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कुल्लू - मुख्यालय के साथ लगती लगघाटी के भल्याणी रूट पर अब लोगों को निगम की बस सेवा का लाभ पूर्व समयसारिणी के अनुसार मिलेगा। शनिवार को सुबह 8. 15 बजे कुल्लू-भल्याणी रूट पर निगम की बस दौड़ेगी। कुछ समय पूर्व निगम ने एकाएक बस स्टैंड से बस का समय आठ बजे कर दिया था। बस की वापसी का समय भी 15 मिनट पहले ही तय कर दिया था, जिससे लोगों को मजबूरी में निजी बस में कुल्लू आना पड़ रहा था। स्कूली विद्यार्थी भी बस का समय बदलने से परेशान थे। ग्रामीणों का आरोप था कि निजी बस आपरेटर को फायदा पहुंचाने के मकसद से समयसारिणी बदली गई थी। सूबे में सर्वाधिक कमाऊ रूटों में शामिल रहे। कुल्लू भल्याणी रूट पर हालांकि निगम बेहतर सुविधाएं दे रहा है, लेकिन समयसारिणी बदले जाने से ग्रामीणों में निगम के प्रति रोष था। गौर रहे कि जनमंच में लोगों ने मामला उठाया था। लोगों ने निगम पर निजी बस चालक को फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया था, जिसके बाद उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने मामले को तुरंत निपटाने के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी खुशहाल सिंह राठौर ने कहा कि आरटीओ और एचआरटीसी के निगम प्रबंधक के बातचीत कर मसले को हल किया गया है। शनिवार को कुल्लू-भल्याणी रूट पर सुबह के समय चलने वाली बस पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही चलाई जाएगी। उधर, स्थानीय ग्रामीणों तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने खुशी जाहिर की है।
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कुल्लू - मुख्यालय के साथ लगती लगघाटी के भल्याणी रूट पर अब लोगों को निगम की बस सेवा का लाभ पूर्व समयसारिणी के अनुसार मिलेगा। शनिवार को सुबह आठ. पंद्रह बजे कुल्लू-भल्याणी रूट पर निगम की बस दौड़ेगी। कुछ समय पूर्व निगम ने एकाएक बस स्टैंड से बस का समय आठ बजे कर दिया था। बस की वापसी का समय भी पंद्रह मिनट पहले ही तय कर दिया था, जिससे लोगों को मजबूरी में निजी बस में कुल्लू आना पड़ रहा था। स्कूली विद्यार्थी भी बस का समय बदलने से परेशान थे। ग्रामीणों का आरोप था कि निजी बस आपरेटर को फायदा पहुंचाने के मकसद से समयसारिणी बदली गई थी। सूबे में सर्वाधिक कमाऊ रूटों में शामिल रहे। कुल्लू भल्याणी रूट पर हालांकि निगम बेहतर सुविधाएं दे रहा है, लेकिन समयसारिणी बदले जाने से ग्रामीणों में निगम के प्रति रोष था। गौर रहे कि जनमंच में लोगों ने मामला उठाया था। लोगों ने निगम पर निजी बस चालक को फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया था, जिसके बाद उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने मामले को तुरंत निपटाने के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी खुशहाल सिंह राठौर ने कहा कि आरटीओ और एचआरटीसी के निगम प्रबंधक के बातचीत कर मसले को हल किया गया है। शनिवार को कुल्लू-भल्याणी रूट पर सुबह के समय चलने वाली बस पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही चलाई जाएगी। उधर, स्थानीय ग्रामीणों तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने खुशी जाहिर की है।
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देहरादून ब्यूरो। ट्रैफिक डायरेक्टरेट सिटी के चौराहों पर एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) लागू करने की बात कहता रहा है। इस सिस्टम के तहत ट्रैफिक के वॉल्यूम को सेंसर की मदद से मेजर किया जाता है और ट्रैफिक वॉल्यूम के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल सेट हो जाता है। पांच चौराहों पर यह सिस्टम शुरू कर दिये जाने का दावा भी किया गया था। लेकिन फिलहाल ज्यादातर चौराहों में टाइमिंग की समस्या गंभीर बनी हुई है। किसी साइड से इक्का-दुक्का वाहन आ रहे हों और दूसरी साइड से सैकड़ों वाहन आ रहे हैं, सिग्लन टाइमिंग सभी के लिए बराबर होती है।
इस तरह के टाइमिंग के कारण अक्सर एक साइड का ट्रैफिक देर तब रेड लाइट पर खड़ा रहता है, जबकि कम वॉल्यूम वाली साइड से कोई वाहन नहीं होता है। ऐसे में कई वाहन चालक मौके का फायदा उठाकर रेड लाइट जंप करते देखे जा सकते हैं। ऐसे मौके पर कई बार ग्रीन लाइट साइड से तेजी से आ रहे वाहन से एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है। हरिद्वार बाइपास पर कारगी चौक पर अक्सर ऐसे नजर आ जाते हैं।
सिटी के कई चौराहों पर ज्यादातर समय ट्रैफिक सिग्नल बंद रहते हैं। कुछ जगहों पर तो कई-कई महीनों तक सिग्लन दुरुस्त नहीं किये जाते। इस दौरान चौराहों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। एक तरफ ट्रैफिक डायरेक्टरेट की तरफ से देखने में असक्षम लोगों के लिए ऑडियो सिग्नल की व्यवस्था करने के दावे किये जा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ लाइट सिग्नल भी प्रॉपर तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
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देहरादून ब्यूरो। ट्रैफिक डायरेक्टरेट सिटी के चौराहों पर एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लागू करने की बात कहता रहा है। इस सिस्टम के तहत ट्रैफिक के वॉल्यूम को सेंसर की मदद से मेजर किया जाता है और ट्रैफिक वॉल्यूम के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल सेट हो जाता है। पांच चौराहों पर यह सिस्टम शुरू कर दिये जाने का दावा भी किया गया था। लेकिन फिलहाल ज्यादातर चौराहों में टाइमिंग की समस्या गंभीर बनी हुई है। किसी साइड से इक्का-दुक्का वाहन आ रहे हों और दूसरी साइड से सैकड़ों वाहन आ रहे हैं, सिग्लन टाइमिंग सभी के लिए बराबर होती है। इस तरह के टाइमिंग के कारण अक्सर एक साइड का ट्रैफिक देर तब रेड लाइट पर खड़ा रहता है, जबकि कम वॉल्यूम वाली साइड से कोई वाहन नहीं होता है। ऐसे में कई वाहन चालक मौके का फायदा उठाकर रेड लाइट जंप करते देखे जा सकते हैं। ऐसे मौके पर कई बार ग्रीन लाइट साइड से तेजी से आ रहे वाहन से एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है। हरिद्वार बाइपास पर कारगी चौक पर अक्सर ऐसे नजर आ जाते हैं। सिटी के कई चौराहों पर ज्यादातर समय ट्रैफिक सिग्नल बंद रहते हैं। कुछ जगहों पर तो कई-कई महीनों तक सिग्लन दुरुस्त नहीं किये जाते। इस दौरान चौराहों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। एक तरफ ट्रैफिक डायरेक्टरेट की तरफ से देखने में असक्षम लोगों के लिए ऑडियो सिग्नल की व्यवस्था करने के दावे किये जा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ लाइट सिग्नल भी प्रॉपर तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
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बता दें कि पीएचसी में अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीन उपलब्ध रहने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते आम मरीजों के साथ-साथ गर्भवती माताओं को जांच करवाने के लिए इधर-उ़धर प्राइवेट संस्थानों में भटकना पड़ रहा है।
संवाद सूत्र, कौआकोलः कौआकोल पीएचसी में पिछले कई महीनों से अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे की सुविधा बंद रहने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पीएचसी में अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीन उपलब्ध रहने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते आम मरीजों के साथ-साथ गर्भवती माताओं को जांच करवाने के लिए इधर-उ़धर प्राइवेट संस्थानों में भटकना पड़ रहा है। जहां इनका आर्थिक दोहण होने के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होती है। वहीं दूसरी तरफ कौआकोल पीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बंद रहने से प्रधानमंत्री जननी सुरक्षित अभियान योजना भी विफल साबित होकर रह गया है।
बता दें कि क्षेत्र में चरम पर गरीबी हावी रहने के कारण सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं रहने से गर्भावस्था के दौरान गर्भवती माताओं का प्राइवेट संस्थानों में जाकर जांच करा पाना मुश्किल भरा कार्य है। नतीजन विकट परिस्थिति में भी वे बिना अल्ट्रासाउंड जांच कराये ही भगवान भरोसे रह जाते हैं। इसके कारण कई बार गर्भवती माताओं को अपनी जान भी गवानी पड़ चुकी है।
क्षेत्र के लोगों ने सिविल सर्जन तथा डीएम नवादा का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कौआकोल पीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बहाल कराए जाने की मांग की है। इधर, इस समस्या के बारे में पूछे जाने पर कौआकोल पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. अमित कुमार ने बताया कि इस समस्या से विभाग को अवगत कराया जा चुका है। पीएचसी में जल्द ही एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड की सुविधा बहाल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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बता दें कि पीएचसी में अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीन उपलब्ध रहने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते आम मरीजों के साथ-साथ गर्भवती माताओं को जांच करवाने के लिए इधर-उ़धर प्राइवेट संस्थानों में भटकना पड़ रहा है। संवाद सूत्र, कौआकोलः कौआकोल पीएचसी में पिछले कई महीनों से अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे की सुविधा बंद रहने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पीएचसी में अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीन उपलब्ध रहने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते आम मरीजों के साथ-साथ गर्भवती माताओं को जांच करवाने के लिए इधर-उ़धर प्राइवेट संस्थानों में भटकना पड़ रहा है। जहां इनका आर्थिक दोहण होने के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होती है। वहीं दूसरी तरफ कौआकोल पीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बंद रहने से प्रधानमंत्री जननी सुरक्षित अभियान योजना भी विफल साबित होकर रह गया है। बता दें कि क्षेत्र में चरम पर गरीबी हावी रहने के कारण सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं रहने से गर्भावस्था के दौरान गर्भवती माताओं का प्राइवेट संस्थानों में जाकर जांच करा पाना मुश्किल भरा कार्य है। नतीजन विकट परिस्थिति में भी वे बिना अल्ट्रासाउंड जांच कराये ही भगवान भरोसे रह जाते हैं। इसके कारण कई बार गर्भवती माताओं को अपनी जान भी गवानी पड़ चुकी है। क्षेत्र के लोगों ने सिविल सर्जन तथा डीएम नवादा का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कौआकोल पीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बहाल कराए जाने की मांग की है। इधर, इस समस्या के बारे में पूछे जाने पर कौआकोल पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. अमित कुमार ने बताया कि इस समस्या से विभाग को अवगत कराया जा चुका है। पीएचसी में जल्द ही एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड की सुविधा बहाल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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गोरखपुरः परिषदीय विद्यालयों से बिना सूचना के लंबे समय से गायब रहने वाले शिक्षक अब एसडीएफ के रडार पर होंगे। इन शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है। बेसिक शिक्षाधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह अपने ब्लाक से गायब रहने वाले शिक्षकों की सूची तैयार करें। इसके बाद शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इन शिक्षकों को बचाने वालों पर भी विभाग व प्रशासन की विशेष नजर रहेगी।
फर्जी अंक पत्र पर नौकरी करने वालों में सर्वाधिक संख्या परिषदीय शिक्षकों की है। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच शुरू की तो अधिकतर शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों से गायब होने लगे। माना जा रहा है कि ऐसे शिक्षकों की भूमिका संदिग्ध है। एसटीएफ पहले भी गोरखपुर-बस्ती मंडल के दर्जनों फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई कर चुकी है। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने गत 23 नवंबर को प्रकरण की समीक्षा की थी। इसमें उन्होंने बीएसए को विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे।
अक्टूबर में 121 शिक्षकों का कटा था वेतन : परिषदीय स्कूलों से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले 121 शिक्षकों पर अक्टूबर में बेसिक शिक्षा विभाग ने वेतन कटौती की कार्रवाई की थी। साथ ही डीएम के निरीक्षण में बेलघाट विकासखंड के 34 विद्यालयों में कार्यरत ऐसे 48 शिक्षकों के कार्य आचरण का परीक्षण कर खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्यालयों से गायब रहने वाले शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है, ताकि इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सके।
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गोरखपुरः परिषदीय विद्यालयों से बिना सूचना के लंबे समय से गायब रहने वाले शिक्षक अब एसडीएफ के रडार पर होंगे। इन शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है। बेसिक शिक्षाधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह अपने ब्लाक से गायब रहने वाले शिक्षकों की सूची तैयार करें। इसके बाद शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इन शिक्षकों को बचाने वालों पर भी विभाग व प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। फर्जी अंक पत्र पर नौकरी करने वालों में सर्वाधिक संख्या परिषदीय शिक्षकों की है। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच शुरू की तो अधिकतर शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों से गायब होने लगे। माना जा रहा है कि ऐसे शिक्षकों की भूमिका संदिग्ध है। एसटीएफ पहले भी गोरखपुर-बस्ती मंडल के दर्जनों फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई कर चुकी है। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने गत तेईस नवंबर को प्रकरण की समीक्षा की थी। इसमें उन्होंने बीएसए को विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। अक्टूबर में एक सौ इक्कीस शिक्षकों का कटा था वेतन : परिषदीय स्कूलों से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले एक सौ इक्कीस शिक्षकों पर अक्टूबर में बेसिक शिक्षा विभाग ने वेतन कटौती की कार्रवाई की थी। साथ ही डीएम के निरीक्षण में बेलघाट विकासखंड के चौंतीस विद्यालयों में कार्यरत ऐसे अड़तालीस शिक्षकों के कार्य आचरण का परीक्षण कर खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्यालयों से गायब रहने वाले शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है, ताकि इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सके।
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Dulha Dulhan Kiss Video: यह वीडियो ऐसा है, जिसे देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। दरअसल, दूल्हा-दुल्हन मंडप में ही रोमांटिक हो जाते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि मंडप में दूल्हा-दुल्हन और पंडितजी बैठे हुए हैं।
दूल्हा-दुल्हन किस (इंस्टाग्राम)
सिर्फ 'टाइगर' ही खोज पाएगा Egg की भीड़ में Ego, ढूंढ लिया तो कहलाएंगे 'सुल्तान'
Final Prime Time: आसमान से आफत. . बेबस हुई जिंदगियां !
Opinion India Ka: 'तिलकधारी' राहुल का अधूरा ज्ञान. . बड़ा बवाल !
Opinion India Ka : मुस्लिम पक्ष की अर्जी. . . 'फट' गई पर्ची !
2024 Loksabha Election से Pok का क्या है कनेक्शन ?
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Dulha Dulhan Kiss Video: यह वीडियो ऐसा है, जिसे देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। दरअसल, दूल्हा-दुल्हन मंडप में ही रोमांटिक हो जाते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि मंडप में दूल्हा-दुल्हन और पंडितजी बैठे हुए हैं। दूल्हा-दुल्हन किस सिर्फ 'टाइगर' ही खोज पाएगा Egg की भीड़ में Ego, ढूंढ लिया तो कहलाएंगे 'सुल्तान' Final Prime Time: आसमान से आफत. . बेबस हुई जिंदगियां ! Opinion India Ka: 'तिलकधारी' राहुल का अधूरा ज्ञान. . बड़ा बवाल ! Opinion India Ka : मुस्लिम पक्ष की अर्जी. . . 'फट' गई पर्ची ! दो हज़ार चौबीस Loksabha Election से Pok का क्या है कनेक्शन ?
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हॉलीवुड डॉक्यूमेंट्री 'स्नो चिक ए पैंग्विन टेल' के डायरेक्टर जॉॅन डाउनर एक्ट्रेस केट विलसेंट से काफी प्रभावित है। जॉन का मानना है कि फिल्म टाइटेनिक कि भूमिका से दर्शकों के जहन में जिंदा रहने वाली एक्टर्स केट विल्सेंट काफी सहज और इमोशनल है।
असल में केट ने जॉन कि इस डॉक्यूमेंट्री को अपनी आवाज दी है। बदलते मौसम में पैंग्विन के संघर्ष कि यह डॉक्यूमेंट्री जल्द ही बीबीसी अर्थ पर रिलीज होने वाली है।
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हॉलीवुड डॉक्यूमेंट्री 'स्नो चिक ए पैंग्विन टेल' के डायरेक्टर जॉॅन डाउनर एक्ट्रेस केट विलसेंट से काफी प्रभावित है। जॉन का मानना है कि फिल्म टाइटेनिक कि भूमिका से दर्शकों के जहन में जिंदा रहने वाली एक्टर्स केट विल्सेंट काफी सहज और इमोशनल है। असल में केट ने जॉन कि इस डॉक्यूमेंट्री को अपनी आवाज दी है। बदलते मौसम में पैंग्विन के संघर्ष कि यह डॉक्यूमेंट्री जल्द ही बीबीसी अर्थ पर रिलीज होने वाली है।
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार और समाजवादी पार्टी सरकार की तुलना करते हुए बताया कि फर्क साफ है। भाजपा विकास कराती है। सुरक्षा की गारंटी देती है। विकास की गारंटी है। सबको सुरक्षा सबको सम्मान के भाव के साथ कार्य करती है। यही भाजपा है। अगर आप चाहते हैं, हमारा उत्तर प्रदेश भी देश का नंबर वन प्रदेश बने, तो भाजपा इसके लिए आवश्यक है। यह बातें उन्होंने शुक्रवार को हस्तिनापुर में प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम में कहीं।
सीएम योगी ने लोगों से पूछा कि जो आपके सुख-दुख में सहभागी नहीं हो सकता, आपका हितैषी हो सकता है क्या? जो बिजली नहीं देते थे, फ्री में बिजली देंगे क्या? जो स्वयं सुरक्षा के लिए खतरा बने थे, उनसे कोई उम्मीद करते हैं क्या? और जिन लोगों ने मुजफ्फरनगर में गौरव और सचिन की निर्मम हत्या करवाने के लिए उन दंगाईयों का सम्मान किया था, वह दंगा मुक्त प्रदेश बना पाएंगे क्या? इनकी संवेदना केवल दंगाई और माफिया को बचाने के लिए है। दंगाई और माफिया पर जब प्रदेश सरकार का बुलडोजर चलता है, तो इनको पीड़ा होती है।
उन्होंने कहा कि हमने जो कहा था, सो करके दिखाया है। अगर आपको लगता है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने अच्छा किया है और आप चाहते हैं, थानों का संचालन कोई हिस्ट्रीशीटर न करे। अपराधी गले में तख्ती लटका कर ऐसे ही चलता रहे, जान की भीख मांगते रहे। अगर आप चाहते हैं, दंगाईयों पर ऐसे ही शिकंजा कसा रहे। अगर आप चाहते हैं, विकास इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहे। अगर आप चाहते हैं, नौजवानों को रोजगार ऐसे ही मिलता रहे। अगर आप चाहते हैं बेटियों की सुरक्षा इसी प्रकार से पुख्ता हो सके। आप चाहते हैं उद्योग धंधे लगते रहें और रोजगार का सृजन होता रहे। अगर आप चाहते हैं, दंगा मुक्त, भय मुक्त प्रदेश। अगर आप चाहते हैं, अपराधियों और माफियाओं पर सरकार का बुलडोजर ऐसे ही चलता रहे तो भाजपा आवश्यक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा देश आज गौरव की अनुभूति कर रहा है। भारत एक नए भारत की ओर अग्रसर हो रहा है। अगर आप चाहते हैं, हमारा उत्तर प्रदेश भी देश का नंबर वन प्रदेश बने, तो भाजपा इसके लिए आवश्यक है। इस दौरान भाजपा विधायक दिनेश खटीक, जिलाध्यक्ष विमल शर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव आदि मौजूद रहे।
सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में जब भय और दहशत का माहौल था। तब यह भय और दहशत और फैला रहे थे। गलत सूचनाएं देकर समाज को भयाक्रांत कर रहे थे। इनमें से एक भी नेता कोरोना काल में बाहर नहीं निकला था। मैं पहले दिन से बोल रहा हूं और प्रधानमंत्री भी बोल रहे हैं। हमें प्रत्येक नागरिक के जीवन और जीविका को भी बचाना है। यह जितने नेता वोट मांगने आ रहे हैं। यह पिछले तीन महीने से ही मंडरा रहे हैं। दो साल गायब थे। कहीं पता नहीं था।
सीएम ने कहा कि पिछली सरकार में चीनी मिलें नहीं चल पाती थीं। क्योंकि सत्ताधारी दल के गुंडे चीनी मिलों से वसूली करते थे। पिछले पांच साल में गन्ना किसानों का एक लाख 56 हजार करोड़ रुपए से अधिक भुगतान किया है। 12 से 16 दिन के अंदर करेंट सीजन का भुगतान भी हो रहा है। जितना पिछली सरकार का प्रदेश का कुल वार्षिक बजट था, उतना हम किसानों के खाते में डाल चुके हैं। यह फर्क आपको साफ दिख रहा होगा। गन्ना किसानों का 2003 से 2017 के बीच 14 वर्ष के बीच में जितना गन्ना मूल्य का बकाया नहीं दिया गया। उससे ज्यादा गन्ना मूल्य का भुगतान हमारी सरकार ने मात्र पांच साल में किया है। किसानों को उनकी उपज का दाम जितना 14 वर्ष में नहीं कर पाए, उससे ज्यादा हमारी सरकार ने किया है।
सीएम योगी ने कहा कि अब वो कहते हैं फ्री बिजली देंगे, जब सपा सरकार में बिजली ही नहीं आती थी, तो फिर क्यों फ्री-फ्री कर रहे हैं। जब देना ही नहीं, तो फ्री का मतलब क्या है? एक कहावत है चांदनी रात चोरों को अच्छी नहीं लगती। उनको यह विकास अच्छा नहीं लगता। आपने देखा होगा। सपा हो या बसपा या कांग्रेस सब एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं। कोई फर्क नहीं है इनकी नीति और नीयत में।
सीएम योगी ने हस्तिनापुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धन सिंह कोतवाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत में किसानों की आवाज को देश की संसद में रखने और किसानों की समस्या के समाधान का मार्ग निकाला था। सही मायने में कहूं तो चौधरी चरण सिंह जी के सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है।
इससे पहले सीएम योगी ने कोरोना से प्रभावी रोकथाम के लिए लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत का कोविड प्रबंधन दुनिया में सराहा गया। वैक्सीन को लेकर शुरूआत से गुमराह करने का प्रयास हुआ। बहुत सारे लोगों ने उस समय तमाम प्रकार की भ्रांतियां फैलाने का प्रयास किया। बीजेपी का वैक्सीन बताया गया, लेकिन वैक्सीन के जो परिणाम आए हैं, उसने थर्ड वेब की आशंका को निर्मूल साबित किया। प्रदेश में 31 जनवरी तक प्रदेश में सौ फीसदी लोगों को पहली डोज उपलब्ध करा देंगे। वैक्सीन की एक डोज भी कोरोना से 75 फीसदी तक बचाव कर सकती है। हर जिले में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। 551 ऑक्सीजन प्लांट प्रदेश में लगाए गए हैं। मेरठ में भी 29 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए, जिसमें 28 क्रियाशील हैं। थर्ड वेव से घबराने की आवश्यकता नहीं, बल्कि सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है।
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार और समाजवादी पार्टी सरकार की तुलना करते हुए बताया कि फर्क साफ है। भाजपा विकास कराती है। सुरक्षा की गारंटी देती है। विकास की गारंटी है। सबको सुरक्षा सबको सम्मान के भाव के साथ कार्य करती है। यही भाजपा है। अगर आप चाहते हैं, हमारा उत्तर प्रदेश भी देश का नंबर वन प्रदेश बने, तो भाजपा इसके लिए आवश्यक है। यह बातें उन्होंने शुक्रवार को हस्तिनापुर में प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम में कहीं। सीएम योगी ने लोगों से पूछा कि जो आपके सुख-दुख में सहभागी नहीं हो सकता, आपका हितैषी हो सकता है क्या? जो बिजली नहीं देते थे, फ्री में बिजली देंगे क्या? जो स्वयं सुरक्षा के लिए खतरा बने थे, उनसे कोई उम्मीद करते हैं क्या? और जिन लोगों ने मुजफ्फरनगर में गौरव और सचिन की निर्मम हत्या करवाने के लिए उन दंगाईयों का सम्मान किया था, वह दंगा मुक्त प्रदेश बना पाएंगे क्या? इनकी संवेदना केवल दंगाई और माफिया को बचाने के लिए है। दंगाई और माफिया पर जब प्रदेश सरकार का बुलडोजर चलता है, तो इनको पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि हमने जो कहा था, सो करके दिखाया है। अगर आपको लगता है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने अच्छा किया है और आप चाहते हैं, थानों का संचालन कोई हिस्ट्रीशीटर न करे। अपराधी गले में तख्ती लटका कर ऐसे ही चलता रहे, जान की भीख मांगते रहे। अगर आप चाहते हैं, दंगाईयों पर ऐसे ही शिकंजा कसा रहे। अगर आप चाहते हैं, विकास इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहे। अगर आप चाहते हैं, नौजवानों को रोजगार ऐसे ही मिलता रहे। अगर आप चाहते हैं बेटियों की सुरक्षा इसी प्रकार से पुख्ता हो सके। आप चाहते हैं उद्योग धंधे लगते रहें और रोजगार का सृजन होता रहे। अगर आप चाहते हैं, दंगा मुक्त, भय मुक्त प्रदेश। अगर आप चाहते हैं, अपराधियों और माफियाओं पर सरकार का बुलडोजर ऐसे ही चलता रहे तो भाजपा आवश्यक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा देश आज गौरव की अनुभूति कर रहा है। भारत एक नए भारत की ओर अग्रसर हो रहा है। अगर आप चाहते हैं, हमारा उत्तर प्रदेश भी देश का नंबर वन प्रदेश बने, तो भाजपा इसके लिए आवश्यक है। इस दौरान भाजपा विधायक दिनेश खटीक, जिलाध्यक्ष विमल शर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव आदि मौजूद रहे। सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में जब भय और दहशत का माहौल था। तब यह भय और दहशत और फैला रहे थे। गलत सूचनाएं देकर समाज को भयाक्रांत कर रहे थे। इनमें से एक भी नेता कोरोना काल में बाहर नहीं निकला था। मैं पहले दिन से बोल रहा हूं और प्रधानमंत्री भी बोल रहे हैं। हमें प्रत्येक नागरिक के जीवन और जीविका को भी बचाना है। यह जितने नेता वोट मांगने आ रहे हैं। यह पिछले तीन महीने से ही मंडरा रहे हैं। दो साल गायब थे। कहीं पता नहीं था। सीएम ने कहा कि पिछली सरकार में चीनी मिलें नहीं चल पाती थीं। क्योंकि सत्ताधारी दल के गुंडे चीनी मिलों से वसूली करते थे। पिछले पांच साल में गन्ना किसानों का एक लाख छप्पन हजार करोड़ रुपए से अधिक भुगतान किया है। बारह से सोलह दिन के अंदर करेंट सीजन का भुगतान भी हो रहा है। जितना पिछली सरकार का प्रदेश का कुल वार्षिक बजट था, उतना हम किसानों के खाते में डाल चुके हैं। यह फर्क आपको साफ दिख रहा होगा। गन्ना किसानों का दो हज़ार तीन से दो हज़ार सत्रह के बीच चौदह वर्ष के बीच में जितना गन्ना मूल्य का बकाया नहीं दिया गया। उससे ज्यादा गन्ना मूल्य का भुगतान हमारी सरकार ने मात्र पांच साल में किया है। किसानों को उनकी उपज का दाम जितना चौदह वर्ष में नहीं कर पाए, उससे ज्यादा हमारी सरकार ने किया है। सीएम योगी ने कहा कि अब वो कहते हैं फ्री बिजली देंगे, जब सपा सरकार में बिजली ही नहीं आती थी, तो फिर क्यों फ्री-फ्री कर रहे हैं। जब देना ही नहीं, तो फ्री का मतलब क्या है? एक कहावत है चांदनी रात चोरों को अच्छी नहीं लगती। उनको यह विकास अच्छा नहीं लगता। आपने देखा होगा। सपा हो या बसपा या कांग्रेस सब एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं। कोई फर्क नहीं है इनकी नीति और नीयत में। सीएम योगी ने हस्तिनापुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धन सिंह कोतवाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत में किसानों की आवाज को देश की संसद में रखने और किसानों की समस्या के समाधान का मार्ग निकाला था। सही मायने में कहूं तो चौधरी चरण सिंह जी के सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है। इससे पहले सीएम योगी ने कोरोना से प्रभावी रोकथाम के लिए लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत का कोविड प्रबंधन दुनिया में सराहा गया। वैक्सीन को लेकर शुरूआत से गुमराह करने का प्रयास हुआ। बहुत सारे लोगों ने उस समय तमाम प्रकार की भ्रांतियां फैलाने का प्रयास किया। बीजेपी का वैक्सीन बताया गया, लेकिन वैक्सीन के जो परिणाम आए हैं, उसने थर्ड वेब की आशंका को निर्मूल साबित किया। प्रदेश में इकतीस जनवरी तक प्रदेश में सौ फीसदी लोगों को पहली डोज उपलब्ध करा देंगे। वैक्सीन की एक डोज भी कोरोना से पचहत्तर फीसदी तक बचाव कर सकती है। हर जिले में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। पाँच सौ इक्यावन ऑक्सीजन प्लांट प्रदेश में लगाए गए हैं। मेरठ में भी उनतीस ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए, जिसमें अट्ठाईस क्रियाशील हैं। थर्ड वेव से घबराने की आवश्यकता नहीं, बल्कि सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है। This website uses cookies.
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- Lifestyle New Year 2024: भारत में एक बार नहीं बल्कि 5 बार मनाया जाता है नया साल! जानिए कैसे?
बॉलीवुड में यूं तो हर साल कई फिल्में बनती हैं, कुछ हिट होती हैं तो कुछ फ्लॉप हो जाती हैं। कुछ ही ऐसी फिल्में होती हैं जो अपने अलग अंदाज के चलते सालों-साल तक ऑडिएंस को याद रह जाती हैं। हम बात कर रहे हैं 12 साल पहले आज के ही दिन रिलीज हुई फिल्म विवाह की। इस फिल्म में अलग अंदाज था डायरेक्टर सूरज बड़जात्या का.. इस फिल्म की सादगी ही इसकी खूबसूरती थी। हालांकि इतनी सादगी पर आज के वक्त में यकीन करना ऑडिएंस के लिए काफी ओवर डोज हो जाता है।
ये फिल्म उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी। विवाह में शाहिद कपूर और अमृता राव की जोड़ी को बेहद पसंद किया गया था। इसी फिल्म के बाद से ही दोनों के अफेयर की खबरों ने भी तूल पकड़ा था। फिल्म का म्यूजिक भी सुपर-डुपर हिट रहा था। इस फिल्म में को बुरा होता नहीं होता.. कोई विलेन नहीं है। बस यही बात नहीं पचती कि सारे किरदार बस अच्छे ही हैं।
सूरज बड़जात्या की फिल्मों का एक खास दर्शक वर्ग है जो उनसे बहुत प्यार करता है और हम इस बात से बिल्कुल सहमत हैं कि उनकी फिल्में बहुत मासूम होती हैं पर फिर भी मासूमियत का मतलब ये तो कतई नहीं है कि आप दर्शकों को ओवरडोज़ कर दीजिए। विवाह को रिलीज़ हुए आज 8 साल हुए लेकिन 8 साल पहले के हिसाब से भी इस फिल्म में बहुत कुछ ऐसा था जो काफी फनी था।
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Don't Miss! - Lifestyle New Year दो हज़ार चौबीस: भारत में एक बार नहीं बल्कि पाँच बार मनाया जाता है नया साल! जानिए कैसे? बॉलीवुड में यूं तो हर साल कई फिल्में बनती हैं, कुछ हिट होती हैं तो कुछ फ्लॉप हो जाती हैं। कुछ ही ऐसी फिल्में होती हैं जो अपने अलग अंदाज के चलते सालों-साल तक ऑडिएंस को याद रह जाती हैं। हम बात कर रहे हैं बारह साल पहले आज के ही दिन रिलीज हुई फिल्म विवाह की। इस फिल्म में अलग अंदाज था डायरेक्टर सूरज बड़जात्या का.. इस फिल्म की सादगी ही इसकी खूबसूरती थी। हालांकि इतनी सादगी पर आज के वक्त में यकीन करना ऑडिएंस के लिए काफी ओवर डोज हो जाता है। ये फिल्म उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी। विवाह में शाहिद कपूर और अमृता राव की जोड़ी को बेहद पसंद किया गया था। इसी फिल्म के बाद से ही दोनों के अफेयर की खबरों ने भी तूल पकड़ा था। फिल्म का म्यूजिक भी सुपर-डुपर हिट रहा था। इस फिल्म में को बुरा होता नहीं होता.. कोई विलेन नहीं है। बस यही बात नहीं पचती कि सारे किरदार बस अच्छे ही हैं। सूरज बड़जात्या की फिल्मों का एक खास दर्शक वर्ग है जो उनसे बहुत प्यार करता है और हम इस बात से बिल्कुल सहमत हैं कि उनकी फिल्में बहुत मासूम होती हैं पर फिर भी मासूमियत का मतलब ये तो कतई नहीं है कि आप दर्शकों को ओवरडोज़ कर दीजिए। विवाह को रिलीज़ हुए आज आठ साल हुए लेकिन आठ साल पहले के हिसाब से भी इस फिल्म में बहुत कुछ ऐसा था जो काफी फनी था।
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कांगड़ा जिले की कई ऐसी सीटें हैं जहां दशकों से एक ही परिवार का कब्जा रहा है. जहां पिता के बाद उनकी राजनीतिक विरासत बेटे ही संभाल रहे हैं.
हिमाचल के चुनाव में फिर परिवारवाद का मुद्दा गरमा रहा है. राज्य में चुनावी दौरे पर चल रहे देश के गृह मंत्री अमित शाह परिवारवाद को लेकर लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं. राज्य में परिवारवाद VS विकासवाद का मुद्दा जोर पकड़ रहा है. इस बीच, हम एक नजर कांगड़ा जिले पर डालते हैं जो हिमाचल का सबसे बड़ा जिला है और यहां परिवारवाद चरम पर रहा है. यहां की 15 में से 6 सीटों पर नेता के पुत्र चुनावी मैदान में हैं.
कांगड़ा जिले की कई ऐसी सीटें हैं जहां दशकों से एक ही परिवार का कब्जा रहा है. जहां पिता के बाद उनकी राजनीतिक विरासत बेटे ही संभाल रहे हैं. कांगड़ा जिले में बीजेपी के खेमे में ऐसे परिवारवाद को हवा देने वाले नेता लगभग ना के बराबर हैं. लेकिन बीजेपी यहां पर कभी परिवारवाद को मुद्दा भी नहीं बना सकी.
नूरपुर विधानसभा हलके से पूर्व मंत्री व सांसद रहे सत महाजन के बेटे अजय महाजन चुनाव मैदान में हैं. पिछली बार वह बीजेपी के तेज तर्रार नेता राकेश पठानिया से हार गए थे. राकेश पठानिया जयराम सरकार में वन मंत्री हैं लेकिन भाजपा ने उनका हलका ही बदल दिया है और उन्हें नूरपूर से टिकट न देकर फतेहपुर से चुनाव लड़ाया जा रहा है. जहां वह बीजेपी के बागियों के बीच फंस गए हैं.
ऐसे में अजय महाजन का इस बार पठानिया से मुकाबला नहीं होने वाला है. बीजेपी ने नूरपूर से इस बार पठानिया के विराधी रणबीर सिंह निक्का को टिकट दिया है. सत महाजन के देहांत के बाद अजय महाजन एक बार विधायक रह चुके हैं. वह अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कट्टर समर्थक पूर्व मंत्री सुजान सिंह पठानिया के पुत्र भवानी सिंह पठानिया ने अपना पहला चुनाव 2021 के उप चुनावों में लड़ा व वह जीत कर विधानसभा पहुंचे. सुजान सिंह पठानिया का 2021 में देहांत हो गया था. कांग्रेस ने इस बार उनके बेटे भवानी सिंह पठानिया को टिकट दिया है. भवानी सिंह का यह पहला चुनाव. वह पहले मुबंई में किसी कंपनी में निदेशक थे और पिता के निधन के बाद वह नौकरी छोड़कर राजनीति में कूद गए हैं.
बीजेपी ने इस सीट से वन मंत्री राकेश पठानिया को चुनावी मैदान में उतारा है. जबकि बीजेपी के बागी व पूर्व सांसद कृपाल परमार यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. इसके अलावा बीजेपी के पूर्व सांसद और अब आम आदमी पार्टी में चले गए राजन सुशांत आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हैं. अब यहां बहुकोणीय मुकाबला हो गया है.
कांग्रेस नेता पूर्व विधायक मिल्खी राम गोमा के बेटे यादविंदर गोमा ने अपना पहला चुनाव 2012 में 9735 मतों से जीता था. उन्होंने बीजेपी के आत्मा राम को यहां से हराया था. लेकिन 2017 में वह हार गए. अपने पिता मिलखी राम गोमा की राजनीतिक विरासत के सहारे वह इस बार भी कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. उनका मुकाबला मौजूदा विधायक रवि धीमान से है.
कांग्रेस के तेज तर्रार नेता व कांगड़ा जिला से कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार रहे जीएस बाली के बेटे रघुबीर सिंह बाली को आलाकमान ने पहले ही इशारा कर दिया था कि उनका टिकट पक्का हैं. वह पहले से ही चुनाव अभियान में जुट गए थे. पिता जीएस बाली के देहांत के बाद वह अब पहली बार चुनावी दंगल में कूदे हैं. वह अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के हिमाचल से सचिव भी हैं. उनका मुकाबला बीजेपी के अरुण कुमार कूका के साथ है, जो पहले उनके पिता के सहयोगी थे. बाद में उन्हीं के खिलाफ बीजेपी से चुनाव लड़े और 2017 का चुनाव जीते भी.
दस जनपथ के करीबियों में शुमार सुधीर शर्मा पूर्व मंत्री पंडित संतराम के पुत्र हैं. वह पिछली वीरभद्र सिंह सरकार में खुद भी ताकतवर मंत्री रह चुके हैं. हालांकि 2017 में बीजेपी के किशन कपूर से चुनाव हार गए थे. 2019 में किशन कपूर ने लोकसभा का चुनाव लड़ा व वह जीत गए. धर्मशाला सीट पर उपचुनाव हुआ लेकिन सुधीर शर्मा को टिकट नहीं दिया गया. तब उनके बीजेपी में जाने की खूब अटकलें लगीं. लेकिन वह कहीं नहीं गए. इस बार वह टिकट पाने में कामयाब रहे. बीजेपी ने यहां से राकेश चौधरी को टिकट दिया है जो पहले कांग्रेस में थे. उसके बाद आम आदमी पार्टी में आए अब भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं.
पूर्व मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी बुटेल ने 2017 का विधानसभा चुनाव खुद न लड़कर अपने बेटे आशीष बुटेल से लड़ाया. जिसमें आशीष ने फतह हासिल की थी और अब वह दूसरी बार इसी सीट से चुनावी मैदान में हैं. उनका मुकाबला बीजेपी के महासचिव त्रिलोक कपूर से है. यहां पर बुटेल परिवार की मतदाताओं में गहरी पैठ है और कपूर जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं उनके सामने बुटेल के पांव उखाड़ने की चुनौती है.
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कांगड़ा जिले की कई ऐसी सीटें हैं जहां दशकों से एक ही परिवार का कब्जा रहा है. जहां पिता के बाद उनकी राजनीतिक विरासत बेटे ही संभाल रहे हैं. हिमाचल के चुनाव में फिर परिवारवाद का मुद्दा गरमा रहा है. राज्य में चुनावी दौरे पर चल रहे देश के गृह मंत्री अमित शाह परिवारवाद को लेकर लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं. राज्य में परिवारवाद VS विकासवाद का मुद्दा जोर पकड़ रहा है. इस बीच, हम एक नजर कांगड़ा जिले पर डालते हैं जो हिमाचल का सबसे बड़ा जिला है और यहां परिवारवाद चरम पर रहा है. यहां की पंद्रह में से छः सीटों पर नेता के पुत्र चुनावी मैदान में हैं. कांगड़ा जिले की कई ऐसी सीटें हैं जहां दशकों से एक ही परिवार का कब्जा रहा है. जहां पिता के बाद उनकी राजनीतिक विरासत बेटे ही संभाल रहे हैं. कांगड़ा जिले में बीजेपी के खेमे में ऐसे परिवारवाद को हवा देने वाले नेता लगभग ना के बराबर हैं. लेकिन बीजेपी यहां पर कभी परिवारवाद को मुद्दा भी नहीं बना सकी. नूरपुर विधानसभा हलके से पूर्व मंत्री व सांसद रहे सत महाजन के बेटे अजय महाजन चुनाव मैदान में हैं. पिछली बार वह बीजेपी के तेज तर्रार नेता राकेश पठानिया से हार गए थे. राकेश पठानिया जयराम सरकार में वन मंत्री हैं लेकिन भाजपा ने उनका हलका ही बदल दिया है और उन्हें नूरपूर से टिकट न देकर फतेहपुर से चुनाव लड़ाया जा रहा है. जहां वह बीजेपी के बागियों के बीच फंस गए हैं. ऐसे में अजय महाजन का इस बार पठानिया से मुकाबला नहीं होने वाला है. बीजेपी ने नूरपूर से इस बार पठानिया के विराधी रणबीर सिंह निक्का को टिकट दिया है. सत महाजन के देहांत के बाद अजय महाजन एक बार विधायक रह चुके हैं. वह अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कट्टर समर्थक पूर्व मंत्री सुजान सिंह पठानिया के पुत्र भवानी सिंह पठानिया ने अपना पहला चुनाव दो हज़ार इक्कीस के उप चुनावों में लड़ा व वह जीत कर विधानसभा पहुंचे. सुजान सिंह पठानिया का दो हज़ार इक्कीस में देहांत हो गया था. कांग्रेस ने इस बार उनके बेटे भवानी सिंह पठानिया को टिकट दिया है. भवानी सिंह का यह पहला चुनाव. वह पहले मुबंई में किसी कंपनी में निदेशक थे और पिता के निधन के बाद वह नौकरी छोड़कर राजनीति में कूद गए हैं. बीजेपी ने इस सीट से वन मंत्री राकेश पठानिया को चुनावी मैदान में उतारा है. जबकि बीजेपी के बागी व पूर्व सांसद कृपाल परमार यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. इसके अलावा बीजेपी के पूर्व सांसद और अब आम आदमी पार्टी में चले गए राजन सुशांत आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हैं. अब यहां बहुकोणीय मुकाबला हो गया है. कांग्रेस नेता पूर्व विधायक मिल्खी राम गोमा के बेटे यादविंदर गोमा ने अपना पहला चुनाव दो हज़ार बारह में नौ हज़ार सात सौ पैंतीस मतों से जीता था. उन्होंने बीजेपी के आत्मा राम को यहां से हराया था. लेकिन दो हज़ार सत्रह में वह हार गए. अपने पिता मिलखी राम गोमा की राजनीतिक विरासत के सहारे वह इस बार भी कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. उनका मुकाबला मौजूदा विधायक रवि धीमान से है. कांग्रेस के तेज तर्रार नेता व कांगड़ा जिला से कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार रहे जीएस बाली के बेटे रघुबीर सिंह बाली को आलाकमान ने पहले ही इशारा कर दिया था कि उनका टिकट पक्का हैं. वह पहले से ही चुनाव अभियान में जुट गए थे. पिता जीएस बाली के देहांत के बाद वह अब पहली बार चुनावी दंगल में कूदे हैं. वह अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के हिमाचल से सचिव भी हैं. उनका मुकाबला बीजेपी के अरुण कुमार कूका के साथ है, जो पहले उनके पिता के सहयोगी थे. बाद में उन्हीं के खिलाफ बीजेपी से चुनाव लड़े और दो हज़ार सत्रह का चुनाव जीते भी. दस जनपथ के करीबियों में शुमार सुधीर शर्मा पूर्व मंत्री पंडित संतराम के पुत्र हैं. वह पिछली वीरभद्र सिंह सरकार में खुद भी ताकतवर मंत्री रह चुके हैं. हालांकि दो हज़ार सत्रह में बीजेपी के किशन कपूर से चुनाव हार गए थे. दो हज़ार उन्नीस में किशन कपूर ने लोकसभा का चुनाव लड़ा व वह जीत गए. धर्मशाला सीट पर उपचुनाव हुआ लेकिन सुधीर शर्मा को टिकट नहीं दिया गया. तब उनके बीजेपी में जाने की खूब अटकलें लगीं. लेकिन वह कहीं नहीं गए. इस बार वह टिकट पाने में कामयाब रहे. बीजेपी ने यहां से राकेश चौधरी को टिकट दिया है जो पहले कांग्रेस में थे. उसके बाद आम आदमी पार्टी में आए अब भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं. पूर्व मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी बुटेल ने दो हज़ार सत्रह का विधानसभा चुनाव खुद न लड़कर अपने बेटे आशीष बुटेल से लड़ाया. जिसमें आशीष ने फतह हासिल की थी और अब वह दूसरी बार इसी सीट से चुनावी मैदान में हैं. उनका मुकाबला बीजेपी के महासचिव त्रिलोक कपूर से है. यहां पर बुटेल परिवार की मतदाताओं में गहरी पैठ है और कपूर जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं उनके सामने बुटेल के पांव उखाड़ने की चुनौती है.
