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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत कर सम्बंधी मामलों में आपसी प्रशासनिक सहायता से जुड़े संकल्प पर हस्ताक्षर करने वाला 32वां देश बन गया है। यह जानकारी पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने गुरुवार को जाहिर की है। ओईसीडी ने कहा है कि करदाताओं के अधिकारों का सम्मान करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाले बहुपक्षीय समझौते पर भारत के हस्ताक्षर ने उन देशों को एक जोरदार संदेश दिया है जो यह सुनिश्चित कराने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं कि करदाता व्यक्ति और बहुराष्ट्रीय उद्यम, कर की सही राशि का भुगतान करें।    ओईसीडी की कर नीति एवं प्रशासन केंद्र के निदेशक जेफरी ओवन्स ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि भारत गैर ओईसीडी वाला पहला जी-20 देश होगा, जिसके लिए ताजा संकल्प लागू होता है।"टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह संकल्प 25 जनवरी, 1988 को यूरोपीय परिषद और ओईसीडी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया था और दोनों संगठनों से जुड़े सदस्य देशों के हस्ताक्षर के लिए खुला था। जी-20 के कहने पर अप्रैल 2009 में इसे संशोधित किया गया था। जी-20 ने विकासशील देशों हेतु इसे आसान बनाने की मांग की थी ताकि सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण सहित, नए सहयोगी कर वातावरण का उन्हें लाभ सुनिश्चित हो सके। ओईसीडी ने कहा है कि करदाताओं के अधिकारों का सम्मान करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाले बहुपक्षीय समझौते पर भारत के हस्ताक्षर ने उन देशों को एक जोरदार संदेश दिया है जो यह सुनिश्चित कराने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं कि करदाता व्यक्ति और बहुराष्ट्रीय उद्यम, कर की सही राशि का भुगतान करें।    ओईसीडी की कर नीति एवं प्रशासन केंद्र के निदेशक जेफरी ओवन्स ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि भारत गैर ओईसीडी वाला पहला जी-20 देश होगा, जिसके लिए ताजा संकल्प लागू होता है।"टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह संकल्प 25 जनवरी, 1988 को यूरोपीय परिषद और ओईसीडी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया था और दोनों संगठनों से जुड़े सदस्य देशों के हस्ताक्षर के लिए खुला था। जी-20 के कहने पर अप्रैल 2009 में इसे संशोधित किया गया था। जी-20 ने विकासशील देशों हेतु इसे आसान बनाने की मांग की थी ताकि सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण सहित, नए सहयोगी कर वातावरण का उन्हें लाभ सुनिश्चित हो सके। ओईसीडी की कर नीति एवं प्रशासन केंद्र के निदेशक जेफरी ओवन्स ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि भारत गैर ओईसीडी वाला पहला जी-20 देश होगा, जिसके लिए ताजा संकल्प लागू होता है।"टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह संकल्प 25 जनवरी, 1988 को यूरोपीय परिषद और ओईसीडी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया था और दोनों संगठनों से जुड़े सदस्य देशों के हस्ताक्षर के लिए खुला था। जी-20 के कहने पर अप्रैल 2009 में इसे संशोधित किया गया था। जी-20 ने विकासशील देशों हेतु इसे आसान बनाने की मांग की थी ताकि सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण सहित, नए सहयोगी कर वातावरण का उन्हें लाभ सुनिश्चित हो सके। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह संकल्प 25 जनवरी, 1988 को यूरोपीय परिषद और ओईसीडी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया था और दोनों संगठनों से जुड़े सदस्य देशों के हस्ताक्षर के लिए खुला था। जी-20 के कहने पर अप्रैल 2009 में इसे संशोधित किया गया था। जी-20 ने विकासशील देशों हेतु इसे आसान बनाने की मांग की थी ताकि सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण सहित, नए सहयोगी कर वातावरण का उन्हें लाभ सुनिश्चित हो सके। जी-20 के कहने पर अप्रैल 2009 में इसे संशोधित किया गया था। जी-20 ने विकासशील देशों हेतु इसे आसान बनाने की मांग की थी ताकि सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण सहित, नए सहयोगी कर वातावरण का उन्हें लाभ सुनिश्चित हो सके।
सारांश: भारत कर सम्बंधी मामलों में आपसी प्रशासनिक सहायता से जुड़े संकल्प पर हस्ताक्षर करने वाला 32वां देश बन गया है।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लेग स्पिनर अमित मिश्रा (19 रन देकर चार विकेट) ने हैट्रिक सहित पांच गेंद के अंदर चार विकेट लिये जिससे सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने कम स्कोर का अच्छी तरह से बचाव करके बुधवार को पुणे वॉरियर्स को 11 रन से शिकस्त देकर इंडियन प्रीमियर लीग में चौथी जीत दर्ज की। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद आठ विकेट पर 119 रन ही बना सकी। लेकिन उसके गेंदबाजों ने इस छोटे से लक्ष्य का अच्छी तरह बचाव किया और पुणे वॉरियर्स को 19 ओवर में महज 108 रन पर समेट दिया। ‘मैन ऑफ द मैच’ मिश्रा के लिए अपना चौथा और टीम का 19वां ओवर शानदार साबित हुआ, जिसमें उन्होंने चार विकेट लिये। उन्होंने एंजेलो मैथ्यूज (20), भुवनेश्वर कुमार, राहुल शर्मा और अशोक डिंडा के विकेट हासिल करके हैट्रिक बनायी। मैच एक समय पूरी तरह से पुणे की गिरफ्त में लग रहा था लेकिन आखिरी छह विकेट 13 गेंद के अंदर गंवाने से उसे दो महत्वपूर्ण अंक से हाथ धोना पड़ा। मिश्रा ने टीम की पारी में बल्लेबाजी में भी अहम योगदान दिया और 24 गेंद में तीन चौके से 30 रन से दूसरे सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। गेंदबाजी में उनके अलावा तिसारा परेरा ने 20 रन देकर तीन विकेट हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया जबकि डेल स्टेन, करन शर्मा और इशांत शर्मा ने एक-एक विकेट प्राप्त किया। पुणे वॉरियर्स के लिए सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (14 गेंद में चार चौके से 22 रन) और आरोन फिंच (13 गेंद में तीन चौके से 16 रन) ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए मिलकर 38 रन जोड़े। दोनों खिलाड़ी पांचवें ओवर में परेरा की लगातार गेंदों पर आउट हो गए। स्टीवन स्मिथ (17) और टी सुमन (12) की भागीदारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी, करन ने सुमन को पगबाधा आउट किया। तेज गेंदबाज इशांत ने स्मिथ को पवेलियन भेज दिया जिससे मेजबान टीम का स्कोर 76 रन पर चार विकेट हो गया। अंतिम पांच ओवर में टीम को 33 रन चाहिए थे। एंजेलो मैथ्यूज (24 गेंद में एक चौके से 20 रन) और मिशेल मार्श (14) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिये 25 रन जोड़े। दुनिया के नंबर एक गेंदबाज स्टेन की गेंद पर मार्श बल्ला छुआ बैठे जिससे डीप स्क्वायर लेग में खड़े आशीष रेड्डी ने उनका कैच लपका। यह पुणे के लिए 101 रन पर पांचवां झटका था। अभिषेक नायर आते ही चलते बने, परेरा के इसी ओवर में मनीष पांडे (नाबाद 07) ने चार रन बनाकर दबाव कम करने की कोशिश की। लेकिन टीम को इसका फायदा नहीं मिला क्योंकि अगले ओवर में मैथ्यूज मिश्रा की दूसरी गेंद पर पवेलियन पहुंच गए, एक गेंद बाद भुवनेश्वर पगबाधा आउट हुए और पांचवीं गेंद पर राहुल शर्मा बोल्ड हो गए। छठी गेंद पर डिंडा के आउट होते ही मिश्रा ने हैट्रिक पूरी की। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद आठ विकेट पर 119 रन ही बना सकी। लेकिन उसके गेंदबाजों ने इस छोटे से लक्ष्य का अच्छी तरह बचाव किया और पुणे वॉरियर्स को 19 ओवर में महज 108 रन पर समेट दिया। ‘मैन ऑफ द मैच’ मिश्रा के लिए अपना चौथा और टीम का 19वां ओवर शानदार साबित हुआ, जिसमें उन्होंने चार विकेट लिये। उन्होंने एंजेलो मैथ्यूज (20), भुवनेश्वर कुमार, राहुल शर्मा और अशोक डिंडा के विकेट हासिल करके हैट्रिक बनायी। मैच एक समय पूरी तरह से पुणे की गिरफ्त में लग रहा था लेकिन आखिरी छह विकेट 13 गेंद के अंदर गंवाने से उसे दो महत्वपूर्ण अंक से हाथ धोना पड़ा। मिश्रा ने टीम की पारी में बल्लेबाजी में भी अहम योगदान दिया और 24 गेंद में तीन चौके से 30 रन से दूसरे सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। गेंदबाजी में उनके अलावा तिसारा परेरा ने 20 रन देकर तीन विकेट हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया जबकि डेल स्टेन, करन शर्मा और इशांत शर्मा ने एक-एक विकेट प्राप्त किया। पुणे वॉरियर्स के लिए सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (14 गेंद में चार चौके से 22 रन) और आरोन फिंच (13 गेंद में तीन चौके से 16 रन) ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए मिलकर 38 रन जोड़े। दोनों खिलाड़ी पांचवें ओवर में परेरा की लगातार गेंदों पर आउट हो गए। स्टीवन स्मिथ (17) और टी सुमन (12) की भागीदारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी, करन ने सुमन को पगबाधा आउट किया। तेज गेंदबाज इशांत ने स्मिथ को पवेलियन भेज दिया जिससे मेजबान टीम का स्कोर 76 रन पर चार विकेट हो गया। अंतिम पांच ओवर में टीम को 33 रन चाहिए थे। एंजेलो मैथ्यूज (24 गेंद में एक चौके से 20 रन) और मिशेल मार्श (14) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिये 25 रन जोड़े। दुनिया के नंबर एक गेंदबाज स्टेन की गेंद पर मार्श बल्ला छुआ बैठे जिससे डीप स्क्वायर लेग में खड़े आशीष रेड्डी ने उनका कैच लपका। यह पुणे के लिए 101 रन पर पांचवां झटका था। अभिषेक नायर आते ही चलते बने, परेरा के इसी ओवर में मनीष पांडे (नाबाद 07) ने चार रन बनाकर दबाव कम करने की कोशिश की। लेकिन टीम को इसका फायदा नहीं मिला क्योंकि अगले ओवर में मैथ्यूज मिश्रा की दूसरी गेंद पर पवेलियन पहुंच गए, एक गेंद बाद भुवनेश्वर पगबाधा आउट हुए और पांचवीं गेंद पर राहुल शर्मा बोल्ड हो गए। छठी गेंद पर डिंडा के आउट होते ही मिश्रा ने हैट्रिक पूरी की। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। ‘मैन ऑफ द मैच’ मिश्रा के लिए अपना चौथा और टीम का 19वां ओवर शानदार साबित हुआ, जिसमें उन्होंने चार विकेट लिये। उन्होंने एंजेलो मैथ्यूज (20), भुवनेश्वर कुमार, राहुल शर्मा और अशोक डिंडा के विकेट हासिल करके हैट्रिक बनायी। मैच एक समय पूरी तरह से पुणे की गिरफ्त में लग रहा था लेकिन आखिरी छह विकेट 13 गेंद के अंदर गंवाने से उसे दो महत्वपूर्ण अंक से हाथ धोना पड़ा। मिश्रा ने टीम की पारी में बल्लेबाजी में भी अहम योगदान दिया और 24 गेंद में तीन चौके से 30 रन से दूसरे सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। गेंदबाजी में उनके अलावा तिसारा परेरा ने 20 रन देकर तीन विकेट हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया जबकि डेल स्टेन, करन शर्मा और इशांत शर्मा ने एक-एक विकेट प्राप्त किया। पुणे वॉरियर्स के लिए सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (14 गेंद में चार चौके से 22 रन) और आरोन फिंच (13 गेंद में तीन चौके से 16 रन) ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए मिलकर 38 रन जोड़े। दोनों खिलाड़ी पांचवें ओवर में परेरा की लगातार गेंदों पर आउट हो गए। स्टीवन स्मिथ (17) और टी सुमन (12) की भागीदारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी, करन ने सुमन को पगबाधा आउट किया। तेज गेंदबाज इशांत ने स्मिथ को पवेलियन भेज दिया जिससे मेजबान टीम का स्कोर 76 रन पर चार विकेट हो गया। अंतिम पांच ओवर में टीम को 33 रन चाहिए थे। एंजेलो मैथ्यूज (24 गेंद में एक चौके से 20 रन) और मिशेल मार्श (14) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिये 25 रन जोड़े। दुनिया के नंबर एक गेंदबाज स्टेन की गेंद पर मार्श बल्ला छुआ बैठे जिससे डीप स्क्वायर लेग में खड़े आशीष रेड्डी ने उनका कैच लपका। यह पुणे के लिए 101 रन पर पांचवां झटका था। अभिषेक नायर आते ही चलते बने, परेरा के इसी ओवर में मनीष पांडे (नाबाद 07) ने चार रन बनाकर दबाव कम करने की कोशिश की। लेकिन टीम को इसका फायदा नहीं मिला क्योंकि अगले ओवर में मैथ्यूज मिश्रा की दूसरी गेंद पर पवेलियन पहुंच गए, एक गेंद बाद भुवनेश्वर पगबाधा आउट हुए और पांचवीं गेंद पर राहुल शर्मा बोल्ड हो गए। छठी गेंद पर डिंडा के आउट होते ही मिश्रा ने हैट्रिक पूरी की। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। मिश्रा ने टीम की पारी में बल्लेबाजी में भी अहम योगदान दिया और 24 गेंद में तीन चौके से 30 रन से दूसरे सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। गेंदबाजी में उनके अलावा तिसारा परेरा ने 20 रन देकर तीन विकेट हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया जबकि डेल स्टेन, करन शर्मा और इशांत शर्मा ने एक-एक विकेट प्राप्त किया। पुणे वॉरियर्स के लिए सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (14 गेंद में चार चौके से 22 रन) और आरोन फिंच (13 गेंद में तीन चौके से 16 रन) ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए मिलकर 38 रन जोड़े। दोनों खिलाड़ी पांचवें ओवर में परेरा की लगातार गेंदों पर आउट हो गए। स्टीवन स्मिथ (17) और टी सुमन (12) की भागीदारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी, करन ने सुमन को पगबाधा आउट किया। तेज गेंदबाज इशांत ने स्मिथ को पवेलियन भेज दिया जिससे मेजबान टीम का स्कोर 76 रन पर चार विकेट हो गया। अंतिम पांच ओवर में टीम को 33 रन चाहिए थे। एंजेलो मैथ्यूज (24 गेंद में एक चौके से 20 रन) और मिशेल मार्श (14) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिये 25 रन जोड़े। दुनिया के नंबर एक गेंदबाज स्टेन की गेंद पर मार्श बल्ला छुआ बैठे जिससे डीप स्क्वायर लेग में खड़े आशीष रेड्डी ने उनका कैच लपका। यह पुणे के लिए 101 रन पर पांचवां झटका था। अभिषेक नायर आते ही चलते बने, परेरा के इसी ओवर में मनीष पांडे (नाबाद 07) ने चार रन बनाकर दबाव कम करने की कोशिश की। लेकिन टीम को इसका फायदा नहीं मिला क्योंकि अगले ओवर में मैथ्यूज मिश्रा की दूसरी गेंद पर पवेलियन पहुंच गए, एक गेंद बाद भुवनेश्वर पगबाधा आउट हुए और पांचवीं गेंद पर राहुल शर्मा बोल्ड हो गए। छठी गेंद पर डिंडा के आउट होते ही मिश्रा ने हैट्रिक पूरी की। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। पुणे वॉरियर्स के लिए सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (14 गेंद में चार चौके से 22 रन) और आरोन फिंच (13 गेंद में तीन चौके से 16 रन) ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए मिलकर 38 रन जोड़े। दोनों खिलाड़ी पांचवें ओवर में परेरा की लगातार गेंदों पर आउट हो गए। स्टीवन स्मिथ (17) और टी सुमन (12) की भागीदारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी, करन ने सुमन को पगबाधा आउट किया। तेज गेंदबाज इशांत ने स्मिथ को पवेलियन भेज दिया जिससे मेजबान टीम का स्कोर 76 रन पर चार विकेट हो गया। अंतिम पांच ओवर में टीम को 33 रन चाहिए थे। एंजेलो मैथ्यूज (24 गेंद में एक चौके से 20 रन) और मिशेल मार्श (14) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिये 25 रन जोड़े। दुनिया के नंबर एक गेंदबाज स्टेन की गेंद पर मार्श बल्ला छुआ बैठे जिससे डीप स्क्वायर लेग में खड़े आशीष रेड्डी ने उनका कैच लपका। यह पुणे के लिए 101 रन पर पांचवां झटका था। अभिषेक नायर आते ही चलते बने, परेरा के इसी ओवर में मनीष पांडे (नाबाद 07) ने चार रन बनाकर दबाव कम करने की कोशिश की। लेकिन टीम को इसका फायदा नहीं मिला क्योंकि अगले ओवर में मैथ्यूज मिश्रा की दूसरी गेंद पर पवेलियन पहुंच गए, एक गेंद बाद भुवनेश्वर पगबाधा आउट हुए और पांचवीं गेंद पर राहुल शर्मा बोल्ड हो गए। छठी गेंद पर डिंडा के आउट होते ही मिश्रा ने हैट्रिक पूरी की। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। स्टीवन स्मिथ (17) और टी सुमन (12) की भागीदारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी, करन ने सुमन को पगबाधा आउट किया। तेज गेंदबाज इशांत ने स्मिथ को पवेलियन भेज दिया जिससे मेजबान टीम का स्कोर 76 रन पर चार विकेट हो गया। अंतिम पांच ओवर में टीम को 33 रन चाहिए थे। एंजेलो मैथ्यूज (24 गेंद में एक चौके से 20 रन) और मिशेल मार्श (14) ने मिलकर पांचवें विकेट के लिये 25 रन जोड़े। दुनिया के नंबर एक गेंदबाज स्टेन की गेंद पर मार्श बल्ला छुआ बैठे जिससे डीप स्क्वायर लेग में खड़े आशीष रेड्डी ने उनका कैच लपका। यह पुणे के लिए 101 रन पर पांचवां झटका था। अभिषेक नायर आते ही चलते बने, परेरा के इसी ओवर में मनीष पांडे (नाबाद 07) ने चार रन बनाकर दबाव कम करने की कोशिश की। लेकिन टीम को इसका फायदा नहीं मिला क्योंकि अगले ओवर में मैथ्यूज मिश्रा की दूसरी गेंद पर पवेलियन पहुंच गए, एक गेंद बाद भुवनेश्वर पगबाधा आउट हुए और पांचवीं गेंद पर राहुल शर्मा बोल्ड हो गए। छठी गेंद पर डिंडा के आउट होते ही मिश्रा ने हैट्रिक पूरी की। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। अभिषेक नायर आते ही चलते बने, परेरा के इसी ओवर में मनीष पांडे (नाबाद 07) ने चार रन बनाकर दबाव कम करने की कोशिश की। लेकिन टीम को इसका फायदा नहीं मिला क्योंकि अगले ओवर में मैथ्यूज मिश्रा की दूसरी गेंद पर पवेलियन पहुंच गए, एक गेंद बाद भुवनेश्वर पगबाधा आउट हुए और पांचवीं गेंद पर राहुल शर्मा बोल्ड हो गए। छठी गेंद पर डिंडा के आउट होते ही मिश्रा ने हैट्रिक पूरी की। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। पुणे वॉरियर्स को अंतिम दो ओवर में 14 रन की जरूरत थी, मिश्रा ने अपने अंतिम ओवर में चार विकेट निकालकर उनके हाथों की जीत की उम्मीद भी छीन ली जिसकी छठे मैच में यह चौथी हार है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान कुमार संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखकर क्विंटन डि कॉक को मौका दिया, लेकिन यह दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज आईपीएल के अपने पदार्पण मैच में नहीं चल पाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने शानदार स्पैल डाला। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पैल में 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। नई गेंद के जोड़ीदार अशोक डिंडा (चार ओवर में 25 रन देकर एक विकेट) ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया, इन दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष क्रम को काफी दबाव में ला दिया। विकेटों का पतझड़ सलामी बल्लेबाज डि कॉक के डिंडा की गेंद पर आउट होने के साथ ही शुरू हो गया। भुवनेश्वर ने अपने दूसरे ओवर में पार्थिव पटेल (12) और कैमरन वाइट को लगातार गेंदों पर आउट किया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। हनुमा विहारी (01) ने सात गेंदों पर केवल एक रन बनाया और आठवीं पर भुवनेश्वर का तीसरा शिकार बने। सनराइजर्स की टीम इस तरह से एक समय 17 रन पर चार विकेट गंवाकर जूझ रही थी। उड़ीसा के ऑलराउंडर बिप्लव सामंत्रे (37 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 37 रन) ने करन शर्मा (07) के साथ रन जोड़ने की कोशिश की और स्कोर को 41 रन तक ले गए।टिप्पणियां लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। लेकिन लेग स्पिनर राहुल शर्मा (21 रन देकर दो विकेट) ने करन को पगबाधा आउट कर स्कोर 41 रन पर पांच विकेट कर दिया। खतरनाक परेरा को मार्श ने तब पवेलियन भेजा जब इस श्रीलकांई आलराउंडर ने उनकी गेंद पर बल्ला छुआ दिया और विकेटकीपर रोबिन उथप्पा ने उनका कैच लेने में कोई गलती की। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया। समंत्रे टीम के लिये शीर्ष स्कोरर रहे और उनकी पारी का अंत राहुल ने किया। लांग ऑफ में खड़े मनीष पांडे ने उनका कैच लपका। मिश्रा (24 गेंद में तीन चौके से 30 रन) और आशीष रेड्डी (15 गेंद में एक चौके से 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर टीम का 100 रन के पार पहुंचाया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लेग स्पिनर अमित मिश्रा (19 रन देकर चार विकेट) ने हैट्रिक सहित पांच गेंद के अंदर चार विकेट लिये जिससे सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने कम स्कोर का अच्छी तरह से बचाव करके बुधवार को पुणे वॉरियर्स को 11 रन से शिकस्त देकर इंडियन प्रीमियर लीग में चौथी जीत दर्ज की।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार लोकपाल का एक नया ड्राफ्ट तैयार कर रही है जो जनलोकपाल और स्टैंडिंग कमेटी के मसौदे से अलग होगा। सूत्रों के हवाले से आ रही खबर के अनुसार, सीबीआई लोकपाल के नीचे नहीं आएगी। सीबीआई में डॉयरेक्टर प्रोसीक्यूशन का एक नया पद बनाया जाएगा और सीबीआई सवतंत्र ही रहेगी। साथ ही लोकपाल बिल के मुद्दे पर आज होने वाली बैठक रद्द कर दी गई है। अब यह बैठक मंगलवार को दोपहर 2 बजे होगी। नए मसौदे को आखिरी शक्ल देने के लिए दिल्ली में पी चिदंबरम, सलमान खुर्शीद, कपिल सिब्बल और नारायणसामी ने बैठक की। इससे पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कल रात हुई कैबिनेट की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई, लेकिन विस्तार से चर्चा करके फाइनल टच देने के लिए सोमवार को फिर कैबिनेट को बैठना था।सलमान खुर्शीद ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि शीतकालीन सत्र में कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए सरकार दिन-रात काम करके इस लोकपाल बिल को तैयार करने में जुटी है।इस नए बिल में जहां सीबीआई को दो हिस्सों में बांटने की बात है, वहीं प्रधानमंत्री के मामले में भी एक रास्ता निकाला गया है। लोकपाल के सामने अगर प्रधानमंत्री की कोई शिकायत आती है और लोकपाल के तीन-चौथाई सदस्य अगर हां करते हैं, तभी मामला आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री के मामले में सुनवाई बंद कमरे में होगी। सीबीआई में डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन का नया पद बनाया जाएगा। डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन का चयन प्रधानमंत्री, सदन में विपक्ष के नेता और लोकपाल मिलकर करेंगे। करप्शन के जो मामले लोकपाल की तरफ से भेजे जाएंगे, उनकी तहकीकात डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन करेंगे। इन मामलों के बारे में डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन लोकपाल को ही रिपोर्ट करेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई लोकपाल के नीचे नहीं आएगी। सीबीआई में डॉयरेक्टर प्रोसीक्यूशन का एक नया पद बनाया जाएगा और सीबीआई सवतंत्र ही रहेगी।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी अपने मानेसर संयंत्र को दोबारा खोलने के बारे में सोमवार को निर्णय करेगी। हरियाणा सरकार कंपनी को कारखाने में पुलिस की पर्याप्त पहरेदारी उपलब्ध कराने को तैयार है क्योंकि राज्य सरकार वहां श्रमिक-प्रबंधन संबंधों को लेकर कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं है। हरियाणा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य प्रशासन को लगता है कि सुरक्षा को खतरा के चलते संयंत्र में पुलिस बल की एक टुकड़ी तैनात किया जाना आवश्यक है। संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुमार ने बताया, ‘‘सरकार द्वारा निर्णय किया गया है कि सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए मानेसर संयंत्र में एक पूरी टुकड़ी तैनात की जाए जिसकी अगुवाई एसएसपी रैंक का अधिकारी करेगा।’’ उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक योगेंद्र नेहरा की अगुवाई में टुकड़ी तैनात की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि परिचालन दोबारा शुरू होने के बाद कब तक मारुति संयंत्र में पुलिस तैनात रहेगी, कुमार ने कहा, ‘‘अगले निर्णय तक 500-600 पुलिसकर्मी संयंत्र में रहेंगे।’’टिप्पणियां संयंत्र को सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के पीछे कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, यद्यपि हम पूरी सुरक्षा देते रहे हैं और संयंत्र पूरी तरह से सुरक्षित है, कुछ लोग सुरक्षा को खतरा को लेकर अब भी आशंकित हैं।’’ उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई को हिंसा के बाद मानेसर संयंत्र की सुरक्षा हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही है। हिंसा और आगजनी में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। कंपनी ने 21 जुलाई को मानेसर संयंत्र में तालाबंदी लागू कर दी। हरियाणा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य प्रशासन को लगता है कि सुरक्षा को खतरा के चलते संयंत्र में पुलिस बल की एक टुकड़ी तैनात किया जाना आवश्यक है। संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुमार ने बताया, ‘‘सरकार द्वारा निर्णय किया गया है कि सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए मानेसर संयंत्र में एक पूरी टुकड़ी तैनात की जाए जिसकी अगुवाई एसएसपी रैंक का अधिकारी करेगा।’’ उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक योगेंद्र नेहरा की अगुवाई में टुकड़ी तैनात की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि परिचालन दोबारा शुरू होने के बाद कब तक मारुति संयंत्र में पुलिस तैनात रहेगी, कुमार ने कहा, ‘‘अगले निर्णय तक 500-600 पुलिसकर्मी संयंत्र में रहेंगे।’’टिप्पणियां संयंत्र को सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के पीछे कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, यद्यपि हम पूरी सुरक्षा देते रहे हैं और संयंत्र पूरी तरह से सुरक्षित है, कुछ लोग सुरक्षा को खतरा को लेकर अब भी आशंकित हैं।’’ उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई को हिंसा के बाद मानेसर संयंत्र की सुरक्षा हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही है। हिंसा और आगजनी में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। कंपनी ने 21 जुलाई को मानेसर संयंत्र में तालाबंदी लागू कर दी। संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुमार ने बताया, ‘‘सरकार द्वारा निर्णय किया गया है कि सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए मानेसर संयंत्र में एक पूरी टुकड़ी तैनात की जाए जिसकी अगुवाई एसएसपी रैंक का अधिकारी करेगा।’’ उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक योगेंद्र नेहरा की अगुवाई में टुकड़ी तैनात की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि परिचालन दोबारा शुरू होने के बाद कब तक मारुति संयंत्र में पुलिस तैनात रहेगी, कुमार ने कहा, ‘‘अगले निर्णय तक 500-600 पुलिसकर्मी संयंत्र में रहेंगे।’’टिप्पणियां संयंत्र को सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के पीछे कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, यद्यपि हम पूरी सुरक्षा देते रहे हैं और संयंत्र पूरी तरह से सुरक्षित है, कुछ लोग सुरक्षा को खतरा को लेकर अब भी आशंकित हैं।’’ उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई को हिंसा के बाद मानेसर संयंत्र की सुरक्षा हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही है। हिंसा और आगजनी में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। कंपनी ने 21 जुलाई को मानेसर संयंत्र में तालाबंदी लागू कर दी। संयंत्र को सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के पीछे कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, यद्यपि हम पूरी सुरक्षा देते रहे हैं और संयंत्र पूरी तरह से सुरक्षित है, कुछ लोग सुरक्षा को खतरा को लेकर अब भी आशंकित हैं।’’ उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई को हिंसा के बाद मानेसर संयंत्र की सुरक्षा हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही है। हिंसा और आगजनी में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। कंपनी ने 21 जुलाई को मानेसर संयंत्र में तालाबंदी लागू कर दी। उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई को हिंसा के बाद मानेसर संयंत्र की सुरक्षा हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही है। हिंसा और आगजनी में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। कंपनी ने 21 जुलाई को मानेसर संयंत्र में तालाबंदी लागू कर दी।
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी अपने मानेसर संयंत्र को दोबारा खोलने के बारे में सोमवार को निर्णय करेगी। हरियाणा सरकार कंपनी को कारखाने में पुलिस की पर्याप्त पहरेदारी उपलब्ध कराने को तैयार है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम में अचानक बदलाव के कारण एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। उधर, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली में रविवार रात 4.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को कोहरा छाए रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार को लगातार दूसरे दिन बर्फबारी होती रही। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार शाम पांच बजे तक हिमस्खलन की चेतावनी दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में सोलंग, बीस कुंड, नेहरू कुंड, गुलाबा, कुल्लू में ऊपरी मनाली क्षेत्र, चाम्बा, किन्नौर और लाहौल एवं स्पीति जिलों में रह रहे लोगों को हिमस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि वे अपने घरों की छत पर जमा बर्फ हटा दें, ताकि छत ढहने जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बर्फबारी और बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री कम और अधिकतम सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला में पिछले 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर बर्फबारी और 31.3 मिलीमीटर बारिश हुई। हिमस्खलन की चेतावनी कश्मीर घाटी में भी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने खिलनमर्ग, माचिल, केरन, गुरेज, तंगधार, चौकीबल, उरी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सोमवार को भी हिमपात हुआ, जिसके कारण घाटी का सम्पर्क देश के शेष हिस्सों से कट गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। दिल्ली में रविवार रात 4.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को कोहरा छाए रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार को लगातार दूसरे दिन बर्फबारी होती रही। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार शाम पांच बजे तक हिमस्खलन की चेतावनी दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में सोलंग, बीस कुंड, नेहरू कुंड, गुलाबा, कुल्लू में ऊपरी मनाली क्षेत्र, चाम्बा, किन्नौर और लाहौल एवं स्पीति जिलों में रह रहे लोगों को हिमस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि वे अपने घरों की छत पर जमा बर्फ हटा दें, ताकि छत ढहने जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बर्फबारी और बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री कम और अधिकतम सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला में पिछले 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर बर्फबारी और 31.3 मिलीमीटर बारिश हुई। हिमस्खलन की चेतावनी कश्मीर घाटी में भी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने खिलनमर्ग, माचिल, केरन, गुरेज, तंगधार, चौकीबल, उरी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सोमवार को भी हिमपात हुआ, जिसके कारण घाटी का सम्पर्क देश के शेष हिस्सों से कट गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार को लगातार दूसरे दिन बर्फबारी होती रही। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार शाम पांच बजे तक हिमस्खलन की चेतावनी दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में सोलंग, बीस कुंड, नेहरू कुंड, गुलाबा, कुल्लू में ऊपरी मनाली क्षेत्र, चाम्बा, किन्नौर और लाहौल एवं स्पीति जिलों में रह रहे लोगों को हिमस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि वे अपने घरों की छत पर जमा बर्फ हटा दें, ताकि छत ढहने जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बर्फबारी और बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री कम और अधिकतम सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला में पिछले 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर बर्फबारी और 31.3 मिलीमीटर बारिश हुई। हिमस्खलन की चेतावनी कश्मीर घाटी में भी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने खिलनमर्ग, माचिल, केरन, गुरेज, तंगधार, चौकीबल, उरी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सोमवार को भी हिमपात हुआ, जिसके कारण घाटी का सम्पर्क देश के शेष हिस्सों से कट गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में सोलंग, बीस कुंड, नेहरू कुंड, गुलाबा, कुल्लू में ऊपरी मनाली क्षेत्र, चाम्बा, किन्नौर और लाहौल एवं स्पीति जिलों में रह रहे लोगों को हिमस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि वे अपने घरों की छत पर जमा बर्फ हटा दें, ताकि छत ढहने जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बर्फबारी और बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री कम और अधिकतम सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला में पिछले 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर बर्फबारी और 31.3 मिलीमीटर बारिश हुई। हिमस्खलन की चेतावनी कश्मीर घाटी में भी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने खिलनमर्ग, माचिल, केरन, गुरेज, तंगधार, चौकीबल, उरी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सोमवार को भी हिमपात हुआ, जिसके कारण घाटी का सम्पर्क देश के शेष हिस्सों से कट गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। बर्फबारी और बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री कम और अधिकतम सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला में पिछले 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर बर्फबारी और 31.3 मिलीमीटर बारिश हुई। हिमस्खलन की चेतावनी कश्मीर घाटी में भी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने खिलनमर्ग, माचिल, केरन, गुरेज, तंगधार, चौकीबल, उरी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सोमवार को भी हिमपात हुआ, जिसके कारण घाटी का सम्पर्क देश के शेष हिस्सों से कट गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। हिमस्खलन की चेतावनी कश्मीर घाटी में भी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने खिलनमर्ग, माचिल, केरन, गुरेज, तंगधार, चौकीबल, उरी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सोमवार को भी हिमपात हुआ, जिसके कारण घाटी का सम्पर्क देश के शेष हिस्सों से कट गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सोमवार को भी हिमपात हुआ, जिसके कारण घाटी का सम्पर्क देश के शेष हिस्सों से कट गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि पहलगाम में शून्य से 5.3 डिग्री और गुलमर्ग में शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे था। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। उधर, उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश की सम्भावना जताई है। सोमवार सुबह तेज धूप खिलने के बाद मौसम अचानक बदल गया और बादल घिर आए, जिससे सर्द हवाओं का असर एक बार फिर बढ़ गया और ठिठुरन महसूस होने लगी। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। सोमवार सुबह राजधानी लखनऊ का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में पिछले 24 घंटों में बारिश होने से सोमवार को क्षेत्र का न्यूनतम तापमान काफी बढ़ गया। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। अमृतसर का न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री अधिक 10.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि एक महीने पहले यह शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अमृतसर में 24 घंटे के दौरान 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। लुधियाना एवं पटियाला में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 10.7 डिग्री सेल्सियस था। चण्डीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम 13.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस था।टिप्पणियां हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। हरियाणा के हिसार, भिवानी और रोहतक में अधिकतम तापमान क्रमश: 26.1, 24.6 और 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तो यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब एवं हरियाणा के कुछ भागों में बारिश की सम्भावना व्यक्त की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम में अचानक बदलाव के कारण एक बार फिर ठंड बढ़ गई है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्यप्रदेश की जबलपुर लोकसभा सीट राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है. इसके पीछे कारण यह है कि जबलपुर दक्षिण-पूर्व मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र की राजनीति का केंद्र है. यह सीट बीजेपी का गढ़ है जहां उसे 23 साल से कोई नहीं डिगा पाया. यहां बीजेपी सन 1996 से लगातार जीत रही है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह सन 2004 से यहां के सांसद हैं. उन्होंने हर बार पहले से अधिक वोटों से जीत हासिल की है. पहले कांग्रेस का गढ़ रही जबलपुर सीट को फिर से हासिल करना कांग्रेस की बड़ी ख्वाहिश हो सकती है.        जबलपुर लोकसभ क्षेत्र में जहां पहले बदलाव की प्रवृत्ति रही है वहीं 1996 के बाद से इस प्रवृत्ति में बदलाव आया. पिछले 23 साल से यहां के मतदाता निरंतर बीजेपी को जीत का सेहरा पहनाते आ रहे हैं. आजादी के बाद 1951 से लेकर 1974 तक इस सीट पर कांग्रेस परचम लहराती रही. इसके बाद यहां के मतदाता निरंतर बदलाव करते रहे. लेकिन 1996 से जबलपुर के मतदाताओं ने बदलाव पसंद नहीं किया.       आगामी चुनाव में बीजेपी के लिए यह सीट कहीं ज्यादा अहम है क्योंकि यहां से उसके प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का चुनाव लड़ना तय है. चूंकि प्रदेश अध्यक्ष की सीट है इसलिए यहां जीतना बीजेपी की नाक का सवाल है. इसके अलावा उसके लिए अपने 23 साल पुराने गढ़ को बचाने की भी चुनौती है. कांग्रेस के लिए अपने पुराने गढ़ को फिर से हासिल करने की चुनौती है. कांग्रेस राकेश सिंह के सामने किसे प्रत्याशी बनाती है, यह बड़ा सवाल है.      मध्यप्रदेश की संस्कारधानी कहलाने वाले जबलपुर में बीजेपी की जड़ें गहरी जमी हैं. महाकौशल क्षेत्र का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी जबलपुर में है. पिछले छह चुनावों में बीजेपी ने यहां जीत हासिल की है. इस सीट पर कांग्रेस अंतिम बार सन 1991 में जीती थी. जबलपुर में अब तक हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी को आठ चुनावों में और कांग्रेस को सात चुनावों में विजय मिली. यह भी पढ़ें : लोकसभा चुनाव 2019 : मध्यप्रदेश की विदिशा सीट पर क्यों टिकीं सबकी नजरें पहली लोकसभा के चुनाव के दौरान जबलपुर में दो सीटें थीं. सन 1951 में हुए चुनाव में जबलपुर उत्तर सीट से कांग्रेस के सुशील कुमार पटैरिया जीते थे और मंडला-जबलपुर दक्षिण सीट से पहले मंगरु गुरु उइके सांसद बने. इस सीट पर बाद में हुए उपचुनाव में सेठ गोविंद दास चुने गए. सन 1957 में जबलपुर और मंडला दो अलग-अलग संसदीय क्षेत्र बन गए. इस साल दूसरी लोकसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस के सेठ गोविंद दास जीते. इसके बाद सेठ गोविंद दास का जीत का सिलसिला चलता रहा. उन्होंने 1962, 1967 और 1971 के चुनाव भी जीते.      साल 1974 जबलपुर सीट पर बदलाव का साल रहा. जबलपुर में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे शरद यादव इस साल मुख्य धारा की राजनीति में कूद पड़े. वे जयप्रकाश नारायण के विद्यार्थी आंदोलन से जुड़े थे और छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने जबलपुर क्षेत्र में अपना जनाधार भी बना लिया था. उस दौर में कांग्रेस के खिलाफ एक लहर भी बन गई थी. सेठ गोविंद दास उद्योगपति थे जबकि शरद यादव आम जनता के बीच का चेहरा था. हालांकि इस बार सेठ गोविंद दास चुनाव मैदान में नहीं थे. भारतीय लोक दल के टिकट पर चुनाव लड़े शरद यादव ने कांग्रेस के जगदीश नारायण अवस्थी को पराजित कर दिया. उन्होंने कांग्रेस का गढ़ ढहा डाला. आपातकाल के बाद सन 1977 में हुए चुनाव में एक बार फिर शरद यादव जीते.   यह भी पढ़ें : लोकसभा चुनाव : बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की सीट पटना साहिब में होगा इस बार दिलचस्प मुकाबला सातवीं लोकसभा के लिए 1980 में हुए चुनाव में जबलपुर के मतदाताओं ने फिर बदलाव को अंजाम दिया. कांग्रेस के मुंदर शर्मा सांसद बने. बाद में उपचुनाव हुआ तो यह सीट बीजेपी ने कांग्रेस से छीन ली. कांग्रेस के बाबूराव परांजपे को विजय हासिल हुई. आठवीं लोकसभा के लिए 1984 में कांग्रेस के अजयनारयण मुशरान विजयी हुए और 1989 में एक बार फिर बीजेपी के बाबूराव परांजपे चुने गए. सन 1991 में कांग्रेस के श्रवण कुमार पटेल सांसद चुने गए.   ग्यारहवीं लोकसभा के लिए 1996 में हुए चुनाव के साथ जबलपुर सीट पर बदलाव का सिलसिला थम गया. बीजेपी के बाबूराव परांजपे ने जीत हासिल की. 1998 में भी परांजपे जीते. सन 1999 में  बीजेपी की जयश्री बनर्जी जीतीं. सन 2004 में बीजेपी के राकेश सिंह जीते. इसके बाद उनकी जीत का क्रम रुका नहीं. वे 2009 और 2014 की चुनाव भी जीते.   यह भी पढ़ें : इस नेता के नाम है लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत, तोड़ चुकी हैं पीएम मोदी का रिकॉर्ड जबलपुर के मौजूदा सांसद राकेश सिंह 56 साल के हैं और राज्य बीजेपी के अध्यक्ष भी हैं. राकेश सिंह ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान महाकौशल क्षेत्र में खास तौर पर रेलवे सुविधाओं में इजाफे के लिए काफी काम किया है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में राकेश सिंह को 5,64,609 वोट मिले थे जो कि 56.34 फीसदी थे. उनके खिलाफ कांग्रेस के प्रत्याशी वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा को 3,55,970 यानी कि 35.52 प्रतिशत वोट मिले थे. मतदान 10,02,184 वोटरों ने किया था जो कि 58.55 फीसदी था. इससे पहले 2009 के चुनाव में राकेश सिंह को 3,43,922 वोट मिले थे जो कि 54.29 प्रतिशत थे. उनके खिलाफ चुनाव लड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा को 2,37,919 वोट मिले थे जो कि कुल मतदान का 37.56 प्रतिशत थे. साल 2009 में मतदान 6,33,493 लोगों ने किया था जिसका प्रतिशत    43.80 था.     यह भी पढ़ें : 62 साल से चुनाव हारते आ रहे हैं श्याम बाबू, 2019 में भी जीतने के लिए आजमाएंगे किस्मत जबलपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की आठ सीटें हैं- पाटन, जबलपुर उत्तर, पनागर, बरगी, जबलपुर कैंट, सिहोरा, जबलपुर पूर्व और जबलपुर पश्चिम. इनमें से चार पर कांग्रेस और चार पर बीजेपी काबिज है. यह भी पढ़ें : दिल्ली : केजरीवाल की गठबंधन की मनुहार को चुनावी हथियार बनाएगी बीजेपी सन 2011 की जनगणना के अनुसार जबलपुर की जनसंख्या जबलपुर की जनसंख्‍या 24 लाख 60 हजार 714 है. यहां 59.74 प्रतिशत आबादी शहरी और 40.26 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है. विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान जारी की गई पुनरीक्षित मतदाता सूची के मुताबिक इस क्षेत्र में कुल मतदाता 17 लाख 63 हजार 520 है. इनमें से आठ लाख 49 हजार 848 महिला मतदाता हैं.
