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नई दिल्ली। देश की थोक महंगाई दर लगातार 17 महीने तक नकारात्मक दायरे में रहने के बाद अप्रैल में सकारात्मक दायरे में आते हुए 0. 34 फीसदी दर्ज की गई, जो मार्च में नकारात्मक 0. 85 फीसदी और एक साल पहले समान अवधि में नकारात्मक 2. 43 फीसदी थी। यह जानकारी सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से सामने आई है। उद्योग जगत की इस आंकड़े पर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) या थोक महंगाई में वृद्धि का मुख्य कारण दाल, आलू, चीनी, खाद्य तेल, अंडे, मांस, मछली और दूध की कीमतों में वृद्धि है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन-बिजली और विनिर्मित उत्पादों में माह-दर-माह आधार पर महंगाई क्रमशः 2. 1 फीसदी, 1. 7 फीसदी और 0. 8 फीसदी बढ़ी। साल-दर-साल आधार पर आलोच्य अवधि में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई 2. 34 फीसदी और विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई 0. 71 फीसदी बढ़ी, वहीं ईंधन उपसूचकांक में 4. 83 फीसदी गिरावट आई। पेट्रोल 4. 18 फीसदी और डीजल 3. 94 फीसदी तथा रसोई गैस 18. 4 फीसदी सस्ता हुआ। चाय, दाल, पाउल्ट्री और फलों तथा सब्जियों की महंगाई के कारण खाद्य महंगाई दर 4. 23 फीसदी रही, जो मार्च में 3. 73 फीसदी थी। खनिज मूल्यों में 27. 2 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। दालों की कीमत साल-दर-साल आधार पर 36 फीसदी और आलू की कीमत 35. 45 फीसदी बढ़ी। चीनी इस दौरान 16. 07 फीसदी महंगा हुआ। खाद्य तेल 5. 61 फीसदी महंगा हुआ। मंत्रालय ने फरवरी महीने के लिए थोक महंगाई दर को नकारात्मक 0. 91 फीसदी से संशोधित कर नकारात्मक 0. 85 फीसदी कर दिया। उल्लेखनीय है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) या उपभोक्ता महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 5. 39 फीसदी हो गई, जो मार्च में 4. 83 फीसदी थी। महंगाई दर में यह वृद्धि और मानसून के आगमन में होने वाली देरी को देखते हुए जून के शुरू में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में दर में कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
नई दिल्ली। देश की थोक महंगाई दर लगातार सत्रह महीने तक नकारात्मक दायरे में रहने के बाद अप्रैल में सकारात्मक दायरे में आते हुए शून्य. चौंतीस फीसदी दर्ज की गई, जो मार्च में नकारात्मक शून्य. पचासी फीसदी और एक साल पहले समान अवधि में नकारात्मक दो. तैंतालीस फीसदी थी। यह जानकारी सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से सामने आई है। उद्योग जगत की इस आंकड़े पर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। थोक मूल्य सूचकांक या थोक महंगाई में वृद्धि का मुख्य कारण दाल, आलू, चीनी, खाद्य तेल, अंडे, मांस, मछली और दूध की कीमतों में वृद्धि है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन-बिजली और विनिर्मित उत्पादों में माह-दर-माह आधार पर महंगाई क्रमशः दो. एक फीसदी, एक. सात फीसदी और शून्य. आठ फीसदी बढ़ी। साल-दर-साल आधार पर आलोच्य अवधि में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दो. चौंतीस फीसदी और विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई शून्य. इकहत्तर फीसदी बढ़ी, वहीं ईंधन उपसूचकांक में चार. तिरासी फीसदी गिरावट आई। पेट्रोल चार. अट्ठारह फीसदी और डीजल तीन. चौरानवे फीसदी तथा रसोई गैस अट्ठारह. चार फीसदी सस्ता हुआ। चाय, दाल, पाउल्ट्री और फलों तथा सब्जियों की महंगाई के कारण खाद्य महंगाई दर चार. तेईस फीसदी रही, जो मार्च में तीन. तिहत्तर फीसदी थी। खनिज मूल्यों में सत्ताईस. दो फीसदी गिरावट दर्ज की गई। दालों की कीमत साल-दर-साल आधार पर छत्तीस फीसदी और आलू की कीमत पैंतीस. पैंतालीस फीसदी बढ़ी। चीनी इस दौरान सोलह. सात फीसदी महंगा हुआ। खाद्य तेल पाँच. इकसठ फीसदी महंगा हुआ। मंत्रालय ने फरवरी महीने के लिए थोक महंगाई दर को नकारात्मक शून्य. इक्यानवे फीसदी से संशोधित कर नकारात्मक शून्य. पचासी फीसदी कर दिया। उल्लेखनीय है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या उपभोक्ता महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर पाँच. उनतालीस फीसदी हो गई, जो मार्च में चार. तिरासी फीसदी थी। महंगाई दर में यह वृद्धि और मानसून के आगमन में होने वाली देरी को देखते हुए जून के शुरू में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में दर में कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
Kunal Khemu and Soha Ali Khan Love Story: कुणाल खेमू आज आपना 39वां जन्मदिन मना रहे है। कुणाल खेमू बॉलीवुड की कई फिल्मों में नजर आ चुके है। आज कुणाल के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी लव स्टोरी के बारे में बताने वाले है। जैसा की आप जानते है कि कुणाल खेमू और सोहा अली खान बॉलीवुड के सबसे प्यारे कपल्स में से एक हैं। इन दोनों ने लव मैरिज की थी। शादी से पहले दोनों काफी लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे है। अब इन दोनों की एक प्यारी सी बेटी है। तो आज आपको बताते है, इन दोनों की पूरी लव स्टोरी।
Kunal Khemu and Soha Ali Khan Love Story: कुणाल खेमू आज आपना उनतालीसवां जन्मदिन मना रहे है। कुणाल खेमू बॉलीवुड की कई फिल्मों में नजर आ चुके है। आज कुणाल के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी लव स्टोरी के बारे में बताने वाले है। जैसा की आप जानते है कि कुणाल खेमू और सोहा अली खान बॉलीवुड के सबसे प्यारे कपल्स में से एक हैं। इन दोनों ने लव मैरिज की थी। शादी से पहले दोनों काफी लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे है। अब इन दोनों की एक प्यारी सी बेटी है। तो आज आपको बताते है, इन दोनों की पूरी लव स्टोरी।
ग्वालियर। शहर के जिस शासकीय गोरखी स्कूल ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को गढ़ा और निखारा, अब वहीं उनसे जुड़ी यादों को आकार दिया गया है। ग्वालियर स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन ने इस स्कूल में अटल संग्रहालय तैयार हो चुका है। लगभग सात करोड़ रुपये की इस परियोजना में स्कूल भवन के जीर्णोद्धार के साथ ही संग्रहालय की छह गैलरियां तैयार की गई हैं। इनमें अटल जी के जीवन से जुड़ी विशेष तस्वीरों के साथ ही उनके द्वारा उपयोग की गईं शेविंग किट, तौलिया जैसी निजी वस्तुओं को भी प्रदर्शित किया गया है। अटलजी ने गोरखी स्कूल में 1935 से 1938 तक कक्षा छह से आठवीं तक अध्ययन किया था। महाराज बाड़ा स्थित गोरखी स्कूल में तैयार अटल संग्रहालय तैयार हो चुका है। 25 दिसम्बर को अटल संग्रहालय के साथ-साथ डिजिटल संग्रहालय भी सौलानियों के लिए निःशुल्क रहेगा। शहर के अलग-अलग लोगों ने अटलजी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली निजी वस्तुओं सहित उनसे जुड़ी स्मतृियों को स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के सुपुर्द किया था। इन वस्तुओं को संग्रहालय की गैलरी में प्रदर्शन के लिए रखा गया है। इसमें ग्वालियर सहित दिल्ली व अन्य प्रदेशों में भी लगातार लोगों को अटलजी से जुड़ी वस्तुओं को संग्रहालय के लिए दान किया है। टाइमलाइनः इसमें अटलजी के वर्ष 1924 से लेकर 2016 तक के जीवन के निजी फोटो प्रदर्शित किए गए हैं। कविता व साहित्यः इसमें अटलजी की हस्तलिखित कविताओं के साथ ही धातुपत्र व ताम्रपत्र पर लिखवाई गई रचनाएं प्रदर्शित की गई हैं। पुस्तकेंः इसमें अटलजी द्वारा लिखी गई पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया है। अटल फैमिली ट्री- इसमें अटलजी के स्वयं के एवं उनके नाते-रिश्तेदारों के साथ के पुराने फोटोग्राफ प्रदर्शित किए गए हैं। डार्करूमः इसमें अटलजी के राजनैतिक जीवन को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें उनके अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों के साथ के फोटो प्रदर्शित किए गए हैं। पोखरण 2. 0: इसमें पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी अटलजी की स्मृतियों को दर्शाया गया है।
ग्वालियर। शहर के जिस शासकीय गोरखी स्कूल ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को गढ़ा और निखारा, अब वहीं उनसे जुड़ी यादों को आकार दिया गया है। ग्वालियर स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन ने इस स्कूल में अटल संग्रहालय तैयार हो चुका है। लगभग सात करोड़ रुपये की इस परियोजना में स्कूल भवन के जीर्णोद्धार के साथ ही संग्रहालय की छह गैलरियां तैयार की गई हैं। इनमें अटल जी के जीवन से जुड़ी विशेष तस्वीरों के साथ ही उनके द्वारा उपयोग की गईं शेविंग किट, तौलिया जैसी निजी वस्तुओं को भी प्रदर्शित किया गया है। अटलजी ने गोरखी स्कूल में एक हज़ार नौ सौ पैंतीस से एक हज़ार नौ सौ अड़तीस तक कक्षा छह से आठवीं तक अध्ययन किया था। महाराज बाड़ा स्थित गोरखी स्कूल में तैयार अटल संग्रहालय तैयार हो चुका है। पच्चीस दिसम्बर को अटल संग्रहालय के साथ-साथ डिजिटल संग्रहालय भी सौलानियों के लिए निःशुल्क रहेगा। शहर के अलग-अलग लोगों ने अटलजी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली निजी वस्तुओं सहित उनसे जुड़ी स्मतृियों को स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के सुपुर्द किया था। इन वस्तुओं को संग्रहालय की गैलरी में प्रदर्शन के लिए रखा गया है। इसमें ग्वालियर सहित दिल्ली व अन्य प्रदेशों में भी लगातार लोगों को अटलजी से जुड़ी वस्तुओं को संग्रहालय के लिए दान किया है। टाइमलाइनः इसमें अटलजी के वर्ष एक हज़ार नौ सौ चौबीस से लेकर दो हज़ार सोलह तक के जीवन के निजी फोटो प्रदर्शित किए गए हैं। कविता व साहित्यः इसमें अटलजी की हस्तलिखित कविताओं के साथ ही धातुपत्र व ताम्रपत्र पर लिखवाई गई रचनाएं प्रदर्शित की गई हैं। पुस्तकेंः इसमें अटलजी द्वारा लिखी गई पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया है। अटल फैमिली ट्री- इसमें अटलजी के स्वयं के एवं उनके नाते-रिश्तेदारों के साथ के पुराने फोटोग्राफ प्रदर्शित किए गए हैं। डार्करूमः इसमें अटलजी के राजनैतिक जीवन को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें उनके अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों के साथ के फोटो प्रदर्शित किए गए हैं। पोखरण दो. शून्य: इसमें पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी अटलजी की स्मृतियों को दर्शाया गया है।
घर पर रोगी की सेवा शुश्रुपा है । ३ कपड़ा खौलते हुए पानी में हुमा दिया गया । ४ क्यड़ा निचोड़ दिया गया ।५ मढे निकाली जा रही है। ६ कपड़ा सूखे कम्पल में लपेटा जा रहा है। ७ लम्बी वश की जा रही है।८ चार सह पर ली गई। ९ कपड़ा पीड़ित भाग पर प दिया गया । १० कपड़ा हटा लिया गया प्रौर उस स्थान को ठंडे पानी में भीगे हुए तौलिये से भागोछा जा रहा है । से शरीर को पोंछ डालिये और फिर तत्क्षण अच्छी तरह से सेंकने लगिये । जय तक रोगी को माराम न मिलने लगे तय तक सेकने के कपड़े को लगा रहने दीजिये । इसके बाद सुखे कपड़े की तह खोल कर सेंकने के कपड़े को हटा लीजिये और खौलते हुए पानी में डालकर गरम कर लीजिये फिर पहले की
घर पर रोगी की सेवा शुश्रुपा है । तीन कपड़ा खौलते हुए पानी में हुमा दिया गया । चार क्यड़ा निचोड़ दिया गया ।पाँच मढे निकाली जा रही है। छः कपड़ा सूखे कम्पल में लपेटा जा रहा है। सात लम्बी वश की जा रही है।आठ चार सह पर ली गई। नौ कपड़ा पीड़ित भाग पर प दिया गया । दस कपड़ा हटा लिया गया प्रौर उस स्थान को ठंडे पानी में भीगे हुए तौलिये से भागोछा जा रहा है । से शरीर को पोंछ डालिये और फिर तत्क्षण अच्छी तरह से सेंकने लगिये । जय तक रोगी को माराम न मिलने लगे तय तक सेकने के कपड़े को लगा रहने दीजिये । इसके बाद सुखे कपड़े की तह खोल कर सेंकने के कपड़े को हटा लीजिये और खौलते हुए पानी में डालकर गरम कर लीजिये फिर पहले की
भोपाल। सिंधिया समर्थक 22 पूर्व विधायक राजाभोज एरयपोर्ट भोपाल पहुंच गए हैं। इन विधायकों ने दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता ले ली है। भोपाल पहुंचने पर सभी विधायकों को विशेष सुरक्षा दी गई है। दिल्ली में इन विधायकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है। उसके बाद उन्होने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। दिल्ली में सभी पूर्व विधायकों ने बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद भोपाल पहुंचे हैं, इन्हे विशेष विमान से बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भोपाल लाया गया है, जो कि अलग अलग 3 फ्लाइटों से आएं हैं। राजा भोज एयरपोर्ट पर इनके आगमन को लेकर स्पेशल फोर्स के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। बता दें कि ये सभी विधायक बेंगलुरू में बीते 12 दिनों से डेरा डाले हुए थे, कांग्रेस से नाराज होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी जॉइन कर लिया है। इसके बाद ये सभी विधायक भी बीजेपी जॉइन किया है। इन विधायकों के इस्तीफे के बाद ही मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार का पतन हो गया है।
भोपाल। सिंधिया समर्थक बाईस पूर्व विधायक राजाभोज एरयपोर्ट भोपाल पहुंच गए हैं। इन विधायकों ने दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता ले ली है। भोपाल पहुंचने पर सभी विधायकों को विशेष सुरक्षा दी गई है। दिल्ली में इन विधायकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है। उसके बाद उन्होने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। दिल्ली में सभी पूर्व विधायकों ने बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद भोपाल पहुंचे हैं, इन्हे विशेष विमान से बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भोपाल लाया गया है, जो कि अलग अलग तीन फ्लाइटों से आएं हैं। राजा भोज एयरपोर्ट पर इनके आगमन को लेकर स्पेशल फोर्स के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। बता दें कि ये सभी विधायक बेंगलुरू में बीते बारह दिनों से डेरा डाले हुए थे, कांग्रेस से नाराज होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी जॉइन कर लिया है। इसके बाद ये सभी विधायक भी बीजेपी जॉइन किया है। इन विधायकों के इस्तीफे के बाद ही मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार का पतन हो गया है।
क्योंकि एक वो ही हैं जो केंद्र सरकार के दबाव में आए बिना उनके फैसलों के खिलाफ सख्त रवैया अपना रहे हैं. उन्होने कहा कि बीते एक हफ्ते के दौरान कांग्रेस की दो प्रदेश इकाईयां राहुल गांधी को पार्टी प्रमुख बनाने का समर्थन करते हुए प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं. दिल्ली कांग्रेस ने राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए बीते रविवार को एक प्रस्ताव पारित किया था और वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी शनिवार को ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया है जिसे खुद भूपेश बघेल ने पेश किया था. सीपीसीसी के द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि कांग्रेस के सभी लोग राहुल गांधी के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और मानते हैं कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस संगठन लगातार मजबूत होगा. राहुल गांधी के नेतृत्व से ना केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास बढ़ा है बल्कि उनके मार्गदर्शन में पार्टी की नींव को और ज्यादा मजबूत मिलेगी. भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी को पार्टी में हर किसी का भरोसा हांसिल है. उन्होंने कहा कि, 'और कौन है राहुल गांधी के अलावा कोई ऐसा नेता है जो पूरे भारत की यात्रा कर रहा है, जिसे पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता पहचानते हों?' उन्होने कहा कि राहुल गांधी देश में सभी मुद्दों पर बड़ी बेबाकी से अपनी राय रख रहे हैं फिर चाहे वो जीएसटी,नोटबंदी का मुद्दा हो या फिर कोविड-19 का. उन्होंने बड़े स्पष्ट तरीके से अपनी बात सबके सामने रखी है. इतना ही नहीं उन्होंने किसानों के पक्ष में अपना स्टैंड स्पष्ट किया है. वो एकमात्र नेता हैं, जो महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना मत बिना दबाव में आए रख रहे हैं.
क्योंकि एक वो ही हैं जो केंद्र सरकार के दबाव में आए बिना उनके फैसलों के खिलाफ सख्त रवैया अपना रहे हैं. उन्होने कहा कि बीते एक हफ्ते के दौरान कांग्रेस की दो प्रदेश इकाईयां राहुल गांधी को पार्टी प्रमुख बनाने का समर्थन करते हुए प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं. दिल्ली कांग्रेस ने राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए बीते रविवार को एक प्रस्ताव पारित किया था और वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी शनिवार को ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया है जिसे खुद भूपेश बघेल ने पेश किया था. सीपीसीसी के द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि कांग्रेस के सभी लोग राहुल गांधी के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और मानते हैं कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस संगठन लगातार मजबूत होगा. राहुल गांधी के नेतृत्व से ना केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास बढ़ा है बल्कि उनके मार्गदर्शन में पार्टी की नींव को और ज्यादा मजबूत मिलेगी. भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी को पार्टी में हर किसी का भरोसा हांसिल है. उन्होंने कहा कि, 'और कौन है राहुल गांधी के अलावा कोई ऐसा नेता है जो पूरे भारत की यात्रा कर रहा है, जिसे पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता पहचानते हों?' उन्होने कहा कि राहुल गांधी देश में सभी मुद्दों पर बड़ी बेबाकी से अपनी राय रख रहे हैं फिर चाहे वो जीएसटी,नोटबंदी का मुद्दा हो या फिर कोविड-उन्नीस का. उन्होंने बड़े स्पष्ट तरीके से अपनी बात सबके सामने रखी है. इतना ही नहीं उन्होंने किसानों के पक्ष में अपना स्टैंड स्पष्ट किया है. वो एकमात्र नेता हैं, जो महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना मत बिना दबाव में आए रख रहे हैं.
जम्मू कश्मीर सरकार ने बेरोजगारी को दूर करने के लिए जम्मू कश्मीर में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी की घोषणा की है, अब इसके नतीजे भी सामने आने लगे हैं. उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में इश्तियाक रसूल जो की पहले खुद बेरोज़गार थे, वे अब खुद फैक्ट्री के मालिक हैं. उन्होंने लोन लिया और अपना कारोबार शुरू किया. अपनी छोटी सी फैक्ट्री खोल कर अपने साथ-साथ और 10 लोगों के लिए रोजगार की व्यवस्था खड़ी कर दी है. उन्होंने कहा कि वे पहले बेरोजगार थे फिर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रियल सेंटर बंदीरपोरा को अप्रोच कर लोन लेकर उन्होंने ये काम खुरु किया. इश्तियाक रसूल ने इलाके के बेरोज़गार युवाओं के लिए मिसाल कायम की है. देखें ये वीडियो.
जम्मू कश्मीर सरकार ने बेरोजगारी को दूर करने के लिए जम्मू कश्मीर में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी की घोषणा की है, अब इसके नतीजे भी सामने आने लगे हैं. उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में इश्तियाक रसूल जो की पहले खुद बेरोज़गार थे, वे अब खुद फैक्ट्री के मालिक हैं. उन्होंने लोन लिया और अपना कारोबार शुरू किया. अपनी छोटी सी फैक्ट्री खोल कर अपने साथ-साथ और दस लोगों के लिए रोजगार की व्यवस्था खड़ी कर दी है. उन्होंने कहा कि वे पहले बेरोजगार थे फिर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रियल सेंटर बंदीरपोरा को अप्रोच कर लोन लेकर उन्होंने ये काम खुरु किया. इश्तियाक रसूल ने इलाके के बेरोज़गार युवाओं के लिए मिसाल कायम की है. देखें ये वीडियो.
(प्रतापगढ़ा में 12वीं में टॉप करने वाला रवि प्रकाश) UP Board 12th Result 2022: यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में प्रतापगढ़ (Pratapgarh) जिले में टॉप करने वाले रवि प्रकाश मिश्रा (Ravi Kumar Mishra) ने राज्य के भी टॉपरों में स्थान हासिल किया है. रवि प्रकाश ने संयुक्त रूप से 92. 60 प्रतिशत अंकों के साथ 8वीं रैंक हासिल की है. रवि प्रकाश पट्टी इलाके के सुल्तानपुर बॉर्डर के बींद में स्थित वीणा पाणि शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज का छात्र है. रवि प्रकाश और ग्रामीण परिवेश में रहने वाले दूसरे छात्रों ने भी पूरे प्रदेश में जिले का नाम रोशन किया है. रिजल्ट आने के बाद कॉलेज से लेकर पूरे इलाके से रवि को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. यही नहीं कालेज में जश्न का माहौल है. इस कॉलेज के लिए ये कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी छात्र ने टॉप किया है. इससे पहले साल 2020 में भी इसी कॉलेज के इंटर के छात्र रोशन चौरसिया ने उत्तर प्रदेश के टॉप टेन जगह बनाई थी और 9वीं रैक के साथ जिले में टॉपर रहा था. टॉपर रवि प्रकाश को कॉलेज संचालक सतीश सिंह ने बुलाया और प्राचार्य रणजीत सिंह के साथ मिलकर मिठाई खिलाई. साथ ही कॉलेज के स्टाफ ने भी बधाई दी. गौरतलब है कि टॉपर रवि प्रकाश इसी कॉलेज में शिक्षक सतीश कुमार मिश्रा का बेटा है. रवि अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों को देते हुए बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहता है. दूसरी तरफ शहर के साकेत गर्ल्स इंटर कॉलेज की आस्था सिंह ने 92. 40 प्रतिशत अंक हासिल करके उत्तर प्रदेश में 9वीं रैंक हासिल की है. आस्था मेडिकल की पढ़ाई करके कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती है, क्योंकि उसके नाना की मौत हार्ट अटैक से हुई थी. आस्था का कहना है कि देश मे कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों की काफी कमी है और वह नहीं चाहती कि लोग कार्डियक डिजीज से मौत के शिकार बने. आस्था दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी है. पिता योगेंद्र प्रताप सिंह पेशे से डॉक्टर हैं और खुद की पैथोलॉजी चलाते हैं. वहीं आस्था की मां ग्रेजुएट है और गृहिणी है, जिनके मार्गदर्शन में आस्था की मेधा परवान चढ़ी. आस्था ने हाईस्कूल में 85 प्रतिशत अंक हासिल की थी, जिसके बाद उसने अपनी मेहनत और ज्यादा बढ़ा दी. उसने इंटर की परीक्षा में उत्तर प्रदेश के टॉपरों में शामिल होकर जिले का गौरव बढ़ाया है.
UP Board बारहth Result दो हज़ार बाईस: यूपी बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में प्रतापगढ़ जिले में टॉप करने वाले रवि प्रकाश मिश्रा ने राज्य के भी टॉपरों में स्थान हासिल किया है. रवि प्रकाश ने संयुक्त रूप से बानवे. साठ प्रतिशत अंकों के साथ आठवीं रैंक हासिल की है. रवि प्रकाश पट्टी इलाके के सुल्तानपुर बॉर्डर के बींद में स्थित वीणा पाणि शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज का छात्र है. रवि प्रकाश और ग्रामीण परिवेश में रहने वाले दूसरे छात्रों ने भी पूरे प्रदेश में जिले का नाम रोशन किया है. रिजल्ट आने के बाद कॉलेज से लेकर पूरे इलाके से रवि को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. यही नहीं कालेज में जश्न का माहौल है. इस कॉलेज के लिए ये कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी छात्र ने टॉप किया है. इससे पहले साल दो हज़ार बीस में भी इसी कॉलेज के इंटर के छात्र रोशन चौरसिया ने उत्तर प्रदेश के टॉप टेन जगह बनाई थी और नौवीं रैक के साथ जिले में टॉपर रहा था. टॉपर रवि प्रकाश को कॉलेज संचालक सतीश सिंह ने बुलाया और प्राचार्य रणजीत सिंह के साथ मिलकर मिठाई खिलाई. साथ ही कॉलेज के स्टाफ ने भी बधाई दी. गौरतलब है कि टॉपर रवि प्रकाश इसी कॉलेज में शिक्षक सतीश कुमार मिश्रा का बेटा है. रवि अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों को देते हुए बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहता है. दूसरी तरफ शहर के साकेत गर्ल्स इंटर कॉलेज की आस्था सिंह ने बानवे. चालीस प्रतिशत अंक हासिल करके उत्तर प्रदेश में नौवीं रैंक हासिल की है. आस्था मेडिकल की पढ़ाई करके कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती है, क्योंकि उसके नाना की मौत हार्ट अटैक से हुई थी. आस्था का कहना है कि देश मे कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों की काफी कमी है और वह नहीं चाहती कि लोग कार्डियक डिजीज से मौत के शिकार बने. आस्था दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी है. पिता योगेंद्र प्रताप सिंह पेशे से डॉक्टर हैं और खुद की पैथोलॉजी चलाते हैं. वहीं आस्था की मां ग्रेजुएट है और गृहिणी है, जिनके मार्गदर्शन में आस्था की मेधा परवान चढ़ी. आस्था ने हाईस्कूल में पचासी प्रतिशत अंक हासिल की थी, जिसके बाद उसने अपनी मेहनत और ज्यादा बढ़ा दी. उसने इंटर की परीक्षा में उत्तर प्रदेश के टॉपरों में शामिल होकर जिले का गौरव बढ़ाया है.
मध्यप्रदेशः ऐसे कर्मचारी जो बार-बार बीमार होते हैं। उनके पास 20 साल की नौकरी करने के बाद खुद रिटायर मेंट का विकल्प होगा। नहीं तो 25 साल की नौकरी पूरी होते ही सरकार मेडिकल अनफिट कर्मचारियों को स्वतः सेवनिवृत कर देगी। हालांकि सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि नियम जो भी हो किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रुप से परेशान नहीं किया जाएगा। रीवाः खुशीराम की जगह करा दिया युवक विवेक का अंतिम संस्कार, डॉक्टर राकेश पटेल निलंबितबता दें कि प्रदेश में ऐसे 20:50 के फॉर्मूले में फिट बैठने वाले करीब 2 लाख कर्मचारी हैं। ए श्रेणी के लिए 5 नंबर, बी श्रेणी के लिए 4 नंबर, सी श्रेणी के लिए 3 नंबर, डी श्रेणी के लिए 2 नंबर का प्रावधान किया गया है। हर श्रेणी के अलग अंकों में यदि कर्मचारी के हर साल ए श्रेणी मिलती है तो 20 साल की सेवा में 100 नंबर हो जाएंगे यानी वह आगे की नौकरी के लिए पूरी तरह सुरक्षित। इसी तरह बी श्रेणी के 80, सी श्रेणी के 60 और डी श्रेणी के लिए 40 नंबर होते हैं। रीवाः भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत अमाव, फर्जी बिल के सहारे लाखों रुपये का हुआ बंदरबांटसीआर का नंबर गणित भी बदला गया है। कर्मचारी जब नौकरी में आया और उसके बाद के 20 सालों में उसके सीआर के अंक जोड़कर परफॉर्मेंस तय होगी। यदि 50 नंबर के कम आए तो समझ लो नौकरी खतरे में। अभी तक 3 साल की सीआर को ही जोड़ा जाता था। कोरोना काल में वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकार ने कर्मचारियों से जुड़े फार्मूले में बड़े बदलाव करते हुए नियम और कड़े कर दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इससे जुड़ा एक आदेश जारी किया है। रीवाः भू-मालिकों को खुश कर देने वाली खबर, पढ़िए पूरी खबरइस आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को कुछ विशेष स्थिति में रिटायरमेंट से पहले ही सेवानिवृत्ति किया जा सकता है। जो कर्मचारी 20 साल की नौकरी या 50 साल उम्र पार कर चुके हैं उनकी परफॉर्मेंस देखी जाएगी। जिन कर्मचारियों की परफॉरमेंस ठीक है, लेकिन सीआर नंबर 50 फीसदी से कम है और वे मेडिकल अनफिट हैं, तो उन्हें सेवानिवृत्ति किया जा सकता है। रीवाः साहब मशीन ठीक करा दो हम कैंसर पीड़ित है, मर जाएंगे ..
मध्यप्रदेशः ऐसे कर्मचारी जो बार-बार बीमार होते हैं। उनके पास बीस साल की नौकरी करने के बाद खुद रिटायर मेंट का विकल्प होगा। नहीं तो पच्चीस साल की नौकरी पूरी होते ही सरकार मेडिकल अनफिट कर्मचारियों को स्वतः सेवनिवृत कर देगी। हालांकि सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि नियम जो भी हो किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रुप से परेशान नहीं किया जाएगा। रीवाः खुशीराम की जगह करा दिया युवक विवेक का अंतिम संस्कार, डॉक्टर राकेश पटेल निलंबितबता दें कि प्रदेश में ऐसे बीस:पचास के फॉर्मूले में फिट बैठने वाले करीब दो लाख कर्मचारी हैं। ए श्रेणी के लिए पाँच नंबर, बी श्रेणी के लिए चार नंबर, सी श्रेणी के लिए तीन नंबर, डी श्रेणी के लिए दो नंबर का प्रावधान किया गया है। हर श्रेणी के अलग अंकों में यदि कर्मचारी के हर साल ए श्रेणी मिलती है तो बीस साल की सेवा में एक सौ नंबर हो जाएंगे यानी वह आगे की नौकरी के लिए पूरी तरह सुरक्षित। इसी तरह बी श्रेणी के अस्सी, सी श्रेणी के साठ और डी श्रेणी के लिए चालीस नंबर होते हैं। रीवाः भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत अमाव, फर्जी बिल के सहारे लाखों रुपये का हुआ बंदरबांटसीआर का नंबर गणित भी बदला गया है। कर्मचारी जब नौकरी में आया और उसके बाद के बीस सालों में उसके सीआर के अंक जोड़कर परफॉर्मेंस तय होगी। यदि पचास नंबर के कम आए तो समझ लो नौकरी खतरे में। अभी तक तीन साल की सीआर को ही जोड़ा जाता था। कोरोना काल में वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकार ने कर्मचारियों से जुड़े फार्मूले में बड़े बदलाव करते हुए नियम और कड़े कर दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इससे जुड़ा एक आदेश जारी किया है। रीवाः भू-मालिकों को खुश कर देने वाली खबर, पढ़िए पूरी खबरइस आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को कुछ विशेष स्थिति में रिटायरमेंट से पहले ही सेवानिवृत्ति किया जा सकता है। जो कर्मचारी बीस साल की नौकरी या पचास साल उम्र पार कर चुके हैं उनकी परफॉर्मेंस देखी जाएगी। जिन कर्मचारियों की परफॉरमेंस ठीक है, लेकिन सीआर नंबर पचास फीसदी से कम है और वे मेडिकल अनफिट हैं, तो उन्हें सेवानिवृत्ति किया जा सकता है। रीवाः साहब मशीन ठीक करा दो हम कैंसर पीड़ित है, मर जाएंगे ..
रायगढ़ से चलकर दिल्ली आने वाली गाड़ी संख्या 12409 रायगढ़ हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस अपने निर्धारत समय से छह घंटे की देरी से चल रही है। ट्रेन नंबर 02569 दरभंगा नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारत समय से ढाई घंटे की देरी से चल रही है। इसी के साथ पुरी नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस जिसका गाड़ी नंबर 12801 भी अपने समय से लेट चल रही है। यह ट्रेन अपने निर्धारत समय से दो घंटे तक की देरी से चल रहा है। गाड़ी संख्या 12397 गया नई दिल्ली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से चल रही है। कामाख्या से चलकर दिल्ली आने वाली गाड़ी संख्या 15658 अपने निर्धारत समय से तीन घंटे की देरी से चल रही है। इसी के साथ गाड़ी संख्या 11057 मुंबई अमृतसर दादर अपने निर्धारत समय से दो घंटे की देरी से चल रही है। गाड़ी संख्या 14205 अयोध्या कैंट दिल्ली एक्सप्रेस अपने समय से डेढ़ घंटे की देरी से चल रही है। कोहरे का असर लगभग सभी ट्रेनों पर पड़ा है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें लेट चल रही हैं। इसी क्रम में हैदराबाद निजामुद्दीन एक्सप्रेस अपने निर्धारत समय से एक घंटा 45 मिनट की देरी से चल रही है। वहीं गाड़ी संख्या 22181 जबलपुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस भी अपने निर्धारत समय से डेढ़ घंटे की देरी से चल रही है। गाड़ी संख्या 12719 विशाखापटनम नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन भी अपने समय से एक घंटा 45 मिनट की देरी से चल रही है।
रायगढ़ से चलकर दिल्ली आने वाली गाड़ी संख्या बारह हज़ार चार सौ नौ रायगढ़ हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस अपने निर्धारत समय से छह घंटे की देरी से चल रही है। ट्रेन नंबर दो हज़ार पाँच सौ उनहत्तर दरभंगा नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारत समय से ढाई घंटे की देरी से चल रही है। इसी के साथ पुरी नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस जिसका गाड़ी नंबर बारह हज़ार आठ सौ एक भी अपने समय से लेट चल रही है। यह ट्रेन अपने निर्धारत समय से दो घंटे तक की देरी से चल रहा है। गाड़ी संख्या बारह हज़ार तीन सौ सत्तानवे गया नई दिल्ली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से चल रही है। कामाख्या से चलकर दिल्ली आने वाली गाड़ी संख्या पंद्रह हज़ार छः सौ अट्ठावन अपने निर्धारत समय से तीन घंटे की देरी से चल रही है। इसी के साथ गाड़ी संख्या ग्यारह हज़ार सत्तावन मुंबई अमृतसर दादर अपने निर्धारत समय से दो घंटे की देरी से चल रही है। गाड़ी संख्या चौदह हज़ार दो सौ पाँच अयोध्या कैंट दिल्ली एक्सप्रेस अपने समय से डेढ़ घंटे की देरी से चल रही है। कोहरे का असर लगभग सभी ट्रेनों पर पड़ा है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें लेट चल रही हैं। इसी क्रम में हैदराबाद निजामुद्दीन एक्सप्रेस अपने निर्धारत समय से एक घंटा पैंतालीस मिनट की देरी से चल रही है। वहीं गाड़ी संख्या बाईस हज़ार एक सौ इक्यासी जबलपुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस भी अपने निर्धारत समय से डेढ़ घंटे की देरी से चल रही है। गाड़ी संख्या बारह हज़ार सात सौ उन्नीस विशाखापटनम नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन भी अपने समय से एक घंटा पैंतालीस मिनट की देरी से चल रही है।
माला मिश्रा बिराटनगर । बिराटनगर निवासी ब्याडमिंटन एशिया का एम्पायर उदय कुमार अर्याल को विश्व बैडमिंटन फेडरेशन ने अन्तर्राष्ट्रीय लाइन जज का मान्यता प्रदान किया है । फेडरेशन के अनुसार यह मान्यता उन्हें जनवरी 2019 से प्रदान की गई है । सन 2000 में जापान के क्योटो में उन्हें बैडमिन्टन एशिया का अन्तर्राष्ट्रीय एम्पायर का मान्यता मिला था । श्री आर्याल अबतक दर्जनो अन्तर्राष्ट्रीय मैच में एम्पायर का भूमिका निभा चुके है । वह नेपाल विधुत प्राधिकरण में कार्यरत भी है । इसकी पुष्टि नेपाल बैडमिन्टन महासंघ ने किया है । उनको मिली इस उपलब्धि पर उनके परिजन सहित अन्य परिचित शुभचिंतकों के द्वारा बधाई दिया जा रहा है ।
माला मिश्रा बिराटनगर । बिराटनगर निवासी ब्याडमिंटन एशिया का एम्पायर उदय कुमार अर्याल को विश्व बैडमिंटन फेडरेशन ने अन्तर्राष्ट्रीय लाइन जज का मान्यता प्रदान किया है । फेडरेशन के अनुसार यह मान्यता उन्हें जनवरी दो हज़ार उन्नीस से प्रदान की गई है । सन दो हज़ार में जापान के क्योटो में उन्हें बैडमिन्टन एशिया का अन्तर्राष्ट्रीय एम्पायर का मान्यता मिला था । श्री आर्याल अबतक दर्जनो अन्तर्राष्ट्रीय मैच में एम्पायर का भूमिका निभा चुके है । वह नेपाल विधुत प्राधिकरण में कार्यरत भी है । इसकी पुष्टि नेपाल बैडमिन्टन महासंघ ने किया है । उनको मिली इस उपलब्धि पर उनके परिजन सहित अन्य परिचित शुभचिंतकों के द्वारा बधाई दिया जा रहा है ।
इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 की वेब सीरीज 'स्टेट ऑफ सीज : 26/11' में अर्जन बाजवा को लेकर कई खबरें आ रहीं हैं। जी दरअसल इस सीरीज की शूटिंग के दौरान दो बम अर्जन के कान के पास फट गए, जिससे उन्हें पूरे दिन के लिए सुनाई देना बंद हो चुका था। वहीं उन्होंने कहा था कि एक समय ऐसा लग रहा था जैसे वह बहरे हो गए हैं। जी दरअसल अर्जन ने इस सीरीज में कर्नल सुनील श्योराण का किरदार निभाया है। मिली जानकारी के मुताबिक इस सीरीज को 26 नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में एनएसजी की जबावी कार्रवाई को केंद्र में रखकर बनाया गया है। वहीं इस आतंकी हमले में देसी और विदेशी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी, और भारी मात्रा में जान और माल की हानि हुई थी। ऐसे में इस हमले में सजीवता लाने के लिए निर्माताओं ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है और इस सीरीज की कहानी और दृश्यों में प्रमाणिकता लाने के लिए इसके निर्माताओं ने दृश्यों में वीएफएक्स और स्पेशल एफेक्ट्स की बजाय असली विस्फोटकों और हथियारों का इस्तेमाल किया है। वैसे हाल ही में शूटिंग के दौरान का अपना अनुभव साझा करते हुए अर्जन कहते हैं, 'उस वक्त हम फायरिंग का सीन फिल्मा रहे थे। उसी समय मेरे कान के ठीक बगल में दो धमाके हुए। उसके बाद मुझे आधे दिन तक के लिए सुनाई देना बंद हो गया। शुक्र है भगवान का कि बाद में सब कुछ ठीक हो गया था। लेकिन उस वक्त मुझे लगा था, कि मैंने अपना कान खो दिया है। ' आप सभी को बता दें कि यह वेब सीरीज संदीप उन्नीथन की लिखी किताब 'ब्लैक टोर्नेडो : द थ्री सीज ऑफ मुंबई 26/11 की कहानी पर आधारित है। इस वेब सीरीज को अमेरिकन निर्देशक मैथ्यू ल्यूटवायलर ने निर्देशित किया है और इस सीरीज में अर्जन बाजवा, अर्जुन बिजलानी, विवेक दहिया, मुकुल देव, तारा अलीशा बेरी आदि कलाकार मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। आखिर क्यों रूपाली गांगुली ने तपती फर्श पर किया कथक?
इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म जीपाँच की वेब सीरीज 'स्टेट ऑफ सीज : छब्बीस/ग्यारह' में अर्जन बाजवा को लेकर कई खबरें आ रहीं हैं। जी दरअसल इस सीरीज की शूटिंग के दौरान दो बम अर्जन के कान के पास फट गए, जिससे उन्हें पूरे दिन के लिए सुनाई देना बंद हो चुका था। वहीं उन्होंने कहा था कि एक समय ऐसा लग रहा था जैसे वह बहरे हो गए हैं। जी दरअसल अर्जन ने इस सीरीज में कर्नल सुनील श्योराण का किरदार निभाया है। मिली जानकारी के मुताबिक इस सीरीज को छब्बीस नवंबर दो हज़ार आठ में मुंबई में हुए आतंकी हमले में एनएसजी की जबावी कार्रवाई को केंद्र में रखकर बनाया गया है। वहीं इस आतंकी हमले में देसी और विदेशी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी, और भारी मात्रा में जान और माल की हानि हुई थी। ऐसे में इस हमले में सजीवता लाने के लिए निर्माताओं ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है और इस सीरीज की कहानी और दृश्यों में प्रमाणिकता लाने के लिए इसके निर्माताओं ने दृश्यों में वीएफएक्स और स्पेशल एफेक्ट्स की बजाय असली विस्फोटकों और हथियारों का इस्तेमाल किया है। वैसे हाल ही में शूटिंग के दौरान का अपना अनुभव साझा करते हुए अर्जन कहते हैं, 'उस वक्त हम फायरिंग का सीन फिल्मा रहे थे। उसी समय मेरे कान के ठीक बगल में दो धमाके हुए। उसके बाद मुझे आधे दिन तक के लिए सुनाई देना बंद हो गया। शुक्र है भगवान का कि बाद में सब कुछ ठीक हो गया था। लेकिन उस वक्त मुझे लगा था, कि मैंने अपना कान खो दिया है। ' आप सभी को बता दें कि यह वेब सीरीज संदीप उन्नीथन की लिखी किताब 'ब्लैक टोर्नेडो : द थ्री सीज ऑफ मुंबई छब्बीस/ग्यारह की कहानी पर आधारित है। इस वेब सीरीज को अमेरिकन निर्देशक मैथ्यू ल्यूटवायलर ने निर्देशित किया है और इस सीरीज में अर्जन बाजवा, अर्जुन बिजलानी, विवेक दहिया, मुकुल देव, तारा अलीशा बेरी आदि कलाकार मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। आखिर क्यों रूपाली गांगुली ने तपती फर्श पर किया कथक?
British MP Neil Parish were watching porn movies inside Parliament : नील पैरिश ( Neil Parish) ने आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा कि वह हाउस ऑफ कॉमन्स में दो बार पोर्न फिल्म को देखने के बाद अपना इस्तीफा स्पीकर कोो सौंप रहे हैं। इस तरह पार्न फिल्में देखना सही नहीं है, वे खुद इसे गलत मानते हैं। ट्रेंडिंग डेस्क, British MP Neil Parish were watching porn movies inside Parliament : ब्रिटेन की संसद में शर्मनाक घटना हुई है। सांसद नील पैरिश (UK MP Neil Parish Waching Porn) को संसद के अंदर पॉर्न देखने के आरोपके बाद रिजाइन करना पड़ा है। के आरोपों के बाद इस्तीफा देना पड़ा है। नील पैरिश (Neil Parish MP) मौजूदा सरकार के सांसद है, वे पीएम बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी से चुनकर आए मेंबर हैं। नील पैरिश ने आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा कि वह हाउस ऑफ कॉमन्स में दो बार पोर्न फिल्म को देखने के बाद अपना इस्तीफा स्पीकर कोो सौंप रहे हैं। इस तरह पार्न फिल्में देखना सही नहीं है, वे खुद इसे गलत मानते हैं। नील पैरिश ब्रिटेन के टिवर्टन और होनिटोन ( Britain's Tiverton and Honiton) से एमपी चुनकर आए थे। इस्तीफे देने के बाद नील ने कहा कि जो उन्होंने किया उसका उन्हें पछतावा है। नील पैरिश को पोर्न फिल्में देखते हुए सबसे पहले महिला सांसदों ने देखा था, इसकी शिकायत भी महिलाओं ने की थी । इस पर सफाई देते हुए नील ने कहा कि पहली बार एक ट्रैक्टर की वेबसाइट खोलने के दौरान गल्ती से पॉर्न साइट पर क्लिक हो गया था, हालांकि इस दौरान वो तोड़ा उत्तेजित हो गए थे। वहीं इसके बाद दूसरी बार उन्होंने जानबूझकर पॉर्न साइट पर क्लिक किया था। पीएम बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी ने आरोप सही पाए जाने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया था। नील पैरिश, ब्रिटिश कंजरवेटिव पार्टी के बहुत सीनियर लीडर हैं। उनकी उम्र 65 वर्ष है, वे साल 2010 से सांसद चुनकर आ रहे हैं। वहीं साल 1999 से 2009 तक वे दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड से यूरोपीय संसद के सदस्य ( Member of the European Parliament from South West England) थे। नील कई जिम्मेदार पदों पर रह चुके हैं। हालांकि उनकी इस एक गल्ती ने उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। वहीं इस घटना से सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी और पीएम बोरिस जॉनसन की फजीहत हो गई है। पार्टी को मीडिया के तरह-तरह के सवालों के जवाब देना भारी पड़ रहा है।
British MP Neil Parish were watching porn movies inside Parliament : नील पैरिश ने आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा कि वह हाउस ऑफ कॉमन्स में दो बार पोर्न फिल्म को देखने के बाद अपना इस्तीफा स्पीकर कोो सौंप रहे हैं। इस तरह पार्न फिल्में देखना सही नहीं है, वे खुद इसे गलत मानते हैं। ट्रेंडिंग डेस्क, British MP Neil Parish were watching porn movies inside Parliament : ब्रिटेन की संसद में शर्मनाक घटना हुई है। सांसद नील पैरिश को संसद के अंदर पॉर्न देखने के आरोपके बाद रिजाइन करना पड़ा है। के आरोपों के बाद इस्तीफा देना पड़ा है। नील पैरिश मौजूदा सरकार के सांसद है, वे पीएम बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी से चुनकर आए मेंबर हैं। नील पैरिश ने आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा कि वह हाउस ऑफ कॉमन्स में दो बार पोर्न फिल्म को देखने के बाद अपना इस्तीफा स्पीकर कोो सौंप रहे हैं। इस तरह पार्न फिल्में देखना सही नहीं है, वे खुद इसे गलत मानते हैं। नील पैरिश ब्रिटेन के टिवर्टन और होनिटोन से एमपी चुनकर आए थे। इस्तीफे देने के बाद नील ने कहा कि जो उन्होंने किया उसका उन्हें पछतावा है। नील पैरिश को पोर्न फिल्में देखते हुए सबसे पहले महिला सांसदों ने देखा था, इसकी शिकायत भी महिलाओं ने की थी । इस पर सफाई देते हुए नील ने कहा कि पहली बार एक ट्रैक्टर की वेबसाइट खोलने के दौरान गल्ती से पॉर्न साइट पर क्लिक हो गया था, हालांकि इस दौरान वो तोड़ा उत्तेजित हो गए थे। वहीं इसके बाद दूसरी बार उन्होंने जानबूझकर पॉर्न साइट पर क्लिक किया था। पीएम बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी ने आरोप सही पाए जाने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया था। नील पैरिश, ब्रिटिश कंजरवेटिव पार्टी के बहुत सीनियर लीडर हैं। उनकी उम्र पैंसठ वर्ष है, वे साल दो हज़ार दस से सांसद चुनकर आ रहे हैं। वहीं साल एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे से दो हज़ार नौ तक वे दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड से यूरोपीय संसद के सदस्य थे। नील कई जिम्मेदार पदों पर रह चुके हैं। हालांकि उनकी इस एक गल्ती ने उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। वहीं इस घटना से सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी और पीएम बोरिस जॉनसन की फजीहत हो गई है। पार्टी को मीडिया के तरह-तरह के सवालों के जवाब देना भारी पड़ रहा है।
मुंबई। छोटे पर्दे की चर्चित अभिनेत्री श्वेता तिवारी इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। इस बार श्वेता अपने फोटोशूट के कारण चर्चा में हैं, जिन्हें जनता द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। ग्लैमरस और बोल्ड अंदाज में खिंचवाई गई तस्वीरों के कारण श्वेता फैंस के दिलो-दिमाग में छाई हुई हैं। शाहपुर में कांग्रेस ने एकतरफा जमीन अधिग्रहण का जड़ा आरोप, केवल पठानिया ने विरोध करने वालों को दिया समर्थन नगर संवाददाता- शाहपुर प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया ने फोरलेन के लिए हुए नए सर्वे को लेकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक दवाब से सर्वे बदला गया है, जिससे सिहुंवा, द्रमन, शाहपुर,
मुंबई। छोटे पर्दे की चर्चित अभिनेत्री श्वेता तिवारी इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। इस बार श्वेता अपने फोटोशूट के कारण चर्चा में हैं, जिन्हें जनता द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। ग्लैमरस और बोल्ड अंदाज में खिंचवाई गई तस्वीरों के कारण श्वेता फैंस के दिलो-दिमाग में छाई हुई हैं। शाहपुर में कांग्रेस ने एकतरफा जमीन अधिग्रहण का जड़ा आरोप, केवल पठानिया ने विरोध करने वालों को दिया समर्थन नगर संवाददाता- शाहपुर प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया ने फोरलेन के लिए हुए नए सर्वे को लेकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक दवाब से सर्वे बदला गया है, जिससे सिहुंवा, द्रमन, शाहपुर,
भारतीय वैज्ञानिक ने दुनिया का सबसे चमकीला पदार्थ (कई तत्वों के मिश्रण) बनाने में सफलता हासिल की है। यह खोज इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि इसकी मदद से दो वॉट की एलईडी में 20 वॉट तक की रोशनी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्वीटर हेंडल पर लिखा कि बहुत बहुत बधाई इफ्फत अमीन! आपने गोरखपुर और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ ही देश एवं प्रदेश के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय प्रतिमान स्थापित किया है। आप जैसे युवा ही एक नए और सशक्त भारत का निर्माण कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता और सरकार आपके साथ है। आपके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं। योगी आदित्यनाथ ने अपनी इस टिप्पणी के साथ हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर की कटिंग भी साझा की।
भारतीय वैज्ञानिक ने दुनिया का सबसे चमकीला पदार्थ बनाने में सफलता हासिल की है। यह खोज इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि इसकी मदद से दो वॉट की एलईडी में बीस वॉट तक की रोशनी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्वीटर हेंडल पर लिखा कि बहुत बहुत बधाई इफ्फत अमीन! आपने गोरखपुर और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ ही देश एवं प्रदेश के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय प्रतिमान स्थापित किया है। आप जैसे युवा ही एक नए और सशक्त भारत का निर्माण कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता और सरकार आपके साथ है। आपके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं। योगी आदित्यनाथ ने अपनी इस टिप्पणी के साथ हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर की कटिंग भी साझा की।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
अमेरिका इन दिनों परेशान है। उसकी चौधराहट पर अब सीधे-सीधे सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने पिछले साल सितंबर में 'आजतक' को अलविदा कहकर सोशल मीडिया मैनेजर के तौर पर 'रिपब्लिक भारत' के साथ अपना सफर शुरू किया था। टीवी न्यूज एंकर अनुपमा झा को लेकर बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि उन्होंने 'रिपब्लिक भारत' को अलविदा कह दिया है। इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के सदस्य 57 देश हैं। आश्चर्य है कि अभी तक सिर्फ 16 देशों ने ही अपनी प्रतिक्रिया दी है। 'न्यूज18 इंडिया' (हिंदी) के मैनेजिंग एडिटर और सीनियर एंकर अमिश देवगन ने एक शो में गीतकार, लेखक और कवि मनोज मुंतशिर से 'भारत की विरासत' विषय पर चर्चा की। 22 मई को दिल्ली के अशोक होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में 'पांचजन्य (साप्ताहिक) अटल बिहारी वाजपेयी पत्रकारिता पुरस्कार' रोहित सरदाना (अब दिवंगत) को दिया गया। उत्तर भारत और पूरब के दर्जन भर से अधिक प्रमुख शहरों में तमाम बड़े अखबारों में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वरिष्ठ पत्रकार गीतेश्वर प्रसाद सिंह ने अब दक्षिण भारत का रुख किया है। 'नाटो' नामक सैन्य संगठन में अब यूरोप के दो नए देश भी जुड़नेवाले हैं। ये हैं- फिनलैंड और स्वीडन। युवा पत्रकार राहुल सौमित्र ने 'भारत समाचार' (Bharat Samachar) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह यहां वर्ष 2016 से कार्यरत थे और बतौर एंकर इंचार्ज अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इससे पहले शांतनु त्रिपाठी 'के न्यूज' (K News) में बतौर एंकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इनमें 18 भारतीय व चार पाकिस्तानी यूट्यूब न्यूज चैनल्स शामिल हैं। इनके अलावा तीन ट्विटर अकाउंट्स, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को भी ब्लॉक किया गया है। 'ईटीवी भारत' (ETV Bharat) में करीब चार साल लंबी पारी के बाद युवा पत्रकार नियामिका सिंह ने अब यहां से अलविदा कह दिया है। पत्रकार धनंजय कुमार ने 'ईटीवी भारत' में अपनी पारी को विराम दे दिया है। धनंजय कुमार ने अब इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 'कू' (Koo) के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। पशुपति शर्मा ने पिछले महीने ही 'न्यूज इंडिया' में मैनेजिंग एडिटर के पद से इस्तीफा दिया था। तभी से उनके नए पड़ाव को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। 'ईटीवी भारत' (ETV BHARAT) में करीब चार साल लंबी पारी के बाद युवा पत्रकार आकाश शर्मा ने यहां से अलविदा बोलकर अपने नए सफर की शुरुआत की है। करीब एक साल से वह 'न्यूज18' हिंदी (डिजिटल) में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। यह सच है कि भारत ने कभी अपने से अलग हुए देशों पर दोबारा क़ब्ज़ा नहीं करना चाहा और जो विवाद इन देशों के साथ हैं, वे आपस में मिल बैठकर सुलझाने पर ज़ोर दिया है। अदालत ने इस न्यूज पोर्टल के खिलाफ भारत बायोटेक द्वारा दायर 100 करोड़ रुपये की मानहानि के मामले में यह आदेश पारित किया है। मनी लॉन्ड्रिग मामले में जांच का सामना कर रहीं पत्रकार राणा अय्यूब (Rana Ayyub) को संयुक्त राष्ट्र-जिनेवा का समर्थन मिला है।
अमेरिका इन दिनों परेशान है। उसकी चौधराहट पर अब सीधे-सीधे सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने पिछले साल सितंबर में 'आजतक' को अलविदा कहकर सोशल मीडिया मैनेजर के तौर पर 'रिपब्लिक भारत' के साथ अपना सफर शुरू किया था। टीवी न्यूज एंकर अनुपमा झा को लेकर बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि उन्होंने 'रिपब्लिक भारत' को अलविदा कह दिया है। इस्लामिक सहयोग संगठन के सदस्य सत्तावन देश हैं। आश्चर्य है कि अभी तक सिर्फ सोलह देशों ने ही अपनी प्रतिक्रिया दी है। 'न्यूजअट्ठारह इंडिया' के मैनेजिंग एडिटर और सीनियर एंकर अमिश देवगन ने एक शो में गीतकार, लेखक और कवि मनोज मुंतशिर से 'भारत की विरासत' विषय पर चर्चा की। बाईस मई को दिल्ली के अशोक होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में 'पांचजन्य अटल बिहारी वाजपेयी पत्रकारिता पुरस्कार' रोहित सरदाना को दिया गया। उत्तर भारत और पूरब के दर्जन भर से अधिक प्रमुख शहरों में तमाम बड़े अखबारों में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वरिष्ठ पत्रकार गीतेश्वर प्रसाद सिंह ने अब दक्षिण भारत का रुख किया है। 'नाटो' नामक सैन्य संगठन में अब यूरोप के दो नए देश भी जुड़नेवाले हैं। ये हैं- फिनलैंड और स्वीडन। युवा पत्रकार राहुल सौमित्र ने 'भारत समाचार' में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह यहां वर्ष दो हज़ार सोलह से कार्यरत थे और बतौर एंकर इंचार्ज अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इससे पहले शांतनु त्रिपाठी 'के न्यूज' में बतौर एंकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इनमें अट्ठारह भारतीय व चार पाकिस्तानी यूट्यूब न्यूज चैनल्स शामिल हैं। इनके अलावा तीन ट्विटर अकाउंट्स, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को भी ब्लॉक किया गया है। 'ईटीवी भारत' में करीब चार साल लंबी पारी के बाद युवा पत्रकार नियामिका सिंह ने अब यहां से अलविदा कह दिया है। पत्रकार धनंजय कुमार ने 'ईटीवी भारत' में अपनी पारी को विराम दे दिया है। धनंजय कुमार ने अब इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 'कू' के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। पशुपति शर्मा ने पिछले महीने ही 'न्यूज इंडिया' में मैनेजिंग एडिटर के पद से इस्तीफा दिया था। तभी से उनके नए पड़ाव को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। 'ईटीवी भारत' में करीब चार साल लंबी पारी के बाद युवा पत्रकार आकाश शर्मा ने यहां से अलविदा बोलकर अपने नए सफर की शुरुआत की है। करीब एक साल से वह 'न्यूजअट्ठारह' हिंदी में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। यह सच है कि भारत ने कभी अपने से अलग हुए देशों पर दोबारा क़ब्ज़ा नहीं करना चाहा और जो विवाद इन देशों के साथ हैं, वे आपस में मिल बैठकर सुलझाने पर ज़ोर दिया है। अदालत ने इस न्यूज पोर्टल के खिलाफ भारत बायोटेक द्वारा दायर एक सौ करोड़ रुपये की मानहानि के मामले में यह आदेश पारित किया है। मनी लॉन्ड्रिग मामले में जांच का सामना कर रहीं पत्रकार राणा अय्यूब को संयुक्त राष्ट्र-जिनेवा का समर्थन मिला है।
भोपालः आज महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस की जयंती है। आप सभी जानते ही होंगे कि आज ही के दिन रासबिहारी बोस का जन्म बंगाल में बर्धमान जिले में हुआ था। ऐसे में आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रास बिहारी बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से उन्हें नमन किया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा है- "मां भारती के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी, रास बिहारी बोस की जयंती पर कोटिश नमन किया, आपका संघर्षशील और गौरवपूर्ण जीवन सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा एवं उत्थान के लिए प्रेरित करता रहेगा। स्वतंत्रता संग्राम में आपके अप्रतिम योगदान के लिए देश का कण-कण ऋणी रहेगा। " आपका संघर्षशील और गौरवपूर्ण जीवन सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा एवं उत्थान के लिए प्रेरित करता रहेगा। इसी के साथ उन्होंने आगे लिखा है- "प्रसिद्ध वकील, शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी रास बिहारी बोस जी की जयंती पर उन्हें नमन करता हूं, आजाद हिन्द फौज के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले रास बिहारी बोस का आजादी की लड़ाई में अहम योगदान रहा है। " उनके अलावा प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी ट्वीट किया है और बिहारी बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया है। नरोत्तम मिश्रा ने अपने ट्वीट में लिखा है- "आज़ाद हिन्द फ़ौज के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी एवं महान शिक्षाविद रासबिहारी बोस जी की जयंती पर सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। विदेशों में क्रांतिकारी शक्तियों को संगठित कर आजादी की अलख जगाने में उनका अहम योगदान हमेशा याद किया जाएगा। " आप सभी को हम यह भी बता दें कि रास बिहारी बोस का जन्म 25 मई, 1886 को बंगाल के वर्धमान जिले के सुभलदा गांव में हुआ था। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, गदर आंदोलन और आजाद हिंद फौज के गठन में अहम भूमिका निभाई। वह देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे, और उन्होंने आजाद हिंद फौज के गठन में भी अहम भूमिका निभाई थी।
भोपालः आज महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस की जयंती है। आप सभी जानते ही होंगे कि आज ही के दिन रासबिहारी बोस का जन्म बंगाल में बर्धमान जिले में हुआ था। ऐसे में आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रास बिहारी बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से उन्हें नमन किया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा है- "मां भारती के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी, रास बिहारी बोस की जयंती पर कोटिश नमन किया, आपका संघर्षशील और गौरवपूर्ण जीवन सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा एवं उत्थान के लिए प्रेरित करता रहेगा। स्वतंत्रता संग्राम में आपके अप्रतिम योगदान के लिए देश का कण-कण ऋणी रहेगा। " आपका संघर्षशील और गौरवपूर्ण जीवन सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा एवं उत्थान के लिए प्रेरित करता रहेगा। इसी के साथ उन्होंने आगे लिखा है- "प्रसिद्ध वकील, शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी रास बिहारी बोस जी की जयंती पर उन्हें नमन करता हूं, आजाद हिन्द फौज के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले रास बिहारी बोस का आजादी की लड़ाई में अहम योगदान रहा है। " उनके अलावा प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी ट्वीट किया है और बिहारी बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया है। नरोत्तम मिश्रा ने अपने ट्वीट में लिखा है- "आज़ाद हिन्द फ़ौज के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी एवं महान शिक्षाविद रासबिहारी बोस जी की जयंती पर सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। विदेशों में क्रांतिकारी शक्तियों को संगठित कर आजादी की अलख जगाने में उनका अहम योगदान हमेशा याद किया जाएगा। " आप सभी को हम यह भी बता दें कि रास बिहारी बोस का जन्म पच्चीस मई, एक हज़ार आठ सौ छियासी को बंगाल के वर्धमान जिले के सुभलदा गांव में हुआ था। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, गदर आंदोलन और आजाद हिंद फौज के गठन में अहम भूमिका निभाई। वह देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे, और उन्होंने आजाद हिंद फौज के गठन में भी अहम भूमिका निभाई थी।
बीते दो दिनों से हो रही बारिश ने यूपी में भारी तबाही मचाई है. मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में 10 व 11 अक्टूबर को 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे. इस संबंध में नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर समेत कई जिलों में आदेश जारी कर दिए गए हैं. बारिश के चलते यूपी के कई जिलों में मकान गिरने से मौतें भी हुई हैं. जानकारी के अनुसार, यूपी के कई जिलों में बारिश की वजह से बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है. कई जिलों में मकान व आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. इनमें 12 लोगों की मौत हो गई. कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. वहीं मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर सहित कई जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. नोएडा में डीएम सुहास एलवाई ने 10 अक्टूबर को भारी बारिश के अलर्ट की वजह से 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. इसके अलावा गाजियाबाद में भी आज 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश रहेगा. लखनऊ में बारिश के चलते कल सभी स्कूल बंद रहेंगे. डीएम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. इसके अलावा कानपुर में जिलाधिकारी विशाख ने 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों में 10 अक्टूबर को अवकाश घोषित किया है. इसके अलावा कानपुर देहात में जिला प्रशासन ने भारी बारिश व मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए 10 अक्टूबर 2022 को सरकारी, अर्धसरकारी व निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. वहीं एटा जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने 10 अक्टूबर को जिले के सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है. यहां बारिश के चलते लगातार तीन दिन से स्कूल बंद हैं. इसके अलावा पीलीभीत में 4 दिन से लगातार बारिश होने की वजह से 24 घंटे में दो अलग अलग जगहों पर दीवार गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई. वहीं बिजली गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई है. कई मकान ढह गए हैं. शहर में जलभराव होने से लोग परेशान हो रहे हैं. धान की फसलें भी डूब गई हैं. मुरादाबाद जिले में कल 10 अक्टूबर को 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे. इस संबंध में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है. जिलाधिकारी ने आदेश में कहा है कि जो भी कर्मी निर्वाचन ड्यूटी में बीएलओ कार्य में लगे हैं, वह अपने कार्य जारी रखेंगे. संभल में नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूल 10 अक्टूबर को बंद रहेंगे, BSA ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए अवकाश रखने के आदेश दिए हैं. फिरोजाबाद में बारिश के चलते जिला अधिकारी ने 10 व 11 अक्टूबर को जिले के सभी विद्यालय बंद रखने के आदेश दिए हैं. वहीं बिजनोर में डीएम ने 10 अक्टूबर को कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. फर्रुखाबाद में बारिश के चलते 1 से 8वीं क्लास तक के सभी स्कूलों में 10 अक्टूबर को अवकाश घोषित किया है. मेरठ में भी कल स्कूलों में छुट्टी रहेगी. डीएम दीपक मीणा ने इस संबंध में आदेश दिए हैं. बागपत के जिलाधिकारी राज कमल यादव ने खराब मौसम के कारण 12वीं तक के सभी विद्यालयों को कल बंद रखने का आदेश दिया है. अलीगढ़ में अभी 2 दिन और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने स्कूलों की छुट्टी अगले 2 दिन तक 10 और 11 तारीख तक कर दी है. उत्तर प्रदेश में बारिश के कहर के बीच कई जिलों में मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं का शिकार होकर 12 लोगों की मौत हो गई है, कई लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बुलंदशहर में दो मकान व दीवार गिरने से एक की मौत हो गई. वहीं 10 घायल हो गए हैं. पीलीभीत में दीवार गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई. वहीं एक परिवार के छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. बिजली गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई. इटावा में में 72 वर्षीय मूला देवी की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई. औरैया में 2 दिन से हो रही बारिश से एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से एक महिला मौत हो गई. वहीं 3 लोग घायल हो गए. मेरठ में एक कार नाले में गिर गई. वहीं बाढ़ ने बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच के 600 से ज़्यादा गांवों को चपेट में ले लिया है. बलरामपुर में 300 से ज़्यादा गांव बाढ़ में डूब गए हैं. श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी के कहर से पानी में डूबकर 4 लोगों की मौत हो गई है.
