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|---|---|---|---|---|
== संपत्ति के मापन में प्रति व्यक्ति आय == प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किसी एक देश के लोगों की संपत्ति का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है, किसी अन्य देश की तुलना में। आमतौर पर यह किसी सर्वमान्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा जैसे यूरो या डॉलर में मापा जाता है। लेकिन इस मापन प्रणाली में एक खोट भी है। वह यह की यह किसी देश की केवल ... | अर्थशास्त्र | 4,400 | null | 130 |
== इन्हें भी देखें == सकल घरेलू उत्पाद प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार देशों की सूची (अभारित) भारतीय राज्यों की प्रति व्यक्ति आय मुक्त बाज़ार नियंत्रित बाज़ार अभाव अर्थव्यवस्था | अर्थशास्त्र | 4,401 | null | 31 |
प्रतिमोच्यता (Fungibility, फ़ंजिबिलिटी) किसी ऐसे प्रकार के माल या जिन्स जिसकी इकाईयाँ एक-दूसरे से सरलता से बदली जा सकें। उदाहरण के लिये एक किलो लोहा की एक इकाई किसी भी अन्य एक किलो लोहे के लगभग बराबर ही मानी जा सकती है। तेल, गेंहू, दस रुपये के नोट, इत्यादि ऐसी अन्य प्रतिमोच्य चीज़ों के उदाहरण हैं। | अर्थशास्त्र | 4,402 | null | 56 |
प्रत्यक्ष कर वह कर है जिसमें कर का प्रारंभिक भुगतान करनेवाला व्यक्ति ही कर का अंतिम भार वहन करता है अर्थात प्रत्यक्ष कर में कर के भार को दूसरे पर टालने की संभावना नहीं होती ¡ उदहारण- आयकर ,निगमकर ,संपति कर इत्यादि | अर्थशास्त्र | 4,403 | null | 42 |
किसी एक देश की कंपनी का दूसरे देश में किया गया निवेश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कहलाता है। ऐसे निवेश से निवेशकों को दूसरे देश की उस कंपनी के प्रबंधन में कुछ हिस्सा हासिल हो जाता है जिसमें उसका पैसा लगता है। आमतौर पर माना यह जाता है कि किसी निवेश को एफडीआई का दर्जा दिलाने के लिए कम-से-कम कंपनी में विदेशी निवेशक को 10 फीसदी ... | अर्थशास्त्र | 4,404 | null | 92 |
(१) ग्रीन फील्ड निवेश - इसके तहत दूसरे देश में एक नई कम्पनी स्थापित की जाती है, (२) पोर्टफोलियो निवेश - इसके तहत किसी विदेशी कंपनी के शेयर खरीद लिए जाते हैं या उसके स्वामित्व वाले विदेशी कंपनी का अधिग्रहण कर लिया जाता है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के निम्न तरीकों से किया जा सकता है; १) चिंतित उद्यम के प्रबंधन में भाग लेने... | अर्थशास्त्र | 4,405 | null | 224 |
== मेजबान देश के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लाभ और हानि == प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रौद्योगिकीय उन्नयन विस्तार, उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, पूंजीगत स्टॉक में वृद्धि, बुनियादी ढांचा आधार को मजबूत करने में सहायता करता है और इस प्रकार इससे अर्थव्यवस्था में खुशहाली का संपूर्ण स्तर परिलक्षित होता है। | अर्थशास्त्र | 4,406 | null | 50 |
=== लाभ === १)जुटानेनिवेश के स्तर: विदेशी निवेश वांछित निवेश और स्थानीय स्तर पर जुटाए बचत के बीच की भर सकते हैं। २) प्रोद्योगिकी के अपग्रेडेशन : विकासशील देशों के लिए मशीनरी और उपकरण स्थानांतरित करते हुए विदेशी निवेश के लिए इसके साथ तकनीकी ज्ञान होता है। ३)निर्यात प्रतिस्पर्धा में सुधार : एफडीआई मेजबान देश अपने निर्यात... | अर्थशास्त्र | 4,407 | null | 109 |
=== हानि === १)विदेशी निवेश के घर निवेश के साथ प्रतिस्पर्धी हो गए हैं,घरेलू उद्योगों में मुनाफे में गिरावट , प्रमुख घरेलू बचत में गिरावट करने के लिए। २)कॉर्पोरेट करों के माध्यम से सार्वजनिक राजस्व के लिए विदेशी कंपनियों का योगदान है क्योंकि मेजबान सरकार द्वारा प्रदान की गयी उदार कर रियायतें, निवेश भत्ते, प्रच्छन्न सार्... | अर्थशास्त्र | 4,408 | null | 64 |
== बाहरी कड़ियाँ == क्या है प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (इकनॉमिक टाइम्स) भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा (दैनिक जागरण) नई प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीतिका रोज़गार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव (नवम्बर २०१७) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लाभ एफडीआई नीति परिवर्तित (जून २०१६) | अर्थशास्त्र | 4,409 | null | 46 |
प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र (Managerial economics) अर्थशास्त्र की एक विशिष्ट शाखा है विवेकपूर्ण प्रबन्धकीय निर्णयों में सहायक होता है। यह आर्थिक सिद्धान्तों एवं व्यावसायिक व्यवहारों का ऐसा एकीकरण है जो प्रबन्धकों को निर्णय लेने और भावी योजनाऐं बनाने में सुविधा प्रदान करता है। इसे 'व्यावसायिक अर्थशास्त्र' या 'फर्मों का अर्थश... | अर्थशास्त्र | 4,410 | null | 231 |
