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इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज में पढ़ने वाले एक छात्र ने होस्टल के कमरे में कथित तौर पर मोबाइल फोन के चार्जर की तार से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।टिप्पणियां
सी कृपा सिंह नाम का यह छात्र नॉर्थ-ईस्ट का रहने वाला था और म्यूजिक का फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। पुलिस ने कहा कि नॉर्थ कैम्पस स्थित उसके होस्टल के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जहां वह आज सुबह मृत पाया गया।
पुलिस के मुताबिक छात्र के परिवारवालों ने बताया है कि कृपा सिंह तनाव में था और पिछले तीन महीने से उसका इलाज चल रहा था। उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
सी कृपा सिंह नाम का यह छात्र नॉर्थ-ईस्ट का रहने वाला था और म्यूजिक का फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। पुलिस ने कहा कि नॉर्थ कैम्पस स्थित उसके होस्टल के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जहां वह आज सुबह मृत पाया गया।
पुलिस के मुताबिक छात्र के परिवारवालों ने बताया है कि कृपा सिंह तनाव में था और पिछले तीन महीने से उसका इलाज चल रहा था। उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक छात्र के परिवारवालों ने बताया है कि कृपा सिंह तनाव में था और पिछले तीन महीने से उसका इलाज चल रहा था। उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। | संक्षिप्त सारांश: सी कृपा सिंह नाम का यह छात्र नॉर्थ-ईस्ट का रहने वाला था और म्यूजिक का फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। पुलिस ने कहा कि नॉर्थ कैम्पस स्थित उसके होस्टल के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वार्नर ब्रॉस की महिला केंद्रीत सुपरहीरो फिल्म 'वंडर वुमन' उत्तरी अमेरिका में ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. पैट्टी जेंकींस द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने पहले सप्ताह में 10 करोड़ डॉलर (लगभग 643 करोड़ रुपये) की कमाई की है. यह किसी भी महिला निर्देशक की इतनी कमाई करने वाली अब तक की पहली फिल्म है.
सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला केंद्रित डीसी कॉमिक्स की यह पहली बड़े बजट की सुपरहीरो फिल्म है, जिसमें मुख्य भूमिका में अभिनेत्री गैल गैडोट हैं, जिसका निर्देशन भी महिला निर्देशक पैटी जेंकिंस ने ही किया है. टिप्पणियां
इसके पहले पहले सप्ताह में सबसे अधिक कमाई करने वाली महिला निर्देशक की फिल्म 2015 में आई 'फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे' थी, जिसने 8.5 करोड़ डॉलर (लगभग 546 करोड़ रुपये) कमाए थे.
बता दें, 'वंडर वुमन' ने देश और विदेश में कुल मिलाकर 22.3 करोड़ डॉलर (लगभग 1434 करोड़) कमाए हैं. फिल्म विश्लेषक पॉल डेरगार्बेडियन ने कहा, "फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री गैल गैडोट है. फिल्म का प्रचार-प्रसार जोर-शोर से किया गया. फिल्म को सोशल मीडिया पर बेहद सराहा गया."
सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला केंद्रित डीसी कॉमिक्स की यह पहली बड़े बजट की सुपरहीरो फिल्म है, जिसमें मुख्य भूमिका में अभिनेत्री गैल गैडोट हैं, जिसका निर्देशन भी महिला निर्देशक पैटी जेंकिंस ने ही किया है. टिप्पणियां
इसके पहले पहले सप्ताह में सबसे अधिक कमाई करने वाली महिला निर्देशक की फिल्म 2015 में आई 'फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे' थी, जिसने 8.5 करोड़ डॉलर (लगभग 546 करोड़ रुपये) कमाए थे.
बता दें, 'वंडर वुमन' ने देश और विदेश में कुल मिलाकर 22.3 करोड़ डॉलर (लगभग 1434 करोड़) कमाए हैं. फिल्म विश्लेषक पॉल डेरगार्बेडियन ने कहा, "फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री गैल गैडोट है. फिल्म का प्रचार-प्रसार जोर-शोर से किया गया. फिल्म को सोशल मीडिया पर बेहद सराहा गया."
इसके पहले पहले सप्ताह में सबसे अधिक कमाई करने वाली महिला निर्देशक की फिल्म 2015 में आई 'फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे' थी, जिसने 8.5 करोड़ डॉलर (लगभग 546 करोड़ रुपये) कमाए थे.
बता दें, 'वंडर वुमन' ने देश और विदेश में कुल मिलाकर 22.3 करोड़ डॉलर (लगभग 1434 करोड़) कमाए हैं. फिल्म विश्लेषक पॉल डेरगार्बेडियन ने कहा, "फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री गैल गैडोट है. फिल्म का प्रचार-प्रसार जोर-शोर से किया गया. फिल्म को सोशल मीडिया पर बेहद सराहा गया."
बता दें, 'वंडर वुमन' ने देश और विदेश में कुल मिलाकर 22.3 करोड़ डॉलर (लगभग 1434 करोड़) कमाए हैं. फिल्म विश्लेषक पॉल डेरगार्बेडियन ने कहा, "फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री गैल गैडोट है. फिल्म का प्रचार-प्रसार जोर-शोर से किया गया. फिल्म को सोशल मीडिया पर बेहद सराहा गया." | बॉक्सऑफिस पर चला फिल्म 'वंडर वुमन' का जादू
हॉलीवुड अभिनेत्री गैल गैडोट ने निभाया सुपरहीरो का किरदार
1 जून को दुनियाभर में रिलीज हुई फिल्म | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश में आजकल आधार कार्ड की सुरक्षा और डेटा लीक की बात हर चौराहे पर होने लगी है. अखबारों में और न्यूज चैनलों में आए दिन आधार पर खबरें आ रही हैं. ऐसे में आधार कार्ड का डेटा रखने वाली संस्था ने कुछ कदम उठाए हैं ताकि आधार की जानकारी को और सुरक्षित किया जा सके. आधार की प्राइवेसी को मजबूत बनाने की प्रक्रिया में UIDAI ने अब नया क्यूआर कोड (QR code) बनाया है. कहा जा रहा है कि यह सभी के डेटा सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षात्मक कवर की तरह काम करेगा. आधार धारक की विश्वसनीयता को इसके जरिए ही सुनिश्चित किया जाएगा. कहा जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया में आधार नंबर का खुलासा नहीं होगा और न ही बायोमेट्रिक्स का.
बता दें कि अब विभिन्न तरह के कामों के लिए आधार का इस्तेमाल व्यापक तौर पर देश में इस्तेमाल किया जा रहा है. नया क्यूआर कोड जो अब फोटो के साथ आता है, का उपयोग ऑफलाइन मोड में किया जा सकता है. इससे व्यक्तिगत डेटा की हैकिंग नहीं हो पाएगी. अब 12-अंको वाले आइडेंटीफिकेशन नंबर को छिपाकर अपनी पहचान बताई जा सकेगी. यानि केवल गैर-संवेदनशील विवरण जैसे नाम, पता, फोटो जन्म की तारीख को बताना होगा. इसे ऑफलाइन यूजर वेरिफिकेशन के लिए उपयोग किया जा सकता है. डेटा लीक और हैकिंग जैसी घटनाओं को देखते हुए आधार की प्राइवेसी को और अधिक सुरक्षित बनाते हुए यह पहल की गयी है. टिप्पणियां
UIDAI के सीईओ अजय भूषण ने कहा, 'ऑफलाइन क्यूआर कोड हर किसी को ऑफलाइन वेरिफिकेशन के जरिए बगैर आधार नंबर के ही अपनी पहचान स्थापित करने की अनुमति देगा. ‘बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों या फिर सब्सिडी का लाभ उठाने में कानून के तहत जहां आधार नंबर आवश्यक है वहां ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा.
इन नए आधार कार्ड को यूआईडीएआई की वेबसाइट या इसके मोबाइल एप से डाउनलोड किया जा सकता है. यूजर्स आधार नंबर को काले रंग से छिपा सकते हैं और नए क्यूआर कोड के साथ प्रिंटआउट का इस्तेमाल कर सकते हैं. क्यूआर कोड एक बारकोड लेबल होता है कि जिसमें छुपी सूचनाएं मशीन पढ़ सकती है. कार्डधारक विभिन्न जगहों पर सत्यापन के लिए बगैर अपनी आधार संख्या बताए केवल इस बारकोड का इस्तेमाल कर सकता है.
बता दें कि अब विभिन्न तरह के कामों के लिए आधार का इस्तेमाल व्यापक तौर पर देश में इस्तेमाल किया जा रहा है. नया क्यूआर कोड जो अब फोटो के साथ आता है, का उपयोग ऑफलाइन मोड में किया जा सकता है. इससे व्यक्तिगत डेटा की हैकिंग नहीं हो पाएगी. अब 12-अंको वाले आइडेंटीफिकेशन नंबर को छिपाकर अपनी पहचान बताई जा सकेगी. यानि केवल गैर-संवेदनशील विवरण जैसे नाम, पता, फोटो जन्म की तारीख को बताना होगा. इसे ऑफलाइन यूजर वेरिफिकेशन के लिए उपयोग किया जा सकता है. डेटा लीक और हैकिंग जैसी घटनाओं को देखते हुए आधार की प्राइवेसी को और अधिक सुरक्षित बनाते हुए यह पहल की गयी है. टिप्पणियां
UIDAI के सीईओ अजय भूषण ने कहा, 'ऑफलाइन क्यूआर कोड हर किसी को ऑफलाइन वेरिफिकेशन के जरिए बगैर आधार नंबर के ही अपनी पहचान स्थापित करने की अनुमति देगा. ‘बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों या फिर सब्सिडी का लाभ उठाने में कानून के तहत जहां आधार नंबर आवश्यक है वहां ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा.
इन नए आधार कार्ड को यूआईडीएआई की वेबसाइट या इसके मोबाइल एप से डाउनलोड किया जा सकता है. यूजर्स आधार नंबर को काले रंग से छिपा सकते हैं और नए क्यूआर कोड के साथ प्रिंटआउट का इस्तेमाल कर सकते हैं. क्यूआर कोड एक बारकोड लेबल होता है कि जिसमें छुपी सूचनाएं मशीन पढ़ सकती है. कार्डधारक विभिन्न जगहों पर सत्यापन के लिए बगैर अपनी आधार संख्या बताए केवल इस बारकोड का इस्तेमाल कर सकता है.
UIDAI के सीईओ अजय भूषण ने कहा, 'ऑफलाइन क्यूआर कोड हर किसी को ऑफलाइन वेरिफिकेशन के जरिए बगैर आधार नंबर के ही अपनी पहचान स्थापित करने की अनुमति देगा. ‘बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों या फिर सब्सिडी का लाभ उठाने में कानून के तहत जहां आधार नंबर आवश्यक है वहां ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा.
इन नए आधार कार्ड को यूआईडीएआई की वेबसाइट या इसके मोबाइल एप से डाउनलोड किया जा सकता है. यूजर्स आधार नंबर को काले रंग से छिपा सकते हैं और नए क्यूआर कोड के साथ प्रिंटआउट का इस्तेमाल कर सकते हैं. क्यूआर कोड एक बारकोड लेबल होता है कि जिसमें छुपी सूचनाएं मशीन पढ़ सकती है. कार्डधारक विभिन्न जगहों पर सत्यापन के लिए बगैर अपनी आधार संख्या बताए केवल इस बारकोड का इस्तेमाल कर सकता है.
इन नए आधार कार्ड को यूआईडीएआई की वेबसाइट या इसके मोबाइल एप से डाउनलोड किया जा सकता है. यूजर्स आधार नंबर को काले रंग से छिपा सकते हैं और नए क्यूआर कोड के साथ प्रिंटआउट का इस्तेमाल कर सकते हैं. क्यूआर कोड एक बारकोड लेबल होता है कि जिसमें छुपी सूचनाएं मशीन पढ़ सकती है. कार्डधारक विभिन्न जगहों पर सत्यापन के लिए बगैर अपनी आधार संख्या बताए केवल इस बारकोड का इस्तेमाल कर सकता है. | संक्षिप्त सारांश: यूजर्स आधार नंबर को काले रंग से छिपा सकते हैं
नए क्यूआर कोड के साथ प्रिंटआउट का इस्तेमाल किया जा सकता है
कार्डधारक बिना आधार संख्या बताए बारकोड का इस्तेमाल कर सकता है | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पत्रकारिता का दबाव और तनाव अच्छे-अच्छे पत्रकारों की क्षमता पर असर डाले बगैर नहीं रहता, पर इस दुनिया से असमय अलविदा हो गए वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र कुमार कठिन से कठिन परिस्थतियों में बेहतर कार्य प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे। लीवर सिरॉसिस और हेपेटाइटिस बी की दोहरी घातक गिरफ्त में आने के बावजूद उन्होंने सक्रिय पत्रकारिता से तब तक नाता नहीं तोड़ा, जब तक कि शारीरिक असमर्थता चरम पर नहीं पहुंच गई। अपनी कॉलोनी वैशाली के पुष्पांजलि क्रॉसले अस्पताल में उन्होंने शुक्रवार को अंतिम सांस ली। वह 47 वर्ष के थे और अपने पीछे अपनी पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। करीब 20 सालों के पत्रकारिता-करियर में कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं एवं एक अग्रणी समाचार एजेंसी में काम करते हुए उन्होंने उच्च कार्य क्षमता वाले एक ऐसे पत्रकार की छवि बनाई थी जो हर परिस्थिति में बेहतर कार्य करने में समर्थ था। समन्वय, संपादन, र्पिोटिंग और अनुवाद सहित पत्रकारिता के सभी पक्षों पर उनकी समान पकड़ थी। टाइम्स रिसर्च फाउंडेशन (टीआरएफ) के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स के जयपुर संस्करण से की। उस संस्करण के लिए उन्होंने कई यादगार रिपोर्टें लिखीं, वहीं विभिन्न पृष्ठों के लिए उनके द्वारा किए गए समन्वय कार्य को खूब सराहा गया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली की पत्रकारिता को आजमाने का फैसला किया और दिल्ली के लोकमत टाइम्स ब्यूरो से जुड़ गए। वर्ष 1997 से 2002 तक उन्होंने आईएएनएस की हिंदी सेवा का दायित्व संभाला। इसके बाद उन्होंने आउटलुक साप्ताहिक हिंदी में समन्वय संपादक का दायित्व संभाला और इस पद पर रहते हुए उन्होंने इस पत्रिका में कई यादगार व खोजी खबरों के प्रमुखता से प्रकाशन में खास भूमिका निभाई। खबरों के चयन में उनके बारीक नजरिए का उनके सभी सहकर्मी कायल थे। पिछले तीन सालों से वह 'नई दुनिया' समाचार-पत्र के राष्ट्रीय संस्करण में बतौर संयुक्त समाचार संपादक कार्यरत थे। बेरहम वक्त ने अगर उनकी जिंदगी पर विराम नहीं लगाया होता तो वह अपने अनुभव से हिंदी पत्रकारिता को और समृद्घ करते। | यह एक सारांश है: असमय अलविदा हो गए वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र कुमार कठिन से कठिन परिस्थतियों में बेहतर कार्य प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में गत सप्ताह ढाई फीसदी से अधिक गिरावट दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 2.65 फीसदी या 536.44 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 19,727.27 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.98 फीसदी या 178.90 अंकों की गिरावट के साथ 5,833.20 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी रही। भेल (6.43 फीसदी), सन फार्मा (4.09 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.20 फीसदी), सेसा स्टरलाइट (2.55 फीसदी) और कोल इंडिया (1.96 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (9.20 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (7.48 फीसदी), मारुति सुजुकी (6.70 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.48 फीसदी) और एसबीआई (6.00 फीसदी)।
गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.98 फीसदी या 178.90 अंकों की गिरावट के साथ 5,833.20 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी रही। भेल (6.43 फीसदी), सन फार्मा (4.09 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.20 फीसदी), सेसा स्टरलाइट (2.55 फीसदी) और कोल इंडिया (1.96 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (9.20 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (7.48 फीसदी), मारुति सुजुकी (6.70 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.48 फीसदी) और एसबीआई (6.00 फीसदी)।
गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी रही। भेल (6.43 फीसदी), सन फार्मा (4.09 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (3.20 फीसदी), सेसा स्टरलाइट (2.55 फीसदी) और कोल इंडिया (1.96 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (9.20 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (7.48 फीसदी), मारुति सुजुकी (6.70 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.48 फीसदी) और एसबीआई (6.00 फीसदी)।
गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
गत सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप 0.98 फीसदी गिरावट के साथ 5,621.77 पर और स्मॉलकैप 0.21 फीसदी तेजी के साथ 5,496.88 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.55 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.16 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.11 अंक) में तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (7.25 फीसदी), रियल्टी (7.13 फीसदी), तेल एवं गैस (4.44 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.49 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.64 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में शुक्रवार 20 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने के कारण सोमवार 23 सिमंबर को सेंसेक्स में 362.75 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई का बैंकिंग सेक्टर 4.41 फीसदी लुढ़क गया।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
मंगलवार को संकट ग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि कंपनी एक विदेशी निवेशक के साथ हिस्सेदारी बिक्री को लेकर बात कर रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों को जैसे पंख लग गए और कंपनी के शेयरों ने शुक्रवार तक हर दिन ऊपरी सर्किट छुआ। शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 4.99 फीसदी तेजी के साथ 6.52 रुपये पर जा लगे।टिप्पणियां
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
गुरुवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा टेलीसर्विसिस (महाराष्ट्र) लिमिटेड, एयरसेल और सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस लिमिटेड के बीच विलय की खबर आने के बाद शुक्रवार टाटा टेलीसर्विसिस के शेयरों में बीएसई में 19.39 फीसदी उछाल दर्ज की गई और ये 7.45 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर गुरुवार को कारोबारी दिन 6.24 रुपये पर बंद हुए थे।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी।
खबरों के मुताबिक तीनों कंपनियां विलय की संभावना पर बात कर रही हैं। विलय के बाद बनने वाली कंपनी कुल 13.5 करोड़ वर्तमान ग्राहक संख्या के आधार पर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। और उन्हें अपने खर्चे में कटौती करने की सुविधा भी मिल जाएगी। | बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 2.65 फीसदी या 536.44 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 19,727.27 पर बंद हुआ। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल का मुनाफा 30 जून, 2013 को समाप्त तिमाही के दौरान 9.6 प्रतिशत गिरकर 688.9 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी को पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 762.2 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
कंपनी के लिए यह लगातार 14वीं तिमाही है, जबकि उसका तिमाही नतीजा गिरा है। समीक्षाधीन अवधि में एयरटेल की आय 9.3 प्रतिशत बढ़कर 20,299.5 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को 18,570.3 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी।टिप्पणियां
कंपनी के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने एक बयान में कहा, इस तिमाही के नतीजे से परिचालन में स्थिरता दिखती है और वृद्धि की संभावना दिखती है। जून, 2013 की तिमाही में कंपनी की देश भर में प्रति मोबाइल उपभोक्ता से होने वाली औसत आय (एआरपीयू) बढ़कर 200 रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में 16 रुपये थी।
इस तिमाही में डेरिवेटिव और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाला नुकसान 534 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में 160 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
कंपनी के लिए यह लगातार 14वीं तिमाही है, जबकि उसका तिमाही नतीजा गिरा है। समीक्षाधीन अवधि में एयरटेल की आय 9.3 प्रतिशत बढ़कर 20,299.5 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को 18,570.3 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी।टिप्पणियां
कंपनी के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने एक बयान में कहा, इस तिमाही के नतीजे से परिचालन में स्थिरता दिखती है और वृद्धि की संभावना दिखती है। जून, 2013 की तिमाही में कंपनी की देश भर में प्रति मोबाइल उपभोक्ता से होने वाली औसत आय (एआरपीयू) बढ़कर 200 रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में 16 रुपये थी।
इस तिमाही में डेरिवेटिव और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाला नुकसान 534 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में 160 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
कंपनी के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने एक बयान में कहा, इस तिमाही के नतीजे से परिचालन में स्थिरता दिखती है और वृद्धि की संभावना दिखती है। जून, 2013 की तिमाही में कंपनी की देश भर में प्रति मोबाइल उपभोक्ता से होने वाली औसत आय (एआरपीयू) बढ़कर 200 रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में 16 रुपये थी।
इस तिमाही में डेरिवेटिव और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाला नुकसान 534 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में 160 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
इस तिमाही में डेरिवेटिव और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाला नुकसान 534 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में 160 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। | यहाँ एक सारांश है:एयरटेल के लिए यह लगातार 14वीं तिमाही है, जबकि उसका तिमाही नतीजा गिरा है। इस दौरान एयरटेल की आय 9.3 प्रतिशत बढ़कर 20,299.5 करोड़ रुपये हो गई। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, 'दस फीसदी आरक्षण मामले पर मोदी जी ये बहुत बड़ा फैसला लिया है. यह पहले से बीजेपी के एजेंडे पर था. इसका चुनाव से कोई लेना देना नहीं है. हमने मध्य प्रदेश और राजस्थान में उनसे अधिक वोट पाए हैं.'
केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री विजय सांपला ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'आज की कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि सामान्य वर्ग में जिनकी सालाना आमदनी 8 लाख रुपए से कम या 5 एकड़ से कम खेती की जमीन है, उन्हें नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी का आरक्षण मिलेगा. इसकी बहुत समय से मांग चल रही थी. इसमें सभी सवर्ण समाज ब्राह्मण, बनिया इसके अलावा ईसाई और मुस्लिम भी इसी में आएंगे'
साथ ही उन्होंने कहा, 'इस पर काफी समय से काम कर रहे थे. इस पर फैसला लेने की हिम्मत मोदी सरकार में ही थी.' साथ ही उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक दृष्टि से न देखें, इसे ऐसे देखें कि सरकार का कर्तव्य होता है कि लोगों की भावनाओं को समझे और उनकी जरूरतों को पूरा किया जाए. सरकार ने केवल अपना कर्तव्य निभाया है.
एक केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधेयक एक बार पारित हो जाने पर संविधान में संशोधन हो जाएगा और फिर सामान्य वर्गों के गरीबों को शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण मिल सकेगा. उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक मौलिक अधिकारों के प्रावधानों के तहत अगड़ी जातियों के लिए आश्रय प्रदान करेगा. आरक्षण पर अधिकतम 50 फीसदी की सीमा तय करने का न्यायालय का फैसला संविधान में संशोधन का संसद का अधिकार नहीं छीन सकता.''
उच्चतम न्यायालय ने इंदिरा साहनी मामले में अपने फैसले में आरक्षण पर 50 फीसदी की सीमा तय कर दी थी. सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित संविधान संशोधन से अतिरिक्त कोटा का रास्ता साफ हो जाएगा. एक सूत्र ने बताया, ‘‘आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे लोगों को दिया जाएगा जो अभी आरक्षण का कोई लाभ नहीं ले रहे.'' प्रस्तावित कानून का लाभ ब्राह्मण, राजपूत (ठाकुर), जाट, मराठा, भूमिहार, कई व्यापारिक जातियों, कापू और कम्मा सहित कई अन्य अगड़ी जातियों को मिलेगा. सूत्रों ने बताया कि अन्य धर्मों के गरीबों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा.
कांग्रेस ने मोदी सरकार के इस फैसले को लोगों को बेवकूफ बनाने का ‘चुनावी पैंतरा' करार दिया और कहा कि यह लोकसभा चुनाव हारने के भाजपा के ‘डर' का प्रमाण है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश को गुमराह कर रही है, क्योंकि संसद में संविधान संशोधन पारित कराने के लिए जरूरी बहुमत उसके पास नहीं है. भाजपा ने इस कदम की तारीफ की. पार्टी के कई नेताओं ने इसे ‘ऐतिहासिक' करार दिया. कुछ नेताओं ने कहा कि यह ‘सबका साथ सबका विकास' के मोदी सरकार के ध्येय का प्रमाण है. संविधान संशोधन विधेयक के जरिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में एक धारा जोड़कर शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा. अब तक संविधान में एससी-एसटी के अलावा सामाजिक एवं शैक्षणिक तौर पर पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन इसमें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का कोई जिक्र नहीं है.
संसद में संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सरकार को दोनों सदनों में कम से कम दो-तिहाई बहुमत जुटाना होगा. भाजपा का मानना है कि यदि विपक्षी पार्टियां इस विधेयक के खिलाफ वोट करती हैं तो वे समाज के एक प्रभावशाली तबके का समर्थन खो सकती है. राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है.
बता दें, गुजरात में पहले से ही गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण है. गुजरात में पाटीदारों के आरक्षण की मांग को लेकर हुए बड़े आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने पटेलों की नाराज़गी को कम करने के लिए साल 2016 में सवर्ण गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी. | कैबिनेट ने सोमवार को लिया फैसला
गरीब सर्वणओं को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण
सरकारी नौकरी और शिक्षा में होगा आरक्षण | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपनी संपत्ति में कमी के बावजूद अरबपति का अपना दर्जा बरकरार रखा है और वह देश के सर्वाधिक धनी सांसदों में से एक हैं. वर्ष 2016 में उनके द्वारा घोषित की गई संपत्ति के ब्योरे के अनुसार वह 1.72 अरब रुपये की संपत्ति के मालिक हैं. पनामा पेपर लीक विवाद के बावजूद शरीफ को अपने पुत्र हुसैन से लगातार बड़ी मात्रा में धन मिल रहा है. हुसैन सउदी अरब में कारोबार करते हैं. पनामा पेपर लीक मामले ने सत्तारूढ़ परिवार को अदालत में घसीट दिया है.
पाकिस्तान निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सांसदों की संपत्ति संबंधी ब्योरे के अनुसार- प्रधानमंत्री के पास 2012 में 26.16 करोड़ रुपये की संपत्ति थी, लेकिन 2013 में यह छह गुना बढ़कर 1.82 अरब रुपये हो गई जो प्रधानमंत्री के रूप में उनकी तीसरी पारी का पहला साल था. इससे वह पहली बार घोषित अरबपति बन गए.टिप्पणियां
डॉन अखबार के अनुसार- वर्ष 2014 में उनकी संपत्ति दो अरब रुपये के आंकड़े को पार कर गई, लेकिन 2015 में यह थोड़ी घटकर 1.96 अरब रुपये हो गई. वर्ष 2011 में शरीफ के पास 16.6 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. 30 जून 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में उनकी संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 1.72 अरब रुपये के आंकड़े पर आ गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तान निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सांसदों की संपत्ति संबंधी ब्योरे के अनुसार- प्रधानमंत्री के पास 2012 में 26.16 करोड़ रुपये की संपत्ति थी, लेकिन 2013 में यह छह गुना बढ़कर 1.82 अरब रुपये हो गई जो प्रधानमंत्री के रूप में उनकी तीसरी पारी का पहला साल था. इससे वह पहली बार घोषित अरबपति बन गए.टिप्पणियां
डॉन अखबार के अनुसार- वर्ष 2014 में उनकी संपत्ति दो अरब रुपये के आंकड़े को पार कर गई, लेकिन 2015 में यह थोड़ी घटकर 1.96 अरब रुपये हो गई. वर्ष 2011 में शरीफ के पास 16.6 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. 30 जून 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में उनकी संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 1.72 अरब रुपये के आंकड़े पर आ गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डॉन अखबार के अनुसार- वर्ष 2014 में उनकी संपत्ति दो अरब रुपये के आंकड़े को पार कर गई, लेकिन 2015 में यह थोड़ी घटकर 1.96 अरब रुपये हो गई. वर्ष 2011 में शरीफ के पास 16.6 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. 30 जून 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में उनकी संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 1.72 अरब रुपये के आंकड़े पर आ गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पनामा पेपर विवाद में फंसे हैं नवाज शरीफ
पाकिस्तान के धनी सांसदों में से एक
बेटा हुसैन सऊदी अरब में कारोबार करता है | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गौरतलब है कि अपने शुरुआती दो टेस्ट मैचों में करुण कुछ खास नहीं कर सके. दोनों ही टेस्ट में उन्हें एक-एक पारी खेलने का ही मौका मिल पाया. मोहाली टेस्ट की एक पारी में वे चार रन बनाकर रन आउट हो गए, वहीं मुंबई टेस्ट में वे 13 रन बना पाए. इस लिहाज से चेन्नई टेस्ट में निश्चित ही 25 वर्षीय करुण नायर पर दबाव रहा होगा. बहरहाल, इस दबाव में ही उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया और तिहरा शतक जमाकर अपने ही राज्य के लोकेश राहुल के साथ भारतीय टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
राजस्थान के जोधपुर में जन्मे करुण घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं. घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. करुण कलाधरन नायर का 39 प्रथम श्रेणी मैचों में 51.10 के प्रभावी औसत से 2862रन बनाए हैं जिसमें आठ शतक शामिल हैं . इस दौरान 328 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा है. करुण जिम्बाब्वे के खिलाफ दो वनडे मैचों में भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. इसमें उन्होंने 23 के औसत से 46 रन बनाए हैं.
राजस्थान के जोधपुर में जन्मे करुण घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं. घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. करुण कलाधरन नायर का 39 प्रथम श्रेणी मैचों में 51.10 के प्रभावी औसत से 2862रन बनाए हैं जिसमें आठ शतक शामिल हैं . इस दौरान 328 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा है. करुण जिम्बाब्वे के खिलाफ दो वनडे मैचों में भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. इसमें उन्होंने 23 के औसत से 46 रन बनाए हैं. | यह एक सारांश है: करुण ने दोहरे शतक के रूप में खेली पहली शतकीय पारी
मोहाली टेस्ट में किया था टेस्ट करियर का आगाज
महान सुनील गावस्कर ने दी थी करुण नायर को टेस्ट कैप | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगान पुलिस ने कहा कि पगड़ी में विस्फोटक छिपाए हुए एक तालिबान आत्मघाती हमलावर ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या की। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी मंगलवार को यहां मारे गए। अफगान सरकार के दो सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर इन सूत्रों ने बताया कि रब्बानी आज शाम काबुल में अपने घर पर मारे गए। रब्बानी देश की शीर्ष शांति परिषद के प्रमुख थे जिसकी स्थापना अफगान सरकार ने राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए की थी। हालांकि एक साल पहले इसके गठन के बाद से इस दिशा में मामूली प्रगति हुई थी। रब्बानी तालिबान के जाने के बाद अफगान सरकार के राष्ट्रपति बने थे। 1996 में उन्हें काबुल से बाहर किए जाने के बाद वह नार्दर्न एलायंस के प्रमुख बन गए थे। इस एलायंस में ताजिक और उज्बेक शामिल थे जो तालिबान के पतन के बाद काबुल में सत्ता में आया था। रब्बानी ताजिक मूल के थे। रब्बानी तालिबान के जाने के बाद अफगान सरकार के राष्ट्रपति बने थे। 1996 में उन्हें काबुल से बाहर किए जाने के बाद वह नॉर्दन अलायंस के प्रमुख बन गए थे। इस अलायंस में ताजिक और उज्बेक शामिल थे जो तालिबान के पतन के बाद काबुल में सत्ता में आया था। रब्बानी ताजिक मूल के थे। उनकी हत्या से तालिबान उग्रवादियों के साथ शांति वार्ता शुरू करने की उम्मीद को न केवल झटका लगा है बल्कि उन क्षेत्रीय और मूलनिवासी प्रतिद्वन्द्वियों को नियंत्रत करने के प्रयास भी बाधित होंगे जो उग्रवाद को बढ़ावा देते हैं। अफगान राजनीति में चतुर और तालिबान विरोधी नॉर्दन अलायंस के नेता रब्बानी की भूमिका अमेरिका के सहयोग से तालिबान तक पहुंचने और राजनीतिक समझौता करने में अहम थी और निकट भविष्य में इसकी भरपाई होना मुश्किल है। उनकी मौत के बाद नॉर्दन अलायंस के कुछ वरिष्ठ सदस्यों में भी असंतोष उत्पन्न हो सकता है जो राष्ट्रपति हामिद करजई पर तालिबान के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते रहे हैं। अफगानिस्तान के मूलनिवासी अल्पसंख्यकों ने तालिबान के साथ बातचीत को देखते हुए फिर से हथियार उठाना शुरू कर दिया है। रब्बानी की मौत शायद यह प्रक्रिया तेज कर सकती है और वर्ष 2014 में अमेरिकी सैनिकों के देश से जाने के बाद गृह युद्ध के लिए नींव रखी जा सकती है। हमले में करजई के सलाहाकर मोहम्मद मासूम स्तानेकजई घायल हो गए। उनके एक परिजन ने बताया कि स्तानेकजई के जख्म जानलेवा नहीं हैं लेकिन वह अस्पताल में हैं। परिजन ने स्थिति की संवेदनशीलता देखते हुए अपना नाम नहीं बताया। स्तानेकजई अफगानिस्तान शांति एवं पुन:एकीकरण कार्यक्रम के मुख्य कार्याधिकारी हैं। इस कार्यक्रम के लिए धन अमेरिका और गठबंधन सहयोगी मुहैया करा रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्य एवं निचले स्तर के तालिबान को अफगान समाज से पुन: जोड़ना है। अफगानिस्तान में करीब 25,000 से 40,000 उग्रवादी सक्रिय हैं लेकिन इस कार्यक्रम के तहत अब तक केवल 2,000 को ही पुन:एकीकरण की राह में लाने में सफलता मिली है। पुन:एकीकरण सुलह सहमति की प्रक्रिया का ही भाग है जिसका लक्ष्य तालिबान के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ शांति समझौता करना है। | सारांश: काबुल में आतंकी हमला हुआ है। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहनुद्दीन रब्बानी के घर पर हुए इस हमले में उनकी मौत की खबर है। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिन्दी फिल्म जगत के महानायक अमिताभ बच्चन के माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर की रंगीन दुनिया में अवतरित हुए 786 दिन हो गए हैं और इस दिन उन्होंने इस पवित्र माने जाने वाले नंबर से जुड़ी अपनी यादों को लोगों के साथ साझा किया।
अमिताभ ने ट्वीट करते हुए 786 दिन पूरे होने पर कहा, हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों के लिए बहुत पवित्र माने जाने वाले इस नंबर ने फिल्म 'दीवार' और 'कुली' में मेरी जान बचाई थी। बिग बी ने कहा, फिल्म 'दीवार' में 786 नंबर वाला बिल्ला मेरे कोट में होने की वजह से मेरी जान बच गई, लेकिन फिल्म के अंत में यह गिर जाता है और मेरे द्वारा निभाए गए किरदार को गोली लगती है, जिससे उसकी मौत हो जाती है।
उन्होंने कहा, इस पवित्र माने जाने नंबर (786) के साथ मेरी कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। मुस्लिम भाई और बहनें जब भी कुछ कागज पर लिखते हैं, तो हमेशा सबसे ऊपर पवित्र शुरुआत के रूप में 786 लिखते हैं। टिप्पणियां
अमिताभ ने कहा, 786 का मतलब बिस्मिल्लाह-उर- रहमान-ए-रहीम होता है अर्थात अल्लाह के नाम, जो कि बहुत दयालु और रहमदिल है। यही इस नंबर का महत्व है। उन्होंने कहा, फिल्म 'दीवार' के प्रदर्शन के बाद कारों के नंबर प्लेट और गले में पहने जाने वाले हार, कान के झुमकों में 786 नंबर बहुत प्रमुखता से लिखा जाने लगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले 786 दिनों में अमिताभ बच्चन ट्विटर पर बहुत सक्रिय रहे हैं और अपने चाहने वालों के साथ सीधे संवाद किया है। उन्होंने अब तक 13,901 ट्वीट किए हैं और 400 लोगों को वह फॉलो करते हैं, जबकि उन्हें फॉलो करने वाले लोगों की संख्या 29 लाख से भी ज्यादा है।
अमिताभ ने ट्वीट करते हुए 786 दिन पूरे होने पर कहा, हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों के लिए बहुत पवित्र माने जाने वाले इस नंबर ने फिल्म 'दीवार' और 'कुली' में मेरी जान बचाई थी। बिग बी ने कहा, फिल्म 'दीवार' में 786 नंबर वाला बिल्ला मेरे कोट में होने की वजह से मेरी जान बच गई, लेकिन फिल्म के अंत में यह गिर जाता है और मेरे द्वारा निभाए गए किरदार को गोली लगती है, जिससे उसकी मौत हो जाती है।
उन्होंने कहा, इस पवित्र माने जाने नंबर (786) के साथ मेरी कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। मुस्लिम भाई और बहनें जब भी कुछ कागज पर लिखते हैं, तो हमेशा सबसे ऊपर पवित्र शुरुआत के रूप में 786 लिखते हैं। टिप्पणियां
अमिताभ ने कहा, 786 का मतलब बिस्मिल्लाह-उर- रहमान-ए-रहीम होता है अर्थात अल्लाह के नाम, जो कि बहुत दयालु और रहमदिल है। यही इस नंबर का महत्व है। उन्होंने कहा, फिल्म 'दीवार' के प्रदर्शन के बाद कारों के नंबर प्लेट और गले में पहने जाने वाले हार, कान के झुमकों में 786 नंबर बहुत प्रमुखता से लिखा जाने लगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले 786 दिनों में अमिताभ बच्चन ट्विटर पर बहुत सक्रिय रहे हैं और अपने चाहने वालों के साथ सीधे संवाद किया है। उन्होंने अब तक 13,901 ट्वीट किए हैं और 400 लोगों को वह फॉलो करते हैं, जबकि उन्हें फॉलो करने वाले लोगों की संख्या 29 लाख से भी ज्यादा है।
उन्होंने कहा, इस पवित्र माने जाने नंबर (786) के साथ मेरी कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। मुस्लिम भाई और बहनें जब भी कुछ कागज पर लिखते हैं, तो हमेशा सबसे ऊपर पवित्र शुरुआत के रूप में 786 लिखते हैं। टिप्पणियां
अमिताभ ने कहा, 786 का मतलब बिस्मिल्लाह-उर- रहमान-ए-रहीम होता है अर्थात अल्लाह के नाम, जो कि बहुत दयालु और रहमदिल है। यही इस नंबर का महत्व है। उन्होंने कहा, फिल्म 'दीवार' के प्रदर्शन के बाद कारों के नंबर प्लेट और गले में पहने जाने वाले हार, कान के झुमकों में 786 नंबर बहुत प्रमुखता से लिखा जाने लगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले 786 दिनों में अमिताभ बच्चन ट्विटर पर बहुत सक्रिय रहे हैं और अपने चाहने वालों के साथ सीधे संवाद किया है। उन्होंने अब तक 13,901 ट्वीट किए हैं और 400 लोगों को वह फॉलो करते हैं, जबकि उन्हें फॉलो करने वाले लोगों की संख्या 29 लाख से भी ज्यादा है।
अमिताभ ने कहा, 786 का मतलब बिस्मिल्लाह-उर- रहमान-ए-रहीम होता है अर्थात अल्लाह के नाम, जो कि बहुत दयालु और रहमदिल है। यही इस नंबर का महत्व है। उन्होंने कहा, फिल्म 'दीवार' के प्रदर्शन के बाद कारों के नंबर प्लेट और गले में पहने जाने वाले हार, कान के झुमकों में 786 नंबर बहुत प्रमुखता से लिखा जाने लगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले 786 दिनों में अमिताभ बच्चन ट्विटर पर बहुत सक्रिय रहे हैं और अपने चाहने वालों के साथ सीधे संवाद किया है। उन्होंने अब तक 13,901 ट्वीट किए हैं और 400 लोगों को वह फॉलो करते हैं, जबकि उन्हें फॉलो करने वाले लोगों की संख्या 29 लाख से भी ज्यादा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले 786 दिनों में अमिताभ बच्चन ट्विटर पर बहुत सक्रिय रहे हैं और अपने चाहने वालों के साथ सीधे संवाद किया है। उन्होंने अब तक 13,901 ट्वीट किए हैं और 400 लोगों को वह फॉलो करते हैं, जबकि उन्हें फॉलो करने वाले लोगों की संख्या 29 लाख से भी ज्यादा है। | यह एक सारांश है: अमिताभ के माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर की रंगीन दुनिया में अवतरित हुए 786 दिन हो गए हैं और इस दिन उन्होंने इस पवित्र माने जाने वाले नंबर से जुड़ी अपनी यादों को लोगों के साथ साझा किया। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: तृणमूल कांग्रेस शुक्रवार को केंद्र से अपने मंत्रियों को हटाकर और सरकार से समर्थन वापस लेकर संप्रग से नाता तोड़ने जा रही है। वहीं, बाहर से समर्थन दे रहे मुलायम सिंह यादव के मिले-जुले संकेतों के बावजूद सरकार अपनी स्थिरता को लेकर आश्वस्त है।
केंद्र डीजल, रसोई गैस सिलेंडर और एफडीआई पर फैसलों को वापस लेने की ममता की मांग पूरी करने के ‘मूड’ में नहीं है, वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी के छह मंत्री कल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
ममता ने कहा, ‘‘हम पहले ही सामूहिक फैसला कर चुके हैं। हमारे मंत्री अपना इस्तीफा सौंप देंगे। प्रतिबद्धता तो प्रतिबद्धता है। हमने राष्ट्रपति से भी कल मिलने का समय मांगा है, अगर वह समय देते हैं तो।’’ तृणमूल के लोकसभा में 19 सदस्य हैं।
तृणमूल पार्टी से संप्रग सरकार में छह मंत्री हैं, जिनमें एक कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं। ममता ने कहा कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के साथ किसी तरह की वार्ता के लिए दिल्ली जाने की संभावना से इनकार किया।
यह पूछे जाने पर कि क्या दिल्ली जाने की उनकी कोई योजना थी, ममता ने जवाब दिया, ‘‘मुझे बताइए कि मैं दिल्ली क्यों जाऊंगी? 100 करोड़ रुपया? विज्ञापन? क्या सौदेबाजी है? मैं इन पर यकीन नहीं करती। हमारा परिचय हमारी प्रतिबद्धता है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन मुद्दों पर अन्य राजनीतिक पार्टियों से मशविरा करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप राह पकड़ लेंगे, तब आपको आगे का रास्ता दिख जाएगा। हमारा सभी से सौहार्दपूर्ण संबंध है और आप खुद-ब-खुद पाएंगे कि सभी अपने आप एक हो गए हैं।’’टिप्पणियां
खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत के विरोध के अपने रुख पर अडिग रहते ममता ने कहा, ‘‘हम खुदरा कारोबार में यह स्वीकार नहीं करेंगे और हम भविष्य में इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम इसके (एफडीआई) प्रवेश का प्रतिरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’
केंद्र डीजल, रसोई गैस सिलेंडर और एफडीआई पर फैसलों को वापस लेने की ममता की मांग पूरी करने के ‘मूड’ में नहीं है, वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी के छह मंत्री कल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
ममता ने कहा, ‘‘हम पहले ही सामूहिक फैसला कर चुके हैं। हमारे मंत्री अपना इस्तीफा सौंप देंगे। प्रतिबद्धता तो प्रतिबद्धता है। हमने राष्ट्रपति से भी कल मिलने का समय मांगा है, अगर वह समय देते हैं तो।’’ तृणमूल के लोकसभा में 19 सदस्य हैं।
तृणमूल पार्टी से संप्रग सरकार में छह मंत्री हैं, जिनमें एक कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं। ममता ने कहा कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के साथ किसी तरह की वार्ता के लिए दिल्ली जाने की संभावना से इनकार किया।
यह पूछे जाने पर कि क्या दिल्ली जाने की उनकी कोई योजना थी, ममता ने जवाब दिया, ‘‘मुझे बताइए कि मैं दिल्ली क्यों जाऊंगी? 100 करोड़ रुपया? विज्ञापन? क्या सौदेबाजी है? मैं इन पर यकीन नहीं करती। हमारा परिचय हमारी प्रतिबद्धता है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन मुद्दों पर अन्य राजनीतिक पार्टियों से मशविरा करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप राह पकड़ लेंगे, तब आपको आगे का रास्ता दिख जाएगा। हमारा सभी से सौहार्दपूर्ण संबंध है और आप खुद-ब-खुद पाएंगे कि सभी अपने आप एक हो गए हैं।’’टिप्पणियां
खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत के विरोध के अपने रुख पर अडिग रहते ममता ने कहा, ‘‘हम खुदरा कारोबार में यह स्वीकार नहीं करेंगे और हम भविष्य में इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम इसके (एफडीआई) प्रवेश का प्रतिरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’
ममता ने कहा, ‘‘हम पहले ही सामूहिक फैसला कर चुके हैं। हमारे मंत्री अपना इस्तीफा सौंप देंगे। प्रतिबद्धता तो प्रतिबद्धता है। हमने राष्ट्रपति से भी कल मिलने का समय मांगा है, अगर वह समय देते हैं तो।’’ तृणमूल के लोकसभा में 19 सदस्य हैं।
तृणमूल पार्टी से संप्रग सरकार में छह मंत्री हैं, जिनमें एक कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं। ममता ने कहा कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के साथ किसी तरह की वार्ता के लिए दिल्ली जाने की संभावना से इनकार किया।
यह पूछे जाने पर कि क्या दिल्ली जाने की उनकी कोई योजना थी, ममता ने जवाब दिया, ‘‘मुझे बताइए कि मैं दिल्ली क्यों जाऊंगी? 100 करोड़ रुपया? विज्ञापन? क्या सौदेबाजी है? मैं इन पर यकीन नहीं करती। हमारा परिचय हमारी प्रतिबद्धता है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन मुद्दों पर अन्य राजनीतिक पार्टियों से मशविरा करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप राह पकड़ लेंगे, तब आपको आगे का रास्ता दिख जाएगा। हमारा सभी से सौहार्दपूर्ण संबंध है और आप खुद-ब-खुद पाएंगे कि सभी अपने आप एक हो गए हैं।’’टिप्पणियां
खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत के विरोध के अपने रुख पर अडिग रहते ममता ने कहा, ‘‘हम खुदरा कारोबार में यह स्वीकार नहीं करेंगे और हम भविष्य में इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम इसके (एफडीआई) प्रवेश का प्रतिरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’
तृणमूल पार्टी से संप्रग सरकार में छह मंत्री हैं, जिनमें एक कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं। ममता ने कहा कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के साथ किसी तरह की वार्ता के लिए दिल्ली जाने की संभावना से इनकार किया।
यह पूछे जाने पर कि क्या दिल्ली जाने की उनकी कोई योजना थी, ममता ने जवाब दिया, ‘‘मुझे बताइए कि मैं दिल्ली क्यों जाऊंगी? 100 करोड़ रुपया? विज्ञापन? क्या सौदेबाजी है? मैं इन पर यकीन नहीं करती। हमारा परिचय हमारी प्रतिबद्धता है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन मुद्दों पर अन्य राजनीतिक पार्टियों से मशविरा करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप राह पकड़ लेंगे, तब आपको आगे का रास्ता दिख जाएगा। हमारा सभी से सौहार्दपूर्ण संबंध है और आप खुद-ब-खुद पाएंगे कि सभी अपने आप एक हो गए हैं।’’टिप्पणियां
खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत के विरोध के अपने रुख पर अडिग रहते ममता ने कहा, ‘‘हम खुदरा कारोबार में यह स्वीकार नहीं करेंगे और हम भविष्य में इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम इसके (एफडीआई) प्रवेश का प्रतिरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या दिल्ली जाने की उनकी कोई योजना थी, ममता ने जवाब दिया, ‘‘मुझे बताइए कि मैं दिल्ली क्यों जाऊंगी? 100 करोड़ रुपया? विज्ञापन? क्या सौदेबाजी है? मैं इन पर यकीन नहीं करती। हमारा परिचय हमारी प्रतिबद्धता है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन मुद्दों पर अन्य राजनीतिक पार्टियों से मशविरा करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप राह पकड़ लेंगे, तब आपको आगे का रास्ता दिख जाएगा। हमारा सभी से सौहार्दपूर्ण संबंध है और आप खुद-ब-खुद पाएंगे कि सभी अपने आप एक हो गए हैं।’’टिप्पणियां
खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत के विरोध के अपने रुख पर अडिग रहते ममता ने कहा, ‘‘हम खुदरा कारोबार में यह स्वीकार नहीं करेंगे और हम भविष्य में इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम इसके (एफडीआई) प्रवेश का प्रतिरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन मुद्दों पर अन्य राजनीतिक पार्टियों से मशविरा करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप राह पकड़ लेंगे, तब आपको आगे का रास्ता दिख जाएगा। हमारा सभी से सौहार्दपूर्ण संबंध है और आप खुद-ब-खुद पाएंगे कि सभी अपने आप एक हो गए हैं।’’टिप्पणियां
खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत के विरोध के अपने रुख पर अडिग रहते ममता ने कहा, ‘‘हम खुदरा कारोबार में यह स्वीकार नहीं करेंगे और हम भविष्य में इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम इसके (एफडीआई) प्रवेश का प्रतिरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’
खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत के विरोध के अपने रुख पर अडिग रहते ममता ने कहा, ‘‘हम खुदरा कारोबार में यह स्वीकार नहीं करेंगे और हम भविष्य में इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम इसके (एफडीआई) प्रवेश का प्रतिरोध करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला अवास्तविक और जनविरोधी हैं। आप अपने देश को एफडीआई के जरिये नहीं बेच सकते। खुदरा कारोबार में जो लोग एफडीआई का समर्थन कर रहे हैं, जनता उनको चुप कर देगी। हम जनता की आवाज का सम्मान करते हैं। जनता को फैसला करने दिया जाए। देश को फैसला करने दिया जाए।’’ | संक्षिप्त पाठ: तृणमूल कांग्रेस शुक्रवार को केंद्र से अपने मंत्रियों को हटाकर और सरकार से समर्थन वापस लेकर संप्रग से नाता तोड़ने जा रही है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ईस्ट बंगाल की तरफ से खेलने वाले तीन मशहूर भारतीय फुटबालरों को अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण रेलगाड़ी के सामान्य श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करनी पड़ी. राष्ट्रीय खिलाड़ी अर्णव मंडल, नारायण दास और मेहताब हुसैन कटक में फेडरेशन कप में भाग लेने के बाद वापस घर लौट रहे थे. बिना आरक्षण के यात्रा करने की अपनी परेशानियां होती हैं. दास को जनशताब्दी एक्सप्रेस में शौचालय के पास अपनी किट बैग पर बैठे हुए देखा जा सकता था.टिप्पणियां
ईस्ट बंगाल बीती शाम सेमीफाइनल में मोहन बागान से 0-2 से हार गया था. टीम मैनेजर और पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनोरंजन भट्टाचार्य ने कहा कि सभी उड़ानों में सीटें भर गई थीं और इसलिए उन्होंने बस की व्यवस्था की लेकिन पूर्व भारतीय खिलाड़ी मेहताब, वर्तमान खिलाड़ी मंडल, दास, मोहम्मद रफीक, शुभाशीष राय चौधरी और गोलकीपिंग कोच अभिजीत मंडल ने बिना आरक्षण के पहली रेलगाड़ी से कोलकाता आने का फैसला किया.
ईस्ट बंगाल के मिडफील्डर मेहताब ने कहा कि इस सबके लिए क्लब जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता है. उन्होंने सहायक कोच से आग्रह किया था कि वह हमें जाने की अनुमति दे दें क्योंकि हमें कार्यालय के मैच में हिस्सा लेना था. किसी भी उड़ान में सीट खाली नहीं थी. हमें बस से जाने के लिए कहा गया लेकिन उसमें 12 घंटे लगते और इसलिए खिलाड़ियों ने सुबह की रेलगाड़ी से कोलकाता पहुंचने का फैसला किया.
(इनपुट एजेंसी से)
ईस्ट बंगाल बीती शाम सेमीफाइनल में मोहन बागान से 0-2 से हार गया था. टीम मैनेजर और पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनोरंजन भट्टाचार्य ने कहा कि सभी उड़ानों में सीटें भर गई थीं और इसलिए उन्होंने बस की व्यवस्था की लेकिन पूर्व भारतीय खिलाड़ी मेहताब, वर्तमान खिलाड़ी मंडल, दास, मोहम्मद रफीक, शुभाशीष राय चौधरी और गोलकीपिंग कोच अभिजीत मंडल ने बिना आरक्षण के पहली रेलगाड़ी से कोलकाता आने का फैसला किया.
ईस्ट बंगाल के मिडफील्डर मेहताब ने कहा कि इस सबके लिए क्लब जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता है. उन्होंने सहायक कोच से आग्रह किया था कि वह हमें जाने की अनुमति दे दें क्योंकि हमें कार्यालय के मैच में हिस्सा लेना था. किसी भी उड़ान में सीट खाली नहीं थी. हमें बस से जाने के लिए कहा गया लेकिन उसमें 12 घंटे लगते और इसलिए खिलाड़ियों ने सुबह की रेलगाड़ी से कोलकाता पहुंचने का फैसला किया.
(इनपुट एजेंसी से)
ईस्ट बंगाल के मिडफील्डर मेहताब ने कहा कि इस सबके लिए क्लब जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता है. उन्होंने सहायक कोच से आग्रह किया था कि वह हमें जाने की अनुमति दे दें क्योंकि हमें कार्यालय के मैच में हिस्सा लेना था. किसी भी उड़ान में सीट खाली नहीं थी. हमें बस से जाने के लिए कहा गया लेकिन उसमें 12 घंटे लगते और इसलिए खिलाड़ियों ने सुबह की रेलगाड़ी से कोलकाता पहुंचने का फैसला किया.