बीते दो दिनों से हो रही बारिश ने यूपी में भारी तबाही मचाई है. मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में दस व ग्यारह अक्टूबर को बारहवीं तक के स्कूल बंद रहेंगे. इस संबंध में नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर समेत कई जिलों में आदेश जारी कर दिए गए हैं. बारिश के चलते यूपी के कई जिलों में मकान गिरने से मौतें भी हुई हैं. जानकारी के अनुसार, यूपी के कई जिलों में बारिश की वजह से बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है. कई जिलों में मकान व आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. इनमें बारह लोगों की मौत हो गई. कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. वहीं मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर सहित कई जिलों में कक्षा एक से बारहवीं तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. नोएडा में डीएम सुहास एलवाई ने दस अक्टूबर को भारी बारिश के अलर्ट की वजह से बारहवीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. इसके अलावा गाजियाबाद में भी आज बारहवीं तक के स्कूलों में अवकाश रहेगा. लखनऊ में बारिश के चलते कल सभी स्कूल बंद रहेंगे. डीएम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. इसके अलावा कानपुर में जिलाधिकारी विशाख ने बारहवीं तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों में दस अक्टूबर को अवकाश घोषित किया है. इसके अलावा कानपुर देहात में जिला प्रशासन ने भारी बारिश व मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए दस अक्टूबर दो हज़ार बाईस को सरकारी, अर्धसरकारी व निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. वहीं एटा जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने दस अक्टूबर को जिले के सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है. यहां बारिश के चलते लगातार तीन दिन से स्कूल बंद हैं. इसके अलावा पीलीभीत में चार दिन से लगातार बारिश होने की वजह से चौबीस घंटाटे में दो अलग अलग जगहों पर दीवार गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई. वहीं बिजली गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई है. कई मकान ढह गए हैं. शहर में जलभराव होने से लोग परेशान हो रहे हैं. धान की फसलें भी डूब गई हैं. मुरादाबाद जिले में कल दस अक्टूबर को बारहवीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे. इस संबंध में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है. जिलाधिकारी ने आदेश में कहा है कि जो भी कर्मी निर्वाचन ड्यूटी में बीएलओ कार्य में लगे हैं, वह अपने कार्य जारी रखेंगे. संभल में नर्सरी से लेकर बारहवीं तक के स्कूल दस अक्टूबर को बंद रहेंगे, BSA ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए अवकाश रखने के आदेश दिए हैं. फिरोजाबाद में बारिश के चलते जिला अधिकारी ने दस व ग्यारह अक्टूबर को जिले के सभी विद्यालय बंद रखने के आदेश दिए हैं. वहीं बिजनोर में डीएम ने दस अक्टूबर को कक्षा एक से आठवीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. फर्रुखाबाद में बारिश के चलते एक से आठवीं क्लास तक के सभी स्कूलों में दस अक्टूबर को अवकाश घोषित किया है. मेरठ में भी कल स्कूलों में छुट्टी रहेगी. डीएम दीपक मीणा ने इस संबंध में आदेश दिए हैं. बागपत के जिलाधिकारी राज कमल यादव ने खराब मौसम के कारण बारहवीं तक के सभी विद्यालयों को कल बंद रखने का आदेश दिया है. अलीगढ़ में अभी दो दिन और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने स्कूलों की छुट्टी अगले दो दिन तक दस और ग्यारह तारीख तक कर दी है. उत्तर प्रदेश में बारिश के कहर के बीच कई जिलों में मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं का शिकार होकर बारह लोगों की मौत हो गई है, कई लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बुलंदशहर में दो मकान व दीवार गिरने से एक की मौत हो गई. वहीं दस घायल हो गए हैं. पीलीभीत में दीवार गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई. वहीं एक परिवार के छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. बिजली गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई. इटावा में में बहत्तर वर्षीय मूला देवी की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई. औरैया में दो दिन से हो रही बारिश से एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से एक महिला मौत हो गई. वहीं तीन लोग घायल हो गए. मेरठ में एक कार नाले में गिर गई. वहीं बाढ़ ने बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच के छः सौ से ज़्यादा गांवों को चपेट में ले लिया है. बलरामपुर में तीन सौ से ज़्यादा गांव बाढ़ में डूब गए हैं. श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी के कहर से पानी में डूबकर चार लोगों की मौत हो गई है.
छत्तीसगढ़ सरकार दवा कंपनी सिप्ला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के विकल्प पर विचार कर रही है। कंपनी राज्य सरकार के कांट्रैक्ट के मुताबिक कोविड-19 की दवा की आपूर्ति नहीं कर रही है। इसकी वजह से सरकार को इस दवा की भारी किल्लत के कारण अन्य दवा कंपनी से दोगुने से ज्यादा दाम पर दवा खरीदनी पड़ रही है। दवा की गंभीर कमी का सामना कर रहे छत्तीसगढ़ ने शुक्रवार की रात माइलन को 90,000 इंजेक्शन के ळिए 14. 11 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया था। ऑर्डर के मुताबिक 2000 इंजेक्शन की आपूर्ति 2 दिन के भीतर करनी है और एक सप्ताह के भीतर 28,000 खुराक की आपूर्ति करनी है, जिससे एक सप्ताह में 30,000 इंजेक्शन मिल जाएंगे। सिप्ला कंपनी के साथ 5000 इंजेक्शन के लिए 3 अप्रैल को समझौता हुआ था, जो 3 मई तक कंपनी को देना था। इसमें राज्य की जरूरत के मुताबिक आपूर्ति बढ़ाए जाने का भी प्रावधान था, जिसकी आपूर्ति कंपनी को पहले से तय भाव पर करनी है। सिंहदेव ने कहा, 'उन्होंने अब तक 4,500 खुराक की आपूर्ति की है और आपूर्ति बढ़ाए जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। इस समझौते में इसका प्रावधान है। हमने बहुत ज्यादा दाम पर माइलन से दवा खरीदने के लिए समझौता किया है। ' उन्होंने कहा कि कान्ट्रैक्ट दरों का संकेतक था, न कि मात्रा का। रेमडेसिविर उन दवाओं में से एक है, जिसका इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती सार्स सीओवी-2 वायरस के वयस्क मरीजों के उपचार में हो रहा है। अप्रैल से कोविड के मामले बढऩे के साथ रेमडेसिविर की कमी होने लगी। पिछले सप्ताह इस दवा के सभी बड़े उत्पादकों ने इसकी कीमत मेंं कटौती की है, जिसमें सबसे कम दाम पर कैडिला 899 रुपये प्रति इंजेक्शन के भाव यह दवा बेच रही है, जबकि पहले उसकी कीमत 2,400 रुपये प्रति खुराक थी। सिप्ला ने कीमत 4,000 रुपये प्रति खुराक से घटाकर 3,000 रुपये प्रति खुराक कर दी है।
छत्तीसगढ़ सरकार दवा कंपनी सिप्ला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के विकल्प पर विचार कर रही है। कंपनी राज्य सरकार के कांट्रैक्ट के मुताबिक कोविड-उन्नीस की दवा की आपूर्ति नहीं कर रही है। इसकी वजह से सरकार को इस दवा की भारी किल्लत के कारण अन्य दवा कंपनी से दोगुने से ज्यादा दाम पर दवा खरीदनी पड़ रही है। दवा की गंभीर कमी का सामना कर रहे छत्तीसगढ़ ने शुक्रवार की रात माइलन को नब्बे,शून्य इंजेक्शन के ळिए चौदह. ग्यारह करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया था। ऑर्डर के मुताबिक दो हज़ार इंजेक्शन की आपूर्ति दो दिन के भीतर करनी है और एक सप्ताह के भीतर अट्ठाईस,शून्य खुराक की आपूर्ति करनी है, जिससे एक सप्ताह में तीस,शून्य इंजेक्शन मिल जाएंगे। सिप्ला कंपनी के साथ पाँच हज़ार इंजेक्शन के लिए तीन अप्रैल को समझौता हुआ था, जो तीन मई तक कंपनी को देना था। इसमें राज्य की जरूरत के मुताबिक आपूर्ति बढ़ाए जाने का भी प्रावधान था, जिसकी आपूर्ति कंपनी को पहले से तय भाव पर करनी है। सिंहदेव ने कहा, 'उन्होंने अब तक चार,पाँच सौ खुराक की आपूर्ति की है और आपूर्ति बढ़ाए जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। इस समझौते में इसका प्रावधान है। हमने बहुत ज्यादा दाम पर माइलन से दवा खरीदने के लिए समझौता किया है। ' उन्होंने कहा कि कान्ट्रैक्ट दरों का संकेतक था, न कि मात्रा का। रेमडेसिविर उन दवाओं में से एक है, जिसका इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती सार्स सीओवी-दो वायरस के वयस्क मरीजों के उपचार में हो रहा है। अप्रैल से कोविड के मामले बढऩे के साथ रेमडेसिविर की कमी होने लगी। पिछले सप्ताह इस दवा के सभी बड़े उत्पादकों ने इसकी कीमत मेंं कटौती की है, जिसमें सबसे कम दाम पर कैडिला आठ सौ निन्यानवे रुपयापये प्रति इंजेक्शन के भाव यह दवा बेच रही है, जबकि पहले उसकी कीमत दो,चार सौ रुपयापये प्रति खुराक थी। सिप्ला ने कीमत चार,शून्य रुपयापये प्रति खुराक से घटाकर तीन,शून्य रुपयापये प्रति खुराक कर दी है।
हिमाचल दस्तक कार्य सलाहकार समिति की बैठक शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सत्र आरंभ होने से पूर्व कार्य सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए। बैठक में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, समिति सदस्य विपिन सिंह परमार, राकेश जम्वाल, संजय रत्न, केएल ठाकुर तथा इंद्रदत्त लखनपाल मौजूद रहे। बैठक सप्ताह भर चलने वाली कार्यवाही को निर्धारित करने पर आधारित थी। । हिमाचल दस्तक
हिमाचल दस्तक कार्य सलाहकार समिति की बैठक शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सत्र आरंभ होने से पूर्व कार्य सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए। बैठक में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, समिति सदस्य विपिन सिंह परमार, राकेश जम्वाल, संजय रत्न, केएल ठाकुर तथा इंद्रदत्त लखनपाल मौजूद रहे। बैठक सप्ताह भर चलने वाली कार्यवाही को निर्धारित करने पर आधारित थी। । हिमाचल दस्तक
बिहार के भागलपुर जिले में बन रहा एक पुल मौसम की मार नहीं झेल सका और आंधी-तूफान में ढह गया. भागलपुर के सुल्तानगंज में बीती रात आंधी के कारण निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया. सुल्तानगंज से जदयू विधायक ललित नारायण मंडल ने कहा, "मुख्यमंत्री को सूचित कर दिया है. मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी. दोषी को बचने नहीं दिया जाएगा. गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं किया गया. " (SocialLY के साथ पाएं लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज, वायरल ट्रेंड और सोशल मीडिया की दुनिया से जुड़ी सभी खबरें. यहां आपको ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल होने वाले हर कंटेंट की सीधी जानकारी मिलेगी. ऊपर दिखाया गया पोस्ट अनएडिटेड कंटेंट है, जिसे सीधे सोशल मीडिया यूजर्स के अकाउंट से लिया गया है. लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है. सोशल मीडिया पोस्ट लेटेस्टली के विचारों और भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, हम इस पोस्ट में मौजूद किसी भी कंटेंट के लिए कोई जिम्मेदारी या दायित्व स्वीकार नहीं करते हैं. )
बिहार के भागलपुर जिले में बन रहा एक पुल मौसम की मार नहीं झेल सका और आंधी-तूफान में ढह गया. भागलपुर के सुल्तानगंज में बीती रात आंधी के कारण निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया. सुल्तानगंज से जदयू विधायक ललित नारायण मंडल ने कहा, "मुख्यमंत्री को सूचित कर दिया है. मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी. दोषी को बचने नहीं दिया जाएगा. गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं किया गया. "
वेलिंगटनः एलिस पैरी, ताहिला मैकग्रा और एशले गार्डनर के हरफनमौला प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को मेजबान न्यूजीलैंड को 141 रन से रौंदकर आईसीसी महिला वनडे विश्व कप लगातार तीसरी जीत दर्ज की। पैरी (86 गेंद में 68 रन) और मैकग्रा (56 गेंद में 57 रन) ने शानदार अर्धशतक जड़े जिसके बाद गार्डनर ने 18 गेंद में 48 रन की तेज तर्रार पारी खेली जिससे ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद आठ विकेट पर 269 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। इस लक्ष्य का बचाव करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने एकजुट गेंदबाजी प्रयास से ट्रांस तस्मानियाई प्रतिद्ंद्वी न्यूजीलैंड को 30. 2 ओवर में 128 रन के भीतर समेट दिया। डार्सी ब्राउन (22 रन देकर तीन विकेट) ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन किया जबकि अमांडा जेड वेलिंगटन (34 रन देकर दो विकेट), गार्डनर (15 रन देकर दो विकेट), पैरी (18 रन देकर एक विकेट), मैकग्रा (17 रन देकर एक विकेट) और मेगान शट (22 रन देकर एक विकेट) ने गेंदबाजी में दूसरे छोर पर अच्छा साथ निभाया। ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों में तीन जीत से छह अंक लेकर आठ टीम की तालिका में भारत को शीर्ष से हटा दिया। बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने के बाद रशेल हेन्स (30) और एलिसा हीली (15) ने 9. 5 ओवर में 37 रन की साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया को धीमी शुरूआत करायी। जल्द ही उसे दो झटके लगे जब हीली और कप्तान मेग लैनिंग (05) के विकेट गिरे। पैरी और बेथ मूनी (30) ने फिर चौथे विकेट के लिये 57 रन की भागीदारी निभायी। मूनी के आउट होने से यह साझेदारी टूटी। पैरी को फिर मैकग्रा का साथ मिला, दोनों ने 84 गेंद में 90 रन की भागीदारी कर ऑस्ट्रेलिया को 200 रन के पार कराया। पैरी ने अपनी पारी के दौरान एक छक्का और छह चौके जबकि मैकग्रा ने आठ चौके लगाये। इन दोनों के आउट होने के बाद गार्डनर ने तेजी से रन जुटाने की रणनीति से खेलते हुए चार चौके और इतने ही छक्के जड़कर ऑस्ट्रेलिया को 250 रन के पार कराया। न्यूजीलैंड के लिये ली ताहुहू (53 रन देकर तीन विकेट) ने तीन विकेट झटके। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजों ने फिर लक्ष्य का बचाव करते हुए लगातार अंतराल पर विकेट हासिल कर न्यूजीलैंड को कोई बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया। न्यूजीलैंड ने शुरूआत से ही विकेट गंवाना आरंभ कर दिया और उसकी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की पैनी गेंदबाजी का सामना नहीं कर सकीं। एमी सैटर्थवेट न्यूजीलैंड के लिये शीर्ष स्कोरर रहीं जिन्होंने 67 गेंद में 44 रन बनाये और उनके बाद पुछल्ले बल्लेबाज ताहुहू ने 25 गेंद में 23 रन बनाये। कैटे मार्टिन (19) और सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स (16) ही अन्य दो बल्लेबाज रहीं जो दोहरे अंक के स्कोर तक पहुंच सकी जिससे न्यूजीलैंड की टीम कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी।
वेलिंगटनः एलिस पैरी, ताहिला मैकग्रा और एशले गार्डनर के हरफनमौला प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को मेजबान न्यूजीलैंड को एक सौ इकतालीस रन से रौंदकर आईसीसी महिला वनडे विश्व कप लगातार तीसरी जीत दर्ज की। पैरी और मैकग्रा ने शानदार अर्धशतक जड़े जिसके बाद गार्डनर ने अट्ठारह गेंद में अड़तालीस रन की तेज तर्रार पारी खेली जिससे ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद आठ विकेट पर दो सौ उनहत्तर रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। इस लक्ष्य का बचाव करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने एकजुट गेंदबाजी प्रयास से ट्रांस तस्मानियाई प्रतिद्ंद्वी न्यूजीलैंड को तीस. दो ओवर में एक सौ अट्ठाईस रन के भीतर समेट दिया। डार्सी ब्राउन ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन किया जबकि अमांडा जेड वेलिंगटन , गार्डनर , पैरी , मैकग्रा और मेगान शट ने गेंदबाजी में दूसरे छोर पर अच्छा साथ निभाया। ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों में तीन जीत से छह अंक लेकर आठ टीम की तालिका में भारत को शीर्ष से हटा दिया। बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने के बाद रशेल हेन्स और एलिसा हीली ने नौ. पाँच ओवर में सैंतीस रन की साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया को धीमी शुरूआत करायी। जल्द ही उसे दो झटके लगे जब हीली और कप्तान मेग लैनिंग के विकेट गिरे। पैरी और बेथ मूनी ने फिर चौथे विकेट के लिये सत्तावन रन की भागीदारी निभायी। मूनी के आउट होने से यह साझेदारी टूटी। पैरी को फिर मैकग्रा का साथ मिला, दोनों ने चौरासी गेंद में नब्बे रन की भागीदारी कर ऑस्ट्रेलिया को दो सौ रन के पार कराया। पैरी ने अपनी पारी के दौरान एक छक्का और छह चौके जबकि मैकग्रा ने आठ चौके लगाये। इन दोनों के आउट होने के बाद गार्डनर ने तेजी से रन जुटाने की रणनीति से खेलते हुए चार चौके और इतने ही छक्के जड़कर ऑस्ट्रेलिया को दो सौ पचास रन के पार कराया। न्यूजीलैंड के लिये ली ताहुहू ने तीन विकेट झटके। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजों ने फिर लक्ष्य का बचाव करते हुए लगातार अंतराल पर विकेट हासिल कर न्यूजीलैंड को कोई बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया। न्यूजीलैंड ने शुरूआत से ही विकेट गंवाना आरंभ कर दिया और उसकी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की पैनी गेंदबाजी का सामना नहीं कर सकीं। एमी सैटर्थवेट न्यूजीलैंड के लिये शीर्ष स्कोरर रहीं जिन्होंने सरसठ गेंद में चौंतालीस रन बनाये और उनके बाद पुछल्ले बल्लेबाज ताहुहू ने पच्चीस गेंद में तेईस रन बनाये। कैटे मार्टिन और सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स ही अन्य दो बल्लेबाज रहीं जो दोहरे अंक के स्कोर तक पहुंच सकी जिससे न्यूजीलैंड की टीम कोई चुनौती पेश नहीं कर सकी।
रवींद्र जडेजा ने आखिरी गेंद पर चौका जड़ चेन्नई को यादगार जीत दिलाई. नई दिल्ली. रवींद्र जडेजा की आखिरी गेंद पर चौके के दम पर चेन्नई सुपरकिंग्स ने फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर 5वीं बार आईपीएल खिताब अपने नाम कर लिया है. वर्षा से बाधित मुकाबले में सीएसके को 15 ओवर में 171 रन का संशोधित लक्ष्य मिला था. उसने 15 ओवर में 5 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया. गुजरात ने पहले बैटिंग करते हुए 4 विकेट पर 214 रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की पारी के पहले ओवर की तीसरी गेंद के बाद फिर बारिश शुरू हो गई जिसमें काफी समय जाया हुआ. देर रात 12:10 में मुकाबले को 15 ओवर का कर दिया गया और सीएसके को संशोधित लक्ष्य दिया गया. बारिश से पहले सीएसके ने 4 रन बनाए थे. सीएसके को ऋतुराज गायकवाड़ और डेवोन कॉनवे की ओपनिंग जोड़ी ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की. ऋतुराज को नूर अहमद की गेंद पर राशिद खान ने कैच किया. गायकवाड़ 16 गेंदों पर 26 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद डेवोन कॉनवे भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं ठहर सके और नूर अहमद को विकेट थमाकर चलते बने. कॉनवे ने 25 गेंदों पर 47 रन बनाए. अजिंक्य रहाणे 27 रन बनाकर आउट हुए वहीं अंबाती रायुडू ने 19 रन का योगदान दिया . धोनी कुछ खास कमाल नहीं कर सके और पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए. उन्हें मोहित शर्मा ने मिलर के हाथों कैच कराया. शिवम दुबे 32 और रवींद्र जडेजा 19 रन बनाकर नाबाद लौटे. गुजरात की ओर से मोहित शर्मा ने 3 जबकि नूर अहमद ने 2 विकेट चटकाए. इससे पहले साई सुदर्शन के 47 गेंद में 96 रन की मदद से गुजरात टाइटंस ने 4 विकेट पर 214 रन बनाए. सुदर्शन ने अपनी पारी में 8 चौके और 6 छक्के लगाए. उन्होंने महत्वपूर्ण साझेदारियां निभाकर गुजरात को विशाल स्कोर दिया. इससे पहले शुभमन गिल 20 गेंद में 39 और रिधिमान साहा अर्धशतक बनाकर आउट हुए. दूसरे ही ओवर में गिल ने तुषार देशपांडे की गेंद पर लेग साइड में शॉट खेला लेकिन शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े दीपक चाहर ने कैच टपका दिया. गिल हालांकि मुंबई इंडियंस के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में किये गए प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. दूसरे छोर से साहा ने तीसरे ओवर में 16 रन निकालकर चेन्नई पर दबाव बनाया. इसके बाद गिल ने देशपांडे को लगातार तीन चौके लगाए जबकि साहा का रिटर्न कैच चाहर ने छोड़ा. पावरप्ले के बाद गुजरात का स्कोर बिना किसी नुकसान के 62 रन था. सातवें ओवर में हालांकि महेंद्र सिंह धोनी ने कुशल स्टम्पिंग का नमूना पेश करते हुए गिल को पवेलियन भेजा जबकि गेंदबाज रवींद्र जडेजा थे. गिल ने इस सीजन में 17 मैचों में 59 . 33 की औसत और 157 . 80 के स्ट्राइक रेट से 890 रन बनाए जो आईपीएल के इतिहास में किसी बल्लेबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. साहा ने इस आईपीएल में अपना दूसरा अर्धशतक 13वें ओवर में पूरा किया. उनके और साई सुदर्शन के बीच 64 रन की साझेदारी 14वें ओवर में खत्म हुई जब चाहर ने उन्हें धोनी के हाथों लपकवाया. साहा ने 39 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 54 रन बनाए. इस सत्र में गुजरात के लिये सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज सुदर्शन ने अपना तीसरा अर्धशतक मथीषा पथिराना को लगातार चौके लगाकर पूरा किया. उन्होंने तीक्षणा को दो छक्के लगाए जबकि देशपांडे को तीन चौके और एक छक्का जड़ा. आखिरी ओवर में पथिराना ने सुदर्शन को एलबीडब्ल्यू आउट करके शतक से वंचित कर दिया. हार्दिक पंड्या ने 12 गेंद में नाबाद 21 रन बनाए. .
रवींद्र जडेजा ने आखिरी गेंद पर चौका जड़ चेन्नई को यादगार जीत दिलाई. नई दिल्ली. रवींद्र जडेजा की आखिरी गेंद पर चौके के दम पर चेन्नई सुपरकिंग्स ने फाइनल में गुजरात टाइटंस को पाँच विकेट से हराकर पाँचवीं बार आईपीएल खिताब अपने नाम कर लिया है. वर्षा से बाधित मुकाबले में सीएसके को पंद्रह ओवर में एक सौ इकहत्तर रन का संशोधित लक्ष्य मिला था. उसने पंद्रह ओवर में पाँच विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया. गुजरात ने पहले बैटिंग करते हुए चार विकेट पर दो सौ चौदह रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की पारी के पहले ओवर की तीसरी गेंद के बाद फिर बारिश शुरू हो गई जिसमें काफी समय जाया हुआ. देर रात बारह:दस में मुकाबले को पंद्रह ओवर का कर दिया गया और सीएसके को संशोधित लक्ष्य दिया गया. बारिश से पहले सीएसके ने चार रन बनाए थे. सीएसके को ऋतुराज गायकवाड़ और डेवोन कॉनवे की ओपनिंग जोड़ी ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए चौहत्तर रन की साझेदारी की. ऋतुराज को नूर अहमद की गेंद पर राशिद खान ने कैच किया. गायकवाड़ सोलह गेंदों पर छब्बीस रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद डेवोन कॉनवे भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं ठहर सके और नूर अहमद को विकेट थमाकर चलते बने. कॉनवे ने पच्चीस गेंदों पर सैंतालीस रन बनाए. अजिंक्य रहाणे सत्ताईस रन बनाकर आउट हुए वहीं अंबाती रायुडू ने उन्नीस रन का योगदान दिया . धोनी कुछ खास कमाल नहीं कर सके और पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए. उन्हें मोहित शर्मा ने मिलर के हाथों कैच कराया. शिवम दुबे बत्तीस और रवींद्र जडेजा उन्नीस रन बनाकर नाबाद लौटे. गुजरात की ओर से मोहित शर्मा ने तीन जबकि नूर अहमद ने दो विकेट चटकाए. इससे पहले साई सुदर्शन के सैंतालीस गेंद में छियानवे रन की मदद से गुजरात टाइटंस ने चार विकेट पर दो सौ चौदह रन बनाए. सुदर्शन ने अपनी पारी में आठ चौके और छः छक्के लगाए. उन्होंने महत्वपूर्ण साझेदारियां निभाकर गुजरात को विशाल स्कोर दिया. इससे पहले शुभमन गिल बीस गेंद में उनतालीस और रिधिमान साहा अर्धशतक बनाकर आउट हुए. दूसरे ही ओवर में गिल ने तुषार देशपांडे की गेंद पर लेग साइड में शॉट खेला लेकिन शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े दीपक चाहर ने कैच टपका दिया. गिल हालांकि मुंबई इंडियंस के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में किये गए प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. दूसरे छोर से साहा ने तीसरे ओवर में सोलह रन निकालकर चेन्नई पर दबाव बनाया. इसके बाद गिल ने देशपांडे को लगातार तीन चौके लगाए जबकि साहा का रिटर्न कैच चाहर ने छोड़ा. पावरप्ले के बाद गुजरात का स्कोर बिना किसी नुकसान के बासठ रन था. सातवें ओवर में हालांकि महेंद्र सिंह धोनी ने कुशल स्टम्पिंग का नमूना पेश करते हुए गिल को पवेलियन भेजा जबकि गेंदबाज रवींद्र जडेजा थे. गिल ने इस सीजन में सत्रह मैचों में उनसठ . तैंतीस की औसत और एक सौ सत्तावन . अस्सी के स्ट्राइक रेट से आठ सौ नब्बे रन बनाए जो आईपीएल के इतिहास में किसी बल्लेबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. साहा ने इस आईपीएल में अपना दूसरा अर्धशतक तेरहवें ओवर में पूरा किया. उनके और साई सुदर्शन के बीच चौंसठ रन की साझेदारी चौदहवें ओवर में खत्म हुई जब चाहर ने उन्हें धोनी के हाथों लपकवाया. साहा ने उनतालीस गेंद में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से चौवन रन बनाए. इस सत्र में गुजरात के लिये सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज सुदर्शन ने अपना तीसरा अर्धशतक मथीषा पथिराना को लगातार चौके लगाकर पूरा किया. उन्होंने तीक्षणा को दो छक्के लगाए जबकि देशपांडे को तीन चौके और एक छक्का जड़ा. आखिरी ओवर में पथिराना ने सुदर्शन को एलबीडब्ल्यू आउट करके शतक से वंचित कर दिया. हार्दिक पंड्या ने बारह गेंद में नाबाद इक्कीस रन बनाए. .
महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) के बाहर भाजपा विधायकों (BJP MLA's) का प्रदर्शन आज भी जारी है। बता दें कि दाऊद इब्राहिम मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Dawood Ibrahim money laundering case) में राज्य के मंत्री नवाब मलिक ( Nawab Malik) के इस्तीफे की मांग को लेकर बीजेपी विधायक धरने पर बैठे हुए हैं। महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत को पीएमएलए की एक विशेष अदालत ने 4 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। हालांकि, विशेष अदालत की ओर से उनके लिए बिस्तर, गद्दा और कुर्सी प्रदान करने की उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है। ज्ञात हो कि 62 वर्षीय राकांपा नेता नवाब मलिक को 23 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने माफिया डान दाऊद इब्राहिम कास्कर से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। हिरासत में रहने के बाद मलिक ने ईडी मामले को रद करने की याचिका दायर करते हुए बांबे हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत में उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मलिक को उनके विभागों और दो जिलों के संरक्षक मंत्री पद से मुक्त करने का फैसला किया, जो अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा अन्य कैबिनेट सहयोगियों को आवंटित किए जाएंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में राकांपा ने पार्टी नेता और कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के विभागों का बंटवारा पार्टी के दूसरे मंत्रियों के बीच करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में मनी लांड्रिंग के एक मामले में नवाब मलिक न्यायिक हिरासत में हैं। विभाग बंटवारे के बाद शिवसेना की अगुआई वाली महा विकास अघाडी सरकार में मलिक के पास कोई विभाग नहीं रह जाएगा। राकांपा ने मलिक से इस्तीफा नहीं मांगने का निर्णय लिया है, जबकि विपक्षी भाजपा ने उनसे इस्तीफा लेने की मांग की है।
महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों का प्रदर्शन आज भी जारी है। बता दें कि दाऊद इब्राहिम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राज्य के मंत्री नवाब मलिक के इस्तीफे की मांग को लेकर बीजेपी विधायक धरने पर बैठे हुए हैं। महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत को पीएमएलए की एक विशेष अदालत ने चार अप्रैल तक बढ़ा दिया है। हालांकि, विशेष अदालत की ओर से उनके लिए बिस्तर, गद्दा और कुर्सी प्रदान करने की उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है। ज्ञात हो कि बासठ वर्षीय राकांपा नेता नवाब मलिक को तेईस फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय ने माफिया डान दाऊद इब्राहिम कास्कर से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। हिरासत में रहने के बाद मलिक ने ईडी मामले को रद करने की याचिका दायर करते हुए बांबे हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत में उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मलिक को उनके विभागों और दो जिलों के संरक्षक मंत्री पद से मुक्त करने का फैसला किया, जो अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा अन्य कैबिनेट सहयोगियों को आवंटित किए जाएंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में राकांपा ने पार्टी नेता और कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के विभागों का बंटवारा पार्टी के दूसरे मंत्रियों के बीच करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में मनी लांड्रिंग के एक मामले में नवाब मलिक न्यायिक हिरासत में हैं। विभाग बंटवारे के बाद शिवसेना की अगुआई वाली महा विकास अघाडी सरकार में मलिक के पास कोई विभाग नहीं रह जाएगा। राकांपा ने मलिक से इस्तीफा नहीं मांगने का निर्णय लिया है, जबकि विपक्षी भाजपा ने उनसे इस्तीफा लेने की मांग की है।
पसनौली गांव निवासी दीनानाथ कमकर के 25 वर्षीय पुत्र रंजीत प्रसाद की बेंगलुरु में मौत हो गई। इसके बाद से उसकी पत्नी संजू देवी, पिता दीनानाथ और पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि वह वहां राजमिस्त्री था। शनिवार की रात्रि करीब 10 बजे काम से लौट कर घर आया था। उसने घर पर अपनी पत्नी को फोन कर बीमार पिता का हालचाल पूछा। उसने कहा कि अब खाना खाकर सो जायेंगे। रविवार की सुबह पत्नी ने फोन किया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। उसने फिर दोपहर में फोन किया, तभी फोन नहीं उठाया गया तो पत्नी को चिंता सताने लगी। बेंगलुरु में रह रहे रिश्तेदारों को फोन कर स्थिति बतायी। रिश्तेदार जब उसके घर पहुंचे तो देखा कि क्वार्टर अंदर से बंद है। दरवाजा पीटने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को फोन किया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो उसका शव पड़ा था। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
पसनौली गांव निवासी दीनानाथ कमकर के पच्चीस वर्षीय पुत्र रंजीत प्रसाद की बेंगलुरु में मौत हो गई। इसके बाद से उसकी पत्नी संजू देवी, पिता दीनानाथ और पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि वह वहां राजमिस्त्री था। शनिवार की रात्रि करीब दस बजे काम से लौट कर घर आया था। उसने घर पर अपनी पत्नी को फोन कर बीमार पिता का हालचाल पूछा। उसने कहा कि अब खाना खाकर सो जायेंगे। रविवार की सुबह पत्नी ने फोन किया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। उसने फिर दोपहर में फोन किया, तभी फोन नहीं उठाया गया तो पत्नी को चिंता सताने लगी। बेंगलुरु में रह रहे रिश्तेदारों को फोन कर स्थिति बतायी। रिश्तेदार जब उसके घर पहुंचे तो देखा कि क्वार्टर अंदर से बंद है। दरवाजा पीटने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को फोन किया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो उसका शव पड़ा था। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
यह फैसला पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए करारा झटका है, जो इस पूरे मामले को केंद्र की साजिश बता रही हैं। नई दिल्ली : सारदा चिट फंड घोटाले के मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने आज उन्हें गिरफ्तारी से दी गयी अंतरिम सुरक्षा को रद्द कर दिया है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि सीबीआई अपना काम कर सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 7 बाद लागू होगा। इस दौरान राजीव कुमार अपनी ओर से कानूनी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। यह फैसला पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए करारा झटका है, जो इस पूरे मामले को केंद्र की साजिश बता रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका आज का आदेश 7 दिन बाद से लागू होगा। तब तक पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की गिरफ़्तारी नहीं होगी। उसके बाद सीबीआई राजीव कुमार को गिरफ्तार कर सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इन 7 दिन की अवधि में कुमार चाहे तो अपने लिए जमानत की अर्जी कोर्ट में दायर कर सकते हैं। बता दें कि कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार पर करोड़ों रुपये के सारदा चिटफंड घोटाले के सबूतों को मिटाने का आरोप है। सीबीआई का आरोप है कि ताकतवर नेताओं को बचाने के लिए कुमार घोटाले से जुड़े सबूतों को मिटाने की कोशिश की थी। सीबीआई ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर राजीव कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की अनुमति मांगी थी।
यह फैसला पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए करारा झटका है, जो इस पूरे मामले को केंद्र की साजिश बता रही हैं। नई दिल्ली : सारदा चिट फंड घोटाले के मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने आज उन्हें गिरफ्तारी से दी गयी अंतरिम सुरक्षा को रद्द कर दिया है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि सीबीआई अपना काम कर सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सात बाद लागू होगा। इस दौरान राजीव कुमार अपनी ओर से कानूनी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। यह फैसला पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए करारा झटका है, जो इस पूरे मामले को केंद्र की साजिश बता रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका आज का आदेश सात दिन बाद से लागू होगा। तब तक पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की गिरफ़्तारी नहीं होगी। उसके बाद सीबीआई राजीव कुमार को गिरफ्तार कर सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इन सात दिन की अवधि में कुमार चाहे तो अपने लिए जमानत की अर्जी कोर्ट में दायर कर सकते हैं। बता दें कि कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार पर करोड़ों रुपये के सारदा चिटफंड घोटाले के सबूतों को मिटाने का आरोप है। सीबीआई का आरोप है कि ताकतवर नेताओं को बचाने के लिए कुमार घोटाले से जुड़े सबूतों को मिटाने की कोशिश की थी। सीबीआई ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर राजीव कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की अनुमति मांगी थी।
Amrapali Dubey and Nirahua Song: दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे की जोड़ी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सुपरहिट जोड़ी में से एक है. इन दोनों ने जब भी एक साथ स्क्रीन शेयर की है तो फैंस का दिल दहल जाता है। फिल्म की कहानी हो या म्यूजिक वीडियो, दोनों ही कलाकार अपने काम से सभी को प्रभावित करते हैं। हाल ही में एक बार फिर दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. इसकी वजह उनका सुपरहिट गाना है, जिसमें उनकी केमिस्ट्री फैंस को खूब पसंद आ रही है. दरअसल, सुपरहिट फिल्म 'मोकामा 0 किमी' का गाना 'राजा जान मारे' सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस गाने में दोनों कलाकारों के बीच गजब का रोमांस देखा जा सकता है. देखा जा सकता है कि रेगिस्तान के मैदानों में निरहुआ और आम्रपाली रोमांस कर रहे हैं. गाने में आम्रपाली काली साड़ी में रेत में निरहुआ के साथ रोमांस करते हुए बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं. कैमरे पर दोनों सितारे हर सीन में अपना बेस्ट देते नजर आए। फैंस के लिए वीडियो से एक पल के लिए भी नजर हटाना मुश्किल होता जा रहा है. फिल्म 'मोकामा 0 किमी' के गाने 'राजा जान मारे' को कल्पना और केवल प्रजापति ने अपनी आवाज दी है. वहीं, इस गाने के बोल प्यारे लाल यादव ने लिखे हैं। वहीं म्यूजिक देने का काम राजेश रजनीश ने किया है. इस वीडियो पर अब तक 25,000,484 से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं।
Amrapali Dubey and Nirahua Song: दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे की जोड़ी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सुपरहिट जोड़ी में से एक है. इन दोनों ने जब भी एक साथ स्क्रीन शेयर की है तो फैंस का दिल दहल जाता है। फिल्म की कहानी हो या म्यूजिक वीडियो, दोनों ही कलाकार अपने काम से सभी को प्रभावित करते हैं। हाल ही में एक बार फिर दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. इसकी वजह उनका सुपरहिट गाना है, जिसमें उनकी केमिस्ट्री फैंस को खूब पसंद आ रही है. दरअसल, सुपरहिट फिल्म 'मोकामा शून्य किमी' का गाना 'राजा जान मारे' सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस गाने में दोनों कलाकारों के बीच गजब का रोमांस देखा जा सकता है. देखा जा सकता है कि रेगिस्तान के मैदानों में निरहुआ और आम्रपाली रोमांस कर रहे हैं. गाने में आम्रपाली काली साड़ी में रेत में निरहुआ के साथ रोमांस करते हुए बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं. कैमरे पर दोनों सितारे हर सीन में अपना बेस्ट देते नजर आए। फैंस के लिए वीडियो से एक पल के लिए भी नजर हटाना मुश्किल होता जा रहा है. फिल्म 'मोकामा शून्य किमी' के गाने 'राजा जान मारे' को कल्पना और केवल प्रजापति ने अपनी आवाज दी है. वहीं, इस गाने के बोल प्यारे लाल यादव ने लिखे हैं। वहीं म्यूजिक देने का काम राजेश रजनीश ने किया है. इस वीडियो पर अब तक पच्चीस,शून्य,चार सौ चौरासी से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं।
नई दिल्लीः बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की पत्नी ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) ने भी अब 'फटी जींस' यानी रिप्ड जींस (Ripped Jeans) पर एक वीडियो शेयर किया है जो सोशल मीडिया पर छाया है. इन दिनों सोशल मीडिया पर 'फटी जींस' को लेकर बज बना हुआ है आम लोग हों या बॉलीवुड सेलेब्स सभी इसपर कुछ न कुछ पोस्ट कर अपना रिएक्शन दे रहे हैं. इसी क्रम में ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) ने एक ऐसा वीडियो शेयर कर दिया है जो सुर्खियां बटोर रहा है. ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयान पर तंज कसते हुए बाल्ड और बिकिनी लुक में एक वीडियो शेयर किया है. ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) ने वीडियो में लिखा, 'बाल्ड, बदमाश और बिकनी'. वीडियो को साथ ताहिरा कश्यप ने कैप्शन में लिखा, 'कम से कम रिप्ड जींस तो नहीं पहनी.' ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) के इस बोल्ड वीडियो को अब तक लाखों व्यूज और लाइक्स मिल चुके हैं. सेलेब्स से लेकर फैंस तक ताहिरा के वीडियो की तारीफ कर रहे हैं. वीडियो में ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) के सिर पर बाल नहीं हैं इसके साथ ही वह बिकनी पहने और कैमरे की तरफ में देख रही हैं. ताहिरा के इस पोस्ट पर बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर, हुमा कुरैशी ने कमेंट करते हुए ताली बजाई है. वहीं बीते दिनों ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) के पति और बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) ने अपने रिलेशनशिप के 20 साल का जश्न मनाया था. आयुष्मान के प्रति अपने प्यार का इजहार करते हुए ताहिरा ने इंस्टाग्राम पर एक कोलॉज वीडियो शेयर किया था. ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) ने कहा कि वह आयुष्मान के साथ बिना किसी उम्मीद के प्यार में है. ताहिरा कश्यप (Tahira Kashyap) ने लिखा था, 'हेटर्स कहेंगे कि यह बहुत अटपटा है! वैसे पहले मैं भी यही सोचती थी. लेकिन स्पेक्ट्रम के इस तरफ होना अमेजिंग है.. बिना किसी उम्मीद के मैं तुम्हारे प्यार में हूं. हैशटैग 20 साल.' ताहिरा की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, आयुष्मान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर कहा, 'यह हमारी 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान शुरू हुआ.'
नई दिल्लीः बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप ने भी अब 'फटी जींस' यानी रिप्ड जींस पर एक वीडियो शेयर किया है जो सोशल मीडिया पर छाया है. इन दिनों सोशल मीडिया पर 'फटी जींस' को लेकर बज बना हुआ है आम लोग हों या बॉलीवुड सेलेब्स सभी इसपर कुछ न कुछ पोस्ट कर अपना रिएक्शन दे रहे हैं. इसी क्रम में ताहिरा कश्यप ने एक ऐसा वीडियो शेयर कर दिया है जो सुर्खियां बटोर रहा है. ताहिरा कश्यप ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयान पर तंज कसते हुए बाल्ड और बिकिनी लुक में एक वीडियो शेयर किया है. ताहिरा कश्यप ने वीडियो में लिखा, 'बाल्ड, बदमाश और बिकनी'. वीडियो को साथ ताहिरा कश्यप ने कैप्शन में लिखा, 'कम से कम रिप्ड जींस तो नहीं पहनी.' ताहिरा कश्यप के इस बोल्ड वीडियो को अब तक लाखों व्यूज और लाइक्स मिल चुके हैं. सेलेब्स से लेकर फैंस तक ताहिरा के वीडियो की तारीफ कर रहे हैं. वीडियो में ताहिरा कश्यप के सिर पर बाल नहीं हैं इसके साथ ही वह बिकनी पहने और कैमरे की तरफ में देख रही हैं. ताहिरा के इस पोस्ट पर बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर, हुमा कुरैशी ने कमेंट करते हुए ताली बजाई है. वहीं बीते दिनों ताहिरा कश्यप के पति और बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना ने अपने रिलेशनशिप के बीस साल का जश्न मनाया था. आयुष्मान के प्रति अपने प्यार का इजहार करते हुए ताहिरा ने इंस्टाग्राम पर एक कोलॉज वीडियो शेयर किया था. ताहिरा कश्यप ने कहा कि वह आयुष्मान के साथ बिना किसी उम्मीद के प्यार में है. ताहिरा कश्यप ने लिखा था, 'हेटर्स कहेंगे कि यह बहुत अटपटा है! वैसे पहले मैं भी यही सोचती थी. लेकिन स्पेक्ट्रम के इस तरफ होना अमेजिंग है.. बिना किसी उम्मीद के मैं तुम्हारे प्यार में हूं. हैशटैग बीस साल.' ताहिरा की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, आयुष्मान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर कहा, 'यह हमारी बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान शुरू हुआ.'
