यूट्यूब और हॉटस्टार जैसे प्लेटफार्म का भी आनंद ले सकते हैं। TCL Smart TV Price: चालीस रुपया,नौ सौ नब्बे. तीन हज़ार आठ सौ चालीसxदो हज़ार एक सौ साठ की रेजोल्यूशन और साठ हर्ज्ट के रिफ्रेश रेट वाली यह VW चार केल्विन TV इस लिस्ट का सबसे सस्ता प्रोडक्ट है और इसका डिजाइन काफी अच्छा है। यह तैंतालीस Inch QLED TV वेबओएस द्वारा संचालित है और इसे मैजिक रिमोट, ThinQ AI वॉयस असिस्टेंट, मिराकास्ट, एप्पल टीवी, एप्पल म्यूजिक और एप्पल एयर प्ले जैसे फीचर्स के साथ पेश किया जाता है। VW Smart TV Price: इक्कीस रुपया,नौ सौ निन्यानवे. अमेजन पर सभी तैंतालीस Inch QLED TV की जांच करें. एक. कौन सा चार केल्विन टीवी सबसे अच्छा है? सैमसंग और एलजी के पास भारत में सबसे अच्छा चार केल्विन टीवी है जो बेहतर कलर, कंट्रास्ट, और चमक के साथ शानदार वीडियो पिक्चर प्रदान करता है। दो. कौन सा टीवी खरीदें चार केल्विन या UHD? सच तो यह है कि चार केल्विन टीवी बनाम UHD टीवी खरीदने से औसत दर्शक पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि दोनों ही उत्कृष्ट रिज़ॉल्यूशन प्रदान करते हैं। हालाँकि अगर हाई कॉट्रास्ट के साथ ज्यादा स्पष्ट पिक्चर चाहिए तो आप चारके टीवी खरीदें। तीन. क्या OLED चार केल्विन से बेहतर है? चारk UHD LED टीवी की तुलना में OLED का व्यूइंग एंगल काफी व्यापक और बेहतर है। एलईडी के विपरीत, जिनमें स्क्रीन पिक्सल के कारण अभी भी शटर की समस्या है, OLED ऑटो लाइट क्षमताओं द्वारा संचालित एडवांस पिक्सल के साथ आता है। इस प्रकार OLED इस विभाग में स्पष्ट विजेता है। Disclaimer: यहां कीमतें अमेजन के संबंध में परिवर्तन के अधीन हैं।
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पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता का आयोजन'
हमारे संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंबेडकर कॉलेज एलुमनी क्लब और सोसायटी फॉर शहीद भगत सिंह हेल्प एंड केयर द्वारा पर्यावरण के फ्रति जागरुकता पैदा करने के उद्देश्य के लिए पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फ्राकृतिक आपदाष् विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता में काफी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। जिसमें पहला स्थान हेमंत , दूसरा ज्योति तोमर और तीसरा स्थान फ्राची टंडन ने फ्राप्त किया जिन्हें इस कार्पाम पुरस्कृत किया गया। मनुष्? द्वारा पर्यावरण के साथ छेड? ानी, फ्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण फ्राकृतिक आपदाओं के जन्म लेने और फ्राकृति आपदा के बाद की सोच को विद्यार्थियों ने अपने ब्रश से रंगो के जरिये पोस्टरों पर उकेरा। कॉलेज के फ्राचार्य डा. जी के अरोड़ा ने इस मौके पर कहा कि फ्रकृति के संतुलन को बनाए रखना बेहद जरूरी है और फ्राकृतिक आपदा के समय एक दूसरे का साथ देकर लोगों को दुख के पलों से बाहर निकालें। कार्पाम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शहीद भगत सिंह सोसायटी के अध्यक्ष हिमांशु कालिया ने कहा कि चाहे कोई भी आपदा हो हर आपदा में जान माल का नुकसान होता है। सबसे ज्यादा लोगों को उस समय जरूरत होती है जब वे किसी आपदा के शिकार बन जाते हैं और अस्पताल में उन्हें रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में जरूरी है कि रक्तदान करें और जिंदगी और मौत की लड़ाई से जूझ रहे उस व्यक्ति को नई जिंदगी फ्रदान करें। एलुमनी क्लब के अध्यक्ष गिरीश निशाना ने कहा कि एलुमनी क्लब का उद्देश्य केवल पुराने विद्यार्थियों को ही एक जुट नहीं करना है बल्कि कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भीतर छिपी फ्रतिभा को भी बाहर निकालना है। एलुमनी क्लब की संयोजक डा. चित्रा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने हुनर को दबाकर नहीं रखें बल्कि उसे बाहर निकालें ताकि जिस चीज मे वो माहिर हैं वो दुनिया को भी पता चल सके। पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि सोसायटी फॉर शहीद भगत सिंह हेल्प एंड केयर के अध्यक्ष हिमांशु कालिया, कॉलेज फ्राचार्य डा. जी के अरोड़ा, एलुमनी अध्यक्ष गिरीश निशाना, संयोजक डा. चित्रा रानी, उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह, कार्यकारी सदस्य निहाल सिंह, कर्ण कपूर, विजेन्द्र भगेल, अनुभव सहित काफी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे।
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पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता का आयोजन' हमारे संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंबेडकर कॉलेज एलुमनी क्लब और सोसायटी फॉर शहीद भगत सिंह हेल्प एंड केयर द्वारा पर्यावरण के फ्रति जागरुकता पैदा करने के उद्देश्य के लिए पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फ्राकृतिक आपदाष् विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता में काफी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। जिसमें पहला स्थान हेमंत , दूसरा ज्योति तोमर और तीसरा स्थान फ्राची टंडन ने फ्राप्त किया जिन्हें इस कार्पाम पुरस्कृत किया गया। मनुष्? द्वारा पर्यावरण के साथ छेड? ानी, फ्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण फ्राकृतिक आपदाओं के जन्म लेने और फ्राकृति आपदा के बाद की सोच को विद्यार्थियों ने अपने ब्रश से रंगो के जरिये पोस्टरों पर उकेरा। कॉलेज के फ्राचार्य डा. जी के अरोड़ा ने इस मौके पर कहा कि फ्रकृति के संतुलन को बनाए रखना बेहद जरूरी है और फ्राकृतिक आपदा के समय एक दूसरे का साथ देकर लोगों को दुख के पलों से बाहर निकालें। कार्पाम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शहीद भगत सिंह सोसायटी के अध्यक्ष हिमांशु कालिया ने कहा कि चाहे कोई भी आपदा हो हर आपदा में जान माल का नुकसान होता है। सबसे ज्यादा लोगों को उस समय जरूरत होती है जब वे किसी आपदा के शिकार बन जाते हैं और अस्पताल में उन्हें रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में जरूरी है कि रक्तदान करें और जिंदगी और मौत की लड़ाई से जूझ रहे उस व्यक्ति को नई जिंदगी फ्रदान करें। एलुमनी क्लब के अध्यक्ष गिरीश निशाना ने कहा कि एलुमनी क्लब का उद्देश्य केवल पुराने विद्यार्थियों को ही एक जुट नहीं करना है बल्कि कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भीतर छिपी फ्रतिभा को भी बाहर निकालना है। एलुमनी क्लब की संयोजक डा. चित्रा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने हुनर को दबाकर नहीं रखें बल्कि उसे बाहर निकालें ताकि जिस चीज मे वो माहिर हैं वो दुनिया को भी पता चल सके। पोस्टर मेकिंग फ्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि सोसायटी फॉर शहीद भगत सिंह हेल्प एंड केयर के अध्यक्ष हिमांशु कालिया, कॉलेज फ्राचार्य डा. जी के अरोड़ा, एलुमनी अध्यक्ष गिरीश निशाना, संयोजक डा. चित्रा रानी, उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह, कार्यकारी सदस्य निहाल सिंह, कर्ण कपूर, विजेन्द्र भगेल, अनुभव सहित काफी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे।
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अभय कुमार पाण्डेय नई दिल्ली। डॉ. प्रशांत वेदालंकार के 75वें जन्म दिवस पर हिन्दी भवन में आयोजित प्रशांत स्मृति समारोह में शुक्रवार को सामाजिक, शैक्षणिक व राजनीतिक क्षेत्रों से आए कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। इस अवसर पर प्रशांत वेदलंकार के लिखित विषयों पर भारतीय सांस्कृतिक चिंतन पुस्तक का भी विमोचन किया गया। प्रसिद्ध समाज सेवी वीरेश प्रताप चौधरी के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने की। श्री स्वामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशांत जी लेखनी व सोच में इतिहास की झलक व भविष्य की सोच का समावेश रहता था। डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी भारतीय शिक्षा व वर्तमान राजनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में हमारे देश पर सैकड़ों बार मुस्लिम शासकों ने हमारी संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया। जहां मुस्लिम शासकों ने हम पर शारीरिक अत्याचार किया वहीं अंग्रेजों ने हमारी बुद्धि पर प्रहार किया। आजादी के बाद हमारी शिक्षा का झुकाव भी पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित हो गया क्योंकि पंडित जवाहर लाल नेहरू को पश्चिमी हवा ज्यादा रास आती थी और आज जब देश चलाने वाली सोनिया गांधी हैं ऐसे में भी हमारी वास्तविक शिक्षा पर पश्चिमवाद हावी होता जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इतिहास में भी हमारे शिक्षा की यही स्थिति रही है। एक समय था जब भारत पूरे विश्व में शिक्षा प्राप्त करने का एक मात्र उजाला था। तक्षशिला व नालंदी जैसे जगहों पर विदेशों से भारत शिक्षा प्राप्त करने वालों की होड़ मची थी। श्री स्वामी ने कहा कि आज भारत का पुन वही गौरवशाली समय वापस लाने के लिए हम सब को अपनी पहचान खुद बनानी होगी। भले ही कोई द्रविड़, आर्य, तमिल व अन्य समुदायों में बांटे लेकिन यह स्पष्ट हो चुका है कि कन्याकुमारी से लेकर जम्मू कश्मीर तक भारत का एक ही डीएनए है। हमारे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी है कि अपने इतिहास को स्पष्ट तरीके से समझें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भारत का योग पश्चिम में जाने के बाद हमारे देश लौट आआ ठीक उसी प्रकार संस्कृत की भी हमारे देश में व्यापक तौर पर वापसी है। आज हमारे समाज में बौद्धिक विकास के साथ आध्यात्मिकता का प्रभाव जरूरी है। बेहतर समाज निर्माण के लिए सत्ता व शक्तियों का विकेंद्रीकरम जरूरी है। इस अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी के पूर्व कुलपति सुभाष विद्यालंकार ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बीज भाषण पढ़ा। दिल्ली उत्तरी से मेयर मीरा कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रशांत जी शैक्षिक स्तर पर ही नहीं सामाजिक क्षेत्र में भी आज भी प्रशांत जी के विचार प्रसांगिक हैं। इस कार्यक्रम में भारतीय विद्या भवन के निदेशक अशोक प्रधान व डीयू के पूर्व प्रोफेसर सत्यदेव जी ने भी अपने विचार रखे।
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अभय कुमार पाण्डेय नई दिल्ली। डॉ. प्रशांत वेदालंकार के पचहत्तरवें जन्म दिवस पर हिन्दी भवन में आयोजित प्रशांत स्मृति समारोह में शुक्रवार को सामाजिक, शैक्षणिक व राजनीतिक क्षेत्रों से आए कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। इस अवसर पर प्रशांत वेदलंकार के लिखित विषयों पर भारतीय सांस्कृतिक चिंतन पुस्तक का भी विमोचन किया गया। प्रसिद्ध समाज सेवी वीरेश प्रताप चौधरी के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने की। श्री स्वामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशांत जी लेखनी व सोच में इतिहास की झलक व भविष्य की सोच का समावेश रहता था। डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी भारतीय शिक्षा व वर्तमान राजनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में हमारे देश पर सैकड़ों बार मुस्लिम शासकों ने हमारी संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया। जहां मुस्लिम शासकों ने हम पर शारीरिक अत्याचार किया वहीं अंग्रेजों ने हमारी बुद्धि पर प्रहार किया। आजादी के बाद हमारी शिक्षा का झुकाव भी पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित हो गया क्योंकि पंडित जवाहर लाल नेहरू को पश्चिमी हवा ज्यादा रास आती थी और आज जब देश चलाने वाली सोनिया गांधी हैं ऐसे में भी हमारी वास्तविक शिक्षा पर पश्चिमवाद हावी होता जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इतिहास में भी हमारे शिक्षा की यही स्थिति रही है। एक समय था जब भारत पूरे विश्व में शिक्षा प्राप्त करने का एक मात्र उजाला था। तक्षशिला व नालंदी जैसे जगहों पर विदेशों से भारत शिक्षा प्राप्त करने वालों की होड़ मची थी। श्री स्वामी ने कहा कि आज भारत का पुन वही गौरवशाली समय वापस लाने के लिए हम सब को अपनी पहचान खुद बनानी होगी। भले ही कोई द्रविड़, आर्य, तमिल व अन्य समुदायों में बांटे लेकिन यह स्पष्ट हो चुका है कि कन्याकुमारी से लेकर जम्मू कश्मीर तक भारत का एक ही डीएनए है। हमारे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी है कि अपने इतिहास को स्पष्ट तरीके से समझें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भारत का योग पश्चिम में जाने के बाद हमारे देश लौट आआ ठीक उसी प्रकार संस्कृत की भी हमारे देश में व्यापक तौर पर वापसी है। आज हमारे समाज में बौद्धिक विकास के साथ आध्यात्मिकता का प्रभाव जरूरी है। बेहतर समाज निर्माण के लिए सत्ता व शक्तियों का विकेंद्रीकरम जरूरी है। इस अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी के पूर्व कुलपति सुभाष विद्यालंकार ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बीज भाषण पढ़ा। दिल्ली उत्तरी से मेयर मीरा कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रशांत जी शैक्षिक स्तर पर ही नहीं सामाजिक क्षेत्र में भी आज भी प्रशांत जी के विचार प्रसांगिक हैं। इस कार्यक्रम में भारतीय विद्या भवन के निदेशक अशोक प्रधान व डीयू के पूर्व प्रोफेसर सत्यदेव जी ने भी अपने विचार रखे।
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अभिनेत्री लिंडसे लोहान ने कथित तौर पर एक वयस्क फिल्म में काम करना स्वीकार किया है। वेबसाइट 'शोबिज स्पाई डॉट कॉम' ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है, "लोहान का अभिनय करियर अवसान पर है और अब उनके साथ प्रतिष्ठित लोग काम नहीं करना चाहते। "
ऐसा कहा जा रहा है कि लोहान नादिया सुलेमान द्वारा तैयार 'ओक्टोमॉम' नाम की वयस्क फिल्म में काम करेंगी, जिसे अमेरिकी फिल्म जगत में पोर्न फिल्म का दर्जा प्राप्त है।
इसका कारण यह है कि कई विवादों से घिरी लोहान को खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए इन दिनों वकीलों को मोटी फीस देनी पड़ रही है और वह पैसे की कमी से उबरने के लिए ऐसी फिल्मों में काम करने को तैयार हैं।
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अभिनेत्री लिंडसे लोहान ने कथित तौर पर एक वयस्क फिल्म में काम करना स्वीकार किया है। वेबसाइट 'शोबिज स्पाई डॉट कॉम' ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है, "लोहान का अभिनय करियर अवसान पर है और अब उनके साथ प्रतिष्ठित लोग काम नहीं करना चाहते। " ऐसा कहा जा रहा है कि लोहान नादिया सुलेमान द्वारा तैयार 'ओक्टोमॉम' नाम की वयस्क फिल्म में काम करेंगी, जिसे अमेरिकी फिल्म जगत में पोर्न फिल्म का दर्जा प्राप्त है। इसका कारण यह है कि कई विवादों से घिरी लोहान को खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए इन दिनों वकीलों को मोटी फीस देनी पड़ रही है और वह पैसे की कमी से उबरने के लिए ऐसी फिल्मों में काम करने को तैयार हैं।
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Steve Smith on Cheteshwar Pujara: चेतेश्वर पुजारा और स्टीव स्मिथ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले काउंटी क्रिकेट में एक ही टीम से खेलने वाले हैं। ये काउंटी क्रिकेट में स्टीव स्मिथ का डेब्यू होगा। पुजारा के साथ खेलने को लेकर स्टीव स्मिथ ने क्या कुछ कहा है, आइए जानते हैं।
स्टीव स्मिथ (Sussex Cricket)
ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ काउंटी क्रिकेट में पदार्पण करने और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल से पहले भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा से कुछ सीखने को लेकर काफी उत्साहित हैं। स्मिथ के ससेक्स की तरफ से तीन मैचों में वॉर्सेस्टरशर (4-7 मई), लीसेस्टरशर (11-14 मई) और ग्लेमोर्गन (18-22 मई) के खिलाफ खेलने की संभावना है। इन मैचों से स्मिथ सात जून से होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल और 16 जून से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली एशेज श्रृंखला के लिए तैयारी करेंगे।
डब्ल्यूटीसी फाइनल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सात से 11 जून तक ओवल में खेला जाएगा। पुजारा अभी लंबी अवधि के प्रारूप में ससेक्स की कप्तानी कर रहे हैं तथा वह इस काउंटी टीम के लिए आगामी मैचों में तीसरे जबकि स्मिथ चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतर सकते हैं। स्मिथ ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग के कारण उन्हें विरोधी टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने में मदद मिली और वह पुजारा के साथ खेलने को लेकर उत्साहित हैं।
ट्रेंडिंगः
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Steve Smith on Cheteshwar Pujara: चेतेश्वर पुजारा और स्टीव स्मिथ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले काउंटी क्रिकेट में एक ही टीम से खेलने वाले हैं। ये काउंटी क्रिकेट में स्टीव स्मिथ का डेब्यू होगा। पुजारा के साथ खेलने को लेकर स्टीव स्मिथ ने क्या कुछ कहा है, आइए जानते हैं। स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ काउंटी क्रिकेट में पदार्पण करने और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा से कुछ सीखने को लेकर काफी उत्साहित हैं। स्मिथ के ससेक्स की तरफ से तीन मैचों में वॉर्सेस्टरशर , लीसेस्टरशर और ग्लेमोर्गन के खिलाफ खेलने की संभावना है। इन मैचों से स्मिथ सात जून से होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल और सोलह जून से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली एशेज श्रृंखला के लिए तैयारी करेंगे। डब्ल्यूटीसी फाइनल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सात से ग्यारह जून तक ओवल में खेला जाएगा। पुजारा अभी लंबी अवधि के प्रारूप में ससेक्स की कप्तानी कर रहे हैं तथा वह इस काउंटी टीम के लिए आगामी मैचों में तीसरे जबकि स्मिथ चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतर सकते हैं। स्मिथ ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग के कारण उन्हें विरोधी टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने में मदद मिली और वह पुजारा के साथ खेलने को लेकर उत्साहित हैं। ट्रेंडिंगः
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आर्थिक सुस्ती का असर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर भी दिखाई देने लगा है। माल बुकिंग में भारी गिरावट आने से ट्रांसपोर्टरों के लिए कर्ज की किस्तें अदा करना मुश्किल हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
देश के परिवहन क्षेत्र पर पैनी नजर रखने वाली विशेषज्ञ संस्था इंडियन फाउंडेशन आफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आइएफटीआरटी) के मुताबिक आर्थिक सुस्ती की वजह से ट्रांसपोर्टरों की बुकिंग में भारी गिरावट देखने को आ रही है। माल ढुलाई के पर्याप्त ऑर्डर न मिलने से ट्रांसपोर्टरों के 30-40 फीसद ट्रक खाली खड़े हैं।
आमदनी में गिरावट के कारण ट्रासंपोर्टरों के लिए ट्रक खरीदी की खातिर लिए गए कर्ज की किस्तें चुकाने में मुश्किलें आ रही हैं। ट्रांसपोर्टर बैंकों से गुहार लगा रहे हैं कि किस्त अदा करने के लिए उन्हें कुछ मोहलत दी जाए। पिछले दिनों इंदौर के ट्रक ऑपरेटरों के संगठन इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने बैकों और वित्तीय संस्थाओं को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मोहलत मांगी है।
एचडीएफसी, एक्सिस, आइसीआइसीआइ, कोटक महिंद्रा और यस बैंक के अलावा टाटा फाइनेंस, महिंद्रा फाइनेंस, सुंदरम फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, चोलामंडलम फाइनेंस को भेजे पत्र में किस्त अदायगी में दो-तीन माह की छूट की मांग की गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएल मुकाली ने लिखा है कि 'ट्रक ऑपरेटर एवं ट्रांसपोर्ट व्यापारी पिछले छह-सात माह से व्यापार में संघर्ष कर रहे हैं, मगर किसी तरह का सुधार नहीं हो रहा है।
अगले दो-तीन माह में भी इसकी कोई उम्मीद नहीं दिखाई देती। डीजल के रेट बढ़ने के साथ ट्रकों की मासिक रनिंग बहुत कम हो गई है। ऐसे में नियमित किस्त देने वाले ऑपरेटर भी आगे किस्त नहीं दे पाएंगे। ' आइएफटीआरटी के संयोजक एसपी सिंह ने कहा यह पत्र हालात की गंभीरता को दर्शाता है। क्योंकि किस्त अदा न कर पाने के कारण या तो ट्रक ऑपरेटर स्वयं अपने दो-तीन वर्ष पुराने ट्रक फाइनेंसरों को वापस लौटा रहे हैं, अथवा फाइनेंसर जबरन ट्रकों को जब्त कर रहे हैं।
ट्रंक रूटों पर वापसी माल लादने के लिए ट्रकों को 7-10 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें तेल कंपनियों के एलपीजी टैंकर भी शामिल हैं। वैसे, इस स्थिति के लिए सिंह पिछले वर्ष त्योहारी सीजन में ट्रकों की भारी बिक्री को भी एक वजह मानते हैं। उस समय ऑटोमोबाइल कंपनियों ने ट्रांसपोर्टरों को भारी डिस्काउंट के साथ रियायती कर्ज के ऑफर दिए थे। तब खरीदे गए वही ट्रक अब मंदी में मुसीबत बन गए हैं।
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आर्थिक सुस्ती का असर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर भी दिखाई देने लगा है। माल बुकिंग में भारी गिरावट आने से ट्रांसपोर्टरों के लिए कर्ज की किस्तें अदा करना मुश्किल हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। देश के परिवहन क्षेत्र पर पैनी नजर रखने वाली विशेषज्ञ संस्था इंडियन फाउंडेशन आफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग के मुताबिक आर्थिक सुस्ती की वजह से ट्रांसपोर्टरों की बुकिंग में भारी गिरावट देखने को आ रही है। माल ढुलाई के पर्याप्त ऑर्डर न मिलने से ट्रांसपोर्टरों के तीस-चालीस फीसद ट्रक खाली खड़े हैं। आमदनी में गिरावट के कारण ट्रासंपोर्टरों के लिए ट्रक खरीदी की खातिर लिए गए कर्ज की किस्तें चुकाने में मुश्किलें आ रही हैं। ट्रांसपोर्टर बैंकों से गुहार लगा रहे हैं कि किस्त अदा करने के लिए उन्हें कुछ मोहलत दी जाए। पिछले दिनों इंदौर के ट्रक ऑपरेटरों के संगठन इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने बैकों और वित्तीय संस्थाओं को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मोहलत मांगी है। एचडीएफसी, एक्सिस, आइसीआइसीआइ, कोटक महिंद्रा और यस बैंक के अलावा टाटा फाइनेंस, महिंद्रा फाइनेंस, सुंदरम फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, चोलामंडलम फाइनेंस को भेजे पत्र में किस्त अदायगी में दो-तीन माह की छूट की मांग की गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएल मुकाली ने लिखा है कि 'ट्रक ऑपरेटर एवं ट्रांसपोर्ट व्यापारी पिछले छह-सात माह से व्यापार में संघर्ष कर रहे हैं, मगर किसी तरह का सुधार नहीं हो रहा है। अगले दो-तीन माह में भी इसकी कोई उम्मीद नहीं दिखाई देती। डीजल के रेट बढ़ने के साथ ट्रकों की मासिक रनिंग बहुत कम हो गई है। ऐसे में नियमित किस्त देने वाले ऑपरेटर भी आगे किस्त नहीं दे पाएंगे। ' आइएफटीआरटी के संयोजक एसपी सिंह ने कहा यह पत्र हालात की गंभीरता को दर्शाता है। क्योंकि किस्त अदा न कर पाने के कारण या तो ट्रक ऑपरेटर स्वयं अपने दो-तीन वर्ष पुराने ट्रक फाइनेंसरों को वापस लौटा रहे हैं, अथवा फाइनेंसर जबरन ट्रकों को जब्त कर रहे हैं। ट्रंक रूटों पर वापसी माल लादने के लिए ट्रकों को सात-दस दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें तेल कंपनियों के एलपीजी टैंकर भी शामिल हैं। वैसे, इस स्थिति के लिए सिंह पिछले वर्ष त्योहारी सीजन में ट्रकों की भारी बिक्री को भी एक वजह मानते हैं। उस समय ऑटोमोबाइल कंपनियों ने ट्रांसपोर्टरों को भारी डिस्काउंट के साथ रियायती कर्ज के ऑफर दिए थे। तब खरीदे गए वही ट्रक अब मंदी में मुसीबत बन गए हैं।
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया,अनुराग ठाकुर और केन्द्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने इंडिगो की दिल्ली-धर्मशाला-दिल्ली की पहली उड़ान को झंडी दिखाई। इंडिगो एयरलाइन (Indigo airline) दिल्ली से धर्मशाला के लिए प्रतिदिन उड़ानें संचालित करेगी।
इस नए उड़ान क्षेत्र से इंडिगो की दैनिक उड़ानों की संख्या 1795 हो गयी है और प्रस्थान के मामले में यह दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई है। इस अवसर पर कांगड़ा के सांसद किशन कपूर भी मौजूद थे।
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया,अनुराग ठाकुर और केन्द्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने इंडिगो की दिल्ली-धर्मशाला-दिल्ली की पहली उड़ान को झंडी दिखाई। इंडिगो एयरलाइन दिल्ली से धर्मशाला के लिए प्रतिदिन उड़ानें संचालित करेगी। इस नए उड़ान क्षेत्र से इंडिगो की दैनिक उड़ानों की संख्या एक हज़ार सात सौ पचानवे हो गयी है और प्रस्थान के मामले में यह दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई है। इस अवसर पर कांगड़ा के सांसद किशन कपूर भी मौजूद थे।
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नई दिल्लीः भारत-श्रीलंका के बीच तिरुवनंतपुरम खेले गए तीसरे और फाइनल वनडे में टीम इंडिया के यंग ओपनर शुभमन गिल ने गदर मचा दिया। गिल ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए शानदार सेंचुरी ठोकी। उन्होंने 97 गेंदों में 14 चौके-2 छक्के ठोक कुल 116 रन जड़े। ये उनके वनडे करियर की दूसरी सेंचुरी थी। शुभमन का तूफान देख श्रीलंकाई गेंदबाज दंग रह गए। हालांकि 34वें ओवर में वह कसुन रजिता का शिकार बने। रजिता ने उन्हें बोल्ड कर पवेलियन भेजा। गिल इस मैच में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने से तो चूक गए, लेकिन उम्मीद है कि वे अगले वनडे में दुनियाभर के कई दिग्गजों को पछाड़ बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे।
शुभमन गिल वनडे में सबसे तेज 1 हजार रन बनाने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन सकते हैं। फिलहाल ये वनडे में सबसे तेज 1 हजार रन का रिकॉर्ड पाकिस्तान के बल्लेबाज फखर जमां के नाम दर्ज है। उन्होंने 18 पारियों में एक हजार रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। जमां ने 2018 में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में सबसे तेज एक हजार रन पूरे किए थे। गिल के नाम वनडे की 18 पारियों में दो शतक के साथ 894 रन दर्ज हो गए हैं। अब यदि वे अगले वनडे में 106 रन की पारी खेल लेते हैं तो सबसे तेज एक हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के तीसरे और भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।
फिलहाल दूसरे नंबर पर पाकिस्तान के ही बल्लेबाज इमाम उल हक का नाम दर्ज है। इमाम ने 19 पारियों में 1 हजार रन बनाए थे, लेकिन उन्होंने डेब्यू के महज 1 साल 99 दिनों में ये रिकॉर्ड बना दिया था। गिल को वनडे डेब्यू किए लगभग 3 साल हो चुके हैं, ऐसे में वे इमाम उल हक की बराबरी करने के बावजूद तीसरे स्थान पर जाएंगे। यदि गिल ऐसा करते हैं तो वे वेस्ट इंडीज के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स को पछाड़ देंगे। रिचर्ड्स ने 21 पारियों में ये रन बनाए थे। विंडीज के दिग्गज ने वनडे डेब्यू के चार साल बाद ये रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 22 जनवरी 1980 को एक हजार रन पूरे किए थे। गिल के पास अब रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए दो पारियां और 106 रन हैं। वह 43 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
Shubman Gill departs after a brilliant knock of 116 of 97 deliveries.
भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज विराट कोहली के नाम वनडे में सबसे तेज 1 हजार रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। विराट ने 24 पारियों में ये रिकॉर्ड बनाया था। गिल न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 जनवरी को होने वाले वनडे में ये रिकॉर्ड बना सकते हैं।
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नई दिल्लीः भारत-श्रीलंका के बीच तिरुवनंतपुरम खेले गए तीसरे और फाइनल वनडे में टीम इंडिया के यंग ओपनर शुभमन गिल ने गदर मचा दिया। गिल ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए शानदार सेंचुरी ठोकी। उन्होंने सत्तानवे गेंदों में चौदह चौके-दो छक्के ठोक कुल एक सौ सोलह रन जड़े। ये उनके वनडे करियर की दूसरी सेंचुरी थी। शुभमन का तूफान देख श्रीलंकाई गेंदबाज दंग रह गए। हालांकि चौंतीसवें ओवर में वह कसुन रजिता का शिकार बने। रजिता ने उन्हें बोल्ड कर पवेलियन भेजा। गिल इस मैच में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने से तो चूक गए, लेकिन उम्मीद है कि वे अगले वनडे में दुनियाभर के कई दिग्गजों को पछाड़ बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। शुभमन गिल वनडे में सबसे तेज एक हजार रन बनाने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन सकते हैं। फिलहाल ये वनडे में सबसे तेज एक हजार रन का रिकॉर्ड पाकिस्तान के बल्लेबाज फखर जमां के नाम दर्ज है। उन्होंने अट्ठारह पारियों में एक हजार रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। जमां ने दो हज़ार अट्ठारह में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में सबसे तेज एक हजार रन पूरे किए थे। गिल के नाम वनडे की अट्ठारह पारियों में दो शतक के साथ आठ सौ चौरानवे रन दर्ज हो गए हैं। अब यदि वे अगले वनडे में एक सौ छः रन की पारी खेल लेते हैं तो सबसे तेज एक हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के तीसरे और भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। फिलहाल दूसरे नंबर पर पाकिस्तान के ही बल्लेबाज इमाम उल हक का नाम दर्ज है। इमाम ने उन्नीस पारियों में एक हजार रन बनाए थे, लेकिन उन्होंने डेब्यू के महज एक साल निन्यानवे दिनों में ये रिकॉर्ड बना दिया था। गिल को वनडे डेब्यू किए लगभग तीन साल हो चुके हैं, ऐसे में वे इमाम उल हक की बराबरी करने के बावजूद तीसरे स्थान पर जाएंगे। यदि गिल ऐसा करते हैं तो वे वेस्ट इंडीज के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स को पछाड़ देंगे। रिचर्ड्स ने इक्कीस पारियों में ये रन बनाए थे। विंडीज के दिग्गज ने वनडे डेब्यू के चार साल बाद ये रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने बाईस जनवरी एक हज़ार नौ सौ अस्सी को एक हजार रन पूरे किए थे। गिल के पास अब रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए दो पारियां और एक सौ छः रन हैं। वह तैंतालीस साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। Shubman Gill departs after a brilliant knock of एक सौ सोलह of सत्तानवे deliveries. भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज विराट कोहली के नाम वनडे में सबसे तेज एक हजार रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। विराट ने चौबीस पारियों में ये रिकॉर्ड बनाया था। गिल न्यूजीलैंड के खिलाफ अट्ठारह जनवरी को होने वाले वनडे में ये रिकॉर्ड बना सकते हैं।
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DU to Reopen from February 17: दिल्ली विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं बहाल करने की मांग को लेकर विद्यार्थियों का नार्थ कैम्पस में चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। विद्यार्थी अपनी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने 'सड़क पर कक्षा' अभियान की शुरुआत की जहां पर मिरांडा हाउस की प्रोफेसर आभा देव हबीब ने विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की कार्यप्रणाली और शिक्षा प्रणाली में होने वाले बदलावों पर बात की।
हबीब ने इस दौरान अकादमिक परिषद की कथित "अलोकतांत्रिक प्रवृत्ति"को रेखांकित किया और चार साल के पूर्वस्नातक पाठ्यक्रम (एफवाईयूपी) और केंद्रीय विश्वविद्यालय समान प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) को "विद्यार्थी विरोधी"नीति करार दिया। एसएफआई ने घोषणा की है कि विश्वविद्यालय से सबद्ध 10 महाविद्यालयों में बृहस्पतिवार को भी 'सड़क पर कक्षा" अभियान जारी रहेगा।
इस बीच, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से सबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की इसी मुद्दे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन जारी रही। वाम दलों से सबद्ध ऑल इंडिया स्टुडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने ऑफलाइन कक्षाएं बहाल करने की मांग को लेकर कला संकाय के बाहर " चक्का जाम"का आयोजन किया। क्रांतिकारी युवा संगठन ने बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय शास्त्री भवन का घेराव कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने विरोध में मुंडन भी कराया।
आपको बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों की मांग को देखते हुए 17 फरवरी 2022 से ऑफलाइन क्लासेस शुरू करने का ऐलान किया है।
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DU to Reopen from February सत्रह: दिल्ली विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं बहाल करने की मांग को लेकर विद्यार्थियों का नार्थ कैम्पस में चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। विद्यार्थी अपनी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 'सड़क पर कक्षा' अभियान की शुरुआत की जहां पर मिरांडा हाउस की प्रोफेसर आभा देव हबीब ने विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की कार्यप्रणाली और शिक्षा प्रणाली में होने वाले बदलावों पर बात की। हबीब ने इस दौरान अकादमिक परिषद की कथित "अलोकतांत्रिक प्रवृत्ति"को रेखांकित किया और चार साल के पूर्वस्नातक पाठ्यक्रम और केंद्रीय विश्वविद्यालय समान प्रवेश परीक्षा को "विद्यार्थी विरोधी"नीति करार दिया। एसएफआई ने घोषणा की है कि विश्वविद्यालय से सबद्ध दस महाविद्यालयों में बृहस्पतिवार को भी 'सड़क पर कक्षा" अभियान जारी रहेगा। इस बीच, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की इसी मुद्दे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन जारी रही। वाम दलों से सबद्ध ऑल इंडिया स्टुडेंट्स एसोसिएशन ने ऑफलाइन कक्षाएं बहाल करने की मांग को लेकर कला संकाय के बाहर " चक्का जाम"का आयोजन किया। क्रांतिकारी युवा संगठन ने बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय शास्त्री भवन का घेराव कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने विरोध में मुंडन भी कराया। आपको बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों की मांग को देखते हुए सत्रह फरवरी दो हज़ार बाईस से ऑफलाइन क्लासेस शुरू करने का ऐलान किया है।
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लाइफस्टाइलः मसालों के मामले में भारत काफी प्रसिद्ध देश माना जाता है. भारत के किचन के मसालों को बहुत फायदेमंद भी माना गया है अगर उसका इस्तेमाल सही ढंग से किया जाए तो वह हमारे शरीर को बहुत से फायदे पहुंचाता है. इसी क्रम में धनिया का पाउडर कई सब्जियों में इस्तेमाल किया जाता है, जो एक अलग स्वाद, महक और जायका बढ़ाने के काम आता है. धनिया की पत्ती सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है जो सेहत को बहुत से फायदे पहुंचाने में कारगर होती है. आज हम आपको धनिया के कुछ ऐसे ही कुछ ऐसे ही फायदे बताने वाले हैं जिसके सेवन से आपको कई फायदे हो सकते हैं.
धनिया की पत्तियों में कई पोषक तत्व जैसे पोटैशियम, कैल्श्यिम, विटामिन सी और मैग्नीजियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो कई बीमारियों से दूर रहने में हमारे शरीर को मदद करता है.
आयुर्वेद के अनुसार, धनिया पानी बनाने के लिए जीरा, धनिया के बीज, मेथी के दाने और काली मिर्च डालकर रातभर के लिए भिगो दें. सुबह होने पर इसमें नींबू का रस और शहद मिलाएं. अब इसे खाली पेट पीएं. अगर जीरा, धनिया के बीज, मेथी के बीज, और काली मिर्च नहीं खाना चाहते तो छलनी से छान कर अलग कर सकते हैं.
धनिया के पानी का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है. इस पानी में मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं. जिसकी वजह से बीमार होने का खतरा कम होता है.
इसके प्रयोग से ब्लड शूगर लेवल को कम किया जा सकता है. यह गठिए के दर्द को कम कर सकता है. इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता.
धनिया में मौजूद गुण वजन और पेट की चर्बी घटाने में भी सहायक होते हैं. धनिया का पानी शरीर के मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है, जिसकी वजह शरीर में मौजूद अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद मिलती है.
धनिया का पानी आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में भी खास भूमिका निभाता है. ये पाचन सम्बधी दिक्कतों को दूर करने में मदद करता है जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है.
धनिया का पानी बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है. इसको पीने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं. इसकी वजह से इंफेक्शन का खतरा कम होता है.
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लाइफस्टाइलः मसालों के मामले में भारत काफी प्रसिद्ध देश माना जाता है. भारत के किचन के मसालों को बहुत फायदेमंद भी माना गया है अगर उसका इस्तेमाल सही ढंग से किया जाए तो वह हमारे शरीर को बहुत से फायदे पहुंचाता है. इसी क्रम में धनिया का पाउडर कई सब्जियों में इस्तेमाल किया जाता है, जो एक अलग स्वाद, महक और जायका बढ़ाने के काम आता है. धनिया की पत्ती सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है जो सेहत को बहुत से फायदे पहुंचाने में कारगर होती है. आज हम आपको धनिया के कुछ ऐसे ही कुछ ऐसे ही फायदे बताने वाले हैं जिसके सेवन से आपको कई फायदे हो सकते हैं. धनिया की पत्तियों में कई पोषक तत्व जैसे पोटैशियम, कैल्श्यिम, विटामिन सी और मैग्नीजियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो कई बीमारियों से दूर रहने में हमारे शरीर को मदद करता है. आयुर्वेद के अनुसार, धनिया पानी बनाने के लिए जीरा, धनिया के बीज, मेथी के दाने और काली मिर्च डालकर रातभर के लिए भिगो दें. सुबह होने पर इसमें नींबू का रस और शहद मिलाएं. अब इसे खाली पेट पीएं. अगर जीरा, धनिया के बीज, मेथी के बीज, और काली मिर्च नहीं खाना चाहते तो छलनी से छान कर अलग कर सकते हैं. धनिया के पानी का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है. इस पानी में मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं. जिसकी वजह से बीमार होने का खतरा कम होता है. इसके प्रयोग से ब्लड शूगर लेवल को कम किया जा सकता है. यह गठिए के दर्द को कम कर सकता है. इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता. धनिया में मौजूद गुण वजन और पेट की चर्बी घटाने में भी सहायक होते हैं. धनिया का पानी शरीर के मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है, जिसकी वजह शरीर में मौजूद अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद मिलती है. धनिया का पानी आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में भी खास भूमिका निभाता है. ये पाचन सम्बधी दिक्कतों को दूर करने में मदद करता है जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. धनिया का पानी बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है. इसको पीने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं. इसकी वजह से इंफेक्शन का खतरा कम होता है. This website uses cookies.
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कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की आज जयंती है। हम तथाकथित हिंदी प्रेमियों के लिए यह स्वर्णकाल होता है जब हम उनके बारे में कुछ लिख कर अपनी कलम का लौहा मनवाने की फिराक में रहते हैं। गोष्ठियां होती हैं, सभाएं होती हैं, राज्य सरकारें भी दो-चार इनाम देकर औपचारिकताएं पूरी कर लेती हैं और अखबारों में फोटो के साथ खूबसूरत चेहरे छप जाते हैं कि 'मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई'। इस दौरान वे लोग भी 'दो शब्द' कहने से पीछे नहीं रहते जिन्होंने शायद ही कभी मुंशी प्रेमचंद की कोई पुस्तक पढऩे की जहमत उठाई हो। नवलेखन से जुड़े कलमकार भी शब्दों की जुगाली कर लेते हैं।
हिंदी लेखन के इस मसीहा के बारे में लिखते हाथ कांपते हैं क्योंकि हमारा लेखन कोई लेखन नहीं बल्कि खुद का नाम चमकाने की चाहत में घिसाई गई कलम है। मोटी पोथियां लिखकर उनपर भारी भरकम कीमत की चिप्पी चिपका कर अपने चहेतों को समर्पित करना ही लेखन हो गया है। स्वयं केंद्रित ऐसा लेखन कितने दिनों तक याद रहता है और उसमें पीड़ा, दुख, आंसू, आह, मुस्कान, हर्ष, उन्माद, प्रेम, ईष्र्या के भाव कितने वास्तविक होते हैं। एक किताब प्रेस में होती है तो तीन की पांडूलिपि मेज की दराज में। कुछ पन्ने मित्रों, परिजनों को भी सौंप दिए जाते हैं कि तुम भी लेखन कर लो, आपका नाम भी पुस्तक के कवर आ जाएगा। खैर उनकी वे जाने लेकिन आज उनकी जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि स्वरूप हम एक छोटा सा विमर्श कर लेते हैं।
मुंशी प्रेमचंद जी हिंदी साहित्य के ऐसे हस्ताक्षर हैं जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पढ़ते हुए मैंने जाना कि क्यों प्रेमचंद जी कथा सम्राट हैं। अलमारियों में धूल भरी पीले पड़ चुके पन्नों वाली उनकी किताबें हाथों में लेते हुए एक निकटता का अहसास होता है और सालों के फासले पल में घट जाते हैं।
कौन मानेगा कि घोर गरीबी में जीवन बीताने के बावजूद उन्होंने अपने लेखन के प्रभाव को कमतर नहीं होने दिया। लेखन से ही जब चुल्हा जलने की नौबत हो तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि लेखक किस दबाव में काम कर रहा है। हालांकि ईश्वर को शायद यही स्वीकार था कि वे इसी स्थिति में रहें क्योंकि भरे हुए पेट से किसी भूखे का मनोविज्ञान नहीं समझा जा सकता। कैसा दिलचस्प है कि प्रेमचंद जी ने आठ दशक पहले जो लिखा है वह आज भी प्रासंगिक है और कहीं न कहीं नई हालात में वे सभी पात्र जिंदा हैं। उन्होंने समाज के यथार्थ को मन की आंखों से देखा और उसे पन्नों पर उतार दिया।
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कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की आज जयंती है। हम तथाकथित हिंदी प्रेमियों के लिए यह स्वर्णकाल होता है जब हम उनके बारे में कुछ लिख कर अपनी कलम का लौहा मनवाने की फिराक में रहते हैं। गोष्ठियां होती हैं, सभाएं होती हैं, राज्य सरकारें भी दो-चार इनाम देकर औपचारिकताएं पूरी कर लेती हैं और अखबारों में फोटो के साथ खूबसूरत चेहरे छप जाते हैं कि 'मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई'। इस दौरान वे लोग भी 'दो शब्द' कहने से पीछे नहीं रहते जिन्होंने शायद ही कभी मुंशी प्रेमचंद की कोई पुस्तक पढऩे की जहमत उठाई हो। नवलेखन से जुड़े कलमकार भी शब्दों की जुगाली कर लेते हैं। हिंदी लेखन के इस मसीहा के बारे में लिखते हाथ कांपते हैं क्योंकि हमारा लेखन कोई लेखन नहीं बल्कि खुद का नाम चमकाने की चाहत में घिसाई गई कलम है। मोटी पोथियां लिखकर उनपर भारी भरकम कीमत की चिप्पी चिपका कर अपने चहेतों को समर्पित करना ही लेखन हो गया है। स्वयं केंद्रित ऐसा लेखन कितने दिनों तक याद रहता है और उसमें पीड़ा, दुख, आंसू, आह, मुस्कान, हर्ष, उन्माद, प्रेम, ईष्र्या के भाव कितने वास्तविक होते हैं। एक किताब प्रेस में होती है तो तीन की पांडूलिपि मेज की दराज में। कुछ पन्ने मित्रों, परिजनों को भी सौंप दिए जाते हैं कि तुम भी लेखन कर लो, आपका नाम भी पुस्तक के कवर आ जाएगा। खैर उनकी वे जाने लेकिन आज उनकी जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि स्वरूप हम एक छोटा सा विमर्श कर लेते हैं। मुंशी प्रेमचंद जी हिंदी साहित्य के ऐसे हस्ताक्षर हैं जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पढ़ते हुए मैंने जाना कि क्यों प्रेमचंद जी कथा सम्राट हैं। अलमारियों में धूल भरी पीले पड़ चुके पन्नों वाली उनकी किताबें हाथों में लेते हुए एक निकटता का अहसास होता है और सालों के फासले पल में घट जाते हैं। कौन मानेगा कि घोर गरीबी में जीवन बीताने के बावजूद उन्होंने अपने लेखन के प्रभाव को कमतर नहीं होने दिया। लेखन से ही जब चुल्हा जलने की नौबत हो तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि लेखक किस दबाव में काम कर रहा है। हालांकि ईश्वर को शायद यही स्वीकार था कि वे इसी स्थिति में रहें क्योंकि भरे हुए पेट से किसी भूखे का मनोविज्ञान नहीं समझा जा सकता। कैसा दिलचस्प है कि प्रेमचंद जी ने आठ दशक पहले जो लिखा है वह आज भी प्रासंगिक है और कहीं न कहीं नई हालात में वे सभी पात्र जिंदा हैं। उन्होंने समाज के यथार्थ को मन की आंखों से देखा और उसे पन्नों पर उतार दिया।
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कन्नौज। कन्नौज जिले (Death) में एक विवाहिता को डिलीवरी के लिये अस्पताल ले जाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत (Death) हो गयी। मौत की सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने ससुरालियों पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने हंगामा भी किया। जिसके बाद पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिसको लेकर प्रियंका को मौत की नींद सुला दिया गया।
इस मामले को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवकुमार थापा ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष की ओर से दी गई तहरीर पर मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रियंका की मौत की सूचना मायके वालों को दी गयी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे प्रियंका के मायके के लोगों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।
परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर सास विमला देवी, ननद रेखा, देवर अंकित, ससुर राम रक्षपाल व पति मुकेश ने जहर देकर प्रियंका की हत्या की है। कन्नौज के ही रहने वाले मृतका प्रियंका के भाई अजय कुमार ने बताया कि उसने अपनी बहन की शादी 30 मई 2021 मुकेश से की थी। शादी के कुछ ही दिन बाद से यह लोग अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर प्रियंका को प्रताड़ित करते थे। छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी मुकेश पाल की 22 वर्षीय पत्नी प्रियंका को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसको लेकर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां रास्ते मे प्रियंका की मौत हो गई।
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कन्नौज। कन्नौज जिले में एक विवाहिता को डिलीवरी के लिये अस्पताल ले जाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। मौत की सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने ससुरालियों पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने हंगामा भी किया। जिसके बाद पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिसको लेकर प्रियंका को मौत की नींद सुला दिया गया। इस मामले को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवकुमार थापा ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष की ओर से दी गई तहरीर पर मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रियंका की मौत की सूचना मायके वालों को दी गयी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे प्रियंका के मायके के लोगों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर सास विमला देवी, ननद रेखा, देवर अंकित, ससुर राम रक्षपाल व पति मुकेश ने जहर देकर प्रियंका की हत्या की है। कन्नौज के ही रहने वाले मृतका प्रियंका के भाई अजय कुमार ने बताया कि उसने अपनी बहन की शादी तीस मई दो हज़ार इक्कीस मुकेश से की थी। शादी के कुछ ही दिन बाद से यह लोग अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर प्रियंका को प्रताड़ित करते थे। छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी मुकेश पाल की बाईस वर्षीय पत्नी प्रियंका को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसको लेकर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां रास्ते मे प्रियंका की मौत हो गई।
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महराजगंजः सिसवा-घुघली मार्ग पर बीती रात स्कॉर्पियो व बाइक की आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिये उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सिसवा के वार्ड नम्बर 12 सेनानी नगर निवासी जसवीर 20 वर्ष व इसी मुहल्ले के रतन 20 वर्षीय के साथ बाइक से बाईपास मार्ग होकर घुमने जा रहे थे। बाइक से दोनों युवक जैसे ही अशर्फी गेस्ट हाउस पहुंचे थे कि तभी सबया की तरफ से आ रही स्कॉर्पियो से बाइक सवार की भिड़ंत हो गई। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर जा गिरे।
इस हादसे में घायल जसवीर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घायल रतन को पुलिस ने एंबुलेंस से सिसवा प्राथमिक स्वास्थ्य में भर्ती कराया। जहा हालत गम्भीर देख डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर जिला रेफर कर दिया।
कोठीभार थानाध्यक्ष मनोज कुमार राय ने डाइनामाइट न्यूज को बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही स्कार्पियों को कब्जे में ले लिया गया है। आरोपी चार पहिया वाहन चालक गाड़ी छोड़ फरार हो गया है।
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महराजगंजः सिसवा-घुघली मार्ग पर बीती रात स्कॉर्पियो व बाइक की आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिये उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सिसवा के वार्ड नम्बर बारह सेनानी नगर निवासी जसवीर बीस वर्ष व इसी मुहल्ले के रतन बीस वर्षीय के साथ बाइक से बाईपास मार्ग होकर घुमने जा रहे थे। बाइक से दोनों युवक जैसे ही अशर्फी गेस्ट हाउस पहुंचे थे कि तभी सबया की तरफ से आ रही स्कॉर्पियो से बाइक सवार की भिड़ंत हो गई। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर जा गिरे। इस हादसे में घायल जसवीर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घायल रतन को पुलिस ने एंबुलेंस से सिसवा प्राथमिक स्वास्थ्य में भर्ती कराया। जहा हालत गम्भीर देख डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर जिला रेफर कर दिया। कोठीभार थानाध्यक्ष मनोज कुमार राय ने डाइनामाइट न्यूज को बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही स्कार्पियों को कब्जे में ले लिया गया है। आरोपी चार पहिया वाहन चालक गाड़ी छोड़ फरार हो गया है।
