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इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक की उपराष्ट्रपति को शाक्तियां हस्तांतरित करने की घोषणा मिस्र के लोगों को इस बात के प्रति आश्वस्त नहीं कर पाई है कि सरकार लोकतांत्रिक सुधारों के लिए गंभीर है। टेलीविजन पर प्रसारित मुबारक के राष्ट्र के नाम संदेश के बाद गुरुवार देर रात ओबामा ने एक बयान जारी करके यह बात कही। अपने संदेश में मुबारक ने कहा कि वह उपराष्ट्रपति को शक्तियां हस्तांतरित करेंगे लेकिन जनआंदोलन के बावजूद फिलहाल राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक ओबामा ने कहा, "मिस्र के लोगों को बताया गया है कि शक्तियों का हस्तांतरण होगा लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह हस्तांतरण तुरंत, सार्थक और पर्याप्त होगा या नहीं।"  उन्होंने कहा, "मिस्र के बहुत लोग इस बात के प्रति आश्वस्त नहीं हैं कि सरकार लोकतंत्र स्थापित करने के लिए गंभीर है।" ओबामा ने कहा कि मिस्र की सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह मिस्र के लोगों को मुबारक की योजना स्पष्ट रूप से बताए।
यह एक सारांश है: ओबामा ने कहा, "मिस्र में बताया गया है कि शक्तियों का हस्तांतरण होगा लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह हस्तांतरण तुरंत और सार्थक होगा या नहीं।"
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अगर आप फेसबुक पर अपनी कुछ ज्यादा ही शेखी बघारते रहते हैं या फिर भावनाओं में भीगे हुए नए-नए प्रेमपूर्ण पोस्ट डालते रहते हैं या फिर कुछ ज्यादा ही स्टेटस अपडेट करते रहते हैं तो थोड़ा संभल जाइए। कहीं ऐसा न हो कि आपकी फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोग आपको जल्दी ही ‘अनफ्रेंड’ करने लगें। दरअसल एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि फेसबुक यूजर्स ऐसे पोस्ट डालने वाले लोगों को अपनी फ्रेंडलिस्ट से ‘अनफ्रेंड’ कर देते हैं क्योंकि वे इन लोगों के इस बर्ताव से काफी उब चुके होते हैं। 820 फेसबुक यूजर्स पर किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से 68 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी को सोशल नेटवर्किंग साइट पर इसलिए ‘अनफ्रेंड’ कर दिया था क्योंकि वह यहां बहुत ज्यादा शेखी बघारता था। लगभग 61 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने कुछ लोगों को फ्रेंडलिस्ट से इसलिए हटा दिया क्योंकि वे उनके प्रेम संबंधों के बारे में प्यार में भीगे हुए फेसबुक अपडेट पढ़कर तंग आ गए थे। ‘द टेलीग्राफ’ की खबर के अनुसार, किसी को अनफ्रेंड करने के कुछ अन्य सामान्य कारणों में फेसबुक पर बहुत ज्यादा अपडेट करते रहना, खीझ पैदा करने वाले पोस्ट डालना और अनुपयुक्त तस्वीरें डालना शामिल हैं। वहीं एक चौथाई यूजर्स ने यह भी कहा कि उन्हें अपने किसी दोस्त के स्टेट्स पोस्ट ‘बेहद निजी’ लगे। डिस्काउंट शॉपिंग साइट प्रमोशनलकोड्स.ओआरजी.यूके के द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि फेसबुक के 11 प्रतिशत सदस्यों ने अपने किसी मित्र को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया था क्योंकि वे उनकी छुट्टियों से बहुत जलते थे। किसी को फ्रेंडलिस्ट से हटाने का एक अन्य कारण उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खराब भाषा भी है।टिप्पणियां हालांकि लगभग आधे यूजर्स ने यह कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने वास्तविक दुनिया में उसे देखा भी नहीं है। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था। दरअसल एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि फेसबुक यूजर्स ऐसे पोस्ट डालने वाले लोगों को अपनी फ्रेंडलिस्ट से ‘अनफ्रेंड’ कर देते हैं क्योंकि वे इन लोगों के इस बर्ताव से काफी उब चुके होते हैं। 820 फेसबुक यूजर्स पर किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से 68 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी को सोशल नेटवर्किंग साइट पर इसलिए ‘अनफ्रेंड’ कर दिया था क्योंकि वह यहां बहुत ज्यादा शेखी बघारता था। लगभग 61 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने कुछ लोगों को फ्रेंडलिस्ट से इसलिए हटा दिया क्योंकि वे उनके प्रेम संबंधों के बारे में प्यार में भीगे हुए फेसबुक अपडेट पढ़कर तंग आ गए थे। ‘द टेलीग्राफ’ की खबर के अनुसार, किसी को अनफ्रेंड करने के कुछ अन्य सामान्य कारणों में फेसबुक पर बहुत ज्यादा अपडेट करते रहना, खीझ पैदा करने वाले पोस्ट डालना और अनुपयुक्त तस्वीरें डालना शामिल हैं। वहीं एक चौथाई यूजर्स ने यह भी कहा कि उन्हें अपने किसी दोस्त के स्टेट्स पोस्ट ‘बेहद निजी’ लगे। डिस्काउंट शॉपिंग साइट प्रमोशनलकोड्स.ओआरजी.यूके के द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि फेसबुक के 11 प्रतिशत सदस्यों ने अपने किसी मित्र को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया था क्योंकि वे उनकी छुट्टियों से बहुत जलते थे। किसी को फ्रेंडलिस्ट से हटाने का एक अन्य कारण उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खराब भाषा भी है।टिप्पणियां हालांकि लगभग आधे यूजर्स ने यह कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने वास्तविक दुनिया में उसे देखा भी नहीं है। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था। 820 फेसबुक यूजर्स पर किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से 68 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी को सोशल नेटवर्किंग साइट पर इसलिए ‘अनफ्रेंड’ कर दिया था क्योंकि वह यहां बहुत ज्यादा शेखी बघारता था। लगभग 61 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने कुछ लोगों को फ्रेंडलिस्ट से इसलिए हटा दिया क्योंकि वे उनके प्रेम संबंधों के बारे में प्यार में भीगे हुए फेसबुक अपडेट पढ़कर तंग आ गए थे। ‘द टेलीग्राफ’ की खबर के अनुसार, किसी को अनफ्रेंड करने के कुछ अन्य सामान्य कारणों में फेसबुक पर बहुत ज्यादा अपडेट करते रहना, खीझ पैदा करने वाले पोस्ट डालना और अनुपयुक्त तस्वीरें डालना शामिल हैं। वहीं एक चौथाई यूजर्स ने यह भी कहा कि उन्हें अपने किसी दोस्त के स्टेट्स पोस्ट ‘बेहद निजी’ लगे। डिस्काउंट शॉपिंग साइट प्रमोशनलकोड्स.ओआरजी.यूके के द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि फेसबुक के 11 प्रतिशत सदस्यों ने अपने किसी मित्र को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया था क्योंकि वे उनकी छुट्टियों से बहुत जलते थे। किसी को फ्रेंडलिस्ट से हटाने का एक अन्य कारण उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खराब भाषा भी है।टिप्पणियां हालांकि लगभग आधे यूजर्स ने यह कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने वास्तविक दुनिया में उसे देखा भी नहीं है। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था। लगभग 61 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने कुछ लोगों को फ्रेंडलिस्ट से इसलिए हटा दिया क्योंकि वे उनके प्रेम संबंधों के बारे में प्यार में भीगे हुए फेसबुक अपडेट पढ़कर तंग आ गए थे। ‘द टेलीग्राफ’ की खबर के अनुसार, किसी को अनफ्रेंड करने के कुछ अन्य सामान्य कारणों में फेसबुक पर बहुत ज्यादा अपडेट करते रहना, खीझ पैदा करने वाले पोस्ट डालना और अनुपयुक्त तस्वीरें डालना शामिल हैं। वहीं एक चौथाई यूजर्स ने यह भी कहा कि उन्हें अपने किसी दोस्त के स्टेट्स पोस्ट ‘बेहद निजी’ लगे। डिस्काउंट शॉपिंग साइट प्रमोशनलकोड्स.ओआरजी.यूके के द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि फेसबुक के 11 प्रतिशत सदस्यों ने अपने किसी मित्र को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया था क्योंकि वे उनकी छुट्टियों से बहुत जलते थे। किसी को फ्रेंडलिस्ट से हटाने का एक अन्य कारण उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खराब भाषा भी है।टिप्पणियां हालांकि लगभग आधे यूजर्स ने यह कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने वास्तविक दुनिया में उसे देखा भी नहीं है। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था। ‘द टेलीग्राफ’ की खबर के अनुसार, किसी को अनफ्रेंड करने के कुछ अन्य सामान्य कारणों में फेसबुक पर बहुत ज्यादा अपडेट करते रहना, खीझ पैदा करने वाले पोस्ट डालना और अनुपयुक्त तस्वीरें डालना शामिल हैं। वहीं एक चौथाई यूजर्स ने यह भी कहा कि उन्हें अपने किसी दोस्त के स्टेट्स पोस्ट ‘बेहद निजी’ लगे। डिस्काउंट शॉपिंग साइट प्रमोशनलकोड्स.ओआरजी.यूके के द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि फेसबुक के 11 प्रतिशत सदस्यों ने अपने किसी मित्र को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया था क्योंकि वे उनकी छुट्टियों से बहुत जलते थे। किसी को फ्रेंडलिस्ट से हटाने का एक अन्य कारण उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खराब भाषा भी है।टिप्पणियां हालांकि लगभग आधे यूजर्स ने यह कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने वास्तविक दुनिया में उसे देखा भी नहीं है। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था। डिस्काउंट शॉपिंग साइट प्रमोशनलकोड्स.ओआरजी.यूके के द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि फेसबुक के 11 प्रतिशत सदस्यों ने अपने किसी मित्र को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया था क्योंकि वे उनकी छुट्टियों से बहुत जलते थे। किसी को फ्रेंडलिस्ट से हटाने का एक अन्य कारण उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खराब भाषा भी है।टिप्पणियां हालांकि लगभग आधे यूजर्स ने यह कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने वास्तविक दुनिया में उसे देखा भी नहीं है। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था। हालांकि लगभग आधे यूजर्स ने यह कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को इसलिए अनफ्रेंड कर दिया क्योंकि उन्होंने वास्तविक दुनिया में उसे देखा भी नहीं है। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था। लगभग 15 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी लिस्ट से किसी दोस्त को तब अनफ्रेंड कर दिया जब वह इनकी संपर्क सूची में से लोगों को बिना जाने-पहचाने ही ‘एड’ करने लगा था।
सारांश: अगर आप फेसबुक पर अपनी कुछ ज्यादा ही शेखी बघारते रहते हैं या फिर भावनाओं में भीगे हुए नए-नए प्रेमपूर्ण पोस्ट डालते रहते हैं या फिर कुछ ज्यादा ही स्टेटस अपडेट करते रहते हैं तो थोड़ा संभल जाइए। कहीं ऐसा न हो कि आपकी फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोग आपको जल्दी ही ‘अ
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हॉलीवुड फिल्म 'एवेंजर्स : एंडगेम (Avengers: Endgame)' का पूरी दुनिया बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रही है लेकिन फिल्म के ऑनलाइन लीक होने की खबर आ रही है. 'एवेंजर्स : एंडगेम (Avengers: Endgame)' फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने पाइरेसी से बचाने की बहुत कोशिशें की, लेकिन इसके बावजूद फिल्म कुछ वेबसाइट्स पर आखिरकार लीक हो ही गई.  वैरायटी डॉट कॉम ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की जिसके मुताबिक, 'एवेंजर्स : एंडगेम (Avengers: Endgame)' की लीक कॉपी एक दिन पहले हुई एक चीनी थिएटर स्क्रीनिंग से आई है.  पाइरेसी न्यूज साइट टोरेंटफ्रीक के अनुसार, चीन में यूजर्स ने पियर टू पियर प्राइवेसी नेटवर्क पर शाम के 4 से 5 बजे के बीच किसी समय पर 'एवेंजर्स : एंडगेम (Avengers: Endgame)' की 1.2 गीगाबाइट फाइल को शेयर करना शुरू कर दिया. हालांकि टोरेंटफ्रीक की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि वीडियो कैमरे से ली गई इसकी पाइरेटेड कॉपी की गुणवत्ता काफी खराब है.  बाद में, द पाइरेट बे और भारत की तमिल रॉकर्स पर भी कथित तौर पर 'एवेंजर्स : एंडगेम (Avengers: Endgame)' को संचारित किया गया. रूसो ब्रदर्स द्वारा निर्देशित 'एवेंजर्स : एंडगेम (Avengers: Endgame)' 20 से अधिक मार्वेल मूवीज का क्लाइमैक्स है. इसमें रॉबर्ट डाउनी जूनियर, क्रिस हेम्सवर्थ, क्रिस इवांस और स्कारलेट योहानसन जैसे कलाकार हैं. फिल्म की कॉपी लीक होने के बाद डाउनी ने ट्वीट कर लिखा, "इन्हें अपने तक ही सीमित रखें." भारत में यह फिल्म शुक्रवार को रिलीज होगी और अब तक फिल्म की 10 लाख टिकट एडवांस बिक चुकी हैं. भारत में ऐसा पहली बार हुआ है और अब यह एक इतिहास बन चुका है.
सारांश: 26 अप्रैल को रिलीज होगी 'एवेंजर्स: एंडगेम' हॉलीवुड फिल्म है एवेंजर्स मारवल के सारे सुपरहीरो आएंगे नजर
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 22 मछुआरों को उनकी पांच नावों के साथ रविवार को सुबह उस समय पकड़ लिया जब वे रामेश्वरम में अरिचलमुनई के पास स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के पास मछली पकड़ रहे थे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि श्रीलंकाई नौसैनिकों का आरोप है कि मछुआरों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा को पार किया। सूत्रों ने बताया कि हालांकि दो नावें लापता हैं लेकिन अभी यह तत्काल पता नहीं चल पाया है कि इन दोनों नावों को भी श्रीलंकाई नौसैनिकों की ओर से पकड़ा गया है।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि उन्हें मिली सू़चना के अनुसार मछुआरों को श्रीलंका स्थित तालीमन्नार की एक अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों को हिरासत में लेने से पहले उन पर कथित रूप से पथराव किया और बोतलें फेंककर उनकी नावों को क्षतिग्रस्त कर दिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि श्रीलंकाई नौसैनिकों का आरोप है कि मछुआरों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा को पार किया। सूत्रों ने बताया कि हालांकि दो नावें लापता हैं लेकिन अभी यह तत्काल पता नहीं चल पाया है कि इन दोनों नावों को भी श्रीलंकाई नौसैनिकों की ओर से पकड़ा गया है।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि उन्हें मिली सू़चना के अनुसार मछुआरों को श्रीलंका स्थित तालीमन्नार की एक अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों को हिरासत में लेने से पहले उन पर कथित रूप से पथराव किया और बोतलें फेंककर उनकी नावों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सूत्रों ने बताया कि हालांकि दो नावें लापता हैं लेकिन अभी यह तत्काल पता नहीं चल पाया है कि इन दोनों नावों को भी श्रीलंकाई नौसैनिकों की ओर से पकड़ा गया है।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि उन्हें मिली सू़चना के अनुसार मछुआरों को श्रीलंका स्थित तालीमन्नार की एक अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों को हिरासत में लेने से पहले उन पर कथित रूप से पथराव किया और बोतलें फेंककर उनकी नावों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने बताया कि उन्हें मिली सू़चना के अनुसार मछुआरों को श्रीलंका स्थित तालीमन्नार की एक अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों को हिरासत में लेने से पहले उन पर कथित रूप से पथराव किया और बोतलें फेंककर उनकी नावों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने बताया कि श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मछुआरों को हिरासत में लेने से पहले उन पर कथित रूप से पथराव किया और बोतलें फेंककर उनकी नावों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
सारांश: श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 22 मछुआरों को उनकी पांच नावों के साथ रविवार को सुबह उस समय पकड़ लिया जब वे रामेश्वरम में अरिचलमुनई के पास स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के पास मछली पकड़ रहे थे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने कैरियर के अंतिम पड़ाव पर खड़े भारत के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी जेमी ड्वेयर से प्रेरणा लेकर घरेलू सरजमीं पर होने वाले 2018 विश्व कप के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से फिट होने का लक्ष्य बनाया है. 31 वर्षीय सरदार 21 जनवरी से शुरू होने वाली हॉकी इंडिया लीग में गत चैम्पियन जेपी पंजाब की अगुवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि आगामी प्रतियोगिता उनके मौजूदा खेल का आकलन करने में उनकी मदद करेगी. इस स्टार मिडफील्डर ने कहा, 'इस साल की हाकी इंडिया लीग मेरे लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि मैं खुद का आकलन कर सकता हूं कि मैं कहां हूं और मुझे अपने खेल में और सुधार के लिए क्या करने की जरूरत है. मैं जेमी ड्वेयर जैसे खिलाड़ी से प्रेरित हूं जो 35-36 साल की उम्र तक अपने खेल में शीर्ष पर रहे. इसलिये मुझे नहीं लगता कि उम्र कोई चिंता है'.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'मेरा लक्ष्य भारत में होने वाले 2018 पुरुष विश्व कप तक शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बने रहने का है. मैं हॉकी इंडिया लीग में अपने खेल में शीर्ष पर होना चाहता हूं और सुनिश्चित करना चाहता हूं कि साल की शुरूआत अच्छी हो'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 31 वर्षीय सरदार 21 जनवरी से शुरू होने वाली हॉकी इंडिया लीग में गत चैम्पियन जेपी पंजाब की अगुवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि आगामी प्रतियोगिता उनके मौजूदा खेल का आकलन करने में उनकी मदद करेगी. इस स्टार मिडफील्डर ने कहा, 'इस साल की हाकी इंडिया लीग मेरे लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि मैं खुद का आकलन कर सकता हूं कि मैं कहां हूं और मुझे अपने खेल में और सुधार के लिए क्या करने की जरूरत है. मैं जेमी ड्वेयर जैसे खिलाड़ी से प्रेरित हूं जो 35-36 साल की उम्र तक अपने खेल में शीर्ष पर रहे. इसलिये मुझे नहीं लगता कि उम्र कोई चिंता है'.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'मेरा लक्ष्य भारत में होने वाले 2018 पुरुष विश्व कप तक शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बने रहने का है. मैं हॉकी इंडिया लीग में अपने खेल में शीर्ष पर होना चाहता हूं और सुनिश्चित करना चाहता हूं कि साल की शुरूआत अच्छी हो'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस स्टार मिडफील्डर ने कहा, 'इस साल की हाकी इंडिया लीग मेरे लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि मैं खुद का आकलन कर सकता हूं कि मैं कहां हूं और मुझे अपने खेल में और सुधार के लिए क्या करने की जरूरत है. मैं जेमी ड्वेयर जैसे खिलाड़ी से प्रेरित हूं जो 35-36 साल की उम्र तक अपने खेल में शीर्ष पर रहे. इसलिये मुझे नहीं लगता कि उम्र कोई चिंता है'.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'मेरा लक्ष्य भारत में होने वाले 2018 पुरुष विश्व कप तक शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बने रहने का है. मैं हॉकी इंडिया लीग में अपने खेल में शीर्ष पर होना चाहता हूं और सुनिश्चित करना चाहता हूं कि साल की शुरूआत अच्छी हो'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'मेरा लक्ष्य भारत में होने वाले 2018 पुरुष विश्व कप तक शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बने रहने का है. मैं हॉकी इंडिया लीग में अपने खेल में शीर्ष पर होना चाहता हूं और सुनिश्चित करना चाहता हूं कि साल की शुरूआत अच्छी हो'. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरदार ने मानसिक और शारीरिक रूप से फिट होने का लक्ष्य बनाया है. हॉकी इंडिया लीग में गत चैम्पियन जेपी पंजाब की अगुवाई करेंगे. इस साल की हॉकी इंडिया लीग मेरे लिए महत्वपूर्ण होगी- स्टार मिडफील्डर
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों का मानना है कि स्पॉट फिक्सिंग अब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक समस्या बनी हुई है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके घरेलू मैच इससे दूर हैं। एक सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। ‘इनसाइड क्रिकेट मैगजीन’ ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के संघ के साथ मिलकर एक सर्वे किया। सर्वे के लिए जिन 110 क्रिकेटरों को लिया गया, उनमें से 48 प्रतिशत को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग मौजूद है। ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘हालांकि किसी एक ने भी यह नहीं कहा कि यह आस्ट्रेलियाई घरेलू मैचों के लिये चिंता है।’ पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल ने इस सर्वे पर गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि खेल प्रशासकों ने खेल से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये ज्यादा काम नहीं किया है। चैपल ने ‘इनसाइड क्रिकेट’ में लिखा, ‘अगर किसी को लगता है कि सिर्फ पाकिस्तानी खिलाड़ी ही फिक्सिंग में लिप्त है तो वे खुद से मजाक कर रहे हैं।’टिप्पणियां चैपल ने कहा, ‘क्रिकेट अधिकारियों ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये काफी कम काम किया है, जो चिंता की बात है। ज्यादातर अपराधों के बारे में अन्य सूत्रों जैसे पुलिस या अखबार की सूचना से ही पता चला है।’ पिछले साल पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर और उनके क्रिकेट एजेंट मजहर मजीद को इंग्लैंड के खिलाफ 2010 में टेस्ट के दौरान स्पाट फिक्सिंग में उनकी भूमिका के लिये लंदन में जेल की सजा दी गयी। इस महीने के शुरू में एसेक्स के पूर्व खिलाड़ी मर्विन वेस्टफील्ड ने डरहम के खिलाफ 2009 मैच में खराब गेंदबाजी के लिये धन राशि लेने की बात स्वीकारी थी। सर्वे के अनुसार 46 प्रतिशत दिन रात्रि के टेस्ट मैचों के खिलाफ थे जबकि 40 प्रतिशत इसके पक्ष में थे। 69 प्रतिशत ने टी20 (27 प्रतिशत) और 50 ओवर (चार प्रतिशत) क्रिकेट के बजाय प्रथम श्रेणी क्रिकेट को तरजीह दी। इसमें से 82 प्रतिशत ने अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली का समर्थन किया। ‘इनसाइड क्रिकेट मैगजीन’ ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के संघ के साथ मिलकर एक सर्वे किया। सर्वे के लिए जिन 110 क्रिकेटरों को लिया गया, उनमें से 48 प्रतिशत को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग मौजूद है। ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘हालांकि किसी एक ने भी यह नहीं कहा कि यह आस्ट्रेलियाई घरेलू मैचों के लिये चिंता है।’ पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल ने इस सर्वे पर गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि खेल प्रशासकों ने खेल से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये ज्यादा काम नहीं किया है। चैपल ने ‘इनसाइड क्रिकेट’ में लिखा, ‘अगर किसी को लगता है कि सिर्फ पाकिस्तानी खिलाड़ी ही फिक्सिंग में लिप्त है तो वे खुद से मजाक कर रहे हैं।’टिप्पणियां चैपल ने कहा, ‘क्रिकेट अधिकारियों ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये काफी कम काम किया है, जो चिंता की बात है। ज्यादातर अपराधों के बारे में अन्य सूत्रों जैसे पुलिस या अखबार की सूचना से ही पता चला है।’ पिछले साल पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर और उनके क्रिकेट एजेंट मजहर मजीद को इंग्लैंड के खिलाफ 2010 में टेस्ट के दौरान स्पाट फिक्सिंग में उनकी भूमिका के लिये लंदन में जेल की सजा दी गयी। इस महीने के शुरू में एसेक्स के पूर्व खिलाड़ी मर्विन वेस्टफील्ड ने डरहम के खिलाफ 2009 मैच में खराब गेंदबाजी के लिये धन राशि लेने की बात स्वीकारी थी। सर्वे के अनुसार 46 प्रतिशत दिन रात्रि के टेस्ट मैचों के खिलाफ थे जबकि 40 प्रतिशत इसके पक्ष में थे। 69 प्रतिशत ने टी20 (27 प्रतिशत) और 50 ओवर (चार प्रतिशत) क्रिकेट के बजाय प्रथम श्रेणी क्रिकेट को तरजीह दी। इसमें से 82 प्रतिशत ने अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली का समर्थन किया। ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘हालांकि किसी एक ने भी यह नहीं कहा कि यह आस्ट्रेलियाई घरेलू मैचों के लिये चिंता है।’ पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल ने इस सर्वे पर गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि खेल प्रशासकों ने खेल से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये ज्यादा काम नहीं किया है। चैपल ने ‘इनसाइड क्रिकेट’ में लिखा, ‘अगर किसी को लगता है कि सिर्फ पाकिस्तानी खिलाड़ी ही फिक्सिंग में लिप्त है तो वे खुद से मजाक कर रहे हैं।’टिप्पणियां चैपल ने कहा, ‘क्रिकेट अधिकारियों ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये काफी कम काम किया है, जो चिंता की बात है। ज्यादातर अपराधों के बारे में अन्य सूत्रों जैसे पुलिस या अखबार की सूचना से ही पता चला है।’ पिछले साल पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर और उनके क्रिकेट एजेंट मजहर मजीद को इंग्लैंड के खिलाफ 2010 में टेस्ट के दौरान स्पाट फिक्सिंग में उनकी भूमिका के लिये लंदन में जेल की सजा दी गयी। इस महीने के शुरू में एसेक्स के पूर्व खिलाड़ी मर्विन वेस्टफील्ड ने डरहम के खिलाफ 2009 मैच में खराब गेंदबाजी के लिये धन राशि लेने की बात स्वीकारी थी। सर्वे के अनुसार 46 प्रतिशत दिन रात्रि के टेस्ट मैचों के खिलाफ थे जबकि 40 प्रतिशत इसके पक्ष में थे। 69 प्रतिशत ने टी20 (27 प्रतिशत) और 50 ओवर (चार प्रतिशत) क्रिकेट के बजाय प्रथम श्रेणी क्रिकेट को तरजीह दी। इसमें से 82 प्रतिशत ने अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली का समर्थन किया। चैपल ने कहा, ‘क्रिकेट अधिकारियों ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये काफी कम काम किया है, जो चिंता की बात है। ज्यादातर अपराधों के बारे में अन्य सूत्रों जैसे पुलिस या अखबार की सूचना से ही पता चला है।’ पिछले साल पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर और उनके क्रिकेट एजेंट मजहर मजीद को इंग्लैंड के खिलाफ 2010 में टेस्ट के दौरान स्पाट फिक्सिंग में उनकी भूमिका के लिये लंदन में जेल की सजा दी गयी। इस महीने के शुरू में एसेक्स के पूर्व खिलाड़ी मर्विन वेस्टफील्ड ने डरहम के खिलाफ 2009 मैच में खराब गेंदबाजी के लिये धन राशि लेने की बात स्वीकारी थी। सर्वे के अनुसार 46 प्रतिशत दिन रात्रि के टेस्ट मैचों के खिलाफ थे जबकि 40 प्रतिशत इसके पक्ष में थे। 69 प्रतिशत ने टी20 (27 प्रतिशत) और 50 ओवर (चार प्रतिशत) क्रिकेट के बजाय प्रथम श्रेणी क्रिकेट को तरजीह दी। इसमें से 82 प्रतिशत ने अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली का समर्थन किया। इस महीने के शुरू में एसेक्स के पूर्व खिलाड़ी मर्विन वेस्टफील्ड ने डरहम के खिलाफ 2009 मैच में खराब गेंदबाजी के लिये धन राशि लेने की बात स्वीकारी थी। सर्वे के अनुसार 46 प्रतिशत दिन रात्रि के टेस्ट मैचों के खिलाफ थे जबकि 40 प्रतिशत इसके पक्ष में थे। 69 प्रतिशत ने टी20 (27 प्रतिशत) और 50 ओवर (चार प्रतिशत) क्रिकेट के बजाय प्रथम श्रेणी क्रिकेट को तरजीह दी। इसमें से 82 प्रतिशत ने अंपायर के फैसले की समीक्षा प्रणाली का समर्थन किया।
संक्षिप्त पाठ: कई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों का मानना है कि स्पॉट फिक्सिंग अब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक समस्या बनी हुई है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके घरेलू मैच इससे दूर हैं।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व टेस्ट कप्तान अनिल कुंबले मानते हैं कि भारत के पास 1983 के बाद विश्वकप जीतने का बढ़िया मौका है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए फिटनेस सबसे बड़ी चिंता होगी। उन्होंने कहा कि 28 साल पुराने मिथक को तोड़ने के लिए भारतीय टीम 19 फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के दौरान चोटों से किस तरह दूर रहती है, यह सब इसी पर निर्भर करेगा। कुंबले ने कहा, मेरी एकमात्र चिंता खिलाड़ियों की फिटनेस है। अगर वे चोटों के बिना पूरे टूर्नामेंट में खेल सकते हैं, तो हम निश्चित रूप से कप दोबारा हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के अलावा गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार टीमें हैं। कुंबले ने कहा, हमारे पास बहुत अच्छा मौका है, शायद विश्वकप जीतने का यह सर्वश्रेष्ठ मौका हो। कुंबले 1996 (अपनी सरजमीं), 1999 (इंग्लैंड), 2003 (दक्षिण अफ्रीका) और 2007 (वेस्टइंडीज) में भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने कहा, टूर्नामेंट में हमारे लिए कई चीजें फायदेमंद हैं। खिलाड़ियों की फॉर्म बेहतरीन है। सभी खिलाड़ी भी काफी अच्छे हैं। टीम में कुछ ऐसे ऑलराउंडर भी हैं, जो बल्ले और गेंद से बढ़िया प्रदर्शन कर सकते हैं।
सारांश: कुंबले मानते हैं कि भारत के पास 1983 के बाद विश्वकप जीतने का बढ़िया मौका है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए फिटनेस सबसे बड़ी चिंता होगी।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खबरें थीं कि बॉलीवुड स्टार सलमान खान नवंबर में अपनी गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर से अपनी शादी की घोषणा करेंगे. लेकिन अब जब नवंबर का महीना शुरू हो गया है तब यूलिया सलमान की जिंदगी से गायब दिख रही हैं और खबरें हैं कि संभवतः उनकी जगह उर्वशी रौतेला ने ले ली है.   अंग्रेजी अखबार डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के बाद सलमान और उर्वशी इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहे हैं. इस रिपोर्ट में संभावना व्यक्त की गई है कि दोनों के बीच अफेयर हो सकता है. हालांकि इस खबर का आधार केवल यह है कि उर्वशी को आजकल सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में अक्सर देखा जा रहा है. इससे यह तो तय है कि वह उन अभिनेत्रियों से अलग नहीं हैं जिन्हें सलमान खान फिल्म इंडस्ट्री में मौका देते हैं. डेज़ी शाह भी ऐसी अभिनेत्रियों में से एक हैं. हालांकि डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट में उर्वशी के करियर पर बात नहीं की गई है. 'क्या सलमान की जिंदगी में नई लड़की हैं उर्वशी' हेडलाइन के साथ प्रकाशित हुई इस रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से कहा गया है, 'हाल ही में उर्वशी को गैलैक्सी अपार्टमेंट के बाहर देखा गया और यहां उन्हें अक्सर देखा जाता है.' अपनी खूबसूरती के लिए कई खिताब अपने नाम करने वाली उर्वशी ने 'सिंह साहब द ग्रेट', 'सनम रे' और 'ग्रेट ग्रांड मस्ती' जैसी फिल्मों में काम किया है. इसके अलावा वह हनी सिंह के म्यूजिक वीडियो में भी नज़र आ चुकी हैं.  अगर सलमान का साथ मिलता है तो जाहिर है कि वह अपने करियर में बहुत आगे जाएंगी.टिप्पणियां इस बीच, मिड डे ने यूलिया वंतूर पर एक खबर चलाई थी कि शायद वह सलमान खान के कमिटमेंट नहीं देने की वजह से परेशान हैं. बताते चलें कि सलमान ने यूलिया के साथ अपने रिश्ते की बात अब तक स्वीकार नहीं की है. रोमानिया की टीवी अभिनेत्री यूलिया संभवत: अपने देश में हैं और वीजा को लेकर हो रही समस्या के चलते भारत नहीं आ पा रही हैं. उन्हें अक्सर सलमान खान के पारिवारिक समारोहों में देखा जाता था, कुछ महीनों पहले अभिनेत्री प्रीती जिंटा की शादी में भी वह सलमान खान के साथ पहुंची थीं. अगले महीने 51 साल के हो रहे सलमान खान इन दिनों कबीर खान की फिल्म 'ट्यूबलाइट' की शूटिंग में व्यस्त हैं. इससे पहले दोनों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में साथ काम कर चुके हैं. हालांकि डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट में उर्वशी के करियर पर बात नहीं की गई है. 'क्या सलमान की जिंदगी में नई लड़की हैं उर्वशी' हेडलाइन के साथ प्रकाशित हुई इस रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से कहा गया है, 'हाल ही में उर्वशी को गैलैक्सी अपार्टमेंट के बाहर देखा गया और यहां उन्हें अक्सर देखा जाता है.' अपनी खूबसूरती के लिए कई खिताब अपने नाम करने वाली उर्वशी ने 'सिंह साहब द ग्रेट', 'सनम रे' और 'ग्रेट ग्रांड मस्ती' जैसी फिल्मों में काम किया है. इसके अलावा वह हनी सिंह के म्यूजिक वीडियो में भी नज़र आ चुकी हैं.  अगर सलमान का साथ मिलता है तो जाहिर है कि वह अपने करियर में बहुत आगे जाएंगी.टिप्पणियां इस बीच, मिड डे ने यूलिया वंतूर पर एक खबर चलाई थी कि शायद वह सलमान खान के कमिटमेंट नहीं देने की वजह से परेशान हैं. बताते चलें कि सलमान ने यूलिया के साथ अपने रिश्ते की बात अब तक स्वीकार नहीं की है. रोमानिया की टीवी अभिनेत्री यूलिया संभवत: अपने देश में हैं और वीजा को लेकर हो रही समस्या के चलते भारत नहीं आ पा रही हैं. उन्हें अक्सर सलमान खान के पारिवारिक समारोहों में देखा जाता था, कुछ महीनों पहले अभिनेत्री प्रीती जिंटा की शादी में भी वह सलमान खान के साथ पहुंची थीं. अगले महीने 51 साल के हो रहे सलमान खान इन दिनों कबीर खान की फिल्म 'ट्यूबलाइट' की शूटिंग में व्यस्त हैं. इससे पहले दोनों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में साथ काम कर चुके हैं. अपनी खूबसूरती के लिए कई खिताब अपने नाम करने वाली उर्वशी ने 'सिंह साहब द ग्रेट', 'सनम रे' और 'ग्रेट ग्रांड मस्ती' जैसी फिल्मों में काम किया है. इसके अलावा वह हनी सिंह के म्यूजिक वीडियो में भी नज़र आ चुकी हैं.  अगर सलमान का साथ मिलता है तो जाहिर है कि वह अपने करियर में बहुत आगे जाएंगी.टिप्पणियां इस बीच, मिड डे ने यूलिया वंतूर पर एक खबर चलाई थी कि शायद वह सलमान खान के कमिटमेंट नहीं देने की वजह से परेशान हैं. बताते चलें कि सलमान ने यूलिया के साथ अपने रिश्ते की बात अब तक स्वीकार नहीं की है. रोमानिया की टीवी अभिनेत्री यूलिया संभवत: अपने देश में हैं और वीजा को लेकर हो रही समस्या के चलते भारत नहीं आ पा रही हैं. उन्हें अक्सर सलमान खान के पारिवारिक समारोहों में देखा जाता था, कुछ महीनों पहले अभिनेत्री प्रीती जिंटा की शादी में भी वह सलमान खान के साथ पहुंची थीं. अगले महीने 51 साल के हो रहे सलमान खान इन दिनों कबीर खान की फिल्म 'ट्यूबलाइट' की शूटिंग में व्यस्त हैं. इससे पहले दोनों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में साथ काम कर चुके हैं. इस बीच, मिड डे ने यूलिया वंतूर पर एक खबर चलाई थी कि शायद वह सलमान खान के कमिटमेंट नहीं देने की वजह से परेशान हैं. बताते चलें कि सलमान ने यूलिया के साथ अपने रिश्ते की बात अब तक स्वीकार नहीं की है. रोमानिया की टीवी अभिनेत्री यूलिया संभवत: अपने देश में हैं और वीजा को लेकर हो रही समस्या के चलते भारत नहीं आ पा रही हैं. उन्हें अक्सर सलमान खान के पारिवारिक समारोहों में देखा जाता था, कुछ महीनों पहले अभिनेत्री प्रीती जिंटा की शादी में भी वह सलमान खान के साथ पहुंची थीं. अगले महीने 51 साल के हो रहे सलमान खान इन दिनों कबीर खान की फिल्म 'ट्यूबलाइट' की शूटिंग में व्यस्त हैं. इससे पहले दोनों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में साथ काम कर चुके हैं. अगले महीने 51 साल के हो रहे सलमान खान इन दिनों कबीर खान की फिल्म 'ट्यूबलाइट' की शूटिंग में व्यस्त हैं. इससे पहले दोनों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में साथ काम कर चुके हैं.
यह एक सारांश है: सलमान खान गैलेक्सी अपार्टमेंट स्थित घर के बाहर अक्सर देखी जाती हैं उर्वशी कई ब्यूटी कॉन्टेस्टों का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं उर्वशी. अब तक तीन फिल्मों और हनी सिंह के वीडियो में कर चुकी हैं काम.
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में आने वाले नहीं हैं. वह मोदी के नहीं, अंबेडकर के रास्ते पर चलेंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर जमकर कटाक्ष किया. चारबाग स्थित रवींद्रालय में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि एक चाय वाले के प्रधानमंत्री बनने से सभी चाय वालों का कल्याण नहीं हो जाएगा. कल्याण तभी होगा, जब मोदी बोलेंगे कम और नेक नीयत से काम करेंगे. सुनेंगे ज्यादा और सुनाएंगे कम. कन्हैया ने कहा, 'हम किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में आने वाले नहीं हैं. हम मोदी के नहीं, अंबेडकर के रास्ते पर चलेंगे. भले ही हमें इसकी कितनी ही बड़ी कीमत क्यों न चुकानी पड़े. अब हमारी राह जूता और टमाटर फेंकने से नहीं थमेगी.' टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए कन्हैया ने कहा, 'स्मृति ईरानी जैसे लोग चेहरा दिखाकर लोगों को ठग लेते हैं. स्मृति का चेहरा तो ठीक है, नीयत ठीक नहीं है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चारबाग स्थित रवींद्रालय में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि एक चाय वाले के प्रधानमंत्री बनने से सभी चाय वालों का कल्याण नहीं हो जाएगा. कल्याण तभी होगा, जब मोदी बोलेंगे कम और नेक नीयत से काम करेंगे. सुनेंगे ज्यादा और सुनाएंगे कम. कन्हैया ने कहा, 'हम किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में आने वाले नहीं हैं. हम मोदी के नहीं, अंबेडकर के रास्ते पर चलेंगे. भले ही हमें इसकी कितनी ही बड़ी कीमत क्यों न चुकानी पड़े. अब हमारी राह जूता और टमाटर फेंकने से नहीं थमेगी.' टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए कन्हैया ने कहा, 'स्मृति ईरानी जैसे लोग चेहरा दिखाकर लोगों को ठग लेते हैं. स्मृति का चेहरा तो ठीक है, नीयत ठीक नहीं है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कन्हैया ने कहा, 'हम किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में आने वाले नहीं हैं. हम मोदी के नहीं, अंबेडकर के रास्ते पर चलेंगे. भले ही हमें इसकी कितनी ही बड़ी कीमत क्यों न चुकानी पड़े. अब हमारी राह जूता और टमाटर फेंकने से नहीं थमेगी.' टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए कन्हैया ने कहा, 'स्मृति ईरानी जैसे लोग चेहरा दिखाकर लोगों को ठग लेते हैं. स्मृति का चेहरा तो ठीक है, नीयत ठीक नहीं है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए कन्हैया ने कहा, 'स्मृति ईरानी जैसे लोग चेहरा दिखाकर लोगों को ठग लेते हैं. स्मृति का चेहरा तो ठीक है, नीयत ठीक नहीं है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं कन्हैया कन्हैया ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में आने वाले नहीं कल्याण तभी होगा, जब मोदी बोलेंगे कम और नेक नीयत से काम करेंगे : कन्हैया
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार शाम एक बस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, करक जिले में इंडस राजमार्ग पर यात्रियों से भरी एक बस सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। बस में 30 यात्री सवार थे। भीषण टक्कर की वजह से बस में आग लग गई। हादसे में 10 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोगों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, करक जिले में इंडस राजमार्ग पर यात्रियों से भरी एक बस सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। बस में 30 यात्री सवार थे। भीषण टक्कर की वजह से बस में आग लग गई। हादसे में 10 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोगों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। भीषण टक्कर की वजह से बस में आग लग गई। हादसे में 10 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोगों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार शाम एक बस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले दो हफ्तों से हिंसा की आग में झुलस रहे मुजफ्फरनगर में मारे गए लोगों की संख्या 43 हो गई है। अब तक 38 लोग मुजफ्फरनगर में मारे गए हैं और पांच लोग आसपास के इलाकों में मारे गए हैं।टिप्पणियां हालात बेहतर होते देख मुजफ्फरनगर में बुधवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में ढील की घोषणा की गई। इस दौरान लोग जरूरी सामान की खरीददारी करने निकले, लेकिन उन्हें जरूरत की चीजें कई गुना कीमत पर खरीदनी पड़ीं। मुजफ्फरनगर में अभी हालात ऐसे हैं कि कर्फ्यू अगर हट भी जाता है तो महंगाई की मार आम लोगों को झेलनी पड़ेगी क्योंकि मुजफ्फरनगर के बाहर से कोई भी सामान यहां नहीं आ रहा है। हालात बेहतर होते देख मुजफ्फरनगर में बुधवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में ढील की घोषणा की गई। इस दौरान लोग जरूरी सामान की खरीददारी करने निकले, लेकिन उन्हें जरूरत की चीजें कई गुना कीमत पर खरीदनी पड़ीं। मुजफ्फरनगर में अभी हालात ऐसे हैं कि कर्फ्यू अगर हट भी जाता है तो महंगाई की मार आम लोगों को झेलनी पड़ेगी क्योंकि मुजफ्फरनगर के बाहर से कोई भी सामान यहां नहीं आ रहा है। मुजफ्फरनगर में अभी हालात ऐसे हैं कि कर्फ्यू अगर हट भी जाता है तो महंगाई की मार आम लोगों को झेलनी पड़ेगी क्योंकि मुजफ्फरनगर के बाहर से कोई भी सामान यहां नहीं आ रहा है।
मुजफ्फरनगर में हालात बेहतर होते देख कर्फ्यू में ढील दी गई। इस दौरान लोग जरूरी सामान की खरीददारी करने निकले, लेकिन उन्हें जरूरत की चीजें कई गुना कीमत पर खरीदनी पड़ीं।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को ‘उपकारा’ घोषित किए गए अपने फार्महाउस के दो कमरों तक ही सीमित रहना पड़ रहा है और उन्हें अपने वकीलों, निजी कर्मचारियों एवं रिश्तेदारों तक से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है। ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता एवं मुशर्रफ के करीबी मुहम्मद अमजद ने बताया, ‘मुशर्रफ को सिर्फ दो कमरों तक सीमित रखा गया है और उनके परिवार को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं है। उनके निजी कर्मचारियों को फार्महाउस में बने कार्यालय तक सीमिति किया गया है।’टिप्पणियां मुशर्रफ के फार्महाउस को ‘उप जेल’ घोषित किया गया है। आतंकवाद विरोधी अदालत ने उन्हें एक पखवाड़े के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है। अमजद ने कहा कि चक शहजाद इलाके में स्थित फार्महाउस में दो कारागार अधिकारियों को तैनात किया है ताकि मुशर्रफ के लिए खाने और दूसरी जरूरतों का खयाल रखा जा सके। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ के वकीलों को भी मुशर्रफ से नहीं मिलने दिया जा रहा है और इससे दूसरी अदालतों में लंबित कई मामलों पर असर पड़ रहा है। ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता एवं मुशर्रफ के करीबी मुहम्मद अमजद ने बताया, ‘मुशर्रफ को सिर्फ दो कमरों तक सीमित रखा गया है और उनके परिवार को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं है। उनके निजी कर्मचारियों को फार्महाउस में बने कार्यालय तक सीमिति किया गया है।’टिप्पणियां मुशर्रफ के फार्महाउस को ‘उप जेल’ घोषित किया गया है। आतंकवाद विरोधी अदालत ने उन्हें एक पखवाड़े के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है। अमजद ने कहा कि चक शहजाद इलाके में स्थित फार्महाउस में दो कारागार अधिकारियों को तैनात किया है ताकि मुशर्रफ के लिए खाने और दूसरी जरूरतों का खयाल रखा जा सके। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ के वकीलों को भी मुशर्रफ से नहीं मिलने दिया जा रहा है और इससे दूसरी अदालतों में लंबित कई मामलों पर असर पड़ रहा है। मुशर्रफ के फार्महाउस को ‘उप जेल’ घोषित किया गया है। आतंकवाद विरोधी अदालत ने उन्हें एक पखवाड़े के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है। अमजद ने कहा कि चक शहजाद इलाके में स्थित फार्महाउस में दो कारागार अधिकारियों को तैनात किया है ताकि मुशर्रफ के लिए खाने और दूसरी जरूरतों का खयाल रखा जा सके। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ के वकीलों को भी मुशर्रफ से नहीं मिलने दिया जा रहा है और इससे दूसरी अदालतों में लंबित कई मामलों पर असर पड़ रहा है। अमजद ने कहा कि चक शहजाद इलाके में स्थित फार्महाउस में दो कारागार अधिकारियों को तैनात किया है ताकि मुशर्रफ के लिए खाने और दूसरी जरूरतों का खयाल रखा जा सके। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ के वकीलों को भी मुशर्रफ से नहीं मिलने दिया जा रहा है और इससे दूसरी अदालतों में लंबित कई मामलों पर असर पड़ रहा है।
सारांश: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को ‘उपकारा’ घोषित किए गए अपने फार्महाउस के दो कमरों तक ही सीमित रहना पड़ रहा है और उन्हें अपने वकीलों, निजी कर्मचारियों एवं रिश्तेदारों तक से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: Kangana Ranaut's 'Manikarnika' Movie Review: सुभद्राकुमारी चौहान की कविता 'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी' को बचपन से सुनते आए हैं और झांसी की रानी की एक इमेज इसी कविता ने हमारे जेहन में बनाई है. लेकिन झांसी की रानी की एक छवि कंगना रनौत (Kangana Ranaut) 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' में भी लेकर आई हैं. कंगना रनौत ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किरदार को बखूबी परदे पर उतारा है लेकिन 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी (Manikarnika: The Queen of Jhansi)' इस लेजंडरी कैरेक्टर के साथ इंसाफ करती नजर नहीं आती है और कमजोर डायरेक्शन फिल्म की सबसे बड़ी चूक है. फिल्म के डायरेक्शन को लेकर हुई जंग तो वैसे भी जगजाहिर है और आखिर में कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को कमान अपन हाथों में लेनी पड़ी. कमजोर डायरेक्शन और बचकानी बातें पूरी फिल्म पर हावी रहती हैं. फिल्मों में अंग्रेजों के बोलने के ढंग और अंदाज पर कुछ और काम किया जाना चाहिए वर्ना यह बहुत हास्यास्पद लगता है क्योंकि यह अंदाज अब पुराना हो चुका है. 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी (Manikarnika: The Queen of Jhansi)' की कहानी मणिकर्णिका के जन्म से शुरू होती है और बचपन में ही ऐलान कर दिया जाता है कि उसकी उम्र लंबी हो न हो लेकिन उसका नाम बड़ा होगा. कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की एंट्री बाघ के शिकार के साथ होती है और कंगना बहुत खूबसूरत भी लगती हैं. झांसी के राजा के लिए मणिकर्णिका को चुना जाता है और शादी पर उसका नाम लक्ष्मीबाई हो जाता है. लेकिन बच्चे के निधन होने की वजह से अंग्रेज झांसी को 'हड़प की नीति' के तहत हड़पने की कोशिश करते हैं और फिर झांसी की रानी ऐलान कर देती है कि वह अपनी झांसी किसी को नहीं देगी. फिल्म की कहानी कनेक्ट नहीं कर पाती है और फर्स्ट हाफ में ढेर सारे गाने और स्लो स्टोरी तंग करती है. झांसी की रानी (Jhansi Ki Rani) के बचपन को दिखाया नहीं गया है. दूसरे हाफ में जंग शुरू होने पर फिल्म जोश भरती है. लेकिन पूरी फिल्म अति नाटकीयता की वजह ये स्टेज प्ले जैसी लगने लगती है. सीन रिपीटिशन भी तंग करता है.     'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी (Manikarnika: The Queen of Jhansi)' में कंगना रनौत (Kangana Ranaut) रानी लक्ष्मीबाई के किरदार में जमती हैं, लेकिन कई बार एक्सप्रेशंस ओवर हो जाते हैं और वहां मजा बिगड़ जाता है. फिर देशभक्ति का रंग कुछ ज्यादा मात्रा में दिखाने के चक्कर में भी एक्सप्रेशंस और एक्टिंग दोनों ही पटरी से उतर जाते हैं. झांसी की रानी का अंत बहुत तंग करता है क्योंकि हमने जिस झांसी की रानी के बारे में पढ़ा है, वह अंग्रेजों से लड़ते हुए घायल होने के बाद गंगादास के आश्रम में जाकर दम तोड़ती है. लेकिन 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' में जो अंत दिखाया गया है, वह थोड़ा तंग करता है. फिल्म में अंकिता लोखंडे और अतुल कुलकर्णी भी है और उन्होंने भी ठीक-ठाक एक्टिंग की है.  'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी (Manikarnika: The Queen of Jhansi)' के डायलॉग प्रसून जोशी ने लिखे है, और वे बिल्कुल दिल को छूने का काम नहीं करते हैं. फिल्म के सॉन्ग्स के मामले में भी प्रसून जोशी पूरी तरह चूक गए हैं. 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' के गाने फिल्म के फ्लो को तोड़ते हैं और फर्स्ट हाफ में तो वे उकताने का काम करते हैं. 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' का बजट लगभग 100 करोड़ रुपये बताया जाता है, लेकिन कमजोर डायरेक्शन और बचकानी एक्टिंग की वजह से 'झांसी की रानी' की बायोपिक निराश करती है और दिल तोड़कर रख देती है.