(इनपुट एजेंसी से) | संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रीय खिलाड़ी अर्णव मंडल, नारायण दास और मेहताब कटक से कोलकाता लौटे
जनशताब्दी एक्सप्रेस में शौचालय के पास अपनी किट बैग पर बैठे रहे दास
कार्यालय के मैच में हिस्सा लेने के लिए मजबूरन सामान्य श्रेणी में यात्रा | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक बार फिर दक्षिण कोरिया के समक्ष बिना शर्त बातचीत का आह्वान किया। साथ ही उसने एक महीने के भीतर ही यह वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। उत्तर कोरिया की शांतिपूर्ण एकीकरण समिति ने एक बयान में कहा, "हमने बिना शर्त बातचीत करने का एक औपचारिक प्रस्ताव रखा है और दोनों देशों के प्रशासनिक अधिकारियों को जल्दी वार्ता शुरू करने को कहा है।" बयान के अनुसार उत्तर कोरिया अंतर कोरियाई आर्थिक सहयोग के कार्यालयों को सीमावर्ती शहर केसॉन्ग में स्थित तथा उत्तर व दक्षिण कोरिया द्वारा संयुक्त रूप से संचालित औद्योगिक पार्क में दोबारा खोलना चाहता है। पिछले साल दोनों देशों के सम्बंधों में खटास आने की वजह इसे बंद कर दिया गया था। साथ ही उत्तर कोरिया में पर्यटन की बहाली के मकसद से दोनों देशों के रेड क्रॉस एसोसिएशन्स के बीच भी वार्ता शुरू करने की मांग की गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2008 में उत्तर कोरिया के प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल होने पर एक महिला पर्यटक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसे बाद में पर्यटन के लिए बंद कर दिया गया था। पर्यटन और औद्योगिक पार्क के शुरू होने से उत्तर कोरियावासियों के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। पिछले साल मार्च में दक्षिण कोरिया के 46 नाविकों के मारे जाने के बाद कोरिश्याई प्रायद्वीप में व्याप्त तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने बुधवार को पहली बार वार्ता का प्रस्ताव रखा था। दक्षिण कोरिया ने बुधवार को प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और कहा था कि उत्तर कोरिया इसे लेकर 'गम्भीर' नहीं है और उसके इरादों पर संदेह है। | उत्तर कोरिया अंतर कोरियाई आर्थिक सहयोग के कार्यालयों को सीमावर्ती शहर केसॉन्ग में स्थित तथा उत्तर व दक्षिण कोरिया द्वारा संयुक्त रूप से संचालित औद्योगिक पार्क में दोबारा खोलना चाहता है। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत सरकार ने 8 कैबिनेट कमेटियों का दोबारा गठन किया है. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि गृह मंत्री अमित शाह सभी 8 कैबिनेट समितियों में शामिल हैं. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को केवल 2 कमेटियों में जगह दी गई है. पीएम मोदी 8 में से 6 कमेटियों में हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 6 कमेटियों में शामिल किया गया है, वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल 5 कमेटियों में हैं. बता दें कि देश में कमजोर पड़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. भारत सरकार ने 8 कैबिनेट कमेटियों का दोबारा गठन किया है. इन कमेटियों में अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट, कैबिनेट कमेटी ऑन अकोमडेशन, कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी, कैबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट एण्ड ग्रोथ, कैबिनेट कमेटी ऑन इम्पलॉयमेंट एण्ड स्किल डेवलेपमेंट शामिल हैं.
1- अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट
2- कैबिनेट कमेटी ऑन अकोमडेशन,
3- कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स,
4- कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट अफेयर्स,
5- कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स,
6- कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी,
7- कैबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट एण्ड ग्रोथ,
8- कैबिनेट कमेटी ऑन इम्पलॉयमेंट एण्ड स्किल डेवलेपमेंट | यह एक सारांश है: राजनाथ सिंह को केवल 2 कमेटियों में जगह दी गई
गृह मंत्री अमित शाह सभी 8 कैबिनेट समितियों में शामिल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 6 कमेटियों में शामिल किया गया | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने शुक्रवार को तय किया कि वह चुनावों की तारीख पहले रख देने के विरोध में अगले सप्ताह होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करेगी।
पीपीपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राजा रब्बानी ने कहा कि चुनावों की तारीख को 6 अगस्त की बजाय 30, जुलाई कर देने से प्रचार अभियान के लिए जरूरी अवधि में जबरदस्त कमी हुई है। चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि चुनाव 6 अगस्त को होंगे। इस्लाम के पवित्र माह के 27वें दिन पड़ने वाली इस तारीख को पवित्र माना जाता है।
पीएमएल-एन के प्रमुख राजा जफरूल हक ने मंगलवार को अदालत में याचिका दाखिल करके तारीख में परिवर्तन करने की अपील की। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को चुनाव की तारीख में बदलाव करते हुए इसे 30 जुलाई कर दिया। रब्बानी ने कहा, यह हमारे अधिकारों और संविधान का उल्लंघन है, क्योंकि अदालत ने हमारे विचार सुने बिना ही फैसला कर लिया।टिप्पणियां
यह निर्णय चुनाव के नतीजों को प्रभावित नहीं करने वाला है, क्योंकि पीएमएल-एन के उम्मीदवार मम्नून हुस्सैन पहले ही आसानी से इस मुकाबले को जीतते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक बड़ी पार्टी द्वारा बहिष्कार किए जाने के बावजूद चुनाव आयोजित किए जाएंगे, क्योंकि इन चुनावों में पूर्व क्रिकेटन इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ द्वारा नामित एक उम्मीदवार समेत कई अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं। पीएमएल-एन ने अभी तक बहिष्कार के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची 27 जुलाई को जारी की जाएगी। राष्ट्रपति का चयन चार प्रांतीय विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद के द्वारा किया जाता है। नए राष्ट्रपति 8 सितंबर को शपथ ग्रहण करेंगे और वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की जगह लेंगे।
पीपीपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राजा रब्बानी ने कहा कि चुनावों की तारीख को 6 अगस्त की बजाय 30, जुलाई कर देने से प्रचार अभियान के लिए जरूरी अवधि में जबरदस्त कमी हुई है। चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि चुनाव 6 अगस्त को होंगे। इस्लाम के पवित्र माह के 27वें दिन पड़ने वाली इस तारीख को पवित्र माना जाता है।
पीएमएल-एन के प्रमुख राजा जफरूल हक ने मंगलवार को अदालत में याचिका दाखिल करके तारीख में परिवर्तन करने की अपील की। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को चुनाव की तारीख में बदलाव करते हुए इसे 30 जुलाई कर दिया। रब्बानी ने कहा, यह हमारे अधिकारों और संविधान का उल्लंघन है, क्योंकि अदालत ने हमारे विचार सुने बिना ही फैसला कर लिया।टिप्पणियां
यह निर्णय चुनाव के नतीजों को प्रभावित नहीं करने वाला है, क्योंकि पीएमएल-एन के उम्मीदवार मम्नून हुस्सैन पहले ही आसानी से इस मुकाबले को जीतते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक बड़ी पार्टी द्वारा बहिष्कार किए जाने के बावजूद चुनाव आयोजित किए जाएंगे, क्योंकि इन चुनावों में पूर्व क्रिकेटन इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ द्वारा नामित एक उम्मीदवार समेत कई अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं। पीएमएल-एन ने अभी तक बहिष्कार के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची 27 जुलाई को जारी की जाएगी। राष्ट्रपति का चयन चार प्रांतीय विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद के द्वारा किया जाता है। नए राष्ट्रपति 8 सितंबर को शपथ ग्रहण करेंगे और वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की जगह लेंगे।
पीएमएल-एन के प्रमुख राजा जफरूल हक ने मंगलवार को अदालत में याचिका दाखिल करके तारीख में परिवर्तन करने की अपील की। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को चुनाव की तारीख में बदलाव करते हुए इसे 30 जुलाई कर दिया। रब्बानी ने कहा, यह हमारे अधिकारों और संविधान का उल्लंघन है, क्योंकि अदालत ने हमारे विचार सुने बिना ही फैसला कर लिया।टिप्पणियां
यह निर्णय चुनाव के नतीजों को प्रभावित नहीं करने वाला है, क्योंकि पीएमएल-एन के उम्मीदवार मम्नून हुस्सैन पहले ही आसानी से इस मुकाबले को जीतते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक बड़ी पार्टी द्वारा बहिष्कार किए जाने के बावजूद चुनाव आयोजित किए जाएंगे, क्योंकि इन चुनावों में पूर्व क्रिकेटन इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ द्वारा नामित एक उम्मीदवार समेत कई अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं। पीएमएल-एन ने अभी तक बहिष्कार के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची 27 जुलाई को जारी की जाएगी। राष्ट्रपति का चयन चार प्रांतीय विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद के द्वारा किया जाता है। नए राष्ट्रपति 8 सितंबर को शपथ ग्रहण करेंगे और वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की जगह लेंगे।
यह निर्णय चुनाव के नतीजों को प्रभावित नहीं करने वाला है, क्योंकि पीएमएल-एन के उम्मीदवार मम्नून हुस्सैन पहले ही आसानी से इस मुकाबले को जीतते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक बड़ी पार्टी द्वारा बहिष्कार किए जाने के बावजूद चुनाव आयोजित किए जाएंगे, क्योंकि इन चुनावों में पूर्व क्रिकेटन इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ द्वारा नामित एक उम्मीदवार समेत कई अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं। पीएमएल-एन ने अभी तक बहिष्कार के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची 27 जुलाई को जारी की जाएगी। राष्ट्रपति का चयन चार प्रांतीय विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद के द्वारा किया जाता है। नए राष्ट्रपति 8 सितंबर को शपथ ग्रहण करेंगे और वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की जगह लेंगे।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची 27 जुलाई को जारी की जाएगी। राष्ट्रपति का चयन चार प्रांतीय विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद के द्वारा किया जाता है। नए राष्ट्रपति 8 सितंबर को शपथ ग्रहण करेंगे और वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की जगह लेंगे। | संक्षिप्त पाठ: पीपीपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राजा रब्बानी ने कहा कि चुनावों की तारीख को 6 अगस्त की बजाय 30, जुलाई कर देने से प्रचार अभियान के लिए जरूरी अवधि में जबरदस्त कमी हुई है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Housefull 4 Box Office Collection Day 12: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की फिल्म 'हाउसफुल 4' बॉक्स ऑफिस पर रोजाना धमाके पर धमाका कर रही है. दूसरे हफ्ते में भी फिल्म की दमदार कमाई जारी है. खास बात तो यह है कि रिलीज के दूसरे मंगलवार भी अक्षय कुमार की 'हाउसफुल 4' (Housefull 4 Box Office Collection Day 12) ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. फिल्म के शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि 'हाउसफुल 4' ने बीते दिन करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की कमाई की होगी. इस लिहाज से फिल्म ने 12 दिनों में कुल 177 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया होगा. हालांकि, इसकी अधिकारिक सूचना मिलनी अभी बाकी है.
धनतेरस के खास मौके पर रिलीज हुई 'हाउसफुल 4' ने दूसरे हफ्ते में पहले दिन 8 करोड़, दूसरे दिन 10, तीसरे दिन 13 करोड़ और चौथे दिन 5.50 करोड़ रुपये की कमाई की है. बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार 'हाउसफुल 4' (Housefull 4 Box Office Collection Day 12) को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में खूब पसंद किया जा रहा है. वहीं, मुंबई, पूणे और बैंगलोर जैसे शहरों में फिल्म का प्रदर्शन इन राज्यों के मुकाबले थोड़ा फीका रहा.
'हाउसफुल 4' (Housefull 4 Box Office Collection Day 12) की कहानी 1419 के सितमगढ़ की है, जहां अक्षय (Akshay Kumar), बॉबी (Bobby Deol), रितेश, कृति, पूजा और कृति (Kriti Sanon) एक दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन कुछ वजहों से ये जुदा हो जाते हैं. छह सौ साल बाद तीनों जोड़े पुनर्जन्म लेते हैं, और इसके बाद फिर शुरू होती है हाउसफुल (Housefull 4) टाइप कन्फ्यूजन. कपल्स का मिस मैच और एक के बाद एक ढेर सारे कैमियो. कुल मिलाकर हाउसफुल 4 को पहले तीन पार्ट की तर्ज पर ही गढ़ने की कोशिश की गई है. कहानी बेहद कमजोर है. जबरदस्ती के जोक्स ठूंसे गए हैं, और कई जगह तो हंसी भी नहीं आती है. डायलॉग्स बहुत ही फीके हैं. | अक्षय कुमार की फिल्म ने 12वें दिन भी मचाया धमाल
बॉक्स ऑफिस पर चला अक्षय कुमार की फिल्म का जादू
समीक्षकों की उम्मीदों पर नहीं खरी उतर पाई फिल्म | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिजली कटने को लेकर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में एक 53 साल के शख्स को गिरफ्तार किया गया है. शख्स पर राजद्रोह के भी आरोप हैं. यह जानकारी पुलिस ने दी है. आरोपी का नाम मांगेलाल अग्रवाल है और वह छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव जिले का रहने वाला है. उसे गुरुवार शाम को गिरफ्तार किया गया. उसका अपराध यह है कि उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें आरोप लगाए गए हैं कि राज्य सरकार की इनवर्टर बनाने वाली कंपनी से सांठगांठ है.
वीडियो में अग्रवाल यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार की एक इनवर्टर बनाने वाली कंपनी से सांठगांठ है जो राज्य सरकार को पैसे देती है. आरोप है कि अनुवंध के तहत हर घंटे और 2 घंटे में 10 से 15 मिनट की बिजली कटौती की जाती है. ऐसा होने से इनवर्टर की बिक्री बढ़ जाएगी.
जिसके बाद अग्रवाल को धारा 124ए(राजद्रोह) और 505/1/2(सरकार के खिलाफ प्रोपेगेंडा) के तहत गिरफ्तार किया गया. वहीं विपक्षी दल बीजेपी ने इस घटना पर कांग्रेस पर निशाना साधा है और इसे इमरजेंसी जैसे हालात बताया है.
कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, 'यह मामला बिजली के कटने से संबंधित नहीं है बल्कि यह सरकार को जानबूझकर बदनाम करने का मामला है. अगर गिरफ्तार व्यक्ति के पास अपने बयान को समर्थन करने वाला कोई सबूत है तो उसे जनता के सामने इन्हें रखना चाहिए. आज बीजेपी की सच्चाई सबके सामने है और इसने यह सिद्ध किया है कि बीजेपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर इस तरह की अफवाहों के पीछे है. बीजेपी को राज्य के लोगों से माफी मांगनी चाहिए.'
वहीं पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक चंद्रकार ने कहा, 'सरकार बीजेपी पर आरोप लगाकर अपनी नाकामी से भागने की कोशिश कर रही है. यह इमरजेंसी जैसे हालात हैं. हम इसका विरोध करेंगे. हम लोगों के लिए लड़ेंगे.'
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी इस मामले में बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'सभी को अपनी बात कहने का हक है. अगर कोई व्यक्ति अपनी राय जाहिर करता है तो राजद्रोह का मामला उस पर नहीं बनना चाहिए. यह हमारे मैनिफेस्टो में था कि धारा 124ए को खत्म किया जाएगा.
सीएम ने कहा, 'मुझे जैसे ही इस बात की जानकारी मिली तो मैंने इस पर नाराजगी जाहिर की और ऐसा नहीं होना चाहिए. लेकिन मैं यह भी कहना चाहूंगा कि लोगों को सोशल मीडिया का प्रयोग अफवाह फैलाने के लिए नहीं करना चाहिए . इसके लिए अलग से कानून हैं और उसी के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. | संक्षिप्त पाठ: शख्स पर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का आरोप
शख्स पर लगाई गई राजद्रोह की धारा, हुई गिरफ्तारी
शख्स का आरोप- राज्य सरकार की इनवर्टर बनाने वाली कंपनी से सांठगांठ | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक का कहना है कि वह 19 फरवरी से भारतीय उपमहाद्वीप में आयोजित होने वाले विश्व कप में शाहिद अफरीदी की कप्तानी में खेलने को तैयार हैं। अब तक विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय पाकिस्तानी टीम के कप्तान की घोषणा नहीं हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि टीम के कुछ खिलाड़ी अफरीदी को तो कुछ मिस्बाह को कप्तान बनाने के पक्ष में हैं। पाकिस्तान टीम इस समय अफरीदी की कप्तानी में न्यूजीलैंड में एकदिवसीय शृंखला खेल रही है। मिस्बाह का कहना है कि वह अफरीदी की कप्तानी में बेहद खुश हैं। एक वेबसाइट के मुताबिक, "टीम इस समय अच्छा कर रही है। कप्तान कोई भी हो सभी टीम भावना और अपने देश के लिए खेलना चाहते हैं। मेरे मुताबिक अफरीदी अच्छा कर रहे हैं। हमें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है कि हम किसकी कप्तानी में खेल रहे हैं। हमें मैदान पर जाना है और अपना खेल खेलना है।" मिस्बाह के लिए न्यूजीलैंड का दौरा अब तक अच्छा रहा है। उन्होंने एकदिवसीय मुकाबलों की तीन पारियों में 178 रन बनाए हैं जिसमें मंगलवार को खेली गई नाबाद 93 रनों की पारी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने टेस्ट शृंखला में 115.50 की औसत से कुल 231 रन बनाए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान टीम इस समय अफरीदी की कप्तानी में न्यूजीलैंड में एकदिवसीय शृंखला खेल रही है। मिस्बाह का कहना है कि वह अफरीदी की कप्तानी में खुश हैं। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में कथित तौर पर हुए हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में अभियुक्त परियोजना अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने सोमवार सुबह अपने घर पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।टिप्पणियां
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे वर्मा ने लखनऊ के विकासनगर स्थित अपने घर पर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से स्वयं को कथित तौर पर गोली मार ली। उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि एनआरएचएम घोटाले के सिलसिले में हाल ही में वर्मा के घर पर सीबीआई ने छापा मारा था। इसके बाद से वह बहुत तनाव में थे।
वर्मा का नाम एनआरएचएम घोटाले के सिलसिले में दर्ज पहली प्राथमिकी में शामिल था, जिसमें परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा भी नामजद हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने एनआरएचएम घोटाले की जांच के सिलसिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला सहित अनेक अधिकारियों, ठेकेदारों तथा दवा व्यवसायियों के ठिकानों पर छापे मारे हैं और उनसे पूछताछ भी की है। सुनील वर्मा जल निगम में इंजीनियर थे और कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन स्कीम संगठन से जुड़े थे, जो एनआरएचएम के तहत निर्माण कार्यों का जिम्मा उठा रहा था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे वर्मा ने लखनऊ के विकासनगर स्थित अपने घर पर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से स्वयं को कथित तौर पर गोली मार ली। उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि एनआरएचएम घोटाले के सिलसिले में हाल ही में वर्मा के घर पर सीबीआई ने छापा मारा था। इसके बाद से वह बहुत तनाव में थे।
वर्मा का नाम एनआरएचएम घोटाले के सिलसिले में दर्ज पहली प्राथमिकी में शामिल था, जिसमें परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा भी नामजद हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने एनआरएचएम घोटाले की जांच के सिलसिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला सहित अनेक अधिकारियों, ठेकेदारों तथा दवा व्यवसायियों के ठिकानों पर छापे मारे हैं और उनसे पूछताछ भी की है। सुनील वर्मा जल निगम में इंजीनियर थे और कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन स्कीम संगठन से जुड़े थे, जो एनआरएचएम के तहत निर्माण कार्यों का जिम्मा उठा रहा था।
वर्मा का नाम एनआरएचएम घोटाले के सिलसिले में दर्ज पहली प्राथमिकी में शामिल था, जिसमें परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा भी नामजद हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने एनआरएचएम घोटाले की जांच के सिलसिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला सहित अनेक अधिकारियों, ठेकेदारों तथा दवा व्यवसायियों के ठिकानों पर छापे मारे हैं और उनसे पूछताछ भी की है। सुनील वर्मा जल निगम में इंजीनियर थे और कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन स्कीम संगठन से जुड़े थे, जो एनआरएचएम के तहत निर्माण कार्यों का जिम्मा उठा रहा था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्वास्थ्य घोटाले के आरोपी सुनील कुमार वर्मा ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। हाल ही में वर्मा के घर पर सीबीआई ने छापा मारा था। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुरुवार को गुरुग्राम में लंबा जाम लगा और अब शुक्रवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा की बारी है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा इलाके में सेक्टर 135 और एक्सप्रेस-वे से महामाया फ्लाईओवर तक आने वाले रास्ते पर करीब 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यहां भी गुरुवार को गुरुग्राम की तरह ही सड़क पर पानी भर आया।
उधर राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में भी शुक्रवार को जाम के हालत हैं। दिल्ली के व्यस्ततम आईटीओ चौराहे पर एक तरफ सड़क पर ट्रैफिक थम सा गया। शाम को जिस वक्त दफ्तरों से लोगों की घर वापसी का समय होता है, उसी समय हजारों गाड़ियां जहां की तहां फंस गईं।
दरअसल मॉनसूनी बादल पूरे देश में छा गए हैं और देशभर में जमकर बारिश हो रही है। देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और बाढ़ के हालात हैं। बारिश और बाढ़ से लोग परेशान हैं। लोगों को कुदरती आफत का सामना कर पड़ा रहा है। लेकिन कुछ बड़े शहरों की हालत कुछ ज्यादा ही खराब है। इसमें दिल्ली, इससे सटे गुड़गांव, नोएडा और दक्षिण में बेंगलुरू का नाम लिया जा सकता है।टिप्पणियां
जबकि कायदे से देखा जाए तो बारिश उतनी भी नहीं हुई है, जितने हालात बदतर हुए। गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली-जयपुर हाइवे घंटों जाम रहा, शहर के भीतर के हालात को देखते हुए गुरुग्राम में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
हालांकि अब युद्धस्तर पर काम जारी है, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NHAI को इसे लेकर निर्देश दिए है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
उधर राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में भी शुक्रवार को जाम के हालत हैं। दिल्ली के व्यस्ततम आईटीओ चौराहे पर एक तरफ सड़क पर ट्रैफिक थम सा गया। शाम को जिस वक्त दफ्तरों से लोगों की घर वापसी का समय होता है, उसी समय हजारों गाड़ियां जहां की तहां फंस गईं।
दरअसल मॉनसूनी बादल पूरे देश में छा गए हैं और देशभर में जमकर बारिश हो रही है। देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और बाढ़ के हालात हैं। बारिश और बाढ़ से लोग परेशान हैं। लोगों को कुदरती आफत का सामना कर पड़ा रहा है। लेकिन कुछ बड़े शहरों की हालत कुछ ज्यादा ही खराब है। इसमें दिल्ली, इससे सटे गुड़गांव, नोएडा और दक्षिण में बेंगलुरू का नाम लिया जा सकता है।टिप्पणियां
जबकि कायदे से देखा जाए तो बारिश उतनी भी नहीं हुई है, जितने हालात बदतर हुए। गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली-जयपुर हाइवे घंटों जाम रहा, शहर के भीतर के हालात को देखते हुए गुरुग्राम में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
हालांकि अब युद्धस्तर पर काम जारी है, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NHAI को इसे लेकर निर्देश दिए है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
दरअसल मॉनसूनी बादल पूरे देश में छा गए हैं और देशभर में जमकर बारिश हो रही है। देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और बाढ़ के हालात हैं। बारिश और बाढ़ से लोग परेशान हैं। लोगों को कुदरती आफत का सामना कर पड़ा रहा है। लेकिन कुछ बड़े शहरों की हालत कुछ ज्यादा ही खराब है। इसमें दिल्ली, इससे सटे गुड़गांव, नोएडा और दक्षिण में बेंगलुरू का नाम लिया जा सकता है।टिप्पणियां
जबकि कायदे से देखा जाए तो बारिश उतनी भी नहीं हुई है, जितने हालात बदतर हुए। गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली-जयपुर हाइवे घंटों जाम रहा, शहर के भीतर के हालात को देखते हुए गुरुग्राम में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
हालांकि अब युद्धस्तर पर काम जारी है, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NHAI को इसे लेकर निर्देश दिए है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
जबकि कायदे से देखा जाए तो बारिश उतनी भी नहीं हुई है, जितने हालात बदतर हुए। गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली-जयपुर हाइवे घंटों जाम रहा, शहर के भीतर के हालात को देखते हुए गुरुग्राम में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
हालांकि अब युद्धस्तर पर काम जारी है, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NHAI को इसे लेकर निर्देश दिए है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
हालांकि अब युद्धस्तर पर काम जारी है, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NHAI को इसे लेकर निर्देश दिए है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। | दिल्ली के व्यस्ततम आईटीओ चौराहे पर भी ट्रैफिक जाम
गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली-जयपुर हाइवे घंटों जाम रहा
बेंगलुरू में तो सड़कों पर बह रहे पानी में मछलियां बहकर आयीं | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि रुपये की विनिमय दर बाजार में तय होगी और रिजर्व बैंक ने सोमवार रात जो कदम उठाए हैं उनका मौद्रिक नीति की आगामी समीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है और संभवत: इससे बैंकों की ब्याज दरों पर कोई असर नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि आरबीआई के इन उपायों का लक्ष्य विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उठापटक और सट्टेबाजी पर लगाम लगाना है।
चिदंबरम ने कहा, इन उपायों को मौद्रिक नीति में बदलाव का संकेत न माना जाए। इसका आरबीआई की मौद्रिक नीति की आगामी समीक्षा से संबंध नहीं है। मुझे नहीं लगता है कि बैंक कल की पहल के मद्देनजर ब्याज दर बढ़ाएंगे।
आरबीआई ने पिछली रात कई बैंकों के लिए फौरी नकद ऋण पर ब्याज दर दो प्रतिशत बढ़ाकर 10.25 प्रतिशत कर दी। केंद्रीय बैंक और खुले बाजार में 12,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड की बिक्री की भी घोषणा की ताकि नकदी कम कर रुपये की गिरावट पर लगाम लगाई जा सके। इस महीने डॉलर के मुकाबले 61.21 तक पहुंच गया था, जो इसका न्यूनतम स्तर है।
चिदंबरम ने कहा, बहुत अधिक सट्टेबाजी पर लगाम लगाने, उतार-चढ़ाव कम करने और रुपये को स्थिर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य इस पर निर्भर करेगा कि ‘‘हम कितनी विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं और कितना खर्च करते हैं।
चिदंबरम ने स्वीकार किया कि चालू खाते का घाटा और मुद्रास्फीति ऊंची होने के कारण रुपये की विनिमय दर में नरमी आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य बाजार तय करेगा और यह अपना स्तर तलाश लेगा।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में कभी-कभी बहुत ही अधिक सट्टेबाजी होती है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए कोई भी केंद्रीय बैंक या आरबीआई और सरकार उठापटक कम करने की पहल कर सकती है या उन्हें करना चाहिए। विदेशी बाजार में बहुत अधिक सट्टेबाजी नहीं है।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
उन्होंने कहा कि आरबीआई के इन उपायों का लक्ष्य विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उठापटक और सट्टेबाजी पर लगाम लगाना है।
चिदंबरम ने कहा, इन उपायों को मौद्रिक नीति में बदलाव का संकेत न माना जाए। इसका आरबीआई की मौद्रिक नीति की आगामी समीक्षा से संबंध नहीं है। मुझे नहीं लगता है कि बैंक कल की पहल के मद्देनजर ब्याज दर बढ़ाएंगे।
आरबीआई ने पिछली रात कई बैंकों के लिए फौरी नकद ऋण पर ब्याज दर दो प्रतिशत बढ़ाकर 10.25 प्रतिशत कर दी। केंद्रीय बैंक और खुले बाजार में 12,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड की बिक्री की भी घोषणा की ताकि नकदी कम कर रुपये की गिरावट पर लगाम लगाई जा सके। इस महीने डॉलर के मुकाबले 61.21 तक पहुंच गया था, जो इसका न्यूनतम स्तर है।
चिदंबरम ने कहा, बहुत अधिक सट्टेबाजी पर लगाम लगाने, उतार-चढ़ाव कम करने और रुपये को स्थिर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य इस पर निर्भर करेगा कि ‘‘हम कितनी विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं और कितना खर्च करते हैं।
चिदंबरम ने स्वीकार किया कि चालू खाते का घाटा और मुद्रास्फीति ऊंची होने के कारण रुपये की विनिमय दर में नरमी आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य बाजार तय करेगा और यह अपना स्तर तलाश लेगा।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में कभी-कभी बहुत ही अधिक सट्टेबाजी होती है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए कोई भी केंद्रीय बैंक या आरबीआई और सरकार उठापटक कम करने की पहल कर सकती है या उन्हें करना चाहिए। विदेशी बाजार में बहुत अधिक सट्टेबाजी नहीं है।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
चिदंबरम ने कहा, इन उपायों को मौद्रिक नीति में बदलाव का संकेत न माना जाए। इसका आरबीआई की मौद्रिक नीति की आगामी समीक्षा से संबंध नहीं है। मुझे नहीं लगता है कि बैंक कल की पहल के मद्देनजर ब्याज दर बढ़ाएंगे।
आरबीआई ने पिछली रात कई बैंकों के लिए फौरी नकद ऋण पर ब्याज दर दो प्रतिशत बढ़ाकर 10.25 प्रतिशत कर दी। केंद्रीय बैंक और खुले बाजार में 12,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड की बिक्री की भी घोषणा की ताकि नकदी कम कर रुपये की गिरावट पर लगाम लगाई जा सके। इस महीने डॉलर के मुकाबले 61.21 तक पहुंच गया था, जो इसका न्यूनतम स्तर है।
चिदंबरम ने कहा, बहुत अधिक सट्टेबाजी पर लगाम लगाने, उतार-चढ़ाव कम करने और रुपये को स्थिर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य इस पर निर्भर करेगा कि ‘‘हम कितनी विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं और कितना खर्च करते हैं।
चिदंबरम ने स्वीकार किया कि चालू खाते का घाटा और मुद्रास्फीति ऊंची होने के कारण रुपये की विनिमय दर में नरमी आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य बाजार तय करेगा और यह अपना स्तर तलाश लेगा।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में कभी-कभी बहुत ही अधिक सट्टेबाजी होती है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए कोई भी केंद्रीय बैंक या आरबीआई और सरकार उठापटक कम करने की पहल कर सकती है या उन्हें करना चाहिए। विदेशी बाजार में बहुत अधिक सट्टेबाजी नहीं है।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
आरबीआई ने पिछली रात कई बैंकों के लिए फौरी नकद ऋण पर ब्याज दर दो प्रतिशत बढ़ाकर 10.25 प्रतिशत कर दी। केंद्रीय बैंक और खुले बाजार में 12,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड की बिक्री की भी घोषणा की ताकि नकदी कम कर रुपये की गिरावट पर लगाम लगाई जा सके। इस महीने डॉलर के मुकाबले 61.21 तक पहुंच गया था, जो इसका न्यूनतम स्तर है।
चिदंबरम ने कहा, बहुत अधिक सट्टेबाजी पर लगाम लगाने, उतार-चढ़ाव कम करने और रुपये को स्थिर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य इस पर निर्भर करेगा कि ‘‘हम कितनी विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं और कितना खर्च करते हैं।
चिदंबरम ने स्वीकार किया कि चालू खाते का घाटा और मुद्रास्फीति ऊंची होने के कारण रुपये की विनिमय दर में नरमी आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य बाजार तय करेगा और यह अपना स्तर तलाश लेगा।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में कभी-कभी बहुत ही अधिक सट्टेबाजी होती है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए कोई भी केंद्रीय बैंक या आरबीआई और सरकार उठापटक कम करने की पहल कर सकती है या उन्हें करना चाहिए। विदेशी बाजार में बहुत अधिक सट्टेबाजी नहीं है।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
चिदंबरम ने कहा, बहुत अधिक सट्टेबाजी पर लगाम लगाने, उतार-चढ़ाव कम करने और रुपये को स्थिर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य इस पर निर्भर करेगा कि ‘‘हम कितनी विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं और कितना खर्च करते हैं।
चिदंबरम ने स्वीकार किया कि चालू खाते का घाटा और मुद्रास्फीति ऊंची होने के कारण रुपये की विनिमय दर में नरमी आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य बाजार तय करेगा और यह अपना स्तर तलाश लेगा।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में कभी-कभी बहुत ही अधिक सट्टेबाजी होती है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए कोई भी केंद्रीय बैंक या आरबीआई और सरकार उठापटक कम करने की पहल कर सकती है या उन्हें करना चाहिए। विदेशी बाजार में बहुत अधिक सट्टेबाजी नहीं है।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
चिदंबरम ने स्वीकार किया कि चालू खाते का घाटा और मुद्रास्फीति ऊंची होने के कारण रुपये की विनिमय दर में नरमी आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य बाजार तय करेगा और यह अपना स्तर तलाश लेगा।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में कभी-कभी बहुत ही अधिक सट्टेबाजी होती है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए कोई भी केंद्रीय बैंक या आरबीआई और सरकार उठापटक कम करने की पहल कर सकती है या उन्हें करना चाहिए। विदेशी बाजार में बहुत अधिक सट्टेबाजी नहीं है।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में कभी-कभी बहुत ही अधिक सट्टेबाजी होती है, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए कोई भी केंद्रीय बैंक या आरबीआई और सरकार उठापटक कम करने की पहल कर सकती है या उन्हें करना चाहिए। विदेशी बाजार में बहुत अधिक सट्टेबाजी नहीं है।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
आरबीआई 30 जुलाई को मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की घोषणा करने वाला है। उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों कटौती किए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ बातचीत करके यह निर्णय लिया है। इसमें दोनों साथ-साथ हैं।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई की पहल का वृद्धि के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं होगा। हमें ऋण की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर करीब छह प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2012-13 में दर्ज पांच प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है।टिप्पणियां
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
चिदंबरम ने कहा, इस साल हर अनुमान के मुताबिक, वृद्धि दर छह प्रतिशत या इससे थोड़ी अधिक रहेगी। यह वृद्धि का संतोषजनक स्तर नहीं है। उन्होंने घरेलू वृद्धि में हल्केपन के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नरमी को जिम्मेदार बताया।
चिदंबरम ने सोने के आयात पर पाबंदी लगाने की संभावना से इनकार किया, पर उन्होंने जनता से इसकी खपत कम करने की अपील जरूर की। वित्तमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश को सालाना 50 अरब डॉलर का खर्च करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विधेयक का हवाला देते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह 5 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के एजेंडे में यह पहला विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि संसद का अधिवेशन शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर अध्यादेश को पारित करवाना होगा।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे।
उन्होंने कहा, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश संसद में जाएगा। संसद को सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर इसके लिए मंजूरी लेनी होगी। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक के पक्ष में मत देंगे। | संक्षिप्त पाठ: चिदंबरम ने कहा, इन उपायों को मौद्रिक नीति में बदलाव का संकेत न माना जाए। इसका आरबीआई की मौद्रिक नीति की आगामी समीक्षा से संबंध नहीं है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने मुंबई हमला मामले के आरोपी डेविड हेडली के शिकागो की अदालत में दिए गए इस बयान को खास तवज्जो नहीं दी कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में उसके आकाओं ने ठाकरे की हत्या की साजिश रची थी। ठाकरे ने कहा है, हम हेडली से नहीं डरते। हमने ऐसे कई हेडली देखे हैं। शिवसेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकारें होने के कारण हेडली जैसे लोगों को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए मुट्ठीभर शिवसैनिक काफी हैं। पार्टी प्रमुख ने कहा, मेरा उद्देश्य हमेशा ही देश के हित में रहा है और आगे भी रहेगा। शिकागो की एक अदालत में मुंबई हमला मामले की सुनवाई के दूसरे दिन सह आरोपी तहव्वुर राणा और हेडली की गवाही हुई। हेडली ने कहा कि आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा में उसके आकाओं ने बाल ठाकरे की हत्या की साजिश रची थी। राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक और हेडली पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक है। हेडली ने यह भी बताया कि उसके पाकिस्तानी आका शिवसेना से नफरत करते हैं। | यह एक सारांश है: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने मुंबई हमला मामले के आरोपी डेविड हेडली के शिकागो की अदालत में दिए गए बयान को खास तवज्जो नहीं दी। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया के असद शासन के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विश्वसनीयता का सवाल बन गया है और वह ‘बर्बरता’ को लेकर खामोश नहीं रह सकता।
दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने सीरिया पर हमले को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आगाह किया है ओबामा ने स्टॉकहोम में स्वीडिश प्रधानमंत्री फ्रेद्रिक रेफील्त के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आज कहा, ‘‘मैं और प्रधानमंत्री रेफील्त इससे सहमत हैं कि इस तरह की बर्बरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय खामोश नहीं रह सकता है। अगर कार्रवाई नहीं की गई तो और अधिक रासायनिक हमलों का खतरा बढ़ जाएगा तथा आशंका है कि दूसरे देश भी रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने लगेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी विश्वसनीयता दांव पर नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विश्वसनीयता दांव पर लगी है और अमेरिका तथा कांग्रेस की विश्वसनीयता दांव पर है क्योंकि हम सिर्फ बातें करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय नियम महत्वपूर्ण हैं।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ लक्ष्मण रेखा उनकी ओर से नहीं खींची गई है, बल्कि यह खुद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से खींची गई है।
अमेरिका का आरोप है कि सीरिया के असद शासन की ओर से बीते 21 अगस्त को किए गए रासायनिक हमले में 400 बच्चों सहित कम से कम 1,429 लोगों की मौत हो गई। सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बगैर कोई भी सैन्य कार्रवाई ‘आक्रमण’ होगी। उन्होंने असद शासन द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में सबूत पेश करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिना किसी संदेह के यह साबित हो जाए कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है तो वह सैन्य कार्रवाई से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का समर्थन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 देशों की कल शुरू हो रही शिखर बैठक के पहले पुतिन का यह बयान सामने आया है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर रहने की उम्मीद है लेकिन इस आरोप पर भी गौर किये जाने की उम्मीद है कि सीरिया सरकार ने देश में जारी गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने सीरिया पर हमले को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आगाह किया है ओबामा ने स्टॉकहोम में स्वीडिश प्रधानमंत्री फ्रेद्रिक रेफील्त के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आज कहा, ‘‘मैं और प्रधानमंत्री रेफील्त इससे सहमत हैं कि इस तरह की बर्बरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय खामोश नहीं रह सकता है। अगर कार्रवाई नहीं की गई तो और अधिक रासायनिक हमलों का खतरा बढ़ जाएगा तथा आशंका है कि दूसरे देश भी रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने लगेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी विश्वसनीयता दांव पर नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विश्वसनीयता दांव पर लगी है और अमेरिका तथा कांग्रेस की विश्वसनीयता दांव पर है क्योंकि हम सिर्फ बातें करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय नियम महत्वपूर्ण हैं।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ लक्ष्मण रेखा उनकी ओर से नहीं खींची गई है, बल्कि यह खुद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से खींची गई है।
अमेरिका का आरोप है कि सीरिया के असद शासन की ओर से बीते 21 अगस्त को किए गए रासायनिक हमले में 400 बच्चों सहित कम से कम 1,429 लोगों की मौत हो गई। सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बगैर कोई भी सैन्य कार्रवाई ‘आक्रमण’ होगी। उन्होंने असद शासन द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में सबूत पेश करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिना किसी संदेह के यह साबित हो जाए कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है तो वह सैन्य कार्रवाई से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का समर्थन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 देशों की कल शुरू हो रही शिखर बैठक के पहले पुतिन का यह बयान सामने आया है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर रहने की उम्मीद है लेकिन इस आरोप पर भी गौर किये जाने की उम्मीद है कि सीरिया सरकार ने देश में जारी गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी विश्वसनीयता दांव पर नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विश्वसनीयता दांव पर लगी है और अमेरिका तथा कांग्रेस की विश्वसनीयता दांव पर है क्योंकि हम सिर्फ बातें करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय नियम महत्वपूर्ण हैं।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ लक्ष्मण रेखा उनकी ओर से नहीं खींची गई है, बल्कि यह खुद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से खींची गई है।
अमेरिका का आरोप है कि सीरिया के असद शासन की ओर से बीते 21 अगस्त को किए गए रासायनिक हमले में 400 बच्चों सहित कम से कम 1,429 लोगों की मौत हो गई। सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बगैर कोई भी सैन्य कार्रवाई ‘आक्रमण’ होगी। उन्होंने असद शासन द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में सबूत पेश करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिना किसी संदेह के यह साबित हो जाए कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है तो वह सैन्य कार्रवाई से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का समर्थन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 देशों की कल शुरू हो रही शिखर बैठक के पहले पुतिन का यह बयान सामने आया है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर रहने की उम्मीद है लेकिन इस आरोप पर भी गौर किये जाने की उम्मीद है कि सीरिया सरकार ने देश में जारी गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ लक्ष्मण रेखा उनकी ओर से नहीं खींची गई है, बल्कि यह खुद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से खींची गई है।
अमेरिका का आरोप है कि सीरिया के असद शासन की ओर से बीते 21 अगस्त को किए गए रासायनिक हमले में 400 बच्चों सहित कम से कम 1,429 लोगों की मौत हो गई। सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बगैर कोई भी सैन्य कार्रवाई ‘आक्रमण’ होगी। उन्होंने असद शासन द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में सबूत पेश करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिना किसी संदेह के यह साबित हो जाए कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है तो वह सैन्य कार्रवाई से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का समर्थन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 देशों की कल शुरू हो रही शिखर बैठक के पहले पुतिन का यह बयान सामने आया है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर रहने की उम्मीद है लेकिन इस आरोप पर भी गौर किये जाने की उम्मीद है कि सीरिया सरकार ने देश में जारी गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
अमेरिका का आरोप है कि सीरिया के असद शासन की ओर से बीते 21 अगस्त को किए गए रासायनिक हमले में 400 बच्चों सहित कम से कम 1,429 लोगों की मौत हो गई। सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बगैर कोई भी सैन्य कार्रवाई ‘आक्रमण’ होगी। उन्होंने असद शासन द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में सबूत पेश करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिना किसी संदेह के यह साबित हो जाए कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है तो वह सैन्य कार्रवाई से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का समर्थन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 देशों की कल शुरू हो रही शिखर बैठक के पहले पुतिन का यह बयान सामने आया है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर रहने की उम्मीद है लेकिन इस आरोप पर भी गौर किये जाने की उम्मीद है कि सीरिया सरकार ने देश में जारी गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बगैर कोई भी सैन्य कार्रवाई ‘आक्रमण’ होगी। उन्होंने असद शासन द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में सबूत पेश करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिना किसी संदेह के यह साबित हो जाए कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है तो वह सैन्य कार्रवाई से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का समर्थन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 देशों की कल शुरू हो रही शिखर बैठक के पहले पुतिन का यह बयान सामने आया है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर रहने की उम्मीद है लेकिन इस आरोप पर भी गौर किये जाने की उम्मीद है कि सीरिया सरकार ने देश में जारी गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 देशों की कल शुरू हो रही शिखर बैठक के पहले पुतिन का यह बयान सामने आया है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर रहने की उम्मीद है लेकिन इस आरोप पर भी गौर किये जाने की उम्मीद है कि सीरिया सरकार ने देश में जारी गृहयुद्ध में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने कहा है कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति की ओर से सीरिया के बारे में तैयार किए गए प्रस्ताव में 60 दिन की सैन्य कार्रवाई की इजाजत दी गई है। यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।टिप्पणियां
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यदि सीरिया के बशर अल असद शासन के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाती तो अमेरिका को न सिर्फ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एवं मित्र देश खोने का जोखिम है, बल्कि विश्व मंच पर उसकी विश्वसनीयता पर भी बट्टा लग सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने अमेरिकी सीनेट से कहा, ‘यदि हम कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं तो हमारे सहयोगी देश घट जाएंगे। हमारे साथ ऐसे कम लोग होंगे जो हम पर भरोसा करेंगे, खासतौर पर क्षेत्र में।’ | सारांश: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया के असद शासन के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विश्वसनीयता का सवाल बन गया है और वह ‘बर्बरता’ को लेकर खामोश नहीं रह सकता। | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भंवरी देवी हत्याकांड में जांच के आगे बढ़ने के क्रम में एफबीआई ने सीबीआई को बताया है कि राजस्थान की एक नहर से मिली हड्डियां भंवरी देवी की हैं।टिप्पणियां
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी एजेंसी ने सीबीआई को बताया है कि इस साल के शुरू में जोधपुर में एक नहर से मिली हड्डियां 36 वर्षीय भंवरी देवी की हैं जिनमें दांत और खोपड़ी के हिस्से भी शामिल हैं। सीबीआई ने राजीव गांधी लिंक नहर में चार दिन की तलाशी के दौरान बैग, कलाई घड़ी, बिछुए, नाक की बाली, टूटे हुए आभूषण (एक झुमके सहित), जली हुई हड्डियों के टुकड़े, पांच दांत, लकड़ी का बल्ला और दो देसी पिस्तौल तथा कुछ कपड़े (जो आरोपी कैलाश जाखड़ के बताए जाते हैं) बरामद किए थे। सीबीआई ने दावा किया था कि बरामद सामान मारी गई नर्स भंवरी देवी का है और यह महत्वपूर्ण साक्ष्य है। इसके अलावा एजेंसी ने नमूने एफबीआई को भी भेजे थे जिसे दांतों के डीएनए परीक्षण में विशेषज्ञता हासिल है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुखराज, दिनेश और रेशमाराम के खिलाफ अपहरण और हत्या के मामले में तीन आरोप पत्र दायर किए हैं, जबकि फरार आरोपी इंदिरा बिश्नोई (जेल में बंद विधायक मलखान सिंह की बहन) के खिलाफ जांच लंबित है। आरोपियों के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 364 (अपहरण या हत्या के लिए अपहरण), 201 (अपराध के साक्ष्य मिटाने) और 302 (हत्या) के आरोप लगाए गए हैं। मामले में 17 आरोपियों में से सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायक महिपाल मदेरणा और मलखान बिश्नोई सहित 16 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इंदिरा बिश्नोई फरार है। भंवरी देवी का पिछले साल अपहरण किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी एजेंसी ने सीबीआई को बताया है कि इस साल के शुरू में जोधपुर में एक नहर से मिली हड्डियां 36 वर्षीय भंवरी देवी की हैं जिनमें दांत और खोपड़ी के हिस्से भी शामिल हैं। सीबीआई ने राजीव गांधी लिंक नहर में चार दिन की तलाशी के दौरान बैग, कलाई घड़ी, बिछुए, नाक की बाली, टूटे हुए आभूषण (एक झुमके सहित), जली हुई हड्डियों के टुकड़े, पांच दांत, लकड़ी का बल्ला और दो देसी पिस्तौल तथा कुछ कपड़े (जो आरोपी कैलाश जाखड़ के बताए जाते हैं) बरामद किए थे। सीबीआई ने दावा किया था कि बरामद सामान मारी गई नर्स भंवरी देवी का है और यह महत्वपूर्ण साक्ष्य है। इसके अलावा एजेंसी ने नमूने एफबीआई को भी भेजे थे जिसे दांतों के डीएनए परीक्षण में विशेषज्ञता हासिल है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुखराज, दिनेश और रेशमाराम के खिलाफ अपहरण और हत्या के मामले में तीन आरोप पत्र दायर किए हैं, जबकि फरार आरोपी इंदिरा बिश्नोई (जेल में बंद विधायक मलखान सिंह की बहन) के खिलाफ जांच लंबित है। आरोपियों के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 364 (अपहरण या हत्या के लिए अपहरण), 201 (अपराध के साक्ष्य मिटाने) और 302 (हत्या) के आरोप लगाए गए हैं। मामले में 17 आरोपियों में से सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायक महिपाल मदेरणा और मलखान बिश्नोई सहित 16 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इंदिरा बिश्नोई फरार है। भंवरी देवी का पिछले साल अपहरण किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुखराज, दिनेश और रेशमाराम के खिलाफ अपहरण और हत्या के मामले में तीन आरोप पत्र दायर किए हैं, जबकि फरार आरोपी इंदिरा बिश्नोई (जेल में बंद विधायक मलखान सिंह की बहन) के खिलाफ जांच लंबित है। आरोपियों के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 364 (अपहरण या हत्या के लिए अपहरण), 201 (अपराध के साक्ष्य मिटाने) और 302 (हत्या) के आरोप लगाए गए हैं। मामले में 17 आरोपियों में से सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायक महिपाल मदेरणा और मलखान बिश्नोई सहित 16 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इंदिरा बिश्नोई फरार है। भंवरी देवी का पिछले साल अपहरण किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी। | संक्षिप्त पाठ: भंवरी देवी हत्याकांड में जांच के आगे बढ़ने के क्रम में एफबीआई ने सीबीआई को बताया है कि राजस्थान की एक नहर से मिली हड्डियां भंवरी देवी की हैं। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस गठबंधन न होने के बावजूद भी अखिलेश यादव से संबंध नहीं बिगाड़ना चाहती है पर, कांग्रेस मुलायम सिंह यादव के परिवार के दूसरे सदस्यों के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े करेगी. कांग्रेस धर्मेंद्र यादव के खिलाफ बदायूं से सलीम शेरवानी को पहले ही टिकट दे चुकी है.
सपा के महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के खिलाफ भी कांग्रेस फ़िरोजाबाद से उम्मीदवार उतारेगी. कांग्रेस की यूपी के उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जल्द जारी होने की संभावना है. खबरें ये भी हैं कि यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर मुरादाबाद से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. उधर, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा-बसपा के गठबंधन पर मायावती ने मंगलवार को विराम लगा दिया है.
बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव (LoksabhaElection2019) से पहले महागठबंधन में कांग्रेस (Congress) की स्थिति को लेकर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बड़ा बयान दिया था. लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि कांग्रेस पहले भी हमारे साथ थी और अभी भी हमारे साथ है. ऐसे में कांग्रेस का हमसे अलग होने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि आप यह बार-बार क्यों पूछते हैं कि कांग्रेस साथ आएगी या नहीं? मैं आपसे एक बार फिर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस हमारे साथ है, वह गठबंधन का हिस्सा है. इस बार के लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस गठबंधन में रहते हुए दो सीटों पर लड़ेगी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'मुलायम के सामने कांग्रेस उम्मीदवार नहीं'
डिंपल के ख़िलाफ़ भी उम्मीदवार नहीं: सूत्र
अखिलेश लड़े तो वहां भी कांग्रेस नहीं: सूत्र | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी (एएपी) के नेता अरविंद केजरीवाल शनिवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। उनका यह अनशन राष्ट्रीय राजधानी में बिजली और पानी की दरें बढ़ाए जाने के विरोध में होगा।
केजरीवाल ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "समय आ गया है, जब जनता को दिल्ली सरकार द्वारा दरों में की गई अवैध वृद्धि के खिलाफ लामबंद किया जाए।"
केजरीवाल, पूर्वी दिल्ली की नंद नगरी में अनुमंडलीय दंडाधिकारी के कार्यालय के पास एक मकान में अनशन पर बैठेंगे।
केजरीवाल के अनुसार, इस मकान मालिक को पानी और बिजली का अपना बिल चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ा।
एएपी के सदस्य भी पूरी दिल्ली में 264 वार्डों में प्रदर्शन करेंगे और दरवाजे-दरवाजे जाकर एक अभियान शुरू करेंगे तथा लोगों से कहेंगे कि बढ़ी हुई दर के अनुसार बिल का भुगतान न करें।टिप्पणियां
केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली और पानी कम्पनियों के साथ सांठ-गांठ कर अवैध तरीके से दरें बढ़ाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में आने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "उन्होंने 29 मार्च को आने का भरोसा दिया है।" मीडिया रपटों के अनुसार, अन्ना ने हालांकि भरोसा देने से इनकार किया है।
केजरीवाल ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "समय आ गया है, जब जनता को दिल्ली सरकार द्वारा दरों में की गई अवैध वृद्धि के खिलाफ लामबंद किया जाए।"
केजरीवाल, पूर्वी दिल्ली की नंद नगरी में अनुमंडलीय दंडाधिकारी के कार्यालय के पास एक मकान में अनशन पर बैठेंगे।
केजरीवाल के अनुसार, इस मकान मालिक को पानी और बिजली का अपना बिल चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ा।
एएपी के सदस्य भी पूरी दिल्ली में 264 वार्डों में प्रदर्शन करेंगे और दरवाजे-दरवाजे जाकर एक अभियान शुरू करेंगे तथा लोगों से कहेंगे कि बढ़ी हुई दर के अनुसार बिल का भुगतान न करें।टिप्पणियां
केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली और पानी कम्पनियों के साथ सांठ-गांठ कर अवैध तरीके से दरें बढ़ाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में आने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "उन्होंने 29 मार्च को आने का भरोसा दिया है।" मीडिया रपटों के अनुसार, अन्ना ने हालांकि भरोसा देने से इनकार किया है।
केजरीवाल, पूर्वी दिल्ली की नंद नगरी में अनुमंडलीय दंडाधिकारी के कार्यालय के पास एक मकान में अनशन पर बैठेंगे।
केजरीवाल के अनुसार, इस मकान मालिक को पानी और बिजली का अपना बिल चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ा।
एएपी के सदस्य भी पूरी दिल्ली में 264 वार्डों में प्रदर्शन करेंगे और दरवाजे-दरवाजे जाकर एक अभियान शुरू करेंगे तथा लोगों से कहेंगे कि बढ़ी हुई दर के अनुसार बिल का भुगतान न करें।टिप्पणियां
केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली और पानी कम्पनियों के साथ सांठ-गांठ कर अवैध तरीके से दरें बढ़ाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में आने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "उन्होंने 29 मार्च को आने का भरोसा दिया है।" मीडिया रपटों के अनुसार, अन्ना ने हालांकि भरोसा देने से इनकार किया है।
केजरीवाल के अनुसार, इस मकान मालिक को पानी और बिजली का अपना बिल चुकाने के लिए कर्ज लेना पड़ा।
एएपी के सदस्य भी पूरी दिल्ली में 264 वार्डों में प्रदर्शन करेंगे और दरवाजे-दरवाजे जाकर एक अभियान शुरू करेंगे तथा लोगों से कहेंगे कि बढ़ी हुई दर के अनुसार बिल का भुगतान न करें।टिप्पणियां
केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली और पानी कम्पनियों के साथ सांठ-गांठ कर अवैध तरीके से दरें बढ़ाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में आने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "उन्होंने 29 मार्च को आने का भरोसा दिया है।" मीडिया रपटों के अनुसार, अन्ना ने हालांकि भरोसा देने से इनकार किया है।
एएपी के सदस्य भी पूरी दिल्ली में 264 वार्डों में प्रदर्शन करेंगे और दरवाजे-दरवाजे जाकर एक अभियान शुरू करेंगे तथा लोगों से कहेंगे कि बढ़ी हुई दर के अनुसार बिल का भुगतान न करें।टिप्पणियां
केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली और पानी कम्पनियों के साथ सांठ-गांठ कर अवैध तरीके से दरें बढ़ाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में आने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "उन्होंने 29 मार्च को आने का भरोसा दिया है।" मीडिया रपटों के अनुसार, अन्ना ने हालांकि भरोसा देने से इनकार किया है।
केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बिजली और पानी कम्पनियों के साथ सांठ-गांठ कर अवैध तरीके से दरें बढ़ाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में आने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "उन्होंने 29 मार्च को आने का भरोसा दिया है।" मीडिया रपटों के अनुसार, अन्ना ने हालांकि भरोसा देने से इनकार किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन में आने के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा, "उन्होंने 29 मार्च को आने का भरोसा दिया है।" मीडिया रपटों के अनुसार, अन्ना ने हालांकि भरोसा देने से इनकार किया है। | आम आदमी पार्टी (एएपी) के नेता अरविंद केजरीवाल शनिवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। उनका यह अनशन राष्ट्रीय राजधानी में बिजली और पानी की दरें बढ़ाए जाने के विरोध में होगा। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाड़ी भारत की सायना नेहवाल सोमवार से तियान्हे इंडोर स्टेडियम में शुरू हो रही विश्व चैम्पियनशिप में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी। सायना अगर विश्व चैम्पियनशिप में पदक हासिल करना चाहती हैं तो उनके पास इससे बेहतर मौका नहीं होगा।
इस चैम्पियनशिप में सायना के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ियों का बड़ा और मजबूत प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहा है। इस बार भारत के अधिक से अधिक वर्गों में पदक जीतने की उम्मीद है।
भारत ने अभी तक इस चैम्पियनशिप में सिर्फ दो पदक जीते हैं। 1983 में प्रकाश पादुकोण ने कोपेनहेगन में कांस्य जीता था जबकि उसके 28 साल बाद ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने 2010 में लंदन में महिला युगल का कांस्य हासिल किया।
विश्व चैम्पियनशिप में सायना का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। वह बीते तीन संस्करणों में महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में चीनी प्रतिद्वंद्वीयों से हारती रही हैं।
इस साल हालांकि सायना को सेमीफाइनल तक किसी भी चीनी खिलाड़ी का सामना नहीं करना है। सेमीफाइनल में इनका सामना ओलिंपिक चैम्पियन ली जुइरेई से हो सकता है।
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना ओलिंपिक चैम्पियन जुइरेई के खिलाफ अपना रिकार्ड सुधारना चाहेंगी। चीन में यह चैम्पियनशिप 26 साल बाद हो रही है।
सायना को इस चैम्पियनशिप के लिए आसान ड्रा मिला है। पहले दौर में बाई प्राप्त करने वाली सायना की असल परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी, जहां उनका सामना जापान की मिंताशु मितानी से होगा। इस खिलाड़ी के खिलाफ सायना का रिकार्ड 3-1 का है।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
इस चैम्पियनशिप में सायना के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ियों का बड़ा और मजबूत प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहा है। इस बार भारत के अधिक से अधिक वर्गों में पदक जीतने की उम्मीद है।
भारत ने अभी तक इस चैम्पियनशिप में सिर्फ दो पदक जीते हैं। 1983 में प्रकाश पादुकोण ने कोपेनहेगन में कांस्य जीता था जबकि उसके 28 साल बाद ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने 2010 में लंदन में महिला युगल का कांस्य हासिल किया।
विश्व चैम्पियनशिप में सायना का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। वह बीते तीन संस्करणों में महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में चीनी प्रतिद्वंद्वीयों से हारती रही हैं।
इस साल हालांकि सायना को सेमीफाइनल तक किसी भी चीनी खिलाड़ी का सामना नहीं करना है। सेमीफाइनल में इनका सामना ओलिंपिक चैम्पियन ली जुइरेई से हो सकता है।
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना ओलिंपिक चैम्पियन जुइरेई के खिलाफ अपना रिकार्ड सुधारना चाहेंगी। चीन में यह चैम्पियनशिप 26 साल बाद हो रही है।
सायना को इस चैम्पियनशिप के लिए आसान ड्रा मिला है। पहले दौर में बाई प्राप्त करने वाली सायना की असल परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी, जहां उनका सामना जापान की मिंताशु मितानी से होगा। इस खिलाड़ी के खिलाफ सायना का रिकार्ड 3-1 का है।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
भारत ने अभी तक इस चैम्पियनशिप में सिर्फ दो पदक जीते हैं। 1983 में प्रकाश पादुकोण ने कोपेनहेगन में कांस्य जीता था जबकि उसके 28 साल बाद ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने 2010 में लंदन में महिला युगल का कांस्य हासिल किया।
विश्व चैम्पियनशिप में सायना का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। वह बीते तीन संस्करणों में महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में चीनी प्रतिद्वंद्वीयों से हारती रही हैं।
इस साल हालांकि सायना को सेमीफाइनल तक किसी भी चीनी खिलाड़ी का सामना नहीं करना है। सेमीफाइनल में इनका सामना ओलिंपिक चैम्पियन ली जुइरेई से हो सकता है।
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना ओलिंपिक चैम्पियन जुइरेई के खिलाफ अपना रिकार्ड सुधारना चाहेंगी। चीन में यह चैम्पियनशिप 26 साल बाद हो रही है।
सायना को इस चैम्पियनशिप के लिए आसान ड्रा मिला है। पहले दौर में बाई प्राप्त करने वाली सायना की असल परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी, जहां उनका सामना जापान की मिंताशु मितानी से होगा। इस खिलाड़ी के खिलाफ सायना का रिकार्ड 3-1 का है।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
विश्व चैम्पियनशिप में सायना का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। वह बीते तीन संस्करणों में महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में चीनी प्रतिद्वंद्वीयों से हारती रही हैं।
इस साल हालांकि सायना को सेमीफाइनल तक किसी भी चीनी खिलाड़ी का सामना नहीं करना है। सेमीफाइनल में इनका सामना ओलिंपिक चैम्पियन ली जुइरेई से हो सकता है।
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना ओलिंपिक चैम्पियन जुइरेई के खिलाफ अपना रिकार्ड सुधारना चाहेंगी। चीन में यह चैम्पियनशिप 26 साल बाद हो रही है।
सायना को इस चैम्पियनशिप के लिए आसान ड्रा मिला है। पहले दौर में बाई प्राप्त करने वाली सायना की असल परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी, जहां उनका सामना जापान की मिंताशु मितानी से होगा। इस खिलाड़ी के खिलाफ सायना का रिकार्ड 3-1 का है।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
इस साल हालांकि सायना को सेमीफाइनल तक किसी भी चीनी खिलाड़ी का सामना नहीं करना है। सेमीफाइनल में इनका सामना ओलिंपिक चैम्पियन ली जुइरेई से हो सकता है।
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना ओलिंपिक चैम्पियन जुइरेई के खिलाफ अपना रिकार्ड सुधारना चाहेंगी। चीन में यह चैम्पियनशिप 26 साल बाद हो रही है।
सायना को इस चैम्पियनशिप के लिए आसान ड्रा मिला है। पहले दौर में बाई प्राप्त करने वाली सायना की असल परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी, जहां उनका सामना जापान की मिंताशु मितानी से होगा। इस खिलाड़ी के खिलाफ सायना का रिकार्ड 3-1 का है।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं सायना ओलिंपिक चैम्पियन जुइरेई के खिलाफ अपना रिकार्ड सुधारना चाहेंगी। चीन में यह चैम्पियनशिप 26 साल बाद हो रही है।
सायना को इस चैम्पियनशिप के लिए आसान ड्रा मिला है। पहले दौर में बाई प्राप्त करने वाली सायना की असल परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी, जहां उनका सामना जापान की मिंताशु मितानी से होगा। इस खिलाड़ी के खिलाफ सायना का रिकार्ड 3-1 का है।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
सायना को इस चैम्पियनशिप के लिए आसान ड्रा मिला है। पहले दौर में बाई प्राप्त करने वाली सायना की असल परीक्षा क्वार्टर फाइनल में होगी, जहां उनका सामना जापान की मिंताशु मितानी से होगा। इस खिलाड़ी के खिलाफ सायना का रिकार्ड 3-1 का है।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
इस चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में सबकी नजरें भारत की युवा स्टार पीवी सिंधु पर रहेंगी। सिंधु ने बीते दिनों मलेशिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता है और अब अच्छे आराम के बाद वह इस प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
सिंधु को टूर्नामेंट में 10वीं वरीयता मिली है और वह भी पहले दौर के लिए बाई हासिल करने में सफल रही हैं। सिंधु का तीसरे दौर में मौजूदा एकल चैम्पियन चीन की यिहान वांग से सामना होगा और अगर वह यह बाधा पार कर गईं तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा।टिप्पणियां
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों में 13वें वरीय पारुपल्ली कश्यप से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कश्यप का प्री-क्वार्टर फाइनल में हांगकांग के युन हू से सामना होगा और यह बाधा पार करने के लिए उन्हें अपना श्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी।
अजय जयराम को हालांकि कठिन ड्रॉ मिला है। वह पहले दौर में हांगकांग के विंग वोंग से भिड़ेंगे। इसके अलावा प्रणव चोपड़ा, अक्षय देवाल्कर, तरुण कोना, अरुण विष्णु, अपर्णा बालन, एन. सिकी रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा और प्रांद्या गडरे की जोड़ी भी अपनी चुनौती पेश करती नजर आएंगी। | सारांश: विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाड़ी भारत की सायना नेहवाल सोमवार से तियान्हे इंडोर स्टेडियम में शुरू हो रही विश्व चैम्पियनशिप में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के आगे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शीर्ष नेतृत्व एक बार फिर बौना साबित हुआ। सूत्रों के अनुसार, येदियुरप्पा के दबाव में झुकते हुए पार्टी ने सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने और उनकी जगह राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री और येदियुरप्पा के करीबी जगदीश शेट्टार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने का फैसला कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को हटाने का फैसला शनिवार को पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में लिया गया। पार्टी आलाकमान के बुलावे पर दिल्ली आए गौड़ा ने शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर आडवाणी, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की।
सूत्रों का कहना है कि गौड़ा रविवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। वह रविवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने वाले हैं। गडकरी शनिवार रात दिल्ली लौटेंगे।
गौड़ा ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, नेतृत्व के मसले पर पार्टी आलाकमान के हर फैसले को मैं स्वीकार करूंगा। यदि मुझे इस्तीफा देने को कहा जाएगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और इस्तीफा देने को नहीं कहा जाएगा तो मैं पद पर बना रहूंगा।"
गौड़ा ने कहा है कि नेतृत्व के विषय पर पार्टी को जो भी फैसला लेना है, केंद्रीय नेतृत्व को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति है।
बकौल गौड़ा, "मैंने केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द नेतृत्व पर फैसला करें। प्रशासनिक कार्यवाही में चुस्ती लाने के लिए यह जरूरी है। पार्टी के एक सिपाही के तौर पर मैं अपने नेताओं की हर सलाह मानूंगा।"
2008 में कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री बदलने का भाजपा का यह दूसरा फैसला है।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को हटाने का फैसला शनिवार को पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में लिया गया। पार्टी आलाकमान के बुलावे पर दिल्ली आए गौड़ा ने शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर आडवाणी, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की।
सूत्रों का कहना है कि गौड़ा रविवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। वह रविवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने वाले हैं। गडकरी शनिवार रात दिल्ली लौटेंगे।
गौड़ा ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, नेतृत्व के मसले पर पार्टी आलाकमान के हर फैसले को मैं स्वीकार करूंगा। यदि मुझे इस्तीफा देने को कहा जाएगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और इस्तीफा देने को नहीं कहा जाएगा तो मैं पद पर बना रहूंगा।"
गौड़ा ने कहा है कि नेतृत्व के विषय पर पार्टी को जो भी फैसला लेना है, केंद्रीय नेतृत्व को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति है।
बकौल गौड़ा, "मैंने केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द नेतृत्व पर फैसला करें। प्रशासनिक कार्यवाही में चुस्ती लाने के लिए यह जरूरी है। पार्टी के एक सिपाही के तौर पर मैं अपने नेताओं की हर सलाह मानूंगा।"
2008 में कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री बदलने का भाजपा का यह दूसरा फैसला है।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
सूत्रों का कहना है कि गौड़ा रविवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। वह रविवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने वाले हैं। गडकरी शनिवार रात दिल्ली लौटेंगे।
गौड़ा ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, नेतृत्व के मसले पर पार्टी आलाकमान के हर फैसले को मैं स्वीकार करूंगा। यदि मुझे इस्तीफा देने को कहा जाएगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और इस्तीफा देने को नहीं कहा जाएगा तो मैं पद पर बना रहूंगा।"
गौड़ा ने कहा है कि नेतृत्व के विषय पर पार्टी को जो भी फैसला लेना है, केंद्रीय नेतृत्व को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति है।
बकौल गौड़ा, "मैंने केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द नेतृत्व पर फैसला करें। प्रशासनिक कार्यवाही में चुस्ती लाने के लिए यह जरूरी है। पार्टी के एक सिपाही के तौर पर मैं अपने नेताओं की हर सलाह मानूंगा।"
2008 में कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री बदलने का भाजपा का यह दूसरा फैसला है।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
गौड़ा ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, नेतृत्व के मसले पर पार्टी आलाकमान के हर फैसले को मैं स्वीकार करूंगा। यदि मुझे इस्तीफा देने को कहा जाएगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और इस्तीफा देने को नहीं कहा जाएगा तो मैं पद पर बना रहूंगा।"
गौड़ा ने कहा है कि नेतृत्व के विषय पर पार्टी को जो भी फैसला लेना है, केंद्रीय नेतृत्व को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति है।
बकौल गौड़ा, "मैंने केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द नेतृत्व पर फैसला करें। प्रशासनिक कार्यवाही में चुस्ती लाने के लिए यह जरूरी है। पार्टी के एक सिपाही के तौर पर मैं अपने नेताओं की हर सलाह मानूंगा।"
2008 में कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री बदलने का भाजपा का यह दूसरा फैसला है।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
गौड़ा ने कहा है कि नेतृत्व के विषय पर पार्टी को जो भी फैसला लेना है, केंद्रीय नेतृत्व को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति है।
बकौल गौड़ा, "मैंने केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द नेतृत्व पर फैसला करें। प्रशासनिक कार्यवाही में चुस्ती लाने के लिए यह जरूरी है। पार्टी के एक सिपाही के तौर पर मैं अपने नेताओं की हर सलाह मानूंगा।"
2008 में कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री बदलने का भाजपा का यह दूसरा फैसला है।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
बकौल गौड़ा, "मैंने केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द नेतृत्व पर फैसला करें। प्रशासनिक कार्यवाही में चुस्ती लाने के लिए यह जरूरी है। पार्टी के एक सिपाही के तौर पर मैं अपने नेताओं की हर सलाह मानूंगा।"
2008 में कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री बदलने का भाजपा का यह दूसरा फैसला है।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
2008 में कर्नाटक में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री बदलने का भाजपा का यह दूसरा फैसला है।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
गौरतलब है कि राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पिछले काफी समय से पार्टी हाईकमान पर सदानंद गौड़ा को हटाने और जगदीश शेट्टार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए थे।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
कोर कमेटी की बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आज शाम को सदानंद गौड़ा पार्टी के नेताओं से मिलेंगे और उसके बाद ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
राज्य के लोकायुक्त द्वारा खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के बाकी मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। गौड़ा को उनकी पसंद पर ही राज्य की बागडोर सौंपी गई थी।टिप्पणियां
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
राज्य के उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें आरोपी बनाने वाली लोकायुक्त की रपट खारिज किए जाने के बाद से ही उन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपनी वापसी के प्रयास तेज कर दिए थे।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए।
येदियुरप्पा के साथ सम्बंधों में कड़वाहट आने के बाद गौड़ा ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया था कि वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने के लिए अपना पूरा प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व से गुजारिश की थी कि उन्हें जल्दबाजी में न हटाया जाए। | सूत्रों के अनुसार, येदियुरप्पा के दबाव में झुकते हुए बीजेपी ने सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने और उनकी जगह राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री और येदियुरप्पा के करीबी जगदीश शेट्टार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने का फैसला कर लिया है। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. वायरल वीडियो में दो पिस्टल और एक कारबाइन के साथ डांस करते नजर आ रहे उत्तराखंड के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Pranav Singh Champion) के तीन शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. आपको बता दें कि वीडियो सामने आने के बाद चैंपियन को भाजपा ने अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है. साथ ही पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि उन्हें पार्टी से क्यों न निकाल दिया जाए. जिला मजिस्ट्रेट दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा, 'हरिद्वार पुलिस से रिपोर्ट मिलने के बाद मैंने (कुंवर प्रणव सिंह) चैंपियन के तीन आर्म लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं.'
उन्होंने आगे कहा, "चैंपियन (Pranav Singh Champion) से 15 दिनों के भीतर इस बात का भी जवाब मांगा गया है कि क्यों न तीनों बंदूकों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं." बता दें कि हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी की एक रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा और सुरक्षा कारणों से तीन हथियारों- एक डबल बैरल राइफल, एक रिवाल्वर और एक संशोधित कार्बाइन के लाइसेंस को रद्द कर दिया जाना चाहिए. खंडूरी ने कहा, "चैंपियन के खिलाफ कुछ मामले भी दर्ज हैं. इसलिए हमने हथियारों के लाइसेंस को रद्द करने की सिफारिश की है."
दूसरी तरफ, विधायक चैंपियन (Pranav Singh Champion) ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि उनका बेटा, जो एक शूटर है, इन हथियारों के साथ अभ्यास करता है. विधायक ने अपने समर्थकों से कहा, "इस निर्णय से मेरे बेटे का खेल भविष्य अंधकारमय लग रहा है." राज्य के भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने बुधवार को चैंपियन को नोटिस देकर पूछा था कि उन्हें पार्टी से बाहर क्यों न निकाला जाना चाहिए, क्योंकि विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष पर तीखा हमला किया है. (इनपुट- IANS) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वीडियो में असलहा लहराते दिखे थे चैंपियन
तीन हथियारों के लाइसेंस निलंबित किये गए
बीजेपी ने भी जारी किया है कारण बताओ नोटिस | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के 15 साल पुराने मामले में गुरुवार को बेंगलुरू की एक विशेष अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश हुईं। मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई। जयललिता पहली बार सुनवाई के दौरान अदालत में पेश हुईं हैं। करीब पांच घंटे तक चली कार्यवाही के बाद उनके वकील ने कहा कि सुनवाई अधूरी रही और कल भी यह जारी रहेगी। जयललिता के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक 66 करोड़ रुपए की संपत्ति एकत्र करने का आरोप है। जयललिता का बयान विशेष न्यायाधीश बी एम मल्लिकाजरुनैया की अदालत में रिकार्ड किया गया। नगर के बाहरी हिस्से में बने पराप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल के पास कड़ी सुरक्षा के बीच एक अस्थायी अदालत में उनकी सुनवाई हुई। उनके वरिष्ठ वकील बी कुमार ने कहा कि जयललिता से 379 सवाल पूछे गए और उन्होंने उन सवालों का उचित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जयललिता से कल भी इतने ही सवाल पूछे जाएंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पूछे गए सवाल अभियोजन द्वारा बतायी गयी स्थिति पर आधारित थे। न्यायाधीश और चार आरोपियों सहित सिर्फ 15 लोग ही अदालत कक्ष में थे। आरोपियों में जयललिता, उनकी करीबी शशिकला नटराजन, शशिकला के रिश्तेदार सुधाकरन और इलावरासी शामिल हैं। सुनवाई समाप्त होने के तुरंत बाद 63 वर्षीय जयललिता चेन्नई रवाना हो गयीं। वह कल फिर लौटेंगी। उच्चतम न्यायालय ने कल जयललिता की याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने सुरक्षा वजहों से सुनवाई कुछ दिनों तक स्थगित किए जाने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने उनसे विशेष अदालत के समक्ष पेश होने को कहा था। जयललिता एक विशेष विमान से यहां आयीं और एक साफ्टवेयर कंपनी के परिसर में बने हेलीपैड तक हेलीकाप्टर से गयीं। वहां से वह सड़क मार्ग से अदालत पहुंची। जयललिता के साथ उनके मंत्रिमंडल के कई सहयोगी और अन्नाद्रमुक के विधायक भी आए थे। उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इस वजह से रास्ते में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार जयललिता को कटघरे में नहीं खड़ा किया गया। उन्हें न्यायाधीश के सामने आगे बिठाया गया। इस बीच समता सैनिक दल के कार्यकर्ताओं ने रामनाथपुरम जिले में दलितों पर पुलिस गोलीबारी के विरोध में जयललिता के खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे लहराए। | यहाँ एक सारांश है:जयललिता चाहती थीं कि उनकी जगह वकील कोर्ट में आएं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें खुद कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में बाढ़ से अब तक 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य में कोसी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अकेले किशनगंज में बाढ़ की वजह से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि पूर्णिया में सात अन्य कालकवलित हो गए. कटिहार और मधेपुरा जिले में दो-दो व्यक्तियों की जान चली गई. अररिया एवं सहरसा में एक एक व्यक्ति बाढ़ में अपनी जान गंवायी. विभाग के बयान के अनुसार पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल और गोपालगंज जिलों में बाढ़ से करीब 21.99 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
इस बाढ़ में करीब 1.83 लाख हेक्टेयर जमीन भी डूब गई है. विशाल क्षेत्र में लगी फसल नष्ट हो गई. वैसे क्षति का आकलन किया जा रहा है. कुल 392 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 4703 कच्चे मकानांे को भारी नुकसान पहुंचा. करीब 4639 झोपड़ियां भी बाढ़ में डूब गईं. मकानों की क्षति करीब 67.91 लाख रुपये की है.टिप्पणियां
आपदा प्रबंधन विभाग ने बयान में बताया कि मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती, दरभंगा के कमतौल में अघवारा, खगड़िया के बालटारा में कोसी, कटिहार के कुरसेवा में कोसी, पूर्णिया के धेंगरा में महानंदा और कटिहार में झावा नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं. बाढ़ वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए 8,850 नौकाएं लगायी गई हैं. अब तक 3.89 लाख लोग बाढ़ वाले क्षेत्र से निकाले गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अकेले किशनगंज में बाढ़ की वजह से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि पूर्णिया में सात अन्य कालकवलित हो गए. कटिहार और मधेपुरा जिले में दो-दो व्यक्तियों की जान चली गई. अररिया एवं सहरसा में एक एक व्यक्ति बाढ़ में अपनी जान गंवायी. विभाग के बयान के अनुसार पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल और गोपालगंज जिलों में बाढ़ से करीब 21.99 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
इस बाढ़ में करीब 1.83 लाख हेक्टेयर जमीन भी डूब गई है. विशाल क्षेत्र में लगी फसल नष्ट हो गई. वैसे क्षति का आकलन किया जा रहा है. कुल 392 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 4703 कच्चे मकानांे को भारी नुकसान पहुंचा. करीब 4639 झोपड़ियां भी बाढ़ में डूब गईं. मकानों की क्षति करीब 67.91 लाख रुपये की है.टिप्पणियां
आपदा प्रबंधन विभाग ने बयान में बताया कि मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती, दरभंगा के कमतौल में अघवारा, खगड़िया के बालटारा में कोसी, कटिहार के कुरसेवा में कोसी, पूर्णिया के धेंगरा में महानंदा और कटिहार में झावा नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं. बाढ़ वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए 8,850 नौकाएं लगायी गई हैं. अब तक 3.89 लाख लोग बाढ़ वाले क्षेत्र से निकाले गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बाढ़ में करीब 1.83 लाख हेक्टेयर जमीन भी डूब गई है. विशाल क्षेत्र में लगी फसल नष्ट हो गई. वैसे क्षति का आकलन किया जा रहा है. कुल 392 पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 4703 कच्चे मकानांे को भारी नुकसान पहुंचा. करीब 4639 झोपड़ियां भी बाढ़ में डूब गईं. मकानों की क्षति करीब 67.91 लाख रुपये की है.टिप्पणियां
आपदा प्रबंधन विभाग ने बयान में बताया कि मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती, दरभंगा के कमतौल में अघवारा, खगड़िया के बालटारा में कोसी, कटिहार के कुरसेवा में कोसी, पूर्णिया के धेंगरा में महानंदा और कटिहार में झावा नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं. बाढ़ वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए 8,850 नौकाएं लगायी गई हैं. अब तक 3.89 लाख लोग बाढ़ वाले क्षेत्र से निकाले गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आपदा प्रबंधन विभाग ने बयान में बताया कि मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती, दरभंगा के कमतौल में अघवारा, खगड़िया के बालटारा में कोसी, कटिहार के कुरसेवा में कोसी, पूर्णिया के धेंगरा में महानंदा और कटिहार में झावा नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं. बाढ़ वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए 8,850 नौकाएं लगायी गई हैं. अब तक 3.89 लाख लोग बाढ़ वाले क्षेत्र से निकाले गए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: बादल ने पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री हताश व्यक्ति हैं
केजरीवाल के पीएम मोदी को लेकर दिए बयान पर बोले थे बादल
बादल ने बहादुर विधानसभा क्षेत्र में 'संगत दर्शन' कार्यक्रम से इतर यह कहा | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशी ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को 1991-92 के संकट जैसा बताते हुए कहा कि बैंकों की ऋण वृद्धि घटकर 10 से 11 प्रतिशत पर आ सकती है। कुछ ऐसा ही 90 के दशक की शुरुआत में भी हुआ था।
बार्कलेज के नोट में कहा गया है, ‘मौजूदा वृहद स्थिति तथा उसी के साथ मौद्रिक नीति की चुनौतियां बहुत हद तक 1991-92 की तरह ही हैं।’
बार्कलेज ने मौजूदा स्थिति की तुलना 1991-92 से करते हुए कई कारक गिनाए हैं। मसलन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की धीमी वृद्धि दर, दबाव वाला विदेशी खाता तथा मुद्रास्फीति।टिप्पणियां
वित्त वर्ष 2012-13 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर दशकभर के निचले स्तर 5 फीसद पर आ गई। वहीं चालू खाते का घाटा जीडीपी के 4.8 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर रहा है। रुपये में गिरावट के बीच मुद्रास्फीति बढ़कर 5.79 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित अनेक शीर्ष आर्थिक नीति निर्माता हालांकि, यह कह रहे हैं कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां 1991 के समान नहीं है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने भी कहा है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य की 1991 से कोई तुलना नहीं है।
बार्कलेज के नोट में कहा गया है, ‘मौजूदा वृहद स्थिति तथा उसी के साथ मौद्रिक नीति की चुनौतियां बहुत हद तक 1991-92 की तरह ही हैं।’
बार्कलेज ने मौजूदा स्थिति की तुलना 1991-92 से करते हुए कई कारक गिनाए हैं। मसलन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की धीमी वृद्धि दर, दबाव वाला विदेशी खाता तथा मुद्रास्फीति।टिप्पणियां
वित्त वर्ष 2012-13 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर दशकभर के निचले स्तर 5 फीसद पर आ गई। वहीं चालू खाते का घाटा जीडीपी के 4.8 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर रहा है। रुपये में गिरावट के बीच मुद्रास्फीति बढ़कर 5.79 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित अनेक शीर्ष आर्थिक नीति निर्माता हालांकि, यह कह रहे हैं कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां 1991 के समान नहीं है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने भी कहा है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य की 1991 से कोई तुलना नहीं है।
बार्कलेज ने मौजूदा स्थिति की तुलना 1991-92 से करते हुए कई कारक गिनाए हैं। मसलन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की धीमी वृद्धि दर, दबाव वाला विदेशी खाता तथा मुद्रास्फीति।टिप्पणियां
वित्त वर्ष 2012-13 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर दशकभर के निचले स्तर 5 फीसद पर आ गई। वहीं चालू खाते का घाटा जीडीपी के 4.8 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर रहा है। रुपये में गिरावट के बीच मुद्रास्फीति बढ़कर 5.79 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित अनेक शीर्ष आर्थिक नीति निर्माता हालांकि, यह कह रहे हैं कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां 1991 के समान नहीं है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने भी कहा है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य की 1991 से कोई तुलना नहीं है।
वित्त वर्ष 2012-13 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर दशकभर के निचले स्तर 5 फीसद पर आ गई। वहीं चालू खाते का घाटा जीडीपी के 4.8 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर रहा है। रुपये में गिरावट के बीच मुद्रास्फीति बढ़कर 5.79 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित अनेक शीर्ष आर्थिक नीति निर्माता हालांकि, यह कह रहे हैं कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां 1991 के समान नहीं है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने भी कहा है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य की 1991 से कोई तुलना नहीं है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित अनेक शीर्ष आर्थिक नीति निर्माता हालांकि, यह कह रहे हैं कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां 1991 के समान नहीं है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने भी कहा है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य की 1991 से कोई तुलना नहीं है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विदेशी ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को 1991-92 के संकट जैसा बताते हुए कहा कि बैंकों की ऋण वृद्धि घटकर 10 से 11 प्रतिशत पर आ सकती है। कुछ ऐसा ही 90 के दशक की शुरुआत में भी हुआ था। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी प्रांत कोलोराडो के एक सिनेमाघर में नकाबपोश बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी करके 14 लोगों की हत्या कर दी और 50 को घायल कर दिया। यह घटना कोलोराडो के डेनवर के उपनगरीय इलाके ऑरोरा की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यहां एक स्थानीय सिनेमाघर में हथियारों से लैस बंदूकधारी ने गोलीबारी की। यहां बैटमैन शृंखला की नई फिल्म ‘द डार्क नाइट राइजेज’ दिखाई जा रही थी।
स्थानीय समाचार चैनल '9न्यूज' के अनुसार रात के वक्त बंदूकधारी जबरन आपातकालीन निकास के दरवाजे से दाखिल हुआ और सिनेमाघर में फिल्म का लुत्फ उठा रहे निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस बंदूकधारी के पास बम और अत्याधुनिक हथियार थे। उसकी उम्र 20 से 30 के बीच रही होगी। गोलीबारी करने वाले संदिग्ध युवक को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसने बताया कि उसके अपार्टमेंट में विस्फोटक है।
एफबीआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और घटना की जांच में जुट गए हैं। पुलिस का कहना है कि गोलीबारी में 14 लोग मारे गए हैं और 50 घायल हुए हैं। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक स्थानीय समयानुसार देर रात करीब एक बजे 'सेंचुरी16 मूवी थियेटर' में गोलीबारी की सूचना मिली। सूचना मिलने के तत्काल बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस घटना में भारतीय मूल के किसी व्यक्ति मारे जाने अथवा घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद पूरे सिनेमाघर को खाली करा लिया गया।टिप्पणियां
बेंजामिन फर्नांडीज नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि फिल्म देखते समय उसने कई विस्फोटों की आवाज सुनी और लोगों को बाहर भागते देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन से कहा, एक युवक सीढ़ियों से ऊपर की ओर आया और फिर एक-एक करके लोगों पर गोलीबारी करने लगा। इस गोलीबारी के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। ऑरोरा पुलिस प्रमुख डैन ओआतेस ने बताया कि इस घटना में किसी दूसरे संदिग्ध के शामिल होने का सबूत नहीं है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक स्कूल में 1999 में गोलीबारी हुई थी। उस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 24 घायल हो गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यहां एक स्थानीय सिनेमाघर में हथियारों से लैस बंदूकधारी ने गोलीबारी की। यहां बैटमैन शृंखला की नई फिल्म ‘द डार्क नाइट राइजेज’ दिखाई जा रही थी।
स्थानीय समाचार चैनल '9न्यूज' के अनुसार रात के वक्त बंदूकधारी जबरन आपातकालीन निकास के दरवाजे से दाखिल हुआ और सिनेमाघर में फिल्म का लुत्फ उठा रहे निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस बंदूकधारी के पास बम और अत्याधुनिक हथियार थे। उसकी उम्र 20 से 30 के बीच रही होगी। गोलीबारी करने वाले संदिग्ध युवक को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसने बताया कि उसके अपार्टमेंट में विस्फोटक है।
एफबीआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और घटना की जांच में जुट गए हैं। पुलिस का कहना है कि गोलीबारी में 14 लोग मारे गए हैं और 50 घायल हुए हैं। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक स्थानीय समयानुसार देर रात करीब एक बजे 'सेंचुरी16 मूवी थियेटर' में गोलीबारी की सूचना मिली। सूचना मिलने के तत्काल बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस घटना में भारतीय मूल के किसी व्यक्ति मारे जाने अथवा घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद पूरे सिनेमाघर को खाली करा लिया गया।टिप्पणियां
बेंजामिन फर्नांडीज नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि फिल्म देखते समय उसने कई विस्फोटों की आवाज सुनी और लोगों को बाहर भागते देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन से कहा, एक युवक सीढ़ियों से ऊपर की ओर आया और फिर एक-एक करके लोगों पर गोलीबारी करने लगा। इस गोलीबारी के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। ऑरोरा पुलिस प्रमुख डैन ओआतेस ने बताया कि इस घटना में किसी दूसरे संदिग्ध के शामिल होने का सबूत नहीं है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक स्कूल में 1999 में गोलीबारी हुई थी। उस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 24 घायल हो गए थे।
स्थानीय समाचार चैनल '9न्यूज' के अनुसार रात के वक्त बंदूकधारी जबरन आपातकालीन निकास के दरवाजे से दाखिल हुआ और सिनेमाघर में फिल्म का लुत्फ उठा रहे निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस बंदूकधारी के पास बम और अत्याधुनिक हथियार थे। उसकी उम्र 20 से 30 के बीच रही होगी। गोलीबारी करने वाले संदिग्ध युवक को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसने बताया कि उसके अपार्टमेंट में विस्फोटक है।
एफबीआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और घटना की जांच में जुट गए हैं। पुलिस का कहना है कि गोलीबारी में 14 लोग मारे गए हैं और 50 घायल हुए हैं। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक स्थानीय समयानुसार देर रात करीब एक बजे 'सेंचुरी16 मूवी थियेटर' में गोलीबारी की सूचना मिली। सूचना मिलने के तत्काल बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस घटना में भारतीय मूल के किसी व्यक्ति मारे जाने अथवा घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद पूरे सिनेमाघर को खाली करा लिया गया।टिप्पणियां
बेंजामिन फर्नांडीज नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि फिल्म देखते समय उसने कई विस्फोटों की आवाज सुनी और लोगों को बाहर भागते देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन से कहा, एक युवक सीढ़ियों से ऊपर की ओर आया और फिर एक-एक करके लोगों पर गोलीबारी करने लगा। इस गोलीबारी के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। ऑरोरा पुलिस प्रमुख डैन ओआतेस ने बताया कि इस घटना में किसी दूसरे संदिग्ध के शामिल होने का सबूत नहीं है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक स्कूल में 1999 में गोलीबारी हुई थी। उस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 24 घायल हो गए थे।
एफबीआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और घटना की जांच में जुट गए हैं। पुलिस का कहना है कि गोलीबारी में 14 लोग मारे गए हैं और 50 घायल हुए हैं। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक स्थानीय समयानुसार देर रात करीब एक बजे 'सेंचुरी16 मूवी थियेटर' में गोलीबारी की सूचना मिली। सूचना मिलने के तत्काल बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस घटना में भारतीय मूल के किसी व्यक्ति मारे जाने अथवा घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद पूरे सिनेमाघर को खाली करा लिया गया।टिप्पणियां
बेंजामिन फर्नांडीज नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि फिल्म देखते समय उसने कई विस्फोटों की आवाज सुनी और लोगों को बाहर भागते देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन से कहा, एक युवक सीढ़ियों से ऊपर की ओर आया और फिर एक-एक करके लोगों पर गोलीबारी करने लगा। इस गोलीबारी के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। ऑरोरा पुलिस प्रमुख डैन ओआतेस ने बताया कि इस घटना में किसी दूसरे संदिग्ध के शामिल होने का सबूत नहीं है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक स्कूल में 1999 में गोलीबारी हुई थी। उस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 24 घायल हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक स्थानीय समयानुसार देर रात करीब एक बजे 'सेंचुरी16 मूवी थियेटर' में गोलीबारी की सूचना मिली। सूचना मिलने के तत्काल बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस घटना में भारतीय मूल के किसी व्यक्ति मारे जाने अथवा घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद पूरे सिनेमाघर को खाली करा लिया गया।टिप्पणियां
बेंजामिन फर्नांडीज नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि फिल्म देखते समय उसने कई विस्फोटों की आवाज सुनी और लोगों को बाहर भागते देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन से कहा, एक युवक सीढ़ियों से ऊपर की ओर आया और फिर एक-एक करके लोगों पर गोलीबारी करने लगा। इस गोलीबारी के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। ऑरोरा पुलिस प्रमुख डैन ओआतेस ने बताया कि इस घटना में किसी दूसरे संदिग्ध के शामिल होने का सबूत नहीं है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक स्कूल में 1999 में गोलीबारी हुई थी। उस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 24 घायल हो गए थे।
बेंजामिन फर्नांडीज नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि फिल्म देखते समय उसने कई विस्फोटों की आवाज सुनी और लोगों को बाहर भागते देखा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन से कहा, एक युवक सीढ़ियों से ऊपर की ओर आया और फिर एक-एक करके लोगों पर गोलीबारी करने लगा। इस गोलीबारी के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। ऑरोरा पुलिस प्रमुख डैन ओआतेस ने बताया कि इस घटना में किसी दूसरे संदिग्ध के शामिल होने का सबूत नहीं है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक स्कूल में 1999 में गोलीबारी हुई थी। उस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 24 घायल हो गए थे।
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। ऑरोरा पुलिस प्रमुख डैन ओआतेस ने बताया कि इस घटना में किसी दूसरे संदिग्ध के शामिल होने का सबूत नहीं है। इसी इलाके से कुछ दूरी पर एक स्कूल में 1999 में गोलीबारी हुई थी। उस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 24 घायल हो गए थे। | कोलोराडो के डेनवर के उपनगरीय इलाके ऑरोरा के एक सिनेमाघर में नकाबपोश बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी करके 14 लोगों की हत्या कर दी और 50 को घायल कर दिया। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो की मांग पर बीजेपी तैयार नहीं है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और उपाध्यक्ष ओम माथुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला हुआ. इसके साथ यह भी फैसला लिया गया कि BJP एक निर्दलीय उम्मीदवार विनोद सिंह को समर्थन देगी. बीजेपी ने यह सीट आजसू के लिए छोड़ी थी. बता दें कि बीजेपी अभी उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है और बाकी 27 सीटों पर भी वह अपने उम्मीदवार को उतारेगी.
इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व गतिरोध सुलझाने के लिए काम कर रहा है और पार्टी आजसू को दस सीटें देने को तैयार है. हालांकि तीन सीटों पर आजसू और बीजेपी के बीच दोस्ताना मुक़ाबला होने की बात थी. लेकिन आजसू 17 सीटें चाहता है. चक्रधरपुर और लोहरदगा जैसी सीटों पर दोनों पार्टियों के बीच पेच फंसा था. आजसू की शिकायत थी कि सबसे विश्वसनीय सहयोगी दल होने के बावजूद बीजेपी उसे सीटें देने को तैयार नहीं है. आजसू के मुताबिक जिन सीटों पर दावा किया है, वहां मेहनत की और संगठन तैयार किया है.
बता दें कि झारखंड में पहले चरण का मतदान (Jharkhand Election) 30 नवंबर, दूसरे चरण का मतदान 7 दिसंबर, तीसरे चरण का मतदान 12 दिसंबर, चौथे चरण का मतदान 16 दिसंबर और पांचवें चरण का मतदान 20 दिसंबर को होगा. चुनावों के नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे. | यह एक सारांश है: सीटों पर तालमेल नहीं होने से टूटा गठबंधन
बीजेपी सभी 80 सीटों पर अकेले लड़ेगी चुनाव
आजसू की मांगों पर तैयार नहीं हुई बीजेपी | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को कहा कि सेना देश के दुश्मन को सबक सिखाने को उत्सुक है और वह सरकार से इजाजत मिलने का इंतजार कर रही है.