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मध्य प्रदेश के खरगोन में 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी शोभा यात्रा पर हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस ने फिरोज उर्फ सेजू को गिरफ्तार किया है।
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के आवास बाहर हनुमान चालीसा के पाठ का ऐलान करने वाले नवनीत राणा और रवि राणा को पुलिस ने घर से निकलने नहीं दिया।
असम सरकार द्वारा गठित पैनल ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सीएम ने सभी सिफारिशों को स्वीकार किया है।
अलवर में हिंदू मंदिरों को गिराने के मामले में दो शिकायतें की गई है। इनमें स्थानीय अधिकारियों और कॉन्ग्रेस विधायक की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
भारत की विभिन्न अदालतों में 4. 70 करोड़ से अधिक मुकदमे लंबित हैं। इसका दुष्प्रभाव एक आम आदमी पर कैसे पड़ता है बीरबल भगत इसके ताजा उदाहरण हैं।
पाकिस्तान में शिक्षा हासिल कर लौटने वालों को भारत में नौकरी नहीं मिलेगी। भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में उनका दाखिला भी नहीं होगा। UGC और AICTE ने यह बात कही है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राममंदिर, अनुच्छेद 370, तीन तलाक का वादा पूरा कर दिया गया है। अब समान नागरिक संहिता की बारी है।
मुस्लिमों को भड़काने वाले तौकीर रजा के बयान पर योगी आदित्यनाथ के मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी की सात पुश्तें याद रखेंगी।
बडगाम के मागम इलाके में शुक्रवार दोपहर पत्थरबाजी के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक 20 वर्षीय युवक शाबर अली की डूबने से मौत हो गई है।
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मध्य प्रदेश के खरगोन में दस अप्रैल दो हज़ार बाईस को रामनवमी शोभा यात्रा पर हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस ने फिरोज उर्फ सेजू को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के आवास बाहर हनुमान चालीसा के पाठ का ऐलान करने वाले नवनीत राणा और रवि राणा को पुलिस ने घर से निकलने नहीं दिया। असम सरकार द्वारा गठित पैनल ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सीएम ने सभी सिफारिशों को स्वीकार किया है। अलवर में हिंदू मंदिरों को गिराने के मामले में दो शिकायतें की गई है। इनमें स्थानीय अधिकारियों और कॉन्ग्रेस विधायक की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। भारत की विभिन्न अदालतों में चार. सत्तर करोड़ से अधिक मुकदमे लंबित हैं। इसका दुष्प्रभाव एक आम आदमी पर कैसे पड़ता है बीरबल भगत इसके ताजा उदाहरण हैं। पाकिस्तान में शिक्षा हासिल कर लौटने वालों को भारत में नौकरी नहीं मिलेगी। भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में उनका दाखिला भी नहीं होगा। UGC और AICTE ने यह बात कही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राममंदिर, अनुच्छेद तीन सौ सत्तर, तीन तलाक का वादा पूरा कर दिया गया है। अब समान नागरिक संहिता की बारी है। मुस्लिमों को भड़काने वाले तौकीर रजा के बयान पर योगी आदित्यनाथ के मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी की सात पुश्तें याद रखेंगी। बडगाम के मागम इलाके में शुक्रवार दोपहर पत्थरबाजी के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बीस वर्षीय युवक शाबर अली की डूबने से मौत हो गई है।
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इस बारे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और बुजुर्ग से बातचीत कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के दुकानदारों में भी काफी रोष है।
फतेहाबाद : जिले के शहर टोहाना में दिनहदाड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति को कुछ सुंघाकर बाइक सवार तीन युवकों द्वारा उसके हाथ से दो सोने की अंगूठियां व हजारों की नकदी छीनकर फरार होने का समाचार है। इस बारे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और बुजुर्ग से बातचीत कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के दुकानदारों में भी काफी रोष है।
टोहाना निवासी मा. सियाराम ने कहा है कि मंगलवार को जब वह दुकान पर जा रहा था और भगवान वाल्मीकि चौक के समीप पहुंचा तो इसी दौरान तीन युवक मोटरसाइकिल पर आए। इनमे से दो युवक नीचे उतरे और उसके मुंह पर कुछ लगा दिया जिससे कुछ मिनटों के लिए वह बेसुध हो गया। इसी दौरान उक्त युवकों ने उसके हाथ में पहनी दो अंगूठियां और जेब से 3 हजार रुपये की नगदी छीन ली और मोटरसाइकिल पर सवार होकर रतिया रोड की तरफ फरार हो गए।
बुजुर्ग ने बताया कि उसने उक्त युवकों का पीछा भी किया लेकिन भागने में असमर्थ होने के कारण बाईक सवार युवक मौके से भागने में कामयाब रहे। इस पर उसने इस बारे पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी है।
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इस बारे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और बुजुर्ग से बातचीत कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के दुकानदारों में भी काफी रोष है। फतेहाबाद : जिले के शहर टोहाना में दिनहदाड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति को कुछ सुंघाकर बाइक सवार तीन युवकों द्वारा उसके हाथ से दो सोने की अंगूठियां व हजारों की नकदी छीनकर फरार होने का समाचार है। इस बारे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और बुजुर्ग से बातचीत कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के दुकानदारों में भी काफी रोष है। टोहाना निवासी मा. सियाराम ने कहा है कि मंगलवार को जब वह दुकान पर जा रहा था और भगवान वाल्मीकि चौक के समीप पहुंचा तो इसी दौरान तीन युवक मोटरसाइकिल पर आए। इनमे से दो युवक नीचे उतरे और उसके मुंह पर कुछ लगा दिया जिससे कुछ मिनटों के लिए वह बेसुध हो गया। इसी दौरान उक्त युवकों ने उसके हाथ में पहनी दो अंगूठियां और जेब से तीन हजार रुपये की नगदी छीन ली और मोटरसाइकिल पर सवार होकर रतिया रोड की तरफ फरार हो गए। बुजुर्ग ने बताया कि उसने उक्त युवकों का पीछा भी किया लेकिन भागने में असमर्थ होने के कारण बाईक सवार युवक मौके से भागने में कामयाब रहे। इस पर उसने इस बारे पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी है।
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चीन पैगोंग झील से वापस आने के लिए सहमत हो गया है। वे पैगोंग में दस महीने से अधिक समय तक रहे। उन्होंने सोचा था कि भारतीय सेना माइनस डिग्री तापमान में नहीं रह पाएगी। भारत ने वहां 50000 सैनिकों को तैनात किया है और उन्हें उच्च गुणवत्ता के बहुत अच्छे उपकरण प्रदान किए हैं तथा निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया। चीन ने हमारे निहत्थे 20 बहादुर सैनिकों को लोहे की सलाखों और अन्य अनधिकृत चीजों से मार डाला।
जवाबी कार्रवाई में हमारे सैनिकों ने बिना हथियार के चीन के 45 सैनिकों को मार दिया। चीन यह देखकर दंग रह गया। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत इतने बड़े साहस का काम कर सकता है। यह चीन के ऊपर हमारी बहुत बड़ी विजय थी। कोई भी इस देश पर विश्वास नहीं कर सकता है, इसलिए हमें सजग रहना होगा।
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चीन पैगोंग झील से वापस आने के लिए सहमत हो गया है। वे पैगोंग में दस महीने से अधिक समय तक रहे। उन्होंने सोचा था कि भारतीय सेना माइनस डिग्री तापमान में नहीं रह पाएगी। भारत ने वहां पचास हज़ार सैनिकों को तैनात किया है और उन्हें उच्च गुणवत्ता के बहुत अच्छे उपकरण प्रदान किए हैं तथा निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया। चीन ने हमारे निहत्थे बीस बहादुर सैनिकों को लोहे की सलाखों और अन्य अनधिकृत चीजों से मार डाला। जवाबी कार्रवाई में हमारे सैनिकों ने बिना हथियार के चीन के पैंतालीस सैनिकों को मार दिया। चीन यह देखकर दंग रह गया। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत इतने बड़े साहस का काम कर सकता है। यह चीन के ऊपर हमारी बहुत बड़ी विजय थी। कोई भी इस देश पर विश्वास नहीं कर सकता है, इसलिए हमें सजग रहना होगा।
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कीवः एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने कहा है कि रूस के शीर्ष पीतल ने पश्चिमी साइबेरिया में एकाग्रता शिविरों में बड़ी संख्या में यूक्रेनियों को निर्वासित करने की योजना बनाई है, जहां उन्हें नए शहरों के निर्माण में मजबूर श्रम के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा।
यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव उक्रायिंस्का प्रावदा, ओलेक्सी दानिलोव के अनुसार, रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने 6 सितंबर, 2021 को "साइबेरिया के नए शहर" शीर्षक से एक लेख लिखा था।
"हम ऐसी बातों पर ध्यान देते हैं," उन्होंने कहा, "कुछ व्यक्तियों ने इस प्रकाशन पर कोई ध्यान दिया है। " इसे ध्यान से पढ़ने के बाद, हमने महसूस किया कि हमारे निवासियों और देश की कीमत पर साइबेरिया को विकसित करने का उनका लक्ष्य, जैसा कि पहले हुआ है, कभी फीका नहीं होगा। और यह कि "एक परिणाम के रूप में, यह Ukrainians द्वारा किया जाना चाहिए।
"हमारे सभी सहयोगियों की खुफिया रिपोर्ट एकाग्रता शिविरों, निस्पंदन शिविरों और यूक्रेनी राष्ट्रपति और शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को उच्च प्राथमिकता के रूप में शारीरिक रूप से समाप्त करने के बारे में थी," सूत्र ने कहा। Shoigu आगे निबंध में निहित है कि Ukrainians गुलामों के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा, और यह कि स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस) से नागरिकों को मदद करने के लिए लाया जाएगा।
दूसरी ओर, दानिलोव ने दावा किया कि अन्य सीआईएस देशों में इस तरह के बड़े पैमाने पर शहर-निर्माण परियोजना को पूरा करने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम निवासियों की आवश्यक संख्या की कमी थी।
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कीवः एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने कहा है कि रूस के शीर्ष पीतल ने पश्चिमी साइबेरिया में एकाग्रता शिविरों में बड़ी संख्या में यूक्रेनियों को निर्वासित करने की योजना बनाई है, जहां उन्हें नए शहरों के निर्माण में मजबूर श्रम के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा। यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव उक्रायिंस्का प्रावदा, ओलेक्सी दानिलोव के अनुसार, रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने छः सितंबर, दो हज़ार इक्कीस को "साइबेरिया के नए शहर" शीर्षक से एक लेख लिखा था। "हम ऐसी बातों पर ध्यान देते हैं," उन्होंने कहा, "कुछ व्यक्तियों ने इस प्रकाशन पर कोई ध्यान दिया है। " इसे ध्यान से पढ़ने के बाद, हमने महसूस किया कि हमारे निवासियों और देश की कीमत पर साइबेरिया को विकसित करने का उनका लक्ष्य, जैसा कि पहले हुआ है, कभी फीका नहीं होगा। और यह कि "एक परिणाम के रूप में, यह Ukrainians द्वारा किया जाना चाहिए। "हमारे सभी सहयोगियों की खुफिया रिपोर्ट एकाग्रता शिविरों, निस्पंदन शिविरों और यूक्रेनी राष्ट्रपति और शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को उच्च प्राथमिकता के रूप में शारीरिक रूप से समाप्त करने के बारे में थी," सूत्र ने कहा। Shoigu आगे निबंध में निहित है कि Ukrainians गुलामों के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा, और यह कि स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल से नागरिकों को मदद करने के लिए लाया जाएगा। दूसरी ओर, दानिलोव ने दावा किया कि अन्य सीआईएस देशों में इस तरह के बड़े पैमाने पर शहर-निर्माण परियोजना को पूरा करने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम निवासियों की आवश्यक संख्या की कमी थी।
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भुवनेश्वर. राज्य में कोरोना महामारी के समय बहुचर्चित पीपीई कीट व अन्य कोविद सामग्री की खरीद में करोड़ों रुपए के घोटाले में राज्य सरकार के शामिल होने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने लोकायुक्त का ध्यान आकर्षित किया था. लोकोयुक्त ने इस मामले में विजिलेंस को जांच करने के लिए निर्देश दिया है. यह कांग्रेस के लिए नैतिक विजय है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि इस मामले में लोकायुक्त के न्यायालय में विजय प्राप्त करने के बाद कांग्रेस मामले को लेकर लोगों के बीच जाएगी. उन्होंने कहा कि हम इस बात को लेकर आशावादी हैं कि इस मामले में न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन अधिकारियों व मंत्रियों के नाम मीडिया में आये थे, उन सभी लोगों को जांच के दायरे में लाया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की असली चेहरा व चरित्र का पर्दाफाश जांच के बाद ही होगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी सरकार होने का दावा कर रही है, लेकिन राज्य सरकार और जनता दल लोगों के पैसे का जो लूट किया है. राज्य की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि आगामी फरवरी माह में लोकायुक्त समस्त प्रकार जांच की जानकारी देने तक कांग्रेस लोगों के बीच इस मामले को लेकर जाएगी व आंदोलन करेगी.
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भुवनेश्वर. राज्य में कोरोना महामारी के समय बहुचर्चित पीपीई कीट व अन्य कोविद सामग्री की खरीद में करोड़ों रुपए के घोटाले में राज्य सरकार के शामिल होने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने लोकायुक्त का ध्यान आकर्षित किया था. लोकोयुक्त ने इस मामले में विजिलेंस को जांच करने के लिए निर्देश दिया है. यह कांग्रेस के लिए नैतिक विजय है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि इस मामले में लोकायुक्त के न्यायालय में विजय प्राप्त करने के बाद कांग्रेस मामले को लेकर लोगों के बीच जाएगी. उन्होंने कहा कि हम इस बात को लेकर आशावादी हैं कि इस मामले में न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन अधिकारियों व मंत्रियों के नाम मीडिया में आये थे, उन सभी लोगों को जांच के दायरे में लाया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की असली चेहरा व चरित्र का पर्दाफाश जांच के बाद ही होगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी सरकार होने का दावा कर रही है, लेकिन राज्य सरकार और जनता दल लोगों के पैसे का जो लूट किया है. राज्य की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि आगामी फरवरी माह में लोकायुक्त समस्त प्रकार जांच की जानकारी देने तक कांग्रेस लोगों के बीच इस मामले को लेकर जाएगी व आंदोलन करेगी.
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बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) इन दिनों अपने कई प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। आयुष्मान की आने वाली फिल्मों में 'अनेक' भी शामिल हैं। आयुष्मान खुराना अपनी फिल्म 'अनेक' को लेकर काफी समय से चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में मेकर्स ने इस फिल्म से आयुष्मान खुराना का फर्स्ट लुक जारी किया है। इसके साथ फिल्म के रिलीज डेट की भी घोषणा की है।
आयुष्मान खुराना ने शेयर किया पोस्टरः
अभिनेता आयुष्मान खुराना ने अपने सोशल मीडिया के जरिए अपनी फिल्म 'अनेक' का पोस्टर जारी किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्टर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, "एक ऐसे किरदार के लिए, जिसने मुझे मेरे कम्फर्ट जोन से बाहर निकाला है, उसके लिए अनुभव सिन्हा से फिर से जुड़कर मैं बहुत ही रोमांचित महसूस कर रहा हूं। भूषण कुमार से सपोर्ट मिला है। अनेक सिनेमा की एक अलग भाषा की शुरुआत करेगी। इस सामाजिक-राजनीतिक थ्रिलर के लिए तारीख चिह्नित करेंः 31. 03. 2022। "
कैसा है पोस्टरः
वहीं अगर सामने आए इस पोस्टर की बात करें, तो पोस्टर में आयुष्मान खुराना लोगों की एक लाइन के विपरीत चल रहे हैं। माथे पर पड़ी सिलवटें उनके चेहरे पर परेशानी और गुस्सा बयां कर रही हैं। आयुष्मान का ओवरऑल लुक काफी अच्छा लग रहा है। अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) द्वारा निर्देशित और आयुष्मान खुराना अभिनीत ये फिल्म अगले साल 31 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
आयुष्मान खुराना ने फिल्म को लेकर कही यह बातः
आयुष्मान खुराना ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, "यह केवल एक बार होता है कि एक एक्टर एक ऐसी कहानी के साथ आता है, जो उसे उसके आराम क्षेत्र से बाहर लेकर आती हो, जबकि मैंने हमेशा उपन्यास कहानियों का समर्थन किया है, अनेक ने मुझे नए उत्साह के साथ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है। यह उस तरह की स्क्रिप्ट है, जो एक व्यक्ति को अपना सब कुछ देने के लिए प्रेरित करती है। मुझे बहुत गर्व है कि, हमने इस तरह की फिल्म बनाई है और इससे भी ज्यादा भाग्यशाली इस वजह से भी मैं हूं कि, मुझे लीड रोल करने का मौका मिला है। "
आयुष्मान खुराना की आने वाली फिल्मेंः
आयुष्मान खुराना फिल्मों में अपने दमदार एक्टिंग के लिए काफी मशहूर है। आयुष्मान खुराना फिल्मों कंटेंट काफी शानदार लेकर आते हैं और अभी तक उनकी एक भी फिल्म फ्लॉप साबित नहीं हुई है। वहीं अगर आयुष्मान खुराना के वर्क फ्रंट की बात करें, तो वो इस फिल्म 'अनेक' के अलावा जल्द ही फिल्म 'चंडीगढ़ करे आशिकी' में नजर आएंगे। इसके अलावा आयुष्मान, 'एक्शन हीरो', 'डॉक्टर जी' जैसी फिल्में शामिल हैं।
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बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना इन दिनों अपने कई प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। आयुष्मान की आने वाली फिल्मों में 'अनेक' भी शामिल हैं। आयुष्मान खुराना अपनी फिल्म 'अनेक' को लेकर काफी समय से चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में मेकर्स ने इस फिल्म से आयुष्मान खुराना का फर्स्ट लुक जारी किया है। इसके साथ फिल्म के रिलीज डेट की भी घोषणा की है। आयुष्मान खुराना ने शेयर किया पोस्टरः अभिनेता आयुष्मान खुराना ने अपने सोशल मीडिया के जरिए अपनी फिल्म 'अनेक' का पोस्टर जारी किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्टर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, "एक ऐसे किरदार के लिए, जिसने मुझे मेरे कम्फर्ट जोन से बाहर निकाला है, उसके लिए अनुभव सिन्हा से फिर से जुड़कर मैं बहुत ही रोमांचित महसूस कर रहा हूं। भूषण कुमार से सपोर्ट मिला है। अनेक सिनेमा की एक अलग भाषा की शुरुआत करेगी। इस सामाजिक-राजनीतिक थ्रिलर के लिए तारीख चिह्नित करेंः इकतीस. तीन. दो हज़ार बाईस। " कैसा है पोस्टरः वहीं अगर सामने आए इस पोस्टर की बात करें, तो पोस्टर में आयुष्मान खुराना लोगों की एक लाइन के विपरीत चल रहे हैं। माथे पर पड़ी सिलवटें उनके चेहरे पर परेशानी और गुस्सा बयां कर रही हैं। आयुष्मान का ओवरऑल लुक काफी अच्छा लग रहा है। अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित और आयुष्मान खुराना अभिनीत ये फिल्म अगले साल इकतीस मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। आयुष्मान खुराना ने फिल्म को लेकर कही यह बातः आयुष्मान खुराना ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, "यह केवल एक बार होता है कि एक एक्टर एक ऐसी कहानी के साथ आता है, जो उसे उसके आराम क्षेत्र से बाहर लेकर आती हो, जबकि मैंने हमेशा उपन्यास कहानियों का समर्थन किया है, अनेक ने मुझे नए उत्साह के साथ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है। यह उस तरह की स्क्रिप्ट है, जो एक व्यक्ति को अपना सब कुछ देने के लिए प्रेरित करती है। मुझे बहुत गर्व है कि, हमने इस तरह की फिल्म बनाई है और इससे भी ज्यादा भाग्यशाली इस वजह से भी मैं हूं कि, मुझे लीड रोल करने का मौका मिला है। " आयुष्मान खुराना की आने वाली फिल्मेंः आयुष्मान खुराना फिल्मों में अपने दमदार एक्टिंग के लिए काफी मशहूर है। आयुष्मान खुराना फिल्मों कंटेंट काफी शानदार लेकर आते हैं और अभी तक उनकी एक भी फिल्म फ्लॉप साबित नहीं हुई है। वहीं अगर आयुष्मान खुराना के वर्क फ्रंट की बात करें, तो वो इस फिल्म 'अनेक' के अलावा जल्द ही फिल्म 'चंडीगढ़ करे आशिकी' में नजर आएंगे। इसके अलावा आयुष्मान, 'एक्शन हीरो', 'डॉक्टर जी' जैसी फिल्में शामिल हैं। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
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सुशांत सिंह राजपूत के निधन के ठीक एक महीने बाद एक्टर की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने अपनी व्हाट्सअप की प्रोफाइल फोटो बदल दी है। सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को अपने घर पर सुसाइड कर ली थी। जिसके बाद से लगातार पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अब रिया ने सुशांत के साथ की अपनी डीपी लगा ली है।
सुशांत के निधन के बाद से रिया सोशल मीडिया से गायब हैं। लेकिन अब एक्ट्रेस ने अपने व्हाट्सअप की डीपी बदल ली है। फोटो में रिया और सुशांत को मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। फोटो सेल्फी लग रही है। जिसमें सुशांत रिया के चेहरे पर अपना चेहरा रखे नजर आ रहे हैं। साथ ही एक्टर काफी खुश भी नजर आ रहे हैं।
सुशांत के निधन के बाद पुलिस ने रिया चक्रवर्ती से पूछताछ की थी। पुलिस ने रिया से करीब 11 घंटे पूछताछ की थी। गौरतलब है कि सुशांत सिंह की खुदकुशी के बाद मुंबई पुलिस वजहों को तलाशने में जुटी हुई है।
वहीं, खबरों की मानें तो रिया ने पुलिस पूछताछ में मुहर लगाई थी दोनों रिलेशनशिप में थे। इतना ही नहीं दोनों जल्द शादी भी करने वाले थे। अपनी मौत से पहले सुशांत सिंह ने रिया को कॉल किया था मगर उसका कोई जवाब नहीं मिला था। सुशांत सिंह के अचानक उठाए घातक कदम से बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर बहस जोर शोर से हो रही है।
बिहार के कोर्ट में करण जौहर, एकता कपूर सहित कई लोगों के खिलाफ याचिका डाली गई हैं। उनकी गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप याचिका में लगाया जा चुका है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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सुशांत सिंह राजपूत के निधन के ठीक एक महीने बाद एक्टर की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने अपनी व्हाट्सअप की प्रोफाइल फोटो बदल दी है। सुशांत सिंह राजपूत ने चौदह जून को अपने घर पर सुसाइड कर ली थी। जिसके बाद से लगातार पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अब रिया ने सुशांत के साथ की अपनी डीपी लगा ली है। सुशांत के निधन के बाद से रिया सोशल मीडिया से गायब हैं। लेकिन अब एक्ट्रेस ने अपने व्हाट्सअप की डीपी बदल ली है। फोटो में रिया और सुशांत को मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। फोटो सेल्फी लग रही है। जिसमें सुशांत रिया के चेहरे पर अपना चेहरा रखे नजर आ रहे हैं। साथ ही एक्टर काफी खुश भी नजर आ रहे हैं। सुशांत के निधन के बाद पुलिस ने रिया चक्रवर्ती से पूछताछ की थी। पुलिस ने रिया से करीब ग्यारह घंटाटे पूछताछ की थी। गौरतलब है कि सुशांत सिंह की खुदकुशी के बाद मुंबई पुलिस वजहों को तलाशने में जुटी हुई है। वहीं, खबरों की मानें तो रिया ने पुलिस पूछताछ में मुहर लगाई थी दोनों रिलेशनशिप में थे। इतना ही नहीं दोनों जल्द शादी भी करने वाले थे। अपनी मौत से पहले सुशांत सिंह ने रिया को कॉल किया था मगर उसका कोई जवाब नहीं मिला था। सुशांत सिंह के अचानक उठाए घातक कदम से बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर बहस जोर शोर से हो रही है। बिहार के कोर्ट में करण जौहर, एकता कपूर सहित कई लोगों के खिलाफ याचिका डाली गई हैं। उनकी गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप याचिका में लगाया जा चुका है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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21 जून को विश्व योग दिवस पर जबलपुर (Jabalpur News In Hindi) में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम हुआ था। मंच पर दलित महिला राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि को जगह नहीं मिली थी। इससे वह नाराज हो गई हैं और जिला कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाया है। वहीं सांसद के अपमान पर उनके समर्थकों ने जबलपुर कलेक्टर का पुतला फूंका है। सांसद की नाराजगी पर कलेक्टर ने माफी मांग ली है। दरअसल विश्व योग दिवस के कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित प्रदेश और केंद्र के तमाम मंत्री शामिल हुए थे। राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि ने कहा कि इस कार्यक्रम के मंच पर जब मैं गई तो वहां पर मेरी कुर्सी पीछे लगाई जो कि प्रोटोकॉल के हिसाब से गलत है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब देखा कि मैं पीछे बैठी हूं तो उन्होंने मुझे आगे आने के लिए कहा। उन्होंने कहा की जानबूझकर योग दिवस पर दलित महिला होने की वजह से मेरे साथ इस प्रकार का व्यवहार किया। जब भी कोई VIP आता है। सभी के हाथों में जिला प्रशासन गुलदस्ते देता है लेकिन दलित महिला सांसद होने के नाते मुझे गुलदस्ता भी नहीं दिया जाता।
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इक्कीस जून को विश्व योग दिवस पर जबलपुर में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम हुआ था। मंच पर दलित महिला राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि को जगह नहीं मिली थी। इससे वह नाराज हो गई हैं और जिला कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाया है। वहीं सांसद के अपमान पर उनके समर्थकों ने जबलपुर कलेक्टर का पुतला फूंका है। सांसद की नाराजगी पर कलेक्टर ने माफी मांग ली है। दरअसल विश्व योग दिवस के कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित प्रदेश और केंद्र के तमाम मंत्री शामिल हुए थे। राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि ने कहा कि इस कार्यक्रम के मंच पर जब मैं गई तो वहां पर मेरी कुर्सी पीछे लगाई जो कि प्रोटोकॉल के हिसाब से गलत है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब देखा कि मैं पीछे बैठी हूं तो उन्होंने मुझे आगे आने के लिए कहा। उन्होंने कहा की जानबूझकर योग दिवस पर दलित महिला होने की वजह से मेरे साथ इस प्रकार का व्यवहार किया। जब भी कोई VIP आता है। सभी के हाथों में जिला प्रशासन गुलदस्ते देता है लेकिन दलित महिला सांसद होने के नाते मुझे गुलदस्ता भी नहीं दिया जाता।
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नई दिल्लीः आज से 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए राष्ट्रव्यापी COVID-19 टीकाकरण शुरू होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सीईओ डॉ आर एस शर्मा ने COVID टीकाकरण की स्थिति, गति और मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को घोषणा की थी कि 1 अप्रैल से 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोग टीकाकरण के लिए पात्र होंगे।स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग टीकाकरण के लिए पात्र होंगे। टीकाकरण के लिए अग्रिम बुकिंग http://cowin.gov.in के माध्यम से की जा सकती है। यदि आप ऐसा नहीं करना चाहते हैं, तो आप दोपहर 3 बजे के बाद अपने निकटतम टीकाकरण केंद्र पर जा सकते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि, जो लोग ऑन-साइट पंजीकरण के लिए जाना चाहते हैं, उन्हें एक पहचान दस्तावेज के साथ दोपहर 3 बजे के बाद अपने निकटतम टीकाकरण केंद्र पर जाने की आवश्यकता है। दस्तावेज़ में आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट और राशन कार्ड इनमें से कुछ भी ले जा सकते है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि, इस बीच, देश में प्रशासित COVID-19 वैक्सीन की खुराक की कुल संख्या 6.43 करोड़ हो गई है। भारत ने COVID-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया है।
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नई दिल्लीः आज से पैंतालीस साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए राष्ट्रव्यापी COVID-उन्नीस टीकाकरण शुरू होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ आर एस शर्मा ने COVID टीकाकरण की स्थिति, गति और मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को घोषणा की थी कि एक अप्रैल से पैंतालीस वर्ष से ऊपर के सभी लोग टीकाकरण के लिए पात्र होंगे।स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक अप्रैल से पैंतालीस वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग टीकाकरण के लिए पात्र होंगे। टीकाकरण के लिए अग्रिम बुकिंग http://cowin.gov.in के माध्यम से की जा सकती है। यदि आप ऐसा नहीं करना चाहते हैं, तो आप दोपहर तीन बजे के बाद अपने निकटतम टीकाकरण केंद्र पर जा सकते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि, जो लोग ऑन-साइट पंजीकरण के लिए जाना चाहते हैं, उन्हें एक पहचान दस्तावेज के साथ दोपहर तीन बजे के बाद अपने निकटतम टीकाकरण केंद्र पर जाने की आवश्यकता है। दस्तावेज़ में आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट और राशन कार्ड इनमें से कुछ भी ले जा सकते है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि, इस बीच, देश में प्रशासित COVID-उन्नीस वैक्सीन की खुराक की कुल संख्या छः.तैंतालीस करोड़ हो गई है। भारत ने COVID-उन्नीस टीकाकरण अभियान सोलह जनवरी को शुरू किया है।
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इमरान खान तोशाखाना केसः इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सजा पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान के इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने मंगलवार (29 अगस्त) को इमरान खान के पक्ष में फैसला सुनाया और उनकी रिहाई का आदेश दिया। इमरान खान पर सरकारी तोहफे सस्ते दामों में खरीदने और फिर उन्हीं तोहफों को ऊंचे दामों पर बेचने का आरोप लगा था.
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस आमिर फारूक और जस्टिस तारिक महमूद जहांगीरी की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसके बाद बेंच ने कहा कि फैसला मंगलवार सुबह 11 बजे सुनाया जाएगा.
इससे पहले दिन में, उच्च न्यायालय ने अपील पर सुनवाई फिर से शुरू की, जो 22 अगस्त से चल रही थी। इससे पहले, पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील अमजद परवेज़ बीमारी के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। इसके चलते सुनवाई शुक्रवार (25 अगस्त) तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इमरान खान के वकील लतीफ खोसा ने पिछले गुरुवार (24 अगस्त) को उनकी सजा के खिलाफ अपनी दलीलें पूरी करते हुए कहा कि फैसला जल्दबाजी में लिया गया और खामियों से भरा था। उन्होंने अदालत से फैसले को रद्द करने का आग्रह किया, लेकिन बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें पूरी करने के लिए और समय मांगा।
उच्च न्यायालय द्वारा 70 वर्षीय इमरान खान को दोषी ठहराने के फैसले में खामियां सामने आने के बाद कई लोगों का मानना था कि पूर्व प्रधानमंत्री के पक्ष में फैसला आ सकता है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से पहले बलूचिस्तान हाई कोर्ट ने इमरान खान के खिलाफ दायर एक और एफआईआर को रद्द कर दिया है. भाषण के दौरान सरकारी संस्थानों और उनके अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी करने पर मामला दर्ज किया गया था.
बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नईम अख्तर अफगान और न्यायमूर्ति गुल हसन तरीन की दो सदस्यीय पीठ ने इंसाफ वकील फोरम के इकबाल शाह द्वारा दायर याचिका पर अपना फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने इमरान खान के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को भी रद्द कर दिया.
डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, चुनाव आयोग के वकील अमजद परवेज ने उच्च न्यायालय से मामले में सरकार को प्रतिवादी बनाने के लिए नोटिस जारी करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि कानून ने इसे जरूरी बना दिया है.
जब परवेज़ ने अपनी दलीलें पूरी कीं, तो इमरान खान के वकील खोसा ने कहा कि उन्हें सरकार को नोटिस जारी करने की आयोग की याचिका पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
5 अगस्त को इस्लामाबाद की एक निचली अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान को दोषी ठहराया और तीन साल जेल की सजा सुनाई। इमरान खान को 2018 से 2022 तक प्रधान मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें और उनके परिवार को अवैध रूप से सरकारी उपहार बेचने का दोषी ठहराया गया था। उन्हें अगला चुनाव लड़ने से रोकते हुए पांच साल के लिए राजनीति में भाग लेने से रोक दिया गया।
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इमरान खान तोशाखाना केसः इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सजा पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान के इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने मंगलवार को इमरान खान के पक्ष में फैसला सुनाया और उनकी रिहाई का आदेश दिया। इमरान खान पर सरकारी तोहफे सस्ते दामों में खरीदने और फिर उन्हीं तोहफों को ऊंचे दामों पर बेचने का आरोप लगा था. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस आमिर फारूक और जस्टिस तारिक महमूद जहांगीरी की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसके बाद बेंच ने कहा कि फैसला मंगलवार सुबह ग्यारह बजे सुनाया जाएगा. इससे पहले दिन में, उच्च न्यायालय ने अपील पर सुनवाई फिर से शुरू की, जो बाईस अगस्त से चल रही थी। इससे पहले, पाकिस्तान चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील अमजद परवेज़ बीमारी के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। इसके चलते सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इमरान खान के वकील लतीफ खोसा ने पिछले गुरुवार को उनकी सजा के खिलाफ अपनी दलीलें पूरी करते हुए कहा कि फैसला जल्दबाजी में लिया गया और खामियों से भरा था। उन्होंने अदालत से फैसले को रद्द करने का आग्रह किया, लेकिन बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें पूरी करने के लिए और समय मांगा। उच्च न्यायालय द्वारा सत्तर वर्षीय इमरान खान को दोषी ठहराने के फैसले में खामियां सामने आने के बाद कई लोगों का मानना था कि पूर्व प्रधानमंत्री के पक्ष में फैसला आ सकता है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से पहले बलूचिस्तान हाई कोर्ट ने इमरान खान के खिलाफ दायर एक और एफआईआर को रद्द कर दिया है. भाषण के दौरान सरकारी संस्थानों और उनके अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी करने पर मामला दर्ज किया गया था. बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नईम अख्तर अफगान और न्यायमूर्ति गुल हसन तरीन की दो सदस्यीय पीठ ने इंसाफ वकील फोरम के इकबाल शाह द्वारा दायर याचिका पर अपना फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने इमरान खान के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को भी रद्द कर दिया. डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, चुनाव आयोग के वकील अमजद परवेज ने उच्च न्यायालय से मामले में सरकार को प्रतिवादी बनाने के लिए नोटिस जारी करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि कानून ने इसे जरूरी बना दिया है. जब परवेज़ ने अपनी दलीलें पूरी कीं, तो इमरान खान के वकील खोसा ने कहा कि उन्हें सरकार को नोटिस जारी करने की आयोग की याचिका पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. पाँच अगस्त को इस्लामाबाद की एक निचली अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष खान को दोषी ठहराया और तीन साल जेल की सजा सुनाई। इमरान खान को दो हज़ार अट्ठारह से दो हज़ार बाईस तक प्रधान मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें और उनके परिवार को अवैध रूप से सरकारी उपहार बेचने का दोषी ठहराया गया था। उन्हें अगला चुनाव लड़ने से रोकते हुए पांच साल के लिए राजनीति में भाग लेने से रोक दिया गया।
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नई दिल्ली। देश के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन के तहत एक साथ रिकॉर्ड बीस उपग्रहों के लांचिंग के लिए 48 घंटे की उल्टी गिनती सोमवार सुबह 9 बजकर 26 मिनट से शुरू हो गई है। इन उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल पीएसएलवी-सी34 का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें भारत का भू सर्वेक्षण अंतरिक्ष यान काटरेसैट-2 शामिल है। 22 जून को सुबह 9. 26 मिनट पर अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल से प्रक्षेपण किया जाएगा।
सभी 20 उपग्रहों का वजन करीब एक हजार 1288 किलोग्राम बताया जा रहा है। इनमें अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ ही भारतीय विश्वविद्यालयों के दो उपग्रह भी शामिल हैं।
इन उपग्रहों में 725. 5 किलोग्राम वजनी भारत का पृथ्वी पर्यवेक्षण अंतरिक्ष यान काटरेसैट-2 श्रृंखला का उपग्रह शामिल है, जबकि अन्य 19 उपग्रहों में 560 किलोग्राम के अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ-साथ चेन्नई के सत्यभामा विश्वविद्यालय और पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के दो उपग्रह शामिल हैं।
रिकॉर्ड बीस उपग्रह एक साथ भेजने के अलावा इस महत्वकांक्षी मिशन की एक और खूबी होगी पीएसएलवी सी-34 के जरिए उपग्रहों के पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित होने पर ही यह गतिविधि अतीत के अन्य मिशनों की तरह संपन्न नहीं होगी। इससे पहले इसरो ने साल 2008 में एक साथ 10 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर रिकॉर्ड बनाया था।
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नई दिल्ली। देश के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन के तहत एक साथ रिकॉर्ड बीस उपग्रहों के लांचिंग के लिए अड़तालीस घंटाटे की उल्टी गिनती सोमवार सुबह नौ बजकर छब्बीस मिनट से शुरू हो गई है। इन उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल पीएसएलवी-सीचौंतीस का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें भारत का भू सर्वेक्षण अंतरिक्ष यान काटरेसैट-दो शामिल है। बाईस जून को सुबह नौ. छब्बीस मिनट पर अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल से प्रक्षेपण किया जाएगा। सभी बीस उपग्रहों का वजन करीब एक हजार एक हज़ार दो सौ अठासी किलोग्रामग्राम बताया जा रहा है। इनमें अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ ही भारतीय विश्वविद्यालयों के दो उपग्रह भी शामिल हैं। इन उपग्रहों में सात सौ पच्चीस. पाँच किलोग्रामग्राम वजनी भारत का पृथ्वी पर्यवेक्षण अंतरिक्ष यान काटरेसैट-दो श्रृंखला का उपग्रह शामिल है, जबकि अन्य उन्नीस उपग्रहों में पाँच सौ साठ किलोग्रामग्राम के अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ-साथ चेन्नई के सत्यभामा विश्वविद्यालय और पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के दो उपग्रह शामिल हैं। रिकॉर्ड बीस उपग्रह एक साथ भेजने के अलावा इस महत्वकांक्षी मिशन की एक और खूबी होगी पीएसएलवी सी-चौंतीस के जरिए उपग्रहों के पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित होने पर ही यह गतिविधि अतीत के अन्य मिशनों की तरह संपन्न नहीं होगी। इससे पहले इसरो ने साल दो हज़ार आठ में एक साथ दस उपग्रहों को प्रक्षेपित कर रिकॉर्ड बनाया था।
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पिछली क़िस्त का लिंकः बच्चियां अपनी जिंदगी की पहली यौन हिंसा का अनुभव अपने घरों में ही करती हैं (Column By Gayatree Arya-31)
रंग, मेरे बच्चे! तुम्हारी मां कई दुविधाओं में फंसी है तुम्हारे चलते. मैं तुम्हें दोष नहीं दे रही मेरी जान. बस वे चीजें तुम्हीं से जुड़ी हैं और विकल्पहीनता की सी स्थिति बनाए हुए हैं मेरे लिये. तुम इस वक्त मेरी इस परेशानी से दूर बहुत तेज हलचल मचाए हुए हो मेरे पेट में. इतनी ज्यादा उठापटक कि कुछ पल के लिए अनचाहे ही कलम रुक गई, मैंने जल्दी से पेट के ऊपर से अपना फ्रॉक हटाया और पेट के भीतर उछल-कूद कर रहे तुम चूहे को देखकर मुस्कुराने लगी. ऐसे वक्त कुछ नहीं रहता मेरे दिमाग में सिवाय मुस्कुराहट और आश्चर्य के. देख रही हूं तुम्हारी कसमसाहट को. बड़े हो रहे हो न तुम. जगह कम पड़ने लगी है अब तुम्हें पेट में. बस कुछ दिन (लगभग डेढ़ महीना) और मेरे बच्चे, उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. अब बस भी करो. कुछ लिखने दोगे की नहीं? ऐसे ही उछलते रहोगे फुटबाल की तरह, तो कहां लिख पाऊंगी मैं. लिखते वक्त मुझे एकांत चाहिए, लेकिन साथ ही तुम्हारा कोई मूवमेंट, एक भी हरकत बिना देखे मिस भी तो नहीं करना चाहती मैं.