यह एक सारांश है: गद्दारी और देशभक्ति की कहानी है कंगना रनौत की 'मणिकर्णिका' शुक्रवार को सिनेमाघरों में होगी प्रदर्शित कंगना ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किरदार को बखूबी परदे पर उतारा है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मोदी सरकार और संघ परिवार विनिवेश नीति को लेकर आमने-सामने आ सकते हैं. दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने गुरुवार को ट्रेड यूनियन से जुड़े नेताओं के साथ प्री-बजट मीटिंग की. वित्त मंत्री की इस बैठक का मकसद यूनियन के नेताओं के साथ सलाह-मशविरा करना था. बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (BMS) के नेता पवन कुमार ने वित्त मंत्री से दो टूक कही. उन्होंने कहा कि अगर 2020 के बजट में सरकार ने BMS को ध्यान में नहीं रखा तो संगठन देशभर में आंदोलन करेगा. भारतीय मजदूर संघ के नेता पवन कुमार ने कहा, 'हमने मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कहा है कि हमें किसी भी तरह से विनिवेश मंजूर नहीं है. हमने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने 2020 के बजट में हमारी चिंता को नहीं रखा, तो हम जनवरी में पूरे देश में विनिवेश के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे. किसी भी पब्लिक सेक्टर कंपनी का विनिवेश नहीं होना चाहिए.' 'इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस' (INTUC) के उपाध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा, 'आज देश में 15 करोड़ लोग बेरोजगार हैं. हमने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कहा है कि भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) जैसी प्रॉफिट-मेकिंग कंपनी का विनिवेश नहीं होना चाहिए.' बताते चलें कि हाल ही में यह खबर सुर्खियों में थी कि सरकार के मालिकाना हक वाली कंपनी 'भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड' और 'एयर इंडिया' को सरकार अगले साल मार्च तक बेच सकती है. दोनों कंपनियों पर करीब 58 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है.
बजट से पहले ट्रेड यूनियन नेताओं से मिलीं निर्मला सीतारमण BMS नेता पवन कुमार की वित्त मंत्री को दो टूक '2020 के बजट में BMS को ध्यान में रखा जाए'
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कैथोलिक देश आयरलैंड में भारतीय दंतचिकित्सक सविता हलप्पनवार की हुई मौत पर एक रिपोर्ट जल्द ही प्रकाशित होने वाली है जिसमें गर्भपात के कानूनों पर अहम सिफारिश किए जाने की उम्मीद है। आयरलैंड के स्वास्थ्य सेवा कार्यकारिणी (एचएसई) द्वारा नियुक्त एक समीक्षा समूह की इस रिपोर्ट में ‘सेप्सिस सहित जटिल प्रसूति आपात स्थिति के बारे में भी सिफारिश किए जाने की उम्मीद है। ‘सेप्सिस’ (रक्त में जहर फैलना) के चलते पिछले साल अक्तूबर में गालवे अस्पताल में सविता की मौत हो गई थी। आयरिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कैबिनेट की एक बैठक के बाद बताया, ‘‘सविता हलप्पनवार की रिपोर्ट पर संक्षिप्त चर्चा हुई है। आने वाले दिनों में, हफ्ते के समाप्त होने से पहले इसका प्रकाशन होना है। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री जेम्स रेली ने की। यूनिवर्सल हॉस्पिटल गालवे में सविता की अपनी गर्भावस्था के 17 वें हफ्ते में रक्त में जहर फैलने से मौत हो गई थी। दरअसल, आयरलैंड के एक कैथोलिक देश होने के चलते उनकी जान बचाने के लिए गर्भपात करने से इनकार कर दिया गया था। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्भपात कर दिया जाता तो 31 वर्षीय सविता बच सकती थी। उनकी मौत की तहकीकात पर सुनवाई 19 अप्रैल को पूरी हुई और चिकित्सीय लापरवाही के चलते उनकी मौत होने का निष्कर्ष निकला था।टिप्पणियां स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में सविता के पति प्रवीण से मिली सूचना भी मौजूद रहेगी। प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने बताया कि वह इस बात को सुनकर चकित हैं कि कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है। उनके मुवक्किल ने अभी तक आखिरी दस्तावेज नहीं देखा है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है। आयरलैंड के स्वास्थ्य सेवा कार्यकारिणी (एचएसई) द्वारा नियुक्त एक समीक्षा समूह की इस रिपोर्ट में ‘सेप्सिस सहित जटिल प्रसूति आपात स्थिति के बारे में भी सिफारिश किए जाने की उम्मीद है। ‘सेप्सिस’ (रक्त में जहर फैलना) के चलते पिछले साल अक्तूबर में गालवे अस्पताल में सविता की मौत हो गई थी। आयरिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कैबिनेट की एक बैठक के बाद बताया, ‘‘सविता हलप्पनवार की रिपोर्ट पर संक्षिप्त चर्चा हुई है। आने वाले दिनों में, हफ्ते के समाप्त होने से पहले इसका प्रकाशन होना है। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री जेम्स रेली ने की। यूनिवर्सल हॉस्पिटल गालवे में सविता की अपनी गर्भावस्था के 17 वें हफ्ते में रक्त में जहर फैलने से मौत हो गई थी। दरअसल, आयरलैंड के एक कैथोलिक देश होने के चलते उनकी जान बचाने के लिए गर्भपात करने से इनकार कर दिया गया था। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्भपात कर दिया जाता तो 31 वर्षीय सविता बच सकती थी। उनकी मौत की तहकीकात पर सुनवाई 19 अप्रैल को पूरी हुई और चिकित्सीय लापरवाही के चलते उनकी मौत होने का निष्कर्ष निकला था।टिप्पणियां स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में सविता के पति प्रवीण से मिली सूचना भी मौजूद रहेगी। प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने बताया कि वह इस बात को सुनकर चकित हैं कि कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है। उनके मुवक्किल ने अभी तक आखिरी दस्तावेज नहीं देखा है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है। आयरिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कैबिनेट की एक बैठक के बाद बताया, ‘‘सविता हलप्पनवार की रिपोर्ट पर संक्षिप्त चर्चा हुई है। आने वाले दिनों में, हफ्ते के समाप्त होने से पहले इसका प्रकाशन होना है। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री जेम्स रेली ने की। यूनिवर्सल हॉस्पिटल गालवे में सविता की अपनी गर्भावस्था के 17 वें हफ्ते में रक्त में जहर फैलने से मौत हो गई थी। दरअसल, आयरलैंड के एक कैथोलिक देश होने के चलते उनकी जान बचाने के लिए गर्भपात करने से इनकार कर दिया गया था। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्भपात कर दिया जाता तो 31 वर्षीय सविता बच सकती थी। उनकी मौत की तहकीकात पर सुनवाई 19 अप्रैल को पूरी हुई और चिकित्सीय लापरवाही के चलते उनकी मौत होने का निष्कर्ष निकला था।टिप्पणियां स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में सविता के पति प्रवीण से मिली सूचना भी मौजूद रहेगी। प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने बताया कि वह इस बात को सुनकर चकित हैं कि कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है। उनके मुवक्किल ने अभी तक आखिरी दस्तावेज नहीं देखा है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है। यूनिवर्सल हॉस्पिटल गालवे में सविता की अपनी गर्भावस्था के 17 वें हफ्ते में रक्त में जहर फैलने से मौत हो गई थी। दरअसल, आयरलैंड के एक कैथोलिक देश होने के चलते उनकी जान बचाने के लिए गर्भपात करने से इनकार कर दिया गया था। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्भपात कर दिया जाता तो 31 वर्षीय सविता बच सकती थी। उनकी मौत की तहकीकात पर सुनवाई 19 अप्रैल को पूरी हुई और चिकित्सीय लापरवाही के चलते उनकी मौत होने का निष्कर्ष निकला था।टिप्पणियां स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में सविता के पति प्रवीण से मिली सूचना भी मौजूद रहेगी। प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने बताया कि वह इस बात को सुनकर चकित हैं कि कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है। उनके मुवक्किल ने अभी तक आखिरी दस्तावेज नहीं देखा है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्भपात कर दिया जाता तो 31 वर्षीय सविता बच सकती थी। उनकी मौत की तहकीकात पर सुनवाई 19 अप्रैल को पूरी हुई और चिकित्सीय लापरवाही के चलते उनकी मौत होने का निष्कर्ष निकला था।टिप्पणियां स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में सविता के पति प्रवीण से मिली सूचना भी मौजूद रहेगी। प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने बताया कि वह इस बात को सुनकर चकित हैं कि कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है। उनके मुवक्किल ने अभी तक आखिरी दस्तावेज नहीं देखा है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है। उनकी मौत की तहकीकात पर सुनवाई 19 अप्रैल को पूरी हुई और चिकित्सीय लापरवाही के चलते उनकी मौत होने का निष्कर्ष निकला था।टिप्पणियां स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में सविता के पति प्रवीण से मिली सूचना भी मौजूद रहेगी। प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने बताया कि वह इस बात को सुनकर चकित हैं कि कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है। उनके मुवक्किल ने अभी तक आखिरी दस्तावेज नहीं देखा है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है। स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में सविता के पति प्रवीण से मिली सूचना भी मौजूद रहेगी। प्रवीण के वकील ओ डोनेल ने बताया कि वह इस बात को सुनकर चकित हैं कि कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने वाली है। उनके मुवक्किल ने अभी तक आखिरी दस्तावेज नहीं देखा है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है। प्रवीण ने रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने से पहले स्वास्थ मंत्री के साथ एक बैठक कराने की मांग की है।
आयरलैंड के स्वास्थ्य सेवा कार्यकारिणी (एचएसई) द्वारा नियुक्त एक समीक्षा समूह की इस रिपोर्ट में ‘सेप्सिस सहित जटिल प्रसूति आपात स्थिति के बारे में भी सिफारिश किए जाने की उम्मीद है। ‘सेप्सिस’ (रक्त में जहर फैलना) के चलते पिछले साल अक्तूबर में गालवे अस्पताल
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनावों से पूर्व ‘राजनीतिक उद्देश्य’ से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिए सरकारी कोष का दुरुपयोग करने का दोषी ठहराया है। लोकायुक्त न्यायमूर्ति मनमोहन सरीन ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सिफारिश की है कि वे शीला दीक्षित को जनता के धन के दुरुपयोग के खिलाफ आगाह करें। उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी सिफारिश की कि वह मुख्यमंत्री को यह ‘सलाह’ दें कि वे स्वयं अथवा अपनी पार्टी की ओर से विज्ञापन पर आयी लागत की आधी राशि 11 करोड़ रुपये या कोई भी राशि जो राष्ट्रपति सही समझते हों, वापस कर दें। लोकायुक्त ने दिल्ली के पूर्व भाजपा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की एक शिकायत पर जांच शुरू की थी। अपनी शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया था कि शीला दीक्षित ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ पाने के लिए विज्ञापन के जरिये प्रचार अभियान छेड़ कर मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी हैसियत का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी मशीनरी, खासकर सूचना एवं प्रचार विभाग को निर्देश दिया गया था कि वह मुख्यमंत्री की सकारात्मक छवि पेश करें ताकि चुनावों में इसका लाभ मिल सके और सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाया जा सके। लोकायुक्त ने कहा, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों के स्वरूप स्पष्ट तौर पर एक दूसरे के बीच गहरे और अभिन्न संबंध की ओर इशारा करते हैं।’’ लोकायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सूचना एवं प्रचार विभाग के तत्कालीन निदेशक उदय सहाय का एक लेख मुख्यमंत्री और उनके विभाग द्वारा सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाने और मुख्यमंत्री की छवि निखारने एवं 2008 के चुनाव में उन्हें विजयी बनाने के लिये तैयार रणनीति का खुलासा करता है।टिप्पणियां उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। लोकायुक्त न्यायमूर्ति मनमोहन सरीन ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सिफारिश की है कि वे शीला दीक्षित को जनता के धन के दुरुपयोग के खिलाफ आगाह करें। उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी सिफारिश की कि वह मुख्यमंत्री को यह ‘सलाह’ दें कि वे स्वयं अथवा अपनी पार्टी की ओर से विज्ञापन पर आयी लागत की आधी राशि 11 करोड़ रुपये या कोई भी राशि जो राष्ट्रपति सही समझते हों, वापस कर दें। लोकायुक्त ने दिल्ली के पूर्व भाजपा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की एक शिकायत पर जांच शुरू की थी। अपनी शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया था कि शीला दीक्षित ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ पाने के लिए विज्ञापन के जरिये प्रचार अभियान छेड़ कर मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी हैसियत का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी मशीनरी, खासकर सूचना एवं प्रचार विभाग को निर्देश दिया गया था कि वह मुख्यमंत्री की सकारात्मक छवि पेश करें ताकि चुनावों में इसका लाभ मिल सके और सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाया जा सके। लोकायुक्त ने कहा, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों के स्वरूप स्पष्ट तौर पर एक दूसरे के बीच गहरे और अभिन्न संबंध की ओर इशारा करते हैं।’’ लोकायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सूचना एवं प्रचार विभाग के तत्कालीन निदेशक उदय सहाय का एक लेख मुख्यमंत्री और उनके विभाग द्वारा सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाने और मुख्यमंत्री की छवि निखारने एवं 2008 के चुनाव में उन्हें विजयी बनाने के लिये तैयार रणनीति का खुलासा करता है।टिप्पणियां उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी सिफारिश की कि वह मुख्यमंत्री को यह ‘सलाह’ दें कि वे स्वयं अथवा अपनी पार्टी की ओर से विज्ञापन पर आयी लागत की आधी राशि 11 करोड़ रुपये या कोई भी राशि जो राष्ट्रपति सही समझते हों, वापस कर दें। लोकायुक्त ने दिल्ली के पूर्व भाजपा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की एक शिकायत पर जांच शुरू की थी। अपनी शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया था कि शीला दीक्षित ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ पाने के लिए विज्ञापन के जरिये प्रचार अभियान छेड़ कर मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी हैसियत का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी मशीनरी, खासकर सूचना एवं प्रचार विभाग को निर्देश दिया गया था कि वह मुख्यमंत्री की सकारात्मक छवि पेश करें ताकि चुनावों में इसका लाभ मिल सके और सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाया जा सके। लोकायुक्त ने कहा, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों के स्वरूप स्पष्ट तौर पर एक दूसरे के बीच गहरे और अभिन्न संबंध की ओर इशारा करते हैं।’’ लोकायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सूचना एवं प्रचार विभाग के तत्कालीन निदेशक उदय सहाय का एक लेख मुख्यमंत्री और उनके विभाग द्वारा सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाने और मुख्यमंत्री की छवि निखारने एवं 2008 के चुनाव में उन्हें विजयी बनाने के लिये तैयार रणनीति का खुलासा करता है।टिप्पणियां उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। लोकायुक्त ने दिल्ली के पूर्व भाजपा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की एक शिकायत पर जांच शुरू की थी। अपनी शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया था कि शीला दीक्षित ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ पाने के लिए विज्ञापन के जरिये प्रचार अभियान छेड़ कर मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी हैसियत का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी मशीनरी, खासकर सूचना एवं प्रचार विभाग को निर्देश दिया गया था कि वह मुख्यमंत्री की सकारात्मक छवि पेश करें ताकि चुनावों में इसका लाभ मिल सके और सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाया जा सके। लोकायुक्त ने कहा, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों के स्वरूप स्पष्ट तौर पर एक दूसरे के बीच गहरे और अभिन्न संबंध की ओर इशारा करते हैं।’’ लोकायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सूचना एवं प्रचार विभाग के तत्कालीन निदेशक उदय सहाय का एक लेख मुख्यमंत्री और उनके विभाग द्वारा सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाने और मुख्यमंत्री की छवि निखारने एवं 2008 के चुनाव में उन्हें विजयी बनाने के लिये तैयार रणनीति का खुलासा करता है।टिप्पणियां उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। अपनी शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया था कि शीला दीक्षित ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ पाने के लिए विज्ञापन के जरिये प्रचार अभियान छेड़ कर मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी हैसियत का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी मशीनरी, खासकर सूचना एवं प्रचार विभाग को निर्देश दिया गया था कि वह मुख्यमंत्री की सकारात्मक छवि पेश करें ताकि चुनावों में इसका लाभ मिल सके और सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाया जा सके। लोकायुक्त ने कहा, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों के स्वरूप स्पष्ट तौर पर एक दूसरे के बीच गहरे और अभिन्न संबंध की ओर इशारा करते हैं।’’ लोकायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सूचना एवं प्रचार विभाग के तत्कालीन निदेशक उदय सहाय का एक लेख मुख्यमंत्री और उनके विभाग द्वारा सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाने और मुख्यमंत्री की छवि निखारने एवं 2008 के चुनाव में उन्हें विजयी बनाने के लिये तैयार रणनीति का खुलासा करता है।टिप्पणियां उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी मशीनरी, खासकर सूचना एवं प्रचार विभाग को निर्देश दिया गया था कि वह मुख्यमंत्री की सकारात्मक छवि पेश करें ताकि चुनावों में इसका लाभ मिल सके और सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाया जा सके। लोकायुक्त ने कहा, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों के स्वरूप स्पष्ट तौर पर एक दूसरे के बीच गहरे और अभिन्न संबंध की ओर इशारा करते हैं।’’ लोकायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सूचना एवं प्रचार विभाग के तत्कालीन निदेशक उदय सहाय का एक लेख मुख्यमंत्री और उनके विभाग द्वारा सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाने और मुख्यमंत्री की छवि निखारने एवं 2008 के चुनाव में उन्हें विजयी बनाने के लिये तैयार रणनीति का खुलासा करता है।टिप्पणियां उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। लोकायुक्त ने कहा, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों के स्वरूप स्पष्ट तौर पर एक दूसरे के बीच गहरे और अभिन्न संबंध की ओर इशारा करते हैं।’’ लोकायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि सूचना एवं प्रचार विभाग के तत्कालीन निदेशक उदय सहाय का एक लेख मुख्यमंत्री और उनके विभाग द्वारा सत्ता विरोधी लहर पर काबू पाने और मुख्यमंत्री की छवि निखारने एवं 2008 के चुनाव में उन्हें विजयी बनाने के लिये तैयार रणनीति का खुलासा करता है।टिप्पणियां उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। उस समय मुख्यमंत्री ही सूचना एवं प्रचार विभाग का काम देख रही थीं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। लोकायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ सूचना एवं प्रचार विभाग की प्रभारी रहीं प्रतिवादी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों द्वारा जारी विज्ञापनों पर कड़ी नजर रखी और इस तरह वह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली के लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनावों से पूर्व ‘राजनीतिक उद्देश्य’ से विज्ञापन प्रचार कार्यक्रम चलाने के लिए सरकारी कोष का दुरुपयोग करने का दोषी ठहराया है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्र सरकार के नोटबंदी के निर्णय के बाद पश्चिम बंगाल में दो लोकसभा सीटों एवं एक विधानसभा सीट के लिए कल उपचुनाव कराए जाएंगे. उपचुनाव कूच बिहार एवं तमलुक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों और मोंटेश्वर विधानसभा क्षेत्र में होंगे. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, वाम मोर्चा और कांग्रेस ने इन तीनों सीटों पर अपने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं. हालांकि इससे पहले इस साल की शुरुआत में कांग्रेस और माकपा नीत वाम मोर्चा ने एक साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों ने इस उपचुनाव में अलग-अलग लड़ने का फैसला किया है. उप चुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी चरण में नोटों का चलन बंद होना मुख्य मुद्दा बन गया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन उपचुनावों के लिए प्रचार नहीं किया और यह जिम्मेदारी पार्टी के अन्य नेताओं पर छोड़ दी. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के अलावा केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी पार्टी के प्रचार में अहम भूमिका निभाई. डब्ल्यूबीपीसीसी के प्रमुख अधीर चौधरी और माकपा के राज्य सचिव एसके मिश्रा ने भी अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया.   तृणमूल के विधायक एवं तमलुक सीट से पार्टी प्रत्याशी दिव्येंदु अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘नोटबंदी से देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है. आम आदमी को परेशानी हो रही है. इसके अलावा नोटबंदी से हमारा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है. तमलुक में बहुत से ग्रामीण इलाकों में अब भी बैंकिंग सुविधा नहीं है. गरीब किसान क्या करेगा?’’ माकपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार पार्टियों के लिए नोटबंदी अचानक चुनावी मुद्दा बन गया है. लोग इस नए आदेश के कारण परेशानी पैदा होने की शिकायत कर रहे हैं. माकपा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि नोटबंदी प्रमुख मुद्दा बन गया है, क्योंकि इस आदेश से लोगों को बहुत परेशानी हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है.टिप्पणियां वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उपचुनाव कूच बिहार एवं तमलुक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों और मोंटेश्वर विधानसभा क्षेत्र में होंगे. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, वाम मोर्चा और कांग्रेस ने इन तीनों सीटों पर अपने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं. हालांकि इससे पहले इस साल की शुरुआत में कांग्रेस और माकपा नीत वाम मोर्चा ने एक साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों ने इस उपचुनाव में अलग-अलग लड़ने का फैसला किया है. उप चुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी चरण में नोटों का चलन बंद होना मुख्य मुद्दा बन गया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन उपचुनावों के लिए प्रचार नहीं किया और यह जिम्मेदारी पार्टी के अन्य नेताओं पर छोड़ दी. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के अलावा केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी पार्टी के प्रचार में अहम भूमिका निभाई. डब्ल्यूबीपीसीसी के प्रमुख अधीर चौधरी और माकपा के राज्य सचिव एसके मिश्रा ने भी अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया.   तृणमूल के विधायक एवं तमलुक सीट से पार्टी प्रत्याशी दिव्येंदु अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘नोटबंदी से देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है. आम आदमी को परेशानी हो रही है. इसके अलावा नोटबंदी से हमारा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है. तमलुक में बहुत से ग्रामीण इलाकों में अब भी बैंकिंग सुविधा नहीं है. गरीब किसान क्या करेगा?’’ माकपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार पार्टियों के लिए नोटबंदी अचानक चुनावी मुद्दा बन गया है. लोग इस नए आदेश के कारण परेशानी पैदा होने की शिकायत कर रहे हैं. माकपा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि नोटबंदी प्रमुख मुद्दा बन गया है, क्योंकि इस आदेश से लोगों को बहुत परेशानी हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है.टिप्पणियां वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि इससे पहले इस साल की शुरुआत में कांग्रेस और माकपा नीत वाम मोर्चा ने एक साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों ने इस उपचुनाव में अलग-अलग लड़ने का फैसला किया है. उप चुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी चरण में नोटों का चलन बंद होना मुख्य मुद्दा बन गया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन उपचुनावों के लिए प्रचार नहीं किया और यह जिम्मेदारी पार्टी के अन्य नेताओं पर छोड़ दी. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के अलावा केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी पार्टी के प्रचार में अहम भूमिका निभाई. डब्ल्यूबीपीसीसी के प्रमुख अधीर चौधरी और माकपा के राज्य सचिव एसके मिश्रा ने भी अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया.   तृणमूल के विधायक एवं तमलुक सीट से पार्टी प्रत्याशी दिव्येंदु अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘नोटबंदी से देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है. आम आदमी को परेशानी हो रही है. इसके अलावा नोटबंदी से हमारा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है. तमलुक में बहुत से ग्रामीण इलाकों में अब भी बैंकिंग सुविधा नहीं है. गरीब किसान क्या करेगा?’’ माकपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार पार्टियों के लिए नोटबंदी अचानक चुनावी मुद्दा बन गया है. लोग इस नए आदेश के कारण परेशानी पैदा होने की शिकायत कर रहे हैं. माकपा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि नोटबंदी प्रमुख मुद्दा बन गया है, क्योंकि इस आदेश से लोगों को बहुत परेशानी हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है.टिप्पणियां वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उप चुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी चरण में नोटों का चलन बंद होना मुख्य मुद्दा बन गया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन उपचुनावों के लिए प्रचार नहीं किया और यह जिम्मेदारी पार्टी के अन्य नेताओं पर छोड़ दी. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के अलावा केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी पार्टी के प्रचार में अहम भूमिका निभाई. डब्ल्यूबीपीसीसी के प्रमुख अधीर चौधरी और माकपा के राज्य सचिव एसके मिश्रा ने भी अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया.   तृणमूल के विधायक एवं तमलुक सीट से पार्टी प्रत्याशी दिव्येंदु अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘नोटबंदी से देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है. आम आदमी को परेशानी हो रही है. इसके अलावा नोटबंदी से हमारा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है. तमलुक में बहुत से ग्रामीण इलाकों में अब भी बैंकिंग सुविधा नहीं है. गरीब किसान क्या करेगा?’’ माकपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार पार्टियों के लिए नोटबंदी अचानक चुनावी मुद्दा बन गया है. लोग इस नए आदेश के कारण परेशानी पैदा होने की शिकायत कर रहे हैं. माकपा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि नोटबंदी प्रमुख मुद्दा बन गया है, क्योंकि इस आदेश से लोगों को बहुत परेशानी हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है.टिप्पणियां वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के अलावा केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी पार्टी के प्रचार में अहम भूमिका निभाई. डब्ल्यूबीपीसीसी के प्रमुख अधीर चौधरी और माकपा के राज्य सचिव एसके मिश्रा ने भी अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया.   तृणमूल के विधायक एवं तमलुक सीट से पार्टी प्रत्याशी दिव्येंदु अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘नोटबंदी से देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है. आम आदमी को परेशानी हो रही है. इसके अलावा नोटबंदी से हमारा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है. तमलुक में बहुत से ग्रामीण इलाकों में अब भी बैंकिंग सुविधा नहीं है. गरीब किसान क्या करेगा?’’ माकपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार पार्टियों के लिए नोटबंदी अचानक चुनावी मुद्दा बन गया है. लोग इस नए आदेश के कारण परेशानी पैदा होने की शिकायत कर रहे हैं. माकपा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि नोटबंदी प्रमुख मुद्दा बन गया है, क्योंकि इस आदेश से लोगों को बहुत परेशानी हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है.टिप्पणियां वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तृणमूल के विधायक एवं तमलुक सीट से पार्टी प्रत्याशी दिव्येंदु अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘नोटबंदी से देश का प्रत्येक नागरिक प्रभावित हुआ है. आम आदमी को परेशानी हो रही है. इसके अलावा नोटबंदी से हमारा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है. तमलुक में बहुत से ग्रामीण इलाकों में अब भी बैंकिंग सुविधा नहीं है. गरीब किसान क्या करेगा?’’ माकपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार पार्टियों के लिए नोटबंदी अचानक चुनावी मुद्दा बन गया है. लोग इस नए आदेश के कारण परेशानी पैदा होने की शिकायत कर रहे हैं. माकपा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि नोटबंदी प्रमुख मुद्दा बन गया है, क्योंकि इस आदेश से लोगों को बहुत परेशानी हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है.टिप्पणियां वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) माकपा और कांग्रेस नेताओं के अनुसार पार्टियों के लिए नोटबंदी अचानक चुनावी मुद्दा बन गया है. लोग इस नए आदेश के कारण परेशानी पैदा होने की शिकायत कर रहे हैं. माकपा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि नोटबंदी प्रमुख मुद्दा बन गया है, क्योंकि इस आदेश से लोगों को बहुत परेशानी हो रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है.टिप्पणियां वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कहा है कि यह उपचुनाव सभी पार्टियों के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है. राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल, कांग्रेस और माकपा जो कह रही हैं, वह ठीक नहीं है. बंगाल के लोग इस निर्णय से खुश हैं और वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएंगे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दो लोकसभा सीटों एवं एक विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में नोटों का चलन बंद होना मुख्य मुद्दा बना भाजपा का दावा, बंगाल के लोग नोटबंदी के निर्णय से खुश
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विराट कोहली के इन उपलब्धियों को देखने के बाद कोई भी धोनी की कप्तानी पर सवाल उठा सकता है और चयनकर्ता उन्हें हटाने पर मजबूर हो सकते हैं. हालांकि खिलाड़ी के रूप में वह अब भी काफी योगदान दे सकते हैं, लेकिन उनकी फिनिशिंग क्षमता पर सवाल हैं. हाल ही की न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के तहत दिल्ली वनडे में धोनी जब बल्लेबाजी कर रहे थे तब मैच भारत के हाथ में था, लेकिन धोनी ने धीमी बल्लेबाजी करते हुए 65 गेंदों में 39 रन बनाए. आखिरकार भारत यह मैच छह रन से हार गया था. जून 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 मैच में धोनी ने 17 गेंदों का सामना करते हुए 19 रन बनाए थे और भारत यह मैच सिर्फ दो रन से हार गया था. ऐसे ही कई और मैच रहे जिनमें धोनी का बल्ला जीत नहीं दिला पाया, जबकि कोहली ने लक्ष्य पीछा करते समय कई जीत दिलाई, तो फिर धोनी की कप्तानी पर सवाल तो उठने ही हैं... अब यदि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, तो मामला गंभीर हो सकता है...
सारांश: विराट ने कप्तान के तौर पर धोनी के सर्वोच्च टेस्ट स्कोर को पीछे छोड़ा इंग्लैंड के खिलाफ कोहली ने जीते 3 मैच, धोनी ने जीता था एक मैच विराट कोहली इस साल लगा चुके हैं टेस्ट मैचों में तीन दोहरे शतक
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बेरोजगार युवाओं को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बरेली में एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा कि आज देश में नौकरी की कोई कमी नहीं लेकिन उत्तर भारत के युवाओं में वह काबिलियत नहीं कि उन्हें रोजगार दिया जा सके. उनका कहना है की हम इसी मंत्रालय को देखने का काम करते है. इसलिए मुझे जानकारी है की देश में रोजगार की कोई कमी नहीं है. रोजगार बहुत है, रोजगार दफ्तर के आलावा भी हमारा मंत्रालय भी इसकी मोनिटिरिंग कर रहा है. रोजगार की कोई समस्या नहीं है , बल्कि जो भी कम्पनिया रोजगार देने आती है उनका कहना होता है की उन युवाओ में वो योग्यता नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में मंदी की बात समझ में आ रही है लेकिन रोजगार की कमी नहीं है. इस दौरान उन्होंने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा नेता आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा की अखिलेश जी डर रहे है लेकिन हम किसी को छोड़ेंगे नहीं. उन्होंने कहा की मैं तो रामपुर की जनता के लिए भी कहुगा की उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को चुनकर भेजा ये उनके लिए भी दुर्भाग्य की बात है.  गौरतलब है कि देश में बेरोजगार युवाओं को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला बोलती रही है. कुछ समय पहले ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ऑटो क्षेत्र के संकट से घिरे होने संबंधी खबरों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि इस पर सरकार की चुप्पी सबसे ज्यादा खतरनाक है. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि ऑटो सेक्टर के 10 लाख लोगों की नौकरी पर खतरा है. यहां काम कर रहे लोगों को अपनी रोजी-रोटी के नए ठिकाने ढूंढने पड़ेंगे. प्रियंका ने आरोप लगाया था कि नष्ट होते रोजगार, कमजोर पड़ते व्यापार और अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने वाली नीतियों पर भाजपा सरकार की चुप्पी सबसे ज्यादा खतरनाक है. इससे पहले प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश के कानपुर में छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराने गई 16-वर्षीय एक लड़की को पुलिसकर्मी द्वारा परेशान किए जाने का एक वीडियो पोस्ट किया था. वीडियो में लड़की से 'पूछताछ' करते दिख रहे हेड कॉन्स्टेबल को हटा दिया गया है.
यह एक सारांश है: देश में काबिल युवाओं की है कमी- संतोष गंगवार बरेली में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे गंगवार देश में मंदी की बात मानी
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुम्बई के बोरीवली में अपने बुजुर्ग मां-बाप को घर से निकाल देने की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें छोटा बेटा और बहू विलेन साबित हुए. 3 साल की मेहनत के बाद बुजुर्गों के हक में बने कानून की मदद से बूढ़े मां-बाप को अपना घर तो मिला. लेकिन हैरानी की बात है कि पड़ोसियों की नजर में बेटे और बहू नहीं बुजुर्ग ही गलत हैं. बोरीवली पश्चिम में स्टेशन के पास रहने वाले इस बुजुर्ग दंपत्ति को 3 साल बाद अपने घर का कब्जा मिला है. 2007 में बने मेंटिनेंस ऐंड वेलफेयर ऑफ पैरंट्स ऐंड सीनियर सिटीजंस ऐक्‍ट की वजह से ऐसा संभव हो सका. 70 साल के बृजेश सोनी और 68 साल की चमेली देवी सोनी के मुताबिक उन्हें बेघर करने वाला कोई और नहीं उनके अपने ही छोटे बेटे और बहू थे. बुजुर्ग की 3 बेटियां और 2 बेटे हैं. चाय की दुकान के साथ चाल में एक और घर है. मां बताती है कि दोनों बेटों को वो घर देकर छोटी बेटी के साथ इस छोटे से मकान में रहते थे लेकिन बहू ने साजिश कर इस पर भी कब्जा जमा लिया. दोनों दिन में इधर-उधर भटकते थे, फिर रात में बड़े बेटे और बेटी खाना और आसरा देते. लेकिन हैरानी की बात है कि जब एनडीटीवी इस बुजुर्ग दंपत्ति के संघर्ष और न्याय की कहानी के बारे में पता करने के लिये वहां पहुंचा तो पड़ोसियों ने घेर लिया और बुजुर्ग दंपति पर ही बेटे और बहू पर अन्याय करने का आरोप लगाया. इस कहानी में वैसे तो पुलिस की सीधे कोई भूमिका नहीं है, लेकिन बुजुर्ग दंपत्ति को घर का कब्जा दिलाते वक्त अड़ंगा डालने के लिए बेटे और बहू को गिरफ्तार कर जेल भेजना पड़ा. पुलिस का कहना है कानूनी आदेश मिलने के बाद भी कब्जा लेने में बुजुर्ग दंपति को साल भर का समय लग गया. मामला संबंधित विभाग के मंत्री तक गया था. अगर बेटे के पास कोई सबूत होता तो उसके पास अपील करने के लिए काफी समय था.
यहाँ एक सारांश है:बुजुर्ग माता-पिता को 3 साल बाद मिला अपना घर बुजुर्गों के हित के लिए साल 2007 में बने कानून ने दिलाया अधिकार छोटे बेटे और बहू पर था दोनों को बेघर करने का आरोप
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: सीबीआई ने बृहस्पतिवार को अदालत को बताया था कि कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई ने लड़की के पिता पर हमला किया और तीन राज्य पुलिस अधिकारियों एवं पांच अन्य के साथ मिलकर शस्त्र कानून के एक मामले में उसे फंसाया. बीते दिनों खबर आई थी कि दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता और उनके वकील की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है. अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है थी.    गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के राय बरेली में 28 जुलाई को कार-ट्रक की टक्कर में 19 साल की पीड़िता तथा उनके वकील गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सोमवार को लखनऊ के एक अस्पताल से हवाई मार्ग से नई दिल्ली के अस्पताल पहुंचाया गया था. लखनऊ के अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें निमोनिया हो गया है.    घटना में उनके वकील के सिर पर चोटें आईं थी, उन्हें यहां ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया था. एम्स के अधिकारियों ने बताया कि उनके मस्तिष्क में गंभीर चोट आई है और कई हड्डियां भी टूट गई हैं. एम्स के मीडिया एवं प्रोटोकॉल प्रभाग की अध्यक्ष आरती विज ने बताया कि दोनों की हालात गंभीर है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है.
यह एक सारांश है: कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ रेप के आरोप तय किए दिल्ली की एक अदालत ने तय किए आरोप शशि सिंह के खिलाफ भी आरोप तय
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका में समुद्री तूफान आइरीन के प्रवेश करने के साथ सात राज्यों में 18 लोगों की मौत हो गई है और लाखों प्रभावित हुए हैं। तेज हवाओं और बारिश के बीच अधिकारी पूर्वी तट के नजदीक बाढ़ व अन्य खतरों से निपटने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी सरकार के अनुमानों के मुताबिक पूर्वी तट पर तूफान और तेज हवाओं से हुए नुकसान से एक अरब डॉलर की तबाही होने का अनुमान है। इसके चलते 40 लाख से ज्यादा लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रविवार शाम वाशिंगटन से कहा, "मैं चाहता हूं कि लोग यह समझें कि यह परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। कुछ समय तक इस तूफान का असर रहेगा और राहत कार्य कुछ सप्ताहों या उससे लम्बे समय तक चलेंगे।" न्यूजर्सी, पेंसिल्वेनिया, पूर्वी न्यूयार्क, कनेक्टिकट, मेसाचुसेट्स, वरमांट, न्यू हेम्पशायर और मेनी में रविवार शाम तक बाढ़ की चेतावनी जारी की गई थी। तूफान में तटीय इलाके में बसा न्यूजर्सी सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां से 10 लाख से ज्यादा लोगों को हटाया गया है। यहां बाढ़ की ताजा चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने रविवार रात न्यूयार्क सिटी को पहले की तरह व्यवस्थित करने का प्रयास किया। निचले मैनहट्टन इलाके में हडसन नदी में पानी बढ़ने के कारण वहां एक अपार्टमेंट की इमारत में पानी भर गया था। तीन प्रमुख हवाईअड्डे नेवार्क लिबर्टी, लागार्जिया और जॉन एफ. केनेडी दो दिन तक बंद रहने के बाद सोमवार को खुल जाएंगे। दूसरी ओर न्यूजर्सी ट्रांजिट रेल सेवा अभी स्थगित रखी जाएगी। अमेरिकी-कनाडाई सीमा पर प्रभावी आइरीन तूफान में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं।
यह एक सारांश है: अमेरिका में समुद्री तूफान आइरीन के प्रवेश करने के साथ सात राज्यों में 18 लोगों की मौत हो गई है और लाखों प्रभावित हुए हैं।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नई दिल्ली-चंडीगढ़ तेजस एक्सप्रेस, आनंद विहार-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस और हावड़ा-एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस उन 30 नई ट्रेन सेवाओं में शामिल हैं, जो बहुप्रतीक्षित नई रेलवे समयसारणी का हिस्सा होंगी. 10 हमसफर एक्सप्रेस, सात अंत्योदय एक्सप्रेस, तीन-तीन उदय एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस के गंतव्य और सारणी 1 अक्टूबर को जारी की जाने वाली नई समय सारणी में जगह पाएंगे. रेलवे की नई समय सारणी को जारी करने में एक महीने का विलंब हुआ, क्योंकि रेल बजट में घोषित नई प्रस्तावित सेवाओं के मार्गों और गंतव्यों को विभिन्न कारणों से अंतिम रूप नहीं दिया जा सका. इन नई सेवाओं के अलावा, करीब 37 मेल एक्सप्रेस की बढ़ी हुई गति भी नई समय सारणी में दिखाई देगी. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमने इस समय सारणी को यात्री अनुकूल बनाने का प्रयास किया है और इसमें यात्री से जुड़ी कई सूचना होगी.' सारणी के मुताबिक, आनंद विहार-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चलेगी, बाकी नौ हमसफर साप्ताहिक सेवा होगी. टिप्पणियां दिल्ली-चंडीगढ़ तेजस एक्सप्रेस और आनंद विहार-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन चलेंगी, जबकि मुंबई-करमेल तेजस सप्ताह में पांच दिन चलेगी. तेजस और हमसफर सेवाओं के किराए मौजूदा किराया ढांचा से अधिक होंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेलवे की नई समय सारणी को जारी करने में एक महीने का विलंब हुआ, क्योंकि रेल बजट में घोषित नई प्रस्तावित सेवाओं के मार्गों और गंतव्यों को विभिन्न कारणों से अंतिम रूप नहीं दिया जा सका. इन नई सेवाओं के अलावा, करीब 37 मेल एक्सप्रेस की बढ़ी हुई गति भी नई समय सारणी में दिखाई देगी. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमने इस समय सारणी को यात्री अनुकूल बनाने का प्रयास किया है और इसमें यात्री से जुड़ी कई सूचना होगी.' सारणी के मुताबिक, आनंद विहार-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चलेगी, बाकी नौ हमसफर साप्ताहिक सेवा होगी. टिप्पणियां दिल्ली-चंडीगढ़ तेजस एक्सप्रेस और आनंद विहार-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन चलेंगी, जबकि मुंबई-करमेल तेजस सप्ताह में पांच दिन चलेगी. तेजस और हमसफर सेवाओं के किराए मौजूदा किराया ढांचा से अधिक होंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमने इस समय सारणी को यात्री अनुकूल बनाने का प्रयास किया है और इसमें यात्री से जुड़ी कई सूचना होगी.' सारणी के मुताबिक, आनंद विहार-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चलेगी, बाकी नौ हमसफर साप्ताहिक सेवा होगी. टिप्पणियां दिल्ली-चंडीगढ़ तेजस एक्सप्रेस और आनंद विहार-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन चलेंगी, जबकि मुंबई-करमेल तेजस सप्ताह में पांच दिन चलेगी. तेजस और हमसफर सेवाओं के किराए मौजूदा किराया ढांचा से अधिक होंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली-चंडीगढ़ तेजस एक्सप्रेस और आनंद विहार-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन चलेंगी, जबकि मुंबई-करमेल तेजस सप्ताह में पांच दिन चलेगी. तेजस और हमसफर सेवाओं के किराए मौजूदा किराया ढांचा से अधिक होंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नई समय सारणी 1 अक्टूबर को होगी जारी इसमें यात्री से जुड़ी कई सूचना होगी तेजस और हमसफर के किराए मौजूदा ढांचा से अधिक होंगे
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्रिमंडल में किए गए मामूली विस्तार में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) प्रमुख अजित सिंह को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। उन्हें नागर विमानन मंत्री बनाया गया है। इसका मकसद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को मजबूती प्रदान करना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 72 वर्षीय जाट नेता एक सप्ताह पहले ही कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन में शामिल हुए थे। यूपीए-2 के 2009 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से किया गया मंत्रिमंडल का यह तीसरा विस्तार है। वह 77 सदस्यों वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले 33वें कैबिनेट मंत्री हैं। अजित सिंह को राष्ट्रपति भवन में एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे। उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले अजित सिंह को संप्रग में शामिल करने में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की अहम भूमिका बताई जाती है। राहुल गांधी इस समारोह में उपस्थित थे और अजित सिंह के पुत्र जयंत चौधरी के साथ बैठे थे। जयंत चौधरी मथुरा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
संक्षिप्त सारांश: अजित को नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार दिया गया है। अभी ओवरसीज मंत्री व्यलार रवि के पास इस मंत्रालय का अतिरिक्त अतिरिक्त प्रभार था।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लुधियाना की एक अदालत ने आयकर मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को गुरुवार को ताजा समन भेजा. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जापिंदर सिंह ने अमरिंदर के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा 2016 में दायर आपराधिक शिकायत में ताजा समन जारी करने का आदेश दिया. अदालत को बताया गया कि पहले भेजे गए समन मुख्यमंत्री को नहीं मिल सके जिसके बाद ताजा समन जारी किए गए. मामले पर अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी. यह भी पढ़ें- अमरिंदर सरकार में मंत्री के पूर्व रसोइया ने लिया 26 करोड़ का खनन टेंडर, खाते में हैं 5 हजार रुपएपंजाब सरकार, आयकर विभाग ने खनन ठेकों की जांच शुरू की, मंत्री को बर्खास्त करने की मांगटिप्पणियां अमरिंदर गलत बयान देने, आयकर विभाग को जानबूझकर गलत सूचना देने तथा उसके अधिकारियों को अपना काम करने से रोकने के आरोपों का सामना कर रहे हैं. आयकर विभाग ने अदालत में दायर की आपराधिक शिकायत में यह आरोप लगाए हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत को बताया गया कि पहले भेजे गए समन मुख्यमंत्री को नहीं मिल सके जिसके बाद ताजा समन जारी किए गए. मामले पर अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी. यह भी पढ़ें- अमरिंदर सरकार में मंत्री के पूर्व रसोइया ने लिया 26 करोड़ का खनन टेंडर, खाते में हैं 5 हजार रुपएपंजाब सरकार, आयकर विभाग ने खनन ठेकों की जांच शुरू की, मंत्री को बर्खास्त करने की मांगटिप्पणियां अमरिंदर गलत बयान देने, आयकर विभाग को जानबूझकर गलत सूचना देने तथा उसके अधिकारियों को अपना काम करने से रोकने के आरोपों का सामना कर रहे हैं. आयकर विभाग ने अदालत में दायर की आपराधिक शिकायत में यह आरोप लगाए हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह भी पढ़ें- अमरिंदर सरकार में मंत्री के पूर्व रसोइया ने लिया 26 करोड़ का खनन टेंडर, खाते में हैं 5 हजार रुपएपंजाब सरकार, आयकर विभाग ने खनन ठेकों की जांच शुरू की, मंत्री को बर्खास्त करने की मांगटिप्पणियां अमरिंदर गलत बयान देने, आयकर विभाग को जानबूझकर गलत सूचना देने तथा उसके अधिकारियों को अपना काम करने से रोकने के आरोपों का सामना कर रहे हैं. आयकर विभाग ने अदालत में दायर की आपराधिक शिकायत में यह आरोप लगाए हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अमरिंदर गलत बयान देने, आयकर विभाग को जानबूझकर गलत सूचना देने तथा उसके अधिकारियों को अपना काम करने से रोकने के आरोपों का सामना कर रहे हैं. आयकर विभाग ने अदालत में दायर की आपराधिक शिकायत में यह आरोप लगाए हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: कोर्ट को बताया गया पहले भेजे गए समन मुख्यमंत्री को नहीं मिल सके अमरिंदर पर गलत बयान देने, जानबूझकर गलत सूचना देने का आरोप इनकम टैक्स अधिकारियों को अपना काम करने से रोकने का भी आरोप
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 66वां जन्मदिन मनाने अपने गृह नगर गुजरात में हैं. यहां सुबह उन्होंने गांधी नगर जाकर अपनी मां हीराबेन का आशीर्वाद लिया. पीएम सुबह करीब सवा 7 बजे अपनी मां के आवास पहुंचे और वहां उनके पांव छूकर आशीर्वाद लिया. पीएम इस दौरान करीब आधा घंटा अपनी मां के साथ रहे. पीएम की माता ने उन्‍हें अपने हाथों से बनी मिठाई खिलाई और काफी देर तक उनसे बातचीत भी की. इसके बाद पीएम की मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर से मुलाक़ात हुई. चीफ जस्टिस से मिलने के बाद पीएम ने राजभवन में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी और दूसरे मंत्रियों से मुलाक़ात की. प्रधानमंत्री के इन कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्त इंतज़ाम किए हैं.   इसके बाद में प्रधानमंत्री ने लिमखेड़ा कस्‍बे में सिंचाई और आदिवासी विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया और एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब गुजरात का गठन हुआ था तो लोगों ने सवाल उठाए थे कि गुजरात का विकास हो पाएगा या नहीं, लेकिन आज हम देख सकते हैं कि राज्‍य ने विकास किया है. दोपहर बाद पीएम मोदी नवसारी जाएंगे, जहां उन्हें एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना है. इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सहायता वितरित की जाएगी. नवसारी में प्रधानमंत्री दिव्यांगजनों को किट और सहायता प्रदान करेंगे. वह नवसारी कस्बे के पास एक बड़ी सभा को भी संबोधित करेंगे. दरअसल, पटेल आरक्षण आंदोलन और उना में हुई दलित उत्पीड़न की घटना के बाद बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद बीजेपी को गुजरात में काफी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है और अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव हैं. पिछले महीने मोदी दो बार गुजरात की यात्रा पर आए थे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि अपने 66वें जन्मदिन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात अहमदाबाद पहुंचे. स्थानीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का राज्यपाल ओपी कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित पूरी गुजरात कैबिनेट, बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी एवं पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर स्वागत किया. हाल के दिनों में यह प्रधानमंत्री की तीसरी गुजरात यात्रा है. गौरतलब है कि अगले साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अपने भव्य स्वागत के बाद पीएम मोदी ने गुजरात बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया और सीधा गांधीनगर स्थित राज भवन गए. पार्टी के कुछ कार्यकर्ता निराश दिखे, क्योंकि पीएम मोदी ने उन्हें संबोधित नहीं किया. इसके बाद पीएम की मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर से मुलाक़ात हुई. चीफ जस्टिस से मिलने के बाद पीएम ने राजभवन में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी और दूसरे मंत्रियों से मुलाक़ात की. प्रधानमंत्री के इन कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्त इंतज़ाम किए हैं.   इसके बाद में प्रधानमंत्री ने लिमखेड़ा कस्‍बे में सिंचाई और आदिवासी विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया और एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब गुजरात का गठन हुआ था तो लोगों ने सवाल उठाए थे कि गुजरात का विकास हो पाएगा या नहीं, लेकिन आज हम देख सकते हैं कि राज्‍य ने विकास किया है. दोपहर बाद पीएम मोदी नवसारी जाएंगे, जहां उन्हें एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना है. इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सहायता वितरित की जाएगी. नवसारी में प्रधानमंत्री दिव्यांगजनों को किट और सहायता प्रदान करेंगे. वह नवसारी कस्बे के पास एक बड़ी सभा को भी संबोधित करेंगे. दरअसल, पटेल आरक्षण आंदोलन और उना में हुई दलित उत्पीड़न की घटना के बाद बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद बीजेपी को गुजरात में काफी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है और अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव हैं. पिछले महीने मोदी दो बार गुजरात की यात्रा पर आए थे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि अपने 66वें जन्मदिन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात अहमदाबाद पहुंचे. स्थानीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का राज्यपाल ओपी कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित पूरी गुजरात कैबिनेट, बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी एवं पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर स्वागत किया. हाल के दिनों में यह प्रधानमंत्री की तीसरी गुजरात यात्रा है. गौरतलब है कि अगले साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अपने भव्य स्वागत के बाद पीएम मोदी ने गुजरात बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया और सीधा गांधीनगर स्थित राज भवन गए. पार्टी के कुछ कार्यकर्ता निराश दिखे, क्योंकि पीएम मोदी ने उन्हें संबोधित नहीं किया. दोपहर बाद पीएम मोदी नवसारी जाएंगे, जहां उन्हें एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना है. इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सहायता वितरित की जाएगी. नवसारी में प्रधानमंत्री दिव्यांगजनों को किट और सहायता प्रदान करेंगे. वह नवसारी कस्बे के पास एक बड़ी सभा को भी संबोधित करेंगे. दरअसल, पटेल आरक्षण आंदोलन और उना में हुई दलित उत्पीड़न की घटना के बाद बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद बीजेपी को गुजरात में काफी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है और अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव हैं. पिछले महीने मोदी दो बार गुजरात की यात्रा पर आए थे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि अपने 66वें जन्मदिन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात अहमदाबाद पहुंचे. स्थानीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का राज्यपाल ओपी कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित पूरी गुजरात कैबिनेट, बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी एवं पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर स्वागत किया. हाल के दिनों में यह प्रधानमंत्री की तीसरी गुजरात यात्रा है. गौरतलब है कि अगले साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अपने भव्य स्वागत के बाद पीएम मोदी ने गुजरात बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया और सीधा गांधीनगर स्थित राज भवन गए. पार्टी के कुछ कार्यकर्ता निराश दिखे, क्योंकि पीएम मोदी ने उन्हें संबोधित नहीं किया. दरअसल, पटेल आरक्षण आंदोलन और उना में हुई दलित उत्पीड़न की घटना के बाद बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद बीजेपी को गुजरात में काफी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है और अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव हैं. पिछले महीने मोदी दो बार गुजरात की यात्रा पर आए थे.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि अपने 66वें जन्मदिन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात अहमदाबाद पहुंचे. स्थानीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का राज्यपाल ओपी कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित पूरी गुजरात कैबिनेट, बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी एवं पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर स्वागत किया. हाल के दिनों में यह प्रधानमंत्री की तीसरी गुजरात यात्रा है. गौरतलब है कि अगले साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अपने भव्य स्वागत के बाद पीएम मोदी ने गुजरात बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया और सीधा गांधीनगर स्थित राज भवन गए. पार्टी के कुछ कार्यकर्ता निराश दिखे, क्योंकि पीएम मोदी ने उन्हें संबोधित नहीं किया. उल्‍लेखनीय है कि अपने 66वें जन्मदिन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात अहमदाबाद पहुंचे. स्थानीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का राज्यपाल ओपी कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित पूरी गुजरात कैबिनेट, बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी एवं पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर स्वागत किया. हाल के दिनों में यह प्रधानमंत्री की तीसरी गुजरात यात्रा है. गौरतलब है कि अगले साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अपने भव्य स्वागत के बाद पीएम मोदी ने गुजरात बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया और सीधा गांधीनगर स्थित राज भवन गए. पार्टी के कुछ कार्यकर्ता निराश दिखे, क्योंकि पीएम मोदी ने उन्हें संबोधित नहीं किया. अपने भव्य स्वागत के बाद पीएम मोदी ने गुजरात बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया और सीधा गांधीनगर स्थित राज भवन गए. पार्टी के कुछ कार्यकर्ता निराश दिखे, क्योंकि पीएम मोदी ने उन्हें संबोधित नहीं किया.
यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी ने गांधीनगर में मां हीराबेन से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया दाहोद जिले में सिंचाई से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे पीएम नवसारी में प्रधानमंत्री दिव्यांगजनों को किट और सहायता प्रदान करेंगे
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ट्रंप प्रशासन ने ओबामा प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए भारतीय-अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति को पद छोड़ने के लिए कहा है ताकि मौजूदा सरकार की पसंद के व्यक्ति को इस पद पर बैठाया जा सके. अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ''आज 'यूएस पब्लिक हैल्थ सर्विस कमीशन्ड कॉर्प्स' के नेता मूर्ति से कहा गया कि नए ट्रंप प्रशासन में सुगम सत्तांतरण में मदद करने के बाद अब वह सर्जन जनरल के पद से इस्तीफा दे दें.'' बयान में कहा गया, ''मूर्ति को सर्जन जनरल के पद से मुक्त कर दिया गया है और वह कमीशन्ड कॉर्प्स के सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं जारी रखेंगे.'' अमेरिका के 19वें सर्जन जनरल मूर्ति (39) इस पद पर बैठने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी रहे हैं. उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इस महत्वपूर्ण पद पर काम करना सम्मान की बात थी.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''भारत के गरीब किसान के पोते को राष्ट्रपति द्वारा पूरे देश के स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए कहा जाना बेहद अभिभूत करने वाला था. यह एक अदभुत अमेरिकी कहानी थी. मैं अपने देश का आभारी रहूंगा, जिसने लगभग 40 साल पहले मेरे प्रवासी परिवार का स्वागत किया और मुझे सेवा का मौका दिया.'' मूर्ति की जगह मौजूदा डिप्टी सर्जन जनरल रियर एडमिरल सेल्विया ट्रेंट-एडम्स को यह पद सौंपा गया हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बयान में कहा गया, ''मूर्ति को सर्जन जनरल के पद से मुक्त कर दिया गया है और वह कमीशन्ड कॉर्प्स के सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं जारी रखेंगे.'' अमेरिका के 19वें सर्जन जनरल मूर्ति (39) इस पद पर बैठने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी रहे हैं. उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इस महत्वपूर्ण पद पर काम करना सम्मान की बात थी.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''भारत के गरीब किसान के पोते को राष्ट्रपति द्वारा पूरे देश के स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए कहा जाना बेहद अभिभूत करने वाला था. यह एक अदभुत अमेरिकी कहानी थी. मैं अपने देश का आभारी रहूंगा, जिसने लगभग 40 साल पहले मेरे प्रवासी परिवार का स्वागत किया और मुझे सेवा का मौका दिया.'' मूर्ति की जगह मौजूदा डिप्टी सर्जन जनरल रियर एडमिरल सेल्विया ट्रेंट-एडम्स को यह पद सौंपा गया हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ''भारत के गरीब किसान के पोते को राष्ट्रपति द्वारा पूरे देश के स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए कहा जाना बेहद अभिभूत करने वाला था. यह एक अदभुत अमेरिकी कहानी थी. मैं अपने देश का आभारी रहूंगा, जिसने लगभग 40 साल पहले मेरे प्रवासी परिवार का स्वागत किया और मुझे सेवा का मौका दिया.'' मूर्ति की जगह मौजूदा डिप्टी सर्जन जनरल रियर एडमिरल सेल्विया ट्रेंट-एडम्स को यह पद सौंपा गया हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: इस पद पर पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी ओबामा प्रशासन ने बनाया था सर्जन जनरल 40 साल पहले परिवार बसा था अमेरिका में
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के दाम 3.70 रुपये किलो बढ़ाकर 45.60 रुपये किलो कर दिए गए। पिछले ढाई महीने में दूसरी बार सीएनजी के दाम बढ़े हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहनों को बेची जाने वाली सीएनजी का दाम मध्यरात्रि से 41.90 रुपये से बढ़कर 45.60 रुपये किलो हो जाएगी।टिप्पणियां घरों में सीधे पाइप के जरिये पहुंचने वाली पीएनजी गैस का दाम भी 3 रुपये बढ़ाया गया है। पीएनजी अब 24.50 रुपये से बढ़कर 27.50 रुपये प्रति घनमीटर के दाम पर मिलेगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने कहा है ‘हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य गिरने की वजह से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में दाम बढ़ाए जा रहे हैं।’ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहनों को बेची जाने वाली सीएनजी का दाम मध्यरात्रि से 41.90 रुपये से बढ़कर 45.60 रुपये किलो हो जाएगी।टिप्पणियां घरों में सीधे पाइप के जरिये पहुंचने वाली पीएनजी गैस का दाम भी 3 रुपये बढ़ाया गया है। पीएनजी अब 24.50 रुपये से बढ़कर 27.50 रुपये प्रति घनमीटर के दाम पर मिलेगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने कहा है ‘हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य गिरने की वजह से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में दाम बढ़ाए जा रहे हैं।’ घरों में सीधे पाइप के जरिये पहुंचने वाली पीएनजी गैस का दाम भी 3 रुपये बढ़ाया गया है। पीएनजी अब 24.50 रुपये से बढ़कर 27.50 रुपये प्रति घनमीटर के दाम पर मिलेगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने कहा है ‘हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य गिरने की वजह से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में दाम बढ़ाए जा रहे हैं।’ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने कहा है ‘हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य गिरने की वजह से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में दाम बढ़ाए जा रहे हैं।’
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के दाम 3.70 रुपये किलो बढ़ाकर 45.60 रुपये किलो कर दिए गए। पिछले ढाई महीने में दूसरी बार सीएनजी के दाम बढ़े हैं।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी में तीसरे चरण के मतदान के तहत रविवार को सपा के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में चुनाव हुआ है. इसमें इटावा की चर्चित जसवंत नगर सीट पर भी वोट डाले गए. इस सीट के अधीन मुलायम सिंह यादव का पैतृक गांव सैफई आता है. यहां वोट देने के लिए मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव आए. वोट डालने के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए सपा मुखिया ने कहा,''समाजवादी पार्टी पूरे बहुमत से जीतेगी और अखिलेश फिर से मुख्‍यमंत्री बनेंगे.'' अखिलेश यादव के दोबारा सत्‍ता में आने की स्थिति में सरकार के भीतर शिवपाल की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर मुलायम सिंह ने कहा कि निश्चित रूप वह नई सरकार का हिस्‍सा होंगे. जब उनसे कहा गया कि इटावा की एक रैली में पिछले दिनों अखिलेश ने चाचा शिवपाल पर हमला बोला है तो उन्‍होंने कहा कि वह इशारा स्‍थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर था जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे.टिप्पणियां उससे पहले रविवार को मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने सैफई में वोट डालने के बाद कहा था कि उन्‍होंने समाजवादी पार्टी को वोट दिया है. दरअसल पिछले दिनों इटावा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने शिवपाल पर परोक्ष रूप से तंज कसा था और सबक सिखाने की बात कही थी. उसी पृष्‍ठभूमि में माना जा रहा है कि उन्‍होंने स्‍पष्‍टीकरण देते हुए कहा कि उन्‍होंने सपा को वोट दिया है. उल्‍लेखनीय है कि इस वक्‍त शिवपाल यादव सपा में हाशिए पर हैं. कुछ दिन पहले अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए जसवंत नगर में एक रैली में उन्‍होंने कहा था कि 11 मार्च को चुनाव नतीजे आने के बाद वह नई पार्टी का गठन करेंगे. हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे और कहा था कि नई पार्टी का गठन नहीं करेंगे. अखिलेश यादव के दोबारा सत्‍ता में आने की स्थिति में सरकार के भीतर शिवपाल की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर मुलायम सिंह ने कहा कि निश्चित रूप वह नई सरकार का हिस्‍सा होंगे. जब उनसे कहा गया कि इटावा की एक रैली में पिछले दिनों अखिलेश ने चाचा शिवपाल पर हमला बोला है तो उन्‍होंने कहा कि वह इशारा स्‍थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर था जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे.टिप्पणियां उससे पहले रविवार को मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने सैफई में वोट डालने के बाद कहा था कि उन्‍होंने समाजवादी पार्टी को वोट दिया है. दरअसल पिछले दिनों इटावा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने शिवपाल पर परोक्ष रूप से तंज कसा था और सबक सिखाने की बात कही थी. उसी पृष्‍ठभूमि में माना जा रहा है कि उन्‍होंने स्‍पष्‍टीकरण देते हुए कहा कि उन्‍होंने सपा को वोट दिया है. उल्‍लेखनीय है कि इस वक्‍त शिवपाल यादव सपा में हाशिए पर हैं. कुछ दिन पहले अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए जसवंत नगर में एक रैली में उन्‍होंने कहा था कि 11 मार्च को चुनाव नतीजे आने के बाद वह नई पार्टी का गठन करेंगे. हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे और कहा था कि नई पार्टी का गठन नहीं करेंगे. उससे पहले रविवार को मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने सैफई में वोट डालने के बाद कहा था कि उन्‍होंने समाजवादी पार्टी को वोट दिया है. दरअसल पिछले दिनों इटावा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने शिवपाल पर परोक्ष रूप से तंज कसा था और सबक सिखाने की बात कही थी. उसी पृष्‍ठभूमि में माना जा रहा है कि उन्‍होंने स्‍पष्‍टीकरण देते हुए कहा कि उन्‍होंने सपा को वोट दिया है. उल्‍लेखनीय है कि इस वक्‍त शिवपाल यादव सपा में हाशिए पर हैं. कुछ दिन पहले अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए जसवंत नगर में एक रैली में उन्‍होंने कहा था कि 11 मार्च को चुनाव नतीजे आने के बाद वह नई पार्टी का गठन करेंगे. हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे और कहा था कि नई पार्टी का गठन नहीं करेंगे. उल्‍लेखनीय है कि इस वक्‍त शिवपाल यादव सपा में हाशिए पर हैं. कुछ दिन पहले अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए जसवंत नगर में एक रैली में उन्‍होंने कहा था कि 11 मार्च को चुनाव नतीजे आने के बाद वह नई पार्टी का गठन करेंगे. हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे और कहा था कि नई पार्टी का गठन नहीं करेंगे.
यहाँ एक सारांश है:कल तीसरे चरण के चुनाव में इटावा में वोट डाले गए मुलायम सिंह और अखिलेश ने पैतृक गांव सैफई में वोट डाला यहां की जसवंतनगर सीट से शिवपाल प्रत्‍याशी हैं
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रकाश झा की फिल्म सत्याग्रह की शूटिंग में व्यस्त अमिताभ बच्चन इन दिनों अपने ब्लॉग पर शूटिंग के बारे में लिख रहे हैं। अपने ब्लॉग में उन्होंने बच्ची के रूप में करीना कपूर के साथ उस घटना का जिक्र किया जब उन्होंने फिल्म पुकार के सेट पर करीना के पैर धोए थे। इस फिल्म में करीना के पिता रणधीर कपूर भी थे। सत्याग्रह में करीना एक पत्रकार बनी हैं। 'मारधाड़ के एक सीन में मैं उनके पिता को मार रहा था। यह देखकर वह सेट पर दौड़कर आ गईं और अपने पिता से चिपक गई। वह आंसुओं में थी और बहुत डरी हुई थी।'टिप्पणियां महानायक ने लिखा 'उनके पैरों में रेत लगी थी। मैंने उन्हें शांत करने के लिए पानी मंगवाया और उनके नन्हें पैरों को धोया। करीना को यह घटना आज भी याद है!' फिल्म 'सत्याग्रह'  इस साल अगस्त में रिलीज होगी। इसमें अजय देवगन, अर्जुन रामपाल और मनोज बाजपेयी भी हैं। अपने ब्लॉग में उन्होंने बच्ची के रूप में करीना कपूर के साथ उस घटना का जिक्र किया जब उन्होंने फिल्म पुकार के सेट पर करीना के पैर धोए थे। इस फिल्म में करीना के पिता रणधीर कपूर भी थे। सत्याग्रह में करीना एक पत्रकार बनी हैं। 'मारधाड़ के एक सीन में मैं उनके पिता को मार रहा था। यह देखकर वह सेट पर दौड़कर आ गईं और अपने पिता से चिपक गई। वह आंसुओं में थी और बहुत डरी हुई थी।'टिप्पणियां महानायक ने लिखा 'उनके पैरों में रेत लगी थी। मैंने उन्हें शांत करने के लिए पानी मंगवाया और उनके नन्हें पैरों को धोया। करीना को यह घटना आज भी याद है!' फिल्म 'सत्याग्रह'  इस साल अगस्त में रिलीज होगी। इसमें अजय देवगन, अर्जुन रामपाल और मनोज बाजपेयी भी हैं। 'मारधाड़ के एक सीन में मैं उनके पिता को मार रहा था। यह देखकर वह सेट पर दौड़कर आ गईं और अपने पिता से चिपक गई। वह आंसुओं में थी और बहुत डरी हुई थी।'टिप्पणियां महानायक ने लिखा 'उनके पैरों में रेत लगी थी। मैंने उन्हें शांत करने के लिए पानी मंगवाया और उनके नन्हें पैरों को धोया। करीना को यह घटना आज भी याद है!' फिल्म 'सत्याग्रह'  इस साल अगस्त में रिलीज होगी। इसमें अजय देवगन, अर्जुन रामपाल और मनोज बाजपेयी भी हैं। महानायक ने लिखा 'उनके पैरों में रेत लगी थी। मैंने उन्हें शांत करने के लिए पानी मंगवाया और उनके नन्हें पैरों को धोया। करीना को यह घटना आज भी याद है!' फिल्म 'सत्याग्रह'  इस साल अगस्त में रिलीज होगी। इसमें अजय देवगन, अर्जुन रामपाल और मनोज बाजपेयी भी हैं। फिल्म 'सत्याग्रह'  इस साल अगस्त में रिलीज होगी। इसमें अजय देवगन, अर्जुन रामपाल और मनोज बाजपेयी भी हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रकाश झा की फिल्म सत्याग्रह की शूटिंग में व्यस्त अमिताभ बच्चन इन दिनों अपने ब्लॉग पर शूटिंग के बारे में लिख रहे हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वीके शशिकला के समर्थक इडाप्पडी के. पलानीस्वामी गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी गयी जिससे अन्नाद्रमुक महासचिव के खिलाफ कार्यवाहक मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम की बगावत से राज्य में शुरू हुई राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गयी. तमिलनाडु विधानसभा के सचिव जमालुदीन ने बताया कि पलानीस्‍वामी को 18 फरवरी सदन में बहुमत साबित करना होगा. पलानीस्वामी पिछले नौ महीने में इस शीर्ष पद पर काबिज होने वाले तीसरे व्यक्ति हैं. राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने गुरुवार शाम राजभवन में एक सादे समारोह में 63 वर्षीय पलानीस्वामी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. वह 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल के प्रमुख बने हैं. मंत्रियों को भी इसी कार्यक्रम में शपथ दिलायी गयी. पलानीस्वामी पिछले नौ महीने में मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले तीसरे अन्नाद्रमुक नेता हैं. अन्नाद्रमुक सुप्रीमो और मुख्यमंत्री जयललिता ने मई, 2016 में विधानसभा चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार अपनी पार्टी को सत्ता में पहुंचाया था. जिन 74 दिन वह मौत से जूझ रही थीं, तब वह इस पद पर बनी रही. पांच दिसंबर को जयललिता के निधन के कुछ ही घंटे के अंदर पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलायी गयी. जब भ्रष्टाचार के मामले में जयललिता को जेल जाना पड़ा था तब भी उन्होंने यह प्रभार संभाला था. शशिकला का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पन्नीरसेल्वम बाद में इस पद से हट गए. पहले ही पार्टी महासचिव चुनी गयीं शशिकला पांच फरवरी को पार्टी विधायक दल की नेता निर्वाचित हुईं. इससे पहले मंगलवार को इदापड्डी के पलानीस्वामी और उनके विरोधी ओ पन्‍नीरसेल्‍वम दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने साथ अन्नाद्रमुक विधायकों का समर्थन होने की बात कही. अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेता पलानीस्वामी ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. उन्होंने बुधवार शाम फिर राज्यपाल से मुलाकात कर अपने खेमे में पार्टी के 134 में से 124 विधायकों के समर्थन की बात कही थी. तमिलनाडु विधानसभा में 234 विधायक हैं. . इसके साथ ही पन्‍नीरसेल्‍वम ने भी बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर ''बहुमत'' का दावा किया और बहुमत साबित करने का मौका दिए जाने की मांग की. पन्‍नीरसेल्वम के खेमे का दावा है कि अन्नाद्रमुक विधायकों को उनकी मर्जी के खिलाफ चेन्नई के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में रखा गया. पलानीस्‍वामी के साथ राजभवन पहुंचे मत्स्य पालन मंत्री डी जयाकुमार ने कहा कि उनके पास 124 विधायकों का समर्थन है. राज्यपाल के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हमने राज्यपाल को पार्टी विधायक दल के नेता पलानीस्वामी का समर्थन कर रहे विधायकों की सूची सौंपी है. राज्यपाल ने कहा कि सूची पर विचार करेंगे और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र की रक्षा होगी.'' उन्होंने कहा, ''हमने राज्यपाल को बताया कि पलानीस्वामी के साथ अधिकतर विधायकों का समर्थन है और इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए.'' हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी. उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराना है. राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था. मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा. इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई. इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं. कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं.टिप्पणियां इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. अन्नाद्रमुक सुप्रीमो और मुख्यमंत्री जयललिता ने मई, 2016 में विधानसभा चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार अपनी पार्टी को सत्ता में पहुंचाया था. जिन 74 दिन वह मौत से जूझ रही थीं, तब वह इस पद पर बनी रही. पांच दिसंबर को जयललिता के निधन के कुछ ही घंटे के अंदर पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलायी गयी. जब भ्रष्टाचार के मामले में जयललिता को जेल जाना पड़ा था तब भी उन्होंने यह प्रभार संभाला था. शशिकला का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पन्नीरसेल्वम बाद में इस पद से हट गए. पहले ही पार्टी महासचिव चुनी गयीं शशिकला पांच फरवरी को पार्टी विधायक दल की नेता निर्वाचित हुईं. इससे पहले मंगलवार को इदापड्डी के पलानीस्वामी और उनके विरोधी ओ पन्‍नीरसेल्‍वम दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने साथ अन्नाद्रमुक विधायकों का समर्थन होने की बात कही. अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेता पलानीस्वामी ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. उन्होंने बुधवार शाम फिर राज्यपाल से मुलाकात कर अपने खेमे में पार्टी के 134 में से 124 विधायकों के समर्थन की बात कही थी. तमिलनाडु विधानसभा में 234 विधायक हैं. . इसके साथ ही पन्‍नीरसेल्‍वम ने भी बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर ''बहुमत'' का दावा किया और बहुमत साबित करने का मौका दिए जाने की मांग की. पन्‍नीरसेल्वम के खेमे का दावा है कि अन्नाद्रमुक विधायकों को उनकी मर्जी के खिलाफ चेन्नई के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में रखा गया. पलानीस्‍वामी के साथ राजभवन पहुंचे मत्स्य पालन मंत्री डी जयाकुमार ने कहा कि उनके पास 124 विधायकों का समर्थन है. राज्यपाल के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हमने राज्यपाल को पार्टी विधायक दल के नेता पलानीस्वामी का समर्थन कर रहे विधायकों की सूची सौंपी है. राज्यपाल ने कहा कि सूची पर विचार करेंगे और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र की रक्षा होगी.'' उन्होंने कहा, ''हमने राज्यपाल को बताया कि पलानीस्वामी के साथ अधिकतर विधायकों का समर्थन है और इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए.'' हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी. उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराना है. राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था. मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा. इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई. इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं. कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं.टिप्पणियां इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. इससे पहले मंगलवार को इदापड्डी के पलानीस्वामी और उनके विरोधी ओ पन्‍नीरसेल्‍वम दोनों ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने साथ अन्नाद्रमुक विधायकों का समर्थन होने की बात कही. अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेता पलानीस्वामी ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. उन्होंने बुधवार शाम फिर राज्यपाल से मुलाकात कर अपने खेमे में पार्टी के 134 में से 124 विधायकों के समर्थन की बात कही थी. तमिलनाडु विधानसभा में 234 विधायक हैं. . इसके साथ ही पन्‍नीरसेल्‍वम ने भी बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर ''बहुमत'' का दावा किया और बहुमत साबित करने का मौका दिए जाने की मांग की. पन्‍नीरसेल्वम के खेमे का दावा है कि अन्नाद्रमुक विधायकों को उनकी मर्जी के खिलाफ चेन्नई के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में रखा गया. पलानीस्‍वामी के साथ राजभवन पहुंचे मत्स्य पालन मंत्री डी जयाकुमार ने कहा कि उनके पास 124 विधायकों का समर्थन है. राज्यपाल के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हमने राज्यपाल को पार्टी विधायक दल के नेता पलानीस्वामी का समर्थन कर रहे विधायकों की सूची सौंपी है. राज्यपाल ने कहा कि सूची पर विचार करेंगे और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र की रक्षा होगी.'' उन्होंने कहा, ''हमने राज्यपाल को बताया कि पलानीस्वामी के साथ अधिकतर विधायकों का समर्थन है और इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए.'' हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी. उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराना है. राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था. मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा. इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई. इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं. कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं.टिप्पणियां इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. इसके साथ ही पन्‍नीरसेल्‍वम ने भी बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर ''बहुमत'' का दावा किया और बहुमत साबित करने का मौका दिए जाने की मांग की. पन्‍नीरसेल्वम के खेमे का दावा है कि अन्नाद्रमुक विधायकों को उनकी मर्जी के खिलाफ चेन्नई के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में रखा गया. पलानीस्‍वामी के साथ राजभवन पहुंचे मत्स्य पालन मंत्री डी जयाकुमार ने कहा कि उनके पास 124 विधायकों का समर्थन है. राज्यपाल के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हमने राज्यपाल को पार्टी विधायक दल के नेता पलानीस्वामी का समर्थन कर रहे विधायकों की सूची सौंपी है. राज्यपाल ने कहा कि सूची पर विचार करेंगे और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र की रक्षा होगी.'' उन्होंने कहा, ''हमने राज्यपाल को बताया कि पलानीस्वामी के साथ अधिकतर विधायकों का समर्थन है और इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए.'' हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी. उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराना है. राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था. मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा. इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई. इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं. कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं.टिप्पणियां इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. पलानीस्‍वामी के साथ राजभवन पहुंचे मत्स्य पालन मंत्री डी जयाकुमार ने कहा कि उनके पास 124 विधायकों का समर्थन है. राज्यपाल के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हमने राज्यपाल को पार्टी विधायक दल के नेता पलानीस्वामी का समर्थन कर रहे विधायकों की सूची सौंपी है. राज्यपाल ने कहा कि सूची पर विचार करेंगे और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र की रक्षा होगी.'' उन्होंने कहा, ''हमने राज्यपाल को बताया कि पलानीस्वामी के साथ अधिकतर विधायकों का समर्थन है और इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए.'' हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी. उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराना है. राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था. मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा. इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई. इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं. कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं.टिप्पणियां इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. हालांकि राव की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जिन्हें सोमवार को अटॉर्नी जनरल (एजी) मुकुल रोहतगी ने शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की सलाह दी थी. उन्हें अब ये फैसला करना है कि किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना है या फिर विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराना है. राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था. मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा. इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई. इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं. कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं.टिप्पणियां इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी के शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले के चलते अपना निर्णय लंबित रखा था. मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया और शशिकला की दोष सिद्धि और सजा को बरकरार रखा. इसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें समाप्त हो गई. इससे पहले तक वह इस पद की दावेदार थीं. कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्‍नीरसेल्‍वम को जहां 10 से अधिक सांसदों और कुछ विधायकों का समर्थन मिला वहीं शशिकला पार्टी के 134 में से अधिकतर विधायकों का समर्थन पाने में सफल रही थीं.टिप्पणियां इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. इसके सा‍थ ही शशिकला बुधवार शाम बेंगलुरु में आत्‍मसमर्पण कर दिया और अब वह कर्नाटक की एक जेल में अपनी बची हुई तीन साल 10 महीने और 27 दिन की सजा काटेंगी. उससे पहले उन्होंने टीटीवी दिनकरन और एस वेंकटेश को पार्टी में शामिल किया. उन्हें पांच साल पहले अन्नाद्रमुक प्रमुख और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. शशिकला ने अपने भतीजे और पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनकरन को अन्नाद्रमुक का उप महासचिव नियुक्त किया है. इस कदम को उनके जेल से लौटने तक अपने किसी करीबी को पार्टी की कमान सौंपने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है. दिनकरन की नियुक्ति के बाद अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी करप्पासामी पांडियन ने पार्टी के संगठन सचिव पद से इस्तीफा दे दिया. नाराज पांडियन ने जयललिता द्वारा निष्कासित लोगों को फिर से शामिल करने के शशिकला के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि क्या अन्नाद्रमुक शशिकला की पारिवारिक संपत्ति है. दिनकरन और वेंकटेश को पार्टी में फिर से शामिल करते हुए शशिकला ने कहा था कि दोनों ने अपने कृत्यों के लिए खेद जता दिया है.
यहाँ एक सारांश है:राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने शपथ दिलवाई. 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने चेन्नई स्थित राजभवन में शपथ ग्रहण की. पलानीस्वामी ने किया 124 विधायकों के समर्थन का दावा
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['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति चुनाव में नामांकन भरने के लिए पीए संगमा के साथ गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के तमाम बड़े नेता जाएंगे। कहा जा रहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी संगमा के साथ इस मौके पर मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि अन्य दिग्गज नेतओं में पंजाब के मुख्यमंत्री और अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल, ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक, जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी के अलावा एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।टिप्पणियां संगमा यह चुनाव कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के खिलाफ लड़ रहे हैं। मुखर्जी भी गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। संगमा ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से समर्थन मांगा था। ममता ने समर्थन का वादा नहीं किया है और न ही किसी अन्य प्रत्याशी को समर्थन करने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि तृणमूल के नेता इस बार राष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहेंगे। संगमा यह चुनाव कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के खिलाफ लड़ रहे हैं। मुखर्जी भी गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। संगमा ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से समर्थन मांगा था। ममता ने समर्थन का वादा नहीं किया है और न ही किसी अन्य प्रत्याशी को समर्थन करने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि तृणमूल के नेता इस बार राष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहेंगे। संगमा ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से समर्थन मांगा था। ममता ने समर्थन का वादा नहीं किया है और न ही किसी अन्य प्रत्याशी को समर्थन करने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि तृणमूल के नेता इस बार राष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रपति चुनाव में नामांकन भरने के लिए पीए संगमा के साथ गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के तमाम बड़े नेता जाएंगे। कहा जा रहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी संगमा के साथ इस मौके पर मौजूद रहेंगे।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केरल के मलप्पुरम में एक परिवार द्वारा परिवार के ही एक मृत सदस्य का शव तीन महीने तक घर में रखे रहने का मामला सामने आया है. मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि परिवार वालों ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि मृतक फिर से जीवित हो जाएगा. पुलिस ने मृतक 50 वर्षीय वी. सैयद का शव बरामद कर लिया है. सैयद मध्य पूर्व के एक देश में कुछ समय तक काम करने के बाद भारत लौट आया था और धार्मिक गुरु बन गया था. परिवार के सदस्यों द्वारा किसी के भी साथ संपर्क न रखने की शिकायत के बाद पुलिस ने बुधवार को घर का दरवाजा तोड़ दिया और यह देखकर सभी चौंक गए कि घर में फर्श पर पड़ा मृतक कंकाल में बदल चुका था और उसकी पत्नी, उसके दो बेटे और एक बेटी शव के चारों ओर प्रार्थना की मुद्रा में बैठे हुए थे. पुलिस द्वारा घर का दरवाजा तोड़े जाने के समय वहीं मौजूद रहे स्थानीय पार्षद ने कहा कि परिवार के चारों सदस्य शव को घेरकर प्रार्थना करते दिखे. पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों को हिरासत में ले लिया है और शव को जांच के लिए भेज दिया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार के सदस्य किसी से भी संपर्क नहीं रखते थे और हमेशा अपने आप में खोए रहते थे. टिप्पणियां कोलाथुर पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में उन्हें किसी तरह के साजिश का संदेह नहीं लग रहा. परिवार के सभी सदस्यों को उनके बयान लेकर छोड़ दिया गया.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सैयद मध्य पूर्व के एक देश में कुछ समय तक काम करने के बाद भारत लौट आया था और धार्मिक गुरु बन गया था. परिवार के सदस्यों द्वारा किसी के भी साथ संपर्क न रखने की शिकायत के बाद पुलिस ने बुधवार को घर का दरवाजा तोड़ दिया और यह देखकर सभी चौंक गए कि घर में फर्श पर पड़ा मृतक कंकाल में बदल चुका था और उसकी पत्नी, उसके दो बेटे और एक बेटी शव के चारों ओर प्रार्थना की मुद्रा में बैठे हुए थे. पुलिस द्वारा घर का दरवाजा तोड़े जाने के समय वहीं मौजूद रहे स्थानीय पार्षद ने कहा कि परिवार के चारों सदस्य शव को घेरकर प्रार्थना करते दिखे. पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों को हिरासत में ले लिया है और शव को जांच के लिए भेज दिया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार के सदस्य किसी से भी संपर्क नहीं रखते थे और हमेशा अपने आप में खोए रहते थे. टिप्पणियां कोलाथुर पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में उन्हें किसी तरह के साजिश का संदेह नहीं लग रहा. परिवार के सभी सदस्यों को उनके बयान लेकर छोड़ दिया गया.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस द्वारा घर का दरवाजा तोड़े जाने के समय वहीं मौजूद रहे स्थानीय पार्षद ने कहा कि परिवार के चारों सदस्य शव को घेरकर प्रार्थना करते दिखे. पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों को हिरासत में ले लिया है और शव को जांच के लिए भेज दिया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार के सदस्य किसी से भी संपर्क नहीं रखते थे और हमेशा अपने आप में खोए रहते थे. टिप्पणियां कोलाथुर पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में उन्हें किसी तरह के साजिश का संदेह नहीं लग रहा. परिवार के सभी सदस्यों को उनके बयान लेकर छोड़ दिया गया.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोलाथुर पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में उन्हें किसी तरह के साजिश का संदेह नहीं लग रहा. परिवार के सभी सदस्यों को उनके बयान लेकर छोड़ दिया गया.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: सैयद विदेश में काम करने के बाद भारत लौटा और धार्मिक गुरु बन गया परिवार वाले न तो किसी से बातचीत करते थे और न ही कोई संपर्क परिजनों को विश्वास था कि मृतक फिर से जीवित हो जाएगा
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की अपनी दावेदारी तेज करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने गुरुवार को पार्टी के विधायकों के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा को चुनौती अपने पूर्ववर्ती येदियुरप्पा से मिल रही है। येदियुरप्पा को अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पिछले वर्ष जुलाई में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। येदियुरप्पा को उम्मीद है कि उन्हें छह महीने के भीतर दोबारा मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से जबतक वह मुक्त नहीं हो जाते तबतक मुख्यमंत्री पद पर उनकी वापसी सम्भव नहीं है। येदियुरप्पा चाहते हैं कि पार्टी आधिकारिक रूप से उन्हें राज्य का सबसे बड़ा नेता घोषित करे। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की राज्य की यात्रा से एक दिन पहले येदियुरप्पा ने संगठन पर अपनी पकड़ दिखाने के लिए गुरुवार को बेंगलुरू में पार्टी विधायकों को दोपहर भोज पर आमंत्रित किया। इस भोज में पार्टी के 120 विधायकों में से करीब 80 विधायक, विधान परिषद के कई सदस्य और सांसद शरीक हुए। ज्ञात हो कि गडकरी दो दिनों तक चलने वाली पार्टी की 'चिंतन-मंथन' बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक गत सात फरवरी को विधानसभा में तीन मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर द्वारा अश्लील वीडियो देखने के सम्बंध में बुलाई गई है। घटना के अगले दिन तीनों मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां भोज में शरीक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के.एस. ईश्वरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि गडकरी की यात्रा से पार्टी की मामूली समस्याएं दूर हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने अपने उत्तराधिकारी गौड़ा का चुनाव किया था लेकिन अब गौड़ा येदियुरप्पा की छाया से निकलने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं जो येदियुरप्पा को पसंद नहीं है और वह गौड़ा का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा को चुनौती अपने पूर्ववर्ती येदियुरप्पा से मिल रही है। येदियुरप्पा को अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पिछले वर्ष जुलाई में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। येदियुरप्पा को उम्मीद है कि उन्हें छह महीने के भीतर दोबारा मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से जबतक वह मुक्त नहीं हो जाते तबतक मुख्यमंत्री पद पर उनकी वापसी सम्भव नहीं है। येदियुरप्पा चाहते हैं कि पार्टी आधिकारिक रूप से उन्हें राज्य का सबसे बड़ा नेता घोषित करे। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की राज्य की यात्रा से एक दिन पहले येदियुरप्पा ने संगठन पर अपनी पकड़ दिखाने के लिए गुरुवार को बेंगलुरू में पार्टी विधायकों को दोपहर भोज पर आमंत्रित किया। इस भोज में पार्टी के 120 विधायकों में से करीब 80 विधायक, विधान परिषद के कई सदस्य और सांसद शरीक हुए। ज्ञात हो कि गडकरी दो दिनों तक चलने वाली पार्टी की 'चिंतन-मंथन' बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक गत सात फरवरी को विधानसभा में तीन मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर द्वारा अश्लील वीडियो देखने के सम्बंध में बुलाई गई है। घटना के अगले दिन तीनों मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां भोज में शरीक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के.एस. ईश्वरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि गडकरी की यात्रा से पार्टी की मामूली समस्याएं दूर हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने अपने उत्तराधिकारी गौड़ा का चुनाव किया था लेकिन अब गौड़ा येदियुरप्पा की छाया से निकलने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं जो येदियुरप्पा को पसंद नहीं है और वह गौड़ा का विरोध कर रहे हैं। येदियुरप्पा को उम्मीद है कि उन्हें छह महीने के भीतर दोबारा मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से जबतक वह मुक्त नहीं हो जाते तबतक मुख्यमंत्री पद पर उनकी वापसी सम्भव नहीं है। येदियुरप्पा चाहते हैं कि पार्टी आधिकारिक रूप से उन्हें राज्य का सबसे बड़ा नेता घोषित करे। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की राज्य की यात्रा से एक दिन पहले येदियुरप्पा ने संगठन पर अपनी पकड़ दिखाने के लिए गुरुवार को बेंगलुरू में पार्टी विधायकों को दोपहर भोज पर आमंत्रित किया। इस भोज में पार्टी के 120 विधायकों में से करीब 80 विधायक, विधान परिषद के कई सदस्य और सांसद शरीक हुए। ज्ञात हो कि गडकरी दो दिनों तक चलने वाली पार्टी की 'चिंतन-मंथन' बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक गत सात फरवरी को विधानसभा में तीन मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर द्वारा अश्लील वीडियो देखने के सम्बंध में बुलाई गई है। घटना के अगले दिन तीनों मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां भोज में शरीक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के.एस. ईश्वरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि गडकरी की यात्रा से पार्टी की मामूली समस्याएं दूर हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने अपने उत्तराधिकारी गौड़ा का चुनाव किया था लेकिन अब गौड़ा येदियुरप्पा की छाया से निकलने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं जो येदियुरप्पा को पसंद नहीं है और वह गौड़ा का विरोध कर रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की राज्य की यात्रा से एक दिन पहले येदियुरप्पा ने संगठन पर अपनी पकड़ दिखाने के लिए गुरुवार को बेंगलुरू में पार्टी विधायकों को दोपहर भोज पर आमंत्रित किया। इस भोज में पार्टी के 120 विधायकों में से करीब 80 विधायक, विधान परिषद के कई सदस्य और सांसद शरीक हुए। ज्ञात हो कि गडकरी दो दिनों तक चलने वाली पार्टी की 'चिंतन-मंथन' बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक गत सात फरवरी को विधानसभा में तीन मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर द्वारा अश्लील वीडियो देखने के सम्बंध में बुलाई गई है। घटना के अगले दिन तीनों मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां भोज में शरीक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के.एस. ईश्वरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि गडकरी की यात्रा से पार्टी की मामूली समस्याएं दूर हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने अपने उत्तराधिकारी गौड़ा का चुनाव किया था लेकिन अब गौड़ा येदियुरप्पा की छाया से निकलने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं जो येदियुरप्पा को पसंद नहीं है और वह गौड़ा का विरोध कर रहे हैं। ज्ञात हो कि गडकरी दो दिनों तक चलने वाली पार्टी की 'चिंतन-मंथन' बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक गत सात फरवरी को विधानसभा में तीन मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर द्वारा अश्लील वीडियो देखने के सम्बंध में बुलाई गई है। घटना के अगले दिन तीनों मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां भोज में शरीक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के.एस. ईश्वरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि गडकरी की यात्रा से पार्टी की मामूली समस्याएं दूर हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने अपने उत्तराधिकारी गौड़ा का चुनाव किया था लेकिन अब गौड़ा येदियुरप्पा की छाया से निकलने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं जो येदियुरप्पा को पसंद नहीं है और वह गौड़ा का विरोध कर रहे हैं। भोज में शरीक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के.एस. ईश्वरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि गडकरी की यात्रा से पार्टी की मामूली समस्याएं दूर हो जाएंगी। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने अपने उत्तराधिकारी गौड़ा का चुनाव किया था लेकिन अब गौड़ा येदियुरप्पा की छाया से निकलने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं जो येदियुरप्पा को पसंद नहीं है और वह गौड़ा का विरोध कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने अपने उत्तराधिकारी गौड़ा का चुनाव किया था लेकिन अब गौड़ा येदियुरप्पा की छाया से निकलने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं जो येदियुरप्पा को पसंद नहीं है और वह गौड़ा का विरोध कर रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की अपनी दावेदारी तेज करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने पार्टी के विधायकों के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: पोखरण में भारतीय वायुसेना के अभ्यास ‘आयरन फीस्ट’ के संपन्न होने के महज दो दिन बाद एक संदिग्ध जासूस को इस युद्धाभ्यास की जानकारी पाकिस्तान में आईएसआई के लोगों को भेजते हुए पकड़ा गया है। कंप्यूटर विशेषज्ञ (34) सुमेर खान को सेना के खुफिया विभाग ने पोखरण में उसके घर से हिरासत में लिया और सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रहीं हैं। यह जानकारी जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार चौधरी ने दी। चौधरी के मुताबिक खुफिया सूत्रों ने बताया कि सुमेर वायु सेना के युद्धाभ्यास की जानकारी पाकिस्तान के रहीम यार खान में अपने मामा के साथ पिछले दो दिन से साझा कर रहा था। उसका मामा पिछले कुछ साल से आईएसआई के लिए काम कर रहा है। सुमेर फिलहाल जयपुर में संयुक्त पूछताछ प्रकोष्ठ की हिरासत में है जहां सुरक्षा एजेंसियां उससे सवाल जवाब कर रहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि सैन्य खुफिया विभाग और आईबी ने सुमेर की पाकिस्तान में हो रही फोन बातचीत को पकड़ लिया जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने दावा किया कि वह पिछले दो साल से अपने मामा के लिए काम कर रहा था और सभी अभ्यासों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा था। सुमेर की पाकिस्तान में किसी से फोन पर बातचीत का पता चलने के बाद उसे रविवार सुबह पोखरण में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। कंप्यूटर विशेषज्ञ (34) सुमेर खान को सेना के खुफिया विभाग ने पोखरण में उसके घर से हिरासत में लिया और सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रहीं हैं। यह जानकारी जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार चौधरी ने दी। चौधरी के मुताबिक खुफिया सूत्रों ने बताया कि सुमेर वायु सेना के युद्धाभ्यास की जानकारी पाकिस्तान के रहीम यार खान में अपने मामा के साथ पिछले दो दिन से साझा कर रहा था। उसका मामा पिछले कुछ साल से आईएसआई के लिए काम कर रहा है। सुमेर फिलहाल जयपुर में संयुक्त पूछताछ प्रकोष्ठ की हिरासत में है जहां सुरक्षा एजेंसियां उससे सवाल जवाब कर रहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि सैन्य खुफिया विभाग और आईबी ने सुमेर की पाकिस्तान में हो रही फोन बातचीत को पकड़ लिया जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने दावा किया कि वह पिछले दो साल से अपने मामा के लिए काम कर रहा था और सभी अभ्यासों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा था। सुमेर की पाकिस्तान में किसी से फोन पर बातचीत का पता चलने के बाद उसे रविवार सुबह पोखरण में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। चौधरी के मुताबिक खुफिया सूत्रों ने बताया कि सुमेर वायु सेना के युद्धाभ्यास की जानकारी पाकिस्तान के रहीम यार खान में अपने मामा के साथ पिछले दो दिन से साझा कर रहा था। उसका मामा पिछले कुछ साल से आईएसआई के लिए काम कर रहा है। सुमेर फिलहाल जयपुर में संयुक्त पूछताछ प्रकोष्ठ की हिरासत में है जहां सुरक्षा एजेंसियां उससे सवाल जवाब कर रहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि सैन्य खुफिया विभाग और आईबी ने सुमेर की पाकिस्तान में हो रही फोन बातचीत को पकड़ लिया जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने दावा किया कि वह पिछले दो साल से अपने मामा के लिए काम कर रहा था और सभी अभ्यासों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा था। सुमेर की पाकिस्तान में किसी से फोन पर बातचीत का पता चलने के बाद उसे रविवार सुबह पोखरण में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। सुमेर फिलहाल जयपुर में संयुक्त पूछताछ प्रकोष्ठ की हिरासत में है जहां सुरक्षा एजेंसियां उससे सवाल जवाब कर रहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि सैन्य खुफिया विभाग और आईबी ने सुमेर की पाकिस्तान में हो रही फोन बातचीत को पकड़ लिया जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने दावा किया कि वह पिछले दो साल से अपने मामा के लिए काम कर रहा था और सभी अभ्यासों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा था। सुमेर की पाकिस्तान में किसी से फोन पर बातचीत का पता चलने के बाद उसे रविवार सुबह पोखरण में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। सूत्रों का कहना है कि सैन्य खुफिया विभाग और आईबी ने सुमेर की पाकिस्तान में हो रही फोन बातचीत को पकड़ लिया जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने दावा किया कि वह पिछले दो साल से अपने मामा के लिए काम कर रहा था और सभी अभ्यासों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा था। सुमेर की पाकिस्तान में किसी से फोन पर बातचीत का पता चलने के बाद उसे रविवार सुबह पोखरण में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। सूत्रों ने दावा किया कि वह पिछले दो साल से अपने मामा के लिए काम कर रहा था और सभी अभ्यासों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा था। सुमेर की पाकिस्तान में किसी से फोन पर बातचीत का पता चलने के बाद उसे रविवार सुबह पोखरण में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। सुमेर की पाकिस्तान में किसी से फोन पर बातचीत का पता चलने के बाद उसे रविवार सुबह पोखरण में उसके घर से गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। सुमेर दसवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और कंप्यूटर के बारे में उसे काफी जानकारी है। वह अपने मामा से फोन पर कोड शब्दों में बात करता था। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे। वह अकसर पाकिस्तान भी जाता रहता था और माना जा रहा है कि उसने पश्चिमी क्षेत्र में रक्षा ढांचे से जुड़े नक्शे और अन्य दस्तावेज भी भेजे।
सारांश: पोखरण में भारतीय वायुसेना के अभ्यास ‘आयरन फीस्ट’ के संपन्न होने के महज दो दिन बाद एक संदिग्ध जासूस को इस युद्धाभ्यास की जानकारी पाकिस्तान में आईएसआई के लोगों को भेजते हुए पकड़ा गया है।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: अस्‍सी और नब्‍बे के दशक में सिनेमा देखने के अंदाज में एक बड़ा बदलाव आया। पहली बार लोगों को मनचाही फिल्‍म देखने के लिए सिनेमा हॉल जाने की जरूरत खत्‍म हो गई। उसके बजाय घर पर ही परिवार के साथ चाय की चुस्कियों के बीच वीसीआर (वीडियो कैसेट रिकॉर्डर) के माध्‍यम से फिल्‍म देखने का चलन शुरू हुआ। देखते ही देखते हर कस्‍बे, शहर में नुक्‍कड़ और चौराहों पर वीडियो कैसेट की दुकानें अनिवार्य रूप से दिखने लगीं। कस्‍बाई शहरों और गांवों में इसने लगभग एक क्रांति का रूप अख्तियार किया। उत्‍तरी भारत के गांवों में शादी-समारोहों में नौटंकी इत्‍यादि की जगह वीसीआर मंगाने की फरमाइश की जाने लगी। लोगों को सस्‍ते, सुगम अंदाज में सिनेमाई मनोरंजन का लुत्‍फ मिला। कुल मिलाकर इसके जरिये सिनेमाई मनोरंजन का लोकतांत्रीकरण हुआ। मैगनेटिक मीडिया की उस क्रांति का अब औपचारिक रूप से अवसान होने जा रहा है। इसकी निर्माता जापान की फुनेई इलेक्ट्रिक कंपनी ने कहा है कि अब वह वीसीआर के उत्‍पादन को बंद करने जा रही है। इसके महीने के बाद इसका उत्‍पादन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्‍योंकि पिछले साल इसके महज साढ़े सात लाख यूनिटें ही बिकीं ज‍बकि औसतन इसकी 15 लाख यूनिटें सालाना बिकती थीं। घटती मांग के चलते उत्‍पादन में गिरावट हुई और नतीजतन इसके उपकरण महंगे होते जा रहे थे। इसलिए इस महीने के आखिर में अंतिम वीसीआर के निर्माण के साथ ही इसका उत्‍पादन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। टिप्पणियां 1970 के दशक के मध्‍य में यह तकनीक अस्तित्‍व में आई थी और तकरीबन दो दशक यानी 1997 तक यह दुनिया भर में छाई रही। 1994 में सोनी ने डीवीडी प्‍लेयर बनाया और 1997 में अमेरिका में इसका पर्दापण हुआ। उसके बाद से ही वीसीआर और वीडियो कैसेट के चलन में गिरावट दर्ज होनी शुरू हो गई। पांच साल पहले ऑक्‍सफोर्ड इंग्लिश डिक्‍शनरी के शब्‍दकोष से 'कैसेट प्‍लेयर' शब्‍द हटने का आशय भी स्‍मृति के पटल से इस शब्‍द के हटने से था। कुल मिलाकर बदलते वक्‍त और बदलती तकनीक की इस दुनिया में वीसीआर अब केवल गुजरे जमाने की बात होकर इतिहास का हिस्‍सा बनकर रह जाएगा।    देखते ही देखते हर कस्‍बे, शहर में नुक्‍कड़ और चौराहों पर वीडियो कैसेट की दुकानें अनिवार्य रूप से दिखने लगीं। कस्‍बाई शहरों और गांवों में इसने लगभग एक क्रांति का रूप अख्तियार किया। उत्‍तरी भारत के गांवों में शादी-समारोहों में नौटंकी इत्‍यादि की जगह वीसीआर मंगाने की फरमाइश की जाने लगी। लोगों को सस्‍ते, सुगम अंदाज में सिनेमाई मनोरंजन का लुत्‍फ मिला। कुल मिलाकर इसके जरिये सिनेमाई मनोरंजन का लोकतांत्रीकरण हुआ। मैगनेटिक मीडिया की उस क्रांति का अब औपचारिक रूप से अवसान होने जा रहा है। इसकी निर्माता जापान की फुनेई इलेक्ट्रिक कंपनी ने कहा है कि अब वह वीसीआर के उत्‍पादन को बंद करने जा रही है। इसके महीने के बाद इसका उत्‍पादन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्‍योंकि पिछले साल इसके महज साढ़े सात लाख यूनिटें ही बिकीं ज‍बकि औसतन इसकी 15 लाख यूनिटें सालाना बिकती थीं। घटती मांग के चलते उत्‍पादन में गिरावट हुई और नतीजतन इसके उपकरण महंगे होते जा रहे थे। इसलिए इस महीने के आखिर में अंतिम वीसीआर के निर्माण के साथ ही इसका उत्‍पादन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। टिप्पणियां 1970 के दशक के मध्‍य में यह तकनीक अस्तित्‍व में आई थी और तकरीबन दो दशक यानी 1997 तक यह दुनिया भर में छाई रही। 1994 में सोनी ने डीवीडी प्‍लेयर बनाया और 1997 में अमेरिका में इसका पर्दापण हुआ। उसके बाद से ही वीसीआर और वीडियो कैसेट के चलन में गिरावट दर्ज होनी शुरू हो गई। पांच साल पहले ऑक्‍सफोर्ड इंग्लिश डिक्‍शनरी के शब्‍दकोष से 'कैसेट प्‍लेयर' शब्‍द हटने का आशय भी स्‍मृति के पटल से इस शब्‍द के हटने से था। कुल मिलाकर बदलते वक्‍त और बदलती तकनीक की इस दुनिया में वीसीआर अब केवल गुजरे जमाने की बात होकर इतिहास का हिस्‍सा बनकर रह जाएगा।    इसकी निर्माता जापान की फुनेई इलेक्ट्रिक कंपनी ने कहा है कि अब वह वीसीआर के उत्‍पादन को बंद करने जा रही है। इसके महीने के बाद इसका उत्‍पादन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्‍योंकि पिछले साल इसके महज साढ़े सात लाख यूनिटें ही बिकीं ज‍बकि औसतन इसकी 15 लाख यूनिटें सालाना बिकती थीं। घटती मांग के चलते उत्‍पादन में गिरावट हुई और नतीजतन इसके उपकरण महंगे होते जा रहे थे। इसलिए इस महीने के आखिर में अंतिम वीसीआर के निर्माण के साथ ही इसका उत्‍पादन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। टिप्पणियां 1970 के दशक के मध्‍य में यह तकनीक अस्तित्‍व में आई थी और तकरीबन दो दशक यानी 1997 तक यह दुनिया भर में छाई रही। 1994 में सोनी ने डीवीडी प्‍लेयर बनाया और 1997 में अमेरिका में इसका पर्दापण हुआ। उसके बाद से ही वीसीआर और वीडियो कैसेट के चलन में गिरावट दर्ज होनी शुरू हो गई। पांच साल पहले ऑक्‍सफोर्ड इंग्लिश डिक्‍शनरी के शब्‍दकोष से 'कैसेट प्‍लेयर' शब्‍द हटने का आशय भी स्‍मृति के पटल से इस शब्‍द के हटने से था। कुल मिलाकर बदलते वक्‍त और बदलती तकनीक की इस दुनिया में वीसीआर अब केवल गुजरे जमाने की बात होकर इतिहास का हिस्‍सा बनकर रह जाएगा।    1970 के दशक के मध्‍य में यह तकनीक अस्तित्‍व में आई थी और तकरीबन दो दशक यानी 1997 तक यह दुनिया भर में छाई रही। 1994 में सोनी ने डीवीडी प्‍लेयर बनाया और 1997 में अमेरिका में इसका पर्दापण हुआ। उसके बाद से ही वीसीआर और वीडियो कैसेट के चलन में गिरावट दर्ज होनी शुरू हो गई। पांच साल पहले ऑक्‍सफोर्ड इंग्लिश डिक्‍शनरी के शब्‍दकोष से 'कैसेट प्‍लेयर' शब्‍द हटने का आशय भी स्‍मृति के पटल से इस शब्‍द के हटने से था। कुल मिलाकर बदलते वक्‍त और बदलती तकनीक की इस दुनिया में वीसीआर अब केवल गुजरे जमाने की बात होकर इतिहास का हिस्‍सा बनकर रह जाएगा।    पांच साल पहले ऑक्‍सफोर्ड इंग्लिश डिक्‍शनरी के शब्‍दकोष से 'कैसेट प्‍लेयर' शब्‍द हटने का आशय भी स्‍मृति के पटल से इस शब्‍द के हटने से था। कुल मिलाकर बदलते वक्‍त और बदलती तकनीक की इस दुनिया में वीसीआर अब केवल गुजरे जमाने की बात होकर इतिहास का हिस्‍सा बनकर रह जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: दो दशक तक दुनिया भर में रही धूम डीवीडी प्‍लेयर के आने के बाद चमक फीकी पड़ी इस महीने के आखिर में इसका उत्‍पादन बंद होगा
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई से एक बच्चा चोरी की घटना सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज मुंबई के दादर स्टेशन का है। महिला रात लगभग 11.30 बजे मेन गेट के करीब अपने बच्चे को लेकर सोई थी। पौने चार बजे के आसपास उसके पास यह शख्स आया और थोड़ी देर इधर-उधर देखकर बच्चे को अपनी गोद में उठाया और 6 बजे के करीब बड़े आराम से उसे लेकर स्टेशन से बाहर चला गया। नींद खुलने पर पीड़ित ने आसपास अपने बच्चे को ढूंढा, लेकिन जब बच्चा नहीं मिला तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 25−30 साल का है, उसके खिलाफ उन्होंने आईपीसी की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे को ढूंढने के लिए पुलिस ने 3−4 स्पेशल टीमें बनाई हैं। नींद खुलने पर पीड़ित ने आसपास अपने बच्चे को ढूंढा, लेकिन जब बच्चा नहीं मिला तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 25−30 साल का है, उसके खिलाफ उन्होंने आईपीसी की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे को ढूंढने के लिए पुलिस ने 3−4 स्पेशल टीमें बनाई हैं।
यह एक सारांश है: महिला रात लगभग 11.30 बजे मेन गेट के करीब अपने बच्चे को लेकर सोई थी। पौने चार बजे के आसपास उसके पास यह शख्स आया और थोड़ी देर इधर-उधर देखकर बच्चे को अपनी गोद में उठाया और 6 बजे के करीब बड़े आराम से उसे लेकर स्टेशन से बाहर चला गया।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: सचिन तेंदुलकर के लिए विश्व कप जीतने का वादा करने वाली टीम इंडिया ने जब श्रीलंका को फाइनल में हराकर इसे पूरा किया तो खिलाड़ी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और इस चैम्पियन बल्लेबाज को कंधे पर बिठाकर टीम इंडिया ने वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगाया। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर ज्यों ही टीम को जीत दिलाई, दूसरे छोर पर उनके साथ खड़े युवराज सिंह दौड़कर उनके गले मिले और फफक पड़े। ड्रेसिंग रूम में बैठे तमाम भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर दौड़कर युवराज और धोनी को गले लगा लिया। हरभजन सिंह हो या सचिन तेंदुलकर या फिर पहला विश्व कप खेल रहे विराट कोहली, सभी की आंखों में खुशी के आंसू थे। यूसुफ पठान, सुरेश रैना और विराट कोहली ने मिलकर सचिन को कंधे पर उठा लिया और पूरी टीम ने सचिन सचिन चिल्लाते हुए वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगाया। विराट ने कहा, इस चैम्पियन खिलाड़ी ने 21 साल तक देश की उम्मीदों का बोझ उठाया है और आज हमारी बारी थी उन्हें कंधे पर उठाकर सम्मान देने की। फाइनल में 97 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने वाले गौतम गंभीर ने कहा, हम सभी की आंखों में खुशी के आंसू हैं। हमने 2007 विश्व कप में खराब खेला था, लेकिन आज जीतने का सपना सच हो गया। गंभीर ने इस विश्व कप को सचिन के नाम करते हुए कहा, हम सभी ने सचिन के लिए विश्व कप जीतने का वादा किया था और आज उसे निभाकर खुशी हो रही है। हरभजन सिंह ने कहा, विश्व कप जीतने की खुशी बयान नहीं की जा सकती। मैं तीन विश्व कप खेल चुका हूं और जीत का एहसास अपने आप में अलग है। यह जीत देश के नाम है। विराट ने कहा, मेरा यह पहला विश्व कप है और हम विजयी रहे। मैं इससे ज्यादा क्या मांग सकता हूं। तेज गेंदबाज जहीर ने कहा, यह अद्भुत है। हमने सचिन के लिए यह विश्व कप जीता और इससे ज्यादा खुशी की बात क्या हो सकती है। वीरेंद्र सहवाग ने टीम प्रयास को जीत का श्रेय देते हुए कहा, पिछले तीन मैच काफी कठिन रहे और टीम प्रयासों की बदौलत ही हमें जीत मिल सकी। सभी ने फील्डिंग, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया। सचिन तेंदुलकर ने 38 बरस की उम्र में फील्डिंग में इतनी चुस्ती दिखाई जो काबिले तारीफ है।
यहाँ एक सारांश है:कप्तान धोनी ने छक्का लगाकर ज्यों ही टीम को जीत दिलाई, दूसरे छोर पर उनके साथ खड़े युवराज सिंह दौड़कर उनके गले मिले और फफक पड़े।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के सबसे पॉपुलर एक्टर खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने छठ पूजा (Chhath Puja) का नया गीत रिलीज कर दिया है. खेसारी लाल यादव के इस नए छठ गीत (Chhath Song 2019) ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया है. उनके इस भोजपुरी गीत (Bhojpuri) का नाम है 'बेदिया बना दा छठी घाट' (Bediya Bana da Chhathi Ghaat) खेसारी लाल यादव के इस नए छठ गीत को रिलीज हुए अभी एक दिन भी नहीं हुआ है, लेकिन इस गीत के वीडियो को 5 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. भोजपुरी समाज में यह नया छठ गीत (Latest Chhath Song) काफी मशहूर हो रहा है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) हर साल छठ गीत (Chhath Song) रिलीज करते हैं और उनके सॉन्ग काफी लोकप्रिय होते हैं. बता दें कि दिवाली से 6 दिन बाद आस्था का महापर्व छठ का त्योहार आता है. यह त्योहार बिहार और यूपी के कई इलाकों में काफी मशहूर है. लोग काफी श्रद्धा भाव से छठ पूजा (Chhath Puja) को मनाते हैं. खेसारी लाल यादव के इस गीत को वेभ म्यूजिक के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. आने वाले दिनों में यह सॉन्ग काफी लोकप्रिय होगा ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) भारत के प्रसिद्ध भोजपुरी गायक और अभिनेता हैं. खेसारी को पहली सफलता अपने भोजपुरी एल्बम 'माल भेटाई मेला' से मिली थी. 2012 में आई अपनी पहली फिल्म 'साजन चले ससुराल' से वो रातो रात भोजपुरी फिल्म जगत के सितारे बन गए. अपनी गायकी में वे अपनी ठेठ देहाती भाषा का उपयोग करते हैं. शुरू से ही खेसारी लाल लोक गायक और साथ ही वो एक अच्छे नृतक भी हैं. शुरुआत ने उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा भोजपुरी गायक बनने के लिए पैसो का होना बहुत जरुरी था. पैसों को इकट्ठा करने के लिए उन्हें लिट्टी चोखा बेचना पड़ा इसके लिए उन्होंने अपनी फ़ोर्स की बड़ी नौकरी छोड़ दी. कुछ सालों बाद उन्होंने भोजपुरी एल्बम में गाना शुरू किया. जिससे उन्हें उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखण्ड और जहां भोजपुरी बोली जाती है, वहां उनके गीतों को बेशुमार प्यार मिला.