(१) इन सिद्धान्तों से विभिन्न आर्थिक अवधारणायें (लागत, कीमत, मांग आदि) स्पष्ट की जाती है जिनका व्यावसायिक विश्लेषण में उपयोग किया जाता है, (२) यह सम्बन्धित चरों को निश्चित करती है तथा सम्बन्धित आंकड़ों को विशिष्टता प्रदान करते है। (३) दो या अधिक आर्थिक चरों के बीच सम्बन्ध का अध्ययन सही निर्णय लेने में स्थिरता प्रदान कर... | अर्थशास्त्र | 4,411 | null | 88 |
== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं परम्परागत अर्थशास्त्र == प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र परम्परागत अर्थशास्त्र की ही एक विशिष्ट शाखा है, किन्तु फिर भी यह परम्परागत अर्थशास्त्र से अनेक दृष्टिकोण से भिन्न है। परम्परागत अर्थशास्त्र एक व्यापक विषय है, प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र परम्परागत अर्थशास्त्र की एक शाखा मात्र है, अतः प्रबन्धकीय अर... | अर्थशास्त्र | 4,412 | null | 339 |
== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का अन्य विषयों से सम्बन्ध == प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एक ऐसा नवीन विकासमान विषय है जिसका पूर्णता प्रदान करने के लिए अनेक विषयों का सहयोग लिया जाता है, जिससे विशुद्ध आर्थिक सिद्धान्तों को फर्म के व्यावहारिक जीवन में प्रयुक्त किया जा सके। ये विषय व्यष्टि अर्थशास्त्र, समष्टि अर्थशास्त्र, गणित, सांख... | अर्थशास्त्र | 4,413 | null | 71 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं प्रबन्ध === प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र प्रबन्धक के प्रयोग के लिए ही होता है, अतः प्रबन्ध के विभिन्न सिद्धान्तों का प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में व्यापक प्रयोग किया जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,414 | null | 30 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं व्यष्टि अर्थशास्त्र === व्यष्टि अर्थशास्त्र ही प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का मुख्य आधार है। प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में मूल्य सिद्धान्त एवं फर्म के सिद्धान्त ही अध्ययन का विषय हैं जो कि व्यष्टि अर्थशास्त्र से लिया गया है। व्यष्टि अर्थशास्त्र के निम्न विषयों का अध्ययन प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में... | अर्थशास्त्र | 4,415 | null | 57 |
मांग का नियम मांग की लोच मांग एवं लागत विश्लेषण मांग का पूर्वानुमान सीमान्त आगम तथा सीमान्त लागत उत्पादन की मात्रा एवं मूल्य निर्धारण से सम्बन्धित सिद्धान्त बाजार के विभिन्न रूप तटस्थता वक्र विश्लेषण उत्पादन मॉडल। | अर्थशास्त्र | 4,416 | null | 36 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं समष्टि अर्थशास्त्र === समष्टि अर्थशास्त्र का प्रयोग फर्म पर बाह्म परिस्थितियों के पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण, अध्ययन एवं समायोजन करने में उपयोगी सिद्ध होता है। समष्टि अर्थशास्त्र के निम्न घटकों का प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में व्यापक प्रयोग किया जाता है- | अर्थशास्त्र | 4,417 | null | 44 |
कर नीति प्रशुल्क नीति रोजगार नीति व्यापार चक्र मौद्रिक नीति उपभोग एवं विनियोग के सिद्धान्त राष्ट्रीय आय आयात-निर्यात नीति लाइसेसिंग नीति। | अर्थशास्त्र | 4,418 | null | 21 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का सार्वजनिक वित्त === वर्तमान युग में सरकार फर्म के क्रियाकलापों को बहुत अधिक प्रभावित करती है और यह हस्तक्षेप दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी हस्तक्षेप का फर्म पर प्रतिकूल असर नहीं पड़े, इसके लिए प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में सार्वजनिक वित्त के सिद्धान्त का प्रयोग किया जाता है। ये सार्... | अर्थशास्त्र | 4,419 | null | 60 |
सरकारी कर नीति सरकारी मूल्य नियंत्रण नीति न्यूनतम मजदूरी नीति सरकारी औद्योगिक, व्यापारिक तथा वाणिज्यिक नीति बैकिंग नीति प्रशुल्क नीति। | अर्थशास्त्र | 4,420 | null | 20 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं गणित === प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र के निष्कर्षो को अधिक शुद्ध बनाने में गणित का प्रयोग बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ है। गणित के सिद्धान्तों की सहायता से प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र, आर्थिक सम्बन्धों को अधिक शुद्धता से माप सकता है एवं पूर्वानुमान अधिक शुद्ध हो सकते हैं। नियोजन सत्यता के अधिक निकट होगा तथ... | अर्थशास्त्र | 4,421 | null | 76 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी === सांख्यिकी का प्रयोग प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में बढ़ता जा रहा है। सांख्यिकी का सम्भाव्यता सिद्धान्त, महांक जड़ता नियम (Law of Inertia of large numbers), सह-सम्बन्ध, प्रतीपगमन आदि प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में बहुत अधिक प्रयोग में लिये जाते है। सांख्यिकी के सिद्धान्तों की सहायता स... | अर्थशास्त्र | 4,422 | null | 70 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं संक्रिया विज्ञान === प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में निर्णय लेते समय संक्रिया विज्ञान का खूब उपयोग होता है। प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में फर्म के 'अनुकूलतम आकार' का निर्धारण, साधनों के चयन की समस्या, वैकल्पिक उत्पादन विधियों, लागत न्यूनीकरण एवं लाभ अधिकतम करने के लिए निम्नलिखित संक्रिया विज्ञान क... | अर्थशास्त्र | 4,423 | null | 56 |
