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पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह बालाकोट में जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की उससे पाकिस्तान बिलबिला उठा है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स से कहा है कि भारत को संस्था के एशिया प्रशांत संयुक्त समूह के सह अध्यक्ष पद से हटाया जाए। इस्लामाबाद : पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह बालाकोट में जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की उससे पाकिस्तान बिलबिला उठा है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स से कहा है कि भारत को संस्था के एशिया प्रशांत संयुक्त समूह के सह अध्यक्ष पद से हटाया जाए। भारत के सह अध्यक्ष रहते उसे लेकर निष्पक्ष समीक्षा नहीं हो सकती। वित्त मंत्री असद उमर ने पेरिस स्थित संस्था एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्शल बिलिंगसलीआ को भेजे पत्र में भारत के अलावा किसी अन्य सदस्य देश को एशिया पेसिफिक जॉइंट ग्रुप का सह अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए कहा है ताकि एफएटीएफ की समीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ हो। पाकिस्तान के प्रति भारत का द्वेष भाव जगजाहिर है और हाल में पाकिस्तान के वायु क्षेत्र का उल्लंघन और पाकिस्तानी क्षेत्र में बम गिराया जाना भारत के शत्रुतापूर्ण रवैया का एक और उदाहरण है। पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया काफी दुर्भाग्यपूर्ण रहा है और हाल ही में भारत ने पाक के वायु सीमा का उल्लंघन करके बम फेंके। भारत के इस समूह का सह अध्यक्ष होने ने से रिव्यू प्रक्रिया का निष्पक्षता से होना मुश्किल है। हमारा मानना है कि भारत पाक के प्रति जायज रवैया नहीं दिखाएगा।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह बालाकोट में जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की उससे पाकिस्तान बिलबिला उठा है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स से कहा है कि भारत को संस्था के एशिया प्रशांत संयुक्त समूह के सह अध्यक्ष पद से हटाया जाए। इस्लामाबाद : पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह बालाकोट में जैश के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की उससे पाकिस्तान बिलबिला उठा है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स से कहा है कि भारत को संस्था के एशिया प्रशांत संयुक्त समूह के सह अध्यक्ष पद से हटाया जाए। भारत के सह अध्यक्ष रहते उसे लेकर निष्पक्ष समीक्षा नहीं हो सकती। वित्त मंत्री असद उमर ने पेरिस स्थित संस्था एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्शल बिलिंगसलीआ को भेजे पत्र में भारत के अलावा किसी अन्य सदस्य देश को एशिया पेसिफिक जॉइंट ग्रुप का सह अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए कहा है ताकि एफएटीएफ की समीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ हो। पाकिस्तान के प्रति भारत का द्वेष भाव जगजाहिर है और हाल में पाकिस्तान के वायु क्षेत्र का उल्लंघन और पाकिस्तानी क्षेत्र में बम गिराया जाना भारत के शत्रुतापूर्ण रवैया का एक और उदाहरण है। पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया काफी दुर्भाग्यपूर्ण रहा है और हाल ही में भारत ने पाक के वायु सीमा का उल्लंघन करके बम फेंके। भारत के इस समूह का सह अध्यक्ष होने ने से रिव्यू प्रक्रिया का निष्पक्षता से होना मुश्किल है। हमारा मानना है कि भारत पाक के प्रति जायज रवैया नहीं दिखाएगा।
एनडीटीवी इंडिया में 15 वर्षों से कार्यरत. उपन्यास 'ज़िंदगी लाइव', कहानी संग्रह 'बारिश, धुआं और दोस्त' और 'उसके हिस्से का जादू', कविता संग्रह 'नष्ट कुछ भी नहीं होता' सहित नौ किताबें प्रकाशित. कविता संग्रह मराठी में और उपन्यास अंग्रेज़ी में अनूदित. सलमान रुश्दी और अरुंधती रॉय की कृतियों सहित सात किताबों का अनुवाद और तीन किताबों का संपादन. विविध राजनैतिक-सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर तीन दशक से नियमित विविधतापूर्ण लेखन और हिंदी की सभी महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन.
एनडीटीवी इंडिया में पंद्रह वर्षों से कार्यरत. उपन्यास 'ज़िंदगी लाइव', कहानी संग्रह 'बारिश, धुआं और दोस्त' और 'उसके हिस्से का जादू', कविता संग्रह 'नष्ट कुछ भी नहीं होता' सहित नौ किताबें प्रकाशित. कविता संग्रह मराठी में और उपन्यास अंग्रेज़ी में अनूदित. सलमान रुश्दी और अरुंधती रॉय की कृतियों सहित सात किताबों का अनुवाद और तीन किताबों का संपादन. विविध राजनैतिक-सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर तीन दशक से नियमित विविधतापूर्ण लेखन और हिंदी की सभी महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन.
हरियाणा में अब अगले 5 दिन तक झमाझम बारिश होगी। साथ ही 23 जून को राजस्थान से सटे 7 जिलों में गरज चमक से बूंदाबांदी शुरू होगी। चंडीगढ़ः हरियाणा में अगले 5 दिन तक झमाझम बारिश होगी। साथ ही 23 जून को राजस्थान से सटे 7 जिलों में गरज चमक से बूंदाबांदी शुरू होगी। अगले दिन सिरसा व फतेहाबाद को छोड़कर बाकी जगहों पर बारिश होगी। वहीं 25 व 26 जून को अधिकतर जिलों में तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। बता दें कि आईएमडी चंडीगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार से चल रहा बारिश और बूंदाबांदी का दौर 26 जून तक जारी रहने वाला है। वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 24 जून को बारिश का दायरा पूरे हरियाणा में बढ़ जाएगा। जिसे लेकर येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम पर नजर रखने वाली एजेंसी स्काईमेट के महेश का कहना है कि बिपरजॉय की विदाई के बाद मानसून की गति बढ़ गई है। साथ ही 29 या फिर 30 जून को मानसून हरियाणा पंजाब में दस्तक दे देगा। (हरियाणा की खबरें टेलीग्राम पर भी, बस यहां क्लिक करें या फिर टेलीग्राम पर Punjab Kesari Haryana सर्च करें। )
हरियाणा में अब अगले पाँच दिन तक झमाझम बारिश होगी। साथ ही तेईस जून को राजस्थान से सटे सात जिलों में गरज चमक से बूंदाबांदी शुरू होगी। चंडीगढ़ः हरियाणा में अगले पाँच दिन तक झमाझम बारिश होगी। साथ ही तेईस जून को राजस्थान से सटे सात जिलों में गरज चमक से बूंदाबांदी शुरू होगी। अगले दिन सिरसा व फतेहाबाद को छोड़कर बाकी जगहों पर बारिश होगी। वहीं पच्चीस व छब्बीस जून को अधिकतर जिलों में तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। बता दें कि आईएमडी चंडीगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार से चल रहा बारिश और बूंदाबांदी का दौर छब्बीस जून तक जारी रहने वाला है। वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि चौबीस जून को बारिश का दायरा पूरे हरियाणा में बढ़ जाएगा। जिसे लेकर येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम पर नजर रखने वाली एजेंसी स्काईमेट के महेश का कहना है कि बिपरजॉय की विदाई के बाद मानसून की गति बढ़ गई है। साथ ही उनतीस या फिर तीस जून को मानसून हरियाणा पंजाब में दस्तक दे देगा।
श्राद्ध, तर्पण आदि कर्म करने लगते हैं, जिससे देवता और पितरोंको बड़ा सुख मिलता है। भक्तिके प्रतापसे भक्तके आगे-पीछेके कई कुल तर जाते हैं, इसलिये अपने कुलमें भक्तको उत्पन्न हुआ देखकर पितरगण अपनी मुक्तिकी दृढ़ आशासे हर्षोत्फुल्ल हो जाते हैं। पद्मपुराणमें कहा हैआस्फोटयन्ति पितरो नृत्यन्ति च पितामहाः । मद्वंशे वैष्णवो जातः स नस्त्रा भविष्यति ॥ 'पितृ-पितामहगण अपने वंशमें भगवद्भक्तका जन्म हुआ जानकर - यह हमारा उद्धार कर देगा, इस आशासे प्रसन्न होकर नाचने और ताल ठोकने लगते हैं। ' मचले हुए दर्शनाकांक्षी भक्त किसी भी बातसे सन्तुष्ट नहीं होते, अतः स्नेहमयी जननीकी भाँति उन्हें अपनी गोदमें खिलाकर सुखी करनेके लिये सच्चिदानन्दघन भगवान् दिव्यरूपमें साक्षात् प्रकट होते हैं। उनके प्रकट होते ही देवताओंका अहित करनेवाले असुरोंका विनाश आरम्भ हो जाता है। इस प्रकार भक्तके आविर्भावको ही भगवान्के प्राकट्यमें कारण समझकर देवतागण भी नाचने लगते हैं। जबतक भगवान् या भगवान्के प्यारे धर्मात्मा भक्तोंका आविर्भाव नहीं होता तबतक पृथ्वीदेवी अनाथा रहती हैं। और जब भक्त प्रकट होते हैं तब बछड़ेके पीछे स्नेहवश दौड़नेवाली गौकी तरह भगवान् भी प्रकट हो जाते हैं, अतएव भक्तके आविर्भावसे ही पृथ्वी सनाथा हो जाती है । नास्ति तेषु जातिविद्यारूपकुलधनक्रियादिभेदः ॥ ७२ ॥ ७२ - उनमें (भक्तों में ) जाति, विद्या, रूप, कुल, धन और क्रियादिका भेद नहीं है । सूत्रकार यहाँ यह समझाते हैं कि भक्तिमें जाति, विद्या,
श्राद्ध, तर्पण आदि कर्म करने लगते हैं, जिससे देवता और पितरोंको बड़ा सुख मिलता है। भक्तिके प्रतापसे भक्तके आगे-पीछेके कई कुल तर जाते हैं, इसलिये अपने कुलमें भक्तको उत्पन्न हुआ देखकर पितरगण अपनी मुक्तिकी दृढ़ आशासे हर्षोत्फुल्ल हो जाते हैं। पद्मपुराणमें कहा हैआस्फोटयन्ति पितरो नृत्यन्ति च पितामहाः । मद्वंशे वैष्णवो जातः स नस्त्रा भविष्यति ॥ 'पितृ-पितामहगण अपने वंशमें भगवद्भक्तका जन्म हुआ जानकर - यह हमारा उद्धार कर देगा, इस आशासे प्रसन्न होकर नाचने और ताल ठोकने लगते हैं। ' मचले हुए दर्शनाकांक्षी भक्त किसी भी बातसे सन्तुष्ट नहीं होते, अतः स्नेहमयी जननीकी भाँति उन्हें अपनी गोदमें खिलाकर सुखी करनेके लिये सच्चिदानन्दघन भगवान् दिव्यरूपमें साक्षात् प्रकट होते हैं। उनके प्रकट होते ही देवताओंका अहित करनेवाले असुरोंका विनाश आरम्भ हो जाता है। इस प्रकार भक्तके आविर्भावको ही भगवान्के प्राकट्यमें कारण समझकर देवतागण भी नाचने लगते हैं। जबतक भगवान् या भगवान्के प्यारे धर्मात्मा भक्तोंका आविर्भाव नहीं होता तबतक पृथ्वीदेवी अनाथा रहती हैं। और जब भक्त प्रकट होते हैं तब बछड़ेके पीछे स्नेहवश दौड़नेवाली गौकी तरह भगवान् भी प्रकट हो जाते हैं, अतएव भक्तके आविर्भावसे ही पृथ्वी सनाथा हो जाती है । नास्ति तेषु जातिविद्यारूपकुलधनक्रियादिभेदः ॥ बहत्तर ॥ बहत्तर - उनमें जाति, विद्या, रूप, कुल, धन और क्रियादिका भेद नहीं है । सूत्रकार यहाँ यह समझाते हैं कि भक्तिमें जाति, विद्या,
कोरिया. बीते 17 और 18 जनवरी को कोरिया जिले के प्रथम झुमका जल महोत्सव का शानदार आयोजन झुमका बोट क्लब में हुआ। दूसरे एवं अंतिम दिन खूबसूरत आतिशबाजियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। इन दो दिनों में देश एवं राज्य के नामचीन कलाकारों, स्थानीय कलाकारों और स्कूलों बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश की। शानदार प्रस्तुतियों ने लोगों को देर शाम तक रोके रखा। समापन समारोह की आखिरी प्रस्तुति बॉलीवुड सिंगर सुखबीर सिंह की रही जिन्होंने ऐसा समां बांधा कि हर कोई थिरक उठा। इश्क तेरा तड़पावे, सौदा खरा-खरा, ब्राउन मुण्डे, बिजली बिजली जैसे गीतों के साथ ही उन्होंने बहुत से बॉलीवुड गीतों पर प्रस्तुति दीं। आमजनों के साथ स्वयं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरो खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने सुखबीर के साथ नृत्य किया। इससे पहले छत्तीसगढ़ी कलाकार सुनील सोनी ने हाय रे सरगुजा नाचे के साथ चल जाबो झुमका बांध रे गाया जिसपर खूब तालियां बजी। छत्तीसगढ़ी कलाकार संजय सुरीला ने अपने छत्तीसगढ़ी गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध किया, मीठ-मीठ लागे मया के बानी जैसे लोकप्रिय गीतों को सुनकर दर्शक खूब उत्साहित हुए। वहीं सूफी कलाकार नासिर निन्दर ने पिया हाजी अली जैसे गीतों से माहौल को सूफियाना बनाया। झुमका जल महोत्सव के पहले दिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ओडिसी नृत्यांगना पूर्णाश्री राउत, बॉलीवुड सिंगर विनोद राठौर, छत्तीसगढ़ी कलाकार अनुज शर्मा, आरू साहू, सुनील मानिकपुरी, की प्रस्तुतियां आयोजन का मुख्य आकर्षण बनी। स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों की अद्भुत प्रस्तुतियां देख लोग जोश से भर उठे। झुमका जल महोत्सव की खुमारी का अंदाज लोगों की भीड़ देखकर लगाया जा सकता था। कार्यक्रम के अंत तक सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरो, स्थानीय जनप्रतिधि, जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी की मौजूदगी के साथ हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
कोरिया. बीते सत्रह और अट्ठारह जनवरी को कोरिया जिले के प्रथम झुमका जल महोत्सव का शानदार आयोजन झुमका बोट क्लब में हुआ। दूसरे एवं अंतिम दिन खूबसूरत आतिशबाजियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। इन दो दिनों में देश एवं राज्य के नामचीन कलाकारों, स्थानीय कलाकारों और स्कूलों बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश की। शानदार प्रस्तुतियों ने लोगों को देर शाम तक रोके रखा। समापन समारोह की आखिरी प्रस्तुति बॉलीवुड सिंगर सुखबीर सिंह की रही जिन्होंने ऐसा समां बांधा कि हर कोई थिरक उठा। इश्क तेरा तड़पावे, सौदा खरा-खरा, ब्राउन मुण्डे, बिजली बिजली जैसे गीतों के साथ ही उन्होंने बहुत से बॉलीवुड गीतों पर प्रस्तुति दीं। आमजनों के साथ स्वयं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरो खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने सुखबीर के साथ नृत्य किया। इससे पहले छत्तीसगढ़ी कलाकार सुनील सोनी ने हाय रे सरगुजा नाचे के साथ चल जाबो झुमका बांध रे गाया जिसपर खूब तालियां बजी। छत्तीसगढ़ी कलाकार संजय सुरीला ने अपने छत्तीसगढ़ी गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध किया, मीठ-मीठ लागे मया के बानी जैसे लोकप्रिय गीतों को सुनकर दर्शक खूब उत्साहित हुए। वहीं सूफी कलाकार नासिर निन्दर ने पिया हाजी अली जैसे गीतों से माहौल को सूफियाना बनाया। झुमका जल महोत्सव के पहले दिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ओडिसी नृत्यांगना पूर्णाश्री राउत, बॉलीवुड सिंगर विनोद राठौर, छत्तीसगढ़ी कलाकार अनुज शर्मा, आरू साहू, सुनील मानिकपुरी, की प्रस्तुतियां आयोजन का मुख्य आकर्षण बनी। स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों की अद्भुत प्रस्तुतियां देख लोग जोश से भर उठे। झुमका जल महोत्सव की खुमारी का अंदाज लोगों की भीड़ देखकर लगाया जा सकता था। कार्यक्रम के अंत तक सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरो, स्थानीय जनप्रतिधि, जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी की मौजूदगी के साथ हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लोग भले ही राजनीति में बड़ा किरदार मानते हों। उन्हें "सियासी चाणक्य" तक का टैग देते हों, मगर उनका कहना है कि उनके जैसे लोग सिर्फ मार्जिन (वोट) पर सियासी दलों की मदद कर सकते हैं। अंग्रेजी खबरिया चैनल "इंडिया टुडे" के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई को दिए इंटरव्यू में कुछ समय पहले उन्होंने साफ कहा था कि वह चुनाव जितवाते नहीं हैं। दरअसल, सरदेसाई ने पूछा था, "पीके क्या कर रहे हैं? आपको लगता है कि आपकी जैसी सियासी रणनीति किसी दल को चुनाव जितवाती है? जवाब आया था- पार्टी अपने खुद के बल पर हार या जीत हासिल करती है। यह भी मायने रखता है कि पर्टी का नेतृत्व कौन कर रहा है और पार्टी ने क्या काम किया है...मेरे जैसे लोग बस मार्जिन दिलाने के लिए दलों की सहायता कर सकते हैं। बता दें कि किशोर एक सफल राजनीतिक रणनीतिकार माने जाते हैं, जिन्होंने 2014 में नरेंद्र मोदी के लिए लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाई थी। इसके बाद वह जेडीयू के साथ भी रहे, पर राजनेता के तौर पर सफल नहीं हो पाए। यह बात वह खुद भी स्वीकार चुके हैं कि पॉलिटिक्स में वह फेल रहे। हालांकि, उन्होंने फिर से मजबूत होकर सियासत में वापसी की बात भी कही थी। किशोर ने पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए रणनीति बनाई थी, जबकि प. बंगाल के चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी के लिए काम किया था। इसी तरह तमिलनाडु में डीएमके के लिए रणनीति तैयार की थी और स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाने में एक अहम भूमिका निभाई। सियासी जानकारों की मानें तो मौजूदा समय में वह मोदी-शाह के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बड़ा करने की योजना में है। इसी सिलसिले में उनकी हाल-फिलहाल के दिनों में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात हुई थी।
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लोग भले ही राजनीति में बड़ा किरदार मानते हों। उन्हें "सियासी चाणक्य" तक का टैग देते हों, मगर उनका कहना है कि उनके जैसे लोग सिर्फ मार्जिन पर सियासी दलों की मदद कर सकते हैं। अंग्रेजी खबरिया चैनल "इंडिया टुडे" के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई को दिए इंटरव्यू में कुछ समय पहले उन्होंने साफ कहा था कि वह चुनाव जितवाते नहीं हैं। दरअसल, सरदेसाई ने पूछा था, "पीके क्या कर रहे हैं? आपको लगता है कि आपकी जैसी सियासी रणनीति किसी दल को चुनाव जितवाती है? जवाब आया था- पार्टी अपने खुद के बल पर हार या जीत हासिल करती है। यह भी मायने रखता है कि पर्टी का नेतृत्व कौन कर रहा है और पार्टी ने क्या काम किया है...मेरे जैसे लोग बस मार्जिन दिलाने के लिए दलों की सहायता कर सकते हैं। बता दें कि किशोर एक सफल राजनीतिक रणनीतिकार माने जाते हैं, जिन्होंने दो हज़ार चौदह में नरेंद्र मोदी के लिए लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाई थी। इसके बाद वह जेडीयू के साथ भी रहे, पर राजनेता के तौर पर सफल नहीं हो पाए। यह बात वह खुद भी स्वीकार चुके हैं कि पॉलिटिक्स में वह फेल रहे। हालांकि, उन्होंने फिर से मजबूत होकर सियासत में वापसी की बात भी कही थी। किशोर ने पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए रणनीति बनाई थी, जबकि प. बंगाल के चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी के लिए काम किया था। इसी तरह तमिलनाडु में डीएमके के लिए रणनीति तैयार की थी और स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाने में एक अहम भूमिका निभाई। सियासी जानकारों की मानें तो मौजूदा समय में वह मोदी-शाह के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बड़ा करने की योजना में है। इसी सिलसिले में उनकी हाल-फिलहाल के दिनों में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात हुई थी।
जीवन के इस संकटकाल में हर कोई मेहनत करके सुख-समृद्धि प्राप्त करने का प्रयास करता है, लेकिन कुछ लोगों की ऐसी इच्छाएं समय रहते पूरी हो जाती हैं, तो कुछ को इसमें काफी समय लग जाता है। लोग अक्सर जीवन में सफलता और असफलता को भाग्य से जोड़कर देखते हैं। अंततः जीवन में वांछित सफलता पाने के लिए इन दोनों चीजों की अधिक आवश्यकता होती है। आखिर जिसके बिना उसके प्रयास सफल नहीं हो सकते। कर्म और भाग्य के बीच की इस शंका को दूर करते हुए किसी महापुरुष ने लिखा है कि मनुष्य का भाग्य लोहे के समान होता है, जो कर्म रूपी चुम्बक की ओर बार-बार खींचा जाता है। इसका मतलब है कि भाग्य के भरोसे नहीं रहना चाहिए। कर्म ही जीवन का एकमात्र तरीका है जिससे आप अपने भाग्य को आकार दे सकते हैं। सही अर्थों में व्यक्ति का संचित कर्म ही उसका प्रारब्ध होता है। जीवन से जुड़े भाग्य के बारे में जानने के लिए पढ़ें सफलता के मंत्र। - बुरे कर्म करके सौभाग्य की कामना करना व्यर्थ है क्योंकि यदि हमारे कर्म अच्छे होंगे तो हमारा भाग्य भी सुंदर होगा। - आपको हमेशा अपना भाग्य अपने कर्मों से लिखना होता है क्योंकि यह कोई पत्र नहीं है जो आपको किसी ने लिखा है। - भगवान कभी किसी का भाग्य नहीं लिखते। हमारी सोच, हमारा व्यवहार और हमारे कर्म ही जीवन के हर मोड़ पर इसे तय करते हैं। - जीवन में केवल वही जो हमेशा प्रगति का प्रयास करते हैं, केवल भाग्य के भरोसे रहने वाले हमेशा गरीब ही रहते हैं। - अगर आप किस्मत के भरोसे रहते हैं तो आपकी किस्मत हमेशा सोती है, लेकिन जिस पल आप हिम्मत करके खड़े होते हैं, आपका भाग्य भी आपके काम करने के लिए उठ खड़ा होता है।
जीवन के इस संकटकाल में हर कोई मेहनत करके सुख-समृद्धि प्राप्त करने का प्रयास करता है, लेकिन कुछ लोगों की ऐसी इच्छाएं समय रहते पूरी हो जाती हैं, तो कुछ को इसमें काफी समय लग जाता है। लोग अक्सर जीवन में सफलता और असफलता को भाग्य से जोड़कर देखते हैं। अंततः जीवन में वांछित सफलता पाने के लिए इन दोनों चीजों की अधिक आवश्यकता होती है। आखिर जिसके बिना उसके प्रयास सफल नहीं हो सकते। कर्म और भाग्य के बीच की इस शंका को दूर करते हुए किसी महापुरुष ने लिखा है कि मनुष्य का भाग्य लोहे के समान होता है, जो कर्म रूपी चुम्बक की ओर बार-बार खींचा जाता है। इसका मतलब है कि भाग्य के भरोसे नहीं रहना चाहिए। कर्म ही जीवन का एकमात्र तरीका है जिससे आप अपने भाग्य को आकार दे सकते हैं। सही अर्थों में व्यक्ति का संचित कर्म ही उसका प्रारब्ध होता है। जीवन से जुड़े भाग्य के बारे में जानने के लिए पढ़ें सफलता के मंत्र। - बुरे कर्म करके सौभाग्य की कामना करना व्यर्थ है क्योंकि यदि हमारे कर्म अच्छे होंगे तो हमारा भाग्य भी सुंदर होगा। - आपको हमेशा अपना भाग्य अपने कर्मों से लिखना होता है क्योंकि यह कोई पत्र नहीं है जो आपको किसी ने लिखा है। - भगवान कभी किसी का भाग्य नहीं लिखते। हमारी सोच, हमारा व्यवहार और हमारे कर्म ही जीवन के हर मोड़ पर इसे तय करते हैं। - जीवन में केवल वही जो हमेशा प्रगति का प्रयास करते हैं, केवल भाग्य के भरोसे रहने वाले हमेशा गरीब ही रहते हैं। - अगर आप किस्मत के भरोसे रहते हैं तो आपकी किस्मत हमेशा सोती है, लेकिन जिस पल आप हिम्मत करके खड़े होते हैं, आपका भाग्य भी आपके काम करने के लिए उठ खड़ा होता है।
राजस्थान रॉयल्स के विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दूसरे चरण के मैचों के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होने से उनकी टीम 'अच्छी स्थिति' में होगी। रावत ने कोरोना वायरस मामले के कारण आईपीएल के स्थगित होने से पहले इस लीग में पदार्पण किया था। इस 21 वर्षीय ने सनराइजर्स हैदराबाद पर 55 रन की जीत में तीन शानदार कैच लेकर राजस्थान रॉयल्स के लिए मैदान पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राजस्थान की टीम अभी सात में से छह अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है। इस युवा खिलाड़ी ने यहां जारी मीडिया विज्ञप्ति में कहा, " मैं वास्तव में खुश था कि मैं रॉयल्स के लिए अपना आईपीएल पदार्पण कर सका। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि सत्र को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन तालिका में पांचवें स्थान पर हमारी वर्तमान स्थिति को देखते हुए, मुझे लगता है कि यह हम यूएई में फिर से शुरुआत करने के मामले में अच्छी स्थिति में है। "टूर्नामेंट के पहले चरण के दौरान इस टीम को तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और हरफनमौला बेन स्टोक्स सहित कई खिलाड़ियों की सेवाएं नहीं मिल सकी थी। अंडर-19 स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके रावत ने कहा, " उस समय (इस साल आईपीएल के पहले चरण में) हमारे कुछ खिलाड़ियों को टीम का साथ छोड़ना पड़ा था। इसमें कुछ प्रतियोगिता के अधिकांश भाग के लिए अनुपलब्ध थे। ऐसे में मेरा मानना है कि यह हमारी टीम का एक अच्छा समग्र प्रदर्शन था। हम वास्तव में अगले सात मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर 'प्लेऑफ' में जगह पक्की करने की कोशिश करेंगे। "अपने पदार्पण के बारे में उन्होंने कहा, " मुझे खुद पर भरोसा था और मुझे लग रहा था कि जब हम अपने मैचों के दिल्ली चरण में जाएंगे तो मुझे मौका मिलेगा क्योंकि वह मेरा घरेलू स्टेडियम है और मैं उन परिस्थितियों का आदी हूं। "घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले रावत ने कहा, " जब सांगा (कुमार संगकारा) ने मुझसे कहा कि मैं खेलूंगा, तो अच्छा लगा और मैं वास्तव में मैदान में उतरने और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हुआ। "उन्होंने कहा, " पिछले सत्र में टीम के साथ यूएई की परिस्थितियों का अनुभव करने के बाद कह सकता हूं कि वहां की पिच वास्तव में मेरी बल्लेबाजी के अनुकूल है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
राजस्थान रॉयल्स के विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग के दूसरे चरण के मैचों के संयुक्त अरब अमीरात में होने से उनकी टीम 'अच्छी स्थिति' में होगी। रावत ने कोरोना वायरस मामले के कारण आईपीएल के स्थगित होने से पहले इस लीग में पदार्पण किया था। इस इक्कीस वर्षीय ने सनराइजर्स हैदराबाद पर पचपन रन की जीत में तीन शानदार कैच लेकर राजस्थान रॉयल्स के लिए मैदान पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राजस्थान की टीम अभी सात में से छह अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है। इस युवा खिलाड़ी ने यहां जारी मीडिया विज्ञप्ति में कहा, " मैं वास्तव में खुश था कि मैं रॉयल्स के लिए अपना आईपीएल पदार्पण कर सका। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि सत्र को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन तालिका में पांचवें स्थान पर हमारी वर्तमान स्थिति को देखते हुए, मुझे लगता है कि यह हम यूएई में फिर से शुरुआत करने के मामले में अच्छी स्थिति में है। "टूर्नामेंट के पहले चरण के दौरान इस टीम को तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और हरफनमौला बेन स्टोक्स सहित कई खिलाड़ियों की सेवाएं नहीं मिल सकी थी। अंडर-उन्नीस स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके रावत ने कहा, " उस समय हमारे कुछ खिलाड़ियों को टीम का साथ छोड़ना पड़ा था। इसमें कुछ प्रतियोगिता के अधिकांश भाग के लिए अनुपलब्ध थे। ऐसे में मेरा मानना है कि यह हमारी टीम का एक अच्छा समग्र प्रदर्शन था। हम वास्तव में अगले सात मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर 'प्लेऑफ' में जगह पक्की करने की कोशिश करेंगे। "अपने पदार्पण के बारे में उन्होंने कहा, " मुझे खुद पर भरोसा था और मुझे लग रहा था कि जब हम अपने मैचों के दिल्ली चरण में जाएंगे तो मुझे मौका मिलेगा क्योंकि वह मेरा घरेलू स्टेडियम है और मैं उन परिस्थितियों का आदी हूं। "घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले रावत ने कहा, " जब सांगा ने मुझसे कहा कि मैं खेलूंगा, तो अच्छा लगा और मैं वास्तव में मैदान में उतरने और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हुआ। "उन्होंने कहा, " पिछले सत्र में टीम के साथ यूएई की परिस्थितियों का अनुभव करने के बाद कह सकता हूं कि वहां की पिच वास्तव में मेरी बल्लेबाजी के अनुकूल है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
सपना चौधरी ने इंस्टाग्राम पर कुछ फोटोज शेयर की हैं। ये तस्वीरें उनके पहले करवा चौथ की है। सपना इन तस्वीरों में लाल जोड़े में वीर साहू के साथ करवाचौथ की पूजा करती नजर आ रही हैं और अपनी पति की लंबी आयु की दुआएं कर रही हैं। बीते कुछ दिनों पहले ही बेटे को जन्म दिया है।
सपना चौधरी ने इंस्टाग्राम पर कुछ फोटोज शेयर की हैं। ये तस्वीरें उनके पहले करवा चौथ की है। सपना इन तस्वीरों में लाल जोड़े में वीर साहू के साथ करवाचौथ की पूजा करती नजर आ रही हैं और अपनी पति की लंबी आयु की दुआएं कर रही हैं। बीते कुछ दिनों पहले ही बेटे को जन्म दिया है।
Weather Today: ठंड में मिली थोड़ी राहत के बाद एकबार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में आज से अगले चार दिनों तक आफत की बारिश होने के आसार हैं। पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के बीच आज यानी 23 से 26 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश के आसार हैं। इससे एकबार फिर ठंड बढ़ जाएगी। उत्तर भारत पहाड़ों से लेकर मैदान जबरदस्त ठंडा का प्रकोप है। हालांकि पिछले दो तीन दिनों से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली है। आज से एकबार फिर मौसम के मिजाज के बदलने का पूर्वानुमान है। गौरतलब है कि पूरे उत्तर भारत में नए साल 2023 के पहले दिन से ही मौसम बेहद सर्द बना हुआ है। Enhanced rainfall/snowfall activity with possibility of heavy falls over Western Himalayan Region and rainfall activity over plains of Northwest India during 24th to 26th January, 2023. पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज बेहद सर्द बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर पिछले कई दिनों से लगातार बर्फबारी के साथ-साथ बारिश हो रही है। इसके साथ ही मौसम विभाग का कहना है कि 23 से 26 जनवरी के बीच इन इलाकों में बर्फबारी के साथ-साथ बारिश भी तेज हो सकती है। इसके साथ ही 23 से 26 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश हल्की बारिश के आसार हैं। बर्फबारी के बाद एक बार फिर शीतलहर चल सकती है। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर (Skymet Weather) के मुतबाकि गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और जम्मू कश्मीर में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश और हिमपात की उम्मीद है। वहीं 24 से 28 जनवरी के बीच लद्दाख, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी और कुछ भारी जगहों पर बारिश हो सकती है। आज से 26 जनवरी के बीच हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभवना है।
Weather Today: ठंड में मिली थोड़ी राहत के बाद एकबार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में आज से अगले चार दिनों तक आफत की बारिश होने के आसार हैं। पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के बीच आज यानी तेईस से छब्बीस जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश के आसार हैं। इससे एकबार फिर ठंड बढ़ जाएगी। उत्तर भारत पहाड़ों से लेकर मैदान जबरदस्त ठंडा का प्रकोप है। हालांकि पिछले दो तीन दिनों से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली है। आज से एकबार फिर मौसम के मिजाज के बदलने का पूर्वानुमान है। गौरतलब है कि पूरे उत्तर भारत में नए साल दो हज़ार तेईस के पहले दिन से ही मौसम बेहद सर्द बना हुआ है। Enhanced rainfall/snowfall activity with possibility of heavy falls over Western Himalayan Region and rainfall activity over plains of Northwest India during चौबीसth to छब्बीस जनवरीuary, दो हज़ार तेईस. पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज बेहद सर्द बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर पिछले कई दिनों से लगातार बर्फबारी के साथ-साथ बारिश हो रही है। इसके साथ ही मौसम विभाग का कहना है कि तेईस से छब्बीस जनवरी के बीच इन इलाकों में बर्फबारी के साथ-साथ बारिश भी तेज हो सकती है। इसके साथ ही तेईस से छब्बीस जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश हल्की बारिश के आसार हैं। बर्फबारी के बाद एक बार फिर शीतलहर चल सकती है। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुतबाकि गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और जम्मू कश्मीर में अगले चौबीस से अड़तालीस घंटाटों के दौरान बारिश और हिमपात की उम्मीद है। वहीं चौबीस से अट्ठाईस जनवरी के बीच लद्दाख, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी और कुछ भारी जगहों पर बारिश हो सकती है। आज से छब्बीस जनवरी के बीच हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभवना है।
चिकित्सा साहित्य में Mecodol Plus के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Mecodol Plus का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें। क्या Mecodol Plus का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? शोध कार्य न हो पाने की वजह से Mecodol Plus के हानिकारक प्रभावों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हैं। क्या Mecodol Plus का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए Mecodol Plus पूरी तरह सुरक्षित है। Mecodol Plus का पेट पर क्या असर होता है? पेट के लिए Mecodol Plus हानिकारक नहीं है। क्या Mecodol Plus का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है? Mecodol Plus बच्चों के लिए सुरक्षित है इस बारे में कोई शोध न होने की वजह से ये कहना मुश्किल है कि Mecodol Plus बच्चों के लिए सुरक्षित है या नहीं। Mecodol Plus का शरीर पर क्या असर होता है इस बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। इस पर कोई रिसर्च नहीं हो पाई है। क्या Mecodol Plus शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है? Mecodol Plus लेने पर आपको झपकी या नींद नहीं आएगी। इसलिए आप ड्राइव कर सकते हैं या मशीनरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्या Mecodol Plus का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है? नहीं, Mecodol Plus को लेने के बाद आपको इसकी आदत नहीं पड़ती है।
चिकित्सा साहित्य में Mecodol Plus के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Mecodol Plus का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें। क्या Mecodol Plus का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? शोध कार्य न हो पाने की वजह से Mecodol Plus के हानिकारक प्रभावों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हैं। क्या Mecodol Plus का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए Mecodol Plus पूरी तरह सुरक्षित है। Mecodol Plus का पेट पर क्या असर होता है? पेट के लिए Mecodol Plus हानिकारक नहीं है। क्या Mecodol Plus का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है? Mecodol Plus बच्चों के लिए सुरक्षित है इस बारे में कोई शोध न होने की वजह से ये कहना मुश्किल है कि Mecodol Plus बच्चों के लिए सुरक्षित है या नहीं। Mecodol Plus का शरीर पर क्या असर होता है इस बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। इस पर कोई रिसर्च नहीं हो पाई है। क्या Mecodol Plus शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है? Mecodol Plus लेने पर आपको झपकी या नींद नहीं आएगी। इसलिए आप ड्राइव कर सकते हैं या मशीनरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्या Mecodol Plus का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है? नहीं, Mecodol Plus को लेने के बाद आपको इसकी आदत नहीं पड़ती है।
परिभाषा के अनुसार, वित्त परिणाम हैकुछ सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में मौद्रिक संबंध आर्थिक संबंधों के एक अलग क्षेत्र के रूप में उनके उभरने के लिए, ऐसे हालात को सुनिश्चित करना आवश्यक है जिसके तहत विभिन्न कारकों का एक पूरा परिसर पैदा होगा और समय के साथ एक विशेष ऐतिहासिक अवस्था में शामिल होगाः कोई गंभीर राजनीतिक याआर्थिक निर्णय नहीं किए जा सकते हैं, जब तक कि पहले आवश्यक किए गए मौद्रिक लाभ की मात्रा का विस्तृत अनुमान न हो। उसी समय, हर व्यक्ति जो समझता है कि वित्त क्या है, पूरी तरह से अच्छी तरह से जानता है कि धन का वितरण और संचय लक्ष्य चरित्र बन जाता है और इस तरह के "वित्तीय संसाधनों" के रूप में धारणा बनाता है। कुछ प्रयोजनों के लिए मौद्रिक आय, जमा और वितरित करने का प्रतिनिधित्व करते हुए, वे विभिन्न प्रकार के आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और कई अन्य उद्देश्यों में उपयोग किए जाते हैं। वित्त, संसाधनों के आधार परविशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से एकत्रित राजस्व का प्रतिनिधित्व करते हैं वे अपने गठन के इस्तेमाल से नकदी प्रवाह के प्रत्येक अलग चरण की सर्विसिंग प्रदान करते हैं। चूंकि वित्त कैश फ्लो के जरिये वातानुकूलित है, इसलिए इसके आंदोलन की नियमितता का इसका प्रत्यक्ष प्रभाव है। ज्यादातर मामलों में, आय का संचलन तीन चरणों में शामिल होता हैः इस प्रकार, वित्त सीधे कैसे नकद उत्पन्न, वितरित और उपयोग किया जाता है से संबंधित है। प्राथमिक आय का गठन किया जाता हैकिसी भी सेवा या विपणन योग्य उत्पादों से प्राप्त लाभ के बिक्री और आगे वितरण के लिए खाते। चूंकि उत्पादन प्रक्रिया ज्यादातर मामलों में अधिकतर निरंतर है, कार्यान्वयन चरण में इस निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए आय के एक निश्चित हिस्से को आवंटित करने की आवश्यकता है। वित्तीय बाजार माल के विस्तारित उत्पादन के संचालन के परिणामस्वरूप प्राथमिक आय के गठन के लिए प्रदान करता है, जिसे नकदी द्वारा सेवा दी जाती है। यह प्राथमिक आय का निर्माण है,सकल राजस्व के आधार पर। इस मामले में, एक माध्यमिक वितरण भी होता है, जिसे कई चरणों में किया जा सकता है और इसमें कई वर्ण हैं। कोई भी उत्पादन प्रक्रिया है किवित्तीय बाजार की सेवा करता है, धन की प्राथमिक वितरण की प्रक्रिया के साथ ठीक से समाप्त होता है, जिसके बिना आगे आर्थिक विकास को सुरक्षित करने की कोई संभावना नहीं होती है। इस मामले में, किसी भी मामले में धन आय का वितरण वित्त पोषित है। उत्पादन के आगे विस्तार के लिए उचित संसाधनों का आवंटन कई बुनियादी रूप ले सकता हैः प्राथमिक के बादमौद्रिक आय का वितरण, पुनर्वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, यानी, माध्यमिक आय उत्पन्न होने लगती है। सबसे पहले, इसमें कर, साथ ही साथ सामाजिक, बीमा, सांस्कृतिक और कई अन्य संगठनों में योगदान भी शामिल है। आय वितरण का अंतिम चरण हैउनकी प्राप्ति, और वे खुद को परिमित कहा जाता है। वित्त सेवा आपको अंतिम आय का एक निश्चित हिस्सा नहीं समझने की अनुमति देती है, बल्कि इसके बजाय इसे किसी भी बचत और बचत के लिए निर्देशित करती है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि वितरण प्रक्रिया न केवल वित्त द्वारा ही, बल्कि उत्पादों की लागत से भी प्रभावित होती है। नकदी में बिक्री प्रक्रिया के बाद सेकिसी भी सेवा, सामान या अन्य चीजों को स्थापित कीमतों पर उत्पादित किया जाता है, उनकी गतिशीलता इन प्रक्रियाओं पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालती है। जितना अधिक मूल्य किसी भी दिशा में बदलता है, उतना अधिक धन लाभ में उतार-चढ़ाव शुरू होता है, और विशेष रूप से मुद्रास्फीति की स्थितियों में ऐसे परिवर्तन होते हैं। मौद्रिक तत्वों के रूप में वित्त के घटकलाभ कई रूप ले सकते हैं। अर्थव्यवस्था के मौजूदा क्षेत्र के लिए, संसाधन लाभ के एक निश्चित हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं, परिवार के लिए - इसके सभी सदस्यों की आय का कुल, और राज्य के बजट के लिए - इसके राजस्व भाग की कुल राशि। आर्थिक संस्थाओं की एक बड़ी संख्या है,जो जनसंख्या के साथ वित्त के व्यय और संसाधनों की आपूर्ति करता है। यह काफी स्वाभाविक है कि ऐसे फंडों के संभावित उपभोक्ताओं को स्वतंत्र आर्थिक संस्थाओं या प्रत्येक व्यक्तिगत नागरिक के साथ व्यावसायिक संबंधों को स्वतंत्र रूप से निर्धारित करने का अवसर नहीं है। इस संबंध में, बड़ी मात्रा में वित्तीय संसाधनों में असमान बचत को गठबंधन करने की समस्या है जिसे बाद में बड़े संभावित निवेशक द्वारा उपयोग के लिए पेश किया जा सकता है। इस तरह के मुद्दों का समाधान करने के लिएवित्त विशेष बिचौलियों, जो बैंकों, म्युचुअल और निवेश कोष, कंपनियों, संगठनों और कई अन्य संस्थानों, मुक्त संसाधनों जमा के सभी प्रकार है और बाद में उन्हें एक निश्चित प्रतिशत का भुगतान किया जा सकता है को सौंपा है। मध्यस्थों द्वारा तैयार संसाधन प्रदान किए जाते हैंऋण के रूप में या विभिन्न प्रतिभूतियों में निवेश किया जा सकता है। ऐसे संगठनों (उनकी आय) के वित्त का गठन आकर्षित धन पर भुगतान किए गए ब्याज और दिए गए पर प्राप्त ब्याज के बीच का अंतर है। नकदी बचत का प्रत्यक्ष मालिककिसी भी निवेश कंपनियों या बैंकों को उनके लिए उपलब्ध धनराशि स्थानांतरित करने का अधिकार है, और सीधे औद्योगिक निगमों के स्वामित्व वाले कुछ बॉन्ड और शेयर खरीद सकते हैं। लेकिन आपको सही ढंग से समझने की जरूरत है कि दूसरे मामले में आपको दलालों और डीलरों के रूप में मध्यस्थों से निपटना होगा जो वित्तीय बाजार के पेशेवर प्रतिभागी हैं। व्यापारियों को स्वतंत्र रूप से संचालन करने में लगे हुए हैं, यानी, वे विशेष रूप से अपनी तरफ से काम करते हैं, जबकि ब्रोकर अपने ग्राहकों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं, अपने वित्त और धन खर्च करते हैं। आधुनिक वित्तीय बाजार प्रदान करता हैसंभावित निवेशकों के पास बड़ी संख्या में आर्थिक संस्थाओं के मौद्रिक दायित्वों की खरीद के माध्यम से धन निवेश करने के मामले में पर्याप्त अवसर हैं, और ऐसे दायित्वों को आमतौर पर "वित्तीय उपकरण" कहा जाता है। विशेष रूप से, इसमें बांड, शेयर, जमा प्रमाणपत्र, विनिमय के बिल, वायदा अनुबंध और कई अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं। काफी व्यापक विविधता के कारणउपलब्ध औजार, वित्त का प्रभाव अपने मालिकों को विभिन्न संगठनों और बैंकिंग संरचनाओं की देनदारियों के लिए बचत वितरित करने के लिए अपने निवेश पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करने की अनुमति देता है। साथ ही, किसी को सही ढंग से समझना चाहिए कि इस तरह के दायित्वों में अलग-अलग लाभप्रदता होगी, लेकिन साथ ही वे अलग-अलग होंगे और जोखिम की एक अलग डिग्री होगी। यदि एक निश्चित कंपनी अंततः दिवालिया हो जाती है, तो उस मामले में निवेश दूसरों में सहेजा जाएगा, इसलिए पोर्टफोलियो विविधीकरण हमेशा सिद्धांत के अनुसार किया जाता है "आप सब कुछ एक टोकरी में नहीं डाल सकते"। वित्तीय संबंध सीधे संबंधित हैंवितरण, पुनर्वितरण और धन का आगे उपयोग। साथ ही, यह ध्यान देने योग्य है कि उनकी मुख्य घटना प्राथमिक आय के वितरण की प्रक्रिया में उत्पन्न होती है। कनेक्शन में गठित वित्तीय संबंधनकदी के साथ और सीधे धन की परिसंचरण की सेवा करते हैं, लगभग सभी कानूनी और प्राकृतिक व्यक्तियों पर लागू होते हैं। मुख्य प्रतिभागी हैंः उनके विकास की प्रक्रिया में, वित्तीय संबंध भी क्रेडिट बनाते हैं, जिसके बाद वे मौजूद होते हैं, उनके साथ बारीकी से बातचीत करते हैं। वित्त निर्माण, वितरण और धन के धन के आगे आवेदन में एक सामाजिक संबंध है, जो उनका मुख्य सार है। सभ्यता के विकास द्वारा बनाई गई विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में वित्तीय संबंध बनते हैं। उनकी उपस्थिति के लिए मुख्य स्थितियां हैंः वित्त के मुख्य कार्यों - नियंत्रण, वितरण और प्रोत्साहन। यह समारोह तब से सबसे महत्वपूर्ण हैअधिकतम उनके सार का खुलासा करता है। इसमें इस तथ्य को शामिल किया गया है कि आर्थिक प्रणाली में बनाए गए मूल्य को राज्य और समाज की मूलभूत आवश्यकताओं के अनुसार पूरी तरह से वितरित किया जाना चाहिए, और वित्त स्वयं ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाने वाला साधन है। एक तरफ, उनका गठन प्राप्त आय के खर्च पर किया जाता है, लेकिन दूसरी तरफ, बजटीय और अतिरिक्त बजटीय निधि के व्यय माध्यमिक आय का गठन सुनिश्चित करते हैं, जो वित्तीय प्रणाली के माध्यम से जीएनपी के वितरण और आगे पुनर्वितरण सुनिश्चित करता है। इस प्रक्रिया की सामग्री लाभ की आवाजाही है, क्योंकि यह इन सभी प्रक्रियाओं से गुज़रती है। इस संबंध में, प्राथमिक और माध्यमिक वितरण आवंटित किया जाता है। आम तौर पर, राजस्व आंदोलन के तीन मुख्य चरणों में अंतर करना प्रथागत है, जिसके अनुसार प्राथमिक, माध्यमिक और अंतिम मुनाफा बनता है। वितरण के माध्यम से प्राथमिक आय उत्पन्न होती हैमाल की बिक्री से प्राप्त होता है। लाभ की राशि को उस फंड में विभाजित किया जाता है जिसके माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया में किए गए भौतिक लागत वसूल किए जाते हैं, साथ ही कर्मचारियों के वेतन और मालिक के लाभ भी वसूल किए जाते हैं। इस प्रकार, मुख्य राजस्व जो उत्पादन कारकों के मालिक को प्राप्त होता है, लेकिन वर्तमान कानून द्वारा स्थापित अप्रत्यक्ष कर भी शामिल करता है।
परिभाषा के अनुसार, वित्त परिणाम हैकुछ सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में मौद्रिक संबंध आर्थिक संबंधों के एक अलग क्षेत्र के रूप में उनके उभरने के लिए, ऐसे हालात को सुनिश्चित करना आवश्यक है जिसके तहत विभिन्न कारकों का एक पूरा परिसर पैदा होगा और समय के साथ एक विशेष ऐतिहासिक अवस्था में शामिल होगाः कोई गंभीर राजनीतिक याआर्थिक निर्णय नहीं किए जा सकते हैं, जब तक कि पहले आवश्यक किए गए मौद्रिक लाभ की मात्रा का विस्तृत अनुमान न हो। उसी समय, हर व्यक्ति जो समझता है कि वित्त क्या है, पूरी तरह से अच्छी तरह से जानता है कि धन का वितरण और संचय लक्ष्य चरित्र बन जाता है और इस तरह के "वित्तीय संसाधनों" के रूप में धारणा बनाता है। कुछ प्रयोजनों के लिए मौद्रिक आय, जमा और वितरित करने का प्रतिनिधित्व करते हुए, वे विभिन्न प्रकार के आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और कई अन्य उद्देश्यों में उपयोग किए जाते हैं। वित्त, संसाधनों के आधार परविशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से एकत्रित राजस्व का प्रतिनिधित्व करते हैं वे अपने गठन के इस्तेमाल से नकदी प्रवाह के प्रत्येक अलग चरण की सर्विसिंग प्रदान करते हैं। चूंकि वित्त कैश फ्लो के जरिये वातानुकूलित है, इसलिए इसके आंदोलन की नियमितता का इसका प्रत्यक्ष प्रभाव है। ज्यादातर मामलों में, आय का संचलन तीन चरणों में शामिल होता हैः इस प्रकार, वित्त सीधे कैसे नकद उत्पन्न, वितरित और उपयोग किया जाता है से संबंधित है। प्राथमिक आय का गठन किया जाता हैकिसी भी सेवा या विपणन योग्य उत्पादों से प्राप्त लाभ के बिक्री और आगे वितरण के लिए खाते। चूंकि उत्पादन प्रक्रिया ज्यादातर मामलों में अधिकतर निरंतर है, कार्यान्वयन चरण में इस निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए आय के एक निश्चित हिस्से को आवंटित करने की आवश्यकता है। वित्तीय बाजार माल के विस्तारित उत्पादन के संचालन के परिणामस्वरूप प्राथमिक आय के गठन के लिए प्रदान करता है, जिसे नकदी द्वारा सेवा दी जाती है। यह प्राथमिक आय का निर्माण है,सकल राजस्व के आधार पर। इस मामले में, एक माध्यमिक वितरण भी होता है, जिसे कई चरणों में किया जा सकता है और इसमें कई वर्ण हैं। कोई भी उत्पादन प्रक्रिया है किवित्तीय बाजार की सेवा करता है, धन की प्राथमिक वितरण की प्रक्रिया के साथ ठीक से समाप्त होता है, जिसके बिना आगे आर्थिक विकास को सुरक्षित करने की कोई संभावना नहीं होती है। इस मामले में, किसी भी मामले में धन आय का वितरण वित्त पोषित है। उत्पादन के आगे विस्तार के लिए उचित संसाधनों का आवंटन कई बुनियादी रूप ले सकता हैः प्राथमिक के बादमौद्रिक आय का वितरण, पुनर्वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, यानी, माध्यमिक आय उत्पन्न होने लगती है। सबसे पहले, इसमें कर, साथ ही साथ सामाजिक, बीमा, सांस्कृतिक और कई अन्य संगठनों में योगदान भी शामिल है। आय वितरण का अंतिम चरण हैउनकी प्राप्ति, और वे खुद को परिमित कहा जाता है। वित्त सेवा आपको अंतिम आय का एक निश्चित हिस्सा नहीं समझने की अनुमति देती है, बल्कि इसके बजाय इसे किसी भी बचत और बचत के लिए निर्देशित करती है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि वितरण प्रक्रिया न केवल वित्त द्वारा ही, बल्कि उत्पादों की लागत से भी प्रभावित होती है। नकदी में बिक्री प्रक्रिया के बाद सेकिसी भी सेवा, सामान या अन्य चीजों को स्थापित कीमतों पर उत्पादित किया जाता है, उनकी गतिशीलता इन प्रक्रियाओं पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालती है। जितना अधिक मूल्य किसी भी दिशा में बदलता है, उतना अधिक धन लाभ में उतार-चढ़ाव शुरू होता है, और विशेष रूप से मुद्रास्फीति की स्थितियों में ऐसे परिवर्तन होते हैं। मौद्रिक तत्वों के रूप में वित्त के घटकलाभ कई रूप ले सकते हैं। अर्थव्यवस्था के मौजूदा क्षेत्र के लिए, संसाधन लाभ के एक निश्चित हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं, परिवार के लिए - इसके सभी सदस्यों की आय का कुल, और राज्य के बजट के लिए - इसके राजस्व भाग की कुल राशि। आर्थिक संस्थाओं की एक बड़ी संख्या है,जो जनसंख्या के साथ वित्त के व्यय और संसाधनों की आपूर्ति करता है। यह काफी स्वाभाविक है कि ऐसे फंडों के संभावित उपभोक्ताओं को स्वतंत्र आर्थिक संस्थाओं या प्रत्येक व्यक्तिगत नागरिक के साथ व्यावसायिक संबंधों को स्वतंत्र रूप से निर्धारित करने का अवसर नहीं है। इस संबंध में, बड़ी मात्रा में वित्तीय संसाधनों में असमान बचत को गठबंधन करने की समस्या है जिसे बाद में बड़े संभावित निवेशक द्वारा उपयोग के लिए पेश किया जा सकता है। इस तरह के मुद्दों का समाधान करने के लिएवित्त विशेष बिचौलियों, जो बैंकों, म्युचुअल और निवेश कोष, कंपनियों, संगठनों और कई अन्य संस्थानों, मुक्त संसाधनों जमा के सभी प्रकार है और बाद में उन्हें एक निश्चित प्रतिशत का भुगतान किया जा सकता है को सौंपा है। मध्यस्थों द्वारा तैयार संसाधन प्रदान किए जाते हैंऋण के रूप में या विभिन्न प्रतिभूतियों में निवेश किया जा सकता है। ऐसे संगठनों के वित्त का गठन आकर्षित धन पर भुगतान किए गए ब्याज और दिए गए पर प्राप्त ब्याज के बीच का अंतर है। नकदी बचत का प्रत्यक्ष मालिककिसी भी निवेश कंपनियों या बैंकों को उनके लिए उपलब्ध धनराशि स्थानांतरित करने का अधिकार है, और सीधे औद्योगिक निगमों के स्वामित्व वाले कुछ बॉन्ड और शेयर खरीद सकते हैं। लेकिन आपको सही ढंग से समझने की जरूरत है कि दूसरे मामले में आपको दलालों और डीलरों के रूप में मध्यस्थों से निपटना होगा जो वित्तीय बाजार के पेशेवर प्रतिभागी हैं। व्यापारियों को स्वतंत्र रूप से संचालन करने में लगे हुए हैं, यानी, वे विशेष रूप से अपनी तरफ से काम करते हैं, जबकि ब्रोकर अपने ग्राहकों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं, अपने वित्त और धन खर्च करते हैं। आधुनिक वित्तीय बाजार प्रदान करता हैसंभावित निवेशकों के पास बड़ी संख्या में आर्थिक संस्थाओं के मौद्रिक दायित्वों की खरीद के माध्यम से धन निवेश करने के मामले में पर्याप्त अवसर हैं, और ऐसे दायित्वों को आमतौर पर "वित्तीय उपकरण" कहा जाता है। विशेष रूप से, इसमें बांड, शेयर, जमा प्रमाणपत्र, विनिमय के बिल, वायदा अनुबंध और कई अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं। काफी व्यापक विविधता के कारणउपलब्ध औजार, वित्त का प्रभाव अपने मालिकों को विभिन्न संगठनों और बैंकिंग संरचनाओं की देनदारियों के लिए बचत वितरित करने के लिए अपने निवेश पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करने की अनुमति देता है। साथ ही, किसी को सही ढंग से समझना चाहिए कि इस तरह के दायित्वों में अलग-अलग लाभप्रदता होगी, लेकिन साथ ही वे अलग-अलग होंगे और जोखिम की एक अलग डिग्री होगी। यदि एक निश्चित कंपनी अंततः दिवालिया हो जाती है, तो उस मामले में निवेश दूसरों में सहेजा जाएगा, इसलिए पोर्टफोलियो विविधीकरण हमेशा सिद्धांत के अनुसार किया जाता है "आप सब कुछ एक टोकरी में नहीं डाल सकते"। वित्तीय संबंध सीधे संबंधित हैंवितरण, पुनर्वितरण और धन का आगे उपयोग। साथ ही, यह ध्यान देने योग्य है कि उनकी मुख्य घटना प्राथमिक आय के वितरण की प्रक्रिया में उत्पन्न होती है। कनेक्शन में गठित वित्तीय संबंधनकदी के साथ और सीधे धन की परिसंचरण की सेवा करते हैं, लगभग सभी कानूनी और प्राकृतिक व्यक्तियों पर लागू होते हैं। मुख्य प्रतिभागी हैंः उनके विकास की प्रक्रिया में, वित्तीय संबंध भी क्रेडिट बनाते हैं, जिसके बाद वे मौजूद होते हैं, उनके साथ बारीकी से बातचीत करते हैं। वित्त निर्माण, वितरण और धन के धन के आगे आवेदन में एक सामाजिक संबंध है, जो उनका मुख्य सार है। सभ्यता के विकास द्वारा बनाई गई विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में वित्तीय संबंध बनते हैं। उनकी उपस्थिति के लिए मुख्य स्थितियां हैंः वित्त के मुख्य कार्यों - नियंत्रण, वितरण और प्रोत्साहन। यह समारोह तब से सबसे महत्वपूर्ण हैअधिकतम उनके सार का खुलासा करता है। इसमें इस तथ्य को शामिल किया गया है कि आर्थिक प्रणाली में बनाए गए मूल्य को राज्य और समाज की मूलभूत आवश्यकताओं के अनुसार पूरी तरह से वितरित किया जाना चाहिए, और वित्त स्वयं ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाने वाला साधन है। एक तरफ, उनका गठन प्राप्त आय के खर्च पर किया जाता है, लेकिन दूसरी तरफ, बजटीय और अतिरिक्त बजटीय निधि के व्यय माध्यमिक आय का गठन सुनिश्चित करते हैं, जो वित्तीय प्रणाली के माध्यम से जीएनपी के वितरण और आगे पुनर्वितरण सुनिश्चित करता है। इस प्रक्रिया की सामग्री लाभ की आवाजाही है, क्योंकि यह इन सभी प्रक्रियाओं से गुज़रती है। इस संबंध में, प्राथमिक और माध्यमिक वितरण आवंटित किया जाता है। आम तौर पर, राजस्व आंदोलन के तीन मुख्य चरणों में अंतर करना प्रथागत है, जिसके अनुसार प्राथमिक, माध्यमिक और अंतिम मुनाफा बनता है। वितरण के माध्यम से प्राथमिक आय उत्पन्न होती हैमाल की बिक्री से प्राप्त होता है। लाभ की राशि को उस फंड में विभाजित किया जाता है जिसके माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया में किए गए भौतिक लागत वसूल किए जाते हैं, साथ ही कर्मचारियों के वेतन और मालिक के लाभ भी वसूल किए जाते हैं। इस प्रकार, मुख्य राजस्व जो उत्पादन कारकों के मालिक को प्राप्त होता है, लेकिन वर्तमान कानून द्वारा स्थापित अप्रत्यक्ष कर भी शामिल करता है।
उतर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक लड़की अपनी सहेली से प्यार करती थी। वह उससे शादी करना चाहती थी मगर चूकि वह एक लड़की थी इसलिए उसकी शादी सहेली से नहीं हो पा रही थी। उसका रहन-सहन एकदम लड़कों की तरह था। उसने सोचा कि वह अपना जेंडर बदलवाकर लड़का बन जाएगी और फिर सहेली से शादी कर लेगी। इसी बीच उसकी सहेली उसे एक तांत्रिक के पास ले जाती है। तांत्रिक उस लड़की का लिंग तो नहीं बदलता मगर उसकी हत्या जरूर कर देता है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है? आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, दो महीने पहले लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस को एक नरकंकाल मिला। पता चला कि यह नरकंकाल गायब हुई लड़की पूनम की है। जिसके बाद पुलिस ने लड़की की सहेली और एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। दरअसल, आरसी मिशन क्षेत्र की रहने वाली पूनम अपने घर से 18 अप्रैल को लापता हो गई थी। जिसके बाद उसके भाई ने 26 अप्रैल को थाने में उसकी मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस लड़की की तलाश करने लगी। इसी बीच पुलिस को पता चला कि लड़की अपनी सहेली से शादी करना चाहती थी। इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हुआ। दरअसल, पूनम अपनी सहेली प्रीति से प्यार करती थी। वह उससे शादी करना चाहती थी। इधर पूनम की वजह से प्रीति के शादी के रिश्ते टूट रहे थे। प्रीति की कहीं और शादी नहीं हो पा रही थी। इससे तंग आकर प्रीति की मां उर्मिला ने लखीमपुर खीरी के रहने वाले रामनिवास से संपर्क किया है। वह पेशे से राजमिस्त्री का काम करता है मगर झाड़-फूंक के लिए जाना जाता है। प्रीति के परिवार वाले पहले भी रामनिवास से झाड़-फूंक करा चुके थे। उन्हें रामनिवास पर पूरा भरोसा करते थे। उन्होंने रामनिवास से संपर्क किया और कहा कि पूनम की वजह से प्रीति की शादी नहीं हो पा रही है। उन्होंने रामनिवास को डेढ़ लाख रुपये देने की बात कही और 5 हजार एडवांस भी दिया। उन्होंने कहा कि वह पूनम को रास्ते से हटा दे। इसके बाद रामनिवास से प्रीति और पूनम को जंगल में बुलाया। उसने कहा कि दोनों की शादी हो जाएगी। वह तंत्र-मंत्र से पूनम को लड़का बना देगा। इसके बाद रामनिवास ने पूनम को दोबारा जंगल में बुलाया और तंत्र-मंत्र के बाद गढ़ासे से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को जंगल की झाड़ियो में छिपा दिया। इस मामले में एसपी सिटी सुधीर जायसवाल का कहना है कि 18 मई को पुलिस ने पूनम का नर कंकाल लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी तहसील में घने जंगलों में गोमती नदी किनारे से बरामद किया। पूनम के भाई ने उसके कपड़ों से उसकी पहचना की। परविंदर की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। उसने आरोप लगाया है कि प्रीति, उसकी मां उर्मिला और रामनिवास ने मिलकर उसके बहन की हत्या की है। फिलहाल तांत्रिक और सलेही प्रीति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उर्मिला अभी फरार है। आगे की कार्रवाई का जा रही है।
उतर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक लड़की अपनी सहेली से प्यार करती थी। वह उससे शादी करना चाहती थी मगर चूकि वह एक लड़की थी इसलिए उसकी शादी सहेली से नहीं हो पा रही थी। उसका रहन-सहन एकदम लड़कों की तरह था। उसने सोचा कि वह अपना जेंडर बदलवाकर लड़का बन जाएगी और फिर सहेली से शादी कर लेगी। इसी बीच उसकी सहेली उसे एक तांत्रिक के पास ले जाती है। तांत्रिक उस लड़की का लिंग तो नहीं बदलता मगर उसकी हत्या जरूर कर देता है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है? आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, दो महीने पहले लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस को एक नरकंकाल मिला। पता चला कि यह नरकंकाल गायब हुई लड़की पूनम की है। जिसके बाद पुलिस ने लड़की की सहेली और एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। दरअसल, आरसी मिशन क्षेत्र की रहने वाली पूनम अपने घर से अट्ठारह अप्रैल को लापता हो गई थी। जिसके बाद उसके भाई ने छब्बीस अप्रैल को थाने में उसकी मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस लड़की की तलाश करने लगी। इसी बीच पुलिस को पता चला कि लड़की अपनी सहेली से शादी करना चाहती थी। इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हुआ। दरअसल, पूनम अपनी सहेली प्रीति से प्यार करती थी। वह उससे शादी करना चाहती थी। इधर पूनम की वजह से प्रीति के शादी के रिश्ते टूट रहे थे। प्रीति की कहीं और शादी नहीं हो पा रही थी। इससे तंग आकर प्रीति की मां उर्मिला ने लखीमपुर खीरी के रहने वाले रामनिवास से संपर्क किया है। वह पेशे से राजमिस्त्री का काम करता है मगर झाड़-फूंक के लिए जाना जाता है। प्रीति के परिवार वाले पहले भी रामनिवास से झाड़-फूंक करा चुके थे। उन्हें रामनिवास पर पूरा भरोसा करते थे। उन्होंने रामनिवास से संपर्क किया और कहा कि पूनम की वजह से प्रीति की शादी नहीं हो पा रही है। उन्होंने रामनिवास को डेढ़ लाख रुपये देने की बात कही और पाँच हजार एडवांस भी दिया। उन्होंने कहा कि वह पूनम को रास्ते से हटा दे। इसके बाद रामनिवास से प्रीति और पूनम को जंगल में बुलाया। उसने कहा कि दोनों की शादी हो जाएगी। वह तंत्र-मंत्र से पूनम को लड़का बना देगा। इसके बाद रामनिवास ने पूनम को दोबारा जंगल में बुलाया और तंत्र-मंत्र के बाद गढ़ासे से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को जंगल की झाड़ियो में छिपा दिया। इस मामले में एसपी सिटी सुधीर जायसवाल का कहना है कि अट्ठारह मई को पुलिस ने पूनम का नर कंकाल लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी तहसील में घने जंगलों में गोमती नदी किनारे से बरामद किया। पूनम के भाई ने उसके कपड़ों से उसकी पहचना की। परविंदर की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। उसने आरोप लगाया है कि प्रीति, उसकी मां उर्मिला और रामनिवास ने मिलकर उसके बहन की हत्या की है। फिलहाल तांत्रिक और सलेही प्रीति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उर्मिला अभी फरार है। आगे की कार्रवाई का जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी रविवार को अपना लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी करेगी। यूपी चुनाव 2022 के लिए यह लोक कल्याण संकल्प पत्र लखनऊ भाजपा कार्यालय से जारी होगी। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी भी वहां रहेगी। इसके अलावा कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह प्रभारी अनुराग ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहेंगे। लोक कल्याण संकल्प पत्र के लिए 15 दिसंबर 2022 को सीएम की ओर से आकांक्षा पेटी लांच कर प्रदेश भर से सुझाव भी मांगे गए थे। पार्टी के मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित ने बताया कि 2017 में जारी किए गए संकल्प पत्र के सभी संकल्पों को चरितार्थ किया गया था। इस बार सोच ईमानदार काम असरदार और यूपी फिर मांगे भाजपा सरकार की थीम के साथ जनता के बीच दोबारा जाया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी रविवार को अपना लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी करेगी। यूपी चुनाव दो हज़ार बाईस के लिए यह लोक कल्याण संकल्प पत्र लखनऊ भाजपा कार्यालय से जारी होगी। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी भी वहां रहेगी। इसके अलावा कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह प्रभारी अनुराग ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहेंगे। लोक कल्याण संकल्प पत्र के लिए पंद्रह दिसंबर दो हज़ार बाईस को सीएम की ओर से आकांक्षा पेटी लांच कर प्रदेश भर से सुझाव भी मांगे गए थे। पार्टी के मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित ने बताया कि दो हज़ार सत्रह में जारी किए गए संकल्प पत्र के सभी संकल्पों को चरितार्थ किया गया था। इस बार सोच ईमानदार काम असरदार और यूपी फिर मांगे भाजपा सरकार की थीम के साथ जनता के बीच दोबारा जाया जा रहा है।
कुंभ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर सीसीआर भवन में अधिकारियों की बैठक लेते मु? आगामी कुंभ में धार्मिक आयोजनों के साथ प्रदेश और देश की संस्कृति की झलक की भी धूूम रहेगी। कुंभ के दौरान धार्मिक, पौराणिक और आध्यात्मिक विषय पर कार्यक्रम होंगे। इसमें स्थानीय संस्कृति, प्रदेश और राष्ट्रीय संस्कृति से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक, कवि सम्मेलन और भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। शनिवार को मेला नियंत्रण भवन में मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर की अध्यक्षता में कुंभ तैयारियों को लेकर बैठक की गई। बैठक में प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक आयोजन के लिए गठित समिति के पदाधिकारी और नमामि गंगे की टीम मौजूद रही। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि समिति की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनी के लिए अभी से विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली जाए। उप मेलाधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग से विस्तृत रूपरेखा मांगी जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त जय भारत सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल, नोडल अधिकारी मीडिया मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
कुंभ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर सीसीआर भवन में अधिकारियों की बैठक लेते मु? आगामी कुंभ में धार्मिक आयोजनों के साथ प्रदेश और देश की संस्कृति की झलक की भी धूूम रहेगी। कुंभ के दौरान धार्मिक, पौराणिक और आध्यात्मिक विषय पर कार्यक्रम होंगे। इसमें स्थानीय संस्कृति, प्रदेश और राष्ट्रीय संस्कृति से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक, कवि सम्मेलन और भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। शनिवार को मेला नियंत्रण भवन में मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर की अध्यक्षता में कुंभ तैयारियों को लेकर बैठक की गई। बैठक में प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक आयोजन के लिए गठित समिति के पदाधिकारी और नमामि गंगे की टीम मौजूद रही। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि समिति की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनी के लिए अभी से विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली जाए। उप मेलाधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग से विस्तृत रूपरेखा मांगी जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त जय भारत सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल, नोडल अधिकारी मीडिया मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
नई बख्तरबंद कार ने यूक्रेन के सशस्त्र बलों के साथ सेवा में प्रवेश किया। यूक्रेन के रक्षा मंत्री एंड्री तारन के आदेश से, बख्तरबंद वाहन Kozak-2M1 को यूक्रेनी सेना की सेवा के लिए अपनाया गया था। यह DefenceExpress द्वारा रिपोर्ट किया गया है। बख्तरबंद कार "Kozak-2M1" (Cossack-2M. 1, Cossack-2M-D) - यूक्रेनी हवाई हमला सैनिकों के लिए बख्तरबंद कार "Kozak-2M" का संशोधन। यह दावा किया जाता है कि बख्तरबंद कार छोटे हथियारों से सुरक्षा के लिए नाटो के मानकों को पूरा करती है। हथियारों और मेरा संरक्षण। कवच 7,62 मिमी "किसी भी प्रक्षेपण में" के कैलिबर के एक कवच-भेदी आग लगाने वाली गोली के साथ और पहिया के नीचे एक बारूदी सुरंग का विस्फोट, टीएनटी के 8 किलोग्राम के अनुरूप होता है। बख्तरबंद वाहन में पूरी तरह से असरदार बख्तरबंद पतवार और स्वतंत्र निलंबन होता है। बख्तरबंद कार का द्रव्यमान 14 टन है, यह 280-हॉर्सपावर के डीज़ल इंजन से लैस है जिसमें 5,9 लीटर का वॉल्यूम और 950 N * m का टॉर्क है, ग्राउंड क्लीयरेंस 500 मिमी है। अधिकतम गति 110 किमी / घंटा है। क्रू - 2 लोग + 6 लोग लैंडिंग। एक संरक्षित बुर्ज में एक भारी मशीन गन को बख्तरबंद कार पर लगाया जा सकता है। Kozak-2M1 ने अक्टूबर 2018 से दिसंबर 2019 तक राज्य परीक्षण पास किया। बुनियादी बख्तरबंद वाहन "Kozak-2M" को यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के एक निर्णय के आधार पर विकसित किया गया था। तिथि करने के लिए, बख्तरबंद कार का एक और संशोधन है - टोही और लक्ष्य पदनाम तोपखाने "कोज़ाक -2 एम 2" (कज़क -2 एम-जी)। यूक्रेन के सशस्त्र बलों द्वारा इसके गोद लेने पर अभी तक रिपोर्ट नहीं की गई है। - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
नई बख्तरबंद कार ने यूक्रेन के सशस्त्र बलों के साथ सेवा में प्रवेश किया। यूक्रेन के रक्षा मंत्री एंड्री तारन के आदेश से, बख्तरबंद वाहन Kozak-दोMएक को यूक्रेनी सेना की सेवा के लिए अपनाया गया था। यह DefenceExpress द्वारा रिपोर्ट किया गया है। बख्तरबंद कार "Kozak-दोMएक" - यूक्रेनी हवाई हमला सैनिकों के लिए बख्तरबंद कार "Kozak-दोM" का संशोधन। यह दावा किया जाता है कि बख्तरबंद कार छोटे हथियारों से सुरक्षा के लिए नाटो के मानकों को पूरा करती है। हथियारों और मेरा संरक्षण। कवच सात,बासठ मिमी "किसी भी प्रक्षेपण में" के कैलिबर के एक कवच-भेदी आग लगाने वाली गोली के साथ और पहिया के नीचे एक बारूदी सुरंग का विस्फोट, टीएनटी के आठ किलोग्रामग्राम के अनुरूप होता है। बख्तरबंद वाहन में पूरी तरह से असरदार बख्तरबंद पतवार और स्वतंत्र निलंबन होता है। बख्तरबंद कार का द्रव्यमान चौदह टन है, यह दो सौ अस्सी-हॉर्सपावर के डीज़ल इंजन से लैस है जिसमें पाँच,नौ लीटरटर का वॉल्यूम और नौ सौ पचास N * m का टॉर्क है, ग्राउंड क्लीयरेंस पाँच सौ मिमी है। अधिकतम गति एक सौ दस किमी / घंटा है। क्रू - दो लोग + छः लोग लैंडिंग। एक संरक्षित बुर्ज में एक भारी मशीन गन को बख्तरबंद कार पर लगाया जा सकता है। Kozak-दोMएक ने अक्टूबर दो हज़ार अट्ठारह से दिसंबर दो हज़ार उन्नीस तक राज्य परीक्षण पास किया। बुनियादी बख्तरबंद वाहन "Kozak-दोM" को यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के एक निर्णय के आधार पर विकसित किया गया था। तिथि करने के लिए, बख्तरबंद कार का एक और संशोधन है - टोही और लक्ष्य पदनाम तोपखाने "कोज़ाक -दो एम दो" । यूक्रेन के सशस्त्र बलों द्वारा इसके गोद लेने पर अभी तक रिपोर्ट नहीं की गई है। - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
वाशिंगटन। सीमा पर जारी विवाद के बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र में चीन को करारा झटका देते हुए आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) की संस्था में जगह बना ली है। दरअसल भारत को यूनाइडेट नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वुमन का सदस्य चुना गया है। भारत चार साल (2021 से 2025) तक यूनाइटेड नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वुमेन का सदस्य़ बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यह जानकारी दी। बता दें कि इस संस्था का सदस्य बनने के लिए भारत, अफगानिस्तान और चीन तीन देश रेस में थे। टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट में कहा, "भारत ने प्रतिष्ठित ECOSOC के निकाय में सीट जीत ली है। भारत को कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वुमेन का सदस्य चुना गया है। यह स्त्री-पुरुष समानता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की हमारे प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम सदस्यों देशों का समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं।" आयोग में इस सीट को पाने के लिए भारत, चीन और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला था। भारत और अफगानिस्तान को 54 में से अधिकतर सदस्यों का साथ मिला, जबकि चीन आधे सदस्यों का भी समर्थन हासिल नहीं हो सका।
वाशिंगटन। सीमा पर जारी विवाद के बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र में चीन को करारा झटका देते हुए आर्थिक एवं सामाजिक परिषद की संस्था में जगह बना ली है। दरअसल भारत को यूनाइडेट नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वुमन का सदस्य चुना गया है। भारत चार साल तक यूनाइटेड नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वुमेन का सदस्य़ बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यह जानकारी दी। बता दें कि इस संस्था का सदस्य बनने के लिए भारत, अफगानिस्तान और चीन तीन देश रेस में थे। टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट में कहा, "भारत ने प्रतिष्ठित ECOSOC के निकाय में सीट जीत ली है। भारत को कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वुमेन का सदस्य चुना गया है। यह स्त्री-पुरुष समानता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की हमारे प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम सदस्यों देशों का समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं।" आयोग में इस सीट को पाने के लिए भारत, चीन और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला था। भारत और अफगानिस्तान को चौवन में से अधिकतर सदस्यों का साथ मिला, जबकि चीन आधे सदस्यों का भी समर्थन हासिल नहीं हो सका।
- 8 hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर! - 9 hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . " Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? मलाइका अरोड़ा से शादी को लेकर पहली बार बोले अर्जुन कपूर- दे डाला इतना बड़ा बयान! अभिनेता अर्जुन कपूर और मलाइरा अरोड़ा के रिश्ते को लेकर आए दिन किसी ना किसी तरह की खबरें या दोनों की तस्वीरें सामने आती रहती हैं। कुछ समय पहले ये खबरें आईं थीं कि दोनों काफी जल्दी शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। अब इस पर्सनल सवाल पर पहली बार अर्जुन कपूर ने भी जवाब दिया है जो कि काफी ज्यादा चर्चा में हैं। अर्जुन कपूर ने मलाइका से शादी के सवाल पर कहा कि वो अभी ऐसा कोई भी फैसला नहीं लेने जा रहे हैं और ना ही इसके बारे में अभी सोचा हैं। ? धमाका! जब शादीशुदा धर्मेंद्र ने तनुजा के साथ कर दी ऐसी हरकत, भड़कीं एक्ट्रेस, सेट पर ही जड़ दिया तमाचा, कहा- बेशर्म. .