यहाँ एक सारांश है:खेसारी लाल यादव का नया छठ गीत रिलीज 'बेदिया बना दा छठी घाट' का यूट्यूब पर तहलका खूब लोकप्रिय हो रहा है यह छठ गीत
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संसद पर हुए हमले की आज 11वीं बरसी है। इस दिन हर साल लोग शहीदों को याद कर श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन सवाल उठता है कि क्या उनकी बहादुरी का उचित सम्मान किया गया है। देश के लिए जान की बाजी लगाने वालों में से कईयों के परिवार आज भी संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। यह हमारे तंत्र और व्यवस्था की एक ऐसी खामी है, जिस पर राजनीतिक सिस्टम खामोश है। गौरतलब है कि आज 13 दिसंबर 2001 को इस हमले को 11 बरस हो गए हैं। वह दिन जब भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रतीक संसद पर हमला हुआ था। एक ऐसा हमला, जिसमें पांच पुलिसवाले, संसद का एक सुरक्षा गार्ड और एक माली यानी कुल मिलाकर सात लोग शहीद हुए। आतंकियों ने भारतीय लोकतंत्र के दिल पर हमला करके उसकी धड़कनें रोकने की कोशिश की थी। वह कोशिश तो नाकाम रही, लेकिन बहुत से ऐसे जख्म दे गई, जो अब तक हरे हैं और सुरक्षा की खामियों पर उठे बहुत से सवाल, जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। संसद हमले के दोषियों को 2001 के बाद चार सालों में ही देश की सबसे बड़ी अदालत ने अपना फैसला सुनाकर संदेश दिया कि दोषियों पर कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। हमले में चार लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए। अफशां गुरु, एसएसआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु। 18 दिसंबर 2002 को एसएसआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु को सजा-ए-मौत सुनाई गई, लेकिन अफशां गुरु को रिहा कर दिया गया। इल्जाम साबित न होने पर 29 अक्तूबर 2003 को एसएआर गिलानी को भी रिहा कर दिया गया।टिप्पणियां 4 अगस्त 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने अफजल गुरु की फांसी बरकरार रखते हुए शौकत गुरु की सजा घटाकर 10 साल की कैद कर दी। 30 दिसंबर 2010 को शौकत गुरु को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। अफजल गुरु को फांसी देने का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। 7 साल पहले फांसी पाने वाले अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के मामले में सरकार के हाथ-पांव जैसे फूल गए हैं। अब सवाल यह है कि अफजल गुरु को फांसी कब लगाई जाएगी। एनडीटीवी को पता चला है कि फिलहाल इस पर विचार नहीं होने वाला। इस बारे में गृहमंत्री से बार-बार सवाल किए जा रहे हैं। अफजल की फाइल 16 नवंबर को राष्ट्रपति भवन गृह मंत्रालय भेज चुका है। राष्ट्रपति भवन ने गृह मंत्रालय को नौं अर्जियां वापस भेजी हैं, जिसमें अफजल का नंबर 8वां है। 2011 में गृह मंत्रालय ने उसकी माफी याचिका ठुकराने को कहा था। गौरतलब है कि आज 13 दिसंबर 2001 को इस हमले को 11 बरस हो गए हैं। वह दिन जब भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रतीक संसद पर हमला हुआ था। एक ऐसा हमला, जिसमें पांच पुलिसवाले, संसद का एक सुरक्षा गार्ड और एक माली यानी कुल मिलाकर सात लोग शहीद हुए। आतंकियों ने भारतीय लोकतंत्र के दिल पर हमला करके उसकी धड़कनें रोकने की कोशिश की थी। वह कोशिश तो नाकाम रही, लेकिन बहुत से ऐसे जख्म दे गई, जो अब तक हरे हैं और सुरक्षा की खामियों पर उठे बहुत से सवाल, जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। संसद हमले के दोषियों को 2001 के बाद चार सालों में ही देश की सबसे बड़ी अदालत ने अपना फैसला सुनाकर संदेश दिया कि दोषियों पर कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। हमले में चार लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए। अफशां गुरु, एसएसआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु। 18 दिसंबर 2002 को एसएसआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु को सजा-ए-मौत सुनाई गई, लेकिन अफशां गुरु को रिहा कर दिया गया। इल्जाम साबित न होने पर 29 अक्तूबर 2003 को एसएआर गिलानी को भी रिहा कर दिया गया।टिप्पणियां 4 अगस्त 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने अफजल गुरु की फांसी बरकरार रखते हुए शौकत गुरु की सजा घटाकर 10 साल की कैद कर दी। 30 दिसंबर 2010 को शौकत गुरु को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। अफजल गुरु को फांसी देने का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। 7 साल पहले फांसी पाने वाले अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के मामले में सरकार के हाथ-पांव जैसे फूल गए हैं। अब सवाल यह है कि अफजल गुरु को फांसी कब लगाई जाएगी। एनडीटीवी को पता चला है कि फिलहाल इस पर विचार नहीं होने वाला। इस बारे में गृहमंत्री से बार-बार सवाल किए जा रहे हैं। अफजल की फाइल 16 नवंबर को राष्ट्रपति भवन गृह मंत्रालय भेज चुका है। राष्ट्रपति भवन ने गृह मंत्रालय को नौं अर्जियां वापस भेजी हैं, जिसमें अफजल का नंबर 8वां है। 2011 में गृह मंत्रालय ने उसकी माफी याचिका ठुकराने को कहा था। संसद हमले के दोषियों को 2001 के बाद चार सालों में ही देश की सबसे बड़ी अदालत ने अपना फैसला सुनाकर संदेश दिया कि दोषियों पर कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। हमले में चार लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए। अफशां गुरु, एसएसआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु। 18 दिसंबर 2002 को एसएसआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु को सजा-ए-मौत सुनाई गई, लेकिन अफशां गुरु को रिहा कर दिया गया। इल्जाम साबित न होने पर 29 अक्तूबर 2003 को एसएआर गिलानी को भी रिहा कर दिया गया।टिप्पणियां 4 अगस्त 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने अफजल गुरु की फांसी बरकरार रखते हुए शौकत गुरु की सजा घटाकर 10 साल की कैद कर दी। 30 दिसंबर 2010 को शौकत गुरु को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। अफजल गुरु को फांसी देने का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। 7 साल पहले फांसी पाने वाले अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के मामले में सरकार के हाथ-पांव जैसे फूल गए हैं। अब सवाल यह है कि अफजल गुरु को फांसी कब लगाई जाएगी। एनडीटीवी को पता चला है कि फिलहाल इस पर विचार नहीं होने वाला। इस बारे में गृहमंत्री से बार-बार सवाल किए जा रहे हैं। अफजल की फाइल 16 नवंबर को राष्ट्रपति भवन गृह मंत्रालय भेज चुका है। राष्ट्रपति भवन ने गृह मंत्रालय को नौं अर्जियां वापस भेजी हैं, जिसमें अफजल का नंबर 8वां है। 2011 में गृह मंत्रालय ने उसकी माफी याचिका ठुकराने को कहा था। 18 दिसंबर 2002 को एसएसआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु को सजा-ए-मौत सुनाई गई, लेकिन अफशां गुरु को रिहा कर दिया गया। इल्जाम साबित न होने पर 29 अक्तूबर 2003 को एसएआर गिलानी को भी रिहा कर दिया गया।टिप्पणियां 4 अगस्त 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने अफजल गुरु की फांसी बरकरार रखते हुए शौकत गुरु की सजा घटाकर 10 साल की कैद कर दी। 30 दिसंबर 2010 को शौकत गुरु को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। अफजल गुरु को फांसी देने का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। 7 साल पहले फांसी पाने वाले अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के मामले में सरकार के हाथ-पांव जैसे फूल गए हैं। अब सवाल यह है कि अफजल गुरु को फांसी कब लगाई जाएगी। एनडीटीवी को पता चला है कि फिलहाल इस पर विचार नहीं होने वाला। इस बारे में गृहमंत्री से बार-बार सवाल किए जा रहे हैं। अफजल की फाइल 16 नवंबर को राष्ट्रपति भवन गृह मंत्रालय भेज चुका है। राष्ट्रपति भवन ने गृह मंत्रालय को नौं अर्जियां वापस भेजी हैं, जिसमें अफजल का नंबर 8वां है। 2011 में गृह मंत्रालय ने उसकी माफी याचिका ठुकराने को कहा था। 4 अगस्त 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने अफजल गुरु की फांसी बरकरार रखते हुए शौकत गुरु की सजा घटाकर 10 साल की कैद कर दी। 30 दिसंबर 2010 को शौकत गुरु को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। अफजल गुरु को फांसी देने का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। 7 साल पहले फांसी पाने वाले अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के मामले में सरकार के हाथ-पांव जैसे फूल गए हैं। अब सवाल यह है कि अफजल गुरु को फांसी कब लगाई जाएगी। एनडीटीवी को पता चला है कि फिलहाल इस पर विचार नहीं होने वाला। इस बारे में गृहमंत्री से बार-बार सवाल किए जा रहे हैं। अफजल की फाइल 16 नवंबर को राष्ट्रपति भवन गृह मंत्रालय भेज चुका है। राष्ट्रपति भवन ने गृह मंत्रालय को नौं अर्जियां वापस भेजी हैं, जिसमें अफजल का नंबर 8वां है। 2011 में गृह मंत्रालय ने उसकी माफी याचिका ठुकराने को कहा था। अब सवाल यह है कि अफजल गुरु को फांसी कब लगाई जाएगी। एनडीटीवी को पता चला है कि फिलहाल इस पर विचार नहीं होने वाला। इस बारे में गृहमंत्री से बार-बार सवाल किए जा रहे हैं। अफजल की फाइल 16 नवंबर को राष्ट्रपति भवन गृह मंत्रालय भेज चुका है। राष्ट्रपति भवन ने गृह मंत्रालय को नौं अर्जियां वापस भेजी हैं, जिसमें अफजल का नंबर 8वां है। 2011 में गृह मंत्रालय ने उसकी माफी याचिका ठुकराने को कहा था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संसद पर हुए हमले की आज 11वीं बरसी है। इस दिन हर साल लोग शहीदों को याद कर श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन सवाल उठता है कि क्या उनकी बहादुरी का उचित सम्मान किया गया है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान अभिनीत फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की रिलीज का मार्ग प्रशस्त करने में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका को लेकर उन पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि फडणवीस ने यह दिखाने का मौका गंवा दिया कि यहां ‘56 इंच के सीने’ वाली सरकार है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा है, ‘‘इस फिल्म की रिलीज को लेकर घटित घटनाक्रम ‘‘भयावह, निर्मम रहे और इन घटनाक्रमों ने शहीद जवानों के घावों पर नमक रगड़ने जैसा काम किया है.’’ इस फिल्म के निर्माताओं और मनसे के बीच संधि कराने के लिए फडणवीस को विपक्षी कांग्रेस और राकांपा की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. इनका आरोप है कि ऐसा करके फडणवीस ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की अपनी मुख्य जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है. ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है, ‘‘पर्दे के पीछे काफी कुछ हुआ और इस फिल्म को लेकर सभी विरोध ‘वर्षा’ (मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास) में चाय-नाश्ते के साथ खत्म हो गया. हम इसमें नहीं जाना चाहते कि कौन जीता और कौन हारा, लेकिन संपूर्ण घटना से हमारे शहीद जवानों का अपमान हुआ है.’’ इसमें कहा गया है, ‘‘केन्द्रीय नेता पाकिस्तान को धमका रहे हैं और लक्षित हमलों पर वाहवाही लूट रहे हैं. लेकिन इनमें से एक भी नेता के पास यह कहने का साहस नहीं है कि पाकिस्तानी कलाकारों वाली फिल्मों को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. लक्षित हमलों के बाद पाकिस्तान करीब 25 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है और किसी को इसकी परवाह नहीं है.’’ शिवसेना ने कहा कि फडणवीस के पास यह दिखाने का मौका था कि ‘‘56 इंच का सीना’’ वाली सरकार है और पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार की तुलना में उसकी रीढ़ कहीं अधिक मजबूत है. संपादकीय में कहा गया है, ‘‘वर्षा में चाय सत्र के बाद कइयों के चेहरे से नकाब हट गए. करण जौहर को अपनी फिल्म की रिलीज के बदले सेना कल्याण कोष में पांच करोड़ रुपये डालने को कहा गया था. क्या हमारे जवानों के बलिदान की यही कीमत है. यह संपूर्ण घटना भयावह, निर्मम है और इसने शहीदों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.’ इस फिल्म को लेकर जारी गतिरोध दूर करने में अपने हस्तक्षेप को उचित ठहराते हुए फडणवीस ने कहा था कि यह मुद्दा इसलिए हल हो सका क्योंकि प्रोड्यूसर्स गिल्ड और मनसे का एक ही रुख था और वह था भारतीय सेना के साथ एकजुटता दिखाना. गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को राजनीतिक एवं अन्य संगठनों के दबाव में बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं ने घोषणा की थी कि वे पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फिल्मों में नहीं लेंगे. इससे करण जौहर निर्देशित ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया क्योंकि मनसे ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की अपनी धमकी वापस ले ली. जौहर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट के साथ फडणवीस से उनके आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी जहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे.टिप्पणियां रणबीर कपूर, ऐश्वर्य राय बच्चन और अनुष्का शर्मा अभिनीत ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा है, ‘‘इस फिल्म की रिलीज को लेकर घटित घटनाक्रम ‘‘भयावह, निर्मम रहे और इन घटनाक्रमों ने शहीद जवानों के घावों पर नमक रगड़ने जैसा काम किया है.’’ इस फिल्म के निर्माताओं और मनसे के बीच संधि कराने के लिए फडणवीस को विपक्षी कांग्रेस और राकांपा की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. इनका आरोप है कि ऐसा करके फडणवीस ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की अपनी मुख्य जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है. ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है, ‘‘पर्दे के पीछे काफी कुछ हुआ और इस फिल्म को लेकर सभी विरोध ‘वर्षा’ (मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास) में चाय-नाश्ते के साथ खत्म हो गया. हम इसमें नहीं जाना चाहते कि कौन जीता और कौन हारा, लेकिन संपूर्ण घटना से हमारे शहीद जवानों का अपमान हुआ है.’’ इसमें कहा गया है, ‘‘केन्द्रीय नेता पाकिस्तान को धमका रहे हैं और लक्षित हमलों पर वाहवाही लूट रहे हैं. लेकिन इनमें से एक भी नेता के पास यह कहने का साहस नहीं है कि पाकिस्तानी कलाकारों वाली फिल्मों को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. लक्षित हमलों के बाद पाकिस्तान करीब 25 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है और किसी को इसकी परवाह नहीं है.’’ शिवसेना ने कहा कि फडणवीस के पास यह दिखाने का मौका था कि ‘‘56 इंच का सीना’’ वाली सरकार है और पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार की तुलना में उसकी रीढ़ कहीं अधिक मजबूत है. संपादकीय में कहा गया है, ‘‘वर्षा में चाय सत्र के बाद कइयों के चेहरे से नकाब हट गए. करण जौहर को अपनी फिल्म की रिलीज के बदले सेना कल्याण कोष में पांच करोड़ रुपये डालने को कहा गया था. क्या हमारे जवानों के बलिदान की यही कीमत है. यह संपूर्ण घटना भयावह, निर्मम है और इसने शहीदों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.’ इस फिल्म को लेकर जारी गतिरोध दूर करने में अपने हस्तक्षेप को उचित ठहराते हुए फडणवीस ने कहा था कि यह मुद्दा इसलिए हल हो सका क्योंकि प्रोड्यूसर्स गिल्ड और मनसे का एक ही रुख था और वह था भारतीय सेना के साथ एकजुटता दिखाना. गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को राजनीतिक एवं अन्य संगठनों के दबाव में बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं ने घोषणा की थी कि वे पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फिल्मों में नहीं लेंगे. इससे करण जौहर निर्देशित ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया क्योंकि मनसे ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की अपनी धमकी वापस ले ली. जौहर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट के साथ फडणवीस से उनके आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी जहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे.टिप्पणियां रणबीर कपूर, ऐश्वर्य राय बच्चन और अनुष्का शर्मा अभिनीत ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है, ‘‘पर्दे के पीछे काफी कुछ हुआ और इस फिल्म को लेकर सभी विरोध ‘वर्षा’ (मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास) में चाय-नाश्ते के साथ खत्म हो गया. हम इसमें नहीं जाना चाहते कि कौन जीता और कौन हारा, लेकिन संपूर्ण घटना से हमारे शहीद जवानों का अपमान हुआ है.’’ इसमें कहा गया है, ‘‘केन्द्रीय नेता पाकिस्तान को धमका रहे हैं और लक्षित हमलों पर वाहवाही लूट रहे हैं. लेकिन इनमें से एक भी नेता के पास यह कहने का साहस नहीं है कि पाकिस्तानी कलाकारों वाली फिल्मों को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. लक्षित हमलों के बाद पाकिस्तान करीब 25 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है और किसी को इसकी परवाह नहीं है.’’ शिवसेना ने कहा कि फडणवीस के पास यह दिखाने का मौका था कि ‘‘56 इंच का सीना’’ वाली सरकार है और पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार की तुलना में उसकी रीढ़ कहीं अधिक मजबूत है. संपादकीय में कहा गया है, ‘‘वर्षा में चाय सत्र के बाद कइयों के चेहरे से नकाब हट गए. करण जौहर को अपनी फिल्म की रिलीज के बदले सेना कल्याण कोष में पांच करोड़ रुपये डालने को कहा गया था. क्या हमारे जवानों के बलिदान की यही कीमत है. यह संपूर्ण घटना भयावह, निर्मम है और इसने शहीदों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.’ इस फिल्म को लेकर जारी गतिरोध दूर करने में अपने हस्तक्षेप को उचित ठहराते हुए फडणवीस ने कहा था कि यह मुद्दा इसलिए हल हो सका क्योंकि प्रोड्यूसर्स गिल्ड और मनसे का एक ही रुख था और वह था भारतीय सेना के साथ एकजुटता दिखाना. गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को राजनीतिक एवं अन्य संगठनों के दबाव में बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं ने घोषणा की थी कि वे पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फिल्मों में नहीं लेंगे. इससे करण जौहर निर्देशित ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया क्योंकि मनसे ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की अपनी धमकी वापस ले ली. जौहर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट के साथ फडणवीस से उनके आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी जहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे.टिप्पणियां रणबीर कपूर, ऐश्वर्य राय बच्चन और अनुष्का शर्मा अभिनीत ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संपादकीय में कहा गया है, ‘‘वर्षा में चाय सत्र के बाद कइयों के चेहरे से नकाब हट गए. करण जौहर को अपनी फिल्म की रिलीज के बदले सेना कल्याण कोष में पांच करोड़ रुपये डालने को कहा गया था. क्या हमारे जवानों के बलिदान की यही कीमत है. यह संपूर्ण घटना भयावह, निर्मम है और इसने शहीदों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.’ इस फिल्म को लेकर जारी गतिरोध दूर करने में अपने हस्तक्षेप को उचित ठहराते हुए फडणवीस ने कहा था कि यह मुद्दा इसलिए हल हो सका क्योंकि प्रोड्यूसर्स गिल्ड और मनसे का एक ही रुख था और वह था भारतीय सेना के साथ एकजुटता दिखाना. गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को राजनीतिक एवं अन्य संगठनों के दबाव में बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं ने घोषणा की थी कि वे पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फिल्मों में नहीं लेंगे. इससे करण जौहर निर्देशित ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया क्योंकि मनसे ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की अपनी धमकी वापस ले ली. जौहर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट के साथ फडणवीस से उनके आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी जहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे.टिप्पणियां रणबीर कपूर, ऐश्वर्य राय बच्चन और अनुष्का शर्मा अभिनीत ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को राजनीतिक एवं अन्य संगठनों के दबाव में बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं ने घोषणा की थी कि वे पाकिस्तानी कलाकारों को अपनी फिल्मों में नहीं लेंगे. इससे करण जौहर निर्देशित ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया क्योंकि मनसे ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की अपनी धमकी वापस ले ली. जौहर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट के साथ फडणवीस से उनके आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी जहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे.टिप्पणियां रणबीर कपूर, ऐश्वर्य राय बच्चन और अनुष्का शर्मा अभिनीत ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जौहर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष मुकेश भट्ट के साथ फडणवीस से उनके आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी जहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे.टिप्पणियां रणबीर कपूर, ऐश्वर्य राय बच्चन और अनुष्का शर्मा अभिनीत ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रणबीर कपूर, ऐश्वर्य राय बच्चन और अनुष्का शर्मा अभिनीत ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: फिल्म को लेकर सभी विरोध मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास खत्म हो गया केन्द्रीय नेता पाक को धमका रहे हैं और लक्षित हमलों पर वाहवाही लूट रहे हैं करण जौहर को सेना कल्याण कोष में पांच करोड़ रुपये डालने को कहा गया था
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुम्बई हमलों के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ मुकदमे की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत ने गुरुवार को कहा कि बहुत से ‘‘असल आरोपी’’ व्यक्तियों को पाकिस्तानी अदालतों के समक्ष तक नहीं लाया जा सका है। गृह सचिव आरके सिंह ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ वार्ता के लिए जाने से पहले मीडिया से संक्षिप्त वार्तालाप में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि उनके :मुम्बई हमलों के आरोपियों: खिलाफ न्यायिक कार्यवाही की गति काफी धीमी है। बहुत से लोग, जो असल आरोपी हैं, अदालतों के समक्ष तक नहीं लाए जा सके हैं।’’ भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों के बीच दो दिन तक चलने वाली वार्ता में वीजा नियमों को सरल बनाने और लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए मुम्बई हमलों के आरोपियों के मुकदमे पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। भारतीय अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी अमेरिकी कार्यकर्ता डेविड कोलमैन हेडली द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तानी सेना के कई सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों का संबंध मुम्बई हमलों से जोड़ा था। हालांकि, पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज कर चुका है। पाकिस्तान ने पहले से ही अपनी हिरासत में बंद संदिग्धों की आवाज के नमूने देने के भारत के आग्रह का सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। गृह सचिव आरके सिंह के नेतृत्व में भारतीय दल और पाकिस्तान के गृह सचिव ख्वाजा सिद्दीक अकबर के नेतृत्व में पाकिस्तानी दल के अधिकारी इस्लामाबाद के एक होटल में एकत्रित हुए। दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच पिछले दौर की वार्ता गत वर्ष मार्च में नयी दिल्ली में हुई थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख एस सी सिन्हा और 2008 के मुम्बई हमले की जांच कर रहे अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को शामिल किया जाना भारत के इरादों का स्पष्ट संकेत है कि मुम्बई की व्यावसायिक राजधानी पर हमले के षड्यंत्रकारियों पर मुकदमे को आगे ले जाया जाए। मुम्बई हमलों में लश्कर ए तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात पाकिस्तानी नागरिकों पर हमलों की योजना बनाने, वित्तीय मदद करने और अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में विभिन्न तकनीकी कारणों से उन पर चल रहा मुकदमा एक साल से अधिक समय से स्थगित पड़ा है। साक्ष्य जुटाने और भारतीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के उद्देश्य से मार्च में पाकिस्तानी न्यायिक दल के भारत दौरे के बावजूद हाल के हफ्तों में मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत द्वारा लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई की मांग नए सिरे से किए जाने की उम्मीद है जिसके खिलाफ अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं जिसने हाल के महीनों में अमेरिका और भारत के खिलाफ कई बड़ी रैलियां की हैं। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। गृह सचिव आरके सिंह ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ वार्ता के लिए जाने से पहले मीडिया से संक्षिप्त वार्तालाप में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि उनके :मुम्बई हमलों के आरोपियों: खिलाफ न्यायिक कार्यवाही की गति काफी धीमी है। बहुत से लोग, जो असल आरोपी हैं, अदालतों के समक्ष तक नहीं लाए जा सके हैं।’’ भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों के बीच दो दिन तक चलने वाली वार्ता में वीजा नियमों को सरल बनाने और लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए मुम्बई हमलों के आरोपियों के मुकदमे पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। भारतीय अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी अमेरिकी कार्यकर्ता डेविड कोलमैन हेडली द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तानी सेना के कई सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों का संबंध मुम्बई हमलों से जोड़ा था। हालांकि, पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज कर चुका है। पाकिस्तान ने पहले से ही अपनी हिरासत में बंद संदिग्धों की आवाज के नमूने देने के भारत के आग्रह का सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। गृह सचिव आरके सिंह के नेतृत्व में भारतीय दल और पाकिस्तान के गृह सचिव ख्वाजा सिद्दीक अकबर के नेतृत्व में पाकिस्तानी दल के अधिकारी इस्लामाबाद के एक होटल में एकत्रित हुए। दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच पिछले दौर की वार्ता गत वर्ष मार्च में नयी दिल्ली में हुई थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख एस सी सिन्हा और 2008 के मुम्बई हमले की जांच कर रहे अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को शामिल किया जाना भारत के इरादों का स्पष्ट संकेत है कि मुम्बई की व्यावसायिक राजधानी पर हमले के षड्यंत्रकारियों पर मुकदमे को आगे ले जाया जाए। मुम्बई हमलों में लश्कर ए तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात पाकिस्तानी नागरिकों पर हमलों की योजना बनाने, वित्तीय मदद करने और अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में विभिन्न तकनीकी कारणों से उन पर चल रहा मुकदमा एक साल से अधिक समय से स्थगित पड़ा है। साक्ष्य जुटाने और भारतीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के उद्देश्य से मार्च में पाकिस्तानी न्यायिक दल के भारत दौरे के बावजूद हाल के हफ्तों में मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत द्वारा लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई की मांग नए सिरे से किए जाने की उम्मीद है जिसके खिलाफ अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं जिसने हाल के महीनों में अमेरिका और भारत के खिलाफ कई बड़ी रैलियां की हैं। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। भारतीय अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी अमेरिकी कार्यकर्ता डेविड कोलमैन हेडली द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तानी सेना के कई सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों का संबंध मुम्बई हमलों से जोड़ा था। हालांकि, पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज कर चुका है। पाकिस्तान ने पहले से ही अपनी हिरासत में बंद संदिग्धों की आवाज के नमूने देने के भारत के आग्रह का सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। गृह सचिव आरके सिंह के नेतृत्व में भारतीय दल और पाकिस्तान के गृह सचिव ख्वाजा सिद्दीक अकबर के नेतृत्व में पाकिस्तानी दल के अधिकारी इस्लामाबाद के एक होटल में एकत्रित हुए। दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच पिछले दौर की वार्ता गत वर्ष मार्च में नयी दिल्ली में हुई थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख एस सी सिन्हा और 2008 के मुम्बई हमले की जांच कर रहे अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को शामिल किया जाना भारत के इरादों का स्पष्ट संकेत है कि मुम्बई की व्यावसायिक राजधानी पर हमले के षड्यंत्रकारियों पर मुकदमे को आगे ले जाया जाए। मुम्बई हमलों में लश्कर ए तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात पाकिस्तानी नागरिकों पर हमलों की योजना बनाने, वित्तीय मदद करने और अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में विभिन्न तकनीकी कारणों से उन पर चल रहा मुकदमा एक साल से अधिक समय से स्थगित पड़ा है। साक्ष्य जुटाने और भारतीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के उद्देश्य से मार्च में पाकिस्तानी न्यायिक दल के भारत दौरे के बावजूद हाल के हफ्तों में मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत द्वारा लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई की मांग नए सिरे से किए जाने की उम्मीद है जिसके खिलाफ अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं जिसने हाल के महीनों में अमेरिका और भारत के खिलाफ कई बड़ी रैलियां की हैं। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान ने पहले से ही अपनी हिरासत में बंद संदिग्धों की आवाज के नमूने देने के भारत के आग्रह का सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। गृह सचिव आरके सिंह के नेतृत्व में भारतीय दल और पाकिस्तान के गृह सचिव ख्वाजा सिद्दीक अकबर के नेतृत्व में पाकिस्तानी दल के अधिकारी इस्लामाबाद के एक होटल में एकत्रित हुए। दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच पिछले दौर की वार्ता गत वर्ष मार्च में नयी दिल्ली में हुई थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख एस सी सिन्हा और 2008 के मुम्बई हमले की जांच कर रहे अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को शामिल किया जाना भारत के इरादों का स्पष्ट संकेत है कि मुम्बई की व्यावसायिक राजधानी पर हमले के षड्यंत्रकारियों पर मुकदमे को आगे ले जाया जाए। मुम्बई हमलों में लश्कर ए तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात पाकिस्तानी नागरिकों पर हमलों की योजना बनाने, वित्तीय मदद करने और अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में विभिन्न तकनीकी कारणों से उन पर चल रहा मुकदमा एक साल से अधिक समय से स्थगित पड़ा है। साक्ष्य जुटाने और भारतीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के उद्देश्य से मार्च में पाकिस्तानी न्यायिक दल के भारत दौरे के बावजूद हाल के हफ्तों में मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत द्वारा लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई की मांग नए सिरे से किए जाने की उम्मीद है जिसके खिलाफ अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं जिसने हाल के महीनों में अमेरिका और भारत के खिलाफ कई बड़ी रैलियां की हैं। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच पिछले दौर की वार्ता गत वर्ष मार्च में नयी दिल्ली में हुई थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख एस सी सिन्हा और 2008 के मुम्बई हमले की जांच कर रहे अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को शामिल किया जाना भारत के इरादों का स्पष्ट संकेत है कि मुम्बई की व्यावसायिक राजधानी पर हमले के षड्यंत्रकारियों पर मुकदमे को आगे ले जाया जाए। मुम्बई हमलों में लश्कर ए तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात पाकिस्तानी नागरिकों पर हमलों की योजना बनाने, वित्तीय मदद करने और अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में विभिन्न तकनीकी कारणों से उन पर चल रहा मुकदमा एक साल से अधिक समय से स्थगित पड़ा है। साक्ष्य जुटाने और भारतीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के उद्देश्य से मार्च में पाकिस्तानी न्यायिक दल के भारत दौरे के बावजूद हाल के हफ्तों में मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत द्वारा लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई की मांग नए सिरे से किए जाने की उम्मीद है जिसके खिलाफ अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं जिसने हाल के महीनों में अमेरिका और भारत के खिलाफ कई बड़ी रैलियां की हैं। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। हालांकि, रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में विभिन्न तकनीकी कारणों से उन पर चल रहा मुकदमा एक साल से अधिक समय से स्थगित पड़ा है। साक्ष्य जुटाने और भारतीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के उद्देश्य से मार्च में पाकिस्तानी न्यायिक दल के भारत दौरे के बावजूद हाल के हफ्तों में मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत द्वारा लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई की मांग नए सिरे से किए जाने की उम्मीद है जिसके खिलाफ अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं जिसने हाल के महीनों में अमेरिका और भारत के खिलाफ कई बड़ी रैलियां की हैं। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। भारत द्वारा लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई की मांग नए सिरे से किए जाने की उम्मीद है जिसके खिलाफ अमेरिका ने एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं जिसने हाल के महीनों में अमेरिका और भारत के खिलाफ कई बड़ी रैलियां की हैं। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। वार्ता से पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने नए आसान वीजा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है जिनमें पहली बार पर्यटक वीजा, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को आगमन पर वीजा तथा व्यवसायियों के लिए एक साल तक का बहु प्रवेश वीजा शामिल हैं। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। दोनों गृह सचिवों के कल वार्ता के समापन पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि वीजा समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है क्योंकि पाकिस्तानी मंत्रिमंडल ने कल अपनी बैठक में इसे मंजूरी नहीं दी। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। खबरों में कहा गया कि गृहमंत्री रहमान मलिक ने समझौते को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष नहीं रखा। गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से नेशन अखबार ने कहा कि अधिकारियों ने गृह सचिवों की अगली बैठक तक नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर में विलम्ब करने का फैसला किया है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से नए वीजा समझौते के मसौदे पर काम कर रहे हैं। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। भारत आतंकवाद, मादक पदाथरें की तस्करी, भारत से भागकर पाकिस्तान में छिपे दाउद इब्राहीम और इंडियन मुजाहिदीन आतंकियों जैसे भगोड़ों, भारत में नकली मुद्रा चलाने वाले नेटवर्क और दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।टिप्पणियां आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। आठ अप्रैल को पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा था, ताकि भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में आगे बढ़ सके। मनमोहन ने मुम्बई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में भी लाने को कहा था। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान की ओर से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन विस्फोट के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहे जाने की उम्मीद है जिसमें 42 पाकिस्तानियों सहित करीब 70 लोग मारे गए थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुम्बई हमलों के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ मुकदमे की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत ने कहा कि बहुत से ‘असल आरोपी’ व्यक्तियों को पाकिस्तानी अदालतों के समक्ष तक नहीं लाया जा सका है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) ने नवोदय विद्यालयों (Navodaya Vidyalaya) में एडमिशन के लिए 5 हजार सीटों को बढ़ाने का फैसला किया है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने सोमवार को कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालयों (Navodaya Schools) में अगले सत्र में प्रवेश के लिए 5,000 सीटों की बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान की गई है. सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, वर्तमान में जेएनवी में विद्यार्थियों के लिए कुल 46,600 सीटें हैं और नई सीटें जुड़ने के बाद अकादमिक सत्र 2019-20 में 51,000 से अधिक सीटें बच्चों के प्रवेश के लिए उपलब्ध होंगी. बयान में कहा गया कि पिछले साल 9,000 सीटें बढ़ाई गई थीं और अगल चार साल में सरकार 32,000 और सीटें बढ़ा सकती हैं. जावड़ेकर ने कहा, "यह सही दिशा में उठाया गया कदम है. यह ग्रामीण बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार है. Jawahar Navodaya Vidyalaya (JNV) के इस अभूतपूर्व विस्तार से ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के और अधिक अवसर मिलेंगे."  नवोदय विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा छह में छात्रों का दाखिला होता है. वर्ष 2001 में प्रवेश परीक्षा में 5.50 लाख बच्चे शामिल हुए थे. विगत वर्षो में आवेदकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई और वर्ष 2019 की प्रवेश परीक्षा के लिए 31.10 लाख छात्र-छात्राओं ने पंजीकृत करवाया है. (इनपुट-आईएएनएस)
सारांश: एचआरडी ने 5 हजार सीटों को बढ़ाने की मंजूरी दी. अब 51,000 से अधिक सीटों पर एडमिशन होगा. पिछले साल 9,000 सीटें बढ़ाई गई थी.