दौरि दौरतकारी घटा जोर जोर, घोर घोर हाय वरसाने वरसावें क्यों ।। घटघाट कति कितौ न बाट, नाचत मयूरगन मयूरगन जोवन उपट्टे मैं । गाज घनघोर घोर सोर पिक चातक के, जुगन् उदोत होत कुंज के चुहट्टे मैं ।। राधे नटनागर जू खड़े थे कलिंदी कूल, भीजत दुकूल खुले पौन के झपट्टे मैं । चपला चमक देखि चपल चमकि चली, दौरि दौरि दूरि ही तैं दुरत दुपट्टे मैं ।। बद्दरन घोर जायें दद्दरन सोर भारी, नदरन खार तार लहैं गति पूर की । झींगुरन सोर हू पपैयन की रोर पर, जोर बंध कोयल के छिपी गति सूर की । ऐसा माँहि कुंज पुंज गुंजत मधुपगन, चलो न नटनागर हजूर की । दहक खद्योत महकत पुरवाई पौन, लहक लतान तापै कुहुक मयूर की ।। प्यार दिन चारि कर बदलि विहार कीनों, रितु वरपा की मानों मीच चेरी-सी ।. कारेभारे न्यारे वादर विकट दोरै, बीच बीच विद्युत-लता है काल मेरी-सी ॥ जैन नटनागर निहारे विन रोय- रोय, उमं करीओन की ढेरी-सी । नेह की उजेरी सो तो निकट न पाई हाय, हमारी प्रति अँधेरी-सी ॥ लोचन-लावण्य । ( २ ) उपमान धारैजु, लोयन तिहारे मानों दुज वाल बीच कंज पत्र सकरे । कैधौं मकरध्वज वनाय रूप मीन ही को, नागर जू पाट जाल वाहन पकरे ।। है कधौं रतिराज आज वनिकै सिकारी मीर, खंजन हूँ डारे पिंजरा के बीच । धुँघुरारे बार बीच मतवारे नैन, मानौं उनमत्त है जँजीरन सों जकरे ।।
दौरि दौरतकारी घटा जोर जोर, घोर घोर हाय वरसाने वरसावें क्यों ।। घटघाट कति कितौ न बाट, नाचत मयूरगन मयूरगन जोवन उपट्टे मैं । गाज घनघोर घोर सोर पिक चातक के, जुगन् उदोत होत कुंज के चुहट्टे मैं ।। राधे नटनागर जू खड़े थे कलिंदी कूल, भीजत दुकूल खुले पौन के झपट्टे मैं । चपला चमक देखि चपल चमकि चली, दौरि दौरि दूरि ही तैं दुरत दुपट्टे मैं ।। बद्दरन घोर जायें दद्दरन सोर भारी, नदरन खार तार लहैं गति पूर की । झींगुरन सोर हू पपैयन की रोर पर, जोर बंध कोयल के छिपी गति सूर की । ऐसा माँहि कुंज पुंज गुंजत मधुपगन, चलो न नटनागर हजूर की । दहक खद्योत महकत पुरवाई पौन, लहक लतान तापै कुहुक मयूर की ।। प्यार दिन चारि कर बदलि विहार कीनों, रितु वरपा की मानों मीच चेरी-सी ।. कारेभारे न्यारे वादर विकट दोरै, बीच बीच विद्युत-लता है काल मेरी-सी ॥ जैन नटनागर निहारे विन रोय- रोय, उमं करीओन की ढेरी-सी । नेह की उजेरी सो तो निकट न पाई हाय, हमारी प्रति अँधेरी-सी ॥ लोचन-लावण्य । उपमान धारैजु, लोयन तिहारे मानों दुज वाल बीच कंज पत्र सकरे । कैधौं मकरध्वज वनाय रूप मीन ही को, नागर जू पाट जाल वाहन पकरे ।। है कधौं रतिराज आज वनिकै सिकारी मीर, खंजन हूँ डारे पिंजरा के बीच । धुँघुरारे बार बीच मतवारे नैन, मानौं उनमत्त है जँजीरन सों जकरे ।।
कितने कोतुक याद आ जाते हैं। कितनी नन्ही-सी यो गाल-भर की होने पर भी । खरगोश के बच्चे को तरह उछलती-फिरती । सात वरम की होते न होते अचानक वह लम्बी होती गयी, उसमे बदमाशियां आयी, छल आया, जिद्दी हुई, वाघिन-सा स्नेह दिखाकर कभी अगर पास आती और वो चुम्मे दे जाती, और कभी जरासी बात पर रूठ जाती, तो सारा दिन उस देह पर मांस तो चढ़ा ही नहीं, केवल घडी की तरह बढने लगी। वह चित्र भी याद आता । "क्या यह आदमी बनेगो ? घर-ससार बसायेगी ?" स्नेह से माँ कहा करती, "रोनी, जिद्दी कितनी, मन की तो याह हो नहीं मिलती।" उसी की जिद पर बाड़ी में अमरूद का पेड़ लगाया गया था। उस बस्ती में सतिया की माँ की पोतो बेंग ने उस दिन... सतिया की माँ की बाड़ीवाले अमरूद के झाड़ से अमरूद तोड़ने की बात को लेकर झगडा किया था, कितने दिनों का 'गंगाजली स्नेह सम्बन्ध पर लात मार उसने पिता को सुना दिया था, "हमारे भी अमरूद लगेगा। नहीं तो, नहीं तो हाँ-" अवाक् उसका नया रूप देखते रह गये थे । वेटी ने छद्म वेश फेंक दिया है। एक नारी भागवत के नीचे माटी पहचान में आ रही है। छवि बड़ी हो गयी है ! अचानक विस्मय से चमक-सी लगती, आँखों में भाप भर जाती है। लगता है जैसे खिलौना व्यापक विस्तृति पार्कर कही उड़कर चला जा रहा है। वह थी नन्ही गुड़िया, सोने पर पत्थर, जागतो तो सदा बच्ची । एक जगह एक बिस्तर पर पिता-मां, छवि क्या जाने बिचारी नन्ही लड़की । छवि को माँ उनके मुँह में पान ठूंसकर जब पान का सिरा तोड़ने के लिए मुँह से मुँह जोड़ देती, नव्हो छवि आँखें टिमटिमाती देखती, तनिक बडी होनेपर वह भी दौड़ आती पिता के गले में हाथ डाल मुँह में से पान का सिरा तोड़ लेने के लिए। और आज वह छवि ग्रायव हो गयी, खड़ी है सामने एक अपरिचिता नारी । उसके मन मे भिन्न आदमी की छाया पड़ी है। वह मानो कोई भोर की चिड़िया हो, गरदन पसारे प्रतीक्षा करती बैठी है सिन्दूरा की। सोचते सोचते मन पर जलन-सी लगती । अन्तर के भीतर से क्षोभ का करुण नाद । बाहर मैं बूढ़ा हो गया हूँ, मेरी किसी को जरूरत नही । नदी तट के ढलान में दुकान के अन्दर गद्दी पर हरि साहू बैठा था। पास में एक पुलिन्दा उड़िया अख़बारों का पड़ा था। चेहरे के आगे एक पन्ना अखवार का और था । उसकी छोटी-छोटी आंखों की पैनी नज़र मानो उस काग़ज़ में चुभकर फंस गयी है। चेहरे पर एक तन्मयता, होठो से होठ जुड़े हुए। दुकान मे कोई भी गाहक न था । बाहर चैती धूप मुरझाती आ रही थी। दुकान के उस ओर घने बरगद के नीचे गहरी छाया को काटती तिरछी पड़ रही थी थोड़ी सी पीली धूप, घरों की छाया लम्बी हो गयी थी। अचानक गाँव के रास्ते पर एक दूसरी का पीछा करती दो गाये गुज़र गयी, उसके बाद कई और टप-टप, दुम-दाम की आवाज़ों से रास्ता गूंज उठा, गाँव के गाय-गोरुओं की क़तार लम्बी होती गयी उस रास्ते पर । भाग-दौड़ धक्का- धक्की करता, धूल उड़ाता उनका समूह जा रहा था । हरि साहू ने सिर उठाया । सकी छाती को कंपाता वह गया एक दीर्घ श्वास । गायों के बढ़ते पैरों को देखते-देखते अचानक याद आया, कि सौरी पधान मर गया है। वैसे वह उसका लगता कुछ नही । न सह- जाति, न साथी, न मित्र । वरन् डूब गया चौदह आने के सोदे की उधारी, केवल तम्बाकू के पत्ते लेता पैसे दे देता । कभी-कभी रह भी जाते पैसे । उस बात की ओर विचार न था हरि साहू का । गाँव के इतने सालों के उधारी कारोबार में कितने लोगो पर कितने पैसे उसके डूबे है, फिर भी चल रहा उसका व्यवसाय । परन्तु सौरी पधान कितने ज़माने का बूढा आदमी था । उस जमाने का आदमी ! लकडी पकड़े, कमर आगे की ओर झुका, हिलता-डुलता नाचता-सा इस राह पर चलता-फिरता रहता । छुप गया वह दृश्य । वो दिख जाता है, सचमुच वो रहा !... " है तो दे रे तम्बाखू के चार पैसे के पत्ते, भानजे -' "दे-दे, आज पैसे नही । यह मुँह क्या धीरज मानता है रे भानजे । और भी ऐसी अमल की आदी हो गयी है यह देह, और स्वाद चाहने लगी है। गोवरा की माँ मरी तब से पान तो छोड़ ही दिया, न अमल होगा न जीभ सूखेगी। बाकी रहा यह तम्बाखू का पत्ता, क्या कहूँ - यह मेरा पीछा...' चला गया, गायों की खोज हुई और चली गयी सब । गोबर पड़ा, मूत वहा, रूंदा-रूंदी धक्क्रम-धक्की, भोंका-भोंकी, चहल-पहल - रँभाता - रँभाता गुज़र गया - वह दल । चला गया । और चला गया सौरी पधान । आज कितने दिन हुए होंगे ? हाँ, कुल ग्यारह । बात-बात पर ताना मारता, अपने जमाने के बाहुबल की बातें कह-कहकर, वह हुआ था एक मल्ल ! पत्थर घुमाता था, बैलगाड़ी का पहिया रोक लेता, खूब खेल - कसरत किया करता था, और भी कितना कुछ ! उदास होकर हरि साहू ने सामने देखा । रगीन साड़ी बांधे सज-धजकर चली जा रही है रघुआ की माँ । आठ वरस के रघुआ के कन्धे को पकड़े उसे गाली देती-देती जा रही है -- "कुलखना, बिच्छीपत्ता ! आज घर चल, तेरी पीठ से
कितने कोतुक याद आ जाते हैं। कितनी नन्ही-सी यो गाल-भर की होने पर भी । खरगोश के बच्चे को तरह उछलती-फिरती । सात वरम की होते न होते अचानक वह लम्बी होती गयी, उसमे बदमाशियां आयी, छल आया, जिद्दी हुई, वाघिन-सा स्नेह दिखाकर कभी अगर पास आती और वो चुम्मे दे जाती, और कभी जरासी बात पर रूठ जाती, तो सारा दिन उस देह पर मांस तो चढ़ा ही नहीं, केवल घडी की तरह बढने लगी। वह चित्र भी याद आता । "क्या यह आदमी बनेगो ? घर-ससार बसायेगी ?" स्नेह से माँ कहा करती, "रोनी, जिद्दी कितनी, मन की तो याह हो नहीं मिलती।" उसी की जिद पर बाड़ी में अमरूद का पेड़ लगाया गया था। उस बस्ती में सतिया की माँ की पोतो बेंग ने उस दिन... सतिया की माँ की बाड़ीवाले अमरूद के झाड़ से अमरूद तोड़ने की बात को लेकर झगडा किया था, कितने दिनों का 'गंगाजली स्नेह सम्बन्ध पर लात मार उसने पिता को सुना दिया था, "हमारे भी अमरूद लगेगा। नहीं तो, नहीं तो हाँ-" अवाक् उसका नया रूप देखते रह गये थे । वेटी ने छद्म वेश फेंक दिया है। एक नारी भागवत के नीचे माटी पहचान में आ रही है। छवि बड़ी हो गयी है ! अचानक विस्मय से चमक-सी लगती, आँखों में भाप भर जाती है। लगता है जैसे खिलौना व्यापक विस्तृति पार्कर कही उड़कर चला जा रहा है। वह थी नन्ही गुड़िया, सोने पर पत्थर, जागतो तो सदा बच्ची । एक जगह एक बिस्तर पर पिता-मां, छवि क्या जाने बिचारी नन्ही लड़की । छवि को माँ उनके मुँह में पान ठूंसकर जब पान का सिरा तोड़ने के लिए मुँह से मुँह जोड़ देती, नव्हो छवि आँखें टिमटिमाती देखती, तनिक बडी होनेपर वह भी दौड़ आती पिता के गले में हाथ डाल मुँह में से पान का सिरा तोड़ लेने के लिए। और आज वह छवि ग्रायव हो गयी, खड़ी है सामने एक अपरिचिता नारी । उसके मन मे भिन्न आदमी की छाया पड़ी है। वह मानो कोई भोर की चिड़िया हो, गरदन पसारे प्रतीक्षा करती बैठी है सिन्दूरा की। सोचते सोचते मन पर जलन-सी लगती । अन्तर के भीतर से क्षोभ का करुण नाद । बाहर मैं बूढ़ा हो गया हूँ, मेरी किसी को जरूरत नही । नदी तट के ढलान में दुकान के अन्दर गद्दी पर हरि साहू बैठा था। पास में एक पुलिन्दा उड़िया अख़बारों का पड़ा था। चेहरे के आगे एक पन्ना अखवार का और था । उसकी छोटी-छोटी आंखों की पैनी नज़र मानो उस काग़ज़ में चुभकर फंस गयी है। चेहरे पर एक तन्मयता, होठो से होठ जुड़े हुए। दुकान मे कोई भी गाहक न था । बाहर चैती धूप मुरझाती आ रही थी। दुकान के उस ओर घने बरगद के नीचे गहरी छाया को काटती तिरछी पड़ रही थी थोड़ी सी पीली धूप, घरों की छाया लम्बी हो गयी थी। अचानक गाँव के रास्ते पर एक दूसरी का पीछा करती दो गाये गुज़र गयी, उसके बाद कई और टप-टप, दुम-दाम की आवाज़ों से रास्ता गूंज उठा, गाँव के गाय-गोरुओं की क़तार लम्बी होती गयी उस रास्ते पर । भाग-दौड़ धक्का- धक्की करता, धूल उड़ाता उनका समूह जा रहा था । हरि साहू ने सिर उठाया । सकी छाती को कंपाता वह गया एक दीर्घ श्वास । गायों के बढ़ते पैरों को देखते-देखते अचानक याद आया, कि सौरी पधान मर गया है। वैसे वह उसका लगता कुछ नही । न सह- जाति, न साथी, न मित्र । वरन् डूब गया चौदह आने के सोदे की उधारी, केवल तम्बाकू के पत्ते लेता पैसे दे देता । कभी-कभी रह भी जाते पैसे । उस बात की ओर विचार न था हरि साहू का । गाँव के इतने सालों के उधारी कारोबार में कितने लोगो पर कितने पैसे उसके डूबे है, फिर भी चल रहा उसका व्यवसाय । परन्तु सौरी पधान कितने ज़माने का बूढा आदमी था । उस जमाने का आदमी ! लकडी पकड़े, कमर आगे की ओर झुका, हिलता-डुलता नाचता-सा इस राह पर चलता-फिरता रहता । छुप गया वह दृश्य । वो दिख जाता है, सचमुच वो रहा !... " है तो दे रे तम्बाखू के चार पैसे के पत्ते, भानजे -' "दे-दे, आज पैसे नही । यह मुँह क्या धीरज मानता है रे भानजे । और भी ऐसी अमल की आदी हो गयी है यह देह, और स्वाद चाहने लगी है। गोवरा की माँ मरी तब से पान तो छोड़ ही दिया, न अमल होगा न जीभ सूखेगी। बाकी रहा यह तम्बाखू का पत्ता, क्या कहूँ - यह मेरा पीछा...' चला गया, गायों की खोज हुई और चली गयी सब । गोबर पड़ा, मूत वहा, रूंदा-रूंदी धक्क्रम-धक्की, भोंका-भोंकी, चहल-पहल - रँभाता - रँभाता गुज़र गया - वह दल । चला गया । और चला गया सौरी पधान । आज कितने दिन हुए होंगे ? हाँ, कुल ग्यारह । बात-बात पर ताना मारता, अपने जमाने के बाहुबल की बातें कह-कहकर, वह हुआ था एक मल्ल ! पत्थर घुमाता था, बैलगाड़ी का पहिया रोक लेता, खूब खेल - कसरत किया करता था, और भी कितना कुछ ! उदास होकर हरि साहू ने सामने देखा । रगीन साड़ी बांधे सज-धजकर चली जा रही है रघुआ की माँ । आठ वरस के रघुआ के कन्धे को पकड़े उसे गाली देती-देती जा रही है -- "कुलखना, बिच्छीपत्ता ! आज घर चल, तेरी पीठ से
RITES उम्मीदवारों को Gurgaon में Various MMLP Expert रिक्तियों को भरने के लिए आमंत्रित करता है। इच्छुक उम्मीदवार पात्रता मानदंड, आवश्यक वृत्तचित्र, महत्वपूर्ण तिथियां और अन्य आवश्यक विवरण जानने के लिए आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जा सकते हैं। आवेदन लिंक और RITES MMLP Expert भर्ती 2023 से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी नीचे दी गई है। आवेदक जो RITES MMLP Expert भर्ती 2023 के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अधिकारियों द्वारा पोस्ट की गई योग्यता विवरण की जांच करनी होगी, आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवारों को योग्यता को पूरा करना होगा जो कि Any Graduate है। योग्यता का विस्तृत विवरण प्राप्त करने के लिए, कृपया नीचे दी गई आधिकारिक अधिसूचना देखें। RITES भर्ती 2023 रिक्ति गणना यहाँ दी गई है। MMLP Expert के लिए वैकेंसी Various है। RITES MMLP Expert भर्ती 2023 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार रिक्ति गणना और अन्य नौकरी विवरण के लिए आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जा सकते हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें RITES में MMLP Expert के रूप में रखा जाएगा। MMLP Expert पर RITES की भूमिका के लिए वेतन Not Disclosed होगा। चयन के बाद उम्मीदवारों को वेतन के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार या तो ऑनलाइन / ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। RITES MMLP Expert भर्ती 2023 के लिए नौकरी का स्थान Gurgaon है। RITES ने MMLP Expert रिक्तियों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है और रिक्तियों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 22/06/2023 है। RITES MMLP Expert भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 22/06/2023 है, उम्मीदवार MMLP Expert के लिए RITES पर आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। How to apply for RITES Recruitment 2023? RITES MMLP Expert भर्ती 2023 के लिए आवेदन करने के चरण हैंः चरण 4: आवेदन पत्र को आवेदन के तरीके के अनुसार जमा करें।
RITES उम्मीदवारों को Gurgaon में Various MMLP Expert रिक्तियों को भरने के लिए आमंत्रित करता है। इच्छुक उम्मीदवार पात्रता मानदंड, आवश्यक वृत्तचित्र, महत्वपूर्ण तिथियां और अन्य आवश्यक विवरण जानने के लिए आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जा सकते हैं। आवेदन लिंक और RITES MMLP Expert भर्ती दो हज़ार तेईस से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी नीचे दी गई है। आवेदक जो RITES MMLP Expert भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अधिकारियों द्वारा पोस्ट की गई योग्यता विवरण की जांच करनी होगी, आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवारों को योग्यता को पूरा करना होगा जो कि Any Graduate है। योग्यता का विस्तृत विवरण प्राप्त करने के लिए, कृपया नीचे दी गई आधिकारिक अधिसूचना देखें। RITES भर्ती दो हज़ार तेईस रिक्ति गणना यहाँ दी गई है। MMLP Expert के लिए वैकेंसी Various है। RITES MMLP Expert भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार रिक्ति गणना और अन्य नौकरी विवरण के लिए आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जा सकते हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें RITES में MMLP Expert के रूप में रखा जाएगा। MMLP Expert पर RITES की भूमिका के लिए वेतन Not Disclosed होगा। चयन के बाद उम्मीदवारों को वेतन के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार या तो ऑनलाइन / ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। RITES MMLP Expert भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए नौकरी का स्थान Gurgaon है। RITES ने MMLP Expert रिक्तियों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है और रिक्तियों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बाईस जून दो हज़ार तेईस है। RITES MMLP Expert भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बाईस जून दो हज़ार तेईस है, उम्मीदवार MMLP Expert के लिए RITES पर आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। How to apply for RITES Recruitment दो हज़ार तेईस? RITES MMLP Expert भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन करने के चरण हैंः चरण चार: आवेदन पत्र को आवेदन के तरीके के अनुसार जमा करें।
Swami Vivekananda Jayanti 2023 Top Wishes Messages स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन भारत में हर साल 12 जनवरी को मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्ता था, जिनका जन्म 12 जनवरी 1863 को पश्चिम बंगाल राज्य में हुआ था। स्वामी विवेकानंद अपनी शिक्षाओं से दुनिया भर के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। दरअसल, भारत सरकार की 1984 में घोषणा के बाद से इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि उनकी प्रमुखता को वर्ष 1893 में शिकागो में एक सम्मेलन में महसूस किया गया था जहां वे एक प्रतिभागी और वक्ता थे। भारत की आध्यात्मिकता से प्रेरित संस्कृति और मजबूत इतिहास पर उनके प्रसिद्ध भाषण ने अमेरिकियों, विशेष रूप से बौद्धिक मंडली से प्रशंसा प्राप्त की। उनके मजबूत व्यक्तित्व, विज्ञान और वेदांत में विशाल ज्ञान, और मानव और पशु जीवन के प्रति सहानुभूति ने उन्हें शांति और मानवता का अग्रदूत बना दिया। 1. "जिसने खुद पर विश्वास करना सीख लिया, उसने जिंदगी की हर जंग के लिए अपनी कमर कस ली है। स्वामी विवेकानंद जयंती की हार्दिक बधाई! " 2. "अपने सपनों को अपनी क्षमता के हिसाब से नीचे ना लाएं बल्कि अपनी क्षमता को अपने सपनों जैसा विशाल बनाएं। स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं! " 3. "जीवन जागने और अपने रास्ते पर चलने के बारे में है और एक दिन आपको जीवन में सफलता मिलेगी। हैप्पी बर्थडे स्वामी विवेकानंद! " 4. "अपने सपनों को हासिल करने के लिए आपको अपने आप पर विश्वास करने की आवश्यकता है। अपने आप को कभी कम मत समझो और अपने लक्ष्यों के लिए कड़ी मेहनत करते रहो। स्वामी विवेकानंद जयंती की बधाई! " 5. "हमारा नज़रिया ही हमारी सोच और हमारे जीवन को निर्धारित करता है। स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं! " 6. "जिस दिन हम अपने कर्मों की जिम्मेदारी लेना शुरू करेंगे उस दिन से हमारी प्रगति निश्चित है। हैप्पी बर्थडे स्वामी विवेकानंद! " 7. "अगर आप दुनिया जीतना चाहते हैं तो पहले खुद से प्यार करें और फिर खुद पर विश्वास करें। स्वामी विवेकानंद जयंती की बधाई! " 8. "जब भी आपके दिमाग और दिल के बीच कोई टकराव हो तो आपको हमेशा वही सुनना चाहिए जो आपका दिल कहता है। स्वामी विवेकानंद जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! " 9. "सत्य से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है और इसलिए, सत्य की हमेशा जीत होनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं! " 10. "हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना ही हमें अपने जीवन में हमेशा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हैप्पी बर्थडे स्वामी विवेकानंद! "
Swami Vivekananda Jayanti दो हज़ार तेईस Top Wishes Messages स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन भारत में हर साल बारह जनवरी को मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्ता था, जिनका जन्म बारह जनवरी एक हज़ार आठ सौ तिरेसठ को पश्चिम बंगाल राज्य में हुआ था। स्वामी विवेकानंद अपनी शिक्षाओं से दुनिया भर के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। दरअसल, भारत सरकार की एक हज़ार नौ सौ चौरासी में घोषणा के बाद से इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि उनकी प्रमुखता को वर्ष एक हज़ार आठ सौ तिरानवे में शिकागो में एक सम्मेलन में महसूस किया गया था जहां वे एक प्रतिभागी और वक्ता थे। भारत की आध्यात्मिकता से प्रेरित संस्कृति और मजबूत इतिहास पर उनके प्रसिद्ध भाषण ने अमेरिकियों, विशेष रूप से बौद्धिक मंडली से प्रशंसा प्राप्त की। उनके मजबूत व्यक्तित्व, विज्ञान और वेदांत में विशाल ज्ञान, और मानव और पशु जीवन के प्रति सहानुभूति ने उन्हें शांति और मानवता का अग्रदूत बना दिया। एक. "जिसने खुद पर विश्वास करना सीख लिया, उसने जिंदगी की हर जंग के लिए अपनी कमर कस ली है। स्वामी विवेकानंद जयंती की हार्दिक बधाई! " दो. "अपने सपनों को अपनी क्षमता के हिसाब से नीचे ना लाएं बल्कि अपनी क्षमता को अपने सपनों जैसा विशाल बनाएं। स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं! " तीन. "जीवन जागने और अपने रास्ते पर चलने के बारे में है और एक दिन आपको जीवन में सफलता मिलेगी। हैप्पी बर्थडे स्वामी विवेकानंद! " चार. "अपने सपनों को हासिल करने के लिए आपको अपने आप पर विश्वास करने की आवश्यकता है। अपने आप को कभी कम मत समझो और अपने लक्ष्यों के लिए कड़ी मेहनत करते रहो। स्वामी विवेकानंद जयंती की बधाई! " पाँच. "हमारा नज़रिया ही हमारी सोच और हमारे जीवन को निर्धारित करता है। स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं! " छः. "जिस दिन हम अपने कर्मों की जिम्मेदारी लेना शुरू करेंगे उस दिन से हमारी प्रगति निश्चित है। हैप्पी बर्थडे स्वामी विवेकानंद! " सात. "अगर आप दुनिया जीतना चाहते हैं तो पहले खुद से प्यार करें और फिर खुद पर विश्वास करें। स्वामी विवेकानंद जयंती की बधाई! " आठ. "जब भी आपके दिमाग और दिल के बीच कोई टकराव हो तो आपको हमेशा वही सुनना चाहिए जो आपका दिल कहता है। स्वामी विवेकानंद जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! " नौ. "सत्य से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है और इसलिए, सत्य की हमेशा जीत होनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं! " दस. "हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना ही हमें अपने जीवन में हमेशा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हैप्पी बर्थडे स्वामी विवेकानंद! "
Chaibasa (Sukesh kumar) : पश्चिम सिंहभूम में रिकार्ड तोड़ तापमान दर्ज किया गया है. पिछले पांच साल में सबसे गर्म दिन बुधवार रहा. सुबह दस बजे ही 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान हो गया था. चाईबासा में अगले एक सप्ताह तक 42 डिग्री तापमान बना रहेगा. रिकार्ड तोड़ गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है. लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है. दोपहर में लोग घर से निकल नहीं रहे है. जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाला हाट बाजार में लोगों की संख्या घट रही है. इधर, सदर अस्पताल में भी मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मरीज पहुंच रहे है. सुबह दस बजे लोग निकल तो रहे है लेकिन छाता के बिना सड़क पर लोग नजर नहीं आ रहे है. बाजार में इन दिनों तरबूज से लेकर ठंडे पदार्थ की खरीदारी अधिक होने लगी है. लोग अधिक से अधिक संख्या में गर्मी को संतुलन करने के लिये ठंड का सेवन कर रहे है. इधर, मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों तक गर्मी रहेगा. हालांकि शाम को हलका बादल छायेगा लेकिन इससे लोगों को राहत मिलना मुश्किल है. जिले में चाईबासा के बाद सबसे अधिक तापमान चक्रधरपुर क्षेत्र का है. विभाग के मुताबिक यहां सुबह नौ बजे से ही 41. 5 डिग्री तक तापमान पहुंच जा रहा है. दोपहर तक 42. 5 तक आंकड़ा दर्ज किया गया. यह सिलसिला अगले सात दिनों तक जारी रहेगा. बारिश का अभी मजा लोग नहीं ले पायेंगे. वहीं बुधवार को चक्रधरपुर में सप्ताहिक हाट तो लगा लेकिन जिस तरह से लोगों की भीड़ होती है उस तरह से देखने को नहीं मिला. लोग घरों से निकलने में कतरा रहे है. जिले के गुवा में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है. जबकि किरीबुरू क्षेत्र में न अधिक है न ही कम है. सामान्य महौल बना हुआ है. लोगों को राहत मिल रही है. जंगलों के बीच शहर होने की वजह से यहां गर्मी का प्रभाव अधिक नहीं पड़ रहा है. किरीबुरू में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज की गई है. जबकि अधिकतम 35 डिग्री तापमान है. इसे भी पढ़ें किरीबुरू : थंडर एकादश ने साइनिंग स्टार को 10 विकेट से किया पराजितः
Chaibasa : पश्चिम सिंहभूम में रिकार्ड तोड़ तापमान दर्ज किया गया है. पिछले पांच साल में सबसे गर्म दिन बुधवार रहा. सुबह दस बजे ही चालीस डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान हो गया था. चाईबासा में अगले एक सप्ताह तक बयालीस डिग्री तापमान बना रहेगा. रिकार्ड तोड़ गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है. लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है. दोपहर में लोग घर से निकल नहीं रहे है. जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाला हाट बाजार में लोगों की संख्या घट रही है. इधर, सदर अस्पताल में भी मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मरीज पहुंच रहे है. सुबह दस बजे लोग निकल तो रहे है लेकिन छाता के बिना सड़क पर लोग नजर नहीं आ रहे है. बाजार में इन दिनों तरबूज से लेकर ठंडे पदार्थ की खरीदारी अधिक होने लगी है. लोग अधिक से अधिक संख्या में गर्मी को संतुलन करने के लिये ठंड का सेवन कर रहे है. इधर, मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों तक गर्मी रहेगा. हालांकि शाम को हलका बादल छायेगा लेकिन इससे लोगों को राहत मिलना मुश्किल है. जिले में चाईबासा के बाद सबसे अधिक तापमान चक्रधरपुर क्षेत्र का है. विभाग के मुताबिक यहां सुबह नौ बजे से ही इकतालीस. पाँच डिग्री तक तापमान पहुंच जा रहा है. दोपहर तक बयालीस. पाँच तक आंकड़ा दर्ज किया गया. यह सिलसिला अगले सात दिनों तक जारी रहेगा. बारिश का अभी मजा लोग नहीं ले पायेंगे. वहीं बुधवार को चक्रधरपुर में सप्ताहिक हाट तो लगा लेकिन जिस तरह से लोगों की भीड़ होती है उस तरह से देखने को नहीं मिला. लोग घरों से निकलने में कतरा रहे है. जिले के गुवा में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है. जबकि किरीबुरू क्षेत्र में न अधिक है न ही कम है. सामान्य महौल बना हुआ है. लोगों को राहत मिल रही है. जंगलों के बीच शहर होने की वजह से यहां गर्मी का प्रभाव अधिक नहीं पड़ रहा है. किरीबुरू में न्यूनतम तापमान बीस डिग्री दर्ज की गई है. जबकि अधिकतम पैंतीस डिग्री तापमान है. इसे भी पढ़ें किरीबुरू : थंडर एकादश ने साइनिंग स्टार को दस विकेट से किया पराजितः
विराट और अनुष्का की शादी के 1 हफ्ते बाद भी फैंस उनकी रीसेंट तस्वीरों का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में विरुष्का की कुछ और फोटो सामने आई हैं। इनमें से कुछ फोटो शादी के दौरान की और कुछ शादी के बाद की हैं। ये तस्वीरें विराट और अनुष्का ने अपनी दो दोस्तों के साथ खिंचवाई है। इसमें अनुष्का ने हाथों में रेड चूड़ियां पहने हुई हैं। साथ ही विराट के फनी फेस को देखकर अनुष्का अपनी हंसी नहीं रोक पाईं। शादी के बाद ये जोड़ा बेहद खूबसूरत लग रहा है। इसके अलावा एंगेजमेंट की कुछ और तस्वीरें भी सामने आई हैं। इसमें अनुष्का अपने दोस्तों के साथ मस्ती कर रही हैं। फिलहाल अनुष्का और विराट रोम में हनीमून एंज्वॉय कर रहे हैं। 21 दिसंबर को दिल्ली में रिसेप्शन पार्टी होगी। जिसके लिए विरुष्का पहले दिल्ली आएंगे और फिर मुंबई जाएंगे। 26 दिसंबर को मुंबई में भी एक रिसेप्शन होगा। इस रिसेप्शन का कार्ड भी सामने आ चुका है। जहां 21 दिसंबर के रिसेप्शन का कार्ड व्हाइट कलर का है। वहीं 26 दिसंबर के रिसेप्शन का कार्ड मरून कलर का है। बेहद सिंपल कार्ड के साथ अनुष्का ने अपने गेस्ट को इनवाइट किया है। इस रिसेप्शन में बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों के पहुंचने की उम्मीद है।
विराट और अनुष्का की शादी के एक हफ्ते बाद भी फैंस उनकी रीसेंट तस्वीरों का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में विरुष्का की कुछ और फोटो सामने आई हैं। इनमें से कुछ फोटो शादी के दौरान की और कुछ शादी के बाद की हैं। ये तस्वीरें विराट और अनुष्का ने अपनी दो दोस्तों के साथ खिंचवाई है। इसमें अनुष्का ने हाथों में रेड चूड़ियां पहने हुई हैं। साथ ही विराट के फनी फेस को देखकर अनुष्का अपनी हंसी नहीं रोक पाईं। शादी के बाद ये जोड़ा बेहद खूबसूरत लग रहा है। इसके अलावा एंगेजमेंट की कुछ और तस्वीरें भी सामने आई हैं। इसमें अनुष्का अपने दोस्तों के साथ मस्ती कर रही हैं। फिलहाल अनुष्का और विराट रोम में हनीमून एंज्वॉय कर रहे हैं। इक्कीस दिसंबर को दिल्ली में रिसेप्शन पार्टी होगी। जिसके लिए विरुष्का पहले दिल्ली आएंगे और फिर मुंबई जाएंगे। छब्बीस दिसंबर को मुंबई में भी एक रिसेप्शन होगा। इस रिसेप्शन का कार्ड भी सामने आ चुका है। जहां इक्कीस दिसंबर के रिसेप्शन का कार्ड व्हाइट कलर का है। वहीं छब्बीस दिसंबर के रिसेप्शन का कार्ड मरून कलर का है। बेहद सिंपल कार्ड के साथ अनुष्का ने अपने गेस्ट को इनवाइट किया है। इस रिसेप्शन में बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों के पहुंचने की उम्मीद है।
टोक्योः जापान के लोकप्रिय कोविड टीकाकरण मंत्री, तारो कोनो, सत्तारूढ़ दल का नेतृत्व करने के लिए शुक्रवार को अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने के लिए तैयार हैं, और विस्तार से, अगले प्रधान मंत्री बनेंगे। टैरो कोनो ने औपचारिक रूप से सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के नेतृत्व की दौड़ में शामिल होकर प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा को सफल बनाने के लिए अपनी बोली की घोषणा की है। पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा और पूर्व संचार मंत्री साने ताकाची को जोड़ते हुए, कोनो 29 सितंबर को एलडीपी के नेतृत्व की दौड़ में उम्मीदवारी घोषित करने वाले तीसरे विधायक हैं। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, कोनो ने कसम खाई कि वह "जापान को आगे बढ़ाते हुए" कोविड -19 पर अंकुश लगाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, यह कहते हुए कि "हमें इस संकट से उबरना होगा। मैं एक गर्म समाज बनाना चाहता हूं जहां लोग एक-दूसरे पर निर्भर हो सकें" . हालांकि, परमाणु ऊर्जा के उपयोग के खिलाफ अपनी पिछली स्थिति के विपरीत, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2050 तक जापान के कार्बन तटस्थता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुरक्षित रूप से पुष्टि किए गए रिएक्टरों को फिर से सक्रिय करना "यथार्थवादी" है। उन्होंने आवश्यकता भी व्यक्त की अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए और नए रिएक्टरों के निर्माण की कोई योजना होने से इनकार किया। कोनो, अपनी सुधार-दिमाग वाली नीतियों के साथ, सुगा को सफल करने के लिए पसंदीदा उम्मीदवार के रूप में जनमत सर्वेक्षणों का नेतृत्व किया है। कोनो अपने कार्यालय के अनुसार भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने वाले हैं। कोरोना के कारण रद्द हुआ भारत-इंग्लैंड टेस्ट, क्या टीम इंडिया ने नहीं किया 'प्रोटोकॉल' का पालन ?
टोक्योः जापान के लोकप्रिय कोविड टीकाकरण मंत्री, तारो कोनो, सत्तारूढ़ दल का नेतृत्व करने के लिए शुक्रवार को अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने के लिए तैयार हैं, और विस्तार से, अगले प्रधान मंत्री बनेंगे। टैरो कोनो ने औपचारिक रूप से सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में शामिल होकर प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा को सफल बनाने के लिए अपनी बोली की घोषणा की है। पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा और पूर्व संचार मंत्री साने ताकाची को जोड़ते हुए, कोनो उनतीस सितंबर को एलडीपी के नेतृत्व की दौड़ में उम्मीदवारी घोषित करने वाले तीसरे विधायक हैं। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, कोनो ने कसम खाई कि वह "जापान को आगे बढ़ाते हुए" कोविड -उन्नीस पर अंकुश लगाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, यह कहते हुए कि "हमें इस संकट से उबरना होगा। मैं एक गर्म समाज बनाना चाहता हूं जहां लोग एक-दूसरे पर निर्भर हो सकें" . हालांकि, परमाणु ऊर्जा के उपयोग के खिलाफ अपनी पिछली स्थिति के विपरीत, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दो हज़ार पचास तक जापान के कार्बन तटस्थता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुरक्षित रूप से पुष्टि किए गए रिएक्टरों को फिर से सक्रिय करना "यथार्थवादी" है। उन्होंने आवश्यकता भी व्यक्त की अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए और नए रिएक्टरों के निर्माण की कोई योजना होने से इनकार किया। कोनो, अपनी सुधार-दिमाग वाली नीतियों के साथ, सुगा को सफल करने के लिए पसंदीदा उम्मीदवार के रूप में जनमत सर्वेक्षणों का नेतृत्व किया है। कोनो अपने कार्यालय के अनुसार भारतीय समयानुसार शाम सात बजे अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने वाले हैं। कोरोना के कारण रद्द हुआ भारत-इंग्लैंड टेस्ट, क्या टीम इंडिया ने नहीं किया 'प्रोटोकॉल' का पालन ?
Remedies For The Brain आज कल की दुनिया में लोग खान-पान की वजह से बीमार होते जा रहे हैं। इसका असर हमारे पाचन तंत्र से लेकर दिमाग तक होता है। इसलिए आपको अपने स्वास्थ का पूरा ध्यान रखना जरुरी है। इसके लिए आप किसी एक्सरसाइज का सहारा भी ले सकते हैं। हम आज आपको कुछ ऐसी ही एक्सरसाइज के बारे मैं बताने जा रहे हैं जो आपको स्वस्थ रखने के साथ -साथ आपके दिमाग को भी सही रखती है। इसके लिए आप ब्रेन एक्सरसाइज कर सकते हैं जो आपके दिमाग को तेज कर देगी और आपके दिमाग को हेल्थी रखेगी। यह एक्सरसाइज बहुत सिंपल है और इसके फायदे भी बहुत अधिक हैं। यह आपकी लर्निंग, बात करने की स्किल्स, अटेंशन, याददाश्त और एकेडमिक परफॉर्मेंस इंप्रूव करने में मदद करती है। क्रॉस कराल एक्सेरसाइज़ (Remedies For The Brain ) लगातार कोसिस करें। अब अपनी दाहिनी कोहनी को बाएं घुटने से मिलाने की कोसिस करें। इस एक्सरसाइज के रोजाना तीन सेट आपके लिए बहुत लाभकारी होंगे।
Remedies For The Brain आज कल की दुनिया में लोग खान-पान की वजह से बीमार होते जा रहे हैं। इसका असर हमारे पाचन तंत्र से लेकर दिमाग तक होता है। इसलिए आपको अपने स्वास्थ का पूरा ध्यान रखना जरुरी है। इसके लिए आप किसी एक्सरसाइज का सहारा भी ले सकते हैं। हम आज आपको कुछ ऐसी ही एक्सरसाइज के बारे मैं बताने जा रहे हैं जो आपको स्वस्थ रखने के साथ -साथ आपके दिमाग को भी सही रखती है। इसके लिए आप ब्रेन एक्सरसाइज कर सकते हैं जो आपके दिमाग को तेज कर देगी और आपके दिमाग को हेल्थी रखेगी। यह एक्सरसाइज बहुत सिंपल है और इसके फायदे भी बहुत अधिक हैं। यह आपकी लर्निंग, बात करने की स्किल्स, अटेंशन, याददाश्त और एकेडमिक परफॉर्मेंस इंप्रूव करने में मदद करती है। क्रॉस कराल एक्सेरसाइज़ लगातार कोसिस करें। अब अपनी दाहिनी कोहनी को बाएं घुटने से मिलाने की कोसिस करें। इस एक्सरसाइज के रोजाना तीन सेट आपके लिए बहुत लाभकारी होंगे।
► जिनकी बिजली की अधिकतम खपत 300 यूनिट प्रति माह से अधिक नहीं है वे भी पात्र हैं। अमरावती : सरकार ने शुक्रवार को जगन्नाथ अम्मोदी योजना 2022-23 के क्रियान्वयन के लिए दिशा निर्देश जारी किये. इस महीने की 28 तारीख को अम्मा ओडी अपने बच्चों को स्कूल और जूनियर कॉलेज भेजने वाली माताओं के खातों में पैसे जमा कराएंगे। इसमें कहा गया है कि परिवार में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या के बावजूद माता/अभिभावक को 15 हजार रुपये प्रतिवर्ष मिल सकते हैं। ► सरकार द्वारा निर्धारित मानदण्डों के अनुसार. . गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की माताएँ योजना के लिए पात्र हैं। ►गरीब परिवारों की आय गांवों में 10 हजार रुपये प्रति माह और कस्बों में 12 हजार रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए। ► सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आयकर दाता, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी और सरकारी पेंशनभोगी अम्मौदी के पात्र नहीं हैं। ►कृषि भूमि 10 एकड़ मेट्टा, 3 एकड़ मगनी भूमि और 10 एकड़ यदि दोनों संयुक्त हो तो होनी चाहिए। ► जिनकी बिजली की अधिकतम खपत 300 यूनिट प्रति माह से अधिक नहीं है वे भी पात्र हैं। ► चौपहिया वाहन मालिकों के संबंध में, उनके स्वयं के चालकों द्वारा चलायी जा रही टैक्सियों के साथ-साथ ट्रैक्टर और ऑटो को भी छूट दी गई है। वे अम्मोदी योजना के लिए पात्र हैं। ► कस्बों में अचल संपत्ति के संबंध में, अम्मौदी लागू है यदि घर का क्षेत्रफल 1,000 वर्ग फुट से अधिक नहीं है। ► 10वीं कक्षा के बाद इंटरमीडिएट के अलावा पॉलिटेक्निक और ट्रिपल आईटी कोर्स में शामिल होने वालों के लिए जगन्नाथ विद्या दिवेना और डॉर्म दिवेना योजना लागू की जाएगी।
► जिनकी बिजली की अधिकतम खपत तीन सौ यूनिट प्रति माह से अधिक नहीं है वे भी पात्र हैं। अमरावती : सरकार ने शुक्रवार को जगन्नाथ अम्मोदी योजना दो हज़ार बाईस-तेईस के क्रियान्वयन के लिए दिशा निर्देश जारी किये. इस महीने की अट्ठाईस तारीख को अम्मा ओडी अपने बच्चों को स्कूल और जूनियर कॉलेज भेजने वाली माताओं के खातों में पैसे जमा कराएंगे। इसमें कहा गया है कि परिवार में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या के बावजूद माता/अभिभावक को पंद्रह हजार रुपये प्रतिवर्ष मिल सकते हैं। ► सरकार द्वारा निर्धारित मानदण्डों के अनुसार. . गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की माताएँ योजना के लिए पात्र हैं। ►गरीब परिवारों की आय गांवों में दस हजार रुपये प्रति माह और कस्बों में बारह हजार रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए। ► सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आयकर दाता, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी और सरकारी पेंशनभोगी अम्मौदी के पात्र नहीं हैं। ►कृषि भूमि दस एकड़ मेट्टा, तीन एकड़ मगनी भूमि और दस एकड़ यदि दोनों संयुक्त हो तो होनी चाहिए। ► जिनकी बिजली की अधिकतम खपत तीन सौ यूनिट प्रति माह से अधिक नहीं है वे भी पात्र हैं। ► चौपहिया वाहन मालिकों के संबंध में, उनके स्वयं के चालकों द्वारा चलायी जा रही टैक्सियों के साथ-साथ ट्रैक्टर और ऑटो को भी छूट दी गई है। वे अम्मोदी योजना के लिए पात्र हैं। ► कस्बों में अचल संपत्ति के संबंध में, अम्मौदी लागू है यदि घर का क्षेत्रफल एक,शून्य वर्ग फुट से अधिक नहीं है। ► दसवीं कक्षा के बाद इंटरमीडिएट के अलावा पॉलिटेक्निक और ट्रिपल आईटी कोर्स में शामिल होने वालों के लिए जगन्नाथ विद्या दिवेना और डॉर्म दिवेना योजना लागू की जाएगी।
इंडिया न्यूज़, सिरसा, Important Role of Dera Sacha Sauda in Punjab Elections पंजाब में 20 फरवरी को मतदान (Punjab Assembly Elections2022 ) होना है, तारीख भी नजदीक आती जा रही है। लेकिन अभी तक डेरा सच्चा सौदा सिरसा की ओर से किसी पार्टी के नाम की घोषणा नहीं हुई है। अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि डेरा प्रेमियों की वोट कहां जाएगी। सूत्र बताते हैं कि इस बार वोट किस खाते में जाएगी इसके आदेश 18 फरवरी की शाम तक जारी होने की संभावना है। बता दें कि इससे पहले 2017 के चुनावों में डेरा की ओर से पंजाब में भाजपा-शिअद को आर्शीवाद मिला था। वैसे तो भारत समेत पूरे विश्व में ही डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई हैं। लेकिन पंजाब में बठिंडा बेल्ट समेत कई सीटों पर डेरा प्रेमी गहरा प्रभाव डालते रहे हैं। इस बार खुले तौर पर घोषणा की बजाए डेरा की पॉलिटिकल विंग अपने क्षेत्रों में सर्वे करने में जुटी हुई है। उनकी रिपोर्ट के बाद ही डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम 18 फरवरी की शाम प्रचार थमने के बाद ही तय करेंगे कि इस बार की वोट कहां जाएगी। पंजाब में 117 सीटों पर आगामी 20 फरवरी को मतदान होने हैं। ऐसे में अभी तक डेरा सच्चा सौदा ने किसी भी पार्टी को आर्शीवाद नहीं दिया है। बता दें कि डेरा मुखी अभी 21 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए हुए हैं। लेकिन अभी तक कोई भी राजनीतिक दल उनसे आशीर्वाद लेने नहीं पहुंची है। जबकि इससे पहले होता यह आया है कि चुनाव आते ही सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख डेरा मुखी के सामने नतमस्तक होते आए हैं।
इंडिया न्यूज़, सिरसा, Important Role of Dera Sacha Sauda in Punjab Elections पंजाब में बीस फरवरी को मतदान होना है, तारीख भी नजदीक आती जा रही है। लेकिन अभी तक डेरा सच्चा सौदा सिरसा की ओर से किसी पार्टी के नाम की घोषणा नहीं हुई है। अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि डेरा प्रेमियों की वोट कहां जाएगी। सूत्र बताते हैं कि इस बार वोट किस खाते में जाएगी इसके आदेश अट्ठारह फरवरी की शाम तक जारी होने की संभावना है। बता दें कि इससे पहले दो हज़ार सत्रह के चुनावों में डेरा की ओर से पंजाब में भाजपा-शिअद को आर्शीवाद मिला था। वैसे तो भारत समेत पूरे विश्व में ही डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई हैं। लेकिन पंजाब में बठिंडा बेल्ट समेत कई सीटों पर डेरा प्रेमी गहरा प्रभाव डालते रहे हैं। इस बार खुले तौर पर घोषणा की बजाए डेरा की पॉलिटिकल विंग अपने क्षेत्रों में सर्वे करने में जुटी हुई है। उनकी रिपोर्ट के बाद ही डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम अट्ठारह फरवरी की शाम प्रचार थमने के बाद ही तय करेंगे कि इस बार की वोट कहां जाएगी। पंजाब में एक सौ सत्रह सीटों पर आगामी बीस फरवरी को मतदान होने हैं। ऐसे में अभी तक डेरा सच्चा सौदा ने किसी भी पार्टी को आर्शीवाद नहीं दिया है। बता दें कि डेरा मुखी अभी इक्कीस दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए हुए हैं। लेकिन अभी तक कोई भी राजनीतिक दल उनसे आशीर्वाद लेने नहीं पहुंची है। जबकि इससे पहले होता यह आया है कि चुनाव आते ही सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख डेरा मुखी के सामने नतमस्तक होते आए हैं।
उड़ान के वर्षों के बाद मैं अंत में अपनी पहली उड़ान आज चूक गया। सौभाग्य से वेगास के लिए अगली उड़ान पर मिला। सशिमी और बोक चॉय के लिए बेड्रोस केउलियन, केयूलीयन इंक। के साथ मुलाकात की। इसके अलावा, कैनकन के पास रहस्य सिल्वरप्रिंग्स रिज़ॉर्ट में एक अच्छा समय था। मेरा यही सुझाव है। बाद में सुबह मैं लास वेगास के एक जिम में बेड्रोस केयूलियन के साथ एक डेडलिफ्ट कसरत करूँगा। यह अच्छा समय होगा। तब तक, मेरे पास आपके लिए कई प्रशिक्षण संसाधन हैंः
उड़ान के वर्षों के बाद मैं अंत में अपनी पहली उड़ान आज चूक गया। सौभाग्य से वेगास के लिए अगली उड़ान पर मिला। सशिमी और बोक चॉय के लिए बेड्रोस केउलियन, केयूलीयन इंक। के साथ मुलाकात की। इसके अलावा, कैनकन के पास रहस्य सिल्वरप्रिंग्स रिज़ॉर्ट में एक अच्छा समय था। मेरा यही सुझाव है। बाद में सुबह मैं लास वेगास के एक जिम में बेड्रोस केयूलियन के साथ एक डेडलिफ्ट कसरत करूँगा। यह अच्छा समय होगा। तब तक, मेरे पास आपके लिए कई प्रशिक्षण संसाधन हैंः
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार रात रिक्टर पैमाने पर 4. 2 तीव्रता का भूकंप आया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप पांच किमी की गहराई से आया। इसका उपरिकेंद्र राजस्थान में अलवर जिले के पास था। भूकंप के झटके रात 11. 46 बजे महसूस किए गए। डर के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर #earthquake ट्रेंड हो रहा है। साथ ही लोग मजेदार मीम्स भी शेयर कर रहे हैं, जिसे देखकर आपकी हंसी छूट जाएगी। एक यूजर ने 'हंगामा' फिल्म के सीन पर मीम शेयर किया, जो बेहद फनी है। इसमें दिखाया गया है कि एक तरफ भूकंप आ रहा है, जिसमें घर से बाहर निकलना पड़ता है। दूसरी तरफ कोरोना वायरस है, जिसकी वजह से घर के अंदर रहने को कहा जा रहा है और बीच में दिल्ली के लोग फंसे हुए हैं। एक यूजर ने मीम शेयर किया, जो ये जाहिर करता है कि दिल्ली में बार-बार भूकंप के झटके लगने पर दिल्लीवालों की क्या हालत हो रही है। देखिए भूकंप पर मजेदार मीम्सः
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार रात रिक्टर पैमाने पर चार. दो तीव्रता का भूकंप आया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप पांच किमी की गहराई से आया। इसका उपरिकेंद्र राजस्थान में अलवर जिले के पास था। भूकंप के झटके रात ग्यारह. छियालीस बजे महसूस किए गए। डर के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर #earthquake ट्रेंड हो रहा है। साथ ही लोग मजेदार मीम्स भी शेयर कर रहे हैं, जिसे देखकर आपकी हंसी छूट जाएगी। एक यूजर ने 'हंगामा' फिल्म के सीन पर मीम शेयर किया, जो बेहद फनी है। इसमें दिखाया गया है कि एक तरफ भूकंप आ रहा है, जिसमें घर से बाहर निकलना पड़ता है। दूसरी तरफ कोरोना वायरस है, जिसकी वजह से घर के अंदर रहने को कहा जा रहा है और बीच में दिल्ली के लोग फंसे हुए हैं। एक यूजर ने मीम शेयर किया, जो ये जाहिर करता है कि दिल्ली में बार-बार भूकंप के झटके लगने पर दिल्लीवालों की क्या हालत हो रही है। देखिए भूकंप पर मजेदार मीम्सः
उर्फी जावेद ने डांस करते हुए अपना एक नया वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो में उर्फी स्पाइरल पिंक ब्रा टॉप पहने बेहद हॉट लग रही हैं। देखे वीडियो। Urfi Javed's new dance video: सोशल मीडिया सेंसेशन उर्फी जावेद ने फिर एक बार अपने डांस मूव्स से इंटरनेट पर आग लगा दी। दरअसल, उर्फी ने कुछ देर पहले ही इंस्टाग्राम पर अपने डांस का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उर्फी किसी अंग्रेजी गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं साथ ही उन्होंने पिंक कलर की कॉयल जैसी ब्रा टॉप पहनी है। उर्फी इस ब्रा टॉप में बहुत ही हॉट लग रही हैं और साथ ही उनके डांस मूव्स लोगो को दीवाना कर करे हैं। इंटरनेट पर उर्फी की यह वीडियो तेजी से वायरल हो रही है और फैंस भी उर्फी की वीडियो पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। उर्फी का यह डांस वाला नया वीडियो जरूर देखें।
उर्फी जावेद ने डांस करते हुए अपना एक नया वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो में उर्फी स्पाइरल पिंक ब्रा टॉप पहने बेहद हॉट लग रही हैं। देखे वीडियो। Urfi Javed's new dance video: सोशल मीडिया सेंसेशन उर्फी जावेद ने फिर एक बार अपने डांस मूव्स से इंटरनेट पर आग लगा दी। दरअसल, उर्फी ने कुछ देर पहले ही इंस्टाग्राम पर अपने डांस का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उर्फी किसी अंग्रेजी गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं साथ ही उन्होंने पिंक कलर की कॉयल जैसी ब्रा टॉप पहनी है। उर्फी इस ब्रा टॉप में बहुत ही हॉट लग रही हैं और साथ ही उनके डांस मूव्स लोगो को दीवाना कर करे हैं। इंटरनेट पर उर्फी की यह वीडियो तेजी से वायरल हो रही है और फैंस भी उर्फी की वीडियो पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। उर्फी का यह डांस वाला नया वीडियो जरूर देखें।
Tokyo Olympics 2020: मनिका बत्रा के खिलाफ होगी कार्रवाई, नेशनल कोच की तौहीन करने की मिलेगी सजा! अरुण बनर्जी ने कहा है कि टेबल टेनिस फेडरेशन की कार्यकारी समिति अपनी अगली बैठक में तय करेगी कि मनिका बत्रा के खिलाफ इसके लिए कार्रवाई की जाए या नहीं. टोक्यो ओलिंपिक में टेबल टेनिस के महिला सिंगल्स के तीसरे राउंड में पहुंचने वाली मनिका बत्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मनिका के खिलाफ टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने नेशनल कोच सौम्यदीप रॉय से कोचिंग लेने से मना कर दिया था. फेडरेशन के महासचिव अरूण कुमार बनर्जी ने कहा कि टोक्यो से लौटने के बाद मनिका को इस बात का जवाब देने होगा कि उन्होंने सौम्यदीप से कोचिंग क्यों नहीं ली. अरुण बनर्जी ने कहा है कि टेबल टेनिस फेडरेशन की कार्यकारी समिति अपनी अगली बैठक में तय करेगी कि मनिका बत्रा के खिलाफ इसके लिए कार्रवाई की जाए या नहीं. सौम्यदीप को टोक्यो गए मैनेजर एमपी सिंह को इस मामले की पूरी जानकारी देने के लिए कहा है. ऑस्ट्रिया (Austria) की खिलाड़ी सोफिया पोल्कानोवा ने मनिका को्रे राउंड में 4-0 से हरा दिया था. बनर्जी ने हालांकि कहा " मनिका टोक्यो पहुंचने से पहले ही जानती थीं कि उनके कोच सन्मय परांजपे उनके मैचों के लिए मैदान में नहीं रहेंगे. बनर्जी ने कहा, " जाने से पहले ही वह जानती थी कि उनके कोच के पास पी श्रेणी की मान्यता है. जिसका अर्थ है कि वो सिर्फ प्रैक्टिस तक ही साथ रह सकते हैं. "मैं यहा बिना किसी कारण के सौम्यदीप के बचाव की आवश्यकता नहीं समझता. अपनी अगली बैठक के दौरान टीम लीडर (एम.पी. सिंह) की रिपोर्ट को टीटीएफआई कार्यकारी समिति के सामने रखूंगा और समिति भविष्य की कार्रवाई तय करेगी. मनिका ने अपने सिंग्लस मैच राष्ट्रीय कोच के बिना खेलना पसंद किया था. परांजपे ने उन्हें गैलरी से सलाह दी. टोक्यो में टेबल टेनिस मैच के दौरान उनके कॉर्नर में खाली कुर्सी चर्चा का विषय बनकर उभरी.
Tokyo Olympics दो हज़ार बीस: मनिका बत्रा के खिलाफ होगी कार्रवाई, नेशनल कोच की तौहीन करने की मिलेगी सजा! अरुण बनर्जी ने कहा है कि टेबल टेनिस फेडरेशन की कार्यकारी समिति अपनी अगली बैठक में तय करेगी कि मनिका बत्रा के खिलाफ इसके लिए कार्रवाई की जाए या नहीं. टोक्यो ओलिंपिक में टेबल टेनिस के महिला सिंगल्स के तीसरे राउंड में पहुंचने वाली मनिका बत्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मनिका के खिलाफ टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने नेशनल कोच सौम्यदीप रॉय से कोचिंग लेने से मना कर दिया था. फेडरेशन के महासचिव अरूण कुमार बनर्जी ने कहा कि टोक्यो से लौटने के बाद मनिका को इस बात का जवाब देने होगा कि उन्होंने सौम्यदीप से कोचिंग क्यों नहीं ली. अरुण बनर्जी ने कहा है कि टेबल टेनिस फेडरेशन की कार्यकारी समिति अपनी अगली बैठक में तय करेगी कि मनिका बत्रा के खिलाफ इसके लिए कार्रवाई की जाए या नहीं. सौम्यदीप को टोक्यो गए मैनेजर एमपी सिंह को इस मामले की पूरी जानकारी देने के लिए कहा है. ऑस्ट्रिया की खिलाड़ी सोफिया पोल्कानोवा ने मनिका को्रे राउंड में चार-शून्य से हरा दिया था. बनर्जी ने हालांकि कहा " मनिका टोक्यो पहुंचने से पहले ही जानती थीं कि उनके कोच सन्मय परांजपे उनके मैचों के लिए मैदान में नहीं रहेंगे. बनर्जी ने कहा, " जाने से पहले ही वह जानती थी कि उनके कोच के पास पी श्रेणी की मान्यता है. जिसका अर्थ है कि वो सिर्फ प्रैक्टिस तक ही साथ रह सकते हैं. "मैं यहा बिना किसी कारण के सौम्यदीप के बचाव की आवश्यकता नहीं समझता. अपनी अगली बैठक के दौरान टीम लीडर की रिपोर्ट को टीटीएफआई कार्यकारी समिति के सामने रखूंगा और समिति भविष्य की कार्रवाई तय करेगी. मनिका ने अपने सिंग्लस मैच राष्ट्रीय कोच के बिना खेलना पसंद किया था. परांजपे ने उन्हें गैलरी से सलाह दी. टोक्यो में टेबल टेनिस मैच के दौरान उनके कॉर्नर में खाली कुर्सी चर्चा का विषय बनकर उभरी.