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नई दिल्ली। भारत के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शनिवार को कानपुर में खेले जा रहे टेस्ट मैच के तीसरे दिन इतिहास रच दिया। रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 415वां विकेट झटका। इसी के साथ उन्होंने पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम को इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। अश्विन के कुल 416 विकेट हो गए हैं। वे पूर्व भारतीय गेंदबाज हरबजन सिंह का रिकॉर्ड तोड़ने से महज 2 विकेट दूर हैं।
दाएं हाथ के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने करियर में 417 विकेट लिए हैं। खास बात यह है कि अश्विन यह कमाल सिर्फ 80 मैचों में कर दिखाया है। अश्विन ने 80 मैच में 416 विकेट अपने नाम किए, इसमें उन्होंने 24. 63 की औसत से तीस बार 5 विकेट लिए हैं।
जबकि एक मैच में 7 बार 10 विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं वे भारत के लिए सबसे अधिक टेस्ट विकेट लेने वालों में चौथे नबंर पर आ गए हैं। 619 विकेट के साथ अनिल कुंबले पहले, 434 विकेट के साथ कपिल देव दूसरे , 417 विकेट के साथ हरभजन सिंह तीसरे और 416 विकेट के साथ रविचंद्रन अश्विन चौथे स्थान पर काबिज हैं।
वहीं, टीम इंडिया की दूसरी पारी शुरू होते ही पहला झटका लगा। ओपनर शुभमन गिल महज एक रन बनाकर आउट हो गए। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज काइल जैमिसन ने उन्हें बोल्ड किया। जबिक न्यूजीलैंड की पहली पारी 296 रनों पर सिमट गई।
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नई दिल्ली। भारत के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शनिवार को कानपुर में खेले जा रहे टेस्ट मैच के तीसरे दिन इतिहास रच दिया। रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपना चार सौ पंद्रहवां विकेट झटका। इसी के साथ उन्होंने पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम को इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। अश्विन के कुल चार सौ सोलह विकेट हो गए हैं। वे पूर्व भारतीय गेंदबाज हरबजन सिंह का रिकॉर्ड तोड़ने से महज दो विकेट दूर हैं। दाएं हाथ के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने करियर में चार सौ सत्रह विकेट लिए हैं। खास बात यह है कि अश्विन यह कमाल सिर्फ अस्सी मैचों में कर दिखाया है। अश्विन ने अस्सी मैच में चार सौ सोलह विकेट अपने नाम किए, इसमें उन्होंने चौबीस. तिरेसठ की औसत से तीस बार पाँच विकेट लिए हैं। जबकि एक मैच में सात बार दस विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं वे भारत के लिए सबसे अधिक टेस्ट विकेट लेने वालों में चौथे नबंर पर आ गए हैं। छः सौ उन्नीस विकेट के साथ अनिल कुंबले पहले, चार सौ चौंतीस विकेट के साथ कपिल देव दूसरे , चार सौ सत्रह विकेट के साथ हरभजन सिंह तीसरे और चार सौ सोलह विकेट के साथ रविचंद्रन अश्विन चौथे स्थान पर काबिज हैं। वहीं, टीम इंडिया की दूसरी पारी शुरू होते ही पहला झटका लगा। ओपनर शुभमन गिल महज एक रन बनाकर आउट हो गए। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज काइल जैमिसन ने उन्हें बोल्ड किया। जबिक न्यूजीलैंड की पहली पारी दो सौ छियानवे रनों पर सिमट गई।
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इन दिनो अभिषेक बच्चन फिर से सुर्खियों में छाई हुई है। इसके पीछे की वजह यह है कि, अभिषेक बच्चन लंबे गैप के बाद सिल्वर स्क्रीन पर फिल्म मनमर्जियां से वापसी करेंगे। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में अभिषेक के साथ तापसी पन्नू और विक्की कौशल भी होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनाली बोस ने अभिषेक को अपनी अगली फिल्म के लिए अप्रोच किया है। इसमें उनके अपोजिट प्रियंका चोपड़ा को लेने की प्लानिंग है।
अभिषेक की बात करें तो अभी तक फिल्म मनमर्जियां की शूटिंग में काफी व्यस्त चल रहे थे जिसकी शूटिंग हाल ही में पूरी हुई थी। अब अभिषेक बच्चन इस फिल्म की प्रमोशन में काम करेंगे। वही प्रियंका चोपड़ा भी सलमान खान के साथ फिल्म भारत में नजर आएगी।
बता दे कि अभिषेक के लिए ये फिल्म काफी महत्वपूर्ण है और इस फिल्म से उनको काफी उम्मीदें भी है क्योंकि अभिषेक का करियर काफी बुरे दौर से गुजर रहा है। जो फिल्म सोनाली बोस प्रियंका और अभिषेक को लेकर बनाने जा रही है ये फिल्म एक रियल लाइफ आएशा चौधरी के जीवन से प्रेरित है।
खबरों की माने तो सोनाली हाल ही मे अभिषेक बच्चन से फिल्म मनमर्जियां के शूटिंग सेट पर मिली थी और इस कहानी के बारे में बताया था। इसके बाद अभिषेक बच्चन को फिल्म की कहानी काफी ज्यादा पसंद आई थी और जल्दी ही अभिषेक बच्चन इस पर अपना फैसला ले सकते है।
इसकी कहान ऐसी है कि ये 13 साल की छोटी सी लड़की एक बेहद गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बाद भी जीवन में काफी संघर्ष करती है और लोग इसकी कहानी से काफी प्रेरणा लेते है जो कि एक किताब में लिखा हुआ है।
खैर अगर आप सोच रहे हैं कि अभिषेक बच्चन और प्रियंका चोपड़ा दोस्ताना 2 के लिए साथ आ रहे हैं तो ऐसा बल्कुल भी नहीं है। जहां तक इस फिल्म की बात है, तो यह फिल्म आयशा चौधरी की लाइफ की कहानी होगी।
WATCH VIDEO : Salman Khan और Priyanka Chopra के फिल्म Bharat में दमदार Role है। तो देखिए, इनके धमाकेदार किरदार।
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इन दिनो अभिषेक बच्चन फिर से सुर्खियों में छाई हुई है। इसके पीछे की वजह यह है कि, अभिषेक बच्चन लंबे गैप के बाद सिल्वर स्क्रीन पर फिल्म मनमर्जियां से वापसी करेंगे। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में अभिषेक के साथ तापसी पन्नू और विक्की कौशल भी होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनाली बोस ने अभिषेक को अपनी अगली फिल्म के लिए अप्रोच किया है। इसमें उनके अपोजिट प्रियंका चोपड़ा को लेने की प्लानिंग है। अभिषेक की बात करें तो अभी तक फिल्म मनमर्जियां की शूटिंग में काफी व्यस्त चल रहे थे जिसकी शूटिंग हाल ही में पूरी हुई थी। अब अभिषेक बच्चन इस फिल्म की प्रमोशन में काम करेंगे। वही प्रियंका चोपड़ा भी सलमान खान के साथ फिल्म भारत में नजर आएगी। बता दे कि अभिषेक के लिए ये फिल्म काफी महत्वपूर्ण है और इस फिल्म से उनको काफी उम्मीदें भी है क्योंकि अभिषेक का करियर काफी बुरे दौर से गुजर रहा है। जो फिल्म सोनाली बोस प्रियंका और अभिषेक को लेकर बनाने जा रही है ये फिल्म एक रियल लाइफ आएशा चौधरी के जीवन से प्रेरित है। खबरों की माने तो सोनाली हाल ही मे अभिषेक बच्चन से फिल्म मनमर्जियां के शूटिंग सेट पर मिली थी और इस कहानी के बारे में बताया था। इसके बाद अभिषेक बच्चन को फिल्म की कहानी काफी ज्यादा पसंद आई थी और जल्दी ही अभिषेक बच्चन इस पर अपना फैसला ले सकते है। इसकी कहान ऐसी है कि ये तेरह साल की छोटी सी लड़की एक बेहद गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बाद भी जीवन में काफी संघर्ष करती है और लोग इसकी कहानी से काफी प्रेरणा लेते है जो कि एक किताब में लिखा हुआ है। खैर अगर आप सोच रहे हैं कि अभिषेक बच्चन और प्रियंका चोपड़ा दोस्ताना दो के लिए साथ आ रहे हैं तो ऐसा बल्कुल भी नहीं है। जहां तक इस फिल्म की बात है, तो यह फिल्म आयशा चौधरी की लाइफ की कहानी होगी। WATCH VIDEO : Salman Khan और Priyanka Chopra के फिल्म Bharat में दमदार Role है। तो देखिए, इनके धमाकेदार किरदार।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नदिया प्रकृति की अनमोल धरोहर होती हैं। कई नदियों से तो सोने से लेकर कीमती धातु भी मिलते हैं। आज हम आपको एक ऐसी नदी के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसका पानी अचानक से लाल हो गया है। जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
हम बात कर रहे हैं, पेरु की लाल नदी की। इस नदी का पानी खून की तरह लाल होता है। इस नदी का वीडियो देख लोग भी चौंक गए हैं। लोगों को यकीन नहीं होता है कि वास्तव में यह नदी है और इसका पानी लाल है। जिसके बाद कई लोग सवाल भी कर रहे हैं कि, नदी का पानी लाल क्यों है? ऐसा कैसे मुमकिन है।
तो आपको बता दें कि, इस नदी का नाम पुकामायु है। क्वेशुआ भाषा में पुका का अर्थ लाल और मायू का मतलब नदी होता है। ऐसी मान्यता है कि नदी में मौजूद खनिज तत्वों की वजह से पानी लाल है। आयरल ऑक्साइड की वजह से ऐसा मुमकिन है। यहां के पहाड़ों में पाए जाने वाला मिनरल्स और आयरल ऑक्साइड नदी में बहकर आता है।
The red river in Cusco, Peru,
The red river in Cusco, Peru,
इतना ही नहीं, ये भी कहा जाता है कि यहां के पहाड़ और घाटियों में एक नहीं बल्कि कई खनिज पदार्थ हैं, जिसकी वजह से इसका पानी लाल होता है। वहीं, नदी के पास के पहाड़ लाल बलुआ पत्थर का बना है और जब पानी पड़ता है तो वह भी लाल हो जाता है। यहीं कुछ कारण हैं जिनकी वजह से यहां का पानी लाल है।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नदिया प्रकृति की अनमोल धरोहर होती हैं। कई नदियों से तो सोने से लेकर कीमती धातु भी मिलते हैं। आज हम आपको एक ऐसी नदी के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसका पानी अचानक से लाल हो गया है। जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हम बात कर रहे हैं, पेरु की लाल नदी की। इस नदी का पानी खून की तरह लाल होता है। इस नदी का वीडियो देख लोग भी चौंक गए हैं। लोगों को यकीन नहीं होता है कि वास्तव में यह नदी है और इसका पानी लाल है। जिसके बाद कई लोग सवाल भी कर रहे हैं कि, नदी का पानी लाल क्यों है? ऐसा कैसे मुमकिन है। तो आपको बता दें कि, इस नदी का नाम पुकामायु है। क्वेशुआ भाषा में पुका का अर्थ लाल और मायू का मतलब नदी होता है। ऐसी मान्यता है कि नदी में मौजूद खनिज तत्वों की वजह से पानी लाल है। आयरल ऑक्साइड की वजह से ऐसा मुमकिन है। यहां के पहाड़ों में पाए जाने वाला मिनरल्स और आयरल ऑक्साइड नदी में बहकर आता है। The red river in Cusco, Peru, The red river in Cusco, Peru, इतना ही नहीं, ये भी कहा जाता है कि यहां के पहाड़ और घाटियों में एक नहीं बल्कि कई खनिज पदार्थ हैं, जिसकी वजह से इसका पानी लाल होता है। वहीं, नदी के पास के पहाड़ लाल बलुआ पत्थर का बना है और जब पानी पड़ता है तो वह भी लाल हो जाता है। यहीं कुछ कारण हैं जिनकी वजह से यहां का पानी लाल है।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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Tuesday September 01, 2020,
साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बाल श्रमिकों की संख्या 10.1 मिलियन है, जिनमें 5.6 मिलियन लड़के हैं और 4.5 मिलियन लड़कियां हैं। इसके अलावा, भारत में 42.7 मिलियन से अधिक बच्चे स्कूलों से बाहर हैं।
हालाँकि, अच्छी खबर यह है कि 2001 से 2011 के बीच भारत में बाल श्रम की घटनाओं में 2.6 मिलियन की कमी आई है। और इस कमी को लाने का पूरा श्रेय जाता है वशिष्ट सम्राट जैसे बाल रक्षकों को।
वशिष्ट सम्राट जो स्विट्ज़रलैंड की राजधानी जिनेवा में साल 1998 में आयोजित ILO (International Labour Organization) सम्मेलन 182 का हिस्सा रहे हैं, गोल्ड मेडलिस्ट, चाइल्ड राइट्स एंबेसडर, पीएचडी रिसर्चर हैं और वे आईएएस की तैयारी भी कर रहे हैं। लेकिन इन सब खिताबों के धनी वशिष्ट का जीवन बेहद मुश्किल भरा रहा है।
वशिष्ट सम्राट ने योरस्टोरी से बातचीत करते हुए बताया कि उनका जन्म बिहार के मधेपुरा जिले के मुरहू नाढ़ी गांव में हुआ था। उन्हें बचपन में महज 15 हजार रुपये के लिये बेच दिया गया था। जिसके बाद उन्हें एक घर में बाल मजदूरी करनी पड़ी। उस घर के मालिक-मालकिन वशिष्ट को अनेक तरह की यातनाएं देते और प्रताड़ित करते थे, जैसा कि आमतौर पर सभी बाल मजदूरों के साथ किया जाता है।
बचपन के बाल मजदूरी के दर्दभरे एक घटनाक्रम को याद करते हुए वशिष्ट बताते हैं,
इतना ही नही उन्हें अलग-अलग जगह पर कई बार बेचा गया, ढ़ाबे पर काम किया, मालिक ने तेज़ाब तक फेंका पर उन्होंने हार नहीं मानी।
वशिष्ट सम्राट को समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी, जिन्हें साल 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, ने बचपन बचाओ आंदोलन के तहत एक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस के साथ मिलकर उस घर से छुड़ाया और बाल मजदूरी के चंगुल से मुक्त कराकर एक नई जिंदगी दी।
28 वर्षीय सम्राट बताते हैं,
वशिष्ट सम्राट मुक्ति आश्रम में मन लगाकर पढ़ने लगे। उसके करीब दो साल बाद कुदरत का करिश्मा देखिए, वशिष्ट के माता-पिता का पता चल गया और जल्द ही उन्हें उनके सुपुर्द कर दिया गया।
अपने घर वापस लौटने के बाद भी वशिष्ट ने अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखी। उन्होंने एक घर में काम भी किया, जहां वे दिन में काम करते थे और रात को पढ़ाई करते थे। उसके बाद आठवीं बोर्ड के लिए उनका फॉर्म भरा गया। परीक्षा देने के बाद जो रिजल्ट आया उसने सबको चौंका दिया। सम्राट ने आठवीं की बोर्ड परीक्षा में जिला स्तर पर टॉप किया था।
टॉपर सम्राट बताते हैं,
वशिष्ट सम्राट को जब कैलाश सत्यार्थी ने बाल मजदूरी के चंगुल से आज़ाद करवाया था, सम्राट ने तभी ठान ली थी कि आगे चलकर वह भी इसी दिशा में काम करेंगे।
वशिष्ट अब तक देशभर के अलग-अलग राज्यों में रेसक्यू ऑपरेशन के जरिए 2200 से अधिक बाल मजदूरों को बचा चुके हैं।
देश के मेट्रो सिटीज़ में उनके द्वारा चलाए गए कुछ रेस्क्यू ऑपरेशन ऐसे भी रहे हैं जहाँ उन्होंने एक बार में 70-75 बाल मजदूरों को छुड़वाया है।
उन्होंने साल 2012 में 'नॉर्थ-ईस्ट मार्च अगेन्स्ट चाइल्ड लेबर एंड ट्रेफिकिंग', गुवाहाटी से लेकर धुबरी (असम) तक, की थी। जिसे तत्कालीन चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया अल्तमस कबीर ने हरी झंडी दिखाई थी।
साल 2016 में पारित किए गए चाइल्ड लेबर (प्रोहिबिशन एंड रेग्युलेशन) एक्ट, जो कि चाइल्ड लेबर को पूर्णतया प्रतिबंधित करता है, के लिए भी उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी।
11 हजार किलोमीटर की भारत यात्रा जिसे देशभर के 22 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में चलाया गया था, बेहद सफल रही।
उन्हें समाजसेवी नोबेल पीस अवार्ड विजेता कैलाश सत्यार्थी और नॉर्थ दिल्ली की कमिश्नर आईएएस ऑफिसर इरा सिंघल द्वारा समय-समय पर काफी सपोर्ट मिला है। इसके साथ ही भारत के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वशिष्ट सम्राट को सम्मानित किया है।
वशिष्ट ने कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के बचपन बचाओ आंदोलन के तहत बालमित्र ग्राम पंचायत का सुझाव दिया जिसे तुरंत ही लागू किया गया। अब तक यह मुहिम 350 से अधिक गावों में चल रही है। जैसा कि नाम से ही विधित है - यह बच्चों की पंचायत है। यहां प्रधान भी बच्चे ही होते हैं। और वे चाइल्ड लेबर और ट्रेफिंकिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाते हैं।
साल 2006 में उन्होंने शिक्षा यात्रा की थी, जो कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक चली थी। जिसमें 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की बात कही गई थी। इसके फलस्वरूप ही शिक्षा का अधिकार लागू किया गया।
इसके बाद 'साउथ एशियन मार्च अगेन्स्ट चाइल्ड लेबर एंड ट्रेफिंकिंग' किया गया, जो कोलकाता से लेकर दिल्ली होते हुए नेपाल की राजधानी काठमांडू तक करीब 5 हजार किलोमीटर की यात्रा थी।
साल 2016 में '100 मिलियन फॉर 100 मिलियन' मुहिम शुरू की गई और उन्हें इसका लीडर नियुक्त किया गया। इस मुहिम की सराहना करते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें सम्मानित किया।
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Tuesday September एक, दो हज़ार बीस, साल दो हज़ार ग्यारह की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बाल श्रमिकों की संख्या दस.एक मिलियन है, जिनमें पाँच.छः मिलियन लड़के हैं और चार.पाँच मिलियन लड़कियां हैं। इसके अलावा, भारत में बयालीस.सात मिलियन से अधिक बच्चे स्कूलों से बाहर हैं। हालाँकि, अच्छी खबर यह है कि दो हज़ार एक से दो हज़ार ग्यारह के बीच भारत में बाल श्रम की घटनाओं में दो.छः मिलियन की कमी आई है। और इस कमी को लाने का पूरा श्रेय जाता है वशिष्ट सम्राट जैसे बाल रक्षकों को। वशिष्ट सम्राट जो स्विट्ज़रलैंड की राजधानी जिनेवा में साल एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में आयोजित ILO सम्मेलन एक सौ बयासी का हिस्सा रहे हैं, गोल्ड मेडलिस्ट, चाइल्ड राइट्स एंबेसडर, पीएचडी रिसर्चर हैं और वे आईएएस की तैयारी भी कर रहे हैं। लेकिन इन सब खिताबों के धनी वशिष्ट का जीवन बेहद मुश्किल भरा रहा है। वशिष्ट सम्राट ने योरस्टोरी से बातचीत करते हुए बताया कि उनका जन्म बिहार के मधेपुरा जिले के मुरहू नाढ़ी गांव में हुआ था। उन्हें बचपन में महज पंद्रह हजार रुपये के लिये बेच दिया गया था। जिसके बाद उन्हें एक घर में बाल मजदूरी करनी पड़ी। उस घर के मालिक-मालकिन वशिष्ट को अनेक तरह की यातनाएं देते और प्रताड़ित करते थे, जैसा कि आमतौर पर सभी बाल मजदूरों के साथ किया जाता है। बचपन के बाल मजदूरी के दर्दभरे एक घटनाक्रम को याद करते हुए वशिष्ट बताते हैं, इतना ही नही उन्हें अलग-अलग जगह पर कई बार बेचा गया, ढ़ाबे पर काम किया, मालिक ने तेज़ाब तक फेंका पर उन्होंने हार नहीं मानी। वशिष्ट सम्राट को समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी, जिन्हें साल दो हज़ार चौदह में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, ने बचपन बचाओ आंदोलन के तहत एक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस के साथ मिलकर उस घर से छुड़ाया और बाल मजदूरी के चंगुल से मुक्त कराकर एक नई जिंदगी दी। अट्ठाईस वर्षीय सम्राट बताते हैं, वशिष्ट सम्राट मुक्ति आश्रम में मन लगाकर पढ़ने लगे। उसके करीब दो साल बाद कुदरत का करिश्मा देखिए, वशिष्ट के माता-पिता का पता चल गया और जल्द ही उन्हें उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपने घर वापस लौटने के बाद भी वशिष्ट ने अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखी। उन्होंने एक घर में काम भी किया, जहां वे दिन में काम करते थे और रात को पढ़ाई करते थे। उसके बाद आठवीं बोर्ड के लिए उनका फॉर्म भरा गया। परीक्षा देने के बाद जो रिजल्ट आया उसने सबको चौंका दिया। सम्राट ने आठवीं की बोर्ड परीक्षा में जिला स्तर पर टॉप किया था। टॉपर सम्राट बताते हैं, वशिष्ट सम्राट को जब कैलाश सत्यार्थी ने बाल मजदूरी के चंगुल से आज़ाद करवाया था, सम्राट ने तभी ठान ली थी कि आगे चलकर वह भी इसी दिशा में काम करेंगे। वशिष्ट अब तक देशभर के अलग-अलग राज्यों में रेसक्यू ऑपरेशन के जरिए दो हज़ार दो सौ से अधिक बाल मजदूरों को बचा चुके हैं। देश के मेट्रो सिटीज़ में उनके द्वारा चलाए गए कुछ रेस्क्यू ऑपरेशन ऐसे भी रहे हैं जहाँ उन्होंने एक बार में सत्तर-पचहत्तर बाल मजदूरों को छुड़वाया है। उन्होंने साल दो हज़ार बारह में 'नॉर्थ-ईस्ट मार्च अगेन्स्ट चाइल्ड लेबर एंड ट्रेफिकिंग', गुवाहाटी से लेकर धुबरी तक, की थी। जिसे तत्कालीन चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया अल्तमस कबीर ने हरी झंडी दिखाई थी। साल दो हज़ार सोलह में पारित किए गए चाइल्ड लेबर एक्ट, जो कि चाइल्ड लेबर को पूर्णतया प्रतिबंधित करता है, के लिए भी उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी। ग्यारह हजार किलोमीटर की भारत यात्रा जिसे देशभर के बाईस राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में चलाया गया था, बेहद सफल रही। उन्हें समाजसेवी नोबेल पीस अवार्ड विजेता कैलाश सत्यार्थी और नॉर्थ दिल्ली की कमिश्नर आईएएस ऑफिसर इरा सिंघल द्वारा समय-समय पर काफी सपोर्ट मिला है। इसके साथ ही भारत के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वशिष्ट सम्राट को सम्मानित किया है। वशिष्ट ने कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के बचपन बचाओ आंदोलन के तहत बालमित्र ग्राम पंचायत का सुझाव दिया जिसे तुरंत ही लागू किया गया। अब तक यह मुहिम तीन सौ पचास से अधिक गावों में चल रही है। जैसा कि नाम से ही विधित है - यह बच्चों की पंचायत है। यहां प्रधान भी बच्चे ही होते हैं। और वे चाइल्ड लेबर और ट्रेफिंकिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाते हैं। साल दो हज़ार छः में उन्होंने शिक्षा यात्रा की थी, जो कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक चली थी। जिसमें छः से चौदह वर्ष तक के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की बात कही गई थी। इसके फलस्वरूप ही शिक्षा का अधिकार लागू किया गया। इसके बाद 'साउथ एशियन मार्च अगेन्स्ट चाइल्ड लेबर एंड ट्रेफिंकिंग' किया गया, जो कोलकाता से लेकर दिल्ली होते हुए नेपाल की राजधानी काठमांडू तक करीब पाँच हजार किलोमीटर की यात्रा थी। साल दो हज़ार सोलह में 'एक सौ मिलियन फॉर एक सौ मिलियन' मुहिम शुरू की गई और उन्हें इसका लीडर नियुक्त किया गया। इस मुहिम की सराहना करते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें सम्मानित किया।
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अमरावती प्रतिनिधि/दि. १७ - राज्य में प्रतिवर्ष सड़क हादसे होते है. इनमें से अधिकांश हादसे यातायात नियमों का कडाई से पालन नहीं करने पर होते है. कोरोना महामारी के चलते स्कूल, महाविद्यालय बंद रहने से छात्रों को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए शालेय शिक्षा विभाग व प्रादेशिक परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक उपक्रम चलाया जा रहा है. यह उपक्रम ऑनलाइन साधन, सुविधा द्वारा किया जा रहा है. प्रशिक्षण व छात्रों को जानकारी देने के लिए इस पर ज्यादा कर्ज नहीं होगा. यह आदेश पुणे के शिक्षा संचालक प्राथमिक द. गो. जगताप ने राज्य के शिक्षाधिकारी, विभागीय शिक्षा संचालक, प्राथमिक शिक्षाधिकारी व परिवहन विभाग के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा प्रशिक्षण देंगे. राज्यस्तर पर प्रशिक्षित यह समूह जिलास्तर पर साधन व्यक्ति के रूप में काम करेगी. यहां उन्हें जिलास्तर पर प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारी मार्गदर्शन करेगे. यह समूह प्रत्येक तहसील में गणित, विज्ञान व बीपीएड शिक्षको को वीसी द्वारा प्रशिक्षण देंगे. अक्तूबर के आखरी सप्ताह में जिलास्तर पर प्रशिक्षित समूह, तहसील के प्रत्येक स्कूल के कम से कम एक शिक्षक को वीसी द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा. दैनंदिन अभ्यास करते समय किताबों के नियमों के अलावा यातायात नियमों की भी जानकारी दी जायेगी.
