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देश के कम से कम 13 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सोमवार को आंधी-तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि होने की आशंका है। गृह मंत्रालय ने रविवार को इस संबंध में चेतावनी जारी की। भारतीय मौसम विभाग के हवाले से गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों में सोमवार को आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है। अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों में भी धूल भरी आंधी चल सकती है और गरज के साथ बारिश हो सकती है। पिछले सप्ताह धूल भरी आंधी, तेज बारिश और बिजली गिरने के कारण पांच राज्यों में 124 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। आपको बता दें कि चार राज्यों में आने वाले तूफान का असर मानसून पर नहीं पड़ने वाला है। तूफान की स्थिति मौसम की तीन अलग-अलग स्थितियों से बनी है। पश्चिम में तनाव के कारण राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर चक्रवात परिसंचरण की स्थिति बनी, जिससे गरजने वाले बादल बने। यह पैटर्न यूपी होते हुए बिहार पहुंचा और वहां उसे बंगाल की खाड़ी से नमी मिली। इसी वजह से उच्च तापमान के चलते तूफान जैसा माहौल बन गया।
1. मंत्रालय ने बताया है कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों पर सोमवार को आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है।
2. वहीं, उत्तराखंड और पंजाब के कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश आ सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं।
3. मौसम पर जारी अलर्ट के बाद हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 7 और 8 मई को बंद रखने की घोषणा की गई है।
4. भारतीय मौसम विभाग के हवाले से गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
5. अधिकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी बारिश होने और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
6. अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी चल सकती है और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
7. पिछले सप्ताह धूल भरी आंधी, तेज बारिश और बिजली गिरने के कारण पांच राज्यों में 124 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गये थे।
8. पिछले सप्ताह आये आंधी-तूफान में आगरा में ही 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसको देखते हुये सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीच में ही कर्नाटक का चुनावी दौरा छोड़कर वापस आ गये थे और पीड़ितों से मुलाकात की थी।
9. सीएम योगी आदित्यनाथ ने तूफान के बाद मची तबाही के बाद जरूरी कदम न उठाये जाने पर अधिकारियों से भी नाराज दिखे। वहीं सीएम मौसम विभाग की ओर से पूरी जानकारी न देने पर भी नाराजगी जताई।
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देश के कम से कम तेरह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सोमवार को आंधी-तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि होने की आशंका है। गृह मंत्रालय ने रविवार को इस संबंध में चेतावनी जारी की। भारतीय मौसम विभाग के हवाले से गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों में सोमवार को आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है। अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों में भी धूल भरी आंधी चल सकती है और गरज के साथ बारिश हो सकती है। पिछले सप्ताह धूल भरी आंधी, तेज बारिश और बिजली गिरने के कारण पांच राज्यों में एक सौ चौबीस लोगों की मौत हो गई थी और तीन सौ से अधिक लोग घायल हो गए थे। आपको बता दें कि चार राज्यों में आने वाले तूफान का असर मानसून पर नहीं पड़ने वाला है। तूफान की स्थिति मौसम की तीन अलग-अलग स्थितियों से बनी है। पश्चिम में तनाव के कारण राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर चक्रवात परिसंचरण की स्थिति बनी, जिससे गरजने वाले बादल बने। यह पैटर्न यूपी होते हुए बिहार पहुंचा और वहां उसे बंगाल की खाड़ी से नमी मिली। इसी वजह से उच्च तापमान के चलते तूफान जैसा माहौल बन गया। एक. मंत्रालय ने बताया है कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों पर सोमवार को आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है। दो. वहीं, उत्तराखंड और पंजाब के कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश आ सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। तीन. मौसम पर जारी अलर्ट के बाद हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को सात और आठ मई को बंद रखने की घोषणा की गई है। चार. भारतीय मौसम विभाग के हवाले से गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पाँच. अधिकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी बारिश होने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। छः. अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी चल सकती है और गरज के साथ बारिश हो सकती है। सात. पिछले सप्ताह धूल भरी आंधी, तेज बारिश और बिजली गिरने के कारण पांच राज्यों में एक सौ चौबीस लोगों की मौत हो गई थी और तीन सौ से अधिक लोग घायल हो गये थे। आठ. पिछले सप्ताह आये आंधी-तूफान में आगरा में ही चालीस से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसको देखते हुये सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीच में ही कर्नाटक का चुनावी दौरा छोड़कर वापस आ गये थे और पीड़ितों से मुलाकात की थी। नौ. सीएम योगी आदित्यनाथ ने तूफान के बाद मची तबाही के बाद जरूरी कदम न उठाये जाने पर अधिकारियों से भी नाराज दिखे। वहीं सीएम मौसम विभाग की ओर से पूरी जानकारी न देने पर भी नाराजगी जताई। Read More: गाड़ियों पर छाए सिंदूरी हनुमान के स्टीकर, जानें क्या है राज!
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ग्रहणी कामला सूची छर्दिर्मूर्च्छाश्मरी तृषाः । डाकिनी शाकिनी घोरा इत्यैता बाह्यहेतुकाः ॥ एवं परिवृतं दृष्ट्वा स्वसैन्यमविचारयत् । मत्तः कस्त्वधिको लोके न जाने भवितव्यताम् ॥ ब्रह्मविष्णुमहेशाव्याः हननीया भयार्दतः । एवं विधार्य्य मनसि महेशं हन्तुमुद्यतः ॥ तं दृष्ट्वा तु महेशेन शक्तिरेका प्रदर्शिता । अतिघोरा विरूपाक्षी संकीर्णजघनोदरा ॥ दंदह्यमाना कोपेन ज्वलयन्ती दिशो दश । तस्यास्तु दृष्टिपातेन कालः सर्वाङ्गपीडितः ॥ तामेवाविवशुः सर्वे कः प्रभुः कथ्व सेवकः । बलिनः • सर्व एव स्युः सेवकाः निर्बलस्य न ॥ नानास्फोटैः परिवृतो दह्यमानो रुषाग्निना । तस्येहशीमवस्थान्तु दृष्ट्वा दाहादयो गदाः ॥ भनाहंकारकं दृष्ट्वा तं कालं भवितव्यता । ईषद्विहस्य तं प्राह न ते साधुरहंकृतिः ॥ मदधीनं जगत्सर्वं मदाज्ञा क्रियतां त्वया । त्वया स्वतन्त्रतारम्भः कृतस्तेनेशी गतिः ॥ एषा मदंशसंभूता शीतला तां प्रसादय । अवश्य तव साहायं करिष्यति त्वया दृताः ॥ कालोवाच ॥ वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम् । मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम् ॥ वन्देऽहं शीतलां देवीं सर्वरोगभयापहम् । यामासोय निवर्त्तन्ते विस्फो टकभयं महत् ॥ शीतले शीतले चेति यो ब्रूयाद्दाहपीडितः । विस्फोटकभयं घोरं गृहे तस्य न जायते ॥ शीतले ज्वरदग्धस्य पूतिगन्ध - तस्य च । प्रणष्टचक्षुषः पुंसस्त्वामाहुर्जीवनौषधम् ॥ शीतले तनुजान् रोगान् नृणां हरसि दुस्तरान् । विस्फोटकविशीर्णानां त्वमेकामृतवर्षिणी ॥ गलगण्डग्रहा रोगा ये चान्ये दारुणा नृणाम् । त्वदनुध्यानमा - त्रेण शीतले यान्ति संक्षयम् ॥ न मन्त्रं नौषधं तत्र पापरोगस्य विद्यते । त्वमेका शीतले धात्री नान्यां पश्यामि देवताम् ॥ मृणालतन्तुसदृशीं नाभिहृन्मध्य संस्थिताम् । यस्त्वां संचिन्तयेदेवि तस्य मृत्युर्नजायते ॥ एवं स्तुता तदा देवीं शीतला प्रीतमानसा । उवाच वाक्यं कालाय वरं वरय सत्वरम् ॥ ( कालोवाच ) अहोवाद्भुत माहात्म्यं तव दृष्टं मयावन्ध्याकसद्रुम ।
धुना । पीडामपनय क्षिमं प्रहर्ष कुरु मे सदा ॥ ( शीतलोवाच ) एपा तव जगत्कर्त्री भार्येयं भवितव्यता । अस्याज्ञां प्रवर्त्तते ब्रह्मविष्णुमहेश्वराः ॥ अहं त्वं च महेशाद्यास्ततो धन्यास्तु ते मता । बुध्याधीर्जायते साया यादृशी भवितव्यता ॥ सहायं ते करिष्यामि हरिष्यामि इमाः प्रजाः ॥ उपोदकी तु या खादे दादावुष्णां ततः परम् । तं भं भक्षयिप्यामिसापि चेष्टभुग्भवेत् ।। संतुष्टा शीतले नाहं सदा तत्सेवकस्य च । प्रत्यहं यासमश्नाति मालत्यर्कसुपोदकी ॥ तस्या गर्भ न स्पृशामि यावज्जीवं न संशयः । मम कोपेन संयातदाहो यस्तु नरोत्तमः ॥ दधिभक्तं त्राह्मणेभ्यो जलमेभ्यः प्रदाय च ॥ स्वयमश्नाति सप्ताहं तस्य पीडां हराम्यहम् ॥ अष्टकं च ममैतद्धि यः पठेन्मानवः सदा । विस्फोटकभयं घोरं कुले तस्य न जायते ॥ श्रोतव्यं पठितव्यञ्च नरैर्भक्तिसमन्वितैः । उपसर्गभयं तस्य कदापि नहि जायते ॥ अष्टकं च ममैतद्धि पठितं भक्तितः सदा । सर्वरोगविनाशाय परं स्वस्त्ययनं महत् ॥ शीतलाष्टकमेतद्धि न देयं यस्यकस्यचित् । दातव्यं सर्वदा तस्मै शक्तिश्रद्धान्वितो हि यः ॥ रावणोवाच ॥ एवमुक्त्वा ययुः सर्वे तथैव भवितव्यता । तथा लोकान् जिघांसन्ति कालस्य वशमागताः ॥
अर्थ- रावण अपनी स्त्रीसे यह देवीकी उत्पत्तिकी कथा कहता है कि है प्रिये ! सुनो, प्रथम सतयुगमें श्रीमहादेवजीके समीप जाकर ब्रह्माजी महाराज कहते हैं कि हे देव ! आपकी आज्ञानुसार मैंने कई प्रकारकी प्रजाकी रचना की है । हे नाथ ! सारी पृथिवी प्रजासे भर गई है और प्रतिदिवस बढती जाती है और इस प्रजामेंसे पुरुपजाति कामातुर होकर स्त्रियोंसे रमण करते हैं सो स्त्रियां गर्भको धारण करके और प्रजाको जनती हैं । सो प्रजाकी वृद्धिसे बडी हानि है । हाथी घोडा आदि पशुओं तथा पक्षियों और मनुष्योंसे यह सम्पूर्ण पृथिवी व्याप्त हो गई है। अब इस प्रजाके भारको पृथिवी सहन नहीं कर सक्ती सो अवश्य ही पृथिवी पातालमें चली जायगी इसका कुछ उपाय करना चाहिये । इस प्रकारके ब्रह्माजीके कथनको श्रवण करके त्रिशूलघारी शिवजीने अपने त्रिशूलकी तर्फ देखा तो एक भयानक स्वरूप घोर पराक्रमवाला पुरुष त्रिशूलमेंसे निकल पडा । यमराजके समान उसके लाल नेत्र हैं और
क्रोधी अभिके समान तेजवाला ऊंचे हैं केश जिसके और जिह्वा जिसकी मुखसे बाहर निकल रही है ऐसा वह कालपुरुष कामातुर हो कर एकदम चिल्लाने लगा । इस भयंकर पुरुषको देख कर शिवजीने पार्वती मातासे कहा कि यह तो उत्पन्न होते
बडा क्रूर है सब सृष्टिका संहार एकदम कर देवेगा । हे प्रिये ! अब इसको मोहित करनेके योग्य भार्या ( स्त्री ) तुम दो । शिवजी महाराजके वचनको सुनकर गौरीजी माताने अपनी पीठके पीछेकी तर्फ देखा तो एक देवी मूर्ति उत्पन्न हो गई जिसका नाम साक्षात् भवितव्यता कहते हैं, यह स्त्री रूप चातुर्य्यसे परिपूर्ण ऊंचे और पुष्ट हैं स्तन जिसके । और मारण अस्त्र तथा मोहनास्त्र अपने हाथ में धारण किये हुए श्वेत वस्त्रोंको धारण किये हुए और लज्जासे नेत्रोंको नीचे कर रही है । वह देवी प्रणाम करके बं भोला बाबा और पार्वती माताके आगे खडी हुई अस्त्र शस्त्रोंके भारको उठानेसे अखरी भई कालके चित्तको हरनेवाली । इसको देखकर गौरीजी माताने उससे कहा कि तुम हमारी आज्ञाको स्वीकार करो कि तुम इसकी भार्य्या वनकर इसके चित्तको हरण करो । इससे अपना पाणिग्रहण माँगो यह ब्रह्माजीका कार्य करो यह सुनकर वह भवितव्यता नामवाली स्त्री प्रसन्न होकर गौरीजीके आगे नवित होकर बैठ गई और कहने लगी कि हे गौरी देवी यह ब्रह्मा विष्णु शिवात्मक संसार तो सब मेरे ही आधीन है और यह पुरुष काल तो है ही मेरेको कोई नहीं जानता है । ब्रह्मा विष्णु और महेशको मैं समान दृष्टिसे देखती हूं और ये तीनों ऐसे मूर्ख हैं कि मेरे स्वरूपको नहीं जानते । ऐसा कथन करके वह भवितव्यता कालके साथ विवाह दी गई और इसके साथ विवाह करके काल भी अपनेको धन्य समझता हुआ प्रसन्न हो गया । अब कालका विवाह हुआ जानकर ब्रह्माजीने कथन किया कि हे स्वामिन् शीघ्रतासे आ अपनी दृष्टिको समेटो यह सुनकर कालने अपनेही तेजसे अनेक प्रकारके सेवक रचे और भवितव्यताने अपने स्वामीके तेजसे शोष ज्वर पाण्डुसार श्वास पानात्ययादि शरीरके आभ्यन्तर होने तथा बाहर विचरण करनेवाले सैकडों ही रोगोंकी रचना उसने की । तथा सर्प व्याघ्र, भेडिये, सिंह ( शेर ), विच्छू, हाथी, भूत, प्रेत, पिशाच इत्यादि बाहर रहनेवाले भृत्य और भीतर रहनेवाली शक्ति से कामिनी, मोहिनी, तृषा, अहंकृती, बुद्धि, ऋद्धि, निद्रा, ईर्षा, भय इत्यादि तथा संग्रहणी कामला, विषूचिका, छादनी मूर्च्छा, अश्मरी, डाकिनी, शाकिनी, घोरा, हत्या इत्यादिकी रचना कालने की । फिर वह अपने दलको सजाकर यह देखने लगा कि अब मुझसे अधिक बलवान् लोकमें कौन है, मैं भवितव्यताको कुछ नहीं समझता अब इन ब्रह्मा विष्णु महेशादि सबको ही मारना चाहिये, ऐसा मनमें विचार करके शिवजीके
मारनेको तैयार हो गया । उस क्रोधको देख कर शिवजीने बडी घोर बढ़रूप जंवा और पेट फैला दिया और उसको ऐसी शक्ति दिखलाई कि अत्यन्त प्रज्वलित हुई दशों दिशाओंको जलाती हुईसी अग्नि उसके दृष्टिगत हुई जिसके देखते ही कालके समस्त अहमें पीड़ा होने लगी और कालका समस्त लश्कर जो उसने उत्पन्न किया था उसीमें प्रवेश कर गया, वहां कौन स्वामी और कौन सेवक, बलवान् के ही सत्र सेवक हैं निर्वलका कोई सेवक नहीं है । काल क्रोधकी अग्निसे जलता हुआ कितनही प्रकार विस्फोटक मसूरिकाओं युक्त उसकी ऐसी दशाको देखकर दाहादि रोग सब उसीके शरीरमें लग गये । अव भवितव्यता उस अहंकारके अभिमानी पात्र कालको देखकर कुछ हास्ययुक्त होकर वोली कि तेरी यह अहं पदची अच्छी नहीं है इसीने तुमको दुःखित किया है। देख मेरे ही अधीन सब जगत है मेरी आज्ञाको मान तुमने अपने वश होकर यह क्रोध किया इससे तेरी ऐसी दशा हुई है । देख यह मेरे अंशसे उत्पन्न हुई शीतला तू इसको प्रसन्न कर, यदि तू इसका आदर करेगा तो यह निश्चय तेरी सहायता करेगी । अव काल देवता अपनी स्त्रीक अंशसे उत्पन्न हुई और बतलाई हुई शीतला देवीको स्तुतिसे प्रसन्न करता है वह कैसी शीतला देवी है कि सुन्दर गधेपर सवार है और कैसी है कि विलकुल नमिन दिशा हैं अम्बर जिसके और हाथ झाइसे शोमायमान है और दूसरे हाथकी शोभा मृत्तिका घट वढा रहा और शीतलामाताके मस्तक पर सूप ( छाज ) मुकुटके समान विराजमान है ऐसे शृङ्गार युक्त शीतला माताकी स्तुति करके काल देवता नमस्कार करता है । हे मनुष्यो ऐसी सत्र रोगोंके भयके हटानेवाली शीतला माताकी वन्दना करो कि जिसको प्राप्त होकर विशेष भयंकर भी विस्फोटकका भय निवृत्त हो जाता है । जो विस्फोटक तथा मसूरिका दाहसे दुःखित मनुष्य हैं वे शांतले २ ऐसा कहें तो उसके घरमें विस्फोटक व मसूरिका रोग नहीं होता है । हे शांतले ! ज्वरसे जले हुएकी तथा दुर्गन्धिमें पड़े हुएकी और अन्ध प्राणियोंको जीवित करनेवाली औषध तुमको ही कहते हैं । हे शीतले ! तुम मनुष्योंके शरीरमें उत्पन्न हुए दुःसाध्य रोगोंको भी हरती हो और विस्फोटक मसारका रोगसे ग्रस्त रोगियोंको अमृत वरसानेवाली हो । शीतले इसके अतिरिक्त मनुष्योंको जो और भी गलगण्ड ग्रहादिक रोग होते हैं वे आपके अणु स्मरणमात्रसे ही क्षय हो जाते हैं । इस पाप रोगीका न तो कोई मन्त्र है न कोई औपध है शीतले माता तू ही एक मात्र पोषण करनेवाली है और मैं किसी भी देवताको नहीं जानता । कमलकी नालके समान मनुष्योंकी नाभि हृदयके बीचमें विराजमान हो ऐसा जो कोई तुमको चिन्तवन करे हे देवी उसकी मृत्यु नहीं होती ( क्योंकि वह मर जावे तो उसकी नाभिमें बैठी हुई शीतला माता भी मर जावे ) इस प्रकारसे स्तुति
की हुई शीतला माता कालसे प्रसन्न होकर बोली कि तू शीघ्र वर मांग । अब कालदेवता कहता है कि हे माता अहो तुम धन्य हो तुम्हारा तो मैंने बडाही माहात्म्य देखा, अब मेरी पीडाको निवृत्त करके सदा हर्षित करो । शीतला माता बोली कि इस संसारको उत्पन्न करनेवाली तेरी भार्थ्या है इसकी आज्ञा में ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों रहते हैं । मैं और तू भी तथा महेशादिक तीनों देव इसीमें मन देकर धन्य हो रहे हैं बुद्धिसे जैसी मति होती है सो यह भवितव्यता ही है । मैं तेरी सहायता करूंगी और इस प्रजाको हरूंगी कोई रजस्वला स्त्री प्रथम गर्म वस्तु खावे और दुष्ट भोजन करे तो मैं उसके गर्भको खा लूंगी मैं शीतल पदार्थों से बड़ी प्रसन्न होती हूं और शीतल पदार्थ सेवन करते हैं उनपर भी मैं सदा प्रसन्न रहती हूं । जो गर्भिणी स्त्री मालतीका अर्क पान करे तो जीवन पर्यन्त उसके कभी गर्म बाधा न करूंगी इस मेरे कथनमें संशय नहीं जानना । मेरे कोपसे जिस मनुष्यको दाह उत्पन्न हुआ वह नर जो दधि संयुक्त भोजन शीतल जलके साथ ब्राह्मणोंको अर्पण करके पीछे आप भोजन करे तो सात दिवसमें उसकी पीडा हरती हूं । जो मनुष्य यह मेरा अष्टक प्रति दिवस पढता है उसके कुटुम्बमें घोर विस्फोटकका भय नहीं होता । यह मनुष्योंको भक्ति श्रद्धा सहित पढना व श्रवण करना चाहिये इससे उसको इस व्याधिका भय नहीं रहता । यह मेरा अष्टक परम भक्तिसे सदैव पढना सब रोगोंका नाशक है और कल्याणका तो यही एक स्थान है । यह शीतला अष्टक किसी ( यस्य कस्य ) ऐसे वैसेको नहीं देना, उसी मनुष्यको देना जो पूर्ण रूपसे इसमें श्रद्धा और भक्ति रखता होय रावणने अपनी स्त्री मन्दोदरीसे कहा कि हे प्रिये इस प्रकार कथन करके सब चले गये और भवितव्यता भी चली गई । स्कन्दपुराणके काशीखण्डमें शीतलाष्टक इस प्रकार लिखा है ।
स्कन्दोवाच ।
भगवन्देवदेवेश शीतलायाः स्तवं शुभम् । वक्तुमर्हस्य शेषेण विस्फोटकभयापहम् ।।
अर्थ-स्कन्दऋषि ( स्वामि कार्तिक ) बोले कि हे भगवन् हे देवदेवेश विस्फोटक के भयको नष्ट करनेवाला. शीतलाका स्तोत्र कथन करो। यह वाक्य सुनकर शिवजी बोले ।
शिवोवाच ।
वन्देहँ शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम् । यामासाव्य निवर्तेत विस्फोटकभयं महत् ।
इसका अर्थ पूर्व लिखा गया है यहां केवल इतना ही दिखलाना है कि महा विद्वान् स्वामि कार्तिकेय ऋषि तो प्रश्न करता और शंकर स्वामी शीतलाका स्तोत्र पाठ करते हैं । एताः सप्तापि बोद्धव्याः शीतलादेव्याधिष्ठिताः । शीतलोचितमाचारमाशु सर्वासु वाचरेत् ॥ काश्विद्विनापि यत्नेन सुखं सिद्ध्यन्ति शीतलाः । दृष्टाः कष्टतराः काश्वित्काध्वित्सिष्यन्ति वा नवा । कान्वितु सिध्यन्ति यत्नतोऽपि चिकित्सिताः ॥
अर्थ - यह सात प्रकारकी शीतला पूर्वोक्त ( मसूरिका व विस्फोटक ) से पृथक् ( शीतला मातासे अधिष्ठित ) इस लिये इसका यत्न शीतलाका करना चाहिये । कोई २ शीतला तो विना यत्नके ही निवृत्त हो जाती है और कोई कष्टके देनेवाली और कोई शीतला निवृत्त होवे चाहे न होने परन्तु चहुतसी शीतला ऐसी होती हैं कि अनेक यत्न करने पर भी निवृत्त नहीं होतीं।
अब यहांसे मसूरिका रोगका निदान यथार्थ लिखा जाता है जिसको पुरुषोंने शीतला माता मान रखा है। इसका उपाय न करनेसे अनेक मनुष्य मृत्युके मुखमें प्रवेश करते हैं । यह रोग सब ही मनुष्योंके एक समय होता है इसका कारण यह है कि जब वालकका रक्त छोटी उमरमें कच्चा पतला और तर होता है तो जो चीज कच्ची और तर है वह एक समय पर अवश्य पकेगी और जब पकंगी तब उसमें उबाल अवश्य आवेगा, जब वह उबलेगी तब यह अवश्य होगा कि चर्म जिल्द में फुंसियां उत्पन्न होंगी और एक बालकको उत्पन्न होने पर यह संक्रामक भी हो जाता है जैसा कि चेचककी उत्पत्तिके समय अनेक नगरोंमें देखा जाता हैं और हजारों बालक इस रोगमें फँस जाते हैं । जो इसका दाना प्रथम सुर्ख और पीछे सफेद और बंडा हो जाय उसकी विस्फोटक संज्ञा है और जो दाना प्रथम सुर्ख और पीछे सफेद हो जाय और वर्डा मसूरके समान शररिसे उठा हुआ होय उसको मसूरिका कहते हैं, तीसरा भेद यह कि जो दाने वारीक होते हैं उनको खसरा कहते हैं । चेचक और खसरा निकलेके पूर्व रूप यह हैं कि पीठ में दर्द नाकमें खुजली मस्तक और शरीरका भारी होना और खूनके उबलनेस जो ज्वर उत्पन्न हो तो ज्वरके समस्त लक्षण देखे जाते हैं । और रोगी नीदमें डरता है, जब सीधा शयन करे तो पैर कांपने लगे औरं चर्म जिल्दमें जलन और चुभन मालूम होती है और किसीको खांसी तथा गलेमें दर्द खासका तंग होना गलेका बैठ जाना भी होता है । खसरे और मसूरिकाके ज्वरमें इतना अन्तर होता है कि खसरेका ज्वर मसूरिकाके ज्वरकी अपेक्षा अधिक गर्म होता है और इसमें घवराहट अधिक रहती है । पीठका दर्द इसमें कम होता है जी मिचलाना और घबराहट अधिक
होती है प्रायः देखागया है कि खसरा एकदम निकल आता है। और मसूरिका ३ से लेकर सात दिवस पर्य्यन्त निकलती है । चेचक ( मसूरिका ) इसका मत्राद ( गर्म खून ) विशेष तरी लिये होता है इस लिये इसका दाना बडा होता है और विस्फो टककी स्थितिके फफोलों में इससे भी अधिक तरी होती है इसी कारणसे विस्फोटका फफोला बतासेके समान होता है । कभी तो मसूर्रिकाके दाने आरम्भमें सुर्ख और पकने पर सफेद होते हैं और कभी आरम्भसे ही सफेदी लिये हुए होते हैं । अथवा कुछ पीलापन लिये हुए होते हैं कम और विस्तृत होते हैं । इस रोगकी यह स्थिति अच्छी देखी जाती है इसम मनुष्यको कुछ हानि नहीं पहुंचती है। यदि शरीरके समस्त अङ्गोंपर विशेषतासे निकलें और नोकदार होय और परस्पर मिले हुए दाने हो तथा उनका रंग कुछ स्याही लिये हुए होय और कुछ २ सुर्ख भी होय और छाती तथा पेटके भागपर अधिक निकले होयँ किन्तु निकलने और पकने में अधिक विलम्ब लगे तो इस स्थितिमें मनुष्यको कुछ हानि पहुंचनेकी संभावना रहती है । इसी प्रकार जिस रोगीकी मसूरिकामेंसे रक्त निकले तथा प्रथम फफोले निकलें और पीछे ज्वर चढे तो यह चिह्न भी हानिकारक समझा जाता हैं इसी प्रकार मसूरिका निकलनेके अनन्तर ज्वर न उतरे और बराबर ज्वर बढता रहें तो यह भी हानिकारक समझा जाता है । यदि एक मसूरिका निकल रही होय और उसमेंसे दूसरी और निकले तो यह भी खराब समझी जाती । मसूरिकाकी अपेक्षा खसरेका मवाद पित्त और रक्तके दूषित परमाणुओंको लेकर रूक्षतालिये हुए होता है इसी कारणसे खसरेकी फुंसियाँ अधिक बारीक होती हैं । वाजरा व सरसोंके समान चर्म जिल्दसे कुछ उठी हुई होती है, उनमें से पानी व पीब नहीं निकलता वे ऐसे ही सूख जाती हैं और बारीक भूसीकेसे छिलके उतर जाते हैं, यदि खसरा किसी कारणसे बिगड जावे तो मनुष्यको हानिकारक हो जाता है । खसरेकी रंगत स्याह होय और उसमें सुखकी झलक मारती होय अथवा निकलते २ एकदम लुप्त हो जावें ( छिप जावे ) तो यह चिह्न भी इसका हानिकारक समझा जाता है । यदि इस रोगीकी मृत्यु होनेवाली होय तो वह ४ - ५ प्रहर प्रथमसे ही चैतन्यता रहित और बेहोश हो जाता है । यह मसूरिका रोग बालकोंके अतिरिक्त वडी उमरके मनुष्योंको भी होता है, इसका कारण यह है कि एक तो ऋतु ह्रासके विपरीत होने तथा उस ऋतुके विरुद्ध आहार विहार करनेसे होता है बालकोंकी अपेक्षा बडी उमरके मनुष्योंको कम उत्पन्न होता है । यहांतक इस रोगके विषय में जो कुछ अनुभव इस अवधिमें हमको हुआ है वह लिखा गया है नीचे आयुर्वेदसे लिखा जाता है ।
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ग्रहणी कामला सूची छर्दिर्मूर्च्छाश्मरी तृषाः । डाकिनी शाकिनी घोरा इत्यैता बाह्यहेतुकाः ॥ एवं परिवृतं दृष्ट्वा स्वसैन्यमविचारयत् । मत्तः कस्त्वधिको लोके न जाने भवितव्यताम् ॥ ब्रह्मविष्णुमहेशाव्याः हननीया भयार्दतः । एवं विधार्य्य मनसि महेशं हन्तुमुद्यतः ॥ तं दृष्ट्वा तु महेशेन शक्तिरेका प्रदर्शिता । अतिघोरा विरूपाक्षी संकीर्णजघनोदरा ॥ दंदह्यमाना कोपेन ज्वलयन्ती दिशो दश । तस्यास्तु दृष्टिपातेन कालः सर्वाङ्गपीडितः ॥ तामेवाविवशुः सर्वे कः प्रभुः कथ्व सेवकः । बलिनः • सर्व एव स्युः सेवकाः निर्बलस्य न ॥ नानास्फोटैः परिवृतो दह्यमानो रुषाग्निना । तस्येहशीमवस्थान्तु दृष्ट्वा दाहादयो गदाः ॥ भनाहंकारकं दृष्ट्वा तं कालं भवितव्यता । ईषद्विहस्य तं प्राह न ते साधुरहंकृतिः ॥ मदधीनं जगत्सर्वं मदाज्ञा क्रियतां त्वया । त्वया स्वतन्त्रतारम्भः कृतस्तेनेशी गतिः ॥ एषा मदंशसंभूता शीतला तां प्रसादय । अवश्य तव साहायं करिष्यति त्वया दृताः ॥ कालोवाच ॥ वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम् । मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम् ॥ वन्देऽहं शीतलां देवीं सर्वरोगभयापहम् । यामासोय निवर्त्तन्ते विस्फो टकभयं महत् ॥ शीतले शीतले चेति यो ब्रूयाद्दाहपीडितः । विस्फोटकभयं घोरं गृहे तस्य न जायते ॥ शीतले ज्वरदग्धस्य पूतिगन्ध - तस्य च । प्रणष्टचक्षुषः पुंसस्त्वामाहुर्जीवनौषधम् ॥ शीतले तनुजान् रोगान् नृणां हरसि दुस्तरान् । विस्फोटकविशीर्णानां त्वमेकामृतवर्षिणी ॥ गलगण्डग्रहा रोगा ये चान्ये दारुणा नृणाम् । त्वदनुध्यानमा - त्रेण शीतले यान्ति संक्षयम् ॥ न मन्त्रं नौषधं तत्र पापरोगस्य विद्यते । त्वमेका शीतले धात्री नान्यां पश्यामि देवताम् ॥ मृणालतन्तुसदृशीं नाभिहृन्मध्य संस्थिताम् । यस्त्वां संचिन्तयेदेवि तस्य मृत्युर्नजायते ॥ एवं स्तुता तदा देवीं शीतला प्रीतमानसा । उवाच वाक्यं कालाय वरं वरय सत्वरम् ॥ अहोवाद्भुत माहात्म्यं तव दृष्टं मयावन्ध्याकसद्रुम । धुना । पीडामपनय क्षिमं प्रहर्ष कुरु मे सदा ॥ एपा तव जगत्कर्त्री भार्येयं भवितव्यता । अस्याज्ञां प्रवर्त्तते ब्रह्मविष्णुमहेश्वराः ॥ अहं त्वं च महेशाद्यास्ततो धन्यास्तु ते मता । बुध्याधीर्जायते साया यादृशी भवितव्यता ॥ सहायं ते करिष्यामि हरिष्यामि इमाः प्रजाः ॥ उपोदकी तु या खादे दादावुष्णां ततः परम् । तं भं भक्षयिप्यामिसापि चेष्टभुग्भवेत् ।। संतुष्टा शीतले नाहं सदा तत्सेवकस्य च । प्रत्यहं यासमश्नाति मालत्यर्कसुपोदकी ॥ तस्या गर्भ न स्पृशामि यावज्जीवं न संशयः । मम कोपेन संयातदाहो यस्तु नरोत्तमः ॥ दधिभक्तं त्राह्मणेभ्यो जलमेभ्यः प्रदाय च ॥ स्वयमश्नाति सप्ताहं तस्य पीडां हराम्यहम् ॥ अष्टकं च ममैतद्धि यः पठेन्मानवः सदा । विस्फोटकभयं घोरं कुले तस्य न जायते ॥ श्रोतव्यं पठितव्यञ्च नरैर्भक्तिसमन्वितैः । उपसर्गभयं तस्य कदापि नहि जायते ॥ अष्टकं च ममैतद्धि पठितं भक्तितः सदा । सर्वरोगविनाशाय परं स्वस्त्ययनं महत् ॥ शीतलाष्टकमेतद्धि न देयं यस्यकस्यचित् । दातव्यं सर्वदा तस्मै शक्तिश्रद्धान्वितो हि यः ॥ रावणोवाच ॥ एवमुक्त्वा ययुः सर्वे तथैव भवितव्यता । तथा लोकान् जिघांसन्ति कालस्य वशमागताः ॥ अर्थ- रावण अपनी स्त्रीसे यह देवीकी उत्पत्तिकी कथा कहता है कि है प्रिये ! सुनो, प्रथम सतयुगमें श्रीमहादेवजीके समीप जाकर ब्रह्माजी महाराज कहते हैं कि हे देव ! आपकी आज्ञानुसार मैंने कई प्रकारकी प्रजाकी रचना की है । हे नाथ ! सारी पृथिवी प्रजासे भर गई है और प्रतिदिवस बढती जाती है और इस प्रजामेंसे पुरुपजाति कामातुर होकर स्त्रियोंसे रमण करते हैं सो स्त्रियां गर्भको धारण करके और प्रजाको जनती हैं । सो प्रजाकी वृद्धिसे बडी हानि है । हाथी घोडा आदि पशुओं तथा पक्षियों और मनुष्योंसे यह सम्पूर्ण पृथिवी व्याप्त हो गई है। अब इस प्रजाके भारको पृथिवी सहन नहीं कर सक्ती सो अवश्य ही पृथिवी पातालमें चली जायगी इसका कुछ उपाय करना चाहिये । इस प्रकारके ब्रह्माजीके कथनको श्रवण करके त्रिशूलघारी शिवजीने अपने त्रिशूलकी तर्फ देखा तो एक भयानक स्वरूप घोर पराक्रमवाला पुरुष त्रिशूलमेंसे निकल पडा । यमराजके समान उसके लाल नेत्र हैं और क्रोधी अभिके समान तेजवाला ऊंचे हैं केश जिसके और जिह्वा जिसकी मुखसे बाहर निकल रही है ऐसा वह कालपुरुष कामातुर हो कर एकदम चिल्लाने लगा । इस भयंकर पुरुषको देख कर शिवजीने पार्वती मातासे कहा कि यह तो उत्पन्न होते बडा क्रूर है सब सृष्टिका संहार एकदम कर देवेगा । हे प्रिये ! अब इसको मोहित करनेके योग्य भार्या तुम दो । शिवजी महाराजके वचनको सुनकर गौरीजी माताने अपनी पीठके पीछेकी तर्फ देखा तो एक देवी मूर्ति उत्पन्न हो गई जिसका नाम साक्षात् भवितव्यता कहते हैं, यह स्त्री रूप चातुर्य्यसे परिपूर्ण ऊंचे और पुष्ट हैं स्तन जिसके । और मारण अस्त्र तथा मोहनास्त्र अपने हाथ में धारण किये हुए श्वेत वस्त्रोंको धारण किये हुए और लज्जासे नेत्रोंको नीचे कर रही है । वह देवी प्रणाम करके बं भोला बाबा और पार्वती माताके आगे खडी हुई अस्त्र शस्त्रोंके भारको उठानेसे अखरी भई कालके चित्तको हरनेवाली । इसको देखकर गौरीजी माताने उससे कहा कि तुम हमारी आज्ञाको स्वीकार करो कि तुम इसकी भार्य्या वनकर इसके चित्तको हरण करो । इससे अपना पाणिग्रहण माँगो यह ब्रह्माजीका कार्य करो यह सुनकर वह भवितव्यता नामवाली स्त्री प्रसन्न होकर गौरीजीके आगे नवित होकर बैठ गई और कहने लगी कि हे गौरी देवी यह ब्रह्मा विष्णु शिवात्मक संसार तो सब मेरे ही आधीन है और यह पुरुष काल तो है ही मेरेको कोई नहीं जानता है । ब्रह्मा विष्णु और महेशको मैं समान दृष्टिसे देखती हूं और ये तीनों ऐसे मूर्ख हैं कि मेरे स्वरूपको नहीं जानते । ऐसा कथन करके वह भवितव्यता कालके साथ विवाह दी गई और इसके साथ विवाह करके काल भी अपनेको धन्य समझता हुआ प्रसन्न हो गया । अब कालका विवाह हुआ जानकर ब्रह्माजीने कथन किया कि हे स्वामिन् शीघ्रतासे आ अपनी दृष्टिको समेटो यह सुनकर कालने अपनेही तेजसे अनेक प्रकारके सेवक रचे और भवितव्यताने अपने स्वामीके तेजसे शोष ज्वर पाण्डुसार श्वास पानात्ययादि शरीरके आभ्यन्तर होने तथा बाहर विचरण करनेवाले सैकडों ही रोगोंकी रचना उसने की । तथा सर्प व्याघ्र, भेडिये, सिंह , विच्छू, हाथी, भूत, प्रेत, पिशाच इत्यादि बाहर रहनेवाले भृत्य और भीतर रहनेवाली शक्ति से कामिनी, मोहिनी, तृषा, अहंकृती, बुद्धि, ऋद्धि, निद्रा, ईर्षा, भय इत्यादि तथा संग्रहणी कामला, विषूचिका, छादनी मूर्च्छा, अश्मरी, डाकिनी, शाकिनी, घोरा, हत्या इत्यादिकी रचना कालने की । फिर वह अपने दलको सजाकर यह देखने लगा कि अब मुझसे अधिक बलवान् लोकमें कौन है, मैं भवितव्यताको कुछ नहीं समझता अब इन ब्रह्मा विष्णु महेशादि सबको ही मारना चाहिये, ऐसा मनमें विचार करके शिवजीके मारनेको तैयार हो गया । उस क्रोधको देख कर शिवजीने बडी घोर बढ़रूप जंवा और पेट फैला दिया और उसको ऐसी शक्ति दिखलाई कि अत्यन्त प्रज्वलित हुई दशों दिशाओंको जलाती हुईसी अग्नि उसके दृष्टिगत हुई जिसके देखते ही कालके समस्त अहमें पीड़ा होने लगी और कालका समस्त लश्कर जो उसने उत्पन्न किया था उसीमें प्रवेश कर गया, वहां कौन स्वामी और कौन सेवक, बलवान् के ही सत्र सेवक हैं निर्वलका कोई सेवक नहीं है । काल क्रोधकी अग्निसे जलता हुआ कितनही प्रकार विस्फोटक मसूरिकाओं युक्त उसकी ऐसी दशाको देखकर दाहादि रोग सब उसीके शरीरमें लग गये । अव भवितव्यता उस अहंकारके अभिमानी पात्र कालको देखकर कुछ हास्ययुक्त होकर वोली कि तेरी यह अहं पदची अच्छी नहीं है इसीने तुमको दुःखित किया है। देख मेरे ही अधीन सब जगत है मेरी आज्ञाको मान तुमने अपने वश होकर यह क्रोध किया इससे तेरी ऐसी दशा हुई है । देख यह मेरे अंशसे उत्पन्न हुई शीतला तू इसको प्रसन्न कर, यदि तू इसका आदर करेगा तो यह निश्चय तेरी सहायता करेगी । अव काल देवता अपनी स्त्रीक अंशसे उत्पन्न हुई और बतलाई हुई शीतला देवीको स्तुतिसे प्रसन्न करता है वह कैसी शीतला देवी है कि सुन्दर गधेपर सवार है और कैसी है कि विलकुल नमिन दिशा हैं अम्बर जिसके और हाथ झाइसे शोमायमान है और दूसरे हाथकी शोभा मृत्तिका घट वढा रहा और शीतलामाताके मस्तक पर सूप मुकुटके समान विराजमान है ऐसे शृङ्गार युक्त शीतला माताकी स्तुति करके काल देवता नमस्कार करता है । हे मनुष्यो ऐसी सत्र रोगोंके भयके हटानेवाली शीतला माताकी वन्दना करो कि जिसको प्राप्त होकर विशेष भयंकर भी विस्फोटकका भय निवृत्त हो जाता है । जो विस्फोटक तथा मसूरिका दाहसे दुःखित मनुष्य हैं वे शांतले दो ऐसा कहें तो उसके घरमें विस्फोटक व मसूरिका रोग नहीं होता है । हे शांतले ! ज्वरसे जले हुएकी तथा दुर्गन्धिमें पड़े हुएकी और अन्ध प्राणियोंको जीवित करनेवाली औषध तुमको ही कहते हैं । हे शीतले ! तुम मनुष्योंके शरीरमें उत्पन्न हुए दुःसाध्य रोगोंको भी हरती हो और विस्फोटक मसारका रोगसे ग्रस्त रोगियोंको अमृत वरसानेवाली हो । शीतले इसके अतिरिक्त मनुष्योंको जो और भी गलगण्ड ग्रहादिक रोग होते हैं वे आपके अणु स्मरणमात्रसे ही क्षय हो जाते हैं । इस पाप रोगीका न तो कोई मन्त्र है न कोई औपध है शीतले माता तू ही एक मात्र पोषण करनेवाली है और मैं किसी भी देवताको नहीं जानता । कमलकी नालके समान मनुष्योंकी नाभि हृदयके बीचमें विराजमान हो ऐसा जो कोई तुमको चिन्तवन करे हे देवी उसकी मृत्यु नहीं होती इस प्रकारसे स्तुति की हुई शीतला माता कालसे प्रसन्न होकर बोली कि तू शीघ्र वर मांग । अब कालदेवता कहता है कि हे माता अहो तुम धन्य हो तुम्हारा तो मैंने बडाही माहात्म्य देखा, अब मेरी पीडाको निवृत्त करके सदा हर्षित करो । शीतला माता बोली कि इस संसारको उत्पन्न करनेवाली तेरी भार्थ्या है इसकी आज्ञा में ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों रहते हैं । मैं और तू भी तथा महेशादिक तीनों देव इसीमें मन देकर धन्य हो रहे हैं बुद्धिसे जैसी मति होती है सो यह भवितव्यता ही है । मैं तेरी सहायता करूंगी और इस प्रजाको हरूंगी कोई रजस्वला स्त्री प्रथम गर्म वस्तु खावे और दुष्ट भोजन करे तो मैं उसके गर्भको खा लूंगी मैं शीतल पदार्थों से बड़ी प्रसन्न होती हूं और शीतल पदार्थ सेवन करते हैं उनपर भी मैं सदा प्रसन्न रहती हूं । जो गर्भिणी स्त्री मालतीका अर्क पान करे तो जीवन पर्यन्त उसके कभी गर्म बाधा न करूंगी इस मेरे कथनमें संशय नहीं जानना । मेरे कोपसे जिस मनुष्यको दाह उत्पन्न हुआ वह नर जो दधि संयुक्त भोजन शीतल जलके साथ ब्राह्मणोंको अर्पण करके पीछे आप भोजन करे तो सात दिवसमें उसकी पीडा हरती हूं । जो मनुष्य यह मेरा अष्टक प्रति दिवस पढता है उसके कुटुम्बमें घोर विस्फोटकका भय नहीं होता । यह मनुष्योंको भक्ति श्रद्धा सहित पढना व श्रवण करना चाहिये इससे उसको इस व्याधिका भय नहीं रहता । यह मेरा अष्टक परम भक्तिसे सदैव पढना सब रोगोंका नाशक है और कल्याणका तो यही एक स्थान है । यह शीतला अष्टक किसी ऐसे वैसेको नहीं देना, उसी मनुष्यको देना जो पूर्ण रूपसे इसमें श्रद्धा और भक्ति रखता होय रावणने अपनी स्त्री मन्दोदरीसे कहा कि हे प्रिये इस प्रकार कथन करके सब चले गये और भवितव्यता भी चली गई । स्कन्दपुराणके काशीखण्डमें शीतलाष्टक इस प्रकार लिखा है । स्कन्दोवाच । भगवन्देवदेवेश शीतलायाः स्तवं शुभम् । वक्तुमर्हस्य शेषेण विस्फोटकभयापहम् ।। अर्थ-स्कन्दऋषि बोले कि हे भगवन् हे देवदेवेश विस्फोटक के भयको नष्ट करनेवाला. शीतलाका स्तोत्र कथन करो। यह वाक्य सुनकर शिवजी बोले । शिवोवाच । वन्देहँ शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम् । यामासाव्य निवर्तेत विस्फोटकभयं महत् । इसका अर्थ पूर्व लिखा गया है यहां केवल इतना ही दिखलाना है कि महा विद्वान् स्वामि कार्तिकेय ऋषि तो प्रश्न करता और शंकर स्वामी शीतलाका स्तोत्र पाठ करते हैं । एताः सप्तापि बोद्धव्याः शीतलादेव्याधिष्ठिताः । शीतलोचितमाचारमाशु सर्वासु वाचरेत् ॥ काश्विद्विनापि यत्नेन सुखं सिद्ध्यन्ति शीतलाः । दृष्टाः कष्टतराः काश्वित्काध्वित्सिष्यन्ति वा नवा । कान्वितु सिध्यन्ति यत्नतोऽपि चिकित्सिताः ॥ अर्थ - यह सात प्रकारकी शीतला पूर्वोक्त से पृथक् इस लिये इसका यत्न शीतलाका करना चाहिये । कोई दो शीतला तो विना यत्नके ही निवृत्त हो जाती है और कोई कष्टके देनेवाली और कोई शीतला निवृत्त होवे चाहे न होने परन्तु चहुतसी शीतला ऐसी होती हैं कि अनेक यत्न करने पर भी निवृत्त नहीं होतीं। अब यहांसे मसूरिका रोगका निदान यथार्थ लिखा जाता है जिसको पुरुषोंने शीतला माता मान रखा है। इसका उपाय न करनेसे अनेक मनुष्य मृत्युके मुखमें प्रवेश करते हैं । यह रोग सब ही मनुष्योंके एक समय होता है इसका कारण यह है कि जब वालकका रक्त छोटी उमरमें कच्चा पतला और तर होता है तो जो चीज कच्ची और तर है वह एक समय पर अवश्य पकेगी और जब पकंगी तब उसमें उबाल अवश्य आवेगा, जब वह उबलेगी तब यह अवश्य होगा कि चर्म जिल्द में फुंसियां उत्पन्न होंगी और एक बालकको उत्पन्न होने पर यह संक्रामक भी हो जाता है जैसा कि चेचककी उत्पत्तिके समय अनेक नगरोंमें देखा जाता हैं और हजारों बालक इस रोगमें फँस जाते हैं । जो इसका दाना प्रथम सुर्ख और पीछे सफेद और बंडा हो जाय उसकी विस्फोटक संज्ञा है और जो दाना प्रथम सुर्ख और पीछे सफेद हो जाय और वर्डा मसूरके समान शररिसे उठा हुआ होय उसको मसूरिका कहते हैं, तीसरा भेद यह कि जो दाने वारीक होते हैं उनको खसरा कहते हैं । चेचक और खसरा निकलेके पूर्व रूप यह हैं कि पीठ में दर्द नाकमें खुजली मस्तक और शरीरका भारी होना और खूनके उबलनेस जो ज्वर उत्पन्न हो तो ज्वरके समस्त लक्षण देखे जाते हैं । और रोगी नीदमें डरता है, जब सीधा शयन करे तो पैर कांपने लगे औरं चर्म जिल्दमें जलन और चुभन मालूम होती है और किसीको खांसी तथा गलेमें दर्द खासका तंग होना गलेका बैठ जाना भी होता है । खसरे और मसूरिकाके ज्वरमें इतना अन्तर होता है कि खसरेका ज्वर मसूरिकाके ज्वरकी अपेक्षा अधिक गर्म होता है और इसमें घवराहट अधिक रहती है । पीठका दर्द इसमें कम होता है जी मिचलाना और घबराहट अधिक होती है प्रायः देखागया है कि खसरा एकदम निकल आता है। और मसूरिका तीन से लेकर सात दिवस पर्य्यन्त निकलती है । चेचक इसका मत्राद विशेष तरी लिये होता है इस लिये इसका दाना बडा होता है और विस्फो टककी स्थितिके फफोलों में इससे भी अधिक तरी होती है इसी कारणसे विस्फोटका फफोला बतासेके समान होता है । कभी तो मसूर्रिकाके दाने आरम्भमें सुर्ख और पकने पर सफेद होते हैं और कभी आरम्भसे ही सफेदी लिये हुए होते हैं । अथवा कुछ पीलापन लिये हुए होते हैं कम और विस्तृत होते हैं । इस रोगकी यह स्थिति अच्छी देखी जाती है इसम मनुष्यको कुछ हानि नहीं पहुंचती है। यदि शरीरके समस्त अङ्गोंपर विशेषतासे निकलें और नोकदार होय और परस्पर मिले हुए दाने हो तथा उनका रंग कुछ स्याही लिये हुए होय और कुछ दो सुर्ख भी होय और छाती तथा पेटके भागपर अधिक निकले होयँ किन्तु निकलने और पकने में अधिक विलम्ब लगे तो इस स्थितिमें मनुष्यको कुछ हानि पहुंचनेकी संभावना रहती है । इसी प्रकार जिस रोगीकी मसूरिकामेंसे रक्त निकले तथा प्रथम फफोले निकलें और पीछे ज्वर चढे तो यह चिह्न भी हानिकारक समझा जाता हैं इसी प्रकार मसूरिका निकलनेके अनन्तर ज्वर न उतरे और बराबर ज्वर बढता रहें तो यह भी हानिकारक समझा जाता है । यदि एक मसूरिका निकल रही होय और उसमेंसे दूसरी और निकले तो यह भी खराब समझी जाती । मसूरिकाकी अपेक्षा खसरेका मवाद पित्त और रक्तके दूषित परमाणुओंको लेकर रूक्षतालिये हुए होता है इसी कारणसे खसरेकी फुंसियाँ अधिक बारीक होती हैं । वाजरा व सरसोंके समान चर्म जिल्दसे कुछ उठी हुई होती है, उनमें से पानी व पीब नहीं निकलता वे ऐसे ही सूख जाती हैं और बारीक भूसीकेसे छिलके उतर जाते हैं, यदि खसरा किसी कारणसे बिगड जावे तो मनुष्यको हानिकारक हो जाता है । खसरेकी रंगत स्याह होय और उसमें सुखकी झलक मारती होय अथवा निकलते दो एकदम लुप्त हो जावें तो यह चिह्न भी इसका हानिकारक समझा जाता है । यदि इस रोगीकी मृत्यु होनेवाली होय तो वह चार - पाँच प्रहर प्रथमसे ही चैतन्यता रहित और बेहोश हो जाता है । यह मसूरिका रोग बालकोंके अतिरिक्त वडी उमरके मनुष्योंको भी होता है, इसका कारण यह है कि एक तो ऋतु ह्रासके विपरीत होने तथा उस ऋतुके विरुद्ध आहार विहार करनेसे होता है बालकोंकी अपेक्षा बडी उमरके मनुष्योंको कम उत्पन्न होता है । यहांतक इस रोगके विषय में जो कुछ अनुभव इस अवधिमें हमको हुआ है वह लिखा गया है नीचे आयुर्वेदसे लिखा जाता है ।
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PATNA: थर्सडे को सीएम नीतीश कुमार ने जेडीयू के नेशनल प्रेसीडेंट के रूप में वर्चुअल संवाद श्रृंखला के 5वें दिन जदयू के नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास के बूथ स्तरीय पदाधिकारियों से बात की। आपदा की चर्चा करते हुए लालू-राबड़ी के पंद्रह वर्षो के शासन पर निशाना साधा। सीएम ने कहा कि याद नहीं कि पति-पत्नी की सरकार ने आपदा पीडि़तों के लिए कभी कुछ किया। वहीं हमें जब काम करने का मौका मिला तो हमने आपदा प्रबंधन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोस्डेयोर (एसओपी) बनाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे खिलाफ बोलते रहते हैं। दरअसल जिन्हें उल्टा-पुल्टा करने का मौका नहीं मिल रहा वही ऐसा कर रहे। वहीं कुछ और लोग ऐसे हैं जिन्हें हमारे द्वारा लागू की गयी शराबबंदी पसंद नहीं है। ये लोग अनाप-शनाप प्रचारित करते हैं।
नीतीश ने कहा कि उन लोगों को जब मौका मिला तो अपनों के लिए काम किया, लोगों का खयाल नहीं रखा। वहीं मुझे जब अवसर मिला तो हमने अपनों के लिए नहीं लोगों के लिए काम किया। आज तक जो भी काम किया वह सकारात्मक किया।
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PATNA: थर्सडे को सीएम नीतीश कुमार ने जेडीयू के नेशनल प्रेसीडेंट के रूप में वर्चुअल संवाद श्रृंखला के पाँचवें दिन जदयू के नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास के बूथ स्तरीय पदाधिकारियों से बात की। आपदा की चर्चा करते हुए लालू-राबड़ी के पंद्रह वर्षो के शासन पर निशाना साधा। सीएम ने कहा कि याद नहीं कि पति-पत्नी की सरकार ने आपदा पीडि़तों के लिए कभी कुछ किया। वहीं हमें जब काम करने का मौका मिला तो हमने आपदा प्रबंधन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोस्डेयोर बनाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे खिलाफ बोलते रहते हैं। दरअसल जिन्हें उल्टा-पुल्टा करने का मौका नहीं मिल रहा वही ऐसा कर रहे। वहीं कुछ और लोग ऐसे हैं जिन्हें हमारे द्वारा लागू की गयी शराबबंदी पसंद नहीं है। ये लोग अनाप-शनाप प्रचारित करते हैं। नीतीश ने कहा कि उन लोगों को जब मौका मिला तो अपनों के लिए काम किया, लोगों का खयाल नहीं रखा। वहीं मुझे जब अवसर मिला तो हमने अपनों के लिए नहीं लोगों के लिए काम किया। आज तक जो भी काम किया वह सकारात्मक किया।
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नई दिल्ली : सिक्स पैक ऐब्स और एट पैक ऐब्स फिल्मों की बातें होती हैं. सलमान खान, शाहरुख और आमिर जैसे स्टार भी अपने ऐब्स दिखा चुके हैं. हालांकि, फिल्मों के देखा-देखी भी अब लोग अपनी बॉडी पर काम करने लगे हैं और ऐब्स बनाने लगे हैं. मगर इसके लिए भी लोग एक खास उम्र का इंतजार करते हैं.
मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि एक सात साल के बच्चे ने अपने बॉडी को इस तरह बना लिया है कि उसके सामने बड़े-बड़े बॉडी बिल्डर भी पानी भरने लगेंगे. दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे चीनी के झेजियांग प्रांत का साढ़े सात साल के चेन यी का एट पैक ऐब्स देखकर लोग दंग रह जा रहे हैं.
दरअसल, चीन में ओलंपिक के लिए बच्चों को शुरू से ही तैयार कराया जाता है. यही वजह है कि 7 साल का जिम्नास्ट चेन यी अपने इस एट पैक्स के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है.
लोगों की नजर जब चेन पर पड़ी तो लोगों की आंखें खुली कि खुली रह गईं. हैरानी इस बात की है कि इतनी कम उम्र में ही चेन ने कई उपलब्धियों को अपने नाम कर चुके हैं.
हैंगझू में एक बड़े स्तर पर आयोजित जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में चेन 6 गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुका है. 'पीपल्स डेली चाइना' ने फेसबुक पर इस बच्चे की तस्वीर पोस्ट की है, जो बहुत तेजी से वायरल हो रही है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि जब वह महज 5 सालका था तब से ही उसकी ट्रेनिंग एक प्रोफेशनल जिम्नास्ट की तरह हो रही है. काफी टफ ट्रेनिंग होने के बावजूद चेन हार नहीं मानता. वो जब केजी क्लास में था, तब उसका साहस और जंपिंग स्कूल और फुर्ती देखकर उसे जिम्नास्ट के लिए चुन लिया गया था.
अगर चेने के कोच की मानें तो इसके इस बेहतरीन ऐब्स के पीछे वजह ये है कि वह ट्रेनिंग में घंटो समय खपाता है. साथ ही उसका फिगर भी बेहतर है. कोच का कहना है कि वह पढ़ाई के साथ-साथ अपनी ट्रेनिंग भी ध्यान रखता है.
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नई दिल्ली : सिक्स पैक ऐब्स और एट पैक ऐब्स फिल्मों की बातें होती हैं. सलमान खान, शाहरुख और आमिर जैसे स्टार भी अपने ऐब्स दिखा चुके हैं. हालांकि, फिल्मों के देखा-देखी भी अब लोग अपनी बॉडी पर काम करने लगे हैं और ऐब्स बनाने लगे हैं. मगर इसके लिए भी लोग एक खास उम्र का इंतजार करते हैं. मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि एक सात साल के बच्चे ने अपने बॉडी को इस तरह बना लिया है कि उसके सामने बड़े-बड़े बॉडी बिल्डर भी पानी भरने लगेंगे. दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे चीनी के झेजियांग प्रांत का साढ़े सात साल के चेन यी का एट पैक ऐब्स देखकर लोग दंग रह जा रहे हैं. दरअसल, चीन में ओलंपिक के लिए बच्चों को शुरू से ही तैयार कराया जाता है. यही वजह है कि सात साल का जिम्नास्ट चेन यी अपने इस एट पैक्स के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों की नजर जब चेन पर पड़ी तो लोगों की आंखें खुली कि खुली रह गईं. हैरानी इस बात की है कि इतनी कम उम्र में ही चेन ने कई उपलब्धियों को अपने नाम कर चुके हैं. हैंगझू में एक बड़े स्तर पर आयोजित जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में चेन छः गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुका है. 'पीपल्स डेली चाइना' ने फेसबुक पर इस बच्चे की तस्वीर पोस्ट की है, जो बहुत तेजी से वायरल हो रही है. आपको जानकर हैरानी होगी कि जब वह महज पाँच सालका था तब से ही उसकी ट्रेनिंग एक प्रोफेशनल जिम्नास्ट की तरह हो रही है. काफी टफ ट्रेनिंग होने के बावजूद चेन हार नहीं मानता. वो जब केजी क्लास में था, तब उसका साहस और जंपिंग स्कूल और फुर्ती देखकर उसे जिम्नास्ट के लिए चुन लिया गया था. अगर चेने के कोच की मानें तो इसके इस बेहतरीन ऐब्स के पीछे वजह ये है कि वह ट्रेनिंग में घंटो समय खपाता है. साथ ही उसका फिगर भी बेहतर है. कोच का कहना है कि वह पढ़ाई के साथ-साथ अपनी ट्रेनिंग भी ध्यान रखता है.
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नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई और गेहूं की बढ़ती कीमत के बीच अब भारतीयों को एक और झटका लगा है। देश में चावल की कीमत (Rice price) में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। डोमेस्टिक और ग्लोबल दोनों बाजारों में पिछले पांच दिनों में चावल की कीमत 10 फीसदी बढ़ गई है। दरअसल पड़ोसी देश बांग्लादेश की वजह से भारत में चावन महंगा हुआ है। बांग्लादेश आमतौर पर अपनी चावल की जरूरतों को भारत से खरीदकर पूरा करता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इन दिनों बांग्लादेश में चावल की किल्लत हो गई है। ऐसे में वहां चावल काफी महंगा होता जा रहा है। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए पड़ोसी देश की सरकार ने भारत से चावल का आयात बढ़ाने के लिए ड्यूटी कम करने का फैसला लिया। बांग्लादेश सरकार ने चावल के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी और टैरिफ को 62. 5 फीसदी से कम करके 25 फीसदी कर दिया है।
राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीवी कृष्ण राव ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि, 'पिछले पांच दिनों में, भारतीय गैर-बासमती चावल की कीमत वैश्विक बाजारों में 350 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 360 डॉलर प्रति टन हो गई है। बांग्लादेश से खबर आने के बाद ऐसा हुआ है। '
पड़ोसी राष्ट्र ने 22 जून को एक अधिसूचना जारी की, जो 31 अक्टूबर तक गैर-बासमती चावल के आयात की अनुमति देती है। यह पहली बार है जब बांग्लादेश ने इतनी जल्दी भारत से चावल का आयात करना शुरू कर दिया है। चावल निर्यात प्रतिबंध की आशंकाओं के बीच ऐसा किया जा रहा है।
तिरुपति कृषि ट्रेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज अग्रवाल ने बताया कि, 'चावल की कीमत पहले ही 10 फीसदी बढ़ चुकी है और अभी भी बढ़ रही हैं। बांग्लादेश आमतौर पर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार से चावल खरीदता है। इन तीन राज्यों में, चावल की आम किस्म की कीमत 20 फीसदी बढ़ी है। इन तीन राज्यों में कीमत में वृद्धि से अन्य क्षेत्रों में भी चावल की कीमत पर प्रभाव पड़ा है, जहां यह 10 फीसदी तक बढ़ गई है। '
Times Now Navbharat पर पढ़ें Business News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
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नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई और गेहूं की बढ़ती कीमत के बीच अब भारतीयों को एक और झटका लगा है। देश में चावल की कीमत में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। डोमेस्टिक और ग्लोबल दोनों बाजारों में पिछले पांच दिनों में चावल की कीमत दस फीसदी बढ़ गई है। दरअसल पड़ोसी देश बांग्लादेश की वजह से भारत में चावन महंगा हुआ है। बांग्लादेश आमतौर पर अपनी चावल की जरूरतों को भारत से खरीदकर पूरा करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन दिनों बांग्लादेश में चावल की किल्लत हो गई है। ऐसे में वहां चावल काफी महंगा होता जा रहा है। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए पड़ोसी देश की सरकार ने भारत से चावल का आयात बढ़ाने के लिए ड्यूटी कम करने का फैसला लिया। बांग्लादेश सरकार ने चावल के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी और टैरिफ को बासठ. पाँच फीसदी से कम करके पच्चीस फीसदी कर दिया है। राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीवी कृष्ण राव ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि, 'पिछले पांच दिनों में, भारतीय गैर-बासमती चावल की कीमत वैश्विक बाजारों में तीन सौ पचास डॉलर प्रति टन से बढ़कर तीन सौ साठ डॉलर प्रति टन हो गई है। बांग्लादेश से खबर आने के बाद ऐसा हुआ है। ' पड़ोसी राष्ट्र ने बाईस जून को एक अधिसूचना जारी की, जो इकतीस अक्टूबर तक गैर-बासमती चावल के आयात की अनुमति देती है। यह पहली बार है जब बांग्लादेश ने इतनी जल्दी भारत से चावल का आयात करना शुरू कर दिया है। चावल निर्यात प्रतिबंध की आशंकाओं के बीच ऐसा किया जा रहा है। तिरुपति कृषि ट्रेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज अग्रवाल ने बताया कि, 'चावल की कीमत पहले ही दस फीसदी बढ़ चुकी है और अभी भी बढ़ रही हैं। बांग्लादेश आमतौर पर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार से चावल खरीदता है। इन तीन राज्यों में, चावल की आम किस्म की कीमत बीस फीसदी बढ़ी है। इन तीन राज्यों में कीमत में वृद्धि से अन्य क्षेत्रों में भी चावल की कीमत पर प्रभाव पड़ा है, जहां यह दस फीसदी तक बढ़ गई है। ' Times Now Navbharat पर पढ़ें Business News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
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पाकिस्तान में परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति पद पर अपने दूसरे कार्यकाल के लिए 29 नवंबर को शपथ लेंगे और इससे पहले वे अपना सैनिक ओहदा छोड़ देंगे.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता मेजर जनरल राशिद कुरैशी ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा कि शपथ ग्रहण से पहले मंगलवार और बुधवार को वे सेनाध्यक्ष के रुप में फेयरवेल पार्टियों में जाएँगे.
जब उनसे पूछा गया कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का ओहदा कब छोड़ेंगे, शपथ ग्रहण वाले दिन या उससे पहले, इसके जवाब में उनके प्रवक्ता ने कहा, "शपथ लेने से पहले वे हैंडओवर (सेनाध्यक्ष के पद का) करेंगे, नए आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनेंगे और उसके बाद वे सिविलियन प्रेसीडेंट के रूप में शपथ लेंगे. "
जनरल कुरैशी ने कहा, "जिस वक़्त जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ अपना चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ का ओहदा छोड़ेंगे उस वक़्त से जनरल अशफ़ाक कियानी सेनाध्यक्ष बन जाएँगे. इसके अगल दिन मुशर्रफ़ साहब एक सिविलयन प्रेसीडेंट के तौर पर शपथ लेंगे. "
जब राष्ट्रपति के प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या वे शपथ लेने के बाद इमरजेंसी हटाने का इरादा रखते हैं तो इसके जवाब जनरल कुरैशी ने कहा, "अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, जब वक़्त आएगा तो इसके बारे में फ़ैसला किया जाएगा, मुशर्रफ़ साहब पहले ही कह चुके हैं कि जब हालात ऐसे होंगे कि इमरजेंसी की ज़रूरत न हो, तो इमरजेंसी हटा ली जाएगी. "
पाकिस्तान में आठ जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए विपक्षी नेताओं बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ ने नामांकन दाख़िल कर दिया है.
नवाज़ शरीफ़ का विमान रविवार रात लाहौर हवाई अड्डे पर उतरा. सऊदी अरब से उनके साथ उनकी पत्नी कुलसुम नवाज़ और भाई शाहबाज़ शरीफ़ भी आए हैं.
उन्होंने बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में कहा, "हम देश में क़ानून का शासन चाहते हैं. हमें जम्हूरियत चाहिए और कुछ नहीं. "
नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "ये मेरी ज़िंदगी का बेहतरीन लम्हा है. मैं उन लोगों का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मेरा साथ दिया. "
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वो 1977 के संविधान की बहाली के लिए काम करेंगे.
उन्होंने स्पष्ट किया कि वो बदले की राजनीति के तहत आगे नहीं बढ़ेंगे. इस सवाल पर कि क्या वो जनरल मुशर्रफ़ के साथ मिल कर काम करेंगे तो उनका कहना था, "हमारा एजेंडा उनसे अलग है. "
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पाकिस्तान में परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति पद पर अपने दूसरे कार्यकाल के लिए उनतीस नवंबर को शपथ लेंगे और इससे पहले वे अपना सैनिक ओहदा छोड़ देंगे. पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता मेजर जनरल राशिद कुरैशी ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा कि शपथ ग्रहण से पहले मंगलवार और बुधवार को वे सेनाध्यक्ष के रुप में फेयरवेल पार्टियों में जाएँगे. जब उनसे पूछा गया कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का ओहदा कब छोड़ेंगे, शपथ ग्रहण वाले दिन या उससे पहले, इसके जवाब में उनके प्रवक्ता ने कहा, "शपथ लेने से पहले वे हैंडओवर करेंगे, नए आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनेंगे और उसके बाद वे सिविलियन प्रेसीडेंट के रूप में शपथ लेंगे. " जनरल कुरैशी ने कहा, "जिस वक़्त जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ अपना चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ का ओहदा छोड़ेंगे उस वक़्त से जनरल अशफ़ाक कियानी सेनाध्यक्ष बन जाएँगे. इसके अगल दिन मुशर्रफ़ साहब एक सिविलयन प्रेसीडेंट के तौर पर शपथ लेंगे. " जब राष्ट्रपति के प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या वे शपथ लेने के बाद इमरजेंसी हटाने का इरादा रखते हैं तो इसके जवाब जनरल कुरैशी ने कहा, "अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, जब वक़्त आएगा तो इसके बारे में फ़ैसला किया जाएगा, मुशर्रफ़ साहब पहले ही कह चुके हैं कि जब हालात ऐसे होंगे कि इमरजेंसी की ज़रूरत न हो, तो इमरजेंसी हटा ली जाएगी. " पाकिस्तान में आठ जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए विपक्षी नेताओं बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ ने नामांकन दाख़िल कर दिया है. नवाज़ शरीफ़ का विमान रविवार रात लाहौर हवाई अड्डे पर उतरा. सऊदी अरब से उनके साथ उनकी पत्नी कुलसुम नवाज़ और भाई शाहबाज़ शरीफ़ भी आए हैं. उन्होंने बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में कहा, "हम देश में क़ानून का शासन चाहते हैं. हमें जम्हूरियत चाहिए और कुछ नहीं. " नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "ये मेरी ज़िंदगी का बेहतरीन लम्हा है. मैं उन लोगों का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मेरा साथ दिया. " पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वो एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर के संविधान की बहाली के लिए काम करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि वो बदले की राजनीति के तहत आगे नहीं बढ़ेंगे. इस सवाल पर कि क्या वो जनरल मुशर्रफ़ के साथ मिल कर काम करेंगे तो उनका कहना था, "हमारा एजेंडा उनसे अलग है. "
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भी है । प्रत्यक्ष विधि-निर्माण का सरलतापूर्वक प्रयोग केवल उन राज्यों में ही किया जा सकता है जिसका आधार एवं जनसंख्या विशाल न हो जिसकी आन्तरिक पूर्णचेतना एवं बाह्य समस्या अधिक जटिल न हो तथा नागरिकों में राजनीतिक चेतना पूर्णतया विकसित हो चुकी हो ।
५. प्रदत्त विधि-निर्माण
वास्तव में प्रदत्त विधि- निर्माण (Delegated legislation ) कार्यपालिका अथवा सम्बन्धित प्रशासनिक विभागों के उच्च अधिकारियों का कार्य है; फिर भी यह एक प्रकार का विधि-निर्माण है, अतः उसकी आवश्यकता और उसके ऊपर विधानमण्डल के नियन्त्रण का संक्षिप्त विवेचन इस अध्याय में दिया जा रहा है। पहले भी और विशेषकर आजकल, यह सम्भव नहीं रहा कि विधायिका प्रत्येक आपात काल के लिए कानून बनाने की व्यवस्था पहले से ही करने अथवा प्रत्येक कानून में उसे प्रभावी बनाने के लिए विस्तार की सभी बातों का समावेश कर दे । ऐसी परिस्थितियों में कार्यपालिका को सम्बन्धित कानूनों के अन्तर्गत विनियम तथा नियम आदि बनाने की शक्ति प्रदान कर दी जाती है ।
संक्षेप में प्रदत्त विधि-निर्माण के लिए ये कारण उत्तरदायी हैं - (१) सभी विधायिकाओं को अनेक कानून बनाने पड़ते हैं और उनके पास समय का अभाव रहता है; अतः प्रदत्त विधि-निर्माण के द्वारा विधायिका का कार्य - भार काफी हल्का हो जाता है । (२) जिन बातों के बारे में विधायिका कार्यपालिका को प्रदत्त विधिनिर्माण का अधिकार देती है, वे सामान्यतः बहुत पेचीदा और प्राविधिक होती है । उनके बारे में प्रशासनिक विभागों के अधिकारी सम्बन्धित कानूनों के अन्तर्गत अधिक अच्छी प्रकार से आवश्यक विनिमय तथा नियम वना सकते हैं । ( ३ ) इस पद्धति में विनियोग तथा नियमों को विभिन्न वर्गों और व्यक्तियों की आवश्यकताओं और उनके सम्बन्धित हितों पर पड़ने वाले प्रकाश की दृष्टि से समय-समय पर परिवर्तित किया जा सकता है । (४) यदि कोई प्राविधान व्यवहार में संतोषप्रद न सिद्ध है हो तो उसमें सफलता से आवश्यक परिवर्तन किया जा सकता है ।
उपरोक्त कारणों के परिणामस्वरूप, प्रशासन के अनेक क्षेत्रों-कृषि, उद्योग, निर्धन सहायता, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा आदि में नियम विनिमय और आदेश सामान्य कानूनों के अन्तर्गत सम्बन्धित विभागों के उच्च अधिकारियों द्वारा बनाये जाते हैं । इस प्रकार विधायिका का महत्व कुछ कम हो गया है और कार्यपालिका का महत्व बढ़ गया है । परन्तु प्रदत्त विधि-निर्माण के सम्बन्ध में यह ध्यान अवश्य ही रखा जाना चाहिए कि जिन बातों के बारे में कार्यपालिका को विधि-निर्माण का कार्य सौंपा जावे वे सम्पूर्ण विधायी सिद्धान्त की न हों। विधायिका को यह भी देखना
1. ...in the present phase of the constitution the centre of gravity has shifted to the Executive and the role of Parliament has proportionately diminished, but care should be taken that what is left to the executive is not matter of substantive legislative principle
-J, C. Charlesworth, Governmental Administration, pp. 64-66.
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भी है । प्रत्यक्ष विधि-निर्माण का सरलतापूर्वक प्रयोग केवल उन राज्यों में ही किया जा सकता है जिसका आधार एवं जनसंख्या विशाल न हो जिसकी आन्तरिक पूर्णचेतना एवं बाह्य समस्या अधिक जटिल न हो तथा नागरिकों में राजनीतिक चेतना पूर्णतया विकसित हो चुकी हो । पाँच. प्रदत्त विधि-निर्माण वास्तव में प्रदत्त विधि- निर्माण कार्यपालिका अथवा सम्बन्धित प्रशासनिक विभागों के उच्च अधिकारियों का कार्य है; फिर भी यह एक प्रकार का विधि-निर्माण है, अतः उसकी आवश्यकता और उसके ऊपर विधानमण्डल के नियन्त्रण का संक्षिप्त विवेचन इस अध्याय में दिया जा रहा है। पहले भी और विशेषकर आजकल, यह सम्भव नहीं रहा कि विधायिका प्रत्येक आपात काल के लिए कानून बनाने की व्यवस्था पहले से ही करने अथवा प्रत्येक कानून में उसे प्रभावी बनाने के लिए विस्तार की सभी बातों का समावेश कर दे । ऐसी परिस्थितियों में कार्यपालिका को सम्बन्धित कानूनों के अन्तर्गत विनियम तथा नियम आदि बनाने की शक्ति प्रदान कर दी जाती है । संक्षेप में प्रदत्त विधि-निर्माण के लिए ये कारण उत्तरदायी हैं - सभी विधायिकाओं को अनेक कानून बनाने पड़ते हैं और उनके पास समय का अभाव रहता है; अतः प्रदत्त विधि-निर्माण के द्वारा विधायिका का कार्य - भार काफी हल्का हो जाता है । जिन बातों के बारे में विधायिका कार्यपालिका को प्रदत्त विधिनिर्माण का अधिकार देती है, वे सामान्यतः बहुत पेचीदा और प्राविधिक होती है । उनके बारे में प्रशासनिक विभागों के अधिकारी सम्बन्धित कानूनों के अन्तर्गत अधिक अच्छी प्रकार से आवश्यक विनिमय तथा नियम वना सकते हैं । इस पद्धति में विनियोग तथा नियमों को विभिन्न वर्गों और व्यक्तियों की आवश्यकताओं और उनके सम्बन्धित हितों पर पड़ने वाले प्रकाश की दृष्टि से समय-समय पर परिवर्तित किया जा सकता है । यदि कोई प्राविधान व्यवहार में संतोषप्रद न सिद्ध है हो तो उसमें सफलता से आवश्यक परिवर्तन किया जा सकता है । उपरोक्त कारणों के परिणामस्वरूप, प्रशासन के अनेक क्षेत्रों-कृषि, उद्योग, निर्धन सहायता, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा आदि में नियम विनिमय और आदेश सामान्य कानूनों के अन्तर्गत सम्बन्धित विभागों के उच्च अधिकारियों द्वारा बनाये जाते हैं । इस प्रकार विधायिका का महत्व कुछ कम हो गया है और कार्यपालिका का महत्व बढ़ गया है । परन्तु प्रदत्त विधि-निर्माण के सम्बन्ध में यह ध्यान अवश्य ही रखा जाना चाहिए कि जिन बातों के बारे में कार्यपालिका को विधि-निर्माण का कार्य सौंपा जावे वे सम्पूर्ण विधायी सिद्धान्त की न हों। विधायिका को यह भी देखना एक. ...in the present phase of the constitution the centre of gravity has shifted to the Executive and the role of Parliament has proportionately diminished, but care should be taken that what is left to the executive is not matter of substantive legislative principle -J, C. Charlesworth, Governmental Administration, pp. चौंसठ-छयासठ.
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क्या ट्रंप ने महाभियोग से बचने के लिए ईरान पर एयर स्ट्राइक कर दी?
शातिर चालों से उड़ा रखी थी US और मिडल ईस्ट की नींद, 5 प्वॉइंट्स में जानें कौन थे जनरल कासिम सुलेमानी?
ब्लूटूथ चप्पल, मक्खी डिवाइस और वॉकी टॉकी... ये बिहार के हाईटेक 'नकलची'
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क्या ट्रंप ने महाभियोग से बचने के लिए ईरान पर एयर स्ट्राइक कर दी? शातिर चालों से उड़ा रखी थी US और मिडल ईस्ट की नींद, पाँच प्वॉइंट्स में जानें कौन थे जनरल कासिम सुलेमानी? ब्लूटूथ चप्पल, मक्खी डिवाइस और वॉकी टॉकी... ये बिहार के हाईटेक 'नकलची' पटना में लालू-नीतीश की मुलाकात, जानिए क्या हुई बात?
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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बता दें कि इस ऑफिस में एक केयरटेकर कोरोना पॉटिटिव निकला है जिसके बाद ये एक्शन लिया गया है। ये मामला शनिवार को सामने आया था इसके बाद से अब वहां किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। टी-सीरीज प्रवक्ता ने पीटीआई से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी थी कि. .
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अभिवादन, मेरे पाठकों और आलोचकों को। मैं यूक्रेन के नए इतिहासकार की ओर से अभिवादन करता हूं। कौन नहीं समझता, नया महान इतिहासकार मैं हूं। और क्या? आज हमारे पास कई इतिहासकार हैं। और मैं क्या बुरा हूँ? क्या आप जानते हैं कि मैं आज इतिहासकार क्यों हूं? इस पर विश्वास मत करो, लेकिन . . . रूस को दोष देना है!
अब मैं बैठा हूं, सोच रहा हूं। मैं खिड़की से बाहर देखता हूं। इतिहासकार और दार्शनिक - वे हैं। प्रतिबिंबित और खिड़की से बाहर देखो। ताकि मेरे सिर में विचार प्रकट हों। खैर, पौधों में क्लोरोफिल की तरह। और आप जानते हैं, पहले चतुर विचार का जन्म हुआ था।
Вот вы смеётесь над нашим безвизом. Морковка перед носом ослов. И что? Так Россия виновата, что нас из-за вас в ЕС не пускают! Ваш Пётр Великий виноват! Вот давайте я как исторический философ или философский историк украинского пошиба вас спрошу. Что великого сделал Пётр?
मुझे यकीन है कि अब सबसे अधिक सोचा गया हैः "एक तिलचट्टा एक मूर्ख है! पीटर ने यूरोप में एक खिड़की काट दी! पीटर के लिए धन्यवाद, हम जानते हैं कि यूरोपीय कैसे रहते हैं, ये सार्वभौमिक मूल्य फिर से हैं। संक्षेप में, पीटर ने यूरोप का खुलासा किया! "
इसलिए हम केवल वही देखते हैं जो हमें इस विंडो में दिखाया गया है। दिखाएँ! और जो भी वहां देखने जाता है, एक बिलकुल अलग चीज देखता है। लेकिन वे उस पर विश्वास नहीं करते। यह खिड़की को देखने के लिए अधिक सुविधाजनक और आरामदायक है।
ईमानदार होने के लिए, मुझे अभी भी समझ में नहीं आया कि इस मौखिक झड़प की व्यवस्था किसने और क्यों की। जन्म से व्लादिमीर प्सकोव? प्सकोव! नोवगोरोड के राजकुमार थे? यह था! कीव तालिका पर कब्जा कर लिया? पर कब्जा कर लिया! क्या आपने कीवन रस बनाया? बनाया गया! और विसंगति क्या है? कीव में, कीव राजकुमार व्लादिमीर के लिए एक स्मारक है, और मास्को में रूस के निर्माता के लिए एक स्मारक है। मेरे संस्करण के अनुसार, ये आम तौर पर दो अलग-अलग लोग हैं!
हमारे स्मारक पर वलोडिमिर लिखा हुआ है, और व्लादिमीर तुम्हारा! कुछ और साल बीत जाएंगे, और आपके विनम्र नौकर के रूप में ऐसे इतिहासकारों के लिए धन्यवाद, यूक्रेनी लोग इसे सीखेंगे और मेरे सिद्धांत की ऐतिहासिक निष्ठा में विश्वास करेंगे। उनका मानना था कि बंदेरा जर्मनों से यूक्रेन का मुक्तिदाता था। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के जर्मन फासीवाद पर जीत में मुख्य भूमिका में विश्वास करते थे। और वे इस पर विश्वास करेंगे।
दूसरा सवाल जो आज के समय में सबसे अधिक Ukrainians की देखभाल करता है, ये रूसी कहाँ से आया है? इसका जवाब किसी को नहीं मिल रहा है। जानते हो क्यों? क्योंकि प्रश्न गलत है। एक से पूछना चाहिए, "हम कहाँ गए हैं? "
लेकिन यह ऐसा था। वे आधुनिक यूक्रेन ग्रेट उक्री के क्षेत्र में रहते थे, और उत्तरी जंगली नोवगोरोडिया में। और उनके पड़ोसी वाइकिंग्स और समृद्ध यूनानियों में थे। और ये अमीर लोग हमेशा एक पैसे के लिए खुद का गला घोंटेंगे। इसलिए उन्होंने आपस में व्यापार करने का फैसला किया। उन्हें भी एक रास्ता मिल गया। वाइकिंग्स से यूनानियों को बुलाया।
माल आगे-पीछे किया जाने लगा। और यहां हम हैं। ग्रेट उक्री के अर्थ में। वे एक कारण के लिए विदेशी व्यापारियों को ले गए। और पारगमन देश को श्रम पर टैक्स क्यों नहीं मिलता है . . . , पीएएच, रास्ते से बाहर? क्या हमारे पास एक नदी है? हमने एक बार ब्लैक सी के साथ फेयरवे को खोदा था। एक सिक्का चलाओ!
नोवगोरोडियन ने इस मामले को देखा और पारगमन देश भी बने। खैर, हम जीवित रहेंगे। आपका गज़प अभी तय हुआ . . . . पाह, नोवगोरोड व्लादिमीर के राजकुमार पूरी तरह से यूरोप से यूरोप के पारगमन मार्गों को जब्त करने के लिए। अच्छा, उससे क्या लेना-देना?