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। अहल्या अथवा अहिल्या हिन्दू मिथकों में वर्णित एक स्त्री पात्र हैं, जो गौतम ऋषि की पत्नी थीं। ब्राह्मणों और पुराणों में इनकी कथा छिटपुट रूप से कई जगह प्राप्त होती है और रामायण और बाद की रामकथाओं में विस्तार से इनकी कथा वर्णित है। ब्रह्मा द्वारा रचित विश्व की सुन्दरतम स्त्रियों में से एक अहल्या की कथा मुख्य रूप से इन्द्र द्वारा इनके शीलहरण और इसके परिणामस्वरूप गौतम द्वारा दिये गए शाप का भाजन बनना तथा राम के चरणस्पर्श से शापमुक्ति के रूप में है। हिन्दू परम्परा में इन्हें, सृष्टि की पवित्रतम पाँच कन्याओं, पंचकन्याओं में से एक गिना जाता है और इन्हें प्रातः स्मरणीय माना जाता है। मान्यता अनुसार प्रातःकाल इन पंचकन्याओं का नाम स्मरण सभी पापों का विनाश करता है। . द्रौपदी महाभारत के सबसे प्रसिद्ध पात्रों में से एक है। इस महाकाव्य के अनुसार द्रौपदी पांचाल देश के राजा द्रुपद की पुत्री है जो बाद में पांचों पाण्डवों की पत्नी बनी। द्रौपदी पंच-कन्याओं में से एक हैं जिन्हें चिर-कुमारी कहा जाता है। ये कृष्णा, यज्ञसेनी, महाभारती, सैरंध्री आदि अन्य नामो से भी विख्यात है। द्रौपदी का विवाह पाँचों पाण्डव भाईयों से हुआ था। पांडवों द्वारा इनसे जन्मे पांच पुत्र (क्रमशः प्रतिविंध्य, सुतसोम, श्रुतकीर्ती, शतानीक व श्रुतकर्मा) उप-पांडव नाम से विख्यात थे। . अहिल्या और द्रौपदी आम में 2 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): राजा रवि वर्मा, कुन्ती। राजा रवि वर्मा की कलाकृति- "'ग्वालिन"' राजा रवि वर्मा (१८४८ - १९०६) भारत के विख्यात चित्रकार थे। उन्होंने भारतीय साहित्य और संस्कृति के पात्रों का चित्रण किया। उनके चित्रों की सबसे बड़ी विशेषता हिंदू महाकाव्यों और धर्मग्रन्थों पर बनाए गए चित्र हैं। हिन्दू मिथकों का बहुत ही प्रभावशाली इस्तेमाल उनके चित्रों में दिखता हैं। वडोदरा (गुजरात) स्थित लक्ष्मीविलास महल के संग्रहालय में उनके चित्रों का बहुत बड़ा संग्रह है। . Gandhari, blindfolded, supporting Dhrtarashtra and following Kunti when Dhrtarashtra became old and infirm and retired to the forest. A miniature painting from a sixteenth century manuscript of part of the Razmnama कुंती महाभारत में वर्णित पांडव जो कि पाँच थे, में से बङे तीन की माता थीं। कुन्ती पंच-कन्याओं में से एक हैं जिन्हें चिर-कुमारी कहा जाता है। कुन्ती वसुदेव जी की बहन और भगवान श्रीकृष्ण की बुआ थी। महाराज कुन्तिभोज ने कुन्ती को गोद लिया था। ये हस्तिनापुर के नरेश महाराज पांडु की पहली पत्नी थीं। कुंती को कुंआरेपन में महर्षि दुर्वासा ने एक वरदान दिया था जिसमें कुंती किसी भी देवता का आवाहन कर सकती थी और उन देवताओं से संतान प्राप्त कर सकती थी। पाण्डु एवं कुंती ने इस वरदान का प्रयोग किया एवं धर्मराज, वायु एवं इंद्र देवता का आवाहन किया। अर्जुन तीसरे पुत्र थे जो देवताओं के राजा इंद्र से हुए। कुंती का एक नाम पृथा भी था। उधिस्थिर यमराज और कुंती का पुत्र था। भीम वायु और कुंती का पुत्र था। अर्जुन इन्द्र और कुंती का पुत्र था। सहदेव और नकुल अश्विनीकुमार और माद्री का पुत्र था। और अश्विनीकुमार देवो के वेध है। . अहिल्या 15 संबंध है और द्रौपदी 23 है। वे आम 2 में है, समानता सूचकांक 5.26% है = 2 / (15 + 23)। यह लेख अहिल्या और द्रौपदी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। अहल्या अथवा अहिल्या हिन्दू मिथकों में वर्णित एक स्त्री पात्र हैं, जो गौतम ऋषि की पत्नी थीं। ब्राह्मणों और पुराणों में इनकी कथा छिटपुट रूप से कई जगह प्राप्त होती है और रामायण और बाद की रामकथाओं में विस्तार से इनकी कथा वर्णित है। ब्रह्मा द्वारा रचित विश्व की सुन्दरतम स्त्रियों में से एक अहल्या की कथा मुख्य रूप से इन्द्र द्वारा इनके शीलहरण और इसके परिणामस्वरूप गौतम द्वारा दिये गए शाप का भाजन बनना तथा राम के चरणस्पर्श से शापमुक्ति के रूप में है। हिन्दू परम्परा में इन्हें, सृष्टि की पवित्रतम पाँच कन्याओं, पंचकन्याओं में से एक गिना जाता है और इन्हें प्रातः स्मरणीय माना जाता है। मान्यता अनुसार प्रातःकाल इन पंचकन्याओं का नाम स्मरण सभी पापों का विनाश करता है। . द्रौपदी महाभारत के सबसे प्रसिद्ध पात्रों में से एक है। इस महाकाव्य के अनुसार द्रौपदी पांचाल देश के राजा द्रुपद की पुत्री है जो बाद में पांचों पाण्डवों की पत्नी बनी। द्रौपदी पंच-कन्याओं में से एक हैं जिन्हें चिर-कुमारी कहा जाता है। ये कृष्णा, यज्ञसेनी, महाभारती, सैरंध्री आदि अन्य नामो से भी विख्यात है। द्रौपदी का विवाह पाँचों पाण्डव भाईयों से हुआ था। पांडवों द्वारा इनसे जन्मे पांच पुत्र उप-पांडव नाम से विख्यात थे। . अहिल्या और द्रौपदी आम में दो बातें हैं : राजा रवि वर्मा, कुन्ती। राजा रवि वर्मा की कलाकृति- "'ग्वालिन"' राजा रवि वर्मा भारत के विख्यात चित्रकार थे। उन्होंने भारतीय साहित्य और संस्कृति के पात्रों का चित्रण किया। उनके चित्रों की सबसे बड़ी विशेषता हिंदू महाकाव्यों और धर्मग्रन्थों पर बनाए गए चित्र हैं। हिन्दू मिथकों का बहुत ही प्रभावशाली इस्तेमाल उनके चित्रों में दिखता हैं। वडोदरा स्थित लक्ष्मीविलास महल के संग्रहालय में उनके चित्रों का बहुत बड़ा संग्रह है। . Gandhari, blindfolded, supporting Dhrtarashtra and following Kunti when Dhrtarashtra became old and infirm and retired to the forest. A miniature painting from a sixteenth century manuscript of part of the Razmnama कुंती महाभारत में वर्णित पांडव जो कि पाँच थे, में से बङे तीन की माता थीं। कुन्ती पंच-कन्याओं में से एक हैं जिन्हें चिर-कुमारी कहा जाता है। कुन्ती वसुदेव जी की बहन और भगवान श्रीकृष्ण की बुआ थी। महाराज कुन्तिभोज ने कुन्ती को गोद लिया था। ये हस्तिनापुर के नरेश महाराज पांडु की पहली पत्नी थीं। कुंती को कुंआरेपन में महर्षि दुर्वासा ने एक वरदान दिया था जिसमें कुंती किसी भी देवता का आवाहन कर सकती थी और उन देवताओं से संतान प्राप्त कर सकती थी। पाण्डु एवं कुंती ने इस वरदान का प्रयोग किया एवं धर्मराज, वायु एवं इंद्र देवता का आवाहन किया। अर्जुन तीसरे पुत्र थे जो देवताओं के राजा इंद्र से हुए। कुंती का एक नाम पृथा भी था। उधिस्थिर यमराज और कुंती का पुत्र था। भीम वायु और कुंती का पुत्र था। अर्जुन इन्द्र और कुंती का पुत्र था। सहदेव और नकुल अश्विनीकुमार और माद्री का पुत्र था। और अश्विनीकुमार देवो के वेध है। . अहिल्या पंद्रह संबंध है और द्रौपदी तेईस है। वे आम दो में है, समानता सूचकांक पाँच.छब्बीस% है = दो / । यह लेख अहिल्या और द्रौपदी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल विंध्य कॉरिडोर योजना का मंगलवार को अपराह्न जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए एक सप्ताह में कार्य आरंभ करने को कहा। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे विन्ध्य कॉरिडोर कार्य प्रगति की समीक्षा के लिए विन्ध्याचल पहुंचे थे। कॉरिडोर कार्य में हो रही लेट लतीफी पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने विंध्याचल धाम के परिक्रमा पथ, पुरानी वीआईपी, न्यू वीआईपी, कोतवाली रोड एवं पक्का घाट मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियर को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर एक सप्ताह में कॉरिडोर का कार्य प्रारंभ होना चाहिए। अगर कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो मुझे अवगत कराएं। पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बुधवार को खरीदी गई समस्त सम्पत्तियों का सीमांकन कर लिखित रूप से कंपनी को सुपुर्द करें। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज यादव से उन्होंने कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत तारों को भूमिगत करने की योजना के बारे में पूछा। बिजली कनेक्शन के लिए अतिशीघ्र कार्य आरंभ करने का निर्देश जारी किया। नगर पालिका जलकल से उन्होंने कहा कि पेयजलापूर्ति पाइप लाइन को व्यवस्थित कराने और निर्माण कार्य के दौरान नागरिकों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े यह सुनिश्चित करने को कहा। अमृत योजना और सीवर प्लांटों के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि घाटों के किनारों के करीब स्थित मकानों के सिलेट किस प्रकार व्यवस्थित किए जाएं। इस पर प्लान बनाया जाए। जरूरत पड़ने पर नदी के किनारों से भी पाइप लाइन बिछाकर योजना को गति प्रदान की जाए। स्थलीय निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर प्रभात राय, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद ओमप्रकाश, पर्यटन अधिकारी नवीन कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी प्रवीण कुमार चौहान और नायब तहसीलदार आदि मौजूद रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल विंध्य कॉरिडोर योजना का मंगलवार को अपराह्न जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए एक सप्ताह में कार्य आरंभ करने को कहा। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे विन्ध्य कॉरिडोर कार्य प्रगति की समीक्षा के लिए विन्ध्याचल पहुंचे थे। कॉरिडोर कार्य में हो रही लेट लतीफी पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने विंध्याचल धाम के परिक्रमा पथ, पुरानी वीआईपी, न्यू वीआईपी, कोतवाली रोड एवं पक्का घाट मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियर को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर एक सप्ताह में कॉरिडोर का कार्य प्रारंभ होना चाहिए। अगर कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो मुझे अवगत कराएं। पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बुधवार को खरीदी गई समस्त सम्पत्तियों का सीमांकन कर लिखित रूप से कंपनी को सुपुर्द करें। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज यादव से उन्होंने कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत तारों को भूमिगत करने की योजना के बारे में पूछा। बिजली कनेक्शन के लिए अतिशीघ्र कार्य आरंभ करने का निर्देश जारी किया। नगर पालिका जलकल से उन्होंने कहा कि पेयजलापूर्ति पाइप लाइन को व्यवस्थित कराने और निर्माण कार्य के दौरान नागरिकों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े यह सुनिश्चित करने को कहा। अमृत योजना और सीवर प्लांटों के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि घाटों के किनारों के करीब स्थित मकानों के सिलेट किस प्रकार व्यवस्थित किए जाएं। इस पर प्लान बनाया जाए। जरूरत पड़ने पर नदी के किनारों से भी पाइप लाइन बिछाकर योजना को गति प्रदान की जाए। स्थलीय निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर प्रभात राय, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद ओमप्रकाश, पर्यटन अधिकारी नवीन कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी प्रवीण कुमार चौहान और नायब तहसीलदार आदि मौजूद रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
ओवैसी को मुस्लिम वोटर अब विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। यही कारण है कि यूपी निकाय चुनाव में मुस्लिम बहुल इलाकों में सपा से ज्यादा ओवैसी की पार्टी को वोट मिले हैं। सुमित शर्मा, कानपुरः उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। पिछले कई दशकों में जो काम बीएसपी, बीजेपी और कांग्रेस नहीं कर पाई, वो काम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कर दिखाया। ओवैसी यूपी में सपा के एम-वाई (मुस्लिम-यादव) किले को भेदने में कामयाब हो रहे हैं। निकाय चुनाव में उन्होंने सपा के मुस्लिम वोटरों में जबरदस्त सेंध लगाई है। मुस्लिम वार्डों में एआईएमआईएम ने सपा को सीधी टक्कर दी है। सपा की जीत में सबसे बड़ी बाधक भी बनी है। जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा है। कांग्रेस, सपा और बीएसपी मुस्लिम वोटरों की राजनीति करती हैं। मुस्लिम वोटर भी इन्हीं तीनों पार्टियों को वोट करते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में देखा गया है कि मुस्लिम वोटर कांग्रेस, सपा और बीएसपी से दूरी बना रहा है। मुस्लिम वोटर एआईएमआईएम को एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। इसके पीछे मुख्य यह भी मानी जा रही है कि असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम समुदायों के मुद्दो पर खुलकर बोलते हैं। उनके हितों की बात करते हैं। साथ ही उनकी बातों को मजबूती से रखते हैं। जिसकी वजह से यूपी का मुस्लिम वोटर सपा समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों से दूरी बना रहे हैं। मुस्लिम समाज को लग रहा है कि समाजवादी पार्टी उनके हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं है। सपा मुखिया अखिलेश यादव विधायक इरफान से मिलने के लिए कानपुर जेल पहुंचे तो इरफान को 400 किलोमीटर दूर महाराजगंज जेल में भेज दिया गया। आरिफ के दोस्त सारस से मिलने के लिए अखिलेश पहुंचे तो आरिफ से सारस को जुदा कर दिया गया। इरफान, आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान के मामलों में अखिलेश यादव कुछ नहीं कर पाए, जिससे मुस्लिम समाज में सपा के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। जिसकी वजह से मुस्लिम वोटर विकल्प के रूप में एआईएमआईएम की तरफ देख रहा है। यूपी के कानपुर की बात की जाए तो निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने शानदार प्रदर्शन किया है। एआईएमआईएम ने सबसे ज्यादा नुकसान सपा का किया है। जिसका सीधा फायदा बीजेपी ने उठाया है। घाटमपुर नगर पालिका में अध्यक्ष के चुनाव में एआईएमआईएम प्रत्याशी गजाला तबस्सुम ने सपा की चंद्रक्रांति सचान को 84 वोटों से हरा दिया। घाटमपुर बीजेपी का किला माना जाता है, कुर्मी वोटरों का गढ़ कहा जाता है। घाटपुर विधानसभा सीट से बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) से सरोज कुरील विधायक हैं। इसके साथ अकबरपुर लोकसभा सीट से देवेंद्र सिंह सांसद हैं। इसके बाद भी निकाय चुनाव में एआईएमआईएम की गजाला तबस्सुम की जीत ने सभी राजनीतिक पार्टियों के होश उड़ा दिए हैं। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से 2017 के निकाय चुनाव में भी एक पार्षद ने जीत दर्ज की थी। वहीं, इस निकाय चुनाव में भी एक पार्षद ने जीत दर्ज की है। कर्नलगंज के वार्ड-110 से मो. नौशाद ने जीत दर्ज की है। वहीं, एआईएमआईएम की महापौर प्रत्याशी शहाना परवीन को 16,372 वोट मिले हैं। शहाना परवीन को ये वोट मुस्लिम इलाकों से मिला है। जिसका नुकसान कांग्रेस और सपा को उठाना पड़ा है। जिसका सीधे तौर पर बीजेपी ने फायदा उठाया है। इसके साथ ही एआईएमआईएम का वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। मुस्लिम क्षेत्रों में ओवैसी की पार्टी तेजी से विस्तार कर रही है। निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने कई मुस्लिम वार्डों में सपा को सीधी टक्कर दी, जिसमें सपा प्रत्याशियों ने जीत तो दर्ज की, लेकिन बहुत मामूली बढ़त के साथ। इसके साथ ही कई वार्डों में एआईएमआईएम ने सपा का समीकरण बिगाड़ दिया। वोट कटवा का काम करने की वजह से वार्ड-प्रत्याशियों को हार का भी सामना करना पड़ा। एआईएमआईएम के वार्ड प्रत्याशी कई सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे।
ओवैसी को मुस्लिम वोटर अब विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। यही कारण है कि यूपी निकाय चुनाव में मुस्लिम बहुल इलाकों में सपा से ज्यादा ओवैसी की पार्टी को वोट मिले हैं। सुमित शर्मा, कानपुरः उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। पिछले कई दशकों में जो काम बीएसपी, बीजेपी और कांग्रेस नहीं कर पाई, वो काम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कर दिखाया। ओवैसी यूपी में सपा के एम-वाई किले को भेदने में कामयाब हो रहे हैं। निकाय चुनाव में उन्होंने सपा के मुस्लिम वोटरों में जबरदस्त सेंध लगाई है। मुस्लिम वार्डों में एआईएमआईएम ने सपा को सीधी टक्कर दी है। सपा की जीत में सबसे बड़ी बाधक भी बनी है। जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा है। कांग्रेस, सपा और बीएसपी मुस्लिम वोटरों की राजनीति करती हैं। मुस्लिम वोटर भी इन्हीं तीनों पार्टियों को वोट करते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में देखा गया है कि मुस्लिम वोटर कांग्रेस, सपा और बीएसपी से दूरी बना रहा है। मुस्लिम वोटर एआईएमआईएम को एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। इसके पीछे मुख्य यह भी मानी जा रही है कि असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम समुदायों के मुद्दो पर खुलकर बोलते हैं। उनके हितों की बात करते हैं। साथ ही उनकी बातों को मजबूती से रखते हैं। जिसकी वजह से यूपी का मुस्लिम वोटर सपा समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों से दूरी बना रहे हैं। मुस्लिम समाज को लग रहा है कि समाजवादी पार्टी उनके हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं है। सपा मुखिया अखिलेश यादव विधायक इरफान से मिलने के लिए कानपुर जेल पहुंचे तो इरफान को चार सौ किलोग्राममीटर दूर महाराजगंज जेल में भेज दिया गया। आरिफ के दोस्त सारस से मिलने के लिए अखिलेश पहुंचे तो आरिफ से सारस को जुदा कर दिया गया। इरफान, आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान के मामलों में अखिलेश यादव कुछ नहीं कर पाए, जिससे मुस्लिम समाज में सपा के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। जिसकी वजह से मुस्लिम वोटर विकल्प के रूप में एआईएमआईएम की तरफ देख रहा है। यूपी के कानपुर की बात की जाए तो निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने शानदार प्रदर्शन किया है। एआईएमआईएम ने सबसे ज्यादा नुकसान सपा का किया है। जिसका सीधा फायदा बीजेपी ने उठाया है। घाटमपुर नगर पालिका में अध्यक्ष के चुनाव में एआईएमआईएम प्रत्याशी गजाला तबस्सुम ने सपा की चंद्रक्रांति सचान को चौरासी वोटों से हरा दिया। घाटमपुर बीजेपी का किला माना जाता है, कुर्मी वोटरों का गढ़ कहा जाता है। घाटपुर विधानसभा सीट से बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल से सरोज कुरील विधायक हैं। इसके साथ अकबरपुर लोकसभा सीट से देवेंद्र सिंह सांसद हैं। इसके बाद भी निकाय चुनाव में एआईएमआईएम की गजाला तबस्सुम की जीत ने सभी राजनीतिक पार्टियों के होश उड़ा दिए हैं। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से दो हज़ार सत्रह के निकाय चुनाव में भी एक पार्षद ने जीत दर्ज की थी। वहीं, इस निकाय चुनाव में भी एक पार्षद ने जीत दर्ज की है। कर्नलगंज के वार्ड-एक सौ दस से मो. नौशाद ने जीत दर्ज की है। वहीं, एआईएमआईएम की महापौर प्रत्याशी शहाना परवीन को सोलह,तीन सौ बहत्तर वोट मिले हैं। शहाना परवीन को ये वोट मुस्लिम इलाकों से मिला है। जिसका नुकसान कांग्रेस और सपा को उठाना पड़ा है। जिसका सीधे तौर पर बीजेपी ने फायदा उठाया है। इसके साथ ही एआईएमआईएम का वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। मुस्लिम क्षेत्रों में ओवैसी की पार्टी तेजी से विस्तार कर रही है। निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने कई मुस्लिम वार्डों में सपा को सीधी टक्कर दी, जिसमें सपा प्रत्याशियों ने जीत तो दर्ज की, लेकिन बहुत मामूली बढ़त के साथ। इसके साथ ही कई वार्डों में एआईएमआईएम ने सपा का समीकरण बिगाड़ दिया। वोट कटवा का काम करने की वजह से वार्ड-प्रत्याशियों को हार का भी सामना करना पड़ा। एआईएमआईएम के वार्ड प्रत्याशी कई सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे।
भारत के संविधान के अनुसार केन्द्रीय मंत्री को संसद् के दोनों में से किसी भी एक सदन का सदस्य होना चाहिए । लोकसभा के सदस्यों का चुनाव होता है । पिता को मरे थोड़े ही दिन हुए थे, इसलिए इन्दिरा चुनाव के हंगामे को प्रोढ़ने की मनःस्थिति में नहीं थी । उसने राज्यसभा का सदस्य बनना ज्यादा उपयुक्त समझा और वह नामज़द कर दी गई । और इस तरह संसदीय प्रणाली तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का काम सीखने का अवसर उसे मिला । भारत जैसे विशाल देश में, जहां व्यापक रूप से निरक्षरता है और संचार - साधनों की बेहद कमी, रेडियो और टेलीविज़न घर बैठे ज्ञान प्राप्त कराने के काम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं । लेकिन भारतीय कार्यक्रम स्तर और समय, दोनों ही दृष्टियों से उन्नत देशों की तुलना में बहुत पिछड़े हुए थे । प्रसारणों को बहुत कम लोग सुन पाते थे, क्योंकि महंगा होने के कारण श्रौत आदमी रेडियो खरीद नहीं सकता था । इन्दिरा ने ज्यादा लोगों तक रेडियो कार्यक्रमों को पहुंचाने का उपाय सोचा । "भारत में बने बहुत महंगे रेडियो ही सैकड़ों मील दूर तक के स्टेशन पकड़ सकते थे, इसलिए एक से अधिक स्टेशनों को पकड़नेवाले शार्टवेव ग्राही सस्ते ट्रांजिस्टर रेडियो बनाने" के उद्योगों को उसने बढ़ावा दिया। और "जो रेडियो प्रसारण अभी तक सरकार के एकछत्र अधिकार में था और शासक दल का ही राग अलापा करता था उसे उसने विरोधी दलों के सदस्यों और स्वतंत्र विचार के वक्ताओं के लिए भी सुलभ कर दिया ।" १ नई दिल्ली में एक छोटा-सा टेलीविज़न केन्द्र भी था; लेकिन उसके कार्यक्रम उच्च कोटि के नहीं होते थे । परिवारनियोजन सम्बन्धी सामाजिक महत्त्व के एक ही कार्यक्रम द्वारा इन्दिरा ने उसे लोकरुचि सम्पन्न बना दिया । उस कार्यक्रम में निरोध की कृत्रिम पद्धतियों को भी समझाया गया था । वह कार्यक्रम इस बात का सूचक था कि इन्दिरा भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या के बारे में सजग और उसे रोकने के लिए भी सचेण्ट थी । उसके मंत्रालय के अन्तर्गत सिनेमा, नाटक और नृत्यकला से सम्बन्धित कुछ विशिष्ट प्रशासकीय कार्य भी थे । इन्दिरा ने इन क्षेत्रों में प्राधुनिक विधाओं को प्रोत्साहित किया, अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शुरू करवाया और नाट्य एवं नृत्य दलों को सरकारी सहायता प्रदान की । प्रगतिशील ( अति नैतिकतावादी नहीं ) दृष्टिकोण वाले स्त्री-पुरुषों को फिल्म सेन्सर बोर्ड में नियुक्त कर उसने उसे एक नया रूप ही दे दिया । इन्दिरा कई विदेशी नेताओं से मिल चुकी थी और अनेक महत्त्वपूर्ण राजनयिक चर्चाओं में उपस्थित रह चुकी थी, इसलिए मंत्रि-परिषद में उसका स्थान काफी ऊंचा था । भारत सरकार के प्रतिनिधि की हैसियत से एक मंत्री के रूप में मास्को के निमंत्रण पर सोवियत संघ की यात्रा उसका पहला महत्त्वपूर्ण वैदेशिक कार्य था । अव वहां निकिता ग्रुश्चेव के स्थान पर अलेक्सी कोसीजिन औौर ल्योनिद ब्रेज़नेव शासनारूढ़ थे । सवाल यह था कि क्या भारत के प्रति रूसी नीति में परिवर्तन होगा ? इन्दिरा नये सोवियत नेताओं से यह
भारत के संविधान के अनुसार केन्द्रीय मंत्री को संसद् के दोनों में से किसी भी एक सदन का सदस्य होना चाहिए । लोकसभा के सदस्यों का चुनाव होता है । पिता को मरे थोड़े ही दिन हुए थे, इसलिए इन्दिरा चुनाव के हंगामे को प्रोढ़ने की मनःस्थिति में नहीं थी । उसने राज्यसभा का सदस्य बनना ज्यादा उपयुक्त समझा और वह नामज़द कर दी गई । और इस तरह संसदीय प्रणाली तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का काम सीखने का अवसर उसे मिला । भारत जैसे विशाल देश में, जहां व्यापक रूप से निरक्षरता है और संचार - साधनों की बेहद कमी, रेडियो और टेलीविज़न घर बैठे ज्ञान प्राप्त कराने के काम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं । लेकिन भारतीय कार्यक्रम स्तर और समय, दोनों ही दृष्टियों से उन्नत देशों की तुलना में बहुत पिछड़े हुए थे । प्रसारणों को बहुत कम लोग सुन पाते थे, क्योंकि महंगा होने के कारण श्रौत आदमी रेडियो खरीद नहीं सकता था । इन्दिरा ने ज्यादा लोगों तक रेडियो कार्यक्रमों को पहुंचाने का उपाय सोचा । "भारत में बने बहुत महंगे रेडियो ही सैकड़ों मील दूर तक के स्टेशन पकड़ सकते थे, इसलिए एक से अधिक स्टेशनों को पकड़नेवाले शार्टवेव ग्राही सस्ते ट्रांजिस्टर रेडियो बनाने" के उद्योगों को उसने बढ़ावा दिया। और "जो रेडियो प्रसारण अभी तक सरकार के एकछत्र अधिकार में था और शासक दल का ही राग अलापा करता था उसे उसने विरोधी दलों के सदस्यों और स्वतंत्र विचार के वक्ताओं के लिए भी सुलभ कर दिया ।" एक नई दिल्ली में एक छोटा-सा टेलीविज़न केन्द्र भी था; लेकिन उसके कार्यक्रम उच्च कोटि के नहीं होते थे । परिवारनियोजन सम्बन्धी सामाजिक महत्त्व के एक ही कार्यक्रम द्वारा इन्दिरा ने उसे लोकरुचि सम्पन्न बना दिया । उस कार्यक्रम में निरोध की कृत्रिम पद्धतियों को भी समझाया गया था । वह कार्यक्रम इस बात का सूचक था कि इन्दिरा भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या के बारे में सजग और उसे रोकने के लिए भी सचेण्ट थी । उसके मंत्रालय के अन्तर्गत सिनेमा, नाटक और नृत्यकला से सम्बन्धित कुछ विशिष्ट प्रशासकीय कार्य भी थे । इन्दिरा ने इन क्षेत्रों में प्राधुनिक विधाओं को प्रोत्साहित किया, अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शुरू करवाया और नाट्य एवं नृत्य दलों को सरकारी सहायता प्रदान की । प्रगतिशील दृष्टिकोण वाले स्त्री-पुरुषों को फिल्म सेन्सर बोर्ड में नियुक्त कर उसने उसे एक नया रूप ही दे दिया । इन्दिरा कई विदेशी नेताओं से मिल चुकी थी और अनेक महत्त्वपूर्ण राजनयिक चर्चाओं में उपस्थित रह चुकी थी, इसलिए मंत्रि-परिषद में उसका स्थान काफी ऊंचा था । भारत सरकार के प्रतिनिधि की हैसियत से एक मंत्री के रूप में मास्को के निमंत्रण पर सोवियत संघ की यात्रा उसका पहला महत्त्वपूर्ण वैदेशिक कार्य था । अव वहां निकिता ग्रुश्चेव के स्थान पर अलेक्सी कोसीजिन औौर ल्योनिद ब्रेज़नेव शासनारूढ़ थे । सवाल यह था कि क्या भारत के प्रति रूसी नीति में परिवर्तन होगा ? इन्दिरा नये सोवियत नेताओं से यह
Aaj Samaj (आज समाज), USA Khalistan News, वाशिंगटनः खालिस्तानी समर्थकों ने अमेरिका में अब भारतीय वाणिज्य दूतावास को आग लगा दी। वारदात सैन फ्रांसिस्को की है। अमेरिकी सरकार के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने आज इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि खालिस्तानी समर्थक पंजाब में वारिस पंजाब दे के जत्थेदार अमृतपाल सिंह के खिलाफ चल रही कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। गत मार्च में भी उसकी रिहाई की मांग को लेकर खालिस्तानियों ने सैन फ्रांसिस्को स्थिति इसी दूतावास को घेरा था। इससे पहले लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तानियों ने प्रदर्शन के बाद तिरंगे का अपमान किया था। सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारतीय दूतावासों को घेरने की धमकी है। उसने पिछले महीने 30 जून को कहा था कि आठ जुलाई से भारतीय दूतावासों का घेराव घेरेंगे। इस ऐलान के अगले ही दिन एक जुलाई की रात को सैन फ्रांसिस्को में खालीस्तानी समर्थकों ने ताजा वारदात को अंजाम दिया। मैथ्यू मिलर ने कहा कि दूतावास को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। एफडीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना में दूतावास को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। पन्नू ने एक वीडियो रिलीज कर कहा था कि आठ जुलाई को कनाडा, अमेरिका, आॅस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और यूरोपियन देशों में 21-21 सिखों का जत्था भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करेगा। उसने इन रैलियों को 'किल भारत' नाम दिया है। तिरंगे का अपमान करने की भी बात कही गई है। पन्नू की धमकी व सैन फ्रांसिस्को की ताजा वारदात के बाद भारतीय जांच एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खालिस्तानी समर्थकों ने वारदात का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि हिंसा से ही हिंसा पैदा होती है। समर्थकों ने इसे पिछले माह कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का बदला बताया गया है। बता दें कि निज्जर को इसी जून में कनाडा के सरी में गुरु नानक गुरुद्वारे के बाहर पार्किंग में दो अज्ञात बाइक सवारों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद से पन्नू भी अंडरग्राउंड है। जांच एजेंसियां उसकी लोकेशन को ढूंढने में जुटी हैं। यह भी पढ़ें :
Aaj Samaj , USA Khalistan News, वाशिंगटनः खालिस्तानी समर्थकों ने अमेरिका में अब भारतीय वाणिज्य दूतावास को आग लगा दी। वारदात सैन फ्रांसिस्को की है। अमेरिकी सरकार के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने आज इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि खालिस्तानी समर्थक पंजाब में वारिस पंजाब दे के जत्थेदार अमृतपाल सिंह के खिलाफ चल रही कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। गत मार्च में भी उसकी रिहाई की मांग को लेकर खालिस्तानियों ने सैन फ्रांसिस्को स्थिति इसी दूतावास को घेरा था। इससे पहले लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तानियों ने प्रदर्शन के बाद तिरंगे का अपमान किया था। सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारतीय दूतावासों को घेरने की धमकी है। उसने पिछले महीने तीस जून को कहा था कि आठ जुलाई से भारतीय दूतावासों का घेराव घेरेंगे। इस ऐलान के अगले ही दिन एक जुलाई की रात को सैन फ्रांसिस्को में खालीस्तानी समर्थकों ने ताजा वारदात को अंजाम दिया। मैथ्यू मिलर ने कहा कि दूतावास को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। एफडीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना में दूतावास को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। पन्नू ने एक वीडियो रिलीज कर कहा था कि आठ जुलाई को कनाडा, अमेरिका, आॅस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और यूरोपियन देशों में इक्कीस-इक्कीस सिखों का जत्था भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करेगा। उसने इन रैलियों को 'किल भारत' नाम दिया है। तिरंगे का अपमान करने की भी बात कही गई है। पन्नू की धमकी व सैन फ्रांसिस्को की ताजा वारदात के बाद भारतीय जांच एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खालिस्तानी समर्थकों ने वारदात का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि हिंसा से ही हिंसा पैदा होती है। समर्थकों ने इसे पिछले माह कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का बदला बताया गया है। बता दें कि निज्जर को इसी जून में कनाडा के सरी में गुरु नानक गुरुद्वारे के बाहर पार्किंग में दो अज्ञात बाइक सवारों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद से पन्नू भी अंडरग्राउंड है। जांच एजेंसियां उसकी लोकेशन को ढूंढने में जुटी हैं। यह भी पढ़ें :
देश के कई प्राइवेट बैंक बीते कई दिनों से लगातार अपनी ब्याज दरों में बदलाव कर रहे हैं। इसका कारण है हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर बढ़ाया गया रेपो रेट। आरबीआई के इस फैसले के बाद से अब सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक एफडी यानी कि फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में बदलाव कर रहे हैं। इसी क्रम में ICICI Bank ने भी एफडी के दाम बढ़ा दिए हैं। अगर आप ICICI Bank के ग्राहक हैं तो आपको पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलेगा। ICICI Bank ने 2 करोड़ से ज्यादा और 5 करोड़ रुपए से कम की एफडी स्कीम पर ब्याज दरों में इजाफा किया है। ब्याज दरों को बढ़ाने की जानकारी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। वेबसाइट के मुताबिक, बैंक की ओर से बढ़ाई गई ये ब्याज दरें 15 अक्टूबर 2022 से लागू हो चुकी हैं। बढ़ी हुई ब्याज दरों के हिसाब से अब ग्राहकों को 7 दिन से 10 साल तक की एफडी पर 3. 75-6. 25 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। इसके अलावा 1 साल से 2 साल और 1 दिन से 3 साल के लिए एफडी पर 6. 50 फीसदी का ब्याज मिलेगा। इसके पहले भी कई प्राइवेट बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। HDFC bank ने एफडी की ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइंट यानी 0. 75 फीसदी की बढ़ोतरी की। इसके अलावा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी अपनी एफडी पर ब्याज दरों को बढ़ाया था। श्रीराम सिटी यूनियन बैंक ने भी सभी अवधि के फिक्स डिपॉजिट पर 5 से 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी।
देश के कई प्राइवेट बैंक बीते कई दिनों से लगातार अपनी ब्याज दरों में बदलाव कर रहे हैं। इसका कारण है हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर बढ़ाया गया रेपो रेट। आरबीआई के इस फैसले के बाद से अब सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक एफडी यानी कि फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में बदलाव कर रहे हैं। इसी क्रम में ICICI Bank ने भी एफडी के दाम बढ़ा दिए हैं। अगर आप ICICI Bank के ग्राहक हैं तो आपको पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलेगा। ICICI Bank ने दो करोड़ से ज्यादा और पाँच करोड़ रुपए से कम की एफडी स्कीम पर ब्याज दरों में इजाफा किया है। ब्याज दरों को बढ़ाने की जानकारी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। वेबसाइट के मुताबिक, बैंक की ओर से बढ़ाई गई ये ब्याज दरें पंद्रह अक्टूबर दो हज़ार बाईस से लागू हो चुकी हैं। बढ़ी हुई ब्याज दरों के हिसाब से अब ग्राहकों को सात दिन से दस साल तक की एफडी पर तीन. पचहत्तर-छः. पच्चीस फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। इसके अलावा एक साल से दो साल और एक दिन से तीन साल के लिए एफडी पर छः. पचास फीसदी का ब्याज मिलेगा। इसके पहले भी कई प्राइवेट बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। HDFC bank ने एफडी की ब्याज दरों में पचहत्तर बेसिस प्वाइंट यानी शून्य. पचहत्तर फीसदी की बढ़ोतरी की। इसके अलावा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी अपनी एफडी पर ब्याज दरों को बढ़ाया था। श्रीराम सिटी यूनियन बैंक ने भी सभी अवधि के फिक्स डिपॉजिट पर पाँच से पच्चीस बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी।
काश्मिरी पंडित धीरज और उनकी नववधू शालू ने अपनी शादी के बाद काश्मीर जाने का फैसला किया। धीरज ने शालू के साथ हनीमून मनाने की सोची थी, और इसलिए वे दोनों धीरज के गांव में जा रहे थे।धीरज और ...Read Moreकी यात्रा काफी अच्छी चल रही थी, और उन्होंने अपने हनीमून को खुशी और प्यार से बिताने का इंतजाम किया। लेकिन उनकी खुशियों की रात को दुष्कर्म ने अंधकार में ढक लिया। शालू का अपहरण हो गया था।धीरज ने शालू को ढूंढने के लिए हर जगह खोज की, लेकिन उसे कोई संकेत नहीं मिला। उसका दिल बेचैन हो गया था,
काश्मिरी पंडित धीरज और उनकी नववधू शालू ने अपनी शादी के बाद काश्मीर जाने का फैसला किया। धीरज ने शालू के साथ हनीमून मनाने की सोची थी, और इसलिए वे दोनों धीरज के गांव में जा रहे थे।धीरज और ...Read Moreकी यात्रा काफी अच्छी चल रही थी, और उन्होंने अपने हनीमून को खुशी और प्यार से बिताने का इंतजाम किया। लेकिन उनकी खुशियों की रात को दुष्कर्म ने अंधकार में ढक लिया। शालू का अपहरण हो गया था।धीरज ने शालू को ढूंढने के लिए हर जगह खोज की, लेकिन उसे कोई संकेत नहीं मिला। उसका दिल बेचैन हो गया था,
शहर में मेट्रो ट्रेन का काम शुरू करने से पहले शासन ने यातायात व्यवस्था बनाने के लिए योजना तैयार करने को कहा है। साथ ही पूछा है कि ऐसी कौन सी तीन कनेक्टिंग रोड हैं जिन पर ट्रैफिक कंट्रोल होना चाहिए। उधर यहां इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। इस बाबत शासन को भी सूचना प्रेषित करने की तैयारी है। सीएम अखिलेश यादव का मेट्रो ट्रेन ड्रीम प्रोजेक्ट है। लखनऊ में काम शुरू हो चुका है तो मेरठ की डीपीआर प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। मुख्य सचिव इसे हरी झंडी भी दे चुके हैं। कवायद यह है कि इस साल यहां काम शुरू हो जाए। इसके दो कॉरिडोर बनाए गए हैं। पहला कॉरिडोर परतापुर से पल्लवपुरम तक है। दूसरा कॉरिडोर श्रद्धापुरी से गोकलपुर तक है। एक कॉरिडोर एलीवेटिड है तो दूसरा अंडर ग्राउंड। दिल्ली रोड का जाम किसी से छिपा नहीं है। कॉरिडोर एक का बड़ा भाग भी इसी रोड पर है। यहां कहीं एलीवेटिड तो कहीं अंडर ग्राउंड मेट्रो दौड़ेगी। भैंसाली अड्डे केसामने रोज जाम लगता है। ऐसे में जब यहां काम शुरू होगा तो क्या हाल होगा? कही सड़क के ऊपर ट्रैक जाएगा तो कहीं सड़क के नीचे खुदाई होगी। पूरी टनल बिछाई जाएगी। ऐसे में पूरी तरह से ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। हजारों लोग यहां से दिल्ली तक का सफर तय करते हैं। वे कैसे दिल्ली तक का सफर तय कर सकेंगे। बेगमपुल होते हुए मेट्रोमेडिकल की तरफ जाएगी तो गढ़ रोड पर भी हाल बुरा होगा। बेगमपुल पर तो वैसे ही जंक्शन है। यहां दोनों कॉरिडोर मिलेंगे। ऐसे में यहां व्यवस्था बनाना चुनौती होगा। गढ़ रोड पर एलीवेटिड ट्रैक रहेगा पर काम शुरू होते ही उस रोड पर भी व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी। हालांकि एमडीए इस प्लान पर पहले ही काम कर रहा था पर अब प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार करो। कैसे यातायात व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं यहां प्लान यह है कि दिल्ली से आने वाले ट्रैफिक को मोदीनगर के पास से डायवर्ट किया जाएगा। हापुड़ रोड पर यहां खरखौदा में रोड दिल्ली रोड को मिला रही है। जोर रहेगा कि उधर जाने वाला ट्रैफिक वहीं से डायवर्ट हो। मोदीनगर से बागपत रोड की तरफ जाने वाले रूट को पहले ही गंगनहर की पटरी से गुजारने का प्लान है। इंटरनल ट्रैफिक प्लान पर भी काम शुरू करने की बात कही जा रही है। हालांकि इस पर बड़ी मशक्कत अभी बाकी है। गंगनहर मार्ग बनाने के लिए पीडब्लूडी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही पांच हजार पेड़ काटने का प्रस्ताव भी भेजा है। इनर रिंग रोड बनानी होगी। यह एकमात्र ऐसी रोड है जो इस समस्या के निदान के लिए सबसे बड़ा काम करेगी। सुपरटेक चौराहा से यह रोड हापुड़ रोड, वहां से बिजनौर रोड को मिला रही है। इधर दिल्ली बाईपास को मिला रही है। दूसरे चरण में बिजनौर रोड से घूमकर इसे फिर से रुड़की रोड से मिलाने का प्रस्ताव है। इस सड़क को बनाकर ही यहां ट्रैफिक व्यवस्था को थोड़ा कंट्रोल किया जा सकेगा। परतापुर में प्रवेश के बाद हवाई पट्टी को जाने वाली रोड बिजली बंबा बाईपास से मिलना प्रस्तावित है। लेकिन यहां लगभग पांच सौ मीटर हिस्से पर अवैध टाउनशिप डेवलेप हो गई है। यह रोड बनानी होगी। तभी ट्रैफिक बिजली बंबा चौकी होते हुए शहर में प्रवेश कर सकेगा। यहां रेलवे ने तो हवा में पुल बना दिया है पर इसका अभी पूर्ण निर्माण होना है। हवा में लटके पुल को सड़क से जोड़ना होगा। जमीन लेकर दोनों तरफ मार्ग बनाकर इसे जोड़ना होगा। इस साल हर हाल में ओवरब्रिज बनाना ही होगा। यदि महायोजना की सड़क बन भी गई और यह पुल नहीं बना तो यहां जाम की समस्या होगी, जिससे पार पाना टेढी खीर साबित होगा। किसानों से यहां इस बाबत लगातार प्रयास किया जा रहा है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
शहर में मेट्रो ट्रेन का काम शुरू करने से पहले शासन ने यातायात व्यवस्था बनाने के लिए योजना तैयार करने को कहा है। साथ ही पूछा है कि ऐसी कौन सी तीन कनेक्टिंग रोड हैं जिन पर ट्रैफिक कंट्रोल होना चाहिए। उधर यहां इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। इस बाबत शासन को भी सूचना प्रेषित करने की तैयारी है। सीएम अखिलेश यादव का मेट्रो ट्रेन ड्रीम प्रोजेक्ट है। लखनऊ में काम शुरू हो चुका है तो मेरठ की डीपीआर प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। मुख्य सचिव इसे हरी झंडी भी दे चुके हैं। कवायद यह है कि इस साल यहां काम शुरू हो जाए। इसके दो कॉरिडोर बनाए गए हैं। पहला कॉरिडोर परतापुर से पल्लवपुरम तक है। दूसरा कॉरिडोर श्रद्धापुरी से गोकलपुर तक है। एक कॉरिडोर एलीवेटिड है तो दूसरा अंडर ग्राउंड। दिल्ली रोड का जाम किसी से छिपा नहीं है। कॉरिडोर एक का बड़ा भाग भी इसी रोड पर है। यहां कहीं एलीवेटिड तो कहीं अंडर ग्राउंड मेट्रो दौड़ेगी। भैंसाली अड्डे केसामने रोज जाम लगता है। ऐसे में जब यहां काम शुरू होगा तो क्या हाल होगा? कही सड़क के ऊपर ट्रैक जाएगा तो कहीं सड़क के नीचे खुदाई होगी। पूरी टनल बिछाई जाएगी। ऐसे में पूरी तरह से ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। हजारों लोग यहां से दिल्ली तक का सफर तय करते हैं। वे कैसे दिल्ली तक का सफर तय कर सकेंगे। बेगमपुल होते हुए मेट्रोमेडिकल की तरफ जाएगी तो गढ़ रोड पर भी हाल बुरा होगा। बेगमपुल पर तो वैसे ही जंक्शन है। यहां दोनों कॉरिडोर मिलेंगे। ऐसे में यहां व्यवस्था बनाना चुनौती होगा। गढ़ रोड पर एलीवेटिड ट्रैक रहेगा पर काम शुरू होते ही उस रोड पर भी व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी। हालांकि एमडीए इस प्लान पर पहले ही काम कर रहा था पर अब प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार करो। कैसे यातायात व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं यहां प्लान यह है कि दिल्ली से आने वाले ट्रैफिक को मोदीनगर के पास से डायवर्ट किया जाएगा। हापुड़ रोड पर यहां खरखौदा में रोड दिल्ली रोड को मिला रही है। जोर रहेगा कि उधर जाने वाला ट्रैफिक वहीं से डायवर्ट हो। मोदीनगर से बागपत रोड की तरफ जाने वाले रूट को पहले ही गंगनहर की पटरी से गुजारने का प्लान है। इंटरनल ट्रैफिक प्लान पर भी काम शुरू करने की बात कही जा रही है। हालांकि इस पर बड़ी मशक्कत अभी बाकी है। गंगनहर मार्ग बनाने के लिए पीडब्लूडी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही पांच हजार पेड़ काटने का प्रस्ताव भी भेजा है। इनर रिंग रोड बनानी होगी। यह एकमात्र ऐसी रोड है जो इस समस्या के निदान के लिए सबसे बड़ा काम करेगी। सुपरटेक चौराहा से यह रोड हापुड़ रोड, वहां से बिजनौर रोड को मिला रही है। इधर दिल्ली बाईपास को मिला रही है। दूसरे चरण में बिजनौर रोड से घूमकर इसे फिर से रुड़की रोड से मिलाने का प्रस्ताव है। इस सड़क को बनाकर ही यहां ट्रैफिक व्यवस्था को थोड़ा कंट्रोल किया जा सकेगा। परतापुर में प्रवेश के बाद हवाई पट्टी को जाने वाली रोड बिजली बंबा बाईपास से मिलना प्रस्तावित है। लेकिन यहां लगभग पांच सौ मीटर हिस्से पर अवैध टाउनशिप डेवलेप हो गई है। यह रोड बनानी होगी। तभी ट्रैफिक बिजली बंबा चौकी होते हुए शहर में प्रवेश कर सकेगा। यहां रेलवे ने तो हवा में पुल बना दिया है पर इसका अभी पूर्ण निर्माण होना है। हवा में लटके पुल को सड़क से जोड़ना होगा। जमीन लेकर दोनों तरफ मार्ग बनाकर इसे जोड़ना होगा। इस साल हर हाल में ओवरब्रिज बनाना ही होगा। यदि महायोजना की सड़क बन भी गई और यह पुल नहीं बना तो यहां जाम की समस्या होगी, जिससे पार पाना टेढी खीर साबित होगा। किसानों से यहां इस बाबत लगातार प्रयास किया जा रहा है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
उत्तर प्रदेश में लगातार घटते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर योगी सरकार ने प्रतिबंधों में और भी ढील देने का फैसला किया है। प्रदेश में अब सोमवार से शुक्रवार तक लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू के समय को 2 घंटे कम कर दिया है। अब प्रदेश के सभी जिलों में सोमवार 21 जून से सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक सभी बाजार खुलेंगे जो पहले शाम 7 बजे तक ही था। अब शॉपिंग मॉल भी खोले जा सकेंगे। हालांकि अभी शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी जारी रहेगी। होटलों और रेस्टोरेंटो को 50 फीसदी क्षमता के साथ खोलने के आदेश भी दिए गए हैं। स्ट्रीट फूड की दुकानों को भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत खोलने का आदेश दे दिया गया है। मंगलवार को कोरोना रोकथाम के लिए गठित वरिष्ठ अधिकारियों की टीम-9 की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संक्रमण के मद्देनजर बेहतर होती स्थितियों के बीच 21 जून से कोरोना कर्फ्यू में और छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू रात 9 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक प्रभावी होगा। कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन के साथ रेस्टोरेंट व मॉल को 50 फीसदी क्षमता के साथ खोला जा सकेगा। इसी तरह, पार्क, स्ट्रीट फूड आदि के संचालन की अनुमति भी दी जाएगी। इन स्थानों पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य होगी। दुकानों के साथ सब्जी मंडियां भी रात 9 बजे तक खुल सकेंगी। लेकिन घनी आबादी की सब्जी मंडियों को प्रशासन खुले स्थान पर खुलवाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नई व्यवस्था के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश समय से जारी कर दी जाए। सरकार के इस फैसले का व्यापारी संगठनों व होटल ऐंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने स्वागत किया है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने दुकानें व बाजार खुलने का समय बढऩे का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से 16 लाख से ज्यादा रिटेलरों को फायदा होगा। अभी शाम सात बजे बाजार बंद होने के चलते खुदरा व्यापारी का धंधा घटकर आधा रह गया था। दूसरी ओर होटल ऐंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी अपना काम शुरू होने को लेकर खुशी जताई है। एसोसिएशन के मुताबिक अकेले राजधानी में 1,500 रेस्टोरेंट डेढ़ महीने से बंद हैं। अभी रेस्टोरेंटों को केवल ऑनलाइन ऑर्डर लेने व डिलिवरी की अनुमति थी जिसके चलते बहुत से स्टाफ की छंटनी करनी पड़ी थी। हालांकि अभी रेस्टोरेंटों का अपनी कुल बैठने की क्षमता के 50 फीसदी का ही उपयोग करना है। उत्तर प्रदेश में लगातार घटते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर योगी सरकार ने प्रतिबंधों में और भी ढील देने का फैसला किया है। प्रदेश में अब सोमवार से शुक्रवार तक लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू के समय को 2 घंटे कम कर दिया है। अब प्रदेश के सभी जिलों में सोमवार 21 जून से सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक सभी बाजार खुलेंगे जो पहले शाम 7 बजे तक ही था। अब शॉपिंग मॉल भी खोले जा सकेंगे। हालांकि अभी शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी जारी रहेगी। होटलों और रेस्टोरेंटो को 50 फीसदी क्षमता के साथ खोलने के आदेश भी दिए गए हैं। स्ट्रीट फूड की दुकानों को भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत खोलने का आदेश दे दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में लगातार घटते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर योगी सरकार ने प्रतिबंधों में और भी ढील देने का फैसला किया है। प्रदेश में अब सोमवार से शुक्रवार तक लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू के समय को दो घंटाटे कम कर दिया है। अब प्रदेश के सभी जिलों में सोमवार इक्कीस जून से सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक सभी बाजार खुलेंगे जो पहले शाम सात बजे तक ही था। अब शॉपिंग मॉल भी खोले जा सकेंगे। हालांकि अभी शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी जारी रहेगी। होटलों और रेस्टोरेंटो को पचास फीसदी क्षमता के साथ खोलने के आदेश भी दिए गए हैं। स्ट्रीट फूड की दुकानों को भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत खोलने का आदेश दे दिया गया है। मंगलवार को कोरोना रोकथाम के लिए गठित वरिष्ठ अधिकारियों की टीम-नौ की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संक्रमण के मद्देनजर बेहतर होती स्थितियों के बीच इक्कीस जून से कोरोना कर्फ्यू में और छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू रात नौ बजे से अगले दिन सुबह सात बजे तक प्रभावी होगा। कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन के साथ रेस्टोरेंट व मॉल को पचास फीसदी क्षमता के साथ खोला जा सकेगा। इसी तरह, पार्क, स्ट्रीट फूड आदि के संचालन की अनुमति भी दी जाएगी। इन स्थानों पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य होगी। दुकानों के साथ सब्जी मंडियां भी रात नौ बजे तक खुल सकेंगी। लेकिन घनी आबादी की सब्जी मंडियों को प्रशासन खुले स्थान पर खुलवाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नई व्यवस्था के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश समय से जारी कर दी जाए। सरकार के इस फैसले का व्यापारी संगठनों व होटल ऐंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने स्वागत किया है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने दुकानें व बाजार खुलने का समय बढऩे का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सोलह लाख से ज्यादा रिटेलरों को फायदा होगा। अभी शाम सात बजे बाजार बंद होने के चलते खुदरा व्यापारी का धंधा घटकर आधा रह गया था। दूसरी ओर होटल ऐंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी अपना काम शुरू होने को लेकर खुशी जताई है। एसोसिएशन के मुताबिक अकेले राजधानी में एक,पाँच सौ रेस्टोरेंट डेढ़ महीने से बंद हैं। अभी रेस्टोरेंटों को केवल ऑनलाइन ऑर्डर लेने व डिलिवरी की अनुमति थी जिसके चलते बहुत से स्टाफ की छंटनी करनी पड़ी थी। हालांकि अभी रेस्टोरेंटों का अपनी कुल बैठने की क्षमता के पचास फीसदी का ही उपयोग करना है। उत्तर प्रदेश में लगातार घटते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर योगी सरकार ने प्रतिबंधों में और भी ढील देने का फैसला किया है। प्रदेश में अब सोमवार से शुक्रवार तक लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू के समय को दो घंटाटे कम कर दिया है। अब प्रदेश के सभी जिलों में सोमवार इक्कीस जून से सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक सभी बाजार खुलेंगे जो पहले शाम सात बजे तक ही था। अब शॉपिंग मॉल भी खोले जा सकेंगे। हालांकि अभी शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी जारी रहेगी। होटलों और रेस्टोरेंटो को पचास फीसदी क्षमता के साथ खोलने के आदेश भी दिए गए हैं। स्ट्रीट फूड की दुकानों को भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत खोलने का आदेश दे दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में तनावपूर्ण शांति है। पुलिस ने 70 लोगों की पहचान की थी। इन सभी को बुधवार देर रात तक गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि, अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार को कर्फ्यू में ढील देने से साफ मना कर दिया है। आगे का निर्णय स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा। वहीं शहर में घुसने से रोकने पर पूर्व मंत्री सहित कई भाजपा नेता बाहर धरने पर बैठ गए हैं। दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता उपद्रव के दौरान हुए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे हैं। इसके चलते कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर गिरफ्तारियां देने निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। शहर में धारा-144 के साथ-साथ कर्फ्यू का हवाला देते हुए उन्हें लौटा दिया गया है। पहले की स्थिति को देखते हुए प्रशासन कोई भी कोताही बरतने के मूड में नहीं है। दूसरी ओर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा नेता लामबंद होने लगे हैं। कवर्धा जा रहे पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा एवं दूसरे भाजपा नेताओं को शहर के अंदर घुसने से पुलिस ने रोक दिया है। इसके विरोध में नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं। अजय चंद्राकर ने कहा कि आईजी विवेकानंद सिन्हा यहां कांग्रेस नेताओं जैसा बर्ताव कर रहे हैं। हम उनके खिलाफ कवर्धा थाने शिकायत करने जाएंगे। साथ ही हमारे कार्यकर्ताओं की जो गलत तरीके से गिरफ्तारी की गई है उसके विरोध में हम भी गिरफ्तारी देने आए हैं, लेकिन हमें शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। गुरुवार से शुरू हुए नवरात्रि उत्सव पर भी दंगों का साया पड़ गया है। जिले के सभी बाजार और दुकानें बंद हैं। हर साल 25 से ज्यादा जगहों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित होती थीं। इस बार सिर्फ 7 स्थानों पर प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई है। इनमें गुप्ता मोहल्ला, जनपद ऑफिस के सामने, करपात्रि चौक, यूनियन चौक, ठाकुर पारा, बहादुरगंज वार्ड और कैलाश नगर शामिल हैं। प्रतिमाओं के साथ सिर्फ 3 लोग ही आ सकते हैं। उसके लिए पहले पास बनवाना होगा। भाजपा के नेताओं को आगे जाने नहीं दिया गया। कवर्धा के दशरंगपुर चौकी जाकर नेताओं ने दुर्ग IG विवेकानंद सिन्हों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा ने चौकी पहुंचकर एक शिकायती ज्ञापन भी सौंपा। इसमें लिखा गया कि IG भाजपा को हिंसक घटना का जिम्मेदार बता रहे हैं। ये एक लोक सेवक अफसर के अनुशासन से जुड़ा मामला है। जानबूझकर IG पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर भाजपा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। कवर्धा में हुई हिंसक घटना में अपना काम ठीक से न करने की वजह से IG पर FIR दर्ज होनी चाहिए और इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जानी चाहिए। इसके बाद भाजपा नेता अपने-अपने इलाकों के लिए निकल गए। जिला प्रशासन ने नवरात्रि को देखते हुए मंदिर समितियों और दुर्गा पूजा समितियों को सशर्त छूट दी है। इसके बाद मंदिरों और पांडालों में कलश स्थापना और दीप प्रज्वलन हो सकेगा, लेकिन आमजन और श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति नहीं होगी। समिति के पदाधिकारी 24 घंटे रह सकेंगे, पर उनके नाम के साथ पहले अनुमति लेनी होगी। पूजा सामग्री की खरीद केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही की जा सकेगी। होम डिलीवरी के लिए प्रशासन ने 14 राशन किराना और 6 थोक किराना दुकानदारों पर सहमति दी है। इनकी सूची, नाम-पते और नंबर के साथ जारी की गई है। मंदिर समिति संबंधित दुकानदारों से सीधे संपर्क कर सामान ले सकती हैं। दुकानदारों को प्रशासन की ओर से पास जारी किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में तनावपूर्ण शांति है। पुलिस ने सत्तर लोगों की पहचान की थी। इन सभी को बुधवार देर रात तक गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि, अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार को कर्फ्यू में ढील देने से साफ मना कर दिया है। आगे का निर्णय स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा। वहीं शहर में घुसने से रोकने पर पूर्व मंत्री सहित कई भाजपा नेता बाहर धरने पर बैठ गए हैं। दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता उपद्रव के दौरान हुए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे हैं। इसके चलते कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर गिरफ्तारियां देने निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। शहर में धारा-एक सौ चौंतालीस के साथ-साथ कर्फ्यू का हवाला देते हुए उन्हें लौटा दिया गया है। पहले की स्थिति को देखते हुए प्रशासन कोई भी कोताही बरतने के मूड में नहीं है। दूसरी ओर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा नेता लामबंद होने लगे हैं। कवर्धा जा रहे पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा एवं दूसरे भाजपा नेताओं को शहर के अंदर घुसने से पुलिस ने रोक दिया है। इसके विरोध में नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं। अजय चंद्राकर ने कहा कि आईजी विवेकानंद सिन्हा यहां कांग्रेस नेताओं जैसा बर्ताव कर रहे हैं। हम उनके खिलाफ कवर्धा थाने शिकायत करने जाएंगे। साथ ही हमारे कार्यकर्ताओं की जो गलत तरीके से गिरफ्तारी की गई है उसके विरोध में हम भी गिरफ्तारी देने आए हैं, लेकिन हमें शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। गुरुवार से शुरू हुए नवरात्रि उत्सव पर भी दंगों का साया पड़ गया है। जिले के सभी बाजार और दुकानें बंद हैं। हर साल पच्चीस से ज्यादा जगहों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित होती थीं। इस बार सिर्फ सात स्थानों पर प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई है। इनमें गुप्ता मोहल्ला, जनपद ऑफिस के सामने, करपात्रि चौक, यूनियन चौक, ठाकुर पारा, बहादुरगंज वार्ड और कैलाश नगर शामिल हैं। प्रतिमाओं के साथ सिर्फ तीन लोग ही आ सकते हैं। उसके लिए पहले पास बनवाना होगा। भाजपा के नेताओं को आगे जाने नहीं दिया गया। कवर्धा के दशरंगपुर चौकी जाकर नेताओं ने दुर्ग IG विवेकानंद सिन्हों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा ने चौकी पहुंचकर एक शिकायती ज्ञापन भी सौंपा। इसमें लिखा गया कि IG भाजपा को हिंसक घटना का जिम्मेदार बता रहे हैं। ये एक लोक सेवक अफसर के अनुशासन से जुड़ा मामला है। जानबूझकर IG पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर भाजपा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। कवर्धा में हुई हिंसक घटना में अपना काम ठीक से न करने की वजह से IG पर FIR दर्ज होनी चाहिए और इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जानी चाहिए। इसके बाद भाजपा नेता अपने-अपने इलाकों के लिए निकल गए। जिला प्रशासन ने नवरात्रि को देखते हुए मंदिर समितियों और दुर्गा पूजा समितियों को सशर्त छूट दी है। इसके बाद मंदिरों और पांडालों में कलश स्थापना और दीप प्रज्वलन हो सकेगा, लेकिन आमजन और श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति नहीं होगी। समिति के पदाधिकारी चौबीस घंटाटे रह सकेंगे, पर उनके नाम के साथ पहले अनुमति लेनी होगी। पूजा सामग्री की खरीद केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही की जा सकेगी। होम डिलीवरी के लिए प्रशासन ने चौदह राशन किराना और छः थोक किराना दुकानदारों पर सहमति दी है। इनकी सूची, नाम-पते और नंबर के साथ जारी की गई है। मंदिर समिति संबंधित दुकानदारों से सीधे संपर्क कर सामान ले सकती हैं। दुकानदारों को प्रशासन की ओर से पास जारी किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में शुक्रवार को कहा कि सरकार कर चोरी रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी और जिनके भी नाम पनामा पेपर लीक में सामने आए हैं, उन सब को नोटिस भेजे जाएंगे। कुछ को भेजे भी जा चुके हैं। सदन में प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद नाना पटोले और कीर्ति सोमैया तथा बीजू जनता दल के बी. महताब द्वारा कर चोरी के मामलों पर पूछे गए अनुपूरक सवाल के जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं। सिन्हा ने कहा, "एसआईटी प्रशंसनीय काम कर रही है। " उन्होंने कहा कि एसआईटी की सिफारिशों से जांच एजेंसी और सरकार को काफी मदद मिल रही है, खासकर देश से बाहर छिपाए गए काले धन को लेकर। उन्होंने कहा, "देश के अंदर के काले धन की जांच में भी एसआईटी की सिफारिशें मददगार साबित हुई हैं। जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। " बीजू जनता दल के सदन के नेता बी. महताब यह जानना चाहते थे कि एसआईटी और दूसरी एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद क्या सरकार कर चोरी रोकने के लिए किसी कानून में बदलाव कर रही है। कीर्ति सोमैया ने इस मामले में जब महाराष्ट्र के एक प्रसिद्ध नेता का नाम लिया (जो जेल में हैं) तो अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया। महाजन ने सत्ताधारी दल के सदस्य से कड़े लहजे में कहा, "आप सब कुछ जानते हैं, फिर क्यों आप किसी के नाम का उल्लेख कर रहे हैं। "वित्त राज्यमंत्री ने इस बात पर सहमति जताई कि धनी लोगों द्वारा अपनी आय को कृषि आय के रूप में दिखा कर टैक्स चोरी के मामले सामने आए हैं। भाजपा सदस्य नाना पटोले ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि कृषि आय बढ़ रही है। अगर ऐसा है तो किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं। सिन्हा ने कहा कि राजग सरकार के सत्ता संभालने के बाद कर चुकाने वालों की संख्या बढ़कर 5. 8 करोड़ हो चुकी है। सिन्हा ने कहा, "हमें इस आंकड़े का देश की कुल आबादी के संदर्भ में विश्लेषण नहीं करना चाहिए। यह केवल 25 करोड़ परिवारों और इनमें भी मुख्यतः शहरी क्षेत्र के 7 करोड़ पात्र करदाताओं से संबद्ध है। "
नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में शुक्रवार को कहा कि सरकार कर चोरी रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी और जिनके भी नाम पनामा पेपर लीक में सामने आए हैं, उन सब को नोटिस भेजे जाएंगे। कुछ को भेजे भी जा चुके हैं। सदन में प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद नाना पटोले और कीर्ति सोमैया तथा बीजू जनता दल के बी. महताब द्वारा कर चोरी के मामलों पर पूछे गए अनुपूरक सवाल के जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं। सिन्हा ने कहा, "एसआईटी प्रशंसनीय काम कर रही है। " उन्होंने कहा कि एसआईटी की सिफारिशों से जांच एजेंसी और सरकार को काफी मदद मिल रही है, खासकर देश से बाहर छिपाए गए काले धन को लेकर। उन्होंने कहा, "देश के अंदर के काले धन की जांच में भी एसआईटी की सिफारिशें मददगार साबित हुई हैं। जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। " बीजू जनता दल के सदन के नेता बी. महताब यह जानना चाहते थे कि एसआईटी और दूसरी एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद क्या सरकार कर चोरी रोकने के लिए किसी कानून में बदलाव कर रही है। कीर्ति सोमैया ने इस मामले में जब महाराष्ट्र के एक प्रसिद्ध नेता का नाम लिया तो अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया। महाजन ने सत्ताधारी दल के सदस्य से कड़े लहजे में कहा, "आप सब कुछ जानते हैं, फिर क्यों आप किसी के नाम का उल्लेख कर रहे हैं। "वित्त राज्यमंत्री ने इस बात पर सहमति जताई कि धनी लोगों द्वारा अपनी आय को कृषि आय के रूप में दिखा कर टैक्स चोरी के मामले सामने आए हैं। भाजपा सदस्य नाना पटोले ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि कृषि आय बढ़ रही है। अगर ऐसा है तो किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं। सिन्हा ने कहा कि राजग सरकार के सत्ता संभालने के बाद कर चुकाने वालों की संख्या बढ़कर पाँच. आठ करोड़ हो चुकी है। सिन्हा ने कहा, "हमें इस आंकड़े का देश की कुल आबादी के संदर्भ में विश्लेषण नहीं करना चाहिए। यह केवल पच्चीस करोड़ परिवारों और इनमें भी मुख्यतः शहरी क्षेत्र के सात करोड़ पात्र करदाताओं से संबद्ध है। "
मंडी लोनिवि के सरकारी स्टोर रूम में पिछले दो वर्षों से धूल फांक रही शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा को स्थापित न करने पर सामान्य वर्ग संयुक्त मंच हिमाचल प्रदेश उग्र हो गया। जिसके चलते मंगलवार को युवा वर्ग, महिलाओं सहित मंच के पदाधिकारियों ने मंडी शहर में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष रैली निकाली। यह आईटीआई चौक से शुरू होकर गांधी चौक, चौहटा बाजार से होकर डीसी कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंची। इस दौरान मंच के पदाधिकारियों ने काफी समय तक डीसी कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर धरना प्रदर्शन कर बंद रखा। जिससे आने-जाने लोगों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि मुख्य द्वार को खुलवाने के लिए पुलिस विभाग के महिला कर्मियों सहित जवानों ने जोर डाला। इस दौरान मंच के पदाधिकारियों के बीच मांगों को लेकर काफी गरमा-गर्मी देखने को मिली। इसके बाद सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त अरिंदम चौधरी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से जल्द से जल्द प्रतिमा को स्थापित करने की मांग की है। मंच प्रदेशाध्यक्ष केएस जम्वाल ने कहा कि बीते दो वर्ष पहले मंडी में स्थापित करने के लिए रानी खैरगढ़ी और महाराणा प्रताप की प्रतिमाएं विभिन्न मंचों की मांग पर जिला प्रशासन सांसद निधि से दो भव्य मूर्ति को 38 लाख रुपए में खरीदा था। महारानी खैरागढ़ी की मूर्ति को हॉस्पिटल चौक में लगा भी दिया गया, लेकिन हैरानी की बात है कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की मूर्ति जो पीडब्ल्यूडी विभाग के जंक स्टोर के कोने में धूल फांक रही है, उसे दो वर्षों से कहीं भी स्थापित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने इसे अगले 30 दिन के भीतर आईटीआई चौक या किसी अन्य उचित स्थान पर स्थापित नहीं किया तो उनका संगठन डीसी ऑफिस के सामने धरने पर बैठने पर विवश होगा। प्रदर्शन में अमर सिंह गुलेरिया, इंद्र सिंह ठाकुर, रमेश राणा, रमेश कुमार मेहता, डीके चंदेल, हेम सिंह ठाकुर, अदालत सिंह ठाकुर, नंदलाल ठाकुर, घनश्याम ठाकुर, बालचंद वालिया, जितेंद्र वशिष्ठ, सेवानिवृत्त एचएस दर्शन कालिया, योगेश ठाकुर, घनश्याम ठाकुर, मोनू राजपूत, यतीश कटोच, संतोष चंदेल, ललित सिपहिया, योगेंद्र ठाकुर, सोनू ठाकुर, रमेश पराशर, बुध राम शर्मा, कल्पना शर्मा, अनिता सेन, दिपाली सेन, पवन ठाकुर, कमल ठाकुर, शिव सिंह सेन, सरन दास शास्त्री, हर्ष वीर सेन आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मंडी लोनिवि के सरकारी स्टोर रूम में पिछले दो वर्षों से धूल फांक रही शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा को स्थापित न करने पर सामान्य वर्ग संयुक्त मंच हिमाचल प्रदेश उग्र हो गया। जिसके चलते मंगलवार को युवा वर्ग, महिलाओं सहित मंच के पदाधिकारियों ने मंडी शहर में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष रैली निकाली। यह आईटीआई चौक से शुरू होकर गांधी चौक, चौहटा बाजार से होकर डीसी कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंची। इस दौरान मंच के पदाधिकारियों ने काफी समय तक डीसी कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर धरना प्रदर्शन कर बंद रखा। जिससे आने-जाने लोगों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि मुख्य द्वार को खुलवाने के लिए पुलिस विभाग के महिला कर्मियों सहित जवानों ने जोर डाला। इस दौरान मंच के पदाधिकारियों के बीच मांगों को लेकर काफी गरमा-गर्मी देखने को मिली। इसके बाद सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त अरिंदम चौधरी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से जल्द से जल्द प्रतिमा को स्थापित करने की मांग की है। मंच प्रदेशाध्यक्ष केएस जम्वाल ने कहा कि बीते दो वर्ष पहले मंडी में स्थापित करने के लिए रानी खैरगढ़ी और महाराणा प्रताप की प्रतिमाएं विभिन्न मंचों की मांग पर जिला प्रशासन सांसद निधि से दो भव्य मूर्ति को अड़तीस लाख रुपए में खरीदा था। महारानी खैरागढ़ी की मूर्ति को हॉस्पिटल चौक में लगा भी दिया गया, लेकिन हैरानी की बात है कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की मूर्ति जो पीडब्ल्यूडी विभाग के जंक स्टोर के कोने में धूल फांक रही है, उसे दो वर्षों से कहीं भी स्थापित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने इसे अगले तीस दिन के भीतर आईटीआई चौक या किसी अन्य उचित स्थान पर स्थापित नहीं किया तो उनका संगठन डीसी ऑफिस के सामने धरने पर बैठने पर विवश होगा। प्रदर्शन में अमर सिंह गुलेरिया, इंद्र सिंह ठाकुर, रमेश राणा, रमेश कुमार मेहता, डीके चंदेल, हेम सिंह ठाकुर, अदालत सिंह ठाकुर, नंदलाल ठाकुर, घनश्याम ठाकुर, बालचंद वालिया, जितेंद्र वशिष्ठ, सेवानिवृत्त एचएस दर्शन कालिया, योगेश ठाकुर, घनश्याम ठाकुर, मोनू राजपूत, यतीश कटोच, संतोष चंदेल, ललित सिपहिया, योगेंद्र ठाकुर, सोनू ठाकुर, रमेश पराशर, बुध राम शर्मा, कल्पना शर्मा, अनिता सेन, दिपाली सेन, पवन ठाकुर, कमल ठाकुर, शिव सिंह सेन, सरन दास शास्त्री, हर्ष वीर सेन आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को शुक्रवार को जमानत मिल गई। उनके वकील गजेंद्र सोनकर के मुताबिक उन्हें लोअर कोर्ट से जमानत मिली है। 86 वर्षीय नंदकुमार बघेल को ब्राह्मण समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के चलते मंगलवार को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने यह टिप्पणी लखनऊ में की थी। इसके बाद कोर्ट उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर को है। नंदकुमार बघेल के वकील गजेंद्र सोनकर ने बताया कि तर्क सुनने के बाद जज जनक कुमार हिदको ने शुक्रवार को उन्हें जमानत दे दी। इसके बाद तीन रातें जेल में बिताने के बाद नंदकुमार बघेल बाहर आ गए। आपको बता दे कि, नंदकुमार बघेल ने कुछ दिन पहले ब्राह्मणों के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने यह टिप्पणी लखनऊ में की थी। इसके बाद उनके बेटे यानी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। वह भले ही मुख्यमंत्री के पिता हैं, लेकिन उन पर भी जरूरी कार्रवाई होगी। सीएम भूपेश बघेल ने पुलिस से अपने पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। वहीं रायपुर के डीडी नगर में एफआईआर के बाद पुलिस ने नंदकुमार बघेल को आगरा से अरेस्ट किया। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को शुक्रवार को जमानत मिल गई। उनके वकील गजेंद्र सोनकर के मुताबिक उन्हें लोअर कोर्ट से जमानत मिली है। छियासी वर्षीय नंदकुमार बघेल को ब्राह्मण समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के चलते मंगलवार को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने यह टिप्पणी लखनऊ में की थी। इसके बाद कोर्ट उन्हें पंद्रह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामले में अगली सुनवाई इक्कीस सितंबर को है। नंदकुमार बघेल के वकील गजेंद्र सोनकर ने बताया कि तर्क सुनने के बाद जज जनक कुमार हिदको ने शुक्रवार को उन्हें जमानत दे दी। इसके बाद तीन रातें जेल में बिताने के बाद नंदकुमार बघेल बाहर आ गए। आपको बता दे कि, नंदकुमार बघेल ने कुछ दिन पहले ब्राह्मणों के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने यह टिप्पणी लखनऊ में की थी। इसके बाद उनके बेटे यानी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। वह भले ही मुख्यमंत्री के पिता हैं, लेकिन उन पर भी जरूरी कार्रवाई होगी। सीएम भूपेश बघेल ने पुलिस से अपने पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। वहीं रायपुर के डीडी नगर में एफआईआर के बाद पुलिस ने नंदकुमार बघेल को आगरा से अरेस्ट किया। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें पंद्रह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
Ananya Panday Photos: बॉलीवुड की यंग स्टार अनन्या पांडे (Ananya Panday) आजकल चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। अनन्या अक्सर फैंस के साथ अपनी पिक्चर्स और वीडियो शेयर करती हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी कुछ सिजलिंग तस्वीरें साझा की है। एक्ट्रेस की ये पिक्चर्स इंटरनेट वर्ल्ड में जमकर वायरल हो रही है। लेटेस्ट तस्वीरों में अनन्या पांडे व्हाइट कलर के शॉर्ट ड्रेस (Ananya Panday Look) में नजर आईं। एक्ट्रेस इस ऑउटफिट में बेहद हॉट लग रही हैं। अनन्या ने इस ड्रेस में एक से बढ़कर एक सिजलिंग पोज दिए हैं। अनन्या का यह दिलकश अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है। फैंस के साथ-साथ कई सेलेब्स एक्ट्रेस की इन तस्वीरों पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। अनन्या पांडे ने बेहद कम समय में फिल्म इंडस्ट्री में खास जगह बनाई है। एक्ट्रेस अपने लुक से फैंस को सरप्राइज करती हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एक्ट्रेस बॉलीवुड में ट्रेंड सेटर के तौर पर सामने आ रही है। एक्ट्रेस अपने यूनिक स्टाइल और फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। एक्ट्रेस अक्सर अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करती हैं। अनन्या की सोशल मीडिया पर तगड़ी फैन फोलोविंग है। करण जौहर की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' (Student Of The Year 2) से करियर की शुरुआत करने वाली अनन्या पांडे (Ananya Panday Movies) ने कम समय में ही कई दिग्गजों संग स्क्रीन साझा किया है। हाल ही में एक्ट्रेस फिल्म 'लाइगर' में नजर आईं। इस फिल्म में एक्ट्रेस साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा (Vijay Devarkonda) के साथ दिखाई दीं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। बहुत जल्द अनन्या, आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana ) संग 'ड्रीम गर्ल 2' (Dream Girl 2) में नजर आएंगी। यह फिल्म अगले साल रिलीज होगी।
Ananya Panday Photos: बॉलीवुड की यंग स्टार अनन्या पांडे आजकल चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। अनन्या अक्सर फैंस के साथ अपनी पिक्चर्स और वीडियो शेयर करती हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी कुछ सिजलिंग तस्वीरें साझा की है। एक्ट्रेस की ये पिक्चर्स इंटरनेट वर्ल्ड में जमकर वायरल हो रही है। लेटेस्ट तस्वीरों में अनन्या पांडे व्हाइट कलर के शॉर्ट ड्रेस में नजर आईं। एक्ट्रेस इस ऑउटफिट में बेहद हॉट लग रही हैं। अनन्या ने इस ड्रेस में एक से बढ़कर एक सिजलिंग पोज दिए हैं। अनन्या का यह दिलकश अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है। फैंस के साथ-साथ कई सेलेब्स एक्ट्रेस की इन तस्वीरों पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। अनन्या पांडे ने बेहद कम समय में फिल्म इंडस्ट्री में खास जगह बनाई है। एक्ट्रेस अपने लुक से फैंस को सरप्राइज करती हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एक्ट्रेस बॉलीवुड में ट्रेंड सेटर के तौर पर सामने आ रही है। एक्ट्रेस अपने यूनिक स्टाइल और फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। एक्ट्रेस अक्सर अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करती हैं। अनन्या की सोशल मीडिया पर तगड़ी फैन फोलोविंग है। करण जौहर की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर दो' से करियर की शुरुआत करने वाली अनन्या पांडे ने कम समय में ही कई दिग्गजों संग स्क्रीन साझा किया है। हाल ही में एक्ट्रेस फिल्म 'लाइगर' में नजर आईं। इस फिल्म में एक्ट्रेस साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा के साथ दिखाई दीं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। बहुत जल्द अनन्या, आयुष्मान खुराना संग 'ड्रीम गर्ल दो' में नजर आएंगी। यह फिल्म अगले साल रिलीज होगी।
भील जनजाति के लोगों के घर क्या कहलाते हैं? राजस्थान के प्रसिद्ध पखावज वादक निम्न में से कौन हैं? किस चौहान शासक की रानी रुद्राणी यौगिक क्रिया में अत्यंत निपुण थी, जो पुष्कर में प्रतिदिन 1000 दीपक इष्टदेव के लिए प्रज्वलित करती थी? उदयसिंह ने भटियाणी रानी पर विशेष अनुराग होने के कारण महाराणा प्रताप के स्थान पर किसे अपना युवराज बनाया? सिलीसेढ़ झील में शीलारानी के महल का निर्माण किसने करवाया था?