पर्रिकर ने वासको इलाके में भाजपा की चुनाव प्रचार सभा में कहा, "सेना का हौसला बढ़ा है. सेना हमारे दुश्मन को सबक सिखाना चाहती है. वह सिर्फ सरकार से इजाजत का इंतजार कर रही है. हमने दो-तीन बार इजाजत दी." उनका यह बयान उस वक्त आया है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने भारत की सीमा से लगे पंजाब प्रांत में सैन्य अभयास किया और पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि किसी भी 'दुस्साहस' का 'मुंहतोड़ जवाब' दिया जाएगा.टिप्पणियां
रक्षा मंत्री ने कहा, "हम अपने दुश्मन को बताना चाहते हैं कि अगर वह हम घूरेंगे तो हम अपने उनसे भी बड़ी आंखों से घूर सकते हैं." उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और कोई भी भारत पर हमले की हिमाकत नहीं कर सकता. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पर्रिकर ने वासको इलाके में भाजपा की चुनाव प्रचार सभा में कहा, "सेना का हौसला बढ़ा है. सेना हमारे दुश्मन को सबक सिखाना चाहती है. वह सिर्फ सरकार से इजाजत का इंतजार कर रही है. हमने दो-तीन बार इजाजत दी." उनका यह बयान उस वक्त आया है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने भारत की सीमा से लगे पंजाब प्रांत में सैन्य अभयास किया और पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि किसी भी 'दुस्साहस' का 'मुंहतोड़ जवाब' दिया जाएगा.टिप्पणियां
रक्षा मंत्री ने कहा, "हम अपने दुश्मन को बताना चाहते हैं कि अगर वह हम घूरेंगे तो हम अपने उनसे भी बड़ी आंखों से घूर सकते हैं." उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और कोई भी भारत पर हमले की हिमाकत नहीं कर सकता. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रक्षा मंत्री ने कहा, "हम अपने दुश्मन को बताना चाहते हैं कि अगर वह हम घूरेंगे तो हम अपने उनसे भी बड़ी आंखों से घूर सकते हैं." उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और कोई भी भारत पर हमले की हिमाकत नहीं कर सकता. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पर्रिकर ने कहा कि सेना का हौंसला बढ़ा हुआ है
हाल ही में पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत में सैन्य अभयास किया था
रक्षा मंत्री ने कहा कि देश की सीमाएं सुरक्षित हैं | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हैदराबाद और मुंबई बम विस्फोटों के मुख्य आरोपी एवं इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक यासीन भटकल को गिरफ्तार किए जाने के बाद भाजपा ने ‘इंडियन मुजाहिदीन का अस्तित्व ही नहीं होने’ के कांग्रेस के कुछ नेताओं के तर्क पर सवाल खड़ा किया।
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने गुरुवार को संसद परिसर में कहा, ‘आतंकवादियों का सम्मान और देशभक्तों का अपमान करना, यही कांग्रेस की आदत रही है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह हों या केंद्रीय मंत्री रहमान खान, ये सब समय-समय पर इस तरह के बयान देते रहते हैं जो आतंकवादियों की हिमायत करते दिखाई देते हैं।
शाहनवाज ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रहमान खान और कांग्रेस के कुछ और नेता आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर चुके हैं, लेकिन अब भटकल की गिरफ्तारी के बाद रहमान खान से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी जानी चाहिए क्योंकि ‘केंद्र सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने बिहार की सीमा से, जहां कांग्रेस के सहयोगियों की सरकार है, भटकल को गिरफ्तार किया है। उसे केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए को सौंपा जा रहा है।’ टिप्पणियां
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भटकल अपने साथ आतंकवादी घटनाओं को लेकर कई राज छिपाए हुए है और जांच एजेंसियों को उससे इस तरह की सारी जानकारी उगलवानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘जो लोग भारत में रहकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उनके नाम सामने आने चाहिए।’ भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक 30 वर्षीय भटकल को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया है। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले किया जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने गुरुवार को संसद परिसर में कहा, ‘आतंकवादियों का सम्मान और देशभक्तों का अपमान करना, यही कांग्रेस की आदत रही है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह हों या केंद्रीय मंत्री रहमान खान, ये सब समय-समय पर इस तरह के बयान देते रहते हैं जो आतंकवादियों की हिमायत करते दिखाई देते हैं।
शाहनवाज ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रहमान खान और कांग्रेस के कुछ और नेता आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर चुके हैं, लेकिन अब भटकल की गिरफ्तारी के बाद रहमान खान से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी जानी चाहिए क्योंकि ‘केंद्र सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने बिहार की सीमा से, जहां कांग्रेस के सहयोगियों की सरकार है, भटकल को गिरफ्तार किया है। उसे केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए को सौंपा जा रहा है।’ टिप्पणियां
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भटकल अपने साथ आतंकवादी घटनाओं को लेकर कई राज छिपाए हुए है और जांच एजेंसियों को उससे इस तरह की सारी जानकारी उगलवानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘जो लोग भारत में रहकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उनके नाम सामने आने चाहिए।’ भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक 30 वर्षीय भटकल को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया है। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले किया जाएगा।
शाहनवाज ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रहमान खान और कांग्रेस के कुछ और नेता आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर चुके हैं, लेकिन अब भटकल की गिरफ्तारी के बाद रहमान खान से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी जानी चाहिए क्योंकि ‘केंद्र सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने बिहार की सीमा से, जहां कांग्रेस के सहयोगियों की सरकार है, भटकल को गिरफ्तार किया है। उसे केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए को सौंपा जा रहा है।’ टिप्पणियां
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भटकल अपने साथ आतंकवादी घटनाओं को लेकर कई राज छिपाए हुए है और जांच एजेंसियों को उससे इस तरह की सारी जानकारी उगलवानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘जो लोग भारत में रहकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उनके नाम सामने आने चाहिए।’ भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक 30 वर्षीय भटकल को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया है। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले किया जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भटकल अपने साथ आतंकवादी घटनाओं को लेकर कई राज छिपाए हुए है और जांच एजेंसियों को उससे इस तरह की सारी जानकारी उगलवानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘जो लोग भारत में रहकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उनके नाम सामने आने चाहिए।’ भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक 30 वर्षीय भटकल को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया है। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘जो लोग भारत में रहकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उनके नाम सामने आने चाहिए।’ भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक 30 वर्षीय भटकल को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया है। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले किया जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हैदराबाद और मुंबई बम विस्फोटों के मुख्य आरोपी एवं इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक यासीन भटकल को गिरफ्तार किए जाने के बाद भाजपा ने ‘इंडियन मुजाहिदीन का अस्तित्व ही नहीं होने’ के कांग्रेस के कुछ नेताओं के तर्क पर सवाल खड़ा किया। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिल्म 'चालीस चौरासी' में चार किरदार हैं। नसीरुद्दीन शाह यानी प्रोफेसर पंकज सूरी जेल की सजा काटकर ड्राइवर बन गए। केके मेनन यानी पिंटो कार चोर है। अतुल कुलकर्णी यानी बॉबी लड़कियों का दलाल और रवि किशन यानी शक्ति ड्रग डीलर। चारों '4084' नंबर की वैन को पुलिस वैन का रंग रूप देकर फर्जी नोट बेचने वालों को लूटने का प्लान बनाते हैं पर सामने आ जाती है असली पुलिस।
कहानी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी नहीं पर हटकर है और प्रिडिक्टेलबल तो बिल्कुल नहीं। डायरेक्टर ह्रदय शेट्टी ने फ्रेश लुक में बेहतरीन एक्टर्स को लेकर अलग ही अंदाज में कहानी पेश की है। बड़े दिलचस्प ढंग से क्रिमिनल्स फ्लैशबैक में जाकर लौटते हैं। इनकी लापरवाही मजाक और बेवकूफियों पर आप हंसेंगे। अच्छी एडिटिंग और क्रिमिनल्स के मिजाज से मैच करते आइटम नंबर्स। हालांकि जितनी आसानी से इन्हें पुलिस वैन चुराते हुए दिखाया उस पर यकीन नहीं होता। क्लाइमैक्स पर गोलीबारी के सीन्स ज्यादा खींचे गए लेकिन क्राइम कॉमेडी थ्रिलर '4084' एक अलग एक्सपीरियेंस तो है ही। '4084' के लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार।
कहानी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी नहीं पर हटकर है और प्रिडिक्टेलबल तो बिल्कुल नहीं। डायरेक्टर ह्रदय शेट्टी ने फ्रेश लुक में बेहतरीन एक्टर्स को लेकर अलग ही अंदाज में कहानी पेश की है। बड़े दिलचस्प ढंग से क्रिमिनल्स फ्लैशबैक में जाकर लौटते हैं। इनकी लापरवाही मजाक और बेवकूफियों पर आप हंसेंगे। अच्छी एडिटिंग और क्रिमिनल्स के मिजाज से मैच करते आइटम नंबर्स। हालांकि जितनी आसानी से इन्हें पुलिस वैन चुराते हुए दिखाया उस पर यकीन नहीं होता। क्लाइमैक्स पर गोलीबारी के सीन्स ज्यादा खींचे गए लेकिन क्राइम कॉमेडी थ्रिलर '4084' एक अलग एक्सपीरियेंस तो है ही। '4084' के लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कहानी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी नहीं पर हटकर है। डायरेक्टर ह्रदय शेट्टी ने फ्रेश लुक में बेहतरीन एक्टर्स को लेकर अलग ही अंदाज में कहानी पेश की है। इसके लिए रेटिंग है- 3 स्टार। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ट्यूनीशिया में अमेरिकी राजदूत ने सरकार से कहा है कि दूतावास पर हमले की साजिश रचनेवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। दूतावास की वेबसाइट पर प्रकाशित संदेश में जैकब वेल्स ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया है।
संदेश में कहा गया है कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों और अतिथियों को सुरक्षा मुहैया कराए। ट्यूनीशिया ने दूतावास पर हमला मामले में करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ राज्य की सुरक्षा पर हमले का आरोप लगाया गया है। उनके वकीलों के अनुसार आरोपियों को मौत की सजा भी हो सकती है।
संदेश में कहा गया है कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों और अतिथियों को सुरक्षा मुहैया कराए। ट्यूनीशिया ने दूतावास पर हमला मामले में करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ राज्य की सुरक्षा पर हमले का आरोप लगाया गया है। उनके वकीलों के अनुसार आरोपियों को मौत की सजा भी हो सकती है। | यह एक सारांश है: दूतावास की वेबसाइट पर प्रकाशित संदेश में जैकब वेल्स ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया है। | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपने बालसखा विनोद कांबली के साथ स्कूली स्तर पर रिकॉर्ड साझेदारी हो या फिर वन-डे क्रिकेट में पहला दोहरा शतक, सचिन तेंदुलकर के लिए 24 फरवरी भाग्यशाली दिन माना जाता था, लेकिन आज चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ऐसा नहीं हो पाया।
तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट में पिछले तीन साल से अधिक समय से शतक नहीं लगा पाए हैं। एमए चिदंबरम स्टेडियम में वह इस इंतजार को समाप्त करने की स्थिति में दिख रहे थे, लेकिन तभी नाथन लियोन की गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटों में समा गई। तेंदुलकर 81 रन बनाकर आउट हो गए और इस बार 24 फरवरी उनका साथ नहीं दे पाई।
उन्होंने ठीक 25 साल पहले 24 फरवरी, 1988 को मुंबई के शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल की तरफ से खेलते हुए कांबली के साथ 664 रन की साझेदारी करके नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके 22 साल बाद 24 फरवरी, 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में तेंदुलकर ने फिर से नया इतिहास रचा। वह एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बने। तेंदुलकर पूरे 50 ओवर तक क्रीज पर टिके रहे और उन्होंने नाबाद 200 रन बनाए थे।टिप्पणियां
बहरहाल, चेन्नई टेस्ट में तेंदुलकर शतक से चूक गए, लेकिन इसके बावजूद वह एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल रहे। वह अब टेस्ट मैचों में 80 और 89 के बीच सर्वाधिक बार आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह 12वां अवसर है, जबकि तेंदुलकर 80 और 89 के बीच आउट होकर पैवेलियन लौटे।
ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर, इंग्लैंड के माइक एथरटन और भारत के राहुल द्रविड़ 11-11 बार इस इन संख्याओं के बीच आउट हुए हैं। तेंदुलकर चेन्नई की इस पारी में भी बोल्ड हुए। वह टेस्ट मैचों में 54 बार बोल्ड हो चुके हैं। उन्होंने बोर्डर (53 बार बोल्ड) को पीछे छोड़ा। अब केवल द्रविड़ (55 बार बोल्ड) ही सचिन से इस मामले में आगे हैं। पिछली 18 पारियों में तेंदुलकर आठ बार बोल्ड हो चुके हैं।
तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट में पिछले तीन साल से अधिक समय से शतक नहीं लगा पाए हैं। एमए चिदंबरम स्टेडियम में वह इस इंतजार को समाप्त करने की स्थिति में दिख रहे थे, लेकिन तभी नाथन लियोन की गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटों में समा गई। तेंदुलकर 81 रन बनाकर आउट हो गए और इस बार 24 फरवरी उनका साथ नहीं दे पाई।
उन्होंने ठीक 25 साल पहले 24 फरवरी, 1988 को मुंबई के शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल की तरफ से खेलते हुए कांबली के साथ 664 रन की साझेदारी करके नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके 22 साल बाद 24 फरवरी, 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में तेंदुलकर ने फिर से नया इतिहास रचा। वह एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बने। तेंदुलकर पूरे 50 ओवर तक क्रीज पर टिके रहे और उन्होंने नाबाद 200 रन बनाए थे।टिप्पणियां
बहरहाल, चेन्नई टेस्ट में तेंदुलकर शतक से चूक गए, लेकिन इसके बावजूद वह एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल रहे। वह अब टेस्ट मैचों में 80 और 89 के बीच सर्वाधिक बार आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह 12वां अवसर है, जबकि तेंदुलकर 80 और 89 के बीच आउट होकर पैवेलियन लौटे।
ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर, इंग्लैंड के माइक एथरटन और भारत के राहुल द्रविड़ 11-11 बार इस इन संख्याओं के बीच आउट हुए हैं। तेंदुलकर चेन्नई की इस पारी में भी बोल्ड हुए। वह टेस्ट मैचों में 54 बार बोल्ड हो चुके हैं। उन्होंने बोर्डर (53 बार बोल्ड) को पीछे छोड़ा। अब केवल द्रविड़ (55 बार बोल्ड) ही सचिन से इस मामले में आगे हैं। पिछली 18 पारियों में तेंदुलकर आठ बार बोल्ड हो चुके हैं।
उन्होंने ठीक 25 साल पहले 24 फरवरी, 1988 को मुंबई के शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल की तरफ से खेलते हुए कांबली के साथ 664 रन की साझेदारी करके नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके 22 साल बाद 24 फरवरी, 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में तेंदुलकर ने फिर से नया इतिहास रचा। वह एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बने। तेंदुलकर पूरे 50 ओवर तक क्रीज पर टिके रहे और उन्होंने नाबाद 200 रन बनाए थे।टिप्पणियां
बहरहाल, चेन्नई टेस्ट में तेंदुलकर शतक से चूक गए, लेकिन इसके बावजूद वह एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल रहे। वह अब टेस्ट मैचों में 80 और 89 के बीच सर्वाधिक बार आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह 12वां अवसर है, जबकि तेंदुलकर 80 और 89 के बीच आउट होकर पैवेलियन लौटे।
ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर, इंग्लैंड के माइक एथरटन और भारत के राहुल द्रविड़ 11-11 बार इस इन संख्याओं के बीच आउट हुए हैं। तेंदुलकर चेन्नई की इस पारी में भी बोल्ड हुए। वह टेस्ट मैचों में 54 बार बोल्ड हो चुके हैं। उन्होंने बोर्डर (53 बार बोल्ड) को पीछे छोड़ा। अब केवल द्रविड़ (55 बार बोल्ड) ही सचिन से इस मामले में आगे हैं। पिछली 18 पारियों में तेंदुलकर आठ बार बोल्ड हो चुके हैं।
बहरहाल, चेन्नई टेस्ट में तेंदुलकर शतक से चूक गए, लेकिन इसके बावजूद वह एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल रहे। वह अब टेस्ट मैचों में 80 और 89 के बीच सर्वाधिक बार आउट होने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह 12वां अवसर है, जबकि तेंदुलकर 80 और 89 के बीच आउट होकर पैवेलियन लौटे।
ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर, इंग्लैंड के माइक एथरटन और भारत के राहुल द्रविड़ 11-11 बार इस इन संख्याओं के बीच आउट हुए हैं। तेंदुलकर चेन्नई की इस पारी में भी बोल्ड हुए। वह टेस्ट मैचों में 54 बार बोल्ड हो चुके हैं। उन्होंने बोर्डर (53 बार बोल्ड) को पीछे छोड़ा। अब केवल द्रविड़ (55 बार बोल्ड) ही सचिन से इस मामले में आगे हैं। पिछली 18 पारियों में तेंदुलकर आठ बार बोल्ड हो चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर, इंग्लैंड के माइक एथरटन और भारत के राहुल द्रविड़ 11-11 बार इस इन संख्याओं के बीच आउट हुए हैं। तेंदुलकर चेन्नई की इस पारी में भी बोल्ड हुए। वह टेस्ट मैचों में 54 बार बोल्ड हो चुके हैं। उन्होंने बोर्डर (53 बार बोल्ड) को पीछे छोड़ा। अब केवल द्रविड़ (55 बार बोल्ड) ही सचिन से इस मामले में आगे हैं। पिछली 18 पारियों में तेंदुलकर आठ बार बोल्ड हो चुके हैं। | संक्षिप्त सारांश: अपने बालसखा विनोद कांबली के साथ स्कूली स्तर पर रिकॉर्ड साझेदारी हो या फिर वन-डे क्रिकेट में पहला दोहरा शतक, सचिन तेंदुलकर के लिए 24 फरवरी भाग्यशाली दिन माना जाता था, लेकिन आज चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ऐसा नहीं हो पाया। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पूर्व संचार मंत्री ए. राजा, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद कनिमोई तथा अन्य 15 अभियुक्तों के खिलाफ शनिवार को आरोप तय करेगी। ज्ञात हो कि 14 अक्टूबर को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने फैसला 22 अक्टूबर तक सुरक्षित कर लिया था। आरोप तय करने की प्रक्रिया के तहत अदालत ने फैसला लिया कि जिन आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं उन पर आरोप तय किए जाएं। इससे पूर्व, विशेष सरकारी वकील यूयू ललित ने सभी 17 अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत विश्वास तोड़ने का अतिरिक्त आरोप लगाने की दलील पेश की थी जिस पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके अगले दिन इस मामले की निगरानी कर रही सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सीबीआई से पूछा था कि आरोप तय किए बिना अभियुक्तों को कितने दिन जेल में रखा जाएगा। खंडपीठ ने गौर किया कि 2जी मामले के आरोपी सात महीने से सलाखों के पीछे हैं, जबकि सीबीआई की अदालत ने अभी तक आरोप तय करने के सम्बंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। इस मामले में राजा और कनिमोझी सहित अन्य अभियुक्तों में राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और डीएमके द्वारा संचालित कलैगनार टीवी के प्रमुख शरद कुमार शामिल हैं। इनके अलावा बॉलीवुड फिल्म निर्माता करीम मोरानी, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा, उनका रिश्तेदार आसिफ बलवा, उनके सहयोगी राजीव बी. अग्रवाल तथा यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा भी अभियुक्त हैं। सीबीआई इससे पहले राजा एवं अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है जिसमें कहा गया है कि आपराधिक षड्यंत्र रचकर अपात्र आपरेटरों को स्पेक्ट्रम आवंटित किया गया, जिससे राजकोष को 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। | संक्षिप्त पाठ: 2जी घोटाले में सीबीआई पूर्व संचार मंत्री ए. राजा, कनिमोई तथा अन्य 15 अभियुक्तों के खिलाफ शनिवार को आरोप तय करेगी। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में जारी पंचायत चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान सोमवार को विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में सात लोगों की मौत हो गई तथा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल में सोमवार को हुआ पंचायत चुनाव का चौथा चरण बम विस्फोट, गोलीबारी तथा हिंसक झड़पों की कई घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित रहा। इसके अलावा चौथे चरण के पंचायत चुनाव में बड़े पैमाने पर मतदान में धांधली के आरोप लग रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि रक्तपात की घटनाओं के बावजूद हालांकि लोगों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, तथा मतदान के आधिकारिक समापन समय शाम पांच बजे तक औसतन 74.16 फीसदी मत पड़े।
मतदान प्रतिशत अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि मतदान का समय समाप्त होने के बाद भी चार जिलों- मुर्शिदाबाद, बीरभूम, मालदा और नदिया में मतदाता लाइनों में खड़े थे।
अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान हुई हिंसा में मुर्शिदाबाद में तीन व्यक्तियों की, बीरभूम में दो व्यक्तियों की तथा नदिया और मालदा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। चुनाव के दौरान सोमवार को कुल मृत व्यक्तियों में से दो व्यक्ति मतदाता थे तथा अन्य या तो राजनीतिक कार्यकर्ता या अपराधी।
मुर्शिदाबाद के दोमकोल पुलिस थाना के अंतर्गत दक्खिननगर गांव में एक घर के नजदीक फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आने से एक पांच वर्ष का बच्चा भी घायल हो गया। उसे मुर्शिदाबाद चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा चार से सात वर्ष की अवस्था के बीच तीन अन्य बच्चे भी एक बम विस्फोट में घायल हो गए। मालदा जिले के कालीचक पुलिस थाने के तहत लालूटोला गांव में एक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के घर के बरामदे में बच्चे खेल रहे थे कि वे फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आ गए। घायल बच्चों में एक की स्थिति गंभीर है।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में सोमवार को हुआ पंचायत चुनाव का चौथा चरण बम विस्फोट, गोलीबारी तथा हिंसक झड़पों की कई घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित रहा। इसके अलावा चौथे चरण के पंचायत चुनाव में बड़े पैमाने पर मतदान में धांधली के आरोप लग रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि रक्तपात की घटनाओं के बावजूद हालांकि लोगों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, तथा मतदान के आधिकारिक समापन समय शाम पांच बजे तक औसतन 74.16 फीसदी मत पड़े।
मतदान प्रतिशत अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि मतदान का समय समाप्त होने के बाद भी चार जिलों- मुर्शिदाबाद, बीरभूम, मालदा और नदिया में मतदाता लाइनों में खड़े थे।
अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान हुई हिंसा में मुर्शिदाबाद में तीन व्यक्तियों की, बीरभूम में दो व्यक्तियों की तथा नदिया और मालदा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। चुनाव के दौरान सोमवार को कुल मृत व्यक्तियों में से दो व्यक्ति मतदाता थे तथा अन्य या तो राजनीतिक कार्यकर्ता या अपराधी।
मुर्शिदाबाद के दोमकोल पुलिस थाना के अंतर्गत दक्खिननगर गांव में एक घर के नजदीक फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आने से एक पांच वर्ष का बच्चा भी घायल हो गया। उसे मुर्शिदाबाद चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा चार से सात वर्ष की अवस्था के बीच तीन अन्य बच्चे भी एक बम विस्फोट में घायल हो गए। मालदा जिले के कालीचक पुलिस थाने के तहत लालूटोला गांव में एक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के घर के बरामदे में बच्चे खेल रहे थे कि वे फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आ गए। घायल बच्चों में एक की स्थिति गंभीर है।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि रक्तपात की घटनाओं के बावजूद हालांकि लोगों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, तथा मतदान के आधिकारिक समापन समय शाम पांच बजे तक औसतन 74.16 फीसदी मत पड़े।
मतदान प्रतिशत अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि मतदान का समय समाप्त होने के बाद भी चार जिलों- मुर्शिदाबाद, बीरभूम, मालदा और नदिया में मतदाता लाइनों में खड़े थे।
अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान हुई हिंसा में मुर्शिदाबाद में तीन व्यक्तियों की, बीरभूम में दो व्यक्तियों की तथा नदिया और मालदा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। चुनाव के दौरान सोमवार को कुल मृत व्यक्तियों में से दो व्यक्ति मतदाता थे तथा अन्य या तो राजनीतिक कार्यकर्ता या अपराधी।
मुर्शिदाबाद के दोमकोल पुलिस थाना के अंतर्गत दक्खिननगर गांव में एक घर के नजदीक फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आने से एक पांच वर्ष का बच्चा भी घायल हो गया। उसे मुर्शिदाबाद चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा चार से सात वर्ष की अवस्था के बीच तीन अन्य बच्चे भी एक बम विस्फोट में घायल हो गए। मालदा जिले के कालीचक पुलिस थाने के तहत लालूटोला गांव में एक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के घर के बरामदे में बच्चे खेल रहे थे कि वे फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आ गए। घायल बच्चों में एक की स्थिति गंभीर है।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
मतदान प्रतिशत अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि मतदान का समय समाप्त होने के बाद भी चार जिलों- मुर्शिदाबाद, बीरभूम, मालदा और नदिया में मतदाता लाइनों में खड़े थे।
अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान हुई हिंसा में मुर्शिदाबाद में तीन व्यक्तियों की, बीरभूम में दो व्यक्तियों की तथा नदिया और मालदा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। चुनाव के दौरान सोमवार को कुल मृत व्यक्तियों में से दो व्यक्ति मतदाता थे तथा अन्य या तो राजनीतिक कार्यकर्ता या अपराधी।
मुर्शिदाबाद के दोमकोल पुलिस थाना के अंतर्गत दक्खिननगर गांव में एक घर के नजदीक फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आने से एक पांच वर्ष का बच्चा भी घायल हो गया। उसे मुर्शिदाबाद चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा चार से सात वर्ष की अवस्था के बीच तीन अन्य बच्चे भी एक बम विस्फोट में घायल हो गए। मालदा जिले के कालीचक पुलिस थाने के तहत लालूटोला गांव में एक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के घर के बरामदे में बच्चे खेल रहे थे कि वे फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आ गए। घायल बच्चों में एक की स्थिति गंभीर है।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान हुई हिंसा में मुर्शिदाबाद में तीन व्यक्तियों की, बीरभूम में दो व्यक्तियों की तथा नदिया और मालदा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। चुनाव के दौरान सोमवार को कुल मृत व्यक्तियों में से दो व्यक्ति मतदाता थे तथा अन्य या तो राजनीतिक कार्यकर्ता या अपराधी।
मुर्शिदाबाद के दोमकोल पुलिस थाना के अंतर्गत दक्खिननगर गांव में एक घर के नजदीक फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आने से एक पांच वर्ष का बच्चा भी घायल हो गया। उसे मुर्शिदाबाद चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा चार से सात वर्ष की अवस्था के बीच तीन अन्य बच्चे भी एक बम विस्फोट में घायल हो गए। मालदा जिले के कालीचक पुलिस थाने के तहत लालूटोला गांव में एक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के घर के बरामदे में बच्चे खेल रहे थे कि वे फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आ गए। घायल बच्चों में एक की स्थिति गंभीर है।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
मुर्शिदाबाद के दोमकोल पुलिस थाना के अंतर्गत दक्खिननगर गांव में एक घर के नजदीक फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आने से एक पांच वर्ष का बच्चा भी घायल हो गया। उसे मुर्शिदाबाद चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इसके अलावा चार से सात वर्ष की अवस्था के बीच तीन अन्य बच्चे भी एक बम विस्फोट में घायल हो गए। मालदा जिले के कालीचक पुलिस थाने के तहत लालूटोला गांव में एक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के घर के बरामदे में बच्चे खेल रहे थे कि वे फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आ गए। घायल बच्चों में एक की स्थिति गंभीर है।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
इसके अलावा चार से सात वर्ष की अवस्था के बीच तीन अन्य बच्चे भी एक बम विस्फोट में घायल हो गए। मालदा जिले के कालीचक पुलिस थाने के तहत लालूटोला गांव में एक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के घर के बरामदे में बच्चे खेल रहे थे कि वे फेंके गए बम विस्फोट की चपेट में आ गए। घायल बच्चों में एक की स्थिति गंभीर है।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
परिवार वालों का आरोप है कि उनके घर पर बम फेंके गए, जबकि एक घायल बच्चे ने बताया कि वे खेल रहे थे और जब घर का दरवाजा खोला तो 'गेंद' जैसा कुछ दिखा, तभी उनमें विस्फोट हो गया।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
मुर्शिदाबाद के रानीनगर में बम बनाते हुए दो व्यक्तियों की मौत हो गई। वहीं जिले के बेलदांगा पुलिस थाने के अंतर्गत काजीशाह गांव में मतदान केंद्र के बाहर बम फेंकने के कारण मत देने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की मौत हो गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं का शव सोमवार सुबह बीरभूम जिले के मयूरेश्वर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले एक खेत से बरामद हुआ। एक अन्य बुरी तरह घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
मालदा जिले के रतुआ में केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ओर से हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई थी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
चौथे चरण के मतदान के दौरान सभी चार जिलों में विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में बम तथा दूसरे विस्फोटक एवं धारदार हथियारों के साथ हुए अनेक झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
मुर्शिदाबाद के पुलिस प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि दोमकोल तथा बेलदांगा में लोगों को आतंकित करने के लिए बम फेंके गए। कबीर ने आगे कहा, "हमने 100 के लगभग बम और बंदूकें बरामद की हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।"
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर नदिया और बीरभूम जिलों में मतदान में धांधली करने तथा बूथ कैप्चर करने का आरोप लगाया है।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
वाम मोर्चे के अध्यक्ष एवं माकपा के राज्य सचिव बिमान बोस ने कहा, "हमारे मतदान एजेंटों को बाहर कर दिया गया, अंधाधुंध बमबारी की गई, मतदाताओं को धमकाया गया और बूथ कैप्चरिंग की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदान के लिए तैनात किए गए राज्य प्रशासन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान कराने की कोई मंशा नहीं है।"टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
पश्चिम बंगाल के चार जिलों में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 1.10 करोड़ मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसके लिए 13,400 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी।
पांच चरणों में होने वाला यह पंचायत चुनाव 11 जुलाई को शुरू हुआ। 25 जुलाई को अंतिम चरण का मतदान होगा, मतों की गिनती 29 जुलाई को की जाएगी। | यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल में जारी पंचायत चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान सोमवार को विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा में सात लोगों की मौत हो गई तथा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर राज्यसभा के सदस्य के रूप में चार जून को शपथ लेंगे।टिप्पणियां
हाल ही में 39 बरस के हुए तेंदुलकर को अप्रैल में राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया था। संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने बताया कि वह राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी के कक्ष में शपथ लेंगे।
सचिन के साथ मनोनीत हुए दो अन्य सदस्य अभिनेत्री रेखा और उद्यमी अनु आगा सत्र के दौरान ही शपथ ले चुके हैं। तेंदुलकर उस समय आईपीएल में व्यस्त थे।
हाल ही में 39 बरस के हुए तेंदुलकर को अप्रैल में राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया था। संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने बताया कि वह राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी के कक्ष में शपथ लेंगे।
सचिन के साथ मनोनीत हुए दो अन्य सदस्य अभिनेत्री रेखा और उद्यमी अनु आगा सत्र के दौरान ही शपथ ले चुके हैं। तेंदुलकर उस समय आईपीएल में व्यस्त थे।
सचिन के साथ मनोनीत हुए दो अन्य सदस्य अभिनेत्री रेखा और उद्यमी अनु आगा सत्र के दौरान ही शपथ ले चुके हैं। तेंदुलकर उस समय आईपीएल में व्यस्त थे। | संक्षिप्त सारांश: हाल ही में 39 बरस के हुए तेंदुलकर को अप्रैल में राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया था। संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने बताया कि वह राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी के कक्ष में शपथ लेंगे। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सोमालिया तट पर समुद्री डकैतियों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस समस्या के समाधान के लिए एक विस्तृत जवाबी रणनीति बनाने का आह्वान किया है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप पुरी ने कहा कि समुद्री डकैती के खिलाफ जवाबी रणनीति में सोमाली तट रेखा पर प्रभावी सफाई (डकैतों से) और समुद्री डकैती को अपराधी घोषित करने के लिए राष्ट्रीय कानून लागू करना चाहिए।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सोमालिया पर एक बहस में कल कहा कि इसमें अमेरिका नीत समुद्री डकैती विरोधी बलों द्वारा नौसैनिक अभियानों के साथ ही विभिन्न नौसेनाओं द्वारा समुद्री डकैती के खिलाफ अभियान में सहयोग को भी शामिल करना चाहिए।टिप्पणियां
पुरी ने कहा कि 30 भारतीयों सहित कई समुद्री यात्री हाल ही में समुद्री डाकुओं द्वारा बंधक बनाए गए हैं। भारतीय सरकार के लिए बंधन बनाए गए लोगों की मानवीय दशा चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी तरफ से अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त जारी रखे हुए है और उसने पूर्वी और उत्तर पूर्वी अरब सागर में अपने जहाज तैनात किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप पुरी ने कहा कि समुद्री डकैती के खिलाफ जवाबी रणनीति में सोमाली तट रेखा पर प्रभावी सफाई (डकैतों से) और समुद्री डकैती को अपराधी घोषित करने के लिए राष्ट्रीय कानून लागू करना चाहिए।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सोमालिया पर एक बहस में कल कहा कि इसमें अमेरिका नीत समुद्री डकैती विरोधी बलों द्वारा नौसैनिक अभियानों के साथ ही विभिन्न नौसेनाओं द्वारा समुद्री डकैती के खिलाफ अभियान में सहयोग को भी शामिल करना चाहिए।टिप्पणियां
पुरी ने कहा कि 30 भारतीयों सहित कई समुद्री यात्री हाल ही में समुद्री डाकुओं द्वारा बंधक बनाए गए हैं। भारतीय सरकार के लिए बंधन बनाए गए लोगों की मानवीय दशा चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी तरफ से अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त जारी रखे हुए है और उसने पूर्वी और उत्तर पूर्वी अरब सागर में अपने जहाज तैनात किए हैं।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सोमालिया पर एक बहस में कल कहा कि इसमें अमेरिका नीत समुद्री डकैती विरोधी बलों द्वारा नौसैनिक अभियानों के साथ ही विभिन्न नौसेनाओं द्वारा समुद्री डकैती के खिलाफ अभियान में सहयोग को भी शामिल करना चाहिए।टिप्पणियां
पुरी ने कहा कि 30 भारतीयों सहित कई समुद्री यात्री हाल ही में समुद्री डाकुओं द्वारा बंधक बनाए गए हैं। भारतीय सरकार के लिए बंधन बनाए गए लोगों की मानवीय दशा चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी तरफ से अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त जारी रखे हुए है और उसने पूर्वी और उत्तर पूर्वी अरब सागर में अपने जहाज तैनात किए हैं।
पुरी ने कहा कि 30 भारतीयों सहित कई समुद्री यात्री हाल ही में समुद्री डाकुओं द्वारा बंधक बनाए गए हैं। भारतीय सरकार के लिए बंधन बनाए गए लोगों की मानवीय दशा चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी तरफ से अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त जारी रखे हुए है और उसने पूर्वी और उत्तर पूर्वी अरब सागर में अपने जहाज तैनात किए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी तरफ से अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त जारी रखे हुए है और उसने पूर्वी और उत्तर पूर्वी अरब सागर में अपने जहाज तैनात किए हैं। | सारांश: सोमालिया तट पर समुद्री डकैतियों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस समस्या के समाधान के लिए एक विस्तृत जवाबी रणनीति बनाने का आह्वान किया है। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'मर्डर-3' फ्रेंचाइज़ी है फिल्म 'मर्डर' की, जिसके पहले दोनों भाग हिट रहे हैं... इसका नाम है 'मर्डर-3', लेकिन इसमें एक भी मर्डर नहीं है... इसे मर्डर मिस्ट्री की तरह देखा जा रहा था, लेकिन मिस्ट्री के नाम पर फिल्म में सिर्फ एक मिस्ट्री रूम है, जिसके बारे में ज़्यादा बात नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करने से सस्पेंस खत्म हो जाएगा...
सबसे पहले आपको बता दूं कि 'मर्डर-3' एडॉप्शन है स्पेनिश थ्रिलर 'द हिडन फेस' की... 'मर्डर-3' में विक्रम, यानि रणदीप हुड्डा स्ट्रगलिंग फोटोग्राफर हैं साउथ अफ्रीका में, और उनके पास बेहद प्यार करने वाली एक महबूबा खुशबू, यानि अदिती राव हैदरी, है, जो वेल-सेटल्ड हैं... मगर जैसे ही विक्रम को फैशन फोटोग्राफी के लिए भारत से ऑफर मिलता है, वह इंडिया आ जाते हैं और अपना सब कुछ छोड़कर उनके साथ आ जाती है खुशबू... यहां आकर खुशबू शक करने लगती है विक्रम पर और अचानक वह गायब हो जाती है ऐसी जगह पर, जहां से वह विक्रम पर नज़र रख सके... गर्लफ्रेन्ड के गायब होने के बाद विक्रम का अफेयर शुरू होता है निशा के साथ...टिप्पणियां
फिल्म में सभी कलाकारों ने अच्छा अभिनय किया है, खासतौर पर अदिती राव हैदरी ने... इमोशनल सीन्स काफी अच्छे हैं... पहली फिल्म डायरेक्ट कर रहे विशेष भट्ट का निर्देशन भी अच्छा है... बस, वह एक अच्छे कॉन्सेप्ट को पर्दे पर ठीक से एक्ज़ीक्यूट नहीं कर पाए...
वैसे, रोशनी को ढूंढ रही पुलिस की छानबीन बचकानी लगती है, कमरे के अंदर से अगर कोई डंडे से दरवाज़ा पीटे और उसके सामने खड़े इंसान को आवाज़ न सुनाई दे, कुछ अटपटा लगता है... फिल्म कभी मर्डर मिस्ट्री लगती है, कभी हॉरर... 'मर्डर-3' में कोई मर्डर नहीं है... बस, प्यार का खून है और दर्शकों के भरोसे का भी, इसलिए 'मर्डर-3' के लिए मेरी रेटिंग है, 2.5 स्टार...
सबसे पहले आपको बता दूं कि 'मर्डर-3' एडॉप्शन है स्पेनिश थ्रिलर 'द हिडन फेस' की... 'मर्डर-3' में विक्रम, यानि रणदीप हुड्डा स्ट्रगलिंग फोटोग्राफर हैं साउथ अफ्रीका में, और उनके पास बेहद प्यार करने वाली एक महबूबा खुशबू, यानि अदिती राव हैदरी, है, जो वेल-सेटल्ड हैं... मगर जैसे ही विक्रम को फैशन फोटोग्राफी के लिए भारत से ऑफर मिलता है, वह इंडिया आ जाते हैं और अपना सब कुछ छोड़कर उनके साथ आ जाती है खुशबू... यहां आकर खुशबू शक करने लगती है विक्रम पर और अचानक वह गायब हो जाती है ऐसी जगह पर, जहां से वह विक्रम पर नज़र रख सके... गर्लफ्रेन्ड के गायब होने के बाद विक्रम का अफेयर शुरू होता है निशा के साथ...टिप्पणियां
फिल्म में सभी कलाकारों ने अच्छा अभिनय किया है, खासतौर पर अदिती राव हैदरी ने... इमोशनल सीन्स काफी अच्छे हैं... पहली फिल्म डायरेक्ट कर रहे विशेष भट्ट का निर्देशन भी अच्छा है... बस, वह एक अच्छे कॉन्सेप्ट को पर्दे पर ठीक से एक्ज़ीक्यूट नहीं कर पाए...
वैसे, रोशनी को ढूंढ रही पुलिस की छानबीन बचकानी लगती है, कमरे के अंदर से अगर कोई डंडे से दरवाज़ा पीटे और उसके सामने खड़े इंसान को आवाज़ न सुनाई दे, कुछ अटपटा लगता है... फिल्म कभी मर्डर मिस्ट्री लगती है, कभी हॉरर... 'मर्डर-3' में कोई मर्डर नहीं है... बस, प्यार का खून है और दर्शकों के भरोसे का भी, इसलिए 'मर्डर-3' के लिए मेरी रेटिंग है, 2.5 स्टार...
फिल्म में सभी कलाकारों ने अच्छा अभिनय किया है, खासतौर पर अदिती राव हैदरी ने... इमोशनल सीन्स काफी अच्छे हैं... पहली फिल्म डायरेक्ट कर रहे विशेष भट्ट का निर्देशन भी अच्छा है... बस, वह एक अच्छे कॉन्सेप्ट को पर्दे पर ठीक से एक्ज़ीक्यूट नहीं कर पाए...
वैसे, रोशनी को ढूंढ रही पुलिस की छानबीन बचकानी लगती है, कमरे के अंदर से अगर कोई डंडे से दरवाज़ा पीटे और उसके सामने खड़े इंसान को आवाज़ न सुनाई दे, कुछ अटपटा लगता है... फिल्म कभी मर्डर मिस्ट्री लगती है, कभी हॉरर... 'मर्डर-3' में कोई मर्डर नहीं है... बस, प्यार का खून है और दर्शकों के भरोसे का भी, इसलिए 'मर्डर-3' के लिए मेरी रेटिंग है, 2.5 स्टार...
वैसे, रोशनी को ढूंढ रही पुलिस की छानबीन बचकानी लगती है, कमरे के अंदर से अगर कोई डंडे से दरवाज़ा पीटे और उसके सामने खड़े इंसान को आवाज़ न सुनाई दे, कुछ अटपटा लगता है... फिल्म कभी मर्डर मिस्ट्री लगती है, कभी हॉरर... 'मर्डर-3' में कोई मर्डर नहीं है... बस, प्यार का खून है और दर्शकों के भरोसे का भी, इसलिए 'मर्डर-3' के लिए मेरी रेटिंग है, 2.5 स्टार... | फिल्म में सभी कलाकारों ने अच्छा अभिनय किया है... इमोशनल सीन्स भी काफी अच्छे हैं... पहली फिल्म के लिहाज़ से विशेष भट्ट का निर्देशन भी अच्छा है... | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर रेलमंडल के समस्तीपुर दरभंगा रेलखंड के रामभद्रपुर स्टेशन के पास ट्रेन की चेपट में आने से तीन महिलाओं और दो बच्चों समेत पांच की मौत हो गई है. ये छठ पूजा करके लौट रहे थे.
दर्घटना दिल्ली से दरभंगा आ रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से हुई. घटना के बाद दरभंगा-समस्तीपुर के बीच रेल सेवा बाधित हो गई है.टिप्पणियां
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एके रजक ने बताया कि घटना के बाद दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बधित है. इधर, घटना से गुस्साए लोगों ने रामभद्रपुर रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की है. पुलिस घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गई है.
(इनपुट्स एजेंसी से भी)
दर्घटना दिल्ली से दरभंगा आ रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से हुई. घटना के बाद दरभंगा-समस्तीपुर के बीच रेल सेवा बाधित हो गई है.टिप्पणियां
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एके रजक ने बताया कि घटना के बाद दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बधित है. इधर, घटना से गुस्साए लोगों ने रामभद्रपुर रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की है. पुलिस घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गई है.
(इनपुट्स एजेंसी से भी)
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एके रजक ने बताया कि घटना के बाद दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बधित है. इधर, घटना से गुस्साए लोगों ने रामभद्रपुर रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की है. पुलिस घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गई है.
(इनपुट्स एजेंसी से भी)
(इनपुट्स एजेंसी से भी) | यहाँ एक सारांश है:दर्घटना दिल्ली से दरभंगा आ रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से हुई
मरने वालों में तीन महिलाएं और दो बच्चे
ये लोग छठ पूजा करके लौट रहे थे | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर यौन अपराध के वीडियो साझा करने और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिये दायर याचिका पर सोमवार को गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, याहू और फेसबुक से जवाब तलब किये.
न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने इन कंपनियों को नोटिस जारी किये. इन सभी को अगले साल नौ जनवरी तक नोटिस का जवाब देना है.
गैर सरकारी संगठन प्रज्वला की ओर से वकील अपर्णा भट ने न्यायालय में कहा कि बलात्कार के वीडियो बनाने के बाद इन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट पर पोस्ट किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में इंटरनेट कंपनियों को इस तरह के साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिये उचित कदम उठाने चाहिए.
केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल मनिन्दर सिंह ने न्यायालय को इस संबंध में गृह मंत्रालय और केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा किये गये उपायों की जानकारी दी. केन्द्रीय जांच ब्यूरो ही साइबर अपराध के लिये नोडल एजेंसी है. उन्होंने कहा कि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक करने के सवाल पर भारत और विदेशों में बहस जारी है और इस संबंध में लिये जाने वाले निर्णय पर अमल किया जायेगा.
इस पर पीठ ने कहा कि यदि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक किये जाने हैं तो ऐसा मामला दर्ज करने के बाद नहीं बल्कि सिर्फ इस अपराध के लिये दोषी ठहराये जाने के बाद ही होना चाहिए क्योंकि अगर यह व्यक्ति बाद में बरी हो जाता है तो भी नाम सार्वजनिक हो जाने पर उसकी छवि खराब हो जायेगी.
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि राज्य पुलिस को यौन अपराध के मामले में जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो सीबीआई संबंधित अपराध से जुड़े साइबर अपराध के पहलू के बारे में उससे पूछताछ नहीं करेगी. यही नहीं, न्यायालय ने महिलाओं के प्रति अपराध पर अंकुश के लिये किये जा रहे उपायों की सूची में ही बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा पर नियंत्रण के उपायों को भी शामिल करने का केन्द्र को निर्देश दिया.टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है.’ न्यायालय हैदराबाद स्थित गैर सरकारी संगठन प्रज्वला द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू को भेजे गये पत्र पर सुनवाई कर रहा था. इस पत्र के साथ एक पेन ड्राइव में बलात्कार के दो वीडियो भी भेजे गये थे. न्यायालय ने इस पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को इन अपराधियों को पकड़ने के लिये इन घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने इन कंपनियों को नोटिस जारी किये. इन सभी को अगले साल नौ जनवरी तक नोटिस का जवाब देना है.
गैर सरकारी संगठन प्रज्वला की ओर से वकील अपर्णा भट ने न्यायालय में कहा कि बलात्कार के वीडियो बनाने के बाद इन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट पर पोस्ट किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में इंटरनेट कंपनियों को इस तरह के साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिये उचित कदम उठाने चाहिए.
केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल मनिन्दर सिंह ने न्यायालय को इस संबंध में गृह मंत्रालय और केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा किये गये उपायों की जानकारी दी. केन्द्रीय जांच ब्यूरो ही साइबर अपराध के लिये नोडल एजेंसी है. उन्होंने कहा कि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक करने के सवाल पर भारत और विदेशों में बहस जारी है और इस संबंध में लिये जाने वाले निर्णय पर अमल किया जायेगा.
इस पर पीठ ने कहा कि यदि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक किये जाने हैं तो ऐसा मामला दर्ज करने के बाद नहीं बल्कि सिर्फ इस अपराध के लिये दोषी ठहराये जाने के बाद ही होना चाहिए क्योंकि अगर यह व्यक्ति बाद में बरी हो जाता है तो भी नाम सार्वजनिक हो जाने पर उसकी छवि खराब हो जायेगी.
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि राज्य पुलिस को यौन अपराध के मामले में जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो सीबीआई संबंधित अपराध से जुड़े साइबर अपराध के पहलू के बारे में उससे पूछताछ नहीं करेगी. यही नहीं, न्यायालय ने महिलाओं के प्रति अपराध पर अंकुश के लिये किये जा रहे उपायों की सूची में ही बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा पर नियंत्रण के उपायों को भी शामिल करने का केन्द्र को निर्देश दिया.टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है.’ न्यायालय हैदराबाद स्थित गैर सरकारी संगठन प्रज्वला द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू को भेजे गये पत्र पर सुनवाई कर रहा था. इस पत्र के साथ एक पेन ड्राइव में बलात्कार के दो वीडियो भी भेजे गये थे. न्यायालय ने इस पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को इन अपराधियों को पकड़ने के लिये इन घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गैर सरकारी संगठन प्रज्वला की ओर से वकील अपर्णा भट ने न्यायालय में कहा कि बलात्कार के वीडियो बनाने के बाद इन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट पर पोस्ट किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में इंटरनेट कंपनियों को इस तरह के साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिये उचित कदम उठाने चाहिए.
केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल मनिन्दर सिंह ने न्यायालय को इस संबंध में गृह मंत्रालय और केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा किये गये उपायों की जानकारी दी. केन्द्रीय जांच ब्यूरो ही साइबर अपराध के लिये नोडल एजेंसी है. उन्होंने कहा कि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक करने के सवाल पर भारत और विदेशों में बहस जारी है और इस संबंध में लिये जाने वाले निर्णय पर अमल किया जायेगा.
इस पर पीठ ने कहा कि यदि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक किये जाने हैं तो ऐसा मामला दर्ज करने के बाद नहीं बल्कि सिर्फ इस अपराध के लिये दोषी ठहराये जाने के बाद ही होना चाहिए क्योंकि अगर यह व्यक्ति बाद में बरी हो जाता है तो भी नाम सार्वजनिक हो जाने पर उसकी छवि खराब हो जायेगी.
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि राज्य पुलिस को यौन अपराध के मामले में जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो सीबीआई संबंधित अपराध से जुड़े साइबर अपराध के पहलू के बारे में उससे पूछताछ नहीं करेगी. यही नहीं, न्यायालय ने महिलाओं के प्रति अपराध पर अंकुश के लिये किये जा रहे उपायों की सूची में ही बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा पर नियंत्रण के उपायों को भी शामिल करने का केन्द्र को निर्देश दिया.टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है.’ न्यायालय हैदराबाद स्थित गैर सरकारी संगठन प्रज्वला द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू को भेजे गये पत्र पर सुनवाई कर रहा था. इस पत्र के साथ एक पेन ड्राइव में बलात्कार के दो वीडियो भी भेजे गये थे. न्यायालय ने इस पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को इन अपराधियों को पकड़ने के लिये इन घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल मनिन्दर सिंह ने न्यायालय को इस संबंध में गृह मंत्रालय और केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा किये गये उपायों की जानकारी दी. केन्द्रीय जांच ब्यूरो ही साइबर अपराध के लिये नोडल एजेंसी है. उन्होंने कहा कि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक करने के सवाल पर भारत और विदेशों में बहस जारी है और इस संबंध में लिये जाने वाले निर्णय पर अमल किया जायेगा.
इस पर पीठ ने कहा कि यदि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक किये जाने हैं तो ऐसा मामला दर्ज करने के बाद नहीं बल्कि सिर्फ इस अपराध के लिये दोषी ठहराये जाने के बाद ही होना चाहिए क्योंकि अगर यह व्यक्ति बाद में बरी हो जाता है तो भी नाम सार्वजनिक हो जाने पर उसकी छवि खराब हो जायेगी.
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि राज्य पुलिस को यौन अपराध के मामले में जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो सीबीआई संबंधित अपराध से जुड़े साइबर अपराध के पहलू के बारे में उससे पूछताछ नहीं करेगी. यही नहीं, न्यायालय ने महिलाओं के प्रति अपराध पर अंकुश के लिये किये जा रहे उपायों की सूची में ही बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा पर नियंत्रण के उपायों को भी शामिल करने का केन्द्र को निर्देश दिया.टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है.’ न्यायालय हैदराबाद स्थित गैर सरकारी संगठन प्रज्वला द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू को भेजे गये पत्र पर सुनवाई कर रहा था. इस पत्र के साथ एक पेन ड्राइव में बलात्कार के दो वीडियो भी भेजे गये थे. न्यायालय ने इस पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को इन अपराधियों को पकड़ने के लिये इन घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस पर पीठ ने कहा कि यदि यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक किये जाने हैं तो ऐसा मामला दर्ज करने के बाद नहीं बल्कि सिर्फ इस अपराध के लिये दोषी ठहराये जाने के बाद ही होना चाहिए क्योंकि अगर यह व्यक्ति बाद में बरी हो जाता है तो भी नाम सार्वजनिक हो जाने पर उसकी छवि खराब हो जायेगी.
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि राज्य पुलिस को यौन अपराध के मामले में जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो सीबीआई संबंधित अपराध से जुड़े साइबर अपराध के पहलू के बारे में उससे पूछताछ नहीं करेगी. यही नहीं, न्यायालय ने महिलाओं के प्रति अपराध पर अंकुश के लिये किये जा रहे उपायों की सूची में ही बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा पर नियंत्रण के उपायों को भी शामिल करने का केन्द्र को निर्देश दिया.टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है.’ न्यायालय हैदराबाद स्थित गैर सरकारी संगठन प्रज्वला द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू को भेजे गये पत्र पर सुनवाई कर रहा था. इस पत्र के साथ एक पेन ड्राइव में बलात्कार के दो वीडियो भी भेजे गये थे. न्यायालय ने इस पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को इन अपराधियों को पकड़ने के लिये इन घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि राज्य पुलिस को यौन अपराध के मामले में जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कुछ नहीं मिला तो सीबीआई संबंधित अपराध से जुड़े साइबर अपराध के पहलू के बारे में उससे पूछताछ नहीं करेगी. यही नहीं, न्यायालय ने महिलाओं के प्रति अपराध पर अंकुश के लिये किये जा रहे उपायों की सूची में ही बच्चों के साथ होने वाली यौन हिंसा पर नियंत्रण के उपायों को भी शामिल करने का केन्द्र को निर्देश दिया.टिप्पणियां
न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है.’ न्यायालय हैदराबाद स्थित गैर सरकारी संगठन प्रज्वला द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू को भेजे गये पत्र पर सुनवाई कर रहा था. इस पत्र के साथ एक पेन ड्राइव में बलात्कार के दो वीडियो भी भेजे गये थे. न्यायालय ने इस पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को इन अपराधियों को पकड़ने के लिये इन घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायालय ने कहा, ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है.’ न्यायालय हैदराबाद स्थित गैर सरकारी संगठन प्रज्वला द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू को भेजे गये पत्र पर सुनवाई कर रहा था. इस पत्र के साथ एक पेन ड्राइव में बलात्कार के दो वीडियो भी भेजे गये थे. न्यायालय ने इस पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को इन अपराधियों को पकड़ने के लिये इन घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केन्द्रीय जांच ब्यूरो ही साइबर अपराध के लिये नोडल एजेंसी है
यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक करने के सवाल पर बहस जारी है
आंकड़ों के अनुसार बच्चों के प्रति यौन हिंसा के मामलों में वृद्धि हुई है | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस पार्टी के 84वें महाधिवेशन का आज अंतिम दिन है. दिल्ली में आयोजित महाधिवेशन को आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संबोधित किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र के मैदान में भीषण युद्ध हुआ था. कौरव उस समय अपने आप को मजबूत समझते थे. पांडव संख्या में कम थे लेकिन काफी विनम्र थे और पांडव सत्य के लिए लड़े. उन्होंने आरएसएस और बीजेपी को कौरव बताया और कांग्रेस को पांडव बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सच्चाई का संगठन है और पार्टी हमेशा सत्य के लिए लड़ती है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग नफरत फैलाते हैं. लेकिन कांग्रेस सच्चाई के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता के मद में चूर है. इसलिए कांग्रेस की लड़ाई पांडवों की तरह है. बीजेपी एक संगठन की आवाज है, लेकिन कांग्रेस देश की आवाज है. उन्होंने गांधी का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी. उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में लोगों की खुशियां छिन गई हैं. उन्होंने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के अध्यक्ष हत्या के आरोपी हैं.
राहुल गांधी ने कहा, 'भ्रष्टाचारी और पावरफुल लोग इस देश को चला रहे हैं. जहां भी जाओ कहते हैं कि भारत आगे बढ़ रहा है तेजी से, लेकिन युवाओं से पूछने पर बताते हैं कि हमारे पास रोजगार नहीं है, इसलिए हम कुछ नहीं करते. उन्होंने कहा कि यही हिंदुस्तान की सच्चाई है कि यहां के युवा बेरोजगार हैं. उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि चीन आज हर जगह हैं चाहे वो कोई दुकान हो, डोकलाम हो या पाकिस्तान हर जगह चीन का वर्चस्व है.
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर वो कुछ नहीं कर पाए. लेकिन हमारे पीएम आवाज उठाने पर मुद्दों से भटकाते हैं. जैसे ही कोई सवाल उठाता है तो पीएम कहते हैं कि चलो योगा करते हैं. किसान मर रहे हैं, लेकिन पीएम हमें योगा कराते हैं. हमें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता. कांग्रेस में हम जनता के सेवक हैं. उन्होंने दलितों को पीटने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इस सरकार में दलितों पर काफी अत्याचार हो रहा है.
राहुल गांधी ने मुसलमानों की बात करते हुए कहा कि मुसलमान इस देश का समर्थन करते हैं, लेकिन इस सरकार में कहा जाता है कि पाकिस्तान चले जाओ. उन्होंने दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश का भी जिक्र किया. उन्होंने नीरव मोदी का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की आंख के सामने इतना बड़ा बैंकिंग घोटाला हो गया और आरोपी नीरव मोदी देश से बाहर भाग गया.
उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव हुआ और काफी लोगों ने कहा कि मैं मंदिर में जाता हूं, लेकिन यह अजीब है क्योंकि सालों से मैं मंदिर में जाता हूं, मैं मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च में भी जाता हूं. 10-15 साल पहले 24 साल की उम्र में राजनीति में आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने मंदिरों की कहानी बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस का पुजारी था और एक बीजेपी का पुजारी. पहला मंदिर. शिव के मंदिर में गया और पूजा की और पंडित जी से पूछा कि आपने किया क्या. दूध डाला, पानी डाला आपने किया क्या. पुजारी ने कहा कि मैं यहां का नहीं हूं कश्मीर का हूं लेकिन तू किसी को बताना नहीं, भगवान को तू जहां देखेगा वहीं दिखेंगे. अब हमें जो करना है करने दे. दूसरे मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुजारी से फिर वहीं सवाल किया लेकिन पुजारी ने कहा कि बेटा अब मत पूछ. मैंने पूजा कर दी है और तुम पीएम बनने जा रहे हो, लेकिन पीएम बनने के बाद मंदिर के छत पर सोना लगा देना. मतलब एक व्यक्ति सच्चाई कहता है, इसलिए कांग्रेस सच्चाई कहती है.
उन्होंने दूसरे मंदिर की तुलना बीजेपी से की और कहा कि वो नफरत फैलाते हैं, लेकिन कांग्रेस नफरत नहीं करती है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश कठिनाई में है. किसान कहते हैं हम जी नहीं सकते हैं. खेती में पैसा बनता ही नहीं इसलिए आत्महत्या करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोगार बैठे हैं. उन्होंने जो भरोसा पीएम मोदी पर किया वो टूट गया. अब युवा सवाल पूछ रहे हैं कि रोजगार कब मिलेगा. कैसे हल होगी यह समस्या. पूरे देश में कांग्रेस ही एक संगठन है जो युवाओं को रोजगार दे सकता है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए संगठन बदलना पड़ेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग नफरत फैलाते हैं. लेकिन कांग्रेस सच्चाई के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता के मद में चूर है. इसलिए कांग्रेस की लड़ाई पांडवों की तरह है. बीजेपी एक संगठन की आवाज है, लेकिन कांग्रेस देश की आवाज है. उन्होंने गांधी का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी. उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में लोगों की खुशियां छिन गई हैं. उन्होंने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के अध्यक्ष हत्या के आरोपी हैं.
राहुल गांधी ने कहा, 'भ्रष्टाचारी और पावरफुल लोग इस देश को चला रहे हैं. जहां भी जाओ कहते हैं कि भारत आगे बढ़ रहा है तेजी से, लेकिन युवाओं से पूछने पर बताते हैं कि हमारे पास रोजगार नहीं है, इसलिए हम कुछ नहीं करते. उन्होंने कहा कि यही हिंदुस्तान की सच्चाई है कि यहां के युवा बेरोजगार हैं. उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि चीन आज हर जगह हैं चाहे वो कोई दुकान हो, डोकलाम हो या पाकिस्तान हर जगह चीन का वर्चस्व है.
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर वो कुछ नहीं कर पाए. लेकिन हमारे पीएम आवाज उठाने पर मुद्दों से भटकाते हैं. जैसे ही कोई सवाल उठाता है तो पीएम कहते हैं कि चलो योगा करते हैं. किसान मर रहे हैं, लेकिन पीएम हमें योगा कराते हैं. हमें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता. कांग्रेस में हम जनता के सेवक हैं. उन्होंने दलितों को पीटने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इस सरकार में दलितों पर काफी अत्याचार हो रहा है.
राहुल गांधी ने मुसलमानों की बात करते हुए कहा कि मुसलमान इस देश का समर्थन करते हैं, लेकिन इस सरकार में कहा जाता है कि पाकिस्तान चले जाओ. उन्होंने दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश का भी जिक्र किया. उन्होंने नीरव मोदी का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की आंख के सामने इतना बड़ा बैंकिंग घोटाला हो गया और आरोपी नीरव मोदी देश से बाहर भाग गया.
उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव हुआ और काफी लोगों ने कहा कि मैं मंदिर में जाता हूं, लेकिन यह अजीब है क्योंकि सालों से मैं मंदिर में जाता हूं, मैं मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च में भी जाता हूं. 10-15 साल पहले 24 साल की उम्र में राजनीति में आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने मंदिरों की कहानी बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस का पुजारी था और एक बीजेपी का पुजारी. पहला मंदिर. शिव के मंदिर में गया और पूजा की और पंडित जी से पूछा कि आपने किया क्या. दूध डाला, पानी डाला आपने किया क्या. पुजारी ने कहा कि मैं यहां का नहीं हूं कश्मीर का हूं लेकिन तू किसी को बताना नहीं, भगवान को तू जहां देखेगा वहीं दिखेंगे. अब हमें जो करना है करने दे. दूसरे मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुजारी से फिर वहीं सवाल किया लेकिन पुजारी ने कहा कि बेटा अब मत पूछ. मैंने पूजा कर दी है और तुम पीएम बनने जा रहे हो, लेकिन पीएम बनने के बाद मंदिर के छत पर सोना लगा देना. मतलब एक व्यक्ति सच्चाई कहता है, इसलिए कांग्रेस सच्चाई कहती है.
उन्होंने दूसरे मंदिर की तुलना बीजेपी से की और कहा कि वो नफरत फैलाते हैं, लेकिन कांग्रेस नफरत नहीं करती है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश कठिनाई में है. किसान कहते हैं हम जी नहीं सकते हैं. खेती में पैसा बनता ही नहीं इसलिए आत्महत्या करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोगार बैठे हैं. उन्होंने जो भरोसा पीएम मोदी पर किया वो टूट गया. अब युवा सवाल पूछ रहे हैं कि रोजगार कब मिलेगा. कैसे हल होगी यह समस्या. पूरे देश में कांग्रेस ही एक संगठन है जो युवाओं को रोजगार दे सकता है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए संगठन बदलना पड़ेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
राहुल गांधी ने कहा, 'भ्रष्टाचारी और पावरफुल लोग इस देश को चला रहे हैं. जहां भी जाओ कहते हैं कि भारत आगे बढ़ रहा है तेजी से, लेकिन युवाओं से पूछने पर बताते हैं कि हमारे पास रोजगार नहीं है, इसलिए हम कुछ नहीं करते. उन्होंने कहा कि यही हिंदुस्तान की सच्चाई है कि यहां के युवा बेरोजगार हैं. उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि चीन आज हर जगह हैं चाहे वो कोई दुकान हो, डोकलाम हो या पाकिस्तान हर जगह चीन का वर्चस्व है.
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर वो कुछ नहीं कर पाए. लेकिन हमारे पीएम आवाज उठाने पर मुद्दों से भटकाते हैं. जैसे ही कोई सवाल उठाता है तो पीएम कहते हैं कि चलो योगा करते हैं. किसान मर रहे हैं, लेकिन पीएम हमें योगा कराते हैं. हमें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता. कांग्रेस में हम जनता के सेवक हैं. उन्होंने दलितों को पीटने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इस सरकार में दलितों पर काफी अत्याचार हो रहा है.
राहुल गांधी ने मुसलमानों की बात करते हुए कहा कि मुसलमान इस देश का समर्थन करते हैं, लेकिन इस सरकार में कहा जाता है कि पाकिस्तान चले जाओ. उन्होंने दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश का भी जिक्र किया. उन्होंने नीरव मोदी का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की आंख के सामने इतना बड़ा बैंकिंग घोटाला हो गया और आरोपी नीरव मोदी देश से बाहर भाग गया.
उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव हुआ और काफी लोगों ने कहा कि मैं मंदिर में जाता हूं, लेकिन यह अजीब है क्योंकि सालों से मैं मंदिर में जाता हूं, मैं मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च में भी जाता हूं. 10-15 साल पहले 24 साल की उम्र में राजनीति में आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने मंदिरों की कहानी बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस का पुजारी था और एक बीजेपी का पुजारी. पहला मंदिर. शिव के मंदिर में गया और पूजा की और पंडित जी से पूछा कि आपने किया क्या. दूध डाला, पानी डाला आपने किया क्या. पुजारी ने कहा कि मैं यहां का नहीं हूं कश्मीर का हूं लेकिन तू किसी को बताना नहीं, भगवान को तू जहां देखेगा वहीं दिखेंगे. अब हमें जो करना है करने दे. दूसरे मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुजारी से फिर वहीं सवाल किया लेकिन पुजारी ने कहा कि बेटा अब मत पूछ. मैंने पूजा कर दी है और तुम पीएम बनने जा रहे हो, लेकिन पीएम बनने के बाद मंदिर के छत पर सोना लगा देना. मतलब एक व्यक्ति सच्चाई कहता है, इसलिए कांग्रेस सच्चाई कहती है.