- आठ hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर! - नौ hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . " Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? मलाइका अरोड़ा से शादी को लेकर पहली बार बोले अर्जुन कपूर- दे डाला इतना बड़ा बयान! अभिनेता अर्जुन कपूर और मलाइरा अरोड़ा के रिश्ते को लेकर आए दिन किसी ना किसी तरह की खबरें या दोनों की तस्वीरें सामने आती रहती हैं। कुछ समय पहले ये खबरें आईं थीं कि दोनों काफी जल्दी शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। अब इस पर्सनल सवाल पर पहली बार अर्जुन कपूर ने भी जवाब दिया है जो कि काफी ज्यादा चर्चा में हैं। अर्जुन कपूर ने मलाइका से शादी के सवाल पर कहा कि वो अभी ऐसा कोई भी फैसला नहीं लेने जा रहे हैं और ना ही इसके बारे में अभी सोचा हैं। ? धमाका! जब शादीशुदा धर्मेंद्र ने तनुजा के साथ कर दी ऐसी हरकत, भड़कीं एक्ट्रेस, सेट पर ही जड़ दिया तमाचा, कहा- बेशर्म. .
इंटरेशनल क्विज़ीन को ट्राय करने वालों के लिए इटैलियन क्विज़ीन भी काफी मायने रखता है। अब इटैलियन क्विज़ीन में डिज़र्ट ट्राय करना चाहते हैं तो यहां 5 लोकप्रिय रेसिपी दी है जिसे टेस्ट करने के बाद आप इटैलियन डिज़र्ट को हमेशा खाना पसंद करेंगे। पन्ना कोटा, तिरामिसू से लेकर जाबाईओन तक यमी डिज़र्ट रेसिपी यहां दी गई हैं जो कि बच्चों को भी खूब पसंद आने वाली है। इन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। कॉफी सेमीफ्रेडो और टोर्टा डेला नोना की रेसिपी को आप बेहद पसंद करने वाले हैं। 1 पैकेट जिलेटिन (अगर-अगर) एक छोटे बोल में चार छोटे चम्मच पानी डालकर अगर-अगर डाले और चम्मच से मिक्स कर के रखें। एक बर्तन में दूध डालकर गैस को मध्यम आंच पर चालू करें। दूध में उबाल आ जाने पर शक्कर और वेनिला एसेंस डालकर चम्मच से चलाते हुए मध्यम आंच पर उबालें। दूध अच्छे से उबल जाने पर अगर-अगर डालकर कुछ देर उबालकर दूध को गाढ़ा करके एक छलनी बोल पर रखकर दूध को छानें। अब एक छोटे बोल में उबला दूध डालकर ऊपर से प्लास्टिक लगाकर पानी में ठंडा करके 1-2 घंटे फ्रीज में रखें। बाहर निकालकर एक प्लेट में बोल उलटा करें। ऊपर से स्ट्रॉबेरी सॉस डालकर सर्व करें। एक बोल में स्ट्रॉबेरी, शक्कर और नमक डालकर एक चम्मच से मिलाकर रखें। दूसरे बोल में अंडे तोड़कर पीला हिस्सा, शक्कर और वेनिला एसेंस डालकर हैंड बीटर से फेंटे। एक बर्तन में पानी डालकर गैस को तेज आंच पर चालू करें। पानी उबाल आ जाने पर अंडे का पेस्ट वाला बोल रखें। चम्मच से चलाते हुए पेस्ट को गाढ़ा करें। एक ग्लास में स्ट्रॉबेरी उसके ऊपर अंडे का पेस्ट, व्हिप्ड क्रीम और स्ट्रॉबेरी रखकर सर्व करें। एक कप में गर्म एक्सप्रेसो, शक्कर और इंस्टेंट कॉफी, ग्लूकोस डालकर चम्मच से अच्छे से मिलाकर ऊपर से पन्नी से पैक करके ठंडा होने के लिए रखें। बोल में अंडे तोड़कर पीला हिस्सा डाले। अब इसी बोल में क्रीम और केस्टर शुगर डालकर हैंड बीटर से अच्छे से फेंटे। अब इसमें कॉर्न स्टार्च डालकर एक बार और अच्छे से फेंटकर पेस्ट तैयार करें। एक बर्तन में दूध निकालकर गैस को तेज आंच पर चालू करके तैयार पेस्ट डालकर 5-7 मिनट फिर फेंटकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। एक कांच के बोल में निकालकर ऊपर एक प्लास्टिक से कवर करके ठंडा होने के लिए रखें। एक तपेले में शक्कर और 5 कप पानी डालकर गैस को तेज पर चालू करके उबालते हुए चाश्नी बनाएं। दूसरी तरफ अंडे का सफेद वाला हिस्सा बोल में निकाल कर बीटर से फेंटे और धीरे-धीरे करके चाश्नी डालें। दूध के पेस्ट को बाहर निकाल कर पेस्ट्री क्रीम डालकर फेंटे और इसी मिश्रण में कॉफी स्क्रब, इटैलियन मेरिंग्यू और अंडे का मिश्रण डालकर एक बार फिर अच्छे से फेंटे। एक पॉट में बटर पेपर लगाकर मिश्रण डालकर अच्छे से फैलाकर 1-2 घंटे के लिए रखें। फिर एक प्लेट में पॉट को उलटाकर करके निकाले और ऊपर से क्रीम से डेकोरेशन करके सर्व करें। एक मिक्सर के जार में मैदा, शक्कर और किसा नीबू डालकर एक बार मिलाएं। मिल जाने पर बटर डालकर एक बार और घूमा लें। इसी जार में वनिला एसेंस और अंडे डालकर इसी तरह और थोड़ी देर मिक्सर के जार को और घूमाकर एक बोल में निकालें। हाथों से गूंथकर एक डो बनाएं और भाग करके पन्नी में पैक करके रखें। तपेले में दूध और नीबू के छिलके डालकर रखें। एक बोल में अंडे तोड़कर डालें, शक्कर, वनिला एसेंस और मैदा डालकर बीटर से फेंटकर और थोड़ा-थोड़ा दूध डालकर फेंटकर पेस्ट तैयार करें। पेस्ट को गैस पर रखकर धीमी आंच पर चालू करके 5-7 मिनट चम्मच से चलाते हुए उबालकर ठंडा करें। एक बोल में निकालकर ऊपर से पन्नी से पैक करके फ्रिज़ में रखें। आटे के डो से दोनों भाग को बेलन से दो मोटी रोटी बनाकर एक प्लेट में रखें। अतिरिक्त आटा निकालकर प्लेट को अच्छे से कवर करके तैयार पेस्ट डालें। दूसरी मोटी रोटी रखकर अच्छे से चिपकाकर फोक़ से छेद करें और ऊपर से दूध छिड़के और नटस डालें। ओवन को 145 डिग्री पर प्री हीट करके टोर्टा डेला नोना को 45 मिनट पकाएं। ठंडा हो जाने पर कटर से काटकर सर्व करें। एक छोटे बोल में एक्सप्रेसो और कॉफी डालकर चम्मच से अच्छे से मिलाएं। दूसरे बोल में अंडे का पीला हिस्सा और शक्कर डालें। एक तपेले में पानी डालकर गैस को तेज आंच पर चालू करें। पानी में उबाल आ जाने पर अंडे का बोल पानी के तपेले पर रखकर बीटर से 5-7 मिनट फेंटकर ठंडा करें। उसी बोल में मस्कारपोन चीज़ और वनिला एसेंस डालकर बीटर से फेंटकर क्रीम तैयार करें। अब आइसक्रीम पॉट में लेडीफिंगर को कॉफी के मिश्रण में डीप करके एक लेयर में रखकर ऊपर से क्रीम डालकर लेर को अच्छे से कवर करें। इसी तरह फिर क्रीम पर लेडी फ़िगर कॉफी के मिश्रण में डीप करके दुसरी लेर भी रखकर क्रीम फैलाकर तैयार करें। ऊपर से पॉलेथिन से पैक कर के 1-2 घंटे के लिए फ्रीज़ में रखें। बाहर निकालकर ऊपर से कॉफी पाउडर को छलनी में डालकर तैयार तिरामिसू के ऊपर फैला दें। अपनी पसंद के आकार में काटकर सर्व करें।
इंटरेशनल क्विज़ीन को ट्राय करने वालों के लिए इटैलियन क्विज़ीन भी काफी मायने रखता है। अब इटैलियन क्विज़ीन में डिज़र्ट ट्राय करना चाहते हैं तो यहां पाँच लोकप्रिय रेसिपी दी है जिसे टेस्ट करने के बाद आप इटैलियन डिज़र्ट को हमेशा खाना पसंद करेंगे। पन्ना कोटा, तिरामिसू से लेकर जाबाईओन तक यमी डिज़र्ट रेसिपी यहां दी गई हैं जो कि बच्चों को भी खूब पसंद आने वाली है। इन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। कॉफी सेमीफ्रेडो और टोर्टा डेला नोना की रेसिपी को आप बेहद पसंद करने वाले हैं। एक पैकेट जिलेटिन एक छोटे बोल में चार छोटे चम्मच पानी डालकर अगर-अगर डाले और चम्मच से मिक्स कर के रखें। एक बर्तन में दूध डालकर गैस को मध्यम आंच पर चालू करें। दूध में उबाल आ जाने पर शक्कर और वेनिला एसेंस डालकर चम्मच से चलाते हुए मध्यम आंच पर उबालें। दूध अच्छे से उबल जाने पर अगर-अगर डालकर कुछ देर उबालकर दूध को गाढ़ा करके एक छलनी बोल पर रखकर दूध को छानें। अब एक छोटे बोल में उबला दूध डालकर ऊपर से प्लास्टिक लगाकर पानी में ठंडा करके एक-दो घंटाटे फ्रीज में रखें। बाहर निकालकर एक प्लेट में बोल उलटा करें। ऊपर से स्ट्रॉबेरी सॉस डालकर सर्व करें। एक बोल में स्ट्रॉबेरी, शक्कर और नमक डालकर एक चम्मच से मिलाकर रखें। दूसरे बोल में अंडे तोड़कर पीला हिस्सा, शक्कर और वेनिला एसेंस डालकर हैंड बीटर से फेंटे। एक बर्तन में पानी डालकर गैस को तेज आंच पर चालू करें। पानी उबाल आ जाने पर अंडे का पेस्ट वाला बोल रखें। चम्मच से चलाते हुए पेस्ट को गाढ़ा करें। एक ग्लास में स्ट्रॉबेरी उसके ऊपर अंडे का पेस्ट, व्हिप्ड क्रीम और स्ट्रॉबेरी रखकर सर्व करें। एक कप में गर्म एक्सप्रेसो, शक्कर और इंस्टेंट कॉफी, ग्लूकोस डालकर चम्मच से अच्छे से मिलाकर ऊपर से पन्नी से पैक करके ठंडा होने के लिए रखें। बोल में अंडे तोड़कर पीला हिस्सा डाले। अब इसी बोल में क्रीम और केस्टर शुगर डालकर हैंड बीटर से अच्छे से फेंटे। अब इसमें कॉर्न स्टार्च डालकर एक बार और अच्छे से फेंटकर पेस्ट तैयार करें। एक बर्तन में दूध निकालकर गैस को तेज आंच पर चालू करके तैयार पेस्ट डालकर पाँच-सात मिनट फिर फेंटकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। एक कांच के बोल में निकालकर ऊपर एक प्लास्टिक से कवर करके ठंडा होने के लिए रखें। एक तपेले में शक्कर और पाँच कप पानी डालकर गैस को तेज पर चालू करके उबालते हुए चाश्नी बनाएं। दूसरी तरफ अंडे का सफेद वाला हिस्सा बोल में निकाल कर बीटर से फेंटे और धीरे-धीरे करके चाश्नी डालें। दूध के पेस्ट को बाहर निकाल कर पेस्ट्री क्रीम डालकर फेंटे और इसी मिश्रण में कॉफी स्क्रब, इटैलियन मेरिंग्यू और अंडे का मिश्रण डालकर एक बार फिर अच्छे से फेंटे। एक पॉट में बटर पेपर लगाकर मिश्रण डालकर अच्छे से फैलाकर एक-दो घंटाटे के लिए रखें। फिर एक प्लेट में पॉट को उलटाकर करके निकाले और ऊपर से क्रीम से डेकोरेशन करके सर्व करें। एक मिक्सर के जार में मैदा, शक्कर और किसा नीबू डालकर एक बार मिलाएं। मिल जाने पर बटर डालकर एक बार और घूमा लें। इसी जार में वनिला एसेंस और अंडे डालकर इसी तरह और थोड़ी देर मिक्सर के जार को और घूमाकर एक बोल में निकालें। हाथों से गूंथकर एक डो बनाएं और भाग करके पन्नी में पैक करके रखें। तपेले में दूध और नीबू के छिलके डालकर रखें। एक बोल में अंडे तोड़कर डालें, शक्कर, वनिला एसेंस और मैदा डालकर बीटर से फेंटकर और थोड़ा-थोड़ा दूध डालकर फेंटकर पेस्ट तैयार करें। पेस्ट को गैस पर रखकर धीमी आंच पर चालू करके पाँच-सात मिनट चम्मच से चलाते हुए उबालकर ठंडा करें। एक बोल में निकालकर ऊपर से पन्नी से पैक करके फ्रिज़ में रखें। आटे के डो से दोनों भाग को बेलन से दो मोटी रोटी बनाकर एक प्लेट में रखें। अतिरिक्त आटा निकालकर प्लेट को अच्छे से कवर करके तैयार पेस्ट डालें। दूसरी मोटी रोटी रखकर अच्छे से चिपकाकर फोक़ से छेद करें और ऊपर से दूध छिड़के और नटस डालें। ओवन को एक सौ पैंतालीस डिग्री पर प्री हीट करके टोर्टा डेला नोना को पैंतालीस मिनट पकाएं। ठंडा हो जाने पर कटर से काटकर सर्व करें। एक छोटे बोल में एक्सप्रेसो और कॉफी डालकर चम्मच से अच्छे से मिलाएं। दूसरे बोल में अंडे का पीला हिस्सा और शक्कर डालें। एक तपेले में पानी डालकर गैस को तेज आंच पर चालू करें। पानी में उबाल आ जाने पर अंडे का बोल पानी के तपेले पर रखकर बीटर से पाँच-सात मिनट फेंटकर ठंडा करें। उसी बोल में मस्कारपोन चीज़ और वनिला एसेंस डालकर बीटर से फेंटकर क्रीम तैयार करें। अब आइसक्रीम पॉट में लेडीफिंगर को कॉफी के मिश्रण में डीप करके एक लेयर में रखकर ऊपर से क्रीम डालकर लेर को अच्छे से कवर करें। इसी तरह फिर क्रीम पर लेडी फ़िगर कॉफी के मिश्रण में डीप करके दुसरी लेर भी रखकर क्रीम फैलाकर तैयार करें। ऊपर से पॉलेथिन से पैक कर के एक-दो घंटाटे के लिए फ्रीज़ में रखें। बाहर निकालकर ऊपर से कॉफी पाउडर को छलनी में डालकर तैयार तिरामिसू के ऊपर फैला दें। अपनी पसंद के आकार में काटकर सर्व करें।
डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के चर्चित जाली मार्कशीट प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने विवि अधिकारियों से बीएड का रिकार्ड हासिल करने के लिए अल्टीमेटम जारी किया है। वीसी प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल, रजिस्ट्रार अशोक कुमार अरविन्द, परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह को चेतावनी भरा पत्र भेजा गया है। इसमें कहा है कि अगर 24 मई तक तमाम रिकार्ड मुहैया नहीं कराए गए तो 25 को विवि अधिकारियों के खिलाफ गबन का केस दर्ज करा दिया जाएगा। चेतावनी पत्र की प्रतिलिपि राजभवन और उच्च शिक्षा सचिव को भी भेजी गई है। इसकी जानकारी पर विवि में हड़कंप मचा है। सात दिन पहले एसआईटी के अधिकारी यूनिवर्सिटी आए थे। वीसी, रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक से रिकार्ड मांगा था। तब विवि अफसरों ने जवाब दिया था कि परीक्षा समिति की मीटिंग में फैसला लिया जाएगा। इस पर एसआईटी के महानिदेशक महेंद्र मोदी ने न केवल नाराजगी जाहिर की थी बल्कि साफ चेतावनी भी दी कि पानी सिर से गुजर गया है, अब कार्रवाई होगी। दरअसल, एसआईटी एक साल से रिकार्ड मांग रही है और विवि अफसर टाले जा रहे हैं। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एसआईटी के अधिकारियों की लखनऊ में हुई उच्च स्तरीय मीटिंग में फैसला किया गया कि अगर 24 मई तक रिकार्ड न मिला तो केस दर्ज कर दिया जाएगा। उधर, इसका पता चलने पर विवि में हड़कंप रहा है। विवि सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने एसआईटी को रिकार्ड देने का निर्णय लिया है। इसकी तैयारी चल रही है। फाइलें खंगाली जा रही हैं। बता दें, जाली मार्कशीट प्रकरण में पहले से ही सात केस दर्ज हैं। पिछले साल एसआईटी ने अपने लखनऊ स्थित थाना में केस दर्ज किया था। - 2004 से 2009 तक बीएड, परीक्षा और गोपनीय चार्ट विभाग में तैनात रहे कर्मचारियों और अधिकारियों का विवरण। - इन पांच सालों में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जारी किए गए सभी आदेश की सत्यापित कापी। - इन पांच सालों में जारी किए गए बीएड के रिजल्ट की पूरी डिटेल रोल नंबर सहित। - बीएड की कापियों को जांचने के बाद तैयार फॉइल, इसमें छात्रों के अंक लिखे रहते हैं। - बीएड की काउंसलिंग में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को जारी किए गए एनरोलमेंट नंबर। - बीएड कराने वाले 83 कालेजों को आवंटित बीएड सीट और मैनेजमेंट कोटे का ब्योरा। - इन सभी कालेजों में परीक्षा देने वाले छात्रों का विवरण, उनकी हाजिरी की जानकारी भी। एसआईटी ने अल्टीमेटम में यह भी साफ कर दिया है कि रिकार्ड पूरा चाहिए। कुछ रिकार्ड दीमक चट कर गई या कई फाइलें मिल नहीं रही हैं, इस तरह के बहाने नहीं सुने जाएंगे। यह भी बताया गया है कि रिकार्ड को 50 साल तक सुरक्षित रखना विवि की जिम्मेदारी है। जांच दल ने अभी तक जो भी जानकारी और रिकार्ड मांगे हैं, उनको उपलब्ध कराया गया है। कई ऐसे रिकार्ड भी हैं, जो विश्वविद्यालय में मौजूद नहीं, उसके बारे में जांच दल को बता दिया गया है।
डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के चर्चित जाली मार्कशीट प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने विवि अधिकारियों से बीएड का रिकार्ड हासिल करने के लिए अल्टीमेटम जारी किया है। वीसी प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल, रजिस्ट्रार अशोक कुमार अरविन्द, परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह को चेतावनी भरा पत्र भेजा गया है। इसमें कहा है कि अगर चौबीस मई तक तमाम रिकार्ड मुहैया नहीं कराए गए तो पच्चीस को विवि अधिकारियों के खिलाफ गबन का केस दर्ज करा दिया जाएगा। चेतावनी पत्र की प्रतिलिपि राजभवन और उच्च शिक्षा सचिव को भी भेजी गई है। इसकी जानकारी पर विवि में हड़कंप मचा है। सात दिन पहले एसआईटी के अधिकारी यूनिवर्सिटी आए थे। वीसी, रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक से रिकार्ड मांगा था। तब विवि अफसरों ने जवाब दिया था कि परीक्षा समिति की मीटिंग में फैसला लिया जाएगा। इस पर एसआईटी के महानिदेशक महेंद्र मोदी ने न केवल नाराजगी जाहिर की थी बल्कि साफ चेतावनी भी दी कि पानी सिर से गुजर गया है, अब कार्रवाई होगी। दरअसल, एसआईटी एक साल से रिकार्ड मांग रही है और विवि अफसर टाले जा रहे हैं। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एसआईटी के अधिकारियों की लखनऊ में हुई उच्च स्तरीय मीटिंग में फैसला किया गया कि अगर चौबीस मई तक रिकार्ड न मिला तो केस दर्ज कर दिया जाएगा। उधर, इसका पता चलने पर विवि में हड़कंप रहा है। विवि सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने एसआईटी को रिकार्ड देने का निर्णय लिया है। इसकी तैयारी चल रही है। फाइलें खंगाली जा रही हैं। बता दें, जाली मार्कशीट प्रकरण में पहले से ही सात केस दर्ज हैं। पिछले साल एसआईटी ने अपने लखनऊ स्थित थाना में केस दर्ज किया था। - दो हज़ार चार से दो हज़ार नौ तक बीएड, परीक्षा और गोपनीय चार्ट विभाग में तैनात रहे कर्मचारियों और अधिकारियों का विवरण। - इन पांच सालों में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जारी किए गए सभी आदेश की सत्यापित कापी। - इन पांच सालों में जारी किए गए बीएड के रिजल्ट की पूरी डिटेल रोल नंबर सहित। - बीएड की कापियों को जांचने के बाद तैयार फॉइल, इसमें छात्रों के अंक लिखे रहते हैं। - बीएड की काउंसलिंग में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को जारी किए गए एनरोलमेंट नंबर। - बीएड कराने वाले तिरासी कालेजों को आवंटित बीएड सीट और मैनेजमेंट कोटे का ब्योरा। - इन सभी कालेजों में परीक्षा देने वाले छात्रों का विवरण, उनकी हाजिरी की जानकारी भी। एसआईटी ने अल्टीमेटम में यह भी साफ कर दिया है कि रिकार्ड पूरा चाहिए। कुछ रिकार्ड दीमक चट कर गई या कई फाइलें मिल नहीं रही हैं, इस तरह के बहाने नहीं सुने जाएंगे। यह भी बताया गया है कि रिकार्ड को पचास साल तक सुरक्षित रखना विवि की जिम्मेदारी है। जांच दल ने अभी तक जो भी जानकारी और रिकार्ड मांगे हैं, उनको उपलब्ध कराया गया है। कई ऐसे रिकार्ड भी हैं, जो विश्वविद्यालय में मौजूद नहीं, उसके बारे में जांच दल को बता दिया गया है।
पटना, 21 अप्रैल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी प्रदेशवासियों का निशुल्क टीकाकरण कराएगी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत एक मई से की जाएगी और इसका सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। बिहार में बुधवार को 45 वर्ष से ऊपर के 75671 लोगों ने टीका लगवाया और प्रदेश में अबतक 6267491 लोग टीका लगवा चुके हैं। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
पटना, इक्कीस अप्रैल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार अट्ठारह वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी प्रदेशवासियों का निशुल्क टीकाकरण कराएगी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत एक मई से की जाएगी और इसका सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। बिहार में बुधवार को पैंतालीस वर्ष से ऊपर के पचहत्तर हज़ार छः सौ इकहत्तर लोगों ने टीका लगवाया और प्रदेश में अबतक बासठ लाख सरसठ हज़ार चार सौ इक्यानवे लोग टीका लगवा चुके हैं। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
Dantewada Maoist Attack: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बुधवार को सुरक्षाबलों पर नक्सलियों द्वारा किए गए हमले को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस हमले में 10 जवान शहीद हो गए और एक ड्राइवर के मौत की भी खबर सामने आई है। Naxal Attack: छत्तीसगढ़ में करीब एक साल बाद नक्सलियों ने हमला किया है। इस हमले में जिला रिजर्व गार्ड के 10 पुलिसकर्मियों समेत 11 की मौत हो गई। घटना स्थल राजधानी रायपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर है। Dantewada Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बुधवार को नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ी को आईईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया,जिसमें 11 जवान शहीद हो गए हैं। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक ट्रक और पिकअप की टक्कर हो गई। Chhattisgarh ED Raid: छत्तीसगढ़ में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने कोयला लेवी लॉड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 से अधिक जगहों पर छापेमारी की है। Chhattisgarh News: भीड़ ने एसपी का फोड़ा सिर; कई पुलिसकर्मी घायल, जानें क्या है पूरा मामला? ED Raids: प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर छापेमारी की है। Crime News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में काले रंग के बारे में लगातार ताने से परेशान पत्नी ने कथित तौर पर अपने पति की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में नाराज पत्नी संगीता सोनवानी (30) ने अपने पति अनंत सोनवानी (40) की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।
Dantewada Maoist Attack: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बुधवार को सुरक्षाबलों पर नक्सलियों द्वारा किए गए हमले को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस हमले में दस जवान शहीद हो गए और एक ड्राइवर के मौत की भी खबर सामने आई है। Naxal Attack: छत्तीसगढ़ में करीब एक साल बाद नक्सलियों ने हमला किया है। इस हमले में जिला रिजर्व गार्ड के दस पुलिसकर्मियों समेत ग्यारह की मौत हो गई। घटना स्थल राजधानी रायपुर से करीब चार सौ पचास किलोग्राममीटर दूर है। Dantewada Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बुधवार को नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ी को आईईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया,जिसमें ग्यारह जवान शहीद हो गए हैं। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक ट्रक और पिकअप की टक्कर हो गई। Chhattisgarh ED Raid: छत्तीसगढ़ में ED ने कोयला लेवी लॉड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बारह से अधिक जगहों पर छापेमारी की है। Chhattisgarh News: भीड़ ने एसपी का फोड़ा सिर; कई पुलिसकर्मी घायल, जानें क्या है पूरा मामला? ED Raids: प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर छापेमारी की है। Crime News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में काले रंग के बारे में लगातार ताने से परेशान पत्नी ने कथित तौर पर अपने पति की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में नाराज पत्नी संगीता सोनवानी ने अपने पति अनंत सोनवानी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।
पैसे के लिए मांग उनके महत्वपूर्ण कार्यों की वजह से आबादी सेः वे मुद्रा और भुगतान, खाते की इकाई के एक साधन के, साथ ही मूल्यों की बचत करने का एक साधन है। अर्थशास्त्र में, वे चल रहे आंदोलन में लगातार प्रचलन में हैं। लगातार बदल रहा है और उनके मालिकों। इस प्रकार, पैसे का कारोबार - यह नकदी प्रवाह है, जो माल और सेवाओं के कारोबार की मध्यस्थता करता है। इसके बिना वित्तीय पूंजी के आंदोलन और वस्तुओं की बिक्री। मनी परिसंचरण कई सिस्टम के रूप में मौजूद है। वे ऐतिहासिक रूप से विकसित किया है और प्रत्येक राज्य के कानून द्वारा तय कर दी है। नकद कारोबार और इसकी संरचना चार घटक होते हैंः - राज्य की मौद्रिक इकाई है, यह सेवाओं और माल (डॉलर, रिव्निया, यूरो, रूबल, आदि) की लागत में व्यक्त किया जाता है; - कागज पैसे और क्रेडिट, साथ ही की एक प्रणाली छोटे सिक्कों, जो नकद में माल और सेवाओं के भुगतान की कानूनी साधन हैं; - राज्य है, जो देश में पैसा परिसंचरण को विनियमित में विशेष निकायों; - पैसे के उत्सर्जन प्रणाली, कि संचलन में उनकी रिहाई, कानून द्वारा तय की आदेश है। पैसे की तरह है कि प्रचलन में हैं, भी महत्वपूर्ण है। इस नकदी प्रवाह पर निर्भर करता है दो प्रकार के होते हैः - पैसा और क्रेडिट कागज के उपचार प्रणाली। इस मामले में, वे सोने के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है, और यह प्रचलन से बाहर मजबूर किया जाता है। - पैसे से निपटने धातु की प्रणाली, जब सोने, या (और) चांदी के सिक्के के पाठ्यक्रम में। वे भुगतान की एक पूर्ण साधन के रूप में कार्य करते हैं। इसके अलावा, एक ही समय में पैसे क्रेडिट या धातु सलाखों के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। धातु पैसा दो उपचार प्रणालियों कि ऐतिहासिक उभरा है है। यह monometallism और सोना और चांदी दोनों का। बाद सोने और चांदी के पैसे की भूमिका के उपयोग पर आधारित है। यह 16 वीं सदी के बाद से पश्चिमी यूरोप में कई देशों की खासियत है। लेकिन 19 वीं सदी के अंत में चांदी के उत्पादन की स्थिति है, जो अपनी अवमूल्यन के लिए नेतृत्व बदल दिया है। नाटकीय रूप से अपने मूल्य और सोने के मूल्य है, जो धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर निचोड़ा जा रहा है के बीच संबंधों को बदल दिया है। इसी समय, चांदी के सिक्के इतने सारे है कि वे ढाला जा रह गए है थे। नतीजतन, के रूप में पैसा केवल सोना, का इस्तेमाल शुरू किया है जिसके लिए आप स्वतंत्र रूप से पैसे और क्रेडिट कागज का आदान-प्रदान कर सकते हैं। सोना और चांदी दोनों का के स्थान में monometallism आया था। यह तीन किस्मों में ही अस्तित्व मेंः - इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध सोने के मानक में काम किया है, जिसमें सोने के सिक्के प्रचलन में थे। वे आसानी से कागज और क्रेडिट पैसे के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। - स्वर्ण बुलियन मानक। यह प्रथम विश्व युद्ध, फ्रांस और इंग्लैंड की शुरुआत में पेश किया गया था। स्टैंडर्ड स्वर्ण बुलियन इसकी कीमत थी। यह केवल एक राशि है कि कीमत के लिए इसी की प्रस्तुति के बाद पैसे के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। - स्वर्ण विनिमय मानक। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में 20 वीं सदी के 20 के दशक में दिखाई दिया। नारे - एक विदेशी मुद्रा है कि सोने के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। नारे पर नोटों को बदलने के लिए अनुमति दी गई। monometallism युग 1929-1933 में वैश्विक आर्थिक संकट के साथ समाप्त हो गया। धीरे-धीरे क्रेडिट पैसे की एक प्रणाली है, जो आदान-प्रदान नहीं किया जाता है के रूप में शुरू किया। यह निम्नलिखित विशेषताएं से होती हैः - प्रचलन से सोना वापसी; - क्रेडिट पैसे की प्रबलता; - काफी उन्नत नगदी रहित मौद्रिक परिसंचरण; - बैंक नोट, सोने के लिए अपने विदेशी मुद्रा की अस्वीकृति की सोने की सामग्री के उन्मूलन; - प्रवर्धन legislatively संचलन (उत्सर्जन) क्रेडिट देने के लिए पैसे के आदेश रिहाई तय निजी उद्यमियों को ; - राज्य के नियंत्रण पैसे के संचलन के। यही कारण है, में पैसे के संचलन के आधुनिक दुनिया प्रणाली पैसा उधार देने की एक प्रणाली, कागज है कि सोने के लिए आदान-प्रदान नहीं कर रहे हैं, और छोटे सिक्कों के रूप में प्रकट होता है। वहाँ वस्तु से पैसा और क्रेडिट प्रतीकात्मक करने के लिए एक क्रमिक संक्रमण है।
पैसे के लिए मांग उनके महत्वपूर्ण कार्यों की वजह से आबादी सेः वे मुद्रा और भुगतान, खाते की इकाई के एक साधन के, साथ ही मूल्यों की बचत करने का एक साधन है। अर्थशास्त्र में, वे चल रहे आंदोलन में लगातार प्रचलन में हैं। लगातार बदल रहा है और उनके मालिकों। इस प्रकार, पैसे का कारोबार - यह नकदी प्रवाह है, जो माल और सेवाओं के कारोबार की मध्यस्थता करता है। इसके बिना वित्तीय पूंजी के आंदोलन और वस्तुओं की बिक्री। मनी परिसंचरण कई सिस्टम के रूप में मौजूद है। वे ऐतिहासिक रूप से विकसित किया है और प्रत्येक राज्य के कानून द्वारा तय कर दी है। नकद कारोबार और इसकी संरचना चार घटक होते हैंः - राज्य की मौद्रिक इकाई है, यह सेवाओं और माल की लागत में व्यक्त किया जाता है; - कागज पैसे और क्रेडिट, साथ ही की एक प्रणाली छोटे सिक्कों, जो नकद में माल और सेवाओं के भुगतान की कानूनी साधन हैं; - राज्य है, जो देश में पैसा परिसंचरण को विनियमित में विशेष निकायों; - पैसे के उत्सर्जन प्रणाली, कि संचलन में उनकी रिहाई, कानून द्वारा तय की आदेश है। पैसे की तरह है कि प्रचलन में हैं, भी महत्वपूर्ण है। इस नकदी प्रवाह पर निर्भर करता है दो प्रकार के होते हैः - पैसा और क्रेडिट कागज के उपचार प्रणाली। इस मामले में, वे सोने के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है, और यह प्रचलन से बाहर मजबूर किया जाता है। - पैसे से निपटने धातु की प्रणाली, जब सोने, या चांदी के सिक्के के पाठ्यक्रम में। वे भुगतान की एक पूर्ण साधन के रूप में कार्य करते हैं। इसके अलावा, एक ही समय में पैसे क्रेडिट या धातु सलाखों के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। धातु पैसा दो उपचार प्रणालियों कि ऐतिहासिक उभरा है है। यह monometallism और सोना और चांदी दोनों का। बाद सोने और चांदी के पैसे की भूमिका के उपयोग पर आधारित है। यह सोलह वीं सदी के बाद से पश्चिमी यूरोप में कई देशों की खासियत है। लेकिन उन्नीस वीं सदी के अंत में चांदी के उत्पादन की स्थिति है, जो अपनी अवमूल्यन के लिए नेतृत्व बदल दिया है। नाटकीय रूप से अपने मूल्य और सोने के मूल्य है, जो धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर निचोड़ा जा रहा है के बीच संबंधों को बदल दिया है। इसी समय, चांदी के सिक्के इतने सारे है कि वे ढाला जा रह गए है थे। नतीजतन, के रूप में पैसा केवल सोना, का इस्तेमाल शुरू किया है जिसके लिए आप स्वतंत्र रूप से पैसे और क्रेडिट कागज का आदान-प्रदान कर सकते हैं। सोना और चांदी दोनों का के स्थान में monometallism आया था। यह तीन किस्मों में ही अस्तित्व मेंः - इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध सोने के मानक में काम किया है, जिसमें सोने के सिक्के प्रचलन में थे। वे आसानी से कागज और क्रेडिट पैसे के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। - स्वर्ण बुलियन मानक। यह प्रथम विश्व युद्ध, फ्रांस और इंग्लैंड की शुरुआत में पेश किया गया था। स्टैंडर्ड स्वर्ण बुलियन इसकी कीमत थी। यह केवल एक राशि है कि कीमत के लिए इसी की प्रस्तुति के बाद पैसे के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। - स्वर्ण विनिमय मानक। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में बीस वीं सदी के बीस के दशक में दिखाई दिया। नारे - एक विदेशी मुद्रा है कि सोने के लिए आदान-प्रदान किया जा सकता है। नारे पर नोटों को बदलने के लिए अनुमति दी गई। monometallism युग एक हज़ार नौ सौ उनतीस-एक हज़ार नौ सौ तैंतीस में वैश्विक आर्थिक संकट के साथ समाप्त हो गया। धीरे-धीरे क्रेडिट पैसे की एक प्रणाली है, जो आदान-प्रदान नहीं किया जाता है के रूप में शुरू किया। यह निम्नलिखित विशेषताएं से होती हैः - प्रचलन से सोना वापसी; - क्रेडिट पैसे की प्रबलता; - काफी उन्नत नगदी रहित मौद्रिक परिसंचरण; - बैंक नोट, सोने के लिए अपने विदेशी मुद्रा की अस्वीकृति की सोने की सामग्री के उन्मूलन; - प्रवर्धन legislatively संचलन क्रेडिट देने के लिए पैसे के आदेश रिहाई तय निजी उद्यमियों को ; - राज्य के नियंत्रण पैसे के संचलन के। यही कारण है, में पैसे के संचलन के आधुनिक दुनिया प्रणाली पैसा उधार देने की एक प्रणाली, कागज है कि सोने के लिए आदान-प्रदान नहीं कर रहे हैं, और छोटे सिक्कों के रूप में प्रकट होता है। वहाँ वस्तु से पैसा और क्रेडिट प्रतीकात्मक करने के लिए एक क्रमिक संक्रमण है।
भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की मंजूरी पर विवाद और बढ़ गया है। जो सवाल कल मंजूरी दिए जाने के बाद उठाए जा रहे थे वही सवाल अब उस वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल करने वालों के बयान से भी उठ रहे हैं। वैज्ञानिक भी यही सवाल उठा रहे हैं और एक वैज्ञानिक ने तो कह दिया कि दुनिया में रूस, चीन के अलावा भारत तीसरा देश है जहाँ की वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। अब सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में शामिल रहे विशेषज्ञों के पास ही कोई डेटा नहीं है। कई जगहों पर तीसरे चरण के ट्रायल में पहला डोज ही दिया गया है और दूसरा डोज दिया जा रहा है। यही वजह है कि सवाल उठ रहे हैं कि किस प्रक्रिया के तहत कोवैक्सीन को मंजूरी मिली। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया यानी डीसीजीआई ने एक दिन पहले ही रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया की कोविशील्ड के साथ ही भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को 'सीमित इस्तेमाल' की मंजूरी दे दी है। डीसीजीआई द्वारा इसको मंजूरी दिए जाने के बाद शशि थरूर, आनंद शर्मा, जयराम रमेश जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के आँकड़े को लेकर सवाल उठाए थे। अब विज्ञान से जुड़े लोग ही सवाल उठा रहे हैं। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, कोवैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ट्रायल की जगह व तीसरे चरण से जुड़े रेडकर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर गोवा के डॉ. धनंजय लाड आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे आश्चर्य है कि डीसीजीआई ने सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (एसईसी) की सिफारिश के आधार पर रातोरात निर्णय लिया। आदर्श रूप से डीसीजीआई एसईसी द्वारा सुझाए गए दस्तावेजों की समीक्षा करता है और इसमें कुछ दिन लग सकते हैं। ' कोरोना वैक्सीन के लिए तय विशेषज्ञ पैनल ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन को 1 जनवरी और भारत बायोटेक की वैक्सीन को 2 जनवरी को हरी झंडी दे दी थी। लेकिन डीसीजीआई ने एक दिन बाद ही तीन जनवरी को दोनों वैक्सीन को मंजूरी दे दी। लाड ने यह भी कहा कि बुखार और दर्द जैसे छोटे-मोटे दुष्प्रभाव को छोड़कर वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन उन्होंने कहा कि तीसरे चरण का ट्रायल अभी जारी है और इसका प्रभाव कैसा रहेगा यह आँकड़ों के विश्लेषण के बाद पता चलेगा। अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय के एक इंवेस्टिगेटर डॉ. मोहम्मद शमीम ने कहा कि, 'सोमवार तक हम सभी प्रतिभागियों की दूसरी खुराक पूरी कर लेंगे। लेकिन हम पहली खुराक के 42-45 दिनों के बाद ही प्रभाविकता का अध्ययन शुरू कर सकते हैं। यानी अब से 15 दिन बाद। ' मुंबई के सायन अस्पताल और ग्रांट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पिछले हफ़्ते ही तीसरे चरण के लिए दूसरा डोज दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एम्स पटना में डॉ. चंद्रमणि सिंह ने कहा कि उन्होंने 1,177 प्रतिभागियों को पहली खुराक दी है, लेकिन कुछ को ही दूसरी खुराक मिली है। उन्होंने कहा, 'हमें प्रभाविकता का अध्ययन शुरू करने में कुछ सप्ताह लगेंगे। ' इस तरह के उठते सवालों के बीच ही एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया और इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा विकसित स्वदेशी वैक्सीन का उपयोग 'बैक-अप' के रूप में किया जाएगा। उनके अनुसार, इसे केवल तभी इस्तेमाल किया जाएगा जब देश को बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगाने के लिए अतिरिक्त खुराक की आवश्यकता हो। कोवैक्सीन का उपयोग केवल 'क्लिनिकल ट्रायल मोड' में किया जाएगा जहाँ साइड-इफेक्ट्स की निगरानी की जाएगी। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. गुलेरिया ने कहा, 'यह बैक-अप की तरह है। अगर हमें लगता है कि मामले नहीं बढ़ रहे हैं, तो हम अगले महीने की शुरुआत में भारत बायोटेक का डेटा आने तक सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन का ही इस्तेमाल करेंगे। यदि वह डेटा पर्याप्त रूप से ठीक पाया जाता है तो सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन की तरह ही स्वीकृति मिल जाएगी। परोक्ष रूप से सुरक्षा प्रोफ़ाइल को देखते हुए यह (कोवैक्सीन) एक सुरक्षित टीका है, हालाँकि हम नहीं जानते कि यह कितना प्रभावशाली है। ' आईसीएमआर के प्रमुख डॉ. भार्गव ने कहा है कि जहाँ तक कोवैक्सीन की प्रभाविकता का संबंध है तो छोटे और बड़े जानवरों पर बड़े पैमाने पर अध्ययन किया गया है। उन्होंने कहा कि बंदरों पर भी वैक्सीन की प्रभाविकता देखी गई है। डॉ. भार्गव ने यह भी कहा कि पहले चरण में 375 और दूसरे चरण में 380 लोगों पर ह्यूमन ट्रायल भी किया गया। उन्होंने कहा कि ट्रायल में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कोरोना नहीं हुआ। तीसरे चरण के ट्रायल में शामिल 22500 लोगों में किसी तरह की सुरक्षा चिंता नहीं दिखी है।
भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की मंजूरी पर विवाद और बढ़ गया है। जो सवाल कल मंजूरी दिए जाने के बाद उठाए जा रहे थे वही सवाल अब उस वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल करने वालों के बयान से भी उठ रहे हैं। वैज्ञानिक भी यही सवाल उठा रहे हैं और एक वैज्ञानिक ने तो कह दिया कि दुनिया में रूस, चीन के अलावा भारत तीसरा देश है जहाँ की वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। अब सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में शामिल रहे विशेषज्ञों के पास ही कोई डेटा नहीं है। कई जगहों पर तीसरे चरण के ट्रायल में पहला डोज ही दिया गया है और दूसरा डोज दिया जा रहा है। यही वजह है कि सवाल उठ रहे हैं कि किस प्रक्रिया के तहत कोवैक्सीन को मंजूरी मिली। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया यानी डीसीजीआई ने एक दिन पहले ही रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया की कोविशील्ड के साथ ही भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को 'सीमित इस्तेमाल' की मंजूरी दे दी है। डीसीजीआई द्वारा इसको मंजूरी दिए जाने के बाद शशि थरूर, आनंद शर्मा, जयराम रमेश जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के आँकड़े को लेकर सवाल उठाए थे। अब विज्ञान से जुड़े लोग ही सवाल उठा रहे हैं। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, कोवैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ट्रायल की जगह व तीसरे चरण से जुड़े रेडकर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर गोवा के डॉ. धनंजय लाड आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे आश्चर्य है कि डीसीजीआई ने सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी की सिफारिश के आधार पर रातोरात निर्णय लिया। आदर्श रूप से डीसीजीआई एसईसी द्वारा सुझाए गए दस्तावेजों की समीक्षा करता है और इसमें कुछ दिन लग सकते हैं। ' कोरोना वैक्सीन के लिए तय विशेषज्ञ पैनल ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन को एक जनवरी और भारत बायोटेक की वैक्सीन को दो जनवरी को हरी झंडी दे दी थी। लेकिन डीसीजीआई ने एक दिन बाद ही तीन जनवरी को दोनों वैक्सीन को मंजूरी दे दी। लाड ने यह भी कहा कि बुखार और दर्द जैसे छोटे-मोटे दुष्प्रभाव को छोड़कर वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन उन्होंने कहा कि तीसरे चरण का ट्रायल अभी जारी है और इसका प्रभाव कैसा रहेगा यह आँकड़ों के विश्लेषण के बाद पता चलेगा। अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय के एक इंवेस्टिगेटर डॉ. मोहम्मद शमीम ने कहा कि, 'सोमवार तक हम सभी प्रतिभागियों की दूसरी खुराक पूरी कर लेंगे। लेकिन हम पहली खुराक के बयालीस-पैंतालीस दिनों के बाद ही प्रभाविकता का अध्ययन शुरू कर सकते हैं। यानी अब से पंद्रह दिन बाद। ' मुंबई के सायन अस्पताल और ग्रांट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पिछले हफ़्ते ही तीसरे चरण के लिए दूसरा डोज दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एम्स पटना में डॉ. चंद्रमणि सिंह ने कहा कि उन्होंने एक,एक सौ सतहत्तर प्रतिभागियों को पहली खुराक दी है, लेकिन कुछ को ही दूसरी खुराक मिली है। उन्होंने कहा, 'हमें प्रभाविकता का अध्ययन शुरू करने में कुछ सप्ताह लगेंगे। ' इस तरह के उठते सवालों के बीच ही एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया और इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा विकसित स्वदेशी वैक्सीन का उपयोग 'बैक-अप' के रूप में किया जाएगा। उनके अनुसार, इसे केवल तभी इस्तेमाल किया जाएगा जब देश को बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगाने के लिए अतिरिक्त खुराक की आवश्यकता हो। कोवैक्सीन का उपयोग केवल 'क्लिनिकल ट्रायल मोड' में किया जाएगा जहाँ साइड-इफेक्ट्स की निगरानी की जाएगी। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. गुलेरिया ने कहा, 'यह बैक-अप की तरह है। अगर हमें लगता है कि मामले नहीं बढ़ रहे हैं, तो हम अगले महीने की शुरुआत में भारत बायोटेक का डेटा आने तक सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन का ही इस्तेमाल करेंगे। यदि वह डेटा पर्याप्त रूप से ठीक पाया जाता है तो सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन की तरह ही स्वीकृति मिल जाएगी। परोक्ष रूप से सुरक्षा प्रोफ़ाइल को देखते हुए यह एक सुरक्षित टीका है, हालाँकि हम नहीं जानते कि यह कितना प्रभावशाली है। ' आईसीएमआर के प्रमुख डॉ. भार्गव ने कहा है कि जहाँ तक कोवैक्सीन की प्रभाविकता का संबंध है तो छोटे और बड़े जानवरों पर बड़े पैमाने पर अध्ययन किया गया है। उन्होंने कहा कि बंदरों पर भी वैक्सीन की प्रभाविकता देखी गई है। डॉ. भार्गव ने यह भी कहा कि पहले चरण में तीन सौ पचहत्तर और दूसरे चरण में तीन सौ अस्सी लोगों पर ह्यूमन ट्रायल भी किया गया। उन्होंने कहा कि ट्रायल में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कोरोना नहीं हुआ। तीसरे चरण के ट्रायल में शामिल बाईस हज़ार पाँच सौ लोगों में किसी तरह की सुरक्षा चिंता नहीं दिखी है।
आनंद झा, जगदलपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने माह अप्रैल एवम मई की राशन सामग्री एक साथ वितरण करने का आदेश जारी है। एवम इसी आदेशो के तहत 1 अप्रैल से सभी राशन दुकानों में हितग्राहियों को राशन वितरण किया जा रहा है। लेकिन कुछ राशन दुकान संचालक नियम के विपरीत कार्य कर रहे है। कल एक मामले में एक राशन दुकान संचालक पर कार्रवाई हुई थी, वही आज एक ओर मामला प्रकाश में आया , दोनों मामले में राशन दुकान संचालक ने हितग्राहियों से अधिक पैसे वसूले है। आज बाबू सेमरा के राशन दुकान संचालक पर 78 रुपये की जगह 100 रुपये पैसे लेने का आरोप क्षेत्रवासियों ने लगाया । मामले को संज्ञान में लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी ने जांच कर राशन दुकान संचालक दन्तेश्वर राव को धारा 151 के तहत जेल भेज दिया।
आनंद झा, जगदलपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने माह अप्रैल एवम मई की राशन सामग्री एक साथ वितरण करने का आदेश जारी है। एवम इसी आदेशो के तहत एक अप्रैल से सभी राशन दुकानों में हितग्राहियों को राशन वितरण किया जा रहा है। लेकिन कुछ राशन दुकान संचालक नियम के विपरीत कार्य कर रहे है। कल एक मामले में एक राशन दुकान संचालक पर कार्रवाई हुई थी, वही आज एक ओर मामला प्रकाश में आया , दोनों मामले में राशन दुकान संचालक ने हितग्राहियों से अधिक पैसे वसूले है। आज बाबू सेमरा के राशन दुकान संचालक पर अठहत्तर रुपयापये की जगह एक सौ रुपयापये पैसे लेने का आरोप क्षेत्रवासियों ने लगाया । मामले को संज्ञान में लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी ने जांच कर राशन दुकान संचालक दन्तेश्वर राव को धारा एक सौ इक्यावन के तहत जेल भेज दिया।
नई दिल्लीः दिल्ली में शुक्रवार को भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात बाधित हो गया। इसी दौरान एक गड्ढे में गिरने से ऑटो चालक की मौत हो गयी। बारिश का पानी दिल्ली सचिवालय परिसर में भी घुस गया। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक उपयोगकर्ता द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कुछ लोगों को हाथों में जूते लेकर दिल्ली सचिवालय में टखने तक पानी से गुजरते हुए देखा गया। दिल्ली की यातायात पुलिस ने ट्विटर के जरिए लोगों को जलभराव वाले मार्गों के बारे में जानकारी दी और उनसे तदनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने का आग्रह किया। दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में सड़क पर पानी से भरे एक गड्ढे में गिरने से एक ऑटोरिक्शा चालक की मौत हो गई। यातायात पुलिस के मुताबिक, नजफगढ़ के फिरनी रोड पर जलभराव और ढांसा स्टैंड के पास एक बस के खराब होने से यातायात प्रभावित हुआ। भारत दर्शन पार्क ट्रैफिक सिग्नल के पास एक बस के खराब होने के कारण राजौरी गार्डन से पंजाबी बाग की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ और यात्रियों को इस मार्ग से बचने की सलाह दी गई। बाद में बस को वहां से हटा दिया गया। जलभराव से साउथ एक्सटेंशन, सराय काले खां, लाजपत नगर, आईटीओ, हर्ष विहार, मध्य और बाहरी दिल्ली के कुछ हिस्सों, महरौली-बदरपुर रोड के अलावा गीता कॉलोनी और अक्षरधाम मंदिर के बीच यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में एक ऑटोरिक्शा चालक की शुक्रवार को बारिश के पानी से भरे हुए गड्ढे में डूबने से मौत हो गयी। पुलिस के मुताबिक ऑटोरिक्शा दुर्घटनावश गड्ढे में गिर गया था। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान नंदनगरी निवासी अजीत शर्मा (51) के रूप में हुई है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जॉय तिर्की ने कहा कि अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे एक पीसीआर कॉल मिली कि वजीराबाद रोड के पास सर्विस रोड के पास एक व्यक्ति गड्ढे में डूब रहा है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास खोदे गए उस गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था। जॉय तिर्की ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि व्यक्ति को गड्ढे की गहराई का एहसास नहीं हुआ और उसने उस पर गाड़ी चलाने की कोशिश की और दुर्घटनावश वह उसमें डूब गया। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि ऑटोरिक्शा गड्ढे में फंसा हुआ पाया गया और चालक का शव वाहन के अगले पहिये में फंसा हुआ पाया गया। (एजेंसी)
नई दिल्लीः दिल्ली में शुक्रवार को भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात बाधित हो गया। इसी दौरान एक गड्ढे में गिरने से ऑटो चालक की मौत हो गयी। बारिश का पानी दिल्ली सचिवालय परिसर में भी घुस गया। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक उपयोगकर्ता द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कुछ लोगों को हाथों में जूते लेकर दिल्ली सचिवालय में टखने तक पानी से गुजरते हुए देखा गया। दिल्ली की यातायात पुलिस ने ट्विटर के जरिए लोगों को जलभराव वाले मार्गों के बारे में जानकारी दी और उनसे तदनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने का आग्रह किया। दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में सड़क पर पानी से भरे एक गड्ढे में गिरने से एक ऑटोरिक्शा चालक की मौत हो गई। यातायात पुलिस के मुताबिक, नजफगढ़ के फिरनी रोड पर जलभराव और ढांसा स्टैंड के पास एक बस के खराब होने से यातायात प्रभावित हुआ। भारत दर्शन पार्क ट्रैफिक सिग्नल के पास एक बस के खराब होने के कारण राजौरी गार्डन से पंजाबी बाग की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ और यात्रियों को इस मार्ग से बचने की सलाह दी गई। बाद में बस को वहां से हटा दिया गया। जलभराव से साउथ एक्सटेंशन, सराय काले खां, लाजपत नगर, आईटीओ, हर्ष विहार, मध्य और बाहरी दिल्ली के कुछ हिस्सों, महरौली-बदरपुर रोड के अलावा गीता कॉलोनी और अक्षरधाम मंदिर के बीच यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में एक ऑटोरिक्शा चालक की शुक्रवार को बारिश के पानी से भरे हुए गड्ढे में डूबने से मौत हो गयी। पुलिस के मुताबिक ऑटोरिक्शा दुर्घटनावश गड्ढे में गिर गया था। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान नंदनगरी निवासी अजीत शर्मा के रूप में हुई है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जॉय तिर्की ने कहा कि अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे एक पीसीआर कॉल मिली कि वजीराबाद रोड के पास सर्विस रोड के पास एक व्यक्ति गड्ढे में डूब रहा है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास खोदे गए उस गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था। जॉय तिर्की ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि व्यक्ति को गड्ढे की गहराई का एहसास नहीं हुआ और उसने उस पर गाड़ी चलाने की कोशिश की और दुर्घटनावश वह उसमें डूब गया। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि ऑटोरिक्शा गड्ढे में फंसा हुआ पाया गया और चालक का शव वाहन के अगले पहिये में फंसा हुआ पाया गया।
#ShahRukhKhan: एक्टर ने हाल ही में अपनी फिल्म डंकी की शूटिंग खत्म की है। इनकी इस फिल्म की शूटिंग सऊदी अरब में हुई है। इस बात की जानकारी किंग खान ने खुद अपने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस को दी है। अब शाहरुख की फिल्म की शूटिंग के बाद बादशाह मक्का पहुंचे थे। Raha Kapoor: फैंस इनकी बेटी की एक झलक पाने को उतावले हो रहे है। आलिया की डिलीवरी को पूरे एक महीने होने वाले है। लेकिन फैंस तो दूर अभी तक कपूर खानदान का भी कोई सदस्य आलिया की बेटी को नहीं देख पाएं हैं। Bigg Boss 16: जिसके बाद घर वालो को कहा गया कि आप अपनी प्राइज मनी से घटी 25 लाख रुपये पा सकते है। जिसमें उन्हें एक टास्क दिया गया और उन्हें परफॉर्म करना था। बिग बॉस इस दौरान घर वालों के साथ एक खेल खेलते है जिसमें सुबुंल 25 लाख की राशि को ठुकराकर अपनी कैप्टेंसी को चुनती है। ऐसे में अर्चना उन पर भड़कती दिखती है। Bigg Boss 16: हाल ही में बिग बॉस में पहले वाइल्ड कार्ड एंट्री देखने को मिली, जिसके बाद घर वालो को कहा गया कि आप अपनी प्राइज मनी से घटी 25 लाख रुपये पा सकते है। जिसमें उन्हें एक टास्क दिया गया और उन्हें परफॉर्म करना था। Rakhi Sawant: राखी ने मीडिया के सामने यह बताया था कि उन्हें अपने बॉयफ्रेंड आदिल दुरानी के साथ जाना है। वहीं उनसे शादी भी करना चाहती है। हालांकि, राखी बिग बॉस के कई सीजन में दिखाई दी हैं। अब एक्ट्रेस की फिर से इच्छा पूरी हुई है औऱ वह बिग बॉस हाउस में दिखने वाली है। Happy Birthday Udit Narayan Jha: गायक की गिनती बॉलीवुड के उम्दा सिंगरों में होती है। उदित नारायण का जन्मदिन 1 दिसंबर 1955 को सुपौल में हुआ था। सिंगर आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे है। इनके पिता का नाम हरे कृष्णा झा और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी है। Nora Fatehi Diet: उनकी खूबसूरती देख हर कोई उन्हें अपने सपनों की राजकुमारी बनाना चाहता है। हालांकि, वह कई लोगों की फेवरेट लिस्ट में हैं। आइए आज हम आपको इनके डेली रूटीन के बारे में बताते हैं।
#ShahRukhKhan: एक्टर ने हाल ही में अपनी फिल्म डंकी की शूटिंग खत्म की है। इनकी इस फिल्म की शूटिंग सऊदी अरब में हुई है। इस बात की जानकारी किंग खान ने खुद अपने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस को दी है। अब शाहरुख की फिल्म की शूटिंग के बाद बादशाह मक्का पहुंचे थे। Raha Kapoor: फैंस इनकी बेटी की एक झलक पाने को उतावले हो रहे है। आलिया की डिलीवरी को पूरे एक महीने होने वाले है। लेकिन फैंस तो दूर अभी तक कपूर खानदान का भी कोई सदस्य आलिया की बेटी को नहीं देख पाएं हैं। Bigg Boss सोलह: जिसके बाद घर वालो को कहा गया कि आप अपनी प्राइज मनी से घटी पच्चीस लाख रुपये पा सकते है। जिसमें उन्हें एक टास्क दिया गया और उन्हें परफॉर्म करना था। बिग बॉस इस दौरान घर वालों के साथ एक खेल खेलते है जिसमें सुबुंल पच्चीस लाख की राशि को ठुकराकर अपनी कैप्टेंसी को चुनती है। ऐसे में अर्चना उन पर भड़कती दिखती है। Bigg Boss सोलह: हाल ही में बिग बॉस में पहले वाइल्ड कार्ड एंट्री देखने को मिली, जिसके बाद घर वालो को कहा गया कि आप अपनी प्राइज मनी से घटी पच्चीस लाख रुपये पा सकते है। जिसमें उन्हें एक टास्क दिया गया और उन्हें परफॉर्म करना था। Rakhi Sawant: राखी ने मीडिया के सामने यह बताया था कि उन्हें अपने बॉयफ्रेंड आदिल दुरानी के साथ जाना है। वहीं उनसे शादी भी करना चाहती है। हालांकि, राखी बिग बॉस के कई सीजन में दिखाई दी हैं। अब एक्ट्रेस की फिर से इच्छा पूरी हुई है औऱ वह बिग बॉस हाउस में दिखने वाली है। Happy Birthday Udit Narayan Jha: गायक की गिनती बॉलीवुड के उम्दा सिंगरों में होती है। उदित नारायण का जन्मदिन एक दिसंबर एक हज़ार नौ सौ पचपन को सुपौल में हुआ था। सिंगर आज अपना सरसठवां जन्मदिन मना रहे है। इनके पिता का नाम हरे कृष्णा झा और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी है। Nora Fatehi Diet: उनकी खूबसूरती देख हर कोई उन्हें अपने सपनों की राजकुमारी बनाना चाहता है। हालांकि, वह कई लोगों की फेवरेट लिस्ट में हैं। आइए आज हम आपको इनके डेली रूटीन के बारे में बताते हैं।
रणवीर सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने बचपन की तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो Mohawak हेयरस्टाइल में नजर आ रहे हैं. दीपिका पादुकोण ने इस तस्वीर पर जो कमेंट किया है, उसे देखकर तो लगता है कि उन्हें यह तस्वीर पसंद नहीं आई. रणवीर की तस्वीर पर कई और सेलेब्स भी कमेंट कर रहे हैं. रैपर बादशाह ने लिखा- ये लौंडा जहां दिखे, पकड़ के जेल में डाल दो. इस पर रणवीर ने रिप्लाई किया- हाहाहाहाहा. आयुष्मान खुराना ने लिखा- विश्वआत्मा में गुलशन ग्रोवर का भी यही हेयरस्टाइल था. रणवीर अपने ह्यूमर के लिए जाने जाते हैं और अक्सर फनी वीडियोज पोस्ट करते रहते हैं. फिल्मों की बात करें तो उन्होंने जोया अख्तर की 'गली बॉय' की शूटिंग खत्म कर ली है. फिल्म में उनके साथ आलिया भट्ट हैं. खबरों की मानें तो रणवीर और दीपिका इस साल 10 नवंबर को इटली में शादी कर सकते हैं.