भील जनजाति के लोगों के घर क्या कहलाते हैं? राजस्थान के प्रसिद्ध पखावज वादक निम्न में से कौन हैं? किस चौहान शासक की रानी रुद्राणी यौगिक क्रिया में अत्यंत निपुण थी, जो पुष्कर में प्रतिदिन एक हज़ार दीपक इष्टदेव के लिए प्रज्वलित करती थी? उदयसिंह ने भटियाणी रानी पर विशेष अनुराग होने के कारण महाराणा प्रताप के स्थान पर किसे अपना युवराज बनाया? सिलीसेढ़ झील में शीलारानी के महल का निर्माण किसने करवाया था?
फिल्मी दुनिया एक ऐसी दुनिया है जहां उगते सूरज को ही सलाम किया जाता है। जैसे ही आप इसकी नजरों से ओझल हुए या आपका सितारा जरा भी गर्दिश में पहुंचा, तो आपको भुला दिया जाता है। हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपने दौर में इंडस्ट्री पर राज किया, लेकिन जब उनका करियर ढलान पर पहुंचा तो उन्हें भुला दिया गया। ऐसे ही एक एक्टर थे सीताराम पांचाल जिनकी आज सुबह मौत हो गई। वो लंबे समय से किडनी और फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे। सीताराम पांचाल की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं थी और ना ही उनके पास इलाज के लिए पैसे थे। सीताराम को करीब तीन साल पहले कैंसर होने के बारे में पता चला, और वक्त के साथ उनकी हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि वो पिछले 10 महीनों से बिस्तर पर ही थे। इलाज के लिए पैसे ना होने की वजह से उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए लोगों से आर्थिक मदद भी मांगी थी। सीताराम पंचाल को बेशक आप नाम से भले ही ना पहचानें, लेकिन उनका चेहरा देखते ही आपको वो सारी फिल्में, वो सारे किरदार याद आ जाएंगे जो उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से यादगार बना दिए। सीताराम पंचाल ने 1994 में आई फिल्म 'बेंडिट क्वीन' से डेब्यू किया था। इस फिल्म में भले ही उनका रोल छोटा रहा हो, लेकिन वो अपनी दमदार एक्टिंग से छाप छोड़ने में कामयाब रहे।
फिल्मी दुनिया एक ऐसी दुनिया है जहां उगते सूरज को ही सलाम किया जाता है। जैसे ही आप इसकी नजरों से ओझल हुए या आपका सितारा जरा भी गर्दिश में पहुंचा, तो आपको भुला दिया जाता है। हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपने दौर में इंडस्ट्री पर राज किया, लेकिन जब उनका करियर ढलान पर पहुंचा तो उन्हें भुला दिया गया। ऐसे ही एक एक्टर थे सीताराम पांचाल जिनकी आज सुबह मौत हो गई। वो लंबे समय से किडनी और फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे। सीताराम पांचाल की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं थी और ना ही उनके पास इलाज के लिए पैसे थे। सीताराम को करीब तीन साल पहले कैंसर होने के बारे में पता चला, और वक्त के साथ उनकी हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि वो पिछले दस महीनों से बिस्तर पर ही थे। इलाज के लिए पैसे ना होने की वजह से उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए लोगों से आर्थिक मदद भी मांगी थी। सीताराम पंचाल को बेशक आप नाम से भले ही ना पहचानें, लेकिन उनका चेहरा देखते ही आपको वो सारी फिल्में, वो सारे किरदार याद आ जाएंगे जो उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से यादगार बना दिए। सीताराम पंचाल ने एक हज़ार नौ सौ चौरानवे में आई फिल्म 'बेंडिट क्वीन' से डेब्यू किया था। इस फिल्म में भले ही उनका रोल छोटा रहा हो, लेकिन वो अपनी दमदार एक्टिंग से छाप छोड़ने में कामयाब रहे।
पाकिस्तान के आगामी दौरे के लिए 18 खिलाड़ियों वाली आस्ट्रेलिया टेस्ट टीम का राष्ट्रीय चयन पैनल (एनएसपी) ने मंगलवार को चयन किया। टीम की कमान पैट कमिंस के हाथ में है वहीं एश्टन एगर की टीम में वापसी हुई है। मेलबर्न,एएनआइ। पाकिस्तान के आगामी दौरे के लिए 18 खिलाड़ियों वाली आस्ट्रेलिया टेस्ट टीम का राष्ट्रीय चयन पैनल (एनएसपी) ने मंगलवार को चयन किया। टीम की कमान पैट कमिंस के हाथ में है, वहीं एश्टन एगर की टीम में वापसी हुई है। पाकिस्तान में जन्मे उस्मान ख्वाजा भी टीम में हैं। आस्ट्रेलियाई टीम 1998 के बाद पहली बार तीन टेस्ट मैचों, तीन एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय के लिए पाकिस्तान का दौरा करेगी। टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी और कर्मचारी इस महीने के अंत में पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाले हैं। वहीं वनडे और टी-20 के लिए टीम की घोषणा बाद में होगी। एनएसपी के अध्यक्ष जार्ज बेली ने कहा, 'टीम का चयन सभी परिस्थितियों और परिदृश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है। कई उपमहाद्वीप के दौरों और भारत में वनडे विश्व कप को ध्यान में रखा गया है। एशेज सीरीज जीतने के बाद यह टीम के लिए पहली बड़ी चुनौती है। यह एक बहुत ही ऐतिहासिक दौरा भी है, क्योंकि आस्ट्रेलियाई टीम लंबे समय बाद पाकिस्तान का दौरा कर रही है। ' बता दें कि पिछले हफ्ते जस्टिन लैंगर ने आस्ट्रेलिया के कोच पद से इस्तीफा दे दिया था और एंड्रयू मैकडोनाल्ड अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका निभाएंगे। रिकी पोंटिंग सहित कुछ अन्य पूर्व खिलाड़ियों ने लैंगर का समर्थन न करने के लिए टेस्ट कप्तान पैट कमिंस की आलोचना की है कि है। एशेज सीरीज में ख्वाजा को आस्ट्रेलिया टीम में ओपनर मार्कस हैरिस की जगह खेलने को मौका मिला था। हैरिस को भी टीम में शामिल किया गया है। जोश हेजलवुड, जो चोट के कारण पांच में से चार एशेज टेस्ट में नहीं खेल पाए थे, उनकी भी वापसी हुई है। उनके अलावा पेस अटैक में कमिंस, मिशेल स्टार्क, स्काट बोलैंड, माइकल नेसर और आलराउंडर कैमरन ग्रीन शामिल हैं। नाथन लियोन के अलावा एश्टन एगर और मिशेल स्वेपसन को स्पिन विकल्प के रूप में टीम में जोड़ा गया है। पैट कमिंस (कप्तान), स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर, एश्टन एगर, स्काट बोलैंड, एलेक्स केरी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, मार्कस हैरिस, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंगलिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लेयोन, मिशेल मार्श, माइकल नेसार, मिशेल स्वेपसन और मिशेल स्टार्क।
पाकिस्तान के आगामी दौरे के लिए अट्ठारह खिलाड़ियों वाली आस्ट्रेलिया टेस्ट टीम का राष्ट्रीय चयन पैनल ने मंगलवार को चयन किया। टीम की कमान पैट कमिंस के हाथ में है वहीं एश्टन एगर की टीम में वापसी हुई है। मेलबर्न,एएनआइ। पाकिस्तान के आगामी दौरे के लिए अट्ठारह खिलाड़ियों वाली आस्ट्रेलिया टेस्ट टीम का राष्ट्रीय चयन पैनल ने मंगलवार को चयन किया। टीम की कमान पैट कमिंस के हाथ में है, वहीं एश्टन एगर की टीम में वापसी हुई है। पाकिस्तान में जन्मे उस्मान ख्वाजा भी टीम में हैं। आस्ट्रेलियाई टीम एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे के बाद पहली बार तीन टेस्ट मैचों, तीन एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और एक टीबीस अंतरराष्ट्रीय के लिए पाकिस्तान का दौरा करेगी। टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी और कर्मचारी इस महीने के अंत में पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाले हैं। वहीं वनडे और टी-बीस के लिए टीम की घोषणा बाद में होगी। एनएसपी के अध्यक्ष जार्ज बेली ने कहा, 'टीम का चयन सभी परिस्थितियों और परिदृश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है। कई उपमहाद्वीप के दौरों और भारत में वनडे विश्व कप को ध्यान में रखा गया है। एशेज सीरीज जीतने के बाद यह टीम के लिए पहली बड़ी चुनौती है। यह एक बहुत ही ऐतिहासिक दौरा भी है, क्योंकि आस्ट्रेलियाई टीम लंबे समय बाद पाकिस्तान का दौरा कर रही है। ' बता दें कि पिछले हफ्ते जस्टिन लैंगर ने आस्ट्रेलिया के कोच पद से इस्तीफा दे दिया था और एंड्रयू मैकडोनाल्ड अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका निभाएंगे। रिकी पोंटिंग सहित कुछ अन्य पूर्व खिलाड़ियों ने लैंगर का समर्थन न करने के लिए टेस्ट कप्तान पैट कमिंस की आलोचना की है कि है। एशेज सीरीज में ख्वाजा को आस्ट्रेलिया टीम में ओपनर मार्कस हैरिस की जगह खेलने को मौका मिला था। हैरिस को भी टीम में शामिल किया गया है। जोश हेजलवुड, जो चोट के कारण पांच में से चार एशेज टेस्ट में नहीं खेल पाए थे, उनकी भी वापसी हुई है। उनके अलावा पेस अटैक में कमिंस, मिशेल स्टार्क, स्काट बोलैंड, माइकल नेसर और आलराउंडर कैमरन ग्रीन शामिल हैं। नाथन लियोन के अलावा एश्टन एगर और मिशेल स्वेपसन को स्पिन विकल्प के रूप में टीम में जोड़ा गया है। पैट कमिंस , स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर, एश्टन एगर, स्काट बोलैंड, एलेक्स केरी , कैमरन ग्रीन, मार्कस हैरिस, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंगलिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लेयोन, मिशेल मार्श, माइकल नेसार, मिशेल स्वेपसन और मिशेल स्टार्क।
नासा ने बताया कि कैट आई नेब्यूला एक प्लेनेटरी नेब्यूला है। इस नेब्यूला में हमारे सूर्य की तरह के सितारे बनते हैं। वीडियो को जब आप देखेंगे तो समझ में आएगा कि जैसे-जैसे साउंड वेव चमकदार रोशनी की ओर बढ़ती है आवाज तेज होने लगती है। वहीं नासा के चंद्रा एक्स रे ऑब्जर्वेटरी के एक्स रे डेटा में एक कठोर ध्वनि सुनाई देती है। कंपोज़िट इमेज वेव लेंथ में ये अच्छा सुनाई देता है। कैट्स आई नेब्यूला धरती से 3,262 प्रकाश वर्ष दूर ड्रेको के उत्तरी नक्षत्र में स्थित है। नासा ने अंतर्राष्ट्रीय कैट्स डे पर ये वीडियो जारी किया है। इंटरनेशनल फंड फॉर एनिमल वेलफेयर ने 2002 में हर साल 8 अगस्त को इंटरनेशनल कैट्स डे के रूप में मनाना शुरू किया। इसका उद्देश्य बिल्लियों के प्रति जागरुकता पैदा करना और उनके संरक्षण के तरीकों के बारे में जानने में मदद करना है। हमारे सूर्य की ही तरह अरबों सितारे आकाशगंगा में हैं। जब सूर्य जैसे सितारे के पास जलने के लिए हीलियम खत्म हो जाता है तो वह फट जाता है। इस कारण गैस और धूल के विशाल बादल बन जाते हैं। हर बार विस्फोट से एक नई संरचना बनती है। चंद्रा ऑब्जर्वेटरी के जरिए इसका एक्सरे और हबल टेलीस्कोप के जरिए इसकी दृश्य लाइट की तस्वीर को खींचा गया है।
नासा ने बताया कि कैट आई नेब्यूला एक प्लेनेटरी नेब्यूला है। इस नेब्यूला में हमारे सूर्य की तरह के सितारे बनते हैं। वीडियो को जब आप देखेंगे तो समझ में आएगा कि जैसे-जैसे साउंड वेव चमकदार रोशनी की ओर बढ़ती है आवाज तेज होने लगती है। वहीं नासा के चंद्रा एक्स रे ऑब्जर्वेटरी के एक्स रे डेटा में एक कठोर ध्वनि सुनाई देती है। कंपोज़िट इमेज वेव लेंथ में ये अच्छा सुनाई देता है। कैट्स आई नेब्यूला धरती से तीन,दो सौ बासठ प्रकाश वर्ष दूर ड्रेको के उत्तरी नक्षत्र में स्थित है। नासा ने अंतर्राष्ट्रीय कैट्स डे पर ये वीडियो जारी किया है। इंटरनेशनल फंड फॉर एनिमल वेलफेयर ने दो हज़ार दो में हर साल आठ अगस्त को इंटरनेशनल कैट्स डे के रूप में मनाना शुरू किया। इसका उद्देश्य बिल्लियों के प्रति जागरुकता पैदा करना और उनके संरक्षण के तरीकों के बारे में जानने में मदद करना है। हमारे सूर्य की ही तरह अरबों सितारे आकाशगंगा में हैं। जब सूर्य जैसे सितारे के पास जलने के लिए हीलियम खत्म हो जाता है तो वह फट जाता है। इस कारण गैस और धूल के विशाल बादल बन जाते हैं। हर बार विस्फोट से एक नई संरचना बनती है। चंद्रा ऑब्जर्वेटरी के जरिए इसका एक्सरे और हबल टेलीस्कोप के जरिए इसकी दृश्य लाइट की तस्वीर को खींचा गया है।
आखिर बात क्या थी और कहीं आप तो इस फ्रॉड का अगला शिकार तो नहीं हो सकते हैं. . जनता से रिश्ता वेबडेस्क। आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड्स के मामलों की संख्या बहुत बढ़ गई है. जागरूकता होने के बावजूद ये आंकड़ा बीतते दिनों के साथ बढ़ ही रहा है. आज हम आपको एक ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी वजह से एक व्यापारी के बैंक अकाउंट से 64 लाख रुपये चोरी हो गए. आइए जानते हैं कि आखिर बात क्या थी और कहीं आप तो इस फ्रॉड का अगला शिकार तो नहीं हो सकते हैं. . दरअसल ये मामला जयपुर का है. कुछ दिनों पहले जयपुर के इस व्यापारी ने अपने स्मार्टफोन पर दो दिन तक कुछ अजीब ऐक्टिविटीज देखीं जिसके बाद उनके अकाउंट से 64 लाख रुपये की चोरी हो गई. इसे सिम स्वॉपिंग का ही एक मामला माना जा रहा है. चोरी होने पर व्यापारी ने पुलिस से भी संपर्क किया जिनका ऐसा मानना है कि ये फोन हैकिंग का भी मामला हो सकता है. अगर आप सोच रहे हैं कि इस ऑनलाइन फ्रॉड को अंजाम कैसे दिया गया तो आगे पढिए और मामले के बारे में जानिए. जयपुर के 68-वर्षीय व्यापारी, श्री रलेश तातुका के स्मार्टफोन के सिग्नल शुक्रवार शाम को अचानक चले गए. जब बहुत कोशिश के बाद भी सिग्नल वापस नहीं आए तो उन्होंने एक नया सिम कार्ड लेने का फैसला किया. यही बात इनके बिजनेस पार्टनर के साथ भी हुई. दोनों ने एक नया सिम कार्ड तो ले लिया लेकिन उसे ऐक्टिवेट वन में काफी टाइम लग गया. इस बात को भूलकर दोनों बिजनेस पार्टनर्स ने अपने फोन में पहले कंपनी के और फिर अपने बैंक अकाउंट्स में लॉग-इन किया. जब वो लॉग-इन नहीं कर पा रहे थे उन्होंने अपने बैंक को फोन किया और अकाउंट बैलेन्स के विषय में पूछा. तब जाकर उन्हें पता चला कि उनके अकाउंट से 64 लाख रुपये चोरी हो चुके हैं और अब बस 700 रुपये बचे हैं.
आखिर बात क्या थी और कहीं आप तो इस फ्रॉड का अगला शिकार तो नहीं हो सकते हैं. . जनता से रिश्ता वेबडेस्क। आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड्स के मामलों की संख्या बहुत बढ़ गई है. जागरूकता होने के बावजूद ये आंकड़ा बीतते दिनों के साथ बढ़ ही रहा है. आज हम आपको एक ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी वजह से एक व्यापारी के बैंक अकाउंट से चौंसठ लाख रुपये चोरी हो गए. आइए जानते हैं कि आखिर बात क्या थी और कहीं आप तो इस फ्रॉड का अगला शिकार तो नहीं हो सकते हैं. . दरअसल ये मामला जयपुर का है. कुछ दिनों पहले जयपुर के इस व्यापारी ने अपने स्मार्टफोन पर दो दिन तक कुछ अजीब ऐक्टिविटीज देखीं जिसके बाद उनके अकाउंट से चौंसठ लाख रुपये की चोरी हो गई. इसे सिम स्वॉपिंग का ही एक मामला माना जा रहा है. चोरी होने पर व्यापारी ने पुलिस से भी संपर्क किया जिनका ऐसा मानना है कि ये फोन हैकिंग का भी मामला हो सकता है. अगर आप सोच रहे हैं कि इस ऑनलाइन फ्रॉड को अंजाम कैसे दिया गया तो आगे पढिए और मामले के बारे में जानिए. जयपुर के अड़सठ-वर्षीय व्यापारी, श्री रलेश तातुका के स्मार्टफोन के सिग्नल शुक्रवार शाम को अचानक चले गए. जब बहुत कोशिश के बाद भी सिग्नल वापस नहीं आए तो उन्होंने एक नया सिम कार्ड लेने का फैसला किया. यही बात इनके बिजनेस पार्टनर के साथ भी हुई. दोनों ने एक नया सिम कार्ड तो ले लिया लेकिन उसे ऐक्टिवेट वन में काफी टाइम लग गया. इस बात को भूलकर दोनों बिजनेस पार्टनर्स ने अपने फोन में पहले कंपनी के और फिर अपने बैंक अकाउंट्स में लॉग-इन किया. जब वो लॉग-इन नहीं कर पा रहे थे उन्होंने अपने बैंक को फोन किया और अकाउंट बैलेन्स के विषय में पूछा. तब जाकर उन्हें पता चला कि उनके अकाउंट से चौंसठ लाख रुपये चोरी हो चुके हैं और अब बस सात सौ रुपयापये बचे हैं.
शीरा शीरा (Molasses) एक मोटा द्रव है जो गन्ने के रस से या चुकन्दर से शक्कर बनाते समय सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। देखने में यह कुछ मधु जैसा दिखता है। शोरे से शराब बनायी जाती है। श्रेणीःशक्कर. 5 संबंधोंः बीटा वल्गैरिस, मधु, शराब, शर्करा, गन्ना। बीटा वल्गैरिस, जिसे साधारण भाषा में चुकंदर कहते हैं, अमारैन्थ परिवार का एक पादप सदस्य है। इसे कई रूपों में, जिनमें अधिकतर लाल रंग की जड़ से प्राप्त सब्जी रूप में प्रयोगनीय उत्पाद के लिये उगाया जाता है। इसके अलावा अन्य उत्पादों में इसके पत्तों को शाक रूप में प्रयोग करते हैं, व इसे शर्करा-स्रोत रूप में भी प्रयोग किया जाता है। पशु-आहार के लिये भी कहीं-कहीं प्रयोग किया जाता है। इसकी अधिकतर प्रचलित Beta vulgaris उपजाति vulgaris में आती है। जबकि Beta vulgaris उपजातिःmaritima, जो ई-बीट नाम से प्रचलित है, इसी का जंगली पूर्वज है और भूमध्य सागरीय क्षेत्र, यूरोप की अंध-महासागर तटरेखा एवं भारत में उगती है। एक अन्य जंगली प्रजाति Beta vulgaris उपजातिःadanensis, यूनान से सीरिया पर्यन्त पायी जाती है। "Beta vulgaris", नाम से प्रचलित चुकंदर, शाक विक्रेता के यहां चुकंदर में अच्छी मात्रा में लौह, विटामिन और खनिज होते हैं जो रक्तवर्धन और शोधन के काम में सहायक होते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। यह प्राकृतिक शर्करा का स्रोत होता है। इसमें सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन, आयोडीन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते हैं। चुकंदर में गुर्दे और पित्ताशय को साफ करने के प्राकृतिक गुण हैं। इसमें उपस्थित पोटेशियम शरीर को प्रतिदिन पोषण प्रदान करने में मदद करता है तो वहीं क्लोरीन गुर्दों के शोधन में मदद करता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं जैसे वमन, दस्त, चक्कर आदि में लाभदायक होता है। चुकंदर का रस पीने से रक्ताल्पता दूर हो जाती है क्योंकि इसमें लौह भी प्रचुर मात्र में पाया जाता है।। याहू जागरण चुकंदर का रस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं को दूर रखता है। विशेषतया महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। चुकंदर में बेटेन नामक तत्व पाया जाता है जिसकी आंत व पेट को साफ करने के लिए शरीर को आवश्यकता होती है और चुकंदर में उपस्थित यह तत्व उसकी आपूर्ति करता है। कई शोधों के अनुसार चुकंदर कैंसर में भी लाभदायक होता है। चुकंदर और उसके पत्ते फोलेट का अच्छा स्रोत होते हैं, जो उच्च रक्तचाप और अल्जाइमर की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। चुकंदर की भारत में प्रचलित किस्म . बोतल में छत्ते के साथ रखी मधु मधु या शहद (अंग्रेज़ीःHoney हनी) एक मीठा, चिपचिपाहट वाला अर्ध तरल पदार्थ होता है जो मधुमक्खियों द्वारा पौधों के पुष्पों में स्थित मकरन्दकोशों से स्रावित मधुरस से तैयार किया जाता है और आहार के रूप में मौनगृह में संग्रह किया जाता है।। उत्तराकृषिप्रभा शहद में जो मीठापन होता है वो मुख्यतः ग्लूकोज़ और एकलशर्करा फ्रक्टोज के कारण होता है। शहद का प्रयोग औषधि रूप में भी होता है। शहद में ग्लूकोज व अन्य शर्कराएं तथा विटामिन, खनिज और अमीनो अम्ल भी होता है जिससे कई पौष्टिक तत्व मिलते हैं जो घाव को ठीक करने और उतकों के बढ़ने के उपचार में मदद करते हैं। प्राचीन काल से ही शहद को एक जीवाणु-रोधी के रूप में जाना जाता रहा है। शहद एक हाइपरस्मॉटिक एजेंट होता है जो घाव से तरल पदार्थ निकाल देता है और शीघ्र उसकी भरपाई भी करता है और उस जगह हानिकारक जीवाणु भी मर जाते हैं। जब इसको सीधे घाव में लगाया जाता है तो यह सीलैंट की तरह कार्य करता है और ऐसे में घाव संक्रमण से बचा रहता है।। हिन्दुस्तान लाईव। ११ अप्रैल २०१० . सफेद मदिरा लाल मदिरा मदिरा, सुरा या शराब अल्कोहलीय पेय पदार्थ है। रम, विस्की, चूलईया, महुआ, ब्रांडी, जीन, बीयर, हंड़िया, आदि सभी एक है क्योंकि सबमें अल्कोहल होता है। हाँ, इनमें एलकोहल की मात्रा और नशा लाने कि अपेक्षित क्षमता अलग-अलग जरूर होती है परन्तु सभी को हम 'शराब' ही कहते है। कभी-कभी लोग हड़िया या बीयर को शराब से अलग समझते हैं जो कि बिलकुल गलत है। दोनों में एल्कोहल तो होता ही है। शराब अक्सर हमारे समाज में आनन्द के लिए पी जाती है। ज्यादातर शुरूआत दोस्तों के प्रभाव या दबाव के कारण होता है और बाद में भी कई अन्य कारणों से लोग इसका सेवन जारी रखते है। जैसे- बोरियत मिटाने के लिए, खुशी मनाने के लिए, अवसाद में, चिन्ता में, तीव्र क्रोध या आवेग आने पर, आत्माविश्वास लाने के लिए या मूड बनाने के लिए आदि। इसके अतिरिक्त शराब के सेवन को कई समाज में धार्मिक व अन्य सामाजिक अनुष्ठानों से भी जोड़ा जाता है। परन्तु कोई भी समाज या धर्म इसके दुरूपयोग की स्वीकृति नहीं देता है। . डेट्राइट, मिशिगनआवर्धित रूप में चीनी के दाने शक्कर, शर्करा या चीनी (Sugar) एक क्रिस्टलीय खाद्य पदार्थ है। इसमें मुख्यतः सुक्रोज, लैक्टोज एवं फ्रक्टोज उपस्थित होता है। मानव की स्वाद ग्रन्थियाँ मस्तिष्क को इसका स्वाद मीठा बताती हैं। चीनी मुख्यतः गन्ना (या ईख) एवं चुकन्दर से तैयार की जाती है। यह फलों, मधु एवं अन्य कई स्रोतों में भी पायी जाती है। इसे मारवाडी भाषा में 'खोड' अथवा ' मुरस ' कहा जाता है। चीनी की अत्यधिक मात्रा खाने से प्रकार-२ का मधुमेह होने की घटनाएँ अधिक देखी गयीं हैं। इसके अलावा मोटापा और दाँतों का क्षरण भी होता है। विश्व में ब्राजील में प्रति व्यक्ति चीनी की खपत सर्वाधिक होती है। भारत में एक देश के रूप में सर्वाधिक चीनी का खपत होती है। . गन्ना की फसल कटा हुआ गन्ना गन्ना (Sugarcane) भारत की एक प्रमुख नकदी फसल है, जिससे चीनी, गुड़, शराब आदि का निर्माण होता हैं। गन्ने की उत्पादकता सबसे ज्यादा ब्राज़ील में होती है और भारत का गन्ने की उत्पादकता में सम्पूर्ण विश्व में दूसरा स्थान हैI .
शीरा शीरा एक मोटा द्रव है जो गन्ने के रस से या चुकन्दर से शक्कर बनाते समय सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। देखने में यह कुछ मधु जैसा दिखता है। शोरे से शराब बनायी जाती है। श्रेणीःशक्कर. पाँच संबंधोंः बीटा वल्गैरिस, मधु, शराब, शर्करा, गन्ना। बीटा वल्गैरिस, जिसे साधारण भाषा में चुकंदर कहते हैं, अमारैन्थ परिवार का एक पादप सदस्य है। इसे कई रूपों में, जिनमें अधिकतर लाल रंग की जड़ से प्राप्त सब्जी रूप में प्रयोगनीय उत्पाद के लिये उगाया जाता है। इसके अलावा अन्य उत्पादों में इसके पत्तों को शाक रूप में प्रयोग करते हैं, व इसे शर्करा-स्रोत रूप में भी प्रयोग किया जाता है। पशु-आहार के लिये भी कहीं-कहीं प्रयोग किया जाता है। इसकी अधिकतर प्रचलित Beta vulgaris उपजाति vulgaris में आती है। जबकि Beta vulgaris उपजातिःmaritima, जो ई-बीट नाम से प्रचलित है, इसी का जंगली पूर्वज है और भूमध्य सागरीय क्षेत्र, यूरोप की अंध-महासागर तटरेखा एवं भारत में उगती है। एक अन्य जंगली प्रजाति Beta vulgaris उपजातिःadanensis, यूनान से सीरिया पर्यन्त पायी जाती है। "Beta vulgaris", नाम से प्रचलित चुकंदर, शाक विक्रेता के यहां चुकंदर में अच्छी मात्रा में लौह, विटामिन और खनिज होते हैं जो रक्तवर्धन और शोधन के काम में सहायक होते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। यह प्राकृतिक शर्करा का स्रोत होता है। इसमें सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन, आयोडीन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते हैं। चुकंदर में गुर्दे और पित्ताशय को साफ करने के प्राकृतिक गुण हैं। इसमें उपस्थित पोटेशियम शरीर को प्रतिदिन पोषण प्रदान करने में मदद करता है तो वहीं क्लोरीन गुर्दों के शोधन में मदद करता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं जैसे वमन, दस्त, चक्कर आदि में लाभदायक होता है। चुकंदर का रस पीने से रक्ताल्पता दूर हो जाती है क्योंकि इसमें लौह भी प्रचुर मात्र में पाया जाता है।। याहू जागरण चुकंदर का रस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं को दूर रखता है। विशेषतया महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। चुकंदर में बेटेन नामक तत्व पाया जाता है जिसकी आंत व पेट को साफ करने के लिए शरीर को आवश्यकता होती है और चुकंदर में उपस्थित यह तत्व उसकी आपूर्ति करता है। कई शोधों के अनुसार चुकंदर कैंसर में भी लाभदायक होता है। चुकंदर और उसके पत्ते फोलेट का अच्छा स्रोत होते हैं, जो उच्च रक्तचाप और अल्जाइमर की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। चुकंदर की भारत में प्रचलित किस्म . बोतल में छत्ते के साथ रखी मधु मधु या शहद एक मीठा, चिपचिपाहट वाला अर्ध तरल पदार्थ होता है जो मधुमक्खियों द्वारा पौधों के पुष्पों में स्थित मकरन्दकोशों से स्रावित मधुरस से तैयार किया जाता है और आहार के रूप में मौनगृह में संग्रह किया जाता है।। उत्तराकृषिप्रभा शहद में जो मीठापन होता है वो मुख्यतः ग्लूकोज़ और एकलशर्करा फ्रक्टोज के कारण होता है। शहद का प्रयोग औषधि रूप में भी होता है। शहद में ग्लूकोज व अन्य शर्कराएं तथा विटामिन, खनिज और अमीनो अम्ल भी होता है जिससे कई पौष्टिक तत्व मिलते हैं जो घाव को ठीक करने और उतकों के बढ़ने के उपचार में मदद करते हैं। प्राचीन काल से ही शहद को एक जीवाणु-रोधी के रूप में जाना जाता रहा है। शहद एक हाइपरस्मॉटिक एजेंट होता है जो घाव से तरल पदार्थ निकाल देता है और शीघ्र उसकी भरपाई भी करता है और उस जगह हानिकारक जीवाणु भी मर जाते हैं। जब इसको सीधे घाव में लगाया जाता है तो यह सीलैंट की तरह कार्य करता है और ऐसे में घाव संक्रमण से बचा रहता है।। हिन्दुस्तान लाईव। ग्यारह अप्रैल दो हज़ार दस . सफेद मदिरा लाल मदिरा मदिरा, सुरा या शराब अल्कोहलीय पेय पदार्थ है। रम, विस्की, चूलईया, महुआ, ब्रांडी, जीन, बीयर, हंड़िया, आदि सभी एक है क्योंकि सबमें अल्कोहल होता है। हाँ, इनमें एलकोहल की मात्रा और नशा लाने कि अपेक्षित क्षमता अलग-अलग जरूर होती है परन्तु सभी को हम 'शराब' ही कहते है। कभी-कभी लोग हड़िया या बीयर को शराब से अलग समझते हैं जो कि बिलकुल गलत है। दोनों में एल्कोहल तो होता ही है। शराब अक्सर हमारे समाज में आनन्द के लिए पी जाती है। ज्यादातर शुरूआत दोस्तों के प्रभाव या दबाव के कारण होता है और बाद में भी कई अन्य कारणों से लोग इसका सेवन जारी रखते है। जैसे- बोरियत मिटाने के लिए, खुशी मनाने के लिए, अवसाद में, चिन्ता में, तीव्र क्रोध या आवेग आने पर, आत्माविश्वास लाने के लिए या मूड बनाने के लिए आदि। इसके अतिरिक्त शराब के सेवन को कई समाज में धार्मिक व अन्य सामाजिक अनुष्ठानों से भी जोड़ा जाता है। परन्तु कोई भी समाज या धर्म इसके दुरूपयोग की स्वीकृति नहीं देता है। . डेट्राइट, मिशिगनआवर्धित रूप में चीनी के दाने शक्कर, शर्करा या चीनी एक क्रिस्टलीय खाद्य पदार्थ है। इसमें मुख्यतः सुक्रोज, लैक्टोज एवं फ्रक्टोज उपस्थित होता है। मानव की स्वाद ग्रन्थियाँ मस्तिष्क को इसका स्वाद मीठा बताती हैं। चीनी मुख्यतः गन्ना एवं चुकन्दर से तैयार की जाती है। यह फलों, मधु एवं अन्य कई स्रोतों में भी पायी जाती है। इसे मारवाडी भाषा में 'खोड' अथवा ' मुरस ' कहा जाता है। चीनी की अत्यधिक मात्रा खाने से प्रकार-दो का मधुमेह होने की घटनाएँ अधिक देखी गयीं हैं। इसके अलावा मोटापा और दाँतों का क्षरण भी होता है। विश्व में ब्राजील में प्रति व्यक्ति चीनी की खपत सर्वाधिक होती है। भारत में एक देश के रूप में सर्वाधिक चीनी का खपत होती है। . गन्ना की फसल कटा हुआ गन्ना गन्ना भारत की एक प्रमुख नकदी फसल है, जिससे चीनी, गुड़, शराब आदि का निर्माण होता हैं। गन्ने की उत्पादकता सबसे ज्यादा ब्राज़ील में होती है और भारत का गन्ने की उत्पादकता में सम्पूर्ण विश्व में दूसरा स्थान हैI .
सामाजिक आर्थिक स्तरसामाजिक आर्थिक स्तर प्रजननता को सर्वाधिक प्रभावित करने वाला कारक है । माल्थस एवं स्पेन्सर आदि ने अपने मत स्पष्ट किये कि आर्थिक प्रगति के पश्चात प्रजनन में स्वतः नियमितता आ जायेगी । कुछ वैज्ञानिकों का विचार था कि आर्थिक प्रगति के फलस्वरूप व्यक्ति की आकांक्षाएं बढ़ जायेंगी और बच्चे पैदा करने की इच्छा में कमी होगी । समाजवादी लोगों का विचार था कि जन सामान्य के हित के लिये लोग अपने परिवार को सीमित रखना आरम्भ करेंगे । जिन देशों में रहन-सहन का स्तर सबसे ऊँचा हैं वहाँ परिवार के आकार में कमी लोगों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ हो जाती है । अतः निष्कर्ष के तौर पर यह कह सकते हैं कि जैसे-जैसे पारिवारिक आय में वृद्धि होती है प्रजननता में कमी आ जाती है । जो परिस्थितियाँ अधिक प्रजनन के लिये उत्तरदायी हैं वे ही परिस्थितियाँ बड़े परिवार के लिये अनुकूल मनोवृत्ति को जन्म देती हैं जैसे निरक्षरता, कृषि पर अत्याधिक निर्भरता, रहन सहन का निम्न स्तर आदि । धार्मिक रूढ़िवादी विचार, परिवार के संगठन का ढाँचा, अधिक शिशु मृत्यु दर, परिवार की आय में बच्चे का योगदान, बच्चों के पालन-पोषण पर कम खर्च आदि कुछ ऐसे सामाजिक आर्थिक कारक हैं जो अधिक प्रजननता के लिये प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी हैं । थाम्पसन, डब्लू0, एस0, 'पापुलेशन प्राब्लम्स' न्यूयार्क, 1942 चैप्टर x 2- क्यूजन्सकी, आर0आर0, "दि बैलेन्स आफ बर्थ एण्ड डेथ" वाल्यूम ।, न्यूयार्क, 1928, वाल्यूम 11, वाशिंग्टन, 1931 3- क्यूजन्सकी, आर0आर, "दि इन्टरनेशनल डिक्लाइन आफ फर्टिलिटी" इन पालिटिकल अर्थ मैटिक, लन्दन, 1938, पृष्ठ- 47-72 डेविस, किंगस्ले, "डेमोग्राफी फैक्ट एण्ड पालिसी इन इण्डिया" दि मिल बैंक ।
सामाजिक आर्थिक स्तरसामाजिक आर्थिक स्तर प्रजननता को सर्वाधिक प्रभावित करने वाला कारक है । माल्थस एवं स्पेन्सर आदि ने अपने मत स्पष्ट किये कि आर्थिक प्रगति के पश्चात प्रजनन में स्वतः नियमितता आ जायेगी । कुछ वैज्ञानिकों का विचार था कि आर्थिक प्रगति के फलस्वरूप व्यक्ति की आकांक्षाएं बढ़ जायेंगी और बच्चे पैदा करने की इच्छा में कमी होगी । समाजवादी लोगों का विचार था कि जन सामान्य के हित के लिये लोग अपने परिवार को सीमित रखना आरम्भ करेंगे । जिन देशों में रहन-सहन का स्तर सबसे ऊँचा हैं वहाँ परिवार के आकार में कमी लोगों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ हो जाती है । अतः निष्कर्ष के तौर पर यह कह सकते हैं कि जैसे-जैसे पारिवारिक आय में वृद्धि होती है प्रजननता में कमी आ जाती है । जो परिस्थितियाँ अधिक प्रजनन के लिये उत्तरदायी हैं वे ही परिस्थितियाँ बड़े परिवार के लिये अनुकूल मनोवृत्ति को जन्म देती हैं जैसे निरक्षरता, कृषि पर अत्याधिक निर्भरता, रहन सहन का निम्न स्तर आदि । धार्मिक रूढ़िवादी विचार, परिवार के संगठन का ढाँचा, अधिक शिशु मृत्यु दर, परिवार की आय में बच्चे का योगदान, बच्चों के पालन-पोषण पर कम खर्च आदि कुछ ऐसे सामाजिक आर्थिक कारक हैं जो अधिक प्रजननता के लिये प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी हैं । थाम्पसन, डब्लूशून्य, एसशून्य, 'पापुलेशन प्राब्लम्स' न्यूयार्क, एक हज़ार नौ सौ बयालीस चैप्टर x दो- क्यूजन्सकी, आरशून्यआरशून्य, "दि बैलेन्स आफ बर्थ एण्ड डेथ" वाल्यूम ।, न्यूयार्क, एक हज़ार नौ सौ अट्ठाईस, वाल्यूम ग्यारह, वाशिंग्टन, एक हज़ार नौ सौ इकतीस तीन- क्यूजन्सकी, आरशून्यआर, "दि इन्टरनेशनल डिक्लाइन आफ फर्टिलिटी" इन पालिटिकल अर्थ मैटिक, लन्दन, एक हज़ार नौ सौ अड़तीस, पृष्ठ- सैंतालीस-बहत्तर डेविस, किंगस्ले, "डेमोग्राफी फैक्ट एण्ड पालिसी इन इण्डिया" दि मिल बैंक ।
ओक्साना कोंदाकोवा - स्मार्ट और सुंदर लड़की, एक प्रसिद्ध मॉडल। लेकिन पूरी दुनिया के लिए, वह है क्योंकि इसके उत्कृष्ट बाह्य डेटा की नहीं प्रसिद्ध हो गया है। कुछ साल वह एनएचएल स्टार इव्गेनि माल्किन के साथ मुलाकात सुनहरे। क्यों ओक्साना कोंदाकोवा के साथ उनकी विदाई था? फोटो, जीवनी मॉडल और उसके निजी जीवन के विवरण - यह सब आप लेख में मिल जाएगा। अपने पढ़ने का आनंद लें! प्रसिद्ध मॉडल Magnitogorsk में 23 फरवरी, 1984 को पैदा हुआ। उसके माता पिता मध्यम वर्ग के सदस्य हैं। खिलौने, कपड़े और इतने परः वे छोटी लड़की है के लिए हर प्रयास सब कुछ का सबसे अच्छा था। हमारी नायिका विनम्र और दयालु महिला वृद्धि हुई। स्कूल में वह एक अच्छा विद्यार्थी था। वह हमेशा गर्लफ्रेंड और प्रेमी का एक बहुत था। ओक्साना कोंदाकोवा एक उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जा रहा था, लेकिन यह स्थगित करना पड़ा। एक सुंदर चेहरे के साथ लंबे पैरों गोरा, लेकिन मदद नहीं ध्यान आकर्षित नहीं कर सका। एक बार सड़क पर वह Magnitogorsk मॉडलिंग एजेंसियों के एक प्रतिनिधि से संपर्क किया गया था। उन्होंने कहा कि महिला एक बिजनेस कार्ड सौंप दिया। ओक्साना कोंदाकोवा इस तरह के एक अवसर न कर सका। जल्द ही वह फैशन शो और फोटो शूट के लिए शुरू किया। Magnitogorsk महिला के देशी कोई वास्तविक स्टार बन गए। मॉडल अच्छा फीस मिलता है। वह प्रशिक्षण पर पैसा खर्च सकता है, लेकिन में निवेश करने का फैसला किया है "सौंदर्य। " ओक्साना उसके होंठ बनाया है, ताकि एंजेलीना जोली की तरह देखा। यह ज्ञात है कि मॉडल पहले से ही शादी की थी। इतिहास नहीं बहुत सुंदर बाहर आया था। महिला Magnitogorsk कंपनियों में से एक में एक सचिव के रूप में एक नौकरी मिल गई। कोंदाकोवा एक सफल कैरियर का निर्माण और रजिस्ट्रार को अपने बॉस लाने में कामयाब रहे। शादी लंबे समय तक नहीं। लगातार झगड़े, गलतफहमी, विश्वासघात उनकी पत्नी द्वारा - यह सब एक आदमी के लिए मजबूर तलाक के लिए। 2008 में, एनएचएल स्टार Magnitogorsk में पहुंचे। एक नाइट क्लब में उन्होंने उज्ज्वल गोरा के साथ मुलाकात की और उसके साथ पहली बार प्यार हो गया। आप कल्पना कर सकते हैं, हम ओक्साना कोंदाकोवा के बारे में बात कर रहे हैं। मॉल्किन अपनी प्रेयसी की खातिर सबसे obezbashennym कर्मों बनाने के लिए तैयार था। उदाहरण के लिए, वह अपने अपार्टमेंट असली आतिशबाजी की खिड़कियों दे दी है। वह आँसू करने के लिए ले जाया गया था। 2008 के अंत में, मॉडल पिट्सबर्ग (अमरीका) में हॉकी खिलाड़ी के साथ चला गया। सभी अमेरिका पत्रिकाएँ ओक्साना कोंदाकोवा साथ इव्गेनी मालकोव संबंध के बारे में लिखा था। प्यार में एक जोड़े की फोटो भी लेख से जुड़ा हुआ है। पत्रकारों महिला के अतीत में तल्लीन करना शुरू किया और उस में काले धब्बे का एक बहुत मिल गया। लेकिन यूजीन यह सब में कोई दिलचस्पी नहीं थी। सब के बाद, वह Magnitogorsk मॉडल प्यार करता था। मॉल्किन और Kondakov 4 साल के लिए मुलाकात की। उनके मित्रों और परिचितों आश्वस्त थे कि यह शादी के लिए एक मामला है। लेकिन जोड़ी अचानक जुदाई की घोषणा की। क्यों यह सब हुआ? कई संस्करण हैं। शायद उन दोनों के बीच प्यार बुझा रहा है। वहाँ भी अफवाहें हैं कि मॉल्किन माता-पिता मॉडल Magnitogorsk के साथ अपने रिश्ते के खिलाफ थे। खाई के लिए सच कारण केवल बच्चों से जाना जाता है। अब इव्गेनि माल्किन नई मंगेतर - टीवी प्रस्तोता अन्ना Kasterova। अब आप जानते हैं जो इस ओक्साना कोंदाकोवा और क्या यह प्रसिद्ध हो गया है। हॉकी खिलाड़ी इव्गेनि माल्किन साथ रिश्ता हमेशा के लिए अपने जीवन के प्रतिभाशाली और सबसे खुशी का एपिसोड में से एक रहेगा। हम व्यक्तिगत मोर्चे पर इस खूबसूरत और प्यारी लड़की के भाग्य कामना करते हैं!