उन्होंने दूसरे मंदिर की तुलना बीजेपी से की और कहा कि वो नफरत फैलाते हैं, लेकिन कांग्रेस नफरत नहीं करती है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश कठिनाई में है. किसान कहते हैं हम जी नहीं सकते हैं. खेती में पैसा बनता ही नहीं इसलिए आत्महत्या करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोगार बैठे हैं. उन्होंने जो भरोसा पीएम मोदी पर किया वो टूट गया. अब युवा सवाल पूछ रहे हैं कि रोजगार कब मिलेगा. कैसे हल होगी यह समस्या. पूरे देश में कांग्रेस ही एक संगठन है जो युवाओं को रोजगार दे सकता है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए संगठन बदलना पड़ेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर वो कुछ नहीं कर पाए. लेकिन हमारे पीएम आवाज उठाने पर मुद्दों से भटकाते हैं. जैसे ही कोई सवाल उठाता है तो पीएम कहते हैं कि चलो योगा करते हैं. किसान मर रहे हैं, लेकिन पीएम हमें योगा कराते हैं. हमें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता. कांग्रेस में हम जनता के सेवक हैं. उन्होंने दलितों को पीटने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इस सरकार में दलितों पर काफी अत्याचार हो रहा है.
राहुल गांधी ने मुसलमानों की बात करते हुए कहा कि मुसलमान इस देश का समर्थन करते हैं, लेकिन इस सरकार में कहा जाता है कि पाकिस्तान चले जाओ. उन्होंने दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश का भी जिक्र किया. उन्होंने नीरव मोदी का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की आंख के सामने इतना बड़ा बैंकिंग घोटाला हो गया और आरोपी नीरव मोदी देश से बाहर भाग गया.
उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव हुआ और काफी लोगों ने कहा कि मैं मंदिर में जाता हूं, लेकिन यह अजीब है क्योंकि सालों से मैं मंदिर में जाता हूं, मैं मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च में भी जाता हूं. 10-15 साल पहले 24 साल की उम्र में राजनीति में आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने मंदिरों की कहानी बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस का पुजारी था और एक बीजेपी का पुजारी. पहला मंदिर. शिव के मंदिर में गया और पूजा की और पंडित जी से पूछा कि आपने किया क्या. दूध डाला, पानी डाला आपने किया क्या. पुजारी ने कहा कि मैं यहां का नहीं हूं कश्मीर का हूं लेकिन तू किसी को बताना नहीं, भगवान को तू जहां देखेगा वहीं दिखेंगे. अब हमें जो करना है करने दे. दूसरे मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुजारी से फिर वहीं सवाल किया लेकिन पुजारी ने कहा कि बेटा अब मत पूछ. मैंने पूजा कर दी है और तुम पीएम बनने जा रहे हो, लेकिन पीएम बनने के बाद मंदिर के छत पर सोना लगा देना. मतलब एक व्यक्ति सच्चाई कहता है, इसलिए कांग्रेस सच्चाई कहती है.
उन्होंने दूसरे मंदिर की तुलना बीजेपी से की और कहा कि वो नफरत फैलाते हैं, लेकिन कांग्रेस नफरत नहीं करती है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश कठिनाई में है. किसान कहते हैं हम जी नहीं सकते हैं. खेती में पैसा बनता ही नहीं इसलिए आत्महत्या करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोगार बैठे हैं. उन्होंने जो भरोसा पीएम मोदी पर किया वो टूट गया. अब युवा सवाल पूछ रहे हैं कि रोजगार कब मिलेगा. कैसे हल होगी यह समस्या. पूरे देश में कांग्रेस ही एक संगठन है जो युवाओं को रोजगार दे सकता है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए संगठन बदलना पड़ेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
राहुल गांधी ने मुसलमानों की बात करते हुए कहा कि मुसलमान इस देश का समर्थन करते हैं, लेकिन इस सरकार में कहा जाता है कि पाकिस्तान चले जाओ. उन्होंने दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश का भी जिक्र किया. उन्होंने नीरव मोदी का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की आंख के सामने इतना बड़ा बैंकिंग घोटाला हो गया और आरोपी नीरव मोदी देश से बाहर भाग गया.
उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव हुआ और काफी लोगों ने कहा कि मैं मंदिर में जाता हूं, लेकिन यह अजीब है क्योंकि सालों से मैं मंदिर में जाता हूं, मैं मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च में भी जाता हूं. 10-15 साल पहले 24 साल की उम्र में राजनीति में आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने मंदिरों की कहानी बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस का पुजारी था और एक बीजेपी का पुजारी. पहला मंदिर. शिव के मंदिर में गया और पूजा की और पंडित जी से पूछा कि आपने किया क्या. दूध डाला, पानी डाला आपने किया क्या. पुजारी ने कहा कि मैं यहां का नहीं हूं कश्मीर का हूं लेकिन तू किसी को बताना नहीं, भगवान को तू जहां देखेगा वहीं दिखेंगे. अब हमें जो करना है करने दे. दूसरे मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुजारी से फिर वहीं सवाल किया लेकिन पुजारी ने कहा कि बेटा अब मत पूछ. मैंने पूजा कर दी है और तुम पीएम बनने जा रहे हो, लेकिन पीएम बनने के बाद मंदिर के छत पर सोना लगा देना. मतलब एक व्यक्ति सच्चाई कहता है, इसलिए कांग्रेस सच्चाई कहती है.
उन्होंने दूसरे मंदिर की तुलना बीजेपी से की और कहा कि वो नफरत फैलाते हैं, लेकिन कांग्रेस नफरत नहीं करती है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश कठिनाई में है. किसान कहते हैं हम जी नहीं सकते हैं. खेती में पैसा बनता ही नहीं इसलिए आत्महत्या करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोगार बैठे हैं. उन्होंने जो भरोसा पीएम मोदी पर किया वो टूट गया. अब युवा सवाल पूछ रहे हैं कि रोजगार कब मिलेगा. कैसे हल होगी यह समस्या. पूरे देश में कांग्रेस ही एक संगठन है जो युवाओं को रोजगार दे सकता है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए संगठन बदलना पड़ेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव हुआ और काफी लोगों ने कहा कि मैं मंदिर में जाता हूं, लेकिन यह अजीब है क्योंकि सालों से मैं मंदिर में जाता हूं, मैं मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च में भी जाता हूं. 10-15 साल पहले 24 साल की उम्र में राजनीति में आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. उन्होंने मंदिरों की कहानी बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस का पुजारी था और एक बीजेपी का पुजारी. पहला मंदिर. शिव के मंदिर में गया और पूजा की और पंडित जी से पूछा कि आपने किया क्या. दूध डाला, पानी डाला आपने किया क्या. पुजारी ने कहा कि मैं यहां का नहीं हूं कश्मीर का हूं लेकिन तू किसी को बताना नहीं, भगवान को तू जहां देखेगा वहीं दिखेंगे. अब हमें जो करना है करने दे. दूसरे मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुजारी से फिर वहीं सवाल किया लेकिन पुजारी ने कहा कि बेटा अब मत पूछ. मैंने पूजा कर दी है और तुम पीएम बनने जा रहे हो, लेकिन पीएम बनने के बाद मंदिर के छत पर सोना लगा देना. मतलब एक व्यक्ति सच्चाई कहता है, इसलिए कांग्रेस सच्चाई कहती है.
उन्होंने दूसरे मंदिर की तुलना बीजेपी से की और कहा कि वो नफरत फैलाते हैं, लेकिन कांग्रेस नफरत नहीं करती है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश कठिनाई में है. किसान कहते हैं हम जी नहीं सकते हैं. खेती में पैसा बनता ही नहीं इसलिए आत्महत्या करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोगार बैठे हैं. उन्होंने जो भरोसा पीएम मोदी पर किया वो टूट गया. अब युवा सवाल पूछ रहे हैं कि रोजगार कब मिलेगा. कैसे हल होगी यह समस्या. पूरे देश में कांग्रेस ही एक संगठन है जो युवाओं को रोजगार दे सकता है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए संगठन बदलना पड़ेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
उन्होंने दूसरे मंदिर की तुलना बीजेपी से की और कहा कि वो नफरत फैलाते हैं, लेकिन कांग्रेस नफरत नहीं करती है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश कठिनाई में है. किसान कहते हैं हम जी नहीं सकते हैं. खेती में पैसा बनता ही नहीं इसलिए आत्महत्या करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि देश में युवा बेरोगार बैठे हैं. उन्होंने जो भरोसा पीएम मोदी पर किया वो टूट गया. अब युवा सवाल पूछ रहे हैं कि रोजगार कब मिलेगा. कैसे हल होगी यह समस्या. पूरे देश में कांग्रेस ही एक संगठन है जो युवाओं को रोजगार दे सकता है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए संगठन बदलना पड़ेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके बीच में और हमारे नेताओं के बीच में दीवार है, इसलिए मेरा काम दीवार को तोड़ने का होगा. लेकिन गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरता है और कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. लेकिन मैं कह देना चाहता हूं कि कार्यकर्ताओं को टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
दूसरी दीवार के बारे मे राहुल ने कहा कि राजनेता और युवाओं के बीच में दीवार है. युवाओं ने चार साल पहले सोचा था कि मोदी जी को वोट देकर देश को बदलेंगे, लेकिन मोदी जी उड़ गए. एक तरफ ललित मोदी और दूसरी तरफ नीरव मोदी. युवा देखता रह गया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को बदलना है तो युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता, इसलिए मैंने यह स्टेज खाली किया है. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है मैं उनको कहना चाहता हूं कि टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, पटेल, आजाद का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति देश को जगा सकता था. ठीक वैसी ही कांग्रेस पार्टी मैं देखना चाहता हूं.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
सभी युवाओं का कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन दिखाई दे रहे हैं, अमेरिका और चाइना के बीच में इंडिया का विजन आ जाए और दुनिया कहे कि यह विजन सबसे अच्छा है. चाइना के साथ मुकाबला है, लेकिन प्यार से मुकाबला करना है चाइना से. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है. हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी कांग्रेस पार्टी.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
किसान की फसल ज्यादा से ज्यादा खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. किसानों ने देश को बनाया है. यह देश उस बात को कभी नहीं भूलेगा. कांग्रेस दिल से किसानों की रक्षा करेगी. किसानों की जरूरत पड़ने पर मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस सबकी पार्टी है. आज व्यापम स्कैम को पूरे देश में फैलाया जा रहा है. युवा धरना दे रहे हैं.टिप्पणियां
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. कांग्रेस देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलेगी. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा कांग्रेस देने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं और यह आरएसएस की वजह से है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की रक्षा के लिए भी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के बारे में कितना भी गलत लिख लें, लेकिन कांग्रेस आपकी रक्षा करेगी. उन्होंने कांग्रेस को शेर का संगठन बताया.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.
राहुल ने कहा कि चोट से हमें सीखने को मिलता है. कांग्रेस अपनी की हुई गलती को मान लेती है. लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. नोटबंदी गलती थी लेकिन यह लोग नहीं मानेंगे. बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे. | यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस महाअधिवेशन में राहुल ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला
उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के लोग नफरत की राजनीति करते हैं
कांग्रेस पार्टी के 84वें महाधिवेशन का आज अंतिम दिन है | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव के बाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश भर में नए सदस्य बनाने के लिए सघन अभियान चला रही है. भाजपा के कार्यकर्ता हर राज्य में लोगों को पार्टी की विचारधारा से अवगत कराने के साथ-साथ उन्हें पार्टी से जोड़ रहे हैं. खास बात यह है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पार्टी ने अपने सदस्यता अभियान की गति को तेज किया है. इसी का परिणाम है कि पार्टी ने देश भर में महज डेढ़ महीने में 3 करोड़ 80 लाख नए सदस्य बनाए हैं. बता दें कि वर्ष 2015 में पूरे देश में बीजेपी के सदस्यों की संख्या 11 करोड़ थी. जो अब 14 करोड़ 80 लाख सदस्य हो गए हैं. बीजेपी के पास मौजूदा समय में देश भर में जितने सदस्य हैं उतने ही वोट कांग्रेस को पिछले चुनाव में मिले थे. इस साल बीजेपी का सदस्यता अभियान 06 जुलाई से शुरू होकर 20 अगस्त तक चला था.
नए सदस्य बनाने के दौरान बीजेपी को सबसे बड़ी कामयाबी उत्तर प्रदेश में मिल थी. इस डेढ़ महीने में बीजेपी ने यहां 55 लाख नए सदस्य बनाए हैं. नए सदस्य बनाने के मामले में दिल्ली उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर रहा है. यहां बीते डेढ़ महीने में 15 लाख नए सदस्य बनाए गए हैं. खास बात यह है कि अगले साल जनवरी-फरवरी में राज्य में लोकसाभ चुनाव होने हैं. नए सदस्य बनाने के मामले में सबसे टॉप पर रहने वाले यूपी की बात करें तो वर्ष 2015 में यहां कुल एक करोड़ 13 लाख सदस्य थे. इस बार सदस्यता अभियान के तहत कुल 20 फीसदी यानी 22 लाख 60 हजार नए सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया था. लेकिन राज्य के कार्यकर्ताओं ने रिकॉर्ड संख्या में नए सदस्य बनाए और यह आंकड़ा 55 लाख तक पहुंच गया.
सदस्यता अभियान के दौरान बीजेपी को जम्मू-कश्मीर में भी बड़ी सफलता मिली है. पार्टी ने यहां अभी तक 3 लाख 50 हज़ार नए सदस्य बनाए हैं. जबकि इस राज्य के लिये बीजेपी ने 1 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया था. पार्टी से जुड़े लोगों के अनुसार राज्य में इंटरनेट और फोन लाइन बंद होने से सदस्यता अभियान पर इसका विपरीत असर पड़ा है. इस वजह से राज्य में सदस्यता अभियान को 25 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है.
बीजेपी का अनुमान है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख में 12 लाख नए सदस्य बीजेपी में शामिल होंगे.वहीं, दूसरे राज्यों की बात करें तो हरियाणा में 7 लाख 14 हज़ार 784, हिमाचल प्रदेश में 4 लाख 62 हज़ार 804, पंजाब में 5 लाख 5 हज़ार 422, उत्तराखंड में तकरीबन 10 लाख लोग बीजेपी के सदस्य बनाए गए हैं. इसके अलावा गुजरात में 33 लाख 73 हज़ार, कर्नाटक में 16 लाख 90 हज़ार, महाराष्ट्र में 19 लाख 97 हज़ार , राजस्थान में 20 लाख 87 हज़ार और मध्यप्रदेश 24 लाख 53 हज़ार नए सदस्य बनाए गए हैं. | बीजेपी ने डेढ़ महीने में बनाए तीन करोड़ से ज्यादा नए सदस्य
जम्मू-कश्मीर में भी चल रहा है अभियान
यूपी औऱ दिल्ली में भी रिकॉर्ड सदस्य बनाए गए | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जाहिर है, ये तूफ़ान भारत में अभी थमने वाला नहीं है. फेसबुक से शुरू हुआ विवाद अभी अलग-अलग ऐप्स और वेबसाइट से होता हुआ फिर से कैंब्रिज एनालिटिका और भारतीय राजनीति में उसके दखल के सवाल से जुड़ता नज़र आ रहा है.
गौरतलब है कि फेसबुक से डेटा लीक का खुलासा तब हुआ था, जब कैम्ब्रिज एनालिटिका के फाउंडरों में से एक युवा रिसर्चर क्रिस्टोफर वाइली को करोड़ों अमेरिकी वोटरों का निजी डेटा एक हाईटेक पॉलिटिकल परसुएशन मशीन तक पहुंचा देने में अपनी भूमिका पर अफसोस हुआ, और उसने सच्चाई के साथ दुनिया के सामने आने का फैसला किया था.
गौरतलब है कि फेसबुक से डेटा लीक का खुलासा तब हुआ था, जब कैम्ब्रिज एनालिटिका के फाउंडरों में से एक युवा रिसर्चर क्रिस्टोफर वाइली को करोड़ों अमेरिकी वोटरों का निजी डेटा एक हाईटेक पॉलिटिकल परसुएशन मशीन तक पहुंचा देने में अपनी भूमिका पर अफसोस हुआ, और उसने सच्चाई के साथ दुनिया के सामने आने का फैसला किया था. | यह एक सारांश है: व्हिसलब्लोअर क्रिस्टोफर वाइली ने ब्रिटिश संसद में दी गवाही
वाइली ने कहा- कैंब्रिज एनालिटिका ने भारत में किया है बहुत काम
रविशंकर प्रसाद बोले, झूठ बोलने के लिए माफी मांगे राहुल गांधी | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में अंतिम और सातवें चरण के 19 मई को होने वाले चुनाव को लेकर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को अपने पैतृक जिले नालंदा में जनता दल (युनाइटेड) के उम्मीदवार को विजयी बनाना जहां सियासी प्रतिष्ठा का सवाल है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है. पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद, पाटलिपुत्र से रामकृपाल यादव, आरा से आर के सिंह और बक्सर से अश्विनी चौबे की सियासी किस्मत का फैसला मतदाता रविवार करेंगे. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की प्रतिष्ठा भी इस चरण में कसौटी पर होगी. इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद की प्रतिष्ठा भी पाटलिपुत्र सीट पर दांव पर लगी हुई है. यहां लालू की पुत्री मीसा भारती को केंद्रीय मंत्री और महागठबंधन के प्रत्याशी रामकृपाल यादव से कड़ी टक्कर मिल रही है.
बिहार में सातवें चरण में आठ संसदीय क्षेत्रों पाटलिपुत्र, पटना साहिब, नालंदा, बक्सर, आरा, जहानाबाद, सासाराम, काराकाट के लिए मतदान होना है. अगर उम्मीदवारों पर नजर डाला जाए तो इस चरण में कई दिग्गज चुनाव मैदान में खम ठोंक रहे हैं.
पटना संसदीय क्षेत्र के दो भागों में बंटने के बाद अस्तित्व में आए पटना साहिब में बीजेपी से अलग हो कर कांग्रेस के टिकट पर फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपनी तीसरी जीत के लिए जहां संघर्ष कर रहे हैं, वहीं बीजेपी की टीम से चुनावी पिच पर पहली बार उतरे केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बार राजग के अन्य दलों के भरोसे सिन्हा को 'खामोश' करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. यह सीट दोनों गठबंधनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी हुई है. दोनों गठबंधनों के लिए यह सीट कितना महत्वपूर्ण है, इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह यहां रोडशो तक कर चुके हैं.
राजधानी की दूसरी सीट पाटलिपुत्र पर भी महागठबंधन और राजग की प्रतिष्ठा दांव पर है. यादव और भूमिहार बहुल इस क्षेत्र में पिछले चुनाव में मोदी लहर के बीच रामकृपाल यादव लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती को हराकर लोकसभा पहुंचे थे.
इस चुनाव में एक बार फिर मीसा और केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव का मुकाबला है. मीसा के प्रचार के लिए लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में भाई तेजस्वी और मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मोर्चा संभाला है. दोनों उम्मीदवार यादव हैं, लेकिन लालू के नाम पर तेजस्वी यादवों की सहानुभूति मीसा के पक्ष में करने में कामयाब रहे तो केंद्रीय मंत्री रामकृपाल के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. मीसा को वामपंथी मतदाताओं का भी समर्थन मिलने की संभावना है, जबकि रामकृपाल को गठबंधन के अन्य दलों के वोट बैंक और प्रधानमंत्री के चेहरे पर भरोसा है.
बिहार के मुख्यमंत्री का गृह जनपद नालंदा भी प्रतिष्ठा की सीट बनी हुई है. इस सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए न केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बल्कि पूरा राजग प्रयासरत है. मुख्यमंत्री भी नालंदा में कई चुनावी सभाएं कर मतदाताओं को आकर्षित करने में लगे हैं. जद (यू) ने यहां से एकबार फिर कौशलेन्द्र कुमार को, जबकि महागठबंधन की ओर से हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने अशोक कुमार आजाद पर दांव लगाया है.
आरा संसदीय क्षेत्र में केंद्र सरकार में गृह सचिव रहे बीजेपीनेता आऱ क़े सिंह दूसरी बार ताल ठोंक रहे हैं, जहां उनका मुकाबला भाकपा (माले) उम्मीदवार राजू यादव से है. राजू यादव को राजद और कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है.
पौराणिक क्षेत्रों में शुमार बक्सर सीट पर भी मतदाता 19 मई को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. बक्सर सीट पर इस चुनाव में मोदी मंत्रिमंडल में शामिल बीजेपीनेता अश्विनी चौबे दूसरी बार चुनावी रण में उतरे हैं. उनको राजद के दिग्गज नेता जगदानंद सिंह से कड़ी टक्कर मिल रही है.
इस चरण में सासाराम सीट पर कांग्रेस की प्रतिष्ठा भी दांव पर है. कांग्रेस ने यहां से दिग्गज नेता जगजीवन राम की विरासत संभाल रही और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को चुनावी मैदान में एकबार फिर उतारा है. वहीं उनका मुकाबला एक बार फिर बीजेपी के छेदी पासवान से है. यह सीट कांग्रेस ही नहीं, महागठबंधन के लिए भी प्रतिष्ठा की सीट बनी हुई है. | सारांश: पटना साहिब से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद हैं मैदान में
पाटलिपुत्र से मीसा भारती और रामकृपाल यादव एक बार फिर आमने सामने
रविवार को होना है आखिरी चरण के लिए मतदान | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ दिल्ली में शुक्रवार को शुरू हुए शृंखला के चौथे और आखिरी मैच से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले अजिंक्य रहाणे को 16 महीने और 16 टेस्ट मैचों के इंतज़ार के बाद यह मौका मिला है।
दरअसल, अजिंक्य को सबसे पहले नवंबर, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ घरेलू शृंखला के लिए टेस्ट टीम में चुना गया था, और उन्हें जल्द ही टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण की उम्मीद रही थी, लेकिन मुंबई के इस बल्लेबाज का इंतज़ार 16 टेस्ट मैचों तक खिंचा, और अब फिरोजशाह कोटला मैदान पर समाप्त हुआ है।
पिछले 16 महीनों में रहाणे हमेशा टीम इंडिया में चुने गए, लेकिन अंतिम एकादश में उन्हें कभी जगह नहीं मिल पाई। वह इस दौरान टीम के साथ महज पर्यटक बने रहे और उन्होंने केवल मैदान तक पानी ले जाने की भूमिका ही निभाई। बहरहाल, आज अजिंक्य रहाणे भारत की तरफ से टेस्ट मैच खेलने वाले 278वें खिलाड़ी बन गए हैं।
पिछले छह साल में वह मुंबई के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। इससे पहले टेस्ट टीम में पदार्पण करने वाले मुंबई के आखिरी खिलाड़ी रमेश पोवार थे, जिन्होंने वर्ष 2007 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है कि कभी भारतीय क्रिकेट में मुंबई का दबदबा रहता था। टिप्पणियां
वैसे रहाणे ने गुरुवार को जिस तरह नेट्स पर कड़ा अभ्यास किया था, उससे लग ही रहा था कि टीम प्रबंधन उनका लंबा इंतज़ार यहां खत्म कर देगा। दरअसल, मोहाली में खेले गए शृंखला के तीसरे मैच से टेस्ट पदार्पण करने वाले दिल्ली के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे, इसलिए टीम में जगह खाली हो गई। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि मुंबई की ओर से पारी का आगाज़ कर चुके अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम में संभवत: मध्यक्रम में बल्लेबाजी करेंगे।
रहाणे ने अपना पिछला मैच ईरानी ट्राफी के दौरान मुंबई की तरफ शेष भारत के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने 83 और 25 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 60 प्रथम श्रेणी मैचों में 62.04 की शानदार औसत से 5,460 रन बनाए हैं, जिनमें 19 शतक और 22 अर्द्धशतक शामिल हैं।
दरअसल, अजिंक्य को सबसे पहले नवंबर, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ घरेलू शृंखला के लिए टेस्ट टीम में चुना गया था, और उन्हें जल्द ही टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण की उम्मीद रही थी, लेकिन मुंबई के इस बल्लेबाज का इंतज़ार 16 टेस्ट मैचों तक खिंचा, और अब फिरोजशाह कोटला मैदान पर समाप्त हुआ है।
पिछले 16 महीनों में रहाणे हमेशा टीम इंडिया में चुने गए, लेकिन अंतिम एकादश में उन्हें कभी जगह नहीं मिल पाई। वह इस दौरान टीम के साथ महज पर्यटक बने रहे और उन्होंने केवल मैदान तक पानी ले जाने की भूमिका ही निभाई। बहरहाल, आज अजिंक्य रहाणे भारत की तरफ से टेस्ट मैच खेलने वाले 278वें खिलाड़ी बन गए हैं।
पिछले छह साल में वह मुंबई के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। इससे पहले टेस्ट टीम में पदार्पण करने वाले मुंबई के आखिरी खिलाड़ी रमेश पोवार थे, जिन्होंने वर्ष 2007 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है कि कभी भारतीय क्रिकेट में मुंबई का दबदबा रहता था। टिप्पणियां
वैसे रहाणे ने गुरुवार को जिस तरह नेट्स पर कड़ा अभ्यास किया था, उससे लग ही रहा था कि टीम प्रबंधन उनका लंबा इंतज़ार यहां खत्म कर देगा। दरअसल, मोहाली में खेले गए शृंखला के तीसरे मैच से टेस्ट पदार्पण करने वाले दिल्ली के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे, इसलिए टीम में जगह खाली हो गई। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि मुंबई की ओर से पारी का आगाज़ कर चुके अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम में संभवत: मध्यक्रम में बल्लेबाजी करेंगे।
रहाणे ने अपना पिछला मैच ईरानी ट्राफी के दौरान मुंबई की तरफ शेष भारत के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने 83 और 25 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 60 प्रथम श्रेणी मैचों में 62.04 की शानदार औसत से 5,460 रन बनाए हैं, जिनमें 19 शतक और 22 अर्द्धशतक शामिल हैं।
पिछले 16 महीनों में रहाणे हमेशा टीम इंडिया में चुने गए, लेकिन अंतिम एकादश में उन्हें कभी जगह नहीं मिल पाई। वह इस दौरान टीम के साथ महज पर्यटक बने रहे और उन्होंने केवल मैदान तक पानी ले जाने की भूमिका ही निभाई। बहरहाल, आज अजिंक्य रहाणे भारत की तरफ से टेस्ट मैच खेलने वाले 278वें खिलाड़ी बन गए हैं।
पिछले छह साल में वह मुंबई के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। इससे पहले टेस्ट टीम में पदार्पण करने वाले मुंबई के आखिरी खिलाड़ी रमेश पोवार थे, जिन्होंने वर्ष 2007 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है कि कभी भारतीय क्रिकेट में मुंबई का दबदबा रहता था। टिप्पणियां
वैसे रहाणे ने गुरुवार को जिस तरह नेट्स पर कड़ा अभ्यास किया था, उससे लग ही रहा था कि टीम प्रबंधन उनका लंबा इंतज़ार यहां खत्म कर देगा। दरअसल, मोहाली में खेले गए शृंखला के तीसरे मैच से टेस्ट पदार्पण करने वाले दिल्ली के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे, इसलिए टीम में जगह खाली हो गई। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि मुंबई की ओर से पारी का आगाज़ कर चुके अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम में संभवत: मध्यक्रम में बल्लेबाजी करेंगे।
रहाणे ने अपना पिछला मैच ईरानी ट्राफी के दौरान मुंबई की तरफ शेष भारत के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने 83 और 25 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 60 प्रथम श्रेणी मैचों में 62.04 की शानदार औसत से 5,460 रन बनाए हैं, जिनमें 19 शतक और 22 अर्द्धशतक शामिल हैं।
पिछले छह साल में वह मुंबई के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। इससे पहले टेस्ट टीम में पदार्पण करने वाले मुंबई के आखिरी खिलाड़ी रमेश पोवार थे, जिन्होंने वर्ष 2007 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है कि कभी भारतीय क्रिकेट में मुंबई का दबदबा रहता था। टिप्पणियां
वैसे रहाणे ने गुरुवार को जिस तरह नेट्स पर कड़ा अभ्यास किया था, उससे लग ही रहा था कि टीम प्रबंधन उनका लंबा इंतज़ार यहां खत्म कर देगा। दरअसल, मोहाली में खेले गए शृंखला के तीसरे मैच से टेस्ट पदार्पण करने वाले दिल्ली के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे, इसलिए टीम में जगह खाली हो गई। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि मुंबई की ओर से पारी का आगाज़ कर चुके अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम में संभवत: मध्यक्रम में बल्लेबाजी करेंगे।
रहाणे ने अपना पिछला मैच ईरानी ट्राफी के दौरान मुंबई की तरफ शेष भारत के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने 83 और 25 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 60 प्रथम श्रेणी मैचों में 62.04 की शानदार औसत से 5,460 रन बनाए हैं, जिनमें 19 शतक और 22 अर्द्धशतक शामिल हैं।
वैसे रहाणे ने गुरुवार को जिस तरह नेट्स पर कड़ा अभ्यास किया था, उससे लग ही रहा था कि टीम प्रबंधन उनका लंबा इंतज़ार यहां खत्म कर देगा। दरअसल, मोहाली में खेले गए शृंखला के तीसरे मैच से टेस्ट पदार्पण करने वाले दिल्ली के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे, इसलिए टीम में जगह खाली हो गई। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि मुंबई की ओर से पारी का आगाज़ कर चुके अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम में संभवत: मध्यक्रम में बल्लेबाजी करेंगे।
रहाणे ने अपना पिछला मैच ईरानी ट्राफी के दौरान मुंबई की तरफ शेष भारत के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने 83 और 25 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 60 प्रथम श्रेणी मैचों में 62.04 की शानदार औसत से 5,460 रन बनाए हैं, जिनमें 19 शतक और 22 अर्द्धशतक शामिल हैं।
रहाणे ने अपना पिछला मैच ईरानी ट्राफी के दौरान मुंबई की तरफ शेष भारत के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने 83 और 25 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 60 प्रथम श्रेणी मैचों में 62.04 की शानदार औसत से 5,460 रन बनाए हैं, जिनमें 19 शतक और 22 अर्द्धशतक शामिल हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछले 16 महीनों में रहाणे हमेशा टीम में चुने गए, लेकिन अंतिम एकादश में उन्हें कभी जगह नहीं मिल पाई, और उन्होंने केवल मैदान तक पानी ले जाने की भूमिका ही निभाई। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है जो दूरदराज इलाकों से इलाज के लिए आने वाली महिलाओं से नज़दीकियां बढ़ाकर उनका यौन शोषण करते थे। पुलिस को इस बात का पता तब चला जब एलएनजेपी अस्पताल के परिसर में एक महिला का शव मिला। पुलिस ने इस महिला की हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि यह महिला एलएनजेपी अस्पताल में इलाज के लिए आई थी और इन लोगों ने उसे इलाज में मदद करने का झांसा देकर अस्पताल के ही बाथरूम में उसके साथ बलात्कार किया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो इन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद इन लोगों ने युवती की पहचान छुपाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डालकर उसे अस्पताल के पीछे फेंक दिया। जब इनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो इन लोगों ने अपना जुर्म कबूल लिया। पुलिस को अब इनके चौथे साथी की तलाश है।
पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि यह महिला एलएनजेपी अस्पताल में इलाज के लिए आई थी और इन लोगों ने उसे इलाज में मदद करने का झांसा देकर अस्पताल के ही बाथरूम में उसके साथ बलात्कार किया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो इन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद इन लोगों ने युवती की पहचान छुपाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डालकर उसे अस्पताल के पीछे फेंक दिया। जब इनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो इन लोगों ने अपना जुर्म कबूल लिया। पुलिस को अब इनके चौथे साथी की तलाश है। | दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है जो दूरदराज इलाकों से इलाज के लिए आने वाली महिलाओं से नज़दीकियां बढ़ाकर उनका यौन शोषण करते थे। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक लोकायुक्त अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, आवास मंत्री वी सोमन्ना और दो अन्य को कथित तौर पर एक भूखंड अधिसूचना से बाहर किए जाने के मामले में समन जारी करने का निर्देश दिया है।टिप्पणियां
न्यायाधीश एनके सुधींद्र राव ने समन जारी करते हुए येदियुरप्पा, सोमन्ना, उनकी पत्नी और लिंगराजू नाम के एक अन्य व्यक्ति को 30 अप्रैल को उपस्थित होने को कहा। मामले की जांच कर रही लोकायुक्त पुलिस ने 21 मार्च को ‘बी’ रिपोर्ट दाखिल करते हुए सोमन्ना को अपने पद के दुरूपयोग के आरोप से मुक्त कर दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया था कि जब भूखंड को अधिसूचना से बाहर किया गया था, उस समय सोमन्ना न विधायक थे न ही मंत्री। मामले में येदियुरप्पा यहित अन्य आरोपियों को भी आरोपमुक्त कर दिया गया था, लेकिन इस रिपोर्ट को शिकायतकर्ता रवि कृष्ण रेड्डी ने चुनौती दी थी।
न्यायाधीश एनके सुधींद्र राव ने समन जारी करते हुए येदियुरप्पा, सोमन्ना, उनकी पत्नी और लिंगराजू नाम के एक अन्य व्यक्ति को 30 अप्रैल को उपस्थित होने को कहा। मामले की जांच कर रही लोकायुक्त पुलिस ने 21 मार्च को ‘बी’ रिपोर्ट दाखिल करते हुए सोमन्ना को अपने पद के दुरूपयोग के आरोप से मुक्त कर दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया था कि जब भूखंड को अधिसूचना से बाहर किया गया था, उस समय सोमन्ना न विधायक थे न ही मंत्री। मामले में येदियुरप्पा यहित अन्य आरोपियों को भी आरोपमुक्त कर दिया गया था, लेकिन इस रिपोर्ट को शिकायतकर्ता रवि कृष्ण रेड्डी ने चुनौती दी थी।
रिपोर्ट में कहा गया था कि जब भूखंड को अधिसूचना से बाहर किया गया था, उस समय सोमन्ना न विधायक थे न ही मंत्री। मामले में येदियुरप्पा यहित अन्य आरोपियों को भी आरोपमुक्त कर दिया गया था, लेकिन इस रिपोर्ट को शिकायतकर्ता रवि कृष्ण रेड्डी ने चुनौती दी थी। | संक्षिप्त सारांश: लोकायुक्त अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा, आवास मंत्री वी सोमन्ना और दो अन्य को एक भूखंड अधिसूचना से बाहर किए जाने के मामले में समन जारी करने का निर्देश दिया है। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उभरती भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने जापान ओपन में बिना किसी मशक्कत के दूसरे राउंड में जगह बना ली, जबकि आनंद पवार और के श्रीकांत ने पुरुष एकल स्पर्धा में अपने से ऊंची रैंकिंग के प्रतिद्वंद्वियों को हराते हुए उलटफेर कर सनसनी फैला दी।
आठवीं वरीय सिंधू ने स्थानीय बैडमिंटन खिलाड़ी युकिनो नाकाई को एक घंटे से भी कम समय में 21-12, 21-13 से शिकस्त दी और अब महिला एकल के दूसरे राउंड में गुरुवार को उनका सामना जापानी क्वालीफायर अकाने यामागुची से होगा।
पवार ने दुनिया के 12वें नंबर के इंडोनेशियाई खिलाड़ी और 2004 एथेंस ओलिंपिक कांस्य पदकधारी सोनी ड्वी कुनकोरो पर 21-17, 7-21, 21-18 से शानदार जीतकर सनसनी फैला दी। दुनिया के 37वें नंबर के खिलाड़ी पवार ने 59 मिनट में जीत दर्ज की, वह विश्व चैंपियनशिप में 2007 और 2009 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं।
थाईलैंड ग्रां प्री गोल्ड विजेता श्रीकांत इंडियन बैडमिंटन लीग में शानदार फॉर्म में थे, उन्होंने जापान ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान के 22वें नंबर के खिलाड़ी शो सासाकी को एक घंटे आठ मिनट चले चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 22-20, 22-24, 21-18 से पराजित किया। श्रीकांत ने अपने शक्तिशाली स्मैश से शो को कड़ी चुनौती दी। अब वह दूसरे वरीय और दुनिया के दूसरे नंबर के चीन के चेन लोंग से भिड़ेंगे। टिप्पणियां
अन्य खिलाड़ियों में अजय जयराम ने पुरुष एकल मैच में चीनी ताइपे के टिएन चेन चोउ को 21-11, 21-18 से पराजित किया, लेकिन सौरभ वर्मा और साई प्रणीथ बी पहले दौर की बाधा पार करने में असफल रहे। जापान के जुन ताकेमुरा ने सौरभ पर 22-24, 21-19, 21-14 से जीत दर्ज की, जबकि साई प्रणीथ को हांगकांग के आठवें वरीय युन हु ने 23-21, 21-18 से शिकस्त दी।
तनवी लैड के लिए चुनौती समाप्त हो गई। उन्हें शुरुआती मैच में जापान की सायाका ताकाहाशी के हाथों 15-21, 10-21 से हार मिली। मुन अत्री और सुमित रेड्डी बी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में जगह बनाई। उन्होंने स्थानीय खिलाड़ी हिरोयुकी साएकी और रयोता ताओहाता को की जोड़ी पर शुरुआती दौर में 21-17, 21-15 से जीत दर्ज की।
आठवीं वरीय सिंधू ने स्थानीय बैडमिंटन खिलाड़ी युकिनो नाकाई को एक घंटे से भी कम समय में 21-12, 21-13 से शिकस्त दी और अब महिला एकल के दूसरे राउंड में गुरुवार को उनका सामना जापानी क्वालीफायर अकाने यामागुची से होगा।
पवार ने दुनिया के 12वें नंबर के इंडोनेशियाई खिलाड़ी और 2004 एथेंस ओलिंपिक कांस्य पदकधारी सोनी ड्वी कुनकोरो पर 21-17, 7-21, 21-18 से शानदार जीतकर सनसनी फैला दी। दुनिया के 37वें नंबर के खिलाड़ी पवार ने 59 मिनट में जीत दर्ज की, वह विश्व चैंपियनशिप में 2007 और 2009 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं।
थाईलैंड ग्रां प्री गोल्ड विजेता श्रीकांत इंडियन बैडमिंटन लीग में शानदार फॉर्म में थे, उन्होंने जापान ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान के 22वें नंबर के खिलाड़ी शो सासाकी को एक घंटे आठ मिनट चले चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 22-20, 22-24, 21-18 से पराजित किया। श्रीकांत ने अपने शक्तिशाली स्मैश से शो को कड़ी चुनौती दी। अब वह दूसरे वरीय और दुनिया के दूसरे नंबर के चीन के चेन लोंग से भिड़ेंगे। टिप्पणियां
अन्य खिलाड़ियों में अजय जयराम ने पुरुष एकल मैच में चीनी ताइपे के टिएन चेन चोउ को 21-11, 21-18 से पराजित किया, लेकिन सौरभ वर्मा और साई प्रणीथ बी पहले दौर की बाधा पार करने में असफल रहे। जापान के जुन ताकेमुरा ने सौरभ पर 22-24, 21-19, 21-14 से जीत दर्ज की, जबकि साई प्रणीथ को हांगकांग के आठवें वरीय युन हु ने 23-21, 21-18 से शिकस्त दी।
तनवी लैड के लिए चुनौती समाप्त हो गई। उन्हें शुरुआती मैच में जापान की सायाका ताकाहाशी के हाथों 15-21, 10-21 से हार मिली। मुन अत्री और सुमित रेड्डी बी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में जगह बनाई। उन्होंने स्थानीय खिलाड़ी हिरोयुकी साएकी और रयोता ताओहाता को की जोड़ी पर शुरुआती दौर में 21-17, 21-15 से जीत दर्ज की।
पवार ने दुनिया के 12वें नंबर के इंडोनेशियाई खिलाड़ी और 2004 एथेंस ओलिंपिक कांस्य पदकधारी सोनी ड्वी कुनकोरो पर 21-17, 7-21, 21-18 से शानदार जीतकर सनसनी फैला दी। दुनिया के 37वें नंबर के खिलाड़ी पवार ने 59 मिनट में जीत दर्ज की, वह विश्व चैंपियनशिप में 2007 और 2009 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं।
थाईलैंड ग्रां प्री गोल्ड विजेता श्रीकांत इंडियन बैडमिंटन लीग में शानदार फॉर्म में थे, उन्होंने जापान ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान के 22वें नंबर के खिलाड़ी शो सासाकी को एक घंटे आठ मिनट चले चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 22-20, 22-24, 21-18 से पराजित किया। श्रीकांत ने अपने शक्तिशाली स्मैश से शो को कड़ी चुनौती दी। अब वह दूसरे वरीय और दुनिया के दूसरे नंबर के चीन के चेन लोंग से भिड़ेंगे। टिप्पणियां
अन्य खिलाड़ियों में अजय जयराम ने पुरुष एकल मैच में चीनी ताइपे के टिएन चेन चोउ को 21-11, 21-18 से पराजित किया, लेकिन सौरभ वर्मा और साई प्रणीथ बी पहले दौर की बाधा पार करने में असफल रहे। जापान के जुन ताकेमुरा ने सौरभ पर 22-24, 21-19, 21-14 से जीत दर्ज की, जबकि साई प्रणीथ को हांगकांग के आठवें वरीय युन हु ने 23-21, 21-18 से शिकस्त दी।
तनवी लैड के लिए चुनौती समाप्त हो गई। उन्हें शुरुआती मैच में जापान की सायाका ताकाहाशी के हाथों 15-21, 10-21 से हार मिली। मुन अत्री और सुमित रेड्डी बी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में जगह बनाई। उन्होंने स्थानीय खिलाड़ी हिरोयुकी साएकी और रयोता ताओहाता को की जोड़ी पर शुरुआती दौर में 21-17, 21-15 से जीत दर्ज की।
थाईलैंड ग्रां प्री गोल्ड विजेता श्रीकांत इंडियन बैडमिंटन लीग में शानदार फॉर्म में थे, उन्होंने जापान ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान के 22वें नंबर के खिलाड़ी शो सासाकी को एक घंटे आठ मिनट चले चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 22-20, 22-24, 21-18 से पराजित किया। श्रीकांत ने अपने शक्तिशाली स्मैश से शो को कड़ी चुनौती दी। अब वह दूसरे वरीय और दुनिया के दूसरे नंबर के चीन के चेन लोंग से भिड़ेंगे। टिप्पणियां
अन्य खिलाड़ियों में अजय जयराम ने पुरुष एकल मैच में चीनी ताइपे के टिएन चेन चोउ को 21-11, 21-18 से पराजित किया, लेकिन सौरभ वर्मा और साई प्रणीथ बी पहले दौर की बाधा पार करने में असफल रहे। जापान के जुन ताकेमुरा ने सौरभ पर 22-24, 21-19, 21-14 से जीत दर्ज की, जबकि साई प्रणीथ को हांगकांग के आठवें वरीय युन हु ने 23-21, 21-18 से शिकस्त दी।
तनवी लैड के लिए चुनौती समाप्त हो गई। उन्हें शुरुआती मैच में जापान की सायाका ताकाहाशी के हाथों 15-21, 10-21 से हार मिली। मुन अत्री और सुमित रेड्डी बी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में जगह बनाई। उन्होंने स्थानीय खिलाड़ी हिरोयुकी साएकी और रयोता ताओहाता को की जोड़ी पर शुरुआती दौर में 21-17, 21-15 से जीत दर्ज की।
अन्य खिलाड़ियों में अजय जयराम ने पुरुष एकल मैच में चीनी ताइपे के टिएन चेन चोउ को 21-11, 21-18 से पराजित किया, लेकिन सौरभ वर्मा और साई प्रणीथ बी पहले दौर की बाधा पार करने में असफल रहे। जापान के जुन ताकेमुरा ने सौरभ पर 22-24, 21-19, 21-14 से जीत दर्ज की, जबकि साई प्रणीथ को हांगकांग के आठवें वरीय युन हु ने 23-21, 21-18 से शिकस्त दी।
तनवी लैड के लिए चुनौती समाप्त हो गई। उन्हें शुरुआती मैच में जापान की सायाका ताकाहाशी के हाथों 15-21, 10-21 से हार मिली। मुन अत्री और सुमित रेड्डी बी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में जगह बनाई। उन्होंने स्थानीय खिलाड़ी हिरोयुकी साएकी और रयोता ताओहाता को की जोड़ी पर शुरुआती दौर में 21-17, 21-15 से जीत दर्ज की।
तनवी लैड के लिए चुनौती समाप्त हो गई। उन्हें शुरुआती मैच में जापान की सायाका ताकाहाशी के हाथों 15-21, 10-21 से हार मिली। मुन अत्री और सुमित रेड्डी बी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में जगह बनाई। उन्होंने स्थानीय खिलाड़ी हिरोयुकी साएकी और रयोता ताओहाता को की जोड़ी पर शुरुआती दौर में 21-17, 21-15 से जीत दर्ज की। | संक्षिप्त सारांश: उभरती भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने जापान ओपन में बिना किसी मशक्कत के दूसरे राउंड में जगह बना ली, जबकि आनंद पवार और के श्रीकांत ने पुरुष एकल स्पर्धा में अपने से ऊंची रैंकिंग के प्रतिद्वंद्वियों को हराते हुए उलटफेर कर सनसनी फैला दी। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ पांचवें और आखिरी एक-दिवसीय क्रिकेट मैच में आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर रोमांचक जीत दर्ज की। वेस्ट इंडीज के सात विकेट पर 242 रन के जवाब में पाकिस्तान ने कप्तान मिसबाह उल हक के 63 रन की मदद से लक्ष्य हासिल कर लिया।टिप्पणियां
आखिरी ओवर में कीरोन पोलार्ड दूसरे छोर पर गिल्लियां नहीं बिखेर सके और सईद अजमल विजयी रन दौड़ गए। पाकिस्तान ने पांच मैचों की शृंखला 3-1 से जीत ली, जबकि एक मैच टाई रहा था।
दोनों टीमें अब शनिवार और रविवार को टी-20 मैच खेलेंगी। आखिरी ओवर की शुरुआत में आउट होने वाले मिसबाह मैन आफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज रहे।
आखिरी ओवर में कीरोन पोलार्ड दूसरे छोर पर गिल्लियां नहीं बिखेर सके और सईद अजमल विजयी रन दौड़ गए। पाकिस्तान ने पांच मैचों की शृंखला 3-1 से जीत ली, जबकि एक मैच टाई रहा था।
दोनों टीमें अब शनिवार और रविवार को टी-20 मैच खेलेंगी। आखिरी ओवर की शुरुआत में आउट होने वाले मिसबाह मैन आफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज रहे।
दोनों टीमें अब शनिवार और रविवार को टी-20 मैच खेलेंगी। आखिरी ओवर की शुरुआत में आउट होने वाले मिसबाह मैन आफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज रहे। | संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ पांचवें और आखिरी एक-दिवसीय क्रिकेट मैच में आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर रोमांचक जीत दर्ज की। वेस्ट इंडीज के सात विकेट पर 242 रन के जवाब में पाकिस्तान ने कप्तान मिसबाह उल हक के 63 रन की मदद से लक्ष्य हासिल कर लिया। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बेला थाने के अन्तर्गत याकूबपुर गांव में मंगलवार तड़के एक मकान में आतिशबाजी बनाए जाने के दौरान विस्फोट हो जाने से आठ लोगों की मृत्यु हो गई जबकि लगभग 12 लोग घायल हो गए।
पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना में आठ लोगों की मृत्यु हो गई। इनमें छह लोग एक ही परिवार के हैं जबकि दो पड़ोस की लड़किया भी शामिल है।टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि उक्त घटना उस समय हुई जब मोतीलाल और रामनारायन के घर में अवैध रूप से आतिशबाजी बनाने का काम चल रहा था। इसी बीच अचानक विस्फोट हो गया।
उन्होंने बताया कि इस घटना में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए है जिनमें कुछ लोगों की हालत गम्भीर है उन्हें उपचार के लिए कानपुर ले जाया गया है।
पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना में आठ लोगों की मृत्यु हो गई। इनमें छह लोग एक ही परिवार के हैं जबकि दो पड़ोस की लड़किया भी शामिल है।टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि उक्त घटना उस समय हुई जब मोतीलाल और रामनारायन के घर में अवैध रूप से आतिशबाजी बनाने का काम चल रहा था। इसी बीच अचानक विस्फोट हो गया।
उन्होंने बताया कि इस घटना में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए है जिनमें कुछ लोगों की हालत गम्भीर है उन्हें उपचार के लिए कानपुर ले जाया गया है।
सिंह ने बताया कि उक्त घटना उस समय हुई जब मोतीलाल और रामनारायन के घर में अवैध रूप से आतिशबाजी बनाने का काम चल रहा था। इसी बीच अचानक विस्फोट हो गया।
उन्होंने बताया कि इस घटना में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए है जिनमें कुछ लोगों की हालत गम्भीर है उन्हें उपचार के लिए कानपुर ले जाया गया है।
उन्होंने बताया कि इस घटना में लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए है जिनमें कुछ लोगों की हालत गम्भीर है उन्हें उपचार के लिए कानपुर ले जाया गया है। | सारांश: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बेला थाने के अन्तर्गत याकूबपुर गांव में मंगलवार तड़के एक मकान में आतिशबाजी बनाए जाने के दौरान विस्फोट हो जाने से आठ लोगों की मृत्यु हो गई जबकि लगभग 12 लोग घायल हो गए। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बांग्लादेश में भारी बारिश से हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढकर 146 हो गई और खोज एवं बचाव अभियान तेज किया गया. ज्यादातर लोगों की मौत भारत की सीमा से लगते सुदूर पहाड़ी जिले में हुईं.
मिजोरम और त्रिपुरा की सीमाओं से सटे दक्षिणपूर्वी रांगामाटी हिल जिला सर्वाधिक प्रभावित है. यहां भूस्खलन की कम से कम 20 घटनाएं हुई हैं, जहां बचाव अभियानों में लगे सेना के चार जवानों सहित कुल 105 लोगों की जानें गईं हैं. इसके अलावा बंदरबन और चटगांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं.
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.
अधिकारियों ने कुल 129 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 146 बताई जा रही है. बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र बनने के कारण पिछले तीन दिन से तेज बारिश हो रही है और इसके कारण सोमवार से तीन जिलों में अनेक स्थानों पर भूस्खलन हुआ है.
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले रांगामाटी में ही 105 लोगों की मौत हुई है. इनमें सेना के कई अधिकारी और सैनिक शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बेघर हो गए 4,000 लोगों को 18 सरकारी आश्रय स्थलों पर भेजा गया है. बचाव कार्यों में लगे सेना के कई जवान भी मारे गए हैं.
स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाका में एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि सेना के एक मेजर एवं एक कैप्टन सहित चार कमर्यिों की मौत हो गई.टिप्पणियां
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
मिजोरम और त्रिपुरा की सीमाओं से सटे दक्षिणपूर्वी रांगामाटी हिल जिला सर्वाधिक प्रभावित है. यहां भूस्खलन की कम से कम 20 घटनाएं हुई हैं, जहां बचाव अभियानों में लगे सेना के चार जवानों सहित कुल 105 लोगों की जानें गईं हैं. इसके अलावा बंदरबन और चटगांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं.
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.
अधिकारियों ने कुल 129 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 146 बताई जा रही है. बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र बनने के कारण पिछले तीन दिन से तेज बारिश हो रही है और इसके कारण सोमवार से तीन जिलों में अनेक स्थानों पर भूस्खलन हुआ है.
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले रांगामाटी में ही 105 लोगों की मौत हुई है. इनमें सेना के कई अधिकारी और सैनिक शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बेघर हो गए 4,000 लोगों को 18 सरकारी आश्रय स्थलों पर भेजा गया है. बचाव कार्यों में लगे सेना के कई जवान भी मारे गए हैं.
स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाका में एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि सेना के एक मेजर एवं एक कैप्टन सहित चार कमर्यिों की मौत हो गई.टिप्पणियां
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.
अधिकारियों ने कुल 129 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 146 बताई जा रही है. बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र बनने के कारण पिछले तीन दिन से तेज बारिश हो रही है और इसके कारण सोमवार से तीन जिलों में अनेक स्थानों पर भूस्खलन हुआ है.
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले रांगामाटी में ही 105 लोगों की मौत हुई है. इनमें सेना के कई अधिकारी और सैनिक शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बेघर हो गए 4,000 लोगों को 18 सरकारी आश्रय स्थलों पर भेजा गया है. बचाव कार्यों में लगे सेना के कई जवान भी मारे गए हैं.
स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाका में एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि सेना के एक मेजर एवं एक कैप्टन सहित चार कमर्यिों की मौत हो गई.टिप्पणियां
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
अधिकारियों ने कुल 129 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 146 बताई जा रही है. बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र बनने के कारण पिछले तीन दिन से तेज बारिश हो रही है और इसके कारण सोमवार से तीन जिलों में अनेक स्थानों पर भूस्खलन हुआ है.
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले रांगामाटी में ही 105 लोगों की मौत हुई है. इनमें सेना के कई अधिकारी और सैनिक शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बेघर हो गए 4,000 लोगों को 18 सरकारी आश्रय स्थलों पर भेजा गया है. बचाव कार्यों में लगे सेना के कई जवान भी मारे गए हैं.
स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाका में एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि सेना के एक मेजर एवं एक कैप्टन सहित चार कमर्यिों की मौत हो गई.टिप्पणियां
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले रांगामाटी में ही 105 लोगों की मौत हुई है. इनमें सेना के कई अधिकारी और सैनिक शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बेघर हो गए 4,000 लोगों को 18 सरकारी आश्रय स्थलों पर भेजा गया है. बचाव कार्यों में लगे सेना के कई जवान भी मारे गए हैं.
स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाका में एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि सेना के एक मेजर एवं एक कैप्टन सहित चार कमर्यिों की मौत हो गई.टिप्पणियां
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बेघर हो गए 4,000 लोगों को 18 सरकारी आश्रय स्थलों पर भेजा गया है. बचाव कार्यों में लगे सेना के कई जवान भी मारे गए हैं.