दो-तीन दिन बाद मुझे दिल्ली जाना है पीएच.डी में अपनी री-रजिस्ट्रेशन के लिए. तब तक मेरे गर्भ का आठवां महीना शुरू हो चुका होगा. आठवें और नौवें महीने में मुझे ज्यादा ट्रेवल नहीं करना चाहिए. क्यों नहीं करना चाहिए? मुझे एक नई-नई बनी मां ने बताया था कि इस वक्त शरीर को लगा एक भी झटका बहुत खतरनाक हो सकता है. बच्चा झटके लगने से ज्यादा नीचे की तरफ आ सकता है या प्लासेंटा की थैली फट सकती है या फिर बच्चेदानी का मुह समय से पहले खुल जाने के कारण प्रीमैच्योर डिलीवरी हो सकती है!
दिल्ली, सिर्फ सपनों का ही शहर नहीं है मेरे बच्चे, यह हादसों का भी शहर है! मुझे वहीं जाना है. काम सिर्फ पीएच.डी. का रिजिस्ट्रेशन ही नहीं है. असल में 15 से 26 जुलाई तक 'ओसियान सिने फैन फिल्म महोत्सव' भी शुरू हो रहा है. पिछले लगभग पांच सालों से मैं ये महोत्सव देखती आ रही हूं. एशिया और यूरोप की कई दुर्लभ फिल्में वहां बहुत सस्ते में देखने को मिलती हैं. दिल्ली में होने वाले इवेट्स में मेरा सबसे ज्यादा पसंदीदा इवेंट है ये फिल्म फेस्टिवल. तुम्हारे आने से पहले मैं एक और बार संभवतः आखिरी बार बिल्कुल आजादी से ये फिल्म फेस्टिवल देखना चाहती हूं. मुझे न सिर्फ फिल्में देखने का, बल्कि इस फिल्म फेस्टिवल में फिल्में देखने का पैशन है. (वैसे तो किसी भी फिल्म फेस्टिवल का, पर हर जाना अबूते से बाहर है)
मैं सच में वहां फिल्में देखने की दीवानी हूं मेरे बच्चे. क्योंकि जिन फिल्मों की आपको जिंदगी में कभी खबर भी नहीं लगती, वे वहां देखने का मिल जाती हैं. कई साल पहले वहां मैंने शायद 4 या 5 फिल्में लगातार देखी थीं अकेले ही! क्या सुखद था वो अहसास. लेकिन ये बात (कि मैं फिल्म फेस्टिवल जाऊंगी) मैं अपने घर पर नहीं बता सकती. अपनी मां को भी नहीं क्योंकि वे बेहद गुस्सा होंगी और उन्हें मेरी बुद्धि पर तरस भी आएगा. ससुराल में बताना तो कितना असंभव है तुम सोच ही लो. जो बात मैं मायके बताने में सहज नहीं, वह भला ससुराल वालों को क्या ही बताई जा सकती है!
ये बात सबसे पहले तुम्हारे पिता को, मेरे कुछ दोस्तों को पता है और अब मैं तुम्हें बता रही हूं मेरे बच्चे. तुम्हारे आने के बाद भला तुम्हें कहां, किसके पास छोड़कर जा पाऊंगी मैं फिल्में देखने. वो भी पूरे दिन के लिए, कोई मां अपने छोटे से बच्चे को छोड़कर क्या दिनभर के लिए फिल्में देखने जा सकती है भला? किसी को पता चलेगा तो मुझे शर्म से डूब मरने जैसा महसूस करवाया जाएगा! यदि मैं किसी तरह मैनेज करके कुछ देर के लिए चली भी गई, तो दिल-दिमाग में तुम्हारी ही चिंता रहेगी और तुम्हें ले के वहां जा नहीं पाऊंगी! कुल मिला के तुम्हारे आने के बाद मैं इस फिल्म फेस्टिवल में बहुत सालों तक नहीं ही आ सकूंगी. ( Column By Gayatree Arya-31)
मैं फिलहाल आटो से सफर नहीं कर सकती क्योंकि उसमें बेहद झटके लगते हैं, इस वक्त एक-एक झटका मेरी और तुम्हारी जिंदगी पर भारी है मेरे बच्चे! और टैक्सी से हर रोज आने-जाने की मेरी औकात नहीं है. बस देर रात में मिलती नहीं या फिर बेहद ठुंसी हुई मिलेगी. टू व्हीलर या फोर व्हीलर वाला कोई दोस्त नहीं जो रोज मुझे रात में फिल्म देखने के बाद सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम से हॉस्टल छोड़ दे. तुम मेरे पेट में नहीं होते तो मैं जैसे मर्जी हास्टल पहुंच ही जाती. इससे भी ज्यादा दुविधा ये है बेटू, यदि मुझे सड़क या सफर में कुछ हो गया तो मैं क्या करूंगी? क्योंकि तुम्हारे पिता मेरे साथ नहीं होंगे, बल्कि कोई भी मेरे साथ नहीं होगा. यदि तुम्हें कुछ हो गया, तो मेरी पिछले आठ महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और मैं दोबारा इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना चहती, जिसमें शुरू के चार महीने तो बेहद भयानक, खौफनाक थे! कुछ गड़बड़ हो गई तो मां को और ससुराल में क्या बताऊंगी कि कहां थी मैं इतनी रात को? क्या कर रही थी वहां अकेले? ताने और कोसने दे-देकर सब मुझे अधमरा कर देंगे. फिल्म देखने गई थी? इतनी रात में! अकेले! वो भी ऐसी हालत में? ओह! मेरे पास कोई सफाई नहीं होगी उन्हें देने के लिए या अपने पक्ष में बोलने के लिए.
एक तरफ तुम्हें कुछ हो जाने का डर, दूसरी तरफ आजादी से भरा आखिरी फिल्म माहोत्सव! क्या करूं? किसे चुनूं? जाऊं या नहीं? कहीं बाद में पछताना न पड़े कि सिर्फ कुछ फिल्मों के लिए मैंने दो जिंदगियां दांव पर लगा दी! दूसरी तरफ लगता है कि एक और बार देख लो गायत्री, अपने मनचाहे समय और सुविधा के हिसाब से फिल्म फैस्टिवल की फिल्में. अगली बार का क्या पता, तुम्हारी तबीयत कैसी हो? किसके पास तुम्हें बेखौफ छोड़ के जा पाऊंगी? तुम मेरे बिना किसी के पास रह भी कहां पाओगे? और भला किसे बता पाऊंगी कि बच्चे को छोड़कर सारा दिन फिल्म देखने का प्रोग्राम बना रही हूं. बेशर्म और निर्मोही मां कहलाऊंगी मैं, गालियां खाऊंगी. ( Column By Gayatree Arya-31 )
बच्चे से बढ़कर और उससे पहले भला किसी मां के लिए क्या हो सकता है? क्या होना चाहिए? ऐसे सवालों, ऐसी चिंताओं और ऐसी विकट परिस्थितियों से एक पुरुष हमेशा-हमेशा के लिए मुक्त है. कितनी फालतू कि चिताएं और सवाल मेरे हिस्से में आए हैं मेरे बच्चे, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं मां हूं, बाप नहीं! ( Column By Gayatree Arya-31 )
उत्तर प्रदेश के बागपत से ताल्लुक रखने वाली गायत्री आर्य की आधा दर्जन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. विभिन्न अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं में महिला मुद्दों पर लगातार लिखने वाली गायत्री साहित्य कला परिषद, दिल्ली द्वारा मोहन राकेश सम्मान से सम्मानित एवं हिंदी अकादमी, दिल्ली से कविता व कहानियों के लिए पुरस्कृत हैं.
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पिछली क़िस्त का लिंकः बच्चियां अपनी जिंदगी की पहली यौन हिंसा का अनुभव अपने घरों में ही करती हैं रंग, मेरे बच्चे! तुम्हारी मां कई दुविधाओं में फंसी है तुम्हारे चलते. मैं तुम्हें दोष नहीं दे रही मेरी जान. बस वे चीजें तुम्हीं से जुड़ी हैं और विकल्पहीनता की सी स्थिति बनाए हुए हैं मेरे लिये. तुम इस वक्त मेरी इस परेशानी से दूर बहुत तेज हलचल मचाए हुए हो मेरे पेट में. इतनी ज्यादा उठापटक कि कुछ पल के लिए अनचाहे ही कलम रुक गई, मैंने जल्दी से पेट के ऊपर से अपना फ्रॉक हटाया और पेट के भीतर उछल-कूद कर रहे तुम चूहे को देखकर मुस्कुराने लगी. ऐसे वक्त कुछ नहीं रहता मेरे दिमाग में सिवाय मुस्कुराहट और आश्चर्य के. देख रही हूं तुम्हारी कसमसाहट को. बड़े हो रहे हो न तुम. जगह कम पड़ने लगी है अब तुम्हें पेट में. बस कुछ दिन और मेरे बच्चे, उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. अब बस भी करो. कुछ लिखने दोगे की नहीं? ऐसे ही उछलते रहोगे फुटबाल की तरह, तो कहां लिख पाऊंगी मैं. लिखते वक्त मुझे एकांत चाहिए, लेकिन साथ ही तुम्हारा कोई मूवमेंट, एक भी हरकत बिना देखे मिस भी तो नहीं करना चाहती मैं. दो-तीन दिन बाद मुझे दिल्ली जाना है पीएच.डी में अपनी री-रजिस्ट्रेशन के लिए. तब तक मेरे गर्भ का आठवां महीना शुरू हो चुका होगा. आठवें और नौवें महीने में मुझे ज्यादा ट्रेवल नहीं करना चाहिए. क्यों नहीं करना चाहिए? मुझे एक नई-नई बनी मां ने बताया था कि इस वक्त शरीर को लगा एक भी झटका बहुत खतरनाक हो सकता है. बच्चा झटके लगने से ज्यादा नीचे की तरफ आ सकता है या प्लासेंटा की थैली फट सकती है या फिर बच्चेदानी का मुह समय से पहले खुल जाने के कारण प्रीमैच्योर डिलीवरी हो सकती है! दिल्ली, सिर्फ सपनों का ही शहर नहीं है मेरे बच्चे, यह हादसों का भी शहर है! मुझे वहीं जाना है. काम सिर्फ पीएच.डी. का रिजिस्ट्रेशन ही नहीं है. असल में पंद्रह से छब्बीस जुलाई तक 'ओसियान सिने फैन फिल्म महोत्सव' भी शुरू हो रहा है. पिछले लगभग पांच सालों से मैं ये महोत्सव देखती आ रही हूं. एशिया और यूरोप की कई दुर्लभ फिल्में वहां बहुत सस्ते में देखने को मिलती हैं. दिल्ली में होने वाले इवेट्स में मेरा सबसे ज्यादा पसंदीदा इवेंट है ये फिल्म फेस्टिवल. तुम्हारे आने से पहले मैं एक और बार संभवतः आखिरी बार बिल्कुल आजादी से ये फिल्म फेस्टिवल देखना चाहती हूं. मुझे न सिर्फ फिल्में देखने का, बल्कि इस फिल्म फेस्टिवल में फिल्में देखने का पैशन है. मैं सच में वहां फिल्में देखने की दीवानी हूं मेरे बच्चे. क्योंकि जिन फिल्मों की आपको जिंदगी में कभी खबर भी नहीं लगती, वे वहां देखने का मिल जाती हैं. कई साल पहले वहां मैंने शायद चार या पाँच फिल्में लगातार देखी थीं अकेले ही! क्या सुखद था वो अहसास. लेकिन ये बात मैं अपने घर पर नहीं बता सकती. अपनी मां को भी नहीं क्योंकि वे बेहद गुस्सा होंगी और उन्हें मेरी बुद्धि पर तरस भी आएगा. ससुराल में बताना तो कितना असंभव है तुम सोच ही लो. जो बात मैं मायके बताने में सहज नहीं, वह भला ससुराल वालों को क्या ही बताई जा सकती है! ये बात सबसे पहले तुम्हारे पिता को, मेरे कुछ दोस्तों को पता है और अब मैं तुम्हें बता रही हूं मेरे बच्चे. तुम्हारे आने के बाद भला तुम्हें कहां, किसके पास छोड़कर जा पाऊंगी मैं फिल्में देखने. वो भी पूरे दिन के लिए, कोई मां अपने छोटे से बच्चे को छोड़कर क्या दिनभर के लिए फिल्में देखने जा सकती है भला? किसी को पता चलेगा तो मुझे शर्म से डूब मरने जैसा महसूस करवाया जाएगा! यदि मैं किसी तरह मैनेज करके कुछ देर के लिए चली भी गई, तो दिल-दिमाग में तुम्हारी ही चिंता रहेगी और तुम्हें ले के वहां जा नहीं पाऊंगी! कुल मिला के तुम्हारे आने के बाद मैं इस फिल्म फेस्टिवल में बहुत सालों तक नहीं ही आ सकूंगी. मैं फिलहाल आटो से सफर नहीं कर सकती क्योंकि उसमें बेहद झटके लगते हैं, इस वक्त एक-एक झटका मेरी और तुम्हारी जिंदगी पर भारी है मेरे बच्चे! और टैक्सी से हर रोज आने-जाने की मेरी औकात नहीं है. बस देर रात में मिलती नहीं या फिर बेहद ठुंसी हुई मिलेगी. टू व्हीलर या फोर व्हीलर वाला कोई दोस्त नहीं जो रोज मुझे रात में फिल्म देखने के बाद सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम से हॉस्टल छोड़ दे. तुम मेरे पेट में नहीं होते तो मैं जैसे मर्जी हास्टल पहुंच ही जाती. इससे भी ज्यादा दुविधा ये है बेटू, यदि मुझे सड़क या सफर में कुछ हो गया तो मैं क्या करूंगी? क्योंकि तुम्हारे पिता मेरे साथ नहीं होंगे, बल्कि कोई भी मेरे साथ नहीं होगा. यदि तुम्हें कुछ हो गया, तो मेरी पिछले आठ महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और मैं दोबारा इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना चहती, जिसमें शुरू के चार महीने तो बेहद भयानक, खौफनाक थे! कुछ गड़बड़ हो गई तो मां को और ससुराल में क्या बताऊंगी कि कहां थी मैं इतनी रात को? क्या कर रही थी वहां अकेले? ताने और कोसने दे-देकर सब मुझे अधमरा कर देंगे. फिल्म देखने गई थी? इतनी रात में! अकेले! वो भी ऐसी हालत में? ओह! मेरे पास कोई सफाई नहीं होगी उन्हें देने के लिए या अपने पक्ष में बोलने के लिए. एक तरफ तुम्हें कुछ हो जाने का डर, दूसरी तरफ आजादी से भरा आखिरी फिल्म माहोत्सव! क्या करूं? किसे चुनूं? जाऊं या नहीं? कहीं बाद में पछताना न पड़े कि सिर्फ कुछ फिल्मों के लिए मैंने दो जिंदगियां दांव पर लगा दी! दूसरी तरफ लगता है कि एक और बार देख लो गायत्री, अपने मनचाहे समय और सुविधा के हिसाब से फिल्म फैस्टिवल की फिल्में. अगली बार का क्या पता, तुम्हारी तबीयत कैसी हो? किसके पास तुम्हें बेखौफ छोड़ के जा पाऊंगी? तुम मेरे बिना किसी के पास रह भी कहां पाओगे? और भला किसे बता पाऊंगी कि बच्चे को छोड़कर सारा दिन फिल्म देखने का प्रोग्राम बना रही हूं. बेशर्म और निर्मोही मां कहलाऊंगी मैं, गालियां खाऊंगी. बच्चे से बढ़कर और उससे पहले भला किसी मां के लिए क्या हो सकता है? क्या होना चाहिए? ऐसे सवालों, ऐसी चिंताओं और ऐसी विकट परिस्थितियों से एक पुरुष हमेशा-हमेशा के लिए मुक्त है. कितनी फालतू कि चिताएं और सवाल मेरे हिस्से में आए हैं मेरे बच्चे, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं मां हूं, बाप नहीं! उत्तर प्रदेश के बागपत से ताल्लुक रखने वाली गायत्री आर्य की आधा दर्जन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. विभिन्न अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं में महिला मुद्दों पर लगातार लिखने वाली गायत्री साहित्य कला परिषद, दिल्ली द्वारा मोहन राकेश सम्मान से सम्मानित एवं हिंदी अकादमी, दिल्ली से कविता व कहानियों के लिए पुरस्कृत हैं.
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अफरीदी को सबसे करार जवाब मिला भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज़ गौतम गंभीर से. गौतम ने अफिरीदी को मानसिक तौर पर नाबालिग बताया है.
जम्मू कश्मीरः पाकिस्तान क्रिकेट के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के समर्थन में नेशनल कांफ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्लाह उतरे है. उन्होंने कहा है की सेना की करवाई का विरोध कई देश कर रहे है. और ये हत्याएं रुकी नहीं. आपको बता दें की रविवार को भारतीय सेना ने शोपियां जिल्ले में करवाई करते हुए 13 आतंकियों को मार गिराया था. वहीँ इस करवाई में खलल डालने आये 4 कश्मीरी नागरिकों की भी मौत होगई थी.
Media called me for reaction on @SAfridiOfficial tweet on OUR Kashmir & @UN. What's there to say? Afridi is only looking for @UN which in his retarded dictionary means "UNDER NINTEEN" his age bracket. Media can relax, @SAfridiOfficial is celebrating a dismissal off a no- ball! ! !
गौतम के ट्वीट के बाद अफरीदी ने एक और ट्वीट किया जिसमे खुदको न्यूट्रल बताने की कोशिश की.
As an independent media platform, we do not take advertisements from governments and corporate houses. It is you, our readers, who have supported us on our journey to do honest and unbiased journalism. Please contribute, so that we can continue to do the same in future.
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अफरीदी को सबसे करार जवाब मिला भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज़ गौतम गंभीर से. गौतम ने अफिरीदी को मानसिक तौर पर नाबालिग बताया है. जम्मू कश्मीरः पाकिस्तान क्रिकेट के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के समर्थन में नेशनल कांफ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्लाह उतरे है. उन्होंने कहा है की सेना की करवाई का विरोध कई देश कर रहे है. और ये हत्याएं रुकी नहीं. आपको बता दें की रविवार को भारतीय सेना ने शोपियां जिल्ले में करवाई करते हुए तेरह आतंकियों को मार गिराया था. वहीँ इस करवाई में खलल डालने आये चार कश्मीरी नागरिकों की भी मौत होगई थी. Media called me for reaction on @SAfridiOfficial tweet on OUR Kashmir & @UN. What's there to say? Afridi is only looking for @UN which in his retarded dictionary means "UNDER NINTEEN" his age bracket. Media can relax, @SAfridiOfficial is celebrating a dismissal off a no- ball! ! ! गौतम के ट्वीट के बाद अफरीदी ने एक और ट्वीट किया जिसमे खुदको न्यूट्रल बताने की कोशिश की. As an independent media platform, we do not take advertisements from governments and corporate houses. It is you, our readers, who have supported us on our journey to do honest and unbiased journalism. Please contribute, so that we can continue to do the same in future.
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आर चालाक पशुन के लिये जब और पुवाल भी हरएक जन आज्ञा के समान उसी स्थान में लाता था । और ईश्वर
ने सुलेमान को अत्यंत बुद्धि और ज्ञान और मन का फैलावा समुद्र के तीर की बालू की नाईं दिया था । और सुलेमान की बुद्धि सारे पूर्बियों की बुद्धि से और मिसरियों की सारी बुद्धि से श्रेठ थी। क्योंकि बुह अज़राही आाधान से और हामान से ओर ख़लकुल से और दरदा से, जो महल के बेटे थे और समस्त मनुष्य से अधिक बुद्धिमान था, और उसकी कीर्त्ति चारों ओर के समस्त जाति गणों में फैल गई थी । और उसने तीन सहख दृष्टांत कहा और उसके गीत एक सहस्र और पांच थे । और उस अरज बृक्ष से लेके जो लबनान में है उस ज़ूफ़ा लो जो भीतों पर ऊगती है उसने सब वृक्षों का बर्णन किया और पशुन और पक्षियों और रेंगवैयों और ३४ मछलियों के बिषय में कहा । और सारे लोगों में से और एथिवी के समस्त राजाओं से, जिन्हों ने उसकी बुद्धि का संदेश पाया था, सुलेमान की बुद्धि सुन्ने को आते थे ।
सूर का राजा सुलेमान पास भेज के बधाई देता है और मंदिर बनाने का समाचार सुनता है १-१२ सुलेमान के बनिहारों की गिनती १३-१८।
और सूर के राजा हैराम ने सुलेमान के पास अपने सेवकों को भेजा क्योंकि उसने सुना था कि उन्होंने उसके पिता की संती उसे राज्याभिषेक किया क्योंकि हैराम दाऊद से सदा प्रीति रखता था । और सुलेमान ने हैराम को कहला भेजा । कि तू जानता है कि उन लड़ाइयों के कारण, जो उसके ग्रास पास चौदिशा थीं मेरा पिता दाऊद परमेश्वर अपने ईश्वर के नाम के
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आर चालाक पशुन के लिये जब और पुवाल भी हरएक जन आज्ञा के समान उसी स्थान में लाता था । और ईश्वर ने सुलेमान को अत्यंत बुद्धि और ज्ञान और मन का फैलावा समुद्र के तीर की बालू की नाईं दिया था । और सुलेमान की बुद्धि सारे पूर्बियों की बुद्धि से और मिसरियों की सारी बुद्धि से श्रेठ थी। क्योंकि बुह अज़राही आाधान से और हामान से ओर ख़लकुल से और दरदा से, जो महल के बेटे थे और समस्त मनुष्य से अधिक बुद्धिमान था, और उसकी कीर्त्ति चारों ओर के समस्त जाति गणों में फैल गई थी । और उसने तीन सहख दृष्टांत कहा और उसके गीत एक सहस्र और पांच थे । और उस अरज बृक्ष से लेके जो लबनान में है उस ज़ूफ़ा लो जो भीतों पर ऊगती है उसने सब वृक्षों का बर्णन किया और पशुन और पक्षियों और रेंगवैयों और चौंतीस मछलियों के बिषय में कहा । और सारे लोगों में से और एथिवी के समस्त राजाओं से, जिन्हों ने उसकी बुद्धि का संदेश पाया था, सुलेमान की बुद्धि सुन्ने को आते थे । सूर का राजा सुलेमान पास भेज के बधाई देता है और मंदिर बनाने का समाचार सुनता है एक-बारह सुलेमान के बनिहारों की गिनती तेरह-अट्ठारह। और सूर के राजा हैराम ने सुलेमान के पास अपने सेवकों को भेजा क्योंकि उसने सुना था कि उन्होंने उसके पिता की संती उसे राज्याभिषेक किया क्योंकि हैराम दाऊद से सदा प्रीति रखता था । और सुलेमान ने हैराम को कहला भेजा । कि तू जानता है कि उन लड़ाइयों के कारण, जो उसके ग्रास पास चौदिशा थीं मेरा पिता दाऊद परमेश्वर अपने ईश्वर के नाम के
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आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। द्वितीया तिथि आज रात 8 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। उसके बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। आज देर रात 1 बजकर 45 मिनट तक शुभ योग रहेगा। जानिए आज का शुभ मुहूर्त।
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आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। द्वितीया तिथि आज रात आठ बजकर पैंतालीस मिनट तक रहेगी। उसके बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। आज देर रात एक बजकर पैंतालीस मिनट तक शुभ योग रहेगा। जानिए आज का शुभ मुहूर्त।
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उत्तर भारत में एक बार फिर से भीषण गर्मी का दौर लौट आया है। बीते महीने कई दिनों तक हुई झमाझम बारिश की वजह से। दर्ज की गई थी। मगर अब फिर से कई राज्यों में हीटवेव की स्थिति बनने लगी है। हालांकि साउथ के राज्यों में अब भी बारिश जारी है। केरल, कर्नाटक समेत कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम विभाग के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले पांच दिनों तक हीटवेव की चेतावनी है। 5 जून को साउथ ईस्ट अरेबियन सी के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने वाला है। इसकी वजह से उस इलाके में अगले 48 घंटे तक लो प्रेशर एरिया बनेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान में अगले तीन दिनों तक आंधी तूफान आएगा। केरल, लक्ष्यद्वीप, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा आंधी तूफान, बिजली कड़कने की गतिविधियां और तेज हवाएं चलेंगी।
केरल में 5 जून को और अंडमान और निकोबार में 3 से 6 जून के बीच भारी बारिश होगी। बीते दिन के मौसम की बात करें तो पूर्वी भारत और उसके आसपास पूर्वी एमपी, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलांगना, आंध्र प्रदेश में अधिकतम टेम्परेचर 40 से 46 डिग्री के बीच रहा। इसके साथ साथ देश के अन्य हिस्सों में अधिकतम टेम्परेचर 40 डिग्री से कम दर्ज किया गया। बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में हीट वेव की स्थिति देखी गई।
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में ज्यादतर टेम्परेचर 4 से 6 डिग्री। और अगले 24 घंटों के दौरान मध्य भारत में दो तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मराठवाड़ा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और अरुणाचल प्रदेश में अलग अलग जगहों पर आने वाले वक्त में वर्षा हो सकती है।
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उत्तर भारत में एक बार फिर से भीषण गर्मी का दौर लौट आया है। बीते महीने कई दिनों तक हुई झमाझम बारिश की वजह से। दर्ज की गई थी। मगर अब फिर से कई राज्यों में हीटवेव की स्थिति बनने लगी है। हालांकि साउथ के राज्यों में अब भी बारिश जारी है। केरल, कर्नाटक समेत कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले पांच दिनों तक हीटवेव की चेतावनी है। पाँच जून को साउथ ईस्ट अरेबियन सी के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने वाला है। इसकी वजह से उस इलाके में अगले अड़तालीस घंटाटे तक लो प्रेशर एरिया बनेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान में अगले तीन दिनों तक आंधी तूफान आएगा। केरल, लक्ष्यद्वीप, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा आंधी तूफान, बिजली कड़कने की गतिविधियां और तेज हवाएं चलेंगी। केरल में पाँच जून को और अंडमान और निकोबार में तीन से छः जून के बीच भारी बारिश होगी। बीते दिन के मौसम की बात करें तो पूर्वी भारत और उसके आसपास पूर्वी एमपी, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलांगना, आंध्र प्रदेश में अधिकतम टेम्परेचर चालीस से छियालीस डिग्री के बीच रहा। इसके साथ साथ देश के अन्य हिस्सों में अधिकतम टेम्परेचर चालीस डिग्री से कम दर्ज किया गया। बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में हीट वेव की स्थिति देखी गई। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में ज्यादतर टेम्परेचर चार से छः डिग्री। और अगले चौबीस घंटाटों के दौरान मध्य भारत में दो तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मराठवाड़ा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और अरुणाचल प्रदेश में अलग अलग जगहों पर आने वाले वक्त में वर्षा हो सकती है।
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मुंबई। टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा यूं तो शोएब मलिक के साथ निकाह कर चुकी हैं लेकिन शादी से पहले उनका दिल बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर के लिए धड़कता था। इतना ही नहीं सानिया ने तो रणबीर के साथ शादी के ख्वाब तक बुन लिए थे। सानिया ने इस बात का खुलासा खुद करण के शो काफी विद करण में किया है। इस शो सानिया की दोस्त फरहा खान भी मौजूद थी।
शो के दौरान दोनों ने एक दूसरे की पोल खोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। शो मेें जब करण जौहर ने सानिया से पूछा कि अगर उन्हें कभी फिल्मों में काम करने को कहा जाए तो वह सबसे पहले किस स्टार के साथ काम करना चाहेंगी? इस पर सानिया का जवाब था सलमान खान। इसके बाद जब करण जौहर ने पूछा कि वे किस बॉलीवुड स्टार के साथ डेट पर जाना चाहेंगी तो सानिया ने जवाब दिया कि वह रणबीर कपूर के साथ डेट पर जाना चाहेंगी।
सानिया ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। सानिया से पूछा गया कि अगर उनकी शादी शोएब से नहीं हुई होती वे किस स्टार को अपने पति के रूप में चुनती। इस पर सानिया ने कहा कि वह रणबीर कपूर से शादी करती। सानिया ने यह खुलासा भी किया कि रणबीर उसके क्रश रह चुके हैं।
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मुंबई। टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा यूं तो शोएब मलिक के साथ निकाह कर चुकी हैं लेकिन शादी से पहले उनका दिल बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर के लिए धड़कता था। इतना ही नहीं सानिया ने तो रणबीर के साथ शादी के ख्वाब तक बुन लिए थे। सानिया ने इस बात का खुलासा खुद करण के शो काफी विद करण में किया है। इस शो सानिया की दोस्त फरहा खान भी मौजूद थी। शो के दौरान दोनों ने एक दूसरे की पोल खोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। शो मेें जब करण जौहर ने सानिया से पूछा कि अगर उन्हें कभी फिल्मों में काम करने को कहा जाए तो वह सबसे पहले किस स्टार के साथ काम करना चाहेंगी? इस पर सानिया का जवाब था सलमान खान। इसके बाद जब करण जौहर ने पूछा कि वे किस बॉलीवुड स्टार के साथ डेट पर जाना चाहेंगी तो सानिया ने जवाब दिया कि वह रणबीर कपूर के साथ डेट पर जाना चाहेंगी। सानिया ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। सानिया से पूछा गया कि अगर उनकी शादी शोएब से नहीं हुई होती वे किस स्टार को अपने पति के रूप में चुनती। इस पर सानिया ने कहा कि वह रणबीर कपूर से शादी करती। सानिया ने यह खुलासा भी किया कि रणबीर उसके क्रश रह चुके हैं।
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डबल एक्सएल समाज में चल रही बॉडी शेमिंग जैसी घटिया चीजों को बहुत मजाकियां तरीके से लोगों के सामने लाने का इरादा रखती है. यह फिल्म 2022 की गर्मियों में रिलीज होने के लिए तैयार है.
सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) और हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) स्टारर बहु-प्रतिक्षित फिल्म 'डबल एक्सएल' (Double XL) की घोषणा जबसे हुई है, तबसे दोनों अभिनेत्रियों के फैंस ये जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिए कि आखिर फिल्म का ये अजीबो-गरीब नाम क्यों रखा गया है. चूंकि फिल्म का एक टीजर आज रिलीज कर दिया गया है, तो दर्शकों की /ये उत्सुकता भी कम हो गई है. सोनाक्षी और हुमा के फैंस जिसका इंतजार कर रहे थे, वो अब खत्म हो चुका है. हुमा और सोनाक्षी की इस फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और और जारी किए गए टीजर को देखने के बाद दोनों अभिनेत्रियों के फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं है.
इस स्लाइस ऑफ लाईफ सोशल कॉमेडी फिल्म को सतराम रमानी ने डायरेक्ट किया है. यह फिल्म समाज में लंबे समय से चल रहे बॉडी वेट स्टीरियोटाइप पर सवाल उठाती है, जिसे बहुत ही ह्यूमरस अंदाज में दर्शाया गया है. इस फिल्म की शूटिंग लंदन और न्यू दिल्ली में बड़े पैमाने पर पूरी कर ली गई है. डबल एक्सएल की कहानी दो प्लस साइज महिला के ईर्द-गिर्द घूमती है. इनमें से एक उत्तर प्रदेश से है, तो दूसरी नई दिल्ली की चकाचौंध और ग्लैमरस दुनिया से है. वे एक ऐसे समाज से जूझ रही हैं, जहां एक महिला की खूबसूरती और आकर्षण उसके साइज पर निर्भर करती है.
इस फिल्म का जो टीजर सामने आया है, वो काफी दिलचस्प दिख रहा है. इसे देखकर लग रहा है कि हुमा और सोनाक्षी अपनी रियल लाइफ को इस फिल्म के जरिए दिखाने की कोशिश कर रही हैं. जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि सोनाक्षी और हुमा दोनों ने ही फिल्मों में आने से पहले अपना काफी हद तक वजन कम किया था.
मुदस्सर अजीज द्वारा कल्पना की गई इस फिल्म में उन्होंने खुद अपने सभी लेखन विभागों को लीड किया है. सोनाक्षी और हुमा, जो अक्सर अपने-अपने 'साइज़' के लिए ट्रोल्स का शिकार होती रही हैं, जाहिर तौर पर वे इस फिल्म के लिए पहली और सबसे सही पसंद थीं. डबल एक्सएल में जहीर इकबाल (जो आखिरी बार नोटबुक में देखे गए थे) वो भी हैं और तमिल सिनेमा की युवा सनसनी महत राघवेंद्र इस फिल्म से हिंदी सिनेमा में कदम रख रहे हैं.
डबल एक्सएल समाज में चल रहे बॉडी शेमिंग जैसी घटिया चीजों को बहुत मजाकियां तरीके से लोगों के सामने लाने का इरादा रखती है. यह फिल्म 2022 की गर्मियों में रिलीज होने के लिए तैयार है. गुलशन कुमार, टी-सीरीज, वाकाओ फिल्म्स के इस प्रोजेक्ट को मुदस्सर अजीज और टी-सीरीज फिल्म्स के सहयोग से प्रस्तुत किया जायेगा. इस फिल्म के निर्माता हैं- भूषण कुमार और कृष्ण कुमार, विपुल डी शाह, राजेश बहल और अश्विन वर्दे, साकिब सलीम, हुमा कुरैशी और मुदस्सर अजीज. आपको बता दें कि ये हुमा कुरैशी के प्रोडक्शन हाउस के तले बनने वाली पहली फिल्म है.
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डबल एक्सएल समाज में चल रही बॉडी शेमिंग जैसी घटिया चीजों को बहुत मजाकियां तरीके से लोगों के सामने लाने का इरादा रखती है. यह फिल्म दो हज़ार बाईस की गर्मियों में रिलीज होने के लिए तैयार है. सोनाक्षी सिन्हा और हुमा कुरैशी स्टारर बहु-प्रतिक्षित फिल्म 'डबल एक्सएल' की घोषणा जबसे हुई है, तबसे दोनों अभिनेत्रियों के फैंस ये जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिए कि आखिर फिल्म का ये अजीबो-गरीब नाम क्यों रखा गया है. चूंकि फिल्म का एक टीजर आज रिलीज कर दिया गया है, तो दर्शकों की /ये उत्सुकता भी कम हो गई है. सोनाक्षी और हुमा के फैंस जिसका इंतजार कर रहे थे, वो अब खत्म हो चुका है. हुमा और सोनाक्षी की इस फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और और जारी किए गए टीजर को देखने के बाद दोनों अभिनेत्रियों के फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं है. इस स्लाइस ऑफ लाईफ सोशल कॉमेडी फिल्म को सतराम रमानी ने डायरेक्ट किया है. यह फिल्म समाज में लंबे समय से चल रहे बॉडी वेट स्टीरियोटाइप पर सवाल उठाती है, जिसे बहुत ही ह्यूमरस अंदाज में दर्शाया गया है. इस फिल्म की शूटिंग लंदन और न्यू दिल्ली में बड़े पैमाने पर पूरी कर ली गई है. डबल एक्सएल की कहानी दो प्लस साइज महिला के ईर्द-गिर्द घूमती है. इनमें से एक उत्तर प्रदेश से है, तो दूसरी नई दिल्ली की चकाचौंध और ग्लैमरस दुनिया से है. वे एक ऐसे समाज से जूझ रही हैं, जहां एक महिला की खूबसूरती और आकर्षण उसके साइज पर निर्भर करती है. इस फिल्म का जो टीजर सामने आया है, वो काफी दिलचस्प दिख रहा है. इसे देखकर लग रहा है कि हुमा और सोनाक्षी अपनी रियल लाइफ को इस फिल्म के जरिए दिखाने की कोशिश कर रही हैं. जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि सोनाक्षी और हुमा दोनों ने ही फिल्मों में आने से पहले अपना काफी हद तक वजन कम किया था. मुदस्सर अजीज द्वारा कल्पना की गई इस फिल्म में उन्होंने खुद अपने सभी लेखन विभागों को लीड किया है. सोनाक्षी और हुमा, जो अक्सर अपने-अपने 'साइज़' के लिए ट्रोल्स का शिकार होती रही हैं, जाहिर तौर पर वे इस फिल्म के लिए पहली और सबसे सही पसंद थीं. डबल एक्सएल में जहीर इकबाल वो भी हैं और तमिल सिनेमा की युवा सनसनी महत राघवेंद्र इस फिल्म से हिंदी सिनेमा में कदम रख रहे हैं. डबल एक्सएल समाज में चल रहे बॉडी शेमिंग जैसी घटिया चीजों को बहुत मजाकियां तरीके से लोगों के सामने लाने का इरादा रखती है. यह फिल्म दो हज़ार बाईस की गर्मियों में रिलीज होने के लिए तैयार है. गुलशन कुमार, टी-सीरीज, वाकाओ फिल्म्स के इस प्रोजेक्ट को मुदस्सर अजीज और टी-सीरीज फिल्म्स के सहयोग से प्रस्तुत किया जायेगा. इस फिल्म के निर्माता हैं- भूषण कुमार और कृष्ण कुमार, विपुल डी शाह, राजेश बहल और अश्विन वर्दे, साकिब सलीम, हुमा कुरैशी और मुदस्सर अजीज. आपको बता दें कि ये हुमा कुरैशी के प्रोडक्शन हाउस के तले बनने वाली पहली फिल्म है.