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अमरावती प्रतिनिधि/दि. सत्रह - राज्य में प्रतिवर्ष सड़क हादसे होते है. इनमें से अधिकांश हादसे यातायात नियमों का कडाई से पालन नहीं करने पर होते है. कोरोना महामारी के चलते स्कूल, महाविद्यालय बंद रहने से छात्रों को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए शालेय शिक्षा विभाग व प्रादेशिक परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक उपक्रम चलाया जा रहा है. यह उपक्रम ऑनलाइन साधन, सुविधा द्वारा किया जा रहा है. प्रशिक्षण व छात्रों को जानकारी देने के लिए इस पर ज्यादा कर्ज नहीं होगा. यह आदेश पुणे के शिक्षा संचालक प्राथमिक द. गो. जगताप ने राज्य के शिक्षाधिकारी, विभागीय शिक्षा संचालक, प्राथमिक शिक्षाधिकारी व परिवहन विभाग के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा प्रशिक्षण देंगे. राज्यस्तर पर प्रशिक्षित यह समूह जिलास्तर पर साधन व्यक्ति के रूप में काम करेगी. यहां उन्हें जिलास्तर पर प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारी मार्गदर्शन करेगे. यह समूह प्रत्येक तहसील में गणित, विज्ञान व बीपीएड शिक्षको को वीसी द्वारा प्रशिक्षण देंगे. अक्तूबर के आखरी सप्ताह में जिलास्तर पर प्रशिक्षित समूह, तहसील के प्रत्येक स्कूल के कम से कम एक शिक्षक को वीसी द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा. दैनंदिन अभ्यास करते समय किताबों के नियमों के अलावा यातायात नियमों की भी जानकारी दी जायेगी.
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पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार (08 जून) को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे। जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे।
अस्तानाः पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार (08 जून) को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे। जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक के दौरान भारत को एससीओ की पूर्णकालिक सदस्यता मिलने की संभावना है। मोदी गुरुवार को ही कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
अस्ताना रवाना होने से पहले बुधवार को मोदी ने कहा था कि एससीओ की पूर्णकालिक सदस्यता मिलने से भारत को यूरेशियन गुट के साथ संपर्क, अर्थव्यवस्था तथा आतंकवाद-रोधी सहयोग के संबंध में मदद मिलेगी।
अस्ताना शिखर बैठक में पाकिस्तान को भी एससीओ की पूर्णकालिक सदस्यता मिलने की संभावना है। दोनों दक्षिण एशियाई देश चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान तथा उज्बेकिस्तान के बाद एससीओ के सातवें तथा आठवें सदस्य बनने जा रहे हैं।
शिखर बैठक में शुक्रवार को हिस्सा लेने के बाद भारत लौटने से पहले मोदी वर्ल्ड एक्सपोजिशन में भी हिस्सा लेंगे, जिसकी मेजबानी इस साल किर्गिस्तान कर रहा है।
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पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे। जहां वह शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। अस्तानाः पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना पहुंचे। जहां वह शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक के दौरान भारत को एससीओ की पूर्णकालिक सदस्यता मिलने की संभावना है। मोदी गुरुवार को ही कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। अस्ताना रवाना होने से पहले बुधवार को मोदी ने कहा था कि एससीओ की पूर्णकालिक सदस्यता मिलने से भारत को यूरेशियन गुट के साथ संपर्क, अर्थव्यवस्था तथा आतंकवाद-रोधी सहयोग के संबंध में मदद मिलेगी। अस्ताना शिखर बैठक में पाकिस्तान को भी एससीओ की पूर्णकालिक सदस्यता मिलने की संभावना है। दोनों दक्षिण एशियाई देश चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान तथा उज्बेकिस्तान के बाद एससीओ के सातवें तथा आठवें सदस्य बनने जा रहे हैं। शिखर बैठक में शुक्रवार को हिस्सा लेने के बाद भारत लौटने से पहले मोदी वर्ल्ड एक्सपोजिशन में भी हिस्सा लेंगे, जिसकी मेजबानी इस साल किर्गिस्तान कर रहा है।
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1 रब ने मूसा से कहा, 2 "हारून, उसके बेटों और तमाम इसराईलियों को हिदायत देना 3-4 कि जो भी इसराईली अपनी गाय या भेड़-बकरी मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर रब को क़ुरबानी के तौर पर पेश न करे बल्कि ख़ैमागाह के अंदर या बाहर किसी और जगह पर ज़बह करे वह ख़ून बहाने का क़ुसूरवार ठहरेगा। उसने ख़ून बहाया है, और लाज़िम है कि उसे उस की क़ौम में से मिटाया जाए। 5 इस हिदायत का मक़सद यह है कि इसराईली अब से अपनी क़ुरबानियाँ खुले मैदान में ज़बह न करें बल्कि रब को पेश करें। वह अपने जानवरों को मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर इमाम के पास लाकर उन्हें रब को सलामती की क़ुरबानी के तौर पर पेश करें। 6 इमाम उनका ख़ून मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर की क़ुरबानगाह पर छिड़के और उनकी चरबी उस पर जला दे। ऐसी क़ुरबानी की ख़ुशबू रब को पसंद है। 7 अब से इसराईली अपनी क़ुरबानियाँ उन बकरों के देवताओं को पेश न करें जिनकी पैरवी करके उन्होंने ज़िना किया है। यह उनके लिए और उनके बाद आनेवाली नसलों के लिए एक दायमी उसूल है।
8 लाज़िम है कि हर इसराईली और तुम्हारे दरमियान रहनेवाला परदेसी अपनी भस्म होनेवाली क़ुरबानी या कोई और क़ुरबानी 9 मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर लाकर रब को पेश करे। वरना उसे उस की क़ौम में से मिटाया जाएगा।
10 ख़ून खाना बिलकुल मना है। जो भी इसराईली या तुम्हारे दरमियान रहनेवाला परदेसी ख़ून खाए मैं उसके ख़िलाफ़ हो जाऊँगा और उसे उस की क़ौम में से मिटा डालूँगा। 11 क्योंकि हर मख़लूक़ के ख़ून में उस की जान है। मैंने उसे तुम्हें दे दिया है ताकि वह क़ुरबानगाह पर तुम्हारा कफ़्फ़ारा दे। क्योंकि ख़ून ही उस जान के ज़रीए जो उसमें है तुम्हारा कफ़्फ़ारा देता है। 12 इसलिए मैं कहता हूँ कि न कोई इसराईली न कोई परदेसी ख़ून खाए।
13 अगर कोई भी इसराईली या परदेसी किसी जानवर या परिंदे का शिकार करके पकड़े जिसे खाने की इजाज़त है तो वह उसे ज़बह करने के बाद उसका पूरा ख़ून ज़मीन पर बहने दे और ख़ून पर मिट्टी डाले। 14 क्योंकि हर मख़लूक़ का ख़ून उस की जान है। इसलिए मैंने इसराईलियों को कहा है कि किसी भी मख़लूक़ का ख़ून न खाओ। हर मख़लूक़ का ख़ून उस की जान है, और जो भी उसे खाए उसे क़ौम में से मिटा देना है।
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एक रब ने मूसा से कहा, दो "हारून, उसके बेटों और तमाम इसराईलियों को हिदायत देना तीन-चार कि जो भी इसराईली अपनी गाय या भेड़-बकरी मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर रब को क़ुरबानी के तौर पर पेश न करे बल्कि ख़ैमागाह के अंदर या बाहर किसी और जगह पर ज़बह करे वह ख़ून बहाने का क़ुसूरवार ठहरेगा। उसने ख़ून बहाया है, और लाज़िम है कि उसे उस की क़ौम में से मिटाया जाए। पाँच इस हिदायत का मक़सद यह है कि इसराईली अब से अपनी क़ुरबानियाँ खुले मैदान में ज़बह न करें बल्कि रब को पेश करें। वह अपने जानवरों को मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर इमाम के पास लाकर उन्हें रब को सलामती की क़ुरबानी के तौर पर पेश करें। छः इमाम उनका ख़ून मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर की क़ुरबानगाह पर छिड़के और उनकी चरबी उस पर जला दे। ऐसी क़ुरबानी की ख़ुशबू रब को पसंद है। सात अब से इसराईली अपनी क़ुरबानियाँ उन बकरों के देवताओं को पेश न करें जिनकी पैरवी करके उन्होंने ज़िना किया है। यह उनके लिए और उनके बाद आनेवाली नसलों के लिए एक दायमी उसूल है। आठ लाज़िम है कि हर इसराईली और तुम्हारे दरमियान रहनेवाला परदेसी अपनी भस्म होनेवाली क़ुरबानी या कोई और क़ुरबानी नौ मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर लाकर रब को पेश करे। वरना उसे उस की क़ौम में से मिटाया जाएगा। दस ख़ून खाना बिलकुल मना है। जो भी इसराईली या तुम्हारे दरमियान रहनेवाला परदेसी ख़ून खाए मैं उसके ख़िलाफ़ हो जाऊँगा और उसे उस की क़ौम में से मिटा डालूँगा। ग्यारह क्योंकि हर मख़लूक़ के ख़ून में उस की जान है। मैंने उसे तुम्हें दे दिया है ताकि वह क़ुरबानगाह पर तुम्हारा कफ़्फ़ारा दे। क्योंकि ख़ून ही उस जान के ज़रीए जो उसमें है तुम्हारा कफ़्फ़ारा देता है। बारह इसलिए मैं कहता हूँ कि न कोई इसराईली न कोई परदेसी ख़ून खाए। तेरह अगर कोई भी इसराईली या परदेसी किसी जानवर या परिंदे का शिकार करके पकड़े जिसे खाने की इजाज़त है तो वह उसे ज़बह करने के बाद उसका पूरा ख़ून ज़मीन पर बहने दे और ख़ून पर मिट्टी डाले। चौदह क्योंकि हर मख़लूक़ का ख़ून उस की जान है। इसलिए मैंने इसराईलियों को कहा है कि किसी भी मख़लूक़ का ख़ून न खाओ। हर मख़लूक़ का ख़ून उस की जान है, और जो भी उसे खाए उसे क़ौम में से मिटा देना है।
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नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव (Elections 2019) को लेकर सरगर्मियां उफान पर हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के नाम पर चुनाव लड़ने की चुनौती तक दे डाली है. हालांकि राहुल गांधी पीएम नरेंद्र मोदी के हर हमले का जवाब अपने तरीके से दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनके ट्वीट खूब वायरल भी हो रहे हैं. अब जूलरी डिजाइनर फराह खान अली (Farah Khan Ali) ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पीएम मोदी का सुझाव मानने की सलाह दे डाली है और बीजेपी से भी कुछ इस तरह चुनाव लड़ने के लिए कहा है.
इस तरह फराह खान अली (Farah Khan Ali) का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. फराह खान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और वे सामाजिक सरोकार से जुड़े मसलों पर अकसर ट्वीट करती रहती हैं. यही नहीं, कई मौकों पर वे ट्रोल भी हो जाती हैं, लेकिन वे ट्रोलर्स को करारे जवाब देना बखूबी जानती हैं. फराह खान अली (Farah Khan Ali) ने वोट डालने के बाद अपनी एक फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उनकी अंगुली की स्याही मिट गई थी. इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर जबरदस्त रिएक्शन आया था.
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नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां उफान पर हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर चुनाव लड़ने की चुनौती तक दे डाली है. हालांकि राहुल गांधी पीएम नरेंद्र मोदी के हर हमले का जवाब अपने तरीके से दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनके ट्वीट खूब वायरल भी हो रहे हैं. अब जूलरी डिजाइनर फराह खान अली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पीएम मोदी का सुझाव मानने की सलाह दे डाली है और बीजेपी से भी कुछ इस तरह चुनाव लड़ने के लिए कहा है. इस तरह फराह खान अली का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. फराह खान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और वे सामाजिक सरोकार से जुड़े मसलों पर अकसर ट्वीट करती रहती हैं. यही नहीं, कई मौकों पर वे ट्रोल भी हो जाती हैं, लेकिन वे ट्रोलर्स को करारे जवाब देना बखूबी जानती हैं. फराह खान अली ने वोट डालने के बाद अपनी एक फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उनकी अंगुली की स्याही मिट गई थी. इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर जबरदस्त रिएक्शन आया था.
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आज पोस्ट hindi romantic song है जिसमें हाल ही में रिलीज हुए सॉन्ग 'Aashiyana' के बारे में जिक्र किया गया है जो की आजकल का super Hit Song है और खासतौर पर यह गीत Love bird के लिए काफी पसंदीदा वाला है । इसका म्यूजिक romantic love music है ।
बता दें हाल ही में रिलीज हुए गाने 'Aashiyana' को AADI और RITU RAWAT ने अपनी आवाज दी जो की बेहद ही प्यारी आवाज है और आपको सुनने में अच्छा लगेगा की इसके बेहतरीन lyrics भी AADI के द्वारा लिखें गए है जो की बहुत ही फेमस music लिरिकल है ।
वही आपको बता दें INDUS FILMS के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर Mar 17, 2023 को यह नया गाना रिलीज किया गया था । इस गाने के बोल हैं ( 'Aashiyana')। बता दें 4 मिनट 59 सेकेंड के इस गाने को दर्शक बार- बार देखना पसंद कर रहे हैं। गाने की वीडियो को , शुभ चंद्रा (Shub Chandra ) और ख़ुशी आर्य ( KHUSHI ARYA) पर फिल्माया गया है। इस गाने की खास बात है कि इसके बोल, कम्पोज और आवाज एक ही कलाकार ने दी है। INDUS FILMS ने गाने को बेहतरीन तरीके से बनाया है। गाने की वीडियो को NAVNEET TOMAR ने डायरेक्ट किया है । महज कुछ दिन पहले रिलीज हुए( 'Aashiyana') पर कई ज्यादा व्यूज आ चुके हैं।
उत्तराखंड फिल्म एवं संगीत जगत की सभी ख़बरों को विस्तार से देखने के लिए हिलीवुड न्यूज़ को यूट्यूब पर सब्सक्राइब करें।
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आज पोस्ट hindi romantic song है जिसमें हाल ही में रिलीज हुए सॉन्ग 'Aashiyana' के बारे में जिक्र किया गया है जो की आजकल का super Hit Song है और खासतौर पर यह गीत Love bird के लिए काफी पसंदीदा वाला है । इसका म्यूजिक romantic love music है । बता दें हाल ही में रिलीज हुए गाने 'Aashiyana' को AADI और RITU RAWAT ने अपनी आवाज दी जो की बेहद ही प्यारी आवाज है और आपको सुनने में अच्छा लगेगा की इसके बेहतरीन lyrics भी AADI के द्वारा लिखें गए है जो की बहुत ही फेमस music लिरिकल है । वही आपको बता दें INDUS FILMS के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर Mar सत्रह, दो हज़ार तेईस को यह नया गाना रिलीज किया गया था । इस गाने के बोल हैं । बता दें चार मिनट उनसठ सेकेंड के इस गाने को दर्शक बार- बार देखना पसंद कर रहे हैं। गाने की वीडियो को , शुभ चंद्रा और ख़ुशी आर्य पर फिल्माया गया है। इस गाने की खास बात है कि इसके बोल, कम्पोज और आवाज एक ही कलाकार ने दी है। INDUS FILMS ने गाने को बेहतरीन तरीके से बनाया है। गाने की वीडियो को NAVNEET TOMAR ने डायरेक्ट किया है । महज कुछ दिन पहले रिलीज हुए पर कई ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। उत्तराखंड फिल्म एवं संगीत जगत की सभी ख़बरों को विस्तार से देखने के लिए हिलीवुड न्यूज़ को यूट्यूब पर सब्सक्राइब करें।
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शिवपुरी। दुर्लभ संयोग के रूप में इस बार भगवान शिव का पर्व महाशिवरात्रि 12 वर्षों बाद सोमवार के दिन आया। इसके अलावा अब यह संयोग पुनः कई वर्षों बाद देखने को मिलेगा। आज के इस पुण्य अवसर पर हरेम शिवभक्तोंं ने बड़े श्रद्धा, आस्था के भाव से भगवान शिव को मनाया और अलसुबह से शिव जाप ऊॅं : नमः शिवाय व शिवाभिषेक कर पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान ागवान शिव मंदिरों पर हजारों की सं या में शिवभक्त श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा जिसमें महिला-पुरूषों के अलावा बच्चों ने भी शिव भक्ति की। पूजा के दौरान शिवजी की प्रतिमा पर जल, बिल्व पत्र, धतूरा चढ़ाकर अपनी मनोकामनाऐं की पूर्ति के लिए दिन भर निराहार व्रत भी रखा। महाशिवरात्रि पर्व का दिन शिवभक्तों के लिए खुशियां और उल्लास का वातावरण लेकर आया, ऐसा नजर आज शहर के हर शिव मंदिर पर देखने को मिला।
शहर के श्री सिद्धेश्वर मंदिर, नीलकण्ठेश्वर मंदिर, अद्र्वनागेश्वर शिव मंदिर सहित अनेकों शिव मंदिरों पर आज शिवा िाषेक करने के लिए लंबी कतार भी लग रही। यहां श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से पूजा-अर्चन कर अभिषेक किया। पूजा के दौरान उपयोगी सामग्री व मंत्रोच्चारण विधि से यह प्रक्रिया विद्वान पंडितों व महंतों ने पूर्ण कराई। इस दौरान बांकड़े हनुमान मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा में शिवपूजा व शिवभक्ति पर कथावाचक डॉ.गिरीश जी महाराज ने प्रकाश डाला और शिवजी की कथा का वृतान्त भी सुनाया इसके अलावा कथा में ही मु य यजमान द्वारा शिवाभिषेक कराया गया।
प्रदेश की उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के प्रयासों से शहर का अति प्राचीन श्री सिद्धेश्वर मंदिर का जीर्णोद्वार कार्य अंतिम चरण में है। ऐसे मे यहां भगवान शिव की पूजा-आराधना करने का अनूठा कार्यक्रम शिवभक्त सर्राफा व्यावसाई दिनेश गर्ग व उनके मित्र मण्डल द्वारा किया गया। जिसमें शिवजी की उपासना के लिए भजन-कीर्तन व ठण्डाई का वितरण शिव भक्तों में किया गया। मंदिर में पूजा-आराधना करने के लिए प्रशासनिक टीम भी यहांं पहुंची और शिवाभिषेक कर प्रसाद ग्रहण किया। यहां फूल बंग्ला भी सजाया गया जिसका प्रसाद सभी भक्तजनों में वितरित किया गया।
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शिवपुरी। दुर्लभ संयोग के रूप में इस बार भगवान शिव का पर्व महाशिवरात्रि बारह वर्षों बाद सोमवार के दिन आया। इसके अलावा अब यह संयोग पुनः कई वर्षों बाद देखने को मिलेगा। आज के इस पुण्य अवसर पर हरेम शिवभक्तोंं ने बड़े श्रद्धा, आस्था के भाव से भगवान शिव को मनाया और अलसुबह से शिव जाप ऊॅं : नमः शिवाय व शिवाभिषेक कर पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान ागवान शिव मंदिरों पर हजारों की सं या में शिवभक्त श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा जिसमें महिला-पुरूषों के अलावा बच्चों ने भी शिव भक्ति की। पूजा के दौरान शिवजी की प्रतिमा पर जल, बिल्व पत्र, धतूरा चढ़ाकर अपनी मनोकामनाऐं की पूर्ति के लिए दिन भर निराहार व्रत भी रखा। महाशिवरात्रि पर्व का दिन शिवभक्तों के लिए खुशियां और उल्लास का वातावरण लेकर आया, ऐसा नजर आज शहर के हर शिव मंदिर पर देखने को मिला। शहर के श्री सिद्धेश्वर मंदिर, नीलकण्ठेश्वर मंदिर, अद्र्वनागेश्वर शिव मंदिर सहित अनेकों शिव मंदिरों पर आज शिवा िाषेक करने के लिए लंबी कतार भी लग रही। यहां श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से पूजा-अर्चन कर अभिषेक किया। पूजा के दौरान उपयोगी सामग्री व मंत्रोच्चारण विधि से यह प्रक्रिया विद्वान पंडितों व महंतों ने पूर्ण कराई। इस दौरान बांकड़े हनुमान मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा में शिवपूजा व शिवभक्ति पर कथावाचक डॉ.गिरीश जी महाराज ने प्रकाश डाला और शिवजी की कथा का वृतान्त भी सुनाया इसके अलावा कथा में ही मु य यजमान द्वारा शिवाभिषेक कराया गया। प्रदेश की उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के प्रयासों से शहर का अति प्राचीन श्री सिद्धेश्वर मंदिर का जीर्णोद्वार कार्य अंतिम चरण में है। ऐसे मे यहां भगवान शिव की पूजा-आराधना करने का अनूठा कार्यक्रम शिवभक्त सर्राफा व्यावसाई दिनेश गर्ग व उनके मित्र मण्डल द्वारा किया गया। जिसमें शिवजी की उपासना के लिए भजन-कीर्तन व ठण्डाई का वितरण शिव भक्तों में किया गया। मंदिर में पूजा-आराधना करने के लिए प्रशासनिक टीम भी यहांं पहुंची और शिवाभिषेक कर प्रसाद ग्रहण किया। यहां फूल बंग्ला भी सजाया गया जिसका प्रसाद सभी भक्तजनों में वितरित किया गया।
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चालबाज चीन पर नकेल कसने के लिए भारत ने चौतरफा घेराबंदी कर रखी है और अब इस घेराबंदी की मजबूत दीवार को और फैलादी बनाएंगे क्वॉड के सुपर पावर देश। दरअसल चीन को चारों खाने चित करने के लिए भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेता शुक्रवार को पहले क्वॉड सम्मेलन में चर्चा करेंगे, जिससे चीन में खलबली मची हुई है।
क्वॉड के डर से चीन में खौफ का आलम ये है कि अब वो शांति और स्थिरता का राग अलाप रहा है। चीन ने उम्मीद जताई है कि चारों देश ऐसी चीजें करेंगे, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए हितकारी हों, ना कि 'प्रतिकूल'।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी पीएम योशिहिदे सुगा डिजिटल माध्यम से आयोजित होने वाले क्वाड सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं, ये क्वॉड गठबंधन के शीर्ष नेताओं का पहला सम्मेलन है। जिसे चीन की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए बनाया गया है।
लेकिन अब क्वॉड मीटिंग से चीन को ऐसी मिर्ची लगी है कि उसके विदेश मंत्रालय ने भारत-जापान की बातचीत को 'Uncomfortable signal to China' बता दिया। क्वॉड के नेताओं के पहले सम्मेलन पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया ड्रैगन के खौफ को साफ दर्शाता है।
चीनी विदेश मंत्रालय का कहना है कि 'हमें उम्मीद है कि संबंधित देश इस बात को दिमाग में रखेंगे कि क्षेत्रीय देशों के समान हितों में खुलेपन, समावेशीकरण और लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों को बरकरार रखा जाए और ऐसी चीजें की जाएं जो विरोधाभासी होने के बजाय क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हितकारी हों।'
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चालबाज चीन पर नकेल कसने के लिए भारत ने चौतरफा घेराबंदी कर रखी है और अब इस घेराबंदी की मजबूत दीवार को और फैलादी बनाएंगे क्वॉड के सुपर पावर देश। दरअसल चीन को चारों खाने चित करने के लिए भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेता शुक्रवार को पहले क्वॉड सम्मेलन में चर्चा करेंगे, जिससे चीन में खलबली मची हुई है। क्वॉड के डर से चीन में खौफ का आलम ये है कि अब वो शांति और स्थिरता का राग अलाप रहा है। चीन ने उम्मीद जताई है कि चारों देश ऐसी चीजें करेंगे, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए हितकारी हों, ना कि 'प्रतिकूल'। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी पीएम योशिहिदे सुगा डिजिटल माध्यम से आयोजित होने वाले क्वाड सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं, ये क्वॉड गठबंधन के शीर्ष नेताओं का पहला सम्मेलन है। जिसे चीन की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए बनाया गया है। लेकिन अब क्वॉड मीटिंग से चीन को ऐसी मिर्ची लगी है कि उसके विदेश मंत्रालय ने भारत-जापान की बातचीत को 'Uncomfortable signal to China' बता दिया। क्वॉड के नेताओं के पहले सम्मेलन पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया ड्रैगन के खौफ को साफ दर्शाता है। चीनी विदेश मंत्रालय का कहना है कि 'हमें उम्मीद है कि संबंधित देश इस बात को दिमाग में रखेंगे कि क्षेत्रीय देशों के समान हितों में खुलेपन, समावेशीकरण और लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों को बरकरार रखा जाए और ऐसी चीजें की जाएं जो विरोधाभासी होने के बजाय क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हितकारी हों।'
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बॉलीवुड के जाने माने सिंगर शान ने इंदौर के एक गाने के लिए अपनी आवाज दी है. यह गाना इंदौर को स्वच्छ बनाने की सीख देता है. इस गाने के बोल है गली गली मोहल्ला मोहल्ला. दरअसल यह गाना स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोगो को जागरूक करने के लिए बनाया गया है. आपको बता दे कि इससे पहले शान मध्यप्रदेश के लिए भी गाना गा चुके है.