ओक्साना कोंदाकोवा - स्मार्ट और सुंदर लड़की, एक प्रसिद्ध मॉडल। लेकिन पूरी दुनिया के लिए, वह है क्योंकि इसके उत्कृष्ट बाह्य डेटा की नहीं प्रसिद्ध हो गया है। कुछ साल वह एनएचएल स्टार इव्गेनि माल्किन के साथ मुलाकात सुनहरे। क्यों ओक्साना कोंदाकोवा के साथ उनकी विदाई था? फोटो, जीवनी मॉडल और उसके निजी जीवन के विवरण - यह सब आप लेख में मिल जाएगा। अपने पढ़ने का आनंद लें! प्रसिद्ध मॉडल Magnitogorsk में तेईस फरवरी, एक हज़ार नौ सौ चौरासी को पैदा हुआ। उसके माता पिता मध्यम वर्ग के सदस्य हैं। खिलौने, कपड़े और इतने परः वे छोटी लड़की है के लिए हर प्रयास सब कुछ का सबसे अच्छा था। हमारी नायिका विनम्र और दयालु महिला वृद्धि हुई। स्कूल में वह एक अच्छा विद्यार्थी था। वह हमेशा गर्लफ्रेंड और प्रेमी का एक बहुत था। ओक्साना कोंदाकोवा एक उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जा रहा था, लेकिन यह स्थगित करना पड़ा। एक सुंदर चेहरे के साथ लंबे पैरों गोरा, लेकिन मदद नहीं ध्यान आकर्षित नहीं कर सका। एक बार सड़क पर वह Magnitogorsk मॉडलिंग एजेंसियों के एक प्रतिनिधि से संपर्क किया गया था। उन्होंने कहा कि महिला एक बिजनेस कार्ड सौंप दिया। ओक्साना कोंदाकोवा इस तरह के एक अवसर न कर सका। जल्द ही वह फैशन शो और फोटो शूट के लिए शुरू किया। Magnitogorsk महिला के देशी कोई वास्तविक स्टार बन गए। मॉडल अच्छा फीस मिलता है। वह प्रशिक्षण पर पैसा खर्च सकता है, लेकिन में निवेश करने का फैसला किया है "सौंदर्य। " ओक्साना उसके होंठ बनाया है, ताकि एंजेलीना जोली की तरह देखा। यह ज्ञात है कि मॉडल पहले से ही शादी की थी। इतिहास नहीं बहुत सुंदर बाहर आया था। महिला Magnitogorsk कंपनियों में से एक में एक सचिव के रूप में एक नौकरी मिल गई। कोंदाकोवा एक सफल कैरियर का निर्माण और रजिस्ट्रार को अपने बॉस लाने में कामयाब रहे। शादी लंबे समय तक नहीं। लगातार झगड़े, गलतफहमी, विश्वासघात उनकी पत्नी द्वारा - यह सब एक आदमी के लिए मजबूर तलाक के लिए। दो हज़ार आठ में, एनएचएल स्टार Magnitogorsk में पहुंचे। एक नाइट क्लब में उन्होंने उज्ज्वल गोरा के साथ मुलाकात की और उसके साथ पहली बार प्यार हो गया। आप कल्पना कर सकते हैं, हम ओक्साना कोंदाकोवा के बारे में बात कर रहे हैं। मॉल्किन अपनी प्रेयसी की खातिर सबसे obezbashennym कर्मों बनाने के लिए तैयार था। उदाहरण के लिए, वह अपने अपार्टमेंट असली आतिशबाजी की खिड़कियों दे दी है। वह आँसू करने के लिए ले जाया गया था। दो हज़ार आठ के अंत में, मॉडल पिट्सबर्ग में हॉकी खिलाड़ी के साथ चला गया। सभी अमेरिका पत्रिकाएँ ओक्साना कोंदाकोवा साथ इव्गेनी मालकोव संबंध के बारे में लिखा था। प्यार में एक जोड़े की फोटो भी लेख से जुड़ा हुआ है। पत्रकारों महिला के अतीत में तल्लीन करना शुरू किया और उस में काले धब्बे का एक बहुत मिल गया। लेकिन यूजीन यह सब में कोई दिलचस्पी नहीं थी। सब के बाद, वह Magnitogorsk मॉडल प्यार करता था। मॉल्किन और Kondakov चार साल के लिए मुलाकात की। उनके मित्रों और परिचितों आश्वस्त थे कि यह शादी के लिए एक मामला है। लेकिन जोड़ी अचानक जुदाई की घोषणा की। क्यों यह सब हुआ? कई संस्करण हैं। शायद उन दोनों के बीच प्यार बुझा रहा है। वहाँ भी अफवाहें हैं कि मॉल्किन माता-पिता मॉडल Magnitogorsk के साथ अपने रिश्ते के खिलाफ थे। खाई के लिए सच कारण केवल बच्चों से जाना जाता है। अब इव्गेनि माल्किन नई मंगेतर - टीवी प्रस्तोता अन्ना Kasterova। अब आप जानते हैं जो इस ओक्साना कोंदाकोवा और क्या यह प्रसिद्ध हो गया है। हॉकी खिलाड़ी इव्गेनि माल्किन साथ रिश्ता हमेशा के लिए अपने जीवन के प्रतिभाशाली और सबसे खुशी का एपिसोड में से एक रहेगा। हम व्यक्तिगत मोर्चे पर इस खूबसूरत और प्यारी लड़की के भाग्य कामना करते हैं!
उसी के तहत लद्दाख को यूनियन टेरिट्री बनाया गया और एक अलग प्रशासनिक इकाई बनाया गया ।... ( व्यवधान) इसको न केवल एक प्रशासनिक इकाई बनाया गया, बल्कि इसको उच्च शिक्षा में और महत्व मिले, भारत सरकार इसके लिए एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रस्तावित करती है, जिस पर आने वाले दिनों में 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे । ... (व्यवधान) लगभग 4 हजार विद्यार्थी लद्दाख से बाहर पढ़ने के लिए जाते हैं। ( व्यवधान) इस केन्द्रीय विश्वविद्यालय के माध्यम से लद्दाख के ढाई हजार विद्यार्थियों को पढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। आज के दिन ही जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने संबंधी विधेयक लोक सभा में पारित हुआ था । ... ( व्यवधान) इस विश्वविद्यालय का गठन करने के लिए लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल, लेह और कारगिल की ओर से यह विचार आया था। ... ( व्यवधान) स्थानीय प्रशासन द्वारा 110 एकड़ की जमीन भी उपलब्ध करवाई गई है। (व्यवधान) इस विश्वविद्यालय का गठन होने के उपरान्त लद्दाख, लेह और कारगिल की विशेषता को जानने का इस देश के अन्य विद्यार्थियों को, एक भावनात्मक इंटीग्रेशन का मौका मिलेगा । (व्यवधान) जम्मू और कश्मीर संघ-शासित प्रदेश में पहले से ही, जम्मू में एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय तथा श्रीनगर में एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय था । (व्यवधान) आज के इस निर्णय के उपरान्त लद्दाख, कारगिल या लेह में सिंधु केन्द्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित होगा । सभापति महोदय, मैं यह विधेयक आपके सामने विचार के लिए इसीलिए लेकर आया हूं ताकि इस प्रमुख नीति को यह पवित्र सदन अनुमति दे और लद्दाख की आकांक्षा को पूरा होने का सौभाग्य मिले, धन्यवाद । (व्यवधान)
उसी के तहत लद्दाख को यूनियन टेरिट्री बनाया गया और एक अलग प्रशासनिक इकाई बनाया गया ।... इसको न केवल एक प्रशासनिक इकाई बनाया गया, बल्कि इसको उच्च शिक्षा में और महत्व मिले, भारत सरकार इसके लिए एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रस्तावित करती है, जिस पर आने वाले दिनों में सात सौ पचास करोड़ रुपये खर्च होंगे । ... लगभग चार हजार विद्यार्थी लद्दाख से बाहर पढ़ने के लिए जाते हैं। इस केन्द्रीय विश्वविद्यालय के माध्यम से लद्दाख के ढाई हजार विद्यार्थियों को पढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। आज के दिन ही जम्मू-कश्मीर से धारा तीन सौ सत्तर हटाने संबंधी विधेयक लोक सभा में पारित हुआ था । ... इस विश्वविद्यालय का गठन करने के लिए लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल, लेह और कारगिल की ओर से यह विचार आया था। ... स्थानीय प्रशासन द्वारा एक सौ दस एकड़ की जमीन भी उपलब्ध करवाई गई है। इस विश्वविद्यालय का गठन होने के उपरान्त लद्दाख, लेह और कारगिल की विशेषता को जानने का इस देश के अन्य विद्यार्थियों को, एक भावनात्मक इंटीग्रेशन का मौका मिलेगा । जम्मू और कश्मीर संघ-शासित प्रदेश में पहले से ही, जम्मू में एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय तथा श्रीनगर में एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय था । आज के इस निर्णय के उपरान्त लद्दाख, कारगिल या लेह में सिंधु केन्द्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित होगा । सभापति महोदय, मैं यह विधेयक आपके सामने विचार के लिए इसीलिए लेकर आया हूं ताकि इस प्रमुख नीति को यह पवित्र सदन अनुमति दे और लद्दाख की आकांक्षा को पूरा होने का सौभाग्य मिले, धन्यवाद ।
बीजिंग. चीन में डॉक्टरों ने 26 साल की एक युवती के बुरी तरह बिगड़े हुए चेहरे को 3-डी स्कैनिंग तकनीक की मदद से दोबारा नया बना दिया। नया चेहरा बनाने के लिए डॉक्टरों ने उसके सिर में 300 स्क्रू और स्टील की प्लेट डाली हैं। चेन लिदान नाम की युवती शिचुआन एयरलाइंस में फ्लाइट अटेंडेंट थी। चार साल पहले एक होटल में कार्यक्रम के दौरान वह सातवीं मंजिल से गिर गई थी। इस हादसे में उसकी जान तो बच गई थी, लेकिन चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया था। वह ठीक से बोल भी नहीं पाती है। याद्दाश्त भी खो चुकी है। वेस्ट चाइना अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि चेन की जान बचाने के बाद उसे नया चेहरा देने का काम सबसे मुश्किल था। शनिवार को उसे नया चेहरा दिया गया लेकिन वह खुद को पूरी तरह पहचान नहीं पाई। डॉक्टरों ने उसे पहले उसका पुराना चेहरा दिखाया। बाद में आईने में नया चेहरा भी दिखाया। चेन ने कहा कि वह पहले जैसे ही इस चेहरे में भी सुंदर लग रही है। डॉक्टरों ने बताया कि नया चेहरा देने के लिए चेन का दो साल तक इलाज चलता रहा। इस दौरान उसके चेहरे और सिर के उपरी हिस्से की 3-डी स्कैनिंग कर सबसे पहले उसके सिर के निचले हिस्से में स्टील की प्लेट रखी गई। उसके बाद चेहरे को नया आकार देने के लिए 26 बार ऑपरेशन किया गया। इसमें तीन सौ से ज्यादा स्क्रू और छोटी-छोटी कीलों का इस्तेमाल किया गया। डॉक्टरों को उसकी खोपड़ी के नीचे स्टील की प्लेटें रखनी पड़ीं और सिर में 300 से अधिक स्टील की कीलें डालकर उसे एक नया चेहरा दिया गया। चेन जब हादसे में गिरी थी तब उसका एक ऑपरेशन दक्षिण चीन की सान्या में सिटी 425 अस्पताल में किया जा चुका था। उसके बाद यह अफवाह भी उड़ी थी कि चेन ने चेहरा बिगड़ने की वजह से सदमे की हालत में खुदकुशी करने की कोशिश भी की थी। हालांकि उसके परिवार ने इससे इनकार किया। उधर, चेन लिदान को नया चेहरा मिलने के बाद उसके पिता चेन शेनचांग बहुत खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी की याद्दाश्त भी लौट आएगी। वे इस बात पर दुखी हैं कि पुलिस अब तक इस बात का पता नहीं लगा पाई कि चेन आखिर होटल की इमारत से गिरी कैसे। वे चाहते हैं कि इस बात की दोबारा जांच की जानी चाहिए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बीजिंग. चीन में डॉक्टरों ने छब्बीस साल की एक युवती के बुरी तरह बिगड़े हुए चेहरे को तीन-डी स्कैनिंग तकनीक की मदद से दोबारा नया बना दिया। नया चेहरा बनाने के लिए डॉक्टरों ने उसके सिर में तीन सौ स्क्रू और स्टील की प्लेट डाली हैं। चेन लिदान नाम की युवती शिचुआन एयरलाइंस में फ्लाइट अटेंडेंट थी। चार साल पहले एक होटल में कार्यक्रम के दौरान वह सातवीं मंजिल से गिर गई थी। इस हादसे में उसकी जान तो बच गई थी, लेकिन चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया था। वह ठीक से बोल भी नहीं पाती है। याद्दाश्त भी खो चुकी है। वेस्ट चाइना अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि चेन की जान बचाने के बाद उसे नया चेहरा देने का काम सबसे मुश्किल था। शनिवार को उसे नया चेहरा दिया गया लेकिन वह खुद को पूरी तरह पहचान नहीं पाई। डॉक्टरों ने उसे पहले उसका पुराना चेहरा दिखाया। बाद में आईने में नया चेहरा भी दिखाया। चेन ने कहा कि वह पहले जैसे ही इस चेहरे में भी सुंदर लग रही है। डॉक्टरों ने बताया कि नया चेहरा देने के लिए चेन का दो साल तक इलाज चलता रहा। इस दौरान उसके चेहरे और सिर के उपरी हिस्से की तीन-डी स्कैनिंग कर सबसे पहले उसके सिर के निचले हिस्से में स्टील की प्लेट रखी गई। उसके बाद चेहरे को नया आकार देने के लिए छब्बीस बार ऑपरेशन किया गया। इसमें तीन सौ से ज्यादा स्क्रू और छोटी-छोटी कीलों का इस्तेमाल किया गया। डॉक्टरों को उसकी खोपड़ी के नीचे स्टील की प्लेटें रखनी पड़ीं और सिर में तीन सौ से अधिक स्टील की कीलें डालकर उसे एक नया चेहरा दिया गया। चेन जब हादसे में गिरी थी तब उसका एक ऑपरेशन दक्षिण चीन की सान्या में सिटी चार सौ पच्चीस अस्पताल में किया जा चुका था। उसके बाद यह अफवाह भी उड़ी थी कि चेन ने चेहरा बिगड़ने की वजह से सदमे की हालत में खुदकुशी करने की कोशिश भी की थी। हालांकि उसके परिवार ने इससे इनकार किया। उधर, चेन लिदान को नया चेहरा मिलने के बाद उसके पिता चेन शेनचांग बहुत खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी की याद्दाश्त भी लौट आएगी। वे इस बात पर दुखी हैं कि पुलिस अब तक इस बात का पता नहीं लगा पाई कि चेन आखिर होटल की इमारत से गिरी कैसे। वे चाहते हैं कि इस बात की दोबारा जांच की जानी चाहिए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
Shah Rukh Khan's Pathan Box Office Records: बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने फिल्म 'पठान' के साथ 4 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है। फिल्म एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसे सिद्धार्थ आनंद ने निर्देशित किया है। 32 साल के शाहरुख खान के करियर में यह पहली ऐसी फिल्म है जिसमें शाहरुख खान फुल फ्लेज्ड एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं। शाहरुख खान का एक्शन अवतार देखने के लिए फैंस बेताब थे और जब किंग खान पूरे 4 साल बाद स्क्रीन पर वापसी कर रहे हों तो फैंस एक्साइटेड तो होंगे ही, यही वजह है कि शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' सुपरहिट हुई और फिल्म ने रिलीज होते ही कई रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिये, आइए आपको बताते हैं कि फिल्म ने कौन-कौन से रिकॉर्ड बना लिए हैं। शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' ने पहले दिन वर्ल्डवाइड 100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है, यह पहली बार है जब किसी फिल्म ने ओवरसीज इतना कलेक्शन किया है। वैसे भी विदेशों में शाहरुख खान के फैन बहुत ज्यादा हैं, ऐसे में ये तो होना ही था। शाहरुख खान की फिल्म पठान ने पहले दिन हिंदी में 55 करोड़ का बिजनेस किया है। यह पहली बार है जब किसी हिंदी फिल्म ने इतना बड़ा कलेक्शन किया है। इससे पहले रिकॉर्ड ऋतिक रोशन की फिल्म 'वॉर' के नाम था, जिसने ओपनिंग डे पर 51. 60 करोड़ का बिजनेस किया था। दूसरे नंबर पर थी ठग्स ऑफ हिंदोस्तान जिसने पहले दिन 50. 75 करोड़ का कारोबार किया था। अभी तक जितनी भी फिल्मों ने ओपनिंग डे पर 50 करोड़ की कमाई की थी, ये फिल्में किसी न किसी फेस्टिवल पर रिलीज हुई थी, और वो छुट्टी का दिन था। पहली बार पठान ऐसी फिल्म बन गई है जिसने नॉन हॉलीडे में रिलीज होने के बाद भी ओपनिंग डे पर 50 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है। शाहरुख खान की फिल्म पठान ने यूएई, यूएएसए, कनाडा, यूके में शानदार कलेक्शन किया और ओवरसीज़ 36. 69 करोड़ का बिजनेस किया है। शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' ने रिलीज से पहले ही अपने नाम एक रिकॉर्ड कर लिया था और वो था एडवांस बुकिंग का। यह पहली ऐसी बॉलीवुड फिल्म है जिसने रिलीज से पहले सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग का रिकॉर्ड अपने नाम किया। ओपनिंग डे के लिए फिल्म के 5. 56 लाख टिकट्स पहले ही बुक हो चुके थे, जो किसी भी बॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे ज्यादा है। बाहुबली 2, केजीएफ 2 जैसी फिल्मों ने जरूर रिलीज वाले दिन 100 करोड़ कमाने का इतिहास रचा था मगर 'पठान' पहली ऐसी बॉलीवुड फिल्म बन गई है जिसने रिलीज वाले दिन ही 100 करोड़ का बिजनेस कर लिया है।
Shah Rukh Khan's Pathan Box Office Records: बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने फिल्म 'पठान' के साथ चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है। फिल्म एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसे सिद्धार्थ आनंद ने निर्देशित किया है। बत्तीस साल के शाहरुख खान के करियर में यह पहली ऐसी फिल्म है जिसमें शाहरुख खान फुल फ्लेज्ड एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं। शाहरुख खान का एक्शन अवतार देखने के लिए फैंस बेताब थे और जब किंग खान पूरे चार साल बाद स्क्रीन पर वापसी कर रहे हों तो फैंस एक्साइटेड तो होंगे ही, यही वजह है कि शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' सुपरहिट हुई और फिल्म ने रिलीज होते ही कई रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिये, आइए आपको बताते हैं कि फिल्म ने कौन-कौन से रिकॉर्ड बना लिए हैं। शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' ने पहले दिन वर्ल्डवाइड एक सौ करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है, यह पहली बार है जब किसी फिल्म ने ओवरसीज इतना कलेक्शन किया है। वैसे भी विदेशों में शाहरुख खान के फैन बहुत ज्यादा हैं, ऐसे में ये तो होना ही था। शाहरुख खान की फिल्म पठान ने पहले दिन हिंदी में पचपन करोड़ का बिजनेस किया है। यह पहली बार है जब किसी हिंदी फिल्म ने इतना बड़ा कलेक्शन किया है। इससे पहले रिकॉर्ड ऋतिक रोशन की फिल्म 'वॉर' के नाम था, जिसने ओपनिंग डे पर इक्यावन. साठ करोड़ का बिजनेस किया था। दूसरे नंबर पर थी ठग्स ऑफ हिंदोस्तान जिसने पहले दिन पचास. पचहत्तर करोड़ का कारोबार किया था। अभी तक जितनी भी फिल्मों ने ओपनिंग डे पर पचास करोड़ की कमाई की थी, ये फिल्में किसी न किसी फेस्टिवल पर रिलीज हुई थी, और वो छुट्टी का दिन था। पहली बार पठान ऐसी फिल्म बन गई है जिसने नॉन हॉलीडे में रिलीज होने के बाद भी ओपनिंग डे पर पचास करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है। शाहरुख खान की फिल्म पठान ने यूएई, यूएएसए, कनाडा, यूके में शानदार कलेक्शन किया और ओवरसीज़ छत्तीस. उनहत्तर करोड़ का बिजनेस किया है। शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' ने रिलीज से पहले ही अपने नाम एक रिकॉर्ड कर लिया था और वो था एडवांस बुकिंग का। यह पहली ऐसी बॉलीवुड फिल्म है जिसने रिलीज से पहले सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग का रिकॉर्ड अपने नाम किया। ओपनिंग डे के लिए फिल्म के पाँच. छप्पन लाख टिकट्स पहले ही बुक हो चुके थे, जो किसी भी बॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे ज्यादा है। बाहुबली दो, केजीएफ दो जैसी फिल्मों ने जरूर रिलीज वाले दिन एक सौ करोड़ कमाने का इतिहास रचा था मगर 'पठान' पहली ऐसी बॉलीवुड फिल्म बन गई है जिसने रिलीज वाले दिन ही एक सौ करोड़ का बिजनेस कर लिया है।
लखनऊ (ब्यूरो)। बैठक के दौरान नजूल अधिकारी आनन्द कुमार सिंह ने बताया कि अनुभाग में नजूल भूमि बंदोबस्त के लगभग 200 नक्शे एवं 50 रजिस्टर उपलब्ध हैं। इस पर वीसी ने कहा कि रजिस्टर से प्रापर्टी की डिटेल देखकर नक्शे में नजूल भूमि की कलर मार्किंग करा ली जाए, जिससे कि नजूल भूमि के चिन्हीकरण में आसानी हो सके। इसके बाद जीआईएस एप्लीकेशन पर मास्टर प्लान व खसरा पर नजूल के नक्शों को सुपर इम्पोज़ करा लिया जाए। वहीं, रजिस्टरों के डिजिटाइजेशन के संबंध में वीसी ने कहा कि अधिक मैन पॉवर लगाकर इन सारे रजिस्टरों की उसी फॉर्मेट पर आज की तारीख में नकल बनाई जाए। नकल तैयार होने पर इसे किसी जिम्मेदार प्रभारी अधिकारी से क्रॉस चेक करा लिया जाए। इस कार्रवाई की मॉनिटरिंग करने के बाद नजूल अधिकारी द्वारा इन रजिस्टरों में अंकित डाटा को कम्प्यूटर में फीड कराया जाए। एलडीए परिसर में चल रहे रेंट संपत्तियों के कैंप में बुधवार को 16 आवंटियों ने जहां किराया जमा कराया, वहीं दूसरी तरफ सात रजिस्ट्री के लिए आवेदन भी आए। वहीं कैंप में 23 लोगों ने अपनी संपत्तियों का किराया जमा करने के साथ ही रजिस्ट्री से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। ओएसडी राजीव कुमार ने बताया कि प्राधिकरण कोष में लगभग 6. 90 लाख जमा हुए। प्राधिकरण द्वारा अपने किरायेदारों को व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर शिविर में आकर लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया गया है। कैंप में प्राधिकरण के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा व उप सचिव माधवेश कुमार सहित योजनाओं के अधिकारी-योजना सहायक भी उपस्थित रहे। एलडीए की ओर से गुरुवार को सेक्टर-एच जानकीपुरम योजना स्थित सामुदायिक केंद्र में एक विशेष नामांतरण कैंप लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कैंप में जानकीपुरम योजना में किसानों को आवंटित चबूतरों के आवंटियों की मृत्यु हो जाने की दशा में संपत्ति का नामांतरण उसके उत्तराधिकारियों के पक्ष में कराने तथा निबंधन कराने के इच्छुक लोग इस शिविर में जाकर अपने कार्य करा सकते हैं। इस शिविर में किसानों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण नियमानुसार समयबद्ध किया जाएगा।
लखनऊ । बैठक के दौरान नजूल अधिकारी आनन्द कुमार सिंह ने बताया कि अनुभाग में नजूल भूमि बंदोबस्त के लगभग दो सौ नक्शे एवं पचास रजिस्टर उपलब्ध हैं। इस पर वीसी ने कहा कि रजिस्टर से प्रापर्टी की डिटेल देखकर नक्शे में नजूल भूमि की कलर मार्किंग करा ली जाए, जिससे कि नजूल भूमि के चिन्हीकरण में आसानी हो सके। इसके बाद जीआईएस एप्लीकेशन पर मास्टर प्लान व खसरा पर नजूल के नक्शों को सुपर इम्पोज़ करा लिया जाए। वहीं, रजिस्टरों के डिजिटाइजेशन के संबंध में वीसी ने कहा कि अधिक मैन पॉवर लगाकर इन सारे रजिस्टरों की उसी फॉर्मेट पर आज की तारीख में नकल बनाई जाए। नकल तैयार होने पर इसे किसी जिम्मेदार प्रभारी अधिकारी से क्रॉस चेक करा लिया जाए। इस कार्रवाई की मॉनिटरिंग करने के बाद नजूल अधिकारी द्वारा इन रजिस्टरों में अंकित डाटा को कम्प्यूटर में फीड कराया जाए। एलडीए परिसर में चल रहे रेंट संपत्तियों के कैंप में बुधवार को सोलह आवंटियों ने जहां किराया जमा कराया, वहीं दूसरी तरफ सात रजिस्ट्री के लिए आवेदन भी आए। वहीं कैंप में तेईस लोगों ने अपनी संपत्तियों का किराया जमा करने के साथ ही रजिस्ट्री से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। ओएसडी राजीव कुमार ने बताया कि प्राधिकरण कोष में लगभग छः. नब्बे लाख जमा हुए। प्राधिकरण द्वारा अपने किरायेदारों को व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर शिविर में आकर लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया गया है। कैंप में प्राधिकरण के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा व उप सचिव माधवेश कुमार सहित योजनाओं के अधिकारी-योजना सहायक भी उपस्थित रहे। एलडीए की ओर से गुरुवार को सेक्टर-एच जानकीपुरम योजना स्थित सामुदायिक केंद्र में एक विशेष नामांतरण कैंप लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कैंप में जानकीपुरम योजना में किसानों को आवंटित चबूतरों के आवंटियों की मृत्यु हो जाने की दशा में संपत्ति का नामांतरण उसके उत्तराधिकारियों के पक्ष में कराने तथा निबंधन कराने के इच्छुक लोग इस शिविर में जाकर अपने कार्य करा सकते हैं। इस शिविर में किसानों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण नियमानुसार समयबद्ध किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली छावला रेप मामले में सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि आरोपियों को निष्पक्ष ट्रायल नहीं मिला था, ऐसे में उन्हें बरी करने का फैसला हुआ. ये मामला साल 2012 का है जब दिल्ली के चावला एरिया में एक 19 साल की लड़की का गैंग रेप किया गया था. जिन तीन आरोपियों को उस मामले में गिरफ्तार किया गया था, उन पर किडनैपिंग, गैंग रेप और फिर लड़की की हत्या करने का आरोप लगा था. लड़की का शव भी तीन दिन बाद खराब हालत में मिला था. उस मामले में पहले तीनों ही आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी. लेकिन अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन तीनों ही आरोपियों को बरी कर दिया. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अभियोग पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध करने में फेल हुआ है. ये भी कहा गया है कि सुनवाई के दौरान अभियोग पक्ष ने 49 चश्मदीदों को एग्जामिन किया था, लेकिन उनमें से 10 चश्मदीदों को एक बार भी क्रॉस एग्जामिन नहीं किया गया. कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया है कि जांच के दौरान ASI द्वारा मृतक के शरीर के जो बाल मिला था, वो काफी संदिग्ध है. आदेश के दौरान कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि लड़की का फील्ड में जो शव मिला था, वो सड़ा नहीं था. ये भी सवाल उठाया गया कि तीन दिनों तक शव फील्ड में पड़ा रहा, लेकिन किसी का भी उस पर ध्यान नहीं गया. जानकारी के लिए बता दें कि 14 फरवरी 2012 को उत्तराखंड की 'निर्भया' अपने काम पर जाने के लिए घर से निकली थी. उस दिन वो देर शाम तक घर नहीं लौटी तो परिजन चिंतित हुए. घबराए परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा. बहुत खोजने के बाद इतनी सूचना जरूर मिली कि कुछ लोग एक लड़की को गाड़ी में डालकर दिल्ली से बाहर ले जाते हुए दिखाई दिए हैं. इस मामले में दोषियों ने लड़की के साथ रेप के साथ उसे असहनीय यातना भी दी थी. लड़की को कार में इस्तेमाल होने वाले औजारों से पीटा गया, उसके शरीर को जगह जगह सिगरेट से दागा गया था और उसके चेहरे को तेजाब से जलाया गया था. इसके बाद अभियुक्त गिरफ्तार किए गए थे. दिल्ली की अदालत ने 19 साल की युवती से रेप और हत्या के दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई थी. इस फैसले को सही मनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी. इसके बाद दोषियों की तरफ से सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गयी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली छावला रेप मामले में सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि आरोपियों को निष्पक्ष ट्रायल नहीं मिला था, ऐसे में उन्हें बरी करने का फैसला हुआ. ये मामला साल दो हज़ार बारह का है जब दिल्ली के चावला एरिया में एक उन्नीस साल की लड़की का गैंग रेप किया गया था. जिन तीन आरोपियों को उस मामले में गिरफ्तार किया गया था, उन पर किडनैपिंग, गैंग रेप और फिर लड़की की हत्या करने का आरोप लगा था. लड़की का शव भी तीन दिन बाद खराब हालत में मिला था. उस मामले में पहले तीनों ही आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी. लेकिन अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन तीनों ही आरोपियों को बरी कर दिया. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अभियोग पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध करने में फेल हुआ है. ये भी कहा गया है कि सुनवाई के दौरान अभियोग पक्ष ने उनचास चश्मदीदों को एग्जामिन किया था, लेकिन उनमें से दस चश्मदीदों को एक बार भी क्रॉस एग्जामिन नहीं किया गया. कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया है कि जांच के दौरान ASI द्वारा मृतक के शरीर के जो बाल मिला था, वो काफी संदिग्ध है. आदेश के दौरान कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि लड़की का फील्ड में जो शव मिला था, वो सड़ा नहीं था. ये भी सवाल उठाया गया कि तीन दिनों तक शव फील्ड में पड़ा रहा, लेकिन किसी का भी उस पर ध्यान नहीं गया. जानकारी के लिए बता दें कि चौदह फरवरी दो हज़ार बारह को उत्तराखंड की 'निर्भया' अपने काम पर जाने के लिए घर से निकली थी. उस दिन वो देर शाम तक घर नहीं लौटी तो परिजन चिंतित हुए. घबराए परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा. बहुत खोजने के बाद इतनी सूचना जरूर मिली कि कुछ लोग एक लड़की को गाड़ी में डालकर दिल्ली से बाहर ले जाते हुए दिखाई दिए हैं. इस मामले में दोषियों ने लड़की के साथ रेप के साथ उसे असहनीय यातना भी दी थी. लड़की को कार में इस्तेमाल होने वाले औजारों से पीटा गया, उसके शरीर को जगह जगह सिगरेट से दागा गया था और उसके चेहरे को तेजाब से जलाया गया था. इसके बाद अभियुक्त गिरफ्तार किए गए थे. दिल्ली की अदालत ने उन्नीस साल की युवती से रेप और हत्या के दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई थी. इस फैसले को सही मनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी. इसके बाद दोषियों की तरफ से सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गयी थी.
Credit score कई बार हमारे पास पैसों की कमी होती है जिस वजह से हम अपने कार्ड की पेमेंट नहीं कर पाते हैं। ऐसे में अगले महीने ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। इस वजह से हमारा वित्तीय बजट भी हिल जाता है। ऐसे में क्या हम दूसरे क्रेडिट कार्ड से पेमेंट कर सकते हैं। आप किस तरह एक कार्ड से दूसरे कार्ड की पेमेंट कर सकते हैं। नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कोई महीने ऐसी भी होता है जब आपके पास पैसों की कमी होती है। इस वजह से हम अपना कार्ड की पेमेंट नहीं कर पाते हैं। अगर हम एक महीने भी पेमेंट नहीं करते हैं तो उसका असर हमारे महीने के बजट के साथ ही हमारे क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ता है। ऐसे हालात में हमारे पास एक उपाय बचता है कि हम उस कार्ड की पेमेंट दूसरे कार्ड से करें। आप अपने एक कार्ड से दूसरे कार्ड में बैलेंस ट्रांसफर करवा सकते हैं। कई बैंक अपने ग्राहक को इस तरह की सुविधा देते हैं। इसका आसान मतलब ये है कि आप एक कार्ड का बिल दूसरे कार्ड से देते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी बात ये है कि आपको दूसरे कार्ड की लिमिट पहले कार्ड से ज्यादा होनी चाहिए। आप जब कार्ड से बैलेंस ट्रांसफर करवाते हैं तब बैंक आपसे प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी लेता है। बैंक ग्राहक को एक बफर पीरियड देता है। इस अवधि में बैंक को ये बैलेंस वापस करना होता है। इसके बाद भुगतान राशि पर ब्याज लगाया जाता है। अगर आपके कार्ड में बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा नहीं मिलती है तब आप अपनी पेमेंट को कैश भी करवा सकते हैं। इसके लिए आपके कार्ड पर कैश एडवांस पर ऑप्शन होता है। ये ऑप्शन का इस्तेमाल आप आपातकालीन स्थिति में कर सकते हैं। इसमें आप एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। आप ई-वॉलेट के जरिये भी पेमेंट कर सकते हैं। आज के टाइम पर डिजिटल पेमेंट काफी ज्यादा बढ़ रहा है। आप अपनी क्रेडिट कार्ड के जरिये ई-वॉलेट में पैसे डाल सकते हैं। फिर ई-वॉलेट के जरिये क्रेडिट कार्ड का पेमेंट कर सकते हैं। ये एक तरह से कैश निकालने का डिजिटल वर्जन है। इसमें बैंक ई-वॉलेट के हिसाब से चार्ज लेता है। आपको हमेशा इन चार्ज के बारे में जानना चाहिए।
Credit score कई बार हमारे पास पैसों की कमी होती है जिस वजह से हम अपने कार्ड की पेमेंट नहीं कर पाते हैं। ऐसे में अगले महीने ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। इस वजह से हमारा वित्तीय बजट भी हिल जाता है। ऐसे में क्या हम दूसरे क्रेडिट कार्ड से पेमेंट कर सकते हैं। आप किस तरह एक कार्ड से दूसरे कार्ड की पेमेंट कर सकते हैं। नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कोई महीने ऐसी भी होता है जब आपके पास पैसों की कमी होती है। इस वजह से हम अपना कार्ड की पेमेंट नहीं कर पाते हैं। अगर हम एक महीने भी पेमेंट नहीं करते हैं तो उसका असर हमारे महीने के बजट के साथ ही हमारे क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ता है। ऐसे हालात में हमारे पास एक उपाय बचता है कि हम उस कार्ड की पेमेंट दूसरे कार्ड से करें। आप अपने एक कार्ड से दूसरे कार्ड में बैलेंस ट्रांसफर करवा सकते हैं। कई बैंक अपने ग्राहक को इस तरह की सुविधा देते हैं। इसका आसान मतलब ये है कि आप एक कार्ड का बिल दूसरे कार्ड से देते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी बात ये है कि आपको दूसरे कार्ड की लिमिट पहले कार्ड से ज्यादा होनी चाहिए। आप जब कार्ड से बैलेंस ट्रांसफर करवाते हैं तब बैंक आपसे प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी लेता है। बैंक ग्राहक को एक बफर पीरियड देता है। इस अवधि में बैंक को ये बैलेंस वापस करना होता है। इसके बाद भुगतान राशि पर ब्याज लगाया जाता है। अगर आपके कार्ड में बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा नहीं मिलती है तब आप अपनी पेमेंट को कैश भी करवा सकते हैं। इसके लिए आपके कार्ड पर कैश एडवांस पर ऑप्शन होता है। ये ऑप्शन का इस्तेमाल आप आपातकालीन स्थिति में कर सकते हैं। इसमें आप एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। आप ई-वॉलेट के जरिये भी पेमेंट कर सकते हैं। आज के टाइम पर डिजिटल पेमेंट काफी ज्यादा बढ़ रहा है। आप अपनी क्रेडिट कार्ड के जरिये ई-वॉलेट में पैसे डाल सकते हैं। फिर ई-वॉलेट के जरिये क्रेडिट कार्ड का पेमेंट कर सकते हैं। ये एक तरह से कैश निकालने का डिजिटल वर्जन है। इसमें बैंक ई-वॉलेट के हिसाब से चार्ज लेता है। आपको हमेशा इन चार्ज के बारे में जानना चाहिए।
सीमा होगी। और, जिस दिन आपका समाज इस आवश्यक आत्मशुद्धि का कार्य करने के लिये आपको जाति बाहर कर देगा, में आपको हृदय से बधाई दूँगा । हिंदुआ के लिये आज जो यहाँ पर उपस्थित है, उनसे मैं कह देना चाहता हूँ कि हमारे सिर पर पाप का जो बोझ लढा हुआ है, उसी से हम स्वराज्य नहीं प्राप्त कर रहे हैं। यदि सभी 'छूत' कहलानेवाले हिंदू अपने 'अछूत' कहलानेवाले भाइयों के प्रति अन्याय का प्रायश्चित्त करें, तो वे देखेंगे कि स्वराज्य आप-से-आप हमारे हाथों में आ जाता है। और, कृपा कर यह भी समझ लें कि केवल शारीरिक छुआछूत दूर करने से ही काम नहीं चल सकता । अछूत-प्रथा के अंत होने का अर्थ है जन्म से ही किसी को बड़ा-छोटा मानने के भेद-भाव को मिटा देना। वर्णाश्रम धर्म बड़ा सुंदर धर्म है, पर यदि इसका उपयोग सामाजिक बड़ प्पन के प्रतिपादन में होता है, तो यह बड़ी भयंकर बात हो जायगी। अछूत-प्रथा का अंत केवल इस जीवित विश्वास के चाहिए कि ईश्वर की दृष्टि में सब लोग एक हैं, परमपिता हम सबके साथ बराबर तथा का निजी मंदिर है। यदि इसका द्वार है, तो सार्वजनिक मंदिर का द्वार कितने में पहले सुधारक है रहेगा आज का असरहरएक हिंदू की आँख ऐगा । का शुभ मुहूर्त उन किया को प्रारंभ है. जिसके द्वारा सभी हिंदू-मंदिरों के द्वार अटूनों के डिजायेंगे, वितु अन्यों के समान इस दशा में मी में दोरी से बचने का अनुरोध कहेंगा युद्ध पूर्व हम बड़ी जड़ता-यूकस प्रथा से चिपटे हुए थे, किंतु हम इसके प्रति उपेक्षित से हो रहे है। यह समय दूर नहीं, जब वह उपेक्षा ऐमी जागृति में परिणत हो जायगी, जब हम आत्मशुद्धि के कथभाव से प्रेरित होकर सेठया यह कार्य करने लगेंगे। पंडव पूर्व इस प्रकार की उपेक्षा या ऐसी दशा को बर्दाग्न कर लेना भी असमय था । हमें यह आशा करनी चाहिए, तथा इसके लिये प्रार्थना करना चाहिए कि अब दूसरा पग होगा इच्छापून आत्मबुद्धि का यह कार्य करना । अभी कल ही मेरे एक मित्र ने मुझे सलाह दी थी कि अछूत अथवा 'अंत्यज' के लिये 'हरिजन' शब्द का उपयोग करना चाहिए । सनातनी नागर ब्राह्मण समाज के श्रीनरसिंह मेहता. नामक महान् साधु ने अपने समाज के मन की अवहेलना कर, अंजों को अपनाकर, उनके लिये सर्व प्रथम इस शब्द का उपयोग किया था। इतने बड़े साधु के प्रयोग से शुद्ध किए हुए शब्द को अपनाने में मुझे बड़ा हर्ष होता है, पर मेरे लिये इसका अर्थ आपकी कल्पना से कहीं अधिक गंभीर है। मेरे लिये, अपनी तुलना में, 'अंत्यज' वास्तव में 'हरिजन' है- ईश्वर का पुरुष है, और हम 'दुर्जन' हैं, क्योंकि हमें आराम तथा सफाई से रखने के लिये वह परिश्रम करता और अपने हाथ को गंदा करता है। हमें तो उसे दबाने में ही आनंद आता है। इन अंत्यजों के सिर जिस दुर्बलता तथा दूपण का हम दोष मढ़ते हैं, उसकी पूरी जिम्मेदारी हमारे सिर है। हम अब भी हरिजन हो सकते हैं, पर इसके लिये हमें पहले उनके प्रति अपने अन्याय के लिये हार्दिक पश्चात्ताप करना पड़ेगा । दलित जातियाँ [ हरिजनों के दुःखों का निपटारा क्या इस बात से हो जायगा कि वे हिंदू धर्म छोड़ दें ? अन्य धर्मवाले हाथ बढ़ाए हरिजनों को अपनाने के लिये तैयार है। क्या वे उनका उद्धार कर लेंगे ! इस प्रश्न का बड़ा सुंदर उत्तर गांधीजी के 'यंगइंडिया' में प्रकाशित एक लेख 'दलित जातियाँ' से मिल जाता है । पाँचवाँ लेख उनके मद्रास के असहयोग-काल के एक व्याख्यान का अंशात्मक अनुवाद है । असहयोग, स्वराज्य तथा हरिजन उद्धार का कार्यगांधीजी ने किसवी से एक संबद्ध कार्य के रूप में समझाया है । - संपादक ] विवेकानंद पंचमो को 'दवाई हुई' जानियाँ कहा करते थे । इसमें कोई संदेह नहीं कि विवेकानंद का यह विशेषण बिलकुल उपयुक्त है। हमने उनको दबाया है, फलतः हम भी दवाए गए है। गोखले के शब्दों में न्यायी ईश्वर ने हमें 'साम्राज्य का पंचम' बनाकर हमारे अन्याय का दंड दिया है। हैरान और रुष्ट होकर एक संवाददाता मुझसे कातरता पूर्वक पूछता है कि मैं पंचमों के लिये क्या कर रहा हूँ । "अँगरेजों से उनका रक्त-रजित हाथ साफ़ करने के लिये कहने के पहले क्या हम हिंदुओं को खून से सना अपना हाथ नहीं धो डालना चाहिए।" यह सामयिक तथा उचित प्रश्न है । यदि गुलाम राष्ट्रों का कोई व्यक्ति इन दवाई जातियों को अपने उद्धार के पहले मुक्त कर दे, तो मै इसे पसंद करूंगा। मैं आज ही ऐसा करने के लिये तैयार हो जाऊँगा । किंतु यह एक असंभव कार्य है । एक दास को इतनी भी स्वाधीनता नहीं होती कि वह कोई उचित कार्य कर सके। मेरे लिये यह सर्वथा न्यायोचित है कि भारत में विदेशी वस्त्रों का आना रोकें, पर ऐसा करने की मेरे में क्षमता नहीं है। यदि मेरे पास सचमुच राष्ट्रीय व्यवस्थापक सभा होती, तो में हिंदू-गुस्ताखी का जवाब दबाई जातियों के लिये ही खासतौर से उपयोग में लाने के लिये अच्छे और खास कुएँ वनवाकर देता, उनके लिये अनेक और कहीं अच्छे स्कूल बनवा देता, इस प्रकार दवाई जाति का एक भी व्यक्ति ऐसा न रह जाता, जिसके बच्चे की शिक्षा के लिये स्कूल का अभाव होना । पर मुझे अच्छे अवसर की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी । तब तक क्या ये दलित जातियाँ अपने भाग्य पर छोड़ दी जायँगी, ऐसा हर्गिज न होगा। मुझसे जहाँ तक बन पड़ता है, मैं हर प्रकार से अपने पंचम भाई की सेवा करता आया हूँ, और करूँगा। राष्ट्र के इन उत्पीड़ित व्यक्तियों के लिये केवल यही मार्ग खुला हुआ है। धैर्य छोड़कर वे मुलामों की सरकार की सहायता माँग सकते हैं । यह सहायता उन्हें मिल जायगी, पर वे जरती बढ़ाई में से अग्नि में गिर जायेंगे । आज वे
सीमा होगी। और, जिस दिन आपका समाज इस आवश्यक आत्मशुद्धि का कार्य करने के लिये आपको जाति बाहर कर देगा, में आपको हृदय से बधाई दूँगा । हिंदुआ के लिये आज जो यहाँ पर उपस्थित है, उनसे मैं कह देना चाहता हूँ कि हमारे सिर पर पाप का जो बोझ लढा हुआ है, उसी से हम स्वराज्य नहीं प्राप्त कर रहे हैं। यदि सभी 'छूत' कहलानेवाले हिंदू अपने 'अछूत' कहलानेवाले भाइयों के प्रति अन्याय का प्रायश्चित्त करें, तो वे देखेंगे कि स्वराज्य आप-से-आप हमारे हाथों में आ जाता है। और, कृपा कर यह भी समझ लें कि केवल शारीरिक छुआछूत दूर करने से ही काम नहीं चल सकता । अछूत-प्रथा के अंत होने का अर्थ है जन्म से ही किसी को बड़ा-छोटा मानने के भेद-भाव को मिटा देना। वर्णाश्रम धर्म बड़ा सुंदर धर्म है, पर यदि इसका उपयोग सामाजिक बड़ प्पन के प्रतिपादन में होता है, तो यह बड़ी भयंकर बात हो जायगी। अछूत-प्रथा का अंत केवल इस जीवित विश्वास के चाहिए कि ईश्वर की दृष्टि में सब लोग एक हैं, परमपिता हम सबके साथ बराबर तथा का निजी मंदिर है। यदि इसका द्वार है, तो सार्वजनिक मंदिर का द्वार कितने में पहले सुधारक है रहेगा आज का असरहरएक हिंदू की आँख ऐगा । का शुभ मुहूर्त उन किया को प्रारंभ है. जिसके द्वारा सभी हिंदू-मंदिरों के द्वार अटूनों के डिजायेंगे, वितु अन्यों के समान इस दशा में मी में दोरी से बचने का अनुरोध कहेंगा युद्ध पूर्व हम बड़ी जड़ता-यूकस प्रथा से चिपटे हुए थे, किंतु हम इसके प्रति उपेक्षित से हो रहे है। यह समय दूर नहीं, जब वह उपेक्षा ऐमी जागृति में परिणत हो जायगी, जब हम आत्मशुद्धि के कथभाव से प्रेरित होकर सेठया यह कार्य करने लगेंगे। पंडव पूर्व इस प्रकार की उपेक्षा या ऐसी दशा को बर्दाग्न कर लेना भी असमय था । हमें यह आशा करनी चाहिए, तथा इसके लिये प्रार्थना करना चाहिए कि अब दूसरा पग होगा इच्छापून आत्मबुद्धि का यह कार्य करना । अभी कल ही मेरे एक मित्र ने मुझे सलाह दी थी कि अछूत अथवा 'अंत्यज' के लिये 'हरिजन' शब्द का उपयोग करना चाहिए । सनातनी नागर ब्राह्मण समाज के श्रीनरसिंह मेहता. नामक महान् साधु ने अपने समाज के मन की अवहेलना कर, अंजों को अपनाकर, उनके लिये सर्व प्रथम इस शब्द का उपयोग किया था। इतने बड़े साधु के प्रयोग से शुद्ध किए हुए शब्द को अपनाने में मुझे बड़ा हर्ष होता है, पर मेरे लिये इसका अर्थ आपकी कल्पना से कहीं अधिक गंभीर है। मेरे लिये, अपनी तुलना में, 'अंत्यज' वास्तव में 'हरिजन' है- ईश्वर का पुरुष है, और हम 'दुर्जन' हैं, क्योंकि हमें आराम तथा सफाई से रखने के लिये वह परिश्रम करता और अपने हाथ को गंदा करता है। हमें तो उसे दबाने में ही आनंद आता है। इन अंत्यजों के सिर जिस दुर्बलता तथा दूपण का हम दोष मढ़ते हैं, उसकी पूरी जिम्मेदारी हमारे सिर है। हम अब भी हरिजन हो सकते हैं, पर इसके लिये हमें पहले उनके प्रति अपने अन्याय के लिये हार्दिक पश्चात्ताप करना पड़ेगा । दलित जातियाँ [ हरिजनों के दुःखों का निपटारा क्या इस बात से हो जायगा कि वे हिंदू धर्म छोड़ दें ? अन्य धर्मवाले हाथ बढ़ाए हरिजनों को अपनाने के लिये तैयार है। क्या वे उनका उद्धार कर लेंगे ! इस प्रश्न का बड़ा सुंदर उत्तर गांधीजी के 'यंगइंडिया' में प्रकाशित एक लेख 'दलित जातियाँ' से मिल जाता है । पाँचवाँ लेख उनके मद्रास के असहयोग-काल के एक व्याख्यान का अंशात्मक अनुवाद है । असहयोग, स्वराज्य तथा हरिजन उद्धार का कार्यगांधीजी ने किसवी से एक संबद्ध कार्य के रूप में समझाया है । - संपादक ] विवेकानंद पंचमो को 'दवाई हुई' जानियाँ कहा करते थे । इसमें कोई संदेह नहीं कि विवेकानंद का यह विशेषण बिलकुल उपयुक्त है। हमने उनको दबाया है, फलतः हम भी दवाए गए है। गोखले के शब्दों में न्यायी ईश्वर ने हमें 'साम्राज्य का पंचम' बनाकर हमारे अन्याय का दंड दिया है। हैरान और रुष्ट होकर एक संवाददाता मुझसे कातरता पूर्वक पूछता है कि मैं पंचमों के लिये क्या कर रहा हूँ । "अँगरेजों से उनका रक्त-रजित हाथ साफ़ करने के लिये कहने के पहले क्या हम हिंदुओं को खून से सना अपना हाथ नहीं धो डालना चाहिए।" यह सामयिक तथा उचित प्रश्न है । यदि गुलाम राष्ट्रों का कोई व्यक्ति इन दवाई जातियों को अपने उद्धार के पहले मुक्त कर दे, तो मै इसे पसंद करूंगा। मैं आज ही ऐसा करने के लिये तैयार हो जाऊँगा । किंतु यह एक असंभव कार्य है । एक दास को इतनी भी स्वाधीनता नहीं होती कि वह कोई उचित कार्य कर सके। मेरे लिये यह सर्वथा न्यायोचित है कि भारत में विदेशी वस्त्रों का आना रोकें, पर ऐसा करने की मेरे में क्षमता नहीं है। यदि मेरे पास सचमुच राष्ट्रीय व्यवस्थापक सभा होती, तो में हिंदू-गुस्ताखी का जवाब दबाई जातियों के लिये ही खासतौर से उपयोग में लाने के लिये अच्छे और खास कुएँ वनवाकर देता, उनके लिये अनेक और कहीं अच्छे स्कूल बनवा देता, इस प्रकार दवाई जाति का एक भी व्यक्ति ऐसा न रह जाता, जिसके बच्चे की शिक्षा के लिये स्कूल का अभाव होना । पर मुझे अच्छे अवसर की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी । तब तक क्या ये दलित जातियाँ अपने भाग्य पर छोड़ दी जायँगी, ऐसा हर्गिज न होगा। मुझसे जहाँ तक बन पड़ता है, मैं हर प्रकार से अपने पंचम भाई की सेवा करता आया हूँ, और करूँगा। राष्ट्र के इन उत्पीड़ित व्यक्तियों के लिये केवल यही मार्ग खुला हुआ है। धैर्य छोड़कर वे मुलामों की सरकार की सहायता माँग सकते हैं । यह सहायता उन्हें मिल जायगी, पर वे जरती बढ़ाई में से अग्नि में गिर जायेंगे । आज वे
महिला सशक्तिकरण का नारा देने वाले राजनीतिक दल महिला जनप्रतिनिधियों को मंत्री मंडल में तवज्जो नहीं देते हैं। यह स्थिति तब है जब देश में लगभग आधी आबादी महिलाओं की है। एडीआर रिपोर्ट में राज खुले हैं। महिला सशक्तिकरण का नारा देने वाले राजनीतिक दल महिला जनप्रतिनिधियों को मंत्री मंडल में तवज्जो नहीं देते हैं। यह स्थिति तब है जब देश में लगभग आधी आबादी महिलाओं की है। एडीआर के मुताबिक 28 राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री मंडल में महिलाओं की भागीदारी नौ फीसदी ही है। दिल्ली, हिमाचल सहित नौ विधानसभाओं में तो महिला मंत्रियों की भागीदारी शून्य है। उत्तराखंड में भी नौ में से केवल एक महिला को मंत्री की कुर्सी मिली है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने वर्तमान मंत्री परिषद के शपथपत्रों के आधार पर बीते दिनों एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक 28 राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों के 558 मंत्रियों का विश्लेषण किया गया। इसमें महिला मंत्रियों की संख्या महज 51 है। जबकि पुरुष मंत्रियों की संख्या महिला मंत्रियों की अपेक्षा नौ गुना अधिक यानि 507 है। पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक आठ महिलाएं मंत्री हैं। ओडीशा और उत्तर प्रदेश में पांच-पांच महिलाएं मंत्री पद पर विराजमान हैं। देश की नौ विधानसभाओं में महिला मंत्रियों की भागीदारी शून्य है। इनमें दिल्ली, अरूणाचल, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, गोवा, हिमाचल महाराष्ट्र और सिक्किम शामिल है। इसके अलावा नौ प्रदेशों में एक-एक ही महिला मंत्री है। 28 प्रदेश और दो केंद्र शासित प्रदेशों के वर्तमान मंत्री परिषद के नौ फीसदी ही मंत्री महिलाएं हैं। पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक आठ महिला मंत्री हैं। उत्तराखंड में मंत्री पद पर एक महिला विराजमान है।
महिला सशक्तिकरण का नारा देने वाले राजनीतिक दल महिला जनप्रतिनिधियों को मंत्री मंडल में तवज्जो नहीं देते हैं। यह स्थिति तब है जब देश में लगभग आधी आबादी महिलाओं की है। एडीआर रिपोर्ट में राज खुले हैं। महिला सशक्तिकरण का नारा देने वाले राजनीतिक दल महिला जनप्रतिनिधियों को मंत्री मंडल में तवज्जो नहीं देते हैं। यह स्थिति तब है जब देश में लगभग आधी आबादी महिलाओं की है। एडीआर के मुताबिक अट्ठाईस राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री मंडल में महिलाओं की भागीदारी नौ फीसदी ही है। दिल्ली, हिमाचल सहित नौ विधानसभाओं में तो महिला मंत्रियों की भागीदारी शून्य है। उत्तराखंड में भी नौ में से केवल एक महिला को मंत्री की कुर्सी मिली है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने वर्तमान मंत्री परिषद के शपथपत्रों के आधार पर बीते दिनों एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक अट्ठाईस राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों के पाँच सौ अट्ठावन मंत्रियों का विश्लेषण किया गया। इसमें महिला मंत्रियों की संख्या महज इक्यावन है। जबकि पुरुष मंत्रियों की संख्या महिला मंत्रियों की अपेक्षा नौ गुना अधिक यानि पाँच सौ सात है। पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक आठ महिलाएं मंत्री हैं। ओडीशा और उत्तर प्रदेश में पांच-पांच महिलाएं मंत्री पद पर विराजमान हैं। देश की नौ विधानसभाओं में महिला मंत्रियों की भागीदारी शून्य है। इनमें दिल्ली, अरूणाचल, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, गोवा, हिमाचल महाराष्ट्र और सिक्किम शामिल है। इसके अलावा नौ प्रदेशों में एक-एक ही महिला मंत्री है। अट्ठाईस प्रदेश और दो केंद्र शासित प्रदेशों के वर्तमान मंत्री परिषद के नौ फीसदी ही मंत्री महिलाएं हैं। पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक आठ महिला मंत्री हैं। उत्तराखंड में मंत्री पद पर एक महिला विराजमान है।
गोदान । ५५ भाग बनकर आई है। अस्तित्वरक्षा की चिता से सर्वथा मुक्त धनी व्यक्ति मुक्तभोग वे सिद्धात को स्वभावत ही मानने लगते हैं, क्योकि आवश्यकता से अधिक धन व्यक्ति को हमेशा विलासिता की ओर मोडता है । विलासिता मे बाधक वैवाहिक बन्धनो को तोड़ने की प्रवृत्ति ऐसे व्यक्ति में पाई जाती है, क्योंकि बन्धनो को तोडकर ही छूटे सांड की तरह दूसरों के सेतो मे मुँह मारने की सुविधा मिल सकती है । मुक्तभोग का समर्थन करने वाले ऐसे व्यक्तियों में से खन्ना भी एक हैं । वे तो यहाँ तक कहने का दुम्साहस करते हैं कि - "जो रमणी से प्रेम नही कर सकता, उसवे देश प्रेम में मुझे विश्वास नही ।" मुत्तभोग के सिद्धात का समर्थन मिस्टर मेहता ने भी किया है, किन्तु उनके समर्थन की नीव विलासिता मे नहीं है । वे विवाह को आत्मा के विकास मे बाघक मानते हुए कहते है कि -"विवाह तो आत्मा को और जीवन को पिंजरे में बन्द कर देता है । वे व्यक्ति की दृष्टि मे अविवाहित जीवन को श्रेष्ठ समझते हुए भी समाज की दृष्टि में विवाहित जीवन को श्रेष्ठ मानते हैं। उनकी दृष्टि में विवाह वह सामाजिक समझोता है, जिसके करने के पहले व्यक्ति स्वाधीन होता है, किन्तु समझौता हो जाने के बाद उसके हाथ क्ट जाने हैं। उनके अनुसार व्याह तो आत्मसमर्पण है । आत्मसमर्पण के अभाव म प्रेम ऐयाशी मात्र होता है । मिस्टर मेहता स्त्रियों का क्षेत्र पुरुषों से बिलकुल अलग मानते हैं। उनका बहना है कि स्नी अपनी कुर्बानी से अपने को बिलकुल मिटावर पति की आत्मा का अग बन जाती है, किन्तु पुरुप मे यह सामर्थ्य नहीं है । वह अपने को मिटायेगा, तो शून्य हो जाएगा। मेहता स्त्री को इतना ऊँचा उठा हुआ (या शून्य बना हुजा ) देखना चाहते है कि पति के मारने पर भी उसमें प्रतिहिमा की भावना न जागे और उसकी आँखो के सामने ही पति अगर किसी दूसरी स्त्री से प्यार करे, तो भी उसमे ईर्ष्या का लवलेश न आए । स्त्री को इस गरिमा को पश्चिमी सम्वृति के प्रभाव म स्त्री मूलती जा रही है, इस बात का मेहता को बडा दुख है । पश्चिमी शिक्षा के प्रभाव में विद्या और अधिकार की बात करने वाली स्त्री से उनका कहना है कि "आपकी विद्या और आपका अधिकार सृष्टि और पालन में है।"दृष्टि' और 'पालन' शब्दों पर चढ़े हुए बडप्पन के आवरण को हटाकर उनकी असलियत को समझा जाए, तो हमे यह दिखाई देता है कि पुरुष के लिए उत्तराधिकारी पैदा बरने और उसे पाल-पोस कर बड़ा करने की बात उनमे छिपी हुई है। आज के जमाने में पशुवल के आधार पर स्त्री को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सक्ता, इसलिए इस छलबल का सहारा लेने के लिए पुरुष विवश है और वह स्त्री से बहने लगा है कि उसके लिए "त्याग ही सबसे बडा अधिकार है। उसके इस त्याग कर अधिकार क्षेत्र घर की चारदिवारी है। वह अपने पति के आश्रय में इस ५६ । प्रेमचन्द से मुक्तिवोधः एक औपन्यासिक यात्रा अधिकार को भोगे । मालती जैसी नए युग की देवी भी मेहता की इस बात को कोरी फिलासफी समझती है कि सुशिक्षित स्त्री मर्द का आश्रय न चाह कर मर्द के साथ कंधा मिलाकर चलना चाहती है । स्त्री का आश्रित बने रहने के लिए उसमें की आवश्यकता है । इस श्रद्धा के कारण वह पुरुष से श्रेष्ठ है, क्योंकि वह श्रद्धा, त्याग आदि का दान करके 'देवता' वनती है, पुरुष तो 'देवता' मात्र है । " नारी तुम केवल श्रद्धा हो" कहकर उसके अधिकारों को छीन लेने का कैसा सफाईदार ढंग है ! नारी को घर की चारदिवारी तक सीमित रखने में लज्जा का भी बड़ा भारी उपयोग है । प्रसाद के समान प्रेमचन्द ने स्त्री के लिए लज्जा को महत्त्व - पूर्ण मानते हुए कहा है कि वह "स्त्री का सबसे बड़ा आकर्षण है ।" २ मुंशी प्रेमचन्द ने मेहता के माध्यम से स्त्री की प्रशंसा करते हुए लिखा है कि- "स्त्री पुरुष से उतनी ही श्रेष्ठ है, जितना प्रकाश अँधेरे से ।" वे इस प्रकाश से केवल घर को प्रकाशित करना चाहते हैं । घर से बाहर निकाल कर स्त्री को सामाजिक दायित्व का बोध कराने वाली उच्च शिक्षा के के समर्थक नहीं है । उन्होंने मुंशी अहमदअली खाँ की इस बात का पूरी तरह समर्थन किया है कि स्त्री शिक्षा इन सीमा तक ही हो, जिससे स्त्रियाँ "दो-चार हर्फ अपने रिश्ते कुनबे वालों को अपनी जरूरत के बारे में लिख पढ़ सकें, घर का रोज का खर्च लिख लें, बच्चों को मामूली किताबें पढ़ा सकें..." प्रेमचन्द ने अपनी इसी धारण के कारण हो संभवतः अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया नहीं था । मेहता ने व्यक्तिविकास की दृष्टि से अविवाहित जीवन को श्रेष्ठ माना है । उनके अनुसार विवाह आत्मविकास में बाधक है । मालती ने भी तितली से देवी बनने के बाद विवाह को 'असीम के निकट' पहुँच सकने की दृष्टि से वाधक माना है । यद्यपि वह यह भी स्वीकार करती है कि पूर्णता के लिए पारिवारिक प्रेम का महत्त्व है, किन्तु उसे अपनी आत्मा की दृढ़ता पर विश्वास नहीं है । वह यह सोचती है कि गृहस्थी की बेड़ियाँ पैरों में डालकर सम्भवतः विकास के पथ पर चल नहीं सकेगी। इसलिए वह मेहता के साथ केवल मित्र बनकर रहने का ही निर्णय करती है । " मालती का यह निर्णय मानव की सहज प्रवृत्तियों के अनुकूल नहीं है । वस्तुतः उसका यह निर्णय प्रेमचन्द के अन्तर्मन में प्रभावशाली ढंग से छिपी निवृत्तिवादी विचारधारा से प्रभावित है । अविवाहित न रह सकने की स्थिति में अगर विवाह करना ही पड़े, तो भी प्रेमचन्द महात्मा गाँधी के समान ब्रह्मचर्य पर बल देते रहे हैं। उन्होंने इसी कारण कृत्रिम संततिनिरोध को भांगलिप्सा के लिए वृद्धिकारक माना है और संततिनिरोध के लिए ब्रह्मचर्य के 'मंगलमय उपाय' पर बल दिया है । " वैवाहिक जीवन में भी उन्होंने स्त्री के कामपावित्र्य पर अत्यधिक बल दिया है । मिर्जा गेंद तो असमत