यह एक सारांश है: प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष राकेश सिंह 2004 से जीत रहे चुनाव जबलपुर सीट पर पिछले 23 साल से बीजेपी का कब्जा कांग्रेस के सेठ गोविंद दास लगातार पांच चुनाव जीते थे
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुनाफा वसूली निकलने और वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत मिलने के करण बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक गुरुवार को 48 अंक घटकर 18,154 अंक रह गया। इसके साथ ही बाजार में तीन दिन से जारी तेजी भंग हो गयी। सेंसेक्स में भारी वजन रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और टाटा मोटर्स के शेयरों में आज गिरावट गिरावट रही पर कुल मिलाकार कारोबारी अंतर्धारणा सकारात्मक देखी गई। बाजार के जानकारों के अनुसार दूसरी पंक्ति के शेयरों में अच्छी खरीदारी रही और खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक शुरु में नीचे खुला और एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिलने पर 159 अंक घटकर 18,043 अंक तक नीचे चला गया। कारोबार के दौरान इसमें थोड़ा सुधार आया पर अंत में कल की तुलना में 48.42 अंक की गिरावट के साथ 18,153.99 अंक पर बंद हुआ। पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स कुल मिला कर 453.72 अंक सुधारा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी.50 भी 10 अंक घट कर 5,521.95 अंक पर बंद हुआ। मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज में डेरिवेटिव रणनीतिकार विकास जैन ने कहा ‘‘कल की तेजी के बाद आज बाजर ने रुककर सांस ली है। धातु, तेल एवं गैस के शेयरों में मुनाफा वसूली चली। हालांकि, बिजली कंपनियों के शेयरों में सुधार दर्ज किया गया। सरकार ने कल बिजली संयंत्रों को उपयुक्त मात्रा में कोयला आपूर्ति का आश्वासन दिया। इससे आज इनमें खरीदारी का जोर रहा।’’ रिलायंस के केजी डी6 ब्लॉक से अगले साल भी प्राकृतिक गैस का उत्पादन घटने के समाचारों से रिलयंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.86 प्रतिशत टूटा । निवेशकों की मुनाफा वसूली आने से टाटा मोटर्स के शेयर में 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कल इसमें सात प्रतिशत तक तेजी आ गई थी। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। सेंसेक्स में भारी वजन रखने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और टाटा मोटर्स के शेयरों में आज गिरावट गिरावट रही पर कुल मिलाकार कारोबारी अंतर्धारणा सकारात्मक देखी गई। बाजार के जानकारों के अनुसार दूसरी पंक्ति के शेयरों में अच्छी खरीदारी रही और खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक शुरु में नीचे खुला और एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिलने पर 159 अंक घटकर 18,043 अंक तक नीचे चला गया। कारोबार के दौरान इसमें थोड़ा सुधार आया पर अंत में कल की तुलना में 48.42 अंक की गिरावट के साथ 18,153.99 अंक पर बंद हुआ। पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स कुल मिला कर 453.72 अंक सुधारा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी.50 भी 10 अंक घट कर 5,521.95 अंक पर बंद हुआ। मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज में डेरिवेटिव रणनीतिकार विकास जैन ने कहा ‘‘कल की तेजी के बाद आज बाजर ने रुककर सांस ली है। धातु, तेल एवं गैस के शेयरों में मुनाफा वसूली चली। हालांकि, बिजली कंपनियों के शेयरों में सुधार दर्ज किया गया। सरकार ने कल बिजली संयंत्रों को उपयुक्त मात्रा में कोयला आपूर्ति का आश्वासन दिया। इससे आज इनमें खरीदारी का जोर रहा।’’ रिलायंस के केजी डी6 ब्लॉक से अगले साल भी प्राकृतिक गैस का उत्पादन घटने के समाचारों से रिलयंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.86 प्रतिशत टूटा । निवेशकों की मुनाफा वसूली आने से टाटा मोटर्स के शेयर में 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कल इसमें सात प्रतिशत तक तेजी आ गई थी। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। बाजार के जानकारों के अनुसार दूसरी पंक्ति के शेयरों में अच्छी खरीदारी रही और खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक शुरु में नीचे खुला और एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिलने पर 159 अंक घटकर 18,043 अंक तक नीचे चला गया। कारोबार के दौरान इसमें थोड़ा सुधार आया पर अंत में कल की तुलना में 48.42 अंक की गिरावट के साथ 18,153.99 अंक पर बंद हुआ। पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स कुल मिला कर 453.72 अंक सुधारा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी.50 भी 10 अंक घट कर 5,521.95 अंक पर बंद हुआ। मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज में डेरिवेटिव रणनीतिकार विकास जैन ने कहा ‘‘कल की तेजी के बाद आज बाजर ने रुककर सांस ली है। धातु, तेल एवं गैस के शेयरों में मुनाफा वसूली चली। हालांकि, बिजली कंपनियों के शेयरों में सुधार दर्ज किया गया। सरकार ने कल बिजली संयंत्रों को उपयुक्त मात्रा में कोयला आपूर्ति का आश्वासन दिया। इससे आज इनमें खरीदारी का जोर रहा।’’ रिलायंस के केजी डी6 ब्लॉक से अगले साल भी प्राकृतिक गैस का उत्पादन घटने के समाचारों से रिलयंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.86 प्रतिशत टूटा । निवेशकों की मुनाफा वसूली आने से टाटा मोटर्स के शेयर में 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कल इसमें सात प्रतिशत तक तेजी आ गई थी। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक शुरु में नीचे खुला और एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिलने पर 159 अंक घटकर 18,043 अंक तक नीचे चला गया। कारोबार के दौरान इसमें थोड़ा सुधार आया पर अंत में कल की तुलना में 48.42 अंक की गिरावट के साथ 18,153.99 अंक पर बंद हुआ। पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स कुल मिला कर 453.72 अंक सुधारा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी.50 भी 10 अंक घट कर 5,521.95 अंक पर बंद हुआ। मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज में डेरिवेटिव रणनीतिकार विकास जैन ने कहा ‘‘कल की तेजी के बाद आज बाजर ने रुककर सांस ली है। धातु, तेल एवं गैस के शेयरों में मुनाफा वसूली चली। हालांकि, बिजली कंपनियों के शेयरों में सुधार दर्ज किया गया। सरकार ने कल बिजली संयंत्रों को उपयुक्त मात्रा में कोयला आपूर्ति का आश्वासन दिया। इससे आज इनमें खरीदारी का जोर रहा।’’ रिलायंस के केजी डी6 ब्लॉक से अगले साल भी प्राकृतिक गैस का उत्पादन घटने के समाचारों से रिलयंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.86 प्रतिशत टूटा । निवेशकों की मुनाफा वसूली आने से टाटा मोटर्स के शेयर में 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कल इसमें सात प्रतिशत तक तेजी आ गई थी। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। पिछले तीन दिनों में सेंसेक्स कुल मिला कर 453.72 अंक सुधारा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी.50 भी 10 अंक घट कर 5,521.95 अंक पर बंद हुआ। मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज में डेरिवेटिव रणनीतिकार विकास जैन ने कहा ‘‘कल की तेजी के बाद आज बाजर ने रुककर सांस ली है। धातु, तेल एवं गैस के शेयरों में मुनाफा वसूली चली। हालांकि, बिजली कंपनियों के शेयरों में सुधार दर्ज किया गया। सरकार ने कल बिजली संयंत्रों को उपयुक्त मात्रा में कोयला आपूर्ति का आश्वासन दिया। इससे आज इनमें खरीदारी का जोर रहा।’’ रिलायंस के केजी डी6 ब्लॉक से अगले साल भी प्राकृतिक गैस का उत्पादन घटने के समाचारों से रिलयंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.86 प्रतिशत टूटा । निवेशकों की मुनाफा वसूली आने से टाटा मोटर्स के शेयर में 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कल इसमें सात प्रतिशत तक तेजी आ गई थी। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज में डेरिवेटिव रणनीतिकार विकास जैन ने कहा ‘‘कल की तेजी के बाद आज बाजर ने रुककर सांस ली है। धातु, तेल एवं गैस के शेयरों में मुनाफा वसूली चली। हालांकि, बिजली कंपनियों के शेयरों में सुधार दर्ज किया गया। सरकार ने कल बिजली संयंत्रों को उपयुक्त मात्रा में कोयला आपूर्ति का आश्वासन दिया। इससे आज इनमें खरीदारी का जोर रहा।’’ रिलायंस के केजी डी6 ब्लॉक से अगले साल भी प्राकृतिक गैस का उत्पादन घटने के समाचारों से रिलयंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.86 प्रतिशत टूटा । निवेशकों की मुनाफा वसूली आने से टाटा मोटर्स के शेयर में 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कल इसमें सात प्रतिशत तक तेजी आ गई थी। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। रिलायंस के केजी डी6 ब्लॉक से अगले साल भी प्राकृतिक गैस का उत्पादन घटने के समाचारों से रिलयंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.86 प्रतिशत टूटा । निवेशकों की मुनाफा वसूली आने से टाटा मोटर्स के शेयर में 3.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कल इसमें सात प्रतिशत तक तेजी आ गई थी। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, टाटा स्टील, हिन्डाल्को, टीसीएस, स्टरलाइट, गेल इंडिया और सन फार्मा के शेयर भी आज गिरावट लेकर बंद हुये।टिप्पणियां बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। बहरहाल, स्टेट बैंक, इंफोसिस, जिंदल स्टील, बजाज आटो, हीरो मोटोकार्प, मारुति सुजूकी, भेल और आईटीसी के शेयरों में मजबूती ने बाजार में आने वाली तेज गिरावट का थाम लिया। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे। शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाजी जारी है। कल भी इन संस्थानों ने बाजार में 1,838.85 करोड़ रुपये के शेयरों की लिवाली की। वैश्विक बाजारों से मंदी के समाचार थे। वैश्विक स्तर पर यूनान को 169 अरब डालर का राहत पैकेज देने के फैसले को अगले सप्ताह तक लटका दिये जाने के यूरोपीय अधिकारियों के फैसले से सुस्ती का रुझान रहा। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के सूचकांक 1.69 प्रतिशत तक नीचे रहे।
संक्षिप्त पाठ: मुनाफा वसूली निकलने और वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत मिलने के करण बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक गुरुवार को 48 अंक घटकर 18,154 अंक रह गया। इसके साथ ही बाजार में तीन दिन से जारी तेजी भंग हो गयी।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 26.73 अंकों की तेजी के साथ 17,425.71 पर और निफ्टी 9.35 अंकों की तेजी के साथ 5,287.95 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 58.97 अंकों की तेजी के साथ 17,457.95 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.25 अंकों की तेजी के साथ 5,298.85 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 29.65 अंकों की तेजी के साथ 6,238.89 पर और स्मॉलकैप 52.69 अंकों की तेजी के साथ 6,667.98 पर बंद हुए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 58.97 अंकों की तेजी के साथ 17,457.95 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.25 अंकों की तेजी के साथ 5,298.85 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 29.65 अंकों की तेजी के साथ 6,238.89 पर और स्मॉलकैप 52.69 अंकों की तेजी के साथ 6,667.98 पर बंद हुए। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 29.65 अंकों की तेजी के साथ 6,238.89 पर और स्मॉलकैप 52.69 अंकों की तेजी के साथ 6,667.98 पर बंद हुए।
सारांश: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 26.73 अंकों की तेजी के साथ 17,425.71 पर और निफ्टी 9.35 अंकों की तेजी के साथ 5,287.95 पर बंद हुआ।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे का कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप सामने आया है. इसके बाद वह फिर से विवादों में फसंती दिख रही हैं. इस अपुष्ट ऑडियो में वह दशहरा पर एक भाषण की अनुमति लेने के लिए अहमदनगर जिले के भगवानगढ पहाड़ी मंदिर के एक पुजारी को धमकी दे रही हैं. इसमें कथित तौर पर देखा जा सकता है कि पंकजा परली में नामदेव शास्त्री महाराज के समर्थकों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की भी बात कह रही हैं. बातचीत में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह ग्रामीण इलाकों में छोटे- छोटे कामों को वित्तपोषण वाली एक योजना 25-15 के तहत रुपया देकर किसी को भी खरीद सकती हैं. पंकजा यह कहते सुनाई देती हैं, मैंने अपने लोगों से कहा है कि हम 11 अक्तूबर तक लड़ाई नहीं लड़ना चाहते हैं. मैं आप लोग को खरीद सकती हूं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहती हूं. जो कुछ भी अतीत में मैंने आपको दिया है आपने मांगा और मैंने दिया. क्या आपको याद है कि मैंने 25-15 योजना में से रुपये दिए अब मैं आपको रुपया नहीं दूंगी. इस अपुष्ट ऑडियो के अनुसार, वह कह रही हैं, नामदेव शास्त्री जी के साथ क्या किया जाए इसके बारे में भविष्य में विचार किया जाएगा. हमें दशहरा समारोह करवाना है और इसलिए हम अपनी ओर से कुछ भी गलत नहीं करना चाहते. पंकजा को कहते सुना गया है, ‘हम सीधे भी नहीं हैं. हमारे लोग पारली में लोगों को पीट सकते हैं और उनके खिलाफ फर्जी मामले दायर करवा सकते हैं और यहां से जाने को विवश कर सकते हैं.’ टिप्पणियां ऑडियो क्लिप पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि यह मंत्री के द्वारा सत्ता का ‘घोर दुरुपयोग’ है और ऐसे में उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए. मुंडे ने कहा, ‘हम ऑडियो में सुनी उनकी बातों को लेकर बहुत गंभीर हैं. कानून बनाने के लिए जिम्मेदार लोग कानून को अपने हाथों में लेने की बात कर रहे हैं. उन्हें अब मंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा कि लोगों के उत्थान के लिए बनी एक योजना से लोगों को खरीदने की बात करके वह सरकार के साथ ‘धोखा’ कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि कम से कम अब मुख्यमंत्री उन्हें क्लीन चिट देने का ड्रामा नहीं करेंगें.’ हालांकि इस मुद्दे पर पंकजा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी लेकिन उनके निजी सचिव ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है. बता दें कि इस साल की शुरूआत में सूखाग्रस्त लातूर की अपनी यात्रा के दौरान सेल्फी लेने पर वह निशाने पर आ गयी थी. इसमें कथित तौर पर देखा जा सकता है कि पंकजा परली में नामदेव शास्त्री महाराज के समर्थकों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की भी बात कह रही हैं. बातचीत में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह ग्रामीण इलाकों में छोटे- छोटे कामों को वित्तपोषण वाली एक योजना 25-15 के तहत रुपया देकर किसी को भी खरीद सकती हैं. पंकजा यह कहते सुनाई देती हैं, मैंने अपने लोगों से कहा है कि हम 11 अक्तूबर तक लड़ाई नहीं लड़ना चाहते हैं. मैं आप लोग को खरीद सकती हूं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहती हूं. जो कुछ भी अतीत में मैंने आपको दिया है आपने मांगा और मैंने दिया. क्या आपको याद है कि मैंने 25-15 योजना में से रुपये दिए अब मैं आपको रुपया नहीं दूंगी. इस अपुष्ट ऑडियो के अनुसार, वह कह रही हैं, नामदेव शास्त्री जी के साथ क्या किया जाए इसके बारे में भविष्य में विचार किया जाएगा. हमें दशहरा समारोह करवाना है और इसलिए हम अपनी ओर से कुछ भी गलत नहीं करना चाहते. पंकजा को कहते सुना गया है, ‘हम सीधे भी नहीं हैं. हमारे लोग पारली में लोगों को पीट सकते हैं और उनके खिलाफ फर्जी मामले दायर करवा सकते हैं और यहां से जाने को विवश कर सकते हैं.’ टिप्पणियां ऑडियो क्लिप पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि यह मंत्री के द्वारा सत्ता का ‘घोर दुरुपयोग’ है और ऐसे में उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए. मुंडे ने कहा, ‘हम ऑडियो में सुनी उनकी बातों को लेकर बहुत गंभीर हैं. कानून बनाने के लिए जिम्मेदार लोग कानून को अपने हाथों में लेने की बात कर रहे हैं. उन्हें अब मंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा कि लोगों के उत्थान के लिए बनी एक योजना से लोगों को खरीदने की बात करके वह सरकार के साथ ‘धोखा’ कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि कम से कम अब मुख्यमंत्री उन्हें क्लीन चिट देने का ड्रामा नहीं करेंगें.’ हालांकि इस मुद्दे पर पंकजा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी लेकिन उनके निजी सचिव ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है. बता दें कि इस साल की शुरूआत में सूखाग्रस्त लातूर की अपनी यात्रा के दौरान सेल्फी लेने पर वह निशाने पर आ गयी थी. पंकजा यह कहते सुनाई देती हैं, मैंने अपने लोगों से कहा है कि हम 11 अक्तूबर तक लड़ाई नहीं लड़ना चाहते हैं. मैं आप लोग को खरीद सकती हूं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहती हूं. जो कुछ भी अतीत में मैंने आपको दिया है आपने मांगा और मैंने दिया. क्या आपको याद है कि मैंने 25-15 योजना में से रुपये दिए अब मैं आपको रुपया नहीं दूंगी. इस अपुष्ट ऑडियो के अनुसार, वह कह रही हैं, नामदेव शास्त्री जी के साथ क्या किया जाए इसके बारे में भविष्य में विचार किया जाएगा. हमें दशहरा समारोह करवाना है और इसलिए हम अपनी ओर से कुछ भी गलत नहीं करना चाहते. पंकजा को कहते सुना गया है, ‘हम सीधे भी नहीं हैं. हमारे लोग पारली में लोगों को पीट सकते हैं और उनके खिलाफ फर्जी मामले दायर करवा सकते हैं और यहां से जाने को विवश कर सकते हैं.’ टिप्पणियां ऑडियो क्लिप पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि यह मंत्री के द्वारा सत्ता का ‘घोर दुरुपयोग’ है और ऐसे में उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए. मुंडे ने कहा, ‘हम ऑडियो में सुनी उनकी बातों को लेकर बहुत गंभीर हैं. कानून बनाने के लिए जिम्मेदार लोग कानून को अपने हाथों में लेने की बात कर रहे हैं. उन्हें अब मंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा कि लोगों के उत्थान के लिए बनी एक योजना से लोगों को खरीदने की बात करके वह सरकार के साथ ‘धोखा’ कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि कम से कम अब मुख्यमंत्री उन्हें क्लीन चिट देने का ड्रामा नहीं करेंगें.’ हालांकि इस मुद्दे पर पंकजा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी लेकिन उनके निजी सचिव ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है. बता दें कि इस साल की शुरूआत में सूखाग्रस्त लातूर की अपनी यात्रा के दौरान सेल्फी लेने पर वह निशाने पर आ गयी थी. इस अपुष्ट ऑडियो के अनुसार, वह कह रही हैं, नामदेव शास्त्री जी के साथ क्या किया जाए इसके बारे में भविष्य में विचार किया जाएगा. हमें दशहरा समारोह करवाना है और इसलिए हम अपनी ओर से कुछ भी गलत नहीं करना चाहते. पंकजा को कहते सुना गया है, ‘हम सीधे भी नहीं हैं. हमारे लोग पारली में लोगों को पीट सकते हैं और उनके खिलाफ फर्जी मामले दायर करवा सकते हैं और यहां से जाने को विवश कर सकते हैं.’ टिप्पणियां ऑडियो क्लिप पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि यह मंत्री के द्वारा सत्ता का ‘घोर दुरुपयोग’ है और ऐसे में उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए. मुंडे ने कहा, ‘हम ऑडियो में सुनी उनकी बातों को लेकर बहुत गंभीर हैं. कानून बनाने के लिए जिम्मेदार लोग कानून को अपने हाथों में लेने की बात कर रहे हैं. उन्हें अब मंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा कि लोगों के उत्थान के लिए बनी एक योजना से लोगों को खरीदने की बात करके वह सरकार के साथ ‘धोखा’ कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि कम से कम अब मुख्यमंत्री उन्हें क्लीन चिट देने का ड्रामा नहीं करेंगें.’ हालांकि इस मुद्दे पर पंकजा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी लेकिन उनके निजी सचिव ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है. बता दें कि इस साल की शुरूआत में सूखाग्रस्त लातूर की अपनी यात्रा के दौरान सेल्फी लेने पर वह निशाने पर आ गयी थी. ऑडियो क्लिप पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि यह मंत्री के द्वारा सत्ता का ‘घोर दुरुपयोग’ है और ऐसे में उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए. मुंडे ने कहा, ‘हम ऑडियो में सुनी उनकी बातों को लेकर बहुत गंभीर हैं. कानून बनाने के लिए जिम्मेदार लोग कानून को अपने हाथों में लेने की बात कर रहे हैं. उन्हें अब मंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा कि लोगों के उत्थान के लिए बनी एक योजना से लोगों को खरीदने की बात करके वह सरकार के साथ ‘धोखा’ कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि कम से कम अब मुख्यमंत्री उन्हें क्लीन चिट देने का ड्रामा नहीं करेंगें.’ हालांकि इस मुद्दे पर पंकजा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी लेकिन उनके निजी सचिव ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है. बता दें कि इस साल की शुरूआत में सूखाग्रस्त लातूर की अपनी यात्रा के दौरान सेल्फी लेने पर वह निशाने पर आ गयी थी. हालांकि इस मुद्दे पर पंकजा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी लेकिन उनके निजी सचिव ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है. बता दें कि इस साल की शुरूआत में सूखाग्रस्त लातूर की अपनी यात्रा के दौरान सेल्फी लेने पर वह निशाने पर आ गयी थी.
सारांश: महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे का एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आया है भाषण की अनुमति लेने के लिए एक मंदिर के पुजारी को कथित तौर पर दे रहीं धमकी बोलीं- मैं आप लोग को खरीद सकती हूं लेकिन ऐसा नहीं कर रही
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कई बार हमारे इर्द-गिर्द ऐसी घटनाएं घटती हैं जिसे हम लंबे समय तक याद रखते हैं. यही घटनाएं जब कैमरे में कैद हो जाती हैं तो वह इंटरनेट के दौर में वायरल हो जाती हैं. रूस के येकातेरिनबर्ग शहर के रेलवे स्टेशन का एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक बहादुर इंसान अपनी जान पर खेलकर एक लड़के को बचाते दिख रहा है. यह एक ऐसा दृश्य है जिसे देखकर कोई भी रोमांचित हो सकता है.  ब्लैक एंड व्हाइट इस वीडियो में दिख रहा है कि एक आठ साल का लड़का प्लेटफॉर्म पर पैदल चल रहा होता है, तभी उसका पैर फिसल जाता है और वह दो रेलवे ट्रैक के बीच खाली जगह पर जा गिरता है. वह इतना हड़बड़ा जाता है कि चाहकर भी वहां से उठ नहीं पाता है. प्लेटफॉर्म पर गाड़ी का इंतजार कर रहे लोग बच्चे को देखते रहते हैं, लेकिन कोई उसे बचाने के लिए नहीं जाता है. एक इंसान तो अपनी सीट से ऊठकर प्लेटफॉर्म के किनारे जाता है, लेकिन वह भी केवल बच्चे को देखता रहता है.टिप्पणियां तभी पीछे से आ रहा इंसान बहादुरी दिखाते हुए रैलवे ट्रैक पर कूद जाता है और फौरन लड़के को ऊठाकर प्लेटफॉर्म पर ले आता है. सोशल प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो 'एक और ब्लैक एंड व्हाइट हीरो' नाम से वायरल हो रहा है. हादसे के शिकार लड़के के पिता ने बताया कि उन्हें नहीं पता चला कि उनका बेटा कैसे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा. वह अपनी मां को बुलाने के लिए जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ. वह मोबाइल पर बातें कर रहा था शायदी इसी वजह से हादसे का शिकार हुआ. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे उस शख्स का कैसे शुक्रिया कहें, जिसने उनके बेटे की जान बचाई. बताया जा रहा है कि जिस रेलवे ट्रैक पर बच्चा गिरा था वहां कुछ सेकेंडों में ट्रेन आने वाली थी. इसी डर की वजह से कोई भी यात्री बच्चे को बचाने नहीं पहुंचा. ब्लैक एंड व्हाइट इस वीडियो में दिख रहा है कि एक आठ साल का लड़का प्लेटफॉर्म पर पैदल चल रहा होता है, तभी उसका पैर फिसल जाता है और वह दो रेलवे ट्रैक के बीच खाली जगह पर जा गिरता है. वह इतना हड़बड़ा जाता है कि चाहकर भी वहां से उठ नहीं पाता है. प्लेटफॉर्म पर गाड़ी का इंतजार कर रहे लोग बच्चे को देखते रहते हैं, लेकिन कोई उसे बचाने के लिए नहीं जाता है. एक इंसान तो अपनी सीट से ऊठकर प्लेटफॉर्म के किनारे जाता है, लेकिन वह भी केवल बच्चे को देखता रहता है.टिप्पणियां तभी पीछे से आ रहा इंसान बहादुरी दिखाते हुए रैलवे ट्रैक पर कूद जाता है और फौरन लड़के को ऊठाकर प्लेटफॉर्म पर ले आता है. सोशल प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो 'एक और ब्लैक एंड व्हाइट हीरो' नाम से वायरल हो रहा है. हादसे के शिकार लड़के के पिता ने बताया कि उन्हें नहीं पता चला कि उनका बेटा कैसे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा. वह अपनी मां को बुलाने के लिए जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ. वह मोबाइल पर बातें कर रहा था शायदी इसी वजह से हादसे का शिकार हुआ. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे उस शख्स का कैसे शुक्रिया कहें, जिसने उनके बेटे की जान बचाई. बताया जा रहा है कि जिस रेलवे ट्रैक पर बच्चा गिरा था वहां कुछ सेकेंडों में ट्रेन आने वाली थी. इसी डर की वजह से कोई भी यात्री बच्चे को बचाने नहीं पहुंचा. तभी पीछे से आ रहा इंसान बहादुरी दिखाते हुए रैलवे ट्रैक पर कूद जाता है और फौरन लड़के को ऊठाकर प्लेटफॉर्म पर ले आता है. सोशल प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो 'एक और ब्लैक एंड व्हाइट हीरो' नाम से वायरल हो रहा है. हादसे के शिकार लड़के के पिता ने बताया कि उन्हें नहीं पता चला कि उनका बेटा कैसे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा. वह अपनी मां को बुलाने के लिए जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ. वह मोबाइल पर बातें कर रहा था शायदी इसी वजह से हादसे का शिकार हुआ. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे उस शख्स का कैसे शुक्रिया कहें, जिसने उनके बेटे की जान बचाई. बताया जा रहा है कि जिस रेलवे ट्रैक पर बच्चा गिरा था वहां कुछ सेकेंडों में ट्रेन आने वाली थी. इसी डर की वजह से कोई भी यात्री बच्चे को बचाने नहीं पहुंचा. बताया जा रहा है कि जिस रेलवे ट्रैक पर बच्चा गिरा था वहां कुछ सेकेंडों में ट्रेन आने वाली थी. इसी डर की वजह से कोई भी यात्री बच्चे को बचाने नहीं पहुंचा.
संक्षिप्त पाठ: आठ साल का लड़का फिसलकर रेलवे ट्रैक पर जा गिरता है. प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों में से कोई उसे बचाने नहीं जाता है. तभी एक इंसान आता है और रियल हीरो की भूमिका निभाता है.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया है तब से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. समाज के अलग-अलग लोग अपनी राय रख रहे हैं. कुछ लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ विरोध. ऐसा लग रहा है जैसे पूरी दुनिया बंट गई है. लगभग सभी राजनैतिक दल नोटबंदी के खिलाफ खड़े हो गए हैं लेकिन जनता दल यूनाईटेड खुलकर नोटबंदी की तारीफ कर रही है.मीडिया के अंदर भी नोटबंदी को लेकर अलग-अलग राय हैं. दुनिया के नामी अर्थशास्त्री और उद्योगपति भी नोट बंदी को लेकर बंटे हुए हैं. सुब्बाराव उम्मीद करते हैं कि नोटबंदी की वजह से सरकार सकल घरेलू उत्पाद का 0.5 प्रतिशत टैक्स के रूप में पा सकती है. सुब्बाराव का मानना है कि नोटबंदी की वजह से प्राइवेट सेक्टर में निवेश बढ़ेगा, सिस्टम को ठीक करने से बचत और निवेश पर सकारात्मक असर होगा. सुब्बाराव का कहना है कि नोटबंदी की वजह से लोग कैशलेस ट्रांजेक्शन की तरफ शिफ्ट होंगे और इससे भ्रष्टाचार कम होगा, देश का विकास होगा.
यहाँ एक सारांश है:अमर्त्य सेन ने नोटबंदी के फैसले को निरंकुश कार्रवाई बताया डी सुब्बाराव ने इस फैसले का स्वागत किया है रुचिर शर्मा मानते हैं कि काली अर्थव्यवस्था का पुनर्जन्म होगा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के गांसू प्रांत में सोमवार को आए 6.6 तीव्रता के भूकम्प में 75 व्यक्तियों की मौत हो गई। भूकम्प की वजह से 1200 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए जबकि 21,000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। सोमवार दोपहर तक भूकम्प प्रभावित क्षेत्रों में 371 झटके महसूस किए गए। 500 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, डिंगसी शहर में कुल 73 लोगों की मौत हुई है, और इसके पड़ोसी लांगमैन शहर में दो व्यक्तियों की मौत हुई है। सुबह 7.45 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.6 थी। मिनसियान काउंटी में 14 व्यक्ति लापता हैं। यह क्षेत्र भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। चाइना अर्थक्वे क नेटवर्क्‍स सेंटर ने कहा है कि भूकंप का केंद्र 20 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता चांग झेंगुओ ने प्रांतीय राजधानी लांझोऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भूकंप के बाद सोमवार दोपहर तक भूकम्प प्रभावित क्षेत्र में 371 झटके महसूस किए गए। इसमें सबसे तीव्र झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.6 थी। प्रवक्ता ने कहा कि प्रारम्भिक आंकलनों से पता चला है कि भूकम्प के कारण 1,200 से अधिक मकान ध्वस्त हो गए हैं और 21,000 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में मदद देने के लिए दो हेलीकाप्टरों और 3,000 सशस्त्र पुलिस, अग्निशामकों, स्थानीय जवानों और सरकारी कर्मचारियों को भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और अन्य इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, मीचुआन में कुल 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, डिंगसी शहर में कुल 73 लोगों की मौत हुई है, और इसके पड़ोसी लांगमैन शहर में दो व्यक्तियों की मौत हुई है। सुबह 7.45 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.6 थी। मिनसियान काउंटी में 14 व्यक्ति लापता हैं। यह क्षेत्र भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। चाइना अर्थक्वे क नेटवर्क्‍स सेंटर ने कहा है कि भूकंप का केंद्र 20 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता चांग झेंगुओ ने प्रांतीय राजधानी लांझोऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भूकंप के बाद सोमवार दोपहर तक भूकम्प प्रभावित क्षेत्र में 371 झटके महसूस किए गए। इसमें सबसे तीव्र झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.6 थी। प्रवक्ता ने कहा कि प्रारम्भिक आंकलनों से पता चला है कि भूकम्प के कारण 1,200 से अधिक मकान ध्वस्त हो गए हैं और 21,000 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में मदद देने के लिए दो हेलीकाप्टरों और 3,000 सशस्त्र पुलिस, अग्निशामकों, स्थानीय जवानों और सरकारी कर्मचारियों को भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और अन्य इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, मीचुआन में कुल 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मिनसियान काउंटी में 14 व्यक्ति लापता हैं। यह क्षेत्र भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। चाइना अर्थक्वे क नेटवर्क्‍स सेंटर ने कहा है कि भूकंप का केंद्र 20 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता चांग झेंगुओ ने प्रांतीय राजधानी लांझोऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भूकंप के बाद सोमवार दोपहर तक भूकम्प प्रभावित क्षेत्र में 371 झटके महसूस किए गए। इसमें सबसे तीव्र झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.6 थी। प्रवक्ता ने कहा कि प्रारम्भिक आंकलनों से पता चला है कि भूकम्प के कारण 1,200 से अधिक मकान ध्वस्त हो गए हैं और 21,000 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में मदद देने के लिए दो हेलीकाप्टरों और 3,000 सशस्त्र पुलिस, अग्निशामकों, स्थानीय जवानों और सरकारी कर्मचारियों को भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और अन्य इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, मीचुआन में कुल 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता चांग झेंगुओ ने प्रांतीय राजधानी लांझोऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भूकंप के बाद सोमवार दोपहर तक भूकम्प प्रभावित क्षेत्र में 371 झटके महसूस किए गए। इसमें सबसे तीव्र झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.6 थी। प्रवक्ता ने कहा कि प्रारम्भिक आंकलनों से पता चला है कि भूकम्प के कारण 1,200 से अधिक मकान ध्वस्त हो गए हैं और 21,000 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में मदद देने के लिए दो हेलीकाप्टरों और 3,000 सशस्त्र पुलिस, अग्निशामकों, स्थानीय जवानों और सरकारी कर्मचारियों को भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और अन्य इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, मीचुआन में कुल 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रवक्ता ने कहा कि प्रारम्भिक आंकलनों से पता चला है कि भूकम्प के कारण 1,200 से अधिक मकान ध्वस्त हो गए हैं और 21,000 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में मदद देने के लिए दो हेलीकाप्टरों और 3,000 सशस्त्र पुलिस, अग्निशामकों, स्थानीय जवानों और सरकारी कर्मचारियों को भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और अन्य इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, मीचुआन में कुल 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। राहत एवं बचाव कार्य में मदद देने के लिए दो हेलीकाप्टरों और 3,000 सशस्त्र पुलिस, अग्निशामकों, स्थानीय जवानों और सरकारी कर्मचारियों को भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और अन्य इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, मीचुआन में कुल 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। ग्रामीण इलाकों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और अन्य इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बचावकर्मियों के अनुसार, मीचुआन में कुल 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मीचुआन गांव के 40 वर्षीय किसान झू वेंकिंग ने कहा कि पहले झटके में तो उसका घर बच गया, लेकिन उसके बाद आए सात या आठ झटकों के बाद घर मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों में मुख्यरूप से बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, क्योंकि वे ढह रहे घरों से निकलकर भाग नहीं पाए।   मीचुआन के आसपास कई गांवों में तथा झांगसियान काउंटी के 13 कस्बों में सम्पर्क कट गया है। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। चाइना भूकंप प्रशासन ने कहा है कि भूकम्प प्रांत के एक गड़बड़ी वाले क्षेत्र में आया, जहां अबतक के इतिहास में 25 बार पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आ चुका है।टिप्पणियां इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस क्षेत्र में सर्वाधिक 8.0 तीव्रता वाला भूकंप 21 जुलाई, 1654 को आया था। जो मौजूदा भूकंप स्थल से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि भूकंप के झटके एक मिनट तक महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए। तियानशुई शहर और लांझोऊ के साथ ही पड़ोसी शांसी प्रांत के सियान, बाओजी और सियानयांग में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
यहाँ एक सारांश है:चीन के गांसू प्रांत में सोमवार को आए 6.6 तीव्रता के भूकम्प में 75 व्यक्तियों की मौत हो गई। भूकम्प की वजह से 1200 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए जबकि 21,000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जायरा वसीम (Zaira Wasim) के इस फैसले पर फिल्म जगत के तमाम लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी थी. अब इस पर अनुभव सिन्हा ने रिएक्ट किया है. सिन्हा का कहना है कि आखिरकार यह जायरा का निजी फैसला है. अनुभव सिन्हा ने कहा, 'यहां तक कि मेरे भी कई मुस्लिम दोस्त हैं जो खुद को तस्वीरें खिंचवाने से दूर रखते हैं, क्योंकि उनका कहना है कि यह इस्लाम के खिलाफ है. मैं ऐसे हिंदू लड़कों को जानता हूं जिन्होंने ईश्वर की तलाश में सांसारिक जीवन त्याग दिया. यह उनका फैसला है और इसमें कुछ गलत नहीं है.' अनुभव (Anubhav Sinha) ने आगे कहा, 'हां, अगर उस (जायरा) पर ऐसा करने के लिए किसी का दबाव है तो यह बहस का एक अलग मुद्दा है, लेकिन मैं इसके बारे में नहीं जानता. इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता.' एक्ट्रेस जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने साल 2016 में आमिर खान के साथ फिल्म 'दंगल' से बॉलीवुड में कदम रखा था और फिल्म 'सीक्रेट सुपरस्टार' में उन्हें उनके काम के लिए बहुत सराहा भी गया.
संक्षिप्त पाठ: जायरा वसीम के पक्ष में उतरे डायरेक्टर अनुभव सिन्हा 'आर्टिकल 15' के डायरेक्टर हैं अनुभव सिन्हा आयुष्मान खुराना की फिल्म 'आर्टिकल 15' सिनेमाघरों में रिलीज हुई
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बांग्लादेश ने प्रतिबंधित हरकत उल जिहाद अल इस्लामी (हूजी) के प्रमुख मुफ्ती अब्दुल हन्नान और उसके दो सहयोगियों को एक दरगाह पर वर्ष 2004 में हमला करने के मामले में बुधवार रात फांसी पर लटका दिया. इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी और ब्रिटिश उच्चायुक्त घायल हो गए थे. 'बीडीन्यूज 24 डॉट कॉम' ने गृह मंत्री असदुज्जमन खान के हवाले से बताया कि हन्नान को उसके सहयोगी शरीफ शाहेदुल उर्फ बिपुल के साथ काशिमपुर जेल में रात 10 बजकर 1 मिनट पर फांसी पर लटकाया गया. मंत्री ने बताया कि उसके सहयोगी देलवार हुसैन रिपोन को सिलहट जेल में फांसी पर लटकाया गया. गाजीपुर पुलिस अधीक्षक हारन उर राशिद ने कहा कि हन्नान और बिपुन के शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है और उनके शवों को कड़ी सुरक्षा के बीच उनके गावों में भेजा जाएगा.टिप्पणियां बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने उनकी दया याचिकाएं खारिज कर दी थीं. इससे पहले अधिकारियों ने काशिमपुर जेल में और इसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी. हन्नान की पत्नी, उसकी दो बेटियों और बड़े भाई ने सुबह जेल में उससे मुलाकात की. रिपोन के परिवार के सदस्यों ने भी जेल में उससे मुलाकात की. सुप्रीम कोर्ट ने हन्नान और दो अन्य को मृत्युदंड दिए जाने का समर्थन करने के अपने पूर्ववर्ती आदेश की 19 मार्च को पुन: पुष्टि की थी. सिलहट में हजरत शाहजलाल की दरगाह पर हुए ग्रेनेड हमले में बांग्लादेश में जन्मे तत्कालीन ब्रिटिश उच्चायुक्त अनवर चौधरी बाल-बाल बचे थे. इस हमले में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और 70 अन्य घायल हो गए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'बीडीन्यूज 24 डॉट कॉम' ने गृह मंत्री असदुज्जमन खान के हवाले से बताया कि हन्नान को उसके सहयोगी शरीफ शाहेदुल उर्फ बिपुल के साथ काशिमपुर जेल में रात 10 बजकर 1 मिनट पर फांसी पर लटकाया गया. मंत्री ने बताया कि उसके सहयोगी देलवार हुसैन रिपोन को सिलहट जेल में फांसी पर लटकाया गया. गाजीपुर पुलिस अधीक्षक हारन उर राशिद ने कहा कि हन्नान और बिपुन के शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है और उनके शवों को कड़ी सुरक्षा के बीच उनके गावों में भेजा जाएगा.टिप्पणियां बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने उनकी दया याचिकाएं खारिज कर दी थीं. इससे पहले अधिकारियों ने काशिमपुर जेल में और इसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी. हन्नान की पत्नी, उसकी दो बेटियों और बड़े भाई ने सुबह जेल में उससे मुलाकात की. रिपोन के परिवार के सदस्यों ने भी जेल में उससे मुलाकात की. सुप्रीम कोर्ट ने हन्नान और दो अन्य को मृत्युदंड दिए जाने का समर्थन करने के अपने पूर्ववर्ती आदेश की 19 मार्च को पुन: पुष्टि की थी. सिलहट में हजरत शाहजलाल की दरगाह पर हुए ग्रेनेड हमले में बांग्लादेश में जन्मे तत्कालीन ब्रिटिश उच्चायुक्त अनवर चौधरी बाल-बाल बचे थे. इस हमले में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और 70 अन्य घायल हो गए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने उनकी दया याचिकाएं खारिज कर दी थीं. इससे पहले अधिकारियों ने काशिमपुर जेल में और इसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी. हन्नान की पत्नी, उसकी दो बेटियों और बड़े भाई ने सुबह जेल में उससे मुलाकात की. रिपोन के परिवार के सदस्यों ने भी जेल में उससे मुलाकात की. सुप्रीम कोर्ट ने हन्नान और दो अन्य को मृत्युदंड दिए जाने का समर्थन करने के अपने पूर्ववर्ती आदेश की 19 मार्च को पुन: पुष्टि की थी. सिलहट में हजरत शाहजलाल की दरगाह पर हुए ग्रेनेड हमले में बांग्लादेश में जन्मे तत्कालीन ब्रिटिश उच्चायुक्त अनवर चौधरी बाल-बाल बचे थे. इस हमले में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और 70 अन्य घायल हो गए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: अब्दुल हन्नान और उसके दो सहयोगियों को दी गई फांसी साल 2004 में एक दरगाह पर धमाके के मामले में दोषी थे तीनों हमले में 3 पुलिसकर्मी मारे गए थे, 70 अन्य लोग हुए थे घायल
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस मुख्यालय के आजकल के सन्नाटे को शाम 6 बजे के आसपास मोहन प्रकाश मुर्दाबाद और अरुण यादव मुर्दाबाद के नारों ने तोड़ दिया. कांग्रेस की खबर की तलाश में रहने वाले पत्रकार फौरन उसे अपने कैमरे और मोबाइल में कैद करने को लपके. मोहन प्रकाश मध्यप्रदेश के इंचार्ज हैं और अरुण यादव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष. मध्यप्रदेश से एआईसीसी पहुंचे कुछ कार्यकर्ता दोनों पर स्थानीय संगठन चुनाव से पहले मनमाने तरीके से सात ब्लॉक अध्यक्ष बदलने का आरोप लगा रहे थे. उनका कहना था कि मध्यप्रदेश में संगठन चुनाव का ऐलान हो चुका है लेकिन उससे पहले ही व्हाट्सएप मैसेज के जरिए सात ब्लॉक अध्यक्षों को बदल दिया गया है. यह कार्यकर्ता इसी बाबत अपनी शिकायत लेकर कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे थे. उनका आरोप है कि घंटों इंतजार कराने के बाद भी मोहन प्रकाश उनसे नहीं मिले. फिर नारेबाजी शुरू हो गई. इस बीच एक दूसरा घटनाक्रम आगे बढ़ चुका था. विदेश से लौटने के बाद कमलनाथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. इससे इस चर्चा को और बल मिला कि उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. दरअसल यह चर्चा कई हफ्तों से चल रही है. अब जाकर उसे अमली जामा पहनाने की तैयारी है. इस मीटिंग को कमलनाथ के बतौर हरियाणा इंचार्ज एक रिपोर्ट कार्ड पेश करने के मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है. हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा खेमा पूरी कमान अपने हाथ में चाहता है. न सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह अशोक तंवर की विदाई चाहता है बल्कि कांग्रेस विधायक दल की नेता के तौर पर किरण चौधरी को भी हटाना चाहता है. लाल पगड़ी के खिलाफ भारी पड़ रही गुलाबी पगड़ी की इस लड़ाई को ऐसे सुलझा पाना कमलनाथ के लिए एक बड़ी चुनौती है कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे. ख़ैर, लौटकर कमलनाथ को नई मिलने वाली जिम्मेदारी की चर्चा के सवाल पर आते हैं. मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ को कमान देने में सवाल यह था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस बात के लिए कैसे तैयार किया जाए. अमरिंदर सिंह के पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा कांग्रेस के उपनेता का पद खाली है. पूरी उम्मीद है कि सिंधिया को उपनेता बना दिया जाए. राहुल की नई बन रही टीम में उन्हें महासचिव बनाने की भी बात है.टिप्पणियां पर सवाल फिर भी है कि सिंधिया मध्यप्रदेश की अपनी विरासत को इस तरह दिल्ली में 'सेटल' होकर छोड़ देंगे? वह भी तब जब 2013 चुनाव में वे दिग्विजय सिंह जैसे पुराने नेता की इच्छा से अलग कैंपेन कमेटी के प्रमुख बनाए गए थे. ये अलग बात है कि तब सिंधिया पार्टी को कामयाबी नहीं दिला पाए. अब अगले साल वहां चुनाव होना है और शिवराज सिंह चौहान के 15 साल के एंटी इंकम्बेंसी की उम्मीद में कांग्रेस अपने लिए सत्ता पलट का एक मौका देख रही है. सिंधिया ये मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहेंगे. खासतौर पर तब जब 2019 का लोकसभा चुनाव और दिल्ली दोनों अभी दूर की कौड़ी हैं! अब AICC में हुई नारेबाज़ी को समझने की कोशिश करते हैं. एक मित्र बताते हैं कि मोहन प्रकाश को इंचार्ज के तौर पर न तो कमलनाथ चाहते हैं न सिंधिया. ऐसे में कुछ अदने से कार्यकर्ता बिल्ली मार दें तो क्या बुराई है! किसी का नाम भी नहीं आएगा और काम हो जाएगा. मोहन प्रकाश मध्यप्रदेश के इंचार्ज हैं और अरुण यादव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष. मध्यप्रदेश से एआईसीसी पहुंचे कुछ कार्यकर्ता दोनों पर स्थानीय संगठन चुनाव से पहले मनमाने तरीके से सात ब्लॉक अध्यक्ष बदलने का आरोप लगा रहे थे. उनका कहना था कि मध्यप्रदेश में संगठन चुनाव का ऐलान हो चुका है लेकिन उससे पहले ही व्हाट्सएप मैसेज के जरिए सात ब्लॉक अध्यक्षों को बदल दिया गया है. यह कार्यकर्ता इसी बाबत अपनी शिकायत लेकर कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे थे. उनका आरोप है कि घंटों इंतजार कराने के बाद भी मोहन प्रकाश उनसे नहीं मिले. फिर नारेबाजी शुरू हो गई. इस बीच एक दूसरा घटनाक्रम आगे बढ़ चुका था. विदेश से लौटने के बाद कमलनाथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. इससे इस चर्चा को और बल मिला कि उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. दरअसल यह चर्चा कई हफ्तों से चल रही है. अब जाकर उसे अमली जामा पहनाने की तैयारी है. इस मीटिंग को कमलनाथ के बतौर हरियाणा इंचार्ज एक रिपोर्ट कार्ड पेश करने के मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है. हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा खेमा पूरी कमान अपने हाथ में चाहता है. न सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह अशोक तंवर की विदाई चाहता है बल्कि कांग्रेस विधायक दल की नेता के तौर पर किरण चौधरी को भी हटाना चाहता है. लाल पगड़ी के खिलाफ भारी पड़ रही गुलाबी पगड़ी की इस लड़ाई को ऐसे सुलझा पाना कमलनाथ के लिए एक बड़ी चुनौती है कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे. ख़ैर, लौटकर कमलनाथ को नई मिलने वाली जिम्मेदारी की चर्चा के सवाल पर आते हैं. मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ को कमान देने में सवाल यह था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस बात के लिए कैसे तैयार किया जाए. अमरिंदर सिंह के पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा कांग्रेस के उपनेता का पद खाली है. पूरी उम्मीद है कि सिंधिया को उपनेता बना दिया जाए. राहुल की नई बन रही टीम में उन्हें महासचिव बनाने की भी बात है.टिप्पणियां पर सवाल फिर भी है कि सिंधिया मध्यप्रदेश की अपनी विरासत को इस तरह दिल्ली में 'सेटल' होकर छोड़ देंगे? वह भी तब जब 2013 चुनाव में वे दिग्विजय सिंह जैसे पुराने नेता की इच्छा से अलग कैंपेन कमेटी के प्रमुख बनाए गए थे. ये अलग बात है कि तब सिंधिया पार्टी को कामयाबी नहीं दिला पाए. अब अगले साल वहां चुनाव होना है और शिवराज सिंह चौहान के 15 साल के एंटी इंकम्बेंसी की उम्मीद में कांग्रेस अपने लिए सत्ता पलट का एक मौका देख रही है. सिंधिया ये मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहेंगे. खासतौर पर तब जब 2019 का लोकसभा चुनाव और दिल्ली दोनों अभी दूर की कौड़ी हैं! अब AICC में हुई नारेबाज़ी को समझने की कोशिश करते हैं. एक मित्र बताते हैं कि मोहन प्रकाश को इंचार्ज के तौर पर न तो कमलनाथ चाहते हैं न सिंधिया. ऐसे में कुछ अदने से कार्यकर्ता बिल्ली मार दें तो क्या बुराई है! किसी का नाम भी नहीं आएगा और काम हो जाएगा. इस बीच एक दूसरा घटनाक्रम आगे बढ़ चुका था. विदेश से लौटने के बाद कमलनाथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. इससे इस चर्चा को और बल मिला कि उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. दरअसल यह चर्चा कई हफ्तों से चल रही है. अब जाकर उसे अमली जामा पहनाने की तैयारी है. इस मीटिंग को कमलनाथ के बतौर हरियाणा इंचार्ज एक रिपोर्ट कार्ड पेश करने के मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है. हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा खेमा पूरी कमान अपने हाथ में चाहता है. न सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह अशोक तंवर की विदाई चाहता है बल्कि कांग्रेस विधायक दल की नेता के तौर पर किरण चौधरी को भी हटाना चाहता है. लाल पगड़ी के खिलाफ भारी पड़ रही गुलाबी पगड़ी की इस लड़ाई को ऐसे सुलझा पाना कमलनाथ के लिए एक बड़ी चुनौती है कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे. ख़ैर, लौटकर कमलनाथ को नई मिलने वाली जिम्मेदारी की चर्चा के सवाल पर आते हैं. मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ को कमान देने में सवाल यह था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस बात के लिए कैसे तैयार किया जाए. अमरिंदर सिंह के पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा कांग्रेस के उपनेता का पद खाली है. पूरी उम्मीद है कि सिंधिया को उपनेता बना दिया जाए. राहुल की नई बन रही टीम में उन्हें महासचिव बनाने की भी बात है.टिप्पणियां पर सवाल फिर भी है कि सिंधिया मध्यप्रदेश की अपनी विरासत को इस तरह दिल्ली में 'सेटल' होकर छोड़ देंगे? वह भी तब जब 2013 चुनाव में वे दिग्विजय सिंह जैसे पुराने नेता की इच्छा से अलग कैंपेन कमेटी के प्रमुख बनाए गए थे. ये अलग बात है कि तब सिंधिया पार्टी को कामयाबी नहीं दिला पाए. अब अगले साल वहां चुनाव होना है और शिवराज सिंह चौहान के 15 साल के एंटी इंकम्बेंसी की उम्मीद में कांग्रेस अपने लिए सत्ता पलट का एक मौका देख रही है. सिंधिया ये मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहेंगे. खासतौर पर तब जब 2019 का लोकसभा चुनाव और दिल्ली दोनों अभी दूर की कौड़ी हैं! अब AICC में हुई नारेबाज़ी को समझने की कोशिश करते हैं. एक मित्र बताते हैं कि मोहन प्रकाश को इंचार्ज के तौर पर न तो कमलनाथ चाहते हैं न सिंधिया. ऐसे में कुछ अदने से कार्यकर्ता बिल्ली मार दें तो क्या बुराई है! किसी का नाम भी नहीं आएगा और काम हो जाएगा. इस मीटिंग को कमलनाथ के बतौर हरियाणा इंचार्ज एक रिपोर्ट कार्ड पेश करने के मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है. हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा खेमा पूरी कमान अपने हाथ में चाहता है. न सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह अशोक तंवर की विदाई चाहता है बल्कि कांग्रेस विधायक दल की नेता के तौर पर किरण चौधरी को भी हटाना चाहता है. लाल पगड़ी के खिलाफ भारी पड़ रही गुलाबी पगड़ी की इस लड़ाई को ऐसे सुलझा पाना कमलनाथ के लिए एक बड़ी चुनौती है कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे. ख़ैर, लौटकर कमलनाथ को नई मिलने वाली जिम्मेदारी की चर्चा के सवाल पर आते हैं. मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ को कमान देने में सवाल यह था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस बात के लिए कैसे तैयार किया जाए. अमरिंदर सिंह के पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा कांग्रेस के उपनेता का पद खाली है. पूरी उम्मीद है कि सिंधिया को उपनेता बना दिया जाए. राहुल की नई बन रही टीम में उन्हें महासचिव बनाने की भी बात है.टिप्पणियां पर सवाल फिर भी है कि सिंधिया मध्यप्रदेश की अपनी विरासत को इस तरह दिल्ली में 'सेटल' होकर छोड़ देंगे? वह भी तब जब 2013 चुनाव में वे दिग्विजय सिंह जैसे पुराने नेता की इच्छा से अलग कैंपेन कमेटी के प्रमुख बनाए गए थे. ये अलग बात है कि तब सिंधिया पार्टी को कामयाबी नहीं दिला पाए. अब अगले साल वहां चुनाव होना है और शिवराज सिंह चौहान के 15 साल के एंटी इंकम्बेंसी की उम्मीद में कांग्रेस अपने लिए सत्ता पलट का एक मौका देख रही है. सिंधिया ये मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहेंगे. खासतौर पर तब जब 2019 का लोकसभा चुनाव और दिल्ली दोनों अभी दूर की कौड़ी हैं! अब AICC में हुई नारेबाज़ी को समझने की कोशिश करते हैं. एक मित्र बताते हैं कि मोहन प्रकाश को इंचार्ज के तौर पर न तो कमलनाथ चाहते हैं न सिंधिया. ऐसे में कुछ अदने से कार्यकर्ता बिल्ली मार दें तो क्या बुराई है! किसी का नाम भी नहीं आएगा और काम हो जाएगा. ख़ैर, लौटकर कमलनाथ को नई मिलने वाली जिम्मेदारी की चर्चा के सवाल पर आते हैं. मध्यप्रदेश के अध्यक्ष अरुण यादव को हटाकर कमलनाथ को कमान देने में सवाल यह था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस बात के लिए कैसे तैयार किया जाए. अमरिंदर सिंह के पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा कांग्रेस के उपनेता का पद खाली है. पूरी उम्मीद है कि सिंधिया को उपनेता बना दिया जाए. राहुल की नई बन रही टीम में उन्हें महासचिव बनाने की भी बात है.टिप्पणियां पर सवाल फिर भी है कि सिंधिया मध्यप्रदेश की अपनी विरासत को इस तरह दिल्ली में 'सेटल' होकर छोड़ देंगे? वह भी तब जब 2013 चुनाव में वे दिग्विजय सिंह जैसे पुराने नेता की इच्छा से अलग कैंपेन कमेटी के प्रमुख बनाए गए थे. ये अलग बात है कि तब सिंधिया पार्टी को कामयाबी नहीं दिला पाए. अब अगले साल वहां चुनाव होना है और शिवराज सिंह चौहान के 15 साल के एंटी इंकम्बेंसी की उम्मीद में कांग्रेस अपने लिए सत्ता पलट का एक मौका देख रही है. सिंधिया ये मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहेंगे. खासतौर पर तब जब 2019 का लोकसभा चुनाव और दिल्ली दोनों अभी दूर की कौड़ी हैं! अब AICC में हुई नारेबाज़ी को समझने की कोशिश करते हैं. एक मित्र बताते हैं कि मोहन प्रकाश को इंचार्ज के तौर पर न तो कमलनाथ चाहते हैं न सिंधिया. ऐसे में कुछ अदने से कार्यकर्ता बिल्ली मार दें तो क्या बुराई है! किसी का नाम भी नहीं आएगा और काम हो जाएगा. पर सवाल फिर भी है कि सिंधिया मध्यप्रदेश की अपनी विरासत को इस तरह दिल्ली में 'सेटल' होकर छोड़ देंगे? वह भी तब जब 2013 चुनाव में वे दिग्विजय सिंह जैसे पुराने नेता की इच्छा से अलग कैंपेन कमेटी के प्रमुख बनाए गए थे. ये अलग बात है कि तब सिंधिया पार्टी को कामयाबी नहीं दिला पाए. अब अगले साल वहां चुनाव होना है और शिवराज सिंह चौहान के 15 साल के एंटी इंकम्बेंसी की उम्मीद में कांग्रेस अपने लिए सत्ता पलट का एक मौका देख रही है. सिंधिया ये मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहेंगे. खासतौर पर तब जब 2019 का लोकसभा चुनाव और दिल्ली दोनों अभी दूर की कौड़ी हैं! अब AICC में हुई नारेबाज़ी को समझने की कोशिश करते हैं. एक मित्र बताते हैं कि मोहन प्रकाश को इंचार्ज के तौर पर न तो कमलनाथ चाहते हैं न सिंधिया. ऐसे में कुछ अदने से कार्यकर्ता बिल्ली मार दें तो क्या बुराई है! किसी का नाम भी नहीं आएगा और काम हो जाएगा. अब AICC में हुई नारेबाज़ी को समझने की कोशिश करते हैं. एक मित्र बताते हैं कि मोहन प्रकाश को इंचार्ज के तौर पर न तो कमलनाथ चाहते हैं न सिंधिया. ऐसे में कुछ अदने से कार्यकर्ता बिल्ली मार दें तो क्या बुराई है! किसी का नाम भी नहीं आएगा और काम हो जाएगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विदेश से लौटने के बाद कमलनाथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे कांग्रेस के ब्लॉक प्रमुखों को फर्जी तरीके से बदलने का आरोप मोहन प्रकाश के न मिलने से भड़के कार्यकर्ता और नारेबाजी की
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नॉर्थ कैरोलीना के बाद न्यूयार्क, वर्जीनिया और मैसाचूसेट्स में भी आपातकाल की घोषणा कर दी है। संघीय एजेंसियों को 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से देश के पूर्वी तट की तरफ बढ़ते तूफान 'इरीन' से निपटने के उपाय करने एवं जानमाल की सुरक्षा के यथासंभव प्रयास करने का अधिकार देने के लिए यह कदम उठाया गया है। ओबामा ने नॉर्थ कैरोलीना में आपातकाल की घोषणा के बाद दिन में न्यूयॉर्क में भी आपातकाल की घोषणा कर दी। शुक्रवार रात अपनी छुट्टियां बीच में ही छोड़कर व्हाइट हाउस लौटे ओबामा ने देर रात वर्जीनिया और मैसाचूसेट्स राज्यों में भी आपातकाल घोषित कर दिया। ओबामा की इस घोषणा से संघीय सरकार के आंतरिक सुरक्षा विभाग और संघीय आपात प्रबंधन एजेंसी को आपदा राहत प्रयासों में समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी और तूफान की जद में आने वाले इलाकों में जानमाल की सुरक्षा के बेहतर राहत एवं बचाव उपाय करने के साथ ही जरूरी आपात उपायों में भी सहायता मिल सकेगी। इरीन तूफान को तट की तरफ बढ़ता देख फ्लोरिडा, उत्तरी कैरोलीना, वर्जीनिया, मैरीलैंड, डेलवेयर, न्यूजर्सी, कनैक्टीकट और न्यूयार्क के गवर्नरों ने पहले ही आपातकाल की घोषणा कर दी थी। तूफान के बारे में अब तक मिली जानकारी से पता चला है कि इससे पूर्वी अमेरिका के काफी बड़े इलाके में पानी का स्तर चार से 10 फुट तक बढ़ सकता है, जिसका पूर्वी कैरोलीना, वर्जीनिया और वाशिंगटन से गुजरने वाली पोटोमैक नदी पर विनाशकारी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
संक्षिप्त पाठ: पूर्वी तट की तरफ बढ़ते तूफान 'इरीन' से निपटने के उपाय करने एवं जानमाल की सुरक्षा के प्रयास करने का अधिकार देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या मामले की जांच कर रही पुलिस ने कहा कि उनकी हत्या तेल माफिया से जुड़े लोगों का काम हो सकता है। उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शहर की पुलिस को इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा है। उपनगरीय पवई में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा डे की हत्या किए जाने से पूरा मीडिया जगत स्तब्ध है। इस विषय पर मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने आवास पर आपात बैठक बुलाई और जांच कार्यों का जायजा लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया, हम सभी बिन्दुओं से इस मामले की जांच कर रहे हैं। लेकिन हमारी जांच की दिशा तेल माफिया से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना की लाइन पर है। अधिकारी ने कहा, हमारे पर इस बात पर विश्वास करने का कारण है कि हत्यारों को मुंबई या महाराष्ट्र से बाहर से लाया गया। उन्होंने कहा कि अपराध शाखा की चार टीम बनाई गई है और इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हत्या हुई, उससे स्पष्ट होता है कि हत्यरों ने पत्रकारों को समाप्त करने की सुनियोजित योजना बनाई थी। बहरहाल, डे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें पांच गोलियां लगीं, जिनमें से चार शरीर को पार कर गई। एक गोली सीने में फंस गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या मामले की जांच कर रही पुलिस ने कहा कि उनकी हत्या तेल माफिया से जुड़े लोगों का काम हो सकता है।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में गया के छात्र आदित्य सचदेव की हत्या के आरोपी जेडीयू की निलंबित एमएलसी मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव की पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने रॉकी यादव को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, आदित्य को किस तरह के जख्म थे? बिहार सरकार ने कोर्ट में कहा, आदित्य को गोली ही मारी गई, बैलेस्टिक रिपोर्ट से ये साफ हो गया है. ये ओपन एंड शट केस है, रॉकी यादव की जमानत फौरन रद्द होनी चाहिए.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि गया में चर्चित रोडरेज मामले में मुख्य आरोपी रॉकी यादव की जमानत के खिलाफ दायर बिहार सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाईं की. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने आदित्य हत्याकांड मामले में रॉकी यादव को जमानत दे दी थी. बिहार सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की थी. गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट से रॉकी यादव को जमानत मिलने के बाद आदित्य सचदेव के परिजनों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई थी कि इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू से निलंबित पार्षद मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत 8 मई को गिरफ्तार करने के साथ ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने रॉकी यादव को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, आदित्य को किस तरह के जख्म थे? बिहार सरकार ने कोर्ट में कहा, आदित्य को गोली ही मारी गई, बैलेस्टिक रिपोर्ट से ये साफ हो गया है. ये ओपन एंड शट केस है, रॉकी यादव की जमानत फौरन रद्द होनी चाहिए.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि गया में चर्चित रोडरेज मामले में मुख्य आरोपी रॉकी यादव की जमानत के खिलाफ दायर बिहार सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाईं की. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने आदित्य हत्याकांड मामले में रॉकी यादव को जमानत दे दी थी. बिहार सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की थी. गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट से रॉकी यादव को जमानत मिलने के बाद आदित्य सचदेव के परिजनों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई थी कि इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू से निलंबित पार्षद मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत 8 मई को गिरफ्तार करने के साथ ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. बिहार सरकार ने कोर्ट में कहा, आदित्य को गोली ही मारी गई, बैलेस्टिक रिपोर्ट से ये साफ हो गया है. ये ओपन एंड शट केस है, रॉकी यादव की जमानत फौरन रद्द होनी चाहिए.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि गया में चर्चित रोडरेज मामले में मुख्य आरोपी रॉकी यादव की जमानत के खिलाफ दायर बिहार सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाईं की. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने आदित्य हत्याकांड मामले में रॉकी यादव को जमानत दे दी थी. बिहार सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की थी. गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट से रॉकी यादव को जमानत मिलने के बाद आदित्य सचदेव के परिजनों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई थी कि इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू से निलंबित पार्षद मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत 8 मई को गिरफ्तार करने के साथ ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. उल्लेखनीय है कि गया में चर्चित रोडरेज मामले में मुख्य आरोपी रॉकी यादव की जमानत के खिलाफ दायर बिहार सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाईं की. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने आदित्य हत्याकांड मामले में रॉकी यादव को जमानत दे दी थी. बिहार सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की थी. गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट से रॉकी यादव को जमानत मिलने के बाद आदित्य सचदेव के परिजनों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई थी कि इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू से निलंबित पार्षद मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत 8 मई को गिरफ्तार करने के साथ ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट से रॉकी यादव को जमानत मिलने के बाद आदित्य सचदेव के परिजनों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई थी कि इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू से निलंबित पार्षद मनोरमा देवी और राजद के बाहुबली नेता बिंदी यादव के पुत्र रॉकी यादव को आदित्य हत्या मामले में गत 8 मई को गिरफ्तार करने के साथ ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.