वह मध्यप्रदेश के गाने है अपना मध्यप्रदेश रे में अपनी आवाज दे चुके है. आपको बता दे कि इन दिनों मोदी जी द्वारा स्वच्छ भारत की मुहीम तेज कर दी गई है.
जिसमे इंदौर की जनता भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है. और इंदौर में जगह जगह इस अभियान को सफल बनाने के लिए पोस्टर द्वारा भी प्रचार किया जा रहा है. आप भी सुने सिंगर शान की आवाज में अपना इंदौर एक लिए यह गाना.
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बॉलीवुड के जाने माने सिंगर शान ने इंदौर के एक गाने के लिए अपनी आवाज दी है. यह गाना इंदौर को स्वच्छ बनाने की सीख देता है. इस गाने के बोल है गली गली मोहल्ला मोहल्ला. दरअसल यह गाना स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोगो को जागरूक करने के लिए बनाया गया है. आपको बता दे कि इससे पहले शान मध्यप्रदेश के लिए भी गाना गा चुके है. वह मध्यप्रदेश के गाने है अपना मध्यप्रदेश रे में अपनी आवाज दे चुके है. आपको बता दे कि इन दिनों मोदी जी द्वारा स्वच्छ भारत की मुहीम तेज कर दी गई है. जिसमे इंदौर की जनता भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है. और इंदौर में जगह जगह इस अभियान को सफल बनाने के लिए पोस्टर द्वारा भी प्रचार किया जा रहा है. आप भी सुने सिंगर शान की आवाज में अपना इंदौर एक लिए यह गाना.
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LUCKNOW: घर के बाहर या गली में झाड़ू लगी या नहीं, इसकी जानकारी एक फोटो से आसानी से हो जाएगी। झाड़ू न लगने पर सफाई कर्मी कोई बहाना भी नहीं बना सकेंगे। वजह यह है कि गलियों में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए निगम प्रशासन की ओर से फोटो सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। मौके पर फोटो क्लिक होने से सफाई व्यवस्था की स्थिति का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
निगम प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारी से साफ है कि बीट इंचार्ज और सफाई सुपरवाइजर्स को डेली अपने एरिया में जाकर सफाई की फोटो क्लिक करनी होगी और इसे निगम के वार रूम में भेजना होगा। जिसका पूरा रिकॉर्ड बनाया जाएगा, जिसकी हर सप्ताह समीक्षा भी होगी। जिससे यह आसानी से पता लगे कि किस एरिया में किस दिन सफाई नहीं हुई।
निगम की ओर से ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट बनवाई जाएगी, जो नियमित रूप से अपने कार्यक्षेत्र में सफाई नहीं करते हैं। इसके साथ ही ऐसे सफाई कर्मियों की भी लिस्ट बनेगी, जो डेली अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। निगम ऐसे कर्मचारियों को सम्मानित करेगा, वहीं लापरवाह कर्मचारियों की काउंसलिंग कर स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। अगर इसके बाद भी लापरवाही होती है तो संबंधित कर्मचारी पर एक्शन लिया जाएगा।
निगम की ओर से शहर के पुराने एरिया में ज्यादा फोकस किया जा रहा है। वजह यह है कि सफाई न होने की ज्यादातर शिकायतें इन्हीं एरिया से आती हैं। पुराने एरिया में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जोनल अधिकारियों के साथ-साथ अपर नगर आयुक्तों को जिम्मेदारी दी गई है।
जनवरी के पहले सप्ताह में स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के शुरू होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए ही निगम प्रशासन ने अपना पूरा फोकस सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में कर दिया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से होमवर्क किया जा रहा है।
गलियों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस कदम की नियमित मॉनीटरिंग भी की जाएगी।
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LUCKNOW: घर के बाहर या गली में झाड़ू लगी या नहीं, इसकी जानकारी एक फोटो से आसानी से हो जाएगी। झाड़ू न लगने पर सफाई कर्मी कोई बहाना भी नहीं बना सकेंगे। वजह यह है कि गलियों में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए निगम प्रशासन की ओर से फोटो सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। मौके पर फोटो क्लिक होने से सफाई व्यवस्था की स्थिति का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। निगम प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारी से साफ है कि बीट इंचार्ज और सफाई सुपरवाइजर्स को डेली अपने एरिया में जाकर सफाई की फोटो क्लिक करनी होगी और इसे निगम के वार रूम में भेजना होगा। जिसका पूरा रिकॉर्ड बनाया जाएगा, जिसकी हर सप्ताह समीक्षा भी होगी। जिससे यह आसानी से पता लगे कि किस एरिया में किस दिन सफाई नहीं हुई। निगम की ओर से ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट बनवाई जाएगी, जो नियमित रूप से अपने कार्यक्षेत्र में सफाई नहीं करते हैं। इसके साथ ही ऐसे सफाई कर्मियों की भी लिस्ट बनेगी, जो डेली अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। निगम ऐसे कर्मचारियों को सम्मानित करेगा, वहीं लापरवाह कर्मचारियों की काउंसलिंग कर स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। अगर इसके बाद भी लापरवाही होती है तो संबंधित कर्मचारी पर एक्शन लिया जाएगा। निगम की ओर से शहर के पुराने एरिया में ज्यादा फोकस किया जा रहा है। वजह यह है कि सफाई न होने की ज्यादातर शिकायतें इन्हीं एरिया से आती हैं। पुराने एरिया में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जोनल अधिकारियों के साथ-साथ अपर नगर आयुक्तों को जिम्मेदारी दी गई है। जनवरी के पहले सप्ताह में स्वच्छता सर्वेक्षण दो हज़ार बीस के शुरू होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए ही निगम प्रशासन ने अपना पूरा फोकस सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में कर दिया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से होमवर्क किया जा रहा है। गलियों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस कदम की नियमित मॉनीटरिंग भी की जाएगी।
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झालावाड़ में कांग्रेस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ED द्वारा पूछताछ एंव दिल्ली में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन के दौरान की गई कार्रवाई की विरोध में आज AICC के आह्वान पर राजस्थान के झालावाड़ में प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया एवं जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने झालावाड़ में नारेबाजी कर रैली निकाली और मिनी सचिवालय के सामने नेशनल हाईवे पर जमकर प्रदर्शन किया इस दौरान गृहमंत्री का पुतला भी जलाया गया। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इस दौरान प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया ने ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार जुल्म किया जा रहा है, उससे लगता है कि कानून का शासन समाप्त हो गया है और देश अघोषित आपातकाल की स्थिति में जा रहा है। मंत्री प्रमोद जैन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस तरह ED इनकम टैक्स जैसी संस्थाओं का को दुरुपयोग कर है यह प्रजातंत्र पर हमला है। गौरतलब है कि धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व MLA एवं कांग्रेस के सभी अग्रिम संगठन के नेता गण मौजूद रहे।
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झालावाड़ में कांग्रेस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ED द्वारा पूछताछ एंव दिल्ली में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन के दौरान की गई कार्रवाई की विरोध में आज AICC के आह्वान पर राजस्थान के झालावाड़ में प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया एवं जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने झालावाड़ में नारेबाजी कर रैली निकाली और मिनी सचिवालय के सामने नेशनल हाईवे पर जमकर प्रदर्शन किया इस दौरान गृहमंत्री का पुतला भी जलाया गया। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया ने ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार जुल्म किया जा रहा है, उससे लगता है कि कानून का शासन समाप्त हो गया है और देश अघोषित आपातकाल की स्थिति में जा रहा है। मंत्री प्रमोद जैन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस तरह ED इनकम टैक्स जैसी संस्थाओं का को दुरुपयोग कर है यह प्रजातंत्र पर हमला है। गौरतलब है कि धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व MLA एवं कांग्रेस के सभी अग्रिम संगठन के नेता गण मौजूद रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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एकादश अध्याय ( द्वितीय अध्याय) प्राणिहिसापितं बर्षमर्पयत्तरसं तराम् । रसयित्वा नृशंसः स्वं विवर्तयति संसृतौ ॥८॥
तरसं - मांसम् । तराम्-अतिशायनेऽव्ययमिदम् । मृष्टान्नादिभ्योऽतिशयेन प्राणिधातादु [स्पन्नं तद्द्दर्पकरं चे-] स्यर्थः । रसयित्वा-आस्वाद्य ॥८॥
अथ सांकल्पिकस्यापि पलमक्षणस्य दोषं तद्विरतिनिष्ठायाश्च गुणमुदाहरणद्वारेण दर्शयति -
भ्रमति पिशिताशनाभिध्यानादपि सौरसेनवत् कुगतिः । तद्विरतिरतः सुर्गात अयति नरश्चण्डवत् खबिरवद्वा ॥ ९॥
चण्डवत् --चण्डो नामोज्जयिन्यां मातङ्गो यथा । खदिरवत् खदिरसारो नाम भिल्लराजो
मांस पंचेन्द्रिय प्राणीको मारनेसे ही प्राप्त होता है और उसके खानेसे अत्यन्त मद होता है। उसे खाकर क्रूर प्राणी अपनेको संसारमें भ्रमण कराता है ।।८।।
विशेपार्थ- आचार्य अमितगतिने भी कहा है कि तीनों लोकोंमें मांसकी उत्पत्ति जीवधानसे ही होती है। उसके बिना मांस नहीं मिलता। अतः पंचेन्द्रिय प्राणीका घात होनेसे हिंसा होती है। एकेन्द्रियसे पंचेन्द्रियकी हिंसा में अत्यधिक पाप है क्योंकि उसकी अनुभवन शक्ति विशेष है । वह जीना चाहता है मरना नहीं चाहता। अतः जो जीवको हूं मारता है, खाता है, मांस बेचता है, उसे अच्छा मानता है, मांस-भक्षणका प्रचार करता है और मांस पकाता है ये छहों ही पापी हैं। जो मांसके स्वादके लोभी है वे मांस-मदिराका सेवन करके विषयासक्त रहते हैं। अतः मांस द्रव्यहिंसाके साथ भावहिंसाका भी कारण है। अतः मांसभक्षक संसारमें पंचपरावर्तन करते हुए भ्रमण करता है ।।८।।
आगे मांसभक्षण के विचारको भी दोष और उसके त्यागका गुण दृष्टान्त द्वारा बतलाते हैं -
मांसभक्षण के संकल्प मात्रसे जीव सौरसेन राजाकी तरह फुगतियोंमें भ्रमण करता है । और जो मांससेवनके त्यागमें आसक्त होता है वह घण्ड नामक चाण्डाल या खदिरसार नामक भील राजाको तरह सुगतिमें जाता है ॥ ९॥
विशेषार्थ - मांसभक्षणकी तो बात ही क्या, मांस खानेका इरादा करने मात्रसे मनुष्यको दुर्गतियों में भ्रमण करना पड़ता है। इसका उदाहरण राजा सौरसेन है जो मांस खाने का विचार करता है किन्तु अपवाद, भय और राजकार्यवश खा नहीं पाता । वह मरकर मत्स्य होता है और फिर नरक में जाता है। और मांसका कुछ समयके लिए त्याग करनेवाला चण्डनामका मातंग सद्गति पाता है। इन दोनोंकी कथा सोमदेवके उपासकाध्ययन में (पृ. १४०-१४३ ) वर्णित है । खदिरसार एक भील था। शिकार उसका व्यवसाय था। वह मांस कैसे छोड़ सकता। किन्तु दूरदर्शी मुनिराजने उसकी विवशता जानकर उसे केवल कौएका मांस छुड़ाया। एक बार वह बीमार हुआ और बैद्यने उसे कौएका मांस खाना बतलाया। किन्तु उसने नहीं खाया। इस त्यागसे ही उसे सद्गति प्राप्त हुई ।।९।।
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एकादश अध्याय प्राणिहिसापितं बर्षमर्पयत्तरसं तराम् । रसयित्वा नृशंसः स्वं विवर्तयति संसृतौ ॥आठ॥ तरसं - मांसम् । तराम्-अतिशायनेऽव्ययमिदम् । मृष्टान्नादिभ्योऽतिशयेन प्राणिधातादु [स्पन्नं तद्द्दर्पकरं चे-] स्यर्थः । रसयित्वा-आस्वाद्य ॥आठ॥ अथ सांकल्पिकस्यापि पलमक्षणस्य दोषं तद्विरतिनिष्ठायाश्च गुणमुदाहरणद्वारेण दर्शयति - भ्रमति पिशिताशनाभिध्यानादपि सौरसेनवत् कुगतिः । तद्विरतिरतः सुर्गात अयति नरश्चण्डवत् खबिरवद्वा ॥ नौ॥ चण्डवत् --चण्डो नामोज्जयिन्यां मातङ्गो यथा । खदिरवत् खदिरसारो नाम भिल्लराजो मांस पंचेन्द्रिय प्राणीको मारनेसे ही प्राप्त होता है और उसके खानेसे अत्यन्त मद होता है। उसे खाकर क्रूर प्राणी अपनेको संसारमें भ्रमण कराता है ।।आठ।। विशेपार्थ- आचार्य अमितगतिने भी कहा है कि तीनों लोकोंमें मांसकी उत्पत्ति जीवधानसे ही होती है। उसके बिना मांस नहीं मिलता। अतः पंचेन्द्रिय प्राणीका घात होनेसे हिंसा होती है। एकेन्द्रियसे पंचेन्द्रियकी हिंसा में अत्यधिक पाप है क्योंकि उसकी अनुभवन शक्ति विशेष है । वह जीना चाहता है मरना नहीं चाहता। अतः जो जीवको हूं मारता है, खाता है, मांस बेचता है, उसे अच्छा मानता है, मांस-भक्षणका प्रचार करता है और मांस पकाता है ये छहों ही पापी हैं। जो मांसके स्वादके लोभी है वे मांस-मदिराका सेवन करके विषयासक्त रहते हैं। अतः मांस द्रव्यहिंसाके साथ भावहिंसाका भी कारण है। अतः मांसभक्षक संसारमें पंचपरावर्तन करते हुए भ्रमण करता है ।।आठ।। आगे मांसभक्षण के विचारको भी दोष और उसके त्यागका गुण दृष्टान्त द्वारा बतलाते हैं - मांसभक्षण के संकल्प मात्रसे जीव सौरसेन राजाकी तरह फुगतियोंमें भ्रमण करता है । और जो मांससेवनके त्यागमें आसक्त होता है वह घण्ड नामक चाण्डाल या खदिरसार नामक भील राजाको तरह सुगतिमें जाता है ॥ नौ॥ विशेषार्थ - मांसभक्षणकी तो बात ही क्या, मांस खानेका इरादा करने मात्रसे मनुष्यको दुर्गतियों में भ्रमण करना पड़ता है। इसका उदाहरण राजा सौरसेन है जो मांस खाने का विचार करता है किन्तु अपवाद, भय और राजकार्यवश खा नहीं पाता । वह मरकर मत्स्य होता है और फिर नरक में जाता है। और मांसका कुछ समयके लिए त्याग करनेवाला चण्डनामका मातंग सद्गति पाता है। इन दोनोंकी कथा सोमदेवके उपासकाध्ययन में वर्णित है । खदिरसार एक भील था। शिकार उसका व्यवसाय था। वह मांस कैसे छोड़ सकता। किन्तु दूरदर्शी मुनिराजने उसकी विवशता जानकर उसे केवल कौएका मांस छुड़ाया। एक बार वह बीमार हुआ और बैद्यने उसे कौएका मांस खाना बतलाया। किन्तु उसने नहीं खाया। इस त्यागसे ही उसे सद्गति प्राप्त हुई ।।नौ।।
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मध्यप्रदेश के दमोह जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। जहां एक परिवार को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने के कारण परिजनों को चारपाई के सहारे शव को घर तक ले जाना पड़ा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस खास दिन यानि की भोपाल गौरव दिवस पर अगले साल से प्रदेश में शासकीय अवकाश रखने का भी ऐलान किया। सीएम के इस ऐलान से जनता काफी खुश है। बता दें कि आज राजधानी में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
मध्यप्रदेश समेत देश के कई जिलों में ईंधन के रेट में बदलाव देखा गया है। एमपी के विभिन्न जिलों में फ्यूल के रेट भी अलग-अलग हैं। प्रदेश में आज कहीं गिरावट तो कहीं उछाल आया है।
हिंदू नाम की लड़िकयों का हिजाब पहने फोटो छपा हुआ है। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। जहां एक तरफ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने इस मामले को उठाया तो वही दूसरी तरफ स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस मामले में बड़ा बयान सामने आया है।
बीते 17 दिनों से जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में पदस्थ कर्मचारियों अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे है। जिसके बाद भी सरकार द्वारा उनके मांगों को लेकर कोई भी एक्शन नहीं लिया जा रही है। जिससे अब आक्रोशित कर्मचारियों ने 2 जून को उग्र आंदोलन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतवानी दी है।
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार मध्य प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा तबादले हुए है। राज्य सरकार ने बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए। साथ ही इन अधिकारियो को जल्द ही नवीन पदस्थापना करने के आदेश दिए है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष पद से हटाने की अटकलों का खंडन किय है। वीडी शर्मा ने कहा हम सब मनुष्य हैं। भगवान नहीं है। मनुष्य होने के नाते किसी के भी मन में टिकट को लेकर बात आ सकती है लेकिन संगठन जो तय करता है वही होता है।
मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती 2018 प्रक्रिया में उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर लगातार हड़ताल जारी है। जिसको लेकर अजा बड़ी तादाद में आक्रोशित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला । बता दें कि आज वर्ग-1 और वर्ग-2 के हजारों अभ्यर्थी ने मध्य प्रदेश के भोपाल के व्यापम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे रहे।
आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भोपाल की जनता से खास अपील की है। जिसमे उन्होंने कहा 1 जून को गौरव दिवस का आयोजन किया जा रहा है। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही मंत्री जी ने भोपालवासियो से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
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मध्यप्रदेश के दमोह जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। जहां एक परिवार को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने के कारण परिजनों को चारपाई के सहारे शव को घर तक ले जाना पड़ा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस खास दिन यानि की भोपाल गौरव दिवस पर अगले साल से प्रदेश में शासकीय अवकाश रखने का भी ऐलान किया। सीएम के इस ऐलान से जनता काफी खुश है। बता दें कि आज राजधानी में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश समेत देश के कई जिलों में ईंधन के रेट में बदलाव देखा गया है। एमपी के विभिन्न जिलों में फ्यूल के रेट भी अलग-अलग हैं। प्रदेश में आज कहीं गिरावट तो कहीं उछाल आया है। हिंदू नाम की लड़िकयों का हिजाब पहने फोटो छपा हुआ है। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। जहां एक तरफ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने इस मामले को उठाया तो वही दूसरी तरफ स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस मामले में बड़ा बयान सामने आया है। बीते सत्रह दिनों से जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में पदस्थ कर्मचारियों अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे है। जिसके बाद भी सरकार द्वारा उनके मांगों को लेकर कोई भी एक्शन नहीं लिया जा रही है। जिससे अब आक्रोशित कर्मचारियों ने दो जून को उग्र आंदोलन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतवानी दी है। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार मध्य प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा तबादले हुए है। राज्य सरकार ने बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए। साथ ही इन अधिकारियो को जल्द ही नवीन पदस्थापना करने के आदेश दिए है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष पद से हटाने की अटकलों का खंडन किय है। वीडी शर्मा ने कहा हम सब मनुष्य हैं। भगवान नहीं है। मनुष्य होने के नाते किसी के भी मन में टिकट को लेकर बात आ सकती है लेकिन संगठन जो तय करता है वही होता है। मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती दो हज़ार अट्ठारह प्रक्रिया में उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर लगातार हड़ताल जारी है। जिसको लेकर अजा बड़ी तादाद में आक्रोशित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला । बता दें कि आज वर्ग-एक और वर्ग-दो के हजारों अभ्यर्थी ने मध्य प्रदेश के भोपाल के व्यापम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे रहे। आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भोपाल की जनता से खास अपील की है। जिसमे उन्होंने कहा एक जून को गौरव दिवस का आयोजन किया जा रहा है। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही मंत्री जी ने भोपालवासियो से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
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जब वह अपनी मां के साथ किसी फैशन शो में जाती हैं तो उन्हे वहां बहुत खुशी होती होती है। क्योंकि वह मुझे रैंप वॉक करते देख बहुत गर्व महसूस करती हैं।
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सम्मेद शिखर : क्या है इस स्थान का महत्व, क्यों खड़ा हुआ विवाद और क्या है इसकी क्रोनोलॉजी?
रवीना टंडन को इस साल मिली खास पहचान!
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Home : : जब वह अपनी मां के साथ किसी फैशन शो में जाती हैं तो उन्हे वहां बहुत खुशी होती होती है। क्योंकि वह मुझे रैंप वॉक करते देख बहुत गर्व महसूस करती हैं। , , , सम्मेद शिखर : क्या है इस स्थान का महत्व, क्यों खड़ा हुआ विवाद और क्या है इसकी क्रोनोलॉजी? रवीना टंडन को इस साल मिली खास पहचान!