स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाका में एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि सेना के एक मेजर एवं एक कैप्टन सहित चार कमर्यिों की मौत हो गई.टिप्पणियां
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ढाका में एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि सेना के एक मेजर एवं एक कैप्टन सहित चार कमर्यिों की मौत हो गई.टिप्पणियां
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
बंदरगाह शहर चटगांव से कम से कम 33 मौतों की खबर है. इस शहर में पांच बार भूस्खलन हुआ, जबकि पडोसी बंदरबन जिले में मूसलाधार बारिश से तीन बार भूस्खलन हुआ.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खोज एवं बचाव अभियान तेज किया गया.
ज्यादातर लोगों की मौत भारत की सीमा से लगते सुदूर पहाड़ी जिले में हुईं.
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रफ्तार के बादशाह उसेन बोल्ट ने रियो ओलिंपिक में लगातार तीसरा गोल्ड जीता है. बोल्ट ने यह पदक 4x100 मीटर रिले दौड़ में जीता. खास बात यह है कि 4x100 मीटर रिले में यह उनका लगातार तीसरा गोल्ड है.
जमैका की टीम ने 4x100 मीटर रिले 37.27 सेकेंड समय में पूरी की. यह इस सीजन में उसका अब तक का सबसे अच्छा समय है. जापान ने 0.33 सेकेंड पीछे रहते हुए रजत जीता, जबकि कनाडा को 37.60 सेकेंड के साथ कांस्य मिला. तीसरे स्थान पर अमेरिका की टीम रही थी, लेकिन उसे अयोग्य करार दिया गया, जिसके बाद कनाडा को इस स्पर्धा में पदक प्राप्त हुआ.टिप्पणियां
इससे पहले जमैका के इस तेज धावक ने रियो ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर में गोल्ड जीता है. इस तरह ओलिंपिक में बोल्ट का अभी तक का यह नौवां गोल्ड मेडल है.
इससे पहले उसेन बोल्ट ने ओलिंपिक के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ते हुए 200 मीटर में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीत लिया था. सौ मीटर में लगातार तीन खिताब जीतने वाले पहले एथलीट बनने के कुछ दिन बाद ही बोल्ट ने 200 मीटर में 19 . 78 सेकंड का समय निकालकर बाजी मारी. उन्होंने रियो ओलिंपिक में 100 मीटर की दौड़ उन्होंने 9.81 सेकंड्स में पूरी की थी. बोल्ट ने बीजिंग और लंदन में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर का भी स्वर्ण पदक जीता था.
जमैका की टीम ने 4x100 मीटर रिले 37.27 सेकेंड समय में पूरी की. यह इस सीजन में उसका अब तक का सबसे अच्छा समय है. जापान ने 0.33 सेकेंड पीछे रहते हुए रजत जीता, जबकि कनाडा को 37.60 सेकेंड के साथ कांस्य मिला. तीसरे स्थान पर अमेरिका की टीम रही थी, लेकिन उसे अयोग्य करार दिया गया, जिसके बाद कनाडा को इस स्पर्धा में पदक प्राप्त हुआ.टिप्पणियां
इससे पहले जमैका के इस तेज धावक ने रियो ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर में गोल्ड जीता है. इस तरह ओलिंपिक में बोल्ट का अभी तक का यह नौवां गोल्ड मेडल है.
इससे पहले उसेन बोल्ट ने ओलिंपिक के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ते हुए 200 मीटर में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीत लिया था. सौ मीटर में लगातार तीन खिताब जीतने वाले पहले एथलीट बनने के कुछ दिन बाद ही बोल्ट ने 200 मीटर में 19 . 78 सेकंड का समय निकालकर बाजी मारी. उन्होंने रियो ओलिंपिक में 100 मीटर की दौड़ उन्होंने 9.81 सेकंड्स में पूरी की थी. बोल्ट ने बीजिंग और लंदन में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर का भी स्वर्ण पदक जीता था.
इससे पहले जमैका के इस तेज धावक ने रियो ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर में गोल्ड जीता है. इस तरह ओलिंपिक में बोल्ट का अभी तक का यह नौवां गोल्ड मेडल है.
इससे पहले उसेन बोल्ट ने ओलिंपिक के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ते हुए 200 मीटर में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीत लिया था. सौ मीटर में लगातार तीन खिताब जीतने वाले पहले एथलीट बनने के कुछ दिन बाद ही बोल्ट ने 200 मीटर में 19 . 78 सेकंड का समय निकालकर बाजी मारी. उन्होंने रियो ओलिंपिक में 100 मीटर की दौड़ उन्होंने 9.81 सेकंड्स में पूरी की थी. बोल्ट ने बीजिंग और लंदन में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर का भी स्वर्ण पदक जीता था.
इससे पहले उसेन बोल्ट ने ओलिंपिक के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ते हुए 200 मीटर में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीत लिया था. सौ मीटर में लगातार तीन खिताब जीतने वाले पहले एथलीट बनने के कुछ दिन बाद ही बोल्ट ने 200 मीटर में 19 . 78 सेकंड का समय निकालकर बाजी मारी. उन्होंने रियो ओलिंपिक में 100 मीटर की दौड़ उन्होंने 9.81 सेकंड्स में पूरी की थी. बोल्ट ने बीजिंग और लंदन में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर का भी स्वर्ण पदक जीता था. | संक्षिप्त सारांश: बोल्ट ने यह पदक 4x100 मीटर रिले दौड़ में जीता.
इससे पहले रियो ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर में गोल्ड जीता.
ओलिंपिक में बोल्ट का अभी तक का यह नौवां गोल्ड मेडल है. | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड और निम्बस कम्युनिकेशन्स के बीच 1600 करोड़ रुपये का करार रद्द किए जाने को लेकर उपजे विवाद में बीसीसीआई के दावे को देखते हुए सोमवार को तीन राष्ट्रीयकृत बैंकों से 400 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा।
न्यायमूर्ति आफताब आलम और रंजना देसाई ने पंजाब नेशनल बैक, इंडियन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को बांबे उच्च न्यायालय रजिस्ट्री में 15 दिन के अंदर धनराशि जमा करने के लिए कहा। यह राशि बाद में बीसीसीआई के बैंक खाते में भेजी जाएगी। उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला बीसीसीआई की विशेष अनुमति याचिका पर दिया है।टिप्पणियां
बैंकों ने 1600 करोड़ रुपये की धनराशि अदा करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने यह याचिका दायर की थी। बीसीसीआई की तरफ से उपस्थित वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने कहा कि यह मसला चार साल पुरोन मीडिया अधिकार लाइसेंस करार को लेकर जो बीसीसीआई और निम्बस के बीच 2009 में एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2014 तक भारत में होने वाले सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के प्रसारण के संबंध में था।
बीसीसीआई ने हालांकि दिसंबर 2011 में भुगतान नहीं करने के कारण निम्बस को दिए गए घरेलू प्रसारण अधिकार समाप्त कर दिए थे। बोर्ड ने इसके बाद गारंटी राशि लेने की अपील की लेकिन बैंकों ने उसे देने से इनकार कर दिया था।
न्यायमूर्ति आफताब आलम और रंजना देसाई ने पंजाब नेशनल बैक, इंडियन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को बांबे उच्च न्यायालय रजिस्ट्री में 15 दिन के अंदर धनराशि जमा करने के लिए कहा। यह राशि बाद में बीसीसीआई के बैंक खाते में भेजी जाएगी। उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला बीसीसीआई की विशेष अनुमति याचिका पर दिया है।टिप्पणियां
बैंकों ने 1600 करोड़ रुपये की धनराशि अदा करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने यह याचिका दायर की थी। बीसीसीआई की तरफ से उपस्थित वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने कहा कि यह मसला चार साल पुरोन मीडिया अधिकार लाइसेंस करार को लेकर जो बीसीसीआई और निम्बस के बीच 2009 में एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2014 तक भारत में होने वाले सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के प्रसारण के संबंध में था।
बीसीसीआई ने हालांकि दिसंबर 2011 में भुगतान नहीं करने के कारण निम्बस को दिए गए घरेलू प्रसारण अधिकार समाप्त कर दिए थे। बोर्ड ने इसके बाद गारंटी राशि लेने की अपील की लेकिन बैंकों ने उसे देने से इनकार कर दिया था।
बैंकों ने 1600 करोड़ रुपये की धनराशि अदा करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने यह याचिका दायर की थी। बीसीसीआई की तरफ से उपस्थित वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने कहा कि यह मसला चार साल पुरोन मीडिया अधिकार लाइसेंस करार को लेकर जो बीसीसीआई और निम्बस के बीच 2009 में एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2014 तक भारत में होने वाले सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के प्रसारण के संबंध में था।
बीसीसीआई ने हालांकि दिसंबर 2011 में भुगतान नहीं करने के कारण निम्बस को दिए गए घरेलू प्रसारण अधिकार समाप्त कर दिए थे। बोर्ड ने इसके बाद गारंटी राशि लेने की अपील की लेकिन बैंकों ने उसे देने से इनकार कर दिया था।
बीसीसीआई ने हालांकि दिसंबर 2011 में भुगतान नहीं करने के कारण निम्बस को दिए गए घरेलू प्रसारण अधिकार समाप्त कर दिए थे। बोर्ड ने इसके बाद गारंटी राशि लेने की अपील की लेकिन बैंकों ने उसे देने से इनकार कर दिया था। | सारांश: उच्चतम न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड और निम्बस कम्युनिकेशन्स के बीच 1600 करोड़ रुपये का करार रद्द किए जाने को लेकर उपजे विवाद में बीसीसीआई के दावे को देखते हुए सोमवार को तीन राष्ट्रीयकृत बैंकों से 400 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जर्मनी समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाला दुनिया का 23वां देश बन गया है. चांसलर एंजेला मर्केल द्वारा इससे संबंधित एक विधेयक को मंजूरी देने के बाद शुक्रवार को उसे जर्मनी की संसद 'बुंडेसटाग' ने पारित कर दिया. इस विधेयक के पक्ष में 393 मत, वहीं विरोध में 226 मत पड़े. यह विधेयक समलैंगिक जोड़े को बच्चे को गोद लेने का भी अधिकार देता है. मार्टिन शुल्ज ने ट्विटर पर लिखा, प्रगति संभव है. पृथ्वी पर 23वां देश, अब हमारे जर्मनी में समलैंगिक शादी को मान्यता मिल गई है. मैं विवाह करने जा रहे सभी जोड़ों के लिए खुश हूं. मार्टिन की सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी (एसपीडी) ने चांसलर एंजेला मार्केल के सोमवार को वोट कराने संबंधी निर्णय पर अपनी मुहर लगाई थी.
एसपीडी पार्टी मर्केल की क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के साथ एक महागठबंधन समझौते के तहत सत्ता में भागीदार है. शुक्रवार को हुए मतदान को लेकर सांसदों ने सीडीयू के रैंक को दरकिनार कर दिया, जिसकी पार्टी के कई सांसदों ने आलोचना की. चांसलर मर्केल ने इस विधेयक के विरोध में मतदान करते हुए कहा कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि जर्मनी के कानून में शादी एक पुरुष और एक महिला के बीच हो, हालांकि उन्होंने माना कि समलैंगिक विवाह को भी जगह मिलनी चाहिए. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैं उम्मीद करती हूं कि आज का मतदान न केवल विभिन्न विचारों वाले लोगों के बीच आदर को बढ़ावा देता है, बल्कि और ज्यादा समाजिक सद्भाव और शांति भी लाता है. एंजेला मर्केल ने अपनी पार्टी सीडीयू के सदस्यों से अपने विवेक के आधार पर स्वतंत्र मतदान करने को कहा था. जर्मनी अब यूरोपीय संघ के अन्य देशों के साथ समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला 13वां देश बन गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एसपीडी पार्टी मर्केल की क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के साथ एक महागठबंधन समझौते के तहत सत्ता में भागीदार है. शुक्रवार को हुए मतदान को लेकर सांसदों ने सीडीयू के रैंक को दरकिनार कर दिया, जिसकी पार्टी के कई सांसदों ने आलोचना की. चांसलर मर्केल ने इस विधेयक के विरोध में मतदान करते हुए कहा कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि जर्मनी के कानून में शादी एक पुरुष और एक महिला के बीच हो, हालांकि उन्होंने माना कि समलैंगिक विवाह को भी जगह मिलनी चाहिए. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैं उम्मीद करती हूं कि आज का मतदान न केवल विभिन्न विचारों वाले लोगों के बीच आदर को बढ़ावा देता है, बल्कि और ज्यादा समाजिक सद्भाव और शांति भी लाता है. एंजेला मर्केल ने अपनी पार्टी सीडीयू के सदस्यों से अपने विवेक के आधार पर स्वतंत्र मतदान करने को कहा था. जर्मनी अब यूरोपीय संघ के अन्य देशों के साथ समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला 13वां देश बन गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, मैं उम्मीद करती हूं कि आज का मतदान न केवल विभिन्न विचारों वाले लोगों के बीच आदर को बढ़ावा देता है, बल्कि और ज्यादा समाजिक सद्भाव और शांति भी लाता है. एंजेला मर्केल ने अपनी पार्टी सीडीयू के सदस्यों से अपने विवेक के आधार पर स्वतंत्र मतदान करने को कहा था. जर्मनी अब यूरोपीय संघ के अन्य देशों के साथ समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला 13वां देश बन गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: विधेयक को मंजूरी देने के बाद उसे जर्मनी की संसद 'बुंडेसटाग' ने पारित किया
समलैंगिक विवाह को मंजूरी देने वाला दुनिया का 23वां देश बना जर्मनी
यह विधेयक समलैंगिक जोड़े को बच्चा गोद लेने का भी अधिकार देता है | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: होली का पर्व यानी पूरी मस्ती। देश में हर ओर रंगों और गुलाल की धूम है। राजधानी दिल्ली के साथ ही विभिन्न शहरों में हर नुक्कड़ व गली होली के रंग में सराबोर है। लोगों ने जमकर गुलाल उड़ाए और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी। किसी के लिए यह रंगों का त्योहार है तो किसी के लिए पकवानों का। होली को मनाने के अंदाज भले ही अलग हों पर उमंग एकसमान देखने को मिलता है और यही वजह है कि आज पूरा देश होली के रंग में डूबा नजर आ रहा है। सड़क पर रंग-गुलाल से सराबोर कपड़े पहनकर निकले लोगों व होली के गीतों ने वाकई होली का अहसास कराया। होली के मौके पर रंग डालने या लगवाने के दौरान कई सावधानियां बरतनी भी जरूरी है। क्योंकि इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। 'बुरा न मानो होली है' और हम लाल पीले रंग के गुलाल की छटा बिखेरने में लग जाते हैं। अगर हम सजगतापूर्वक होली खेलें और प्राकृतिक रंगो का प्रयोग करें तो वह कतई हानिकारक नहीं है। होली के अवसर पर शराब, ताड़ी व भांग की बिक्री भी जोरों पर है। होली मिलन समारोह का आयोजन भी अपने चरम पर है। | सारांश: राजधानी दिल्ली के साथ ही विभिन्न शहरों में हर नुक्कड़ व गली होली के रंग में सराबोर है। लोगों ने जमकर गुलाल उड़ाए। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को इंग्लैंड पर बढ़त हासिल करने में दो खिलाड़ियों का खास रोल रहा। पहले कप्तान मिस्बाह-उल-हक़, जिन्होंने पहली पारी में शतक बनाया और दूसरे इंग्लिश बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसाने वाले लेग स्पिनर यासिर शाह। यासिर शाह ने इंग्लैंड की पहली पारी 272 रन पर समेट दी।टिप्पणियां
यासिर ने लॉर्ड्स में 72 रन देकर 6 इंग्लिश बल्लेबाजों को पवैलियन भेजा। इसी के साथ लॉर्ड्स में 6 विकेट लेने वाले वे पांचवे लेग स्पिनर बन गए। इतना ही नहीं पिछले 83 साल से लॉर्ड्स में किसी भी लेग स्पिनर ने 6 विकेट नहीं लिए हैं। आखिरी बार 1933 में वाल्टर रॉबिन्स ने वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ 6 विकेट लिए थे। रॉबिन्स ने 11.5 ओवर की गेंदबाजी में 1 मेडन डाले और 32 रन देकर 6 विकेट झटके। इंग्लिश टीम ने मैच पारी और 27 रन से जीता था।
30 साल के यासिर की गेंदबाजी पाकिस्तान की ओर लॉर्ड्स में दूसरी बेहतरीन गेंदबाजी है। यासिर से पहले मुदस्सर नज़र ने 1982 में 32 रन देकर 6 विकेट लिए थे। वहीं 2010 में स्पॉट फिक्सिंग के लिए चर्चा में आई लॉर्ड्स टेस्ट में मोहम्मद आमिर ने 72 रन देकर 6 विकेट लिए थे। 4 टेस्ट मैच की सीरीज़ शुरू होने से पहले हर तरफ मोहम्मद आमिर की वापसी को लेकर चर्चा हो रही थी लेकिन यासिर ने चुपके से बाजी मार ली।
यासिर ने लॉर्ड्स में 72 रन देकर 6 इंग्लिश बल्लेबाजों को पवैलियन भेजा। इसी के साथ लॉर्ड्स में 6 विकेट लेने वाले वे पांचवे लेग स्पिनर बन गए। इतना ही नहीं पिछले 83 साल से लॉर्ड्स में किसी भी लेग स्पिनर ने 6 विकेट नहीं लिए हैं। आखिरी बार 1933 में वाल्टर रॉबिन्स ने वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ 6 विकेट लिए थे। रॉबिन्स ने 11.5 ओवर की गेंदबाजी में 1 मेडन डाले और 32 रन देकर 6 विकेट झटके। इंग्लिश टीम ने मैच पारी और 27 रन से जीता था।
30 साल के यासिर की गेंदबाजी पाकिस्तान की ओर लॉर्ड्स में दूसरी बेहतरीन गेंदबाजी है। यासिर से पहले मुदस्सर नज़र ने 1982 में 32 रन देकर 6 विकेट लिए थे। वहीं 2010 में स्पॉट फिक्सिंग के लिए चर्चा में आई लॉर्ड्स टेस्ट में मोहम्मद आमिर ने 72 रन देकर 6 विकेट लिए थे। 4 टेस्ट मैच की सीरीज़ शुरू होने से पहले हर तरफ मोहम्मद आमिर की वापसी को लेकर चर्चा हो रही थी लेकिन यासिर ने चुपके से बाजी मार ली।
30 साल के यासिर की गेंदबाजी पाकिस्तान की ओर लॉर्ड्स में दूसरी बेहतरीन गेंदबाजी है। यासिर से पहले मुदस्सर नज़र ने 1982 में 32 रन देकर 6 विकेट लिए थे। वहीं 2010 में स्पॉट फिक्सिंग के लिए चर्चा में आई लॉर्ड्स टेस्ट में मोहम्मद आमिर ने 72 रन देकर 6 विकेट लिए थे। 4 टेस्ट मैच की सीरीज़ शुरू होने से पहले हर तरफ मोहम्मद आमिर की वापसी को लेकर चर्चा हो रही थी लेकिन यासिर ने चुपके से बाजी मार ली। | सारांश: यासिर ने लॉर्ड्स में 72 रन देकर 6 इंग्लिश बल्लेबाजों को पवैलियन भेजा
पिछले 83 साल से लॉर्ड्स में किसी भी लेग स्पिनर ने 6 विकेट नहीं लिए
मुदस्सर नज़र ने 1982 में 32 रन देकर 6 विकेट लिए थे | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल नजीब जंग दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को गिरफ्तार कर उन्हें पद से हटाना चाहते हैं.
केजरीवाल ने अपने एक ट्वीट में कहा, "सूत्रों के अनुसार, एलजी और पीएमओ स्वाति मालीवाल को अच्छा काम करने की वजह से हटाने पर अड़े हैं. अगामी सप्ताह में उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और पद से हटा दिया जाएगा."
एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एलजी उस टीम को भी हटाने पर अड़े हैं, जिन्होंने मोहल्ला क्लिनिक बनाया और फ्लाईओवरों पर धन बचाए. केजरीवाल ने कई ट्वीट के साथ कुछ समाचारों की क्लिपिंग्स भी साझा की, जिनमें जंग कथित तौर पर कह रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा किए गए 'गलत कार्यो' को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं.टिप्पणियां
उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में 10 अस्पतालों के निर्माण के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जमीनों की मांग करना क्या गलत था, जिसे मोदी और एलजी ने खारिज कर दिया? उन्होंने कहा, "जनहित से संबंधित आप सरकार के कई फैसलों को मोदी जी जंग के जरिये बदल देना चाहते हैं." (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने अपने एक ट्वीट में कहा, "सूत्रों के अनुसार, एलजी और पीएमओ स्वाति मालीवाल को अच्छा काम करने की वजह से हटाने पर अड़े हैं. अगामी सप्ताह में उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और पद से हटा दिया जाएगा."
एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एलजी उस टीम को भी हटाने पर अड़े हैं, जिन्होंने मोहल्ला क्लिनिक बनाया और फ्लाईओवरों पर धन बचाए. केजरीवाल ने कई ट्वीट के साथ कुछ समाचारों की क्लिपिंग्स भी साझा की, जिनमें जंग कथित तौर पर कह रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा किए गए 'गलत कार्यो' को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं.टिप्पणियां
उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में 10 अस्पतालों के निर्माण के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जमीनों की मांग करना क्या गलत था, जिसे मोदी और एलजी ने खारिज कर दिया? उन्होंने कहा, "जनहित से संबंधित आप सरकार के कई फैसलों को मोदी जी जंग के जरिये बदल देना चाहते हैं." (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एलजी उस टीम को भी हटाने पर अड़े हैं, जिन्होंने मोहल्ला क्लिनिक बनाया और फ्लाईओवरों पर धन बचाए. केजरीवाल ने कई ट्वीट के साथ कुछ समाचारों की क्लिपिंग्स भी साझा की, जिनमें जंग कथित तौर पर कह रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा किए गए 'गलत कार्यो' को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं.टिप्पणियां
उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में 10 अस्पतालों के निर्माण के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जमीनों की मांग करना क्या गलत था, जिसे मोदी और एलजी ने खारिज कर दिया? उन्होंने कहा, "जनहित से संबंधित आप सरकार के कई फैसलों को मोदी जी जंग के जरिये बदल देना चाहते हैं." (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में 10 अस्पतालों के निर्माण के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जमीनों की मांग करना क्या गलत था, जिसे मोदी और एलजी ने खारिज कर दिया? उन्होंने कहा, "जनहित से संबंधित आप सरकार के कई फैसलों को मोदी जी जंग के जरिये बदल देना चाहते हैं." (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | केजरीवाल ने कहा- मालीवाल को गिरफ्तार कर पद से हटाना चाहते हैं पीएम
एलजी और पीएमओ स्वाती को अच्छा काम करने के चलते हटाना चाहते हैं
उन्होंने ट्वीट्स के जरि कुछ अखबारों की क्लिपिंग्स भी शेयर कीं | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Mi 9T स्मार्टफोन को लॉन्च कर दिया गया है। याद करा दें कि कुछ दिनों पहले Xiaomi ने चीन में Redmi K20 स्मार्टफोन को लॉन्च किया था और आज शाओमी ने रेडमी के20 के ग्लोबल अवतार Mi 9T को लॉन्च कर दिया है। स्पेन में आयोजित इवेंट के दौरान Mi 9T के अलावा Mi Smart Band 4, Mi Electric Scooter Pro और मी ट्रू वायरलेस ईयरफोन (Mi True Wireless Earphones) को भी लॉन्च किया है। Redmi K20 और Mi 9T में कोई अंतर नहीं है और दोनों ही स्मार्टफोन एक जैसे डिज़ाइन और स्पेसिफिकेशन से लैस हैं। Mi Band 4 को हाल ही में चीनी मार्केट में लॉन्च किया गया है।
शाओमी के अनुसार, स्पेन में Mi 9T के दो स्टोरेज वेरिएंट लॉन्च किए गए हैं एक 6 जीबी + 64 जीबी और दूसरा 6 जीबी + 128 जीबी स्टोरेज के साथ। Mi 9T के 64 जीबी वेरिएंट की कीमत 329 यूरो (लगभग 25,900 रुपये) है और यह स्पेन में 17 जून से मिलने लगेगा। Amazon और Mi.com/es पर मी 9टी को बेचा जाएगा और शुरुआती 24 घंटों के लिए दोनों ही प्लेटफॉर्म पर 64 जीबी वेरिएंट को सिर्फ 299 यूरो (लगभग 23,500 रुपये) में बेचा जाएगा।
फोन के 128 जीबी वेरिएंट की कीमत 369 यूरो (लगभग 29,000 रुपये) है, हालांकि कंपनी ने इस वेरिएंट की उपलब्धता की सटीक तारीख साझा नहीं की है। Xiaomi ने कहा कि यह आने वाले हफ्तों में उपलब्ध होगा। कलर ऑप्शन की बात करें तो Mi 9T के तीन कलर वेरिएंट हैं – कार्बन ब्लैक, ग्लेशियर ब्लू और फ्लेम रेड। फिलहाल इसस बारे में जानकारी नहीं मिली है कि Xiaomi Mi 9T को भारत लाया जाएगा या नहीं।
स्पेन में Mi Smart Band 4 जून माह के अंत तक मिलने लगेगा और इसकी कीमत 34.99 यूरो (लगभग 2,700 रुपये) है। यह Mi.com, मी होम स्टोर और अन्य ऑफिशियल Xiaomi चैनल के माध्यम से बेचा जाएगा।
Mi Electric Scooter Pro की बिक्री 13 जून 2019 (13 June 2019) यानी कल से शुरू होगी। मी इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रो की कीमत 499 यूरो (लगभग 39,200 रुपये) है और यह मी स्टोर और MediaMarkt पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। Mi True Wireless Earphones की बिक्री भी कल से मी डॉट कॉम और मी स्टोर पर शुरू होगी और इसकी कीमत 79.99 यूरो (लगभग 6,300 रुपये) है।
Redmi K20 की तरह Mi 9T में भी बिना नॉच वाली फुल-स्क्रीन है और यह पॉप-अप सेल्फी कैमरा से लैस है। डुअल-सिम (नैनो) वाला Mi 9T एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलता है। फोन में 6.39 इंच का एमोलेड फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) स्क्रीन है, इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5: 9 आस्पेक्ट रेशियो है। Mi 9T में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर के साथ 6 जीबी रैम है।
अब बात कैमरा सेटअप की। Mi 9T में तीन रियर कैमरे हैं, 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है जो सोनी आईएमएक्स582 सेंसर से लैस है और इसका अपर्चर एफ/1.75 है। 8 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा है और तीसरा सेंसर 13 मेगापिक्सल का है जिसका अपर्चर एफ/2.4 है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 20 मेगापिक्सल का पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया गया है।
Mi 9T में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी है जो 18 वाट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से लैस है। Mi 9T में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट और 3.5 मिलीमीटर हेडफोन जैक भी दिया गया है। कनेक्टिविटी की बात करें तो फोन में वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस और 4 जी एलटीई सपोर्ट दिया गया है। फोन की लंबाई-चौड़ाई 156.7x74.3x8.8 मिलीमीटर और वज़न 191 ग्राम है।
जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया Mi Smart Band 4 वहीं प्रोडक्ट है जिसे मंगलवार को चीन में Mi Band 4 के रूप में लॉन्च किया गया है। यह फुल कलर एमोलेड स्क्रीन के साथ आता है और इसमें 135 एमएएच की बैटरी है। इस फिटनेस बैंड के बारे में 20 दिनों की बैटरी लाइफ देने का दावा किया गया है।
Xiaomi का कहना है कि सिंगल चार्ज पर यह 45 किलोमीटर तक की रेंज़ तक चल सकता है और इसकी टॉप स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें राइड डिटेल्स की निगरानी के लिए एक बिल्ट-इन मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले भी शामिल है।
नए मी ट्रू वायरलेस हेडफ़ोन Apple Airpods की तरह लगते हैं। इन्हें लेकर दावा किया गया है कि यह 10 घंटे तक लगातार म्यूजिक प्लेबैक कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि यह आसानी से कनेक्ट हो जाते हैं। ईयरपीस कान से निकलने पर म्यूज़िक प्लेबैक खुद-ब-खुद रुक जाएगा। इसके टच कंट्रोल की मदद से आप सिंगल और डबल टैप कर प्ले और पॉज जैसे फीचर को कंट्रोल कर सकेंगे। | संक्षिप्त पाठ: Xiaomi Mi 9T के तीन कलर वेरिएंट हैं
Mi 9T में तीन रियर कैमरे दिए गए हैं
Xiaomi ने Mi Smart Band 4 को भी किया है लॉन्च | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरल को पारी के अंतर से हराते हुए विदर्भ ((Vidarbha) की टीम ने लगातार दूसरे वर्ष रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy)के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में विदर्भ ने केरल (Kerala) को एक पारी 11 रन के शिकस्त दी. विदर्भ की इस जीत के हीरो तेज गेंदबाज उमेश यादव (Umesh Yadav) रहे जिन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर 12 विकेट लिए. कृष्णागिरी स्टेडियम में खेले गए मैच में मिली इस जीत से मौजूदा विजेता विदर्भ ने अपने खिताब को बरकरार रखने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है. मैच में विदर्भ के सामने केरल की टीम टिक नहीं सकी. तेज गेंदबाजी के लिए मददगार विकेट पर उमेश यादव के आगे उसके बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए.
IND vs WI 2nd Test: उमेश यादव ने 'छक्का' जड़कर हटाए 'दो लंबे ग्रहण'
टॉस जीतकर विदर्भ ने केरल को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया था. पहली पारी में उमेश यादव ने 48 रन देकर सात विकेट लिए. उनकी गेंदबाजी की दम पर विदर्भ ने केरल की पहली पारी 106 रनों पर ही समेट दिया था. पहली पारी में केरल के विष्णु विनोद ही संघर्ष करते नजर आए. उन्होंने सर्वाधिक 37 रन बनाए, इसके अलावा, टीम का कोई भी बल्लेबाज खास कमाल नहीं कर सका. इस पारी में विदर्भ के लिए उमेश के अलावा तेज गेंदबाज रजनीश गुरबानी ने भी शानदार गेंदबाजी की और उन्होंने बाकी के तीन विकेट अपने नाम किए.
IND VS SL: 'इस वेरी-वेरी स्पेशल रेस' में आर. अश्विन से हार गए उमेश यादव! | सेमीफाइनल मैच एक पारी और 11 रन से जीता
उमेश यादव ने मैच में 12 विकेट हासिल किए
दूसरी पारी में महज 91 रन पर सिमटी केरल टीम | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्या आपने दुनिया के सात अजूबे देखें हैं? अगर नहीं तो दिल्ली में जल्द ही आपको दुनिया के सात अजूबे साकार देखने को मिलेंगे. दक्षिण दिल्ली नगर निगम द्वारा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के पास एक पार्क तैयार किया जा रहा है जिसमें दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां आपकी आंखों के सामने होंगी.
सबसे बड़ी बात यह है कि इन सातों अजूबों की प्रतिकृतियां स्क्रैप, यानी कि कबाड़ से बनाई गई हैं. हम आपको इसकी पहली झलक दिखा रहे हैं.
आकार -42 ×42×36 फीट
वज़न- 12-13 टन
निर्माण सामग्री-पाइप, एंगल, नट बोल्ट, 1600 साईकिल रिंग, मेटल शीट, स्प्रिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट, बिजली का खंबा, खाना बनाने की कढ़ाई, पार्क की बेंच
वज़न- 10-12 टन
निर्माण सामग्री- एंगल 20,000 फीट, बिजली के खंभे.
आकार - 38×10×10 फीट, 86 डिग्री झुका हुआ
वजन- 10 टन
निर्माण सामग्री- साईकल के रिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट, मेटल शीट, इलेक्ट्रिक केबल रोल
आकार- 24×24×69 फीट
वजन- 15-16 टन
निर्माण सामग्री- एंगल, डीज़ल टैंक, पहिये के नट बोल्ट, साइकलों के रिम, पार्क में लगी रैलिंग, पार्क के गेट के सरिए
आकार- 42×52×16.5 फीट
वज़न-10 टन
निर्माण सामग्री- कार के रिम, बच्चों के झूलों के पाइप, झूलों का स्लाइडर, साईकल के रिम, ऑटोमोबाइल पार्ट, ट्रक की मेटल शीट, बिजली के खंभे
आकार- 28×16×9 फीट
वज़न- 7-8 टन
निर्माण सामग्री- ट्रक की मेटल शीट, ऑटोमोबाइल पाक्ट, रेहड़ी की कमानी, स्प्रिंग, रिक्शा और बाइक की चेन, गार्डन की बेंच
आकार- 20×20×31 फीट
वज़न- 6-7 टन
निर्माण सामग्री-
रेहड़ी की कमानी, बाइक की चैन, ऑटोमोबाइल पार्ट जैसे गियर, चैन, गाड़ी की रिम की प्लेट, एंगल
हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन से सटकर यह पार्क बनाया गया है जिसकी लागत 7.5 करोड़ रुपये है. इस पार्क में सोलर पावर का इस्तेमाल होगा. इसमें LED लगाई गई हैं. पार्क में प्रवेश के लिए 100 रुपये का टिकट लग सकता है. यह पार्क इसी महीने शुरू होने की संभावना है. इसके निर्माण में कुल 150 टन कबाड़ लगा है. यहां टॉयलेट भी कंटेनर में बनाया गया है. यह पार्क सात एकड़ क्षेत्र में फैला है. | सारांश: पार्क के निर्माण की लागत 7.5 करोड़ रुपये
पार्क में प्रवेश के लिए लग सकता है 100 रुपये का टिकट
निर्माण में कुल 150 टन कबाड़ लगा, टॉयलेट कंटेनर में | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र के शीर्ष नेतृत्व में हुए फेरबदल के बाद सोमवार को पहली बार कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 15 फीसदी की वृद्धि करने का वादा किया गया। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक कैबिनेट ने बयान जारी कर कहा कि वित्त मंत्रालय लगभग 60 लाख कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के लिए 1.1 अरब डॉलर की राशि आवंटित करेगा। बैठक के बाद प्रधानमंत्री अहमद शफीक ने कहा कि तथ्यों का अवलोकन करने और स्थितियों पर गौर करने के बाद कर्मचारियों के वेतन वृद्धि को मंजूरी दी गई है। मिस्र में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दो सप्ताह बाद यह घोषणा की गई है। मिस्र की जनता देश में बढ़ रही बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग कर रही है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक म्रिस में लगभग 40 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे या फिर उसके आस-पास जीवन निर्वहन कर रहे हैं। उधर, सेना ने घोषणा की है कि काहिरा, एलेक्जेंड्रिया और स्यूज में शाम के समय कर्फ्यू लागू रहेगा। गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। कई शैक्षणिक संस्थाओं और विश्वविद्यालयों ने शिक्षण कार्य शुरू करने की घोषणा की है। लेकिन तहरीर चौक पर अभी भी सैकड़ों प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। | मिस्र में सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 15 फीसदी की वृद्धि करने का वादा किया गया। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में डेक्कन चार्जर्स के साथ रविवार को खेले जाने वाले लीग मुकाबले में मुम्बई इंडियंस की टीम पांचवीं जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी। दूसरी ओर, वर्ष 2008 में आईपीएल के पहले संस्करण का खिताब जीत चुकी चार्जर्स की नजरें तीसरी जीत पर होगी। गत उप विजेता मुम्बई इंडियंस ने आईपीएल-4 में बेहतरीन शुरुआत की है और उसने अब तक खेले पांच मैचों में से चार में जीत दर्ज की है जबकि एक मुकाबले में उसे कोच्चि टस्कर्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। मुम्बई की टीम आठ अंक लेकर अंकतालिका में शीर्ष पर काबिज है जबकि इतने ही मैच चार्जर्स ने भी खेले हैं लेकिन उसे दो मुकाबलों में जीत मिली है जबकि तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। चार्जर्स चार अंकों के साथ अंकतालिका में आठवें स्थान पर है। मुम्बई को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी राजगोपाल सतीश और सचिन तेंदुलकर के कंधों पर होगी। तेंदुलकर इन दिनों बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसके अलावा मध्यक्रम में अम्बाती रायडू, रोहित शर्मा, एंड्रयू साइमंड्स और केरोन पोलार्ड टीम को मजबूती देंगे। पिछले मुकाबले में रोहित ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार 87 रनों की पारी खेली थी। मुम्बई के कप्तान तेंदुलकर को चार्जर्स के साथ खेले जाने वाले मुकाबले में रोहित से एक बार फिर कुछ इसी तरह की पारी खेलने की उम्मीद होगी। हरफनमौला जेम्स फ्रैंकलिन किसी भी क्रम पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने को तैयार हैं। तेज गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा, मुनाफ पटेल और अबू नेचिम बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसके अलावा सुपर किंग्स के खिलाफ पांच विकेट झटककर ऑफ स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने शानदार फॉर्म में लौटने के संकेत दे दिए हैं। दूसरी ओर, चार्जर्स के सलामी बल्लेबाज सनी सोहल बेजोड़ फॉर्म में हैं। सोहल ने पिछले मैच में दिल्ली डेयर डेविल्स के खिलाफ 62 रनों की पारी खेली थी। कप्तान कुमार संगकारा भी अच्छे फॉर्म में हैं। संगकारा ने डेयर डेविल्स के खिलाफ 49 रन बनाए थे। इसके अलावा शिखर धवन, कैमरन व्हाइट, डेनिएल क्रिस्टियन और भरत चिपली टीम को मध्यक्रम में मजबूती प्रदान करेंगे। चार्जर्स की टीम में डेल स्टेन और इशांत शर्मा के रूप में दो विश्व स्तरीय गेंदबाज मौजूद हैं जबकि स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा और अमित मिश्रा के रूप में दो विकल्प मौजूद हैं। आईपीएल-4 में मुम्बई ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन चार्जर्स की टीम अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने में असफल रही है। | यहाँ एक सारांश है:गत उप विजेता मुम्बई इंडियंस ने आईपीएल-4 में बेहतरीन शुरुआत की है और उसने अब तक खेले पांच मैचों में से चार में जीत दर्ज की है। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार पर आरोप लगाया गया है, कि उसने बड़े कॉरपोरेट घरानों को नाजायज़ फायदे पहुंचाए, जिनसे सरकारी खज़ाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
राज्य विधानसभा में मंगलवार को पेश की गई कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार लार्सन एंड टूब्रो, फोर्ड इंडिया तथा एस्सार स्टील जैसी कंपनियों को फैक्टरियां स्थापित करने के लिए सस्ती कीमतों पर ज़मीनें आवंटित की गईं, जिससे सरकार को नुकसान हुआ।
कैग का यह भी कहना है कि अदानी पॉवर को राज्य सरकार द्वारा संचालित एक कंपनी से ऊर्जा खरीदने के लिए पहले से हो चुके एक समझौते की शर्तों से मुकरने दिया गया, जिससे कंपनी को फायदा हुआ, जबकि सरकार को नुकसान।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि गुजरात को उद्योगों के लिए अनुकूल राज्य बनाकर उसका आर्थिक विकास करने का दावा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के पुनर्निर्वाचन का बड़ा कारण रहा है, और अब उनके समर्थक इसी विकास को आधार बनाकर उन्हें बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग भी जोर-शोर से कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने यह मांग अभी तक नहीं मानी है, लेकिन पिछले सप्ताह नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय छवि होना पार्टी ने स्वीकार किया, जब उन्हें एकमात्र मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी के 12-सदस्यीय संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया।
पिछले कुछ महीनों में नरेंद्र मोदी के भाषणों में विकास को लेकर उनके 'मंत्र' - पी-2-जी-2 (प्रो-पीपल गुड गवर्नेन्स या जनोन्मुखी तथा सुशासन) तथा IT + IT = IT (इंडियन टैलेन्ट + इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी = इंडिया टुमॉरो) ही छाए रहे हैं।
राज्य विधानसभा में मंगलवार को पेश की गई कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार लार्सन एंड टूब्रो, फोर्ड इंडिया तथा एस्सार स्टील जैसी कंपनियों को फैक्टरियां स्थापित करने के लिए सस्ती कीमतों पर ज़मीनें आवंटित की गईं, जिससे सरकार को नुकसान हुआ।
कैग का यह भी कहना है कि अदानी पॉवर को राज्य सरकार द्वारा संचालित एक कंपनी से ऊर्जा खरीदने के लिए पहले से हो चुके एक समझौते की शर्तों से मुकरने दिया गया, जिससे कंपनी को फायदा हुआ, जबकि सरकार को नुकसान।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि गुजरात को उद्योगों के लिए अनुकूल राज्य बनाकर उसका आर्थिक विकास करने का दावा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के पुनर्निर्वाचन का बड़ा कारण रहा है, और अब उनके समर्थक इसी विकास को आधार बनाकर उन्हें बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग भी जोर-शोर से कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने यह मांग अभी तक नहीं मानी है, लेकिन पिछले सप्ताह नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय छवि होना पार्टी ने स्वीकार किया, जब उन्हें एकमात्र मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी के 12-सदस्यीय संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया।
पिछले कुछ महीनों में नरेंद्र मोदी के भाषणों में विकास को लेकर उनके 'मंत्र' - पी-2-जी-2 (प्रो-पीपल गुड गवर्नेन्स या जनोन्मुखी तथा सुशासन) तथा IT + IT = IT (इंडियन टैलेन्ट + इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी = इंडिया टुमॉरो) ही छाए रहे हैं।
कैग का यह भी कहना है कि अदानी पॉवर को राज्य सरकार द्वारा संचालित एक कंपनी से ऊर्जा खरीदने के लिए पहले से हो चुके एक समझौते की शर्तों से मुकरने दिया गया, जिससे कंपनी को फायदा हुआ, जबकि सरकार को नुकसान।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि गुजरात को उद्योगों के लिए अनुकूल राज्य बनाकर उसका आर्थिक विकास करने का दावा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के पुनर्निर्वाचन का बड़ा कारण रहा है, और अब उनके समर्थक इसी विकास को आधार बनाकर उन्हें बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग भी जोर-शोर से कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने यह मांग अभी तक नहीं मानी है, लेकिन पिछले सप्ताह नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय छवि होना पार्टी ने स्वीकार किया, जब उन्हें एकमात्र मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी के 12-सदस्यीय संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया।
पिछले कुछ महीनों में नरेंद्र मोदी के भाषणों में विकास को लेकर उनके 'मंत्र' - पी-2-जी-2 (प्रो-पीपल गुड गवर्नेन्स या जनोन्मुखी तथा सुशासन) तथा IT + IT = IT (इंडियन टैलेन्ट + इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी = इंडिया टुमॉरो) ही छाए रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गुजरात को उद्योगों के लिए अनुकूल राज्य बनाकर उसका आर्थिक विकास करने का दावा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के पुनर्निर्वाचन का बड़ा कारण रहा है, और अब उनके समर्थक इसी विकास को आधार बनाकर उन्हें बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग भी जोर-शोर से कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने यह मांग अभी तक नहीं मानी है, लेकिन पिछले सप्ताह नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय छवि होना पार्टी ने स्वीकार किया, जब उन्हें एकमात्र मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी के 12-सदस्यीय संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया।
पिछले कुछ महीनों में नरेंद्र मोदी के भाषणों में विकास को लेकर उनके 'मंत्र' - पी-2-जी-2 (प्रो-पीपल गुड गवर्नेन्स या जनोन्मुखी तथा सुशासन) तथा IT + IT = IT (इंडियन टैलेन्ट + इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी = इंडिया टुमॉरो) ही छाए रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में नरेंद्र मोदी के भाषणों में विकास को लेकर उनके 'मंत्र' - पी-2-जी-2 (प्रो-पीपल गुड गवर्नेन्स या जनोन्मुखी तथा सुशासन) तथा IT + IT = IT (इंडियन टैलेन्ट + इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी = इंडिया टुमॉरो) ही छाए रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:विधानसभा में मंगलवार को पेश की गई कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार लार्सन एंड टूब्रो, फोर्ड इंडिया तथा एस्सार स्टील जैसी कंपनियों को फैक्टरियां स्थापित करने के लिए सस्ती कीमतों पर ज़मीनें आवंटित की गईं, जिससे राज्य सरकार को नुकसान हुआ | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने कहा है कि वह चीन के साथ सहयोगपूर्ण संबंध विकसित करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि दोनों देशों के संबंधों में पारदर्शिता हो जहां दोनों देश एक-दूसरे को समझ सकें और जान सकें कि दोनों क्या कर रहे हैं। सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में पेनेटा ने कहा, मेरा लक्ष्य चीन के साथ सहयोगपूर्ण संबंध विकसित करना है। मैं चाहता हूं कि दोनों देशों के रिश्तों में पारदर्शिता हो ताकि दोनों एक दूसरे को समझ सकें और जान सकें कि दोनों क्या कर रहे हैं। पेनेटा ने कहा कि चीन यदि अपनी सैन्य ताकत बढ़ाता है, हथियार क्षमता बेहतर करता है और उससे क्षेत्र के देशों के लिए खतरा पैदा होता है तो अमेरिका के लिए यह चिंतित करने वाला विषय है। पेनेटा ने कहा, इस कारण से प्रशांत क्षेत्र में हमारी उपस्थिति रही है क्योंकि हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय की रक्षा करनी है और समुद्री मार्गों तक उनकी स्वतंत्र पहुंच को सक्षम करना है पर ज्यादा महत्वपूर्ण है कि हम उस देश में अंतराष्ट्रीय समुदाय के हितों की रक्षा करें। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने कहा है कि वह चीन के साथ सहयोगपूर्ण संबंध विकसित करना चाहते हैं। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने दावा किया कि लश्कर-ए-तय्यबा का आतंकवादी अबु जंदल भारतीय खुफिया एजेंसियों का एक एजेंट था। इस आरोप का भारत के गृह मंत्रालय ने खंडन किया है। जंदल को सउदी अरब से प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया था।
मलिक ने कहा, ‘हम भी हैरानी में हैं। अबु जंदल जाना-माना अपराधी था। वह भारतीय खुफिया एजेंसी का एजेंट था। वह खुद बोल रहा है। हम नहीं बोल रहे हैं। हमने रिकॉर्ड देखे हैं।’
जंदल मुंबई आतंकवादी हमले मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक है और मुंबई में 2008 में तीन दिन तक चले खूनी खेल के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूप में कथित तौर पर मौजूद था।टिप्पणियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जंदल एक साल तक सउदी अधिकारियों की हिरासत में रहा। उस दौरान पाकिस्तान ने कूटनीतिक दबाव बढ़ाया क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि वह 26 नवंबर के हमले में शामिल सरकारी तत्वों के बारे में जानकारी दे सकता है।
मलिक ने कहा कि जंदल के अलावा दो अन्य भारतीय पाकिस्तान गए थे। उन्होंने कहा, ‘हम हैरान हैं कि वे पाकिस्तान क्यों गए। यह रिकॉर्ड का मामला है।’
मलिक ने कहा, ‘हम भी हैरानी में हैं। अबु जंदल जाना-माना अपराधी था। वह भारतीय खुफिया एजेंसी का एजेंट था। वह खुद बोल रहा है। हम नहीं बोल रहे हैं। हमने रिकॉर्ड देखे हैं।’
जंदल मुंबई आतंकवादी हमले मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक है और मुंबई में 2008 में तीन दिन तक चले खूनी खेल के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूप में कथित तौर पर मौजूद था।टिप्पणियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जंदल एक साल तक सउदी अधिकारियों की हिरासत में रहा। उस दौरान पाकिस्तान ने कूटनीतिक दबाव बढ़ाया क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि वह 26 नवंबर के हमले में शामिल सरकारी तत्वों के बारे में जानकारी दे सकता है।
मलिक ने कहा कि जंदल के अलावा दो अन्य भारतीय पाकिस्तान गए थे। उन्होंने कहा, ‘हम हैरान हैं कि वे पाकिस्तान क्यों गए। यह रिकॉर्ड का मामला है।’
जंदल मुंबई आतंकवादी हमले मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक है और मुंबई में 2008 में तीन दिन तक चले खूनी खेल के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूप में कथित तौर पर मौजूद था।टिप्पणियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जंदल एक साल तक सउदी अधिकारियों की हिरासत में रहा। उस दौरान पाकिस्तान ने कूटनीतिक दबाव बढ़ाया क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि वह 26 नवंबर के हमले में शामिल सरकारी तत्वों के बारे में जानकारी दे सकता है।
मलिक ने कहा कि जंदल के अलावा दो अन्य भारतीय पाकिस्तान गए थे। उन्होंने कहा, ‘हम हैरान हैं कि वे पाकिस्तान क्यों गए। यह रिकॉर्ड का मामला है।’
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जंदल एक साल तक सउदी अधिकारियों की हिरासत में रहा। उस दौरान पाकिस्तान ने कूटनीतिक दबाव बढ़ाया क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि वह 26 नवंबर के हमले में शामिल सरकारी तत्वों के बारे में जानकारी दे सकता है।
मलिक ने कहा कि जंदल के अलावा दो अन्य भारतीय पाकिस्तान गए थे। उन्होंने कहा, ‘हम हैरान हैं कि वे पाकिस्तान क्यों गए। यह रिकॉर्ड का मामला है।’
मलिक ने कहा कि जंदल के अलावा दो अन्य भारतीय पाकिस्तान गए थे। उन्होंने कहा, ‘हम हैरान हैं कि वे पाकिस्तान क्यों गए। यह रिकॉर्ड का मामला है।’ | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने दावा किया कि लश्कर-ए-तय्यबा का आतंकवादी अबु जंदल भारतीय खुफिया एजेंसियों का एक एजेंट था। इस आरोप का भारत के गृह मंत्रालय ने खंडन किया है। जंदल को सउदी अरब से प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया था। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंडोनेशिया के तीसरे सबसे बड़े शहर मेदान स्थित एक जेल में गुरुवार देर रात हुए दंगे के बाद कैदियों ने जेल को आग लगा दी और आतंकवादियों सहित करीब 200 कैदी फरार हो गए।
हजारों पुलिसकर्मी और सैनिक तांजुंग गुस्ता जेल के आसपास तैनात हैं, जिससे उत्तरी सुमात्रा की राजधानी मेदान को अन्य प्रांतों से जोड़ने वाली सड़कें बंद हैं। अग्निशमन दस्ते जेल में लगी आग को बुझाने में लगे हैं। गुरुवार देर रात हुए दंगे में जेल के तीन कर्मचारियों और दो कैदियों की मौत हो गई। दंगे से पैदा हुई अफरातफरी का फायदा उठाकर करीब 200 कैदी जेल से फरार हो गए।
स्थानीय पुलिस प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल निको अफींता ने बताया कि अधिकारियों ने फरार हुए कैदियों में से 55 को फिर गिरफ्तार कर लिया है और अन्य कैदियों की तलाश की जा रही है। दोषी साबित 22 आतंकवादियों में से तीन पकड़ लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मरने वाले जेल कर्मियों में एक महिला भी शामिल है। ये लोग जेल इमारत के कार्यालय में फंस गए थे, जिसे देर रात दंगे के दौरान आग लगा दी गई।टिप्पणियां
ऐसा बताया जा रहा है कि जेल में बिजली गुल रहने की वजह से दंगा भड़का। बिजली नहीं होने से कैदियों को सुबह से पानी नहीं मिला था। जेल निदेशालय के प्रवक्ता अकबर हदी ने बताया कि कैदियों ने करीब 15 अधिकारियों को जेल के भीतर बंधक बना लिया। जेल में करीब 2600 कैदी हैं, जबकि इसकी क्षमता 1500 कैदियों की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जेल के भीतर से गोली चलने की आवाजें सुनी गईं। जेल से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। अभियान को देख रहे उप न्याय मंत्री डेनी इंद्रयाना ने अधिकारियों से जेल से सभी कैदियों को सुरक्षित बाहर निकालने को कहा है और फरार कैदियों से कहा है कि वे खुद अधिकारियों के समक्ष समर्पण कर दें। इंद्रयाना ने कहा कि फरार कैदियों का पीछा किया जाएगा और जो समर्पण नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना में घायल हुए लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
हजारों पुलिसकर्मी और सैनिक तांजुंग गुस्ता जेल के आसपास तैनात हैं, जिससे उत्तरी सुमात्रा की राजधानी मेदान को अन्य प्रांतों से जोड़ने वाली सड़कें बंद हैं। अग्निशमन दस्ते जेल में लगी आग को बुझाने में लगे हैं। गुरुवार देर रात हुए दंगे में जेल के तीन कर्मचारियों और दो कैदियों की मौत हो गई। दंगे से पैदा हुई अफरातफरी का फायदा उठाकर करीब 200 कैदी जेल से फरार हो गए।
स्थानीय पुलिस प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल निको अफींता ने बताया कि अधिकारियों ने फरार हुए कैदियों में से 55 को फिर गिरफ्तार कर लिया है और अन्य कैदियों की तलाश की जा रही है। दोषी साबित 22 आतंकवादियों में से तीन पकड़ लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मरने वाले जेल कर्मियों में एक महिला भी शामिल है। ये लोग जेल इमारत के कार्यालय में फंस गए थे, जिसे देर रात दंगे के दौरान आग लगा दी गई।टिप्पणियां
ऐसा बताया जा रहा है कि जेल में बिजली गुल रहने की वजह से दंगा भड़का। बिजली नहीं होने से कैदियों को सुबह से पानी नहीं मिला था। जेल निदेशालय के प्रवक्ता अकबर हदी ने बताया कि कैदियों ने करीब 15 अधिकारियों को जेल के भीतर बंधक बना लिया। जेल में करीब 2600 कैदी हैं, जबकि इसकी क्षमता 1500 कैदियों की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जेल के भीतर से गोली चलने की आवाजें सुनी गईं। जेल से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। अभियान को देख रहे उप न्याय मंत्री डेनी इंद्रयाना ने अधिकारियों से जेल से सभी कैदियों को सुरक्षित बाहर निकालने को कहा है और फरार कैदियों से कहा है कि वे खुद अधिकारियों के समक्ष समर्पण कर दें। इंद्रयाना ने कहा कि फरार कैदियों का पीछा किया जाएगा और जो समर्पण नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना में घायल हुए लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
स्थानीय पुलिस प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल निको अफींता ने बताया कि अधिकारियों ने फरार हुए कैदियों में से 55 को फिर गिरफ्तार कर लिया है और अन्य कैदियों की तलाश की जा रही है। दोषी साबित 22 आतंकवादियों में से तीन पकड़ लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मरने वाले जेल कर्मियों में एक महिला भी शामिल है। ये लोग जेल इमारत के कार्यालय में फंस गए थे, जिसे देर रात दंगे के दौरान आग लगा दी गई।टिप्पणियां
ऐसा बताया जा रहा है कि जेल में बिजली गुल रहने की वजह से दंगा भड़का। बिजली नहीं होने से कैदियों को सुबह से पानी नहीं मिला था। जेल निदेशालय के प्रवक्ता अकबर हदी ने बताया कि कैदियों ने करीब 15 अधिकारियों को जेल के भीतर बंधक बना लिया। जेल में करीब 2600 कैदी हैं, जबकि इसकी क्षमता 1500 कैदियों की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जेल के भीतर से गोली चलने की आवाजें सुनी गईं। जेल से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। अभियान को देख रहे उप न्याय मंत्री डेनी इंद्रयाना ने अधिकारियों से जेल से सभी कैदियों को सुरक्षित बाहर निकालने को कहा है और फरार कैदियों से कहा है कि वे खुद अधिकारियों के समक्ष समर्पण कर दें। इंद्रयाना ने कहा कि फरार कैदियों का पीछा किया जाएगा और जो समर्पण नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना में घायल हुए लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
ऐसा बताया जा रहा है कि जेल में बिजली गुल रहने की वजह से दंगा भड़का। बिजली नहीं होने से कैदियों को सुबह से पानी नहीं मिला था। जेल निदेशालय के प्रवक्ता अकबर हदी ने बताया कि कैदियों ने करीब 15 अधिकारियों को जेल के भीतर बंधक बना लिया। जेल में करीब 2600 कैदी हैं, जबकि इसकी क्षमता 1500 कैदियों की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जेल के भीतर से गोली चलने की आवाजें सुनी गईं। जेल से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। अभियान को देख रहे उप न्याय मंत्री डेनी इंद्रयाना ने अधिकारियों से जेल से सभी कैदियों को सुरक्षित बाहर निकालने को कहा है और फरार कैदियों से कहा है कि वे खुद अधिकारियों के समक्ष समर्पण कर दें। इंद्रयाना ने कहा कि फरार कैदियों का पीछा किया जाएगा और जो समर्पण नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना में घायल हुए लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जेल के भीतर से गोली चलने की आवाजें सुनी गईं। जेल से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। अभियान को देख रहे उप न्याय मंत्री डेनी इंद्रयाना ने अधिकारियों से जेल से सभी कैदियों को सुरक्षित बाहर निकालने को कहा है और फरार कैदियों से कहा है कि वे खुद अधिकारियों के समक्ष समर्पण कर दें। इंद्रयाना ने कहा कि फरार कैदियों का पीछा किया जाएगा और जो समर्पण नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना में घायल हुए लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। | संक्षिप्त सारांश: इंडोनेशिया के तीसरे सबसे बड़े शहर मेदान स्थित एक जेल में गुरुवार देर रात हुए दंगे के बाद कैदियों ने जेल को आग लगा दी और आतंकवादियों सहित करीब 200 कैदी फरार हो गए। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Birthday) अपने जन्मदिन के मौके पर अपनी 98 वर्षीय मां हीराबेन से मिलने गुजरात में गांधीनगर के रायसीन गांव पहुंचे. उन्होंने यहां पहुंचकर मां के साथ दोपहर का भोजन किया और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. इसके बाद पीएम मोदी ने अपने पड़ोसियों से भी मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर बांध का दौरा किया. वह बीती रात ही गुजरात पहुंच गए थे. पीएम ने सुबह नर्मदा नदी पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर बांध सहित कई परियोजनाओं की समीक्षा के लिए नर्मदा जिले में गांधीनगर से केवडिया तक उड़ान भरी.
पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध में जल स्तर अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 138.68 मीटर तक पहुंच चुका है. 2017 में इस बांध का उद्घाटन पीएम मोदी ने ही किया था. मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के साथ, उन्होंने "नमामि नर्मदे महोत्सव" की शुरुआत की और बांध स्थल पर नर्मदा नदी के समक्ष प्रार्थना की. यहां जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह सरदार सरोवर परियोजना को सफल बनाने के लिए काम करने वाले लाखों लोगों का आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने कहा, हमने पहली बार सरदार सरोवर बांध को पूरा भरा हुआ देखा है. एक समय था जब 122 मीटर के लक्ष्य तक पहुंचना ही बड़ी बात थी. लेकिन 5 वर्ष के भीतर 138 मीटर तक सरदार सरोवर का भर जाना, अद्भुत और अविस्मरणीय है.'' | संक्षिप्त पाठ: रायसीन गांव में रहती हैं पीएम मोदी की मां हीराबेन
घर पहुंचकर मां के साथ पीएम ने किया होपहर का भोजन
इसे पहले सरदार सरोवर बांध का दौरा करने पहुंचे थे पीएम | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान की एक नई आत्मकथा में उन खबरों का खंडन किया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के साथ उनके प्रेम संबंध थे। अपने भारतीय आत्मकथा लेखक फ्रांक हुजूर को खान ने बताया, मेरे एक रिश्तेदार की दिलचस्पी उनमें (भुट्टो) में थी और जब मैंने दोनों को मिलाया, तो उन्होंने भी दिलचस्पी दिखाई। एक वक्त ऐसा भी आया जब विवाह होने की बात भी हुई। पाकिस्तान के तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख खान ने भुट्टो को निजी मित्र बताया और कहा कि दोनों के बीच पारस्परिक आदर भाव थे। खान के मुताबिक, भुट्टो को सुखिर्यों से प्यार था। खान के हवाले से हुजूर की पुस्तक इमरान वर्सेज इमरान में कहा गया है, वह मेरी सलाह को तवज्जों देती थीं। राजनीति उनका पेशा नहीं था लेकिन उन्होंने इसे अपना बनाया। वह पाकिस्तान का नाम रौशन करतीं। करीब दो साल पहले लेखक क्रिस्टोफर सैंडफोर्ड ने खान की आत्मकथा में दावा किया था कि 1970 के दशक में ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई के दौरान भुट्टो खान के प्रति आकर्षित हो गई थीं और उनके बीच करीब और संभवत: यौन संबंध भी थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि खान की माता ने दोनों की शादी कराने की असफल कोशिश भी की। | यह एक सारांश है: मेरे एक रिश्तेदार की दिलचस्पी उनमें (भुट्टो) में थी और जब मैंने दोनों को मिलाया तो उन्होंने भी दिलचस्पी दिखाई।' | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर में बेरोजगारी पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र से मदद चाहती है।आतंकवाद प्रभावित इस राज्य में लगभग 500,000 पुरुष एवं महिलाएं बेरोजगार हैं, जिन्हें प्राय: आतंकी संगठन भर्ती के लिए निशाना बनाते हैं। यहां के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय द्वारा कश्मीर पर आयोजित एक सेमिनार में केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है।" उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र 100,000 कश्मीरी युवाओं को रोजगार दे सकता है। युवा वहां वेतनभोगी प्रशिक्षु के तौर पर कार्य सीख सकते हैं और अपनी कार्यकुशलता बढ़ा सकते हैं। कश्मीर में पिछले वर्ष महीनों चले हिंसक प्रदर्शनों के बाद शांति बहाली के लिए लोगों का विश्वास जीतने के उपायों की घोषणा करते हुए पिल्लै ने कहा, "हमने देश के कारपोरेट जगत से कहा है कि वे कश्मीरियों पर ध्यान दें और उन्हें रोजगार दें।" उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार सृजित करने की योजना तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है। यह समूह जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगा। पिल्लै ने कहा कि इस समूह का गठन पिछले वर्ष 10 अगस्त को हुआ था। इसका नेतृत्व रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन कर रहे हैं। समूह गठित होने के तीन महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था। इस समूह के गठन का उद्देश्य 1989 से ही अलगाववादी अभियान का सामना कर रहे युवाओं में पनप रही भ्रांतियों को तोड़ना है। पिल्लै ने कहा कि केंद्र सरकार यह उम्मीद नहीं करती कि असुविधाओं, जलवायु एवं उपयुक्त स्थान की समस्या को देखते हुए कोई बड़ी औद्योगिक इकाई कश्मीर में निवेश करेगा। उन्होंने कहा, "लेकिन कश्मीर मेंसूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, बागवानी, पर्यटन एवं साहसिक खेलोंको बढ़ावा दिया जा सकता है। केंद्र सरकार की नजर इन क्षेत्रों के विकास पर है, क्योंकि ये राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया करा सकते हैं।" आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 500,000 युवा बेरोजगार हैं। | यह एक सारांश है: आतंकवाद प्रभावित इस राज्य में लगभग 500,000 पुरुष एवं महिलाएं बेरोजगार हैं, जिन्हें प्राय: आतंकी संगठन भर्ती के लिए निशाना बनाते हैं। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीएसएनएल ने 'वर्ल्ड टेलिकम्युनिकेशन डे' के अवसर पर अपने मौजूदा और नए ग्राहकों को एसटीवी 333 पर 3 दिनों के लिए विशुद्ध असीमित डाटा की पेशकश की है.टिप्पणियां
बीएसएनएल बिहार के मुख्य महाप्रबंधक किशोर कुमार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने प्रीपेड मोबाइल के अपने उपभोक्ताओं के लिए वर्ल्ड टेलीकॉम एंड इन्फोर्मेशन सोसाइटी डे के अवसर पर इस बार 2017 की थीम बड़े विकास के लिए बड़ा डाटा के अंतर्गत प्रमोशनल ऑफर देने का निश्चय किया है.
उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत मौजूदा व नए ग्राहकों को एसटीवी 333 ‘ट्रिपल एसीई’ में 3 दिनों के लिए विशुद्ध असीमित डाटा प्राप्त होगा. प्रीपेड मोबाइल के लिए इस सीमित ऑफर की वैधता 17 मई से 19 मई तक है.
बीएसएनएल बिहार के मुख्य महाप्रबंधक किशोर कुमार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने प्रीपेड मोबाइल के अपने उपभोक्ताओं के लिए वर्ल्ड टेलीकॉम एंड इन्फोर्मेशन सोसाइटी डे के अवसर पर इस बार 2017 की थीम बड़े विकास के लिए बड़ा डाटा के अंतर्गत प्रमोशनल ऑफर देने का निश्चय किया है.
उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत मौजूदा व नए ग्राहकों को एसटीवी 333 ‘ट्रिपल एसीई’ में 3 दिनों के लिए विशुद्ध असीमित डाटा प्राप्त होगा. प्रीपेड मोबाइल के लिए इस सीमित ऑफर की वैधता 17 मई से 19 मई तक है.
उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत मौजूदा व नए ग्राहकों को एसटीवी 333 ‘ट्रिपल एसीई’ में 3 दिनों के लिए विशुद्ध असीमित डाटा प्राप्त होगा. प्रीपेड मोबाइल के लिए इस सीमित ऑफर की वैधता 17 मई से 19 मई तक है. | यह एक सारांश है: एसटीवी 333 पर 3 दिनों के लिए विशुद्ध असीमित डाटा दे रहा BSNL
वर्ल्ड टेलीकॉम एंड इन्फोर्मेशन सोसाइटी डे के अवसर पर पेश किया यह ऑफर
इसकी वैधता 19 मई तक है | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड में देहरादून के पास चकराता में आज एक बस के खाई में गिर जाने से उस पर सवार 16 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब बस 47 यात्रियों के साथ हनोल से विकासनगर जा रही थी। बस सड़क से फिसल कर खाई में गिर गई। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव अभियान शुरू हो गया है। दुर्घटना के कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब बस 47 यात्रियों के साथ हनोल से विकासनगर जा रही थी। बस सड़क से फिसल कर खाई में गिर गई। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव अभियान शुरू हो गया है। दुर्घटना के कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई है।
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव अभियान शुरू हो गया है। दुर्घटना के कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई है। | यहाँ एक सारांश है:उत्तराखंड में देहरादून के पास चकराता में आज एक बस के खाई में गिर जाने से उस पर सवार 16 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका में फेसबुक मैसेंजर पर दो लोगों के बीच शुरू हुआ झगड़ा कथित तौर पर 14 वर्षीया किशोरी की मौत का कारण बना. स्काइ न्यूज ने अदालती दस्तावेज के हवाले से रविवार को बताया कि ओहायो के डेटन में बुधवार को जिस समय मैकेना क्रोनेनबर्जर की मौत हुई, वह अपने कमरे में थी. फेसबुक पर इस झगड़े में शामिल दो लोग जैसन टिडवेल और एंजेल हैं, जिन पर किशोरी की हत्या का मामला दर्ज किया गया है. फेसबुक मैसेंजर पर 18 वर्षीय एंजेल ने झगड़ा शुरू किया और टिडवेल को उसके घर के बाहर झगड़ा करने की खुली चुनौती दी.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवकों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि टिडवेल अपने घर से बंदूक लेकर आया और एंजेल पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी.
इसके बाद एंजेल ने भी अपनी कार से बंदूक ली और टिडवेल के घर की तरफ कई राउंड गोलियां चलाईं.
इस दौरान एक गोली क्रोनेनबर्जर को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.टिप्पणियां
रिपोर्ट के मुताबिक, एंजेल और टिडवेल को शुक्रवार को डेटन म्यूनिपिल अदालत में पेश किया गया. मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को है.
साभार: आईएएनएस
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवकों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि टिडवेल अपने घर से बंदूक लेकर आया और एंजेल पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी.
इसके बाद एंजेल ने भी अपनी कार से बंदूक ली और टिडवेल के घर की तरफ कई राउंड गोलियां चलाईं.
इस दौरान एक गोली क्रोनेनबर्जर को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.टिप्पणियां
रिपोर्ट के मुताबिक, एंजेल और टिडवेल को शुक्रवार को डेटन म्यूनिपिल अदालत में पेश किया गया. मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को है.
साभार: आईएएनएस
इसके बाद एंजेल ने भी अपनी कार से बंदूक ली और टिडवेल के घर की तरफ कई राउंड गोलियां चलाईं.
इस दौरान एक गोली क्रोनेनबर्जर को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.टिप्पणियां
रिपोर्ट के मुताबिक, एंजेल और टिडवेल को शुक्रवार को डेटन म्यूनिपिल अदालत में पेश किया गया. मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को है.
साभार: आईएएनएस
इस दौरान एक गोली क्रोनेनबर्जर को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.टिप्पणियां
रिपोर्ट के मुताबिक, एंजेल और टिडवेल को शुक्रवार को डेटन म्यूनिपिल अदालत में पेश किया गया. मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को है.
साभार: आईएएनएस
रिपोर्ट के मुताबिक, एंजेल और टिडवेल को शुक्रवार को डेटन म्यूनिपिल अदालत में पेश किया गया. मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को है.
साभार: आईएएनएस
साभार: आईएएनएस | सारांश: फेसबुक पर लड़का-लड़की कर रहे थे चटिंग
इसी दौरान लड़की को सुसाइड के लिए उकसाया
लड़की ने अपने घर में ही दे दी जान | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लखनऊ की ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला में इस बार 'आतंकवाद' का रावण बनेगा और उसे जलाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी. इस रामलीला के संयोजकों का कहना है कि पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की हिम्मत दिखाने वाले मोदी ही इस बार रावण को जलाने के सच्चे हकदार हैं. लेकिन समाजवादी पार्टी ने इसे कोरी सियासत बताया है.
ऐशबाग की रामलीला इस बार कुछ खास है. कभी अवध के नवाब असफुद्दौला ने रामलीला करने के लिए यहां 6 एकड़ जमीन दी थी. इस तरह नवाब असफुद्दौला के बनाए रामलीला मैदान में पीएम मोदी रावण जलाएंगे. पहली बार यहां दशहरा के आयोजन में कोई प्रधानमंत्री शामिल होंगे. इसके पहले अटलबिहारी वाजपेयी भी यहां एक बार रावण दहन कर चुके हैं, लेकिन तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे.
मोदी के आने की खबर से रामलीला समिति में जबर्दस्त उत्साह है. समिति के संयोजक आदित्य अवस्थी ने एनडीटीवी से कहा ''उनके हाथों रावण दहन हो यह हमारे लिए बड़ी बात होगी. और उन्होंने जिस तरह आतंकवादियों को मिटाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस किया है वह बेमिसाल है. उन्होंने सेना का मनोबल बढ़ाया है...हम उनका मनोबल बढ़ाना चाहते हैं.'' टिप्पणियां
यह रमालीला समिति यहां हर बार रावण किसी सामाजिक बुराई पर बनाती है. यूपीए सरकार के वक्त यह घोटालों का रावण जला चुकी है. उरी में आतंकवादी हमले के बाद अब यह आतंकवाद का रावण बना रही है. आदित्य अवस्थी कहते हैं कि “इस समय देश की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद है. और उरी की घटना से तो पूरा देश आहत है. इसलिए हमें रावण बनाने के लिए यही सबसे उपयुक्त विषय लगा. ”
मोदी के दशहरे पर गैर बीजेपी दलों में प्रतिक्रिया हुई है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अंबिका चौधरी ने कहा है कि “मोदी दिल्ली से लखनऊ दशहरा मनाने के लिए आएं इसका कोई तुक नहीं.. अगर वे वाराणसी भी चले जाते तो फिर भी वह उनकी कांस्टीट्यूएंसी है. और रावण जलाने के मौके पर मोदी भाषण क्यों देना चाहते हैं. अगर यह त्योहार है तो इसे त्योहार ही रहने दें.”
ऐशबाग की रामलीला इस बार कुछ खास है. कभी अवध के नवाब असफुद्दौला ने रामलीला करने के लिए यहां 6 एकड़ जमीन दी थी. इस तरह नवाब असफुद्दौला के बनाए रामलीला मैदान में पीएम मोदी रावण जलाएंगे. पहली बार यहां दशहरा के आयोजन में कोई प्रधानमंत्री शामिल होंगे. इसके पहले अटलबिहारी वाजपेयी भी यहां एक बार रावण दहन कर चुके हैं, लेकिन तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे.
मोदी के आने की खबर से रामलीला समिति में जबर्दस्त उत्साह है. समिति के संयोजक आदित्य अवस्थी ने एनडीटीवी से कहा ''उनके हाथों रावण दहन हो यह हमारे लिए बड़ी बात होगी. और उन्होंने जिस तरह आतंकवादियों को मिटाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस किया है वह बेमिसाल है. उन्होंने सेना का मनोबल बढ़ाया है...हम उनका मनोबल बढ़ाना चाहते हैं.'' टिप्पणियां
यह रमालीला समिति यहां हर बार रावण किसी सामाजिक बुराई पर बनाती है. यूपीए सरकार के वक्त यह घोटालों का रावण जला चुकी है. उरी में आतंकवादी हमले के बाद अब यह आतंकवाद का रावण बना रही है. आदित्य अवस्थी कहते हैं कि “इस समय देश की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद है. और उरी की घटना से तो पूरा देश आहत है. इसलिए हमें रावण बनाने के लिए यही सबसे उपयुक्त विषय लगा. ”
मोदी के दशहरे पर गैर बीजेपी दलों में प्रतिक्रिया हुई है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अंबिका चौधरी ने कहा है कि “मोदी दिल्ली से लखनऊ दशहरा मनाने के लिए आएं इसका कोई तुक नहीं.. अगर वे वाराणसी भी चले जाते तो फिर भी वह उनकी कांस्टीट्यूएंसी है. और रावण जलाने के मौके पर मोदी भाषण क्यों देना चाहते हैं. अगर यह त्योहार है तो इसे त्योहार ही रहने दें.”
मोदी के आने की खबर से रामलीला समिति में जबर्दस्त उत्साह है. समिति के संयोजक आदित्य अवस्थी ने एनडीटीवी से कहा ''उनके हाथों रावण दहन हो यह हमारे लिए बड़ी बात होगी. और उन्होंने जिस तरह आतंकवादियों को मिटाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस किया है वह बेमिसाल है. उन्होंने सेना का मनोबल बढ़ाया है...हम उनका मनोबल बढ़ाना चाहते हैं.'' टिप्पणियां
यह रमालीला समिति यहां हर बार रावण किसी सामाजिक बुराई पर बनाती है. यूपीए सरकार के वक्त यह घोटालों का रावण जला चुकी है. उरी में आतंकवादी हमले के बाद अब यह आतंकवाद का रावण बना रही है. आदित्य अवस्थी कहते हैं कि “इस समय देश की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद है. और उरी की घटना से तो पूरा देश आहत है. इसलिए हमें रावण बनाने के लिए यही सबसे उपयुक्त विषय लगा. ”
मोदी के दशहरे पर गैर बीजेपी दलों में प्रतिक्रिया हुई है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अंबिका चौधरी ने कहा है कि “मोदी दिल्ली से लखनऊ दशहरा मनाने के लिए आएं इसका कोई तुक नहीं.. अगर वे वाराणसी भी चले जाते तो फिर भी वह उनकी कांस्टीट्यूएंसी है. और रावण जलाने के मौके पर मोदी भाषण क्यों देना चाहते हैं. अगर यह त्योहार है तो इसे त्योहार ही रहने दें.”
यह रमालीला समिति यहां हर बार रावण किसी सामाजिक बुराई पर बनाती है. यूपीए सरकार के वक्त यह घोटालों का रावण जला चुकी है. उरी में आतंकवादी हमले के बाद अब यह आतंकवाद का रावण बना रही है. आदित्य अवस्थी कहते हैं कि “इस समय देश की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद है. और उरी की घटना से तो पूरा देश आहत है. इसलिए हमें रावण बनाने के लिए यही सबसे उपयुक्त विषय लगा. ”
मोदी के दशहरे पर गैर बीजेपी दलों में प्रतिक्रिया हुई है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अंबिका चौधरी ने कहा है कि “मोदी दिल्ली से लखनऊ दशहरा मनाने के लिए आएं इसका कोई तुक नहीं.. अगर वे वाराणसी भी चले जाते तो फिर भी वह उनकी कांस्टीट्यूएंसी है. और रावण जलाने के मौके पर मोदी भाषण क्यों देना चाहते हैं. अगर यह त्योहार है तो इसे त्योहार ही रहने दें.”
मोदी के दशहरे पर गैर बीजेपी दलों में प्रतिक्रिया हुई है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अंबिका चौधरी ने कहा है कि “मोदी दिल्ली से लखनऊ दशहरा मनाने के लिए आएं इसका कोई तुक नहीं.. अगर वे वाराणसी भी चले जाते तो फिर भी वह उनकी कांस्टीट्यूएंसी है. और रावण जलाने के मौके पर मोदी भाषण क्यों देना चाहते हैं. अगर यह त्योहार है तो इसे त्योहार ही रहने दें.” | सारांश: ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला के आयोजकों में भारी उत्साह
संयोजक ने कहा, मोदी ने सेना का मनोबल बढ़ाया है, हम उनका मनोबल बढ़ाएंगे
समाजवादी पार्टी ने मोदी के कदम को कोरी सियासत बताया | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू की सम्पत्ति की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तथा अन्य एजेंसियों से कराने के अपने पूर्व के फैसले पर मंगलवार को अस्थायी रोक लगा दी। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जी रोहिणी व न्यायमूर्ति आशुतोष मोहंता की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया और कहा कि जांच के आदेश पर तब तक रोक रहेगी, जब तक इस सम्बंध नायडू व रामोजी राव की याचिकाओं का निपटारा नहीं हो जाता। उनकी याचिकाओं पर सुनवाई बुधवार को होगी। खंडपीठ इस मामले में वाईएसआर कांग्रेस की नेता वाईएस विजयम्मा के वकील की दलील भी सुनेगी, जिन्होंने इस मामले को दो पीठों से मौजूदा खंडपीठ के समक्ष स्थानांतरित करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले 14 नवम्बर को उच्च न्यायालय की ही एक अन्य पीठ ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वाईएस राजशेखर रेड्डी की विधवा विजयम्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को नायडू, उनके परिवार के सदस्यों, तेदेपा के कुछ नेताओं और मीडिया दिग्गज रामोजी राव की सम्पत्ति की जांच करने तथा तीन माह के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा था। विजयम्मा ने आरोप लगाया था कि वर्ष 1995 से 2004 के बीच नौ साल तक राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए नायडू ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए बड़ी मात्रा में सम्पत्ति अर्जित की। | यह एक सारांश है: नायडू को थोड़ी राहत मिली जब आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनकी सम्पत्ति की जांच सीबीआई से कराने को अस्थाई तौर पर टाल दिया। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गरीबी रेखा के ताजा अनुमान को लेकर आलोचना झेल रहे योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने जोर देकर कहा कि इससे कोई अंतर नहीं पड़ता है कि कौन सा तरीका अपनाया गया है, यह सच्चाई है कि देश में गरीबों की संख्या कम हुई है।
अहलूवालिया ने कहा, ‘आप जो भी गरीबी रेखा चुनें... मुद्दा यह है कि देश में गरीबी कम हुई है। कुछ लोगों ने कहा कि यह सही नहीं है... गरीबी कम नहीं हो रही है... मैं इस विचार को खारिज करता हूं... मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि आप जिस भी संकेतक का उपयोग करें देश में हालात बेहतर हो रहे हैं।’टिप्पणियां
तेंदुलकर समिति के फार्मूले के आधार पर आयोग के अनुमान के मुताबिक गरीबी का अनुपात 2009-10 में घटकर 29.8 फीसद रह गया जो 2004-05 में 37.2 फीसद था। लेकिन यह अनुपात शहरी इलाकों में 28.65 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 22.42 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की खपत के विवादास्पद आधार पर निकाला गया। उन्होंने यह भी कहा कि 28.65 रुपये की गरीबी रेखा सरकार की सामाजिक क्षेत्र की कल्याण योजनाओं से नहीं जुड़ेगी।
ट्राइडेंट समूह की कपड़ा इकाई के लिए भूमिपूजन समारोह में पहुंचे अहलूवालिया ने कहा, ‘तेंदुलकर समिति की गरीबी रेखा बेहद तर्कसंगत है। आज हमारी वृद्धि की रफ्तार तेज है।’ योजना आयोग ने इस सप्ताह गरीबी रेखा के नए आंकड़े पेश किए। इसके बाद अहलूवालिया संसद के अंदर और बाहर निशाने पर रहे। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्हें हटाने तक की मांग कर दी थी।
अहलूवालिया ने कहा, ‘आप जो भी गरीबी रेखा चुनें... मुद्दा यह है कि देश में गरीबी कम हुई है। कुछ लोगों ने कहा कि यह सही नहीं है... गरीबी कम नहीं हो रही है... मैं इस विचार को खारिज करता हूं... मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि आप जिस भी संकेतक का उपयोग करें देश में हालात बेहतर हो रहे हैं।’टिप्पणियां
तेंदुलकर समिति के फार्मूले के आधार पर आयोग के अनुमान के मुताबिक गरीबी का अनुपात 2009-10 में घटकर 29.8 फीसद रह गया जो 2004-05 में 37.2 फीसद था। लेकिन यह अनुपात शहरी इलाकों में 28.65 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 22.42 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की खपत के विवादास्पद आधार पर निकाला गया। उन्होंने यह भी कहा कि 28.65 रुपये की गरीबी रेखा सरकार की सामाजिक क्षेत्र की कल्याण योजनाओं से नहीं जुड़ेगी।
ट्राइडेंट समूह की कपड़ा इकाई के लिए भूमिपूजन समारोह में पहुंचे अहलूवालिया ने कहा, ‘तेंदुलकर समिति की गरीबी रेखा बेहद तर्कसंगत है। आज हमारी वृद्धि की रफ्तार तेज है।’ योजना आयोग ने इस सप्ताह गरीबी रेखा के नए आंकड़े पेश किए। इसके बाद अहलूवालिया संसद के अंदर और बाहर निशाने पर रहे। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्हें हटाने तक की मांग कर दी थी।
तेंदुलकर समिति के फार्मूले के आधार पर आयोग के अनुमान के मुताबिक गरीबी का अनुपात 2009-10 में घटकर 29.8 फीसद रह गया जो 2004-05 में 37.2 फीसद था। लेकिन यह अनुपात शहरी इलाकों में 28.65 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 22.42 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की खपत के विवादास्पद आधार पर निकाला गया। उन्होंने यह भी कहा कि 28.65 रुपये की गरीबी रेखा सरकार की सामाजिक क्षेत्र की कल्याण योजनाओं से नहीं जुड़ेगी।
ट्राइडेंट समूह की कपड़ा इकाई के लिए भूमिपूजन समारोह में पहुंचे अहलूवालिया ने कहा, ‘तेंदुलकर समिति की गरीबी रेखा बेहद तर्कसंगत है। आज हमारी वृद्धि की रफ्तार तेज है।’ योजना आयोग ने इस सप्ताह गरीबी रेखा के नए आंकड़े पेश किए। इसके बाद अहलूवालिया संसद के अंदर और बाहर निशाने पर रहे। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्हें हटाने तक की मांग कर दी थी।
ट्राइडेंट समूह की कपड़ा इकाई के लिए भूमिपूजन समारोह में पहुंचे अहलूवालिया ने कहा, ‘तेंदुलकर समिति की गरीबी रेखा बेहद तर्कसंगत है। आज हमारी वृद्धि की रफ्तार तेज है।’ योजना आयोग ने इस सप्ताह गरीबी रेखा के नए आंकड़े पेश किए। इसके बाद अहलूवालिया संसद के अंदर और बाहर निशाने पर रहे। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्हें हटाने तक की मांग कर दी थी। | गरीबी रेखा के ताजा अनुमान को लेकर आलोचना झेल रहे योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने जोर देकर कहा कि इससे कोई अंतर नहीं पड़ता है कि कौन सा तरीका अपनाया गया है, यह सच्चाई है कि देश में गरीबों की संख्या कम हुई है। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ज्यादातर पुरुष किरदारों पर केंद्रित फिल्मों में काम करने वाली सोनाक्षी सिन्हा का कहना है कि वह किसी के सामने कुछ साबित करने के लिए फिल्में साइन नहीं करती हैं।टिप्पणियां
सोनाक्षी ने कहा, मैं कुछ साबित करने के लिए फिल्में नहीं करती। मेरी अदाकारी को लेकर किसी ने भी मुझ पर अंगुली नहीं उठाई है। मेरी पहली फिल्म से ही लोगों ने मेरे काम को सराहा है। उन्होंने कहा कि वह अच्छा अभिनय और नृत्य करती है। इसलिए इस क्षेत्र में मुझे कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है। फिल्म ‘दबंग’ में सलमान खान के साथ बॉलीवुड में कदम रखने वाली सोनाक्षी अक्षय कुमार के साथ ‘राउडी राठौर’ और अजय देवगन के साथ ‘सन ऑफ सरदार’ जैसी हिट फिल्मों में काम कर चुकी हैं। इस 26 वर्षीय अभिनेत्री का कहना है कि उन्हें ‘मसाला’ फिल्में देखना और इनमें काम करना पसंद है।
सोनाक्षी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा’ को लेकर खासी उत्साहित हैं। मिलन लूथरिया द्वारा निर्देशित इस रोमांटिक ड्रामा में वह एक बार फिर से अक्षय कुमार के साथ दिखेंगी। इससे पहले फिल्म ‘राउडी राठौर’ और ‘जोकर’ में भी दोनों एक साथ काम चुके हैं।
सोनाक्षी ने कहा, मैं कुछ साबित करने के लिए फिल्में नहीं करती। मेरी अदाकारी को लेकर किसी ने भी मुझ पर अंगुली नहीं उठाई है। मेरी पहली फिल्म से ही लोगों ने मेरे काम को सराहा है। उन्होंने कहा कि वह अच्छा अभिनय और नृत्य करती है। इसलिए इस क्षेत्र में मुझे कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है। फिल्म ‘दबंग’ में सलमान खान के साथ बॉलीवुड में कदम रखने वाली सोनाक्षी अक्षय कुमार के साथ ‘राउडी राठौर’ और अजय देवगन के साथ ‘सन ऑफ सरदार’ जैसी हिट फिल्मों में काम कर चुकी हैं। इस 26 वर्षीय अभिनेत्री का कहना है कि उन्हें ‘मसाला’ फिल्में देखना और इनमें काम करना पसंद है।
सोनाक्षी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा’ को लेकर खासी उत्साहित हैं। मिलन लूथरिया द्वारा निर्देशित इस रोमांटिक ड्रामा में वह एक बार फिर से अक्षय कुमार के साथ दिखेंगी। इससे पहले फिल्म ‘राउडी राठौर’ और ‘जोकर’ में भी दोनों एक साथ काम चुके हैं।
सोनाक्षी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा’ को लेकर खासी उत्साहित हैं। मिलन लूथरिया द्वारा निर्देशित इस रोमांटिक ड्रामा में वह एक बार फिर से अक्षय कुमार के साथ दिखेंगी। इससे पहले फिल्म ‘राउडी राठौर’ और ‘जोकर’ में भी दोनों एक साथ काम चुके हैं। | यह एक सारांश है: ज्यादातर पुरुष किरदारों पर केंद्रित फिल्मों में काम करने वाली सोनाक्षी सिन्हा का कहना है कि वह किसी के सामने कुछ साबित करने के लिए फिल्में साइन नहीं करती हैं। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अटलांटिस अंतिरक्ष यान अपने अंतिम अभियान को पूरा कर आज कभी वापस अंतरिक्ष नहीं जाने के लिए धरती पर उतर आया। इसके साथ ही नासा के 30 साल के अंतरिक्ष शटल कार्यक्रम के एक अध्याय का समापन हो गया। चार अमेरिकी चालक सदस्यों को लेकर यह कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र पर अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 14:27 बजे उतरा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने के लिए रूस ही एकमात्र विकल्प रह गया है। ह्यूस्टन में अभियान के नियंत्रण को देख रहे वैज्ञानिक ने अमेरिकी झंडे लिए सफेद यान के रुकने पर कहा, अटलांटिस वापस आ गया है। उसका सफर समाप्त हुआ। इतिहास के पल में आनंद लेने का वक्त। उन्होंने कहा, एक पीढी की कल्पना को आलोकित करने वाला, इस जैसा कोई यान नहीं हुआ। इतिहास में इसकी जगह पक्की है। अंतरिक्ष शटल अंतिम बार अपने बेड़े में जा लगा, उसका सफर खत्म हुआ। शटल के कमांडर क्रिस फर्गुसन ने उन हजारों लोगों की प्रशंसा की, जिन्होंने 1981 में इसकी पहली उड़ान के बाद से इस शटल कार्यक्रम पर काम किया। | सारांश: अटलांटिस अपने अंतिम अभियान को पूराकर कभी अंतरिक्ष नहीं जाने के लिए धरती पर उतर आया। इसके साथ ही नासा के 30 साल के अंतरिक्ष शटल कार्यक्रम के एक अध्याय का समापन हो गया। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने एक बार फिर बूथवार मतगणना को सही ठहराया. केंद्र ने चुनाव आयोग की एक साथ मतगणना के सुझाव का विरोध किया. केंद्र सरकार ने कहा कि बूथ के आधार पर मतगणना पार्टी और उम्मीदवार के लिए ज्यादा बेहतर है क्योंकि इससे पार्टी या प्रत्याशी को ये पता चल जाता है कि किस इलाके में उसे ज्यादा वोट मिले हैं और किस हिस्से में उसे और काम करना चाहिए. इस संबंध में 16 सिंतबर 2016 को मंत्रिमंडल समूह की फाइनल मीटिंग की गई. इस मीटिंग में ये तय हुआ कि बूथ के आधार पर मतगणना पार्टी और उम्मीदवार के लिए बेहतर है. सरकार ने ये भी कहा है कि ये तर्क सही नहीं है कि जिन इलाके के लोगों ने वोट नहीं दिया, वहां जीतने के बाद काम नहीं करेंगे. ये मीडिया एक्टिविज्म के जमाने में संभव नहीं है.टिप्पणियां
अगर किसी ने ऐसा किया तो मीडिया और सोशल माडिया पर ऐसे मामले तुरंत फैल जाएंगे जिससे जनप्रतिनिधि और पार्टी पर दबाव आ जाएगा. वहीं पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस आफ इंडिया जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि मौजूदा दौर में EVM मशीनों से छेड़छाड़ नामुमकिन नहीं है. यहां तक कि दुनिया का सबसे विकसित देश भी अछूता नहीं है. हालांकि ये टिप्पणी करते हुए CJI खेहर ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था.
दरअसल इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर की गई है. उसमें कहा गया है कि फिलहाल मतगणना के दौरान बूथ के आधार पर वोटों की गिनती होती है जिससे ये पता चल जाता है कि किस इलाके के लोगों ने किस प्रत्याशी को वोट दिए हैं. इससे जीतने वाला प्रत्याशी उस इलाके से भेदभाव करता है जहां के लोगों ने वोट नहीं दिया. इसलिए वोटों की गिनती एक साथ होनी चाहिए. इस मामले में चुनाव आयोग ने इस पर सहमति जताते हुए दलील दी थी कि इसे लेकर केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा था कि वो इस नियम को लागू क्यों नहीं कर रही है? अब इस मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी.
अगर किसी ने ऐसा किया तो मीडिया और सोशल माडिया पर ऐसे मामले तुरंत फैल जाएंगे जिससे जनप्रतिनिधि और पार्टी पर दबाव आ जाएगा. वहीं पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस आफ इंडिया जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि मौजूदा दौर में EVM मशीनों से छेड़छाड़ नामुमकिन नहीं है. यहां तक कि दुनिया का सबसे विकसित देश भी अछूता नहीं है. हालांकि ये टिप्पणी करते हुए CJI खेहर ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था.
दरअसल इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर की गई है. उसमें कहा गया है कि फिलहाल मतगणना के दौरान बूथ के आधार पर वोटों की गिनती होती है जिससे ये पता चल जाता है कि किस इलाके के लोगों ने किस प्रत्याशी को वोट दिए हैं. इससे जीतने वाला प्रत्याशी उस इलाके से भेदभाव करता है जहां के लोगों ने वोट नहीं दिया. इसलिए वोटों की गिनती एक साथ होनी चाहिए. इस मामले में चुनाव आयोग ने इस पर सहमति जताते हुए दलील दी थी कि इसे लेकर केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा था कि वो इस नियम को लागू क्यों नहीं कर रही है? अब इस मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी.
दरअसल इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर की गई है. उसमें कहा गया है कि फिलहाल मतगणना के दौरान बूथ के आधार पर वोटों की गिनती होती है जिससे ये पता चल जाता है कि किस इलाके के लोगों ने किस प्रत्याशी को वोट दिए हैं. इससे जीतने वाला प्रत्याशी उस इलाके से भेदभाव करता है जहां के लोगों ने वोट नहीं दिया. इसलिए वोटों की गिनती एक साथ होनी चाहिए. इस मामले में चुनाव आयोग ने इस पर सहमति जताते हुए दलील दी थी कि इसे लेकर केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा था कि वो इस नियम को लागू क्यों नहीं कर रही है? अब इस मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी. | सारांश: इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर हुई है
उसमें बूथवार मतगणना की मुखालफत की गई है
केंद्र लेकिन इस तरह की काउंटिंग के पक्ष में | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Blood Pressure: सर्दी ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों की समस्या को और बढ़ा देती है. तापमान में कमी आने से रक्त धमनियां (Blood Arteries) सिकुड़ने लगती हैं और रक्त गाढ़ा (Thick Blood) हो जाता है, जिससे हृदय (Heart) और मस्तिष्क (Brain) पर रक्त का दबाव (Blood Pressure) बढ़ जाता है. ज्यादा तला भुना खाने, व्यायाम (Exercise) न करना और डिहाइड्रेशन (Dehydration) इस समस्या को और बढ़ा देते हैं. सर्दी के मौसम में हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी काफी ज्यादा हो सकती है. हाई बीपी (High BP) को हाईपरटेंशन (Hypertension) के नाम से भी जाना जाता है. इसके लक्षण (Symptoms) तभी सामने आते हैं, जब स्थिति गंभीर होने लगे. जब ब्लड प्रेशर ज्यादा होने लगता है तब इसकी वजह से धमनियों पर ज्यादा दवाब पड़ने लगता हैं, जिससे स्ट्रोक (Stroke) और हार्ट अटैक (Heart Attack) का खतरा बढ़ जाता है. तो कैसे करें सर्दियों में ब्लड प्रेशर को मैनेज. कैसे जानें कि ब्लड प्रेशर बिगड़ गया है. हम आपके सारे सवालों का जवाब दे रहे हैं कि सर्दियों में ब्लड प्रेशर को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है...
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ठंड़ की वजह से वैसे तो सिर में दर्द होना आम बात है लेकिन ऐसा तनाव या डिहाइड्रेशन के कारण भी हो सकता है. अगर बार-बार इस तरह की स्थिति बनी रहती है तो यह हाई ब्लड प्रेशर का संकेत है. पानी का भरपूर सेवन करने और आराम करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होने लगता है.
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मानसिक तनाव की स्थिति बनी रहने के कारण भी ब्लड प्रेशर हाई होना शुरू हो जाता है. इस अवस्था में पैनिक अटैक भी हो सकता है. जब नसों में झनझनाहट महसूस हो पसीना आने लगे तो तुरंत डॉक्टरी जांच करवाएं. नजरअंदाज करने से स्थिति बिगड़ सकती है.
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जब अचानक ब्लड प्रेशर हाई हो जाए तो शरीर में आए इस बदलाव से मिलती होने लगती है. इसका असर पाचन तंत्र पर पड़ता है.
हाई ब्लड प्रेशर की वजह से कार्डियोवास्कुलर सिस्टम में उतार-चढ़ाव होने लगता है. जिससे सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है. शरीर में इस तरह का संकेत दिखाई दे तो तुरंत स्थिति पर ध्यान दें.
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जानें ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) बढ़ने के कारण.
ब्लड प्रेशर को सर्दियों में इन तरीकों से करें कंट्रोल. | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 0.32 फीसदी या 55.26 अंकों की गिरावट के साथ 17,158.44 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को भी गिरावट के साथ 17,213.70 पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 0.4 फीसदी या 22.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,205.10 पर बंद हुआ। इससे पिछले सप्ताह शुक्रवार को निफ्टी गिरावट के साथ 5,227.25 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी लगभग एक फीसदी गिरावट रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 63.79 अंकों की गिरावट के साथ 6,184.10 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 0.92 फीसदी या 62.07 अंकों की गिरावट के साथ 6,675.35 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे बजाज ऑटो (6.24 फीसदी), भारती एयरटेल (2.10 फीसदी), कोल इंडिया (1.95 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.55 फीसदी) और सन फार्मा (1.34 फीसदी)।
सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (5.16 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.30 फीसदी), एनटीपीसी (2.32 फीसदी), टाटा स्टील (2.31 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.28 फीसदी)।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.53 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.57 फीसदी) और धातु (0.31 फीसदी) में तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (2.52 फीसदी), वाहन (1.59 फीसदी), बिजली (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.15 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.12 फीसदी)।टिप्पणियां
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 0.4 फीसदी या 22.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,205.10 पर बंद हुआ। इससे पिछले सप्ताह शुक्रवार को निफ्टी गिरावट के साथ 5,227.25 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी लगभग एक फीसदी गिरावट रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 63.79 अंकों की गिरावट के साथ 6,184.10 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 0.92 फीसदी या 62.07 अंकों की गिरावट के साथ 6,675.35 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे बजाज ऑटो (6.24 फीसदी), भारती एयरटेल (2.10 फीसदी), कोल इंडिया (1.95 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.55 फीसदी) और सन फार्मा (1.34 फीसदी)।
सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (5.16 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.30 फीसदी), एनटीपीसी (2.32 फीसदी), टाटा स्टील (2.31 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.28 फीसदी)।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.53 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.57 फीसदी) और धातु (0.31 फीसदी) में तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (2.52 फीसदी), वाहन (1.59 फीसदी), बिजली (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.15 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.12 फीसदी)।टिप्पणियां
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी लगभग एक फीसदी गिरावट रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 63.79 अंकों की गिरावट के साथ 6,184.10 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 0.92 फीसदी या 62.07 अंकों की गिरावट के साथ 6,675.35 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे बजाज ऑटो (6.24 फीसदी), भारती एयरटेल (2.10 फीसदी), कोल इंडिया (1.95 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.55 फीसदी) और सन फार्मा (1.34 फीसदी)।
सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (5.16 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.30 फीसदी), एनटीपीसी (2.32 फीसदी), टाटा स्टील (2.31 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.28 फीसदी)।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.53 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.57 फीसदी) और धातु (0.31 फीसदी) में तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (2.52 फीसदी), वाहन (1.59 फीसदी), बिजली (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.15 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.12 फीसदी)।टिप्पणियां
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे बजाज ऑटो (6.24 फीसदी), भारती एयरटेल (2.10 फीसदी), कोल इंडिया (1.95 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.55 फीसदी) और सन फार्मा (1.34 फीसदी)।
सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (5.16 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.30 फीसदी), एनटीपीसी (2.32 फीसदी), टाटा स्टील (2.31 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.28 फीसदी)।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.53 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.57 फीसदी) और धातु (0.31 फीसदी) में तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (2.52 फीसदी), वाहन (1.59 फीसदी), बिजली (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.15 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.12 फीसदी)।टिप्पणियां
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (5.16 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.30 फीसदी), एनटीपीसी (2.32 फीसदी), टाटा स्टील (2.31 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.28 फीसदी)।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.53 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.57 फीसदी) और धातु (0.31 फीसदी) में तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (2.52 फीसदी), वाहन (1.59 फीसदी), बिजली (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.15 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.12 फीसदी)।टिप्पणियां
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.53 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.57 फीसदी) और धातु (0.31 फीसदी) में तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (2.52 फीसदी), वाहन (1.59 फीसदी), बिजली (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.15 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.12 फीसदी)।टिप्पणियां
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (2.52 फीसदी), वाहन (1.59 फीसदी), बिजली (1.56 फीसदी), बैंकिंग (1.15 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.12 फीसदी)।टिप्पणियां
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित संयंत्र में कामगारों के प्रदर्शन तथा संयंत्र में आग लगने की घटना का कम्पनी के शेयरों पर नकारात्मक असर देखा गया। कम्पनी के शेयर इस सप्ताह 3.30 फीसदी गिरावट के साथ 1144.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले सप्ताह ये 1183.65 रुपये पर बंद हुए थे।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई।
मारुति सुजुकी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि बुधवार को कामगारों की हिंसा और संयंत्र में आगजनी से कम्पनी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन के कई अधिकारियों पर हमले हुए। लगभग 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कम्पनी ने कहा कि मानेसर संयंत्र के मानव संसाधन खंड के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की इस हमले में जलकर मौत हो गई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 0.32 फीसदी या 55.26 अंकों की गिरावट के साथ 17,158.44 पर बंद हुआ। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Kumkum Bhagya Written Update: जी टीवी के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में हर दिन कोई-ना-कोई तूफान आ ही जाता है. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि पूरब, अभी से बात करने की कोशिश करता है. वो अभी को बताता है कि वो दिशा के साथ रहना चाहता है. पूरब, अभी को ये भी बताता है कि वो इस उलझन में है क्योंकि वो आलिया को भी नहीं छोड़ सकता. अभी, पूरब को समझाते हुए कहता है कि अगर उसे लगता है कि दिशा उसे खुश रख सकती है तो उसे सब कुछ पीछे छोड़कर दिशा के साथ रहना चाहिए.
सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहलुवालिया (Shabir Ahluwalia) के शो 'कुमकुम भाग्य' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि पूरब आलिया को लेकर टेंशन में है कि जब उसको इस बारे में पता चलेगा तो कहीं वो खुद को नुकसान ना पहुंचा ले. थोड़ी देर बाद आलिया आती है और पूरब पर आरोप लगाती है कि उसने उसे धोखा दिया है. पूरब गलती से दिशा को फोन लगा देता है जिसके बाद आलिया घर छोड़कर चली जाती है.
सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि आलिया गुस्से में घर से चली जाएगी. जिसके बाद वो तेज रफ्तार कार को आता देखेंगे और उसके सामने सुसाइड करने की कोशिश करेगी. हालांकि पूरब उसको कार के नीचे आने से बचा लेगा. आलिया उसे रोते हुए हग कर लेती है, वहीं कार में बैठी दिशा ये सब देख लेती है. अब देखना होगा कि क्या दिशा, पूरब को हमेशा के लिए छोड़कर चली जाएगी. | संक्षिप्त सारांश: 'कुमकुम भाग्य' में जानिए आज क्या होगा?
आलिया को बचाएगा पूरब
दिशा को लगा बड़ा झटका | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अम्पायर डिसीजन रिब्यू सिस्टम (यूडीआरएस) को लेकर एक बार फिर अपना मत स्पष्ट कर दिया है। बीसीसीआई ने शनिवार को कहा कि यूडीआरएस भरोसेमंद नहीं है। बीसीसीआई ने इसी भरोसे की कमी के कारण इस प्रणाली को वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के साथ खेली जाने वाली क्रिकेट श्रृंखला से दूर रखने का फैसला किया है। इसे लेकर हालांकि पिछले कुछ हफ्तों से काफी चर्चा हो रही है। सचिन तेंदुलकर ने एक दिन पहले इसे लेकर अपना मत जाहिर किया था। सचिन ने कहा था कि वह इस प्रणाली के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उपयोग में लाए जाने से पहले इसमें स्नीकोमीटर और हॉटस्पॉट को जोड़ा जाना जरूरी है। तेंदुलकर के इस बयान के एक दिन बाद ही बीसीसीआई ने कहा कि उसे इस प्रणाली पर भरोसा नहीं क्योंकि यह फूल-प्रूफ नहीं है। बीसीसीआई सचिन एन. श्रीनिवासन ने एक बयान जारी कर कहा, "यूडीआरएस और बीसीसीआई को लेकर मीडिया में काफी बाते हो रही हैं। बीसीसीआई साफ करती है कि उसे इस प्रणाली पर अब भी भरोसा नहीं है।" "हम इसकी बॉल-ट्रैकिंग तकनीक से संतुष्ट नहीं हैं। यूडीआरएस को लेकर बीसीसीआई का रुख पहले वाला ही है।" उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड और वेस्टइंडीज अपने यहां होने वाली श्रृंखला में इस प्रणाली के उपयोग के पक्ष में थे लेकिन बीसीसीआई ने इसे लेकर सहमति नहीं जताई। आईसीसी के नियम के मुताबिक दोनों टीमों की सहमति के बाद ही इस प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है। | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अम्पायर डिसीजन रिब्यू सिस्टम (यूडीआरएस) को लेकर एक बार फिर अपना मत स्पष्ट कर दिया है। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 83.42 अंकों की गिरावट के साथ 18,710.02 पर और निफ्टी 25.75 अंकों की गिरावट के साथ 5,691.40 पर बंद हुए।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.18 अंकों की तेजी के साथ 18,803.62 पर खुला और 83.42 अंकों या 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ 18,710.02 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,812.93 के ऊपरी और 18,689.38 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से सात शेयरों में तेजी रही। एलएंडटी (1.91 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (0.53 फीसदी), कोल इंडिया (0.18 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.16 फीसदी) और डॉ. रेड्डीज लैब (0.13 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.43 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.90 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.56 फीसदी), इंफोसिस (1.42 फीसदी) और आईटीसी (1.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,715.65 पर खुला और 25.75 अंकों या 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 5,691.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में इसने 5,720.80 के ऊपरी और 5,681.45 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 15.66 अंकों की गिरावट के साथ 6,649.09 पर और स्मॉलकैप 18.16 अंकों की गिरावट के साथ 7,173.49 पर बंद हुए।
बीएसई के 13 में से केवल एक सेक्टर पूंजीगत वस्तु (0.90 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.18 अंकों की तेजी के साथ 18,803.62 पर खुला और 83.42 अंकों या 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ 18,710.02 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,812.93 के ऊपरी और 18,689.38 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से सात शेयरों में तेजी रही। एलएंडटी (1.91 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (0.53 फीसदी), कोल इंडिया (0.18 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.16 फीसदी) और डॉ. रेड्डीज लैब (0.13 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.43 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.90 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.56 फीसदी), इंफोसिस (1.42 फीसदी) और आईटीसी (1.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,715.65 पर खुला और 25.75 अंकों या 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 5,691.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में इसने 5,720.80 के ऊपरी और 5,681.45 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 15.66 अंकों की गिरावट के साथ 6,649.09 पर और स्मॉलकैप 18.16 अंकों की गिरावट के साथ 7,173.49 पर बंद हुए।
बीएसई के 13 में से केवल एक सेक्टर पूंजीगत वस्तु (0.90 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से सात शेयरों में तेजी रही। एलएंडटी (1.91 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (0.53 फीसदी), कोल इंडिया (0.18 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.16 फीसदी) और डॉ. रेड्डीज लैब (0.13 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.43 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.90 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.56 फीसदी), इंफोसिस (1.42 फीसदी) और आईटीसी (1.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,715.65 पर खुला और 25.75 अंकों या 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 5,691.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में इसने 5,720.80 के ऊपरी और 5,681.45 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 15.66 अंकों की गिरावट के साथ 6,649.09 पर और स्मॉलकैप 18.16 अंकों की गिरावट के साथ 7,173.49 पर बंद हुए।
बीएसई के 13 में से केवल एक सेक्टर पूंजीगत वस्तु (0.90 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (2.43 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.90 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.56 फीसदी), इंफोसिस (1.42 फीसदी) और आईटीसी (1.29 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,715.65 पर खुला और 25.75 अंकों या 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 5,691.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में इसने 5,720.80 के ऊपरी और 5,681.45 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 15.66 अंकों की गिरावट के साथ 6,649.09 पर और स्मॉलकैप 18.16 अंकों की गिरावट के साथ 7,173.49 पर बंद हुए।
बीएसई के 13 में से केवल एक सेक्टर पूंजीगत वस्तु (0.90 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,715.65 पर खुला और 25.75 अंकों या 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 5,691.40 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में इसने 5,720.80 के ऊपरी और 5,681.45 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 15.66 अंकों की गिरावट के साथ 6,649.09 पर और स्मॉलकैप 18.16 अंकों की गिरावट के साथ 7,173.49 पर बंद हुए।
बीएसई के 13 में से केवल एक सेक्टर पूंजीगत वस्तु (0.90 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 15.66 अंकों की गिरावट के साथ 6,649.09 पर और स्मॉलकैप 18.16 अंकों की गिरावट के साथ 7,173.49 पर बंद हुए।
बीएसई के 13 में से केवल एक सेक्टर पूंजीगत वस्तु (0.90 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से केवल एक सेक्टर पूंजीगत वस्तु (0.90 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.98 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और बिजली (0.82 फीसदी)।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1308 शेयरों में तेजी और 1490 में गिरावट रही, जबकि 146 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। | यह एक सारांश है: सेंसेक्स 83.42 अंकों की गिरावट के साथ 18,710.02 पर और निफ्टी 25.75 अंकों की गिरावट के साथ 5,691.40 पर बंद हुए। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मणिपुर में नगाओं की दो माह से जारी अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी का कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है. मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और संयुक्त नगा परिषद (यूएनसी) अपने रुख से नहीं हिल रहे हैं.