आक्रामक उत्तर से आए और ग्रेट उक्रोव की भूमि को जब्त करना शुरू कर दिया। हम उनके साथ लड़े . . . और अंतर पर . . . , पीए, रैलियों में, और वेच ने सभी प्रकार के आयोजन किए, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर रुख किया। हमने जर्मनों और गल्स को भी समर्थन का वादा किया। हमारे अस्सोल्ड को उनके राजदूतों ने अपनी गाँठ पोंछने के लिए आए। वे केवल जंगली नोवगोरोडियन से डरते थे। फिर, हालांकि, 250 वर्षों के बाद, उन्होंने फिर भी समर्थन करने का फैसला किया। नोवगोरोड के लिए एक सेना भेजी गई थी। केवल जंगली नोवगोरोडियनों ने झील में सभ्य यूरोप की सेना को डुबो दिया . . . इसलिए रूस का गठन किया गया था।
सब। यूक्रेनी वैज्ञानिकों के काम करने से थक गए। उन्हें इसके साथ आने दो। जल्द ही उन्हें इसके लिए काफी भुगतान किया जाएगा। और आप, प्रिय पाठकों, यह ऐतिहासिक बकवास शायद पढ़ने के लिए उबाऊ है। क्योंकि आप एक अलग कहानी जानते हैं। और आपकी पाठ्यपुस्तकों से चमक उठे, और "पीटर की खिड़की" से। लेकिन आज के मामले आपके लिए अधिक दिलचस्प होंगे।
लेकिन मैंने सिर्फ एक ऐतिहासिक भ्रमण नहीं किया। देशभक्ति! यही मैं आज के बारे में बात करना चाहता हूं। और हम अपने देसी कवि के अगले "काम" से शुरू करेंगे।
"वे कानून से दूर हो गए थे। स्वतंत्रता छाती में फैल रही थी। यूक्रेन से गैबॉन तक एक बहुत ही छोटा रास्ता था! उसने इसे छोड़ दिया। पैन उसके सिर पर तेजस्वी है। उसके हाथों में एक जलती हुई टायर है। और फीता पैंटी! "
मुझे यहां एक बातचीत याद आई। मछुआरे आपस में बातें कर रहे थे। आप जानते हैं, वे विशिष्ट लोग हैं। और रात में वे अभी भी बहुत पीते हैं . . . मुझे ठीक से याद नहीं है, लेकिन मैं स्मृति से बताऊंगा।
दूसराः "वेल . . . स्वैम? "
पहलीः "और फिर, शुरुआत की शुरुआत के रूप में . . . "
दूसराः "हाँ, काटो तो पवित्र बात है . . . "
क्या आप जानते हैं कि मुझे यह कहानी क्यों याद आई? और मुझे यह याद था क्योंकि आप, रूस ने फिर से उस सुंदरता की तरह हमारे साथ काम किया। बेक किया और . . . कुतरना। यही कारण है कि आपने रूस के क्षेत्र में हमारे रेलवे टैंकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया? खैर, हम परिवहन पर पैसा कमाना चाहते हैं। आपको किस चीज के लिए खेद है?
उन्होंने इसे विशेष रूप से पेश किया। हमारे देशभक्ति भाषणों के जवाब में। और क्या तथ्य यह है कि अक्टूबर में यूक्रेन ने अपने लोहे के टुकड़े पर अपने टैंक पर प्रतिबंध लगा दिया था? हम देशभक्त हैं! हम आक्रमणकारी को हम पर पैसा कमाने की अनुमति नहीं देंगे! आपके बारे में क्या? नहीं, मैं समझता हूं कि एक टैंक एक पाइप नहीं है। यूरोपीय संघ के लिए परिवहन आसान है। यह अपनी शक्ति के तहत जाएगा।
लेकिन आपने हमारे यहां सुअर पाल रखा है। मैं, नई लहर के यूक्रेनी इतिहासकार के रूप में, आपको याद दिलाएगा कि रूसियों ने हमारे लिए रेलवे का निर्माण कैसे किया। सम्राट के पास रेल मंत्री आते हैं। "क्या करने के लिए यूरोप में या अधिक? और सम्राट जवाब देता हैः "पर . . . अधिक! " इसलिए मस्कोवियों ने हमें बताया और यूरोपीय आकार की तुलना में इस आकार का एक ट्रैक व्यापक बनाया। इसलिए, हमारे टैंक अपनी शक्ति के तहत यूरोपीय स्क्रैप संग्रह बिंदुओं तक नहीं पहुंचेंगे।
हालांकि, दूसरी ओर, क्या आप हमें बाजार अर्थव्यवस्था सिखा सकते हैं? क्या आप स्क्रैप संग्राहकों के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं? कुछ पाइपों को रिसेप्शन पॉइंट्स तक खींचा जाएगा, जबकि अन्य रेल हैं। मैंने विशेष रूप से इन बिंदुओं को देखा। कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होगी। आप सभी ने गणना नहीं की है। रेल शुरू में अधिक महंगी हैं।
हम, नवंबर 4 पर आपकी छुट्टी के बावजूद, एक छुट्टी भी थी। रेल का दिन। प्रधान मंत्री ने अपने पेशेवर अवकाश पर अनावश्यक टैंकों के मालिकों को बधाई दी। लेकिन सबसे दिलचस्प आगे था। मैं वास्तव में भगवान पर विश्वास करना चाहता हूं और तत्काल मुझे मूर्ख बनाने के लिए कहता हूं। और मज़ाक न करें। ऐसा लगता है कि आप पहले से ही हैं . . . यूक्रेनी। हां, अमेरिकी, यूरोपीय, हमारी सरकार मेरी तरह। जबकि "पसंद है"। अब तक, मेरे देश में सब कुछ चोरी नहीं हुआ है। और फिर? भगवान, मुझे बेवकूफ बनाओ ताकि मुझे हमारी नैतिक सरकार पसंद आए!
वुडहाउस, ग्रिसमैन को लें। आपने क्या उपयोग किया? मुझे नवंबर 7 पर दोस्तों के साथ मेरा एक दिग्गज मिला है। वह खुद को घसीट कर घर ले आया। मेरी बेटी ने हमें देखा क्योंकि हम उसे बिस्तर पर खींच ले गए। एक तिलचट्टा ले लो और बाहर blurt। "मुझे आश्चर्य है कि आपको क्या पीने की ज़रूरत है ताकि फर्श से चिपके रहें? " माँ में बेटी प्रतिक्रिया तुरंत होती है। "माँ, आप गोंद पीना होगा! " और बकवास करने के लिए आपको क्या पीना चाहिए? शायद मैं अपनी बेटी से पूछूं?
मैंने विशेष रूप से हमारे "रेलमार्ग" के साथ बात की। खैर, जो लोग गाड़ियों पर रहते हैं। आतंक! ओडेसा-मॉस्को पहले से ही तिलचट्टे के लिए नरक लगता है। और नीपर-मॉस्को पूरी तरह से एक भूत ट्रेन में बदल गया। चुपचाप मंच पर आ जाता है, चुपचाप कुछ लोगों को उतार देता है और चुपचाप गायब हो जाता है। और हमारे रेलवे के डिफ़ॉल्ट के बारे में रिपोर्टों की पृष्ठभूमि के खिलाफ, प्रदर्शन आम तौर पर मंत्रमुग्ध करता है।
यह तिलचट्टा संक्षारण है। फिर भी, मैंने अपनी बेटी से सही उत्तर पूछा। खैर, हम चौथे क्यों हैं? और उसने किया। यहाँ यह है, शिक्षा! यह पता चला है कि आपको गिनने में सक्षम होने की आवश्यकता है। मैं आपको पाठकों के लिए बताता हूं। आपके पास 100 किमी रेलवे है। और चोरी करने के लिए पैसा है। क्या करें?
और हम देशभक्ति को इस बकवास मानते हैं।
एक बार, बचपन के वर्षों में, मेरे दादाजी ने मुझे सर्वश्रेष्ठ रेचक कहा। खैर, आप जानते हैं कि यह किस लिए है। मैं आपके साथ, निम्नलिखित देशभक्ति कथन के प्रकाश में साझा करूंगा। शायद कोई काम आएगा। तो, सबसे अच्छा रेचक रसभरी है। जंगली। खासकर अगर कोई भालू रास्पबेरी में बैठा हो।
हमारे पास उत्तरी और पूर्वी सीमा पर एक "भालू" बैठा है। और इसका मतलब न केवल घुटकी की सफाई के लिए है, बल्कि स्विडोमो मस्तिष्क की सफाई के लिए भी है। हमारे महान रणनीतिकार और शानदार सैन्य नेता विक्टर मुज़ेन्को ने Ukrainians को चल रहे आधुनिकीकरण के बारे में जानकारी दी . . . मिसाइल और तोपखाने इकाइयाँ! और आप कहते हैं कि हम रॉकेट नहीं बनाते हैं।
Количество боеспособных частей ракетных войск увеличилось в 3 раза! За два года. И не каких-то учебных. Боевых частей! Правда, даже Муженко не смог рассказать Украине о новых ракетах. Наверное, сверхсекретное оружие. Мы теперь совершенствуем организационную структуру, принимаем на вооружение новые тягачи и артсистемы.
अब मैं बैठा हूं और सोच रहा हूं कि क्या हमारी सेना के लिए उन्होंने किसी से अलग-अलग रंगों के रॉकेट लॉन्चर खरीदे हैं। या तो आपको सबसे आधुनिक प्रकार या सैनिकों के प्रकार के निर्माण के बारे में एक संदेश का इंतजार करना चाहिए - रणनीतिक इजेक्शन इकाइयाँ। लेकिन अग्रिम रूप से मुझे देशभक्ति पर गर्व है। और उन्होंने इस बारे में लिखा ताकि रास्पबेरी में "भालू" को पता चले। शायद डर लगता है?
Мы сегодня настолько патриотичны, что даже самим страшно становится. Помните нашу перемогу по созданию новейшего суперсовременного танка "Азов"? Ту перемогу, которая быстро превратилась в зраду из-за некачественных мусорных контейнеров и дверных глазков? Но танк-то был! И есть. . . наверное.
हमने उसे ATEC कारखाने में भेज दिया। संशोधन के लिए। छह महीने तक, आंखों की तलाश की गई, लोहे को एक पुराने कंटेनर में वेल्डेड किया गया। विशेष अभिनव बख़्तरबंद पेंट के साथ चित्रित। और आप कितना कर सकते हैं? संक्षेप में, क्या एक टैंक "आज़ोव" है? क्या ऐसी कोई रेजिमेंट है? तो टैंक रेजिमेंट में होना चाहिए। सामान्य तौर पर, आज़ोव के लोग पहुंचे और कारखाने से सीधे टैंक चुरा लिया। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि टैंक एज़ोव के आधार पर डोनेट्स्क क्षेत्र में स्थित है, और कानून प्रवर्तन एजेंसियां और यूक्रेनी सुरक्षा सेवा इसे नहीं पा सकती हैं।
लेकिन आप जानते हैं, कभी-कभी आप यूक्रेन में इस हथियार की तलाश नहीं करना चाहते हैं। ठीक है। दैनिक ग्रेनेड जो मैंने आपके बारे में लिखा था, जैसा कि वे थे, बने रहें। हम पहले से ही इसके आदी हैं। सच है, आज हम पहले से ही एक नए स्तर के बारे में बात कर सकते हैं। अब दैनिक हथगोले नहीं हैं। अब ग्रेनेड लांचर। कीव में, एक ग्रेनेड लॉन्चर वाले एक व्यक्ति को एक मेट्रो स्टेशन पर हिरासत में लिया गया था। जिसके लिए यह स्पष्ट नहीं है। शायद यह प्रीमियम है? और फिर से। एक एंटी टैंक ग्रेनेड लांचर! लेकिन मेट्रो में टैंक नहीं हैं। भला, हमारी पुलिस का तर्क कहां है? एंटी-टैंक ग्रेनेड लॉन्चर जहां टैंक नहीं हैं वहां क्या खतरा हो सकता है? नहीं!
लेकिन वापस हथियार के लिए। बोरिसोल जिले में एक छोटा गोदाम मिला। मैं नहीं लिखूंगा। ज़रा सोचिए, बंकर में ग्रैड के रॉकेट के समान एक्सएनयूएमएक्स आइटम थे, बीएमपी तोपों के समान वस्तुओं की एक जोड़ी, मैनपाड के समान चार आइटम, एंटी-टैंक खानों के समान एक्सएनयूएमएक्स आइटम, एलएनजी के समान आइटम (चित्रफलक एंटी-टैंक ग्रेनेड लॉन्चर) ), आरपीजी के समान एक आइटम, कवच-भेदी के गोले के समान वस्तुओं का एक गुच्छा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, एक बख़्तरबंद कर्मियों के वाहक के समान एक आइटम।
एक ऐतिहासिक दार्शनिक के रूप में, मैं अपने देश में स्थिति के विकास में वर्तमान रुझानों के बारे में भी सोचता हूं (मैं सोच सकता हूं कि अगर इस तरह की पाठ्यपुस्तक तारकानुष्का द्वारा पढ़ी जाए) तो क्या होगा। संक्षेप में, मैं बैठकर कुछ नहीं करने की सोचता हूं। यहाँ Yushchenko मधुमक्खियों को पाला। Yanukovych शुतुरमुर्ग नस्ल। और पोरोशेंको नस्ल कौन है? मुझे संदेह है कि वह एक देश की आबादी को प्रजनन कर रहा है जो "अभी तक मर नहीं गया है . . . "
मैंने खारकोव में मार्शल लॉ के बारे में आपके प्रेस में पढ़ा। उन्होंने हमारे साथ इसकी घोषणा की, लेकिन आपको इसके बारे में पता लगाना होगा। ऐसा यूक्रेनी मुद्रा प्रवाह है। कुछ भी नहीं जो मैं विदेशी शब्दों का उपयोग करता हूं? क्या आप इस बारे में मेरी राय जानते हैं? कुछ नहीं होगा। ऐसा नहीं होगा क्योंकि खार्कोव में गश्ती पुलिस का एक नया मुखिया सामने आया है। उनमें से जो "यूक्रेन में नहीं हैं। " दंडात्मक बटालियन के पूर्व बटालियन कमांडर "कीव- 1" वादिम लिस्निचुक! ओपन नाज़ी, मैदान में सक्रिय प्रतिभागी, 5 श्रेणी का पाक विशेषज्ञ, शाकाहारी। भला, ऐसे व्यक्ति किसी तरह के खरकॉव में दंगे की इजाजत कैसे दे सकते हैं?
हमारी पुलिस कभी भी काम कर सकती है। मैं अक्सर पुलिस की आलोचना करता हूं, लेकिन पुलिस समर्पण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। हाल ही में, अक्टूबर के अंत में, मिखाइलोवस्की स्क्वायर पर, पुलिस अधिकारियों ने 4 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया! वे उन्हें सफ़ेद हैंडल के नीचे और थोड़ा सा अंदर ले गए। अच्छा, आपका अंतिम नाम क्या है? और वे उन्हें जवाब देते हैं - और आपका सबूत क्या है? हम बैठे, बातें करते और बिदाई करते रहे।
और पुलिस की इस वीरता में मेरी दिलचस्पी कार्यकर्ताओं की वजह से है। और कार्यकर्ता यूक्रेनी गांजा संघ के सदस्य थे। और यूक्रेन में इस बहुत ही गांजा के धूम्रपान को वैध बनाने के लिए मार्च का आयोजन किया गया था। वे उन्हें मिल गए, आप देखते हैं, पुलिस रिश्वत देती है। सीधे शब्दों में कहें तो "लाठी" ने कानूनी रूप से "लाठी" बनने की अपनी इच्छा को घोषित करने का फैसला किया।
हमारे पुलिस क्या सोच रहे हैं? फिर डच के साथ कैसे बात करें? मेरे सिर में लंबे समय से एक सवाल था। और हमारे तुरचिनोव, अवाकोव, क्लीम्किन, पारूबिया और अन्य लोग क्या धूम्रपान करते हैं? यह क्या है? कीव पुलिस द्वारा यूक्रेन में राज्य सत्ता की नींव को कम करना?
यह क्या है . . . वैश्विक स्तर पर इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र और विश्व व्यवस्था के खिलाफ है! गूंगा ने कहा कि यह नहीं पता है कि पहला अमेरिकी संविधान भांग के कागज पर लिखा गया था? देशभक्ति के गुस्से से, मैं सिर्फ धारियों से ढंका था . . . पीला-नीला।
और दूसरी ओर, भांग नशे की लत है। जैसा कि डॉक्टर कहते हैं, लत एक बीमारी है। एक बीमारी जो अंततः एक ड्रग एडिक्ट को कब्र में चलाती है। यह पता चला है कि उन्होंने मशालों के साथ मार्च किया और खुद को तेजी से मरने के लिए राजनीतिक विरोधियों को मार डाला? कहीं कोई विसंगति है। या हो सकता है, इसके विपरीत, एक गोदी?
वह सब है। अचानक बदलाव के साथ आने की जरूरत है। और फिर मूड बिगड़ने लगता है। हालांकि, कुछ के साथ क्या आ रहा है? हर जगह हमारे साथ काबू।
इसके अलावा, प्रतिबंधों की सूची चालाकी से समझदार बैंकरों की नाक में दम कर देती है। जैसे कि वे यह नहीं समझते कि सूची प्रेस के लिए थी, बैंकों के लिए नहीं! रूसी बैंकरों! हम आपके लिए यूक्रेन में अपने व्यवसाय का संचालन करने के लिए सिर्फ शानदार परिस्थितियां बनाते हैं अपने सहायक बैंकों का पूंजीकरण करें। कमाओ और हमें करों का भुगतान करो। किसी कारण से, आपके अलावा कोई और हमारे लिए काम नहीं करना चाहता है। "वसंत के सत्रह क्षण . . . " में "वॉयस ओवर" के रूप में . . . - "यह युद्ध का तीसरा वर्ष था . . . यूएसएसआर ने जर्मन बैंकों को संघ में पुनर्पूंजीकरण करने की अनुमति दी . . . "।
कितना पहले ही कहा जा चुका है कि हम कुछ भी नहीं बना रहे हैं। बकवास। हम हैं, ओह, हम कैसे निर्माण कर रहे हैं। ठीक है, यहाँ आपके पास, पिछले एक साल में कितनी नई तेल और गैस कंपनियां बनी हैं? एक भी नहीं! और इस महीने के अंत तक हम एक बड़ी कंपनी बना रहे हैं। "यूक्रेन की मुख्य गैस पाइपलाइन"! आपका गजप्रोम ईर्ष्या मर जाएगा।
नहीं, निश्चित रूप से, हम पाइप की मरम्मत नहीं करेंगे या नई गैस पाइपलाइनों का निर्माण नहीं करेंगे। क्यों? हमारे लिए पर्याप्त है। मुख्य बात यह है कि हमारे पास एक नया ऑपरेटर है। और आपका गजप्रोम (और अचानक वे समझ नहीं पाते हैं कि क्या है) हमारे माध्यम से गैस की आपूर्ति के लिए उसके साथ एक अनुबंध समाप्त कर सकता है।
लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो भी यूक्रेनी वैज्ञानिकों ने पहले ही एक रास्ता खोज लिया है! पाइप का अस्तित्व बायोगैस के उपयोग के लिए जबरदस्त अवसर प्रदान करता है। मैं समझा दूंगा। प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन दहनशील मिश्रण के 2-3 लीटर उत्पन्न करता है। और इन लोगों को एक सफलता मिली है। 40 लाखों से अधिक। आगे अंकगणित। 3 लीटर प्रति 40 मिलियन . . . 120 मिलियन लीटर प्रतिदिन गैस! गजप्रॉम दिवालिया हो जाएगा।
और दूसरी ओर, स्टॉकहोम के बारे में मेरे सिर में कुछ अस्पष्ट विचार हैं। ऐसा लगता है कि स्टॉकहोम मध्यस्थता अदालत में मामला हमारे सीम पर है . . . हमारे Naftogaz ने "नली" होने का नाटक करने का फैसला किया। या हो सकता है कि वे इस नई कंपनी का नाम बदलकर उक्रचेर्मेट रख दें? 2019 जल्द ही आ रहा है।
इस श्रृंखला की एक और खबर है जो डोनबेस के लिए बहुत अच्छी नहीं है। यूक्रेन में पहली बार, Ukrgasodobycha ने उत्पादन बढ़ाने के लिए पुराने गैस कुएं पर सीमांकन लाइन के क्षेत्र में क्रैकिंग विधि लागू की। कौन नहीं जानता, कई देशों में फ्रैकिंग प्रतिबंधित है। और यह अंदर से कुएं को "तोड़" रहा है। इसे खूबसूरती से "उत्पादित गैस द्रव के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य निर्माण में अत्यधिक प्रवाहकीय फ्रैक्चर का निर्माण" कहा जाता है।
एक कॉकरोच के रूप में मैं आपको जानकारी दूंगा। बस लोगों के लिए जरूरी है। निष्कर्षण की यह विधि 300 किमी पर सभी जीवन को मार देती है! यहां तक कि तिलचट्टे भी . . . यह बहुत अजीब है कि यह जानकारी आम तौर पर स्वीकार किए गए यूक्रेनी शब्दों के साथ संयुक्त है - "ऑर्डलो का क्षेत्र"।
और अंत में मैं आपसे कहना चाहता हूं, सभी देशों के देशभक्त। किसी भी। पिछले दिनों, यहां तक कि सप्ताह भी, आपको नहीं दिखाया गया है कि इस दुनिया में कौन है? नवंबर की शुरुआत में सीरिया और इराक में सैन्य अभियान कहां थे? विभिन्न अवसरों पर सभी देशभक्त भाषण कहाँ थे? यूक्रेन में कौन रुचि रखता था? संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस को छोड़कर, "क्लिंटन विरोधी भावनाओं के विरोधी" के रूप में किसी भी देश में कौन दिलचस्पी रखता था? जवाब आसान है। गांड में!
दुनिया ने उत्साहपूर्वक दादा-दादी के घोटाले को देखा, जो आने वाले वर्षों के लिए वाशिंगटन सेवानिवृत्ति के घर में रहेंगे। और बाकी सब पर इस दुनिया की परवाह मत करो। और जब तक ऐसा होता है, आप दुनिया को नहीं बदलेंगे।
ठीक है। मुझे आज देशभक्ति का पाठ नहीं मिला। जो हुआ उसे पढ़ने के लिए धन्यवाद। शायद कम से कम कोई इसके बारे में सोचेगा। और आपको, हमेशा की तरह, खुशी, शुभकामनाएं और शांति। एक बड़े पोखर के पीछे, अपने स्वयं के यार्ड में कचरा कहीं दूर के चुनावों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। जैसा कि मैंने उल्लेख किया, इस दुनिया में बहुत कुछ तार्किक नहीं है। उदाहरण के लिए, समुद्र तट पर सबसे सुसंस्कृत लोग किसी कारण से शौचालय के लिए खड़े होते हैं। और प्यार हमें अपने प्रियजनों को माफ करना सिखाता है। इसलिए, हम उन्हें इतनी बार अलविदा कहते हैं।
लेकिन एक दिन अंतर्दृष्टि और आत्म-सम्मान का समय आएगा। न केवल मजबूत, बल्कि स्मार्ट भी सम्मान का समय आएगा। ईश्वर हमें ऐसे समय, हमें और सभी को जीने के लिए दे। और मैं रसोई में जाकर सो जाती हूँ।
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अभिवादन, मेरे पाठकों और आलोचकों को। मैं यूक्रेन के नए इतिहासकार की ओर से अभिवादन करता हूं। कौन नहीं समझता, नया महान इतिहासकार मैं हूं। और क्या? आज हमारे पास कई इतिहासकार हैं। और मैं क्या बुरा हूँ? क्या आप जानते हैं कि मैं आज इतिहासकार क्यों हूं? इस पर विश्वास मत करो, लेकिन . . . रूस को दोष देना है! अब मैं बैठा हूं, सोच रहा हूं। मैं खिड़की से बाहर देखता हूं। इतिहासकार और दार्शनिक - वे हैं। प्रतिबिंबित और खिड़की से बाहर देखो। ताकि मेरे सिर में विचार प्रकट हों। खैर, पौधों में क्लोरोफिल की तरह। और आप जानते हैं, पहले चतुर विचार का जन्म हुआ था। Вот вы смеётесь над нашим безвизом. Морковка перед носом ослов. И что? Так Россия виновата, что нас из-за вас в ЕС не пускают! Ваш Пётр Великий виноват! Вот давайте я как исторический философ или философский историк украинского пошиба вас спрошу. Что великого сделал Пётр? मुझे यकीन है कि अब सबसे अधिक सोचा गया हैः "एक तिलचट्टा एक मूर्ख है! पीटर ने यूरोप में एक खिड़की काट दी! पीटर के लिए धन्यवाद, हम जानते हैं कि यूरोपीय कैसे रहते हैं, ये सार्वभौमिक मूल्य फिर से हैं। संक्षेप में, पीटर ने यूरोप का खुलासा किया! " इसलिए हम केवल वही देखते हैं जो हमें इस विंडो में दिखाया गया है। दिखाएँ! और जो भी वहां देखने जाता है, एक बिलकुल अलग चीज देखता है। लेकिन वे उस पर विश्वास नहीं करते। यह खिड़की को देखने के लिए अधिक सुविधाजनक और आरामदायक है। ईमानदार होने के लिए, मुझे अभी भी समझ में नहीं आया कि इस मौखिक झड़प की व्यवस्था किसने और क्यों की। जन्म से व्लादिमीर प्सकोव? प्सकोव! नोवगोरोड के राजकुमार थे? यह था! कीव तालिका पर कब्जा कर लिया? पर कब्जा कर लिया! क्या आपने कीवन रस बनाया? बनाया गया! और विसंगति क्या है? कीव में, कीव राजकुमार व्लादिमीर के लिए एक स्मारक है, और मास्को में रूस के निर्माता के लिए एक स्मारक है। मेरे संस्करण के अनुसार, ये आम तौर पर दो अलग-अलग लोग हैं! हमारे स्मारक पर वलोडिमिर लिखा हुआ है, और व्लादिमीर तुम्हारा! कुछ और साल बीत जाएंगे, और आपके विनम्र नौकर के रूप में ऐसे इतिहासकारों के लिए धन्यवाद, यूक्रेनी लोग इसे सीखेंगे और मेरे सिद्धांत की ऐतिहासिक निष्ठा में विश्वास करेंगे। उनका मानना था कि बंदेरा जर्मनों से यूक्रेन का मुक्तिदाता था। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के जर्मन फासीवाद पर जीत में मुख्य भूमिका में विश्वास करते थे। और वे इस पर विश्वास करेंगे। दूसरा सवाल जो आज के समय में सबसे अधिक Ukrainians की देखभाल करता है, ये रूसी कहाँ से आया है? इसका जवाब किसी को नहीं मिल रहा है। जानते हो क्यों? क्योंकि प्रश्न गलत है। एक से पूछना चाहिए, "हम कहाँ गए हैं? " लेकिन यह ऐसा था। वे आधुनिक यूक्रेन ग्रेट उक्री के क्षेत्र में रहते थे, और उत्तरी जंगली नोवगोरोडिया में। और उनके पड़ोसी वाइकिंग्स और समृद्ध यूनानियों में थे। और ये अमीर लोग हमेशा एक पैसे के लिए खुद का गला घोंटेंगे। इसलिए उन्होंने आपस में व्यापार करने का फैसला किया। उन्हें भी एक रास्ता मिल गया। वाइकिंग्स से यूनानियों को बुलाया। माल आगे-पीछे किया जाने लगा। और यहां हम हैं। ग्रेट उक्री के अर्थ में। वे एक कारण के लिए विदेशी व्यापारियों को ले गए। और पारगमन देश को श्रम पर टैक्स क्यों नहीं मिलता है . . . , पीएएच, रास्ते से बाहर? क्या हमारे पास एक नदी है? हमने एक बार ब्लैक सी के साथ फेयरवे को खोदा था। एक सिक्का चलाओ! नोवगोरोडियन ने इस मामले को देखा और पारगमन देश भी बने। खैर, हम जीवित रहेंगे। आपका गज़प अभी तय हुआ . . . . पाह, नोवगोरोड व्लादिमीर के राजकुमार पूरी तरह से यूरोप से यूरोप के पारगमन मार्गों को जब्त करने के लिए। अच्छा, उससे क्या लेना-देना? आक्रामक उत्तर से आए और ग्रेट उक्रोव की भूमि को जब्त करना शुरू कर दिया। हम उनके साथ लड़े . . . और अंतर पर . . . , पीए, रैलियों में, और वेच ने सभी प्रकार के आयोजन किए, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर रुख किया। हमने जर्मनों और गल्स को भी समर्थन का वादा किया। हमारे अस्सोल्ड को उनके राजदूतों ने अपनी गाँठ पोंछने के लिए आए। वे केवल जंगली नोवगोरोडियन से डरते थे। फिर, हालांकि, दो सौ पचास वर्षों के बाद, उन्होंने फिर भी समर्थन करने का फैसला किया। नोवगोरोड के लिए एक सेना भेजी गई थी। केवल जंगली नोवगोरोडियनों ने झील में सभ्य यूरोप की सेना को डुबो दिया . . . इसलिए रूस का गठन किया गया था। सब। यूक्रेनी वैज्ञानिकों के काम करने से थक गए। उन्हें इसके साथ आने दो। जल्द ही उन्हें इसके लिए काफी भुगतान किया जाएगा। और आप, प्रिय पाठकों, यह ऐतिहासिक बकवास शायद पढ़ने के लिए उबाऊ है। क्योंकि आप एक अलग कहानी जानते हैं। और आपकी पाठ्यपुस्तकों से चमक उठे, और "पीटर की खिड़की" से। लेकिन आज के मामले आपके लिए अधिक दिलचस्प होंगे। लेकिन मैंने सिर्फ एक ऐतिहासिक भ्रमण नहीं किया। देशभक्ति! यही मैं आज के बारे में बात करना चाहता हूं। और हम अपने देसी कवि के अगले "काम" से शुरू करेंगे। "वे कानून से दूर हो गए थे। स्वतंत्रता छाती में फैल रही थी। यूक्रेन से गैबॉन तक एक बहुत ही छोटा रास्ता था! उसने इसे छोड़ दिया। पैन उसके सिर पर तेजस्वी है। उसके हाथों में एक जलती हुई टायर है। और फीता पैंटी! " मुझे यहां एक बातचीत याद आई। मछुआरे आपस में बातें कर रहे थे। आप जानते हैं, वे विशिष्ट लोग हैं। और रात में वे अभी भी बहुत पीते हैं . . . मुझे ठीक से याद नहीं है, लेकिन मैं स्मृति से बताऊंगा। दूसराः "वेल . . . स्वैम? " पहलीः "और फिर, शुरुआत की शुरुआत के रूप में . . . " दूसराः "हाँ, काटो तो पवित्र बात है . . . " क्या आप जानते हैं कि मुझे यह कहानी क्यों याद आई? और मुझे यह याद था क्योंकि आप, रूस ने फिर से उस सुंदरता की तरह हमारे साथ काम किया। बेक किया और . . . कुतरना। यही कारण है कि आपने रूस के क्षेत्र में हमारे रेलवे टैंकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया? खैर, हम परिवहन पर पैसा कमाना चाहते हैं। आपको किस चीज के लिए खेद है? उन्होंने इसे विशेष रूप से पेश किया। हमारे देशभक्ति भाषणों के जवाब में। और क्या तथ्य यह है कि अक्टूबर में यूक्रेन ने अपने लोहे के टुकड़े पर अपने टैंक पर प्रतिबंध लगा दिया था? हम देशभक्त हैं! हम आक्रमणकारी को हम पर पैसा कमाने की अनुमति नहीं देंगे! आपके बारे में क्या? नहीं, मैं समझता हूं कि एक टैंक एक पाइप नहीं है। यूरोपीय संघ के लिए परिवहन आसान है। यह अपनी शक्ति के तहत जाएगा। लेकिन आपने हमारे यहां सुअर पाल रखा है। मैं, नई लहर के यूक्रेनी इतिहासकार के रूप में, आपको याद दिलाएगा कि रूसियों ने हमारे लिए रेलवे का निर्माण कैसे किया। सम्राट के पास रेल मंत्री आते हैं। "क्या करने के लिए यूरोप में या अधिक? और सम्राट जवाब देता हैः "पर . . . अधिक! " इसलिए मस्कोवियों ने हमें बताया और यूरोपीय आकार की तुलना में इस आकार का एक ट्रैक व्यापक बनाया। इसलिए, हमारे टैंक अपनी शक्ति के तहत यूरोपीय स्क्रैप संग्रह बिंदुओं तक नहीं पहुंचेंगे। हालांकि, दूसरी ओर, क्या आप हमें बाजार अर्थव्यवस्था सिखा सकते हैं? क्या आप स्क्रैप संग्राहकों के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं? कुछ पाइपों को रिसेप्शन पॉइंट्स तक खींचा जाएगा, जबकि अन्य रेल हैं। मैंने विशेष रूप से इन बिंदुओं को देखा। कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होगी। आप सभी ने गणना नहीं की है। रेल शुरू में अधिक महंगी हैं। हम, नवंबर चार पर आपकी छुट्टी के बावजूद, एक छुट्टी भी थी। रेल का दिन। प्रधान मंत्री ने अपने पेशेवर अवकाश पर अनावश्यक टैंकों के मालिकों को बधाई दी। लेकिन सबसे दिलचस्प आगे था। मैं वास्तव में भगवान पर विश्वास करना चाहता हूं और तत्काल मुझे मूर्ख बनाने के लिए कहता हूं। और मज़ाक न करें। ऐसा लगता है कि आप पहले से ही हैं . . . यूक्रेनी। हां, अमेरिकी, यूरोपीय, हमारी सरकार मेरी तरह। जबकि "पसंद है"। अब तक, मेरे देश में सब कुछ चोरी नहीं हुआ है। और फिर? भगवान, मुझे बेवकूफ बनाओ ताकि मुझे हमारी नैतिक सरकार पसंद आए! वुडहाउस, ग्रिसमैन को लें। आपने क्या उपयोग किया? मुझे नवंबर सात पर दोस्तों के साथ मेरा एक दिग्गज मिला है। वह खुद को घसीट कर घर ले आया। मेरी बेटी ने हमें देखा क्योंकि हम उसे बिस्तर पर खींच ले गए। एक तिलचट्टा ले लो और बाहर blurt। "मुझे आश्चर्य है कि आपको क्या पीने की ज़रूरत है ताकि फर्श से चिपके रहें? " माँ में बेटी प्रतिक्रिया तुरंत होती है। "माँ, आप गोंद पीना होगा! " और बकवास करने के लिए आपको क्या पीना चाहिए? शायद मैं अपनी बेटी से पूछूं? मैंने विशेष रूप से हमारे "रेलमार्ग" के साथ बात की। खैर, जो लोग गाड़ियों पर रहते हैं। आतंक! ओडेसा-मॉस्को पहले से ही तिलचट्टे के लिए नरक लगता है। और नीपर-मॉस्को पूरी तरह से एक भूत ट्रेन में बदल गया। चुपचाप मंच पर आ जाता है, चुपचाप कुछ लोगों को उतार देता है और चुपचाप गायब हो जाता है। और हमारे रेलवे के डिफ़ॉल्ट के बारे में रिपोर्टों की पृष्ठभूमि के खिलाफ, प्रदर्शन आम तौर पर मंत्रमुग्ध करता है। यह तिलचट्टा संक्षारण है। फिर भी, मैंने अपनी बेटी से सही उत्तर पूछा। खैर, हम चौथे क्यों हैं? और उसने किया। यहाँ यह है, शिक्षा! यह पता चला है कि आपको गिनने में सक्षम होने की आवश्यकता है। मैं आपको पाठकों के लिए बताता हूं। आपके पास एक सौ किमी रेलवे है। और चोरी करने के लिए पैसा है। क्या करें? और हम देशभक्ति को इस बकवास मानते हैं। एक बार, बचपन के वर्षों में, मेरे दादाजी ने मुझे सर्वश्रेष्ठ रेचक कहा। खैर, आप जानते हैं कि यह किस लिए है। मैं आपके साथ, निम्नलिखित देशभक्ति कथन के प्रकाश में साझा करूंगा। शायद कोई काम आएगा। तो, सबसे अच्छा रेचक रसभरी है। जंगली। खासकर अगर कोई भालू रास्पबेरी में बैठा हो। हमारे पास उत्तरी और पूर्वी सीमा पर एक "भालू" बैठा है। और इसका मतलब न केवल घुटकी की सफाई के लिए है, बल्कि स्विडोमो मस्तिष्क की सफाई के लिए भी है। हमारे महान रणनीतिकार और शानदार सैन्य नेता विक्टर मुज़ेन्को ने Ukrainians को चल रहे आधुनिकीकरण के बारे में जानकारी दी . . . मिसाइल और तोपखाने इकाइयाँ! और आप कहते हैं कि हम रॉकेट नहीं बनाते हैं। Количество боеспособных частей ракетных войск увеличилось в तीन раза! За два года. И не каких-то учебных. Боевых частей! Правда, даже Муженко не смог рассказать Украине о новых ракетах. Наверное, сверхсекретное оружие. Мы теперь совершенствуем организационную структуру, принимаем на вооружение новые тягачи и артсистемы. अब मैं बैठा हूं और सोच रहा हूं कि क्या हमारी सेना के लिए उन्होंने किसी से अलग-अलग रंगों के रॉकेट लॉन्चर खरीदे हैं। या तो आपको सबसे आधुनिक प्रकार या सैनिकों के प्रकार के निर्माण के बारे में एक संदेश का इंतजार करना चाहिए - रणनीतिक इजेक्शन इकाइयाँ। लेकिन अग्रिम रूप से मुझे देशभक्ति पर गर्व है। और उन्होंने इस बारे में लिखा ताकि रास्पबेरी में "भालू" को पता चले। शायद डर लगता है? Мы сегодня настолько патриотичны, что даже самим страшно становится. Помните нашу перемогу по созданию новейшего суперсовременного танка "Азов"? Ту перемогу, которая быстро превратилась в зраду из-за некачественных мусорных контейнеров и дверных глазков? Но танк-то был! И есть. . . наверное. हमने उसे ATEC कारखाने में भेज दिया। संशोधन के लिए। छह महीने तक, आंखों की तलाश की गई, लोहे को एक पुराने कंटेनर में वेल्डेड किया गया। विशेष अभिनव बख़्तरबंद पेंट के साथ चित्रित। और आप कितना कर सकते हैं? संक्षेप में, क्या एक टैंक "आज़ोव" है? क्या ऐसी कोई रेजिमेंट है? तो टैंक रेजिमेंट में होना चाहिए। सामान्य तौर पर, आज़ोव के लोग पहुंचे और कारखाने से सीधे टैंक चुरा लिया। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि टैंक एज़ोव के आधार पर डोनेट्स्क क्षेत्र में स्थित है, और कानून प्रवर्तन एजेंसियां और यूक्रेनी सुरक्षा सेवा इसे नहीं पा सकती हैं। लेकिन आप जानते हैं, कभी-कभी आप यूक्रेन में इस हथियार की तलाश नहीं करना चाहते हैं। ठीक है। दैनिक ग्रेनेड जो मैंने आपके बारे में लिखा था, जैसा कि वे थे, बने रहें। हम पहले से ही इसके आदी हैं। सच है, आज हम पहले से ही एक नए स्तर के बारे में बात कर सकते हैं। अब दैनिक हथगोले नहीं हैं। अब ग्रेनेड लांचर। कीव में, एक ग्रेनेड लॉन्चर वाले एक व्यक्ति को एक मेट्रो स्टेशन पर हिरासत में लिया गया था। जिसके लिए यह स्पष्ट नहीं है। शायद यह प्रीमियम है? और फिर से। एक एंटी टैंक ग्रेनेड लांचर! लेकिन मेट्रो में टैंक नहीं हैं। भला, हमारी पुलिस का तर्क कहां है? एंटी-टैंक ग्रेनेड लॉन्चर जहां टैंक नहीं हैं वहां क्या खतरा हो सकता है? नहीं! लेकिन वापस हथियार के लिए। बोरिसोल जिले में एक छोटा गोदाम मिला। मैं नहीं लिखूंगा। ज़रा सोचिए, बंकर में ग्रैड के रॉकेट के समान एक्सएनयूएमएक्स आइटम थे, बीएमपी तोपों के समान वस्तुओं की एक जोड़ी, मैनपाड के समान चार आइटम, एंटी-टैंक खानों के समान एक्सएनयूएमएक्स आइटम, एलएनजी के समान आइटम ), आरपीजी के समान एक आइटम, कवच-भेदी के गोले के समान वस्तुओं का एक गुच्छा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, एक बख़्तरबंद कर्मियों के वाहक के समान एक आइटम। एक ऐतिहासिक दार्शनिक के रूप में, मैं अपने देश में स्थिति के विकास में वर्तमान रुझानों के बारे में भी सोचता हूं तो क्या होगा। संक्षेप में, मैं बैठकर कुछ नहीं करने की सोचता हूं। यहाँ Yushchenko मधुमक्खियों को पाला। Yanukovych शुतुरमुर्ग नस्ल। और पोरोशेंको नस्ल कौन है? मुझे संदेह है कि वह एक देश की आबादी को प्रजनन कर रहा है जो "अभी तक मर नहीं गया है . . . " मैंने खारकोव में मार्शल लॉ के बारे में आपके प्रेस में पढ़ा। उन्होंने हमारे साथ इसकी घोषणा की, लेकिन आपको इसके बारे में पता लगाना होगा। ऐसा यूक्रेनी मुद्रा प्रवाह है। कुछ भी नहीं जो मैं विदेशी शब्दों का उपयोग करता हूं? क्या आप इस बारे में मेरी राय जानते हैं? कुछ नहीं होगा। ऐसा नहीं होगा क्योंकि खार्कोव में गश्ती पुलिस का एक नया मुखिया सामने आया है। उनमें से जो "यूक्रेन में नहीं हैं। " दंडात्मक बटालियन के पूर्व बटालियन कमांडर "कीव- एक" वादिम लिस्निचुक! ओपन नाज़ी, मैदान में सक्रिय प्रतिभागी, पाँच श्रेणी का पाक विशेषज्ञ, शाकाहारी। भला, ऐसे व्यक्ति किसी तरह के खरकॉव में दंगे की इजाजत कैसे दे सकते हैं? हमारी पुलिस कभी भी काम कर सकती है। मैं अक्सर पुलिस की आलोचना करता हूं, लेकिन पुलिस समर्पण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। हाल ही में, अक्टूबर के अंत में, मिखाइलोवस्की स्क्वायर पर, पुलिस अधिकारियों ने चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया! वे उन्हें सफ़ेद हैंडल के नीचे और थोड़ा सा अंदर ले गए। अच्छा, आपका अंतिम नाम क्या है? और वे उन्हें जवाब देते हैं - और आपका सबूत क्या है? हम बैठे, बातें करते और बिदाई करते रहे। और पुलिस की इस वीरता में मेरी दिलचस्पी कार्यकर्ताओं की वजह से है। और कार्यकर्ता यूक्रेनी गांजा संघ के सदस्य थे। और यूक्रेन में इस बहुत ही गांजा के धूम्रपान को वैध बनाने के लिए मार्च का आयोजन किया गया था। वे उन्हें मिल गए, आप देखते हैं, पुलिस रिश्वत देती है। सीधे शब्दों में कहें तो "लाठी" ने कानूनी रूप से "लाठी" बनने की अपनी इच्छा को घोषित करने का फैसला किया। हमारे पुलिस क्या सोच रहे हैं? फिर डच के साथ कैसे बात करें? मेरे सिर में लंबे समय से एक सवाल था। और हमारे तुरचिनोव, अवाकोव, क्लीम्किन, पारूबिया और अन्य लोग क्या धूम्रपान करते हैं? यह क्या है? कीव पुलिस द्वारा यूक्रेन में राज्य सत्ता की नींव को कम करना? यह क्या है . . . वैश्विक स्तर पर इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र और विश्व व्यवस्था के खिलाफ है! गूंगा ने कहा कि यह नहीं पता है कि पहला अमेरिकी संविधान भांग के कागज पर लिखा गया था? देशभक्ति के गुस्से से, मैं सिर्फ धारियों से ढंका था . . . पीला-नीला। और दूसरी ओर, भांग नशे की लत है। जैसा कि डॉक्टर कहते हैं, लत एक बीमारी है। एक बीमारी जो अंततः एक ड्रग एडिक्ट को कब्र में चलाती है। यह पता चला है कि उन्होंने मशालों के साथ मार्च किया और खुद को तेजी से मरने के लिए राजनीतिक विरोधियों को मार डाला? कहीं कोई विसंगति है। या हो सकता है, इसके विपरीत, एक गोदी? वह सब है। अचानक बदलाव के साथ आने की जरूरत है। और फिर मूड बिगड़ने लगता है। हालांकि, कुछ के साथ क्या आ रहा है? हर जगह हमारे साथ काबू। इसके अलावा, प्रतिबंधों की सूची चालाकी से समझदार बैंकरों की नाक में दम कर देती है। जैसे कि वे यह नहीं समझते कि सूची प्रेस के लिए थी, बैंकों के लिए नहीं! रूसी बैंकरों! हम आपके लिए यूक्रेन में अपने व्यवसाय का संचालन करने के लिए सिर्फ शानदार परिस्थितियां बनाते हैं अपने सहायक बैंकों का पूंजीकरण करें। कमाओ और हमें करों का भुगतान करो। किसी कारण से, आपके अलावा कोई और हमारे लिए काम नहीं करना चाहता है। "वसंत के सत्रह क्षण . . . " में "वॉयस ओवर" के रूप में . . . - "यह युद्ध का तीसरा वर्ष था . . . यूएसएसआर ने जर्मन बैंकों को संघ में पुनर्पूंजीकरण करने की अनुमति दी . . . "। कितना पहले ही कहा जा चुका है कि हम कुछ भी नहीं बना रहे हैं। बकवास। हम हैं, ओह, हम कैसे निर्माण कर रहे हैं। ठीक है, यहाँ आपके पास, पिछले एक साल में कितनी नई तेल और गैस कंपनियां बनी हैं? एक भी नहीं! और इस महीने के अंत तक हम एक बड़ी कंपनी बना रहे हैं। "यूक्रेन की मुख्य गैस पाइपलाइन"! आपका गजप्रोम ईर्ष्या मर जाएगा। नहीं, निश्चित रूप से, हम पाइप की मरम्मत नहीं करेंगे या नई गैस पाइपलाइनों का निर्माण नहीं करेंगे। क्यों? हमारे लिए पर्याप्त है। मुख्य बात यह है कि हमारे पास एक नया ऑपरेटर है। और आपका गजप्रोम हमारे माध्यम से गैस की आपूर्ति के लिए उसके साथ एक अनुबंध समाप्त कर सकता है। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो भी यूक्रेनी वैज्ञानिकों ने पहले ही एक रास्ता खोज लिया है! पाइप का अस्तित्व बायोगैस के उपयोग के लिए जबरदस्त अवसर प्रदान करता है। मैं समझा दूंगा। प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन दहनशील मिश्रण के दो-तीन लीटरटर उत्पन्न करता है। और इन लोगों को एक सफलता मिली है। चालीस लाखों से अधिक। आगे अंकगणित। तीन लीटरटर प्रति चालीस मिलियन . . . एक सौ बीस मिलियन लीटर प्रतिदिन गैस! गजप्रॉम दिवालिया हो जाएगा। और दूसरी ओर, स्टॉकहोम के बारे में मेरे सिर में कुछ अस्पष्ट विचार हैं। ऐसा लगता है कि स्टॉकहोम मध्यस्थता अदालत में मामला हमारे सीम पर है . . . हमारे Naftogaz ने "नली" होने का नाटक करने का फैसला किया। या हो सकता है कि वे इस नई कंपनी का नाम बदलकर उक्रचेर्मेट रख दें? दो हज़ार उन्नीस जल्द ही आ रहा है। इस श्रृंखला की एक और खबर है जो डोनबेस के लिए बहुत अच्छी नहीं है। यूक्रेन में पहली बार, Ukrgasodobycha ने उत्पादन बढ़ाने के लिए पुराने गैस कुएं पर सीमांकन लाइन के क्षेत्र में क्रैकिंग विधि लागू की। कौन नहीं जानता, कई देशों में फ्रैकिंग प्रतिबंधित है। और यह अंदर से कुएं को "तोड़" रहा है। इसे खूबसूरती से "उत्पादित गैस द्रव के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य निर्माण में अत्यधिक प्रवाहकीय फ्रैक्चर का निर्माण" कहा जाता है। एक कॉकरोच के रूप में मैं आपको जानकारी दूंगा। बस लोगों के लिए जरूरी है। निष्कर्षण की यह विधि तीन सौ किमी पर सभी जीवन को मार देती है! यहां तक कि तिलचट्टे भी . . . यह बहुत अजीब है कि यह जानकारी आम तौर पर स्वीकार किए गए यूक्रेनी शब्दों के साथ संयुक्त है - "ऑर्डलो का क्षेत्र"। और अंत में मैं आपसे कहना चाहता हूं, सभी देशों के देशभक्त। किसी भी। पिछले दिनों, यहां तक कि सप्ताह भी, आपको नहीं दिखाया गया है कि इस दुनिया में कौन है? नवंबर की शुरुआत में सीरिया और इराक में सैन्य अभियान कहां थे? विभिन्न अवसरों पर सभी देशभक्त भाषण कहाँ थे? यूक्रेन में कौन रुचि रखता था? संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस को छोड़कर, "क्लिंटन विरोधी भावनाओं के विरोधी" के रूप में किसी भी देश में कौन दिलचस्पी रखता था? जवाब आसान है। गांड में! दुनिया ने उत्साहपूर्वक दादा-दादी के घोटाले को देखा, जो आने वाले वर्षों के लिए वाशिंगटन सेवानिवृत्ति के घर में रहेंगे। और बाकी सब पर इस दुनिया की परवाह मत करो। और जब तक ऐसा होता है, आप दुनिया को नहीं बदलेंगे। ठीक है। मुझे आज देशभक्ति का पाठ नहीं मिला। जो हुआ उसे पढ़ने के लिए धन्यवाद। शायद कम से कम कोई इसके बारे में सोचेगा। और आपको, हमेशा की तरह, खुशी, शुभकामनाएं और शांति। एक बड़े पोखर के पीछे, अपने स्वयं के यार्ड में कचरा कहीं दूर के चुनावों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। जैसा कि मैंने उल्लेख किया, इस दुनिया में बहुत कुछ तार्किक नहीं है। उदाहरण के लिए, समुद्र तट पर सबसे सुसंस्कृत लोग किसी कारण से शौचालय के लिए खड़े होते हैं। और प्यार हमें अपने प्रियजनों को माफ करना सिखाता है। इसलिए, हम उन्हें इतनी बार अलविदा कहते हैं। लेकिन एक दिन अंतर्दृष्टि और आत्म-सम्मान का समय आएगा। न केवल मजबूत, बल्कि स्मार्ट भी सम्मान का समय आएगा। ईश्वर हमें ऐसे समय, हमें और सभी को जीने के लिए दे। और मैं रसोई में जाकर सो जाती हूँ।
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Pawan Khera Bail मिलने के बाद राहत की सांस ले रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे समेत तमाम नेताओं ने बीजेपी पर हमला बोला है। दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा को 28 फरवरी तक अंतरिम जमानत दे दी। अब उनकी गिरफ्तारी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद शशि थरूर समेत पूरी पार्टी ने कहा, देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला बीजेपी के चेहरे पर करारा तमाचा है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, भाजपा सरकार ने पवन खेड़ा को परेशान करने की कोशिश की। मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खुश हूं, यह उनके मुंह पर करारा तमाचा है। मैं भाजपा के इस कृत्य की निंदा करता हूं। संसद में भी हमें मुद्दे उठाने से रोका गया। वे बोलने की आजादी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। लोकतंत्र खतरे में है।
खड़गे ने कहा, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का महाधिवेशन हो रहा है, उसी समय कांग्रेस नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और इनकम टैक्स (आईटी) की छापेमारी हो रही है। बीजेपी इस सत्र को होने से रोकना चाहते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के लोग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के साथ इस सत्र को आयोजित कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।
केरल से निर्वाचित कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, खेड़ा की गिरफ्तारी चौंकाने वाली है, किसी को एक मजाक के लिए आप जेल में नहीं डाल सकते हैं। हमारे पास ऐसा कोई कानून नहीं जिसमें आप PM पर चुटकुले नहीं कह सकते हैं। असम पुलिस की कार्रवाई अपमानजनक है। पवन खेड़ा को तुरंत बेल मिलने पर थरूर ने सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा किया।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, यह देश PM मोदी के तानाशाह रवैया का साक्षी बन रहा है। पवन खेड़ा की गिरफ़्तारी निंदनीय है। यात्री को प्लेन से उतारने के लिए नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) के नियम हैं। अगर उन्होंने कुछ गलत किया था तो वह उनको सुरक्षा जांच के दौरान भी गिरफ़्तार कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा, आज जो हुआ शायद पहले कभी नहीं हुआ होगा। चलती हुई प्लेन को रोककर पवन खेड़ा को उतारा गया, ये मोदी सरकार की गुंडागर्दी का सबूत है। कोई शब्द कहना धार्मिक भावना भड़काने का षडयंत्र कैसे हो सकता है?
सुरजेवाला ने अदालत के फैसलों को जी बताते हुए कहा, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी गई और असम में मजिस्ट्रेट के कोर्ट में भी गई और अंत में कानून की जीत हुई। बता दें कि विमान से उतारे गए पवन खेड़ा के मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है।
बता दें कि पूर्वोत्तर भारत में पहुंचे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस ने हिरासत में लिया था। खेड़ा बीजेपी के निशाने पर उस समय आ गए थे जब एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने गौतम अडाणी और नरेंद्र मोदी के बीच लिंक का जिक्र कर पीएम मोदी के पिता का नाम 'गौतमदास. . . ' वाला बयान दिया था। इस बयान को बीजेपी ने प्रधानमंत्री पर निजी हमला और पीएम मोदी का अपमान करार दिया।
Parliament Monsoon Session 20 जुलाई से, एक दिन पहले NDA फ्लोर लीडर्स की बैठक, प्रह्लाद जोशी ने क्या बताया?
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Pawan Khera Bail मिलने के बाद राहत की सांस ले रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे समेत तमाम नेताओं ने बीजेपी पर हमला बोला है। दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा को अट्ठाईस फरवरी तक अंतरिम जमानत दे दी। अब उनकी गिरफ्तारी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद शशि थरूर समेत पूरी पार्टी ने कहा, देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला बीजेपी के चेहरे पर करारा तमाचा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, भाजपा सरकार ने पवन खेड़ा को परेशान करने की कोशिश की। मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खुश हूं, यह उनके मुंह पर करारा तमाचा है। मैं भाजपा के इस कृत्य की निंदा करता हूं। संसद में भी हमें मुद्दे उठाने से रोका गया। वे बोलने की आजादी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। लोकतंत्र खतरे में है। खड़गे ने कहा, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का महाधिवेशन हो रहा है, उसी समय कांग्रेस नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स की छापेमारी हो रही है। बीजेपी इस सत्र को होने से रोकना चाहते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के लोग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के साथ इस सत्र को आयोजित कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। केरल से निर्वाचित कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, खेड़ा की गिरफ्तारी चौंकाने वाली है, किसी को एक मजाक के लिए आप जेल में नहीं डाल सकते हैं। हमारे पास ऐसा कोई कानून नहीं जिसमें आप PM पर चुटकुले नहीं कह सकते हैं। असम पुलिस की कार्रवाई अपमानजनक है। पवन खेड़ा को तुरंत बेल मिलने पर थरूर ने सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा किया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, यह देश PM मोदी के तानाशाह रवैया का साक्षी बन रहा है। पवन खेड़ा की गिरफ़्तारी निंदनीय है। यात्री को प्लेन से उतारने के लिए नागरिक विमानन महानिदेशालय के नियम हैं। अगर उन्होंने कुछ गलत किया था तो वह उनको सुरक्षा जांच के दौरान भी गिरफ़्तार कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा, आज जो हुआ शायद पहले कभी नहीं हुआ होगा। चलती हुई प्लेन को रोककर पवन खेड़ा को उतारा गया, ये मोदी सरकार की गुंडागर्दी का सबूत है। कोई शब्द कहना धार्मिक भावना भड़काने का षडयंत्र कैसे हो सकता है? सुरजेवाला ने अदालत के फैसलों को जी बताते हुए कहा, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी गई और असम में मजिस्ट्रेट के कोर्ट में भी गई और अंत में कानून की जीत हुई। बता दें कि विमान से उतारे गए पवन खेड़ा के मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। बता दें कि पूर्वोत्तर भारत में पहुंचे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस ने हिरासत में लिया था। खेड़ा बीजेपी के निशाने पर उस समय आ गए थे जब एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने गौतम अडाणी और नरेंद्र मोदी के बीच लिंक का जिक्र कर पीएम मोदी के पिता का नाम 'गौतमदास. . . ' वाला बयान दिया था। इस बयान को बीजेपी ने प्रधानमंत्री पर निजी हमला और पीएम मोदी का अपमान करार दिया। Parliament Monsoon Session बीस जुलाई से, एक दिन पहले NDA फ्लोर लीडर्स की बैठक, प्रह्लाद जोशी ने क्या बताया?
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नए साल के मौके पर स्मार्टफोन बाजार में आपके लिए एक ऐसा स्मार्टफोन आने वाला है जो आपके पिछले सारे एक्सपीरियंस को धुंधला कर देगा. इस स्मार्टफोन को कुछ खास फीचर्स के साथ पेश किया जाएगा. इस स्मार्टफोन के नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ये स्मार्टफोन जनवरी 2018 की 8 तारीख को लॉन्च किया जाएगा. बताया जा रहा है कि ये स्मार्टफोन कुछ यूरोपियन देशों मलेशिया और दुबई जैसे कुछ ख़ास जगहों पर ही लॉन्च किया जाएगा.
अभी हाल ही में इस स्मार्टफोन का कॉन्सेप्ट डिजाइन भी लीक हुआ था जिसके मुताबिक इस फोन में 5. 99 इंच का डिसप्ले और स्क्रीन रिजोल्यूशन 1080×2160 दिया गया है. वहीं इस स्मार्टफोन को एड्रॉइड 8. 0 ओरियो के साथ पेश किया जाएगा. कहा जा रहा है कि इस स्मार्टफोन में 6जीबी की रैम और 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है. वहीं कैमरे के मामले में भी ये स्मार्टफोन काफी धांसू साबित होने वाला है.
इस डिवाइस में 16 मेगापिक्सल का रियर कैमरा दिया जाएगा जबकि सेल्फी के लिए इस स्मार्टफोन में 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मौजूद होगा. ये दोनों ही कैमरे LED फ़्लैश के साथ पेश किए जाएंगे. वहीं पोवे के लिए इस स्मार्टफोन में 3750 MaH की बड़ी बैटरी दी जा सकती है.
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नए साल के मौके पर स्मार्टफोन बाजार में आपके लिए एक ऐसा स्मार्टफोन आने वाला है जो आपके पिछले सारे एक्सपीरियंस को धुंधला कर देगा. इस स्मार्टफोन को कुछ खास फीचर्स के साथ पेश किया जाएगा. इस स्मार्टफोन के नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ये स्मार्टफोन जनवरी दो हज़ार अट्ठारह की आठ तारीख को लॉन्च किया जाएगा. बताया जा रहा है कि ये स्मार्टफोन कुछ यूरोपियन देशों मलेशिया और दुबई जैसे कुछ ख़ास जगहों पर ही लॉन्च किया जाएगा. अभी हाल ही में इस स्मार्टफोन का कॉन्सेप्ट डिजाइन भी लीक हुआ था जिसके मुताबिक इस फोन में पाँच. निन्यानवे इंच का डिसप्ले और स्क्रीन रिजोल्यूशन एक हज़ार अस्सी×दो हज़ार एक सौ साठ दिया गया है. वहीं इस स्मार्टफोन को एड्रॉइड आठ. शून्य ओरियो के साथ पेश किया जाएगा. कहा जा रहा है कि इस स्मार्टफोन में छःजीबी की रैम और चौंसठ जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है. वहीं कैमरे के मामले में भी ये स्मार्टफोन काफी धांसू साबित होने वाला है. इस डिवाइस में सोलह मेगापिक्सल का रियर कैमरा दिया जाएगा जबकि सेल्फी के लिए इस स्मार्टफोन में तेरह मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मौजूद होगा. ये दोनों ही कैमरे LED फ़्लैश के साथ पेश किए जाएंगे. वहीं पोवे के लिए इस स्मार्टफोन में तीन हज़ार सात सौ पचास MaH की बड़ी बैटरी दी जा सकती है.
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नई दिल्ली। अमेरिकी अभिनेत्री स्टैना कैटिक ने कहा कि भारतीय अभिनेत्री राधिका आप्टे जादुई (मैजिकल) हैं। स्टैना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जासूसी पर आधारित फिल्म में राधिका आप्टे के साथ नजर आएंगी।
राधिका फिल्म में भारतीय-ब्रिटिश जासूस नूर इनायत खान के किरदार में हैं।
स्टैना ने यह भी कहा कि वह भारतीय फिल्म में काम करना पसंद करेंगी।
(आईएएनएस)
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नई दिल्ली। अमेरिकी अभिनेत्री स्टैना कैटिक ने कहा कि भारतीय अभिनेत्री राधिका आप्टे जादुई हैं। स्टैना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जासूसी पर आधारित फिल्म में राधिका आप्टे के साथ नजर आएंगी। राधिका फिल्म में भारतीय-ब्रिटिश जासूस नूर इनायत खान के किरदार में हैं। स्टैना ने यह भी कहा कि वह भारतीय फिल्म में काम करना पसंद करेंगी।
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बैठक में कोविड-19 की महामारी को लेकर संगठन की ओर से उठाए जा रहे कदमों के साथ-सथ आने वाले समय में पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधारोपण को गति देने का संकल्प लिया गया।
चंडीगढ़। हरियाणा भारतीय जनता पार्टी की अहम बैठक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में हुई। जिसमें राज्य के जिलाध्यक्ष और प्रभारियों ने शिरकत की। इस दौरान कोविड-19 की महामारी को लेकर संगठन की ओर से उठाए जा रहे कदमों के साथ-सथ आने वाले समय में पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधारोपण को गति देने का संकल्प लिया गया।
हरियाणा बीजेपी के एमएलए फ्लैट स्थित भाजपा दफ्तर में आयोजित बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने अध्यक्षता की। इस दौरान जिलेवार सभी प्रभारियों और जिलाध्यक्ष से संगठन में कामकाज लेकर सिलसिलेवार विचार मंथन हुआ। कोरोना के हालात, संगठन और सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों पर फीडबैक ली गई। खास बात यह है कि संगठन के कामकाज को लेकर ली गई इस बैठक को लेकर मीडिया से दूरी बनाए रखी गई इसके बाद भी कोई ब्रीफिंग नहीं की गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी पार्टी संगठन की बैठक का दौर जारी रहेगा।
हरियाणा के संगठन मंत्री राजू पूरा दिन इस बैठक में मौजूद रहे साथ ही उन्होंने जिलाध्यक्ष जिला प्रभारियों के मन की बात विस्तार से सुनी और उनको आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सक्रिय रहने और संगठन को अधिक मजबूत बनाने राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों को अमलीजामा पहनाने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत पर बल दिया।
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बैठक में कोविड-उन्नीस की महामारी को लेकर संगठन की ओर से उठाए जा रहे कदमों के साथ-सथ आने वाले समय में पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधारोपण को गति देने का संकल्प लिया गया। चंडीगढ़। हरियाणा भारतीय जनता पार्टी की अहम बैठक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में हुई। जिसमें राज्य के जिलाध्यक्ष और प्रभारियों ने शिरकत की। इस दौरान कोविड-उन्नीस की महामारी को लेकर संगठन की ओर से उठाए जा रहे कदमों के साथ-सथ आने वाले समय में पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधारोपण को गति देने का संकल्प लिया गया। हरियाणा बीजेपी के एमएलए फ्लैट स्थित भाजपा दफ्तर में आयोजित बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने अध्यक्षता की। इस दौरान जिलेवार सभी प्रभारियों और जिलाध्यक्ष से संगठन में कामकाज लेकर सिलसिलेवार विचार मंथन हुआ। कोरोना के हालात, संगठन और सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों पर फीडबैक ली गई। खास बात यह है कि संगठन के कामकाज को लेकर ली गई इस बैठक को लेकर मीडिया से दूरी बनाए रखी गई इसके बाद भी कोई ब्रीफिंग नहीं की गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी पार्टी संगठन की बैठक का दौर जारी रहेगा। हरियाणा के संगठन मंत्री राजू पूरा दिन इस बैठक में मौजूद रहे साथ ही उन्होंने जिलाध्यक्ष जिला प्रभारियों के मन की बात विस्तार से सुनी और उनको आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सक्रिय रहने और संगठन को अधिक मजबूत बनाने राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों को अमलीजामा पहनाने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत पर बल दिया।
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नई दिल्ली। बॉलीवुड की सुपरस्टार एक्ट्रेस श्रीदेवी के निधन हुए लगभग एक हफ्ते हो गएं है। मां के निधन के बाद बेटी जाह्नवी कपूर ने अपनी मां के लिए एक इमोशनल लेटर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। जाह्नवी ने इस लेटर में न सिर्फ अपने मन की बात शेयर की है बल्कि अपनी बहन खुशी और पापा बोनी कपूर के बारे में भी कई इमोशनल बातें शेयर की हैं।
मां के लिए जाह्नवी ने आगे लिखा कि मुझे यह महसूस होता है कि आप मुझे तमाम दुख-दर्द से बचा रहीं है। जब भी आखें बंद करती हूं तो आपसे जुड़ी अच्छी चीजे आंखो के सामने आती हैं। मुझे पता आप ही ऐसा कर रही हैं। आप हमारे जिंदगी में वरदान की तरह थीं। जब तक आप हमारे साथ थी हम खुश थे। लेकिन, आप इस दुनिया के लिए नहीं थीं। आप बहुत अच्छी, बेहद साफ मन और खूब प्यार देने वाली थीं। इसलिए आपको भगवान ने वापस वापस बुला लिया.
जाह्नवी ने आगे लिखती हैं कि दोस्त मुझसे हमेशा कहते थे कि तुम हमेशा खुश रहती है। लेकिन मुझे यह बात अब महसूस हुई कि आप ही मेरी खुशी थी। जब आप थी तो कोई भी समस्या बड़ी नही थी, कोई भी दिन मुश्किल भरा नही था। आप मेरे रूह की हिस्सा थीं। आप मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी। आप पूरी जिंदगी सिर्फ देती ही आई हो और मैं भी आपके लिए हमेशा कुछ करना चाहती थी, मम्मी। मैं आपको गर्व महसूस कराना चाहती थी। हर सुबह, मैं एक आशा के साथ दिन की शुरुआत करती थी कि एक दिन आप मुझ पर जरूर गर्व करेंगी।
अपने पोस्ट में जाह्नवी ने मां से वादा करते हुए लिखा कि लेकिन मैं वादा करती हूं मैं अब भी हर रोज इसी सोच के साथ उठूंगी. क्योंकि मुझे महसूस होता है कि आप आज भी हमारे बीच मौजूद हो। आप जो चीजें हमारे बीच छोड़कर गई हैं, वह हमें आगे बढ़ने के लिए और मजबूत बनाती हैं लेकिन यह चीजे पूरी तरफ से पर्याप्त नहीं हैं।
जाह्नवी ने इस लेटर के साथ इंस्टाग्राम पर लिखा कि मैंने और खुशी ने अपनी मां खोई है, लेकिन पापा ने तो अपनी 'जान' खो दिया। मैं जन्मदिन के मौके पर केवल एक ही चीज पूछना चाहती हूं क्या आप अपने माता-पिता से प्यार करते हैं। अगर आप करते हैं तो उन्हें खुश रखें और उन्हे खूब ढेर सारा प्यार करें। मैं मां की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं। आप लोगों ने मां के प्रति जो प्यार और सपोर्ट दिखाया उसके लिए शुक्रिया।
On my birthday, the only thing I ask of all of you is that you love your parents. Cherish them and devote yourself to making them feel that love. They have made you. And I ask that you remember my mother fondly, pray for her soul to rest in peace. Let the love and adulation you'll showered on her continue and please know that the biggest part of my mother was the love she shared with papa. And their love is immortal because there was nothing like it in the whole world. Nothing as joyful and pure and no two people as devoted to one another as they were. Please respect that because it hurts to think anyone would ever try to tarnish it. Preserving the sanctity of what they had would mean the world not only to my mother but also to a man who's entire being revolved around her, and her two children who are all that remains of their love. Me and Khushi have lost our mother but papa has lost his "Jaan". She was so much more than just an actor or a mother or a wife. She was the ultimate and the best in all these roles. It mattered a great deal to her to give love and to get love. For people to be good and gracious and kind. She didn't understand frustration or malice or jealousy. So let's be that. Let's be full of only good and give only love. That would make her happy, to know that even in death, she gave you all something. The courage and inspiration to fill yourselves with nothing but love and rid yourselves of bitterness in any way and form. That's what she stood for. Dignity, strength and innocence. Thank you for the love and support everyone has shown us in the past couple of days. It's given us hope and strength and we can't thank you all enough.
मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस वहीदा रहमान का नाम 53वें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इसकी जानकारी केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने एक्स हैंडल पर दी है। उन्होंने अदाकारा के काम की तारीफ की है और कहा कि वो इसका ऐलान करके खुद सम्मानजनक महसूस कर रहे हैं। पिछले साल यह सम्मान आशा पारेख को मिला था।
अनुराग ठाकुर ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे यह ऐलान करते हुए बेहद खुशी और सम्मान महसूस हो रहा है कि वहीदा रहमान जी को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए इस साल प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है।
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नई दिल्ली। बॉलीवुड की सुपरस्टार एक्ट्रेस श्रीदेवी के निधन हुए लगभग एक हफ्ते हो गएं है। मां के निधन के बाद बेटी जाह्नवी कपूर ने अपनी मां के लिए एक इमोशनल लेटर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। जाह्नवी ने इस लेटर में न सिर्फ अपने मन की बात शेयर की है बल्कि अपनी बहन खुशी और पापा बोनी कपूर के बारे में भी कई इमोशनल बातें शेयर की हैं। मां के लिए जाह्नवी ने आगे लिखा कि मुझे यह महसूस होता है कि आप मुझे तमाम दुख-दर्द से बचा रहीं है। जब भी आखें बंद करती हूं तो आपसे जुड़ी अच्छी चीजे आंखो के सामने आती हैं। मुझे पता आप ही ऐसा कर रही हैं। आप हमारे जिंदगी में वरदान की तरह थीं। जब तक आप हमारे साथ थी हम खुश थे। लेकिन, आप इस दुनिया के लिए नहीं थीं। आप बहुत अच्छी, बेहद साफ मन और खूब प्यार देने वाली थीं। इसलिए आपको भगवान ने वापस वापस बुला लिया. जाह्नवी ने आगे लिखती हैं कि दोस्त मुझसे हमेशा कहते थे कि तुम हमेशा खुश रहती है। लेकिन मुझे यह बात अब महसूस हुई कि आप ही मेरी खुशी थी। जब आप थी तो कोई भी समस्या बड़ी नही थी, कोई भी दिन मुश्किल भरा नही था। आप मेरे रूह की हिस्सा थीं। आप मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी। आप पूरी जिंदगी सिर्फ देती ही आई हो और मैं भी आपके लिए हमेशा कुछ करना चाहती थी, मम्मी। मैं आपको गर्व महसूस कराना चाहती थी। हर सुबह, मैं एक आशा के साथ दिन की शुरुआत करती थी कि एक दिन आप मुझ पर जरूर गर्व करेंगी। अपने पोस्ट में जाह्नवी ने मां से वादा करते हुए लिखा कि लेकिन मैं वादा करती हूं मैं अब भी हर रोज इसी सोच के साथ उठूंगी. क्योंकि मुझे महसूस होता है कि आप आज भी हमारे बीच मौजूद हो। आप जो चीजें हमारे बीच छोड़कर गई हैं, वह हमें आगे बढ़ने के लिए और मजबूत बनाती हैं लेकिन यह चीजे पूरी तरफ से पर्याप्त नहीं हैं। जाह्नवी ने इस लेटर के साथ इंस्टाग्राम पर लिखा कि मैंने और खुशी ने अपनी मां खोई है, लेकिन पापा ने तो अपनी 'जान' खो दिया। मैं जन्मदिन के मौके पर केवल एक ही चीज पूछना चाहती हूं क्या आप अपने माता-पिता से प्यार करते हैं। अगर आप करते हैं तो उन्हें खुश रखें और उन्हे खूब ढेर सारा प्यार करें। मैं मां की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं। आप लोगों ने मां के प्रति जो प्यार और सपोर्ट दिखाया उसके लिए शुक्रिया। On my birthday, the only thing I ask of all of you is that you love your parents. Cherish them and devote yourself to making them feel that love. They have made you. And I ask that you remember my mother fondly, pray for her soul to rest in peace. Let the love and adulation you'll showered on her continue and please know that the biggest part of my mother was the love she shared with papa. And their love is immortal because there was nothing like it in the whole world. Nothing as joyful and pure and no two people as devoted to one another as they were. Please respect that because it hurts to think anyone would ever try to tarnish it. Preserving the sanctity of what they had would mean the world not only to my mother but also to a man who's entire being revolved around her, and her two children who are all that remains of their love. Me and Khushi have lost our mother but papa has lost his "Jaan". She was so much more than just an actor or a mother or a wife. She was the ultimate and the best in all these roles. It mattered a great deal to her to give love and to get love. For people to be good and gracious and kind. She didn't understand frustration or malice or jealousy. So let's be that. Let's be full of only good and give only love. That would make her happy, to know that even in death, she gave you all something. The courage and inspiration to fill yourselves with nothing but love and rid yourselves of bitterness in any way and form. That's what she stood for. Dignity, strength and innocence. Thank you for the love and support everyone has shown us in the past couple of days. It's given us hope and strength and we can't thank you all enough. मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस वहीदा रहमान का नाम तिरेपनवें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इसकी जानकारी केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने एक्स हैंडल पर दी है। उन्होंने अदाकारा के काम की तारीफ की है और कहा कि वो इसका ऐलान करके खुद सम्मानजनक महसूस कर रहे हैं। पिछले साल यह सम्मान आशा पारेख को मिला था। अनुराग ठाकुर ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे यह ऐलान करते हुए बेहद खुशी और सम्मान महसूस हो रहा है कि वहीदा रहमान जी को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए इस साल प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है।
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क्या आदमी हूँ मैं । ये जवाब क्या मैं आदमी हूँ ? ये सवाल बन जाता है, हर बार जब कुछ ऐसा देखता हूँ आँखो के समक्ष जो मैं आदमी रह कर देखना नहीं चाहता ।
Blow a candle not only In front of Jesus. But also blow that Candle in your heart. So that , the light of that candle , will empower your view's.
मत चिल्लाओ रे फ़रिश्ते दुनिया बेहरी हो चुकी है। बेकार में ही समय बर्बाद कर रहे हो , ये तो जीते जी मर चुकी है ।
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क्या आदमी हूँ मैं । ये जवाब क्या मैं आदमी हूँ ? ये सवाल बन जाता है, हर बार जब कुछ ऐसा देखता हूँ आँखो के समक्ष जो मैं आदमी रह कर देखना नहीं चाहता । Blow a candle not only In front of Jesus. But also blow that Candle in your heart. So that , the light of that candle , will empower your view's. मत चिल्लाओ रे फ़रिश्ते दुनिया बेहरी हो चुकी है। बेकार में ही समय बर्बाद कर रहे हो , ये तो जीते जी मर चुकी है ।
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बोलो बन्धु!
देख रहे हो भारत की दशा? गंधार देश में धर्म बचा ही नहीं, बंग में वही दशा!
मन्दिर तोड़े जा रहे, निरपराध मानुस मारे जा रहे, घरों को जलाया जा रहा है। भविष्य कैसा होगा?
तो? मैं क्या करूँ? तुम्हारा देश है, तुम्हारा युग है, तुम करो स्वयं की रक्षा!
किन्तु मैं तो तुमको पूजता हूँ न देव! मैं तो तुम्हारे भरोसे बैठा हुआ हूँ कि तुम हमारी रक्षा करोगे।
मैं? तुम्हे याद है बन्धु, अपने युग के महासमर में भी मैंने अपने परम मित्र का केवल रथ हांका था।
मैं केवल राह दिखाता हूँ, अपने जीवन का युद्ध तो सबको स्वयं ही लड़ना होता है भाई!
किन्तु तुम तो ईश्वर हो न माधव! यूँ अपने लोगों को अकेला छोड़ दोगे?
नहीं बन्धु! मैं अपने लोगों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। मैं सदैव उनके साथ होता हूँ।
और यदि हम विपत्ति से लड़ कर भी पराजित हो गए, तो? क्या तुम यूँ ही धर्म को समाप्त हो जाने दोगे?
तुम यदि लड़ पड़ो तो पराजित हो ही नहीं सकते! मैं तुम्हे पराजित होने ही नहीं दूंगा।
महाभारत युद्ध में जब अर्जुन पराजित होने लगे तो बिना बुलाये मैंने अपनी प्रतिज्ञा तोड़ कर सुदर्शन उठा लिया था।
जबतक तुम मेरे साथ हो, तुम पराजित नहीं हो सकते।
पर कन्हैया!
मध्यकाल में बर्बर आतंकियों से युद्ध में अनेक भारतीय धर्मनिष्ठ शासक पराजित हो गए थे। तब तुमने उनकी सहायता क्यों नहीं की?
युद्ध में किसी एक राजा की पराजय क्या सभ्यता और धर्म की पराजय होती है? नहीं!
यदि मध्यकाल के युद्धों में सभ्यता पराजित हुई होती आज तुम नहीं होते मित्र!
तुम हो, यह सभ्यता की ही विजय है, यह धर्म की ही विजय है।
किन्तु आर्यावर्त की सीमाएं तो लगातार सिकुड़ती ही गयी हैं न माधव!
देश तो छोटा होता ही गया है। क्या यह हमारी पराजय नहीं?
राष्ट्र की सीमाएं निरन्तर परिवर्तित होती हैं बन्धु!
राष्ट्र को जब कोई योग्य नायक मिलता है तो सीमाएं बढ़ती हैं, और कायरों के काल में सीमाएं सिकुड़ती हैं। जो आज नहीं है, वह कल होगा।
और यदि मैं न करूँ तो?
तो क्या? तुम नहीं तो कोई और करेगा।
तुम्हारे न करने से धर्म का कार्य बाधित नहीं होगा मित्र, उसे कोई न कोई मिल ही जायेगा।
लाखों लोग प्रतिदिन जन्म लेते हैं और उतने ही नित्य मर-खप जाते हैं, समय किसको याद रखता है?
समय उन्ही नायकों को याद रखता है जो धर्म का कार्य करते हैं।
तो क्या युग बदलेगा?
तुम्हे यदि गङ्गा की लहरों पर पसरता नया भगवा रंग नहीं दिखता तो यह तुम्हारा दोष है मित्र! बाकी समय अपना कार्य कर रहा है।
तुम यदि नायकों की सूची में अपना नाम जोड़ना चाहते हो तो लड़ो, वरना भेंड़ बकरियों की भांति गुमनाम मर जाओगे।
फिर मुझे क्या करना चाहिए कन्हैया?
आँख बंद करो, बताता हूँ।
कर लिया।
खोल लिया। अरे! किधर गए? कहाँ गए कान्हा?
तुम्हारे अंदर ही था बन्धु! अब भी तुम्हारे अंदर ही हूँ।
यह राष्ट्र मेरा है, यह सभ्यता मेरी है, मैं ही धर्म हूँ।
मैं आर्यावर्त के हर सनातन शरीर में हूँ... जब ढूंढो तब मिल जाऊंगा।
पर ढूंढने की आवश्यकता ही क्या है, तुम अपना कर्म करो मैं तुम्हारे साथ हूँ।
- कन्हैया! कन्हैया! कन्हैया!
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बोलो बन्धु! देख रहे हो भारत की दशा? गंधार देश में धर्म बचा ही नहीं, बंग में वही दशा! मन्दिर तोड़े जा रहे, निरपराध मानुस मारे जा रहे, घरों को जलाया जा रहा है। भविष्य कैसा होगा? तो? मैं क्या करूँ? तुम्हारा देश है, तुम्हारा युग है, तुम करो स्वयं की रक्षा! किन्तु मैं तो तुमको पूजता हूँ न देव! मैं तो तुम्हारे भरोसे बैठा हुआ हूँ कि तुम हमारी रक्षा करोगे। मैं? तुम्हे याद है बन्धु, अपने युग के महासमर में भी मैंने अपने परम मित्र का केवल रथ हांका था। मैं केवल राह दिखाता हूँ, अपने जीवन का युद्ध तो सबको स्वयं ही लड़ना होता है भाई! किन्तु तुम तो ईश्वर हो न माधव! यूँ अपने लोगों को अकेला छोड़ दोगे? नहीं बन्धु! मैं अपने लोगों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। मैं सदैव उनके साथ होता हूँ। और यदि हम विपत्ति से लड़ कर भी पराजित हो गए, तो? क्या तुम यूँ ही धर्म को समाप्त हो जाने दोगे? तुम यदि लड़ पड़ो तो पराजित हो ही नहीं सकते! मैं तुम्हे पराजित होने ही नहीं दूंगा। महाभारत युद्ध में जब अर्जुन पराजित होने लगे तो बिना बुलाये मैंने अपनी प्रतिज्ञा तोड़ कर सुदर्शन उठा लिया था। जबतक तुम मेरे साथ हो, तुम पराजित नहीं हो सकते। पर कन्हैया! मध्यकाल में बर्बर आतंकियों से युद्ध में अनेक भारतीय धर्मनिष्ठ शासक पराजित हो गए थे। तब तुमने उनकी सहायता क्यों नहीं की? युद्ध में किसी एक राजा की पराजय क्या सभ्यता और धर्म की पराजय होती है? नहीं! यदि मध्यकाल के युद्धों में सभ्यता पराजित हुई होती आज तुम नहीं होते मित्र! तुम हो, यह सभ्यता की ही विजय है, यह धर्म की ही विजय है। किन्तु आर्यावर्त की सीमाएं तो लगातार सिकुड़ती ही गयी हैं न माधव! देश तो छोटा होता ही गया है। क्या यह हमारी पराजय नहीं? राष्ट्र की सीमाएं निरन्तर परिवर्तित होती हैं बन्धु! राष्ट्र को जब कोई योग्य नायक मिलता है तो सीमाएं बढ़ती हैं, और कायरों के काल में सीमाएं सिकुड़ती हैं। जो आज नहीं है, वह कल होगा। और यदि मैं न करूँ तो? तो क्या? तुम नहीं तो कोई और करेगा। तुम्हारे न करने से धर्म का कार्य बाधित नहीं होगा मित्र, उसे कोई न कोई मिल ही जायेगा। लाखों लोग प्रतिदिन जन्म लेते हैं और उतने ही नित्य मर-खप जाते हैं, समय किसको याद रखता है? समय उन्ही नायकों को याद रखता है जो धर्म का कार्य करते हैं। तो क्या युग बदलेगा? तुम्हे यदि गङ्गा की लहरों पर पसरता नया भगवा रंग नहीं दिखता तो यह तुम्हारा दोष है मित्र! बाकी समय अपना कार्य कर रहा है। तुम यदि नायकों की सूची में अपना नाम जोड़ना चाहते हो तो लड़ो, वरना भेंड़ बकरियों की भांति गुमनाम मर जाओगे। फिर मुझे क्या करना चाहिए कन्हैया? आँख बंद करो, बताता हूँ। कर लिया। खोल लिया। अरे! किधर गए? कहाँ गए कान्हा? तुम्हारे अंदर ही था बन्धु! अब भी तुम्हारे अंदर ही हूँ। यह राष्ट्र मेरा है, यह सभ्यता मेरी है, मैं ही धर्म हूँ। मैं आर्यावर्त के हर सनातन शरीर में हूँ... जब ढूंढो तब मिल जाऊंगा। पर ढूंढने की आवश्यकता ही क्या है, तुम अपना कर्म करो मैं तुम्हारे साथ हूँ। - कन्हैया! कन्हैया! कन्हैया!