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यूपी के आगरा से पति पत्नी के हाई वोल्टेज ड्रामे का वीडिया वायरल है। नीलम को अपने पति की होटल में रहने की सूचना मिली जिसके बाद नीलम अपने भाई को साथ लेकर होटल पहुंची और उस कमरे में आ धमकी जहां पति दिनेश दूसरी महिला के साथ था।
वीडियो डेस्क। यूपी के आगरा से पति पत्नी के हाई वोल्टेज ड्रामे का वीडियो वायरल हो रहा है। जहां पत्नी ने अपने पति को दिल्ली गेट इलाके के एक होटल में किसी और औरत के साथ रंगे हाथों पकड़ा। पत्नी को पति के अवैध संबंध का शक पहले से ही था जिसकी वजह से आए दिन घर में झगड़े होते थे। पत्नी पति के अवैध रिश्ते से परेशान होकर अपने मायके में रहने लगी। आरोपी पति दिनेश अस्पताल में नौकरी करता है। उसकी पत्नी नीलम ने उसे दूसरी महिला के साथ होटल में पकड़ लिया। नीलम को अपने पति की होटल में रहने की सूचना मिली जिसके बाद नीलम अपने भाई को साथ लेकर होटल पहुंची और उस कमरे में आ धमकी जहां पति दिनेश दूसरी महिला के साथ था। नीलम पति को देख गुस्से से बौखला गई और चप्पल से बुरी तरह पीटा। नीलम ने पति दिनेश और दूसरी महिला पर जमकर चप्पल बरसाईं। पति नीलम से मांफी मांगता रहा। कहा कि गलती हो गई दोबारा नहीं होगी। घंटों तक ये हंगामा चलता रहा। पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस पहुंची और महिला और दिनेश को अपने साथ थाने ले गई।
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यूपी के आगरा से पति पत्नी के हाई वोल्टेज ड्रामे का वीडिया वायरल है। नीलम को अपने पति की होटल में रहने की सूचना मिली जिसके बाद नीलम अपने भाई को साथ लेकर होटल पहुंची और उस कमरे में आ धमकी जहां पति दिनेश दूसरी महिला के साथ था। वीडियो डेस्क। यूपी के आगरा से पति पत्नी के हाई वोल्टेज ड्रामे का वीडियो वायरल हो रहा है। जहां पत्नी ने अपने पति को दिल्ली गेट इलाके के एक होटल में किसी और औरत के साथ रंगे हाथों पकड़ा। पत्नी को पति के अवैध संबंध का शक पहले से ही था जिसकी वजह से आए दिन घर में झगड़े होते थे। पत्नी पति के अवैध रिश्ते से परेशान होकर अपने मायके में रहने लगी। आरोपी पति दिनेश अस्पताल में नौकरी करता है। उसकी पत्नी नीलम ने उसे दूसरी महिला के साथ होटल में पकड़ लिया। नीलम को अपने पति की होटल में रहने की सूचना मिली जिसके बाद नीलम अपने भाई को साथ लेकर होटल पहुंची और उस कमरे में आ धमकी जहां पति दिनेश दूसरी महिला के साथ था। नीलम पति को देख गुस्से से बौखला गई और चप्पल से बुरी तरह पीटा। नीलम ने पति दिनेश और दूसरी महिला पर जमकर चप्पल बरसाईं। पति नीलम से मांफी मांगता रहा। कहा कि गलती हो गई दोबारा नहीं होगी। घंटों तक ये हंगामा चलता रहा। पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस पहुंची और महिला और दिनेश को अपने साथ थाने ले गई।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गहलोत गुट और पायलट गुट के बीच चल रही नाराजगी को इस चुनावी साल में खत्म करने की नई कोशिश की जा रही है। सचिन पायलट के साथ अनबन के बारे में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहाः "हालांकि हमारी पार्टी के भीतर छोटे-छोटे मतभेद हैं, यह हर राज्य में सभी दलों में आम है। हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, जीतेंगे और सरकार बनाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि "हमारी पार्टी के भीतर विवाद का कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। "
शनिवार को मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे, जीतेंगे और फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर आलाकमान के फैसले को मानेंगे। हमारी पार्टी में कोई मतभेद नहीं है और हम एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।
पायलट और गहलोत के बीच के मतभेद पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान दिए थे, गहलोत ने पायलट को देशद्रोही तक कह दिया था। इससे पहले गहलोत ने 2020 में पायलट की बगावत के दौरान उन्हें 'निकम्मा' और 'नकारा' कहा था।
कांग्रेस के कई नेता राजस्थान में पार्टी का गढ़ बनाए रखने के लिए गहलोत और पायलट के बीच लंबे समय से चली आ रही नाराजगी को खत्म करना चाहते हैं। सीनियर नेता सलमान खुर्शीद ने गहलोत और पायलट दोनों को अपने मतभेदों को सुलझाने और एकजुट होने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, 'अगर हम ऐसा कर पाए तो हम बच जाएंगे और जिन राज्यों में हमारी पार्टी कमजोर है, वहां यह संदेश जाएगा कि जहां हमारे किले मजबूत हैं, वहां हमारी पार्टी भी मजबूत है। अगर राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में हमारे किले मजबूत रहेंगे तो निश्चित तौर पर इसका असर यूपी जैसे अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के ससुर फारूक अब्दुल्ला ने भी राजस्थान कांग्रेस से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि "गहलोत सरकार ने अच्छा काम किया है, लेकिन कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए सभी नेताओं को साथ लेना होगा "।
गहलोत ने विधानसभा चुनाव के लिए अनौपचारिक रूप से अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। इसके बावजूद सचिन पायलट पिछले कुछ हफ्तों से चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे उनके अगले कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या वह विधानसभा चुनाव से पहले आलाकमान और वरिष्ठ नेताओं के एकजुट रहने की अपील को मानेंगे या नहीं।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गहलोत गुट और पायलट गुट के बीच चल रही नाराजगी को इस चुनावी साल में खत्म करने की नई कोशिश की जा रही है। सचिन पायलट के साथ अनबन के बारे में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहाः "हालांकि हमारी पार्टी के भीतर छोटे-छोटे मतभेद हैं, यह हर राज्य में सभी दलों में आम है। हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, जीतेंगे और सरकार बनाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि "हमारी पार्टी के भीतर विवाद का कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। " शनिवार को मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे, जीतेंगे और फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर आलाकमान के फैसले को मानेंगे। हमारी पार्टी में कोई मतभेद नहीं है और हम एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। पायलट और गहलोत के बीच के मतभेद पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान दिए थे, गहलोत ने पायलट को देशद्रोही तक कह दिया था। इससे पहले गहलोत ने दो हज़ार बीस में पायलट की बगावत के दौरान उन्हें 'निकम्मा' और 'नकारा' कहा था। कांग्रेस के कई नेता राजस्थान में पार्टी का गढ़ बनाए रखने के लिए गहलोत और पायलट के बीच लंबे समय से चली आ रही नाराजगी को खत्म करना चाहते हैं। सीनियर नेता सलमान खुर्शीद ने गहलोत और पायलट दोनों को अपने मतभेदों को सुलझाने और एकजुट होने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'अगर हम ऐसा कर पाए तो हम बच जाएंगे और जिन राज्यों में हमारी पार्टी कमजोर है, वहां यह संदेश जाएगा कि जहां हमारे किले मजबूत हैं, वहां हमारी पार्टी भी मजबूत है। अगर राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में हमारे किले मजबूत रहेंगे तो निश्चित तौर पर इसका असर यूपी जैसे अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के ससुर फारूक अब्दुल्ला ने भी राजस्थान कांग्रेस से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि "गहलोत सरकार ने अच्छा काम किया है, लेकिन कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए सभी नेताओं को साथ लेना होगा "। गहलोत ने विधानसभा चुनाव के लिए अनौपचारिक रूप से अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। इसके बावजूद सचिन पायलट पिछले कुछ हफ्तों से चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे उनके अगले कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या वह विधानसभा चुनाव से पहले आलाकमान और वरिष्ठ नेताओं के एकजुट रहने की अपील को मानेंगे या नहीं। Copyright @ दो हज़ार तेईस Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.
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लाभकारी है दही, पर रात में नहीं. .
यूं तो दही खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है। कई लोग रात के खाने में दही का सेवन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रात में दही खाना आपके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है।
नई दिल्लीः रात मे दही खाने से कई तरह की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती हैं। डाइनामाइट न्यूज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहें है कि रात में दही खाने से आपको क्या क्या परेशानियां हो सकती हैं।
यह भी पढ़ेंः आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए काफी कारगार है पका आम. .
रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है। इतना ही नही कफ की समस्या भी पैदा हो जाती हैं। इसलिए जितना हो सके रात में दही का सेवन करने से बचे।
यह भी पढ़ेंः शिमला मिर्च खाकर डायबिटीज को करें कंट्रोल. .
जो लोग गठिया जैसी बीमारी से परेशान है अगर वो रात में दही का सवन करते हैं तो ऐसे में ये बीमारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए ऐसे लोग रात में दही खाने से परहेज करें तो ज्यादा अच्छा होगा।
अगर आपके शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन है और आप ऐसे में भी रात में दही खाते हैं तो आपकी ये समस्या घटने के बजाय और भी बढ़ जाती हैं।
रात को दही खाने से पाचन क्रिया में गड़बड़ी हो जाती है। इसे पचाने के लिए एनर्जी बर्न करने की जरूरत होती है। रात के समय ज्यादातर लोग खाने के बाद सो जाते हैं। जिससे पाचन प्रक्रिया में दिक्कते आ जाती हैं।
अगर आपको स्वस्थ रहना है तो सलाह दी जाती है कि रात में दही का हरगिज सेवन न करें।
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लाभकारी है दही, पर रात में नहीं. . यूं तो दही खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है। कई लोग रात के खाने में दही का सेवन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रात में दही खाना आपके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है। नई दिल्लीः रात मे दही खाने से कई तरह की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती हैं। डाइनामाइट न्यूज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहें है कि रात में दही खाने से आपको क्या क्या परेशानियां हो सकती हैं। यह भी पढ़ेंः आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए काफी कारगार है पका आम. . रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है। इतना ही नही कफ की समस्या भी पैदा हो जाती हैं। इसलिए जितना हो सके रात में दही का सेवन करने से बचे। यह भी पढ़ेंः शिमला मिर्च खाकर डायबिटीज को करें कंट्रोल. . जो लोग गठिया जैसी बीमारी से परेशान है अगर वो रात में दही का सवन करते हैं तो ऐसे में ये बीमारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए ऐसे लोग रात में दही खाने से परहेज करें तो ज्यादा अच्छा होगा। अगर आपके शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन है और आप ऐसे में भी रात में दही खाते हैं तो आपकी ये समस्या घटने के बजाय और भी बढ़ जाती हैं। रात को दही खाने से पाचन क्रिया में गड़बड़ी हो जाती है। इसे पचाने के लिए एनर्जी बर्न करने की जरूरत होती है। रात के समय ज्यादातर लोग खाने के बाद सो जाते हैं। जिससे पाचन प्रक्रिया में दिक्कते आ जाती हैं। अगर आपको स्वस्थ रहना है तो सलाह दी जाती है कि रात में दही का हरगिज सेवन न करें।
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उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड (UPBEB) ने 19 नवंबर (शुक्रवार) को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट updeled. gov. in पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि इस बार यूपीटीईटी 2021 की परीक्षा 28 नवंबर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्राथमिक स्तर के लिए परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12. 30 बजे तक और जूनियर स्तर के लिए दोपहर 2. 30 से शाम 5 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार 21. 5 लाख परीक्षार्थी UPTET की परीक्षा में शामिल होंगे।
UPTET की परीक्षा 28 नवंबर को पहली बार लाइव सर्विलांस में होगी। इस बार राज्य स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट updeled. gov. in पर जाएं।
अब होम पेज पर यूपीटीईटी 2021 के लिंक पर क्लिक करें।
अब नए पेज पर यूपीटीईटी 2021 एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें।
आवश्यक क्रेडेंशियल भरें और सबमिट करें।
आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी की जांच करें और इसके बाद एडमिट कार्ड डाउनलोड करें।
भविष्य के संदर्भों के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट लें।
उम्मीदवार ध्यान दें कि UPTET 2021 की प्रोविजनल आंसर की 2 दिसंबर 2021 को जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को 6 दिसंबर 2021 तक प्रोविजनल आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने की अनुमति दी जाएगी। UPTET 2021 के परिणाम 28 दिसंबर 2021 को घोषित होने की उम्मीद है।
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उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड ने उन्नीस नवंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा दो हज़ार इक्कीस के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट updeled. gov. in पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि इस बार यूपीटीईटी दो हज़ार इक्कीस की परीक्षा अट्ठाईस नवंबर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्राथमिक स्तर के लिए परीक्षा सुबह दस बजे से दोपहर बारह. तीस बजे तक और जूनियर स्तर के लिए दोपहर दो. तीस से शाम पाँच बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार इक्कीस. पाँच लाख परीक्षार्थी UPTET की परीक्षा में शामिल होंगे। UPTET की परीक्षा अट्ठाईस नवंबर को पहली बार लाइव सर्विलांस में होगी। इस बार राज्य स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट updeled. gov. in पर जाएं। अब होम पेज पर यूपीटीईटी दो हज़ार इक्कीस के लिंक पर क्लिक करें। अब नए पेज पर यूपीटीईटी दो हज़ार इक्कीस एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें। आवश्यक क्रेडेंशियल भरें और सबमिट करें। आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी की जांच करें और इसके बाद एडमिट कार्ड डाउनलोड करें। भविष्य के संदर्भों के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट लें। उम्मीदवार ध्यान दें कि UPTET दो हज़ार इक्कीस की प्रोविजनल आंसर की दो दिसंबर दो हज़ार इक्कीस को जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को छः दिसंबर दो हज़ार इक्कीस तक प्रोविजनल आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने की अनुमति दी जाएगी। UPTET दो हज़ार इक्कीस के परिणाम अट्ठाईस दिसंबर दो हज़ार इक्कीस को घोषित होने की उम्मीद है।
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बगदाद। इराक में शुक्रवार को हुए एक कार बम हमले और संघर्ष में कम से कम 1० लोग मारे गए और 56 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस ने दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक पुलिस सूत्रों ने कहा कि निनेवेह की प्रांतीय राजधानी मोसुल के एक गांव में दो कार बम विस्फोट होने से सात लोग मारे गए और 46 लोग जख्मी हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पश्चिमी मोसुल में अल कायदा से अलग हुए गुट इस्लामिक स्टेट इन इराक एवं लेवांट (आईएसआईएल) के आतंकवादियों के साथ संघर्ष में तीन पुलिसकर्मी मारे गए और 1० घायल हो गए।
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बगदाद। इराक में शुक्रवार को हुए एक कार बम हमले और संघर्ष में कम से कम दस लोग मारे गए और छप्पन अन्य घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस ने दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक पुलिस सूत्रों ने कहा कि निनेवेह की प्रांतीय राजधानी मोसुल के एक गांव में दो कार बम विस्फोट होने से सात लोग मारे गए और छियालीस लोग जख्मी हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पश्चिमी मोसुल में अल कायदा से अलग हुए गुट इस्लामिक स्टेट इन इराक एवं लेवांट के आतंकवादियों के साथ संघर्ष में तीन पुलिसकर्मी मारे गए और दस घायल हो गए।
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Ranchi: कृषि उपज और विपणन विधेयक को लेकर व्यापारियों ने आंदोलन की रणनीति तय कर ली है. पंद्रह फरवरी तक अगर राज्य सरकार विधेयक वापस नहीं लेती है तो व्यापारी खाद्यान्न बाजार बंद कर देंगे. वहीं, विधेयक में खाद्यान्न व्यापारियों के आंदोलन के साथ ही महंगाई बढ़ने की चिंता भी आम लोगों को सता रही है. इस पर पंडरा बाजार समिति के संजय माहुरी ने कहा कि पंद्रह फरवरी तक किसी भी खाद्यान्न के दाम में वृद्धि नहीं होगी. व्यापारी इसे लेकर एकजुट हैं. क्योंकि पंद्रह फरवरी से राज्य में बाहर से आने वाले अनाज आयात किये जा रहे हैं. अनाज आयात होने पर बाजार में अनाज की कमी नहीं होगी. ऐसे में दाम नहीं बढ़ेगा. लेकिन पंद्रह फरवरी तक अगर राज्य सरकार मांगें नहीं मानती है तो महंगाई और अनाज की कमी दोनों ही स्थिति में लोगों को परेषानी का सामना करना पड़ सकता है.
खुदरा दुकानदारों और मिलरों का भी समर्थनः माहुरी ने बताया कि कृषि बिल के विरोध में शुरू आंदोलन में खाद्यान्न व्यापारियों का समर्थन है. जिसमें बड़े व्यापारी तो विरोध कर ही रहे हैं. खुदरा राशन दुकानदार, राइस मिल और आटा चक्की एसोसिएशन का भी समर्थन है. पंद्रह फरवरी से खाद्यान्न सेवा बंद किया जायेगा. इस दौरान राइस मिल संचालक समेत अन्य खाद्यान्न सेवाएं भी प्रभावित रहेंगे.
ऑर्डर किया जा रहा हैः पंद्रह फरवरी तक राज्य में खाद्यान्न आयात जारी रहेगा. व्यापारी फिलहाल जो भी ऑर्डर कर रहे हैं, वो तारीख को ध्यान में रख कर किया जा रहा है. संजय माहुरी की मानें तो पंद्रह फरवरी से खाद्यान्न लोड और ढुलाई दोनों बंद कर दी जायेगी. आने वाले कुछ दिनों में अगर सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती है तो ऑर्डर देना भी बंद कर दिया जायेगा. अब दुकानें बंद करने में सिर्फ छह दिन रह गया है. जानकारी हो कि राज्य में प्रमुख अनाज अन्य राज्यों से मंगाये जाते है. आवाक बंद होने से राज्य की स्थिति गंभीर होगी.
विधेयक लागू होने से मंहगे होगें खाद्यान्नः व्यापारियों की मानें तो चावल को छोड़कर किसी भी फसल पर राज्य में पूर्ण निर्भरता नहीं है. ऐसे में प्रमुख अनाज बाहर से मंगाये जाते है. यहां सरकार की ओर से अलग से शुल्क लगाने से खाद्यान्न महंगे होंगे. क्योंकि जिन राज्यों से अनाज आता है, उन व्यापारियों को दो राज्यों में शुल्क देना होगा. राज्य में चावल 25 फीसदी बाहर से मंगायी जाती है. इसके साथ ही गेंहू, दलहन, तिलहन, आलू, प्याज भी बाहर से मंगाये जाते है. राज्य में हरियाणा, पंजाब, एमपी, यूपी, पश्चिम बंगाल से खाद्यान्न मंगाये जाते हैं. राज्य में प्रतिदिन चावल 3500 टन, गेंहू 2500 टन, आलू 1500 टन, प्याज 800 से 1000 टन, दालें 700 से 800 टन, खाद्य तेल की खपत है. इसी अनुपात में व्यापारी प्रतिदिन अनाज के लिये ऑर्डर देते है.
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Ranchi: कृषि उपज और विपणन विधेयक को लेकर व्यापारियों ने आंदोलन की रणनीति तय कर ली है. पंद्रह फरवरी तक अगर राज्य सरकार विधेयक वापस नहीं लेती है तो व्यापारी खाद्यान्न बाजार बंद कर देंगे. वहीं, विधेयक में खाद्यान्न व्यापारियों के आंदोलन के साथ ही महंगाई बढ़ने की चिंता भी आम लोगों को सता रही है. इस पर पंडरा बाजार समिति के संजय माहुरी ने कहा कि पंद्रह फरवरी तक किसी भी खाद्यान्न के दाम में वृद्धि नहीं होगी. व्यापारी इसे लेकर एकजुट हैं. क्योंकि पंद्रह फरवरी से राज्य में बाहर से आने वाले अनाज आयात किये जा रहे हैं. अनाज आयात होने पर बाजार में अनाज की कमी नहीं होगी. ऐसे में दाम नहीं बढ़ेगा. लेकिन पंद्रह फरवरी तक अगर राज्य सरकार मांगें नहीं मानती है तो महंगाई और अनाज की कमी दोनों ही स्थिति में लोगों को परेषानी का सामना करना पड़ सकता है. खुदरा दुकानदारों और मिलरों का भी समर्थनः माहुरी ने बताया कि कृषि बिल के विरोध में शुरू आंदोलन में खाद्यान्न व्यापारियों का समर्थन है. जिसमें बड़े व्यापारी तो विरोध कर ही रहे हैं. खुदरा राशन दुकानदार, राइस मिल और आटा चक्की एसोसिएशन का भी समर्थन है. पंद्रह फरवरी से खाद्यान्न सेवा बंद किया जायेगा. इस दौरान राइस मिल संचालक समेत अन्य खाद्यान्न सेवाएं भी प्रभावित रहेंगे. ऑर्डर किया जा रहा हैः पंद्रह फरवरी तक राज्य में खाद्यान्न आयात जारी रहेगा. व्यापारी फिलहाल जो भी ऑर्डर कर रहे हैं, वो तारीख को ध्यान में रख कर किया जा रहा है. संजय माहुरी की मानें तो पंद्रह फरवरी से खाद्यान्न लोड और ढुलाई दोनों बंद कर दी जायेगी. आने वाले कुछ दिनों में अगर सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती है तो ऑर्डर देना भी बंद कर दिया जायेगा. अब दुकानें बंद करने में सिर्फ छह दिन रह गया है. जानकारी हो कि राज्य में प्रमुख अनाज अन्य राज्यों से मंगाये जाते है. आवाक बंद होने से राज्य की स्थिति गंभीर होगी. विधेयक लागू होने से मंहगे होगें खाद्यान्नः व्यापारियों की मानें तो चावल को छोड़कर किसी भी फसल पर राज्य में पूर्ण निर्भरता नहीं है. ऐसे में प्रमुख अनाज बाहर से मंगाये जाते है. यहां सरकार की ओर से अलग से शुल्क लगाने से खाद्यान्न महंगे होंगे. क्योंकि जिन राज्यों से अनाज आता है, उन व्यापारियों को दो राज्यों में शुल्क देना होगा. राज्य में चावल पच्चीस फीसदी बाहर से मंगायी जाती है. इसके साथ ही गेंहू, दलहन, तिलहन, आलू, प्याज भी बाहर से मंगाये जाते है. राज्य में हरियाणा, पंजाब, एमपी, यूपी, पश्चिम बंगाल से खाद्यान्न मंगाये जाते हैं. राज्य में प्रतिदिन चावल तीन हज़ार पाँच सौ टन, गेंहू दो हज़ार पाँच सौ टन, आलू एक हज़ार पाँच सौ टन, प्याज आठ सौ से एक हज़ार टन, दालें सात सौ से आठ सौ टन, खाद्य तेल की खपत है. इसी अनुपात में व्यापारी प्रतिदिन अनाज के लिये ऑर्डर देते है.