गोदान । पचपन भाग बनकर आई है। अस्तित्वरक्षा की चिता से सर्वथा मुक्त धनी व्यक्ति मुक्तभोग वे सिद्धात को स्वभावत ही मानने लगते हैं, क्योकि आवश्यकता से अधिक धन व्यक्ति को हमेशा विलासिता की ओर मोडता है । विलासिता मे बाधक वैवाहिक बन्धनो को तोड़ने की प्रवृत्ति ऐसे व्यक्ति में पाई जाती है, क्योंकि बन्धनो को तोडकर ही छूटे सांड की तरह दूसरों के सेतो मे मुँह मारने की सुविधा मिल सकती है । मुक्तभोग का समर्थन करने वाले ऐसे व्यक्तियों में से खन्ना भी एक हैं । वे तो यहाँ तक कहने का दुम्साहस करते हैं कि - "जो रमणी से प्रेम नही कर सकता, उसवे देश प्रेम में मुझे विश्वास नही ।" मुत्तभोग के सिद्धात का समर्थन मिस्टर मेहता ने भी किया है, किन्तु उनके समर्थन की नीव विलासिता मे नहीं है । वे विवाह को आत्मा के विकास मे बाघक मानते हुए कहते है कि -"विवाह तो आत्मा को और जीवन को पिंजरे में बन्द कर देता है । वे व्यक्ति की दृष्टि मे अविवाहित जीवन को श्रेष्ठ समझते हुए भी समाज की दृष्टि में विवाहित जीवन को श्रेष्ठ मानते हैं। उनकी दृष्टि में विवाह वह सामाजिक समझोता है, जिसके करने के पहले व्यक्ति स्वाधीन होता है, किन्तु समझौता हो जाने के बाद उसके हाथ क्ट जाने हैं। उनके अनुसार व्याह तो आत्मसमर्पण है । आत्मसमर्पण के अभाव म प्रेम ऐयाशी मात्र होता है । मिस्टर मेहता स्त्रियों का क्षेत्र पुरुषों से बिलकुल अलग मानते हैं। उनका बहना है कि स्नी अपनी कुर्बानी से अपने को बिलकुल मिटावर पति की आत्मा का अग बन जाती है, किन्तु पुरुप मे यह सामर्थ्य नहीं है । वह अपने को मिटायेगा, तो शून्य हो जाएगा। मेहता स्त्री को इतना ऊँचा उठा हुआ देखना चाहते है कि पति के मारने पर भी उसमें प्रतिहिमा की भावना न जागे और उसकी आँखो के सामने ही पति अगर किसी दूसरी स्त्री से प्यार करे, तो भी उसमे ईर्ष्या का लवलेश न आए । स्त्री को इस गरिमा को पश्चिमी सम्वृति के प्रभाव म स्त्री मूलती जा रही है, इस बात का मेहता को बडा दुख है । पश्चिमी शिक्षा के प्रभाव में विद्या और अधिकार की बात करने वाली स्त्री से उनका कहना है कि "आपकी विद्या और आपका अधिकार सृष्टि और पालन में है।"दृष्टि' और 'पालन' शब्दों पर चढ़े हुए बडप्पन के आवरण को हटाकर उनकी असलियत को समझा जाए, तो हमे यह दिखाई देता है कि पुरुष के लिए उत्तराधिकारी पैदा बरने और उसे पाल-पोस कर बड़ा करने की बात उनमे छिपी हुई है। आज के जमाने में पशुवल के आधार पर स्त्री को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सक्ता, इसलिए इस छलबल का सहारा लेने के लिए पुरुष विवश है और वह स्त्री से बहने लगा है कि उसके लिए "त्याग ही सबसे बडा अधिकार है। उसके इस त्याग कर अधिकार क्षेत्र घर की चारदिवारी है। वह अपने पति के आश्रय में इस छप्पन । प्रेमचन्द से मुक्तिवोधः एक औपन्यासिक यात्रा अधिकार को भोगे । मालती जैसी नए युग की देवी भी मेहता की इस बात को कोरी फिलासफी समझती है कि सुशिक्षित स्त्री मर्द का आश्रय न चाह कर मर्द के साथ कंधा मिलाकर चलना चाहती है । स्त्री का आश्रित बने रहने के लिए उसमें की आवश्यकता है । इस श्रद्धा के कारण वह पुरुष से श्रेष्ठ है, क्योंकि वह श्रद्धा, त्याग आदि का दान करके 'देवता' वनती है, पुरुष तो 'देवता' मात्र है । " नारी तुम केवल श्रद्धा हो" कहकर उसके अधिकारों को छीन लेने का कैसा सफाईदार ढंग है ! नारी को घर की चारदिवारी तक सीमित रखने में लज्जा का भी बड़ा भारी उपयोग है । प्रसाद के समान प्रेमचन्द ने स्त्री के लिए लज्जा को महत्त्व - पूर्ण मानते हुए कहा है कि वह "स्त्री का सबसे बड़ा आकर्षण है ।" दो मुंशी प्रेमचन्द ने मेहता के माध्यम से स्त्री की प्रशंसा करते हुए लिखा है कि- "स्त्री पुरुष से उतनी ही श्रेष्ठ है, जितना प्रकाश अँधेरे से ।" वे इस प्रकाश से केवल घर को प्रकाशित करना चाहते हैं । घर से बाहर निकाल कर स्त्री को सामाजिक दायित्व का बोध कराने वाली उच्च शिक्षा के के समर्थक नहीं है । उन्होंने मुंशी अहमदअली खाँ की इस बात का पूरी तरह समर्थन किया है कि स्त्री शिक्षा इन सीमा तक ही हो, जिससे स्त्रियाँ "दो-चार हर्फ अपने रिश्ते कुनबे वालों को अपनी जरूरत के बारे में लिख पढ़ सकें, घर का रोज का खर्च लिख लें, बच्चों को मामूली किताबें पढ़ा सकें..." प्रेमचन्द ने अपनी इसी धारण के कारण हो संभवतः अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया नहीं था । मेहता ने व्यक्तिविकास की दृष्टि से अविवाहित जीवन को श्रेष्ठ माना है । उनके अनुसार विवाह आत्मविकास में बाधक है । मालती ने भी तितली से देवी बनने के बाद विवाह को 'असीम के निकट' पहुँच सकने की दृष्टि से वाधक माना है । यद्यपि वह यह भी स्वीकार करती है कि पूर्णता के लिए पारिवारिक प्रेम का महत्त्व है, किन्तु उसे अपनी आत्मा की दृढ़ता पर विश्वास नहीं है । वह यह सोचती है कि गृहस्थी की बेड़ियाँ पैरों में डालकर सम्भवतः विकास के पथ पर चल नहीं सकेगी। इसलिए वह मेहता के साथ केवल मित्र बनकर रहने का ही निर्णय करती है । " मालती का यह निर्णय मानव की सहज प्रवृत्तियों के अनुकूल नहीं है । वस्तुतः उसका यह निर्णय प्रेमचन्द के अन्तर्मन में प्रभावशाली ढंग से छिपी निवृत्तिवादी विचारधारा से प्रभावित है । अविवाहित न रह सकने की स्थिति में अगर विवाह करना ही पड़े, तो भी प्रेमचन्द महात्मा गाँधी के समान ब्रह्मचर्य पर बल देते रहे हैं। उन्होंने इसी कारण कृत्रिम संततिनिरोध को भांगलिप्सा के लिए वृद्धिकारक माना है और संततिनिरोध के लिए ब्रह्मचर्य के 'मंगलमय उपाय' पर बल दिया है । " वैवाहिक जीवन में भी उन्होंने स्त्री के कामपावित्र्य पर अत्यधिक बल दिया है । मिर्जा गेंद तो असमत
धर्मशाला नगर निगम चुनावों में पूर्ण बहुमत किसी भी पार्टी के पास नहीं था। भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस भी बहुमत साबित करने का दावा कर रही थी। ऐसे में सरकार ने धर्मशाला में वन मंत्री राकेश पठानिया की जिम्मेदारी लगाई तो कांग्रेस ने नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की जिम्मेदारी दी थी। वन मंत्री राकेश पाठानिया सुबह से अपनी टीम के साथ धर्मशाला में दिखे लेकिन बहुमत से एक दिन पहले आने के बावजूद नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ना ही मीडिया के साथ रूबरू हुए ना ही उनके फ़ोन उठाए। जानकारी के अनुसार, धर्मशाला के एक निजी होटल में नेता विपक्ष कल रात से रुके थे लेकिन धर्मशाला नगर निगम के चुनावों के दौरान ना ही वे कांग्रेस उम्मीदवारों के साथ दिखे, ना ही उन्होंने मीडिया को किसी भी प्रकार से जानकारी दी। चुनावों में बहुमत का दावा करने वाले नेताओं की रणनीति ऐसी थी कि मेयर के चुनाव के लिए कोई भी उम्मीदवार नहीं दिया गया। भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार ओंकार नेहरिया निर्विरोध जीत गए। वहीं डिप्टी मेयर के लिए कांग्रेस ने अपने पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी को भाजपा के प्रत्याशी सर्वचन्द गलोटिया के खिलाफ उतार दिया जिसमें भाजपा को 11 ओर कांग्रेस को मात्र 6 वोट मिले। इसी बीच यहां कांग्रेस की रणनीति पर कही ना कहीं सवाल उठ रहे हैं कि अगर पार्टी हाई कमान ने नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी चुनावों के लिए लगाई थी तो उन्होंने इसमे अपनी भूमिका को मात्र होटल के कमरे तक ही सीमित क्यों रखा। समाचार फर्स्ट ने मुकेश अग्निहोती को कई फ़ोन किये और उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया। इसका एक कारण गुटबाजी भी माना जा रहा है। क्योंकि अग़र नेता प्रतिपक्ष मीडिया से रूबरू होते तो पूर्व मंत्री को लेकर चल रहे कुछ जीते पार्षदों के विवाद का भी जवाब देना था। ऐसे में कई और भी सवाल है जो शायद कांग्रेस की गुटबाजी को यहां जगजाहीर कर गए।
धर्मशाला नगर निगम चुनावों में पूर्ण बहुमत किसी भी पार्टी के पास नहीं था। भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस भी बहुमत साबित करने का दावा कर रही थी। ऐसे में सरकार ने धर्मशाला में वन मंत्री राकेश पठानिया की जिम्मेदारी लगाई तो कांग्रेस ने नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की जिम्मेदारी दी थी। वन मंत्री राकेश पाठानिया सुबह से अपनी टीम के साथ धर्मशाला में दिखे लेकिन बहुमत से एक दिन पहले आने के बावजूद नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ना ही मीडिया के साथ रूबरू हुए ना ही उनके फ़ोन उठाए। जानकारी के अनुसार, धर्मशाला के एक निजी होटल में नेता विपक्ष कल रात से रुके थे लेकिन धर्मशाला नगर निगम के चुनावों के दौरान ना ही वे कांग्रेस उम्मीदवारों के साथ दिखे, ना ही उन्होंने मीडिया को किसी भी प्रकार से जानकारी दी। चुनावों में बहुमत का दावा करने वाले नेताओं की रणनीति ऐसी थी कि मेयर के चुनाव के लिए कोई भी उम्मीदवार नहीं दिया गया। भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार ओंकार नेहरिया निर्विरोध जीत गए। वहीं डिप्टी मेयर के लिए कांग्रेस ने अपने पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी को भाजपा के प्रत्याशी सर्वचन्द गलोटिया के खिलाफ उतार दिया जिसमें भाजपा को ग्यारह ओर कांग्रेस को मात्र छः वोट मिले। इसी बीच यहां कांग्रेस की रणनीति पर कही ना कहीं सवाल उठ रहे हैं कि अगर पार्टी हाई कमान ने नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी चुनावों के लिए लगाई थी तो उन्होंने इसमे अपनी भूमिका को मात्र होटल के कमरे तक ही सीमित क्यों रखा। समाचार फर्स्ट ने मुकेश अग्निहोती को कई फ़ोन किये और उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया। इसका एक कारण गुटबाजी भी माना जा रहा है। क्योंकि अग़र नेता प्रतिपक्ष मीडिया से रूबरू होते तो पूर्व मंत्री को लेकर चल रहे कुछ जीते पार्षदों के विवाद का भी जवाब देना था। ऐसे में कई और भी सवाल है जो शायद कांग्रेस की गुटबाजी को यहां जगजाहीर कर गए।
नवापारा-राजिम। नवापारा भाजपा मंडल ने नगर के नेहरू घाट स्थित सामुदायिक भवन में गुरुवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई। इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अपने विचारों को बिना किसी डर के प्रकट करते थे और उन्होंने हमेशा ही उन चीजों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी, जो उनको देश की भलाई के विरुद्घ लगती थी। उन्होंने लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए भारतीय जनसंघ पार्टी का गठन किया था। डा. मुखर्जी का भारतीय राजनीति से गहरा नाता था और उन्हें, उनकी अलग विचारधारा के लिए जाना जाता था। उन्होंने हमेशा से ही हिंदुत्व की रक्षा करने के लिए अपनी आवाज उठाई थी और कश्मीर में अनुच्छेद 370 का काफी विरोध भी किया था। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक देश दो विधान दो संविधान के खिलाफ थे। 23 जून 1953 को कश्मीर की जेल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से भारत ने सच्चे सपूत को खो दिया। उनकी विचारधाराओं पर चलकर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में भारत को अग्रणी बनाने में जुटे हैं। इस अवसर पर मासिक पत्रिका दीपकमल व संगठन से पुस्तकों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, प्रदेश भाजयुमो के विशेष आमंत्रित सदस्य किशोर देवांगन, महामंत्री नवल साहू, महिला मोर्चा अध्यक्ष अन्नापूर्णा देवांगन, युवा मोर्चा अध्यक्ष नागेंद्र वर्मा, जिला मंत्री परदेशी राम, वरिष्ठ पार्षद बाबी चावला, मयाराम साहू, तनु मिश्रा, मनीष चौधरी, अजित चौधरी, रमेश साहू, भूपेन्द्र सोनी, मुकुंद मेश्राम, कैलाश तिवारी, रूपेंद्र, राजू रजक, रुपेंद्र चंद्राकर, रेशम सिंग हुंदल, खूबचंद निर्मलकर, ईश्वरी देवांगन, किरण सोनी, संतोषी निषाद आदि मौजूद थे। घोटिया पलारी। भाजपा कार्यालय संडी बंगला में भारतीय जनसंघ के संस्थापक दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेगा का नारा देने वाले, जम्मू कश्मीर के लिए अपने प्राण की बाजी लगाने वाले डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाकर उन्हें श्रंद्घाजलि दी। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष तेजराम वर्मा, मंडल अध्यक्ष महेन्द्र साहू, मंडल महामंत्री विजय कोशले, मंडल उपाध्यक्ष राजू बंजारे, मंडल उपाध्यक्ष पुनीत वर्मा, कार्यालय प्रभारी श्यामू साहू, युवा मोर्चा अध्यक्ष उमेश यदु, अजा मोर्चा अध्यक्ष खिलेश्वर धृतलहरे, सोशल मीडिया मंडल संयोजक ऋषिकेश कन्नाौजे, युवा मोर्चा शक्तिकेन्द्र प्रभारी विक्की चन्द्राकर, पूर्व सरपंच गिर्रा मोहन लाल चन्द्राकर, वरिष्ठ भाजपा नेता जगमोहन लाल चन्द्राकर उपस्थित थे ।
नवापारा-राजिम। नवापारा भाजपा मंडल ने नगर के नेहरू घाट स्थित सामुदायिक भवन में गुरुवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई। इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अपने विचारों को बिना किसी डर के प्रकट करते थे और उन्होंने हमेशा ही उन चीजों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी, जो उनको देश की भलाई के विरुद्घ लगती थी। उन्होंने लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए भारतीय जनसंघ पार्टी का गठन किया था। डा. मुखर्जी का भारतीय राजनीति से गहरा नाता था और उन्हें, उनकी अलग विचारधारा के लिए जाना जाता था। उन्होंने हमेशा से ही हिंदुत्व की रक्षा करने के लिए अपनी आवाज उठाई थी और कश्मीर में अनुच्छेद तीन सौ सत्तर का काफी विरोध भी किया था। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक देश दो विधान दो संविधान के खिलाफ थे। तेईस जून एक हज़ार नौ सौ तिरेपन को कश्मीर की जेल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से भारत ने सच्चे सपूत को खो दिया। उनकी विचारधाराओं पर चलकर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में भारत को अग्रणी बनाने में जुटे हैं। इस अवसर पर मासिक पत्रिका दीपकमल व संगठन से पुस्तकों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, प्रदेश भाजयुमो के विशेष आमंत्रित सदस्य किशोर देवांगन, महामंत्री नवल साहू, महिला मोर्चा अध्यक्ष अन्नापूर्णा देवांगन, युवा मोर्चा अध्यक्ष नागेंद्र वर्मा, जिला मंत्री परदेशी राम, वरिष्ठ पार्षद बाबी चावला, मयाराम साहू, तनु मिश्रा, मनीष चौधरी, अजित चौधरी, रमेश साहू, भूपेन्द्र सोनी, मुकुंद मेश्राम, कैलाश तिवारी, रूपेंद्र, राजू रजक, रुपेंद्र चंद्राकर, रेशम सिंग हुंदल, खूबचंद निर्मलकर, ईश्वरी देवांगन, किरण सोनी, संतोषी निषाद आदि मौजूद थे। घोटिया पलारी। भाजपा कार्यालय संडी बंगला में भारतीय जनसंघ के संस्थापक दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेगा का नारा देने वाले, जम्मू कश्मीर के लिए अपने प्राण की बाजी लगाने वाले डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाकर उन्हें श्रंद्घाजलि दी। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष तेजराम वर्मा, मंडल अध्यक्ष महेन्द्र साहू, मंडल महामंत्री विजय कोशले, मंडल उपाध्यक्ष राजू बंजारे, मंडल उपाध्यक्ष पुनीत वर्मा, कार्यालय प्रभारी श्यामू साहू, युवा मोर्चा अध्यक्ष उमेश यदु, अजा मोर्चा अध्यक्ष खिलेश्वर धृतलहरे, सोशल मीडिया मंडल संयोजक ऋषिकेश कन्नाौजे, युवा मोर्चा शक्तिकेन्द्र प्रभारी विक्की चन्द्राकर, पूर्व सरपंच गिर्रा मोहन लाल चन्द्राकर, वरिष्ठ भाजपा नेता जगमोहन लाल चन्द्राकर उपस्थित थे ।
पीएनटी (बालू अड्डा) चौराहे से वाहन बैकुंठधाम तिराहा, संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज से लक्ष्मण मेला मैदान की ओर नहीं जा सकेगा। लखनऊ में बुधवार को छठ पूजा पर्व पर लक्ष्मण मेला मैदान की तरफ का यातायात बदला रहेगा। डीसीपी ट्रैफिक रईस अख्तर ने बताया कि 10 नवंबर को दोपहर एक बजे से पूजा समाप्ति (देर रात) तक गोमती नदी के तट ( लक्ष्मण मेला मैदान) की तरफ रूट डायवर्जन किया गया है। 11 नवंबर की सुबह तीन बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक यह डायवर्जन लागू रहेगा। पूजा स्थल पर आने वालों के वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई है। इससे श्रद्धालुओं और आम जनमानस को असुविधा नहीं होगी। - चिरैयाझील तिराहे से लक्ष्मण मेला मैदान की तरफ कोई भी वाहन नहीं जा सकेगा। इधर से जाने वाले सहारागंज, सिकन्दरबाग, अवध तिराहा होते हुए अपने गंतव्य जा सकेंगे। - पीएनटी (बालू अड्डा) चौराहे से वाहन बैकुंठधाम तिराहा, संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज से लक्ष्मण मेला मैदान की ओर नहीं जा सकेगा। इधर जाने वाले वाहन पीएनटी (बालू अड्डा) से सिकंदराबाग, सहारागंज, चिरैयाझील, क्लार्क अवध तिराहा होकर जा सकेंगे। - सुभाष चौराहे से हनुमान सेतु होते हुए आईटी चौराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन क्लार्क अवध, सीडीआरआई तिराहा, डालीगंज पुल होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे। - नदवा बंधा मोड़ से झूलेलाल पार्क की ओर वाहन नहीं जा सकेगा, बल्कि ये वाहन आईटी चौराहा या सुभाष चौराहा होकर गंतव्य को जा सकेंगे। - शीश महल तिराहा से कुड़ियाघाट ठाकुरगंज बंधे की तरफ वाहनों पर रोक रहेगी। ये वाहन शीश महल तिराहा से इमामबाड़ा की तरफ होकर जा सकेंगे। - रूमीगेट से कुड़ियाघाट की तरफ वाहनों पर रोक रहेगी। इधर जाने वाले वाहन टीले वाली मस्जिद तिराहा होकर शाहमीना से जा सकेंगे। - वीआईपी वाहन गांधी सेतु, पीएनटी तिराहा, बैकुंठधाम तिराहा, संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज पार कर ढाल से लेफ्ट यू-टर्न कर पुल के नीचे से लक्ष्मण मेला मैदान वीआईपी रैंप (गेट) के नीचे निर्धारित स्थल पर पार्क होंगे। - सामान्य वाहन संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज पार कर आगे लक्ष्मण मेला बंधा सामान्य रैंप से दाहिने नीचे उतरकर निर्धारित पार्किंग में पार्क होंगे। वापसी में चिरैयाझील होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे। - सिकंदरबाग चौराहा, संकल्प वाटिका तिराहा से वाहन लेफ्ट होकर लक्ष्मण मेला बंधा रैंप से दाहिने नीचे उतरकर निर्धारित पार्किंग में पार्क होंगे। पार्किंग फुल होने पर चिरैयाझील से पहले पंप हाउस के पास रैंप से नीचे उतरकर निर्धारित पार्किंग में पार्क होंगे। - वाहन नदवा बंधा मोड से बाएं मुडकर झूलेलाल पार्क ढाल से लेफ्ट नीचे उतरकर झूलेलाल पार्क पार्किंग में पार्क होगें। वापसी में झूलेलाल पार्क ढाल से लेफ्ट मुड़कर इक्का तांगा स्टैण्ड होकर जा सकेगें। पार्किंग फुल होने पर झूलेलाल पार्क ढाल से बंधा रोड पर सड़क के किनारे-किनारे वाहन पार्क होंगे।
पीएनटी चौराहे से वाहन बैकुंठधाम तिराहा, संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज से लक्ष्मण मेला मैदान की ओर नहीं जा सकेगा। लखनऊ में बुधवार को छठ पूजा पर्व पर लक्ष्मण मेला मैदान की तरफ का यातायात बदला रहेगा। डीसीपी ट्रैफिक रईस अख्तर ने बताया कि दस नवंबर को दोपहर एक बजे से पूजा समाप्ति तक गोमती नदी के तट की तरफ रूट डायवर्जन किया गया है। ग्यारह नवंबर की सुबह तीन बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक यह डायवर्जन लागू रहेगा। पूजा स्थल पर आने वालों के वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई है। इससे श्रद्धालुओं और आम जनमानस को असुविधा नहीं होगी। - चिरैयाझील तिराहे से लक्ष्मण मेला मैदान की तरफ कोई भी वाहन नहीं जा सकेगा। इधर से जाने वाले सहारागंज, सिकन्दरबाग, अवध तिराहा होते हुए अपने गंतव्य जा सकेंगे। - पीएनटी चौराहे से वाहन बैकुंठधाम तिराहा, संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज से लक्ष्मण मेला मैदान की ओर नहीं जा सकेगा। इधर जाने वाले वाहन पीएनटी से सिकंदराबाग, सहारागंज, चिरैयाझील, क्लार्क अवध तिराहा होकर जा सकेंगे। - सुभाष चौराहे से हनुमान सेतु होते हुए आईटी चौराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन क्लार्क अवध, सीडीआरआई तिराहा, डालीगंज पुल होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे। - नदवा बंधा मोड़ से झूलेलाल पार्क की ओर वाहन नहीं जा सकेगा, बल्कि ये वाहन आईटी चौराहा या सुभाष चौराहा होकर गंतव्य को जा सकेंगे। - शीश महल तिराहा से कुड़ियाघाट ठाकुरगंज बंधे की तरफ वाहनों पर रोक रहेगी। ये वाहन शीश महल तिराहा से इमामबाड़ा की तरफ होकर जा सकेंगे। - रूमीगेट से कुड़ियाघाट की तरफ वाहनों पर रोक रहेगी। इधर जाने वाले वाहन टीले वाली मस्जिद तिराहा होकर शाहमीना से जा सकेंगे। - वीआईपी वाहन गांधी सेतु, पीएनटी तिराहा, बैकुंठधाम तिराहा, संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज पार कर ढाल से लेफ्ट यू-टर्न कर पुल के नीचे से लक्ष्मण मेला मैदान वीआईपी रैंप के नीचे निर्धारित स्थल पर पार्क होंगे। - सामान्य वाहन संकल्प वाटिका ओवर ब्रिज पार कर आगे लक्ष्मण मेला बंधा सामान्य रैंप से दाहिने नीचे उतरकर निर्धारित पार्किंग में पार्क होंगे। वापसी में चिरैयाझील होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे। - सिकंदरबाग चौराहा, संकल्प वाटिका तिराहा से वाहन लेफ्ट होकर लक्ष्मण मेला बंधा रैंप से दाहिने नीचे उतरकर निर्धारित पार्किंग में पार्क होंगे। पार्किंग फुल होने पर चिरैयाझील से पहले पंप हाउस के पास रैंप से नीचे उतरकर निर्धारित पार्किंग में पार्क होंगे। - वाहन नदवा बंधा मोड से बाएं मुडकर झूलेलाल पार्क ढाल से लेफ्ट नीचे उतरकर झूलेलाल पार्क पार्किंग में पार्क होगें। वापसी में झूलेलाल पार्क ढाल से लेफ्ट मुड़कर इक्का तांगा स्टैण्ड होकर जा सकेगें। पार्किंग फुल होने पर झूलेलाल पार्क ढाल से बंधा रोड पर सड़क के किनारे-किनारे वाहन पार्क होंगे।
Indira Gandhi Medical College Fire News : हिमाचल प्रदेश के शिमला में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMCH) के 'कैफेटेरिया' में बृहस्पतिवार को दो सिलेंडर फटने के कारण इमारत के एक हिस्से में आग लग गयी, जिसके उपरांत वहां से कम से कम 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के बाद मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण विभाग) संजय अवस्थी ने आईजीएमसीएच का दौरा किया और चिकित्सा अधीक्षक को इसकी जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण आग लगी और अस्पताल प्रशासन को लापरवाही के लिए कैफेटेरिया के मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, जिसके बाद कैफेटेरिया के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। आग लगने के बाद इमारत से निकलता धुआं दूर से देखा जा सकता था। घटना के वक्त ओपीडी में मौजूद मरीजों ने बताया कि एक के बाद एक हुए दो धमाकों से वहां दहशत फैल गई। राव ने बताया कि ओपीडी सेवाओं को फिलहाल पुराने भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि चिकित्सकों के पांच कक्ष, कैफेटेरिया और तीन लिफ्ट आग में क्षतिग्रस्त हो गए हैं और प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 60 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि नवनिर्मित भवन में अग्निशामक और अन्य उपकरण उपलब्ध थे और दमकल कर्मियों के आने से पहले, इन उपकरणों का उपयोग आग बुझाने के लिए किया गया। उन्होंने बताया कि लगभग 30.90 करोड़ रुपये की लागत से बने नये बहुमंजिला ओपीडी ब्लॉक का उद्घाटन गत नौ मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया था। इमारत में आपातकालीन इकाई, गहन देखभाल इकाई, विशेष वार्ड, आइसोलेशन वार्ड और फिजियोथैरेपी वार्ड के साथ-साथ कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी स्कैन, एक्स-रे, नमूना संग्रह और पैथोलॉजी लैब की सुविधाएं हैं।
Indira Gandhi Medical College Fire News : हिमाचल प्रदेश के शिमला में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के 'कैफेटेरिया' में बृहस्पतिवार को दो सिलेंडर फटने के कारण इमारत के एक हिस्से में आग लग गयी, जिसके उपरांत वहां से कम से कम दो सौ पचास लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के बाद मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने आईजीएमसीएच का दौरा किया और चिकित्सा अधीक्षक को इसकी जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण आग लगी और अस्पताल प्रशासन को लापरवाही के लिए कैफेटेरिया के मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, जिसके बाद कैफेटेरिया के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। आग लगने के बाद इमारत से निकलता धुआं दूर से देखा जा सकता था। घटना के वक्त ओपीडी में मौजूद मरीजों ने बताया कि एक के बाद एक हुए दो धमाकों से वहां दहशत फैल गई। राव ने बताया कि ओपीडी सेवाओं को फिलहाल पुराने भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि चिकित्सकों के पांच कक्ष, कैफेटेरिया और तीन लिफ्ट आग में क्षतिग्रस्त हो गए हैं और प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग साठ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि नवनिर्मित भवन में अग्निशामक और अन्य उपकरण उपलब्ध थे और दमकल कर्मियों के आने से पहले, इन उपकरणों का उपयोग आग बुझाने के लिए किया गया। उन्होंने बताया कि लगभग तीस.नब्बे करोड़ रुपये की लागत से बने नये बहुमंजिला ओपीडी ब्लॉक का उद्घाटन गत नौ मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया था। इमारत में आपातकालीन इकाई, गहन देखभाल इकाई, विशेष वार्ड, आइसोलेशन वार्ड और फिजियोथैरेपी वार्ड के साथ-साथ कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी स्कैन, एक्स-रे, नमूना संग्रह और पैथोलॉजी लैब की सुविधाएं हैं।
Budget 2022: मंगलवार को बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman संसद पहुंच गईं हैं। केंद्रीय बजट 2022-23 पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री भागवत किशनराव कराड, पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। बता दें कि 5 राज्यों में चुनाव के बीच आज संसद में बजट पेश होने जा रहा है। किसानों से लेकर आम जनता को इस बजट से बहुत उम्मीद है। कोरोना काल के साइड इफेक्ट से बजट कैसे निपटेगा इस पर देश की निगाहें टिकी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) संसद में अपना चौथा बजट पेश करेंगी। निर्मला सीतारण के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना काल में गिरी हुई अर्थव्यवस्था को उठाना है। बेरोजगारी, महंगाई और विकास की इंजन को सरकार कैसे रफ्तार देगी? ये सारी बातें इस बजट में साफ हो जाएंगी। आज जिस वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण आम बजट देश के सामने पेश करेंगी तो उनके सामने जरूर ये चीजें होंगी कि आखिर कैसे देश की रफ्तार बढ़ाई जाए। कैसे रोजगार का सृजन किया जाए और कैसे बेरोगारी को देश में कम किया जाए। संबंधित खबरेंः
Budget दो हज़ार बाईस: मंगलवार को बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman संसद पहुंच गईं हैं। केंद्रीय बजट दो हज़ार बाईस-तेईस पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री भागवत किशनराव कराड, पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। बता दें कि पाँच राज्यों में चुनाव के बीच आज संसद में बजट पेश होने जा रहा है। किसानों से लेकर आम जनता को इस बजट से बहुत उम्मीद है। कोरोना काल के साइड इफेक्ट से बजट कैसे निपटेगा इस पर देश की निगाहें टिकी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना चौथा बजट पेश करेंगी। निर्मला सीतारण के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना काल में गिरी हुई अर्थव्यवस्था को उठाना है। बेरोजगारी, महंगाई और विकास की इंजन को सरकार कैसे रफ्तार देगी? ये सारी बातें इस बजट में साफ हो जाएंगी। आज जिस वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण आम बजट देश के सामने पेश करेंगी तो उनके सामने जरूर ये चीजें होंगी कि आखिर कैसे देश की रफ्तार बढ़ाई जाए। कैसे रोजगार का सृजन किया जाए और कैसे बेरोगारी को देश में कम किया जाए। संबंधित खबरेंः
जयपुरः राजस्थान के जालोर जिले के आहोर थाना क्षेत्र में कार के ट्रेलर से टकराने पर पांच युवकों की मौत हो गई। पुलिस के नुसार क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 325 पर हादसा सोमवार देर रात करीब बारह बजे उस समय हुआ जब ये युवक तखतगढ से आहोर की तरफ आ रहे थे कि उनकी कार अनियंत्रित होकर ट्रेलर में जा घुसी। हादसे में पांच युवकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में आहोर क्षेत्र के चरली गांव निवासी रामाराम, कमलेश, छगन लाल, दिनेश और मौना राम की मृत्यु हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाये। हादसे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गहरा दुख जताया है। गहलोत ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आहोर क्षेत्र में चरली गांव के पास हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवदेनाए व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें यह आघात सहन करने की शक्ति एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। इसी तरह डा पूनियां ने दुख जताते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में भाजपा परिवार शोक संतप्त परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान एवं शोकाकुल परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने प्रार्थना की। राजे ने कहा कि सड़क हादसे में पांच लोगों की मृत्यु का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनेां के प्रति गहरी संवदेना प्रकट की। (वार्ता)
जयपुरः राजस्थान के जालोर जिले के आहोर थाना क्षेत्र में कार के ट्रेलर से टकराने पर पांच युवकों की मौत हो गई। पुलिस के नुसार क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या तीन सौ पच्चीस पर हादसा सोमवार देर रात करीब बारह बजे उस समय हुआ जब ये युवक तखतगढ से आहोर की तरफ आ रहे थे कि उनकी कार अनियंत्रित होकर ट्रेलर में जा घुसी। हादसे में पांच युवकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में आहोर क्षेत्र के चरली गांव निवासी रामाराम, कमलेश, छगन लाल, दिनेश और मौना राम की मृत्यु हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाये। हादसे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गहरा दुख जताया है। गहलोत ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आहोर क्षेत्र में चरली गांव के पास हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवदेनाए व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें यह आघात सहन करने की शक्ति एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। इसी तरह डा पूनियां ने दुख जताते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में भाजपा परिवार शोक संतप्त परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान एवं शोकाकुल परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने प्रार्थना की। राजे ने कहा कि सड़क हादसे में पांच लोगों की मृत्यु का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनेां के प्रति गहरी संवदेना प्रकट की।
नागरिकता कानून को लेकर देशभर में हिंसा की खबर आ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है. यूपी में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों पर गोली भी चलाई। जिसमे कई लोगों की मौत भी हुई है. वहीं हो रहे बवाल और दंगों पर रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्या की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है। गौरतलब है कि अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि हां तक दंगों का सवाल है, दंगा भड़काने वाले लोग सरकार में ही बैठे हैं। सरकार में बैठे लोगों को केवल दंगों से फायदा होगा। बीजेपी जानबूझकर नफरत फैला रही है, लोगों को डरा रही है। वे वास्तविक मुद्दों के मोर्चे पर विफल रहे हैं। आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं पर बवाल भड़काने के आरोपों पर कहा कि हमने नागरिकता कानून का विरोध किया है। हमने कोई तोड़फोड़ नहीं की। भाजपा के इशारे पर दंगे भड़काए जा रहे हैं। बता दें कि यूपी में गुरुवार से हो रही हिंसक घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई है। इसमें मेरठ के चार, फिरोजाबाद, कानपुर, संभल व बिजनौर के दो-दो तथा लखनऊ, रामपुर व मुजफ्फरनगर के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं।
नागरिकता कानून को लेकर देशभर में हिंसा की खबर आ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है. यूपी में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों पर गोली भी चलाई। जिसमे कई लोगों की मौत भी हुई है. वहीं हो रहे बवाल और दंगों पर रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्या की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है। गौरतलब है कि अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि हां तक दंगों का सवाल है, दंगा भड़काने वाले लोग सरकार में ही बैठे हैं। सरकार में बैठे लोगों को केवल दंगों से फायदा होगा। बीजेपी जानबूझकर नफरत फैला रही है, लोगों को डरा रही है। वे वास्तविक मुद्दों के मोर्चे पर विफल रहे हैं। आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं पर बवाल भड़काने के आरोपों पर कहा कि हमने नागरिकता कानून का विरोध किया है। हमने कोई तोड़फोड़ नहीं की। भाजपा के इशारे पर दंगे भड़काए जा रहे हैं। बता दें कि यूपी में गुरुवार से हो रही हिंसक घटनाओं में पंद्रह लोगों की मौत हुई है। इसमें मेरठ के चार, फिरोजाबाद, कानपुर, संभल व बिजनौर के दो-दो तथा लखनऊ, रामपुर व मुजफ्फरनगर के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं।
उनके नाम अब 96 अंक हो गए हैं। बजरंग की रैंकिंग राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में किए गए प्रदर्शन के आधार पर तय की गई है। उन्होंने दोनों गेम्स में स्वर्ण अपने नाम किया था। उन्होंने पिछले महीने ही हंगरी के बुडापेस्ट में हुई विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया था। विश्व चैंपियनशिप में सीडिंग प्रणाली लागू की गई थी और बजरंग को तीसरी सीड मिली थी। बजरंग ने नंबर-1 बनने पर खुशी जताते हुए कहा कि नंबर-1 बनने से मैं बहुत खुश हूं क्योंकि यह कुश्ती में भारत के दबदबे को दर्शाता है।
उनके नाम अब छियानवे अंक हो गए हैं। बजरंग की रैंकिंग राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में किए गए प्रदर्शन के आधार पर तय की गई है। उन्होंने दोनों गेम्स में स्वर्ण अपने नाम किया था। उन्होंने पिछले महीने ही हंगरी के बुडापेस्ट में हुई विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया था। विश्व चैंपियनशिप में सीडिंग प्रणाली लागू की गई थी और बजरंग को तीसरी सीड मिली थी। बजरंग ने नंबर-एक बनने पर खुशी जताते हुए कहा कि नंबर-एक बनने से मैं बहुत खुश हूं क्योंकि यह कुश्ती में भारत के दबदबे को दर्शाता है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
रावल समरसिंह के बाद उनका पुत्र रत्नसिंह चितौड़ की राजगद्दी पर बैठा। रत्नसिंह की रानी पद्मिनी अपूर्व सुन्दर थी। उसकी सुन्दरता की ख्याति दूर दूर तक फैली थी। उसकी सुन्दरता के बारे में सुनकर दिल्ली का तत्कालीन बादशाह अलाउद्दीन खिलजी पद्मिनी को पाने के लिए लालायित हो उठा और उसने रानी को पाने हेतु चितौड़ दुर्ग पर एक विशाल सेना के साथ चढ़ाई कर दी। उसने चितौड़ के किले को कई महीनों घेरे रखा पर चितौड़ की रक्षार्थ तैनात राजपूत सैनिकों के अदम्य साहस व वीरता के चलते कई महीनों की घेरा बंदी व युद्ध के बावजूद वह चितौड़ के किले में घुस नहीं पाया। तब उसने कूटनीति से काम लेने की योजना बनाई और अपने दूत को चितौड़ रत्नसिंह के पास भेज सन्देश भेजा कि "हम तो आपसे मित्रता करना चाहते है रानी की सुन्दरता के बारे बहुत सुना है इसलिए हमें तो सिर्फ एक बार रानी का मुंह दिखा दीजिये हम घेरा उठाकर दिल्ली लौट जायेंगे। सन्देश सुनकर रत्नसिंह आगबबूला हो उठे पर रानी पद्मिनी ने इस अवसर पर दूरदर्शिता का परिचय देते हुए अपने पति रत्नसिंह को समझाया कि "मेरे कारण व्यर्थ ही चितौड़ के सैनिकों का रक्त बहाना बुद्धिमानी नहीं है।" रानी को अपनी नहीं पूरे मेवाड़ की चिंता थी वह नहीं चाहती थी कि उसके चलते पूरा मेवाड़ राज्य तबाह हो जाये और प्रजा को भारी दुःख उठाना पड़े क्योंकि मेवाड़ की सेना अलाउद्दीन की विशाल सेना के आगे बहुत छोटी थी। इसलिए उसने बीच का रास्ता निकालते हुए कहा कि अलाउद्दीन चाहे तो रानी का मुख आईने में देख सकता है। अलाउद्दीन भी समझ रहा था कि राजपूत वीरों को हराना बहुत कठिन काम है और बिना जीत के घेरा उठाने से उसके सैनिको का मनोबल टूट सकता है साथ ही उसकी बदनामी भी होगी इसलिए उसने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। चितौड़ के किले में अलाउद्दीन का स्वागत रत्नसिंह ने अतिथि की तरह किया। रानी पद्मिनी का महल सरोवर के बीचों बीच था इसलिए दीवार पर एक बड़ा आईना लगाया गया। रानी को आईने के सामने बिठाया गया। आईने से खिड़की के जरिये रानी के मुख की परछाई सरोवर के पानी में साफ़ पड़ती थी। वहीं से अलाउद्दीन को रानी का मुखारविंद दिखाया गया। सरोवर के पानी में रानी के मुख की परछाई में उसका सौन्दर्य देखकर अलाउद्दीन चकित रह गया और उसने मन ही मन रानी को पाने के लिए कुटिल चाल चलने की सोच ली। जब रत्नसिंह अलाउद्दीन को वापस जाने के लिए किले के द्वार तक छोड़ने आये तो अलाउद्दीन ने अपने सैनिकों को संकेत कर रत्नसिंह को धोखे से गिरफ्तार कर लिया। रत्नसिंह को कैद करने के बाद अलाउद्दीन ने प्रस्ताव रखा कि रानी को उसे सौंपने के बाद ही वह रत्नसिंह को कैद मुक्त करेगा। रानी ने भी कूटनीति का जबाब कूटनीति से देने का निश्चय किया और उसने अलाउद्दीन को सन्देश भेजा कि- "मैं मेवाड़ की महारानी अपनी सात सौ दासियों के साथ आपके सम्मुख उपस्थित होने से पूर्व अपने पति के दर्शन करना चाहूंगी। यदि आपको मेरी यह शर्त स्वीकार है तो मुझे सूचित करे। रानी का ऐसा सन्देश पाकर कामुक अलाउद्दीन के ख़ुशी का ठिकाना न रहा, और उस अदभुत सुन्दर रानी को पाने के लिए बेताब उसने तुरंत रानी की शर्त स्वीकार कर सन्देश भिजवा दिया। उधर रानी ने अपने काका गोरा व भाई बादल के साथ रणनीति तैयार कर सात सौ डोलियाँ तैयार करवाई और इन डोलियों में हथियार बंद राजपूत वीर सैनिक बिठा दिए। डोलियों को उठाने के लिए भी कहारों के स्थान पर छांटे हुए वीर सैनिको को कहारों के वेश में लगाया गया। इस तरह पूरी तैयारी कर रानी अलाउद्दीन के शिविर में अपने पति को छुड़ाने हेतु चली। उसकी डोली के साथ गोरा व बादल जैसे युद्ध कला में निपुण वीर चल रहे थे। अलाउद्दीन व उसके सैनिक रानी के काफिले को दूर से देख रहे थे। सारी पालकियां अलाउद्दीन के शिविर के पास आकर रुकीं और उनमे से राजपूत वीर अपनी तलवारे सहित निकलकर यवन सेना पर अचानक टूट पड़े इस तरह अचानक हमले से अलाउद्दीन की सेना हक्की बक्की रह गयी और गोरा बादल ने तत्परता से रत्नसिंह को अलाउद्दीन की कैद से मुक्त कर सकुशल चितौड़ के दुर्ग में पहुंचा दिया। इस हार से अलाउद्दीन बहुत लज्जित हुआ और उसने अब चितौड़ विजय करने के लिए ठान ली। आखिर उसके छःमाह से ज्यादा चले घेरे व युद्ध के कारण किले में खाद्य सामग्री अभाव हो गया तब राजपूत सैनिकों ने केसरिया बाना पहन कर जौहर और साका करने का निश्चय किया। जौहर के लिए गोमुख के उत्तर वाले मैदान में एक विशाल चिता का निर्माण किया गया। रानी पद्मिनी के नेतृत्व में 16,000 राजपूत रमणियों ने गोमुख में स्नान कर अपने सम्बन्धियों को अन्तिम प्रणाम कर जौहर चिता में प्रवेश किया। थोड़ी ही देर में देवदुर्लभ सौंदर्य अग्नि की लपटों में स्वाहा होकर कीर्ति कुंदन बन गया। जौहर की ज्वाला की लपटों को देखकर अलाउद्दीन खिलजी भी हतप्रभ हो गया। महाराणा रतन सिंह के नेतृत्व में केसरिया बाना धारण कर 30,000 राजपूत सैनिक किले के द्वार खोल भूखे सिंहों की भांति खिलजी की सेना पर टूट पड़े। भयंकर युद्ध हुआ गोरा और उसके भतीजे बादल ने अद्भुत पराक्रम दिखाया। बादल की आयु उस वक्त सिर्फ़ बारह वर्ष की ही थी उसकी वीरता का एक गीतकार ने इस तरह वर्णन किया। बादल बारह बरस रो, लड़ियों लाखां साथ। सारी दुनिया पेखियो, वो खांडा वै हाथ।। - ↑ Gora-Badal Chittorgarh History (हिंदी) अमर राजपूताना। अभिगमन तिथिः 2 नवंबर, 2017। - ↑ वीर गोरा और बादल (हिंदी) शब्द डॉट इन। अभिगमन तिथिः 3 दिसंबर, 2017।
रावल समरसिंह के बाद उनका पुत्र रत्नसिंह चितौड़ की राजगद्दी पर बैठा। रत्नसिंह की रानी पद्मिनी अपूर्व सुन्दर थी। उसकी सुन्दरता की ख्याति दूर दूर तक फैली थी। उसकी सुन्दरता के बारे में सुनकर दिल्ली का तत्कालीन बादशाह अलाउद्दीन खिलजी पद्मिनी को पाने के लिए लालायित हो उठा और उसने रानी को पाने हेतु चितौड़ दुर्ग पर एक विशाल सेना के साथ चढ़ाई कर दी। उसने चितौड़ के किले को कई महीनों घेरे रखा पर चितौड़ की रक्षार्थ तैनात राजपूत सैनिकों के अदम्य साहस व वीरता के चलते कई महीनों की घेरा बंदी व युद्ध के बावजूद वह चितौड़ के किले में घुस नहीं पाया। तब उसने कूटनीति से काम लेने की योजना बनाई और अपने दूत को चितौड़ रत्नसिंह के पास भेज सन्देश भेजा कि "हम तो आपसे मित्रता करना चाहते है रानी की सुन्दरता के बारे बहुत सुना है इसलिए हमें तो सिर्फ एक बार रानी का मुंह दिखा दीजिये हम घेरा उठाकर दिल्ली लौट जायेंगे। सन्देश सुनकर रत्नसिंह आगबबूला हो उठे पर रानी पद्मिनी ने इस अवसर पर दूरदर्शिता का परिचय देते हुए अपने पति रत्नसिंह को समझाया कि "मेरे कारण व्यर्थ ही चितौड़ के सैनिकों का रक्त बहाना बुद्धिमानी नहीं है।" रानी को अपनी नहीं पूरे मेवाड़ की चिंता थी वह नहीं चाहती थी कि उसके चलते पूरा मेवाड़ राज्य तबाह हो जाये और प्रजा को भारी दुःख उठाना पड़े क्योंकि मेवाड़ की सेना अलाउद्दीन की विशाल सेना के आगे बहुत छोटी थी। इसलिए उसने बीच का रास्ता निकालते हुए कहा कि अलाउद्दीन चाहे तो रानी का मुख आईने में देख सकता है। अलाउद्दीन भी समझ रहा था कि राजपूत वीरों को हराना बहुत कठिन काम है और बिना जीत के घेरा उठाने से उसके सैनिको का मनोबल टूट सकता है साथ ही उसकी बदनामी भी होगी इसलिए उसने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। चितौड़ के किले में अलाउद्दीन का स्वागत रत्नसिंह ने अतिथि की तरह किया। रानी पद्मिनी का महल सरोवर के बीचों बीच था इसलिए दीवार पर एक बड़ा आईना लगाया गया। रानी को आईने के सामने बिठाया गया। आईने से खिड़की के जरिये रानी के मुख की परछाई सरोवर के पानी में साफ़ पड़ती थी। वहीं से अलाउद्दीन को रानी का मुखारविंद दिखाया गया। सरोवर के पानी में रानी के मुख की परछाई में उसका सौन्दर्य देखकर अलाउद्दीन चकित रह गया और उसने मन ही मन रानी को पाने के लिए कुटिल चाल चलने की सोच ली। जब रत्नसिंह अलाउद्दीन को वापस जाने के लिए किले के द्वार तक छोड़ने आये तो अलाउद्दीन ने अपने सैनिकों को संकेत कर रत्नसिंह को धोखे से गिरफ्तार कर लिया। रत्नसिंह को कैद करने के बाद अलाउद्दीन ने प्रस्ताव रखा कि रानी को उसे सौंपने के बाद ही वह रत्नसिंह को कैद मुक्त करेगा। रानी ने भी कूटनीति का जबाब कूटनीति से देने का निश्चय किया और उसने अलाउद्दीन को सन्देश भेजा कि- "मैं मेवाड़ की महारानी अपनी सात सौ दासियों के साथ आपके सम्मुख उपस्थित होने से पूर्व अपने पति के दर्शन करना चाहूंगी। यदि आपको मेरी यह शर्त स्वीकार है तो मुझे सूचित करे। रानी का ऐसा सन्देश पाकर कामुक अलाउद्दीन के ख़ुशी का ठिकाना न रहा, और उस अदभुत सुन्दर रानी को पाने के लिए बेताब उसने तुरंत रानी की शर्त स्वीकार कर सन्देश भिजवा दिया। उधर रानी ने अपने काका गोरा व भाई बादल के साथ रणनीति तैयार कर सात सौ डोलियाँ तैयार करवाई और इन डोलियों में हथियार बंद राजपूत वीर सैनिक बिठा दिए। डोलियों को उठाने के लिए भी कहारों के स्थान पर छांटे हुए वीर सैनिको को कहारों के वेश में लगाया गया। इस तरह पूरी तैयारी कर रानी अलाउद्दीन के शिविर में अपने पति को छुड़ाने हेतु चली। उसकी डोली के साथ गोरा व बादल जैसे युद्ध कला में निपुण वीर चल रहे थे। अलाउद्दीन व उसके सैनिक रानी के काफिले को दूर से देख रहे थे। सारी पालकियां अलाउद्दीन के शिविर के पास आकर रुकीं और उनमे से राजपूत वीर अपनी तलवारे सहित निकलकर यवन सेना पर अचानक टूट पड़े इस तरह अचानक हमले से अलाउद्दीन की सेना हक्की बक्की रह गयी और गोरा बादल ने तत्परता से रत्नसिंह को अलाउद्दीन की कैद से मुक्त कर सकुशल चितौड़ के दुर्ग में पहुंचा दिया। इस हार से अलाउद्दीन बहुत लज्जित हुआ और उसने अब चितौड़ विजय करने के लिए ठान ली। आखिर उसके छःमाह से ज्यादा चले घेरे व युद्ध के कारण किले में खाद्य सामग्री अभाव हो गया तब राजपूत सैनिकों ने केसरिया बाना पहन कर जौहर और साका करने का निश्चय किया। जौहर के लिए गोमुख के उत्तर वाले मैदान में एक विशाल चिता का निर्माण किया गया। रानी पद्मिनी के नेतृत्व में सोलह,शून्य राजपूत रमणियों ने गोमुख में स्नान कर अपने सम्बन्धियों को अन्तिम प्रणाम कर जौहर चिता में प्रवेश किया। थोड़ी ही देर में देवदुर्लभ सौंदर्य अग्नि की लपटों में स्वाहा होकर कीर्ति कुंदन बन गया। जौहर की ज्वाला की लपटों को देखकर अलाउद्दीन खिलजी भी हतप्रभ हो गया। महाराणा रतन सिंह के नेतृत्व में केसरिया बाना धारण कर तीस,शून्य राजपूत सैनिक किले के द्वार खोल भूखे सिंहों की भांति खिलजी की सेना पर टूट पड़े। भयंकर युद्ध हुआ गोरा और उसके भतीजे बादल ने अद्भुत पराक्रम दिखाया। बादल की आयु उस वक्त सिर्फ़ बारह वर्ष की ही थी उसकी वीरता का एक गीतकार ने इस तरह वर्णन किया। बादल बारह बरस रो, लड़ियों लाखां साथ। सारी दुनिया पेखियो, वो खांडा वै हाथ।। - ↑ Gora-Badal Chittorgarh History अमर राजपूताना। अभिगमन तिथिः दो नवंबर, दो हज़ार सत्रह। - ↑ वीर गोरा और बादल शब्द डॉट इन। अभिगमन तिथिः तीन दिसंबर, दो हज़ार सत्रह।
गंगाराम पिछले 3 महीने से एक ठेकेदार के पास काम करता था। लॉकडाउन लागू होने के बाद ठेकेदार उसे राशन दिया करता था। लेकिन गंगाराम अपने गांव जाना चाहता था। देश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के चलते देश में लॉकडाउन जारी है। सरकार द्वारा इस लॉकडाउन के इस तीसरे चरण में कई प्रकार की छूटें दी गईं हैं। दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को भी वापस लाया जा रहा है। लेकिन इसी बीच गुरुग्राम में लॉकडाउन में घर न जाने से परेशान हो कर एक राजमिस्त्री ने पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली। मृतक अपने घर से 8 मई को घूमने के बहाने निकला था। लेकिन घर उसकी जगह उसका शव पहुंचा। गुरुग्राम की सनसिटी के पास अरावली में गंगा राम उर्फ गंगू नाम के एक राजमिस्त्री ने लॉकडाउन के चलते अपने घर न जा पाने के दुःख में आत्महत्या कर ली। गंगू अपने घर से टहलने के बहाने 8 मई को घर से बाहर निकला था। गंगा राम मूल रूप से मध्यप्रदेश के छतरपुर के गांव बूढ़ा का रहने वाला था। वो घाटा में अपनी पत्नी और बच्चो के साथ रहता था। गंगाराम पिछले 3 महीने से एक ठेकेदार के पास काम करता था। लॉकडाउन लागू होने के बाद ठेकेदार उसे राशन दिया करता था। ऐसे में गंगाराम अपने गांव जाना चाहता था। जिसके चलते उसने कई बार पैदल जाने की भी कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उसे नहीं जाने दिया और रोक लिया। ऐसे में 8 मई की सुबह गंगा राम घूमने जाने की बात बोलकर घर से निकले थे। वापस न आने पर घर वालों ने तलाश करने के बाद पुलिस में सूचना दी। जिस पर पुलिस ने ढूँढने के लिए कर्मियों को भेजने की बात कह कर परिजनों को वापस भेज दिया। रविवार शाम को कुछ महिलाएं अरावली में लकड़ी चुनने गई थीं। महिलाओं ने गंगा राम को पेड़ से लटका देखा। जिसके बाद उन्होंने गंगाराम के परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद पूरे परिवार में हाहाकार मच गया। जिसके बाद रात को पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन पुलिस सूचना देने के 3 घंटे के बाद सुबह करीब 3 बजे मौके पर पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने शव को बरामद करके पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भांजे रोशन ने बताया कि गंगा राम वापस मध्यप्रदेश जाने को लेकर तनाव में था। मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक जगदीश चंद ने बताया कि मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
गंगाराम पिछले तीन महीने से एक ठेकेदार के पास काम करता था। लॉकडाउन लागू होने के बाद ठेकेदार उसे राशन दिया करता था। लेकिन गंगाराम अपने गांव जाना चाहता था। देश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के चलते देश में लॉकडाउन जारी है। सरकार द्वारा इस लॉकडाउन के इस तीसरे चरण में कई प्रकार की छूटें दी गईं हैं। दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को भी वापस लाया जा रहा है। लेकिन इसी बीच गुरुग्राम में लॉकडाउन में घर न जाने से परेशान हो कर एक राजमिस्त्री ने पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली। मृतक अपने घर से आठ मई को घूमने के बहाने निकला था। लेकिन घर उसकी जगह उसका शव पहुंचा। गुरुग्राम की सनसिटी के पास अरावली में गंगा राम उर्फ गंगू नाम के एक राजमिस्त्री ने लॉकडाउन के चलते अपने घर न जा पाने के दुःख में आत्महत्या कर ली। गंगू अपने घर से टहलने के बहाने आठ मई को घर से बाहर निकला था। गंगा राम मूल रूप से मध्यप्रदेश के छतरपुर के गांव बूढ़ा का रहने वाला था। वो घाटा में अपनी पत्नी और बच्चो के साथ रहता था। गंगाराम पिछले तीन महीने से एक ठेकेदार के पास काम करता था। लॉकडाउन लागू होने के बाद ठेकेदार उसे राशन दिया करता था। ऐसे में गंगाराम अपने गांव जाना चाहता था। जिसके चलते उसने कई बार पैदल जाने की भी कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उसे नहीं जाने दिया और रोक लिया। ऐसे में आठ मई की सुबह गंगा राम घूमने जाने की बात बोलकर घर से निकले थे। वापस न आने पर घर वालों ने तलाश करने के बाद पुलिस में सूचना दी। जिस पर पुलिस ने ढूँढने के लिए कर्मियों को भेजने की बात कह कर परिजनों को वापस भेज दिया। रविवार शाम को कुछ महिलाएं अरावली में लकड़ी चुनने गई थीं। महिलाओं ने गंगा राम को पेड़ से लटका देखा। जिसके बाद उन्होंने गंगाराम के परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद पूरे परिवार में हाहाकार मच गया। जिसके बाद रात को पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन पुलिस सूचना देने के तीन घंटाटे के बाद सुबह करीब तीन बजे मौके पर पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने शव को बरामद करके पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भांजे रोशन ने बताया कि गंगा राम वापस मध्यप्रदेश जाने को लेकर तनाव में था। मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक जगदीश चंद ने बताया कि मामले में सीआरपीसी की धारा एक सौ चौहत्तर के तहत कार्रवाई की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी आज शाम जापान के कूटनीतिक दौरे पर रवाना हो रहे हैं. जापान में क्वाड की अहम बैठक है. क्वाड में उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से होगी. दौरे से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर दौरे के बारे में बताया है. जिसमें उम्मीद जताई है कि बाइडेन से मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर बात होगी. पीएम मोदी के दौरे के बारे में विस्तार से जानने के लिए आजतक ने जापान में भारत के राजदूत संजय कुमार वर्मा से खास बातचीत की जिन्होंने पीएम मोदी के दौरे और उनके कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी. देखें ये वीडियो. Prime Minister Modi is on an official tour to Japan for two days and so he left this evening for Japan. PM Modi will attend Quad Summit in Japan. In Quad, he will meet US President Joe Biden, and the Prime Minister of Australia. Before leaving, PM Modi gave this information through a tweet. To know in detail about PM Modi's visit, Aaj Tak spoke to India's Ambassador of Japan Sanjay Kumar Verma, who gave information about PM Modi's visit. Watch this video.