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ग्रहों की स्थिति 17 नवंबर-राहु वृषभ राशि में हैं। शुक्र स्वग्रही हो चुके हैं। यह जनमानस के लिए अच्छा, वृषभ और तुला लग्न के लिए बहुत अच्छा है। सूर्य, नीचत्व से निकलकर अपनी मित्रक्षेत्री राशि में जा चुके हैं। यह भी बहुत अच्छी बात है। चंद्रमा और केतु वहां पर हैं। गुरु, धनु राशि में हैं। शनि मकर राशि में हैं। मंगल मीन राशि में हैं। अच्छी स्थिति कही जाएगी।
मेष- चोट लग सकती है। किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। अष्टम में सूर्य और चंद्रमा हैं। यह मन और तन, प्रेम और संतान के लिए सही नहीं है। थोड़ा बचकर पार करें। व्यवसायिक स्थिति आपकी सही चल रही है। सूर्यदेव को जल दें। अच्छा रहेगा।
वृषभ- जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नौकरी-चाकरी, व्यवसाय के लिए अच्छा समय है। स्वास्थ्य में सुधार, प्रेम की स्थिति भी अच्छी दिखाई पड़ रही है। ताम्रपात्र का दान करें।
मिथुन- विरोधियों की एक नहीं चल पाएगी। शासन सत्ता पक्ष का सहयोग होगा। कोर्ट-कचहरी में विजय मिल सकती है। स्वास्थ्य, प्रेम अच्छा, व्यापार सही चल रहा है। तांबे की बनी कोई भी वस्तु दान करें।
कर्क- स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम और व्यापार की स्थिति सही होती जा रही है। मन-मस्तिष्क साथ देगा। बस स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। भगवान शिव को जल अर्पित करें। अच्छा होगा।
सिंह- स्वास्थ्य में सुधार सम्भव है। प्रेम की स्थिति अच्छी है। व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी आप सही चल रहे हैं। एक अच्छी स्थिति दिख रही है। पराक्रम आपका व्यवसायिक दृष्टिकोण से बड़ा अच्छा साबित होगा। सूर्यदेव को जल देते रहें। पीली वस्तु पास रखें।
कन्या- घरेलू चीजों को कूल होकर निपटाएं। बाकी स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार सब अच्छा चल रहा है। रक्तचाप और मां के स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान दें। बाकी सब ठीक है। तांबे की वस्तु कोई भी वस्तु दान करें। भगवान शिव की अराधना करें।
तुला- अब स्थिति थोड़ी सी सही कही जाएगी। स्वास्थ्य,प्रेम और व्यापार के मामले में। वाणी पर नियंत्रण रखते हुए कड़ी भाषा के प्रयोग से आपको बचना चाहिए। कम बोलिए। निवेश अभी मत करिए। शनिदेव की अराधना करते रहें।
वृश्चिक- कोर्ट-कचहरी में विजय पाएंगे। स्वास्थ्य में सुधार है। नौकरी-चाकरी, सरकारी तंत्र से काम सारी चीजें ठीक हैं। प्रेम,व्यापार, स्वास्थ्य सब कुछ अच्छा दिख रहा है। सूर्यदेव को जल देते रहें।
धनु- चिंताकारी सृष्टि का सृजन हो रहा है। सिरदर्द और खर्च से परेशान रहेंगे। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार सब अच्छा है लेकिन थोड़ी सी परेशानी मानसिक, आर्थिक रूप से रहेगी लेकिन वो ठीक हो जाएगी। हनुमान चालीसा का पाठ करते रहें।
मकर- आर्थिक मामले सुलझेंगे। अच्छी स्थिति दिखाई दे रही है। बस मन को थोड़ा ठीक रखें। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार सब ठीक दिख रहा है। लाल वस्तु का दान रखें।
कुंभ- शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग होगा। उच्चाधिकारी प्रसन्न होंगे। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार अच्छा है। सूर्यदेव को जल दें।
मीन- भाग्यवश कुछ काम बनेगा। अच्छी स्थिति की ओर जा रहे हैं आप। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार अच्छा है। बजरंग बली की अराधना करते रहें।
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ग्रहों की स्थिति सत्रह नवंबर-राहु वृषभ राशि में हैं। शुक्र स्वग्रही हो चुके हैं। यह जनमानस के लिए अच्छा, वृषभ और तुला लग्न के लिए बहुत अच्छा है। सूर्य, नीचत्व से निकलकर अपनी मित्रक्षेत्री राशि में जा चुके हैं। यह भी बहुत अच्छी बात है। चंद्रमा और केतु वहां पर हैं। गुरु, धनु राशि में हैं। शनि मकर राशि में हैं। मंगल मीन राशि में हैं। अच्छी स्थिति कही जाएगी। मेष- चोट लग सकती है। किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। अष्टम में सूर्य और चंद्रमा हैं। यह मन और तन, प्रेम और संतान के लिए सही नहीं है। थोड़ा बचकर पार करें। व्यवसायिक स्थिति आपकी सही चल रही है। सूर्यदेव को जल दें। अच्छा रहेगा। वृषभ- जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नौकरी-चाकरी, व्यवसाय के लिए अच्छा समय है। स्वास्थ्य में सुधार, प्रेम की स्थिति भी अच्छी दिखाई पड़ रही है। ताम्रपात्र का दान करें। मिथुन- विरोधियों की एक नहीं चल पाएगी। शासन सत्ता पक्ष का सहयोग होगा। कोर्ट-कचहरी में विजय मिल सकती है। स्वास्थ्य, प्रेम अच्छा, व्यापार सही चल रहा है। तांबे की बनी कोई भी वस्तु दान करें। कर्क- स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम और व्यापार की स्थिति सही होती जा रही है। मन-मस्तिष्क साथ देगा। बस स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। भगवान शिव को जल अर्पित करें। अच्छा होगा। सिंह- स्वास्थ्य में सुधार सम्भव है। प्रेम की स्थिति अच्छी है। व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी आप सही चल रहे हैं। एक अच्छी स्थिति दिख रही है। पराक्रम आपका व्यवसायिक दृष्टिकोण से बड़ा अच्छा साबित होगा। सूर्यदेव को जल देते रहें। पीली वस्तु पास रखें। कन्या- घरेलू चीजों को कूल होकर निपटाएं। बाकी स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार सब अच्छा चल रहा है। रक्तचाप और मां के स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान दें। बाकी सब ठीक है। तांबे की वस्तु कोई भी वस्तु दान करें। भगवान शिव की अराधना करें। तुला- अब स्थिति थोड़ी सी सही कही जाएगी। स्वास्थ्य,प्रेम और व्यापार के मामले में। वाणी पर नियंत्रण रखते हुए कड़ी भाषा के प्रयोग से आपको बचना चाहिए। कम बोलिए। निवेश अभी मत करिए। शनिदेव की अराधना करते रहें। वृश्चिक- कोर्ट-कचहरी में विजय पाएंगे। स्वास्थ्य में सुधार है। नौकरी-चाकरी, सरकारी तंत्र से काम सारी चीजें ठीक हैं। प्रेम,व्यापार, स्वास्थ्य सब कुछ अच्छा दिख रहा है। सूर्यदेव को जल देते रहें। धनु- चिंताकारी सृष्टि का सृजन हो रहा है। सिरदर्द और खर्च से परेशान रहेंगे। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार सब अच्छा है लेकिन थोड़ी सी परेशानी मानसिक, आर्थिक रूप से रहेगी लेकिन वो ठीक हो जाएगी। हनुमान चालीसा का पाठ करते रहें। मकर- आर्थिक मामले सुलझेंगे। अच्छी स्थिति दिखाई दे रही है। बस मन को थोड़ा ठीक रखें। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार सब ठीक दिख रहा है। लाल वस्तु का दान रखें। कुंभ- शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग होगा। उच्चाधिकारी प्रसन्न होंगे। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार अच्छा है। सूर्यदेव को जल दें। मीन- भाग्यवश कुछ काम बनेगा। अच्छी स्थिति की ओर जा रहे हैं आप। स्वास्थ्य,प्रेम,व्यापार अच्छा है। बजरंग बली की अराधना करते रहें।
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IPL 2022 के 12वें मुकाबले में आवेश खान की घातक गेंदबाजी से Lucknow Super Giants ने Sunrisers Hyderabad को 12 रन से हराकर इस सीजन की दूसरी जीत हासिल की। वहीं अगर बात करें पर्पल कप की तो यह टूर्नामेंट के अंत में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को मिलेगा। हर मैच के साथ यह रेस रोमांचक होते जा रहा है। आवेश खान को 4 विकेट चटकाने के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
IPL 2022 के 12वें मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Sunrisers Hyderabad को हराकर जीत हासिल कर लिया। लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले खेलते हुए 7 विकेट के 169 रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने 9 विकेट खोकर 157 रन ही बना सकी। सनराइजर्स हैदराबाद की लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।
IPL 2022 का 12वां मुकाबला Sunrisers Hyderabad और Lucknow Super Giants खेला जा रहा है। दोनों के बीच यह मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई स्टेडियम में शाम 7. 30 बजे से शुरू होगा। हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हैदराबाद की टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वहीं लखनऊ ने चमीरा की जगह होल्डर को प्लेइंग इलेवन में जगह दी है।
IPL 2022 की आगाज हो चुकी है, ऐसे में अभी तक बीसीसीआई ने इस बात का ऐलान अभी तक नहीं किया है कि आईपीएल 2022 के प्लेऑफ और फाइनल मैच कहां खेला जाएगा। हालांकि रिपोर्ट्स में इस बात की पुष्टि की जा रही है कि भारत के दो बड़े स्टेडियम बीसीसीआई की रडार पर हैं, जहां आईपीएल 2022 के तीन प्लेऑफ और एक फाइनल मैच आयोजित किया जा सकता है।
IPL 2022 का 12वां मुकाबला Sunrisers Hyderabad और Lucknow Super Giants खेला जाएगा। दोनों के बीच यह मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई स्टेडियम में शाम 7. 30 बजे से खेला जाएगा। हैदराबाद को इस सीजन में पहली जीत की तलाश होगी। वहीं लखनऊ की टीम दो मुकाबले खेले है, जिसमें एक में जीत और एक मे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद को अपने पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 61 रन से हार झेलनी पड़ी थी।
IPL 2022 के 11वें मुकाबले में Punjab Kings ने Chennai Super Kings को 54 रनों से हराकर जीत की पटरी पर लौट गई। चेन्नई सुपर किंग्स की इस सीजन लगातार तीसरे हार है। इससे पहले चेन्नई ने लगातार तीन मुकाबले कभी नहीं गंवाए थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 8 विकेट खोकर 180 रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स 126 रन ही बना सकी।
IPL 2022 के लिए Royal Challengers Bangalore ने अपने टीम में Rajat Patidar को शामिल किया। रजत पाटीदार को चोटिल लवनीथ सिसोदिया के रिप्लेसमेंट के रूप में साइन किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि टीम ने टाटा इंडियन प्रीमियर लीग 2022 के बचे हुए मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया।
IPL 2022 का 11वां मुकाबला Chennai Super Kings और Punjab Kings के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला ब्रेबोर्न स्टेडियम में शाम को 7. 30 बजे से खेला जाएगा। चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है। तुशार देशपांडे की जगह क्रिस जॉर्डन की प्लेइंग इलेवन में एंट्री हुई है, वहीं पंजाब ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। पंजाब के लिए जितेश वर्मा और वैभव अरोड़ा डेब्यू करेंगे।
IPL 2022 का 11वां मुकाबला में MS Dhoni एक और उपलब्धि हासिल करेंगे। आज चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले जाने वाले मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी के निशाने पर एक और रिकॉर्ड होगा। धोनी आज अपना टी20 क्रिकेट में 350वां मैच खेलेंगे। वह ऐसा करने वाले महज दूसरे भारतीय खिलाड़ी बनेंगे। अभी तक रोहित शर्मा ही ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने 350 से अधिक टी20 मैच खेले हैं। रोहित ने अब तक 372 मैच खेल चुके है और वो इस सूची में टॉप पर हैं।
IPL 2022 का आगाज हो चुका है। इस बार बीसीसीआई ने शुरू में 25 प्रतिशत दर्शकों को स्टेडियम में मैच देखने की अनुमति दी थी। लेकिन अब क्रिकेट फैंस के बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। बीसीसीआई अगले सप्ताह से महाराष्ट्र के चार स्टेडियमों में 50 प्रतिशत दर्शकों की अनुमति दे सकता है। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने शुरू में सभी चार जगहों पर 25 प्रतिशत दर्शकों को मैच देखने की अनुमति दी थी। यह टूर्नामेंट मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम, बेबोर्न स्टेडियम, नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम और पुणे में महाराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेला जा रहा है।
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IPL दो हज़ार बाईस के बारहवें मुकाबले में आवेश खान की घातक गेंदबाजी से Lucknow Super Giants ने Sunrisers Hyderabad को बारह रन से हराकर इस सीजन की दूसरी जीत हासिल की। वहीं अगर बात करें पर्पल कप की तो यह टूर्नामेंट के अंत में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को मिलेगा। हर मैच के साथ यह रेस रोमांचक होते जा रहा है। आवेश खान को चार विकेट चटकाने के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। IPL दो हज़ार बाईस के बारहवें मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Sunrisers Hyderabad को हराकर जीत हासिल कर लिया। लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले खेलते हुए सात विकेट के एक सौ उनहत्तर रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने नौ विकेट खोकर एक सौ सत्तावन रन ही बना सकी। सनराइजर्स हैदराबाद की लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। IPL दो हज़ार बाईस का बारहवां मुकाबला Sunrisers Hyderabad और Lucknow Super Giants खेला जा रहा है। दोनों के बीच यह मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई स्टेडियम में शाम सात. तीस बजे से शुरू होगा। हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हैदराबाद की टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वहीं लखनऊ ने चमीरा की जगह होल्डर को प्लेइंग इलेवन में जगह दी है। IPL दो हज़ार बाईस की आगाज हो चुकी है, ऐसे में अभी तक बीसीसीआई ने इस बात का ऐलान अभी तक नहीं किया है कि आईपीएल दो हज़ार बाईस के प्लेऑफ और फाइनल मैच कहां खेला जाएगा। हालांकि रिपोर्ट्स में इस बात की पुष्टि की जा रही है कि भारत के दो बड़े स्टेडियम बीसीसीआई की रडार पर हैं, जहां आईपीएल दो हज़ार बाईस के तीन प्लेऑफ और एक फाइनल मैच आयोजित किया जा सकता है। IPL दो हज़ार बाईस का बारहवां मुकाबला Sunrisers Hyderabad और Lucknow Super Giants खेला जाएगा। दोनों के बीच यह मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई स्टेडियम में शाम सात. तीस बजे से खेला जाएगा। हैदराबाद को इस सीजन में पहली जीत की तलाश होगी। वहीं लखनऊ की टीम दो मुकाबले खेले है, जिसमें एक में जीत और एक मे हार का सामना करना पड़ा है। हैदराबाद को अपने पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इकसठ रन से हार झेलनी पड़ी थी। IPL दो हज़ार बाईस के ग्यारहवें मुकाबले में Punjab Kings ने Chennai Super Kings को चौवन रनों से हराकर जीत की पटरी पर लौट गई। चेन्नई सुपर किंग्स की इस सीजन लगातार तीसरे हार है। इससे पहले चेन्नई ने लगातार तीन मुकाबले कभी नहीं गंवाए थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने आठ विकेट खोकर एक सौ अस्सी रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स एक सौ छब्बीस रन ही बना सकी। IPL दो हज़ार बाईस के लिए Royal Challengers Bangalore ने अपने टीम में Rajat Patidar को शामिल किया। रजत पाटीदार को चोटिल लवनीथ सिसोदिया के रिप्लेसमेंट के रूप में साइन किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि टीम ने टाटा इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार बाईस के बचे हुए मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया। IPL दो हज़ार बाईस का ग्यारहवां मुकाबला Chennai Super Kings और Punjab Kings के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला ब्रेबोर्न स्टेडियम में शाम को सात. तीस बजे से खेला जाएगा। चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है। तुशार देशपांडे की जगह क्रिस जॉर्डन की प्लेइंग इलेवन में एंट्री हुई है, वहीं पंजाब ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। पंजाब के लिए जितेश वर्मा और वैभव अरोड़ा डेब्यू करेंगे। IPL दो हज़ार बाईस का ग्यारहवां मुकाबला में MS Dhoni एक और उपलब्धि हासिल करेंगे। आज चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले जाने वाले मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी के निशाने पर एक और रिकॉर्ड होगा। धोनी आज अपना टीबीस क्रिकेट में तीन सौ पचासवां मैच खेलेंगे। वह ऐसा करने वाले महज दूसरे भारतीय खिलाड़ी बनेंगे। अभी तक रोहित शर्मा ही ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने तीन सौ पचास से अधिक टीबीस मैच खेले हैं। रोहित ने अब तक तीन सौ बहत्तर मैच खेल चुके है और वो इस सूची में टॉप पर हैं। IPL दो हज़ार बाईस का आगाज हो चुका है। इस बार बीसीसीआई ने शुरू में पच्चीस प्रतिशत दर्शकों को स्टेडियम में मैच देखने की अनुमति दी थी। लेकिन अब क्रिकेट फैंस के बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। बीसीसीआई अगले सप्ताह से महाराष्ट्र के चार स्टेडियमों में पचास प्रतिशत दर्शकों की अनुमति दे सकता है। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने शुरू में सभी चार जगहों पर पच्चीस प्रतिशत दर्शकों को मैच देखने की अनुमति दी थी। यह टूर्नामेंट मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम, बेबोर्न स्टेडियम, नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम और पुणे में महाराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेला जा रहा है।
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मंदसौर की वायड़ी नगर थाना पुलिस ने अंतर्राजीय तस्कर के कब्जे से 15 लाख रुपए की 150 ग्राम अवैध मादक पदार्थ को बरामद किया है। आरोपी काे 3 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है। आरोपी अवैध मादक पदार्थ कहां से लाया था और किसे देने जा रहा था, पुलिस पूछताछ कर रही है।
थाना वायडी नगर उप निरीक्षक गौरव लाड़ ने बताया कि पुलिस को थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ के तस्करी की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर शहर के एमआईटी चौराहा के निकट घेराबंदी करते हुए बाइक आरजे 35 एसएन 2346 को रोककर तलाशी लेने के दौरान बाइक सवार आरोपी इमरान खान पिता बबलू खान पठान निवासी गोरधनपुरा थाना हतुनिया जिला प्रतापगढ़ राजस्थान के कब्जे से 150 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक जब्त किया। मादक पदार्थ की कीमत 15 लाख रुपए बताई जा रही है।
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मंदसौर की वायड़ी नगर थाना पुलिस ने अंतर्राजीय तस्कर के कब्जे से पंद्रह लाख रुपए की एक सौ पचास ग्राम अवैध मादक पदार्थ को बरामद किया है। आरोपी काे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है। आरोपी अवैध मादक पदार्थ कहां से लाया था और किसे देने जा रहा था, पुलिस पूछताछ कर रही है। थाना वायडी नगर उप निरीक्षक गौरव लाड़ ने बताया कि पुलिस को थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ के तस्करी की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर शहर के एमआईटी चौराहा के निकट घेराबंदी करते हुए बाइक आरजे पैंतीस एसएन दो हज़ार तीन सौ छियालीस को रोककर तलाशी लेने के दौरान बाइक सवार आरोपी इमरान खान पिता बबलू खान पठान निवासी गोरधनपुरा थाना हतुनिया जिला प्रतापगढ़ राजस्थान के कब्जे से एक सौ पचास ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक जब्त किया। मादक पदार्थ की कीमत पंद्रह लाख रुपए बताई जा रही है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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सीटों पर जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इस बार तेजस्वी यादव ने रैलियों के मामले में अपने पिता लालू प्रसाद यादव का भी रेकॉर्ड तोड़ दिया है। उनकी रैलियों में भारी जनसमूह भी देखने को मिल रहा है। तेजस्वी ने बताया कि लंबे समय से बिहार के लोगों से किसी ने बात नहीं की। इसलिए उन्होंने प्रेस कॉनफ्रेंस मॉडल को छोड़कर मन की बात मॉडल को चुना। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बहुत कुछ कहना चाहते थे लेकिन उनकी बात को सुनने वाला कोई नहीं था।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर तेजस्वी ने कहा, 'अगर वह हमपर हमला करना चाहते हैं तो स्वागत है। लेकिन उनका भाषण लिखने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि उसमें ऐसे शब्द न डालें जो उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करते हों। वे ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं जो कि जिम्मेदार शख्स की नहीं लगती है। दरअसल जब रिपोर्ट कार्ड पर उन्हें वोट नहीं मिल रहे हैं तो उन्होंने हमें दोष देना शुरू कर दिया। ' उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने अभी नीतीश को सीएम कैंडिडेट बनाया ही नहीं है। उन्होंने आगे जरूरत पड़ने पर गठबंधन के सवाल पर कहा, मुझे इसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
तेजस्वी ने कहा, चुनाव जाति-पांत और धर्म से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर हो रहा है। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्ट ने हमेशा सामाजिक न्याय दिलाया है। इस बार हम आर्थिक न्याय भी दिलाएंगे। हमारा टिकट का बंटवारा देखकर आप जान सकते हैं कि किसी भी वर्ग को अनदेखा नहीं किया गया है। ' यादव और मुस्लिम वोट कटने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा, 'मुझे अपने युवा भाई बहनों पर पूरा भरोसा है। वे विकास को पसंद करते हैं। ' तेजस्वी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने अब तक नीतीश कुमार को सीएम कैंडिडेट बनाया ही नहीं है।
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सीटों पर जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इस बार तेजस्वी यादव ने रैलियों के मामले में अपने पिता लालू प्रसाद यादव का भी रेकॉर्ड तोड़ दिया है। उनकी रैलियों में भारी जनसमूह भी देखने को मिल रहा है। तेजस्वी ने बताया कि लंबे समय से बिहार के लोगों से किसी ने बात नहीं की। इसलिए उन्होंने प्रेस कॉनफ्रेंस मॉडल को छोड़कर मन की बात मॉडल को चुना। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बहुत कुछ कहना चाहते थे लेकिन उनकी बात को सुनने वाला कोई नहीं था। प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर तेजस्वी ने कहा, 'अगर वह हमपर हमला करना चाहते हैं तो स्वागत है। लेकिन उनका भाषण लिखने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि उसमें ऐसे शब्द न डालें जो उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करते हों। वे ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं जो कि जिम्मेदार शख्स की नहीं लगती है। दरअसल जब रिपोर्ट कार्ड पर उन्हें वोट नहीं मिल रहे हैं तो उन्होंने हमें दोष देना शुरू कर दिया। ' उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने अभी नीतीश को सीएम कैंडिडेट बनाया ही नहीं है। उन्होंने आगे जरूरत पड़ने पर गठबंधन के सवाल पर कहा, मुझे इसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी। तेजस्वी ने कहा, चुनाव जाति-पांत और धर्म से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर हो रहा है। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्ट ने हमेशा सामाजिक न्याय दिलाया है। इस बार हम आर्थिक न्याय भी दिलाएंगे। हमारा टिकट का बंटवारा देखकर आप जान सकते हैं कि किसी भी वर्ग को अनदेखा नहीं किया गया है। ' यादव और मुस्लिम वोट कटने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा, 'मुझे अपने युवा भाई बहनों पर पूरा भरोसा है। वे विकास को पसंद करते हैं। ' तेजस्वी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने अब तक नीतीश कुमार को सीएम कैंडिडेट बनाया ही नहीं है।
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सबगुरु न्यूज़ उदयपुर। सुबह और दोपहर के वक्त जब आप किसी स्कूल के आसपास होंगे तो टेम्पो-वैन में भरे बच्चों को देख आपको अपने बच्चे की भी चिंता जरूर सताएगी कि वो भी ऐसे ही आ रहा होगा। लेकिन, आप यह सोचकर सिर झटक कर बुरा ख्याल मन से निकालने का प्रयास करते हैं कि इस समस्या का निजात ढूंढऩे निकले तो परेशानी हमारी ही बढ़ जाएगी। ऑटो वाला चार बच्चों को ले जाएगा तो किराया दुगुना मांगेगा, अगर मना कर दिया तो बच्चे को हमें ही छोडऩे-लेने जाना पड़ेगा, इससे हमारी दिनचर्या प्रभावित हो जाएगी, वगैरह-वगैरह। लेकिन, प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं देता। चार नहीं तो छह सही, लेकिन कम से कम बच्चों की टांगें और बैग तो बाहर नहीं लटकें। टेम्पो के पीछे की ओर बिठाना कहां तक उचित है।
इसी चिंता को लेकर शिव सेना ने जागरूकता अभियान की घोषणा की है। शिव सेना के उपसंभाग प्रमुख गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि 10 सीटर वैनों में डिक्की तक में बच्चे ठंूसे जा रहे हैं। स्कूल इसे अभिभावकों और वैन वाले के बीच का मामला कहकर जिम्मेदारी नहीं लेते। उनका सवाल है कि चौराहों पर खड़े सिपाहियों को यह स्थिति नजर नहीं आती। कभी कोई हादसा होता है तो हर कोई चिंता जताता है, जांच होती है, कुछ दिन कार्रवाई होती है, फिर सभी भूल जाते हैं, आखिर इस पर रोज जागरूकता क्यों नहीं की जा सकती?
शिव सेना के कार्यकारी जिला प्रमुख सुधीर शर्मा ने मांग की है कि जिला प्रशासन इसका जांच अभियान चलाकर ये सुनिश्चित करने की कोशिश करे कि क्या स्कूल बसों व वैन में स्पीड गवर्नर जैसे सुरक्षा मानक भी पूरे किए जा रहे हैं या नहीं?
स्कूल प्रबंधन से जुड़े वाहन मालिक, अध्यापकों का संबंधित थाने में पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। दिल्ली में प्रद्युम्न की हत्या की घटना के बाद कुछ स्कूलों ने अपने से जुड़े हर व्यक्ति का पुलिस वैरिफिकेशन कराने की शुरुआत की है, लेकिन यह जांच सभी स्कूलों में होनी चाहिए। शिवसेना के संभाग मीडिया प्रभारी गौरव नागदा ने बताया कि प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लेता है तो शिव सेना इसे लेकर अभियान छेड़ेगी।
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सबगुरु न्यूज़ उदयपुर। सुबह और दोपहर के वक्त जब आप किसी स्कूल के आसपास होंगे तो टेम्पो-वैन में भरे बच्चों को देख आपको अपने बच्चे की भी चिंता जरूर सताएगी कि वो भी ऐसे ही आ रहा होगा। लेकिन, आप यह सोचकर सिर झटक कर बुरा ख्याल मन से निकालने का प्रयास करते हैं कि इस समस्या का निजात ढूंढऩे निकले तो परेशानी हमारी ही बढ़ जाएगी। ऑटो वाला चार बच्चों को ले जाएगा तो किराया दुगुना मांगेगा, अगर मना कर दिया तो बच्चे को हमें ही छोडऩे-लेने जाना पड़ेगा, इससे हमारी दिनचर्या प्रभावित हो जाएगी, वगैरह-वगैरह। लेकिन, प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं देता। चार नहीं तो छह सही, लेकिन कम से कम बच्चों की टांगें और बैग तो बाहर नहीं लटकें। टेम्पो के पीछे की ओर बिठाना कहां तक उचित है। इसी चिंता को लेकर शिव सेना ने जागरूकता अभियान की घोषणा की है। शिव सेना के उपसंभाग प्रमुख गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि दस सीटर वैनों में डिक्की तक में बच्चे ठंूसे जा रहे हैं। स्कूल इसे अभिभावकों और वैन वाले के बीच का मामला कहकर जिम्मेदारी नहीं लेते। उनका सवाल है कि चौराहों पर खड़े सिपाहियों को यह स्थिति नजर नहीं आती। कभी कोई हादसा होता है तो हर कोई चिंता जताता है, जांच होती है, कुछ दिन कार्रवाई होती है, फिर सभी भूल जाते हैं, आखिर इस पर रोज जागरूकता क्यों नहीं की जा सकती? शिव सेना के कार्यकारी जिला प्रमुख सुधीर शर्मा ने मांग की है कि जिला प्रशासन इसका जांच अभियान चलाकर ये सुनिश्चित करने की कोशिश करे कि क्या स्कूल बसों व वैन में स्पीड गवर्नर जैसे सुरक्षा मानक भी पूरे किए जा रहे हैं या नहीं? स्कूल प्रबंधन से जुड़े वाहन मालिक, अध्यापकों का संबंधित थाने में पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। दिल्ली में प्रद्युम्न की हत्या की घटना के बाद कुछ स्कूलों ने अपने से जुड़े हर व्यक्ति का पुलिस वैरिफिकेशन कराने की शुरुआत की है, लेकिन यह जांच सभी स्कूलों में होनी चाहिए। शिवसेना के संभाग मीडिया प्रभारी गौरव नागदा ने बताया कि प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लेता है तो शिव सेना इसे लेकर अभियान छेड़ेगी।
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बीड ःमहाराष्ट्रः (भाषा)। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने गरीबों और अन्य पिछड़े वर्ग के कल्याण में दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे के योगदान की याद करते हुए आज विश्वास जताया कि उनकी बेटी पंकजा मुंडे उनके काम और उनकी विरासत आगे बढ़ाएगीं शाह ने अहमदनगर के पथार्डी तालुका के भगवानगढ़ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ``हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम पंकजा के नेतृत्व में सभी पिछड़ी जातियों के लिए न्याय पाने का कार्य जारी रखेंगे। " शिवसेना के साथ भाजपा के 25 साल पुराने रिश्ते टूटने के बाद यह शाह की पहली सार्वजनिक रैली थी। महाराष्ट्र विधानसभा के लिए 15 अक्तूबर को चुनाव होगा। शाह ने कहा, ``भाजपा ने पिछड़े वर्ग के एक शख्स को प्रधानमंत्री बनाया। इस सरकार की एक प्रमुख नीति पिछड़े वर्गों के लिए काम करने की है। आने वाले दिनों में हम महाराष्ट्र में भी इस नीति को आगे बढ़ाएंगे। "उन्होंने कहा, ``मैं चोंडी गया था और अब मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने भगवानगढ़ में हूं जहां मुंडे ने अपनी आखिरी सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। "शाह ने कहा, ``गरीब और पिछड़े वर्ग बीड से दिल्ली तक मुंडे के संघर्ष के सफर के केन्द में थे। " शाह ने कहा, ``मैं जानता हूं कि आप लोगों के दिमाग में क्या है? "वह वस्तुतः भीड़ की मांग पर चर्चा कर रहे थे जो विधानसभा चुनाव के बाद पंकजा के लिये शीर्ष पद चाहती है। शाह ने कहा, ``यह नहीं सोचे कि नेतृत्व आपके ख्यालों से अवगत नहीं है। "बाद में, रैली में पंकजा ने कहा कि उनके पिता भगवानगढ़ के आ" दिन के स्वर्ण जयंती समारोह में मोदी को आमंत्रित करना चाहते थे। यह समारोह 30 दिसंबर को शुरू होने वाला है। भाजपा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि प्रधानमांत्री स्वर्ण जयंती पर जरूर भगवानगढ़ आएंगे। शाह ने कहा, ``मोदी ने कहा था कि मुंडे को ग्रामीण विकास विभाग दिया गया क्योंकि कोई अन्य गांव के लोगों का ज्यादा ख्याल नहीं रखता। "पार्ली विधानसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार पंकजा ने कहा कि उनके पिता हर साल दशहरा के अवसर पर भगवानगढ़ आते थे। राष्ट्रीय समाज पार्टी नेता महादेव जनकर ने कहा, ``जिस तरह आपने मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, आपको पंकजा मुंडे को भी महाराष्ट्र में आगे लाना चाहिए। " महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ राष्ट्रीय समाज पार्टी का चुनावी तालमेल है।
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बीड ःमहाराष्ट्रः । भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने गरीबों और अन्य पिछड़े वर्ग के कल्याण में दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे के योगदान की याद करते हुए आज विश्वास जताया कि उनकी बेटी पंकजा मुंडे उनके काम और उनकी विरासत आगे बढ़ाएगीं शाह ने अहमदनगर के पथार्डी तालुका के भगवानगढ़ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ``हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम पंकजा के नेतृत्व में सभी पिछड़ी जातियों के लिए न्याय पाने का कार्य जारी रखेंगे। " शिवसेना के साथ भाजपा के पच्चीस साल पुराने रिश्ते टूटने के बाद यह शाह की पहली सार्वजनिक रैली थी। महाराष्ट्र विधानसभा के लिए पंद्रह अक्तूबर को चुनाव होगा। शाह ने कहा, ``भाजपा ने पिछड़े वर्ग के एक शख्स को प्रधानमंत्री बनाया। इस सरकार की एक प्रमुख नीति पिछड़े वर्गों के लिए काम करने की है। आने वाले दिनों में हम महाराष्ट्र में भी इस नीति को आगे बढ़ाएंगे। "उन्होंने कहा, ``मैं चोंडी गया था और अब मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने भगवानगढ़ में हूं जहां मुंडे ने अपनी आखिरी सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। "शाह ने कहा, ``गरीब और पिछड़े वर्ग बीड से दिल्ली तक मुंडे के संघर्ष के सफर के केन्द में थे। " शाह ने कहा, ``मैं जानता हूं कि आप लोगों के दिमाग में क्या है? "वह वस्तुतः भीड़ की मांग पर चर्चा कर रहे थे जो विधानसभा चुनाव के बाद पंकजा के लिये शीर्ष पद चाहती है। शाह ने कहा, ``यह नहीं सोचे कि नेतृत्व आपके ख्यालों से अवगत नहीं है। "बाद में, रैली में पंकजा ने कहा कि उनके पिता भगवानगढ़ के आ" दिन के स्वर्ण जयंती समारोह में मोदी को आमंत्रित करना चाहते थे। यह समारोह तीस दिसंबर को शुरू होने वाला है। भाजपा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि प्रधानमांत्री स्वर्ण जयंती पर जरूर भगवानगढ़ आएंगे। शाह ने कहा, ``मोदी ने कहा था कि मुंडे को ग्रामीण विकास विभाग दिया गया क्योंकि कोई अन्य गांव के लोगों का ज्यादा ख्याल नहीं रखता। "पार्ली विधानसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार पंकजा ने कहा कि उनके पिता हर साल दशहरा के अवसर पर भगवानगढ़ आते थे। राष्ट्रीय समाज पार्टी नेता महादेव जनकर ने कहा, ``जिस तरह आपने मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, आपको पंकजा मुंडे को भी महाराष्ट्र में आगे लाना चाहिए। " महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ राष्ट्रीय समाज पार्टी का चुनावी तालमेल है।
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मद्रास प्रेसीडेंसी ( : சென்னை மாகாணம், : చెన్నపురి సంస్థానము, : മദ്രാസ് പ്രസിഡന്സി, : ಮದ್ರಾಸ್ ಪ್ರೆಸಿಡೆನ್ಸಿ, : ମଦ୍ରାସ୍ ପ୍ରେସୋଦେନ୍ଚ୍ଯ), जिसे आधिकारिक तौर पर फोर्ट सेंट जॉर्ज की प्रेसीडेंसी तथा मद्रास प्रोविंस के रूप में भी जाना जाता है, ब्रिटिश भारत का एक प्रशासनिक अनुमंडल था। अपनी सबसे विस्तृत सीमा तक प्रेसीडेंसी में दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों सहित वर्तमान भारतीय राज्य , उत्तरी का मालाबार क्षेत्र, द्वीपसमूह, तटीय आंध्र प्रदेश और के रायलसीमा क्षेत्र, , मल्कानगिरी, कोरापुट, रायगढ़, नवरंगपुर और दक्षिणी उड़ीसा के गजपति जिले और बेल्लारी, और के उडुपी जिले शामिल थे। प्रेसीडेंसी की अपनी शीतकालीन राजधानी मद्रास और ग्रीष्मकालीन राजधानी थी।
1639 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रासपट्टनम गांव को खरीदा था और इसके एक साल बाद मद्रास प्रेसीडेंसी की पूर्ववर्ती, सेंट जॉर्ज किले की एजेंसी की स्थापना की थी, हालांकि मछलीपट्टनम और आर्मागोन में कंपनी के कारखाने 17वीं सदी के प्रारंभ से ही मौजूद थे। 1655 में एक बार फिर से इसकी पूर्व की स्थिति में वापस लाने से पहले एजेंसी को 1652 में एक प्रेसीडेंसी के रूप में उन्नत बनाया गया था। 1684 में इसे फिर से एक प्रेसीडेंसी के रूप में उन्नत बनाया गया और एलीहू येल को पहला प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया। 1785 में पिट्स इंडिया एक्ट के प्रावधानों के तहत मद्रास ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित तीन प्रांतों में से एक बन गया। उसके बाद क्षेत्र के प्रमुख को "प्रेसिडेंट" की बजाय "गवर्नर" का नाम दिया गया और कलकत्ता में गवर्नर-जनरल का अधीनस्थ बनाया गया, यह एक ऐसा पद था जो 1947 तक कायम रहा. न्यायिक, विधायी और कार्यकारी शक्तियां राज्यपाल के साथ रह गयीं जिन्हें एक काउंसिल का सहयोग प्राप्त था जिसके संविधान को 1861, 1909, 1919 और 1935 में अधिनियमित सुधारों द्वारा संशोधित किया गया था। 1939 में छिड़ने के समय तक मद्रास में नियमित चुनाव आयोजित किए गए। 1908 तक प्रांत में 22 जिले शामिल थे जिनमें से प्रत्येक एक जिला कलेक्टर के अधीन था और आगे इसे तालुका तथा फिरका में उपविभाजित किया गया था जिसमें गांव प्रशासन की सबसे छोटी इकाई के रूप में थे।
मद्रास ने 20वीं सदी के प्रारंभिक दशकों में में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया और यह 1919 के मोंटेग-चेम्सफोर्ड सुधारों के बाद ब्रिटिश भारत में द्विशासन की प्रणाली को लागू करने वाला पहला प्रांत था। इसके बाद गवर्नर ने एक प्रधानमंत्री के साथ-साथ शासन किया। 15 अगस्त 1947 को भारतीय स्वतंत्रता के आगमन के साथ प्रेसीडेंसी को भंग कर दिया गया। 26 जनवरी 1950 को भारतीय गणराज्य के शुभारंभ के अवसर पर मद्रास को भारतीय संघ के राज्यों में से एक के रूप में स्वीकृत किया गया।
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मद्रास प्रेसीडेंसी , जिसे आधिकारिक तौर पर फोर्ट सेंट जॉर्ज की प्रेसीडेंसी तथा मद्रास प्रोविंस के रूप में भी जाना जाता है, ब्रिटिश भारत का एक प्रशासनिक अनुमंडल था। अपनी सबसे विस्तृत सीमा तक प्रेसीडेंसी में दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों सहित वर्तमान भारतीय राज्य , उत्तरी का मालाबार क्षेत्र, द्वीपसमूह, तटीय आंध्र प्रदेश और के रायलसीमा क्षेत्र, , मल्कानगिरी, कोरापुट, रायगढ़, नवरंगपुर और दक्षिणी उड़ीसा के गजपति जिले और बेल्लारी, और के उडुपी जिले शामिल थे। प्रेसीडेंसी की अपनी शीतकालीन राजधानी मद्रास और ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। एक हज़ार छः सौ उनतालीस में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रासपट्टनम गांव को खरीदा था और इसके एक साल बाद मद्रास प्रेसीडेंसी की पूर्ववर्ती, सेंट जॉर्ज किले की एजेंसी की स्थापना की थी, हालांकि मछलीपट्टनम और आर्मागोन में कंपनी के कारखाने सत्रहवीं सदी के प्रारंभ से ही मौजूद थे। एक हज़ार छः सौ पचपन में एक बार फिर से इसकी पूर्व की स्थिति में वापस लाने से पहले एजेंसी को एक हज़ार छः सौ बावन में एक प्रेसीडेंसी के रूप में उन्नत बनाया गया था। एक हज़ार छः सौ चौरासी में इसे फिर से एक प्रेसीडेंसी के रूप में उन्नत बनाया गया और एलीहू येल को पहला प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया। एक हज़ार सात सौ पचासी में पिट्स इंडिया एक्ट के प्रावधानों के तहत मद्रास ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित तीन प्रांतों में से एक बन गया। उसके बाद क्षेत्र के प्रमुख को "प्रेसिडेंट" की बजाय "गवर्नर" का नाम दिया गया और कलकत्ता में गवर्नर-जनरल का अधीनस्थ बनाया गया, यह एक ऐसा पद था जो एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस तक कायम रहा. न्यायिक, विधायी और कार्यकारी शक्तियां राज्यपाल के साथ रह गयीं जिन्हें एक काउंसिल का सहयोग प्राप्त था जिसके संविधान को एक हज़ार आठ सौ इकसठ, एक हज़ार नौ सौ नौ, एक हज़ार नौ सौ उन्नीस और एक हज़ार नौ सौ पैंतीस में अधिनियमित सुधारों द्वारा संशोधित किया गया था। एक हज़ार नौ सौ उनतालीस में छिड़ने के समय तक मद्रास में नियमित चुनाव आयोजित किए गए। एक हज़ार नौ सौ आठ तक प्रांत में बाईस जिले शामिल थे जिनमें से प्रत्येक एक जिला कलेक्टर के अधीन था और आगे इसे तालुका तथा फिरका में उपविभाजित किया गया था जिसमें गांव प्रशासन की सबसे छोटी इकाई के रूप में थे। मद्रास ने बीसवीं सदी के प्रारंभिक दशकों में में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया और यह एक हज़ार नौ सौ उन्नीस के मोंटेग-चेम्सफोर्ड सुधारों के बाद ब्रिटिश भारत में द्विशासन की प्रणाली को लागू करने वाला पहला प्रांत था। इसके बाद गवर्नर ने एक प्रधानमंत्री के साथ-साथ शासन किया। पंद्रह अगस्त एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस को भारतीय स्वतंत्रता के आगमन के साथ प्रेसीडेंसी को भंग कर दिया गया। छब्बीस जनवरी एक हज़ार नौ सौ पचास को भारतीय गणराज्य के शुभारंभ के अवसर पर मद्रास को भारतीय संघ के राज्यों में से एक के रूप में स्वीकृत किया गया।
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* राजस्थान में संस्कृत साहित्य को खोम *
टिप्पणी में संग्रहकर्ता का नाम विद्यानिधि कविंद्र दिया हुआ है। परन्तु श्री राजेंद्रलाल द्वारा उद्धृत 'श्रीमतकाशी' ....' पद्य से एवं स्वयं ग्रन्थकार के, 'विषयाह' ...." शीवेंक पद्य की अन्तिम से पूर्व वाली पंक्ति से विदित होगा कि यह नाम सही नहीं है । कृष्ण तो संग्रहकर्ता का नाम है और विद्यानिधान (अथवा विद्यानिधि ) कवीन्द्र आचार्य सरस्वती इस ग्रंथ के कर्ता हैं जिनकी प्रशस्ति में काशी, प्रयाग व अन्य कितने ही स्थानों के कवियों के पद्य इसमें संग्रहीत हैं। इसी राजकीय संग्रहालय में इसी कवि की प्रशंसा में निर्मित एक और ग्रन्थ भी है जिसका नाम 'सर्वविद्यानिधान कवीन्द्राचार्य सरस्वतीनां लघुविजयचन्दः पुस्तकम्' है । इस पर एक टीका है । इन प्रशस्तियों का विषय ग्रन्थकार है जिसे कबिन्द्रकल्पद्र म, हंसदूतकाव्य आदि पुस्तकें लिखने का श्रेय है ।
जगदम्बाभरण - जगन्नाथ पण्डित ।
आभारणक शतक ।
अमरूशतक पर टीका सञ्जीवनी - अर्जुनवर्मदेव रचित, जो भोजकुल के राजा सुभटवर्मा का पुत्र है । इसी ग्रन्थ पर नन्दिकेश और भुपाल कृत अन्य टीकायें ।
सुन्दरीशनक- उत्प्रेक्षावल्लभ गोकुलभट्ट कृत । यह सम्वत् १६४८ में लिखी हुई है जब अकबर लाहोर में रहते हुए पृथ्वी का शासन कर रहा था । यह कविता काव्यमाला भाग ६ में प्रकाशित हुई जिसे १६५३ सम्वत् की हस्तलिखित पुस्तक से मिलाकर छापा गया है । कविता निर्माण समय उसमें नहीं बतलाया गया है ।
अधरशतक - वत्साचार्य के दौहित्र शुक्ल जनादन और हीरा के पुत्र भट्ट मण्डन के शिष्य शैव कवि नीलकण्ठ कृत (ओष्ठ शतक के समान ही है; वेबर का बर्लिन कैटेलोग पृ० १७१ ) । शब्दशोभा को बनाने वाला ही इस ग्रन्थ का निर्माता है जिसका ऊपर विवगया है ।
विरहिणी मनोविनोद - पदमात्र प्रकाशिका टीका समेत - मूल और टीका दोनों का कर्त्ता विनय (विनायक ?) कवि ।
शृंगारसंजीवनी - नीलमणि के पौत्र गौरीपतिपुत्र हरिदेव मिश्र कृत । शृंगारपञ्चाशिका - वागविलास दीक्षित कृत ।
गीतगोविन्द टीका, साहित्यरत्न माला- अनङ्गनाथ और महाआ के पुत्र शेष कमलाकर कृत । इस हस्तलिखित प्रति पर शक संवत् १५७८ लिखा है ।
कृष्णगीता - सोमनाथ कृत । यह गीतगोविन्द और बाद की ऐसी ही कृतियों के नलबिलासनाटक और निर्भरभीमव्यायोग- आचार्य हेमचन्द्र के शिष्य रामचन्द्र कवि कृत ।
राघव पर टीका, रहस्यादर्श - देवप्रभ कृत । लिङ्गदुर्गभेदनाटक ( वीर रस प्रधान और गौण शान्ति रस युक्त ) दादम्भट्ट
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* राजस्थान में संस्कृत साहित्य को खोम * टिप्पणी में संग्रहकर्ता का नाम विद्यानिधि कविंद्र दिया हुआ है। परन्तु श्री राजेंद्रलाल द्वारा उद्धृत 'श्रीमतकाशी' ....' पद्य से एवं स्वयं ग्रन्थकार के, 'विषयाह' ...." शीवेंक पद्य की अन्तिम से पूर्व वाली पंक्ति से विदित होगा कि यह नाम सही नहीं है । कृष्ण तो संग्रहकर्ता का नाम है और विद्यानिधान कवीन्द्र आचार्य सरस्वती इस ग्रंथ के कर्ता हैं जिनकी प्रशस्ति में काशी, प्रयाग व अन्य कितने ही स्थानों के कवियों के पद्य इसमें संग्रहीत हैं। इसी राजकीय संग्रहालय में इसी कवि की प्रशंसा में निर्मित एक और ग्रन्थ भी है जिसका नाम 'सर्वविद्यानिधान कवीन्द्राचार्य सरस्वतीनां लघुविजयचन्दः पुस्तकम्' है । इस पर एक टीका है । इन प्रशस्तियों का विषय ग्रन्थकार है जिसे कबिन्द्रकल्पद्र म, हंसदूतकाव्य आदि पुस्तकें लिखने का श्रेय है । जगदम्बाभरण - जगन्नाथ पण्डित । आभारणक शतक । अमरूशतक पर टीका सञ्जीवनी - अर्जुनवर्मदेव रचित, जो भोजकुल के राजा सुभटवर्मा का पुत्र है । इसी ग्रन्थ पर नन्दिकेश और भुपाल कृत अन्य टीकायें । सुन्दरीशनक- उत्प्रेक्षावल्लभ गोकुलभट्ट कृत । यह सम्वत् एक हज़ार छः सौ अड़तालीस में लिखी हुई है जब अकबर लाहोर में रहते हुए पृथ्वी का शासन कर रहा था । यह कविता काव्यमाला भाग छः में प्रकाशित हुई जिसे एक हज़ार छः सौ तिरेपन सम्वत् की हस्तलिखित पुस्तक से मिलाकर छापा गया है । कविता निर्माण समय उसमें नहीं बतलाया गया है । अधरशतक - वत्साचार्य के दौहित्र शुक्ल जनादन और हीरा के पुत्र भट्ट मण्डन के शिष्य शैव कवि नीलकण्ठ कृत । शब्दशोभा को बनाने वाला ही इस ग्रन्थ का निर्माता है जिसका ऊपर विवगया है । विरहिणी मनोविनोद - पदमात्र प्रकाशिका टीका समेत - मूल और टीका दोनों का कर्त्ता विनय कवि । शृंगारसंजीवनी - नीलमणि के पौत्र गौरीपतिपुत्र हरिदेव मिश्र कृत । शृंगारपञ्चाशिका - वागविलास दीक्षित कृत । गीतगोविन्द टीका, साहित्यरत्न माला- अनङ्गनाथ और महाआ के पुत्र शेष कमलाकर कृत । इस हस्तलिखित प्रति पर शक संवत् एक हज़ार पाँच सौ अठहत्तर लिखा है । कृष्णगीता - सोमनाथ कृत । यह गीतगोविन्द और बाद की ऐसी ही कृतियों के नलबिलासनाटक और निर्भरभीमव्यायोग- आचार्य हेमचन्द्र के शिष्य रामचन्द्र कवि कृत । राघव पर टीका, रहस्यादर्श - देवप्रभ कृत । लिङ्गदुर्गभेदनाटक दादम्भट्ट
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- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?