खेल सिद्धान्त इन्वेन्टरी मॉडल्स रेखीय प्रोग्रामिंग (लिनियर प्रोग्रामिंग) उत्पादन फलन पंक्ति सिद्धान्त (queuing theory) | अर्थशास्त्र | 4,424 | null | 14 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं लेखाशास्त्र === लेखाशास्त्र के द्वारा ही प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री को फर्म के विभिन्न क्रियाकलापों की संख्यात्मक जानकारी मिलती है, जिसको वह नियोजन (प्लानिंग), निर्णय तथा नियंत्रण के लिए प्रयुक्त करता है। लेखाशास्त्र के माध्यम से ही उसे फर्म के विक्रय, मांग, पूर्ति, उत्पादन तथा लागत के समंक ... | अर्थशास्त्र | 4,425 | null | 53 |
=== प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र एवं लागत लेखांकन === प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में लागत लेखों का बहुत अधिक प्रयोग होता है। लागत लेखों की सहायता से प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री लागतों का विश्लेषण कर उसको न्यूनतम रखने का प्रयास करता है। | अर्थशास्त्र | 4,426 | null | 36 |
किसी वैज्ञानिक अनुसंधान का कोई व्यावहारिक उपयोग सोचना और उस उपयोग को साकार करने के लिये आवश्यक सारी जानकारी और प्रशिक्षण किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था को मुहैया कराना प्रौद्योगिकी हस्तान्तरण कहलाता है। तकनीकी हतान्तरण का उद्देश्य यह होता है कि कोई अन्य व्यक्ति इस प्रौद्योगिकी के साथ अपनी पूंजी एवं अन्य संसाधन लगाकर इसका... | अर्थशास्त्र | 4,427 | null | 113 |
== इन्हं भी देखें == प्रौद्योगिकी का व्यवसायीकरण Diffusion of innovations अन्वेषण नवाचार बौद्धिक सम्पदा पेटेन्ट | अर्थशास्त्र | 4,428 | null | 16 |
फैडरल रिसर्व बैंक या फैडरल रिसर्व सिस्टम अमेरिका का केन्द्रीय बैंकिंग सिस्टम है, जिस तरह भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केंद्रीय बैंक है, उस तरह संयुक्त राज्य अमेरिका के केंद्रीय बैंक को फेडरल रिज़र्व बैंक कहते हैं, इसे फ़ैड भी कहते हैं। हां भाई ऐसा ही है । | अर्थशास्त्र | 4,429 | null | 48 |
== यह भी देखे == भारतीय रिजर्व बैंक - भारत का रिसर्व बैंक | अर्थशास्त्र | 4,430 | null | 13 |
कंपनियां अपने कमर्चारियों को फोन, कार या एलटीए, एलटीसी जैसी यात्राओं के लिए सुविधाएं देती हैं। इनके बदले उन पर जो टैक्स लगाया जाता है, उसे फ्रिंज बेनेफिट टैक्स (एफबीटी) कहते हैं। लेकिन अधिकतर उद्योग, संगठन अथवा कंपनियां एफबीटी का बोझ कमर्चारियों पर ही डाल देती हैं और इसे उनकी तनख्वाह में से काटा जाता है। कंपनियां एफबीट... | अर्थशास्त्र | 4,431 | null | 77 |
बंदी की दुविधा (prisoner's dilemma) खेल सिद्धांत में एक प्रकार की परिस्थिति का एक प्रसिद्ध उदाहरण है जो यह दर्शाता है कि लोग एक-दूसरे पर भरोसा न करने के कारण कभी-कभी आपस में तब भी सहयोग नहीं कर पाते जब सहयोग करने से दोनों का ही स्पष्ट लाभ हो रहा हो और असहयोग से दोनों की स्पष्ट हानि हो रही हो। | अर्थशास्त्र | 4,432 | null | 61 |
== खेल का उदाहरण == किसी चोरी करने के इल्ज़ाम पर पुलिस दो व्यक्तियों को गिरफ़्तार कर लेती है लेकिन उसके पास इनके खिलाफ़ कोई सबूत नहीं है। उन्हें एक दूसरे से अलग करके उन दोनों से पुलिस अलग-अलग कहती है कि - | अर्थशास्त्र | 4,433 | null | 43 |
अगर तुमने यह मान लिया कि तुम दोनों ने मिलकर चोरी करी है और अगर तुम्हारे साथी ने नहीं माना तो तुम्हें फ़ौरन छोड़ देंगे लेकिन तुम्हारे साथी को एक साल की जेल होगी अगर तुमनें नहीं माना कि तुम दोनों ने मिलकर चोरी करी है और अगर तुम्हारे साथी ने यह मान लिया तो तुम्हें एक साल की जेल होगी और तुम्हारे साथी को फ़ौरन छोड़ दिया जाए... | अर्थशास्त्र | 4,434 | null | 131 |
इस खेल में, अगर यह लगे की दूसरा बंदी स्वार्थी है तो स्वयं भी ख़ुदगर्ज़ जो जाना चाहिए और धोखा दे देना चाहिए, वरना ख़ुद को ही १ वर्ष की जेल हो सकती है। लेकिन अगर दोनों बंदी ही यह करने लगे तो दोनों को ही ३ महीने की जेल होगी। इस से भले तो वह दोनों ही चुप रहकर थे, क्योंकि तब उन्हें केवल १ महीने की जेल होती। यह उदाहरण दर्शात... | अर्थशास्त्र | 4,435 | null | 107 |