रणवीर सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने बचपन की तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो Mohawak हेयरस्टाइल में नजर आ रहे हैं. दीपिका पादुकोण ने इस तस्वीर पर जो कमेंट किया है, उसे देखकर तो लगता है कि उन्हें यह तस्वीर पसंद नहीं आई. रणवीर की तस्वीर पर कई और सेलेब्स भी कमेंट कर रहे हैं. रैपर बादशाह ने लिखा- ये लौंडा जहां दिखे, पकड़ के जेल में डाल दो. इस पर रणवीर ने रिप्लाई किया- हाहाहाहाहा. आयुष्मान खुराना ने लिखा- विश्वआत्मा में गुलशन ग्रोवर का भी यही हेयरस्टाइल था. रणवीर अपने ह्यूमर के लिए जाने जाते हैं और अक्सर फनी वीडियोज पोस्ट करते रहते हैं. फिल्मों की बात करें तो उन्होंने जोया अख्तर की 'गली बॉय' की शूटिंग खत्म कर ली है. फिल्म में उनके साथ आलिया भट्ट हैं. खबरों की मानें तो रणवीर और दीपिका इस साल दस नवंबर को इटली में शादी कर सकते हैं.
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। गोरक्षशतक हठयोग का ग्रन्थ है। इसके रचयिता गुरु गोरखनाथ हैं। यह ग्रन्थ हठयोग का सम्भवतः सबसे प्राचीन उपलब्ध ग्रन्थ है। गोरक्षशतक में १०१ श्लोक हैं जिनमें आसन, प्राण-संरोध (प्राणायाम, मुद्रा तथा जपेदोंकार (ओंकार का जाप) का वर्णन है। इसके अलावा योग के 'कार्यिकी' के कुछ विषयों जैसे कण्ड, नाड़ी, चक्र, कुण्डलिनी आदि का वर्णन है। . चक्र, (संस्कृतः चक्रम्); पालिः हक्क चक्का) एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ 'पहिया' या 'घूमना' है।परमहंस स्वामी महेश्वराआनंदा, मानव में छिपी बिजली, इबेरा वरलैग, पृष्ठ 54. ISBN 3-85052-197-4 भारतीय दर्शन और योग में चक्र प्राण या आत्मिक ऊर्जा के केन्द्र होते हैं। ये नाड़ियों के संगम स्थान भी होते हैं। यूँ तो कई चक्र हैं पर ५-७ चक्रों को मुख्य माना गया है। यौगिक ग्रन्थों में इनहें शरीर के कमल भी कहा गया है। प्रमुख चक्रों के नाम हैं-. गोरक्षशतक और चक्र आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। गोरक्षशतक 9 संबंध है और चक्र 52 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (9 + 52)। यह लेख गोरक्षशतक और चक्र के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। गोरक्षशतक हठयोग का ग्रन्थ है। इसके रचयिता गुरु गोरखनाथ हैं। यह ग्रन्थ हठयोग का सम्भवतः सबसे प्राचीन उपलब्ध ग्रन्थ है। गोरक्षशतक में एक सौ एक श्लोक हैं जिनमें आसन, प्राण-संरोध का वर्णन है। इसके अलावा योग के 'कार्यिकी' के कुछ विषयों जैसे कण्ड, नाड़ी, चक्र, कुण्डलिनी आदि का वर्णन है। . चक्र, ; पालिः हक्क चक्का) एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ 'पहिया' या 'घूमना' है।परमहंस स्वामी महेश्वराआनंदा, मानव में छिपी बिजली, इबेरा वरलैग, पृष्ठ चौवन. ISBN तीन-पचासी हज़ार बावन-एक सौ सत्तानवे-चार भारतीय दर्शन और योग में चक्र प्राण या आत्मिक ऊर्जा के केन्द्र होते हैं। ये नाड़ियों के संगम स्थान भी होते हैं। यूँ तो कई चक्र हैं पर पाँच-सात चक्रों को मुख्य माना गया है। यौगिक ग्रन्थों में इनहें शरीर के कमल भी कहा गया है। प्रमुख चक्रों के नाम हैं-. गोरक्षशतक और चक्र आम में शून्य बातें हैं । गोरक्षशतक नौ संबंध है और चक्र बावन है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख गोरक्षशतक और चक्र के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
हैदराबाद में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 22 वर्षीय युवक ने उसकी प्रेमिका को मैसेज और कॉल करने पर अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी की प्रेमिका पहले एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। क्या है पूरा मामला? घटना हैदराबाद के दिलसुखनगर की है। आरोपी हरिहर कृष्णा और मृतक नवीन ने एक ही कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। कॉलेज के दौरान नवीन को एक लड़की से प्यार हो गया, लेकिन कुछ समय के बाद ही दोनों का ब्रेकअप भी हो गया। इसके बाद आरोपी हरिहर और वो लड़की रिलेशनशिप में आ गए थे, लेकिन नवीन लगातार लड़की के संपर्क में था और उसे मैसेज और कॉल करके परेशान करता था। पुलिस के मुताबिक, 17 फरवरी को नवीन और हरिहर ने साथ बैठकर शराब पी और नशे में लड़की को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। इस दौरान हरिहर ने नवीन की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर उसका सिर काटकर दिल निकाल लिया। इससे भी आरोपी का दिल नहीं भरा तो उसने मृतक का गुप्तांग और ऊंगलियां भी काट डाली। हत्या के बाद आरोपी ने शव की तस्वीरें ली और अपनी प्रेमिका को व्हाट्सऐप पर भेज दीं। पुलिस के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देकर आरोपी ने पुलिस स्टेशन में आकर आत्मसमर्पण कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने दोस्त द्वारा अपने प्रेमिका को मैसेज और कॉल किये जाने से परेशान था। इसी के चलते उसने अपने दोस्त की बेरहमी से हत्या की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और इस हत्याकांड की जांच में जुटी हुई है।
हैदराबाद में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बाईस वर्षीय युवक ने उसकी प्रेमिका को मैसेज और कॉल करने पर अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी की प्रेमिका पहले एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। क्या है पूरा मामला? घटना हैदराबाद के दिलसुखनगर की है। आरोपी हरिहर कृष्णा और मृतक नवीन ने एक ही कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। कॉलेज के दौरान नवीन को एक लड़की से प्यार हो गया, लेकिन कुछ समय के बाद ही दोनों का ब्रेकअप भी हो गया। इसके बाद आरोपी हरिहर और वो लड़की रिलेशनशिप में आ गए थे, लेकिन नवीन लगातार लड़की के संपर्क में था और उसे मैसेज और कॉल करके परेशान करता था। पुलिस के मुताबिक, सत्रह फरवरी को नवीन और हरिहर ने साथ बैठकर शराब पी और नशे में लड़की को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। इस दौरान हरिहर ने नवीन की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर उसका सिर काटकर दिल निकाल लिया। इससे भी आरोपी का दिल नहीं भरा तो उसने मृतक का गुप्तांग और ऊंगलियां भी काट डाली। हत्या के बाद आरोपी ने शव की तस्वीरें ली और अपनी प्रेमिका को व्हाट्सऐप पर भेज दीं। पुलिस के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देकर आरोपी ने पुलिस स्टेशन में आकर आत्मसमर्पण कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने दोस्त द्वारा अपने प्रेमिका को मैसेज और कॉल किये जाने से परेशान था। इसी के चलते उसने अपने दोस्त की बेरहमी से हत्या की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और इस हत्याकांड की जांच में जुटी हुई है।
पिछले तीन दिन से सोनू सूद के घर और उनसे जुड़े परिसरों में आयकर विभाग सर्वे कर रहा था। अब अपने एक बयान में सीबीडीटी ने कहा है कि अभिनेता और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी के दौरान 20 करोड़ रुपये की कर चोरी से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। आयकर विभाग का कहना है कि उनके पास अभिनेता के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने अपने बयान में कहा है कि अभिनेता ने फर्जी संस्थाओं से फर्जी और असुरक्षित ऋण के रूप में बेहिसाब पैसे जमा किए थे। सीबीडीटी ने कहा है कि आयकर विभाग ने मुंबई में अभिनेता के विभिन्न परिसरों के विकास में लगे लखनऊ स्थित औद्योगिक समूह में रेड की और जब्ती अभियान चलाया। सीबीडीटी के मुताबिक अभिनेता के मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली, गुरुग्राम समेत कुल 28 परिसरों पर छापेमारी की गई थी। जानकारी के मुताबिक ये सर्वे लखनऊ के बड़े कारोबारी अनिल सिंह से जुड़ा हुआ है। हाल ही में अनिल सिंह के दफ्तर पर भी इनकम टैक्स का छापा पड़ा है। सोनू सूद और अनिल सिंह कारोबार में पार्टनर बताए जा रहे हैं। आयकर विभाग की टीम उन सभी संस्थाओं की जांच कर रही है, जो सोनू सूद से जुड़े हुए हैं। सोनू सूद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं हालांकि उन्होंने आयकर विभाग के इस सर्वे को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग उनके सपोर्ट में खड़े हैं। साल 2020 में शुरू हुई इस खतरनाक महामारी से लगे लॉकडाउन के बीच सोनू सूद ने कई प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाते हुए नेक कार्यों की शुरुआत की थी। बस उस वक्त से लेकर आज भी मदद का सिलसिला लगातार जारी है। सोशल मीडिया पर लोग सोनू सूद से मदद मांगते हैं और अभिनेता उन्हें फौरन मदद पहुंचाते हैं। फिर चाहे वो कोविड से जुड़ी हो या कोई अन्य समस्या हो। सोनू सूद एक बार हां कर देते हैं तो सहायता लोगों तक पहुंच ही जाती है।
पिछले तीन दिन से सोनू सूद के घर और उनसे जुड़े परिसरों में आयकर विभाग सर्वे कर रहा था। अब अपने एक बयान में सीबीडीटी ने कहा है कि अभिनेता और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी के दौरान बीस करोड़ रुपये की कर चोरी से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। आयकर विभाग का कहना है कि उनके पास अभिनेता के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने अपने बयान में कहा है कि अभिनेता ने फर्जी संस्थाओं से फर्जी और असुरक्षित ऋण के रूप में बेहिसाब पैसे जमा किए थे। सीबीडीटी ने कहा है कि आयकर विभाग ने मुंबई में अभिनेता के विभिन्न परिसरों के विकास में लगे लखनऊ स्थित औद्योगिक समूह में रेड की और जब्ती अभियान चलाया। सीबीडीटी के मुताबिक अभिनेता के मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली, गुरुग्राम समेत कुल अट्ठाईस परिसरों पर छापेमारी की गई थी। जानकारी के मुताबिक ये सर्वे लखनऊ के बड़े कारोबारी अनिल सिंह से जुड़ा हुआ है। हाल ही में अनिल सिंह के दफ्तर पर भी इनकम टैक्स का छापा पड़ा है। सोनू सूद और अनिल सिंह कारोबार में पार्टनर बताए जा रहे हैं। आयकर विभाग की टीम उन सभी संस्थाओं की जांच कर रही है, जो सोनू सूद से जुड़े हुए हैं। सोनू सूद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं हालांकि उन्होंने आयकर विभाग के इस सर्वे को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग उनके सपोर्ट में खड़े हैं। साल दो हज़ार बीस में शुरू हुई इस खतरनाक महामारी से लगे लॉकडाउन के बीच सोनू सूद ने कई प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाते हुए नेक कार्यों की शुरुआत की थी। बस उस वक्त से लेकर आज भी मदद का सिलसिला लगातार जारी है। सोशल मीडिया पर लोग सोनू सूद से मदद मांगते हैं और अभिनेता उन्हें फौरन मदद पहुंचाते हैं। फिर चाहे वो कोविड से जुड़ी हो या कोई अन्य समस्या हो। सोनू सूद एक बार हां कर देते हैं तो सहायता लोगों तक पहुंच ही जाती है।
भारत का पड़ोसी देश चीन इस समय नई समस्या से जूझ रहा है, क्योंकि यहां पिछले साल सबसे कम शादियां हुई हैं. चीन में साल 2021 में मात्र लगभग 76 लाख लोगों ने ही शादी की. भारत का पड़ोसी देश चीन इस समय नई समस्या से जूझ रहा है, क्योंकि यहां पिछले साल सबसे कम शादियां हुई हैं. चीन में साल 2021 में मात्र लगभग 76 लाख लोगों ने ही शादी की, जो पिछले तीन दशक में सबसे कम है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विवाह दर में गिरावट का आर्थिक विकास पर भी असर पड़ेगा. आंकड़े बताते हैं कि शादी करने की दर तेजी से कम होती जा रही है. इससे पता चलता है कि साल 2020 के मुकाबले शादी करने वाले लोगों की संख्या 6.1 प्रतिशत कम रही. रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से जारी इस ट्रेंड के पीछे का कारण केवल कोरोना वायरस नहीं है. इसमें कहा गया है कि लोगों को सरकार के उन वादों पर भी विश्वास नहीं है, जिनमें वह बच्चे पालने वाले कपल्स पर से बोझ कम करने की बात कहती है. रिपोर्ट से पता चला है कि चीनी लोगों की बढ़ती संख्या शादी करने में देरी की वजह बन रही है. 2021 में शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले लगभग आधे जोड़े 30 या उससे अधिक उम्र के थे, जबकि 20 प्रतिशत लोग 40 से ज्यादा उम्र के थे. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट बताती है कि 2021 की जनगणना के अनुसार बीजिंग की जनसंख्या लगभग 21 मिलियन है. रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले साल के अंत तक बीजिंग में 60 या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या 4.4 मिलियन से अधिक थी. इसके अलावा 65 या उससे अधिक उम्र की जनसंख्या लगभग 3.12 मिलियन थी. सिन्हुआ की रिपोर्ट में कहा गया है, 'यह 2021 को पिछले पांच सालों में 65 या उससे अधिक उम्र की आबादी में सबसे बड़ी वृद्धि को दर्शाता है. रिपोर्ट में कहा गया है, 'अगर 15 से 59 साल की रजिस्टर्ड आबादी को 60 और उससे अधिक उम्र की रजिस्टर्ड आबादी का समर्थन करना है, तो इसका मतलब है कि बीजिंग में एक बुजुर्ग व्यक्ति को औसतन 2.1 रजिस्टर्ड श्रमिकों का समर्थन प्राप्त है.' बता दें कि एक क्षेत्र एक मध्यम उम्र बढ़ने वाले समाज में तब प्रवेश करता है जब 60 या उससे अधिक उम्र की आबादी का अनुपात 20 से 30% के बीच होता है या 65 या उससे अधिक उम्र की आबादी का अनुपात 14 से 20% के बीच होता है.
भारत का पड़ोसी देश चीन इस समय नई समस्या से जूझ रहा है, क्योंकि यहां पिछले साल सबसे कम शादियां हुई हैं. चीन में साल दो हज़ार इक्कीस में मात्र लगभग छिहत्तर लाख लोगों ने ही शादी की. भारत का पड़ोसी देश चीन इस समय नई समस्या से जूझ रहा है, क्योंकि यहां पिछले साल सबसे कम शादियां हुई हैं. चीन में साल दो हज़ार इक्कीस में मात्र लगभग छिहत्तर लाख लोगों ने ही शादी की, जो पिछले तीन दशक में सबसे कम है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विवाह दर में गिरावट का आर्थिक विकास पर भी असर पड़ेगा. आंकड़े बताते हैं कि शादी करने की दर तेजी से कम होती जा रही है. इससे पता चलता है कि साल दो हज़ार बीस के मुकाबले शादी करने वाले लोगों की संख्या छः.एक प्रतिशत कम रही. रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से जारी इस ट्रेंड के पीछे का कारण केवल कोरोना वायरस नहीं है. इसमें कहा गया है कि लोगों को सरकार के उन वादों पर भी विश्वास नहीं है, जिनमें वह बच्चे पालने वाले कपल्स पर से बोझ कम करने की बात कहती है. रिपोर्ट से पता चला है कि चीनी लोगों की बढ़ती संख्या शादी करने में देरी की वजह बन रही है. दो हज़ार इक्कीस में शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले लगभग आधे जोड़े तीस या उससे अधिक उम्र के थे, जबकि बीस प्रतिशत लोग चालीस से ज्यादा उम्र के थे. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट बताती है कि दो हज़ार इक्कीस की जनगणना के अनुसार बीजिंग की जनसंख्या लगभग इक्कीस मिलियन है. रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले साल के अंत तक बीजिंग में साठ या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या चार.चार मिलियन से अधिक थी. इसके अलावा पैंसठ या उससे अधिक उम्र की जनसंख्या लगभग तीन.बारह मिलियन थी. सिन्हुआ की रिपोर्ट में कहा गया है, 'यह दो हज़ार इक्कीस को पिछले पांच सालों में पैंसठ या उससे अधिक उम्र की आबादी में सबसे बड़ी वृद्धि को दर्शाता है. रिपोर्ट में कहा गया है, 'अगर पंद्रह से उनसठ साल की रजिस्टर्ड आबादी को साठ और उससे अधिक उम्र की रजिस्टर्ड आबादी का समर्थन करना है, तो इसका मतलब है कि बीजिंग में एक बुजुर्ग व्यक्ति को औसतन दो.एक रजिस्टर्ड श्रमिकों का समर्थन प्राप्त है.' बता दें कि एक क्षेत्र एक मध्यम उम्र बढ़ने वाले समाज में तब प्रवेश करता है जब साठ या उससे अधिक उम्र की आबादी का अनुपात बीस से तीस% के बीच होता है या पैंसठ या उससे अधिक उम्र की आबादी का अनुपात चौदह से बीस% के बीच होता है.
AIMIM लगातार उत्तर प्रदेश में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रही है। AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी के प्रचार की कमान अपने हाथों में ले रखी है। शनिवार को ओवैसी ने प्रयागराज में प्रचार किया था, आज ओवैसी कानपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। AIMIM को उम्मीद है कि प्रयागराज की तरह बहुत बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता उनकी इस रैली में पहुंचेंगा। कानपुर में असदुद्दीन ओवैसी की रैली अकील कंपाउंड जाजमऊ में हो रही है। ओवैसी दोपहर एक बजे के बाद इस रैली को संबोधित करेंगे।
AIMIM लगातार उत्तर प्रदेश में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रही है। AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी के प्रचार की कमान अपने हाथों में ले रखी है। शनिवार को ओवैसी ने प्रयागराज में प्रचार किया था, आज ओवैसी कानपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। AIMIM को उम्मीद है कि प्रयागराज की तरह बहुत बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता उनकी इस रैली में पहुंचेंगा। कानपुर में असदुद्दीन ओवैसी की रैली अकील कंपाउंड जाजमऊ में हो रही है। ओवैसी दोपहर एक बजे के बाद इस रैली को संबोधित करेंगे।
चंडीगढ़ - कांग्रेस के हरियाणा में दस साल के शासन के दौरान बलात्कार, महिला उत्पीड़न, स्त्री भ्रूण हत्या और ऑनर किलिंग की घटनाओं के उदाहरण पेश करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा के मीडिया प्रमुख राजीव जैन ने बुधवार को बीते कुछ दिनों में प्रदेश में सामने आए गैंगरेप के मामलों को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को महिला उत्पीड़न, गैंगरेप मामलों पर बोलने का अधिकार नहीं है। अपने बयान में श्री जैन ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शासन काल में 2012 से 2014 के बीच बलात्कार की 37 और ऑनर किलिंग की सात घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने श्री हुड्डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर और विधायक रणदीप सुरजेवाला द्वारा प्रदेश में कानून व्यवस्था पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कांग्रेस अपने दस साल के शासन के दौरान लिंगानुपात और महिला उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावी कदम उठाती तो वर्तमान में समाज में ऐसे विकृत मानसिकता के लोग नहीं पनप पाते। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं को चाहिए कि संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने की बजाय सकारात्मक सहयोग देकर समाज को बेहतर दिशा में आगे बढ़ाने की बात करें, ताकि प्रदेश में स्वस्थ विचार एवं समाज की स्थापना की जा सके। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि श्री हुड्डा के दूसरे कार्यकाल के तीन साल में अकेले करनाल में 3832 बच्चियां कोख में भी मार दी गई थीं, महिला सूचकांक में देश के निचले राज्यों में हरियाणा शामिल था। चंडीगढ़ - हरियाणा में पिछले दिनों बलात्कार और हत्याकांड की घटनाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को राज्यपाल को ज्ञापन देकर प्रदेश सरकार भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करने का अनुरोध किया। श्री हुड्डा के यहां जारी बयान के अनुसार उनके साथ सांसद सुष्मिता देव, पार्टी के विधायक और महिला कांग्रेस की प्रतिनिधि मौजूद थीं। राज्यपाल को दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति भयावह है और इस कारण न केवल आमजन अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता पर भी उल्टा असर पड़ा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में आज न शिक्षण संस्थान सुरक्षित हैं, न घर सुरक्षित हैं और न बैंक व अस्पताल सुरक्षित हैं, न मंदिर और न ही जेल। अपराधियों में सरकार और कानून का डर बिलकुल नहीं रह गया और सरकार की उदासीनता व दिशाहीनता ने पुलिस प्रशासन को पगुं बना दिया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले सप्ताह में जींद, पानीपत, पिंजौर तथा फरीदाबाद में बलात्कार के बाद निर्मम हत्याओं की घटनाओं ने प्रदेश को हिला दिया है। आरोप लगाया गया है कि जनता का सरकार व पुलिस पर सही व निष्पक्ष जांच होने का विश्वास खत्म हो गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मंगलवार को श्री हुड्डा और उनके सहयोगी दरिंदगी का शिकार हुई झांसा गांव की बच्ची के परिजनों से मिलने गए तो वहां लोगों ने साफ कहा कि घटना की जांच सीबीआई से होनी चाहिए, क्योंकि पुलिस भरोसे लायक नहीं है।
चंडीगढ़ - कांग्रेस के हरियाणा में दस साल के शासन के दौरान बलात्कार, महिला उत्पीड़न, स्त्री भ्रूण हत्या और ऑनर किलिंग की घटनाओं के उदाहरण पेश करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा के मीडिया प्रमुख राजीव जैन ने बुधवार को बीते कुछ दिनों में प्रदेश में सामने आए गैंगरेप के मामलों को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को महिला उत्पीड़न, गैंगरेप मामलों पर बोलने का अधिकार नहीं है। अपने बयान में श्री जैन ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शासन काल में दो हज़ार बारह से दो हज़ार चौदह के बीच बलात्कार की सैंतीस और ऑनर किलिंग की सात घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने श्री हुड्डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर और विधायक रणदीप सुरजेवाला द्वारा प्रदेश में कानून व्यवस्था पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कांग्रेस अपने दस साल के शासन के दौरान लिंगानुपात और महिला उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावी कदम उठाती तो वर्तमान में समाज में ऐसे विकृत मानसिकता के लोग नहीं पनप पाते। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं को चाहिए कि संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने की बजाय सकारात्मक सहयोग देकर समाज को बेहतर दिशा में आगे बढ़ाने की बात करें, ताकि प्रदेश में स्वस्थ विचार एवं समाज की स्थापना की जा सके। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि श्री हुड्डा के दूसरे कार्यकाल के तीन साल में अकेले करनाल में तीन हज़ार आठ सौ बत्तीस बच्चियां कोख में भी मार दी गई थीं, महिला सूचकांक में देश के निचले राज्यों में हरियाणा शामिल था। चंडीगढ़ - हरियाणा में पिछले दिनों बलात्कार और हत्याकांड की घटनाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को राज्यपाल को ज्ञापन देकर प्रदेश सरकार भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करने का अनुरोध किया। श्री हुड्डा के यहां जारी बयान के अनुसार उनके साथ सांसद सुष्मिता देव, पार्टी के विधायक और महिला कांग्रेस की प्रतिनिधि मौजूद थीं। राज्यपाल को दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति भयावह है और इस कारण न केवल आमजन अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता पर भी उल्टा असर पड़ा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में आज न शिक्षण संस्थान सुरक्षित हैं, न घर सुरक्षित हैं और न बैंक व अस्पताल सुरक्षित हैं, न मंदिर और न ही जेल। अपराधियों में सरकार और कानून का डर बिलकुल नहीं रह गया और सरकार की उदासीनता व दिशाहीनता ने पुलिस प्रशासन को पगुं बना दिया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले सप्ताह में जींद, पानीपत, पिंजौर तथा फरीदाबाद में बलात्कार के बाद निर्मम हत्याओं की घटनाओं ने प्रदेश को हिला दिया है। आरोप लगाया गया है कि जनता का सरकार व पुलिस पर सही व निष्पक्ष जांच होने का विश्वास खत्म हो गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मंगलवार को श्री हुड्डा और उनके सहयोगी दरिंदगी का शिकार हुई झांसा गांव की बच्ची के परिजनों से मिलने गए तो वहां लोगों ने साफ कहा कि घटना की जांच सीबीआई से होनी चाहिए, क्योंकि पुलिस भरोसे लायक नहीं है।
रोडवेज ऋषिकेश डिपो किसी न किसी मामले सुर्खियों में रहता है। ऋषिकेश से रुपैडिया जाने वाली बस में दुधमुंहे बच्चे संग सवार हुई महिला की सीट पर सामान रखवा दिया गया। मजबूरन महिला को बच्चे के साथ 11 घंटे का सफर खड़े-खड़े करना पड़ा। कार्रवाई की बात हुई तो परिचालक रोडवेज कर्मचारियों का नेता निकला। कार्रवाई करने में रोडवेज प्रशासन को 10 दिन लग गए।14 मार्च को दोपहर 1:30 बजे ऋषिकेश डिपो की बस संख्या रुपैडिया के लिए रवाना हुई थी। जानकारी के अनुसार 52 सीटर बस में करीब 70 से अधिक सवारी बैठा रखे थे। नजीबाबाद में बस के परिचालक ने एक महिला को सीट से खड़ा करवा दिया।उसकी सीट पर सामान रखवा दिया गया। महिला की गोद में बच्चा भी था। नजीबाबाद से रुपैडिया तक का 11 घंटे का सफर महिला ने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर खड़े- खड़े किया। इस दौरान बस में सवार एक नेपाली युवक ने महिला की वीडियो बनाकर एजीएम रोडवेज ऋषिकेश, आरएम संचालन देहरादून को भेज दिया।50 सीटर बस में बैठाए 70 लोगरोडवेज मुख्यालय से एजीएम ऋषिकेश को कार्रवाई के आदेश दिए गए। लेकिन कार्रवाई होने में 10 दिन लग गए। बताया जा रहा है कि बस का परिचालक रोडवेज कर्मचारी नेता है। इसलिए कार्रवाई होने में देरी हो गई।वहीं 10 दिन बाद संबंधित चालक परिचालक पर कार्रवाई होने के बाद रोडवेज कर्मचारियों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।कार्रवाई होने में देरी को लेकर कोई परिचालक के रोडवेज कर्मचारी यूनियन का नेता बता रहा है तो, कोई इसे रोडवेज चालक परिचालकों की मनमानी। ऋषिकेश से रुपैडिया मार्ग पर दोपहर 1:30 बजे एक बस संचालित होती है। 50 सीटर बस में 70 सवारी बैठाए जाते हैं। रुपैडिया रुट पर जाने वाली सवारियों में अधिकांश नेपाल मूल के लोग होते हैं। इनके साथ इनका घरेलू सामान भी होता है।कुछ सामान को छत में रखवा दिया जाता है, बाकी सामान को सीटों और सीटों के नीचे ठोक दिया जाता है। सवारियों को भी ठूस-ठूस कर भरा जाता है। एजीएम ऋषिकेश डिपो पीके भारती का कहना है इस मामले में रोडवेज मुख्यालय की ओर से शाम को मेल आई थी सुबह कार्रवाई कर दी गई। होली के कारण कार्रवाई में देरी हो गई।
रोडवेज ऋषिकेश डिपो किसी न किसी मामले सुर्खियों में रहता है। ऋषिकेश से रुपैडिया जाने वाली बस में दुधमुंहे बच्चे संग सवार हुई महिला की सीट पर सामान रखवा दिया गया। मजबूरन महिला को बच्चे के साथ ग्यारह घंटाटे का सफर खड़े-खड़े करना पड़ा। कार्रवाई की बात हुई तो परिचालक रोडवेज कर्मचारियों का नेता निकला। कार्रवाई करने में रोडवेज प्रशासन को दस दिन लग गए।चौदह मार्च को दोपहर एक:तीस बजे ऋषिकेश डिपो की बस संख्या रुपैडिया के लिए रवाना हुई थी। जानकारी के अनुसार बावन सीटर बस में करीब सत्तर से अधिक सवारी बैठा रखे थे। नजीबाबाद में बस के परिचालक ने एक महिला को सीट से खड़ा करवा दिया।उसकी सीट पर सामान रखवा दिया गया। महिला की गोद में बच्चा भी था। नजीबाबाद से रुपैडिया तक का ग्यारह घंटाटे का सफर महिला ने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर खड़े- खड़े किया। इस दौरान बस में सवार एक नेपाली युवक ने महिला की वीडियो बनाकर एजीएम रोडवेज ऋषिकेश, आरएम संचालन देहरादून को भेज दिया।पचास सीटर बस में बैठाए सत्तर लोगरोडवेज मुख्यालय से एजीएम ऋषिकेश को कार्रवाई के आदेश दिए गए। लेकिन कार्रवाई होने में दस दिन लग गए। बताया जा रहा है कि बस का परिचालक रोडवेज कर्मचारी नेता है। इसलिए कार्रवाई होने में देरी हो गई।वहीं दस दिन बाद संबंधित चालक परिचालक पर कार्रवाई होने के बाद रोडवेज कर्मचारियों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।कार्रवाई होने में देरी को लेकर कोई परिचालक के रोडवेज कर्मचारी यूनियन का नेता बता रहा है तो, कोई इसे रोडवेज चालक परिचालकों की मनमानी। ऋषिकेश से रुपैडिया मार्ग पर दोपहर एक:तीस बजे एक बस संचालित होती है। पचास सीटर बस में सत्तर सवारी बैठाए जाते हैं। रुपैडिया रुट पर जाने वाली सवारियों में अधिकांश नेपाल मूल के लोग होते हैं। इनके साथ इनका घरेलू सामान भी होता है।कुछ सामान को छत में रखवा दिया जाता है, बाकी सामान को सीटों और सीटों के नीचे ठोक दिया जाता है। सवारियों को भी ठूस-ठूस कर भरा जाता है। एजीएम ऋषिकेश डिपो पीके भारती का कहना है इस मामले में रोडवेज मुख्यालय की ओर से शाम को मेल आई थी सुबह कार्रवाई कर दी गई। होली के कारण कार्रवाई में देरी हो गई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नागरिक संशोधन कानून (CAA) को लेकर एक बार फिर से हिंसा भड़क चुकी है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में CAA को लेकर पिछले दो दिनों से पत्थरबाजी और आगजनी का माहौल देखने को मिल रहा है। नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नागरिक संशोधन कानून (CAA) को लेकर एक बार फिर से हिंसा भड़क चुकी है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में CAA को लेकर पिछले दो दिनों से पत्थरबाजी और आगजनी का माहौल देखने को मिल रहा है। उत्तर पूर्वी दिल्ली नफरत की आग में झुलस रही है। दिल्ली हिंसा में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्सटेबल रतन लाल का नाम भी शामिल है। जबकि कई 190 से ज्यादा लोग घायल हैं। अब दिल्ली में हो रहे हिंसा पर काबू पाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय एक्शन में आ गया है। स्थिति पर नियंत्रण पाने और उपद्रवियों को काबू करने के लिए अब दिल्ली में और अधिक सुरक्षा बढ़ाए जाने की तैयारी है। दिल्ली में अब 800 अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी। बता दें कि मंगलवार तक दिल्ली में 37 अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात थी, लेकिन इनकी संख्या को बढ़ाकर 45 कर दिया गया है। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हालात पर काबू पाने के लिए सेना की मांग की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस से राजधानी की शांति व्यवस्था नहीं संभाली जा रही है, अब यहां सेना की जरुरत है। लेकिन गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अभी सेना की जरुरत नहीं है। वहीं दिल्ली के भजनपुरा इलाके में हिंसा के बाद अब सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है। यहां पर बीएसएफ (BSF) द्वारा मार्च किया जा रहा है। बता दें कि भजनपुरा इलाके में उपद्रवियों ने एक पेट्रोल पंप को आग के हवाले कर दिया था और साथ ही गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई थी। अर्धसैनिक बलों के जवान पुलिस के साथ मिलकर कई इलाकों में मार्च कर रहे हैं। बता दें कि हिंसा के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor- NSA) अजित डोभाल भी एक्शन में आ गए हैं। रात दिल्ली तनाव के बीच अजित डोभाल पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक के साथ मंगलवार देर हालात का जायजा लेने हिंसाग्रस्त इलाकों में पहुंचे। उन्होंने गाड़ी में बैठकर सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, यमुना विहार जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर, संयुक्त सीपी, डीसीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर किये जा रहे बवाल को देखते हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली में 4 जगहों पर कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पुलिस को उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने (शूट एट साइट) का आदेश जारी किया गया है। बता दें कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर हो रही हिंसा ने उग्र शक्ल अख्तियार कर ली है। सोमवार से अब तक तोड़फोड़ और आगजनी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नागरिक संशोधन कानून को लेकर एक बार फिर से हिंसा भड़क चुकी है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में CAA को लेकर पिछले दो दिनों से पत्थरबाजी और आगजनी का माहौल देखने को मिल रहा है। नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नागरिक संशोधन कानून को लेकर एक बार फिर से हिंसा भड़क चुकी है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में CAA को लेकर पिछले दो दिनों से पत्थरबाजी और आगजनी का माहौल देखने को मिल रहा है। उत्तर पूर्वी दिल्ली नफरत की आग में झुलस रही है। दिल्ली हिंसा में अब तक बीस लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्सटेबल रतन लाल का नाम भी शामिल है। जबकि कई एक सौ नब्बे से ज्यादा लोग घायल हैं। अब दिल्ली में हो रहे हिंसा पर काबू पाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय एक्शन में आ गया है। स्थिति पर नियंत्रण पाने और उपद्रवियों को काबू करने के लिए अब दिल्ली में और अधिक सुरक्षा बढ़ाए जाने की तैयारी है। दिल्ली में अब आठ सौ अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी। बता दें कि मंगलवार तक दिल्ली में सैंतीस अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात थी, लेकिन इनकी संख्या को बढ़ाकर पैंतालीस कर दिया गया है। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हालात पर काबू पाने के लिए सेना की मांग की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस से राजधानी की शांति व्यवस्था नहीं संभाली जा रही है, अब यहां सेना की जरुरत है। लेकिन गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अभी सेना की जरुरत नहीं है। वहीं दिल्ली के भजनपुरा इलाके में हिंसा के बाद अब सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है। यहां पर बीएसएफ द्वारा मार्च किया जा रहा है। बता दें कि भजनपुरा इलाके में उपद्रवियों ने एक पेट्रोल पंप को आग के हवाले कर दिया था और साथ ही गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई थी। अर्धसैनिक बलों के जवान पुलिस के साथ मिलकर कई इलाकों में मार्च कर रहे हैं। बता दें कि हिंसा के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी एक्शन में आ गए हैं। रात दिल्ली तनाव के बीच अजित डोभाल पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक के साथ मंगलवार देर हालात का जायजा लेने हिंसाग्रस्त इलाकों में पहुंचे। उन्होंने गाड़ी में बैठकर सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, यमुना विहार जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर, संयुक्त सीपी, डीसीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर किये जा रहे बवाल को देखते हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली में चार जगहों पर कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में पुलिस को उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया गया है। बता दें कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर हो रही हिंसा ने उग्र शक्ल अख्तियार कर ली है। सोमवार से अब तक तोड़फोड़ और आगजनी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
देश में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर रेगुलेटरी स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बावजूद क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की संख्या बढ़ी है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का कहना है कि महामारी के बाद भारतीय स्टॉक मार्केट और Bitcoin के रिटर्न के बीच जुड़ाव कई गुना बढ़ा है। यह एक बड़ा संकेत है कि क्रिप्टोकरेंसीज में रिस्क को कम करने की संभावना कम होती है। में कहा, "हमने पाया है कि क्रिप्टो और इक्विटी मार्केट में जुड़ाव भारत, वियतनाम और थाईलैंड में बढ़ा है। " यह पहली रिपोर्ट नहीं है जिसमें एशिया में क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्ट करने वालों की संख्या बढ़ने की जानकारी दी गई है। हाल ही में एक्सेंचर ने एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत, वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे एशियाई देशों में क्रिप्टो और अन्य डिजिटल एसेट्स में होल्डिंग्स पिछले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ी हैं। रिपोर्ट में बताया गया था कि 10 लाख डॉलर तक रखने वाले लोग अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइ करने के लिए क्रिप्टो में इनवेस्ट कर रहे हैं। के प्राइसेज घट गए हैं और इनवेस्टर्स को बड़ा नुकसान हुआ है। क्रिप्टो मार्केट में मंदी के कारण इस सेगमेंट की बहुत सी फर्में कॉस्ट घटाने के लिए अपनी वर्कफोर्स में कटौती कर रही हैं। बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक Coinbase ने अपनी वर्कफोर्स को 18 प्रतिशत घटाने का फैसला किया था। अमेरिका में हेडक्वार्टर रखने वाली इस फर्म का कहना है कि इंडस्ट्री के इस मुश्किल दौर में उसने कॉस्ट में कमी करने के लिए यह कदम उठाया है। इस फैसले से एक्सचेंज के 1,000 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी होने का अनुमान है। इससे पहले क्रिप्टो ट्रेडिंग और लेंडिंग प्लेटफॉर्म BlockFi ने लगभग 200 एंप्लॉयीज और क्रिप्टो एक्सचेंज Crypto. com ने लगभग 260 एंप्लॉयीज को हटाने की घोषणा की थी। इन दोनों फर्मों ने वर्कफोर्स घटाने के लिए समान कारण बताए हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने पिछले वर्ष नवंबर में 69,000 डॉलर का हाई छुआ था। इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई है।
देश में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर रेगुलेटरी स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बावजूद क्रिप्टो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की संख्या बढ़ी है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का कहना है कि महामारी के बाद भारतीय स्टॉक मार्केट और Bitcoin के रिटर्न के बीच जुड़ाव कई गुना बढ़ा है। यह एक बड़ा संकेत है कि क्रिप्टोकरेंसीज में रिस्क को कम करने की संभावना कम होती है। में कहा, "हमने पाया है कि क्रिप्टो और इक्विटी मार्केट में जुड़ाव भारत, वियतनाम और थाईलैंड में बढ़ा है। " यह पहली रिपोर्ट नहीं है जिसमें एशिया में क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्ट करने वालों की संख्या बढ़ने की जानकारी दी गई है। हाल ही में एक्सेंचर ने एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत, वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे एशियाई देशों में क्रिप्टो और अन्य डिजिटल एसेट्स में होल्डिंग्स पिछले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ी हैं। रिपोर्ट में बताया गया था कि दस लाख डॉलर तक रखने वाले लोग अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइ करने के लिए क्रिप्टो में इनवेस्ट कर रहे हैं। के प्राइसेज घट गए हैं और इनवेस्टर्स को बड़ा नुकसान हुआ है। क्रिप्टो मार्केट में मंदी के कारण इस सेगमेंट की बहुत सी फर्में कॉस्ट घटाने के लिए अपनी वर्कफोर्स में कटौती कर रही हैं। बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक Coinbase ने अपनी वर्कफोर्स को अट्ठारह प्रतिशत घटाने का फैसला किया था। अमेरिका में हेडक्वार्टर रखने वाली इस फर्म का कहना है कि इंडस्ट्री के इस मुश्किल दौर में उसने कॉस्ट में कमी करने के लिए यह कदम उठाया है। इस फैसले से एक्सचेंज के एक,शून्य से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी होने का अनुमान है। इससे पहले क्रिप्टो ट्रेडिंग और लेंडिंग प्लेटफॉर्म BlockFi ने लगभग दो सौ एंप्लॉयीज और क्रिप्टो एक्सचेंज Crypto. com ने लगभग दो सौ साठ एंप्लॉयीज को हटाने की घोषणा की थी। इन दोनों फर्मों ने वर्कफोर्स घटाने के लिए समान कारण बताए हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने पिछले वर्ष नवंबर में उनहत्तर,शून्य डॉलर का हाई छुआ था। इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई है।
कंडाघाट - राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंडाघाट में सोमवार को तहसील कल्याण विभाग के सौजन्य से उपमंडल स्तरीय अंतरराष्ट्रीय ड्रग दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी कंडाघाट देशराज गुलेरिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि तहसील कल्याण अधिकारी कंडाघाट दीपक रायक व स्कूल की प्रधानाचार्या सुखप्रीत कौर विशेष रूप से उपस्थित थे। अंतरराष्ट्रीय ड्रग दिवस के अवसर पर थाना प्रभारी देशराज गुलेरिया ने स्कूली छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। साथ ही बच्चों को नशे के सेवन से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान थाना प्रभारी कंडाघाट ने स्कूली छात्राओं को गुडि़या हेल्पलाइन नंबर भी दिया। इसके बाद तहसील कल्याण अधिकारी कंडाघाट दीपक रायक व स्कूल की प्रधानाचार्या सुखप्रीत कौर ने भी बच्चों को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। इसके बाद स्कूली बच्चों द्वारा नशे से दूर रहने को लेकर एक रैली स्थानीय बाजार में निकाली। रैली में बच्चों ने स्थानीय दुकानदारों को नशे के बारे में जागरूक किया गया। स्कूल की प्रधानाचार्या सुखप्रीत कौर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग दिवस के अवसर पर स्कूल के बच्चों में चित्रकला प्रतियोगिता तथा स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इन दोनों प्रतियोगिताओं में जमा एक व जमा दो की छात्राओं ने भाग लिया। स्लोगन प्रतियोगिता में पहले स्थान पर मिताली ठाकुर जमा दो की जबकि दूसरे स्थान पर स्मृद्धि जमा दो की तथा तीसरे स्थान पर जमा दो की मिनाक्षी व जमा एक की मेधा ने प्राप्त किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में पहले स्थान पर जमा एक की दिवानी मिश्रा ने जबकि दूसरे स्थान पर सिमरन जमा दो ने जबकि तीसरा स्थान प्रिया चौहान जमा एक व अमिश्रा जमा दो ने प्राप्त किया। स्कूल में आयोजित दोनों प्रतियोगिता में पहले दूसरे व तीसरे स्थान पर रहने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यापक व आनंद ठाकुर सहित व्यापार मंडल कंडाघाट के अध्यक्ष रोहित सूद, सीरीनगर पंचायत के उपप्रधान रोहित सूद भी मौजूद रहे।
कंडाघाट - राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंडाघाट में सोमवार को तहसील कल्याण विभाग के सौजन्य से उपमंडल स्तरीय अंतरराष्ट्रीय ड्रग दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी कंडाघाट देशराज गुलेरिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि तहसील कल्याण अधिकारी कंडाघाट दीपक रायक व स्कूल की प्रधानाचार्या सुखप्रीत कौर विशेष रूप से उपस्थित थे। अंतरराष्ट्रीय ड्रग दिवस के अवसर पर थाना प्रभारी देशराज गुलेरिया ने स्कूली छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। साथ ही बच्चों को नशे के सेवन से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान थाना प्रभारी कंडाघाट ने स्कूली छात्राओं को गुडि़या हेल्पलाइन नंबर भी दिया। इसके बाद तहसील कल्याण अधिकारी कंडाघाट दीपक रायक व स्कूल की प्रधानाचार्या सुखप्रीत कौर ने भी बच्चों को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। इसके बाद स्कूली बच्चों द्वारा नशे से दूर रहने को लेकर एक रैली स्थानीय बाजार में निकाली। रैली में बच्चों ने स्थानीय दुकानदारों को नशे के बारे में जागरूक किया गया। स्कूल की प्रधानाचार्या सुखप्रीत कौर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग दिवस के अवसर पर स्कूल के बच्चों में चित्रकला प्रतियोगिता तथा स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इन दोनों प्रतियोगिताओं में जमा एक व जमा दो की छात्राओं ने भाग लिया। स्लोगन प्रतियोगिता में पहले स्थान पर मिताली ठाकुर जमा दो की जबकि दूसरे स्थान पर स्मृद्धि जमा दो की तथा तीसरे स्थान पर जमा दो की मिनाक्षी व जमा एक की मेधा ने प्राप्त किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में पहले स्थान पर जमा एक की दिवानी मिश्रा ने जबकि दूसरे स्थान पर सिमरन जमा दो ने जबकि तीसरा स्थान प्रिया चौहान जमा एक व अमिश्रा जमा दो ने प्राप्त किया। स्कूल में आयोजित दोनों प्रतियोगिता में पहले दूसरे व तीसरे स्थान पर रहने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यापक व आनंद ठाकुर सहित व्यापार मंडल कंडाघाट के अध्यक्ष रोहित सूद, सीरीनगर पंचायत के उपप्रधान रोहित सूद भी मौजूद रहे।
बॉलीवुड डेस्क, मुंबई. बॉर्डर और एलओसी जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन कर चुके निर्देशक जेपी दत्ता की फिल्म पलटन के ट्रेलर ने रिलीज के साथ ही धमाल मचा दिया. इंडो-चाइना वॉर पर बनी ये फिल्म सुर्खियों में तब आई जब अभिषेक बच्चन ने शूटिंग के दौरान फिल्म करने से इंकार कर दिया. अभिषेक ने फिल्म छोड़ने की कोई वजह नहीं बताई आज भी जेपी दत्ता इस बात को समझ नहीं पाए हैं कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसके चलते अभिषेक ने ये फिल्म छोड़ दी. हाल ही में पलटन के ट्रेलर रिलीज के दौरान जब मीडिया ने उनसे ये सवाल किया कि क्या उन्हें पता चला कि अभिषेक ने पलटन क्यों छोड़ी तो इस पर उन्होंने कहा कि,प्लीज टॉक टू बच्चन्स, मुझे नहीं पता क्या हो रहा है. क्या गलती हो गई है. 'रिपोर्ट्स की मानें को अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन ने अभिषेक को इस फिल्म में काम करने से मना किया था. उनके हिसाब से अभिषेक के करियर के लिए ये फिल्म अच्छी नहीं थी, क्योंकि इस फिल्म में उनका किरदार दमदार नहीं था. आपको बता दें जेपी दत्ता की फिल्म रफ्यूजी से अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत की थी और जेपी दत्ता चाहते थे कि पलटन में अभिषेक उसका हिस्सा बनें और उन्होंने फिल्म की शूटिंग बीच से ही छोड़ दी. अभिषेक बच्चन की जगह इस फिल्म मेंं हर्षवर्धन राणे ले लिया गया . जेपी दत्ता की ये फिल्म भारत चीन युद्ध पर तैयार की गई है जिसमें जैकी श्रॉफ, अर्जुन रामपाल, लव सिन्हा, सिद्धांत कपूर, गुरुमीत चौधरी, हर्षवर्धन राणे और साथ में सोनू सूद मेजर बिशन सिंह जैसे किरदार नजर आएंगे. ये फिल्म 7 सितंबर को रिलीज होगी.
बॉलीवुड डेस्क, मुंबई. बॉर्डर और एलओसी जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन कर चुके निर्देशक जेपी दत्ता की फिल्म पलटन के ट्रेलर ने रिलीज के साथ ही धमाल मचा दिया. इंडो-चाइना वॉर पर बनी ये फिल्म सुर्खियों में तब आई जब अभिषेक बच्चन ने शूटिंग के दौरान फिल्म करने से इंकार कर दिया. अभिषेक ने फिल्म छोड़ने की कोई वजह नहीं बताई आज भी जेपी दत्ता इस बात को समझ नहीं पाए हैं कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसके चलते अभिषेक ने ये फिल्म छोड़ दी. हाल ही में पलटन के ट्रेलर रिलीज के दौरान जब मीडिया ने उनसे ये सवाल किया कि क्या उन्हें पता चला कि अभिषेक ने पलटन क्यों छोड़ी तो इस पर उन्होंने कहा कि,प्लीज टॉक टू बच्चन्स, मुझे नहीं पता क्या हो रहा है. क्या गलती हो गई है. 'रिपोर्ट्स की मानें को अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन ने अभिषेक को इस फिल्म में काम करने से मना किया था. उनके हिसाब से अभिषेक के करियर के लिए ये फिल्म अच्छी नहीं थी, क्योंकि इस फिल्म में उनका किरदार दमदार नहीं था. आपको बता दें जेपी दत्ता की फिल्म रफ्यूजी से अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत की थी और जेपी दत्ता चाहते थे कि पलटन में अभिषेक उसका हिस्सा बनें और उन्होंने फिल्म की शूटिंग बीच से ही छोड़ दी. अभिषेक बच्चन की जगह इस फिल्म मेंं हर्षवर्धन राणे ले लिया गया . जेपी दत्ता की ये फिल्म भारत चीन युद्ध पर तैयार की गई है जिसमें जैकी श्रॉफ, अर्जुन रामपाल, लव सिन्हा, सिद्धांत कपूर, गुरुमीत चौधरी, हर्षवर्धन राणे और साथ में सोनू सूद मेजर बिशन सिंह जैसे किरदार नजर आएंगे. ये फिल्म सात सितंबर को रिलीज होगी.