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: ब्रिटेन के राजकुमार विलियम की गर्भवती पत्नी केट मिडलटन को लेकर आए एक फर्जी फोन कॉल के बाद आत्महत्या करने वाली भारतीय मूल की नर्स ने एक नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी दुखद मौत के पीछे ऑस्ट्रेलियाई आरजे का मजाकिया फोन कॉल है। नर्स यहां किंग एडवर्ड सातवें अस्पताल में इलाज करा रही केट की देखरेख कर रही थीं। डेली मेल ने परिवार के नजदीकी सूत्रों के हवाले से कहा कि अपने तीन सुसाइड नोट में से एक में नर्स जसिंता सल्दान्हा (46) ने ऑस्ट्रेलियाई आरजे मेल ग्रेग और माइकल क्रिश्चियन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है और अपनी मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां दो बच्चों की मां जसिंता को लंदन के किंग एडवर्ड सातवें अस्पताल में कर्मचारियों के लिए बने एक घर में फांसी पर झूलते पाया गया था। इसी अस्पताल में 30 वर्षीय केट का इलाज किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि झूठे फोन कॉल के एक घंटे के अंदर ही आरजे ने फिर से अस्पताल फोन किया और जसिंता से दोबारा बातचीत की और उसे बताया कि उन्होंने एक मजाक किया था जिसे वे प्रसारित करने वाले हैं। डेली मेल ने परिवार के नजदीकी सूत्रों के हवाले से कहा कि अपने तीन सुसाइड नोट में से एक में नर्स जसिंता सल्दान्हा (46) ने ऑस्ट्रेलियाई आरजे मेल ग्रेग और माइकल क्रिश्चियन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है और अपनी मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां दो बच्चों की मां जसिंता को लंदन के किंग एडवर्ड सातवें अस्पताल में कर्मचारियों के लिए बने एक घर में फांसी पर झूलते पाया गया था। इसी अस्पताल में 30 वर्षीय केट का इलाज किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि झूठे फोन कॉल के एक घंटे के अंदर ही आरजे ने फिर से अस्पताल फोन किया और जसिंता से दोबारा बातचीत की और उसे बताया कि उन्होंने एक मजाक किया था जिसे वे प्रसारित करने वाले हैं। दो बच्चों की मां जसिंता को लंदन के किंग एडवर्ड सातवें अस्पताल में कर्मचारियों के लिए बने एक घर में फांसी पर झूलते पाया गया था। इसी अस्पताल में 30 वर्षीय केट का इलाज किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि झूठे फोन कॉल के एक घंटे के अंदर ही आरजे ने फिर से अस्पताल फोन किया और जसिंता से दोबारा बातचीत की और उसे बताया कि उन्होंने एक मजाक किया था जिसे वे प्रसारित करने वाले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि झूठे फोन कॉल के एक घंटे के अंदर ही आरजे ने फिर से अस्पताल फोन किया और जसिंता से दोबारा बातचीत की और उसे बताया कि उन्होंने एक मजाक किया था जिसे वे प्रसारित करने वाले हैं।
ब्रिटेन के राजकुमार विलियम की गर्भवती पत्नी केट मिडलटन को लेकर आए एक फर्जी फोन कॉल के बाद आत्महत्या करने वाली भारतीय मूल की नर्स ने एक नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी दुखद मौत के पीछे ऑस्ट्रेलियाई आरजे का मजाकिया फोन कॉल है।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। आईटीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचयूएल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 286 अंक टूटकर 20,000 अंक से नीचे आ गया। बीते कारोबारी सत्र में 211.45 अंक टूटने वाला सेंसेक्स आज और 285.92 अंक की गिरावट के साथ 19,804.76 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने यह स्तर 16 जुलाई को देखा था।टिप्पणियां इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 83 अंक टूटकर 5,907.50 अंक पर आ टिका, जबकि एमसीएक्स-एसएक्स का एसएक्स-40 सूचकांक 159.66 अंक नीचे 11,829.16 अंक पर बंद हुआ। कोटक सिक्युरिटीज के उपाध्यक्ष (निजी ग्राहक समूह अनुसंधान) संजीव जारबडे ने कहा, बुधवार को डाउ और एसएंडपी 500 सूचकांकों के गिरावट के साथ बंद होने से आज वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रख रहा। इसके अलावा, डेरिवेटिव्ज सौदों का निपटान होने से भी बाजार में बिकवाली दबाव देखा गया। बिकवाली दबाव ज्यादातर एफएमसीजी क्षेत्र तक सीमित रहा जिसमें आईटीसी का शेयर 4.57 प्रतिशत टूट गया, जबकि हिंदुस्तान युनिलीवर में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अन्य दिग्गज कंपनी आरआईएल का शेयर भी करीब 2 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। बीते कारोबारी सत्र में 211.45 अंक टूटने वाला सेंसेक्स आज और 285.92 अंक की गिरावट के साथ 19,804.76 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने यह स्तर 16 जुलाई को देखा था।टिप्पणियां इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 83 अंक टूटकर 5,907.50 अंक पर आ टिका, जबकि एमसीएक्स-एसएक्स का एसएक्स-40 सूचकांक 159.66 अंक नीचे 11,829.16 अंक पर बंद हुआ। कोटक सिक्युरिटीज के उपाध्यक्ष (निजी ग्राहक समूह अनुसंधान) संजीव जारबडे ने कहा, बुधवार को डाउ और एसएंडपी 500 सूचकांकों के गिरावट के साथ बंद होने से आज वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रख रहा। इसके अलावा, डेरिवेटिव्ज सौदों का निपटान होने से भी बाजार में बिकवाली दबाव देखा गया। बिकवाली दबाव ज्यादातर एफएमसीजी क्षेत्र तक सीमित रहा जिसमें आईटीसी का शेयर 4.57 प्रतिशत टूट गया, जबकि हिंदुस्तान युनिलीवर में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अन्य दिग्गज कंपनी आरआईएल का शेयर भी करीब 2 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 83 अंक टूटकर 5,907.50 अंक पर आ टिका, जबकि एमसीएक्स-एसएक्स का एसएक्स-40 सूचकांक 159.66 अंक नीचे 11,829.16 अंक पर बंद हुआ। कोटक सिक्युरिटीज के उपाध्यक्ष (निजी ग्राहक समूह अनुसंधान) संजीव जारबडे ने कहा, बुधवार को डाउ और एसएंडपी 500 सूचकांकों के गिरावट के साथ बंद होने से आज वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रख रहा। इसके अलावा, डेरिवेटिव्ज सौदों का निपटान होने से भी बाजार में बिकवाली दबाव देखा गया। बिकवाली दबाव ज्यादातर एफएमसीजी क्षेत्र तक सीमित रहा जिसमें आईटीसी का शेयर 4.57 प्रतिशत टूट गया, जबकि हिंदुस्तान युनिलीवर में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अन्य दिग्गज कंपनी आरआईएल का शेयर भी करीब 2 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। कोटक सिक्युरिटीज के उपाध्यक्ष (निजी ग्राहक समूह अनुसंधान) संजीव जारबडे ने कहा, बुधवार को डाउ और एसएंडपी 500 सूचकांकों के गिरावट के साथ बंद होने से आज वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रख रहा। इसके अलावा, डेरिवेटिव्ज सौदों का निपटान होने से भी बाजार में बिकवाली दबाव देखा गया। बिकवाली दबाव ज्यादातर एफएमसीजी क्षेत्र तक सीमित रहा जिसमें आईटीसी का शेयर 4.57 प्रतिशत टूट गया, जबकि हिंदुस्तान युनिलीवर में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अन्य दिग्गज कंपनी आरआईएल का शेयर भी करीब 2 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ।
यह एक सारांश है: आईटीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचयूएल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 286 अंक टूटकर 20,000 अंक से नीचे आ गया।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के मयूर विहार फेज़−3 में शीला दीक्षित की सभा में हंगामा हो गया। पूर्वी दिल्ली के कोंडली इलाके में एक सामुदायिक भवन के उद्घाटन के दौरान स्थानीय पार्षद प्रियंका गौतम ने जमकर हंगामा किया।टिप्पणियां बताया जा रहा है कि जैसे ही शीला दीक्षित भाषण देने उठी प्रियंका स्टेज पर चढ़ गई और उद्घाटन बोर्ड में नाम न होने की शिकायत की। इसके बाद प्रियंका के समर्थकों ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को काले झंडे भी दिखाए। हंगामे के बाद जल्दबाजी में उनका कार्यक्रम खत्म कर दिया गया। इस दौरान स्थानीय सांसद संदीप दीक्षित और दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर अमरीश गौतम भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही शीला दीक्षित भाषण देने उठी प्रियंका स्टेज पर चढ़ गई और उद्घाटन बोर्ड में नाम न होने की शिकायत की। इसके बाद प्रियंका के समर्थकों ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को काले झंडे भी दिखाए। हंगामे के बाद जल्दबाजी में उनका कार्यक्रम खत्म कर दिया गया। इस दौरान स्थानीय सांसद संदीप दीक्षित और दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर अमरीश गौतम भी मौजूद थे। हंगामे के बाद जल्दबाजी में उनका कार्यक्रम खत्म कर दिया गया। इस दौरान स्थानीय सांसद संदीप दीक्षित और दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर अमरीश गौतम भी मौजूद थे।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली के मयूर विहार फेज़−3 में शीला दीक्षित की सभा में हंगामा हो गया। पूर्वी दिल्ली के कोंडली इलाके में एक सामुदायिक भवन के उद्घाटन के दौरान स्थानीय पार्षद प्रियंका गौतम ने जमकर हंगामा किया।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 2जी घोटाले की गाज अब एक और केंद्रीय मंत्री पर गिरी है। डीएमके कोटे से केंद्र में कपड़ा मंत्रालय संभाल रहे दयानिधि मारन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सीबीआई ने कल ही मारन के 2जी घोटाले में संलिप्त होने के बारे में पुख्ता सबूत होने का दावा किया था। प्रधानमंत्री निवास जाने से पहले ही मारन ने अपनी गाड़ी पर लगी लालबत्ती हटवा दी थी।2जी घोटाले में अब तक डीएमके के तीन विकेट गिर गए हैं। सबसे पहले टेलीकॉम मंत्री ए राजा का नाम आया। राजा को कुर्सी गंवानी पड़ी और अभी वह जेल में हैं। इसके बाद करुणानिधि की बेटी कनिमोई का नाम भी इस घोटाले में आया। कनिमोई भी तिहाड़ जेल पहुंच गईं और अब दयानिधि मारन ने इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए सीबीआई ने 2 जी मामले में दयानिधि मारन पर सीधे आरोप लगाए। सीबीआई का कहना है कि 2004 से 2007 के दौरान टेलीकॉम मंत्री रहते हुए दयानिधि मारन ने एयरसेल के प्रोमोटर शिवशंकरन को मजबूर किया कि वह अपना हिस्सा एक मलेशियाई कंपनी मैक्सिस समूह को बेच दें। मारन के मंत्री रहते हुए दो साल तक एयरसेल को यूएएस लाइसेंस नहीं मिला।  तंग आकर शिवशंकरन ने एयरसेल को मैक्सिस समूह को बेच दिया। दिसंबर 2006 में इस सौदे के छह महीने के भीतर एयरसेल को लाइसेंस मिल गया।दयानिधि मारन आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए  थे, लेकिन वहां उन्होंने इस्तीफे का कोई प्रस्ताव नहीं रखा था। एक मंत्री से जब पूछा गया कि क्या मारन ने इस्तीफा दिया या इसका प्रस्ताव रखा, तो नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने इसके जवाब में कहा नहीं। वह 11 बजे शुरू हुई बैठक में कुछ देरी से आए। हालांकि मीटिंग खत्म होने के बाद सबसे पहले मारन ही बैठक से बाहर निकले।
2जी घोटाले को लेकर मुश्किलों में फंसे केंद्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह लगभग दो फीसदी गिरावट दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत साप्ताहिक कारोबार में 1.99 फीसदी या 353.65 अंकों की गिरावट के साथ 17,429.56 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी गत साप्ताहिक कारोबार में 2.38 फीसदी या 128.20 अंकों की गिरावट के साथ 5,258.50 पर बंद हुआ। आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी डेढ़ फीसदी से अधिक गिरावट रही। मिडकैप 1.87 फीसदी या 114.19 अंकों की गिरावट के साथ 6,005.02 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.73 फीसदी या 179.69 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.09 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे सिप्ला (3.07 फीसदी), टीसीएस (1.84 फीसदी), एचडीएफसी (1.43 फीसदी), टाटा पावर (1.27 फीसदी) और आईटीसी (0.91 फीसदी)। सेंसेक्स में इसी सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (14.30 फीसदी), जिंदल स्टील (11.40 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (7.68 फीसदी), भेल (7.27 फीसदी) और टाटा स्टील (6.50 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.05 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (1.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई में गिरावट में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (7.05 फीसदी), रियल्टी (5.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.85 फीसदी), वाहन (3.71 फीसदी) और बैंकिंग (3.00 फीसदी)। बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी गत साप्ताहिक कारोबार में 2.38 फीसदी या 128.20 अंकों की गिरावट के साथ 5,258.50 पर बंद हुआ। आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी डेढ़ फीसदी से अधिक गिरावट रही। मिडकैप 1.87 फीसदी या 114.19 अंकों की गिरावट के साथ 6,005.02 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.73 फीसदी या 179.69 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.09 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे सिप्ला (3.07 फीसदी), टीसीएस (1.84 फीसदी), एचडीएफसी (1.43 फीसदी), टाटा पावर (1.27 फीसदी) और आईटीसी (0.91 फीसदी)। सेंसेक्स में इसी सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (14.30 फीसदी), जिंदल स्टील (11.40 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (7.68 फीसदी), भेल (7.27 फीसदी) और टाटा स्टील (6.50 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.05 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (1.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई में गिरावट में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (7.05 फीसदी), रियल्टी (5.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.85 फीसदी), वाहन (3.71 फीसदी) और बैंकिंग (3.00 फीसदी)। बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी डेढ़ फीसदी से अधिक गिरावट रही। मिडकैप 1.87 फीसदी या 114.19 अंकों की गिरावट के साथ 6,005.02 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.73 फीसदी या 179.69 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.09 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे सिप्ला (3.07 फीसदी), टीसीएस (1.84 फीसदी), एचडीएफसी (1.43 फीसदी), टाटा पावर (1.27 फीसदी) और आईटीसी (0.91 फीसदी)। सेंसेक्स में इसी सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (14.30 फीसदी), जिंदल स्टील (11.40 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (7.68 फीसदी), भेल (7.27 फीसदी) और टाटा स्टील (6.50 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.05 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (1.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई में गिरावट में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (7.05 फीसदी), रियल्टी (5.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.85 फीसदी), वाहन (3.71 फीसदी) और बैंकिंग (3.00 फीसदी)। बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे सिप्ला (3.07 फीसदी), टीसीएस (1.84 फीसदी), एचडीएफसी (1.43 फीसदी), टाटा पावर (1.27 फीसदी) और आईटीसी (0.91 फीसदी)। सेंसेक्स में इसी सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (14.30 फीसदी), जिंदल स्टील (11.40 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (7.68 फीसदी), भेल (7.27 फीसदी) और टाटा स्टील (6.50 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.05 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (1.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई में गिरावट में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (7.05 फीसदी), रियल्टी (5.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.85 फीसदी), वाहन (3.71 फीसदी) और बैंकिंग (3.00 फीसदी)। बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" सेंसेक्स में इसी सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (14.30 फीसदी), जिंदल स्टील (11.40 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (7.68 फीसदी), भेल (7.27 फीसदी) और टाटा स्टील (6.50 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.05 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (1.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई में गिरावट में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (7.05 फीसदी), रियल्टी (5.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.85 फीसदी), वाहन (3.71 फीसदी) और बैंकिंग (3.00 फीसदी)। बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" गत सप्ताह बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.05 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (1.02 फीसदी) में तेजी रही। बीएसई में गिरावट में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (7.05 फीसदी), रियल्टी (5.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.85 फीसदी), वाहन (3.71 फीसदी) और बैंकिंग (3.00 फीसदी)। बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" बीएसई में गिरावट में रहने वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (7.05 फीसदी), रियल्टी (5.01 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.85 फीसदी), वाहन (3.71 फीसदी) और बैंकिंग (3.00 फीसदी)। बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" बीएसई के सेंसेक्स में गत सप्ताह पांच कारोबारी सत्रों में से चार में गिरावट रही। सिर्फ गुरुवार को सेंसेक्स तेजी के साथ बंद हुआ। सप्ताह के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में देश की आर्थिक विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 5.5 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में इसी अवधि के दौरान यह आठ फीसदी थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य अवधि में विनिर्माण, खनन और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" आलोच्य अवधि की विकास दर हालांकि विश्लेषकों द्वारा अनुमानित 5.2 फीसदी से बेहतर है। इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2012) में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विकास दर में यह गिरावट मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 0.2 फीसदी वृद्धि दर के कारण आई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 7.3 फीसदी थी। साथ ही कृषि विकास दर भी 3.7 फीसदी से गिरकर 2.9 फीसदी पर आ गई। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने तिमाही आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़े पर प्रतिक्रिया में कहा कि स्थिर निवेश वृद्धि दर में तेज गिरावट जैसे कुछ आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" वित्त मंत्री ने कहा, "निश्चित रूप से फिक्स्ड निवेश विकास में गिरावट (2011-12 की पहली तिमाही में 14.7 फीसदी की जगह 2012-13 की पहली तिमाही में 0.7 फीसदी) सरकार के लिए चिंता पैदा करने वाली है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।" चिदम्बरम ने लिखित बयान में कहा, "2010-11 की चौथी तिमाही के बाद से लगातार हर तिमाही विकास दर में गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब किसी तिमाही की विकास दर इससे पिछली तिमाही से अधिक है।"
सारांश: देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह लगभग दो फीसदी गिरावट दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत साप्ताहिक कारोबार में 1.99 फीसदी या 353.65 अंकों की गिरावट के साथ 17,429.56 पर बंद हुआ।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में कथित भेदभाव के एक मामले में एक युवा मुस्लिम महिला को डेंटल क्लीनिक से केवल इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि वह हिजाब पहनकर आती थी. उसका नियोक्ता कार्यालय में 'तटस्थ माहौल' बनाए रखना चाहता था. वर्जीनिया के फेयरफेक्स काउंटी में फेयर ओक्स डेंटल केयर में डेंटल सहायक के तौर पर काम करने वाली नजफ खान ने बताया कि उसे नई नौकरी से हटा दिया गया, क्योंकि वह कार्यालय में हिजाब पहनती थी. नजफ ने एनबीसी वाशिंगटन को बताया, 'मैं वाकई दुखी थी। जिस दिन यह हुआ, मैं टूट गई.' उसने इंटरव्यू के दिन या शुरुआती कुछ दिनों में हिजाब नहीं पहना था. तीसरे दिन उन्होंने हिजाब पहनने की सोची, क्योंकि नजफ ने महसूस किया कि उनकी नौकरी बनी रहेगी और इसे पहनना उनकी आध्यात्मिकमा से जुड़ा है. उस दिन कार्यालय में डेंटल केयर सेंटर के मालिक डा. चक जो ने उनसे हिजाब हटाने को कहा. जो ने उससे कहा कि वे कार्यालय में एक तटस्थ माहौल बनाकर रखना चाहते हैं. नियोक्ता ने उनसे कहा कि वह हिजाब हटा दे, क्योंकि इस्लामी हिजाब से मरीजों को परेशानी होगी और वह अपने कार्यालय से धर्म को अलग रखना चाहते थे. टिप्पणियां खान ने बताया कि जो ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया कि यदि उन्होंने हिजाब पहनकर काम किया, तो उनकी नौकरी चली जाएगी. उन्होंने बताया, 'जब मैंने कहा कि मैं अपने धर्म से समझौता नहीं करूंगी तो उन्होंने मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया और मैं चली आई.' जो ने कहा कि धर्म के सार्वजनिक प्रदर्शन की उनके कारेाबार में अनुमति नहीं है, क्योंकि वह इसे तटस्थ रखना चाहते हैं. यदि उनके कर्मचारी टोपी पहनना चाहते हैं, तो स्वच्छता कारणों से यह सर्जिकल टोपी होनी चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वर्जीनिया के फेयरफेक्स काउंटी में फेयर ओक्स डेंटल केयर में डेंटल सहायक के तौर पर काम करने वाली नजफ खान ने बताया कि उसे नई नौकरी से हटा दिया गया, क्योंकि वह कार्यालय में हिजाब पहनती थी. नजफ ने एनबीसी वाशिंगटन को बताया, 'मैं वाकई दुखी थी। जिस दिन यह हुआ, मैं टूट गई.' उसने इंटरव्यू के दिन या शुरुआती कुछ दिनों में हिजाब नहीं पहना था. तीसरे दिन उन्होंने हिजाब पहनने की सोची, क्योंकि नजफ ने महसूस किया कि उनकी नौकरी बनी रहेगी और इसे पहनना उनकी आध्यात्मिकमा से जुड़ा है. उस दिन कार्यालय में डेंटल केयर सेंटर के मालिक डा. चक जो ने उनसे हिजाब हटाने को कहा. जो ने उससे कहा कि वे कार्यालय में एक तटस्थ माहौल बनाकर रखना चाहते हैं. नियोक्ता ने उनसे कहा कि वह हिजाब हटा दे, क्योंकि इस्लामी हिजाब से मरीजों को परेशानी होगी और वह अपने कार्यालय से धर्म को अलग रखना चाहते थे. टिप्पणियां खान ने बताया कि जो ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया कि यदि उन्होंने हिजाब पहनकर काम किया, तो उनकी नौकरी चली जाएगी. उन्होंने बताया, 'जब मैंने कहा कि मैं अपने धर्म से समझौता नहीं करूंगी तो उन्होंने मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया और मैं चली आई.' जो ने कहा कि धर्म के सार्वजनिक प्रदर्शन की उनके कारेाबार में अनुमति नहीं है, क्योंकि वह इसे तटस्थ रखना चाहते हैं. यदि उनके कर्मचारी टोपी पहनना चाहते हैं, तो स्वच्छता कारणों से यह सर्जिकल टोपी होनी चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नजफ ने एनबीसी वाशिंगटन को बताया, 'मैं वाकई दुखी थी। जिस दिन यह हुआ, मैं टूट गई.' उसने इंटरव्यू के दिन या शुरुआती कुछ दिनों में हिजाब नहीं पहना था. तीसरे दिन उन्होंने हिजाब पहनने की सोची, क्योंकि नजफ ने महसूस किया कि उनकी नौकरी बनी रहेगी और इसे पहनना उनकी आध्यात्मिकमा से जुड़ा है. उस दिन कार्यालय में डेंटल केयर सेंटर के मालिक डा. चक जो ने उनसे हिजाब हटाने को कहा. जो ने उससे कहा कि वे कार्यालय में एक तटस्थ माहौल बनाकर रखना चाहते हैं. नियोक्ता ने उनसे कहा कि वह हिजाब हटा दे, क्योंकि इस्लामी हिजाब से मरीजों को परेशानी होगी और वह अपने कार्यालय से धर्म को अलग रखना चाहते थे. टिप्पणियां खान ने बताया कि जो ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया कि यदि उन्होंने हिजाब पहनकर काम किया, तो उनकी नौकरी चली जाएगी. उन्होंने बताया, 'जब मैंने कहा कि मैं अपने धर्म से समझौता नहीं करूंगी तो उन्होंने मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया और मैं चली आई.' जो ने कहा कि धर्म के सार्वजनिक प्रदर्शन की उनके कारेाबार में अनुमति नहीं है, क्योंकि वह इसे तटस्थ रखना चाहते हैं. यदि उनके कर्मचारी टोपी पहनना चाहते हैं, तो स्वच्छता कारणों से यह सर्जिकल टोपी होनी चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उस दिन कार्यालय में डेंटल केयर सेंटर के मालिक डा. चक जो ने उनसे हिजाब हटाने को कहा. जो ने उससे कहा कि वे कार्यालय में एक तटस्थ माहौल बनाकर रखना चाहते हैं. नियोक्ता ने उनसे कहा कि वह हिजाब हटा दे, क्योंकि इस्लामी हिजाब से मरीजों को परेशानी होगी और वह अपने कार्यालय से धर्म को अलग रखना चाहते थे. टिप्पणियां खान ने बताया कि जो ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया कि यदि उन्होंने हिजाब पहनकर काम किया, तो उनकी नौकरी चली जाएगी. उन्होंने बताया, 'जब मैंने कहा कि मैं अपने धर्म से समझौता नहीं करूंगी तो उन्होंने मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया और मैं चली आई.' जो ने कहा कि धर्म के सार्वजनिक प्रदर्शन की उनके कारेाबार में अनुमति नहीं है, क्योंकि वह इसे तटस्थ रखना चाहते हैं. यदि उनके कर्मचारी टोपी पहनना चाहते हैं, तो स्वच्छता कारणों से यह सर्जिकल टोपी होनी चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) खान ने बताया कि जो ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया कि यदि उन्होंने हिजाब पहनकर काम किया, तो उनकी नौकरी चली जाएगी. उन्होंने बताया, 'जब मैंने कहा कि मैं अपने धर्म से समझौता नहीं करूंगी तो उन्होंने मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया और मैं चली आई.' जो ने कहा कि धर्म के सार्वजनिक प्रदर्शन की उनके कारेाबार में अनुमति नहीं है, क्योंकि वह इसे तटस्थ रखना चाहते हैं. यदि उनके कर्मचारी टोपी पहनना चाहते हैं, तो स्वच्छता कारणों से यह सर्जिकल टोपी होनी चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्जीनिया के एक डेंटल केयर सेंटर में काम करती थी महिला हिजाब हटाने से मना करने पर महिला को नौकरी से निकाला मालिक ने कहा- अपने ऑफिस में तटस्थ माहौल चाहता था
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय सेना में अब महिला सैनिक भी बॉर्डर पर दुश्मनों के साथ दो-दो हाथ करती नज़र आएंगी. सेना प्रमुख ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं को सबसे पहले मिलिट्री पुलिस में तैनात किया जाएगा. सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत भी जल्दी ही उन देशों में शामिल होगा, जहां महिलाएं पुरुषों के साथ बॉर्डर पर दुश्मनों से मोर्चा लेती हैं. जनरल रावत ने कहा कि महिलाओं को लड़ाकू भूमिका में लाने की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, डेनमार्क, इजरायल आदि देशों में महिला लडाकू सैनिक के तौर पर तैनात हैं. सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना में महिलाएं चिकित्सा, शिक्षा, कानून तथा इंजीनियरिंग जैसे विभागों में तैनात होती हैं. बता दें कि पिछले साल ही भारतीय वायु सेना ने तीन महिलाओं को फाइटर पायलट के तौर पर तैनात करके इतिहास रचा था.  रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों को शामिल करने के सवाल पर आर्मी प्रमुख ने कहा कि रक्षा उत्पादन में अग्रणी निजी कंपनियों को शामिल करने के लिए सरकार के रणनीतिक साझेदारी मॉडल (एसपी मॉडल) एक अहम और बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि नए मॉडल से सेना के आधुनिकीकरण की योजना की रफ्तार तेज होगी क्योंकि इससे नई तकनीक आएंगी और सेना की मुख्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी. जनरल रावत ने कहा कि एसपी मॉडल सेना के पुराने होते टैंकों और महत्वपूर्ण हथियारों के बेड़े को बदलने में कारगर साबित होगा.टिप्पणियां सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संदर्भ में जनरल रावत ने इसकी प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और अमेरिका से दो बेहद हल्की होवित्जर तोपों को लाने और डीआरडीओ द्वारा विकसित 155 एमएम की तोप धनुष का उदाहरण दिया.  (इनपुट भाषा से भी) सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत भी जल्दी ही उन देशों में शामिल होगा, जहां महिलाएं पुरुषों के साथ बॉर्डर पर दुश्मनों से मोर्चा लेती हैं. जनरल रावत ने कहा कि महिलाओं को लड़ाकू भूमिका में लाने की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, डेनमार्क, इजरायल आदि देशों में महिला लडाकू सैनिक के तौर पर तैनात हैं. सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना में महिलाएं चिकित्सा, शिक्षा, कानून तथा इंजीनियरिंग जैसे विभागों में तैनात होती हैं. बता दें कि पिछले साल ही भारतीय वायु सेना ने तीन महिलाओं को फाइटर पायलट के तौर पर तैनात करके इतिहास रचा था.  रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों को शामिल करने के सवाल पर आर्मी प्रमुख ने कहा कि रक्षा उत्पादन में अग्रणी निजी कंपनियों को शामिल करने के लिए सरकार के रणनीतिक साझेदारी मॉडल (एसपी मॉडल) एक अहम और बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि नए मॉडल से सेना के आधुनिकीकरण की योजना की रफ्तार तेज होगी क्योंकि इससे नई तकनीक आएंगी और सेना की मुख्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी. जनरल रावत ने कहा कि एसपी मॉडल सेना के पुराने होते टैंकों और महत्वपूर्ण हथियारों के बेड़े को बदलने में कारगर साबित होगा.टिप्पणियां सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संदर्भ में जनरल रावत ने इसकी प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और अमेरिका से दो बेहद हल्की होवित्जर तोपों को लाने और डीआरडीओ द्वारा विकसित 155 एमएम की तोप धनुष का उदाहरण दिया.  (इनपुट भाषा से भी) उन्होंने बताया कि जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, डेनमार्क, इजरायल आदि देशों में महिला लडाकू सैनिक के तौर पर तैनात हैं. सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना में महिलाएं चिकित्सा, शिक्षा, कानून तथा इंजीनियरिंग जैसे विभागों में तैनात होती हैं. बता दें कि पिछले साल ही भारतीय वायु सेना ने तीन महिलाओं को फाइटर पायलट के तौर पर तैनात करके इतिहास रचा था.  रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों को शामिल करने के सवाल पर आर्मी प्रमुख ने कहा कि रक्षा उत्पादन में अग्रणी निजी कंपनियों को शामिल करने के लिए सरकार के रणनीतिक साझेदारी मॉडल (एसपी मॉडल) एक अहम और बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि नए मॉडल से सेना के आधुनिकीकरण की योजना की रफ्तार तेज होगी क्योंकि इससे नई तकनीक आएंगी और सेना की मुख्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी. जनरल रावत ने कहा कि एसपी मॉडल सेना के पुराने होते टैंकों और महत्वपूर्ण हथियारों के बेड़े को बदलने में कारगर साबित होगा.टिप्पणियां सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संदर्भ में जनरल रावत ने इसकी प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और अमेरिका से दो बेहद हल्की होवित्जर तोपों को लाने और डीआरडीओ द्वारा विकसित 155 एमएम की तोप धनुष का उदाहरण दिया.  (इनपुट भाषा से भी) रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों को शामिल करने के सवाल पर आर्मी प्रमुख ने कहा कि रक्षा उत्पादन में अग्रणी निजी कंपनियों को शामिल करने के लिए सरकार के रणनीतिक साझेदारी मॉडल (एसपी मॉडल) एक अहम और बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि नए मॉडल से सेना के आधुनिकीकरण की योजना की रफ्तार तेज होगी क्योंकि इससे नई तकनीक आएंगी और सेना की मुख्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी. जनरल रावत ने कहा कि एसपी मॉडल सेना के पुराने होते टैंकों और महत्वपूर्ण हथियारों के बेड़े को बदलने में कारगर साबित होगा.टिप्पणियां सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संदर्भ में जनरल रावत ने इसकी प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और अमेरिका से दो बेहद हल्की होवित्जर तोपों को लाने और डीआरडीओ द्वारा विकसित 155 एमएम की तोप धनुष का उदाहरण दिया.  (इनपुट भाषा से भी) उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि नए मॉडल से सेना के आधुनिकीकरण की योजना की रफ्तार तेज होगी क्योंकि इससे नई तकनीक आएंगी और सेना की मुख्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी. जनरल रावत ने कहा कि एसपी मॉडल सेना के पुराने होते टैंकों और महत्वपूर्ण हथियारों के बेड़े को बदलने में कारगर साबित होगा.टिप्पणियां सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संदर्भ में जनरल रावत ने इसकी प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और अमेरिका से दो बेहद हल्की होवित्जर तोपों को लाने और डीआरडीओ द्वारा विकसित 155 एमएम की तोप धनुष का उदाहरण दिया.  (इनपुट भाषा से भी) सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संदर्भ में जनरल रावत ने इसकी प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की और अमेरिका से दो बेहद हल्की होवित्जर तोपों को लाने और डीआरडीओ द्वारा विकसित 155 एमएम की तोप धनुष का उदाहरण दिया.  (इनपुट भाषा से भी)  (इनपुट भाषा से भी)
वायु सेना में तीन महिलाओं को फाइटर पायलट के तौर पर तैनात किया था सेना में महिलाओं को सबसे पहले मिलिट्री पुलिस में तैनात किया जाएगा रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों को शामिल करने को बताया बड़ा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिलायंस इंडस्ट्रीज का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून, 2012) का शुद्ध लाभ एक साल पहले इसी अवधि से 21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,473 करोड़ रुपये रह गया है। आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कृष्णा गोदावरी बेसिन क्षेत्र की मुख्य गैस परियोजना में उत्पादन गिरने से मुनाफा प्रभावित हुआ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसने 4,473 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 5,661 करोड़ रुपये से 21 फीसद कम है। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ बीते वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च, 2012) से 5.6 प्रतिशत अधिक रहा है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी ने 4,236 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।टिप्पणियां कंपनी ने पहली तिमाही के शुद्ध लाभ को ‘बाजार की उम्मीद से बेहतर ’ बताया है। पहली तिमाही में कंपनी की आमदनी 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 91,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान उसकी अन्य आय लगभग दोगुना होकर 1,904 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कृष्णा गोदावरी बेसिन क्षेत्र की मुख्य गैस परियोजना में उत्पादन गिरने से मुनाफा प्रभावित हुआ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसने 4,473 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 5,661 करोड़ रुपये से 21 फीसद कम है। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ बीते वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च, 2012) से 5.6 प्रतिशत अधिक रहा है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी ने 4,236 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।टिप्पणियां कंपनी ने पहली तिमाही के शुद्ध लाभ को ‘बाजार की उम्मीद से बेहतर ’ बताया है। पहली तिमाही में कंपनी की आमदनी 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 91,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान उसकी अन्य आय लगभग दोगुना होकर 1,904 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसने 4,473 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 5,661 करोड़ रुपये से 21 फीसद कम है। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ बीते वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च, 2012) से 5.6 प्रतिशत अधिक रहा है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी ने 4,236 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।टिप्पणियां कंपनी ने पहली तिमाही के शुद्ध लाभ को ‘बाजार की उम्मीद से बेहतर ’ बताया है। पहली तिमाही में कंपनी की आमदनी 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 91,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान उसकी अन्य आय लगभग दोगुना होकर 1,904 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ बीते वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च, 2012) से 5.6 प्रतिशत अधिक रहा है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी ने 4,236 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।टिप्पणियां कंपनी ने पहली तिमाही के शुद्ध लाभ को ‘बाजार की उम्मीद से बेहतर ’ बताया है। पहली तिमाही में कंपनी की आमदनी 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 91,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान उसकी अन्य आय लगभग दोगुना होकर 1,904 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। कंपनी ने पहली तिमाही के शुद्ध लाभ को ‘बाजार की उम्मीद से बेहतर ’ बताया है। पहली तिमाही में कंपनी की आमदनी 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 91,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान उसकी अन्य आय लगभग दोगुना होकर 1,904 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पहली तिमाही में कंपनी की आमदनी 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 91,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान उसकी अन्य आय लगभग दोगुना होकर 1,904 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
संक्षिप्त सारांश: रिलायंस इंडस्ट्रीज का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून, 2012) का शुद्ध लाभ एक साल पहले इसी अवधि से 21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,473 करोड़ रुपये रह गया है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत को तब करारा झटका लगा जब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वेस्टइंडीज में चल रही त्रिकोणीय क्रिकेट शृंखला से बाहर हो गए। बीसीसीआई ने धोनी के बाहर होने पर विराट कोहली को कार्यवाहक कप्तान नियुक्त किया है। धोनी के विकल्प के तौर पर बल्लेबाज अंबाती रायुडू वेस्टइंडीज रवाना होंगे।टिप्पणियां बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने एक बयान में कहा, ‘महेंद्र सिंह धोनी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वेस्टइंडीज में चल रही त्रिकोणीय शृंखला से बाहर हो गए हैं। सीनियर चयन समिति ने अंबाती रायुडू को उनके विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया है। रायुडू जल्द से जल्द टीम से जुड़ेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘त्रिकोणीय शृंखला के बाकी मैचों में विराट कोहली भारत की अगुआई करेंगे।’ जमैका में वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिकोणीय शृंखला के भारत के पहले मैच में बल्लेबाजी के दौरान धोनी की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था जिसके बाद वह विकेटकीपिंग भी नहीं कर पाए थे। बीसीसीआई ने धोनी के बाहर होने पर विराट कोहली को कार्यवाहक कप्तान नियुक्त किया है। धोनी के विकल्प के तौर पर बल्लेबाज अंबाती रायुडू वेस्टइंडीज रवाना होंगे।टिप्पणियां बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने एक बयान में कहा, ‘महेंद्र सिंह धोनी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वेस्टइंडीज में चल रही त्रिकोणीय शृंखला से बाहर हो गए हैं। सीनियर चयन समिति ने अंबाती रायुडू को उनके विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया है। रायुडू जल्द से जल्द टीम से जुड़ेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘त्रिकोणीय शृंखला के बाकी मैचों में विराट कोहली भारत की अगुआई करेंगे।’ जमैका में वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिकोणीय शृंखला के भारत के पहले मैच में बल्लेबाजी के दौरान धोनी की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था जिसके बाद वह विकेटकीपिंग भी नहीं कर पाए थे। बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने एक बयान में कहा, ‘महेंद्र सिंह धोनी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वेस्टइंडीज में चल रही त्रिकोणीय शृंखला से बाहर हो गए हैं। सीनियर चयन समिति ने अंबाती रायुडू को उनके विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया है। रायुडू जल्द से जल्द टीम से जुड़ेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘त्रिकोणीय शृंखला के बाकी मैचों में विराट कोहली भारत की अगुआई करेंगे।’ जमैका में वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिकोणीय शृंखला के भारत के पहले मैच में बल्लेबाजी के दौरान धोनी की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था जिसके बाद वह विकेटकीपिंग भी नहीं कर पाए थे। जमैका में वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिकोणीय शृंखला के भारत के पहले मैच में बल्लेबाजी के दौरान धोनी की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था जिसके बाद वह विकेटकीपिंग भी नहीं कर पाए थे।
संक्षिप्त सारांश: भारत को तब करारा झटका लगा जब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वेस्टइंडीज में चल रही त्रिकोणीय क्रिकेट शृंखला से बाहर हो गए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक जाने-माने हड्डी सर्जन का कहना है कि अमेरिकी या ब्रिटिश लोगों की तुलना में भारतीय लोगों की हड्डियां पारंपरिक रूप से कमजोर और विकृत होती हैं और भारतीयों में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी विकार) होने का खतरा अधिक रहता है। हड्डियों के स्वास्थ्य के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे लास वेगास के जाने-माने आर्थोपेडिक सर्जन एरिक जीगन ने बताया कि भारत में घुटनों की सर्जरी का स्वरूप अमेरिका की सर्जरी से बिल्कुल अलग है। भारतीय उपमहाद्वीप में लोगों की हड्डियां काफी कमजोर होती हैं। जीगन ने कहा, यहां पर लोगों के घुटने की हड्डियां कमजोर होती हैं। अमेरिकी लोगों में ऐसा देखने को नहीं मिलता वहां पर लोगों के घुटने की हड्डी का आकार भी यहां के लोगों की तुलना में बड़ा होता है। गोवा के हड्डी विशेषज्ञ अमेया वेलिंगकर के मुताबिक इसका एक कारण यह है कि भारत में लोग घुटने के दर्द या बीमारी को नजरअंदाज करते हैं और बिल्कुल अंत समय में सर्जरी का विकल्प चुनते हैं। वेलिंगकर ने कहा कि भारतीय लोगों में कमजोर हड्डियों का दूसरा बड़ा कारण नियमित व्यायाम की कमी है। भारतीय लोग शारीरिक गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं और बाद में तकलीफ बढ़ती है। उन्होंने कहा, भारतीय लोगों की हड्डियां दूसरे लोगों की तुलना में कम गुणवत्ता वाली होती हैं और नियमित व्यायाम की कमी उन्हें और भी कमजोर कर देती हैं। उन्होंने कहा कि हम नियमित व्यायाम का जितना ध्यान रखेंगे, हड्डियों की तकलीफ से उतने ही दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं और नियमित रूप से व्यायाम आदि करते हैं, इसलिए उनकी हड्डियां मजबूत और उच्चतम गुणवत्ता वाली होती हैं।टिप्पणियां वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। हड्डियों के स्वास्थ्य के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे लास वेगास के जाने-माने आर्थोपेडिक सर्जन एरिक जीगन ने बताया कि भारत में घुटनों की सर्जरी का स्वरूप अमेरिका की सर्जरी से बिल्कुल अलग है। भारतीय उपमहाद्वीप में लोगों की हड्डियां काफी कमजोर होती हैं। जीगन ने कहा, यहां पर लोगों के घुटने की हड्डियां कमजोर होती हैं। अमेरिकी लोगों में ऐसा देखने को नहीं मिलता वहां पर लोगों के घुटने की हड्डी का आकार भी यहां के लोगों की तुलना में बड़ा होता है। गोवा के हड्डी विशेषज्ञ अमेया वेलिंगकर के मुताबिक इसका एक कारण यह है कि भारत में लोग घुटने के दर्द या बीमारी को नजरअंदाज करते हैं और बिल्कुल अंत समय में सर्जरी का विकल्प चुनते हैं। वेलिंगकर ने कहा कि भारतीय लोगों में कमजोर हड्डियों का दूसरा बड़ा कारण नियमित व्यायाम की कमी है। भारतीय लोग शारीरिक गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं और बाद में तकलीफ बढ़ती है। उन्होंने कहा, भारतीय लोगों की हड्डियां दूसरे लोगों की तुलना में कम गुणवत्ता वाली होती हैं और नियमित व्यायाम की कमी उन्हें और भी कमजोर कर देती हैं। उन्होंने कहा कि हम नियमित व्यायाम का जितना ध्यान रखेंगे, हड्डियों की तकलीफ से उतने ही दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं और नियमित रूप से व्यायाम आदि करते हैं, इसलिए उनकी हड्डियां मजबूत और उच्चतम गुणवत्ता वाली होती हैं।टिप्पणियां वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। जीगन ने कहा, यहां पर लोगों के घुटने की हड्डियां कमजोर होती हैं। अमेरिकी लोगों में ऐसा देखने को नहीं मिलता वहां पर लोगों के घुटने की हड्डी का आकार भी यहां के लोगों की तुलना में बड़ा होता है। गोवा के हड्डी विशेषज्ञ अमेया वेलिंगकर के मुताबिक इसका एक कारण यह है कि भारत में लोग घुटने के दर्द या बीमारी को नजरअंदाज करते हैं और बिल्कुल अंत समय में सर्जरी का विकल्प चुनते हैं। वेलिंगकर ने कहा कि भारतीय लोगों में कमजोर हड्डियों का दूसरा बड़ा कारण नियमित व्यायाम की कमी है। भारतीय लोग शारीरिक गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं और बाद में तकलीफ बढ़ती है। उन्होंने कहा, भारतीय लोगों की हड्डियां दूसरे लोगों की तुलना में कम गुणवत्ता वाली होती हैं और नियमित व्यायाम की कमी उन्हें और भी कमजोर कर देती हैं। उन्होंने कहा कि हम नियमित व्यायाम का जितना ध्यान रखेंगे, हड्डियों की तकलीफ से उतने ही दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं और नियमित रूप से व्यायाम आदि करते हैं, इसलिए उनकी हड्डियां मजबूत और उच्चतम गुणवत्ता वाली होती हैं।टिप्पणियां वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। गोवा के हड्डी विशेषज्ञ अमेया वेलिंगकर के मुताबिक इसका एक कारण यह है कि भारत में लोग घुटने के दर्द या बीमारी को नजरअंदाज करते हैं और बिल्कुल अंत समय में सर्जरी का विकल्प चुनते हैं। वेलिंगकर ने कहा कि भारतीय लोगों में कमजोर हड्डियों का दूसरा बड़ा कारण नियमित व्यायाम की कमी है। भारतीय लोग शारीरिक गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं और बाद में तकलीफ बढ़ती है। उन्होंने कहा, भारतीय लोगों की हड्डियां दूसरे लोगों की तुलना में कम गुणवत्ता वाली होती हैं और नियमित व्यायाम की कमी उन्हें और भी कमजोर कर देती हैं। उन्होंने कहा कि हम नियमित व्यायाम का जितना ध्यान रखेंगे, हड्डियों की तकलीफ से उतने ही दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं और नियमित रूप से व्यायाम आदि करते हैं, इसलिए उनकी हड्डियां मजबूत और उच्चतम गुणवत्ता वाली होती हैं।टिप्पणियां वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। वेलिंगकर ने कहा कि भारतीय लोगों में कमजोर हड्डियों का दूसरा बड़ा कारण नियमित व्यायाम की कमी है। भारतीय लोग शारीरिक गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं और बाद में तकलीफ बढ़ती है। उन्होंने कहा, भारतीय लोगों की हड्डियां दूसरे लोगों की तुलना में कम गुणवत्ता वाली होती हैं और नियमित व्यायाम की कमी उन्हें और भी कमजोर कर देती हैं। उन्होंने कहा कि हम नियमित व्यायाम का जितना ध्यान रखेंगे, हड्डियों की तकलीफ से उतने ही दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं और नियमित रूप से व्यायाम आदि करते हैं, इसलिए उनकी हड्डियां मजबूत और उच्चतम गुणवत्ता वाली होती हैं।टिप्पणियां वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। उन्होंने कहा, भारतीय लोगों की हड्डियां दूसरे लोगों की तुलना में कम गुणवत्ता वाली होती हैं और नियमित व्यायाम की कमी उन्हें और भी कमजोर कर देती हैं। उन्होंने कहा कि हम नियमित व्यायाम का जितना ध्यान रखेंगे, हड्डियों की तकलीफ से उतने ही दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं और नियमित रूप से व्यायाम आदि करते हैं, इसलिए उनकी हड्डियां मजबूत और उच्चतम गुणवत्ता वाली होती हैं।टिप्पणियां वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं और नियमित रूप से व्यायाम आदि करते हैं, इसलिए उनकी हड्डियां मजबूत और उच्चतम गुणवत्ता वाली होती हैं।टिप्पणियां वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। वेलिंगकर ने कहा कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाद अब अफ्रीका में भी घुटने की सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों में हड्डी के ऑपरेशन के लिए बहुत से मरीज मिल जाएंगे। इन देशों में सर्जरी के लिए बेहतर सुविधाओं का अभाव है और यहां की सरकारें अपने मरीजों को सर्जरी के लिए विदेश भेजने का विकल्प अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चिकित्सा संबंधी द्विपक्षीय समझौते देश में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत में घुटने की सर्जरी कराने के लिए कुल लागत दो लाख रुपये (3,400 डॉलर) है, जबकि अमेरिका में सर्जरी के लिए नौ से 10 लाख का खर्चा आता है।