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच तकरार इस कदर बाद गई है की ट्विटर ने आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद का ही अकाउंट बंद कर दिया। इसकी जानकारी खुद आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने दी। हालांकि एक घंटे बाद अकाउंट को बहाल कर दिया गया। मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मेरे ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक करने से पहले ट्विटर किसी भी तरह की जानकारी देने में असफल रहा है और यह नियम का उल्लंघन है। अकाउंट चालू होने के बाद भी ट्विटर की ओर से रविशंकर प्रसाद को चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में उनके अकाउंट के खिलाफ कोई और नोटिस मिलता है तो उनका अकाउंट फिर से ब्लॉक हो सकता है या फिर सस्पेंड किया जा सकता है।
Twitter's a ctions indicate that they are not the harbinger of free speech that they claim to be but are only interested in running their own agenda, with the threat that if you do not tow the line they draw, they will arbitrarily remove you from their platform.
रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को ट्विटर और सोशल मीडिया कू पर कहा, "दोस्तों, आज कुछ बहुत ही अनोखा हुआ। ट्विटर ने करीब एक घंटे तक मेरे अकाउंट का एक्सेस रोक दिया। उन्होंने अमेरिकी कानून के डिजिटिल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया और इसके बाद उन्होंने मेरे अकाउंट का एक्सेस दिया। " रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, "ट्विटर का ऐक्शन दिखाता है कि वे अभिव्यक्ति की आजादी के अग्रदूत नहीं है, जैसा कि वे दावा करते हैं, बल्कि वे केवल अपना अजेंडा चलाने में दिलचस्पी रखते हैं। इस धमकी से वह दिखाना चाहते हैं कि यदि आप उनकी द्वार खींची गई रेखा पर नहीं चलते तो वे आपको मनमाने ढंग से अपने प्लैटफॉर्म से हटा देंगे। " रविशंकर प्रसाद ने बताया कि अकाउंट एक्सेस की कोशिश करने पर उन्हें बताया गया कि उनके अकाउंट से अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट ऐक्ट का उल्लंघन हुआ है।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच तकरार इस कदर बाद गई है की ट्विटर ने आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद का ही अकाउंट बंद कर दिया। इसकी जानकारी खुद आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने दी। हालांकि एक घंटे बाद अकाउंट को बहाल कर दिया गया। मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मेरे ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक करने से पहले ट्विटर किसी भी तरह की जानकारी देने में असफल रहा है और यह नियम का उल्लंघन है। अकाउंट चालू होने के बाद भी ट्विटर की ओर से रविशंकर प्रसाद को चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में उनके अकाउंट के खिलाफ कोई और नोटिस मिलता है तो उनका अकाउंट फिर से ब्लॉक हो सकता है या फिर सस्पेंड किया जा सकता है। Twitter's a ctions indicate that they are not the harbinger of free speech that they claim to be but are only interested in running their own agenda, with the threat that if you do not tow the line they draw, they will arbitrarily remove you from their platform. रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को ट्विटर और सोशल मीडिया कू पर कहा, "दोस्तों, आज कुछ बहुत ही अनोखा हुआ। ट्विटर ने करीब एक घंटे तक मेरे अकाउंट का एक्सेस रोक दिया। उन्होंने अमेरिकी कानून के डिजिटिल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया और इसके बाद उन्होंने मेरे अकाउंट का एक्सेस दिया। " रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, "ट्विटर का ऐक्शन दिखाता है कि वे अभिव्यक्ति की आजादी के अग्रदूत नहीं है, जैसा कि वे दावा करते हैं, बल्कि वे केवल अपना अजेंडा चलाने में दिलचस्पी रखते हैं। इस धमकी से वह दिखाना चाहते हैं कि यदि आप उनकी द्वार खींची गई रेखा पर नहीं चलते तो वे आपको मनमाने ढंग से अपने प्लैटफॉर्म से हटा देंगे। " रविशंकर प्रसाद ने बताया कि अकाउंट एक्सेस की कोशिश करने पर उन्हें बताया गया कि उनके अकाउंट से अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट ऐक्ट का उल्लंघन हुआ है।
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Mawana : श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में जैन धर्म के ख्फ् वें तीर्थकर क्008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण दिवस मनाया गया। इस दौरान भगवान का अभिषेक किया गया व प्रभात फेरी भी निकाली गई। आचार्य श्री क्08 भारत भूषण महाराज ऐलक श्री भव्य भूषण-महाराज व क्षुल्लक श्री भाग्य भूषण महाराज के पावन सानिध्य में श्रीजी के अभिषेक की समस्त क्रियाएं संपन्न हुई।
मुख्य वेदी में श्रीजी को अपने शीश पर धारण कर पांडुक शिला तक लाने का सौभाग्य प्रेमराज जैन के परिवार को प्राप्त हुआ। इंद्रों ने पासुक जल से पांडुक शिला पर भगवान का अभिषेक किया गया। तत्पश्चात श्री जी का पूजन किया गया। श्री देवशास्त्र गुरु पूजन के बाद भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव की पूजा की गई। संगीतमय लहरी से श्रद्धालु झूम उठे। सभी ने सामूहिक रूप से भगवान की मोक्ष स्थली श्री सम्मेद शिखर के स्वर्ण भद्र कूट को नमस्कार कर उनके चरण विंद में श्री फल व अर्ध्य चढ़ाए।
पूजन विसर्जन पश्चात श्रद्धालु जैन अतिथि भवन पहुंचे और विशाल जैन धर्म ध्वजा का करीब 80 फुट उंचाई पर आरोहण का कार्यक्रम हुआ। ध्वजारोहण करने का सौभाग्य राजीव जैन, अक्षत जैन को प्राप्त हुआ। इस मंगल अवसर आचार्य श्री ने कहा कि नील गगन में लहराता यह विशाल पंचरंगा अहिंसा परमो धर्म का उपदेश जन-जन तक पहुंचाएगा। बताया कि ध्वज के पांच रंग पंच परमेष्ठी के प्रतीक हैं। पंच परमेष्ठी का चिंतवन व स्तवन हमें संसार रूपी सागर से पार करने में समर्थ है। शांतिधारा अशोक कुमार जैन, सुशील जैन, शुभम व सार्थक जैन ने की।
कार्यक्रम में डा। अशोक जैन, विनय जैन, मुकेश जैन, सतेंद्र जैन, राजेंद्र जैन, राजेश जैन, आदेश जैन, सुरेंद्र जैन, प्रवीण जैन, नेमचंद जैन, जय प्रकाश जैन, मुदित, अर्चित जैन आदि रहे।
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Mawana : श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में जैन धर्म के ख्फ् वें तीर्थकर क्आठ श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण दिवस मनाया गया। इस दौरान भगवान का अभिषेक किया गया व प्रभात फेरी भी निकाली गई। आचार्य श्री क्आठ भारत भूषण महाराज ऐलक श्री भव्य भूषण-महाराज व क्षुल्लक श्री भाग्य भूषण महाराज के पावन सानिध्य में श्रीजी के अभिषेक की समस्त क्रियाएं संपन्न हुई। मुख्य वेदी में श्रीजी को अपने शीश पर धारण कर पांडुक शिला तक लाने का सौभाग्य प्रेमराज जैन के परिवार को प्राप्त हुआ। इंद्रों ने पासुक जल से पांडुक शिला पर भगवान का अभिषेक किया गया। तत्पश्चात श्री जी का पूजन किया गया। श्री देवशास्त्र गुरु पूजन के बाद भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव की पूजा की गई। संगीतमय लहरी से श्रद्धालु झूम उठे। सभी ने सामूहिक रूप से भगवान की मोक्ष स्थली श्री सम्मेद शिखर के स्वर्ण भद्र कूट को नमस्कार कर उनके चरण विंद में श्री फल व अर्ध्य चढ़ाए। पूजन विसर्जन पश्चात श्रद्धालु जैन अतिथि भवन पहुंचे और विशाल जैन धर्म ध्वजा का करीब अस्सी फुट उंचाई पर आरोहण का कार्यक्रम हुआ। ध्वजारोहण करने का सौभाग्य राजीव जैन, अक्षत जैन को प्राप्त हुआ। इस मंगल अवसर आचार्य श्री ने कहा कि नील गगन में लहराता यह विशाल पंचरंगा अहिंसा परमो धर्म का उपदेश जन-जन तक पहुंचाएगा। बताया कि ध्वज के पांच रंग पंच परमेष्ठी के प्रतीक हैं। पंच परमेष्ठी का चिंतवन व स्तवन हमें संसार रूपी सागर से पार करने में समर्थ है। शांतिधारा अशोक कुमार जैन, सुशील जैन, शुभम व सार्थक जैन ने की। कार्यक्रम में डा। अशोक जैन, विनय जैन, मुकेश जैन, सतेंद्र जैन, राजेंद्र जैन, राजेश जैन, आदेश जैन, सुरेंद्र जैन, प्रवीण जैन, नेमचंद जैन, जय प्रकाश जैन, मुदित, अर्चित जैन आदि रहे।
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में विभागीय अफसरों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से पालिका के खजाने को खाली करने की होड लगा रखी है। अभी एक मुकदमे में मजबूत पैरवी नहीं करने से पालिका को 6 लाख रुपये की रिकवरी का मामला उजागर हुआ तो अब फिर से पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल की सतर्कता के कारण 34 लाख रुपये का पालिका को चपत लगाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इसको लेकर पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए ईओ हेमराज सिंह से मामले में दोषी अफसरों व कर्मचारियो की जानकारी देने के साथ ही मूल पत्रावली भी तलब की है।
बता दें कि नगरपालिका परिषद् में फर्जी मामले बनाकर अदालतों के जरिये एक पक्षीय आदेश पारित होने पर पालिका से लाखों रुपये की रिकवरी कराने का खेल चल रहा है। इस घपले में पालिका के अफसर और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध बनी हुई है। पिछले दिनों ही पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने तीन माह पालिका में ठेका कर्मी के रूप में नौकरी करने वाले अनिल कुमार धीमान का मामला पकड़ा। अनिल धीमान ने श्रम न्यायालय सहारनपुर में पालिका प्रशासन के खिलाफ वाद दायर करते हुए 6 लाख रुपये की रिकवरी जारी कराई और भुगतान भी पा लिया। इसके बाद अनिल धीमान ने 21 लाख का नया दावा पालिका प्रशासन के खिलाफ ठोक दिया है।
लाखों की बंदरबांट के इस गोलमाल का खुलासा करने के बाद अब पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने भ्रष्टाचार का नया मामला पकड़ा है। पालिकाध्यक्ष ने आज ईओ हेमराज सिंह को पत्र लिखा है। इसमें उनहोंने कहा कि मुजफ्फरनगर के एक न्यायालय में पालिका स्तर से एक वाद के मामले में समुचित पैरवी के अभाव में पालिका प्रशासन पर 34 लाख की रिकवरी का दबाव बन गया है। यह वाद पालिका के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी आंकडों के आधार पर सफाई कार्रू और चूना आदि की आपूर्ति के लिए किया गया है। इसमें परमेश कुमार ने पालिका के खिलाफ 34 लाख की रिकवरी का आदेश पारित करा लिया है। अंजू अग्रवाल ने बताया कि वादी परमेश कुमार की मृत्यु भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और अनिल धीमान के मामले में दिये गये आदेशों पर भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने ईओ के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने 34 लाख की रिकवरी के मामले में ईओ से वाद सहायक एवं स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष नगर स्वास्थ्य अधिकारी से तीन दिनों में स्पष्टीकरण लेने को कहा है।
पालिकाध्यक्ष ने ईओ से इस मामले में मूल पत्रावली भी तलब की है और साथ ही उन्होंने इस मामले में पालिका से कब कब पैरवी की गई, मृत व्यक्ति द्वारा न्यायालय से पालिका के खिलाफ कैसे आदेश पारित कराया गया, किस कर्मचारी की आख्या पर कौन पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया, कितना भुगतान किया गया, यदि 34 लाख की रिकवरी होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा आदि प्रश्नों का जवाब भी तलब किया है। पालिकाध्यक्ष ने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की है कि आखिकर पालिका के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी द्वारा उनके संज्ञान में यह प्रकरण क्यों नहीं लाया गया। उन्होंने ईओ से दोनों मामलों में समस्त अद्यतन स्थिति से अवगत कराने के लिए रिपोर्ट मांगी है।
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में विभागीय अफसरों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से पालिका के खजाने को खाली करने की होड लगा रखी है। अभी एक मुकदमे में मजबूत पैरवी नहीं करने से पालिका को छः लाख रुपये की रिकवरी का मामला उजागर हुआ तो अब फिर से पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल की सतर्कता के कारण चौंतीस लाख रुपये का पालिका को चपत लगाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इसको लेकर पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए ईओ हेमराज सिंह से मामले में दोषी अफसरों व कर्मचारियो की जानकारी देने के साथ ही मूल पत्रावली भी तलब की है। बता दें कि नगरपालिका परिषद् में फर्जी मामले बनाकर अदालतों के जरिये एक पक्षीय आदेश पारित होने पर पालिका से लाखों रुपये की रिकवरी कराने का खेल चल रहा है। इस घपले में पालिका के अफसर और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध बनी हुई है। पिछले दिनों ही पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने तीन माह पालिका में ठेका कर्मी के रूप में नौकरी करने वाले अनिल कुमार धीमान का मामला पकड़ा। अनिल धीमान ने श्रम न्यायालय सहारनपुर में पालिका प्रशासन के खिलाफ वाद दायर करते हुए छः लाख रुपये की रिकवरी जारी कराई और भुगतान भी पा लिया। इसके बाद अनिल धीमान ने इक्कीस लाख का नया दावा पालिका प्रशासन के खिलाफ ठोक दिया है। लाखों की बंदरबांट के इस गोलमाल का खुलासा करने के बाद अब पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने भ्रष्टाचार का नया मामला पकड़ा है। पालिकाध्यक्ष ने आज ईओ हेमराज सिंह को पत्र लिखा है। इसमें उनहोंने कहा कि मुजफ्फरनगर के एक न्यायालय में पालिका स्तर से एक वाद के मामले में समुचित पैरवी के अभाव में पालिका प्रशासन पर चौंतीस लाख की रिकवरी का दबाव बन गया है। यह वाद पालिका के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी आंकडों के आधार पर सफाई कार्रू और चूना आदि की आपूर्ति के लिए किया गया है। इसमें परमेश कुमार ने पालिका के खिलाफ चौंतीस लाख की रिकवरी का आदेश पारित करा लिया है। अंजू अग्रवाल ने बताया कि वादी परमेश कुमार की मृत्यु भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और अनिल धीमान के मामले में दिये गये आदेशों पर भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने ईओ के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने चौंतीस लाख की रिकवरी के मामले में ईओ से वाद सहायक एवं स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष नगर स्वास्थ्य अधिकारी से तीन दिनों में स्पष्टीकरण लेने को कहा है। पालिकाध्यक्ष ने ईओ से इस मामले में मूल पत्रावली भी तलब की है और साथ ही उन्होंने इस मामले में पालिका से कब कब पैरवी की गई, मृत व्यक्ति द्वारा न्यायालय से पालिका के खिलाफ कैसे आदेश पारित कराया गया, किस कर्मचारी की आख्या पर कौन पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया, कितना भुगतान किया गया, यदि चौंतीस लाख की रिकवरी होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा आदि प्रश्नों का जवाब भी तलब किया है। पालिकाध्यक्ष ने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की है कि आखिकर पालिका के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी द्वारा उनके संज्ञान में यह प्रकरण क्यों नहीं लाया गया। उन्होंने ईओ से दोनों मामलों में समस्त अद्यतन स्थिति से अवगत कराने के लिए रिपोर्ट मांगी है।
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नयी दिल्ली, 29 दिसंबर (एजेंसी)
रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को 351 उप-प्रणालियों और घटकों की एक नयी सूची की घोषणा की, जिन्हें अगले साल दिसंबर से शुरू होने वाली विभिन्न समय सीमा के तहत आयात करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह पिछले 16 महीनों में मंत्रालय द्वारा जारी की गई तीसरी सूची है। यह कदम भारत को सैन्य प्लेटफार्म और उपकरणों के निर्माण का केंद्र बनाने के सरकार के समग्र उद्देश्य के हिस्से के रूप में उठाया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस पहल से हर साल लगभग 3,000 करोड़ रुपये के बराबर विदेशी मुद्रा की बचत होगी। मंत्रालय ने 2,500 वस्तुओं की भी एक सूची जारी की, जिनके बारे में कहा गया है कि वे पहले ही 'स्वदेशी' हो चुकी हैं।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 351 आयातित सामग्रियों को अगले 3 वर्षों में 'स्वदेशी' बना लिया जाएगा। नयी सूची पर अधिसूचना सोमवार को जारी की गई। मंत्रालय ने कहा कि सूची में उल्लेखित विभिन्न सामग्री निर्धारित समय-सीमा के अनुसार भारतीय उद्योगों से ही खरीदी जा सकेगी। अधिसूचना के अनुसार, 172 वस्तुओं की पहली खेप पर आयात प्रतिबंध अगले साल दिसंबर तक लागू हो जाएगा, जबकि 89 घटकों की दूसरी खेप पर दिसंबर 2023 तक लागू होगा। इसके अलावा, 90 वस्तुओं की एक और खेप पर आयात प्रतिबंध दिसंबर 2024 से प्रभावी होगा। वस्तुओं में लेजर चेतावनी सेंसर, उच्च दबाव जांच वाल्व, उच्च दबाव ग्लोब वाल्व, विभिन्न प्रकार के केबल, सॉकेट और वोल्टेज नियंत्रण ऑसिलेटर शामिल हैं।
पिछले साल अगस्त में, मंत्रालय ने घोषणा की थी कि भारत 2024 तक 101 हथियारों और सैन्य प्लेटफार्म जैसे परिवहन विमान, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, पारंपरिक पनडुब्बी, क्रूज मिसाइल और सोनार सिस्टम के आयात को रोक देगा।
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नयी दिल्ली, उनतीस दिसंबर रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को तीन सौ इक्यावन उप-प्रणालियों और घटकों की एक नयी सूची की घोषणा की, जिन्हें अगले साल दिसंबर से शुरू होने वाली विभिन्न समय सीमा के तहत आयात करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह पिछले सोलह महीनों में मंत्रालय द्वारा जारी की गई तीसरी सूची है। यह कदम भारत को सैन्य प्लेटफार्म और उपकरणों के निर्माण का केंद्र बनाने के सरकार के समग्र उद्देश्य के हिस्से के रूप में उठाया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस पहल से हर साल लगभग तीन,शून्य करोड़ रुपये के बराबर विदेशी मुद्रा की बचत होगी। मंत्रालय ने दो,पाँच सौ वस्तुओं की भी एक सूची जारी की, जिनके बारे में कहा गया है कि वे पहले ही 'स्वदेशी' हो चुकी हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तीन सौ इक्यावन आयातित सामग्रियों को अगले तीन वर्षों में 'स्वदेशी' बना लिया जाएगा। नयी सूची पर अधिसूचना सोमवार को जारी की गई। मंत्रालय ने कहा कि सूची में उल्लेखित विभिन्न सामग्री निर्धारित समय-सीमा के अनुसार भारतीय उद्योगों से ही खरीदी जा सकेगी। अधिसूचना के अनुसार, एक सौ बहत्तर वस्तुओं की पहली खेप पर आयात प्रतिबंध अगले साल दिसंबर तक लागू हो जाएगा, जबकि नवासी घटकों की दूसरी खेप पर दिसंबर दो हज़ार तेईस तक लागू होगा। इसके अलावा, नब्बे वस्तुओं की एक और खेप पर आयात प्रतिबंध दिसंबर दो हज़ार चौबीस से प्रभावी होगा। वस्तुओं में लेजर चेतावनी सेंसर, उच्च दबाव जांच वाल्व, उच्च दबाव ग्लोब वाल्व, विभिन्न प्रकार के केबल, सॉकेट और वोल्टेज नियंत्रण ऑसिलेटर शामिल हैं। पिछले साल अगस्त में, मंत्रालय ने घोषणा की थी कि भारत दो हज़ार चौबीस तक एक सौ एक हथियारों और सैन्य प्लेटफार्म जैसे परिवहन विमान, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, पारंपरिक पनडुब्बी, क्रूज मिसाइल और सोनार सिस्टम के आयात को रोक देगा।
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Xiaomi Redmi Note 7 Pro मोबाइल फोन कुछ स्पेक्स के साथ अपने लॉन्च से पहले ही सर्टिफाइड हो चुका है। इस मोबाइल फोन को एक 6.3-इंच की FHD+ स्क्रीन, स्नेपड्रैगन 675, 48MP sony IMX586 सेंसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है।
ख़ास बातेंः
- Xiaomi Redmi Note 7 Pro मोबाइल फोन को इसी सप्ताह चीन में लॉन्च करने वाला है।
- मोबाइल फोन में आपको एक Sony IMX 586 सेंसर भी मिलने वला है, यह Redmi Note 7 स्मार्टफोन में मौजूद Samsung ISOCELL ब्राइट GM1 सेंसर को रिप्लेस करने वाला है।
- मोबाइल फोन में आपको एक 6.3-इंच की FHD+ 19.5:9 आस्पेक्ट रेश्यो वाली एक 2.5D कर्व्ड ग्लास डिस्प्ले मिलने वाली है।
Xiaomi पहले ही इस बात की जानकारी दे चुका है कि वह अपने Xiaomi Redmi Note 7 Pro मोबाइल फोन को इसी सप्ताह चीन में लॉन्च करने वाला है। हालाँकि इस मोबाइल फोन के बारे में हम काफी कुछ सुन चुके हैं, इसके काफी स्पेक्स भी पहले ही सामने आ चुके हैं लेकिन इस स्मार्टफोन Redmi Note 7 Pro के लॉन्च से पहले ही इसे TENAA पर देखा गया है, अर्थात् इसे मॉडल नंबर M1901F7BE के साथ TENAA से सर्टिफिकेशन मिल चुका है।
इसके अलावा आपको बता दें कि इस मोबाइल फोन में आपको एक Sony IMX 586 सेंसर भी मिलने वला है, यह Redmi Note 7 स्मार्टफोन में मौजूद Samsung ISOCELL ब्राइट GM1 सेंसर को रिप्लेस करने वाला है। आपको बता दें कि ऐसा माना जा रहा है कि मोबाइल फोन को 2GHz के ओक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है, इसके अलावा इसमें आपको क्वालकॉम स्नेपड्रैगन 675 चिपसेट भी मिलने वाला है। हमने देखा है कि Redmi Note 7 मोबाइल फोन को क्वालकॉम स्नेपड्रैगन 660 के साथ लॉन्च किया गया था। इसका मतलब है कि Redmi Note 7 Pro मोबाइल फोन में आपको एक एडवांस चिपसेट मिलने वाला है।
TENAA के लिस्टिंग से ऐसा भी सामने आ रहा है कि फोन में एक रियर माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर भी होने वाला है। हालाँकि अभी तक इसके सेकेंडरी कैमरा को लेकर कोई भी जानकारी नहीं मिली है। हालाँकि ऐसा माना जा रहा है कि Redmi Note 7 में शामिल 5MP के सेकेंडरी कैमरा के मुकाबले इसमें आपको एक अच्छा सेंसर मिल सकता है।
इस मोबाइल फोन में आपको एक 6.3-इंच की FHD+ 19.5:9 आस्पेक्ट रेश्यो वाली एक 2.5D कर्व्ड ग्लास डिस्प्ले मिलने वाली है। यह स्क्रीन गोरिला ग्लास 5 के प्रोटेक्शन के साथ आने वाली है। इसके अलावा आपको बता देते हैं कि मोबाइल फोन में यानी Redmi Note 7 Pro में आपको एक 2GHz का ओक्टा-कोर स्नेपड्रैगन 675 मोबाइल प्लेटफार्म मिलने वाला है। ऐसा भी माना जा रहा है कि मोबाइल फोन को कई रैम ऑप्शन के साथ लॉन्च किया जा सकता है।
मोबाइल फोन में यानी Redmi Note 7 Pro में आपको 3GB की रैम के साथ 32GB की स्टोरेज, 4GB रैम के साथ 64GB की स्टोरेज और 6GB रैम के साथ 128GB की स्टोरेज मिलने वाली है, इसके अलावा आपको बता दें कि फोन में आपको माइक्रोएसडी कार्ड की सपोर्ट भी मिल रही है, इसका मतलब है कि आप इसकी स्टोरेज को 256GB तक इसकी मदद से बढ़ा भी सकते हैं। फोन को एंड्राइड 9.0 Pie के साथ MIUI 10 पर लॉन्च किया जाने वाला है। फोन में ड्यूल सिम सपोर्ट भी आपको मिल रहा है।
अगर हम कैमरा की बात करें तो आपको बता देते हैं कि इस मोबाइल फोन में आपको एक 48MP का प्राइमरी कैमरा मिलने वाला है, इसके अलावा अभी तक सेकेंडरी कैमरा के बारे में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। साथं ही आपको बता देते हैं कि इस मोबाइल फोन में आपको 13MP का एक फ्रंट फेसिंग कैमरा भी मिल रहा है। इसके अलावा फिंगरप्रिंट सेंसर के अलावा IR सेंसर भी आपको इसमें मिलेगा। साथ ही फोन में आपको एक 4000mAh क्षमता की बैटरी भी मिल सकती है। जो क्विक चार्ज 4 की सपोर्ट से लैस होने वाली है।
नोटः डिजिट हिंदी अब टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है, दिन भर की टेक से जुड़ी ताज़ातरीन खबरों के लिए हमें Telegram पर भी सब्सक्राइब करें!
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नोटः फीचर्ड इमेज रेडमी नोट 7 की है!
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Xiaomi Redmi Note सात Pro मोबाइल फोन कुछ स्पेक्स के साथ अपने लॉन्च से पहले ही सर्टिफाइड हो चुका है। इस मोबाइल फोन को एक छः.तीन-इंच की FHD+ स्क्रीन, स्नेपड्रैगन छः सौ पचहत्तर, अड़तालीसMP sony IMXपाँच सौ छियासी सेंसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है। ख़ास बातेंः - Xiaomi Redmi Note सात Pro मोबाइल फोन को इसी सप्ताह चीन में लॉन्च करने वाला है। - मोबाइल फोन में आपको एक Sony IMX पाँच सौ छियासी सेंसर भी मिलने वला है, यह Redmi Note सात स्मार्टफोन में मौजूद Samsung ISOCELL ब्राइट GMएक सेंसर को रिप्लेस करने वाला है। - मोबाइल फोन में आपको एक छः.तीन-इंच की FHD+ उन्नीस.पाँच:नौ आस्पेक्ट रेश्यो वाली एक दो.पाँचD कर्व्ड ग्लास डिस्प्ले मिलने वाली है। Xiaomi पहले ही इस बात की जानकारी दे चुका है कि वह अपने Xiaomi Redmi Note सात Pro मोबाइल फोन को इसी सप्ताह चीन में लॉन्च करने वाला है। हालाँकि इस मोबाइल फोन के बारे में हम काफी कुछ सुन चुके हैं, इसके काफी स्पेक्स भी पहले ही सामने आ चुके हैं लेकिन इस स्मार्टफोन Redmi Note सात Pro के लॉन्च से पहले ही इसे TENAA पर देखा गया है, अर्थात् इसे मॉडल नंबर Mएक हज़ार नौ सौ एकFसातBE के साथ TENAA से सर्टिफिकेशन मिल चुका है। इसके अलावा आपको बता दें कि इस मोबाइल फोन में आपको एक Sony IMX पाँच सौ छियासी सेंसर भी मिलने वला है, यह Redmi Note सात स्मार्टफोन में मौजूद Samsung ISOCELL ब्राइट GMएक सेंसर को रिप्लेस करने वाला है। आपको बता दें कि ऐसा माना जा रहा है कि मोबाइल फोन को दोGHz के ओक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है, इसके अलावा इसमें आपको क्वालकॉम स्नेपड्रैगन छः सौ पचहत्तर चिपसेट भी मिलने वाला है। हमने देखा है कि Redmi Note सात मोबाइल फोन को क्वालकॉम स्नेपड्रैगन छः सौ साठ के साथ लॉन्च किया गया था। इसका मतलब है कि Redmi Note सात Pro मोबाइल फोन में आपको एक एडवांस चिपसेट मिलने वाला है। TENAA के लिस्टिंग से ऐसा भी सामने आ रहा है कि फोन में एक रियर माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर भी होने वाला है। हालाँकि अभी तक इसके सेकेंडरी कैमरा को लेकर कोई भी जानकारी नहीं मिली है। हालाँकि ऐसा माना जा रहा है कि Redmi Note सात में शामिल पाँचMP के सेकेंडरी कैमरा के मुकाबले इसमें आपको एक अच्छा सेंसर मिल सकता है। इस मोबाइल फोन में आपको एक छः.तीन-इंच की FHD+ उन्नीस.पाँच:नौ आस्पेक्ट रेश्यो वाली एक दो.पाँचD कर्व्ड ग्लास डिस्प्ले मिलने वाली है। यह स्क्रीन गोरिला ग्लास पाँच के प्रोटेक्शन के साथ आने वाली है। इसके अलावा आपको बता देते हैं कि मोबाइल फोन में यानी Redmi Note सात Pro में आपको एक दोGHz का ओक्टा-कोर स्नेपड्रैगन छः सौ पचहत्तर मोबाइल प्लेटफार्म मिलने वाला है। ऐसा भी माना जा रहा है कि मोबाइल फोन को कई रैम ऑप्शन के साथ लॉन्च किया जा सकता है। मोबाइल फोन में यानी Redmi Note सात Pro में आपको तीनGB की रैम के साथ बत्तीसGB की स्टोरेज, चारGB रैम के साथ चौंसठGB की स्टोरेज और छःGB रैम के साथ एक सौ अट्ठाईसGB की स्टोरेज मिलने वाली है, इसके अलावा आपको बता दें कि फोन में आपको माइक्रोएसडी कार्ड की सपोर्ट भी मिल रही है, इसका मतलब है कि आप इसकी स्टोरेज को दो सौ छप्पनGB तक इसकी मदद से बढ़ा भी सकते हैं। फोन को एंड्राइड नौ.शून्य Pie के साथ MIUI दस पर लॉन्च किया जाने वाला है। फोन में ड्यूल सिम सपोर्ट भी आपको मिल रहा है। अगर हम कैमरा की बात करें तो आपको बता देते हैं कि इस मोबाइल फोन में आपको एक अड़तालीसMP का प्राइमरी कैमरा मिलने वाला है, इसके अलावा अभी तक सेकेंडरी कैमरा के बारे में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। साथं ही आपको बता देते हैं कि इस मोबाइल फोन में आपको तेरहMP का एक फ्रंट फेसिंग कैमरा भी मिल रहा है। इसके अलावा फिंगरप्रिंट सेंसर के अलावा IR सेंसर भी आपको इसमें मिलेगा। साथ ही फोन में आपको एक चार हज़ारmAh क्षमता की बैटरी भी मिल सकती है। जो क्विक चार्ज चार की सपोर्ट से लैस होने वाली है। नोटः डिजिट हिंदी अब टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है, दिन भर की टेक से जुड़ी ताज़ातरीन खबरों के लिए हमें Telegram पर भी सब्सक्राइब करें! इन्हें भी पढ़ेंः नोटः फीचर्ड इमेज रेडमी नोट सात की है!
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अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने इजराइल के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर दी। इस पर गुरुवार को अमेरिका में निचले सदन की विदेश मामलों की समिति से उमर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इल्हान उमर भारत के खिलाफ भी बोल चुकी हैं और भारत विरोधी हैं इस अमेरिकी सांसद ने पीओके का दौरा भी किया था। अमेरिकी हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव (प्रतिनिधि सभा) में डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी बहुमत में है। ऐसे में सदन में मतदान के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी से सांसद इल्हान उमर को समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इल्हान उमर डोनल्ड ट्रंप की भी विरोधी रही हैं। वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब इल्हान उमर चर्चा में हैं। इससे पहले वे भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं।
इल्हान उमर कश्मीर, मोदी सरकार को लेकर भी कई विवादित बयान दे चुकी हैं। पिछले साल अप्रैल में उन्होंने अमेरिकी संसद में कहा था, आखिर मोदी सरकार मुसलमानों के खिलाफ और क्या-क्या जुल्म करेगी तब जाकर बाइडन प्रशासन कुछ कहेगा? इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिका के भारत समेत कई देशों के साथ रिश्तों को 'ऐतिहासिक अन्याय' की संज्ञा दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का भी दौरा किया था। इसकी भारत ने आलोचना भी की थी।
इल्हान उमर 2019 में मिनिसोटा से सांसद चुनी गईं। वे पहली अफ्रीकी शरणार्थी हैं जो चुनाव जीतकर अमेरिकी संसद पहुंच गईं। इतना ही नहीं वे संसदीय सीट पर चुनाव जीतने वालीं पहली अश्वेत महिला भी हैं। वे अमेरिकी संसद पहुंचने वाली पहली दो मुस्लिम-अमेरिकी महिलाओं में भी शामिल हैं। इल्हान उमर का जन्म सोमालिया में हुआ था। लेकिन सोमालिया में लगातार गृह युद्ध के चलते उनके परिजनों ने देश छोड़ दिया था, तब वे 8 साल की थीं। इसके बाद वे केन्या के शरणार्थी शिविर में रहीं। इसके बाद उनका परिवार 1990 में अमेरिका चला आया। 2016 में इल्हान उमर ने अमेरिका में चुनाव जीता और मिनिसोटा की प्रतिनिधि सभा पहुंचीं। 2019 में वे अमेरिकी संसद चुनी गईं।
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अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने इजराइल के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर दी। इस पर गुरुवार को अमेरिका में निचले सदन की विदेश मामलों की समिति से उमर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इल्हान उमर भारत के खिलाफ भी बोल चुकी हैं और भारत विरोधी हैं इस अमेरिकी सांसद ने पीओके का दौरा भी किया था। अमेरिकी हाउस ऑफ रेप्रेसेंटेटिव में डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी बहुमत में है। ऐसे में सदन में मतदान के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी से सांसद इल्हान उमर को समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इल्हान उमर डोनल्ड ट्रंप की भी विरोधी रही हैं। वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब इल्हान उमर चर्चा में हैं। इससे पहले वे भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं। इल्हान उमर कश्मीर, मोदी सरकार को लेकर भी कई विवादित बयान दे चुकी हैं। पिछले साल अप्रैल में उन्होंने अमेरिकी संसद में कहा था, आखिर मोदी सरकार मुसलमानों के खिलाफ और क्या-क्या जुल्म करेगी तब जाकर बाइडन प्रशासन कुछ कहेगा? इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिका के भारत समेत कई देशों के साथ रिश्तों को 'ऐतिहासिक अन्याय' की संज्ञा दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का भी दौरा किया था। इसकी भारत ने आलोचना भी की थी। इल्हान उमर दो हज़ार उन्नीस में मिनिसोटा से सांसद चुनी गईं। वे पहली अफ्रीकी शरणार्थी हैं जो चुनाव जीतकर अमेरिकी संसद पहुंच गईं। इतना ही नहीं वे संसदीय सीट पर चुनाव जीतने वालीं पहली अश्वेत महिला भी हैं। वे अमेरिकी संसद पहुंचने वाली पहली दो मुस्लिम-अमेरिकी महिलाओं में भी शामिल हैं। इल्हान उमर का जन्म सोमालिया में हुआ था। लेकिन सोमालिया में लगातार गृह युद्ध के चलते उनके परिजनों ने देश छोड़ दिया था, तब वे आठ साल की थीं। इसके बाद वे केन्या के शरणार्थी शिविर में रहीं। इसके बाद उनका परिवार एक हज़ार नौ सौ नब्बे में अमेरिका चला आया। दो हज़ार सोलह में इल्हान उमर ने अमेरिका में चुनाव जीता और मिनिसोटा की प्रतिनिधि सभा पहुंचीं। दो हज़ार उन्नीस में वे अमेरिकी संसद चुनी गईं।
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इंडियन प्रीमियर लीग में हर वर्ष युवा खिलाड़ी अपने हुनर से विश्व क्रिकेट को अपनी पहचान बताते है। वही दूसरी और बहुत से ऐसे खिलाड़ी भी होते है जिनको राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलती फिर भी वह आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते है।
इसी तरह के एक युवा खिलाड़ी राहुल त्रिपाठी जो की पिछले काफी समय से आईपीएल का हिस्सा है और लगभग हर वर्ष अपने प्रदर्शन से अपने फैंस का दिल जीतते है। राहुल त्रिपाठी इस वर्ष भी हैदराबाद के एक महत्वपूर्ण बल्लेबाज की भूमिका निभा रहें है और हैदराबाद की जीत के एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे।
आज हैदराबाद के लिए करो या मरो की स्थिति वाले मुकाबले अर्थात इस मुकाबले में हार के साथ उनके इस वर्ष के आईपीएल का सफर समाप्त हो जाएगा। इस महत्त्वपूर्ण मुकाबले में अपनी टीम के लिए उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 9 चौके और 3 सिक्सस की बदौलत 76 रनो की पारी खेली।
इस पारी की सहायता से हैदराबाद ने मुंबई के सामने 197 रनो का लक्ष्य रखा। राहुल की इस पारी का सोशल मिडिया पर फैंस ने भी खूब तारीफ की साथ ही राहुल ने अपनी इस पारी से सेलेक्टर्स का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है।
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इंडियन प्रीमियर लीग में हर वर्ष युवा खिलाड़ी अपने हुनर से विश्व क्रिकेट को अपनी पहचान बताते है। वही दूसरी और बहुत से ऐसे खिलाड़ी भी होते है जिनको राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलती फिर भी वह आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते है। इसी तरह के एक युवा खिलाड़ी राहुल त्रिपाठी जो की पिछले काफी समय से आईपीएल का हिस्सा है और लगभग हर वर्ष अपने प्रदर्शन से अपने फैंस का दिल जीतते है। राहुल त्रिपाठी इस वर्ष भी हैदराबाद के एक महत्वपूर्ण बल्लेबाज की भूमिका निभा रहें है और हैदराबाद की जीत के एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे। आज हैदराबाद के लिए करो या मरो की स्थिति वाले मुकाबले अर्थात इस मुकाबले में हार के साथ उनके इस वर्ष के आईपीएल का सफर समाप्त हो जाएगा। इस महत्त्वपूर्ण मुकाबले में अपनी टीम के लिए उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए चौंतालीस गेंदों में नौ चौके और तीन सिक्सस की बदौलत छिहत्तर रनो की पारी खेली। इस पारी की सहायता से हैदराबाद ने मुंबई के सामने एक सौ सत्तानवे रनो का लक्ष्य रखा। राहुल की इस पारी का सोशल मिडिया पर फैंस ने भी खूब तारीफ की साथ ही राहुल ने अपनी इस पारी से सेलेक्टर्स का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है।
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न्यूज हैल्पलाइन . मुम्बई । सिंगर और कंपोजर श्रेया घोषाल 15 अगस्त को अपना नया गाना 'अपनी माटी' रिलीज करने वाली थी, और जो आज रिलीज हो गया है। इस गाने के जरिए उन्होंने 15 अगस्त के इस खास दिन पर अपनी मातृभूमि को ट्रिब्यूट दिया है। श्रेया ने गाने की जानकारी दो दिन पहले ही अपने सोशल मीडिया पर दी थी।15 अगस्त को पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। और यह भारत का अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज में इस पावन जन्मभूमि को एक गाना समर्पित किया है, जिसका नाम 'अपनी माटी' है। इस गाने के बारे में बताते हुए श्रेया ने कहा था कि इस गाने के जरिए वो अपनी धरती मां को बहुत ही खास ट्रिब्यूट देने वाली है। और ये गाना उन्होंने अपने दो और दोस्तों के साथ मिलकर फोन कॉल पर बनाया था, और साथ ही उन्होंने 'अपनी माटी' गाना देश के लिए गर्व और बहुत ही प्यार की भावना से बनाया है।शांतनु मोइत्रा ने इस दिल छू लेने वाले गाने को कंपोज किया है। और स्वानंद किरकिरे ने लिखा है। श्रेया घोषाल का ये गाना लोगों को पसंद आ रहा है। और वायरल भी हो रहा है। ये गाना श्रेया घोषाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है। श्रेया घोषाल बॉलीवुड इंडस्ट्री की एक बेहतरीन सिंगर है, उन्होंने अबतक कई अवॉर्ड्स अपने नाम कर लिए है। श्रेया घोषाल के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने विद्या बालन की हालिया रिलीज़ हुई फिल्म "शकुंतला देवी" का सॉन्ग 'पहेली' गाया था। उनके इस गाने को लोगों ने खूब पसंद किया। इसके अलावा श्रेया ने सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म "दिल बेचारा" का सॉन्ग 'तारे गिन' भी गाया है। श्रेया द्वारा गाया गया ये गाना भी खूब वायरल हुआ।
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न्यूज हैल्पलाइन . मुम्बई । सिंगर और कंपोजर श्रेया घोषाल पंद्रह अगस्त को अपना नया गाना 'अपनी माटी' रिलीज करने वाली थी, और जो आज रिलीज हो गया है। इस गाने के जरिए उन्होंने पंद्रह अगस्त के इस खास दिन पर अपनी मातृभूमि को ट्रिब्यूट दिया है। श्रेया ने गाने की जानकारी दो दिन पहले ही अपने सोशल मीडिया पर दी थी।पंद्रह अगस्त को पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। और यह भारत का अपना चौहत्तरवां स्वतंत्रता दिवस है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज में इस पावन जन्मभूमि को एक गाना समर्पित किया है, जिसका नाम 'अपनी माटी' है। इस गाने के बारे में बताते हुए श्रेया ने कहा था कि इस गाने के जरिए वो अपनी धरती मां को बहुत ही खास ट्रिब्यूट देने वाली है। और ये गाना उन्होंने अपने दो और दोस्तों के साथ मिलकर फोन कॉल पर बनाया था, और साथ ही उन्होंने 'अपनी माटी' गाना देश के लिए गर्व और बहुत ही प्यार की भावना से बनाया है।शांतनु मोइत्रा ने इस दिल छू लेने वाले गाने को कंपोज किया है। और स्वानंद किरकिरे ने लिखा है। श्रेया घोषाल का ये गाना लोगों को पसंद आ रहा है। और वायरल भी हो रहा है। ये गाना श्रेया घोषाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है। श्रेया घोषाल बॉलीवुड इंडस्ट्री की एक बेहतरीन सिंगर है, उन्होंने अबतक कई अवॉर्ड्स अपने नाम कर लिए है। श्रेया घोषाल के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने विद्या बालन की हालिया रिलीज़ हुई फिल्म "शकुंतला देवी" का सॉन्ग 'पहेली' गाया था। उनके इस गाने को लोगों ने खूब पसंद किया। इसके अलावा श्रेया ने सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म "दिल बेचारा" का सॉन्ग 'तारे गिन' भी गाया है। श्रेया द्वारा गाया गया ये गाना भी खूब वायरल हुआ।
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सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉलीवुड की दो बड़ी एक्ट्रेसेस को इनक्वायरी के लिए समन किया है। इस केस में अपना बयान दर्ज करा चुकीं नोरा फतेही को ईडी ने आज पूछताछ के लिए बुलाया है।
वहीं, इसके अलावा एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को भी समन भेजा गया है। उन्हें 15 अक्टूबर यानी कल ईडी ऑफिस में उपस्थित होने को कहा गया है। जैकलीन से ईडी पहले भी पूछताछ कर चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ED इस के में कई और नामों की भी पड़ताल कर रही है।
सुकेश चंद्रशेखर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ की ठगी के मामले में आरोपी है। वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस ने सुकेश चंद्रशेखर को एआईएडीएमके के नेता टी टी वी दिनाकरण को उनके गुट को दो पत्तों वाला चुनाव चिह्न दिलाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
उसके बाद से वह दिल्ली की रोहिणी जेल से ही खुद एक बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर अदिति सिंह को जांच सेटल कराने की बात करके पैसा ऐंठ रहा था। अगस्त में ईडी ने सुकेश चंद्रशेखर के ठिकानों पर रेड मारने के बाद चेन्नई में समुद्र तट के करीब स्थित एक आलीशान बंगला, 82. 5 लाख रुपये नकद, दो किलो सोना, 16 शानदार कारें और अन्य महंगे सामान जब्त किए थे।
सुकेश और जैकलीन के जेल से लगातार बात होती थी और वह जैकलीन के लिए गिफ्ट्स भेजता था। ईडी अफसरों को सुकेश के कॉल रिकॉर्ड से उसके और जैकलीन के बीच दो दर्जन से ज्यादा बार बातचीत होने की पुष्टि हुई है। इस केस में ED ये पता लगाने के कोशिश कर रही है कि पैसा कहां-कहां इनवेस्ट किया गया है।
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सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बॉलीवुड की दो बड़ी एक्ट्रेसेस को इनक्वायरी के लिए समन किया है। इस केस में अपना बयान दर्ज करा चुकीं नोरा फतेही को ईडी ने आज पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं, इसके अलावा एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को भी समन भेजा गया है। उन्हें पंद्रह अक्टूबर यानी कल ईडी ऑफिस में उपस्थित होने को कहा गया है। जैकलीन से ईडी पहले भी पूछताछ कर चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ED इस के में कई और नामों की भी पड़ताल कर रही है। सुकेश चंद्रशेखर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से दो सौ करोड़ की ठगी के मामले में आरोपी है। वर्ष दो हज़ार सत्रह में दिल्ली पुलिस ने सुकेश चंद्रशेखर को एआईएडीएमके के नेता टी टी वी दिनाकरण को उनके गुट को दो पत्तों वाला चुनाव चिह्न दिलाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके बाद से वह दिल्ली की रोहिणी जेल से ही खुद एक बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर अदिति सिंह को जांच सेटल कराने की बात करके पैसा ऐंठ रहा था। अगस्त में ईडी ने सुकेश चंद्रशेखर के ठिकानों पर रेड मारने के बाद चेन्नई में समुद्र तट के करीब स्थित एक आलीशान बंगला, बयासी. पाँच लाख रुपये नकद, दो किलो सोना, सोलह शानदार कारें और अन्य महंगे सामान जब्त किए थे। सुकेश और जैकलीन के जेल से लगातार बात होती थी और वह जैकलीन के लिए गिफ्ट्स भेजता था। ईडी अफसरों को सुकेश के कॉल रिकॉर्ड से उसके और जैकलीन के बीच दो दर्जन से ज्यादा बार बातचीत होने की पुष्टि हुई है। इस केस में ED ये पता लगाने के कोशिश कर रही है कि पैसा कहां-कहां इनवेस्ट किया गया है।
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05 नवंबर 2019: करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी प्रश्न और उत्तर आपकी सामान्य जागरूकता बढ़ाने के लिए। हमारे करंट अफेयर्स क्विज़ के साथ 05 नवंबर 2019 के प्रश्नों का अभ्यास करें जो पूरे भारत के साथ-साथ विश्व की सभी महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर करता है। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार में सफल होने के लिए, सभी महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी का उपयोग 05 नवंबर 2019 को यहां दिए गए उत्तरों के साथ करें।
1.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को __________ द्वारा ऑनलाइन खरीदारी को एक व्यसनी विकार के रूप में पहचानना है।
उत्तरः
व्याख्या :
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को 2024 तक ऑनलाइन शॉपिंग को एक नशे की लत विकार के रूप में पहचानना है। लाखों लोग डिजिटल कॉमर्स का दुरुपयोग करते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग के कारण वित्तीय तनाव का सामना करते हैं।
2.
नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा el वास्टेलैंड एटलस 2019 'का ______ संस्करण जारी किया गया था?
उत्तरः
व्याख्या :
बंजर भूमि/वेस्टलैंड एटलस को राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के सहयोग से भूमि संसाधन विभाग द्वारा तैयार किया गया था। इससे पहले, अंतरिक्ष विभाग ने वर्ष 2000, 2005, 2010 और 2011 संस्करणों में भारत के अपशिष्ट जल एटलस प्रकाशित किए हैं। भारतीय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट डेटा का उपयोग करते हुए नया बंजर भूमि मानचित्रण अभ्यास, वेस्टलैंड एटलस 2019 का पांचवा संस्करण है।
3.
मिजोरम के राज्यपाल के रूप में किसने शपथ ली?
उत्तरः
व्याख्या :
5 नवंबर 2019 को पीएस श्रीधरन पिल्लई को मिजोरम के नए राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण कार्यालय का संचालन गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय लांबा द्वारा राजभवन, मिजोरम में किया गया। श्री पिल्लई केरल से मिजोरम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने वाले तीसरे राज्यपाल हैं।
4.
पहली बार वेस्टलैंड एटलस कब जारी किया गया था?
उत्तरः
व्याख्या :
राष्ट्रीय दूरस्थ संवेदी केंद्र (NRSC) के सहयोग से भूमि संसाधन विभाग द्वारा बंजर भूमि/वेस्टलैंड एटलस तैयार किया गया था। इससे पहले, अंतरिक्ष विभाग ने वर्ष 2000, 2005, 2010 और 2011 संस्करणों में भारत के बंजर भूमि एटलस को प्रकाशित किया है।
5.
बंजर भूमि एटलस 2019 को किसने जारी किया?
उत्तरः
व्याख्या :
बंजर भूमि/वेस्टलैंड एटलस को राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के सहयोग से भूमि संसाधन विभाग द्वारा तैयार किया गया था। इससे पहले, अंतरिक्ष विभाग ने वर्ष 2000, 2005, 2010 और 2011 संस्करणों में भारत के अपशिष्ट जल एटलस प्रकाशित किए हैं। भारतीय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट डेटा का उपयोग करते हुए नया बंजर भूमि मानचित्रण अभ्यास, वेस्टलैंड एटलस 2019 का पांचवा संस्करण है।
6.
किस एनजीओ ने कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन को दृष्टिबाधित मैत्रीपूर्ण स्टेशन बनने में मदद की?
उत्तरः
व्याख्या :
कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन अब दृष्टिगत रूप से अनुकूल हो गया है। मैसूरु, बेंगलुरु, और मुंबई, महाराष्ट्र में बोरीवली स्टेशन के बाद ऐसी सुविधा वाला यह चौथा स्टेशन बन गया। रेलवे स्टेशन ने 1 नवंबर 2019 को ब्रेल सूचना बोर्ड और ब्रेल-एम्बॉस किए गए हैंड्रिल स्थापित किए हैं। कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन में यह पहल बेंगलुरु स्थित एनजीओ अनुप्रेयस द्वारा की गई है। अनुप्रेयस ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को उत्तर भारत का पहला नेत्रहीन दोस्ताना स्टेशन बनने में मदद की।
7.
किस राज्य सरकार ने राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए?
उत्तरः
व्याख्या :
असम राज्य सरकार ने फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी) के साथ 50 मिलियन यूरो (400 करोड़ रुपये) के समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते का उद्देश्य राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद करना है।
8.
कौन सा रेलवे स्टेशन सबसे पहले एक नेत्रहीन मैत्रीपूर्ण स्टेशन बन गया?
उत्तरः
व्याख्या :
मैसूरु रेलवे स्टेशन एक दृष्टिबाधित मैत्रीपूर्ण स्टेशन बनने वाला पहला शहर बन गया।
9.
असम राज्य सरकार ने राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी) के साथ ________ के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
उत्तरः
व्याख्या :
असम राज्य सरकार ने फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी) के साथ 50 मिलियन यूरो (400 करोड़ रुपये) के समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते का उद्देश्य राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद करना है।
10.
कौन सा तमिलनाडु रेलवे स्टेशन अब दृष्टिगत रूप से अनुकूल हो गया है?
उत्तरः
व्याख्या :
कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन अब दृष्टिगत रूप से अनुकूल हो गया है। मैसूरु, बेंगलुरु, और मुंबई, महाराष्ट्र में बोरीवली स्टेशन के बाद ऐसी सुविधा वाला यह चौथा स्टेशन बन गया।
11.
वन और जैव विविधता संरक्षण (APFBC) के लिए असम परियोजना का पहला चरण कब शुरू किया गया था?
उत्तरः
व्याख्या :
वन और जैव विविधता संरक्षण (APFBC) के असम परियोजना के पहले चरण में, 21,000 हेक्टेयर भूमि को पुनर्निर्मित किया गया था। यह वर्ष 2013 में शुरू हुआ। राज्य ने वन्यजीवों के लिए 33 बाढ़ शरण स्थल बनाए, और एएफडी के समर्थन से वैकल्पिक आजीविका में स्थानीय समुदायों के 6,000 से अधिक सदस्यों को प्रशिक्षित किया।
12.
महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों के सम्मेलन का __________ संस्करण 7-8 नवंबर, 2019 को कोलकाता में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) में आयोजित किया जाएगा।
उत्तरः
व्याख्या :
5 वां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) कोलकाता में 5 से 8 नवंबर, 2019 तक आयोजित किया जा रहा है। महिला वैज्ञानिकों के तीसरे संस्करण और उद्यमियों के सम्मेलन का आयोजन कोलकाता में 7-8 पर इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) में किया जाएगा। नवंबर 2019।
13.
___________ के साथ केंद्र साझेदारी ने कौशल निर्माण मंच का शुभारंभ किया।
उत्तरः
व्याख्या :
केंद्र को आईबीएम के सहयोग से स्किल बिल्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च करना है। यह प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) द्वारा घोषित किया गया था, जो कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तहत कार्य करता है।
14.
असम राज्य सरकार ने वन और जैव विविधता संरक्षण (APFBC) के असम परियोजना के दूसरे चरण के लिए कितना आवंटित किया?
उत्तरः
व्याख्या :
परियोजना के लिए राज्य द्वारा असम परियोजना वन और जैव विविधता संरक्षण (APFBC) के दूसरे चरण के लिए आवंटित बजट 500 करोड़ रुपये है।
15.
आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तरः
व्याख्या :
आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) की स्थापना 1712 में हुई थी। मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है।
16.
आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) के महानिदेशक और अध्यक्ष कौन हैं?
उत्तरः
व्याख्या :
सौरभ कुमार आयुध कारखानों के महानिदेशक (DGOF) और कोलकाता में आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) के अध्यक्ष हैं। वह 1982 बैच के भारतीय आयुध निर्माणी सेवा के अधिकारी हैं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एम-टेक हैं।
17.
आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तरः
व्याख्या :
आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) की स्थापना 1712 में हुई थी। मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है।
18.
आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) की स्थापना कब की गई थी?
उत्तरः
व्याख्या :
ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) की स्थापना 1712 में हुई थी। ओएफबी हवा, जमीन और समुद्री प्रणालियों के क्षेत्रों में एक व्यापक उत्पाद रेंज के परीक्षण, विपणन, अनुसंधान और रसद में लगी हुई है। यह रक्षा मंत्रालय (MoD) के रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन कार्य करता है।
19.
स्वीडिश बोफोर्स Haubits FH77 भारत द्वारा कब आयात किया गया था?
उत्तरः
व्याख्या :
भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर अप्रैल 2019 में धनुष लॉन्ग-रेंज आर्टिलरी गन्स को शामिल किया। यह ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी), कोलकाता द्वारा विकसित किया गया है। तोपों का निर्माण गन कैरिज फैक्ट्री, जबलपुर द्वारा स्वीडिश बोफोर्स हूबिट्स FH77 के आधार पर किया जाता है। यह 1980 के दशक में भारत द्वारा आयात किया गया था।
20.
_________ ने मिशन इनोवेशन (एमआई) नाम दिया, जिसे COP-21 के दौरान 20 देशों द्वारा लॉन्च किया गया था।
उत्तरः
व्याख्या :
प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिशन इनोवेशन (एमआई) का नाम रखा। इसे COP-21 के दौरान 20 देशों द्वारा 30 नवंबर 2015 को लॉन्च किया गया था। एमआई में वर्तमान में 24 सदस्यीय देश और यूरोपीय आयोग शामिल हैं।
21.
विज्ञान समागम, भारत की पहली वैश्विक मेगा-विज्ञान प्रदर्शनी है, जिसका उद्घाटन ___________ में साइंस सिटी में किया गया था।
उत्तरः
व्याख्या :
विज्ञान समागम, भारत की पहली वैश्विक मेगा-विज्ञान प्रदर्शनी, का उद्घाटन 4 नवंबर 2019 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में साइंस सिटी में किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री और पृथ्वी विज्ञान मंत्री भारत सरकार, डॉ। हर्षवर्धन। विज्ञान समागम कोलकाता में 4 नवंबर से 31 दिसंबर 2019 तक आयोजित किया जाएगा।
22.
क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) द्वारा टैरिफ में कमी के लिए आधार वर्ष के रूप में किस वर्ष उपयोग किया जाता है?
उत्तरः
व्याख्या :
2014 को क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) द्वारा टैरिफ में कमी के लिए आधार वर्ष के रूप में उपयोग किया जाता है। भारत ने टैरिफ में कमी के लिए आधार वर्ष के रूप में 2014 के उपयोग के कदम पर एक लाल झंडा उठाया है। जबकि आरसीईपी वार्ताकार 2020 में समझौते पर हस्ताक्षर करने की मांग कर रहे हैं, नए टैरिफ शासन को 2022 से लागू किया जाएगा और कर्तव्यों को 2014 के स्तर पर वापस जाना होगा।
23.
धनुष आर्टिलरी गन्स का विकास कौन कर रहा है?
उत्तरः
व्याख्या :
भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर अप्रैल 2019 में धनुष लॉन्ग-रेंज आर्टिलरी गन्स को शामिल किया। यह ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी), कोलकाता द्वारा विकसित किया गया है।
24.
मिशन इनोवेशन (MI) कब शुरू किया गया था?
उत्तरः
व्याख्या :
प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिशन इनोवेशन (एमआई) का नाम रखा। इसे COP-21 के दौरान 20 देशों द्वारा 30 नवंबर 2015 को लॉन्च किया गया था। एमआई में वर्तमान में 24 सदस्यीय देश और यूरोपीय आयोग शामिल हैं।
25.
क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) के अंतर्गत कितने सदस्य देश हैं?
उत्तरः
व्याख्या :
RCEP में 10 आसियान राष्ट्र और इसके मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के छह साझेदार शामिल हैं, अर्थात् भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड। आरसीईपी का लक्ष्य दुनिया में सबसे बड़ा मुक्त-व्यापार क्षेत्र बनाना है।
26.
भारतीय सेना के पास मार्च 2020 तक स्वदेशी रूप से उन्नत धनुष तोपों की पहली रेजिमेंट होगी।
उत्तरः
व्याख्या :
भारतीय सेना के पास मार्च 2020 तक 18 स्वदेशी रूप से उन्नत धनुष तोपों की पहली रेजिमेंट होगी। उम्मीद है कि इसे 2022 तक सभी 114 बंदूकें मिलेंगी। अप्रैल में, ऑर्डनेंस फैक्ट्री गन कैरिज फैक्ट्री, जबलपुर, से 18 फरवरी को सेना ने, OFB ने 6 धनुष तोपों का पहला जत्था सौंपा। 114 बंदूकें 2019 के निर्माण के लिए थोक उत्पादन क्लीयरेंस प्राप्त किया।
27.
किस देश ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया क्योंकि आरसीईपी देश द्वारा उठाए गए वार्ता को संबोधित करने में विफल रहा?
उत्तरः
व्याख्या :
भारत ने मेगा रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (RCEP) समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया है, क्योंकि RCEP भारत द्वारा की गई बातचीत को संबोधित करने में विफल रहा। भारत ने टैरिफ के अंतर के कारण नियमों के उद्गम की परिधि के खतरे सहित चिंताओं को उठाया। यह व्यापार घाटे और सेवाओं के उद्घाटन के मुद्दों को संबोधित करने में विफल रहा।
28.
कंबोडिया और बांग्लादेश _________ में व्यायाम कैरेट में शामिल होने वाले पहले प्रतिभागी बने।
उत्तरः
व्याख्या :
2010 में, कंबोडिया और बांग्लादेश व्यायाम सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग (CARAT) में शामिल होने वाले पहले प्रतिभागी बने।
29.
चैटरोग्राम कहाँ स्थित है?
उत्तरः
व्याख्या :
चिट्टागोंग, जिसे आधिकारिक तौर पर चटोग्राम के रूप में जाना जाता है, दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में एक प्रमुख तटीय शहर और वित्तीय केंद्र है। शहर की आबादी 2. 5 मिलियन से अधिक है, जबकि महानगरीय क्षेत्र की आबादी 2011 में 4,009,423 थी, जो इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर बनाता है।
30.
मिशन इनोवेशन (MI) के तहत कितने सदस्य देश हैं?
उत्तरः
व्याख्या :
प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिशन इनोवेशन (एमआई) का नाम रखा। इसे COP-21 के दौरान 20 देशों द्वारा 30 नवंबर 2015 को लॉन्च किया गया था। एमआई में वर्तमान में 24 सदस्यीय देश और यूरोपीय आयोग शामिल हैं।
31.
अभ्यास सहयोग Afloat Readiness and Training /अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग (CARAT) 2019 __________ के बीच आयोजित किया जाता है।
A. श्रीलंका और यू. एस.
C. बांग्लादेश और यू. एस.
उत्तरः
व्याख्या :
अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक नौसैनिक अभ्यास सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग (CARAT), 2019 की शुरुआत 4 नवंबर, 2019 को बांग्लादेश के चटोग्राम में हुई थी। इसकी घोषणा बांग्लादेश सशस्त्र बलों के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) विंग ने की थी।
32.
2019 द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल कानून मंत्रियों के सम्मेलन का विषय क्या है?
उत्तरः
व्याख्या :
द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल विधि मंत्रियों का सम्मेलन कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन 4-7 नवंबर 2019 को आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का विषय न्याय के लिए समान पहुंच और कानून का नियम है। सम्मेलन का उद्देश्य उन चुनौतियों का समाधान करना है जो कानूनी समस्याओं या विवादों को सुलझाने के लिए लाखों लोगों द्वारा सामना की जाती हैं।
33.
नौसेना अभ्यास सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग (CARAT) 2019 कहाँ आयोजित किया जाता है?
उत्तरः
व्याख्या :
अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक नौसैनिक अभ्यास सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग (CARAT), 2019 की शुरुआत 4 नवंबर, 2019 को बांग्लादेश के चटोग्राम में हुई थी। इसकी घोषणा बांग्लादेश सशस्त्र बलों के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) विंग ने की थी। व्यायाम अलग-अलग विषय-आधारित प्रशिक्षण और व्यायाम के साथ प्रदान किया जाता है।
34.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री कौन हैं?
उत्तरः
व्याख्या :
स्कॉट जॉन मॉरिसन अगस्त 2018 से ऑस्ट्रेलिया के 30 वें और वर्तमान प्रधान मंत्री और लिबरल पार्टी के नेता हैं। उन्होंने पहले ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष के रूप में 2013 से 2018 तक मंत्रिमंडल में कार्य किया। मॉरिसन 2007 में कुक के लिए पहली बार संसद सदस्य चुने गए थे।
35.
किस देश ने 2019 द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल कानून मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की?
उत्तरः
व्याख्या :
द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल विधि मंत्रियों का सम्मेलन कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन 4-7 नवंबर 2019 को आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
36.
वियतनाम के समाजवादी गणराज्य के प्रधान मंत्री कौन हैं?
उत्तरः
व्याख्या :
गुयेन जुआन फुक वियतनाम के सोशलिस्ट रिपब्लिक के प्रधान मंत्री हैं। गुयेन जुआन फुक भी नेशनल असेंबली का एक पूर्ण सदस्य है, जो अपनी 11 वीं, 12 वीं, 13 वीं और 14 वीं शर्तों पर कार्य कर रहा है।
37.
सेंडाइ सेवन अभियान कब शुरू किया गया था?
उत्तरः
व्याख्या :
वर्ष 2016 में, संयुक्त राष्ट्र कार्यालय आपदा जोखिम न्यूनीकरण (UNDRR) ने सेंदाई सेवन अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य आपदा जोखिम और आपदा नुकसान को कम करने के लिए सभी क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। अभियान ने आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रगति को मापने के लिए 7 लक्ष्य और 38 संकेतक निर्धारित किए हैं।
38.
भारत-आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन 2019 कहाँ आयोजित किया गया है?
उत्तरः
व्याख्या :
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 नवंबर 2019 को बैंकाक में भारत-आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन 2019 के अवसर पर वियतनाम के समाजवादी गणराज्य के प्रधान मंत्री श्री गुयेन जुआन फुक से मुलाकात की।
39.
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मीडिया कॉन्क्लेव कहाँ आयोजित किया जाता है?
उत्तरः
व्याख्या :
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय एक विज्ञान और प्रौद्योगिकी मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहा है। यह फेस्टिवल 6-7 नवंबर 2019 को कोलकाता में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2019 में आयोजित किया जाएगा। मीडिया कॉन्क्लेव का उद्घाटन प्रसार भारती के चेयरमैन श्री ए। सूर्य प्रकाश और डॉ। विजय प्रकाश भाटकर द्वारा किया जाएगा। अध्यक्ष, विज्ञान भारती।
40.
विश्व सुनामी जागरूकता दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तरः
व्याख्या :
विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 5 नवंबर 2019 को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। यह दिन सुनामी जागरूकता बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए नवीन दृष्टिकोण साझा करने के लिए मनाया गया था। 2019 विश्व सुनामी जागरूकता दिवस सेंदाई सात अभियान पर लक्ष्यों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए आपदा क्षति को कम करने और बुनियादी सेवाओं के विघटन पर केंद्रित है।
41.
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 5 नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में कब नियुक्त किया?
उत्तरः
व्याख्या :
दिसंबर 2015 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 5 नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में चिह्नित किया। दिन का अवलोकन जापान द्वारा शुरू किया गया था। जापान ने वर्षों में सुनामी के कारण विनाश का अनुभव किया है।
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पाँच नवंबर दो हज़ार उन्नीस: करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी प्रश्न और उत्तर आपकी सामान्य जागरूकता बढ़ाने के लिए। हमारे करंट अफेयर्स क्विज़ के साथ पाँच नवंबर दो हज़ार उन्नीस के प्रश्नों का अभ्यास करें जो पूरे भारत के साथ-साथ विश्व की सभी महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर करता है। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार में सफल होने के लिए, सभी महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी का उपयोग पाँच नवंबर दो हज़ार उन्नीस को यहां दिए गए उत्तरों के साथ करें। एक. विश्व स्वास्थ्य संगठन को __________ द्वारा ऑनलाइन खरीदारी को एक व्यसनी विकार के रूप में पहचानना है। उत्तरः व्याख्या : विश्व स्वास्थ्य संगठन को दो हज़ार चौबीस तक ऑनलाइन शॉपिंग को एक नशे की लत विकार के रूप में पहचानना है। लाखों लोग डिजिटल कॉमर्स का दुरुपयोग करते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग के कारण वित्तीय तनाव का सामना करते हैं। दो. नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा el वास्टेलैंड एटलस दो हज़ार उन्नीस 'का ______ संस्करण जारी किया गया था? उत्तरः व्याख्या : बंजर भूमि/वेस्टलैंड एटलस को राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर के सहयोग से भूमि संसाधन विभाग द्वारा तैयार किया गया था। इससे पहले, अंतरिक्ष विभाग ने वर्ष दो हज़ार, दो हज़ार पाँच, दो हज़ार दस और दो हज़ार ग्यारह संस्करणों में भारत के अपशिष्ट जल एटलस प्रकाशित किए हैं। भारतीय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट डेटा का उपयोग करते हुए नया बंजर भूमि मानचित्रण अभ्यास, वेस्टलैंड एटलस दो हज़ार उन्नीस का पांचवा संस्करण है। तीन. मिजोरम के राज्यपाल के रूप में किसने शपथ ली? उत्तरः व्याख्या : पाँच नवंबर दो हज़ार उन्नीस को पीएस श्रीधरन पिल्लई को मिजोरम के नए राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण कार्यालय का संचालन गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय लांबा द्वारा राजभवन, मिजोरम में किया गया। श्री पिल्लई केरल से मिजोरम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने वाले तीसरे राज्यपाल हैं। चार. पहली बार वेस्टलैंड एटलस कब जारी किया गया था? उत्तरः व्याख्या : राष्ट्रीय दूरस्थ संवेदी केंद्र के सहयोग से भूमि संसाधन विभाग द्वारा बंजर भूमि/वेस्टलैंड एटलस तैयार किया गया था। इससे पहले, अंतरिक्ष विभाग ने वर्ष दो हज़ार, दो हज़ार पाँच, दो हज़ार दस और दो हज़ार ग्यारह संस्करणों में भारत के बंजर भूमि एटलस को प्रकाशित किया है। पाँच. बंजर भूमि एटलस दो हज़ार उन्नीस को किसने जारी किया? उत्तरः व्याख्या : बंजर भूमि/वेस्टलैंड एटलस को राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर के सहयोग से भूमि संसाधन विभाग द्वारा तैयार किया गया था। इससे पहले, अंतरिक्ष विभाग ने वर्ष दो हज़ार, दो हज़ार पाँच, दो हज़ार दस और दो हज़ार ग्यारह संस्करणों में भारत के अपशिष्ट जल एटलस प्रकाशित किए हैं। भारतीय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट डेटा का उपयोग करते हुए नया बंजर भूमि मानचित्रण अभ्यास, वेस्टलैंड एटलस दो हज़ार उन्नीस का पांचवा संस्करण है। छः. किस एनजीओ ने कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन को दृष्टिबाधित मैत्रीपूर्ण स्टेशन बनने में मदद की? उत्तरः व्याख्या : कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन अब दृष्टिगत रूप से अनुकूल हो गया है। मैसूरु, बेंगलुरु, और मुंबई, महाराष्ट्र में बोरीवली स्टेशन के बाद ऐसी सुविधा वाला यह चौथा स्टेशन बन गया। रेलवे स्टेशन ने एक नवंबर दो हज़ार उन्नीस को ब्रेल सूचना बोर्ड और ब्रेल-एम्बॉस किए गए हैंड्रिल स्थापित किए हैं। कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन में यह पहल बेंगलुरु स्थित एनजीओ अनुप्रेयस द्वारा की गई है। अनुप्रेयस ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को उत्तर भारत का पहला नेत्रहीन दोस्ताना स्टेशन बनने में मदद की। सात. किस राज्य सरकार ने राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए फ्रांसीसी विकास एजेंसी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए? उत्तरः व्याख्या : असम राज्य सरकार ने फ्रांसीसी विकास एजेंसी के साथ पचास मिलियन यूरो के समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते का उद्देश्य राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद करना है। आठ. कौन सा रेलवे स्टेशन सबसे पहले एक नेत्रहीन मैत्रीपूर्ण स्टेशन बन गया? उत्तरः व्याख्या : मैसूरु रेलवे स्टेशन एक दृष्टिबाधित मैत्रीपूर्ण स्टेशन बनने वाला पहला शहर बन गया। नौ. असम राज्य सरकार ने राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए फ्रांसीसी विकास एजेंसी के साथ ________ के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। उत्तरः व्याख्या : असम राज्य सरकार ने फ्रांसीसी विकास एजेंसी के साथ पचास मिलियन यूरो के समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते का उद्देश्य राज्य के जंगलों को बहाल करने और इसकी जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद करना है। दस. कौन सा तमिलनाडु रेलवे स्टेशन अब दृष्टिगत रूप से अनुकूल हो गया है? उत्तरः व्याख्या : कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन अब दृष्टिगत रूप से अनुकूल हो गया है। मैसूरु, बेंगलुरु, और मुंबई, महाराष्ट्र में बोरीवली स्टेशन के बाद ऐसी सुविधा वाला यह चौथा स्टेशन बन गया। ग्यारह. वन और जैव विविधता संरक्षण के लिए असम परियोजना का पहला चरण कब शुरू किया गया था? उत्तरः व्याख्या : वन और जैव विविधता संरक्षण के असम परियोजना के पहले चरण में, इक्कीस,शून्य हेक्टेयर भूमि को पुनर्निर्मित किया गया था। यह वर्ष दो हज़ार तेरह में शुरू हुआ। राज्य ने वन्यजीवों के लिए तैंतीस बाढ़ शरण स्थल बनाए, और एएफडी के समर्थन से वैकल्पिक आजीविका में स्थानीय समुदायों के छः,शून्य से अधिक सदस्यों को प्रशिक्षित किया। बारह. महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों के सम्मेलन का __________ संस्करण सात-आठ नवंबर, दो हज़ार उन्नीस को कोलकाता में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में आयोजित किया जाएगा। उत्तरः व्याख्या : पाँच वां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव कोलकाता में पाँच से आठ नवंबर, दो हज़ार उन्नीस तक आयोजित किया जा रहा है। महिला वैज्ञानिकों के तीसरे संस्करण और उद्यमियों के सम्मेलन का आयोजन कोलकाता में सात-आठ पर इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में किया जाएगा। नवंबर दो हज़ार उन्नीस। तेरह. ___________ के साथ केंद्र साझेदारी ने कौशल निर्माण मंच का शुभारंभ किया। उत्तरः व्याख्या : केंद्र को आईबीएम के सहयोग से स्किल बिल्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च करना है। यह प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा घोषित किया गया था, जो कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत कार्य करता है। चौदह. असम राज्य सरकार ने वन और जैव विविधता संरक्षण के असम परियोजना के दूसरे चरण के लिए कितना आवंटित किया? उत्तरः व्याख्या : परियोजना के लिए राज्य द्वारा असम परियोजना वन और जैव विविधता संरक्षण के दूसरे चरण के लिए आवंटित बजट पाँच सौ करोड़ रुपये है। पंद्रह. आयुध निर्माणी बोर्ड का मुख्यालय कहाँ स्थित है? उत्तरः व्याख्या : आयुध निर्माणी बोर्ड की स्थापना एक हज़ार सात सौ बारह में हुई थी। मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है। सोलह. आयुध निर्माणी बोर्ड के महानिदेशक और अध्यक्ष कौन हैं? उत्तरः व्याख्या : सौरभ कुमार आयुध कारखानों के महानिदेशक और कोलकाता में आयुध निर्माणी बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वह एक हज़ार नौ सौ बयासी बैच के भारतीय आयुध निर्माणी सेवा के अधिकारी हैं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान , कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एम-टेक हैं। सत्रह. आयुध निर्माणी बोर्ड का मुख्यालय कहाँ स्थित है? उत्तरः व्याख्या : आयुध निर्माणी बोर्ड की स्थापना एक हज़ार सात सौ बारह में हुई थी। मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है। अट्ठारह. आयुध निर्माणी बोर्ड की स्थापना कब की गई थी? उत्तरः व्याख्या : ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड की स्थापना एक हज़ार सात सौ बारह में हुई थी। ओएफबी हवा, जमीन और समुद्री प्रणालियों के क्षेत्रों में एक व्यापक उत्पाद रेंज के परीक्षण, विपणन, अनुसंधान और रसद में लगी हुई है। यह रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन कार्य करता है। उन्नीस. स्वीडिश बोफोर्स Haubits FHसतहत्तर भारत द्वारा कब आयात किया गया था? उत्तरः व्याख्या : भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर अप्रैल दो हज़ार उन्नीस में धनुष लॉन्ग-रेंज आर्टिलरी गन्स को शामिल किया। यह ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड , कोलकाता द्वारा विकसित किया गया है। तोपों का निर्माण गन कैरिज फैक्ट्री, जबलपुर द्वारा स्वीडिश बोफोर्स हूबिट्स FHसतहत्तर के आधार पर किया जाता है। यह एक हज़ार नौ सौ अस्सी के दशक में भारत द्वारा आयात किया गया था। बीस. _________ ने मिशन इनोवेशन नाम दिया, जिसे COP-इक्कीस के दौरान बीस देशों द्वारा लॉन्च किया गया था। उत्तरः व्याख्या : प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिशन इनोवेशन का नाम रखा। इसे COP-इक्कीस के दौरान बीस देशों द्वारा तीस नवंबर दो हज़ार पंद्रह को लॉन्च किया गया था। एमआई में वर्तमान में चौबीस सदस्यीय देश और यूरोपीय आयोग शामिल हैं। इक्कीस. विज्ञान समागम, भारत की पहली वैश्विक मेगा-विज्ञान प्रदर्शनी है, जिसका उद्घाटन ___________ में साइंस सिटी में किया गया था। उत्तरः व्याख्या : विज्ञान समागम, भारत की पहली वैश्विक मेगा-विज्ञान प्रदर्शनी, का उद्घाटन चार नवंबर दो हज़ार उन्नीस को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में साइंस सिटी में किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री और पृथ्वी विज्ञान मंत्री भारत सरकार, डॉ। हर्षवर्धन। विज्ञान समागम कोलकाता में चार नवंबर से इकतीस दिसंबर दो हज़ार उन्नीस तक आयोजित किया जाएगा। बाईस. क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी द्वारा टैरिफ में कमी के लिए आधार वर्ष के रूप में किस वर्ष उपयोग किया जाता है? उत्तरः व्याख्या : दो हज़ार चौदह को क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी द्वारा टैरिफ में कमी के लिए आधार वर्ष के रूप में उपयोग किया जाता है। भारत ने टैरिफ में कमी के लिए आधार वर्ष के रूप में दो हज़ार चौदह के उपयोग के कदम पर एक लाल झंडा उठाया है। जबकि आरसीईपी वार्ताकार दो हज़ार बीस में समझौते पर हस्ताक्षर करने की मांग कर रहे हैं, नए टैरिफ शासन को दो हज़ार बाईस से लागू किया जाएगा और कर्तव्यों को दो हज़ार चौदह के स्तर पर वापस जाना होगा। तेईस. धनुष आर्टिलरी गन्स का विकास कौन कर रहा है? उत्तरः व्याख्या : भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर अप्रैल दो हज़ार उन्नीस में धनुष लॉन्ग-रेंज आर्टिलरी गन्स को शामिल किया। यह ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड , कोलकाता द्वारा विकसित किया गया है। चौबीस. मिशन इनोवेशन कब शुरू किया गया था? उत्तरः व्याख्या : प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिशन इनोवेशन का नाम रखा। इसे COP-इक्कीस के दौरान बीस देशों द्वारा तीस नवंबर दो हज़ार पंद्रह को लॉन्च किया गया था। एमआई में वर्तमान में चौबीस सदस्यीय देश और यूरोपीय आयोग शामिल हैं। पच्चीस. क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी के अंतर्गत कितने सदस्य देश हैं? उत्तरः व्याख्या : RCEP में दस आसियान राष्ट्र और इसके मुक्त व्यापार समझौते के छह साझेदार शामिल हैं, अर्थात् भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड। आरसीईपी का लक्ष्य दुनिया में सबसे बड़ा मुक्त-व्यापार क्षेत्र बनाना है। छब्बीस. भारतीय सेना के पास मार्च दो हज़ार बीस तक स्वदेशी रूप से उन्नत धनुष तोपों की पहली रेजिमेंट होगी। उत्तरः व्याख्या : भारतीय सेना के पास मार्च दो हज़ार बीस तक अट्ठारह स्वदेशी रूप से उन्नत धनुष तोपों की पहली रेजिमेंट होगी। उम्मीद है कि इसे दो हज़ार बाईस तक सभी एक सौ चौदह बंदूकें मिलेंगी। अप्रैल में, ऑर्डनेंस फैक्ट्री गन कैरिज फैक्ट्री, जबलपुर, से अट्ठारह फरवरी को सेना ने, OFB ने छः धनुष तोपों का पहला जत्था सौंपा। एक सौ चौदह बंदूकें दो हज़ार उन्नीस के निर्माण के लिए थोक उत्पादन क्लीयरेंस प्राप्त किया। सत्ताईस. किस देश ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया क्योंकि आरसीईपी देश द्वारा उठाए गए वार्ता को संबोधित करने में विफल रहा? उत्तरः व्याख्या : भारत ने मेगा रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया है, क्योंकि RCEP भारत द्वारा की गई बातचीत को संबोधित करने में विफल रहा। भारत ने टैरिफ के अंतर के कारण नियमों के उद्गम की परिधि के खतरे सहित चिंताओं को उठाया। यह व्यापार घाटे और सेवाओं के उद्घाटन के मुद्दों को संबोधित करने में विफल रहा। अट्ठाईस. कंबोडिया और बांग्लादेश _________ में व्यायाम कैरेट में शामिल होने वाले पहले प्रतिभागी बने। उत्तरः व्याख्या : दो हज़ार दस में, कंबोडिया और बांग्लादेश व्यायाम सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग में शामिल होने वाले पहले प्रतिभागी बने। उनतीस. चैटरोग्राम कहाँ स्थित है? उत्तरः व्याख्या : चिट्टागोंग, जिसे आधिकारिक तौर पर चटोग्राम के रूप में जाना जाता है, दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में एक प्रमुख तटीय शहर और वित्तीय केंद्र है। शहर की आबादी दो. पाँच मिलियन से अधिक है, जबकि महानगरीय क्षेत्र की आबादी दो हज़ार ग्यारह में चार,नौ,चार सौ तेईस थी, जो इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर बनाता है। तीस. मिशन इनोवेशन के तहत कितने सदस्य देश हैं? उत्तरः व्याख्या : प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिशन इनोवेशन का नाम रखा। इसे COP-इक्कीस के दौरान बीस देशों द्वारा तीस नवंबर दो हज़ार पंद्रह को लॉन्च किया गया था। एमआई में वर्तमान में चौबीस सदस्यीय देश और यूरोपीय आयोग शामिल हैं। इकतीस. अभ्यास सहयोग Afloat Readiness and Training /अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग दो हज़ार उन्नीस __________ के बीच आयोजित किया जाता है। A. श्रीलंका और यू. एस. C. बांग्लादेश और यू. एस. उत्तरः व्याख्या : अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक नौसैनिक अभ्यास सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग , दो हज़ार उन्नीस की शुरुआत चार नवंबर, दो हज़ार उन्नीस को बांग्लादेश के चटोग्राम में हुई थी। इसकी घोषणा बांग्लादेश सशस्त्र बलों के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस विंग ने की थी। बत्तीस. दो हज़ार उन्नीस द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल कानून मंत्रियों के सम्मेलन का विषय क्या है? उत्तरः व्याख्या : द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल विधि मंत्रियों का सम्मेलन कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन चार-सात नवंबर दो हज़ार उन्नीस को आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का विषय न्याय के लिए समान पहुंच और कानून का नियम है। सम्मेलन का उद्देश्य उन चुनौतियों का समाधान करना है जो कानूनी समस्याओं या विवादों को सुलझाने के लिए लाखों लोगों द्वारा सामना की जाती हैं। तैंतीस. नौसेना अभ्यास सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग दो हज़ार उन्नीस कहाँ आयोजित किया जाता है? उत्तरः व्याख्या : अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक नौसैनिक अभ्यास सहयोग अफलोत रेडीनेस एंड ट्रेनिंग , दो हज़ार उन्नीस की शुरुआत चार नवंबर, दो हज़ार उन्नीस को बांग्लादेश के चटोग्राम में हुई थी। इसकी घोषणा बांग्लादेश सशस्त्र बलों के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस विंग ने की थी। व्यायाम अलग-अलग विषय-आधारित प्रशिक्षण और व्यायाम के साथ प्रदान किया जाता है। चौंतीस. ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री कौन हैं? उत्तरः व्याख्या : स्कॉट जॉन मॉरिसन अगस्त दो हज़ार अट्ठारह से ऑस्ट्रेलिया के तीस वें और वर्तमान प्रधान मंत्री और लिबरल पार्टी के नेता हैं। उन्होंने पहले ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष के रूप में दो हज़ार तेरह से दो हज़ार अट्ठारह तक मंत्रिमंडल में कार्य किया। मॉरिसन दो हज़ार सात में कुक के लिए पहली बार संसद सदस्य चुने गए थे। पैंतीस. किस देश ने दो हज़ार उन्नीस द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल कानून मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की? उत्तरः व्याख्या : द्विवार्षिक राष्ट्रमंडल विधि मंत्रियों का सम्मेलन कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन चार-सात नवंबर दो हज़ार उन्नीस को आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। छत्तीस. वियतनाम के समाजवादी गणराज्य के प्रधान मंत्री कौन हैं? उत्तरः व्याख्या : गुयेन जुआन फुक वियतनाम के सोशलिस्ट रिपब्लिक के प्रधान मंत्री हैं। गुयेन जुआन फुक भी नेशनल असेंबली का एक पूर्ण सदस्य है, जो अपनी ग्यारह वीं, बारह वीं, तेरह वीं और चौदह वीं शर्तों पर कार्य कर रहा है। सैंतीस. सेंडाइ सेवन अभियान कब शुरू किया गया था? उत्तरः व्याख्या : वर्ष दो हज़ार सोलह में, संयुक्त राष्ट्र कार्यालय आपदा जोखिम न्यूनीकरण ने सेंदाई सेवन अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य आपदा जोखिम और आपदा नुकसान को कम करने के लिए सभी क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। अभियान ने आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रगति को मापने के लिए सात लक्ष्य और अड़तीस संकेतक निर्धारित किए हैं। अड़तीस. भारत-आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन दो हज़ार उन्नीस कहाँ आयोजित किया गया है? उत्तरः व्याख्या : प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने चार नवंबर दो हज़ार उन्नीस को बैंकाक में भारत-आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन दो हज़ार उन्नीस के अवसर पर वियतनाम के समाजवादी गणराज्य के प्रधान मंत्री श्री गुयेन जुआन फुक से मुलाकात की। उनतालीस. विज्ञान और प्रौद्योगिकी मीडिया कॉन्क्लेव कहाँ आयोजित किया जाता है? उत्तरः व्याख्या : विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय एक विज्ञान और प्रौद्योगिकी मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहा है। यह फेस्टिवल छः-सात नवंबर दो हज़ार उन्नीस को कोलकाता में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल दो हज़ार उन्नीस में आयोजित किया जाएगा। मीडिया कॉन्क्लेव का उद्घाटन प्रसार भारती के चेयरमैन श्री ए। सूर्य प्रकाश और डॉ। विजय प्रकाश भाटकर द्वारा किया जाएगा। अध्यक्ष, विज्ञान भारती। चालीस. विश्व सुनामी जागरूकता दिवस कब मनाया जाता है? उत्तरः व्याख्या : विश्व सुनामी जागरूकता दिवस पाँच नवंबर दो हज़ार उन्नीस को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। यह दिन सुनामी जागरूकता बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए नवीन दृष्टिकोण साझा करने के लिए मनाया गया था। दो हज़ार उन्नीस विश्व सुनामी जागरूकता दिवस सेंदाई सात अभियान पर लक्ष्यों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए आपदा क्षति को कम करने और बुनियादी सेवाओं के विघटन पर केंद्रित है। इकतालीस. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पाँच नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में कब नियुक्त किया? उत्तरः व्याख्या : दिसंबर दो हज़ार पंद्रह में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पाँच नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में चिह्नित किया। दिन का अवलोकन जापान द्वारा शुरू किया गया था। जापान ने वर्षों में सुनामी के कारण विनाश का अनुभव किया है।
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प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर हुए वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान इंग्लैंड को 64 रनों से करारी मात दे दी। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियान ने इस सीरीज में लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
लंदन। प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर हुए वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान इंग्लैंड को 64 रनों से करारी मात दे दी। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियान ने इस सीरीज में लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
मैच में मेजबान इंग्लिश टीम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को 2 रन के स्कोर पर ही डेविड वॉर्नर के रिटायर्ड हर्ट होने से करारा झटका जरूर लगा लेकिन उसके बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ (70), जॉर्ज बैली (54), मिचेल मार्श (64) और ग्लेन मैक्सवेल (49) की धुआंधार पारी के दम पर बारिश से प्रभावित मैच में 49 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 309 रन बनाए। इंग्लैंड की तरफ से बेन स्टोक्स ने 3 विकेट, स्टीवन फिन ने 2 विकेट जबकि आदिल रशीद और मोइन अली ने 1-1 विकेट हासिल किया।
जवाब में उतरी इंग्लैंड की टीम की तरफ से कप्तान इयोन मॉर्गन ने 87 गेंदों पर 85 रनों की पारी खेली जबकि जेम्स टेलर (43) के साथ उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी भी की लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मिडिल ऑर्डर पारी को संभाल नहीं सका और देखते-देखते पूरी टीम 42. 3 ओवर में 245 के स्कोर पर सिमट गई और ऑस्ट्रेलिया ने 64 रन से मैच जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पैट कमिंस ने 4 विकेट, ग्लेन मैक्सवेल ने 2 विकेट जबकि मिचेल स्टार्क, नाथन कूल्टर-नाइल और मिचेल मार्श ने 1-1 विकेट हासिल किया। मिचेल मार्श को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।
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प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर हुए वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान इंग्लैंड को चौंसठ रनों से करारी मात दे दी। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियान ने इस सीरीज में लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर दो-शून्य की बढ़त हासिल कर ली है। लंदन। प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर हुए वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान इंग्लैंड को चौंसठ रनों से करारी मात दे दी। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियान ने इस सीरीज में लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर दो-शून्य की बढ़त हासिल कर ली है। मैच में मेजबान इंग्लिश टीम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को दो रन के स्कोर पर ही डेविड वॉर्नर के रिटायर्ड हर्ट होने से करारा झटका जरूर लगा लेकिन उसके बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ , जॉर्ज बैली , मिचेल मार्श और ग्लेन मैक्सवेल की धुआंधार पारी के दम पर बारिश से प्रभावित मैच में उनचास ओवर में सात विकेट के नुकसान पर तीन सौ नौ रन बनाए। इंग्लैंड की तरफ से बेन स्टोक्स ने तीन विकेट, स्टीवन फिन ने दो विकेट जबकि आदिल रशीद और मोइन अली ने एक-एक विकेट हासिल किया। जवाब में उतरी इंग्लैंड की टीम की तरफ से कप्तान इयोन मॉर्गन ने सत्तासी गेंदों पर पचासी रनों की पारी खेली जबकि जेम्स टेलर के साथ उन्होंने तीसरे विकेट के लिए इक्यावन रनों की साझेदारी भी की लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मिडिल ऑर्डर पारी को संभाल नहीं सका और देखते-देखते पूरी टीम बयालीस. तीन ओवर में दो सौ पैंतालीस के स्कोर पर सिमट गई और ऑस्ट्रेलिया ने चौंसठ रन से मैच जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पैट कमिंस ने चार विकेट, ग्लेन मैक्सवेल ने दो विकेट जबकि मिचेल स्टार्क, नाथन कूल्टर-नाइल और मिचेल मार्श ने एक-एक विकेट हासिल किया। मिचेल मार्श को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।
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मुंबई। शिवसेना के एक वरिष्ठ पार्टी अधिकारी ने गुरुवार को 'चलो अयोध्या, चलो वाराणसी' मुहिम की शुरुआत की। इससे एक दिन पहले पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने उत्तरप्रदेश का दौरा करने की ओर इशारा किया था।
ठाकरे के करीबी मिलिंद नारवेकर द्वारा भगवान राम के हाथों में तीर-कमान लिए और गंगा घाट की तस्वीर वाले पोस्टरों को गुरुवार सुबह शहर के प्रमुख स्थानों पर लगाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ठाकरे के 'चलो अयोध्या, चलो वाराणसी' अभियान 'देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम' है।
शिवसेना प्रमुख ने बुधवार को यह कहकर चौंका दिया था कि वह अयोध्या और वाराणसी का जल्द दौरा कर सकते हैं। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र है।
27 जुलाई को अपने जन्मदिन से पहले उन्होंने मोदी पर 2014 लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत पाने के बावजूद राम मंदिर को छोड़ सभी मुद्दों पर बोलने का आरोप लगाया।
शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राऊत ने हालांकि पोस्टर लगाने के मुद्दे को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ठाकरे अयोध्या जाएंगे, रैली संबोधित करेंगे और फिर वाराणसी जाएंगे जहां वह गंगा आरती में भाग लेंगे और काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। पोस्टर में नीचे के स्थान पर नारवेकर के अलावा शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे की भी तस्वीर है।
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मुंबई। शिवसेना के एक वरिष्ठ पार्टी अधिकारी ने गुरुवार को 'चलो अयोध्या, चलो वाराणसी' मुहिम की शुरुआत की। इससे एक दिन पहले पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने उत्तरप्रदेश का दौरा करने की ओर इशारा किया था। ठाकरे के करीबी मिलिंद नारवेकर द्वारा भगवान राम के हाथों में तीर-कमान लिए और गंगा घाट की तस्वीर वाले पोस्टरों को गुरुवार सुबह शहर के प्रमुख स्थानों पर लगाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ठाकरे के 'चलो अयोध्या, चलो वाराणसी' अभियान 'देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम' है। शिवसेना प्रमुख ने बुधवार को यह कहकर चौंका दिया था कि वह अयोध्या और वाराणसी का जल्द दौरा कर सकते हैं। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र है। सत्ताईस जुलाई को अपने जन्मदिन से पहले उन्होंने मोदी पर दो हज़ार चौदह लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत पाने के बावजूद राम मंदिर को छोड़ सभी मुद्दों पर बोलने का आरोप लगाया। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राऊत ने हालांकि पोस्टर लगाने के मुद्दे को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ठाकरे अयोध्या जाएंगे, रैली संबोधित करेंगे और फिर वाराणसी जाएंगे जहां वह गंगा आरती में भाग लेंगे और काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। पोस्टर में नीचे के स्थान पर नारवेकर के अलावा शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे की भी तस्वीर है।
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पूरे देश को सकते में डालने वाले बिहार के मुजफ्फरपुर कांड के मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के बचाव में पहली बार उसकी बेटी आई है. ब्रजेश ठाकुर की बेटी ने बचाव में 'आजतक' से कहा कि मेरे पिता के खिलाफ साजिश हुई है.