नयी दिल्ली, दो जुलाई केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 104 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी को लेकर जांच से घिरी गुजरात की एक कंपनी के मालिक से कथित रूप से 75 लाख रुपये रिश्वत मांगने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक उपनिदेशक और एक सहायक निदेशक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी उपनिदेशक पूर्ण काम सिंह और सहायक निदेशक भुवनेश कुमार तथा दो बिचौलियों को एक अन्य बिचौलिये से कुल रिश्वत राशि की पहली किस्त के तौर पर पांच लाख रुपये कथित रूप से लेने को लेकर गिरफ्तार कर लिया। सिंह और कुमार दोनों ही ईडी की अहमदाबाद शाखा में कार्यरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने अहमदाबाद में इन दोनों अधिकारियों के कार्यालयों एवं अन्य स्थानों की तलाशी ली। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार अरंडी तेल और स्टील पाइपों के उत्पादन में लगी कंपनी का मालिक 104 करोड़ रुपये की कथित बैंक ऋण ठगी के मामले में सीबीआई और ईडी जांच से घिरा है। अधिकारियों के अनुसार सिंह और कुमार ने व्यापारी और उसके बेटे को ईडी ने 22 अप्रैल और 25 मई को पूछताछ के लिए बुलाया था। पिता-पुत्र जब 18 जून को ईडी कार्यालय गए तब सिंह ने उनकी पिटाई की और उनकी सपंत्ति कुर्क करने की धमकी दी। अधिकारी ने व्यापारी एवं उसके बेटे को कूट भाषा में कथित रूप से रिश्वत की रकम पर चर्चा करने को कहा। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
नयी दिल्ली, दो जुलाई केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने एक सौ चार करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी को लेकर जांच से घिरी गुजरात की एक कंपनी के मालिक से कथित रूप से पचहत्तर लाख रुपये रिश्वत मांगने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय के एक उपनिदेशक और एक सहायक निदेशक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि दो हज़ार तेरह बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी उपनिदेशक पूर्ण काम सिंह और सहायक निदेशक भुवनेश कुमार तथा दो बिचौलियों को एक अन्य बिचौलिये से कुल रिश्वत राशि की पहली किस्त के तौर पर पांच लाख रुपये कथित रूप से लेने को लेकर गिरफ्तार कर लिया। सिंह और कुमार दोनों ही ईडी की अहमदाबाद शाखा में कार्यरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने अहमदाबाद में इन दोनों अधिकारियों के कार्यालयों एवं अन्य स्थानों की तलाशी ली। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार अरंडी तेल और स्टील पाइपों के उत्पादन में लगी कंपनी का मालिक एक सौ चार करोड़ रुपये की कथित बैंक ऋण ठगी के मामले में सीबीआई और ईडी जांच से घिरा है। अधिकारियों के अनुसार सिंह और कुमार ने व्यापारी और उसके बेटे को ईडी ने बाईस अप्रैल और पच्चीस मई को पूछताछ के लिए बुलाया था। पिता-पुत्र जब अट्ठारह जून को ईडी कार्यालय गए तब सिंह ने उनकी पिटाई की और उनकी सपंत्ति कुर्क करने की धमकी दी। अधिकारी ने व्यापारी एवं उसके बेटे को कूट भाषा में कथित रूप से रिश्वत की रकम पर चर्चा करने को कहा। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
दिवंगत पंडित रविशंकर द्वारा इस्तेमाल एक सितार ब्रिटेन में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र होगा। इस प्रदर्शनी का आयोजन 1968 में मर्हिष महेश योगी के आश्रम में वक्त गुजारने के लिये बीटल्स के भारत दौरे के 50 साल पूरे होने पर किया जा रहा है। ठुमरी गायिका गिरिजा देवी का 24 अक्टूबर, मंगलवार रात कोलकाता में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। गिरिजा देवी का पिछले कई दिनों से बीएम बिड़ला नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था। मशहूर शास्त्रीय संगीत गायिका किशोरी अमोनकर का 84 साल की उम्र में निधन हो गया । आज हम आपको एक ऐसे गायक और उनकी कला के बारे में बताने जा रहे हैं जो यकीनन आपने नहीं सुना होगा।
दिवंगत पंडित रविशंकर द्वारा इस्तेमाल एक सितार ब्रिटेन में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र होगा। इस प्रदर्शनी का आयोजन एक हज़ार नौ सौ अड़सठ में मर्हिष महेश योगी के आश्रम में वक्त गुजारने के लिये बीटल्स के भारत दौरे के पचास साल पूरे होने पर किया जा रहा है। ठुमरी गायिका गिरिजा देवी का चौबीस अक्टूबर, मंगलवार रात कोलकाता में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। गिरिजा देवी का पिछले कई दिनों से बीएम बिड़ला नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था। मशहूर शास्त्रीय संगीत गायिका किशोरी अमोनकर का चौरासी साल की उम्र में निधन हो गया । आज हम आपको एक ऐसे गायक और उनकी कला के बारे में बताने जा रहे हैं जो यकीनन आपने नहीं सुना होगा।
पूनम की रात आयी । अतुल बलि चढ़ने के लिए तैयार हो गया। सब कुछ वैसे ही हुआ जैसेकि उन मित्रों ने सोचा था । कबीले का सरदार जैसे ही बलि वाली तलवार को अतुल के गले के निकट लाता, विकर्षण के कारण वह तलवार पीछे हट जाती। इससे कबीले के सारे लोग अचंभें में पड़ गये। उन्हें विश्वास होने लगा कि देवी को नर-बलि मंजूर नहीं । तीन बार कोशिश की गयी और तीनों बार ऐसा ही हुआ। आखिर, सरदार ने बलि की तलवार को परे फेंक दिया और अतुल को बलि की वेदी से उतार कर उन दोनों मित्रों के पांवों पर गिरते हुए उनसे बोला, "तुम दोनों तो सचमुच महान हो। हमारी देवी के मन को हमसे ज़्यादा तो तुम जानते हो । अब तो तुमने हम सब को इसका सबूत भी दे दिया । हम नरबलि छोड़ देंगे और सभ्य नागरिक बनकर जीना चाहेंगे। किंतु हमारे सामने एक समस्या है । हमारे पास धन नहीं है । बिना धन के हम तुम लोगों के बीच जाकर कैसे रह सकते हैं? हमारा एक उपकार करो । यहां पास ही एक पहाड़ी गुफा है। उस गुफा में एक राक्षस रहता है। हमने कभी उसे देखा तो नहीं, लेकिन हमारे लोगों का कहना है कि उसके पास ढेर सारा सोना औ उतना ही धन है। उस गुफा में अगर कोई जाता भी है तो वह जिंदा नहीं लौटता। हमें अब विश्वास हो गया है कि तुम दोनों वहां जा सकते हो । इसलिए तुम वहां जाओ और वहां से धन-दौलत लाकर हमारी मदद करो । उन दोनों मित्रों ने सरदार को वचन दिया कि वे उसके कबीले के लिए धन-दौलत लेकर ही लौटेंगे। लेकिन उस गुफा में एक बार एक ही मित्र जाना चाहता था, ताकि दूसरा बाहर रहकर गुफा के भीतर जानेवाले मित्र की रक्षा कर सके। जब यह उन्हें संभव न दिखा तो उन्होंने एक साथ ही उस गुफा में प्रवेश करने का निश्चय किया । • कबीले का सरदार उन्हें पहाड़ी गुफा के पास छोड़ आया। गुफा में घुप अंधेरा था । दोनों मित्र धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहे । उन्हें अंधों की तरह अपना रास्ता टटोलना पड़ा। अचानक उनके सामने बिजली की चमक हुई और इसके साथ ही उनके
पूनम की रात आयी । अतुल बलि चढ़ने के लिए तैयार हो गया। सब कुछ वैसे ही हुआ जैसेकि उन मित्रों ने सोचा था । कबीले का सरदार जैसे ही बलि वाली तलवार को अतुल के गले के निकट लाता, विकर्षण के कारण वह तलवार पीछे हट जाती। इससे कबीले के सारे लोग अचंभें में पड़ गये। उन्हें विश्वास होने लगा कि देवी को नर-बलि मंजूर नहीं । तीन बार कोशिश की गयी और तीनों बार ऐसा ही हुआ। आखिर, सरदार ने बलि की तलवार को परे फेंक दिया और अतुल को बलि की वेदी से उतार कर उन दोनों मित्रों के पांवों पर गिरते हुए उनसे बोला, "तुम दोनों तो सचमुच महान हो। हमारी देवी के मन को हमसे ज़्यादा तो तुम जानते हो । अब तो तुमने हम सब को इसका सबूत भी दे दिया । हम नरबलि छोड़ देंगे और सभ्य नागरिक बनकर जीना चाहेंगे। किंतु हमारे सामने एक समस्या है । हमारे पास धन नहीं है । बिना धन के हम तुम लोगों के बीच जाकर कैसे रह सकते हैं? हमारा एक उपकार करो । यहां पास ही एक पहाड़ी गुफा है। उस गुफा में एक राक्षस रहता है। हमने कभी उसे देखा तो नहीं, लेकिन हमारे लोगों का कहना है कि उसके पास ढेर सारा सोना औ उतना ही धन है। उस गुफा में अगर कोई जाता भी है तो वह जिंदा नहीं लौटता। हमें अब विश्वास हो गया है कि तुम दोनों वहां जा सकते हो । इसलिए तुम वहां जाओ और वहां से धन-दौलत लाकर हमारी मदद करो । उन दोनों मित्रों ने सरदार को वचन दिया कि वे उसके कबीले के लिए धन-दौलत लेकर ही लौटेंगे। लेकिन उस गुफा में एक बार एक ही मित्र जाना चाहता था, ताकि दूसरा बाहर रहकर गुफा के भीतर जानेवाले मित्र की रक्षा कर सके। जब यह उन्हें संभव न दिखा तो उन्होंने एक साथ ही उस गुफा में प्रवेश करने का निश्चय किया । • कबीले का सरदार उन्हें पहाड़ी गुफा के पास छोड़ आया। गुफा में घुप अंधेरा था । दोनों मित्र धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहे । उन्हें अंधों की तरह अपना रास्ता टटोलना पड़ा। अचानक उनके सामने बिजली की चमक हुई और इसके साथ ही उनके
कोटा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर को किसान से दस हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने मैनेजर के साथ दलाल को भी गिरफ्तार किया है। मैनेजर ने यह रिश् वत एक किसान से के्रडिट कार्ड की राशि खाते में जमा कराने के मामले में ली थी। एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार गांव नलखाड़ी निवासी जुझारसिंह ने ब्यूरो को शिकायत दी थी कि किसान क्रेडिट कार्ड के 2. 95 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इसमें एक लाख रुपए उसके खाते में जमा करा दिए गए। शेष राशि के लिए ब्रांच मैनेजर श्यामकुमार शर्मा ने दलाल भैरूलाल के माध्यम से 15 हजार रुपए मांगे। इस पर बैंक शाखा में दस हजार रुपए लेते हुए ब्रांच मैनेजर व दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
कोटा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर को किसान से दस हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने मैनेजर के साथ दलाल को भी गिरफ्तार किया है। मैनेजर ने यह रिश् वत एक किसान से के्रडिट कार्ड की राशि खाते में जमा कराने के मामले में ली थी। एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार गांव नलखाड़ी निवासी जुझारसिंह ने ब्यूरो को शिकायत दी थी कि किसान क्रेडिट कार्ड के दो. पचानवे लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इसमें एक लाख रुपए उसके खाते में जमा करा दिए गए। शेष राशि के लिए ब्रांच मैनेजर श्यामकुमार शर्मा ने दलाल भैरूलाल के माध्यम से पंद्रह हजार रुपए मांगे। इस पर बैंक शाखा में दस हजार रुपए लेते हुए ब्रांच मैनेजर व दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
Javed Akhtar in Pakistan Video: बॉलीवुड के फेमस गीतकार और डायलॉग राइटर जावेद अख्तर इस समय सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. यूजर्स उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे और उनका एक ताजा वीडियो भी वायरल हो रहा है. जावेद अख्तर इन दिनों तीन दिवसीय फैज फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के लाहौर गए हैं. इस दौरान दुनियाभर के कई देश से लोग आए हुए हैं. तीन दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में डांस, नाटक, प्रमुख विषयों पर चर्चा समेत 60 से ज्यादा चीजें होंगी. इसी दौरान जावेद अख्तर ने जो कहा वो वायरल हो गया. जावेद अख्तर पाकिस्तान क्यों गए थे? (Javed Akhtar in Pakistan Video) जावेद अख्तर इस कार्यक्रम में पाकिस्तान की संकीर्णता पर चोट करते हैं. इस दौरान वो कहते हैं कि हमने तो नुसरत फतेह अली खान के बड़े-बड़े फंक्शन किए, मेहंदी हसन के फंक्शन किए लेकिन आपके मुल्क में लता मंगेशकर का कोई फंक्शन नहीं हुआ. तो हकीकत ये है कि अब हम एक-दूसरे को इल्जाम ना करें. इससे बात कम नहीं होगी. इसमें अहम बात ये है कि इन दिनों जो ये फिजा गरम है, वो कम होनी चाहिए. इसके आगे जावेद अख्तर ने कहा कि वहीं इसी वीडियो में जावेद अख्तर आगे कहते हैं, 'हम तो बंबई के लोग हैं. हमने देखा है कि हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था. वे लोग नार्वे से तो नहीं होनी चाहिए और ना ही इजिप्ट से आए थे. वे सब लोग अब भी आपके मुल्क में इधर-उधर घूम रहे हैं. तो ये शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में हो तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए. ' सोशल मीडिया पर ये वीडियो इसलिए वायरल हो रहा है क्योंकि जावेद अख्तर पाकिस्तान में बैठकर उन्हें ही खरी-खोटी सुना रहे. वहां बैठे लोग इस बात को सुनकर तालियां बजा रहे हैं और कोई भी विरोध नहीं कर रहा है. जानकारी के लिए बता दें, जावेद अख्तर पाकिस्तान के इस फैज फेस्टिवल में 5 साल के बाद पहुंचे. इसकी शुरुआत साल 2015 में हुई और इसका आयोजन पाकिस्तान का फैज फाउंडेशन ट्रस्ट और अलहमरा आर्ट्स काउंसिल करते हैं. यह भी पढ़ेंः शिवसेना MLA प्रकाश फतेरपेकर के बेटे स्वप्निल ने सोनू निगम से हाथापाई क्यों की?
Javed Akhtar in Pakistan Video: बॉलीवुड के फेमस गीतकार और डायलॉग राइटर जावेद अख्तर इस समय सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. यूजर्स उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे और उनका एक ताजा वीडियो भी वायरल हो रहा है. जावेद अख्तर इन दिनों तीन दिवसीय फैज फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के लाहौर गए हैं. इस दौरान दुनियाभर के कई देश से लोग आए हुए हैं. तीन दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में डांस, नाटक, प्रमुख विषयों पर चर्चा समेत साठ से ज्यादा चीजें होंगी. इसी दौरान जावेद अख्तर ने जो कहा वो वायरल हो गया. जावेद अख्तर पाकिस्तान क्यों गए थे? जावेद अख्तर इस कार्यक्रम में पाकिस्तान की संकीर्णता पर चोट करते हैं. इस दौरान वो कहते हैं कि हमने तो नुसरत फतेह अली खान के बड़े-बड़े फंक्शन किए, मेहंदी हसन के फंक्शन किए लेकिन आपके मुल्क में लता मंगेशकर का कोई फंक्शन नहीं हुआ. तो हकीकत ये है कि अब हम एक-दूसरे को इल्जाम ना करें. इससे बात कम नहीं होगी. इसमें अहम बात ये है कि इन दिनों जो ये फिजा गरम है, वो कम होनी चाहिए. इसके आगे जावेद अख्तर ने कहा कि वहीं इसी वीडियो में जावेद अख्तर आगे कहते हैं, 'हम तो बंबई के लोग हैं. हमने देखा है कि हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था. वे लोग नार्वे से तो नहीं होनी चाहिए और ना ही इजिप्ट से आए थे. वे सब लोग अब भी आपके मुल्क में इधर-उधर घूम रहे हैं. तो ये शिकायत अगर हिंदुस्तानी के दिल में हो तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए. ' सोशल मीडिया पर ये वीडियो इसलिए वायरल हो रहा है क्योंकि जावेद अख्तर पाकिस्तान में बैठकर उन्हें ही खरी-खोटी सुना रहे. वहां बैठे लोग इस बात को सुनकर तालियां बजा रहे हैं और कोई भी विरोध नहीं कर रहा है. जानकारी के लिए बता दें, जावेद अख्तर पाकिस्तान के इस फैज फेस्टिवल में पाँच साल के बाद पहुंचे. इसकी शुरुआत साल दो हज़ार पंद्रह में हुई और इसका आयोजन पाकिस्तान का फैज फाउंडेशन ट्रस्ट और अलहमरा आर्ट्स काउंसिल करते हैं. यह भी पढ़ेंः शिवसेना MLA प्रकाश फतेरपेकर के बेटे स्वप्निल ने सोनू निगम से हाथापाई क्यों की?
चुनाव आयोग के आयोग के निर्देशानुसार चेरियाबरियारपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या 141 में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सारी तैयारियां जारी हैं । एसडीओ सह निर्वाची अधिकारी चेरियाबरियारपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या 141 मुकेश कुमार ने बताया पोस्टर एवं वेनर हटाए जा रहे हैं। पारा मिलिट्री के ठहराव लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में 15 स्थान चिन्हित किए गए हैं। 143 भवनों में कुल 387 बूथ, 39 सेक्टर ,06 महिला बूथ तथा 150 मिक्स बूथ हैं। मिक्स बूथों पर दो पुरुष तथा दो महिला मतदान कर्मी तैनात होंगे। पुरुष एवं महिला मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण प्रखंडों में जारी है। संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में 08 संवेदनशील तथा 14 नक्सल प्रभावित बूथ हैं।
चुनाव आयोग के आयोग के निर्देशानुसार चेरियाबरियारपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या एक सौ इकतालीस में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सारी तैयारियां जारी हैं । एसडीओ सह निर्वाची अधिकारी चेरियाबरियारपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या एक सौ इकतालीस मुकेश कुमार ने बताया पोस्टर एवं वेनर हटाए जा रहे हैं। पारा मिलिट्री के ठहराव लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में पंद्रह स्थान चिन्हित किए गए हैं। एक सौ तैंतालीस भवनों में कुल तीन सौ सत्तासी बूथ, उनतालीस सेक्टर ,छः महिला बूथ तथा एक सौ पचास मिक्स बूथ हैं। मिक्स बूथों पर दो पुरुष तथा दो महिला मतदान कर्मी तैनात होंगे। पुरुष एवं महिला मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण प्रखंडों में जारी है। संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में आठ संवेदनशील तथा चौदह नक्सल प्रभावित बूथ हैं।
हेमंत शर्मा, इंदौर। कपड़े पर जीएसटी बढ़ाने का विरोध शुरू (GST on clothes) हो गया है। केंद्र सरकार (central government) 1 जनवरी 2022 से कपड़े पर जीएसटी 5 से 12 प्रतिशत करने की कवायद शुरू कर दी है। जिसके बाद इंदौर के कपड़ा व्यापारी इसके विरोध में मैदान में उतर गए हैं। आने वाले समय में व्यापारी बाजार बंद करने के साथ पोस्ट कार्ड अभियान(post card campaign), ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। जीएसटी की मूल्य वृद्धि के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए इंदौर क्लॉथ मार्केट में बैठक आयोजित की गयी जिसमें मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के कपड़ा व्यापारी शामिल हुए। बैठक में ग्वालियर, मंदसौर, उज्जैन, नीमच, जबलपुर, बुरहानपुर सहित अन्य शहरों के व्यापारी भी शमिल हुए। दरअसल जीएसटी काउंसलिंग ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें सभी तरह के कपड़ों पर जीएसटी में वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है। इससे कपड़ा कारोबारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी बढ़ने से व्यापारी और ग्राहक दोनों की मुसीबतें बढ़ जाएंगी और कई लोग इससे बेरोजगार हो जाएंगे।
हेमंत शर्मा, इंदौर। कपड़े पर जीएसटी बढ़ाने का विरोध शुरू हो गया है। केंद्र सरकार एक जनवरी दो हज़ार बाईस से कपड़े पर जीएसटी पाँच से बारह प्रतिशत करने की कवायद शुरू कर दी है। जिसके बाद इंदौर के कपड़ा व्यापारी इसके विरोध में मैदान में उतर गए हैं। आने वाले समय में व्यापारी बाजार बंद करने के साथ पोस्ट कार्ड अभियान, ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। जीएसटी की मूल्य वृद्धि के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए इंदौर क्लॉथ मार्केट में बैठक आयोजित की गयी जिसमें मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के कपड़ा व्यापारी शामिल हुए। बैठक में ग्वालियर, मंदसौर, उज्जैन, नीमच, जबलपुर, बुरहानपुर सहित अन्य शहरों के व्यापारी भी शमिल हुए। दरअसल जीएसटी काउंसलिंग ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें सभी तरह के कपड़ों पर जीएसटी में वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है। इससे कपड़ा कारोबारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी बढ़ने से व्यापारी और ग्राहक दोनों की मुसीबतें बढ़ जाएंगी और कई लोग इससे बेरोजगार हो जाएंगे।
धर्म शास्त्र के साथ सम्बन्ध होने पर भी कुछ प्राचाय अन्य स्मृतियो की अपेक्षा तत्र को विशिष्ट बताते हैं। उनका यह कहना है कि मनु और याज्ञवल्क्य जैसी स्मृतियाँ वेद के कर्मकाण्ड की व्याख्या है तो तत्र वेद के ब्रह्म-काण्ड की व्याख्या है शास्त्रेऽन्तर्भाव (वरिवस्या रहस्य प्रकाश ) " तत्रो का धर्म शासन में प्रभाव है।" "परमार्थ तस्तु तन्त्रागा स्मृतित्वादिपेऽपि मन्वदिस्मृतिनामा कर्मकाण्डशेषत्व तन्त्रारणा ब्रह्मकाण्ड शेपतामिति सिद्धान्तात्" ( भास्करराय प्ररणीत सौभाग्यभास्कर ) "परमार्थ रूप से तन्त्रो का स्मृति के विशेष होने पर भी मन्वादिस्मृतियो का कर्मकाण्ड शेप और तन्त्रो का ब्रह्माण्ड शेपत्व होता है यही सिद्धात है ।" पाश्चात्य विचारों से प्रभावित कुछ विद्वान तन्त्रो को प्रमाण नही मानते । उनकी दलली यह है कि तत्रो की भाषा अपेक्षाकृत सरल है, श्रत वह प्राचीन आप ग्रन्थ नहीं है । वास्तव में यह कोई विशेष प्रमाण नही है । व्याम का ही उदाहरण ले ले । उन्होन वेदो को चार भागो मे विभक्त किया है। इससे उनकी उत्कृष्ट विद्वता प्रकट होती है। उन्होने वेदान्त सत्र का निर्माण किया । महाभारत और भागवत भी उनकी ही रचनायें मानी जाती हैं। इनकी भाषा मे अन्तर प्रतीत होता है। इसी श्रन्तर से यह शका उभरने लगती है कि इन ग्रंथों के अलग व्यास हुए हैं। परन्तु वास्तविकता यह नहीं है । उदया के अनुकूल भाषा का परिवर्तन किया जा सकता है। विपयो के अनुसार भी भाषा सरल व गम्भीर हो सकती है। अत, भाषा की माताको दर तत्रो को प्रमाण कहना निराधार कल्पना है । यह तो तन्त्र मही अनेको स्थानों पर कहा गया है कि कलियुग मे जब वेदा को समझना कठिन हो तत्र की प्रमाणिकता ] गया है । तो के रहस्य समझाने के लिए ही तत्रो का अविर्भाव हुआ है । तन्य माहित्य को ऋाष मानने मे स्वामी दयानन्द का "सत्यार्थं विवेक" मे निखा है "जिस प्रकार परमात्मा द्वारा वेद कथन सम्भव हो सकता है, उसी प्रकार उनके प्रश रूप शिवभाव द्वारा तो का होना भी सम्भव है । अपौरुपेय, अनादि अभ्रान्त और ज्ञान ज्योति पूर्ण वेद समूह जिस प्रकार जगदीश्वर परमात्मा की इच्छा से ऋचाओं के रूप मे ऋषिगरण द्वारा प्रकाशित हुए थे, उसी प्रकार श्री शिव वी इच्छा से उनके भक्त सिद्ध मुनिगरण द्वारा ता ग्रन्थो का भी प्रकाश होना पूरणरूपेण युक्ति युक्त है । इस तरह से तत्र की प्रमाणिकता मे कोई सदेह नही रह जाता । तंत्र की प्राचीनता तन्त्रका आविर्भाव और पचार प्राचीन काल से होता प्राया है । कई विद्वान तो इन्हे वेदो जितना प्राची स्वीकार करते है । जिस तरह वेदो को ईश्वर कृत माना जाता है। उसी तरह तन्त्रो को भगवान शिव की रचना बताई जाती है। इससे इनकी प्राचीनता रवन सिद्ध हो जाती है । डा० भुवनेश्वर नाथ मिश्र माधव के अनुसार प्राचीनता और व्यापकता की दृष्टि से वेदो के बाद तन्त्रो वा हो स्थान है । यह कहना प्रतुचित प्रथवा प्रप्रासंगिक नही होगा कि बौद्ध धर्म के बहुत पहले से इस देश मे तन्त्रो का प्रभाव जम चुका था । भगवान शङ्कराचार्य ने जहाँ-जहाँ मठ स्थापित किए, वहाँ-वहाँ साधना के मूलाधार के रूप मे तन्त्रो की प्रमुसता प्रक्षुराण है और कहना चाहे तो कह सकते हैं कि भारतीय संस्कृति की प्राध्यात्मिक साधनाओ क मूल प्रारण-रूप मे तन्त्र अनादि काल से किसी न किसी रूप में चले ना रहे है । " तन्त्र के भिन्न-भिन्न सम्प्रदायों के सम्बंध में अलग अलग विचार करना होगा । वैष्णव सम्प्रदाय वैष्णव तन्नो मे पाञ्चरात्र प्रसिद्ध है। इसका दूसरा नाम 'भागवत धर्म' शोर 'सात्त्वत धर्म' भी है । महाभारत मोगल पच मे 'सात' विधि का वर्णन प्राता है - मात्वत विवि मास्थाय गीता मत्रर्पेण य । द्वापरस्य युगस्यान्ते श्रादो कनियस्य च ॥ अर्थात् "सात्वन विधि में समास्थित जो गति सपण से तत्र की प्राचीनता ] होती है वह द्वापर युग के ग्रन्त मे थोर कलियुग के आदि मे होती है। " महाभारत के शान्ति पर्व अध्याय ३३५-३४६ मे नारायणयोपास्यान का उल्लेख आता है जिसमे पाञ्चरात्र सिद्धात का स्पष्टीकरण दिया गया है । इसके अनुसार नारद स्वेत द्वीप में जाकर नारायण ऋऋपि मे इसकी शिक्षा प्राप्त करते है । ऐतरेय ब्राह्मण (८।३।१४) मे, सात्त्वत' शब्द प्राता है "एतस्या दक्षिणस्या दिशिये के च सत्त्वता राजा नो भोज्यायैव ते अभिषिच्यन्ते, भोजेति एनान् अभिषिच्यतन श्राचक्षते । मर्थात् "इस दक्षिण दिशा मे जो कोई सत्त्वत राजा थे वे केवल भोज्य के ही लिये अभिषिक्त किये जाते हैं । इन अभिषिक्तो को भोज हो ऐसा कहा जाता है।" इस से स्पष्ट है कि पाञ्चरात्र महाभारत और ऐतरेय ब्राह्मरण से पहले के ही हैं । उत्पल ने अपनी पुस्तक 'स्पन्दकारिका मे 'पाञ्चरात्र उपनिषद्' र 'पञ्चरात्र श्रुति' का उल्लेख किया है । वह दशम शताब्दी के हैं । अत यह उसमे पहले के तो है ही । यमुनाचार्य ने अपनी कृति 'आगमप्रमाग्य' मे पाञ्चरात्र सहिताप्रो के उदाहरण दिए हैं। वह ११ वी शताब्दी के है । प्रत इसमे पहले के होने में कोई सदेह ही नही है । इण्डियन एन्टीक्वेरी १६११ पृष्ठ १३ के अनुसार यूनानी 'हेलिओडोरस' ने भागवत उपाधि ग्रहरण की थी। इसका पता विक्रम पूर्व दूसरी शती में वेस नगर के शिलालेख ने चलता है । विदेशो में भी प्राचीन काल से वैष्णव धर्म का प्रचार रहा है । कोई समय पा जब नारे दक्षिण पूर्व एशिया मे यह धर्म छा गया था। वाली मे इस धम का व्यापक प्रचार था । 'विष्णु, पञ्जर विष्णु स्तव' नाम के स्नो वहाँ के पडिनो मे काफी प्रसिद्ध थे। रामायण और महाभारत का घर घर में प्रचार है और तत्मम्वन्धी नाटको का अभिनय होता है ।
धर्म शास्त्र के साथ सम्बन्ध होने पर भी कुछ प्राचाय अन्य स्मृतियो की अपेक्षा तत्र को विशिष्ट बताते हैं। उनका यह कहना है कि मनु और याज्ञवल्क्य जैसी स्मृतियाँ वेद के कर्मकाण्ड की व्याख्या है तो तत्र वेद के ब्रह्म-काण्ड की व्याख्या है शास्त्रेऽन्तर्भाव " तत्रो का धर्म शासन में प्रभाव है।" "परमार्थ तस्तु तन्त्रागा स्मृतित्वादिपेऽपि मन्वदिस्मृतिनामा कर्मकाण्डशेषत्व तन्त्रारणा ब्रह्मकाण्ड शेपतामिति सिद्धान्तात्" "परमार्थ रूप से तन्त्रो का स्मृति के विशेष होने पर भी मन्वादिस्मृतियो का कर्मकाण्ड शेप और तन्त्रो का ब्रह्माण्ड शेपत्व होता है यही सिद्धात है ।" पाश्चात्य विचारों से प्रभावित कुछ विद्वान तन्त्रो को प्रमाण नही मानते । उनकी दलली यह है कि तत्रो की भाषा अपेक्षाकृत सरल है, श्रत वह प्राचीन आप ग्रन्थ नहीं है । वास्तव में यह कोई विशेष प्रमाण नही है । व्याम का ही उदाहरण ले ले । उन्होन वेदो को चार भागो मे विभक्त किया है। इससे उनकी उत्कृष्ट विद्वता प्रकट होती है। उन्होने वेदान्त सत्र का निर्माण किया । महाभारत और भागवत भी उनकी ही रचनायें मानी जाती हैं। इनकी भाषा मे अन्तर प्रतीत होता है। इसी श्रन्तर से यह शका उभरने लगती है कि इन ग्रंथों के अलग व्यास हुए हैं। परन्तु वास्तविकता यह नहीं है । उदया के अनुकूल भाषा का परिवर्तन किया जा सकता है। विपयो के अनुसार भी भाषा सरल व गम्भीर हो सकती है। अत, भाषा की माताको दर तत्रो को प्रमाण कहना निराधार कल्पना है । यह तो तन्त्र मही अनेको स्थानों पर कहा गया है कि कलियुग मे जब वेदा को समझना कठिन हो तत्र की प्रमाणिकता ] गया है । तो के रहस्य समझाने के लिए ही तत्रो का अविर्भाव हुआ है । तन्य माहित्य को ऋाष मानने मे स्वामी दयानन्द का "सत्यार्थं विवेक" मे निखा है "जिस प्रकार परमात्मा द्वारा वेद कथन सम्भव हो सकता है, उसी प्रकार उनके प्रश रूप शिवभाव द्वारा तो का होना भी सम्भव है । अपौरुपेय, अनादि अभ्रान्त और ज्ञान ज्योति पूर्ण वेद समूह जिस प्रकार जगदीश्वर परमात्मा की इच्छा से ऋचाओं के रूप मे ऋषिगरण द्वारा प्रकाशित हुए थे, उसी प्रकार श्री शिव वी इच्छा से उनके भक्त सिद्ध मुनिगरण द्वारा ता ग्रन्थो का भी प्रकाश होना पूरणरूपेण युक्ति युक्त है । इस तरह से तत्र की प्रमाणिकता मे कोई सदेह नही रह जाता । तंत्र की प्राचीनता तन्त्रका आविर्भाव और पचार प्राचीन काल से होता प्राया है । कई विद्वान तो इन्हे वेदो जितना प्राची स्वीकार करते है । जिस तरह वेदो को ईश्वर कृत माना जाता है। उसी तरह तन्त्रो को भगवान शिव की रचना बताई जाती है। इससे इनकी प्राचीनता रवन सिद्ध हो जाती है । डाशून्य भुवनेश्वर नाथ मिश्र माधव के अनुसार प्राचीनता और व्यापकता की दृष्टि से वेदो के बाद तन्त्रो वा हो स्थान है । यह कहना प्रतुचित प्रथवा प्रप्रासंगिक नही होगा कि बौद्ध धर्म के बहुत पहले से इस देश मे तन्त्रो का प्रभाव जम चुका था । भगवान शङ्कराचार्य ने जहाँ-जहाँ मठ स्थापित किए, वहाँ-वहाँ साधना के मूलाधार के रूप मे तन्त्रो की प्रमुसता प्रक्षुराण है और कहना चाहे तो कह सकते हैं कि भारतीय संस्कृति की प्राध्यात्मिक साधनाओ क मूल प्रारण-रूप मे तन्त्र अनादि काल से किसी न किसी रूप में चले ना रहे है । " तन्त्र के भिन्न-भिन्न सम्प्रदायों के सम्बंध में अलग अलग विचार करना होगा । वैष्णव सम्प्रदाय वैष्णव तन्नो मे पाञ्चरात्र प्रसिद्ध है। इसका दूसरा नाम 'भागवत धर्म' शोर 'सात्त्वत धर्म' भी है । महाभारत मोगल पच मे 'सात' विधि का वर्णन प्राता है - मात्वत विवि मास्थाय गीता मत्रर्पेण य । द्वापरस्य युगस्यान्ते श्रादो कनियस्य च ॥ अर्थात् "सात्वन विधि में समास्थित जो गति सपण से तत्र की प्राचीनता ] होती है वह द्वापर युग के ग्रन्त मे थोर कलियुग के आदि मे होती है। " महाभारत के शान्ति पर्व अध्याय तीन सौ पैंतीस-तीन सौ छियालीस मे नारायणयोपास्यान का उल्लेख आता है जिसमे पाञ्चरात्र सिद्धात का स्पष्टीकरण दिया गया है । इसके अनुसार नारद स्वेत द्वीप में जाकर नारायण ऋऋपि मे इसकी शिक्षा प्राप्त करते है । ऐतरेय ब्राह्मण मे, सात्त्वत' शब्द प्राता है "एतस्या दक्षिणस्या दिशिये के च सत्त्वता राजा नो भोज्यायैव ते अभिषिच्यन्ते, भोजेति एनान् अभिषिच्यतन श्राचक्षते । मर्थात् "इस दक्षिण दिशा मे जो कोई सत्त्वत राजा थे वे केवल भोज्य के ही लिये अभिषिक्त किये जाते हैं । इन अभिषिक्तो को भोज हो ऐसा कहा जाता है।" इस से स्पष्ट है कि पाञ्चरात्र महाभारत और ऐतरेय ब्राह्मरण से पहले के ही हैं । उत्पल ने अपनी पुस्तक 'स्पन्दकारिका मे 'पाञ्चरात्र उपनिषद्' र 'पञ्चरात्र श्रुति' का उल्लेख किया है । वह दशम शताब्दी के हैं । अत यह उसमे पहले के तो है ही । यमुनाचार्य ने अपनी कृति 'आगमप्रमाग्य' मे पाञ्चरात्र सहिताप्रो के उदाहरण दिए हैं। वह ग्यारह वी शताब्दी के है । प्रत इसमे पहले के होने में कोई सदेह ही नही है । इण्डियन एन्टीक्वेरी एक हज़ार छः सौ ग्यारह पृष्ठ तेरह के अनुसार यूनानी 'हेलिओडोरस' ने भागवत उपाधि ग्रहरण की थी। इसका पता विक्रम पूर्व दूसरी शती में वेस नगर के शिलालेख ने चलता है । विदेशो में भी प्राचीन काल से वैष्णव धर्म का प्रचार रहा है । कोई समय पा जब नारे दक्षिण पूर्व एशिया मे यह धर्म छा गया था। वाली मे इस धम का व्यापक प्रचार था । 'विष्णु, पञ्जर विष्णु स्तव' नाम के स्नो वहाँ के पडिनो मे काफी प्रसिद्ध थे। रामायण और महाभारत का घर घर में प्रचार है और तत्मम्वन्धी नाटको का अभिनय होता है ।
Posted On: देश में बनाए जा रहे 10 हजार कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) की स्कीम को सुचारू रूप से लागू करने के संबंध में क्लस्टर आधारित व्यावसायिक संगठनों (सीबीबीओ) का राष्ट्रीय सम्मेलन आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एफपीओ बनाने की योजना कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति का सूत्रपात है। इस क्रांति के माध्यम से, बुआई से बाजार तक किसानों को सक्षम बनाकर उनकी आमदनी बढ़ाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि एफपीओ से किसानों को समृद्ध बनाने के लिए सीबीबीओ को हर जतन करना होगा। एफपीओ की परिकल्पना तब पूरी होगी, जब एफपीओ बनने के बाद उसका लाभ किसानों को मिलने लगे तथा केसर की तरह उसकी खुश्बू फैले और सारे किसान कहें कि हमें भी एफपीओ से जोड़िए व आगे नए एफपीओ गठन के लिए सरकार से मांग हो। सीबीबीओ को सरकार साधन दे रही है, जिससे अच्छे परिणाम आना चाहिए। सीबीबीओ इसलिए बनाए गए हैं क्योंकि वे इस विषय में विशेषज्ञ हैं, जागरूकता फैला सकते हैं, किसानों को खेती में टेक्नालाजी दे सकते हैं, किसान अच्छा- गुणवत्तापूर्ण उत्पादन करें, इस दृष्टि से मार्गदर्शन कर सकते हैं और किसानों को वाजिब दाम दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। श्रेष्ठ एफपीओ के गठन के लिए सीबीबीओ को सभी को साथ लेकर कार्य करना चाहिए। श्री तोमर ने कहा कि देश में पहले लगभग 7 हजार एफपीओ बने थे, लेकिन अधिकतर टिकाऊ नहीं हो पा रहे थे, इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नई योजना लेकर आए। एफपीओ छोटे किसानों के संगठन है। इस पूरी योजना पर सरकार 6,865 करोड़ रुपये खर्च करेगी। देश में लगभग 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं, जिन्हें एफपीओ के माध्यम से आदान उपलब्ध कराने से लेकर प्रोसेसिंग व उपज की बाजार में उचित दाम पर बिक्री में सहयोग जैसी सुविधाएं दिलाना सरकार का उद्देश्य है। एफपीओ किसानों की संगठन शक्ति के प्रतीक है। श्री तोमर ने कहा कि आज हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, इसमें हमें पुराने संकल्प पूरे करना है और नए संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। देश में खेती को उन्नत बनाने, असंतुलन दूर करने व किसानों की माली हालत सुधारने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सरकार हरसंभव उपाय कर रही है। किसानों की सुविधा के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं प्रभावी की गई है। एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्टर फंड से किसानों के लिए सरकार गांव-गांव सुविधाएं जुटाने के लिए प्रयत्नशील है। ऐसी कई योजनाएं है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि एफपीओ की स्कीम में सीबीबीओ महत्वपूर्ण कड़ी है, ये ठान लें तो उद्देश्य की प्राप्ति जरूर होगी। कुल मिलाकर, उद्देश्य यह है कि किसानों को लाभ पहुंचे। श्री चौधरी ने एफपीओ से अधिकाधिक किसानों को जोड़े जाने की अपेक्षा जताई और कहा कि इस संबंध में सरकार द्वारा बनाई गई गाइड लाइन के अनुसार कार्य किया जाना चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी एफपीओ के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाना चाहिए। लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) की एमडी श्रीमती नीलकमल दरबारी ने सम्मेलन की भूमिका प्रस्तुत की। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अभिलक्ष लिखी ने सीबीबीओ से सरकार की अपेक्षाएं बताई। संयुक्त सचिव डा. श्रीमती विजय लक्ष्मी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि योजना में पहले से ही प्रावधानित तीन क्रियान्वयन एजेंसियों- नाबार्ड, एसएफएसी व एनसीडीसी सहित 13 क्रियान्वयन एजेंसियों को नामित किया गया है। नाबार्ड के चेयरमेन श्री जी.आर. चिंताला ने स्कीम को लेकर कुछ सुझाव दिए। राष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन एजेंसी ईवाय के पार्टनर श्री सत्यम शिवम सुंदरम ने प्रेजेन्टेशन दिया, वहीं व्यवहार्यता अध्ययन और सामाजिक गतिशीलता दृष्टिकोण, व्यापार योजना निर्माण दृष्टिकोण तथा ब्रांडिंग व मार्केटिंग दृष्टिकोण पर सीबीबीओ व अन्य एजेंसी ने प्रस्तुति दी। इस अवसर पर एसएफएसी, नाबार्ड, एनसीडीसी, नैफेड, एपीएमएएस, ई एंड वाई, एक्सेज डेवलपमेंट सर्विसेज, ग्रांट थार्नटन व अन्य कंपनियों के अधिकारी व देशभर से आए सीबीबीओ के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
Posted On: देश में बनाए जा रहे दस हजार कृषक उत्पादक संगठन की स्कीम को सुचारू रूप से लागू करने के संबंध में क्लस्टर आधारित व्यावसायिक संगठनों का राष्ट्रीय सम्मेलन आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एफपीओ बनाने की योजना कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति का सूत्रपात है। इस क्रांति के माध्यम से, बुआई से बाजार तक किसानों को सक्षम बनाकर उनकी आमदनी बढ़ाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि एफपीओ से किसानों को समृद्ध बनाने के लिए सीबीबीओ को हर जतन करना होगा। एफपीओ की परिकल्पना तब पूरी होगी, जब एफपीओ बनने के बाद उसका लाभ किसानों को मिलने लगे तथा केसर की तरह उसकी खुश्बू फैले और सारे किसान कहें कि हमें भी एफपीओ से जोड़िए व आगे नए एफपीओ गठन के लिए सरकार से मांग हो। सीबीबीओ को सरकार साधन दे रही है, जिससे अच्छे परिणाम आना चाहिए। सीबीबीओ इसलिए बनाए गए हैं क्योंकि वे इस विषय में विशेषज्ञ हैं, जागरूकता फैला सकते हैं, किसानों को खेती में टेक्नालाजी दे सकते हैं, किसान अच्छा- गुणवत्तापूर्ण उत्पादन करें, इस दृष्टि से मार्गदर्शन कर सकते हैं और किसानों को वाजिब दाम दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। श्रेष्ठ एफपीओ के गठन के लिए सीबीबीओ को सभी को साथ लेकर कार्य करना चाहिए। श्री तोमर ने कहा कि देश में पहले लगभग सात हजार एफपीओ बने थे, लेकिन अधिकतर टिकाऊ नहीं हो पा रहे थे, इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नई योजना लेकर आए। एफपीओ छोटे किसानों के संगठन है। इस पूरी योजना पर सरकार छः,आठ सौ पैंसठ करोड़ रुपये खर्च करेगी। देश में लगभग छियासी प्रतिशत छोटे किसान हैं, जिन्हें एफपीओ के माध्यम से आदान उपलब्ध कराने से लेकर प्रोसेसिंग व उपज की बाजार में उचित दाम पर बिक्री में सहयोग जैसी सुविधाएं दिलाना सरकार का उद्देश्य है। एफपीओ किसानों की संगठन शक्ति के प्रतीक है। श्री तोमर ने कहा कि आज हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, इसमें हमें पुराने संकल्प पूरे करना है और नए संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। देश में खेती को उन्नत बनाने, असंतुलन दूर करने व किसानों की माली हालत सुधारने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सरकार हरसंभव उपाय कर रही है। किसानों की सुविधा के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं प्रभावी की गई है। एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्टर फंड से किसानों के लिए सरकार गांव-गांव सुविधाएं जुटाने के लिए प्रयत्नशील है। ऐसी कई योजनाएं है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि एफपीओ की स्कीम में सीबीबीओ महत्वपूर्ण कड़ी है, ये ठान लें तो उद्देश्य की प्राप्ति जरूर होगी। कुल मिलाकर, उद्देश्य यह है कि किसानों को लाभ पहुंचे। श्री चौधरी ने एफपीओ से अधिकाधिक किसानों को जोड़े जाने की अपेक्षा जताई और कहा कि इस संबंध में सरकार द्वारा बनाई गई गाइड लाइन के अनुसार कार्य किया जाना चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी एफपीओ के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाना चाहिए। लघु कृषक कृषि व्यापार संघ की एमडी श्रीमती नीलकमल दरबारी ने सम्मेलन की भूमिका प्रस्तुत की। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अभिलक्ष लिखी ने सीबीबीओ से सरकार की अपेक्षाएं बताई। संयुक्त सचिव डा. श्रीमती विजय लक्ष्मी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि योजना में पहले से ही प्रावधानित तीन क्रियान्वयन एजेंसियों- नाबार्ड, एसएफएसी व एनसीडीसी सहित तेरह क्रियान्वयन एजेंसियों को नामित किया गया है। नाबार्ड के चेयरमेन श्री जी.आर. चिंताला ने स्कीम को लेकर कुछ सुझाव दिए। राष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन एजेंसी ईवाय के पार्टनर श्री सत्यम शिवम सुंदरम ने प्रेजेन्टेशन दिया, वहीं व्यवहार्यता अध्ययन और सामाजिक गतिशीलता दृष्टिकोण, व्यापार योजना निर्माण दृष्टिकोण तथा ब्रांडिंग व मार्केटिंग दृष्टिकोण पर सीबीबीओ व अन्य एजेंसी ने प्रस्तुति दी। इस अवसर पर एसएफएसी, नाबार्ड, एनसीडीसी, नैफेड, एपीएमएएस, ई एंड वाई, एक्सेज डेवलपमेंट सर्विसेज, ग्रांट थार्नटन व अन्य कंपनियों के अधिकारी व देशभर से आए सीबीबीओ के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
बात करे वनडे क्रिकेट की तो यह एक एसा खेल है जिसमे दर्शकों को काफी मज़ा और आनंद आता है. दर्शक भारी संख्या में जाकर मैच देखते हैं और अपने पसंदीदा टीमों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं. कल भारतीय टीम ने धर्मशाला में अपना 900वाँ मैच खेलते ही वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यदा मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. जी हाँ भारत पहला एसा देश बन गया है जिसने वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेले हैं. सन 1974 से भारतीय टीम ने मैच खेलना शुरु किया था. 900 मैच में भारत अबतक कुल मिलाकर 455 मैच जीता है और 399 में उसे हार का सामना करना पड़ा है. 46 मैच का कोई परिणाम नही आया कुछ ड्रा रहे और कुछ बारिश के चलते धुल गए.
बात करे वनडे क्रिकेट की तो यह एक एसा खेल है जिसमे दर्शकों को काफी मज़ा और आनंद आता है. दर्शक भारी संख्या में जाकर मैच देखते हैं और अपने पसंदीदा टीमों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं. कल भारतीय टीम ने धर्मशाला में अपना नौ सौवाँ मैच खेलते ही वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यदा मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. जी हाँ भारत पहला एसा देश बन गया है जिसने वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेले हैं. सन एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर से भारतीय टीम ने मैच खेलना शुरु किया था. नौ सौ मैच में भारत अबतक कुल मिलाकर चार सौ पचपन मैच जीता है और तीन सौ निन्यानवे में उसे हार का सामना करना पड़ा है. छियालीस मैच का कोई परिणाम नही आया कुछ ड्रा रहे और कुछ बारिश के चलते धुल गए.
शिमला, 05 जुलाई . भारतीय रिज़र्व बैंक, Shimla के तत्वावधान में Wednesday को यहां ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में राज्य स्तर की "वित्तीय साक्षरता पर अखिल भारतीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता" का आयोजन किया गया. राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए. उन्होंने विजेताओं और अन्य शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों को ट्रॉफी और स्मृति चिह्न प्रदान किए. राज्यपाल ने कहा कि वित्तीय साक्षरता एक प्रमुख जीवन कौशल है और यह कमाई, बचत, व्यय, निवेश और ऋण की अवधारणाओं को समझने के लिए एक आधार तैयार करता है, जो समग्र वित्तीय कल्याण के लिए वित्त के बारे में ठोस निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है. वित्तीय साक्षरता सुरक्षित बैंकिंग प्रणाली के द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने का काम करती है. उन्होंने कहा कि छोटी उम्र से ही बच्चों में पैसे की बचत संबंधी आदतें पैदा करने से वे आर्थिक रूप से जिम्मेदार वयस्क के रूप में विकसित होंगे. एक वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति जरूरतों और इच्छाओं के मध्य अंतर करने में सक्षम होता है. वह अपनी प्राथमिकताओं को पहचानता है एवं मुश्किल दिनों के लिए बचत करने तथा विचारशील वित्तीय निर्णय लेने के महत्व को समझता है. उन्होंने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दौर के लिए विजेता टीम को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने आर्थिक रूप से समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने का दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया तथा Himachal Pradeshमें वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया. राज्यपाल प्रश्नोत्तरी के दौरान Himachal Pradeshके छात्रों द्वारा प्रदर्शित असाधारण ज्ञान से प्रसन्न हुए. उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई दी और कहा कि student जनता तक वित्तीय समावेशन के संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए एक राजदूत के रूप में कार्य करेंगे. राज्यपाल ने सभी वर्ग को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के दायरे में लाने के लिए अभिनव उपाय करने के लिए भारतीय रिज़र्व Bank की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह नागरिकों को आत्मनिर्भर और वित्तीय रूप से मजबूत और दृढ़निश्चयी बनाएगा. राज्यपाल ने इस अवसर पर वित्तीय जागरुकता पर आधारित 'सतर्क परिवार' पुस्तिका का विमोचन भी किया.
शिमला, पाँच जुलाई . भारतीय रिज़र्व बैंक, Shimla के तत्वावधान में Wednesday को यहां ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में राज्य स्तर की "वित्तीय साक्षरता पर अखिल भारतीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता" का आयोजन किया गया. राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए. उन्होंने विजेताओं और अन्य शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों को ट्रॉफी और स्मृति चिह्न प्रदान किए. राज्यपाल ने कहा कि वित्तीय साक्षरता एक प्रमुख जीवन कौशल है और यह कमाई, बचत, व्यय, निवेश और ऋण की अवधारणाओं को समझने के लिए एक आधार तैयार करता है, जो समग्र वित्तीय कल्याण के लिए वित्त के बारे में ठोस निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है. वित्तीय साक्षरता सुरक्षित बैंकिंग प्रणाली के द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने का काम करती है. उन्होंने कहा कि छोटी उम्र से ही बच्चों में पैसे की बचत संबंधी आदतें पैदा करने से वे आर्थिक रूप से जिम्मेदार वयस्क के रूप में विकसित होंगे. एक वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति जरूरतों और इच्छाओं के मध्य अंतर करने में सक्षम होता है. वह अपनी प्राथमिकताओं को पहचानता है एवं मुश्किल दिनों के लिए बचत करने तथा विचारशील वित्तीय निर्णय लेने के महत्व को समझता है. उन्होंने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दौर के लिए विजेता टीम को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने आर्थिक रूप से समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने का दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया तथा Himachal Pradeshमें वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया. राज्यपाल प्रश्नोत्तरी के दौरान Himachal Pradeshके छात्रों द्वारा प्रदर्शित असाधारण ज्ञान से प्रसन्न हुए. उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई दी और कहा कि student जनता तक वित्तीय समावेशन के संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए एक राजदूत के रूप में कार्य करेंगे. राज्यपाल ने सभी वर्ग को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के दायरे में लाने के लिए अभिनव उपाय करने के लिए भारतीय रिज़र्व Bank की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह नागरिकों को आत्मनिर्भर और वित्तीय रूप से मजबूत और दृढ़निश्चयी बनाएगा. राज्यपाल ने इस अवसर पर वित्तीय जागरुकता पर आधारित 'सतर्क परिवार' पुस्तिका का विमोचन भी किया.
जब गलती उसकी, तो आप क्यों हों शर्मिंदा? अगर आपके बॉयफ्रेंड ने चीट किया है, तो इसमें आप भला क्यों शर्मिंदगी महसूस करें? दीपिका से भी हमें यही चीज सीखने को मिलती है। ऐक्ट्रेस का ब्रेकअप हुआ तो सभी को रिपोर्ट्स के जरिए यह पता चल ही गया था कि इनके रिश्ते के टूटने की वजह चीटिंग है। ऐसे में दीपिका ने खुद को शर्मिंदगी के कारण घर में बंद नहीं किया, बल्कि उन्होंने सोशली ऐक्टिव बने रहना जारी रखा। दरअसल, रिलेशनशिप में होने पर ज्यादातर कपल्स का फ्रेंड सर्कल भी कॉमन हो जाता है। ऐसे में कोई एक भी धोखा दे, तो दूसरे को उन फ्रेंड्स को फेस करने में शर्म आती है। लेकिन आपको यह बात ध्यान रखती चाहिए कि गलती आपने नहीं बल्कि आपके बॉयफ्रेंड ने की है, तो भला दोस्तों से कटकर आप खुद को सजा क्यों दें? रिश्ते में धोखा मिलने पर गुस्सा जाहिर करना नॉर्मल बात है। अगर एक्स का कोई फ्रेंड भी आपको टीज करने की कोशिश करे, तो उसे भी दमदार जवाब जरूर देना चाहिए ताकि उसके साथ ही पूर्व बॉयफ्रेंड तक भी बात साफ पहुंच जाए। दीपिका ने भी कुछ ऐसा ही करण जौहर के चैट शो में किया था। यह सब जानते हैं कि करण और रणबीर काफी क्लोज फ्रेंड्स हैं। ऐसे में जब उन्होंने शो में दीपिका को टीज करने के लिए यह सवाल कर दिया कि वह रणबीर को क्या गिफ्ट देना चाहेंगी, तो ऐक्ट्रेस ने तपाक से जवाब दिया 'कॉन्डम के पैकेट्स'। यह सुन जहां करण की बोलती बंद हो गई, तो वहीं लोगों से लेकर उनके एक्स को भी यह बात साफ हो गई कि दिल टूटने पर दीपिका को कितना हर्ट हुआ है। दीपिका का दिल टूटा तो उन्होंने अपनी पूरी जान करियर पर ध्यान देने में लगा दी। इस ऐक्ट्रेस को कभी उनके बॉयफ्रेंड के नाम से जाना जाता था, लेकिन दीपिका ने अपनी ऐक्टिंग से ऐसा लोहा मनवाया कि उनके नाम के आगे एक्स का नाम छोटा लगने लगा। दीपिका पादुकोण बॉलिवुड की टॉप ऐक्ट्रेस बन गईं और उनके पास फिल्ममेकर्स की लाइन लग गई। यकीन मानिए, चीटर एक्स के लिए खुद को उससे ज्यादा सफल बनाने से ज्यादा बड़ा जवाब कुछ नहीं हो सकता। यह एक तरीके से इनडायरेक्ट मेसेज की तरह होता है, जो उसे अहसास दिलाता है कि आखिर उसने धोखा देकर क्या खोया है? चीटर बॉयफ्रेंड तो मूव ऑन कर गया, तब भी आप क्यों पास्ट पर अटकी हैं? क्यों न आप भी अपनी लव लाइफ को नया मौका दें और क्या पता आपके लाइफ में भी कोई ऐसा शख्स आ जाए, जो आपसे बेहद प्यार करे। दीपिका ने भी इस चीज़ को फॉलो किया। उन्होंने धोखा मिलने पर अपने दिल के दरवाजे बंद नहीं किए। उन्होंने प्यार से भी विश्वास नहीं खोया। यही वजह है कि वह ऐसे साथी को पा सकीं जो उनसे बेइंतहा मोहब्बत करता है। एक ओर जहां दीपिका के एक्स का बार-बार हसीनाओं के साथ नाम जुड़ा और फिर टूटा, तो वहीं इस अदाकारा ने अपनी लव लाइफ को खुशियों से भरने दिया। रणवीर सिंह को उन्होंने 6 साल तक डेट किया और फिर शादी कर दोनों हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए। एक्स से ज्यादा सफल लव लाइफ जीना भी उसके लिए साफ मेसेज की तरह है कि पास्ट में जो हुआ उससे आप काफी आगे बढ़ चुकी हैं। आपकी हैपी लव लाइफ एक्स के लिए किसी करारे जवाब से कम नहीं है।
जब गलती उसकी, तो आप क्यों हों शर्मिंदा? अगर आपके बॉयफ्रेंड ने चीट किया है, तो इसमें आप भला क्यों शर्मिंदगी महसूस करें? दीपिका से भी हमें यही चीज सीखने को मिलती है। ऐक्ट्रेस का ब्रेकअप हुआ तो सभी को रिपोर्ट्स के जरिए यह पता चल ही गया था कि इनके रिश्ते के टूटने की वजह चीटिंग है। ऐसे में दीपिका ने खुद को शर्मिंदगी के कारण घर में बंद नहीं किया, बल्कि उन्होंने सोशली ऐक्टिव बने रहना जारी रखा। दरअसल, रिलेशनशिप में होने पर ज्यादातर कपल्स का फ्रेंड सर्कल भी कॉमन हो जाता है। ऐसे में कोई एक भी धोखा दे, तो दूसरे को उन फ्रेंड्स को फेस करने में शर्म आती है। लेकिन आपको यह बात ध्यान रखती चाहिए कि गलती आपने नहीं बल्कि आपके बॉयफ्रेंड ने की है, तो भला दोस्तों से कटकर आप खुद को सजा क्यों दें? रिश्ते में धोखा मिलने पर गुस्सा जाहिर करना नॉर्मल बात है। अगर एक्स का कोई फ्रेंड भी आपको टीज करने की कोशिश करे, तो उसे भी दमदार जवाब जरूर देना चाहिए ताकि उसके साथ ही पूर्व बॉयफ्रेंड तक भी बात साफ पहुंच जाए। दीपिका ने भी कुछ ऐसा ही करण जौहर के चैट शो में किया था। यह सब जानते हैं कि करण और रणबीर काफी क्लोज फ्रेंड्स हैं। ऐसे में जब उन्होंने शो में दीपिका को टीज करने के लिए यह सवाल कर दिया कि वह रणबीर को क्या गिफ्ट देना चाहेंगी, तो ऐक्ट्रेस ने तपाक से जवाब दिया 'कॉन्डम के पैकेट्स'। यह सुन जहां करण की बोलती बंद हो गई, तो वहीं लोगों से लेकर उनके एक्स को भी यह बात साफ हो गई कि दिल टूटने पर दीपिका को कितना हर्ट हुआ है। दीपिका का दिल टूटा तो उन्होंने अपनी पूरी जान करियर पर ध्यान देने में लगा दी। इस ऐक्ट्रेस को कभी उनके बॉयफ्रेंड के नाम से जाना जाता था, लेकिन दीपिका ने अपनी ऐक्टिंग से ऐसा लोहा मनवाया कि उनके नाम के आगे एक्स का नाम छोटा लगने लगा। दीपिका पादुकोण बॉलिवुड की टॉप ऐक्ट्रेस बन गईं और उनके पास फिल्ममेकर्स की लाइन लग गई। यकीन मानिए, चीटर एक्स के लिए खुद को उससे ज्यादा सफल बनाने से ज्यादा बड़ा जवाब कुछ नहीं हो सकता। यह एक तरीके से इनडायरेक्ट मेसेज की तरह होता है, जो उसे अहसास दिलाता है कि आखिर उसने धोखा देकर क्या खोया है? चीटर बॉयफ्रेंड तो मूव ऑन कर गया, तब भी आप क्यों पास्ट पर अटकी हैं? क्यों न आप भी अपनी लव लाइफ को नया मौका दें और क्या पता आपके लाइफ में भी कोई ऐसा शख्स आ जाए, जो आपसे बेहद प्यार करे। दीपिका ने भी इस चीज़ को फॉलो किया। उन्होंने धोखा मिलने पर अपने दिल के दरवाजे बंद नहीं किए। उन्होंने प्यार से भी विश्वास नहीं खोया। यही वजह है कि वह ऐसे साथी को पा सकीं जो उनसे बेइंतहा मोहब्बत करता है। एक ओर जहां दीपिका के एक्स का बार-बार हसीनाओं के साथ नाम जुड़ा और फिर टूटा, तो वहीं इस अदाकारा ने अपनी लव लाइफ को खुशियों से भरने दिया। रणवीर सिंह को उन्होंने छः साल तक डेट किया और फिर शादी कर दोनों हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए। एक्स से ज्यादा सफल लव लाइफ जीना भी उसके लिए साफ मेसेज की तरह है कि पास्ट में जो हुआ उससे आप काफी आगे बढ़ चुकी हैं। आपकी हैपी लव लाइफ एक्स के लिए किसी करारे जवाब से कम नहीं है।
रायपुर. कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, हमारा नजरिया ही उसे छोटा या बड़ा बनाता है. तभी तो राजस्थान में झीलों के शहर उदयपुर में रहने वाली प्रिया सचदेव जो कॉमर्स से ग्रेजुएशन करने के बाद इवेंट कंपनी के लिए काम कर रही थी वो आज चाय की एक ठेली लगाती हैं. हालांकि इस काम को शुरू करने से पहले उनको अपने ही घर में विरोध का सामना करना पड़ा और जैसे-तैसे घरवाले इस बात के लिया तैयार हुए तो समाज ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया, यहां तक की उनको धमकियां तक मिलने लगीं. आलोचनाओं और धमकियों से बेपरवाह प्रिया अपने फैसले से पीछे नहीं हटीं और आज उनकी 'थ्री एडिक्शन' नाम की चाय की ये ठेली यहां आने वाले सैलानियों को भी अपनी ओर खींच लाती है. प्रिया ये देखकर सोचने को मजबूर हुईं कि हमारा समाज चाहे जितनी भी समानता की बात करे, लेकिन वो आज भी लड़के और लड़कियों में भेद करता है. इसी परेशानी को देखकर उन्होने लड़कियों के लिए चाय का ठेला लगाने का सोचा. खास बात ये है कि प्रिया वाई-फाई की सुविधा अपने कस्टमर को बिल्कुल मुफ्त देती हैं. प्रिया का काम आज भले ही समाज के लिए मिसाल बन रहा हो लेकिन इसकी शुरूआत इतनी आसान नहीं थीं. प्रिया के पिता कारोबारी हैं और वो बेकरी चलाते थे और उनकी मां ब्यूटी पार्लर चलातीं थीं. इसलिए जब उन्होने अपने इस आइडिया के बारे में अपने घर में बात की तो घर वालों ने खासतौर पर उनकी मां इसके लिए तैयार नहीं हुईं. तब उन्होने अपनी मां को विश्वास दिलाया कि वो उनको इस काम के लिये थोड़ा वक्त दे और अगर वो इसमें असफल रहीं तो वो इस काम को छोड़ देंगी. इसके बाद उन्होने एक कॉलोनी के पास चाय का ठेला लगाया. ये ठेला उन्होने उस जगह पर लगाया जहां पर काफी सारे कॉलेज और हॉस्टल थे. प्रिया का मुताबिक उनका ये ठेला सड़क किनारे लगता था जिसे नगर निगम वाले कभी भी हटा सकते थे. इसलिए उन्होने एक पक्की दुकान किराये पर ली. ये दुकान उदयपुर के सुभाष नगर इलाके में है. उनके इस ठेले में ज्यादातर लड़कियों का जमघट लगा रहता है, हालांकि यहां पर लड़के भी चाय पीने आते हैं. प्रिया किसी को मना नहीं करती. 'थ्री एडिक्शन' नाम के चाय की ये ठेली को उन्होने नो-स्मोकिंग जोन बनाया हुआ है, ताकि वहां मौजूद दूसरी लड़कियों को किसी तरह की असुविधा ना हो. बावजूद अगर कोई कस्टमर यहां पर स्मोक करता है तो वो पूरी विनम्रता से उसे मना कर देती हैं.