बजट (फ्रांसीसी भाषा के शब्द bougette से व्युत्पन्न) धन (राजस्व) के आय और उसके व्यय की सूची को कहते हैं। व्यष्टि अर्थशास्त्र (macroeconomics) में अर्थसंकल्प एक महत्वपूर्ण अवधारणा (कांसेप्ट) है। | अर्थशास्त्र | 4,436 | null | 30 |
== बजट 2020 == केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2020 को संसद में वित्तीय वर्ष 2020-21(Financial Year 2020-21) के लिए केंद्रीय बजट 2020 (Union Budget 2020) पेश किया। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया दूसरा बजट है।बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट मुख्य रूप से तीन विषयों ... | अर्थशास्त्र | 4,437 | null | 85 |
== बाहरी कड़ियाँ == जानिए बजट क्या हैं और विभिन्न विद्वानों द्धारा बजट की परिभाषाएं भारत का बजट 2019-20 भारतीय बजट का इतिहास बजट जानने से पहले इन शब्दों को जानिए (इकनॉमिक टाइम्स) क्या है राजकोषीय और राजस्व घाटा (इकनॉमिक टाइम्स) इंडिया बजट 2017 – 2018 वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट | अर्थशास्त्र | 4,438 | null | 53 |
वित्त वर्ष के दौरान सरकार द्वारा विभिन्न करों से प्राप्त राजस्व और खर्च के आकलन को बजट लेखा-जोखा कहा जाता है। | अर्थशास्त्र | 4,439 | null | 21 |
ऐसे कंपनी जिसका कार्यालय एक से अधिक देशों में हो। | अर्थशास्त्र | 4,440 | null | 10 |
बिक्री कर (सेल्स टैक्स) सरकार किसी भी सामान की खरीद-फरोख्त पर कर वसूलती है। भारत के ज्यादातर राज्यों मे अब बिक्री कर की जगह वैट ने ले ली है, लेकिन सेल्स टैक्स सेवाओं पर भी वसूला जाता है। बिक्री कर का उद्ग्रहण पहली बार उत्पादित या आयातित तथा बेची गई किसी वस्तु की बिक्री कर किया जाता है। यदि उत्पाद को आगे और प्रसंस्क... | अर्थशास्त्र | 4,441 | null | 238 |
== बिक्री कर 'आई डी' संख्या == एक राज्य बिक्रीकर आईडी संख्या अनिवार्यत: आपकी सामाजिक सुरक्षा संख्या का व्यवसाय रूपातंर है जिसके तहत आप ऐसी, किसी भी सेवा या उत्पाद, जिसे आप बेचते हैं, के लिए कर का संग्रहण तथा भुगतान करते हैं, जो बदले में आप के राज्य में कराधान के लिए अर्हक होता है। बिक्री कर के लिए व्यावहारिक नि... | अर्थशास्त्र | 4,442 | null | 99 |
वैट वस्तुओं की खपत पर अप्रत्यक्ष कर है जिसकी अदायगी वस्तुओं के इस के अन्त्य उपभोक्ताओं के अंतरित किए जाने पर अथवा वस्तुओं में बदलाव पर इसके मूल्य उत्पादकों द्वारा अदा किया जाता है। यह अंतरिति द्वारा मूल्यवर्धन के अंतर के संबंध में एक कर हैं तथा केवल मात्र लाभ नहीं है। इसक अर्थ है कि वस्तुओं का प्रत्येक विक्... | अर्थशास्त्र | 4,443 | null | 297 |
=== संग्रहण की विधि === भारत में वैट के संग्रहण की दो विधियां है। प्रथम विधि में खरीद पर अदा किए गए कर तथा बिक्री पर संदेय कर (इन्वायस में पृथक रूप से दर्शित) के आधार पर कर को पृथक प्रभारित किया जाता है। अत: क्रय पर अदा किए गए तथा इन्वायस के अनुसार बिक्री पर संदेय कर के बीत अंतर वैट है। दूसरी विधि में, वस्तुओं पर ला... | अर्थशास्त्र | 4,444 | null | 125 |
बीमा (इंश्योरेंस) उस साधन को कहते हैं जिसके द्वारा कुछ शुल्क (जिसे प्रीमियम कहते हैं) देकर हानि का जोखिम दूसरे पक्ष (बीमाकार या बीमाकर्ता) पर डाला जा सकता है। जिस पक्ष का जोखिम बीमाकर पर डाला जाता है उसे 'बीमाकृत' कहते हैं। बीमाकार आमतौर पर एक कंपनी होती है जो बीमाकृत के हानि या क्षति को बांटने को तैयार रहती है और ऐसा ... | अर्थशास्त्र | 4,445 | null | 319 |
== बीमा किस स्थिति में हो सकता है? == जुआ खेलने या बाजी लगाने में भी दो व्यक्ति यही समझौता करते हैं कि अमुक घटना घटित होने पर दूसरा व्यक्ति अमुक धनराशि अदा करेगा। लेकिन उसे बीमा नहीं कहा जा सकता क्योंकि स्वयं उस घटना के घटित होने या न होने में उस बाजी लगानेवाले का कोई स्वतंत्र हित नहीं होता। अस्तु, बीमा अनुबंध के लिए स... | अर्थशास्त्र | 4,446 | null | 591 |
== बीमा की विशेषताएँ एवं प्रकृति == 1. जोखिम से सुरक्षा - बीमा जोखिमों से का सशक्त उपाय है। जीवन में व्याप्त सभी अनिश्चितताओं से व्यक्ति को चिन्तामुक्त करता है। ये जोखिमें जीवन , स्वास्थ्य, अधिकारों तथा वित्तीय साधनों, सम्पत्तियों से सम्बन्धित हो सकती है। अत: इन सभी जोखिमों से सुरक्षा का एक उपाय बीमा ही है। 2. जोखिमों ... | अर्थशास्त्र | 4,447 | null | 1,190 |
== बीमा अनुबन्धों के प्रकार == बीमा के अनुबंध दो प्रकार की श्रेणियों में विभाजित किए जा सकते हैं। वे अनुबंध जिनमें क्षतिपूर्ति का उत्तरदायित्व होता है और वे जिनमें क्षतिपूर्ति का प्रश्न नहीं होता वरन् एक निश्चित धनराशि अदा करने का अनुबंध होता है। क्षतिपूर्ति विषयक बीमा सामुद्रीय (मैरीन इंश्योरेंस) भी हो सकता है और गैरस... | अर्थशास्त्र | 4,448 | null | 182 |
=== अग्नि बीमा === जैसा कहा जा चुका है, अग्नि बीमा क्षतिपूर्ति का अनुबंध है अर्थात् जो धनराशि बीमापत्र पर अंकित है वह अवश्य मिल जाएगी, ऐसा नहीं वरन् उस सीमा तक क्षतिपूर्ति हो सकेगी। अग्नि बीमा अनुबंध यद्यपि किसी न किसी संपत्ति के संबंध में ही होता है, फिर भी वह व्यक्तिगत अनुबंध ही है अर्थात् उक्त संपत्ति के स्वामी अथवा... | अर्थशास्त्र | 4,449 | null | 412 |