यह एक सारांश है: सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी कोर्ट में बिहार सरकार ने रॉकी की जमानत रद्द करने की मांग की बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस केस का ट्रायल अहम दौर में है
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेलिब्रिटी रियलिटी शो 'बिग बॉस' में सोमवार के एपिसोड में इस सप्ताह के एलिमिनेशन के लिए नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी की गई. सबसे पहले 'बिग बॉस' ने घरवालों से कहा कि उन्हें आपसी सहमति से प्रियंका जग्गा, साहिल आनंद और जेसन शाह में से किसी एक वाइल्ड कार्ड सदस्य को नॉमिनेट करना था. इसके बाद आपस में चर्चा करने के बाद घरवालों ने प्रियंका जग्गा को नॉमिनेट किया.टिप्पणियां घरवालों द्वारा चुने जाने के बाद प्रियंका जग्गा रोने लगीं और उन्होंने घरवालों से कहा कि वे उनके साथ बुरा कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि घरवालों को लगता है कि वह स्ट्रॉन्ग प्रतिभागी हैं और इसलिए वे उन्हें घर से बाहर करना चाहते हैं. इसके बाद उन्होंने बानी पर अनफेयर गेम खेलने का आरोप लगाया. जब बानी ने कहा कि उन्हें साहिल पसंद हैं और प्रियंका की तुलना में उन्होंने जेसन को चुना तो इसमें अनफेयर क्या है. इस पर प्रियंका चिल्लाने लगीं कि अब वह अपना गेम खेलेंगी और दुनिया को दिखाएंगी कि मजा क्या होता है.   प्रियंका लगातार रोती रहीं कि सेलेब्स के साथ अच्छी बनके रहने का उन्हें इतना बुरा फल मिला, इस पर मनवीर ने उन्हें समझाया कि उन्हें अच्छा या बुरा बनने की कोशिश करने की बजाए जैसी वह हैं वैसी ही रहना चाहिए. नितिभा ने भी कहा कि प्रियंका बदल गई हैं. कुछ घंटों बाद बेड पर लेटकर रोती प्रियंका को बानी ने चुप कराने की कोशिश की लेकिन वह कुछ भी मानने को तैयार नहीं हुईं. जब बिग बॉस ने सभी घरवालों को लिविंग एरिया में आने के लिए कहा तो प्रियंका ने कहा कि उन्हें गेम नहीं खेलना और घर जाना है. इसके बाद मनवीर उन्हें मनाने आए, बिग बॉस ने दोबारा अनाउंस किया लेकिन फिर भी वह नहीं आईं. इसके बाद बिग बॉस ने उन्हें कन्फेशन रूम में बुलाकर अपने निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी जब प्रियंका ने बिग बॉस से कहा कि उनके साथ ऐसा न करें तो उन्हें बिग बॉस से बहस न करने की हिदायत दी गई.   नॉमिनेशन के लिए बिग बॉस ने घरवालों से कहा कि वे प्रियंका और घर के कप्तान गौरव को छोड़कर घर के किसी दो सदस्य को नॉमिनेट कर सकते हैं. इस प्रक्रिया के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि बिग बॉस ने एक साथ सात सदस्यों प्रियंका जग्गा, बानी जे, रोहन मेहरा, साहिल आनंद, नितिभा कौल, लोपामुद्रा राउत और मनवीर गुर्जर को एविक्शन के लिए नॉमिनेट किया. यानी इस सप्ताह केवल गौरव चोपड़ा, जेसन शाह और मोनालीसा सुरक्षित हैं. घरवालों द्वारा चुने जाने के बाद प्रियंका जग्गा रोने लगीं और उन्होंने घरवालों से कहा कि वे उनके साथ बुरा कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि घरवालों को लगता है कि वह स्ट्रॉन्ग प्रतिभागी हैं और इसलिए वे उन्हें घर से बाहर करना चाहते हैं. इसके बाद उन्होंने बानी पर अनफेयर गेम खेलने का आरोप लगाया. जब बानी ने कहा कि उन्हें साहिल पसंद हैं और प्रियंका की तुलना में उन्होंने जेसन को चुना तो इसमें अनफेयर क्या है. इस पर प्रियंका चिल्लाने लगीं कि अब वह अपना गेम खेलेंगी और दुनिया को दिखाएंगी कि मजा क्या होता है.   प्रियंका लगातार रोती रहीं कि सेलेब्स के साथ अच्छी बनके रहने का उन्हें इतना बुरा फल मिला, इस पर मनवीर ने उन्हें समझाया कि उन्हें अच्छा या बुरा बनने की कोशिश करने की बजाए जैसी वह हैं वैसी ही रहना चाहिए. नितिभा ने भी कहा कि प्रियंका बदल गई हैं. कुछ घंटों बाद बेड पर लेटकर रोती प्रियंका को बानी ने चुप कराने की कोशिश की लेकिन वह कुछ भी मानने को तैयार नहीं हुईं. जब बिग बॉस ने सभी घरवालों को लिविंग एरिया में आने के लिए कहा तो प्रियंका ने कहा कि उन्हें गेम नहीं खेलना और घर जाना है. इसके बाद मनवीर उन्हें मनाने आए, बिग बॉस ने दोबारा अनाउंस किया लेकिन फिर भी वह नहीं आईं. इसके बाद बिग बॉस ने उन्हें कन्फेशन रूम में बुलाकर अपने निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी जब प्रियंका ने बिग बॉस से कहा कि उनके साथ ऐसा न करें तो उन्हें बिग बॉस से बहस न करने की हिदायत दी गई.   नॉमिनेशन के लिए बिग बॉस ने घरवालों से कहा कि वे प्रियंका और घर के कप्तान गौरव को छोड़कर घर के किसी दो सदस्य को नॉमिनेट कर सकते हैं. इस प्रक्रिया के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि बिग बॉस ने एक साथ सात सदस्यों प्रियंका जग्गा, बानी जे, रोहन मेहरा, साहिल आनंद, नितिभा कौल, लोपामुद्रा राउत और मनवीर गुर्जर को एविक्शन के लिए नॉमिनेट किया. यानी इस सप्ताह केवल गौरव चोपड़ा, जेसन शाह और मोनालीसा सुरक्षित हैं. जब बिग बॉस ने सभी घरवालों को लिविंग एरिया में आने के लिए कहा तो प्रियंका ने कहा कि उन्हें गेम नहीं खेलना और घर जाना है. इसके बाद मनवीर उन्हें मनाने आए, बिग बॉस ने दोबारा अनाउंस किया लेकिन फिर भी वह नहीं आईं. इसके बाद बिग बॉस ने उन्हें कन्फेशन रूम में बुलाकर अपने निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी जब प्रियंका ने बिग बॉस से कहा कि उनके साथ ऐसा न करें तो उन्हें बिग बॉस से बहस न करने की हिदायत दी गई.   नॉमिनेशन के लिए बिग बॉस ने घरवालों से कहा कि वे प्रियंका और घर के कप्तान गौरव को छोड़कर घर के किसी दो सदस्य को नॉमिनेट कर सकते हैं. इस प्रक्रिया के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि बिग बॉस ने एक साथ सात सदस्यों प्रियंका जग्गा, बानी जे, रोहन मेहरा, साहिल आनंद, नितिभा कौल, लोपामुद्रा राउत और मनवीर गुर्जर को एविक्शन के लिए नॉमिनेट किया. यानी इस सप्ताह केवल गौरव चोपड़ा, जेसन शाह और मोनालीसा सुरक्षित हैं.
यहाँ एक सारांश है:घरवालों ने एकमत होकर प्रियंका जग्गा को नॉमिनेट किया. नॉमिनेशन बर्दाश्त नहीं कर पाईं प्रियंका, बानी से की लड़ाई. गुस्से में दो बार 'बिग बॉस' के निर्देशों का उल्लंघन किया.
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अनशन के दौरान कोमा में गए हरिद्वार स्थित मातृ सदन आश्रम के साधु निगमानंद की सोमवार को जालीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में मृत्यु हो गई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 36 वर्षीय निगमानंद गंगा में चुगान को बंद करने तथा हिमालयन स्टोन क्रशर को कुंभ क्षेत्र से हटाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने गत 19 फरवरी को अनशन शुरू किया था और दो मई को कोमा में चले गए थे, तभी से वह कोमा में ही थे। हरिद्वार के जिलाधिकारी आर मीनाक्षीसुंदरम ने बताया कि निगमानंद की मृत्यु हिमालयन अस्पताल में हो गई। उन्होंने कहा कि निगमानंद के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा क्योंकि उनके कुछ समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें जहर दिया गया था। मातृ सदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद ने हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ पीके भटनागर और क्रशर के मालिक ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोतवाली थाने में गत 11 मई को शिकायत दर्ज करायी थी कि गत 30 अप्रैल को इलाज के दौरान निगमानंद को जहर दे दिया गया था जिसके चलते वह दो मई को कोमा में चले गए थे।
संक्षिप्त सारांश: 36 वर्षीय निगमानंद गंगा में चुगान को बंद करने तथा हिमालयन स्टोन क्रशर को कुंभ क्षेत्र से हटाने की मांग कर रहे थे।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Rafale Case : सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में राफेल(Rafale) से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई(CJI Ranjan Gogoi) ने सोमवार को कहा कि वह हैरान हैं कि इससे जुड़े मामलों की तिथियां कैसे बदल गईं. सीजेआई का एतराज इस बात पर था कि राफेल पर पूर्व में आए फैसले की समीक्षा के लिए दाखिल पुनर्विचार याचिका और राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई को लेकर अलग-अलग तिथियां कैसे लग गईं. जबकि पूर्व में बेंच ने स्पष्ट कहा था कि दोनों मामलों की सुनवाई एक ही तिथि पर की जाएगी.प्रशांत भूषण की ओर से राफेल मामले में दाखिल रिव्यू याचिका सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से जुड़ी है, जिसमें फ्रेंच एविएशन फर्म दसॉल्ट के साथ 36 राफेल विमान सौदे की मंजूरी से जुड़े फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की गई है, वहीं अवमानना मामला, राहुल गांधी से जुड़ा है. दरअसल, राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली में गलत दावे करते हुए सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कह दिया था कि शीर्ष अदालत ने भी कहा है कि चौकीदार चोर है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ऐसा कुछ नहीं कहा था. राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट उन्हें नोटिस दे चुका है.  दरअसल, 30 अप्रैल को, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने केस की सुनवाई के दौरान ओपेन कोर्ट में कहा था कि राफेल ऑर्ड की समीक्षा और अवमानना से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई होगी. हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर इस आदेश की एक कॉपी भी पब्लिश हुई, जिसमें सोमवार को रिव्यू पिटीशन पर बात कही गई. जबकि राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई के लिए 10 मई की तारीख का उल्लेख किया गया, यह तारीख समर वैकेशन शुरू होने से एक दिन पहले की रही. जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ की पीठ ने भी अब 10 मई को दोपहर दो बजे सुनवाई के लिए दोनों मामलों को सूचीबद्ध किया है.  बहरहाल, सोमवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण  ने बेंच को बताया कि वह रिव्यू याचिका के पक्ष में बहस करने के लिए तैयार हैं.उन्होंने यह भी कहा कि उनके सह याचिकाकर्ता अरुण शौरी को एक अलग आवेदन के लिए अपनी दलीलें पेश करने की अनुमति दी जाए जो अज्ञात सरकारी सेवकों के लिए दंड की मांग करते हैं, जिन्होंने कथित  रूप से राफेल मामले की पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को गुमराह किया था. बता दें कि 14 दिसंबर 2018 को अपने फैसले में शीर्ष अदालत ने माना था कि फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू जेट विमानों की खरीद में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह का कोई कारण नहीं बनता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया.यह भी कहा कि इस बात का कोई पुख्ता सुबूत नहीं है कि मामले में किसी निजी संस्था को फायदा पहुंचाया गया.
संक्षिप्त सारांश: सुप्रीम कोर्ट में राफेल के दो मामलों की सुनवाई की तिथियां कैसे बदलीं चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- वह यह देखकर हैरान हैं राहुल के खिलाफ अवमानना और पुनर्विचार याचिका की एक साथ होनी थी सुनवाई
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान की सरकार दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में भगोड़ा घोषित किए जा चुके पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को वापस लाने के लिए इंटरपोल की मदद मांगेगा।टिप्पणियां मुशर्रफ पर आरोप है कि वह बेनजीर के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मुहैया करा पाने में नाकाम रहे थे। दिसंबर, 2007 में बेनजीर की हत्या कर दी गई थी। सिंध प्रांत में असेंबली के सदस्यों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा, ‘अदालत मुशर्रफ को पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है और अब सरकार रेड कार्नर नोटिस के लिए कदम उठा रही है। हम इंटरपोल के जरिए उन्हें यहां लाएंगे ताकि वह मुकदमे का सामना करें।’ उन्होंने कहा कि आतंकवादविरोधी अदालत की ओर से कई बार नोटिस जारी की गई, लेकिन मुशर्रफ यहां नहीं आए। उनको यहां लाने के प्रयास अब तक नाकाम रहे हैं और ऐसे में इंटरपोल की मदद ली जाएगी। मुशर्रफ पर आरोप है कि वह बेनजीर के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मुहैया करा पाने में नाकाम रहे थे। दिसंबर, 2007 में बेनजीर की हत्या कर दी गई थी। सिंध प्रांत में असेंबली के सदस्यों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा, ‘अदालत मुशर्रफ को पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है और अब सरकार रेड कार्नर नोटिस के लिए कदम उठा रही है। हम इंटरपोल के जरिए उन्हें यहां लाएंगे ताकि वह मुकदमे का सामना करें।’ उन्होंने कहा कि आतंकवादविरोधी अदालत की ओर से कई बार नोटिस जारी की गई, लेकिन मुशर्रफ यहां नहीं आए। उनको यहां लाने के प्रयास अब तक नाकाम रहे हैं और ऐसे में इंटरपोल की मदद ली जाएगी। सिंध प्रांत में असेंबली के सदस्यों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा, ‘अदालत मुशर्रफ को पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है और अब सरकार रेड कार्नर नोटिस के लिए कदम उठा रही है। हम इंटरपोल के जरिए उन्हें यहां लाएंगे ताकि वह मुकदमे का सामना करें।’ उन्होंने कहा कि आतंकवादविरोधी अदालत की ओर से कई बार नोटिस जारी की गई, लेकिन मुशर्रफ यहां नहीं आए। उनको यहां लाने के प्रयास अब तक नाकाम रहे हैं और ऐसे में इंटरपोल की मदद ली जाएगी।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान की सरकार दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में भगोड़ा घोषित किए जा चुके पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को वापस लाने के लिए इंटरपोल की मदद मांगेगा।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 10,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट में ग्राहकों की डिमांड को समझते हुए हैंडसेट निर्माता कंपनियों ने कई ऐसे स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं जिन्हें खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है। आज हम अपने लेख के माध्यम से आपको 10,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट में आने वाले बेस्ट स्मार्टफोन के बारे में बताएंगे। 10,000 रुपये के बजट में मिलने वाले बेस्ट स्मार्टफोन की लिस्ट में Xiaomi के Redmi Note 7 और Redmi 7 के अलावा Asus ब्रांड के ZenFone Max Pro M2 ने अपनी जगह बनाई है। हालंकि, इस प्राइस सेगमेंट में केवल यही स्मार्टफोन नहीं है। कई अन्य शानदार फोन भी हैं जो इस लिस्ट में शामिल है जैसे कि Realme U1 और Nokia 5.1 Plus। हमने केवल 8,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच आने वाले स्मार्टफोन पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। अगर आपका बजट 8,000 रुपये से कम है तो हमारे पुराने लेख को पढ़ें। 10,000 रुपये से कम में मिलने वाले बेस्ट स्मार्टफोन की इस लिस्ट में हमने केवल उन्हीं स्मार्टफोन को शामिल किया है जिन्हें हमने रिव्यू करके देखा है। आइए अब इन स्मार्टफोन के बारे में विस्तार से जानते हैं। 10,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट में Xiaomi का लेटेस्ट स्मार्टफोन है Redmi 7। यह हर उस उपभोक्ता के लिए एक बढ़िया विकल्प है, जिसके पास शाओमी की Redmi Note 7-सीरीज़ के पॉपुलर और पावरफुल फोन के लिए बजट नहीं है। रिव्यू में हमने पाया कि Redmi 7 की कुल मिलाकर परफॉर्मेंस अच्छी है और यह प्रभावशाली बैटरी के साथ आता है। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में Redmi फोन ने 17 घंटे से अधिक समय तक साथ दिया। फोन का कैमरा एक्सपोज़र को अच्छी तरह से हैंडल करता है और दिन की रोशनी में अच्छी तस्वीरें खींचता है। लेकिन सभी बजट स्मार्टफोन की तरह इसकी लो-लाइट परफॉर्मेंस भी कुछ खास अच्छी नहीं है। MIUI विज्ञापन भी एक और समस्या है। Xiaomi ने Redmi 7 के दो वेरिएंट उतारे हैं- 2 जीबी + 32 जीबी और 3 जीबी + 32 जीबी स्टोरेज के साथ। हम आपको इसके 3 जीबी रैम वेरिएंट को लेने की सलाह देंगे। जो भी ग्राहक किफायती स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं उनके लिए Galaxy M20 एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। सैमसंग ब्रांड के इस फोन की स्क्रीन ब्राइट और क्रिस्प है और इसके व्यूइंग एंगल भी अच्छे हैं। रिव्यू के दौरान गैलेक्सी एम20 की परफॉर्मेंस भी हमें पसंद आई। सैमसंग Galaxy M20 की बैटरी लाइफ भी काफी अच्छी है लेकिन हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में फोन में केवल 12 घंटे और 53 मिनट तक हमारा साथ दिया। फोन की कैमरा परफॉर्मेंस आपको निराशा कर सकती है। गैलेक्सी एम20 से खींची गई तस्वीरों में डिटेल और शार्पनेस की कमी लगी। लॉक-स्क्रीन पर विज्ञापनों की उपस्थिति भी आपको परेशान कर सकती है। Samsung Galaxy M20 के दो वेरिएंट उतारे गए हैं- 3 जीबी+ 32 जीबी और 4 जीबी + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट। हालांकि, इस प्राइस सेगमेंट में आपको केवल इसका 3 जीबी वेंरिएंट ही मिलेगा। शाओमी Redmi Note 7 (रिव्यू) ने पहले ही अपने आकर्षक स्पेसिफिकेशन और डिज़ाइन से बड़ी संख्या में ग्राहकों को प्रभावित किया है। हालांकि, मुख्य खासियतों में से एक इसका कैमरा सेटअप है जिसमें दो अलग-अलग सेंसर शामिल हैं। Redmi Note 7 के भारतीय वेरिएंट में 48 मेगापिक्सल का कैमरा नहीं है जो Redmi Note 7 Pro (रिव्यू) में दिया गया है। लेकिन फिर भी, फोन ने हमारे रिव्यू में बहुत अच्छा परफॉर्म किया। हमारे कैमरे सैंपल में कलर्स और डिटेल अच्छे से कैप्चर हुए, हालांकि शार्पनेस की कमी लगी। रेडमी नोट 7 के कैमरा ऐप में पहले से प्री-इंस्टॉल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इमारतों, पौधों और फूलों जैसी वस्तुओं को सही से डिटेक्ट कर लेता है। डेप्थ सेंसर भी पोर्टेट शॉट्स को एन्हांस करने का काम करता है। कम रोशनी में शूट करने के लिए फोन में नाइट मोड दिया गया है जो ISO को बदलकर तस्वीरों को ब्राइट बनाता है। Redmi Note 7 में टाइम-लैप्स और स्लो-मोशन जैसे मोड्स भी दिए गए हैं, रिव्यू के दौरान इन मोड्स ने अच्छा काम किया। पर्याप्त लाइट होने पर Redmi Note 7 से खींची गई सेल्फी अच्छी आईं। आप बोकेह इफेक्ट को भी जोड़ सकते हैं और हमारे रिव्यू के अनुसार इसका एज डिटेक्शन बुरा नहीं था। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में रेडमी नोट 7 ने 12 घंटे और 52 मिनट तक साथ दिया। पिछले साल नवंबर में लॉन्च होने के बाद से Realme U1  (रिव्यू) हमारे 15,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट में बेस्ट स्मार्टफोन रहा है। लेकिन हाल ही में कटौती के बाद अब 10,000 रुपये से कम के बजट वाले ग्राहक भी रियलमी यू1 को खरीद सकते हैं। Realme U1 की कीमत को देखते हुए इसके स्पेसिफिकेशन काफी प्रभावशाली हैं। Realme U1 का डिज़ाइन अच्छा है लेकिन फोन के बैक पैनल पर उंगलियों के निशान आसानी से पड़ जाते हैं। फोन में ब्राइट और क्रिस्प डिस्प्ले है और इसके व्यूइंग एंगल भी अच्छे हैं। Realme U1 में हीलियो पी70 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ अच्छी है। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में फोन ने 14 घंटे और 56 मिनट तक साथ दिया। Realme U1 में दिया डुअल कैमरा सेटअप पर्याप्त लाइट में अच्छी तस्वीरें खींचता है लेकिन लो-लाइट में कैमरा क्वालिटी कुछ खास अच्छी नहीं है। Realme U1 के दो वेरिएंट हैं- 3 जीबी + 32 जीबी और 4 जीबी + 64 जीबी स्टोरेज के साथ। हालांकि, इनमें से केवल एक ही वेरिएंट 10,000 रुपये से कम में उपलब्ध है। हालांकि, कंपनी अब रियलमी यू1 के 3 जीबी + 64 जीबी वेरिएंट की भी बेच रही है। HMD Global का नोकिया 5.1 प्लस हमारे 15,000 रुपये से कम के बेस्ट स्मार्टफोन की लिस्ट में भी अपनी जगह बना चुका है। लेकिन कीमत में कटौती के बाद अब Nokia 5.1 Plus ने 10,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट वाले बेस्ट स्मार्टफोन की लिस्ट में भी अपनी जगह बना ली है। नोकिया ब्रांड का यह फोन एंड्रॉयड वन प्लेटफॉर्म पर चलता है और यह प्रीमियम डिज़ाइन के साथ आता है। Nokia 5.1 Plus की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ भी अच्छी है। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में फोन ने 14 घंटे और 36 मिनट तक साथ दिया। नोकिया 5.1 प्लस में दिया डुअल कैमरा सेटअप में कुछ समस्याएं हैं जैसे कि कम रोशनी में फोन की कैमरा क्वालिटी कुछ खास अच्छी नहीं है। रिव्यू में हमने पाया कि नोकिया 5.1 प्लस लैंडस्केप शॉट्स में डिटेल को अच्छे से कैप्चर करता है। नोकिया 5.1 प्लस में एक समस्या है और वह यह है कि एलईडी फ्लैश के आसपास का एरिया जल्दी गर्म हो जाता है। HMD Global ने Nokia 5.1 Plus के दो वेरिएंट उतारे हैं- 3 जीबी + 32 जीबी और 4 जीबी + 64 जीबी स्टोरेज के साथ। हालांकि, 10,000 रुपये से कम के प्राइस सेगमेंट में आपको केवल इसका 3 जीबी रैम वेरिएंट मिलेगा। रिव्यू के दौरान हमने पाया कि ZenFone Max Pro M2 (रिव्यू) में ब्राइट और क्रिस्प डिस्प्ले है और इसके व्यूइंग एंगल भी अच्छे हैं। फोन में पावरफुल प्रोसेसर भी दिया गया है। स्टॉक एंड्रॉयड की मौजूदगी से ज़ेनफोन मैक्स प्रो एम2 की परफॉर्मेंस में भी मदद मिलती है। असूस ब्रांड के इस फोन की बैटरी लाइफ भी अच्छी है। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में फोन ने 17 घंटे और 58 मिनट तक साथ दिया। ZenFone Max Pro M2 की कैमरा क्षमता औसत है। फिगरप्रिंट सेंसर भी थोड़ा धीमा है लेकिन इस फोन में फेस अनलॉक सपोर्ट भी शामिल है। Asus ने ZenFone Max Pro M2 के तीन वेरिएंट उतारे हैं- 3 जीबी + 32 जीबी, 4 जीबी + 64 जीबी और 6 जीबी + 64 जीबी स्टोरेज के साथ। हालांकि इस प्राइस सेगमेंट में केवल 3 जीबी + 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट ही मिलेगा।
यहाँ एक सारांश है:Samsung Galaxy M20 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है Nokia 5.1 Plus में 5.86 इंच का डिस्प्ले है 25 मेगापिक्सल के सेल्फी कैमरे से लैस है Realme U1
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्लैकवुड ने चौथे दिन शानदार गेंदबाजी करने वाले मोहम्मद शमी पर दो चौके मारे और फिर इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में भी दो चौके और एक छक्का जड़ा। उन्होंने इसके बाद इशांत शर्मा पर चौके के साथ 25वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया और चेज के साथ अर्धशतकीय साझेदारी भी पूरी की। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने 28वें ओवर में पहली बार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को गेंदबाजी का मौका दिया। ब्लैकवुड ने इस स्पिनर का स्वागत चौके के साथ किया और फिर अगले ओवर में छक्के और एक रन के साथ 41 गेंद में मैच का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। ब्लैकवुड ने अश्विन के अगले ओवर में भी चौका जड़ा लेकिन इस ऑफ स्पिनर ने अपने अगले ओवर में ब्लैकवुड को पवेलियन भेज दिया। अश्विन की गेंद ब्लैकवुड के बल्ले का किनारा लेने के बाद पैड से टकराई और शार्ट लेग पर चेतेश्वर पुजारा ने बायीं ओर गोता लगाते हुए कैच लपक लिया। ब्लैकवुड ने 54 गेंद की अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के मारे। उसके बाद डाउरिच ने मिश्रा पर चौके के साथ खाता खोला जबकि चेज ने भी इस लेग स्पिनर पर चौका और छक्का मारा। चेज ने मिश्रा पर चौके के साथ अपने करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। चेज और डाउरिच ने 50वें ओवर में टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया। चाय के विश्राम के बाद डाउरिच ने उमेश यादव पर लगातार दो चौके मारे और इशांत की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। उन्होंने इशांत की गेंद पर एक रन के साथ 78 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।टिप्पणियां डाउरिच 53 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब मिश्रा की गेंद ने उनके बल्ले का किनारा लिया लेकिन पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे कैच नहीं लपक पाए। डाउरिच ने इसके बाद अश्विन पर छक्का मारा। उन्होंने मिश्रा पर भी चौका जड़ा लेकिन इस लेग स्पिनर की अगली गेंद पर पगबाधा हो गए। रीप्ले में हालांकि दिखा कि गेंद बल्ले से टकराने के बाद पैड पर लगी थी। डाउरिच ने 114 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा। चेज ने इसके बाद अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 175 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने 28वें ओवर में पहली बार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को गेंदबाजी का मौका दिया। ब्लैकवुड ने इस स्पिनर का स्वागत चौके के साथ किया और फिर अगले ओवर में छक्के और एक रन के साथ 41 गेंद में मैच का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। ब्लैकवुड ने अश्विन के अगले ओवर में भी चौका जड़ा लेकिन इस ऑफ स्पिनर ने अपने अगले ओवर में ब्लैकवुड को पवेलियन भेज दिया। अश्विन की गेंद ब्लैकवुड के बल्ले का किनारा लेने के बाद पैड से टकराई और शार्ट लेग पर चेतेश्वर पुजारा ने बायीं ओर गोता लगाते हुए कैच लपक लिया। ब्लैकवुड ने 54 गेंद की अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के मारे। उसके बाद डाउरिच ने मिश्रा पर चौके के साथ खाता खोला जबकि चेज ने भी इस लेग स्पिनर पर चौका और छक्का मारा। चेज ने मिश्रा पर चौके के साथ अपने करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। चेज और डाउरिच ने 50वें ओवर में टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया। चाय के विश्राम के बाद डाउरिच ने उमेश यादव पर लगातार दो चौके मारे और इशांत की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। उन्होंने इशांत की गेंद पर एक रन के साथ 78 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।टिप्पणियां डाउरिच 53 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब मिश्रा की गेंद ने उनके बल्ले का किनारा लिया लेकिन पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे कैच नहीं लपक पाए। डाउरिच ने इसके बाद अश्विन पर छक्का मारा। उन्होंने मिश्रा पर भी चौका जड़ा लेकिन इस लेग स्पिनर की अगली गेंद पर पगबाधा हो गए। रीप्ले में हालांकि दिखा कि गेंद बल्ले से टकराने के बाद पैड पर लगी थी। डाउरिच ने 114 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा। चेज ने इसके बाद अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 175 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। ब्लैकवुड ने अश्विन के अगले ओवर में भी चौका जड़ा लेकिन इस ऑफ स्पिनर ने अपने अगले ओवर में ब्लैकवुड को पवेलियन भेज दिया। अश्विन की गेंद ब्लैकवुड के बल्ले का किनारा लेने के बाद पैड से टकराई और शार्ट लेग पर चेतेश्वर पुजारा ने बायीं ओर गोता लगाते हुए कैच लपक लिया। ब्लैकवुड ने 54 गेंद की अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के मारे। उसके बाद डाउरिच ने मिश्रा पर चौके के साथ खाता खोला जबकि चेज ने भी इस लेग स्पिनर पर चौका और छक्का मारा। चेज ने मिश्रा पर चौके के साथ अपने करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। चेज और डाउरिच ने 50वें ओवर में टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया। चाय के विश्राम के बाद डाउरिच ने उमेश यादव पर लगातार दो चौके मारे और इशांत की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। उन्होंने इशांत की गेंद पर एक रन के साथ 78 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।टिप्पणियां डाउरिच 53 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब मिश्रा की गेंद ने उनके बल्ले का किनारा लिया लेकिन पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे कैच नहीं लपक पाए। डाउरिच ने इसके बाद अश्विन पर छक्का मारा। उन्होंने मिश्रा पर भी चौका जड़ा लेकिन इस लेग स्पिनर की अगली गेंद पर पगबाधा हो गए। रीप्ले में हालांकि दिखा कि गेंद बल्ले से टकराने के बाद पैड पर लगी थी। डाउरिच ने 114 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा। चेज ने इसके बाद अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 175 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। उसके बाद डाउरिच ने मिश्रा पर चौके के साथ खाता खोला जबकि चेज ने भी इस लेग स्पिनर पर चौका और छक्का मारा। चेज ने मिश्रा पर चौके के साथ अपने करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। चेज और डाउरिच ने 50वें ओवर में टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया। चाय के विश्राम के बाद डाउरिच ने उमेश यादव पर लगातार दो चौके मारे और इशांत की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। उन्होंने इशांत की गेंद पर एक रन के साथ 78 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।टिप्पणियां डाउरिच 53 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब मिश्रा की गेंद ने उनके बल्ले का किनारा लिया लेकिन पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे कैच नहीं लपक पाए। डाउरिच ने इसके बाद अश्विन पर छक्का मारा। उन्होंने मिश्रा पर भी चौका जड़ा लेकिन इस लेग स्पिनर की अगली गेंद पर पगबाधा हो गए। रीप्ले में हालांकि दिखा कि गेंद बल्ले से टकराने के बाद पैड पर लगी थी। डाउरिच ने 114 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा। चेज ने इसके बाद अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 175 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। चाय के विश्राम के बाद डाउरिच ने उमेश यादव पर लगातार दो चौके मारे और इशांत की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए। उन्होंने इशांत की गेंद पर एक रन के साथ 78 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।टिप्पणियां डाउरिच 53 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब मिश्रा की गेंद ने उनके बल्ले का किनारा लिया लेकिन पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे कैच नहीं लपक पाए। डाउरिच ने इसके बाद अश्विन पर छक्का मारा। उन्होंने मिश्रा पर भी चौका जड़ा लेकिन इस लेग स्पिनर की अगली गेंद पर पगबाधा हो गए। रीप्ले में हालांकि दिखा कि गेंद बल्ले से टकराने के बाद पैड पर लगी थी। डाउरिच ने 114 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा। चेज ने इसके बाद अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 175 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। डाउरिच 53 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब मिश्रा की गेंद ने उनके बल्ले का किनारा लिया लेकिन पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे कैच नहीं लपक पाए। डाउरिच ने इसके बाद अश्विन पर छक्का मारा। उन्होंने मिश्रा पर भी चौका जड़ा लेकिन इस लेग स्पिनर की अगली गेंद पर पगबाधा हो गए। रीप्ले में हालांकि दिखा कि गेंद बल्ले से टकराने के बाद पैड पर लगी थी। डाउरिच ने 114 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का जड़ा। चेज ने इसके बाद अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 175 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। चेज ने इसके बाद अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ 175 गेंद में अपने करियर का पहला शतक पूरा किया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चेज ने 50 साल पुराने गैरी सोबर्स के रिकॉर्ड की बराबरी की अंतिम दिन भारत केवल दो विकेट ही हासिल कर सका चेज 137 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के नंबर वन कॉमेडियन की उपलब्धि हासिल कर चुके कपिल शर्मा ने कभी सोचा नहीं होगा कि उनकी एक गलती उनके लिए इतनी भारी पड़ सकती है. ऑस्ट्रेलिया से भारत आते वक्त फ्लाइट में कथित तौर पर कपिल ने सुनील ग्रोवर पर चप्पल फेंका था, इसके साथ ही उन्होंने सुनील और टीम के अन्य सदस्यों को काफी बुरा भला भी कहा था. इस घटना के तुरंत बाद कपिल और सुनील ने ट्विटर पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर लिया था. झगड़े के बाद सुनील के साथ-साथ शो में नानी का किरदार निभाने वाले अली असगर, चंदू चायवाले का किरदार निभाने वाले चंदन प्रभाकर और विद्यावती की भूमिका निभानी वाली सुगंधा मिश्रा ने शो छोड़ दिया था. इस झगड़े के एक महीने बाद अब कपिल शर्मा ने ट्विटर पर अली असगर और चंदन प्रभाकर को भी अनफॉलो कर दिया. अभी तक कपिल और बाकी कलाकारों के करीबी दोस्त उनमें सुलह होने की उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन ट्विटर पर अनफॉलो करने के बाद यही माना जा रहा है कि उनके बीच का आखिरी तार भी अब टूट गया है. इस एक महीने में 'द कपिल शर्मा शो' की टीआरपी में काफी गिरावट आई है, यू-ट्यूब पर कपिल एपिसोड को अनलाइक करने वालों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है. सुनील को शो में वापस लाने के कपिल के सारे प्रयास विफल हो चुके हैं, कलाकारों की कमी के चलते कपिल को दो बार शूटिंग रद्द करनी पड़ी और सितारे शो में आने से कतराने लगे हैं. इस बीच खबरें आ रही हैं कि सोनी चैनल सुनील के साथ नया कॉमेडी शो लाने की तैयारी कर रहा है. टिप्पणियां इस बीच कपिल शर्मा की पिंकी बुआ यानी उपासना सिंह उनकी टीम में वापस शामिल हुई हैं. उन्होंने एक एपिसोड की शूटिंग पूरी कर ली है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में सुनील और कपिल के बीच सबकुछ ठीक होने की उम्मीद जताई थी, हालांकि अब ऐसा होना मुश्किल लग रहा है. उपासना के अलावा कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव भी कपिल शर्मा की टीम में शामिल हुए हैं. दूसरी तरफ डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी के रूप में अलग से परफॉर्म कर रहे हैं. इस महीने की शुरुआत में सुनील ने दिल्ली में एक लाइव शो किया था जो हाउस फुल रहा था, इसके अलावा उन्होंने सोनी के रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के ग्रांड फिनाले में भी परफॉर्म किया था. हाल ही में उन्होंने सनी लियोनी के साथ आईपीएल मैच की लाइव कमेंटरी भी की थी. अभी तक कपिल और बाकी कलाकारों के करीबी दोस्त उनमें सुलह होने की उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन ट्विटर पर अनफॉलो करने के बाद यही माना जा रहा है कि उनके बीच का आखिरी तार भी अब टूट गया है. इस एक महीने में 'द कपिल शर्मा शो' की टीआरपी में काफी गिरावट आई है, यू-ट्यूब पर कपिल एपिसोड को अनलाइक करने वालों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है. सुनील को शो में वापस लाने के कपिल के सारे प्रयास विफल हो चुके हैं, कलाकारों की कमी के चलते कपिल को दो बार शूटिंग रद्द करनी पड़ी और सितारे शो में आने से कतराने लगे हैं. इस बीच खबरें आ रही हैं कि सोनी चैनल सुनील के साथ नया कॉमेडी शो लाने की तैयारी कर रहा है. टिप्पणियां इस बीच कपिल शर्मा की पिंकी बुआ यानी उपासना सिंह उनकी टीम में वापस शामिल हुई हैं. उन्होंने एक एपिसोड की शूटिंग पूरी कर ली है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में सुनील और कपिल के बीच सबकुछ ठीक होने की उम्मीद जताई थी, हालांकि अब ऐसा होना मुश्किल लग रहा है. उपासना के अलावा कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव भी कपिल शर्मा की टीम में शामिल हुए हैं. दूसरी तरफ डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी के रूप में अलग से परफॉर्म कर रहे हैं. इस महीने की शुरुआत में सुनील ने दिल्ली में एक लाइव शो किया था जो हाउस फुल रहा था, इसके अलावा उन्होंने सोनी के रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के ग्रांड फिनाले में भी परफॉर्म किया था. हाल ही में उन्होंने सनी लियोनी के साथ आईपीएल मैच की लाइव कमेंटरी भी की थी. इस बीच कपिल शर्मा की पिंकी बुआ यानी उपासना सिंह उनकी टीम में वापस शामिल हुई हैं. उन्होंने एक एपिसोड की शूटिंग पूरी कर ली है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में सुनील और कपिल के बीच सबकुछ ठीक होने की उम्मीद जताई थी, हालांकि अब ऐसा होना मुश्किल लग रहा है. उपासना के अलावा कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव भी कपिल शर्मा की टीम में शामिल हुए हैं. दूसरी तरफ डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी के रूप में अलग से परफॉर्म कर रहे हैं. इस महीने की शुरुआत में सुनील ने दिल्ली में एक लाइव शो किया था जो हाउस फुल रहा था, इसके अलावा उन्होंने सोनी के रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के ग्रांड फिनाले में भी परफॉर्म किया था. हाल ही में उन्होंने सनी लियोनी के साथ आईपीएल मैच की लाइव कमेंटरी भी की थी. दूसरी तरफ डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी के रूप में अलग से परफॉर्म कर रहे हैं. इस महीने की शुरुआत में सुनील ने दिल्ली में एक लाइव शो किया था जो हाउस फुल रहा था, इसके अलावा उन्होंने सोनी के रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के ग्रांड फिनाले में भी परफॉर्म किया था. हाल ही में उन्होंने सनी लियोनी के साथ आईपीएल मैच की लाइव कमेंटरी भी की थी.
सारांश: पिछले महीने कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच फ्लाइट में हुआ था विवाद सुनील ग्रोवर, चंदन प्रभाकर और अली असगर ने छोड़ दिया है कपिल का शो कपिल शर्मा की टीम में शामिल हुए हैं राजू श्रीवास्तव और उपासना सिंह
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज उम्मीद जताई कि सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और चीन को प्रभावित करने में सक्षम होंगे. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ब्रिक्स देशों से हमारे विशिष्ट मेहमानों का हम गर्मजोशी से स्वागत करते हैं. ब्रिक्स दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और यह दुनिया की जीडीपी का 22 प्रतिशत निर्माण करता है. उम्मीद है कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित आतंकवाद के बारे में ब्रिक्स के अन्य सदस्यों को राजी करने में सक्षम होंगे.’’टिप्पणियां सिंह ने कई ट्विट कर कहा, ‘‘अगर चीन और रूस संयुक्त रूप से भारत में आतंकवाद अपराध के आकाओं और आरोपियों को भारत को सौंपने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे तो पाकिस्तान इससे इनकार नहीं कर सकेगा.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री अपनी भाषण कला से नेताओं को राजी करने में सक्षम होंगे. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘श्री मोदी क्या आप अपनी भाषण कला से उन्हें राजी करने में सक्षम होंगे? मुझे पूरी उम्मीद है कि आप ऐसा करेंगे. आपको शुभकामनाएं.’’ इस शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग और ब्राजील तथा दक्षिण अफ्रीका के नेता सम्मिलित होंगे. शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खतरों से मुकाबला और कारोबार एवं निवेश को बढ़ावा देने सहित कई अहम मुद्दों पर विचार किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान बढ़ते रूस-पाकिस्तान सैन्य संबंधों पर भारत के चिंता जताने की संभावना है और इस दौरान दोनों पक्ष रक्षा एवं परमाणु उर्जा के क्षेत्र में समझौतों पर हस्ताक्षर कर अपने ‘‘विशेष एवं विशिष्ट साझेदारी’’ को बढ़ावा देने पर विचार करेंगे. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ब्रिक्स देशों से हमारे विशिष्ट मेहमानों का हम गर्मजोशी से स्वागत करते हैं. ब्रिक्स दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और यह दुनिया की जीडीपी का 22 प्रतिशत निर्माण करता है. उम्मीद है कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित आतंकवाद के बारे में ब्रिक्स के अन्य सदस्यों को राजी करने में सक्षम होंगे.’’टिप्पणियां सिंह ने कई ट्विट कर कहा, ‘‘अगर चीन और रूस संयुक्त रूप से भारत में आतंकवाद अपराध के आकाओं और आरोपियों को भारत को सौंपने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे तो पाकिस्तान इससे इनकार नहीं कर सकेगा.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री अपनी भाषण कला से नेताओं को राजी करने में सक्षम होंगे. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘श्री मोदी क्या आप अपनी भाषण कला से उन्हें राजी करने में सक्षम होंगे? मुझे पूरी उम्मीद है कि आप ऐसा करेंगे. आपको शुभकामनाएं.’’ इस शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग और ब्राजील तथा दक्षिण अफ्रीका के नेता सम्मिलित होंगे. शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खतरों से मुकाबला और कारोबार एवं निवेश को बढ़ावा देने सहित कई अहम मुद्दों पर विचार किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान बढ़ते रूस-पाकिस्तान सैन्य संबंधों पर भारत के चिंता जताने की संभावना है और इस दौरान दोनों पक्ष रक्षा एवं परमाणु उर्जा के क्षेत्र में समझौतों पर हस्ताक्षर कर अपने ‘‘विशेष एवं विशिष्ट साझेदारी’’ को बढ़ावा देने पर विचार करेंगे. सिंह ने कई ट्विट कर कहा, ‘‘अगर चीन और रूस संयुक्त रूप से भारत में आतंकवाद अपराध के आकाओं और आरोपियों को भारत को सौंपने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे तो पाकिस्तान इससे इनकार नहीं कर सकेगा.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री अपनी भाषण कला से नेताओं को राजी करने में सक्षम होंगे. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘श्री मोदी क्या आप अपनी भाषण कला से उन्हें राजी करने में सक्षम होंगे? मुझे पूरी उम्मीद है कि आप ऐसा करेंगे. आपको शुभकामनाएं.’’ इस शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग और ब्राजील तथा दक्षिण अफ्रीका के नेता सम्मिलित होंगे. शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खतरों से मुकाबला और कारोबार एवं निवेश को बढ़ावा देने सहित कई अहम मुद्दों पर विचार किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान बढ़ते रूस-पाकिस्तान सैन्य संबंधों पर भारत के चिंता जताने की संभावना है और इस दौरान दोनों पक्ष रक्षा एवं परमाणु उर्जा के क्षेत्र में समझौतों पर हस्ताक्षर कर अपने ‘‘विशेष एवं विशिष्ट साझेदारी’’ को बढ़ावा देने पर विचार करेंगे. इस शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग और ब्राजील तथा दक्षिण अफ्रीका के नेता सम्मिलित होंगे. शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खतरों से मुकाबला और कारोबार एवं निवेश को बढ़ावा देने सहित कई अहम मुद्दों पर विचार किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान बढ़ते रूस-पाकिस्तान सैन्य संबंधों पर भारत के चिंता जताने की संभावना है और इस दौरान दोनों पक्ष रक्षा एवं परमाणु उर्जा के क्षेत्र में समझौतों पर हस्ताक्षर कर अपने ‘‘विशेष एवं विशिष्ट साझेदारी’’ को बढ़ावा देने पर विचार करेंगे.
संक्षिप्त पाठ: गोवा में आज से दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन, 11 देश हो रहे शामिल सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने पर बोले दिग्विजय सिंह उम्मीद है पाक के खिलाफ रूस और चीन को प्रभावित करने में सक्षम होंगे पीएम
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जांच एजेंसी सीबीआई के निदेशक एपी सिंह ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और एजेंसी के भविष्य पर अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। कहा जा रहा है कि नए लोकपाल बिल के मुताबिक एक नौ सदस्यीय समिति वाली एजेंसी सरकारी अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार की जांच करेंगे। इस जांच के लिए सीबीआई का प्रयोग किया जाएगा। लेकिन सीबीआई पर लोकपाल का कितना अधिकार होगा यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। इसी मुद्दे पर अभी तक राजनीतिक दलों में एक राय नहीं बन पाई है। सूत्र बता रहे हैं कि सीबीआई प्रमुख ने पीएम से कहा है कि वह लोकपाल को अपने नए बॉस के रूप में स्वीकार करते हैं लेकिन तब लोकपाल के पर्यवेक्षक की भूमिका ही निभाए। सीबीआई यह भी चाहती है कि सारी वित्तीय, प्रशासनिक और कानूनी अधिकार वर्तमान की भांति सीबीआई के निदेशक के पास ही रहें। गौरतलब है कि यही बात भाजपा ने भी कही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई के निदेशक एपी सिंह ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और एजेंसी के भविष्य पर अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकपाल मुद्दे पर विचार करने वाली संसद की स्थायी समिति से अपने आपको अलग करने की पेशकश करने वाले कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी को इस समिति में बनाए रखा जाएगा। गौरतलब है कि इस समिति का गठन अगले कुछ दिनों में कर लिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने कार्मिक, लोक शिकायतें, कानून और विधि मामलों पर अभिषेक सिंघवी की अध्यक्षता वाली समिति में अपने सभी पुराने सदस्यों को रखने का फैसला किया है जो इस जटिल मुद्दे पर गौर कर रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तिवारी और अन्य सभी सदस्यों को समिति के दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा नामांकित करने का फैसला किया गया है लेकिन इन नामों को तभी आधिकारिक तौर पर पेश किया जाएगा जब लोकसभा अध्यक्ष इस समिति का दोबारा पुनर्गठन करेंगी। समिति में कांग्रेस के दस सदस्य हैं। पार्टी पुनर्गठित समिति में एक नए सदस्य का नामांकन करेगी क्योंकि समिति की पूर्ववर्ती अध्यक्ष जयंती नटराजन जुलाई में हुए मंत्रिमंडलीय फेरबदल में मंत्री बन जाने के कारण इसकी सदस्य नहीं रह जाएंगी।
लोकपाल पर विचार करने वाली संसद की स्थायी समिति से अपने आपको अलग करने की पेशकश करने वाले मनीष तिवारी को इस समिति में बनाए रखा जाएगा।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक का मानना है कि सोने के आयात को हतोत्साहित करने के लिए हाल में उठाए गए कदमों से इस वित्त वर्ष 2013-14 में चालू खाते का घाटा (कैड) नीचे आएगा। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर जिंस कीमतों में कमी से भी इसे नीचे लाने में मदद मिलेगी। रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में आज कहा, वैश्विक स्तर पर जिंस कीमतों में नरमी तथा सोने के आयात को हतोत्साहित करने के लिए हाल में उठाए गए कदमों से 2013-14 में चालू खाते के घाटे को मौजूदा स्तर से नीचे लाने में मदद मिलेगी। किसी अवधि में विदेश के साथ सामान्य लेन देन में देनदारी अधिक होने की स्थिति चालू खाते का घाटा है। 2012-13 में इसके सकल घरेलू उत्पाद का 5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में यह 6.7 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक ने कहा कि सोने की सीजनल या त्योहारी मांग की वजह से अप्रैल-मई में व्यापार घाटा बढ़ा है। केंद्रीय बैंक ने कहा, उपलब्ध साक्ष्यों से पता चलता है कि जून में सोने का आयात घटेगा। आज जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई में व्यापार घाटा बढ़कर 20.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो एक माह पहले 17.8 अरब डॉलर पर था। मई में सोने और चांदी का आयात कुल मिलाकर लगभग 90 प्रतिशत बढ़कर 8.4 अरब डॉलर रहा। इस बार अप्रैल-मई में कुल मिलाकर बहुमूल्य धातुओं का आयात 15.88 अरब डॉलर रहा। टिप्पणियां सरकार एक साल में सोने पर आयात शुल्क तीन बार बढ़ा चुकी है। हाल में इसे दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत किया गया है। रिजर्व बैंक ने भी बैंकों के सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि मुख्य चुनौती चालू खाते के घाटे को टिकाउ स्तर पर लाने की होगी। सोने के भारी आयात से देश के चालू खाते के घाटे पर दबाव बना है, जिससे रुपये का मूल्य प्रभावित हो रहा है। रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में आज कहा, वैश्विक स्तर पर जिंस कीमतों में नरमी तथा सोने के आयात को हतोत्साहित करने के लिए हाल में उठाए गए कदमों से 2013-14 में चालू खाते के घाटे को मौजूदा स्तर से नीचे लाने में मदद मिलेगी। किसी अवधि में विदेश के साथ सामान्य लेन देन में देनदारी अधिक होने की स्थिति चालू खाते का घाटा है। 2012-13 में इसके सकल घरेलू उत्पाद का 5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में यह 6.7 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक ने कहा कि सोने की सीजनल या त्योहारी मांग की वजह से अप्रैल-मई में व्यापार घाटा बढ़ा है। केंद्रीय बैंक ने कहा, उपलब्ध साक्ष्यों से पता चलता है कि जून में सोने का आयात घटेगा। आज जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई में व्यापार घाटा बढ़कर 20.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो एक माह पहले 17.8 अरब डॉलर पर था। मई में सोने और चांदी का आयात कुल मिलाकर लगभग 90 प्रतिशत बढ़कर 8.4 अरब डॉलर रहा। इस बार अप्रैल-मई में कुल मिलाकर बहुमूल्य धातुओं का आयात 15.88 अरब डॉलर रहा। टिप्पणियां सरकार एक साल में सोने पर आयात शुल्क तीन बार बढ़ा चुकी है। हाल में इसे दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत किया गया है। रिजर्व बैंक ने भी बैंकों के सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि मुख्य चुनौती चालू खाते के घाटे को टिकाउ स्तर पर लाने की होगी। सोने के भारी आयात से देश के चालू खाते के घाटे पर दबाव बना है, जिससे रुपये का मूल्य प्रभावित हो रहा है। रिजर्व बैंक ने कहा कि सोने की सीजनल या त्योहारी मांग की वजह से अप्रैल-मई में व्यापार घाटा बढ़ा है। केंद्रीय बैंक ने कहा, उपलब्ध साक्ष्यों से पता चलता है कि जून में सोने का आयात घटेगा। आज जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई में व्यापार घाटा बढ़कर 20.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो एक माह पहले 17.8 अरब डॉलर पर था। मई में सोने और चांदी का आयात कुल मिलाकर लगभग 90 प्रतिशत बढ़कर 8.4 अरब डॉलर रहा। इस बार अप्रैल-मई में कुल मिलाकर बहुमूल्य धातुओं का आयात 15.88 अरब डॉलर रहा। टिप्पणियां सरकार एक साल में सोने पर आयात शुल्क तीन बार बढ़ा चुकी है। हाल में इसे दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत किया गया है। रिजर्व बैंक ने भी बैंकों के सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि मुख्य चुनौती चालू खाते के घाटे को टिकाउ स्तर पर लाने की होगी। सोने के भारी आयात से देश के चालू खाते के घाटे पर दबाव बना है, जिससे रुपये का मूल्य प्रभावित हो रहा है। सरकार एक साल में सोने पर आयात शुल्क तीन बार बढ़ा चुकी है। हाल में इसे दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत किया गया है। रिजर्व बैंक ने भी बैंकों के सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि मुख्य चुनौती चालू खाते के घाटे को टिकाउ स्तर पर लाने की होगी। सोने के भारी आयात से देश के चालू खाते के घाटे पर दबाव बना है, जिससे रुपये का मूल्य प्रभावित हो रहा है। रिजर्व बैंक ने कहा कि मुख्य चुनौती चालू खाते के घाटे को टिकाउ स्तर पर लाने की होगी। सोने के भारी आयात से देश के चालू खाते के घाटे पर दबाव बना है, जिससे रुपये का मूल्य प्रभावित हो रहा है।
यह एक सारांश है: भारतीय रिजर्व बैंक का मानना है कि सोने के आयात को हतोत्साहित करने के लिए हाल में उठाए गए कदमों से इस वित्त वर्ष 2013-14 में चालू खाते का घाटा (कैड) नीचे आएगा।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को प्रोफेसर के ‘महिला विरोधी' बयान की जांच करने और उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है. एनसीडब्ल्यू ने प्रोफेसर के इस ‘चौंका देने वाले महिला विरोधी बयान' पर स्वत: संज्ञान लिया और पश्चिम बंगाल के डीजीपी को मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने के लिए कहा. उन्होंने डीजीपी को आयोग को इस संबंध में अवगत कराने के लिए भी कहा. इसके साथ ही न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक महिला आयोग की टीम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से मुलाकात करेगी. प्रोफेसर ने फेसबुक पर सफाई देते हुए वह उसकी व्यक्तिगत पोस्ट थी और उसने अभिव्यक्ति की आजादी का जिक्र किया. उसने लिखा, 'मैंने किसी भी इंसान, व्यक्ति या किसी के खिलाफ बिना किसी सबूत या किसी संदर्भ के कुछ भी नहीं लिखा है. मैं सोशल रिसर्च कर रहा हूं और समाज की भलाई की के लिए लिख रहा हूं.' प्रोफेसर की पोस्ट को लेकर हुई आलोचना के बाद जाधवपुर यूनिवर्सिटी ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही. जाधवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सुरंजन दास ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, 'हम कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे.'