यहाँ एक सारांश है:एक जाने-माने हड्डी सर्जन का कहना है कि अमेरिकी या ब्रिटिश लोगों की तुलना में भारतीय लोगों की हड्डियां पारंपरिक रूप से कमजोर और विकृत होती हैं और भारतीयों में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी विकार) होने का खतरा अधिक रहता है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन मैराथन के आयोजकों ने कहा है कि बोस्टन मैराथन में फिनिश लाइन के पास हुए विस्फोटों में कम से कम दो लोगों के मारे जाने के बावजूद रविवार को यहां रेस होगी। पुलिस ने हालांकि कहा कि उसे सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी। अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि बोस्टन मैराथन में हुए विस्फोट आतंकी हमले थे या नहीं। इस हादसे के बाद हालांकि लंदन मैराथन की सुरक्षा को लेकर आशंका पैदा हो गई है।टिप्पणियां लंदन मैराथन के मुख्य कार्यकारी निक बिटेल ने बीबीसी रेडियो फाइव लाइव से कहा, हम लंदन मैराथन रद्द नहीं करेंगे। हम सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैराथन या परेड जैसा आयोजन पूरे शहर में होता है, यह किसी स्टेडियम में नहीं होता लिहाजा यह उतनी ही सुरक्षित होगी जितना कि यह शहर। हर साल लंदन मैराथन में हजारों अंतरराष्ट्रीय एथलीट भाग लेते हैं। छह दिन बाद होने वाली रेस के सुरक्षा कारणों से रद्द होने की अटकलें लगाई जा रही है। बिटेल ने कहा, हम बोस्टन में विस्फोट की खबर से दुखी और स्तब्ध है। हमारी सहानुभूति उन परिवारों के साथ है। हमने मेट्रोपोलिटन पुलिस के साथ संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना बनाई है। हम लगातार उनके संपर्क में हैं। अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि बोस्टन मैराथन में हुए विस्फोट आतंकी हमले थे या नहीं। इस हादसे के बाद हालांकि लंदन मैराथन की सुरक्षा को लेकर आशंका पैदा हो गई है।टिप्पणियां लंदन मैराथन के मुख्य कार्यकारी निक बिटेल ने बीबीसी रेडियो फाइव लाइव से कहा, हम लंदन मैराथन रद्द नहीं करेंगे। हम सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैराथन या परेड जैसा आयोजन पूरे शहर में होता है, यह किसी स्टेडियम में नहीं होता लिहाजा यह उतनी ही सुरक्षित होगी जितना कि यह शहर। हर साल लंदन मैराथन में हजारों अंतरराष्ट्रीय एथलीट भाग लेते हैं। छह दिन बाद होने वाली रेस के सुरक्षा कारणों से रद्द होने की अटकलें लगाई जा रही है। बिटेल ने कहा, हम बोस्टन में विस्फोट की खबर से दुखी और स्तब्ध है। हमारी सहानुभूति उन परिवारों के साथ है। हमने मेट्रोपोलिटन पुलिस के साथ संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना बनाई है। हम लगातार उनके संपर्क में हैं। लंदन मैराथन के मुख्य कार्यकारी निक बिटेल ने बीबीसी रेडियो फाइव लाइव से कहा, हम लंदन मैराथन रद्द नहीं करेंगे। हम सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैराथन या परेड जैसा आयोजन पूरे शहर में होता है, यह किसी स्टेडियम में नहीं होता लिहाजा यह उतनी ही सुरक्षित होगी जितना कि यह शहर। हर साल लंदन मैराथन में हजारों अंतरराष्ट्रीय एथलीट भाग लेते हैं। छह दिन बाद होने वाली रेस के सुरक्षा कारणों से रद्द होने की अटकलें लगाई जा रही है। बिटेल ने कहा, हम बोस्टन में विस्फोट की खबर से दुखी और स्तब्ध है। हमारी सहानुभूति उन परिवारों के साथ है। हमने मेट्रोपोलिटन पुलिस के साथ संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना बनाई है। हम लगातार उनके संपर्क में हैं। बिटेल ने कहा, हम बोस्टन में विस्फोट की खबर से दुखी और स्तब्ध है। हमारी सहानुभूति उन परिवारों के साथ है। हमने मेट्रोपोलिटन पुलिस के साथ संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना बनाई है। हम लगातार उनके संपर्क में हैं।
संक्षिप्त पाठ: लंदन मैराथन के आयोजकों ने कहा है कि बोस्टन मैराथन में फिनिश लाइन के पास हुए विस्फोटों में कम से कम दो लोगों के मारे जाने के बावजूद रविवार को यहां रेस होगी।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जापान में आए विनाशकारी भूकम्प के कारण फुकुशिमा परमाणु विद्युत संयंत्र के क्षतिग्रस्त होने के बाद विकिरण ग्रस्त कम से कम 15 व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी समाचार एजेंसी क्योडो ने रविवार को दी है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार जापान की आधिकारिक रिपोर्टों में कहा गया है कि शनिवार को इस संयंत्र के रिएक्टर संख्या एक में एक जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसके कारण रिएक्टर की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी। लेकिन परमाणु रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।  यह विस्फोट देश के उत्तर पूर्वी हिस्से में शुक्रवार को आए नौ तीव्रता वाले भूकम्प के बाद हुआ था। भूकम्प में 1,000 से अधिक लोगों के मारे जाने का अनुमान है। प्रशासन ने रविवार को भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर पूर्व के 8.9 के बदले बढ़ा कर नौ कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि रिएक्टर को ढके हुए स्टील के एक कंटेनर ने इसे विस्फोट से बचा लिया। अधिकारियों ने कहा है कि विस्फोट के बाद हालांकि संयंत्र के चारों ओर खाली कराए जाने वाले इलाके का दायरा 10 किलोमीटर से बढ़ा कर 20 किलोमीटर कर दिया गया और स्थानीय नागरिकों में आयोडीन का वितरण शुरू कर दिया गया। आयोडीन रेडियोएक्टिव विकिरण से शरीर की रक्षा करता है। फुकुशिमा प्रांत के अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों की खिड़कियां बंद रखें, एयरकंडीशनर बंद रखे और घरों से बाहर न निकलें। समाचार एजेंसी क्योडो ने जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव युकियो एडनो के हवाले से कहा है कि फुकुशिमा संयंत्र के एक अन्य रिएक्टर में भी आपात प्रशीतक प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया है। इस कारण अधिक तापमान के चलते एक और विस्फोट का भय बना हुआ है। एडनो ने कहा कि रिएक्टर संख्या तीन से रेडियोएक्टिव वाष्प निकलने की प्रक्रिया जारी है।  जापान में शुक्रवार को आए भूकम्प व सुनामी के बाद फुकुशिमा संयंत्र का यह छठा रिएक्टर है, जिसकी प्रशीतक प्रणाली बंद होने वाली है।
सारांश: फुकुशिमा परमाणु विद्युत संयंत्र के क्षतिग्रस्त होने के बाद विकिरणग्रस्त कम से कम 15 व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विश्व के 108वीं वरीयता प्राप्त भारत के टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन को सिंगापुर एटीपी चैलेंजर टेनिस टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता दी गई है। रविवार से खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में जापान के खिलाड़ी गो सोएदा को मुख्य दौर में दूसरी वरीयता दी गई है। पिछले दिनों सोमदेव ऑस्ट्रेलियन ओपन के एकल मुकाबले के पहले दौर में हारकर बाहर हो गए थे। सोमदेव को स्पेन के खिलाड़ी टॉमी रोब्रेडो ने हराया था। सोमदेव ने कहा, " रैंकिंग मेरे लिए मायने नहीं रखती। इस टूर्नामेंट में कई अच्छे खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण अपने खेल पर ध्यान देना है। मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान दूंगा।" एक अन्य भारतीय खिलाड़ी करण रस्तोगी को इस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश मिला है। सोमदेव की पहली भिड़ंत थाईलैंड के वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश करने वाले खिलाड़ी पीराकियात सिरीलूएथाईवाटाना से होगी जबकि रस्तोगी अपने पहले दौर के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के ब्रायडान केन से भिड़ेंगे।
यहाँ एक सारांश है:पिछले दिनों सोमदेव ऑस्ट्रेलियन ओपन के एकल मुकाबले के पहले दौर में हारकर बाहर हो गए थे। सोमदेव को स्पेन के खिलाड़ी टॉमी रोब्रेडो ने हराया था।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन भारत और उसके बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का इच्छुक है और चाहता है कि वर्ष 2012 दोनों देशों के लिए सहयोग और विकास का साल हो। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों शिवशंकर मेनन और दाए बिंगग्यो ने नई दिल्ली में सीमा पर 15वें दौर की वार्ता के दूसरे दिन बातचीत की।टिप्पणियां चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह दोस्ताना विचार-विमर्श के माध्यम से ‘शांतिपूर्ण तरीके से दोनों देशों को मंजूर, पारदर्शी और उचित हल’ निकालना चाहता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियू वेइमिन ने बताया, ‘चीन-भारत सीमा विवाद मुद्दे पर, वर्ष 2003 से अपनाए गए तरीके के अंतर्गत दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच निष्पक्ष और सार्थक बातचीत हुई।’ उन्होंने वार्ता के बारे में अधिक जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि बैठकें अभी भी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक दिशा-निर्देश तैयार करने पर राजी हो गए हैं जोकि इस विवाद का हल निकालने के मामले में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों शिवशंकर मेनन और दाए बिंगग्यो ने नई दिल्ली में सीमा पर 15वें दौर की वार्ता के दूसरे दिन बातचीत की।टिप्पणियां चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह दोस्ताना विचार-विमर्श के माध्यम से ‘शांतिपूर्ण तरीके से दोनों देशों को मंजूर, पारदर्शी और उचित हल’ निकालना चाहता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियू वेइमिन ने बताया, ‘चीन-भारत सीमा विवाद मुद्दे पर, वर्ष 2003 से अपनाए गए तरीके के अंतर्गत दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच निष्पक्ष और सार्थक बातचीत हुई।’ उन्होंने वार्ता के बारे में अधिक जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि बैठकें अभी भी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक दिशा-निर्देश तैयार करने पर राजी हो गए हैं जोकि इस विवाद का हल निकालने के मामले में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह दोस्ताना विचार-विमर्श के माध्यम से ‘शांतिपूर्ण तरीके से दोनों देशों को मंजूर, पारदर्शी और उचित हल’ निकालना चाहता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियू वेइमिन ने बताया, ‘चीन-भारत सीमा विवाद मुद्दे पर, वर्ष 2003 से अपनाए गए तरीके के अंतर्गत दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच निष्पक्ष और सार्थक बातचीत हुई।’ उन्होंने वार्ता के बारे में अधिक जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि बैठकें अभी भी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक दिशा-निर्देश तैयार करने पर राजी हो गए हैं जोकि इस विवाद का हल निकालने के मामले में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियू वेइमिन ने बताया, ‘चीन-भारत सीमा विवाद मुद्दे पर, वर्ष 2003 से अपनाए गए तरीके के अंतर्गत दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच निष्पक्ष और सार्थक बातचीत हुई।’ उन्होंने वार्ता के बारे में अधिक जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि बैठकें अभी भी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक दिशा-निर्देश तैयार करने पर राजी हो गए हैं जोकि इस विवाद का हल निकालने के मामले में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
यहाँ एक सारांश है:चीन भारत और उसके बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का इच्छुक है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पदार्पण टेस्ट में आज सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाने वाले भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन की जिंदगी का एक दूसरा पहलू भी है। उन्हें अपनी मूछों को ताव देना पसंद है, उनकी गठीली बाजुओं पर टैटू बने हुए हैं और वह ट्रेनिंग के लिए अपनी कस्टमाइज्ड हायबुशा बाइक पर आते हैं। धवन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन 168 गेंद में नाबाद 185 रन की पारी खेली और इस दौरान सिर्फ 85 गेंद में शतक पूरा किया। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को उनके गठीले शरीर और उनके शॉट की ताकत को देखते हुए दिल्ली टीम के साथी ‘गब्बर’ के नाम से पुकारते थे। भारत के लिए कुछ वन-डे खेलने वाले दिल्ली के एक पूर्व खिलाड़ी को 80 के दशक में धवन के अपनी शानदार बाइक पर पहुंचने से काफी हैरानी हुई थी।टिप्पणियां इस पूर्व खिलाड़ी ने पूछा, बेटा ये बाइक आपने कितने की खरीदी आपने?’ तो धवन ने जवाब दिया, यह 25 लाख की है। इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, तो तुमने मर्सीडीज क्यों नहीं खरीदी? धवन ने मुस्कुराते हुए कहा, वो भी खरीद लेंगे सर। 27 वर्षीय धवन 2004 में बांग्लादेश में अंडर 19 विश्व कप में तीन शतक जड़ने के बाद सुखिर्यों में आए थे। उनके कुछ अंडर 19 टीम के साथी जैसे सुरेश रैना, आरपी सिंह, दिनेश कार्तिक ने राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली, लेकिन उन्हें इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ा। उनकी बहन श्रेष्ठा धवन ने कहा, हम इस इंतजार के बाद मिली सफलता से काफी खुश हैं। धवन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन 168 गेंद में नाबाद 185 रन की पारी खेली और इस दौरान सिर्फ 85 गेंद में शतक पूरा किया। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को उनके गठीले शरीर और उनके शॉट की ताकत को देखते हुए दिल्ली टीम के साथी ‘गब्बर’ के नाम से पुकारते थे। भारत के लिए कुछ वन-डे खेलने वाले दिल्ली के एक पूर्व खिलाड़ी को 80 के दशक में धवन के अपनी शानदार बाइक पर पहुंचने से काफी हैरानी हुई थी।टिप्पणियां इस पूर्व खिलाड़ी ने पूछा, बेटा ये बाइक आपने कितने की खरीदी आपने?’ तो धवन ने जवाब दिया, यह 25 लाख की है। इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, तो तुमने मर्सीडीज क्यों नहीं खरीदी? धवन ने मुस्कुराते हुए कहा, वो भी खरीद लेंगे सर। 27 वर्षीय धवन 2004 में बांग्लादेश में अंडर 19 विश्व कप में तीन शतक जड़ने के बाद सुखिर्यों में आए थे। उनके कुछ अंडर 19 टीम के साथी जैसे सुरेश रैना, आरपी सिंह, दिनेश कार्तिक ने राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली, लेकिन उन्हें इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ा। उनकी बहन श्रेष्ठा धवन ने कहा, हम इस इंतजार के बाद मिली सफलता से काफी खुश हैं। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को उनके गठीले शरीर और उनके शॉट की ताकत को देखते हुए दिल्ली टीम के साथी ‘गब्बर’ के नाम से पुकारते थे। भारत के लिए कुछ वन-डे खेलने वाले दिल्ली के एक पूर्व खिलाड़ी को 80 के दशक में धवन के अपनी शानदार बाइक पर पहुंचने से काफी हैरानी हुई थी।टिप्पणियां इस पूर्व खिलाड़ी ने पूछा, बेटा ये बाइक आपने कितने की खरीदी आपने?’ तो धवन ने जवाब दिया, यह 25 लाख की है। इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, तो तुमने मर्सीडीज क्यों नहीं खरीदी? धवन ने मुस्कुराते हुए कहा, वो भी खरीद लेंगे सर। 27 वर्षीय धवन 2004 में बांग्लादेश में अंडर 19 विश्व कप में तीन शतक जड़ने के बाद सुखिर्यों में आए थे। उनके कुछ अंडर 19 टीम के साथी जैसे सुरेश रैना, आरपी सिंह, दिनेश कार्तिक ने राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली, लेकिन उन्हें इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ा। उनकी बहन श्रेष्ठा धवन ने कहा, हम इस इंतजार के बाद मिली सफलता से काफी खुश हैं। भारत के लिए कुछ वन-डे खेलने वाले दिल्ली के एक पूर्व खिलाड़ी को 80 के दशक में धवन के अपनी शानदार बाइक पर पहुंचने से काफी हैरानी हुई थी।टिप्पणियां इस पूर्व खिलाड़ी ने पूछा, बेटा ये बाइक आपने कितने की खरीदी आपने?’ तो धवन ने जवाब दिया, यह 25 लाख की है। इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, तो तुमने मर्सीडीज क्यों नहीं खरीदी? धवन ने मुस्कुराते हुए कहा, वो भी खरीद लेंगे सर। 27 वर्षीय धवन 2004 में बांग्लादेश में अंडर 19 विश्व कप में तीन शतक जड़ने के बाद सुखिर्यों में आए थे। उनके कुछ अंडर 19 टीम के साथी जैसे सुरेश रैना, आरपी सिंह, दिनेश कार्तिक ने राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली, लेकिन उन्हें इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ा। उनकी बहन श्रेष्ठा धवन ने कहा, हम इस इंतजार के बाद मिली सफलता से काफी खुश हैं। इस पूर्व खिलाड़ी ने पूछा, बेटा ये बाइक आपने कितने की खरीदी आपने?’ तो धवन ने जवाब दिया, यह 25 लाख की है। इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, तो तुमने मर्सीडीज क्यों नहीं खरीदी? धवन ने मुस्कुराते हुए कहा, वो भी खरीद लेंगे सर। 27 वर्षीय धवन 2004 में बांग्लादेश में अंडर 19 विश्व कप में तीन शतक जड़ने के बाद सुखिर्यों में आए थे। उनके कुछ अंडर 19 टीम के साथी जैसे सुरेश रैना, आरपी सिंह, दिनेश कार्तिक ने राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली, लेकिन उन्हें इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ा। उनकी बहन श्रेष्ठा धवन ने कहा, हम इस इंतजार के बाद मिली सफलता से काफी खुश हैं। उनकी बहन श्रेष्ठा धवन ने कहा, हम इस इंतजार के बाद मिली सफलता से काफी खुश हैं।
यह एक सारांश है: इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को उनके गठीले शरीर और उनके शॉट की ताकत को देखते हुए दिल्ली टीम के साथी ‘गब्बर’ के नाम से पुकारते थे।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दरअसल, शिमोगा सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस और जेडीएस का वोट शेयर भाजपा से ज्यादा था. ऐसे में यह सीट बचाना भाजपा के लिए चुनौती थी. वहीं, बेल्लारी भाजपा का दूसरा गढ़ था, जिसे कांग्रेस ने भेद दिया. यह सीट आदिवासी जनजाति के लिए आरक्षित थी.  इसके अलावा, मांड्या लोकसभा सीट पर भी जेडीएस के एलआर शिवरामेगौड़ा ने 3,24,943 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है. बता दें कि मांड्या लोकसभा सीट से बीजेपी की ओर से डॉ सिद्धारमैया थे. यह सीट पहले जेडीएस के खाते में ही थी. साल 2014 में जेडीएस के सीएस पुत्ताराजू ने जीत दर्ज की थी. टिप्पणियां बता दें कि कर्नाटक की तीन लोकसभा सीटों शिमोगा, बेल्लारी (अजजा) व मांड्या तथा दो विधानसभा सीटों रामनगरम व जामखंडी पर शनिवार को औसतन 67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. इनमें से बेल्लारी (अजजा) सीट पर 63.85 फीसदी, मांड्या में 53.93 फीसदी, शिमोगा में 61.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. साल 2014 में बीजेपी ने कर्नाटक की 28 सीटों में से 17 सीटें जीतीं थीं. वहीं कांग्रेस के खाते में 9 सीटें गई थीं और कुमारस्वामी की जेडीएस को 2 सीटें मिली थीं. वहीं इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 224 में से 104 सीटें जीतीं थी.  इसके अलावा, मांड्या लोकसभा सीट पर भी जेडीएस के एलआर शिवरामेगौड़ा ने 3,24,943 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है. बता दें कि मांड्या लोकसभा सीट से बीजेपी की ओर से डॉ सिद्धारमैया थे. यह सीट पहले जेडीएस के खाते में ही थी. साल 2014 में जेडीएस के सीएस पुत्ताराजू ने जीत दर्ज की थी. टिप्पणियां बता दें कि कर्नाटक की तीन लोकसभा सीटों शिमोगा, बेल्लारी (अजजा) व मांड्या तथा दो विधानसभा सीटों रामनगरम व जामखंडी पर शनिवार को औसतन 67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. इनमें से बेल्लारी (अजजा) सीट पर 63.85 फीसदी, मांड्या में 53.93 फीसदी, शिमोगा में 61.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. साल 2014 में बीजेपी ने कर्नाटक की 28 सीटों में से 17 सीटें जीतीं थीं. वहीं कांग्रेस के खाते में 9 सीटें गई थीं और कुमारस्वामी की जेडीएस को 2 सीटें मिली थीं. वहीं इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 224 में से 104 सीटें जीतीं थी.  बता दें कि कर्नाटक की तीन लोकसभा सीटों शिमोगा, बेल्लारी (अजजा) व मांड्या तथा दो विधानसभा सीटों रामनगरम व जामखंडी पर शनिवार को औसतन 67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. इनमें से बेल्लारी (अजजा) सीट पर 63.85 फीसदी, मांड्या में 53.93 फीसदी, शिमोगा में 61.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. साल 2014 में बीजेपी ने कर्नाटक की 28 सीटों में से 17 सीटें जीतीं थीं. वहीं कांग्रेस के खाते में 9 सीटें गई थीं और कुमारस्वामी की जेडीएस को 2 सीटें मिली थीं. वहीं इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 224 में से 104 सीटें जीतीं थी.  साल 2014 में बीजेपी ने कर्नाटक की 28 सीटों में से 17 सीटें जीतीं थीं. वहीं कांग्रेस के खाते में 9 सीटें गई थीं और कुमारस्वामी की जेडीएस को 2 सीटें मिली थीं. वहीं इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 224 में से 104 सीटें जीतीं थी.
कांग्रेस ने जीती बेल्लारी लोकसभा सीट. इससे पहले 1999 में सोनिया गांधी ने जीत जर्ज की थी. सोनिया गांधी की टक्कर सुषमा स्वराज से हुई थी.
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप में भारत के लिए बुधवार का दिन मिश्रित सफलता वाला रहा. जहां भारत के पुरुष टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना साल के इस तीसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के मिश्रित युगल वर्ग के क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं, वहीं भारत की ही महिला स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा इसी वर्ग में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं. बोपन्‍ना और उनके कनाडाई जोड़ीदार ने अपना मुकाबला सीधे सेटों में जीता. दूसरी ओर सानिया और उनकी क्रोएशियाई जोड़ीदार इवान डोडिग की जोड़ी को हार के साथ ही मुकाबले से बाहर होना पड़ा. गौरतलब है कि रोहन बोपन्ना ने कनाडा की अपनी जोड़ीदार गैब्रियला डाब्रोवस्की के साथ मिलकर फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीता था. बोपन्ना और डाब्रोवस्की की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने फाइनल में जर्मनी की अन्ना लेना गोरेनफील्ड और कोलंबिया के राबर्ट फराह को 2-6, 6-2, 12-10 से हराया था. बोपन्ना और उनकी कनाडा की जोड़ीदार गैब्रिएला दाब्रोवस्की ने तीसरे दौर के मैच में क्रोएशिया के निकोला मेक्टिक और एना कोंझु को 63 मिनट में 7-6, 6-2 से मात दी. यह जोड़ी अब क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन की हीदर वॉटसन और फिनलैंड के हेनरी कोंटिनेन की जोड़ी से भिड़ेगी. वॉटसन और कोंटिनेन की जोड़ी सानिया और क्रोएशिया के उनके जोड़ीदार इवान डोडिग की जोड़ी को 7-6, 6-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची है. बोपन्ना और उनकी कनाडा की जोड़ीदार गैब्रिएला दाब्रोवस्की ने तीसरे दौर के मैच में क्रोएशिया के निकोला मेक्टिक और एना कोंझु को 63 मिनट में 7-6, 6-2 से मात दी. यह जोड़ी अब क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन की हीदर वॉटसन और फिनलैंड के हेनरी कोंटिनेन की जोड़ी से भिड़ेगी. वॉटसन और कोंटिनेन की जोड़ी सानिया और क्रोएशिया के उनके जोड़ीदार इवान डोडिग की जोड़ी को 7-6, 6-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची है.
बोपन्‍ना-डाब्रोवस्की की जोड़ी अपना मैच सीधे सेटों में जीती फ्रेंच ओपन में मिश्रित युगल चैंपियन बने थे बोपन्‍ना-डाब्रोवस्की सानिया मिर्जा और इवान डोडिग की जोड़ी अपना मैच हारी
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस के साथ रफ़ाल सौदे की बातचीत (Rafale Deal) में प्रधानमंत्री कार्यालय के दखल पर एतराज़ जताया था. अंग्रेज़ी अखबार द हिंदू की ख़बर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय तो सौदे को लेकर बातचीत कर ही रहा था, उसी दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय भी अपनी ओर से फ्रांसीसी पक्ष से 'समांतर बातचीत' में लगा था. अखबार के मुताबिक 24 नवंबर 2015 को रक्षा मंत्रालय के एक नोट में कहा गया कि PMO के दखल के चलते बातचीत कर रहे भारतीय दल और रक्षा मंत्रालय की पोज़िशन कमज़ोर हुई. रक्षा मंत्रालय ने अपने नोट में तब के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का ध्यान खींचते हुए कहा था कि हम PMO को ये सलाह दे सकते हैं कि कोई भी अधिकारी जो बातचीत कर रहे भारतीय टीम का हिस्सा नहीं है उसे समानांतर बातचीत नहीं करने को कहा जाए. इस नोट में ये भी कहा गया कि अगर PMO रक्षा मंत्रालय की बातचीत पर भरोसा नहीं है तो उसे PMO की अगुवाई में नए सिरे से बातचीत शुरू करनी चाहिए. खास बात ये है कि सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वायुसेना उप प्रमुख की अगुवाई में 7 सदस्यीय टीम ने रफ़ाल सौदे (Rafale Deal) पर बातचीत की. सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने इस बातचीत में PMO की भूमिका का कोई ज़िक्र नहीं किया. द हिंदू की इस रिपोर्ट के बाद राफेल डील का मामला फिर गरमा गया है और कांग्रेस को इस मामले में सत्तारूढ़ बीजेपी को घेरने का एक और मौका मिल गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने द हिंदू की रिपोर्ट से साफ है कि हमारी बात सच साबित हुई. पीएम मोदी खुद इस मामले में बात कर रहे थे और वे घोटाले में शामिल हैं. राहुल गांधी ने कहा कि इस खबर ने प्रधानमंत्री की पोल खोल दी. उन्होंने कहा कि भले ही आप रॉबर्ट वाड्रा और चिदंबरम की जांच कीजिए, मगर राफेल पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए.
रक्षा मंत्रालय के साथ पीएमओ भी लगा था बातचीत में इस पर रक्षा मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई थी मंत्रालय ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर ध्यान खींचा था
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में चोरों का हौसला इस कदर बढ़ गया है कि वे अब बड़े लोगों के घरों पर भी हाथ साफ  करने लगे हैं। रविवार रात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र के घर पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया, "सुबह जब हम मिश्र के घर पहुंचे तो उनके घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और अंदर से कुछ चीजें गायब थीं।"टिप्पणियां पाठक ने कहा कि हालांकि कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन चोर उनके घर से चार पंखे खोलकर ले गए हैं। सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में कानून एवं व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। कलराज मिश्र का घर अति सुरक्षा वाले इलाके में आता है, लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के शीर्ष अधिकारी के नाक के नीचे जब लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर और जगहों का क्या हाल होगा, इसी से समझा जा सकता है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया, "सुबह जब हम मिश्र के घर पहुंचे तो उनके घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और अंदर से कुछ चीजें गायब थीं।"टिप्पणियां पाठक ने कहा कि हालांकि कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन चोर उनके घर से चार पंखे खोलकर ले गए हैं। सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में कानून एवं व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। कलराज मिश्र का घर अति सुरक्षा वाले इलाके में आता है, लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के शीर्ष अधिकारी के नाक के नीचे जब लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर और जगहों का क्या हाल होगा, इसी से समझा जा सकता है। पाठक ने कहा कि हालांकि कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन चोर उनके घर से चार पंखे खोलकर ले गए हैं। सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में कानून एवं व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। कलराज मिश्र का घर अति सुरक्षा वाले इलाके में आता है, लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के शीर्ष अधिकारी के नाक के नीचे जब लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर और जगहों का क्या हाल होगा, इसी से समझा जा सकता है। सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में कानून एवं व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। कलराज मिश्र का घर अति सुरक्षा वाले इलाके में आता है, लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के शीर्ष अधिकारी के नाक के नीचे जब लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर और जगहों का क्या हाल होगा, इसी से समझा जा सकता है।
सारांश: उत्तर प्रदेश में चोरों का हौसला इस कदर बढ़ गया है कि वे अब बड़े लोगों के घरों पर भी हाथ साफ करने लगे हैं। रविवार रात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र के घर पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को लगातार छठे दिन संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया और कार्यवाही बाधित की। लोकसभा और राज्यसभा में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब कार्यवाही शुरू हुई तब भी स्थिति पूर्ववत ही बनी रही, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। संसद की कार्यवाही इससे पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। संसद के दोनों सदनों में हुए हंगामे में हालांकि केवल भाजपा की भूमिका नहीं थी, बल्कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सहयोगियों ने भी खूब हंगामा किया। उनका मुद्दा हालांकि बिल्कुल अलग था। डीएमके के साथ-साथ तमिलनाडु की अन्य पार्टियों ने भी श्रीलंका के सैनिकों को प्रशिक्षण देने का विरोध करते हुए संसद में नारेबाजी की और बाद में सदन से बहिर्गमन कर गए। टिप्पणियां भाजपा कोयला ब्लॉक आवंटन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के पद से मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में बयान दिया था लेकिन भाजपा उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। भाजपा अपनी मांग को लेकर 21 अगस्त से ही संसद में हंगामा कर रही है, जिसके कारण कोई भी संसदीय काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आंतरिक सुरक्षा, किसानों, महंगाई तथा आर्थिक सुस्ती से सम्बंधित विधेयकों का भविष्य अधर में लटक गया है। लोकसभा और राज्यसभा में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब कार्यवाही शुरू हुई तब भी स्थिति पूर्ववत ही बनी रही, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। संसद की कार्यवाही इससे पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। संसद के दोनों सदनों में हुए हंगामे में हालांकि केवल भाजपा की भूमिका नहीं थी, बल्कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सहयोगियों ने भी खूब हंगामा किया। उनका मुद्दा हालांकि बिल्कुल अलग था। डीएमके के साथ-साथ तमिलनाडु की अन्य पार्टियों ने भी श्रीलंका के सैनिकों को प्रशिक्षण देने का विरोध करते हुए संसद में नारेबाजी की और बाद में सदन से बहिर्गमन कर गए। टिप्पणियां भाजपा कोयला ब्लॉक आवंटन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के पद से मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में बयान दिया था लेकिन भाजपा उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। भाजपा अपनी मांग को लेकर 21 अगस्त से ही संसद में हंगामा कर रही है, जिसके कारण कोई भी संसदीय काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आंतरिक सुरक्षा, किसानों, महंगाई तथा आर्थिक सुस्ती से सम्बंधित विधेयकों का भविष्य अधर में लटक गया है। संसद के दोनों सदनों में हुए हंगामे में हालांकि केवल भाजपा की भूमिका नहीं थी, बल्कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सहयोगियों ने भी खूब हंगामा किया। उनका मुद्दा हालांकि बिल्कुल अलग था। डीएमके के साथ-साथ तमिलनाडु की अन्य पार्टियों ने भी श्रीलंका के सैनिकों को प्रशिक्षण देने का विरोध करते हुए संसद में नारेबाजी की और बाद में सदन से बहिर्गमन कर गए। टिप्पणियां भाजपा कोयला ब्लॉक आवंटन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के पद से मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में बयान दिया था लेकिन भाजपा उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। भाजपा अपनी मांग को लेकर 21 अगस्त से ही संसद में हंगामा कर रही है, जिसके कारण कोई भी संसदीय काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आंतरिक सुरक्षा, किसानों, महंगाई तथा आर्थिक सुस्ती से सम्बंधित विधेयकों का भविष्य अधर में लटक गया है। डीएमके के साथ-साथ तमिलनाडु की अन्य पार्टियों ने भी श्रीलंका के सैनिकों को प्रशिक्षण देने का विरोध करते हुए संसद में नारेबाजी की और बाद में सदन से बहिर्गमन कर गए। टिप्पणियां भाजपा कोयला ब्लॉक आवंटन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के पद से मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में बयान दिया था लेकिन भाजपा उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। भाजपा अपनी मांग को लेकर 21 अगस्त से ही संसद में हंगामा कर रही है, जिसके कारण कोई भी संसदीय काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आंतरिक सुरक्षा, किसानों, महंगाई तथा आर्थिक सुस्ती से सम्बंधित विधेयकों का भविष्य अधर में लटक गया है। भाजपा कोयला ब्लॉक आवंटन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के पद से मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में बयान दिया था लेकिन भाजपा उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। भाजपा अपनी मांग को लेकर 21 अगस्त से ही संसद में हंगामा कर रही है, जिसके कारण कोई भी संसदीय काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आंतरिक सुरक्षा, किसानों, महंगाई तथा आर्थिक सुस्ती से सम्बंधित विधेयकों का भविष्य अधर में लटक गया है। भाजपा अपनी मांग को लेकर 21 अगस्त से ही संसद में हंगामा कर रही है, जिसके कारण कोई भी संसदीय काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आंतरिक सुरक्षा, किसानों, महंगाई तथा आर्थिक सुस्ती से सम्बंधित विधेयकों का भविष्य अधर में लटक गया है।
संक्षिप्त पाठ: कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को लगातार छठे दिन संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया और कार्यवाही बाधित की।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को तड़के नक्सलियों द्वारा किये गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के दो कमांडो मारे गये। इस जिले में माओवादियों ने एक दिन पहले बारूदी सुरंग विस्फोट में एक वाहन को उड़ा दिया था जिसमें सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गयी थी।टिप्पणियां वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि टाटा-407 वाहन को उड़ा दिए जाने के कारण दो कोबरा कमांडो की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।कमांडों की पहचान कांस्टेबल केपी सिंह और मुकुल बर्मन के तौर पर की गई है। जिस समय यह विस्फोट हुआ उस समय वह नजदीक स्थित सीआरपीएफ शिविर के लिए राशन ले जा रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह विस्फोट बसुगुडा के नजदीक हुआ जहां पिछले महीने संयुक्त सुरक्षा बलों ने एक विवादास्पद मुठभेड़ को अंजाम दिया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि टाटा-407 वाहन को उड़ा दिए जाने के कारण दो कोबरा कमांडो की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।कमांडों की पहचान कांस्टेबल केपी सिंह और मुकुल बर्मन के तौर पर की गई है। जिस समय यह विस्फोट हुआ उस समय वह नजदीक स्थित सीआरपीएफ शिविर के लिए राशन ले जा रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह विस्फोट बसुगुडा के नजदीक हुआ जहां पिछले महीने संयुक्त सुरक्षा बलों ने एक विवादास्पद मुठभेड़ को अंजाम दिया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह विस्फोट बसुगुडा के नजदीक हुआ जहां पिछले महीने संयुक्त सुरक्षा बलों ने एक विवादास्पद मुठभेड़ को अंजाम दिया था।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को तड़के नक्सलियों द्वारा किये गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के दो कमांडो मारे गये।इनकी पहचान कांस्टेबल केपी सिंह व मुकुल बर्मन के तौर पर हुई है,दोनों कांस्टेबल सीआरपीएफ शिविर के लिए राशन ले जा रहे थे जिस वक्त विस्फ
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में आतंकी ट्रक चालकों से लेकर आम लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं. बीते कुछ हफ्तों में आतंकियों ने दूसरे राज्य से आने वाले चार ट्रक चालकों को अपना निशाना बना चुके हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब आतंकी EU सांसदों के मंगलवार को होने वाले जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं. हालांकि, सांसदों के इस दौरे को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. बता दें कि आतंकी EU सांसदों के दौरे से पहले घाटी में माहौल खराब करने की हर संभव कोशिश कर रह हैं. कुछ दिन पहले ही बारामूला के सोपोर में ग्रेनेड से हमला करने के बाद अब आतंकियों ने अनंतनाग में सेब के एक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी. वहीं, आतंकियों ने सोमवार रात अनंतनाग के बिजबेहरा इलाके में एक ट्रक ड्राइवर को गोली मारकर हत्या कर दी. इससे पहले भी दो हफ्ते के भीतर तीन ट्रक ड्राइवरों को गोली मारी गई है. आतंकवादियों ने कश्मीर के सोपोर में ग्रेनेड हमला कर सात लोगों को घायल कर दिया. इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है. बीते तीन दिनों में कश्मीर में यह दूसरा ग्रेनेड हमला है. इससे पहले शनिवार को श्रीनगर के कर्णनगर इलाके में सीआरपीएफ के छह जवान आतंकियों के ग्रेनेड हमले में घायल हुए थे. आतंकियों द्वारा की जाने वाली घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए सुरक्षा बल आशंका जता रहे हैं कि आतंकी मंगलवार को कश्मीर में और हमले कर सकते हैं, ताकि EU सांसदों के सामने स्थिति को तनावपूर्व दिखाया जा सके.  EU के सांसदों के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर राहुल गांधी ने भी कुछ दिन पहले एक बड़ा बयान दिया था. यूरोपीय सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के प्रस्तावित जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया था कि भारतीय सांसदों को रोकने और विदेशी नेताओं को वहां जाने की अनुमति देने में 'कुछ न कुछ बहुत गलत है.' राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'यूरोप से आए सांसदों का जम्मू-कश्मीर का दौरा करने के लिए स्वागत है जबकि भारतीय सांसदों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है. कुछ न कुछ ऐसा है जो बहुत गलत है.'  बता दें, यूरोपीय संघ के 27 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाला है. यह शिष्टमंडल अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने के बाद वहां की स्थिति का आकलन करेगा. ये सांसद जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनके अनुभव जानना चाहते हैं.
यह एक सारांश है: सुरक्षा की गई कड़ी 27 यूरोपियन सांसद दौरे पर आतंकी हमला करने की फिराक में
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से आग्रह किया है कि वे तेहरान के खिलाफ अपने हवाई क्षेत्र के दुरुपयोग की अनुमति न दें। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के हवाले से कहा है कि ईरानी विदेश मंत्री अली-अकबर सालेही ने गुरुवार को अपने पड़ोसी देशों से आग्रह किया कि वे ईरान के खिलाफ अपने हवाई क्षेत्र का दुरुपयोग न होने दें। सालेही ने हाल ही में अमेरिकी टोही ड्रोन की ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ को "शत्रुता और अतिक्रमण की एक कार्रवाई" करार दिया। सालेही ने कहा है कि ईरान ने अफगानिस्तान सरकार से इस मुद्दे की जांच करने के लिए तथा इस तरह की घटना दोबारा घटने से रोकने के लिए कहा है। ज्ञात हो कि इस महीने के प्रारम्भ में मीडिया में खबर आई थी कि ईरान के पूर्वी हिस्से में एक अमेरिकी टोही ड्रोन के सीमा पार करने के बाद ईरानी सैनिकों ने उसे मार गिराया था। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने पिछले सप्ताह स्टेल्थ ड्रोन के मलबे का वीडियो दृश्य दिखाया था।
संक्षिप्त पाठ: ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से आग्रह किया है कि वे तेहरान के खिलाफ अपने हवाई क्षेत्र के दुरुपयोग की अनुमति न दें।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीमा पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अप्रत्यक्ष रूप से भारत को निशाना बनाने का प्रयास किया है. पाकिस्तान ने अपने पूरे हवाई क्षेत्र में नीचे उड़ने वाली विदेशी वाणिज्यिक विमानों के उड़ान पर रोक लगा दी है. इस प्रतिबंध के कारण पूर्वी/और अरब देशों की तरफ जाने वाली उन उड़ानों में देरी हो सकती है जो पाकिस्तान के हवाई मार्ग से गुजरती हैं.   पाकिस्तान विमानन प्राधिकरण द्वारा जारी नोट में अब लाहौर से 29 हजार फीट से नीचे उड़ने वाली सभी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. "परिचालन कारणों" का हवाला देते हुए लाहौर में 31 अक्टूबर तक का लंबा प्रतिबंध लगाया गया है. इससे पहले, पिछले सोमवार को पाकिस्तान ने कराची के हवाई मार्ग में 33 हजार फीट से नीचे उड़ने वाली उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आकाश में नीचे विमानों पर रोक लगाने के पीछे वजह ये हो सकती है कि पाकिस्तानी मिलिट्री जेट इस दौरान हवा में एक्सरसाइज करें. डीजीसीए के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि इससे हमारी उड़ानों में विलंब होगा और हमें लंबा और सुरक्षित रूट चुनना होगा.   गौरतलब है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स भारत और पाकिस्तान के बीच उड़ती है. इसके अलावा कोई अन्य सेवा दोनों देशों के बीच संचालित नहीं है लेकिन ज्यादातर भारतीय विमान पाकिस्तान होकर ही पश्चिमी और गल्फ देशों में जाते हैं.   पाकिस्तान विमानन प्राधिकरण द्वारा जारी नोट में अब लाहौर से 29 हजार फीट से नीचे उड़ने वाली सभी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. "परिचालन कारणों" का हवाला देते हुए लाहौर में 31 अक्टूबर तक का लंबा प्रतिबंध लगाया गया है. इससे पहले, पिछले सोमवार को पाकिस्तान ने कराची के हवाई मार्ग में 33 हजार फीट से नीचे उड़ने वाली उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आकाश में नीचे विमानों पर रोक लगाने के पीछे वजह ये हो सकती है कि पाकिस्तानी मिलिट्री जेट इस दौरान हवा में एक्सरसाइज करें. डीजीसीए के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि इससे हमारी उड़ानों में विलंब होगा और हमें लंबा और सुरक्षित रूट चुनना होगा.   गौरतलब है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स भारत और पाकिस्तान के बीच उड़ती है. इसके अलावा कोई अन्य सेवा दोनों देशों के बीच संचालित नहीं है लेकिन ज्यादातर भारतीय विमान पाकिस्तान होकर ही पश्चिमी और गल्फ देशों में जाते हैं.   मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आकाश में नीचे विमानों पर रोक लगाने के पीछे वजह ये हो सकती है कि पाकिस्तानी मिलिट्री जेट इस दौरान हवा में एक्सरसाइज करें. डीजीसीए के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि इससे हमारी उड़ानों में विलंब होगा और हमें लंबा और सुरक्षित रूट चुनना होगा.   गौरतलब है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स भारत और पाकिस्तान के बीच उड़ती है. इसके अलावा कोई अन्य सेवा दोनों देशों के बीच संचालित नहीं है लेकिन ज्यादातर भारतीय विमान पाकिस्तान होकर ही पश्चिमी और गल्फ देशों में जाते हैं.
यह एक सारांश है: सीमा पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक क पाकिस्तान ने अप्रत्यक्ष रूप से भारत को निशाना बनाने का किया प्रयास अब लाहौर से 29 हजार फीट से नीचे उड़ने वाली सभी उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के एक स्थानीय विधायक ने अपने क्षेत्र में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री और गुण्डागर्दी के खिलाफ अनोखी मुहिम शुरू करते हुए सैकड़ों महिलाओं को लट्ठ बांटे। शहर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-एक के भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता का कहना है कि उन्होंने महिलाओं को लट्ठ इसलिए बांटे ताकि वे शराबियों और गुण्डों से ‘आत्मरक्षा’ कर सकें।टिप्पणियां गुप्ता ने कहा, ‘मेरे विधानसभा क्षेत्र के पांच इलाकों में खुल्लमखुल्ला अवैध शराब बेची जा रही है। महिलाओं और लड़कियों से शराबी आए दिन अश्लील हरकतें करते हैं। क्षेत्रीय निवासी जब इसका विरोध करते हैं तो उनसे मारपीट की जाती है और उनके घरों में घुसकर तोड़-फोड़ की जाती है।’ उन्होंने कहा, ‘अवैध शराब विक्रेताओं के गुण्डे स्थानीय निवासियों को धमकी दे रहे हैं कि वे अपने मकान छोड़कर चले जाएं। लिहाजा मैंने महिलाओं को लट्ठ बांटे, ताकि वे खुद की रक्षा करते हुए पियक्कड़ों और शराब विक्रेताओं के गुण्डों को सबक सिखा सकें।’ उधर, कांग्रेस ने गुप्ता के महिलाओं को लट्ठ बांटने के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भाजपा विधायक ने खुद अपने दल को आइना दिखा दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, ‘सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के इस कदम से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति किस कदर बिगड़ गई है।’ शहर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-एक के भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता का कहना है कि उन्होंने महिलाओं को लट्ठ इसलिए बांटे ताकि वे शराबियों और गुण्डों से ‘आत्मरक्षा’ कर सकें।टिप्पणियां गुप्ता ने कहा, ‘मेरे विधानसभा क्षेत्र के पांच इलाकों में खुल्लमखुल्ला अवैध शराब बेची जा रही है। महिलाओं और लड़कियों से शराबी आए दिन अश्लील हरकतें करते हैं। क्षेत्रीय निवासी जब इसका विरोध करते हैं तो उनसे मारपीट की जाती है और उनके घरों में घुसकर तोड़-फोड़ की जाती है।’ उन्होंने कहा, ‘अवैध शराब विक्रेताओं के गुण्डे स्थानीय निवासियों को धमकी दे रहे हैं कि वे अपने मकान छोड़कर चले जाएं। लिहाजा मैंने महिलाओं को लट्ठ बांटे, ताकि वे खुद की रक्षा करते हुए पियक्कड़ों और शराब विक्रेताओं के गुण्डों को सबक सिखा सकें।’ उधर, कांग्रेस ने गुप्ता के महिलाओं को लट्ठ बांटने के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भाजपा विधायक ने खुद अपने दल को आइना दिखा दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, ‘सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के इस कदम से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति किस कदर बिगड़ गई है।’ गुप्ता ने कहा, ‘मेरे विधानसभा क्षेत्र के पांच इलाकों में खुल्लमखुल्ला अवैध शराब बेची जा रही है। महिलाओं और लड़कियों से शराबी आए दिन अश्लील हरकतें करते हैं। क्षेत्रीय निवासी जब इसका विरोध करते हैं तो उनसे मारपीट की जाती है और उनके घरों में घुसकर तोड़-फोड़ की जाती है।’ उन्होंने कहा, ‘अवैध शराब विक्रेताओं के गुण्डे स्थानीय निवासियों को धमकी दे रहे हैं कि वे अपने मकान छोड़कर चले जाएं। लिहाजा मैंने महिलाओं को लट्ठ बांटे, ताकि वे खुद की रक्षा करते हुए पियक्कड़ों और शराब विक्रेताओं के गुण्डों को सबक सिखा सकें।’ उधर, कांग्रेस ने गुप्ता के महिलाओं को लट्ठ बांटने के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भाजपा विधायक ने खुद अपने दल को आइना दिखा दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, ‘सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के इस कदम से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति किस कदर बिगड़ गई है।’ उधर, कांग्रेस ने गुप्ता के महिलाओं को लट्ठ बांटने के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भाजपा विधायक ने खुद अपने दल को आइना दिखा दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, ‘सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के इस कदम से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति किस कदर बिगड़ गई है।’
संक्षिप्त पाठ: मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के एक स्थानीय विधायक ने अपने क्षेत्र में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री और गुण्डागर्दी के खिलाफ अनोखी मुहिम शुरू करते हुए सैकड़ों महिलाओं को लट्ठ बांटे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चित्रकूट जिले के मऊ थाना क्षेत्र की एक महिला के साथ चार दिन पूर्व हुए कथित सामूहिक बलात्कार का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. मऊ थाना प्रभारी (एसओ) अरुण पाठक ने शनिवार को बताया ‘‘सोशल मीडिया पर सामूहिक बलात्कार का एक वीडियो वायरल हो रहा है. मामले के छह आरोपियों में से चार की वीडियो के आधार पर पहचान हो चुकी है. पीड़िता की तहरीर के आधार पर विक्की गर्ग, कुलदीप, डीजे और कारतूस के अलावा दो अज्ञात नकाबपोश युवकों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार, लूटपात और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है.'' उन्होंने बताया कि 14 सेकेंड का यह वीडियो 28 अक्टूबर का है. उन्होंने बताया कि 24 साल की एक महिला अपने जीजा के साथ रिश्तेदारी में जा रही थी, तभी रास्ते में छह युवकों ने हथियार दिखाकर उन्हें रोका. पाठक ने बताया कि लूटपाट का विरोध करने पर जीजा को पेड़ से बांध कर महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया.