रायपुर. कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, हमारा नजरिया ही उसे छोटा या बड़ा बनाता है. तभी तो राजस्थान में झीलों के शहर उदयपुर में रहने वाली प्रिया सचदेव जो कॉमर्स से ग्रेजुएशन करने के बाद इवेंट कंपनी के लिए काम कर रही थी वो आज चाय की एक ठेली लगाती हैं. हालांकि इस काम को शुरू करने से पहले उनको अपने ही घर में विरोध का सामना करना पड़ा और जैसे-तैसे घरवाले इस बात के लिया तैयार हुए तो समाज ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया, यहां तक की उनको धमकियां तक मिलने लगीं. आलोचनाओं और धमकियों से बेपरवाह प्रिया अपने फैसले से पीछे नहीं हटीं और आज उनकी 'थ्री एडिक्शन' नाम की चाय की ये ठेली यहां आने वाले सैलानियों को भी अपनी ओर खींच लाती है. प्रिया ये देखकर सोचने को मजबूर हुईं कि हमारा समाज चाहे जितनी भी समानता की बात करे, लेकिन वो आज भी लड़के और लड़कियों में भेद करता है. इसी परेशानी को देखकर उन्होने लड़कियों के लिए चाय का ठेला लगाने का सोचा. खास बात ये है कि प्रिया वाई-फाई की सुविधा अपने कस्टमर को बिल्कुल मुफ्त देती हैं. प्रिया का काम आज भले ही समाज के लिए मिसाल बन रहा हो लेकिन इसकी शुरूआत इतनी आसान नहीं थीं. प्रिया के पिता कारोबारी हैं और वो बेकरी चलाते थे और उनकी मां ब्यूटी पार्लर चलातीं थीं. इसलिए जब उन्होने अपने इस आइडिया के बारे में अपने घर में बात की तो घर वालों ने खासतौर पर उनकी मां इसके लिए तैयार नहीं हुईं. तब उन्होने अपनी मां को विश्वास दिलाया कि वो उनको इस काम के लिये थोड़ा वक्त दे और अगर वो इसमें असफल रहीं तो वो इस काम को छोड़ देंगी. इसके बाद उन्होने एक कॉलोनी के पास चाय का ठेला लगाया. ये ठेला उन्होने उस जगह पर लगाया जहां पर काफी सारे कॉलेज और हॉस्टल थे. प्रिया का मुताबिक उनका ये ठेला सड़क किनारे लगता था जिसे नगर निगम वाले कभी भी हटा सकते थे. इसलिए उन्होने एक पक्की दुकान किराये पर ली. ये दुकान उदयपुर के सुभाष नगर इलाके में है. उनके इस ठेले में ज्यादातर लड़कियों का जमघट लगा रहता है, हालांकि यहां पर लड़के भी चाय पीने आते हैं. प्रिया किसी को मना नहीं करती. 'थ्री एडिक्शन' नाम के चाय की ये ठेली को उन्होने नो-स्मोकिंग जोन बनाया हुआ है, ताकि वहां मौजूद दूसरी लड़कियों को किसी तरह की असुविधा ना हो. बावजूद अगर कोई कस्टमर यहां पर स्मोक करता है तो वो पूरी विनम्रता से उसे मना कर देती हैं.
Nautapa 2023: आनंद दुबे, भोपाल। लंबे समय से नौतपा (25 मई से दो जून तक की समयावधि) को लेकर कहा जाता है कि यदि नौतपा के दौरान वर्षा होती है, तो मानसून कमजोर रहता है। हालांकि मौसम विज्ञानी इस मिथक को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हैं, लेकिन यह जरूरत मानने हैं कि नौतपा में तापमान कम बना रहने से मानसून के आगमन की तीव्रता जरूर प्रभावित होती है। ज्याेतिषियों का भी दावा है कि नौतपा में वर्षा होने पर खंड वर्षा की स्थिति बनती है। उधर राजधानी के पिछले 11 वर्षों के नौपता की अवधि के आंकड़ों पर गौर करें तो यह बात सच भी साबित हो रही है। 11 वर्षों में नौतपा में चार बार वर्षा हुई। उनमें से तीन वर्षों में मानसून की स्थिति कमजोर रही। अमूमन गर्मी के सीजन में अप्रैल और मई माह में सर्वाधिक गर्मी पड़ती है। विशेषकर नौतपा में राजधानी में अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाता है। हालांकि इस वर्ष मार्च, अप्रैल के बाद मई माह में भी वर्षा होने के कारण इस सीजन में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच सका है। उधर नौतपा में वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि खगोल विज्ञान के अनुसार नौतपा के दौरान धरती पर सूर्य की किरणें सीधी लंबवत् पड़ती हैं। सूर्य भी 14 घंटे से अधिक समय तक रहता है। इस वजह से तापमान काफी बढ़ जाता है। मौसम विज्ञान नौतपा में वर्षा होने की स्थिति में मानसून कमजोर होने का कारण नहीं मानता, लेकिन इससे मानसून के आगमन की तीव्रता जरूर प्रभावित होती है। दरअसल जब तापमान चरम पर होता है, तब दक्षिण-पश्चिम मानसून के तहत चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं समुद्र की तरफ से पूरे वेग से आगे बढ़ती हैं। इससे मानसून तेज गति से आगे बढ़ता है। ज्योतिष मठ संस्थान के संचालक पंडित विनोद गौतम ने बताया कि सूर्य, वृष राशि में आने के 14 दिन बाद रोहिणी नक्षत्र में आएगा। इस कारण 25 मई से नौतपा शुरू हो जाएगा। जो तीन जून तक रहेगा। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में आने को वर्षा का गर्भकाल कहा जाता है। इन दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है। उतना वर्षा का गर्भ अधिक पुष्ट होता है। इस वजह से नौतपा के तपने से वर्षा भी अच्छी होती है। इस बार नौपता के दौरान शुक्र राशि परिवर्तन करत रहे हैं। वह मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। 30 मई से गुरु, बुध और राहू का त्रिग्रही योग भी बन रहा है। इस चांडाली योग भी कहते हैं। ग्रहों की स्थिति को देखते हुए। इस वर्ष नौपता में वर्षा होगी। इससे मानसून के दौरान खंड वर्षा के योग बनेंगे। वर्ष सर्वाधिक तापमान वर्षा सीजन की वर्षा (मिमी. )
Nautapa दो हज़ार तेईस: आनंद दुबे, भोपाल। लंबे समय से नौतपा को लेकर कहा जाता है कि यदि नौतपा के दौरान वर्षा होती है, तो मानसून कमजोर रहता है। हालांकि मौसम विज्ञानी इस मिथक को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हैं, लेकिन यह जरूरत मानने हैं कि नौतपा में तापमान कम बना रहने से मानसून के आगमन की तीव्रता जरूर प्रभावित होती है। ज्याेतिषियों का भी दावा है कि नौतपा में वर्षा होने पर खंड वर्षा की स्थिति बनती है। उधर राजधानी के पिछले ग्यारह वर्षों के नौपता की अवधि के आंकड़ों पर गौर करें तो यह बात सच भी साबित हो रही है। ग्यारह वर्षों में नौतपा में चार बार वर्षा हुई। उनमें से तीन वर्षों में मानसून की स्थिति कमजोर रही। अमूमन गर्मी के सीजन में अप्रैल और मई माह में सर्वाधिक गर्मी पड़ती है। विशेषकर नौतपा में राजधानी में अधिकतम तापमान चौंतालीस-पैंतालीस डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाता है। हालांकि इस वर्ष मार्च, अप्रैल के बाद मई माह में भी वर्षा होने के कारण इस सीजन में अधिकतम तापमान चौंतालीस डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच सका है। उधर नौतपा में वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि खगोल विज्ञान के अनुसार नौतपा के दौरान धरती पर सूर्य की किरणें सीधी लंबवत् पड़ती हैं। सूर्य भी चौदह घंटाटे से अधिक समय तक रहता है। इस वजह से तापमान काफी बढ़ जाता है। मौसम विज्ञान नौतपा में वर्षा होने की स्थिति में मानसून कमजोर होने का कारण नहीं मानता, लेकिन इससे मानसून के आगमन की तीव्रता जरूर प्रभावित होती है। दरअसल जब तापमान चरम पर होता है, तब दक्षिण-पश्चिम मानसून के तहत चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं समुद्र की तरफ से पूरे वेग से आगे बढ़ती हैं। इससे मानसून तेज गति से आगे बढ़ता है। ज्योतिष मठ संस्थान के संचालक पंडित विनोद गौतम ने बताया कि सूर्य, वृष राशि में आने के चौदह दिन बाद रोहिणी नक्षत्र में आएगा। इस कारण पच्चीस मई से नौतपा शुरू हो जाएगा। जो तीन जून तक रहेगा। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में आने को वर्षा का गर्भकाल कहा जाता है। इन दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है। उतना वर्षा का गर्भ अधिक पुष्ट होता है। इस वजह से नौतपा के तपने से वर्षा भी अच्छी होती है। इस बार नौपता के दौरान शुक्र राशि परिवर्तन करत रहे हैं। वह मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। तीस मई से गुरु, बुध और राहू का त्रिग्रही योग भी बन रहा है। इस चांडाली योग भी कहते हैं। ग्रहों की स्थिति को देखते हुए। इस वर्ष नौपता में वर्षा होगी। इससे मानसून के दौरान खंड वर्षा के योग बनेंगे। वर्ष सर्वाधिक तापमान वर्षा सीजन की वर्षा
अमरावती/दि. २२-राजकमल चौक के उडाणपुल पर से पुलिस कर्मचारी पर पथराव करनेवाले दो युवको को राजापेठ पुलिस ने हिरासत में लिया है. यहां मिली जानकारी के अनुसार राज्य आरक्षित पुलिस बल में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक अनिल अंभोरे विगत १८ नवंबर को राजकमल चौक में संचारबंदी के चलते ड्युटी पर तैनात थे. इस दौरान सफेद रंग की मोपेड पर दो लोग श्याम चौक से आ रहे थे. दोनों को रोकने का प्रयास करने पर उन्होंने पुलिस कर्मचारी को गालीगलौज करते हुए वहां से निकल गए. इसके बाद पांच से दस मिनट बाद जब पुलिस कर्मचारी अपने सहयोगियों के साथ राजकमल चौक उडानपुल के नीचे खडे थे. तभी मोपेड सवार युवकों ने उडानपुल के डिवायडर पर से सीमेंट का पत्थर पुलिस कर्मचारी पर फेंककर जान से मारने की कोशिश की. पुलिस कर्मचारी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने धारा ३०७,३६,५०४,१८८,३४ के तहत दोनों युवकों पर अपराध दर्ज किया. मामले की जांच करने की जिम्मेदारी पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने तुरंत डीसीपी विक्रम साली को सौंपी. डीसीपी विक्रम साली व सहायक पुलिस आयुक्त भारत गायकवाड के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनायी गयी. इस विशेष टीम ने सीसीटीवी फूटेज के आधार पर जाल बिछाकर अर्जुननगर निवासी तुषार हरणे और प्रतिक ध्ाुमाले को हिरासत में लिया. उनके पास से सफेद कलर की एक्टीवा नंबर एमएच-२७ सीटी-०९४७ को जब्त किया. यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह, डीसीपी विक्रम साली, सहायक पुलिस आयुक्त भारत गायकवाड के मार्गदर्शन में राजापेठ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मनीष ठाकरे, पुलिस कर्मचारी सागर सरदार, छोटेलाल यादव, नीलेश गुल्हाने, दिनेश भिसे, नरेश मोहरील ने की.
अमरावती/दि. बाईस-राजकमल चौक के उडाणपुल पर से पुलिस कर्मचारी पर पथराव करनेवाले दो युवको को राजापेठ पुलिस ने हिरासत में लिया है. यहां मिली जानकारी के अनुसार राज्य आरक्षित पुलिस बल में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक अनिल अंभोरे विगत अट्ठारह नवंबर को राजकमल चौक में संचारबंदी के चलते ड्युटी पर तैनात थे. इस दौरान सफेद रंग की मोपेड पर दो लोग श्याम चौक से आ रहे थे. दोनों को रोकने का प्रयास करने पर उन्होंने पुलिस कर्मचारी को गालीगलौज करते हुए वहां से निकल गए. इसके बाद पांच से दस मिनट बाद जब पुलिस कर्मचारी अपने सहयोगियों के साथ राजकमल चौक उडानपुल के नीचे खडे थे. तभी मोपेड सवार युवकों ने उडानपुल के डिवायडर पर से सीमेंट का पत्थर पुलिस कर्मचारी पर फेंककर जान से मारने की कोशिश की. पुलिस कर्मचारी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने धारा तीन सौ सात,छत्तीस,पाँच सौ चार,एक सौ अठासी,चौंतीस के तहत दोनों युवकों पर अपराध दर्ज किया. मामले की जांच करने की जिम्मेदारी पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने तुरंत डीसीपी विक्रम साली को सौंपी. डीसीपी विक्रम साली व सहायक पुलिस आयुक्त भारत गायकवाड के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनायी गयी. इस विशेष टीम ने सीसीटीवी फूटेज के आधार पर जाल बिछाकर अर्जुननगर निवासी तुषार हरणे और प्रतिक ध्ाुमाले को हिरासत में लिया. उनके पास से सफेद कलर की एक्टीवा नंबर एमएच-सत्ताईस सीटी-नौ सौ सैंतालीस को जब्त किया. यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह, डीसीपी विक्रम साली, सहायक पुलिस आयुक्त भारत गायकवाड के मार्गदर्शन में राजापेठ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मनीष ठाकरे, पुलिस कर्मचारी सागर सरदार, छोटेलाल यादव, नीलेश गुल्हाने, दिनेश भिसे, नरेश मोहरील ने की.
चिकित्साकर्मियों को दी जाएगी हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने तथा बचाव के कार्य में लगे सभी चिकित्साकर्मियों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए कोविड-19 पीड़ित रोगियों के चिकित्सकीय उपचार में जुटे नियमित श्रेणी के कर्मियों, संविदा कर्मियों एवं आशा कार्यकर्ता-आशा फैसलिटेटर को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट दी जाएगी। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है। दिए गए निर्देश में राज्य के सभी जिलों में कोरोना वायरस के चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय निरंतर किए जा रहे हैं। सभी चिकित्सकों को एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए एन-95 मास्क, सर्जिकल मास्क, दस्ताना एवं व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) आदि को बीएमएसआईसीएल के माध्यम से पर्याप्त मात्रा उपलब्ध करायी जा रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोफेलेएक्सिस (संक्रमण से बचाव) के रूप में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के नेशनल टास्क फोर्स द्वारा अनुशंसित हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट को उपलब्ध कराया जाएगा। इस दिए गए निर्देश में जिलावार प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी को हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन की 10 टेबलेट प्रदान की जाएगी। पूर्णिया में कुल 4094 स्वास्थ्य र्मी (734 नियमित स्वास्थ्य कर्मी, 394 संविदा कर्मी एवं 2966 आशा एवं आशा फैसलिटेटर) के मध्य 40940 टेबलेट का वितरण होगा। आईसीएमआर के दिशानिर्देश के मुताबिक करना होगा सेवनः जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि आईसीएमआर के कोविड-19 के नेशनल टास्क फोर्स द्वारा कोरोना के हाई रिस्क पापुलेशन के लिए संक्रमण से बचाव के लिए हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट सेवन की सलाह दी गई है। ऐसे स्वास्थ्य कर्मी जिसमें कोरोना के लक्षण नहीं हो एवं वे कोरोना के संदिग्ध या कन्फर्म केसेज के सम्पर्क में हों या उनके चिकित्सकीय उपचार में शामिल हों। उन्हें इस दवा के सेवन के बारे में सलाह दी गयी है। इसके लिए विभिन्न डोज निर्धारित किये गए हैं। जिहें तीन सप्ताह से 7 सप्ताह तक सेवन करने की बात कही गयी है। निरंतर हाथों की सफाई, मरीजों एवं अन्य लोगों से एक मीटर की दूरी बनाना एवं व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना। अपनी सेहत का खुद ख्याल रखना एवं किसी तरह के कोरोना लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य पदाधिकारी को तुरंत सूचित करना। स्वास्थ्य पदाधिकारी के सलाह के बिना दवा का सेवन नहीं करना आदि शामिल है।
चिकित्साकर्मियों को दी जाएगी हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने तथा बचाव के कार्य में लगे सभी चिकित्साकर्मियों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए कोविड-उन्नीस पीड़ित रोगियों के चिकित्सकीय उपचार में जुटे नियमित श्रेणी के कर्मियों, संविदा कर्मियों एवं आशा कार्यकर्ता-आशा फैसलिटेटर को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट दी जाएगी। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है। दिए गए निर्देश में राज्य के सभी जिलों में कोरोना वायरस के चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय निरंतर किए जा रहे हैं। सभी चिकित्सकों को एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए एन-पचानवे मास्क, सर्जिकल मास्क, दस्ताना एवं व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण आदि को बीएमएसआईसीएल के माध्यम से पर्याप्त मात्रा उपलब्ध करायी जा रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोफेलेएक्सिस के रूप में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के नेशनल टास्क फोर्स द्वारा अनुशंसित हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट को उपलब्ध कराया जाएगा। इस दिए गए निर्देश में जिलावार प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी को हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन की दस टेबलेट प्रदान की जाएगी। पूर्णिया में कुल चार हज़ार चौरानवे स्वास्थ्य र्मी के मध्य चालीस हज़ार नौ सौ चालीस टेबलेट का वितरण होगा। आईसीएमआर के दिशानिर्देश के मुताबिक करना होगा सेवनः जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि आईसीएमआर के कोविड-उन्नीस के नेशनल टास्क फोर्स द्वारा कोरोना के हाई रिस्क पापुलेशन के लिए संक्रमण से बचाव के लिए हाइड्रोक्सिक्लोरक्वीन टेबलेट सेवन की सलाह दी गई है। ऐसे स्वास्थ्य कर्मी जिसमें कोरोना के लक्षण नहीं हो एवं वे कोरोना के संदिग्ध या कन्फर्म केसेज के सम्पर्क में हों या उनके चिकित्सकीय उपचार में शामिल हों। उन्हें इस दवा के सेवन के बारे में सलाह दी गयी है। इसके लिए विभिन्न डोज निर्धारित किये गए हैं। जिहें तीन सप्ताह से सात सप्ताह तक सेवन करने की बात कही गयी है। निरंतर हाथों की सफाई, मरीजों एवं अन्य लोगों से एक मीटर की दूरी बनाना एवं व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना। अपनी सेहत का खुद ख्याल रखना एवं किसी तरह के कोरोना लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य पदाधिकारी को तुरंत सूचित करना। स्वास्थ्य पदाधिकारी के सलाह के बिना दवा का सेवन नहीं करना आदि शामिल है।
नई दिल्ली। 2022 में दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टॉप-3 अरबपतियों में भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी का नाम रहा, लेकिन नया साल उनके लिए खराब रहा. नए साल में अमेरिका से आई एक रिसर्च रिपोर्ट का गौतम अडानी के बिजनेस पर इतना बुरा असर हुआ कि उनकी संपत्ति का 5वां हिस्सा सिर्फ 2 दिन में ही खत्म हो गया. अडानी द्वारा खोई हुई ये दौलत इतनी ज्यादा थी जिससें कंगाल हो चुके पूरे पाकिस्तान के लोग 8 महीनों तक बैठकर खाना खा सकते थे. अमेरिकी का रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी 2023 को एक रिपोर्ट पब्लिश की जिसमें अडानी ग्रुप को लेकर 88 सवाल किए गए. इतना ही नहीं बल्कि इसमें कर्ज को लेकर भी कई दावे किए गए. इसका अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर इतना बुरा पड़ा की वो तुरंत धराशायी हो गए. इतना ही नहीं बल्कि Adani Green Energy और Adani Total Gas के शेयरों में 20 फीसदी तक की गिरावट आई. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार अडानी ग्रुप में शामिल सभी कंपनियों के शेयरों के बुरी तरह से टूटने का सिलसिला पिछले 2 कारोबारी दिनों से हो रहा है. इस वजह से गौतम अडानी ने अपनी संपत्ति में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखी है. बिलेनियर्स इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार अडानी ग्रुप की कंपनियों का कुल मार्केट कैप सिर्फ 6 घंटों के बिजनेस के दौरान 50 अरब डॉलर यानि लगभग 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक कम हो गया. इसका सीधा असर गौतम अडानी की नेटवर्थ पर पड़ा और वो तुरंत दुनिया के टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में चौथे नंबर से खिसककर 7वें नंबर पर आ गए. पिछले 2 दिन में गौतम अडानी की नेटवर्थ में लगभग 2. 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट हुई गई है. एक्सपर्ट्स के अनुसार इतनी रकम में कंगाल हो चुके पाकिस्तान की भूखी जनता करीब 8 महीने तक बैठकर खाना खा सकती थी. Bloomberg Billionaires Index की रिपोर्ट के अनुसार अडानी की कुल नेटवर्थ गिरकर 92. 7 अरब डॉलर रह गई थी. हालांकि, इस दौलत के साथ वो दुनिया के सबसे अमीरों की सूची में 7वें नंबर पर आ गए.
नई दिल्ली। दो हज़ार बाईस में दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टॉप-तीन अरबपतियों में भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी का नाम रहा, लेकिन नया साल उनके लिए खराब रहा. नए साल में अमेरिका से आई एक रिसर्च रिपोर्ट का गौतम अडानी के बिजनेस पर इतना बुरा असर हुआ कि उनकी संपत्ति का पाँचवां हिस्सा सिर्फ दो दिन में ही खत्म हो गया. अडानी द्वारा खोई हुई ये दौलत इतनी ज्यादा थी जिससें कंगाल हो चुके पूरे पाकिस्तान के लोग आठ महीनों तक बैठकर खाना खा सकते थे. अमेरिकी का रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने चौबीस जनवरी दो हज़ार तेईस को एक रिपोर्ट पब्लिश की जिसमें अडानी ग्रुप को लेकर अठासी सवाल किए गए. इतना ही नहीं बल्कि इसमें कर्ज को लेकर भी कई दावे किए गए. इसका अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर इतना बुरा पड़ा की वो तुरंत धराशायी हो गए. इतना ही नहीं बल्कि Adani Green Energy और Adani Total Gas के शेयरों में बीस फीसदी तक की गिरावट आई. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार अडानी ग्रुप में शामिल सभी कंपनियों के शेयरों के बुरी तरह से टूटने का सिलसिला पिछले दो कारोबारी दिनों से हो रहा है. इस वजह से गौतम अडानी ने अपनी संपत्ति में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखी है. बिलेनियर्स इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार अडानी ग्रुप की कंपनियों का कुल मार्केट कैप सिर्फ छः घंटाटों के बिजनेस के दौरान पचास अरब डॉलर यानि लगभग चार लाख करोड़ रुपये से अधिक कम हो गया. इसका सीधा असर गौतम अडानी की नेटवर्थ पर पड़ा और वो तुरंत दुनिया के टॉप-दस अमीरों की लिस्ट में चौथे नंबर से खिसककर सातवें नंबर पर आ गए. पिछले दो दिन में गौतम अडानी की नेटवर्थ में लगभग दो. ग्यारह लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट हुई गई है. एक्सपर्ट्स के अनुसार इतनी रकम में कंगाल हो चुके पाकिस्तान की भूखी जनता करीब आठ महीने तक बैठकर खाना खा सकती थी. Bloomberg Billionaires Index की रिपोर्ट के अनुसार अडानी की कुल नेटवर्थ गिरकर बानवे. सात अरब डॉलर रह गई थी. हालांकि, इस दौलत के साथ वो दुनिया के सबसे अमीरों की सूची में सातवें नंबर पर आ गए.
(बीजेपी ने शुरू की मध्य प्रदेश चुनाव की तैयारी, फाइल फोटो. ) Madhya Pradesh: गुजरात (Gujarat) में प्रचंड जीत मिलने के बाद बीजेपी (BJP) ने मध्य प्रदेश विधानसभा 2023 की तैयारियां ग्वालियर चंबल अंचल शुरू कर दी हैं. इसी कड़ी में आज बीजेपी संगठन के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ग्वालियर में मौजूद हैं. जहां वह ग्वालियर चंबल संभाग (Gwalior Chambal Zone) के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. इस कड़ी में पहली बैठक ग्वालियर चंबल संभाग के जिला अध्यक्ष और जिला पदाधिकारियों के साथ हुई, इसके बाद शाम 5 बजे ग्वालियर चंबल संभाग के निगम मंडल बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के साथ बैठक हुई. इस दौरान चंबल अंचल बीजेपी कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे. बैठक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ग्वालियर चंबल अंचल जीत से संबंधित योजनाओं और नीतियों पर चर्चा की गई. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा है कि गुजरात के बाद अब मध्य प्रदेश की बारी है. यही कारण है संगठन ने आगामी विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियां शुरू कर दी हैं. उन्होंने ने कहा कि इस बार बीजेपी प्रदेश के हर कोने में जीत का परचम लहरायेगी और 2023 में मध्य प्रदेश में भी इतिहास बनेगा. अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा कि बिहार और दिल्ली में बैठक हुई है. उस बैठक में संगठनात्मक दृष्टि से जो रणनीति बनी है उसे निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं तक ले जाना है. उन्होंने कहा इसके बाद हमारे जिलों की बैठक होगी और फिर निगम मंडलों की बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. ग्वालियर चंबल अंचल में ओबीसी महासभा के विरोध प्रदर्शन को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा है कि, बीजेपी सबका विकास, सबका विश्वास और सब के प्रयास से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा विरोध प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस की बी टीम के हिसाब से काम करती हैं, कांग्रेस ने हमेशा से फूट डालो और शासन करो की नीति अपनाई है, वह इसी नीति को लेकर आगे बढ़ रही है. बीडी शर्मा ने कहा, देश की जनता समझ चुकी है कि कांग्रेस सिर्फ फूट डालने के अलावा कुछ नहीं करती है, इसलिए आगामी विधानसभा में बीजेपी जनता के विश्वास पर खरा उतरेगी और प्रचंड बहुमत से जीतेगी. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की कवायद बता रही है कि वह ग्वालियर चम्बल अंचल में मजबूत होते जातिगत ध्रुवीकरण, ओबीसी और दलितों से आगे बढ़ चुकी है. गौरतलब है कि साल 2018 में बीजेपी को ग्वालियर चंबल अंचल से करारी हार का सामना करना पड़ा था. यही कारण है कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी. वहीं अबकी बार बीजेपी सबसे ज्यादा चिंतन और मंथन ग्वालियर चंबल अंचल की सीटों पर ही कर रही है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश मिशन 2023 की शुरुआत यहीं से कर रही है. वीडी शर्मा ने दावा किया कि इस बार इस अंचल में बीजेपी का ही परचम लहराएगा.
Madhya Pradesh: गुजरात में प्रचंड जीत मिलने के बाद बीजेपी ने मध्य प्रदेश विधानसभा दो हज़ार तेईस की तैयारियां ग्वालियर चंबल अंचल शुरू कर दी हैं. इसी कड़ी में आज बीजेपी संगठन के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ग्वालियर में मौजूद हैं. जहां वह ग्वालियर चंबल संभाग के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. इस कड़ी में पहली बैठक ग्वालियर चंबल संभाग के जिला अध्यक्ष और जिला पदाधिकारियों के साथ हुई, इसके बाद शाम पाँच बजे ग्वालियर चंबल संभाग के निगम मंडल बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के साथ बैठक हुई. इस दौरान चंबल अंचल बीजेपी कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे. बैठक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ग्वालियर चंबल अंचल जीत से संबंधित योजनाओं और नीतियों पर चर्चा की गई. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा है कि गुजरात के बाद अब मध्य प्रदेश की बारी है. यही कारण है संगठन ने आगामी विधानसभा चुनाव दो हज़ार तेईस की तैयारियां शुरू कर दी हैं. उन्होंने ने कहा कि इस बार बीजेपी प्रदेश के हर कोने में जीत का परचम लहरायेगी और दो हज़ार तेईस में मध्य प्रदेश में भी इतिहास बनेगा. अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा कि बिहार और दिल्ली में बैठक हुई है. उस बैठक में संगठनात्मक दृष्टि से जो रणनीति बनी है उसे निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं तक ले जाना है. उन्होंने कहा इसके बाद हमारे जिलों की बैठक होगी और फिर निगम मंडलों की बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. ग्वालियर चंबल अंचल में ओबीसी महासभा के विरोध प्रदर्शन को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा है कि, बीजेपी सबका विकास, सबका विश्वास और सब के प्रयास से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा विरोध प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस की बी टीम के हिसाब से काम करती हैं, कांग्रेस ने हमेशा से फूट डालो और शासन करो की नीति अपनाई है, वह इसी नीति को लेकर आगे बढ़ रही है. बीडी शर्मा ने कहा, देश की जनता समझ चुकी है कि कांग्रेस सिर्फ फूट डालने के अलावा कुछ नहीं करती है, इसलिए आगामी विधानसभा में बीजेपी जनता के विश्वास पर खरा उतरेगी और प्रचंड बहुमत से जीतेगी. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की कवायद बता रही है कि वह ग्वालियर चम्बल अंचल में मजबूत होते जातिगत ध्रुवीकरण, ओबीसी और दलितों से आगे बढ़ चुकी है. गौरतलब है कि साल दो हज़ार अट्ठारह में बीजेपी को ग्वालियर चंबल अंचल से करारी हार का सामना करना पड़ा था. यही कारण है कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी. वहीं अबकी बार बीजेपी सबसे ज्यादा चिंतन और मंथन ग्वालियर चंबल अंचल की सीटों पर ही कर रही है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश मिशन दो हज़ार तेईस की शुरुआत यहीं से कर रही है. वीडी शर्मा ने दावा किया कि इस बार इस अंचल में बीजेपी का ही परचम लहराएगा.
Posted On: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महबूबनगर, तेलंगाना में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। विकास परियोजनाएँ सड़क, रेल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक ट्रेन सेवा को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। उपस्थित जन-समुदाय को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने त्योहारों के मौसम के आगमन को रेखांकित किया और कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने से नवरात्रि की शुरुआत से पहले शक्ति पूजा की भावना स्थापित हुई है। प्रधानमंत्री ने आज कई सड़क संपर्क परियोजनाओं की आधारशिला रखने पर प्रसन्नता व्यक्त की, जो इस क्षेत्र में जीवन को बदल देंगी। नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा; तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में परिवहन और व्यापार को आसान बनाएगा। इन परियोजनाओं से इन राज्यों में व्यापार, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर में प्रमुख आर्थिक केंद्रों की पहचान की गई है, जिनमें 8 विशेष आर्थिक क्षेत्र, 5 मेगा फूड पार्क, 4 फिशिंग सीफूड क्लस्टर, 3 फार्मा और मेडिकल क्लस्टर और 1 टेक्सटाइल क्लस्टर शामिल हैं। इससे हनमकोंडा, महबूबाबाद, वारंगल और खम्मम जिलों के युवाओं के लिए अवसरों के कई द्वार खुलेंगे। प्रधानमंत्री ने स्थानीय निर्मित उत्पादों को बंदरगाहों तक ले जाने के लिए तेलंगाना जैसे भूमि से घिरे राज्य के संदर्भ में रेल और सड़क परिवहन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के कई प्रमुख आर्थिक गलियारे तेलंगाना से होकर गुजर रहे हैं। ये सभी, राज्य को पूर्वी और पश्चिमी तट से जोड़ने का माध्यम बनेंगे। हैदराबाद विशाखापत्तनम कॉरिडोर का सूर्यापेट-खम्मम खंड भी इसमें मदद करेगा। इससे पूर्वी तट तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उद्योगों और व्यवसायों की लॉजिस्टिक लागत भी कम होगी। उन्होंने कहा कि जक्लैर और कृष्णा खंड के बीच बन रही रेलवे लाइन भी यहां के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के हल्दी किसानों के लाभ के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन की घोषणा की। उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड, आपूर्ति श्रृंखला में मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रित करेगा और किसानों के लिए अवसंरचना सुधार में मदद करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन पर तेलंगाना और पूरे देश के हल्दी उगाने वाले किसानों को बधाई दी। ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा क्षेत्र में दुनिया भर में हाल के विकास के बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने न केवल उद्योगों के लिए, बल्कि परिवारों के लिए भी ऊर्जा सुरक्षित की है। उन्होंने एलपीजी सिलेंडरों की संख्या 2014 के 14 करोड़ से बढ़कर 2023 में 32 करोड़ होने का उदाहरण दिया और गैस की कीमतों में हाल में हुई कमी का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार देश में एलपीजी वितरण नेटवर्क के विस्तार को बढ़ावा दे रही है।" उन्होंने कहा कि हसन-चेरलापल्ली एलपीजी पाइपलाइन परियोजना क्षेत्र में लोगों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कृष्णापट्टनम से हैदराबाद के बीच बहु-उत्पाद पेट्रोलियम पाइपलाइन की आधारशिला रखने का भी जिक्र किया, जिससे तेलंगाना में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसरों के सृजन में मदद मिलेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री ने हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में कई इमारतों का उद्घाटन किया। केंद्र सरकार ने हैदराबाद विश्वविद्यालय को 'उत्कृष्ट संस्थान' का दर्जा दिया है और विशेष धनराशि प्रदान की है। प्रधानमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा, "भारत सरकार मुलुगु जिले में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है। इस विश्वविद्यालय का नाम श्रद्धेय जनजातीय देवी सम्मक्का-सरक्का के नाम पर रखा जाएगा। सम्मक्का-सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।" श्री मोदी ने इस केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के लिए तेलंगाना के लोगों को बधाई दी। इस अवसर पर तेलंगाना की राज्यपाल सुश्री तमिलिसाई सुंदरराजन, केंद्रीय मंत्री श्री जी किशन रेड्डी, संसद सदस्य श्री बंदी संजय कुमार तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। देश भर में आधुनिक सड़क अवसंरचना के विकास से संबंधित प्रधानमंत्री के विज़न को साकार करने के एक कदम के रूप में, कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने प्रमुख सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जो नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे का हिस्सा हैं। परियोजनाओं में शामिल हैं - एनएच-163जी के 'वारंगल से खम्मम खंड तक 108 किमी लंबा चार-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग और एनएच-163जी के खम्मम से विजयवाड़ा खंड तक 90 किमी लंबा 'चार-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग। ये सड़क परियोजनाएं लगभग 6400 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएंगी। परियोजनाओं से वारंगल और खम्मम के बीच दूरी लगभग 14 किमी कम हो जाएगी और खम्मम और विजयवाड़ा के बीच भी दूरी में लगभग 27 किमी की कमी आयेगी। प्रधानमंत्री ने एक सड़क परियोजना का लोकार्पण किया - 'एनएच-365बीबी पर 59 किमी लंबा व चार लेन वाला सूर्यापेट- खम्मम खंड। लगभग 2,460 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह परियोजना हैदराबाद-विशाखापत्तनम कॉरिडोर का एक हिस्सा है और इसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया गया है। यह सड़क परियोजना खम्मम जिले और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क परिवहन सुविधा भी प्रदान करेगी। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने '37 किलोमीटर लम्बी जक्लैर - कृष्णा नई रेलवे लाइन' का लोकार्पण किया। 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित, नयी रेल लाइन पहली बार नारायणपेट जिले के पिछड़े क्षेत्रों को रेल सुविधा से जोड़ती है। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृष्णा स्टेशन से हैदराबाद (काचीगुडा) - रायचूर - हैदराबाद (काचीगुडा) ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। ट्रेन सेवा तेलंगाना के हैदराबाद, रंगारेड्डी, महबूबनगर और नारायणपेट जिलों को कर्नाटक के रायचूर जिले से जोड़ेगी। यह सेवा महबूबनगर और नारायणपेट जिलों के पिछड़े क्षेत्रों को पहली बार रेल सुविधा प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्र के छात्रों, दैनिक यात्रियों, श्रमिकों और स्थानीय हथकरघा उद्योग को लाभ होगा। देश भर में लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार से जुड़े प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप, कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण तेल और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने 'हसन-चेरलापल्ली एलपीजी पाइपलाइन परियोजना' राष्ट्र को समर्पित की। लगभग 2170 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, कर्नाटक के हसन से चेरलापल्ली (हैदराबाद का उपनगर) तक एलपीजी पाइपलाइन, क्षेत्र में एलपीजी परिवहन और वितरण का एक सुरक्षित, लागत प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम प्रदान करती है। उन्होंने कृष्णापट्टनम से हैदराबाद (मलकापुर) तक 'भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बहु-उत्पाद पेट्रोलियम पाइपलाइन' की आधारशिला भी रखी। 425 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन 1940 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाएगी। यह पाइपलाइन क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों का एक सुरक्षित, तेज, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल उपाय की सुविधा प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री ने 'हैदराबाद विश्वविद्यालय की पांच नई इमारतों' यानि स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स; स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स एंड स्टेटिस्टिक्स; स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज; व्याख्यान कक्ष परिसर - III और सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन (एनेक्सी) का भी उद्घाटन किया। हैदराबाद विश्वविद्यालय में अवसंरचना-उन्नयन, छात्रों तथा शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक और कदम है। Read this release in:
Posted On: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महबूबनगर, तेलंगाना में तेरह,पाँच सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। विकास परियोजनाएँ सड़क, रेल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक ट्रेन सेवा को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। उपस्थित जन-समुदाय को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने त्योहारों के मौसम के आगमन को रेखांकित किया और कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने से नवरात्रि की शुरुआत से पहले शक्ति पूजा की भावना स्थापित हुई है। प्रधानमंत्री ने आज कई सड़क संपर्क परियोजनाओं की आधारशिला रखने पर प्रसन्नता व्यक्त की, जो इस क्षेत्र में जीवन को बदल देंगी। नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा; तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में परिवहन और व्यापार को आसान बनाएगा। इन परियोजनाओं से इन राज्यों में व्यापार, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर में प्रमुख आर्थिक केंद्रों की पहचान की गई है, जिनमें आठ विशेष आर्थिक क्षेत्र, पाँच मेगा फूड पार्क, चार फिशिंग सीफूड क्लस्टर, तीन फार्मा और मेडिकल क्लस्टर और एक टेक्सटाइल क्लस्टर शामिल हैं। इससे हनमकोंडा, महबूबाबाद, वारंगल और खम्मम जिलों के युवाओं के लिए अवसरों के कई द्वार खुलेंगे। प्रधानमंत्री ने स्थानीय निर्मित उत्पादों को बंदरगाहों तक ले जाने के लिए तेलंगाना जैसे भूमि से घिरे राज्य के संदर्भ में रेल और सड़क परिवहन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के कई प्रमुख आर्थिक गलियारे तेलंगाना से होकर गुजर रहे हैं। ये सभी, राज्य को पूर्वी और पश्चिमी तट से जोड़ने का माध्यम बनेंगे। हैदराबाद विशाखापत्तनम कॉरिडोर का सूर्यापेट-खम्मम खंड भी इसमें मदद करेगा। इससे पूर्वी तट तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उद्योगों और व्यवसायों की लॉजिस्टिक लागत भी कम होगी। उन्होंने कहा कि जक्लैर और कृष्णा खंड के बीच बन रही रेलवे लाइन भी यहां के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के हल्दी किसानों के लाभ के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन की घोषणा की। उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड, आपूर्ति श्रृंखला में मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रित करेगा और किसानों के लिए अवसंरचना सुधार में मदद करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन पर तेलंगाना और पूरे देश के हल्दी उगाने वाले किसानों को बधाई दी। ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा क्षेत्र में दुनिया भर में हाल के विकास के बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने न केवल उद्योगों के लिए, बल्कि परिवारों के लिए भी ऊर्जा सुरक्षित की है। उन्होंने एलपीजी सिलेंडरों की संख्या दो हज़ार चौदह के चौदह करोड़ से बढ़कर दो हज़ार तेईस में बत्तीस करोड़ होने का उदाहरण दिया और गैस की कीमतों में हाल में हुई कमी का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार देश में एलपीजी वितरण नेटवर्क के विस्तार को बढ़ावा दे रही है।" उन्होंने कहा कि हसन-चेरलापल्ली एलपीजी पाइपलाइन परियोजना क्षेत्र में लोगों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कृष्णापट्टनम से हैदराबाद के बीच बहु-उत्पाद पेट्रोलियम पाइपलाइन की आधारशिला रखने का भी जिक्र किया, जिससे तेलंगाना में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसरों के सृजन में मदद मिलेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री ने हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में कई इमारतों का उद्घाटन किया। केंद्र सरकार ने हैदराबाद विश्वविद्यालय को 'उत्कृष्ट संस्थान' का दर्जा दिया है और विशेष धनराशि प्रदान की है। प्रधानमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा, "भारत सरकार मुलुगु जिले में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है। इस विश्वविद्यालय का नाम श्रद्धेय जनजातीय देवी सम्मक्का-सरक्का के नाम पर रखा जाएगा। सम्मक्का-सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय पर लगभग नौ सौ करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।" श्री मोदी ने इस केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के लिए तेलंगाना के लोगों को बधाई दी। इस अवसर पर तेलंगाना की राज्यपाल सुश्री तमिलिसाई सुंदरराजन, केंद्रीय मंत्री श्री जी किशन रेड्डी, संसद सदस्य श्री बंदी संजय कुमार तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। देश भर में आधुनिक सड़क अवसंरचना के विकास से संबंधित प्रधानमंत्री के विज़न को साकार करने के एक कदम के रूप में, कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने प्रमुख सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जो नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे का हिस्सा हैं। परियोजनाओं में शामिल हैं - एनएच-एक सौ तिरेसठजी के 'वारंगल से खम्मम खंड तक एक सौ आठ किमी लंबा चार-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग और एनएच-एक सौ तिरेसठजी के खम्मम से विजयवाड़ा खंड तक नब्बे किमी लंबा 'चार-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग। ये सड़क परियोजनाएं लगभग छः हज़ार चार सौ करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएंगी। परियोजनाओं से वारंगल और खम्मम के बीच दूरी लगभग चौदह किमी कम हो जाएगी और खम्मम और विजयवाड़ा के बीच भी दूरी में लगभग सत्ताईस किमी की कमी आयेगी। प्रधानमंत्री ने एक सड़क परियोजना का लोकार्पण किया - 'एनएच-तीन सौ पैंसठबीबी पर उनसठ किमी लंबा व चार लेन वाला सूर्यापेट- खम्मम खंड। लगभग दो,चार सौ साठ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह परियोजना हैदराबाद-विशाखापत्तनम कॉरिडोर का एक हिस्सा है और इसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया गया है। यह सड़क परियोजना खम्मम जिले और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क परिवहन सुविधा भी प्रदान करेगी। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने 'सैंतीस किलोग्राममीटर लम्बी जक्लैर - कृष्णा नई रेलवे लाइन' का लोकार्पण किया। पाँच सौ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित, नयी रेल लाइन पहली बार नारायणपेट जिले के पिछड़े क्षेत्रों को रेल सुविधा से जोड़ती है। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृष्णा स्टेशन से हैदराबाद - रायचूर - हैदराबाद ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। ट्रेन सेवा तेलंगाना के हैदराबाद, रंगारेड्डी, महबूबनगर और नारायणपेट जिलों को कर्नाटक के रायचूर जिले से जोड़ेगी। यह सेवा महबूबनगर और नारायणपेट जिलों के पिछड़े क्षेत्रों को पहली बार रेल सुविधा प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्र के छात्रों, दैनिक यात्रियों, श्रमिकों और स्थानीय हथकरघा उद्योग को लाभ होगा। देश भर में लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार से जुड़े प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप, कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण तेल और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने 'हसन-चेरलापल्ली एलपीजी पाइपलाइन परियोजना' राष्ट्र को समर्पित की। लगभग दो हज़ार एक सौ सत्तर करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, कर्नाटक के हसन से चेरलापल्ली तक एलपीजी पाइपलाइन, क्षेत्र में एलपीजी परिवहन और वितरण का एक सुरक्षित, लागत प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम प्रदान करती है। उन्होंने कृष्णापट्टनम से हैदराबाद तक 'भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बहु-उत्पाद पेट्रोलियम पाइपलाइन' की आधारशिला भी रखी। चार सौ पच्चीस किलोग्राममीटर लंबी पाइपलाइन एक हज़ार नौ सौ चालीस करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाएगी। यह पाइपलाइन क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों का एक सुरक्षित, तेज, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल उपाय की सुविधा प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री ने 'हैदराबाद विश्वविद्यालय की पांच नई इमारतों' यानि स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स; स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स एंड स्टेटिस्टिक्स; स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज; व्याख्यान कक्ष परिसर - III और सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन का भी उद्घाटन किया। हैदराबाद विश्वविद्यालय में अवसंरचना-उन्नयन, छात्रों तथा शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक और कदम है। Read this release in:
रायपुर। Big Breaking : IAS सुबोध कुमार सिंह केंद्र में अब एडिश्नल सेकरेट्री फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यून होंगे। आज एपाइंटमेंट कमेटी आफ द कैबिनेट (ACC) ने सुबोध कुमार सिंह के प्रमोशन का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि उनका विभाग पूर्व की भांति नागरिक आपूर्ति विभाग ही रहेगा। 1997 बैच के IAS सुबोध कुमार सिंह के अलावे कई अन्य IAS अधिकारियों को नयी पोस्टिंग मिली है।
रायपुर। Big Breaking : IAS सुबोध कुमार सिंह केंद्र में अब एडिश्नल सेकरेट्री फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यून होंगे। आज एपाइंटमेंट कमेटी आफ द कैबिनेट ने सुबोध कुमार सिंह के प्रमोशन का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि उनका विभाग पूर्व की भांति नागरिक आपूर्ति विभाग ही रहेगा। एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे बैच के IAS सुबोध कुमार सिंह के अलावे कई अन्य IAS अधिकारियों को नयी पोस्टिंग मिली है।
सिलफडी गांव के ठिठियो टंगरा जंगल में सखुआ के पेड़ में से नाबालिग की लाश लटकी हुई मिली. गुमला. झारखंड के गुमला चैनपुर थाना क्षेत्र के नव प्राथमिक विद्यालय सिलफडी के 8र्वी क्लास के छात्र अल्बर्ट एक्का (15) ने सुसाइड कर लिया. पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है. नाबालिग के आत्महत्या करने से हर कोई सदमे में हैं. जानकारी के अनुसार, सिलफडी गांव के ठिठियो टंगरा जंगल में सखुआ के पेड़ में से नाबालिग की लाश लटकी हुई मिली. आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. अल्बर्ट एक्का पिता एफरेम एक्का छिछवानी गांव का निवासी हैं. वह मामा के घर सिलफडी गांव में रहकर गांव के ही स्कूल में पढ़ाई करता रहा. मृतक की मामी अलका बेक ने बताया कि धान कटनी के कारण अल्बर्ट पिछले एक माह से अपने गांव से ही स्कूल आना-जाना करता था. धान काटने की बात कहकर गांव चला गया. मामा ने अल्बर्ट के पिता को फोन कर इसकी सूचना दी थी. क्रिसमस के मौके पर कुछ युवक ठिटियो टंगरा की ओर घूमने गए थे तो देखा कि एक लड़का सखुआ के पेड़ पर फांसी से लटका हुआ है. जानकारी मिलने पर पहुंचे चैनपुर सर्किल इंस्पेक्टर बैजू उरांव, थाना प्रभारी आसुतोष कुमार सिंह ने शव को पेड़ से उतार कर कब्जे में ले लिया. थाना प्रभारी आसुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पड़ताल कर रही है. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. .
सिलफडी गांव के ठिठियो टंगरा जंगल में सखुआ के पेड़ में से नाबालिग की लाश लटकी हुई मिली. गुमला. झारखंड के गुमला चैनपुर थाना क्षेत्र के नव प्राथमिक विद्यालय सिलफडी के आठर्वी क्लास के छात्र अल्बर्ट एक्का ने सुसाइड कर लिया. पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है. नाबालिग के आत्महत्या करने से हर कोई सदमे में हैं. जानकारी के अनुसार, सिलफडी गांव के ठिठियो टंगरा जंगल में सखुआ के पेड़ में से नाबालिग की लाश लटकी हुई मिली. आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. अल्बर्ट एक्का पिता एफरेम एक्का छिछवानी गांव का निवासी हैं. वह मामा के घर सिलफडी गांव में रहकर गांव के ही स्कूल में पढ़ाई करता रहा. मृतक की मामी अलका बेक ने बताया कि धान कटनी के कारण अल्बर्ट पिछले एक माह से अपने गांव से ही स्कूल आना-जाना करता था. धान काटने की बात कहकर गांव चला गया. मामा ने अल्बर्ट के पिता को फोन कर इसकी सूचना दी थी. क्रिसमस के मौके पर कुछ युवक ठिटियो टंगरा की ओर घूमने गए थे तो देखा कि एक लड़का सखुआ के पेड़ पर फांसी से लटका हुआ है. जानकारी मिलने पर पहुंचे चैनपुर सर्किल इंस्पेक्टर बैजू उरांव, थाना प्रभारी आसुतोष कुमार सिंह ने शव को पेड़ से उतार कर कब्जे में ले लिया. थाना प्रभारी आसुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पड़ताल कर रही है. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. .
लाडू घेवर शुचि ल्याय, प्रभु पद प्रजन को । धरूं चरणन ढिग आय, मम क्षुधा नाशन को ॥ श्री० ॥ ॐ ही श्री खण्डागरसिद्धक्षेत्रेभ्यो सुधारोगविनाशनाय नैवेद्य निर्वपामीति वाहा ॥ ५ ॥ ले मणिमय दीपक थार, दोय कर जोड धरो । मम मोह अन्धेर निरवार, ज्ञान प्रकाश करों ॥ श्री० ॥ ॐ ह्री श्री खण्ड गिरि सिद्धक्षेत्रेभ्यो मोहान्धकारविनाशनाय दीप निर्मपामीति स्वाहा ॥६॥ ले दशविधि गन्ध कुटाय, अग्नि मझार घरों मम अष्ट-कर्म जल जांय, यातें पांय परों पांय परों ॥ श्री० ॥ ॐ ह्रीं श्री खण्ड गिरि सिद्धक्षम्यो अष्टकर्म विनाशनाय धूप निवपामीति स्वाहा ॥ ७ ॥ श्रीफल पिस्ता सु बदाम, आम नारंगि धरूं । ले प्रासुक हिम के थार, भवतर मोक्ष वरूं ॥ श्री० ॥ ॐॐ ह्रीं श्री खण्ड गिरि सिद्धक्षेत्रभ्यो मोक्षफलप्राप्तये फल निर्वपामीति स्वाहा ॥ ८ ॥ जल फल वसु द्रव्य पुनीत, लेकर अर्घ करूं । नाचूं गाऊ इह भांत, भवतर मोक्ष वरूं ॥ श्री० ॥ ॐ ही श्री खण्डगिरि सिद्धक्षेत्रेभ्यो अनर्घ्यपदप्राप्तये अध्यं निवपामीति स्वाहा ॥ ९ ॥ दोहा - देश कलिंगके मध्य है, खण्डगिरि सुखधाम । उदयागिरि तसु पास है, गाऊँ जय जय धाम ॥ श्री सिद्ध खण्डगिरि क्षेत्र जान, अति सरल चढाई तहा मान । अति सघन वृक्ष फल रहे आय, तिनकी सुगन्ध दशदिश जु जाय ॥ ताके सु मध्य में गुफा आय, नव मुनि सुनाम ताको कहाय । तामें प्रतिभा दशयोग धार, पद्मासन है हरि चवर डार ।। ता दक्षिण दिश इक गुफा जान, तामें चौबीस भगवान मान । जैन पूजा पाठ सम प्रति प्रतिमा इन्द्र सढे दुओर, कर घंवर धरै प्रभु भक्ति जोर ॥ नाजू बाजू खडी देवी द्वार, पद्मावती चक्रेश्वरी सार । कर द्वादश भुजि हथियार धार, मानहुँ निन्दक नहि आवे द्वार ।। ताके दक्षिण चली गुफा आय, सववसरा है ताको कहाय । तामें चौपीसी बनी मार, अरु प्रय प्रतिमा सब योग धार ।। सबमें हरि चमर सु घरहि हाथ, नित आय भव्य नावहिं सु माघ । चाके ऊपर मन्दिर विशाल, देखत भविजन होते निहाल ।। ता दक्षिण टूटी गुफा आय, तिनमें ग्यारह प्रतिमा सुहाय । पुनि पर्वत के ऊपर मु जाय, मन्दिर दीरघ मन को लुभाय ॥ चामें प्रतिमा भगवान जान, खद्गासन योग धरें महान । ले अष्ट द्रव्य ततु पूज्य कीन, मन वच वन करि मम धोक दीन ॥ सयौ जन्म मफल अपनो सु भाय, दर्शन अनूप देसो जिनाय । जब अष्ट-फर्म होंगे जु चूर, जात मुख पाहें पूर-पूर ।। पूम्व उत्तर द्वय निज सु धाम, प्रतिमा खड्गासन अति महान । दर्शन करके मन शुद्ध होय, शुभ बन्ध होय निश्चय जु जोग ।। पुनि एक गुफा में चिम्नसार, ताको पूजन कर फिर उतार । पुनि और गुफा साली अनेक, ते हैं सुनिजन के ध्यान हेतु ।। पुनि चल कर उदयगिरि मुजाय, भारी-भारी जु गुफा लखाय । इक गुफा माहि जिनराय जान, पद्मासन घर प्रभु करत ध्यान ।। जो पूजत है मत वचन काय, सो भव-भव के पातक नशाय । तिनमें इक हाथी गुफा जान, प्राचीन लेस शोभे महान ।। महाराज खारवेल नाम जास, जिनने जिनमत का किया प्रकाश । बनवाई गुफा मन्दिर अनेक, अरु करी प्रतिष्ठा भी अनेक ।।
लाडू घेवर शुचि ल्याय, प्रभु पद प्रजन को । धरूं चरणन ढिग आय, मम क्षुधा नाशन को ॥ श्रीशून्य ॥ ॐ ही श्री खण्डागरसिद्धक्षेत्रेभ्यो सुधारोगविनाशनाय नैवेद्य निर्वपामीति वाहा ॥ पाँच ॥ ले मणिमय दीपक थार, दोय कर जोड धरो । मम मोह अन्धेर निरवार, ज्ञान प्रकाश करों ॥ श्रीशून्य ॥ ॐ ह्री श्री खण्ड गिरि सिद्धक्षेत्रेभ्यो मोहान्धकारविनाशनाय दीप निर्मपामीति स्वाहा ॥छः॥ ले दशविधि गन्ध कुटाय, अग्नि मझार घरों मम अष्ट-कर्म जल जांय, यातें पांय परों पांय परों ॥ श्रीशून्य ॥ ॐ ह्रीं श्री खण्ड गिरि सिद्धक्षम्यो अष्टकर्म विनाशनाय धूप निवपामीति स्वाहा ॥ सात ॥ श्रीफल पिस्ता सु बदाम, आम नारंगि धरूं । ले प्रासुक हिम के थार, भवतर मोक्ष वरूं ॥ श्रीशून्य ॥ ॐॐ ह्रीं श्री खण्ड गिरि सिद्धक्षेत्रभ्यो मोक्षफलप्राप्तये फल निर्वपामीति स्वाहा ॥ आठ ॥ जल फल वसु द्रव्य पुनीत, लेकर अर्घ करूं । नाचूं गाऊ इह भांत, भवतर मोक्ष वरूं ॥ श्रीशून्य ॥ ॐ ही श्री खण्डगिरि सिद्धक्षेत्रेभ्यो अनर्घ्यपदप्राप्तये अध्यं निवपामीति स्वाहा ॥ नौ ॥ दोहा - देश कलिंगके मध्य है, खण्डगिरि सुखधाम । उदयागिरि तसु पास है, गाऊँ जय जय धाम ॥ श्री सिद्ध खण्डगिरि क्षेत्र जान, अति सरल चढाई तहा मान । अति सघन वृक्ष फल रहे आय, तिनकी सुगन्ध दशदिश जु जाय ॥ ताके सु मध्य में गुफा आय, नव मुनि सुनाम ताको कहाय । तामें प्रतिभा दशयोग धार, पद्मासन है हरि चवर डार ।। ता दक्षिण दिश इक गुफा जान, तामें चौबीस भगवान मान । जैन पूजा पाठ सम प्रति प्रतिमा इन्द्र सढे दुओर, कर घंवर धरै प्रभु भक्ति जोर ॥ नाजू बाजू खडी देवी द्वार, पद्मावती चक्रेश्वरी सार । कर द्वादश भुजि हथियार धार, मानहुँ निन्दक नहि आवे द्वार ।। ताके दक्षिण चली गुफा आय, सववसरा है ताको कहाय । तामें चौपीसी बनी मार, अरु प्रय प्रतिमा सब योग धार ।। सबमें हरि चमर सु घरहि हाथ, नित आय भव्य नावहिं सु माघ । चाके ऊपर मन्दिर विशाल, देखत भविजन होते निहाल ।। ता दक्षिण टूटी गुफा आय, तिनमें ग्यारह प्रतिमा सुहाय । पुनि पर्वत के ऊपर मु जाय, मन्दिर दीरघ मन को लुभाय ॥ चामें प्रतिमा भगवान जान, खद्गासन योग धरें महान । ले अष्ट द्रव्य ततु पूज्य कीन, मन वच वन करि मम धोक दीन ॥ सयौ जन्म मफल अपनो सु भाय, दर्शन अनूप देसो जिनाय । जब अष्ट-फर्म होंगे जु चूर, जात मुख पाहें पूर-पूर ।। पूम्व उत्तर द्वय निज सु धाम, प्रतिमा खड्गासन अति महान । दर्शन करके मन शुद्ध होय, शुभ बन्ध होय निश्चय जु जोग ।। पुनि एक गुफा में चिम्नसार, ताको पूजन कर फिर उतार । पुनि और गुफा साली अनेक, ते हैं सुनिजन के ध्यान हेतु ।। पुनि चल कर उदयगिरि मुजाय, भारी-भारी जु गुफा लखाय । इक गुफा माहि जिनराय जान, पद्मासन घर प्रभु करत ध्यान ।। जो पूजत है मत वचन काय, सो भव-भव के पातक नशाय । तिनमें इक हाथी गुफा जान, प्राचीन लेस शोभे महान ।। महाराज खारवेल नाम जास, जिनने जिनमत का किया प्रकाश । बनवाई गुफा मन्दिर अनेक, अरु करी प्रतिष्ठा भी अनेक ।।
दुनियाभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच वैक्सीन की कवायद भी तेज है। अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के साथ साझेदारी में विकसित कोविड-19 टीके के परीक्षण में पाया गया कि उससे ऐसे एंटीबॉडीज बने, जिनसे चूहों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाया जा सका। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। नेचर मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार टीके ने सीरियाई सुनहरे चूहों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाया और उन्हें निमोनिया जैसे अनेक रोगों तथा मौत से बचाया जा सका। जॉनसन एंड जॉनसन तथा बर्थ इजराइल डीकोनेस मेडिकल सेंटर (बीआईडीएमसी) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित टीके में सामान्य सर्दी जुखाम के वायरस 'एडिनोवायरस सीरोटाइप 26 (एडी26) का इस्तेमाल किया गया है। बता ेदं कि इससे पहले कई वैक्सीन बंदरों में सफल साबित हो चुके हैं। बीआईडीएमसी सेंटर फॉर वायरोलॉजी एंड वैक्सीन रिसर्च के निदेशक डैन बरूच ने कहा, 'हमने हाल ही में देखा कि एडी-26 आधारित सार्स-सीओवी-2 टीके ने बंदरों के अंदर मजबूत सुरक्षा प्रणाली विकसित की और अब इसका परीक्षण मनुष्यों पर किया जा रहा है। हालांकि बंदरों को सामान्य रूप से अधिक गंभीर बीमारियां नहीं होतीं और इसलिए यह अध्ययन करना जरूरी था कि क्या यह टीका चूहों को गंभीर निमोनिया और सार्स-सीओवी-2 से मौत से बचा सकता है। ' बता दें कि अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की रेस में तीन कंपनियां आगे चल रही हैं। तीन दवा निर्माता अपने वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में हैं, जिनमें हजारों वॉलंटियर्स पर ट्रायल हो रहा है। पहली कंपनी एस्ट्राजेनेका जो किस इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनर्शिप में वैक्सीन बना रही है, दूसरी मॉडर्ना है जो अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के साथ टीका डेवलप कर रही है और तीसरी फीजर अथवा बायोटेक अलायंस है।
दुनियाभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच वैक्सीन की कवायद भी तेज है। अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के साथ साझेदारी में विकसित कोविड-उन्नीस टीके के परीक्षण में पाया गया कि उससे ऐसे एंटीबॉडीज बने, जिनसे चूहों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाया जा सका। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। नेचर मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार टीके ने सीरियाई सुनहरे चूहों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाया और उन्हें निमोनिया जैसे अनेक रोगों तथा मौत से बचाया जा सका। जॉनसन एंड जॉनसन तथा बर्थ इजराइल डीकोनेस मेडिकल सेंटर द्वारा संयुक्त रूप से विकसित टीके में सामान्य सर्दी जुखाम के वायरस 'एडिनोवायरस सीरोटाइप छब्बीस का इस्तेमाल किया गया है। बता ेदं कि इससे पहले कई वैक्सीन बंदरों में सफल साबित हो चुके हैं। बीआईडीएमसी सेंटर फॉर वायरोलॉजी एंड वैक्सीन रिसर्च के निदेशक डैन बरूच ने कहा, 'हमने हाल ही में देखा कि एडी-छब्बीस आधारित सार्स-सीओवी-दो टीके ने बंदरों के अंदर मजबूत सुरक्षा प्रणाली विकसित की और अब इसका परीक्षण मनुष्यों पर किया जा रहा है। हालांकि बंदरों को सामान्य रूप से अधिक गंभीर बीमारियां नहीं होतीं और इसलिए यह अध्ययन करना जरूरी था कि क्या यह टीका चूहों को गंभीर निमोनिया और सार्स-सीओवी-दो से मौत से बचा सकता है। ' बता दें कि अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की रेस में तीन कंपनियां आगे चल रही हैं। तीन दवा निर्माता अपने वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में हैं, जिनमें हजारों वॉलंटियर्स पर ट्रायल हो रहा है। पहली कंपनी एस्ट्राजेनेका जो किस इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनर्शिप में वैक्सीन बना रही है, दूसरी मॉडर्ना है जो अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के साथ टीका डेवलप कर रही है और तीसरी फीजर अथवा बायोटेक अलायंस है।
चंडीगढ़। पंजाब के बिजली एवं सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह का इस्तीफा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नामंजूर कर दिया है। अब उनके इस्तीफे पर अंतिम फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधीलेंगे। इसके लिए कैप्टन वीरवार को राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। कैप्टन दिल्ली पहुंच गए हैं। कैप्टन ने माना कि राणा का इस्तीफा उन्हें मिल गया है, लेकिन अभी स्वीकार नहीं किया है। हाईकमान के साथ मीटिंग के बाद इस पर अंतिम फैसला होगा। गौरतलब है कि नीलामी में अपने रसोइए के नाम पर रेत खड्डों लेने और 1000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के मुख्य आरोपी गुरिंदर सिंह से पांच करोड़ रुपये राजबीर एंटरप्राइसिस के लिए लेने के आरोपों में फंसे राणा गुरजीत ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को लेकर सचिवालय में ही नहीं, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी खूब चर्चा रही। कुछ लोग इसे देरी से उठाया हुआ सही कदम बता रहे थे। कुछ का कहना है कि उनके इस्तीफे ने आम आदमी पार्टी में भी जान फूंक दी है। आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल खैहरा ने ही इस मुद्दे को सबसे ज्यादा उछाला। सूचना अधिकार का उपयोग करके उन्होंने राणा की कंपनियों से संबंधित कई दस्तावेज पेश किए। यहां तक कि नारंग कमीशन की रिपोर्ट भी उन्होंने सूचना अधिकार का उपयोग करके ही ली। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सिंचाई विभाग के ठेकेदार गुरिंदर सिंह से पांच करोड़ रुपये राणा की कंपनी द्वारा लेने का लिंक सामने आया। गुरिंदर सिंह एक हजार करोड़ से ज्यादा के घोटाले के मामले में विजिलेंस की कैद में हैं। सुखपाल खैहरा ने नारंग कमीशन को भी कठघरे में खड़ा किया और कई ऐसे सवाल दागे, जिनके बारे में नारंग कमिशन की रिपोर्ट खामोश थी। सूत्रों से पता चला है कि जैसे ही राणा गुरजीत सिंह के इस्तीफा देने की खबर प्रकाशित हुई, वैसे ही मंत्रियों में राणा गुरजीत सिंह का मलाईदार सिंचाई महकमा लेने की मंत्रियों में होड़ लग गई। पहले से ही एक बड़ा महकमा संभाल रहे एक मंत्री तो इस मामले को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिल भी चुके हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निकटवर्ती सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री राणा गुरजीत का इस्तीफा लुधियाना नगर निगम के चुनाव के बाद ही स्वीकार करना चाहते हैं। नगर निगम के चुनाव फरवरी के पहले या दूसरे हफ्ते में होने हैं। वैसे, पटियाला, अमृतसर और जालंधर के नगर निगमों के चुनाव के बाद यहां मेयरों और डिप्टी मेयरों का चयन करने के लिए भी राहुल गांधी के साथ मीटिंग है जिसमें पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी, पार्टी के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ा, सह प्रभारी हरीश राय चौधरी और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहेंगे।
चंडीगढ़। पंजाब के बिजली एवं सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह का इस्तीफा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नामंजूर कर दिया है। अब उनके इस्तीफे पर अंतिम फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधीलेंगे। इसके लिए कैप्टन वीरवार को राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। कैप्टन दिल्ली पहुंच गए हैं। कैप्टन ने माना कि राणा का इस्तीफा उन्हें मिल गया है, लेकिन अभी स्वीकार नहीं किया है। हाईकमान के साथ मीटिंग के बाद इस पर अंतिम फैसला होगा। गौरतलब है कि नीलामी में अपने रसोइए के नाम पर रेत खड्डों लेने और एक हज़ार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के मुख्य आरोपी गुरिंदर सिंह से पांच करोड़ रुपये राजबीर एंटरप्राइसिस के लिए लेने के आरोपों में फंसे राणा गुरजीत ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को लेकर सचिवालय में ही नहीं, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी खूब चर्चा रही। कुछ लोग इसे देरी से उठाया हुआ सही कदम बता रहे थे। कुछ का कहना है कि उनके इस्तीफे ने आम आदमी पार्टी में भी जान फूंक दी है। आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल खैहरा ने ही इस मुद्दे को सबसे ज्यादा उछाला। सूचना अधिकार का उपयोग करके उन्होंने राणा की कंपनियों से संबंधित कई दस्तावेज पेश किए। यहां तक कि नारंग कमीशन की रिपोर्ट भी उन्होंने सूचना अधिकार का उपयोग करके ही ली। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सिंचाई विभाग के ठेकेदार गुरिंदर सिंह से पांच करोड़ रुपये राणा की कंपनी द्वारा लेने का लिंक सामने आया। गुरिंदर सिंह एक हजार करोड़ से ज्यादा के घोटाले के मामले में विजिलेंस की कैद में हैं। सुखपाल खैहरा ने नारंग कमीशन को भी कठघरे में खड़ा किया और कई ऐसे सवाल दागे, जिनके बारे में नारंग कमिशन की रिपोर्ट खामोश थी। सूत्रों से पता चला है कि जैसे ही राणा गुरजीत सिंह के इस्तीफा देने की खबर प्रकाशित हुई, वैसे ही मंत्रियों में राणा गुरजीत सिंह का मलाईदार सिंचाई महकमा लेने की मंत्रियों में होड़ लग गई। पहले से ही एक बड़ा महकमा संभाल रहे एक मंत्री तो इस मामले को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिल भी चुके हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निकटवर्ती सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री राणा गुरजीत का इस्तीफा लुधियाना नगर निगम के चुनाव के बाद ही स्वीकार करना चाहते हैं। नगर निगम के चुनाव फरवरी के पहले या दूसरे हफ्ते में होने हैं। वैसे, पटियाला, अमृतसर और जालंधर के नगर निगमों के चुनाव के बाद यहां मेयरों और डिप्टी मेयरों का चयन करने के लिए भी राहुल गांधी के साथ मीटिंग है जिसमें पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी, पार्टी के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ा, सह प्रभारी हरीश राय चौधरी और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहेंगे।
नोएडा स्वॉट (SWAT) टीम के एक इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल को पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया. एटीएम चोरों की गैंग से कार और 20 लाख रुपए लेने के मामले में पुलिसकर्मियों पर यह कार्रवाई की गई है. गाजियाबाद पुलिस की पूछताछ में गैंग मेंबर्स ने नोएडा पुलिस के लेन-देन का खुलासा किया था. पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर आलोक कुमार सिंह ने क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर सावेज खान के साथ कॉन्स्टेबल अमरीश यादव को बर्खास्त किया. इन दोनों और इनकी टीम पर एटीएम लूट कांड के आरोपियों को 20 लाख रुपए और क्रेटा कार लेकर छोड़ देने का आरोप साबित हुआ है. बीते सोमवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना पुलिस से पूछताछ में गैंग ने इस बात का खुलासा किया था. पुलिस कमिश्नर ने जानकारी मिलते ही जांच बैठा दी थी. जांच में दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को बर्खास्त किया गया है. साथ ही स्वाट टीम को भंग कर इस प्रकरण में अन्य कर्मियों को नोटिस भी जारी किया है. क्या है पूरा मामला? दरअसल, सोमवार को गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एटीएम हैकर गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया था और उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ चल रही थी, तभी हैकर गिरोह से सीसीटीवी में कैद एक क्रेटा कार के बारे में पूछा, तो बताया कि यह क्रेटा कार नोएडा पुलिस की एसओजी की टीम के पास है. साथ ही बताया कि उन्हें करीब 3 माह पहले एसओजी नोएडा की टीम ने पकड़ा था, उस दौरान उनके पास 10 लाख रुपये नकद थे, जो एसओजी टीम ने ले लिए थे. उसके बाद बदमाशों से और 10 लाख रुपये लेने के लिए एसओजी की एक टीम उनके घर गई थी. पुलिस टीम वहां से 10 लाख रुपए और क्रेटा कार ले आई. इस पर थाना इंदिरापुरम पुलिस ने हैकर को उनके घर ले जाकर वहां से एसओजी टीम द्वारा क्रेटा कार ले जाने की सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर लिए. और यह पूरी जानकारी की पूरी रिपोर्ट बनाकर डीजीपी मुख्यालय को भेजी, जिसमें जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह को निर्देश दिए और फिर ये कार्रवाई की गई है.