संक्षिप्त सारांश: आलोचना के बाद हटाई पोस्ट फेसबुक पोस्ट से मचा बवाल महिला आयोग ने की कार्रवाई की मांग
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या आज कल भारतीय टीम में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए सबकी वाहवाही लूट रहे हैं. बल्ला हो या गेंद हर किसी से विरोधी टीम के पसीने छुटा देने वाले हार्दिक ने हाल ही में अपना 24 वां जन्मदिन मनाया. पांड्या ने अपने बर्थडे का वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इसमें वह टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने टीम इंडिया को आड़े हाथों ले लिया. यूजर्स ने टीम इंडिया को भारत की गरीबी के बारे में बता दिया.   खिलाड़ियों ने पांड्या को केक लगाकर उनका बर्थडे सेलिब्रेट किया. वीडियो में वह शर्टलेस होकर केक काट रहे हैं, उनके पास टीम इंडिया के खिलाड़ी भी खड़े हैं. उसी दिन पांड्या के साथ-साथ टीम इंडिया के बैटिंग कोच संजय बांगर और फिजियो पैट्रिक फारहार्ट का भी जन्मदिन था. टिप्पणियां पांड्या के केक काटते ही अक्षर पटेल, मनीष पांडे और यजुवेंद्र चहल उनके चेहरे और पूरे शरीर पर केक लगा देते हैं, जबकि साथ में खड़े धोनी वहां सबको कुछ बताते हुए नजर आ रहे हैं. वह व्हाइट तौलिया लपेटे हुए केक खा रहे हैं. रोहित शर्मा पांड्या को ऐसे केक फेंक मार रहे हैं, जैसे कि विकेट पर गेंद मारने की प्रैक्टिस कर रहे हों. दरअसल, 11 अक्टूबर को पांड्या ने अपना 24वां जन्मदिन मनाया था, जिसका वीडियो उन्होंने अब इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. साथ ही उन्होंने लिखा, 'सभी का जन्मदिन साल में एक बार आता है, जिसका बदला 'मीठा' होगा.' पांड्या के केक काटते ही अक्षर पटेल, मनीष पांडे और यजुवेंद्र चहल उनके चेहरे और पूरे शरीर पर केक लगा देते हैं, जबकि साथ में खड़े धोनी वहां सबको कुछ बताते हुए नजर आ रहे हैं. वह व्हाइट तौलिया लपेटे हुए केक खा रहे हैं. रोहित शर्मा पांड्या को ऐसे केक फेंक मार रहे हैं, जैसे कि विकेट पर गेंद मारने की प्रैक्टिस कर रहे हों. दरअसल, 11 अक्टूबर को पांड्या ने अपना 24वां जन्मदिन मनाया था, जिसका वीडियो उन्होंने अब इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. साथ ही उन्होंने लिखा, 'सभी का जन्मदिन साल में एक बार आता है, जिसका बदला 'मीठा' होगा.' पांड्या के केक काटते ही अक्षर पटेल, मनीष पांडे और यजुवेंद्र चहल उनके चेहरे और पूरे शरीर पर केक लगा देते हैं, जबकि साथ में खड़े धोनी वहां सबको कुछ बताते हुए नजर आ रहे हैं. वह व्हाइट तौलिया लपेटे हुए केक खा रहे हैं. रोहित शर्मा पांड्या को ऐसे केक फेंक मार रहे हैं, जैसे कि विकेट पर गेंद मारने की प्रैक्टिस कर रहे हों. दरअसल, 11 अक्टूबर को पांड्या ने अपना 24वां जन्मदिन मनाया था, जिसका वीडियो उन्होंने अब इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. साथ ही उन्होंने लिखा, 'सभी का जन्मदिन साल में एक बार आता है, जिसका बदला 'मीठा' होगा.'
हार्दिक ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया बर्थडे वीडियो. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने टीम इंडिया को आड़े हाथों ले लिया. खिलाड़ियों ने पांड्या को केक लगाकर उनका बर्थडे सेलिब्रेट किया.
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गांधीवादी अन्ना हजारे की प्रभावी लोकपाल विधेयक बनाने के लिए शर्त के रूप में रखी गई तीन मांगों पर आखिरकार संसद भी शनिवार को सहमत हो गई। पिछले 12 दिनों से अनशन बैठे अन्ना हजारे मांगों पर सहमति जताते हुए संसद के दोनों सदनों ने इस सम्बंध में लाए गए प्रस्ताव को सैद्धांतिक तौर पर स्वीकार कर लिया और उसे संसद की स्थायी समिति के समक्ष भेजने का आग्रह किया। इसके बाद ही अन्ना हजारे का अनशन खत्म करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। लोकसभा में लाए गए प्रस्ताव पर आधे घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद सदन के नेता व केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "मैं समझता हूं कि सदन की भावना यह है कि वह सैद्धांतिक तौर पर राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति, लोकपाल के दायरे में सभी सरकारी कर्मचारियों को लाने और नागरिक चार्टर बनाने पर सहमत है।" मुखर्जी ने इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वह सदन की भावना के अनुरूप बनी सहमति के प्रस्ताव को स्थायी समिति को भेजें। मुखर्जी ने राज्यसभा में भी कमोबेश यही बातें दोहराई और उसके बाद सभापति से आग्रह किया कि सदन की भावना के अनुरूप बनी सहमति के प्रस्ताव को स्थायी समिति को भेजें। मुखर्जी ने इसके बाद अन्ना हजारे से अनशन तोड़ने का भी आग्रह किया। इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। अन्ना ने अनशन तोड़ने के लिए जन लोकपाल विधेयक के तीन प्रमुख बिंदुओं -लोकपाल की तरह राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति, लोकपाल के दायरे में सभी सरकारी कर्मचारियों को लाने और नागरिक चार्टर- पर सदन में प्रस्ताव पारित करने को कहा था। सुबह 11 बजे लोकसभा में सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने यह कहते हुए कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज चौराहे पर खड़ा है, अन्ना के तीनों प्रमुख मुद्दों सहित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रभावी लोकपाल के मुद्दे पर सदन में संवैधानिक दायरे में रहते हुए व्यावहारिक और निष्पक्ष चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद सुषमा स्वराज ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अन्ना हजारे के मांगों पर सहमति जताई और कहा, "अगर लोकपाल के दायरे में निचले स्तर के कर्मचारियों को नहीं लाया जाएगा, तो आम नागरिक अपने को ठगा महसूस करेगा।" इसके अलावा सुषमा ने लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को लाने का भी समर्थन किया। उन्होंने न्यायपालिका में पारदर्शिता के लिए अलग व्यवस्था का समर्थन किया। जनता दल-युनाइटेड (जद-यू) के नेता शरद यादव ने तीनों प्रमुख मुद्दे पर अपना समर्थन व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने अन्ना हजारे के सहयोगियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे अपनी वाणी को नियंत्रित रखें। उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञों का मजाक उड़ाने पर उन्हें बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार निरोधी प्रभावी लोकपाल विधेयक से सम्बंधित तीन मुख्य मांगों का सशर्त समर्थन किया। नागरिक चार्टर बनाने पर उन्होंने कहा कि सरकार इसे भी भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र में शामिल करने की कोशिश कर रही थी। निचले दर्जे के कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में लाने पर दीक्षित ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आम आदमी इन्हीं कर्मचारियों के जरिए सरकार से जुड़ता है। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता बासुदेव आचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी एक 'मजबूत और प्रभावी' लोकपाल विधेयक चाहती है और यह भी चाहती है कि कारपोरेट जगत के भ्रष्टाचार को इसके दायरे में लाया जाए। आचार्य ने कहा, "भ्रष्टाचार का कारपोरेट जगत, राजनेताओं और नौकरशाही से गठजोड़ है। पिछले राष्ट्रमंडल खेल के सिलसिले में हमने देखा किस तरह भ्रष्टाचार हुआ। इस गठजोड़ को तोड़ने की जरूरत है।" राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद कहा कि अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे को पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी सहित उनके सहयोगी गुमराह कर रहे हैं। बेदी की नजर आगामी आम चुनावों पर है। उन्होंने कहा, "हम संसद की सर्वोच्चता को एक इंच भी इधर से उधर करने की अनुमति नहीं देंगे। अन्ना हजारे जिन लोगों से घिरे हैं वे लोग उन्हें गुमराह कर रहे हैं। केजरीवाल हमें सिखा रहे हैं। उन्हें बताया जाए कि स्थायी समिति छोटी संसद है।" कुछ ऐसी ही स्थिति राज्यसभा में थी। यहां भी मुखर्जी के भाषण से चर्चा की शुरुआत हुई। विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के समर्थन में सामने आए लोगों की संख्या से स्पष्ट संकेत मिलता है कि लोग वर्तमान व्यवस्था से खुश नहीं हैं। माकपा के सीताराम येचुरी ने राज्यसभा में कहा, "अन्नाजी द्वारा रखी गईं तीन मांगों पर हम सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं। इन मांगों को लोकपाल विधेयक में शामिल किया जाए, लेकिन इन्हें भारतीय संविधान के अनुसार लागू किया जाए।" उन्होंने कहा कि देश के संघीय ढांचे को छेड़ा नहीं जाना चाहिए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गांधीवादी अन्ना हजारे की प्रभावी लोकपाल विधेयक बनाने के लिए शर्त के रूप में रखी गई तीन मांगों पर आखिरकार संसद भी शनिवार को सहमत हो गई।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति केटी थॉमस ने कहा कि इस विषय को बहुत ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि कॉलेजियम के चार वरिष्ठ जज आगे आए और अपनी बात रखी. उन्होंने अतीत में कॉलेजियम का हिस्सा रह चुके होने को याद करते हुए कहा कि उनसे (कॉलेजियम सदस्यों से) प्रधान न्यायाधीश हर अहम मुद्दों पर हमेशा ही परामर्श किया करते थे.  सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एन संतोष हेगड़े ने कहा कि वह इस घटनाक्रम से काफी निराश हैं, जिसने न्यायपालिका को ‘‘अपूर्णीय क्षति’’ पहुंचाई है. , उन्होंने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज होने के नाते मैं काफी निराश महसूस कर रहा हूं. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘कहीं ना कहीं, उन लोगों का उद्देश्य उचित है, (लेकिन) वे लोग मीडिया में जा कर जो राहत मांग रहे हैं... वह गलत है.  न्यायपालिका को हमेशा से ही एक परिवार माना जाता रहा है.’उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में बहुत दुखी महसूस कर रहा हूं। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि वे लोग (चार जज) कई चीजों से आहत हैं जो नहीं होनी चाहिए थी। ...लेकिन उन लोगों ने जो किया वह गलत है.’ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एन संतोष हेगड़े ने कहा कि वह इस घटनाक्रम से काफी निराश हैं, जिसने न्यायपालिका को ‘‘अपूर्णीय क्षति’’ पहुंचाई है. , उन्होंने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज होने के नाते मैं काफी निराश महसूस कर रहा हूं. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘कहीं ना कहीं, उन लोगों का उद्देश्य उचित है, (लेकिन) वे लोग मीडिया में जा कर जो राहत मांग रहे हैं... वह गलत है.  न्यायपालिका को हमेशा से ही एक परिवार माना जाता रहा है.’उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में बहुत दुखी महसूस कर रहा हूं। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि वे लोग (चार जज) कई चीजों से आहत हैं जो नहीं होनी चाहिए थी। ...लेकिन उन लोगों ने जो किया वह गलत है.’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा- 'दुखद' और 'दुर्भाग्यपूर्ण' न्यायमूर्ति केटी थॉमस ने मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत संतोष हेगड़े ने कहा- घटनाक्रम से काफी निराश हूं
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: वसंतकुंज से बुधवार को नरेला ओल्ड एज होम में शिफ्ट हुए बुजुर्गों में से एक शेर सिंह की मौत हो गई है। वह 55 साल के थे। दरअसल, लीज खत्म होने के बाद कई बुजुर्गों को वसंतकुंज के फार्म हाउस से बाहर निकाल दिया गया था और पिछले दो दिनों से सड़क पर थे। मीडिया में खबर आने के बाद सरकार ने इन बुजुर्गों की सुध ली थी और इन्हें नरेला के ओल्ड एज होम में शिफ्ट करवाया था। खबर है कि शेर सिंह पहले से ही बीमार चल रहे थे और बुधवार को शिप्ट होने के दौरान वह गिर गए थे।टिप्पणियां गौरतलब है कि 55 साल के शेर सिंह अपने परिवार से ठुकराए गए उन 135 लोगों में शामिल थे, जिन्हें बुधवार को वसंत कुंज से नरेला के ओल्ड एज होम में शिफ्ट किया गया था। ये वे लोग हैं, जिन्हें पहले तो परिवार ने नहीं अपनाया और फिर जिस घर में वे रह रहे थे, वह भी छिन गया। गौर करने वाली बात यह है कि नरेला में जिस जगह इन लाचार लोगों को शिफ्ट किया गया है वह दिल्ली में भिखारियों के लिए बनाया गया सरकारी घर है, जो कि कई सालों से बंद पड़ा था। ऐसे में यहां जाहिरतौर पर इन लाचार बीमार लोगों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं हैं। मीडिया में खबर आने के बाद सरकार ने इन बुजुर्गों की सुध ली थी और इन्हें नरेला के ओल्ड एज होम में शिफ्ट करवाया था। खबर है कि शेर सिंह पहले से ही बीमार चल रहे थे और बुधवार को शिप्ट होने के दौरान वह गिर गए थे।टिप्पणियां गौरतलब है कि 55 साल के शेर सिंह अपने परिवार से ठुकराए गए उन 135 लोगों में शामिल थे, जिन्हें बुधवार को वसंत कुंज से नरेला के ओल्ड एज होम में शिफ्ट किया गया था। ये वे लोग हैं, जिन्हें पहले तो परिवार ने नहीं अपनाया और फिर जिस घर में वे रह रहे थे, वह भी छिन गया। गौर करने वाली बात यह है कि नरेला में जिस जगह इन लाचार लोगों को शिफ्ट किया गया है वह दिल्ली में भिखारियों के लिए बनाया गया सरकारी घर है, जो कि कई सालों से बंद पड़ा था। ऐसे में यहां जाहिरतौर पर इन लाचार बीमार लोगों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं हैं। गौरतलब है कि 55 साल के शेर सिंह अपने परिवार से ठुकराए गए उन 135 लोगों में शामिल थे, जिन्हें बुधवार को वसंत कुंज से नरेला के ओल्ड एज होम में शिफ्ट किया गया था। ये वे लोग हैं, जिन्हें पहले तो परिवार ने नहीं अपनाया और फिर जिस घर में वे रह रहे थे, वह भी छिन गया। गौर करने वाली बात यह है कि नरेला में जिस जगह इन लाचार लोगों को शिफ्ट किया गया है वह दिल्ली में भिखारियों के लिए बनाया गया सरकारी घर है, जो कि कई सालों से बंद पड़ा था। ऐसे में यहां जाहिरतौर पर इन लाचार बीमार लोगों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं हैं। गौर करने वाली बात यह है कि नरेला में जिस जगह इन लाचार लोगों को शिफ्ट किया गया है वह दिल्ली में भिखारियों के लिए बनाया गया सरकारी घर है, जो कि कई सालों से बंद पड़ा था। ऐसे में यहां जाहिरतौर पर इन लाचार बीमार लोगों के लिए जरूरी इंतजाम नहीं हैं।
वसंतकुंज से बुधवार को नरेला ओल्ड एज होम में शिफ्ट हुए बुजुर्गों में से एक शेर सिंह की मौत हो गई है। वह 55 साल के थे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन के बिजनेस मैन पापा-बेटी इन दिनों चर्चा में हैं. इसकी वजह उनके द्वारा शुरू किया गया किताबों का बिजनेस. सालभर में उनकी किताब 'बिहाइंड मैजिक डोअर' की बिक्री में 40 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. 46 साल के रिचर्ड वार्नियर ने दो साल पहले नौकरी को अलविदा कह दिया था. वो आउटसोर्सिंग कंपनी में सेल्स डायरेक्टर थे. जब उन्होंने देखा कि बेटी निकोल की रुचि बच्चों के लिए कहानियां और परीकथाएं लिखने में है तो इस आइडिया को बिजनेस में बदलने का सोचा.  न्यूज एजेंसी एफपी के मुताबिक रिचर्ड बताते हैं 'उस वक्त निकोल 15 साल की थी. मेरे पास मौका था कि मैं उस जॉब को छोड़ दूं और कंपनी से कंपेंनसेशन पैकेज ले लूं. हालांकि इसमें रिस्क तो थी. पर काफी सोच-विचार के बाद मैंने, पत्नी और बेटी ने फैसला लिया कि हमें कुछ ऐसा करना चाहिए जो अलग हटकर हो. उस साल निकोल के स्कूल में छुटि्टयां लगते ही हमने लेखन का काम शुरू कर दिया. और इस दौरान काफी सारा कंटेंट जमा कर लिया. वैसे बच्चों की किताबों के लिए तो सिर्फ हजार शब्दों और करीब 30-32 फोटो की जरूरत होती है. पर हम कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहते थे. हमने 900 पेजेस का टारगेट रखा था क्योंकि हम हर चीज कवर करना चाहते थे जो बच्चों को रोचक लगे.' टिप्पणियां रिचर्ड के मुताबिक 'इस बुक के लिए हमने क्राउडफंडिंग वेबसाइट किकस्टार्टर कैंपेन भी लांच कर दिया. हालांकि हमें इसकी जरूरत नहीं थी. पैसे तो पर्याप्त थे. पर इस बहाने हमें खासा प्रचार मिल गया. जिसकी हमें ज्यादा जरूरत थी. हमने पहला ऑर्डर तो समय पर पूरा कर दिया. पर उसे साइट द्वारा बेचने का आइडिया मार्च-2016 तक ही चला. तब हमने इसे सही तरीके से बेचने के बारे में सोचा.  फिलहाल ऑनलाइन रिटेलर नॉट ऑन हाई स्ट्रीट के जरिए इसकी बिक्री हो रही है. 34 देशों में इसकी डिलीवरी हो रही है और इसके लिए कोई शिपिंग चार्ज भी नहीं देना होता. ब्रिटेन में इसकी डिलीवरी 5-7 दिन में हो रही है. वहां इसकी कीमत करीब 1600 रुपए है.'  न्यूज एजेंसी एफपी के मुताबिक रिचर्ड बताते हैं 'उस वक्त निकोल 15 साल की थी. मेरे पास मौका था कि मैं उस जॉब को छोड़ दूं और कंपनी से कंपेंनसेशन पैकेज ले लूं. हालांकि इसमें रिस्क तो थी. पर काफी सोच-विचार के बाद मैंने, पत्नी और बेटी ने फैसला लिया कि हमें कुछ ऐसा करना चाहिए जो अलग हटकर हो. उस साल निकोल के स्कूल में छुटि्टयां लगते ही हमने लेखन का काम शुरू कर दिया. और इस दौरान काफी सारा कंटेंट जमा कर लिया. वैसे बच्चों की किताबों के लिए तो सिर्फ हजार शब्दों और करीब 30-32 फोटो की जरूरत होती है. पर हम कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहते थे. हमने 900 पेजेस का टारगेट रखा था क्योंकि हम हर चीज कवर करना चाहते थे जो बच्चों को रोचक लगे.' टिप्पणियां रिचर्ड के मुताबिक 'इस बुक के लिए हमने क्राउडफंडिंग वेबसाइट किकस्टार्टर कैंपेन भी लांच कर दिया. हालांकि हमें इसकी जरूरत नहीं थी. पैसे तो पर्याप्त थे. पर इस बहाने हमें खासा प्रचार मिल गया. जिसकी हमें ज्यादा जरूरत थी. हमने पहला ऑर्डर तो समय पर पूरा कर दिया. पर उसे साइट द्वारा बेचने का आइडिया मार्च-2016 तक ही चला. तब हमने इसे सही तरीके से बेचने के बारे में सोचा.  फिलहाल ऑनलाइन रिटेलर नॉट ऑन हाई स्ट्रीट के जरिए इसकी बिक्री हो रही है. 34 देशों में इसकी डिलीवरी हो रही है और इसके लिए कोई शिपिंग चार्ज भी नहीं देना होता. ब्रिटेन में इसकी डिलीवरी 5-7 दिन में हो रही है. वहां इसकी कीमत करीब 1600 रुपए है.'  रिचर्ड के मुताबिक 'इस बुक के लिए हमने क्राउडफंडिंग वेबसाइट किकस्टार्टर कैंपेन भी लांच कर दिया. हालांकि हमें इसकी जरूरत नहीं थी. पैसे तो पर्याप्त थे. पर इस बहाने हमें खासा प्रचार मिल गया. जिसकी हमें ज्यादा जरूरत थी. हमने पहला ऑर्डर तो समय पर पूरा कर दिया. पर उसे साइट द्वारा बेचने का आइडिया मार्च-2016 तक ही चला. तब हमने इसे सही तरीके से बेचने के बारे में सोचा.  फिलहाल ऑनलाइन रिटेलर नॉट ऑन हाई स्ट्रीट के जरिए इसकी बिक्री हो रही है. 34 देशों में इसकी डिलीवरी हो रही है और इसके लिए कोई शिपिंग चार्ज भी नहीं देना होता. ब्रिटेन में इसकी डिलीवरी 5-7 दिन में हो रही है. वहां इसकी कीमत करीब 1600 रुपए है.'  फिलहाल ऑनलाइन रिटेलर नॉट ऑन हाई स्ट्रीट के जरिए इसकी बिक्री हो रही है. 34 देशों में इसकी डिलीवरी हो रही है और इसके लिए कोई शिपिंग चार्ज भी नहीं देना होता. ब्रिटेन में इसकी डिलीवरी 5-7 दिन में हो रही है. वहां इसकी कीमत करीब 1600 रुपए है.'
नौकरी छोड़कर बिजनेसमैन पिता ने बेटी के हुनर पर किया भरोसा 1600 रुपए है इस रोचक किताब की कीमत स्पेशली डिजाइन की गई है ताकि छोटे बच्चों को मजेदार लगे
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पीएम नरेंद्र मोदी ने आज फतेहपुर की विजय शंखनाद रैली में सूबे की सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकारी खजाने से धन लुटाकर, टीवी अखबारों में छाने का प्रयास कर यूपी की सपा सरकार ने सोचा था कि लोगों की आंख में धूल झोंकेंगे. लेकिन जनता सब कुछ जानती है. पीएम मोदी ने अखिलेश यादव सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार की मंशा जनता को समझ में आती है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को पुरखों के नाम का सहारा लेना पड़ रहा है. राहुल गांधी और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने 27 साल यूपी बेहाल का नारा दिया. उन्‍होंने गांव-गांव जाकर पाया कि कुछ हो नहीं पा रहा है. भारी प्रचार करने वालों को भी लगा पांच साल बीत गए जनता का विश्वास टूट गया. ऐसे में दोनों ने एक दूसरे का हाथ थामा ताकि डूबने से बच जाएं. पहले ही दिन रथ पर जब दोनों निकले तो रास्तों पर तार मिले. तारों के बीच में कांग्रेस उपाध्यक्ष डर रहे थे. वो झुक रहे थे. लेकिन अखिलेश जी नहीं डर रहे थे क्योंकि उन्हें पता था कि तार है बिजली नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि सपा पहले कहती थी कि किसी से समझौता नहीं होगा. 2/3 बहुमत से जीतेंगे. फिर दोनों लोग मिल गए और फिर कहने लगे कि बहुमत मिल जाएगा. लेकिन आज मतदान के बाद अखिलेश यादव का चेहरा लटका हुआ था. आवाज में दम नहीं था. डरे हुए थे, शब्द खोज रहे थे. लगा जैसे बाजी हार चुके हैं. आज कहने लगे हमारी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनेगी. पीएम मोदी ने कहा कि अभी तो तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ और हौसले पस्त हो गए. पीएम मोदी ने कहा कि जनता से धोखा देश बर्दाश्त नहीं करता है. पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कहा था कि सपा के राज में यूपी में थाने सपा का कार्यालय बन गए थे. क्योंकि पुलिस को मजबूर किया गया. पीएम मोदी ने कहा कि इस देश के सुप्रीम कोर्ट को यूपी को डांटना पड़ा कि गायत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर लिखो. इस राज्य में थाने का यह हाल था, बलात्कार करने वालों को खुली छूट होगी. न्याय पाने के लिए बहु बेटी को सुप्रीम कोर्ट पहुंचना पड़े. क्या यही काम है. क्या ऐसे काम करने के लिए सपा सरकार बनाई गई थी. ये काम है कि कारनामा....   पीएम मोदी ने कहा कि अखिलेश यादव ने गायत्री प्रजापति के चुनाव प्रचार से प्रचार आरंभ किया. यूपी में आज सबसे ज्यादा अपराध और दंगे हो रहे हैं. यूपी में कानून व्यवस्था प्राथमिकता नहीं रह गई है. पीएम मोदी ने कहा कि कानून व्यवस्था नहीं है तो ईमानदार, आम आदमी कैसे रहेगा. कैसे नौकरियां आएंगी, कैसे निवेश होगा. कैसे विकास होगा. लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना ही पड़ेगा. सरकार गरीब के लिए होती है, दलित के लिए होती है, पीड़ित के लिए होती है, वंचित के लिए होती है. पीएम मोदी ने कहा कि हर आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी होती है सरकार.   पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर मकान और जमीन पर गैरकानूनी कब्जा हो रहा है. गरीबों के जमीन मकान सुरक्षित नहीं हैं. लोगों के सपनों को लौटाना चाहते हैं. पीएम मोदी ने अपील की कि यूपी बीजेपी की सरकार को भारी बहुमत से विजयी बनाएं. इसके साथ ही कहा कि गांव में अगर कब्रिस्तान बनता है तो शमशान भी बनना चाहिए. रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए. होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए. जाति धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. ऊंच नीच नहीं होना चाहिए. सरकार का काम है भेदभाव मुक्त शासन चलाना. धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. अन्याय की जड़ों में भेदभाव है. दलित से पूछो तो वो बोलते हैं कि पूरा फायदा ओबीसी ले ले रहा है, ओबीसी से पूछो तो वो कहते हैं कि यह फायदा यादव ले रहे हैं. बाकी सब मुसलमानों को चला जा रहा है.टिप्पणियां इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. पहले ही दिन रथ पर जब दोनों निकले तो रास्तों पर तार मिले. तारों के बीच में कांग्रेस उपाध्यक्ष डर रहे थे. वो झुक रहे थे. लेकिन अखिलेश जी नहीं डर रहे थे क्योंकि उन्हें पता था कि तार है बिजली नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि सपा पहले कहती थी कि किसी से समझौता नहीं होगा. 2/3 बहुमत से जीतेंगे. फिर दोनों लोग मिल गए और फिर कहने लगे कि बहुमत मिल जाएगा. लेकिन आज मतदान के बाद अखिलेश यादव का चेहरा लटका हुआ था. आवाज में दम नहीं था. डरे हुए थे, शब्द खोज रहे थे. लगा जैसे बाजी हार चुके हैं. आज कहने लगे हमारी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनेगी. पीएम मोदी ने कहा कि अभी तो तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ और हौसले पस्त हो गए. पीएम मोदी ने कहा कि जनता से धोखा देश बर्दाश्त नहीं करता है. पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कहा था कि सपा के राज में यूपी में थाने सपा का कार्यालय बन गए थे. क्योंकि पुलिस को मजबूर किया गया. पीएम मोदी ने कहा कि इस देश के सुप्रीम कोर्ट को यूपी को डांटना पड़ा कि गायत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर लिखो. इस राज्य में थाने का यह हाल था, बलात्कार करने वालों को खुली छूट होगी. न्याय पाने के लिए बहु बेटी को सुप्रीम कोर्ट पहुंचना पड़े. क्या यही काम है. क्या ऐसे काम करने के लिए सपा सरकार बनाई गई थी. ये काम है कि कारनामा....   पीएम मोदी ने कहा कि अखिलेश यादव ने गायत्री प्रजापति के चुनाव प्रचार से प्रचार आरंभ किया. यूपी में आज सबसे ज्यादा अपराध और दंगे हो रहे हैं. यूपी में कानून व्यवस्था प्राथमिकता नहीं रह गई है. पीएम मोदी ने कहा कि कानून व्यवस्था नहीं है तो ईमानदार, आम आदमी कैसे रहेगा. कैसे नौकरियां आएंगी, कैसे निवेश होगा. कैसे विकास होगा. लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना ही पड़ेगा. सरकार गरीब के लिए होती है, दलित के लिए होती है, पीड़ित के लिए होती है, वंचित के लिए होती है. पीएम मोदी ने कहा कि हर आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी होती है सरकार.   पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर मकान और जमीन पर गैरकानूनी कब्जा हो रहा है. गरीबों के जमीन मकान सुरक्षित नहीं हैं. लोगों के सपनों को लौटाना चाहते हैं. पीएम मोदी ने अपील की कि यूपी बीजेपी की सरकार को भारी बहुमत से विजयी बनाएं. इसके साथ ही कहा कि गांव में अगर कब्रिस्तान बनता है तो शमशान भी बनना चाहिए. रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए. होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए. जाति धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. ऊंच नीच नहीं होना चाहिए. सरकार का काम है भेदभाव मुक्त शासन चलाना. धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. अन्याय की जड़ों में भेदभाव है. दलित से पूछो तो वो बोलते हैं कि पूरा फायदा ओबीसी ले ले रहा है, ओबीसी से पूछो तो वो कहते हैं कि यह फायदा यादव ले रहे हैं. बाकी सब मुसलमानों को चला जा रहा है.टिप्पणियां इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. पीएम मोदी ने कहा कि अभी तो तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ और हौसले पस्त हो गए. पीएम मोदी ने कहा कि जनता से धोखा देश बर्दाश्त नहीं करता है. पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कहा था कि सपा के राज में यूपी में थाने सपा का कार्यालय बन गए थे. क्योंकि पुलिस को मजबूर किया गया. पीएम मोदी ने कहा कि इस देश के सुप्रीम कोर्ट को यूपी को डांटना पड़ा कि गायत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर लिखो. इस राज्य में थाने का यह हाल था, बलात्कार करने वालों को खुली छूट होगी. न्याय पाने के लिए बहु बेटी को सुप्रीम कोर्ट पहुंचना पड़े. क्या यही काम है. क्या ऐसे काम करने के लिए सपा सरकार बनाई गई थी. ये काम है कि कारनामा....   पीएम मोदी ने कहा कि अखिलेश यादव ने गायत्री प्रजापति के चुनाव प्रचार से प्रचार आरंभ किया. यूपी में आज सबसे ज्यादा अपराध और दंगे हो रहे हैं. यूपी में कानून व्यवस्था प्राथमिकता नहीं रह गई है. पीएम मोदी ने कहा कि कानून व्यवस्था नहीं है तो ईमानदार, आम आदमी कैसे रहेगा. कैसे नौकरियां आएंगी, कैसे निवेश होगा. कैसे विकास होगा. लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना ही पड़ेगा. सरकार गरीब के लिए होती है, दलित के लिए होती है, पीड़ित के लिए होती है, वंचित के लिए होती है. पीएम मोदी ने कहा कि हर आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी होती है सरकार.   पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर मकान और जमीन पर गैरकानूनी कब्जा हो रहा है. गरीबों के जमीन मकान सुरक्षित नहीं हैं. लोगों के सपनों को लौटाना चाहते हैं. पीएम मोदी ने अपील की कि यूपी बीजेपी की सरकार को भारी बहुमत से विजयी बनाएं. इसके साथ ही कहा कि गांव में अगर कब्रिस्तान बनता है तो शमशान भी बनना चाहिए. रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए. होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए. जाति धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. ऊंच नीच नहीं होना चाहिए. सरकार का काम है भेदभाव मुक्त शासन चलाना. धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. अन्याय की जड़ों में भेदभाव है. दलित से पूछो तो वो बोलते हैं कि पूरा फायदा ओबीसी ले ले रहा है, ओबीसी से पूछो तो वो कहते हैं कि यह फायदा यादव ले रहे हैं. बाकी सब मुसलमानों को चला जा रहा है.टिप्पणियां इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कहा था कि सपा के राज में यूपी में थाने सपा का कार्यालय बन गए थे. क्योंकि पुलिस को मजबूर किया गया. पीएम मोदी ने कहा कि इस देश के सुप्रीम कोर्ट को यूपी को डांटना पड़ा कि गायत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर लिखो. इस राज्य में थाने का यह हाल था, बलात्कार करने वालों को खुली छूट होगी. न्याय पाने के लिए बहु बेटी को सुप्रीम कोर्ट पहुंचना पड़े. क्या यही काम है. क्या ऐसे काम करने के लिए सपा सरकार बनाई गई थी. ये काम है कि कारनामा....   पीएम मोदी ने कहा कि अखिलेश यादव ने गायत्री प्रजापति के चुनाव प्रचार से प्रचार आरंभ किया. यूपी में आज सबसे ज्यादा अपराध और दंगे हो रहे हैं. यूपी में कानून व्यवस्था प्राथमिकता नहीं रह गई है. पीएम मोदी ने कहा कि कानून व्यवस्था नहीं है तो ईमानदार, आम आदमी कैसे रहेगा. कैसे नौकरियां आएंगी, कैसे निवेश होगा. कैसे विकास होगा. लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना ही पड़ेगा. सरकार गरीब के लिए होती है, दलित के लिए होती है, पीड़ित के लिए होती है, वंचित के लिए होती है. पीएम मोदी ने कहा कि हर आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी होती है सरकार.   पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर मकान और जमीन पर गैरकानूनी कब्जा हो रहा है. गरीबों के जमीन मकान सुरक्षित नहीं हैं. लोगों के सपनों को लौटाना चाहते हैं. पीएम मोदी ने अपील की कि यूपी बीजेपी की सरकार को भारी बहुमत से विजयी बनाएं. इसके साथ ही कहा कि गांव में अगर कब्रिस्तान बनता है तो शमशान भी बनना चाहिए. रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए. होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए. जाति धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. ऊंच नीच नहीं होना चाहिए. सरकार का काम है भेदभाव मुक्त शासन चलाना. धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. अन्याय की जड़ों में भेदभाव है. दलित से पूछो तो वो बोलते हैं कि पूरा फायदा ओबीसी ले ले रहा है, ओबीसी से पूछो तो वो कहते हैं कि यह फायदा यादव ले रहे हैं. बाकी सब मुसलमानों को चला जा रहा है.टिप्पणियां इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. पीएम मोदी ने कहा कि कानून व्यवस्था नहीं है तो ईमानदार, आम आदमी कैसे रहेगा. कैसे नौकरियां आएंगी, कैसे निवेश होगा. कैसे विकास होगा. लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना ही पड़ेगा. सरकार गरीब के लिए होती है, दलित के लिए होती है, पीड़ित के लिए होती है, वंचित के लिए होती है. पीएम मोदी ने कहा कि हर आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी होती है सरकार.   पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर मकान और जमीन पर गैरकानूनी कब्जा हो रहा है. गरीबों के जमीन मकान सुरक्षित नहीं हैं. लोगों के सपनों को लौटाना चाहते हैं. पीएम मोदी ने अपील की कि यूपी बीजेपी की सरकार को भारी बहुमत से विजयी बनाएं. इसके साथ ही कहा कि गांव में अगर कब्रिस्तान बनता है तो शमशान भी बनना चाहिए. रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए. होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए. जाति धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. ऊंच नीच नहीं होना चाहिए. सरकार का काम है भेदभाव मुक्त शासन चलाना. धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. अन्याय की जड़ों में भेदभाव है. दलित से पूछो तो वो बोलते हैं कि पूरा फायदा ओबीसी ले ले रहा है, ओबीसी से पूछो तो वो कहते हैं कि यह फायदा यादव ले रहे हैं. बाकी सब मुसलमानों को चला जा रहा है.टिप्पणियां इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. इसके साथ ही कहा कि गांव में अगर कब्रिस्तान बनता है तो शमशान भी बनना चाहिए. रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए. होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए. जाति धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. ऊंच नीच नहीं होना चाहिए. सरकार का काम है भेदभाव मुक्त शासन चलाना. धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. अन्याय की जड़ों में भेदभाव है. दलित से पूछो तो वो बोलते हैं कि पूरा फायदा ओबीसी ले ले रहा है, ओबीसी से पूछो तो वो कहते हैं कि यह फायदा यादव ले रहे हैं. बाकी सब मुसलमानों को चला जा रहा है.टिप्पणियां इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. सरकार का काम है भेदभाव मुक्त शासन चलाना. धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. अन्याय की जड़ों में भेदभाव है. दलित से पूछो तो वो बोलते हैं कि पूरा फायदा ओबीसी ले ले रहा है, ओबीसी से पूछो तो वो कहते हैं कि यह फायदा यादव ले रहे हैं. बाकी सब मुसलमानों को चला जा रहा है.टिप्पणियां इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. इससे पहले उन्‍होंने भाषण देने से पहले मंच पर जिले के सभी प्रत्याशियों को एक कतार में खड़ा कर लोगों से उनका परिचय कराया. उन्‍होंने कहा कि रैली में उपस्थित भारी भीड़ को देखते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ये एक जिले की नहीं एक राज्य की रैली लग रही है. पीएम मोदी ने रैली में भीड़ देखकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अपना दल को विजय मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं. तीसरा चरण चल रहा है. मतदाताओं में काफी उत्साह है. नई उम्मीद दिखाई दे रहे हैं. पहले दो चरण के संकेत बताते हैं कि बीजेपी भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाएगी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी  सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी.
यहाँ एक सारांश है:फतेहपुर लोकसभा सीट से बीजेपी की साध्वी निरंजन ज्योति सांसद हैं यहां की खागा (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर बीजेपी विधायक हैं जिले की तीन सीटों पर बीएसपी तथा दो सीटों पर सपा का कब्जा है
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी में चल रहे अंदरूनी घमासान के बीच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली आए। वैसे तो उनकी यात्रा का मकसद योजना आयोग में गुजरात के लिए सालाना खर्च की मंजूरी लेना था लेकिन शाम को उनकी अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी से मुलाकात के बाद सियासी माहौल गरमा गया। गौरतलब है कि हाल ही में मुंबई में हुई पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में शिरकत के लिए जिस तरह मोदी ने संजय जोशी को हटवाकर पार्टी और आरएसएस को झुकाया, चारों तरफ इसी बात की चर्चा है।टिप्पणियां वैसे, बीजेपी के भीतर उठापटक का यह दौर अन्य छोरों पर भी जारी है। पार्टी के सबसे बड़े नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी गुरुवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा था कि हाल में पार्टी के कुछ फैसलों से भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी की लड़ाई कमजोर हुई है। आखिर ऐसा क्या हो गया कि वाजपेयी के बाद बीजेपी के दूसरे सबसे बड़े नेता को अपना गुस्सा सार्वजनिक करना पड़ा। पूर्व में, पार्टी के मुखपत्र 'कमल संदेश' में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा गया। इसमें बिना नाम लिए छापा गया कि कुछ लोग जल्दबाजी में हैं। सीढ़ियां चढ़ते कुछ लोग यह जानते हुए भी कि उन्हें एक दिन नीचे आना है, दूसरों को छोटा करने की कोशिश करते हैं। किसी की जरूरत से ज्यादा तारीफ करें तो वह नष्ट हो जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में मुंबई में हुई पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में शिरकत के लिए जिस तरह मोदी ने संजय जोशी को हटवाकर पार्टी और आरएसएस को झुकाया, चारों तरफ इसी बात की चर्चा है।टिप्पणियां वैसे, बीजेपी के भीतर उठापटक का यह दौर अन्य छोरों पर भी जारी है। पार्टी के सबसे बड़े नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी गुरुवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा था कि हाल में पार्टी के कुछ फैसलों से भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी की लड़ाई कमजोर हुई है। आखिर ऐसा क्या हो गया कि वाजपेयी के बाद बीजेपी के दूसरे सबसे बड़े नेता को अपना गुस्सा सार्वजनिक करना पड़ा। पूर्व में, पार्टी के मुखपत्र 'कमल संदेश' में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा गया। इसमें बिना नाम लिए छापा गया कि कुछ लोग जल्दबाजी में हैं। सीढ़ियां चढ़ते कुछ लोग यह जानते हुए भी कि उन्हें एक दिन नीचे आना है, दूसरों को छोटा करने की कोशिश करते हैं। किसी की जरूरत से ज्यादा तारीफ करें तो वह नष्ट हो जाएगा। वैसे, बीजेपी के भीतर उठापटक का यह दौर अन्य छोरों पर भी जारी है। पार्टी के सबसे बड़े नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी गुरुवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा था कि हाल में पार्टी के कुछ फैसलों से भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी की लड़ाई कमजोर हुई है। आखिर ऐसा क्या हो गया कि वाजपेयी के बाद बीजेपी के दूसरे सबसे बड़े नेता को अपना गुस्सा सार्वजनिक करना पड़ा। पूर्व में, पार्टी के मुखपत्र 'कमल संदेश' में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा गया। इसमें बिना नाम लिए छापा गया कि कुछ लोग जल्दबाजी में हैं। सीढ़ियां चढ़ते कुछ लोग यह जानते हुए भी कि उन्हें एक दिन नीचे आना है, दूसरों को छोटा करने की कोशिश करते हैं। किसी की जरूरत से ज्यादा तारीफ करें तो वह नष्ट हो जाएगा। पूर्व में, पार्टी के मुखपत्र 'कमल संदेश' में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा गया। इसमें बिना नाम लिए छापा गया कि कुछ लोग जल्दबाजी में हैं। सीढ़ियां चढ़ते कुछ लोग यह जानते हुए भी कि उन्हें एक दिन नीचे आना है, दूसरों को छोटा करने की कोशिश करते हैं। किसी की जरूरत से ज्यादा तारीफ करें तो वह नष्ट हो जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: बीजेपी में चल रहे अंदरूनी घमासान के बीच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली आए। वैसे तो उनकी यात्रा का मकसद योजना आयोग में गुजरात के लिए सालाना खर्च की मंजूरी लेना था लेकिन शाम को उनकी वाजपेयी और आडवाणी से मुलाकात के बाद सियासी माहौल गरमा गया।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: मिस्र की राजधानी काहिरा के पास मंगलवार को एक रेल हादसे में सेना के 15 जवान मारे गए जबकि 103 अन्य घायल हो गए। मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक नए भर्ती हुए सेना के जवानों को मिस्र के दक्षिणी इलाके से काहिरा के सैन्य शिविर ले जा रही रेलगाड़ी के बदराशीन के निकट गिजा में पटरी से उतर जाने से यह हादसा हुआ। रेलगाड़ी के अचानक पटरी से उतरने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। अल जजीरा के अनुसार, पिछले साल नवम्बर माह में एक रेलगाड़ी के एक स्कूल बस को रौंदने की घटना में 50 लोग मारे गए थे, जिनमें मुख्यत: स्कूली छात्र शामिल थे। तब परिवहन मंत्री को हादसे के बाद पद से इस्तीफा देना पड़ा था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक नए भर्ती हुए सेना के जवानों को मिस्र के दक्षिणी इलाके से काहिरा के सैन्य शिविर ले जा रही रेलगाड़ी के बदराशीन के निकट गिजा में पटरी से उतर जाने से यह हादसा हुआ। रेलगाड़ी के अचानक पटरी से उतरने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। अल जजीरा के अनुसार, पिछले साल नवम्बर माह में एक रेलगाड़ी के एक स्कूल बस को रौंदने की घटना में 50 लोग मारे गए थे, जिनमें मुख्यत: स्कूली छात्र शामिल थे। तब परिवहन मंत्री को हादसे के बाद पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अल जजीरा के अनुसार, पिछले साल नवम्बर माह में एक रेलगाड़ी के एक स्कूल बस को रौंदने की घटना में 50 लोग मारे गए थे, जिनमें मुख्यत: स्कूली छात्र शामिल थे। तब परिवहन मंत्री को हादसे के बाद पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
संक्षिप्त पाठ: मिस्र की राजधानी काहिरा के पास मंगलवार को एक रेल हादसे में सेना के 15 जवान मारे गए जबकि 103 अन्य घायल हो गए। मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महेश भूपति और रोहन बोपन्ना को माइक और बाब ब्रायन की शीर्ष वरीय अमेरिकी जोड़ी के हाथों सीधे सेटों में शिकस्त के साथ रोम मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट में उप विजेता बनकर संतोष करना पड़ा। छठी वरीय भारतीय जोड़ी को 3204745 यूरो इनामी क्ले कोर्ट प्रतियोगिता के फाइनल में 2-6, 3-6 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। अमेरिका की अनुभवी जोड़ी के दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भूपति और बोपन्ना को पूरे मैच के दौरान ब्रेक का एक भी मौका नहीं मिला।टिप्पणियां भूपति और बोपन्ना ने पहले सेट में दो बार जबकि दूसरे सेट में एक बार अपनी सर्विस गंवाई। टूर्नामेंट का उप विजेता बनने के लिए भूपति और बोपन्ना को 76060 की इनामी राशि मिली। इन दोनों खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 600 रैंकिंग अंक भी मिले। छठी वरीय भारतीय जोड़ी को 3204745 यूरो इनामी क्ले कोर्ट प्रतियोगिता के फाइनल में 2-6, 3-6 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। अमेरिका की अनुभवी जोड़ी के दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भूपति और बोपन्ना को पूरे मैच के दौरान ब्रेक का एक भी मौका नहीं मिला।टिप्पणियां भूपति और बोपन्ना ने पहले सेट में दो बार जबकि दूसरे सेट में एक बार अपनी सर्विस गंवाई। टूर्नामेंट का उप विजेता बनने के लिए भूपति और बोपन्ना को 76060 की इनामी राशि मिली। इन दोनों खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 600 रैंकिंग अंक भी मिले। अमेरिका की अनुभवी जोड़ी के दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भूपति और बोपन्ना को पूरे मैच के दौरान ब्रेक का एक भी मौका नहीं मिला।टिप्पणियां भूपति और बोपन्ना ने पहले सेट में दो बार जबकि दूसरे सेट में एक बार अपनी सर्विस गंवाई। टूर्नामेंट का उप विजेता बनने के लिए भूपति और बोपन्ना को 76060 की इनामी राशि मिली। इन दोनों खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 600 रैंकिंग अंक भी मिले। भूपति और बोपन्ना ने पहले सेट में दो बार जबकि दूसरे सेट में एक बार अपनी सर्विस गंवाई। टूर्नामेंट का उप विजेता बनने के लिए भूपति और बोपन्ना को 76060 की इनामी राशि मिली। इन दोनों खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 600 रैंकिंग अंक भी मिले। टूर्नामेंट का उप विजेता बनने के लिए भूपति और बोपन्ना को 76060 की इनामी राशि मिली। इन दोनों खिलाड़ियों में से प्रत्येक को 600 रैंकिंग अंक भी मिले।
संक्षिप्त सारांश: महेश भूपति और रोहन बोपन्ना को माइक और बाब ब्रायन की शीर्ष वरीय अमेरिकी जोड़ी के हाथों सीधे सेटों में शिकस्त के साथ रोम मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट में उप विजेता बनकर संतोष करना पड़ा।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्याहू के वचन सुनकर साहूकार की बेटी अपनी सातों भाभियों से एक-एक कर विनती करती रही कि वह उसके बदले अपनी कोख बंधवा लें. सबसे छोटी भाभी ननद के बदले अपनी कोख बंधवाने के लिए तैयार हो जाती है. इसके बाद छोटी भाभी के जो भी बच्चे होते हैं वे सात दिन बाद मर जाते हैं. सात पुत्रों की इस प्रकार मृत्यु होने के बाद उसने पंडित को बुलवाकर इसका कारण पूछा. पंडित ने सुरही गाय की सेवा करने की सलाह दी.टिप्पणियां सुरही सेवा से प्रसन्न होती है और उसे स्याहु के पास ले जाती है. रास्ते में थक जाने पर दोनों आराम करने लगते हैं. अचानक साहुकार की छोटी बहू देखती है कि एक सांप गरुड़ पंखनी के बच्चे को डंसने जा रहा है और वह सांप को मार देती है. इतने में गरुड़ पंखनी वहां आ जाती है और खून बिखरा हुआ देखकर उसे लगता है कि छोटी बहू ने उसके बच्चे के मार दिया है. इस पर वह छोटी बहू को चोंच मारना शुरू कर देती है. छोटी बहू इस पर कहती है कि उसने तो उसके बच्चे की जान बचाई है. गरुड़ पंखनी इस पर खुश होती है और सुरही सहित उन्हें स्याहु के पास पहुंचा देती है. वहां स्याहु छोटी बहू की सेवा से प्रसन्न होकर उसे सात पुत्र और सात बहू होने का अशीर्वाद देती है. स्याहु के आशीर्वाद से छोटी बहू का घर पुत्र और पुत्र वधुओं से हरा-भरा हो जाता है.  सुरही सेवा से प्रसन्न होती है और उसे स्याहु के पास ले जाती है. रास्ते में थक जाने पर दोनों आराम करने लगते हैं. अचानक साहुकार की छोटी बहू देखती है कि एक सांप गरुड़ पंखनी के बच्चे को डंसने जा रहा है और वह सांप को मार देती है. इतने में गरुड़ पंखनी वहां आ जाती है और खून बिखरा हुआ देखकर उसे लगता है कि छोटी बहू ने उसके बच्चे के मार दिया है. इस पर वह छोटी बहू को चोंच मारना शुरू कर देती है. छोटी बहू इस पर कहती है कि उसने तो उसके बच्चे की जान बचाई है. गरुड़ पंखनी इस पर खुश होती है और सुरही सहित उन्हें स्याहु के पास पहुंचा देती है. वहां स्याहु छोटी बहू की सेवा से प्रसन्न होकर उसे सात पुत्र और सात बहू होने का अशीर्वाद देती है. स्याहु के आशीर्वाद से छोटी बहू का घर पुत्र और पुत्र वधुओं से हरा-भरा हो जाता है.  वहां स्याहु छोटी बहू की सेवा से प्रसन्न होकर उसे सात पुत्र और सात बहू होने का अशीर्वाद देती है. स्याहु के आशीर्वाद से छोटी बहू का घर पुत्र और पुत्र वधुओं से हरा-भरा हो जाता है.