मूल्यांकित अथवा अमूल्यांकित संपूर्ण तथा अनिश्चित निर्धारित तथा औसत मूल्यांकित बीमा अनुबंध में यदि संपत्ति पूर्ण नष्ट हो जाए तो बीमा पत्र पर लिखित धनराशि बीमा करनेवाले को अनिवार्य रूप से देनी पड़ती है। अमूल्यांकित बीमा अनुबंध में यदि पूर्ण संपत्ति नष्ट हो जाए तो उक्त संपत्ति का मूल्यांकन उस समय किया जाता है। संपूर्ण तथा... | अर्थशास्त्र | 4,450 | null | 121 |
=== जीवन बीमा === जीवन बीमा का प्रारंभ भी समुद्री बीमा के प्राय: साथ ही हुआ क्योंकि व्यापारिक यात्रा पर जानेवाले पोतों के मालिकों को जहाँ पोत नष्ट होने की संभावनाओं के विरुद्ध प्रबंध करने की चिंता थी, वहीं उन जहाजों के कप्तानों का जीवन भी उतना ही मूल्यवान था। साथ ही जब कारीगरों के संघों की स्थापना होने लगी और जन्म मृत्... | अर्थशास्त्र | 4,451 | null | 669 |
=== दुर्घटना बीमा === अनुबंध के अंतर्गत दो प्रकार की परिस्थितियाँ आ सकती हैं- | अर्थशास्त्र | 4,452 | null | 14 |
दुर्घटनावश दूसरों की क्षतिपूर्ति करने का भार तथा दुर्घटनावश स्वयं अथवा स्वसंपत्ति को होनेवाली हानि। अमरीका में इसे 'कैजुएल्टी इंश्योरेंस' कहते हैं। अंग्रेजी विधि में इसे 'क्षतिपूर्ति बीमा' की श्रेणी में रेखा जाता है। भारतीय बीमा विधि में ये प्रकार स्वीकार नहीं किए गए हैं वरन् यहाँ का विभाजन जीवन बीमा तथा सामान्य बीमा (... | अर्थशास्त्र | 4,453 | null | 108 |
=== अन्य बीमाएँ === स्वास्थ्य बीमा गाड़ी की बीमा (आटोोबाइल इंश्योरेंश) | अर्थशास्त्र | 4,454 | null | 11 |
=== घर का बीमा === घर का बीमा अर्थात होम इंश्योरेंस में जो बीमा किया जाता है उसमे आपके बिल्डिंग का सामान और कंस्ट्रक्शन के अनुसार पॉलिसी बनाई जाती हैं। इसमें बीमा देने वाली कंपनी घर का या घर के सामान दोनो चीज का नुकसान होने पर देती हैं। यह बीमा करके गिर जाने या कोई दुर्घटना हो जाने, सामान के चोरी हो जाने, सामान के जल ज... | अर्थशास्त्र | 4,455 | null | 89 |
== बीमा की आवश्यकता == व्यक्तियों का जीवन अनेक प्रकार की अनिश्चितताओं एवं जोखिमों से घिरा हुआ है। उसे कुछ सम्पत्ति से सम्बन्धित जोखिमें है तो कभी जीवन को जोखिम है अत: वह इन जोखिमों के प्रति कै से सुरक्षा प्राप्त करे इसी विचार ने बीमा को एक आवश्यकता बना दिया है। वर्तमान औद्योगिक विकास का आधार ही प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप स... | अर्थशास्त्र | 4,456 | null | 101 |
1. जोखिमों के विरूद्ध सुरक्षा प्राप्ति हेतु -सम्पत्तियों का इसलिए बीमा किया जाता है कि उनके नष्ट होने की सम्भावना निरन्तर बनी रहती है या आकस्मिक घटना के घटित होने से अपने अपेक्षित जीवनकाल से पहले ही वे निष्क्रिय हो सकती है। 2. संभावित जोखिमों से सुरक्षा प्राप्ति हेतु -बीमाकृत विषयवस्तु को क्षति हो भी सकती है और नहीं भी... | अर्थशास्त्र | 4,457 | null | 416 |
== बीमा का महत्त्व == सभ्यता के विकास के साथ-साथ बीमा का महत्व भी बढ़ता जा रहा है , क्योंकि जोखिमों, दुर्घटनाओं व अनिश्चितताओं , में वृद्धि होती जा रही हे आज हम ऐसे किसी दे श की कल्पना नहीं कर सकते जो बीमा का लाभ नहीं उठा रहा हो। आज बीमा प्रारम्भिक स्वरूप से हट कर सामाजिक व व्यावसायिक जगत के प्रत्येक क्षेत्र में पदार्प... | अर्थशास्त्र | 4,458 | null | 162 |
=== वैयक्तिक या पारिवारिक दृष्टि से महत्व === बीमा से व्यष्टि स्तर पर निम्न लाभ हो सकते हैं। 1. मितव्ययता व बचत को प्रोत्साहन – बीमा करा ले ने से व्यक्ति को प्रब्याजि जमा कराने की चिन्ता रहती है अत: वह प्रारम्भ से ही बचत करना व मितव्ययता को अपनाना प्रारम्भ कर दे ता है। प्रो. रीगल, मिलर तथा विलियम्स के अनुसार - “'बीमा ब... | अर्थशास्त्र | 4,459 | null | 897 |
=== व्यावसायिक / आर्थिक दृष्टि से महत्व === वर्तमान आर्थिक जगत की कल्पना बीमा के बिना अधूरी है। व्यवसायी बीमा करवाने की रूपरे खा बना ले ता है ताकि वह पूर्ण शान्ति व तन्मयता के साथ व्यावसायिक क्रियाओं को पूरा कर सके। विख्यात प्रबन्ध विचारक पीटर एफ ड्रकर के अनुसार- “यह कहना अतिशयोक्ति पूर्ण नहीं है कि बीमा के बिना औद्योग... | अर्थशास्त्र | 4,460 | null | 1,397 |
=== सामाजिक दृष्टि से महत्व === समाज में स्थायित्व व सामाजिक समस्याओं के निवारण हेतु बीमा एक महत्वपूर्ण औजार है। समाज को बीमा से अनेक लाभ है जो इस प्रकार है - 1. सामाजिक सुरक्षा का साधन - बीमा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है। बीमा करा कर व्यक्ति अपनी चिन्ताओं से मुक्त हो जाता है। जीवन बीमा के द्वारा वृद्धावस्था, अपंगता,... | अर्थशास्त्र | 4,461 | null | 1,098 |