ब्रजेश की बेटी ने पिता को बेकसूर बताते हुए बच्चियों पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि बालिका गृह में कई बच्चियां ऐसी थीं जो अपने लवर्स के साथ भाग जाती थीं. कई ऐसी थीं जो रेड लाइट एरिया से लाई गई थीं.
आजतक से बातचीत में उसने कही कि इस केस के बारे में उल्टा-सीधा लिखा जा रहा है. इससे जांच प्रभावित हो रही है. मीडिया मेरे पिता को आरोपी घोषित कर चुकी है. सीबीआई जांच होना हम लोगों के लिए अच्छी बात है. इससे मेरे पिता भी खुश हैं. उन्हें उम्मीद है कि अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
इस मामले में गवाहों के बयान भी उल्टे लिखे गए हैं. फरवरी में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की जो रिपोर्ट आई है, उसे हम लोगों ने नहीं देखा. हमारे अटेंडेंट ने बताया कि बच्चों ने कहा कि मुंबई से हाई-फाई लोग आए हैं. वे बच्चों से अंग्रेजी में बात कर रहे थे. हमारे बच्चे भोजपुरी जानते हैं. उन्हें क्या समझ आया होगा. लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने भी बायस्ड होकर जांच की है.
उन्होंने कहा कि बालिका गृह में बच्चियां खुश थीं. वहां उनका यौन शोषण नहीं होता था. बच्चियां दिनभर खिड़की पर खड़ी रहती थीं. मेरे पिता को बच्चियां पहचानती थीं, क्योंकि मेरे पिता का रूम और खिड़की आमने-सामने है. बच्चियां छत पर टहलती थीं. छत कमरे से सटा हुआ है. बच्चियों ने उनका नाम क्यों लिया, इस बारे में हमें नहीं पता.
जब उनसे सवाल किया गया कि एक ऑफिसर की पत्नी ने इस बात को सामने रखा कि मंत्री मंजू वर्मा के पति वहां पर आया करते थे, इस पर ब्रजेश की बेटी ने कहा कि ऑफिसर रवि रौशन की पत्नी ने ये बातें कही हैं. आज उनके पति भी आज अंदर बैठे हैं. बच्चों ने उनके भी नाम लिए हैं. ऐसे में वे बताएं कि बच्चों ने क्यों उनका नाम लिया. रवि रौशन हफ्ते में 3-4 दिन निरीक्षण में आते थे. विपक्षी दलों के सवाल उठाने पर ब्रजेश ठाकुर की बेटी ने कहा कि विपक्ष ने मेरे बारे में भी उल्टा-सीधा बोल रहे हैं. वे सिर्फ इस पर राजनीति कर रहे हैं.
मेडिकल रिपोर्ट में 34 बच्चों से यौन शोषण के सवाल पर ब्रजेश की बेटी ने कहा कि बालिका गृह में ऐसी बच्चियां भी आती थीं, जिनका यौन शोषण हो चुका होता है. बच्चियों से जबरन ऐसा बयान दिलवाया गया है. जिस बच्ची ने आरोप लगाया है कि मेरे पिता ने उसका शोषण किया है, मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उसका शोषण हुआ ही नहीं है.
बच्चों को शिफ्ट करने से 10 दिन पहले ही बालिका गृह में एक रेप पीडि़ता लाई गई थी. उसकी रिपोर्ट में भी यौन शोषण की बात हो सकती है.
ब्रजेश की बेटी ने दलील दी कि यहां जो बच्चियां आती थीं, उनमें कुछ का यौन शोषण पहले ही हो चुका होता था. बलात्कार के केस आते थे. ऐसे बच्चे आते थे जो लवर्स के साथ भाग जाते थे, एक हफ्ते रख कर भाग जाते थे, वे आते थे. कुछ बच्चियां तो रेड लाइट एरिया सोनागाछी से भी रेस्क्यू करके लाई गईं थीं.
ब्रजेश की बेटी ने कहा कि जो बच्चियां लाई जाती थीं, उनके बारे में पूरी डिटेल रजिस्टर में दर्ज की जाती थी. ये भी देखना चाहिए कि जहां से बच्चियों को लाया जाता था, वो कैसी जगह थी और किस स्थिति में वे यहां लाई जाती थीं. उन्होंने दलील दी कि अगर कोई शादी-शुदा महिला दो महीने से किसी के संपर्क में नहीं आई है तो उसकी मेडिकल रिपोर्ट में भी यही आएगा कि सेक्सुअल रिलेशन हो सकता है. ऐसे में इसका मतलब ये नहीं कि उनका शोषण यहीं आकर हुआ है. उन्होंने सवाल किया कि पांच साल की बच्ची भी इतनी मेच्योरिटी से कैसे बयान दे सकती है. सभी बच्चियों के बयान एक जैसे ही हैं.
बालिका गृह में बाहर से लोगों की एंट्री के सवाल पर ब्रजेश की बेटी ने कहा कि बाहर से किसी की भी एंट्री नहीं होती थी. हमेशा सिर्फ जांच अधिकारी ही आते थे. सीडब्ल्यूसी के वर्कर्स, महिला आयोग की सदस्य और हर 15 दिन में होने वाली न्यायिक जांच के लिए एडीजे 7 जज आते थे. सभी ने अपने नोट भी वहां लिखे हैं. पिछले पांच साल में रोजाना सुबह से शाम तक जांच के लिए लोग आते थे. उन्होंने इसमें साजिश का शक जताया है. देवेश कुमार शर्मा जिसने ये केस फाइल किया है, अब उन्होंने भी बयान दिया है कि ये स्टेटमेंट मैंने नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि सभी गवाह कह रहे हैं कि हमारे बयान गलत दर्ज किए गए हैं.
ब्रजेश की बेटी ने कहा कि बालिका गृह मोहल्ले में ऐसी जगह है जहां चारों तरफ घर हैं. 30 परिवार वहां साथ में रहते हैं. दीवारें भी सटी हुई हैं. खिड़की सारी खुली रहती है. अगर एक बच्ची भी चिल्लाती तो मोहल्ले वाले जीने नहीं देंगे. बालिका गृह बीच मोहल्ले में था, सबके सामने था. ऐसे में यौन शोषण कैसे संभव है.
सीसीटीवी और सुरक्षा इंतजाम के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीसीटीवी सही काम कर रहा है. सीसीटीवी मेरे पिता ने नहीं बल्कि एक स्थानीय नेता ने लगवाया था. उनके अंडर में वे सब कुछ था. हर आने-जाने वाला उसमें दिखता है. बच्चियों के बयान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मेरी बेटी भी पांच साल की है. उसे मैं एक बार जो सिखा देती हूं, वो वही बोलती है.
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पूरे देश को सकते में डालने वाले बिहार के मुजफ्फरपुर कांड के मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के बचाव में पहली बार उसकी बेटी आई है. ब्रजेश ठाकुर की बेटी ने बचाव में 'आजतक' से कहा कि मेरे पिता के खिलाफ साजिश हुई है. ब्रजेश की बेटी ने पिता को बेकसूर बताते हुए बच्चियों पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि बालिका गृह में कई बच्चियां ऐसी थीं जो अपने लवर्स के साथ भाग जाती थीं. कई ऐसी थीं जो रेड लाइट एरिया से लाई गई थीं. आजतक से बातचीत में उसने कही कि इस केस के बारे में उल्टा-सीधा लिखा जा रहा है. इससे जांच प्रभावित हो रही है. मीडिया मेरे पिता को आरोपी घोषित कर चुकी है. सीबीआई जांच होना हम लोगों के लिए अच्छी बात है. इससे मेरे पिता भी खुश हैं. उन्हें उम्मीद है कि अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. इस मामले में गवाहों के बयान भी उल्टे लिखे गए हैं. फरवरी में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की जो रिपोर्ट आई है, उसे हम लोगों ने नहीं देखा. हमारे अटेंडेंट ने बताया कि बच्चों ने कहा कि मुंबई से हाई-फाई लोग आए हैं. वे बच्चों से अंग्रेजी में बात कर रहे थे. हमारे बच्चे भोजपुरी जानते हैं. उन्हें क्या समझ आया होगा. लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने भी बायस्ड होकर जांच की है. उन्होंने कहा कि बालिका गृह में बच्चियां खुश थीं. वहां उनका यौन शोषण नहीं होता था. बच्चियां दिनभर खिड़की पर खड़ी रहती थीं. मेरे पिता को बच्चियां पहचानती थीं, क्योंकि मेरे पिता का रूम और खिड़की आमने-सामने है. बच्चियां छत पर टहलती थीं. छत कमरे से सटा हुआ है. बच्चियों ने उनका नाम क्यों लिया, इस बारे में हमें नहीं पता. जब उनसे सवाल किया गया कि एक ऑफिसर की पत्नी ने इस बात को सामने रखा कि मंत्री मंजू वर्मा के पति वहां पर आया करते थे, इस पर ब्रजेश की बेटी ने कहा कि ऑफिसर रवि रौशन की पत्नी ने ये बातें कही हैं. आज उनके पति भी आज अंदर बैठे हैं. बच्चों ने उनके भी नाम लिए हैं. ऐसे में वे बताएं कि बच्चों ने क्यों उनका नाम लिया. रवि रौशन हफ्ते में तीन-चार दिन निरीक्षण में आते थे. विपक्षी दलों के सवाल उठाने पर ब्रजेश ठाकुर की बेटी ने कहा कि विपक्ष ने मेरे बारे में भी उल्टा-सीधा बोल रहे हैं. वे सिर्फ इस पर राजनीति कर रहे हैं. मेडिकल रिपोर्ट में चौंतीस बच्चों से यौन शोषण के सवाल पर ब्रजेश की बेटी ने कहा कि बालिका गृह में ऐसी बच्चियां भी आती थीं, जिनका यौन शोषण हो चुका होता है. बच्चियों से जबरन ऐसा बयान दिलवाया गया है. जिस बच्ची ने आरोप लगाया है कि मेरे पिता ने उसका शोषण किया है, मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उसका शोषण हुआ ही नहीं है. बच्चों को शिफ्ट करने से दस दिन पहले ही बालिका गृह में एक रेप पीडि़ता लाई गई थी. उसकी रिपोर्ट में भी यौन शोषण की बात हो सकती है. ब्रजेश की बेटी ने दलील दी कि यहां जो बच्चियां आती थीं, उनमें कुछ का यौन शोषण पहले ही हो चुका होता था. बलात्कार के केस आते थे. ऐसे बच्चे आते थे जो लवर्स के साथ भाग जाते थे, एक हफ्ते रख कर भाग जाते थे, वे आते थे. कुछ बच्चियां तो रेड लाइट एरिया सोनागाछी से भी रेस्क्यू करके लाई गईं थीं. ब्रजेश की बेटी ने कहा कि जो बच्चियां लाई जाती थीं, उनके बारे में पूरी डिटेल रजिस्टर में दर्ज की जाती थी. ये भी देखना चाहिए कि जहां से बच्चियों को लाया जाता था, वो कैसी जगह थी और किस स्थिति में वे यहां लाई जाती थीं. उन्होंने दलील दी कि अगर कोई शादी-शुदा महिला दो महीने से किसी के संपर्क में नहीं आई है तो उसकी मेडिकल रिपोर्ट में भी यही आएगा कि सेक्सुअल रिलेशन हो सकता है. ऐसे में इसका मतलब ये नहीं कि उनका शोषण यहीं आकर हुआ है. उन्होंने सवाल किया कि पांच साल की बच्ची भी इतनी मेच्योरिटी से कैसे बयान दे सकती है. सभी बच्चियों के बयान एक जैसे ही हैं. बालिका गृह में बाहर से लोगों की एंट्री के सवाल पर ब्रजेश की बेटी ने कहा कि बाहर से किसी की भी एंट्री नहीं होती थी. हमेशा सिर्फ जांच अधिकारी ही आते थे. सीडब्ल्यूसी के वर्कर्स, महिला आयोग की सदस्य और हर पंद्रह दिन में होने वाली न्यायिक जांच के लिए एडीजे सात जज आते थे. सभी ने अपने नोट भी वहां लिखे हैं. पिछले पांच साल में रोजाना सुबह से शाम तक जांच के लिए लोग आते थे. उन्होंने इसमें साजिश का शक जताया है. देवेश कुमार शर्मा जिसने ये केस फाइल किया है, अब उन्होंने भी बयान दिया है कि ये स्टेटमेंट मैंने नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि सभी गवाह कह रहे हैं कि हमारे बयान गलत दर्ज किए गए हैं. ब्रजेश की बेटी ने कहा कि बालिका गृह मोहल्ले में ऐसी जगह है जहां चारों तरफ घर हैं. तीस परिवार वहां साथ में रहते हैं. दीवारें भी सटी हुई हैं. खिड़की सारी खुली रहती है. अगर एक बच्ची भी चिल्लाती तो मोहल्ले वाले जीने नहीं देंगे. बालिका गृह बीच मोहल्ले में था, सबके सामने था. ऐसे में यौन शोषण कैसे संभव है. सीसीटीवी और सुरक्षा इंतजाम के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीसीटीवी सही काम कर रहा है. सीसीटीवी मेरे पिता ने नहीं बल्कि एक स्थानीय नेता ने लगवाया था. उनके अंडर में वे सब कुछ था. हर आने-जाने वाला उसमें दिखता है. बच्चियों के बयान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मेरी बेटी भी पांच साल की है. उसे मैं एक बार जो सिखा देती हूं, वो वही बोलती है.
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केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा आज, 10 दिसंबर को निर्मल एनआर-254 ड्रा के लॉटरी परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।
केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा आज, 10 दिसंबर को निर्मल एनआर-254 ड्रा के लॉटरी परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। लॉटरी के परिणाम दोपहर 3 बजे आधिकारिक वेबसाइट www. keralalotteryresult. net पर घोषित किए गए।
इसके अतिरिक्त, निर्मल एनआर-254 लॉटरी के परिणाम भी केरल सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे। इसके अलावा, निर्मल NR-254 ड्रा तिरुवनंतपुरम के गोर्की भवन में स्वतंत्र न्यायाधीशों की देखरेख में आयोजित किया गया था।
निर्मल एनआर-254 लॉटरी में प्रथम पुरस्कार के विजेता को 70 लाख रुपये जबकि द्वितीय पुरस्कार विजेता को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, तीसरे पुरस्कार के विजेताओं को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। लॉटरी विभाग NR-254 लॉटरी ड्रा के कुछ चयनित विजेताओं के लिए 8,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दे रहा है।
निर्मल NR-254 लॉटरी ड्रा परिणाम की जाँच करने के चरणः
चरण 3: जैसे ही लिंक खुलता है, यह स्क्रीन पर निर्मल NR-254 लॉटरी ड्रा परिणाम प्रदर्शित करेगा।
जीतने वाले नंबरः
जिन लोगों ने निर्मल NR-254 लॉटरी के लिए विजेता टिकट खरीदा है, उन्हें केरल सरकार के राजपत्र में प्रकाशित परिणामों के साथ अपनी लॉटरी संख्या सत्यापित करने की आवश्यकता है। संख्याओं की जाँच के बाद, निर्मल NR-254 विजेताओं से अनुरोध है कि वे केरल लॉटरी विभाग के कार्यालय में जाएँ और अपने NR-254 विजेता टिकटों को सरेंडर करें। अपनी यात्रा के दौरान, उन्हें अपने साथ एक वैध पहचान प्रमाण रखना होगा।
प्रतिभागियों को यह याद रखना चाहिए कि ड्रा की घोषणा के 30 दिनों के भीतर प्रक्रिया समाप्त हो जानी चाहिए।
जिन लोगों ने निर्मल एनआर-254 लॉटरी ड्रॉ में 5,000 रुपये से कम की राशि जीती है, उन्हें सत्यापन प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है। वे केरल में किसी भी लॉटरी की दुकान से आसानी से पुरस्कार राशि का दावा कर सकते हैं। जिन लोगों ने NR-254 लॉटरी में 5,000 रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि जीती है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने विजेता टिकट राज्य लॉटरी विभाग के कार्यालय या बैंक में सरेंडर करें। राशि का दावा करने के लिए, उन्हें एक वैध पहचान प्रमाण भी जमा करना होगा।
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केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा आज, दस दिसंबर को निर्मल एनआर-दो सौ चौवन ड्रा के लॉटरी परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा आज, दस दिसंबर को निर्मल एनआर-दो सौ चौवन ड्रा के लॉटरी परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। लॉटरी के परिणाम दोपहर तीन बजे आधिकारिक वेबसाइट www. keralalotteryresult. net पर घोषित किए गए। इसके अतिरिक्त, निर्मल एनआर-दो सौ चौवन लॉटरी के परिणाम भी केरल सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे। इसके अलावा, निर्मल NR-दो सौ चौवन ड्रा तिरुवनंतपुरम के गोर्की भवन में स्वतंत्र न्यायाधीशों की देखरेख में आयोजित किया गया था। निर्मल एनआर-दो सौ चौवन लॉटरी में प्रथम पुरस्कार के विजेता को सत्तर लाख रुपये जबकि द्वितीय पुरस्कार विजेता को दस लाख रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, तीसरे पुरस्कार के विजेताओं को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। लॉटरी विभाग NR-दो सौ चौवन लॉटरी ड्रा के कुछ चयनित विजेताओं के लिए आठ,शून्य रुपयापये का सांत्वना पुरस्कार भी दे रहा है। निर्मल NR-दो सौ चौवन लॉटरी ड्रा परिणाम की जाँच करने के चरणः चरण तीन: जैसे ही लिंक खुलता है, यह स्क्रीन पर निर्मल NR-दो सौ चौवन लॉटरी ड्रा परिणाम प्रदर्शित करेगा। जीतने वाले नंबरः जिन लोगों ने निर्मल NR-दो सौ चौवन लॉटरी के लिए विजेता टिकट खरीदा है, उन्हें केरल सरकार के राजपत्र में प्रकाशित परिणामों के साथ अपनी लॉटरी संख्या सत्यापित करने की आवश्यकता है। संख्याओं की जाँच के बाद, निर्मल NR-दो सौ चौवन विजेताओं से अनुरोध है कि वे केरल लॉटरी विभाग के कार्यालय में जाएँ और अपने NR-दो सौ चौवन विजेता टिकटों को सरेंडर करें। अपनी यात्रा के दौरान, उन्हें अपने साथ एक वैध पहचान प्रमाण रखना होगा। प्रतिभागियों को यह याद रखना चाहिए कि ड्रा की घोषणा के तीस दिनों के भीतर प्रक्रिया समाप्त हो जानी चाहिए। जिन लोगों ने निर्मल एनआर-दो सौ चौवन लॉटरी ड्रॉ में पाँच,शून्य रुपयापये से कम की राशि जीती है, उन्हें सत्यापन प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है। वे केरल में किसी भी लॉटरी की दुकान से आसानी से पुरस्कार राशि का दावा कर सकते हैं। जिन लोगों ने NR-दो सौ चौवन लॉटरी में पाँच,शून्य रुपयापये से अधिक की पुरस्कार राशि जीती है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने विजेता टिकट राज्य लॉटरी विभाग के कार्यालय या बैंक में सरेंडर करें। राशि का दावा करने के लिए, उन्हें एक वैध पहचान प्रमाण भी जमा करना होगा।
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Rakhi Sawant- मदीने से सामने आया राखी सावंत का वीडियो, बोलीं- 'राखी नहीं अब फातिमा कहो'
राखी सावंत ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होने कहा था कि वो उमराह करने के लिए रवाना हो रही हैं और अब राखी सावंत नहीं बल्कि फातिमा है। अब उनका एक वीडियो मदीने से सामने आया है जिसके बाद सभी चौंक गए हैं और राखी सावंत का वीडियो देख रहे हैं।
इस वीडियो के सामने आने के बाद इतना तो तय हो गया है कि राखी सावंत ने इस्लाम कूबूल कर लिया है। इस वक्त उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो मदीने में हैं और लोगों ने उनको घेर रखा है। लोग उनके साथ सेल्फी ले रहे हैं और राखी राखी कह रहे हैं।
Jawan की प्रमोशन लिए गंजे हो गए सलमान खान? शाहरुख खान ने किया बड़ा खुलासा!
इस बीच राखी सावंत कहती हैं कि वो फातिमा है, अब फातिमा कहिए। ये वीडियो सामने आने के बाद खबरों का हिस्सा है। राखी ने इस वीडियो को साझा किया है और वो मदीने में इबादत करती दिख रही हैं। कई लोग उनके इस वीडियो को पसंद कर रहे हैं तो कई उन्हें ट्रोल कर रहे हैं।
एक यूजर ने कहा, 'सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज।' एक ने कहा, 'ड्रामा बंद करो, अब सहन नहीं हो रहा।' एक अन्य ने कहा, 'ओवरएक्टिंग नहीं करनी, उमराह करना है।' हालांकि राखी सावंत ने किसी तरह का रिएक्शन इन कमेंट्स पर नहीं दिया है। लेकिन इतना तय है कि राखी अब कुछ अलग और बड़ा करने वाली है।
जब राखी ने उमराह जाने की बात की थी तो लोगों को लगा था कि वो फिर से ड्रामा कर रही हैं और इसको लेकर वो ट्रोल हुईं थीँ। राखी सावंत ने पति आदिल खान दुर्रानी से निकाह के चलते इस्लाम धर्म कबूला था।
उन्होंने मई 2022 में आदिल से गुपचुप निकाह किया था, जिसकी जानकारी एक्ट्रेस ने जनवरी 2023 में दी थी। हालांकि उनकी शादी चल नहीं पा रही है और इस वक्त मामला कोर्ट में हैं।
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जान पड़ता है कि हममें नैतिक वल नहीं - अपनी आत्मशक्तिपर हमें विश्वास नहीं हमारे हृदय में पुरुषार्थ नहीं । हम चहुतसी वातोंके सम्बन्ध में यह जानते हैं कि सत्य क्या है, खास खास मित्रोंके साथ उसके सम्बन्धकी बातें भी करते हैं, उसे आलंकारिक भाषा द्वारा प्रगट करते हैं पर ठीक ठीक उसके स्वरूपके कहनेकी हममें हिम्मत नहीं नैतिक बल नहीं । इसका कारण हमारे स्वार्थको छोड़कर और कुछ नहीं कहा जा सकता । हम स्वार्थी हैं, इसलिए हमारे स्वार्थमें बाधा आयगी, हम दूसरोंके अप्रीतिपात्र हो जायेंगे, लोकप्रिय न बन सकेंगे, इस भयसे इस कायरपन से हम अपने हृदयके भावको खुलासा कहने में हिचकते हैं । और हे नाथ ! इसीसे आपके जैन शासनकी स्थिति आज डाँवाडोल हो रही है ।
मनुष्य हृदयसे जिस बातको मानता है उसे उसी तरह यदि वह सर्व साधारणमें प्रगट किया करे तो उसके साथ बहुतसी बुराइयां निकल जायं, पर वहां हम चुप रह जाते हैं.
हम अपनी इस चुपकी द्वारा बहुत प्रकारकी बुराइयोंको उत्तेजन देते हैं। अमुक रिवाज खराब है ऐसा हम कहते हैं, उसके होनेवाले बुरे परिणामका अनुभव करते हैं, पर तब भी उस खराब रिवाजको नहीं छोड़ते । हमारा हृदय वैसा करनेसे हिचकिचाता है। क्योंकि हम रूढ़िके गुलाम हैं सच्चे गुलाम हैं- वृटिश सरकारने गुलामीका धंधा चंद तो किया, पर रूढ़िके गुलामोंकी तो अत्र भी उतनी ही संख्या है। रूढिरूपी वादलका अन्धकार चारों ओर इतना फेल रहा है कि जिन्हें सूझता है, जो खोटे और खरेकी परीक्षा करनेकी अपनेमें शक्ति रखते हैं, वे भी अन्धे देख पड़ते हैं !
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जान पड़ता है कि हममें नैतिक वल नहीं - अपनी आत्मशक्तिपर हमें विश्वास नहीं हमारे हृदय में पुरुषार्थ नहीं । हम चहुतसी वातोंके सम्बन्ध में यह जानते हैं कि सत्य क्या है, खास खास मित्रोंके साथ उसके सम्बन्धकी बातें भी करते हैं, उसे आलंकारिक भाषा द्वारा प्रगट करते हैं पर ठीक ठीक उसके स्वरूपके कहनेकी हममें हिम्मत नहीं नैतिक बल नहीं । इसका कारण हमारे स्वार्थको छोड़कर और कुछ नहीं कहा जा सकता । हम स्वार्थी हैं, इसलिए हमारे स्वार्थमें बाधा आयगी, हम दूसरोंके अप्रीतिपात्र हो जायेंगे, लोकप्रिय न बन सकेंगे, इस भयसे इस कायरपन से हम अपने हृदयके भावको खुलासा कहने में हिचकते हैं । और हे नाथ ! इसीसे आपके जैन शासनकी स्थिति आज डाँवाडोल हो रही है । मनुष्य हृदयसे जिस बातको मानता है उसे उसी तरह यदि वह सर्व साधारणमें प्रगट किया करे तो उसके साथ बहुतसी बुराइयां निकल जायं, पर वहां हम चुप रह जाते हैं. हम अपनी इस चुपकी द्वारा बहुत प्रकारकी बुराइयोंको उत्तेजन देते हैं। अमुक रिवाज खराब है ऐसा हम कहते हैं, उसके होनेवाले बुरे परिणामका अनुभव करते हैं, पर तब भी उस खराब रिवाजको नहीं छोड़ते । हमारा हृदय वैसा करनेसे हिचकिचाता है। क्योंकि हम रूढ़िके गुलाम हैं सच्चे गुलाम हैं- वृटिश सरकारने गुलामीका धंधा चंद तो किया, पर रूढ़िके गुलामोंकी तो अत्र भी उतनी ही संख्या है। रूढिरूपी वादलका अन्धकार चारों ओर इतना फेल रहा है कि जिन्हें सूझता है, जो खोटे और खरेकी परीक्षा करनेकी अपनेमें शक्ति रखते हैं, वे भी अन्धे देख पड़ते हैं !
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तैयार करना कितना स्वादिष्ट और उपयोगी हैसामान्य गोभी से! हालांकि, इस सब्जी का जिक्र करते समय, ज्यादातर लोगों को केवल सूप, सलाद और गोभी रोल के कारण याद आती है। लेकिन गोभी व्यंजनों का यह वर्गीकरण सीमित नहीं है। कुछ जानते हैं कि एक मंगा के साथ गोभी कटलेट प्राप्त करना कितना स्वादिष्ट है।
हर माँ उसके लिए खाना बनाती हैबच्चा कुछ असामान्य, स्वादिष्ट और, ज़ाहिर है, उपयोगी है। एक मंगा के साथ गोभी कटलेट आसानी से इस तरह के एक कार्य का सामना कर सकते हैं। संदेह करने वालों के लिए, आप समझा सकते हैं। सबसे पहले, गोभी में बहुत सारे फाइबर होते हैं और मानव शरीर द्वारा बहुत सारे विटामिन की आवश्यकता होती है। दैनिक मेनू को संकलित करते समय इस संयोजन को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। दूसरा, साल में किसी भी समय स्टोर में ताजा गोभी खरीदा जा सकता है। वैसे, यह लंबी अवधि के भंडारण के दौरान भी अपने पौष्टिक गुणों को बरकरार रखता है। लेकिन यहां समस्या है। Toddlers आमतौर पर सलाद खाने के लिए अनिच्छुक हैं। तो उन्हें हर दिन सूप के साथ खिलाओ मत। कुछ किस्मों का पालन करना आवश्यक है। यहां, कल्पना और सामान्य ज्ञान बचाव के लिए आते हैं। इस मामले में एक उत्कृष्ट विकल्प एक मंगा के साथ गोभी patties हो सकता है। यहां आप तुरंत दो "खरगोश" मार सकते हैंः और गोभी के लाभ, और बचपन में सभी बच्चों को प्यार। और पकवान बजट है। उसके लिए केवल आधे गिलास दूध, नमक, 2 अंडे, 125 ग्राम आम, थोड़ा काली मिर्च, ब्रेडक्रंब (या आटा), 1 छोटी गोभी गोभी के लिए वनस्पति तेल लेना आवश्यक होगा।
निम्नानुसार कुक बेहतर करेंः
- कटा हुआ गोभी दूध के साथ डालो और जब तक यह नरम हो जाए उबाल लें।
- नमक जोड़ें, हलचल और आम में डालना। जब तक समूह गिर गया है तब तक एक छोटा शराब।
- गर्मी से निकालें, अंडे जोड़ें और homogenous आटा गूंधें। आप केवल योल ले सकते हैं, ताकि द्रव्यमान मोटा हो।
- परिणामी मिश्रण से, पैटी, पैन पकाएं, और फिर उन्हें एक पैन में फ्राइये।
बच्चों को खट्टा क्रीम या अंडा सॉस के साथ इस पकवान की सेवा करनी चाहिए।
एक मंगा के साथ गोभी कटलेट न केवल के लिए अच्छे हैंबच्चों। वे उन लोगों द्वारा खुशी से पके जाते हैं जो इस पकवान से प्यार करते हैं, लेकिन मांस नहीं खाते हैं। वे शाकाहारियों हैं। एक अद्भुत नुस्खा है जो आपको बहुत नाजुक, रसदार और सुगंधित कटलेट बनाने की अनुमति देता है।
- 800 गोभी सफेद गोभी;
- आधा कप आटा और सूजी के लिए;
- नमक;
- 1 प्याज;
- लहसुन के छोटे लौंग की एक जोड़ी;
- काली मिर्च;
- ब्रेड crumbs।
वनस्पति तेल में कटोरे फ्राइये।
गोभी और आम के साथ कटल काफी आसानी से पकाते हैंः
- उबलते पानी में कटौती और टुकड़ा करने के लिए ताजा गोभी। 10 मिनट के बाद आग बंद कर दें, और बस पानी निकालें।
- सब्जियों को एक मांस चक्की में पीस लें। उसके बाद, अधिक नमी को हटाने के लिए द्रव्यमान निचोड़ें।
- आम, आटा, काली मिर्च, नमक जोड़ें। अच्छी तरह मिलाएं और 0.5 घंटे के लिए परिपक्वता के लिए फोर्समीट छोड़ दें। इस समय के दौरान मांक को सूजन होनी चाहिए।
- परिणामी मिश्रण से गीले हाथों से, छोटे कटोरे को सजाने और फ्राइंग पैन में वनस्पति तेल में फ्राइये।
आप उन्हें किसी भी सॉस के साथ और बिना गार्निश के भी खा सकते हैं। और बहुत कम सूखे मांस के लिए, सलाह दी जाती है कि लहसुन न जोड़ें।
जब यह सड़क में गर्म हो जाता है, लेकिन बगीचे मेंपकाने वाले हिरन, मैं इसे पूरी तरह से जोड़ना चाहता हूं। अपने आप को सीमित मत करो। उदाहरण के लिए, असामान्य गोभी patties पकाना। नुस्खा के लिए आवश्यक है कि आपके हाथ में एक छोटी गोभी गोभी, 1 अंडे, 100 ग्राम सूजी, नमक, ब्रेडक्रंब, डिल, काली मिर्च और, ज़ाहिर है, वनस्पति तेल।
सब कुछ इस तरह किया जाता हैः
- गोभी को बड़ा करें, इसे सॉस पैन में रखें,0.5 कप पानी डालें और इसे आग पर डाल दें। जब तक यह सब नरम हो जाता है तब तक बुझाना जरूरी है। इसमें 10-15 मिनट लगेंगे। मुख्य बात यह है कि पानी पूरी तरह से फोड़ा नहीं है। तब गोभी नहीं पकाया जाएगा, लेकिन भुना हुआ और यहां तक कि जला दिया।
- द्रव्यमान को एक ब्लेंडर में स्थानांतरित करें और इसे एक दलिया में काट लें।
- अंडे, नमक, सूजी, कुचल हरी डिल जोड़ें और अच्छी तरह से आटा गूंधें। अगर मिश्रण तरल हो जाता है, तो आप थोड़ा बिस्कुट जोड़ सकते हैं।
- तैयार द्रव्यमान से कटलेट बनाने और उन्हें वनस्पति तेल में तलना।
पकवान पूरी तरह से नाश्ते के रूप में दिन की शुरुआत के अनुरूप होगा, और हिरन इसे एक विशेष स्वाद और सुगंध देगा।
जो लोग कई पदों पर हैं,समय-समय पर कुछ उत्पादों से बचना आवश्यक है। तो, उदाहरण के लिए, इन दिनों एक अंडा निषिद्ध है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप गोभी पैटी नहीं खा सकते हैं। एक मंगा के साथ पकाने की विधि और अंडे के बिना बाकी की तुलना में बुरा नहीं है। काम के लिए केवल 0.5 किलो सफेद गोभी, एक गिलास पानी, 75 ग्राम सूजी, 50 ग्राम ब्रेडक्रंब, वनस्पति तेल और थोड़ा नमक तैयार करना आवश्यक है।
शुरू करने के लिए, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ऐसे कटलेट को दो तरीकों से पकाया जा सकता हैः ताजा या स्ट्यूड गोभी से। पहले विकल्प पर विचार करेंः
- गोभी को जितना संभव हो उतना छोटा करें, थोड़ा आटा और पानी जोड़ें, और फिर मिश्रण करें।
- नमक, आम में डालो और मिनेस पकाएं।
- स्नैप कटलेट, ब्रेडक्रंब में रोल करें और उन्हें एक छोटी सी आग पर ढक्कन के नीचे एक विशेष परत की उपस्थिति तक फ्राइये।
इस तरह से पके हुए कटल बहुत नाजुक और स्वादिष्ट हैं, और कोई भी अंडों की अनुपस्थिति को ध्यान में रखेगा।
स्वादिष्ट गोभी पैटी प्राप्त होते हैं भले ही उनके पास कोई अनाज न हो। यह आसान है।
- 1 सिर (छोटा);
- 2 अंडे; जमीन बिस्कुट;
- 50 ग्राम आटा;
- नमक;
पाक कला निम्नानुसार होनी चाहिएः
- एक grater पर गोभी कटौती। अगर वांछित है, तो आप एक गठबंधन हारवेस्टर का उपयोग कर सकते हैं।
- आटा, अंडे जोड़ें और अच्छी तरह मिलाएं। फ्राइंग की शुरुआत से पहले, नमक को बहुत अंत में जोड़ा जाता है।
- कटलेट बनाएं, उन्हें ब्रेडक्रंब में रोल करें और उन्हें उबलते तेल के साथ एक फ्राइंग पैन में डाल दें।
- दोनों तरफ रिक्त स्थान फ्राइये। इसके बाद, ढक्कन के साथ धीरे-धीरे फ्राइंग पैन को ढंकें और कम गर्मी पर 10-15 मिनट तक उबाल लें।
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तैयार करना कितना स्वादिष्ट और उपयोगी हैसामान्य गोभी से! हालांकि, इस सब्जी का जिक्र करते समय, ज्यादातर लोगों को केवल सूप, सलाद और गोभी रोल के कारण याद आती है। लेकिन गोभी व्यंजनों का यह वर्गीकरण सीमित नहीं है। कुछ जानते हैं कि एक मंगा के साथ गोभी कटलेट प्राप्त करना कितना स्वादिष्ट है। हर माँ उसके लिए खाना बनाती हैबच्चा कुछ असामान्य, स्वादिष्ट और, ज़ाहिर है, उपयोगी है। एक मंगा के साथ गोभी कटलेट आसानी से इस तरह के एक कार्य का सामना कर सकते हैं। संदेह करने वालों के लिए, आप समझा सकते हैं। सबसे पहले, गोभी में बहुत सारे फाइबर होते हैं और मानव शरीर द्वारा बहुत सारे विटामिन की आवश्यकता होती है। दैनिक मेनू को संकलित करते समय इस संयोजन को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। दूसरा, साल में किसी भी समय स्टोर में ताजा गोभी खरीदा जा सकता है। वैसे, यह लंबी अवधि के भंडारण के दौरान भी अपने पौष्टिक गुणों को बरकरार रखता है। लेकिन यहां समस्या है। Toddlers आमतौर पर सलाद खाने के लिए अनिच्छुक हैं। तो उन्हें हर दिन सूप के साथ खिलाओ मत। कुछ किस्मों का पालन करना आवश्यक है। यहां, कल्पना और सामान्य ज्ञान बचाव के लिए आते हैं। इस मामले में एक उत्कृष्ट विकल्प एक मंगा के साथ गोभी patties हो सकता है। यहां आप तुरंत दो "खरगोश" मार सकते हैंः और गोभी के लाभ, और बचपन में सभी बच्चों को प्यार। और पकवान बजट है। उसके लिए केवल आधे गिलास दूध, नमक, दो अंडे, एक सौ पच्चीस ग्राम आम, थोड़ा काली मिर्च, ब्रेडक्रंब , एक छोटी गोभी गोभी के लिए वनस्पति तेल लेना आवश्यक होगा। निम्नानुसार कुक बेहतर करेंः - कटा हुआ गोभी दूध के साथ डालो और जब तक यह नरम हो जाए उबाल लें। - नमक जोड़ें, हलचल और आम में डालना। जब तक समूह गिर गया है तब तक एक छोटा शराब। - गर्मी से निकालें, अंडे जोड़ें और homogenous आटा गूंधें। आप केवल योल ले सकते हैं, ताकि द्रव्यमान मोटा हो। - परिणामी मिश्रण से, पैटी, पैन पकाएं, और फिर उन्हें एक पैन में फ्राइये। बच्चों को खट्टा क्रीम या अंडा सॉस के साथ इस पकवान की सेवा करनी चाहिए। एक मंगा के साथ गोभी कटलेट न केवल के लिए अच्छे हैंबच्चों। वे उन लोगों द्वारा खुशी से पके जाते हैं जो इस पकवान से प्यार करते हैं, लेकिन मांस नहीं खाते हैं। वे शाकाहारियों हैं। एक अद्भुत नुस्खा है जो आपको बहुत नाजुक, रसदार और सुगंधित कटलेट बनाने की अनुमति देता है। - आठ सौ गोभी सफेद गोभी; - आधा कप आटा और सूजी के लिए; - नमक; - एक प्याज; - लहसुन के छोटे लौंग की एक जोड़ी; - काली मिर्च; - ब्रेड crumbs। वनस्पति तेल में कटोरे फ्राइये। गोभी और आम के साथ कटल काफी आसानी से पकाते हैंः - उबलते पानी में कटौती और टुकड़ा करने के लिए ताजा गोभी। दस मिनट के बाद आग बंद कर दें, और बस पानी निकालें। - सब्जियों को एक मांस चक्की में पीस लें। उसके बाद, अधिक नमी को हटाने के लिए द्रव्यमान निचोड़ें। - आम, आटा, काली मिर्च, नमक जोड़ें। अच्छी तरह मिलाएं और शून्य दशमलव पाँच घंटाटे के लिए परिपक्वता के लिए फोर्समीट छोड़ दें। इस समय के दौरान मांक को सूजन होनी चाहिए। - परिणामी मिश्रण से गीले हाथों से, छोटे कटोरे को सजाने और फ्राइंग पैन में वनस्पति तेल में फ्राइये। आप उन्हें किसी भी सॉस के साथ और बिना गार्निश के भी खा सकते हैं। और बहुत कम सूखे मांस के लिए, सलाह दी जाती है कि लहसुन न जोड़ें। जब यह सड़क में गर्म हो जाता है, लेकिन बगीचे मेंपकाने वाले हिरन, मैं इसे पूरी तरह से जोड़ना चाहता हूं। अपने आप को सीमित मत करो। उदाहरण के लिए, असामान्य गोभी patties पकाना। नुस्खा के लिए आवश्यक है कि आपके हाथ में एक छोटी गोभी गोभी, एक अंडे, एक सौ ग्राम सूजी, नमक, ब्रेडक्रंब, डिल, काली मिर्च और, ज़ाहिर है, वनस्पति तेल। सब कुछ इस तरह किया जाता हैः - गोभी को बड़ा करें, इसे सॉस पैन में रखें,शून्य.पाँच कप पानी डालें और इसे आग पर डाल दें। जब तक यह सब नरम हो जाता है तब तक बुझाना जरूरी है। इसमें दस-पंद्रह मिनट लगेंगे। मुख्य बात यह है कि पानी पूरी तरह से फोड़ा नहीं है। तब गोभी नहीं पकाया जाएगा, लेकिन भुना हुआ और यहां तक कि जला दिया। - द्रव्यमान को एक ब्लेंडर में स्थानांतरित करें और इसे एक दलिया में काट लें। - अंडे, नमक, सूजी, कुचल हरी डिल जोड़ें और अच्छी तरह से आटा गूंधें। अगर मिश्रण तरल हो जाता है, तो आप थोड़ा बिस्कुट जोड़ सकते हैं। - तैयार द्रव्यमान से कटलेट बनाने और उन्हें वनस्पति तेल में तलना। पकवान पूरी तरह से नाश्ते के रूप में दिन की शुरुआत के अनुरूप होगा, और हिरन इसे एक विशेष स्वाद और सुगंध देगा। जो लोग कई पदों पर हैं,समय-समय पर कुछ उत्पादों से बचना आवश्यक है। तो, उदाहरण के लिए, इन दिनों एक अंडा निषिद्ध है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप गोभी पैटी नहीं खा सकते हैं। एक मंगा के साथ पकाने की विधि और अंडे के बिना बाकी की तुलना में बुरा नहीं है। काम के लिए केवल शून्य.पाँच किलो सफेद गोभी, एक गिलास पानी, पचहत्तर ग्राम सूजी, पचास ग्राम ब्रेडक्रंब, वनस्पति तेल और थोड़ा नमक तैयार करना आवश्यक है। शुरू करने के लिए, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ऐसे कटलेट को दो तरीकों से पकाया जा सकता हैः ताजा या स्ट्यूड गोभी से। पहले विकल्प पर विचार करेंः - गोभी को जितना संभव हो उतना छोटा करें, थोड़ा आटा और पानी जोड़ें, और फिर मिश्रण करें। - नमक, आम में डालो और मिनेस पकाएं। - स्नैप कटलेट, ब्रेडक्रंब में रोल करें और उन्हें एक छोटी सी आग पर ढक्कन के नीचे एक विशेष परत की उपस्थिति तक फ्राइये। इस तरह से पके हुए कटल बहुत नाजुक और स्वादिष्ट हैं, और कोई भी अंडों की अनुपस्थिति को ध्यान में रखेगा। स्वादिष्ट गोभी पैटी प्राप्त होते हैं भले ही उनके पास कोई अनाज न हो। यह आसान है। - एक सिर ; - दो अंडे; जमीन बिस्कुट; - पचास ग्राम आटा; - नमक; पाक कला निम्नानुसार होनी चाहिएः - एक grater पर गोभी कटौती। अगर वांछित है, तो आप एक गठबंधन हारवेस्टर का उपयोग कर सकते हैं। - आटा, अंडे जोड़ें और अच्छी तरह मिलाएं। फ्राइंग की शुरुआत से पहले, नमक को बहुत अंत में जोड़ा जाता है। - कटलेट बनाएं, उन्हें ब्रेडक्रंब में रोल करें और उन्हें उबलते तेल के साथ एक फ्राइंग पैन में डाल दें। - दोनों तरफ रिक्त स्थान फ्राइये। इसके बाद, ढक्कन के साथ धीरे-धीरे फ्राइंग पैन को ढंकें और कम गर्मी पर दस-पंद्रह मिनट तक उबाल लें।
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Lucknow: नैनीताल के बिरला विद्या मंदिर में पढऩे वाले क्लास 10 और 12 के करीब 200 स्टूडेंट्स पिछले करीब तीन सप्ताह से लखनऊ में हैं। यह स्टूडेंट्स यहां पर सिर्फ घूमने के लिए नहीं बल्कि यह पढऩे के लिए आए हैं। इसकी वजह इन दो महीने नैनीताल में जम कर बर्फबारी होती है। इसलिए वहां पर पढ़ाई मुश्किल हो जाती है।
बोर्ड एग्जाम की तैयारी करने वाले सभी स्टूडेंट्स 55 दिन लखनऊ में पढऩे के लिए आ जाते है। यह अकेले नहीं आते है इसने साथ पूरा स्कूल आता है। मोतीमहल लान के अंदर बने हॉस्टल के सेकेंड प्लोर पर इनका पूरा स्कूल चल रहा है। प्रिसिंपल के साथ 22 टीचर्स, लॉबी में ब्लैक बोर्ड चॉक डस्टर के साथ पूरा क्लास रुम मौजूद है।
जहां पर यह बोर्ड एग्जाम में अपनी बेहतर परसेंटेज और फ्यूचर के लिए रात दिन तैयारी कर रहे है।
राणा प्रताप मार्ग स्थित मोती महल लॉन का हॉस्टल हर तीन महीने के लिए गुलजार हो जाता है। स्टूडेंट्स की चहल पहल यहां पर आने वालों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करती है। बिरला विद्या मंदिर के टीचर बीएस राणा बताते हैं कि स्कूल का कैंप 1957 से यहां पर आ रहा है।
उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स यहां पर दिसंबर के लास्ट वीक में आ जाते है और फरवरी की 20 तक वापस चले जाते हैं। बाकी सारे बच्चों की तो छुट्टी हो जाती है लेकिन बोर्ड की तैयारी कर रहे बच्चों के एग्जाम मार्च में होते है इसलिए बोर्ड के सभी बच्चे यहां पर आ जाते है और एग्जाम की तैयारी करते है।
बिरला विद्या मंदिर के टीचर से ज्यादा यहां पर पढऩे वाले बच्चे अपनी स्टडी को लेकर ज्यादा गंभीर है। इनका कहना है कि खेलने के लिए तो बहुत टाइम है लेकिन यह ऐज पढ़ाई की है। यहां पर सुबह 8. 20 से पर क्लासेज शुरु हो जाती हैं जो दोपहर एक बजे तक चलती है। जिसमें 8 पीरियड लगते है। उसके बाद लंच होता है और फिर 2 से 4 के बीच यूनिट टेस्ट होते हैं। शाम को एक्स्ट्रा क्लासेज लगनी शुरु हो जाती है।
फिर रात में डिनर के बाद यह लोग अपनी सेल्फ स्टडी में जुट जाते है। इनके पूरे 6 दिन का यही शेड्यूल रहता है। इसके बाद भी अगर कोई प्राब्लम होती है तो यह लोग किसी भी टाइम टीचर की मदद लेने से नहीं हिचकिचाते।
ऐसा नहीं है कि यह पूरे टाइम सिर्फ पढ़ाई करते है बल्कि यह लोग मस्ती भी करते हैं। हर सैटरडे को स्कूल प्रशासन इनको दो घंटे का टाइम देता है घूमने के लिए बस इसी दो घंटे में यह पूरे सप्ताह की मस्ती कर डालते है। सैटरडे को यह सभी स्टूडेंट्स अपने ग्रुप बनाकर 3. 30 पर निकल जाते है कोई हजरतगंज में गंजिंग करने चला जाता है तो कोई सहारागंज में दोस्तों के साथ मस्ती करता है।
क्लास 12 के स्टूडेंट रजत बताते है कि सैटरडे को वह सहारागंज जाते हैं जहां पर पहले टुंडे के कबाब पराठे खाते हैं फिर मॉल में मौजूद गेमिंग पार्लर में दोस्तों के साथ गेम खेलते हैं उसके बाद आइसक्रीम खाते हुए वापस हॉस्टल लौट आते है।
क्लास 12 के स्टूडेंट रोहित और रजत बताते है कि यहां पर हमारे पैरेंट्स भी मिलने के लिए आते है। वह जब भी आते है तो कुछ ना कुछ खाने का सामान जरुर लेकर आते है जिसको वह अपने दोस्तों के साथ मिल कर इंज्वाय करते है।
टीचर बीएस राणा ने बताया कि पैरेंट्स को अगर बच्चे को बाहर ले जाना है तो इसके लिए उनको प्रिसिंपल अनिल कुमार शर्मा से परमिशन लेनी पड़ती है। वरना शाम को वह स्टूडेंट के ब्रेक के टाइम किसी भी दिन मिल सकते है।
यह भले ही क्लास टेंथ के स्टूडेंट हो लेकिन यह पढ़ाई से लेकर अपने हर काम में पूरी तरह से गंभीर है। स्टूडेंट्स से जब पूछा गया कि क्या उनको अपने पैरेंट्स की याद आती है? तो इस पर क्लास टेंथ के स्टूडेंट ऐश्वर्य ने बताया कि हम लोग अब बड़े हो गए है सर। क्लास टेंथ के स्टूडेंट रिषभ ने बताया कि वह 2005 से हास्टल में रह रहे है इसलिए अब हम लोग यूज टू हो गए है।
पैरेंट्स की याद कम ही आती है। इसके अलावा हमारा सारा ध्यान बोर्ड एग्जाम पर ही रहता है। अगर छुट्टी में घर जाना भी पड़ता है तो वहां पर हम अपने फ्रेंडस को ज्यादा मिस करते है। अब तो स्कूल, टीचर और फ्रेंडस ही हमारी फैमिली बन गए है। यही नहीं इस स्कूल में कुछ स्टूडेंट लखनऊ के भी है लेकिन वह भी अपने घर के बजाए दोस्तों के साथ रहना ज्यादा पसंद करते है।
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Lucknow: नैनीताल के बिरला विद्या मंदिर में पढऩे वाले क्लास दस और बारह के करीब दो सौ स्टूडेंट्स पिछले करीब तीन सप्ताह से लखनऊ में हैं। यह स्टूडेंट्स यहां पर सिर्फ घूमने के लिए नहीं बल्कि यह पढऩे के लिए आए हैं। इसकी वजह इन दो महीने नैनीताल में जम कर बर्फबारी होती है। इसलिए वहां पर पढ़ाई मुश्किल हो जाती है। बोर्ड एग्जाम की तैयारी करने वाले सभी स्टूडेंट्स पचपन दिन लखनऊ में पढऩे के लिए आ जाते है। यह अकेले नहीं आते है इसने साथ पूरा स्कूल आता है। मोतीमहल लान के अंदर बने हॉस्टल के सेकेंड प्लोर पर इनका पूरा स्कूल चल रहा है। प्रिसिंपल के साथ बाईस टीचर्स, लॉबी में ब्लैक बोर्ड चॉक डस्टर के साथ पूरा क्लास रुम मौजूद है। जहां पर यह बोर्ड एग्जाम में अपनी बेहतर परसेंटेज और फ्यूचर के लिए रात दिन तैयारी कर रहे है। राणा प्रताप मार्ग स्थित मोती महल लॉन का हॉस्टल हर तीन महीने के लिए गुलजार हो जाता है। स्टूडेंट्स की चहल पहल यहां पर आने वालों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करती है। बिरला विद्या मंदिर के टीचर बीएस राणा बताते हैं कि स्कूल का कैंप एक हज़ार नौ सौ सत्तावन से यहां पर आ रहा है। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स यहां पर दिसंबर के लास्ट वीक में आ जाते है और फरवरी की बीस तक वापस चले जाते हैं। बाकी सारे बच्चों की तो छुट्टी हो जाती है लेकिन बोर्ड की तैयारी कर रहे बच्चों के एग्जाम मार्च में होते है इसलिए बोर्ड के सभी बच्चे यहां पर आ जाते है और एग्जाम की तैयारी करते है। बिरला विद्या मंदिर के टीचर से ज्यादा यहां पर पढऩे वाले बच्चे अपनी स्टडी को लेकर ज्यादा गंभीर है। इनका कहना है कि खेलने के लिए तो बहुत टाइम है लेकिन यह ऐज पढ़ाई की है। यहां पर सुबह आठ. बीस से पर क्लासेज शुरु हो जाती हैं जो दोपहर एक बजे तक चलती है। जिसमें आठ पीरियड लगते है। उसके बाद लंच होता है और फिर दो से चार के बीच यूनिट टेस्ट होते हैं। शाम को एक्स्ट्रा क्लासेज लगनी शुरु हो जाती है। फिर रात में डिनर के बाद यह लोग अपनी सेल्फ स्टडी में जुट जाते है। इनके पूरे छः दिन का यही शेड्यूल रहता है। इसके बाद भी अगर कोई प्राब्लम होती है तो यह लोग किसी भी टाइम टीचर की मदद लेने से नहीं हिचकिचाते। ऐसा नहीं है कि यह पूरे टाइम सिर्फ पढ़ाई करते है बल्कि यह लोग मस्ती भी करते हैं। हर सैटरडे को स्कूल प्रशासन इनको दो घंटे का टाइम देता है घूमने के लिए बस इसी दो घंटे में यह पूरे सप्ताह की मस्ती कर डालते है। सैटरडे को यह सभी स्टूडेंट्स अपने ग्रुप बनाकर तीन. तीस पर निकल जाते है कोई हजरतगंज में गंजिंग करने चला जाता है तो कोई सहारागंज में दोस्तों के साथ मस्ती करता है। क्लास बारह के स्टूडेंट रजत बताते है कि सैटरडे को वह सहारागंज जाते हैं जहां पर पहले टुंडे के कबाब पराठे खाते हैं फिर मॉल में मौजूद गेमिंग पार्लर में दोस्तों के साथ गेम खेलते हैं उसके बाद आइसक्रीम खाते हुए वापस हॉस्टल लौट आते है। क्लास बारह के स्टूडेंट रोहित और रजत बताते है कि यहां पर हमारे पैरेंट्स भी मिलने के लिए आते है। वह जब भी आते है तो कुछ ना कुछ खाने का सामान जरुर लेकर आते है जिसको वह अपने दोस्तों के साथ मिल कर इंज्वाय करते है। टीचर बीएस राणा ने बताया कि पैरेंट्स को अगर बच्चे को बाहर ले जाना है तो इसके लिए उनको प्रिसिंपल अनिल कुमार शर्मा से परमिशन लेनी पड़ती है। वरना शाम को वह स्टूडेंट के ब्रेक के टाइम किसी भी दिन मिल सकते है। यह भले ही क्लास टेंथ के स्टूडेंट हो लेकिन यह पढ़ाई से लेकर अपने हर काम में पूरी तरह से गंभीर है। स्टूडेंट्स से जब पूछा गया कि क्या उनको अपने पैरेंट्स की याद आती है? तो इस पर क्लास टेंथ के स्टूडेंट ऐश्वर्य ने बताया कि हम लोग अब बड़े हो गए है सर। क्लास टेंथ के स्टूडेंट रिषभ ने बताया कि वह दो हज़ार पाँच से हास्टल में रह रहे है इसलिए अब हम लोग यूज टू हो गए है। पैरेंट्स की याद कम ही आती है। इसके अलावा हमारा सारा ध्यान बोर्ड एग्जाम पर ही रहता है। अगर छुट्टी में घर जाना भी पड़ता है तो वहां पर हम अपने फ्रेंडस को ज्यादा मिस करते है। अब तो स्कूल, टीचर और फ्रेंडस ही हमारी फैमिली बन गए है। यही नहीं इस स्कूल में कुछ स्टूडेंट लखनऊ के भी है लेकिन वह भी अपने घर के बजाए दोस्तों के साथ रहना ज्यादा पसंद करते है।
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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में अभी एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि बीते दिन दो नाबालिग लड़कियों के साथ बालात्कार हो गया. पहला मामला रामगोपालपेट थाने में और दूसरा राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में दर्ज़ किया गया है. दोनों ही केस में आरोपियों पर बहला-फुसलाकर बलात्कार करने का आरोप लगा है.
रामगोपालपेट के इंस्पेक्टर सैदुलु ने बताया कि हमें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से शिकायत मिली है कि 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग क्षात्रा के साथ 23 साल के व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर बलात्कार किया है. पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
वहीं, राजेंद्रनगर सर्कल के इंस्पेक्टर कनकैया ने बताया कि, "हमें एक नाबालिग लड़की की शिकायत मिली थी कि एक महीने पहले एक थिएटर के भीतर एक नाबालिग लड़के ने उसे बहला-फुसलाकर बलात्कार किया. पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर किशोर को ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है.
तेलंगाना राज्य महिला आयोग ने भी नाबालिक लड़की के साथ हुए सामूहिक बलात्कार केस में सोमवार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एम महेंद्र रेड्डी से रिपोर्ट देने का कहा है. जानकारी के मुताबिक आयोग ने मामले का स्वंय संज्ञान लेते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से इस केस में रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि आयोग दोषियों को कड़ी सजा देने के पक्ष में है और वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहेगा. राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने रविवार को मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. बता दें कि बीते महीने की 28 तारीख को यहां एक पब में गई किशोरी के साथ एक वाहन में तीन किशोरों समेत पांच लोगों ने कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया.
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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में अभी एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि बीते दिन दो नाबालिग लड़कियों के साथ बालात्कार हो गया. पहला मामला रामगोपालपेट थाने में और दूसरा राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में दर्ज़ किया गया है. दोनों ही केस में आरोपियों पर बहला-फुसलाकर बलात्कार करने का आरोप लगा है. रामगोपालपेट के इंस्पेक्टर सैदुलु ने बताया कि हमें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से शिकायत मिली है कि बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग क्षात्रा के साथ तेईस साल के व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर बलात्कार किया है. पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, राजेंद्रनगर सर्कल के इंस्पेक्टर कनकैया ने बताया कि, "हमें एक नाबालिग लड़की की शिकायत मिली थी कि एक महीने पहले एक थिएटर के भीतर एक नाबालिग लड़के ने उसे बहला-फुसलाकर बलात्कार किया. पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज़ कर किशोर को ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है. तेलंगाना राज्य महिला आयोग ने भी नाबालिक लड़की के साथ हुए सामूहिक बलात्कार केस में सोमवार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एम महेंद्र रेड्डी से रिपोर्ट देने का कहा है. जानकारी के मुताबिक आयोग ने मामले का स्वंय संज्ञान लेते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से इस केस में रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि आयोग दोषियों को कड़ी सजा देने के पक्ष में है और वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहेगा. राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने रविवार को मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. बता दें कि बीते महीने की अट्ठाईस तारीख को यहां एक पब में गई किशोरी के साथ एक वाहन में तीन किशोरों समेत पांच लोगों ने कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया.
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भोपाल (भाषा) : 14 people died in different road accidents मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुए चार सड़क दुर्घटनाओं में दो बच्चों सहित 14 लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। छिंदवाड़ा और बड़वानी जिलों में बुधवार रात को एक-एक सड़क हादसा हुआ जबकि बैतूल जिले में दो दुर्घटनाएं हुई। छिंदवाड़ा में बुधवार देर रात कोड़ामऊ गांव के पास एक जीप के कुएं में गिरने से एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। मोहखेड़ के थाना प्रभारी गोपाल घसले ने बताया " ये सभी लोग भाजीपानी गांव में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। कुएं में पानी कम था और जीप गिरकर उसमें फंस गई। वाहन को बाद में क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। " एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान दीपू इवनती (तीन), अजय इवनती (32), सचिन (19), राजकुमार चौरे (40), सागर (31), रंजीत उइके (35) और रामनाथ इनवती के रूप में हुई है।
14 people died in different road accidents वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने दुर्घटना में सात लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चौहान ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की।
बड़वानी में देर रात जिले के बरुफाटा के पास खड़ी बस को एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि टायर पंचर होने के कारण बस बरुफाटा पर खड़ी थी और बस चालक और उसका सहायक पहिया बदल रहे थे तथा यात्री बस से उतर कर सड़क के डिवाइडर पर खड़े थे तभी एक ट्रक ने डिवाइडर पर लोगों को टक्कर मारने के बाद खड़ी बस को पीछे से टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि बस राजस्थान के भीलवाड़ा से पुणे जा रही थी। अधिकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान बग्गा डांगी, कमलेश मीणा और छह साल के एक बच्चे के रुप में हुई है। घायलों को ठीकरी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से बाद में उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने बस हादसे पर दुख व्यक्त किया।
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भोपाल : चौदह people died in different road accidents मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुए चार सड़क दुर्घटनाओं में दो बच्चों सहित चौदह लोगों की मौत हो गई और सत्रह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। छिंदवाड़ा और बड़वानी जिलों में बुधवार रात को एक-एक सड़क हादसा हुआ जबकि बैतूल जिले में दो दुर्घटनाएं हुई। छिंदवाड़ा में बुधवार देर रात कोड़ामऊ गांव के पास एक जीप के कुएं में गिरने से एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। मोहखेड़ के थाना प्रभारी गोपाल घसले ने बताया " ये सभी लोग भाजीपानी गांव में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। कुएं में पानी कम था और जीप गिरकर उसमें फंस गई। वाहन को बाद में क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। " एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान दीपू इवनती , अजय इवनती , सचिन , राजकुमार चौरे , सागर , रंजीत उइके और रामनाथ इनवती के रूप में हुई है। चौदह people died in different road accidents वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने दुर्घटना में सात लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चौहान ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की। बड़वानी में देर रात जिले के बरुफाटा के पास खड़ी बस को एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि टायर पंचर होने के कारण बस बरुफाटा पर खड़ी थी और बस चालक और उसका सहायक पहिया बदल रहे थे तथा यात्री बस से उतर कर सड़क के डिवाइडर पर खड़े थे तभी एक ट्रक ने डिवाइडर पर लोगों को टक्कर मारने के बाद खड़ी बस को पीछे से टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि बस राजस्थान के भीलवाड़ा से पुणे जा रही थी। अधिकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान बग्गा डांगी, कमलेश मीणा और छह साल के एक बच्चे के रुप में हुई है। घायलों को ठीकरी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से बाद में उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने बस हादसे पर दुख व्यक्त किया।
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तिरुवनंतपुरमः केरल सरकार ने शनिवार को यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि राज्य भर के सभी व्यायामशालाओं, इनडोर स्टेडियमों और अदालतों में बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा किट, जैसे कि स्वचालित बाहरी डिफाइब्रिलेटर (एईडी) को हाथ में रखा जाए। राज्य के परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए रॉयल बैडमिंटन कोर्ट में बोलते हुए कहा कि वह राज्य सरकार को संदेश देंगे और केरल के खेल मंत्री वी. अब्दुरेहमान से बात करेंगे कि इसे लागू किया जाए।
राजू ने कहा "शुक्रवार को, हमें कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार की दुखद मौत के बारे में पता चला, जिनके बारे में कहा जाता था कि वे जिम में कसरत करते समय असहज महसूस करते थे। यह संभव है कि उनकी जान बचाई जा सकती थी। हम अपने राज्य के किसी भी एथलीट को नहीं चाहते हैं। भुगतना होगा क्योंकि बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा उपकरण हमारे इनडोर कोर्ट और व्यायामशालाओं में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। मैं इसे संबंधित विभागों और राज्य सरकार के साथ लाऊंगा ताकि यह देखा जा सके कि इसकी आवश्यकता है।
राजधानी में एक प्रमुख चिकित्सा सुविधा निम्स मेडी सिटी के तत्वावधान में अदालत में एक लाइव प्रदर्शन किया गया। निम्स मेडी सिटी के निदेशक फैजल खान ने कहा कि उनका अस्पताल विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा में मुफ्त प्रशिक्षण देने को तैयार है।
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तिरुवनंतपुरमः केरल सरकार ने शनिवार को यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि राज्य भर के सभी व्यायामशालाओं, इनडोर स्टेडियमों और अदालतों में बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा किट, जैसे कि स्वचालित बाहरी डिफाइब्रिलेटर को हाथ में रखा जाए। राज्य के परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए रॉयल बैडमिंटन कोर्ट में बोलते हुए कहा कि वह राज्य सरकार को संदेश देंगे और केरल के खेल मंत्री वी. अब्दुरेहमान से बात करेंगे कि इसे लागू किया जाए। राजू ने कहा "शुक्रवार को, हमें कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार की दुखद मौत के बारे में पता चला, जिनके बारे में कहा जाता था कि वे जिम में कसरत करते समय असहज महसूस करते थे। यह संभव है कि उनकी जान बचाई जा सकती थी। हम अपने राज्य के किसी भी एथलीट को नहीं चाहते हैं। भुगतना होगा क्योंकि बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा उपकरण हमारे इनडोर कोर्ट और व्यायामशालाओं में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। मैं इसे संबंधित विभागों और राज्य सरकार के साथ लाऊंगा ताकि यह देखा जा सके कि इसकी आवश्यकता है। राजधानी में एक प्रमुख चिकित्सा सुविधा निम्स मेडी सिटी के तत्वावधान में अदालत में एक लाइव प्रदर्शन किया गया। निम्स मेडी सिटी के निदेशक फैजल खान ने कहा कि उनका अस्पताल विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा में मुफ्त प्रशिक्षण देने को तैयार है।
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इस बार का बिग बॉस सीजन भले ही फ्लॉप रहा हो पर मेकर्स ने शो को हिट बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है. अब जब फिनाले को कुछ ही दिन बाकी हैं तो मेकर्स ने एक और कदम उठाया है. दरअसल, फिनाले के दिन शो में शहनाज गिल की एंट्री होने वाली है. इस दौरान वो सिध्दार्थ शुक्ला को ट्रिब्यूट देंगी. शो में आने वाले इस सेगमेंट से सिडनाज के फैंस काफी खुश हैं. बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल बिग बॉस 14 और बिग बॉस ओटीटी में नजर आ चुके हैं. लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही सिद्धार्थ शुक्ला का दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया था, जिसके बाद शहनाज काफी टूट गई थीं. अब जाकर शहनाज नें दोबारा से अपना काम शुरु किया है.
जानकारी के मुताबिक, अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला का निधन (Sidharth Shukla Death) 2 सितंबर, 2021 को हार्ट अटैक की वजह से हुआ. इस खबर से पूरी इंडस्ट्री हिल गई थी और खासतौर से सिद्धार्थ शुक्ला का परिवार और शहनाज गिल पूरी तरह टूट गए थे. सिद्धार्थ की मौत से सदमे में गईं शहनाज पूरी तरह बिखर गई थीं और 2-3 महीने तक उन्होंने सोशल मीडिया से ब्रेक भी ले लिया था. लेकिन अब शहनाज काम पर लौट आई हैं. उनके चेहरे पर हंसी और मुस्कान नजर आने लगी हैं.
वहीं अब हाल ही में कलर्स ने अपने सोशल मीडिया पर शहनाज गिल और सिद्धार्थ शुक्ला का एक प्रोमो जारी किया. जिसमें उन्होंने सिडनाज के फैंस को खुशखबरी देते हुए बताया कि शहनाज गिल बिग बॉस 15 के ग्रैंड फिनाले का हिस्सा बनेंगी. कलर्स द्वारा अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में शहनाज गिल और सिद्धार्थ शुक्ला की बिग बॉस 13 की क्लिप्स डाली गई हैं, जहां शहनाज अपने पुराने समय को याद करती हुई नजर आ रही हैं.
इस वीडियो में शहनाज गिल और सिद्धार्थ शुक्ला की छोटी-छोटी क्लिप्स में उनकी यादें एक बार फिर से ताजा की गई हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए कलर्स ने अपने कैप्शन में लिखा, 'ग्रैंड फिनाले होगा और भी स्पेशल जब शहनाज आएंगी सिडनाज के रिश्ते को देने एक दिल से ट्रिब्यूट. इस पोस्ट पर कई लाख लाइक्स आ चुके हैं.
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इस बार का बिग बॉस सीजन भले ही फ्लॉप रहा हो पर मेकर्स ने शो को हिट बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है. अब जब फिनाले को कुछ ही दिन बाकी हैं तो मेकर्स ने एक और कदम उठाया है. दरअसल, फिनाले के दिन शो में शहनाज गिल की एंट्री होने वाली है. इस दौरान वो सिध्दार्थ शुक्ला को ट्रिब्यूट देंगी. शो में आने वाले इस सेगमेंट से सिडनाज के फैंस काफी खुश हैं. बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल बिग बॉस चौदह और बिग बॉस ओटीटी में नजर आ चुके हैं. लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही सिद्धार्थ शुक्ला का दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया था, जिसके बाद शहनाज काफी टूट गई थीं. अब जाकर शहनाज नें दोबारा से अपना काम शुरु किया है. जानकारी के मुताबिक, अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला का निधन दो सितंबर, दो हज़ार इक्कीस को हार्ट अटैक की वजह से हुआ. इस खबर से पूरी इंडस्ट्री हिल गई थी और खासतौर से सिद्धार्थ शुक्ला का परिवार और शहनाज गिल पूरी तरह टूट गए थे. सिद्धार्थ की मौत से सदमे में गईं शहनाज पूरी तरह बिखर गई थीं और दो-तीन महीने तक उन्होंने सोशल मीडिया से ब्रेक भी ले लिया था. लेकिन अब शहनाज काम पर लौट आई हैं. उनके चेहरे पर हंसी और मुस्कान नजर आने लगी हैं. वहीं अब हाल ही में कलर्स ने अपने सोशल मीडिया पर शहनाज गिल और सिद्धार्थ शुक्ला का एक प्रोमो जारी किया. जिसमें उन्होंने सिडनाज के फैंस को खुशखबरी देते हुए बताया कि शहनाज गिल बिग बॉस पंद्रह के ग्रैंड फिनाले का हिस्सा बनेंगी. कलर्स द्वारा अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में शहनाज गिल और सिद्धार्थ शुक्ला की बिग बॉस तेरह की क्लिप्स डाली गई हैं, जहां शहनाज अपने पुराने समय को याद करती हुई नजर आ रही हैं. इस वीडियो में शहनाज गिल और सिद्धार्थ शुक्ला की छोटी-छोटी क्लिप्स में उनकी यादें एक बार फिर से ताजा की गई हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए कलर्स ने अपने कैप्शन में लिखा, 'ग्रैंड फिनाले होगा और भी स्पेशल जब शहनाज आएंगी सिडनाज के रिश्ते को देने एक दिल से ट्रिब्यूट. इस पोस्ट पर कई लाख लाइक्स आ चुके हैं. This website uses cookies.