जीजा को पेड़ से बांधकर महिला के साथ गैंगरेप शिकायत करने पहुंची तो पुलिस ने डांट कर भगाया वीडियो वायरल होने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली और राजधानी क्षेत्र में बुधवार से दूध के दाम बढ़ जाएंगे। शहर और आसपास के क्षेत्रों में दूध की आपूर्ति करने वाली कंपनी अमूल ने दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी करने का निर्णय किया है। अमूल ब्रांड का दूध बेचने वाली गुजरात सहकारिता दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी ने कहा, हमने दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का निर्णय किया है। सोढी ने बताया कि अब फुल क्रीम दूध की कीमत 40 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये लिटक जबकि टोंड दूध की कीमत 30 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये प्रति लिटर हो जाएगी। इसी प्रकार डबल टोंड दूध की कीमत 26 रुपये से बढ़ाकर 28 रुपये प्रति लिटर हो जाएगी। सोढी ने बताया, किसानों से हमारे दूध की खरीद लागत बढ़ने और परिवहन लागत में बढ़ोतरी होने के कारण हमने दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय किया है। उल्लेखनीय है कि अमूल राजधानी की मुख्य दुग्ध आपूर्तिकर्ता है और रोजाना करीब 23 लाख लिटर दूध बेचती है। इसी प्रकार मदर डेयरी की पैकेज्ड एवं खुले (टोकन वाले) दूध की रोजना बिक्री करीब 30 लाख लिटर है। टिप्पणियां अन्य बाजारों के बारे में पूछने पर सोढी ने कहा कि मुंबई में करीब एक सप्ताह पहले की दूध के दामों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। जीसीएमएमएफ का वित्तवर्ष 2011-13 में कुल कारोबार 11,668 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की इसी अवधि से 20 फीसदी अधिक है। इससे पिछले साल जीसीएमएमएफ ने कुल 9,775 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। अमूल ब्रांड का दूध बेचने वाली गुजरात सहकारिता दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी ने कहा, हमने दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का निर्णय किया है। सोढी ने बताया कि अब फुल क्रीम दूध की कीमत 40 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये लिटक जबकि टोंड दूध की कीमत 30 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये प्रति लिटर हो जाएगी। इसी प्रकार डबल टोंड दूध की कीमत 26 रुपये से बढ़ाकर 28 रुपये प्रति लिटर हो जाएगी। सोढी ने बताया, किसानों से हमारे दूध की खरीद लागत बढ़ने और परिवहन लागत में बढ़ोतरी होने के कारण हमने दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय किया है। उल्लेखनीय है कि अमूल राजधानी की मुख्य दुग्ध आपूर्तिकर्ता है और रोजाना करीब 23 लाख लिटर दूध बेचती है। इसी प्रकार मदर डेयरी की पैकेज्ड एवं खुले (टोकन वाले) दूध की रोजना बिक्री करीब 30 लाख लिटर है। टिप्पणियां अन्य बाजारों के बारे में पूछने पर सोढी ने कहा कि मुंबई में करीब एक सप्ताह पहले की दूध के दामों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। जीसीएमएमएफ का वित्तवर्ष 2011-13 में कुल कारोबार 11,668 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की इसी अवधि से 20 फीसदी अधिक है। इससे पिछले साल जीसीएमएमएफ ने कुल 9,775 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। सोढी ने बताया, किसानों से हमारे दूध की खरीद लागत बढ़ने और परिवहन लागत में बढ़ोतरी होने के कारण हमने दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय किया है। उल्लेखनीय है कि अमूल राजधानी की मुख्य दुग्ध आपूर्तिकर्ता है और रोजाना करीब 23 लाख लिटर दूध बेचती है। इसी प्रकार मदर डेयरी की पैकेज्ड एवं खुले (टोकन वाले) दूध की रोजना बिक्री करीब 30 लाख लिटर है। टिप्पणियां अन्य बाजारों के बारे में पूछने पर सोढी ने कहा कि मुंबई में करीब एक सप्ताह पहले की दूध के दामों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। जीसीएमएमएफ का वित्तवर्ष 2011-13 में कुल कारोबार 11,668 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की इसी अवधि से 20 फीसदी अधिक है। इससे पिछले साल जीसीएमएमएफ ने कुल 9,775 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। अन्य बाजारों के बारे में पूछने पर सोढी ने कहा कि मुंबई में करीब एक सप्ताह पहले की दूध के दामों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। जीसीएमएमएफ का वित्तवर्ष 2011-13 में कुल कारोबार 11,668 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की इसी अवधि से 20 फीसदी अधिक है। इससे पिछले साल जीसीएमएमएफ ने कुल 9,775 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। जीसीएमएमएफ का वित्तवर्ष 2011-13 में कुल कारोबार 11,668 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की इसी अवधि से 20 फीसदी अधिक है। इससे पिछले साल जीसीएमएमएफ ने कुल 9,775 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।
यहाँ एक सारांश है:अब फुल क्रीम दूध की कीमत 40 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये लिटक जबकि टोंड दूध की कीमत 30 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये प्रति लिटर हो जाएगी।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार ने न्यायमूर्ति आरएम सावंत और न्यायमूर्ति साधना जाधव की पीठ को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि संजय को उनके अच्छे आचरण, अनुशासन एवं शारीरिक अभ्यास, शैक्षणिक कार्यक्रमों जैसे विभिन्न संस्थागत गतिविधियों में हिस्सा लेने तथा आवंटित काम करने के लिए सजा में छूट दी गई. जेल के दौरान संजय को कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया था.टिप्पणियां वीडियो- यह रिपोर्ट पुणे के रहने वाले प्रदीप भालेकर की जनहित याचिका के जवाब में अदालत को सौंपी गई. इस याचिका में संजय को कैद के दौरान कई बार पैरोल तथा फरलो दिए जाने पर भी सवाल किए गए. भालेकर ने याचिका में आरोप लगाया है कि दत्त को सजा में छूट देकर कारागार विभाग ने अनुचित लाभ दिया. उच्च न्यायालय ने रिपोर्ट के अवलोकन के बाद इस याचिका पर आगे सुनवाई दो सप्ताह बाद करने का निश्चय किया है. (इनपुट भाषा से) वीडियो- यह रिपोर्ट पुणे के रहने वाले प्रदीप भालेकर की जनहित याचिका के जवाब में अदालत को सौंपी गई. इस याचिका में संजय को कैद के दौरान कई बार पैरोल तथा फरलो दिए जाने पर भी सवाल किए गए. भालेकर ने याचिका में आरोप लगाया है कि दत्त को सजा में छूट देकर कारागार विभाग ने अनुचित लाभ दिया. उच्च न्यायालय ने रिपोर्ट के अवलोकन के बाद इस याचिका पर आगे सुनवाई दो सप्ताह बाद करने का निश्चय किया है. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संजय को सजा पूरी होने से 8 महीने 16 दिन पहले रिहा किया गया 2013 में हथियार रखने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया दोषी 1993 में हुए बम धमाकों में मुंबई में 250 लोग मारे गए थे
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण कोरिया के दाएगू में रविवार को सम्पन्न हुए 13वीं विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के अंतिम दिन केन्याई धावक आबिल किरूई ने अपना खिताब बरकरार रख सबका मन मोह लिया। लम्बी दूरी के धावक आबिल किरूई ने पुरुषों की 42.195 किलोमीटर मैराथन स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर दो वर्ष पहले जीते अपने स्वर्ण पदक की सफलतापूर्वक रक्षा कर ली। समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' के मुताबिक, किरूई ने दो घंटे सात मिनट और 38 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। दो वर्ष पहले 2009 में किरूई ने बर्लिन विश्व चैम्पियनशिप में भी इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उल्लेखनीय है कि इस स्पर्धा का रजत पदक केन्या के ही विंसेंट किपरूतो के नाम रहा।  किपरूतो दो घंटे 10 मिनट और छह सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि इथोपिया के फेयिसा लिलेसा ने कांस्य पदक पर कब्जा किया। लिलेसा ने दो घंटे 10 मिनट और 32 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।गोला फेंक (महिला) : रूस को स्वर्ण रूसी महिला एथलीट तात्याना लिसेंको ने महिलाओं की गोला फेंक स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। लिसेंको ने 77.13 मीटर दूर गोला फेंककर पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया वहीं वर्ष 2007 की चैम्पियन जर्मनी की बेट्टी हेडलर ने 76.06 मीटर के साथ दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक जीता। इस स्पर्धा का कांस्य पदक चीन की झांग वेंझीवू ने जीता। वेंझीवू ने 75.03 मीटर दूर गोला फेंक तीसरा स्थान हासिल किया जबकि दो बार की विश्व चैम्पियन क्यूबा की यिप्सी मोरेनो 74.48 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं वही गत चैम्पियन पोलैंड की अनिता व्लोडारज्याक 73.56 के साथ पांचवें स्थान पर रहीं।800 मीटर महिला दौड़ : रूस की साविनोवा बनी चैम्पियन रूसी एथलीट मारिया साविनोवा ने 800 मीटर महिलाओं की दौड़ स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया है। साविनोवा ने एक मिनट 55.87 सेकंड के साथ पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया जबकि दक्षिण अफ्रीका की कास्टर सेमेन्या एक मिनट 56.35 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। इस स्पर्धा का कांस्य पदक केन्या की जानेथ जेप्कोसगेई बूसीनेई ने जीता। बूसीनेई ने एक मिनट 57.42 सेकंड में यह दौड़ पूरी की।तिहरी कूद (पुरुष) : अमेरिका के टेलर ने जीता स्वर्ण अमेरिका के एथलीट क्रिस्टियन टेलर ने पुरुषों की तिहरी कूद स्पर्धा में 17.96 मीटर की छलांग लगाकर इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया है जबकि ब्रिटेन के फिलिप इडोवू 17.77 मीटर की छलांग के साथ दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक पर कब्जा किया। इस स्पर्धा का कांस्य पदक अमेरिका के विल क्लाये की झोली में गया। क्लाये 17.50 मीटर की छलांग के साथ तीसरे स्थान पर रहे।4 गुणा 100 मीटर रिले दौड़ (महिला) : अमेरिका की टीम बनी चैम्पियन 4 गुणा 100 मीटर पुरुषों की रिले दौड़ स्पर्धा में अमेरिका ने पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। अमेरिका की (बियांका नाइट, अलीसन फेलिक्स, मारशेवेट मायर्स, कारमेलिटा जेटर) टीम 41.56 सेकंड समय के साथ पहले स्थान पर रही। इस स्पर्धा का रजत पदक जमैका की झोली में गया। जमैका की (शेली एन्न फ्रेजर, केरॉन स्टीवर्ट, शेरोने सिम्पसन, वेरोनिका कैम्पबेल ब्राउन) टीम ने 41.70 सेकंड में यह दौड़ पूरी की जबकि यूक्रेन की (ओलेसया पोव्ह, नाटालिया पोहरेबनयाक, मारिया रेयेमेन, ह्स्टयना स्टूए) टीम 42.51 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रही।4 गुणा 100 मीटर रिले दौड़ (पुरुष) : जमैका की टीम बनी चैम्पियन 4 गुणा 100 मीटर पुरुषों की रिले दौड़ स्पर्धा में जमैका ने पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। पुरुषों की रिले दौड़ में जमैका (नेस्टा कार्टर, माइकल फ्राटर, योहान ब्लैक, उसैन बोल्ट) टीम 37.04 सेकंड के समय के साथ पहले स्थान पर रही। इस स्पर्धा का रजत पदक फ्रांस की झोली में गया। फ्रांस (टेडी टिनमार, क्रिस्टोफे लिमेत्रे, यानिक लेसॉड, जिमी विकॉट) टीम ने 38.20 सेकंड में यह दौड़ पूरी की जबकि सेंट किट्स और नेविस (जासोन रोजर्स, किम कॉलिन्स, एंटोनी एडम्स, ब्रिजेश लॉरेंस) टीम 38.49 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रही।800 मीटर दौड़ (पुरुष) : फराह ने स्वर्ण जीता ब्रिटेन के एथलीट मोहम्मद फराह ने पुरुषों की 800 मीटर दौड़ स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। फराह ने 13 मिनट 23.36 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया जबकि अमेरिका के बनार्ड लागात 13 मिनट 23.64 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। इस स्पर्धा का कांस्य पदक इथोपिया के इमाने मेरगा की झोली में गया। मेरगा 13 मिनट 23.78 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
संक्षिप्त सारांश: दाएगू सम्पन्न हुई 13वीं विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के अंतिम दिन केन्याई धावक आबिल किरूई ने अपना खिताब बरकरार रख सबका मन मोह लिया।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मालेगांव विस्फोट मामले की जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने के केंद्र के फैसले के बावजूद महाराष्ट्र एटीएस ने गुरुवार को आरोपपत्र दाखिल कर आरोप लगाया कि इस मामले में अभिनव भारत का कार्यकर्ता प्रवीण मुतालिक मुख्य साजिशकर्ता था। वर्ष 2008 की घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी। एटीएस ने मुतालिक को कर्नाटक के बेलगांव जिले से 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। प्रवीण पर भारतीय दंड संहिता, महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून :मकोका: और गैरकानूनी गतिविधियां निवारण कानून 1967 के तहत आरोप लगाए गए हैं। 305 पृष्ठों के इस आरोपपत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रवीण ने मामले में प्रमुख आरोपी ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहित के निजी सचिव के तौर पर काम किया था। पुरोहित अब न्यायिक हिरासत में हैं। उल्लेखनीय है कि एनआईए की योजना नए सिरे से मामला दर्ज करने की है। एटीएस के आरोपपत्र में दावा किया गया है कि मालेगांव विस्फोट को अंजाम देने की साजिश में मुतालिक महत्वपूर्ण कड़ी रहा है।
यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र एटीएस ने आरोपपत्र दाखिल कर आरोप लगाया कि इस मामले में अभिनव भारत का कार्यकर्ता प्रवीण मुतालिक मुख्य साजिशकर्ता था।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का आज 77वां जन्मदिन है. इस मौके पर देश-विदेश के लोग उनको बधाई दे रहे हैं. अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan Birthday) के जन्मदिन पर कोलकाता के लोग भी उन्हें अपने-अपने अंदाज में बधाई दे रहे हैं. यहां दुर्गा पूजा  के दौरान लगभग हर पूजा समिति मां दुर्गा के प्रसाद के साथ जरूरतमंदों और गरीबों को खाना खिलाने की पहल करती है. अब अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर इसी तरह की तस्वीर शहर के बॉन्डेल गेट इलाके में स्थित एक मंदिर में देखी जा सकती है. बस यहां एक ही अंतर है और वो है मां दुर्गा की जगह यहां बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन को पूजा जाता है. अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को उनके फैन्स यहां  'गुरु' और 'प्रभु' के रूप में पूजते हैं. उनका विवाह भी बंगाली पत्रकार और लेखक तरुण कुमार भादुड़ी की बेटी जया भादुड़ी से हुआ है. प्रशंसक उनकी मूर्ति के सामने सुबह-शाम आरती करते हैं. अमिताभ बच्चन के मंदिर को यहां साल 2011 में स्थापित किया गया था. इस मंदिर के स्थापना के बाद से ही हर साल उनके जन्मदिन पर फैन्स इस मंदिर में इस मौके को सेलिब्रेट करते हैं और उनकी पूजा करते हैं. इसके बारे में बात करते हुए मंदिर के संस्थापक संजय पाटोदिया ने कहा: "इस साल हम अपने गुरु अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के माता-पिता हरिवंश राय बच्चन और तीजी बच्चन की पूजा करेंगे, क्योंकि उन्होंने हमें इस कोहिनूर से नवाजा है." उन्होंने आगे कहा, "इस बार, गुरु 77 वर्ष के हो गए, कि बहुत से बच्चे हमारे साथ जन्मदिन के उत्सव में भाग लेंगे. हम उन्हें दोपहर का भोजन प्रदान करेंगे और उन्हें कपड़े, खिलौने, किताबें आदि भेंट करेंगे.  किसी भी अवसर पर, हम गुरु के माता-पिता की पूजा करके दिन की शुरुआत करते हैं. इस बार भी हम उनकी प्रतिमा की पूजा करेंगे और उन्हें भोग अर्पित करेंगे." उन्होंने कहा, "वह केक के शौकीन नहीं है, इसलिए हम उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए मेवा प्रदान करते हैं. उसके बाद हम 77 बच्चों के साथ उसके जन्मदिन का केक काटेंगे. बाद में  हम उनके नाम पर पूजा करने के लिए कालीघाट मंदिर जाएंगे और उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करेंगे. हम गुरु के नाम पर मंदिर के बाहर बैठे जरूरतमंद लोगों को खाना भी खिलाते हैं." अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) मंदिर अस्तित्व में कैसे आया? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "1982 में जब अमिताभ बच्चन 'कुली' के सेट पर बुरी तरह घायल हो गए थे, तो उनके प्रशंसक सदमे की स्थिति में चले गए थे. उस समय हमें ऐसा लगा जैसे हम अपने पिता को खो रहे हैं. हम केवल उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे थे. उस समय से मैं उन्हें एक देवता की तरह पूजा करने का सपना देखने लगा क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि उसे मेरे लिए भगवान से कम कुछ नहीं हैं. आखिरकार, हम 2001 में मंदिर का निर्माण कर सके." फैन क्लब के सदस्य अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के नाम पर साल भर सामाजिक कार्य करते हैं और बाढ़ राहत, रक्तदान शिविर आयोजित करने जैसे कारणों के लिए दान करते हैं. संजय ने कहा, "हमारा मकसद अमिताभ बच्चन को यह दिखाना नहीं है कि हम उनसे कितना प्यार करते हैं, बल्कि उनके नाम पर सामाजिक कार्य करना चाहते हैं. क्योंकि यही एकमात्र तरीका है कि हम प्रभु को दिखा सकते हैं कि हम उनसे कितना प्यार करते हैं. इतने सालों से यही हम सब कर रहे हैं. हमने बहुत से सामाजिक कार्य किए हैं और उत्तराखंड बाढ़, केरल और असम में मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. हम 45 बच्चों की शिक्षा को भी प्रायोजित करते हैं. बता दें कि अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के आगामी जन्मदिन और उनके 77वें साल में प्रवेश करने को लेकर दुनियाभर में उनके प्रशंसक जश्न मना रहे हैं. भारत के सिनेमा के इतिहास में युगपुरूष का दर्जा रखने वाले हरदिल अजीज कलाकार अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर को ही हुआ था. इलाहाबाद में 11 अक्टूबर 1942 को जन्मे अमिताभ ने 1969 में फिल्म सात हिंदुस्तानी से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, लेकिन 1973 में आई फिल्म जंजीर में पुलिस इंस्पैक्टर की उनकी भूमिका ने उन्हें एंग्री यंगमैन का तमगा दिलाया और उसके बाद दीवार और शोले जैसी फिल्मों ने उन्हें एक महान अभिनेता के तौर पर गढ़ दिया.
यहाँ एक सारांश है:इस शहर में है अमिताभ बच्चन का मंदिर हर साल होता है भंडारा इस बार 77 बच्चे मिलकर काटेंगे केक
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राज्यों से कहा कि वित्त वर्ष जनवरी-दिसंबर करने पर विचार करें और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे देश में जहां कृषि आय अत्यंत महत्वपूर्ण है, वहां बजट वर्ष प्राप्तियों के तत्काल बाद ही तैयार किया जाना चाहिए. नीति आयोग के शासी परिषद की नई दिल्ली में तीसरी बैठक में अपने समापन भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष को मौजूदा अप्रैल-मार्च के बदले जनवरी-दिसंबर करने के सुझाव आए हैं. उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस संबंध में पहल करें. प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार मिटाने और सरकारी खरीदी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीईएम गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा कि भीम और आधार जैसी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से राज्यों को काफी बचत होगी.टिप्पणियां पीएम मोदी ने संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात भी दोहराई. उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से आर्थिक और राजनीतिक कुप्रबंधन का शिकार रहा है और इस विषय पर एक रचनात्मक चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि समय के खराब प्रबंधन के कारण कई अच्छी पहलें और योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई हैं. नीति आयोग के शासी परिषद की नई दिल्ली में तीसरी बैठक में अपने समापन भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष को मौजूदा अप्रैल-मार्च के बदले जनवरी-दिसंबर करने के सुझाव आए हैं. उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस संबंध में पहल करें. प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार मिटाने और सरकारी खरीदी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीईएम गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा कि भीम और आधार जैसी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से राज्यों को काफी बचत होगी.टिप्पणियां पीएम मोदी ने संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात भी दोहराई. उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से आर्थिक और राजनीतिक कुप्रबंधन का शिकार रहा है और इस विषय पर एक रचनात्मक चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि समय के खराब प्रबंधन के कारण कई अच्छी पहलें और योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार मिटाने और सरकारी खरीदी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीईएम गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा कि भीम और आधार जैसी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से राज्यों को काफी बचत होगी.टिप्पणियां पीएम मोदी ने संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात भी दोहराई. उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से आर्थिक और राजनीतिक कुप्रबंधन का शिकार रहा है और इस विषय पर एक रचनात्मक चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि समय के खराब प्रबंधन के कारण कई अच्छी पहलें और योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई हैं. पीएम मोदी ने संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात भी दोहराई. उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से आर्थिक और राजनीतिक कुप्रबंधन का शिकार रहा है और इस विषय पर एक रचनात्मक चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है. उन्होंने कहा कि समय के खराब प्रबंधन के कारण कई अच्छी पहलें और योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई हैं. उन्होंने कहा कि समय के खराब प्रबंधन के कारण कई अच्छी पहलें और योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई हैं.
यह एक सारांश है: राज्यों से कहा कि वित्त वर्ष जनवरी-दिसंबर करने पर विचार करें बजट वर्ष प्राप्तियों के तत्काल बाद ही तैयार किया जाना चाहिए. उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस संबंध में पहल करें.
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: खुद के राजनीति में शामिल होने की खबरों पर रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) ने कहा कि मैं यह नहीं कहता कि मैं महत्वपूर्ण हूं, क्योंकि मैं एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आता हूं. मैं पिछले 20 सालों में काफी कुछ सीखा है. मैं लोगों से आसानी से जुड़ जाता हूं. मैं इसे अर्जित करना चाहता हूं. मुझे अपने ऊपर पूरा भरोसा है. मैं अभी भी काफी कुछ सीख रहा हूं. जिस दिन लोगों को लगेगा कि मैं कुछ बदलाव ला सकता हूं, उस दिन मैं राजनीति में आऊंगा. आपको बता दें कि अभी आखिरी चरण का चुनाव बाकी है. इस चरण में 8 राज्यों की 59 संसदीय सीटों के लिए मतदान होना है. इसमें  मध्य प्रदेश की देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, उत्तर प्रदेश की महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सालेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज, बिहार की नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद, झारखंड की राजमहल, दुमका, गोड्डा और पश्चिम बंगाल की मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर, दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर की सीटें भी शामिल हैं. यह सभी सीटें बीजेपी के लिहाज से काफी अहम हैं.
यहाँ एक सारांश है:रॉबर्ट वाड्रा बोले- नतीजे चौंकाने वाले होंगे बीजेपी ने नहीं पूरा किया कोई वायदा कहा- इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अन्ना हजारे के अनशन को लेकर उनकी टीम में मतभेद की अटकलें चल रहीं हैं और स्वामी अग्निवेश के नाराज होने की खबरों के बाद न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने भी अन्ना के रुख से असहमति जताते हुए बेंगलुरू में कहा कि अब अनशन टूटना चाहिए। हालांकि अरविंद केजरीवाल ने हेगड़े से मतभेद की बात खारिज कर दी। लोकपाल विधेयक पर संयुक्त मसौदा समिति के सदस्य कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति एन संतोष हेगड़े ने अन्ना हजारे के संसद को लेकर रुख पर असहमति जताते हुए बेंगलुरू में कहा, मुझे लगता है कि जिस तरह से चीजें चल रही हैं, उससे मुझे टीम अन्ना में नहीं रहना चाहिए। ये बातें लोकतांत्रिक नहीं हैं। अन्ना हजारे के अनशन के 11वें दिन उनसे इसे समाप्त करने का अनुरोध करते हुए अग्निवेश ने भी कहा कि संसद के सामने किसी तरह का संकट पैदा करना गांधीवादी होने का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा, यह कहना एक तरह से संसद के सामने संकट होगा कि आप इसे कल तक करें या परसों तक करें। यह गांधीवादी अनशन या आंदोलन नहीं है। इसलिए इसे तोड़ने का यह सही वक्त है।
संक्षिप्त पाठ: अनशन को लेकर उनकी टीम में मतभेद की अटकलें हैं। स्वामी अग्निवेश के नाराज होने की खबरों के बाद न्यायमूर्ति हेगड़े ने भी अन्ना के रुख से असहमति जताई।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजार में करीब एक दर्जन मिडकैप और स्मालकैप कंपनियों के शेयर ढह गए। कुछेक मामलों में तो शेयर 60 प्रतिशत तक लुढ़क गए जिससे सेबी ने इसकी जांच शुरू कर दी। गिरवी रखे शेयरों को बेचने की अफवाह से बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली का दौर चला। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेबी और स्टाक एक्सचेंजों एक बेईमान व्यापारी के साथ संभावित साठगांठ की जांच कर रहे हैं। अमुक व्यापारी को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोका गया है, लेकिन वह मुखौटा इकाइयों के जरिए अब भी व्यापार कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि शुरुआत में यह समस्या सिर्फ 10-12 शेयरों में थी, लेकिन देखा देखी क्षेत्र की अन्य कंपनियों में भी बिकवाली का दौर शुरू हो गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कोर प्रोजेक्ट्स का शेयर 62 प्रतिशत, वेलकार्प का 25 प्रतिशत और आंजनेय लाइफकेयर, एबीजी शिपयार्ड, फ्लेक्सीटफ तथा जेमिनी कम्युनिकेशंस के शेयरों में 20-20 प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां इसके अलावा आर्बिट कार्प, इरोज इंटरनेशनल मीडिया, आप्टो सर्किट, साम्या बायोटेक, वीडियोकान इंडस्ट्रीज तथा सानरा मीडिया के शेयर 10-10 प्रतिशत नीचे आ गए। हालांकि, कुछ शेयर पूर्ण या आंशिक तौर पर गिरावट से उबरकर बंद हुए। गिरवी रखे शेयरों को बेचने की अफवाह से बाजार में ताबड़तोड़ बिकवाली का दौर चला। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेबी और स्टाक एक्सचेंजों एक बेईमान व्यापारी के साथ संभावित साठगांठ की जांच कर रहे हैं। अमुक व्यापारी को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोका गया है, लेकिन वह मुखौटा इकाइयों के जरिए अब भी व्यापार कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि शुरुआत में यह समस्या सिर्फ 10-12 शेयरों में थी, लेकिन देखा देखी क्षेत्र की अन्य कंपनियों में भी बिकवाली का दौर शुरू हो गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कोर प्रोजेक्ट्स का शेयर 62 प्रतिशत, वेलकार्प का 25 प्रतिशत और आंजनेय लाइफकेयर, एबीजी शिपयार्ड, फ्लेक्सीटफ तथा जेमिनी कम्युनिकेशंस के शेयरों में 20-20 प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां इसके अलावा आर्बिट कार्प, इरोज इंटरनेशनल मीडिया, आप्टो सर्किट, साम्या बायोटेक, वीडियोकान इंडस्ट्रीज तथा सानरा मीडिया के शेयर 10-10 प्रतिशत नीचे आ गए। हालांकि, कुछ शेयर पूर्ण या आंशिक तौर पर गिरावट से उबरकर बंद हुए। अधिकारी ने कहा कि शुरुआत में यह समस्या सिर्फ 10-12 शेयरों में थी, लेकिन देखा देखी क्षेत्र की अन्य कंपनियों में भी बिकवाली का दौर शुरू हो गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कोर प्रोजेक्ट्स का शेयर 62 प्रतिशत, वेलकार्प का 25 प्रतिशत और आंजनेय लाइफकेयर, एबीजी शिपयार्ड, फ्लेक्सीटफ तथा जेमिनी कम्युनिकेशंस के शेयरों में 20-20 प्रतिशत की गिरावट आई।टिप्पणियां इसके अलावा आर्बिट कार्प, इरोज इंटरनेशनल मीडिया, आप्टो सर्किट, साम्या बायोटेक, वीडियोकान इंडस्ट्रीज तथा सानरा मीडिया के शेयर 10-10 प्रतिशत नीचे आ गए। हालांकि, कुछ शेयर पूर्ण या आंशिक तौर पर गिरावट से उबरकर बंद हुए। इसके अलावा आर्बिट कार्प, इरोज इंटरनेशनल मीडिया, आप्टो सर्किट, साम्या बायोटेक, वीडियोकान इंडस्ट्रीज तथा सानरा मीडिया के शेयर 10-10 प्रतिशत नीचे आ गए। हालांकि, कुछ शेयर पूर्ण या आंशिक तौर पर गिरावट से उबरकर बंद हुए। हालांकि, कुछ शेयर पूर्ण या आंशिक तौर पर गिरावट से उबरकर बंद हुए।
यहाँ एक सारांश है:शेयर बाजार में करीब एक दर्जन मिडकैप और स्मालकैप कंपनियों के शेयर ढह गए। कुछेक मामलों में तो शेयर 60 प्रतिशत तक लुढ़क गए जिससे सेबी ने इसकी जांच शुरू कर दी।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म ‘रांझना’ अभिनेत्री सोनम कपूर की आने वाली फिल्म है, जिसमें उन्होंने एक छोटे शहर की लड़की का किरदार निभाया है। सोनम कहती हैं कि उन्हें धारा के विपरीत चलना अच्छा लगता है और बॉलीवुड में स्वयं को छोड़ किसी अन्य से उनकी प्रतिस्पर्धा नहीं है। सोनम ने बातचीत में बताया, ‘‘मैंने कभी भी किसी दूसरी अभिनेत्री के साथ प्रतियोगिता नहीं की, भले ही मैंने उनके साथ काम क्यों न किया हो। मैं इस बात में विश्वास करती हूं कि मेरी खुद के साथ ही स्पर्धा है और मैं इसी बात पर कायम रहना चाहती हूं।’’ फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ से मशहूर हुए निर्देशक आनंद एल राय की आने वाली फिल्म ‘रांझना’ में वे ‘कोलावेरी डी’ से मशहूर हुए अभिनेता धनुष के साथ दिखेंगी। इस फिल्म की शूटिंग वाराणसी में होगी। बॉलीवुड में सोनम की पहचान अन्य अभिनेत्रियों की तुलना में उनके अच्छे कपड़ों के चुनाव और उनके स्टाइल को लेकर होती है। वह कहती हैं कि निर्देशक को उन पर पूरा भरोसा था इसलिए उन्होंने फिल्म के लिए उन्हें खुद ही पोशाक चुनने की छूट दी। उन्होंने बस मुझे स्थिति बता दी और बताया कि कहां मुझे ग्लैमरस दिखना है और कहां दिलेर दिखना है। टिप्पणियां इस अभिनेत्री ने अब तक सात फिल्में की हैं और फिलहाल वह ‘रांझना’ को लेकर व्यस्त हैं। फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में वह छोटी-सी भूमिका में भी दिखेंगी। इतने कम फिल्में करने के बारे में पूछने पर वह कहती हैं कि मैं कुछ ऐसा नहीं करना चाहती थी जिससे लोग मुझे भूल जाएं। लोगों ने आज भी मेरे किरदारों को याद रखा है जैसे कि बिट्टू, आयशा, आयत, सिमरन या सकीना। सोनम ने बातचीत में बताया, ‘‘मैंने कभी भी किसी दूसरी अभिनेत्री के साथ प्रतियोगिता नहीं की, भले ही मैंने उनके साथ काम क्यों न किया हो। मैं इस बात में विश्वास करती हूं कि मेरी खुद के साथ ही स्पर्धा है और मैं इसी बात पर कायम रहना चाहती हूं।’’ फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ से मशहूर हुए निर्देशक आनंद एल राय की आने वाली फिल्म ‘रांझना’ में वे ‘कोलावेरी डी’ से मशहूर हुए अभिनेता धनुष के साथ दिखेंगी। इस फिल्म की शूटिंग वाराणसी में होगी। बॉलीवुड में सोनम की पहचान अन्य अभिनेत्रियों की तुलना में उनके अच्छे कपड़ों के चुनाव और उनके स्टाइल को लेकर होती है। वह कहती हैं कि निर्देशक को उन पर पूरा भरोसा था इसलिए उन्होंने फिल्म के लिए उन्हें खुद ही पोशाक चुनने की छूट दी। उन्होंने बस मुझे स्थिति बता दी और बताया कि कहां मुझे ग्लैमरस दिखना है और कहां दिलेर दिखना है। टिप्पणियां इस अभिनेत्री ने अब तक सात फिल्में की हैं और फिलहाल वह ‘रांझना’ को लेकर व्यस्त हैं। फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में वह छोटी-सी भूमिका में भी दिखेंगी। इतने कम फिल्में करने के बारे में पूछने पर वह कहती हैं कि मैं कुछ ऐसा नहीं करना चाहती थी जिससे लोग मुझे भूल जाएं। लोगों ने आज भी मेरे किरदारों को याद रखा है जैसे कि बिट्टू, आयशा, आयत, सिमरन या सकीना। बॉलीवुड में सोनम की पहचान अन्य अभिनेत्रियों की तुलना में उनके अच्छे कपड़ों के चुनाव और उनके स्टाइल को लेकर होती है। वह कहती हैं कि निर्देशक को उन पर पूरा भरोसा था इसलिए उन्होंने फिल्म के लिए उन्हें खुद ही पोशाक चुनने की छूट दी। उन्होंने बस मुझे स्थिति बता दी और बताया कि कहां मुझे ग्लैमरस दिखना है और कहां दिलेर दिखना है। टिप्पणियां इस अभिनेत्री ने अब तक सात फिल्में की हैं और फिलहाल वह ‘रांझना’ को लेकर व्यस्त हैं। फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में वह छोटी-सी भूमिका में भी दिखेंगी। इतने कम फिल्में करने के बारे में पूछने पर वह कहती हैं कि मैं कुछ ऐसा नहीं करना चाहती थी जिससे लोग मुझे भूल जाएं। लोगों ने आज भी मेरे किरदारों को याद रखा है जैसे कि बिट्टू, आयशा, आयत, सिमरन या सकीना। इस अभिनेत्री ने अब तक सात फिल्में की हैं और फिलहाल वह ‘रांझना’ को लेकर व्यस्त हैं। फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में वह छोटी-सी भूमिका में भी दिखेंगी। इतने कम फिल्में करने के बारे में पूछने पर वह कहती हैं कि मैं कुछ ऐसा नहीं करना चाहती थी जिससे लोग मुझे भूल जाएं। लोगों ने आज भी मेरे किरदारों को याद रखा है जैसे कि बिट्टू, आयशा, आयत, सिमरन या सकीना। इतने कम फिल्में करने के बारे में पूछने पर वह कहती हैं कि मैं कुछ ऐसा नहीं करना चाहती थी जिससे लोग मुझे भूल जाएं। लोगों ने आज भी मेरे किरदारों को याद रखा है जैसे कि बिट्टू, आयशा, आयत, सिमरन या सकीना।
सोनम ने बताया, मैंने कभी भी किसी दूसरी अभिनेत्री के साथ प्रतियोगिता नहीं की, भले ही मैंने उनके साथ काम क्यों न किया हो।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गौरतलब है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्रपाड़ा से लोकसभा के सदस्य बैजयंत पांडा पर पार्टी को 'कमजोर' करने का आरोप लगाते हुए बीजद से निलंबित कर दिया था. इसके बाद पांडा ने घोषणा के तुरंत बाद ट्वीट कर कहा, 'मैं इस खबर से हैरान हूं. बहुत-बहुत दुखद है कि नवीन पटनायक मेरे खिलाफ एक आईएएस अधिकारी की साजिश को नहीं समझ सके जो अब पार्टी को नियंत्रित कर रहे हैं. वीडियो :  उन्होंने कहा,  'मैं अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज करता हूं, वे पूरी तरह फर्जी और निराधार हैं. मैं आगे की कार्रवाई से पहले भगवान जगन्नाथ के मार्गदर्शन की प्रार्थना करता हूं.' आपको बता दें कि बैजयंत पांडा पर बीजेपी के नजदीक जाने का भी आरोप लग रहा था.    उन्होंने कहा,  'मैं अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज करता हूं, वे पूरी तरह फर्जी और निराधार हैं. मैं आगे की कार्रवाई से पहले भगवान जगन्नाथ के मार्गदर्शन की प्रार्थना करता हूं.' आपको बता दें कि बैजयंत पांडा पर बीजेपी के नजदीक जाने का भी आरोप लग रहा था.
केंद्रपाड़ा से सांसद हैं पांडा नवीन पटनायक ने किया था सस्पेंड पार्टी को कमजोर करने का लगाया था आरोप
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक द्वारा घोषित किए गए निर्णयों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने यह कहते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और रिजर्व बैंक की आलोचना की कि इस कार्रवाई से सुस्त अर्थव्यवस्था को कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘‘सरकार ने उम्मीद का माहौल बनाया कि वह कुछ ऐसे उपाय करेगी जिससे सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।’’ हालांकि, की गई घोषणा में ऐसा कुछ भी नहीं आया।’’ उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय द्वारा की गई चार घोषणाएं कोई पैकेज नहीं हैं। लोग वास्तविक पैकेज की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन सरकार ने कोई पैकेज नहीं दिया।’’ भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘‘सरकार ने उम्मीद का माहौल बनाया कि वह कुछ ऐसे उपाय करेगी जिससे सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।’’ हालांकि, की गई घोषणा में ऐसा कुछ भी नहीं आया।’’ उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय द्वारा की गई चार घोषणाएं कोई पैकेज नहीं हैं। लोग वास्तविक पैकेज की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन सरकार ने कोई पैकेज नहीं दिया।’’
रिजर्व बैंक द्वारा घोषित किए गए निर्णयों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने यह कहते हुए वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी और रिजर्व बैंक की आलोचना की कि इस कार्रवाई से सुस्त अर्थव्यवस्था को कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिंद महासागर क्षेत्र में पेचीदा सुरक्षा हालात और राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भारतीय नौसेना से इलाके में उच्चस्तर की तैयारी बनाए रखने को कहा है। नौसेना कमांडरों के चार दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए एंटनी ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थायित्व में अहम भूमिका निभाने में नौसेना की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘हमारे करीबी पड़ोस में सुरक्षा हालात वाकई बहुत पेचीदा हो गए हैं। हिंद महासागर में चुनौतियों पर विचार करते हुए कामकाजी तैयारी को उच्चस्तर पर बनाए रखना जरूरी है।’टिप्पणियां क्षेत्र को प्रभावित करने वाले कारकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक तरफ कुछ राजनीतिक घटनाएं हैं। दूसरी तरफ अन्य कई कारक चिंता के सबब हैं, जिन्हें देखते हुए अल्पावधि और दीर्घावधि तैयारी दुरुस्त करने की जरूरत है।’ एंटनी ने कमांडरों से कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति और हमारी नौसेना की व्यवसायिक क्षमता को देखते हुए इलाके में शांति और स्थिरता कायम करने में महत्ती भूमिका निभाना हमारा नैसर्गिक दायित्व बनता है। नौसेना कमांडरों के चार दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए एंटनी ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थायित्व में अहम भूमिका निभाने में नौसेना की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘हमारे करीबी पड़ोस में सुरक्षा हालात वाकई बहुत पेचीदा हो गए हैं। हिंद महासागर में चुनौतियों पर विचार करते हुए कामकाजी तैयारी को उच्चस्तर पर बनाए रखना जरूरी है।’टिप्पणियां क्षेत्र को प्रभावित करने वाले कारकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक तरफ कुछ राजनीतिक घटनाएं हैं। दूसरी तरफ अन्य कई कारक चिंता के सबब हैं, जिन्हें देखते हुए अल्पावधि और दीर्घावधि तैयारी दुरुस्त करने की जरूरत है।’ एंटनी ने कमांडरों से कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति और हमारी नौसेना की व्यवसायिक क्षमता को देखते हुए इलाके में शांति और स्थिरता कायम करने में महत्ती भूमिका निभाना हमारा नैसर्गिक दायित्व बनता है। क्षेत्र को प्रभावित करने वाले कारकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक तरफ कुछ राजनीतिक घटनाएं हैं। दूसरी तरफ अन्य कई कारक चिंता के सबब हैं, जिन्हें देखते हुए अल्पावधि और दीर्घावधि तैयारी दुरुस्त करने की जरूरत है।’ एंटनी ने कमांडरों से कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति और हमारी नौसेना की व्यवसायिक क्षमता को देखते हुए इलाके में शांति और स्थिरता कायम करने में महत्ती भूमिका निभाना हमारा नैसर्गिक दायित्व बनता है। एंटनी ने कमांडरों से कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति और हमारी नौसेना की व्यवसायिक क्षमता को देखते हुए इलाके में शांति और स्थिरता कायम करने में महत्ती भूमिका निभाना हमारा नैसर्गिक दायित्व बनता है।
हिंद महासागर क्षेत्र में पेचीदा सुरक्षा हालात और राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भारतीय नौसेना से इलाके में उच्चस्तर की तैयारी बनाए रखने को कहा है।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेटिंग एजेंसी 'फिच रेटिंग' ने अमेरिका की 'एएए' रेटिंग बरकरार रखी। फिच ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, रेटिंग को एएए पर बरकरार रखे जाने का मतलब है कि अमेरिकी साख के मुख्य आधारस्तंभों की मजबूती पहले की तरह बरकरार है, जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में सक्रिय भूमिका और लचीली, विविधतापूर्ण तथा समृद्ध अर्थव्यवस्था। एजेंसी ने आगे कहा कि लचीली मौद्रिक और विनिमय दर के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था आर्थिक संकटों को झेल लेती है। करीब दो सप्ताह पहले एक अन्य रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने अमेरिकी साख की रेटिंग 'एएए' से घटाकर 'एए+' कर दी थी। इसके बाद अमेरिका सहित दुनिया के तमाम शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। फिच ने हालांकि अमेरिकी साख की रेटिंग एएए पर बरकरार रखा है, पर उसने कहा है कि वह अमेरिका के वित्तीय घाटे को कम करने के लिए कांग्रेस की सुपर समिति में जारी विचार-विमर्श का विश्लेषण करने के बाद इस रेटिंग पर फिर से विचार कर सकती है। यह नवम्बर में हो सकता है। इसके साथ ही रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वह इस साल के अंत तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की छोटी और लंबी अवधि की संभावना का भी विश्लेषण करेगी। उल्लेखनीय है कि एक अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी 2 अगस्त को अमेरिका की शीर्ष रेटिंग बरकरार रखी थी, लेकिन इसके करीब एक सप्ताह बाद कहा था कि यदि अमेरिका ने वित्तीय घाटे को कम करने में तत्परता नहीं दिखाई, तो वह 2013 से पहले अमेरिकी साख की रेटिंग कम कर सकती है।
यह एक सारांश है: फिच ने कहा कि रेटिंग को एएए पर बरकरार रखे जाने का मतलब है कि अमेरिकी साख के मुख्य आधार स्तंभों की मजबूती पहले की तरह बरकरार है।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्विट्जरलैंड की युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के चलते सुर्खियों में आए मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक और सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। इस बार एक पार्षद ने चार साथियों के साथ मिलकर अपने ही शहर की युवती की इज्जत को तार-तार कर दिया है। पांचों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, दतिया निवासी युवती अपने बहनोई के साथ जिगना थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार के यहां गई थी। युवती का आरोप है कि जब वह लौट रही थी, तभी पार्षद बालकिशन कुशवाहा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रोका। उसके बाद जबरिया सड़क किनारे ले जाकर कुशवाहा ने साथियों के साथ मिलकर उससे दुष्कर्म किया। युवती का आरोप है कि कुशवाहा व उसके साथी हथियार लिए हुए थे।टिप्पणियां युवती का आरोप है कि वह अपने साथ घटी घटना की शिकायत करने थाने पहुंची तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखना तो दूर, उसके बहनोई की पिटाई कर दी। मंगलवार को पुलिस ने चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरएस प्रजापति ने बताया कि महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, दतिया निवासी युवती अपने बहनोई के साथ जिगना थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार के यहां गई थी। युवती का आरोप है कि जब वह लौट रही थी, तभी पार्षद बालकिशन कुशवाहा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रोका। उसके बाद जबरिया सड़क किनारे ले जाकर कुशवाहा ने साथियों के साथ मिलकर उससे दुष्कर्म किया। युवती का आरोप है कि कुशवाहा व उसके साथी हथियार लिए हुए थे।टिप्पणियां युवती का आरोप है कि वह अपने साथ घटी घटना की शिकायत करने थाने पहुंची तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखना तो दूर, उसके बहनोई की पिटाई कर दी। मंगलवार को पुलिस ने चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरएस प्रजापति ने बताया कि महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। युवती का आरोप है कि वह अपने साथ घटी घटना की शिकायत करने थाने पहुंची तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखना तो दूर, उसके बहनोई की पिटाई कर दी। मंगलवार को पुलिस ने चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरएस प्रजापति ने बताया कि महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरएस प्रजापति ने बताया कि महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
संक्षिप्त सारांश: स्विट्जरलैंड की युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के चलते सुर्खियों में आए मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक और सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ट्विटर पर फॉलोअरों की संख्या शनिवार को एक करोड़ को पार कर गई. सर्वाधिक फॉलोअरों वाले भारतीय नेताओं के मामले में वह दूसरे स्थान पर आ गए हैं. फॉलोअरों के मामले में केजरीवाल से आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तकरीबन दो करोड़ 54 लाख फॉलोअर हैं. केजरीवाल पिछले साल नवंबर में दूसरे स्थान पर आ गए थे.टिप्पणियां यद्यपि इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन ट्विटर पर सक्रिय नेताओं के अकाउंट के त्वरित विश्लेषण से पता चलता है कि तकरीबन 66 लाख 69 हजार फॉलोअरों के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तीसरे स्थान पर हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फॉलोअरों के मामले में केजरीवाल से आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तकरीबन दो करोड़ 54 लाख फॉलोअर हैं. केजरीवाल पिछले साल नवंबर में दूसरे स्थान पर आ गए थे.टिप्पणियां यद्यपि इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन ट्विटर पर सक्रिय नेताओं के अकाउंट के त्वरित विश्लेषण से पता चलता है कि तकरीबन 66 लाख 69 हजार फॉलोअरों के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तीसरे स्थान पर हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केजरीवाल पिछले साल नवंबर में दूसरे स्थान पर आ गए थे.टिप्पणियां यद्यपि इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन ट्विटर पर सक्रिय नेताओं के अकाउंट के त्वरित विश्लेषण से पता चलता है कि तकरीबन 66 लाख 69 हजार फॉलोअरों के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तीसरे स्थान पर हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यद्यपि इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन ट्विटर पर सक्रिय नेताओं के अकाउंट के त्वरित विश्लेषण से पता चलता है कि तकरीबन 66 लाख 69 हजार फॉलोअरों के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तीसरे स्थान पर हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: सर्वाधिक फॉलोवरों वाले भारतीय नेताओं के मामले में वह दूसरे स्थान पर आए. फॉलोवरों के मामले में केजरीवाल से आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तकरीबन दो करोड़ 54 लाख फॉलोवर हैं.
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तकरीबन हफ्तेभर चले सस्पेंस और ड्रामे का खात्मा करते हुए कमल हासन की विवादित तमिल फिल्म ‘विश्वरूपम’ कुछ सीन हटाए जाने के बाद राज्य में रिलीज के लिए तैयार है। दरअसल, तमिलनाडु सरकार की मध्यस्थता में हासन और फिल्म का विरोध कर रहे मुस्लिम संगठनों के बीच शनिवार को बातचीत हुई जिसमें दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई। सचिवालय में गृह सचिव आर राजगोपाल की मौजूदगी में छह घंटे तक चली बातचीत के बाद बाहर आए हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। गौरतलब है कि इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।’’ हासन ने कहा कि वह मद्रास उच्च न्यायालय में दायर उस याचिका को वापस ले लेंगे जिसमें फिल्म की रिलीज पर लगाई गई दो हफ्ते की पाबंदी को चुनौती दी गयी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार फिल्म से पाबंदी हटा लेगी। तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कड़गम के प्रतिनिधि और विधायक एमएच जवाहिरुल्ला ने कहा कि हासन फिल्म के कुछ ऐसे दृश्य काटने पर राजी हुए हैं जिन पर मुस्लिमों को आपत्ति है।टिप्पणियां मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ कराने के वादे के बाद हुई त्रिपक्षीय बैठक संपन्न होने पर जवाहिरुल्ला ने कहा, ‘‘बैठक का नतीजा अच्छा रहा।’’ बहुभाषी फिल्म विश्वरूपम 11 जनवरी को ही रिलीज होने वाली थी। यह केरल सहित अन्य राज्यों में रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को उत्तर भारत के सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई। हासन के मुताबिक, जहां-जहां यह फिल्म रिलीज हुई वहां इसे दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिली। सचिवालय में गृह सचिव आर राजगोपाल की मौजूदगी में छह घंटे तक चली बातचीत के बाद बाहर आए हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। गौरतलब है कि इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।’’ हासन ने कहा कि वह मद्रास उच्च न्यायालय में दायर उस याचिका को वापस ले लेंगे जिसमें फिल्म की रिलीज पर लगाई गई दो हफ्ते की पाबंदी को चुनौती दी गयी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार फिल्म से पाबंदी हटा लेगी। तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कड़गम के प्रतिनिधि और विधायक एमएच जवाहिरुल्ला ने कहा कि हासन फिल्म के कुछ ऐसे दृश्य काटने पर राजी हुए हैं जिन पर मुस्लिमों को आपत्ति है।टिप्पणियां मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ कराने के वादे के बाद हुई त्रिपक्षीय बैठक संपन्न होने पर जवाहिरुल्ला ने कहा, ‘‘बैठक का नतीजा अच्छा रहा।’’ बहुभाषी फिल्म विश्वरूपम 11 जनवरी को ही रिलीज होने वाली थी। यह केरल सहित अन्य राज्यों में रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को उत्तर भारत के सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई। हासन के मुताबिक, जहां-जहां यह फिल्म रिलीज हुई वहां इसे दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिली। गौरतलब है कि इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।’’ हासन ने कहा कि वह मद्रास उच्च न्यायालय में दायर उस याचिका को वापस ले लेंगे जिसमें फिल्म की रिलीज पर लगाई गई दो हफ्ते की पाबंदी को चुनौती दी गयी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार फिल्म से पाबंदी हटा लेगी। तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कड़गम के प्रतिनिधि और विधायक एमएच जवाहिरुल्ला ने कहा कि हासन फिल्म के कुछ ऐसे दृश्य काटने पर राजी हुए हैं जिन पर मुस्लिमों को आपत्ति है।टिप्पणियां मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ कराने के वादे के बाद हुई त्रिपक्षीय बैठक संपन्न होने पर जवाहिरुल्ला ने कहा, ‘‘बैठक का नतीजा अच्छा रहा।’’ बहुभाषी फिल्म विश्वरूपम 11 जनवरी को ही रिलीज होने वाली थी। यह केरल सहित अन्य राज्यों में रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को उत्तर भारत के सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई। हासन के मुताबिक, जहां-जहां यह फिल्म रिलीज हुई वहां इसे दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिली। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।’’ हासन ने कहा कि वह मद्रास उच्च न्यायालय में दायर उस याचिका को वापस ले लेंगे जिसमें फिल्म की रिलीज पर लगाई गई दो हफ्ते की पाबंदी को चुनौती दी गयी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार फिल्म से पाबंदी हटा लेगी। तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कड़गम के प्रतिनिधि और विधायक एमएच जवाहिरुल्ला ने कहा कि हासन फिल्म के कुछ ऐसे दृश्य काटने पर राजी हुए हैं जिन पर मुस्लिमों को आपत्ति है।टिप्पणियां मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ कराने के वादे के बाद हुई त्रिपक्षीय बैठक संपन्न होने पर जवाहिरुल्ला ने कहा, ‘‘बैठक का नतीजा अच्छा रहा।’’ बहुभाषी फिल्म विश्वरूपम 11 जनवरी को ही रिलीज होने वाली थी। यह केरल सहित अन्य राज्यों में रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को उत्तर भारत के सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई। हासन के मुताबिक, जहां-जहां यह फिल्म रिलीज हुई वहां इसे दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिली। हासन ने कहा कि वह मद्रास उच्च न्यायालय में दायर उस याचिका को वापस ले लेंगे जिसमें फिल्म की रिलीज पर लगाई गई दो हफ्ते की पाबंदी को चुनौती दी गयी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार फिल्म से पाबंदी हटा लेगी। तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कड़गम के प्रतिनिधि और विधायक एमएच जवाहिरुल्ला ने कहा कि हासन फिल्म के कुछ ऐसे दृश्य काटने पर राजी हुए हैं जिन पर मुस्लिमों को आपत्ति है।टिप्पणियां मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ कराने के वादे के बाद हुई त्रिपक्षीय बैठक संपन्न होने पर जवाहिरुल्ला ने कहा, ‘‘बैठक का नतीजा अच्छा रहा।’’ बहुभाषी फिल्म विश्वरूपम 11 जनवरी को ही रिलीज होने वाली थी। यह केरल सहित अन्य राज्यों में रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को उत्तर भारत के सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई। हासन के मुताबिक, जहां-जहां यह फिल्म रिलीज हुई वहां इसे दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिली। मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ कराने के वादे के बाद हुई त्रिपक्षीय बैठक संपन्न होने पर जवाहिरुल्ला ने कहा, ‘‘बैठक का नतीजा अच्छा रहा।’’ बहुभाषी फिल्म विश्वरूपम 11 जनवरी को ही रिलीज होने वाली थी। यह केरल सहित अन्य राज्यों में रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को उत्तर भारत के सिनेमाघरों में यह फिल्म रिलीज हुई। हासन के मुताबिक, जहां-जहां यह फिल्म रिलीज हुई वहां इसे दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिली। हासन के मुताबिक, जहां-जहां यह फिल्म रिलीज हुई वहां इसे दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिली।
यहाँ एक सारांश है:कमल हासन की विवादित तमिल फिल्म ‘विश्वरूपम’ कुछ सीन हटाए जाने के बाद राज्य में रिलीज के लिए तैयार है। दरअसल, तमिलनाडु सरकार की मध्यस्थता में हासन और फिल्म का विरोध कर रहे मुस्लिम संगठनों के बीच शनिवार को बातचीत हुई जिसमें दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कपिल शर्मा दो दिनों से दो वजहों से खबरों में बने हुए है. एक वजह है कपिल द्वारा अपने सह-कलाकार सुनील ग्रोवर से फ्लाइट में मारपीट और दूसरी वजह है उनका गिन्नी चतरथ से प्यार का ऐलान. शनिवार सुबह कपिल ने जब ट्विटर पर गिन्नी की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "मैं उन्हें अपनी बेटर हाफ कहने की बजाए यह लिखूंगा कि वह मुझे पूरा करती हैं" तो सबको लगा कि गिन्नी कपिल की गर्लफ्रेंड हैं और संभवतः दोनों जल्द ही शादी करने वाले हैं. पर सच यह है कि गिन्नी और कपिल की शादी पहले ही हो चुकी है और वह कपिल की पत्नी हैं, गर्लफ्रेंड नहीं.टिप्पणियां शनिवार को ट्विटर के साथ-साथ कपिल ने फेसबुक पर भी गिन्नी की फोटो शेयर की थी. ट्विटर पर जहां उनकी बात थोड़ी कन्फ्यूजिंग थी वहीं फेसबुक पर उन्होंने साफ साफ लिखा कि गिन्नी उनकी पत्नी हैं. लेकिन ज्यादातर लोगों का ध्यान कपिल के फेसबुक पर गया ही नहीं. कपिल ने लिखा, "मेरी पत्नी से मिलिए... मैं दीपिका पादुकोण से ज्यादा प्यार उनसे करता हूं."      कपिल शर्मा इन दिनों अपने शो द कपिल शर्मा शो के साथ-साथ फिरंगी की शूटिंग में व्यस्त हैं. राजीव ढींगरा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के साथ-साथ कपिल शर्मा इसे प्रोड्यूस भी कर रहे हैं. googletag.cmd.push(function() { googletag.display('adslotNativeVideo'); }); पिछले दिनों करण जौहर के चैट शो कॉफी विद करण में कपिल शर्मा ने कहा था कि दीपिका पादुकोण उनकी क्रश हैं. शो में उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करने से इनकार कर दिया था. कपिल ने कहा था कि उनकी मां जल्द से जल्द उनकी शादी कराना चाहती हैं, उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें कोई ऐसी लड़की मिल नहीं रही है जिससे वह शादी कर सकें.   शनिवार को ट्विटर के साथ-साथ कपिल ने फेसबुक पर भी गिन्नी की फोटो शेयर की थी. ट्विटर पर जहां उनकी बात थोड़ी कन्फ्यूजिंग थी वहीं फेसबुक पर उन्होंने साफ साफ लिखा कि गिन्नी उनकी पत्नी हैं. लेकिन ज्यादातर लोगों का ध्यान कपिल के फेसबुक पर गया ही नहीं. कपिल ने लिखा, "मेरी पत्नी से मिलिए... मैं दीपिका पादुकोण से ज्यादा प्यार उनसे करता हूं."      कपिल शर्मा इन दिनों अपने शो द कपिल शर्मा शो के साथ-साथ फिरंगी की शूटिंग में व्यस्त हैं. राजीव ढींगरा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के साथ-साथ कपिल शर्मा इसे प्रोड्यूस भी कर रहे हैं. पिछले दिनों करण जौहर के चैट शो कॉफी विद करण में कपिल शर्मा ने कहा था कि दीपिका पादुकोण उनकी क्रश हैं. शो में उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करने से इनकार कर दिया था. कपिल ने कहा था कि उनकी मां जल्द से जल्द उनकी शादी कराना चाहती हैं, उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें कोई ऐसी लड़की मिल नहीं रही है जिससे वह शादी कर सकें.   पिछले दिनों करण जौहर के चैट शो कॉफी विद करण में कपिल शर्मा ने कहा था कि दीपिका पादुकोण उनकी क्रश हैं. शो में उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करने से इनकार कर दिया था. कपिल ने कहा था कि उनकी मां जल्द से जल्द उनकी शादी कराना चाहती हैं, उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें कोई ऐसी लड़की मिल नहीं रही है जिससे वह शादी कर सकें.