=== राष्ट्रीय दृष्टि से उपादेयता === बीमा से केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र को लाभ होता है। जिसका विवरण इस प्रकार है- 1. राष्ट्रीय बचत में वृद्धि - बीमा करवाने हेतु प्रत्येक व्यक्ति बचत करता है। ये छोटी-छोटी बचतें कुल राष्ट्रीय बचत में वृद्धि करती है। 2. मुद्रा बाजार के विकास में योगदान - बीमा प्रीमियमो... | अर्थशास्त्र | 4,462 | null | 799 |
== बीमा की सीमाएँ == अनिश्चितताओं एवं आशंकाओं से भरे जीवन में बीमा अत्यधिक महत्वपूर्ण है , आज बीमा - सम्पूर्ण व्यावसायिक जगत एवं मानव समु दाय की प्राथमिक आवश्यकता बन गया है फिर भी बीमा की अपनी कुछ सीमाएँ है जिनके कारण बीमा के वांछित लाभ नही मिल पाते हैं। बीमा की कुछ सीमाएं इस प्रकार है - 1. सभी जोखिमों का बीमा नहीं करा... | अर्थशास्त्र | 4,463 | null | 190 |
(क) कुछ लोग बीमा सेवा का आवश्यकता से अधिक उपयोग करना चाहते हैं जैसे -आवश्यकता से अधिक समय अस्पताल में रुक कर ईलाज करवाना क्योंकि बीमा कम्पनी भुगतान कर रही है। (ख) कुछ लोग बीमाकृत जीवन व सम्पति को अपनी से वाएं दे ने के बदले अधिक पारिश्रमिक वसूल करते हैं। उदाहरण-बीमित रोगी से डॉक्टर द्वारा अधिक फीस वसू ल करना। (ग) बीमाकृ... | अर्थशास्त्र | 4,464 | null | 303 |
== एसबीआई एक्सीडेंट सुरक्षा == एसबीआई बैंक आज के समय में ग्राहकों के लिए बहुत से लाभ देने में सक्षम हैं, जिसे धारक प्राप्त कर अपनी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाते हैं। ऐसे ही एसबीआई बैंक धारक को वाहनों से होने वाली एक्सीडेंट को कवर देती हैं जो की निम्न रु से जारी की जारी हैं। एसबीआई बैंक आपको ४ प्रकार के एक्सीडेंट बीम... | अर्थशास्त्र | 4,465 | null | 130 |
== इन्हें भी देखें == बीमा विज्ञान भारतीय जीवन बीमा निगम विमा (dimension) | अर्थशास्त्र | 4,466 | null | 13 |
== बाहरी कड़ियाँ == बीमा का परिभाषा एवं प्रकार बीमा का संक्षिप्त इतिहास बीमा का इतिहास Insurance Information Institute Museum of Insurance - displays thousands of antique insurance policies and ephemera Congressional Research Service (CRS) Reports regarding the U.S. Insurance industry | अर्थशास्त्र | 4,467 | null | 41 |
बीमा की उत्पत्ति का कोई प्रामाणिक उल्ले ख या इतिहास नहीं मिलता है परन्तु विभिन्न वर्णनों से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि बीमा की उत्पति अति प्राचीन काल में सभ्यता के विकास के साथ हुई। पहले संयुक्त परिवार प्रथा भी बीमा का ही एक स्वरूप था यदि परिवार में कोई मर जाता, अपंग हो जाता, बेरोजगार हो जा उस व्यक्ति को उसकी पत्... | अर्थशास्त्र | 4,468 | null | 280 |
== भारत में बीमा का उद्भव व विकास == भारत में समुद्री एवं अग्नि बीमा का वर्तमान स्वरूप इंग्लैण्ड से आया है। भारत में जीवन बीमा का शुभारम्भ 1818 में कलकत्ता में 'ओरिएन्टल लाइफ इन्श्योयोरेन्स कम्पनी’ की स्थापना के साथ हुआ। 1823, 1829, 1847 में भी अन्य कम्पनियां स्थापित हुई। सन् 1850 में कलकत्ता में साधारण बीमा व्यवसाय हे... | अर्थशास्त्र | 4,469 | null | 393 |
== बीमा सिद्धान्त का इतिहास == बीमा सिद्धान्त का इतिहास समुद्र व्यापार के प्रारंभ से ही संबंधित है। अपने आदि रूप में क्षतिपूर्ति का बीमा सिद्धांत सहकारिता के सिद्धांत पर आधारित था जिसे "जेनरल एवेरेज" कहा जाता था। समुद्र में तूफान के समय अथवा अन्य खतरों के समय कभी कभी यह आवश्यक हो जाता था कि जहाज़ तथा अन्य सामान की रक्ष... | अर्थशास्त्र | 4,470 | null | 573 |
== बीमा का क्षेत्र एवं प्रकार == आधुनिक युग में बीमा का क्षेत्र अत्यन्त व्यापक हो गया है। बीमा के अनेक प्रकार हैं परन्तु मुख्य रूप से वर्गीकरण इस प्रकार है :- | अर्थशास्त्र | 4,471 | null | 32 |
=== जीवन बीमा === जीवन बीमा में बीमाकर्ता एक निश्चित प्रतिफल (प्रीमियम) के बदले एक निश्चित अवधि के बाद बीमित को अथवा बीमित की मृत्यु होने पर उस के उत्तराधिकारियों को एक निश्चित राशि देने का वचन देता है। प्रीमियम की राशि निश्चित समय तक, निश्चित अन्तराल से अथवा एक मुश्त भी जमा करवायी जा सकती है। यदि बीमित की मृत्यु बीमा ... | अर्थशास्त्र | 4,472 | null | 100 |
=== समुद्री बीमा === सामुद्रिक बीमा में एक निश्चित प्रतिफल के बदले बीमाकर्ता बीमित को कुछ विशिष्ट संकटों एवं सामुद्रिक जोखिमों से हानि की रक्षा का वचन देता है। समुद्री बीमा जहाज, जहाज में लादे जाने वाले माल, जहाज के भाड़े व मार्ग में होने वाली समुद्रों जोखिमों जैसे जहाज का किसी अन्य जहाज या चट्टान से टकराने , समुद्री त... | अर्थशास्त्र | 4,473 | null | 67 |
=== सामाजिक बीमा === सामाजिक बीमा वह व्यवस्था है जिसमें श्रमिकों, सेवायोजकों तथा सरकार के सहयोग से बेरोजगारी, बीमारी, दुर्घटना, मृत्यु आदि अनेक जोखिमों का बीमा करवाया जा सकता है ताकि ये जोखिमें उत्पन्न होने पर भी वे निश्चित होकर जीवन यापन कर सकें। सामाजिक बीमों में प्राय: निम्न प्रकार के बीमा सम्मिलित किये जाते है - | अर्थशास्त्र | 4,474 | null | 57 |