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कालीपद का नाटय-साहित्य
हन्त पिपासया अवसीदन्तीव मे अङ्गानि । परिशुष्यतीव हृदयम् । यदि आर्यपुत्रस्तथा जानीयात् तदा क्लेशातिशयमेवानुभवेत् । पिपासया जडीभूता तु रसना नालमेकमपि वचनमुच्चा रयितुम् इत्यादि ।
ऐसी ही स्वगत-रूपिणी एकोक्ति नेल की इसी अक में आगे चल कर है--- नहि नहि नेदमुपपद्यते । प्रतिपदमेव कान्तारे विषदः सम्भाव्यन्ते । तदेपा विसर्जयितव्या ।
इसी अड्ड मे पुनरपि स्वगत मे दमयन्ती की एकोक्ति है । अहो सीदन्तीव मे अङ्गानि इत्यादि ।
एकोक्ति का उत्तम स्वरूप चतुर्थ अंक के मध्य में नल द्वारा प्रस्तुत है । दमयन्ती सोई है । तुल कहते हैंअहो संविधानकम्साम्राज्यं तिरुपद्रवं परिजना वश्या यशो निर्मलम्, इत्यादि पष्ठ अंक का आरम्भ नल की दो पृष्ठ की लम्बी एकोक्ति से होता है । उत्स्वप्नायित का उत्तर प्रस्तुत करके एक नये प्रकार का संवाद इस नाटक के चतुर्थ अंक मे प्रस्तुत किया गया है ।
सप्तम अक मे नल में वियुक्त होने पर उसको विपत्तियों की गाया और किरातराज की महायता से विदर्भ पहुँचने का वृत्तान्त विदूषक नल को बताता है । यह अकोचित नहीं है ।
चतुर्थ अथ मे आरभटी वृत्ति का अग माया-व्यापार रमणीय है । इसके द्वारा कलि माया सरोवर बनाकर उसे क्षण में शोणित-सरोवर बना देता है ।
एकोक्ति के समान ही किसी एक व्यक्ति का रगमच पर कुछ करते हुए अपनो मानसिक अवस्था बुदबुदाना है। चतुर्य अङ्क में नल को एकोक्ति है आवामेकवसनौ । तत्कथमिदानीमनुष्ठातव्यम् । ( शस्त्र व्यापारयन् भैम्या शरीर-स्पन्द रुपयत्या ) धिक् प्रम(दः । एषा दमयन्ती स्पन्दते । इत्यादि ।
चतुर्थ अङ्क के प्राय अन्त मे रगमंच की एक ओर कलि की एकोक्ति प्रवर्तित होती है और दूसरी ओर दमयन्ती की। दमयन्ती की एकोक्ति दो पृष्ठ की अनिय लम्बी है ।
पचम अक में वन में नल से वियुक्त होने पर उन्मत्त दमयन्ती नत्र के लिए एषाकी विनाप कर रही है। वही पीछे से आवर पनि की एकोक्ति हूँ, जव दमयन्ती मूर्छा दूर होने पर पुन विनान करती है ।
१. ऐगे यतथ्य स्वगत इसलिए है कि बक्ता रंगमच पर स्थित पात्र से इसे अश्रुत रखना चाहता है। यह एवोक्ति है, क्योकि मी वक्ता के वचन ने दूसरा बोई सम्बन्ध नहीं है। इसमें अपनी निजी स्थिति को चर्चा प्रायः है ।
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कालीपद का नाटय-साहित्य हन्त पिपासया अवसीदन्तीव मे अङ्गानि । परिशुष्यतीव हृदयम् । यदि आर्यपुत्रस्तथा जानीयात् तदा क्लेशातिशयमेवानुभवेत् । पिपासया जडीभूता तु रसना नालमेकमपि वचनमुच्चा रयितुम् इत्यादि । ऐसी ही स्वगत-रूपिणी एकोक्ति नेल की इसी अक में आगे चल कर है--- नहि नहि नेदमुपपद्यते । प्रतिपदमेव कान्तारे विषदः सम्भाव्यन्ते । तदेपा विसर्जयितव्या । इसी अड्ड मे पुनरपि स्वगत मे दमयन्ती की एकोक्ति है । अहो सीदन्तीव मे अङ्गानि इत्यादि । एकोक्ति का उत्तम स्वरूप चतुर्थ अंक के मध्य में नल द्वारा प्रस्तुत है । दमयन्ती सोई है । तुल कहते हैंअहो संविधानकम्साम्राज्यं तिरुपद्रवं परिजना वश्या यशो निर्मलम्, इत्यादि पष्ठ अंक का आरम्भ नल की दो पृष्ठ की लम्बी एकोक्ति से होता है । उत्स्वप्नायित का उत्तर प्रस्तुत करके एक नये प्रकार का संवाद इस नाटक के चतुर्थ अंक मे प्रस्तुत किया गया है । सप्तम अक मे नल में वियुक्त होने पर उसको विपत्तियों की गाया और किरातराज की महायता से विदर्भ पहुँचने का वृत्तान्त विदूषक नल को बताता है । यह अकोचित नहीं है । चतुर्थ अथ मे आरभटी वृत्ति का अग माया-व्यापार रमणीय है । इसके द्वारा कलि माया सरोवर बनाकर उसे क्षण में शोणित-सरोवर बना देता है । एकोक्ति के समान ही किसी एक व्यक्ति का रगमच पर कुछ करते हुए अपनो मानसिक अवस्था बुदबुदाना है। चतुर्य अङ्क में नल को एकोक्ति है आवामेकवसनौ । तत्कथमिदानीमनुष्ठातव्यम् । धिक् प्रम(दः । एषा दमयन्ती स्पन्दते । इत्यादि । चतुर्थ अङ्क के प्राय अन्त मे रगमंच की एक ओर कलि की एकोक्ति प्रवर्तित होती है और दूसरी ओर दमयन्ती की। दमयन्ती की एकोक्ति दो पृष्ठ की अनिय लम्बी है । पचम अक में वन में नल से वियुक्त होने पर उन्मत्त दमयन्ती नत्र के लिए एषाकी विनाप कर रही है। वही पीछे से आवर पनि की एकोक्ति हूँ, जव दमयन्ती मूर्छा दूर होने पर पुन विनान करती है । एक. ऐगे यतथ्य स्वगत इसलिए है कि बक्ता रंगमच पर स्थित पात्र से इसे अश्रुत रखना चाहता है। यह एवोक्ति है, क्योकि मी वक्ता के वचन ने दूसरा बोई सम्बन्ध नहीं है। इसमें अपनी निजी स्थिति को चर्चा प्रायः है ।
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जापान मे एक बहुत ही हैरान कर देने वाली प्यार की दास्तान देखने को मिली है। यकीन नहीं होता है कि आज भी इस तरह की प्यार होता है। 64 साल यासुओ ताकामात्सु नाम का शख्स बीते 10 वर्षों से अपनी पत्नी को समंदर में ढूंढ रहा है। साल 2011 में जापान में आई सुनामी में यासुओ ताकामात्सु की पत्नी युको लापता हो गई थीं। तभी से वो अपनी पत्नी को खोज संमदर में कर रहा हैं।
यासुओ ने यहां तक कि अपनी पत्नी को ढूंढने के लिए अंडरवॉटर डाइविंग का लाइसेंस भी लिया है। सात वर्षों से वो अकेले अंडरवॉटर डाइव कर रहे हैं। इस उम्मीद के साथ की उनकी पत्नी यूको उनको मिल जाएगी। जापान का प्रशासन पिछले कई सालों से अंडरवॉटर सर्च अभियान के तहत ढाई हजार लोगों की गुमशुदगी की तलाश कर रहा है। यासुओ निजी तौर पर इससे जुड़े हैं।
इस सर्च अभियान में यासुओ पानी के अंदर कई कपड़े, एल्बम और ना जाने क्या-क्या सामान मिल चुका है लेकिन उनकी पत्नी का नहीं मिली है। बता दें कि साल 2011 में आई सुनामी 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 133 फीट लंबी लहरों ने जापान के उत्तरपूर्वी कोस्ट को हिला कर रख दिया था। इस तबाही में 15 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
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जापान मे एक बहुत ही हैरान कर देने वाली प्यार की दास्तान देखने को मिली है। यकीन नहीं होता है कि आज भी इस तरह की प्यार होता है। चौंसठ साल यासुओ ताकामात्सु नाम का शख्स बीते दस वर्षों से अपनी पत्नी को समंदर में ढूंढ रहा है। साल दो हज़ार ग्यारह में जापान में आई सुनामी में यासुओ ताकामात्सु की पत्नी युको लापता हो गई थीं। तभी से वो अपनी पत्नी को खोज संमदर में कर रहा हैं। यासुओ ने यहां तक कि अपनी पत्नी को ढूंढने के लिए अंडरवॉटर डाइविंग का लाइसेंस भी लिया है। सात वर्षों से वो अकेले अंडरवॉटर डाइव कर रहे हैं। इस उम्मीद के साथ की उनकी पत्नी यूको उनको मिल जाएगी। जापान का प्रशासन पिछले कई सालों से अंडरवॉटर सर्च अभियान के तहत ढाई हजार लोगों की गुमशुदगी की तलाश कर रहा है। यासुओ निजी तौर पर इससे जुड़े हैं। इस सर्च अभियान में यासुओ पानी के अंदर कई कपड़े, एल्बम और ना जाने क्या-क्या सामान मिल चुका है लेकिन उनकी पत्नी का नहीं मिली है। बता दें कि साल दो हज़ार ग्यारह में आई सुनामी सात सौ किलोग्राममीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक सौ तैंतीस फीट लंबी लहरों ने जापान के उत्तरपूर्वी कोस्ट को हिला कर रख दिया था। इस तबाही में पंद्रह हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
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मोर्शी-दि. 27 यहां के स्व. अण्णासाहब कानफाडे स्मृति विद्यालय में भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण व किसानों की दृष्टि से पोला त्यौहार अंतर्गत तान्हा पोला का आयोजन विद्यालय के प्रांगण में किया गया.
तान्हा पोला समारोह में विद्यार्थियों का अच्छा प्रतिसाद मिला. इस समय विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किये मिट्टी के बैल उत्कृष्ट सजावट कर लाये व विद्यार्थियों ने किसानों की वेशभूषा धारण की थी. राजा नामक बैल ने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई.
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रुप में शाला के मुख्याध्यापक वी. एन. इंगोले उपस्थित थे. उन्होंने किसानों के जीवन में बैलों का महत्व विशद किया. तान्हा पोला में सहभागी विद्यार्थियों की उत्कृष्ट बैल जोड़ी को पुरस्कार प्रदान किया गया. कार्यक्रम की सफलतार्थ शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों व विद्यार्थियों ने सहयोग किया.
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मोर्शी-दि. सत्ताईस यहां के स्व. अण्णासाहब कानफाडे स्मृति विद्यालय में भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण व किसानों की दृष्टि से पोला त्यौहार अंतर्गत तान्हा पोला का आयोजन विद्यालय के प्रांगण में किया गया. तान्हा पोला समारोह में विद्यार्थियों का अच्छा प्रतिसाद मिला. इस समय विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किये मिट्टी के बैल उत्कृष्ट सजावट कर लाये व विद्यार्थियों ने किसानों की वेशभूषा धारण की थी. राजा नामक बैल ने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई. कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रुप में शाला के मुख्याध्यापक वी. एन. इंगोले उपस्थित थे. उन्होंने किसानों के जीवन में बैलों का महत्व विशद किया. तान्हा पोला में सहभागी विद्यार्थियों की उत्कृष्ट बैल जोड़ी को पुरस्कार प्रदान किया गया. कार्यक्रम की सफलतार्थ शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों व विद्यार्थियों ने सहयोग किया.
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अजमेर- सलीम दीवान ने विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में ज़ियारत कर दुआ मांगी। सलीम दीवान ने ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर मखमली चादर व अकीदत के फूल पेश की। इस दौरान दीवान ने अपनी आने वाली नई फिल्म की कामयाबी के लिए दुआ मांगी, मन्नत का धागा भी बांधा।
सिंगर राजा हसन ने गुरूवार को ख्वाजा साहब की मजार पर मखमली चादर व अकीदत के फूल पेश कर अमन-चैन की दुआ मांगी। इस दौरान उन्हें दरगाह ज़ियारत दरगाह खादिम सईद कुतुबुद्दीन सकी ने करवाई और दस्तारबंदी करके तबर्रूक तकसीम किया। इस दौरान सिंगर राजा हसन ने दरगाह स्थित जन्नती के दरवाजे पर मन्नती धागा बांधा और मन्नत मांगी।
दरगाह ज़ियारत के बाद फिल्म अभिनेता ने ख़ास बातचीत में बताया की ख्वाजा साहब के करम से उन्हें दरगाह की हाजरी नसीब हुई है। ख्वाजा साहब के दरबार में उनकी आने वाली नई फिल्म की कामयाबी की दुआ मांगी है।
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अजमेर- सलीम दीवान ने विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में ज़ियारत कर दुआ मांगी। सलीम दीवान ने ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर मखमली चादर व अकीदत के फूल पेश की। इस दौरान दीवान ने अपनी आने वाली नई फिल्म की कामयाबी के लिए दुआ मांगी, मन्नत का धागा भी बांधा। सिंगर राजा हसन ने गुरूवार को ख्वाजा साहब की मजार पर मखमली चादर व अकीदत के फूल पेश कर अमन-चैन की दुआ मांगी। इस दौरान उन्हें दरगाह ज़ियारत दरगाह खादिम सईद कुतुबुद्दीन सकी ने करवाई और दस्तारबंदी करके तबर्रूक तकसीम किया। इस दौरान सिंगर राजा हसन ने दरगाह स्थित जन्नती के दरवाजे पर मन्नती धागा बांधा और मन्नत मांगी। दरगाह ज़ियारत के बाद फिल्म अभिनेता ने ख़ास बातचीत में बताया की ख्वाजा साहब के करम से उन्हें दरगाह की हाजरी नसीब हुई है। ख्वाजा साहब के दरबार में उनकी आने वाली नई फिल्म की कामयाबी की दुआ मांगी है।
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७ तस्स ण उल्लुयतीरस्स नगरस्स बहिया उत्तरपुरत्यिमे बिसिभाए, एत्य ण एगजबए नाम चेतिए होत्या । यण्णम्रो ।
[७] उस उल्लूकतीर नगर के बाहर उत्तर-पूर्व दिशाभाग ( ईशानकोण) मे 'एकजम्बूक' नामक उद्यान था। उसका वर्णन पूर्ववत्
८ तए ण समणे भगव महावीरे अन्नदा कदायि पुव्वाणुपुव्य चरमाणे जाव एगजबुए । जाव परिसा पडिगया ।
[८] एक वार किसी दिन श्रमण भगवान् महावीर स्वामी अनुश्रम से विचरण करते हुए यावत् 'एकजम्बूव' उद्यान मे पधारे। यावत् परिषद् ( धमदेशना श्रवण कर) लौट गई ।
९ 'भते !' त्ति भगव गोयमे समण भगव महायोर वदति नमसति, २ एवं वदासि - [९] 'भगवन् !' यो सम्बोधन करके भगवान् गौतम स्वामी ने श्रमण भगवान् महावीर स्वामी को वन्दन नमस्कार किया और फिर इस प्रकार पूछा१० प्रणगारस्स ण भते ! भावियप्पणो छटठ छटठेण श्रणिषिखत्तेण जाव आतावेमाणस्स तस्स ण पुरत्यिमेण श्रवड्ढ दिवस नो कप्पति हृत्य या पाय या वाह वा ऊर या प्राउटावेत्ताए या पसारेत्तए वा, पच्चरियमेण से प्रड्ढ दिवस कप्पति ह्त्य वा पाय या जाव करु वा भाउठायेत्तए घा पसारेसए घा । तस्स व असियाओ लवति, त च बेज्जे प्रदखु, ईसि पाईति, ई०२ असियाम्रो छिदेउजा । से नूण भते ! जे छिदति तस्स किरिया कज्जति ? जस्स छिज्जति नो तस्स फिरिया कज्जइ गग्नत्येगेण धम्मतराइएण ?
हता, गोयमा ! जे छिवति जाव धम्मतराइएण । सेव भते ! सेव भते । ति० ।
।। सोलसमे सए तइस्रो उद्देश्रो समत्तो ।। १६-३ ।।
[१० प्र ] भगवान् । निरन्तर छठ-छठ (वेले वेले) के तपश्चरण के साथ यावत् प्रतापना लेते हुए भावितात्मा अनगार को ( कायोत्सग मे) दिवस के पूर्वाद्ध मे अपने हाथ, पैर, बाहु या कर (जघा) को सिकोडना या पसारना वल्पनीय नहीं है, किन्तु दिवस वे पश्चिमाद्ध (पिछले प्राधे भाग) में अपने हाथ, पैर या यावत् उरु को सिकोडना का फलाना क्त्पनीय है। इस प्रकार कायोत्सर्ग स्थित उस भाविनामा अनगार की नासिया मे अश (मस्सा) लटक रहा हो। उस ग्रश को मिसो वैद्य न देखा और यदि वह वैद्य उस प्रश को काटने के लिए उस ऋषि को भूमि पर लिटाए, फिर उसके प्रा घोकाटे, तो हे भगवन् । क्या जो वद्य प्रश वाटता है, उसे प्रिया लगती है ? तथा जिस ( धनगार ) या वाटा जा रहा है, उसे एक मात्र धर्मान्तरायिक शिया के सिवाय दूसरी किया तो नही लगती ?
[१० उ ] हाँ गौतम । जो (श्रश को) काटता है, उसे (शुभ) त्रिया लगती है और जिसमा मर्श काटा जा रहा है उस ऋषि को धर्मान्तराय के सिवाय अन्य कोई किया नहीं लगती।
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सात तस्स ण उल्लुयतीरस्स नगरस्स बहिया उत्तरपुरत्यिमे बिसिभाए, एत्य ण एगजबए नाम चेतिए होत्या । यण्णम्रो । [सात] उस उल्लूकतीर नगर के बाहर उत्तर-पूर्व दिशाभाग मे 'एकजम्बूक' नामक उद्यान था। उसका वर्णन पूर्ववत् आठ तए ण समणे भगव महावीरे अन्नदा कदायि पुव्वाणुपुव्य चरमाणे जाव एगजबुए । जाव परिसा पडिगया । [आठ] एक वार किसी दिन श्रमण भगवान् महावीर स्वामी अनुश्रम से विचरण करते हुए यावत् 'एकजम्बूव' उद्यान मे पधारे। यावत् परिषद् लौट गई । नौ 'भते !' त्ति भगव गोयमे समण भगव महायोर वदति नमसति, दो एवं वदासि - [नौ] 'भगवन् !' यो सम्बोधन करके भगवान् गौतम स्वामी ने श्रमण भगवान् महावीर स्वामी को वन्दन नमस्कार किया और फिर इस प्रकार पूछादस प्रणगारस्स ण भते ! भावियप्पणो छटठ छटठेण श्रणिषिखत्तेण जाव आतावेमाणस्स तस्स ण पुरत्यिमेण श्रवड्ढ दिवस नो कप्पति हृत्य या पाय या वाह वा ऊर या प्राउटावेत्ताए या पसारेत्तए वा, पच्चरियमेण से प्रड्ढ दिवस कप्पति ह्त्य वा पाय या जाव करु वा भाउठायेत्तए घा पसारेसए घा । तस्स व असियाओ लवति, त च बेज्जे प्रदखु, ईसि पाईति, ईदो असियाम्रो छिदेउजा । से नूण भते ! जे छिदति तस्स किरिया कज्जति ? जस्स छिज्जति नो तस्स फिरिया कज्जइ गग्नत्येगेण धम्मतराइएण ? हता, गोयमा ! जे छिवति जाव धम्मतराइएण । सेव भते ! सेव भते । तिशून्य । ।। सोलसमे सए तइस्रो उद्देश्रो समत्तो ।। सोलह-तीन ।। [दस प्र ] भगवान् । निरन्तर छठ-छठ के तपश्चरण के साथ यावत् प्रतापना लेते हुए भावितात्मा अनगार को दिवस के पूर्वाद्ध मे अपने हाथ, पैर, बाहु या कर को सिकोडना या पसारना वल्पनीय नहीं है, किन्तु दिवस वे पश्चिमाद्ध में अपने हाथ, पैर या यावत् उरु को सिकोडना का फलाना क्त्पनीय है। इस प्रकार कायोत्सर्ग स्थित उस भाविनामा अनगार की नासिया मे अश लटक रहा हो। उस ग्रश को मिसो वैद्य न देखा और यदि वह वैद्य उस प्रश को काटने के लिए उस ऋषि को भूमि पर लिटाए, फिर उसके प्रा घोकाटे, तो हे भगवन् । क्या जो वद्य प्रश वाटता है, उसे प्रिया लगती है ? तथा जिस या वाटा जा रहा है, उसे एक मात्र धर्मान्तरायिक शिया के सिवाय दूसरी किया तो नही लगती ? [दस उ ] हाँ गौतम । जो काटता है, उसे त्रिया लगती है और जिसमा मर्श काटा जा रहा है उस ऋषि को धर्मान्तराय के सिवाय अन्य कोई किया नहीं लगती।
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जुगाड़ी तलाक एक प्रेम कथा जैसी फिल्म कर चुके हैंडसम मैन क्रिश भैया अब जल्द ही दो हँसीनाओं के साथ इश्क फरमाते नजर आएंगे। इस बात की पुष्टि खुद स्वयं क्रिश भैया ने की उन्होंने कहा कि यह बात सच है मैं अपनी अगली फिल्म मैं दो हँसीनाओं के साथ रोमांस करते नजर आऊंगा।
अभी इस फिल्म का टाइटल अनाउंस नहीं किया गया है जल्दी टाइटल अनाउंस करके शूटिंग स्टार्ट की जाएगी। बता दे इस फिल्म में क्रिश भैया के साथ दो हसीना यानी एक बंगाली वाला मनी भट्टाचार्य और दूसरी हसीना क्यूट गर्ल अनुष्का तिवारी नजर आयेंगी। हालांकि क्रिश भैया ने हाल ही में दो फिल्मों की शूटिंग कंप्लीट की है अब तीसरी फिल्म की शूटिंग में लगे हुए है। फ़िल्म के निर्देशक जेम्स पार्कर ने बताया कि ऑलमोस्ट हमारी तीसरी फिल्म की तैयारी पूरी हो गयी लोकेशन भी फाइनल हो गयी है बहुत जल्द फ़िल्म शूटिंग फ्लोर पर जाने वाली है। उन्होंने बताया कि दोनों फिल्मे जुगाड़ी और तलाक एक प्रेम कथा की तरह हमारी ये तीसरी फिल्म की कथा पटकथा बहुत लाजवाब है, जो सम्पूर्णरूप पारिवारिक एवं सामाजिक फ़िल्म होगी। फ़िल्म में केंद्रीय भूमिका में क्रिश भैया, मनी भट्टाचार्य और अनुष्का तिवारी नजर आयेंगी। फ़िल्म का निर्माण सुल्तान फिल्म्स क्रिएशन के बैनर तले होने जा रहा है जिसके निर्माता सुल्तान अंसारी हैं और निर्देशक जेम्स पार्कर।
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जुगाड़ी तलाक एक प्रेम कथा जैसी फिल्म कर चुके हैंडसम मैन क्रिश भैया अब जल्द ही दो हँसीनाओं के साथ इश्क फरमाते नजर आएंगे। इस बात की पुष्टि खुद स्वयं क्रिश भैया ने की उन्होंने कहा कि यह बात सच है मैं अपनी अगली फिल्म मैं दो हँसीनाओं के साथ रोमांस करते नजर आऊंगा। अभी इस फिल्म का टाइटल अनाउंस नहीं किया गया है जल्दी टाइटल अनाउंस करके शूटिंग स्टार्ट की जाएगी। बता दे इस फिल्म में क्रिश भैया के साथ दो हसीना यानी एक बंगाली वाला मनी भट्टाचार्य और दूसरी हसीना क्यूट गर्ल अनुष्का तिवारी नजर आयेंगी। हालांकि क्रिश भैया ने हाल ही में दो फिल्मों की शूटिंग कंप्लीट की है अब तीसरी फिल्म की शूटिंग में लगे हुए है। फ़िल्म के निर्देशक जेम्स पार्कर ने बताया कि ऑलमोस्ट हमारी तीसरी फिल्म की तैयारी पूरी हो गयी लोकेशन भी फाइनल हो गयी है बहुत जल्द फ़िल्म शूटिंग फ्लोर पर जाने वाली है। उन्होंने बताया कि दोनों फिल्मे जुगाड़ी और तलाक एक प्रेम कथा की तरह हमारी ये तीसरी फिल्म की कथा पटकथा बहुत लाजवाब है, जो सम्पूर्णरूप पारिवारिक एवं सामाजिक फ़िल्म होगी। फ़िल्म में केंद्रीय भूमिका में क्रिश भैया, मनी भट्टाचार्य और अनुष्का तिवारी नजर आयेंगी। फ़िल्म का निर्माण सुल्तान फिल्म्स क्रिएशन के बैनर तले होने जा रहा है जिसके निर्माता सुल्तान अंसारी हैं और निर्देशक जेम्स पार्कर।
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Ranchi : रांची नगर निगम सभागार में गुरुवार को पूजा की तैयारी को लेकर बुलायी बैठक हंगामेदार रही. हंगामा दरअसल कचहरी रोड में अटल वेंडर मार्केट मेंटेनेंस काम में हो रहे प्रतिमाह 12. 30 लाख रूपये खर्च को लेकर था.
इतनी राशि खर्च होने की जानकारी मिलते हुए बैठक में उपस्थिति सभी पार्षदों ने मेयर, डिप्टी मेयर सहित निगम प्रशासन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगा दिया.
स्थिति यहां तक बनी कि पूजा की तैयारी को लेकर बुलायी बैठक में कोई बात नहीं बनी. अंततः बिना किसी निर्णय के ही मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त बैठक छोड़ चले गये. विरोध में निगम के सभी 53 पार्षद निगम गेट के मुख्य द्वारा पर धरने पर बैठ गये.
धरने पर बैठने वाले पार्षदों में नकुल तिर्की (वार्ड 1), सुजाता कच्छप (वार्ड 7), अर्जुन यादव (वार्ड 10), दिनेश नाम (वार्ड 14), सुनील यादव (वार्ड 20), मो. एहतेशाम (वार्ड 21), साजिदा खातून (वार्ड 23), ओम प्रकाश (वार्ड 27), विनोद सिंह (वार्ड 34), झिरी लिंडा (वार्ड 35), फिरोज आलम (वार्ड 44), रीता मुंडा (वार्ड 46), शशि सिंह (वार्ड 43), निरंजन कुमार (वार्ड 52) सहित सभी पार्षद शामिल थे.
पूजा की तैयारी को लेकर बुलायी गयी बैठक में पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब एक वार्ड में सफाई काम को लेकर एक वार्ड में प्रतिमाह केवल 2. 50 रूपये खर्च होता है, तो केवल एक वेंडर मार्केट में मेंनेटेंस पर 12. 50 रूपये खर्च होना संदेह के घेरे में है.
जब इस मांग को पार्षदों ने बैठक में रखा, तो आनन-फानन में मेयर आशा लकड़ा ने मीटिंग को स्थगित कर दिया.
इस पर पार्षदों ने कहा कि यह बैठक में विशेषतौर पर आने वाले पूजा को लेकर बुलायी गयी थी. लेकिन वेंडर मार्केट में इतनी राशि खर्च होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने सच्चाई जानने का प्रयास किया.
लेकिन निगम ने वार्डों के जनप्रतिनिधि को इसपर कोई जानकारी नहीं दी. इसपर पार्षदों ने आरोप लगाया कि पूरी जानकारी होने के बाद भी मेयर और डिप्टी मेयर भ्रष्टाचार के इस बड़े मामले को दबाने की कोशिश में लगे है.
पार्षदों का कहना है कि वेंडर मार्केट में मेंटेनेंस काम के लिए निकाले गये टेंडर की शर्तें इतनी मुश्किल थी कि अन्य व्यक्ति को टेंडर नहीं मिल सके.
दरअसल वेंडर मार्केट में सफाई काम के लिए निकाला गया टेंडर निगम प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का एक जरिया बन चुका है.
विरोध जताते हुए निगम प्रशासन से सभी पार्षदों ने मांग की कि जल्द ही मार्केट के मेंटनेंस काम में मिले टेंडर को रद्द किया जाये. बता दें कि मार्केट में सफाई काम के लिए सिंघल इंटरप्राइसेज को जिम्मा मिला है.
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Ranchi : रांची नगर निगम सभागार में गुरुवार को पूजा की तैयारी को लेकर बुलायी बैठक हंगामेदार रही. हंगामा दरअसल कचहरी रोड में अटल वेंडर मार्केट मेंटेनेंस काम में हो रहे प्रतिमाह बारह. तीस लाख रूपये खर्च को लेकर था. इतनी राशि खर्च होने की जानकारी मिलते हुए बैठक में उपस्थिति सभी पार्षदों ने मेयर, डिप्टी मेयर सहित निगम प्रशासन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगा दिया. स्थिति यहां तक बनी कि पूजा की तैयारी को लेकर बुलायी बैठक में कोई बात नहीं बनी. अंततः बिना किसी निर्णय के ही मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त बैठक छोड़ चले गये. विरोध में निगम के सभी तिरेपन पार्षद निगम गेट के मुख्य द्वारा पर धरने पर बैठ गये. धरने पर बैठने वाले पार्षदों में नकुल तिर्की , सुजाता कच्छप , अर्जुन यादव , दिनेश नाम , सुनील यादव , मो. एहतेशाम , साजिदा खातून , ओम प्रकाश , विनोद सिंह , झिरी लिंडा , फिरोज आलम , रीता मुंडा , शशि सिंह , निरंजन कुमार सहित सभी पार्षद शामिल थे. पूजा की तैयारी को लेकर बुलायी गयी बैठक में पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब एक वार्ड में सफाई काम को लेकर एक वार्ड में प्रतिमाह केवल दो. पचास रूपये खर्च होता है, तो केवल एक वेंडर मार्केट में मेंनेटेंस पर बारह. पचास रूपये खर्च होना संदेह के घेरे में है. जब इस मांग को पार्षदों ने बैठक में रखा, तो आनन-फानन में मेयर आशा लकड़ा ने मीटिंग को स्थगित कर दिया. इस पर पार्षदों ने कहा कि यह बैठक में विशेषतौर पर आने वाले पूजा को लेकर बुलायी गयी थी. लेकिन वेंडर मार्केट में इतनी राशि खर्च होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने सच्चाई जानने का प्रयास किया. लेकिन निगम ने वार्डों के जनप्रतिनिधि को इसपर कोई जानकारी नहीं दी. इसपर पार्षदों ने आरोप लगाया कि पूरी जानकारी होने के बाद भी मेयर और डिप्टी मेयर भ्रष्टाचार के इस बड़े मामले को दबाने की कोशिश में लगे है. पार्षदों का कहना है कि वेंडर मार्केट में मेंटेनेंस काम के लिए निकाले गये टेंडर की शर्तें इतनी मुश्किल थी कि अन्य व्यक्ति को टेंडर नहीं मिल सके. दरअसल वेंडर मार्केट में सफाई काम के लिए निकाला गया टेंडर निगम प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का एक जरिया बन चुका है. विरोध जताते हुए निगम प्रशासन से सभी पार्षदों ने मांग की कि जल्द ही मार्केट के मेंटनेंस काम में मिले टेंडर को रद्द किया जाये. बता दें कि मार्केट में सफाई काम के लिए सिंघल इंटरप्राइसेज को जिम्मा मिला है.
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गांव में पुलिस की मौजूदगी में शादी विवाह हो ये सोचने वाली बात है लेकिन हरियाणा के चरखी दादरी जिले के एक गांव में गोत्र को लेकर उपजे विवाद के चलते शादी समारोह शुक्रवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। हालांकि शादी समारोह के दौरान कोई विवाद नहीं हुआ, लेकिन पुलिस शादी संपन्न होने तक तैनात रही। मामला रोहतक रोड स्थित एक गांव का है।
दरअसल उस गांव निवासी युवक ने करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित एक गांव निवासी युवती से आठ माह पहले कोर्ट मैरिज की थी। युवती का जो गोत्र है, उसी गोत्र के लोगों की संख्या लड़के के गांव में अधिक है। कोर्ट मैरिज के बाद से ही लड़का अपने घर और लड़की अपने गांव में रह रही थी। कुछ दिन पहले दोनों के परिजनों ने आपसी सहमति से 25 मार्च को शादी समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया था, ताकि लड़की को रस्में निभाकर विदा किया जा सके।
यह फैसला लड़के व लड़की के गांव वालों को नागवार गुजरा। इस मसले को लेकर पिछले एक सप्ताह से दोनों गांवों के बीच पंचायतें भी आयोजित हो रही थीं। यहां तक की मामला खाप तक भी जा पहुंचा था। दो दिन पहले ही लड़के के गांव में आयोजित पंचायत में भाग लेकर घर लौट रहे ग्रामीणों पर पथराव तक हो चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस इसके बाद से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। शुक्रवार को शादी समारोह होने के चलते सुबह से ही दोनों के गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। शुक्रवार देर रात करीब दस बजे शादी समारोह संपन्न हुआ और समारोह स्थल पर सभी रस्में पूरी होने के बाद ही पुलिस फोर्स लौटी। गांव में करीब 400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहने की सूचना है।
बताया जा रहा है कि वर पक्ष ने शादी की कई रस्में एक समीप स्थित गांव की वाटिका में कीं। शुक्रवार को बारात भी वहीं से रवाना हुई और शादी के बाद वापस वहीं वाटिका में पहुंची। वाटिका के अंदर और बाहर भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा को इसके मद्देनजर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। विवाद होने का पुलिस को अंदेशा था और इसके चलते पुलिस फोर्स को दोनों गांवों में तैनात किया गया था। शादी समारोह शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ। - रामसिंह, सदर थाना प्रभारी।
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गांव में पुलिस की मौजूदगी में शादी विवाह हो ये सोचने वाली बात है लेकिन हरियाणा के चरखी दादरी जिले के एक गांव में गोत्र को लेकर उपजे विवाद के चलते शादी समारोह शुक्रवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। हालांकि शादी समारोह के दौरान कोई विवाद नहीं हुआ, लेकिन पुलिस शादी संपन्न होने तक तैनात रही। मामला रोहतक रोड स्थित एक गांव का है। दरअसल उस गांव निवासी युवक ने करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित एक गांव निवासी युवती से आठ माह पहले कोर्ट मैरिज की थी। युवती का जो गोत्र है, उसी गोत्र के लोगों की संख्या लड़के के गांव में अधिक है। कोर्ट मैरिज के बाद से ही लड़का अपने घर और लड़की अपने गांव में रह रही थी। कुछ दिन पहले दोनों के परिजनों ने आपसी सहमति से पच्चीस मार्च को शादी समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया था, ताकि लड़की को रस्में निभाकर विदा किया जा सके। यह फैसला लड़के व लड़की के गांव वालों को नागवार गुजरा। इस मसले को लेकर पिछले एक सप्ताह से दोनों गांवों के बीच पंचायतें भी आयोजित हो रही थीं। यहां तक की मामला खाप तक भी जा पहुंचा था। दो दिन पहले ही लड़के के गांव में आयोजित पंचायत में भाग लेकर घर लौट रहे ग्रामीणों पर पथराव तक हो चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस इसके बाद से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। शुक्रवार को शादी समारोह होने के चलते सुबह से ही दोनों के गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। शुक्रवार देर रात करीब दस बजे शादी समारोह संपन्न हुआ और समारोह स्थल पर सभी रस्में पूरी होने के बाद ही पुलिस फोर्स लौटी। गांव में करीब चार सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहने की सूचना है। बताया जा रहा है कि वर पक्ष ने शादी की कई रस्में एक समीप स्थित गांव की वाटिका में कीं। शुक्रवार को बारात भी वहीं से रवाना हुई और शादी के बाद वापस वहीं वाटिका में पहुंची। वाटिका के अंदर और बाहर भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा को इसके मद्देनजर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। विवाद होने का पुलिस को अंदेशा था और इसके चलते पुलिस फोर्स को दोनों गांवों में तैनात किया गया था। शादी समारोह शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ। - रामसिंह, सदर थाना प्रभारी।
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रोहडू - रोहडू-हाटकोटी-ठियोग हाई-वे पर दोची के पास भू-स्खलन हो गया। इस दौरान गुरुवार रात से शुक्रवार सायं छह बजे तक जाम लगा रहा। इस बीच लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, वहीं सेब से लदे कई ट्रक और ट्राले भी सड़क पर ही फंसे रहे। लोगों को शिमला आने जाने के लिए लिए वाया पटसारी-खड़ापत्थर होकर आना-जाना पड़ा। रोहडू व शिमला से आने वाले सभी वाहन व बसें वाया पटसारी आते रहे, जिससे पहले ही तंग चल रही सड़क पर दिन भर जाम लगता रहा, जिस सड़क में आम दिन में खड़ापत्थर पहुंचने में एक घंटे का समय लगता है। हाई-वे बंद होने से इस सड़क पर शुक्रवार को लोगों को खड़ापत्थर पहुंचने में तीन घंटे से अधिक समय लगता रहा। सड़क पर एक भारी चट्टान और ढेर सारे मलबे ने सड़क को 24 घंटे बाधित रखा, जिसे खोलने के लिए कंपनी और लोकनिर्माण विभाग के कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा जिला महासू सह मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा ने स्थानीय विधायक व संसदीय सचिव को इस जाम के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि सड़क का जुब्बल दोची प्वाइंट काफी खस्ता रहा है और इस स्थान पर कभी भी भू-स्खलन होने की संभावना बनी रहती है, इसलिए तकनीकी रूप से इस पर कार्य करवाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन व कंपनी प्रबंधन बताए कि ऐसा कौन सा समय नहीं है, जब आए दिन इनके लगे डंगे ढहते नहीं हैं। यह सड़क ऊपरी शिमला के लिए लाइफलाइन है। पहले सड़क के संदर्भ में सरकार हमेशा ही कंपनी को जिम्मेदार ठहराती रही है, लेकिन अब इस सड़क का निर्माण कार्य भी सरकार के पास है।
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India VS Newzealand: भारत की युवा बल्लेबाज से शुभमन गिल का नाम इन दिनों खूब चर्चा में है, उसकी वजह है उनका शानदार प्रदर्शन। शुभमन गिल अपने बल्ले से लगातार रन बरसाते जा रहे हैं। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने अपने बल्ले से शानदार दोहरा शतक जड़कर हलचल मचा दी थी जिसके बाद दुनियाभर से उन्हें काफी शुभकामनाएं मिल रही थी। अब शुभमन गिल को भारत के पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने एक नया नाम दिया है। आइए हम बताते हैं सुनील गावस्कर ने क्या कुछ कहा है।
23 वर्षीय बल्लेबाज ने अपने वनडे करियर के शुरुआती दिनों में ही दोहरा शतक जड़कर खुद को भारतीय वनडे टीम में स्थापित कर लिया है। एक ओपनर के तौर पर शुभमन गिल शानदार तरीके से खेल खेलते हैं। इस बात को बेहतर तरीके से समझते हैं कि कब उन्हें संभल कर खेलना है और किस समय गियर चेंज कर तेज रन बनाने हैं। गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ उस समय रन बनाएं जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बल्लेबाज आउट हो चुके थे। उसके बाद गिल ने ना सिर्फ टीम को संभाला बल्कि भारतीय पारी को 349 रनों तक भी पहुंचाय। शुभमन गिल से पहले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा, ईशान किशन भी दोहरा शतक जमा चुके हैं, लेकिन शुभमन गिल दोहरा शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज है। भारत विरुद्ध न्यूजीलैंड दूसरा मुकाबला खत्म होने के बाद सुनील गावस्कर ने इस युवा बल्लेबाज से बात की और कहा कि, "मैंने आपको क्रिकेट में एक नया नाम दिया है, आपका नया नाम है इस स्मूथमैन गिल। उम्मीद करता हूं आप इस नाम को लेकर बुरा नहीं मानेंगे।" इस पर शुभमन गिल ने जवाब देते हुए कहा कि, "बिल्कुल नहीं सर।" आपको बता दें भारत विरुद्ध श्रीलंका दूसरे मुकाबले में शुभमन गिल ने 40 रन की शानदार पारी खेली थी और भारत ने इस मुकाबले को बड़ी आसानी से जीत लिया था।
भारत विरुद्ध श्रीलंका तीन वनडे श्रृंखला का तीसरा और अंतिम मुकाबला 24 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। भारतीय टीम इससे मुकाबले को जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी। वहीं न्यूजीलैंड की टीम एक मुकाबला जीतकर अपने घर न्यूजीलैंड वापस जाना चाहेगी हालांकि मौजूदा स्थिति को देखकर इंडिया काफी भारी दिखाई दे रही है। जबकि विपक्षी टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही खराब नजर आ रही है। पिछले मुकाबले में तो टीम न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने मात्र 111 रन बनाकर अपने घुटने टेक दिए थे वहीं भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं जिनके आगे न्यूज़ीलैंड बल्लेबाजों की एक नहीं चल रही। अब देखना होगा कि तीसरे मुकाबले में क्या कुछ होता है हालांकि इस मुकाबले की जीत हार का बहुत ज्यादा असर सीरीज पर नहीं पड़ेगा क्योंकि पहले ही यह श्रंखला 2-0 से भारत ने अपने कब्जे में कर ली है और अब वह अजय बढ़त के साथ तीसरे मैच को खेलने उतरेगी और बिना दबाव के अपना प्रदर्शन करेगी। भारत की अपने घर में लगातार यह साध्वी सीरीज जीत है और आगामी विश्वकप के लिए बेहतरीन संकेत भी। आपको बता दें वनडे विश्व कप 2023 भारत में ही होना है।
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India VS Newzealand: भारत की युवा बल्लेबाज से शुभमन गिल का नाम इन दिनों खूब चर्चा में है, उसकी वजह है उनका शानदार प्रदर्शन। शुभमन गिल अपने बल्ले से लगातार रन बरसाते जा रहे हैं। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने अपने बल्ले से शानदार दोहरा शतक जड़कर हलचल मचा दी थी जिसके बाद दुनियाभर से उन्हें काफी शुभकामनाएं मिल रही थी। अब शुभमन गिल को भारत के पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने एक नया नाम दिया है। आइए हम बताते हैं सुनील गावस्कर ने क्या कुछ कहा है। तेईस वर्षीय बल्लेबाज ने अपने वनडे करियर के शुरुआती दिनों में ही दोहरा शतक जड़कर खुद को भारतीय वनडे टीम में स्थापित कर लिया है। एक ओपनर के तौर पर शुभमन गिल शानदार तरीके से खेल खेलते हैं। इस बात को बेहतर तरीके से समझते हैं कि कब उन्हें संभल कर खेलना है और किस समय गियर चेंज कर तेज रन बनाने हैं। गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ उस समय रन बनाएं जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बल्लेबाज आउट हो चुके थे। उसके बाद गिल ने ना सिर्फ टीम को संभाला बल्कि भारतीय पारी को तीन सौ उनचास रनों तक भी पहुंचाय। शुभमन गिल से पहले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा, ईशान किशन भी दोहरा शतक जमा चुके हैं, लेकिन शुभमन गिल दोहरा शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज है। भारत विरुद्ध न्यूजीलैंड दूसरा मुकाबला खत्म होने के बाद सुनील गावस्कर ने इस युवा बल्लेबाज से बात की और कहा कि, "मैंने आपको क्रिकेट में एक नया नाम दिया है, आपका नया नाम है इस स्मूथमैन गिल। उम्मीद करता हूं आप इस नाम को लेकर बुरा नहीं मानेंगे।" इस पर शुभमन गिल ने जवाब देते हुए कहा कि, "बिल्कुल नहीं सर।" आपको बता दें भारत विरुद्ध श्रीलंका दूसरे मुकाबले में शुभमन गिल ने चालीस रन की शानदार पारी खेली थी और भारत ने इस मुकाबले को बड़ी आसानी से जीत लिया था। भारत विरुद्ध श्रीलंका तीन वनडे श्रृंखला का तीसरा और अंतिम मुकाबला चौबीस जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। भारतीय टीम इससे मुकाबले को जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी। वहीं न्यूजीलैंड की टीम एक मुकाबला जीतकर अपने घर न्यूजीलैंड वापस जाना चाहेगी हालांकि मौजूदा स्थिति को देखकर इंडिया काफी भारी दिखाई दे रही है। जबकि विपक्षी टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही खराब नजर आ रही है। पिछले मुकाबले में तो टीम न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने मात्र एक सौ ग्यारह रन बनाकर अपने घुटने टेक दिए थे वहीं भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं जिनके आगे न्यूज़ीलैंड बल्लेबाजों की एक नहीं चल रही। अब देखना होगा कि तीसरे मुकाबले में क्या कुछ होता है हालांकि इस मुकाबले की जीत हार का बहुत ज्यादा असर सीरीज पर नहीं पड़ेगा क्योंकि पहले ही यह श्रंखला दो-शून्य से भारत ने अपने कब्जे में कर ली है और अब वह अजय बढ़त के साथ तीसरे मैच को खेलने उतरेगी और बिना दबाव के अपना प्रदर्शन करेगी। भारत की अपने घर में लगातार यह साध्वी सीरीज जीत है और आगामी विश्वकप के लिए बेहतरीन संकेत भी। आपको बता दें वनडे विश्व कप दो हज़ार तेईस भारत में ही होना है।
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अपने आप पर प्रसिद्ध आकृति स्केटर सर्गेई स्लावोवोवअनुभव साबित हुआ है कि खेल में कोई आसान जीत नहीं है। केवल दैनिक प्रशिक्षण और समर्पण ने उन्हें बर्फ पर उच्च दर हासिल करने में मदद की। प्रसिद्धि का उनका मार्ग कठिन और कांटेदार था, लेकिन उन्होंने गर्व से सभी बाधाओं को पार कर लिया। उन्होंने यूरोपीय चैंपियनशिप, विश्व टूर्नामेंट में पुरस्कार जीते, और अपने करियर की शुरुआत में जूनियर के बीच पहला बन गया।
सर्गेई स्लावोवोव उत्तरी राजधानी का एक मूल निवासी है। उनका जन्म 11 अप्रैल 1 9 82 को हुआ था। दादी ने भावी स्केटर के लिए प्यार बढ़ाया। वह वह थी जिसने चार वर्षीय पोते स्केट्स दिए थे। तब उसने उसे फिगर स्केटिंग के समूह में लिखा और लड़के ने बर्फ पर घंटों खर्च करना शुरू कर दिया।
सर्गेई स्लावोव, जिनकी जीवनी पूरी हैघटनाओं और भाग्यशाली बैठकों का एक कैलिडोस्कोप, बहुत जल्द ही एहसास हुआ कि खेल में आपको एक असली सेनानी होने की जरूरत है। बहुत जल्द उसका गुस्से खराब हो गयाः अपने शरीर और पैरों को हेमेटोमास के साथ "सजाया" प्रशिक्षण देने के बाद, लेकिन उन्होंने सहन किया और अध्ययन जारी रखा।
सर्गेई स्लावोव ने जूलिया कार्बावस्काया के साथ बर्फ पर प्रदर्शन करना शुरू किया। अपने एथलीट के साथ युगल, उन्होंने 2002 विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीते।
हालांकि, इस शानदार जीत स्केटर के बादअपने साथी बदल दिया। अब वह नाजुक और छोटे जूलिया ओबर्टस के साथ सवारी करना शुरू कर दिया। जल्द ही जोड़ी लोकप्रिय हो गई और इसमें विशाल योग्यता कोच वेलिकोवा से संबंधित थी। रंगीन कार्यक्रमों और मिट्टी की तकनीक ने सर्गेई और जूलिया को सबसे चमकीले युगल में बदल दिया। उन्होंने न केवल हमारे देश में, बल्कि विदेशों में भी उनके बारे में बात की। सर्गेई स्लावोवोव, ओबर्टस के साथ, यूरोपीय और विश्व चैम्पियनशिप में रूस का प्रतिनिधित्व करते थे। उनके उच्च कौशल पर ध्यान नहीं दिया जा सकता थाः उन्हें कई बार पदक से सम्मानित किया गया था।
जोड़े ने सलाहकार को बदलने का फैसला किया। सर्गेई स्लावोव (फिगर स्केटर) और जूलिया ओबर्टस ने तमारा निकोलायेव्ना मोस्कोविना के साथ ट्रेन करना शुरू किया। तीन साल तक उन्होंने एक स्टार जोड़ी के साथ काम किया, लेकिन कोई गंभीर सफलता हासिल नहीं हुईः 2005-2006 सीजन एक विफलता थी और एथलीट एक बार फिर लुडमिला वेलिकोवा के "शुरुआत में" लौट आए।
2007 में, स्लावोव और ओबर्टस को माना जाता थाविश्व कप के लिए जाना है, लेकिन स्केटर के स्वास्थ्य समस्याओं द्वारा किए गए अपनी योजनाओं को रोका है और सेर्गेई ऑपरेटिंग मेज पर लेट जाओ करने के लिए मजबूर किया गया था। यह तत्काल पथरी निकालने के लिए जरूरी हो गया था। कुछ समय बाद, जूलिया और स्टार युगल के कैरियर के लिए गंभीर चोटों शांत की अवधि शुरू कियाः Obertas और Slavnov महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं के एक नंबर को याद करने के लिए मजबूर किया गया। किसी भी तरह हमारे सहयोगियों का समर्थन और उन्हें आकार में प्राप्त करने के लिए अनुमति देने के लिए, एक प्रसिद्ध आंकड़ा स्केटर इव्गेनि प्लुशेंको और सर्गेई ने अपने शो में प्रदर्शन करने के लिए जूलियस आमंत्रित किया।
सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करें, चोटों के बाद युगल स्लावोव - ओबर्टस अब और नहीं होंगे।
यह 2007-2008 सीज़न में स्केटिंगर्स द्वारा घोषित किया गया था। लेकिन उन्होंने खुशी से पेशेवर शो में भाग लेने और बर्फ पर मनोरंजन टीवी शो में अपने कौशल दिखाने के लिए निमंत्रण स्वीकार कर लिया। कुछ समय बाद जूलिया चेक आकृति स्केटर आर गोरक की पत्नी बन जाएगी और विदेश में उसके साथ सवारी करेगी।
2008 के पतन में सर्गेई स्लावोवोव टेलीविजन प्रोजेक्ट "स्टार आइस" में एक भागीदार बन गए, जहां उन्होंने अभिनेत्री अनास्तासिया ज़डोडोरोजाना से मुलाकात की।
वर्तमान में, एक अनुभवी और आदरणीय स्केटर नहीं हैकिसी भी प्रतियोगिता में बर्फ पर स्केटिंग, हालांकि उसके पास इसकी एक बड़ी संभावना है। सेर्गेई स्लावोव ने बड़े खेल को छोड़ने के कारण अज्ञात हैं।
2010 में, कलम की शार्क से बात करते हुए, उन्होंने अचानक घोषणा की कि वह बर्फ के मैदान में लौट रहा था, लेकिन शब्दों के मुकाबले यह आगे नहीं था।
स्केटर पहले अपने साथी के साथ प्यार में गिर गयाObertas। सर्गेई स्लावोव, जिसका निजी जीवन एक असाधारण तरीके से विकसित होता है, यहां तक कि जूलिया के साथ शादी में खुद को बांधना भी चाहता था। लेकिन फिर उनके रिश्ते में संकट आया और ओबर्टस एक स्केटर-विदेशी से विवाह में कूद गया।
दूसरी बार कामदेव के तीर स्लावोव को मारा,जब वह टेलीविज़न शो "स्टार आइस" पर अभिनेत्री अनास्तासिया ज़डोडोरोजाना से मुलाकात की। उसने लड़की को एक कार्ड सौंप दिया, इसलिए उसने उस पर अपना ऑटोग्राफ लगाया। उसके बाद, उनके बीच दोस्ती टूट गई।
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अपने आप पर प्रसिद्ध आकृति स्केटर सर्गेई स्लावोवोवअनुभव साबित हुआ है कि खेल में कोई आसान जीत नहीं है। केवल दैनिक प्रशिक्षण और समर्पण ने उन्हें बर्फ पर उच्च दर हासिल करने में मदद की। प्रसिद्धि का उनका मार्ग कठिन और कांटेदार था, लेकिन उन्होंने गर्व से सभी बाधाओं को पार कर लिया। उन्होंने यूरोपीय चैंपियनशिप, विश्व टूर्नामेंट में पुरस्कार जीते, और अपने करियर की शुरुआत में जूनियर के बीच पहला बन गया। सर्गेई स्लावोवोव उत्तरी राजधानी का एक मूल निवासी है। उनका जन्म ग्यारह अप्रैल एक नौ बयासी को हुआ था। दादी ने भावी स्केटर के लिए प्यार बढ़ाया। वह वह थी जिसने चार वर्षीय पोते स्केट्स दिए थे। तब उसने उसे फिगर स्केटिंग के समूह में लिखा और लड़के ने बर्फ पर घंटों खर्च करना शुरू कर दिया। सर्गेई स्लावोव, जिनकी जीवनी पूरी हैघटनाओं और भाग्यशाली बैठकों का एक कैलिडोस्कोप, बहुत जल्द ही एहसास हुआ कि खेल में आपको एक असली सेनानी होने की जरूरत है। बहुत जल्द उसका गुस्से खराब हो गयाः अपने शरीर और पैरों को हेमेटोमास के साथ "सजाया" प्रशिक्षण देने के बाद, लेकिन उन्होंने सहन किया और अध्ययन जारी रखा। सर्गेई स्लावोव ने जूलिया कार्बावस्काया के साथ बर्फ पर प्रदर्शन करना शुरू किया। अपने एथलीट के साथ युगल, उन्होंने दो हज़ार दो विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीते। हालांकि, इस शानदार जीत स्केटर के बादअपने साथी बदल दिया। अब वह नाजुक और छोटे जूलिया ओबर्टस के साथ सवारी करना शुरू कर दिया। जल्द ही जोड़ी लोकप्रिय हो गई और इसमें विशाल योग्यता कोच वेलिकोवा से संबंधित थी। रंगीन कार्यक्रमों और मिट्टी की तकनीक ने सर्गेई और जूलिया को सबसे चमकीले युगल में बदल दिया। उन्होंने न केवल हमारे देश में, बल्कि विदेशों में भी उनके बारे में बात की। सर्गेई स्लावोवोव, ओबर्टस के साथ, यूरोपीय और विश्व चैम्पियनशिप में रूस का प्रतिनिधित्व करते थे। उनके उच्च कौशल पर ध्यान नहीं दिया जा सकता थाः उन्हें कई बार पदक से सम्मानित किया गया था। जोड़े ने सलाहकार को बदलने का फैसला किया। सर्गेई स्लावोव और जूलिया ओबर्टस ने तमारा निकोलायेव्ना मोस्कोविना के साथ ट्रेन करना शुरू किया। तीन साल तक उन्होंने एक स्टार जोड़ी के साथ काम किया, लेकिन कोई गंभीर सफलता हासिल नहीं हुईः दो हज़ार पाँच-दो हज़ार छः सीजन एक विफलता थी और एथलीट एक बार फिर लुडमिला वेलिकोवा के "शुरुआत में" लौट आए। दो हज़ार सात में, स्लावोव और ओबर्टस को माना जाता थाविश्व कप के लिए जाना है, लेकिन स्केटर के स्वास्थ्य समस्याओं द्वारा किए गए अपनी योजनाओं को रोका है और सेर्गेई ऑपरेटिंग मेज पर लेट जाओ करने के लिए मजबूर किया गया था। यह तत्काल पथरी निकालने के लिए जरूरी हो गया था। कुछ समय बाद, जूलिया और स्टार युगल के कैरियर के लिए गंभीर चोटों शांत की अवधि शुरू कियाः Obertas और Slavnov महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं के एक नंबर को याद करने के लिए मजबूर किया गया। किसी भी तरह हमारे सहयोगियों का समर्थन और उन्हें आकार में प्राप्त करने के लिए अनुमति देने के लिए, एक प्रसिद्ध आंकड़ा स्केटर इव्गेनि प्लुशेंको और सर्गेई ने अपने शो में प्रदर्शन करने के लिए जूलियस आमंत्रित किया। सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करें, चोटों के बाद युगल स्लावोव - ओबर्टस अब और नहीं होंगे। यह दो हज़ार सात-दो हज़ार आठ सीज़न में स्केटिंगर्स द्वारा घोषित किया गया था। लेकिन उन्होंने खुशी से पेशेवर शो में भाग लेने और बर्फ पर मनोरंजन टीवी शो में अपने कौशल दिखाने के लिए निमंत्रण स्वीकार कर लिया। कुछ समय बाद जूलिया चेक आकृति स्केटर आर गोरक की पत्नी बन जाएगी और विदेश में उसके साथ सवारी करेगी। दो हज़ार आठ के पतन में सर्गेई स्लावोवोव टेलीविजन प्रोजेक्ट "स्टार आइस" में एक भागीदार बन गए, जहां उन्होंने अभिनेत्री अनास्तासिया ज़डोडोरोजाना से मुलाकात की। वर्तमान में, एक अनुभवी और आदरणीय स्केटर नहीं हैकिसी भी प्रतियोगिता में बर्फ पर स्केटिंग, हालांकि उसके पास इसकी एक बड़ी संभावना है। सेर्गेई स्लावोव ने बड़े खेल को छोड़ने के कारण अज्ञात हैं। दो हज़ार दस में, कलम की शार्क से बात करते हुए, उन्होंने अचानक घोषणा की कि वह बर्फ के मैदान में लौट रहा था, लेकिन शब्दों के मुकाबले यह आगे नहीं था। स्केटर पहले अपने साथी के साथ प्यार में गिर गयाObertas। सर्गेई स्लावोव, जिसका निजी जीवन एक असाधारण तरीके से विकसित होता है, यहां तक कि जूलिया के साथ शादी में खुद को बांधना भी चाहता था। लेकिन फिर उनके रिश्ते में संकट आया और ओबर्टस एक स्केटर-विदेशी से विवाह में कूद गया। दूसरी बार कामदेव के तीर स्लावोव को मारा,जब वह टेलीविज़न शो "स्टार आइस" पर अभिनेत्री अनास्तासिया ज़डोडोरोजाना से मुलाकात की। उसने लड़की को एक कार्ड सौंप दिया, इसलिए उसने उस पर अपना ऑटोग्राफ लगाया। उसके बाद, उनके बीच दोस्ती टूट गई।
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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में जल-संरक्षण और प्रबंधन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश कई क्षेत्रों में देश में प्रथम है, स्वच्छता में हम कुछ वर्षों से अग्रणी हैं। यह हम सबके लिए गर्व और गौरव का विषय है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता बढ़ी है, हम पानी की एक-एक बूंद का उपयोग करने के लिए कैनाल इरीगेशन के स्थान पर प्रेशराइज्ड पाइप से सिंचाई की व्यवस्था कर रहे हैं, इससे उपलब्ध पानी से पौने 2 गुना अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो रही है। साथ ही प्रदेश में जल- संरचनाओं का जाल बिछाया गया है। इन कार्यों के लिए ही भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया गया है। इस उपलब्धि के लिए जल संसाधन पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री चौहान मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय से प्राप्त चतुर्थ राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2022 का प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक-चिन्ह भेंट किया।
जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में जब से सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण माइक्रो सिंचाई योजनाओं के रूप में किया जाने लगा है, तब से मध्यप्रदेश में पानी की अधिक बचत हो रही है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा जल-संरक्षण/प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयासों को सम्मानित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में जल-संरक्षण और प्रबंधन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश कई क्षेत्रों में देश में प्रथम है, स्वच्छता में हम कुछ वर्षों से अग्रणी हैं। यह हम सबके लिए गर्व और गौरव का विषय है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता बढ़ी है, हम पानी की एक-एक बूंद का उपयोग करने के लिए कैनाल इरीगेशन के स्थान पर प्रेशराइज्ड पाइप से सिंचाई की व्यवस्था कर रहे हैं, इससे उपलब्ध पानी से पौने दो गुना अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो रही है। साथ ही प्रदेश में जल- संरचनाओं का जाल बिछाया गया है। इन कार्यों के लिए ही भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया गया है। इस उपलब्धि के लिए जल संसाधन पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री चौहान मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय से प्राप्त चतुर्थ राष्ट्रीय जल पुरस्कार-दो हज़ार बाईस का प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक-चिन्ह भेंट किया। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में जब से सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण माइक्रो सिंचाई योजनाओं के रूप में किया जाने लगा है, तब से मध्यप्रदेश में पानी की अधिक बचत हो रही है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा जल-संरक्षण/प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयासों को सम्मानित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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चेन्नई। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) की गुटबाजी फिर से खुलकर सामने आ गयी क्योंकि दोनों गुटों ने 22 जुलाई से शुरू होने वाले फिडे ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड के लिये अलग - अलग टीमें चुनी हैं जबकि खिलाड़ियों के फोरम ने सरकार से राष्ट्रीय संस्था के संकट को सुलझाने की अपील की है। एआईसीएफ दो गुटों में बंटा हुआ है। इनमें से एक गुट अध्यक्ष पी आर वेंकटरामा राजा और दूसरा सचिव भरत सिंह चौहान का है। इन दोनों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद हैं।
कुछ शीर्ष खिलाड़ी जैसे पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और विदित गुजराती तथा शीर्ष महिला खिलाड़ी कोनेरू हंपी और डी हरिका दोनों गुटों की टीमों में शामिल हैं। लेकिन उन्होंने जूनियर वर्ग में अलग अलग खिलाड़ी चुने हैं। चौहान गुट ने जो खिलाड़ी चुने हैं उनमें ओपन वर्ग में आनंद और गुजराती, अंडर-20 ओपन बोर्ड में निहाल सरीन, महिला वर्ग में हंपी और हरिका तथा अंडर-20 महिला वर्ग में आर वैशाली शामिल हैं। पी हरिकृष्णा, बी अधिबान, आर प्रागननंदा, भक्ति कुलकर्णी, तानिया सचदेव और दिव्या देशमुख रिजर्व खिलाड़ी हैं।
राजा गुट ने आनंद, गुजराती, हरिकृष्णा, हंपी, हरिका ओर भक्ति कुलकर्णी को टीम में रखा है। अंडर-20 के लिये उसने अर्ध्या गर्ग, मित्राभा गुहा, सृष्टि पांडे और अर्पिता मुखर्जी को चुना है। इस बीच हाल में गठित शतरंज खिलाड़ी फोरम ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर एआईसीएफ के संकट का समाधान करने की अपील की है तथा खेल के सर्वश्रेष्ठ हित में भारतीय टीम का चयन करने को कहा है।
खेल मंत्रालय राजा को एआईसीएफ अध्यक्ष और चौहान को सचिव के रूप में मान्यता देता है हालांकि दोनों गुटों की अध्यक्ष और महासचिव सहित अपने पदाधिकारियों की खुद की सूची है।
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चेन्नई। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ की गुटबाजी फिर से खुलकर सामने आ गयी क्योंकि दोनों गुटों ने बाईस जुलाई से शुरू होने वाले फिडे ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड के लिये अलग - अलग टीमें चुनी हैं जबकि खिलाड़ियों के फोरम ने सरकार से राष्ट्रीय संस्था के संकट को सुलझाने की अपील की है। एआईसीएफ दो गुटों में बंटा हुआ है। इनमें से एक गुट अध्यक्ष पी आर वेंकटरामा राजा और दूसरा सचिव भरत सिंह चौहान का है। इन दोनों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद हैं। कुछ शीर्ष खिलाड़ी जैसे पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और विदित गुजराती तथा शीर्ष महिला खिलाड़ी कोनेरू हंपी और डी हरिका दोनों गुटों की टीमों में शामिल हैं। लेकिन उन्होंने जूनियर वर्ग में अलग अलग खिलाड़ी चुने हैं। चौहान गुट ने जो खिलाड़ी चुने हैं उनमें ओपन वर्ग में आनंद और गुजराती, अंडर-बीस ओपन बोर्ड में निहाल सरीन, महिला वर्ग में हंपी और हरिका तथा अंडर-बीस महिला वर्ग में आर वैशाली शामिल हैं। पी हरिकृष्णा, बी अधिबान, आर प्रागननंदा, भक्ति कुलकर्णी, तानिया सचदेव और दिव्या देशमुख रिजर्व खिलाड़ी हैं। राजा गुट ने आनंद, गुजराती, हरिकृष्णा, हंपी, हरिका ओर भक्ति कुलकर्णी को टीम में रखा है। अंडर-बीस के लिये उसने अर्ध्या गर्ग, मित्राभा गुहा, सृष्टि पांडे और अर्पिता मुखर्जी को चुना है। इस बीच हाल में गठित शतरंज खिलाड़ी फोरम ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर एआईसीएफ के संकट का समाधान करने की अपील की है तथा खेल के सर्वश्रेष्ठ हित में भारतीय टीम का चयन करने को कहा है। खेल मंत्रालय राजा को एआईसीएफ अध्यक्ष और चौहान को सचिव के रूप में मान्यता देता है हालांकि दोनों गुटों की अध्यक्ष और महासचिव सहित अपने पदाधिकारियों की खुद की सूची है।
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बहराइच। जैन धर्म का पवित्र पर्व आष्टानिका महापर्व शहर के जैन मंदिर में हो रहा है। महापर्व के अवसर पर जैन धर्म के प्रसिद्ध जैन आचार्य श्री 108 सुबल सागर महाराज के सानिध्य में चल रहा है। दीवान सागर मध्य प्रदेश से आए प्रतिष्ठाचार्य पंडित पवन कुमार जैन के सानिध्य में श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन जैन मंदिर में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
महापर्व 31 अक्टूबर को घट यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ और 9 नवंबर को विश्व शांति महायज्ञ के साथ संपन्न होगा। बताया जाता है कि जैन धर्म में आष्टानिका महापर्व का अत्यधिक महत्व है। इन 8 दिनों में जैन धर्मावलंबी विशेष पूजा अर्चना करके धर्म लाभ लेते हैं। प्रवचन करते हुए आचार्य सुबल सागर महाराज ने कहा जैन धर्म में दान का बहुत महत्व है और दान में सबसे ज्यादा महत्व आहार दान का है जो श्रावक अपने घर पर परिवार सहित साधु-संतों को आहार दान देता है। उसका मानव जीवन सफल हो जाता है।
आहार दान देने वाला व्यक्ति कभी दुखी और भूखा नहीं रह सकता है। इसलिए आप सभी अपनी सामर्थ्य के अनुसार साधु-संतों को आहार दान अवश्य करें। इस अवसर पर जैन मंदिर को दुल्हन की भांति सजाया गया है। रात्रि में आरती शास्त्र सभा के पश्चात राष्ट्रीय मंच कलाकार उमेश शास्त्री के दिशा निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम मैना सुंदरी ,दहेज प्रथा पार्श्वनाथ उपसर्ग आदि पर शिक्षाप्रद नाटक का मंचन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों स्त्री, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।
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बहराइच। जैन धर्म का पवित्र पर्व आष्टानिका महापर्व शहर के जैन मंदिर में हो रहा है। महापर्व के अवसर पर जैन धर्म के प्रसिद्ध जैन आचार्य श्री एक सौ आठ सुबल सागर महाराज के सानिध्य में चल रहा है। दीवान सागर मध्य प्रदेश से आए प्रतिष्ठाचार्य पंडित पवन कुमार जैन के सानिध्य में श्री एक हज़ार आठ सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन जैन मंदिर में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। महापर्व इकतीस अक्टूबर को घट यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ और नौ नवंबर को विश्व शांति महायज्ञ के साथ संपन्न होगा। बताया जाता है कि जैन धर्म में आष्टानिका महापर्व का अत्यधिक महत्व है। इन आठ दिनों में जैन धर्मावलंबी विशेष पूजा अर्चना करके धर्म लाभ लेते हैं। प्रवचन करते हुए आचार्य सुबल सागर महाराज ने कहा जैन धर्म में दान का बहुत महत्व है और दान में सबसे ज्यादा महत्व आहार दान का है जो श्रावक अपने घर पर परिवार सहित साधु-संतों को आहार दान देता है। उसका मानव जीवन सफल हो जाता है। आहार दान देने वाला व्यक्ति कभी दुखी और भूखा नहीं रह सकता है। इसलिए आप सभी अपनी सामर्थ्य के अनुसार साधु-संतों को आहार दान अवश्य करें। इस अवसर पर जैन मंदिर को दुल्हन की भांति सजाया गया है। रात्रि में आरती शास्त्र सभा के पश्चात राष्ट्रीय मंच कलाकार उमेश शास्त्री के दिशा निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम मैना सुंदरी ,दहेज प्रथा पार्श्वनाथ उपसर्ग आदि पर शिक्षाप्रद नाटक का मंचन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों स्त्री, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।
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स्पेन लंबे समय से उन देशों में से एक रहा है, जिनके राष्ट्रीय गीत के लिए कोई गीत नहीं है, जिसे ला मारचा असली ("रॉयल मार्च") कहा जाता है। लेकिन स्पेनिश राष्ट्रीय गान में अनौपचारिक गीत हैं, जो न केवल स्पेनिश में बल्कि बास्क, कैटलन और गैलिशियन में भी लिखे गए हैं।
स्पेन की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने 2007 में उपयुक्त गीतों के साथ आने के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की, और नीचे दिए गए शब्द विजेता द्वारा लिखे गए हैं, मैड्रिड के 52 वर्षीय बेरोजगार निवासी, पॉलिनो क्यूबरो।
दुर्भाग्य से ओलंपिक समिति के लिए, गीत तुरंत राजनीतिक और सांस्कृतिक नेताओं द्वारा विषय या आलोचना और उपहास बन गए। गीतों के कुछ दिनों के भीतर यह ज्ञात हो गया कि यह स्पष्ट हो गया कि उन्हें स्पेनिश संसद द्वारा कभी भी समर्थन नहीं दिया जाएगा, इसलिए ओलंपिक पैनल ने कहा कि यह जीतने वाले शब्दों को वापस लेगा। फ्रैंको शासन की हानिकारक और बहुत याद दिलाने के लिए, अन्य चीजों के साथ उनकी आलोचना की गई।
¡विवा España!
वाई un एकल corazón।
¡विवा España!
अल inmenso मार्च,
अन हेनो डी हरमंदद।
pues sabe abrazar,
बाजो सु सिएलो अज़ुल,
Pueblos एन libertad।
democracia वाई पाज़।
लंबे समय तक स्पेन रहो!
लंबे समय तक स्पेन रहो!
भाईचारे का एक भजन।
क्योंकि यह गले लगाने के लिए जानता है,
अपने नीले आकाश के नीचे,
आजादी में लोग।
न्याय और महानता,
लोकतंत्र और शांति।
ध्यान दें कि स्पेनिश राष्ट्रीय गान का शीर्षक, ला मार्चका असली , केवल पहले शब्द पूंजीकृत के साथ लिखा गया है।
स्पैनिश में, फ्रांसीसी जैसी कई अन्य भाषाओं में, यह केवल रचना शीर्षकों के पहले शब्द को पूंजीकृत करने के लिए प्रथागत है जब तक कि दूसरे शब्दों में से कोई एक उचित संज्ञा नहीं है।
विवा , जिसे अक्सर "लंबे समय तक जीवित" कहा जाता है, क्रियाशील विविर से आता है, जिसका अर्थ है "जीना। " विविर को नियमित रूप से नियमित क्रियाओं के संयोजन के लिए एक पैटर्न के रूप में प्रयोग किया जाता है।
कैंटिमोस , जिसका अनुवाद "चलो गाना" के रूप में किया गया है, पहले व्यक्ति बहुवचन में अनिवार्य मूड का एक उदाहरण है। -रोस के लिए -रो क्रियाओं के क्रियाएं और -मोस - और -र क्रियाओं के लिए अंग्रेजी के बराबर के रूप में उपयोग किया जाता है "हमें + क्रिया करें। "
Corazón दिल के लिए शब्द है। अंग्रेजी शब्द की तरह, भावनाओं की सीट को संदर्भित करने के लिए कोरज़ोन का रूप रूप से उपयोग किया जा सकता है। कोराज़ोन उसी लैटिन स्रोत से अंग्रेजी शब्द जैसे "कोरोनरी" और "क्राउन" के रूप में आता है।
Patria और Historia इस भजन में पूंजीकृत हैं क्योंकि वे व्यक्तित्व हैं , लाक्षणिक व्यक्तियों के रूप में माना जाता है। यह भी बताता है कि व्यक्तिगत शब्दों का उपयोग दोनों शब्दों के साथ क्यों किया जाता है।
ध्यान दें कि वाक्यांशों में संज्ञाओं के पहले विशेषण कैसे आते हैं verdes valles (हरे घाटियों) और inmenso mar (गहरे समुद्र)। यह शब्द आदेश विशेषण के लिए एक भावनात्मक या काव्य घटक प्रदान करता है जो अंग्रेजी में आसानी से अनुवाद योग्य नहीं है।
आप "ग्रीन" के बजाय "सख्त" के बारे में सोच सकते हैं, उदाहरण के लिए, और "गहरी" के बजाय "अदम्य"।
Pueblo एक सामूहिक संज्ञा है जो अंग्रेजी संज्ञेय , "लोग" के समान ही प्रयोग किया जाता है। एकवचन रूप में, यह कई व्यक्तियों को संदर्भित करता है। लेकिन जब यह बहुवचन हो जाता है, तो यह लोगों के समूहों को संदर्भित करता है।
हिजो पुत्र के लिए शब्द है, और हिजा बेटी के लिए शब्द है। हालांकि, मर्दाना बहुवचन रूप, हिजोस का उपयोग तब किया जाता है जब बेटों और बेटियों को एक साथ संदर्भित किया जाता है।
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स्पेन लंबे समय से उन देशों में से एक रहा है, जिनके राष्ट्रीय गीत के लिए कोई गीत नहीं है, जिसे ला मारचा असली कहा जाता है। लेकिन स्पेनिश राष्ट्रीय गान में अनौपचारिक गीत हैं, जो न केवल स्पेनिश में बल्कि बास्क, कैटलन और गैलिशियन में भी लिखे गए हैं। स्पेन की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने दो हज़ार सात में उपयुक्त गीतों के साथ आने के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की, और नीचे दिए गए शब्द विजेता द्वारा लिखे गए हैं, मैड्रिड के बावन वर्षीय बेरोजगार निवासी, पॉलिनो क्यूबरो। दुर्भाग्य से ओलंपिक समिति के लिए, गीत तुरंत राजनीतिक और सांस्कृतिक नेताओं द्वारा विषय या आलोचना और उपहास बन गए। गीतों के कुछ दिनों के भीतर यह ज्ञात हो गया कि यह स्पष्ट हो गया कि उन्हें स्पेनिश संसद द्वारा कभी भी समर्थन नहीं दिया जाएगा, इसलिए ओलंपिक पैनल ने कहा कि यह जीतने वाले शब्दों को वापस लेगा। फ्रैंको शासन की हानिकारक और बहुत याद दिलाने के लिए, अन्य चीजों के साथ उनकी आलोचना की गई। ¡विवा España! वाई un एकल corazón। ¡विवा España! अल inmenso मार्च, अन हेनो डी हरमंदद। pues sabe abrazar, बाजो सु सिएलो अज़ुल, Pueblos एन libertad। democracia वाई पाज़। लंबे समय तक स्पेन रहो! लंबे समय तक स्पेन रहो! भाईचारे का एक भजन। क्योंकि यह गले लगाने के लिए जानता है, अपने नीले आकाश के नीचे, आजादी में लोग। न्याय और महानता, लोकतंत्र और शांति। ध्यान दें कि स्पेनिश राष्ट्रीय गान का शीर्षक, ला मार्चका असली , केवल पहले शब्द पूंजीकृत के साथ लिखा गया है। स्पैनिश में, फ्रांसीसी जैसी कई अन्य भाषाओं में, यह केवल रचना शीर्षकों के पहले शब्द को पूंजीकृत करने के लिए प्रथागत है जब तक कि दूसरे शब्दों में से कोई एक उचित संज्ञा नहीं है। विवा , जिसे अक्सर "लंबे समय तक जीवित" कहा जाता है, क्रियाशील विविर से आता है, जिसका अर्थ है "जीना। " विविर को नियमित रूप से नियमित क्रियाओं के संयोजन के लिए एक पैटर्न के रूप में प्रयोग किया जाता है। कैंटिमोस , जिसका अनुवाद "चलो गाना" के रूप में किया गया है, पहले व्यक्ति बहुवचन में अनिवार्य मूड का एक उदाहरण है। -रोस के लिए -रो क्रियाओं के क्रियाएं और -मोस - और -र क्रियाओं के लिए अंग्रेजी के बराबर के रूप में उपयोग किया जाता है "हमें + क्रिया करें। " Corazón दिल के लिए शब्द है। अंग्रेजी शब्द की तरह, भावनाओं की सीट को संदर्भित करने के लिए कोरज़ोन का रूप रूप से उपयोग किया जा सकता है। कोराज़ोन उसी लैटिन स्रोत से अंग्रेजी शब्द जैसे "कोरोनरी" और "क्राउन" के रूप में आता है। Patria और Historia इस भजन में पूंजीकृत हैं क्योंकि वे व्यक्तित्व हैं , लाक्षणिक व्यक्तियों के रूप में माना जाता है। यह भी बताता है कि व्यक्तिगत शब्दों का उपयोग दोनों शब्दों के साथ क्यों किया जाता है। ध्यान दें कि वाक्यांशों में संज्ञाओं के पहले विशेषण कैसे आते हैं verdes valles और inmenso mar । यह शब्द आदेश विशेषण के लिए एक भावनात्मक या काव्य घटक प्रदान करता है जो अंग्रेजी में आसानी से अनुवाद योग्य नहीं है। आप "ग्रीन" के बजाय "सख्त" के बारे में सोच सकते हैं, उदाहरण के लिए, और "गहरी" के बजाय "अदम्य"। Pueblo एक सामूहिक संज्ञा है जो अंग्रेजी संज्ञेय , "लोग" के समान ही प्रयोग किया जाता है। एकवचन रूप में, यह कई व्यक्तियों को संदर्भित करता है। लेकिन जब यह बहुवचन हो जाता है, तो यह लोगों के समूहों को संदर्भित करता है। हिजो पुत्र के लिए शब्द है, और हिजा बेटी के लिए शब्द है। हालांकि, मर्दाना बहुवचन रूप, हिजोस का उपयोग तब किया जाता है जब बेटों और बेटियों को एक साथ संदर्भित किया जाता है।
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उत्तर प्रदेशः पहली कक्षा में पढ़ने वाली छह Year की एक बच्ची ने PM Narendra Modi को पत्र लिखकर महंगाई के कारण हो रही कठिनाई के बारे में बताया है।
UP के कन्नौज जिले के छिबरामऊ कस्बे की कृति दुबे नाम की लड़की ने अपने पत्र में लिखा है, मेरा नाम कृति दुबे है। मैं कक्षा 1 में पढ़ती हूं।
ModiJee, आपने बहुत अधिक मूल्यवृद्धि की है। यहां तक कि मेरी पेंसिल और रबर (Eraser) भी महंगा हो गया और Maggi की Rate भी बढ़ा दी गई है। अब मेरी मां पेंसिल मांगने पर मुझे मारती है। मैं क्या करूं? दूसरे बच्चे मेरी पेंसिल चुरा लेते हैं।
हिंदी में लिखा पत्र Social Media पर वायरल हो गया है।
बच्ची के पिता Vishal Dubey, जो वकील हैं, ने कहा, यह मेरी बेटी की Man ki Baat है। वह हाल ही में उस समय नाराज हो गई, जब उसकी मां ने उसे School में पेंसिल खो जाने पर डांटा।
छिबरामऊ के SDM अशोक कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें इस छोटी बच्ची के पत्र के बारे में Social Media Platform के माध्यम से पता चला।
उन्होंने कहा, मैं किसी भी तरह से बच्ची की Help करने के लिए तैयार हूं और यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करूंगा कि उसका पत्र संबंधित Officer तक पहुंचे।
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उत्तर प्रदेशः पहली कक्षा में पढ़ने वाली छह Year की एक बच्ची ने PM Narendra Modi को पत्र लिखकर महंगाई के कारण हो रही कठिनाई के बारे में बताया है। UP के कन्नौज जिले के छिबरामऊ कस्बे की कृति दुबे नाम की लड़की ने अपने पत्र में लिखा है, मेरा नाम कृति दुबे है। मैं कक्षा एक में पढ़ती हूं। ModiJee, आपने बहुत अधिक मूल्यवृद्धि की है। यहां तक कि मेरी पेंसिल और रबर भी महंगा हो गया और Maggi की Rate भी बढ़ा दी गई है। अब मेरी मां पेंसिल मांगने पर मुझे मारती है। मैं क्या करूं? दूसरे बच्चे मेरी पेंसिल चुरा लेते हैं। हिंदी में लिखा पत्र Social Media पर वायरल हो गया है। बच्ची के पिता Vishal Dubey, जो वकील हैं, ने कहा, यह मेरी बेटी की Man ki Baat है। वह हाल ही में उस समय नाराज हो गई, जब उसकी मां ने उसे School में पेंसिल खो जाने पर डांटा। छिबरामऊ के SDM अशोक कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें इस छोटी बच्ची के पत्र के बारे में Social Media Platform के माध्यम से पता चला। उन्होंने कहा, मैं किसी भी तरह से बच्ची की Help करने के लिए तैयार हूं और यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करूंगा कि उसका पत्र संबंधित Officer तक पहुंचे।
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नई दिल्ली। परिपालन निदेशालय ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के साथ विदेशी मुद्रा वसूली आंकड़ों के बारे में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इन आंकड़ों को ई-बीआरसी (इलेक्ट्रॉनिक बैंक रियलाइजेशन सर्टिफ़िकेट) आंकड़ा भी कहते हैं। इस सर्टिफ़िकेट की जरूरत निर्यात जिम्मेदारी निभाने और विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन लेने के समय पड़ती है। इसके अलावा निर्यात आमदनी की मात्रा का आकलन करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने समारोह की अध्यक्षता की, जिसमें डॉ राजन कटोच निदेशक परिपालन, वित्त मंत्रालय और महानिदेशक विदेश व्यापार डॉ अनूप के पुजारी ने विदेश व्यापार वसूली संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान संबंधी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। वित्त सचिव सुमित बोस, वाणिज्य सचिव एसआर राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी हस्ताक्षर होने के समय मौजूद थे।
इस अवसर पर आनंद शर्मा ने कहा कि सरकारी विभागों के बीच आंकड़ों के आदान-प्रदान से पारदर्शिता बढ़ेगी, मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और भारत के साथ व्यापार करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि ई-बीआरसी परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे निर्यातकों की लागत संबंधी लेन-देन में काफी किफायत लाने में मदद मिलेगी।
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नई दिल्ली। परिपालन निदेशालय ने विदेश व्यापार महानिदेशालय के साथ विदेशी मुद्रा वसूली आंकड़ों के बारे में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इन आंकड़ों को ई-बीआरसी आंकड़ा भी कहते हैं। इस सर्टिफ़िकेट की जरूरत निर्यात जिम्मेदारी निभाने और विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन लेने के समय पड़ती है। इसके अलावा निर्यात आमदनी की मात्रा का आकलन करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने समारोह की अध्यक्षता की, जिसमें डॉ राजन कटोच निदेशक परिपालन, वित्त मंत्रालय और महानिदेशक विदेश व्यापार डॉ अनूप के पुजारी ने विदेश व्यापार वसूली संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान संबंधी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। वित्त सचिव सुमित बोस, वाणिज्य सचिव एसआर राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी हस्ताक्षर होने के समय मौजूद थे। इस अवसर पर आनंद शर्मा ने कहा कि सरकारी विभागों के बीच आंकड़ों के आदान-प्रदान से पारदर्शिता बढ़ेगी, मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और भारत के साथ व्यापार करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि ई-बीआरसी परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे निर्यातकों की लागत संबंधी लेन-देन में काफी किफायत लाने में मदद मिलेगी।
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ब्रिटिश नेवी के सैनिक जल्द ही हवा में सुपर हीरो की तरह उड़ते नजर आएंगे। इसके लिए ब्रिटिश नेवी ने स्पेशल एलीट नेवी यूनिट जेट पैक बनाने का निर्णय किया है। हाल ही में एक जेट पैक के सफल परीक्षण के बाद अब इस दिशा में काम किया जा रहा है। इसे लेकर नेवी ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ग्रेविटी जेट सूट पहने नौसैनिक हवा में उड़ता नजर आ रहा है।
इस एक सूट की कीमत 300,000 पाउंड से अधिक है। ब्रिटिश एयरोनॉटिक्स फर्म ग्रेविटी इंडस्ट्रीज के ग्रेविटी जेट सूट हाल ही में नौसेना की ओर से इंग्लिश चैनल पर परीक्षण किया गया है। नेवी अफसरों का कहना है कि भविष्य में यह सूट युद्ध में बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसे भविष्य का सुपर हीरो कहा जा सकता है। जिस तरह आयरन मैन एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से उडकऱ जा सकता है, ठीक वैसे ही इस सूट से सैनिक भी एक जहाज से दूसरे जहाज पर आसानी से जा सकता है।
रॉयल नेवी के लिए बनाए गए इस स्पेशल उड़ने वाले सूट की कई खासियत हैं। आयरन मैन की तरह जवानों को उड़ाने वाला ये सूट 85 mph की स्पीड तक जा सकता है। साथ ही एक बार में ये करीब 10 मिनट तक उड़ान भर सकता है। इस सूट को बनाने वाले ग्रेविटी इंडस्ट्रीज के फाउंडर रिचर्ड ब्राउनिंग का कहना है कि उड़ने वाले ये सूट्स जवानों को काफी फायदा पहुंचाएंगे।
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ब्रिटिश नेवी के सैनिक जल्द ही हवा में सुपर हीरो की तरह उड़ते नजर आएंगे। इसके लिए ब्रिटिश नेवी ने स्पेशल एलीट नेवी यूनिट जेट पैक बनाने का निर्णय किया है। हाल ही में एक जेट पैक के सफल परीक्षण के बाद अब इस दिशा में काम किया जा रहा है। इसे लेकर नेवी ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ग्रेविटी जेट सूट पहने नौसैनिक हवा में उड़ता नजर आ रहा है। इस एक सूट की कीमत तीन सौ,शून्य पाउंड से अधिक है। ब्रिटिश एयरोनॉटिक्स फर्म ग्रेविटी इंडस्ट्रीज के ग्रेविटी जेट सूट हाल ही में नौसेना की ओर से इंग्लिश चैनल पर परीक्षण किया गया है। नेवी अफसरों का कहना है कि भविष्य में यह सूट युद्ध में बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसे भविष्य का सुपर हीरो कहा जा सकता है। जिस तरह आयरन मैन एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से उडकऱ जा सकता है, ठीक वैसे ही इस सूट से सैनिक भी एक जहाज से दूसरे जहाज पर आसानी से जा सकता है। रॉयल नेवी के लिए बनाए गए इस स्पेशल उड़ने वाले सूट की कई खासियत हैं। आयरन मैन की तरह जवानों को उड़ाने वाला ये सूट पचासी mph की स्पीड तक जा सकता है। साथ ही एक बार में ये करीब दस मिनट तक उड़ान भर सकता है। इस सूट को बनाने वाले ग्रेविटी इंडस्ट्रीज के फाउंडर रिचर्ड ब्राउनिंग का कहना है कि उड़ने वाले ये सूट्स जवानों को काफी फायदा पहुंचाएंगे।
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Kieron Pollard reprimanded: आईपीएल से संन्यास लेने के बाद वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर किरोन पोलार्ड को यूएई के इंटरनेशनल लीग टी20 टूर्नामेंट में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद वह पाकिस्तान सुपर लीग में भी खेल रहे हैं। पीएसएल के मौजूदा सीजन में किरोन पोलार्ड को मुल्तान सुल्तांस ने खरीदा था। वह हाल ही मुल्तान के ले लाहौर के खिलाफ मैच में मैदान पर उतरे थे। इस दौरान एक घटना के कारण उनको फटकार मिली है। बल्लेबाज को आउट करने के बाद पोलार्ड ने अग्रेसिव इशारा किया। मुकाबले के बाद इस मामले पर संज्ञान लिया गया।
लाहौर के बल्लेबाज अब्दुल्लाह शफीक बल्लेबाजी कर रहे थे और पारी का यह तेरहवां ओवर था जिसे पोलार्ड डाल रहे थे। पोलार्ड ने अब्दुल्लाह को खुद की ही गेंद पर कैच आउट कर वापस पवेलियन की राह दिखा दी। इसके बाद वह आक्रामक तरीके से सेलिब्रेशन करने लगे। बल्लेबाज को आउट होने के बाद पवेलियन जाने का इशारा भी उनकी तरफ से किया गया। बल्लेबाज इससे भड़क सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पोलार्ड का यह आचरण सही नहीं माना गया।
पोलार्ड को पाकिस्तान सुपर लीग की आचार संहिता के लेवल 1 का दोषी माना गया। वह धारा 2। 5 के दोषी माने गए और उनको कड़ी फटकार लगाकर छोड़ दिया गया। पोलार्ड के ऊपर किसी अन्य तरह की कार्रवाई नहीं की गई। उनके ऊपर जुर्माना भी नहीं लगाया गया। अब्दुल्लाह शफीक भड़क जाते, तो शायद मामला बढ़ सकता था।
गौरतलब है कि अब्दुल्लाह शफीक अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और 48 रनों के निजी स्कोर पर उनको पोलार्ड ने चलता किया। हालांकि मुल्तान सुल्तांस को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा लेकिन व्यक्तिगत रूप से पोलार्ड के लिए मैच अच्छा रहा। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने 28 गेंदों का समाना करते हुए 39 रनों की पारी खेली। इसके बाद गेंदबाजी में भी हाथ दिखाते हुए पोलार्ड ने 16 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किये।
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Kieron Pollard reprimanded: आईपीएल से संन्यास लेने के बाद वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर किरोन पोलार्ड को यूएई के इंटरनेशनल लीग टीबीस टूर्नामेंट में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद वह पाकिस्तान सुपर लीग में भी खेल रहे हैं। पीएसएल के मौजूदा सीजन में किरोन पोलार्ड को मुल्तान सुल्तांस ने खरीदा था। वह हाल ही मुल्तान के ले लाहौर के खिलाफ मैच में मैदान पर उतरे थे। इस दौरान एक घटना के कारण उनको फटकार मिली है। बल्लेबाज को आउट करने के बाद पोलार्ड ने अग्रेसिव इशारा किया। मुकाबले के बाद इस मामले पर संज्ञान लिया गया। लाहौर के बल्लेबाज अब्दुल्लाह शफीक बल्लेबाजी कर रहे थे और पारी का यह तेरहवां ओवर था जिसे पोलार्ड डाल रहे थे। पोलार्ड ने अब्दुल्लाह को खुद की ही गेंद पर कैच आउट कर वापस पवेलियन की राह दिखा दी। इसके बाद वह आक्रामक तरीके से सेलिब्रेशन करने लगे। बल्लेबाज को आउट होने के बाद पवेलियन जाने का इशारा भी उनकी तरफ से किया गया। बल्लेबाज इससे भड़क सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पोलार्ड का यह आचरण सही नहीं माना गया। पोलार्ड को पाकिस्तान सुपर लीग की आचार संहिता के लेवल एक का दोषी माना गया। वह धारा दो। पाँच के दोषी माने गए और उनको कड़ी फटकार लगाकर छोड़ दिया गया। पोलार्ड के ऊपर किसी अन्य तरह की कार्रवाई नहीं की गई। उनके ऊपर जुर्माना भी नहीं लगाया गया। अब्दुल्लाह शफीक भड़क जाते, तो शायद मामला बढ़ सकता था। गौरतलब है कि अब्दुल्लाह शफीक अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और अड़तालीस रनों के निजी स्कोर पर उनको पोलार्ड ने चलता किया। हालांकि मुल्तान सुल्तांस को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा लेकिन व्यक्तिगत रूप से पोलार्ड के लिए मैच अच्छा रहा। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने अट्ठाईस गेंदों का समाना करते हुए उनतालीस रनों की पारी खेली। इसके बाद गेंदबाजी में भी हाथ दिखाते हुए पोलार्ड ने सोलह रन देकर दो विकेट अपने नाम किये।
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पटना : बिहार के डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना नहीं जातिगत सर्वे (Tejashwi Yadav on Caste Based Survey) कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना केंद्र सरकार करा सकती है, लेकिन राज्य के पास ये अधिकार नहीं है। इसलिए बिहार में जातिगत सर्वे करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सर्वे में सभी जातियों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे से ये पता चलेगा की किस जाति की कितनी हिस्सेदारी है। इस सर्वे से उनके विकास को गति मिलेगी। आरजेडी नेता ने कहा कि जब तक यह पता नहीं चलेगा कि किस जाति की कितनी हिस्सेदारी है तब तक उनका विकास ठीक तरीके से नहीं हो पाएगा। ऐसे में जातिगत सर्वे कराया जा रहा है। यह फैसला सभी दलों की सहमति से लिया गया है।
यह जनगणना नहीं सर्वे है : तेजस्वी यादवउपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अब तक चल रही जातिगत जनगणना की बात को बदलते हुए यह कहा कि बिहार में कास्ट बेस्ड सर्वे हो रहा है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जनगणना भारत सरकार करा सकती है इसलिए बिहार में कास्ट बेस सर्वे कराया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि 31-32 के बाद यह पहली बार है जब उत्तर भारत में ये हो रहा। हम लोग कास्ट बेस्ड सर्वे करा रहे हैं।
'साइंटिफिक डाटा बिना विकास संभव नहीं'तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे पास जाति को लेकर कोई डाटा नहीं है। इस जाति आधारित सर्वे में हम तमाम जातियों के आर्थिक आधार का भी सर्वे कर रहे हैं। हम यह भी जानने की कोशिश कर रहे कि कौन सी जाति किस आर्थिक स्थिति में है। उस की शैक्षणिक योग्यता क्या है? इसके आधार पर ही विकास हो पाएगा। हमारे पास विकास के लिए साइंटिफिक डाटा होना जरूरी है।
जातिगत आधारित सर्वे में गणना गलत क्या? बिहार के डेप्युटी सीएम ने सवालिया लहजे में पूछा जाति आधारित जनगणना में गलत क्या है? उन्होंने कहा कि अगर यह गलत है तो फिर सब गड़बड़ है। उन्होंने सवालिया लहजे में यह पूछा की अगर जाति आधारित सर्वे गड़बड़ है तो फिर हिंदू मुसलमान की गिनती क्यों होती है? SC-ST की गिनती क्यों होती है? जानवरों की गिनती क्यों होती है? ऐसे में अगर इन सभी लोगों की गिनती होती है तो जाति आधारित सर्वे में गिनती क्यों गलत है?