यहाँ एक सारांश है:कपिल शर्मा ने ट्विटर के साथ-साथ फेसबुक पर शेयर की थी गिन्नी की फोटो फेसबुक पर कपिल ने साफ लिखा था, "मेरी पत्नी से मिलिए" सुनील ग्रोवर पर हाथ उठाने को लेकर चर्चा में हैं कपिल शर्मा
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की राजधानी में बुधवार को हुई तेज बारिश के कारण इंडिया गेट के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है. संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) गरिमा भटनागर ने कहा, "बुधवार को हुई तेज बारिश के कारण इंडिया गेट से अशोक रोड को जाने वाली सड़क 14 विंडसर प्लेस के पास धंस गई।" इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. भटनागर ने कहा, "हमारे अधिकारियों ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है.नगर निकाय जल्द ही क्षेत्र को भर देंगे, जो पांच से छह फुट चौड़ा और आठ से नौ फुट गहरा है."दिल्ली में बुधवार को 63.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव और यातायात जाम की समस्या पैदा हो गई.गुड़गांव और नोएडा के कई यातायात चौराहों पर जाम की वजह से राहगीरों को गुरुवार सुबह काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.टिप्पणियां   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भटनागर ने कहा, "हमारे अधिकारियों ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है.नगर निकाय जल्द ही क्षेत्र को भर देंगे, जो पांच से छह फुट चौड़ा और आठ से नौ फुट गहरा है."दिल्ली में बुधवार को 63.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव और यातायात जाम की समस्या पैदा हो गई.गुड़गांव और नोएडा के कई यातायात चौराहों पर जाम की वजह से राहगीरों को गुरुवार सुबह काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.टिप्पणियां   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव और यातायात जाम की समस्या पैदा हो गई.गुड़गांव और नोएडा के कई यातायात चौराहों पर जाम की वजह से राहगीरों को गुरुवार सुबह काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.टिप्पणियां   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: अशोक रोड को जोन वाली सड़क विंडसर प्‍लेस के पास धंसी करीब पांच फुट चौड़ा, आठ फुट गहरा गड्ढा बना सड़क धंसने के कारण यातायात हो रहा है प्रभावित
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस का मानना है कि भारत के खिलाफ आगामी सीरीज ऐतिहासिक एशेज की तरह की कड़ी होगी लेकिन उन्हें विश्वास है कि घरेलू परिस्थितियों में उनकी टीम दुनिया की नंबर एक टीम को हराने में सफल रहेगी। स्ट्रॉस ने कहा, भारत के खिलाफ यह सीरीज निश्चित तौर पर एशेज के समान ही चुनौतीपूर्ण है। मुझे लगता है कि हमें घरेलू परिस्थितियों में खेलने का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि हम अपनी धरती पर किसी भी टीम को हरा सकते हैं और ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि अपने मैदानों पर खेलने से आप फायदे में रहते हैं लेकिन भारत ने पिछले दो साल जो कुछ किया है उसे देखकर कहा जा सकता है कि वे आत्मविश्वास से ओतप्रोत हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज लॉर्डस में 21 जुलाई से शुरू होगी। स्ट्रॉस ने कहा कि दुनिया की नंबर एक टीम का सामना करना भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा होगी। उन्होंने कहा, उनके पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं और वे जीत के लिए काफी प्रेरित हैं। यदि हमें उनका मुकाबला करना है तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। हम इसको लेकर किसी तरह के भ्रम में नहीं हैं लेकिन इससे हम उत्साहित हैं। स्ट्रास ने कहा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आपको हमेशा इस तरह की चुनौतियों की जरूरत होती है। मुझे लगता है कि हम 2007 की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। हमने हाल में काफी सफलता अर्जित की है और हमारी टीम अधिक सक्षम है। पिछले दो साल में हमने जो भी सीरीज खेली उसमें अच्छी प्रगति की।
यह एक सारांश है: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस का मानना है कि भारत के खिलाफ आगामी सीरीज ऐतिहासिक एशेज की तरह की कड़ी होगी।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को सरकारी खर्च में और अनुशासन लाने का आह्वान किया और कहा कि भारत का वित्तीय घाटा 'बहुत अधिक' है तथा यह घरेलू व विदेशी निवेश को बाधित कर रहा है। 28 अक्टूबर को कैबिनेट में फेरबदल के बाद अपने सरकारी आवास पर 77 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के साथ अपनी पहली बैठक में प्रधानमंत्री ने विश्व की ताजा आर्थिक तस्वीर पेश की, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है। उन्होंने साथ ही सरकार की कार्यसूची पर भी कुछ विचार साझा किए। मनमोहन सिंह ने कहा, "कठिन वैश्विक आर्थिक स्थिति का असर हम पर भी हो रहा है। परिणामस्वरूप हमारी विकास दर में गिरावट आई है, निर्यात में कमी आई है तथा वित्तीय घाटा बढ़ता जा रहा है।" उन्होंने कहा, "हमारी खास चिंता वित्तीय घाटे को लेकर है, जो बहुत अधिक है और घरेलू व विदेशी निवेश को बाधित कर रहा है। ये मुद्दे समूची अर्थव्यवस्था और कई विभागों के कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं, जिनके प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं।" प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी से दो दिन पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने वित्तीय घाटा कम करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना की घोषणा की थी। उन्होंने वित्तीय घाटा कम करते हुए इसे वित्तवर्ष 2016-17 तक तीन फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा, जो वित्तवर्ष 2011-12 में 5.8 फीसदी दर्ज किया गया। सरकार ने हालांकि बजट में वित्त वर्ष 2012-13 में वित्तीय घाटे को घटाकर 5.1 फीसदी तक लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विभिन्न वैश्विक तथा घरेलू कारणों से इसमें वृद्धि होगी। वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का प्रयास करेगी और खर्च में कटौती कर वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" 28 अक्टूबर को कैबिनेट में फेरबदल के बाद अपने सरकारी आवास पर 77 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के साथ अपनी पहली बैठक में प्रधानमंत्री ने विश्व की ताजा आर्थिक तस्वीर पेश की, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है। उन्होंने साथ ही सरकार की कार्यसूची पर भी कुछ विचार साझा किए। मनमोहन सिंह ने कहा, "कठिन वैश्विक आर्थिक स्थिति का असर हम पर भी हो रहा है। परिणामस्वरूप हमारी विकास दर में गिरावट आई है, निर्यात में कमी आई है तथा वित्तीय घाटा बढ़ता जा रहा है।" उन्होंने कहा, "हमारी खास चिंता वित्तीय घाटे को लेकर है, जो बहुत अधिक है और घरेलू व विदेशी निवेश को बाधित कर रहा है। ये मुद्दे समूची अर्थव्यवस्था और कई विभागों के कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं, जिनके प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं।" प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी से दो दिन पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने वित्तीय घाटा कम करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना की घोषणा की थी। उन्होंने वित्तीय घाटा कम करते हुए इसे वित्तवर्ष 2016-17 तक तीन फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा, जो वित्तवर्ष 2011-12 में 5.8 फीसदी दर्ज किया गया। सरकार ने हालांकि बजट में वित्त वर्ष 2012-13 में वित्तीय घाटे को घटाकर 5.1 फीसदी तक लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विभिन्न वैश्विक तथा घरेलू कारणों से इसमें वृद्धि होगी। वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का प्रयास करेगी और खर्च में कटौती कर वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" मनमोहन सिंह ने कहा, "कठिन वैश्विक आर्थिक स्थिति का असर हम पर भी हो रहा है। परिणामस्वरूप हमारी विकास दर में गिरावट आई है, निर्यात में कमी आई है तथा वित्तीय घाटा बढ़ता जा रहा है।" उन्होंने कहा, "हमारी खास चिंता वित्तीय घाटे को लेकर है, जो बहुत अधिक है और घरेलू व विदेशी निवेश को बाधित कर रहा है। ये मुद्दे समूची अर्थव्यवस्था और कई विभागों के कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं, जिनके प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं।" प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी से दो दिन पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने वित्तीय घाटा कम करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना की घोषणा की थी। उन्होंने वित्तीय घाटा कम करते हुए इसे वित्तवर्ष 2016-17 तक तीन फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा, जो वित्तवर्ष 2011-12 में 5.8 फीसदी दर्ज किया गया। सरकार ने हालांकि बजट में वित्त वर्ष 2012-13 में वित्तीय घाटे को घटाकर 5.1 फीसदी तक लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विभिन्न वैश्विक तथा घरेलू कारणों से इसमें वृद्धि होगी। वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का प्रयास करेगी और खर्च में कटौती कर वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" उन्होंने कहा, "हमारी खास चिंता वित्तीय घाटे को लेकर है, जो बहुत अधिक है और घरेलू व विदेशी निवेश को बाधित कर रहा है। ये मुद्दे समूची अर्थव्यवस्था और कई विभागों के कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं, जिनके प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं।" प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी से दो दिन पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने वित्तीय घाटा कम करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना की घोषणा की थी। उन्होंने वित्तीय घाटा कम करते हुए इसे वित्तवर्ष 2016-17 तक तीन फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा, जो वित्तवर्ष 2011-12 में 5.8 फीसदी दर्ज किया गया। सरकार ने हालांकि बजट में वित्त वर्ष 2012-13 में वित्तीय घाटे को घटाकर 5.1 फीसदी तक लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विभिन्न वैश्विक तथा घरेलू कारणों से इसमें वृद्धि होगी। वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का प्रयास करेगी और खर्च में कटौती कर वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी से दो दिन पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने वित्तीय घाटा कम करने के लिए एक पंचवर्षीय योजना की घोषणा की थी। उन्होंने वित्तीय घाटा कम करते हुए इसे वित्तवर्ष 2016-17 तक तीन फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा, जो वित्तवर्ष 2011-12 में 5.8 फीसदी दर्ज किया गया। सरकार ने हालांकि बजट में वित्त वर्ष 2012-13 में वित्तीय घाटे को घटाकर 5.1 फीसदी तक लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विभिन्न वैश्विक तथा घरेलू कारणों से इसमें वृद्धि होगी। वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का प्रयास करेगी और खर्च में कटौती कर वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" सरकार ने हालांकि बजट में वित्त वर्ष 2012-13 में वित्तीय घाटे को घटाकर 5.1 फीसदी तक लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विभिन्न वैश्विक तथा घरेलू कारणों से इसमें वृद्धि होगी। वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का प्रयास करेगी और खर्च में कटौती कर वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" वित्तमंत्री ने कहा है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का प्रयास करेगी और खर्च में कटौती कर वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" प्रधानमंत्री ने ऊर्जा की मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि यह स्थिति देश के विकास में एक बड़ी बाधा बन रही है। प्रधानमंत्री ने हालांकि साथ ही अपने सहयोगियों से कहा कि देश की वित्तीय स्थिति को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।" आम चुनाव में मात्र 18 महीने शेष रह गए हैं, इसका ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक कैलेंडर के विरुद्ध काम कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "हमने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पा सकते हैं। बस हमें साहस और आस्था के साथ कोशिश करनी है।"
यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को सरकारी खर्च में और अनुशासन लाने का आह्वान किया और कहा कि भारत का वित्तीय घाटा 'बहुत अधिक' है तथा यह घरेलू व विदेशी निवेश को बाधित कर रहा है।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: कनॉट प्‍लेस में घड़ी के एक शोरूम से चोरों ने करीब 1.30 करोड़ रुपये मूल्‍य की 680 घड़ियों पर हाथ साफ कर दिया. गौर करने वाली बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है, जबकि शहर में हाई अलर्ट है और पुलिस लगातार गश्‍त लगा रही है. दिल्‍ली पुलिस के अनुसार, चोरी की यह वारदात 28 जनवरी को रीगल बिल्डिंग में स्थित शोरूम में हुई. मामले में शिकायतकर्ता मयंक बरोडिया ने बताया कि 'जब हम सुबह दुकान में आए तो गार्ड ने पिछली रात हुई चोरी के बाबत हमें सूचित किया. हमने पाया कि सेइको, कैसियो, गेस, फोसिल, टाइटन, ओमेगा, लांगिन्स, राडो जैसे ब्रांडों की घड़ियों की चोरी हो गई थी'.टिप्पणियां मयंक ने पुलिस को बताया कि 'चोरों ने न केवल  डेढ़-दो लाख रुपये नकदी और मरम्मत के लिए आई सभी घड़ियां भी उठा ले गए. करीब 680 घड़ियों की चोरी हुई'. पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है. इसके साथ ही वह आसपास की दुकानों और एटीएम के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपियों के बारे में कोई सुराग मिल सके. पुलिस इस शोरूम के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. दिल्‍ली पुलिस के अनुसार, चोरी की यह वारदात 28 जनवरी को रीगल बिल्डिंग में स्थित शोरूम में हुई. मामले में शिकायतकर्ता मयंक बरोडिया ने बताया कि 'जब हम सुबह दुकान में आए तो गार्ड ने पिछली रात हुई चोरी के बाबत हमें सूचित किया. हमने पाया कि सेइको, कैसियो, गेस, फोसिल, टाइटन, ओमेगा, लांगिन्स, राडो जैसे ब्रांडों की घड़ियों की चोरी हो गई थी'.टिप्पणियां मयंक ने पुलिस को बताया कि 'चोरों ने न केवल  डेढ़-दो लाख रुपये नकदी और मरम्मत के लिए आई सभी घड़ियां भी उठा ले गए. करीब 680 घड़ियों की चोरी हुई'. पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है. इसके साथ ही वह आसपास की दुकानों और एटीएम के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपियों के बारे में कोई सुराग मिल सके. पुलिस इस शोरूम के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. मामले में शिकायतकर्ता मयंक बरोडिया ने बताया कि 'जब हम सुबह दुकान में आए तो गार्ड ने पिछली रात हुई चोरी के बाबत हमें सूचित किया. हमने पाया कि सेइको, कैसियो, गेस, फोसिल, टाइटन, ओमेगा, लांगिन्स, राडो जैसे ब्रांडों की घड़ियों की चोरी हो गई थी'.टिप्पणियां मयंक ने पुलिस को बताया कि 'चोरों ने न केवल  डेढ़-दो लाख रुपये नकदी और मरम्मत के लिए आई सभी घड़ियां भी उठा ले गए. करीब 680 घड़ियों की चोरी हुई'. पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है. इसके साथ ही वह आसपास की दुकानों और एटीएम के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपियों के बारे में कोई सुराग मिल सके. पुलिस इस शोरूम के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. मयंक ने पुलिस को बताया कि 'चोरों ने न केवल  डेढ़-दो लाख रुपये नकदी और मरम्मत के लिए आई सभी घड़ियां भी उठा ले गए. करीब 680 घड़ियों की चोरी हुई'. पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है. इसके साथ ही वह आसपास की दुकानों और एटीएम के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपियों के बारे में कोई सुराग मिल सके. पुलिस इस शोरूम के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है. इसके साथ ही वह आसपास की दुकानों और एटीएम के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपियों के बारे में कोई सुराग मिल सके. पुलिस इस शोरूम के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है.
यह एक सारांश है: चोरी की यह वारदात 28 जनवरी को रीगल बिल्डिंग में स्थित शोरूम में हुई. सेइको, कैसियो, गेस, फोसिल, लांगिन्स, राडो जैसे ब्रांडों की घड़ियां चोरी. पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है.
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली और आसपास के इलाकों में सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी की गई है। राजधानी में सीएनजी के दाम 1.55 रुपये बढ़े हैं और अब यह 39.90 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वहीं नोएडा, गेट्रर नोएडा तथा गाजियाबाद में सीएनजी कीमतों में 1.80 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है। इंद्रप्रस्थ गैस लि. ने कहा कि दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में कंप्रेस्ड नैचुरल गैस की कीमतों में मध्य रात्रि से बढ़ोतरी की गई है। आईजीएल ने कहा है कि लागत में बढ़ोतरी तथा संबंधित करों की वजह से सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीएनजी कीमतों में चार फीसद की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह दिल्ली में सीएनजी जहां 1.55 रुपये महंगी हुई है, वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में इसके दाम 1.80 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़े हैं। दिल्ली में सीएनजी का नया दाम 39.90 रुपये प्रति किलोग्राम तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में 45.10 रुपये प्रति किलोग्राम होगा।टिप्पणियां आईजीएल के प्रवक्ता ने कहा कि सीएनजी के खुदरा दामों में वृद्धि इसकी खरीद लागत में बढ़ोतरी और हाल में आर-एलएनजी के आयातित मूल्य में इजाफे की वजह से की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि इस बढ़ोतरी से वाहनों की प्रति किलोमीटर दौड़ने की लागत पर बेहद मामूली असर पड़ेगा। तिपहिया के लिए लागत में प्रति किलोमीटर चार पैसे तथा टैक्सी के लिए सात पैसे प्रति किलोमीटर की होगी। बसों के लिए प्रति किलोमीटर वृद्धि 45 पैसे बैठेगी। इंद्रप्रस्थ गैस लि. ने कहा कि दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में कंप्रेस्ड नैचुरल गैस की कीमतों में मध्य रात्रि से बढ़ोतरी की गई है। आईजीएल ने कहा है कि लागत में बढ़ोतरी तथा संबंधित करों की वजह से सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीएनजी कीमतों में चार फीसद की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह दिल्ली में सीएनजी जहां 1.55 रुपये महंगी हुई है, वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में इसके दाम 1.80 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़े हैं। दिल्ली में सीएनजी का नया दाम 39.90 रुपये प्रति किलोग्राम तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में 45.10 रुपये प्रति किलोग्राम होगा।टिप्पणियां आईजीएल के प्रवक्ता ने कहा कि सीएनजी के खुदरा दामों में वृद्धि इसकी खरीद लागत में बढ़ोतरी और हाल में आर-एलएनजी के आयातित मूल्य में इजाफे की वजह से की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि इस बढ़ोतरी से वाहनों की प्रति किलोमीटर दौड़ने की लागत पर बेहद मामूली असर पड़ेगा। तिपहिया के लिए लागत में प्रति किलोमीटर चार पैसे तथा टैक्सी के लिए सात पैसे प्रति किलोमीटर की होगी। बसों के लिए प्रति किलोमीटर वृद्धि 45 पैसे बैठेगी। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीएनजी कीमतों में चार फीसद की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह दिल्ली में सीएनजी जहां 1.55 रुपये महंगी हुई है, वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में इसके दाम 1.80 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़े हैं। दिल्ली में सीएनजी का नया दाम 39.90 रुपये प्रति किलोग्राम तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में 45.10 रुपये प्रति किलोग्राम होगा।टिप्पणियां आईजीएल के प्रवक्ता ने कहा कि सीएनजी के खुदरा दामों में वृद्धि इसकी खरीद लागत में बढ़ोतरी और हाल में आर-एलएनजी के आयातित मूल्य में इजाफे की वजह से की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि इस बढ़ोतरी से वाहनों की प्रति किलोमीटर दौड़ने की लागत पर बेहद मामूली असर पड़ेगा। तिपहिया के लिए लागत में प्रति किलोमीटर चार पैसे तथा टैक्सी के लिए सात पैसे प्रति किलोमीटर की होगी। बसों के लिए प्रति किलोमीटर वृद्धि 45 पैसे बैठेगी। आईजीएल के प्रवक्ता ने कहा कि सीएनजी के खुदरा दामों में वृद्धि इसकी खरीद लागत में बढ़ोतरी और हाल में आर-एलएनजी के आयातित मूल्य में इजाफे की वजह से की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि इस बढ़ोतरी से वाहनों की प्रति किलोमीटर दौड़ने की लागत पर बेहद मामूली असर पड़ेगा। तिपहिया के लिए लागत में प्रति किलोमीटर चार पैसे तथा टैक्सी के लिए सात पैसे प्रति किलोमीटर की होगी। बसों के लिए प्रति किलोमीटर वृद्धि 45 पैसे बैठेगी। प्रवक्ता ने कहा कि इस बढ़ोतरी से वाहनों की प्रति किलोमीटर दौड़ने की लागत पर बेहद मामूली असर पड़ेगा। तिपहिया के लिए लागत में प्रति किलोमीटर चार पैसे तथा टैक्सी के लिए सात पैसे प्रति किलोमीटर की होगी। बसों के लिए प्रति किलोमीटर वृद्धि 45 पैसे बैठेगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली और आसपास के इलाकों में सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी की गई है। राजधानी में सीएनजी के दाम 1.55 रुपये बढ़े हैं और अब यह 39.90 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: चीन की दो अलग-अलग कोयला खानों में विस्फोट होने से 59 लोगों की मौत हो जाने की ख़बर है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शनिवार को इनर मंगोलिया के उत्तरी इलाके की एक कोयला खान में हुए विस्फोट में 32 लोगों की मौत हुई. बताया गया है कि चिफेंग शहर की खान के अंदर गैस की वजह से जब विस्फोट हुआ, तब वहां कुल 181 लोग काम कर रहे थे, जिनमें से 149 बच निकलने में सफल रहे.टिप्पणियां एक अन्य घटना में मंगलवार देर रात को पूर्वोत्तर हीलोंगजियांग प्रांत के क्विटेहे शहर की एक निजी खान में विस्फोट हो गया था, जिससे वहां काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए. समाचार एजेंसी ने प्रांतीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि शुक्रवार की रात वहां फंसे 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई. जानकारी के मुताबिक, विस्फोट के बाद कुछ सुरंगों में मलबा भर गया था, जिससे बचाव काम प्रभावित हुआ. उल्लेखनीय है कि चीन कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और यहां की कोयला खानों में अक्सर विस्फोट होते रहते हैं. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शनिवार को इनर मंगोलिया के उत्तरी इलाके की एक कोयला खान में हुए विस्फोट में 32 लोगों की मौत हुई. बताया गया है कि चिफेंग शहर की खान के अंदर गैस की वजह से जब विस्फोट हुआ, तब वहां कुल 181 लोग काम कर रहे थे, जिनमें से 149 बच निकलने में सफल रहे.टिप्पणियां एक अन्य घटना में मंगलवार देर रात को पूर्वोत्तर हीलोंगजियांग प्रांत के क्विटेहे शहर की एक निजी खान में विस्फोट हो गया था, जिससे वहां काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए. समाचार एजेंसी ने प्रांतीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि शुक्रवार की रात वहां फंसे 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई. जानकारी के मुताबिक, विस्फोट के बाद कुछ सुरंगों में मलबा भर गया था, जिससे बचाव काम प्रभावित हुआ. उल्लेखनीय है कि चीन कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और यहां की कोयला खानों में अक्सर विस्फोट होते रहते हैं. एक अन्य घटना में मंगलवार देर रात को पूर्वोत्तर हीलोंगजियांग प्रांत के क्विटेहे शहर की एक निजी खान में विस्फोट हो गया था, जिससे वहां काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए. समाचार एजेंसी ने प्रांतीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि शुक्रवार की रात वहां फंसे 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई. जानकारी के मुताबिक, विस्फोट के बाद कुछ सुरंगों में मलबा भर गया था, जिससे बचाव काम प्रभावित हुआ. उल्लेखनीय है कि चीन कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और यहां की कोयला खानों में अक्सर विस्फोट होते रहते हैं. उल्लेखनीय है कि चीन कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और यहां की कोयला खानों में अक्सर विस्फोट होते रहते हैं.
एक विस्फोट इनर मंगोलिया की खान में हुआ, जिसमें 32 लोगों की मौत हुई दूसरा विस्फोट मंगलवार को हीलोंगजियांग की एक निजी खान में हुआ चीन सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है, खानों में अक्सर विस्फोट होते हैं
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं. पीठ ने जैन के इस लगातार दिये जा रहे रुख से इत्तेफाक नहीं जताया कि देवता का मुकदमा विचारणीय नहीं है क्योंकि शबैत के रूप में केवल अखाड़ा को देवता की तरफ से मुकदमा दायर करने का हक है. पीठ ने अखाड़ा को उसका रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया. दशकों पुराने संवेदनशील मामले की 13वें दिन की सुनवाई में दलीलें पेश करते हुए जैन ने कहा कि 1934 से किसी मुस्लिम ने नियमित नमाज अदा करने के लिए विवादित इमारत में प्रवेश नहीं किया है और यह स्थान अखाड़े के कब्जे वाला मंदिर है. पीठ ने कहा, "आपने यह सब कल ही पढ़ा है. आप जो पढ़ चुके हैं, उसके आगे की बात करिए. दोहराइए मत."  जैन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष की इस दलील को नहीं माना जा सकता कि 1934 में सांप्रदायिक दंगे के बाद विवादित ढांचे की मरम्मत के लिए एक ठेकेदार को कहा गया था. इस बात पर इसलिए भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि राजस्व रिकार्ड अखाड़े का कब्जा दिखाते हैं. फिर वरिष्ठ वकील ने कहा कि मामले में मुस्लिम पक्षों का वाद निर्धारित कालावधि से बहुत बाद का है क्योंकि उन्होंने वाद हेतु कारण सामने आने के बाद समय पर अदालत का रुख नहीं किया. उन्होंने कहा कि वाद का पहला कारण 1855 में सामने आया था जब एक दंगा भड़का था. जिसके बाद मुसलमानों ने इस जगह पर कब्जा ले लिया और बाद में कुछ समय पश्चात हिंदुओं का कब्जा हो गया. वकील ने कहा कि फिर 1934 में मुसलमानों को दंगों के बाद नमाज पढ़ने से रोका गया और 12 साल गुजरने के बाद भी उन्होंने मुकदमा दायर नहीं किया. जैन ने दलीलें समाप्त करते हुए कहा कि 'सुन्नी वक्फ बोर्ड' ने 1961 में मामला दाखिल किया था जिसे निर्धारित कालावधि पर नहीं होने की वजह से खारिज कर दिया गया.  अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समिति की ओर से वरिष्ठ वकील पी एन मिश्रा ने 'स्कंद पुराण' और 'अयोध्या महात्म्य' जैसे शास्त्रों एवं अन्य उल्लेखों के0 आधार पर दलीलें शुरू कीं. यह समिति एक मुस्लिम पक्ष द्वारा दाखिल पक्ष में प्रतिवादी हैं. उन्होंने कहा कि बाबर कभी अयोध्या नहीं आया और उसने किसी मस्जिद या अन्य किसी चीज का निर्माण नहीं कराया. मीर बाकी नाम का कोई शख्स नहीं था जिसे बाबर का कथित सेनापति और मस्जिद का निर्माता बताया जाता है. मिश्रा ने कहा, "हमारा मामला कुछ अलग है. हमने उच्च न्यायालय में कहा है कि बाबर ने मस्जिद नहीं बनवाई। मीर बाकी जैसा कोई शख्स नहीं था. हमारा पक्ष है कि हम पुराकाल से वहां उपासना कर रहे हैं."  उन्होंने कहा, "हमारे दो बिंदु हैं. पहला तो बाबर ने इसका निर्माण नहीं कराया और दूसरा कि तीन गुंबद वाले ढांचे को मस्जिद नहीं कहा जा सकता क्योंकि इसमें मस्जिद की विशेषताएं नहीं थीं." पीठ ने धार्मिक उल्लेखों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आस्था को प्रमाणित करने के लिए ये कारगर हो सकते हैं लेकिन मंदिर के अस्तित्व को प्रमाणित करने में वे कैसे मददगार होंगे. मिश्रा ने कहा कि मामले में निर्णय के लिए मुकदमे से पहले के शास्त्रों और अनुसंधान कार्यों पर विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने हंस बेकर की एक पुस्तक का भी उल्लेख किया. उन्होंने अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान को दिखाने वाले एक नक्शे का भी संदर्भ दिया. मुस्लिम पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने नक्शे में कथित विसंगतियों के मुद्दे को उठाया. मिश्रा ने कहा कि जिस किताब में नक्शा है, वह रिकार्ड का हिस्सा है.  उन्होंने कहा कि जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने उस जगह पर खुदाई कार्य की तो स्तंभों की सात पंक्तियां दिखाई दीं और हिंदू परंपराओं के अनुसार कुल 85 स्तंभ (पिलर) वहां थे. मिश्रा ने कहा, "मैंने उच्च न्यायालय में साबित किया है कि फर्जी शिलालेख लगाये गये." उन्होंने कहा कि दो शिलालेखों में मस्जिद के निर्माण का अलग-अलग समय था. अब सुनवाई बुधवार को शुरू होगी.
यहाँ एक सारांश है:सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर सुनवाई एक पक्ष ने कहा- 'बाबर कभी अयोध्या नहीं आया' पक्ष ने कहा- 'उसने कोई मस्जिद नहीं बनाई'
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व वित्त मंत्री व बीजेपी के दिग्‍गज नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) को दिल्‍ली के एम्‍स में भर्ती कराया गया है. उन्‍होंने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी जिसके बाद उन्‍हें शुक्रवार सुबह 11 बजे एम्‍स में भर्ती कराया गया. डॉक्‍टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अस्पताल पहुंचे हैं. वहीं, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी उनका हाल जानने एम्‍स पहुंचे हैं. मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर उनके जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना की है. दूसरी तरफ खबर है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी एम्स पहुंचे हैं. उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की कुशल क्षेम पूछी और परिजनों एवं उपचार कर रहे चिकित्सकों से की चर्चा.  श्री @arunjaitley जी के अस्वस्थ होने का समाचार मिला। आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। एम्स ने एक बयान जारी कर कहा है, 'अरुण जेटली आज सुबह अस्पताल लाए गए थे. फिलहाल वे डॉक्‍टरों की देखरेख में आईसीयू में हैं और उनकी हालत स्थिर है.' एम्स के एक वरिष्ठ चिकित्सक के मुताबिक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट की एक टीम उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है. जेटली के परिवार के सदस्य एम्स के कार्डियोथोरेसिस और न्यूरोसाइंसेस सेंटर के वीआईपी कक्ष में मौजूद हैं. बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नई मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले 29 मई को पूर्व वित्त मंत्री जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि वह स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते. राज्यसभा सदस्य जेटली ने कहा था कि पिछले 18 महीनों से वह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं और इसलिए भविष्य में किसी जिम्मेदारी से खुद को दूर रखना चाहेंगे तथा इलाज एवं स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे सांस लेने में तकलीफ के बाद कराया गया था भर्ती अरुण जेटली ने इस बार मंत्री न बनाने का आग्रह किया था
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हाउस टैक्स माफ करने के बयान को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ये कह कर उलट दिया कि डीएमसी एक्ट 113ए में स्पष्ट लिखा है कि हाउस टैक्स मैनडेट्री है. कोई माफ कर ही नहीं सकता. तिवारी ने कहा कि अगर उसको खत्म करना हो तो उसके लिए पार्लियामेंट में 2/3 बहुमत से बिल को पास करना पड़ेगा. दो तिहाई बहुमत से पास करना पड़ेगा 113ए में लिखा हुआ है. इसके अलावा दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी, अरविंद केजरीवाल को ये कहकर घेर रहे हैं कि जो कर सकते हैं वो दिल्ली सरकार के माध्यम से तो कर नहीं रहे हैं. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राशन कार्ड पर मिलने वाले गेहूं चावल पर जो दिल्ली सरकार कर सकती है वह लोगों तक नहीं पहुंचा रही है. मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार 2-3 रुपये किलो में गेहूं चावल बीजेपी राज्यों के जरिए लोगों को पहुंचा रही है. यहां पर केंद्र सरकार 20-25 रुपये की सब्सिडी दे रही है. क्या दिल्ली सरकार यह 2-3 रुपया भी माफ नहीं कर सकती है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष का कहना है कि राज्य में अगर बीजेपी को सत्ता मिली तो वह यह करके दिखाएंगे. तिवारी ने कहा कि प्रदेश में अगर भाजपा की सरकार बनती है यहां पर तो निश्चित रूप से हम लोग इसे लागू करेंगे. दिल्ली में जो 2 रु किलो गेहूं है उसको 1 रु और 3 रु जो किलो चावल है उसको भी 1 रु कर देंगे. टिप्पणियां बीजेपी नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 28 मार्च को जारी करेगी. गौरतलब है कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव 23 मार्च को होगी.   इसके अलावा दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी, अरविंद केजरीवाल को ये कहकर घेर रहे हैं कि जो कर सकते हैं वो दिल्ली सरकार के माध्यम से तो कर नहीं रहे हैं. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राशन कार्ड पर मिलने वाले गेहूं चावल पर जो दिल्ली सरकार कर सकती है वह लोगों तक नहीं पहुंचा रही है. मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार 2-3 रुपये किलो में गेहूं चावल बीजेपी राज्यों के जरिए लोगों को पहुंचा रही है. यहां पर केंद्र सरकार 20-25 रुपये की सब्सिडी दे रही है. क्या दिल्ली सरकार यह 2-3 रुपया भी माफ नहीं कर सकती है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष का कहना है कि राज्य में अगर बीजेपी को सत्ता मिली तो वह यह करके दिखाएंगे. तिवारी ने कहा कि प्रदेश में अगर भाजपा की सरकार बनती है यहां पर तो निश्चित रूप से हम लोग इसे लागू करेंगे. दिल्ली में जो 2 रु किलो गेहूं है उसको 1 रु और 3 रु जो किलो चावल है उसको भी 1 रु कर देंगे. टिप्पणियां बीजेपी नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 28 मार्च को जारी करेगी. गौरतलब है कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव 23 मार्च को होगी.   दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष का कहना है कि राज्य में अगर बीजेपी को सत्ता मिली तो वह यह करके दिखाएंगे. तिवारी ने कहा कि प्रदेश में अगर भाजपा की सरकार बनती है यहां पर तो निश्चित रूप से हम लोग इसे लागू करेंगे. दिल्ली में जो 2 रु किलो गेहूं है उसको 1 रु और 3 रु जो किलो चावल है उसको भी 1 रु कर देंगे. टिप्पणियां बीजेपी नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 28 मार्च को जारी करेगी. गौरतलब है कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव 23 मार्च को होगी.   बीजेपी नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 28 मार्च को जारी करेगी. गौरतलब है कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव 23 मार्च को होगी.
सारांश: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाउस टैक्स माफ करने का वादा किया डीएमसी एक्ट 113ए में स्पष्ट लिखा है कि हाउस टैक्स मैनडेट्री है. तिवारी ने कहा, कोई माफ कर ही नहीं सकता.
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रमों राज्य व्यापार निगम (एसटीसी) और भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) में सरकारी हिस्सेदारी के आंशिक विनिवेश के प्रस्तावों को गुरुवार को मंजूरी दे दी। इससे सरकारी खजाने में 30 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में आईटीडीसी में सरकार की 5 प्रतिशत और एसटीसी में 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश को हरी झंडी दिखा दी गई। यह बिक्री शेयर बाजार में बिक्री की पेशकश के जरिये होगी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन केंद्रीय उपक्रमों में विनिवेश, प्रतिभूति अनुबंध (नियमन) नियम के तहत सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन के लिए किया जा रहा है। इस नियम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों में सार्वजनिक हिस्सेदारी उनकी चुकता पूंजी के कम से कम 10 प्रतिशत होनी चाहिए।टिप्पणियां सरकार को आईटीडीसी में पांच प्रतिशत शेयरों की बिक्री से 23.58 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पांच प्रतिशत यानी 42.88 करोड़ शेयरों की बिक्री से यह राशि मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एसटीसी में सरकार की 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने से उसे 10 करोड़ रपये मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में आईटीडीसी में सरकार की 92.11 प्रतिशत और एसटीसी में 91.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार को 8 अगस्त तक दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करके 90 प्रतिशत पर लानी है। आईटीडीसी का गठन अक्टूबर, 1966 में देश में पर्यटन के विकास, संवर्धन और विस्तार के लिए किया गया, जबकि एसटीसी की स्थापना 1956 में पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ व्यापार के उद्देश्य से की गई। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में आईटीडीसी में सरकार की 5 प्रतिशत और एसटीसी में 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश को हरी झंडी दिखा दी गई। यह बिक्री शेयर बाजार में बिक्री की पेशकश के जरिये होगी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन केंद्रीय उपक्रमों में विनिवेश, प्रतिभूति अनुबंध (नियमन) नियम के तहत सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन के लिए किया जा रहा है। इस नियम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों में सार्वजनिक हिस्सेदारी उनकी चुकता पूंजी के कम से कम 10 प्रतिशत होनी चाहिए।टिप्पणियां सरकार को आईटीडीसी में पांच प्रतिशत शेयरों की बिक्री से 23.58 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पांच प्रतिशत यानी 42.88 करोड़ शेयरों की बिक्री से यह राशि मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एसटीसी में सरकार की 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने से उसे 10 करोड़ रपये मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में आईटीडीसी में सरकार की 92.11 प्रतिशत और एसटीसी में 91.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार को 8 अगस्त तक दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करके 90 प्रतिशत पर लानी है। आईटीडीसी का गठन अक्टूबर, 1966 में देश में पर्यटन के विकास, संवर्धन और विस्तार के लिए किया गया, जबकि एसटीसी की स्थापना 1956 में पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ व्यापार के उद्देश्य से की गई। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन केंद्रीय उपक्रमों में विनिवेश, प्रतिभूति अनुबंध (नियमन) नियम के तहत सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन के लिए किया जा रहा है। इस नियम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों में सार्वजनिक हिस्सेदारी उनकी चुकता पूंजी के कम से कम 10 प्रतिशत होनी चाहिए।टिप्पणियां सरकार को आईटीडीसी में पांच प्रतिशत शेयरों की बिक्री से 23.58 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पांच प्रतिशत यानी 42.88 करोड़ शेयरों की बिक्री से यह राशि मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एसटीसी में सरकार की 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने से उसे 10 करोड़ रपये मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में आईटीडीसी में सरकार की 92.11 प्रतिशत और एसटीसी में 91.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार को 8 अगस्त तक दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करके 90 प्रतिशत पर लानी है। आईटीडीसी का गठन अक्टूबर, 1966 में देश में पर्यटन के विकास, संवर्धन और विस्तार के लिए किया गया, जबकि एसटीसी की स्थापना 1956 में पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ व्यापार के उद्देश्य से की गई। सरकार को आईटीडीसी में पांच प्रतिशत शेयरों की बिक्री से 23.58 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पांच प्रतिशत यानी 42.88 करोड़ शेयरों की बिक्री से यह राशि मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एसटीसी में सरकार की 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने से उसे 10 करोड़ रपये मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में आईटीडीसी में सरकार की 92.11 प्रतिशत और एसटीसी में 91.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार को 8 अगस्त तक दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करके 90 प्रतिशत पर लानी है। आईटीडीसी का गठन अक्टूबर, 1966 में देश में पर्यटन के विकास, संवर्धन और विस्तार के लिए किया गया, जबकि एसटीसी की स्थापना 1956 में पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ व्यापार के उद्देश्य से की गई। वर्तमान में आईटीडीसी में सरकार की 92.11 प्रतिशत और एसटीसी में 91.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार को 8 अगस्त तक दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करके 90 प्रतिशत पर लानी है। आईटीडीसी का गठन अक्टूबर, 1966 में देश में पर्यटन के विकास, संवर्धन और विस्तार के लिए किया गया, जबकि एसटीसी की स्थापना 1956 में पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ व्यापार के उद्देश्य से की गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रमों राज्य व्यापार निगम (एसटीसी) और भारत पर्यटन विकास निगम में सरकारी हिस्सेदारी के आंशिक विनिवेश के प्रस्तावों को गुरुवार को मंजूरी दे दी।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: किसी कार का नंबर 0001 होना स्टेटस सिम्बल माना जाता रहा है, और पिछले एक-दो दशकों से लगभग सभी वाहन पंजीकरण विभाग कारों के इन फैन्सी रजिस्ट्रेशन नंबरों को प्रीमियम नंबरों के तौर पर बेचने लगे हैं... इस तरह नंबरों को बेचे जाने से विभागों, या यूं कहिए, राज्य सरकारों को काफी कमाई भी होती है, लेकिन चंडीगढ़ में हाल ही में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए CH-01-AP सीरीज़ का वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर 0001 नीलामी में 26 लाख रुपये में खरीदा गया है।टिप्पणियां शहर के सेक्टर-44 में रहने वाले अमरजीत सिंह ने इस नंबर को अपनी मर्सिडीज़ कार के लिए खरीदा है, जबकि इसके लिए रिज़र्व प्राइस केवल 25 हज़ार रुपये था। अमरजीत सिंह ज़मींदार हैं, और पंजाब में ही खेती करवाया करते हैं। चंडीगढ़ में इससे पहले जून महीने में भी एक व्यक्ति ने अपनी कार के लिए CH-01-AN सीरीज़ का 0001 नंबर 17 लाख रुपये की बोली लगाकर खरीदा था। इस माह में चंडीगढ़ के वाहन रजिस्ट्रेशन विभाग को बोली के जरिये बेचे गए नंबरों से 69 लाख रुपये की कमाई हुई है। शहर के सेक्टर-44 में रहने वाले अमरजीत सिंह ने इस नंबर को अपनी मर्सिडीज़ कार के लिए खरीदा है, जबकि इसके लिए रिज़र्व प्राइस केवल 25 हज़ार रुपये था। अमरजीत सिंह ज़मींदार हैं, और पंजाब में ही खेती करवाया करते हैं। चंडीगढ़ में इससे पहले जून महीने में भी एक व्यक्ति ने अपनी कार के लिए CH-01-AN सीरीज़ का 0001 नंबर 17 लाख रुपये की बोली लगाकर खरीदा था। इस माह में चंडीगढ़ के वाहन रजिस्ट्रेशन विभाग को बोली के जरिये बेचे गए नंबरों से 69 लाख रुपये की कमाई हुई है। चंडीगढ़ में इससे पहले जून महीने में भी एक व्यक्ति ने अपनी कार के लिए CH-01-AN सीरीज़ का 0001 नंबर 17 लाख रुपये की बोली लगाकर खरीदा था। इस माह में चंडीगढ़ के वाहन रजिस्ट्रेशन विभाग को बोली के जरिये बेचे गए नंबरों से 69 लाख रुपये की कमाई हुई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चंडीगढ़ में हाल ही में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए CH-01-AP सीरीज़ का वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर 0001 नीलामी में 26 लाख रुपये में खरीदा गया है।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टेस्ट शृंखला भले ही हाथ से निकल गई है, लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कहा कि इस निराशाजनक शिकस्त ने उनकी टीम के मनोबल को प्रभावित नहीं किया है और टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वाइटवाश से बचने के लिए चौथे और अंतिम टेस्ट में जीत दर्ज करने पर ध्यान लगाए हुए है।टिप्पणियां मंगलवार को शुरू हो रहे अंतिम टेस्ट मैच से पहले गंभीर ने टीम के अभ्यास सत्र के बाद कहा, ‘‘प्रत्येक टेस्ट विशेष है। आपको प्रेरित होना पड़ता है। प्रेरणा की कमी नहीं है। अगर आप प्रेरित नहीं हो, तो आपको क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बात यह है कि आप एक या दो शृंखलाओं में खराब नहीं होते। सिर्फ दो शृंखला पहले हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम थे। यही आपकी परीक्षा होती है, आप एक-दूसरे को प्रेरित करते हो और एक-दूसरे का समर्थन करते हो। जब पूरी टीम निराश होती है, तो आपको अपनी टीम को प्रेरित करना होता है।’’ गंभीर ने कहा कि वह सचिन तेंदुलकर के 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक की बजाय टीम के एडिलेड ओवल में अच्छे प्रदर्शन को तरजीह देते हैं। मंगलवार को शुरू हो रहे अंतिम टेस्ट मैच से पहले गंभीर ने टीम के अभ्यास सत्र के बाद कहा, ‘‘प्रत्येक टेस्ट विशेष है। आपको प्रेरित होना पड़ता है। प्रेरणा की कमी नहीं है। अगर आप प्रेरित नहीं हो, तो आपको क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बात यह है कि आप एक या दो शृंखलाओं में खराब नहीं होते। सिर्फ दो शृंखला पहले हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम थे। यही आपकी परीक्षा होती है, आप एक-दूसरे को प्रेरित करते हो और एक-दूसरे का समर्थन करते हो। जब पूरी टीम निराश होती है, तो आपको अपनी टीम को प्रेरित करना होता है।’’ गंभीर ने कहा कि वह सचिन तेंदुलकर के 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक की बजाय टीम के एडिलेड ओवल में अच्छे प्रदर्शन को तरजीह देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बात यह है कि आप एक या दो शृंखलाओं में खराब नहीं होते। सिर्फ दो शृंखला पहले हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम थे। यही आपकी परीक्षा होती है, आप एक-दूसरे को प्रेरित करते हो और एक-दूसरे का समर्थन करते हो। जब पूरी टीम निराश होती है, तो आपको अपनी टीम को प्रेरित करना होता है।’’ गंभीर ने कहा कि वह सचिन तेंदुलकर के 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक की बजाय टीम के एडिलेड ओवल में अच्छे प्रदर्शन को तरजीह देते हैं।
संक्षिप्त सारांश: गंभीर ने कहा कि वह सचिन तेंदुलकर के 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक की बजाय टीम के एडिलेड ओवल में अच्छे प्रदर्शन को तरजीह देते हैं।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ गुजरात के कुछ हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए यहां दूरसंचार सेवाओं पर पाबंदी लगाने के लिए पुलिस को अधिकार दिया गया है. राज्य सरकार ने शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) (इंटेलिजेंस) को जरूरत  पड़ने पर  टेलीकॉम सेवाओं को निलंबित करने के लिए अधिकृत किया है. गृह विभाग के एक आदेश में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मनोज शशिधर को 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक तीन दिनों के लिए ये अस्थाई अधिकार मिला है. आदेश के तहत "सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति में" एडीजीपी (इंटेलिजेंस) दूरसंचार सेवाओं को निलंबित करने के लिए एक दिशा-निर्देश जारी कर सकते हैं.   सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को अहमदाबाद और कुछ अन्य इलाकों में हिंसक हो गया. शशिधर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि आदेश का मतलब यह नहीं है कि सरकार सभी दूरसंचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने जा रही है. उन्होंने बताया कि आदेश में कहा गया है कि यह "राज्य में वर्तमान कानून और व्यवस्था की स्थिति" और 2017 के  टेम्परेरी सस्पेंशन ऑफ टेलीकॉम सर्विसेज (सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा) नियमों के तहत जारी किया गया है.'' इसी बीच शशिधर ने उन अफवाहों का खंडन किया जिसमें कहा जा रहा था कि राज्य में बीजेपी सरकार मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है.  उन्होंने कहा, "यह आदेश केवल मुझे अधिकार देता है कि जरूरत पड़ने पर ऐसा आदेश जारी किया जाए. मोबाइल या इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय लेने की अभी कोई जरूरत नहीं है. स्थिति बहुत सामान्य है."
यहाँ एक सारांश है:20 से 22 दिसंबर तक के लिए पुलिस के हाथ में है अधिकार एडीजीपी जरूरत पड़ने पर बंद करते हैं दूरसंचार सेवाएं फिलहाल नहीं लगने जा रही कोई पाबंदी
15
['hin']