प्रधानमंत्री मोदी आज शाम जापान के कूटनीतिक दौरे पर रवाना हो रहे हैं. जापान में क्वाड की अहम बैठक है. क्वाड में उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से होगी. दौरे से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर दौरे के बारे में बताया है. जिसमें उम्मीद जताई है कि बाइडेन से मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर बात होगी. पीएम मोदी के दौरे के बारे में विस्तार से जानने के लिए आजतक ने जापान में भारत के राजदूत संजय कुमार वर्मा से खास बातचीत की जिन्होंने पीएम मोदी के दौरे और उनके कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी. देखें ये वीडियो. Prime Minister Modi is on an official tour to Japan for two days and so he left this evening for Japan. PM Modi will attend Quad Summit in Japan. In Quad, he will meet US President Joe Biden, and the Prime Minister of Australia. Before leaving, PM Modi gave this information through a tweet. To know in detail about PM Modi's visit, Aaj Tak spoke to India's Ambassador of Japan Sanjay Kumar Verma, who gave information about PM Modi's visit. Watch this video.
नई दिल्लीः अवैध तरीके से प्रतिबंधित हथियार बनाने और रखने वालों को अब उम्र कैद यानी मृत्यु पर्यंत जेल की सजा मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय का इस बारे में एक नया कानून बनाने का प्रस्ताव है। हथियार (संशोधन) बिल के ड्राफ्ट के अनुसार, दो से अधिक लाइसेंसी हथियार रखने वाले व्यक्ति को अपना तीसरा हथियार सरकार के पास जमा करना होगा। किसी भी व्यक्ति को मल्टीपल लाइसेंस देने की व्यवस्था को खत्म करने की सरकार की योजना है। केंद्र की ये भी योजना है कि आम्र्स एक्ट के तहत जितनी सजा का प्रावधान है उसे दोगुना कर दिया जाए। प्रस्तावित कानून के दायरे में हथियारों की अवैध खरीद-बिक्री, हथियार व उसके कंपोनेंट की निर्माता से लेकर यूजर तक की ट्रैकिंग, संगठित अपराध, हर्ष फायरिंग वगैरह रखे जायेंगे। सभी अपराधों के लिये अलग-अलग सजा का प्रावधान होगा। ड्राफ्ट विधेयक के अनुसार सरकार आम्र्स एक्ट १९५९ की धारा २५ (१एए) के तहत प्रतिबंधित हथियार के निर्माण, बिक्री, मरम्मत और ऐसे हथियार अपने पास रखने की सजा के रूप में दोषी को मृत्यु पर्यंत जेल में रखने का प्रावधान किया जायेगा। इसकी न्यूनतम सजा १४ साल की जेल होगी। भारत में ३५ लाख गन लाइसेंस हैं। उत्तर प्रदेश में १३ लाख लोगों के पास हथियार रखने का लाइसेंस है। जम्मू कश्मीर दूसरे नंबर पर है जहां ३. ७ लाख लोगों के पास हथियार का लाइसेंस है। पंजाब में ३. ६ लाख हाथियार लाइसेंस हैं। इनमें से ज्यादातर लाइसेंस राज्य में उग्रवाद के दौर में दिये गये थे।
नई दिल्लीः अवैध तरीके से प्रतिबंधित हथियार बनाने और रखने वालों को अब उम्र कैद यानी मृत्यु पर्यंत जेल की सजा मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय का इस बारे में एक नया कानून बनाने का प्रस्ताव है। हथियार बिल के ड्राफ्ट के अनुसार, दो से अधिक लाइसेंसी हथियार रखने वाले व्यक्ति को अपना तीसरा हथियार सरकार के पास जमा करना होगा। किसी भी व्यक्ति को मल्टीपल लाइसेंस देने की व्यवस्था को खत्म करने की सरकार की योजना है। केंद्र की ये भी योजना है कि आम्र्स एक्ट के तहत जितनी सजा का प्रावधान है उसे दोगुना कर दिया जाए। प्रस्तावित कानून के दायरे में हथियारों की अवैध खरीद-बिक्री, हथियार व उसके कंपोनेंट की निर्माता से लेकर यूजर तक की ट्रैकिंग, संगठित अपराध, हर्ष फायरिंग वगैरह रखे जायेंगे। सभी अपराधों के लिये अलग-अलग सजा का प्रावधान होगा। ड्राफ्ट विधेयक के अनुसार सरकार आम्र्स एक्ट एक हज़ार नौ सौ उनसठ की धारा पच्चीस के तहत प्रतिबंधित हथियार के निर्माण, बिक्री, मरम्मत और ऐसे हथियार अपने पास रखने की सजा के रूप में दोषी को मृत्यु पर्यंत जेल में रखने का प्रावधान किया जायेगा। इसकी न्यूनतम सजा चौदह साल की जेल होगी। भारत में पैंतीस लाख गन लाइसेंस हैं। उत्तर प्रदेश में तेरह लाख लोगों के पास हथियार रखने का लाइसेंस है। जम्मू कश्मीर दूसरे नंबर पर है जहां तीन. सात लाख लोगों के पास हथियार का लाइसेंस है। पंजाब में तीन. छः लाख हाथियार लाइसेंस हैं। इनमें से ज्यादातर लाइसेंस राज्य में उग्रवाद के दौर में दिये गये थे।
मूल रूप से सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले ओपी तिवारी को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2022 के 35वें हफ्ते से वर्ष 2022 के 38वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। नौकरी की तलाश में जुटे पत्रकारों के लिए न्यूज एजेंसी 'एशियन न्यूज इंटरनेशनल' (ANI) में काम करने का काफी अच्छा मौका सामने आया है। दोनों नेटवर्क्स ने 'भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग' (CCI) के समक्ष अपना प्रस्ताव रखा है, जिसने विलय के सौदे को कुछ संशोधनों के साथ चार अक्टूबर को अपनी मंजूरी दे दी है। 'द वॉशिंगटन पोस्ट' में एडिटर पद पर कार्यरत नीमा रोशनिया पटेल का 35 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रखर श्रीवास्तव पूर्व में 'न्यूज24', 'इंडिया टीवी', 'आजतक', 'एनडीटीवी', 'जी न्यूज', 'सहारा समय' और 'दैनिक भास्कर' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं। कॉन्क्लेव के पहले सेशन में 'न्यूज नशा' की एडिटर-इन-चीफ और सीईओ विनीता यादव उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य के विकास को लेकर तमाम मुद्दों पर चर्चा करेंगी। शुभम कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले हैं और मीडिया में यह उनकी पहली पारी है। श्रीराम श्रीनिवासन जनवरी, 2016 से 'द हिंदू' के स्ट्रैजटी एंड डिजिटल एडिटर के पद पर बने हुए हैं। अंकित त्यागी ने पिछले दिनों 'टाइम्स नाउ' में सीनियर एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था। पत्रकार अजय कुमार सिंह ने जागरण समूह की डिजिटल कंपनी 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) के साथ अपने करियर की नई पारी का आगाज किया है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2022 के 33वें हफ्ते से वर्ष 2022 के 36वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। 'इंडिया टुडे' में अपनी एक दशक से ज्यादा लंबी पारी को विराम देकर उन्होंने पिछले साल ही 'टाइम्स ग्रुप' जॉइन किया था। वह यहां करीब ढाई साल से अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पूजा सेठी पूर्व में तमाम प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में प्रमुख पदों पर अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। आदित्य कालरा ने इस बात की जानकारी खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की है। बता दें कि पंकज झा इससे पहले करीब दो दशक से 'एबीपी न्यूज' (ABP News) के साथ जुड़े हुए थे। 'न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन' की ओर से दायर शिकायत के बाद 'भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग' ने यह आदेश दिया है।
मूल रूप से सुल्तानपुर के रहने वाले ओपी तिवारी को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार बाईस के पैंतीसवें हफ्ते से वर्ष दो हज़ार बाईस के अड़तीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। नौकरी की तलाश में जुटे पत्रकारों के लिए न्यूज एजेंसी 'एशियन न्यूज इंटरनेशनल' में काम करने का काफी अच्छा मौका सामने आया है। दोनों नेटवर्क्स ने 'भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग' के समक्ष अपना प्रस्ताव रखा है, जिसने विलय के सौदे को कुछ संशोधनों के साथ चार अक्टूबर को अपनी मंजूरी दे दी है। 'द वॉशिंगटन पोस्ट' में एडिटर पद पर कार्यरत नीमा रोशनिया पटेल का पैंतीस वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रखर श्रीवास्तव पूर्व में 'न्यूजचौबीस', 'इंडिया टीवी', 'आजतक', 'एनडीटीवी', 'जी न्यूज', 'सहारा समय' और 'दैनिक भास्कर' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं। कॉन्क्लेव के पहले सेशन में 'न्यूज नशा' की एडिटर-इन-चीफ और सीईओ विनीता यादव उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य के विकास को लेकर तमाम मुद्दों पर चर्चा करेंगी। शुभम कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं और मीडिया में यह उनकी पहली पारी है। श्रीराम श्रीनिवासन जनवरी, दो हज़ार सोलह से 'द हिंदू' के स्ट्रैजटी एंड डिजिटल एडिटर के पद पर बने हुए हैं। अंकित त्यागी ने पिछले दिनों 'टाइम्स नाउ' में सीनियर एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था। पत्रकार अजय कुमार सिंह ने जागरण समूह की डिजिटल कंपनी 'जागरण न्यू मीडिया' के साथ अपने करियर की नई पारी का आगाज किया है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार बाईस के तैंतीसवें हफ्ते से वर्ष दो हज़ार बाईस के छत्तीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। 'इंडिया टुडे' में अपनी एक दशक से ज्यादा लंबी पारी को विराम देकर उन्होंने पिछले साल ही 'टाइम्स ग्रुप' जॉइन किया था। वह यहां करीब ढाई साल से अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पूजा सेठी पूर्व में तमाम प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में प्रमुख पदों पर अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। आदित्य कालरा ने इस बात की जानकारी खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की है। बता दें कि पंकज झा इससे पहले करीब दो दशक से 'एबीपी न्यूज' के साथ जुड़े हुए थे। 'न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन' की ओर से दायर शिकायत के बाद 'भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग' ने यह आदेश दिया है।
Tarot Rashifal Today, Tarot Daily Horoscope Today:मेष राशिफलः आज ऑफिस में कार्यभार अधिक रहेगा। आज समाज में नाम-यश मिलेगा। आपके अटके काम पूरे हो सकते हैं। पुरानी चिंता परेशान कर सकती है। धोखे से बचें। ईश्वर में आस्था डगमगा सकती है। काम पर ध्यान दें। वृषभ राशिफलः आज आप नई जगह काम करेंगे। आज ऑफिस में कार्यभार अधिक रहेगा। मानसिक तनाव लेने से बचें। नए स्थान पर विजय प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। मन में निराश रह सकते हैं। श्रीकृष्ण को गुड़-तिल अर्पित करें। कर्क राशिफलः कारोबार में तरक्की के योग हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। पार्टनरशिप से लाभ होगा। आज आप बाहर घूमने जा सकते हैं। नया काम शुरू कर सकते हैं। दोस्तों का सहयोग मिलेगा। आप मन में सकारात्मक रखें। फैसले लेंगे। प्रेम संबंध पॉजिटिव रहेंगे। श्रीकृष्ण को तुलसी पत्र अर्पित करें। सिंह राशिफलः पिता का सहयोग मिलेगा। आपकी इनकम में बढ़ोत्तरी होगी। आर्थिक मदद में मिलेगी। आज काम अधिक करना पड़ेगा। काम का बोझ बढ़ेगा। आने वाले समय को प्रबल करने वाला कार्य करेंगे। श्री कृष्ण को अनार अर्पित करें। कन्या राशिफलः ऑफिस में वर्चस्व बढ़ेगा। जूनियर आपके काम की तारीफ करेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। प्रॉपर्टी से लाभ मिलेगा। पारिवारिक सुख-शांति और वैभव बढ़ेगा। श्रीकृष्ण को पनीर-मखाने अर्पित करें। तुला राशिफलः आज आपको मानसिक तनाव अधिक रहेगा। घर में कलह हो सकती है। घर की चिंता ज्यादा सताएगी। आने वाले समय में करियर में बदलाव होंगे। सेहत का ध्यान रखें। निर्णय लेने से बचें। श्रीकृष्ण को मीठा पान अर्पित करें। धनु राशिफलः आर्थिक मामलों में निराशा हो सकती है। भूमि संबंधित मामलों में लाभ होगा। विद्यार्थियों को मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें। वरना आपको नुकसान उठना पड़ सकता है। श्रीकृष्ण को गुड़-चना अर्पित करें। मकर राशिफलः महिला मित्रों का सहयोग मिलेगा। माता का सहयोग मिलेगा। अधूरे काम पूरे होंगे। आज आपके लिए समय अच्छा है। पुराने मित्रों से मिल सकेंगे। श्रीकृष्ण को गोपी चंदन अर्पित करें। कुंभ राशिफलः आपको अच्छी खबर मिल सकती है। आपको तनाव ज्यादा रहेगा। नए सफर की शुरुआत में देरी होगी। भावनात्मक रूप से कमजोर रहेंगे। विवाद में पड़ सकते हैं। अपनी वाणी पर संयम रखें। श्रीकृष्ण को बादाम अर्पित करें। मीन राशिफलः आज पिता से लाभ मिलेगा। सरकारी काम में सफलता मिलेगी। आपकी आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। प्रॉपर्टी के लेन-देन में सावधानी बरतें। खुद का मकान बन सकता है। लोन संबंधी कार्य पूरे होंगे। श्रीकृष्ण को आंवले अर्पित करें।
Tarot Rashifal Today, Tarot Daily Horoscope Today:मेष राशिफलः आज ऑफिस में कार्यभार अधिक रहेगा। आज समाज में नाम-यश मिलेगा। आपके अटके काम पूरे हो सकते हैं। पुरानी चिंता परेशान कर सकती है। धोखे से बचें। ईश्वर में आस्था डगमगा सकती है। काम पर ध्यान दें। वृषभ राशिफलः आज आप नई जगह काम करेंगे। आज ऑफिस में कार्यभार अधिक रहेगा। मानसिक तनाव लेने से बचें। नए स्थान पर विजय प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। मन में निराश रह सकते हैं। श्रीकृष्ण को गुड़-तिल अर्पित करें। कर्क राशिफलः कारोबार में तरक्की के योग हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। पार्टनरशिप से लाभ होगा। आज आप बाहर घूमने जा सकते हैं। नया काम शुरू कर सकते हैं। दोस्तों का सहयोग मिलेगा। आप मन में सकारात्मक रखें। फैसले लेंगे। प्रेम संबंध पॉजिटिव रहेंगे। श्रीकृष्ण को तुलसी पत्र अर्पित करें। सिंह राशिफलः पिता का सहयोग मिलेगा। आपकी इनकम में बढ़ोत्तरी होगी। आर्थिक मदद में मिलेगी। आज काम अधिक करना पड़ेगा। काम का बोझ बढ़ेगा। आने वाले समय को प्रबल करने वाला कार्य करेंगे। श्री कृष्ण को अनार अर्पित करें। कन्या राशिफलः ऑफिस में वर्चस्व बढ़ेगा। जूनियर आपके काम की तारीफ करेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। प्रॉपर्टी से लाभ मिलेगा। पारिवारिक सुख-शांति और वैभव बढ़ेगा। श्रीकृष्ण को पनीर-मखाने अर्पित करें। तुला राशिफलः आज आपको मानसिक तनाव अधिक रहेगा। घर में कलह हो सकती है। घर की चिंता ज्यादा सताएगी। आने वाले समय में करियर में बदलाव होंगे। सेहत का ध्यान रखें। निर्णय लेने से बचें। श्रीकृष्ण को मीठा पान अर्पित करें। धनु राशिफलः आर्थिक मामलों में निराशा हो सकती है। भूमि संबंधित मामलों में लाभ होगा। विद्यार्थियों को मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें। वरना आपको नुकसान उठना पड़ सकता है। श्रीकृष्ण को गुड़-चना अर्पित करें। मकर राशिफलः महिला मित्रों का सहयोग मिलेगा। माता का सहयोग मिलेगा। अधूरे काम पूरे होंगे। आज आपके लिए समय अच्छा है। पुराने मित्रों से मिल सकेंगे। श्रीकृष्ण को गोपी चंदन अर्पित करें। कुंभ राशिफलः आपको अच्छी खबर मिल सकती है। आपको तनाव ज्यादा रहेगा। नए सफर की शुरुआत में देरी होगी। भावनात्मक रूप से कमजोर रहेंगे। विवाद में पड़ सकते हैं। अपनी वाणी पर संयम रखें। श्रीकृष्ण को बादाम अर्पित करें। मीन राशिफलः आज पिता से लाभ मिलेगा। सरकारी काम में सफलता मिलेगी। आपकी आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। प्रॉपर्टी के लेन-देन में सावधानी बरतें। खुद का मकान बन सकता है। लोन संबंधी कार्य पूरे होंगे। श्रीकृष्ण को आंवले अर्पित करें।
लेडी सिंगर नेहा कक्कड़ पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों मेंं छाई हुई हैं। जहां एक तरफ नेहा रियलिटी शो को लेकर सुर्खियों में है तो वहीं दूसरी तरफ अपनी पसर्नल लाइफ को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं। हाल ही में नेहा ने अपने ब्रेकअप की खबर सोशल मीडिया पर दी तो उनका हर फैंस निराश हो गया। नेहा कक्कड़ के ब्रेकअप की खबर सुनकर हर कोई हैरान हो गया था, क्योंकि माना जा रहा था कि दोनों जल्दी ही शादी करने वाले हैं। जी हां, अब नेहा कक्कड़ के ब्रेकअप की वजह सामने आई है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है? नेहा कक्कड़ अपनी आवाज से लाखों दिलो पर नाज करती हैं। ब्रेकअप के बाद नेहा कक्कड़ पूरी तरह से टूट गई थी, लेकिन उन्होंने खुद को संभाल लिया है। हाल ही में नेहा कक्कड़ अपनी फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करती हुई नजर आई। इतना ही नहीं, ब्रेकअप के गम को भुलाने के लिए नेहा कक्कड़ ने हिमांश कोहली को पहचानने से भी इनकार किया। हिंमाश और नेहा कक्कड़ एक दूसरे को पिछले चार साल से डेट कर रहे थे। ऐसे में अब दोनों के ब्रेकअप की वजह सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो नेहा कक्कड़ का ब्रेकअप हिमांश कोहली की वजह से हुआ। खबरों की माने तो नेहा कक्कड़ पर हिमांश शक करने लगा था, जिसकी वजह से नेहा कक्कड़ काफी ज्यादा परेशान हो गई थी और फिर नेहा कक्कड़ ने हिमांश से अलग होने का फैसला लिया। मामला यही नहीं थमा, बल्कि माना जा रहा है कि ब्रेकअप के समय दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई, जिसके बाद नेहा कक्कड़ पूरी तरह से टूट गई थी। हालांकि, फिलहाल नेहा कक्कड़ के ब्रेकअप की वजह हिमांश का उन पर शक करना ही बताया जा रहा है। अब नेहा कक्कड़ हिमांश को धीरे धीरे भुलाने की कोशिश कर रही हैं। इंडियन आइडल शो के बाद नेहा कक्कड़ क्रिसमस पार्टी में दिखीं। जहां वे खूब मस्ती करती हुई नजर आई। नेहा कक्कड़ ने रेड कलर के ड्रेस में क्यूट स्माइल करती हुई खूब जच रही हैं। बता दें कि नेहा कक्कड़ हिमांश के साथ अपना फ्यूचर देख रही थी, लेकिन अब उन्हें हिमांश का नाम लेना भी गंवारा नहीं है। दोनों की राहे अब अलग हो चुकी हैं और नेहा कक्कड़ अब खुद को आजाद समझने लगी हैं। बता दें कि ब्रेकअप के बाद नेहा कक्कड़ ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया था। इतना ही नहीं, नेहा और हिमांश ने एक दूसरे को सोशल मीडिया पर अनफॉलो किया, जिसके बाद फोटो वगैरह सबकुछ डिलीट कर दिया। नेहा कक्कड़ ने ब्रेकअप के बाद पोस्ट किया था, मैंने सोचा नहीं था कि दुनिया में इस तरह के भी इंसान होते हैं। साथ ही नेहा कक्कड़ ने यह भी लिखा था कि मैंने उसे अपना सबकुछ दे दिया और उसने मेरे साथ ये सब किया।
लेडी सिंगर नेहा कक्कड़ पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों मेंं छाई हुई हैं। जहां एक तरफ नेहा रियलिटी शो को लेकर सुर्खियों में है तो वहीं दूसरी तरफ अपनी पसर्नल लाइफ को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं। हाल ही में नेहा ने अपने ब्रेकअप की खबर सोशल मीडिया पर दी तो उनका हर फैंस निराश हो गया। नेहा कक्कड़ के ब्रेकअप की खबर सुनकर हर कोई हैरान हो गया था, क्योंकि माना जा रहा था कि दोनों जल्दी ही शादी करने वाले हैं। जी हां, अब नेहा कक्कड़ के ब्रेकअप की वजह सामने आई है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है? नेहा कक्कड़ अपनी आवाज से लाखों दिलो पर नाज करती हैं। ब्रेकअप के बाद नेहा कक्कड़ पूरी तरह से टूट गई थी, लेकिन उन्होंने खुद को संभाल लिया है। हाल ही में नेहा कक्कड़ अपनी फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करती हुई नजर आई। इतना ही नहीं, ब्रेकअप के गम को भुलाने के लिए नेहा कक्कड़ ने हिमांश कोहली को पहचानने से भी इनकार किया। हिंमाश और नेहा कक्कड़ एक दूसरे को पिछले चार साल से डेट कर रहे थे। ऐसे में अब दोनों के ब्रेकअप की वजह सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो नेहा कक्कड़ का ब्रेकअप हिमांश कोहली की वजह से हुआ। खबरों की माने तो नेहा कक्कड़ पर हिमांश शक करने लगा था, जिसकी वजह से नेहा कक्कड़ काफी ज्यादा परेशान हो गई थी और फिर नेहा कक्कड़ ने हिमांश से अलग होने का फैसला लिया। मामला यही नहीं थमा, बल्कि माना जा रहा है कि ब्रेकअप के समय दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई, जिसके बाद नेहा कक्कड़ पूरी तरह से टूट गई थी। हालांकि, फिलहाल नेहा कक्कड़ के ब्रेकअप की वजह हिमांश का उन पर शक करना ही बताया जा रहा है। अब नेहा कक्कड़ हिमांश को धीरे धीरे भुलाने की कोशिश कर रही हैं। इंडियन आइडल शो के बाद नेहा कक्कड़ क्रिसमस पार्टी में दिखीं। जहां वे खूब मस्ती करती हुई नजर आई। नेहा कक्कड़ ने रेड कलर के ड्रेस में क्यूट स्माइल करती हुई खूब जच रही हैं। बता दें कि नेहा कक्कड़ हिमांश के साथ अपना फ्यूचर देख रही थी, लेकिन अब उन्हें हिमांश का नाम लेना भी गंवारा नहीं है। दोनों की राहे अब अलग हो चुकी हैं और नेहा कक्कड़ अब खुद को आजाद समझने लगी हैं। बता दें कि ब्रेकअप के बाद नेहा कक्कड़ ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया था। इतना ही नहीं, नेहा और हिमांश ने एक दूसरे को सोशल मीडिया पर अनफॉलो किया, जिसके बाद फोटो वगैरह सबकुछ डिलीट कर दिया। नेहा कक्कड़ ने ब्रेकअप के बाद पोस्ट किया था, मैंने सोचा नहीं था कि दुनिया में इस तरह के भी इंसान होते हैं। साथ ही नेहा कक्कड़ ने यह भी लिखा था कि मैंने उसे अपना सबकुछ दे दिया और उसने मेरे साथ ये सब किया।
Chandigarh/Alive News : शुक्रवार को स्वयं सहायता समूह को बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध कराने के लिए झज्जर के नेहरू कॉलेज में आ रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के दौरे के विरोध में किसान काले झंडे लेकर पहुंच गए। किसानों को रोकने के लिए पहले ही भारी पुलिस बल तैनात की गयी थी। लेकिन दुष्यंत चौटाला के वहां पहुंचने से पहले ही किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध करना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस और किसान आमने- सामने आ गए और किसानों को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से पानी की बौछारें की गयी। इसके अलावा कुछ किसानों को पकड़कर बस में भी बैठा लिया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल किसान सड़क पर बैठे हुए हैं। जिला प्रशासन की तरफ से एसपी, डीसी, एडीसी भी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला झज्जर नहीं पहुंचे हैं। पुलिस लाइन में हेलीकॉप्टर से दुष्यंत चौटाला पहुंचेंगे और वहां से नेहरू कॉलेज आएंगे।
Chandigarh/Alive News : शुक्रवार को स्वयं सहायता समूह को बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध कराने के लिए झज्जर के नेहरू कॉलेज में आ रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के दौरे के विरोध में किसान काले झंडे लेकर पहुंच गए। किसानों को रोकने के लिए पहले ही भारी पुलिस बल तैनात की गयी थी। लेकिन दुष्यंत चौटाला के वहां पहुंचने से पहले ही किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध करना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस और किसान आमने- सामने आ गए और किसानों को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से पानी की बौछारें की गयी। इसके अलावा कुछ किसानों को पकड़कर बस में भी बैठा लिया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल किसान सड़क पर बैठे हुए हैं। जिला प्रशासन की तरफ से एसपी, डीसी, एडीसी भी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला झज्जर नहीं पहुंचे हैं। पुलिस लाइन में हेलीकॉप्टर से दुष्यंत चौटाला पहुंचेंगे और वहां से नेहरू कॉलेज आएंगे।
सोमवार को सुबह 11 बजे लेडी जमशेदजी रोड माहिम सायन लिंक रोड पर स्थित एक झोपड़पट्टी में अचानक आग लगने से घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बीएमसी डिजास्टर विभाग ने बताया कि माहिम सायन लिंक रोड पर मौजूद स्लम में सुबह 11 बजे शार्ट सर्किट व सिलेंडर ब्लास्ट होने के कारण आग लग गई। फायर ब्रिगेड विभाग को हादसे की जानकारी मिलते ही 5 फायर इंजिन, 2 वॉटर टैंकर, 2 जंबो वॉटर टैंकर व एक एम्ब्यूलेंस को राहत और बचाव के लिए घटनास्थल पर भेजा गया। फायर ब्रिगेड के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद 1 बजकर 12 मिनट पर आग पर काबू पा लिया। इस आगजनी में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इसमें 20 से 25 झोपड़े जलकर खाक हो गए। बता दें कि घटनास्थल की जमीन कलेक्टर लैंड थी, हजारxहजार के एरिया में आग लगी थी। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की छानबीन की जा रही है। इसके साथ ही सोमवार को परेल स्थित गांधी हॉस्पिटल के बेसमेंट में आग लग गई थी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है।
सोमवार को सुबह ग्यारह बजे लेडी जमशेदजी रोड माहिम सायन लिंक रोड पर स्थित एक झोपड़पट्टी में अचानक आग लगने से घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बीएमसी डिजास्टर विभाग ने बताया कि माहिम सायन लिंक रोड पर मौजूद स्लम में सुबह ग्यारह बजे शार्ट सर्किट व सिलेंडर ब्लास्ट होने के कारण आग लग गई। फायर ब्रिगेड विभाग को हादसे की जानकारी मिलते ही पाँच फायर इंजिन, दो वॉटर टैंकर, दो जंबो वॉटर टैंकर व एक एम्ब्यूलेंस को राहत और बचाव के लिए घटनास्थल पर भेजा गया। फायर ब्रिगेड के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद एक बजकर बारह मिनट पर आग पर काबू पा लिया। इस आगजनी में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इसमें बीस से पच्चीस झोपड़े जलकर खाक हो गए। बता दें कि घटनास्थल की जमीन कलेक्टर लैंड थी, हजारxहजार के एरिया में आग लगी थी। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की छानबीन की जा रही है। इसके साथ ही सोमवार को परेल स्थित गांधी हॉस्पिटल के बेसमेंट में आग लग गई थी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है।
तज या वन कौं वन और यो । की अनुहार निहार हौं, जीवत सो विधि कौं नहिं भायो ॥ १ ॥ इति अलंकाररत्नाकर भाषा ग्रंथे । यहां रामचंद्र सीता के अवयव समान उक्त पदार्थों को देख कर वियोग व्यतीत करते थे, वर्षा वश से वे पदार्थ भी लुप्त होगये, सो इस वृत्तांत का सीता संबोधन पूर्वक कथन तौ विपरीतोपमा द्वारा ही वन सकता है, इसलिये यहां विपरीतोपमा का यही प्रसंग निमित्त है !! वस नींद विसारित राज सिरी, तिय खंडिता ज्यौं निस तोरत है । उनिहार तो इंदु हि सौं मन कौं, विरमावत नां चख मोरत है । अब जागिये जू जसवंत बली, कविराज मुरार निहोरत है । दिग अंत विलंबित इंदु वहै, तुवनकी छवि छोरत है ॥ १ ॥ यहां राजराजेश्वर के निद्रा वश होने के समय में खंडिता दशा को प्राप्त हुई राजश्री का पूर्ण शशी के साथ विनोद करना तो इसलिये है कि राजराजेश्वर के मुख जैसा पूर्ण शशी है । सो यहां विपरीतोपमा का निमित्त यही प्रसंग हो सकता है ॥ जग उपमा फल बिंब की, अधर तियन कौं लेत । विंब फलन तुव अधर की, कवि वर उपमा देत ॥ १ ॥ यहां विपरीतोपमा का निमित्त कोई दूसरा प्रसंग नहीं है । आ
तज या वन कौं वन और यो । की अनुहार निहार हौं, जीवत सो विधि कौं नहिं भायो ॥ एक ॥ इति अलंकाररत्नाकर भाषा ग्रंथे । यहां रामचंद्र सीता के अवयव समान उक्त पदार्थों को देख कर वियोग व्यतीत करते थे, वर्षा वश से वे पदार्थ भी लुप्त होगये, सो इस वृत्तांत का सीता संबोधन पूर्वक कथन तौ विपरीतोपमा द्वारा ही वन सकता है, इसलिये यहां विपरीतोपमा का यही प्रसंग निमित्त है !! वस नींद विसारित राज सिरी, तिय खंडिता ज्यौं निस तोरत है । उनिहार तो इंदु हि सौं मन कौं, विरमावत नां चख मोरत है । अब जागिये जू जसवंत बली, कविराज मुरार निहोरत है । दिग अंत विलंबित इंदु वहै, तुवनकी छवि छोरत है ॥ एक ॥ यहां राजराजेश्वर के निद्रा वश होने के समय में खंडिता दशा को प्राप्त हुई राजश्री का पूर्ण शशी के साथ विनोद करना तो इसलिये है कि राजराजेश्वर के मुख जैसा पूर्ण शशी है । सो यहां विपरीतोपमा का निमित्त यही प्रसंग हो सकता है ॥ जग उपमा फल बिंब की, अधर तियन कौं लेत । विंब फलन तुव अधर की, कवि वर उपमा देत ॥ एक ॥ यहां विपरीतोपमा का निमित्त कोई दूसरा प्रसंग नहीं है । आ
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीवाइ चंद्रचूड़ ने हाल ही में जोर देकर कहा है कि आतंकवाद से निपटने के लिए बनाए गए कानूनों का दुरुपयोग देश में नागरिकों की असहमति व्यक्त करने के अधिकारों को कुचलने में नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जबकि एनआइए की अदालत एवं बम्बई उच्च न्यायालय द्वारा फादर स्टेन स्वामी की स्वास्थ्यगत आधार पर जमानत की मांग को बार-बार ठुकरा दिए जाने से देश में काफी रोष है। गौरतलब है कि हाल ही में बुजुर्ग फादर की कैद में ही मौत हो गई थी। स्टेन स्वामी को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गैरकानूनी गतिविधियां निवारक अधिनियम (यूएपीए) के अधीन गिरफ्तार किया गया था। देश के अनेक बुद्धिजीवियों एवं जनजातीय समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ताओं ने इसे "न्यायिक हत्या" करार दिया है। हाल ही में, यूएपीए के तहत गिरफ्तार कई लोगों को रिहा किया गया है, जो सालों से देश की विभिन्न जेलों में बंद थे। उदारहरण के लिए, श्रीनगर के बशीर अहमद बाबा को बडोदरा की केंद्रीय कारा से 11 साल बाद रिहा किया गया है। असम के किसान नेता अखिल गोगोई को, जिन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था और इसी तरह, आइआइएससी शूटिंग केस में गिरफ्तार त्रिपुरा के मोहम्मद हबीब को भी रिहा कर दिया गया है। यह आलेख मूल रूप से लीफ्लेट में प्रकाशित किया गया था। अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें। अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीवाइ चंद्रचूड़ ने हाल ही में जोर देकर कहा है कि आतंकवाद से निपटने के लिए बनाए गए कानूनों का दुरुपयोग देश में नागरिकों की असहमति व्यक्त करने के अधिकारों को कुचलने में नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जबकि एनआइए की अदालत एवं बम्बई उच्च न्यायालय द्वारा फादर स्टेन स्वामी की स्वास्थ्यगत आधार पर जमानत की मांग को बार-बार ठुकरा दिए जाने से देश में काफी रोष है। गौरतलब है कि हाल ही में बुजुर्ग फादर की कैद में ही मौत हो गई थी। स्टेन स्वामी को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गैरकानूनी गतिविधियां निवारक अधिनियम के अधीन गिरफ्तार किया गया था। देश के अनेक बुद्धिजीवियों एवं जनजातीय समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ताओं ने इसे "न्यायिक हत्या" करार दिया है। हाल ही में, यूएपीए के तहत गिरफ्तार कई लोगों को रिहा किया गया है, जो सालों से देश की विभिन्न जेलों में बंद थे। उदारहरण के लिए, श्रीनगर के बशीर अहमद बाबा को बडोदरा की केंद्रीय कारा से ग्यारह साल बाद रिहा किया गया है। असम के किसान नेता अखिल गोगोई को, जिन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था और इसी तरह, आइआइएससी शूटिंग केस में गिरफ्तार त्रिपुरा के मोहम्मद हबीब को भी रिहा कर दिया गया है। यह आलेख मूल रूप से लीफ्लेट में प्रकाशित किया गया था। अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें। अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।
मेघनाद वध और माइकेल होने पर भी बङ्गाल के इस अनुपम कवि को अन्त में, दातव्यचिकित्सालय में अपना शरीर छोड़ना पड़ा । मधुसूदन के जीवन में सर्वत्र एक आवेग भरा हुआ था । यही आवेग, ओज के रूप में, उनकी कविता के लिए सब दोपों को छिपा देने वाला विशेष गुण बन गया । इसी के कारण 'मेघनाद-वध सङ्घोष होने पर भी परम मनोहर काव्य है । कवि ने जहाँ जिस विषय का वर्णन किया है, वहाँ उसका चित्रसा खींच दिया है। एक के ऊपर एक कल्पना- तरङ्ग का चमत्कार देखते ही बन पड़ता है । उपमाएँ यद्यपि सभी उपयुक्त नहीं हुई हैं पर उनकी कमी नहीं। उनमें नवीनता और विशेषता भी है। वर्णनशैली अविच्छिन्न धारा की तरह बहती हुई जान पड़ती है। वह पढ़ने वाले को आकण्ठ मन करके बरवस अपनी गति के साथ खींच ले जाती है । इस काव्य को पढ़ते पढ़ते कभी कौतूहल बढ़ता है, कभी आश्चर्य होता है, कभी क्रोध हो आता है और कभा करुणा से हृदय द्रवित हो इठता है। कभी आकाश की सैर करने को मिलती है, कभी पाताल की। कवि की पृथ्वी भी सोने की है। फिर कौन ऐसा सहृदय है जो मेघनाद - वध को पढ़कर मुग्ध न हो जायं ? सचमुच वङ्ग-भाषा भाग्यशालिनी है जिसमें माइकेल मधुसूदन दत्त जैसा कवि उत्पन्न हुआ है । - मैथिलीशरण गुप्त.
मेघनाद वध और माइकेल होने पर भी बङ्गाल के इस अनुपम कवि को अन्त में, दातव्यचिकित्सालय में अपना शरीर छोड़ना पड़ा । मधुसूदन के जीवन में सर्वत्र एक आवेग भरा हुआ था । यही आवेग, ओज के रूप में, उनकी कविता के लिए सब दोपों को छिपा देने वाला विशेष गुण बन गया । इसी के कारण 'मेघनाद-वध सङ्घोष होने पर भी परम मनोहर काव्य है । कवि ने जहाँ जिस विषय का वर्णन किया है, वहाँ उसका चित्रसा खींच दिया है। एक के ऊपर एक कल्पना- तरङ्ग का चमत्कार देखते ही बन पड़ता है । उपमाएँ यद्यपि सभी उपयुक्त नहीं हुई हैं पर उनकी कमी नहीं। उनमें नवीनता और विशेषता भी है। वर्णनशैली अविच्छिन्न धारा की तरह बहती हुई जान पड़ती है। वह पढ़ने वाले को आकण्ठ मन करके बरवस अपनी गति के साथ खींच ले जाती है । इस काव्य को पढ़ते पढ़ते कभी कौतूहल बढ़ता है, कभी आश्चर्य होता है, कभी क्रोध हो आता है और कभा करुणा से हृदय द्रवित हो इठता है। कभी आकाश की सैर करने को मिलती है, कभी पाताल की। कवि की पृथ्वी भी सोने की है। फिर कौन ऐसा सहृदय है जो मेघनाद - वध को पढ़कर मुग्ध न हो जायं ? सचमुच वङ्ग-भाषा भाग्यशालिनी है जिसमें माइकेल मधुसूदन दत्त जैसा कवि उत्पन्न हुआ है । - मैथिलीशरण गुप्त.
Congress President Election: अगर इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस के 19 अध्यक्ष हुए हैं। जिसमें 5 अध्यक्ष गांधी परिवार से रहे है। और उनका बीते 75 साल में 37 साल अध्यक्ष पद पर कब्जा रहा है। और उससे भी बड़ी बात है कि पिछले 24 साल में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कोई अध्यक्ष नहीं बन सका। इस दौरान केवल 2000 के चुनाव में नई-नई राजनीति में एंट्री करने वाली सोनिया गांधी के खिलाफ जितेंद्र प्रसाद में उतरे थे। लेकिन उन चुनावों में हारे उम्मीदवार जितेंद्र प्रसाद ने कई गंभीर आरोप लगा दिए। जिसकी आंच आज भी कांग्रेस के कई नेताओं को परेशान कर रही है। पहले आनंद शर्मा फिर मनीष तिवारी और अब शशि थरूर और असम के सांसद प्रद्युत बारदोली ने भी इलेक्टोरल रोल की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। असल में साल 2000 में इन्ही इलेक्टोरल रोल की वोटिंग पर जितेंद्र प्रसाद गुट ने सवाल उठाया था। उनका कहना था कि लिस्ट में फर्जी वोटरों को शामिल किया गया था। और उनकी लिस्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई थी। इन चुनावों में सोनिया गांधी को 7774 वोट मिले थे, जबकि जितेंद्र प्रसाद को केवल 94 वोट मिले थे। अब यही डर इस बार भी कांग्रेस के इन नेताओं को सता रहा है। हालांकि कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया से जुड़े नेताओं ने साफ कर दिया है कि चुनाव निष्पक्ष होंगे। जहां पर इलेक्टोरल की लिस्ट सार्वजनिक करने की बात है तो ऐसा कभी नहीं हुआ है। चुनाव में खड़े उम्मीदवारों को लिस्ट दी जाती है और इस बार भी दी जाएगी। कांग्रेस के इतिहास में सोनिया गांधी का अध्यक्ष के तौर पर सबसे लंबा कार्यकाल रहा है। वह 1998 से 2017 तक पूरे 19 साल तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। इस साल 10 साल कांग्रेस की केन्द्र में सरकार रही। इसके बाद 2 साल राहुल गांधी 2019 तक प्रधानमंत्री रहे। सोनिया गांधी के राजीव गांधी 1985-91 तक अध्यक्ष रहे थे। वहीं इंदिरा गांधी 1969 से 1978 और फिर 1984 में अध्यक्ष बनीं थी। वहीं उनके पिता जवाहर लाल नेहरू 1951-1954 तक अध्यक्ष रहे थे। इंदिरा गांधी के समय 1977-78 में कांग्रेस का विभाजन हुआ था। उस समय ब्रह्मनंद रेड्डी कांग्रेस के अध्यक्ष थे। विभाजन के बाद इंदिरा गांधी ने कांग्रेस(आई) की स्थापना की थी। कांग्रेस में शीर्ष स्तर पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC)और कांग्रेस कार्य समिति (CWC)होती है। और उसके बाद प्रदेश स्तर पर प्रदेश कांग्रेस समिति होती है। और फिर जिला और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कमेटी होती है। ब्लॉक समिति के स्तर से गोपनीय आधार पर प्रदेश कांग्रेस समिति में डेलीगेट या इलेक्टोरल रोल भेजे जाते हैं। कांग्रेस पार्टी के अनुसार इस बार की चुनावी प्रक्रिया में 9000 डेलीगेट भाग लेंगे। Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
Congress President Election: अगर इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस के उन्नीस अध्यक्ष हुए हैं। जिसमें पाँच अध्यक्ष गांधी परिवार से रहे है। और उनका बीते पचहत्तर साल में सैंतीस साल अध्यक्ष पद पर कब्जा रहा है। और उससे भी बड़ी बात है कि पिछले चौबीस साल में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कोई अध्यक्ष नहीं बन सका। इस दौरान केवल दो हज़ार के चुनाव में नई-नई राजनीति में एंट्री करने वाली सोनिया गांधी के खिलाफ जितेंद्र प्रसाद में उतरे थे। लेकिन उन चुनावों में हारे उम्मीदवार जितेंद्र प्रसाद ने कई गंभीर आरोप लगा दिए। जिसकी आंच आज भी कांग्रेस के कई नेताओं को परेशान कर रही है। पहले आनंद शर्मा फिर मनीष तिवारी और अब शशि थरूर और असम के सांसद प्रद्युत बारदोली ने भी इलेक्टोरल रोल की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। असल में साल दो हज़ार में इन्ही इलेक्टोरल रोल की वोटिंग पर जितेंद्र प्रसाद गुट ने सवाल उठाया था। उनका कहना था कि लिस्ट में फर्जी वोटरों को शामिल किया गया था। और उनकी लिस्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई थी। इन चुनावों में सोनिया गांधी को सात हज़ार सात सौ चौहत्तर वोट मिले थे, जबकि जितेंद्र प्रसाद को केवल चौरानवे वोट मिले थे। अब यही डर इस बार भी कांग्रेस के इन नेताओं को सता रहा है। हालांकि कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया से जुड़े नेताओं ने साफ कर दिया है कि चुनाव निष्पक्ष होंगे। जहां पर इलेक्टोरल की लिस्ट सार्वजनिक करने की बात है तो ऐसा कभी नहीं हुआ है। चुनाव में खड़े उम्मीदवारों को लिस्ट दी जाती है और इस बार भी दी जाएगी। कांग्रेस के इतिहास में सोनिया गांधी का अध्यक्ष के तौर पर सबसे लंबा कार्यकाल रहा है। वह एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे से दो हज़ार सत्रह तक पूरे उन्नीस साल तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। इस साल दस साल कांग्रेस की केन्द्र में सरकार रही। इसके बाद दो साल राहुल गांधी दो हज़ार उन्नीस तक प्रधानमंत्री रहे। सोनिया गांधी के राजीव गांधी एक हज़ार नौ सौ पचासी-इक्यानवे तक अध्यक्ष रहे थे। वहीं इंदिरा गांधी एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर से एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर और फिर एक हज़ार नौ सौ चौरासी में अध्यक्ष बनीं थी। वहीं उनके पिता जवाहर लाल नेहरू एक हज़ार नौ सौ इक्यावन-एक हज़ार नौ सौ चौवन तक अध्यक्ष रहे थे। इंदिरा गांधी के समय एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर-अठहत्तर में कांग्रेस का विभाजन हुआ था। उस समय ब्रह्मनंद रेड्डी कांग्रेस के अध्यक्ष थे। विभाजन के बाद इंदिरा गांधी ने कांग्रेस की स्थापना की थी। कांग्रेस में शीर्ष स्तर पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस कार्य समिति होती है। और उसके बाद प्रदेश स्तर पर प्रदेश कांग्रेस समिति होती है। और फिर जिला और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कमेटी होती है। ब्लॉक समिति के स्तर से गोपनीय आधार पर प्रदेश कांग्रेस समिति में डेलीगेट या इलेक्टोरल रोल भेजे जाते हैं। कांग्रेस पार्टी के अनुसार इस बार की चुनावी प्रक्रिया में नौ हज़ार डेलीगेट भाग लेंगे। Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
फर्जी पासपोर्ट मामले में जेल में बंद पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण की जान को क्या वास्तव में खतरा है? क्या बाबा रामदेव के आरोपों में कोई सच्चाई है? खतरा किससे है, जो रामदेव के दुश्मन हैं उनसे या फिर परदे के पीछे कोई और है। ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब के लिए हरिद्वार पुलिस बेचैन है। पूरे प्रकरण पर खुफिया जांच बैठा दी गई है। आचार्य बालकृष्ण को सीबीआई की टीम ने पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। वह इन दिनों देहरादून की सुद्धोवाला जेल में बंद हैं। हाल ही में बाबा रामदेव ने आशंका जताई थी कि आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या करवाई जा सकती है। उनका आरोप था कि केंद्र और प्रदेश सरकार ऐसा करा सकती है। पुलिस आचार्य के आरोपों को लेकर सामान्य जांच-पड़ताल में जुटी हुई थी लेकिन कुछ संतों ने स्थानीय और प्रदेश स्तर पर पुलिस अधिकारियों से संपर्क करके पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का सुझाव दिया है। पतंजलि योगपीठ में इन दिनों बाबा रामदेव के अगस्त को होने वाले आंदोलन की तैयारियां चल रही हैं। सभी आशंकाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की कई बिंदुओं पर पड़ताल कराई जा रही है। कई संतों ने इस मामले को लेकर अलग-अलग बात बताई हैं। सभी की तस्दीक कराई जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस मसले पर सामने आने से बचते रहे। - बाबा रामदेव द्वारा जो चिंता जताई गई है पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार को उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। आचार्य बालकृष्ण की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। उन्हें बाहर से कोई भी खाने की चीज नहीं दी जानी चाहिए।
फर्जी पासपोर्ट मामले में जेल में बंद पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण की जान को क्या वास्तव में खतरा है? क्या बाबा रामदेव के आरोपों में कोई सच्चाई है? खतरा किससे है, जो रामदेव के दुश्मन हैं उनसे या फिर परदे के पीछे कोई और है। ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब के लिए हरिद्वार पुलिस बेचैन है। पूरे प्रकरण पर खुफिया जांच बैठा दी गई है। आचार्य बालकृष्ण को सीबीआई की टीम ने पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। वह इन दिनों देहरादून की सुद्धोवाला जेल में बंद हैं। हाल ही में बाबा रामदेव ने आशंका जताई थी कि आचार्य बालकृष्ण की जेल में हत्या करवाई जा सकती है। उनका आरोप था कि केंद्र और प्रदेश सरकार ऐसा करा सकती है। पुलिस आचार्य के आरोपों को लेकर सामान्य जांच-पड़ताल में जुटी हुई थी लेकिन कुछ संतों ने स्थानीय और प्रदेश स्तर पर पुलिस अधिकारियों से संपर्क करके पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का सुझाव दिया है। पतंजलि योगपीठ में इन दिनों बाबा रामदेव के अगस्त को होने वाले आंदोलन की तैयारियां चल रही हैं। सभी आशंकाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की कई बिंदुओं पर पड़ताल कराई जा रही है। कई संतों ने इस मामले को लेकर अलग-अलग बात बताई हैं। सभी की तस्दीक कराई जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस मसले पर सामने आने से बचते रहे। - बाबा रामदेव द्वारा जो चिंता जताई गई है पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार को उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। आचार्य बालकृष्ण की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। उन्हें बाहर से कोई भी खाने की चीज नहीं दी जानी चाहिए।
नामः पर्यावासः ऐतिहासिक कालः देर क्रेटेसियस (75-65 मिलियन वर्ष पूर्व) आकार और वजनः आहारः विशिष्ठ अभिलक्षणः डायनासोर एकमात्र जानवर नहीं थे जो देर से क्रेटेसियस काल के दौरान जंबो आकार में बढ़े थे। 12 फीट लंबी और दो टन की दूरी पर, आर्केलन सबसे बड़ा प्रागैतिहासिक कछुओं में से एक था जो कभी भी रहता था (यह चार्ट के शीर्ष पर होता था, जब तक कि दक्षिण अमरीका के वास्तव में शानदार स्तूप की खोज तक) आकार के बारे में ( और आकार, और वजन) एक क्लासिक वोक्सवैगन बीटल के। इस उत्तरी अमेरिकी बेहेमोथ की तुलना में, सबसे बड़ा गैलापागोस आज जीवित कछुआ एक टन की एक चौथाई से अधिक वजन और चार फीट लंबा मापता है! (आर्केलॉन, लेदरबैक का निकटतम रहने वाला रिश्तेदार आकार में बहुत करीब आता है, इस समुद्र के कछुए के कुछ वयस्क करीब 1,000 पाउंड वजन करते हैं। ) आर्केलॉन आधुनिक कछुए से दो तरीकों से काफी भिन्न थे। सबसे पहले, इसका खोल कठिन नहीं था, लेकिन बनावट में चमड़े का था, और नीचे एक विस्तृत कंकाल ढांचे द्वारा समर्थित; और दूसरा, इस कछुए में असामान्य रूप से चौड़ा, फिसलन की तरह हथियार और पैर थे, जिसके साथ यह उथले पश्चिमी आंतरिक सागर के माध्यम से खुद को प्रेरित करता था, जिसमें लगभग 75 मिलियन वर्ष पहले उत्तर अमेरिका का अधिकांश हिस्सा शामिल था। आधुनिक कछुए की तरह, आर्केलॉन के पास मानव-जीवन की अवधि थी - वियना में प्रदर्शन पर एक नमूना 100 से अधिक वर्षों तक रहता था, और शायद समुद्र तट पर एस्फेसिएटेड नहीं होने पर शायद अधिक समय तक जीवित रहेगा - अच्छी तरह से एक बुरा काटने के रूप में, जो विशाल स्क्विड के साथ टस्कलिंग करते समय काम में आते थे जो इसके आहार का बड़ा हिस्सा बनाते थे। आर्केलन इतने विशाल आकार में क्यों बढ़े? खैर, उस समय इस प्रागैतिहासिक कछुए में रहते थे, पश्चिमी आंतरिक सागर मस्तिष्क के रूप में जाने वाले दुष्परिणाम समुद्री सरीसृपों के साथ अच्छी तरह से भंडारित था (समकालीन Tylosaurus होने का एक अच्छा उदाहरण), जिनमें से कुछ 20 फीट लंबा मापा और चार या पांच टन वजन । जाहिर है, एक तेज, दो टन समुद्री कछुए छोटी, अधिक व्यवहार्य मछली और स्क्विड की तुलना में भूखे शिकारियों को भूख से कम भूख लगी होगी, हालांकि यह अकल्पनीय नहीं है कि आर्केलन कभी-कभी खाद्य श्रृंखला के गलत पक्ष पर पाया जाता है (यदि नहीं एक भूखे मसासौर, तो शायद एक प्लस आकार के प्रागैतिहासिक शार्क द्वारा Cretoxyrhina )।
नामः पर्यावासः ऐतिहासिक कालः देर क्रेटेसियस आकार और वजनः आहारः विशिष्ठ अभिलक्षणः डायनासोर एकमात्र जानवर नहीं थे जो देर से क्रेटेसियस काल के दौरान जंबो आकार में बढ़े थे। बारह फीट लंबी और दो टन की दूरी पर, आर्केलन सबसे बड़ा प्रागैतिहासिक कछुओं में से एक था जो कभी भी रहता था आकार के बारे में एक क्लासिक वोक्सवैगन बीटल के। इस उत्तरी अमेरिकी बेहेमोथ की तुलना में, सबसे बड़ा गैलापागोस आज जीवित कछुआ एक टन की एक चौथाई से अधिक वजन और चार फीट लंबा मापता है! आर्केलॉन आधुनिक कछुए से दो तरीकों से काफी भिन्न थे। सबसे पहले, इसका खोल कठिन नहीं था, लेकिन बनावट में चमड़े का था, और नीचे एक विस्तृत कंकाल ढांचे द्वारा समर्थित; और दूसरा, इस कछुए में असामान्य रूप से चौड़ा, फिसलन की तरह हथियार और पैर थे, जिसके साथ यह उथले पश्चिमी आंतरिक सागर के माध्यम से खुद को प्रेरित करता था, जिसमें लगभग पचहत्तर मिलियन वर्ष पहले उत्तर अमेरिका का अधिकांश हिस्सा शामिल था। आधुनिक कछुए की तरह, आर्केलॉन के पास मानव-जीवन की अवधि थी - वियना में प्रदर्शन पर एक नमूना एक सौ से अधिक वर्षों तक रहता था, और शायद समुद्र तट पर एस्फेसिएटेड नहीं होने पर शायद अधिक समय तक जीवित रहेगा - अच्छी तरह से एक बुरा काटने के रूप में, जो विशाल स्क्विड के साथ टस्कलिंग करते समय काम में आते थे जो इसके आहार का बड़ा हिस्सा बनाते थे। आर्केलन इतने विशाल आकार में क्यों बढ़े? खैर, उस समय इस प्रागैतिहासिक कछुए में रहते थे, पश्चिमी आंतरिक सागर मस्तिष्क के रूप में जाने वाले दुष्परिणाम समुद्री सरीसृपों के साथ अच्छी तरह से भंडारित था , जिनमें से कुछ बीस फीट लंबा मापा और चार या पांच टन वजन । जाहिर है, एक तेज, दो टन समुद्री कछुए छोटी, अधिक व्यवहार्य मछली और स्क्विड की तुलना में भूखे शिकारियों को भूख से कम भूख लगी होगी, हालांकि यह अकल्पनीय नहीं है कि आर्केलन कभी-कभी खाद्य श्रृंखला के गलत पक्ष पर पाया जाता है ।
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