चाहे आप वेजिटेरियन हो या फिर नॉन वेजिटेरियन हर किसी को मशरूम की सब्जी खाना बेहद पसंद होता है। मशरूम उन सब्जियों में से एक है, जिसका टेस्ट और फ्लेवर बाकी सब्जियों से बिल्कुल यूनिक होता है। ये आपके हेल्थ के लिए भी काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें विटामिन बी के साथ एंटीऑक्सीडेंट के गुण मौजूद होते हैं। लोग मशरूम की सब्जी बनाने के अलावा इसका यूज सूप बनाने, पिज्जा टॉपिंग के रूप में, पास्ता बनाने के लिए भी करते हैं। यह आपके खाने के स्वाद को बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन मशरूम को स्टोर करके रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। मशरूम अपने नमी के कारण बहुत जल्दी काले पड़ जाते हैं। ऐसे में मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने मशरूम को स्टोर करने का एक बेहतरीन तरीका अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। ऐसे में अगर आप भी अपने घर में मशरूम की सब्जी को लंबे समय के लिए स्टोर करना चाहते हैं तो शेफ पंकज भदौरिया के शेयर किये टिप को एक बार जरूर ट्राई करें।
शेफ पंकज भदौरिया अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि मशरूम में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इस वजह से इन्हे लंबे समय के लिए सही ढंग से रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। मशरूम को सॉफ्ट और फ्रेश बनाए रखने के लिए आप सबसे पहले एक एयर-टाइट कंटेनर लेकर उसमे टिश्यू पेपर रख दें। इसके बाद इसमें मशरूम को सही ढंग से व्यवस्थित करके रखें। इसके बाद मशरूम के ऊपर भी टिश्यू पेपर रखकर अपने एयर टाइट कंटेनर को बंद करके फ्रिजर में रख दें। शेफ पंकज के मुताबिक ऐसा करने से आपके मशरूम लंबे समय तक फ्रेश रहेंगे।
शेफ पंकज भदौरिया के मुताबिक मशरूम को इस तरह रेफ्रिजरेटर करने से आपके मशरूम एक हफ्ते तक अपने कलर में रहेंगे और जब भी आप इसकी सब्जी बनाएंगे इसका स्वाद आपको फ्रेश ही मिलेगा।
कई बार महिलाएं हफ्ते भर की सब्जियां एक साथ लाकर घर में रख लेती हैं। ऐसे में अगर आप भी हफ्ते भर की सब्जियो के साथ मशरूम का पैकेट भी लेकर आई हैं, और अभी इसे बनाने का मन नहीं है, तो आप कोशिश करें की अपने मशरूम के बंद पैकेट में ही रहने दें। मशरूम को पैकेट से निकाल कर न रखें। आप मशरूम को ओरिजिनल पैकेट के साथ ही 2 से 3 दिन तक फ्रीज में फ्रेश रखने के लिए रख सकते हैं।
अगर आपके मशरूम का पैकेट खुल गया है, तो आप मशरूम को पेपर पैकिंग बैग में भी रख सकते हैं। पेपर बैग में मशरूम रखकर आप इसे फ्रीज में एक हफ्ते तक फ्रेश रख सकते हैं।
मशरूम को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए आप डीप फ्रीजिंग भी कर सकते हैं। मशरूम को डीप फ्रीजिंग करने के लिए आप सबसे पहले मशरूम को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उसे काट लें और फिर तेल व सीजनिंग की मदद से मशरूम को सॉटे कर लें। इसके बाद मशरूम को ठंडा करके प्लसटिक जिप बैग में डालकर फ्रिजर में रख दें।
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जमीयत ने कहा है कि पर्यटकों और घुमंतुओं के रचित वृत्तांतों पर अदालत को भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने कहा है कि मंदिर गिराकर मस्जिद बनाने के कोई सबूत नहीं है। साथ ही इतिहास में हुई ग़लतियों को कोर्ट सुधार नहीं सकता है।
जहॉं गोली मारी गई उस इलाके को तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक मंत्री ने 'मिनी पाकिस्तान' करार दिया था। एक पाकिस्तानी पत्रकार को ममता बनर्जी के मंत्री फरहाद हाकिम ने कहा था कि गार्डन रीच वाला इलाक़ा कोलकाता का 'मिनी पाकिस्तान' है।
"या तो आप पत्रकार होते हैं और घटना की रिपोर्ट कर रहे होते हैं या आप दलाल होते हैं, चाहे आप किस भी तरह से अपने काम को महिमामंडित करें। "
भरोसा जीतने के लिए आरिफ ने डॉ. रेड्डी को अपना नंबर दिया था। जब स्कूटी ठीक कराने गया युवक काफी देर तक नहीं लौटा तो इस नंबर पर उन्होंने कॉल किया। इसी नंबर को ट्रेस कर पुलिस लॉरी तक पहुॅंची और मामले की गुत्थी सुलझी।
प्रोफेसर पाठक ने कहा कि जाँच रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जाएगी। इंटरनल कंप्लेंट कमिटी की जाँच में क्या निकला, इस सम्बन्ध में अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ भी जानकारी नहीं दी है।
हैदराबाद वाला मामला मजहबी नहीं लगता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मजहबी बलात्कार होते ही नहीं! रवीश जैसों की कोशिश यह है कि इस घटना का इस्तेमाल कर उन तमाम 'रेप जिहाद' की खबरों को चर्चा से गायब कर दिया जाए जहाँ बलात्कारी का मकसद मजहबी घृणा ही है, और कुछ नहीं।
"कॉन्वेंट्स में जवान ननों को पादरियों के पास उनके 'यौन सुख' के लिए भेजा जाता है। वहाँ उन्हें घंटों नंगे खड़ा रखा जाता है। वो लगातार गिड़गिड़ाती रहती हैं लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया जाता है। 'सेफ सेक्स' के लिए आयोजित 'प्रैक्टिकल क्लास' में पादरी और भी कई कुकर्म करते हैं। "
कक्षा 10 के कमजोर छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने मॉडल पेपर तैयार किया है। इसमें कहा गया है, "कुबुद्धि बेहद अवगुणी और शराबी था और गाँधी जी जैसा जीवन जीता था। " यह पेपर कई महीनों से सरकारी स्कूली में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
8 जून 2017 को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग हुई थी। करैरा से विधायक रही खटिक ने भीड़ को उकसाते हुए कहा था कि थाने को आग लगा दो, जो होगा देखा जाएगा। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए 3 साल जेल की सजा सुनाई है।
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जमीयत ने कहा है कि पर्यटकों और घुमंतुओं के रचित वृत्तांतों पर अदालत को भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने कहा है कि मंदिर गिराकर मस्जिद बनाने के कोई सबूत नहीं है। साथ ही इतिहास में हुई ग़लतियों को कोर्ट सुधार नहीं सकता है। जहॉं गोली मारी गई उस इलाके को तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक मंत्री ने 'मिनी पाकिस्तान' करार दिया था। एक पाकिस्तानी पत्रकार को ममता बनर्जी के मंत्री फरहाद हाकिम ने कहा था कि गार्डन रीच वाला इलाक़ा कोलकाता का 'मिनी पाकिस्तान' है। "या तो आप पत्रकार होते हैं और घटना की रिपोर्ट कर रहे होते हैं या आप दलाल होते हैं, चाहे आप किस भी तरह से अपने काम को महिमामंडित करें। " भरोसा जीतने के लिए आरिफ ने डॉ. रेड्डी को अपना नंबर दिया था। जब स्कूटी ठीक कराने गया युवक काफी देर तक नहीं लौटा तो इस नंबर पर उन्होंने कॉल किया। इसी नंबर को ट्रेस कर पुलिस लॉरी तक पहुॅंची और मामले की गुत्थी सुलझी। प्रोफेसर पाठक ने कहा कि जाँच रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जाएगी। इंटरनल कंप्लेंट कमिटी की जाँच में क्या निकला, इस सम्बन्ध में अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ भी जानकारी नहीं दी है। हैदराबाद वाला मामला मजहबी नहीं लगता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मजहबी बलात्कार होते ही नहीं! रवीश जैसों की कोशिश यह है कि इस घटना का इस्तेमाल कर उन तमाम 'रेप जिहाद' की खबरों को चर्चा से गायब कर दिया जाए जहाँ बलात्कारी का मकसद मजहबी घृणा ही है, और कुछ नहीं। "कॉन्वेंट्स में जवान ननों को पादरियों के पास उनके 'यौन सुख' के लिए भेजा जाता है। वहाँ उन्हें घंटों नंगे खड़ा रखा जाता है। वो लगातार गिड़गिड़ाती रहती हैं लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया जाता है। 'सेफ सेक्स' के लिए आयोजित 'प्रैक्टिकल क्लास' में पादरी और भी कई कुकर्म करते हैं। " कक्षा दस के कमजोर छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने मॉडल पेपर तैयार किया है। इसमें कहा गया है, "कुबुद्धि बेहद अवगुणी और शराबी था और गाँधी जी जैसा जीवन जीता था। " यह पेपर कई महीनों से सरकारी स्कूली में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। आठ जून दो हज़ार सत्रह को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग हुई थी। करैरा से विधायक रही खटिक ने भीड़ को उकसाते हुए कहा था कि थाने को आग लगा दो, जो होगा देखा जाएगा। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए तीन साल जेल की सजा सुनाई है।
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सभी का पसंदीदा त्योहार नवरात्रि शुरू हो गया है. नौ दिनों का ये उत्सव देशभर के लोगों के लिए बहुत खास होता है. नवरात्रि ऐसा त्योहार है, जिसे सभी पूरे उत्साह और समर्पण के साथ मनाते हैं. दुर्गा मां की आराधना के साथ-साथ नवरात्रि की अन्य विशेषताएं भी हैं. इस उत्सव के दौरान पूजा-पाठ तो होता ही है, साथ ही खूब मस्ती भी होती है. लोग गरबा और डांडिया खेलते हैं, साथ ही पंडालों में जाते हैं. इस उत्सव का उत्साह गानों से भी बढ़ता है. ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं बॉलीवुड के बेस्ट गरबा सॉन्ग्स.
बता दें कि किसी भी त्योहार को मनाने में बॉलीवुड सबसे आगे है. बॉलीवुड की फिल्मों ने ना सिर्फ हमें हर त्योहार के लिए एक से बढ़कर एक गाने दिए हैं, बल्कि आउटफिट और डांस मूव्स को लेकर भी प्रेरणा दी है. भले ही इस साल कोरोना के चलते गरबा और डांडिया पर प्रबंध लगा हो, लेकर घर के अंदर ही इन गानों का मजा तो लिया जा सकता है.
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सभी का पसंदीदा त्योहार नवरात्रि शुरू हो गया है. नौ दिनों का ये उत्सव देशभर के लोगों के लिए बहुत खास होता है. नवरात्रि ऐसा त्योहार है, जिसे सभी पूरे उत्साह और समर्पण के साथ मनाते हैं. दुर्गा मां की आराधना के साथ-साथ नवरात्रि की अन्य विशेषताएं भी हैं. इस उत्सव के दौरान पूजा-पाठ तो होता ही है, साथ ही खूब मस्ती भी होती है. लोग गरबा और डांडिया खेलते हैं, साथ ही पंडालों में जाते हैं. इस उत्सव का उत्साह गानों से भी बढ़ता है. ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं बॉलीवुड के बेस्ट गरबा सॉन्ग्स. बता दें कि किसी भी त्योहार को मनाने में बॉलीवुड सबसे आगे है. बॉलीवुड की फिल्मों ने ना सिर्फ हमें हर त्योहार के लिए एक से बढ़कर एक गाने दिए हैं, बल्कि आउटफिट और डांस मूव्स को लेकर भी प्रेरणा दी है. भले ही इस साल कोरोना के चलते गरबा और डांडिया पर प्रबंध लगा हो, लेकर घर के अंदर ही इन गानों का मजा तो लिया जा सकता है.
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Samsung M13 5G और Galaxy M13 4G स्मार्टफोन को आज ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जाएगा. लॉन्च से पहले देखिए फोन की कीमत कितनी हो सकती है और ये लेटेस्ट मॉडल्स कौन-कौन से नए फीचर्स के साथ आ सकते हैं.
Samsung Galaxy M13 और Galaxy M13 5G स्मार्टफोन को आज भारतीय बाजार में ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जाएगा. बता दें कि ये लेटेस्ट गैलेक्सी एम13 सीरीज कंपनी की गैलेक्सी एम12 सीरीज की अपग्रेड होगी. आप लोग भी अगर घर बैठे इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग देखना चाहते हैं तो बता दें कि इवेंट को सैमसंग इंडिया के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल और फेसबुक के जरिए स्ट्रीम किया जाएगा. अगर आपको इवेंट देखना है तो आपको कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है, हमने आपकी सुविधा के लिए खबर के नीचे वीडियो लिंक को ऐम्बेड किया है जिसमें दिख रहे प्ले बटन को आप दोपहर 12 बजे इवेंट शुरू होने के बाद क्लिक करें.
सैमसंग गैलेक्सी एम13 4जी प्राइस (लीक)
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में गैलेक्सी एम13 4जी और 5जी दोनों ही मॉडल्स की कीमतें लीक हुई थी, 4जीबी रैम और 64 जीबी वेरिएंट (4जी) की कीमत 11,999 रुपये. 6 जीबी रैम और 128 जीबी वेरिएंट की कीमत 12,999 रुपये (4जी) हो सकती है.
सैमसंग गैलेक्सी एम13 5जी प्राइस (लीक)
गैलेक्सी एम13 5जी स्मार्टफोन के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज की कीमत 14,999 रुपये और 6 जीबी रैम के साथ 128 जीबी वेरिएंट का दाम 15,999 रुपये हो सकता है. उपलब्धता की बात करें तो दोनों ही मॉडल्स की बिक्री 23 जुलाई से अमेजन पर ग्राहकों के लिए शुरू हो सकती है.
सैमसंग गैलेक्सी एम13 4जी स्पेसिफिकेशन (संभावित)
फोन में 6.6 इंच की फुल-एचडी प्लस इनफिनिटी-वी डिस्प्ले और एक्सीनॉस 850 प्रोसेसर मिल सकता है. फोन के बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा सेंसर, साथ में 5 मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 2 मेगापिक्सल डेप्थ कैमरा सेंसर मिल सकता है. सेल्फी के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा सेंसर मिल सकता है. फोन में 6000 एमएएच की बैटरी जान फूंकने के लिए दी जा सकती है.
Samsung M13 5G Specifications (संभावित)
फोन में 6.5 इंच की एचडी प्लस एलसीडी डिस्प्ले और मीडियाटेक डाइमेंसिटी 700 चिपसेट मिल सकता है. फोन के पिछले हिस्से में 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा और सेल्फी के लिए 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा सेंसर मिल सकता है. 5000 एमएएच की बैटरी फोन में जान फूंकने के लिए दी जा सकती है.
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Samsung Mतेरह पाँचG और Galaxy Mतेरह चारG स्मार्टफोन को आज ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जाएगा. लॉन्च से पहले देखिए फोन की कीमत कितनी हो सकती है और ये लेटेस्ट मॉडल्स कौन-कौन से नए फीचर्स के साथ आ सकते हैं. Samsung Galaxy Mतेरह और Galaxy Mतेरह पाँचG स्मार्टफोन को आज भारतीय बाजार में ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जाएगा. बता दें कि ये लेटेस्ट गैलेक्सी एमतेरह सीरीज कंपनी की गैलेक्सी एमबारह सीरीज की अपग्रेड होगी. आप लोग भी अगर घर बैठे इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग देखना चाहते हैं तो बता दें कि इवेंट को सैमसंग इंडिया के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल और फेसबुक के जरिए स्ट्रीम किया जाएगा. अगर आपको इवेंट देखना है तो आपको कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है, हमने आपकी सुविधा के लिए खबर के नीचे वीडियो लिंक को ऐम्बेड किया है जिसमें दिख रहे प्ले बटन को आप दोपहर बारह बजे इवेंट शुरू होने के बाद क्लिक करें. सैमसंग गैलेक्सी एमतेरह चारजी प्राइस हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में गैलेक्सी एमतेरह चारजी और पाँचजी दोनों ही मॉडल्स की कीमतें लीक हुई थी, चारजीबी रैम और चौंसठ जीबी वेरिएंट की कीमत ग्यारह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये. छः जीबी रैम और एक सौ अट्ठाईस जीबी वेरिएंट की कीमत बारह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये हो सकती है. सैमसंग गैलेक्सी एमतेरह पाँचजी प्राइस गैलेक्सी एमतेरह पाँचजी स्मार्टफोन के चार जीबी रैम और चौंसठ जीबी स्टोरेज की कीमत चौदह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये और छः जीबी रैम के साथ एक सौ अट्ठाईस जीबी वेरिएंट का दाम पंद्रह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये हो सकता है. उपलब्धता की बात करें तो दोनों ही मॉडल्स की बिक्री तेईस जुलाई से अमेजन पर ग्राहकों के लिए शुरू हो सकती है. सैमसंग गैलेक्सी एमतेरह चारजी स्पेसिफिकेशन फोन में छः.छः इंच की फुल-एचडी प्लस इनफिनिटी-वी डिस्प्ले और एक्सीनॉस आठ सौ पचास प्रोसेसर मिल सकता है. फोन के बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप, पचास मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा सेंसर, साथ में पाँच मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और दो मेगापिक्सल डेप्थ कैमरा सेंसर मिल सकता है. सेल्फी के लिए आठ मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा सेंसर मिल सकता है. फोन में छः हज़ार एमएएच की बैटरी जान फूंकने के लिए दी जा सकती है. Samsung Mतेरह पाँचG Specifications फोन में छः.पाँच इंच की एचडी प्लस एलसीडी डिस्प्ले और मीडियाटेक डाइमेंसिटी सात सौ चिपसेट मिल सकता है. फोन के पिछले हिस्से में पचास मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा और सेल्फी के लिए पाँच मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा सेंसर मिल सकता है. पाँच हज़ार एमएएच की बैटरी फोन में जान फूंकने के लिए दी जा सकती है.
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वाशिम/ दि. 3 - मंगरुलपीर तहसील के तन्हाला निवासी किसान ने खेत में कटाई कर चने का ढेर लगाकर रखा था. फसल की रखवाली के लिए गए 28 वर्षीय गणेश प्रकाश बाईस्कर पर जंगली सुअर ने हमला कर दिया. उस हमले में गणेश की मौत हो गई. यह घटना कल तडके 5 बजे घटी.
तन्हाला के गणेश बाईस्कर खेत में चने के ढेर की रखवाली कर रहा था. तडके 5 बजे जंगली सुअर ने उसपर हमला बोल दिया. खुन से लतपथ अवस्था में गणेश ने सहायता के लिए चिखपुकार की, तब बाजू के खेत से उसका भाई दौडते आया, परंतु सहायता करने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. गणेश को इस वर्ष विवाह करना था, इस वजह से खेत में चने की बुआई की थी. चने की उपज हाथ में आने से पहले जंगली सुअर ने हमला कर दिया. गणेश के 4 भाई है. घर की 9 एकड खेती है. बटाई पर 10 एकड खेती लेकर चने की फसल बोई थी. इस घटना की जानकारी मिलते ही शेलू बाजार पुलिस चौकी के पुलिस दल व वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का पंचनामा करने के बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए रवाना की.
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वाशिम/ दि. तीन - मंगरुलपीर तहसील के तन्हाला निवासी किसान ने खेत में कटाई कर चने का ढेर लगाकर रखा था. फसल की रखवाली के लिए गए अट्ठाईस वर्षीय गणेश प्रकाश बाईस्कर पर जंगली सुअर ने हमला कर दिया. उस हमले में गणेश की मौत हो गई. यह घटना कल तडके पाँच बजे घटी. तन्हाला के गणेश बाईस्कर खेत में चने के ढेर की रखवाली कर रहा था. तडके पाँच बजे जंगली सुअर ने उसपर हमला बोल दिया. खुन से लतपथ अवस्था में गणेश ने सहायता के लिए चिखपुकार की, तब बाजू के खेत से उसका भाई दौडते आया, परंतु सहायता करने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. गणेश को इस वर्ष विवाह करना था, इस वजह से खेत में चने की बुआई की थी. चने की उपज हाथ में आने से पहले जंगली सुअर ने हमला कर दिया. गणेश के चार भाई है. घर की नौ एकड खेती है. बटाई पर दस एकड खेती लेकर चने की फसल बोई थी. इस घटना की जानकारी मिलते ही शेलू बाजार पुलिस चौकी के पुलिस दल व वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का पंचनामा करने के बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए रवाना की.
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उप राष्ट्रपति, श्री एम वेंकैया नायडू ने आज स्कूल के पुस्तकों में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, देशभक्ति और पराक्रम की कहानियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया, जिससे युवाओं को उनके प्रति प्रेरित किया जा सके।
आज फेसबुक में पोस्ट किए गए अपने एक वक्तव्य में, उप राष्ट्रपति ने महान स्वतंत्रता सेनानियों- बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोगों से कहा कि वे इस महान देश के लिए उनके सपनों को साकार करने की दिशा में प्रयास करते रहें।
उन्होंने मीडिया से भी यह निवेदन किया कि वे सिर्फ ओर सिर्फ स्मरणीय अवसरों पर ही स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय नेताओं की कहानियों को कवर न करें बल्कि नियमित रूप से उनके योगदान को उजागर करते रहें।
लोकमान्य तिलक और चंद्रशेखर आजाद जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों नेताओं ने देश की आजादी के संघर्ष को सही आकार देने की दिशा में अग्रणी और प्रेरणादायक भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि, "औपनिवेशिक ताकतों द्वारा प्रायः बाल गंगाधर तिलक को 'भारतीय अशांति का पिता' के रूप में संदर्भित किया जाता है, लेकिन वे "स्वतंत्रता के लिए सबसे पहले मजबूत अधिवक्ताओं में से एक थे।" श्री नायडू ने कहा कि वे एक विद्वान, गणितज्ञ, दार्शनिक, पत्रकार, समाज सुधारक और उग्र राष्ट्रवादी थे।
उप राष्ट्रपति ने कहा कि, उनकी प्रसिद्ध घोषणा "स्वराज मेरा जन्म अधिकार है और हम इसको लेकर रहेंगें", भारत के स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के लिए एक शक्तिशाली स्पष्टीकरण आह्वान के रूप में काम आया।
उप राष्ट्रपति ने लोकमान्य तिलक की प्रशंसा करते हुए कहा कि, उन्होंने राष्ट्रीय भावना को मजबूती प्रदान करते हुए और इसको शिक्षित अभिजात वर्ग के दायरे से बाहर लेकर आते हुए, भगवान गणेश की पूजा को घरेलू सार्वजनिक कार्यक्रमों के स्थान पर सर्वजनिक गणेशोत्सव जैसे भव्य सार्वजनिक आयोजनों में तब्दील कर दिया।
उन्होंने लोगों की राजनीतिक चेतना को जागृत करने में, लोकमान्य तिलक द्वारा - केसरी और मराठा जैसे स्वामित्व और संपादित वाली दो साप्ताहिक समाचार पत्रों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
उप राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख करते हुए कहा कि, लोकमान्य 1884 में स्थापित की गई डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, और वे शिक्षा को लोकतंत्रिक और उदारवादी विचारों के प्रसार में एक गुणक-बल के रूप में देखते थे और उन्हें जनता को शिक्षित करने वाला एक मजबूत विश्वास प्राप्त था।
चंद्रशेखर आजाद के देशभक्ति वाले उत्साह, पराक्रम और निःस्वार्थ को याद करते हुए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें बहुत कम उम्र में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त हुआ।
श्री नायडू ने चंद्रशेखर आजाद की सराहना करते हुए, उनके सर्वोच्च नेतृत्व कौशल और संगठनात्मक क्षमता पर चर्चा की, जिसके कारण चंद्रशेखर आजाद को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचआरएसए) को पुनर्गठित करने और इसे मजबूती प्रदान करने में सहायता मिली।
चंद्रशेखर आजाद को भगत सिंह सहित कई युवा स्वतंत्रता सेनानियों का संरक्षक, दार्शनिक और मार्गदर्शक बताते हुए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि 25 वर्ष की उम्र में चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रेरणादायक युवा नेताओं में से एक थे।
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उप राष्ट्रपति, श्री एम वेंकैया नायडू ने आज स्कूल के पुस्तकों में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, देशभक्ति और पराक्रम की कहानियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया, जिससे युवाओं को उनके प्रति प्रेरित किया जा सके। आज फेसबुक में पोस्ट किए गए अपने एक वक्तव्य में, उप राष्ट्रपति ने महान स्वतंत्रता सेनानियों- बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोगों से कहा कि वे इस महान देश के लिए उनके सपनों को साकार करने की दिशा में प्रयास करते रहें। उन्होंने मीडिया से भी यह निवेदन किया कि वे सिर्फ ओर सिर्फ स्मरणीय अवसरों पर ही स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय नेताओं की कहानियों को कवर न करें बल्कि नियमित रूप से उनके योगदान को उजागर करते रहें। लोकमान्य तिलक और चंद्रशेखर आजाद जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों नेताओं ने देश की आजादी के संघर्ष को सही आकार देने की दिशा में अग्रणी और प्रेरणादायक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि, "औपनिवेशिक ताकतों द्वारा प्रायः बाल गंगाधर तिलक को 'भारतीय अशांति का पिता' के रूप में संदर्भित किया जाता है, लेकिन वे "स्वतंत्रता के लिए सबसे पहले मजबूत अधिवक्ताओं में से एक थे।" श्री नायडू ने कहा कि वे एक विद्वान, गणितज्ञ, दार्शनिक, पत्रकार, समाज सुधारक और उग्र राष्ट्रवादी थे। उप राष्ट्रपति ने कहा कि, उनकी प्रसिद्ध घोषणा "स्वराज मेरा जन्म अधिकार है और हम इसको लेकर रहेंगें", भारत के स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के लिए एक शक्तिशाली स्पष्टीकरण आह्वान के रूप में काम आया। उप राष्ट्रपति ने लोकमान्य तिलक की प्रशंसा करते हुए कहा कि, उन्होंने राष्ट्रीय भावना को मजबूती प्रदान करते हुए और इसको शिक्षित अभिजात वर्ग के दायरे से बाहर लेकर आते हुए, भगवान गणेश की पूजा को घरेलू सार्वजनिक कार्यक्रमों के स्थान पर सर्वजनिक गणेशोत्सव जैसे भव्य सार्वजनिक आयोजनों में तब्दील कर दिया। उन्होंने लोगों की राजनीतिक चेतना को जागृत करने में, लोकमान्य तिलक द्वारा - केसरी और मराठा जैसे स्वामित्व और संपादित वाली दो साप्ताहिक समाचार पत्रों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उप राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख करते हुए कहा कि, लोकमान्य एक हज़ार आठ सौ चौरासी में स्थापित की गई डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, और वे शिक्षा को लोकतंत्रिक और उदारवादी विचारों के प्रसार में एक गुणक-बल के रूप में देखते थे और उन्हें जनता को शिक्षित करने वाला एक मजबूत विश्वास प्राप्त था। चंद्रशेखर आजाद के देशभक्ति वाले उत्साह, पराक्रम और निःस्वार्थ को याद करते हुए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें बहुत कम उम्र में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त हुआ। श्री नायडू ने चंद्रशेखर आजाद की सराहना करते हुए, उनके सर्वोच्च नेतृत्व कौशल और संगठनात्मक क्षमता पर चर्चा की, जिसके कारण चंद्रशेखर आजाद को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन को पुनर्गठित करने और इसे मजबूती प्रदान करने में सहायता मिली। चंद्रशेखर आजाद को भगत सिंह सहित कई युवा स्वतंत्रता सेनानियों का संरक्षक, दार्शनिक और मार्गदर्शक बताते हुए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि पच्चीस वर्ष की उम्र में चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रेरणादायक युवा नेताओं में से एक थे।
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प्रयागराज ब्यूरो । बसपा विधायक राजू पाल मर्डर केस के गवाह उमेश पाल की हत्या से जुड़ा एक और वीडियो रविवार को सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर गनर राघवेंद्र को दौड़ाकर गम मारा गया था। जिस गली में जान बचाने के लिए राघवेंद्र भागा था उसमें रहने वाले लोग शूट आउट का मंजर देखकर सहम गए थे। बम पीठ में लगते ही राघवेंद्र पेट के बल जमीन पर गिर पड़ा और पूरी गली धुआं से भर गई। यह सब देख रहे लोगों का पहले तो जान बचाकर भागे। धुआं कुछ कम हुआ तो डरे हुए दो युवक कांस्टेबल के पास पहुंचे। बगैर देर किए सहारा देकर घायल राघवेंद्र को लेकर सुरक्षित एक कमरे में चले गए।
धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेमसराय जयंतीपुर में गली के पास उमेश पाल व उसके गनर पर शूटरों द्वारा गोलियां बरसा दी गईं। गोलियों की तड़तड़ाहट व शुटआउट कांड को देखकर एक युवती चीखते हुए सामने बड़े से गेट के अंदर की ओर भागी। वीडियो में दिखाई दे रही युवती उमेश पाल की भतीजी बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि वह भागते उमेश पाल की भतीजी परिजनों को बुला रही थी कि चाचा को गोली मार दिए बाहर आओ। उसकी अवाज सुनकर एक महिला व कुछ पड़ोसी बाहर आगे। जब तक उमेश पाल का गनर गली के अंदर गेट की तरफ भाग रहा था। वह सभी कुछ समझ पाते कि गनर राघवेंद्र को को बम मार दिया गया। पीठ में बम लगते ही राघवेंद्र जमीन पर गिर गया और पूरी गली धुआं-धुआं हो गई। यह सब देखकर घरों से बाहर निकले लोग दहशत में आ गए। धुआं थोड़ा हलका हुआ तो दो युवक हिम्मत करके दबे पांव आगे आए। दोनों के द्वारा घायल सिपाही को सहारा देकर उठाया गया और बगैर देर किए युवक राघवेंद्र को सुरक्षित करने के लिए एक कमरे में ले गए।
वीडियो में सबसे पहले बाहर की तरफ से एक युवती गली के अंदर घर की तरफ भागती हुई आई।
तब तक उसके परिजन व पड़ोसी दरवाजे से बाहर आ गए। वह गली की तरफ बढ़े ही थे कि उमेश पाल का गनर भी युवती के पीछे-पीछे गली के अंदर भागता हुआ आ गया।
लोग कुछ करते इसके पहले शूटरों ने गनर को पीछे से बम मार दिया। गनर के गिरते ही युवती फिर गेट से निकली ओर गली के बाहर की ओर आने लगी।
मगर, घायल सिपाही के पास तक पहुंची थी कि गली के बाहर शूटरों के तांडव को देखकर वह फिर लौटी और गेट के अंदर खड़ी होकर असहाय की तरफ सब कुछ देखती रही।
इन सब के बीच गली में एक मैक्सी पहले हुए एक महिला भी बाहर आई। अंदर जाने में यदि वह महिला और युवती थोड़ी देर करती तो शायद उनकी भी जान चली गई होती।
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प्रयागराज ब्यूरो । बसपा विधायक राजू पाल मर्डर केस के गवाह उमेश पाल की हत्या से जुड़ा एक और वीडियो रविवार को सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर गनर राघवेंद्र को दौड़ाकर गम मारा गया था। जिस गली में जान बचाने के लिए राघवेंद्र भागा था उसमें रहने वाले लोग शूट आउट का मंजर देखकर सहम गए थे। बम पीठ में लगते ही राघवेंद्र पेट के बल जमीन पर गिर पड़ा और पूरी गली धुआं से भर गई। यह सब देख रहे लोगों का पहले तो जान बचाकर भागे। धुआं कुछ कम हुआ तो डरे हुए दो युवक कांस्टेबल के पास पहुंचे। बगैर देर किए सहारा देकर घायल राघवेंद्र को लेकर सुरक्षित एक कमरे में चले गए। धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेमसराय जयंतीपुर में गली के पास उमेश पाल व उसके गनर पर शूटरों द्वारा गोलियां बरसा दी गईं। गोलियों की तड़तड़ाहट व शुटआउट कांड को देखकर एक युवती चीखते हुए सामने बड़े से गेट के अंदर की ओर भागी। वीडियो में दिखाई दे रही युवती उमेश पाल की भतीजी बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि वह भागते उमेश पाल की भतीजी परिजनों को बुला रही थी कि चाचा को गोली मार दिए बाहर आओ। उसकी अवाज सुनकर एक महिला व कुछ पड़ोसी बाहर आगे। जब तक उमेश पाल का गनर गली के अंदर गेट की तरफ भाग रहा था। वह सभी कुछ समझ पाते कि गनर राघवेंद्र को को बम मार दिया गया। पीठ में बम लगते ही राघवेंद्र जमीन पर गिर गया और पूरी गली धुआं-धुआं हो गई। यह सब देखकर घरों से बाहर निकले लोग दहशत में आ गए। धुआं थोड़ा हलका हुआ तो दो युवक हिम्मत करके दबे पांव आगे आए। दोनों के द्वारा घायल सिपाही को सहारा देकर उठाया गया और बगैर देर किए युवक राघवेंद्र को सुरक्षित करने के लिए एक कमरे में ले गए। वीडियो में सबसे पहले बाहर की तरफ से एक युवती गली के अंदर घर की तरफ भागती हुई आई। तब तक उसके परिजन व पड़ोसी दरवाजे से बाहर आ गए। वह गली की तरफ बढ़े ही थे कि उमेश पाल का गनर भी युवती के पीछे-पीछे गली के अंदर भागता हुआ आ गया। लोग कुछ करते इसके पहले शूटरों ने गनर को पीछे से बम मार दिया। गनर के गिरते ही युवती फिर गेट से निकली ओर गली के बाहर की ओर आने लगी। मगर, घायल सिपाही के पास तक पहुंची थी कि गली के बाहर शूटरों के तांडव को देखकर वह फिर लौटी और गेट के अंदर खड़ी होकर असहाय की तरफ सब कुछ देखती रही। इन सब के बीच गली में एक मैक्सी पहले हुए एक महिला भी बाहर आई। अंदर जाने में यदि वह महिला और युवती थोड़ी देर करती तो शायद उनकी भी जान चली गई होती।
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इन राशि वाले व्यक्तियों के ऊपर माता लक्ष्मी मेहरबान रहने वाली है, नौकरी पेशा वाले लोग और बिजनेस वालों के लिए आने वाला समय बहुत ही शुभ है आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी।
कामकाज में समस्या धीरे-धीरे सुलझ जाएंगी. इस सप्ताह लिए जाने वाली फैसले या बनाई गई कुछ योजनाओं पर आपको फिर नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है. इससे आपको ही फायदा होगा. धैर्य से किया गया विचार आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. हड़बड़ी नहीं करेंगे और हर काम सोच समझ कर करेंगे तो सफल हो जाएंगे. कोर्ट कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी. जमीन जायदाद से भी फायदा हो सकता है. परिवार से भी सहयोग मिलता रहेगा. योजना से काम होंगे और सक्सेस मिलेगी. दांपत्य जीवन में तनाव रहेगा. दफ्तर फील्ड में अनचाही स्थितियां बन सकती हैं. आमतौर पर सेहत ठीक रहेगी.
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इन राशि वाले व्यक्तियों के ऊपर माता लक्ष्मी मेहरबान रहने वाली है, नौकरी पेशा वाले लोग और बिजनेस वालों के लिए आने वाला समय बहुत ही शुभ है आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। आपका व्यवहार लोगों पर काफी गहरा असर छोड़ सकता है, वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी, आपकी सेहत ठीक रहेगी। कामकाज में समस्या धीरे-धीरे सुलझ जाएंगी. इस सप्ताह लिए जाने वाली फैसले या बनाई गई कुछ योजनाओं पर आपको फिर नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है. इससे आपको ही फायदा होगा. धैर्य से किया गया विचार आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. हड़बड़ी नहीं करेंगे और हर काम सोच समझ कर करेंगे तो सफल हो जाएंगे. कोर्ट कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी. जमीन जायदाद से भी फायदा हो सकता है. परिवार से भी सहयोग मिलता रहेगा. योजना से काम होंगे और सक्सेस मिलेगी. दांपत्य जीवन में तनाव रहेगा. दफ्तर फील्ड में अनचाही स्थितियां बन सकती हैं. आमतौर पर सेहत ठीक रहेगी.