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Agra News एसएन मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन टलने पर तीमारदारों से मारपीट के मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया। एसएन प्रशासन ने शुक्रवार को दो जूनियर डॉक्टर 15-15 दिन के लिए निलंबित किए गए हैं। मरीज को घर से बुलाकर ऑपरेशन के लिए दोबारा भर्ती किया गया।
जागरण संवाददाता, आगराः एसएन मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन टलने पर तीमारदारों से मारपीट के मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया। एसएन प्रशासन ने शुक्रवार को दो जूनियर डॉक्टर 15-15 दिन के लिए निलंबित किए गए हैं। मरीज को घर से बुलाकर ऑपरेशन के लिए दोबारा भर्ती किया गया। मरीज के स्वजनों से जूनियर डॉक्टरों ने माफी मांगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में सोमवार को देवरी रोड निवासी विशांत (22) पैर के ऑपरेशन के लिए भर्ती हुआ था। जूनियर डॉक्टरों ने स्वजनों से इम्प्लांट के लिए 12 हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा गया। उन्होंने छह हजार रुपये ही जमा कराए। इसके बाद भी बुधवार को ऑपरेशन नहीं किया गया, इसे लेकर विवाद हो गया। मरीज की मां अनीता, बहन दीपांशी के साथ जूनियर डॉक्टरों ने अभद्रता की, धक्कामुक्की की। तीमारदार वीडियो बनाने लगे तो उनके साथ मारपीट की गई। स्वजन मरीज को अपने साथ घर ले गए।
इस मामले में उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एसएन प्रशासन को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मरीज और उनके स्वजनों को घर से बुलाया गया। अस्थि रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. सीपी पाल ने बताया कि जूनियर डॉक्टर थर्ड ईयर डॉ. लियाकत और डॉ. शैलेंद्र को 15-15 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। जूनियर डॉक्टरों ने स्वजनों से माफी भी मांगी है, मरीज को दोबारा भर्ती किया गया है।
बता दें, मरीज दो वर्ष पूर्व दुघटना में घायल हुआ था और मेरठ में ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद भी पैर सीधा नहीं होता है, मरीज के तीन ऑपरेशन किए जाएगे। आपरेशन में जो भी खर्चा आएगा वह मुख्यमंत्री राहत कोष से दिलवाया जाएगा। जूनियर डॉक्टरों के स्वजनों को भी जानकारी दी जाएगी, वे भी मरीज के स्वजनों से माफी मांगेंगे।
मरीज के स्वजनों के सामने जूनियर डाक्टरों की शिनाख्त परैड कराई गई। उन्होंने डा. लियाकत और डा. शैलेंद्र को पहचान लिया। मारपीट करने वाले अन्य जूनियर डाक्टर और कर्मचारी भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती मरीज और तीमारदार के इलाज के दौरान सवाल जवाब करने पर जूनियर डाक्टर और कर्मचारी भड़क जाते हैं। चिकित्सा शिक्षक कालेज में बहुत कम समय के लिए रहते हैं, इससे विवाद और बढ़ जाता है। जूनियर डाक्टरों के अभद्रता करने पर विरोध करते ही भड़क जाते हैं और मारपीट करने लगते हैं।
दो जूनियर डाक्टरों को निलंबित कर दिया गया है, मरीज और तीमारदारों से अच्छा व्यवहार करने के लिए कहा गया है, इन्हें अपने परिवार का सदस्य समझकर इलाज करें तो दुआएं देंगे। इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए इसके लिए विभागाध्यक्षों को चेतावनी दी गई है।
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Agra News एसएन मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन टलने पर तीमारदारों से मारपीट के मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया। एसएन प्रशासन ने शुक्रवार को दो जूनियर डॉक्टर पंद्रह-पंद्रह दिन के लिए निलंबित किए गए हैं। मरीज को घर से बुलाकर ऑपरेशन के लिए दोबारा भर्ती किया गया। जागरण संवाददाता, आगराः एसएन मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन टलने पर तीमारदारों से मारपीट के मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया। एसएन प्रशासन ने शुक्रवार को दो जूनियर डॉक्टर पंद्रह-पंद्रह दिन के लिए निलंबित किए गए हैं। मरीज को घर से बुलाकर ऑपरेशन के लिए दोबारा भर्ती किया गया। मरीज के स्वजनों से जूनियर डॉक्टरों ने माफी मांगी। एसएन मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में सोमवार को देवरी रोड निवासी विशांत पैर के ऑपरेशन के लिए भर्ती हुआ था। जूनियर डॉक्टरों ने स्वजनों से इम्प्लांट के लिए बारह हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा गया। उन्होंने छह हजार रुपये ही जमा कराए। इसके बाद भी बुधवार को ऑपरेशन नहीं किया गया, इसे लेकर विवाद हो गया। मरीज की मां अनीता, बहन दीपांशी के साथ जूनियर डॉक्टरों ने अभद्रता की, धक्कामुक्की की। तीमारदार वीडियो बनाने लगे तो उनके साथ मारपीट की गई। स्वजन मरीज को अपने साथ घर ले गए। इस मामले में उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एसएन प्रशासन को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मरीज और उनके स्वजनों को घर से बुलाया गया। अस्थि रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. सीपी पाल ने बताया कि जूनियर डॉक्टर थर्ड ईयर डॉ. लियाकत और डॉ. शैलेंद्र को पंद्रह-पंद्रह दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। जूनियर डॉक्टरों ने स्वजनों से माफी भी मांगी है, मरीज को दोबारा भर्ती किया गया है। बता दें, मरीज दो वर्ष पूर्व दुघटना में घायल हुआ था और मेरठ में ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद भी पैर सीधा नहीं होता है, मरीज के तीन ऑपरेशन किए जाएगे। आपरेशन में जो भी खर्चा आएगा वह मुख्यमंत्री राहत कोष से दिलवाया जाएगा। जूनियर डॉक्टरों के स्वजनों को भी जानकारी दी जाएगी, वे भी मरीज के स्वजनों से माफी मांगेंगे। मरीज के स्वजनों के सामने जूनियर डाक्टरों की शिनाख्त परैड कराई गई। उन्होंने डा. लियाकत और डा. शैलेंद्र को पहचान लिया। मारपीट करने वाले अन्य जूनियर डाक्टर और कर्मचारी भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती मरीज और तीमारदार के इलाज के दौरान सवाल जवाब करने पर जूनियर डाक्टर और कर्मचारी भड़क जाते हैं। चिकित्सा शिक्षक कालेज में बहुत कम समय के लिए रहते हैं, इससे विवाद और बढ़ जाता है। जूनियर डाक्टरों के अभद्रता करने पर विरोध करते ही भड़क जाते हैं और मारपीट करने लगते हैं। दो जूनियर डाक्टरों को निलंबित कर दिया गया है, मरीज और तीमारदारों से अच्छा व्यवहार करने के लिए कहा गया है, इन्हें अपने परिवार का सदस्य समझकर इलाज करें तो दुआएं देंगे। इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए इसके लिए विभागाध्यक्षों को चेतावनी दी गई है।
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विकास विमानन युद्ध के बाद की अवधि में, वायु सेना के क्षेत्र में विश्व सेनाओं और नए समाधानों की मांग की गई। विमान निर्माण में प्रगति और जेट इंजन के साथ विमानों की उपस्थिति को देखते हुए, पुराने विमान भेदी तोपखाने अब हवाई हमलों से सेना और नागरिक वस्तुओं की सुरक्षा को पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं कर सकते।
सोवियत संघ में कहानी 1950 के दशक में विमान-रोधी मिसाइल सिस्टम शुरू हुआ। अगस्त 1950 में, सोवियत नेतृत्व ने एक हवाई रक्षा प्रणाली बनाने का फैसला किया जो मिसाइलों का उपयोग करेगा, तोपखाने का नहीं, और एक उन्नत रडार नेटवर्क होगा। अद्यतन वायु रक्षा के संगठन पर सभी प्रश्न यूएसएसआर की मंत्रिपरिषद के तहत तीसरे मुख्य निदेशालय द्वारा उठाए गए थे। विभाग के क्यूरेटर व्यक्तिगत रूप से सोवियत संघ के प्रतिनिधि थे लैवरेंटी बेरिया। तो एक नए एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम "बर्कुट" का विकास शुरू हुआ। दिलचस्प बात यह है कि बर्कुट का मुख्य डिजाइनर लावेंटी पावलोविच बेरिया सेर्गो का बेटा था।
इस प्रणाली को 1955 में अपनाया गया था, जिसके बाद आई. वी. स्टालिन, और एल. पी. बेरिया। विमान भेदी मिसाइल प्रणाली "बर्कुट" लक्ष्य से 1500 किमी की दूरी पर 20 किमी की ऊंचाई पर 35 किमी / घंटा की गति से लक्ष्य को मार सकता है। कई सैन्य इतिहासकारों के अनुसार, 1950 के दशक के लिए बर्कुट वायु रक्षा प्रणाली सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली थी जो लक्ष्य का पता लगाने और मार करने में सक्षम थी।
हालांकि, यह जल्द ही स्पष्ट हो गया कि विमान-रोधी मिसाइल प्रणाली में भी बहुत ठोस नुकसान हैं।
सबसे पहले, बर्कुट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम निर्माण और रखरखाव के मामले में बहुत महंगा निकला। तदनुसार, केवल मॉस्को कॉम्प्लेक्स को कवर कर सकता था, क्योंकि उच्च लागत के कारण, यहां तक कि लेनिनग्राद को कवर करने के लिए एक कॉम्प्लेक्स बनाने का काम किया गया था, यूएसएसआर के अन्य शहरों का उल्लेख नहीं करने के लिए, बंद कर दिया गया था।
दूसरे, बर्कुट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मोबाइल नहीं था, और इस सुविधा ने इसे सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में दुश्मन की हड़ताल के लिए एक उत्कृष्ट लक्ष्य में बदल दिया। सिस्टम को अक्षम करने के बाद, शहर दुश्मन के विमानों के खिलाफ पहले से ही रक्षाहीन था।
तीसरे, बर्कुट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को बड़ी संख्या में हमलावरों के प्रभाव से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन जब तक यह सेवा में आया, तब तक बॉम्बर एविएशन का उपयोग करने की रणनीति बदल गई थीः अब छोटी इकाइयों में संचालित बॉम्बर्स, इसलिए, वे कर सकते थे पता लगाया जा सकता है, और मारपीट को प्रतिबिंबित करना अधिक कठिन हो गया।
फिर भी, कमियों के बावजूद, कई दशकों तक, 1980 के दशक तक जटिल, सोवियत राजधानी पर आकाश के लिए कवर प्रदान किया। इसके निर्माण के केवल तीस साल बाद, इसे यूएसएसआर वायु रक्षा के आयुध से हटा दिया गया था।
बर्कुट के निर्माण के बाद, सोवियत डिजाइनरों ने अपनी कमियों से बचने की कोशिश करते हुए, एक मोबाइल विमान-रोधी मिसाइल प्रणाली विकसित करना शुरू किया। इसके निर्माण पर काम 1953 में शुरू हुआ था और इसे उसी KB-1 A. A द्वारा अंजाम दिया गया था। रासप्लेटिन और ओकेबी -2 इसके भीतर काम कर रहा है, जिसकी अध्यक्षता पी. डी. ग्रुशिन।
मोबाइल S-75 एयर डिफेंस सिस्टम बनाने के लिए, बर्कुट एयर डिफेंस सिस्टम के घटनाक्रम का इस्तेमाल किया गया। S-75 ने 750 चरणों के साथ V-2 रॉकेट का उपयोग किया - एक प्रक्षेपण और एक अनुचर। इसके अलावा, SM-63 लांचर और PR-11 परिवहन-लोडिंग वाहन विकसित किए गए थे। 1957 में, एस -75 वायु रक्षा प्रणाली को सेवा में रखा गया था। कॉम्प्लेक्स के तीन संशोधन थे - "वोल्खोव", "डेस्ना", "डीविना"।
एस -75 बनाने का उद्देश्य वायु रक्षा प्रणाली की गतिशीलता सुनिश्चित करना और विमान-रोधी मिसाइल प्रणालियों के उत्पादन और रखरखाव की लागत को कम करना था। शीत युद्ध के दौरान, एस -75 की अन्य देशों में भी मांग थीः सोवियत संघ ने अल्जीरिया, वियतनाम, मिस्र, इराक, लीबिया, यूगोस्लाविया, सीरिया और कई अन्य देशों में वायु रक्षा प्रणालियों का निर्यात किया। अपने पूरे इतिहास में, एस -75 वायु रक्षा प्रणाली ने वियतनाम युद्ध, अरब-इजरायल युद्धों और फारस की खाड़ी युद्ध सहित कई संघर्षों में भाग लिया है। मुझे कहना होगा, उन्होंने खुद को बहुत अच्छा साबित किया है।
हालांकि, पहले से ही वियतनाम युद्ध के वर्षों में, एस -75 की कुछ कमियों का पता चला था। इसलिए, 1968 तक एक लक्ष्य को हिट करने के लिए आवश्यक मिसाइलों की संख्या - प्रति लक्ष्य 12-15 मिसाइलों तक बढ़ गई, जिससे कॉम्प्लेक्स का उपयोग करने की लागत में वृद्धि हुई। इसके अलावा, मिसाइलों की संख्या में वृद्धि नहीं होने के कारण लक्ष्य भी नहीं बढ़ा है। इससे मानव हताहत हुए।
फिर भी, उस समय के लिए, एस -75 वास्तव में उन्नत वायु रक्षा प्रणाली बना रहा। विमान निर्माण और मिसाइल हथियारों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के सिलसिले में 1980 के दशक में स्थिति बदलना शुरू हुई। S-25 और S-75 को S-125 "नेवा", S-200 "अंगारा", S-300, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से बदल दिया गया। S-500 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी पूरी तरह से अलग प्रदर्शन संकेतक के साथ आते हैं।
- लेखकः
- इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
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विकास विमानन युद्ध के बाद की अवधि में, वायु सेना के क्षेत्र में विश्व सेनाओं और नए समाधानों की मांग की गई। विमान निर्माण में प्रगति और जेट इंजन के साथ विमानों की उपस्थिति को देखते हुए, पुराने विमान भेदी तोपखाने अब हवाई हमलों से सेना और नागरिक वस्तुओं की सुरक्षा को पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं कर सकते। सोवियत संघ में कहानी एक हज़ार नौ सौ पचास के दशक में विमान-रोधी मिसाइल सिस्टम शुरू हुआ। अगस्त एक हज़ार नौ सौ पचास में, सोवियत नेतृत्व ने एक हवाई रक्षा प्रणाली बनाने का फैसला किया जो मिसाइलों का उपयोग करेगा, तोपखाने का नहीं, और एक उन्नत रडार नेटवर्क होगा। अद्यतन वायु रक्षा के संगठन पर सभी प्रश्न यूएसएसआर की मंत्रिपरिषद के तहत तीसरे मुख्य निदेशालय द्वारा उठाए गए थे। विभाग के क्यूरेटर व्यक्तिगत रूप से सोवियत संघ के प्रतिनिधि थे लैवरेंटी बेरिया। तो एक नए एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम "बर्कुट" का विकास शुरू हुआ। दिलचस्प बात यह है कि बर्कुट का मुख्य डिजाइनर लावेंटी पावलोविच बेरिया सेर्गो का बेटा था। इस प्रणाली को एक हज़ार नौ सौ पचपन में अपनाया गया था, जिसके बाद आई. वी. स्टालिन, और एल. पी. बेरिया। विमान भेदी मिसाइल प्रणाली "बर्कुट" लक्ष्य से एक हज़ार पाँच सौ किमी की दूरी पर बीस किमी की ऊंचाई पर पैंतीस किमी / घंटा की गति से लक्ष्य को मार सकता है। कई सैन्य इतिहासकारों के अनुसार, एक हज़ार नौ सौ पचास के दशक के लिए बर्कुट वायु रक्षा प्रणाली सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणाली थी जो लक्ष्य का पता लगाने और मार करने में सक्षम थी। हालांकि, यह जल्द ही स्पष्ट हो गया कि विमान-रोधी मिसाइल प्रणाली में भी बहुत ठोस नुकसान हैं। सबसे पहले, बर्कुट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम निर्माण और रखरखाव के मामले में बहुत महंगा निकला। तदनुसार, केवल मॉस्को कॉम्प्लेक्स को कवर कर सकता था, क्योंकि उच्च लागत के कारण, यहां तक कि लेनिनग्राद को कवर करने के लिए एक कॉम्प्लेक्स बनाने का काम किया गया था, यूएसएसआर के अन्य शहरों का उल्लेख नहीं करने के लिए, बंद कर दिया गया था। दूसरे, बर्कुट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मोबाइल नहीं था, और इस सुविधा ने इसे सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में दुश्मन की हड़ताल के लिए एक उत्कृष्ट लक्ष्य में बदल दिया। सिस्टम को अक्षम करने के बाद, शहर दुश्मन के विमानों के खिलाफ पहले से ही रक्षाहीन था। तीसरे, बर्कुट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को बड़ी संख्या में हमलावरों के प्रभाव से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन जब तक यह सेवा में आया, तब तक बॉम्बर एविएशन का उपयोग करने की रणनीति बदल गई थीः अब छोटी इकाइयों में संचालित बॉम्बर्स, इसलिए, वे कर सकते थे पता लगाया जा सकता है, और मारपीट को प्रतिबिंबित करना अधिक कठिन हो गया। फिर भी, कमियों के बावजूद, कई दशकों तक, एक हज़ार नौ सौ अस्सी के दशक तक जटिल, सोवियत राजधानी पर आकाश के लिए कवर प्रदान किया। इसके निर्माण के केवल तीस साल बाद, इसे यूएसएसआर वायु रक्षा के आयुध से हटा दिया गया था। बर्कुट के निर्माण के बाद, सोवियत डिजाइनरों ने अपनी कमियों से बचने की कोशिश करते हुए, एक मोबाइल विमान-रोधी मिसाइल प्रणाली विकसित करना शुरू किया। इसके निर्माण पर काम एक हज़ार नौ सौ तिरेपन में शुरू हुआ था और इसे उसी KB-एक एम्पीयर. A द्वारा अंजाम दिया गया था। रासप्लेटिन और ओकेबी -दो इसके भीतर काम कर रहा है, जिसकी अध्यक्षता पी. डी. ग्रुशिन। मोबाइल S-पचहत्तर एयर डिफेंस सिस्टम बनाने के लिए, बर्कुट एयर डिफेंस सिस्टम के घटनाक्रम का इस्तेमाल किया गया। S-पचहत्तर ने सात सौ पचास चरणों के साथ V-दो रॉकेट का उपयोग किया - एक प्रक्षेपण और एक अनुचर। इसके अलावा, SM-तिरेसठ लांचर और PR-ग्यारह परिवहन-लोडिंग वाहन विकसित किए गए थे। एक हज़ार नौ सौ सत्तावन में, एस -पचहत्तर वायु रक्षा प्रणाली को सेवा में रखा गया था। कॉम्प्लेक्स के तीन संशोधन थे - "वोल्खोव", "डेस्ना", "डीविना"। एस -पचहत्तर बनाने का उद्देश्य वायु रक्षा प्रणाली की गतिशीलता सुनिश्चित करना और विमान-रोधी मिसाइल प्रणालियों के उत्पादन और रखरखाव की लागत को कम करना था। शीत युद्ध के दौरान, एस -पचहत्तर की अन्य देशों में भी मांग थीः सोवियत संघ ने अल्जीरिया, वियतनाम, मिस्र, इराक, लीबिया, यूगोस्लाविया, सीरिया और कई अन्य देशों में वायु रक्षा प्रणालियों का निर्यात किया। अपने पूरे इतिहास में, एस -पचहत्तर वायु रक्षा प्रणाली ने वियतनाम युद्ध, अरब-इजरायल युद्धों और फारस की खाड़ी युद्ध सहित कई संघर्षों में भाग लिया है। मुझे कहना होगा, उन्होंने खुद को बहुत अच्छा साबित किया है। हालांकि, पहले से ही वियतनाम युद्ध के वर्षों में, एस -पचहत्तर की कुछ कमियों का पता चला था। इसलिए, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ तक एक लक्ष्य को हिट करने के लिए आवश्यक मिसाइलों की संख्या - प्रति लक्ष्य बारह-पंद्रह मिसाइलों तक बढ़ गई, जिससे कॉम्प्लेक्स का उपयोग करने की लागत में वृद्धि हुई। इसके अलावा, मिसाइलों की संख्या में वृद्धि नहीं होने के कारण लक्ष्य भी नहीं बढ़ा है। इससे मानव हताहत हुए। फिर भी, उस समय के लिए, एस -पचहत्तर वास्तव में उन्नत वायु रक्षा प्रणाली बना रहा। विमान निर्माण और मिसाइल हथियारों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के सिलसिले में एक हज़ार नौ सौ अस्सी के दशक में स्थिति बदलना शुरू हुई। S-पच्चीस और S-पचहत्तर को S-एक सौ पच्चीस "नेवा", S-दो सौ "अंगारा", S-तीन सौ, S-चार सौ एयर डिफेंस सिस्टम से बदल दिया गया। S-पाँच सौ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी पूरी तरह से अलग प्रदर्शन संकेतक के साथ आते हैं। - लेखकः - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
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सत्र 18 : (Mindfulness of Feelings - II )
Mindfulness of Feelings - II एवं चर्चाः 15 मिनट
विद्यार्थियों से कहें कि वे ध्यान दें कि उन्हें अपने सामने क्या-क्या दिख रहा है (लगभग 10 सेकंड रुकें।) विद्यार्थी ध्यान दें कि वे क्या-क्या सुन पा रहे हैं (लगभग 10 सेकंड रुकें । )
विद्यार्थी ध्यान दें कि उन्हें अभी किस चीज़ का स्वाद (taste ) आ रहा है (लगभग 10 सेकंड रुकें।) विद्यार्थी ध्यान दें कि अभी उनके शरीर से कौन-कौनसी वस्तुएं छू रही हैं (जैसे- कुर्सी, कपड़े, जूते, टेबल, इत्यादि) (लगभग 10 सेकंड रुकें । )
विद्यार्थियों को अपनी जगह पर आराम से बैठने का वक़्त दें।
विद्यार्थी जिस जगह पर जैसे बैठे हैं, वहाँ क्या-क्या महसूस कर रहे हैं उसी के बारे में सजग हों। विद्यार्थी अपनी बैठने की स्थिति में बदलाव न लाएँ।
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सत्र अट्ठारह : Mindfulness of Feelings - II एवं चर्चाः पंद्रह मिनट विद्यार्थियों से कहें कि वे ध्यान दें कि उन्हें अपने सामने क्या-क्या दिख रहा है विद्यार्थी ध्यान दें कि वे क्या-क्या सुन पा रहे हैं विद्यार्थी ध्यान दें कि उन्हें अभी किस चीज़ का स्वाद आ रहा है विद्यार्थी ध्यान दें कि अभी उनके शरीर से कौन-कौनसी वस्तुएं छू रही हैं विद्यार्थियों को अपनी जगह पर आराम से बैठने का वक़्त दें। विद्यार्थी जिस जगह पर जैसे बैठे हैं, वहाँ क्या-क्या महसूस कर रहे हैं उसी के बारे में सजग हों। विद्यार्थी अपनी बैठने की स्थिति में बदलाव न लाएँ।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर सीरीज का चौथा मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने नाम किया। टीम इंडिया को मुकाबले में आखिरी पारी में 328 रन बनाना था, जो की भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इतना आसान नहीं था। टीम इंडिया ने शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत की शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन की बदौलत मैच में जीत हासिल की।
ब्रिस्बेन के गावा के मैदान पर खेले गए चौथे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पुजारा, गिल, सुंदर, शार्दूल सिराज जैसे कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन का नजारा पेश किया। वही ऋषभ पंत ने आखिरी में 89 रनों की पारी खेलते हुए टीम की जीत की नींव रखी।
पंत की पारी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम जीत की दहलीज तक पहुंची साथ ही टीम इंडिया ने चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर 2-1 से कब्जा जमाया। मैच में शानदार प्रदर्शन करने के बाद जीत दिलाने वाले ऋषभ पंत को मैन ऑफ द मैच भी घोषित किया गया।
"यह मेरे जीवन के सबसे बड़े दिनों में से एक है। टीम ने मुझे जो समर्थन दिया है वह काफी बेहतरीन है, टीम का समर्थन तब भी था जब मैं नहीं खेल रहा था। यह तो सपने का सच होना है। हम पहले टेस्ट के बाद कठिन अभ्यास कर रहे हैं, टीम मैनेजमेंट ने मुझपर जो भरोसा जताया वह बेहतरी था"।
"टीम प्रबंधन हमेशा मुझे समर्थन देती है और टीम ने मुझे मैच विजेता भी बताया, जो की मेरे लिए अविश्वसनीय है। टीम प्रबंधन ने मुझसे कहा की आप मैच विनर हो आपको मैच जिताना होगा, मुझे ख़ुशी है की मैंने यह कर दिखाया"।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर सीरीज का चौथा मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने नाम किया। टीम इंडिया को मुकाबले में आखिरी पारी में तीन सौ अट्ठाईस रन बनाना था, जो की भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इतना आसान नहीं था। टीम इंडिया ने शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत की शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन की बदौलत मैच में जीत हासिल की। ब्रिस्बेन के गावा के मैदान पर खेले गए चौथे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पुजारा, गिल, सुंदर, शार्दूल सिराज जैसे कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन का नजारा पेश किया। वही ऋषभ पंत ने आखिरी में नवासी रनों की पारी खेलते हुए टीम की जीत की नींव रखी। पंत की पारी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम जीत की दहलीज तक पहुंची साथ ही टीम इंडिया ने चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर दो-एक से कब्जा जमाया। मैच में शानदार प्रदर्शन करने के बाद जीत दिलाने वाले ऋषभ पंत को मैन ऑफ द मैच भी घोषित किया गया। "यह मेरे जीवन के सबसे बड़े दिनों में से एक है। टीम ने मुझे जो समर्थन दिया है वह काफी बेहतरीन है, टीम का समर्थन तब भी था जब मैं नहीं खेल रहा था। यह तो सपने का सच होना है। हम पहले टेस्ट के बाद कठिन अभ्यास कर रहे हैं, टीम मैनेजमेंट ने मुझपर जो भरोसा जताया वह बेहतरी था"। "टीम प्रबंधन हमेशा मुझे समर्थन देती है और टीम ने मुझे मैच विजेता भी बताया, जो की मेरे लिए अविश्वसनीय है। टीम प्रबंधन ने मुझसे कहा की आप मैच विनर हो आपको मैच जिताना होगा, मुझे ख़ुशी है की मैंने यह कर दिखाया"।
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नयी दिल्ली 02 मई (वार्ता) दुलर्भ बीमारी रोडोटुरुला इंफेक्शन से पीड़ित दो महीने के एक बच्चे का भारत में पहली बार सफल उपचार किया गया है।
सीएमवी मेनिंजाइटिस का यह पहला मामला उस वक्त सामने आया जब 2 माह एक शिशु को इससे पीड़ित पाया गया। शिशु का फोर्टिस नोएडा में सफल इलाज किया गया है। उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह दुनिया में सीएमवी मेनिंजाइटिस का दूसरा मामला है जिसका बायोफायर (यह सीएमवी - साइटोमेगलोवायरस नामक वायरस के कारण मस्तिष्क की सतह के संक्रमण और सूजन के कारण होता है) के मार्फत पता चल पाया।
फोर्टिस नोएडा के पिडियाट्रिक्स के निदेशक एवं प्रमुख डॉ आशुतोष सिन्हा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने मामले की पूरी जांच और समय पर डायग्नॉसिस के चलते शिशु का उपचार किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी इस शिशु को बुखार, अत्यधिक चिड़चिड़ेपन और असामान्य किस्म की मूवमेंट, जिसमें आंखों का उलटना और चिड़चिड़ेपन के साथ रोते रहना शामिल था, की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। शिशु की एमआरआई, सीएसएफ (सेरीब्रोस्पाइनल फ्लूड) समेत कई प्रकार की मेडिकल जांच की गई जिससे इंफेक्शन सामने आया और पता चला कि शिशु मेजिंजाइटिस से ग्रस्त था। शिशु को दौरे भी पड़ने लगे थे और उसकी अनियंत्रित अवस्था को देखते हुए उसे तत्काल ट्यूब के जरिए एंटीबायोटिक्स दी गईं। क्लीनिकल स्तर पर शिशु की हालत में सुधार दिखायी देने लगा था तथा फीडिंग भी सही तरीके से कर रहा था लेकिन तेज बुखार ठीक नहीं हो रहा था। उसे प्रतिदिन 3-4 बार बुखार आ रहा था, इसलिए दोबारा से सीएसएफ जांच की गई और बायोफायर जांच के लिए भेजा गया जिसमें सीएमवी पॉजिटिव पाया गया। शिशु को गैन्सीक्लोविर का इंजेक्शन छह सप्ताह तक दिया गया। हालांकि, आईवी से गैन्सीक्लोविर दिए जाने के 10 दिन बाद भी बुखार कम नहीं हुआ। सीएसएफ फंगल कल्चर में रोडोटुरुला संक्रमण की मौजूदगी का पता चला जो दुनिया भर में पहली बार रिपोर्ट किया गया।