सरकार की दो नए जिले गठित करने की योजना के विरोध में यूएनसी ने एक नवंबर से ही अनिश्चितकालीन नाकाबंदी कर रखी है. यूएनसी के अनुसार, नगाओं की बहुत सारी जमीन नए जिलों द्वारा हड़प ली जाएगी. हालांकि, सरकार ने इसका जवाब दो नहीं, सात नए जिले बनाने की घोषणा के कर के दे दिया है.
सभी वर्ग के लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के अलावा यह विकास की गति तेज करने के लिए लंबे समय से लंबित मांग थी. इबोबी ने बताया कि सबसे पहले यूएनसी को नाकेबंदी खत्म करनी चाहिए और यह भरोसा देना चाहिए कि ऐसा फिर नहीं होगा.
उसके बाद ही बात हो सकती है और यूएनसी के दो नेताओं गैदन कामेई और स्टीफन लैमकांग को रिहा किया जा सकता है ताकि एक बेहतर माहौल बनाया जा सके. मुख्य सचिव ओइनाम नबकिशोर ने कहा, "यूएनसी की शर्तो में एक यह है कि बातचीत सेनापति जिला के मुख्यालय में होनी चाहिए."
इसके जवाब में इबोबी ने कहा, "यूएनसी मुट्ठी भर लोगों का एक क्लब है. यदि सरकार सेनापति जिले में जाती है तो अन्य सभी संगठन भविष्य में इस तरह की शर्त रख सकते हैं. अधिक से अधिक हम प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता के लिए दिल्ली जा सकते हैं."
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने हाल में कहा था कि नाकाबंदी को खत्म कराने को लेकर मणिपुर सरकार गंभीर नहीं है. इबोबी ने इससे यह कहकर इनकार किया है कि इसमें राजनीति करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है क्योंकि यह राज्य की जनता के भूखे रहने का सवाल है. एक नवंबर से जारी इस नाकेबंदी के परिणामस्वरूप मणिपुर में उपभोक्ता सामान, बच्चों की भोजन सामग्री, भवन निर्माण और अन्य सामग्री नहीं है.टिप्पणियां
रिजिजू ने नाकेबंदी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और राज मार्ग -37 पर ट्रकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा है. लेकिन यूएनसी ने कहा है कि वह अपने आंदोलन को और तेज करेगी. शनिवार से उसने नगा बहुल पहाड़ी जिलों में सरकारी कार्यालयों का घेराव शुरू किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार की दो नए जिले गठित करने की योजना के विरोध में यूएनसी ने एक नवंबर से ही अनिश्चितकालीन नाकाबंदी कर रखी है. यूएनसी के अनुसार, नगाओं की बहुत सारी जमीन नए जिलों द्वारा हड़प ली जाएगी. हालांकि, सरकार ने इसका जवाब दो नहीं, सात नए जिले बनाने की घोषणा के कर के दे दिया है.
सभी वर्ग के लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के अलावा यह विकास की गति तेज करने के लिए लंबे समय से लंबित मांग थी. इबोबी ने बताया कि सबसे पहले यूएनसी को नाकेबंदी खत्म करनी चाहिए और यह भरोसा देना चाहिए कि ऐसा फिर नहीं होगा.
उसके बाद ही बात हो सकती है और यूएनसी के दो नेताओं गैदन कामेई और स्टीफन लैमकांग को रिहा किया जा सकता है ताकि एक बेहतर माहौल बनाया जा सके. मुख्य सचिव ओइनाम नबकिशोर ने कहा, "यूएनसी की शर्तो में एक यह है कि बातचीत सेनापति जिला के मुख्यालय में होनी चाहिए."
इसके जवाब में इबोबी ने कहा, "यूएनसी मुट्ठी भर लोगों का एक क्लब है. यदि सरकार सेनापति जिले में जाती है तो अन्य सभी संगठन भविष्य में इस तरह की शर्त रख सकते हैं. अधिक से अधिक हम प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता के लिए दिल्ली जा सकते हैं."
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने हाल में कहा था कि नाकाबंदी को खत्म कराने को लेकर मणिपुर सरकार गंभीर नहीं है. इबोबी ने इससे यह कहकर इनकार किया है कि इसमें राजनीति करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है क्योंकि यह राज्य की जनता के भूखे रहने का सवाल है. एक नवंबर से जारी इस नाकेबंदी के परिणामस्वरूप मणिपुर में उपभोक्ता सामान, बच्चों की भोजन सामग्री, भवन निर्माण और अन्य सामग्री नहीं है.टिप्पणियां
रिजिजू ने नाकेबंदी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और राज मार्ग -37 पर ट्रकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा है. लेकिन यूएनसी ने कहा है कि वह अपने आंदोलन को और तेज करेगी. शनिवार से उसने नगा बहुल पहाड़ी जिलों में सरकारी कार्यालयों का घेराव शुरू किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सभी वर्ग के लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के अलावा यह विकास की गति तेज करने के लिए लंबे समय से लंबित मांग थी. इबोबी ने बताया कि सबसे पहले यूएनसी को नाकेबंदी खत्म करनी चाहिए और यह भरोसा देना चाहिए कि ऐसा फिर नहीं होगा.
उसके बाद ही बात हो सकती है और यूएनसी के दो नेताओं गैदन कामेई और स्टीफन लैमकांग को रिहा किया जा सकता है ताकि एक बेहतर माहौल बनाया जा सके. मुख्य सचिव ओइनाम नबकिशोर ने कहा, "यूएनसी की शर्तो में एक यह है कि बातचीत सेनापति जिला के मुख्यालय में होनी चाहिए."
इसके जवाब में इबोबी ने कहा, "यूएनसी मुट्ठी भर लोगों का एक क्लब है. यदि सरकार सेनापति जिले में जाती है तो अन्य सभी संगठन भविष्य में इस तरह की शर्त रख सकते हैं. अधिक से अधिक हम प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता के लिए दिल्ली जा सकते हैं."
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने हाल में कहा था कि नाकाबंदी को खत्म कराने को लेकर मणिपुर सरकार गंभीर नहीं है. इबोबी ने इससे यह कहकर इनकार किया है कि इसमें राजनीति करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है क्योंकि यह राज्य की जनता के भूखे रहने का सवाल है. एक नवंबर से जारी इस नाकेबंदी के परिणामस्वरूप मणिपुर में उपभोक्ता सामान, बच्चों की भोजन सामग्री, भवन निर्माण और अन्य सामग्री नहीं है.टिप्पणियां
रिजिजू ने नाकेबंदी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और राज मार्ग -37 पर ट्रकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा है. लेकिन यूएनसी ने कहा है कि वह अपने आंदोलन को और तेज करेगी. शनिवार से उसने नगा बहुल पहाड़ी जिलों में सरकारी कार्यालयों का घेराव शुरू किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उसके बाद ही बात हो सकती है और यूएनसी के दो नेताओं गैदन कामेई और स्टीफन लैमकांग को रिहा किया जा सकता है ताकि एक बेहतर माहौल बनाया जा सके. मुख्य सचिव ओइनाम नबकिशोर ने कहा, "यूएनसी की शर्तो में एक यह है कि बातचीत सेनापति जिला के मुख्यालय में होनी चाहिए."
इसके जवाब में इबोबी ने कहा, "यूएनसी मुट्ठी भर लोगों का एक क्लब है. यदि सरकार सेनापति जिले में जाती है तो अन्य सभी संगठन भविष्य में इस तरह की शर्त रख सकते हैं. अधिक से अधिक हम प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता के लिए दिल्ली जा सकते हैं."
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने हाल में कहा था कि नाकाबंदी को खत्म कराने को लेकर मणिपुर सरकार गंभीर नहीं है. इबोबी ने इससे यह कहकर इनकार किया है कि इसमें राजनीति करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है क्योंकि यह राज्य की जनता के भूखे रहने का सवाल है. एक नवंबर से जारी इस नाकेबंदी के परिणामस्वरूप मणिपुर में उपभोक्ता सामान, बच्चों की भोजन सामग्री, भवन निर्माण और अन्य सामग्री नहीं है.टिप्पणियां
रिजिजू ने नाकेबंदी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और राज मार्ग -37 पर ट्रकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा है. लेकिन यूएनसी ने कहा है कि वह अपने आंदोलन को और तेज करेगी. शनिवार से उसने नगा बहुल पहाड़ी जिलों में सरकारी कार्यालयों का घेराव शुरू किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके जवाब में इबोबी ने कहा, "यूएनसी मुट्ठी भर लोगों का एक क्लब है. यदि सरकार सेनापति जिले में जाती है तो अन्य सभी संगठन भविष्य में इस तरह की शर्त रख सकते हैं. अधिक से अधिक हम प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता के लिए दिल्ली जा सकते हैं."
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने हाल में कहा था कि नाकाबंदी को खत्म कराने को लेकर मणिपुर सरकार गंभीर नहीं है. इबोबी ने इससे यह कहकर इनकार किया है कि इसमें राजनीति करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है क्योंकि यह राज्य की जनता के भूखे रहने का सवाल है. एक नवंबर से जारी इस नाकेबंदी के परिणामस्वरूप मणिपुर में उपभोक्ता सामान, बच्चों की भोजन सामग्री, भवन निर्माण और अन्य सामग्री नहीं है.टिप्पणियां
रिजिजू ने नाकेबंदी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और राज मार्ग -37 पर ट्रकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा है. लेकिन यूएनसी ने कहा है कि वह अपने आंदोलन को और तेज करेगी. शनिवार से उसने नगा बहुल पहाड़ी जिलों में सरकारी कार्यालयों का घेराव शुरू किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने हाल में कहा था कि नाकाबंदी को खत्म कराने को लेकर मणिपुर सरकार गंभीर नहीं है. इबोबी ने इससे यह कहकर इनकार किया है कि इसमें राजनीति करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है क्योंकि यह राज्य की जनता के भूखे रहने का सवाल है. एक नवंबर से जारी इस नाकेबंदी के परिणामस्वरूप मणिपुर में उपभोक्ता सामान, बच्चों की भोजन सामग्री, भवन निर्माण और अन्य सामग्री नहीं है.टिप्पणियां
रिजिजू ने नाकेबंदी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और राज मार्ग -37 पर ट्रकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा है. लेकिन यूएनसी ने कहा है कि वह अपने आंदोलन को और तेज करेगी. शनिवार से उसने नगा बहुल पहाड़ी जिलों में सरकारी कार्यालयों का घेराव शुरू किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिजिजू ने नाकेबंदी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और राज मार्ग -37 पर ट्रकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा है. लेकिन यूएनसी ने कहा है कि वह अपने आंदोलन को और तेज करेगी. शनिवार से उसने नगा बहुल पहाड़ी जिलों में सरकारी कार्यालयों का घेराव शुरू किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | मणिपुर के मुख्यमंत्री और संयुक्त नगा परिषद अपने रुख से नहीं हिल रहे
सरकार की दो नए जिले गठित करने की योजना के विरोध में नाकाबंदी
यूएनसी के अनुसार, नगाओं की बहुत से जमीन नए जिलों द्वारा हड़प ली जाएगी | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में 7 साल की बच्ची से गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बच्ची के साथ गैंगरेप करने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब 11 बजे बच्ची अपने घर के बाहर सो रही थी तभी पड़ोसी 3 लड़के आए और बच्ची का मुंह दबाकर उसे ले गए. घर के पास ही गैंगरेप करने के बाद आरोपी उसे लहूलुहान हालत में छोड़ गये. खून से लथपथ हालत में बच्ची जब घर पहुंची तो उसने आपबीती बताई, उसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को जानकारी दी गयी.
पुलिस बच्ची को लेकर पहले लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल गई लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया. इस मामले में मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में 19 साल का भूरे 21 साल का आमिर और 19 साल का भीम सेन है. पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी बच्ची को जानते हैं.
पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब 11 बजे बच्ची अपने घर के बाहर सो रही थी तभी पड़ोसी 3 लड़के आए और बच्ची का मुंह दबाकर उसे ले गए. घर के पास ही गैंगरेप करने के बाद आरोपी उसे लहूलुहान हालत में छोड़ गये. खून से लथपथ हालत में बच्ची जब घर पहुंची तो उसने आपबीती बताई, उसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को जानकारी दी गयी.
पुलिस बच्ची को लेकर पहले लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल गई लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया. इस मामले में मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में 19 साल का भूरे 21 साल का आमिर और 19 साल का भीम सेन है. पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी बच्ची को जानते हैं.
पुलिस बच्ची को लेकर पहले लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल गई लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया. इस मामले में मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में 19 साल का भूरे 21 साल का आमिर और 19 साल का भीम सेन है. पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी बच्ची को जानते हैं. | संक्षिप्त पाठ: पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता यानी डीए (Dearness Allowance) को लेकर केंद्र सरकार ने करीब एक हफ्ते पहले घोषणा कर दी थी. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद 27 अक्टूबर को मीडिया से बताया था कि सरकार ने डीए को मंजूरी दे दी है और यह 2 प्रतिशत दिया जाएगा. सरकार ने यह भी साफ कर दिया था कि यह 1 जुलाई 2016 से लागू होगा.
इसके बाद से केंद्रीय कर्मचारियों को उस नोटिफिकेशन या कहें आदेश का इंतजार था, जिसके तहत यह आदेश लागू किया जाना था. सरकार ने 4 नवंबर में इस संबंध में हर सरकारी विभाग को आदेश भेज दिया है.
4 नवंबर को जारी आदेश में बताया गया है कि सरकार के प्रस्ताव को राष्ट्रपति ने पारित कर दिया है. राष्ट्रपति ने अपने आदेश में सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन का 2 प्रतिशत डीए दिए जाने की बात कही है. इसी आदेश में इसे लागू किए जाने की तारीख 1 जुलाई 2016 बताई गई है. (केंद्र सरकार के बाबुओं की बल्ले-बल्ले, जरूरत पर निजी विमानन कंपनियों की सेवा ले सकेंगे)
राष्ट्रपति के इस आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि 1-1-16 से जो नया वेतनमान लागू हुआ है कि उसमें 125 प्रतिशत डीए का समावेश किया जा चुका है. इसलिए अब 1-1-16 से डीए अगली घोषित तारीख तक शून्य है.
राष्ट्रपति ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि बेसिक पे का अर्थ नए पे मेट्रिक्स के हिसाब से तय हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार का स्पेशल पे नहीं जोड़ा जाएगा. इसी आदेश में बताया गया है कि सरकार ने 25 जुलाई 2016 के प्रस्ताव संख्या 1-2/2016-आईसी पर अंतिम निर्णय नहीं होने तक यह साफ कर दिया है कि अन्य अलाउंस जिस दर से दिए जा रहे थे और स्वीकृत थे, वे उसी दर से दिए जाते रहेंगे. बता दें कि वित्तमंत्रालय के एक सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंसेस को लेकर उठे विवाद के समाधान के लिए कर्मचारी संगठनों बात कर रही है.टिप्पणियां
बता दें कि हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को साल में दो बार दिया जाता है. साल में जनवरी और जुलाई के माह में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा करती रही है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है.
इसके बाद से केंद्रीय कर्मचारियों को उस नोटिफिकेशन या कहें आदेश का इंतजार था, जिसके तहत यह आदेश लागू किया जाना था. सरकार ने 4 नवंबर में इस संबंध में हर सरकारी विभाग को आदेश भेज दिया है.
4 नवंबर को जारी आदेश में बताया गया है कि सरकार के प्रस्ताव को राष्ट्रपति ने पारित कर दिया है. राष्ट्रपति ने अपने आदेश में सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन का 2 प्रतिशत डीए दिए जाने की बात कही है. इसी आदेश में इसे लागू किए जाने की तारीख 1 जुलाई 2016 बताई गई है. (केंद्र सरकार के बाबुओं की बल्ले-बल्ले, जरूरत पर निजी विमानन कंपनियों की सेवा ले सकेंगे)
राष्ट्रपति के इस आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि 1-1-16 से जो नया वेतनमान लागू हुआ है कि उसमें 125 प्रतिशत डीए का समावेश किया जा चुका है. इसलिए अब 1-1-16 से डीए अगली घोषित तारीख तक शून्य है.
राष्ट्रपति ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि बेसिक पे का अर्थ नए पे मेट्रिक्स के हिसाब से तय हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार का स्पेशल पे नहीं जोड़ा जाएगा. इसी आदेश में बताया गया है कि सरकार ने 25 जुलाई 2016 के प्रस्ताव संख्या 1-2/2016-आईसी पर अंतिम निर्णय नहीं होने तक यह साफ कर दिया है कि अन्य अलाउंस जिस दर से दिए जा रहे थे और स्वीकृत थे, वे उसी दर से दिए जाते रहेंगे. बता दें कि वित्तमंत्रालय के एक सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंसेस को लेकर उठे विवाद के समाधान के लिए कर्मचारी संगठनों बात कर रही है.टिप्पणियां
बता दें कि हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को साल में दो बार दिया जाता है. साल में जनवरी और जुलाई के माह में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा करती रही है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है.
4 नवंबर को जारी आदेश में बताया गया है कि सरकार के प्रस्ताव को राष्ट्रपति ने पारित कर दिया है. राष्ट्रपति ने अपने आदेश में सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन का 2 प्रतिशत डीए दिए जाने की बात कही है. इसी आदेश में इसे लागू किए जाने की तारीख 1 जुलाई 2016 बताई गई है. (केंद्र सरकार के बाबुओं की बल्ले-बल्ले, जरूरत पर निजी विमानन कंपनियों की सेवा ले सकेंगे)
राष्ट्रपति के इस आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि 1-1-16 से जो नया वेतनमान लागू हुआ है कि उसमें 125 प्रतिशत डीए का समावेश किया जा चुका है. इसलिए अब 1-1-16 से डीए अगली घोषित तारीख तक शून्य है.
राष्ट्रपति ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि बेसिक पे का अर्थ नए पे मेट्रिक्स के हिसाब से तय हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार का स्पेशल पे नहीं जोड़ा जाएगा. इसी आदेश में बताया गया है कि सरकार ने 25 जुलाई 2016 के प्रस्ताव संख्या 1-2/2016-आईसी पर अंतिम निर्णय नहीं होने तक यह साफ कर दिया है कि अन्य अलाउंस जिस दर से दिए जा रहे थे और स्वीकृत थे, वे उसी दर से दिए जाते रहेंगे. बता दें कि वित्तमंत्रालय के एक सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंसेस को लेकर उठे विवाद के समाधान के लिए कर्मचारी संगठनों बात कर रही है.टिप्पणियां
बता दें कि हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को साल में दो बार दिया जाता है. साल में जनवरी और जुलाई के माह में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा करती रही है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है.
राष्ट्रपति के इस आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि 1-1-16 से जो नया वेतनमान लागू हुआ है कि उसमें 125 प्रतिशत डीए का समावेश किया जा चुका है. इसलिए अब 1-1-16 से डीए अगली घोषित तारीख तक शून्य है.
राष्ट्रपति ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि बेसिक पे का अर्थ नए पे मेट्रिक्स के हिसाब से तय हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार का स्पेशल पे नहीं जोड़ा जाएगा. इसी आदेश में बताया गया है कि सरकार ने 25 जुलाई 2016 के प्रस्ताव संख्या 1-2/2016-आईसी पर अंतिम निर्णय नहीं होने तक यह साफ कर दिया है कि अन्य अलाउंस जिस दर से दिए जा रहे थे और स्वीकृत थे, वे उसी दर से दिए जाते रहेंगे. बता दें कि वित्तमंत्रालय के एक सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंसेस को लेकर उठे विवाद के समाधान के लिए कर्मचारी संगठनों बात कर रही है.टिप्पणियां
बता दें कि हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को साल में दो बार दिया जाता है. साल में जनवरी और जुलाई के माह में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा करती रही है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है.
राष्ट्रपति ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि बेसिक पे का अर्थ नए पे मेट्रिक्स के हिसाब से तय हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार का स्पेशल पे नहीं जोड़ा जाएगा. इसी आदेश में बताया गया है कि सरकार ने 25 जुलाई 2016 के प्रस्ताव संख्या 1-2/2016-आईसी पर अंतिम निर्णय नहीं होने तक यह साफ कर दिया है कि अन्य अलाउंस जिस दर से दिए जा रहे थे और स्वीकृत थे, वे उसी दर से दिए जाते रहेंगे. बता दें कि वित्तमंत्रालय के एक सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में अलाउंसेस को लेकर उठे विवाद के समाधान के लिए कर्मचारी संगठनों बात कर रही है.टिप्पणियां
बता दें कि हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को साल में दो बार दिया जाता है. साल में जनवरी और जुलाई के माह में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा करती रही है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है.
बता दें कि हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को साल में दो बार दिया जाता है. साल में जनवरी और जुलाई के माह में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की घोषणा करती रही है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल में जुलाई के अंत में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की घोषणा की थी. केंद्रीय कर्मचारियों को डीए की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था. इसकी घोषणा अमूमन सितंबर में होती है और सितंबर के 3-4 चौथे सप्ताह में सरकारी आदेश भी जारी हो जाता था जो इस साल नवंबर में हुआ है. | संक्षिप्त सारांश: डीए को लेकर केंद्र सरकार ने करीब एक हफ्ते पहले घोषणा की थी
सरकार ने यह भी साफ कर दिया था कि यह 1 जुलाई 2016 से लागू होगा.
सरकार ने 4 नवंबर में इस संबंध में हर सरकारी विभाग को आदेश भेज दिया है. | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के चौथे चरण का मतदान जहां शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया, वहीं पांचवें चरण का चुनाव का प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है।
रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के दिग्गजों ने धुआंधार प्रचार कर एक-दूसरे पर जमकर प्रहार किया। इस चरण में 10 जिलों की 56 सीटों पर 23 फरवरी को मतदान होना है।
बसपा प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने हमीरपुर जिले में एक चुनावी जनसभा में कहा, "जिस कांग्रेस पार्टी ने 40 साल में प्रदेश का विकास नहीं किया, उसका युवराज पांच साल में कायापलट करने की बात कर रहा है।"
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अलीगढ़ में चुनावी जनसभा कर उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "आप लोग इस चुनाव में विरोधी दल के उम्मीदवारों को अलीगढ़ी ताले में बंद कर दें जिससे कि राज्य को फिर से विकास के मार्ग पर ले जाया जा सके।"
वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने औरैया जिले में चुनावी जनसभा कर गैर भाजपाई दलों को उत्तर प्रदेश की बदहाली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "गंदी सियासत करने वालों ने प्रदेश को इस दशा में पहुंचा दिया कि कोई व्यक्ति खुश नहीं है। यहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संसाधनों का अभाव है।"
गडकरी ने कहा, "नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक 'गरीबी हटाओ' का नारा दे रहे हैं लेकिन अब तक गरीबी क्यों नहीं हटी? जब तक जाति की सियासत होगी तब तक विकास नहीं होगा और न ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर सुधरेगी।"टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एटा में जनसभा कर कहा, "सपा, बसपा और भाजपा ने पिछले 22 साल में झूठे वादे कर जनता को केवल छला है। वादे वही करता है जिसे काम नहीं करना होता है।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।"
रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के दिग्गजों ने धुआंधार प्रचार कर एक-दूसरे पर जमकर प्रहार किया। इस चरण में 10 जिलों की 56 सीटों पर 23 फरवरी को मतदान होना है।
बसपा प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने हमीरपुर जिले में एक चुनावी जनसभा में कहा, "जिस कांग्रेस पार्टी ने 40 साल में प्रदेश का विकास नहीं किया, उसका युवराज पांच साल में कायापलट करने की बात कर रहा है।"
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अलीगढ़ में चुनावी जनसभा कर उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "आप लोग इस चुनाव में विरोधी दल के उम्मीदवारों को अलीगढ़ी ताले में बंद कर दें जिससे कि राज्य को फिर से विकास के मार्ग पर ले जाया जा सके।"
वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने औरैया जिले में चुनावी जनसभा कर गैर भाजपाई दलों को उत्तर प्रदेश की बदहाली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "गंदी सियासत करने वालों ने प्रदेश को इस दशा में पहुंचा दिया कि कोई व्यक्ति खुश नहीं है। यहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संसाधनों का अभाव है।"
गडकरी ने कहा, "नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक 'गरीबी हटाओ' का नारा दे रहे हैं लेकिन अब तक गरीबी क्यों नहीं हटी? जब तक जाति की सियासत होगी तब तक विकास नहीं होगा और न ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर सुधरेगी।"टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एटा में जनसभा कर कहा, "सपा, बसपा और भाजपा ने पिछले 22 साल में झूठे वादे कर जनता को केवल छला है। वादे वही करता है जिसे काम नहीं करना होता है।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।"
बसपा प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने हमीरपुर जिले में एक चुनावी जनसभा में कहा, "जिस कांग्रेस पार्टी ने 40 साल में प्रदेश का विकास नहीं किया, उसका युवराज पांच साल में कायापलट करने की बात कर रहा है।"
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अलीगढ़ में चुनावी जनसभा कर उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "आप लोग इस चुनाव में विरोधी दल के उम्मीदवारों को अलीगढ़ी ताले में बंद कर दें जिससे कि राज्य को फिर से विकास के मार्ग पर ले जाया जा सके।"
वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने औरैया जिले में चुनावी जनसभा कर गैर भाजपाई दलों को उत्तर प्रदेश की बदहाली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "गंदी सियासत करने वालों ने प्रदेश को इस दशा में पहुंचा दिया कि कोई व्यक्ति खुश नहीं है। यहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संसाधनों का अभाव है।"
गडकरी ने कहा, "नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक 'गरीबी हटाओ' का नारा दे रहे हैं लेकिन अब तक गरीबी क्यों नहीं हटी? जब तक जाति की सियासत होगी तब तक विकास नहीं होगा और न ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर सुधरेगी।"टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एटा में जनसभा कर कहा, "सपा, बसपा और भाजपा ने पिछले 22 साल में झूठे वादे कर जनता को केवल छला है। वादे वही करता है जिसे काम नहीं करना होता है।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।"
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अलीगढ़ में चुनावी जनसभा कर उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "आप लोग इस चुनाव में विरोधी दल के उम्मीदवारों को अलीगढ़ी ताले में बंद कर दें जिससे कि राज्य को फिर से विकास के मार्ग पर ले जाया जा सके।"
वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने औरैया जिले में चुनावी जनसभा कर गैर भाजपाई दलों को उत्तर प्रदेश की बदहाली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "गंदी सियासत करने वालों ने प्रदेश को इस दशा में पहुंचा दिया कि कोई व्यक्ति खुश नहीं है। यहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संसाधनों का अभाव है।"
गडकरी ने कहा, "नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक 'गरीबी हटाओ' का नारा दे रहे हैं लेकिन अब तक गरीबी क्यों नहीं हटी? जब तक जाति की सियासत होगी तब तक विकास नहीं होगा और न ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर सुधरेगी।"टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एटा में जनसभा कर कहा, "सपा, बसपा और भाजपा ने पिछले 22 साल में झूठे वादे कर जनता को केवल छला है। वादे वही करता है जिसे काम नहीं करना होता है।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।"
वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने औरैया जिले में चुनावी जनसभा कर गैर भाजपाई दलों को उत्तर प्रदेश की बदहाली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "गंदी सियासत करने वालों ने प्रदेश को इस दशा में पहुंचा दिया कि कोई व्यक्ति खुश नहीं है। यहां सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संसाधनों का अभाव है।"
गडकरी ने कहा, "नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक 'गरीबी हटाओ' का नारा दे रहे हैं लेकिन अब तक गरीबी क्यों नहीं हटी? जब तक जाति की सियासत होगी तब तक विकास नहीं होगा और न ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर सुधरेगी।"टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एटा में जनसभा कर कहा, "सपा, बसपा और भाजपा ने पिछले 22 साल में झूठे वादे कर जनता को केवल छला है। वादे वही करता है जिसे काम नहीं करना होता है।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।"
गडकरी ने कहा, "नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक 'गरीबी हटाओ' का नारा दे रहे हैं लेकिन अब तक गरीबी क्यों नहीं हटी? जब तक जाति की सियासत होगी तब तक विकास नहीं होगा और न ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर सुधरेगी।"टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एटा में जनसभा कर कहा, "सपा, बसपा और भाजपा ने पिछले 22 साल में झूठे वादे कर जनता को केवल छला है। वादे वही करता है जिसे काम नहीं करना होता है।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।"
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एटा में जनसभा कर कहा, "सपा, बसपा और भाजपा ने पिछले 22 साल में झूठे वादे कर जनता को केवल छला है। वादे वही करता है जिसे काम नहीं करना होता है।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में जनसभा कर कहा, "उत्तर प्रदेश में घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बसपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस की सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है और वह इस जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती।" | यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश विधानसभा के चौथे चरण का मतदान जहां शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया, वहीं पांचवें चरण का चुनाव का प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को यहां अपनी चप्पल की मरम्मत करने वाले को 100 रुपये दिए, जबकि उसने सिर्फ 10 रुपये मांगे थे. अधिक पैसे मिलने से खुश हुए चप्पल मरम्मत करने वाले ने चप्पल में अतिरिक्त टांके भी लगा दिए. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.
भाजपा सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री यहां इशा फाउंडेशन के एक सत्र को संबोधित करने एक उड़ान से उतरीं तो उनकी चप्पल की पट्टी टूट गई. वह चप्पल की मरम्मत करने वाले को ढू़ंढ रहीं थी जो उन्हें इशा फाउंडेशन जाने के रास्ते में हवाई अड्डे से करीब 16 किलोमीटर दूर पेरूर के पास मिला.
स्मृति तमिलनाडु भाजपा के महासचिव वी श्रीनिवास के साथ थीं. उन्होंने वाहन से उतरकर अपनी चप्पल मरम्मत करने वाले व्यक्ति को दी और खुद एक स्टूल पर बैठ गईं.
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने इस काम के लिए 10 रुपये मांगे. स्मृति ने उसके गल्ले के पास 100 रूपये का नोट रखा और कहा 'चेंज वेंडा' (छुट्टे की जरूरत नहीं है). टिप्पणियां
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने केंद्रीय मंत्री की चप्पल पर और टांके लगा दिए. घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री यहां इशा फाउंडेशन के एक सत्र को संबोधित करने एक उड़ान से उतरीं तो उनकी चप्पल की पट्टी टूट गई. वह चप्पल की मरम्मत करने वाले को ढू़ंढ रहीं थी जो उन्हें इशा फाउंडेशन जाने के रास्ते में हवाई अड्डे से करीब 16 किलोमीटर दूर पेरूर के पास मिला.
स्मृति तमिलनाडु भाजपा के महासचिव वी श्रीनिवास के साथ थीं. उन्होंने वाहन से उतरकर अपनी चप्पल मरम्मत करने वाले व्यक्ति को दी और खुद एक स्टूल पर बैठ गईं.
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने इस काम के लिए 10 रुपये मांगे. स्मृति ने उसके गल्ले के पास 100 रूपये का नोट रखा और कहा 'चेंज वेंडा' (छुट्टे की जरूरत नहीं है). टिप्पणियां
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने केंद्रीय मंत्री की चप्पल पर और टांके लगा दिए. घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्मृति तमिलनाडु भाजपा के महासचिव वी श्रीनिवास के साथ थीं. उन्होंने वाहन से उतरकर अपनी चप्पल मरम्मत करने वाले व्यक्ति को दी और खुद एक स्टूल पर बैठ गईं.
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने इस काम के लिए 10 रुपये मांगे. स्मृति ने उसके गल्ले के पास 100 रूपये का नोट रखा और कहा 'चेंज वेंडा' (छुट्टे की जरूरत नहीं है). टिप्पणियां
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने केंद्रीय मंत्री की चप्पल पर और टांके लगा दिए. घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने इस काम के लिए 10 रुपये मांगे. स्मृति ने उसके गल्ले के पास 100 रूपये का नोट रखा और कहा 'चेंज वेंडा' (छुट्टे की जरूरत नहीं है). टिप्पणियां
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने केंद्रीय मंत्री की चप्पल पर और टांके लगा दिए. घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चप्पल की मरम्मत करने वाले ने केंद्रीय मंत्री की चप्पल पर और टांके लगा दिए. घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.
वाहन से उतरकर अपनी चप्पल मरम्मत कराई, इस दौरान वे स्टूल पर बैठ गईं.
एक उड़ान से उतरने के दौरान उनकी चप्पल की पट्टी टूट गई थी. | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन द्वारा अपने एक निजी ई-मेल सर्वर के इस्तेमाल के सिलसिले में ‘‘जानबूझकर गलत व्यवहार’’ करने का कोई सबूत नहीं मिलने के बाद मंगलवार को एफबीआई ने उन्हें आरोपित करने से इनकार कर दिया।
एफबीआई का यह बयान डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार हिलेरी के लिए बहुत बड़ी राहत है। हिलेरी ने कहा कि वह इस खबर से काफी ‘‘खुश’’ हैं। एफबीआई ने सिफारिश की कि हिलेरी के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप न लगाया जाए।
बहरहाल, एफबीआई ने अपने निजी ई-मेल खाते से गोपनीय सूचनाएं भेजने को लेकर 68 साल की हिलेरी को ‘‘बेहद लापरवाह’’ करार दिया है। एफबीआई के बयान के बाद हिलेरी के प्रचार प्रवक्ता ब्रायन फॉलॉन ने कहा, ‘‘हम खुश हैं कि इस मामले की छानबीन कर रहे अधिकारियों ने पाया है कि (न्याय) विभाग द्वारा आगे की कोई कार्रवाई उचित नहीं होगी..हमें खुशी है कि अब यह मामला सुलझा लिया गया है ।’’ इससे पहले, मंगलवार को एफबीआई के निदेशक जेम्स कॉमी ने खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन में बताया कि काफी गहन अराजनीतिक जांच के बाद जांच अधिकारियों ने पाया कि हिलेरी की ओर से ‘‘जानबूझकर गलत व्यवहार’’ करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं ।टिप्पणियां
हालांकि, कॉमी ने यह भी कहा कि गोपनीय सूचना के मामलों से निपटने के बाबत कुछ कानूनों के संभावित उल्लंघन के सबूत हैं, लेकिन हमारा मानना है कि कोई भी तर्कपूर्ण अभियोजक ऐसा मामला नहीं लाएगा । उन्होंने कहा कि किसी को आरोपित करने से पहले कई कारकों पर अभियोजकों द्वारा विचार किया जाता है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एफबीआई का यह बयान डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार हिलेरी के लिए बहुत बड़ी राहत है। हिलेरी ने कहा कि वह इस खबर से काफी ‘‘खुश’’ हैं। एफबीआई ने सिफारिश की कि हिलेरी के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप न लगाया जाए।
बहरहाल, एफबीआई ने अपने निजी ई-मेल खाते से गोपनीय सूचनाएं भेजने को लेकर 68 साल की हिलेरी को ‘‘बेहद लापरवाह’’ करार दिया है। एफबीआई के बयान के बाद हिलेरी के प्रचार प्रवक्ता ब्रायन फॉलॉन ने कहा, ‘‘हम खुश हैं कि इस मामले की छानबीन कर रहे अधिकारियों ने पाया है कि (न्याय) विभाग द्वारा आगे की कोई कार्रवाई उचित नहीं होगी..हमें खुशी है कि अब यह मामला सुलझा लिया गया है ।’’ इससे पहले, मंगलवार को एफबीआई के निदेशक जेम्स कॉमी ने खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन में बताया कि काफी गहन अराजनीतिक जांच के बाद जांच अधिकारियों ने पाया कि हिलेरी की ओर से ‘‘जानबूझकर गलत व्यवहार’’ करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं ।टिप्पणियां
हालांकि, कॉमी ने यह भी कहा कि गोपनीय सूचना के मामलों से निपटने के बाबत कुछ कानूनों के संभावित उल्लंघन के सबूत हैं, लेकिन हमारा मानना है कि कोई भी तर्कपूर्ण अभियोजक ऐसा मामला नहीं लाएगा । उन्होंने कहा कि किसी को आरोपित करने से पहले कई कारकों पर अभियोजकों द्वारा विचार किया जाता है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बहरहाल, एफबीआई ने अपने निजी ई-मेल खाते से गोपनीय सूचनाएं भेजने को लेकर 68 साल की हिलेरी को ‘‘बेहद लापरवाह’’ करार दिया है। एफबीआई के बयान के बाद हिलेरी के प्रचार प्रवक्ता ब्रायन फॉलॉन ने कहा, ‘‘हम खुश हैं कि इस मामले की छानबीन कर रहे अधिकारियों ने पाया है कि (न्याय) विभाग द्वारा आगे की कोई कार्रवाई उचित नहीं होगी..हमें खुशी है कि अब यह मामला सुलझा लिया गया है ।’’ इससे पहले, मंगलवार को एफबीआई के निदेशक जेम्स कॉमी ने खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन में बताया कि काफी गहन अराजनीतिक जांच के बाद जांच अधिकारियों ने पाया कि हिलेरी की ओर से ‘‘जानबूझकर गलत व्यवहार’’ करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं ।टिप्पणियां
हालांकि, कॉमी ने यह भी कहा कि गोपनीय सूचना के मामलों से निपटने के बाबत कुछ कानूनों के संभावित उल्लंघन के सबूत हैं, लेकिन हमारा मानना है कि कोई भी तर्कपूर्ण अभियोजक ऐसा मामला नहीं लाएगा । उन्होंने कहा कि किसी को आरोपित करने से पहले कई कारकों पर अभियोजकों द्वारा विचार किया जाता है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि, कॉमी ने यह भी कहा कि गोपनीय सूचना के मामलों से निपटने के बाबत कुछ कानूनों के संभावित उल्लंघन के सबूत हैं, लेकिन हमारा मानना है कि कोई भी तर्कपूर्ण अभियोजक ऐसा मामला नहीं लाएगा । उन्होंने कहा कि किसी को आरोपित करने से पहले कई कारकों पर अभियोजकों द्वारा विचार किया जाता है। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: आरोपित करने से एफबीआई ने किया इनकार
हिलेरी के लिए बहुत बड़ी राहत
इस खबर से काफी खुश हैं हिलेरी | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वरुण धवन और अनुष्का शर्मा, दोनों ही इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों में बिजी हैं. जहां वरुण 'जुड़वा 2' के लिए काफी एक्साइटेड हैं तो वहीं अनुष्का शर्मा अपनी फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' का जमकर प्रमोशन कर रही हैं. लेकिन अब जल्द ही यश राज फिल्म के बैनर तले बनने वाली अगली फिल्म में यह जोड़ी पर्दे पर पहली बार साथ नजर आने वाली है. यह दोनों यश राज फिल्म्स की नई फिल्म 'सुई धागा - मेड इन इंडिया' में साथ काम करेंगे. 'दम लगा के हईशा' का निर्देशन करने वाले शरत कटारिया इस फिल्म का निर्देशन करेंगे. वहीं, मनीष शर्मा इस फिल्म को प्रोड्यूस करेंगे. अनुष्का शर्मा ने तो यश राज फिल्म्स के साथ ही अपने बॉलीवुड के सफर की शुरुआत कर चुकी हैं लेकिन करण जौहर के 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' वरुण धवन पहली बार इस बैनर के साथ जुड़ने वाले हैं.
फिल्म 'जुड़वां 2' में वरुण डबल रोल में नजर आएंगे.टिप्पणियां
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार वरुण धवन ने बताया, 'गांधीजी से लेकर मोदीजी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) तक हमारे देश के नेता मेड इन इंडिया के मंत्र का समर्थन करते हैं. 'सुई धागा' के साथ हम करोड़ों लोगों तक यह संदेश पहुंचाएंगे.' उन्होंने कहा, 'मुझे इस फिल्म की पटकथा पसंद आई है और मैं वाईआरएफ के साथ काम करने को लेकर काफी खुश हूं. अनुष्का और मैं पहली बार इस फिल्म में साथ काम करेंगे इसलिए इस फिल्म में कुछ मजेदार होने वाला है.' अभिनेत्री अनुष्का शर्मा इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं क्योंकि इसमें मानवीय पहलू है.
अनुष्का शर्मा एक बार फिर शाहरुख खान के साथ 'जब हैरी मेट सेजल' में नजर आने वाली हैं.
इस फिल्म की शूटिंग अगले साल जनवरी से शुरू होगी और यह गांधी जयंती पर साल 2018 में रिलीज होगी.
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार वरुण धवन ने बताया, 'गांधीजी से लेकर मोदीजी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) तक हमारे देश के नेता मेड इन इंडिया के मंत्र का समर्थन करते हैं. 'सुई धागा' के साथ हम करोड़ों लोगों तक यह संदेश पहुंचाएंगे.' उन्होंने कहा, 'मुझे इस फिल्म की पटकथा पसंद आई है और मैं वाईआरएफ के साथ काम करने को लेकर काफी खुश हूं. अनुष्का और मैं पहली बार इस फिल्म में साथ काम करेंगे इसलिए इस फिल्म में कुछ मजेदार होने वाला है.' अभिनेत्री अनुष्का शर्मा इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं क्योंकि इसमें मानवीय पहलू है.
अनुष्का शर्मा एक बार फिर शाहरुख खान के साथ 'जब हैरी मेट सेजल' में नजर आने वाली हैं.
इस फिल्म की शूटिंग अगले साल जनवरी से शुरू होगी और यह गांधी जयंती पर साल 2018 में रिलीज होगी.
इस फिल्म की शूटिंग अगले साल जनवरी से शुरू होगी और यह गांधी जयंती पर साल 2018 में रिलीज होगी. | यहाँ एक सारांश है:'सुई धागा - मेड इन इंडिया' में दिखेगी वरुण-अनुष्का की फ्रेश जोड़ी
वरुण हैं अनुष्का के साथ पहली बार काम करने को लेकर एक्साइटेड
अगले साल 2 अक्टूबर के मौके पर रिलीज हो सकती है यह फिल्म | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री ने कहा, ''विपक्ष लगातार नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा दे रहा है. इसी वजह से पाकिस्तान भी इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाता है." उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं का तुष्टीकरण करना और भारत के अंदर आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ावा देना विपक्ष का काम है. योगी ने कहा , ''कांग्रेस के तत्कालीन नेतृत्व ने हिन्दुओं को आतंकवादी बोलकर उन्हें बदनाम किया.'' उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश युवाओं का प्रदेश है क्योंकि यहां सबसे अधिक युवा रहते हैं. बहुत सारे लोग ऐसे होंगे, जिन्हें लोकतंत्र के इस महापर्व में पहली बार शामिल होने का अवसर मिलेगा.
उन्होंने युवाओं से कहा, "आपका एक वोट देश को बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा. अगर आपका वोट नकारात्मक दिशा में जाएगा तो वो सिर्फ नकारात्मकता ही लाएगा. हमारे जीवन में नकारात्मक चीजों की जरूरत नहीं होनी चाहिए.'' मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब नकारात्मक तत्वों ने देश के खिलाफ षडयंत्र किया है, तब-तब युवाओं ने उसे खत्म करने का काम किया है. राष्ट्र के निर्माण और समाज के निर्माण के लिए अपने इस अधिकार का प्रयोग जरूर करें. सपा-बसपा पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा, ''प्रदेश में सपा और बसपा 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना' जैसा काम करती थीं. इन्हें कांग्रेस ने कभी साथ आने के लिए नहीं कहा, लेकिन ये दोनों सीबीआई और ईडी के डर से समर्थन देती रहीं."
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 70 वर्षों तक एक परिवार ने देश पर राज किया. अगर वह शुरुआत अच्छी होती तो आज भारत महाशक्ति के रूप में स्थापित हो गया होता.उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है और यह नरेंद्र मोदी की सरकार के 55 महीने के कार्यकाल में साफ दिखा है जबकि कांग्रेस की कथनी-करनी का अंतर पिछले 55 सालों में जनता ने देखा और झेला है. | संक्षिप्त पाठ: योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस पर हमला
कांग्रेस के घोषणापत्र को बताया 'उबाऊ'
सपा-बसपा पर भी जमकर साधा निशाना | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यात्रियों और सामानों से लदी एक नाव के मध्य नाइजीरिया के नाइजर नदी में उलट जाने के कारण 42 लोगों की मौत हो गई और 100 अन्य लापता हो गए। सरकारी बचाव एजेंसी ने इस बात की जानकारी दी।टिप्पणियां
सरकारी आपात प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद शबा ने कहा कि नौका में करीब 150 लोग सवार थे। नाइजर प्रांत के मलील्ली गांव से प्रस्थान करने के बाद ही ये नाव दो भागों में विखंडित हो गई।
शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना पर उन्होंने कहा, ‘अब तक 42 लोगों की जानें जा चुकी हैं और 100 लोग लापता हैं।’ बचाव दल घटना स्थल पर बने हुए हैं और नदी में शवों की खोजबीन में लगे हैं। शबा ने इस दुर्घटना को हाल के वषरें में प्रांत में हुई अब तक की सबसे दुखद दुर्घटना करार दिया।
सरकारी आपात प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद शबा ने कहा कि नौका में करीब 150 लोग सवार थे। नाइजर प्रांत के मलील्ली गांव से प्रस्थान करने के बाद ही ये नाव दो भागों में विखंडित हो गई।
शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना पर उन्होंने कहा, ‘अब तक 42 लोगों की जानें जा चुकी हैं और 100 लोग लापता हैं।’ बचाव दल घटना स्थल पर बने हुए हैं और नदी में शवों की खोजबीन में लगे हैं। शबा ने इस दुर्घटना को हाल के वषरें में प्रांत में हुई अब तक की सबसे दुखद दुर्घटना करार दिया।
शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना पर उन्होंने कहा, ‘अब तक 42 लोगों की जानें जा चुकी हैं और 100 लोग लापता हैं।’ बचाव दल घटना स्थल पर बने हुए हैं और नदी में शवों की खोजबीन में लगे हैं। शबा ने इस दुर्घटना को हाल के वषरें में प्रांत में हुई अब तक की सबसे दुखद दुर्घटना करार दिया। | यात्रियों और सामानों से लदी एक नाव के मध्य नाइजीरिया के नाइजर नदी में उलट जाने के कारण 42 लोगों की मौत हो गई और 100 अन्य लापता हो गए। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है. एक दूसरे से सवाल-जवाब, कटाक्ष का दौर जारी है. एक दिन कोई पार्टी सवाल करती है तो दूसरे दिन विपक्षी पार्टी उसका जवाब लेकर जनता के सामने आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अलीगढ़ में आयोजित चुनावी रैली में सपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा कांग्रेस से गठबंधन पर तंज करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की आंधी चल रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को राज्य में भाजपा की 'आंधी' चलने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादियों को आंधी को चीरकर साइकिल चलाने का हुनर बखूबी आता है.
अखिलेश ने सीतापुर और लखीमपुर में आयोजित एक चुनावी रैलियों में कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की आंधी चल रही है, तो उन्हें पंजाब में भी कुछ हवा नजर आई होगी, लेकिन हम समाजवादी लोग आंधी तूफान को हराकर सरकार बनाना जानते हैं. हम जानते हैं कि हवा के रुख के खिलाफ भी किस तरह साइकिल चलाई जाती है." टिप्पणियां
उन्होंने कहा था, "यहां एक प्रकार से केसरिया सागर मेरे सामने उफान पर नजर आ रहा है. जब आंधी तेज होती है तो छोटी उमर का इंसान भी उस आंधी में टिक नहीं पाता, इसलिए वह कोई सहारा ढूंढता है. इस बार भाजपा की आंधी इतनी तेज है कि यहां के मुख्यमंत्री किसी को भी पकड़ लेते हैं. वह और लोगों को पकड़ने में लगे हैं, लेकिन यह आंधी उनको ना टिकने देगी, ना बचने देगी." अखिलेश ने प्रधानमंत्री पर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के बारे में गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवान जाने कि मोदी कहां से आंकड़े ले आते हैं. हमारा मानना है कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का हर शब्द सही होगा लेकिन उन्हें जनता के सामने आंकड़े रखने में ईमानदारी दिखानी चाहिये.
उन्होंने कहा कि अगर कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने के मामले में अग्रणी तीन प्रदेशों पर नजर डालें तो उन सभी राज्यों में भाजपा की सरकार है. अखिलेश ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनायीं और अपने चुनाव घोषणापत्र में किये गये एक-एक वादे को पूरा करने का वचन दिया.
अखिलेश ने सीतापुर और लखीमपुर में आयोजित एक चुनावी रैलियों में कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की आंधी चल रही है, तो उन्हें पंजाब में भी कुछ हवा नजर आई होगी, लेकिन हम समाजवादी लोग आंधी तूफान को हराकर सरकार बनाना जानते हैं. हम जानते हैं कि हवा के रुख के खिलाफ भी किस तरह साइकिल चलाई जाती है." टिप्पणियां
उन्होंने कहा था, "यहां एक प्रकार से केसरिया सागर मेरे सामने उफान पर नजर आ रहा है. जब आंधी तेज होती है तो छोटी उमर का इंसान भी उस आंधी में टिक नहीं पाता, इसलिए वह कोई सहारा ढूंढता है. इस बार भाजपा की आंधी इतनी तेज है कि यहां के मुख्यमंत्री किसी को भी पकड़ लेते हैं. वह और लोगों को पकड़ने में लगे हैं, लेकिन यह आंधी उनको ना टिकने देगी, ना बचने देगी." अखिलेश ने प्रधानमंत्री पर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के बारे में गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवान जाने कि मोदी कहां से आंकड़े ले आते हैं. हमारा मानना है कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का हर शब्द सही होगा लेकिन उन्हें जनता के सामने आंकड़े रखने में ईमानदारी दिखानी चाहिये.
उन्होंने कहा कि अगर कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने के मामले में अग्रणी तीन प्रदेशों पर नजर डालें तो उन सभी राज्यों में भाजपा की सरकार है. अखिलेश ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनायीं और अपने चुनाव घोषणापत्र में किये गये एक-एक वादे को पूरा करने का वचन दिया.
उन्होंने कहा था, "यहां एक प्रकार से केसरिया सागर मेरे सामने उफान पर नजर आ रहा है. जब आंधी तेज होती है तो छोटी उमर का इंसान भी उस आंधी में टिक नहीं पाता, इसलिए वह कोई सहारा ढूंढता है. इस बार भाजपा की आंधी इतनी तेज है कि यहां के मुख्यमंत्री किसी को भी पकड़ लेते हैं. वह और लोगों को पकड़ने में लगे हैं, लेकिन यह आंधी उनको ना टिकने देगी, ना बचने देगी." अखिलेश ने प्रधानमंत्री पर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के बारे में गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवान जाने कि मोदी कहां से आंकड़े ले आते हैं. हमारा मानना है कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का हर शब्द सही होगा लेकिन उन्हें जनता के सामने आंकड़े रखने में ईमानदारी दिखानी चाहिये.
उन्होंने कहा कि अगर कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने के मामले में अग्रणी तीन प्रदेशों पर नजर डालें तो उन सभी राज्यों में भाजपा की सरकार है. अखिलेश ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनायीं और अपने चुनाव घोषणापत्र में किये गये एक-एक वादे को पूरा करने का वचन दिया.
उन्होंने कहा कि अगर कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने के मामले में अग्रणी तीन प्रदेशों पर नजर डालें तो उन सभी राज्यों में भाजपा की सरकार है. अखिलेश ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनायीं और अपने चुनाव घोषणापत्र में किये गये एक-एक वादे को पूरा करने का वचन दिया. | संक्षिप्त सारांश: भाजपा की 'आंधी' चलने के पीएम मोदी के दावे पर पलटवार
पीएम मोदी ने अलीगढ़ में रैली में की थी आंधी की बात
अखिलेश ने प्रधानमंत्री के आंकड़ों पर उठाए सवाल | 10 | ['hin'] |
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