नोएडा स्वॉट टीम के एक इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल को पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया. एटीएम चोरों की गैंग से कार और बीस लाख रुपए लेने के मामले में पुलिसकर्मियों पर यह कार्रवाई की गई है. गाजियाबाद पुलिस की पूछताछ में गैंग मेंबर्स ने नोएडा पुलिस के लेन-देन का खुलासा किया था. पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर आलोक कुमार सिंह ने क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर सावेज खान के साथ कॉन्स्टेबल अमरीश यादव को बर्खास्त किया. इन दोनों और इनकी टीम पर एटीएम लूट कांड के आरोपियों को बीस लाख रुपए और क्रेटा कार लेकर छोड़ देने का आरोप साबित हुआ है. बीते सोमवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना पुलिस से पूछताछ में गैंग ने इस बात का खुलासा किया था. पुलिस कमिश्नर ने जानकारी मिलते ही जांच बैठा दी थी. जांच में दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को बर्खास्त किया गया है. साथ ही स्वाट टीम को भंग कर इस प्रकरण में अन्य कर्मियों को नोटिस भी जारी किया है. क्या है पूरा मामला? दरअसल, सोमवार को गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एटीएम हैकर गिरोह के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया था और उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ चल रही थी, तभी हैकर गिरोह से सीसीटीवी में कैद एक क्रेटा कार के बारे में पूछा, तो बताया कि यह क्रेटा कार नोएडा पुलिस की एसओजी की टीम के पास है. साथ ही बताया कि उन्हें करीब तीन माह पहले एसओजी नोएडा की टीम ने पकड़ा था, उस दौरान उनके पास दस लाख रुपये नकद थे, जो एसओजी टीम ने ले लिए थे. उसके बाद बदमाशों से और दस लाख रुपये लेने के लिए एसओजी की एक टीम उनके घर गई थी. पुलिस टीम वहां से दस लाख रुपए और क्रेटा कार ले आई. इस पर थाना इंदिरापुरम पुलिस ने हैकर को उनके घर ले जाकर वहां से एसओजी टीम द्वारा क्रेटा कार ले जाने की सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर लिए. और यह पूरी जानकारी की पूरी रिपोर्ट बनाकर डीजीपी मुख्यालय को भेजी, जिसमें जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह को निर्देश दिए और फिर ये कार्रवाई की गई है.
६९-हमारे शरीरको मच्छड़, खटमल या जंकाट देती है या कोई फुन्सी हो जाती है तो उसके लिये • कितना खयाल किया जाता है ? पर जीवसे कामक्रोध चिमट रहे हैं इसका कुछ खयाल है ? जिस आदमीको धर्मका तत्व जानने की इच्छा हो उस आदमीफो यह यात मच्छी तरह समझ लेना चाहिये कि दे मौर जीवात्मा दो अलग अलन चीजें है। देह जड़ है, भूख प्यासका स्वभाव रखनेवाली है, थकावट, नींव, जाप्रत वगैरह दशावाली है और अनेक तरह के विकारॉस भरी हुई है तथा इसका जल्द नाश हो जाता है। परन्तु इसमें जो जीवात्मा है वह चैतन्य स्वरूप है, वह अमर रहनेवाली है, वह बिना बिकारफे है, वह बिना खाये पियेभी जी सकती है, वह जुदी जुदी देहोंमें जाती है तौभी खास उसके मन्दर कुछ भी फेर बदल नहीं होता और मन, बुद्धि, इन्द्रियां तथा शरीरके सघ अवयव उसीफी सत्तासे अपना अपना काम कर सकते हैं। अगर उनमेंसे जीव निकल जाय तो उनसे कुछ न हो सके। शरीर सब तरह से जीवके आधार पर है. इसलिये ऐसे जीव लाखों दरजे श्रेष्ठ है। इतना ही नहीं गल्कि जो सुख दुःख भोगने पड़ते हैं वे भी जीवको हो भोगने पड़ते हैं, जो जन्म लेना पड़ता है पद भी जीवको ही लेना पड़ता है और पाप पुण्यका जो अच्छा बुरा फल भोगना पड़ता है यह भी जीयको हो भोगना पड़ता है। मतलब यह कि धर्म के शुभ फल भोगनेका सबसे अधिक लाभ जांचको ही मिलता है।. बेहको तो उसके हिसायसे बहुत थोड़ा ही लाभ मिलता है । क्योंकि धर्म पालनेफा बल देदमें नहीं है, पकि यह पल
उनहत्तर-हमारे शरीरको मच्छड़, खटमल या जंकाट देती है या कोई फुन्सी हो जाती है तो उसके लिये • कितना खयाल किया जाता है ? पर जीवसे कामक्रोध चिमट रहे हैं इसका कुछ खयाल है ? जिस आदमीको धर्मका तत्व जानने की इच्छा हो उस आदमीफो यह यात मच्छी तरह समझ लेना चाहिये कि दे मौर जीवात्मा दो अलग अलन चीजें है। देह जड़ है, भूख प्यासका स्वभाव रखनेवाली है, थकावट, नींव, जाप्रत वगैरह दशावाली है और अनेक तरह के विकारॉस भरी हुई है तथा इसका जल्द नाश हो जाता है। परन्तु इसमें जो जीवात्मा है वह चैतन्य स्वरूप है, वह अमर रहनेवाली है, वह बिना बिकारफे है, वह बिना खाये पियेभी जी सकती है, वह जुदी जुदी देहोंमें जाती है तौभी खास उसके मन्दर कुछ भी फेर बदल नहीं होता और मन, बुद्धि, इन्द्रियां तथा शरीरके सघ अवयव उसीफी सत्तासे अपना अपना काम कर सकते हैं। अगर उनमेंसे जीव निकल जाय तो उनसे कुछ न हो सके। शरीर सब तरह से जीवके आधार पर है. इसलिये ऐसे जीव लाखों दरजे श्रेष्ठ है। इतना ही नहीं गल्कि जो सुख दुःख भोगने पड़ते हैं वे भी जीवको हो भोगने पड़ते हैं, जो जन्म लेना पड़ता है पद भी जीवको ही लेना पड़ता है और पाप पुण्यका जो अच्छा बुरा फल भोगना पड़ता है यह भी जीयको हो भोगना पड़ता है। मतलब यह कि धर्म के शुभ फल भोगनेका सबसे अधिक लाभ जांचको ही मिलता है।. बेहको तो उसके हिसायसे बहुत थोड़ा ही लाभ मिलता है । क्योंकि धर्म पालनेफा बल देदमें नहीं है, पकि यह पल
कसौली -देश की राजधानी दिल्ली सहित मैदानी इलाकों में गर्मी का तापमान 50 डिग्री के नजदीक पहुंचते ही हिमाचल के पहाड़ों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ना शुरू हो चुकी है। हिमाचल के हिल स्टेशन कसौली में इन दिनों होटल कारोबार खूब चांदी कूट रहा है। कसौली में मौजूद एक सौ से अधिक होटल व होम सटे रोजाना फुल पैक हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली व कसौली के तापमान में लगभग 15 डिग्री का अंतर है। जिसे देखकर मैदानी इलाकों के लोगों हर वीकेंड पर कसौली का रुख कर रहे हैं।
कसौली -देश की राजधानी दिल्ली सहित मैदानी इलाकों में गर्मी का तापमान पचास डिग्री के नजदीक पहुंचते ही हिमाचल के पहाड़ों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ना शुरू हो चुकी है। हिमाचल के हिल स्टेशन कसौली में इन दिनों होटल कारोबार खूब चांदी कूट रहा है। कसौली में मौजूद एक सौ से अधिक होटल व होम सटे रोजाना फुल पैक हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली व कसौली के तापमान में लगभग पंद्रह डिग्री का अंतर है। जिसे देखकर मैदानी इलाकों के लोगों हर वीकेंड पर कसौली का रुख कर रहे हैं।
जम्मू के रियासी के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सियाड़ बाबा में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जम्मू के रियासी के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सियाड़ बाबा में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर यहां भूस्खलन होने से कई लोग इसके मलबे में दब गए। इस घटना में अभी सात लोगों की मौत हुई है। जम्मू के रियासी के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सियाड़ बाबा में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मणिपुर के तमेंगलोंग जिले में बुधवार को भूस्खलन की घटना में पांच बच्चों सहित नौ लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के अध्यक्ष अदिम पनमेई ने कहा कि मृतकों में तीन लड़कियां व दो लड़के हैं, जबकि दो और बच्चे लापता है। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बुधवार को मध्यम से लेकर भारी बारिश दर्ज की गई जिससे कुछ इलाकों में भूस्खलन व सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हो गई जबकि सभी प्रमुख नदियों व उनकी सहायक नदियों में पानी का स्तर बढ़ गया। मुंबई एयरपोर्ट पर आज उस समय बड़ा हादसा टल गया जब एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान भारी बारिश के बीच लैंडिंग के दौरान रनवे पर फिसल गया। वर्षा और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित जापान में अलग-अलग हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ कर कम से कम 141 पर पहुंच गई है। सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी दी। पिथौरागढ़ में तबाही का आलम ये है कि उत्तराखंड सरकार में वित्त मंत्री और पिथौरागढ़ से विधायक प्रकाश पंत ने प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वे किया लेकिन चिंता की बात ये कि ऐसे मंज़र लोगों के दिलों में और दहशत पैदा कर रहे हैं। लगातार बारिश के चलते उत्तराखंड में हालात भयानक हो चुके हैं। मृतकों और घायलों की पहचान नहीं हो पाई है और शवों को बालटाल आधार अस्पताल लाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि पुलिस अन्य सुरक्षा बल तथा बचाव एजेंसियां काम में जुटे हैं। दक्षिणपूर्व बांग्लादेश में करीब दस लाख रोहिंग्या शरणार्थियों के शिविरों के पास मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन में आज कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लापता हैं। पुलिस ने बताया कि इमारत में 14 लोग रह रहे थे। मध्य इथियोपिया में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में 23 लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यह भूस्खलन मध्य ओरोमिया क्षेत्र में कई घंटों की बारिश के बाद शनिवार को हुआ।
जम्मू के रियासी के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सियाड़ बाबा में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जम्मू के रियासी के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सियाड़ बाबा में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर यहां भूस्खलन होने से कई लोग इसके मलबे में दब गए। इस घटना में अभी सात लोगों की मौत हुई है। जम्मू के रियासी के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सियाड़ बाबा में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मणिपुर के तमेंगलोंग जिले में बुधवार को भूस्खलन की घटना में पांच बच्चों सहित नौ लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के अध्यक्ष अदिम पनमेई ने कहा कि मृतकों में तीन लड़कियां व दो लड़के हैं, जबकि दो और बच्चे लापता है। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बुधवार को मध्यम से लेकर भारी बारिश दर्ज की गई जिससे कुछ इलाकों में भूस्खलन व सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हो गई जबकि सभी प्रमुख नदियों व उनकी सहायक नदियों में पानी का स्तर बढ़ गया। मुंबई एयरपोर्ट पर आज उस समय बड़ा हादसा टल गया जब एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान भारी बारिश के बीच लैंडिंग के दौरान रनवे पर फिसल गया। वर्षा और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित जापान में अलग-अलग हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ कर कम से कम एक सौ इकतालीस पर पहुंच गई है। सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी दी। पिथौरागढ़ में तबाही का आलम ये है कि उत्तराखंड सरकार में वित्त मंत्री और पिथौरागढ़ से विधायक प्रकाश पंत ने प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वे किया लेकिन चिंता की बात ये कि ऐसे मंज़र लोगों के दिलों में और दहशत पैदा कर रहे हैं। लगातार बारिश के चलते उत्तराखंड में हालात भयानक हो चुके हैं। मृतकों और घायलों की पहचान नहीं हो पाई है और शवों को बालटाल आधार अस्पताल लाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि पुलिस अन्य सुरक्षा बल तथा बचाव एजेंसियां काम में जुटे हैं। दक्षिणपूर्व बांग्लादेश में करीब दस लाख रोहिंग्या शरणार्थियों के शिविरों के पास मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन में आज कम से कम चौदह लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लापता हैं। पुलिस ने बताया कि इमारत में चौदह लोग रह रहे थे। मध्य इथियोपिया में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में तेईस लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यह भूस्खलन मध्य ओरोमिया क्षेत्र में कई घंटों की बारिश के बाद शनिवार को हुआ।
;मुंबईः बॉलीवुड में फिल्म 'हीरो' से एंट्री करने वाले एक्टर सूरज पंचोली और एक्ट्रेस परिणीती चोपड़ा जल्द ही फिल्म 'सर्कस' में एकसाथ नजर आएंगे। इस फिल्म को डायरेक्टर कोरियोग्राफर बॉस्को मार्टिन डायरेक्ट करेंगे। खबर है कि इस फिल्म से मार्टिन डायरेक्शन की दुनिया में अपना पहला कदम रख रहे हैं। सर्कस की शूटिंग दिसंबर महीने में शुरू होगी। इस म्यूजिकल फिल्म में सुनील शेट्टी भी लीड रोल होंगे। यह फिल्म बाप-बेटे के रिलेशन पर बेस्ड है। बता दें कि एक्टर सूरज पंचोली ने कुछ समय पहले सुनील शेट्टी के साथ ट्विटर पर अपनी एक फोटो शेयर की थी। वहीं परिणीती चोपड़ा भी काफी समय से फिल्मी परदे से दूर हैं। आशा जताई जा रही कि इन दोनों की अपकमिंग फिल्म 'सर्कस' परदे पर कमाल दिखा सके।
;मुंबईः बॉलीवुड में फिल्म 'हीरो' से एंट्री करने वाले एक्टर सूरज पंचोली और एक्ट्रेस परिणीती चोपड़ा जल्द ही फिल्म 'सर्कस' में एकसाथ नजर आएंगे। इस फिल्म को डायरेक्टर कोरियोग्राफर बॉस्को मार्टिन डायरेक्ट करेंगे। खबर है कि इस फिल्म से मार्टिन डायरेक्शन की दुनिया में अपना पहला कदम रख रहे हैं। सर्कस की शूटिंग दिसंबर महीने में शुरू होगी। इस म्यूजिकल फिल्म में सुनील शेट्टी भी लीड रोल होंगे। यह फिल्म बाप-बेटे के रिलेशन पर बेस्ड है। बता दें कि एक्टर सूरज पंचोली ने कुछ समय पहले सुनील शेट्टी के साथ ट्विटर पर अपनी एक फोटो शेयर की थी। वहीं परिणीती चोपड़ा भी काफी समय से फिल्मी परदे से दूर हैं। आशा जताई जा रही कि इन दोनों की अपकमिंग फिल्म 'सर्कस' परदे पर कमाल दिखा सके।
गृहगोधा ने अपनी पत्नी के कथन का प्रतिवाद करते हुए कहा - "तू मूर्ख है, किन्तु, मै नही हु । थोडे से चन्दन के लिए मै अपने प्राणों को सकट मे नही डाल सकता । क्या तू नही जानती, ज्यो ही मैं कटोरी के समीप जाऊगा, राजा मुझे मार डालेगा । क्या मेरे प्राणो से भी अधिक आवश्यक और मूल्यवान यह चन्दन है ?" मादा गृहगोधा ने प्रतिवाद करते हुए कहा - " मैने यह कभी नहीं सोचा था कि मेरे स्वामी इतने नि सत्व है । जो व्यक्ति प्राणो को हथेली में रखकर खेलते है, वे ही जीवन मे कुछ पाते है । कायरो को इस पृथ्वी पर जीने का कोई अधिकार नहीं है । मुझे क्या पता था, आप इतने निर्वीर्य है कि मेरे छोटे से मनोरथ को भी पूर्ण नही कर सकेंगे।" चक्रवर्ती ब्रह्मदत्त उस समय नीद मे नही था । गृहगोधा युगल के वार्तालाप से उसके चेहरे पर स्मितहास्य उभर प्राया । रानी की भी उस समय आखे खुली थी। उसने जब यह देखा, मन में कुछ सशय हुआ । उसने तत्काल प्रश्न उपस्थित किया- "स्वामिन् । इस समय हास्य का क्या कारण ?" प्रश्न सुनते ही चक्रवर्ती ब्रह्मदत्त चौका । उसको एक झटका-सा लगा। उसने प्रसग को जुठलाने का प्रयत्न किया, किन्तु रानी ने हठ नही छोडा । ब्रह्मदत्त ने कहा - "यदि मै सत्य-सत्य कहूंगा, तो प्राणो से हाथ धोने पडेगे। रानी को इससे विशेष आश्चय हुधा । बात की कलई को बोलने के अभिप्राय से वह ठहाका मारकर हँस पड़ी। उसने कहा- 'बस, यही है, आपका पौरुप ? क्या इसी पौरुष के बल पर प्रापने भरत के समस्त छ खण्डों का राज्य जीता है? जो व्यक्ति भरने से घबराता है, क्या वह कभी गौरव पा सकता है ? आपको मृत्यु का क्या भय है ? देखिये, मैं यहाँ सुख में भापकी सगिनी हू तो मृत्यु का भी सहवरण करूंगी। भाप निसकोच मुझे सब कुछ कहें ।" रानी ने अपना भाग्रह नही छोडा । ब्रह्मदत्त दीवाल और लाठी के बीच मा गया। इसी उद्देश्बुन में उसका रात्रि-समय बीता । प्रात उसने मंत्री से परामश किया । मन्त्री ने दृढतापूर्वक निवेदन किया"एक घोर महारानी का आग्रह है और दूसरी ओर जनता के भाग्य के साथ खिलवाड । आप सोचें, आपकी अकाल मृत्यु से जनता पर कितना सन्ताप थडेगा। जनता के लिए पापको महारानी की उपेक्षा मुनिवर मुनिपत कर देनी चाहिए । " ब्रह्मदत्त जिस समय मंत्री के परामर्श पर चिन्तन करता, उसे लगता, महारानी के समक्ष जनता का पलड़ा भारी है, किन्तु, जिस समय महारानी के स्नेहिल व्यवहार की स्मृति होती, सारा ससार उसके समक्ष नगण्य प्रतीत होता । इसी ऊहापोह ने ब्रह्मदत्त को एक तट पर पहुंचा दिया। महारानी का स्नेह उसमे विजयी हुआ । ब्रह्मदत्त ने स्पष्ट शब्दो मे कहा"मैं महारानी के आग्रह की अवहेलना नही कर सकता । जो नारी मृत्यु का सहवरण करने को प्रस्तुत है, वह कितनी महान् है ? मुझे उसकी भावना का सम्मान करना चाहिए । मैंने निर्णय कर लिया है, मै उसे सारी घटना सुनाऊँगा । तुम मेरे लिए चिता सझाओ ।" मत्री की आँखो के आगे अन्धेरा छा गया । उसने ब्रह्मदत्त को निर्णय बदलने के लिए दबाव डाला, पर, उसका कोई भी असर नहीं हुआ। मंत्री को हार कर आदेश क्रियान्वित करना पड़ा । चिता प्रज्ज्वलित कर दी गई । ब्रह्मदत्त स्नान आदि से निवृत्त होकर वहाँ उपस्थित हुआ । मंत्री, सामन्त, सभासद्, अधिकारी, नागरिक सहस्रों की संख्या मे वहाँ एकत्र शोकाकुल ऋन्दन कर रहे थे । समय पर कही गई बात लक्ष्य वेध करने वाले वाण की तरह हृदम को वेष डालती है और उससे अप्रत्याशित परिवर्तन हो जाता है। एक ओर चिता घधक रही थी, ब्रह्मदत्त महारानी को बात बताने को उत्सुक हो रहा था, दूसरी ओर राजकीय अग्यो के लिए जबो से भरी गाडी जा रही थी। उसके पीछे एक बकरा और एक बकरी, चल रहे थे। बकरी ने सहसा बकरे से कहा- "इस गाडी से थोडे बन लाकर मुझे दो । मुझे उनके खाने का वोहद उत्पन्न हुआ है।" बकरे ने माँखें तरेरते हुए स्पष्ट शब्दो मे कहाक्या तू ने मुझे ब्राह्मदत्त समझ रखा है ? मैं ऐसा मूल नही हूँ कि तेरे एक तुच्छ कार्य के लिए प्राणो को सकट में डाल द।" बकरी ने कहा ~ "तुम निष्ठर हो। तुम्हें हृदय की पहचान नही है। हृदय के समक्ष जीवन-मरण का प्रश्न गौण होता है। ब्रह्मदत्त जैसा चक्रवर्ती यदि एक स्त्री के लिए अपने प्राणों का उत्सग करता है, तो वह कोई नादान तो नहीं है? तुम्हें उसका अनुसरण करना चाहिए।" बकरे ने कहा-"जो स्त्री के पीछे पागल होता है, उससे अधिक नादान ग्रन्थ कौन हो सकता है ? ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती है तो क्या हुआ ? क्या वह गल्ती नही कर सकता ? महारानी के पीछे अमूल्य जीवन को झोकना सबसे बडी मूर्खता है । " ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती का मुह महारानी के कान तक पहुॅचा हुआ पीछे हट गया । वकरे के कथन ने उसके सुषुप्त स्वाभिमान पर करारी चोट की । ब्रह्मदत्त चिता से भी दूर हट गया । उसने श्रादेश देकर तत्काल उसे शान्त करवा दिया। चक्रवर्ती राज महलों में लौट प्राया । उसने बकरे को अपना गुरु माना और उसे सत्कृत किया। अज- युगल को अपने पास बुलाकर दोनो को स्वर्ण-हार पहनाया गया और मनोहत्य जव उन्हें खाने के लिए दिए गये । चक्रवर्ती ब्रह्मदत्त ने महारानी को शिक्षा देने की ठानी । ज्यो ही वह राज महलो में आया, महारानी ने पुन उसी प्रश्न को दुहराया, हॅसी का कारण बताओ। ब्रह्मदत्त ने यह कहकर कि समय आने पर बतलाऊँगा, प्रसग को टाल दिया। दूसरे ही क्षण उसने सकेतित दासियो की ओर देखा । दासिया तत्काल ग्रागे बढी और उन्होने महारानी को हथकडियो और बेडियो से जकड़ लिया। ब्रह्मदत्त ने कोडा लिया और महारानी
गृहगोधा ने अपनी पत्नी के कथन का प्रतिवाद करते हुए कहा - "तू मूर्ख है, किन्तु, मै नही हु । थोडे से चन्दन के लिए मै अपने प्राणों को सकट मे नही डाल सकता । क्या तू नही जानती, ज्यो ही मैं कटोरी के समीप जाऊगा, राजा मुझे मार डालेगा । क्या मेरे प्राणो से भी अधिक आवश्यक और मूल्यवान यह चन्दन है ?" मादा गृहगोधा ने प्रतिवाद करते हुए कहा - " मैने यह कभी नहीं सोचा था कि मेरे स्वामी इतने नि सत्व है । जो व्यक्ति प्राणो को हथेली में रखकर खेलते है, वे ही जीवन मे कुछ पाते है । कायरो को इस पृथ्वी पर जीने का कोई अधिकार नहीं है । मुझे क्या पता था, आप इतने निर्वीर्य है कि मेरे छोटे से मनोरथ को भी पूर्ण नही कर सकेंगे।" चक्रवर्ती ब्रह्मदत्त उस समय नीद मे नही था । गृहगोधा युगल के वार्तालाप से उसके चेहरे पर स्मितहास्य उभर प्राया । रानी की भी उस समय आखे खुली थी। उसने जब यह देखा, मन में कुछ सशय हुआ । उसने तत्काल प्रश्न उपस्थित किया- "स्वामिन् । इस समय हास्य का क्या कारण ?" प्रश्न सुनते ही चक्रवर्ती ब्रह्मदत्त चौका । उसको एक झटका-सा लगा। उसने प्रसग को जुठलाने का प्रयत्न किया, किन्तु रानी ने हठ नही छोडा । ब्रह्मदत्त ने कहा - "यदि मै सत्य-सत्य कहूंगा, तो प्राणो से हाथ धोने पडेगे। रानी को इससे विशेष आश्चय हुधा । बात की कलई को बोलने के अभिप्राय से वह ठहाका मारकर हँस पड़ी। उसने कहा- 'बस, यही है, आपका पौरुप ? क्या इसी पौरुष के बल पर प्रापने भरत के समस्त छ खण्डों का राज्य जीता है? जो व्यक्ति भरने से घबराता है, क्या वह कभी गौरव पा सकता है ? आपको मृत्यु का क्या भय है ? देखिये, मैं यहाँ सुख में भापकी सगिनी हू तो मृत्यु का भी सहवरण करूंगी। भाप निसकोच मुझे सब कुछ कहें ।" रानी ने अपना भाग्रह नही छोडा । ब्रह्मदत्त दीवाल और लाठी के बीच मा गया। इसी उद्देश्बुन में उसका रात्रि-समय बीता । प्रात उसने मंत्री से परामश किया । मन्त्री ने दृढतापूर्वक निवेदन किया"एक घोर महारानी का आग्रह है और दूसरी ओर जनता के भाग्य के साथ खिलवाड । आप सोचें, आपकी अकाल मृत्यु से जनता पर कितना सन्ताप थडेगा। जनता के लिए पापको महारानी की उपेक्षा मुनिवर मुनिपत कर देनी चाहिए । " ब्रह्मदत्त जिस समय मंत्री के परामर्श पर चिन्तन करता, उसे लगता, महारानी के समक्ष जनता का पलड़ा भारी है, किन्तु, जिस समय महारानी के स्नेहिल व्यवहार की स्मृति होती, सारा ससार उसके समक्ष नगण्य प्रतीत होता । इसी ऊहापोह ने ब्रह्मदत्त को एक तट पर पहुंचा दिया। महारानी का स्नेह उसमे विजयी हुआ । ब्रह्मदत्त ने स्पष्ट शब्दो मे कहा"मैं महारानी के आग्रह की अवहेलना नही कर सकता । जो नारी मृत्यु का सहवरण करने को प्रस्तुत है, वह कितनी महान् है ? मुझे उसकी भावना का सम्मान करना चाहिए । मैंने निर्णय कर लिया है, मै उसे सारी घटना सुनाऊँगा । तुम मेरे लिए चिता सझाओ ।" मत्री की आँखो के आगे अन्धेरा छा गया । उसने ब्रह्मदत्त को निर्णय बदलने के लिए दबाव डाला, पर, उसका कोई भी असर नहीं हुआ। मंत्री को हार कर आदेश क्रियान्वित करना पड़ा । चिता प्रज्ज्वलित कर दी गई । ब्रह्मदत्त स्नान आदि से निवृत्त होकर वहाँ उपस्थित हुआ । मंत्री, सामन्त, सभासद्, अधिकारी, नागरिक सहस्रों की संख्या मे वहाँ एकत्र शोकाकुल ऋन्दन कर रहे थे । समय पर कही गई बात लक्ष्य वेध करने वाले वाण की तरह हृदम को वेष डालती है और उससे अप्रत्याशित परिवर्तन हो जाता है। एक ओर चिता घधक रही थी, ब्रह्मदत्त महारानी को बात बताने को उत्सुक हो रहा था, दूसरी ओर राजकीय अग्यो के लिए जबो से भरी गाडी जा रही थी। उसके पीछे एक बकरा और एक बकरी, चल रहे थे। बकरी ने सहसा बकरे से कहा- "इस गाडी से थोडे बन लाकर मुझे दो । मुझे उनके खाने का वोहद उत्पन्न हुआ है।" बकरे ने माँखें तरेरते हुए स्पष्ट शब्दो मे कहाक्या तू ने मुझे ब्राह्मदत्त समझ रखा है ? मैं ऐसा मूल नही हूँ कि तेरे एक तुच्छ कार्य के लिए प्राणो को सकट में डाल द।" बकरी ने कहा ~ "तुम निष्ठर हो। तुम्हें हृदय की पहचान नही है। हृदय के समक्ष जीवन-मरण का प्रश्न गौण होता है। ब्रह्मदत्त जैसा चक्रवर्ती यदि एक स्त्री के लिए अपने प्राणों का उत्सग करता है, तो वह कोई नादान तो नहीं है? तुम्हें उसका अनुसरण करना चाहिए।" बकरे ने कहा-"जो स्त्री के पीछे पागल होता है, उससे अधिक नादान ग्रन्थ कौन हो सकता है ? ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती है तो क्या हुआ ? क्या वह गल्ती नही कर सकता ? महारानी के पीछे अमूल्य जीवन को झोकना सबसे बडी मूर्खता है । " ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती का मुह महारानी के कान तक पहुॅचा हुआ पीछे हट गया । वकरे के कथन ने उसके सुषुप्त स्वाभिमान पर करारी चोट की । ब्रह्मदत्त चिता से भी दूर हट गया । उसने श्रादेश देकर तत्काल उसे शान्त करवा दिया। चक्रवर्ती राज महलों में लौट प्राया । उसने बकरे को अपना गुरु माना और उसे सत्कृत किया। अज- युगल को अपने पास बुलाकर दोनो को स्वर्ण-हार पहनाया गया और मनोहत्य जव उन्हें खाने के लिए दिए गये । चक्रवर्ती ब्रह्मदत्त ने महारानी को शिक्षा देने की ठानी । ज्यो ही वह राज महलो में आया, महारानी ने पुन उसी प्रश्न को दुहराया, हॅसी का कारण बताओ। ब्रह्मदत्त ने यह कहकर कि समय आने पर बतलाऊँगा, प्रसग को टाल दिया। दूसरे ही क्षण उसने सकेतित दासियो की ओर देखा । दासिया तत्काल ग्रागे बढी और उन्होने महारानी को हथकडियो और बेडियो से जकड़ लिया। ब्रह्मदत्त ने कोडा लिया और महारानी
भारतीय वायुसेना ने अपने एयरबेस पर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। सेना को इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे कि जम्मू-कश्मीर और आसपास एयरबेस पर आत्मघाती हमला हो सकता है। सरकारी सूत्रों ने बताया है कि इंटेलिजेंस एजेंसियों ने 8-10 जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों के एक मॉड्यूल को लेकर चेतावनी जारी की है जो इस हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने आतंकियों के मूवमेंट को मॉनिटर किया था जिसके बाद श्रीनगर, अवंतीपुर, जम्मू, पठानकोट और हिंडन एयरबेस पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बताया था कि पाकिस्तान स्थित बालाकोट टेरर कैंप, जिसे फरवरी में भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक कर उड़ा दिया था, दोबारा शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से बौखलाए आतंकियों के सीमा पर तनाव के बीच भारत की सीमा पार करने की कोशिश की आशंका है। ऑरेंज अलर्ट रेड अलर्ट के बाद दूसरी सबसे गंभीर चेतावनी होती है। इसके जारी होने पर एयरबेस पर मूवमेंट प्रतिबंधित हो जाएगा और स्कूल बंद कर दिए जाएंगे। सूत्रों ने बताया है कि सीनियर अधिकारी हर वक्त सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह के खतरे से निपटा जा सके। पिछले महीने पाकिस्तान अफने स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो गुजरात के सर क्रीक इलाके में भेज चुका है। सुरक्षाबलों ने पिछले दो महीने में कई आतंकियों को ढेर किया है और घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम किया है। साभार : यह लेख मूल रूप से समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया है। यह मूल लेख का हिंदी अनुवाद है।
भारतीय वायुसेना ने अपने एयरबेस पर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। सेना को इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे कि जम्मू-कश्मीर और आसपास एयरबेस पर आत्मघाती हमला हो सकता है। सरकारी सूत्रों ने बताया है कि इंटेलिजेंस एजेंसियों ने आठ-दस जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों के एक मॉड्यूल को लेकर चेतावनी जारी की है जो इस हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने आतंकियों के मूवमेंट को मॉनिटर किया था जिसके बाद श्रीनगर, अवंतीपुर, जम्मू, पठानकोट और हिंडन एयरबेस पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बताया था कि पाकिस्तान स्थित बालाकोट टेरर कैंप, जिसे फरवरी में भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक कर उड़ा दिया था, दोबारा शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद तीन सौ सत्तर हटाने से बौखलाए आतंकियों के सीमा पर तनाव के बीच भारत की सीमा पार करने की कोशिश की आशंका है। ऑरेंज अलर्ट रेड अलर्ट के बाद दूसरी सबसे गंभीर चेतावनी होती है। इसके जारी होने पर एयरबेस पर मूवमेंट प्रतिबंधित हो जाएगा और स्कूल बंद कर दिए जाएंगे। सूत्रों ने बताया है कि सीनियर अधिकारी हर वक्त सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह के खतरे से निपटा जा सके। पिछले महीने पाकिस्तान अफने स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो गुजरात के सर क्रीक इलाके में भेज चुका है। सुरक्षाबलों ने पिछले दो महीने में कई आतंकियों को ढेर किया है और घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम किया है। साभार : यह लेख मूल रूप से समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया है। यह मूल लेख का हिंदी अनुवाद है।
नई दिल्लीः साउथ वेस्टर्न रेलवे में अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य उम्मीदारों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। ये आवेदन 1004 पदों के लिए मांगे जा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 दिसंबर से शुरू हो चुकी है और आखिरी तारीख 09 जनवरी 2021 तक है। उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50 प्रतिशत नंबरों के साथ 10वीं पास होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आयु सीमा 15 से 24 वर्ष निर्धारित है। बाकि जानकारी के लिए https://www. rrchubli. in/ चेक करें।
नई दिल्लीः साउथ वेस्टर्न रेलवे में अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य उम्मीदारों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। ये आवेदन एक हज़ार चार पदों के लिए मांगे जा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया दस दिसंबर से शुरू हो चुकी है और आखिरी तारीख नौ जनवरी दो हज़ार इक्कीस तक है। उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम पचास प्रतिशत नंबरों के साथ दसवीं पास होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आयु सीमा पंद्रह से चौबीस वर्ष निर्धारित है। बाकि जानकारी के लिए https://www. rrchubli. in/ चेक करें।
जब वहां पहुंचे तो कुछ उपद्रवी पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगा रहे थे। चले जाओ। इसके अलावा कुछ नहीं कहा। " उधर, भाजपा प्रवक्ता और राज्य सरकार के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस संबंध में ट्वीट किया, "सैल्यूट है मेरठ के सिटी एसपी अखिलेश नारायण सिंह को 'पाकिस्तान जिंदाबाद' और 'भारत मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे उपद्रवियों को करारा जवाब देने के लिए। अब कुछ तथाकथित प्रबुद्घों को अफसोस है कि 'भारत मुर्दाबाद' और 'पाकिस्तान जिंदाबाद' बोलने वाले गद्दारों को पाकिस्तान जाने को क्यूं कहा! " ज्ञात हो कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर 20 दिसंबर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद सोशल मीडिया पर एक अफसर का 43 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में हाथ में डंडा और हेलमेट पहने हुए अफसर बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहनकर गली में जाते दिखाई पड़ रहे हैं। वह मोबाइल से वीडियो बनाते हुए गली में वापस मुड़ते हैं। एक समुदाय के लोगों से कहते हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है। इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि 'जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वे गलत हैं। ' इस पर अफसर कहते हैं कि 'उनको कह दो वे पाकिस्तान चले जाएं। कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी। ' इस दौरान उन्होंने कहा, "यह गली मुझे याद हो गई है। जो एक बार याद कर लेता हूं तो उसे भूलता नहीं हूं। एक-एक आदमी को जेल भेज दूंगा। सुन लिया न। "
जब वहां पहुंचे तो कुछ उपद्रवी पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगा रहे थे। चले जाओ। इसके अलावा कुछ नहीं कहा। " उधर, भाजपा प्रवक्ता और राज्य सरकार के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस संबंध में ट्वीट किया, "सैल्यूट है मेरठ के सिटी एसपी अखिलेश नारायण सिंह को 'पाकिस्तान जिंदाबाद' और 'भारत मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे उपद्रवियों को करारा जवाब देने के लिए। अब कुछ तथाकथित प्रबुद्घों को अफसोस है कि 'भारत मुर्दाबाद' और 'पाकिस्तान जिंदाबाद' बोलने वाले गद्दारों को पाकिस्तान जाने को क्यूं कहा! " ज्ञात हो कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बीस दिसंबर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद सोशल मीडिया पर एक अफसर का तैंतालीस सेकेंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में हाथ में डंडा और हेलमेट पहने हुए अफसर बॉडी प्रोटेक्टर जैकेट पहनकर गली में जाते दिखाई पड़ रहे हैं। वह मोबाइल से वीडियो बनाते हुए गली में वापस मुड़ते हैं। एक समुदाय के लोगों से कहते हैं कि जो हो रहा है वह ठीक नहीं है। इस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति कहता है कि 'जो लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, वे गलत हैं। ' इस पर अफसर कहते हैं कि 'उनको कह दो वे पाकिस्तान चले जाएं। कोई गलत बात मंजूर नहीं होगी। ' इस दौरान उन्होंने कहा, "यह गली मुझे याद हो गई है। जो एक बार याद कर लेता हूं तो उसे भूलता नहीं हूं। एक-एक आदमी को जेल भेज दूंगा। सुन लिया न। "
नई दिल्ली। भारत और चीन दोनों देशों के बीच लद्दाख सीमा पर सैनिकों के लिए बीच तनाव हो गया था। चीन ने अपनी सीमा पर सैनिकोंका जमावड़ा करना शुरू कर दिया था। जिसकेबाद भारत की ओर से भी सैनिकों को अपनी सीमा पर तैनात किया गया था। लद्दाख में चीन के साथ हुआ सीमा विवाद जिससे संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को दी। इस रिपोर्ट में पूर्वी लद्दाख मेंचीनी सैनिकों द्वारा की जा रही ंगतिविधियों का पूरा ब्यौरा दिया। सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को इसकी जानकारी दी और कहा कि रिपोर्ट में दौलत बेग ओल्डी और पोंगोंग सेक्टर में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए निर्माण कार्य का जिक्र किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि किस प्रकार चीनी सैनिक भारतीय सीमा के अंदर घुसना चाहते थे और भारतीय सैनिकों ने उन्हें रुकने को म जबूर किया। सरकार को इस बात से भी अवगत कराया गया है कि किस प्रकार चीन की ओर से इस इलाके में चीनी सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्माण कार्य किया गया। मई को पहले सप्ताह से चीन ने एलएसी से सटे पूर्वी लद्दाख इलाके में पांच हजार से भी अधिक चीनी सैनिकों की तैनाती की है। इसके बाद भारत ने भी भारी संख्या में अपने फौज की तैनाती सीमा पर कर दी है। गौरतलब है कि भारत-चीन को छह जून को होने वाली लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बैठक से स्थिति सामान्य होने क उम्मीद है। लेकिन इन सबके बीच भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि भारत शांति चाहता है। भारत सदैव शांति का पक्षधर रहा लेकिन अपनी सीमाओं के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध को हल करने के लिए भारत और चीन के सैन्य प्रतिनिधियों के बीच वार्ता मंगलवार को बेनतीजा रही। सूत्रों के मुताबिक अगली बैठक छह जून को होगी। सूत्रों ने बताया कि मेजर जनरल रैंक अफसरों के बीच डिवीजन कमांडर स्तरीय वार्ता मंगलवार दोपहर को हुई लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका।
नई दिल्ली। भारत और चीन दोनों देशों के बीच लद्दाख सीमा पर सैनिकों के लिए बीच तनाव हो गया था। चीन ने अपनी सीमा पर सैनिकोंका जमावड़ा करना शुरू कर दिया था। जिसकेबाद भारत की ओर से भी सैनिकों को अपनी सीमा पर तैनात किया गया था। लद्दाख में चीन के साथ हुआ सीमा विवाद जिससे संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को दी। इस रिपोर्ट में पूर्वी लद्दाख मेंचीनी सैनिकों द्वारा की जा रही ंगतिविधियों का पूरा ब्यौरा दिया। सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को इसकी जानकारी दी और कहा कि रिपोर्ट में दौलत बेग ओल्डी और पोंगोंग सेक्टर में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए निर्माण कार्य का जिक्र किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि किस प्रकार चीनी सैनिक भारतीय सीमा के अंदर घुसना चाहते थे और भारतीय सैनिकों ने उन्हें रुकने को म जबूर किया। सरकार को इस बात से भी अवगत कराया गया है कि किस प्रकार चीन की ओर से इस इलाके में चीनी सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्माण कार्य किया गया। मई को पहले सप्ताह से चीन ने एलएसी से सटे पूर्वी लद्दाख इलाके में पांच हजार से भी अधिक चीनी सैनिकों की तैनाती की है। इसके बाद भारत ने भी भारी संख्या में अपने फौज की तैनाती सीमा पर कर दी है। गौरतलब है कि भारत-चीन को छह जून को होने वाली लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बैठक से स्थिति सामान्य होने क उम्मीद है। लेकिन इन सबके बीच भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि भारत शांति चाहता है। भारत सदैव शांति का पक्षधर रहा लेकिन अपनी सीमाओं के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध को हल करने के लिए भारत और चीन के सैन्य प्रतिनिधियों के बीच वार्ता मंगलवार को बेनतीजा रही। सूत्रों के मुताबिक अगली बैठक छह जून को होगी। सूत्रों ने बताया कि मेजर जनरल रैंक अफसरों के बीच डिवीजन कमांडर स्तरीय वार्ता मंगलवार दोपहर को हुई लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका।
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Mouni Roy-Disha Photos: मौनी रॉय ने अपनी दोस्त दिशा पाटनी संग अभी हाल ही में कुछ फोटोज शेयर की हैं। इन तस्वीरों में मौनी रॉय और दिशा पाटनी बोल्ड लुक में नजर आईं। Sukesh Chandrashekhar And Jacqueline Fernandez Chat: ठग सुकेश चंद्रशेखर ने अपने और जैकलीन फर्नांडिस के बीच हुई प्राइवेट चैट लीक की है। आइए जानते हैं कि दोनों के बीच क्या बात हुई थी। Surbhi Jyoti-Sumit Suri Wedding Detail: टीवी की खूबसूरत एक्ट्रेस सुरभि ज्योति (Surbhi Jyoti) शादी के लिए तैयार हो गई हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि सुरभि अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड से कब और कहां शादी करेंगी। Shah Rukh Khan-Deepika Throwback Video: जब शाहरुख खान ने दीपिका पादुकोण पर अवॉर्ड फंक्शन में एक डबल मिनिंग जोक मारा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आज भी वायरल होता है। Kangana Ranaut-Deepika Padukone rivalry: बॉलीवुड स्टार दीपिका पादुकोण और कंगना रनौत के बीच सालों पुरानी दुश्मनी है। जानिए आखिर इनके बीच इस दुश्मनी की शुरुआत कहां से हुई। देखें फोटोज। Bobby Deol Video: 'एनिमल' एक्टर बॉबी देओल मुंबई एयरपोर्ट पर नजर आए और फैंस ने उन्हें घेर लिया। सेल्फी लेने के चक्कर में बॉबी देओल फैंस के बीच नजर आए। बॉबी देओल का वीडियो सामने आया है। Kamal Dadiala On Isha And Abhishek Controversy: रियलिटी शो बिग बॉस 17 (Bigg Boss 17) में ईशा मालवीय (Isha Malviya) ने अभिषेक कुमार (Abhishek Kumar) पर न्यू ईयर पार्टी में मारपीट का आरोप लगाया। अब ईशा के इस दावे पर उडारियां की एक एक्ट्रेस ने रिएक्शन दिया है।
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रंगीलो फाल्गुनियो महोत्सव को लेकर श्री श्याम जन जागरण यात्रा सह प्रभात फेरी छठे दिन शनिवार को श्री श्याम मंदिर से निकली। यह यात्रा बंगाली गली, सुरेश अचल चौक, डॉ. रामस्वरूप अग्रवाल गली, जवाहरलाल रोड, अंडी गोला, परती टोला, माखन साह चौक, भवानी डेयरी, नई बाजार सब्जी मंडी होते हुए सत्यनारायण मंदिर पहुंची। यहां मंदिर प्रबंध समिति की ओर से विमल तोला, सुनील शर्मा, सुनील केडिया, डब्बू तुलस्यान, गणेश मरोडिया आदि ने यात्रा का स्वागत किया। यहां से यह यात्रा पुरानी बाजार, शनि मंदिर, साहू पोखर, छाता बाजार न्यू मार्केट, चैंबर ऑफ कॉमर्स, नवयुवक समिति, सूतापट्टी होते हुए श्री श्याम मंदिर पहुंची। इसकी शुरुआत पंडित संतोष झा ने श्याम भक्तो को चंदन तिलक लगाकर किया। इस दौरान भजन गायक अशोक खेतान, संजय मारोदिया एवं सोहन अग्रवाल ने तुम झोली भर लो भक्तों रंग और गुलाल से. . . , दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम. . . आदि भजन प्रस्तुत किये। रास्ते में जगह-जगह यात्रा का स्वागत हुआ। इसमें प्रवीण वर्मा, सविता वर्मा, युवराज वर्मा, कोमल अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, श्रेया अग्रवाल, पूजा शर्मा, मीनू शर्मा, राकेश शर्मा, किशन शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, विकाश मरोडिया शामिल थे। मौके पर सज्जन सुरेका, कैलाश मुरारका, नवीन सरावगी, मनीष कुमार शर्मा, पायल, प्रज्ञा, हिमांशी अग्रवाल, अमीषा केजरीवाल, सरिता देवी, आलोक शर्मा, पवन मोजसिया, जदगीश बंका, विजय क्याल थे।
रंगीलो फाल्गुनियो महोत्सव को लेकर श्री श्याम जन जागरण यात्रा सह प्रभात फेरी छठे दिन शनिवार को श्री श्याम मंदिर से निकली। यह यात्रा बंगाली गली, सुरेश अचल चौक, डॉ. रामस्वरूप अग्रवाल गली, जवाहरलाल रोड, अंडी गोला, परती टोला, माखन साह चौक, भवानी डेयरी, नई बाजार सब्जी मंडी होते हुए सत्यनारायण मंदिर पहुंची। यहां मंदिर प्रबंध समिति की ओर से विमल तोला, सुनील शर्मा, सुनील केडिया, डब्बू तुलस्यान, गणेश मरोडिया आदि ने यात्रा का स्वागत किया। यहां से यह यात्रा पुरानी बाजार, शनि मंदिर, साहू पोखर, छाता बाजार न्यू मार्केट, चैंबर ऑफ कॉमर्स, नवयुवक समिति, सूतापट्टी होते हुए श्री श्याम मंदिर पहुंची। इसकी शुरुआत पंडित संतोष झा ने श्याम भक्तो को चंदन तिलक लगाकर किया। इस दौरान भजन गायक अशोक खेतान, संजय मारोदिया एवं सोहन अग्रवाल ने तुम झोली भर लो भक्तों रंग और गुलाल से. . . , दीवाने मुझे ले चल खाटू धाम. . . आदि भजन प्रस्तुत किये। रास्ते में जगह-जगह यात्रा का स्वागत हुआ। इसमें प्रवीण वर्मा, सविता वर्मा, युवराज वर्मा, कोमल अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, श्रेया अग्रवाल, पूजा शर्मा, मीनू शर्मा, राकेश शर्मा, किशन शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, विकाश मरोडिया शामिल थे। मौके पर सज्जन सुरेका, कैलाश मुरारका, नवीन सरावगी, मनीष कुमार शर्मा, पायल, प्रज्ञा, हिमांशी अग्रवाल, अमीषा केजरीवाल, सरिता देवी, आलोक शर्मा, पवन मोजसिया, जदगीश बंका, विजय क्याल थे।
जाहिर है उपरोक्त दी गई कुछ चीजें आपके घर पर नहीं होंगी क्योंकि इनका उपयोग आमतौर पर नहीं किया जाता है। लेकिन आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है ये चीजें आपको आसानी से मार्केट में सस्ते दामों के साथ मिल सकती हैं। - कौन सा सनस्क्रीन आपके लिए सबसे बेस्ट, जानिए सही सनस्क्रीन कैसे चुनें? - अब हल्की आंच पर उस कटोरे को रख दें और सामग्री के पिघलने तक इंतजार करें। - पिघलने तक उसे लगातार चम्मच या छड़ी के साथ हिलाते रहें। घर पर बनाई गई यह नेचुरल होममेड स्किन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लेकिन फिर भी जिंक ऑक्साइड जैसे कुछ पदार्थ है, जिनसे स्किन को थोड़ी दिक्कत हो सकती है। इसलिए शुरू में थोड़ी सी मात्रा में इसका इस्तेमाल करें। साथ ही इस बात का ध्यान भी रखें कि यह वाटरप्रूफ सनस्क्रीन नहीं है और पसीना आने पर इसे फिर से लगाना पड़ सकता है। Total Wellness is now just a click away.
जाहिर है उपरोक्त दी गई कुछ चीजें आपके घर पर नहीं होंगी क्योंकि इनका उपयोग आमतौर पर नहीं किया जाता है। लेकिन आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है ये चीजें आपको आसानी से मार्केट में सस्ते दामों के साथ मिल सकती हैं। - कौन सा सनस्क्रीन आपके लिए सबसे बेस्ट, जानिए सही सनस्क्रीन कैसे चुनें? - अब हल्की आंच पर उस कटोरे को रख दें और सामग्री के पिघलने तक इंतजार करें। - पिघलने तक उसे लगातार चम्मच या छड़ी के साथ हिलाते रहें। घर पर बनाई गई यह नेचुरल होममेड स्किन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लेकिन फिर भी जिंक ऑक्साइड जैसे कुछ पदार्थ है, जिनसे स्किन को थोड़ी दिक्कत हो सकती है। इसलिए शुरू में थोड़ी सी मात्रा में इसका इस्तेमाल करें। साथ ही इस बात का ध्यान भी रखें कि यह वाटरप्रूफ सनस्क्रीन नहीं है और पसीना आने पर इसे फिर से लगाना पड़ सकता है। Total Wellness is now just a click away.