डॉ. सिन्हा ने कहा कि बेहोशी की हालत से राहत मिलने के 48 घंटे बाद बच्चे को बाहर निकाला गया। क्नीनिकली बच्चे में सुधार दिखा लेकिन तेज बुखार ठीक नहीं हो रहा था। इसके बाद, जांच में साइटोमेगालोवायरस मेनिंजाइटिस (सीएमवी) का पता चला था। जिसकी वजह से बच्चे को गैन्सीक्लोविर का इंजेक्शन लगाया गया जो छह सप्ताह तक जारी रहा। हालांकि बुखार 10 दिनों तक बना रहा। बार-बार होने वाले सीएसएफ फंगल कल्चर से एक दुर्लभ यीस्ट - रोडोटुरुला प्रजाति की उपस्थिति का पता चला, जिसे दुनिया में कहीं भी सीएमवी में पहचाना या देखा नहीं गया है। इसके बाद एम्फोटेरिसिन बी शुरू किया गया और उसे चार सप्ताह तक दिया गया, जिससे शिशु को ठीक होने में मदद मिली और उसका बुखार भी कम हो गया। तत्काल और सही इलाज के बिना, उसके बचने की संभावना कम थी। शुरुआती एमआरआई में मस्तिष्क में बदलाव दिखा था लेकिन बाद में मस्तिष्क के एमआरआई में सुधार दिखा और बिना किसी जटिलता के बच्चे को सामान्य स्थिति में छुट्टी दे दी।
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नयी दिल्ली दो मई दुलर्भ बीमारी रोडोटुरुला इंफेक्शन से पीड़ित दो महीने के एक बच्चे का भारत में पहली बार सफल उपचार किया गया है। सीएमवी मेनिंजाइटिस का यह पहला मामला उस वक्त सामने आया जब दो माह एक शिशु को इससे पीड़ित पाया गया। शिशु का फोर्टिस नोएडा में सफल इलाज किया गया है। उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह दुनिया में सीएमवी मेनिंजाइटिस का दूसरा मामला है जिसका बायोफायर के मार्फत पता चल पाया। फोर्टिस नोएडा के पिडियाट्रिक्स के निदेशक एवं प्रमुख डॉ आशुतोष सिन्हा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने मामले की पूरी जांच और समय पर डायग्नॉसिस के चलते शिशु का उपचार किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी इस शिशु को बुखार, अत्यधिक चिड़चिड़ेपन और असामान्य किस्म की मूवमेंट, जिसमें आंखों का उलटना और चिड़चिड़ेपन के साथ रोते रहना शामिल था, की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। शिशु की एमआरआई, सीएसएफ समेत कई प्रकार की मेडिकल जांच की गई जिससे इंफेक्शन सामने आया और पता चला कि शिशु मेजिंजाइटिस से ग्रस्त था। शिशु को दौरे भी पड़ने लगे थे और उसकी अनियंत्रित अवस्था को देखते हुए उसे तत्काल ट्यूब के जरिए एंटीबायोटिक्स दी गईं। क्लीनिकल स्तर पर शिशु की हालत में सुधार दिखायी देने लगा था तथा फीडिंग भी सही तरीके से कर रहा था लेकिन तेज बुखार ठीक नहीं हो रहा था। उसे प्रतिदिन तीन-चार बार बुखार आ रहा था, इसलिए दोबारा से सीएसएफ जांच की गई और बायोफायर जांच के लिए भेजा गया जिसमें सीएमवी पॉजिटिव पाया गया। शिशु को गैन्सीक्लोविर का इंजेक्शन छह सप्ताह तक दिया गया। हालांकि, आईवी से गैन्सीक्लोविर दिए जाने के दस दिन बाद भी बुखार कम नहीं हुआ। सीएसएफ फंगल कल्चर में रोडोटुरुला संक्रमण की मौजूदगी का पता चला जो दुनिया भर में पहली बार रिपोर्ट किया गया। डॉ. सिन्हा ने कहा कि बेहोशी की हालत से राहत मिलने के अड़तालीस घंटाटे बाद बच्चे को बाहर निकाला गया। क्नीनिकली बच्चे में सुधार दिखा लेकिन तेज बुखार ठीक नहीं हो रहा था। इसके बाद, जांच में साइटोमेगालोवायरस मेनिंजाइटिस का पता चला था। जिसकी वजह से बच्चे को गैन्सीक्लोविर का इंजेक्शन लगाया गया जो छह सप्ताह तक जारी रहा। हालांकि बुखार दस दिनों तक बना रहा। बार-बार होने वाले सीएसएफ फंगल कल्चर से एक दुर्लभ यीस्ट - रोडोटुरुला प्रजाति की उपस्थिति का पता चला, जिसे दुनिया में कहीं भी सीएमवी में पहचाना या देखा नहीं गया है। इसके बाद एम्फोटेरिसिन बी शुरू किया गया और उसे चार सप्ताह तक दिया गया, जिससे शिशु को ठीक होने में मदद मिली और उसका बुखार भी कम हो गया। तत्काल और सही इलाज के बिना, उसके बचने की संभावना कम थी। शुरुआती एमआरआई में मस्तिष्क में बदलाव दिखा था लेकिन बाद में मस्तिष्क के एमआरआई में सुधार दिखा और बिना किसी जटिलता के बच्चे को सामान्य स्थिति में छुट्टी दे दी।
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राज एक्सप्रेस। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा क्रिकेट टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। पाकिस्तान ने रविवार को चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में 298 रन बनाये और दक्षिण अफ्रीका के सामने जीत के लिए 370 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए स्टंप्स तक एक विकेट खोकर 127 रन बना लिए हैं। दक्षिण अफ्रीका को सोमवार को मैच के पांचवें और अंतिम दिन 243 रन बनाने हैं जबकि पाकिस्तान को नौ विकेट की जरूरत है। पाकिस्तान ने सुबह छह विकेट 129 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। मोहम्मद रिजवान ने 28 और हसन अली ने शून्य से आगे खेलना शुरू किया। रिजवान ने निचले मध्य क्रम के बल्लेबाजों के सहयोग से पाकिस्तान को दूसरी पारी में 298 रन तक पहुंचाया। रिजवान 204 गेंदों में 15 चौकों की मदद से 115 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे।
हसन अली ने पांच, यासिर शाह ने 23 और दसवें नंबर के बल्लेबाज नौमान अली ने 78 गेंदों में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 45 रन बनाये। लेफ्ट आर्म स्पिनर जॉर्ज लिंडे ने 26 ओवर में 64 रन पर पांच विकेट और केशव महराज ने 38 ओवर में 118 रन देकर तीन विकेट लिए। कैगिसो रबादा को 34 रन पर दो विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए एडन मारक्रम 131 गेंदों में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 59 रन और रैसी वान डेर डुसेन 94 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 48 रन बनाकर क्रीज पर हैं। दोनों ने दूसरे विकेट की अविजित साझेदारी में 94 रन जोड़ चुके हैं।
डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है।
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राज एक्सप्रेस। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा क्रिकेट टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। पाकिस्तान ने रविवार को चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में दो सौ अट्ठानवे रन बनाये और दक्षिण अफ्रीका के सामने जीत के लिए तीन सौ सत्तर रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए स्टंप्स तक एक विकेट खोकर एक सौ सत्ताईस रन बना लिए हैं। दक्षिण अफ्रीका को सोमवार को मैच के पांचवें और अंतिम दिन दो सौ तैंतालीस रन बनाने हैं जबकि पाकिस्तान को नौ विकेट की जरूरत है। पाकिस्तान ने सुबह छह विकेट एक सौ उनतीस रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। मोहम्मद रिजवान ने अट्ठाईस और हसन अली ने शून्य से आगे खेलना शुरू किया। रिजवान ने निचले मध्य क्रम के बल्लेबाजों के सहयोग से पाकिस्तान को दूसरी पारी में दो सौ अट्ठानवे रन तक पहुंचाया। रिजवान दो सौ चार गेंदों में पंद्रह चौकों की मदद से एक सौ पंद्रह रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। हसन अली ने पांच, यासिर शाह ने तेईस और दसवें नंबर के बल्लेबाज नौमान अली ने अठहत्तर गेंदों में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से पैंतालीस रन बनाये। लेफ्ट आर्म स्पिनर जॉर्ज लिंडे ने छब्बीस ओवर में चौंसठ रन पर पांच विकेट और केशव महराज ने अड़तीस ओवर में एक सौ अट्ठारह रन देकर तीन विकेट लिए। कैगिसो रबादा को चौंतीस रन पर दो विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए एडन मारक्रम एक सौ इकतीस गेंदों में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से उनसठ रन और रैसी वान डेर डुसेन चौरानवे गेंदों में आठ चौकों की मदद से अड़तालीस रन बनाकर क्रीज पर हैं। दोनों ने दूसरे विकेट की अविजित साझेदारी में चौरानवे रन जोड़ चुके हैं। डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
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न्यूज डेस्कः नौकरी की तलाश कर रहे 12वीं से लेकर पीजी तक के उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान (एनआईआई) में अनेक पदों पर भर्तियां चल रही हैं। आपको बता दें कि टेक्नीशियन, टेक्निकल ऑफिसर्स व असिस्टेंट समेत कई पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि : 12 मार्च।
पदों का नाम : पदों की संख्या।
आयु सीमा।
इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है।
चयन प्रक्रिया।
इन पदों पदों पर उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और ट्रेड / स्किल / कंप्यूटर प्रोफिशियेंसी टेस्ट के आधार पर होगा।
शैक्षणिक योग्यता।
इच्छुक उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता पदों के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है।
आवेदन शुल्क।
एससी / एसटी पीडब्ल्यूडी एक्स-सर्विसमेन उम्मीदवारों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।
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न्यूज डेस्कः नौकरी की तलाश कर रहे बारहवीं से लेकर पीजी तक के उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान में अनेक पदों पर भर्तियां चल रही हैं। आपको बता दें कि टेक्नीशियन, टेक्निकल ऑफिसर्स व असिस्टेंट समेत कई पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि : बारह मार्च। पदों का नाम : पदों की संख्या। आयु सीमा। इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु अट्ठारह वर्ष और अधिकतम आयु चालीस वर्ष निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया। इन पदों पदों पर उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और ट्रेड / स्किल / कंप्यूटर प्रोफिशियेंसी टेस्ट के आधार पर होगा। शैक्षणिक योग्यता। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता पदों के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। आवेदन शुल्क। एससी / एसटी पीडब्ल्यूडी एक्स-सर्विसमेन उम्मीदवारों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।
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Long Ke Totke: ज्योतिष में कई ऐसे तरीका बताए गए हैं जो तुरंत असर दिखाते हैं. इसी तरह का एक तरीका है लौंग का टोटका. लौंग न केवल स्वास्थ्य और मसालों के लिए अच्छी है बल्कि इसे ज्योतिष और पूजा-पाठ में भी यूज किया जाता है. कई बार हमारे सामने ऐसी समस्याएं आ जाती हैं जिनका कोई हल नहीं मिलता. ऐसे समय में को अवश्य आजमाना चाहिए.
हर बिगड़ा काम बना देगा लौंग का यह तरीका (Long Ke Totke)
यदि हजारों कोशिश के बाद भी आपके काम बिगड़ रहे हैं, आपको बार-बार असफलता मिल रही है तो मंगलवार को लौंग का यह तरीका करें. इस तरीका में मंगलवार के दिन हनुमानजी की प्रतिमा के आगे चमेली के ऑयल का दिया जलाएं. उस दिए को जलाने से पहले दौ लौंग डाल दें. फिर वहीं पर बैठकर हनुमान चालिसा का पाठ करें. अंत में आरती उतार कर प्रभु से प्रार्थना करें. ऐसा लगातार 21 मंगलवार तक करने से आपके कार्य बनने लगेंगे. आप जहां भी हाथ रखेंगे, वहीं कामयाबी मिलने लगेगी.
- जब भी आप किसी कार्य के लिए घर से बाहर निकलें तो ईश्वर का ध्यान करते हुए मुंह में दो लौंग रख लें. इसे कार्यस्थल पर पहुंचने तक मुंह में ही रखें. निर्धारित कार्यस्थल पर पहुंच कर उस लौंग को फेंक दें. ऐसा करने से आपका कार्य अवश्य सिद्ध होगा. शास्त्रों में भिन्न-भिन्न उद्देश्यों के लिए भिन्न-भिन्न तरीका बताए गए हैं. इनका प्रयोग आप किसी विद्वान पंडित की राय से कर सकते हैं.
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Long Ke Totke: ज्योतिष में कई ऐसे तरीका बताए गए हैं जो तुरंत असर दिखाते हैं. इसी तरह का एक तरीका है लौंग का टोटका. लौंग न केवल स्वास्थ्य और मसालों के लिए अच्छी है बल्कि इसे ज्योतिष और पूजा-पाठ में भी यूज किया जाता है. कई बार हमारे सामने ऐसी समस्याएं आ जाती हैं जिनका कोई हल नहीं मिलता. ऐसे समय में को अवश्य आजमाना चाहिए. हर बिगड़ा काम बना देगा लौंग का यह तरीका यदि हजारों कोशिश के बाद भी आपके काम बिगड़ रहे हैं, आपको बार-बार असफलता मिल रही है तो मंगलवार को लौंग का यह तरीका करें. इस तरीका में मंगलवार के दिन हनुमानजी की प्रतिमा के आगे चमेली के ऑयल का दिया जलाएं. उस दिए को जलाने से पहले दौ लौंग डाल दें. फिर वहीं पर बैठकर हनुमान चालिसा का पाठ करें. अंत में आरती उतार कर प्रभु से प्रार्थना करें. ऐसा लगातार इक्कीस मंगलवार तक करने से आपके कार्य बनने लगेंगे. आप जहां भी हाथ रखेंगे, वहीं कामयाबी मिलने लगेगी. - जब भी आप किसी कार्य के लिए घर से बाहर निकलें तो ईश्वर का ध्यान करते हुए मुंह में दो लौंग रख लें. इसे कार्यस्थल पर पहुंचने तक मुंह में ही रखें. निर्धारित कार्यस्थल पर पहुंच कर उस लौंग को फेंक दें. ऐसा करने से आपका कार्य अवश्य सिद्ध होगा. शास्त्रों में भिन्न-भिन्न उद्देश्यों के लिए भिन्न-भिन्न तरीका बताए गए हैं. इनका प्रयोग आप किसी विद्वान पंडित की राय से कर सकते हैं.
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रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर कई ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रही हैं जो लोगों को रूला रही हैं। ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं एक 11 साल के यूक्रेनी बच्चे कीं। यूक्रेन में जंग के बीच 11 साल का एक यूक्रेनी बच्चा 1000 किलोमीटर की दूरी अकेले तय कर स्लोवाकिया पहुंचा। इस यात्रा में उसके साथ उसका बैकपैक, मां का लिखा संदेश और हाथ में लिखा एक टेलीफोन नंबर था। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। यह लड़का दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के जापोरिज्जिया का रहने वाला है, जहां पिछले हफ्ते रूसी सेना ने एक बिजली संयंत्र पर कब्जा किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बीमार रिश्तेदार की देखभाल के लिए बच्चे के माता-पिता को यूक्रेन में ही रहना पड़ा। ऐसे में उन्होंने उसे अकेले यूक्रेन से बाहर निकालने का फैसला किया, ताकि वह सुरक्षित रह सके। मुश्किलों के बीच लड़का जब स्लोवाकिया बॉर्डर पर पहुंचा तो उसने 'अपनी मुस्कान, निडरता और दृढ़ संकल्प' से अधिकारियों का भी दिल जीत लिया। स्लोवाकिया के गृह मंत्रालय की ओर से एक फेसबुक पोस्ट में इस बच्चे को 'पिछली रात का सबसे बड़ा नायक' कहा गया।
रिपोर्ट के मुताबिक 11 साल के इस लड़के की मां ने उसे रिश्तेदारों को खोजने के लिए ट्रेन से स्लोवाकिया भेजा। बच्चे के पास एक प्लास्टिक बैग, एक पासपोर्ट और मुड़े हुए कागज में लिखा संदेश था। लड़का जब अपने पासपोर्ट में रखे मुड़े हुए कागज के टुकड़े और हाथ पर फोन नंबर के साथ स्लोवाकिया पहुंचा, तो सीमा पर अधिकारियों ने पूरी जानकारी लेते हुए उसके रिश्तेदार की खोज की। आखिरकार वे राजधानी ब्रातिस्लावा में उसके रिश्तेदारों से संपर्क करने में कामयाब रहे और बच्चे को उसे सौंप दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक लड़के की मां ने स्लोवाक सरकार और पुलिस को उसकी देखभाल करने के लिए धन्यवाद देते हुए एक संदेश भेजा है। वहीं, स्लोवाकिया के गृह मंत्रालय ने फेसबुक पर लिखा, 'बच्चे के साथ एक प्लास्टिक बैग, पासपोर्ट और हाथ में फोन नंबर लिखा हुआ था, वह अकेला आया था क्योंकि उसके माता-पिता को यूक्रेन में रहना पड़ा। ' पोस्ट के अनुसार, 'वॉलेन्टीयर्स ने उसकी देखभाल की, उसे एक गर्म स्थान पर ले गए और उसे भोजन और पेय प्रदान किया। इसे अगली यात्रा के लिए भी पैक करके दिया किया।
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रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर कई ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रही हैं जो लोगों को रूला रही हैं। ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं एक ग्यारह साल के यूक्रेनी बच्चे कीं। यूक्रेन में जंग के बीच ग्यारह साल का एक यूक्रेनी बच्चा एक हज़ार किलोग्राममीटर की दूरी अकेले तय कर स्लोवाकिया पहुंचा। इस यात्रा में उसके साथ उसका बैकपैक, मां का लिखा संदेश और हाथ में लिखा एक टेलीफोन नंबर था। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। यह लड़का दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के जापोरिज्जिया का रहने वाला है, जहां पिछले हफ्ते रूसी सेना ने एक बिजली संयंत्र पर कब्जा किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बीमार रिश्तेदार की देखभाल के लिए बच्चे के माता-पिता को यूक्रेन में ही रहना पड़ा। ऐसे में उन्होंने उसे अकेले यूक्रेन से बाहर निकालने का फैसला किया, ताकि वह सुरक्षित रह सके। मुश्किलों के बीच लड़का जब स्लोवाकिया बॉर्डर पर पहुंचा तो उसने 'अपनी मुस्कान, निडरता और दृढ़ संकल्प' से अधिकारियों का भी दिल जीत लिया। स्लोवाकिया के गृह मंत्रालय की ओर से एक फेसबुक पोस्ट में इस बच्चे को 'पिछली रात का सबसे बड़ा नायक' कहा गया। रिपोर्ट के मुताबिक ग्यारह साल के इस लड़के की मां ने उसे रिश्तेदारों को खोजने के लिए ट्रेन से स्लोवाकिया भेजा। बच्चे के पास एक प्लास्टिक बैग, एक पासपोर्ट और मुड़े हुए कागज में लिखा संदेश था। लड़का जब अपने पासपोर्ट में रखे मुड़े हुए कागज के टुकड़े और हाथ पर फोन नंबर के साथ स्लोवाकिया पहुंचा, तो सीमा पर अधिकारियों ने पूरी जानकारी लेते हुए उसके रिश्तेदार की खोज की। आखिरकार वे राजधानी ब्रातिस्लावा में उसके रिश्तेदारों से संपर्क करने में कामयाब रहे और बच्चे को उसे सौंप दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक लड़के की मां ने स्लोवाक सरकार और पुलिस को उसकी देखभाल करने के लिए धन्यवाद देते हुए एक संदेश भेजा है। वहीं, स्लोवाकिया के गृह मंत्रालय ने फेसबुक पर लिखा, 'बच्चे के साथ एक प्लास्टिक बैग, पासपोर्ट और हाथ में फोन नंबर लिखा हुआ था, वह अकेला आया था क्योंकि उसके माता-पिता को यूक्रेन में रहना पड़ा। ' पोस्ट के अनुसार, 'वॉलेन्टीयर्स ने उसकी देखभाल की, उसे एक गर्म स्थान पर ले गए और उसे भोजन और पेय प्रदान किया। इसे अगली यात्रा के लिए भी पैक करके दिया किया।
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PATNA : अग्निपथ योजना के खिलाफ तो बिहार में जिस तरह से हिंसक आंदोलन हुआ उसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े किए थे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने आरोप लगाया था कि प्रशासन को जिस तरह उपद्रवियों से निपटना चाहिए था, वैसा नहीं किया गया। संजय जायसवाल के इस बयान के बाद बीजेपी और जेडीयू में टकराव भी बढ़ा लेकिन आखिरकार अग्निपथ योजना के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर अब नीतीश सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। आज भारत बंद को लेकर उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए जिलों के एसपी को निर्देश दिया है।
अग्निपथ योजना के खिलाफ हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कल ही यानी रविवार को सभी जिलों के डीएम-एसपी के साथ बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से हुई इस बैठक में अधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने इस दौरान कहा कि जो भी कदम उठाना हो उठाएं पर हर हाल में विधि-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होनी चाहिए।
दरअसल इस मामले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद गंभीरता से लिया है। उन्होंने राज्य के अधिकारियों को कल तलब किया था और उपद्रव को लेकर पूरी जानकारी मांगी थी। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव ने डीएम-एसपी को तालमेल बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बलों की तैनाती करने का भी आदेश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हर हाल में विधि-व्यवस्था बनी रहे। किसी भी सूरत में सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं होना चाहिए। वहीं कहीं भी कोई उपद्रव करने की कोशिश करता है तो सख्ती से निपटे। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित किया जाएगा और उन्हें कानून के दायरे में लाएं। बैठक में मुख्य सचिव के साथ गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, डीजीपी एसके सिंघल समेत कई अन्य वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
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PATNA : अग्निपथ योजना के खिलाफ तो बिहार में जिस तरह से हिंसक आंदोलन हुआ उसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े किए थे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने आरोप लगाया था कि प्रशासन को जिस तरह उपद्रवियों से निपटना चाहिए था, वैसा नहीं किया गया। संजय जायसवाल के इस बयान के बाद बीजेपी और जेडीयू में टकराव भी बढ़ा लेकिन आखिरकार अग्निपथ योजना के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर अब नीतीश सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। आज भारत बंद को लेकर उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए जिलों के एसपी को निर्देश दिया है। अग्निपथ योजना के खिलाफ हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कल ही यानी रविवार को सभी जिलों के डीएम-एसपी के साथ बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से हुई इस बैठक में अधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने इस दौरान कहा कि जो भी कदम उठाना हो उठाएं पर हर हाल में विधि-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होनी चाहिए। दरअसल इस मामले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद गंभीरता से लिया है। उन्होंने राज्य के अधिकारियों को कल तलब किया था और उपद्रव को लेकर पूरी जानकारी मांगी थी। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव ने डीएम-एसपी को तालमेल बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बलों की तैनाती करने का भी आदेश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हर हाल में विधि-व्यवस्था बनी रहे। किसी भी सूरत में सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं होना चाहिए। वहीं कहीं भी कोई उपद्रव करने की कोशिश करता है तो सख्ती से निपटे। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित किया जाएगा और उन्हें कानून के दायरे में लाएं। बैठक में मुख्य सचिव के साथ गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, डीजीपी एसके सिंघल समेत कई अन्य वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
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आज समाज डिजिटल, चंडीगढ़ः
Captain 22 Candidates Released: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब की 22 सीटों पर अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद अपनी परंपरागत पटियाला शहरी विधानसभा सीट से ही चुनाव मैदान में उतरे हैं।
पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह ने टिकट वितरण में सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ख्याल रखा है। उन्होंने जटसिख समाज को 9, एससी को 4, बीसी को 3, हिंदू (पंडित) को 3, हिंदू (अग्रवाल) को 2 और मुस्लिम समुदाय को एक टिकट दिया है। कैप्टन ने रविवार को जो 22 टिकट घोषित किए, उनमें 21 पुरुष और 1 महिला उम्मीदवार शामिल है।
कैप्टन की पार्टी पंजाब विधानसभा की 117 में से 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस पार्टी छोड़ चुके कैप्टन इस बार भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनावी मैदान में उतरे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कैप्टन ने कांग्रेस को छोड़कर अपनी अलग पार्टी बनाई है। अभी तक उनकी अन्य दलों से बातचीत चल रही है।
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी भाजपा और शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। भाजपा पंजाब चुनाव के लिए 35 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल संयुक्त भी 14 सीटों पर उम्मीदवार उतार चुकी है।
पटियाला रूरल से संजीव शर्मा (पटियाला के मौजूदा मेयर)
पटियाला : शुतराणा,
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आज समाज डिजिटल, चंडीगढ़ः Captain बाईस Candidates Released: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब की बाईस सीटों पर अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद अपनी परंपरागत पटियाला शहरी विधानसभा सीट से ही चुनाव मैदान में उतरे हैं। पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह ने टिकट वितरण में सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ख्याल रखा है। उन्होंने जटसिख समाज को नौ, एससी को चार, बीसी को तीन, हिंदू को तीन, हिंदू को दो और मुस्लिम समुदाय को एक टिकट दिया है। कैप्टन ने रविवार को जो बाईस टिकट घोषित किए, उनमें इक्कीस पुरुष और एक महिला उम्मीदवार शामिल है। कैप्टन की पार्टी पंजाब विधानसभा की एक सौ सत्रह में से अड़तीस सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस पार्टी छोड़ चुके कैप्टन इस बार भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनावी मैदान में उतरे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कैप्टन ने कांग्रेस को छोड़कर अपनी अलग पार्टी बनाई है। अभी तक उनकी अन्य दलों से बातचीत चल रही है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी भाजपा और शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। भाजपा पंजाब चुनाव के लिए पैंतीस उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल संयुक्त भी चौदह सीटों पर उम्मीदवार उतार चुकी है। पटियाला रूरल से संजीव शर्मा पटियाला : शुतराणा,
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