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मेष राशि- आज बिजनेस मे बढ़ोत्तरी के लिये आपके दिमाग में जो भी उपाय आयेगा वो सफल होगा। पुराने किये हुए कार्यो का आज अच्छा परिणाम मिलने वाला है। जमीन से जुड़ा कोई बड़ा मामला सुलझ जायेगा। करियर में कुछ अच्छे बदलाव होने वाला है। जिससे मान-सम्मान में बढ़ोत्तरी होगी।
वृष राशि- अचानक धनलाभ के योग है। इस राशि की महिलाओं को जीवनसाथी से सरप्राइज मिल सकता है जिससे आपका मन प्रसन्न हो जायेगा। आपको अपने दोस्तों से बातें शेयर करके अच्छा महसूस होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
मिथुन राशि- आपके काम में आत्मविश्वास की झलक दिखाई देगी। कोई रुका हुआ काम अपनों की मदद से पूरा हो जायेगा। आज आपको कोई शुभ समाचार मिलने वाला है। शादीशुदा पार्टनर की बात मानेंगे तो रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। विरोधी पक्ष आपसे दूरियां बनाकर रहेंगे।
कर्क राशि- पहले किये गये कार्यों में साकारात्मक परिणाम आपको मिलेगा। अपना धैर्य बनाये रखें और समय के साथ चलें। अपने जज्बात काबू में रखें फायदा होगा। आपको तरक्की के नये रास्ते मिलेंगे। दिक्कतों का तेजी से मुकाबला करने की क्षमता आपको खास पहचान दिलाएगी।
सिंह राशि- इस राशि के कारोबारी अपनी प्लानिंग गुप्त रखेंगे तो सफलता जरूर हासिल होंगी। किसी काम में निवेश करने से पहले अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें, इससे आप नुकसान से बचे रहेंगे। मानसिक तनाव कम होगा। इस राशि के विवाहित अपनी भाषा पर कंट्रोल रखें।
कन्या राशि- आज आपका दाम्पत्य जीवन सुखमय बना रहेगा। साथ ही रिश्ते में और मिठास बढ़ेगी। आपको कुछ अप्रत्याशित धन प्राप्त होने वाला है, जिसका इंतजार आप लम्बे समय से कर रहे थे। खुद को व्यर्थ के कामों से दूर रखें। वरना आपका अधिक समय फिजूल के कामों में निकल जायेगा।
तुला राशि- दिन अनुकूल रहने वाला है। किसी काम से आपको बड़ा फायदा होने वाला है, साथ ही अधूरा काम पूरा हो जायेगा। कुछ निजी काम में बहन का सहयोग उम्मीद से अधिक मिलने वाला है। जीवनसाथी आपको कोई खूबसूरत तोहफा देने का मन बनायेंगे। इससे रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।
वृश्चिक राशि- इस राशि के लोग समझदारी से काम करेंगें तो आपको फायदा जरूर होने वाला है। पदोन्नती का अवसर मिलने के आसार बन रहे हैं। मुश्किल परिस्थिति में किसी मित्र का सहयोग प्राप्त होगा। दिन समझ-बूझ कर कदम उठाने का है, इसलिए तब तक अपने विचार व्यक्त न करें जब तक आवश्यकता न हो।
धनु राशि- आपका दिन अच्छा रहेगा। अगर कहीं यात्रा पर जा रहे हैं तो फायदा होने वाला है। आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। अगर कोई नया मकान खरीदना चाह रहे हैं तो दिन आपके लिये शुभ है। दूर का कोई रिश्तेदार आपसे मिलने घर आयेंगे।
मकर राशि- कारोबार में वृद्धि के लिये दिन शुभ है। पहले से बनी योजनाओं को लागू करना ठीक रहेगा। इस राशि के जो लोग पयर्टन के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें आर्थिक लाभ मिलने वाला है। आप काम के प्रति सचेत रहें कोई विरोधी आपके व्यापार को नुकसान पहुंचाने की नकामयाब कोशिश कर सकता है।
कुम्भ राशि- आपका मन अध्यात्म में अधिक लगा रहेगा। कोई व्यक्ति आपके करियर के लिए खास साबित होगा। सही दिशा में मेहनत करेंगे जिससे ज्यादा काम निपटा लेंगे। किसी संस्था द्वारा आपको सम्मानित किया जायेगा। नौकरी कर रहे लोगों का प्रभाव जमेगा।
मीन राशि- किस्मत आपका पूरा साथ देगी। पार्टनर कुछ ऐसा काम भी कर सकता है, जिसे देखकर आपका मन प्रसन्न हो जायेगा। कारोबार में कुछ ऐसी बाते सामने आएंगी जो भविष्य में फायदेमंद रहेगी। किसी नये काम की शुरुआत करना आपके लिये फायदेमंद रहेगा।
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मेष राशि- आज बिजनेस मे बढ़ोत्तरी के लिये आपके दिमाग में जो भी उपाय आयेगा वो सफल होगा। पुराने किये हुए कार्यो का आज अच्छा परिणाम मिलने वाला है। जमीन से जुड़ा कोई बड़ा मामला सुलझ जायेगा। करियर में कुछ अच्छे बदलाव होने वाला है। जिससे मान-सम्मान में बढ़ोत्तरी होगी। वृष राशि- अचानक धनलाभ के योग है। इस राशि की महिलाओं को जीवनसाथी से सरप्राइज मिल सकता है जिससे आपका मन प्रसन्न हो जायेगा। आपको अपने दोस्तों से बातें शेयर करके अच्छा महसूस होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। मिथुन राशि- आपके काम में आत्मविश्वास की झलक दिखाई देगी। कोई रुका हुआ काम अपनों की मदद से पूरा हो जायेगा। आज आपको कोई शुभ समाचार मिलने वाला है। शादीशुदा पार्टनर की बात मानेंगे तो रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। विरोधी पक्ष आपसे दूरियां बनाकर रहेंगे। कर्क राशि- पहले किये गये कार्यों में साकारात्मक परिणाम आपको मिलेगा। अपना धैर्य बनाये रखें और समय के साथ चलें। अपने जज्बात काबू में रखें फायदा होगा। आपको तरक्की के नये रास्ते मिलेंगे। दिक्कतों का तेजी से मुकाबला करने की क्षमता आपको खास पहचान दिलाएगी। सिंह राशि- इस राशि के कारोबारी अपनी प्लानिंग गुप्त रखेंगे तो सफलता जरूर हासिल होंगी। किसी काम में निवेश करने से पहले अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें, इससे आप नुकसान से बचे रहेंगे। मानसिक तनाव कम होगा। इस राशि के विवाहित अपनी भाषा पर कंट्रोल रखें। कन्या राशि- आज आपका दाम्पत्य जीवन सुखमय बना रहेगा। साथ ही रिश्ते में और मिठास बढ़ेगी। आपको कुछ अप्रत्याशित धन प्राप्त होने वाला है, जिसका इंतजार आप लम्बे समय से कर रहे थे। खुद को व्यर्थ के कामों से दूर रखें। वरना आपका अधिक समय फिजूल के कामों में निकल जायेगा। तुला राशि- दिन अनुकूल रहने वाला है। किसी काम से आपको बड़ा फायदा होने वाला है, साथ ही अधूरा काम पूरा हो जायेगा। कुछ निजी काम में बहन का सहयोग उम्मीद से अधिक मिलने वाला है। जीवनसाथी आपको कोई खूबसूरत तोहफा देने का मन बनायेंगे। इससे रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। वृश्चिक राशि- इस राशि के लोग समझदारी से काम करेंगें तो आपको फायदा जरूर होने वाला है। पदोन्नती का अवसर मिलने के आसार बन रहे हैं। मुश्किल परिस्थिति में किसी मित्र का सहयोग प्राप्त होगा। दिन समझ-बूझ कर कदम उठाने का है, इसलिए तब तक अपने विचार व्यक्त न करें जब तक आवश्यकता न हो। धनु राशि- आपका दिन अच्छा रहेगा। अगर कहीं यात्रा पर जा रहे हैं तो फायदा होने वाला है। आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। अगर कोई नया मकान खरीदना चाह रहे हैं तो दिन आपके लिये शुभ है। दूर का कोई रिश्तेदार आपसे मिलने घर आयेंगे। मकर राशि- कारोबार में वृद्धि के लिये दिन शुभ है। पहले से बनी योजनाओं को लागू करना ठीक रहेगा। इस राशि के जो लोग पयर्टन के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें आर्थिक लाभ मिलने वाला है। आप काम के प्रति सचेत रहें कोई विरोधी आपके व्यापार को नुकसान पहुंचाने की नकामयाब कोशिश कर सकता है। कुम्भ राशि- आपका मन अध्यात्म में अधिक लगा रहेगा। कोई व्यक्ति आपके करियर के लिए खास साबित होगा। सही दिशा में मेहनत करेंगे जिससे ज्यादा काम निपटा लेंगे। किसी संस्था द्वारा आपको सम्मानित किया जायेगा। नौकरी कर रहे लोगों का प्रभाव जमेगा। मीन राशि- किस्मत आपका पूरा साथ देगी। पार्टनर कुछ ऐसा काम भी कर सकता है, जिसे देखकर आपका मन प्रसन्न हो जायेगा। कारोबार में कुछ ऐसी बाते सामने आएंगी जो भविष्य में फायदेमंद रहेगी। किसी नये काम की शुरुआत करना आपके लिये फायदेमंद रहेगा।
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एक जिम्मेदार राष्ट्र का कर्तव्य है कि वह अपने आने वाली पीढ़ी को देश के इतिहास, संस्कृति, धर्म-दर्शन और जनतांत्रिक मूल्यों से सुपरिचित कराए। साथ ही उन अलोकतांत्रिक तानाशाही विचारों को भी पाठ्यक्रम से जोड़े जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और उदात्त मूल्यों के खिलाफ हैं। यह तथ्य है कि स्वतंत्र भारत के ऐसे कई प्रसंग हैं जो ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण होते हुए भी इतिहास का हिस्सा नहीं बन सके। उन्हीं में से एक है आपातकाल। आपातकाल के साढ़े चार दशक गुजर चुके हैं लेकिन शायद ही नई पीढ़ी इससे सुपरिचित हो। पर अच्छी बात यह है कि देर से ही सही अब आपाकाल को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग मुखर होने लगी है। अगर आपातकाल के प्रसंग को इतिहास के पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया जाए तो निःसंदेह युवा पीढ़ी को तानाशाही और लोकतांत्रिक विचारों के फर्क को समझने और महसूस करने में मदद मिलेगी। युवाओं को जानने-समझने का मौका मिलेगा कि एक राष्ट्र को किस तरह के विचार और व्यवस्था की जरुरत है। एक स्वस्थ संसदीय लोकतांत्रिक परंपरा में धरना-प्रदर्शन, सत्याग्रह और सिविल नाफरमानी जनतंत्र के बुनियादी आधार होते हैं। कोई भी लोकतांत्रिक सरकार इन मूल्यों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती। अगर करती है तो फिर वह अलोकतांत्रिक और जनविरोधी है। 25 जून, 1975 को देश की ततकालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू की थी। जब भी 25 जून का दिन आता है आपातकाल की टीस उभरने लगती है। उसी टीस का नतीजा है कि आज भी उस पर विमर्श जारी है। विचार करें तो इन साढ़े चार दशकों में देश में युवाओं की एक ऐसी पीढ़ी आयी है जो न सिर्फ लोकतंत्र की समर्थक है बल्कि उन सभी विचारों का विरोधी भी है जो मानवीय गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है। फिलहाल कहना मुश्किल है कि भारत की नई युवा पीढ़ी श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा थोपे गए आपातकाल से खुद को कितना जोड़ पायी है। ऐसा इसलिए कि आपातकाल के बारे में शायद ही नई पीढ़ी को संपूर्ण जानकारी होगी। शायद उसे यह भी भान नहीं होगा कि आपातकाल होता क्या है? अगर दशकों पहले आपातकाल के प्रसंग को शिक्षा से जोड़ दिया गया होता तो आज की युवा पीढ़ी आपातकाल के गुण-दोष से सुपरिचित होती। तब शायद लोकतंत्र को और अधिक मजबूती मिली होती। आपातकाल को शिक्षा के पाठ्यक्रम से जोड़ा जाना इसलिए भी आवश्यक है कि आपातकाल लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों के विपरित एक ऐसी तानाशाही विचारधारा है जिसे भारत ही नहीं दुनिया के हर लोकतांत्रिक देशों ने खारिज किया है। युवाओं को जानना होगा कि आपातकाल का मूल कारण 12 जून, 1975 का इलाहाबाद उच्च न्यायालय का वह फैसला था जिसमें न्यायमूर्ति जगमोहन लाल सिन्हा ने श्रीमती इंदिरा गांधी के रायबरेली चुनाव को यह कहकर रद्द कर दिया था कि चुनाव भ्रष्ट तरीके से जीता गया। इसे ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति ने श्रीमती इंदिरा गांधी पर छः साल चुनाव न लड़ने का प्रतिबंध लगा दिया। प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी इस फैसले का सम्मान करने के बजाए सत्ता बचाने के खेल में जुट गयी। उनके पास सिर्फ दो ही उपाय थे। या तो वह न्यायालय के फैसले का सम्मान कर अपने पद से इस्तीफा देती या संविधान का गला घोंटती। उन्होंने दूसरे रास्ते को चुना और संविधान को निलंबित कर दिया। आंतरिक सुरक्षा को मुद्दा बनाकर बगैर कैबिनेट की मंजूरी लिए ही देश पर आपातकाल थोप दिया। यही नहीं उन्होंने संवैधानिक नियमों को ताक पर रख उच्चतम न्यायालय के तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों की वरिष्ठता की अनदेखी कर चैथे नंबर के न्यायाधीश को मुख्य न्यायाधीश बना दिया। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय पर स्थगनादेश जारी किए जाने के बाद श्रीमती गांधी और उग्र हो उठी। उन्होंने उन सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मटियामेट करना शुरु कर दिया जो लोकतंत्र की संवाहक थी। उन्होंने ने जयप्रकाश नारायण समेत उन सभी आंदोलनकारियों को मीसा और डीआइआर कानूनों के तहत जेल भेज दिया जो आपातकाल का विरोध कर रहे थे। सरकार ने प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध लगा दिया। यहां तक कि समाचार पत्रों को अपने संपादकीय का स्थान रिक्त छोड़ने की भी अनुमति नहीं दी। दरअसल वे संपादकीय को रिक्त छोड़ा जाना अपनी सरकार के खिलाफ समझती थी। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारों और संपादकों पर भी डंडा चलाना शुरु कर दिया। मोरार जी देसाई के शासन काल में गठित शाह आयोग की रिपोर्ट में सरकार की निरंकुशता का दिलदहला देने वाले सच उजागर हुआ। इस रिपोर्ट में कहा गया कि आपातकाल के दौरान गांधी जी के विचारों के साथ-साथ गीता से भी उद्धरण देने पर पाबंदी थी। श्रीमती गांधी के समर्थकों ने आंदोलन की धार कुंद करने के लिए यह प्रचारित करना शुरु कर दिया कि जयप्रकाश नारायण का आंदोलन फासिस्टवादी है। सरकार के अत्याचार की पराकाष्ठा का परिणाम रहा कि बिना अभियोग चलाए ही लाखों आंदोलनकारियों को हिरासत में ठूंस दिया गया। सरकारी संस्थाएं सरकार से डर गयी और उसके सुर में सुर मिलाने लगी। लेकिन कहते हैं न कि लोकतंत्र में तानाशाही की उम्र ज्यादा लंबी नहीं होती। आखिरकार लोकतंत्र ही जीतता है। कुछ ऐसा ही हश्र श्रीमती गांधी की तानाशाह सरकार के साथ भी हुआ। 1977 के आम चुनाव में जनता ने श्रीमती गांधी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका और आपातकाल की रीढ़ तोड़ दी। विश्व इतिहास गवाह है कि जन आंदोलनों के आगे दुनिया की हर तानाशाह सरकार झुकती रही है। रुस की जारशाही और फ्रांस की राजशाही भी जन आंदोलनों को डिगा नहीं पायी। आज सर्वाधिक चिंता की बात है यह है कि देश में आपातकाल थोपे जाने के बाद भी उसे रोकने का अभी तक कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं बनाया गया है। उचित होगा कि संविधान में इस तरह का प्रावधान किया जाए कि दोबारा आपातकाल थोपे जाने की न तो गुंजाइश बचे और न ही कोई निर्वाचित सरकार दुस्साहस दिखाए। स्वाभाविक है कि जब इस तरह का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं होगा तो आपातकाल की आशंका बनी रहेगी। बहरहाल अच्छी बात रही कि जिस दौर में आपातकाल थोपा गया उससे हमारा लोकतंत्र कमजोर होने के बजाए ताकतवर व परिपक्व हुआ। नागरिक अधिकारों व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सतर्कता बढ़ी। न्यायपालिका दबावमुक्त, स्वतंत्र और सक्रिय हुई। मीडिया आजादी की कुलांचे भरने लगी। इन सबके बीच अगर आपातकाल को शिक्षा के पाठ्यक्रम से जोड़ दिया जाए तो लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी को तो मजबूती मिलेगी ही साथ ही आपातकाल के संबंध में युवाओं के विचार भी खुलकर सामने आएंगे।
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एक जिम्मेदार राष्ट्र का कर्तव्य है कि वह अपने आने वाली पीढ़ी को देश के इतिहास, संस्कृति, धर्म-दर्शन और जनतांत्रिक मूल्यों से सुपरिचित कराए। साथ ही उन अलोकतांत्रिक तानाशाही विचारों को भी पाठ्यक्रम से जोड़े जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और उदात्त मूल्यों के खिलाफ हैं। यह तथ्य है कि स्वतंत्र भारत के ऐसे कई प्रसंग हैं जो ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण होते हुए भी इतिहास का हिस्सा नहीं बन सके। उन्हीं में से एक है आपातकाल। आपातकाल के साढ़े चार दशक गुजर चुके हैं लेकिन शायद ही नई पीढ़ी इससे सुपरिचित हो। पर अच्छी बात यह है कि देर से ही सही अब आपाकाल को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग मुखर होने लगी है। अगर आपातकाल के प्रसंग को इतिहास के पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया जाए तो निःसंदेह युवा पीढ़ी को तानाशाही और लोकतांत्रिक विचारों के फर्क को समझने और महसूस करने में मदद मिलेगी। युवाओं को जानने-समझने का मौका मिलेगा कि एक राष्ट्र को किस तरह के विचार और व्यवस्था की जरुरत है। एक स्वस्थ संसदीय लोकतांत्रिक परंपरा में धरना-प्रदर्शन, सत्याग्रह और सिविल नाफरमानी जनतंत्र के बुनियादी आधार होते हैं। कोई भी लोकतांत्रिक सरकार इन मूल्यों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती। अगर करती है तो फिर वह अलोकतांत्रिक और जनविरोधी है। पच्चीस जून, एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर को देश की ततकालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू की थी। जब भी पच्चीस जून का दिन आता है आपातकाल की टीस उभरने लगती है। उसी टीस का नतीजा है कि आज भी उस पर विमर्श जारी है। विचार करें तो इन साढ़े चार दशकों में देश में युवाओं की एक ऐसी पीढ़ी आयी है जो न सिर्फ लोकतंत्र की समर्थक है बल्कि उन सभी विचारों का विरोधी भी है जो मानवीय गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है। फिलहाल कहना मुश्किल है कि भारत की नई युवा पीढ़ी श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा थोपे गए आपातकाल से खुद को कितना जोड़ पायी है। ऐसा इसलिए कि आपातकाल के बारे में शायद ही नई पीढ़ी को संपूर्ण जानकारी होगी। शायद उसे यह भी भान नहीं होगा कि आपातकाल होता क्या है? अगर दशकों पहले आपातकाल के प्रसंग को शिक्षा से जोड़ दिया गया होता तो आज की युवा पीढ़ी आपातकाल के गुण-दोष से सुपरिचित होती। तब शायद लोकतंत्र को और अधिक मजबूती मिली होती। आपातकाल को शिक्षा के पाठ्यक्रम से जोड़ा जाना इसलिए भी आवश्यक है कि आपातकाल लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों के विपरित एक ऐसी तानाशाही विचारधारा है जिसे भारत ही नहीं दुनिया के हर लोकतांत्रिक देशों ने खारिज किया है। युवाओं को जानना होगा कि आपातकाल का मूल कारण बारह जून, एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर का इलाहाबाद उच्च न्यायालय का वह फैसला था जिसमें न्यायमूर्ति जगमोहन लाल सिन्हा ने श्रीमती इंदिरा गांधी के रायबरेली चुनाव को यह कहकर रद्द कर दिया था कि चुनाव भ्रष्ट तरीके से जीता गया। इसे ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति ने श्रीमती इंदिरा गांधी पर छः साल चुनाव न लड़ने का प्रतिबंध लगा दिया। प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी इस फैसले का सम्मान करने के बजाए सत्ता बचाने के खेल में जुट गयी। उनके पास सिर्फ दो ही उपाय थे। या तो वह न्यायालय के फैसले का सम्मान कर अपने पद से इस्तीफा देती या संविधान का गला घोंटती। उन्होंने दूसरे रास्ते को चुना और संविधान को निलंबित कर दिया। आंतरिक सुरक्षा को मुद्दा बनाकर बगैर कैबिनेट की मंजूरी लिए ही देश पर आपातकाल थोप दिया। यही नहीं उन्होंने संवैधानिक नियमों को ताक पर रख उच्चतम न्यायालय के तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों की वरिष्ठता की अनदेखी कर चैथे नंबर के न्यायाधीश को मुख्य न्यायाधीश बना दिया। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय पर स्थगनादेश जारी किए जाने के बाद श्रीमती गांधी और उग्र हो उठी। उन्होंने उन सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मटियामेट करना शुरु कर दिया जो लोकतंत्र की संवाहक थी। उन्होंने ने जयप्रकाश नारायण समेत उन सभी आंदोलनकारियों को मीसा और डीआइआर कानूनों के तहत जेल भेज दिया जो आपातकाल का विरोध कर रहे थे। सरकार ने प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध लगा दिया। यहां तक कि समाचार पत्रों को अपने संपादकीय का स्थान रिक्त छोड़ने की भी अनुमति नहीं दी। दरअसल वे संपादकीय को रिक्त छोड़ा जाना अपनी सरकार के खिलाफ समझती थी। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारों और संपादकों पर भी डंडा चलाना शुरु कर दिया। मोरार जी देसाई के शासन काल में गठित शाह आयोग की रिपोर्ट में सरकार की निरंकुशता का दिलदहला देने वाले सच उजागर हुआ। इस रिपोर्ट में कहा गया कि आपातकाल के दौरान गांधी जी के विचारों के साथ-साथ गीता से भी उद्धरण देने पर पाबंदी थी। श्रीमती गांधी के समर्थकों ने आंदोलन की धार कुंद करने के लिए यह प्रचारित करना शुरु कर दिया कि जयप्रकाश नारायण का आंदोलन फासिस्टवादी है। सरकार के अत्याचार की पराकाष्ठा का परिणाम रहा कि बिना अभियोग चलाए ही लाखों आंदोलनकारियों को हिरासत में ठूंस दिया गया। सरकारी संस्थाएं सरकार से डर गयी और उसके सुर में सुर मिलाने लगी। लेकिन कहते हैं न कि लोकतंत्र में तानाशाही की उम्र ज्यादा लंबी नहीं होती। आखिरकार लोकतंत्र ही जीतता है। कुछ ऐसा ही हश्र श्रीमती गांधी की तानाशाह सरकार के साथ भी हुआ। एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर के आम चुनाव में जनता ने श्रीमती गांधी की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका और आपातकाल की रीढ़ तोड़ दी। विश्व इतिहास गवाह है कि जन आंदोलनों के आगे दुनिया की हर तानाशाह सरकार झुकती रही है। रुस की जारशाही और फ्रांस की राजशाही भी जन आंदोलनों को डिगा नहीं पायी। आज सर्वाधिक चिंता की बात है यह है कि देश में आपातकाल थोपे जाने के बाद भी उसे रोकने का अभी तक कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं बनाया गया है। उचित होगा कि संविधान में इस तरह का प्रावधान किया जाए कि दोबारा आपातकाल थोपे जाने की न तो गुंजाइश बचे और न ही कोई निर्वाचित सरकार दुस्साहस दिखाए। स्वाभाविक है कि जब इस तरह का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं होगा तो आपातकाल की आशंका बनी रहेगी। बहरहाल अच्छी बात रही कि जिस दौर में आपातकाल थोपा गया उससे हमारा लोकतंत्र कमजोर होने के बजाए ताकतवर व परिपक्व हुआ। नागरिक अधिकारों व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सतर्कता बढ़ी। न्यायपालिका दबावमुक्त, स्वतंत्र और सक्रिय हुई। मीडिया आजादी की कुलांचे भरने लगी। इन सबके बीच अगर आपातकाल को शिक्षा के पाठ्यक्रम से जोड़ दिया जाए तो लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी को तो मजबूती मिलेगी ही साथ ही आपातकाल के संबंध में युवाओं के विचार भी खुलकर सामने आएंगे।
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अर्जुन तेंदुलकर को आईपीएल में आखिरकार अपना पहला विकेट मिल ही गया.
अर्जुन ने सनराइजर्स के खिलाफ मैच में भुवनेश्वर कुमार को आखिरी ओवर में चलता किया.
अर्जुन तेंदुलकर के इस विकेट पर उनकी बहन सारा तेंदुलकर ने इमोशनल पोस्ट किया.
सारा ने अर्जुन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'इस दिन के लिए काफी लंबा इंतजार किया. तुम पर बहुत गर्व है. '
16 अप्रैल को अर्जुन ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ डेब्यू किया. उस मुकाबले में सारा मैदान पर मौजूद थीं.
अर्जुन तेंदुलकर ने दो साल के लंबे इंतजार के बाद अपना आईपीएल डेब्यू किया.
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अर्जुन तेंदुलकर को आईपीएल में आखिरकार अपना पहला विकेट मिल ही गया. अर्जुन ने सनराइजर्स के खिलाफ मैच में भुवनेश्वर कुमार को आखिरी ओवर में चलता किया. अर्जुन तेंदुलकर के इस विकेट पर उनकी बहन सारा तेंदुलकर ने इमोशनल पोस्ट किया. सारा ने अर्जुन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'इस दिन के लिए काफी लंबा इंतजार किया. तुम पर बहुत गर्व है. ' सोलह अप्रैल को अर्जुन ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ डेब्यू किया. उस मुकाबले में सारा मैदान पर मौजूद थीं. अर्जुन तेंदुलकर ने दो साल के लंबे इंतजार के बाद अपना आईपीएल डेब्यू किया.
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REET Level 1 Result 2022 : राजस्थान के तृतीय श्रेणी अध्यापक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार समाप्त हो गया है। गुरुवार को RBSE ने रीट लेवल-1 (REET Level 1) का परिणाम घोषित कर दिया गया। जिसके बाद अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (BSER) द्वारा आयोजित की जाने वाली राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 (REET 2022) में भाग लेने वाले छात्र BSER की वेबसाइट के जरिए परिणाम चेक कर सकते हैं।
बोर्ड ने परिणाम के लिए rajeduboard. rajasthan. gov. in पर लिंक जारी किया है। यहां आपको REETRAJ का लिंक मिलेगा। इसके साथ ही reetbser2022. in के डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर परिणाम चेक किया जा सकता है। साथ ही परिणाम को डाउनलोड किया जा सकता है।
(REET) रीट के मुख्य समन्वयक एल. एन. मंत्री और समन्वयक मेघना चौधरी द्वारा जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि स्तर द्वितीय की परीक्षा तीन पारियों में होने के कारण स्केलिंग नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई गई। इस प्रक्रिया का फार्मूला रीट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
इसके अलावा उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि, रीट स्तर प्रथम की परीक्षा में 3 लाख 20 हजार 14 अभ्यर्थी शामिल हुए। जिसमें से 2 लाख 3 हजार 609 पात्र घोषित किए गए। इस प्रकार परीक्षा का परिणाम 63. 63 फीसदी रहा। स्तर द्वितीय की परीक्षा में 11 लाख 55 हजार 904 परीक्षार्थी शामिल थे। जिनमें से 6 लाख 3 हजार 228 पात्र रहे।
इस प्रकार से प्रदेश में परीक्षा का परिणाम 52. 19 फीसदी रहा। उल्लेखनीय है कि रीट 2022 की पात्रता आजीवन रहेगी। इसके अलावा अभ्यर्थी रीट परीक्षा के परिणा लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। जिसके बाद आज इंतजार समाप्त हो गया।
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REET Level एक Result दो हज़ार बाईस : राजस्थान के तृतीय श्रेणी अध्यापक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार समाप्त हो गया है। गुरुवार को RBSE ने रीट लेवल-एक का परिणाम घोषित कर दिया गया। जिसके बाद अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा दो हज़ार बाईस में भाग लेने वाले छात्र BSER की वेबसाइट के जरिए परिणाम चेक कर सकते हैं। बोर्ड ने परिणाम के लिए rajeduboard. rajasthan. gov. in पर लिंक जारी किया है। यहां आपको REETRAJ का लिंक मिलेगा। इसके साथ ही reetbserदो हज़ार बाईस. in के डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर परिणाम चेक किया जा सकता है। साथ ही परिणाम को डाउनलोड किया जा सकता है। रीट के मुख्य समन्वयक एल. एन. मंत्री और समन्वयक मेघना चौधरी द्वारा जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि स्तर द्वितीय की परीक्षा तीन पारियों में होने के कारण स्केलिंग नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई गई। इस प्रक्रिया का फार्मूला रीट की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि, रीट स्तर प्रथम की परीक्षा में तीन लाख बीस हजार चौदह अभ्यर्थी शामिल हुए। जिसमें से दो लाख तीन हजार छः सौ नौ पात्र घोषित किए गए। इस प्रकार परीक्षा का परिणाम तिरेसठ. तिरेसठ फीसदी रहा। स्तर द्वितीय की परीक्षा में ग्यारह लाख पचपन हजार नौ सौ चार परीक्षार्थी शामिल थे। जिनमें से छः लाख तीन हजार दो सौ अट्ठाईस पात्र रहे। इस प्रकार से प्रदेश में परीक्षा का परिणाम बावन. उन्नीस फीसदी रहा। उल्लेखनीय है कि रीट दो हज़ार बाईस की पात्रता आजीवन रहेगी। इसके अलावा अभ्यर्थी रीट परीक्षा के परिणा लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। जिसके बाद आज इंतजार समाप्त हो गया।
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WWE Extream Rules 2021 Matches- The Usos का होगा एक्सट्रीम रूल्स में The Street Profits से सामना, दोनों टीमों के बीच होगा स्मैकडाउन टैग टीम चैंपियनशिप के लिए मुकाबलाः डब्ल्यूडब्ल्यूई के अगले पीपीवी इवेंट यानी डब्ल्यूडब्ल्यूई एक्सट्रीम रूल्स के लिए एक और टाइटल मैच की घोषणा कर दी गई है। जिसमें स्मैकडाउन टैग-टीम चैंपियंस द उसोस द स्ट्रीट प्रॉफिट्स (The Usos And The Street Profits) के खिलाफ अपने टाइटल को डिफेंड करेंगे, जो मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए डब्ल्यूडब्ल्यूई स्मैकडाउन (WWE Smackdown) का रीमैच होगा।
जब से द मिस्टीरियोस को स्मैकडाउन टैग-टीम टाइटल की पिक्चर से दरकिनार किया गया है तब से द स्ट्रीट प्रॉफिट्स द उसोस के नेक्स्ट चैलेंजर्स के रूप में उभरे हैं। एंजेलो डॉकिन्स और मोंटेज फोर्ड इस टाइटल पिक्चर में तब आ गए जब उन्होंने फिन बैलर को रोमन रैंस और द उसोस द्वारा शुरू किए गए 3 ऑन 1 हमले से बचाया था। उसी समय से द स्ट्रीट प्रॉफिट्स ने डार्क मैचों में द ब्लडलाइन (रोमन रैंस, जे उसो और जिमी उसो) का सामना करने के लिए कई मौकों पर फिन बैलर और जॉन सीना के साथ मिलकर काम किया था।
स्ट्रीट प्रॉफिट्स को पिछले हफ्ते मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले स्मैकडाउन के एपिसोड में टीग टीम टाइटल शॉट मिला था। उन्होंने इस मैच में द उसोस को लगभग हरा ही दिया था। लेकिन रोमन रैंस ने अचानक से मोंटेज फोर्ड को गिलोटिन लॉक में पकड़ लिया था। जिसके बाद यह मैच डिस्क्वालिफाई कर दिया गया।
जिसके बाद अब इन दोनों टीमों के बीच एक्सट्रीम रूल्स पीपीवी के लिए टैग टीम मैच ऑफिशियल कर दिया गया है। स्ट्रीट प्रॉफिट्स द उसोस को अस्थिर करने और द ब्लडलाइन के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। द उसोस का टैग टाइटल हारना हैड ऑफ द टेबल को नाराज कर सकता है और इससे रोमन और उनके चचेरे भाईयों द उसोस के बीच अनबन हो सकती है।
यहां एक्सट्रीम रूल्स पीपीवी का अपडेट मैच कार्ड दिया गया है।
- स्मैकडाउन विमेंस चैंपियनशिप- बियांका बेलेयर बनाम बैकी लिंच (सी)
- रॉ विमेंस चैंपियनशिप- एलेक्सा ब्लिस बनाम शार्लेट फ्लेयर (सी)
- यूनाइटेड स्टेट्स चैंपियनशिप- शेमस बनाम डेमियन प्रीस्ट (सी)
- स्मैकडाउन टैग-टीम चैंपियनशिप- द स्ट्रीट प्रॉफिट्स बनाम द उसोज़ (सी)
- यूनिवर्सल चैंपियनशिप- "डीमन" फिन बैलर बनाम रोमन रैंस (सी)
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WWE Extream Rules दो हज़ार इक्कीस Matches- The Usos का होगा एक्सट्रीम रूल्स में The Street Profits से सामना, दोनों टीमों के बीच होगा स्मैकडाउन टैग टीम चैंपियनशिप के लिए मुकाबलाः डब्ल्यूडब्ल्यूई के अगले पीपीवी इवेंट यानी डब्ल्यूडब्ल्यूई एक्सट्रीम रूल्स के लिए एक और टाइटल मैच की घोषणा कर दी गई है। जिसमें स्मैकडाउन टैग-टीम चैंपियंस द उसोस द स्ट्रीट प्रॉफिट्स के खिलाफ अपने टाइटल को डिफेंड करेंगे, जो मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए डब्ल्यूडब्ल्यूई स्मैकडाउन का रीमैच होगा। जब से द मिस्टीरियोस को स्मैकडाउन टैग-टीम टाइटल की पिक्चर से दरकिनार किया गया है तब से द स्ट्रीट प्रॉफिट्स द उसोस के नेक्स्ट चैलेंजर्स के रूप में उभरे हैं। एंजेलो डॉकिन्स और मोंटेज फोर्ड इस टाइटल पिक्चर में तब आ गए जब उन्होंने फिन बैलर को रोमन रैंस और द उसोस द्वारा शुरू किए गए तीन ऑन एक हमले से बचाया था। उसी समय से द स्ट्रीट प्रॉफिट्स ने डार्क मैचों में द ब्लडलाइन का सामना करने के लिए कई मौकों पर फिन बैलर और जॉन सीना के साथ मिलकर काम किया था। स्ट्रीट प्रॉफिट्स को पिछले हफ्ते मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले स्मैकडाउन के एपिसोड में टीग टीम टाइटल शॉट मिला था। उन्होंने इस मैच में द उसोस को लगभग हरा ही दिया था। लेकिन रोमन रैंस ने अचानक से मोंटेज फोर्ड को गिलोटिन लॉक में पकड़ लिया था। जिसके बाद यह मैच डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। जिसके बाद अब इन दोनों टीमों के बीच एक्सट्रीम रूल्स पीपीवी के लिए टैग टीम मैच ऑफिशियल कर दिया गया है। स्ट्रीट प्रॉफिट्स द उसोस को अस्थिर करने और द ब्लडलाइन के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। द उसोस का टैग टाइटल हारना हैड ऑफ द टेबल को नाराज कर सकता है और इससे रोमन और उनके चचेरे भाईयों द उसोस के बीच अनबन हो सकती है। यहां एक्सट्रीम रूल्स पीपीवी का अपडेट मैच कार्ड दिया गया है। - स्मैकडाउन विमेंस चैंपियनशिप- बियांका बेलेयर बनाम बैकी लिंच - रॉ विमेंस चैंपियनशिप- एलेक्सा ब्लिस बनाम शार्लेट फ्लेयर - यूनाइटेड स्टेट्स चैंपियनशिप- शेमस बनाम डेमियन प्रीस्ट - स्मैकडाउन टैग-टीम चैंपियनशिप- द स्ट्रीट प्रॉफिट्स बनाम द उसोज़ - यूनिवर्सल चैंपियनशिप- "डीमन" फिन बैलर बनाम रोमन रैंस
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चंबा - सीटू राज्य कमेटी के नेतृत्व में आउटसोर्स कर्मचारी छह अक्तूबर को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। सीटू ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए राज्य सरकार पालिसी बनाए। सीटू ने मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सभी तरह के श्रम कानून अमल में लाए जाए। सीटू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों को रेगुलर कर्मचारियों की तर्ज पर समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। सीटू ने कहा कि अगर आउटसोर्स कर्मचारियों को न्याय न मिला तो आंदोलन तेज होगा। सीटू ने कहा कि प्रदेश में आउटसोर्स मजदूरों का भारी शोषण हो रहा है। उन्हें बेहद कम वेतन मिलता है। उन्हें महंगाई भत्ता नही मिलता और उनके वेतन को महंगाई सूचकांक के साथ नहीं जोड़ा गया है। प्रदेश में आउटसोर्स मजदूरों की संख्या लगभग 40 हजार का आंकड़ा पार कर चुका है व कई विभागों में उनकी संख्या रेगुलर कर्मचरियों से भी ज्यादा हो गई है परन्तु उसके बावजूद भी उनसे सौतेला व्यवहार जारी है व सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद भी उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। सीटू ने भूतपूर्व व वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि इन दोनों सरकारों ने आउटसोर्स कर्मचारियों से छलावा किया है। सीटू ने इनके लिए वादा करने के बावजूद इनको रेगुलर करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई। प्रदेश सरकारों का आउटसोर्स एजेंसियों को भी खुला समर्थन प्राप्त रहा है, जिस कारण ये एजेंसियां एग्रीमेंट व कांट्रैक्ट के फलस्वरूप मजदूरों को न्यूनतम वेतन, छुट्टियां व मेडिकल बेनिफिट आदि नहीं देतीं व आठ घंटे के बजाय बारह घंटे काम करवाती हैं व ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं करती हैं। स्वास्थ्य विभाग में 108 व 102 में हर एंबुलेंस में तीन के बजाए दो ड्राइवर व तीन की जगह दो फार्मासिस्ट नियुक्त करके दो मजदूरों का वेतन सीधे रूप में कंपनी द्धारा हजम किया जा रहा है।
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चंबा - सीटू राज्य कमेटी के नेतृत्व में आउटसोर्स कर्मचारी छह अक्तूबर को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। सीटू ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए राज्य सरकार पालिसी बनाए। सीटू ने मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सभी तरह के श्रम कानून अमल में लाए जाए। सीटू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों को रेगुलर कर्मचारियों की तर्ज पर समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। सीटू ने कहा कि अगर आउटसोर्स कर्मचारियों को न्याय न मिला तो आंदोलन तेज होगा। सीटू ने कहा कि प्रदेश में आउटसोर्स मजदूरों का भारी शोषण हो रहा है। उन्हें बेहद कम वेतन मिलता है। उन्हें महंगाई भत्ता नही मिलता और उनके वेतन को महंगाई सूचकांक के साथ नहीं जोड़ा गया है। प्रदेश में आउटसोर्स मजदूरों की संख्या लगभग चालीस हजार का आंकड़ा पार कर चुका है व कई विभागों में उनकी संख्या रेगुलर कर्मचरियों से भी ज्यादा हो गई है परन्तु उसके बावजूद भी उनसे सौतेला व्यवहार जारी है व सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद भी उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। सीटू ने भूतपूर्व व वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि इन दोनों सरकारों ने आउटसोर्स कर्मचारियों से छलावा किया है। सीटू ने इनके लिए वादा करने के बावजूद इनको रेगुलर करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई। प्रदेश सरकारों का आउटसोर्स एजेंसियों को भी खुला समर्थन प्राप्त रहा है, जिस कारण ये एजेंसियां एग्रीमेंट व कांट्रैक्ट के फलस्वरूप मजदूरों को न्यूनतम वेतन, छुट्टियां व मेडिकल बेनिफिट आदि नहीं देतीं व आठ घंटे के बजाय बारह घंटे काम करवाती हैं व ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं करती हैं। स्वास्थ्य विभाग में एक सौ आठ व एक सौ दो में हर एंबुलेंस में तीन के बजाए दो ड्राइवर व तीन की जगह दो फार्मासिस्ट नियुक्त करके दो मजदूरों का वेतन सीधे रूप में कंपनी द्धारा हजम किया जा रहा है।
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धालभूमगढ़ एयरपोर्ट से ना सिर्फ झारखंड, बल्कि ओडिशा और बंगाल को भी लाभ मिलेगा. सीएम रघुवर दास ने एयरपोर्ट के भूमि भूजन कार्यक्रम में पर यह बात कही. नक्सलियों के गढ़ रहे पूर्वी सिंहभूम के इस क्षेत्र में इस एयरपोर्ट के चालू होने तेजी से विकास होगा. रोजगार के अवसर पैदा होंगे. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि रोजगार में स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाएगी.
सत्तर साल बाद पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के जीर्णोद्धार को लेकर पहल हुई है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को इस सिलसिले में भूमि पूजन किया.
भूमि पूजन कार्यक्रम एयरपोर्ट परिसर में ही संपन्न हुआ. इसमें सीएम रघुवर दास के अलावा केन्द्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, मंत्री सीपी सिंह, सांसद विद्युतवरण महतो, विधायक लक्ष्मण टुडू और विधायक मेनका सरदार शामिल हुए.
सीएम रघुवर दास की उपस्थिति में यहां एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया और झारखंड सरकार के बीच प्रथम चरण में 72 सीट वाले विमान की उड़ान को लेकर एमओयू साइन हुई.
प्रथम चरण में 100 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट को आधुनिक रूप देने के साथ-साथ हवाई पट्टी को दुरुस्त किया जाएगा. यह कार्य दिसंबर 2020 तक संपन्न हो जाएगा और जनवरी 2021 में यहां से 72 सीटों वाला विमान उड़ान भरने लगेगा.
सीएम रघुवर दास ने कहा कि एयरपोर्ट चालू होने से इस क्षेत्र में रोजगार के लिए अवसर पैदा होंगे, जिनमें स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाएगी. सीएम ने ग्रामीणों से दूसरे चरण के कार्य के लिए और 55 एकड़ जमीन देने की अपील की.
सीएम ने आश्वस्त किया कि पुनर्वास नीति के तहत ग्रामीणों को चार गुना मुआवजा दिए जाएगा. साथ ही वैकल्पिक जगह पर मुफ्त में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी.
सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में इस एयरपोर्ट को बडे कमर्शियल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां से बोईंग बसें चलेंगी. झारखंड के साथ- साथ यह एयरपोर्ट बंगाल और उड़ीसा के लोगों के भी काम आएगा.
विपक्षी एकताः 2019 में एक दूसरे के खिलाफ लड़े, अब कैसे करेंगे सीटों पर समझौता?
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धालभूमगढ़ एयरपोर्ट से ना सिर्फ झारखंड, बल्कि ओडिशा और बंगाल को भी लाभ मिलेगा. सीएम रघुवर दास ने एयरपोर्ट के भूमि भूजन कार्यक्रम में पर यह बात कही. नक्सलियों के गढ़ रहे पूर्वी सिंहभूम के इस क्षेत्र में इस एयरपोर्ट के चालू होने तेजी से विकास होगा. रोजगार के अवसर पैदा होंगे. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि रोजगार में स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाएगी. सत्तर साल बाद पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के जीर्णोद्धार को लेकर पहल हुई है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को इस सिलसिले में भूमि पूजन किया. भूमि पूजन कार्यक्रम एयरपोर्ट परिसर में ही संपन्न हुआ. इसमें सीएम रघुवर दास के अलावा केन्द्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, मंत्री सीपी सिंह, सांसद विद्युतवरण महतो, विधायक लक्ष्मण टुडू और विधायक मेनका सरदार शामिल हुए. सीएम रघुवर दास की उपस्थिति में यहां एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया और झारखंड सरकार के बीच प्रथम चरण में बहत्तर सीट वाले विमान की उड़ान को लेकर एमओयू साइन हुई. प्रथम चरण में एक सौ करोड़ की लागत से एयरपोर्ट को आधुनिक रूप देने के साथ-साथ हवाई पट्टी को दुरुस्त किया जाएगा. यह कार्य दिसंबर दो हज़ार बीस तक संपन्न हो जाएगा और जनवरी दो हज़ार इक्कीस में यहां से बहत्तर सीटों वाला विमान उड़ान भरने लगेगा. सीएम रघुवर दास ने कहा कि एयरपोर्ट चालू होने से इस क्षेत्र में रोजगार के लिए अवसर पैदा होंगे, जिनमें स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाएगी. सीएम ने ग्रामीणों से दूसरे चरण के कार्य के लिए और पचपन एकड़ जमीन देने की अपील की. सीएम ने आश्वस्त किया कि पुनर्वास नीति के तहत ग्रामीणों को चार गुना मुआवजा दिए जाएगा. साथ ही वैकल्पिक जगह पर मुफ्त में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में इस एयरपोर्ट को बडे कमर्शियल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां से बोईंग बसें चलेंगी. झारखंड के साथ- साथ यह एयरपोर्ट बंगाल और उड़ीसा के लोगों के भी काम आएगा. विपक्षी एकताः दो हज़ार उन्नीस में एक दूसरे के खिलाफ लड़े, अब कैसे करेंगे सीटों पर समझौता?
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स्माइल के साथ घर भेजेगी फिल्म (Photo Credit: सोशल मीडिया)
नई दिल्लीः
Tu Jhoothi Mai Makkar के साथ रणबीर कपूर रोमांटिक कॉमेडी वाले स्पेस में वापसी कर रहे हैं. इससे पहले इस तरह की उनकी 'ये जवानी है दीवानी', 'अजब प्रेम की गजब कहानी' और दूसरी फिल्में काफी पसंद की गई थीं. इसलिए हो सकता है कि बॉक्स ऑफिस पर यह करिश्मा फिर हो जाए. लव रंजन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर पहली बार साथ नजर आ रहे हैं. कहानी की बात करें तो मिक्की (रणबीर कपूर) दिल्ली की एक अमीर बिजनेस फैमिली से है. अलग-अलग तरह के बिजनेस में दिलचस्पी होने के अलावा ये मिक्की रिश्ते तुड़वाने में भी माहिर है. वो भी ऐसे कि आपकी इमेज पर एक छींटा तक नहीं आएगा. लेकिन कहानी आगे बढ़ती है और वह खुद ही टिन्नी (श्रद्धा कपूर) के प्यार में पड़ जाता है. दोनों को एक दूसरे का साथ पसंद है लेकिन फिर भी इनमें से एक इस रिश्ते से बाहर निकलने के बारे में सोचने लगता है. यहीं से सारे ट्विस्ट-टर्न और धमाके शुरू होते हैं.