31 अक्‍टूबर को अहोई अष्‍टमी है अहोई अष्‍टमी के दिन निर्जला व्रत रखा जाता है महिलाएं इस व्रत को संतान की मंगल कामना के लिए रखती हैं
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की कुल बिक्री सितंबर में 11.7 प्रतिशत बढ़कर 1,04,964 कारों की रही, जबकि बीते साल सितंबर में कंपनी ने 93,988 कारें बेची थीं।टिप्पणियां कंपनी ने कहा कि समीक्षाधीन माह में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 1.8 प्रतिशत बढ़कर 90,399 इकाइयों की रही, जबकि बीते साल सितंबर में घरेलू बाजार में उसने 88,801 कारें बेची थीं। सितंबर, 2013 में कंपनी का निर्यात करीब तिगुना होकर 14,565 इकाइयों पर पहुंच गया, जबकि बीते साल सितंबर में कंपनी ने 5,187 कारों का निर्यात किया था। कंपनी ने कहा कि समीक्षाधीन माह में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 1.8 प्रतिशत बढ़कर 90,399 इकाइयों की रही, जबकि बीते साल सितंबर में घरेलू बाजार में उसने 88,801 कारें बेची थीं। सितंबर, 2013 में कंपनी का निर्यात करीब तिगुना होकर 14,565 इकाइयों पर पहुंच गया, जबकि बीते साल सितंबर में कंपनी ने 5,187 कारों का निर्यात किया था। सितंबर, 2013 में कंपनी का निर्यात करीब तिगुना होकर 14,565 इकाइयों पर पहुंच गया, जबकि बीते साल सितंबर में कंपनी ने 5,187 कारों का निर्यात किया था।
सारांश: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की कुल बिक्री सितंबर में 11.7 प्रतिशत बढ़कर 1,04,964 कारों की रही, जबकि बीते साल सितंबर में कंपनी ने 93,988 कारें बेची थीं।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: रफ्तार के सौदागरों में शूमार तेज गेंदबाज ब्रेट ली और शॉन टेट इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार को खेले जाने वाले एकदिवसीय श्रृंखला में लंबे समय बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में साथ-साथ दिखाई देंगे। ऑस्ट्रेलिया की 14 सदस्यीय टीम में ली और टेट के अलावा बल्लेबाज डेविड हसी को शामिल किया गया है। एशेज श्रृंखला के दौरान टीम से दूर रहे स्पिन गेंदबाज नाथन हौरित्ज को भी टीम में जगह मिली है। खराब फिटनेस और चोट से ग्रस्त ली ने अपना अंतिम अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच अक्टूबर 2009 में खेला था जबकि हसी भी उसी वर्ष अपना अंतिम एकदिवसीय मुकाबला खेला था। टेट ने पिछले वर्ष इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में अपना अंतिम एकदिवसीय मुकाबला खेला था। ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी चोटिल रिकी पोंटिंग की जगह माइकल क्लार्क करेंगे जबकि उपकप्तानी की जिम्मेदारी केमरुन व्हाइट के कंधों पर होगी। एक दिन पहले ही सोमवार को ली ने संकेत दिया था कि यदि चयनकर्ताओं ने उन्हें विश्व कप के लिए चुने जाने वाली टीम से नजरअंदाज किया तो वह दूसरी भूमिका के लिए भी काम करने को तैयार हैं। ली का कहना था कि उनके पास दूसरा विकल्प खिलाड़ियों को कोचिंग देने का है। मौजूदा सत्र में ली घरेलू एकदिवसीय मुकाबलों में 15 विकेट झटककर गेंदबाजों की फेहरिस्त में शीर्ष पर रहे। ली का कहना था कि उन्हें विश्वास है कि वह विश्व कप के लिए अंतिम 15 खिलाड़ियों में जगह बनाने में कामयाब होंगे। भारतीय उपमहाद्वीप में अगले महीने आयोजित होने वाले विश्व कप के लिए ली को आस्ट्रेलिया की 30 सम्भावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया है। ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के साथ सात मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेलना है। श्रृंखला का पहला मुकाबला 16 जनवरी को मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। आस्ट्रेलिया की एकदिवसीय टीम इस प्रकार है : माइकल क्लार्क (कप्तान), केमरुन व्हाइट (उपकप्तान), शेन वॉटसन, ब्रैड हैडिन (विकेट कीपर), डेविड हसी, माइकल हसी, स्टीव स्म्थि, मिशेल जॉनसन, नाथन हौरित्ज, ब्रेट ली, जेवियर डोर्थी, पीटर सिडल, शॉन टेट और डगलस बोलिंगर।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ली और टेट इंग्लैंड के खिलाफ खेले जाने वाले एकदिवसीय श्रृंखला में लंबे समय बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में साथ-साथ दिखाई देंगे।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने यह दोहराते हुए कि क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का राज्यसभा के लिए मनोनयन कांग्रेस का 'गंदा खेल' है, रविवार को कहा कि पार्टी की नीयत में खोट है। यहां एक कार्यक्रम में रायपुर की पत्रिका 'कार्टून वाच' द्वारा जीवनर्पयत उपलब्धि पुरस्कार ग्रहण करने के बाद संवादाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह कांग्रेस का सबसे गंदा खेल है, वास्तविक डर्टी पिक्चर है।" ठाकरे ने अपनी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शनिवार को कहा था कि तेंदुलकर के प्रशंसक उन्हें केवल सांसद सचिन तेंदुलकर के बजाय भारत रत्न सचिन तेंदुलकर कहना अधिक पसंद करेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस ऐसा करके मीडिया का ध्यान बंटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर, उनकी उपलब्धि और क्रिकेट के क्षेत्र में उनके योगदान पर उन्हें गर्व है। पुरस्कार अर्पण समारोह के बाद ठाकरे अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में थे। विभिन्न विषयों पर उन्होंने खुलकर और मजाकिया लहजे में बात की। उन्होंने यह भी कहा कि कार्टून बनाने का उनका शौक पीछे छूट गया है और पार्टी का काम आगे आ गया है जिसमें वह व्यस्त रहते हैं। बातचीत को अपने व्यक्तिगत जीवन की ओर मोड़ते हुए ठाकरे ने कहा, "मैंने सिगार का कश लगाना बंद कर दिया है। अब मैं सिर्फ शराब पीता हूं।" ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पर भी आक्षेप किया और कहा कि उन्हें सबसे पहले अपनी टीम के भ्रष्ट लोगों पर ध्यान देना चाहिए, फिर देश से भ्रष्टाचार के उन्मूलन की बात करनी चाहिए।टिप्पणियां अगला राष्ट्रपति बनने के लिए उपयुक्त व्यक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा मगर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के हाल में आए इस बयान की निंदा की कि बिना राजनीतिक झुकाव वाले व्यक्ति को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।" यहां एक कार्यक्रम में रायपुर की पत्रिका 'कार्टून वाच' द्वारा जीवनर्पयत उपलब्धि पुरस्कार ग्रहण करने के बाद संवादाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह कांग्रेस का सबसे गंदा खेल है, वास्तविक डर्टी पिक्चर है।" ठाकरे ने अपनी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शनिवार को कहा था कि तेंदुलकर के प्रशंसक उन्हें केवल सांसद सचिन तेंदुलकर के बजाय भारत रत्न सचिन तेंदुलकर कहना अधिक पसंद करेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस ऐसा करके मीडिया का ध्यान बंटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर, उनकी उपलब्धि और क्रिकेट के क्षेत्र में उनके योगदान पर उन्हें गर्व है। पुरस्कार अर्पण समारोह के बाद ठाकरे अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में थे। विभिन्न विषयों पर उन्होंने खुलकर और मजाकिया लहजे में बात की। उन्होंने यह भी कहा कि कार्टून बनाने का उनका शौक पीछे छूट गया है और पार्टी का काम आगे आ गया है जिसमें वह व्यस्त रहते हैं। बातचीत को अपने व्यक्तिगत जीवन की ओर मोड़ते हुए ठाकरे ने कहा, "मैंने सिगार का कश लगाना बंद कर दिया है। अब मैं सिर्फ शराब पीता हूं।" ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पर भी आक्षेप किया और कहा कि उन्हें सबसे पहले अपनी टीम के भ्रष्ट लोगों पर ध्यान देना चाहिए, फिर देश से भ्रष्टाचार के उन्मूलन की बात करनी चाहिए।टिप्पणियां अगला राष्ट्रपति बनने के लिए उपयुक्त व्यक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा मगर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के हाल में आए इस बयान की निंदा की कि बिना राजनीतिक झुकाव वाले व्यक्ति को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।" ठाकरे ने अपनी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शनिवार को कहा था कि तेंदुलकर के प्रशंसक उन्हें केवल सांसद सचिन तेंदुलकर के बजाय भारत रत्न सचिन तेंदुलकर कहना अधिक पसंद करेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस ऐसा करके मीडिया का ध्यान बंटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर, उनकी उपलब्धि और क्रिकेट के क्षेत्र में उनके योगदान पर उन्हें गर्व है। पुरस्कार अर्पण समारोह के बाद ठाकरे अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में थे। विभिन्न विषयों पर उन्होंने खुलकर और मजाकिया लहजे में बात की। उन्होंने यह भी कहा कि कार्टून बनाने का उनका शौक पीछे छूट गया है और पार्टी का काम आगे आ गया है जिसमें वह व्यस्त रहते हैं। बातचीत को अपने व्यक्तिगत जीवन की ओर मोड़ते हुए ठाकरे ने कहा, "मैंने सिगार का कश लगाना बंद कर दिया है। अब मैं सिर्फ शराब पीता हूं।" ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पर भी आक्षेप किया और कहा कि उन्हें सबसे पहले अपनी टीम के भ्रष्ट लोगों पर ध्यान देना चाहिए, फिर देश से भ्रष्टाचार के उन्मूलन की बात करनी चाहिए।टिप्पणियां अगला राष्ट्रपति बनने के लिए उपयुक्त व्यक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा मगर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के हाल में आए इस बयान की निंदा की कि बिना राजनीतिक झुकाव वाले व्यक्ति को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।" पुरस्कार अर्पण समारोह के बाद ठाकरे अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में थे। विभिन्न विषयों पर उन्होंने खुलकर और मजाकिया लहजे में बात की। उन्होंने यह भी कहा कि कार्टून बनाने का उनका शौक पीछे छूट गया है और पार्टी का काम आगे आ गया है जिसमें वह व्यस्त रहते हैं। बातचीत को अपने व्यक्तिगत जीवन की ओर मोड़ते हुए ठाकरे ने कहा, "मैंने सिगार का कश लगाना बंद कर दिया है। अब मैं सिर्फ शराब पीता हूं।" ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पर भी आक्षेप किया और कहा कि उन्हें सबसे पहले अपनी टीम के भ्रष्ट लोगों पर ध्यान देना चाहिए, फिर देश से भ्रष्टाचार के उन्मूलन की बात करनी चाहिए।टिप्पणियां अगला राष्ट्रपति बनने के लिए उपयुक्त व्यक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा मगर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के हाल में आए इस बयान की निंदा की कि बिना राजनीतिक झुकाव वाले व्यक्ति को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।" बातचीत को अपने व्यक्तिगत जीवन की ओर मोड़ते हुए ठाकरे ने कहा, "मैंने सिगार का कश लगाना बंद कर दिया है। अब मैं सिर्फ शराब पीता हूं।" ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पर भी आक्षेप किया और कहा कि उन्हें सबसे पहले अपनी टीम के भ्रष्ट लोगों पर ध्यान देना चाहिए, फिर देश से भ्रष्टाचार के उन्मूलन की बात करनी चाहिए।टिप्पणियां अगला राष्ट्रपति बनने के लिए उपयुक्त व्यक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा मगर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के हाल में आए इस बयान की निंदा की कि बिना राजनीतिक झुकाव वाले व्यक्ति को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।" ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पर भी आक्षेप किया और कहा कि उन्हें सबसे पहले अपनी टीम के भ्रष्ट लोगों पर ध्यान देना चाहिए, फिर देश से भ्रष्टाचार के उन्मूलन की बात करनी चाहिए।टिप्पणियां अगला राष्ट्रपति बनने के लिए उपयुक्त व्यक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा मगर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के हाल में आए इस बयान की निंदा की कि बिना राजनीतिक झुकाव वाले व्यक्ति को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।" अगला राष्ट्रपति बनने के लिए उपयुक्त व्यक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा मगर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के हाल में आए इस बयान की निंदा की कि बिना राजनीतिक झुकाव वाले व्यक्ति को अगला राष्ट्रपति होना चाहिए। ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।" ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "पवार के बारे में मुझसे कुछ मत कहिए, वह अविश्वसनीय व्यक्ति हैं।"
संक्षिप्त पाठ: शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने यह दोहराते हुए कि क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का राज्यसभा के लिए मनोनयन कांग्रेस का 'गंदा खेल' है, रविवार को कहा कि पार्टी की नीयत में खोट है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में मुंबई इंडियन्स के हाथों तीन विकेट की हार के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर वह लसिथ मलिंगा को स्टंप आउट करने का मौका नहीं गंवाते तो उनकी टीम मैच जीत लेती। धोनी ने 17वें ओवर में शादाब जकाती की गेंद पर मलिंगा को स्टंप करने का आसान मौका गंवा दिया था। तब मुंबई को जीतने के लिए 32 रन की दरकार थी। मलिंगा ने सिर्फ 18 गेंद में नाबाद 37 रन की तूफानी पारी खेलकर मुंबई को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। धोनी ने मैच के बाद कहा, स्टंप आउट का मौका चूकने के कारण हमने मैच भी गंवा दिया। मलिंगा जब अच्छा खेल रहा था, तब हमें गेंद की गति कम करनी चाहिए थी। उम्मीद करते हैं कि आगामी मैचों में हम इस तरह की गलतियां नहीं दोहराएंगे। मुंबई के कार्यवाहक कप्तान हरभजन सिंह ने भी नाबाद 19 रन की पारी खेली और मलिंगा के साथ 53 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिलाई। हरभजन ने मलिंगा की तारीफ करते हुए कहा, मैं सिर्फ मलिंगा को स्ट्राइक देने के बारे में सोच रहा था। चेन्नई ने अच्छा स्कोर खड़ा किया था और हमारे लिए राह आसान नहीं थी। लेकिन मलिंगा ने अपने जीवन की सबसे अच्छी पारी खेली।
यह एक सारांश है: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान धोनी ने कहा कि अगर वह मलिंगा को स्टंप आउट करने का मौका नहीं गंवाते, तो उनकी टीम मैच जीत लेती।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सितंबर से आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिये टिकट बुक कराने वाले यात्री महज एक रुपये के प्रीमियम पर 10 लाख रुपये का यात्रा दुर्घटना बीमा कवर ले सकेंगे। आईआरसीटीसी चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक एके मनोचा ने कहा कि यह बीमा कवर दुर्घटनाओं की स्थिति में वैध टिकट धारकों को रेलवे द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे के अलावा है। यह बीमा दुर्घटनाओं के चलते मौत, चोट और अपंगता के लिए है। उन्होंने कहा, 'फिलहाल, यह बीमा पेशकश एकीकरण की प्रक्रिया के अधीन है और हमें सितंबर से इसके परिचालन में आने की उम्मीद है।' उन्होंने कहा कि ट्रेन दुर्घटनाओं के चलते अस्पताल में भर्ती होने के मामले में बीमा कंपनी द्वारा मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा। हमने तीन बीमा कंपनियों- श्रीराम जनरल, रॉयल सुंदरम और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का चुनाव किया है, जो यह कवर उपलब्ध कराएंगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इस ठेके के लिए कुल 19 बीमा कंपनियों को छांटा गया था। इनमें से तीन का चयन बोली प्रक्रिया के जरिए किया गया। मनोचा ने स्पष्ट किया कि हालांकि इस बीमा का विकल्प चुनना यात्रियों की पसंद पर निर्भर करता है, क्योंकि यह एक स्वैच्छिक पेशकश है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'फिलहाल, यह बीमा पेशकश एकीकरण की प्रक्रिया के अधीन है और हमें सितंबर से इसके परिचालन में आने की उम्मीद है।' उन्होंने कहा कि ट्रेन दुर्घटनाओं के चलते अस्पताल में भर्ती होने के मामले में बीमा कंपनी द्वारा मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा। हमने तीन बीमा कंपनियों- श्रीराम जनरल, रॉयल सुंदरम और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का चुनाव किया है, जो यह कवर उपलब्ध कराएंगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इस ठेके के लिए कुल 19 बीमा कंपनियों को छांटा गया था। इनमें से तीन का चयन बोली प्रक्रिया के जरिए किया गया। मनोचा ने स्पष्ट किया कि हालांकि इस बीमा का विकल्प चुनना यात्रियों की पसंद पर निर्भर करता है, क्योंकि यह एक स्वैच्छिक पेशकश है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि इस ठेके के लिए कुल 19 बीमा कंपनियों को छांटा गया था। इनमें से तीन का चयन बोली प्रक्रिया के जरिए किया गया। मनोचा ने स्पष्ट किया कि हालांकि इस बीमा का विकल्प चुनना यात्रियों की पसंद पर निर्भर करता है, क्योंकि यह एक स्वैच्छिक पेशकश है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: यह बीमा दुर्घटनाओं के चलते मौत, चोट और अपंगता के लिए है यह स्वैच्छिक पेशकश है, बीमा का विकल्प चुनना यात्रियों पर निर्भर आईआरसीटीसी ने तीन बीमा कंपनियों का इसके लिए चुनाव किया है
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अस्वस्थ होने के कारण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री नहीं बने बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को दूसरा सरकारी बंगला मिला गया है.अरुण जेटली को 22 अकबर रोड पर बतौर सांसद बंगला आवंटित किया गया है. अरुण जेटली दो कृष्णा मेनन मार्ग पर स्थित अपना पुराना सरकारी घर छोड़ चुके हैं. 22 अकबर रोड स्थित यह बंगला भी 'टाइप आठ' बंगला है. अरुण जेटली फिलहाल कैलाश कॉलोनी में अपने निजी आवास पर हैं. अस्वस्थ होने के कारण जेटली ने मंत्रीपद स्वीकार करने से इंकार कर दिया था. अकबर रोड में फिलहाल पूर्व मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह रहते हैं और वो जल्द ही यह बंगला खाली करेंगे. उन्हें 'टाइप सात' बंगला आवंटित किया जाएगा. 22 अकबर रोड में नीतीश कुमार, गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी आदि रह चुके हैं. संभावना है कि अरुण जेटली इसे ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल करेंगे. बता दें कि टाइप आठ बंगले में आठ बेडरूम, चार सर्वेंट क्वार्टर दो गैराज और आगे पीछे लॉन होता है. अरुण जेटली का पुराना बंगला दो कृष्ण मेनन मार्ग अब आरके सिंह को आवंटित किया गया है. दो कृष्ण मेनन मार्ग को कई नेता शुभ नहीं मानते. यहां रहने वाले नवीन पटनायक और एसआर बाला सुब्रहमण्यम दिल्ली में नहीं टिक सके थे. मुलायम सिंह यादव भी इस घर में रहे थे. इससे पहले खबर आई थी कि अरुण जेटली जल्द ही अपने नए सरकारी आवास में जा सकते हैं. बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नई मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले 29 मई को पूर्व वित्त मंत्री जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि वह स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते. राज्यसभा सदस्य जेटली ने कहा था कि पिछले 18 महीनों से वह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं और इसलिए भविष्य में किसी जिम्मेदारी से खुद को दूर रखना चाहेंगे तथा इलाज एवं स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
सारांश: अरुण जेटली को मिला दूसरा सरकारी आवास 22 अकबर रोड पर आवंटित हुआ 'टाइप 8' बंगला अरुण जेटली फिलहाल कैलाश कॉलोनी में अपने निजी आवास पर हैं
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी अपनी दो दिवसीय यात्रा के तहत मंगलवार को जम्मू पहुंचे। यहां उनका शानदार स्वागत किया गया। हवाईअड्डे से लेकर राहुल के ठहरने के लिए जिस गेस्ट हाउस में इंतजाम किया गया था, वहां तक कांग्रेस व युवा कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए सड़क के दोनों ओर पंक्तिबद्ध होकर खड़े थे। वे 'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे और पार्टी का झंडा लहरा रहे थे। राहुल ने भी उनकी ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। वह यहां दो समारोहों में शामिल होंगे। वह युवाओं व इस साल हुए स्थानीय निकाय के चुनावों में नवनिर्वाचित पंचों व सरपंचों से बातचीत करेंगे। राहुल की रैलियों की व्यवस्था देख रहे राज्य के राजस्व मंत्री रमन भल्ला ने कहा, "वह निश्चित रूप से युवा कांग्रेस में सदस्यता को बढ़ावा देने के लिए यहां आए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि वह हमें जम्मू एवं कश्मीर में पार्टी के चहुंमुखी विकास के लिए दिशा-निर्देश दें।" राहुल को भल्ला के गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र में ही दोनों कार्यक्रमों में शामिल होना है। उन्होंने राज्य की अपनी दो दिवसीय यात्रा सोमवार को शुरू की थी। वह सबसे पहले लद्दाख क्षेत्र के कारगिल में और फिर श्रीनगर पहुंचे।
यह एक सारांश है: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी अपनी दो दिवसीय यात्रा के तहत मंगलवार को जम्मू पहुंचे। यहां उनका शानदार स्वागत किया गया।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपने खिलाफ जारी किए गए यात्रा परामर्श पर गंभीर रूख अपनाते भारत ने बुधवार को यह मुद्दा ऑस्ट्रेलिया के साथ उठाया और इसे वापस लेने का आग्रह किया जिसमें असंगत भाषा का इस्तेमाल किया गया है और जोकि मौजूदा पर्यटन चलन के उलट है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीएचओजीएम समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने गए विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री केविन रड से बातचीत की और इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। कृष्णा ने भारत की यात्रा करने वाले सैलानियों के लिए जारी यात्रा परामर्श को वापस लेने को कहा। उन्होंने रड से कहा, इन परामर्श में इस्तेमाल की गई भाषा असंगत है और भारत में पर्यटन के मौजूदा चलन के विपरीत है। कृष्णा को रड ने बताया कि ये नियमित परामर्श हैं। उन्होंने कहा, भारत के साथ साझा करने के लिए हमारे पास कोई विशेष चेतावनी की सूचना नहीं है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कृष्णा के इस मुद्दे को कनाडा और न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ भी उठाए जाने की संभावना है।
यह एक सारांश है: सूत्रों ने बताया कि सीएचओजीएम समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने गए विदेश मंत्री कृष्णा ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री रड से बातचीत की।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल के निशाने पर आए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि केजरीवाल अपने बयान पर खेद जताए, नहीं तो वह उन पर मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।टिप्पणियां निशंक ने कहा कि बिना सबूत के केजरीवाल को किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। केजरीवाल ने शनिवार को हरिद्वार में कहा था कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री निशंक की सरकार में कुंभ के दौरान घोटाला हुआ। टीम अन्ना अच्छा लोकायुक्त कानून लाने की वजह से जहां एक ओर खंडूडी सरकार के पक्ष में बयान दे रही है, वहीं बीजेपी के उन नेताओं को भी निशाना बना रही है, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। निशंक ने कहा कि बिना सबूत के केजरीवाल को किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। केजरीवाल ने शनिवार को हरिद्वार में कहा था कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री निशंक की सरकार में कुंभ के दौरान घोटाला हुआ। टीम अन्ना अच्छा लोकायुक्त कानून लाने की वजह से जहां एक ओर खंडूडी सरकार के पक्ष में बयान दे रही है, वहीं बीजेपी के उन नेताओं को भी निशाना बना रही है, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। टीम अन्ना अच्छा लोकायुक्त कानून लाने की वजह से जहां एक ओर खंडूडी सरकार के पक्ष में बयान दे रही है, वहीं बीजेपी के उन नेताओं को भी निशाना बना रही है, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
संक्षिप्त सारांश: टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने हरिद्वार में कहा था कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री निशंक की सरकार में कुंभ के दौरान घोटाला हुआ।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की ओर से संचालित अस्पतालों में वेंटिलेटरों की कमी की खबरों पर रविवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की खिंचाई की. वेंटिलेटरों की कमी के बाबत मीडिया में आई खबरों से नाखुश केजरीवाल ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया जाहिर की. खबरों में दावा किया गया था कि अस्पतालों में एम्बु-बैग्स (सांस लेने में मददगार उपकरण) की भारी किल्लत है. केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'सत्येंद्र, यह स्वीकार्य नहीं है.' फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ दिल्ली (एफओआरडीए) ने दावा किया कि उन्होंने कई बार वेंटिलेटरों सहित कई अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी के मुद्दे को दिल्ली सरकार के सामने उठाया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया.टिप्पणियां एफओआरडीए के अध्यक्ष डॉ. पंकज सोलंकी ने कहा, 'स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को इस बारे में कई बार कहा गया था.' सोलंकी ने कहा कि जून, 2015 में जब बेहतर सुविधाओं की मांग करते हुए रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे, उस वक्त जैन ने वेंटिलेटरों सहित अन्य साजोसामान मुहैया कराने के लिए तीन महीने का वक्त मांगा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वेंटिलेटरों की कमी के बाबत मीडिया में आई खबरों से नाखुश केजरीवाल ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया जाहिर की. खबरों में दावा किया गया था कि अस्पतालों में एम्बु-बैग्स (सांस लेने में मददगार उपकरण) की भारी किल्लत है. केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'सत्येंद्र, यह स्वीकार्य नहीं है.' फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ दिल्ली (एफओआरडीए) ने दावा किया कि उन्होंने कई बार वेंटिलेटरों सहित कई अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी के मुद्दे को दिल्ली सरकार के सामने उठाया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया.टिप्पणियां एफओआरडीए के अध्यक्ष डॉ. पंकज सोलंकी ने कहा, 'स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को इस बारे में कई बार कहा गया था.' सोलंकी ने कहा कि जून, 2015 में जब बेहतर सुविधाओं की मांग करते हुए रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे, उस वक्त जैन ने वेंटिलेटरों सहित अन्य साजोसामान मुहैया कराने के लिए तीन महीने का वक्त मांगा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'सत्येंद्र, यह स्वीकार्य नहीं है.' फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ दिल्ली (एफओआरडीए) ने दावा किया कि उन्होंने कई बार वेंटिलेटरों सहित कई अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी के मुद्दे को दिल्ली सरकार के सामने उठाया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया.टिप्पणियां एफओआरडीए के अध्यक्ष डॉ. पंकज सोलंकी ने कहा, 'स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को इस बारे में कई बार कहा गया था.' सोलंकी ने कहा कि जून, 2015 में जब बेहतर सुविधाओं की मांग करते हुए रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे, उस वक्त जैन ने वेंटिलेटरों सहित अन्य साजोसामान मुहैया कराने के लिए तीन महीने का वक्त मांगा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एफओआरडीए के अध्यक्ष डॉ. पंकज सोलंकी ने कहा, 'स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को इस बारे में कई बार कहा गया था.' सोलंकी ने कहा कि जून, 2015 में जब बेहतर सुविधाओं की मांग करते हुए रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे, उस वक्त जैन ने वेंटिलेटरों सहित अन्य साजोसामान मुहैया कराने के लिए तीन महीने का वक्त मांगा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:खबरों में दावा किया गया था कि अस्पतालों में एम्बु-बैग्स की किल्लत है सुविधाओं की कमी को सरकार के सामने कई बार उठाया : एफओआरडीए केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'सत्येंद्र, यह स्वीकार्य नहीं है'
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: पंजाब के तरनतारन जिले में सरकारी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं पर जुल्म ढाने वाले प्रिंसिपल दलबीर सिंह देओल को सस्पेंड कर दिया गया है। यहां पढ़ रही छात्राओं ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल इन्हें खुलेआम जलील करता है। छात्राओें को मुर्गा बनाकर उन पर डंडे बरसाता है। जब तक हो सका इन छात्राओं ने जुल्म सहा लेकिन जब पानी सिर से ऊपर निकल गया तो छात्राओं ने अपने परिवार को इस बारे में बताया। अभिभावकों ने जब प्रिंसिपल से इस बारे में बात की तो उन्होंने छात्राओं पर ही सवाल खड़े कर दिए। मीडिया के जरिए जब बात शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंची तब जाकर प्रिंसिपल पर यह कार्रवाई की गई है। छात्राओें को मुर्गा बनाकर उन पर डंडे बरसाता है। जब तक हो सका इन छात्राओं ने जुल्म सहा लेकिन जब पानी सिर से ऊपर निकल गया तो छात्राओं ने अपने परिवार को इस बारे में बताया। अभिभावकों ने जब प्रिंसिपल से इस बारे में बात की तो उन्होंने छात्राओं पर ही सवाल खड़े कर दिए। मीडिया के जरिए जब बात शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंची तब जाकर प्रिंसिपल पर यह कार्रवाई की गई है।
पंजाब के तरनतारन जिले में सरकारी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं पर जुल्म ढाने वाले प्रिंसिपल दलबीर सिंह देओल को सस्पेंड कर दिया गया है।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक बेहद शर्मनाक घटना में मुंबई के उपनगरीय पवई इलाके में एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किया गया और फिर घर में लूटपाट भी की गई।टिप्पणियां 61-वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार शाम को एक शख्स कूरियर वाला बनकर उनके घर में घुसा और अकेला पाकर उनके साथ बलात्कार किया। जाते-जाते वह घर से सामान वगैरह भी चुरा ले गया। पुलिस ने बलात्कार और डकैती का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी शख्स पीड़ित महिला की जान-पहचान का लगता है। पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में लिया है। 61-वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार शाम को एक शख्स कूरियर वाला बनकर उनके घर में घुसा और अकेला पाकर उनके साथ बलात्कार किया। जाते-जाते वह घर से सामान वगैरह भी चुरा ले गया। पुलिस ने बलात्कार और डकैती का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी शख्स पीड़ित महिला की जान-पहचान का लगता है। पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बलात्कार और डकैती का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी शख्स पीड़ित महिला की जान-पहचान का लगता है। पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में लिया है।
यह एक सारांश है: एक बेहद शर्मनाक घटना में मुंबई के उपनगरीय पवई इलाके में एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किया गया और फिर घर में लूटपाट भी की गई।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने शुक्रवार को अपना घोषणा-पत्र जारी किया। इसमें किसानों, युवाओं, गरीबों, छात्रों और अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश की गई है। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पार्टी कार्यालय में घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें 12वीं पास करने वाले छात्रों को नि:शुल्क लैपटॉप, 10 पास करने वाले छात्रों को टैबलेट, मुसलमानों के लिए जनसंख्या के आधार पर आरक्षण, बेरोजगारों के लिए बेरोजगारी भत्ता, मेधावी छात्राओं के लिए कन्या विद्या धन, किसानों को पेंशन एवं कर्ज देने का वादा किया गया है। इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पार्टी कार्यालय में घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें 12वीं पास करने वाले छात्रों को नि:शुल्क लैपटॉप, 10 पास करने वाले छात्रों को टैबलेट, मुसलमानों के लिए जनसंख्या के आधार पर आरक्षण, बेरोजगारों के लिए बेरोजगारी भत्ता, मेधावी छात्राओं के लिए कन्या विद्या धन, किसानों को पेंशन एवं कर्ज देने का वादा किया गया है। इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सपा ने अपना घोषणा-पत्र जारी किया। इसमें किसानों, युवाओं, गरीबों, छात्रों और अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश की गई है।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगर आप बिना सोचे समझे किसी घटना के होने का दावा करते हैं तो जरा संभल जाइए. बेलारूस के एक पत्रकार का दावा गलत साबित होने पर उसे अखबार को खाना पड़ा. व्यासेलव फेडोरेनकोव नाम के पत्रकार ने बर्फ पर हॉकी खेलने वाली टीम के बारे में एक दावा किया था. दावा गलत साबित होने पर उन्हें अखबार खाकर इसकी कीमत चुकानी पड़ी. व्यासेलव फेडोरेनकोव बेलारूस के मशहूर खेल अखबार प्रेसबॉल के संपादक हैं. उन्होंने अपनी खबर में दावा किया था कि कांटिनेंटल हॉकी लीग (केएचएल) के प्ले ऑफ में डायनमो मिंस्क की टीम नहीं पहुंचेगी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया था कि अगर उनकी ये खबर गलत साबित हुई तो वे अपने लिखे शब्द को खाएंगे. डायनमो मिंस्क की टीम ने अच्छे खेल की बदौलत पत्रकार को गलत साबित करते हुए प्ले ऑफ में पहुंच गई. इसके बाद पत्रकार को अपने वादे मुताबिक प्रेसबॉल अखबार के पन्नों को कैमरे के सामने खाना पड़ा. टिप्पणियां बताया जा रहा है कि पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव ने अखबार के पन्नों का पहले सूप बनाया फिर उसे पी गए. उन्होंने अखबार के उसी हिस्से को खाया जितने में उनकी खबर प्रकाशित हुई थी. अखबार खाने की तस्वीरें ली गईं और उसे अगले दिन प्रकाशित की गई. मालूम हो कि भारत सहित दुनिया भर के पत्रकार सूत्रों के हवाले से कई बार खबरें प्रकाशित करते हैं. कई बार ये खबरें गलत साबित होती हैं. ज्यादातर मामलों में खबर गलत होने पर पत्रकार से कोई सवाल-जवाब नहीं किया जाता है. पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव की साथ घटी घटना बिना पुष्टि के खबरें लिखने वाले दूसरे पत्रकारों के सामने मिसाल बन सकती है. व्यासेलव फेडोरेनकोव बेलारूस के मशहूर खेल अखबार प्रेसबॉल के संपादक हैं. उन्होंने अपनी खबर में दावा किया था कि कांटिनेंटल हॉकी लीग (केएचएल) के प्ले ऑफ में डायनमो मिंस्क की टीम नहीं पहुंचेगी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया था कि अगर उनकी ये खबर गलत साबित हुई तो वे अपने लिखे शब्द को खाएंगे. डायनमो मिंस्क की टीम ने अच्छे खेल की बदौलत पत्रकार को गलत साबित करते हुए प्ले ऑफ में पहुंच गई. इसके बाद पत्रकार को अपने वादे मुताबिक प्रेसबॉल अखबार के पन्नों को कैमरे के सामने खाना पड़ा. टिप्पणियां बताया जा रहा है कि पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव ने अखबार के पन्नों का पहले सूप बनाया फिर उसे पी गए. उन्होंने अखबार के उसी हिस्से को खाया जितने में उनकी खबर प्रकाशित हुई थी. अखबार खाने की तस्वीरें ली गईं और उसे अगले दिन प्रकाशित की गई. मालूम हो कि भारत सहित दुनिया भर के पत्रकार सूत्रों के हवाले से कई बार खबरें प्रकाशित करते हैं. कई बार ये खबरें गलत साबित होती हैं. ज्यादातर मामलों में खबर गलत होने पर पत्रकार से कोई सवाल-जवाब नहीं किया जाता है. पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव की साथ घटी घटना बिना पुष्टि के खबरें लिखने वाले दूसरे पत्रकारों के सामने मिसाल बन सकती है. डायनमो मिंस्क की टीम ने अच्छे खेल की बदौलत पत्रकार को गलत साबित करते हुए प्ले ऑफ में पहुंच गई. इसके बाद पत्रकार को अपने वादे मुताबिक प्रेसबॉल अखबार के पन्नों को कैमरे के सामने खाना पड़ा. टिप्पणियां बताया जा रहा है कि पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव ने अखबार के पन्नों का पहले सूप बनाया फिर उसे पी गए. उन्होंने अखबार के उसी हिस्से को खाया जितने में उनकी खबर प्रकाशित हुई थी. अखबार खाने की तस्वीरें ली गईं और उसे अगले दिन प्रकाशित की गई. मालूम हो कि भारत सहित दुनिया भर के पत्रकार सूत्रों के हवाले से कई बार खबरें प्रकाशित करते हैं. कई बार ये खबरें गलत साबित होती हैं. ज्यादातर मामलों में खबर गलत होने पर पत्रकार से कोई सवाल-जवाब नहीं किया जाता है. पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव की साथ घटी घटना बिना पुष्टि के खबरें लिखने वाले दूसरे पत्रकारों के सामने मिसाल बन सकती है. बताया जा रहा है कि पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव ने अखबार के पन्नों का पहले सूप बनाया फिर उसे पी गए. उन्होंने अखबार के उसी हिस्से को खाया जितने में उनकी खबर प्रकाशित हुई थी. अखबार खाने की तस्वीरें ली गईं और उसे अगले दिन प्रकाशित की गई. मालूम हो कि भारत सहित दुनिया भर के पत्रकार सूत्रों के हवाले से कई बार खबरें प्रकाशित करते हैं. कई बार ये खबरें गलत साबित होती हैं. ज्यादातर मामलों में खबर गलत होने पर पत्रकार से कोई सवाल-जवाब नहीं किया जाता है. पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव की साथ घटी घटना बिना पुष्टि के खबरें लिखने वाले दूसरे पत्रकारों के सामने मिसाल बन सकती है. मालूम हो कि भारत सहित दुनिया भर के पत्रकार सूत्रों के हवाले से कई बार खबरें प्रकाशित करते हैं. कई बार ये खबरें गलत साबित होती हैं. ज्यादातर मामलों में खबर गलत होने पर पत्रकार से कोई सवाल-जवाब नहीं किया जाता है. पत्रकार व्यासेलव फेडोरेनकोव की साथ घटी घटना बिना पुष्टि के खबरें लिखने वाले दूसरे पत्रकारों के सामने मिसाल बन सकती है.
पत्रकार का दावा, डायनमो मिंस्क की टीम प्ले ऑफ में नहीं पहुंचेगी. खबर गलत साबित होने पर अखबार का सूप बनाकर पीना पड़ा. बेलारूस के मशहूर खेल अखबार प्रेसबॉल के संपादक है पत्रकार.
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले सप्ताह से ही अमेरिकी डॉलर की तुलना में लगातार गिरते रहे रुपये ने लुढ़कते-लुढ़कते मंगलवार को एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया और नए रसातल में पहुंचकर अब तक के न्यूनतम स्तर 55.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये के लिहाज़ से दिन का सर्वश्रेष्ठ स्तर 54.61 रुपये प्रति डॉलर रहा, जबकि निम्नतम स्तर के रूप में रुपया आज 55.47 (55.4650) तक गिरा। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस बीच कहा कि डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत बाज़ार ही तय कर रहा है, और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ज़रूरत पड़ने पर ही दखल देगा। उल्लेखनीय है कि सोमवार को रुपया तब तक के सबसे निम्न स्तर 55.03 पर बंद हुआ था, और इसके बाद रिजर्व बैंक ने बैंकों के वायदा अनुबंध के लिए ‘पोजिशन लिमिट’ पर 10 करोड़ डॉलर की सीमा तय कर दी थी, जिसकी वजह से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले घरेलू मुद्रा 17 पैसे की मजबूती के साथ 54.86 पर खुली थी।टिप्पणियां यह पिछले पांच सत्र में लगातार पांचवां मौका है, जब रुपये ने नए न्यूनतम स्तर का रिकॉर्ड बनाया है। अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में पिछले सप्ताह तीन बार नए निचले स्तर का रिकॉर्ड बनाने के बाद शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे की मजबूती के साथ 54.42 पर बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार सोमवार को मुख्य रूप से आयातकों की डॉलर मांग बढ़ने, तथा तेल व रक्षा संबंधी डॉलर खरीद से रुपये पर काफी असर पड़ा था, और वह फिर नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। उल्लेखनीय है कि सोमवार को रुपया तब तक के सबसे निम्न स्तर 55.03 पर बंद हुआ था, और इसके बाद रिजर्व बैंक ने बैंकों के वायदा अनुबंध के लिए ‘पोजिशन लिमिट’ पर 10 करोड़ डॉलर की सीमा तय कर दी थी, जिसकी वजह से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले घरेलू मुद्रा 17 पैसे की मजबूती के साथ 54.86 पर खुली थी।टिप्पणियां यह पिछले पांच सत्र में लगातार पांचवां मौका है, जब रुपये ने नए न्यूनतम स्तर का रिकॉर्ड बनाया है। अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में पिछले सप्ताह तीन बार नए निचले स्तर का रिकॉर्ड बनाने के बाद शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे की मजबूती के साथ 54.42 पर बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार सोमवार को मुख्य रूप से आयातकों की डॉलर मांग बढ़ने, तथा तेल व रक्षा संबंधी डॉलर खरीद से रुपये पर काफी असर पड़ा था, और वह फिर नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। यह पिछले पांच सत्र में लगातार पांचवां मौका है, जब रुपये ने नए न्यूनतम स्तर का रिकॉर्ड बनाया है। अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में पिछले सप्ताह तीन बार नए निचले स्तर का रिकॉर्ड बनाने के बाद शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे की मजबूती के साथ 54.42 पर बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार सोमवार को मुख्य रूप से आयातकों की डॉलर मांग बढ़ने, तथा तेल व रक्षा संबंधी डॉलर खरीद से रुपये पर काफी असर पड़ा था, और वह फिर नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। कारोबारियों के अनुसार सोमवार को मुख्य रूप से आयातकों की डॉलर मांग बढ़ने, तथा तेल व रक्षा संबंधी डॉलर खरीद से रुपये पर काफी असर पड़ा था, और वह फिर नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था।
यह एक सारांश है: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस बीच कहा कि डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत बाज़ार ही तय कर रहा है, और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ज़रूरत पड़ने पर ही दखल देगा।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली  का अंतिम संस्कार आज दोपहर बाद किया जाएगा. अभी उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय में रखा गया है. जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर रहे हैं.  इसके बाद  2:00 बजे से उनकी अंतिम यात्रा निगमबोध घाट के लिए शुरू होगी. बहरीन में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अरुण जेटली को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि गहरा दर्द दबाकर आपके बीच खड़ा हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा लंबा सफ़र जिस दोस्त के साथ तय किया, ऐसे अरुण जेटली अब हमारे  बीच नहीं रहे. उन्होंने ये भी कहा कि  कुछ दिन पहले बहन सुषमा जी चली गईं और अब मेरे दोस्त अरुण जेटली जी नहीं रहे. अरुण जेटली के निधन पर भारतीय क्रिकेट टीम ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी. एंटिगा में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ टेस्ट खेलने उतरी टीम इंडिया  के खिलाड़ी बाहों में काली पट्टी बांधकर मैदान पर खेलने उतरे.  भारतीय क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी बताते हैं कि स्टेडियम को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को सुविधाएं देने में वो ख़ास रुचि लेते थे. अरुण जेटली लंबे समय तक डीडीसीए के अध्यक्ष भी रहे.  इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और कई अन्य राजनेताओं ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली को शनिवार को दक्षिण दिल्ली में स्थित उनके आवास पर श्रद्धासुमन अर्पित किये. जेटली (66) का आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है. उनके परिवार में पत्नी एवं बच्चे हैं. अमित शाह ने जेटली के आवास पर लगभग साढ़े तीन घंटे बिताये. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं भाजपा कार्यकर्ताओं तथा उनके प्रशंसकों ने जेटली को अंतिम विदाई दी.  जेटली का पार्थिव शरीर कांच के ताबूत में रखा गया.  नेताओं ने इस दौरान श्रद्धासुमन अर्पित किये और पुष्पचक्र चढ़ाये.    केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, हर्षवर्धन, जितेंद्र सिंह और एस. जयशंकर के अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित विभिन्न नेताओं ने जेटली को अंतिम विदाई दी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजीव शुक्ला के अलावा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान तथा उनके पुत्र चिराग पासवान ने भी दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी.    योगी आदित्यनाथ, अरविंद केजरीवाल, नवीन पटनायक, कमलनाथ समेत विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जेटली के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
संक्षिप्त पाठ: कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि आज है अंतिम संस्कार शनिवार को हुआ था निधन
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस हफ्ते गुरुवार तक खाद्य सुरक्षा बिल आ सकता है। सरकार का इरादा 22 मार्च से पहले बिल पेश करने का है। आज कानून मंत्रालय इस बिल को मंजूरी दे सकता है।टिप्पणियां एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने कहा कि इस बिल में 67 फीसदी लोगों को शामिल करने का इरादा है। यानी क़रीब 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को इसका फायदा पहुंचेगा। बिल में हर शख्स को पांच किलो सस्ता अनाज देने की बात है− यानी पांच सदस्यों वाले परिवार को 25 किलो अनाज मिलेगा। चावल तीन रुपये किलो, गेहूं दो रुपये किलो और मोटा अनाज एक रुपये किलो दिया जाएगा। एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने कहा कि इस बिल में 67 फीसदी लोगों को शामिल करने का इरादा है। यानी क़रीब 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को इसका फायदा पहुंचेगा। बिल में हर शख्स को पांच किलो सस्ता अनाज देने की बात है− यानी पांच सदस्यों वाले परिवार को 25 किलो अनाज मिलेगा। चावल तीन रुपये किलो, गेहूं दो रुपये किलो और मोटा अनाज एक रुपये किलो दिया जाएगा। बिल में हर शख्स को पांच किलो सस्ता अनाज देने की बात है− यानी पांच सदस्यों वाले परिवार को 25 किलो अनाज मिलेगा। चावल तीन रुपये किलो, गेहूं दो रुपये किलो और मोटा अनाज एक रुपये किलो दिया जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: इस हफ्ते गुरुवार तक खाद्य सुरक्षा बिल आ सकता है। सरकार का इरादा 22 मार्च से पहले बिल पेश करने का है। आज कानून मंत्रालय इस बिल को मंजूरी दे सकता है।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के एक द्वितीय श्रेणी के कम्पाउंडर को एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। 52 साल के महेश चंद शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने और रिश्वत लेने का आरोप है। उसकी कुल संपत्ति 100 करोड़ से ज़्यादा बताई जा रही है। आरोपी कम्पाउंडर महेश चंद शर्मा की राजस्थान के 25 नर्सिंग कॉलेजों में पार्टनरशिप है। तीन महीने पहले ही उसने जयपुर का एक अस्पताल 22 करोड़ रुपये में खरीदा था। शर्मा को एक नर्सिंग कॉलेज के मालिक की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। जयपुर के एक नर्सिंग कॉलेज के मालिक की शिकायत के बाद महेश चंद को गिरफ़्तार किया गया है। आरोपी कम्पाउंडर महेश चंद शर्मा की राजस्थान के 25 नर्सिंग कॉलेजों में पार्टनरशिप है। तीन महीने पहले ही उसने जयपुर का एक अस्पताल 22 करोड़ रुपये में खरीदा था। शर्मा को एक नर्सिंग कॉलेज के मालिक की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। जयपुर के एक नर्सिंग कॉलेज के मालिक की शिकायत के बाद महेश चंद को गिरफ़्तार किया गया है।
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के एक द्वितीय श्रेणी के कम्पाउंडर को एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। 52 साल के महेश चंद शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने और रिश्वत लेने का आरोप है।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत द्वारा हिंदुओं के दमन पर चिता जताने के बीच पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सिंध प्रांत में हिंदुओं से मिलकर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए सांसदों की एक तीन सदस्यीय समिति गठित की है। जरदारी ने यह कदम तब उठाया, जब तमाम हिंदू परिवारों ने अपना घर-बार छोड़कर पाकिस्तान से पलायन का निर्णय लिया। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) द्वारा जारी रपट के अनुसार, सिंध प्रांत में हिंदुओं के भीतर असुरक्षा की भावना से सम्बंधित खबरों को जरदारी ने गम्भीरता से लिया है और सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हिंदुओं की शिकायतें दूर की जाएं और उस बारे में रपट उन्हें सौंपी जाए। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि राष्ट्रपति ने सांसदों की एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो सिंध प्रांत के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी और उनकी तरफ से तथा सरकार की ओर से हिंदुओं के प्रति सहानुभूति जाहिर करेगी और उनकी सुरक्षा व बेहतरी का उन्हें भरोसा दिलाएगी। इस समिति में सीनेटर हरि राम, नेशनल एसेम्बली के सदस्य लालचंद और संघीय मंत्री मौला बख्श चंदियो शामिल हैं। ज्ञात हो कि लगभग 250 हिंदू स्थानीय अधिकारियों को यह वादा कर भारत चले गए कि तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद वे वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये का विरोध किया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) द्वारा जारी रपट के अनुसार, सिंध प्रांत में हिंदुओं के भीतर असुरक्षा की भावना से सम्बंधित खबरों को जरदारी ने गम्भीरता से लिया है और सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हिंदुओं की शिकायतें दूर की जाएं और उस बारे में रपट उन्हें सौंपी जाए। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि राष्ट्रपति ने सांसदों की एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो सिंध प्रांत के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी और उनकी तरफ से तथा सरकार की ओर से हिंदुओं के प्रति सहानुभूति जाहिर करेगी और उनकी सुरक्षा व बेहतरी का उन्हें भरोसा दिलाएगी। इस समिति में सीनेटर हरि राम, नेशनल एसेम्बली के सदस्य लालचंद और संघीय मंत्री मौला बख्श चंदियो शामिल हैं। ज्ञात हो कि लगभग 250 हिंदू स्थानीय अधिकारियों को यह वादा कर भारत चले गए कि तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद वे वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये का विरोध किया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि राष्ट्रपति ने सांसदों की एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो सिंध प्रांत के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी और उनकी तरफ से तथा सरकार की ओर से हिंदुओं के प्रति सहानुभूति जाहिर करेगी और उनकी सुरक्षा व बेहतरी का उन्हें भरोसा दिलाएगी। इस समिति में सीनेटर हरि राम, नेशनल एसेम्बली के सदस्य लालचंद और संघीय मंत्री मौला बख्श चंदियो शामिल हैं। ज्ञात हो कि लगभग 250 हिंदू स्थानीय अधिकारियों को यह वादा कर भारत चले गए कि तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद वे वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये का विरोध किया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि राष्ट्रपति ने सांसदों की एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो सिंध प्रांत के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी और उनकी तरफ से तथा सरकार की ओर से हिंदुओं के प्रति सहानुभूति जाहिर करेगी और उनकी सुरक्षा व बेहतरी का उन्हें भरोसा दिलाएगी। इस समिति में सीनेटर हरि राम, नेशनल एसेम्बली के सदस्य लालचंद और संघीय मंत्री मौला बख्श चंदियो शामिल हैं। ज्ञात हो कि लगभग 250 हिंदू स्थानीय अधिकारियों को यह वादा कर भारत चले गए कि तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद वे वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये का विरोध किया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। इस समिति में सीनेटर हरि राम, नेशनल एसेम्बली के सदस्य लालचंद और संघीय मंत्री मौला बख्श चंदियो शामिल हैं। ज्ञात हो कि लगभग 250 हिंदू स्थानीय अधिकारियों को यह वादा कर भारत चले गए कि तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद वे वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये का विरोध किया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। ज्ञात हो कि लगभग 250 हिंदू स्थानीय अधिकारियों को यह वादा कर भारत चले गए कि तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद वे वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये का विरोध किया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का भारत में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये का विरोध किया। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा, "सरकार को देखना चाहिए कि क्या वे यहां रहना चाहते हैं या फिर वापस जाना चाहते हैं। हम सरकार से कार्रवाई की मांग करते हैं। हम पूरे देश को हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये को दिखाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान की लोकतांत्रिक सरकार की प्रमुख प्राथमिकता अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें सशक्त करना है।"टिप्पणियां 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। 250 हिंदू परिवारों का भारत आगमन ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दिवस मनाया जा रहा है। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार रात सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया था कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश है और पूछा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने हिंदुओं को इतनी बड़ी संख्या में वीजा क्यों दिए? यही नहीं मलिक ने हिंदुओं को सिंध के जकोबाबाद से आगे तबतक नहीं बढ़ने दिया, जबतक कि उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं कर लिया कि वे भारत में शरण नहीं लेंगे, बल्कि तीर्थ करने के बाद वापस लौट आएंगे।
यह एक सारांश है: भारत द्वारा हिंदुओं के दमन पर चिता जताने के बीच पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सिंध प्रांत में हिंदुओं से मिलकर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए सांसदों की एक तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: किफायती दर पर विमान सेवा देने वाली घरेलू कंपनी इंडिगो सिंगापुर के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाएगी। कंपनी का कहना है कि दोनों देशों के बीच वायु सेवा समझौते के तहत जितनी उड़ानों की मंजूरी है, उस लिहाज से अभी इस मार्ग का पूर्ण दोहन नहीं हुआ है। इंडिगो के अध्यक्ष आदित्य घोष ने कहा कि फिलहाल भारतीय पक्ष समझौते के तहत मिली अनुमति के मुकाबले 50 प्रतिशत उड़ानों का उपयोग कर रहा है। ऐसे में उड़ानों की संख्या बढ़ाने की काफी संभावना है। उन्होंने कहा, लेकिन हमें उम्मीद है कि स्थिति अब बदलेगी और हम उड़ान बढ़ाएंगे। इंडिगो ने 15 सितंबर को सिंगापुर के लिए सस्ती विमान सेवा शुरू की है। घोष ने कहा दिल्ली-सिंगापुर तथा मुंबई-हैदराबाद के अलावा हमारी अगले छह से आठ महीने में हैदराबाद तथा चेन्नई को भी सिंगापुर से जोड़ने की योजना है। इसके बाद हम इस सूची में कोलकाता को भी शामिल करेंगे। इंडिगो देश के 26 शहरों में अपनी सेवा दे रही है और उसकी इन सभी को सिंगापुर से जोड़ने की योजना है। घोष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर विस्तार की भी योजना है। इसके तहत वह जेद्दा तथा ढाका के लिए उड़ान सेवा शुरू करेगी। हाल ही में इंडिगो ने दुबई और बैंकाक के लिए उड़ान सेवा शुरू की है।
संक्षिप्त पाठ: कंपनी का कहना है कि दोनों देशों के बीच वायु सेवा समझौते के तहत जितनी उड़ानों की मंजूरी है, उस लिहाज से अभी इस मार्ग का पूर्ण दोहन नहीं हुआ है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर की शादी नताशा जैन के साथ दिल्ली−गुड़गांव रोड पर वेस्ट एंड ग्रीन फार्म हाउस में हो रही है। 27 साल की नताशा दिल्ली के एक व्यवसायी परिवार से हैं। शाम साढ़े पांच से 7 बजे के बीच फेरों के बाद ये जोड़ा फोटो सेशन के लिए मीडिया के सामने आएगा। इस समारोह के लिए 200 से 250 मेहमानों को बुलाया गया है। लेकिन 29 अक्टूबर को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में होने वाले 20−20 मैच के चलते टीम इंडिया के उनके साथी खिलाड़ी इस शादी में शरीक नहीं हो पा रहे हैं। गौतम गंभीर अपने शादी में ज्यादा तामझाम नहीं चाहते इसीलिए नजदीकि रिश्तेदारों को ही शादी में बुलाया गया है। गंभीर मशहूर पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। खबर है कि राहत और आतिफ असलम को शादी में गाने के लिए बुलाया गया है। गंभीर शांतनू−निखिल का डिज़ाइन किया हुआ ड्रेस पहनेंगे। कोलकाता नाइटराइडर्स के मालिक शाहरुख खान कनाडा में हैं मगर वे वापस लौटकर शादी में शरीक होने की पूरी कोशिश करेंगे। लेकिन टीम की सह−मालकिन जूही चावला अपने पति जय मेहता के साथ शादी में आने की पूरी संभावना है। इनके अलावा अक्षय कुमार को भी शादी का निमंत्रण भेजा गया है। अक्षय डेल्ही डेयरडेविल्स के ब्रैंड एंबेसडर थे।
संक्षिप्त सारांश: टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर की शादी नताशा जैन के साथ दिल्ली−गुड़गांव रोड पर वेस्ट एंड ग्रीन फार्म हाउस में हो रही है।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 13.88 अंकों की तेजी के साथ 19,915.95 पर और निफ्टी 2.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,907.30 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 32.07 अंकों की गिरावट के साथ 19,870.00 पर खुला और 13.88 अंकों या 0.07 फीसदी तेजी के साथ 19,915.95 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,052.00 के ऊपरी और 19,833.17 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। कोल इंडिया (2.46 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.08 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.44 फीसदी), भारती एयरटेल (1.20 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.10 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे डॉ. रेड्डीज लैब (2.49 फीसदी), जिंदल स्टील (1.77 फीसदी), एलएंडटी (0.97 फीसदी), एनटीपीसी (0.94 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.79 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,891.30 पर खुला और 2.40 अंकों या 0.04 फीसदी गिरावट के साथ 5,907.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,950.45 के ऊपरी और 5,885.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। मिडकैप 15.29 अंकों की तेजी के साथ 5,731.01 पर और स्मॉलकैप 26.93 अंकों की तेजी के साथ 5,565.54 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.65 फीसदी), वाहन (0.94 फीसदी), धातु (0.63 फीसदी), तेल एवं गैस (0.46 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 32.07 अंकों की गिरावट के साथ 19,870.00 पर खुला और 13.88 अंकों या 0.07 फीसदी तेजी के साथ 19,915.95 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,052.00 के ऊपरी और 19,833.17 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। कोल इंडिया (2.46 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.08 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.44 फीसदी), भारती एयरटेल (1.20 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.10 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे डॉ. रेड्डीज लैब (2.49 फीसदी), जिंदल स्टील (1.77 फीसदी), एलएंडटी (0.97 फीसदी), एनटीपीसी (0.94 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.79 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,891.30 पर खुला और 2.40 अंकों या 0.04 फीसदी गिरावट के साथ 5,907.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,950.45 के ऊपरी और 5,885.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। मिडकैप 15.29 अंकों की तेजी के साथ 5,731.01 पर और स्मॉलकैप 26.93 अंकों की तेजी के साथ 5,565.54 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.65 फीसदी), वाहन (0.94 फीसदी), धातु (0.63 फीसदी), तेल एवं गैस (0.46 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। कोल इंडिया (2.46 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.08 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.44 फीसदी), भारती एयरटेल (1.20 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.10 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे डॉ. रेड्डीज लैब (2.49 फीसदी), जिंदल स्टील (1.77 फीसदी), एलएंडटी (0.97 फीसदी), एनटीपीसी (0.94 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.79 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,891.30 पर खुला और 2.40 अंकों या 0.04 फीसदी गिरावट के साथ 5,907.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,950.45 के ऊपरी और 5,885.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। मिडकैप 15.29 अंकों की तेजी के साथ 5,731.01 पर और स्मॉलकैप 26.93 अंकों की तेजी के साथ 5,565.54 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.65 फीसदी), वाहन (0.94 फीसदी), धातु (0.63 फीसदी), तेल एवं गैस (0.46 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे डॉ. रेड्डीज लैब (2.49 फीसदी), जिंदल स्टील (1.77 फीसदी), एलएंडटी (0.97 फीसदी), एनटीपीसी (0.94 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.79 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,891.30 पर खुला और 2.40 अंकों या 0.04 फीसदी गिरावट के साथ 5,907.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,950.45 के ऊपरी और 5,885.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। मिडकैप 15.29 अंकों की तेजी के साथ 5,731.01 पर और स्मॉलकैप 26.93 अंकों की तेजी के साथ 5,565.54 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.65 फीसदी), वाहन (0.94 फीसदी), धातु (0.63 फीसदी), तेल एवं गैस (0.46 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,891.30 पर खुला और 2.40 अंकों या 0.04 फीसदी गिरावट के साथ 5,907.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,950.45 के ऊपरी और 5,885.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। मिडकैप 15.29 अंकों की तेजी के साथ 5,731.01 पर और स्मॉलकैप 26.93 अंकों की तेजी के साथ 5,565.54 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.65 फीसदी), वाहन (0.94 फीसदी), धातु (0.63 फीसदी), तेल एवं गैस (0.46 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी रही। मिडकैप 15.29 अंकों की तेजी के साथ 5,731.01 पर और स्मॉलकैप 26.93 अंकों की तेजी के साथ 5,565.54 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.65 फीसदी), वाहन (0.94 फीसदी), धातु (0.63 फीसदी), तेल एवं गैस (0.46 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.65 फीसदी), वाहन (0.94 फीसदी), धातु (0.63 फीसदी), तेल एवं गैस (0.46 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बिजली (0.49 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.49 फीसदी), बैंकिंग (0.25 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.15 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.13 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,203 शेयरों में तेजी और 1,155 में गिरावट रही, जबकि 140 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
यहाँ एक सारांश है:बंबई शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आज लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में जारी रहा और सेंसेक्स 14 अंक की बढ़त के साथ दो सप्ताह के उच्च स्तर 19,915.95 अंक पर पहुंच गया।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान के बीच गृह सचिव स्तर की वार्ता 28 मार्च से शुरू होगी। दो दिन चलने वाली इस बैठक के साथ ही दोनों देशों के बीच मुंबई आतंकी हमले के बाद से रुकी हुई वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू होने जा रही है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने भारत को 28 और 29 मार्च को बैठक करने के बारे में सहमति दे दी है। केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लै ने पाकिस्तान के आंतरिक सचिव चौधरी कमर जमां को पिछले हफ्ते निमंत्रण भेजा था। उन्होंने 21-22 मार्च और 28-29 मार्च की दो तारीखों का प्रस्ताव किया था। सूत्रों ने बताया कि बैठक में मुंबई आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान द्वारा की गई कार्रवाई और हमले की साजिश रचने वालों और अन्य आरोपियों की आवाज के नमूने (वॉयस सैम्पल) देने की भारत की मांग पर चर्चा की संभावना है। भारत ने हमले के मुख्य आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवाद जकी उर रहमान लखवी और अन्य के वॉयस सैम्पल की मांग की है। मुंबई शहर पर हमला बोलने वाले 10 आतंकवादियों को सीमा पार बैठे उनके यही आका पल पल पर निर्देश दे रहे थे। भारत और पाकिस्तान द्वारा हाल ही में व्यापक चर्चा शुरू करने को लेकर बनी सहमति के बाद आतंकवाद के मुद्दे पर यह पहली औपचारिक सचिव स्तर की वार्ता होगी। गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा है कि भारत मुंबई आतंकी हमले के सिलसिले में पाकिस्तान में हुई जांच की प्रगति के बारे में उससे पूछेगा। साथ ही आतंकवाद से जुडे अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना है।
यहाँ एक सारांश है:दो दिन चलने वाली इस बैठक के साथ ही दोनों देशों के बीच मुंबई आतंकी हमले के बाद से रुकी हुई वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू होने जा रही है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार के भविष्य पर सवालिया निशान लगाते हुए बीजेपी के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'मेरे पास एक व्हाट्सऐप आया है, गोवा के समंदर से मानसून उठा है, कर्नाटक होते मध्‍यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है. कुछ दिनों बाद मध्‍यप्रदेश का मौसम सुहाना होगा.' वहीं कांग्रेस कह रही है कि सरकार को कोई खतरा नहीं. खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा, 'मध्यप्रदेश में कोई संकट नहीं है.' स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने उनकी हां में हां मिलाते हुए कहा कि राज्‍य सरकार पर ना कोई खतरा था, ना है, ना रहेगा. 5 साल का कार्यकाल सरकार पूरा करेगी. वहीं खनन मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा कि 7 महीने से वो (बीजेपी) सपना देख रही है वो साकार नहीं होने वाला. वहीं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि फिलहाल 121 विधायक साथ हैं, आगे 125 साथ होंगे. 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 114 बीजेपी को 109 सीटें मिलीं, अभी झाबुआ विधायक सांसद बन गये इसलिये बीजेपी के 108 विधायक हैं, बहुमत का आंकड़ा 116 है. सरकार को 1 सपा, 2 बीएसपी और 4 निर्दलीयों का समर्थन है. कांग्रेस को लगता है, 121 का आंकड़ा उसके पास रहेगा और बीजेपी सपने देख रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'जहां तक मध्यप्रदेश की बात है, यह मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने जैसा ही होगा.' लेकिन बीजेपी की खुशी भी बिलावजह नहीं है. सरकार को समर्थन दे रही बसपा विधायक रामबाई ने शुक्रवार को विधानसभा में अपने परिवार को एक मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उनके परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा तो राज्य में किसे न्याय मिलेगा. रामबाई ने शून्यकाल के दौरान कहा कि दमोह जिले में एक परिवार के साथ हुई एक घटना में उनके परिवार को फंसा दिया गया है. उन्होंने कहा कि वे सरकार में शामिल हैं, पर उनके परिवार को न्याय नहीं मिल रहा और उनके परिवार के 28 लोगों को जेल में बंद कर दिया गया. इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि अगर उनके परिवार को न्याय नहीं मिला तो राज्य में और किसे न्याय मिलेगा. रामबाई ने इस मामले में सीबीआई जांच के लिए विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति से भी अनुरोध किया. बसपा विधायक संजू सिंह कुशवाह ने रामबाई का समर्थन किया, हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, क्योंकि यह मामला पहले से ही अदालत में है. विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कटाक्ष किया कि कमलनाथ सरकार 1/3 के गार्ड के साथ चल रही है. जवाब में कमलनाथ ने इस बात को माना लेकिन कहा कि उन्होंने विधायक की बात सुनने और उनके सुझाव लेने की ज़िम्मेदारी मंत्रियों को सौंपी है. कमलनाथ ने भी सरकार पर ख़तरे से इंकार करते हुए कहा, “आप गोवा और कर्नाटक की तुलना एमपी से नहीं कर सकते हैं, क्योंकि वहां की चीजें एमपी से बिल्कुल अलग हैं. मध्‍यप्रदेश में कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है.