(क) बीमारी बीमा- बीमार पड़ने पर चिकित्सा सुविधा , दवाईयों तथा बीमारी अवधि की क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की जाती है उदाहरण- मेडीक्लेम योजना। (ख) अपंगता बीमा- कारखाने में दुर्घटना में कर्मचारी के पूर्ण या आंशिक अपंगता पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। सेवायोजक बीमा करवा कर यह दायित्व बीमाकर्ता को सौंप देता है। (ग) बेरोजगारी बी... | अर्थशास्त्र | 4,475 | null | 86 |
=== विविध बीमे === समुद्री , अग्नि के अतिरिक्त भी कुछ अन्य जोखिमें भी है जिनका बीमा करवाने का व्यक्ति प्रयास करता है , व कुछ बीमों को कराना अनिवार्य भी होता है विविध बीमे के कुछ उदाहरण इस प्रकार है - | अर्थशास्त्र | 4,476 | null | 42 |
(1) वाहन बीमा- वाहनों का बीमा करवाना अनिवार्य है। इसमें वाहन व तृतीय पक्षकार को होने वाली क्षति का बीमा करवाया जाता है। (2) व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा- इस बीमा में बीमित को किसी दुर्घटना में होने वाली क्षति की पूर्ति की जाती है। (3) चौरी, डकैती बीमा- इस बीमा में बीमित को चोरी सैंधमारी, उठाईगीरी, डकै ती आदि से हुई हानि की ... | अर्थशास्त्र | 4,477 | null | 283 |
== बाहरी कड़ियाँ == बीमा का संक्षिप्त इतिहास बीमा का इतिहास Insurance Information Institute Museum of Insurance - displays thousands of antique insurance policies and ephemera Congressional Research Service (CRS) Reports regarding the U.S. Insurance industry | अर्थशास्त्र | 4,478 | null | 36 |
बीमा विज्ञान (Insurance and Actuarial Science) केवल बीमे का साधारण ज्ञान नहीं है, अपितु यह गणित, रसायन आदि अन्य विज्ञानों की तरह ही एक विशेष प्रकार का विज्ञान है, जिसकी उन्नति विशेष रूप से बीमे के संबन्ध में हुई है। इसका समुचित उपयोग जीवन बीमा में ही होता है, यद्यपि कुछ न कुछ उपयोग अन्य स्थलों में भी हो सकता है। | अर्थशास्त्र | 4,479 | null | 61 |
== बीमा विज्ञान का आधार == इस विज्ञान की आधार विशेषकर प्रायिकता (Probability) तथा सांख्यिकीय विज्ञान (Statistical science) है। गणित की उन शाखाओं को जिनका उपयोग इस विज्ञान में होता है, बीमा गणित (Acturial mathematics) कहा जा सकता है। इसी प्रकार सांख्यिकी की उस शाखा को जिसका उपयोग इस विज्ञान में होता है बीमा सांख्यिकी (A... | अर्थशास्त्र | 4,480 | null | 1,037 |
बेरोज़गारी (Unemployment) या बेकारी किसी काम करने के लिए योग्य व उपलब्ध व्यक्ति की वह अवस्था होती है जिसमें उसकी न तो किसी कम्पनी या संस्थान के साथ और न ही अपने ही किसी व्यवसाय में नियुक्ति होती है। किसी देश, राज्य या अन्य क्षेत्र में पूरे श्रम करने वाले लोगों की आबादी में बेरोज़गारों का प्रतिशत उस स्थान का बेरोज़गारी ... | अर्थशास्त्र | 4,481 | null | 112 |
== बेकारी के कारण एवं भेद :- == बेरोज़गारी का अस्तित्व श्रम की माँग और उसकी आपूर्ति के बीच स्थिर अनुपात पर निर्भर करता है। बेरोज़गारी के दो भेद हैं - असंतुलनात्मक (फ्रिक्शनल) तथा ऐच्छिक (वालंटरी)। ऐच्छिक बेरोजगारी का प्रभाव उस समय होता है जब मजदूर अपनी वास्तविक मजदूरी में कटौती को स्वीकार नहीं करता। समग्रत: बेरोजगारी श... | अर्थशास्त्र | 4,482 | null | 252 |
सन् 1919 ई. में अंतरराष्ट्रीय श्रमसम्मेलन के वाशिंगटन अधिवेशन ने बेरोजगारी अभिसमय (Unemployment convention) संबंधी एक प्रस्ताव स्वीकार किया था जिसमें कहा गया था कि केंद्रीय सत्ता के नियंत्रण में प्रत्येक देश में सरकारी कामदिलाऊ अभिकरण स्थापित किए जाए। सन् 1931 ई. में भारत राजकीय श्रम के आयोग (Royal Commission on Labour... | अर्थशास्त्र | 4,483 | null | 195 |
== बेरोजगारी के प्रकार == संरचनात्मक बेरोजगारी : सरचनात्मक बेरोजगारी वह बेरोजगारी है जो अर्थव्यवस्था मे होने वाले संरचनात्मक बदलाव के कारण उत्पन्न होती है। अल्प बेरोजगारी : अल्प बेरोजगारी वह स्थिति होती है जिसमें एक श्रमिक जितना समय काम कर सकता है उससे कम समय वह काम करता है। दूूसरे शब्दो में, वह एक वर्ष में कुछ महीने य... | अर्थशास्त्र | 4,484 | null | 452 |
== इन्हें भी देखें == आजीविका (रोजगार या करीयर) रोजगार गारंटी (Job guarantee) गरीबी कौशल (स्किल) | अर्थशास्त्र | 4,485 | null | 16 |
तकनीकी रूप से बैंक के नोट या केवल नोट एक बैंक द्वारा की गयी घोषणा है। इसमें बैंक घोषणा करता है कि मांगे जाने पर, बैंक उस नोट के धारक को उस नोट के मूल्य के बराबर धनराशि देने का वचन देता है। इसका उपयोग धन (money) के रूप में होता है। सिक्के और बैंकनोट आधुनिक युग में धन के नकदी (कैश) रूप हैं जो लेकर चलने, सुरक्षित रखने, व्... | अर्थशास्त्र | 4,486 | null | 116 |
== इन्हें भी देखें == भारतीय रुपया भारतीय सिक्के मुद्रा सिक्का | अर्थशास्त्र | 4,487 | null | 11 |
== बाहरी कड़ियाँ == Know your note to keep fakes out of wallet (द टेलीग्राफ) World banknotes and paper money catalog Shishanov V. The Assignats of 1802-1803 | अर्थशास्त्र | 4,488 | null | 27 |