क्या है प्लस पॉइंट?
इस फिल्म की फील ऐसी है जो यंगस्टर्स को पसंद आ सकती है. इसमें आपको रणबीर कपूर के मूव्स, उनका चार्म, करिज्मा सब देखने को मिलेगा. इसके अलावा अनुभव बस्सी हैं जो रणबीर के दोस्त के रोल में हैं. अगर आपको उनका अंदाज पसंद है तो आप फिल्म देख सकते हैं. यंग ब्लड के अलावा दिंपल कपाड़िया, बोनी कपूर भी आपको इंप्रेस कर सकते हैं. बोनी कम ही स्क्रीन पर नजर आए हैं. रणबीर के पिता के रोल में बोनी कपूर को देखना मजेदार होगा.
क्या कर सकता है बोर?
फिल्म के पहले हिस्से में थोड़ी गड़बड़ है. इसमें आपको तीन गाने देखने को मिलेंगे और बीच में अच्छा गैप भी नहीं. रणबीर कपूर की कॉमिक टाइमिंग अच्छी है लेकिन कार्तिक आर्यन के मोनोलॉग्स के फैन उनकी कमी महसूस कर सकते हैं. इस फिल्म को 15 मिनट छोटा किया जा सकता था.
ऐसा नहीं है कि आप कार्तिक को कुछ ज्यादा ही मिस करेंगे. रणबीर कपूर अपने आप में बड़े खास हैं. फिल्म की कमियों को अनदेखा करें तो कई ऐसी बातें हैं जिनसे आप रिलेट कर पाएंगे. लव रंजन ने एक ऐसी एंटरटेनिंग फिल्म बनाई है जो यंगस्टर्स और फैमिली ऑडियंस दोनों को पसंद आएगी. स्टार्स की बात करें तो हम इस फिल्म को 3. 5 स्टार्स देंगे.
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स्माइल के साथ घर भेजेगी फिल्म नई दिल्लीः Tu Jhoothi Mai Makkar के साथ रणबीर कपूर रोमांटिक कॉमेडी वाले स्पेस में वापसी कर रहे हैं. इससे पहले इस तरह की उनकी 'ये जवानी है दीवानी', 'अजब प्रेम की गजब कहानी' और दूसरी फिल्में काफी पसंद की गई थीं. इसलिए हो सकता है कि बॉक्स ऑफिस पर यह करिश्मा फिर हो जाए. लव रंजन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर पहली बार साथ नजर आ रहे हैं. कहानी की बात करें तो मिक्की दिल्ली की एक अमीर बिजनेस फैमिली से है. अलग-अलग तरह के बिजनेस में दिलचस्पी होने के अलावा ये मिक्की रिश्ते तुड़वाने में भी माहिर है. वो भी ऐसे कि आपकी इमेज पर एक छींटा तक नहीं आएगा. लेकिन कहानी आगे बढ़ती है और वह खुद ही टिन्नी के प्यार में पड़ जाता है. दोनों को एक दूसरे का साथ पसंद है लेकिन फिर भी इनमें से एक इस रिश्ते से बाहर निकलने के बारे में सोचने लगता है. यहीं से सारे ट्विस्ट-टर्न और धमाके शुरू होते हैं. क्या है प्लस पॉइंट? इस फिल्म की फील ऐसी है जो यंगस्टर्स को पसंद आ सकती है. इसमें आपको रणबीर कपूर के मूव्स, उनका चार्म, करिज्मा सब देखने को मिलेगा. इसके अलावा अनुभव बस्सी हैं जो रणबीर के दोस्त के रोल में हैं. अगर आपको उनका अंदाज पसंद है तो आप फिल्म देख सकते हैं. यंग ब्लड के अलावा दिंपल कपाड़िया, बोनी कपूर भी आपको इंप्रेस कर सकते हैं. बोनी कम ही स्क्रीन पर नजर आए हैं. रणबीर के पिता के रोल में बोनी कपूर को देखना मजेदार होगा. क्या कर सकता है बोर? फिल्म के पहले हिस्से में थोड़ी गड़बड़ है. इसमें आपको तीन गाने देखने को मिलेंगे और बीच में अच्छा गैप भी नहीं. रणबीर कपूर की कॉमिक टाइमिंग अच्छी है लेकिन कार्तिक आर्यन के मोनोलॉग्स के फैन उनकी कमी महसूस कर सकते हैं. इस फिल्म को पंद्रह मिनट छोटा किया जा सकता था. ऐसा नहीं है कि आप कार्तिक को कुछ ज्यादा ही मिस करेंगे. रणबीर कपूर अपने आप में बड़े खास हैं. फिल्म की कमियों को अनदेखा करें तो कई ऐसी बातें हैं जिनसे आप रिलेट कर पाएंगे. लव रंजन ने एक ऐसी एंटरटेनिंग फिल्म बनाई है जो यंगस्टर्स और फैमिली ऑडियंस दोनों को पसंद आएगी. स्टार्स की बात करें तो हम इस फिल्म को तीन. पाँच स्टार्स देंगे.
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दोस्तों आज में आपको एक नई रेसिपी बताउंगी (Potato sooji Fingers Recipe आलू सूजी के क्रिस्पी व चटपटे फिंगर्स। इसे आप कभी भी सुबह के नाश्ते में या शाम की चाय के साथ या फिर घर आए महमानों के सामने कभी भी (rava recipes) बनाकर खा और खिला सकते है। ये इतने स्वादिष्ट लगते है कि घर आए मेहमान सारी (Potato recipe) प्लेट चट कर जायेंगे।
क्रिस्पी व कुरकुरे फिंगर्स बनानें के लिए सबसे पहले सूजी को गर्म पानी में डालकर थोड़ी सी सॉफ्ट करने के लिए एक भगोने में आधा कप पानी डालकर गर्म करेंगे और एक छोटा चम्मच तेल डाल दें।
इतने पानी गर्म हो रहा है इतने आलू छीलकर तैयार करते है जब सारे आलू छील जाए तो फिर इन्हें कद्दूकस कर लें।
अब एक बड़े प्याले में सूजी निकाल ले और सूजी को चम्मच से अच्छी तरह से दबाते हुए थोडा सा नर्म कर लें। फिर इसमें कद्दूकस किए हुए आलू डाल दें और साथ में नमक, बारीक कटी हुई हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर सारी चीजों को अच्छी तरह से मिलाते हुए मिक्स कर लें।
अब फिंगर्स बनाने के लिए कढ़ाई में तेल डालकर गर्म होने के लिए रख रख दें। इन्हें तलने के लिए मीडियम तेज गर्म तेल की ज़रूरत होती है इस लिए ध्यान रहे तेल बहुत ज़्यादा तेज़ गर्म न हो नहीं तो फिंगर्स जल जायेंगे हाथ पर थोड़ा सा तेल लगाकर इस मिश्रण को अच्छी तरह से मसलकर आटे जैसा लगाकर तैयार कर लें। अब इसमें से थोड़ा सा मिश्रण तोड़कर हाथों से लम्बाई में शेप देते हुए अच्छे से रोल कर लें।
तेल गर्म होने पर एक-एक करते हुए आलू फिंगर को तेल में डाल दें ये सारे आलू फिंगर्स एक साथ नहीं डालने हैं। क्योकि एक साथ डालने पर ये आपस में चिपक जाते हैं और खराब हो जाते है।
इसलिए जैसे-जैसे एक-एक आलू फिंगर्स तलते जाए आप दूसरे आलू फिंगर्स डाल दें और तले हुए आलू फिंगर्स को कढाई से निकालकर प्लेट में रखते जाएं। सारे के सारे आलू फिंगर्स इसी तरह से बनाकर तैयार कर लें।
चटपटे फिंगर्स को आप अपनी पसंद की चटनी या फिर सॉस के साथ सर्व करें व खाएं।
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दोस्तों आज में आपको एक नई रेसिपी बताउंगी बनाकर खा और खिला सकते है। ये इतने स्वादिष्ट लगते है कि घर आए मेहमान सारी प्लेट चट कर जायेंगे। क्रिस्पी व कुरकुरे फिंगर्स बनानें के लिए सबसे पहले सूजी को गर्म पानी में डालकर थोड़ी सी सॉफ्ट करने के लिए एक भगोने में आधा कप पानी डालकर गर्म करेंगे और एक छोटा चम्मच तेल डाल दें। इतने पानी गर्म हो रहा है इतने आलू छीलकर तैयार करते है जब सारे आलू छील जाए तो फिर इन्हें कद्दूकस कर लें। अब एक बड़े प्याले में सूजी निकाल ले और सूजी को चम्मच से अच्छी तरह से दबाते हुए थोडा सा नर्म कर लें। फिर इसमें कद्दूकस किए हुए आलू डाल दें और साथ में नमक, बारीक कटी हुई हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर सारी चीजों को अच्छी तरह से मिलाते हुए मिक्स कर लें। अब फिंगर्स बनाने के लिए कढ़ाई में तेल डालकर गर्म होने के लिए रख रख दें। इन्हें तलने के लिए मीडियम तेज गर्म तेल की ज़रूरत होती है इस लिए ध्यान रहे तेल बहुत ज़्यादा तेज़ गर्म न हो नहीं तो फिंगर्स जल जायेंगे हाथ पर थोड़ा सा तेल लगाकर इस मिश्रण को अच्छी तरह से मसलकर आटे जैसा लगाकर तैयार कर लें। अब इसमें से थोड़ा सा मिश्रण तोड़कर हाथों से लम्बाई में शेप देते हुए अच्छे से रोल कर लें। तेल गर्म होने पर एक-एक करते हुए आलू फिंगर को तेल में डाल दें ये सारे आलू फिंगर्स एक साथ नहीं डालने हैं। क्योकि एक साथ डालने पर ये आपस में चिपक जाते हैं और खराब हो जाते है। इसलिए जैसे-जैसे एक-एक आलू फिंगर्स तलते जाए आप दूसरे आलू फिंगर्स डाल दें और तले हुए आलू फिंगर्स को कढाई से निकालकर प्लेट में रखते जाएं। सारे के सारे आलू फिंगर्स इसी तरह से बनाकर तैयार कर लें। चटपटे फिंगर्स को आप अपनी पसंद की चटनी या फिर सॉस के साथ सर्व करें व खाएं।
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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से स्टेशन फायर ऑफिसर असिस्टेंट पोस्ट कोड 818 के तहत लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। बाल स्कूल हमीरपुर में परीक्षा देने के लिए 400 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि हमीरपुर तथा शिमला में स्टेशन फायर ऑफिसर असिस्टेंट के पद भरने के लिए सात परीक्षा केंद्रों पर लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा सुबह 10 से लेकर 12 बजे तक आयोजित की गई तथा इस दौरान सभी पुख्ता प्रबंध संबंधित केंद्र संचालकों द्वारा किए गए थे। कोविड नियमों की पालना के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से स्टेशन फायर ऑफिसर असिस्टेंट पोस्ट कोड आठ सौ अट्ठारह के तहत लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। बाल स्कूल हमीरपुर में परीक्षा देने के लिए चार सौ अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि हमीरपुर तथा शिमला में स्टेशन फायर ऑफिसर असिस्टेंट के पद भरने के लिए सात परीक्षा केंद्रों पर लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा सुबह दस से लेकर बारह बजे तक आयोजित की गई तथा इस दौरान सभी पुख्ता प्रबंध संबंधित केंद्र संचालकों द्वारा किए गए थे। कोविड नियमों की पालना के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
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स्वतंत्रताका सोपान ।..
नहीं करता है, वह भी शनैः २ बल बढ़ाकर अधिक कारणोंको मेट कर स्वतंत्र होजाता है तब सदा के लिये स्वात्मानन्दामृतका पान किया करता है और परम तृप्त रहता है ।
३२ - शुद्ध दृष्टि ।
स्वतन्त्रता क्या चली गईं है? क्या मैं वास्तव में परतन्त्र हूं ? नहीं नहीं, यह मेरा मिथ्या श्रद्धान है। यह मेरा मिथ्या ज्ञान है कि मेरी स्वतन्त्रता चली गई है या मैं वास्तव में परतन्त्र हो गया हूं । जबतक मेरा यह भ्रम स्थित है तब ही तक मैं परतन्त्रसा हो रहा हूं । जिस समय मैं भ्रमको निकाल दूंगा और इस प्रतीतिपर आरूढ़ * हो जाऊँगा कि मैं स्वतंत्र हूं, परतंत्र नहीं हूं, मैं स्वभावसे सिद्ध समान शुद्ध हूं, मुक्त हूं, स्वाधीन हूं, परमानंदी हूं, अनन्तज्ञान दर्शनधारी
हूं, अनन्त वीर्यवान हूं, निर्विकार हूं, निश्चल हूं, परम वीतरागी हूं,
इस प्रतीतिके आते ही मैं अपनी स्वाभाविक स्वतंत्रताको अनुभव
करने लग जाऊँगा । स्वतंत्रता आत्माका निज स्वभाव है । स्वभावका कभी अभाव नहीं होता है । स्वभावका स्वभावीके साथ तादात्म्य सम्बंध रहता है । यह कभी मिट नहीं सकता है । शुद्ध पदार्थको i) देखनेकी दृष्टि शुद्ध कहलाती है। पर्यायको अशुद्ध देखनेकी दृष्टि अशुद्ध कहलाती है ।
पानी मैला है ऐसा भान अशुद्ध दृष्टिसे होता है। जब उसी पानीको शुद्ध दृष्टि से देखा जाता है तब वह पानी पानीरूप शुद्धं व निर्मल दिखलाई पड़ता है। इसी तरह कर्मर्मल सहित संसारी जीव
अशुद्ध दृष्टिसे अशुद्ध दिखलाई पड़ते हैं। यदि उन्हींको शुद्ध दृष्टिसे देखा जावे तो वे सत्र शुद्ध ही दिखलाई पड़ेंगे ।
ज्ञानिको उचित है कि वह शुद्ध दृष्टि रखे. द्रव्य दृष्टि रखे, शुद्ध नयकी तरफ झुकाव रखे और इस दृष्टिसे जगतको देखनेका अभ्यास करे । तब उसको सर्व ही द्रव्य अपने २ स्वस्वभाव में परम मनोहर निज परिणतिमें मगन दिखलाई पड़ेंगे। सर्व ही आत्माएं मेदभाव रहित एकसमान शुद्ध झलक जायंगी। इस शुद्ध झलकाव में नीच ऊँच, शत्रु मित्र, स्वामी सेवक, पिता पुत्र, पतित व अपतित, शुद्ध व अशुद्ध, बद्ध व मुक्तका कोई भेद नहीं रह जाता है । सक् जीवोंमें समताभाव जागृत हो जाता है। साम्यभाव रूपी चारित्रकी शोभा छा जाती है। रागद्वेष मोहकी कालिमा नहीं रहती है ।
स्वतन्त्रता का अनुभव करनेसे हरएक आत्मज्ञानी व्यक्ति अपनेको स्वतन्त्र व परम सुखी देख सकता है। यही अनुभव सम्यक्त है, यही सम्यग्ज्ञान है व यही सम्यक्चारित्र है, यही मोक्षमार्ग है ।
जो स्वतन्त्रताके प्रेमी हैं व भक्त हैं वे शीघ्र ही पर संयोग से छूटकर साक्षात् स्वतन्त्र हो सकते हैं । यह कथन भी मात्र व्यवहार
। हम न कभी परतन्त्र थे न परतंत्र हैं न कभी परतन्त्र होंगे, यही श्रद्धान व ज्ञान व यही चर्चा अमेद रत्नत्रय स्वरूप परम मंगलदाई है, परमानन्द देनेवाली है । न मुझमें बन्ध है न मुक्ति है । मैं इस कल्पनासे रहित एक निर्विकल्प स्वानुभवगम्य पदार्थ हूं । यही भाव स्वतन्त्रताको दर्शानेवाला है और परम तृप्तिको अर्पण करानेवाला है । जो इस भावके क्षीरसमुद्र में स्नान करते हैं वे सदा पवित्र व स्वतंत्र हैं।
150I MA M.N.M
३३ - स्वतंत्रताकी महिमा ।
प्यारी स्वतंत्रता ! तेरा दर्शन कहां हो व कैसे हो ऐसा भाव मनमें जब आता है तब ही विवेकज्ञान यह बता देता है कि स्वतंत्रता अपने ही आत्माके पास है । स्वतंत्रता आत्माका स्वभाव है । जब काय स्थिर कीजावे, चचनका प्रयोग बन्द कर दिया जावे, मनका चिन्तवन रोक लिया जावे तब जो कुछ भीतर अनुभवमें आयगा वही स्वतंत्रताका दर्शन है। आत्माका संयोग न तो रागद्वेपादि भावकमसे है न ज्ञांनावरर्णादि अष्ट कर्मोंसे है न शरीरादि नोकर्मोंसे है। जैसे पानी से मिट्टी भिन्न है, जलसे कमल भिन्न है, अग्निसे पानी भिन्न है, सिवालसे सरोवर भिन्न है, खारेपनसे पानी भिन्न है, सुवर्णसे रजत भिन्न है, भूसीसे तेल भिन्न है, दूधसे जल भिन्न है, वस्त्रसे शरीर भिन्न है. दर्पणसे झलकनेवाला पदार्थ भिन्न है, चांदनीसे भूमि भिन्न है, खड्ड से म्यान भिन्न है, इसी तरह सर्व ही रागादि विकारोंसे व पौद्गलिक पर्यायसे व आकाश, काल, धर्मास्तिकाय व अधर्मास्तिकाय द्रव्योंसे व सर्व अल्प आत्माओंसे अपना आत्मा भिन्न है ।
इस मेदविज्ञानके वारवार अभ्यास करनेसे स्वात्मरुचि बढ़ती जाती है, पर रुचि हटती जाती है । सम्यग्दर्शनकी ज्योति जब प्रगट होजाती है तब आत्मानुभव जग जाता है। स्वम्वरूपका अनुपम स्वाद आजाता है । अतीन्द्रिय आनंदका लाभ होजाता है। स्वसंवेदन ज्ञान होजाता है । स्वरूपाचरण चारित्र प्रगट होजाता है । मोक्षप्राप्तिका उदय होजाता है। जहां स्वतंत्रताका अनुभव है वहीं मोक्षमार्ग है । वहीं साक्षात् मोक्ष है।
सर्व सिद्ध भगवान प्यारी स्वतंत्रताका आलिंगन करते हुए शोभायमान हैं। विदेहमें वीस वर्तमान तीर्थंकर परतंत्रता के उद्यान में रमण कर रहे हैं। सम्यग्दृष्टी अविरति देशविरति श्रावक, प्रमत्त व अप्रमत्त, संयमी व अपूर्वकरणादि गुणस्थान घारी उपशम च क्षपकश्रेणी आरूढ यति स्वतंत्रता के प्रेम में मगन रहते हैं, पराधीनताका अंश मात्र भी नहीं चाहते हैं ।
स्वतंत्रताकी महिमा अगाध है ! जो देश स्वतंत्र है वह सुखी है । जो जाति रूढ़िके बन्धनोंसे मुक्त होकर स्वतंत्रता भोगती है वह सुखी है। जो व्यक्ति भेद विज्ञानकी कलाको सीखकर स्वतंत्रताको अपने भीतर जागृत करके उसे ही प्रियतमा बनाकर निरंतर उसे ही आलिंगन करता है, वह म्वात्मरस पान करता हुआ परमानंदमें मगन रहता है।
३४ - स्वतंत्रता अटूट ज्ञान भंडार है।
एक ज्ञानी आत्मा विचार करता है कि मैं क्यों राग द्वेष, मोह में फंसा हूं। क्यों अज्ञान मेरे भीतर अपना राज्य कर रहा है। क्यों मेरे साथ कार्मण, तैजस व औदारिक शरीर हैं। क्यों मैं विक्षिप्त, शौकित, भयभीत व सांसारिक सुख मिलनेपर संतुष्ट व दुःख मिलनेपर दुखित होजाता हूं। क्यों मैं किसी को मित्र व किसीको शत्रुकी बुद्धिसे देखता हूं। इस सबका कारण मेरे ही भीतर यह भ्रांति है कि मैं अशुद्ध हूं, कर्मोके बंध में हूं, परतंत्र हूं । इस भ्रांतिने, इस मिथ्यात्वने मुझे परतंत्र बना रक्खा है। आज मैं इस भ्रांतिको छोड़ता हूं । निश्चयस्वतंत्रताका सोपान ।
नयकी दृष्टिसे अपने आपको देखता हूं तब मैं अपने को पूर्ण रूपसे स्वतंत्र पाता हूं ।
मेरा कोई भी सम्बन्ध किन्हीं शरीरोंसे नहीं है, किन्हीं रागादि अशुद्ध भावों से नहीं है, किन्हीं जगतकी चेतन व चेतन वस्तुओंसे नहीं है। मैं पूर्ण शुद्ध, ज्ञान दर्शन स्वरूपी, अमूर्तीक, वीतराग, परमानंदमय एक आत्मद्रव्य हूं। मैं अपने सर्व गुणोंका अब स्वामी हूं । मैं अपनी सर्व शुद्ध स्वाभाविक परिणतियोंका आप ही अधिकारी हूं, मैं सर्व परसे नाता नहीं रखता हूं। मेरा सहयोग केवल मेरेसे ही है । जब मैं इस स्वतंत्र स्वभावका मनन करके स्वभाव में ही तन्मय होता हूं तब वहां स्वतंत्रता रूपी परम प्रियतमाका दर्शन पाकर परमानंदित होजाता हूं, परम दृप्त होजाता हूं । सिद्ध के समान अपनेको अनुभव करता हूं। यहीं सार तत्व है। यहीं मोक्षमार्ग है, यहीं कर्म ईंधन दग्धकारक अग्नि है, यहीं अमृतमई स्वादके घारी शुद्धोपयोगरूपी फलोंके उपजनेका स्थान है, यहीं अपना घर है, यहीं अपना क्रीड़ा वन है । यहीं परम संवर है । यहीं परमं निर्जराका भाव है, यहीं सच्ची उत्तम क्षमा है। यहीं सच्चा मार्दव धर्म है, यहीं अद्भुत सरलता है, यहीं सत्य धर्म है, यहीं परम शुचिता है, यहीं परम उपेक्षा संयम है। यहीं आकिंचन्य भाव है, यहीं उत्तम ब्रह्मचर्य है। यहीं धर्म है, यहीं परम समाधिभाव है, यहीं निगकुलता है, यहीं सम्यग्ज्ञान है, यहीं स्वचारित्र है, यहीं स्वात्मरमण है, यहीं ज्ञानचेतना है, यहीं गुप्त अटूट ज्ञानभण्डार है । स्वतंत्रतामें ही परम सुख है ।
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स्वतंत्रताका सोपान ।.. नहीं करता है, वह भी शनैः दो बल बढ़ाकर अधिक कारणोंको मेट कर स्वतंत्र होजाता है तब सदा के लिये स्वात्मानन्दामृतका पान किया करता है और परम तृप्त रहता है । बत्तीस - शुद्ध दृष्टि । स्वतन्त्रता क्या चली गईं है? क्या मैं वास्तव में परतन्त्र हूं ? नहीं नहीं, यह मेरा मिथ्या श्रद्धान है। यह मेरा मिथ्या ज्ञान है कि मेरी स्वतन्त्रता चली गई है या मैं वास्तव में परतन्त्र हो गया हूं । जबतक मेरा यह भ्रम स्थित है तब ही तक मैं परतन्त्रसा हो रहा हूं । जिस समय मैं भ्रमको निकाल दूंगा और इस प्रतीतिपर आरूढ़ * हो जाऊँगा कि मैं स्वतंत्र हूं, परतंत्र नहीं हूं, मैं स्वभावसे सिद्ध समान शुद्ध हूं, मुक्त हूं, स्वाधीन हूं, परमानंदी हूं, अनन्तज्ञान दर्शनधारी हूं, अनन्त वीर्यवान हूं, निर्विकार हूं, निश्चल हूं, परम वीतरागी हूं, इस प्रतीतिके आते ही मैं अपनी स्वाभाविक स्वतंत्रताको अनुभव करने लग जाऊँगा । स्वतंत्रता आत्माका निज स्वभाव है । स्वभावका कभी अभाव नहीं होता है । स्वभावका स्वभावीके साथ तादात्म्य सम्बंध रहता है । यह कभी मिट नहीं सकता है । शुद्ध पदार्थको i) देखनेकी दृष्टि शुद्ध कहलाती है। पर्यायको अशुद्ध देखनेकी दृष्टि अशुद्ध कहलाती है । पानी मैला है ऐसा भान अशुद्ध दृष्टिसे होता है। जब उसी पानीको शुद्ध दृष्टि से देखा जाता है तब वह पानी पानीरूप शुद्धं व निर्मल दिखलाई पड़ता है। इसी तरह कर्मर्मल सहित संसारी जीव अशुद्ध दृष्टिसे अशुद्ध दिखलाई पड़ते हैं। यदि उन्हींको शुद्ध दृष्टिसे देखा जावे तो वे सत्र शुद्ध ही दिखलाई पड़ेंगे । ज्ञानिको उचित है कि वह शुद्ध दृष्टि रखे. द्रव्य दृष्टि रखे, शुद्ध नयकी तरफ झुकाव रखे और इस दृष्टिसे जगतको देखनेका अभ्यास करे । तब उसको सर्व ही द्रव्य अपने दो स्वस्वभाव में परम मनोहर निज परिणतिमें मगन दिखलाई पड़ेंगे। सर्व ही आत्माएं मेदभाव रहित एकसमान शुद्ध झलक जायंगी। इस शुद्ध झलकाव में नीच ऊँच, शत्रु मित्र, स्वामी सेवक, पिता पुत्र, पतित व अपतित, शुद्ध व अशुद्ध, बद्ध व मुक्तका कोई भेद नहीं रह जाता है । सक् जीवोंमें समताभाव जागृत हो जाता है। साम्यभाव रूपी चारित्रकी शोभा छा जाती है। रागद्वेष मोहकी कालिमा नहीं रहती है । स्वतन्त्रता का अनुभव करनेसे हरएक आत्मज्ञानी व्यक्ति अपनेको स्वतन्त्र व परम सुखी देख सकता है। यही अनुभव सम्यक्त है, यही सम्यग्ज्ञान है व यही सम्यक्चारित्र है, यही मोक्षमार्ग है । जो स्वतन्त्रताके प्रेमी हैं व भक्त हैं वे शीघ्र ही पर संयोग से छूटकर साक्षात् स्वतन्त्र हो सकते हैं । यह कथन भी मात्र व्यवहार । हम न कभी परतन्त्र थे न परतंत्र हैं न कभी परतन्त्र होंगे, यही श्रद्धान व ज्ञान व यही चर्चा अमेद रत्नत्रय स्वरूप परम मंगलदाई है, परमानन्द देनेवाली है । न मुझमें बन्ध है न मुक्ति है । मैं इस कल्पनासे रहित एक निर्विकल्प स्वानुभवगम्य पदार्थ हूं । यही भाव स्वतन्त्रताको दर्शानेवाला है और परम तृप्तिको अर्पण करानेवाला है । जो इस भावके क्षीरसमुद्र में स्नान करते हैं वे सदा पवित्र व स्वतंत्र हैं। एक सौ पचासI MA M.N.M तैंतीस - स्वतंत्रताकी महिमा । प्यारी स्वतंत्रता ! तेरा दर्शन कहां हो व कैसे हो ऐसा भाव मनमें जब आता है तब ही विवेकज्ञान यह बता देता है कि स्वतंत्रता अपने ही आत्माके पास है । स्वतंत्रता आत्माका स्वभाव है । जब काय स्थिर कीजावे, चचनका प्रयोग बन्द कर दिया जावे, मनका चिन्तवन रोक लिया जावे तब जो कुछ भीतर अनुभवमें आयगा वही स्वतंत्रताका दर्शन है। आत्माका संयोग न तो रागद्वेपादि भावकमसे है न ज्ञांनावरर्णादि अष्ट कर्मोंसे है न शरीरादि नोकर्मोंसे है। जैसे पानी से मिट्टी भिन्न है, जलसे कमल भिन्न है, अग्निसे पानी भिन्न है, सिवालसे सरोवर भिन्न है, खारेपनसे पानी भिन्न है, सुवर्णसे रजत भिन्न है, भूसीसे तेल भिन्न है, दूधसे जल भिन्न है, वस्त्रसे शरीर भिन्न है. दर्पणसे झलकनेवाला पदार्थ भिन्न है, चांदनीसे भूमि भिन्न है, खड्ड से म्यान भिन्न है, इसी तरह सर्व ही रागादि विकारोंसे व पौद्गलिक पर्यायसे व आकाश, काल, धर्मास्तिकाय व अधर्मास्तिकाय द्रव्योंसे व सर्व अल्प आत्माओंसे अपना आत्मा भिन्न है । इस मेदविज्ञानके वारवार अभ्यास करनेसे स्वात्मरुचि बढ़ती जाती है, पर रुचि हटती जाती है । सम्यग्दर्शनकी ज्योति जब प्रगट होजाती है तब आत्मानुभव जग जाता है। स्वम्वरूपका अनुपम स्वाद आजाता है । अतीन्द्रिय आनंदका लाभ होजाता है। स्वसंवेदन ज्ञान होजाता है । स्वरूपाचरण चारित्र प्रगट होजाता है । मोक्षप्राप्तिका उदय होजाता है। जहां स्वतंत्रताका अनुभव है वहीं मोक्षमार्ग है । वहीं साक्षात् मोक्ष है। सर्व सिद्ध भगवान प्यारी स्वतंत्रताका आलिंगन करते हुए शोभायमान हैं। विदेहमें वीस वर्तमान तीर्थंकर परतंत्रता के उद्यान में रमण कर रहे हैं। सम्यग्दृष्टी अविरति देशविरति श्रावक, प्रमत्त व अप्रमत्त, संयमी व अपूर्वकरणादि गुणस्थान घारी उपशम च क्षपकश्रेणी आरूढ यति स्वतंत्रता के प्रेम में मगन रहते हैं, पराधीनताका अंश मात्र भी नहीं चाहते हैं । स्वतंत्रताकी महिमा अगाध है ! जो देश स्वतंत्र है वह सुखी है । जो जाति रूढ़िके बन्धनोंसे मुक्त होकर स्वतंत्रता भोगती है वह सुखी है। जो व्यक्ति भेद विज्ञानकी कलाको सीखकर स्वतंत्रताको अपने भीतर जागृत करके उसे ही प्रियतमा बनाकर निरंतर उसे ही आलिंगन करता है, वह म्वात्मरस पान करता हुआ परमानंदमें मगन रहता है। चौंतीस - स्वतंत्रता अटूट ज्ञान भंडार है। एक ज्ञानी आत्मा विचार करता है कि मैं क्यों राग द्वेष, मोह में फंसा हूं। क्यों अज्ञान मेरे भीतर अपना राज्य कर रहा है। क्यों मेरे साथ कार्मण, तैजस व औदारिक शरीर हैं। क्यों मैं विक्षिप्त, शौकित, भयभीत व सांसारिक सुख मिलनेपर संतुष्ट व दुःख मिलनेपर दुखित होजाता हूं। क्यों मैं किसी को मित्र व किसीको शत्रुकी बुद्धिसे देखता हूं। इस सबका कारण मेरे ही भीतर यह भ्रांति है कि मैं अशुद्ध हूं, कर्मोके बंध में हूं, परतंत्र हूं । इस भ्रांतिने, इस मिथ्यात्वने मुझे परतंत्र बना रक्खा है। आज मैं इस भ्रांतिको छोड़ता हूं । निश्चयस्वतंत्रताका सोपान । नयकी दृष्टिसे अपने आपको देखता हूं तब मैं अपने को पूर्ण रूपसे स्वतंत्र पाता हूं । मेरा कोई भी सम्बन्ध किन्हीं शरीरोंसे नहीं है, किन्हीं रागादि अशुद्ध भावों से नहीं है, किन्हीं जगतकी चेतन व चेतन वस्तुओंसे नहीं है। मैं पूर्ण शुद्ध, ज्ञान दर्शन स्वरूपी, अमूर्तीक, वीतराग, परमानंदमय एक आत्मद्रव्य हूं। मैं अपने सर्व गुणोंका अब स्वामी हूं । मैं अपनी सर्व शुद्ध स्वाभाविक परिणतियोंका आप ही अधिकारी हूं, मैं सर्व परसे नाता नहीं रखता हूं। मेरा सहयोग केवल मेरेसे ही है । जब मैं इस स्वतंत्र स्वभावका मनन करके स्वभाव में ही तन्मय होता हूं तब वहां स्वतंत्रता रूपी परम प्रियतमाका दर्शन पाकर परमानंदित होजाता हूं, परम दृप्त होजाता हूं । सिद्ध के समान अपनेको अनुभव करता हूं। यहीं सार तत्व है। यहीं मोक्षमार्ग है, यहीं कर्म ईंधन दग्धकारक अग्नि है, यहीं अमृतमई स्वादके घारी शुद्धोपयोगरूपी फलोंके उपजनेका स्थान है, यहीं अपना घर है, यहीं अपना क्रीड़ा वन है । यहीं परम संवर है । यहीं परमं निर्जराका भाव है, यहीं सच्ची उत्तम क्षमा है। यहीं सच्चा मार्दव धर्म है, यहीं अद्भुत सरलता है, यहीं सत्य धर्म है, यहीं परम शुचिता है, यहीं परम उपेक्षा संयम है। यहीं आकिंचन्य भाव है, यहीं उत्तम ब्रह्मचर्य है। यहीं धर्म है, यहीं परम समाधिभाव है, यहीं निगकुलता है, यहीं सम्यग्ज्ञान है, यहीं स्वचारित्र है, यहीं स्वात्मरमण है, यहीं ज्ञानचेतना है, यहीं गुप्त अटूट ज्ञानभण्डार है । स्वतंत्रतामें ही परम सुख है ।
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कुछ आलोचकों ने 'गबन का विश्लेषण स्त्री के आभूषण - प्रेम की ग्रंथि से जोड़कर किया है। जालपा का आभूषण प्रेम 'गंबन' की कथा का आरम्भिक स्तर है। प्रेमचंद ने जालपा के चरित्र का यह पक्ष इन शब्दों में दिखाया है - "इस आभूषण-मंडित संसार में पली हुई जालपा का यह आभूषण - प्रेम स्वाभाविक है ।" यहाँ आभूषण-मंडित संसार और 'स्वाभाविक' को समझने की जरूरत है। 'आभूषण-मंडित संसार को रमेश के वक्तव्य में देखा जा सकता है - "गहनों का मरज न जाने इस दरिद्र देश में कैसे फैल गया । जिन लोगों को भोजन का ठिकाना नहीं, वे भी गहनों के पीछे प्राण देते हैं। हर साल अरबों रूपये केवल सोना-चाँदी खरीदने में व्यय हो जाते हैं। संसार के किसी भी देश में इन धातुओं की इतनी खपत नहीं । तो बात क्या है? उन देशों में धन व्यापार में लगता है जिससे लोगों की परवरिश होती है, और धन बढ़ता है। यहाँ धन शृंगार में खर्च होता है, उसमें उन्नति और उपकार की जो दो महान शक्तियाँ हैं, उन दोनों ही का अन्त हो जाता है। बस यही समझ लो कि जिस देश में लोग जितने ही मूर्ख होंगे वहाँ जेवरों का प्रचार भी उतना ही अधिक होगा।" प्रेमचंद गहनों की सनक से इतने चिंतित हैं कि रमेश आगे कहता है "इस प्रथा से हमारा सर्वनाश होता जा रहा है। मैं तो कहता हूँ, यह गुलामी पराधीनता से कहीं बढ़कर है। इसके कारण हमारा कितना आत्मिक, नैतिक, दैहिक, आर्थिक और धार्मिक पतन हो रहा है, इसका अनुमान ब्रह्म भी नहीं कर सकते।
जिस संसार में पुरुषों की आसक्ति का कारण स्त्री का रूप लावण्य मात्र हो उस संसार की स्त्रियाँ किस हद तक असुरक्षित होंगी, इसका प्रमाण जालपा का यह कथन है - "मुझे तो ऐसी कोई स्त्री न मिली, जिसने अपने पति की निष्ठुरता का दुखड़ा न रोया हो। साल दो साल तो वह खूब प्रेम करते हैं, फिर न जाने क्यों रुचि से अरुचि सी हो जाती है। मन चंचल होने लगता है। औरत के लिए इससे कड़ी विपत्ति नहीं। "जालपा पुरुषों की अरुचि का कारण समझती है। तभी तो उसी स्त्री समाज में, रूप लावण्य को बनाये रखने के साधनों पर जोर है। स्त्रियाँ सिर्फ भोग की वस्तु हैं। जिसमें स्त्रियों का जीवन-उद्देश्य पति को आकर्षित करना मात्र है। पति की उसमें अरुचि स्त्रियों के लिए सबसे बड़ी विपत्ति है। यहीं रामचंद्र शुक्ल की पंक्ति याद आती है कि ज्ञानप्रसार के भीतर भाव प्रसार होता है। जालपा के स्वभाव का निर्माण जिस ज्ञान-लोक होता है, वह पुरुषवादी सामन्ती लोक है जब जालपा के ज्ञान का लोक विस्तृत होता है, वह घर से बाहर की दुनिया में कदम रखती है तब उसके 'स्वभाव' में भी परिवर्तन आता है। गहनों को गंगा में डुबाकर उसे जितना गर्व और आनंद प्राप्त होता है उतना उन्हें पाकर भी न हुआ था । इस बिन्दु पर आगे विचार किया जाएगा ।
जालपा जब-तक घर के अंदर रहती है तब तक उसका चरित्र विलासिनी नायिका का है। सर्राफ के तकाजे के साथ ही वह बाहरी दुनिया के यथार्थ से टकराती है। इस टकराहट के बाद जालपा का विचारशील चरित्र उभरकर सामने आता है । वह रमा से कहती है कि "अगर मैं जानती, तुम्हारी आमदनी इतनी थोड़ी है तो मुझे क्या शौक चर्राया था कि मुहल्ले भर की स्त्रियों को ताँगे पर बैठा - बैठाकर सैर कराने ले जाती ।" और वह रमा पर आरोप भी लगाती है - "मुझसे प्रेम होता तो मुझ पर विश्वास भी होता । बिना विश्वास के प्रेम हो ही कैसे सकता है । जिससे तुम अपनी बुरी से बुरी बात न कह सको, उससे तुम प्रेम नहीं कर सकते। हाँ उसके साथ विहार कर सकते हो, विलास कर सकते हो । उसी तरह जैसे कोई वेश्या के पास जाता है । " तब रमा को लगता है "वह इतनी विचारशील है, उसने अनुमान ही न किया था । वह उसे वास्तव में रमणी ही समझता था ।" इतना कुछ समझकर भी रमा अपने संकोच के कारण जुबान नहीं खोल पाता और गंबन के भय के कारण कलकत्ता भाग जाता है। रमा को गबन के अपराध से बचाने के लिए जालपा विचारशील नायिका की भाँति अपना हार बेच देती है। प्रेमचंद ने लिखा है - "जिस हार को उसने इतने चाव से खरीदा था, जिसकी लालसा उसे बाल्यकाल ही में उत्पन्न हो गई
'गबन' और मध्यवर्गीय समाज
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कुछ आलोचकों ने 'गबन का विश्लेषण स्त्री के आभूषण - प्रेम की ग्रंथि से जोड़कर किया है। जालपा का आभूषण प्रेम 'गंबन' की कथा का आरम्भिक स्तर है। प्रेमचंद ने जालपा के चरित्र का यह पक्ष इन शब्दों में दिखाया है - "इस आभूषण-मंडित संसार में पली हुई जालपा का यह आभूषण - प्रेम स्वाभाविक है ।" यहाँ आभूषण-मंडित संसार और 'स्वाभाविक' को समझने की जरूरत है। 'आभूषण-मंडित संसार को रमेश के वक्तव्य में देखा जा सकता है - "गहनों का मरज न जाने इस दरिद्र देश में कैसे फैल गया । जिन लोगों को भोजन का ठिकाना नहीं, वे भी गहनों के पीछे प्राण देते हैं। हर साल अरबों रूपये केवल सोना-चाँदी खरीदने में व्यय हो जाते हैं। संसार के किसी भी देश में इन धातुओं की इतनी खपत नहीं । तो बात क्या है? उन देशों में धन व्यापार में लगता है जिससे लोगों की परवरिश होती है, और धन बढ़ता है। यहाँ धन शृंगार में खर्च होता है, उसमें उन्नति और उपकार की जो दो महान शक्तियाँ हैं, उन दोनों ही का अन्त हो जाता है। बस यही समझ लो कि जिस देश में लोग जितने ही मूर्ख होंगे वहाँ जेवरों का प्रचार भी उतना ही अधिक होगा।" प्रेमचंद गहनों की सनक से इतने चिंतित हैं कि रमेश आगे कहता है "इस प्रथा से हमारा सर्वनाश होता जा रहा है। मैं तो कहता हूँ, यह गुलामी पराधीनता से कहीं बढ़कर है। इसके कारण हमारा कितना आत्मिक, नैतिक, दैहिक, आर्थिक और धार्मिक पतन हो रहा है, इसका अनुमान ब्रह्म भी नहीं कर सकते। जिस संसार में पुरुषों की आसक्ति का कारण स्त्री का रूप लावण्य मात्र हो उस संसार की स्त्रियाँ किस हद तक असुरक्षित होंगी, इसका प्रमाण जालपा का यह कथन है - "मुझे तो ऐसी कोई स्त्री न मिली, जिसने अपने पति की निष्ठुरता का दुखड़ा न रोया हो। साल दो साल तो वह खूब प्रेम करते हैं, फिर न जाने क्यों रुचि से अरुचि सी हो जाती है। मन चंचल होने लगता है। औरत के लिए इससे कड़ी विपत्ति नहीं। "जालपा पुरुषों की अरुचि का कारण समझती है। तभी तो उसी स्त्री समाज में, रूप लावण्य को बनाये रखने के साधनों पर जोर है। स्त्रियाँ सिर्फ भोग की वस्तु हैं। जिसमें स्त्रियों का जीवन-उद्देश्य पति को आकर्षित करना मात्र है। पति की उसमें अरुचि स्त्रियों के लिए सबसे बड़ी विपत्ति है। यहीं रामचंद्र शुक्ल की पंक्ति याद आती है कि ज्ञानप्रसार के भीतर भाव प्रसार होता है। जालपा के स्वभाव का निर्माण जिस ज्ञान-लोक होता है, वह पुरुषवादी सामन्ती लोक है जब जालपा के ज्ञान का लोक विस्तृत होता है, वह घर से बाहर की दुनिया में कदम रखती है तब उसके 'स्वभाव' में भी परिवर्तन आता है। गहनों को गंगा में डुबाकर उसे जितना गर्व और आनंद प्राप्त होता है उतना उन्हें पाकर भी न हुआ था । इस बिन्दु पर आगे विचार किया जाएगा । जालपा जब-तक घर के अंदर रहती है तब तक उसका चरित्र विलासिनी नायिका का है। सर्राफ के तकाजे के साथ ही वह बाहरी दुनिया के यथार्थ से टकराती है। इस टकराहट के बाद जालपा का विचारशील चरित्र उभरकर सामने आता है । वह रमा से कहती है कि "अगर मैं जानती, तुम्हारी आमदनी इतनी थोड़ी है तो मुझे क्या शौक चर्राया था कि मुहल्ले भर की स्त्रियों को ताँगे पर बैठा - बैठाकर सैर कराने ले जाती ।" और वह रमा पर आरोप भी लगाती है - "मुझसे प्रेम होता तो मुझ पर विश्वास भी होता । बिना विश्वास के प्रेम हो ही कैसे सकता है । जिससे तुम अपनी बुरी से बुरी बात न कह सको, उससे तुम प्रेम नहीं कर सकते। हाँ उसके साथ विहार कर सकते हो, विलास कर सकते हो । उसी तरह जैसे कोई वेश्या के पास जाता है । " तब रमा को लगता है "वह इतनी विचारशील है, उसने अनुमान ही न किया था । वह उसे वास्तव में रमणी ही समझता था ।" इतना कुछ समझकर भी रमा अपने संकोच के कारण जुबान नहीं खोल पाता और गंबन के भय के कारण कलकत्ता भाग जाता है। रमा को गबन के अपराध से बचाने के लिए जालपा विचारशील नायिका की भाँति अपना हार बेच देती है। प्रेमचंद ने लिखा है - "जिस हार को उसने इतने चाव से खरीदा था, जिसकी लालसा उसे बाल्यकाल ही में उत्पन्न हो गई 'गबन' और मध्यवर्गीय समाज
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मैं बच्चे का मनोरंजन करना चाहता हूं और उसे उठाना चाहता हूंमूड? फिर मेंढक के बारे में पहेलियों - यह वही है जो आपको चाहिए समुद्र और झील निवासी बच्चे की दुनिया में एक आकर्षक यात्रा सुखद भावनाओं का एक घूर्णन में निगल।
यह ध्यान से तैयार करने योग्य हैशगल वास्तव में बचकाना और जादुई था ऐसा करने के लिए, आपको स्क्रिप्ट के बारे में सोचने और अपनी आत्मा को इसे लिखने में लगा देना चाहिए। मेंढक के बारे में पहेलियाँ निम्नानुसार हो सकती हैंः
झील और किनारे पर,
वह कहते हैं अर्ध-केवा,
वह उच्च कूदता है, झील में तैरता है,
पकड़ो उसे चाहते हैं, लेकिन मेरी मां को इस विचार को पसंद नहीं है।
हरा, एक पत्ती की तरह,
वे कहते हैं कि मौसा से दिखाई देते हैं,
मैं इसे छू नहीं सकता, लेकिन मुझे लगता है, मुझे यह पसंद है।
कूद, एक टिड्डी की तरह,
ग्रीन वाह, उसका नाम है ... (मेंढक)
दलदल में कौन रहता है,
सभी जिले में अपने गीतों के साथ जागते हैं।
हरे और गीले,
उसका घर एक दलदल है,
क्या एक हरा कोयल,
पंजे के साथ - पंख ... (मेंढक)
दलदल में पूरे परिवार रहते हैं,
दलदल स्वयं का घर है,
वह बदमाश बदल जाती है,
मार्श गार्ड,
वह शिकार झुका,
एक लॉग पर बैठे और आलसियों को दबाते हुए,
और उन्होंने दलदल में देखा,
नहीं एक मगरमच्छ, नहीं एक कोयल,
एक हरा ... (एक मेंढक)
Quivers और कूदता है,
दलदल में रहता है,
हरे रंग के पेट पर सूरज warms।
छोटे बच्चों के लिए मेंढक के बारे में पहेली क्या होनी चाहिए?