यह एक सारांश है: बीजेपी ने कहा - कुछ दिनों बाद मध्‍यप्रदेश का मौसम सुहाना होगा कांग्रेस ने कहा- राज्य सरकार को कोई खतरा नहीं बसपा विधायक के परिवार के 28 लोग जेल में बंद
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तरलता प्रबंधन कार्य का सम्बंध विनिमय दर से नहीं है और न ही रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रत्यक्ष सम्बंध खुला बाजार संचालन से है। यह बात एक अधिकारी ने बुधवार को कही। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव का सम्बंध खुला बाजार संचालन से है। तरलता प्रबंधन कार्य का विनिमय दर से कोई सम्बंध नहीं है।" गोकर्ण ने यहां 'विजन तमिलनाडु बिल्डिंग सस्टेनेबल टुमारो' सेमिनार से इतर यह बात कही। सेमिनार का आयोजन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया ने किया था।टिप्पणियां गोकर्ण ने साथ ही कहा कि चालू खाता घाटे का असर रुपये पर पड़ता है और चालू खाता घाटा में सुधार करने से मुद्रा में स्थिरता आ सकती है। मानसून में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि बैंक उसी तरह मानसून का इंतजार कर रहा है, जिस तरह दूसरे लोग। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव का सम्बंध खुला बाजार संचालन से है। तरलता प्रबंधन कार्य का विनिमय दर से कोई सम्बंध नहीं है।" गोकर्ण ने यहां 'विजन तमिलनाडु बिल्डिंग सस्टेनेबल टुमारो' सेमिनार से इतर यह बात कही। सेमिनार का आयोजन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया ने किया था।टिप्पणियां गोकर्ण ने साथ ही कहा कि चालू खाता घाटे का असर रुपये पर पड़ता है और चालू खाता घाटा में सुधार करने से मुद्रा में स्थिरता आ सकती है। मानसून में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि बैंक उसी तरह मानसून का इंतजार कर रहा है, जिस तरह दूसरे लोग। गोकर्ण ने यहां 'विजन तमिलनाडु बिल्डिंग सस्टेनेबल टुमारो' सेमिनार से इतर यह बात कही। सेमिनार का आयोजन एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया ने किया था।टिप्पणियां गोकर्ण ने साथ ही कहा कि चालू खाता घाटे का असर रुपये पर पड़ता है और चालू खाता घाटा में सुधार करने से मुद्रा में स्थिरता आ सकती है। मानसून में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि बैंक उसी तरह मानसून का इंतजार कर रहा है, जिस तरह दूसरे लोग। गोकर्ण ने साथ ही कहा कि चालू खाता घाटे का असर रुपये पर पड़ता है और चालू खाता घाटा में सुधार करने से मुद्रा में स्थिरता आ सकती है। मानसून में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि बैंक उसी तरह मानसून का इंतजार कर रहा है, जिस तरह दूसरे लोग। मानसून में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि बैंक उसी तरह मानसून का इंतजार कर रहा है, जिस तरह दूसरे लोग।
संक्षिप्त पाठ: आरबीआई के तरलता प्रबंधन कार्य का सम्बंध विनिमय दर से नहीं है और न ही रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रत्यक्ष सम्बंध खुला बाजार संचालन से है।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को झटका लगा है। ब्रिटेन की सबसे बड़ी अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को स्वीडन प्रत्यर्पण करने के पक्ष में फैसला दिया है। वहां उन पर यौन हमले और बलात्कार के आरोप हैं। आज तकनीकी तौर पर यह तय होना था कि अंसाज के प्रत्यर्पण की मांग कर रहे स्वीडिश वकीलों को इसका अंततराष्ट्रीय न्यायिक अधिकार है भी या नहीं। दो अदालतें पहले ही असांज की अपील रद्द कर चुकी थीं। उन्होंने प्रत्यर्पण की मांग को बहाल रखा है। अब असांज यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स में अपील कर सकते हैं। वहां दो हफ्तों में तय होगा कि वह यह मामला लेंगे या नहीं। उनके फैसले से ही तय होगा कि असांज को कोई राहत मिलेगी या नहीं या अगले महीने उन्हें स्वीडन भेजा जाएगा। उन्होंने प्रत्यर्पण की मांग को बहाल रखा है। अब असांज यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स में अपील कर सकते हैं। वहां दो हफ्तों में तय होगा कि वह यह मामला लेंगे या नहीं। उनके फैसले से ही तय होगा कि असांज को कोई राहत मिलेगी या नहीं या अगले महीने उन्हें स्वीडन भेजा जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: ब्रिटेन की सबसे बड़ी अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को स्वीडन प्रत्यर्पण करने के पक्ष में फैसला दिया है। वहां उन पर यौन हमले और बलात्कार के आरोप हैं।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उरी हमले के बाद भारत ने अब तक का सबसे सख़्त संदेश पाकिस्तान को दिया है. भारत ने कहा है कि वो 9-10 नवंबर को इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. इसका सीधा मतलब, सार्क के नियमों के मुताबिक ये है कि सार्क सम्मेलन नहीं होगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के मुताबिक भारत का मानना है कि क्षेत्रीय सहयोग और आतंक एक साथ नहीं चल सकते. यही राय सार्क के इस बार के अध्‍यक्ष देश नेपाल को भारत ने बता दी है. भारत ने कहा कि जिस तरह सरहद पार से लागातार आतंकी हमले हो रहे हैं, जिस तरह से एक देश क्षेत्र के दूसरे सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में लागातार दख़लंदाज़ी कर रहा है, ऐसे में एक सफल सार्क सम्मेलन नहीं हो सकता. भारत क्षेत्रीय सहयोग, संपर्क के लिए दृढ़संकल्प है लेकिन ये सब आतंक मुक्त माहौल में ही हो सकते हैं. और जो माहौल बना है उस माहौल में भारत इस्लामाबाद में हो रहे इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले सकता. भारत जहां तक समझता है कि कुछ और देशों ने भी इस्लामाबाद में सार्क सम्मेलन के बारे में शंका जताई है. सूत्र बताते हैं कि ये देश अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान हैं. वैसे ये पहला मौक़ा नहीं है कि सार्क सम्मेलन रद्द हुआ हो, ऐसा पहले भी हुआ है और कई बार सार्क सम्मेलन देर से भी हुए हैं. लेकिन इस बार आसार नहीं लग रहे कि देर से भी इस साल ये सम्मेलन हो सकता है.टिप्पणियां भारत ने हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला कर पाकिस्तान को एक बेहद कड़ा संदेश दिया है और इस क्षेत्र में अलग थलग करने की कोशिश की है. हालांकि 15-16 अक्टूबर गोवा में होने वाले बिमस्टेक सम्मेलन में सभी सार्क देश हिस्सा ले रहे हैं, पाकिस्तान को छोड़कर. इसलिए ना सिर्फ कड़ा संदेश बल्कि पाकिस्तान के बिना क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने का भी भारत को जल्द ही मौक़ा मिल रहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट से ये जाना कि भारत इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने किसी आधिकारिक सूचना से इंकार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. यही राय सार्क के इस बार के अध्‍यक्ष देश नेपाल को भारत ने बता दी है. भारत ने कहा कि जिस तरह सरहद पार से लागातार आतंकी हमले हो रहे हैं, जिस तरह से एक देश क्षेत्र के दूसरे सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में लागातार दख़लंदाज़ी कर रहा है, ऐसे में एक सफल सार्क सम्मेलन नहीं हो सकता. भारत क्षेत्रीय सहयोग, संपर्क के लिए दृढ़संकल्प है लेकिन ये सब आतंक मुक्त माहौल में ही हो सकते हैं. और जो माहौल बना है उस माहौल में भारत इस्लामाबाद में हो रहे इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले सकता. भारत जहां तक समझता है कि कुछ और देशों ने भी इस्लामाबाद में सार्क सम्मेलन के बारे में शंका जताई है. सूत्र बताते हैं कि ये देश अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान हैं. वैसे ये पहला मौक़ा नहीं है कि सार्क सम्मेलन रद्द हुआ हो, ऐसा पहले भी हुआ है और कई बार सार्क सम्मेलन देर से भी हुए हैं. लेकिन इस बार आसार नहीं लग रहे कि देर से भी इस साल ये सम्मेलन हो सकता है.टिप्पणियां भारत ने हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला कर पाकिस्तान को एक बेहद कड़ा संदेश दिया है और इस क्षेत्र में अलग थलग करने की कोशिश की है. हालांकि 15-16 अक्टूबर गोवा में होने वाले बिमस्टेक सम्मेलन में सभी सार्क देश हिस्सा ले रहे हैं, पाकिस्तान को छोड़कर. इसलिए ना सिर्फ कड़ा संदेश बल्कि पाकिस्तान के बिना क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने का भी भारत को जल्द ही मौक़ा मिल रहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट से ये जाना कि भारत इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने किसी आधिकारिक सूचना से इंकार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. भारत क्षेत्रीय सहयोग, संपर्क के लिए दृढ़संकल्प है लेकिन ये सब आतंक मुक्त माहौल में ही हो सकते हैं. और जो माहौल बना है उस माहौल में भारत इस्लामाबाद में हो रहे इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले सकता. भारत जहां तक समझता है कि कुछ और देशों ने भी इस्लामाबाद में सार्क सम्मेलन के बारे में शंका जताई है. सूत्र बताते हैं कि ये देश अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान हैं. वैसे ये पहला मौक़ा नहीं है कि सार्क सम्मेलन रद्द हुआ हो, ऐसा पहले भी हुआ है और कई बार सार्क सम्मेलन देर से भी हुए हैं. लेकिन इस बार आसार नहीं लग रहे कि देर से भी इस साल ये सम्मेलन हो सकता है.टिप्पणियां भारत ने हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला कर पाकिस्तान को एक बेहद कड़ा संदेश दिया है और इस क्षेत्र में अलग थलग करने की कोशिश की है. हालांकि 15-16 अक्टूबर गोवा में होने वाले बिमस्टेक सम्मेलन में सभी सार्क देश हिस्सा ले रहे हैं, पाकिस्तान को छोड़कर. इसलिए ना सिर्फ कड़ा संदेश बल्कि पाकिस्तान के बिना क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने का भी भारत को जल्द ही मौक़ा मिल रहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट से ये जाना कि भारत इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने किसी आधिकारिक सूचना से इंकार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. भारत जहां तक समझता है कि कुछ और देशों ने भी इस्लामाबाद में सार्क सम्मेलन के बारे में शंका जताई है. सूत्र बताते हैं कि ये देश अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान हैं. वैसे ये पहला मौक़ा नहीं है कि सार्क सम्मेलन रद्द हुआ हो, ऐसा पहले भी हुआ है और कई बार सार्क सम्मेलन देर से भी हुए हैं. लेकिन इस बार आसार नहीं लग रहे कि देर से भी इस साल ये सम्मेलन हो सकता है.टिप्पणियां भारत ने हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला कर पाकिस्तान को एक बेहद कड़ा संदेश दिया है और इस क्षेत्र में अलग थलग करने की कोशिश की है. हालांकि 15-16 अक्टूबर गोवा में होने वाले बिमस्टेक सम्मेलन में सभी सार्क देश हिस्सा ले रहे हैं, पाकिस्तान को छोड़कर. इसलिए ना सिर्फ कड़ा संदेश बल्कि पाकिस्तान के बिना क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने का भी भारत को जल्द ही मौक़ा मिल रहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट से ये जाना कि भारत इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने किसी आधिकारिक सूचना से इंकार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. वैसे ये पहला मौक़ा नहीं है कि सार्क सम्मेलन रद्द हुआ हो, ऐसा पहले भी हुआ है और कई बार सार्क सम्मेलन देर से भी हुए हैं. लेकिन इस बार आसार नहीं लग रहे कि देर से भी इस साल ये सम्मेलन हो सकता है.टिप्पणियां भारत ने हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला कर पाकिस्तान को एक बेहद कड़ा संदेश दिया है और इस क्षेत्र में अलग थलग करने की कोशिश की है. हालांकि 15-16 अक्टूबर गोवा में होने वाले बिमस्टेक सम्मेलन में सभी सार्क देश हिस्सा ले रहे हैं, पाकिस्तान को छोड़कर. इसलिए ना सिर्फ कड़ा संदेश बल्कि पाकिस्तान के बिना क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने का भी भारत को जल्द ही मौक़ा मिल रहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट से ये जाना कि भारत इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने किसी आधिकारिक सूचना से इंकार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. भारत ने हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला कर पाकिस्तान को एक बेहद कड़ा संदेश दिया है और इस क्षेत्र में अलग थलग करने की कोशिश की है. हालांकि 15-16 अक्टूबर गोवा में होने वाले बिमस्टेक सम्मेलन में सभी सार्क देश हिस्सा ले रहे हैं, पाकिस्तान को छोड़कर. इसलिए ना सिर्फ कड़ा संदेश बल्कि पाकिस्तान के बिना क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने का भी भारत को जल्द ही मौक़ा मिल रहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट से ये जाना कि भारत इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने किसी आधिकारिक सूचना से इंकार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट से ये जाना कि भारत इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने किसी आधिकारिक सूचना से इंकार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
यहाँ एक सारांश है:भारत सहयोग के लिए दृढ़संकल्प, लेकिन ये ऐसे माहौल में संभव नहीं अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान भी सम्‍मेलन में नहीं लेंगे भाग : सूत्र भारत ने फैसले की जानकारी सार्क के अध्‍यक्ष देश नेपाल को दी
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन जिस 50-50 फॉर्मूले को लेकर टूटा, अब वही फॉर्मूला राज्य में सरकार गठन का ब्लूप्रिंट साबित हो सकता है. एनडीटीवी को सूत्रों ने बताया कि शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी के बीच राज्य में सरकार गठन को लेकर एक सामान्य सहमति बन गई है. हालांकि कांग्रेस नेतृत्व पहले शिवसेना के साथ गठजोड़ को तैयार नहीं था और बाहर से समर्थन देने की बात भी चल रही थी, लेकिन अब शिवसेना और एनसीपी के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस भी सरकार में शामिल हो सकती है. बताया जा रहा है कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शिवसेना के साथ मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर लगभग सहमति बन गई है. विधानसभा चुनावों में एनसीपी को शिवसेना से सिर्फ दो सीटें कम मिली हैं. सूत्रों का कहना है कि सरकार के पहले ढाई साल में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना का सीएम होगा, वहीं आखिरी ढाई साल मुख्यमंत्री का पद एनसीपी के पास होगा. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर ही बीजेपी और शिवसेना के बीच गतिरोध पैदा हुआ और दोनों दलों के रास्ते जुदा हो गए. दूसरी तरफ,  बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने सरकार बनने की स्थिति में पूरे पांच साल के लिए डिप्टी सीएम पद की मांग की है. साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष का पद भी कांग्रेस के हिस्से में जा सकता है. वहीं, दूसरी तरफ मंत्री पद का बंटवारा तीनों दलों के बीच बराबर होगा. हालांकि अभी इस बात पर चर्चा नहीं हुई है कि गृह और वित्त जैसे अहम मंत्रालय किस दल के हिस्से में जाएंगे. इसके अलावा कांग्रेस और एनसीपी ने यह शर्त भी रखी है कि अगर शिवसेना की तरफ से उद्धव ठाकरे सीएम बनते हैं, तो उन्हें विचारधारात्मक मतभेदों को किनारे रखना होगा और वे अयोध्या जैसे मुद्दों पर नहीं बोलेंगे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 50-50 फॉर्मूले को लेकर बीजेपी-शिवसेना हुए थे अलग अब उसी फॉर्मूले के तहत राज्य में बन सकती है सरकार सूत्रों के मुताबिक शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी में बनी सहमति
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजनीतिक नेताओं के खुलेआम महिलाओं के बारे में ओछी टिप्पणी करने के ताजा मामले में उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राजाराम पाण्डेय ने पिछले दिनों सुल्तानपुर में आयोजित एक समारोह में वहां की जिलाधिकारी की ‘खूबसूरती’ का बखान किया और ऐसा करके वह अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। सुल्तानपुर के प्रभारी मंत्री पाण्डेय गत सोमवार को कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित बेरोजगारी भत्ता वितरण समारोह में अचानक जिलाधिकारी के. धनलक्ष्मी की ‘खूबसूरती’ के कसीदे पढ़ने लगे, जो उस वक्त वहां मौजूद थीं। पाण्डेय ने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि उनके प्रभार वाले जिले की जिलाधिकारी महिला हैं। पिछली बार भी जब वह सुलतानपुर के प्रभारी मंत्री थे तब कामिनी चौहान जिलाधिकारी थीं। उन्होंने कहा ‘मुझे लगता था कि उनसे (कामिनी चौहान) सुन्दर महिला जिलाधिकारी नहीं हो सकती, पर इस बार जब मैं प्रभारी मंत्री हूं तो जिलाधिकारी उनसे भी अधिक सुन्दर हैं।’ मंत्री ने जिलाधिकारी धनलक्ष्मी को बेहद मृदुभाषी तथा सक्षम प्रशासक भी करार दिया। हालांकि मंत्री की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद सपा कार्यकर्ताओं के बाहुल्य वाली भीड़ ने जमकर तालियां बजायीं लेकिन जिलाधिकारी के. धनलक्ष्मी काफी असहज नजर आईं। टिप्पणियां इस बीच, सपा के एक वर्ग ने पाण्डेय के बयान को अशोभनीय करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पाण्डेय के ऐसे बर्ताव से लोगों के बीच पार्टी तथा सरकार को लेकर गलत संदेश जाएगा। सुल्तानपुर के प्रभारी मंत्री पाण्डेय गत सोमवार को कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित बेरोजगारी भत्ता वितरण समारोह में अचानक जिलाधिकारी के. धनलक्ष्मी की ‘खूबसूरती’ के कसीदे पढ़ने लगे, जो उस वक्त वहां मौजूद थीं। पाण्डेय ने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि उनके प्रभार वाले जिले की जिलाधिकारी महिला हैं। पिछली बार भी जब वह सुलतानपुर के प्रभारी मंत्री थे तब कामिनी चौहान जिलाधिकारी थीं। उन्होंने कहा ‘मुझे लगता था कि उनसे (कामिनी चौहान) सुन्दर महिला जिलाधिकारी नहीं हो सकती, पर इस बार जब मैं प्रभारी मंत्री हूं तो जिलाधिकारी उनसे भी अधिक सुन्दर हैं।’ मंत्री ने जिलाधिकारी धनलक्ष्मी को बेहद मृदुभाषी तथा सक्षम प्रशासक भी करार दिया। हालांकि मंत्री की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद सपा कार्यकर्ताओं के बाहुल्य वाली भीड़ ने जमकर तालियां बजायीं लेकिन जिलाधिकारी के. धनलक्ष्मी काफी असहज नजर आईं। टिप्पणियां इस बीच, सपा के एक वर्ग ने पाण्डेय के बयान को अशोभनीय करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पाण्डेय के ऐसे बर्ताव से लोगों के बीच पार्टी तथा सरकार को लेकर गलत संदेश जाएगा। पाण्डेय ने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि उनके प्रभार वाले जिले की जिलाधिकारी महिला हैं। पिछली बार भी जब वह सुलतानपुर के प्रभारी मंत्री थे तब कामिनी चौहान जिलाधिकारी थीं। उन्होंने कहा ‘मुझे लगता था कि उनसे (कामिनी चौहान) सुन्दर महिला जिलाधिकारी नहीं हो सकती, पर इस बार जब मैं प्रभारी मंत्री हूं तो जिलाधिकारी उनसे भी अधिक सुन्दर हैं।’ मंत्री ने जिलाधिकारी धनलक्ष्मी को बेहद मृदुभाषी तथा सक्षम प्रशासक भी करार दिया। हालांकि मंत्री की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद सपा कार्यकर्ताओं के बाहुल्य वाली भीड़ ने जमकर तालियां बजायीं लेकिन जिलाधिकारी के. धनलक्ष्मी काफी असहज नजर आईं। टिप्पणियां इस बीच, सपा के एक वर्ग ने पाण्डेय के बयान को अशोभनीय करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पाण्डेय के ऐसे बर्ताव से लोगों के बीच पार्टी तथा सरकार को लेकर गलत संदेश जाएगा। हालांकि मंत्री की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद सपा कार्यकर्ताओं के बाहुल्य वाली भीड़ ने जमकर तालियां बजायीं लेकिन जिलाधिकारी के. धनलक्ष्मी काफी असहज नजर आईं। टिप्पणियां इस बीच, सपा के एक वर्ग ने पाण्डेय के बयान को अशोभनीय करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पाण्डेय के ऐसे बर्ताव से लोगों के बीच पार्टी तथा सरकार को लेकर गलत संदेश जाएगा। इस बीच, सपा के एक वर्ग ने पाण्डेय के बयान को अशोभनीय करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पाण्डेय के ऐसे बर्ताव से लोगों के बीच पार्टी तथा सरकार को लेकर गलत संदेश जाएगा। सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पाण्डेय के ऐसे बर्ताव से लोगों के बीच पार्टी तथा सरकार को लेकर गलत संदेश जाएगा।
सारांश: राजनीतिक नेताओं के खुलेआम महिलाओं के बारे में ओछी टिप्पणी करने के ताजा मामले में उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राजाराम पाण्डेय ने पिछले दिनों सुल्तानपुर में आयोजित एक समारोह में वहां की जिलाधिकारी की ‘खूबसूरती’ का बखान किया और ऐसा करके वह अप
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संसद का मॉनसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होगा. राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान भी 17 जुलाई को होना है. संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) के सूत्रों ने बताया कि समिति ने मॉनसून सत्र 17 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित करने की सिफारिश की है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सीसीपीए की बैठक शुक्रवार शाम को हुई थी. बैठक से पहले राजग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. मॉनसून सत्र के पहले दिन कामकाज लोकसभा सदस्य विनोद खन्ना और राज्यसभा सदस्य पल्लवी रेड्डी के निधन की वजह से शायद नहीं होगा.टिप्पणियां      (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सीसीपीए की बैठक शुक्रवार शाम को हुई थी. बैठक से पहले राजग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. मॉनसून सत्र के पहले दिन कामकाज लोकसभा सदस्य विनोद खन्ना और राज्यसभा सदस्य पल्लवी रेड्डी के निधन की वजह से शायद नहीं होगा.टिप्पणियां      (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)      (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: सीसीपीए ने मॉनसून सत्र 17 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित करने की सिफारिश की गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई थी सीसीपीए की बैठ मॉनसून सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होगा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं और हाल ही में दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष बनाई गईं शीला दीक्षित की वापसी से राजधानी में सियासी चहलकदमी तेज हो गई है. एनडीटीवी के खास कार्यक्रम 'हम लोग' में दिल्ली की पूर्व सीएम ने देश से लेकर दिल्ली तक की राजनीति पर बात की. राजनीति में इतने दिनों तक सक्रिय रहने के बाद मिला करीब 2-3 साल का ब्रेक और फिर वापसी. इस पर उन्होंने कहा कि करीब 16-17 साल के बाद आराम करने का मौका मिला था और इस दौरान उस दुनिया से मिलने का मौका मिला, जिनसे मैं दूर हो गई थी. दिल्ली की राजनीति में वापसी के बाद मिली जिम्मेदारी पर शीला दीक्षित ने कहा कि मैं पूरी तरीके से तैयार हूं, ऐसा कहना सही नहीं होगा. उन्होंने कहा कि तैयारी समय के साथ बदलती रहती है. मुझसे जब जिम्मेदारी के बारे में पूछा गया तो मैं हां कह दिया. लेकिन यह कहना आसान नहीं था और न ही बहुत मुश्किल. मुझे नए कामों को करने और चुनौतियों का सामना करने में मजा आता है.
दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का इंटरव्यू नगमा शहर के कार्यक्रम 'हम लोग' में दी बेबाक राय देश से लेकर दिल्ली तक में कांग्रेस की वापसी की जताई उम्मीद
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुरुवार शाम छह बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित करने जा रहे हैं, लेकिन विवाद हैं कि इन पुरस्कारों का पीछा ही नहीं छोड़ रहे हैं। इस बार फिर राहुल द्रविड़ को लेकर विवादों ने जन्म लिया है। हाल ही में संन्यास लेने वाले क्रिकेटर राहुल द्रविड़ 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन अब यह पुरस्कार उन्हें कभी नहीं दिया जा सकेगा। इस पुरस्कार के लिए द्रविड़ से बेहतर दावेदार को ढूंढना भी मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन पूर्व ओलिंपिक पदक विजेता राज्यवर्धन राठौड़ की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने लंदन ओलिंपिक में जीते गए पदकों को अहमियत देते हुए निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को लीक से हटकर यह सम्मान देने का फैसला किया। इससे यह भी साफ हो गया कि क्रिकेट से रिटायर हो चुके द्रविड़ को अब आगे खेलरत्न पुरस्कार नहीं दिया जा सकेगा। हालांकि, बीसीसीआई ने द्रविड़ का नाम पद्मभूषण के लिए भेजने का फैसला किया है, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और अब तक नौ क्रिकेटरों को पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है। वैसे विवादों की शुरुआत वर्ष 2005 में ही हो गई थी, जब 2004 के एथेंस ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले राज्यवर्धन राठौड़ को उसी साल अर्जुन पुरस्कार और अगले साल यानी 2005 में खेलरत्न पुरस्कार दे दिया गया था। इस बार पुरस्कारों की चयन समिति के अध्यक्ष खुद राठौड़ थे, लेकिन उन्होंने द्रविड़ की बजाय ओलिंपिक पदक विजेताओं को खेलरत्न देने का फैसला किया। इस तरह पुराने नियम भी तोड़े गए और विवादों को भी बुलावा दिया गया। हालांकि, खेल पुरस्कारों के लिए तय तारीख के बीत जाने के बाद जब खेल मंत्रालय ने क्रिकेटरों के लिए अलग छूट दी, तो लगने लगा था कि अब राहुल द्रविड़ को इस साल खेलरत्न पुरस्कार से जरूर नवाजा जाएगा। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि कहीं न कहीं कोई चूक हुई है, क्योंकि राहुल द्रविड़ को किसी भी पुरस्कार के लिए अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है और वह हमारी जानकारी में बेहतरीन क्रिकेटर हैं। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। इस बार फिर राहुल द्रविड़ को लेकर विवादों ने जन्म लिया है। हाल ही में संन्यास लेने वाले क्रिकेटर राहुल द्रविड़ 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन अब यह पुरस्कार उन्हें कभी नहीं दिया जा सकेगा। इस पुरस्कार के लिए द्रविड़ से बेहतर दावेदार को ढूंढना भी मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन पूर्व ओलिंपिक पदक विजेता राज्यवर्धन राठौड़ की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने लंदन ओलिंपिक में जीते गए पदकों को अहमियत देते हुए निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को लीक से हटकर यह सम्मान देने का फैसला किया। इससे यह भी साफ हो गया कि क्रिकेट से रिटायर हो चुके द्रविड़ को अब आगे खेलरत्न पुरस्कार नहीं दिया जा सकेगा। हालांकि, बीसीसीआई ने द्रविड़ का नाम पद्मभूषण के लिए भेजने का फैसला किया है, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और अब तक नौ क्रिकेटरों को पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है। वैसे विवादों की शुरुआत वर्ष 2005 में ही हो गई थी, जब 2004 के एथेंस ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले राज्यवर्धन राठौड़ को उसी साल अर्जुन पुरस्कार और अगले साल यानी 2005 में खेलरत्न पुरस्कार दे दिया गया था। इस बार पुरस्कारों की चयन समिति के अध्यक्ष खुद राठौड़ थे, लेकिन उन्होंने द्रविड़ की बजाय ओलिंपिक पदक विजेताओं को खेलरत्न देने का फैसला किया। इस तरह पुराने नियम भी तोड़े गए और विवादों को भी बुलावा दिया गया। हालांकि, खेल पुरस्कारों के लिए तय तारीख के बीत जाने के बाद जब खेल मंत्रालय ने क्रिकेटरों के लिए अलग छूट दी, तो लगने लगा था कि अब राहुल द्रविड़ को इस साल खेलरत्न पुरस्कार से जरूर नवाजा जाएगा। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि कहीं न कहीं कोई चूक हुई है, क्योंकि राहुल द्रविड़ को किसी भी पुरस्कार के लिए अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है और वह हमारी जानकारी में बेहतरीन क्रिकेटर हैं। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। इस पुरस्कार के लिए द्रविड़ से बेहतर दावेदार को ढूंढना भी मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन पूर्व ओलिंपिक पदक विजेता राज्यवर्धन राठौड़ की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने लंदन ओलिंपिक में जीते गए पदकों को अहमियत देते हुए निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को लीक से हटकर यह सम्मान देने का फैसला किया। इससे यह भी साफ हो गया कि क्रिकेट से रिटायर हो चुके द्रविड़ को अब आगे खेलरत्न पुरस्कार नहीं दिया जा सकेगा। हालांकि, बीसीसीआई ने द्रविड़ का नाम पद्मभूषण के लिए भेजने का फैसला किया है, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और अब तक नौ क्रिकेटरों को पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है। वैसे विवादों की शुरुआत वर्ष 2005 में ही हो गई थी, जब 2004 के एथेंस ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले राज्यवर्धन राठौड़ को उसी साल अर्जुन पुरस्कार और अगले साल यानी 2005 में खेलरत्न पुरस्कार दे दिया गया था। इस बार पुरस्कारों की चयन समिति के अध्यक्ष खुद राठौड़ थे, लेकिन उन्होंने द्रविड़ की बजाय ओलिंपिक पदक विजेताओं को खेलरत्न देने का फैसला किया। इस तरह पुराने नियम भी तोड़े गए और विवादों को भी बुलावा दिया गया। हालांकि, खेल पुरस्कारों के लिए तय तारीख के बीत जाने के बाद जब खेल मंत्रालय ने क्रिकेटरों के लिए अलग छूट दी, तो लगने लगा था कि अब राहुल द्रविड़ को इस साल खेलरत्न पुरस्कार से जरूर नवाजा जाएगा। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि कहीं न कहीं कोई चूक हुई है, क्योंकि राहुल द्रविड़ को किसी भी पुरस्कार के लिए अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है और वह हमारी जानकारी में बेहतरीन क्रिकेटर हैं। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। हालांकि, बीसीसीआई ने द्रविड़ का नाम पद्मभूषण के लिए भेजने का फैसला किया है, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और अब तक नौ क्रिकेटरों को पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है। वैसे विवादों की शुरुआत वर्ष 2005 में ही हो गई थी, जब 2004 के एथेंस ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले राज्यवर्धन राठौड़ को उसी साल अर्जुन पुरस्कार और अगले साल यानी 2005 में खेलरत्न पुरस्कार दे दिया गया था। इस बार पुरस्कारों की चयन समिति के अध्यक्ष खुद राठौड़ थे, लेकिन उन्होंने द्रविड़ की बजाय ओलिंपिक पदक विजेताओं को खेलरत्न देने का फैसला किया। इस तरह पुराने नियम भी तोड़े गए और विवादों को भी बुलावा दिया गया। हालांकि, खेल पुरस्कारों के लिए तय तारीख के बीत जाने के बाद जब खेल मंत्रालय ने क्रिकेटरों के लिए अलग छूट दी, तो लगने लगा था कि अब राहुल द्रविड़ को इस साल खेलरत्न पुरस्कार से जरूर नवाजा जाएगा। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि कहीं न कहीं कोई चूक हुई है, क्योंकि राहुल द्रविड़ को किसी भी पुरस्कार के लिए अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है और वह हमारी जानकारी में बेहतरीन क्रिकेटर हैं। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। इस बार पुरस्कारों की चयन समिति के अध्यक्ष खुद राठौड़ थे, लेकिन उन्होंने द्रविड़ की बजाय ओलिंपिक पदक विजेताओं को खेलरत्न देने का फैसला किया। इस तरह पुराने नियम भी तोड़े गए और विवादों को भी बुलावा दिया गया। हालांकि, खेल पुरस्कारों के लिए तय तारीख के बीत जाने के बाद जब खेल मंत्रालय ने क्रिकेटरों के लिए अलग छूट दी, तो लगने लगा था कि अब राहुल द्रविड़ को इस साल खेलरत्न पुरस्कार से जरूर नवाजा जाएगा। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि कहीं न कहीं कोई चूक हुई है, क्योंकि राहुल द्रविड़ को किसी भी पुरस्कार के लिए अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है और वह हमारी जानकारी में बेहतरीन क्रिकेटर हैं। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। हालांकि, खेल पुरस्कारों के लिए तय तारीख के बीत जाने के बाद जब खेल मंत्रालय ने क्रिकेटरों के लिए अलग छूट दी, तो लगने लगा था कि अब राहुल द्रविड़ को इस साल खेलरत्न पुरस्कार से जरूर नवाजा जाएगा। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि कहीं न कहीं कोई चूक हुई है, क्योंकि राहुल द्रविड़ को किसी भी पुरस्कार के लिए अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है और वह हमारी जानकारी में बेहतरीन क्रिकेटर हैं। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा है कि कहीं न कहीं कोई चूक हुई है, क्योंकि राहुल द्रविड़ को किसी भी पुरस्कार के लिए अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है और वह हमारी जानकारी में बेहतरीन क्रिकेटर हैं। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा, हमेशा की तरह इस बार भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अर्जुन और दूसरे खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ ने आरटीआई के जरिये सवाल उठाते हुए खेल मंत्रालय से जवाब तलब किया है, जबकि कुछ अदालत जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली और अनिल कुंबले से लेकर महेश भूपति जैसे कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो काबिलियत के बावजूद 'राजीव गांधी खेलरत्न' पुरस्कार के हकदार नहीं हो पाए। जाहिर है, ये नाम इस पुरस्कार की चयन समितियों के आगे हमेशा सवाल बनकर खड़े रहेंगे। विवादों में रहना खेल पुरस्कारों की फितरत बन गई है और अगर इस बार यह पुरस्कार द्रविड़ को, और अगली बार ओलिंपिक पदक विजेताओं को दिया जाता, तो न विवाद होते और न ही किसी को ऐतराज होता।टिप्पणियां वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। वैसे, राष्ट्रपति भवन में गुरुवार शाम आयोजित होने जा रहे समारोह में निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान 'राजीव गांधी खेलरत्न' से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, 25 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें क्रिकेटर युवराज सिंह, हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह, महिला पहलवान गीता फोगट, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विन पोनप्पा, महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बाइला देवी शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे। लंदन ओलिंपिक में पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कोच यशवीर सिंह, महिला एथलीट कृष्णा पूनिया के कोच वीरेन्दर सिंह, बॉक्सिंग के कोच बीआई फर्नांडिस और हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह सहित आठ कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए जाएंगे।
खेल जगत के सर्वोच्च सम्मान के लिए राहुल द्रविड़ को प्रबलतम दावेदार माना जा रहा था, लेकिन लीक से हटकर लिए गए फैसले ने उन्हें इससे सदा के लिए वंचित कर दिया।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी मूल के एक अमेरिकी दंपति ने दावा किया कि अमेरिका में उन्हें विमान से उतार दिया गया क्योंकि उनके पसीना ‘‘निकलने’’, ‘‘अल्लाह’’ कहने और फोन पर एसएमएस करने से विमान में सवार क्रू की एक सदस्य ‘‘असहज’’ महसूस कर रही थी. नाजिया और फैसल अली ने डेल्टा एयरलाइंस पर आरोप लगाया कि पेरिस से ओहायो के सिनसिनाटी जाने के दौरान इस्लामोफोबिया के कारण उन्हें विमान से उतार दिया गया. नाजिया (34) ने अपने जूते उतार दिए थे, अपने अभिभावकों को एसएमएस भेज दिया था और हेडफोन लगाए हुई थी और डेल्टा एयर लाइंस के विमान में पेरिस से नौ घंटे की यात्रा कर सिनसिनाटी जाने के लिए अपनी सीट पर बैठ चुकी थी तभी विमान की एक क्रू सदस्य उसके और उसके पति फैसल के पास पहुंची.टिप्पणियां द सिनसिनाटी इन्क्वायरर ने खबर दी कि विमान के एक क्रू सदस्य ने पायलट से शिकायत की थी कि वह मुस्लिम दंपति से असहज महसूस कर रही है. उसने कथित तौर पर पायलट से कहा कि महिला सिर पर स्कार्फ बांधे हुए है और फोन का इस्तेमाल कर रही है और व्यक्ति को पसीना आ रहा है. विमान परिचालक ने यह भी दावा किया कि फैसल ने अपना फोन छिपाने का प्रयास किया और उसने दंपति को ‘अल्लाह’ शब्द का इस्तेमाल करते सुना. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नाजिया और फैसल अली ने डेल्टा एयरलाइंस पर आरोप लगाया कि पेरिस से ओहायो के सिनसिनाटी जाने के दौरान इस्लामोफोबिया के कारण उन्हें विमान से उतार दिया गया. नाजिया (34) ने अपने जूते उतार दिए थे, अपने अभिभावकों को एसएमएस भेज दिया था और हेडफोन लगाए हुई थी और डेल्टा एयर लाइंस के विमान में पेरिस से नौ घंटे की यात्रा कर सिनसिनाटी जाने के लिए अपनी सीट पर बैठ चुकी थी तभी विमान की एक क्रू सदस्य उसके और उसके पति फैसल के पास पहुंची.टिप्पणियां द सिनसिनाटी इन्क्वायरर ने खबर दी कि विमान के एक क्रू सदस्य ने पायलट से शिकायत की थी कि वह मुस्लिम दंपति से असहज महसूस कर रही है. उसने कथित तौर पर पायलट से कहा कि महिला सिर पर स्कार्फ बांधे हुए है और फोन का इस्तेमाल कर रही है और व्यक्ति को पसीना आ रहा है. विमान परिचालक ने यह भी दावा किया कि फैसल ने अपना फोन छिपाने का प्रयास किया और उसने दंपति को ‘अल्लाह’ शब्द का इस्तेमाल करते सुना. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नाजिया (34) ने अपने जूते उतार दिए थे, अपने अभिभावकों को एसएमएस भेज दिया था और हेडफोन लगाए हुई थी और डेल्टा एयर लाइंस के विमान में पेरिस से नौ घंटे की यात्रा कर सिनसिनाटी जाने के लिए अपनी सीट पर बैठ चुकी थी तभी विमान की एक क्रू सदस्य उसके और उसके पति फैसल के पास पहुंची.टिप्पणियां द सिनसिनाटी इन्क्वायरर ने खबर दी कि विमान के एक क्रू सदस्य ने पायलट से शिकायत की थी कि वह मुस्लिम दंपति से असहज महसूस कर रही है. उसने कथित तौर पर पायलट से कहा कि महिला सिर पर स्कार्फ बांधे हुए है और फोन का इस्तेमाल कर रही है और व्यक्ति को पसीना आ रहा है. विमान परिचालक ने यह भी दावा किया कि फैसल ने अपना फोन छिपाने का प्रयास किया और उसने दंपति को ‘अल्लाह’ शब्द का इस्तेमाल करते सुना. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) द सिनसिनाटी इन्क्वायरर ने खबर दी कि विमान के एक क्रू सदस्य ने पायलट से शिकायत की थी कि वह मुस्लिम दंपति से असहज महसूस कर रही है. उसने कथित तौर पर पायलट से कहा कि महिला सिर पर स्कार्फ बांधे हुए है और फोन का इस्तेमाल कर रही है और व्यक्ति को पसीना आ रहा है. विमान परिचालक ने यह भी दावा किया कि फैसल ने अपना फोन छिपाने का प्रयास किया और उसने दंपति को ‘अल्लाह’ शब्द का इस्तेमाल करते सुना. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: अमेरिकी दंपति ने दावा किया कि अमेरिका में उन्हें विमान से उतार दिया गया विमान के एक क्रू सदस्य ने शिकायत की थी कि वह असहज महसूस कर रही है नाजिया और फैसल अली ने डेल्टा एयरलाइंस पर लगाया है आरोप
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) का निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. हिंदू रीति रिवाज से हुए अंतिम संस्कार में अरुण जेटली के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद समेत कई बीजेपी नेता भावुक नजर आए. बीजेपी के अलावा बाकी दलों के नेताओं ने भी निगम बोध घाट पर जेटली को अंतिम विदाई दी. इस दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे. कपिल सिब्बल समेत कई कांग्रेस नेताओं ने भी जेटली को अंतिम विदाई दी. बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) का शनिवार को 66 साल की उम्र में निधन हो गया था. उनको बीते 9 अगस्त को दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था. उस समय उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. कुछ साल पहले ही उनकी बैरियाट्रिक सर्जरी की गई थी.  अरुण जेटली की हालत बीते शुक्रवार को ही बिगड़ गई थी. अरुण जेटली को सांस लेने में तकलीफ को लेकर नौ अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था. उनका बीते गुरुवार को डायलसिस किया गया था. अरुण जेटली के निधन पर राजनीतिक गलियारों में शोक छा गया. पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने जेटली के निधन पर दुख व्यक्त किया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पीएम मोदी ने अरुण जेटली के निधन को देश और राजनीति की बड़ी क्षति बताया और गहरा दुख प्रकट किया. पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने एक बहुत अच्छा दोस्त खो दिया.