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पटना : बिहार के डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना नहीं जातिगत सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना केंद्र सरकार करा सकती है, लेकिन राज्य के पास ये अधिकार नहीं है। इसलिए बिहार में जातिगत सर्वे करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सर्वे में सभी जातियों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे से ये पता चलेगा की किस जाति की कितनी हिस्सेदारी है। इस सर्वे से उनके विकास को गति मिलेगी। आरजेडी नेता ने कहा कि जब तक यह पता नहीं चलेगा कि किस जाति की कितनी हिस्सेदारी है तब तक उनका विकास ठीक तरीके से नहीं हो पाएगा। ऐसे में जातिगत सर्वे कराया जा रहा है। यह फैसला सभी दलों की सहमति से लिया गया है। यह जनगणना नहीं सर्वे है : तेजस्वी यादवउपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अब तक चल रही जातिगत जनगणना की बात को बदलते हुए यह कहा कि बिहार में कास्ट बेस्ड सर्वे हो रहा है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जनगणना भारत सरकार करा सकती है इसलिए बिहार में कास्ट बेस सर्वे कराया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि इकतीस-बत्तीस के बाद यह पहली बार है जब उत्तर भारत में ये हो रहा। हम लोग कास्ट बेस्ड सर्वे करा रहे हैं। 'साइंटिफिक डाटा बिना विकास संभव नहीं'तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे पास जाति को लेकर कोई डाटा नहीं है। इस जाति आधारित सर्वे में हम तमाम जातियों के आर्थिक आधार का भी सर्वे कर रहे हैं। हम यह भी जानने की कोशिश कर रहे कि कौन सी जाति किस आर्थिक स्थिति में है। उस की शैक्षणिक योग्यता क्या है? इसके आधार पर ही विकास हो पाएगा। हमारे पास विकास के लिए साइंटिफिक डाटा होना जरूरी है। जातिगत आधारित सर्वे में गणना गलत क्या? बिहार के डेप्युटी सीएम ने सवालिया लहजे में पूछा जाति आधारित जनगणना में गलत क्या है? उन्होंने कहा कि अगर यह गलत है तो फिर सब गड़बड़ है। उन्होंने सवालिया लहजे में यह पूछा की अगर जाति आधारित सर्वे गड़बड़ है तो फिर हिंदू मुसलमान की गिनती क्यों होती है? SC-ST की गिनती क्यों होती है? जानवरों की गिनती क्यों होती है? ऐसे में अगर इन सभी लोगों की गिनती होती है तो जाति आधारित सर्वे में गिनती क्यों गलत है?
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फिल्ममेकर अनुराग कश्यप अपने विटी सेंस ऑफ ह्यूमर के लिए जाने जाते हैं. अनुराग कश्यप ने पेरिस के एक होटल से टॉयलेट की फोटोज शेयर की हैं. आप सोचेंगे ये कैसी पोस्ट है? यही तो मजे की बात है जिसका खुलासा अनुराग कश्यप ने इमेज कैप्शन में किया है.
पेरिस के Hôtel Particulier Montmartre के टॉयलेट की तीन फोटोज शेयर कर अनुराग कश्यप लिखते हैं- जिस टॉयलेट में ब्रैड पिट (अमेरिकन एक्टर), कैमरून डियाज (अमेरिकन एक्ट्रेस), जैक्स शिराक (फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति) ने पेशाब की उसी सेम टॉयलेट का इस्तेमाल करना खुशी की बात थी. डायरेक्टर का ये पोस्ट देखने के बाद क्या फैंस, क्या सेलेब्स किसी की हंसी नहीं रुक रही. शमा सिकंदर, जरीन खान, विशाक नायर ने लाफिंग इमोजी बनाया है. कई लोगों ने अनुराग को रोस्ट भी किया है.
एक यूजर ने डायरेक्टर से सवाल किया कि कैसे वो लेडीज रूम में गए? दूसरे ने लिखा- उम्र हो रही है इनकी, गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी मूवीज और कहां ऐसे बकवास पोस्ट्स. एक शख्स लिखता है- आपके ऐसे दिन भी आयेंगे सोचा ना था. वेस्टर्न वर्ल्ड का ऐसा ऑब्सेशन सिर्फ मानसिक रूप से गुलाम व्यक्ति ही कर सकता है.
अनुराग की मानसिकता को लो लेवल का बताते हुए यूजर ने उन्हें अनफॉलो कर दिया है. कई नाराज लोगों ने भद्दे कमेंट्स भी किए हैं जिन्हें मेंशन नहीं किया जा सकता. शख्स लिखता है- ये कैसी मानसिकता है. मतलब कुछ भी. यूजर ने अनुराग पर तंज सकते हुए कहा- बड़ी उपलब्धि, भारत को आप पर गर्व है.
अनुराग कश्यप के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी पिछली रिलीज दोबारा थी. इसकी लीड एक्ट्रेस तापसी पन्नू थीं. मूवी बॉक्स ऑफिस पर पिटी थी. जल्द अनुराग तमिल सिनेमा में वापसी करने वाले हैं. डायरेक्शन के अलावा अनुराग कश्यप अच्छे एक्टर भी हैं. अनुराग को उनकी क्राइम थ्रिलर गैंग्स ऑफ वासेपुर के लिए जाना जाता है. ये फिल्म सुपर डुपर हिट हुई थी.
अनुराग की इस टॉयलेट पोस्ट पर अपना रिएक्शन बताना नहीं भूलिएगा.
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फिल्ममेकर अनुराग कश्यप अपने विटी सेंस ऑफ ह्यूमर के लिए जाने जाते हैं. अनुराग कश्यप ने पेरिस के एक होटल से टॉयलेट की फोटोज शेयर की हैं. आप सोचेंगे ये कैसी पोस्ट है? यही तो मजे की बात है जिसका खुलासा अनुराग कश्यप ने इमेज कैप्शन में किया है. पेरिस के Hôtel Particulier Montmartre के टॉयलेट की तीन फोटोज शेयर कर अनुराग कश्यप लिखते हैं- जिस टॉयलेट में ब्रैड पिट , कैमरून डियाज , जैक्स शिराक ने पेशाब की उसी सेम टॉयलेट का इस्तेमाल करना खुशी की बात थी. डायरेक्टर का ये पोस्ट देखने के बाद क्या फैंस, क्या सेलेब्स किसी की हंसी नहीं रुक रही. शमा सिकंदर, जरीन खान, विशाक नायर ने लाफिंग इमोजी बनाया है. कई लोगों ने अनुराग को रोस्ट भी किया है. एक यूजर ने डायरेक्टर से सवाल किया कि कैसे वो लेडीज रूम में गए? दूसरे ने लिखा- उम्र हो रही है इनकी, गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी मूवीज और कहां ऐसे बकवास पोस्ट्स. एक शख्स लिखता है- आपके ऐसे दिन भी आयेंगे सोचा ना था. वेस्टर्न वर्ल्ड का ऐसा ऑब्सेशन सिर्फ मानसिक रूप से गुलाम व्यक्ति ही कर सकता है. अनुराग की मानसिकता को लो लेवल का बताते हुए यूजर ने उन्हें अनफॉलो कर दिया है. कई नाराज लोगों ने भद्दे कमेंट्स भी किए हैं जिन्हें मेंशन नहीं किया जा सकता. शख्स लिखता है- ये कैसी मानसिकता है. मतलब कुछ भी. यूजर ने अनुराग पर तंज सकते हुए कहा- बड़ी उपलब्धि, भारत को आप पर गर्व है. अनुराग कश्यप के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी पिछली रिलीज दोबारा थी. इसकी लीड एक्ट्रेस तापसी पन्नू थीं. मूवी बॉक्स ऑफिस पर पिटी थी. जल्द अनुराग तमिल सिनेमा में वापसी करने वाले हैं. डायरेक्शन के अलावा अनुराग कश्यप अच्छे एक्टर भी हैं. अनुराग को उनकी क्राइम थ्रिलर गैंग्स ऑफ वासेपुर के लिए जाना जाता है. ये फिल्म सुपर डुपर हिट हुई थी. अनुराग की इस टॉयलेट पोस्ट पर अपना रिएक्शन बताना नहीं भूलिएगा.
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देश के 12 राज्यों में मॉनसून की भारी बारिश को लेकर आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. (PHOTO:AP)
नई दिल्ली. दिल्ली-NCR में आज भी झमाझम बारिश (Rainfall) हो सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department-IMD) के मुताबिक 7 जुलाई को पूरे दिल्ली-NCR में आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होगी. आज दिल्ली में अधिकतम तापमान (Maximum Temperature) महज 30 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. इससे लोगों को गर्मी से राहत रहेगी. दिल्ली में 6 जुलाई को अधिकतम तापमान 30. 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जो सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस कम रहा. दिल्ली-NCR में गुरुवार को भी मॉनसून (Monsoon) मेहरबान रहा और जमकर बारिश हुई. पिछले 24 घंटे में 5. 3 मिमी. बारिश दर्ज की गई.
आईएमडी के मुताबिक आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मौसम के तूफानी रहने की उम्मीद है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज तूफानी हवा और बिजली के साथ अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (Very Heavy rainfall) होने की संभावना है. 7 जुलाई को कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालय पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने इन राज्यों में ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है.
आईएमडी ने आज नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पश्चिम राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर तूफान और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है. मौसम विभाग ने आज पश्चिम मध्य और दक्षिण-पश्चिम और पूर्व मध्य अरब सागर के आसपास के हिस्सों में 45-55 किमी. प्रति घंटे से लेकर 65 किमी. प्रति घंटे तक की तेज हवा चलने की संभावना जताई है. केरल-कर्नाटक-महाराष्ट्र-गुजरात तटों, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीप क्षेत्र में तूफान की गति 40-45 किमी. प्रति घंटे से लेकर 50 किमी. प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. मछुआरों को इन इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
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देश के बारह राज्यों में मॉनसून की भारी बारिश को लेकर आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. नई दिल्ली. दिल्ली-NCR में आज भी झमाझम बारिश हो सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक सात जुलाई को पूरे दिल्ली-NCR में आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होगी. आज दिल्ली में अधिकतम तापमान महज तीस डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. इससे लोगों को गर्मी से राहत रहेगी. दिल्ली में छः जुलाई को अधिकतम तापमान तीस. छः डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जो सामान्य से छः डिग्री सेल्सियस कम रहा. दिल्ली-NCR में गुरुवार को भी मॉनसून मेहरबान रहा और जमकर बारिश हुई. पिछले चौबीस घंटाटे में पाँच. तीन मिमी. बारिश दर्ज की गई. आईएमडी के मुताबिक आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मौसम के तूफानी रहने की उम्मीद है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज तूफानी हवा और बिजली के साथ अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. सात जुलाई को कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालय पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने इन राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने आज नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पश्चिम राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर तूफान और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है. मौसम विभाग ने आज पश्चिम मध्य और दक्षिण-पश्चिम और पूर्व मध्य अरब सागर के आसपास के हिस्सों में पैंतालीस-पचपन किमी. प्रति घंटे से लेकर पैंसठ किमी. प्रति घंटे तक की तेज हवा चलने की संभावना जताई है. केरल-कर्नाटक-महाराष्ट्र-गुजरात तटों, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीप क्षेत्र में तूफान की गति चालीस-पैंतालीस किमी. प्रति घंटे से लेकर पचास किमी. प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. मछुआरों को इन इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी गई है. .
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किसी भी साहित्य के उत्कर्षापकर्ष के लिये नामा कसोटियां मालोचकों ने निर्धारित की है। काव्य के लक्ष्य का विचार करते हुए काव्य प्रकाशकार ने निर्देश किया है कि "काव्यं यशसेऽयंकते व्यवहारविये शिवेतरक्षतये । सद्यः परिनिवृतये कान्तासम्मितत योपदेशमुजे " अर्थात् कोई कवि, काव्य की रचना यश के लिये धन के लिये, व्यवहार शाम के लिए और अमंगल के विनाश के लिए तत्काल ज्ञान की प्राप्ति के लिए एवं मधुर रूप से उपदेश दोन के लिए करता है। इनमें से प्रथम तीन का तो कवि या साहित्यकार के निजी व्यक्तित्व से साक्षात् सम्बन्ध है, "शिवेतर चलये" निजी व्यक्तित्व के अतिरिक्त समाज से भी संबद्ध है। अर्थात् साहित्यकार के वैयक्तिक अमंगल का नाश और समाज के अमंगल का नाश, दोनों ही साहित्य के प्रयोजन होते हैं। इसी को लक्ष्य कर के कुछ मालोचक यह मानते हैं कि साहित्य को सत्य, शिव और सुन्दर होना चाहिए । 'सत्यं शिवं सुन्दर' साहित्य के उत्कर्ष की एक कसौटी है। दूसरे शब्दों में जो साहित्य सत्य, शिव, धौर सुन्दर होगा बही सर्वोत्कृष्ट होगा इन तीनों गुणों का समाहार प्रभोष्ट है। साहित्यकार प्रपनी प्रकृति के अनुसार इन तीनों में से किसी एक को अधिक महत्व दे सकता है किन्तु किसी की उपेक्षा नहीं कर
सकता ।
सत्यं शिवं सुन्दरं शब्द यूनानो दार्शनिक प्लेटो द्वारा प्रतिपादित 'The True, the Good, The Beautiful के शाब्दिक अनुवाद हैं। इन शब्दों का महत्व श्री मद्भगवद्गीता में भी प्रतिपादित है।
मनुोग करं वाक्यं सत्यं प्रिय हितं च यत् । स्वाध्यायाम्पसनं चैव वाङ् मयं तप उच्यते ।।
१७.१५ सत्य, प्रिय (सुन्दर) और हित (शिव) कारी वाक्य बाङमय तप का भङ्ग है। वाणी का तप होने के कारण यह साहित्य का भी प्रादर्श माना गया ।
साहित्य में सत्य का प्रभिप्राय निराबरण सत्य या वैज्ञानिक सत्य या ऐतिहासिक सत्य नहीं साहित्यकार उसे ही सत्य मानता है जिसे उसका हृदय सत्व समझता
। वह अपनी भावना के अनुकूल वस्तु को या भटमा को
काट छांट कर, घटा बढ़ा कर उपस्थित करता है। इस दृष्टि से साहित्यकार एक वैज्ञानिक और ऐतिहासिक से भिन्न समझा जाता है। साहित्यकार दोनों से भिन्न वस्तुगत सत्य या घटनागत सत्य की अपेक्षा अपने हृदयगत सत्य को अभिव्यक्त करने का प्रयत्न करता है। कवि या साहित्यकार अपने काव्य जगत् का विधाता है- प्रजापति है। वह अपनी रुचि के अनुसार अपने संसार में परिवर्तन कर लेता है। इतना होने पर भी वह किसी वस्तु को मा घटना को इतना परिवर्तित नहीं कर सकता कि उसके हृदय के सत्य का, लोक के सत्य के साथ सामंजस्य न हो सके ।
सत्य के साथ साहित्य में शिवस्व की प्रतिष्ठा भी साहित्यकार को प्रभीष्ट होती है। शिव या मंगल की भावना का सम्बन्ध व्यक्ति के साथ मोर समाज के साथ है - इस लोक भौर परलोक के साथ भी है । मर्याद प्रभ्युदय पोर निःश्रेयस, मायुष्मिक और पारलौकिक दोनों ही प्रकार के प्रभ्युदय की प्रतिष्ठा करने वाला साहित्यधर्म की उपेक्षा नहीं कर सकता। यही व्यापक लक्ष्य साहित्यकार के सामने होता है।
सत्य मोर शिव की साधना करने वाला साधक कवि अपनी साधना के विषय को सुन्दर मोर हृदयग्राही रूप में जब पाठक के सामने उपस्थित करता है तभी वह आकर्षक और ग्राह्य होता है और तभी उसे सद्यः परिनिवृत्ति मिल सकती है। इसी बात को मम्मर मे 'कान्ता सम्मितयोपदेश युजे वाक्य से अभिव्यक्त किया था। कड़वो कुनीन की गोली भी शर्करा से लिपटी हुई मासानी से ग्राह्य हो जाती है।
इस प्रकार सत्य शिव और सुन्दर की साधना करने बाला साहित्यकार, इनसे मालावित हुआ जब अपने पाठक को भी इसका साक्षात दर्शन कराता है तो पाठक इस लोक से ऊपर उठ कर एक दूसरे ही लोक में पहुंच जाता है। यही साधक की साधना का लक्ष्य हैं और वही साधक की साधना की सफलता की कसौटी है।
अपभ्रंश साहित्य का विचार यदि इस कसौटी से किया जाय तो हमें उस साहित्य की महत्ता का ज्ञान हो सकेगा । साहित्यकार वास्तविकता के पार्थिव बरातल पर
विचरण करता हुमा समय माने पर उस घरातल से ऊपर उठ आदर्श के धरातल पर पहुंच जाता है। इस प्रकार वह लोक मंगल का पावन सन्देश प्रस्तुत करता है। किसी भी ग्रन्थ को पढ़िये, प्रायः यही कथानक मिलेगा कि कथा का नायक अपने जीवन में जीवन काल में नाना प्रकार के
भोग विलासों और ऐश्वर्यो का उपयोग करता है । भौतिक दृष्टि से पूर्णतः जीवन को सब प्रावश्यकताओं की पूर्ति उसे हो जाती है । भौतिक दृष्टि से इस उच्च घरातल पर पहुंच कर सहसा कथानायक के जीवन में किसी महात्मा या जैन धर्माचार्य के सम्पर्क से परिवर्तन या जाता है । बहु भौतिकता से माध्यात्मिकता की मोर मुड़ जाता है। उसका जीवन योग से त्याग को मोर उन्मुख हो जाता है । संसार के विषय भोगों से उसे बिरक्ति हो जाती है । शृङ्गार रस में रग। हुआ कथानायक शान्त रस का प्रास्वादन करने लगता है ।
लाय कुमार चरिउ में नाग कुमार अनेक वर्षों तक विषय सुख का प्रास्वादन करता हुमा मोर राज्य भंगता हुमा पन्त में तपस्वी हो जाता है और पुनः मोक्ष प्राप्त करता है। यशोधर का चरित्र भी इसी प्रकार का है। जंबू स्वामी के चरित्र में भी योग और त्याग का मिश्रण है। सुदर्शन, करकंडु, सुकुमाल, सनतकुमार, जिनदत, नेमिनाथ, चन्द्राय इत्यादि अनेक नायकों का चरित्र इसी प्रकार का है। ये नायक प्रायः युवावस्था में स्वस्थ, सुन्दर और शक्तिशाली शरीर से नाना रूपवती स्त्रियों को प्राकृष्ट करते और साथ ही अपने पराक्रम से शत्रुओं को पराजित करते हुए राज्य सुख भोगते हैं तथा भन्त में अपने पूर्वजन्म का स्मरण कर या किसी जैन साधु के उपदेश से विरक्त हो निर्वाण पद प्राप्त करते हैं। इस प्रकार कवि ने स्वाभाविकता की रक्षा करते हुए आदर्श की प्रतिष्ठा अपने काव्य में की है। कवित्व की दृष्टि से बीर रस के साथ शृङ्गार रस के भी वर्णन मिलते है और दोनो रसों का पर्यवसान अन्ततोगत्वा शान्त रस में हो जाता है । फलतः शारीरिक सौन्दर्य पौर शृङ्गार के सुन्दर वर्णन भी उपलब्ध होते हैं, भीरता एवं पराक्रम कार्यों के वनों की भी प्रचुरता है और संसार की भनिव्यता एवं क्षरस भङ्ग रता के प्रतिपादक हृदयस्पर्शी वर्णन भी मिलते है।
इस प्रकार हम देखते हैं कि वेदों घोर उपनिषदों द्वारा बताये हुए त्यागपूर्वक योगमय जीवन के मधुर उपदेश को झांकी हमें अपभ्रंश साहित्य में भी उपलब्ध होती है। मानव के लिए योग भी अभीष्ट नहीं मोर न केवल त्याग । दोनों में सामंजस्य की आवश्यकता है मोर त्याग से मानव निःश्रेयस को भोर प्रवृत्त होता है। योग, राष्ट्र में भौतिक विकास करता है और त्याग, राष्ट्र को प्राध्यात्मिक विकास की प्रोर ले जाता है। समाज एवं राष्ट्र की उन्नति के लिए योग और त्याग दोनों अपेक्षित हैं। योग और त्याग के इस सामंजस्य में या तो दोनों का पौर्वापर्य भान हो सकता है अथवा योगमय जीवन में भी 'कमल पत्र मिवाम्भसा' रहते हुए त्याग को अपनाया जा सकता है। इसी प्रकार के जीवन में मानव का कल्याण है, समाज का कल्याण है । इस प्रकार हम देखते हैं कि जैन साहित्य में सत्य, शिवं भोर सुन्दरं को उत्कृष्ट अभिव्यक्ति मिलती है। इस साहित्य में निस्सन्देह स्थानस्थान पर अलौकिक घटनाओंों और चमत्कारों का भी उल्लेख हुम्रा है। इस प्रकार की घटनाओं को पढ़ कर प्राज का वैज्ञानिक इन्हें अस्वाभाविक मान कर, साहित्य में भी संभवतः प्रसत्य का आक्षेप कर बैठे। किन्तु ऊपर निर्देश किया जा चुका है कि वैज्ञानिक सत्य मोर कवि सत्य में भेद है। भारतीय हृदय इस प्रकार की लोकिक घटनाओं में प्राचीनकाल से विश्वास करता मा रहा है । इसलिए इस साहित्य में भी इस प्रकार की प्राशंका निर्मूल समझनी चाहिए ।
अभिप्राय यही है कि जिस प्रकार महाकवि तुलसीदास ने घोषणा की 'कीरति मनिति भूति भल सोई । सुरसरि सम सब कह हित होई । अर्थात् काव्य वही उत्कृष्ट है जो सब का कल्याण करे । इसी प्रकार अपभ्रंश कवि भी अपने प्रतिपादक विषय द्वारा कल्याण मार्गकी व्यंजना करता है और उसी मार्ग की मोर पाठक को प्रवृत होने की प्रेरणा देता है । इस साहित्य में प्राप्त सौन्दर्य को झांकी तो अनेक उपयुक्त उद्धरणों से ही मिल सकती है। विस्तारभय से उनका दिग्दर्शन यहां नहीं कराया जा सकता । संक्षेप में हम कह सकते हैं कि प्रपभ्रंश - साहित्य में सत्यं शिवं सुन्दरं के शिव की पूर्णरूपेण प्रतिष्ठा मिलती है।
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किसी भी साहित्य के उत्कर्षापकर्ष के लिये नामा कसोटियां मालोचकों ने निर्धारित की है। काव्य के लक्ष्य का विचार करते हुए काव्य प्रकाशकार ने निर्देश किया है कि "काव्यं यशसेऽयंकते व्यवहारविये शिवेतरक्षतये । सद्यः परिनिवृतये कान्तासम्मितत योपदेशमुजे " अर्थात् कोई कवि, काव्य की रचना यश के लिये धन के लिये, व्यवहार शाम के लिए और अमंगल के विनाश के लिए तत्काल ज्ञान की प्राप्ति के लिए एवं मधुर रूप से उपदेश दोन के लिए करता है। इनमें से प्रथम तीन का तो कवि या साहित्यकार के निजी व्यक्तित्व से साक्षात् सम्बन्ध है, "शिवेतर चलये" निजी व्यक्तित्व के अतिरिक्त समाज से भी संबद्ध है। अर्थात् साहित्यकार के वैयक्तिक अमंगल का नाश और समाज के अमंगल का नाश, दोनों ही साहित्य के प्रयोजन होते हैं। इसी को लक्ष्य कर के कुछ मालोचक यह मानते हैं कि साहित्य को सत्य, शिव और सुन्दर होना चाहिए । 'सत्यं शिवं सुन्दर' साहित्य के उत्कर्ष की एक कसौटी है। दूसरे शब्दों में जो साहित्य सत्य, शिव, धौर सुन्दर होगा बही सर्वोत्कृष्ट होगा इन तीनों गुणों का समाहार प्रभोष्ट है। साहित्यकार प्रपनी प्रकृति के अनुसार इन तीनों में से किसी एक को अधिक महत्व दे सकता है किन्तु किसी की उपेक्षा नहीं कर सकता । सत्यं शिवं सुन्दरं शब्द यूनानो दार्शनिक प्लेटो द्वारा प्रतिपादित 'The True, the Good, The Beautiful के शाब्दिक अनुवाद हैं। इन शब्दों का महत्व श्री मद्भगवद्गीता में भी प्रतिपादित है। मनुोग करं वाक्यं सत्यं प्रिय हितं च यत् । स्वाध्यायाम्पसनं चैव वाङ् मयं तप उच्यते ।। सत्रह.पंद्रह सत्य, प्रिय और हित कारी वाक्य बाङमय तप का भङ्ग है। वाणी का तप होने के कारण यह साहित्य का भी प्रादर्श माना गया । साहित्य में सत्य का प्रभिप्राय निराबरण सत्य या वैज्ञानिक सत्य या ऐतिहासिक सत्य नहीं साहित्यकार उसे ही सत्य मानता है जिसे उसका हृदय सत्व समझता । वह अपनी भावना के अनुकूल वस्तु को या भटमा को काट छांट कर, घटा बढ़ा कर उपस्थित करता है। इस दृष्टि से साहित्यकार एक वैज्ञानिक और ऐतिहासिक से भिन्न समझा जाता है। साहित्यकार दोनों से भिन्न वस्तुगत सत्य या घटनागत सत्य की अपेक्षा अपने हृदयगत सत्य को अभिव्यक्त करने का प्रयत्न करता है। कवि या साहित्यकार अपने काव्य जगत् का विधाता है- प्रजापति है। वह अपनी रुचि के अनुसार अपने संसार में परिवर्तन कर लेता है। इतना होने पर भी वह किसी वस्तु को मा घटना को इतना परिवर्तित नहीं कर सकता कि उसके हृदय के सत्य का, लोक के सत्य के साथ सामंजस्य न हो सके । सत्य के साथ साहित्य में शिवस्व की प्रतिष्ठा भी साहित्यकार को प्रभीष्ट होती है। शिव या मंगल की भावना का सम्बन्ध व्यक्ति के साथ मोर समाज के साथ है - इस लोक भौर परलोक के साथ भी है । मर्याद प्रभ्युदय पोर निःश्रेयस, मायुष्मिक और पारलौकिक दोनों ही प्रकार के प्रभ्युदय की प्रतिष्ठा करने वाला साहित्यधर्म की उपेक्षा नहीं कर सकता। यही व्यापक लक्ष्य साहित्यकार के सामने होता है। सत्य मोर शिव की साधना करने वाला साधक कवि अपनी साधना के विषय को सुन्दर मोर हृदयग्राही रूप में जब पाठक के सामने उपस्थित करता है तभी वह आकर्षक और ग्राह्य होता है और तभी उसे सद्यः परिनिवृत्ति मिल सकती है। इसी बात को मम्मर मे 'कान्ता सम्मितयोपदेश युजे वाक्य से अभिव्यक्त किया था। कड़वो कुनीन की गोली भी शर्करा से लिपटी हुई मासानी से ग्राह्य हो जाती है। इस प्रकार सत्य शिव और सुन्दर की साधना करने बाला साहित्यकार, इनसे मालावित हुआ जब अपने पाठक को भी इसका साक्षात दर्शन कराता है तो पाठक इस लोक से ऊपर उठ कर एक दूसरे ही लोक में पहुंच जाता है। यही साधक की साधना का लक्ष्य हैं और वही साधक की साधना की सफलता की कसौटी है। अपभ्रंश साहित्य का विचार यदि इस कसौटी से किया जाय तो हमें उस साहित्य की महत्ता का ज्ञान हो सकेगा । साहित्यकार वास्तविकता के पार्थिव बरातल पर विचरण करता हुमा समय माने पर उस घरातल से ऊपर उठ आदर्श के धरातल पर पहुंच जाता है। इस प्रकार वह लोक मंगल का पावन सन्देश प्रस्तुत करता है। किसी भी ग्रन्थ को पढ़िये, प्रायः यही कथानक मिलेगा कि कथा का नायक अपने जीवन में जीवन काल में नाना प्रकार के भोग विलासों और ऐश्वर्यो का उपयोग करता है । भौतिक दृष्टि से पूर्णतः जीवन को सब प्रावश्यकताओं की पूर्ति उसे हो जाती है । भौतिक दृष्टि से इस उच्च घरातल पर पहुंच कर सहसा कथानायक के जीवन में किसी महात्मा या जैन धर्माचार्य के सम्पर्क से परिवर्तन या जाता है । बहु भौतिकता से माध्यात्मिकता की मोर मुड़ जाता है। उसका जीवन योग से त्याग को मोर उन्मुख हो जाता है । संसार के विषय भोगों से उसे बिरक्ति हो जाती है । शृङ्गार रस में रग। हुआ कथानायक शान्त रस का प्रास्वादन करने लगता है । लाय कुमार चरिउ में नाग कुमार अनेक वर्षों तक विषय सुख का प्रास्वादन करता हुमा मोर राज्य भंगता हुमा पन्त में तपस्वी हो जाता है और पुनः मोक्ष प्राप्त करता है। यशोधर का चरित्र भी इसी प्रकार का है। जंबू स्वामी के चरित्र में भी योग और त्याग का मिश्रण है। सुदर्शन, करकंडु, सुकुमाल, सनतकुमार, जिनदत, नेमिनाथ, चन्द्राय इत्यादि अनेक नायकों का चरित्र इसी प्रकार का है। ये नायक प्रायः युवावस्था में स्वस्थ, सुन्दर और शक्तिशाली शरीर से नाना रूपवती स्त्रियों को प्राकृष्ट करते और साथ ही अपने पराक्रम से शत्रुओं को पराजित करते हुए राज्य सुख भोगते हैं तथा भन्त में अपने पूर्वजन्म का स्मरण कर या किसी जैन साधु के उपदेश से विरक्त हो निर्वाण पद प्राप्त करते हैं। इस प्रकार कवि ने स्वाभाविकता की रक्षा करते हुए आदर्श की प्रतिष्ठा अपने काव्य में की है। कवित्व की दृष्टि से बीर रस के साथ शृङ्गार रस के भी वर्णन मिलते है और दोनो रसों का पर्यवसान अन्ततोगत्वा शान्त रस में हो जाता है । फलतः शारीरिक सौन्दर्य पौर शृङ्गार के सुन्दर वर्णन भी उपलब्ध होते हैं, भीरता एवं पराक्रम कार्यों के वनों की भी प्रचुरता है और संसार की भनिव्यता एवं क्षरस भङ्ग रता के प्रतिपादक हृदयस्पर्शी वर्णन भी मिलते है। इस प्रकार हम देखते हैं कि वेदों घोर उपनिषदों द्वारा बताये हुए त्यागपूर्वक योगमय जीवन के मधुर उपदेश को झांकी हमें अपभ्रंश साहित्य में भी उपलब्ध होती है। मानव के लिए योग भी अभीष्ट नहीं मोर न केवल त्याग । दोनों में सामंजस्य की आवश्यकता है मोर त्याग से मानव निःश्रेयस को भोर प्रवृत्त होता है। योग, राष्ट्र में भौतिक विकास करता है और त्याग, राष्ट्र को प्राध्यात्मिक विकास की प्रोर ले जाता है। समाज एवं राष्ट्र की उन्नति के लिए योग और त्याग दोनों अपेक्षित हैं। योग और त्याग के इस सामंजस्य में या तो दोनों का पौर्वापर्य भान हो सकता है अथवा योगमय जीवन में भी 'कमल पत्र मिवाम्भसा' रहते हुए त्याग को अपनाया जा सकता है। इसी प्रकार के जीवन में मानव का कल्याण है, समाज का कल्याण है । इस प्रकार हम देखते हैं कि जैन साहित्य में सत्य, शिवं भोर सुन्दरं को उत्कृष्ट अभिव्यक्ति मिलती है। इस साहित्य में निस्सन्देह स्थानस्थान पर अलौकिक घटनाओंों और चमत्कारों का भी उल्लेख हुम्रा है। इस प्रकार की घटनाओं को पढ़ कर प्राज का वैज्ञानिक इन्हें अस्वाभाविक मान कर, साहित्य में भी संभवतः प्रसत्य का आक्षेप कर बैठे। किन्तु ऊपर निर्देश किया जा चुका है कि वैज्ञानिक सत्य मोर कवि सत्य में भेद है। भारतीय हृदय इस प्रकार की लोकिक घटनाओं में प्राचीनकाल से विश्वास करता मा रहा है । इसलिए इस साहित्य में भी इस प्रकार की प्राशंका निर्मूल समझनी चाहिए । अभिप्राय यही है कि जिस प्रकार महाकवि तुलसीदास ने घोषणा की 'कीरति मनिति भूति भल सोई । सुरसरि सम सब कह हित होई । अर्थात् काव्य वही उत्कृष्ट है जो सब का कल्याण करे । इसी प्रकार अपभ्रंश कवि भी अपने प्रतिपादक विषय द्वारा कल्याण मार्गकी व्यंजना करता है और उसी मार्ग की मोर पाठक को प्रवृत होने की प्रेरणा देता है । इस साहित्य में प्राप्त सौन्दर्य को झांकी तो अनेक उपयुक्त उद्धरणों से ही मिल सकती है। विस्तारभय से उनका दिग्दर्शन यहां नहीं कराया जा सकता । संक्षेप में हम कह सकते हैं कि प्रपभ्रंश - साहित्य में सत्यं शिवं सुन्दरं के शिव की पूर्णरूपेण प्रतिष्ठा मिलती है।
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पूजा बनर्जी वर्तमान में स्विट्जरलैंड में 'कसौटी ज़िन्दगी के' की शूटिंग में व्यस्त हैं और वहाँ के मौसम का आनंद ले रही हैं। अभिनेत्री ने दो साल पहले अपने सबसे अच्छे दोस्त और नेशनल लेवल स्वीमर संदीप सेजवाल के साथ शादी की थी और एक हालिया साक्षात्कार में, इस बारे में बताया कि कैसे उनका संबंध पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है और उनकी बच्होचे करने की क्या योजना है। पूजा ने खुलासा किया कि वह अपनी शादी में बहुत खुश है और यह भी महसूस करती है कि वह अभी बच्चे पैदा करने के लिए बहुत छोटी है। वह कहती हैं कि वह बच्चे पैदा करने से पहले बहुत सी चीजों का पता लगाना चाहती हैं।
अभिनेत्री इन दिनों एकता कपूर के शो 'कसौटी ज़िन्दगी के' में निवेदिता का किरदार निभा रही हैं। साथ ही वह वेब सीरीज 'ओनली फिर सिंगल्स' में नज़र आएँगी।
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पूजा बनर्जी वर्तमान में स्विट्जरलैंड में 'कसौटी ज़िन्दगी के' की शूटिंग में व्यस्त हैं और वहाँ के मौसम का आनंद ले रही हैं। अभिनेत्री ने दो साल पहले अपने सबसे अच्छे दोस्त और नेशनल लेवल स्वीमर संदीप सेजवाल के साथ शादी की थी और एक हालिया साक्षात्कार में, इस बारे में बताया कि कैसे उनका संबंध पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है और उनकी बच्होचे करने की क्या योजना है। पूजा ने खुलासा किया कि वह अपनी शादी में बहुत खुश है और यह भी महसूस करती है कि वह अभी बच्चे पैदा करने के लिए बहुत छोटी है। वह कहती हैं कि वह बच्चे पैदा करने से पहले बहुत सी चीजों का पता लगाना चाहती हैं। अभिनेत्री इन दिनों एकता कपूर के शो 'कसौटी ज़िन्दगी के' में निवेदिता का किरदार निभा रही हैं। साथ ही वह वेब सीरीज 'ओनली फिर सिंगल्स' में नज़र आएँगी।
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मनोरंजन-जगत की खबरों को नए अंदाज में परोसने के उद्देश्य से टेलीविजन चैनल आईबीएन 7 पर एक नया शो 'भाभी तेरा दीवाना' शुरू होने जा रहा है। आमतौर पर इस तरह के शो में महिला एंकर होती हैं, जो टेलीविज जगत की घटनाओं पर अपना नजरिया पेश करती हैं। लेकिन आईबीएन 7 के इस शो का सूत्रधार एक देवर होगा। वह लोकप्रिय टीवी शोज में आने वाले दिलचस्प मोड़ों पर अपना नजरिया दर्शकों के सामने रखेगा।
टेलीविजन जगत के सितारों से जुड़ी खबरें देने वाले इस देवर का लक्ष्य जल्द ही आम दर्शकों की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बनना है। 'देश का देवर' आपको टीवी कलाकारों की असल और पर्दे की जिंदगी से रूबरू कराएगा। वह आपको टीवी सीरियल्स के हाइलाइट्स तो दिखाएगा ही, साथ ही शूटिंग के लोकेशंस से रोमांचक खबरें भी देगा।
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मनोरंजन-जगत की खबरों को नए अंदाज में परोसने के उद्देश्य से टेलीविजन चैनल आईबीएन सात पर एक नया शो 'भाभी तेरा दीवाना' शुरू होने जा रहा है। आमतौर पर इस तरह के शो में महिला एंकर होती हैं, जो टेलीविज जगत की घटनाओं पर अपना नजरिया पेश करती हैं। लेकिन आईबीएन सात के इस शो का सूत्रधार एक देवर होगा। वह लोकप्रिय टीवी शोज में आने वाले दिलचस्प मोड़ों पर अपना नजरिया दर्शकों के सामने रखेगा। टेलीविजन जगत के सितारों से जुड़ी खबरें देने वाले इस देवर का लक्ष्य जल्द ही आम दर्शकों की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बनना है। 'देश का देवर' आपको टीवी कलाकारों की असल और पर्दे की जिंदगी से रूबरू कराएगा। वह आपको टीवी सीरियल्स के हाइलाइट्स तो दिखाएगा ही, साथ ही शूटिंग के लोकेशंस से रोमांचक खबरें भी देगा।
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World No Tobacco Day 2023 : तंबाकू (Tobacco) और धूम्रपान से शरीर को कई हानि होते हैं और जनता को इसी हानि के प्रति सतर्क करने के मकसद के साथ वर्ल्ड नो टोबैको डे यानी विश्व तंबाकू निषेध दिवस ( No Tobacco Day) प्रति साल 31 मई को मनाते हैं। इसका लक्ष्य साफ है कि तंबाकू से होने हानि से आमजन को सतर्क करना। इस मौके पर पूरी दुनिया में तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य के अनुसार जनता को तंबाकू से होने वाले शारीरिक हानि के बारे में अवगत करवाया जाता है। आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू जनित रोगों से प्रतिवर्ष लाखों जानें जाती है।
वर्ल्ड नो टोबैको डे 2023 का इतिहास (World No Tobacco Day 2023: History)
तंबाकू निषेध दिवस के लिए इस वर्ष मुख्य थीम तय किया गया है - वी नीड फूड नो टोबैको (We need food, not tobacco)- जिसका अर्थ है- हमें भोजन चाहिए तंबाकू नहीं। तंबाकू के उत्पादन के बजाए कई जगहों पर अन्य पोषक फसलों के उत्पादन को लेकर इस थीम के अनुसार अभियान चलाए जाएंगे। इसके लिए विश्व के बड़े संस्थानों की ओर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के जारी किए गए आंकड़े को देखें तो विश्व में हर साल ही लगभग 80 लाख लोग तंबाकू से होने वाली रोग से ग्रसित होकर अपनी जान गंवा बैठते हैं। पहले 7 अप्रैल को तंबाकू निषेध दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता था लेकिन फिर 1988 में इस दिवस को विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रस्ताव के बाद 31 मई की तारीख को इस दिवस को मनाया जाने लगा।
इस दिन सिर्फ तंबाकू ही नहीं, इसके साथ साथ तंबाकू और निकोटीन युक्त प्रोडक्ट जैसे कि बीड़ी, गुटखा और सिगरेट के सेवन से होने वाली रोंगों को लेकर भी लोगों को जागरुक किया जाता है। तंबाकू के बहुत अधिक सेवन और बहुत अधिक धूम्रपान से जानलेवा रोग जैसे कि कैंसर हो सकता है, ऐसी मौतों का आंकड़ा बढ़ भी रहा है। सांस संबंधी रोग जैसे ब्रोंकाइटिस और इम्फसिया जैसी दिक्कतों का खतरा तंबाकू के सेवन से बढ़ जाता है। इससे दिल और रक्त से जुड़ परेशानी हो सकती है और इन्हीं को लेकर जनता को इस दिन सतर्क किया जाता है।
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World No Tobacco Day दो हज़ार तेईस : तंबाकू और धूम्रपान से शरीर को कई हानि होते हैं और जनता को इसी हानि के प्रति सतर्क करने के मकसद के साथ वर्ल्ड नो टोबैको डे यानी विश्व तंबाकू निषेध दिवस प्रति साल इकतीस मई को मनाते हैं। इसका लक्ष्य साफ है कि तंबाकू से होने हानि से आमजन को सतर्क करना। इस मौके पर पूरी दुनिया में तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य के अनुसार जनता को तंबाकू से होने वाले शारीरिक हानि के बारे में अवगत करवाया जाता है। आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू जनित रोगों से प्रतिवर्ष लाखों जानें जाती है। वर्ल्ड नो टोबैको डे दो हज़ार तेईस का इतिहास तंबाकू निषेध दिवस के लिए इस वर्ष मुख्य थीम तय किया गया है - वी नीड फूड नो टोबैको - जिसका अर्थ है- हमें भोजन चाहिए तंबाकू नहीं। तंबाकू के उत्पादन के बजाए कई जगहों पर अन्य पोषक फसलों के उत्पादन को लेकर इस थीम के अनुसार अभियान चलाए जाएंगे। इसके लिए विश्व के बड़े संस्थानों की ओर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के जारी किए गए आंकड़े को देखें तो विश्व में हर साल ही लगभग अस्सी लाख लोग तंबाकू से होने वाली रोग से ग्रसित होकर अपनी जान गंवा बैठते हैं। पहले सात अप्रैल को तंबाकू निषेध दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता था लेकिन फिर एक हज़ार नौ सौ अठासी में इस दिवस को विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रस्ताव के बाद इकतीस मई की तारीख को इस दिवस को मनाया जाने लगा। इस दिन सिर्फ तंबाकू ही नहीं, इसके साथ साथ तंबाकू और निकोटीन युक्त प्रोडक्ट जैसे कि बीड़ी, गुटखा और सिगरेट के सेवन से होने वाली रोंगों को लेकर भी लोगों को जागरुक किया जाता है। तंबाकू के बहुत अधिक सेवन और बहुत अधिक धूम्रपान से जानलेवा रोग जैसे कि कैंसर हो सकता है, ऐसी मौतों का आंकड़ा बढ़ भी रहा है। सांस संबंधी रोग जैसे ब्रोंकाइटिस और इम्फसिया जैसी दिक्कतों का खतरा तंबाकू के सेवन से बढ़ जाता है। इससे दिल और रक्त से जुड़ परेशानी हो सकती है और इन्हीं को लेकर जनता को इस दिन सतर्क किया जाता है।
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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी पूछताछ करने वाले हैं। यंग इंडिया और एजेएल के बीच किस तरह के रिश्ते थे। एजेएल और यंग इंडिया के बीच जब व्यापारिक लेन देन हुई तो उसमें नियमों की अनदेखी क्यों की गई। सोनिया गांधी से पूछताछ से पहले राहुल गांधी से पूछताछ हो चुकी है। पूछताछ से पहले ही कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध करने का फैसला किया है। तमिलनाडु कांग्रेस ने तो सोनिया गांधी के पुराने बयान को ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा था कि इंदिरा की बहू हूं किसी से डरती नहीं. . . इन सबके बीच हर एक की दिलचस्पी से है सोनिया गांधी के सामने वो कौन से सवाल आ सकते हैं जिन्हें ईडी के अधिकारी पूछेंगे।
इससे पहले बीजेपी के कद्दावर नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आखिर कांग्रेस सच से क्यों डर रही है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों जमानत पर बाहर हैं। जब इन लोगों से पूछताछ की जाती है तो ये लोग सत्याग्रह का ढोंग करते हैं, दरअसल कांग्रेसी नेता सत्याग्रह नहीं बल्कि दुराग्रह कर रहे हैं।
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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी पूछताछ करने वाले हैं। यंग इंडिया और एजेएल के बीच किस तरह के रिश्ते थे। एजेएल और यंग इंडिया के बीच जब व्यापारिक लेन देन हुई तो उसमें नियमों की अनदेखी क्यों की गई। सोनिया गांधी से पूछताछ से पहले राहुल गांधी से पूछताछ हो चुकी है। पूछताछ से पहले ही कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध करने का फैसला किया है। तमिलनाडु कांग्रेस ने तो सोनिया गांधी के पुराने बयान को ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा था कि इंदिरा की बहू हूं किसी से डरती नहीं. . . इन सबके बीच हर एक की दिलचस्पी से है सोनिया गांधी के सामने वो कौन से सवाल आ सकते हैं जिन्हें ईडी के अधिकारी पूछेंगे। इससे पहले बीजेपी के कद्दावर नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आखिर कांग्रेस सच से क्यों डर रही है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों जमानत पर बाहर हैं। जब इन लोगों से पूछताछ की जाती है तो ये लोग सत्याग्रह का ढोंग करते हैं, दरअसल कांग्रेसी नेता सत्याग्रह नहीं बल्कि दुराग्रह कर रहे हैं।
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JAMSHEDPUR: जमशेदपुर से रांची से जा रही झारखंड द्रुतगामी नामक बस में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें गाड़ी समेत यात्रियों का पूरा सामान जलकर राख हो गया। शुक्र रहा कि चालक ने समय रहते सभी यात्रियों को गाड़ी से नीचे उतार दिया था सो, वे सभी बाल-बाल बच गए। बस में करीब पांच दर्जन यात्री सवार थे, जिन्हें अन्य बसों से रांची भेज दिया गया। घटना एनएच-फ्फ् पर चौका थाना अंतर्गत दिनाई गांव के पास की है। घटना की जानकारी मिलने पर आजसू नेता खगेन महतो आदि मौके पर पहुंचे तथा टैंकर बुलाकर आग को काबू करने का प्रयास किया लेकिन तब तक बस जल चुकी थी। घटना के दौरान एनएच-फ्फ् पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।
नावागढ़ निवासी बस चालक सुरेश लोहरा के मुताबिक बस जैसे ही दिनाई के पास पहुंची तो उसे पता चला कि नीचे फर्श गरम हो रहा है और धुंआ भी निकल रहा है। तुरंत उसने बस को किनारे कर रोक दिया और यात्रियों को नीचे उतरने को कहा। जैसे ही बस के सारे यात्री उतर गए, आग ने पूरी गाड़ी को चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पूरी बस जल गई।
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JAMSHEDPUR: जमशेदपुर से रांची से जा रही झारखंड द्रुतगामी नामक बस में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें गाड़ी समेत यात्रियों का पूरा सामान जलकर राख हो गया। शुक्र रहा कि चालक ने समय रहते सभी यात्रियों को गाड़ी से नीचे उतार दिया था सो, वे सभी बाल-बाल बच गए। बस में करीब पांच दर्जन यात्री सवार थे, जिन्हें अन्य बसों से रांची भेज दिया गया। घटना एनएच-फ्फ् पर चौका थाना अंतर्गत दिनाई गांव के पास की है। घटना की जानकारी मिलने पर आजसू नेता खगेन महतो आदि मौके पर पहुंचे तथा टैंकर बुलाकर आग को काबू करने का प्रयास किया लेकिन तब तक बस जल चुकी थी। घटना के दौरान एनएच-फ्फ् पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। नावागढ़ निवासी बस चालक सुरेश लोहरा के मुताबिक बस जैसे ही दिनाई के पास पहुंची तो उसे पता चला कि नीचे फर्श गरम हो रहा है और धुंआ भी निकल रहा है। तुरंत उसने बस को किनारे कर रोक दिया और यात्रियों को नीचे उतरने को कहा। जैसे ही बस के सारे यात्री उतर गए, आग ने पूरी गाड़ी को चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पूरी बस जल गई।
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फरदीन खान एक भारतीय फिल्म कलाकर हैं।
फरदीन खान का जन्म 8 मार्च 1974 को मुंबई में हुआ था। वह बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता फिरोज खान के बेटे हैं। उनकी माँ का नाम सुंदरी हैं। उनकी एक बहन हैं-लैला खान। फरदीन खान संजय खान और अकबर खान के भतीजे हैं। अभिनेता जेड खान और सुजैन खान उनके कजिन हैं।
फरदीन खान ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमनाबाई नर्सी स्कूल जुहू से संपन्न की है। वह बिजनेस मैनजमेंट से स्नातक है। उन्होंने अभिनय का प्रश्क्षिण किशोर नमित कपूर एक्टिंग स्कूल से लिया है।
फरदीन खान ने अपने अपने करियर की शुरुआत फिल्म प्रेम अगन से की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ नवोदित कलाकार का अवार्ड भी दिया गया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई बेहतरीन फ़िल्में की-जिनमे जंगल, लव के लिए साला कुछ भी करेगा, भूत, नो एंट्री, जानशीन,हे बेबी, आल द बेस्ट, ओम जय जगदीश शामिल हैं।
फरदीन खान की शादी फिल्म अभिनेत्रीं नताशा माधवानी से हुई है।
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फरदीन खान एक भारतीय फिल्म कलाकर हैं। फरदीन खान का जन्म आठ मार्च एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर को मुंबई में हुआ था। वह बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता फिरोज खान के बेटे हैं। उनकी माँ का नाम सुंदरी हैं। उनकी एक बहन हैं-लैला खान। फरदीन खान संजय खान और अकबर खान के भतीजे हैं। अभिनेता जेड खान और सुजैन खान उनके कजिन हैं। फरदीन खान ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमनाबाई नर्सी स्कूल जुहू से संपन्न की है। वह बिजनेस मैनजमेंट से स्नातक है। उन्होंने अभिनय का प्रश्क्षिण किशोर नमित कपूर एक्टिंग स्कूल से लिया है। फरदीन खान ने अपने अपने करियर की शुरुआत फिल्म प्रेम अगन से की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ नवोदित कलाकार का अवार्ड भी दिया गया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई बेहतरीन फ़िल्में की-जिनमे जंगल, लव के लिए साला कुछ भी करेगा, भूत, नो एंट्री, जानशीन,हे बेबी, आल द बेस्ट, ओम जय जगदीश शामिल हैं। फरदीन खान की शादी फिल्म अभिनेत्रीं नताशा माधवानी से हुई है।
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मेसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप पर यूजर्स को आसान चैटिंग और मेसेजिंग अनुभव मिलता है और लगातार नए फीचर्स मिलते रहते हैं। व्हाट्सऐप बीटा वर्जन में कुछ नए फीचर्स के संकेत मिले हैं, जिनके साथ यूजर्स को बेहतर प्राइवेसी मिलेगी। सामने आया है कि जल्द यूजर्स अपना ऑनलाइन स्टेटस हाइड कर सकेंगे और व्यू वन्स मेसेज का स्क्रीनशॉट नहीं लिया जा सकेगा। इसके अलावा ग्रुप का हिस्सा बनने से पहले पार्टिसिपेंट को एडमिन्स की ओर से अप्रूवल मिलना जरूरी होगा।
व्हाट्सऐप अपडेट्स और फीचर्स की जानकारी देने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने बताया है कि व्हाट्सऐप ग्रुप सेटिंग्स में नए बदलाव देखने को मिले हैं। अब ग्रुप एडमिन्स की ओर से अप्रूव किए जाने के बाद ही नया पार्टिसिपेंट ग्रुप का हिस्सा बन सकेगा। इसके लिए एडमिन्स को ऐप में अलग सेक्शन दिखाया जाएगा, जहां सभी ग्रुप रिक्वेस्ट लिस्टेड होंगी। एडमिन्स के पास किसी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट या डिक्लाइन करने का विकल्प होगा।
स्क्रीनशॉट्स में दिख रहा है कि एडमिन्स को ग्रुप सेटिंग्स में जाने पर नया विकल्प दिखाया जाएगा। उन्हें 'अप्रूव न्यू पार्टिसिपेंट्स' के सामने दिख रहा टॉगल ऑन करना होगा, जिसके बाद कोई अपने-आप ग्रुप का हिस्सा नहीं बन सकेगा। साथ ही व्हाट्सऐप यूजर्स को मिलने वाले मेसेज रिऐक्शन फीचर में अब किसी भी इमोजी की मदद से प्रतिक्रिया देने का मौका मिल रहा है। '+' आइकन पर टैप करने के बाद यूजर्स विकल्प चुन सकते हैं।
व्हाट्सऐप इस्तेमाल करते वक्त नाम या नंबर के नीचे 'ऑनलाइन' लिखा नजर आता है और इसे छुपाने का ऑप्शन नहीं मिलता। जल्द यूजर्स अपना ऑनलाइन स्टेटस छुपा सकेंगे या फिर लास्ट सीन की तरह इसके लिए भी प्राइवेसी चुन सकेंगे। ऑनलाइन स्टेटस के लिए उन्हें 'एवरीवन' और 'सेम एज लास्ट सीन' दो विकल्प मिलेंगे। यानी कि लास्ट सीन और ऑनलाइन दोनों के लिए एक जैसा प्राइवेसी ऑप्शन चुना जा सकेगा।
व्हाट्सऐप में कोई फोटो या वीडियो केवल एक बाद दिखाने के लिए 'व्यू वन्स' फीचर के साथ भेजी जा सकती है, लेकिन उसका स्क्रीनशॉट लेकर फोटो सेव की जा सकती है। ऐसी स्थिति से यूजर्स को बचाने के लिए मेसेजिंग ऐप में व्यू वन्स मेसेजेस के लिए स्क्रीनशॉट ब्लॉकिंग फीचर मिलेगा। इस तरह व्यू वन्स मेसेज का स्क्रीनशॉट नहीं लिया जा सकेगा। व्हाट्सऐप यूजर्स को बिना बाकी पार्टिसिपेंट्स को नोटिफिकेशन मिले ग्रुप छोड़ने से जुड़ा फीचर भी मिलने वाला है।
मेटा की ओनरशिप वाला प्लेटफॉर्म एक नए सुरक्षा फीचर पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से अकाउंट को स्कैमर्स से सुरक्षित रखा जा सकेगा। लॉगिन अप्रूवल नाम का फीचर अभी डिवेलपमेंट मोड में है और इससे जुड़ी जानकारी सामने आई है। अभी व्हाट्सऐप यूजर्स को टू-स्टेप वेरिफिकेशन का विकल्प मिलता है, जो अकाउंट में अतिरिक्त सुरक्षा स्तर देता है। नए फीचर के साथ यूजर्स को दूसरे डिवाइस में लॉगिन करने पर नोटिफिकेशंस भेजे जाएंगे।
व्हाट्सऐप के मंथली ऐक्टिव यूजर्स में से करीब 55 प्रतिशत रोजाना इस मेसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें, मेटा ऐप्स इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या करीब 78 प्रतिशत है, और 22 प्रतिशत यूजर्स अन्य ऐप्स इस्तेमाल करते हैं।
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मेसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप पर यूजर्स को आसान चैटिंग और मेसेजिंग अनुभव मिलता है और लगातार नए फीचर्स मिलते रहते हैं। व्हाट्सऐप बीटा वर्जन में कुछ नए फीचर्स के संकेत मिले हैं, जिनके साथ यूजर्स को बेहतर प्राइवेसी मिलेगी। सामने आया है कि जल्द यूजर्स अपना ऑनलाइन स्टेटस हाइड कर सकेंगे और व्यू वन्स मेसेज का स्क्रीनशॉट नहीं लिया जा सकेगा। इसके अलावा ग्रुप का हिस्सा बनने से पहले पार्टिसिपेंट को एडमिन्स की ओर से अप्रूवल मिलना जरूरी होगा। व्हाट्सऐप अपडेट्स और फीचर्स की जानकारी देने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने बताया है कि व्हाट्सऐप ग्रुप सेटिंग्स में नए बदलाव देखने को मिले हैं। अब ग्रुप एडमिन्स की ओर से अप्रूव किए जाने के बाद ही नया पार्टिसिपेंट ग्रुप का हिस्सा बन सकेगा। इसके लिए एडमिन्स को ऐप में अलग सेक्शन दिखाया जाएगा, जहां सभी ग्रुप रिक्वेस्ट लिस्टेड होंगी। एडमिन्स के पास किसी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट या डिक्लाइन करने का विकल्प होगा। स्क्रीनशॉट्स में दिख रहा है कि एडमिन्स को ग्रुप सेटिंग्स में जाने पर नया विकल्प दिखाया जाएगा। उन्हें 'अप्रूव न्यू पार्टिसिपेंट्स' के सामने दिख रहा टॉगल ऑन करना होगा, जिसके बाद कोई अपने-आप ग्रुप का हिस्सा नहीं बन सकेगा। साथ ही व्हाट्सऐप यूजर्स को मिलने वाले मेसेज रिऐक्शन फीचर में अब किसी भी इमोजी की मदद से प्रतिक्रिया देने का मौका मिल रहा है। '+' आइकन पर टैप करने के बाद यूजर्स विकल्प चुन सकते हैं। व्हाट्सऐप इस्तेमाल करते वक्त नाम या नंबर के नीचे 'ऑनलाइन' लिखा नजर आता है और इसे छुपाने का ऑप्शन नहीं मिलता। जल्द यूजर्स अपना ऑनलाइन स्टेटस छुपा सकेंगे या फिर लास्ट सीन की तरह इसके लिए भी प्राइवेसी चुन सकेंगे। ऑनलाइन स्टेटस के लिए उन्हें 'एवरीवन' और 'सेम एज लास्ट सीन' दो विकल्प मिलेंगे। यानी कि लास्ट सीन और ऑनलाइन दोनों के लिए एक जैसा प्राइवेसी ऑप्शन चुना जा सकेगा। व्हाट्सऐप में कोई फोटो या वीडियो केवल एक बाद दिखाने के लिए 'व्यू वन्स' फीचर के साथ भेजी जा सकती है, लेकिन उसका स्क्रीनशॉट लेकर फोटो सेव की जा सकती है। ऐसी स्थिति से यूजर्स को बचाने के लिए मेसेजिंग ऐप में व्यू वन्स मेसेजेस के लिए स्क्रीनशॉट ब्लॉकिंग फीचर मिलेगा। इस तरह व्यू वन्स मेसेज का स्क्रीनशॉट नहीं लिया जा सकेगा। व्हाट्सऐप यूजर्स को बिना बाकी पार्टिसिपेंट्स को नोटिफिकेशन मिले ग्रुप छोड़ने से जुड़ा फीचर भी मिलने वाला है। मेटा की ओनरशिप वाला प्लेटफॉर्म एक नए सुरक्षा फीचर पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से अकाउंट को स्कैमर्स से सुरक्षित रखा जा सकेगा। लॉगिन अप्रूवल नाम का फीचर अभी डिवेलपमेंट मोड में है और इससे जुड़ी जानकारी सामने आई है। अभी व्हाट्सऐप यूजर्स को टू-स्टेप वेरिफिकेशन का विकल्प मिलता है, जो अकाउंट में अतिरिक्त सुरक्षा स्तर देता है। नए फीचर के साथ यूजर्स को दूसरे डिवाइस में लॉगिन करने पर नोटिफिकेशंस भेजे जाएंगे। व्हाट्सऐप के मंथली ऐक्टिव यूजर्स में से करीब पचपन प्रतिशत रोजाना इस मेसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें, मेटा ऐप्स इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या करीब अठहत्तर प्रतिशत है, और बाईस प्रतिशत यूजर्स अन्य ऐप्स इस्तेमाल करते हैं।
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि जहांगीरपुरी इलाके में विध्वंस अभियान को चुनिंदा रूप से एक विशेष धर्म को लक्षित करने का आरोप 'झूठा' था और अपने फैसले का बचाव किया।
एनडीएमसी ने जहांगीरपुरी में विध्वंस अभियान के खिलाफ जमीयत उलमा-ए-हिंद की याचिका के जवाब में दायर एक हलफनामे में कहा कि याचिकाकर्ता ने दुर्भाग्य से पूर्वाग्रह पैदा करने और कुछ अन्य उद्देश्यों को प्राप्त करने की दृष्टि से पूरी तरह से झूठी तस्वीर पेश की है।
एनडीएमसी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने इस न्यायालय के समक्ष प्रतिवादी निगम द्वारा बिना नोटिस के संपत्तियों को ध्वस्त करने के संबंध में गलत बयानी दी है, और यह एक विशेष धर्म को लक्षित करके चुनिंदा रूप से किया गया था।
"याचिका केवल इस आधार पर खारिज करने योग्य है कि याचिकाकर्ता ने इस माननीय न्यायालय के इक्विटी अधिकार क्षेत्र का आह्वान करते हुए झूठ का सहारा लिया है और दुर्भाग्य से, इसे एक अनुचित सांप्रदायिक रंग देकर एक नियमित प्रशासनिक अभ्यास को सनसनीखेज बनाने का प्रयास किया है, एनडीएमसी ने कहा।
एनडीएमसी ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों ने 20. 04. 2022 को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में किया गया कार्य किया है क्योंकि न्यायालयों ने बार-बार नगर अधिकारियों को रास्ते और फुटपाथों के अधिकार को खाली करने के आदेश जारी किए हैं। अतिक्रमणों से।
"यह स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि यह इस कारण से है कि याचिकाकर्ता ने उपरोक्त संदर्भित तथ्यों को दबाते हुए अपना नाम दिया है और एक अन्यथा नियमित प्रशासनिक अभ्यास को सांप्रदायिक रूप से सनसनीखेज बनाने का प्रयास किया है जो दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत किया जा रहा था और लक्षित नहीं किया गया था। कोई भी धर्म या समुदाय, "एनडीएमसी ने कहा।
इसने बिना किसी अधिकार क्षेत्र के इस तरह के मुकदमे दायर करने वाले एक संगठन के बारे में गंभीरता से विचार करने की भी मांग की।
स्कूल की यथास्थिति के बाद जारी तोड़फोड़ के मुद्दे पर, एनडीएमसी ने कहा कि जैसे ही कानूनी सलाहकार ने इस तथ्य को सत्यापित किया और मुझे यथास्थिति के बारे में सूचित किया और निगम ने चल रही प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले को आगे की सुनवाई के लिए जुलाई के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा किए गए विध्वंस अभियान पर यथास्थिति को बढ़ा दिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने तर्क दिया था कि विध्वंस अभियान के माध्यम से समाज के एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने इस पर भी सवाल उठाया था कि एक भाजपा नेता ऐसे अतिक्रमणों को गिराने के संबंध में पत्र कैसे लिख सकता है और एनडीएमसी ने इसे ध्वस्त कर दिया।
एक याचिकाकर्ता, जमीयत उलमा-ए-हिंद ने हिंसा जैसी आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के संदेह में व्यक्तियों के घरों को गिराने के लिए बुलडोजर लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट से केंद्र और राज्य सरकारों को उचित निर्देश जारी करने का आग्रह किया है कि किसी भी आपराधिक कार्यवाही में किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई स्थायी कार्रवाई नहीं की जाए और निर्देश जारी करें कि आवासीय आवास को दंडात्मक उपाय के रूप में नहीं तोड़ा जा सकता है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने अपनी याचिका में कहा कि हाल ही में कई राज्यों में सरकारी प्रशासन द्वारा आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को तोड़ने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जो कि दंगों जैसी आपराधिक घटनाओं में कथित रूप से शामिल व्यक्तियों के प्रति दंडात्मक उपाय के रूप में है।
"हिंसा के कथित कृत्यों के जवाब में, कई राज्यों में प्रशासन ऐसी घटनाओं में शामिल होने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के घरों को गिराने के लिए बुलडोजर लगा रहा है। मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने इस तरह के कृत्यों की वकालत करते हुए बयान दिए हैं और विशेष रूप से दंगों के मामले में अल्पसंख्यक समूहों को उनके घरों और व्यावसायिक संपत्तियों को नष्ट करने की धमकी दी है। याचिका पढ़ी।
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि जहांगीरपुरी इलाके में विध्वंस अभियान को चुनिंदा रूप से एक विशेष धर्म को लक्षित करने का आरोप 'झूठा' था और अपने फैसले का बचाव किया। एनडीएमसी ने जहांगीरपुरी में विध्वंस अभियान के खिलाफ जमीयत उलमा-ए-हिंद की याचिका के जवाब में दायर एक हलफनामे में कहा कि याचिकाकर्ता ने दुर्भाग्य से पूर्वाग्रह पैदा करने और कुछ अन्य उद्देश्यों को प्राप्त करने की दृष्टि से पूरी तरह से झूठी तस्वीर पेश की है। एनडीएमसी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने इस न्यायालय के समक्ष प्रतिवादी निगम द्वारा बिना नोटिस के संपत्तियों को ध्वस्त करने के संबंध में गलत बयानी दी है, और यह एक विशेष धर्म को लक्षित करके चुनिंदा रूप से किया गया था। "याचिका केवल इस आधार पर खारिज करने योग्य है कि याचिकाकर्ता ने इस माननीय न्यायालय के इक्विटी अधिकार क्षेत्र का आह्वान करते हुए झूठ का सहारा लिया है और दुर्भाग्य से, इसे एक अनुचित सांप्रदायिक रंग देकर एक नियमित प्रशासनिक अभ्यास को सनसनीखेज बनाने का प्रयास किया है, एनडीएमसी ने कहा। एनडीएमसी ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों ने बीस. चार. दो हज़ार बाईस को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में किया गया कार्य किया है क्योंकि न्यायालयों ने बार-बार नगर अधिकारियों को रास्ते और फुटपाथों के अधिकार को खाली करने के आदेश जारी किए हैं। अतिक्रमणों से। "यह स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि यह इस कारण से है कि याचिकाकर्ता ने उपरोक्त संदर्भित तथ्यों को दबाते हुए अपना नाम दिया है और एक अन्यथा नियमित प्रशासनिक अभ्यास को सांप्रदायिक रूप से सनसनीखेज बनाने का प्रयास किया है जो दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत किया जा रहा था और लक्षित नहीं किया गया था। कोई भी धर्म या समुदाय, "एनडीएमसी ने कहा। इसने बिना किसी अधिकार क्षेत्र के इस तरह के मुकदमे दायर करने वाले एक संगठन के बारे में गंभीरता से विचार करने की भी मांग की। स्कूल की यथास्थिति के बाद जारी तोड़फोड़ के मुद्दे पर, एनडीएमसी ने कहा कि जैसे ही कानूनी सलाहकार ने इस तथ्य को सत्यापित किया और मुझे यथास्थिति के बारे में सूचित किया और निगम ने चल रही प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले को आगे की सुनवाई के लिए जुलाई के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा किए गए विध्वंस अभियान पर यथास्थिति को बढ़ा दिया था। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने तर्क दिया था कि विध्वंस अभियान के माध्यम से समाज के एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इस पर भी सवाल उठाया था कि एक भाजपा नेता ऐसे अतिक्रमणों को गिराने के संबंध में पत्र कैसे लिख सकता है और एनडीएमसी ने इसे ध्वस्त कर दिया। एक याचिकाकर्ता, जमीयत उलमा-ए-हिंद ने हिंसा जैसी आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के संदेह में व्यक्तियों के घरों को गिराने के लिए बुलडोजर लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट से केंद्र और राज्य सरकारों को उचित निर्देश जारी करने का आग्रह किया है कि किसी भी आपराधिक कार्यवाही में किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई स्थायी कार्रवाई नहीं की जाए और निर्देश जारी करें कि आवासीय आवास को दंडात्मक उपाय के रूप में नहीं तोड़ा जा सकता है। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने अपनी याचिका में कहा कि हाल ही में कई राज्यों में सरकारी प्रशासन द्वारा आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को तोड़ने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जो कि दंगों जैसी आपराधिक घटनाओं में कथित रूप से शामिल व्यक्तियों के प्रति दंडात्मक उपाय के रूप में है। "हिंसा के कथित कृत्यों के जवाब में, कई राज्यों में प्रशासन ऐसी घटनाओं में शामिल होने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के घरों को गिराने के लिए बुलडोजर लगा रहा है। मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने इस तरह के कृत्यों की वकालत करते हुए बयान दिए हैं और विशेष रूप से दंगों के मामले में अल्पसंख्यक समूहों को उनके घरों और व्यावसायिक संपत्तियों को नष्ट करने की धमकी दी है। याचिका पढ़ी।
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Ranchi: झारखंड विद्युत सप्लाई तकनीकी श्रमिक संघ की ओर से डेली वेज कर्मियों को अपने अधीन रखने की मांग जेबीबीवीएनएल से की गयी है. इस संबंध में संघ की ओर से जेबीवीएनएल के कार्यकारी प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है. पत्र में श्रमिकों की ओर से डेली वेज कर्मियों को निगम से सीधे भुगतान करने की मांग की गयी है.
संघ के अध्यक्ष भानू कुमार ने बताया कि तकनीकी श्रमिकों में लाइनमैन आदि आते हैं, जो 2017 के पहले तक निगम के अधीन कार्य करते थे और निगम ही इनका भुगतान भी करता था. लेकिन 2017 के बाद निगम ने इन्हें एजेंसियों के अधीन दे दिया जिससे निगम के 1861 कर्मियों का शोषण शुरू हुआ. वहीं अलग अलग तरीकों से इनके अधिकारों का हनन होने लगा.
भानू ने बताया कि साल 2017 में जब एजेंसियों को डेली वेज कर्मियों के अधीन करने की बात आयी तो संघ ने काफी विरोध किया. इस दौरान ऊर्जा सचिव, ऊर्जा विकास के सीएमडी और बिजली वितरण के एमडी ने पुरानी व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्रवाई शुरू की. लेकिन इसका कोई अंजाम नहीं निकला.
भानू ने बताया कि निगम को भी जानकारी है कि एजेंसियां मनमानी काम करती हैं. सुरक्षा के लिए कर्मियों को मिलने वाले हेलमेट, किट आदि भी नहीं दी जाती. वहीं जितने कर्मी फील्ड में काम करते हैं, उससे अधिक की सूची निगम को दी जाती है. जिससे एजेंसियों को मुनाफा होता है.
1861 कर्मियों को निगम के अधीन करने की मांग करते हुए भानू ने कहा कि बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ओर से हर महीने अलग अलग एजेंसियों को करोड़ों भुगतान किया जाता है, जबकि निगम को कई बार झूठी जानकारी दी जाती है. वहीं कर्मियों को पीएफ आदि की सुविधा न दी जायें इसका भी ध्यान रखा जाता है.
ऐसे में अगर एजेंसी इन कर्मियों को अपने अधीन रख काम करायेगी तो सरकार का कम से कम पचास लाख रुपये हर महीने बचेगा. उन्होंने निगम अधिकारियों से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की.
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Ranchi: झारखंड विद्युत सप्लाई तकनीकी श्रमिक संघ की ओर से डेली वेज कर्मियों को अपने अधीन रखने की मांग जेबीबीवीएनएल से की गयी है. इस संबंध में संघ की ओर से जेबीवीएनएल के कार्यकारी प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है. पत्र में श्रमिकों की ओर से डेली वेज कर्मियों को निगम से सीधे भुगतान करने की मांग की गयी है. संघ के अध्यक्ष भानू कुमार ने बताया कि तकनीकी श्रमिकों में लाइनमैन आदि आते हैं, जो दो हज़ार सत्रह के पहले तक निगम के अधीन कार्य करते थे और निगम ही इनका भुगतान भी करता था. लेकिन दो हज़ार सत्रह के बाद निगम ने इन्हें एजेंसियों के अधीन दे दिया जिससे निगम के एक हज़ार आठ सौ इकसठ कर्मियों का शोषण शुरू हुआ. वहीं अलग अलग तरीकों से इनके अधिकारों का हनन होने लगा. भानू ने बताया कि साल दो हज़ार सत्रह में जब एजेंसियों को डेली वेज कर्मियों के अधीन करने की बात आयी तो संघ ने काफी विरोध किया. इस दौरान ऊर्जा सचिव, ऊर्जा विकास के सीएमडी और बिजली वितरण के एमडी ने पुरानी व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्रवाई शुरू की. लेकिन इसका कोई अंजाम नहीं निकला. भानू ने बताया कि निगम को भी जानकारी है कि एजेंसियां मनमानी काम करती हैं. सुरक्षा के लिए कर्मियों को मिलने वाले हेलमेट, किट आदि भी नहीं दी जाती. वहीं जितने कर्मी फील्ड में काम करते हैं, उससे अधिक की सूची निगम को दी जाती है. जिससे एजेंसियों को मुनाफा होता है. एक हज़ार आठ सौ इकसठ कर्मियों को निगम के अधीन करने की मांग करते हुए भानू ने कहा कि बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ओर से हर महीने अलग अलग एजेंसियों को करोड़ों भुगतान किया जाता है, जबकि निगम को कई बार झूठी जानकारी दी जाती है. वहीं कर्मियों को पीएफ आदि की सुविधा न दी जायें इसका भी ध्यान रखा जाता है. ऐसे में अगर एजेंसी इन कर्मियों को अपने अधीन रख काम करायेगी तो सरकार का कम से कम पचास लाख रुपये हर महीने बचेगा. उन्होंने निगम अधिकारियों से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की.
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परीक्षा में पढ़ाने के विचार के आस-पास कई मुद्दे हैं। एक तरफ, कई लोगों का मानना है कि शिक्षण छात्र के ज्ञान का परीक्षण करना अधिक कठिन बनाता है क्योंकि फोकस समग्र परीक्षण पर है, समग्र शिक्षा पर नहीं। एक बार सीखा, छात्र परीक्षण आधारित ज्ञान को त्याग सकते हैं और फिर अगले परीक्षण के लिए अध्ययन करना शुरू कर सकते हैं। जाहिर है, यह दृष्टिकोण भाषा रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित नहीं करता है, जो अधिग्रहण के लिए आवश्यक है।
दूसरी तरफ, जिन छात्रों को परीक्षा में क्या है, उन्हें 'सटीक' जानने के बिना परीक्षण में फेंक दिया गया है, शायद यह नहीं पता कि अध्ययन करना क्या है। यह कई शिक्षकों के लिए एक conundrum प्रस्तुत करता हैः क्या मैं व्यावहारिक रूप से उद्देश्यों को पूरा करता हूं या क्या मैं कार्बनिक सीखने की अनुमति देता हूं?
अंग्रेजी शिक्षक के लिए, सौभाग्य से, परीक्षा परिणाम जीवन में सफलता या विफलता का कारण नहीं बनेंगे जैसा कि एसएटी, जीएसएटी या अन्य बड़ी परीक्षाओं के मामले में है। अधिकांश भाग के लिए, हम प्रत्येक छात्र की सापेक्ष सफलता या विफलता के उत्पादन और मापने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, मुझे प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर छात्रों के ग्रेड को परीक्षण का एक बेहद सटीक माध्यम माना जाता है।
दुर्भाग्यवश, कई आधुनिक छात्र अध्ययन के परीक्षण-आधारित तरीके से आदी हो गए हैं। कुछ मामलों में, छात्र हमें स्पष्ट रूप से परिभाषित परीक्षण देने की उम्मीद करते हैं। यह व्याकरण वर्गों को पढ़ाने के दौरान विशेष रूप से सच है।
हालांकि, कभी-कभी, छात्र इन परीक्षणों पर बहुत अच्छा नहीं करते हैं।
यह इस तथ्य के कारण है कि छात्र अक्सर दिशाओं के महत्व से परिचित नहीं होते हैं। छात्र पहले से ही अपने अंग्रेजी के बारे में परेशान हैं और निर्देशों का पालन किए बिना अभ्यास में सीधे कूदते हैं। बेशक, अंग्रेजी में दिशा निर्देश भाषा अधिग्रहण प्रक्रिया का हिस्सा है।
हालांकि, यह कभी-कभी रास्ते में आता है।
इस कारण से, किसी भी प्रकार का मानक मूल्यांकन परीक्षण देते समय, मुझे परीक्षण के लिए अग्रणी समीक्षा सत्र में त्वरित नकली परीक्षण प्रदान करके "परीक्षण को पढ़ाना" पसंद है। विशेष रूप से निचले स्तर पर , इस प्रकार की समीक्षा छात्रों को उनकी वास्तविक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी क्योंकि वे समझेंगे कि उनके बारे में क्या अपेक्षा की जाती है।
यहां एक उदाहरण ग्रैमर फाइनल से पहले प्रदान की गई एक समीक्षा समीक्षा प्रश्नोत्तरी है। परीक्षण वर्तमान पूर्ण, साथ ही पिछले सरल और वर्तमान परिपूर्ण के बीच उपयोग में अंतर पर केंद्रित है। आपको उदाहरण प्रश्नोत्तरी के नीचे सूचीबद्ध नोट्स और टिप्स मिलेंगे।
भाग 1 - सर्कल सही मदद क्रिया।
1. क्या उसने अभी तक दोपहर का भोजन किया है?
2. क्या उन्होंने आज फुटबॉल खेला है?
3. क्या आपने सुशी खाई है?
भाग 2 - वर्तमान परफेक्ट क्रिया के साथ खाली भरें।
1. फ्रेड (प्ले / +) __________________ टेनिस कई बार।
2. वह आज सुबह (-) __________________ नाश्ता है।
3. पीटर और मैं (इस सप्ताह _______________ मछली खाते हैं)।
भाग 3 - इस उत्तर के साथ एक वर्तमान सही प्रश्न बनाएं।
एः नहीं, मैंने आज टॉम नहीं देखा है।
एः हाँ, वे शिकागो गए हैं।
एः हाँ, उसने Google के लिए काम किया है।
भाग 4 - रिक्त में सही V3 (पिछला भाग) लिखें।
1. मेरे जीवन में ___________ एक लेम्बोर्गिनी नहीं है।
2. उसके पास _________ धूम्रपान सिगरेट स्वस्थ होने के लिए है।
3. उनके पास इस सप्ताह दो बार ____________ फुटबॉल है।
भाग 5 - क्रिया फॉर्मः क्रिया के सही रूप के साथ रिक्त स्थान भरें।
भाग 6 - वाक्यों को पूरा करने के लिए 'के लिए' या 'से' लिखें।
1. मैं पोर्टलैंड _____ बीस साल में रहता हूं।
2. उसने पियानो _________ 2004 का अध्ययन किया है।
3. उन्होंने इतालवी भोजन पकाया है _______ वे किशोर थे।
4. मेरे दोस्तों ने उस कंपनी _________ में लंबे, लंबे समय तक काम किया है।
भाग 7 - एक पूर्ण वाक्य के साथ प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दें।
1. आपने कब तक अंग्रेजी बोली है?