नई दिल्ली । इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संदिग्ध बैग मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। संदिग्ध बैग टर्मिनल तीन पर मिला है। लावारिस बैग के बाबत स्पेशल सेल के सूत्रों से खबर आ रही है कि इसमें आरडीएक्स हो सकता है। हालांकि ये तय है कि इस बैग में विस्फोटक है लेकिन किस तरह का विस्फोटक है यह बीडीडीएस टीम की जांच के बाद ही तय हो सकेगा। बताया जा रहा है कि इस लावारिस बैग को रात करीब 12.56 बजे देखा गया था। जिसके बाद सीआईएसएफ के खोजी कुत्ते से इसकी जांच कराई गई तो इसमें विस्फोटक होने के सकारात्मक सिग्नल मिले। इसके बाद बीडीडीएस की टीम को बुलाया गया। उन्होंने शुरुआती जांच में इसे संदिग्ध पाया और बैग अपने साथ ले गए हैं।माना जा रहा है कि बैग में विस्फोटक जरूर है लेकिन किस तरह का विस्फोटक है यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। लावारिस बैग दिखते ही एयरपोर्ट का वो हिस्सा पूरा खाली करा लिया गया था और गाड़ियों की आवाजाही भी रोक दी गई थी, जिसे रात 3.30 बजे दोबारा शुरू किया गया।लावारिस बैग दिखने के बाद मचा हड़कंपशुक्रवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर एक संदिग्ध बैग देखे जाने के बाद सनसनी फैल गई। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को तड़के 3 बजे एक संदिग्ध बैग के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद फोर्स मौके पर पहुंची। इस दौरान यात्रियों में दहशत का माहौल था। पुलिस ने संदिग्ध बैग को कब्जे में लेकर जांच की। फिलहाल यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह बैग किसका है, उसमें क्या था।
नई दिल्ली । इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संदिग्ध बैग मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। संदिग्ध बैग टर्मिनल तीन पर मिला है। लावारिस बैग के बाबत स्पेशल सेल के सूत्रों से खबर आ रही है कि इसमें आरडीएक्स हो सकता है। हालांकि ये तय है कि इस बैग में विस्फोटक है लेकिन किस तरह का विस्फोटक है यह बीडीडीएस टीम की जांच के बाद ही तय हो सकेगा। बताया जा रहा है कि इस लावारिस बैग को रात करीब बारह.छप्पन बजे देखा गया था। जिसके बाद सीआईएसएफ के खोजी कुत्ते से इसकी जांच कराई गई तो इसमें विस्फोटक होने के सकारात्मक सिग्नल मिले। इसके बाद बीडीडीएस की टीम को बुलाया गया। उन्होंने शुरुआती जांच में इसे संदिग्ध पाया और बैग अपने साथ ले गए हैं।माना जा रहा है कि बैग में विस्फोटक जरूर है लेकिन किस तरह का विस्फोटक है यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। लावारिस बैग दिखते ही एयरपोर्ट का वो हिस्सा पूरा खाली करा लिया गया था और गाड़ियों की आवाजाही भी रोक दी गई थी, जिसे रात तीन.तीस बजे दोबारा शुरू किया गया।लावारिस बैग दिखने के बाद मचा हड़कंपशुक्रवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल तीन पर एक संदिग्ध बैग देखे जाने के बाद सनसनी फैल गई। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को तड़के तीन बजे एक संदिग्ध बैग के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद फोर्स मौके पर पहुंची। इस दौरान यात्रियों में दहशत का माहौल था। पुलिस ने संदिग्ध बैग को कब्जे में लेकर जांच की। फिलहाल यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह बैग किसका है, उसमें क्या था।
Khatron Ke Khiladi 13: 'खतरों के खिलाड़ी 13' के कंटेस्टेंट्स दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में स्टंट बेस्ड रियलिटी शो की शूटिंग में व्यस्त हैं। कंटेस्टेंट्स लगातार अपने सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं और अपने फैंस के साथ हर वक्त की अपडेट दे रहे हैं। KKK13 के 14 कंटेस्टेंट्स खतरानक स्टंट के लिए शूटिंग शुरू कर दी है, शो भी जल्दी ही टीवी पर प्रीमियर होगा। इस बीच नायरा बनर्जी और तुनिषा शर्मा के दोस्त शीजान खान आए दिन तस्वीरें और वीडियो शेयर करते रहते हैं। दोनों की जोड़ी लोगों को बहुत पंसद आ रही है। Tunisha Sharma के निधन के बाद Sheezan Khan पहली बार किसी टीवी रियलिटी शो में नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि शीजान खान 'अलीबाबाः दास्तान-ए-काबुल' में दिवंगत एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा के साथ मुख्य भूमिका निभाई है। दूसरी ओर न्यारा बनर्जी को 'दिव्य दृष्टि', 'पिशाचिनी' और अन्य जैसे हिट शो में लीड रोल निभाने के लिए जाना जाता है। दोनों की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। Khatron Ke Khiladi 13 के कंटेस्टेंट शीजान खान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनेको-कंटेस्टेंट नायरा बनर्जी के साथ कुछ तस्वीरें शेयर की है। इन तस्वीरों में एक्ट वर्कआउट करते हुए अपनी मसल्स फ्लॉन्ट करते नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, "Muscle mania #gymaddict। " शीजान खान को तुनिषा शर्मा की मौत के बाद गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद, शीजान खान को शो से बाहर कर दिया गया। शीजान खान इस समय दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में रोहित शेट्टी के रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 13' की शूटिंग कर रहे हैं। 'खतरों के खिलाड़ी 13' के 14 साहसी कंटेस्टेंट्स में शिव ठाकरे, रूही चतुर्वेदी, रोहिन रॉय, अंजलि आनंद, रैपर डिनो जेम्स, डेजी शाह, रश्मीत कौर, नायरा बनर्जी, अंजुम फकीह, अर्चना गौतम, ऐश्वर्या शर्मा, सुंदुस मौफकीर, अर्जित तनेजा और शीजान खान शामिल हैं। स्टंट बेस्ड रियलिटी शो kkk13 के प्रोमोज रिलीज कर दिए गए हैं, जो जल्द ही कलर्स टीवी पर प्रसारित होने वाला है। Pathaan TV premiere: सिनेमाघरों में तहलका मचाने के बाद अब टीवी पर धामाल करने को तैयार है शाहरुख खान की 'पठान'
Khatron Ke Khiladi तेरह: 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' के कंटेस्टेंट्स दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में स्टंट बेस्ड रियलिटी शो की शूटिंग में व्यस्त हैं। कंटेस्टेंट्स लगातार अपने सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं और अपने फैंस के साथ हर वक्त की अपडेट दे रहे हैं। KKKतेरह के चौदह कंटेस्टेंट्स खतरानक स्टंट के लिए शूटिंग शुरू कर दी है, शो भी जल्दी ही टीवी पर प्रीमियर होगा। इस बीच नायरा बनर्जी और तुनिषा शर्मा के दोस्त शीजान खान आए दिन तस्वीरें और वीडियो शेयर करते रहते हैं। दोनों की जोड़ी लोगों को बहुत पंसद आ रही है। Tunisha Sharma के निधन के बाद Sheezan Khan पहली बार किसी टीवी रियलिटी शो में नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि शीजान खान 'अलीबाबाः दास्तान-ए-काबुल' में दिवंगत एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा के साथ मुख्य भूमिका निभाई है। दूसरी ओर न्यारा बनर्जी को 'दिव्य दृष्टि', 'पिशाचिनी' और अन्य जैसे हिट शो में लीड रोल निभाने के लिए जाना जाता है। दोनों की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। Khatron Ke Khiladi तेरह के कंटेस्टेंट शीजान खान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनेको-कंटेस्टेंट नायरा बनर्जी के साथ कुछ तस्वीरें शेयर की है। इन तस्वीरों में एक्ट वर्कआउट करते हुए अपनी मसल्स फ्लॉन्ट करते नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, "Muscle mania #gymaddict। " शीजान खान को तुनिषा शर्मा की मौत के बाद गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद, शीजान खान को शो से बाहर कर दिया गया। शीजान खान इस समय दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में रोहित शेट्टी के रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' की शूटिंग कर रहे हैं। 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' के चौदह साहसी कंटेस्टेंट्स में शिव ठाकरे, रूही चतुर्वेदी, रोहिन रॉय, अंजलि आनंद, रैपर डिनो जेम्स, डेजी शाह, रश्मीत कौर, नायरा बनर्जी, अंजुम फकीह, अर्चना गौतम, ऐश्वर्या शर्मा, सुंदुस मौफकीर, अर्जित तनेजा और शीजान खान शामिल हैं। स्टंट बेस्ड रियलिटी शो kkkतेरह के प्रोमोज रिलीज कर दिए गए हैं, जो जल्द ही कलर्स टीवी पर प्रसारित होने वाला है। Pathaan TV premiere: सिनेमाघरों में तहलका मचाने के बाद अब टीवी पर धामाल करने को तैयार है शाहरुख खान की 'पठान'
आखिर अब मैडोना ने ऐसा क्या कर डाला, जिसकी वजह से ट्रोल हुईं पॉप सिंगर? हाल ही में पॉप सिंगर मैडोना ने इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसकी वजह से वो मुसीबत में भी आ सकती हैं. कुछ लोगों ने उनके वीडियो को आपत्तिजनक बताया है. इंटरनेशनल पॉप सिंगर मैडोना हमेशा ही किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं. उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होगा. इन दिनों मैडोना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो क्लिप को देख कर हर कोई हैरान है. ये क्लिप खुद सिंगर ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. चलिए आपको भी दिखाते हैं मैडोना का ये अनोखा कारनामा, जिसकी वजह से अब वो जमकर ट्रोल भी हो रही हैं. हाल ही में पॉप सिंगर मैडोना ने इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो शेयर किया है जिसकी वजह से वो मुसीबत में भी आ सकती हैं. कुछ लोगों के लिए जहां ये वीडियो आपत्तिजनक है. वहीं, कुछ इसे देखकर हैरान भी हैं. मैडोना वीडियो में कई ऐसी हरकतें करती नजर आ रही हैं जो बेहद आपत्तिजनक और अश्लील हैं. इतना ही नहीं, वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि मैडोना कैसे बुल डॉग के बरतन को चाटती नजर आ रही हैं. इसके साथ ही, उन्होंने क्लिप में कई जगह यौन संबंध बनाने जैसी हरकतें की हैं. वीडियो में उन्होंने नियॉन ग्रीन स्वेटर को स्पार्कली बूटी शॉर्ट्स के साथ कैरी किया है. साथ ही, टाइट्स और हाई बूट्स के साथ अपने कई सिजलिंग पोज भी फ्लॉन्ट किए हैं. इस पर लगातार लोगों के और कई सेलेब्स के भी रिएक्शन्स आ रहे हैं. ये कोई पहली बार नहीं है जब सिंगर अपनी किसी वीडियो की वजह से चर्चा में आई हैं. इसके पहले भी उन्होंने कई ऐसी वीडियो बनाई है जिसकी वजह से वो बुरी तरह ट्रोल हुई हैं. पिछले हफ्ते भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसपर लोगों ने सवाल किया था कि क्या मैडोना सिर्फ फन और एंटरटेनमेंट के लिए ऐसा कर रही हैं या वो समलैंगिक होने को लेकर गंभीर हैं.
आखिर अब मैडोना ने ऐसा क्या कर डाला, जिसकी वजह से ट्रोल हुईं पॉप सिंगर? हाल ही में पॉप सिंगर मैडोना ने इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसकी वजह से वो मुसीबत में भी आ सकती हैं. कुछ लोगों ने उनके वीडियो को आपत्तिजनक बताया है. इंटरनेशनल पॉप सिंगर मैडोना हमेशा ही किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं. उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होगा. इन दिनों मैडोना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो क्लिप को देख कर हर कोई हैरान है. ये क्लिप खुद सिंगर ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. चलिए आपको भी दिखाते हैं मैडोना का ये अनोखा कारनामा, जिसकी वजह से अब वो जमकर ट्रोल भी हो रही हैं. हाल ही में पॉप सिंगर मैडोना ने इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो शेयर किया है जिसकी वजह से वो मुसीबत में भी आ सकती हैं. कुछ लोगों के लिए जहां ये वीडियो आपत्तिजनक है. वहीं, कुछ इसे देखकर हैरान भी हैं. मैडोना वीडियो में कई ऐसी हरकतें करती नजर आ रही हैं जो बेहद आपत्तिजनक और अश्लील हैं. इतना ही नहीं, वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि मैडोना कैसे बुल डॉग के बरतन को चाटती नजर आ रही हैं. इसके साथ ही, उन्होंने क्लिप में कई जगह यौन संबंध बनाने जैसी हरकतें की हैं. वीडियो में उन्होंने नियॉन ग्रीन स्वेटर को स्पार्कली बूटी शॉर्ट्स के साथ कैरी किया है. साथ ही, टाइट्स और हाई बूट्स के साथ अपने कई सिजलिंग पोज भी फ्लॉन्ट किए हैं. इस पर लगातार लोगों के और कई सेलेब्स के भी रिएक्शन्स आ रहे हैं. ये कोई पहली बार नहीं है जब सिंगर अपनी किसी वीडियो की वजह से चर्चा में आई हैं. इसके पहले भी उन्होंने कई ऐसी वीडियो बनाई है जिसकी वजह से वो बुरी तरह ट्रोल हुई हैं. पिछले हफ्ते भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसपर लोगों ने सवाल किया था कि क्या मैडोना सिर्फ फन और एंटरटेनमेंट के लिए ऐसा कर रही हैं या वो समलैंगिक होने को लेकर गंभीर हैं.
Ranchi: मधुपुर उपचुनाव के प्रचार के बाद राजधानी लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कोरोना संक्रमण को लेकर गुरूवार शाम एक आवश्यक बैठक करने वाले है. बताया जा रहा है कि यह बैठक मुख्यमंत्री आवास में होने वाली है. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य सचिव केके सोन सहित कई आला अधिकारियों के उपस्थित होने की बात की जा रही है. इससे पहले प्रकृति पर्व सरहुल की बधाई देते हुए रांची के सीरम टोली पहुंचे मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण को लेकर मीडिया से बातचीत की. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाकर रखे हुए हैं. आज वे इस बाबत अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि इस दिशा में सरकार क्या कुछ सख्त कदम उठाएगी. इस पर हेमंत सोरेन ने कहा है कोरोना संक्रमण को आज की समस्या नहीं है. बल्कि यह एक साल पहले आयी थी. ऐसे में अभी भी कोई भी व्यक्ति चाहे हमारे वैज्ञानिक हो या सरकारी तंत्र यह नहीं कह सकता है कि कोरोना कब खत्म होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. आज पूरी तरह से सक्षम वैसे देश जो काफी विकास कर चुके है, वे भी इससे बुरी तरह प्रभावित है. ऐसे में वे आज पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की जानकारी लेंगे. वे देखेंगे कि क्या कदम उठाया जा सकता है. बातचीत में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज जहां राज्य में कोरोना फैला रहा है, वहीं हमारे यहां पुणे व मुंबई से ट्रेनों का भी परिचालन किया जा रहा है. इससे राज्य में संक्रमित मरीजों का आने का खतरा भी काफी बढ़ गया है. हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसे में आज की बैठक में इन मुद्दों पर प्रमुखता से विचार किया जाएगा.
Ranchi: मधुपुर उपचुनाव के प्रचार के बाद राजधानी लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कोरोना संक्रमण को लेकर गुरूवार शाम एक आवश्यक बैठक करने वाले है. बताया जा रहा है कि यह बैठक मुख्यमंत्री आवास में होने वाली है. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य सचिव केके सोन सहित कई आला अधिकारियों के उपस्थित होने की बात की जा रही है. इससे पहले प्रकृति पर्व सरहुल की बधाई देते हुए रांची के सीरम टोली पहुंचे मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण को लेकर मीडिया से बातचीत की. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाकर रखे हुए हैं. आज वे इस बाबत अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि इस दिशा में सरकार क्या कुछ सख्त कदम उठाएगी. इस पर हेमंत सोरेन ने कहा है कोरोना संक्रमण को आज की समस्या नहीं है. बल्कि यह एक साल पहले आयी थी. ऐसे में अभी भी कोई भी व्यक्ति चाहे हमारे वैज्ञानिक हो या सरकारी तंत्र यह नहीं कह सकता है कि कोरोना कब खत्म होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. आज पूरी तरह से सक्षम वैसे देश जो काफी विकास कर चुके है, वे भी इससे बुरी तरह प्रभावित है. ऐसे में वे आज पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की जानकारी लेंगे. वे देखेंगे कि क्या कदम उठाया जा सकता है. बातचीत में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज जहां राज्य में कोरोना फैला रहा है, वहीं हमारे यहां पुणे व मुंबई से ट्रेनों का भी परिचालन किया जा रहा है. इससे राज्य में संक्रमित मरीजों का आने का खतरा भी काफी बढ़ गया है. हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसे में आज की बैठक में इन मुद्दों पर प्रमुखता से विचार किया जाएगा.
रजनीकांत की बेटी सौंदर्या के खिलाफ हुआ प्रदर्शन. नई दिल्ली। सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी सौंदर्या रजनीकांत के खिलाफ त्रिची में प्रदर्शन किया गया। ये प्रदर्शन जलीकट्टू समर्थक संगठन की ओर से किया गया। दरअसल सौंदर्या रजनीकांत को हाल में 'एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया' (AWBI) का सदस्य बनाया गया है। बता दें कि AWBI को उन संस्थाओं में प्रमुख माना जाता है जिनकी वजह से तमिलनाडु के पारंपरिक खेल जलीकट्टू (बुल फाइटिंग) पर प्रतिबंध लगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान सौंदर्या के पोस्टर भी जलाए। ये लोग 'सौंदर्या AWBI से इस्तीफा दो' के नारे भी लगा रहे थे। प्रदर्शन करने वाले संगठन टीवीएमके का कहना है कि सुपरस्टार रजनीकांत ने खुद तमिल फिल्म 'मुराट्टु कलाई' में जलीकट्टू खेलने वाला किरदार निभाया था, ऐसे में उनकी बेटी का AWBI का सदस्य बनना दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन का कहना है कि जब तक सौंदर्या AWBI से इस्तीफा नहीं देंगी, तब तक उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
रजनीकांत की बेटी सौंदर्या के खिलाफ हुआ प्रदर्शन. नई दिल्ली। सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी सौंदर्या रजनीकांत के खिलाफ त्रिची में प्रदर्शन किया गया। ये प्रदर्शन जलीकट्टू समर्थक संगठन की ओर से किया गया। दरअसल सौंदर्या रजनीकांत को हाल में 'एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया' का सदस्य बनाया गया है। बता दें कि AWBI को उन संस्थाओं में प्रमुख माना जाता है जिनकी वजह से तमिलनाडु के पारंपरिक खेल जलीकट्टू पर प्रतिबंध लगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान सौंदर्या के पोस्टर भी जलाए। ये लोग 'सौंदर्या AWBI से इस्तीफा दो' के नारे भी लगा रहे थे। प्रदर्शन करने वाले संगठन टीवीएमके का कहना है कि सुपरस्टार रजनीकांत ने खुद तमिल फिल्म 'मुराट्टु कलाई' में जलीकट्टू खेलने वाला किरदार निभाया था, ऐसे में उनकी बेटी का AWBI का सदस्य बनना दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन का कहना है कि जब तक सौंदर्या AWBI से इस्तीफा नहीं देंगी, तब तक उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
बनीखेत - एनएचपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय बनीखेत की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सतत विकास कार्यक्रम के तहत बुधवार को ओसल पंचायत की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुनियाला के प्रांगण में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मुख्य अभियंता सिविल डीपी मौर्या ने किया। शिविर के दौरान क्षेत्रीय कार्यालय बनीखेत के वरिष्ठ उपमुख्य चिकित्साधिकारी डा. कुंदनलाल ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। शिविर में 250 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। इसके अलावा शिविर में ईसीजी व शुगर टेस्ट की सुविधा भी मुहैया करवाई गई। डीपी मौर्या ने कहा कि एनएचपीसी जिला चंबा के लोगों के स्वास्थ्य व अन्य विकास के कार्यों के लिए हमेशा से प्रतिबद्ध रही है। और भविष्य में भी इस प्रकार के कार्य करती रहेगी। इस मौके पर गुनियाला पाठशाला की प्रिंसीपल निशा चौहान, मानव संसाधन प्रमुख जान एयू बेक, प्रबंधक सिविल यूएस छेत्री, मोहिंद्र सिंह व आशीष सक्सेना उपप्रबंधक सिविलि केएस अरोड़ा, असोल पंचायत के प्रधान सतीश टंडन और उपप्रधान मदनलाल के अलावा एनचपीसी का पैरामेडिकल स्टाफ व छात्रों के समेत स्थानीय लोगों ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
बनीखेत - एनएचपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय बनीखेत की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सतत विकास कार्यक्रम के तहत बुधवार को ओसल पंचायत की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुनियाला के प्रांगण में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मुख्य अभियंता सिविल डीपी मौर्या ने किया। शिविर के दौरान क्षेत्रीय कार्यालय बनीखेत के वरिष्ठ उपमुख्य चिकित्साधिकारी डा. कुंदनलाल ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। शिविर में दो सौ पचास लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। इसके अलावा शिविर में ईसीजी व शुगर टेस्ट की सुविधा भी मुहैया करवाई गई। डीपी मौर्या ने कहा कि एनएचपीसी जिला चंबा के लोगों के स्वास्थ्य व अन्य विकास के कार्यों के लिए हमेशा से प्रतिबद्ध रही है। और भविष्य में भी इस प्रकार के कार्य करती रहेगी। इस मौके पर गुनियाला पाठशाला की प्रिंसीपल निशा चौहान, मानव संसाधन प्रमुख जान एयू बेक, प्रबंधक सिविल यूएस छेत्री, मोहिंद्र सिंह व आशीष सक्सेना उपप्रबंधक सिविलि केएस अरोड़ा, असोल पंचायत के प्रधान सतीश टंडन और उपप्रधान मदनलाल के अलावा एनचपीसी का पैरामेडिकल स्टाफ व छात्रों के समेत स्थानीय लोगों ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
यूक्रेन युद्ध चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है। पश्चिमी देशों की ओर से रूस को अलग-थलग करने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ऐसे प्रयास कर रहे हैं, वे खुद को ही चोट पहुंचाएंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मॉस्को को अलग-थलग करना असंभव है। युद्ध के चलते वैश्विक खाद्य और ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि, पुतिन हिलने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। पुतिन गुरुवार को यूरेशियन इकोनॉमिक फोरम के सदस्यों से वीडियो के माध्यम से बात कर रहे थे, जिसमें कई पूर्व-सोवियत राष्ट्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक दुनिया में असंभव, पूरी तरह से अवास्तविक है। रूसी राष्ट्रपति ने मुद्रास्फीति, बढ़ती बेरोजगारी, आपूर्ति श्रृंखलाओं के टूटने और खाद्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वैश्विक संकट के बिगड़ने की भी बात की। साथ ही उन्होंने पश्चिम के सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से बताया। पुतिन ने कहा कि यह कोई मजाक नहीं है। यह एक गंभीर बात है जिसका आर्थिक और राजनीतिक संबंधों की पूरी प्रणाली पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने रूसी भंडार को जब्त करने के लिए दूसरे देशों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि दूसरों की चोरी की हुई संपत्ति कभी कोई अच्छाई नहीं लेकर आती है। इस बीच, यूक्रेन के वलोडिमिर जेलेंस्की ने क्रेमलिन पर डोनबास में नरसंहार का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
यूक्रेन युद्ध चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है। पश्चिमी देशों की ओर से रूस को अलग-थलग करने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ऐसे प्रयास कर रहे हैं, वे खुद को ही चोट पहुंचाएंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मॉस्को को अलग-थलग करना असंभव है। युद्ध के चलते वैश्विक खाद्य और ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि, पुतिन हिलने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। पुतिन गुरुवार को यूरेशियन इकोनॉमिक फोरम के सदस्यों से वीडियो के माध्यम से बात कर रहे थे, जिसमें कई पूर्व-सोवियत राष्ट्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक दुनिया में असंभव, पूरी तरह से अवास्तविक है। रूसी राष्ट्रपति ने मुद्रास्फीति, बढ़ती बेरोजगारी, आपूर्ति श्रृंखलाओं के टूटने और खाद्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वैश्विक संकट के बिगड़ने की भी बात की। साथ ही उन्होंने पश्चिम के सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से बताया। पुतिन ने कहा कि यह कोई मजाक नहीं है। यह एक गंभीर बात है जिसका आर्थिक और राजनीतिक संबंधों की पूरी प्रणाली पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने रूसी भंडार को जब्त करने के लिए दूसरे देशों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि दूसरों की चोरी की हुई संपत्ति कभी कोई अच्छाई नहीं लेकर आती है। इस बीच, यूक्रेन के वलोडिमिर जेलेंस्की ने क्रेमलिन पर डोनबास में नरसंहार का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
* पट्चक्र और कुण्डलिनी शक्ति # अतिरिक्त पृथ्वी से लेकर आकाशतक क्रमा. एक-दूसरे से सूक्ष्मतर तत्व हैं । प्रत्येक चक्रक सम्बन्धर्मे दल, तत्व, यन्त्र, वीज, वाहन आदिके विषयमं जो बातें कही गयी है, वे साधारण पाठकोको असम्भव-सी मालूम होती होंगी । अतः इस विषय में कुछ विचार अप्रासङ्गिक न होंगे । पद्मोंके दल-- अंग्रेजीमें चक्रोको Plexus अथवा 'नाडीपुञ्ज' कहते है । वुडरफ आदि पाश्चात्त्योंके अनुसार यह वर्णन कुछ-कुछ ठीक भी है; क्योंकि ये छः चक मेरुदण्डके उन भागो में स्थित है, जहाँसे विशेष सख्याके गुच्छोंमें नाडियाँ निकलती है । ये ही नाडियोके गुच्छे समताके लिये 'कमलदल' कहे गये है । चक्रोंके चित्रोंमें दलोंके अग्रभागसे निकली हुई नाडियाँ दिखलायी गयी है । दलोंके वर्ण -- उपर्युक्त नाडीपुञ्ज किसी रंगसे रँगे नहीं हैं । अभिप्राय यह है कि रुधिरके लाल रंगपर भिन्न-भिन्न तत्त्वोके प्रतिबिम्ब पड़नेसे रुधिरके रंगमें जिनजिन स्थानोमें जो त्रिकृतिया प्रतीत होती है, वही उस नाडीपुञ्जका रंग कहा गया है । जैसे- रुधिरमें मिट्टी मिला दीजिये तो हल्का या मटियाला पीला रंग हो जायगा, जल मिला दीजिये तो गुलाबी रंग हो जायगा । रुधिरको आगपर गरम कीजिये तो नीले रगका हो जायगा । शुद्ध वायुमें रुधिर गहरा लाल प्रतीत होगा । रुधिरको घने आकाश में देखिये तो धूमिल दीख पड़ेगा । नाडीपुञ्जोपर कोई भी अक्षर लिखे नहीं है, फिर भी बोलने के समय वायुके धक्केसे जिस दलसे जो अक्षर उत्पन्न होता है, वही उस दलका अक्षर माना गया है । चक्रेक यन्त्र--चक्रोके यन्त्र कमशः चतुष्कोण, अर्धचन्द्राकार, त्रिकोण, पटकोण, गोलाकार, लिङ्गाकार तथा पूर्णचन्द्राकार है। इसका अर्थ यह है कि इस शरीरकी भिन्न-भिन्न नाडियाँ वायुके धक्कोंके कारण भिन्न-भिन्न तत्त्वों के स्थानमें एक विशेष रूपकी आकृति ग्रहण करती हैं। उदाहरणार्थ, जलती हुई अग्निको देखिये तो वह ठीक त्रिकोणाकृति दीख पडेगी । त्रिकोणका मुख ऊपरको उठती हुई लपटोमं दीखेगा । इस विषयमें जिज्ञासु पाठकोको श्रीरामप्रसादकृत Nature's Finer Forces नामक ग्रन्थ देखना चाहिये । यन्त्रोके तत्त्व - - इन तत्वोका तात्पर्य यह है कि भोजनके उपरान्त शरीरके इन-इन स्थानोमं ये-ये तत्त्व तैयार होते है और इनसे पुष्ट होकर शरीर अपने कार्यमिं प्रवृत्त होता है । तत्त्वांके वीज-- जिस प्रकार किसी यन्त्रमें ( तथा इजिनमें ) स्थान-स्थानपर विशेष प्रकारके शब्द होते हैं उसी प्रकार वायुके सचारसे शरीरस्थ तत्त्वविशेषोंके स्थानमें विशेष - विशेष शब्द होते है । जैसे- पृथ्वी तत्त्वके स्थानपर जहाँ मल निकलता है, वहाँ वायु लॅ लॅ लॅ लॅ करता हुआ प्रतीत होता है । मूत्राशय के स्थानपर जल-तत्त्वके चहने के कारण वायु वँ वॅवॅवॅ शब्द करता है । अन्नादि-याचनके समय नाभिके अग्नितत्त्वसे वायु रँ रॉ रॉ रॅ करता हुआ चलता है, आदि । वीजाके वाहन - - इनसे यह अभिप्राय है कि इनइन स्थानोंपर वायुकी गति इन-इन पशुओकी तरह होती है जैसेपृथिवीतत्त्वके वोझके कारण वायुकी गति हाथी की तरह मन्द हो जाती है । जलतत्त्वके बहनेवाला होनेक कारण वायु मकरकी तरह डुबकता चलता है । जिस प्रकार बटलोईम भोजन पकते समय वायु वेगसे चलता है, उसी प्रकार जटराग्निके कारण वायु जिस वेगसे चलता है, वह मेढ़ेकी चालकी तरह है। हृदयके वायु तत्व शरीरस्थ वायु हिरनकी तरह छलाँग मारकर भागता है, आदि । चक्रोके देव-देवी- यह विषय ध्यानयोग तथा उपासनाभेदसे सम्बद्ध है । जो देव-देवी ऊपर कहे गये हैं,
* पट्चक्र और कुण्डलिनी शक्ति # अतिरिक्त पृथ्वी से लेकर आकाशतक क्रमा. एक-दूसरे से सूक्ष्मतर तत्व हैं । प्रत्येक चक्रक सम्बन्धर्मे दल, तत्व, यन्त्र, वीज, वाहन आदिके विषयमं जो बातें कही गयी है, वे साधारण पाठकोको असम्भव-सी मालूम होती होंगी । अतः इस विषय में कुछ विचार अप्रासङ्गिक न होंगे । पद्मोंके दल-- अंग्रेजीमें चक्रोको Plexus अथवा 'नाडीपुञ्ज' कहते है । वुडरफ आदि पाश्चात्त्योंके अनुसार यह वर्णन कुछ-कुछ ठीक भी है; क्योंकि ये छः चक मेरुदण्डके उन भागो में स्थित है, जहाँसे विशेष सख्याके गुच्छोंमें नाडियाँ निकलती है । ये ही नाडियोके गुच्छे समताके लिये 'कमलदल' कहे गये है । चक्रोंके चित्रोंमें दलोंके अग्रभागसे निकली हुई नाडियाँ दिखलायी गयी है । दलोंके वर्ण -- उपर्युक्त नाडीपुञ्ज किसी रंगसे रँगे नहीं हैं । अभिप्राय यह है कि रुधिरके लाल रंगपर भिन्न-भिन्न तत्त्वोके प्रतिबिम्ब पड़नेसे रुधिरके रंगमें जिनजिन स्थानोमें जो त्रिकृतिया प्रतीत होती है, वही उस नाडीपुञ्जका रंग कहा गया है । जैसे- रुधिरमें मिट्टी मिला दीजिये तो हल्का या मटियाला पीला रंग हो जायगा, जल मिला दीजिये तो गुलाबी रंग हो जायगा । रुधिरको आगपर गरम कीजिये तो नीले रगका हो जायगा । शुद्ध वायुमें रुधिर गहरा लाल प्रतीत होगा । रुधिरको घने आकाश में देखिये तो धूमिल दीख पड़ेगा । नाडीपुञ्जोपर कोई भी अक्षर लिखे नहीं है, फिर भी बोलने के समय वायुके धक्केसे जिस दलसे जो अक्षर उत्पन्न होता है, वही उस दलका अक्षर माना गया है । चक्रेक यन्त्र--चक्रोके यन्त्र कमशः चतुष्कोण, अर्धचन्द्राकार, त्रिकोण, पटकोण, गोलाकार, लिङ्गाकार तथा पूर्णचन्द्राकार है। इसका अर्थ यह है कि इस शरीरकी भिन्न-भिन्न नाडियाँ वायुके धक्कोंके कारण भिन्न-भिन्न तत्त्वों के स्थानमें एक विशेष रूपकी आकृति ग्रहण करती हैं। उदाहरणार्थ, जलती हुई अग्निको देखिये तो वह ठीक त्रिकोणाकृति दीख पडेगी । त्रिकोणका मुख ऊपरको उठती हुई लपटोमं दीखेगा । इस विषयमें जिज्ञासु पाठकोको श्रीरामप्रसादकृत Nature's Finer Forces नामक ग्रन्थ देखना चाहिये । यन्त्रोके तत्त्व - - इन तत्वोका तात्पर्य यह है कि भोजनके उपरान्त शरीरके इन-इन स्थानोमं ये-ये तत्त्व तैयार होते है और इनसे पुष्ट होकर शरीर अपने कार्यमिं प्रवृत्त होता है । तत्त्वांके वीज-- जिस प्रकार किसी यन्त्रमें स्थान-स्थानपर विशेष प्रकारके शब्द होते हैं उसी प्रकार वायुके सचारसे शरीरस्थ तत्त्वविशेषोंके स्थानमें विशेष - विशेष शब्द होते है । जैसे- पृथ्वी तत्त्वके स्थानपर जहाँ मल निकलता है, वहाँ वायु लॅ लॅ लॅ लॅ करता हुआ प्रतीत होता है । मूत्राशय के स्थानपर जल-तत्त्वके चहने के कारण वायु वँ वॅवॅवॅ शब्द करता है । अन्नादि-याचनके समय नाभिके अग्नितत्त्वसे वायु रँ रॉ रॉ रॅ करता हुआ चलता है, आदि । वीजाके वाहन - - इनसे यह अभिप्राय है कि इनइन स्थानोंपर वायुकी गति इन-इन पशुओकी तरह होती है जैसेपृथिवीतत्त्वके वोझके कारण वायुकी गति हाथी की तरह मन्द हो जाती है । जलतत्त्वके बहनेवाला होनेक कारण वायु मकरकी तरह डुबकता चलता है । जिस प्रकार बटलोईम भोजन पकते समय वायु वेगसे चलता है, उसी प्रकार जटराग्निके कारण वायु जिस वेगसे चलता है, वह मेढ़ेकी चालकी तरह है। हृदयके वायु तत्व शरीरस्थ वायु हिरनकी तरह छलाँग मारकर भागता है, आदि । चक्रोके देव-देवी- यह विषय ध्यानयोग तथा उपासनाभेदसे सम्बद्ध है । जो देव-देवी ऊपर कहे गये हैं,
"अन्त में अदालत से कुर्की करवाकर कटोरी, करछी तक सब एक-एक करके • नीलाम करवाने लगे।" जमींदारों ने जो धमकी गांगि 'का को दी थी, उसे उन्होंने पूरी करके दिखा दिया। एक रात्रि को गांगि 'का की हत्या कर दी गयी : "कल रात काका वल्का से लौट रहे थे, रास्ते में लोगों ने घात लगाकर पकड़ा और वहीं खोले में चेप कर हत्या कर डाली। "सुबह खून से क्षत-विक्षत शब मिला- चौबटिया के किनारे- काफल के पेड़ के "इससे पहले भी काका की हत्या के अनेक प्रयास किये जा चुके थे। गत वर्ष पूस में रटवाड़ी के मिसाले खोले में उन पर घातक हमला हुआ था। काका बचकर तो निकल भागे, किन्तु कन्धे पर कुल्हाड़ी का गहरा घाव महीनों तक दुख देता रहा। 2 वस्तुतः जमींदार पुलिस, तहसीलदार आदि के साथ मिलकर सभी प्रकार अत्याचार धनाधिक्य होने के कारण करते रहे। विघटन की इस प्रक्रिया में धनाधिक्य होना, और अधिक धन, भूमि पाने की लालसा तथा लालच ने ही परमहंस योगी के समान गांगि 'का का वैसे ही वध कर डाला जैसे महात्मा गांधी को गोली मार दी गयी थी। हिमांशु जोशी के दूसरे लघु उपन्यास 'अँधेरा और' में भी धनाधिक्य होने के कारण विघटन का चित्रण किया गया है। कथा-नायक पुलिस से भयभीत जंगल में विचरण करता है। फारमवाले बृजवासी उसके आधे खेतों पर अधिकार कर चुका है, शेष खेतों के लिए भी मुँह खोलकर बैठा है। परसिया कंचनियाँ से छिपकर मिलता है और उसके सामने अपने सच का उद्घाटन करता हैः 12"पुलिस पीछे परी हैं बन्दूक तानि के। जब तक ई मुसीबत नाहिं निकल जात, का हो सकत है। फारमवारे बिरजबासी ने म्हारे आधे खेत हजम करि डारे, अब पूरे निगलने उपरोक्त, पृ0-53 के वास्ते मुँह खोलि के बइठा है। खेत-घर छाँड़ि दें तो तू हि बता, कहाँ रहें?....... जौन बात सच नाहिं, उहाको सुपना देखना भी पाप है, घोर पापा "" परसिया के फरार होने के पीछे अत्याचारों की ही कहानी है। उसने पहले न्याय पाने का भरसक प्रयास किया किन्तु जब सभी स्थानों से उसे न्याय के स्थान पर दुत्कार ही मिली तो उसने स्वंय ही अत्याचारियों को दंड देने का निश्चय कर लिया। उसकी बहन शाम को गाय - डंगर लाने जंगल गई थी किन्तु सात दिन तक वापस नहीं लौटी। थानेदार हरपरसाद ने उल्टे उसके पिता पर ही यह आरोप लगाया कि उसने अपनी बेटी को बेच दिया होगा। उसके पिता भीखू ने दया की भीख माँगते हुए कहा कि वह अपनी पुत्री को कैसे बेच सकता हैः "जब थानेदार किसी भी तरह टलने को राजी न हुआ तो अपनी फटी मिरजई में से मुड़े - तुड़े, मैले-कुचैले कुछ नोट निकालकर गिड़गिड़ाते हुए वह थानेदार के बूटों पर माथा टिकाकर रो पड़ा था, "देवता, ऐइसा नाँ कहो। कलपानत होई जावेगा। सरकार दरबार ही ऐइसा कहेगी तो दुनिया का नहीं कहेगी?"? जब से सोहन सिंह का ट्रक भदरपुर रूकने लगा था, तभी से ऐसी घटनाएं घट रहीं थीं। धरमु प्रधान का पुत्र झन्नू का चाल-चलन ठीक नहीं था। शंखी जब लापता हुई थी, तब भी झन्नू पर ही सन्देह हुआ था। शंखी ने लौटकर बताया भी था : "उसने रोते-कलपते बताया था कि किस तरह से शहर में 'मेला' दिखाने का लालच देकर झन्नू ने उसे जबरदस्ती 'टरक' पर बिठलाया। जाड़ा खूब था। हवा देह को लगती थी। इसलिए अपना आधा कम्बल उसके ठिठुरते शरीर पर लपेटे रहा - नन्ही चिड़िया की तरह अपने सीने से दुबकाए कि कहीं सर्दी न लग जाए। बहेड़ी पहुँचने पर 'मेला' तो क्या दिखलाना था, हाँ, उसे ही एक मेला अवश्य बना दिया था। किसी खपरैल वाले पुराने मकान के अँधेरे कमरे में बन्द करके जबरदस्ती देसी गले में उड़ेली और सारे कपड़े उतारकर, उन्हें किसी दूसरे कमरे में छिपा दिया था, ताकि बिना कपड़ों के कहीं बाहर न भाग सके। उसे होश उपरोक्त, पृ० - 61
"अन्त में अदालत से कुर्की करवाकर कटोरी, करछी तक सब एक-एक करके • नीलाम करवाने लगे।" जमींदारों ने जो धमकी गांगि 'का को दी थी, उसे उन्होंने पूरी करके दिखा दिया। एक रात्रि को गांगि 'का की हत्या कर दी गयी : "कल रात काका वल्का से लौट रहे थे, रास्ते में लोगों ने घात लगाकर पकड़ा और वहीं खोले में चेप कर हत्या कर डाली। "सुबह खून से क्षत-विक्षत शब मिला- चौबटिया के किनारे- काफल के पेड़ के "इससे पहले भी काका की हत्या के अनेक प्रयास किये जा चुके थे। गत वर्ष पूस में रटवाड़ी के मिसाले खोले में उन पर घातक हमला हुआ था। काका बचकर तो निकल भागे, किन्तु कन्धे पर कुल्हाड़ी का गहरा घाव महीनों तक दुख देता रहा। दो वस्तुतः जमींदार पुलिस, तहसीलदार आदि के साथ मिलकर सभी प्रकार अत्याचार धनाधिक्य होने के कारण करते रहे। विघटन की इस प्रक्रिया में धनाधिक्य होना, और अधिक धन, भूमि पाने की लालसा तथा लालच ने ही परमहंस योगी के समान गांगि 'का का वैसे ही वध कर डाला जैसे महात्मा गांधी को गोली मार दी गयी थी। हिमांशु जोशी के दूसरे लघु उपन्यास 'अँधेरा और' में भी धनाधिक्य होने के कारण विघटन का चित्रण किया गया है। कथा-नायक पुलिस से भयभीत जंगल में विचरण करता है। फारमवाले बृजवासी उसके आधे खेतों पर अधिकार कर चुका है, शेष खेतों के लिए भी मुँह खोलकर बैठा है। परसिया कंचनियाँ से छिपकर मिलता है और उसके सामने अपने सच का उद्घाटन करता हैः बारह"पुलिस पीछे परी हैं बन्दूक तानि के। जब तक ई मुसीबत नाहिं निकल जात, का हो सकत है। फारमवारे बिरजबासी ने म्हारे आधे खेत हजम करि डारे, अब पूरे निगलने उपरोक्त, पृशून्य-तिरेपन के वास्ते मुँह खोलि के बइठा है। खेत-घर छाँड़ि दें तो तू हि बता, कहाँ रहें?....... जौन बात सच नाहिं, उहाको सुपना देखना भी पाप है, घोर पापा "" परसिया के फरार होने के पीछे अत्याचारों की ही कहानी है। उसने पहले न्याय पाने का भरसक प्रयास किया किन्तु जब सभी स्थानों से उसे न्याय के स्थान पर दुत्कार ही मिली तो उसने स्वंय ही अत्याचारियों को दंड देने का निश्चय कर लिया। उसकी बहन शाम को गाय - डंगर लाने जंगल गई थी किन्तु सात दिन तक वापस नहीं लौटी। थानेदार हरपरसाद ने उल्टे उसके पिता पर ही यह आरोप लगाया कि उसने अपनी बेटी को बेच दिया होगा। उसके पिता भीखू ने दया की भीख माँगते हुए कहा कि वह अपनी पुत्री को कैसे बेच सकता हैः "जब थानेदार किसी भी तरह टलने को राजी न हुआ तो अपनी फटी मिरजई में से मुड़े - तुड़े, मैले-कुचैले कुछ नोट निकालकर गिड़गिड़ाते हुए वह थानेदार के बूटों पर माथा टिकाकर रो पड़ा था, "देवता, ऐइसा नाँ कहो। कलपानत होई जावेगा। सरकार दरबार ही ऐइसा कहेगी तो दुनिया का नहीं कहेगी?"? जब से सोहन सिंह का ट्रक भदरपुर रूकने लगा था, तभी से ऐसी घटनाएं घट रहीं थीं। धरमु प्रधान का पुत्र झन्नू का चाल-चलन ठीक नहीं था। शंखी जब लापता हुई थी, तब भी झन्नू पर ही सन्देह हुआ था। शंखी ने लौटकर बताया भी था : "उसने रोते-कलपते बताया था कि किस तरह से शहर में 'मेला' दिखाने का लालच देकर झन्नू ने उसे जबरदस्ती 'टरक' पर बिठलाया। जाड़ा खूब था। हवा देह को लगती थी। इसलिए अपना आधा कम्बल उसके ठिठुरते शरीर पर लपेटे रहा - नन्ही चिड़िया की तरह अपने सीने से दुबकाए कि कहीं सर्दी न लग जाए। बहेड़ी पहुँचने पर 'मेला' तो क्या दिखलाना था, हाँ, उसे ही एक मेला अवश्य बना दिया था। किसी खपरैल वाले पुराने मकान के अँधेरे कमरे में बन्द करके जबरदस्ती देसी गले में उड़ेली और सारे कपड़े उतारकर, उन्हें किसी दूसरे कमरे में छिपा दिया था, ताकि बिना कपड़ों के कहीं बाहर न भाग सके। उसे होश उपरोक्त, पृशून्य - इकसठ
विजयादशमी पर मोहल्ले के लोग रावण मारना चाहते थे। पगले कहीं के। रावण ससुरा कभी मरता नहीं, अमरता का वरदान पा चुका है लेकिन दिल है कि मानता नही। हर साल जाते हैं शान से- रावण मारने। जलाते हैं। पटाखे फोड़ते हैं। एक से एक आतिशबाजी करते हैं, और लौट आते हैं, लेकिन ढाक के तीन पात की तरह हालत जस की तस हो जाती है। रावण मर कर जिंदा हो जाता है। भाई लोग भी जानते-समझते हैं कि रावण जिंदा हो चुका है। लेकिन अब कोई उसको दूसरे-तीसरे फिर चौथे दिन जलाने का सिलसिला क्यों बनाये, इसलिए बेहतर है सालभर में एक दिन जलाने की भड़ास निकाल लो। तो इसी परंपरा का निर्वाह करने के लिये मोहल्ले के लोग रावण मारने के मूड में थे। रावण की ऊंचाई को लेकर चिंतित थे। आखिर कितना ऊंचा हो रावण? पचास फुट? पचहत्तर फुट? नब्बे फुट या सौ फुट? रावण की ऊंचाई बढ़ाने की चिंता में आयोजक घुले जा रहे थे। तय हुआ कि अबकी रावण को निन्यानबे के फेर में डाल दिया जाये, अर्थात् निन्यानबे फुट का रावण बनाया जाये। न सौ फुट ऊंचा न पचहत्तर फुट ऊंचा। और साहब, 'रावणजी' तैयार निन्यानबे फुट के। दशहरा के दिन किसी बड़े अफसर, किसी बड़े नेता, किसी बड़े व्यापारी की उपस्थिति में रावण का काम तमाम कर दिया जाये। रावण तैयार करने के लिये जिनकी ओर से आर्थिक मदद मिली है उन्हें अतिथि बनाना हमारी होशियारी या बुद्धिमत्ता का सदियों पुराना तरीका है। और ठीक भी है। जो तगड़ा चंदा दे, उस बंदे को आप मंचस्थ न करें, तो वह अनैतिकता ही कहलाएगी। आयोजकों ने चंदा देने वाले लोगों को और जिनसे कल को कुछ का सिद्ध हो सकता है, उन अफसरों को रावण मारने बुलवा ही लिया। अपने ही घर में राम अकेले खड़े हैं, जबकि समूची भीड़ है रावण के आसपास। उधर नेताजी रावण को आग लगा रहे हैं, लेकिन आग पकड़ ही नहीं रही है। रावण जल ही नहीं रहा। आखिर बात क्या है? हर बार तो रावण जल जाता था। इस बार इतने नखरे काय-कूं कर रिया है? आयोजक परेशान। नेताजी परेशान। रावण के पुतले पर आग ही नहीं पकड़ रही। फिर बड़ा अफसर आगे आया। उसने मशाल थामी। लेकिन अट्टहास करता रावण जलने का नाम ही नहीं ले रहा था। सब लोग चकराये। ये कैसा अपशकुन? पहली बार ऐसा हो रहा है। रावण तो आसानी से जल जाता था, इस बार क्या हो गया? उल्टे मशाल थामने वालों के हाथ ही झुलसने लगे। आयोजक टेंशन में आ गये। कहीं रावण के पुतले पर चिपकाया गया कागज 'फायर-प्रूफ' तो नहीं है? तभी तो आग नहीं पकड़ रही। लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। सामान्य कागज था जो अक्सर पुतलों पर चिपकाया जाता है। फिर क्या हो गया? नेताजी अफसर और दूसरे अतिथिनुमा लोग परेशान थे। सबके चेहरे पर पसीने की बूंदें नजर आ रही थी। उधर रावण के दस सिर एकसाथ हंस रहे थे- हा। । । हा। । । हा। । । ! सज्जन की बातें सुनकर आयोजक समझ गये कि गलती कहां हुई। उन्होंने तय किया कि अगली बार से रावण दहन, राम के हाथों ही होगा। बाकी वीआईपी लोग दर्शक ही बने रहेंगे।
विजयादशमी पर मोहल्ले के लोग रावण मारना चाहते थे। पगले कहीं के। रावण ससुरा कभी मरता नहीं, अमरता का वरदान पा चुका है लेकिन दिल है कि मानता नही। हर साल जाते हैं शान से- रावण मारने। जलाते हैं। पटाखे फोड़ते हैं। एक से एक आतिशबाजी करते हैं, और लौट आते हैं, लेकिन ढाक के तीन पात की तरह हालत जस की तस हो जाती है। रावण मर कर जिंदा हो जाता है। भाई लोग भी जानते-समझते हैं कि रावण जिंदा हो चुका है। लेकिन अब कोई उसको दूसरे-तीसरे फिर चौथे दिन जलाने का सिलसिला क्यों बनाये, इसलिए बेहतर है सालभर में एक दिन जलाने की भड़ास निकाल लो। तो इसी परंपरा का निर्वाह करने के लिये मोहल्ले के लोग रावण मारने के मूड में थे। रावण की ऊंचाई को लेकर चिंतित थे। आखिर कितना ऊंचा हो रावण? पचास फुट? पचहत्तर फुट? नब्बे फुट या सौ फुट? रावण की ऊंचाई बढ़ाने की चिंता में आयोजक घुले जा रहे थे। तय हुआ कि अबकी रावण को निन्यानबे के फेर में डाल दिया जाये, अर्थात् निन्यानबे फुट का रावण बनाया जाये। न सौ फुट ऊंचा न पचहत्तर फुट ऊंचा। और साहब, 'रावणजी' तैयार निन्यानबे फुट के। दशहरा के दिन किसी बड़े अफसर, किसी बड़े नेता, किसी बड़े व्यापारी की उपस्थिति में रावण का काम तमाम कर दिया जाये। रावण तैयार करने के लिये जिनकी ओर से आर्थिक मदद मिली है उन्हें अतिथि बनाना हमारी होशियारी या बुद्धिमत्ता का सदियों पुराना तरीका है। और ठीक भी है। जो तगड़ा चंदा दे, उस बंदे को आप मंचस्थ न करें, तो वह अनैतिकता ही कहलाएगी। आयोजकों ने चंदा देने वाले लोगों को और जिनसे कल को कुछ का सिद्ध हो सकता है, उन अफसरों को रावण मारने बुलवा ही लिया। अपने ही घर में राम अकेले खड़े हैं, जबकि समूची भीड़ है रावण के आसपास। उधर नेताजी रावण को आग लगा रहे हैं, लेकिन आग पकड़ ही नहीं रही है। रावण जल ही नहीं रहा। आखिर बात क्या है? हर बार तो रावण जल जाता था। इस बार इतने नखरे काय-कूं कर रिया है? आयोजक परेशान। नेताजी परेशान। रावण के पुतले पर आग ही नहीं पकड़ रही। फिर बड़ा अफसर आगे आया। उसने मशाल थामी। लेकिन अट्टहास करता रावण जलने का नाम ही नहीं ले रहा था। सब लोग चकराये। ये कैसा अपशकुन? पहली बार ऐसा हो रहा है। रावण तो आसानी से जल जाता था, इस बार क्या हो गया? उल्टे मशाल थामने वालों के हाथ ही झुलसने लगे। आयोजक टेंशन में आ गये। कहीं रावण के पुतले पर चिपकाया गया कागज 'फायर-प्रूफ' तो नहीं है? तभी तो आग नहीं पकड़ रही। लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। सामान्य कागज था जो अक्सर पुतलों पर चिपकाया जाता है। फिर क्या हो गया? नेताजी अफसर और दूसरे अतिथिनुमा लोग परेशान थे। सबके चेहरे पर पसीने की बूंदें नजर आ रही थी। उधर रावण के दस सिर एकसाथ हंस रहे थे- हा। । । हा। । । हा। । । ! सज्जन की बातें सुनकर आयोजक समझ गये कि गलती कहां हुई। उन्होंने तय किया कि अगली बार से रावण दहन, राम के हाथों ही होगा। बाकी वीआईपी लोग दर्शक ही बने रहेंगे।
-कानपुर,। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों को शहीद करने वाले दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए डीजीपी और एडीजी लॉ एण्ड आर्डर कानपुर में डेरा डाले हुए हैं। वहीं अभी भी शातिर अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर है, पर इस पूरे घटनाक्रम में हुई चूक की धीरे-धीरे परते खुलती जा रही हैं। इसी के चलते प्रथम दृष्टतया दबिश में शिथिलिता बरतने के आरोप में चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी को निलंबित कर दिया। विनय की पूरी घटनाक्रम में भूमिका संदिग्ध होने पर एसटीएफ हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरु गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गयी सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा की टीम पर बदमाशों ने गुरुवार की रात अधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गये। घटना के बाद कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने कमान संभाली पर बदमाश भाग चुके थे। हालांकि शुक्रवार की दोपहर में दो बदमाशों को घटनास्थल से चार किलोमीटर दूर मार गिराया गया था। इसके बाद से अभी तक विकास दुबे पुलिस की पकड़ से दूर है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए रणनीति बना रही है। वहीं यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि पुलिस का भेदिया कौन है जिसके चलते यह घटना हो सकी। एसटीएफ की टीम इस विषय पर भी जांच कर रही है और चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ कर रही है। इसी बीच आईजी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को विनय तिवारी को निलंबित कर दिया, हालांकि यह निलंबन दबिश में शिथिलता बरतने के आरोप में है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि विनय तिवारी को पुलिस की छापेमारी के बारे में गैंगस्टर को पकडऩे के स्थान पर सूचना देने के संदेह पर निलंबित कर दिया गया है। अग्रवाल ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी की भी इस मामले में संलिप्तता पाई गई तो उसकी तत्काल ही बर्खास्तगी के साथ ही गिरफ्तारी भी होगी। वहीं दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि एसटीएफ ने सर्विलांस में हिस्ट्रीशीटर का नंबर लगाकर सीडीआर निकाला है, जिसमें थाना चौबेपुर से हिस्ट्रीशीटर के लिंक मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि 2200 से अधिक नंबरों को सर्विलांस में लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ ने थानाध्यक्ष रहे विनय तिवारी से पूछा कि आपका विकास के घर पर बराबर आना जाना है। इस पर विनय ने कहा कि जिस राहुल तिवारी के मुकदमे में पुलिस टीम विकास के घर दबिश देने गयी थी, उस पीड़ित राहुल की शिकायत पर पूछताछ के लिए बुधवार को विकास के घर गया था। वहां पर विकास मेरे सामने पीटने लगा तो विरोध किया। इस पर विकास ने मेरा मोबाइल छीनकर अभद्रता करते हुए हाथापाई कर दी। एसटीएफ ने पूछा कि क्या इस बात की जानकारी किसी अधिकारी दी तो उसने कहा नहीं। इस पर एसटीएफ का शक और गहराता चला जा रहा है और पूछताछ जारी है। बताते चलें इस घटनाक्रम में घायल पुलिस कर्मियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया है कि चौबेपुर थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ सबसे पीछे रहे, जबकि पुलिस के नियम के अनुसार उनका ही थाना क्षेत्र होने के चलते सीओ के साथ रहना चाहिये था। एसटीएफ ने जांच के दौरान विकास दुबे की कॉल डिटेल भी निकलवाई है। उसकी कॉल डिटेल में कई पुलिसवालों के नंबर पर कॉल की जानकारी मिली है। इस मामले में एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड राडार पर हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि चौबेपुर थाने के ही एक दारोगा ने विकास दुबे को पुलिस के आने की जानकारी पहले ही दे दी थी। पुलिस के शक के घेरे में एक दारोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। Vहिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का नेटवर्क पुलिस से ज्यादा तगड़ा निकला। विकास दुबे को विभाग के किसी कर्मी ने पुलिस दबिश की सूचना दे दी। उसे यह तक बताया गया कि पुलिस देर रात कितने बजे दबिश मारने आएगी और कितने थानों की फोर्स के साथ सीओ आ रहे हैं। उस पर अपराधियों का हौसला डिगा नहीं। वह मौके से फरार नहीं हुए। बल्कि दबिश के लिए आ रही टीम के लिए तैयारी कर ली। विकास दुबे और उसके गिरोह के सदस्यों ने रास्ता ब्लॉक करने के साथ अत्याधुनिक हथियारों के साथ छतों पर रहकर पुलिस का इंतजार किया। जब पुलिस पहुंची तो अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं।
-कानपुर,। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों को शहीद करने वाले दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए डीजीपी और एडीजी लॉ एण्ड आर्डर कानपुर में डेरा डाले हुए हैं। वहीं अभी भी शातिर अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर है, पर इस पूरे घटनाक्रम में हुई चूक की धीरे-धीरे परते खुलती जा रही हैं। इसी के चलते प्रथम दृष्टतया दबिश में शिथिलिता बरतने के आरोप में चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी को निलंबित कर दिया। विनय की पूरी घटनाक्रम में भूमिका संदिग्ध होने पर एसटीएफ हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरु गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गयी सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा की टीम पर बदमाशों ने गुरुवार की रात अधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गये। घटना के बाद कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने कमान संभाली पर बदमाश भाग चुके थे। हालांकि शुक्रवार की दोपहर में दो बदमाशों को घटनास्थल से चार किलोमीटर दूर मार गिराया गया था। इसके बाद से अभी तक विकास दुबे पुलिस की पकड़ से दूर है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए रणनीति बना रही है। वहीं यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि पुलिस का भेदिया कौन है जिसके चलते यह घटना हो सकी। एसटीएफ की टीम इस विषय पर भी जांच कर रही है और चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ कर रही है। इसी बीच आईजी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को विनय तिवारी को निलंबित कर दिया, हालांकि यह निलंबन दबिश में शिथिलता बरतने के आरोप में है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि विनय तिवारी को पुलिस की छापेमारी के बारे में गैंगस्टर को पकडऩे के स्थान पर सूचना देने के संदेह पर निलंबित कर दिया गया है। अग्रवाल ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी की भी इस मामले में संलिप्तता पाई गई तो उसकी तत्काल ही बर्खास्तगी के साथ ही गिरफ्तारी भी होगी। वहीं दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि एसटीएफ ने सर्विलांस में हिस्ट्रीशीटर का नंबर लगाकर सीडीआर निकाला है, जिसमें थाना चौबेपुर से हिस्ट्रीशीटर के लिंक मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि दो हज़ार दो सौ से अधिक नंबरों को सर्विलांस में लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ ने थानाध्यक्ष रहे विनय तिवारी से पूछा कि आपका विकास के घर पर बराबर आना जाना है। इस पर विनय ने कहा कि जिस राहुल तिवारी के मुकदमे में पुलिस टीम विकास के घर दबिश देने गयी थी, उस पीड़ित राहुल की शिकायत पर पूछताछ के लिए बुधवार को विकास के घर गया था। वहां पर विकास मेरे सामने पीटने लगा तो विरोध किया। इस पर विकास ने मेरा मोबाइल छीनकर अभद्रता करते हुए हाथापाई कर दी। एसटीएफ ने पूछा कि क्या इस बात की जानकारी किसी अधिकारी दी तो उसने कहा नहीं। इस पर एसटीएफ का शक और गहराता चला जा रहा है और पूछताछ जारी है। बताते चलें इस घटनाक्रम में घायल पुलिस कर्मियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया है कि चौबेपुर थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ सबसे पीछे रहे, जबकि पुलिस के नियम के अनुसार उनका ही थाना क्षेत्र होने के चलते सीओ के साथ रहना चाहिये था। एसटीएफ ने जांच के दौरान विकास दुबे की कॉल डिटेल भी निकलवाई है। उसकी कॉल डिटेल में कई पुलिसवालों के नंबर पर कॉल की जानकारी मिली है। इस मामले में एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड राडार पर हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि चौबेपुर थाने के ही एक दारोगा ने विकास दुबे को पुलिस के आने की जानकारी पहले ही दे दी थी। पुलिस के शक के घेरे में एक दारोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। Vहिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का नेटवर्क पुलिस से ज्यादा तगड़ा निकला। विकास दुबे को विभाग के किसी कर्मी ने पुलिस दबिश की सूचना दे दी। उसे यह तक बताया गया कि पुलिस देर रात कितने बजे दबिश मारने आएगी और कितने थानों की फोर्स के साथ सीओ आ रहे हैं। उस पर अपराधियों का हौसला डिगा नहीं। वह मौके से फरार नहीं हुए। बल्कि दबिश के लिए आ रही टीम के लिए तैयारी कर ली। विकास दुबे और उसके गिरोह के सदस्यों ने रास्ता ब्लॉक करने के साथ अत्याधुनिक हथियारों के साथ छतों पर रहकर पुलिस का इंतजार किया। जब पुलिस पहुंची तो अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं।
रायपुर। कृषि समाचारों, नवाचारों, किसानों का समस्याओं का समाधान, उद्यमी किसानों से चर्चा, जैविक खेती का प्रशिक्षण और हाईटेक फार्मिंग के लिए तमाम सूचनाओं से परिपूर्ण किसानों को समर्पित कृषि न्यूज पोर्टल 'एग्रीकनेक्ट डॉट लाइव' के साथ 100 किसान समाधान एवं सुविधा केंद्र का कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने अपने निवास से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से शुभारंभ किया. कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने किसानों की प्रथम उत्पादक संस्था एग्रीकान की स्थापना के 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस पोर्टल का बटन दबाकर लोकार्पण किया. इस अवसर पर किसान समाधान केंद्र के संचालकों को संबोधित करते हुए चौबे ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र से सहयोग नहीं मिलने के बाद भी किसानों को धान की वाजिब कीमत देने कटिबद्ध है. देश में अपने तरह की प्रथम गोधन न्याय योजना के संचालन में पैसों की कमी किसी तरह से नहीं होने दी जाएगी. इस वर्ष लगभग रु 600 करोड़ के गोबर की खरीदी किसानों से की जायेगी. कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हमारे किसानों के लिए प्रदेश के ही कृषि वैज्ञानिकों की ओर से इस एग्रीकनेक्ट लाइव की शुरुआत बेहद फायदेमंद होगी. किसान अपनी तमाम समस्याओं और शंकाओं से विशेषज्ञों के माध्यम से सीधे समाधान पा सकेंगे. इस अवसर पर एग्रीकान के अध्यक्ष डॉ संकेत ठाकुर ने एग्रीकनेक्ट के मुख्य बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था प्रदेश के 10000 से अधिक किसानों से जुड़कर उनकी कृषि समस्यों को दूर करने प्रयासरत है. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र चंद्राकर ने किसान समाधान व सुविधा केंद्र की जानकारी देते बताया कि विगत 3 वर्षों से हजारों किसान व कृषि आदान विक्रेता उनके व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े हैं, जिन्हें वे नियमित रूप से तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराते हैं. अब एग्रीकनेक्ट के माध्यम से उन्हें सुगमता से जोड़ा जा सकेगा. छत्तीसगढ़ एग्रीकान समिति के अध्यक्ष रजनीश अवस्थी ने छत्तीसगढ़ में हर्बल फसलों की खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. उन्होंने बताया कि मुनगा की पत्ती को विदेशों में बेचा जा रहा है, और इसी तरह अमाड़ी भाजी की पत्तियों से पौष्टिक ड्रिंक बनाये जा सकते हैं. कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री चौबे ने किसान समाधान व सुविधा केंद्र केवल राठी, नेवरा, मोतीलाल सिन्हा राजनांदगांव, प्रशांत पटेल साजा, पुरषोत्तम ताम्रकार, सराईपाली के समीर प्रधान सहित 75 संचालकों से चर्चा की. इस अवसर पर एग्रीकान के सचिव दुर्गा शंकर परगनिहा, मनीष शर्मा, रवि अग्रवाल, जोहन साहू, मयंक मिश्रा, सहस पटले, आदित्य खंडेलवाल व अन्य उपस्थित थे.
रायपुर। कृषि समाचारों, नवाचारों, किसानों का समस्याओं का समाधान, उद्यमी किसानों से चर्चा, जैविक खेती का प्रशिक्षण और हाईटेक फार्मिंग के लिए तमाम सूचनाओं से परिपूर्ण किसानों को समर्पित कृषि न्यूज पोर्टल 'एग्रीकनेक्ट डॉट लाइव' के साथ एक सौ किसान समाधान एवं सुविधा केंद्र का कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने अपने निवास से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से शुभारंभ किया. कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने किसानों की प्रथम उत्पादक संस्था एग्रीकान की स्थापना के पंद्रहवीं वर्षगांठ के अवसर पर इस पोर्टल का बटन दबाकर लोकार्पण किया. इस अवसर पर किसान समाधान केंद्र के संचालकों को संबोधित करते हुए चौबे ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र से सहयोग नहीं मिलने के बाद भी किसानों को धान की वाजिब कीमत देने कटिबद्ध है. देश में अपने तरह की प्रथम गोधन न्याय योजना के संचालन में पैसों की कमी किसी तरह से नहीं होने दी जाएगी. इस वर्ष लगभग छः सौ रुपया करोड़ के गोबर की खरीदी किसानों से की जायेगी. कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हमारे किसानों के लिए प्रदेश के ही कृषि वैज्ञानिकों की ओर से इस एग्रीकनेक्ट लाइव की शुरुआत बेहद फायदेमंद होगी. किसान अपनी तमाम समस्याओं और शंकाओं से विशेषज्ञों के माध्यम से सीधे समाधान पा सकेंगे. इस अवसर पर एग्रीकान के अध्यक्ष डॉ संकेत ठाकुर ने एग्रीकनेक्ट के मुख्य बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था प्रदेश के दस हज़ार से अधिक किसानों से जुड़कर उनकी कृषि समस्यों को दूर करने प्रयासरत है. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र चंद्राकर ने किसान समाधान व सुविधा केंद्र की जानकारी देते बताया कि विगत तीन वर्षों से हजारों किसान व कृषि आदान विक्रेता उनके व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े हैं, जिन्हें वे नियमित रूप से तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराते हैं. अब एग्रीकनेक्ट के माध्यम से उन्हें सुगमता से जोड़ा जा सकेगा. छत्तीसगढ़ एग्रीकान समिति के अध्यक्ष रजनीश अवस्थी ने छत्तीसगढ़ में हर्बल फसलों की खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. उन्होंने बताया कि मुनगा की पत्ती को विदेशों में बेचा जा रहा है, और इसी तरह अमाड़ी भाजी की पत्तियों से पौष्टिक ड्रिंक बनाये जा सकते हैं. कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री चौबे ने किसान समाधान व सुविधा केंद्र केवल राठी, नेवरा, मोतीलाल सिन्हा राजनांदगांव, प्रशांत पटेल साजा, पुरषोत्तम ताम्रकार, सराईपाली के समीर प्रधान सहित पचहत्तर संचालकों से चर्चा की. इस अवसर पर एग्रीकान के सचिव दुर्गा शंकर परगनिहा, मनीष शर्मा, रवि अग्रवाल, जोहन साहू, मयंक मिश्रा, सहस पटले, आदित्य खंडेलवाल व अन्य उपस्थित थे.
इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर शशांक खेतान की फिल्म धड़क के जरिये बॉलीवुड में एंट्री लेने वाली श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर की डेब्यू फिल्म का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हो चुका है. इस फिल्म में जाह्नवी के साथ शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर नजर आएँगे. फिल्म के ट्रेलर ने रिलीज़ होते ही धूम मचा दी है. ट्रेलर में आप जाह्नवी और ईशान की शानदार केमिस्ट्री देख सकते है. खास बात तो ये है कि श्रीदेवी की बेटी ने अपनी पहली ही फिल्म में किसिंग सीन देकर सभी को चौका दिया है. जी हाँ. . . फिल्म के ट्रेलर में आप देख सकते हैं जाह्नवी और ईशान का किसिंग सीन दर्शको को खूब पसंद आ रहा है. जाह्नवी हूबहू श्रीदेवी की तरह ही दिख रही हैं. ईशान के डायलॉग ने भी सभी का दिल जीत लिया है. 3 मिनट के इस ट्रेलर को देखकर तो अब सभी का धड़क फिल्म देखने का इंतजार और ज्यादा बढ़ गया है. आपको बता फिल्म धड़क मराठी फिल्म सैराट का रीमेक है. जिन लोगों ने सैराट नहीं देखी होगी उनके लिए तो ये फिल्म किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगी. फिल्म के ट्रेलर लॉन्चिंग के मौके पर जाह्नवी काफी इमोशनल नजर आई थी और उन्होंने कहा था कि- इस मौके पर उनकी माँ साथ में होती तो कितना अच्छा होता. . . . सोशल मीडिया पर धड़क का ट्रेलर खूब वायरल हो रहा है. आप भी देखिये ये वीडियो.
इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर शशांक खेतान की फिल्म धड़क के जरिये बॉलीवुड में एंट्री लेने वाली श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर की डेब्यू फिल्म का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हो चुका है. इस फिल्म में जाह्नवी के साथ शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर नजर आएँगे. फिल्म के ट्रेलर ने रिलीज़ होते ही धूम मचा दी है. ट्रेलर में आप जाह्नवी और ईशान की शानदार केमिस्ट्री देख सकते है. खास बात तो ये है कि श्रीदेवी की बेटी ने अपनी पहली ही फिल्म में किसिंग सीन देकर सभी को चौका दिया है. जी हाँ. . . फिल्म के ट्रेलर में आप देख सकते हैं जाह्नवी और ईशान का किसिंग सीन दर्शको को खूब पसंद आ रहा है. जाह्नवी हूबहू श्रीदेवी की तरह ही दिख रही हैं. ईशान के डायलॉग ने भी सभी का दिल जीत लिया है. तीन मिनट के इस ट्रेलर को देखकर तो अब सभी का धड़क फिल्म देखने का इंतजार और ज्यादा बढ़ गया है. आपको बता फिल्म धड़क मराठी फिल्म सैराट का रीमेक है. जिन लोगों ने सैराट नहीं देखी होगी उनके लिए तो ये फिल्म किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगी. फिल्म के ट्रेलर लॉन्चिंग के मौके पर जाह्नवी काफी इमोशनल नजर आई थी और उन्होंने कहा था कि- इस मौके पर उनकी माँ साथ में होती तो कितना अच्छा होता. . . . सोशल मीडिया पर धड़क का ट्रेलर खूब वायरल हो रहा है. आप भी देखिये ये वीडियो.
मंसूरपुर। हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने के लिए मंसूरपुर में कैंडल मार्च निकालकर सैकड़ो ग्रामीणों ने हाथरस प्रकरण के आरोपियों को फांसी देने की मांग की। हाथरस में हुई जघन्य घटना के बाद पूरे प्रदेश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, यह विरोध प्रदर्शन शहरों के साथ-साथ अब गांव देहात में भी देखे जा रहे हैं। रविवार की शाम मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में खानपुर गांव के प्रधान भूपेंद्र राठी के नेतृत्व में बाल्मीकि समाज के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियों को फांसी की सजा की मांग की। कैंडल मार्च में मुख्य रूप से खानपुर गांव के प्रधान भूपेंद्र राठी, ताऊ समरपाल, रविकांत बाल्मीकि, नरेश रोहतगी व सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
मंसूरपुर। हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने के लिए मंसूरपुर में कैंडल मार्च निकालकर सैकड़ो ग्रामीणों ने हाथरस प्रकरण के आरोपियों को फांसी देने की मांग की। हाथरस में हुई जघन्य घटना के बाद पूरे प्रदेश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, यह विरोध प्रदर्शन शहरों के साथ-साथ अब गांव देहात में भी देखे जा रहे हैं। रविवार की शाम मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में खानपुर गांव के प्रधान भूपेंद्र राठी के नेतृत्व में बाल्मीकि समाज के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियों को फांसी की सजा की मांग की। कैंडल मार्च में मुख्य रूप से खानपुर गांव के प्रधान भूपेंद्र राठी, ताऊ समरपाल, रविकांत बाल्मीकि, नरेश रोहतगी व सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
धूम्रपान बढ़ रहा है। इसलिए आज हम आपको धूम्रपान से आपके शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताने जा रहे हैं। (धूम्रपान के प्रभाव) - धूम्रपान आपके दिल के लिए अच्छा नहीं है। साथ ही इसका हमारे दिमाग पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि धूम्रपान पूरे हृदय प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है। जब निकोटीन शरीर में प्रवेश करता है, तो यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है। - धूम्रपान आपके दांतों को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसा कहा जाता है कि धूम्रपान का आपके दांतों पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, धीरे-धीरे आपके दांत भी पीले होने लगते हैं। - धूम्रपान आपके पाचन तंत्र को भी प्रभावित करता है। हालाँकि, बहुतों को यह नहीं पता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही आप धूम्रपान करते हैं, निकोटीन और तंबाकू आपके मुंह और गले के जरिए आपके पेट के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। पाचन संबंधी समस्याएं भी बताई गई हैं। (अस्वीकरण : हम इस लेख में निर्धारित किसी भी कानून, प्रक्रिया और दावों का समर्थन नहीं करते हैं। उन्हें केवल सलाह के रूप में लिया जाना चाहिए। ऐसे किसी भी उपचार/दवा/आहार को लागू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। )
धूम्रपान बढ़ रहा है। इसलिए आज हम आपको धूम्रपान से आपके शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताने जा रहे हैं। - धूम्रपान आपके दिल के लिए अच्छा नहीं है। साथ ही इसका हमारे दिमाग पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि धूम्रपान पूरे हृदय प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है। जब निकोटीन शरीर में प्रवेश करता है, तो यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है। - धूम्रपान आपके दांतों को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसा कहा जाता है कि धूम्रपान का आपके दांतों पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, धीरे-धीरे आपके दांत भी पीले होने लगते हैं। - धूम्रपान आपके पाचन तंत्र को भी प्रभावित करता है। हालाँकि, बहुतों को यह नहीं पता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही आप धूम्रपान करते हैं, निकोटीन और तंबाकू आपके मुंह और गले के जरिए आपके पेट के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। पाचन संबंधी समस्याएं भी बताई गई हैं।
[ भाग II--खण्ट 3 (i)] नई दिल्ली, 20 अगस्त, 1977 मा०का० मि० 1208 संविधान के अनुच्छेद 300 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति एतद्वारा जवाहरलाल स्नातकोतर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, पांडिचेरी (श्रेणी III और श्रेणी IV पद ) भर्ती नियमावली, 1959 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिम्बित नियम बनाते हैं, अर्थात ( 1 ) इन नियमों का नाम जवाहरलाल स्नातकोतर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान पांडिचेरी ( श्रेणी III और श्रेणी IV पट ) भर्ती (संशोधन) नियमावली, 1977 है । ( 2 ) ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे। 2 जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान पांडिचेरी (श्रेणी III और श्रेणी IV पद) भर्ती नियमावली, 1959 मे :--- ( 1 ) "श्रेणी III और श्रेणी IV" शब्द और अंक के लिए "श्रेणी III" और "श्रेणी IV" जहां कहीं भी आये हों, "समूह 'ग' और समुह 'घ"' के स्थान पर क्रमश "समूह 'ग" और "समूह 'ब" रखे जाएंगे; ( 2 ) कालम 14 में चपरासी के पद से सम्बंधित सद 32 की अनुसूची की प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाएगी, अर्थात् -- " उन मेहतरों, मेहतर / सफाई कर्मचारियों, फरणों पहरेदारों और चौकीदारों में से स्थानान्तरण के द्वारा जिन्होंने अपने पद पर कम से कम 5 वर्ष की नियमित सेवा की हो और जो अंग्रेजी अथवा हिन्दी या क्षेत्रीय भाषा पढ़ने की योग्यता का भक्त दें । [म० ए० 12018/5/77-मामान्य ( स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय] New Delhi, the 20th August, 1977 G.S.R. 1208.-In exercise of the powers conferted by the proviso to arlicle 309 of the Constitution the President hereby makes the following rules further to amend the Jawaharlal Institute of Post-graduate Medical Education and Research. Pondicherry (Class Ill and Class IV) posts Recruitment Rules, 1959 namely :1 (1) These rules may be called the Jawaharlal Institute of Post-graduate Medical Education and Research, Pondicherry (Class II and Class IV posts) Recruitment (Amendmen। } Rules, 1977. (2) They shall come into force on the date of the publication in the Official Gazette. 2. In the Jawaharlal Institute of Post-graduate Medical Fducation and Research, Pondicherry (Class III and Class IV posts ) Recruitment Rules, 1959:--- (i) for the words and figures "Class Iland Class IV" "Class III and Class IV" wherever they occur, the words and letters Group 'C' and Group 'D', Group 'C' and Group 'D' shall respectively be substituted, ( ii) in the Schedule against item 32 relating to the post of peon in column 14, for the cntry, the following entry shall be substituted, namely : - "Transfer from sweepers, sweeper / scavengers, Farashes, Watchmen and Chowkidars, who have put in a minimum of 5 years' iegular service in the post and who give proof of ability to read either English or Hindi or regional language." नई दिल्ली, 17 अगस्त, 1977 ला० का०नि० 1209 - संविधान के अनुछेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदन प्रतियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति एतद्वारा जवाहर लाल नेहरू स्नातकोसर चिकित्सा शिक्षा और अनुसन्धान संस्थान, पामे( 1 ) तथा नांकिकी के सेक्चरर (ii) स्वास्थ्य शिक्षा और परिवार कल्याण के लेक्चरर के पद पर भर्ती की विधि के विनियमित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थानः-- 1. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारम्भ इन नियमों का नाम जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान परी सांख्यिकी तथा अनानाकिकी के लेक्चरर तथा स्वास्थ्य शिक्षा और परिवार कल्याण के लेक्चरर भर्ती नियम 1977 है। 2. ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होंगे। 2. संख्या वर्गीकरण तथा वेतनमान : पदों की संख्या उनका वर्गकिरण तथा वेतनमान यही होगे जैसा कि अनुसूची के स्तम्भ 12 से 4 में निर्दिष्ट है। 3. भर्ती की विधि आयुमीमा श्रमायें श्रादि उक्त पद पर भर्ती की विधि आपनायें तथा अन्य बातें वही होंगी जैसा कि उक्न अनुसूची के स्तम्भ 6 से 14 में निर्दिष्ट हैः परन्तु केन्द्रीय सरकार द्वारा समय समय पर जारी किये गये सामान्य प्रदेशों के अनुसार अनुसूचित जाति / अनुसूचित जन जाति तथा अन्य विशेष प्रवर्गों के अन्य व्यक्तियों के मामले में सीधी भर्ती के लिये निर्धारित अधिकतम आयु सीमा शिथिल की जा सकती है। 5. अर्हताः कोई व्यक्ति ( क ) जो किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह करता / करती है अथवा विवाह की संविदा करना / करती है जिसका कि पति या जिसकी पत्नी जीवित हो, पथया को व्यक्ति एक पति / एकपत्नी के जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति के साथ विवाह करना / करती है अथवा विवाह की संविदा करता/करती है, सेवा में नियुक्त होने का पात्र नही है / होगा : परन्तु केन्द्रीय सरकार यह समाधान होने पर कि ऐसा विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के दूसरे पक्षकार पर लागू होने वाली स्वीय विधि के अधीन अनुज्ञेय है और ऐसा करने के अन्य प्राधार हैं, किसी भी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकती है। 6. छूट देने की शक्ति : जहां केन्द्रीय सरकार का यह विचार है कि छूट देना आवश्यक या उचित है यहा वह संघ लोक सेवा प्रायोग के परामर्स से और लिखित कारणों के आधार पर आवेश द्वारा किसी श्रेणी या वर्ग से संबंधित व्यक्तियों को इन नियमों के किसी उपबन्ध से छूट दे सकती है। 7. व्यावृत्ति इस संबंध में केन्द्रीय सरकार द्वारा समय समय पर जारी किये गये आदेशों के अनुसार अनुसूचित जाति / अनुसूचित जन जाति तथा विशेष वर्गों के व्यक्तियों के लिए जिन प्रारक्षणां और अन्य रियायतों की व्यवस्था करना अपेक्षित है, उन पर इन नियमों का किसी बात का प्रभाव नहीं पड़ेगा । 76 GI/77 4
[ भाग II--खण्ट तीन ] नई दिल्ली, बीस अगस्त, एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर माशून्यकाशून्य मिशून्य एक हज़ार दो सौ आठ संविधान के अनुच्छेद तीन सौ के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति एतद्वारा जवाहरलाल स्नातकोतर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, पांडिचेरी भर्ती नियमावली, एक हज़ार नौ सौ उनसठ में और संशोधन करने के लिए निम्नलिम्बित नियम बनाते हैं, अर्थात इन नियमों का नाम जवाहरलाल स्नातकोतर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान पांडिचेरी भर्ती नियमावली, एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर है । ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे। दो जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान पांडिचेरी भर्ती नियमावली, एक हज़ार नौ सौ उनसठ मे :--- "श्रेणी III और श्रेणी IV" शब्द और अंक के लिए "श्रेणी III" और "श्रेणी IV" जहां कहीं भी आये हों, "समूह 'ग' और समुह 'घ"' के स्थान पर क्रमश "समूह 'ग" और "समूह 'ब" रखे जाएंगे; कालम चौदह में चपरासी के पद से सम्बंधित सद बत्तीस की अनुसूची की प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रखी जाएगी, अर्थात् -- " उन मेहतरों, मेहतर / सफाई कर्मचारियों, फरणों पहरेदारों और चौकीदारों में से स्थानान्तरण के द्वारा जिन्होंने अपने पद पर कम से कम पाँच वर्ष की नियमित सेवा की हो और जो अंग्रेजी अथवा हिन्दी या क्षेत्रीय भाषा पढ़ने की योग्यता का भक्त दें । [मशून्य एशून्य एकसतहत्तर मई दो हज़ार अट्ठारह-मामान्य posts Recruitment Rules, एक हज़ार नौ सौ उनसठ namely :एक These rules may be called the Jawaharlal Institute of Post-graduate Medical Education and Research, Pondicherry Recruitment They shall come into force on the date of the publication in the Official Gazette. दो. In the Jawaharlal Institute of Post-graduate Medical Fducation and Research, Pondicherry Recruitment Rules, एक हज़ार नौ सौ उनसठ:--- for the words and figures "Class Iland Class IV" "Class III and Class IV" wherever they occur, the words and letters Group 'C' and Group 'D', Group 'C' and Group 'D' shall respectively be substituted, in the Schedule against item बत्तीस relating to the post of peon in column चौदह, for the cntry, the following entry shall be substituted, namely : - "Transfer from sweepers, sweeper / scavengers, Farashes, Watchmen and Chowkidars, who have put in a minimum of पाँच years' iegular service in the post and who give proof of ability to read either English or Hindi or regional language." नई दिल्ली, सत्रह अगस्त, एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर लाशून्य काशून्यनिशून्य एक हज़ार दो सौ नौ - संविधान के अनुछेद तीन सौ नौ के परन्तुक द्वारा प्रदन प्रतियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति एतद्वारा जवाहर लाल नेहरू स्नातकोसर चिकित्सा शिक्षा और अनुसन्धान संस्थान, पामे तथा नांकिकी के सेक्चरर स्वास्थ्य शिक्षा और परिवार कल्याण के लेक्चरर के पद पर भर्ती की विधि के विनियमित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थानः-- एक. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारम्भ इन नियमों का नाम जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान परी सांख्यिकी तथा अनानाकिकी के लेक्चरर तथा स्वास्थ्य शिक्षा और परिवार कल्याण के लेक्चरर भर्ती नियम एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर है। दो. ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होंगे। दो. संख्या वर्गीकरण तथा वेतनमान : पदों की संख्या उनका वर्गकिरण तथा वेतनमान यही होगे जैसा कि अनुसूची के स्तम्भ बारह से चार में निर्दिष्ट है। तीन. भर्ती की विधि आयुमीमा श्रमायें श्रादि उक्त पद पर भर्ती की विधि आपनायें तथा अन्य बातें वही होंगी जैसा कि उक्न अनुसूची के स्तम्भ छः से चौदह में निर्दिष्ट हैः परन्तु केन्द्रीय सरकार द्वारा समय समय पर जारी किये गये सामान्य प्रदेशों के अनुसार अनुसूचित जाति / अनुसूचित जन जाति तथा अन्य विशेष प्रवर्गों के अन्य व्यक्तियों के मामले में सीधी भर्ती के लिये निर्धारित अधिकतम आयु सीमा शिथिल की जा सकती है। पाँच. अर्हताः कोई व्यक्ति जो किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह करता / करती है अथवा विवाह की संविदा करना / करती है जिसका कि पति या जिसकी पत्नी जीवित हो, पथया को व्यक्ति एक पति / एकपत्नी के जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति के साथ विवाह करना / करती है अथवा विवाह की संविदा करता/करती है, सेवा में नियुक्त होने का पात्र नही है / होगा : परन्तु केन्द्रीय सरकार यह समाधान होने पर कि ऐसा विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के दूसरे पक्षकार पर लागू होने वाली स्वीय विधि के अधीन अनुज्ञेय है और ऐसा करने के अन्य प्राधार हैं, किसी भी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकती है। छः. छूट देने की शक्ति : जहां केन्द्रीय सरकार का यह विचार है कि छूट देना आवश्यक या उचित है यहा वह संघ लोक सेवा प्रायोग के परामर्स से और लिखित कारणों के आधार पर आवेश द्वारा किसी श्रेणी या वर्ग से संबंधित व्यक्तियों को इन नियमों के किसी उपबन्ध से छूट दे सकती है। सात. व्यावृत्ति इस संबंध में केन्द्रीय सरकार द्वारा समय समय पर जारी किये गये आदेशों के अनुसार अनुसूचित जाति / अनुसूचित जन जाति तथा विशेष वर्गों के व्यक्तियों के लिए जिन प्रारक्षणां और अन्य रियायतों की व्यवस्था करना अपेक्षित है, उन पर इन नियमों का किसी बात का प्रभाव नहीं पड़ेगा । छिहत्तर GI/सतहत्तर चार
न्यूयॉर्क। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच मंगलवार को न्यूयॉर्क में 40 मिनट तक मुलाकात की. द्विपक्षीय बातचीत में मोदी-ट्रंप के बीच आतंकवाद पर भी बातचीत हुई. पीएम मोदी ने सीमा पार आतंकवाद (Cross border Terrorism) का मुद्दा उठाते हुए ट्रंप से कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) ने हर कदम पर धोखा दिया है.
न्यूयॉर्क। पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को न्यूयॉर्क में चालीस मिनट तक मुलाकात की. द्विपक्षीय बातचीत में मोदी-ट्रंप के बीच आतंकवाद पर भी बातचीत हुई. पीएम मोदी ने सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए ट्रंप से कहा कि पाकिस्तान ने हर कदम पर धोखा दिया है.
परिस्थिति उत्पन्न कर दी। डच लोगों की शत्रुता से दबकर पुर्तगालियों ने १६३५ में के गवर्नर से समझौता कर लिया। इसके बाद १६४२ और १६५४ में सूरत फिर इन दोनों में संधियाँ हुईं। अंग्रेजों ने इस अनुकूल परिस्थिति का आरम्भ से ही लाभ उठाया था । १६११ में उन्होंने मसुलीपट्टम में एक कोठी खोल दी थी क्योंकि वह बारीक सूती कपड़े का बड़ा भारी दिसावर था, जिसकी माँग बन्तम तथा फारस दोनों में ही बहुत थी । १६३६ में अंग्रेजों ने विजयनगर के वंशधर चन्द्रगिरि के राजा से पुर्तगालियों की नष्टप्राय बस्ती सेंट टोम ( St. Thome) के निकट, बहुत ही थोड़े से किराए पर, मद्रास की जागीर प्राप्त कर ली और वहाँ पर अपनी कोठी बनाने तथा उस नगर पर पूरा शासन करने का अधिकार भी प्राप्त कर लिया । १६४७ में गोलकुण्डा राज के व्यापारी सेनापति मीर जुमला ने समस्त चोल मण्डल-तट पर अधिकार कर लिया। परन्तु स्वयं एक महान व्यापारी होने के नाते वह अंग्रेजों का मित्र था । अतएव उसने इस शर्त पर कि जितना आयात कर ( Customs) वे बाहरी व्यापारियों से वसूल करें उसका आधा गोलकुण्डा को दें, उनके पुराने अधिकार स्वीकृत कर दिए। बाद को इस प्रदायगी की एक निश्चित रकम ३८० पगोडा और फिर १६७२ में १२०० पगोडा कर दी गई। इन्हीं दिनों अंग्रेजों ने बंगाल में भी व्यापारी कोठियाँ बनाकर देश के अन्दर तक प्रवेश कर लिया था। हरिहरपुर और बालासोर में १६३३ में, हुगली में १६५०-५१ में और फिर पटना और कासिम बाजार में कोठियाँ बनाई। इन स्थानों का मुख्य व्यवसाय था शोरे, शक्कर और रेशम का । इनके द्वारा कम्पनी की अपेक्षा उसके कर्मचारियों ने अपने निजी व्यापार से बहुत लाभ उठाया । इसी समय - अंग्रेज संघर्ष इस क्षेत्र में प्रारम्भ होता है जिसका उल्लेख यथास्थान किया जाएगा । मराठी समुद्री सेना का इस संघर्ष में भाग - इस समुद्री सैन्यबल तथा व्यापारी साम्राज्य की घुड़दौड़ से देश को बचाने के लिए एक भारतीय शक्ति ने भी सराहनीय प्रयत्न किया था। इसका पूरा श्रेय स्वर्णदुर्ग के आंग्रे वंश को था । शिवाजी ने समुद्री सेना के महत्व को भलीभांति समझकर एक सैनिक बेड़ा बनाया था। उसके बाद इस बेड़े का समूचा नेतृत्व व शासन एक अत्यन्त तीव्र, कुशल तथा शूरवीर नेता के हाथों में चला गया। इसका नाम था कान्होजी आंग्रे । इस वीर ने स्वर्णदुर्ग में अपना मुख्यालय स्थापित किया और उस रणक्षेत्र में, जिसमें पाश्चात्य समुद्री जातियाँ व्यापारी अधिकारों के लिए संघर्ष में जुटी हुई थीं, वह भी कूद पड़ा । थोड़े ही समय में उसने पश्चिम भारतीय सागर पर ऐसी धाक जमा ली कि बाहरी जातियाँ उससे भयभीत हो गईं। बम्बई से कोई १६ मील बाहर कन्हेरी के द्वीप पर प्रांग्रे ने अपनी सैनिक स्थली ( Military base) बनाई और वहाँ से निकलकर इन सबसे चौथ वसूल करना शुरू किया। अंग्रेजों को कई बार जलयुद्ध में उसने परास्त किया । तब उन्होंने पुर्तगाली सेना को मिलाकर एक बहुत श्रकबरी युग से पहले देश की दशा एक विहंगम दृष्टि बड़ा पोत समूह बनाया और १६२२ में प्रांग्रे के मूलस्थान पर आक्रमण किया । गोवा से ५,००० सैनिक, समुद्री सेना की सहायता के लिए भेजे। माँ ने इस संयुक्त सैन्यदल को भी पछाड़ा और उन्हें अपने अपने मूलस्थानों में आकर मुँह छिपाना पड़ा। डच बेड़े को भी उसने इसी प्रकार हराया। इस असाधारण विजय के बाद कानोजी आंग्रे निःशंक होकर अरब सागर में विचरने लगा । कानोजी के बाद उसके उत्तराधिकारियों ने भी १७५६ तक अरब सागर पर अपना प्रभुत्व कायम रखा, किन्तु १७५६ में क्लाइव और वाटसन के संयुक्त बेड़े ने आक्रमण करके कन्हेरी पर कब्जा कर लिया। १७५६ तक मराठा जलसेना का महत्व उस क्षेत्र में बहुत भारी रहा। किन्तु इनका अधिकार केवल कोकरण के तटवर्ती समुद्र तक ही सीमित था। खुले महासागर तक पहुँचने का वे साहस न कर सके थे। अतएव ब्रिटेन की समुद्री शक्ति, जो इस समय यूरोप में सबसे बढ़ गई थी, महासागर के व्यापार पर सर्वोपरि अधिकारिणी हो गई। थोड़े दिन तक फ्रेंच समुद्री सैन्यबल से अंग्रेजों को और संघर्ष करना पड़ा, पर १७८४ में सफरेन के पराभव के अनन्तर अंग्रेजों का एकाधिकार पूरी तरह स्थापित हो गया । मुगल सत्ता में समुद्री शक्ति का प्रभाव - यह बड़े प्राश्चर्य की बात है कि किसी मुग़ल सम्राट् ने समुद्र सैन्यबल के महत्त्व को न समझा । इसका एक कारण - यह भी हो सकता है कि बहुत समय तक तो मुग़ल सत्ता केवल स्थल सत्ता ही बनी रही और समुद्र से उसका सम्पर्क देर में हुआ । अकबर नो पहले-पहल समुद्र को गुजरात विजय करके खम्भात पहुँचने पर देखा था। तब भी मुग़लों की मुख्य समस्याएँ प्रान्तरिक ही थीं और मध्य एशियाई आन्तरिक शक्तियों से मुख्यतया उनके राजनीतिक व सामरिक सम्बन्ध थे । समुद्री मार्गों द्वारा विदेशों से उनका सम्पर्क सूरत के बन्दरगाह के द्वारा हुआ था और वह केवल व्यापारिक था। जो मुग़लों की तुरत की समस्याएँ थीं उनपर समुद्री शक्ति का कोई प्रभाव या श्रावश्यकता न थी । तथापि कुछ ऐसी घटनाएँ होने लगी थीं जिनसे अकबर के उत्तराधिकारियों को यह समझ लेना चाहिए था कि समुद्री शक्ति का कितना बड़ा महत्व है । उदाहरण के लिए सूरत के अंग्रेजी व्यापारियों ने जहाँगीर के लगाए हुए मूंगे के व्यापार पर बन्धन को नहीं माना । इस व्यापार की साम्राज्य की ओर से समस्त विदेशियों के लिए मनाही कर दी गई थी। किन्तु जहाँगीर अंग्रेजों का कुछ न बिगाड़ सका । उसके बाद शाहजहाँ ने बंगाल में पुर्तगालियों की लूट-मार को दबाने के लिए तटीय जहाजी बेड़ा तैयार किया था किन्तु यह बेड़ा बड़े सागर में इन विदेशियों का कोई मुकाबला न कर सकता था। देश के अन्दर मुग़ल साम्राज्य की शक्ति बहुत बड़ी थी किन्तु समुद्र में वह बेकार थी । अतएव मुग़ल सम्राट् इन विदेशी व्यापारियों द्वारा अपने मुसलमान यात्रियों के समुद्र में लूटे जाने पर सिवाय क्रोध का प्रकाशन करने के और कुछ न कर सकते थे। दूसरी ओर उनकी भूमि
परिस्थिति उत्पन्न कर दी। डच लोगों की शत्रुता से दबकर पुर्तगालियों ने एक हज़ार छः सौ पैंतीस में के गवर्नर से समझौता कर लिया। इसके बाद एक हज़ार छः सौ बयालीस और एक हज़ार छः सौ चौवन में सूरत फिर इन दोनों में संधियाँ हुईं। अंग्रेजों ने इस अनुकूल परिस्थिति का आरम्भ से ही लाभ उठाया था । एक हज़ार छः सौ ग्यारह में उन्होंने मसुलीपट्टम में एक कोठी खोल दी थी क्योंकि वह बारीक सूती कपड़े का बड़ा भारी दिसावर था, जिसकी माँग बन्तम तथा फारस दोनों में ही बहुत थी । एक हज़ार छः सौ छत्तीस में अंग्रेजों ने विजयनगर के वंशधर चन्द्रगिरि के राजा से पुर्तगालियों की नष्टप्राय बस्ती सेंट टोम के निकट, बहुत ही थोड़े से किराए पर, मद्रास की जागीर प्राप्त कर ली और वहाँ पर अपनी कोठी बनाने तथा उस नगर पर पूरा शासन करने का अधिकार भी प्राप्त कर लिया । एक हज़ार छः सौ सैंतालीस में गोलकुण्डा राज के व्यापारी सेनापति मीर जुमला ने समस्त चोल मण्डल-तट पर अधिकार कर लिया। परन्तु स्वयं एक महान व्यापारी होने के नाते वह अंग्रेजों का मित्र था । अतएव उसने इस शर्त पर कि जितना आयात कर वे बाहरी व्यापारियों से वसूल करें उसका आधा गोलकुण्डा को दें, उनके पुराने अधिकार स्वीकृत कर दिए। बाद को इस प्रदायगी की एक निश्चित रकम तीन सौ अस्सी पगोडा और फिर एक हज़ार छः सौ बहत्तर में एक हज़ार दो सौ पगोडा कर दी गई। इन्हीं दिनों अंग्रेजों ने बंगाल में भी व्यापारी कोठियाँ बनाकर देश के अन्दर तक प्रवेश कर लिया था। हरिहरपुर और बालासोर में एक हज़ार छः सौ तैंतीस में, हुगली में एक हज़ार छः सौ पचास-इक्यावन में और फिर पटना और कासिम बाजार में कोठियाँ बनाई। इन स्थानों का मुख्य व्यवसाय था शोरे, शक्कर और रेशम का । इनके द्वारा कम्पनी की अपेक्षा उसके कर्मचारियों ने अपने निजी व्यापार से बहुत लाभ उठाया । इसी समय - अंग्रेज संघर्ष इस क्षेत्र में प्रारम्भ होता है जिसका उल्लेख यथास्थान किया जाएगा । मराठी समुद्री सेना का इस संघर्ष में भाग - इस समुद्री सैन्यबल तथा व्यापारी साम्राज्य की घुड़दौड़ से देश को बचाने के लिए एक भारतीय शक्ति ने भी सराहनीय प्रयत्न किया था। इसका पूरा श्रेय स्वर्णदुर्ग के आंग्रे वंश को था । शिवाजी ने समुद्री सेना के महत्व को भलीभांति समझकर एक सैनिक बेड़ा बनाया था। उसके बाद इस बेड़े का समूचा नेतृत्व व शासन एक अत्यन्त तीव्र, कुशल तथा शूरवीर नेता के हाथों में चला गया। इसका नाम था कान्होजी आंग्रे । इस वीर ने स्वर्णदुर्ग में अपना मुख्यालय स्थापित किया और उस रणक्षेत्र में, जिसमें पाश्चात्य समुद्री जातियाँ व्यापारी अधिकारों के लिए संघर्ष में जुटी हुई थीं, वह भी कूद पड़ा । थोड़े ही समय में उसने पश्चिम भारतीय सागर पर ऐसी धाक जमा ली कि बाहरी जातियाँ उससे भयभीत हो गईं। बम्बई से कोई सोलह मील बाहर कन्हेरी के द्वीप पर प्रांग्रे ने अपनी सैनिक स्थली बनाई और वहाँ से निकलकर इन सबसे चौथ वसूल करना शुरू किया। अंग्रेजों को कई बार जलयुद्ध में उसने परास्त किया । तब उन्होंने पुर्तगाली सेना को मिलाकर एक बहुत श्रकबरी युग से पहले देश की दशा एक विहंगम दृष्टि बड़ा पोत समूह बनाया और एक हज़ार छः सौ बाईस में प्रांग्रे के मूलस्थान पर आक्रमण किया । गोवा से पाँच,शून्य सैनिक, समुद्री सेना की सहायता के लिए भेजे। माँ ने इस संयुक्त सैन्यदल को भी पछाड़ा और उन्हें अपने अपने मूलस्थानों में आकर मुँह छिपाना पड़ा। डच बेड़े को भी उसने इसी प्रकार हराया। इस असाधारण विजय के बाद कानोजी आंग्रे निःशंक होकर अरब सागर में विचरने लगा । कानोजी के बाद उसके उत्तराधिकारियों ने भी एक हज़ार सात सौ छप्पन तक अरब सागर पर अपना प्रभुत्व कायम रखा, किन्तु एक हज़ार सात सौ छप्पन में क्लाइव और वाटसन के संयुक्त बेड़े ने आक्रमण करके कन्हेरी पर कब्जा कर लिया। एक हज़ार सात सौ छप्पन तक मराठा जलसेना का महत्व उस क्षेत्र में बहुत भारी रहा। किन्तु इनका अधिकार केवल कोकरण के तटवर्ती समुद्र तक ही सीमित था। खुले महासागर तक पहुँचने का वे साहस न कर सके थे। अतएव ब्रिटेन की समुद्री शक्ति, जो इस समय यूरोप में सबसे बढ़ गई थी, महासागर के व्यापार पर सर्वोपरि अधिकारिणी हो गई। थोड़े दिन तक फ्रेंच समुद्री सैन्यबल से अंग्रेजों को और संघर्ष करना पड़ा, पर एक हज़ार सात सौ चौरासी में सफरेन के पराभव के अनन्तर अंग्रेजों का एकाधिकार पूरी तरह स्थापित हो गया । मुगल सत्ता में समुद्री शक्ति का प्रभाव - यह बड़े प्राश्चर्य की बात है कि किसी मुग़ल सम्राट् ने समुद्र सैन्यबल के महत्त्व को न समझा । इसका एक कारण - यह भी हो सकता है कि बहुत समय तक तो मुग़ल सत्ता केवल स्थल सत्ता ही बनी रही और समुद्र से उसका सम्पर्क देर में हुआ । अकबर नो पहले-पहल समुद्र को गुजरात विजय करके खम्भात पहुँचने पर देखा था। तब भी मुग़लों की मुख्य समस्याएँ प्रान्तरिक ही थीं और मध्य एशियाई आन्तरिक शक्तियों से मुख्यतया उनके राजनीतिक व सामरिक सम्बन्ध थे । समुद्री मार्गों द्वारा विदेशों से उनका सम्पर्क सूरत के बन्दरगाह के द्वारा हुआ था और वह केवल व्यापारिक था। जो मुग़लों की तुरत की समस्याएँ थीं उनपर समुद्री शक्ति का कोई प्रभाव या श्रावश्यकता न थी । तथापि कुछ ऐसी घटनाएँ होने लगी थीं जिनसे अकबर के उत्तराधिकारियों को यह समझ लेना चाहिए था कि समुद्री शक्ति का कितना बड़ा महत्व है । उदाहरण के लिए सूरत के अंग्रेजी व्यापारियों ने जहाँगीर के लगाए हुए मूंगे के व्यापार पर बन्धन को नहीं माना । इस व्यापार की साम्राज्य की ओर से समस्त विदेशियों के लिए मनाही कर दी गई थी। किन्तु जहाँगीर अंग्रेजों का कुछ न बिगाड़ सका । उसके बाद शाहजहाँ ने बंगाल में पुर्तगालियों की लूट-मार को दबाने के लिए तटीय जहाजी बेड़ा तैयार किया था किन्तु यह बेड़ा बड़े सागर में इन विदेशियों का कोई मुकाबला न कर सकता था। देश के अन्दर मुग़ल साम्राज्य की शक्ति बहुत बड़ी थी किन्तु समुद्र में वह बेकार थी । अतएव मुग़ल सम्राट् इन विदेशी व्यापारियों द्वारा अपने मुसलमान यात्रियों के समुद्र में लूटे जाने पर सिवाय क्रोध का प्रकाशन करने के और कुछ न कर सकते थे। दूसरी ओर उनकी भूमि
Mundka Fire: दिल्ली के मुंडका में हुए भीषण अग्निकांड के दो दिन बाद लोग अब भी अपनों की तलाश कर रहे हैं। इस बीच पुलिस के एक्शन पर बड़ी खबर आ रही है। दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक मनीष लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। मनीष लकड़ा अग्निकांड के बाद से फरार चल रहा था। लेकिन आज पुलिस ने मनीष लकड़ा को अरेस्ट कर लिया। गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि जब वहां आग लगी तब मनीष परिवार के साथ पहली फ्लोर पर था। आग शुक्रवार को चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर लगी थी। इस घटना में 21 महिलाओं समेत 27 लोगों की मौत हो गयी। पुलिस उपायुक्त (बाहरी) समीर शर्मा ने कहा, 'हमने दिल्ली और हरियाणा में छापे मारने के बाद इमारत के फरार मालिक मनीष लाकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। ' उन्होंने बताया कि लाकड़ा मुंडका गांव का रहने वाला है। इस घटना में 19 लोग अब भी लापता हैं और उनके जीवित बचने की संभावना बहुत कम है। आग शुक्रवार को उस इमारत की पहली मंजिल से शुरू हुई थी जिसमें एक सीसीटीवी कैमरा और राउटर निर्माण और असेंबलिंग कंपनी का कार्यालय था। दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को दिन में कहा कि मुंडका भवन में एक ही प्रवेश और निकास बिंदु था, जो हताहतों की अधिक संख्या का कारण बना हो सकता है। इमारत में जले हुए अवशेष पाए जाने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 तक हो सकती है। 12 घायलों का यहां एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुंडका अग्निकांड घटना की शनिवार को मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया था। केजरीवाल ने साथ ही इमारत में आग लगने की घटना में मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये देने की घोषणा की। Delhi Fire: मुंडका भवन के पास नहीं थी NOC, हादसे का कसूरवार कौन?
Mundka Fire: दिल्ली के मुंडका में हुए भीषण अग्निकांड के दो दिन बाद लोग अब भी अपनों की तलाश कर रहे हैं। इस बीच पुलिस के एक्शन पर बड़ी खबर आ रही है। दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक मनीष लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। मनीष लकड़ा अग्निकांड के बाद से फरार चल रहा था। लेकिन आज पुलिस ने मनीष लकड़ा को अरेस्ट कर लिया। गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि जब वहां आग लगी तब मनीष परिवार के साथ पहली फ्लोर पर था। आग शुक्रवार को चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर लगी थी। इस घटना में इक्कीस महिलाओं समेत सत्ताईस लोगों की मौत हो गयी। पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने कहा, 'हमने दिल्ली और हरियाणा में छापे मारने के बाद इमारत के फरार मालिक मनीष लाकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। ' उन्होंने बताया कि लाकड़ा मुंडका गांव का रहने वाला है। इस घटना में उन्नीस लोग अब भी लापता हैं और उनके जीवित बचने की संभावना बहुत कम है। आग शुक्रवार को उस इमारत की पहली मंजिल से शुरू हुई थी जिसमें एक सीसीटीवी कैमरा और राउटर निर्माण और असेंबलिंग कंपनी का कार्यालय था। दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को दिन में कहा कि मुंडका भवन में एक ही प्रवेश और निकास बिंदु था, जो हताहतों की अधिक संख्या का कारण बना हो सकता है। इमारत में जले हुए अवशेष पाए जाने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर तीस तक हो सकती है। बारह घायलों का यहां एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुंडका अग्निकांड घटना की शनिवार को मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया था। केजरीवाल ने साथ ही इमारत में आग लगने की घटना में मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये देने की घोषणा की। Delhi Fire: मुंडका भवन के पास नहीं थी NOC, हादसे का कसूरवार कौन?
पठानकोट में टनल दिखाते कांग्रेसी नेता विनय महाजन, पुनीत सैनी पिंटा व अन्य। हिमाचल प्रदेश के लाहडू में चक्की दरिया पर बन रहे बांध से जिला पठानकोट के क्षेत्र धार में पैदा होने वाले जल संकट से घबराए क्षेत्रवासियाें की गुहार के बाद कांग्रेस लोगों के पक्ष में उतर आई है। युवा कांग्रेस नेता पुनीत सैनी पिंटा व प्रदेश सचिव विनय महाजन ने ग्रामीणों के साथ लाहडू बांध का दौरा किया। कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्रवासियाें की समस्या को हाईकमान तक ले जाने की बात कही। हिमाचल प्रदेश के लाहडू में चक्की दरिया पर हिमाचल सरकार की ओर से बांध बनाने की तैयारी की जा रही है। इस बांध में नूरपुर क्षेत्र के गांवों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए 4310 मीटर लंबी टनल बनाने का काम फिलहाल चल रहा है। लगभग 2600 मीटर टनल का काम पूरा हो चुका है। वहीं टनल की ओर पानी का बहाव मोड़ने के लिए यहां पर 160 मीटर लंबा व 22 मीटर ऊंचे बांध का काम शीघ्र शुरू होने जा रहा है। इस बांध के बनने से धार क्षेत्र में आने वाला पानी वहीं रुक जाएगा, जिससे धार के लगभग 50 गांवों को जल संकट झेलना पड़ सकता है। यही नहीं इससे पंजाब जल योजनाएं भी बेकार हो जाएंगी। कुछ दिन पूर्व क्षेत्रवासियाें ने कांग्रेस सचिव विनय महाजन से इस समस्या के निपटारे के लिए गुहार लगाई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताआें ने बांध का दौरा किया। कांग्रेसी नेता पिंटा ने कहा कि धार क्षेत्र के पानी को किसी भी कीमत पर हिमाचल में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा इस समस्या को वह प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह व सांसद प्रताप सिंह बाजवा के समक्ष उठाएंगे। पीपीसीसी सचिव विनय महाजन ने कहा कि इस टनल व बांध के पूरा हो जाने पर धार क्षेत्र में पानी का संकट पैदा हो जाएगा। कांग्रेस समस्या को कांग्रेस हाईकमान तक ले जाकर हल कराएगी। इस मौके पर राजेश शर्मा ब्लाक प्रधान, पप्पू राम उपप्रधान, विजय कुमार, मनोहर लाल पूर्व सरपंच, सरवन सिंह, परषोतम लाल, किशोर थापा, काकू राम, चैन सिंह, जोगिन्द्र सिंह, तरसेम भगत उपस्थित थे। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
पठानकोट में टनल दिखाते कांग्रेसी नेता विनय महाजन, पुनीत सैनी पिंटा व अन्य। हिमाचल प्रदेश के लाहडू में चक्की दरिया पर बन रहे बांध से जिला पठानकोट के क्षेत्र धार में पैदा होने वाले जल संकट से घबराए क्षेत्रवासियाें की गुहार के बाद कांग्रेस लोगों के पक्ष में उतर आई है। युवा कांग्रेस नेता पुनीत सैनी पिंटा व प्रदेश सचिव विनय महाजन ने ग्रामीणों के साथ लाहडू बांध का दौरा किया। कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्रवासियाें की समस्या को हाईकमान तक ले जाने की बात कही। हिमाचल प्रदेश के लाहडू में चक्की दरिया पर हिमाचल सरकार की ओर से बांध बनाने की तैयारी की जा रही है। इस बांध में नूरपुर क्षेत्र के गांवों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए चार हज़ार तीन सौ दस मीटर लंबी टनल बनाने का काम फिलहाल चल रहा है। लगभग दो हज़ार छः सौ मीटर टनल का काम पूरा हो चुका है। वहीं टनल की ओर पानी का बहाव मोड़ने के लिए यहां पर एक सौ साठ मीटर लंबा व बाईस मीटर ऊंचे बांध का काम शीघ्र शुरू होने जा रहा है। इस बांध के बनने से धार क्षेत्र में आने वाला पानी वहीं रुक जाएगा, जिससे धार के लगभग पचास गांवों को जल संकट झेलना पड़ सकता है। यही नहीं इससे पंजाब जल योजनाएं भी बेकार हो जाएंगी। कुछ दिन पूर्व क्षेत्रवासियाें ने कांग्रेस सचिव विनय महाजन से इस समस्या के निपटारे के लिए गुहार लगाई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताआें ने बांध का दौरा किया। कांग्रेसी नेता पिंटा ने कहा कि धार क्षेत्र के पानी को किसी भी कीमत पर हिमाचल में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा इस समस्या को वह प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह व सांसद प्रताप सिंह बाजवा के समक्ष उठाएंगे। पीपीसीसी सचिव विनय महाजन ने कहा कि इस टनल व बांध के पूरा हो जाने पर धार क्षेत्र में पानी का संकट पैदा हो जाएगा। कांग्रेस समस्या को कांग्रेस हाईकमान तक ले जाकर हल कराएगी। इस मौके पर राजेश शर्मा ब्लाक प्रधान, पप्पू राम उपप्रधान, विजय कुमार, मनोहर लाल पूर्व सरपंच, सरवन सिंह, परषोतम लाल, किशोर थापा, काकू राम, चैन सिंह, जोगिन्द्र सिंह, तरसेम भगत उपस्थित थे। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
अंकारा जल और सीवरेज प्रशासन (ASKİ), अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका के सामान्य निदेशालय ने 30 किलोमीटर की "ममक-एल्माडाग पेयजल मुख्य ट्रांसमिशन लाइन परियोजना" को पूरा किया और 50 हजार नागरिकों को स्वस्थ, स्वच्छ और निर्बाध पेयजल प्रदान किया। अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका अपनी परियोजनाओं को जारी रखती है, जो कि राजधानी में वर्षों से उपेक्षित पेयजल और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को हल करने के लिए शुरू हुई थी। पिछले साल, ASKİ जनरल निदेशालय ने "ममक-ललहन-हसनोग्लान-एल्माडाग पेयजल संचरण लाइन निर्माण परियोजना" के लिए पहली खुदाई की। प्रोजेक्ट, जिसमें ASKİ की टीमों ने बिना रुके, 7 दिन और 24 घंटे काम किया, पूरा हो गया और 30 किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन को पानी की आपूर्ति की गई, और यहां तक कि परीक्षण का काम भी शुरू हो गया। 128 करोड़ का भारी भरकम निवेश पूरा; इसने Elmadağ, Hasanoğlan और Lalahan में रहने वाले 50 हजार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया। इस प्रकार, अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका के मेयर मंसूर यावास ने स्थानीय चुनावों से पहले किए गए "फव्वारे से पीने योग्य पानी" के वादे को महसूस किया। परियोजना के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए, ASKİ के महाप्रबंधक, एर्दोगन Öztürk ने कहा कि वे अपने निवेश कार्यक्रम में उन जिलों को प्राथमिकता देते हैं जो अभी भी 21वीं सदी में कुओं से अपनी पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करते हैं। Öztürk ने कहा, "ममक-एल्माडाग पेयजल मुख्य संचरण लाइन परियोजना के साथ, स्वस्थ पानी को इवेदिक पेयजल उपचार संयंत्र से एल्माडाग, हसनोग्लन और लालहन तक पहुंचाया जाएगा, जहां राजधानी अंकारा के पीने के पानी को शुद्ध किया जाता है। अंकारा शहर के मुख्य जल को ममक पी26 पम्प स्टेशन से लिया जाएगा और हसनोग्लान डीएम-1 स्टेशन तक पहुँचाया जाएगा। यह कहते हुए कि परियोजना के दायरे में परीक्षण कार्य शुरू हो गए हैं, üztürk ने कहा, "हम पीने के पानी को Çamlıdere से İवेदिक पेयजल उपचार संयंत्र और संयंत्र से Elmadağ तक ले जा रहे हैं। Elmadağ क्षेत्र अब कुएं के पानी के बजाय अंकारा शहर के मुख्य पानी पीने में सक्षम होगा। महापौर एडेम बारिस आस्किन, जिन्होंने एल्माडाग की पानी की समस्या को हल करने वाली परियोजना के लिए अपने सोशल मीडिया खातों पर एक धन्यवाद वीडियो साझा किया, ने निम्नलिखित बयानों का इस्तेमाल कियाः "आज, हमें अपने जिले और अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक महान परियोजना को साकार करने पर गर्व है। जैसा कि आप जानते हैं कि हम दो साल से पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। हमें अंकारा से टैंकरों से पानी लाना पड़ता था ताकि हमारे लोगों को परेशानी न हो। आज तक, हमारे राष्ट्रपति मंसूर द्वारा शुरू की गई परियोजना के साथ, अंकारा सेंट्रल लाइन से एल्मदाग तक जल वितरण शुरू हो गया है। ललहान, हसनोग्लान और एल्माडाग के रूप में, हमारे 50 हजार से अधिक लोगों को निर्बाध और स्वस्थ पानी मिला। सभी Elmadağ निवासियों की ओर से, मैं इस महान परियोजना के लिए अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका के हमारे मेयर श्री मंसूर यावस को धन्यवाद देना चाहता हूं।
अंकारा जल और सीवरेज प्रशासन , अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका के सामान्य निदेशालय ने तीस किलोग्राममीटर की "ममक-एल्माडाग पेयजल मुख्य ट्रांसमिशन लाइन परियोजना" को पूरा किया और पचास हजार नागरिकों को स्वस्थ, स्वच्छ और निर्बाध पेयजल प्रदान किया। अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका अपनी परियोजनाओं को जारी रखती है, जो कि राजधानी में वर्षों से उपेक्षित पेयजल और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को हल करने के लिए शुरू हुई थी। पिछले साल, ASKİ जनरल निदेशालय ने "ममक-ललहन-हसनोग्लान-एल्माडाग पेयजल संचरण लाइन निर्माण परियोजना" के लिए पहली खुदाई की। प्रोजेक्ट, जिसमें ASKİ की टीमों ने बिना रुके, सात दिन और चौबीस घंटाटे काम किया, पूरा हो गया और तीस किलोग्राममीटर की ट्रांसमिशन लाइन को पानी की आपूर्ति की गई, और यहां तक कि परीक्षण का काम भी शुरू हो गया। एक सौ अट्ठाईस करोड़ का भारी भरकम निवेश पूरा; इसने Elmadağ, Hasanoğlan और Lalahan में रहने वाले पचास हजार नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया। इस प्रकार, अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका के मेयर मंसूर यावास ने स्थानीय चुनावों से पहले किए गए "फव्वारे से पीने योग्य पानी" के वादे को महसूस किया। परियोजना के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए, ASKİ के महाप्रबंधक, एर्दोगन Öztürk ने कहा कि वे अपने निवेश कार्यक्रम में उन जिलों को प्राथमिकता देते हैं जो अभी भी इक्कीसवीं सदी में कुओं से अपनी पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करते हैं। Öztürk ने कहा, "ममक-एल्माडाग पेयजल मुख्य संचरण लाइन परियोजना के साथ, स्वस्थ पानी को इवेदिक पेयजल उपचार संयंत्र से एल्माडाग, हसनोग्लन और लालहन तक पहुंचाया जाएगा, जहां राजधानी अंकारा के पीने के पानी को शुद्ध किया जाता है। अंकारा शहर के मुख्य जल को ममक पीछब्बीस पम्प स्टेशन से लिया जाएगा और हसनोग्लान डीएम-एक स्टेशन तक पहुँचाया जाएगा। यह कहते हुए कि परियोजना के दायरे में परीक्षण कार्य शुरू हो गए हैं, üztürk ने कहा, "हम पीने के पानी को Çamlıdere से İवेदिक पेयजल उपचार संयंत्र और संयंत्र से Elmadağ तक ले जा रहे हैं। Elmadağ क्षेत्र अब कुएं के पानी के बजाय अंकारा शहर के मुख्य पानी पीने में सक्षम होगा। महापौर एडेम बारिस आस्किन, जिन्होंने एल्माडाग की पानी की समस्या को हल करने वाली परियोजना के लिए अपने सोशल मीडिया खातों पर एक धन्यवाद वीडियो साझा किया, ने निम्नलिखित बयानों का इस्तेमाल कियाः "आज, हमें अपने जिले और अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक महान परियोजना को साकार करने पर गर्व है। जैसा कि आप जानते हैं कि हम दो साल से पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। हमें अंकारा से टैंकरों से पानी लाना पड़ता था ताकि हमारे लोगों को परेशानी न हो। आज तक, हमारे राष्ट्रपति मंसूर द्वारा शुरू की गई परियोजना के साथ, अंकारा सेंट्रल लाइन से एल्मदाग तक जल वितरण शुरू हो गया है। ललहान, हसनोग्लान और एल्माडाग के रूप में, हमारे पचास हजार से अधिक लोगों को निर्बाध और स्वस्थ पानी मिला। सभी Elmadağ निवासियों की ओर से, मैं इस महान परियोजना के लिए अंकारा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका के हमारे मेयर श्री मंसूर यावस को धन्यवाद देना चाहता हूं।
इंडियन प्रीमियर लीग 2020 का सभी क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. सभी फ्रेंचाइजी 14 नवंबर तक खिलाड़ियों को रिलीज करने की तारीख दी गई है. अपकमिंग सीजन की तारीखों का ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन आए दिन नई-नई खबरें आती रहती है. आईपीएल 2019 में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम मुंबई इंडिंयस ने फाइनल मुकाबले में धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स को 1 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था. इतना ही नहीं टीम अब तक 4 खिताबों के साथ आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी है. लेकिन इस सीजन में मुंबई के कुछ खिलाड़ी आपको खेलते हुए नजर नहीं आने वाले हैं. फ्रेंचाइजी इन खिलाडियों को रिलीज नहीं कर रही बल्कि कुछ ने संन्यास ले लिया है तो कोई बीसीसीआई द्वारा लगाए बैन को झेल रहा है. तो आइए आज हम आपको मुंबई के उन 3 खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं जो आईपीएल 2020 में खेलते नहीं आएंगे नजर आएंगे. सिक्सर किेंग के नाम से क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले ऑलराउंडर युवराज सिंह ने 10 जून 2019 में अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया. उन्होंने तीनों फॉर्मेट व आईपीएल सभी से संन्यास लेने का फैसला किया. साथ ही युवी ने बीसीसीआई से विदेशी लीग खेलने की अनुमति मांगी. परिणामस्वरूप वह अब विदेशी लीग खेलते नजर आते हैं. युवराज 2019 में पहले राउंड की नीलामी में अनसोल्ड रहे थे उसके बाद दूसरे राउंड में मुंबई इंडियंस ने उन्हें 1 करोड़ के बेस प्राइज में खरीदा था. लेकिन अब संन्यास लेने के बाद युवराज आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस से खेलते नजर नहीं आएंगे. आपको बता दें, युवी ने पिछले सीजन बेहद निराशाजन प्रदर्शन किया था. आईपीएल 2019 में युवराज ने चार मैचों में मात्र 98 रन बनाए. जिसमें दिल्ली कैपिटल के खिलाफ खेली गई अर्धशतकीय पारी शामिल है. उन्होंने सीजन के अपने पहले मैच में अर्धशतक मारा था. युवराज ने IPL में 132 मैच खेले।
इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार बीस का सभी क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. सभी फ्रेंचाइजी चौदह नवंबर तक खिलाड़ियों को रिलीज करने की तारीख दी गई है. अपकमिंग सीजन की तारीखों का ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन आए दिन नई-नई खबरें आती रहती है. आईपीएल दो हज़ार उन्नीस में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम मुंबई इंडिंयस ने फाइनल मुकाबले में धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स को एक रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था. इतना ही नहीं टीम अब तक चार खिताबों के साथ आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी है. लेकिन इस सीजन में मुंबई के कुछ खिलाड़ी आपको खेलते हुए नजर नहीं आने वाले हैं. फ्रेंचाइजी इन खिलाडियों को रिलीज नहीं कर रही बल्कि कुछ ने संन्यास ले लिया है तो कोई बीसीसीआई द्वारा लगाए बैन को झेल रहा है. तो आइए आज हम आपको मुंबई के उन तीन खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं जो आईपीएल दो हज़ार बीस में खेलते नहीं आएंगे नजर आएंगे. सिक्सर किेंग के नाम से क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले ऑलराउंडर युवराज सिंह ने दस जून दो हज़ार उन्नीस में अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया. उन्होंने तीनों फॉर्मेट व आईपीएल सभी से संन्यास लेने का फैसला किया. साथ ही युवी ने बीसीसीआई से विदेशी लीग खेलने की अनुमति मांगी. परिणामस्वरूप वह अब विदेशी लीग खेलते नजर आते हैं. युवराज दो हज़ार उन्नीस में पहले राउंड की नीलामी में अनसोल्ड रहे थे उसके बाद दूसरे राउंड में मुंबई इंडियंस ने उन्हें एक करोड़ के बेस प्राइज में खरीदा था. लेकिन अब संन्यास लेने के बाद युवराज आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस से खेलते नजर नहीं आएंगे. आपको बता दें, युवी ने पिछले सीजन बेहद निराशाजन प्रदर्शन किया था. आईपीएल दो हज़ार उन्नीस में युवराज ने चार मैचों में मात्र अट्ठानवे रन बनाए. जिसमें दिल्ली कैपिटल के खिलाफ खेली गई अर्धशतकीय पारी शामिल है. उन्होंने सीजन के अपने पहले मैच में अर्धशतक मारा था. युवराज ने IPL में एक सौ बत्तीस मैच खेले।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन को जिस बात का डर था सूबे में वही हो रहा है। लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती की मूर्ति टूटने के बाद यह सिलसिला अब पूरे सूबे में शुरू हो गया है। मऊ, सीतापुर व जौनपुर जिलों में बाबा भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने से रविवार को तनाव फैल गया। स्थानीय प्रशासन ने हालात को संभालने में खूब पसीने बहाए। मऊ के खालिसपुर में अंबेडकर मूर्ति तोड़ने व भगवान बुद्ध की प्रतिमा उठा ले जाने से रविवार सुबह नाराज ग्रामीणों ने मऊ-बलिया राजमार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका। जौनपुर के खतीरपुर भैंसा गांव में शनिवार रात अंबेडकर मूर्ति तोड़े जाने के बाद वहां तनाव पैदा हो गया। सूचना पर भारी पुलिस बल व अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने अंबेडकर सभा के सदस्यों के साथ बैठककर तत्काल अंबेडकर की दूसरी मूर्ति स्थापित करा दी। पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीतापुर में रविवार को अराजकतत्वों ने अंबेडकर मूर्ति क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस-प्रशासन ने रात को ही गांव में पहुंचकर मूर्ति को दुरुस्त कराया। इसके बाद गांव में फैले तनाव पर काबू पाया जा सका। मूर्ति जिले के इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र के ग्राम जमलापुर में अंबेडकर पार्क में स्थापित है। गौरतलब है हाल ही में मायावती की मूर्ति तोड़े जाने के बाद राज्य सरकार ने पुलिस को अलर्ट रहने के लिए कहा था। साथ ही, पुलिस महकमे में फरमान जारी हुआ था कि मूर्ति टूटने पर उस क्षेत्र क थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही होगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन को जिस बात का डर था सूबे में वही हो रहा है। लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती की मूर्ति टूटने के बाद यह सिलसिला अब पूरे सूबे में शुरू हो गया है। मऊ, सीतापुर व जौनपुर जिलों में बाबा भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने से रविवार को तनाव फैल गया। स्थानीय प्रशासन ने हालात को संभालने में खूब पसीने बहाए। मऊ के खालिसपुर में अंबेडकर मूर्ति तोड़ने व भगवान बुद्ध की प्रतिमा उठा ले जाने से रविवार सुबह नाराज ग्रामीणों ने मऊ-बलिया राजमार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका। जौनपुर के खतीरपुर भैंसा गांव में शनिवार रात अंबेडकर मूर्ति तोड़े जाने के बाद वहां तनाव पैदा हो गया। सूचना पर भारी पुलिस बल व अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने अंबेडकर सभा के सदस्यों के साथ बैठककर तत्काल अंबेडकर की दूसरी मूर्ति स्थापित करा दी। पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीतापुर में रविवार को अराजकतत्वों ने अंबेडकर मूर्ति क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस-प्रशासन ने रात को ही गांव में पहुंचकर मूर्ति को दुरुस्त कराया। इसके बाद गांव में फैले तनाव पर काबू पाया जा सका। मूर्ति जिले के इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र के ग्राम जमलापुर में अंबेडकर पार्क में स्थापित है। गौरतलब है हाल ही में मायावती की मूर्ति तोड़े जाने के बाद राज्य सरकार ने पुलिस को अलर्ट रहने के लिए कहा था। साथ ही, पुलिस महकमे में फरमान जारी हुआ था कि मूर्ति टूटने पर उस क्षेत्र क थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही होगी।
Kanjhawala Case: आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा 302 इसलिए दर्ज की गई, क्योंकि आरोपियों को घटना के बाद पता चल गया था कि कार में लड़की फंसी हुई है। फिर भी अंजलि को 13 किलोमीटर घसीटते रहे। अगर सही समय पर गाड़ी को रोककर उसे अस्पताल पहुंचाया जाता। तो शायद अंजलि की जान बच जाती। लेकिन आरोपियों ने ऐसा नहीं किया। अंजलि के कार में फंस जाने के बाद घटनास्थल से निधि अपने घर चली गई थी। उसने घटना की जानकारी न तो पुलिस को दी थी और न ही अंजलि के घरवालों को ही बताया था। अंजलि के घरवालों के मुताबिक उन्होंने कभी निधि को नहीं देखा। अंजलि की मां और मामा ने निधि की भूमिका पर शक जताते हुए उस पर साजिश रचने का आरोप भी लगाया था। 31 दिसंबर की रात अंजलि को जब कार में फंसाकर करीब 13 किलोमीटर तक घसीटा गया, तो निधि ने पुलिस या किसी और जानकार को इस बारे में कुछ नहीं बताया था। निधि हादसे के बाद वहां से चुपचाप अपने घर चली गई थी।
Kanjhawala Case: आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा तीन सौ दो इसलिए दर्ज की गई, क्योंकि आरोपियों को घटना के बाद पता चल गया था कि कार में लड़की फंसी हुई है। फिर भी अंजलि को तेरह किलोग्राममीटर घसीटते रहे। अगर सही समय पर गाड़ी को रोककर उसे अस्पताल पहुंचाया जाता। तो शायद अंजलि की जान बच जाती। लेकिन आरोपियों ने ऐसा नहीं किया। अंजलि के कार में फंस जाने के बाद घटनास्थल से निधि अपने घर चली गई थी। उसने घटना की जानकारी न तो पुलिस को दी थी और न ही अंजलि के घरवालों को ही बताया था। अंजलि के घरवालों के मुताबिक उन्होंने कभी निधि को नहीं देखा। अंजलि की मां और मामा ने निधि की भूमिका पर शक जताते हुए उस पर साजिश रचने का आरोप भी लगाया था। इकतीस दिसंबर की रात अंजलि को जब कार में फंसाकर करीब तेरह किलोग्राममीटर तक घसीटा गया, तो निधि ने पुलिस या किसी और जानकार को इस बारे में कुछ नहीं बताया था। निधि हादसे के बाद वहां से चुपचाप अपने घर चली गई थी।