संक्षिप्त पाठ: पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली निगम बोध घाट पर हुआ अंतिम संस्कार बीजेपी के अलावा बाकी दलों के नेताओं ने भी दी अंतिम विदाई
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के एक प्रमुख टीवी चैनल ने रमजान के पवित्र महीने के लिए तैयार विवादित कलाकार वीना मलिक के विशेष शो को रद्द करने का फैसला किया है। अभिनेत्री और मॉडल वीना के नए टीवी शो के प्रोमो इंटरनेट पर सार्वजनिक हो गए थे। इस शो के ट्रेलरों में वीना को अपनी गलतियों के लिए पछताते हुए दिखाया गया था, जिसका देशभर में काफी विरोध हुआ।टिप्पणियां इस शो का प्रसारण एक्सप्रेस मीडिया समूह के 'हीरो' चैनल पर होना था। बढ़ती आलोचना को ध्यान में रखकर इस शो का प्रसारण रद्द करने का फैसला किया गया। इस शो के निर्माण दल के एक सदस्य ने कहा, हीरो टीवी जनता के लिए है। अगर जनता इस रमजान शो में वीना मलिक को नहीं देखना चाहती, तो हम इसे रद्द करते हैं। उन्होंने कहा कि वह लोगों की भावनाओं की कद्र करते हैं। लोगों की राय है कि वीना मलिक इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं बैठती हैं। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियमन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इंटरनेट पर याचिकाएं मिली हैं, जिसमें इस शो को रद्द करने की मांग की गई है। अभिनेत्री और मॉडल वीना के नए टीवी शो के प्रोमो इंटरनेट पर सार्वजनिक हो गए थे। इस शो के ट्रेलरों में वीना को अपनी गलतियों के लिए पछताते हुए दिखाया गया था, जिसका देशभर में काफी विरोध हुआ।टिप्पणियां इस शो का प्रसारण एक्सप्रेस मीडिया समूह के 'हीरो' चैनल पर होना था। बढ़ती आलोचना को ध्यान में रखकर इस शो का प्रसारण रद्द करने का फैसला किया गया। इस शो के निर्माण दल के एक सदस्य ने कहा, हीरो टीवी जनता के लिए है। अगर जनता इस रमजान शो में वीना मलिक को नहीं देखना चाहती, तो हम इसे रद्द करते हैं। उन्होंने कहा कि वह लोगों की भावनाओं की कद्र करते हैं। लोगों की राय है कि वीना मलिक इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं बैठती हैं। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियमन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इंटरनेट पर याचिकाएं मिली हैं, जिसमें इस शो को रद्द करने की मांग की गई है। इस शो का प्रसारण एक्सप्रेस मीडिया समूह के 'हीरो' चैनल पर होना था। बढ़ती आलोचना को ध्यान में रखकर इस शो का प्रसारण रद्द करने का फैसला किया गया। इस शो के निर्माण दल के एक सदस्य ने कहा, हीरो टीवी जनता के लिए है। अगर जनता इस रमजान शो में वीना मलिक को नहीं देखना चाहती, तो हम इसे रद्द करते हैं। उन्होंने कहा कि वह लोगों की भावनाओं की कद्र करते हैं। लोगों की राय है कि वीना मलिक इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं बैठती हैं। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियमन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इंटरनेट पर याचिकाएं मिली हैं, जिसमें इस शो को रद्द करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वह लोगों की भावनाओं की कद्र करते हैं। लोगों की राय है कि वीना मलिक इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं बैठती हैं। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियमन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इंटरनेट पर याचिकाएं मिली हैं, जिसमें इस शो को रद्द करने की मांग की गई है।
यह एक सारांश है: वीना मलिक के नए टीवी शो के प्रोमो इंटरनेट पर सार्वजनिक हो गए थे। इस शो के ट्रेलरों में वीना को अपनी गलतियों के लिए पछताते हुए दिखाया गया था, जिसका देशभर में काफी विरोध हुआ।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर असामाजिक तत्वों ने पूरे परिवार पर कथित रूप से हमला कर दिया जिसमें पीड़िता के परिवार से संबंधित तीन महिलाओं समेत छह लोग घायल हो गए।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि छह युवक 17 साल की किशोरी के घर में घुस गए और उन्होंने किशोरी तथा उसके पांच परिजन पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि हमला करने वाले छह युवकों को रविवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। किशोरी के परिवार ने लड़की के साथ छेड़छाड़ किए जाने का विरोध किया था। इसपर युवकों ने उनपर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि छह युवक 17 साल की किशोरी के घर में घुस गए और उन्होंने किशोरी तथा उसके पांच परिजन पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि हमला करने वाले छह युवकों को रविवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। किशोरी के परिवार ने लड़की के साथ छेड़छाड़ किए जाने का विरोध किया था। इसपर युवकों ने उनपर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि हमला करने वाले छह युवकों को रविवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। किशोरी के परिवार ने लड़की के साथ छेड़छाड़ किए जाने का विरोध किया था। इसपर युवकों ने उनपर हमला कर दिया।
सारांश: एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर असामाजिक तत्वों ने पूरे परिवार पर कथित रूप से हमला कर दिया जिसमें पीड़िता के परिवार से संबंधित तीन महिलाओं समेत छह लोग घायल हो गए।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार को लेकर अन्ना हजारे के आंदोलन की पृष्ठभूमि में बढ़ रहे सामाजिक दबाव के बीच केन्द्र सरकार एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है जिसके तहत भ्रष्टाचार के मामलों में सुनवाई के स्तर पर ही आरोपित भ्रष्ट अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। सरकार ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों का अध्ययन किया जा रहा है जिसने संविधान के अनुच्छेद 311 में संशोधन का सुझाव दिया है। इससे भ्रष्टाचार के आरोपी सरकारी अधिकारियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई शुरू होते ही उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा। कार्मिक एवं जन शिकायत राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था जिसे अनुशासनात्मक एवं सतर्कता कार्यवाही को तेजी से निपटाने के उपाय सुझाने को कहा गया था। उन्होंने बताया कि सरकार इस समिति की सिफारिशों का अध्ययन कर रही है। उन्होंने बताया कि समिति ने कम सजा वाले अनुशासनात्मक जांच संबंधी मामलों में जांच पूरी करने के लिए दो माह की समय सीमा तथा बड़े मामलों में 12 माह की समय सीमा तय करने का सुझाव दिया है। नारायणसामी ने बताया कि बड़ी सजा के रूप में अनिवार्य सेवानिवृति मामलों में समिति ने संबंधित अधिकारियों की पेंशन और ग्रेज्युटी में कटौती की भी सिफारिश की है।
संक्षिप्त सारांश: केन्द्र सरकार एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है जिसके तहत भ्रष्टाचार के मामलों में सुनवाई के स्तर पर ही आरोपित भ्रष्ट अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया जाएगा।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वह अपनी सगी मां को कपड़े से बांधकर न सिर्फ मुंह बंद करता, बल्कि जमीन पर घसीटता और पंखे से उल्टा लटकाता भी था. इतने पर भी मन नहीं भरता तो मां को पीटता और अपनी बेटी से जुल्म का वीडियो भी बनवाता था. तकरीबन 3 साल से बूढ़ी मां अपने ही बेटे का जुल्म सह रही थी, लेकिन एक दिन वह वीडियो वीमेन रेस्पेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्षा सुंदरी ठाकुर के हाथ लग गया और बेटे का पाप का घड़ा भर गया. डीएन नगर पुलिस ने वीडियो देखने के बाद आईपीसी की धारा  354, 342, 336, 506(2),504 और  34 के तहत मामला दर्ज कर उस जालिम बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. डीएन नगर पुलिस के थाना इंचार्ज धनाजी नलावड़े के मुताबिक, हमने बेटा, बहू और पोती तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी को रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस के मुताबिक, जुल्म का वीडियो सामने आने के बाद बेटे का कहना है कि वह मां के साथ खेल रहा था. मां ने भी किसी भी तरह की शिकायत देने से इनकार किया, वह ठीक से बोल भी नहीं पाती. टिप्पणियां पुलिस ने एनजीओ की अध्यक्षा सुंदरी ठाकुर की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. सुंदरी ठाकुर के मुताबिक, यह वीडियो उन्हें किसी और से मिला था. वीडियो देखने के बाद उनके रोंगटे खड़े हो गए. भला कोई बेटा कैसे अपनी मां पर इतना जुल्म कर सकता है. इससे तो अच्छा है कि कोई बेटा पैदा ही ना हो. आरोपी बेटे का नाम सुरेंद्र सत्तारसिंह वैध है. अंधेरी के डीएन नगर में वह अपने परिवार के साथ रहता है और बूढ़े माता-पिता अलग रहते हैं. तीन महीने पहले मां जब घर में बेटे से मिलने आई थी तब उसके साथ बेटे और बहू ने मिलकर यह अमानवीय अत्याचार किया और वीडियो भी बनाया था. डीएन नगर पुलिस के थाना इंचार्ज धनाजी नलावड़े के मुताबिक, हमने बेटा, बहू और पोती तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी को रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस के मुताबिक, जुल्म का वीडियो सामने आने के बाद बेटे का कहना है कि वह मां के साथ खेल रहा था. मां ने भी किसी भी तरह की शिकायत देने से इनकार किया, वह ठीक से बोल भी नहीं पाती. टिप्पणियां पुलिस ने एनजीओ की अध्यक्षा सुंदरी ठाकुर की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. सुंदरी ठाकुर के मुताबिक, यह वीडियो उन्हें किसी और से मिला था. वीडियो देखने के बाद उनके रोंगटे खड़े हो गए. भला कोई बेटा कैसे अपनी मां पर इतना जुल्म कर सकता है. इससे तो अच्छा है कि कोई बेटा पैदा ही ना हो. आरोपी बेटे का नाम सुरेंद्र सत्तारसिंह वैध है. अंधेरी के डीएन नगर में वह अपने परिवार के साथ रहता है और बूढ़े माता-पिता अलग रहते हैं. तीन महीने पहले मां जब घर में बेटे से मिलने आई थी तब उसके साथ बेटे और बहू ने मिलकर यह अमानवीय अत्याचार किया और वीडियो भी बनाया था. पुलिस के मुताबिक, जुल्म का वीडियो सामने आने के बाद बेटे का कहना है कि वह मां के साथ खेल रहा था. मां ने भी किसी भी तरह की शिकायत देने से इनकार किया, वह ठीक से बोल भी नहीं पाती. टिप्पणियां पुलिस ने एनजीओ की अध्यक्षा सुंदरी ठाकुर की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. सुंदरी ठाकुर के मुताबिक, यह वीडियो उन्हें किसी और से मिला था. वीडियो देखने के बाद उनके रोंगटे खड़े हो गए. भला कोई बेटा कैसे अपनी मां पर इतना जुल्म कर सकता है. इससे तो अच्छा है कि कोई बेटा पैदा ही ना हो. आरोपी बेटे का नाम सुरेंद्र सत्तारसिंह वैध है. अंधेरी के डीएन नगर में वह अपने परिवार के साथ रहता है और बूढ़े माता-पिता अलग रहते हैं. तीन महीने पहले मां जब घर में बेटे से मिलने आई थी तब उसके साथ बेटे और बहू ने मिलकर यह अमानवीय अत्याचार किया और वीडियो भी बनाया था. पुलिस ने एनजीओ की अध्यक्षा सुंदरी ठाकुर की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. सुंदरी ठाकुर के मुताबिक, यह वीडियो उन्हें किसी और से मिला था. वीडियो देखने के बाद उनके रोंगटे खड़े हो गए. भला कोई बेटा कैसे अपनी मां पर इतना जुल्म कर सकता है. इससे तो अच्छा है कि कोई बेटा पैदा ही ना हो. आरोपी बेटे का नाम सुरेंद्र सत्तारसिंह वैध है. अंधेरी के डीएन नगर में वह अपने परिवार के साथ रहता है और बूढ़े माता-पिता अलग रहते हैं. तीन महीने पहले मां जब घर में बेटे से मिलने आई थी तब उसके साथ बेटे और बहू ने मिलकर यह अमानवीय अत्याचार किया और वीडियो भी बनाया था. आरोपी बेटे का नाम सुरेंद्र सत्तारसिंह वैध है. अंधेरी के डीएन नगर में वह अपने परिवार के साथ रहता है और बूढ़े माता-पिता अलग रहते हैं. तीन महीने पहले मां जब घर में बेटे से मिलने आई थी तब उसके साथ बेटे और बहू ने मिलकर यह अमानवीय अत्याचार किया और वीडियो भी बनाया था.
संक्षिप्त सारांश: मां को पंखे से उलटा लटकाता था यह शख्स बेटा, बहू और पोती को किया गया है गिरफ्तार बेटे का कहना है कि वह मां के साथ खेल रहा था
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अवैध खनन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सोमवार तड़के गिरफ्तार किए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी को अदालत ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।  इससे पहले, गैर-कानूनी माइनिंग के आरोप में सीबीआई ने बेल्लारी से जनार्दन रेड्डी और श्रीनिवास रेड्डी को गिरफ्तार किया। सुबह इन दोनों के घरों पर सीबीआई ने छापे मारे। हैदराबाद में सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण की अगुवाई में 10 सदस्यों की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान जनार्दन और श्रीनिवास रेड्डी के ठिकानों से साढ़े चार करोड़ रुपये कैश बरामद हुए। इनमें से तीन करोड़ रुपये और 30 किलो सोना जनार्दन रेड्डी के घर से मिला जबकि श्रीनिवास रेड्डी के यहां से डेढ़ करोड़ रुपये कैश बरामद किए गए। आंध्र में ओबलापुरम कंपनी की माइनिंग की जांच सीबीआई ने दिसंबर 2010 में शुरू की। जनार्दन रेड्डी ओबलापुरम खनन कंपनी के निदेशक हैं। जी जनार्दन और जी करुणाकर रेड्डी बेल्लारी बंधु के नाम से मशहूर हैं। जनार्दन रेड्डी जो येदियुरप्पा की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे लेकिन लोकायुक्त की रिपोर्ट में गैरकानूनी माइनिंग के सिलसिले में नाम आने के बाद रेड्डी बंधुओं का ग्राफ गिर गया। बेल्लारी बंधुओं पर आरोप है कि उन्होंने माइनिंग लीज़ के नियमों को तोड़ा। उन पर आरोप है कि उन्होंने तय सीमा से बाहर जाकर कच्चे लोहे की खुदाई की। उन पर गैरकानूनी तरीके से 27 लाख टन कच्चे लोहे की खुदाई का आरोप है। इसके लिए उन्होंने रॉयल्टी तक नहीं चुकाई।
सारांश: सीबीआई द्वारा गिरफ्तार भाजपा विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी को अदालत ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूपी चुनावों के मद्देनजर वरुण गांधी का नाम बीजेपी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हो गया है. तीसरे और चौथे चरण में स्टार प्रचारकों में वरुण गांधी का नाम शामिल हुआ है. वरुण गांधी का नाम लिस्ट में 31वें नंबर पर है. इसके साथ ही विनय कटियार का नाम भी लिस्ट में शामिल है. उल्‍लेखनीय है कि पहले दो चरण में वरुण गांधी और विनय कटियार नहीं थे. हालांकि वरुण गांधी का नाम शामिल होने के बाद उनकी मां और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का नाम नहीं है. हालांकि इसके साथ स्‍टार प्रचारकों में पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी है. इस सूची में योगी आदित्यनाथ, हेमा मालिनी और शाहनवाज हुसैन का नाम भी शामिल है. इस सूची में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का नाम भी शामिल है. उल्‍लेखनीय है कि पहले और दूसरे चरण के चुनावों में वरुण गांधी का नाम शामिल नहीं होना सुर्खियों का सबब बना था. इसकी पृष्‍ठभूमि को पिछले साल इलाहाबाद की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से जोड़कर देखा गया था. गौरतलब है कि वरुण गांधी के समर्थक पिछले वर्ष परोक्ष रूप से सीएम पद के लिए उनके नाम की दावेदारी पेश कर चुके हैं. 12 जून 2016 को इलाहाबाद में बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पूरे शहर में वरुण गांधी के पोस्‍टर लगे थे. उस बैठक में पार्टी यूपी चुनावों को लेकर रणनीति को अंतिम रूप देने में लगी थी और कयास लगाए जा रहे थे कि वरुण अपनी दावेदारी पेश करना चाह रहे थे. टिप्पणियां हालांकि पार्टी ने कहा था कि पोस्‍टर लगाने से कोई सीएम पद का उम्‍मीदवार नहीं बन जाता. आपको बता दें कि राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान सुल्‍तानपुर से पार्टी सांसद वरुण गांधी के सैंकड़ों पोस्‍टर पटे होने और अपने दो दर्जन वाहनों के काफिले के साथ शहर में पहुंचने के बाद जिस तरह से उनका रोड शो हुआ एवं उनके समर्थकों ने जिस तरह का माहौल बनाया, उससे इलाहाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे ज्‍यादा चर्चा के केंद्र में वरुण गांधी ही रहे थे. 13 जून 2016 को भी पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह द्वारा बुलाई गई बैठक में भी वरुण गांधी नहीं पहुंचे थे. इसे भी राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान शहर में लगे वरुण गांधी के पोस्‍टरों के मामले से जोड़कर देखा गया था. उल्‍लेखनीय है कि पहले और दूसरे चरण के चुनावों में वरुण गांधी का नाम शामिल नहीं होना सुर्खियों का सबब बना था. इसकी पृष्‍ठभूमि को पिछले साल इलाहाबाद की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से जोड़कर देखा गया था. गौरतलब है कि वरुण गांधी के समर्थक पिछले वर्ष परोक्ष रूप से सीएम पद के लिए उनके नाम की दावेदारी पेश कर चुके हैं. 12 जून 2016 को इलाहाबाद में बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पूरे शहर में वरुण गांधी के पोस्‍टर लगे थे. उस बैठक में पार्टी यूपी चुनावों को लेकर रणनीति को अंतिम रूप देने में लगी थी और कयास लगाए जा रहे थे कि वरुण अपनी दावेदारी पेश करना चाह रहे थे. टिप्पणियां हालांकि पार्टी ने कहा था कि पोस्‍टर लगाने से कोई सीएम पद का उम्‍मीदवार नहीं बन जाता. आपको बता दें कि राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान सुल्‍तानपुर से पार्टी सांसद वरुण गांधी के सैंकड़ों पोस्‍टर पटे होने और अपने दो दर्जन वाहनों के काफिले के साथ शहर में पहुंचने के बाद जिस तरह से उनका रोड शो हुआ एवं उनके समर्थकों ने जिस तरह का माहौल बनाया, उससे इलाहाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे ज्‍यादा चर्चा के केंद्र में वरुण गांधी ही रहे थे. 13 जून 2016 को भी पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह द्वारा बुलाई गई बैठक में भी वरुण गांधी नहीं पहुंचे थे. इसे भी राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान शहर में लगे वरुण गांधी के पोस्‍टरों के मामले से जोड़कर देखा गया था. हालांकि पार्टी ने कहा था कि पोस्‍टर लगाने से कोई सीएम पद का उम्‍मीदवार नहीं बन जाता. आपको बता दें कि राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान सुल्‍तानपुर से पार्टी सांसद वरुण गांधी के सैंकड़ों पोस्‍टर पटे होने और अपने दो दर्जन वाहनों के काफिले के साथ शहर में पहुंचने के बाद जिस तरह से उनका रोड शो हुआ एवं उनके समर्थकों ने जिस तरह का माहौल बनाया, उससे इलाहाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे ज्‍यादा चर्चा के केंद्र में वरुण गांधी ही रहे थे. 13 जून 2016 को भी पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह द्वारा बुलाई गई बैठक में भी वरुण गांधी नहीं पहुंचे थे. इसे भी राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान शहर में लगे वरुण गांधी के पोस्‍टरों के मामले से जोड़कर देखा गया था. 13 जून 2016 को भी पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह द्वारा बुलाई गई बैठक में भी वरुण गांधी नहीं पहुंचे थे. इसे भी राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान शहर में लगे वरुण गांधी के पोस्‍टरों के मामले से जोड़कर देखा गया था.
यह एक सारांश है: वरुण के समर्थक सीएम पद के लिए उनके नाम की 'दावेदारी' पेश कर चुके हैं पार्टी ने कहा था कि पोस्‍टर लगाने से कोई उम्‍मीदवार नहीं बन जाता 13 जून 2016 को भी पार्टी अध्‍यक्ष की बैठक में नहीं पहुंचे थे वरुण गांधी
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा में कुरुक्षेत्र के मथना गांव में एक सरकारी गौशाला में 'भारी बारिश और चारे की अनुपलब्धता' की वजह से कम के कम 25 गांवों की मौत हो गई. ग्राम प्रधान किरण बाला ने कहा कि लगातार बारिश की वजह से गौशाला में जलभराव हो गया. कई गाएं दलदली भूमि में फंस गई और उनकी मौत हो गई. कुछ की मौत भूख की वजह से हो गई और कई अन्य बीमार पड़ गईं. हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी दास मंगला और जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने शुक्रवार शाम गौशाला का दौरा किया और हालत का जायजा लिया. उपमंडलीय मजिस्ट्रेट नरिंद्र पाल मलिक ने बीमार गायों को करनाल में अन्य गौशाला में स्थानांतरित करने को कहा.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'अन्य पशुओं को जिले में चल रहे 20 अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है.. जब तक यहां पर मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता'. सरकारी गौशालाओं को चारा मुहैया कराने वाले 'श्री कृष्ण गौशाला' के पूर्व अध्यक्ष अशोक पपनेजा ने कहा गौशाला में फिलहाल 600 से ज्यादा गाएं हैं जो बिना उचित सुविधाओं के वहां रह रही हैं. वहां कई गायों के लिए चारा और पीने के पानी की उपलब्धता नहीं है. (इनपुट भाषा से) ग्राम प्रधान किरण बाला ने कहा कि लगातार बारिश की वजह से गौशाला में जलभराव हो गया. कई गाएं दलदली भूमि में फंस गई और उनकी मौत हो गई. कुछ की मौत भूख की वजह से हो गई और कई अन्य बीमार पड़ गईं. हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी दास मंगला और जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने शुक्रवार शाम गौशाला का दौरा किया और हालत का जायजा लिया. उपमंडलीय मजिस्ट्रेट नरिंद्र पाल मलिक ने बीमार गायों को करनाल में अन्य गौशाला में स्थानांतरित करने को कहा.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'अन्य पशुओं को जिले में चल रहे 20 अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है.. जब तक यहां पर मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता'. सरकारी गौशालाओं को चारा मुहैया कराने वाले 'श्री कृष्ण गौशाला' के पूर्व अध्यक्ष अशोक पपनेजा ने कहा गौशाला में फिलहाल 600 से ज्यादा गाएं हैं जो बिना उचित सुविधाओं के वहां रह रही हैं. वहां कई गायों के लिए चारा और पीने के पानी की उपलब्धता नहीं है. (इनपुट भाषा से) हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी दास मंगला और जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने शुक्रवार शाम गौशाला का दौरा किया और हालत का जायजा लिया. उपमंडलीय मजिस्ट्रेट नरिंद्र पाल मलिक ने बीमार गायों को करनाल में अन्य गौशाला में स्थानांतरित करने को कहा.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'अन्य पशुओं को जिले में चल रहे 20 अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है.. जब तक यहां पर मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता'. सरकारी गौशालाओं को चारा मुहैया कराने वाले 'श्री कृष्ण गौशाला' के पूर्व अध्यक्ष अशोक पपनेजा ने कहा गौशाला में फिलहाल 600 से ज्यादा गाएं हैं जो बिना उचित सुविधाओं के वहां रह रही हैं. वहां कई गायों के लिए चारा और पीने के पानी की उपलब्धता नहीं है. (इनपुट भाषा से) उपमंडलीय मजिस्ट्रेट नरिंद्र पाल मलिक ने बीमार गायों को करनाल में अन्य गौशाला में स्थानांतरित करने को कहा.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'अन्य पशुओं को जिले में चल रहे 20 अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है.. जब तक यहां पर मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता'. सरकारी गौशालाओं को चारा मुहैया कराने वाले 'श्री कृष्ण गौशाला' के पूर्व अध्यक्ष अशोक पपनेजा ने कहा गौशाला में फिलहाल 600 से ज्यादा गाएं हैं जो बिना उचित सुविधाओं के वहां रह रही हैं. वहां कई गायों के लिए चारा और पीने के पानी की उपलब्धता नहीं है. (इनपुट भाषा से) उन्होंने कहा, 'अन्य पशुओं को जिले में चल रहे 20 अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है.. जब तक यहां पर मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता'. सरकारी गौशालाओं को चारा मुहैया कराने वाले 'श्री कृष्ण गौशाला' के पूर्व अध्यक्ष अशोक पपनेजा ने कहा गौशाला में फिलहाल 600 से ज्यादा गाएं हैं जो बिना उचित सुविधाओं के वहां रह रही हैं. वहां कई गायों के लिए चारा और पीने के पानी की उपलब्धता नहीं है. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'भारी बारिश और चारे की अनुपलब्धा' की वजह से हुई गायों की मौत कई गाएं दलदली भूमि में फंस गई और उनकी मौत हो गई- ग्राम प्रधान कुछ गायों की मौत भूख की वजह से हो गई और कई अन्य बीमार पड़ गईं.
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कैंसर के ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने कहा कि वह क्यूबा में अपनी सेहत के लिए संघर्ष कर रहे हैं।टिप्पणियां शावेज ने अपने संदेश में कहा, इस क्रिसमस के दौरान... मुझे एक बार फिर अपनी सेहत के लिए लड़ना होगा, ताकि मैं वेनेजुएला की खुशियों के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना जारी रख सकूं। वेनेजुएला के उप राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने शावेज का यह संदेश पढ़ा। मादुरो ने ऐलान किया कि वह सरकार के एक शिष्टमंडल के साथ शावेज से मिलने क्यूबा जा रहे हैं। मादुरो की गैर-मौजूदगी में बिजली मंत्री हेक्तर नावारो उप राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। शावेज ने अपने संदेश में कहा, इस क्रिसमस के दौरान... मुझे एक बार फिर अपनी सेहत के लिए लड़ना होगा, ताकि मैं वेनेजुएला की खुशियों के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना जारी रख सकूं। वेनेजुएला के उप राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने शावेज का यह संदेश पढ़ा। मादुरो ने ऐलान किया कि वह सरकार के एक शिष्टमंडल के साथ शावेज से मिलने क्यूबा जा रहे हैं। मादुरो की गैर-मौजूदगी में बिजली मंत्री हेक्तर नावारो उप राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वेनेजुएला के उप राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने शावेज का यह संदेश पढ़ा। मादुरो ने ऐलान किया कि वह सरकार के एक शिष्टमंडल के साथ शावेज से मिलने क्यूबा जा रहे हैं। मादुरो की गैर-मौजूदगी में बिजली मंत्री हेक्तर नावारो उप राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कैंसर के ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने अपने संदेश में कहा, इस क्रिसमस के दौरान... मुझे एक बार फिर अपनी सेहत के लिए लड़ना होगा, ताकि मैं वेनेजुएला की खुशियों के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना जारी रख सकूं।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई गैंगरेप के पांच आरोपियों में से दो ने अपने को नाबालिग बताया है। इस तरह के दावों को कई लोग इस गंभीर अपराध की कड़ी सजा से बचने का प्रयास मान रहे हैं। इस मामले के एक आरोपी कासिम शेख (कासिम बंगाली) की मां ने दावा किया है कि उसका बेटा नाबालिग है। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किए हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि कासिम का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह यह साबित कर सकती है कि कासिम व्यस्क है। पुलिस का कहना है कि कासिम पर चोरी और डकैती के केस पहले से ही दर्ज हैं।टिप्पणियां इससे पहले एक अन्य आरोपी चांद शेख की दादी ने भी यह दावा किया था कि उसका पोता नाबालिग है और इस संबंध में उसने जन्म प्रमाण-पत्र से जुड़े कागजात भी प्रस्तुत किए। वहीं, पुलिस का मानना है कि इस प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस का कहना है कि चांद को इससे पहले लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब वह 17 वर्ष का था और अब वह कम से कम 19 वर्ष का होगा। इस मामले के एक आरोपी कासिम शेख (कासिम बंगाली) की मां ने दावा किया है कि उसका बेटा नाबालिग है। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किए हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि कासिम का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह यह साबित कर सकती है कि कासिम व्यस्क है। पुलिस का कहना है कि कासिम पर चोरी और डकैती के केस पहले से ही दर्ज हैं।टिप्पणियां इससे पहले एक अन्य आरोपी चांद शेख की दादी ने भी यह दावा किया था कि उसका पोता नाबालिग है और इस संबंध में उसने जन्म प्रमाण-पत्र से जुड़े कागजात भी प्रस्तुत किए। वहीं, पुलिस का मानना है कि इस प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस का कहना है कि चांद को इससे पहले लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब वह 17 वर्ष का था और अब वह कम से कम 19 वर्ष का होगा। वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि कासिम का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह यह साबित कर सकती है कि कासिम व्यस्क है। पुलिस का कहना है कि कासिम पर चोरी और डकैती के केस पहले से ही दर्ज हैं।टिप्पणियां इससे पहले एक अन्य आरोपी चांद शेख की दादी ने भी यह दावा किया था कि उसका पोता नाबालिग है और इस संबंध में उसने जन्म प्रमाण-पत्र से जुड़े कागजात भी प्रस्तुत किए। वहीं, पुलिस का मानना है कि इस प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस का कहना है कि चांद को इससे पहले लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब वह 17 वर्ष का था और अब वह कम से कम 19 वर्ष का होगा। इससे पहले एक अन्य आरोपी चांद शेख की दादी ने भी यह दावा किया था कि उसका पोता नाबालिग है और इस संबंध में उसने जन्म प्रमाण-पत्र से जुड़े कागजात भी प्रस्तुत किए। वहीं, पुलिस का मानना है कि इस प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस का कहना है कि चांद को इससे पहले लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब वह 17 वर्ष का था और अब वह कम से कम 19 वर्ष का होगा। पुलिस का कहना है कि चांद को इससे पहले लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब वह 17 वर्ष का था और अब वह कम से कम 19 वर्ष का होगा।
संक्षिप्त पाठ: मुंबई गैंगरेप के पांच आरोपियों में से दो ने अपने को नाबालिग बताया है। इस तरह के दावों को कई लोग इस गंभीर अपराध की कड़ी सजा से बचने का प्रयास मान रहे हैं।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में मंगलवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी), 11 जिला परिषदों तथा 118 पंचायत समितियों सहित 10 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. निकाय चुनाव को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक 55 फीसदी मतदान हुआ जो कि पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक है. मतदान करने वालों में राजनीतिज्ञ व बॉलीवुड के दिग्गज भी शामिल रहे. देश की आर्थिक राजधानी और सबसे धनी बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में अमूमन काफी कम मतदान होता रहा है लेकिन इस बार मतदान के उत्साहजनक आंकड़ों को लेकर फडणवीस ने ट्वीट किया, "रिकॉर्ड मतदान तथा लोकतंत्र के पर्व में शामिल होने के लिए धन्यवाद मुंबई." बीते चार कार्यकाल से बीएमसी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना गठबंधन का कब्जा है. चालू वित्तवर्ष (2016-17) के लिए बीएमसी का 37,052 करोड़ रुपये का बजट है. इसके मुकाबले, पूरे गोवा का बजट पिछले साल 14,700 करोड़ रुपये का था. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि ठाणे, उल्हासनगर, नासिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, अमरावती, अकोला तथा नागपुर में भी मतदान हुआ. पहले चरण का मतदान 16 फरवरी को हुआ था. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भाजपा को नोटिस पीरियड पर बताते हुए कहा कि गुरुवार को चुनाव के नतीजों के बाद वह फैसला करेंगे कि राज्य स्तर पर गठबंधन को जारी रखना है या नहीं. भाजपा के लिए यह चुनाव उसकी पारदर्शिता तथा सुशासन के दावे पर मिड टर्म रिपोर्ट कार्ड है. दोपहर में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम, मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार, मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष सचिन अहीर, नगर पालिका आयुक्त अजय मेहता, महापौर स्नेहल अंबेकर तथा लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी वोट डालने पहुंचे. मुख्यमंत्री फडणवीस तथा उनकी पत्नी अमृता ने नागपुर में मतदान किया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भावत ने भी नागपुर में ही मतदान किया. राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान केंद्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा, रणबीर सिंह, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, गुलजार जैसी फिल्मी हस्तियों सहित टेलीविजन धारावाहिकों के कलाकार तथा मराठी फिल्मों के स्टार भी मतदान करने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे.टिप्पणियां कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   देश की आर्थिक राजधानी और सबसे धनी बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में अमूमन काफी कम मतदान होता रहा है लेकिन इस बार मतदान के उत्साहजनक आंकड़ों को लेकर फडणवीस ने ट्वीट किया, "रिकॉर्ड मतदान तथा लोकतंत्र के पर्व में शामिल होने के लिए धन्यवाद मुंबई." बीते चार कार्यकाल से बीएमसी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना गठबंधन का कब्जा है. चालू वित्तवर्ष (2016-17) के लिए बीएमसी का 37,052 करोड़ रुपये का बजट है. इसके मुकाबले, पूरे गोवा का बजट पिछले साल 14,700 करोड़ रुपये का था. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि ठाणे, उल्हासनगर, नासिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, अमरावती, अकोला तथा नागपुर में भी मतदान हुआ. पहले चरण का मतदान 16 फरवरी को हुआ था. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भाजपा को नोटिस पीरियड पर बताते हुए कहा कि गुरुवार को चुनाव के नतीजों के बाद वह फैसला करेंगे कि राज्य स्तर पर गठबंधन को जारी रखना है या नहीं. भाजपा के लिए यह चुनाव उसकी पारदर्शिता तथा सुशासन के दावे पर मिड टर्म रिपोर्ट कार्ड है. दोपहर में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम, मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार, मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष सचिन अहीर, नगर पालिका आयुक्त अजय मेहता, महापौर स्नेहल अंबेकर तथा लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी वोट डालने पहुंचे. मुख्यमंत्री फडणवीस तथा उनकी पत्नी अमृता ने नागपुर में मतदान किया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भावत ने भी नागपुर में ही मतदान किया. राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान केंद्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा, रणबीर सिंह, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, गुलजार जैसी फिल्मी हस्तियों सहित टेलीविजन धारावाहिकों के कलाकार तथा मराठी फिल्मों के स्टार भी मतदान करने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे.टिप्पणियां कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   बीते चार कार्यकाल से बीएमसी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना गठबंधन का कब्जा है. चालू वित्तवर्ष (2016-17) के लिए बीएमसी का 37,052 करोड़ रुपये का बजट है. इसके मुकाबले, पूरे गोवा का बजट पिछले साल 14,700 करोड़ रुपये का था. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि ठाणे, उल्हासनगर, नासिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, अमरावती, अकोला तथा नागपुर में भी मतदान हुआ. पहले चरण का मतदान 16 फरवरी को हुआ था. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भाजपा को नोटिस पीरियड पर बताते हुए कहा कि गुरुवार को चुनाव के नतीजों के बाद वह फैसला करेंगे कि राज्य स्तर पर गठबंधन को जारी रखना है या नहीं. भाजपा के लिए यह चुनाव उसकी पारदर्शिता तथा सुशासन के दावे पर मिड टर्म रिपोर्ट कार्ड है. दोपहर में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम, मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार, मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष सचिन अहीर, नगर पालिका आयुक्त अजय मेहता, महापौर स्नेहल अंबेकर तथा लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी वोट डालने पहुंचे. मुख्यमंत्री फडणवीस तथा उनकी पत्नी अमृता ने नागपुर में मतदान किया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भावत ने भी नागपुर में ही मतदान किया. राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान केंद्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा, रणबीर सिंह, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, गुलजार जैसी फिल्मी हस्तियों सहित टेलीविजन धारावाहिकों के कलाकार तथा मराठी फिल्मों के स्टार भी मतदान करने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे.टिप्पणियां कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भाजपा को नोटिस पीरियड पर बताते हुए कहा कि गुरुवार को चुनाव के नतीजों के बाद वह फैसला करेंगे कि राज्य स्तर पर गठबंधन को जारी रखना है या नहीं. भाजपा के लिए यह चुनाव उसकी पारदर्शिता तथा सुशासन के दावे पर मिड टर्म रिपोर्ट कार्ड है. दोपहर में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम, मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार, मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष सचिन अहीर, नगर पालिका आयुक्त अजय मेहता, महापौर स्नेहल अंबेकर तथा लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी वोट डालने पहुंचे. मुख्यमंत्री फडणवीस तथा उनकी पत्नी अमृता ने नागपुर में मतदान किया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भावत ने भी नागपुर में ही मतदान किया. राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान केंद्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा, रणबीर सिंह, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, गुलजार जैसी फिल्मी हस्तियों सहित टेलीविजन धारावाहिकों के कलाकार तथा मराठी फिल्मों के स्टार भी मतदान करने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे.टिप्पणियां कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   दोपहर में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम, मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार, मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष सचिन अहीर, नगर पालिका आयुक्त अजय मेहता, महापौर स्नेहल अंबेकर तथा लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी वोट डालने पहुंचे. मुख्यमंत्री फडणवीस तथा उनकी पत्नी अमृता ने नागपुर में मतदान किया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भावत ने भी नागपुर में ही मतदान किया. राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान केंद्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा, रणबीर सिंह, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, गुलजार जैसी फिल्मी हस्तियों सहित टेलीविजन धारावाहिकों के कलाकार तथा मराठी फिल्मों के स्टार भी मतदान करने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे.टिप्पणियां कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   मुख्यमंत्री फडणवीस तथा उनकी पत्नी अमृता ने नागपुर में मतदान किया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भावत ने भी नागपुर में ही मतदान किया. राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान केंद्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा, रणबीर सिंह, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, गुलजार जैसी फिल्मी हस्तियों सहित टेलीविजन धारावाहिकों के कलाकार तथा मराठी फिल्मों के स्टार भी मतदान करने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे.टिप्पणियां कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   मतदान केंद्र पर बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा, रणबीर सिंह, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, गुलजार जैसी फिल्मी हस्तियों सहित टेलीविजन धारावाहिकों के कलाकार तथा मराठी फिल्मों के स्टार भी मतदान करने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे.टिप्पणियां कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   कुल 3.77 करोड़ मतदाता 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. ये सभी 5,512 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 10 महानगर पालिकाओं की 1,268, 11 जिला परिषदों की 2,956 तथा 118 पंचायत समितियों की 1,288 सीटों पर मतदान हुआ. राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.   राज्यभर में मतदान के लिए 43,160 मतदान केंद्र बनाए गए थे. दोनों चरणों के मतदान की नतीजे की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा तथा मनसे सहित कई प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.
संक्षिप्त सारांश: पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक, बॉलीवुड हस्तियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया बीते चार कार्यकाल से बीएमसी पर भाजपा और शिवसेना गठबंधन का कब्जा बीएमसी का 37,052 करोड़ रुपये का बजट है
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे अन्ना हजारे से प्रेरणा लेकर पाकिस्तान के एक 68 वर्षीय व्यक्ति ने भी 12 सितम्बर से इस्लामाबाद में इसी मुद्दे को लेकर भूख हड़ताल पर बैठने की योजना बनाई है। अन्ना हजारे से प्रेरित होने वाले शख्स का नाम जहांगीर अख्तर है और उनकी शिकायत है कि भ्रष्टाचार पाकिस्तान में गम्भीर बीमारी बन चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता अख्तर चाहते हैं कि पाकिस्तान की संसद में भी भारत की तरह ही भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विधेयक पेश किया जाए। भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर नजर रखने वाले अख्तर ने कहा, "मैं यह मांग करता हूं कि नेशनल एसेम्बली में भ्रष्टाचार के खिलाफ विधेयक पेश किया जाए।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में भी वैसा ही विधेयक पेश किया जाना चाहिए जैसा भारत में हो रहा है। अख्तर ने इस्लामाबाद से फोन पर आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में बताया, "पाकिस्तान में भारत से अधिक भ्रष्टाचार है..बहुत ज्यादा।" ऐसा नहीं है कि अख्तर यह काम पहली बार कर रहे हैं। वह याद करते हुए कहते हैं, "इस्लामाबाद में व्यापारियों की मांग को लेकर एक बार मैं 22 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठा था।" इसके बाद वह एक बार फिर आठ दिनों के लिए हड़ताल पर बैठे थे। अख्तर का कहना है कि उनका परिवार इसमें हस्तक्षेप नहीं करता है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल को लेकर वह संकल्पित हैं। अख्तर भ्रष्टाचार के अलावा एक अन्य मुद्दे को भी उठाना चाहते हैं और यह मुद्दा यह है कि पाकिस्तान अपने रक्षा बजट में लगातार वृद्धि कर रहा है क्योंकि ऐसा भ्रम फैलाया गया है कि भारत की वजह से पाकिस्तान की स्थिरता को खतरा है। अख्तर कहते हैं, " इस तरह का भ्रम नेताओं के एक समूह की ओर से फैलाया गया है लेकिन वे उस सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं कि..किस स्तर पर पाकिस्तान को खतरा है।"
सारांश: अन्ना हजारे से प्रेरित होने वाले शख्स का नाम जहांगीर अख्तर है और उनकी शिकायत है कि भ्रष्टाचार पाकिस्तान में गम्भीर बीमारी बन चुका है।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: अनुभवी सोहैल अब्बास सहित 14 पाकिस्तानी हॉकी खिलाड़ियों ने पहली बार आयोजित की जाने वाली हॉकी इंडिया लीग के लिए करार किया है। यह लीग अगले साल पांच जनवरी से 3 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। अब्बास को विश्व के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों और सबसे काबिल ड्रैग फ्लिकरों में से एक माना जाता है। उनके नाम 349 गोल दर्ज हैं। इसके अलावा 19 साल के फारवर्ड खिलाड़ी अली शान, जिन्हें लंदन ओलिम्पिक के लिए सम्भावितों में शामिल किया गया था हॉकी इंडिया लीग से जुड़े हैं।टिप्पणियां इन 14 खिलाड़ियों को उन 80 विदेशी खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है, जिनकी अगले महीने नीलामी की जाएगी। यह लीग अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा मान्यता प्राप्त है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के प्रमुख कासिम जिया और सचिव मुहम्मद आसिफ बाजवा ने भी इन 14 खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया लीग की नीलामी में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की है। अब्बास को विश्व के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों और सबसे काबिल ड्रैग फ्लिकरों में से एक माना जाता है। उनके नाम 349 गोल दर्ज हैं। इसके अलावा 19 साल के फारवर्ड खिलाड़ी अली शान, जिन्हें लंदन ओलिम्पिक के लिए सम्भावितों में शामिल किया गया था हॉकी इंडिया लीग से जुड़े हैं।टिप्पणियां इन 14 खिलाड़ियों को उन 80 विदेशी खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है, जिनकी अगले महीने नीलामी की जाएगी। यह लीग अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा मान्यता प्राप्त है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के प्रमुख कासिम जिया और सचिव मुहम्मद आसिफ बाजवा ने भी इन 14 खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया लीग की नीलामी में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की है। इसके अलावा 19 साल के फारवर्ड खिलाड़ी अली शान, जिन्हें लंदन ओलिम्पिक के लिए सम्भावितों में शामिल किया गया था हॉकी इंडिया लीग से जुड़े हैं।टिप्पणियां इन 14 खिलाड़ियों को उन 80 विदेशी खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है, जिनकी अगले महीने नीलामी की जाएगी। यह लीग अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा मान्यता प्राप्त है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के प्रमुख कासिम जिया और सचिव मुहम्मद आसिफ बाजवा ने भी इन 14 खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया लीग की नीलामी में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की है। इन 14 खिलाड़ियों को उन 80 विदेशी खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है, जिनकी अगले महीने नीलामी की जाएगी। यह लीग अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा मान्यता प्राप्त है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के प्रमुख कासिम जिया और सचिव मुहम्मद आसिफ बाजवा ने भी इन 14 खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया लीग की नीलामी में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के प्रमुख कासिम जिया और सचिव मुहम्मद आसिफ बाजवा ने भी इन 14 खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया लीग की नीलामी में शामिल होने को लेकर खुशी जाहिर की है।
संक्षिप्त सारांश: अनुभवी सोहैल अब्बास सहित 14 पाकिस्तानी हॉकी खिलाड़ियों ने पहली बार आयोजित की जाने वाली हॉकी इंडिया लीग के लिए करार किया है। यह लीग अगले साल पांच जनवरी से 3 फरवरी तक आयोजित की जाएगी।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश में मुस्लिम आबादी करीब 14 फीसदी है लेकिन उनके फैमिली प्लानिंग न अपनाने का प्रचार ज्यादा है. मुस्लिम विद्वान कहते हैं कि कुरान में कहीं फैमिली प्लानिंग का विरोध नहीं है. करीब 1500 साल पहले अरेबियन पेनिन्सुला में आबादी की कोई समस्या नहीं थी और तब परिवार नियोजन के आधुनिक उपाय भी नहीं थे. सन 1058 में जन्मे मुस्लिम विद्वान अल गाज़ली ने अपनी किताब “इहया उलूम उद-दीन” में लिखा कि गर्भ निरोध इन वजहों से अपनाया जा सकता है-1. अगर बच्चे पैदा करने से बीवी की खूबसूरती पर असर पड़े. 2. अगर बीवी की सेहत पर असर पड़े. 3. अगर बीवी की जिंदगी को खतरा हो. 4. अगर बच्चा पैदा करने से आर्थिक तंगी आए. 5. यदि बड़े परिवार से दूसरी दिक्कतें पैदा हों. डॉ नदीम हसनैन ने कहा कि 'हिन्दुस्तान में जो दूसरी रिलीजियस कम्युनिटीस हैं उनके मुकाबले में ग्रोथ रेट थोड़ी ज़्यादा है. लेकिन यह बात भी अपनी जगह सही है कि जिस तरह से हम पिछली दो जनगणना देखें तो उसमें सबसे ज़्यादा गिरावट आई है. जन्म दर में भी मुसलमानों में ही गिरावट आई है.' विकास से ज्यादा प्रभावी गर्भ निरोधक कोई नहीं हो सकता. यानी जैसे-जैसे इकॉनामिक डेवलपमेंट, प्रॉस्पेरिटी बढ़ती है, आबादी नीचे आती है. यह पूरी दुनिया में है. यह बात कोई हमारे ही देश में लागू नहीं होती है. यह सब जगह ऐसे ही है. जनसंख्या विस्फोट इस देश की बहुत बड़ी समस्या है. लेकिन यह एक सामाजिक समस्या है जिसका न किसी धर्म से कोई संबंध है और न ही राजनीति से. लेकिन यह हल इसलिए नहीं हो पाती है क्योंकि इसके बीच में राजनीति आ जाती है और जब राजनीति आती है तो अपने साथ धर्म भी लेकर आती है.
यह एक सारांश है: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने बढ़ती आबादी पर चिंता जताई सन 1058 में जन्मे विद्वान अल गाज़ली ने गर्भ निरोध के बारे में बताया था आबादी वृद्धि सामाजिक समस्या है जिसका धर्म से कोई संबंध नहीं
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं, जिससे शायद आप वाकिफ नहीं होंगे. आए दिन हमें ऐसी अजीबोगरीब जगहों के बारे में पता चल रहा है, जिसके बारे में हमने कभी कल्पना भी नहीं किया, लेकिन जो चीजें सामने निकल आ रही हैं, उससे यह तो साफ होता है कि इसमें कहीं न कहीं कुछ तो सच्चाई जरूर छुपी हुई है. ऐसी क्रम में आज हम आपको प्रकृति की गोद में फैला एक पर्वत अरावली के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में इतिहासकारों का मानना है कि इस पर्वत के पास एक ज्वालामुखी है, लेकिन इस ज्वालामुखी में हजारों साल से कोई विस्फोट नहीं हुआ है. बता दें, राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर अरावली श्रेणी में स्थित धोसी पहाड़ी ज्वालामुखी के मुंहाना जैसी भी दिखती है.टिप्पणियां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस ज्वालामुखी को धोसी पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है. कहा जाता है कि इस धोसी पहाड़ी से आयुर्वेद से संबंधित कई रहस्य जुड़े हुए हैं. क्या आप जानते हैं कि हमेशा जवान और खूबसूरत दिखने के लिए कौन औषधि है. अगर नहीं जानते तो बता दें, इस औषधि का नाम कायाकल्प है. यह एक ऐसी औषधि है, जिससे त्वचा तो अच्छी होती ही है और स्वास्थ्य भी दिनोंदिन बेहतर होता जाता है. मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार वैसे तो आयुर्वेद की सबसे महान खोज च्यवनप्राश को माना जाता है, पर शायद ही कोई यह जानता होगा कि च्यवनप्राश जैसी आयुर्वेदिक दवा धोसी पहाड़ी की देन है. धोसी पहाड़ी का रहस्य आज भी कायम है कि आखिरकार इसमें ऐसा क्या है जो महान वेदों, महान व्यक्तियों, ऋषियों के महान गुण अपने अंदर स्थापित कर लेती है और साथ में यह भी कि जब यह पहाड़ी ज्वालामुखी है तो कभी भी इसमें कोई विस्फोट क्यों नहीं हुआ है. महाभारत महाकाव्य के अनुसार इस पहाड़ी की उत्पत्ति त्रेता युग में हुई थी. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस ज्वालामुखी को धोसी पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है. कहा जाता है कि इस धोसी पहाड़ी से आयुर्वेद से संबंधित कई रहस्य जुड़े हुए हैं. क्या आप जानते हैं कि हमेशा जवान और खूबसूरत दिखने के लिए कौन औषधि है. अगर नहीं जानते तो बता दें, इस औषधि का नाम कायाकल्प है. यह एक ऐसी औषधि है, जिससे त्वचा तो अच्छी होती ही है और स्वास्थ्य भी दिनोंदिन बेहतर होता जाता है. मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार वैसे तो आयुर्वेद की सबसे महान खोज च्यवनप्राश को माना जाता है, पर शायद ही कोई यह जानता होगा कि च्यवनप्राश जैसी आयुर्वेदिक दवा धोसी पहाड़ी की देन है. धोसी पहाड़ी का रहस्य आज भी कायम है कि आखिरकार इसमें ऐसा क्या है जो महान वेदों, महान व्यक्तियों, ऋषियों के महान गुण अपने अंदर स्थापित कर लेती है और साथ में यह भी कि जब यह पहाड़ी ज्वालामुखी है तो कभी भी इसमें कोई विस्फोट क्यों नहीं हुआ है. महाभारत महाकाव्य के अनुसार इस पहाड़ी की उत्पत्ति त्रेता युग में हुई थी. मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार वैसे तो आयुर्वेद की सबसे महान खोज च्यवनप्राश को माना जाता है, पर शायद ही कोई यह जानता होगा कि च्यवनप्राश जैसी आयुर्वेदिक दवा धोसी पहाड़ी की देन है. धोसी पहाड़ी का रहस्य आज भी कायम है कि आखिरकार इसमें ऐसा क्या है जो महान वेदों, महान व्यक्तियों, ऋषियों के महान गुण अपने अंदर स्थापित कर लेती है और साथ में यह भी कि जब यह पहाड़ी ज्वालामुखी है तो कभी भी इसमें कोई विस्फोट क्यों नहीं हुआ है. महाभारत महाकाव्य के अनुसार इस पहाड़ी की उत्पत्ति त्रेता युग में हुई थी.