एः _________ के लिए _______________________।
2. आपने फुटबॉल कब तक खेला है?
एः ______________ ___________ के बाद से।
3. आप उसे कब तक जानते हैं?
एः ___________ के लिए ____________________________।
भाग 8 - क्रिया का सही रूप लिखें। सरल अतीत या वर्तमान सही चुनें।
1. वह तीन साल पहले न्यूयॉर्क में ___________ (जाओ)।
2. मैं दस साल के लिए __________________ (धूम्रपान) सिगरेट।
3. वह कल _______________ (आनंद लें / -) फिल्म।
4. _________ आप __________ (खाने) पहले सुशी?
भाग 9. सही जवाब सर्किल करें।
1. कल दोपहर फ्रेड _________ केक।
2. मैं पीईएलए में दो महीने के लिए __________।
भाग 10 - इन बातचीत में रिक्त स्थान भरें। वर्तमान सही या सरल अतीत का प्रयोग करें।
पीटरः क्या आपने कभी एक कार खरीदी है?
सुसानः हाँ, मेरे पास है।
पीटरः कूल! क्या कार ___________ आप _________ (खरीद)
सुसानः मैं पिछले साल मर्सिडीज _________ (खरीद) खरीदता हूं।
- यह सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक छात्र वास्तव में एक व्हाइटबोर्ड पर प्रोजेक्ट करें कि प्रत्येक छात्र वास्तव में क्या अपेक्षा करता है।
- छात्रों से आने और प्रश्नोत्तरी के अलग-अलग वर्गों को पूरा करने के लिए कहें। अन्य छात्रों को यह बताएं कि क्या उन्होंने व्यायाम को सही तरीके से पूरा किया है या नहीं।
- व्हाईटबोर्ड पर, दिशा-निर्देशों में सर्कल कीवर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्र विशिष्ट निर्देशों का ध्यान रखें।
- प्रत्येक अभ्यास में पहले प्रश्न के लिए, एक छात्र से व्हाइटबोर्ड पर सवाल पूरा करने के लिए कहें। छात्र से यह बताने के लिए कहें कि उन्होंने इस तरह उत्तर क्यों दिया।
- समय अभिव्यक्तियों पर विशेष ध्यान दें। छात्र भूल जाते हैं कि ये कितने महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, अभ्यास में छह छात्रों को यह तय करने की आवश्यकता है कि 'के लिए' या 'से' का उपयोग किया जाना चाहिए या नहीं । प्रत्येक छात्र से पूछें कि उन्होंने 'के लिए' या 'से' क्यों चुना है।
- एकाधिक विकल्प प्रश्नों पर, छात्रों से पूछें कि प्रत्येक गलत उत्तर गलत क्यों है।
- एक समीक्षा प्रश्नोत्तरी वास्तविक परीक्षण के समान लंबाई बनाने के बारे में चिंता न करें। इसे कम रखें क्योंकि फोकस परीक्षण को 'कैसे' समझने पर है।
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परीक्षा में पढ़ाने के विचार के आस-पास कई मुद्दे हैं। एक तरफ, कई लोगों का मानना है कि शिक्षण छात्र के ज्ञान का परीक्षण करना अधिक कठिन बनाता है क्योंकि फोकस समग्र परीक्षण पर है, समग्र शिक्षा पर नहीं। एक बार सीखा, छात्र परीक्षण आधारित ज्ञान को त्याग सकते हैं और फिर अगले परीक्षण के लिए अध्ययन करना शुरू कर सकते हैं। जाहिर है, यह दृष्टिकोण भाषा रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित नहीं करता है, जो अधिग्रहण के लिए आवश्यक है। दूसरी तरफ, जिन छात्रों को परीक्षा में क्या है, उन्हें 'सटीक' जानने के बिना परीक्षण में फेंक दिया गया है, शायद यह नहीं पता कि अध्ययन करना क्या है। यह कई शिक्षकों के लिए एक conundrum प्रस्तुत करता हैः क्या मैं व्यावहारिक रूप से उद्देश्यों को पूरा करता हूं या क्या मैं कार्बनिक सीखने की अनुमति देता हूं? अंग्रेजी शिक्षक के लिए, सौभाग्य से, परीक्षा परिणाम जीवन में सफलता या विफलता का कारण नहीं बनेंगे जैसा कि एसएटी, जीएसएटी या अन्य बड़ी परीक्षाओं के मामले में है। अधिकांश भाग के लिए, हम प्रत्येक छात्र की सापेक्ष सफलता या विफलता के उत्पादन और मापने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, मुझे प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर छात्रों के ग्रेड को परीक्षण का एक बेहद सटीक माध्यम माना जाता है। दुर्भाग्यवश, कई आधुनिक छात्र अध्ययन के परीक्षण-आधारित तरीके से आदी हो गए हैं। कुछ मामलों में, छात्र हमें स्पष्ट रूप से परिभाषित परीक्षण देने की उम्मीद करते हैं। यह व्याकरण वर्गों को पढ़ाने के दौरान विशेष रूप से सच है। हालांकि, कभी-कभी, छात्र इन परीक्षणों पर बहुत अच्छा नहीं करते हैं। यह इस तथ्य के कारण है कि छात्र अक्सर दिशाओं के महत्व से परिचित नहीं होते हैं। छात्र पहले से ही अपने अंग्रेजी के बारे में परेशान हैं और निर्देशों का पालन किए बिना अभ्यास में सीधे कूदते हैं। बेशक, अंग्रेजी में दिशा निर्देश भाषा अधिग्रहण प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, यह कभी-कभी रास्ते में आता है। इस कारण से, किसी भी प्रकार का मानक मूल्यांकन परीक्षण देते समय, मुझे परीक्षण के लिए अग्रणी समीक्षा सत्र में त्वरित नकली परीक्षण प्रदान करके "परीक्षण को पढ़ाना" पसंद है। विशेष रूप से निचले स्तर पर , इस प्रकार की समीक्षा छात्रों को उनकी वास्तविक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी क्योंकि वे समझेंगे कि उनके बारे में क्या अपेक्षा की जाती है। यहां एक उदाहरण ग्रैमर फाइनल से पहले प्रदान की गई एक समीक्षा समीक्षा प्रश्नोत्तरी है। परीक्षण वर्तमान पूर्ण, साथ ही पिछले सरल और वर्तमान परिपूर्ण के बीच उपयोग में अंतर पर केंद्रित है। आपको उदाहरण प्रश्नोत्तरी के नीचे सूचीबद्ध नोट्स और टिप्स मिलेंगे। भाग एक - सर्कल सही मदद क्रिया। एक. क्या उसने अभी तक दोपहर का भोजन किया है? दो. क्या उन्होंने आज फुटबॉल खेला है? तीन. क्या आपने सुशी खाई है? भाग दो - वर्तमान परफेक्ट क्रिया के साथ खाली भरें। एक. फ्रेड __________________ टेनिस कई बार। दो. वह आज सुबह __________________ नाश्ता है। तीन. पीटर और मैं । भाग तीन - इस उत्तर के साथ एक वर्तमान सही प्रश्न बनाएं। एः नहीं, मैंने आज टॉम नहीं देखा है। एः हाँ, वे शिकागो गए हैं। एः हाँ, उसने Google के लिए काम किया है। भाग चार - रिक्त में सही Vतीन लिखें। एक. मेरे जीवन में ___________ एक लेम्बोर्गिनी नहीं है। दो. उसके पास _________ धूम्रपान सिगरेट स्वस्थ होने के लिए है। तीन. उनके पास इस सप्ताह दो बार ____________ फुटबॉल है। भाग पाँच - क्रिया फॉर्मः क्रिया के सही रूप के साथ रिक्त स्थान भरें। भाग छः - वाक्यों को पूरा करने के लिए 'के लिए' या 'से' लिखें। एक. मैं पोर्टलैंड _____ बीस साल में रहता हूं। दो. उसने पियानो _________ दो हज़ार चार का अध्ययन किया है। तीन. उन्होंने इतालवी भोजन पकाया है _______ वे किशोर थे। चार. मेरे दोस्तों ने उस कंपनी _________ में लंबे, लंबे समय तक काम किया है। भाग सात - एक पूर्ण वाक्य के साथ प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दें। एक. आपने कब तक अंग्रेजी बोली है? एः _________ के लिए _______________________। दो. आपने फुटबॉल कब तक खेला है? एः ______________ ___________ के बाद से। तीन. आप उसे कब तक जानते हैं? एः ___________ के लिए ____________________________। भाग आठ - क्रिया का सही रूप लिखें। सरल अतीत या वर्तमान सही चुनें। एक. वह तीन साल पहले न्यूयॉर्क में ___________ । दो. मैं दस साल के लिए __________________ सिगरेट। तीन. वह कल _______________ फिल्म। चार. _________ आप __________ पहले सुशी? भाग नौ. सही जवाब सर्किल करें। एक. कल दोपहर फ्रेड _________ केक। दो. मैं पीईएलए में दो महीने के लिए __________। भाग दस - इन बातचीत में रिक्त स्थान भरें। वर्तमान सही या सरल अतीत का प्रयोग करें। पीटरः क्या आपने कभी एक कार खरीदी है? सुसानः हाँ, मेरे पास है। पीटरः कूल! क्या कार ___________ आप _________ सुसानः मैं पिछले साल मर्सिडीज _________ खरीदता हूं। - यह सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक छात्र वास्तव में एक व्हाइटबोर्ड पर प्रोजेक्ट करें कि प्रत्येक छात्र वास्तव में क्या अपेक्षा करता है। - छात्रों से आने और प्रश्नोत्तरी के अलग-अलग वर्गों को पूरा करने के लिए कहें। अन्य छात्रों को यह बताएं कि क्या उन्होंने व्यायाम को सही तरीके से पूरा किया है या नहीं। - व्हाईटबोर्ड पर, दिशा-निर्देशों में सर्कल कीवर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्र विशिष्ट निर्देशों का ध्यान रखें। - प्रत्येक अभ्यास में पहले प्रश्न के लिए, एक छात्र से व्हाइटबोर्ड पर सवाल पूरा करने के लिए कहें। छात्र से यह बताने के लिए कहें कि उन्होंने इस तरह उत्तर क्यों दिया। - समय अभिव्यक्तियों पर विशेष ध्यान दें। छात्र भूल जाते हैं कि ये कितने महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, अभ्यास में छह छात्रों को यह तय करने की आवश्यकता है कि 'के लिए' या 'से' का उपयोग किया जाना चाहिए या नहीं । प्रत्येक छात्र से पूछें कि उन्होंने 'के लिए' या 'से' क्यों चुना है। - एकाधिक विकल्प प्रश्नों पर, छात्रों से पूछें कि प्रत्येक गलत उत्तर गलत क्यों है। - एक समीक्षा प्रश्नोत्तरी वास्तविक परीक्षण के समान लंबाई बनाने के बारे में चिंता न करें। इसे कम रखें क्योंकि फोकस परीक्षण को 'कैसे' समझने पर है।
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भराड़ी (राकेश): एसआईयू बिलासपुर की टीम ने बड़डू में एक व्यक्ति से 34 बोतलें अवैध शराब बरामद की है। पुलिस इस संदर्भ में मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार एसआईयू टीम प्रभारी नरेन्द्र कौंडल की अगुवाई में टीम शुक्रवार शाम के समय पुलिस थाना घुमारवीं के अंतर्गत आते गांव बड़डू की तरफ गश्त कर रही थी। इस दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति के घर में अवैध रूप से शराब रखी हुई है। टीम ने जब व्यक्ति के घर की तलाशी ली ताे काफी देर तक तलाश करने पर भी कुछ नही मिला। जब टीम के प्रभारी नरेंद्र कौंडल ने घर की रसोईघर में तलाशी ली तो चिमनी में छिपाई शराब की खेप बरामद हुई। मौके पर देसी शराब की 34 बोतलें बरामद हुईं। व्यक्ति के खिलाफ थाना घुमारवीं में हिमाचल आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है। मामले की पुष्टि डीएसपी अनिल ठाकुर ने की है।
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भराड़ी : एसआईयू बिलासपुर की टीम ने बड़डू में एक व्यक्ति से चौंतीस बोतलें अवैध शराब बरामद की है। पुलिस इस संदर्भ में मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार एसआईयू टीम प्रभारी नरेन्द्र कौंडल की अगुवाई में टीम शुक्रवार शाम के समय पुलिस थाना घुमारवीं के अंतर्गत आते गांव बड़डू की तरफ गश्त कर रही थी। इस दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति के घर में अवैध रूप से शराब रखी हुई है। टीम ने जब व्यक्ति के घर की तलाशी ली ताे काफी देर तक तलाश करने पर भी कुछ नही मिला। जब टीम के प्रभारी नरेंद्र कौंडल ने घर की रसोईघर में तलाशी ली तो चिमनी में छिपाई शराब की खेप बरामद हुई। मौके पर देसी शराब की चौंतीस बोतलें बरामद हुईं। व्यक्ति के खिलाफ थाना घुमारवीं में हिमाचल आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है। मामले की पुष्टि डीएसपी अनिल ठाकुर ने की है।
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उनके इस प्रदर्शन को विश्व क्रिकेट में हमेशा के लिए याद रखा जाएगा। रोहित ने अपने खेल में कुछ तकनीकी बदलाव करके इंग्लैंड की पिचों पर कमाल दिखा दिया हैं। वो वनडे क्रिकेट की रैंकिंग में नंबर दो पर बने हुए हैं और अपने ताजा प्रदर्शन से पहले नंबर पर मौजूद विराट कोहली (Virat Kohli) के और करीब पहुंच गए हैं।
अपने फैंस का कौतूहल दूर करने के लिए अब खुद कप्तान कोहली ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली ने अपने और विलियम्स से लेकर मैच को लेकर टीम इंडिया की तैयारी पर बात की।
भारत सेमीफाइनल में मंगलवार को मैनचेस्टर में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा जबकि पांच बार का चैंपियन और गत विजेता आस्ट्रेलिया गुरुवार को र्बिमंघम में चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के खिलाफ उतरेगा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम में वनडे टीम की कप्तान मिताली राज द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोच रमेश पोवार ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने ने कहा कि सेमीफाइनल में मिताली राज को टीम से बाहर करने के फैसले की वजह आपसी बात नहीं बल्कि पूरी तरह से क्रिकेट से जुड़ा था।
भारतीय महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमी फाइनल दौर में प्रवेश कर लिया है। क्वॉर्टरफाइनल राउंड में मैरी कॉम का सामना चाइना की बॉक्सर वू यू से हुआ जहां उन्होंने चीनी खिलाड़ी को 5-0 से हरा दिया और सेमी फाइनल दौर में प्रवेश किया।
बैडमिंटन टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन आज से 28 अक्टूबर तक चलेगा। भारत की तरफ से इस टूर्नामेंट में पिछली बार के चैंपियन किदांबी श्रीकांत, स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू और हाल ही में हुए डेनमार्क ओपन की सिल्वर मेडलिस्ट सायना नेहवाल खिताब के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
इस मैच में सिंधू को जीत मिल जाती है और अगर दूसरे सेमी फाइनल में सायना को हराने वाली स्पेन की कैरोलीना मारिन जीततीं हैं तो इस टूर्नामेंट का फाइनल काफी रोमांचक होगा।
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उनके इस प्रदर्शन को विश्व क्रिकेट में हमेशा के लिए याद रखा जाएगा। रोहित ने अपने खेल में कुछ तकनीकी बदलाव करके इंग्लैंड की पिचों पर कमाल दिखा दिया हैं। वो वनडे क्रिकेट की रैंकिंग में नंबर दो पर बने हुए हैं और अपने ताजा प्रदर्शन से पहले नंबर पर मौजूद विराट कोहली के और करीब पहुंच गए हैं। अपने फैंस का कौतूहल दूर करने के लिए अब खुद कप्तान कोहली ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली ने अपने और विलियम्स से लेकर मैच को लेकर टीम इंडिया की तैयारी पर बात की। भारत सेमीफाइनल में मंगलवार को मैनचेस्टर में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा जबकि पांच बार का चैंपियन और गत विजेता आस्ट्रेलिया गुरुवार को र्बिमंघम में चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के खिलाफ उतरेगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम में वनडे टीम की कप्तान मिताली राज द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोच रमेश पोवार ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने ने कहा कि सेमीफाइनल में मिताली राज को टीम से बाहर करने के फैसले की वजह आपसी बात नहीं बल्कि पूरी तरह से क्रिकेट से जुड़ा था। भारतीय महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमी फाइनल दौर में प्रवेश कर लिया है। क्वॉर्टरफाइनल राउंड में मैरी कॉम का सामना चाइना की बॉक्सर वू यू से हुआ जहां उन्होंने चीनी खिलाड़ी को पाँच-शून्य से हरा दिया और सेमी फाइनल दौर में प्रवेश किया। बैडमिंटन टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन आज से अट्ठाईस अक्टूबर तक चलेगा। भारत की तरफ से इस टूर्नामेंट में पिछली बार के चैंपियन किदांबी श्रीकांत, स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू और हाल ही में हुए डेनमार्क ओपन की सिल्वर मेडलिस्ट सायना नेहवाल खिताब के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे। इस मैच में सिंधू को जीत मिल जाती है और अगर दूसरे सेमी फाइनल में सायना को हराने वाली स्पेन की कैरोलीना मारिन जीततीं हैं तो इस टूर्नामेंट का फाइनल काफी रोमांचक होगा।
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पटना- कथा-साहित्य और काव्य-सौष्ठव के लिए विख्यात प्रफुल्ल चंद्र ओझा 'मुक्त' समकालीन हिंदी साहित्य के एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर थे। साहित्य की सभी विधाओं में उन्होंने अधिकार पूर्वक लिखा। आकाशवाणी से सक्रियता से जुड़े रहे। वे मंचों की शोभा हीं नही विद्वता के पर्याय भी थे। उन्हें हिंदी साहित्य के विशाल प्राचीर के सुदृढ़ स्तम्भ के रूप में सदा स्मरण किया जाता रहेगा।
यह बातें आज यहाँ 'मुक्त' जी की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह और कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए, सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कही। डा सुलभ ने कहा कि, उनकी भाषा बहुत हीं प्रांजल और मुग्धकारी थी। उनके गद्य में भी कविता का लालित्य और मधुर श्रिंगार देखा जा सकता है। वे एक उच्चश्रेणी के पत्रकार और संस्मरणकार भी थे।
अतिथियों का स्वागत करते हुए, सम्मेलन के उपाध्यक्ष डा शंकर प्रसाद ने कहा कि मुक्त जी का साहित्य उनके व्यक्तित्व के समान हीं आकर्षक है। वे सदा मुस्कुराते रहनेवाले सुदर्शन साहित्य-सेवी थे। उनकी भाव-प्रवण चमकती आँखें और उनकी सुंदर लिखावट मोहित करती थीं। सुप्रसिद्ध कथाकार छट्ठू ठाकुर, डा नागेश्वर प्रसाद यादव तथा अंबरीष कांत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
डा शंकर प्रसाद ने जब तरन्नुम से यह ग़ज़ल पढ़ी कि, " पूछता जा मेरी दहलीज़ से जाने वाले/ क्या गुजरती है तेरी जान पे मरने वाले", तो श्रोताओं के आह-आह और वाह-वाह से सम्मेलन गूँज उठा। व्यंग्य के वरिष्ठ कवि ओम् प्रकाश पांडेय 'प्रकाश' ने इन पंक्तियों से नक़ली मूछों पर चुटकी ली कि, "ढक्कन को तो बहुत देखा था मगर, पेंदी को कभी ढकते नही देखा/ असली को तो ख़ूब देखा मगर नक़ली मूँछों को पकते नहीं देखा"।
युवा कवयित्री नंदनी प्रणय ने यों फ़रमाया कि, "चलो आज कुछ बात नयी की जाए/ कुछ ऐसा कि मरने वाला भी जी जाए"। डा विनय कुमार विष्णुपुरी, बच्चा ठाकुर, श्रीकांत व्यास, सुनील कुमार दूबे, कृष्ण मोहन प्रसाद, कवयित्री पूजा ऋतुराज, शर्मिष्ठा, मो सुलेमान, जय प्रकाश पुजारी, कुमारी मेनका, शुभ चंद्र सिन्हा, अश्वनी कुमार, नेहाल कुमार सिंह निर्मल, राज किशोर झा तथा विष्णुदेव साह ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं पर प्रभाव डालने में सफल रहे। मंच का संचालन कवि योगेन्द्र प्रसाद मिश्र ने किया।
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पटना- कथा-साहित्य और काव्य-सौष्ठव के लिए विख्यात प्रफुल्ल चंद्र ओझा 'मुक्त' समकालीन हिंदी साहित्य के एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर थे। साहित्य की सभी विधाओं में उन्होंने अधिकार पूर्वक लिखा। आकाशवाणी से सक्रियता से जुड़े रहे। वे मंचों की शोभा हीं नही विद्वता के पर्याय भी थे। उन्हें हिंदी साहित्य के विशाल प्राचीर के सुदृढ़ स्तम्भ के रूप में सदा स्मरण किया जाता रहेगा। यह बातें आज यहाँ 'मुक्त' जी की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह और कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए, सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कही। डा सुलभ ने कहा कि, उनकी भाषा बहुत हीं प्रांजल और मुग्धकारी थी। उनके गद्य में भी कविता का लालित्य और मधुर श्रिंगार देखा जा सकता है। वे एक उच्चश्रेणी के पत्रकार और संस्मरणकार भी थे। अतिथियों का स्वागत करते हुए, सम्मेलन के उपाध्यक्ष डा शंकर प्रसाद ने कहा कि मुक्त जी का साहित्य उनके व्यक्तित्व के समान हीं आकर्षक है। वे सदा मुस्कुराते रहनेवाले सुदर्शन साहित्य-सेवी थे। उनकी भाव-प्रवण चमकती आँखें और उनकी सुंदर लिखावट मोहित करती थीं। सुप्रसिद्ध कथाकार छट्ठू ठाकुर, डा नागेश्वर प्रसाद यादव तथा अंबरीष कांत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डा शंकर प्रसाद ने जब तरन्नुम से यह ग़ज़ल पढ़ी कि, " पूछता जा मेरी दहलीज़ से जाने वाले/ क्या गुजरती है तेरी जान पे मरने वाले", तो श्रोताओं के आह-आह और वाह-वाह से सम्मेलन गूँज उठा। व्यंग्य के वरिष्ठ कवि ओम् प्रकाश पांडेय 'प्रकाश' ने इन पंक्तियों से नक़ली मूछों पर चुटकी ली कि, "ढक्कन को तो बहुत देखा था मगर, पेंदी को कभी ढकते नही देखा/ असली को तो ख़ूब देखा मगर नक़ली मूँछों को पकते नहीं देखा"। युवा कवयित्री नंदनी प्रणय ने यों फ़रमाया कि, "चलो आज कुछ बात नयी की जाए/ कुछ ऐसा कि मरने वाला भी जी जाए"। डा विनय कुमार विष्णुपुरी, बच्चा ठाकुर, श्रीकांत व्यास, सुनील कुमार दूबे, कृष्ण मोहन प्रसाद, कवयित्री पूजा ऋतुराज, शर्मिष्ठा, मो सुलेमान, जय प्रकाश पुजारी, कुमारी मेनका, शुभ चंद्र सिन्हा, अश्वनी कुमार, नेहाल कुमार सिंह निर्मल, राज किशोर झा तथा विष्णुदेव साह ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं पर प्रभाव डालने में सफल रहे। मंच का संचालन कवि योगेन्द्र प्रसाद मिश्र ने किया।
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उजियारपुर, निज संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय स्थित उजियारपुर उप डाकघर में कार्यरत लक्ष्मी कुमार राय को विभाग ने उनके विरुद्ध नियुक्ति संबंधी एक लंबित मामले में कार्रवाई करते हुए पद से बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों से मिली सूत्र के अनुसार बर्खास्त किये गए डाक वितरक 2015 से उजियारपुर उपडाकघर में कार्यरत थे। बताया जाता है कि उनकी नियुक्ति में मेधा अंक पायदान में नीचे रहने के बावजूद नियमो की अनदेखी कर नियुक्ति कर दी गई थी। विभाग द्वारा प्रकाशित मेधा सूची में प्रथम दावेदार चांदचौर मध्य के नवल किशोर सिंह की पत्नी रेणुका देवी थी। बताते चले कि इस संबंध में रेणुका देवी ने डाक विभाग में लक्ष्मी कुमार राय डाक वितरक की नियुक्ति गलत तरीके से किये जाने की शिकायत किया था जो लंबित था। इसी के आलोक में वर्तमान मुख्य डाक अधीक्षक समस्तीपुर ने कार्रवाई करते हुए उनकी बर्खास्तगी का आदेश दिया है। इस संबंध में मुख्य डाकघर समस्तीपुर के डाक अधीक्षक राजीव कुमार ने डाक वितरक लक्ष्मी कुमार राय को बर्खास्त करने की पुष्टि करते हुए बताया कि नियुक्ति संबंधित लंबित मामले की कार्रवाई के तहत उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
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उजियारपुर, निज संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय स्थित उजियारपुर उप डाकघर में कार्यरत लक्ष्मी कुमार राय को विभाग ने उनके विरुद्ध नियुक्ति संबंधी एक लंबित मामले में कार्रवाई करते हुए पद से बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों से मिली सूत्र के अनुसार बर्खास्त किये गए डाक वितरक दो हज़ार पंद्रह से उजियारपुर उपडाकघर में कार्यरत थे। बताया जाता है कि उनकी नियुक्ति में मेधा अंक पायदान में नीचे रहने के बावजूद नियमो की अनदेखी कर नियुक्ति कर दी गई थी। विभाग द्वारा प्रकाशित मेधा सूची में प्रथम दावेदार चांदचौर मध्य के नवल किशोर सिंह की पत्नी रेणुका देवी थी। बताते चले कि इस संबंध में रेणुका देवी ने डाक विभाग में लक्ष्मी कुमार राय डाक वितरक की नियुक्ति गलत तरीके से किये जाने की शिकायत किया था जो लंबित था। इसी के आलोक में वर्तमान मुख्य डाक अधीक्षक समस्तीपुर ने कार्रवाई करते हुए उनकी बर्खास्तगी का आदेश दिया है। इस संबंध में मुख्य डाकघर समस्तीपुर के डाक अधीक्षक राजीव कुमार ने डाक वितरक लक्ष्मी कुमार राय को बर्खास्त करने की पुष्टि करते हुए बताया कि नियुक्ति संबंधित लंबित मामले की कार्रवाई के तहत उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
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इसपर निषाद पहले तो संकोच करते हुए कुछ बोले नहीं, लेकिन फिर ज्यादा वक्त ना बर्बाद करते हुए उन्होंने कह दिया कि हां उन्हें सवाल याद नहीं है। इसके बाद महाजन के कार्रवाई आगे बढ़ा दी। निषाद यूपी में बीजेपी के प्रमुख चेहरे हैं। वह 52 साल के हैं। राम चरित्र साल 2015 में गोरखपुर में निषाद आंदोलन के लिए हुए प्रदर्शन के खिलाफ खड़े थे। उन्होंने उस जगह का दौरा भी किया था जहां प्रदर्शन के चलते एक शख्स की मौत हो गई थी।
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इसपर निषाद पहले तो संकोच करते हुए कुछ बोले नहीं, लेकिन फिर ज्यादा वक्त ना बर्बाद करते हुए उन्होंने कह दिया कि हां उन्हें सवाल याद नहीं है। इसके बाद महाजन के कार्रवाई आगे बढ़ा दी। निषाद यूपी में बीजेपी के प्रमुख चेहरे हैं। वह बावन साल के हैं। राम चरित्र साल दो हज़ार पंद्रह में गोरखपुर में निषाद आंदोलन के लिए हुए प्रदर्शन के खिलाफ खड़े थे। उन्होंने उस जगह का दौरा भी किया था जहां प्रदर्शन के चलते एक शख्स की मौत हो गई थी।
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सीरियल 'कसौटी जिंदगी की' में 'प्रेरणा' का लीड रोल निभाने वाली एक्ट्रेस श्वेता तिवारी 40 साल की उम्र में भी बेहद ही फिट और जवान दिखती हैं। श्वेता तिवारी अक्सर अपने फिटनेस वीडियो फैन्स के साथ करती नजर आ जाती हैं। सोशल मीडिया पर श्वेता तिवारी की लंबी फैन फॉलोइंग है। एक्ट्रेस को 2. 6 मिलियन से ज्यादा लोग इंस्टाग्राम पर फॉलो करते हैं। श्वेता तिवारी कहने के लिए तो दो बच्चों क मां हैं, हालांकि वह अपने अंदाज और स्टाइल से आज की युवा एक्ट्रेसिज को टक्कर देती हैं।
एक्ट्रेस श्वेता तिवारी की बड़ी बेटी पलक 20 साल की हो गई हैं। वहीं साल 2016 में 'कसौटी जिंदगी की' फेम ने रेयांश को जन्म दिया था। हालांकि अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान श्वेता का वजन काफी बढ़ गया था। गर्भावस्था के समय एक्ट्रेस का वजन बढ़कर 73 किलो हो गया था। लेकिन पोस्टपाटर्म वेट लॉस के दौरान एक्ट्रेस ने लगभग 10 किलो वजन घटाया था। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि श्वेता ने केवल डाइट के जरिए अपना वजन कम किया था।
एक इंटरव्यू के दौरान श्वेता कि डाइटिशियन किनिता कडाकिया पटेल ने बताया था कि एक्ट्रेस अपने वजन कम करने की जर्नी में केवल हेल्दी डाइट ही खाती थीं। किनिता के मुताबिक सबसे पहले श्वेता की डाइट में कार्बोहाइड्रेट को कम किया गया। साथ ही कई तरह के हाई क्वालिटी प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स को शामिल किया गया।
पोस्टपार्टम वेट लॉस जर्नी के दौरान श्वेता की डाइट में हाई फाइबर फूड जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, दाल और सीजनल वेजिटेबल शामिल थे। साथ ही वह हर दिन अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन किया करती थीं।
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सीरियल 'कसौटी जिंदगी की' में 'प्रेरणा' का लीड रोल निभाने वाली एक्ट्रेस श्वेता तिवारी चालीस साल की उम्र में भी बेहद ही फिट और जवान दिखती हैं। श्वेता तिवारी अक्सर अपने फिटनेस वीडियो फैन्स के साथ करती नजर आ जाती हैं। सोशल मीडिया पर श्वेता तिवारी की लंबी फैन फॉलोइंग है। एक्ट्रेस को दो. छः मिलियन से ज्यादा लोग इंस्टाग्राम पर फॉलो करते हैं। श्वेता तिवारी कहने के लिए तो दो बच्चों क मां हैं, हालांकि वह अपने अंदाज और स्टाइल से आज की युवा एक्ट्रेसिज को टक्कर देती हैं। एक्ट्रेस श्वेता तिवारी की बड़ी बेटी पलक बीस साल की हो गई हैं। वहीं साल दो हज़ार सोलह में 'कसौटी जिंदगी की' फेम ने रेयांश को जन्म दिया था। हालांकि अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान श्वेता का वजन काफी बढ़ गया था। गर्भावस्था के समय एक्ट्रेस का वजन बढ़कर तिहत्तर किलो हो गया था। लेकिन पोस्टपाटर्म वेट लॉस के दौरान एक्ट्रेस ने लगभग दस किलो वजन घटाया था। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि श्वेता ने केवल डाइट के जरिए अपना वजन कम किया था। एक इंटरव्यू के दौरान श्वेता कि डाइटिशियन किनिता कडाकिया पटेल ने बताया था कि एक्ट्रेस अपने वजन कम करने की जर्नी में केवल हेल्दी डाइट ही खाती थीं। किनिता के मुताबिक सबसे पहले श्वेता की डाइट में कार्बोहाइड्रेट को कम किया गया। साथ ही कई तरह के हाई क्वालिटी प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स को शामिल किया गया। पोस्टपार्टम वेट लॉस जर्नी के दौरान श्वेता की डाइट में हाई फाइबर फूड जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, दाल और सीजनल वेजिटेबल शामिल थे। साथ ही वह हर दिन अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन किया करती थीं।
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एक महत्वाकांक्षी प्रबंधक जो ईमानदारी पर है औरवह प्रबंधन में उत्तराधिकार में एक रेस्तरां व्यवसाय बनाने में कामयाब रहे; मिखाइल ज़ेलमैन पहले ही दो साल के लिए धूमिल अल्बियन में रहने चले गए थे, अपने सहयोगियों को सभी रूसी संपत्ति बेच रहे थे। लंदन में, वह सफलतापूर्वक एक रेस्तरां श्रृंखला का प्रबंधन करता है और इंग्लैंड में व्यावसायिक संस्कृति पर प्रशिक्षण आयोजित करता है। मांस का प्यार, इसकी तैयारी, और फिर कमाई - ये इस सफल उद्यमी की सफलता के प्राथमिकता वाले घटक हैं। मिखाइल पश्चिमी बाजार में प्रवेश करने वाले पहले लोगों में से एक था, जिसने ट्रेनों में लंच बॉक्स बेचने की पेशकश की और मेनू पर "एक डिश" की अवधारणा के साथ आया।
सार्वजनिक मामलों में एक भविष्य के प्रर्वतक का जन्ममास्को में 1977 में भोजन। 15 साल की उम्र में, एक बाहरी छात्र ने स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और तुरंत एक वस्तु विनिमय के लिए दलाली कार्यालय में काम करने चला गया। वह राज्य रिजर्व को भोजन की आपूर्ति में शामिल था। उसी समय उन्होंने रेस्तरां के मुद्दों में शामिल होना शुरू कर दिया और, यदि संभव हो तो, मवेशी खेतों और गोमांस उत्पादन केंद्रों का दौरा किया, जहां उन्होंने मांस व्यवसाय का अध्ययन किया।
एक्सचेंज के युवा कर्मचारी के लिए कामरेडगंभीर नहीं है। लेकिन फिर भी वे उसे सोची होटल "पर्ल" में वाउचर बेचने के व्यवसाय में ले गए। मिखाइल ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनका पहला व्यावसायिक साझेदार 10 वर्ष का था, और व्यवसाय की बारीकियों को सीखने की इच्छा ने ज़ेलमैन को अक्सर चुप रहने दिया और वाणिज्य के मामलों में अपने सहयोगियों के साथ विरोधाभास नहीं किया।
हालांकि, यह लंबे समय तक नहीं चला। पहले से ही 22 साल की उम्र में, युवक ने महानगरीय बोहेमियन "सैन मिशेल" के लिए उस समय का पहला फैशनेबल रेस्तरां खोला। चार साल बाद (2003 में) उन्होंने पूरे होल्डिंग अर्पिकॉम की स्थापना की और "बेस्ट रेस्ट्रॉटर" पुरस्कार के विजेता बने।
शिक्षा से, मिखाइल ज़ेलमैन एक वकील है। उन्होंने वेटर, कुक, sommelier और एकाउंटेंट के रूप में पाठ्यक्रमों में भी महारत हासिल की।
माइकल के पिता, विटाली याकोवलेविच, सोवियतएक वैज्ञानिक, एक समय में इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस मेडिसिन में इंस्ट्रूमेंटेशन के क्षेत्र में काम करता था। ओलंपिक 68 से पहले, उत्तरी काकेशस में सोवियत सवारों की एक टीम को प्रशिक्षित किया गया था। एक जूनियर रिसर्च ऑफिसर विटाली याकोवलेविच को वहां आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने एथलीटों को उच्च-ऊंचाई की स्थितियों के लिए अनुकूल करने के लिए एक कार्यक्रम विकसित किया था, जिन्होंने अंतरिक्ष यात्री के रूप में समान संवेदना, तनाव और ऑक्सीजन भुखमरी का अनुभव किया था। प्रशिक्षण शिविर में, तीस वर्षीय पिता मिखाइल को एक वरिष्ठ रसोइया नियुक्त किया गया था। जिस व्यक्ति ने कूपन रद्द करने के बाद पहली बार सॉसेज की कोशिश की, उसे अपने दम पर मेमने के शवों को प्राप्त करना था, और फिर उन्हें पकाना।
कोकेशियन मेहमाननवाज लोग हैं, उन्होंने जल्दी से परिचय दियानौसिखिया रसोइये के मामले में, और मास्को लौटने पर मिखाइल याकोवलेविच ने अनुसंधान छोड़ दिया और सरसों, सहिजन और मांस के उत्पादन के लिए एक सहकारी बनाना शुरू कर दिया।
तब पिता ने माँस पकाने का प्यार पैदा किया औरबेटा। मिखाइल ज़ेलमैन, एक संयोजक जिन्होंने एक अद्वितीय मोनोबॉड मेनू अवधारणा विकसित की है, एक लड़के के रूप में एक स्वादिष्ट बारबेक्यू चुनना और खाना बनाना सीखा है। और यह उसके पिता की योग्यता है।
1999 में, थिएटर से दूर नहीं। स्टैनिस्लावस्की ने फ्रांसीसी रेस्तरां "सैन मिशेल" खोला। वाइकिंग्स के लिए अभेद्य के रूप में, नॉरमैंडी में एक किले के साथ नामांकित चट्टानी द्वीप और उस समय फ्रेंच रेस्तरां के साथ खोला मास्को रेस्तरां मध्यम आय वाले लोगों के लिए उपलब्ध नहीं था। फैशनेबल जगह सस्ती नहीं थी और बोहेमिया की राजधानी की बैठकों के लिए अभिप्रेत थी। उदाहरण के लिए, बैरबेरी बतख की कीमत $ 95, और शराब की एक बोतल - $ 400 है। इसी समय, इंटीरियर को IKEA से फर्नीचर से सुसज्जित किया गया है, और पूरे प्रोजेक्ट की लागत शुरुआती व्यवसायी की लागत $ 1 मिलियन है।
मिखाइल ज़ेलमैन ने बाद में अपने पहले अनुभव को याद किया।"गलतियों का क्लासिक" के रूप में रेस्तरां का उद्घाटन। मुख्य चूक फ्रांसीसी व्यंजनों के व्यंजनों के साथ एक खानपान स्थान का निर्माण है, जब देश में भोजन की विशेषता नहीं थी।
एक दयालु व्यक्ति एक अच्छी तरह से खिलाया हुआ व्यक्ति है।
2004 में, एक बोहेमियन जगह को बदल दिया गयामोनोपेक्टर स्टेक हाउस गुडमैन। रेस्तरां की मुख्य अवधारणा मांस से विशेष रूप से व्यंजन तैयार करना था। विचार के लेखक ज़ेलमैन मिखाइल थे। गुडमैन के रेस्तरां ने न केवल रूसी लोगों को स्टीक संस्कृति से परिचित कराया, बल्कि रचनात्मक विज्ञापन के वाहक भी थे। विपणक का कार्य मांस पकाने में टीम की व्यावसायिकता पर जोर देने की आवश्यकता थी। जल्द ही विज्ञापन बैनर पर "हम मीनार बनाने में सक्षम हैं" का नारा दिया गया। सार्वजनिक प्रतिक्रिया एक सफलता थी - 2004 के अंत तक, गुडमैन प्रबंधकों ने एक कॉर्पोरेट नेटवर्क बनाना शुरू किया।
इस नेटवर्क के रेस्तरां व्यापार में खुलने लगेकेंद्र, जो 2006 के समय में एक गैर-मानक घटना थी, अंतर्राष्ट्रीय डिप्लोमा के साथ पुरस्कृत और क्षेत्रीय बाजारों में प्रवेश करती थी। 2008 की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना पश्चिमी बाजार में गुडमैन रेस्तरां का प्रवेश था। लंदन में स्टेकहाउस का उद्घाटन और 2010 में स्विट्जरलैंड में।
"अर्पिकोम" की स्थापना माइकल ने 2003 में की थी,कंपनी ने चार रेस्तरां व्यवसायों और कॉम्फिस प्लांट को मिलाया। 2010 में, होल्डिंग ने समूह की कंपनी फूड सर्विस कैपिटल में प्रवेश किया। स्टेक हाउस खोलने के अलावा, मिखाइल ज़ेलमैन ने व्यवसाय के लिए क्या विचार रखे? टॉयलेटरी लेखक, जिसका परिवार रिश्तों और शांति का सामंजस्य है, ने गैर-वैकल्पिक मेनू की अवधारणा को शब्द के अच्छे अर्थों में जारी रखा। एक साक्षात्कार में, उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य, एक जापानी रेस्तरां के मेनू से व्यंजन चुनते हैं, अक्सर एक आम भाषा नहीं पा सकते हैं, क्योंकि पसंद एक नर्वस मामला है। यही कारण है कि मिखाइल ज़ेलमैन की टीम अपने रेस्तरां के मेहमानों के लिए विकल्प बनाती है।
इसके खाने की अविश्वसनीय जगहों के आगंतुक केवल उस उत्पाद को चुन सकते हैं जिसे वे स्वाद लेना चाहते हैं।
उपद्रव के दो साल बादएक स्टीकहाउस के उद्घाटन के लिए, मिखाइल फिलिमोनोवा और यांकेल नामक रेस्तरां में मछली के व्यंजन पकाने का व्यवसाय शुरू कर रहा है। मेहमानों को लॉबस्टर, सीप, ट्राउट, सामन, टर्बोट की कोशिश करने के लिए आमंत्रित किया जाता है, और उत्पादों की ताजगी की गारंटी हॉल में आइस शोकेस द्वारा की जाती है जहां सबसे अच्छे मछली उत्पादों को ठंडा किया जाता है।
अद्वितीय की दिव्य परंपरा को जारी रखनाएक रेस्तरां प्रारूप में, मिखाइल एक कोलेबसॉफ़ बीयर प्रतिष्ठान खोलता है, जहां मेनू में विश्व बियर और ब्रांडेड सॉसेज शामिल हैं। अपने काम और इतालवी परंपराओं "मॉम के पास्ता" के साथ एक पारिवारिक रेस्तरां शुरू किया।
लंदन में, ज़ेलमैन ने बर्गर एंड लॉबस्टर की स्थापना की - रेस्तरां की एक श्रृंखला जहां बर्गर और लॉबस्टर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में विभिन्न व्यंजनों में प्रस्तुत किए जाते हैं। किसी भी डिश की कीमत 20 पाउंड है।
एकीकृत विद्युत नेटवर्क (CAP)
माइकल ने लोगों के स्वस्थ पोषण का ख्याल रखाजो सैकड़ों किलोमीटर से अधिक दूरी पर काम करने को मजबूर हैं। इसके लिए उन्होंने एक प्रोजेक्ट बनाया, जो कमर्शियल और स्टेट बिजनेस का मेल है। सीएपी रूस की रेलवे और एयरलाइन कंपनियों के लिए तथाकथित राशन (प्रति भोजन औसत हिस्सा) की आपूर्ति करता है।
सेंट पीटर्सबर्ग के पास कारखाने में दोपहर के भोजन के बक्से विशेष उपकरणों पर तैयार किए जा रहे हैं, जो आउटलेट पर सुरक्षित और स्वादिष्ट व्यंजन सुनिश्चित करता है।
माइकल की पसंदीदा चीज मांस खाना है। उसे इस विचार से अविश्वसनीय आनंद मिलता है कि वह लोगों को खाना खिला सकता है। जब यूलिया की पत्नी मिखाइल ज़ेलमैन रूस में रहती थी, तब एक दिन वे ख़ुशी से मास्को क्षेत्र में अपने उज्ज्वल देश के घर में मेहमान आए। मिखाइल ने खुद को सब कुछ तैयार कियाः उसने मांस खरीदा, मसाला उठाया, आग लगाई। उन्होंने अपनी पूरी आत्मा को मांस प्रसन्न करने की तैयारी में लगा दिया!
माइकल भी पेशेवर रूप से टेबल टेनिस में लगे हुए हैं, इसलिए पिंग-पोंग का खेल अपने खाली समय में पसंदीदा गतिविधियों में से एक बन गया है।
एक असली आदमी की तरह, ज़ेलमैन को शिकार करना पसंद है, और विशेष रूप से दोस्तों की पूरी आँखें, जब वह उन्हें ताजे भोजन के साथ पालता है।
माइकल का सबसे पसंदीदा व्यवसाय विकास हैरेस्तरां साम्राज्य। एक ईमानदार व्यवसायी, एक सभ्य व्यक्ति, एक उदार नियोक्ता और अपने क्षेत्र में एक पेशेवर, वह कभी भी व्यवसाय को नहीं बचाता है, लेकिन केवल लाभप्रद रूप से निवेश करता है।
लंदन में रहते हैं, माइकल प्रशिक्षण आयोजित करता है,मास्टर कक्षाएं और नौसिखिया महत्वाकांक्षी restaurateurs के साथ अपने अनुभव को साझा करता है। लेकिन निजी जीवन के रहस्यों को गुप्त रखा जाता है। एक बार एक बहुत प्रसिद्ध पत्रिका में, उन्होंने मांस और उसके खाना पकाने की लत के बारे में, रेस्तरां के व्यवसाय के बारे में बात की और कहा कि उनकी भावी पत्नी को इस उत्पाद से प्यार करना चाहिए। जाहिर है, वह अभी भी अपने सपनों की महिला को अपने हितों को साझा करते हुए पाया। वह एक प्रसिद्ध स्पोर्ट्स कमेंटेटर विक्टर गुसेव की बेटी बनीं।
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एक महत्वाकांक्षी प्रबंधक जो ईमानदारी पर है औरवह प्रबंधन में उत्तराधिकार में एक रेस्तरां व्यवसाय बनाने में कामयाब रहे; मिखाइल ज़ेलमैन पहले ही दो साल के लिए धूमिल अल्बियन में रहने चले गए थे, अपने सहयोगियों को सभी रूसी संपत्ति बेच रहे थे। लंदन में, वह सफलतापूर्वक एक रेस्तरां श्रृंखला का प्रबंधन करता है और इंग्लैंड में व्यावसायिक संस्कृति पर प्रशिक्षण आयोजित करता है। मांस का प्यार, इसकी तैयारी, और फिर कमाई - ये इस सफल उद्यमी की सफलता के प्राथमिकता वाले घटक हैं। मिखाइल पश्चिमी बाजार में प्रवेश करने वाले पहले लोगों में से एक था, जिसने ट्रेनों में लंच बॉक्स बेचने की पेशकश की और मेनू पर "एक डिश" की अवधारणा के साथ आया। सार्वजनिक मामलों में एक भविष्य के प्रर्वतक का जन्ममास्को में एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर में भोजन। पंद्रह साल की उम्र में, एक बाहरी छात्र ने स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और तुरंत एक वस्तु विनिमय के लिए दलाली कार्यालय में काम करने चला गया। वह राज्य रिजर्व को भोजन की आपूर्ति में शामिल था। उसी समय उन्होंने रेस्तरां के मुद्दों में शामिल होना शुरू कर दिया और, यदि संभव हो तो, मवेशी खेतों और गोमांस उत्पादन केंद्रों का दौरा किया, जहां उन्होंने मांस व्यवसाय का अध्ययन किया। एक्सचेंज के युवा कर्मचारी के लिए कामरेडगंभीर नहीं है। लेकिन फिर भी वे उसे सोची होटल "पर्ल" में वाउचर बेचने के व्यवसाय में ले गए। मिखाइल ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनका पहला व्यावसायिक साझेदार दस वर्ष का था, और व्यवसाय की बारीकियों को सीखने की इच्छा ने ज़ेलमैन को अक्सर चुप रहने दिया और वाणिज्य के मामलों में अपने सहयोगियों के साथ विरोधाभास नहीं किया। हालांकि, यह लंबे समय तक नहीं चला। पहले से ही बाईस साल की उम्र में, युवक ने महानगरीय बोहेमियन "सैन मिशेल" के लिए उस समय का पहला फैशनेबल रेस्तरां खोला। चार साल बाद उन्होंने पूरे होल्डिंग अर्पिकॉम की स्थापना की और "बेस्ट रेस्ट्रॉटर" पुरस्कार के विजेता बने। शिक्षा से, मिखाइल ज़ेलमैन एक वकील है। उन्होंने वेटर, कुक, sommelier और एकाउंटेंट के रूप में पाठ्यक्रमों में भी महारत हासिल की। माइकल के पिता, विटाली याकोवलेविच, सोवियतएक वैज्ञानिक, एक समय में इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस मेडिसिन में इंस्ट्रूमेंटेशन के क्षेत्र में काम करता था। ओलंपिक अड़सठ से पहले, उत्तरी काकेशस में सोवियत सवारों की एक टीम को प्रशिक्षित किया गया था। एक जूनियर रिसर्च ऑफिसर विटाली याकोवलेविच को वहां आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने एथलीटों को उच्च-ऊंचाई की स्थितियों के लिए अनुकूल करने के लिए एक कार्यक्रम विकसित किया था, जिन्होंने अंतरिक्ष यात्री के रूप में समान संवेदना, तनाव और ऑक्सीजन भुखमरी का अनुभव किया था। प्रशिक्षण शिविर में, तीस वर्षीय पिता मिखाइल को एक वरिष्ठ रसोइया नियुक्त किया गया था। जिस व्यक्ति ने कूपन रद्द करने के बाद पहली बार सॉसेज की कोशिश की, उसे अपने दम पर मेमने के शवों को प्राप्त करना था, और फिर उन्हें पकाना। कोकेशियन मेहमाननवाज लोग हैं, उन्होंने जल्दी से परिचय दियानौसिखिया रसोइये के मामले में, और मास्को लौटने पर मिखाइल याकोवलेविच ने अनुसंधान छोड़ दिया और सरसों, सहिजन और मांस के उत्पादन के लिए एक सहकारी बनाना शुरू कर दिया। तब पिता ने माँस पकाने का प्यार पैदा किया औरबेटा। मिखाइल ज़ेलमैन, एक संयोजक जिन्होंने एक अद्वितीय मोनोबॉड मेनू अवधारणा विकसित की है, एक लड़के के रूप में एक स्वादिष्ट बारबेक्यू चुनना और खाना बनाना सीखा है। और यह उसके पिता की योग्यता है। एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में, थिएटर से दूर नहीं। स्टैनिस्लावस्की ने फ्रांसीसी रेस्तरां "सैन मिशेल" खोला। वाइकिंग्स के लिए अभेद्य के रूप में, नॉरमैंडी में एक किले के साथ नामांकित चट्टानी द्वीप और उस समय फ्रेंच रेस्तरां के साथ खोला मास्को रेस्तरां मध्यम आय वाले लोगों के लिए उपलब्ध नहीं था। फैशनेबल जगह सस्ती नहीं थी और बोहेमिया की राजधानी की बैठकों के लिए अभिप्रेत थी। उदाहरण के लिए, बैरबेरी बतख की कीमत पचानवे डॉलर, और शराब की एक बोतल - चार सौ डॉलर है। इसी समय, इंटीरियर को IKEA से फर्नीचर से सुसज्जित किया गया है, और पूरे प्रोजेक्ट की लागत शुरुआती व्यवसायी की लागत एक डॉलर मिलियन है। मिखाइल ज़ेलमैन ने बाद में अपने पहले अनुभव को याद किया।"गलतियों का क्लासिक" के रूप में रेस्तरां का उद्घाटन। मुख्य चूक फ्रांसीसी व्यंजनों के व्यंजनों के साथ एक खानपान स्थान का निर्माण है, जब देश में भोजन की विशेषता नहीं थी। एक दयालु व्यक्ति एक अच्छी तरह से खिलाया हुआ व्यक्ति है। दो हज़ार चार में, एक बोहेमियन जगह को बदल दिया गयामोनोपेक्टर स्टेक हाउस गुडमैन। रेस्तरां की मुख्य अवधारणा मांस से विशेष रूप से व्यंजन तैयार करना था। विचार के लेखक ज़ेलमैन मिखाइल थे। गुडमैन के रेस्तरां ने न केवल रूसी लोगों को स्टीक संस्कृति से परिचित कराया, बल्कि रचनात्मक विज्ञापन के वाहक भी थे। विपणक का कार्य मांस पकाने में टीम की व्यावसायिकता पर जोर देने की आवश्यकता थी। जल्द ही विज्ञापन बैनर पर "हम मीनार बनाने में सक्षम हैं" का नारा दिया गया। सार्वजनिक प्रतिक्रिया एक सफलता थी - दो हज़ार चार के अंत तक, गुडमैन प्रबंधकों ने एक कॉर्पोरेट नेटवर्क बनाना शुरू किया। इस नेटवर्क के रेस्तरां व्यापार में खुलने लगेकेंद्र, जो दो हज़ार छः के समय में एक गैर-मानक घटना थी, अंतर्राष्ट्रीय डिप्लोमा के साथ पुरस्कृत और क्षेत्रीय बाजारों में प्रवेश करती थी। दो हज़ार आठ की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना पश्चिमी बाजार में गुडमैन रेस्तरां का प्रवेश था। लंदन में स्टेकहाउस का उद्घाटन और दो हज़ार दस में स्विट्जरलैंड में। "अर्पिकोम" की स्थापना माइकल ने दो हज़ार तीन में की थी,कंपनी ने चार रेस्तरां व्यवसायों और कॉम्फिस प्लांट को मिलाया। दो हज़ार दस में, होल्डिंग ने समूह की कंपनी फूड सर्विस कैपिटल में प्रवेश किया। स्टेक हाउस खोलने के अलावा, मिखाइल ज़ेलमैन ने व्यवसाय के लिए क्या विचार रखे? टॉयलेटरी लेखक, जिसका परिवार रिश्तों और शांति का सामंजस्य है, ने गैर-वैकल्पिक मेनू की अवधारणा को शब्द के अच्छे अर्थों में जारी रखा। एक साक्षात्कार में, उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य, एक जापानी रेस्तरां के मेनू से व्यंजन चुनते हैं, अक्सर एक आम भाषा नहीं पा सकते हैं, क्योंकि पसंद एक नर्वस मामला है। यही कारण है कि मिखाइल ज़ेलमैन की टीम अपने रेस्तरां के मेहमानों के लिए विकल्प बनाती है। इसके खाने की अविश्वसनीय जगहों के आगंतुक केवल उस उत्पाद को चुन सकते हैं जिसे वे स्वाद लेना चाहते हैं। उपद्रव के दो साल बादएक स्टीकहाउस के उद्घाटन के लिए, मिखाइल फिलिमोनोवा और यांकेल नामक रेस्तरां में मछली के व्यंजन पकाने का व्यवसाय शुरू कर रहा है। मेहमानों को लॉबस्टर, सीप, ट्राउट, सामन, टर्बोट की कोशिश करने के लिए आमंत्रित किया जाता है, और उत्पादों की ताजगी की गारंटी हॉल में आइस शोकेस द्वारा की जाती है जहां सबसे अच्छे मछली उत्पादों को ठंडा किया जाता है। अद्वितीय की दिव्य परंपरा को जारी रखनाएक रेस्तरां प्रारूप में, मिखाइल एक कोलेबसॉफ़ बीयर प्रतिष्ठान खोलता है, जहां मेनू में विश्व बियर और ब्रांडेड सॉसेज शामिल हैं। अपने काम और इतालवी परंपराओं "मॉम के पास्ता" के साथ एक पारिवारिक रेस्तरां शुरू किया। लंदन में, ज़ेलमैन ने बर्गर एंड लॉबस्टर की स्थापना की - रेस्तरां की एक श्रृंखला जहां बर्गर और लॉबस्टर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में विभिन्न व्यंजनों में प्रस्तुत किए जाते हैं। किसी भी डिश की कीमत बीस पाउंड है। एकीकृत विद्युत नेटवर्क माइकल ने लोगों के स्वस्थ पोषण का ख्याल रखाजो सैकड़ों किलोमीटर से अधिक दूरी पर काम करने को मजबूर हैं। इसके लिए उन्होंने एक प्रोजेक्ट बनाया, जो कमर्शियल और स्टेट बिजनेस का मेल है। सीएपी रूस की रेलवे और एयरलाइन कंपनियों के लिए तथाकथित राशन की आपूर्ति करता है। सेंट पीटर्सबर्ग के पास कारखाने में दोपहर के भोजन के बक्से विशेष उपकरणों पर तैयार किए जा रहे हैं, जो आउटलेट पर सुरक्षित और स्वादिष्ट व्यंजन सुनिश्चित करता है। माइकल की पसंदीदा चीज मांस खाना है। उसे इस विचार से अविश्वसनीय आनंद मिलता है कि वह लोगों को खाना खिला सकता है। जब यूलिया की पत्नी मिखाइल ज़ेलमैन रूस में रहती थी, तब एक दिन वे ख़ुशी से मास्को क्षेत्र में अपने उज्ज्वल देश के घर में मेहमान आए। मिखाइल ने खुद को सब कुछ तैयार कियाः उसने मांस खरीदा, मसाला उठाया, आग लगाई। उन्होंने अपनी पूरी आत्मा को मांस प्रसन्न करने की तैयारी में लगा दिया! माइकल भी पेशेवर रूप से टेबल टेनिस में लगे हुए हैं, इसलिए पिंग-पोंग का खेल अपने खाली समय में पसंदीदा गतिविधियों में से एक बन गया है। एक असली आदमी की तरह, ज़ेलमैन को शिकार करना पसंद है, और विशेष रूप से दोस्तों की पूरी आँखें, जब वह उन्हें ताजे भोजन के साथ पालता है। माइकल का सबसे पसंदीदा व्यवसाय विकास हैरेस्तरां साम्राज्य। एक ईमानदार व्यवसायी, एक सभ्य व्यक्ति, एक उदार नियोक्ता और अपने क्षेत्र में एक पेशेवर, वह कभी भी व्यवसाय को नहीं बचाता है, लेकिन केवल लाभप्रद रूप से निवेश करता है। लंदन में रहते हैं, माइकल प्रशिक्षण आयोजित करता है,मास्टर कक्षाएं और नौसिखिया महत्वाकांक्षी restaurateurs के साथ अपने अनुभव को साझा करता है। लेकिन निजी जीवन के रहस्यों को गुप्त रखा जाता है। एक बार एक बहुत प्रसिद्ध पत्रिका में, उन्होंने मांस और उसके खाना पकाने की लत के बारे में, रेस्तरां के व्यवसाय के बारे में बात की और कहा कि उनकी भावी पत्नी को इस उत्पाद से प्यार करना चाहिए। जाहिर है, वह अभी भी अपने सपनों की महिला को अपने हितों को साझा करते हुए पाया। वह एक प्रसिद्ध स्पोर्ट्स कमेंटेटर विक्टर गुसेव की बेटी बनीं।
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शब्द "बैक्टीरिया" ज्यादातर लोगों के लिए कुछ अप्रिय, और स्वास्थ्य के लिए खतरा के साथ संबद्ध। सबसे अच्छा में दूध उत्पादों याद है। सबसे खराब में - dysbiosis, प्लेग, पेचिश, और अन्य मुसीबतों। और बैक्टीरिया हर जगह हैं, वे अच्छे और बुरे हैं। क्या बैक्टीरिया छिपा कर सकते हैं?
ग्रीक में जीवाणु "छड़ी" का मतलब है। यह नाम मतलब यह नहीं है कि हम हानिकारक बैक्टीरिया मन में है कि। यह नाम है क्योंकि आकार के लिए उन्हें दिया गया था। इन एकल कोशिकाओं के अधिकांश लाठी की तरह लग रहे। उन्होंने यह भी में आते हैं त्रिकोण, के रूप चौराहों, तारामय सेल। अरब एक साल से अधिक बैक्टीरिया, स्वरूप बदलने नहीं है केवल आंतरिक रूप से बदला जा सकता है। वे मोबाइल और स्थिर हो सकता है। जीवाणु एक एकल कोशिका से बना है। बाहर यह एक पतली खोल से आच्छादित है। यह अपने आकार बनाए रखने के लिए अनुमति देता है। कोशिका के अंदर, वहाँ क्लोरोफिल का कोई नाभिक है। वहाँ राइबोसोम, रिक्तिकाएं, कोशिका द्रव्य, जीवद्रव्य की outgrowths। सबसे बड़ी जीवाणु 1999 में मिला था। यह "नामीबिया के ग्रे मोती" कहा जाता था। जीवाणु बेसिलस और एक ही बात का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन अलग मूल की है।
हमारा शरीर लगातार एक संघर्ष हानिकारक और फायदेमंद बैक्टीरिया द्वारा छेड़े गये है। इस प्रक्रिया के माध्यम से, एक व्यक्ति विभिन्न संक्रमण के खिलाफ संरक्षण प्राप्त करता है। विभिन्न हर मोड़ पर हमारे आसपास सूक्ष्म जीवों। वे कपड़ों पर रहते हैं, हवा में उड़ान भरने, वे सर्वव्यापी हैं।
मुंह में जीवाणुओं की उपस्थिति, और इसके बारे में चालीस हजार सूक्ष्मजीवों है, periodontal रोग से खून बह रहा है और यहां तक एनजाइना से मसूड़ों सुरक्षा करता है। एक औरत माइक्रोफ्लोरा परेशान है, तो वह स्त्रीरोगों रोगों शुरू कर सकते हैं। व्यक्तिगत स्वच्छता के बुनियादी नियमों का पालन ऐसी असफलताओं से बचने के लिए मदद मिलेगी।
माइक्रोफ्लोरा के राज्य मानव प्रतिरक्षा पर पूरी तरह से निर्भर करता है। केवल जठरांत्र पथ में सभी बैक्टीरिया का लगभग 60% है। बाकी श्वसन प्रणाली और सेक्स में स्थित हैं। आदमी बैक्टीरिया के बारे में दो किलो रहता है।
बस नवजात शिशु एक बाँझ पेट है। बाद जीव में अपनी पहली सांस सूक्ष्मजीवों, जो पहले परिचित नहीं था की अधिकता में प्रवेश करती है। मां के स्तन के दूध के लिए पहला लगाव बच्चे फायदेमंद बैक्टीरिया है कि मदद आंतों माइक्रोफ्लोरा को सामान्य बनाने में गुजरता है। नहीं कुछ नहीं के लिए डॉक्टरों का कहना है कि मां के तुरंत बाद उसके बच्चे के जन्म स्तनपान। उन्होंने यह भी इस तरह के खिला के विस्तार जब तक संभव हो सलाह देते हैं।
फायदेमंद बैक्टीरिया हैंः lactobacilli, bifidobacteria, ई कोलाई, streptomitsenty, मायकोरिजल कवक, साइनोबैक्टीरीया।
वे सभी मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनमें से कुछ, संक्रमण के उद्भव को रोकने जबकि दूसरों को दवाओं के निर्माण में उपयोग किया जाता है, दूसरों के हमारे ग्रह की पारिस्थितिकी तंत्र में एक संतुलन बनाए रखने के।
हानिकारक बैक्टीरिया एक व्यक्ति गंभीर रोगों के एक नंबर हो सकता है। उदाहरण, डिप्थीरिया, के लिए एंथ्रेक्स, गले में खराश, प्लेग और कई अन्य। वे आसानी से हवा, भोजन, स्पर्श के माध्यम से संक्रमित व्यक्ति से प्रेषित कर रहे हैं। यही कारण है कि बुरा बैक्टीरिया, नाम, जिनमें से नीचे सूचीबद्ध हैं, भोजन खराब है। उनमें से एक अप्रिय गंध है, वहाँ सड़ांध और क्षय है, वे बीमारी का कारण।
बैक्टीरिया, ग्राम पॉजिटिव ग्राम नकारात्मक हो सकता है, छड़ के आकार का।
(एक जैविक हथियार के रूप में विशेषज्ञों द्वारा माना)
हानिकारक बैक्टीरिया शरीर में एक लंबे समय हो सकता है और यह से पोषक तत्वों को अवशोषित कर सकते हैं। हालांकि, वे संक्रमण पैदा कर सकता।
सबसे प्रतिरोधी जीवाणुओं में से एक - मेथिसिलिन है। उन्होंने कहा कि "स्ताफ्य्लोकोच्चुस» (स्ताफ्य्लोकोच्चुस) के नाम के तहत अधिक जाना जाता है। यह सूक्ष्मजीव संक्रामक रोगों नहीं एक है, लेकिन कई पैदा करने के लिए सक्षम है। इन जीवाणुओं की कुछ प्रजातियों शक्तिशाली एंटीबायोटिक दवाओं और रोगाणुरोधकों के प्रतिरोधी रहे हैं। यह जीवाणु के तनाव खुले घावों और मूत्र चैनलों पृथ्वी का हर तीसरा निवासी में, ऊपरी श्वास नलिका में रह सकते हैं। जोखिम के बिना एक मजबूत प्रतिरक्षा के साथ एक व्यक्ति के लिए।
मनुष्य के लिए हानिकारक बैक्टीरिया - यह भी कहा जाता है साल्मोनेला टाइफी रोगज़नक़ों। वे तीव्र आंतों में संक्रमण और टाइफाइड की प्रेरणा का एजेंट कर रहे हैं। बैक्टीरिया है कि मनुष्य के लिए हानिकारक हैं के इन प्रकार, खतरनाक होते हैं क्योंकि वे जहरीले पदार्थ है कि जीवन के लिए बेहद खतरनाक हैं का उत्पादन। रोग प्रगति नशा, बहुत तेज बुखार होता है, शरीर पर एक खरोंच, यकृत और प्लीहा बढ़ जाती है। जीवाणु अत्यधिक विभिन्न बाहरी प्रभावों के लिए प्रतिरोधी है। पानी में अच्छा जीवन, सब्जियां, फल पर, और दूध से उत्पादों में अच्छी तरह से reproduces।
सबसे खतरनाक बैक्टीरिया के अलावा भी जीवाणु क्लोस्ट्रीडियम tetan लागू होता है। यह एक जहर "टिटनेस exotoxin" कहा जाता है पैदा करता है। जो लोग इस रोगज़नक़ से संक्रमित हैं, भयानक दर्द, ऐंठन, और बहुत मरने के लिए कठिन अनुभव करते हैं। रोग टिटनेस का आह्वान किया। तथ्य यह है कि टीका 1890 में वापस बनाया बावजूद, दुनिया में हर साल से यह 60 हजार लोगों को मर जाते हैं।
और एक और जीवाणु है कि एक व्यक्ति की मौत का कारण हो सकता है - एक माइकोबैक्टीरियम क्षयरोग। यह तपेदिक, जो दवाओं के लिए प्रतिरोधी है का कारण बनता है। असामयिक सहारा पर एक व्यक्ति मर सकते हैं।
हानिकारक बैक्टीरिया, सूक्ष्मजीवों खिताब कॉलेज चिकित्सकों सभी दिशाओं से सीखते हैं। स्वास्थ्य सालाना संक्रमण है कि मानव जीवन के लिए खतरनाक हैं के प्रसार को रोकने के लिए नए तरीकों के लिए खोज। निवारक उपाय के अनुपालन में इस तरह के रोगों का मुकाबला करने के लिए नए तरीके खोजने पर ऊर्जा व्यय करने के लिए नहीं होगा।
ऐसा करने के लिए, आप संक्रमण के स्रोत की पहचान करने के मामलों और संभव पीड़ितों की सीमा निर्धारित समय की जरूरत है। जरूरी जो लोग संक्रमित हैं और संक्रमित भट्ठी कीटाणुरहित करने के लिए अलग-थलग करने की जरूरत है।
दूसरे चरण - तरीकों के माध्यम से जो हानिकारक बैक्टीरिया को हस्तांतरित किया जा सकता है के विनाश। ऐसा करने के लिए, जनता के बीच उचित प्रचार करते हैं।
खाद्य भंडारण गोदामों के साथ बिजली की आपूर्ति की सुविधा, पानी जलाशयों पर नियंत्रण रखें।
प्रत्येक व्यक्ति हानिकारक बैक्टीरिया हर तरह से आपके प्रतिरक्षा को मजबूत बनाने का विरोध कर सकते हैं। स्वस्थ जीवन शैली, बुनियादी स्वच्छता के नियमों, स्वयं की रक्षा आप सेक्स, बाँझ डिस्पोजेबल चिकित्सा उपकरणों और उपकरण, लोग हैं, जो संगरोध में हैं के साथ संवाद स्थापित की पूरी प्रतिबंध का इस्तेमाल किया जाता है। जब महामारी विज्ञान या ठिकाना के क्षेत्र में इंजेक्शन सख्ती से सैनिटरी-महामारी विज्ञान सेवा के सभी आवश्यकताओं का अनुपालन करने के लिए आवश्यक है। संक्रमण के एक नंबर जैविक हथियारों के लिए अपने प्रभाव में बराबर हैं।
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शब्द "बैक्टीरिया" ज्यादातर लोगों के लिए कुछ अप्रिय, और स्वास्थ्य के लिए खतरा के साथ संबद्ध। सबसे अच्छा में दूध उत्पादों याद है। सबसे खराब में - dysbiosis, प्लेग, पेचिश, और अन्य मुसीबतों। और बैक्टीरिया हर जगह हैं, वे अच्छे और बुरे हैं। क्या बैक्टीरिया छिपा कर सकते हैं? ग्रीक में जीवाणु "छड़ी" का मतलब है। यह नाम मतलब यह नहीं है कि हम हानिकारक बैक्टीरिया मन में है कि। यह नाम है क्योंकि आकार के लिए उन्हें दिया गया था। इन एकल कोशिकाओं के अधिकांश लाठी की तरह लग रहे। उन्होंने यह भी में आते हैं त्रिकोण, के रूप चौराहों, तारामय सेल। अरब एक साल से अधिक बैक्टीरिया, स्वरूप बदलने नहीं है केवल आंतरिक रूप से बदला जा सकता है। वे मोबाइल और स्थिर हो सकता है। जीवाणु एक एकल कोशिका से बना है। बाहर यह एक पतली खोल से आच्छादित है। यह अपने आकार बनाए रखने के लिए अनुमति देता है। कोशिका के अंदर, वहाँ क्लोरोफिल का कोई नाभिक है। वहाँ राइबोसोम, रिक्तिकाएं, कोशिका द्रव्य, जीवद्रव्य की outgrowths। सबसे बड़ी जीवाणु एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में मिला था। यह "नामीबिया के ग्रे मोती" कहा जाता था। जीवाणु बेसिलस और एक ही बात का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन अलग मूल की है। हमारा शरीर लगातार एक संघर्ष हानिकारक और फायदेमंद बैक्टीरिया द्वारा छेड़े गये है। इस प्रक्रिया के माध्यम से, एक व्यक्ति विभिन्न संक्रमण के खिलाफ संरक्षण प्राप्त करता है। विभिन्न हर मोड़ पर हमारे आसपास सूक्ष्म जीवों। वे कपड़ों पर रहते हैं, हवा में उड़ान भरने, वे सर्वव्यापी हैं। मुंह में जीवाणुओं की उपस्थिति, और इसके बारे में चालीस हजार सूक्ष्मजीवों है, periodontal रोग से खून बह रहा है और यहां तक एनजाइना से मसूड़ों सुरक्षा करता है। एक औरत माइक्रोफ्लोरा परेशान है, तो वह स्त्रीरोगों रोगों शुरू कर सकते हैं। व्यक्तिगत स्वच्छता के बुनियादी नियमों का पालन ऐसी असफलताओं से बचने के लिए मदद मिलेगी। माइक्रोफ्लोरा के राज्य मानव प्रतिरक्षा पर पूरी तरह से निर्भर करता है। केवल जठरांत्र पथ में सभी बैक्टीरिया का लगभग साठ% है। बाकी श्वसन प्रणाली और सेक्स में स्थित हैं। आदमी बैक्टीरिया के बारे में दो किलो रहता है। बस नवजात शिशु एक बाँझ पेट है। बाद जीव में अपनी पहली सांस सूक्ष्मजीवों, जो पहले परिचित नहीं था की अधिकता में प्रवेश करती है। मां के स्तन के दूध के लिए पहला लगाव बच्चे फायदेमंद बैक्टीरिया है कि मदद आंतों माइक्रोफ्लोरा को सामान्य बनाने में गुजरता है। नहीं कुछ नहीं के लिए डॉक्टरों का कहना है कि मां के तुरंत बाद उसके बच्चे के जन्म स्तनपान। उन्होंने यह भी इस तरह के खिला के विस्तार जब तक संभव हो सलाह देते हैं। फायदेमंद बैक्टीरिया हैंः lactobacilli, bifidobacteria, ई कोलाई, streptomitsenty, मायकोरिजल कवक, साइनोबैक्टीरीया। वे सभी मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनमें से कुछ, संक्रमण के उद्भव को रोकने जबकि दूसरों को दवाओं के निर्माण में उपयोग किया जाता है, दूसरों के हमारे ग्रह की पारिस्थितिकी तंत्र में एक संतुलन बनाए रखने के। हानिकारक बैक्टीरिया एक व्यक्ति गंभीर रोगों के एक नंबर हो सकता है। उदाहरण, डिप्थीरिया, के लिए एंथ्रेक्स, गले में खराश, प्लेग और कई अन्य। वे आसानी से हवा, भोजन, स्पर्श के माध्यम से संक्रमित व्यक्ति से प्रेषित कर रहे हैं। यही कारण है कि बुरा बैक्टीरिया, नाम, जिनमें से नीचे सूचीबद्ध हैं, भोजन खराब है। उनमें से एक अप्रिय गंध है, वहाँ सड़ांध और क्षय है, वे बीमारी का कारण। बैक्टीरिया, ग्राम पॉजिटिव ग्राम नकारात्मक हो सकता है, छड़ के आकार का। हानिकारक बैक्टीरिया शरीर में एक लंबे समय हो सकता है और यह से पोषक तत्वों को अवशोषित कर सकते हैं। हालांकि, वे संक्रमण पैदा कर सकता। सबसे प्रतिरोधी जीवाणुओं में से एक - मेथिसिलिन है। उन्होंने कहा कि "स्ताफ्य्लोकोच्चुस» के नाम के तहत अधिक जाना जाता है। यह सूक्ष्मजीव संक्रामक रोगों नहीं एक है, लेकिन कई पैदा करने के लिए सक्षम है। इन जीवाणुओं की कुछ प्रजातियों शक्तिशाली एंटीबायोटिक दवाओं और रोगाणुरोधकों के प्रतिरोधी रहे हैं। यह जीवाणु के तनाव खुले घावों और मूत्र चैनलों पृथ्वी का हर तीसरा निवासी में, ऊपरी श्वास नलिका में रह सकते हैं। जोखिम के बिना एक मजबूत प्रतिरक्षा के साथ एक व्यक्ति के लिए। मनुष्य के लिए हानिकारक बैक्टीरिया - यह भी कहा जाता है साल्मोनेला टाइफी रोगज़नक़ों। वे तीव्र आंतों में संक्रमण और टाइफाइड की प्रेरणा का एजेंट कर रहे हैं। बैक्टीरिया है कि मनुष्य के लिए हानिकारक हैं के इन प्रकार, खतरनाक होते हैं क्योंकि वे जहरीले पदार्थ है कि जीवन के लिए बेहद खतरनाक हैं का उत्पादन। रोग प्रगति नशा, बहुत तेज बुखार होता है, शरीर पर एक खरोंच, यकृत और प्लीहा बढ़ जाती है। जीवाणु अत्यधिक विभिन्न बाहरी प्रभावों के लिए प्रतिरोधी है। पानी में अच्छा जीवन, सब्जियां, फल पर, और दूध से उत्पादों में अच्छी तरह से reproduces। सबसे खतरनाक बैक्टीरिया के अलावा भी जीवाणु क्लोस्ट्रीडियम tetan लागू होता है। यह एक जहर "टिटनेस exotoxin" कहा जाता है पैदा करता है। जो लोग इस रोगज़नक़ से संक्रमित हैं, भयानक दर्द, ऐंठन, और बहुत मरने के लिए कठिन अनुभव करते हैं। रोग टिटनेस का आह्वान किया। तथ्य यह है कि टीका एक हज़ार आठ सौ नब्बे में वापस बनाया बावजूद, दुनिया में हर साल से यह साठ हजार लोगों को मर जाते हैं। और एक और जीवाणु है कि एक व्यक्ति की मौत का कारण हो सकता है - एक माइकोबैक्टीरियम क्षयरोग। यह तपेदिक, जो दवाओं के लिए प्रतिरोधी है का कारण बनता है। असामयिक सहारा पर एक व्यक्ति मर सकते हैं। हानिकारक बैक्टीरिया, सूक्ष्मजीवों खिताब कॉलेज चिकित्सकों सभी दिशाओं से सीखते हैं। स्वास्थ्य सालाना संक्रमण है कि मानव जीवन के लिए खतरनाक हैं के प्रसार को रोकने के लिए नए तरीकों के लिए खोज। निवारक उपाय के अनुपालन में इस तरह के रोगों का मुकाबला करने के लिए नए तरीके खोजने पर ऊर्जा व्यय करने के लिए नहीं होगा। ऐसा करने के लिए, आप संक्रमण के स्रोत की पहचान करने के मामलों और संभव पीड़ितों की सीमा निर्धारित समय की जरूरत है। जरूरी जो लोग संक्रमित हैं और संक्रमित भट्ठी कीटाणुरहित करने के लिए अलग-थलग करने की जरूरत है। दूसरे चरण - तरीकों के माध्यम से जो हानिकारक बैक्टीरिया को हस्तांतरित किया जा सकता है के विनाश। ऐसा करने के लिए, जनता के बीच उचित प्रचार करते हैं। खाद्य भंडारण गोदामों के साथ बिजली की आपूर्ति की सुविधा, पानी जलाशयों पर नियंत्रण रखें। प्रत्येक व्यक्ति हानिकारक बैक्टीरिया हर तरह से आपके प्रतिरक्षा को मजबूत बनाने का विरोध कर सकते हैं। स्वस्थ जीवन शैली, बुनियादी स्वच्छता के नियमों, स्वयं की रक्षा आप सेक्स, बाँझ डिस्पोजेबल चिकित्सा उपकरणों और उपकरण, लोग हैं, जो संगरोध में हैं के साथ संवाद स्थापित की पूरी प्रतिबंध का इस्तेमाल किया जाता है। जब महामारी विज्ञान या ठिकाना के क्षेत्र में इंजेक्शन सख्ती से सैनिटरी-महामारी विज्ञान सेवा के सभी आवश्यकताओं का अनुपालन करने के लिए आवश्यक है। संक्रमण के एक नंबर जैविक हथियारों के लिए अपने प्रभाव में बराबर हैं।
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हरियाणा और राजस्थान से एक हेट क्राइम का मामला सामने आया है. इस इलाके से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिससे पता चलता है कि नफरत को बल मिल रहा है. हरियाणा के भिवानी में एक जली हुई बोलेरो कार में दो शव मिले हैं. इनकी शिनाख्त भरतपुर के रहने वाले जुनैद और नासिर के रूप में हुई है.
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हरियाणा और राजस्थान से एक हेट क्राइम का मामला सामने आया है. इस इलाके से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिससे पता चलता है कि नफरत को बल मिल रहा है. हरियाणा के भिवानी में एक जली हुई बोलेरो कार में दो शव मिले हैं. इनकी शिनाख्त भरतपुर के रहने वाले जुनैद और नासिर के रूप में हुई है.
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कैप्स कार्हेर्ट - हमेशा सुंदर, गर्म और आरामदायक!
पहनने के लिए डिजाइन किया गया हेडगियरठंडा मौसम, न केवल गर्म होना चाहिए, बल्कि जितना संभव हो सके सुविधाजनक और व्यावहारिक होना चाहिए। फ्रीज न करने के लिए, मोटी यार्न या फर से बने टोपी को खरीदने के लिए जरूरी नहीं है। आधुनिक कपड़ों की उत्पादन प्रौद्योगिकियां हल्के वजन के उत्पादन की अनुमति देती हैं और साथ ही साथ सिर के लिए गर्म सामान भी देती हैं। आरामदायक और गुणवत्ता वाले कपड़े के रचनाकारों में से एक कंपनी कारहार्ट है। अपने उत्पादों का वर्गीकरण महान हैः हेड्रेस से काम के जूते तक। लेकिन Carhartt टोपी आज बहुत लोकप्रिय हैं। वे उपभोक्ताओं के इतने शौकीन क्यों हैं, जहां आप ऐसी टोपी खरीद सकते हैं और इसे सही तरीके से कैसे चुन सकते हैं? इन सवालों के जवाब इस आलेख में पाए जा सकते हैं।
सौ साल पहले, 188 9 में, एक जवानकपड़ों के डिजाइनर हैमिल्टन करहार्ट ने कपड़ों के संग्रह को विकसित करने और जारी करने के विचार को रोशनी दी जिसमें मजदूर वर्ग के लोगों में गर्मी और आराम दोनों होंगे, लेकिन साथ ही यह स्टाइलिश और सुंदर दिखेंगे। उनके पहले काम काम सूट और हेड्रेस थे। वे डेनिम और घने कपास से बने थे। ये मॉडल इतने व्यावहारिक थे कि जल्द ही वे न केवल कपड़े के रूप में इस्तेमाल किए जाने लगे, बल्कि रोजमर्रा के कपड़े के रूप में इस्तेमाल किए जाने लगे। जल्द ही, हैमिल्टन करहार्ट अपने उत्पादन के दायरे को फैलाता है और जूते के उत्पादन, महिलाओं के कपड़ों की एक लाइन, सहायक उपकरण शुरू करता है। लेकिन कारहार्ट टोपी ने इसे विशेष रूप से पहचानने योग्य बना दिया। वे कई वर्षों तक महिमा की ऊंचाई पर लंबे समय से रहे हैं। क्यों? बाद में चर्चा की गई है।
हेडगियर टीएम कारहार्ट - गर्म, अच्छा, स्टाइलिश!
ब्रांड नाम "करहार्ट" के तहत एक टोपी एक सहायक है,"यूनिसेक्स" श्रेणी से संबंधित है। मॉडल इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा, कारहार्ट (कैप्स) के आयामों को सभी संभव बनाया गया है। इस तरह के हेड्रेस युवा बच्चों, युवाओं, और मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्ग लोगों द्वारा पहना जा सकता है।
"करहार्ट" की एक टोपी के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प हैहर रोज पहनते हैं। यह बुना हुआ कपड़ा के साथ उच्च गुणवत्ता वाले एक्रिलिक यार्न से बना है। उत्पाद का कपड़ा बल्कि घना और गर्म है, लेकिन साथ ही नरम, लोचदार और हल्का होता है। यहां तक कि गंभीर ठंढ में भी आपके सिर को ठंड से विश्वसनीय रूप से संरक्षित किया जाएगा।
Carhartt टोपी अक्सर अपने लिए चुना जाता हैशीतकालीन खेलों में लगे खिलाड़ियों। और यह आश्चर्य की बात नहीं है। सहायक सिर पर अच्छी तरह से रहता है, कान और माथे को कसकर कवर करता है, गर्मी को अच्छी तरह से रखता है। एक तेज हवा या तेजी से आंदोलन (स्कीइंग, स्नोमोबाइल) के दौरान आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि एयरफ्लो आपकी टोपी को तोड़ने में सक्षम नहीं होगा।
संग्रह में रंग गामट के लिएइस ब्रांड में सफेद से काले और काले रंग के विभिन्न प्रकार के रंगों के सिरदर्द शामिल हैं। "करहार्ट" कैप्स का एक अन्य लाभ यह है कि वे कपड़ों की किसी भी शैली में फिट बैठते हैं। खासकर वे खेल जैकेट, नीचे जैकेट के साथ देखते हैं। लेकिन एक कोट या एक छोटे फर कोट के नीचे, इस टोपी पहनी जा सकती है। छवि बहुत स्टाइलिश और दिलचस्प होगी।
Carhartt टोपी कहां खरीदें?