== बैंकिंग के इतिहास की मुख्य घटनाएँ == फ्लोरेंटाइन बैंकिंग नाइट्स टेम्पलर (Knights Templar) - यूरोप एवं मध्य पूर्व में व्याप्त सबसे पहला बैंक (1100–1300.) बैंक नोट — Iकागजी मुद्रा का चलन 1602 – पहली संयुक्त-स्टॉक कंपनी - डच इस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1720 – The South Sea Bubble and John Law's Mississippi Scheme, whi... | अर्थशास्त्र | 4,489 | null | 137 |
बौद्धिक सम्पदा (Intellectual property) किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा सृजित कोई संगीत, साहित्यिक कृति, कला, खोज, प्रतीक, नाम, चित्र, डिजाइन, कापीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेन्ट आदि को कहते हैं। जिस प्रकार कोई किसी भौतिक धन (फिजिकल प्रापर्टी) का स्वामी होता है, सी प्रकार कोई बौद्धिक सम्पदा का भी स्वामी हो सकता है। इसके लिये बौ... | अर्थशास्त्र | 4,490 | null | 168 |
== बाहरी कड़ियाँ == बौद्धिक सम्पदा लायर्स सूची बौद्धिक सम्पदा लायर्स सूची Archived 2017-06-12 at the वेबैक मशीन | अर्थशास्त्र | 4,491 | null | 18 |
भारत में समाजवाद : भारत में समाजवाद औपनिवेशिक ब्रिटिश राज के खिलाफ व्यापक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक हिस्से के रूप में, 20 वीं शताब्दी के आरंभ में स्थापित एक राजनीतिक आंदोलन है। यह तेजी से लोकप्रियता में बढ़ गया क्योंकि यह भारत के किसानों और मजदूरों के कारणों को ज़मीनदारों, रियासतों और उतरा सज्जनों के खिलाफ प्रेरित... | अर्थशास्त्र | 4,492 | null | 394 |
== इतिहास == रूसी क्रांति के साथ भारत में समाजवादी आंदोलन विकसित होना शुरू हुआ। हालांकि, 1871 में कलकत्ता के एक समूह ने प्रथम अंतर्राष्ट्रीय के भारतीय खंड का आयोजन करने के उद्देश्य से कार्ल मार्क्स से संपर्क किया था। यह भौतिक नहीं था। भारतीय प्रकाशन (अंग्रेजी में) में पहला लेख जो मार्च 1912 में आधुनिक समीक्षा में मुद्र... | अर्थशास्त्र | 4,493 | null | 201 |
== भारत में समाजवाद का इतिहास == रूस में अक्टूबर क्रांति के बाद भारत में छोटे समाजवादी क्रांतिकारी समूह उभरे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 1921 में हुई थी, लेकिन विचारधारा के रूप में समाजवाद ने राष्ट्रवादी नेताओं जैसे जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस द्वारा अनुमोदित होने के बाद राष्ट्रव्यापी अपील की। कट्टरपंथी ... | अर्थशास्त्र | 4,494 | null | 137 |
== स्वतंत्रता आंदोलन में समाजवाद == औपनिवेशिक स्वाधीनता आंदोलन के संबंध में मानवेंद्रनाथ राय के अपने विचार थे। उनका मत था कि भावी समाजवादी क्रांति में औपनिवेशिक क्रांतियों का प्रमुख स्थान होगा। चीनी साम्यवादियों का भी आज यही मत है, परंतु सोवियत विचारकों ने इसको कभी स्वीकार नहीं किया। राय की यह भी धारणा थी कि औपनिवेशिक ... | अर्थशास्त्र | 4,495 | null | 700 |
=== समाजवाद और खिलाफत आंदोलन === खिलाफत आंदोलन ने प्रारंभिक भारतीय साम्यवाद के उद्भव में योगदान दिया। कई भारतीय मुसलमानों ने खलीफा की रक्षा में शामिल होने के लिए भारत छोड़ दिया। सोवियत क्षेत्र में जाने के दौरान उनमें से कई कम्युनिस्ट बन गए। कुछ हिंदू सोवियत क्षेत्रों की यात्रा में मुस्लिम मुहाजिरों में भी शामिल हो गए। ... | अर्थशास्त्र | 4,496 | null | 428 |
=== भारत में समाजवाद और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी === भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 17 अक्टूबर 1920 को कम्युनिस्ट इंटरनेशनल की दूसरी कांग्रेस के तुरंत बाद ताशकंद में हुई थी। पार्टी के संस्थापक सदस्य एमएन रॉय, एवलिना ट्रेंच रॉय (रॉय की पत्नी), अब्नी मुखर्जी, रोसा फिटिंगोफ (अब्नी की पत्नी), मोहम्मद अली (अहमद हसन), म... | अर्थशास्त्र | 4,497 | null | 178 |
25 दिसंबर 1925 को कानपुर में एक कम्युनिस्ट सम्मेलन आयोजित किया गया था। औपनिवेशिक अधिकारियों का अनुमान है कि सम्मेलन में 500 लोगों ने हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन को सत्याभाता नामक एक व्यक्ति द्वारा बुलाया गया था, जिनमें से बहुत कम ज्ञात है। कहा जाता है कि सत्याभाता ने 'राष्ट्रीय साम्यवाद' और कम्युनिटी के अधीन अधीनता के ख... | अर्थशास्त्र | 4,498 | null | 125 |
== राजनीतिक दल == 1931 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची सत्र में, विकास के समाजवादी पैटर्न को भारत के लिए लक्ष्य के रूप में स्थापित किया गया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1955 अवदी संकल्प के माध्यम से, विकास के एक समाजवादी पैटर्न को पार्टी के लक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था। एक साल बाद, भारतीय संसद ने आ... | अर्थशास्त्र | 4,499 | null | 419 |
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