संक्षिप्त सारांश: राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर स्थित है यह धोसी पहाड़ी. इतिहासकारों का मानना है कि इस पर्वत के पास एक ज्वालामुखी है. इस धोसी पहाड़ी से कई आयुर्वेद के रहस्य जुड़े हुए हैं.
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इंटरनेट पर उपलब्ध अश्लील वेबसाइटों एवं अनुचित सामग्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश ने पत्र में लिखा है कि पिछले कुछ समय से विभिन्न राज्यों में महिलाओं के साथ घटित सामूहिक दुष्कर्म एवं तत्पश्चात जघन्य तरीके से हत्या की घटनाओं ने पूरे देश के जनमानस को उद्वेलित किया है. उन्होंने कहा है कि इस तरह की घटनाएं प्रायः सभी राज्यों में घटित हो रही हैं जो अत्यंत दुःख एवं चिंता का विषय है. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि इटंरनेट पर लोगों की असीमित पहुंच के कारण बड़ी सख्ंया में बच्चे एवं युवा अश्लील, हिंसक एवं अनुचित सामग्री देख रहे हैं जो अवांछनीय है. इसके प्रभाव के कारण भी कुछ मामलों में ऐसी घटनाएं घटित होती हैं. उन्होंने लिखा है कि कई मामलों में दुष्कर्म की घटनाओं के वीडियो बना कर सोशल मीडिया यथा - व्हाट्सएप, फेसबुक आदि पर प्रसारित कर दिए जा रहे हैं. विशेष रूप से बच्चों एवं कम उम्र के कुछ युवाओं के मस्तिष्क को इस तरह की सामग्री गंभीर रूप से प्रभावित करती है. नीतीश ने अपने पत्र में लिखा है कई मामलों में इस तरह की सामग्री का उपयोग ऐसे अपराधों के कारक के रूप में दृष्टिगत हुआ है. इसके अतिरिक्त ऐसी सामग्री के दीर्घकालीन उपयोग से कुछ लोगों की मानसिकता नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही है जिससे अनेक सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं तथा महिलाओं के प्रति अपराधों में वृद्धि हो रही है. उन्होंने आगे लिखा है कि यद्यपि इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी कानून में कतिपय प्रावधान किये गये हैं, परन्तु वे प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा भी इस संबंध में सरकार को कई दिशा-निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भी कड़े निर्देश देने की आवश्यकता है. साथ ही विभिन्न हितधारकों यथा- अभिभावकों, शैक्षिक संस्थानों एवं गैर-सरकारी सगंठनों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाना भी आवश्यक है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को पत्र लिखा अश्लील वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की कहा- अत्यंत दुःख एवं चिंता का विषय है
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की सरकार ने करगिल अभियान के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) को पार नहीं करने का फैसला जब सार्वजनिक किया था तब तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल वी पी मलिक (V P Malik) ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि वह इसे फिर से सार्वजनिक तौर पर ना कहें. पूर्व सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि बालाकोट जैसे और हमलों को बार-बार किए जाने की जरूरत है, जिससे प्रतिरोध की यह भावना बनी रहे और पाकिस्तान को यह संदेश भेजा जाए कि भारत पलटवार कर सकता है. करगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मलिक ने कहा कि वाजपेयी सरकार के दौरान रक्षा मामलों की संसदीय समिति के नियंत्रण रेखा पार नहीं करने के फैसले को सार्वजनिक किया गया.  वाजपेयी ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान भी इसे दोहराया. मलिक ने याद करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री ने चेन्नई में दो जून को इस बारे में कहा. जब वह वापस (दिल्ली) आए तो मैं उनसे मिला और कहा कि सर हम फैसले को मानेंगे लेकिन कृपया करके इसके बारे में सार्वजनिक रूप से न बोलें.' करगिल युद्ध के दौरान सेना का नेतृत्व करने वाले मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री वाजपेयी ने इसके पीछे की वजह जाननी चाही. मलिक ने कहा, 'मैंने कहा कि करगिल में जो हुआ हम अपनी तरफ से उसे ठीक करने की पूरी कोशिश करेंगे लेकिन अगर हमें पूर्ण नतीजे हासिल नहीं हो सके, तो जहां तक सेना का सवाल है, हमारे पास किसी और जगह नियंत्रण रेखा को पार करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है और अगर अगर मुझे यह जरूरत लगी तो मैं वापस आकर आपसे पूछूंगा, आपका क्या जवाब होगा.' मलिक ने याद करते हुए कहा कि वे उस वक्त साउथ ब्लॉक के गलियारों में चल रहे थे. वाजपेयी ने एक शब्द नहीं कहा, चुप रहे और सिर्फ अपना सिर हिलाया. मलिक ने कहा, 'लेकिन उसी दिन शाम को बृजेश मिश्रा (वाजपेयी के प्रधान सचिव एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) ने एक चैनल को साक्षात्कार दिया. साक्षात्कार के दौरान उन्होंने जानबूझकर कहा कि नियंत्रण रेखा या सीमा पार ना करना आज अच्छा है. हम कल के बारे में नहीं जानते. इससे हमें अपनी सैन्य रणनीति बनाने में मदद मिली.' करगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा नहीं लांघी थी. (इनपुट:भाषा)
संक्षिप्त सारांश: पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी पी मलिक ने बताया करगिल से जुड़ा वाकया 'पीएम से अनुरोध किया था कि LoC पार ना करने के फैसले को सार्वजनिक ना करें' 'बालाकोट जैसे और हमलों को बार-बार किए जाने की जरूरत'
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में उनकी सरकार बनने पर 600 यूनिट तक बिजली माफ की जाएगी और स्कूली बच्चों गरीबों एवं गरीबों के लिए सार्वजनिक यातायात को भी मुफ्त किया जाएगा. चोपड़ा ने कांग्रेस के दिल्ली की सत्ता में वापसी करने की उम्मीद जताते हुए यह भी कहा कि उनकी पार्टी के पास मुख्यमंत्री पद के लिए कई चेहरे हैं और समय आने पर पार्टी नाम तय कर लेगी. चोपड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘समय आने पर जिसे भी नेता चुनना होगा, हमारी पार्टी चुनेगी. हमारे पास बहुत अच्छे चेहरे हैं. कपिल सिब्बल हैं, अजय माकन हैं, अरविंदर सिंह लवली और कई दूसरे चेहरे भी हैं. इनमें से कोई भी मुख्यमंत्री हो सकता है.' इसके साथ ही दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री बनने नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत करने आया हूं. मैं किसी पद का अकांक्षी नहीं हूं.' बता दें, दिल्ली में विधानसभा सभा चुनाव साल 2020 की शुरूआत में होने की संभावना है. इस समय विधानसभा में आम आदमी पार्टी के पास 66 और भाजपा के पास चार सदस्य हैं. कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी. पार्टी में गुटबाजी के बारे में पूछे जाने पर चोपड़ा ने दावा किया, ‘कोई गुटबाजी नहीं है. सभी नेता एक साथ हैं. सब मिलकर लड़ेंगे और दिल्ली में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी.' मुख्यमंत्री केजरीवाल सरकार द्वारा 200 यूनिट तक बिजली माफ करने से जुड़े सवाल पर चोपड़ा ने कहा, ‘पहली बात यह कि दिल्ली में बिजली बिल पर शीला जी के समय हमने सब्सिडी की व्यवस्था की थी. पहले हमारी सरकार ने बिजली की चोरी बंद की और उससे पांच हजार करोड़ रुपए का राजस्व बचा. इसके बाद सब्सिडी शुरू की गई.' उन्होंने कहा, ‘केजरीवाल सरकार को तो 400-600 यूनिट तक बिजली मुफ्त करनी चाहिए. हम सत्ता में आएंगे तो 600 यूनिट तक बिजली मुफ्त करेंगे. हम जो कहते हैं वो करते हैं.' महिलाओं के लिए सार्वजिनक बसों के सफर को मुफ्त किए जाने पर चोपड़ा ने कहा, ‘इनको चुनाव से दो महीने पहले महिलाओं के लिए बस के सफर को मुफ्त करने की याद आई है. हम वादा करते हैं कि सत्ता में आने पर महिलाओं के अलावा स्कूली छात्रों, गरीबी रेखा के नीचे के लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और झुग्गी-बस्तियों के लोगों को मुफ्त परिवहन सेवाएं देंगे. यह उनका अधिकार है.' इसके साथ ही चोपड़ा ने उस धारणा को भी खारिज कर दिया कि दिल्ली में मुख्य मुकाबला आप और भाजपा के बीच है. चोपड़ा ने दावा किया, ‘आप भाजपा की बी टीम है. यह बात लोग समझ चुके हैं. आप देखेंगे कि कांग्रेस के पास उसके वोटर लौटेंगे और कांग्रेस की सत्ता में वापसी होगी. पूरे देश में लोग कांग्रेस की तरफ लौट रहे हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा के नतीजों से यह बात साबित भी हो गई है.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस की सरकार बनने पर 600 यूनिट तक बिजली माफ की जाएगी छात्रों और गरीबों के लिए डीटीसी यात्रा को फ्री किया जाएगा कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री बनने नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत करने आया हूं
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वामीनारायण पंथ के आध्यात्मिक मुखिया प्रमुख स्वामी को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए सोमवार को गुजरात जाएंगे. प्रमुख स्वामी का पार्थिव शरीर सारंगपुर के एक मंदिर में रखा गया है. सारंगपुर के स्वामीनारायण मंदिर में 85-वर्षीय संत को अंतिम सम्मान देने के लिए मंत्रियों, राजनीतिज्ञों और श्रद्धालुओं का तांता लगा है. बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख का पार्थिव शरीर 17 अगस्त तक मंदिर में रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु और नागरिक उनका अंतिम दर्शन कर लें. गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि पीएम मोदी अपराह्न बोताड जिले के सारंगपुर पहुंचेंगे. पटेल ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री प्रमुख स्वामी के बहुत करीब थे. मोदी दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करने अपराह्न पहुंचेंगे.' इस बीच, आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 16 अगस्त को मंदिर जाएंगे और प्रमुख स्वामी को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे. टिप्पणियां पीएम मोदी ने अपने ट्वीट संदेशों से स्वामी के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह आध्यात्मिक गुरु से आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं. कुछ समय से बीमार चल रहे प्रमुख स्वामी का शनिवार शाम सारंगपुर मंदिर में निधन हो गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सारंगपुर के स्वामीनारायण मंदिर में 85-वर्षीय संत को अंतिम सम्मान देने के लिए मंत्रियों, राजनीतिज्ञों और श्रद्धालुओं का तांता लगा है. बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख का पार्थिव शरीर 17 अगस्त तक मंदिर में रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु और नागरिक उनका अंतिम दर्शन कर लें. गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि पीएम मोदी अपराह्न बोताड जिले के सारंगपुर पहुंचेंगे. पटेल ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री प्रमुख स्वामी के बहुत करीब थे. मोदी दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करने अपराह्न पहुंचेंगे.' इस बीच, आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 16 अगस्त को मंदिर जाएंगे और प्रमुख स्वामी को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे. टिप्पणियां पीएम मोदी ने अपने ट्वीट संदेशों से स्वामी के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह आध्यात्मिक गुरु से आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं. कुछ समय से बीमार चल रहे प्रमुख स्वामी का शनिवार शाम सारंगपुर मंदिर में निधन हो गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख का पार्थिव शरीर 17 अगस्त तक मंदिर में रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु और नागरिक उनका अंतिम दर्शन कर लें. गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि पीएम मोदी अपराह्न बोताड जिले के सारंगपुर पहुंचेंगे. पटेल ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री प्रमुख स्वामी के बहुत करीब थे. मोदी दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करने अपराह्न पहुंचेंगे.' इस बीच, आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 16 अगस्त को मंदिर जाएंगे और प्रमुख स्वामी को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे. टिप्पणियां पीएम मोदी ने अपने ट्वीट संदेशों से स्वामी के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह आध्यात्मिक गुरु से आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं. कुछ समय से बीमार चल रहे प्रमुख स्वामी का शनिवार शाम सारंगपुर मंदिर में निधन हो गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पटेल ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री प्रमुख स्वामी के बहुत करीब थे. मोदी दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करने अपराह्न पहुंचेंगे.' इस बीच, आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 16 अगस्त को मंदिर जाएंगे और प्रमुख स्वामी को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे. टिप्पणियां पीएम मोदी ने अपने ट्वीट संदेशों से स्वामी के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह आध्यात्मिक गुरु से आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं. कुछ समय से बीमार चल रहे प्रमुख स्वामी का शनिवार शाम सारंगपुर मंदिर में निधन हो गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीएम मोदी ने अपने ट्वीट संदेशों से स्वामी के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह आध्यात्मिक गुरु से आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं. कुछ समय से बीमार चल रहे प्रमुख स्वामी का शनिवार शाम सारंगपुर मंदिर में निधन हो गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: स्वामीनारायण पंथ के प्रमुख स्वामी का शनिवार को निधन हो गया उनका पार्थिव शरीर सारंगपुर के मंदिर में रखा गया है अरविंद केजरीवाल भी 16 अगस्त को श्रद्धासुमन अर्पित करने जाएंगे
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई टीम से हार का साया उठने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में खेली गई वनडे सीरीज में प्रोटियाज से ही 5-0 से वनडे सीरीज में हारने के बाद अब अपने ही घर में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के पर्थ में खेले गए पहले ही टेस्ट में उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों बुरी पराजय का सामना करना पड़ा. वह प्रोटियाज से सीरीज में 0-1 से पीछे हो गई है. पूरे मैच में पहले दिन के खेल को छोड़ दें, तो ऑस्ट्रेलियाई टीम हर मामले में प्रोटियाज से पीछे ही रही. दक्षिण अफ्रीका ने उसे 177 रनों से मात दी. ऑस्ट्रेलियाई टीम 539 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 361 रन पर सिमट गई. प्रोटियाज के लिए मैच की उपलब्धि पहला टेस्ट खेल रहे केशव महारज रहे, जिन्होंने मैच में 4 विकेट चटकाए और दूसरी पारी में 41 रनों की तेज और नाबाद पारी खेली. इस प्रकार उन्होंने ऑलराउंड प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया. हालांकि मैन ऑफ द मैच का खिताब मैच में 7 विकेट लेने वाले कागिसो रबाडा को मिला. दक्षिण अफ्रीका के लिए गेंदबाजी में जहां कागिसो रबाडा ने दूसरी पारी में 5 विकेट झटके, वहीं बल्लेबाजी में डीन एल्गर ने 127, तो जेपी डुमिनी ने 141 रनों की पारी खेली और टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. क्विंटन डिकॉक ने पहली पारी में 84, तो दूसरी में 64 रनों का योगदान दिया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से पहली पारी में डेविड वॉर्नर ने 97 रन, तो दूसरी पारी में उस्मान ख्वाजा ने भी 97 रन बनाए, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी.   वाका टेस्ट के पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 539 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन के स्कोर 4 विकेट पर 169 रन से पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन कागिसो रबाडा और फिलेंडर की तेज गेंदबाजी के आगे उसके बल्लेबाज नतमस्तक हो गए. केवल उस्मान ख्वाजा (97) और पीटर नेविल (60) ही संघर्ष का जज्बा दिखा सके. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन दोनों सलामी बल्लेबाजों के लगातार अंतराल पर पैवेलियन लौटने से टीम दबाव में आ गई. 52 रनों की साझेदारी करने के बाद डेविड वार्नर (35) रन पैवेलियन लौट गए. शॉन मार्श (15) भी इसी ओवर में इसी स्कोर पर आउट हो गए. उस्मान ख्वाजा ने इसके बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ (34) के साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े, लेकिन तभी कागिसो रबाडा ने 144 के स्कोर पर स्मिथ को विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक के हाथों कैच आउट करवा दिया. ऑस्ट्रेलिया इस झटके से अभी उबर भी नहीं सका था कि रबाडा ने अपने अगले ही ओवर में एडम वोग्स (1) को भी चलता कर दिया.टिप्पणियां इससे पहले, छह विकेट पर 390 रनों से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को डी कॉक (64) और वर्नन फिलेंडर (73) ने सधे अंदाज में पारी आगे बढ़ाई. दोनों ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी निभाई. दिन के पहले सत्र में डी कॉक के रूप में एकमात्र विकेट गिरा. लंच तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 508 रन बना लिए थे. लंच के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 3.1 ओवर खेले और फिलेंडर का विकेट गिरते ही 8 विकेट पर 540 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी. दक्षिण अफ्रीका के लिए गेंदबाजी में जहां कागिसो रबाडा ने दूसरी पारी में 5 विकेट झटके, वहीं बल्लेबाजी में डीन एल्गर ने 127, तो जेपी डुमिनी ने 141 रनों की पारी खेली और टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. क्विंटन डिकॉक ने पहली पारी में 84, तो दूसरी में 64 रनों का योगदान दिया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से पहली पारी में डेविड वॉर्नर ने 97 रन, तो दूसरी पारी में उस्मान ख्वाजा ने भी 97 रन बनाए, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी.   वाका टेस्ट के पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 539 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन के स्कोर 4 विकेट पर 169 रन से पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन कागिसो रबाडा और फिलेंडर की तेज गेंदबाजी के आगे उसके बल्लेबाज नतमस्तक हो गए. केवल उस्मान ख्वाजा (97) और पीटर नेविल (60) ही संघर्ष का जज्बा दिखा सके. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन दोनों सलामी बल्लेबाजों के लगातार अंतराल पर पैवेलियन लौटने से टीम दबाव में आ गई. 52 रनों की साझेदारी करने के बाद डेविड वार्नर (35) रन पैवेलियन लौट गए. शॉन मार्श (15) भी इसी ओवर में इसी स्कोर पर आउट हो गए. उस्मान ख्वाजा ने इसके बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ (34) के साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े, लेकिन तभी कागिसो रबाडा ने 144 के स्कोर पर स्मिथ को विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक के हाथों कैच आउट करवा दिया. ऑस्ट्रेलिया इस झटके से अभी उबर भी नहीं सका था कि रबाडा ने अपने अगले ही ओवर में एडम वोग्स (1) को भी चलता कर दिया.टिप्पणियां इससे पहले, छह विकेट पर 390 रनों से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को डी कॉक (64) और वर्नन फिलेंडर (73) ने सधे अंदाज में पारी आगे बढ़ाई. दोनों ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी निभाई. दिन के पहले सत्र में डी कॉक के रूप में एकमात्र विकेट गिरा. लंच तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 508 रन बना लिए थे. लंच के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 3.1 ओवर खेले और फिलेंडर का विकेट गिरते ही 8 विकेट पर 540 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन दोनों सलामी बल्लेबाजों के लगातार अंतराल पर पैवेलियन लौटने से टीम दबाव में आ गई. 52 रनों की साझेदारी करने के बाद डेविड वार्नर (35) रन पैवेलियन लौट गए. शॉन मार्श (15) भी इसी ओवर में इसी स्कोर पर आउट हो गए. उस्मान ख्वाजा ने इसके बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ (34) के साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े, लेकिन तभी कागिसो रबाडा ने 144 के स्कोर पर स्मिथ को विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक के हाथों कैच आउट करवा दिया. ऑस्ट्रेलिया इस झटके से अभी उबर भी नहीं सका था कि रबाडा ने अपने अगले ही ओवर में एडम वोग्स (1) को भी चलता कर दिया.टिप्पणियां इससे पहले, छह विकेट पर 390 रनों से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को डी कॉक (64) और वर्नन फिलेंडर (73) ने सधे अंदाज में पारी आगे बढ़ाई. दोनों ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी निभाई. दिन के पहले सत्र में डी कॉक के रूप में एकमात्र विकेट गिरा. लंच तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 508 रन बना लिए थे. लंच के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 3.1 ओवर खेले और फिलेंडर का विकेट गिरते ही 8 विकेट पर 540 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी. उस्मान ख्वाजा ने इसके बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ (34) के साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े, लेकिन तभी कागिसो रबाडा ने 144 के स्कोर पर स्मिथ को विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक के हाथों कैच आउट करवा दिया. ऑस्ट्रेलिया इस झटके से अभी उबर भी नहीं सका था कि रबाडा ने अपने अगले ही ओवर में एडम वोग्स (1) को भी चलता कर दिया.टिप्पणियां इससे पहले, छह विकेट पर 390 रनों से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को डी कॉक (64) और वर्नन फिलेंडर (73) ने सधे अंदाज में पारी आगे बढ़ाई. दोनों ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी निभाई. दिन के पहले सत्र में डी कॉक के रूप में एकमात्र विकेट गिरा. लंच तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 508 रन बना लिए थे. लंच के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 3.1 ओवर खेले और फिलेंडर का विकेट गिरते ही 8 विकेट पर 540 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी. इससे पहले, छह विकेट पर 390 रनों से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को डी कॉक (64) और वर्नन फिलेंडर (73) ने सधे अंदाज में पारी आगे बढ़ाई. दोनों ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी निभाई. दिन के पहले सत्र में डी कॉक के रूप में एकमात्र विकेट गिरा. लंच तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 508 रन बना लिए थे. लंच के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 3.1 ओवर खेले और फिलेंडर का विकेट गिरते ही 8 विकेट पर 540 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी. लंच तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 508 रन बना लिए थे. लंच के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 3.1 ओवर खेले और फिलेंडर का विकेट गिरते ही 8 विकेट पर 540 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी.
संक्षिप्त पाठ: दोनों टीमों के बीच ऑस्ट्रेलिया में 3 मैचों की टेस्ट सीरीज है प्रोटियाज टीम से कागिसो रबाडा ने दूसरी पारी में 5 विकेट झटके ऑस्ट्रेलिया से पहली पारी में वॉर्नर, तो दूसरी में ख्वाजा शतक से चूके
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर श्रीलंका के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या (444) के सर्वाधिक एकदिवसीय मैच खेलने के रिकॉर्ड से आगे निकल गए हैं। तेंदुलकर ने यह मुकाम बांग्लादेश के साथ शनिवार को शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले जा रहे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के पहले मुकाबले में उतरने के साथ ही हासिल कर लिया। तेंदुलकर के नाम अब 445 एकदिवसीय मुकाबले खेलने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। तेंदुलकर ने अब तक 445 एकदिवसीय मुकाबलों में 44.97 की औसत से 17, 657 रन बनाए हैं जिसमें बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को बनाए विश्व कप के पहले मैच के 28 रन भी शामिल है। एकदिवसीय मुकाबलों में तेंदुलकर ने अब तक 46 शतक और 93 अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 200 रनों का रहा है। दूसरी ओर, जयसूर्या ने 444 एकदिवसीय मुकाबलों में 32.43 की औसत से 13,428 रन बनाए हैं जिसमें 28 शतक और 68 अर्धशतक शामिल है। जयसूर्या का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 189 रनों का है।
संक्षिप्त सारांश: सचिन तेंदुलकर श्रीलंका के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या (444) के सर्वाधिक वनडे मैच खेलने के रिकॉर्ड से आगे निकल गए हैं।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुजफ्फरनगर कोर्ट ने आज मुजफ्फरनगर दंगे (Muzaffarnagar Riots) के मामले में फैसला सुनाया. अदालत ने कवाल कांड के सभी सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी. छेड़छाड़ की घटना को लेकर 27 अगस्त 2013 को कवाल गांव में तीन व्यक्तियों की हत्या के बाद मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी. मुजफ्फरनगर न्यायालय के एडीजी-7 ने कवाल गांव की घटना के दोषियों को सजा सुनाई. छेड़छाड़ से पीड़ित लड़की के ममेरे भाई गौरव और सचिन की हत्या के लिए सात व्यक्ति दोषी करार दिए गए. गौरव और सचिन की 27 अगस्त 2013 को हत्या की वारदात के बाद मुज़फ्फरनगर में दंगा हो गया था. अदालत ने मुजम्मिल, मुजस्सिम, फुरकान, नदीम, जहांगीर, अफजल और इकबाल को गौरव और सचिन की हत्या के मामले में आजीवन कारावास से दंडित किया है. मुज़फ़्फरनगर कोर्ट ने बुधवार को कवाल गांव में उक्त दो युवकों की हत्या के मामले में सातों को दोषी ठहराया था. जिला और सत्र न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने हत्या तथा दंगे के जुर्म में सात लोगों को दोषी करार दिया था. मुजफ्फरनगर इलाका दंगे (Muzaffarnagar Riots) की आग में कई दिन सुलगता रहा था. अगस्त-सितंबर, 2013 में हुए इन दंगों में करीब 60 लोग मारे गए थे और सैकड़ों की संख्या में लोग जख्मी हुए थे. करीब 50 लोगों को अपने घरों को छोडने के लिए मजबूर होना पड़ा था. सांप्रदायिक हिंसा के दौरान फुगना इलाके के लिसाध गांव में कई घरों को जला दिया गया था. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2013 के दंगे के बाद 6,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए और दंगे में कथित भूमिका के लिए 1,480 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. दंगों की छानबीन करने वाली विशेष जांच टीम (SIT) ने 175 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया था. दंगों में करीब 40 हजार लोगों ने गांवों से भागकर राहत शिविरों में आसरा लिया था. मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक दंगे(Muzaffarnagar Riots)  में कथित संलिप्तता के आरोप में खाप नेता और उसके दो बेटों सहित 85 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
संक्षिप्त सारांश: छेड़छाड़ से पीड़ित लड़की के दो ममेरे भाईयों की हत्या कर दी गई थी मुजफ्फरनगर इलाका कई दिनों तक दंगों की आग में सुलगता रहा था अगस्त-सितंबर, 2013 में हुए इन दंगों में करीब 60 लोग मारे गए थे
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिथौरागढ़ के जिला मेजिस्ट्रेट सी रविशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के चार हेलिकॉप्टर सोमवार सुबह करीब सात बजे 57 श्रद्धालुओं को लेकर गूंजी पहुंचे.   उन्होंने बताया कि वैसे तो लखनपुर से गूंजी के बीच का ट्रैकिंग का मार्ग ठीक है लेकिन खराब मौसम की आशंका से श्रद्धालुओं को हवाई मार्ग से ले जाया गया. इससे उनका कुछ वक्त भी बच गया जिसका इस्तेमाल वह नाभी और ऊंचाई पर स्थित अन्य गांवों में होमस्टे की सुविधा का आनंद उठाने के लिए कर सकेंगे.   अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था रविवार शाम अल्मोड़ा के रास्ते यात्रा की नोडल एजेंसी पिथौरागढ़ टूरिस्ट रेस्ट सेंटर ऑफ कुमाऊं मंडल विकास निगम तक पहुंचा.  गौरतलब है कि लखनपुर से गूंजी के बीच के 18 किलोमीटर के ट्रैक की सीधी चढ़ाई होने से यह मुश्किल है. धारचुला के एसडीएम आरके पांडे ने बताया कि इस वक्त ऊंचाई पर स्थित स्थानों पर भूस्खलन का जोखिम रहता ही है.   गौरतलब है कि लखनपुर से गूंजी के बीच के 18 किलोमीटर के ट्रैक की सीधी चढ़ाई होने से यह मुश्किल है. धारचुला के एसडीएम आरके पांडे ने बताया कि इस वक्त ऊंचाई पर स्थित स्थानों पर भूस्खलन का जोखिम रहता ही है.
संक्षिप्त सारांश: कैलाश मानसरोवर के यात्रियों को एयरलिफ्ट किया गया है ऐसा खराब मौसम की आशंका के चलते किया गया यात्रियों को हेलिकॉप्‍टर से गूंजी ले जाया गया है
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश में तेज आर्थिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की राह में कई मुद्दों पर आम राजनीतिक सहमति नहीं होने को बाधा मानते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि अब समय आ गया है कि विकास प्रक्रिया से जुड़े मामले राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की तरह देखे जाएं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य गरीबी और अशिक्षा को हटाना है। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश के 66वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, जहां तक तेज आर्थिक विकास के लिए देश के अंदर अनुकूल वातावरण बनाने का प्रश्न है, मेरा मानना है कि बहुत से मुद्दों पर आम राजनीतिक सहमति नहीं होने के कारण हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम अपनी विकास प्रक्रिया से जुड़े मामलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की तरह देखें। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों विश्व की अर्थव्यवस्था एक मुश्किल दौर से गुजर रही है और सभी देशों में आर्थिक विकास की रफ्तार कम हुई है। यूरोप के देशों को मिलाकर देखा जाए, तो इस साल उनकी विकास दर शून्य रहने का अनुमान है। देश के बाहर के हालात का असर हम पर भी पड़ा है। साथ ही देश के अंदर कई ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जो हमारे आर्थिक विकास में बाधा पहुंचा रही हैं। प्रधानमंत्री ने शासन-प्रशासन के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का संकल्प दोहराने के साथ ही यह भी ध्यान रखने को कहा कि बेबुनियाद शिकायतों और गैर-जरूरी अदालती कार्रवाइयों से अधिकारियों के मनोबल को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। प्रधानमंत्री के रूप में नौवीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, लोकसभा ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया है। हमें उम्मीद है कि राज्यसभा में इस विधेयक को पारित करने में सभी राजनीतिक दल हमारी मदद करेंगे। लोकसेवकों के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने और उसमें भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश हम जारी रखेंगे। असम में जातीय हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने वायदा किया कि सरकार इन घटनाओं की वजहों को समझने की पूरी कोशिश करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर मेहनत से काम करेगी ताकि देश में कहीं भी इस तरह के हादसे दोबारा न होने पाएं। आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है। इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करना है। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश के 66वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, जहां तक तेज आर्थिक विकास के लिए देश के अंदर अनुकूल वातावरण बनाने का प्रश्न है, मेरा मानना है कि बहुत से मुद्दों पर आम राजनीतिक सहमति नहीं होने के कारण हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम अपनी विकास प्रक्रिया से जुड़े मामलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की तरह देखें। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों विश्व की अर्थव्यवस्था एक मुश्किल दौर से गुजर रही है और सभी देशों में आर्थिक विकास की रफ्तार कम हुई है। यूरोप के देशों को मिलाकर देखा जाए, तो इस साल उनकी विकास दर शून्य रहने का अनुमान है। देश के बाहर के हालात का असर हम पर भी पड़ा है। साथ ही देश के अंदर कई ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जो हमारे आर्थिक विकास में बाधा पहुंचा रही हैं। प्रधानमंत्री ने शासन-प्रशासन के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का संकल्प दोहराने के साथ ही यह भी ध्यान रखने को कहा कि बेबुनियाद शिकायतों और गैर-जरूरी अदालती कार्रवाइयों से अधिकारियों के मनोबल को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। प्रधानमंत्री के रूप में नौवीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, लोकसभा ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया है। हमें उम्मीद है कि राज्यसभा में इस विधेयक को पारित करने में सभी राजनीतिक दल हमारी मदद करेंगे। लोकसेवकों के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने और उसमें भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश हम जारी रखेंगे। असम में जातीय हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने वायदा किया कि सरकार इन घटनाओं की वजहों को समझने की पूरी कोशिश करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर मेहनत से काम करेगी ताकि देश में कहीं भी इस तरह के हादसे दोबारा न होने पाएं। आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है। इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करना है। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों विश्व की अर्थव्यवस्था एक मुश्किल दौर से गुजर रही है और सभी देशों में आर्थिक विकास की रफ्तार कम हुई है। यूरोप के देशों को मिलाकर देखा जाए, तो इस साल उनकी विकास दर शून्य रहने का अनुमान है। देश के बाहर के हालात का असर हम पर भी पड़ा है। साथ ही देश के अंदर कई ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जो हमारे आर्थिक विकास में बाधा पहुंचा रही हैं। प्रधानमंत्री ने शासन-प्रशासन के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का संकल्प दोहराने के साथ ही यह भी ध्यान रखने को कहा कि बेबुनियाद शिकायतों और गैर-जरूरी अदालती कार्रवाइयों से अधिकारियों के मनोबल को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। प्रधानमंत्री के रूप में नौवीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, लोकसभा ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया है। हमें उम्मीद है कि राज्यसभा में इस विधेयक को पारित करने में सभी राजनीतिक दल हमारी मदद करेंगे। लोकसेवकों के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने और उसमें भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश हम जारी रखेंगे। असम में जातीय हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने वायदा किया कि सरकार इन घटनाओं की वजहों को समझने की पूरी कोशिश करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर मेहनत से काम करेगी ताकि देश में कहीं भी इस तरह के हादसे दोबारा न होने पाएं। आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है। इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करना है। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री ने शासन-प्रशासन के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का संकल्प दोहराने के साथ ही यह भी ध्यान रखने को कहा कि बेबुनियाद शिकायतों और गैर-जरूरी अदालती कार्रवाइयों से अधिकारियों के मनोबल को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। प्रधानमंत्री के रूप में नौवीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, लोकसभा ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया है। हमें उम्मीद है कि राज्यसभा में इस विधेयक को पारित करने में सभी राजनीतिक दल हमारी मदद करेंगे। लोकसेवकों के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने और उसमें भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश हम जारी रखेंगे। असम में जातीय हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने वायदा किया कि सरकार इन घटनाओं की वजहों को समझने की पूरी कोशिश करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर मेहनत से काम करेगी ताकि देश में कहीं भी इस तरह के हादसे दोबारा न होने पाएं। आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है। इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करना है। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री के रूप में नौवीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, लोकसभा ने लोकपाल विधेयक पारित कर दिया है। हमें उम्मीद है कि राज्यसभा में इस विधेयक को पारित करने में सभी राजनीतिक दल हमारी मदद करेंगे। लोकसेवकों के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने और उसमें भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश हम जारी रखेंगे। असम में जातीय हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने वायदा किया कि सरकार इन घटनाओं की वजहों को समझने की पूरी कोशिश करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर मेहनत से काम करेगी ताकि देश में कहीं भी इस तरह के हादसे दोबारा न होने पाएं। आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है। इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करना है। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। असम में जातीय हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने वायदा किया कि सरकार इन घटनाओं की वजहों को समझने की पूरी कोशिश करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर मेहनत से काम करेगी ताकि देश में कहीं भी इस तरह के हादसे दोबारा न होने पाएं। आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है। इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करना है। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए सिंह ने कहा, सांप्रदायिक सद्भाव को हमें हर कीमत पर बनाए रखना है। इस महीने के शुरू में पुणे में जो घटनाएं हुईं, वे इस बात की तरफ इशारा करती हैं कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में हमें अभी काफी काम करना है। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। महंगाई पर काबू पाने का संकल्प करते हुए उन्होंने खराब मॉनसून की वजह से कुछ मुश्किल पेश आने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में बरसात में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कमी हुई है, वहां के किसानों को सरकार डीजल पर अलग से सब्सिडी दे रही है। बीज सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है और चारे के लिए केन्द्र की योजना में उपलब्ध राशि बढ़ा दी गई है। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। किसानों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अच्छी बात यह है कि हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत की वजह से देश में अनाज का बहुत बडा भंडार है और अनाज की उपलब्धता की समस्या हमारे सामने पैदा नहीं होगी। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। अपनी चिर-परिचित नीले रंग की पगड़ी बांधे प्रधानमंत्री ने राष्ट्रध्वज फहराने के बाद दिए अपने संबोधन में देश के सैन्यबलों की सराहना करते हुए कहा, हमने हाल के महीनों में अपनी सेना की भूमिका और उसकी तैयारी के बारे में काफी बहस देखी। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सरकार इन बलों को आधुनिक बनाने के लिए वचनबद्ध है और उन्हें जरूरी प्रौद्योगिकी एवं साजो- सामान मुहैया कराने का काम जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि सैनिकों और अधिकारियों के वेतन एवं पेंशन संबंधी मामलों की जांच के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों की पेंशन और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से संबंधित मुद्दों की भी जांच करेगी। समिति की सिफारिशें हासिल होने के बाद हम उन पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे।टिप्पणियां सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। सिंह ने उम्मीद जताई कि परेशानियों का मौजूदा दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। इन दिक्कतों का सामना करते हुए हमें इस बात से हौसला मिलना चाहिए कि पिछले आठ साल में हमने कई क्षेत्रों में असाधारण सफलताएं प्राप्त की हैं। जरूरत इस बात की है कि हम इस तरह की सफलताएं बहुत से नए क्षेत्रों में भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान सरकार की कोशिश रही है कि हम अपने नागरिकों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं, ताकि वह राष्ट्र निर्माण के महान काम में योगदान दे सकें।
यहाँ एक सारांश है:66वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि विकास प्रक्रिया से जुड़े मामले राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की तरह देखे जाएं।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन ने भारतीय यात्रियों के लिए तत्काल वीजा जारी किए जाने को लेकर ‘सुपर प्राइआरिटी’ योजना शुरू की है। इसके तहत जो भारतीय सैलानी तत्काल ब्रिटेन जाना चाहते हैं, उन्हें उसी दिन वीजा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहला मौका है जब ब्रिटेन ने किसी देश के लिए इस प्रकार की योजना शुरू की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस साल फरवरी में भारत यात्रा के दौरान ‘सुपर प्राइआरिटी’ वीजा सर्विस शुरू किए जाने की घोषणा की थी।टिप्पणियां ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने दुनिया के किसी देश के लिए इस प्रकार की पहली योजना शुरू की है। इसके लिए भारत में ‘एप्वाइंटमेंट बुकिंग’ मंगलवार को शुरू हुई। भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर जेम्स बेवन ने कहा, ‘किसी अन्य देश से पहले भारत में सुपर प्राइआरिटी वीजा सेवा शुरू किए जाने को लेकर मैं खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘पहली बार भारतीय आगंतुकों के लिए ब्रिटेन जाने के लिए उसी दिन वीजा प्राप्त करने का विकल्प होगा। यह वीजा सेवा को बेहतर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। हमें उम्मीद है कि यह नई सेवा खासकर व्यापार के लिहाज से फायदेमंद होगी।’ उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जिन्हें तत्काल ब्रिटेन जाने की आवश्यकता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस साल फरवरी में भारत यात्रा के दौरान ‘सुपर प्राइआरिटी’ वीजा सर्विस शुरू किए जाने की घोषणा की थी।टिप्पणियां ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने दुनिया के किसी देश के लिए इस प्रकार की पहली योजना शुरू की है। इसके लिए भारत में ‘एप्वाइंटमेंट बुकिंग’ मंगलवार को शुरू हुई। भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर जेम्स बेवन ने कहा, ‘किसी अन्य देश से पहले भारत में सुपर प्राइआरिटी वीजा सेवा शुरू किए जाने को लेकर मैं खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘पहली बार भारतीय आगंतुकों के लिए ब्रिटेन जाने के लिए उसी दिन वीजा प्राप्त करने का विकल्प होगा। यह वीजा सेवा को बेहतर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। हमें उम्मीद है कि यह नई सेवा खासकर व्यापार के लिहाज से फायदेमंद होगी।’ उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जिन्हें तत्काल ब्रिटेन जाने की आवश्यकता है। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने दुनिया के किसी देश के लिए इस प्रकार की पहली योजना शुरू की है। इसके लिए भारत में ‘एप्वाइंटमेंट बुकिंग’ मंगलवार को शुरू हुई। भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर जेम्स बेवन ने कहा, ‘किसी अन्य देश से पहले भारत में सुपर प्राइआरिटी वीजा सेवा शुरू किए जाने को लेकर मैं खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘पहली बार भारतीय आगंतुकों के लिए ब्रिटेन जाने के लिए उसी दिन वीजा प्राप्त करने का विकल्प होगा। यह वीजा सेवा को बेहतर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। हमें उम्मीद है कि यह नई सेवा खासकर व्यापार के लिहाज से फायदेमंद होगी।’ उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जिन्हें तत्काल ब्रिटेन जाने की आवश्यकता है। भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर जेम्स बेवन ने कहा, ‘किसी अन्य देश से पहले भारत में सुपर प्राइआरिटी वीजा सेवा शुरू किए जाने को लेकर मैं खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘पहली बार भारतीय आगंतुकों के लिए ब्रिटेन जाने के लिए उसी दिन वीजा प्राप्त करने का विकल्प होगा। यह वीजा सेवा को बेहतर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। हमें उम्मीद है कि यह नई सेवा खासकर व्यापार के लिहाज से फायदेमंद होगी।’ उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जिन्हें तत्काल ब्रिटेन जाने की आवश्यकता है।
सारांश: ब्रिटेन ने भारतीय यात्रियों के लिए तत्काल वीजा जारी किए जाने को लेकर ‘सुपर प्राइआरिटी’ योजना शुरू की है। इसके तहत जो भारतीय सैलानी तत्काल ब्रिटेन जाना चाहते हैं, उन्हें उसी दिन वीजा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के भारी हंगामे के कारण संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा में कोई कामकाज नहीं हो सका। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सदन का परिचय अपने मंत्रिपरिषद के नए एवं पदोन्नति प्राप्त सदस्यों से कराया। इसके बाद अध्यक्ष मीरा कुमार ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया तृणमूल सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए। तृणमूल सदस्य 'एफडीआई वापस लो' के नारे लगा रहे थे। तेदेपा के एक सदस्य 'पृथक तेलंगाना' राज्य का मुद्दा उठाते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। इस बीच, भाजपा नीत राजग और वाम दल मल्टी-ब्रांड रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग करते देखे गए। वाम दल के सदस्य बहुराष्ट्रीय कंपनी वालमार्ट के विरोध में नारे लगाते और एक पुस्तिका लहराते देखे गए। अध्यक्ष ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया, लेकिन सदस्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। शोर-शराबा थमता नहीं देख मीरा ने सदन की कार्यवाही करीब 10 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद 12 बजे भी स्थिति जस की तस बनी रही, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं चल पाया और अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए और फिर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। ढाई बजे भी सदन में माहौल शांत नहीं हुआ, जिसके बाद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां इससे पहले, सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, बसपा सदस्य आसन के समक्ष पहुंच गए और सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। इसी बीच, सपा सदस्यों ने गैस सिलेंडरों की मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की और आसन के समक्ष पहुंच गए। राजग सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने एफडीआई के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग उठाई। अन्नाद्रमुक सदस्यों को भी अपने किसी मुद्दे को उठाते हुए और पोस्टर लहराते हुए देखा गया। अंसारी ने उन्हें सदन में पोस्टर न दिखाने को कहा। इसके बाद अध्यक्ष मीरा कुमार ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया तृणमूल सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए। तृणमूल सदस्य 'एफडीआई वापस लो' के नारे लगा रहे थे। तेदेपा के एक सदस्य 'पृथक तेलंगाना' राज्य का मुद्दा उठाते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। इस बीच, भाजपा नीत राजग और वाम दल मल्टी-ब्रांड रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग करते देखे गए। वाम दल के सदस्य बहुराष्ट्रीय कंपनी वालमार्ट के विरोध में नारे लगाते और एक पुस्तिका लहराते देखे गए। अध्यक्ष ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया, लेकिन सदस्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। शोर-शराबा थमता नहीं देख मीरा ने सदन की कार्यवाही करीब 10 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद 12 बजे भी स्थिति जस की तस बनी रही, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं चल पाया और अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए और फिर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। ढाई बजे भी सदन में माहौल शांत नहीं हुआ, जिसके बाद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां इससे पहले, सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, बसपा सदस्य आसन के समक्ष पहुंच गए और सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। इसी बीच, सपा सदस्यों ने गैस सिलेंडरों की मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की और आसन के समक्ष पहुंच गए। राजग सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने एफडीआई के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग उठाई। अन्नाद्रमुक सदस्यों को भी अपने किसी मुद्दे को उठाते हुए और पोस्टर लहराते हुए देखा गया। अंसारी ने उन्हें सदन में पोस्टर न दिखाने को कहा। वाम दल के सदस्य बहुराष्ट्रीय कंपनी वालमार्ट के विरोध में नारे लगाते और एक पुस्तिका लहराते देखे गए। अध्यक्ष ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया, लेकिन सदस्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। शोर-शराबा थमता नहीं देख मीरा ने सदन की कार्यवाही करीब 10 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद 12 बजे भी स्थिति जस की तस बनी रही, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं चल पाया और अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए और फिर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। ढाई बजे भी सदन में माहौल शांत नहीं हुआ, जिसके बाद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां इससे पहले, सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, बसपा सदस्य आसन के समक्ष पहुंच गए और सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। इसी बीच, सपा सदस्यों ने गैस सिलेंडरों की मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की और आसन के समक्ष पहुंच गए। राजग सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने एफडीआई के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग उठाई। अन्नाद्रमुक सदस्यों को भी अपने किसी मुद्दे को उठाते हुए और पोस्टर लहराते हुए देखा गया। अंसारी ने उन्हें सदन में पोस्टर न दिखाने को कहा। उधर, राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं चल पाया और अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए और फिर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। ढाई बजे भी सदन में माहौल शांत नहीं हुआ, जिसके बाद कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां इससे पहले, सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, बसपा सदस्य आसन के समक्ष पहुंच गए और सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। इसी बीच, सपा सदस्यों ने गैस सिलेंडरों की मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की और आसन के समक्ष पहुंच गए। राजग सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने एफडीआई के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग उठाई। अन्नाद्रमुक सदस्यों को भी अपने किसी मुद्दे को उठाते हुए और पोस्टर लहराते हुए देखा गया। अंसारी ने उन्हें सदन में पोस्टर न दिखाने को कहा। इससे पहले, सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, बसपा सदस्य आसन के समक्ष पहुंच गए और सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। इसी बीच, सपा सदस्यों ने गैस सिलेंडरों की मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की और आसन के समक्ष पहुंच गए। राजग सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने एफडीआई के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग उठाई। अन्नाद्रमुक सदस्यों को भी अपने किसी मुद्दे को उठाते हुए और पोस्टर लहराते हुए देखा गया। अंसारी ने उन्हें सदन में पोस्टर न दिखाने को कहा। इसी बीच, सपा सदस्यों ने गैस सिलेंडरों की मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की और आसन के समक्ष पहुंच गए। राजग सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने एफडीआई के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग उठाई। अन्नाद्रमुक सदस्यों को भी अपने किसी मुद्दे को उठाते हुए और पोस्टर लहराते हुए देखा गया। अंसारी ने उन्हें सदन में पोस्टर न दिखाने को कहा।
संक्षिप्त सारांश: मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के भारी हंगामे के कारण संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी संसद में हंगामा जारी रहा और कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के इस बयान से कि अगले लोकसभा चुनाव के बाद सपा का ‘जनाजा’ निकलेगा क्योंकि पार्टी को केवल चार सीटें मिलेंगी, संप्रग को बाहर से समर्थन दे रही उसकी प्रमुख सहयोगी पार्टी के साथ एक नया वाकयुद्ध शुरू हो गया है और पार्टी ने बेनी की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। वर्मा ने दो दिन में समाजवादी पार्टी पर दूसरी बार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बाबरी मस्जिद मामले पर मुसलमानों के साथ ‘दगा’ किया। वर्मा की ‘जनाजे’ वाली टिप्पणी पर उसकी इस्पात मंत्री के पद से बर्खास्तगी की मांग कर चुकी समाजवादी पार्टी ने उनके ताजा बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपना ‘दिमागी संतुलन’ खो चुके हैं। वर्मा पर जवाबी हमला करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इशारा दिया कि चुनाव में दरअसल कांग्रेस को चार से पांच सीटें मिलेंगी। अखिलेश ने इलाहाबाद में कहा, ‘विधानसभा चुनाव में ज्यादातर चुनाव क्षेत्रों में 5,000-10,000 वोट हासिल करने के लिए संघर्ष करने वाली पार्टियों को लोकसभा चुनाव में 80 में से चार-पांच सीटों से ज्यादा नहीं मिलेंगी।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विभिन्न पार्टियों की चुनावी भविष्यवाणी करते हुए वर्मा ने लखनऊ में एक रैली के दौरान कहा था कि सपा को अगले लोकसभा चुनाव में मात्र चार सीटें मिलेंगी और पार्टी का जनाजा निकलेगा। वर्मा शनिवार को भी अपने आकलन पर अड़े रहे और कहा, ‘मेरा राजनीतिक विश्लेषण यही है कि इटावा के आसपास के इलाकों में उसे सिर्फ चार सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुलायम ने मुसलमानों के साथ दगा किया। उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।’ वर्मा ने दो दिन में समाजवादी पार्टी पर दूसरी बार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बाबरी मस्जिद मामले पर मुसलमानों के साथ ‘दगा’ किया। वर्मा की ‘जनाजे’ वाली टिप्पणी पर उसकी इस्पात मंत्री के पद से बर्खास्तगी की मांग कर चुकी समाजवादी पार्टी ने उनके ताजा बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपना ‘दिमागी संतुलन’ खो चुके हैं। वर्मा पर जवाबी हमला करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इशारा दिया कि चुनाव में दरअसल कांग्रेस को चार से पांच सीटें मिलेंगी। अखिलेश ने इलाहाबाद में कहा, ‘विधानसभा चुनाव में ज्यादातर चुनाव क्षेत्रों में 5,000-10,000 वोट हासिल करने के लिए संघर्ष करने वाली पार्टियों को लोकसभा चुनाव में 80 में से चार-पांच सीटों से ज्यादा नहीं मिलेंगी।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विभिन्न पार्टियों की चुनावी भविष्यवाणी करते हुए वर्मा ने लखनऊ में एक रैली के दौरान कहा था कि सपा को अगले लोकसभा चुनाव में मात्र चार सीटें मिलेंगी और पार्टी का जनाजा निकलेगा। वर्मा शनिवार को भी अपने आकलन पर अड़े रहे और कहा, ‘मेरा राजनीतिक विश्लेषण यही है कि इटावा के आसपास के इलाकों में उसे सिर्फ चार सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुलायम ने मुसलमानों के साथ दगा किया। उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।’ वर्मा पर जवाबी हमला करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इशारा दिया कि चुनाव में दरअसल कांग्रेस को चार से पांच सीटें मिलेंगी। अखिलेश ने इलाहाबाद में कहा, ‘विधानसभा चुनाव में ज्यादातर चुनाव क्षेत्रों में 5,000-10,000 वोट हासिल करने के लिए संघर्ष करने वाली पार्टियों को लोकसभा चुनाव में 80 में से चार-पांच सीटों से ज्यादा नहीं मिलेंगी।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विभिन्न पार्टियों की चुनावी भविष्यवाणी करते हुए वर्मा ने लखनऊ में एक रैली के दौरान कहा था कि सपा को अगले लोकसभा चुनाव में मात्र चार सीटें मिलेंगी और पार्टी का जनाजा निकलेगा। वर्मा शनिवार को भी अपने आकलन पर अड़े रहे और कहा, ‘मेरा राजनीतिक विश्लेषण यही है कि इटावा के आसपास के इलाकों में उसे सिर्फ चार सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुलायम ने मुसलमानों के साथ दगा किया। उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।’ अखिलेश ने इलाहाबाद में कहा, ‘विधानसभा चुनाव में ज्यादातर चुनाव क्षेत्रों में 5,000-10,000 वोट हासिल करने के लिए संघर्ष करने वाली पार्टियों को लोकसभा चुनाव में 80 में से चार-पांच सीटों से ज्यादा नहीं मिलेंगी।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विभिन्न पार्टियों की चुनावी भविष्यवाणी करते हुए वर्मा ने लखनऊ में एक रैली के दौरान कहा था कि सपा को अगले लोकसभा चुनाव में मात्र चार सीटें मिलेंगी और पार्टी का जनाजा निकलेगा। वर्मा शनिवार को भी अपने आकलन पर अड़े रहे और कहा, ‘मेरा राजनीतिक विश्लेषण यही है कि इटावा के आसपास के इलाकों में उसे सिर्फ चार सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुलायम ने मुसलमानों के साथ दगा किया। उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।’ लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विभिन्न पार्टियों की चुनावी भविष्यवाणी करते हुए वर्मा ने लखनऊ में एक रैली के दौरान कहा था कि सपा को अगले लोकसभा चुनाव में मात्र चार सीटें मिलेंगी और पार्टी का जनाजा निकलेगा। वर्मा शनिवार को भी अपने आकलन पर अड़े रहे और कहा, ‘मेरा राजनीतिक विश्लेषण यही है कि इटावा के आसपास के इलाकों में उसे सिर्फ चार सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुलायम ने मुसलमानों के साथ दगा किया। उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।’ वर्मा शनिवार को भी अपने आकलन पर अड़े रहे और कहा, ‘मेरा राजनीतिक विश्लेषण यही है कि इटावा के आसपास के इलाकों में उसे सिर्फ चार सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुलायम ने मुसलमानों के साथ दगा किया। उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कुछ नहीं किया।’
यह एक सारांश है: केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के इस बयान से कि अगले लोकसभा चुनाव के बाद सपा का ‘जनाजा’ निकलेगा क्योंकि पार्टी को केवल चार सीटें मिलेंगी, संप्रग को बाहर से समर्थन दे रही उसकी प्रमुख सहयोगी पार्टी के साथ एक नया वाकयुद्ध शुरू हो गया है और पार्टी ने बेनी
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['hin']