इस ब्रांड के प्रमुख, अर्थात्मूल, मास्को में कारहार्ट के आधिकारिक प्रतिनिधि से खरीदा जा सकता है - दुकान FOTT। देश के अन्य शहरों में, कारहार्ट डब्ल्यूआईपी लोगो वाले अधिकृत बिक्री बिंदुओं पर ऐसे सामानों की तलाश करें। ऑनलाइन स्टोर में टोपी का विशाल चयन पेश किया जाता है। लेकिन उन्हें आदेश देकर, सुनिश्चित करें कि आप नकली नहीं खरीद रहे हैं। मूल उत्पाद पर, होलोग्राम वाला एक लेबल होगा, यूएस उत्पादन को टैग पर इंगित किया जाना चाहिए।
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कैप्स कार्हेर्ट - हमेशा सुंदर, गर्म और आरामदायक! पहनने के लिए डिजाइन किया गया हेडगियरठंडा मौसम, न केवल गर्म होना चाहिए, बल्कि जितना संभव हो सके सुविधाजनक और व्यावहारिक होना चाहिए। फ्रीज न करने के लिए, मोटी यार्न या फर से बने टोपी को खरीदने के लिए जरूरी नहीं है। आधुनिक कपड़ों की उत्पादन प्रौद्योगिकियां हल्के वजन के उत्पादन की अनुमति देती हैं और साथ ही साथ सिर के लिए गर्म सामान भी देती हैं। आरामदायक और गुणवत्ता वाले कपड़े के रचनाकारों में से एक कंपनी कारहार्ट है। अपने उत्पादों का वर्गीकरण महान हैः हेड्रेस से काम के जूते तक। लेकिन Carhartt टोपी आज बहुत लोकप्रिय हैं। वे उपभोक्ताओं के इतने शौकीन क्यों हैं, जहां आप ऐसी टोपी खरीद सकते हैं और इसे सही तरीके से कैसे चुन सकते हैं? इन सवालों के जवाब इस आलेख में पाए जा सकते हैं। सौ साल पहले, एक सौ अठासी नौ में, एक जवानकपड़ों के डिजाइनर हैमिल्टन करहार्ट ने कपड़ों के संग्रह को विकसित करने और जारी करने के विचार को रोशनी दी जिसमें मजदूर वर्ग के लोगों में गर्मी और आराम दोनों होंगे, लेकिन साथ ही यह स्टाइलिश और सुंदर दिखेंगे। उनके पहले काम काम सूट और हेड्रेस थे। वे डेनिम और घने कपास से बने थे। ये मॉडल इतने व्यावहारिक थे कि जल्द ही वे न केवल कपड़े के रूप में इस्तेमाल किए जाने लगे, बल्कि रोजमर्रा के कपड़े के रूप में इस्तेमाल किए जाने लगे। जल्द ही, हैमिल्टन करहार्ट अपने उत्पादन के दायरे को फैलाता है और जूते के उत्पादन, महिलाओं के कपड़ों की एक लाइन, सहायक उपकरण शुरू करता है। लेकिन कारहार्ट टोपी ने इसे विशेष रूप से पहचानने योग्य बना दिया। वे कई वर्षों तक महिमा की ऊंचाई पर लंबे समय से रहे हैं। क्यों? बाद में चर्चा की गई है। हेडगियर टीएम कारहार्ट - गर्म, अच्छा, स्टाइलिश! ब्रांड नाम "करहार्ट" के तहत एक टोपी एक सहायक है,"यूनिसेक्स" श्रेणी से संबंधित है। मॉडल इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा, कारहार्ट के आयामों को सभी संभव बनाया गया है। इस तरह के हेड्रेस युवा बच्चों, युवाओं, और मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्ग लोगों द्वारा पहना जा सकता है। "करहार्ट" की एक टोपी के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प हैहर रोज पहनते हैं। यह बुना हुआ कपड़ा के साथ उच्च गुणवत्ता वाले एक्रिलिक यार्न से बना है। उत्पाद का कपड़ा बल्कि घना और गर्म है, लेकिन साथ ही नरम, लोचदार और हल्का होता है। यहां तक कि गंभीर ठंढ में भी आपके सिर को ठंड से विश्वसनीय रूप से संरक्षित किया जाएगा। Carhartt टोपी अक्सर अपने लिए चुना जाता हैशीतकालीन खेलों में लगे खिलाड़ियों। और यह आश्चर्य की बात नहीं है। सहायक सिर पर अच्छी तरह से रहता है, कान और माथे को कसकर कवर करता है, गर्मी को अच्छी तरह से रखता है। एक तेज हवा या तेजी से आंदोलन के दौरान आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि एयरफ्लो आपकी टोपी को तोड़ने में सक्षम नहीं होगा। संग्रह में रंग गामट के लिएइस ब्रांड में सफेद से काले और काले रंग के विभिन्न प्रकार के रंगों के सिरदर्द शामिल हैं। "करहार्ट" कैप्स का एक अन्य लाभ यह है कि वे कपड़ों की किसी भी शैली में फिट बैठते हैं। खासकर वे खेल जैकेट, नीचे जैकेट के साथ देखते हैं। लेकिन एक कोट या एक छोटे फर कोट के नीचे, इस टोपी पहनी जा सकती है। छवि बहुत स्टाइलिश और दिलचस्प होगी। Carhartt टोपी कहां खरीदें? इस ब्रांड के प्रमुख, अर्थात्मूल, मास्को में कारहार्ट के आधिकारिक प्रतिनिधि से खरीदा जा सकता है - दुकान FOTT। देश के अन्य शहरों में, कारहार्ट डब्ल्यूआईपी लोगो वाले अधिकृत बिक्री बिंदुओं पर ऐसे सामानों की तलाश करें। ऑनलाइन स्टोर में टोपी का विशाल चयन पेश किया जाता है। लेकिन उन्हें आदेश देकर, सुनिश्चित करें कि आप नकली नहीं खरीद रहे हैं। मूल उत्पाद पर, होलोग्राम वाला एक लेबल होगा, यूएस उत्पादन को टैग पर इंगित किया जाना चाहिए।
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गणितज्ञ और सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार बिहार के उन तीन व्यक्तियों में से एक हैं जिन्हें 74वें गणतंत्र दिवस से पहले प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. आनंद कुमार को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. कुमार के साथ, मिथिला कलाकार सुभद्रा देवी को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. इसके अलावा कपड़ा कला के क्षेत्र में नालंदा के कपिल देव प्रसाद को भी पद्म श्री से नवाजा गया है.
आनंद कुमार एक प्रसिद्ध गणितज्ञ और शिक्षाविद हैं, जो आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाने वाले गरीब और वंचित छात्रों के लिए सुपर 30 नाम से कोचिंग संस्थान चलाने के लिए जाने जाते हैं. IIT में प्रवेश पाने के लिए वंचित छात्रों के लिए एक कोचिंग संस्थान चलाने की उनकी पहल के लिए कुमार को राष्ट्रीयता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है.
बिहार के गणितज्ञ ने पद्मश्री मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया "भारत सरकार ने मुझे पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की है, मुझे इस सम्मान के योग्य समझने के लिए विशेष धन्यवाद. साथ ही, दिल से उन सभी लोगों का धन्यवाद जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मेरा साथ नहीं छोड़ा. "
उन्होंने आगे कहा "मुझे लगता है कि आकाश से मेरे पिता स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद मुझे देख रहे थे और कह रहे थे कि बेटा तुम आगे बढ़ो और मंजिल अभी बहुत दूर है और अपनी आखिरी सांस तक कुछ ऐसा करने की कोशिश करो ताकि कोई भी बच्चा पढ़ सके और उसे पैसे की कमी के कारण इसे छोड़ना नहीं पड़ता है".
1 जनवरी 1973 को पैदा हुए आनंद कुमार ने 2002 में सुपर 30 की शुरुआत की. आनंद कुमार के जीवन और काम को 2019 की फिल्म सुपर 30 में चित्रित किया गया है जहां कुमार की भूमिका ऋतिक रोशन ने निभाई है.
बिहार के मधुबनी की सुभद्रा देवी को कला के क्षेत्र में, नालंदा के कपिल देव प्रसाद को कला के क्षेत्र में और पटना के आनंद कुमार को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बधाई दी है.
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गणितज्ञ और सुपर तीस के संस्थापक आनंद कुमार बिहार के उन तीन व्यक्तियों में से एक हैं जिन्हें चौहत्तरवें गणतंत्र दिवस से पहले प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. आनंद कुमार को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. कुमार के साथ, मिथिला कलाकार सुभद्रा देवी को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. इसके अलावा कपड़ा कला के क्षेत्र में नालंदा के कपिल देव प्रसाद को भी पद्म श्री से नवाजा गया है. आनंद कुमार एक प्रसिद्ध गणितज्ञ और शिक्षाविद हैं, जो आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाने वाले गरीब और वंचित छात्रों के लिए सुपर तीस नाम से कोचिंग संस्थान चलाने के लिए जाने जाते हैं. IIT में प्रवेश पाने के लिए वंचित छात्रों के लिए एक कोचिंग संस्थान चलाने की उनकी पहल के लिए कुमार को राष्ट्रीयता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है. बिहार के गणितज्ञ ने पद्मश्री मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया "भारत सरकार ने मुझे पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की है, मुझे इस सम्मान के योग्य समझने के लिए विशेष धन्यवाद. साथ ही, दिल से उन सभी लोगों का धन्यवाद जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मेरा साथ नहीं छोड़ा. " उन्होंने आगे कहा "मुझे लगता है कि आकाश से मेरे पिता स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद मुझे देख रहे थे और कह रहे थे कि बेटा तुम आगे बढ़ो और मंजिल अभी बहुत दूर है और अपनी आखिरी सांस तक कुछ ऐसा करने की कोशिश करो ताकि कोई भी बच्चा पढ़ सके और उसे पैसे की कमी के कारण इसे छोड़ना नहीं पड़ता है". एक जनवरी एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर को पैदा हुए आनंद कुमार ने दो हज़ार दो में सुपर तीस की शुरुआत की. आनंद कुमार के जीवन और काम को दो हज़ार उन्नीस की फिल्म सुपर तीस में चित्रित किया गया है जहां कुमार की भूमिका ऋतिक रोशन ने निभाई है. बिहार के मधुबनी की सुभद्रा देवी को कला के क्षेत्र में, नालंदा के कपिल देव प्रसाद को कला के क्षेत्र में और पटना के आनंद कुमार को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बधाई दी है.
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बिग बॉस ने बेहद खास अंदाज में सारे घरवालों के सामने रीजन बताते हुए एक दूसरे को नॉमिनेट करवाया है।
मुंबई, 25 सितंबरः बिग बॉस 12 के दूसरे हफ्ते भी घरवालों का आपस में लड़ना बरकरार है। इस सीजन में घरवालों को जमकर नियमों का उल्लंघन करते हुए भी देखा जा रहा है। ऐसे में हफ्ते के दूसरे दिन नियमों के उल्लंघन के चलते बिग बॉस कैप्टन कृति और रोशमी से नॉमिनेशन में सेव होने का अधिकार छीन लेते हैं। इसके बाद शुरू होता है सीजन का दूसरे हफ्ते का नॉमिनेशन।
इस बार बिग बॉस ने बेहद खास अंदाज में सारे घरवालों के सामने रीजन बताते हुए एक दूसरे को नॉमिनेट करवाया है। वहीं, इस बार घर से बेघर होने के लिए पहले से ही रोमिल-निर्मल,करणवीर नॉमिनेट थे। इसके बाद अब घरवालों के वोट के बाद घर के 6 सदस्य, रोमिल-निर्मल,करणवीर के अलावा दीपिका और कृति-रोशमी की जोड़ी घर से नॉमिनेट हुए हैं।
बीते दिन टास्क के बाद उर्वशी ने अपने ही ग्रुप पर चीटिंग का आरोप लगाया था इसीलिए वो घरवालों के निशाने पर होती हैं। कृति उर्वशी को समझाती हैं। सबा सोमी को समझाती हैं लेकिन सोमी को और गुस्सा आ जाता है। वह खुलकर कहती हैं कि मैंने चीटिंग की है। इस दौरान दोनों बहनों को लड़ते देखा गया।
इतना ही नहीं जब कैप्टन कृति और रोशनी को किसी एक को सुरक्षित रखने की अधिकार बिग बॉस देते हैं तो वो दीपक और उर्वशी को सुरक्षित करती हैं जिसके बाद एक बार फिर से कृति रोशमी से सबा और सोमी की जमकर बहस होती है वह कहती हैं कि उन्होंने उनसे सुरक्षित रखने का वादा किया था।
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बिग बॉस ने बेहद खास अंदाज में सारे घरवालों के सामने रीजन बताते हुए एक दूसरे को नॉमिनेट करवाया है। मुंबई, पच्चीस सितंबरः बिग बॉस बारह के दूसरे हफ्ते भी घरवालों का आपस में लड़ना बरकरार है। इस सीजन में घरवालों को जमकर नियमों का उल्लंघन करते हुए भी देखा जा रहा है। ऐसे में हफ्ते के दूसरे दिन नियमों के उल्लंघन के चलते बिग बॉस कैप्टन कृति और रोशमी से नॉमिनेशन में सेव होने का अधिकार छीन लेते हैं। इसके बाद शुरू होता है सीजन का दूसरे हफ्ते का नॉमिनेशन। इस बार बिग बॉस ने बेहद खास अंदाज में सारे घरवालों के सामने रीजन बताते हुए एक दूसरे को नॉमिनेट करवाया है। वहीं, इस बार घर से बेघर होने के लिए पहले से ही रोमिल-निर्मल,करणवीर नॉमिनेट थे। इसके बाद अब घरवालों के वोट के बाद घर के छः सदस्य, रोमिल-निर्मल,करणवीर के अलावा दीपिका और कृति-रोशमी की जोड़ी घर से नॉमिनेट हुए हैं। बीते दिन टास्क के बाद उर्वशी ने अपने ही ग्रुप पर चीटिंग का आरोप लगाया था इसीलिए वो घरवालों के निशाने पर होती हैं। कृति उर्वशी को समझाती हैं। सबा सोमी को समझाती हैं लेकिन सोमी को और गुस्सा आ जाता है। वह खुलकर कहती हैं कि मैंने चीटिंग की है। इस दौरान दोनों बहनों को लड़ते देखा गया। इतना ही नहीं जब कैप्टन कृति और रोशनी को किसी एक को सुरक्षित रखने की अधिकार बिग बॉस देते हैं तो वो दीपक और उर्वशी को सुरक्षित करती हैं जिसके बाद एक बार फिर से कृति रोशमी से सबा और सोमी की जमकर बहस होती है वह कहती हैं कि उन्होंने उनसे सुरक्षित रखने का वादा किया था।
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आर्थिक मसलों की बात करें, तो वर्ष की शुरुआत बहुत अच्छी रहेगी। आपको प्रयास करने से अच्छी सफलता मिलेगी और आपके काम तेजी आएगी। अभी आप नौकरीपेशा हैं, तो वर्ष की शुरुआत में आपको कोई बढ़िया आमदनी का स्रोत मिल सकता है, जिससे आपकी सैलेरी में बढ़ेगी होगा और आपको बड़ा फायदा होगा। इसी समय में गवर्नमेंट की भी किसी योजना का लाभ उठाने में कामयाबी मिल सकती है, जिससे आपको बहुत ज्यादा आर्थिक मदद प्राप्त होगी। यदि आप बिजनेस करते हैं, तो वर्ष की शुरुआत और वर्ष के अंतिम कुछ महीने आपके लिए बहुत अच्छे रहेंगे। आपके प्रयासों से आपको अच्छा धन कमाने का मौका मिलेगा और आप अच्छा कर भी पाएंगे। आपकी प्रोफाइल मजबूत होगी और आप किसी नए काम में निवेश करके वर्ष के मध्य में अच्छा धन बना सकते हैं।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा सबसे प्रभावशाली ग्रह है, क्योंकि यह आपकी भावनाओं, व्यवहार, स्वभाव को नियंत्रित करता है.
किसने बिगाड़ा अडाणी का खेल? क्या फिर से कमबैक कर पाएंगे गौतम अडाणी, कौन सा ग्रह देगा साथ?
फ्रांस बनाम मोरक्को फीफा विश्व कप भविष्यवाणीः मैच कौन जीतेगा?
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आर्थिक मसलों की बात करें, तो वर्ष की शुरुआत बहुत अच्छी रहेगी। आपको प्रयास करने से अच्छी सफलता मिलेगी और आपके काम तेजी आएगी। अभी आप नौकरीपेशा हैं, तो वर्ष की शुरुआत में आपको कोई बढ़िया आमदनी का स्रोत मिल सकता है, जिससे आपकी सैलेरी में बढ़ेगी होगा और आपको बड़ा फायदा होगा। इसी समय में गवर्नमेंट की भी किसी योजना का लाभ उठाने में कामयाबी मिल सकती है, जिससे आपको बहुत ज्यादा आर्थिक मदद प्राप्त होगी। यदि आप बिजनेस करते हैं, तो वर्ष की शुरुआत और वर्ष के अंतिम कुछ महीने आपके लिए बहुत अच्छे रहेंगे। आपके प्रयासों से आपको अच्छा धन कमाने का मौका मिलेगा और आप अच्छा कर भी पाएंगे। आपकी प्रोफाइल मजबूत होगी और आप किसी नए काम में निवेश करके वर्ष के मध्य में अच्छा धन बना सकते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा सबसे प्रभावशाली ग्रह है, क्योंकि यह आपकी भावनाओं, व्यवहार, स्वभाव को नियंत्रित करता है. किसने बिगाड़ा अडाणी का खेल? क्या फिर से कमबैक कर पाएंगे गौतम अडाणी, कौन सा ग्रह देगा साथ? फ्रांस बनाम मोरक्को फीफा विश्व कप भविष्यवाणीः मैच कौन जीतेगा?
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मक्खन और क्रीम उत्पादों के बजाय प्राथमिकताएंअधिक उपयोगी उत्पाद? फिर पकाने का प्रयास करें, उदाहरण के लिए, केले के साथ दलिया कुकीज़। नुस्खा काफी आसान है और वांछित स्वाद गुणों और तैयार उत्पादों की उम्मीद कैलोरी सामग्री के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
सब कुछ के लिए उपयोगी गुणों के बारे में पता हैदलिया दलिया सिद्धांत रूप में, ओट फ्लेक्स के अन्य व्यंजनों में समान गुण होते हैं। पहली जगह में, उनके लाभकारी प्रभाव पाचन तंत्र पर हैः आंत का काम त्वरित है। जई, फाइबर में समृद्ध, सूजन की संपत्ति है, एक लंबे समय के लिए तृप्ति की भावना पैदा। सुबह दलिया में खाना पकाने के लिए समय की अनुपस्थिति में, आप कभी-कभी ओट फ्लेक्स से भोजन की कुकीज़ पर काम कर सकते हैं। दूध या चाय के साथ संयोजन में, कई ऐसे उत्पाद पकाए गए दलिया के एक हिस्से में कैलोरी सामग्री के बराबर होंगे। घर-निर्मित पेस्ट्री विशेष रूप से उपयोगी हैं इस मामले में, आप कृत्रिम योजक और भराव के अभाव में बिल्कुल निश्चित होंगे। इसके अलावा, आप कॉटेज पनीर, केला, नट्स, सूखे फल और शहद जैसे अतिरिक्त सामग्री के साथ संयोजन का प्रयास कर सकते हैं। पोषण विशेषज्ञ विभिन्न रोगों के लिए दलिया कुकीज़ का उपयोग करने की सलाह देते हैं, क्रीम के साथ बन्स और केक के साथ उन्हें जगह देते हैं।
तैयारी के तरीके ने कहा कि पकानानिर्धारित किया है। क्लासिक नुस्खा के अनुसार केले के साथ दलिया कुकीज़ बनाने की कोशिश करें। एक चिकनी और समरूप परीक्षा पाने के लिए, आपको ब्लेंडर या मिक्सर की आवश्यकता है। इसके साथ दो बहुत पके हुए केले पीसें, 150 ग्राम पिघला हुआ मलाईदार अनसाल्टेड मक्खन और चीनी के समान मात्रा जोड़ें। मिश्रण और मिश्रण में अलग-अलग 2 चिकन ताजा अंडे ले गए उसके बाद, टेबल नमक की एक चुटकी, 1 अपूर्ण टीएसपी जोड़ें। बेकिंग पावडर, 2 पूर्ण सेंट एल। किशमिश और कटा हुआ पागल फिर धीरे-धीरे, छोटे हिस्से में, आटा डालना (250 ग्राम)। केले आटा में अंतिम घटक के रूप में, 250 ग्राम दलिया (छोटे या मध्यम पीस) में प्रवेश करें। मोटी द्रव्यमान से, गोल गेंदें बनाएं, जो एक ग्रेज़ेड या पेपर से ढका हुआ बेकिंग शीट पर रखा गया है। मध्यम तापमान के लिए एक ओवन में 15-20 मिनट के लिए कुकीज़ सेंकना। जैसे ही आप तैयार हैं, आप टेबल पर सेवा कर सकते हैं।
सेंकना करने के लिए स्वाद के लिए मूल होने निकला,विभिन्न अतिरिक्त सामग्री को अक्सर जोड़ दिया जाता है। एक केले के साथ आप ओटमिलल कुकीज कैसे बना सकते हैं? नीचे नुस्खा कॉटेज पनीर और सुगन्धित मसालों के उपयोग के लिए प्रदान करता है। 0.5 कप कटा हुआ गर्म गेहूं का आटा 1 फुल गिलास चीनी, 0.5 चम्मच के साथ मिलाया जाता है। शुष्क विघटन, 1 अपूर्ण टीएसपी नमक, 0.5 चम्मच मसालेदार दालचीनी और जमीन जायफल के एक चुटकी कम वसा वाले 150 ग्राम के साथ मिश्रित मिश्रण, सूखे बेक्ड कॉटेज पनीर को टुकड़ा स्थिरता बनाने के लिए बनाएं। 3 मध्यम आकार के केले में एक चिकन अंडे के साथ एक कांटा के साथ और पूर्व तैयार ढीले थोक के साथ मिश्रण। फिर आटे के लिए 0.5 चम्मच छोटे दलिया और कुचल नटों को जोड़ें। लगभग 15-20 मिनट के लिए 180 डिग्री सेल्सियस ओवन में भूनें। केले के साथ तैयार किए गए दलिया कुकीज़ एक आकर्षक सुनहरे भूरे रंग के रंग का अधिग्रहण करेगी।
नुस्खा "हनी"
आप दलिया से एक उपयोगी कुकी बना सकते हैंकेले को नष्ट करने, थोड़ा अलग तरीके से फ्लेक्स इसके अलावा, कुछ चीनी को ताजा शहद के साथ बदल दिया जाना चाहिए। यदि आप पिछले साल मोटा होना चाहते हैं, तो यह एल्यूमीनियम सॉस पैन या पानी के स्नान में धीरे-धीरे पूर्व-पिघला हुआ होना चाहिए। ओट फ्लेक्स मध्यम पीस लेने के लिए सबसे अच्छा है। आटा में प्रवेश करने से पहले, उन्हें थोड़ी तला हुआ चाहिए। ऐसा करने के लिए, थोक घटक का 1 गिलास, कम गर्मी पर गर्मी, लगातार क्रियान्वित करते हुए, 8-10 मिनट के लिए।
इन घटकों की तैयारी के बादआटा तैयार करने के लिए शुरू करो। सबसे पहले, बेकिंग पाउडर (1 पूर्ण टीस्पून), और 2 बड़ा चम्मच के बैग के साथ 1 फीट ग्लास आटा मिलाएं। एल। एक स्लाइड एल के साथ 3 के साथ अनसाल्टेड मक्खन मैश। चीनी। इन दो मिश्रणों को मिलाएं और उन्हें पहले 2 पीटा छोटे अंडे, और उसके बाद 2/3 तरल या बहुत नरम शहद जोड़ें। स्थिरता में वजन बहुत मोटा नहीं होगा। इसमें पूरी तरह से ठंडा दलिया फ्लेक्स जोड़ें और इसे अच्छी तरह मिलाएं। एक चम्मच के साथ एक बेकिंग शीट पर फैलाएं और मध्यम तापमान पर 12-15 मिनट के लिए सेंकना।
दलिया से आहार कुकी कैसे पकाएं?
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मक्खन और क्रीम उत्पादों के बजाय प्राथमिकताएंअधिक उपयोगी उत्पाद? फिर पकाने का प्रयास करें, उदाहरण के लिए, केले के साथ दलिया कुकीज़। नुस्खा काफी आसान है और वांछित स्वाद गुणों और तैयार उत्पादों की उम्मीद कैलोरी सामग्री के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। सब कुछ के लिए उपयोगी गुणों के बारे में पता हैदलिया दलिया सिद्धांत रूप में, ओट फ्लेक्स के अन्य व्यंजनों में समान गुण होते हैं। पहली जगह में, उनके लाभकारी प्रभाव पाचन तंत्र पर हैः आंत का काम त्वरित है। जई, फाइबर में समृद्ध, सूजन की संपत्ति है, एक लंबे समय के लिए तृप्ति की भावना पैदा। सुबह दलिया में खाना पकाने के लिए समय की अनुपस्थिति में, आप कभी-कभी ओट फ्लेक्स से भोजन की कुकीज़ पर काम कर सकते हैं। दूध या चाय के साथ संयोजन में, कई ऐसे उत्पाद पकाए गए दलिया के एक हिस्से में कैलोरी सामग्री के बराबर होंगे। घर-निर्मित पेस्ट्री विशेष रूप से उपयोगी हैं इस मामले में, आप कृत्रिम योजक और भराव के अभाव में बिल्कुल निश्चित होंगे। इसके अलावा, आप कॉटेज पनीर, केला, नट्स, सूखे फल और शहद जैसे अतिरिक्त सामग्री के साथ संयोजन का प्रयास कर सकते हैं। पोषण विशेषज्ञ विभिन्न रोगों के लिए दलिया कुकीज़ का उपयोग करने की सलाह देते हैं, क्रीम के साथ बन्स और केक के साथ उन्हें जगह देते हैं। तैयारी के तरीके ने कहा कि पकानानिर्धारित किया है। क्लासिक नुस्खा के अनुसार केले के साथ दलिया कुकीज़ बनाने की कोशिश करें। एक चिकनी और समरूप परीक्षा पाने के लिए, आपको ब्लेंडर या मिक्सर की आवश्यकता है। इसके साथ दो बहुत पके हुए केले पीसें, एक सौ पचास ग्राम पिघला हुआ मलाईदार अनसाल्टेड मक्खन और चीनी के समान मात्रा जोड़ें। मिश्रण और मिश्रण में अलग-अलग दो चिकन ताजा अंडे ले गए उसके बाद, टेबल नमक की एक चुटकी, एक अपूर्ण टीएसपी जोड़ें। बेकिंग पावडर, दो पूर्ण सेंट एल। किशमिश और कटा हुआ पागल फिर धीरे-धीरे, छोटे हिस्से में, आटा डालना । केले आटा में अंतिम घटक के रूप में, दो सौ पचास ग्राम दलिया में प्रवेश करें। मोटी द्रव्यमान से, गोल गेंदें बनाएं, जो एक ग्रेज़ेड या पेपर से ढका हुआ बेकिंग शीट पर रखा गया है। मध्यम तापमान के लिए एक ओवन में पंद्रह-बीस मिनट के लिए कुकीज़ सेंकना। जैसे ही आप तैयार हैं, आप टेबल पर सेवा कर सकते हैं। सेंकना करने के लिए स्वाद के लिए मूल होने निकला,विभिन्न अतिरिक्त सामग्री को अक्सर जोड़ दिया जाता है। एक केले के साथ आप ओटमिलल कुकीज कैसे बना सकते हैं? नीचे नुस्खा कॉटेज पनीर और सुगन्धित मसालों के उपयोग के लिए प्रदान करता है। शून्य.पाँच कप कटा हुआ गर्म गेहूं का आटा एक फुल गिलास चीनी, शून्य.पाँच चम्मच के साथ मिलाया जाता है। शुष्क विघटन, एक अपूर्ण टीएसपी नमक, शून्य.पाँच चम्मच मसालेदार दालचीनी और जमीन जायफल के एक चुटकी कम वसा वाले एक सौ पचास ग्राम के साथ मिश्रित मिश्रण, सूखे बेक्ड कॉटेज पनीर को टुकड़ा स्थिरता बनाने के लिए बनाएं। तीन मध्यम आकार के केले में एक चिकन अंडे के साथ एक कांटा के साथ और पूर्व तैयार ढीले थोक के साथ मिश्रण। फिर आटे के लिए शून्य.पाँच चम्मच छोटे दलिया और कुचल नटों को जोड़ें। लगभग पंद्रह-बीस मिनट के लिए एक सौ अस्सी डिग्री सेल्सियस ओवन में भूनें। केले के साथ तैयार किए गए दलिया कुकीज़ एक आकर्षक सुनहरे भूरे रंग के रंग का अधिग्रहण करेगी। नुस्खा "हनी" आप दलिया से एक उपयोगी कुकी बना सकते हैंकेले को नष्ट करने, थोड़ा अलग तरीके से फ्लेक्स इसके अलावा, कुछ चीनी को ताजा शहद के साथ बदल दिया जाना चाहिए। यदि आप पिछले साल मोटा होना चाहते हैं, तो यह एल्यूमीनियम सॉस पैन या पानी के स्नान में धीरे-धीरे पूर्व-पिघला हुआ होना चाहिए। ओट फ्लेक्स मध्यम पीस लेने के लिए सबसे अच्छा है। आटा में प्रवेश करने से पहले, उन्हें थोड़ी तला हुआ चाहिए। ऐसा करने के लिए, थोक घटक का एक गिलास, कम गर्मी पर गर्मी, लगातार क्रियान्वित करते हुए, आठ-दस मिनट के लिए। इन घटकों की तैयारी के बादआटा तैयार करने के लिए शुरू करो। सबसे पहले, बेकिंग पाउडर , और दो बड़ा चम्मच के बैग के साथ एक फीट ग्लास आटा मिलाएं। एल। एक स्लाइड एल के साथ तीन के साथ अनसाल्टेड मक्खन मैश। चीनी। इन दो मिश्रणों को मिलाएं और उन्हें पहले दो पीटा छोटे अंडे, और उसके बाद दो/तीन तरल या बहुत नरम शहद जोड़ें। स्थिरता में वजन बहुत मोटा नहीं होगा। इसमें पूरी तरह से ठंडा दलिया फ्लेक्स जोड़ें और इसे अच्छी तरह मिलाएं। एक चम्मच के साथ एक बेकिंग शीट पर फैलाएं और मध्यम तापमान पर बारह-पंद्रह मिनट के लिए सेंकना। दलिया से आहार कुकी कैसे पकाएं?
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रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचे श्रद्धालु. (Image Source: Nitin Thakur)
भोपालः राजधानी भोपाल के नजदीकी जिले सीहोर में 16 फरवरी से शुरू होने जा रहे रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराणा की कथा के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है. महोत्सव के एक दिन पहले सीहोर के नजदीक स्थित कुबेश्वर धाम आश्रम पर देश के विभिन्न प्रदेशों और जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए हैं. रुद्राक्ष महोत्सव 16 फरवरी से 22 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा कुबेश्वर धाम में शिवमहापुराण की कथा का वाचन भी करेंगे.
इस सात दिवसीय आयोजन के दौरान रुद्राक्ष वितरण के लिए 36 काउंटर लगाए जाएंगे. इन पर सातों दिन 24 घंटे रुद्राक्ष का वितरण किया जाएगा. इस आयोजन को देखते हुए इंदौर-भोपाल फोरलेन हाईवे आगामी सात दिन तक सुबह छह से रात दस बजे तक बंद रहेगा. रुद्राक्ष महोत्सव में देश भर से दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. श्रद्धालु अब पहुंचने भी लगे हैं. आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की बड़ी तादाद को देखते हुए बड़े-बड़े डोम तैयार किए गए हैं.
चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेश्वर महादेव मंदिर में होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए जिले के बाहर से पुलिस बल मांगा गया है. पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के अनुसार एक हजार का पुलिस बल बाहर से आ रहा है. रुद्राक्ष वितरण महोत्सव में ड्रोन कैमरों से निगरानी कराई जाएगी.
इस आयोजन की वजह से अगले सात दिन तक इंदौर-भोपाल फोरलेन हाईवे पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सुबह छह बजे से रात दस बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर निषेध रहेगा. पिछले रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान पैदा हुई अव्यवस्थाओं को देखते हुए जिला प्रशासन इस बार यह व्यवस्था की है. इंदौर जाने वाले और भोपाल आने वाले भारी वाहन सीहोर होकर नहीं गुजरेंगे. इंदौर से भोपाल आने वाले वाहनों को देवास से डायवर्ट कर दिया जाएगा, जबकि भोपाल से इंदौर जाने वाले वाहनों को श्यामपुन-ब्यावरा मार्ग से भेजा जाएगा.
पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए बीते साल लाखों लोग आए थे. कथा स्थल पर करीब 70 एकड़ में पार्किंग व्यवस्था रहेगी. इसके लिए जमीन तय की गई है. यातायात प्रभारी ब्रजमोहन धाकड़ के अनुसार चौपाल सागर से भटोनी जोड़ तक के छह किलोमीटर मार्ग पर वाहनों को खड़ा करने पर प्रतिबंध रहेगा. इंदौर की तरफ से आने वाले भारी वाहन यदि देवास के आगे से भोपाल आता है उसे डोडी चौकी के पास स्थित डाबर मैदान पर खड़ा कराया जाएगा. वहीं भोपाल की तरफ से इंदौर आने वाला भारी वाहन यदि फंदा टोल तक आता है तो उसे तूमड़ा जोड़ से दोराहा होते ही श्यामपुर मार्ग से देवास रवाना किया जाएगा.
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रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचे श्रद्धालु. भोपालः राजधानी भोपाल के नजदीकी जिले सीहोर में सोलह फरवरी से शुरू होने जा रहे रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराणा की कथा के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है. महोत्सव के एक दिन पहले सीहोर के नजदीक स्थित कुबेश्वर धाम आश्रम पर देश के विभिन्न प्रदेशों और जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए हैं. रुद्राक्ष महोत्सव सोलह फरवरी से बाईस फरवरी तक चलेगा. इस दौरान सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा कुबेश्वर धाम में शिवमहापुराण की कथा का वाचन भी करेंगे. इस सात दिवसीय आयोजन के दौरान रुद्राक्ष वितरण के लिए छत्तीस काउंटर लगाए जाएंगे. इन पर सातों दिन चौबीस घंटाटे रुद्राक्ष का वितरण किया जाएगा. इस आयोजन को देखते हुए इंदौर-भोपाल फोरलेन हाईवे आगामी सात दिन तक सुबह छह से रात दस बजे तक बंद रहेगा. रुद्राक्ष महोत्सव में देश भर से दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. श्रद्धालु अब पहुंचने भी लगे हैं. आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की बड़ी तादाद को देखते हुए बड़े-बड़े डोम तैयार किए गए हैं. चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेश्वर महादेव मंदिर में होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए जिले के बाहर से पुलिस बल मांगा गया है. पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के अनुसार एक हजार का पुलिस बल बाहर से आ रहा है. रुद्राक्ष वितरण महोत्सव में ड्रोन कैमरों से निगरानी कराई जाएगी. इस आयोजन की वजह से अगले सात दिन तक इंदौर-भोपाल फोरलेन हाईवे पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सुबह छह बजे से रात दस बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर निषेध रहेगा. पिछले रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान पैदा हुई अव्यवस्थाओं को देखते हुए जिला प्रशासन इस बार यह व्यवस्था की है. इंदौर जाने वाले और भोपाल आने वाले भारी वाहन सीहोर होकर नहीं गुजरेंगे. इंदौर से भोपाल आने वाले वाहनों को देवास से डायवर्ट कर दिया जाएगा, जबकि भोपाल से इंदौर जाने वाले वाहनों को श्यामपुन-ब्यावरा मार्ग से भेजा जाएगा. पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए बीते साल लाखों लोग आए थे. कथा स्थल पर करीब सत्तर एकड़ में पार्किंग व्यवस्था रहेगी. इसके लिए जमीन तय की गई है. यातायात प्रभारी ब्रजमोहन धाकड़ के अनुसार चौपाल सागर से भटोनी जोड़ तक के छह किलोमीटर मार्ग पर वाहनों को खड़ा करने पर प्रतिबंध रहेगा. इंदौर की तरफ से आने वाले भारी वाहन यदि देवास के आगे से भोपाल आता है उसे डोडी चौकी के पास स्थित डाबर मैदान पर खड़ा कराया जाएगा. वहीं भोपाल की तरफ से इंदौर आने वाला भारी वाहन यदि फंदा टोल तक आता है तो उसे तूमड़ा जोड़ से दोराहा होते ही श्यामपुर मार्ग से देवास रवाना किया जाएगा.
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आलिया भट्ट ने वरुण धवन को भले ही कई बार अपना नज़दीकी दोस्त माना हो लेकिन उन्होंने अपने दिल की पसंद साफ़ ज़ाहिर कर दी है. करण जौहर के चैट शो 'कॉफ़ी विद करण' में आलिया भट्ट ने कहा कि वो रणबीर कपूर की दीवानी हैं.
आलिया भट्ट ने कहा, "मैं रणबीर कपूर को बहुत पसंद करती हूं. उनकी दीवानी हूं. मैं तो उनसे शादी भी करना चाहती हूं. "
इसी एपिसोड में आलिया के साथ आई थीं अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा. परिणीति ने अपनी पसंद बताते हुए कहा, "मुझे सैफ़ अली ख़ान बहुत पसंद हैं. मैं उनके लिए कुछ भी कर सकती हूं. "
परिणीति ने ये भी बताया कि वो तो करीना कपूर से भी इस बात का ज़िक्र कर चुकी हैं कि उन्हें, करीना के पति से प्यार है. इस पर करीना ने कहा, "इट्स ओके. "
'मनोज कुमार को मिले सम्मान'
इस साल भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादा साहब फालके के लिए मनोज कुमार, जीतेंद्र, माधवी मुखर्जी, वहीदा रहमान और कमल हासन के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं.
लेकिन लेखक सलीम ख़ान ने इसके लिए मनोज कुमार के नाम की वकालत की.
सलीम ख़ान कहते हैं, "मनोज कुमार इस सम्मान के सबसे बड़े हक़दार हैं. देशप्रेम पर फ़िल्में बनाना आसान नहीं है. उन्होंने न सिर्फ़ ऐसी फ़िल्में बनाईं बल्कि वो बेहद कामयाब भी रहीं. उनकी फ़िल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले. "
संजय लीला भंसाली की सुपरहिट फ़िल्म 'गोलियों की रास लीला राम-लीला' के बाद अब रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की जोड़ी फिर से लौट रही है संजय लीला भंसाली की ही अगली फ़िल्म 'बाजीराव मस्तानी' में.
'राम-लीला' के बाद रणवीर और दीपिका की कथित नज़दीकियों के काफ़ी चर्चे हुए. दोनों ने खुले-आम एक दूसरे के प्रति अपनी चाहत ज़ाहिर तो नहीं की लेकिन ये ज़रूर कहा कि वो एक दूसरे को पसंद करते हैं.
इनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने जो प्यार दिया उसी की वजह से भंसाली इस जोड़ी को रिपीट करना चाहते हैं.
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आलिया भट्ट ने वरुण धवन को भले ही कई बार अपना नज़दीकी दोस्त माना हो लेकिन उन्होंने अपने दिल की पसंद साफ़ ज़ाहिर कर दी है. करण जौहर के चैट शो 'कॉफ़ी विद करण' में आलिया भट्ट ने कहा कि वो रणबीर कपूर की दीवानी हैं. आलिया भट्ट ने कहा, "मैं रणबीर कपूर को बहुत पसंद करती हूं. उनकी दीवानी हूं. मैं तो उनसे शादी भी करना चाहती हूं. " इसी एपिसोड में आलिया के साथ आई थीं अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा. परिणीति ने अपनी पसंद बताते हुए कहा, "मुझे सैफ़ अली ख़ान बहुत पसंद हैं. मैं उनके लिए कुछ भी कर सकती हूं. " परिणीति ने ये भी बताया कि वो तो करीना कपूर से भी इस बात का ज़िक्र कर चुकी हैं कि उन्हें, करीना के पति से प्यार है. इस पर करीना ने कहा, "इट्स ओके. " 'मनोज कुमार को मिले सम्मान' इस साल भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादा साहब फालके के लिए मनोज कुमार, जीतेंद्र, माधवी मुखर्जी, वहीदा रहमान और कमल हासन के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं. लेकिन लेखक सलीम ख़ान ने इसके लिए मनोज कुमार के नाम की वकालत की. सलीम ख़ान कहते हैं, "मनोज कुमार इस सम्मान के सबसे बड़े हक़दार हैं. देशप्रेम पर फ़िल्में बनाना आसान नहीं है. उन्होंने न सिर्फ़ ऐसी फ़िल्में बनाईं बल्कि वो बेहद कामयाब भी रहीं. उनकी फ़िल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले. " संजय लीला भंसाली की सुपरहिट फ़िल्म 'गोलियों की रास लीला राम-लीला' के बाद अब रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की जोड़ी फिर से लौट रही है संजय लीला भंसाली की ही अगली फ़िल्म 'बाजीराव मस्तानी' में. 'राम-लीला' के बाद रणवीर और दीपिका की कथित नज़दीकियों के काफ़ी चर्चे हुए. दोनों ने खुले-आम एक दूसरे के प्रति अपनी चाहत ज़ाहिर तो नहीं की लेकिन ये ज़रूर कहा कि वो एक दूसरे को पसंद करते हैं. इनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने जो प्यार दिया उसी की वजह से भंसाली इस जोड़ी को रिपीट करना चाहते हैं.
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केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी पूर्ण समर्थन मिल रहा है। किसानों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे मंगलवार को एक दिन के अनशन पर बैठ गए।
हजारे महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि गांव में अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सड़कों पर आने और अपना मुद्दा हल कराने का यह "सही समय" है। उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी इस मुद्दे का समर्थन किया है और आगे भी करता रहूंगा।
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केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी पूर्ण समर्थन मिल रहा है। किसानों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे मंगलवार को एक दिन के अनशन पर बैठ गए। हजारे महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि गांव में अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सड़कों पर आने और अपना मुद्दा हल कराने का यह "सही समय" है। उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी इस मुद्दे का समर्थन किया है और आगे भी करता रहूंगा।
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पा से सन् पिपासति पठ से सन्- पिपठिपति
जि से सन् = जिगीपति
कृ से सन् = चिकीपर्ति
तृ से सन् तितीपर्ति मृ से सन् = मुमूर्पति गम् से सन् = जिगमिपति
लट्. रुद से सन् = रुरुदिपति छन् से सन् = जिघांसति ग्रह से सन् = जिघृक्षति, जिघृक्षते आप् से सन् = ईप्सति लाभ से सन् = लिप्सते
इति सनन्तप्रक्रिया ॥
अथ यङन्तप्रक्रिया ।।
वार वार अथवा आतिशय अर्थमें एकाच हलन्त धातुओंसे यङ् प्रत्यय होता है; यड़ के ङ का लोप हो जाता है, और धातु को द्वित्व होकर पूर्व अचूको गुण हो जाता है, और य सहितकी धातुसंज्ञा होकर लट् लकारों के स्थानमें केवल आत्मनेपद नामके प्रत्यय होते हैं यथा, - अकर्म्मक सत्ता अर्थक भू धातुसे यङ्भू = यड्वोभूय = अते = बोभूयते.
लट् के रूप,द्विवचन,
बुध् से सन् बुभुत्सते कृ= शतृ = चिकीर्पन् कृ==शानच्= चिकीर्षमाणः
पुरुष. प्रथम.
बोमय में बाँये
बोभूयात्रे, बोभूया
बोमविष्य से
वोभूयस्य बोभूये
श्रीमृगाव बीमृयाम टिके रूपबोभूयायमूव बोम्रयामाम इत्यादि.
बोभविता बोमविनारः प्रयम.
बोमविनामे योभविनामापे वोमविनाध्ये मध्यम.
बोभविताम्वदे योभवितारमदे उत्तम.
लटू के रूप,घे रूपद्विवचन.
योभूयेथाम् बोभूयध्वम् बोभूयावहे बोभूयामहे
बहुवचन, पुरुष. गोभविष्यन्ते प्रथम.
वोभविष्येये योभविष्यध्वे मध्यम. बोभविष्यावहे योमविष्यामहे उत्तम.
लोट् के रूप, -
लद्द के रूपदिवचन.
बहुवचन. पुरुष.
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पा से सन् पिपासति पठ से सन्- पिपठिपति जि से सन् = जिगीपति कृ से सन् = चिकीपर्ति तृ से सन् तितीपर्ति मृ से सन् = मुमूर्पति गम् से सन् = जिगमिपति लट्. रुद से सन् = रुरुदिपति छन् से सन् = जिघांसति ग्रह से सन् = जिघृक्षति, जिघृक्षते आप् से सन् = ईप्सति लाभ से सन् = लिप्सते इति सनन्तप्रक्रिया ॥ अथ यङन्तप्रक्रिया ।। वार वार अथवा आतिशय अर्थमें एकाच हलन्त धातुओंसे यङ् प्रत्यय होता है; यड़ के ङ का लोप हो जाता है, और धातु को द्वित्व होकर पूर्व अचूको गुण हो जाता है, और य सहितकी धातुसंज्ञा होकर लट् लकारों के स्थानमें केवल आत्मनेपद नामके प्रत्यय होते हैं यथा, - अकर्म्मक सत्ता अर्थक भू धातुसे यङ्भू = यड्वोभूय = अते = बोभूयते. लट् के रूप,द्विवचन, बुध् से सन् बुभुत्सते कृ= शतृ = चिकीर्पन् कृ==शानच्= चिकीर्षमाणः पुरुष. प्रथम. बोमय में बाँये बोभूयात्रे, बोभूया बोमविष्य से वोभूयस्य बोभूये श्रीमृगाव बीमृयाम टिके रूपबोभूयायमूव बोम्रयामाम इत्यादि. बोभविता बोमविनारः प्रयम. बोमविनामे योभविनामापे वोमविनाध्ये मध्यम. बोभविताम्वदे योभवितारमदे उत्तम. लटू के रूप,घे रूपद्विवचन. योभूयेथाम् बोभूयध्वम् बोभूयावहे बोभूयामहे बहुवचन, पुरुष. गोभविष्यन्ते प्रथम. वोभविष्येये योभविष्यध्वे मध्यम. बोभविष्यावहे योमविष्यामहे उत्तम. लोट् के रूप, - लद्द के रूपदिवचन. बहुवचन. पुरुष.
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शिवसेना की तरह एनसीपी भी बिहार विधानसभा चुनाव (NCP in Bihar Assembly Election 2020) लड़ेगी. पार्टी ने इसका ऐलान कर दिया है.
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) से पहले नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बड़ा ऐलान किया है. शिवसेना की तरह एनसीपी भी बिहार विधानसभा चुनाव (NCP in Bihar Assembly Election 2020) लड़ेगी. पार्टी ने इसका ऐलान कर दिया है. एनसीपी के लिए पार्टी चीफ शरद पवार बिहार जाकर चुनाव प्रचार करेंगे. स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सुप्रिया सुले, नवाब मलिक, प्रफुल्ल पटेल सहित पार्टी नेताओं का नाम शामिल हैं. सब बिहार जाकर चुनाव प्रचार करेंगे.
बता दें कि आज सुबह ही शिवसेना ने अपने स्टार प्रचारकों/नेताओं की लिस्ट जारी की है. ये लोग आगामी बिहार चुनाव में शिवसेना के लिए बिहार जाकर प्रचार करेंगे.
देखनेवाली बात यह होगी क्या सीटों को लेकर एनसीपी की महागठबंधन या फिर शिवसेना से कोई बात होती है. दरअसल, महाराष्ट्र में एनसीपी शिवसेना और कांग्रेस (महाविकास अघाड़ी) के साथ सत्ता में है. वहीं बिहार में कांग्रेस पार्टी आरजेडी (राष्ट्रीय जनता पार्टी) के महागठबंधन का हिस्सा है.
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शिवसेना की तरह एनसीपी भी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने इसका ऐलान कर दिया है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ने बड़ा ऐलान किया है. शिवसेना की तरह एनसीपी भी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने इसका ऐलान कर दिया है. एनसीपी के लिए पार्टी चीफ शरद पवार बिहार जाकर चुनाव प्रचार करेंगे. स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सुप्रिया सुले, नवाब मलिक, प्रफुल्ल पटेल सहित पार्टी नेताओं का नाम शामिल हैं. सब बिहार जाकर चुनाव प्रचार करेंगे. बता दें कि आज सुबह ही शिवसेना ने अपने स्टार प्रचारकों/नेताओं की लिस्ट जारी की है. ये लोग आगामी बिहार चुनाव में शिवसेना के लिए बिहार जाकर प्रचार करेंगे. देखनेवाली बात यह होगी क्या सीटों को लेकर एनसीपी की महागठबंधन या फिर शिवसेना से कोई बात होती है. दरअसल, महाराष्ट्र में एनसीपी शिवसेना और कांग्रेस के साथ सत्ता में है. वहीं बिहार में कांग्रेस पार्टी आरजेडी के महागठबंधन का हिस्सा है.
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तीन दिन से भूखे प्यासे हनुमान के गांव के बाहर बरगद के पेड़ के नीचे बैठे-बैठे माधव बेहोश होकर जमीन पर गिर जाता है।
एक सप्ताह बाद माधव और हनुमान की बेटी का विवाह होने वाला था, इसलिए हनुमान की पत्नी दोनों बेटे उनकी पत्नियां माधव को देखने अपने सारे काम छोड़कर भागते हैं।
और घर में हनुमान के सामने हनुमान की बेटी माधव की होने वाली पत्नी कांता माधव की सेहत की चिंता करके रोने लगती है। कांता की आंखों में पहली बार उसके पिता हनुमान की वजह से आंसू आए थे, इसलिए हनुमान कांता को रोने से चुप करवा कर कहता है "मैं कल महापंचायत बुलवाकर इस जटिल समस्या का हाल करूंगा।"
माधव हनुमान के बचपन के मित्र का बेटा था। देश के बंटवारे के समय जो सांप्रदायिक दंगे हुए थे उन दंगों में माधव के माता-पिता की दंगाइयों ने हत्या कर दी थी। हनुमान अपने बच्चों जैसे माधव से प्यार करता था। हनुमान का मानना था कि उसकी बेटी कांता के लिए माधव जैसा लड़का मिलना मुश्किल है।
हनुमान का पूरे जिले में बहुत मान सम्मान था। वह नामी और ईमानदार वकील था, एक मुजरिम को गलती से धोखाधड़ी की केस से बरी करवाने कि वजह से हनुमान ने वकालत छोड़ दी थी।
राज्य की कई नामी राजनीतिक पार्टियां उसे अपने क्षेत्र से विधायक के लिए उम्मीदवार चुनने के लिए उसके पीछे हाथ धोकर पड़ी हुई थी, किंतु हनुमान ने किसी भी पार्टी का उम्मीदवार बनने की वजह स्वयं की इच्छा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था।
लेकिन हनुमान को अपने होने वाले दामाद माधव की वजह से चुनावों में अपनी हार निश्चित लग रही थी, क्योंकि उसके होने वाले दामाद माधव ने ऐसा मुद्दा उठा दिया था, कि अगर हनुमान हिंदुओं के खिलाफ फैसला लेता तो हिंदू उससे नाराज हो जाते अगर वह मुसलमान के खिलाफ फैसला लेता तो मुसलमान उससे नाराज हो जाते और क्षेत्र में हिंदू मुसलमान की तादाद बराबर थी। इस वजह से विधानसभा चुनाव में उसे अपनी हार होती दिखाई दे रही थी।
हनुमान के पूर्वजों की जमीन पुरानी मस्जिद के साथ थी, उस जमीन पर राहगीरों के लिए कुऐ की खुदाई करवाते समय सरस्वती मां की प्राचीन मूर्ति निकली थी और उस सरस्वती मां की प्राचीन मूर्ति के कुछ अवशेष मस्जिद के साथ खाली पड़ी मस्जिद की जमीन की खुदाई में भी निकले थे, इसलिए इलाके के सारे हिंदू उस जमीन के लिए चंदा इकट्ठा करके हनुमान को मुंह बोली कीमत देखकर उस जमीन पर और मस्जिद के साथ वाली खाली जमीन पर कोर्ट में सरस्वती मां के प्राचीन मंदिर का दवा करके सरस्वती मां का मंदिर बनना चाहते थे।
लेकिन मुसलमान को यह डर था कि मंदिर और मस्जिद की दीवारें एक होने की वजह से कोई शरारती तत्व हिंदू मुस्लिम दंगा फसाद करवा सकता है और वह मस्जिद की खाली जमीन को मिलाकर भविष्य में पुरानी मस्जिद को सुंदर खूबसूरत मस्जिद में तब्दील करने की सोच रहे थे।
सारी बातों पर सोच विचार करके हनुमान महापंचायत बुलाकर अपना फैसला सुनाता हैं कि "मैं अपने होने वाले दामाद माधव की बात से सहमत होने के बाद जिस जमीन की खुदाई में सरस्वती मां की प्राचीन मूर्ति निकली है, उस जमीन को सरस्वती मां के नाम से ज्ञान का मंदिर यानी की विद्यालय बनवाने के लिए दान में देता हूं।"
हनुमान की यह बात से हिंदू मुस्लिम दोनों पक्ष सहमत हो गए थे, क्योंकि इलाके में मंदिर मस्जिद तो बहुत थे, लेकिन विद्यालय एक भी नहीं था।
और हिंदू मुसलमान चंदा इकट्ठा करके सरस्वती मां के नाम से एक विशाल विद्यालय बनवा देते हैं।
और इस तरह हनुमान अपने होने वाले दामाद माधव से सहमत होकर देश के भविष्य बच्चों के लिए दंगा नहीं खुशहाली की नींव रख देता है।
और माधव अपने होने वाले ससुर के फैसले से खूश होकर अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देता है।
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तीन दिन से भूखे प्यासे हनुमान के गांव के बाहर बरगद के पेड़ के नीचे बैठे-बैठे माधव बेहोश होकर जमीन पर गिर जाता है। एक सप्ताह बाद माधव और हनुमान की बेटी का विवाह होने वाला था, इसलिए हनुमान की पत्नी दोनों बेटे उनकी पत्नियां माधव को देखने अपने सारे काम छोड़कर भागते हैं। और घर में हनुमान के सामने हनुमान की बेटी माधव की होने वाली पत्नी कांता माधव की सेहत की चिंता करके रोने लगती है। कांता की आंखों में पहली बार उसके पिता हनुमान की वजह से आंसू आए थे, इसलिए हनुमान कांता को रोने से चुप करवा कर कहता है "मैं कल महापंचायत बुलवाकर इस जटिल समस्या का हाल करूंगा।" माधव हनुमान के बचपन के मित्र का बेटा था। देश के बंटवारे के समय जो सांप्रदायिक दंगे हुए थे उन दंगों में माधव के माता-पिता की दंगाइयों ने हत्या कर दी थी। हनुमान अपने बच्चों जैसे माधव से प्यार करता था। हनुमान का मानना था कि उसकी बेटी कांता के लिए माधव जैसा लड़का मिलना मुश्किल है। हनुमान का पूरे जिले में बहुत मान सम्मान था। वह नामी और ईमानदार वकील था, एक मुजरिम को गलती से धोखाधड़ी की केस से बरी करवाने कि वजह से हनुमान ने वकालत छोड़ दी थी। राज्य की कई नामी राजनीतिक पार्टियां उसे अपने क्षेत्र से विधायक के लिए उम्मीदवार चुनने के लिए उसके पीछे हाथ धोकर पड़ी हुई थी, किंतु हनुमान ने किसी भी पार्टी का उम्मीदवार बनने की वजह स्वयं की इच्छा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। लेकिन हनुमान को अपने होने वाले दामाद माधव की वजह से चुनावों में अपनी हार निश्चित लग रही थी, क्योंकि उसके होने वाले दामाद माधव ने ऐसा मुद्दा उठा दिया था, कि अगर हनुमान हिंदुओं के खिलाफ फैसला लेता तो हिंदू उससे नाराज हो जाते अगर वह मुसलमान के खिलाफ फैसला लेता तो मुसलमान उससे नाराज हो जाते और क्षेत्र में हिंदू मुसलमान की तादाद बराबर थी। इस वजह से विधानसभा चुनाव में उसे अपनी हार होती दिखाई दे रही थी। हनुमान के पूर्वजों की जमीन पुरानी मस्जिद के साथ थी, उस जमीन पर राहगीरों के लिए कुऐ की खुदाई करवाते समय सरस्वती मां की प्राचीन मूर्ति निकली थी और उस सरस्वती मां की प्राचीन मूर्ति के कुछ अवशेष मस्जिद के साथ खाली पड़ी मस्जिद की जमीन की खुदाई में भी निकले थे, इसलिए इलाके के सारे हिंदू उस जमीन के लिए चंदा इकट्ठा करके हनुमान को मुंह बोली कीमत देखकर उस जमीन पर और मस्जिद के साथ वाली खाली जमीन पर कोर्ट में सरस्वती मां के प्राचीन मंदिर का दवा करके सरस्वती मां का मंदिर बनना चाहते थे। लेकिन मुसलमान को यह डर था कि मंदिर और मस्जिद की दीवारें एक होने की वजह से कोई शरारती तत्व हिंदू मुस्लिम दंगा फसाद करवा सकता है और वह मस्जिद की खाली जमीन को मिलाकर भविष्य में पुरानी मस्जिद को सुंदर खूबसूरत मस्जिद में तब्दील करने की सोच रहे थे। सारी बातों पर सोच विचार करके हनुमान महापंचायत बुलाकर अपना फैसला सुनाता हैं कि "मैं अपने होने वाले दामाद माधव की बात से सहमत होने के बाद जिस जमीन की खुदाई में सरस्वती मां की प्राचीन मूर्ति निकली है, उस जमीन को सरस्वती मां के नाम से ज्ञान का मंदिर यानी की विद्यालय बनवाने के लिए दान में देता हूं।" हनुमान की यह बात से हिंदू मुस्लिम दोनों पक्ष सहमत हो गए थे, क्योंकि इलाके में मंदिर मस्जिद तो बहुत थे, लेकिन विद्यालय एक भी नहीं था। और हिंदू मुसलमान चंदा इकट्ठा करके सरस्वती मां के नाम से एक विशाल विद्यालय बनवा देते हैं। और इस तरह हनुमान अपने होने वाले दामाद माधव से सहमत होकर देश के भविष्य बच्चों के लिए दंगा नहीं खुशहाली की नींव रख देता है। और माधव अपने होने वाले ससुर के फैसले से खूश होकर अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देता है।
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Delhi Mayor Election: दिल्ली में मेयर के चुनाव को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने पहली मीटिंग में ये चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 24 घंटे के अंदर नोटिस जारी करने के लिए कहा है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मेयर चुनाव में मनोनीत पार्षद वोट नहीं कर पाएंगे। बता दें कि आम आदमी पार्टी शुरू से मांग कर रही थी कि मनोनीत पार्षदों को वोटिंग करने का अधिकार ना दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत मिली है तो वहीं बीजेपी को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेयर चुनाव होने के बाद मेयर ही डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराएंगे। इस चुनाव में भी मनोनीत पार्षद वोट नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की प्रतिकिया सामने आई है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए बीजेपी और एलजी विनय सक्सेना पर निशाना साधा। सीएम केजरीवाल ने कहा SC का आदेश जनतंत्र की जीत। SC का बहुत बहुत शुक्रिया। ढाई महीने बाद अब दिल्ली को मेयर मिलेगा। ये साबित हो गया कि LG और बीजेपी मिलकर आये दिन दिल्ली में कैसे ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक आदेश पारित कर रहे हैं।
बता दें कि दिसंबर में हुए MCD चुनावों में AAP ने 134 वार्डों में जीत हासिल की और भाजपा के 15 साल के शासन को खत्म कर दिया।
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Delhi Mayor Election: दिल्ली में मेयर के चुनाव को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने पहली मीटिंग में ये चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए चौबीस घंटाटे के अंदर नोटिस जारी करने के लिए कहा है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मेयर चुनाव में मनोनीत पार्षद वोट नहीं कर पाएंगे। बता दें कि आम आदमी पार्टी शुरू से मांग कर रही थी कि मनोनीत पार्षदों को वोटिंग करने का अधिकार ना दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत मिली है तो वहीं बीजेपी को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेयर चुनाव होने के बाद मेयर ही डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराएंगे। इस चुनाव में भी मनोनीत पार्षद वोट नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की प्रतिकिया सामने आई है। उन्होंने ट्वीट करते हुए बीजेपी और एलजी विनय सक्सेना पर निशाना साधा। सीएम केजरीवाल ने कहा SC का आदेश जनतंत्र की जीत। SC का बहुत बहुत शुक्रिया। ढाई महीने बाद अब दिल्ली को मेयर मिलेगा। ये साबित हो गया कि LG और बीजेपी मिलकर आये दिन दिल्ली में कैसे ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक आदेश पारित कर रहे हैं। बता दें कि दिसंबर में हुए MCD चुनावों में AAP ने एक सौ चौंतीस वार्डों में जीत हासिल की और भाजपा के पंद्रह साल के शासन को खत्म कर दिया।
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Shah Rukh Khan: पठान फिल्म का बहिष्कार लोगों की तरफ से तीव्र गति से हो रहा है। वहीं शाहरुख खान पूरी कोशिश में है कि फिल्म को ज्यादा से ज्यादा दर्शक सिनेमाघर के बाहर दिखें। लगातार शाहरुख खान फिल्म के प्रमोशन में भी लगे हुए हैं।
नई दिल्ली। शाहरुख खान की फिल्म पठान का जमकर विरोध चल रहा है। चारों ओर से पठान फिल्म निशाने पर है। नेता से लेकर हिन्दू महासभा ने पठान फिल्म के बेशरम रंग गाने में प्रयोग पर आपत्ति जताई है। आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा का विरोध भी इसी स्तर का हुआ था, और उसके बाद फिल्म का हश्र काफी बुरा हुआ था। फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी ऐसा ही आसार शाहरुख खान की फिल्म पठान के लिए भी होते दिख रहा है। पठान फिल्म का बहिष्कार लोगों की तरफ से तीव्र गति से हो रहा है। वहीं शाहरुख खान पूरी कोशिश में है कि फिल्म को ज्यादा से ज्यादा दर्शक सिनेमाघर के बाहर दिखें। लगातार शाहरुख खान फिल्म के प्रमोशन में भी लगे हुए हैं।
आपको बता दें शाहरुख खान को कोलकाता के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में गए हैं। शाहरुख खान के साथ अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, रानी मुखर्जी और गायक अरिजीत सिंह भी मौजूद रहे हैं। शाहरुख खान कोलकाता नाइट राइडर टीम के मालिक भी हैं इसके अलावा कोलकाता के ब्रांड एम्बेस्डर भी हैं। जिसके कारण शाहरुख खान को कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बुलाया गया है। इसके अलावा इस फिल्म फेस्टिवल में शाहरुख खान के साथ महेश भट्ट भी दिखे हैं। आपको बता दें महेश भट्ट और शत्रुघ्न सिन्हा ने इससे पहले टीएमसी पार्टी भी ज्वाइन की है। टीएमसी पार्टी की अध्यक्ष ममता बनर्जी हैं।
महेश भट्ट और शाहरुख खान इस इस फिल्म की ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। जहां पर शत्रुघ्न सिन्हा ने, शाहरुख खान को राष्ट्रीय स्टार घोषित करने की अपील की है। बतौर शत्रुघ्न सिन्हा, शाहरुख खान को शाहरुख खान कहने की जरूरत नहीं है उन्हें नेशनल स्टार घोषित कर देना चाहिए। इस इवेंट में बहुत से स्टार के साथ राजनीतिक लोग भी मौजूद रहे। वहीं इस इवेंट में शाहरुख खान ने बंगला भाषा में अपना भाषण भी दिया है। शाहरुख खान ने कहा, सोशल मीडिया निश्चित संकीर्णता से संचालित होता है, जो मानव स्वभाव को सीमित कर देता है। मैंने कहीं पढ़ा था नकारात्मकता सोशल मीडिया की खपत को बढ़ाता है। इस तरह के प्रयास समाज को विभाजित और विनाशकारी बनाते हैं। दुनिया चाहे जो भी करे हम सकारात्मक ही रहेंगे। कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में करीब 40 से भी अधिक देश की 183 फिल्म दिखाई जाएंगी।
इस फिल्म में भले ही बड़े बड़े सितारों की जमावड़ा रहा हो लेकिन वहीं मिथुन चक्रवर्ती इस इवेंट में मौजूद नहीं दिखे हैं। मिथुन दादा कोलकाता के लोगों के दिल में बसते हैं, लेकिन वो इस इवेंट में मौजूद नहीं रहे जिसके बाद लोगों की आवाज़ उठ रही है कि आखिर मिथुन दादा इस इवेंट में मौजूद क्यों नहीं हैं ? क्या इसका कारण उनका राजनीतिक पार्टी भाजपा से जुड़ा होना है। फ़िलहाल आपको बता दें शाहरुख खान को अपनी फिल्म प्रमोट करने के लिए एक मंच और मिल गया है।
WATCH: Shah Rukh Khan, Amitabh Bachchan at the opening ceremony of Kolkata Film Festival pic. twitter. com/CQfCDox4jO (via @ndtv)
देश में चारों ओर शाहरुख खान की फिल्म पठान का विरोध हो रहा है। वहीं शाहरुख खान कोलकाता और क़तर के इवेंट्स में जाकर फिल्म प्रमोट कर रहे हैं। इस इवेंट में उनका साथ देने के लिए जया बच्चन, नेता ममता बनर्जी,महेश भट्ट और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे अन्य कलाकार मंच साझा करते दिख रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा मंच से शाहरुख खान को नेशनल स्टार की पदवी देने की घोषणा की है। जहां लगभग पूरा देश एक स्वर में शाहरुख खान और उनकी फिल्म पठान का विरोध कर रहा है वहीं शत्रुघ्न सिन्हा, शाहरुख खान को राष्ट्रीय स्टार बनाने की बात कर रहे हैं।
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Shah Rukh Khan: पठान फिल्म का बहिष्कार लोगों की तरफ से तीव्र गति से हो रहा है। वहीं शाहरुख खान पूरी कोशिश में है कि फिल्म को ज्यादा से ज्यादा दर्शक सिनेमाघर के बाहर दिखें। लगातार शाहरुख खान फिल्म के प्रमोशन में भी लगे हुए हैं। नई दिल्ली। शाहरुख खान की फिल्म पठान का जमकर विरोध चल रहा है। चारों ओर से पठान फिल्म निशाने पर है। नेता से लेकर हिन्दू महासभा ने पठान फिल्म के बेशरम रंग गाने में प्रयोग पर आपत्ति जताई है। आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा का विरोध भी इसी स्तर का हुआ था, और उसके बाद फिल्म का हश्र काफी बुरा हुआ था। फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी ऐसा ही आसार शाहरुख खान की फिल्म पठान के लिए भी होते दिख रहा है। पठान फिल्म का बहिष्कार लोगों की तरफ से तीव्र गति से हो रहा है। वहीं शाहरुख खान पूरी कोशिश में है कि फिल्म को ज्यादा से ज्यादा दर्शक सिनेमाघर के बाहर दिखें। लगातार शाहरुख खान फिल्म के प्रमोशन में भी लगे हुए हैं। आपको बता दें शाहरुख खान को कोलकाता के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में गए हैं। शाहरुख खान के साथ अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, रानी मुखर्जी और गायक अरिजीत सिंह भी मौजूद रहे हैं। शाहरुख खान कोलकाता नाइट राइडर टीम के मालिक भी हैं इसके अलावा कोलकाता के ब्रांड एम्बेस्डर भी हैं। जिसके कारण शाहरुख खान को कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बुलाया गया है। इसके अलावा इस फिल्म फेस्टिवल में शाहरुख खान के साथ महेश भट्ट भी दिखे हैं। आपको बता दें महेश भट्ट और शत्रुघ्न सिन्हा ने इससे पहले टीएमसी पार्टी भी ज्वाइन की है। टीएमसी पार्टी की अध्यक्ष ममता बनर्जी हैं। महेश भट्ट और शाहरुख खान इस इस फिल्म की ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। जहां पर शत्रुघ्न सिन्हा ने, शाहरुख खान को राष्ट्रीय स्टार घोषित करने की अपील की है। बतौर शत्रुघ्न सिन्हा, शाहरुख खान को शाहरुख खान कहने की जरूरत नहीं है उन्हें नेशनल स्टार घोषित कर देना चाहिए। इस इवेंट में बहुत से स्टार के साथ राजनीतिक लोग भी मौजूद रहे। वहीं इस इवेंट में शाहरुख खान ने बंगला भाषा में अपना भाषण भी दिया है। शाहरुख खान ने कहा, सोशल मीडिया निश्चित संकीर्णता से संचालित होता है, जो मानव स्वभाव को सीमित कर देता है। मैंने कहीं पढ़ा था नकारात्मकता सोशल मीडिया की खपत को बढ़ाता है। इस तरह के प्रयास समाज को विभाजित और विनाशकारी बनाते हैं। दुनिया चाहे जो भी करे हम सकारात्मक ही रहेंगे। कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में करीब चालीस से भी अधिक देश की एक सौ तिरासी फिल्म दिखाई जाएंगी। इस फिल्म में भले ही बड़े बड़े सितारों की जमावड़ा रहा हो लेकिन वहीं मिथुन चक्रवर्ती इस इवेंट में मौजूद नहीं दिखे हैं। मिथुन दादा कोलकाता के लोगों के दिल में बसते हैं, लेकिन वो इस इवेंट में मौजूद नहीं रहे जिसके बाद लोगों की आवाज़ उठ रही है कि आखिर मिथुन दादा इस इवेंट में मौजूद क्यों नहीं हैं ? क्या इसका कारण उनका राजनीतिक पार्टी भाजपा से जुड़ा होना है। फ़िलहाल आपको बता दें शाहरुख खान को अपनी फिल्म प्रमोट करने के लिए एक मंच और मिल गया है। WATCH: Shah Rukh Khan, Amitabh Bachchan at the opening ceremony of Kolkata Film Festival pic. twitter. com/CQfCDoxचारjO देश में चारों ओर शाहरुख खान की फिल्म पठान का विरोध हो रहा है। वहीं शाहरुख खान कोलकाता और क़तर के इवेंट्स में जाकर फिल्म प्रमोट कर रहे हैं। इस इवेंट में उनका साथ देने के लिए जया बच्चन, नेता ममता बनर्जी,महेश भट्ट और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे अन्य कलाकार मंच साझा करते दिख रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा मंच से शाहरुख खान को नेशनल स्टार की पदवी देने की घोषणा की है। जहां लगभग पूरा देश एक स्वर में शाहरुख खान और उनकी फिल्म पठान का विरोध कर रहा है वहीं शत्रुघ्न सिन्हा, शाहरुख खान को राष्ट्रीय स्टार बनाने की बात कर रहे हैं।
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मेरठ पुलिस के सर्विलांस सेल ने 30 दिसंबर को लगभग 100 फोन उनके मालिकों को सौंप दिए। ये ऐसे सेल फोन हैं जो किसी न किसी तरह से खो गए हैं। इन स्मार्टफोन्स की कीमत करीब 21 लाख रुपये होने का अनुमान है। "हमारे निगरानी सेल द्वारा लगभग 100 मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए हैं। ये वो मोबाइल हैं जो किसी तरह कहीं खो गए थे। इनकी कीमत 21 लाख के करीब है। '
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मेरठ पुलिस के सर्विलांस सेल ने तीस दिसंबर को लगभग एक सौ फोन उनके मालिकों को सौंप दिए। ये ऐसे सेल फोन हैं जो किसी न किसी तरह से खो गए हैं। इन स्मार्टफोन्स की कीमत करीब इक्कीस लाख रुपये होने का अनुमान है। "हमारे निगरानी सेल द्वारा लगभग एक सौ मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए हैं। ये वो मोबाइल हैं जो किसी तरह कहीं खो गए थे। इनकी कीमत इक्कीस लाख के करीब है। '
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तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति पद के चुनाव में एक मुख्य उम्मीदवार ने सुधारवादी मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश के तहत पश्चिम के साथ बेहतर आर्थिक एवं राजनीतिक संबंध बनाने की मंगलवार को अपील की। 'सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान' के पूर्व प्रमुख अब्दुल नासिर हिम्मती के किसी भी राजनीतिक धड़े के साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं है, लेकिन वह उदारवादी और सुधारवादी मतदाताओं के लिए खुद को संभावित उम्मीदवार के रूप में स्थापित कर रहे हैं। ईरान में 18 जून को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होगा और हिम्मती उन सात उम्मीदवारों में से एक हैं जिनके नामांकन को मंजूरी मिली है।
हिम्मती ने कहा, "शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के रास्ते में अवरोधक क्यों होने चाहिए? " उन्होंने जोर दिया कि "वैश्विक और क्षेत्रीय शांति में सुधार" अमेरिकी सद्भावना और इस्लामी गणराज्य के साथ "विश्वास-निर्माण" पर टिका है। उन्होंने विश्व शक्तियों के साथ हुए तेहरान के 2015 के परमाणु समझौते में अमेरिका से लौटने की फिर से अपील करते हुए कहा कि यदि वह राष्ट्रपति बनते हैं, तो समझौते को बहाल करना और प्रतिबंधों से राहत हासिल करना निश्चित रूप से उनकी प्राथमिकताओं में से एक होगा।
हिम्मती ने एपी को पिछले सप्ताह दिए साक्षात्कार में कहा था कि चुनाव में जीत की स्थिति में वह अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन से मिलना चाहेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि हिम्मती ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पसंदीदा कट्टरपंथी न्याय प्रमुख इब्राहिम राइसी से पीछे हैं।
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तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति पद के चुनाव में एक मुख्य उम्मीदवार ने सुधारवादी मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश के तहत पश्चिम के साथ बेहतर आर्थिक एवं राजनीतिक संबंध बनाने की मंगलवार को अपील की। 'सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान' के पूर्व प्रमुख अब्दुल नासिर हिम्मती के किसी भी राजनीतिक धड़े के साथ कोई आधिकारिक संबंध नहीं है, लेकिन वह उदारवादी और सुधारवादी मतदाताओं के लिए खुद को संभावित उम्मीदवार के रूप में स्थापित कर रहे हैं। ईरान में अट्ठारह जून को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होगा और हिम्मती उन सात उम्मीदवारों में से एक हैं जिनके नामांकन को मंजूरी मिली है। हिम्मती ने कहा, "शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के रास्ते में अवरोधक क्यों होने चाहिए? " उन्होंने जोर दिया कि "वैश्विक और क्षेत्रीय शांति में सुधार" अमेरिकी सद्भावना और इस्लामी गणराज्य के साथ "विश्वास-निर्माण" पर टिका है। उन्होंने विश्व शक्तियों के साथ हुए तेहरान के दो हज़ार पंद्रह के परमाणु समझौते में अमेरिका से लौटने की फिर से अपील करते हुए कहा कि यदि वह राष्ट्रपति बनते हैं, तो समझौते को बहाल करना और प्रतिबंधों से राहत हासिल करना निश्चित रूप से उनकी प्राथमिकताओं में से एक होगा। हिम्मती ने एपी को पिछले सप्ताह दिए साक्षात्कार में कहा था कि चुनाव में जीत की स्थिति में वह अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन से मिलना चाहेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि हिम्मती ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पसंदीदा कट्टरपंथी न्याय प्रमुख इब्राहिम राइसी से पीछे हैं।
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धर्मशाला - राजकीय फूड क्राफ्ट इंस्टीच्यूट धर्मशाला में इस बार 30 नहीं बल्कि 50 छात्रों को प्रशिक्षण के लिए दाखिला दिया जाएगा। छात्रों की भारी डिमांड को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। वर्तमान समय में होटलों और पर्यटन में रोजगार की आपार संभावनाएं हैं। ग्लोवलाइजेशन के दौर में टै्रवल एवं टूरिज्म के साथ होटल इंडस्ट्री में नए रोजगार पैदा हो रहे हैं। संस्थान के अनुसार कुछ वर्षों में होटल इंडस्ट्री में करियर की संभावनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। आज के समय में एक मात्र ऐसी इंडस्ट्री है, जिसमें नौकरियां की डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम है। इस कारण छात्रों का रुझान इस कोर्स की तरफ बढ़ा है। संस्थान में 2012 से एक वर्ष छह महीने का कोर्स करवा रहा है। अभी तक संस्थान ने 602 युवाओं को प्रशिक्षित किया है। इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त युवा देश-विदेश के नामी होटलों में बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं। कैंपस प्लेसमेंट के जरिए भी युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जाता है। संस्थान में 2019-20 सत्र में फ्रट आफिस, फूड प्रोडक्शन, एफ एंड बी सर्विस, बेकरी और हाउसकीपिंग में डिप्लोमा करवा रहा है। इन कोर्सों में दाखिला लेने पर युवाओं को कौशल विकास भत्ता और 100 प्रतिशत जॉब प्लेसमेंट दी जाती है। संस्थान की फीस अन्य निजी संस्थानों से बहुत कम हैं और शिक्षा क्वालिटी में भी बहुत अधिक अंतर है।
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धर्मशाला - राजकीय फूड क्राफ्ट इंस्टीच्यूट धर्मशाला में इस बार तीस नहीं बल्कि पचास छात्रों को प्रशिक्षण के लिए दाखिला दिया जाएगा। छात्रों की भारी डिमांड को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। वर्तमान समय में होटलों और पर्यटन में रोजगार की आपार संभावनाएं हैं। ग्लोवलाइजेशन के दौर में टै्रवल एवं टूरिज्म के साथ होटल इंडस्ट्री में नए रोजगार पैदा हो रहे हैं। संस्थान के अनुसार कुछ वर्षों में होटल इंडस्ट्री में करियर की संभावनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। आज के समय में एक मात्र ऐसी इंडस्ट्री है, जिसमें नौकरियां की डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम है। इस कारण छात्रों का रुझान इस कोर्स की तरफ बढ़ा है। संस्थान में दो हज़ार बारह से एक वर्ष छह महीने का कोर्स करवा रहा है। अभी तक संस्थान ने छः सौ दो युवाओं को प्रशिक्षित किया है। इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त युवा देश-विदेश के नामी होटलों में बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं। कैंपस प्लेसमेंट के जरिए भी युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जाता है। संस्थान में दो हज़ार उन्नीस-बीस सत्र में फ्रट आफिस, फूड प्रोडक्शन, एफ एंड बी सर्विस, बेकरी और हाउसकीपिंग में डिप्लोमा करवा रहा है। इन कोर्सों में दाखिला लेने पर युवाओं को कौशल विकास भत्ता और एक सौ प्रतिशत जॉब प्लेसमेंट दी जाती है। संस्थान की फीस अन्य निजी संस्थानों से बहुत कम हैं और शिक्षा क्वालिटी में भी बहुत अधिक अंतर है।
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मुंबई/दि. 7- राजनेताओं का अयोध्या दौरा हमेशा ही चर्चा का विषय रहता है और इस समय राज ठाकरे के प्रस्तावित अयोध्या दौरे की हर ओर चर्चा चल रही है. क्योंकि राज ठाकरे ने आगामी 5 जून को अयोध्या दौैरे पर जाने की घोषणा की है. किंतु राज ठाकरे से पहले अब राकांपा विधायक रोहित पवार अयोध्या पहुंच गये है. ऐसे में अब रोहित पवार के अयोध्या दौरे की चर्चाएं चल पडी.
बता दें कि, राकांपा विधायक रोहित पवार इस समय परिवार सहित तीर्थयात्रा पर हैैं और इस यात्रा के दौरान उन्होंने गत रोज ही राजस्थान स्थित राधागोविंद मंदिर को भेंट दी. पश्चात उन्होंने इस मंदिर और भारतीय इतिहास की जानकारी अपने फेसबुक अकाउंट पर भी पोस्ट की. इसके बाद रोहित पवार ने पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर और अजमेर स्थित सुफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर भी भेंट दी. जहां पर उन्होंने अपने राज्य व देश के कल्याण हेतु प्रार्थना किये जाने की बात कही.
चार दिन के राजस्थान दौरे के पश्चात अब रोहित पवार उत्तर प्रदेश के दौरे पर रवाना हुए है. जिसके तहत वे आज सुबह ही अयोध्या पहुंचे. जहां पर उन्होंने अपने परिवार सहित रामलला के दर्शन किये.
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मुंबई/दि. सात- राजनेताओं का अयोध्या दौरा हमेशा ही चर्चा का विषय रहता है और इस समय राज ठाकरे के प्रस्तावित अयोध्या दौरे की हर ओर चर्चा चल रही है. क्योंकि राज ठाकरे ने आगामी पाँच जून को अयोध्या दौैरे पर जाने की घोषणा की है. किंतु राज ठाकरे से पहले अब राकांपा विधायक रोहित पवार अयोध्या पहुंच गये है. ऐसे में अब रोहित पवार के अयोध्या दौरे की चर्चाएं चल पडी. बता दें कि, राकांपा विधायक रोहित पवार इस समय परिवार सहित तीर्थयात्रा पर हैैं और इस यात्रा के दौरान उन्होंने गत रोज ही राजस्थान स्थित राधागोविंद मंदिर को भेंट दी. पश्चात उन्होंने इस मंदिर और भारतीय इतिहास की जानकारी अपने फेसबुक अकाउंट पर भी पोस्ट की. इसके बाद रोहित पवार ने पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर और अजमेर स्थित सुफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर भी भेंट दी. जहां पर उन्होंने अपने राज्य व देश के कल्याण हेतु प्रार्थना किये जाने की बात कही. चार दिन के राजस्थान दौरे के पश्चात अब रोहित पवार उत्तर प्रदेश के दौरे पर रवाना हुए है. जिसके तहत वे आज सुबह ही अयोध्या पहुंचे. जहां पर उन्होंने अपने परिवार सहित रामलला के दर्शन किये.
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इसराइल ने ग़ज़ा में तीन दिन के संघर्ष विराम को बढ़ाने की पेशकश की है.
इसराइली अधिकारियों ने ये जानकारी दी. ये संघर्ष विराम मंगलवार से लागू है.
हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट ख़बरों में कहा गया है कि ग़ज़ा में शासन करने वाला चरमपंथी संगठन हमास संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर सहमत नहीं है.
दोनों पक्षों में लगभग एक महीने से संघर्ष चल रहा था जिसमें ग़ज़ा के स्वास्थ मंत्रालय के अनुसार 1,867 फलस्तीनी मारे गए तो इसराइल का कहना है कि उसके 64 सैनिकों और तीन आम नागरिकों की जानें गई हैं.
मरने वालों में इसराइल में मौजूद एक थाई नागरिक भी शामिल है.
मिस्र की मध्यस्थता से फलस्तीनी धड़ों और इसराइल के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है.
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इसराइल ने ग़ज़ा में तीन दिन के संघर्ष विराम को बढ़ाने की पेशकश की है. इसराइली अधिकारियों ने ये जानकारी दी. ये संघर्ष विराम मंगलवार से लागू है. हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट ख़बरों में कहा गया है कि ग़ज़ा में शासन करने वाला चरमपंथी संगठन हमास संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर सहमत नहीं है. दोनों पक्षों में लगभग एक महीने से संघर्ष चल रहा था जिसमें ग़ज़ा के स्वास्थ मंत्रालय के अनुसार एक,आठ सौ सरसठ फलस्तीनी मारे गए तो इसराइल का कहना है कि उसके चौंसठ सैनिकों और तीन आम नागरिकों की जानें गई हैं. मरने वालों में इसराइल में मौजूद एक थाई नागरिक भी शामिल है. मिस्र की मध्यस्थता से फलस्तीनी धड़ों और इसराइल के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है.
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