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मैं बच्चे का मनोरंजन करना चाहता हूं और उसे उठाना चाहता हूंमूड? फिर मेंढक के बारे में पहेलियों - यह वही है जो आपको चाहिए समुद्र और झील निवासी बच्चे की दुनिया में एक आकर्षक यात्रा सुखद भावनाओं का एक घूर्णन में निगल। यह ध्यान से तैयार करने योग्य हैशगल वास्तव में बचकाना और जादुई था ऐसा करने के लिए, आपको स्क्रिप्ट के बारे में सोचने और अपनी आत्मा को इसे लिखने में लगा देना चाहिए। मेंढक के बारे में पहेलियाँ निम्नानुसार हो सकती हैंः झील और किनारे पर, वह कहते हैं अर्ध-केवा, वह उच्च कूदता है, झील में तैरता है, पकड़ो उसे चाहते हैं, लेकिन मेरी मां को इस विचार को पसंद नहीं है। हरा, एक पत्ती की तरह, वे कहते हैं कि मौसा से दिखाई देते हैं, मैं इसे छू नहीं सकता, लेकिन मुझे लगता है, मुझे यह पसंद है। कूद, एक टिड्डी की तरह, ग्रीन वाह, उसका नाम है ... दलदल में कौन रहता है, सभी जिले में अपने गीतों के साथ जागते हैं। हरे और गीले, उसका घर एक दलदल है, क्या एक हरा कोयल, पंजे के साथ - पंख ... दलदल में पूरे परिवार रहते हैं, दलदल स्वयं का घर है, वह बदमाश बदल जाती है, मार्श गार्ड, वह शिकार झुका, एक लॉग पर बैठे और आलसियों को दबाते हुए, और उन्होंने दलदल में देखा, नहीं एक मगरमच्छ, नहीं एक कोयल, एक हरा ... Quivers और कूदता है, दलदल में रहता है, हरे रंग के पेट पर सूरज warms। छोटे बच्चों के लिए मेंढक के बारे में पहेली क्या होनी चाहिए?
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राष्ट्रीय उच्च मार्ग तीन के तहत निर्माणाधीन हमीरपुर-अवाहदेवी-सरकाघाट मार्ग पर आए दिन कीचड़ ही कीचड़ पसरा हुआ है। ऐसे में बारिश के दौरान वाहन चालकों राहगीरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को हो रही भारी बारिश के बीच इस मार्ग में वाहनों के पहिए थमे रहे। ऐसे में सडक़ में किचड़ से दलदल हुई सडक़ के बीच वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में इस निर्माणाधीन मार्ग पर कई दो पहिया वाहन गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन बारिश के दौरान भी इस मार्ग का कार्य जारी है। ऐसे में इस हाई-वे के बीच सभी छोटे-बड़े वाहन बाजार से निकलते हैं। जिस कारण बाजार में कीचड़ में धूल मिट्टी का बरकरार है।
इस समस्या के कारण व्यापारी वर्ग को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश के दौरान इस मार्ग व बाजार से निकलना आफ्त से कम नहीं है। वहीं, निर्माणाधीन सडक़ मार्ग की खस्ता हालत के चलते दफ्तरों में जाने वाले कर्मचारियों स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, बीमार लोगों, अस्पताल में जाने वाले लोगों बीमार लोगों को लगातार समस्या पेश आ रही है वहीं लंबे रूट की बसें अन्य संपर्क मार्गों से गुजर कर गंतव्य तक पहुंच रही है। लोगों का मानना है कि बारिश के दौरान निर्माणाधीन सडक़ पर लगी मशीनों में कुछ विराम दिया जाएं व मौसम के साफ होते ही इस सडक़ का निर्माण कार्य पूरा किया जाएं। ताकि आम जनता को मुश्किलें ना पैसा है। इस बारे स्थानीय लोगों विनोद कुमार, सुरेश कुमार, अनिल कुमार, राकेश कुमार, राज कुमार, देशराज, अशोक कुमार, विनोद कुमार, संजय कुमार, राजेश कुमार, बलवीर सिंह, विपिन कुमार, मनोज कुमार, रघुवीर सिंह आदि अन्य लोगों ने इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। (एचडीएम)
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राष्ट्रीय उच्च मार्ग तीन के तहत निर्माणाधीन हमीरपुर-अवाहदेवी-सरकाघाट मार्ग पर आए दिन कीचड़ ही कीचड़ पसरा हुआ है। ऐसे में बारिश के दौरान वाहन चालकों राहगीरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को हो रही भारी बारिश के बीच इस मार्ग में वाहनों के पहिए थमे रहे। ऐसे में सडक़ में किचड़ से दलदल हुई सडक़ के बीच वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में इस निर्माणाधीन मार्ग पर कई दो पहिया वाहन गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन बारिश के दौरान भी इस मार्ग का कार्य जारी है। ऐसे में इस हाई-वे के बीच सभी छोटे-बड़े वाहन बाजार से निकलते हैं। जिस कारण बाजार में कीचड़ में धूल मिट्टी का बरकरार है। इस समस्या के कारण व्यापारी वर्ग को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश के दौरान इस मार्ग व बाजार से निकलना आफ्त से कम नहीं है। वहीं, निर्माणाधीन सडक़ मार्ग की खस्ता हालत के चलते दफ्तरों में जाने वाले कर्मचारियों स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, बीमार लोगों, अस्पताल में जाने वाले लोगों बीमार लोगों को लगातार समस्या पेश आ रही है वहीं लंबे रूट की बसें अन्य संपर्क मार्गों से गुजर कर गंतव्य तक पहुंच रही है। लोगों का मानना है कि बारिश के दौरान निर्माणाधीन सडक़ पर लगी मशीनों में कुछ विराम दिया जाएं व मौसम के साफ होते ही इस सडक़ का निर्माण कार्य पूरा किया जाएं। ताकि आम जनता को मुश्किलें ना पैसा है। इस बारे स्थानीय लोगों विनोद कुमार, सुरेश कुमार, अनिल कुमार, राकेश कुमार, राज कुमार, देशराज, अशोक कुमार, विनोद कुमार, संजय कुमार, राजेश कुमार, बलवीर सिंह, विपिन कुमार, मनोज कुमार, रघुवीर सिंह आदि अन्य लोगों ने इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
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चर्चा में क्यों?
19 जुलाई, 2023 को छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित जगदलपुर ज़िला चिकित्सालय, बलरामपुर ज़िला चिकित्सालय तथा कोरबा ज़िले के करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न गुणवत्ता प्रमाण पत्रों से नवाज़ा है।
- भारत सरकार ने बस्तर ज़िला अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (National Quality Assurance Standard), लक्ष्य (LaQshya) और मुस्कान (MusQan) कार्यक्रम के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया है। वहीं बलरामपुर ज़िला अस्पताल और करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एनक्यूएस तथा लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेशन किया गया है।
- सुदूर वनांचलों में स्थित शासकीय अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, लक्ष्य और मुस्कान कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमाण पत्र मिलना इस बात का संकेत है कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सभी क्षेत्रों तक पहुँच रही हैं।
- विदित है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने इस साल मार्च से जून के बीच इन तीनों अस्पतालों का निरीक्षण कर मरीजों के लिये उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया था। टीम ने इस संबंध में मरीजों से भी फीडबैक लिया था।
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने बस्तर ज़िला चिकित्सालय के मूल्यांकन के बाद 12 विभागों को एनक्यूएस, लेबर रूम व मैटरनिटी ओटी सेवाओं के लिये लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तथा पीडियाट्रिक एवं एसएनसीयू के लिये मुस्कान कार्यक्रम के तहत गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया है।
- करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भी सात विभागों को एनक्यूएस तथा लेबर रूम व मैटरनिटी ओटी के लिये लक्ष्य कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
- उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, लक्ष्य और मुस्कान कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेशन के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएँ, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इंफेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।
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चर्चा में क्यों? उन्नीस जुलाई, दो हज़ार तेईस को छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित जगदलपुर ज़िला चिकित्सालय, बलरामपुर ज़िला चिकित्सालय तथा कोरबा ज़िले के करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न गुणवत्ता प्रमाण पत्रों से नवाज़ा है। - भारत सरकार ने बस्तर ज़िला अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक , लक्ष्य और मुस्कान कार्यक्रम के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया है। वहीं बलरामपुर ज़िला अस्पताल और करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एनक्यूएस तथा लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेशन किया गया है। - सुदूर वनांचलों में स्थित शासकीय अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, लक्ष्य और मुस्कान कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमाण पत्र मिलना इस बात का संकेत है कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सभी क्षेत्रों तक पहुँच रही हैं। - विदित है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने इस साल मार्च से जून के बीच इन तीनों अस्पतालों का निरीक्षण कर मरीजों के लिये उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया था। टीम ने इस संबंध में मरीजों से भी फीडबैक लिया था। - स्वास्थ्य मंत्रालय ने बस्तर ज़िला चिकित्सालय के मूल्यांकन के बाद बारह विभागों को एनक्यूएस, लेबर रूम व मैटरनिटी ओटी सेवाओं के लिये लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तथा पीडियाट्रिक एवं एसएनसीयू के लिये मुस्कान कार्यक्रम के तहत गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया है। - करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भी सात विभागों को एनक्यूएस तथा लेबर रूम व मैटरनिटी ओटी के लिये लक्ष्य कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया गया है। - उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, लक्ष्य और मुस्कान कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेशन के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएँ, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इंफेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।
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- 33 min ago तलाकशुदा हसीना ने नाइटी में पोस्ट कर दीं S*xy तस्वीरें, रात होते ही बेडरूम में ऐसे मचलीं कि. .
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गोलमाल अगेन से पहले इससे बड़ा दीवाली तोहफा आपके लिए हो ही नहीं सकता है। जी हां, इस दीवाली अजय देवगन के फैंस के लिए डबल ब्लाॅकबस्टर धमाका होने वाला है।
हाल ही में अक्षय कुमार की टॅायलेट एक प्रेम कथा और सलमान खान की ट्यूबलाइट का टेलीविजन प्रीमियर हुआ। शाहरूख खान की जब हैरी मेट सैजल भी दिखाई गई।
अब दीवाली के इस वीक की शुरुआत अजय देवगन की सुपरकास्ट बादशाहो से होने जा रही है। इस फिल्म को रिलीज हुए महज एक महीने से ज्यादा का वक्त नहीं हुआ है। इसके बावजूद आप सभी के लिए अजय देवगन इस पूरे वीक को धमाकेदार करने वाले हैं।
देखा जाए तो इस दीवाली अजय देवगन का डबल धमाका होना फिक्स है। एक गोलमाल अगने तो दूसरी तरफ बादशाहो। बादशाहो 15 अक्टूबर को रात 8 बजे स्टार गोल्ड पर दिखाई जाएगी। इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर फिल्म 90 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है।
बहरहाल,क्या आप जानते हैं उन फिल्मों के नाम जो टीवी पर कई सालों से ब्लाॅकबस्टर हैं. . यहां देखिए. .
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Ileana D'Cruz: इलियाना डिक्रूज ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की है जो कि काफी वायरल हो रही है। इलियाना की इस तस्वीर को जहां एक तरफ फैंस इतना प्यार दे रहे है वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस पर कई लोग सवाल भी उठा रहे है। बरहाल ये सवाल इलियाना के बेबी बंप को देखकर उठ रहे है। इलियाना ने अपने बेबी बंप को दिखाते हुए कैप्शन में लिखा बंप अलर्ट। इलियाना ने इस दौरान ब्लैक बेबी बंप आउटफिट कैरी किया है।
नई दिल्ली। इलियाना डिक्रूज अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लाइफ को लेकर सुर्खियां बटोरती है। अभिनेत्री सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है और वह अपनी बोल्डनेस के लिए जानी जाती है। अभिनेत्री ने जब से अपनी प्रेग्नेंसी का एलान किया है तब से वह काफी सुर्खियां बटोर रही है। इलियाना भी अपने फैंस के लिए समय-समय पर उन्हें सारी अपडेट दे रही है। अब ऐसे में एक्ट्रेस के कई ऐसे फैंस है जो बहुत खुश है तो वहीं कुछ के मन में ये सवाल है कि इलियाना के होने वाले बच्चे के पिता कौन है। हालांकि, एक्ट्रेस ने इसको लेकर कोई भी खुलासा नहीं किया है। अब अभिनेत्री ने एक और फोटो साझा की जिसके बाद हर कोई उनसे ये सवाल पूछ रहा है कि आखिर उनके बच्चे के पिता कौन है।
दरअसल, इलियाना डिक्रूज ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की है जो कि काफी वायरल हो रही है। इलियाना की इस तस्वीर को जहां एक तरफ फैंस इतना प्यार दे रहे है वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस पर कई लोग सवाल भी उठा रहे है। बरहाल ये सवाल इलियाना के बेबी बंप को देखकर उठ रहे है। इलियाना ने अपने बेबी बंप को दिखाते हुए कैप्शन में लिखा बंप अलर्ट। इलियाना ने इस दौरान ब्लैक बेबी बंप आउटफिट कैरी किया है। जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही है।
इलियाना की इस फोटो पर आम आदमी के साथ-साथ बॉलीवुड जगत से भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। जहां तमन्ना ने इलियान की इस फोटो में इमोजी बनाई। वहीं अथिया शेट्टी ने रेड हार्ट कमेंट किया है। वहीं फरहान अख्तर की वाइफ शिबानी दांडेकर ने भी लिखा लव यू गर्ल, बहुत खुश हूं तुम्हारे लिए। आरजे कृष्णा ने भी बधाई दी है। वहीं एक यूजर ने लिखा शायद सिर्फ नया गाना या फिल्म आ रही है, आजकल प्रचार के लिए सामान्य तरीका है।
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Ileana D'Cruz: इलियाना डिक्रूज ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की है जो कि काफी वायरल हो रही है। इलियाना की इस तस्वीर को जहां एक तरफ फैंस इतना प्यार दे रहे है वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस पर कई लोग सवाल भी उठा रहे है। बरहाल ये सवाल इलियाना के बेबी बंप को देखकर उठ रहे है। इलियाना ने अपने बेबी बंप को दिखाते हुए कैप्शन में लिखा बंप अलर्ट। इलियाना ने इस दौरान ब्लैक बेबी बंप आउटफिट कैरी किया है। नई दिल्ली। इलियाना डिक्रूज अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लाइफ को लेकर सुर्खियां बटोरती है। अभिनेत्री सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है और वह अपनी बोल्डनेस के लिए जानी जाती है। अभिनेत्री ने जब से अपनी प्रेग्नेंसी का एलान किया है तब से वह काफी सुर्खियां बटोर रही है। इलियाना भी अपने फैंस के लिए समय-समय पर उन्हें सारी अपडेट दे रही है। अब ऐसे में एक्ट्रेस के कई ऐसे फैंस है जो बहुत खुश है तो वहीं कुछ के मन में ये सवाल है कि इलियाना के होने वाले बच्चे के पिता कौन है। हालांकि, एक्ट्रेस ने इसको लेकर कोई भी खुलासा नहीं किया है। अब अभिनेत्री ने एक और फोटो साझा की जिसके बाद हर कोई उनसे ये सवाल पूछ रहा है कि आखिर उनके बच्चे के पिता कौन है। दरअसल, इलियाना डिक्रूज ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की है जो कि काफी वायरल हो रही है। इलियाना की इस तस्वीर को जहां एक तरफ फैंस इतना प्यार दे रहे है वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस पर कई लोग सवाल भी उठा रहे है। बरहाल ये सवाल इलियाना के बेबी बंप को देखकर उठ रहे है। इलियाना ने अपने बेबी बंप को दिखाते हुए कैप्शन में लिखा बंप अलर्ट। इलियाना ने इस दौरान ब्लैक बेबी बंप आउटफिट कैरी किया है। जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही है। इलियाना की इस फोटो पर आम आदमी के साथ-साथ बॉलीवुड जगत से भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। जहां तमन्ना ने इलियान की इस फोटो में इमोजी बनाई। वहीं अथिया शेट्टी ने रेड हार्ट कमेंट किया है। वहीं फरहान अख्तर की वाइफ शिबानी दांडेकर ने भी लिखा लव यू गर्ल, बहुत खुश हूं तुम्हारे लिए। आरजे कृष्णा ने भी बधाई दी है। वहीं एक यूजर ने लिखा शायद सिर्फ नया गाना या फिल्म आ रही है, आजकल प्रचार के लिए सामान्य तरीका है।
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पिछले कुछ दिनों में दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में सात दिनों के औसत डेली मामलों में वृद्धि हुई है। वहीं, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और बंगाल सहित राज्यों में दैनिक मामलों में कमी के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली में, 7 दिन के एवरेज 31 मार्च को 103 के निचले स्तर पर पहुंच गया था। तब से बढ़कर यह अब 127 हो गया है। राजधानी में गुरुवार (7 अप्रैल) को 176 ताजा मामले दर्ज किए गए, जो 10 मार्च के बाद सबसे अधिक डेली केस है। दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट भी है हाल के दिनों में 1% से अधिक बढ़ गई है।
हरियाणा में सात दिन का एवरेज 4 अप्रैल के 47 केस से बढ़कर शनिवार को 68 हो गया। इस बीच, गुजरात, जिसने शुक्रवार को ओमीक्रोन के एक्सई वेरिएंट का मामला सामने आने की खबर है। हालांकि, राज्य सरकार की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। राज्य में पिछले कुछ दिनों में डेली कोरोना केस में मामूली वृद्धि देखी गई है। राज्य में गुरुवार को सिर्फ आठ मामले दर्ज किए। वहीं, शनिवार को डेली केस बढ़कर 34 हो गए। यह जो 13 मार्च के बाद सबसे अधिक डेली केस हैं। राज्य में सात दिन का औसत 4 अप्रैल को 9 केस से बढ़कर 15 केस हो गया है।
अन्य राज्यों, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, यूपी और कर्नाटक में, दैनिक मामलों के सात-दिन का एवरेज स्थिर बना हुआ है। केरल में भी ऐसी ही स्थिति है। यहां शनिवार को डेली केस एवरेज में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले दिन 322 से 325 हो गई। ऐसा राज्य में तीसरी लहर के बाद मामलों में गिरावट शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है। वर्तमान में देश में महामारी के निम्न बिंदु को देखते हुए, संख्या में ये मामलू बढ़ोतरी स्थानीय प्रकोपों का परिणाम हो सकती है। हालांकि, यह एक ट्रेंड है जिस पर करीब से नजर बनाए रखने की जरूरत है।
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पिछले कुछ दिनों में दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में सात दिनों के औसत डेली मामलों में वृद्धि हुई है। वहीं, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और बंगाल सहित राज्यों में दैनिक मामलों में कमी के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली में, सात दिन के एवरेज इकतीस मार्च को एक सौ तीन के निचले स्तर पर पहुंच गया था। तब से बढ़कर यह अब एक सौ सत्ताईस हो गया है। राजधानी में गुरुवार को एक सौ छिहत्तर ताजा मामले दर्ज किए गए, जो दस मार्च के बाद सबसे अधिक डेली केस है। दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट भी है हाल के दिनों में एक% से अधिक बढ़ गई है। हरियाणा में सात दिन का एवरेज चार अप्रैल के सैंतालीस केस से बढ़कर शनिवार को अड़सठ हो गया। इस बीच, गुजरात, जिसने शुक्रवार को ओमीक्रोन के एक्सई वेरिएंट का मामला सामने आने की खबर है। हालांकि, राज्य सरकार की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। राज्य में पिछले कुछ दिनों में डेली कोरोना केस में मामूली वृद्धि देखी गई है। राज्य में गुरुवार को सिर्फ आठ मामले दर्ज किए। वहीं, शनिवार को डेली केस बढ़कर चौंतीस हो गए। यह जो तेरह मार्च के बाद सबसे अधिक डेली केस हैं। राज्य में सात दिन का औसत चार अप्रैल को नौ केस से बढ़कर पंद्रह केस हो गया है। अन्य राज्यों, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, यूपी और कर्नाटक में, दैनिक मामलों के सात-दिन का एवरेज स्थिर बना हुआ है। केरल में भी ऐसी ही स्थिति है। यहां शनिवार को डेली केस एवरेज में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले दिन तीन सौ बाईस से तीन सौ पच्चीस हो गई। ऐसा राज्य में तीसरी लहर के बाद मामलों में गिरावट शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है। वर्तमान में देश में महामारी के निम्न बिंदु को देखते हुए, संख्या में ये मामलू बढ़ोतरी स्थानीय प्रकोपों का परिणाम हो सकती है। हालांकि, यह एक ट्रेंड है जिस पर करीब से नजर बनाए रखने की जरूरत है।
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माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने मंडल की परीक्षाओं के लिए फाइनली आज मंगलवार ब्लू प्रिंट जारी कर दिया। यह ब्लू प्रिंट जारी करने के पहले इसे तीन बार बदला गया। हाई सेकेंडरी परीक्षा 2021 के विषय अंग्रेजी विशिष्ट के ब्लू प्रिंट में फिक्शन एवं ड्रामा यथावत रखा गया है। नए ब्लू प्रिंट को माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जा रहा है। पाठ्यक्रम के जिन विषयों में CBSE का पाठ्यक्रम लागू है, उन विषयों में सीबीएसई के अनुसार पाठ्यक्रम कम किया गया है। अन्य विषय मंडल स्तर से पाठ्यक्रम कम करते हुए पूर्व वर्षों के अनुसार ब्लू प्रिंट जारी किया गया।
मंडल के PRO एसके चौरसिया ने बताया कि इन ब्लू प्रिंट पर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के माध्यम से आपत्ति प्राप्त हुई थी। उसी के अनुसार इसे विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया। इसमें CBSE द्वारा कम किए गए पाठ्यक्रमों के साथ-साथ मंडल द्वारा कम किए गए पाठ्यक्रमों को हटाकर 9 मार्च 2021 को संशोधित नवीन ब्लू प्रिंट जारी किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि यह छात्रों के लिए सहज और सार्थक साबित होगा। हालांकि इससे पहले दो बार इसे बनाया गया।
विषय विशेषज्ञों की अनुशंसा एवं मंडल से मान्यता/संबद्धता प्राप्त संस्थाओं के शिक्षकों की राय अनुसार हाई सेकेंडरी परीक्षा 2021 के विषय अंग्रेजी विशिष्ट में फिक्शन एवं ड्रामा जिन्हें पूर्व में ही छात्रों को पढ़ा लिया गया है, जिन विद्यालय में नहीं पढ़ाया गया है, उन विद्यालय में इस भाग को पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय है। साथ ही यह भी मत रहा है कि इस भाग को हटाने से इस विषय के प्रश्न पत्रों के लिए आवंटित 30 अंकों का विभाजन अन्य भाग में किया जाना संभव नहीं है। अतः मंडल द्वारा छात्र हित में हाई सेकेंडरी परीक्षा 2021 के विषय अंग्रेजी विशिष्ट के ब्लूप्रिंट में फिक्शन एवं ड्रामा को यथावत रखा गया है।
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माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने मंडल की परीक्षाओं के लिए फाइनली आज मंगलवार ब्लू प्रिंट जारी कर दिया। यह ब्लू प्रिंट जारी करने के पहले इसे तीन बार बदला गया। हाई सेकेंडरी परीक्षा दो हज़ार इक्कीस के विषय अंग्रेजी विशिष्ट के ब्लू प्रिंट में फिक्शन एवं ड्रामा यथावत रखा गया है। नए ब्लू प्रिंट को माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जा रहा है। पाठ्यक्रम के जिन विषयों में CBSE का पाठ्यक्रम लागू है, उन विषयों में सीबीएसई के अनुसार पाठ्यक्रम कम किया गया है। अन्य विषय मंडल स्तर से पाठ्यक्रम कम करते हुए पूर्व वर्षों के अनुसार ब्लू प्रिंट जारी किया गया। मंडल के PRO एसके चौरसिया ने बताया कि इन ब्लू प्रिंट पर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के माध्यम से आपत्ति प्राप्त हुई थी। उसी के अनुसार इसे विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया। इसमें CBSE द्वारा कम किए गए पाठ्यक्रमों के साथ-साथ मंडल द्वारा कम किए गए पाठ्यक्रमों को हटाकर नौ मार्च दो हज़ार इक्कीस को संशोधित नवीन ब्लू प्रिंट जारी किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि यह छात्रों के लिए सहज और सार्थक साबित होगा। हालांकि इससे पहले दो बार इसे बनाया गया। विषय विशेषज्ञों की अनुशंसा एवं मंडल से मान्यता/संबद्धता प्राप्त संस्थाओं के शिक्षकों की राय अनुसार हाई सेकेंडरी परीक्षा दो हज़ार इक्कीस के विषय अंग्रेजी विशिष्ट में फिक्शन एवं ड्रामा जिन्हें पूर्व में ही छात्रों को पढ़ा लिया गया है, जिन विद्यालय में नहीं पढ़ाया गया है, उन विद्यालय में इस भाग को पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय है। साथ ही यह भी मत रहा है कि इस भाग को हटाने से इस विषय के प्रश्न पत्रों के लिए आवंटित तीस अंकों का विभाजन अन्य भाग में किया जाना संभव नहीं है। अतः मंडल द्वारा छात्र हित में हाई सेकेंडरी परीक्षा दो हज़ार इक्कीस के विषय अंग्रेजी विशिष्ट के ब्लूप्रिंट में फिक्शन एवं ड्रामा को यथावत रखा गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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लंदन, 25 मई (आईएएनएस)। दिग्गज संगीतकार एल्टन जॉन के जीवन पर बनने जा रही बायोपिक 'रॉकेट मैन' 17 मई, 2019 को रिलीज होगी। एल्टन जॉन हाल ही में ब्रिटेन के प्रिंस हैरी और मेगन मर्कल की शादी में नजर आए थे।
वेबसाइट 'डेडलाइन डॉट कॉम' के मुताबिक, फिल्म में टैरन इगर्टन एल्टन जॉन का किरदार निभा रहे हैं। इसमें एल्टन के पांच दशक लंबे करियर को दिखाया जाएगा। फिल्म 17 मई, 2019 को रिलीज होगी।
डेक्सटर फ्लेचर ली फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं।
फिल्म की शूटिंग अगस्त में शुरू होगी।
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लंदन, पच्चीस मई । दिग्गज संगीतकार एल्टन जॉन के जीवन पर बनने जा रही बायोपिक 'रॉकेट मैन' सत्रह मई, दो हज़ार उन्नीस को रिलीज होगी। एल्टन जॉन हाल ही में ब्रिटेन के प्रिंस हैरी और मेगन मर्कल की शादी में नजर आए थे। वेबसाइट 'डेडलाइन डॉट कॉम' के मुताबिक, फिल्म में टैरन इगर्टन एल्टन जॉन का किरदार निभा रहे हैं। इसमें एल्टन के पांच दशक लंबे करियर को दिखाया जाएगा। फिल्म सत्रह मई, दो हज़ार उन्नीस को रिलीज होगी। डेक्सटर फ्लेचर ली फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग अगस्त में शुरू होगी।
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2667 Written Answers PHALGUNA 5, 1800 (SAKA) Written Answers 2668
में अब तक मायात किये गये सामान का क्या
विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत कितना ऋण दिया गया;
(स) क्या इस प्रकार दो गई धन राशि की वसूली हो गई है; और
(ग) यदि नही, तो वसूली के लिये क्या कार्यवाही की जा रही है ?
सामुदायिक विकास तथा सरकार मंत्री ( श्री सु० कु० ४) (क) से (ग ). हिमाचल प्रदेश प्रशासन से सूचना की प्रतीक्षा की जा रही है और मिलने पर सभा पटल पर रख दी जायेगी ।
हिमाचल प्रदेश में पंचायतें
८०४. श्री पद्म देव क्या सामुदायिक विकासत या सहकार मंत्री यह बनाने की कृपा करेगे कि :
(क) वर्ष १९५८ में हिमाचल प्रदेश में पंचायतो द्वारा कितनी सडकें, बावलिया और पंचायतघर बनाये गये, और
(ख) पंचायतो ने लोगो में कितनी कितनी मात्रा में उर्वरक, अच्छे बीज, फलो के पौधे भौर खाद्यान्न वितरित किये ?
सामुदायिक विकास तथा सहकार मंत्री (श्री सु० रु० डे) : (क) सड़कें व गाव के रास्ते जो बनाये
गये बावलिया जो बनाई गई पंचायतवर बनाये गये
३८ ( ( बन रहे है)
( ख ) यह चीजें पंचायतों द्वारा नहीं बांटी जाती ।
हिमाचल प्रदेश में विद्युत परियोजना
८०५. श्री पद्म दे क्या सिंचाई और विद्युत् मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि :
(क) हिमाचल प्रदेश की विद्युत परि योजनाओं के लिये दूसरी पंचवर्षीय योजनावधि
(ख) जो सामान प्रभी बाहर से धाना उसका क्या मूल्य है,
(ग) द्वितीय पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत कौन-कौन सी योजनायें अब तक पूरी हो चुकी हैं और अब तक कौन सी अधूरी पड़ी हैं; और
(घ) क्या ये सारी योजनाये योजनावधि मे पूरी हो जायेंगी ?
सिंचाई और विद्युत् उपमंत्री (श्री हाथी) (क) १९.०० लाख रुपये ।
(ख) ७२ लाख रुपये ।
(ग) दूसरी पचवर्षीय योजनावधि में कुल २० योजनाओ को पूरा करने का प्रस्ताव है । निम्नलिखित ४ योजनाएं लगभग पूरी हो चुकी है --- है
(१) मडी से सुन्दरनगर तक बिजली का विस्तार
(२) नाहन-पयोन्टा घाटी को बिजली देने की योजना
( ३ ) जोगिन्दर नगर से चौन्तरा तक बिजली का विस्तार
(४) सोलन तथा उसके बाहरी क्षेत्रो को बिजली देने की योजना
धन्य १६ योजनाओं के सम्बन्ध में काम हो रहा है। इन में से कई निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं में है ।
(घ) निम्नलिखित ८ योजनाए दूसरी योजनावधि के अन्त तक पूरी हो जायेंगी और बाकी योजनाओं पर भी काफी काम हो जायेगा :(१) थ्योग, कोटकहाई, नरकण्डा क्षेत्रों को बिजली देना ।
(२) रामपुर, कोटगढ को बिजली देना ।
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दो हज़ार छः सौ सरसठ Written Answers PHALGUNA पाँच, एक हज़ार आठ सौ Written Answers दो हज़ार छः सौ अड़सठ में अब तक मायात किये गये सामान का क्या विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत कितना ऋण दिया गया; क्या इस प्रकार दो गई धन राशि की वसूली हो गई है; और यदि नही, तो वसूली के लिये क्या कार्यवाही की जा रही है ? सामुदायिक विकास तथा सरकार मंत्री से . हिमाचल प्रदेश प्रशासन से सूचना की प्रतीक्षा की जा रही है और मिलने पर सभा पटल पर रख दी जायेगी । हिमाचल प्रदेश में पंचायतें आठ सौ चार. श्री पद्म देव क्या सामुदायिक विकासत या सहकार मंत्री यह बनाने की कृपा करेगे कि : वर्ष एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन में हिमाचल प्रदेश में पंचायतो द्वारा कितनी सडकें, बावलिया और पंचायतघर बनाये गये, और पंचायतो ने लोगो में कितनी कितनी मात्रा में उर्वरक, अच्छे बीज, फलो के पौधे भौर खाद्यान्न वितरित किये ? सामुदायिक विकास तथा सहकार मंत्री : सड़कें व गाव के रास्ते जो बनाये गये बावलिया जो बनाई गई पंचायतवर बनाये गये अड़तीस यह चीजें पंचायतों द्वारा नहीं बांटी जाती । हिमाचल प्रदेश में विद्युत परियोजना आठ सौ पाँच. श्री पद्म दे क्या सिंचाई और विद्युत् मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि : हिमाचल प्रदेश की विद्युत परि योजनाओं के लिये दूसरी पंचवर्षीय योजनावधि जो सामान प्रभी बाहर से धाना उसका क्या मूल्य है, द्वितीय पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत कौन-कौन सी योजनायें अब तक पूरी हो चुकी हैं और अब तक कौन सी अधूरी पड़ी हैं; और क्या ये सारी योजनाये योजनावधि मे पूरी हो जायेंगी ? सिंचाई और विद्युत् उपमंत्री उन्नीस.शून्य लाख रुपये । बहत्तर लाख रुपये । दूसरी पचवर्षीय योजनावधि में कुल बीस योजनाओ को पूरा करने का प्रस्ताव है । निम्नलिखित चार योजनाएं लगभग पूरी हो चुकी है --- है मडी से सुन्दरनगर तक बिजली का विस्तार नाहन-पयोन्टा घाटी को बिजली देने की योजना जोगिन्दर नगर से चौन्तरा तक बिजली का विस्तार सोलन तथा उसके बाहरी क्षेत्रो को बिजली देने की योजना धन्य सोलह योजनाओं के सम्बन्ध में काम हो रहा है। इन में से कई निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं में है । निम्नलिखित आठ योजनाए दूसरी योजनावधि के अन्त तक पूरी हो जायेंगी और बाकी योजनाओं पर भी काफी काम हो जायेगा : थ्योग, कोटकहाई, नरकण्डा क्षेत्रों को बिजली देना । रामपुर, कोटगढ को बिजली देना ।
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Atiq -Ashraf Shot Dead: प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को सुपुर्द ए खाक किया गया। परिवार की मौजूदगी में दोनों के शव दफन किए गए।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मारने वाले तीनों आरोपियो को 14 दिन की जेल में भेजा गया है। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर अरुण मौर्य, सन्नी सिंह और लवलेश तिवारी को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है.
अतीक-अशरफ हत्याकांड में अब तक कि जांच में यही पता चला है कि तीनो आरोपी कॉन्ट्रैक्ट किलर है। ये तीनों एक दूसरे को पहले से नहीं जानते थे, तीनों अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। इन तीनों को एक साथ लेकर अतीक-अशरफ की रेकी करनी और हत्या के लिए भेजने वाले मास्टरमाइंड की पड़ताल करने में यूपी पुलिस जुटी हुई है।
माफिया अतीक अहमद और अशरफ का पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया है। इन दोनों को सुपुर्दे-ए-खाक कसारी मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद मिली जानकारी सूत्रों के मुताबिक अतीक के बॉडी में 8 गोलियां मिली हैं।
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Atiq -Ashraf Shot Dead: प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को सुपुर्द ए खाक किया गया। परिवार की मौजूदगी में दोनों के शव दफन किए गए। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मारने वाले तीनों आरोपियो को चौदह दिन की जेल में भेजा गया है। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर अरुण मौर्य, सन्नी सिंह और लवलेश तिवारी को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. अतीक-अशरफ हत्याकांड में अब तक कि जांच में यही पता चला है कि तीनो आरोपी कॉन्ट्रैक्ट किलर है। ये तीनों एक दूसरे को पहले से नहीं जानते थे, तीनों अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। इन तीनों को एक साथ लेकर अतीक-अशरफ की रेकी करनी और हत्या के लिए भेजने वाले मास्टरमाइंड की पड़ताल करने में यूपी पुलिस जुटी हुई है। माफिया अतीक अहमद और अशरफ का पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया है। इन दोनों को सुपुर्दे-ए-खाक कसारी मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद मिली जानकारी सूत्रों के मुताबिक अतीक के बॉडी में आठ गोलियां मिली हैं।
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गंगटोक, 10 मार्च (हि. स. )। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत पर बधाई दी है। उन्होंने गुरुवार को लगातार दो ट्वीट कर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष को चुनाव जीतने पर बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के लिए बधाई दी है। इसी तरह, एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री के गतिशील नेतृत्व में देशभर में विभिन्न कल्याणकारी पहलों और बड़े पैमाने पर विकास ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की है।
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गंगटोक, दस मार्च । सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत पर बधाई दी है। उन्होंने गुरुवार को लगातार दो ट्वीट कर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष को चुनाव जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के लिए बधाई दी है। इसी तरह, एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री के गतिशील नेतृत्व में देशभर में विभिन्न कल्याणकारी पहलों और बड़े पैमाने पर विकास ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की है।
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जानकारी के अनुसार एएसआइ सुरिद्र कुमार समेत पुलिस पार्टी ने ट्रक यूनियन मोड़ के पास नाका लगाया था। इसी दौरान एक बोलेरो बड़ी तेज रफ्तार के साथ डलहौजी रोड बाईपास की ओर से आई। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन गाड़ी रोकने के बजाय चालक और तेज रफ्तार से उसे भगा ले गया। पुलिस पार्टी की पीसीआर टीम ने कालेज रोड में जाकर उसे काबू किया। गाड़ी में बैठे तीन युवकों से नाम और पता पूछा।
संवाद सूत्र, पठानकोट : पठानकोट में तेज रफ्तार एक बोलेरो चालक ने कई वाहनों को टक्कर मारकर उन्हें नुकसान पहुंचाया। यही नहीं पुलिस पार्टी ने जब उक्त बोलेरो चालक को रुकने का इशारा किया तो उसने रुकने के बजाय वाहन की स्पीड और बढ़ा दी। पुलिस ने घेराबंदी कर बाद में उसे काबू कर लिया।
जानकारी के अनुसार एएसआइ सुरिद्र कुमार समेत पुलिस पार्टी ने ट्रक यूनियन मोड़ के पास नाका लगाया था। इसी दौरान एक बोलेरो बड़ी तेज रफ्तार के साथ डलहौजी रोड बाईपास की ओर से आई। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन गाड़ी रोकने के बजाय चालक और तेज रफ्तार से उसे भगा ले गया। पुलिस पार्टी की पीसीआर टीम ने कालेज रोड में जाकर उसे काबू किया। गाड़ी में बैठे तीन युवकों से नाम और पता पूछा।
बोलेरो गाड़ी चला रहे युवक ने अपना नाम गीतांशु निवासी आशापूर्णी मंदिर अंदरूनी बाजार, दूसरे युवक ने अपना नाम नीरज निवासी वार्ड नंबर-7 मोहल्ला ईशा नगर और तीसरे युवक ने अपना नाम अंकुश कुमार निवासी मोहल्ला चार्जियां का रहने वाला बताया। पुलिस ने गाड़ी चला रहे गीतांशु द्वारा लापरवाही के साथ गाड़ी चलाकर वाहनों का नुकसान पहुंचाने के मामले में उसके खिलाफ 279, 427 आइपीसी में केस दर्ज किया गया है। थाना दो की पुलिस ने बोलेरा गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
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जानकारी के अनुसार एएसआइ सुरिद्र कुमार समेत पुलिस पार्टी ने ट्रक यूनियन मोड़ के पास नाका लगाया था। इसी दौरान एक बोलेरो बड़ी तेज रफ्तार के साथ डलहौजी रोड बाईपास की ओर से आई। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन गाड़ी रोकने के बजाय चालक और तेज रफ्तार से उसे भगा ले गया। पुलिस पार्टी की पीसीआर टीम ने कालेज रोड में जाकर उसे काबू किया। गाड़ी में बैठे तीन युवकों से नाम और पता पूछा। संवाद सूत्र, पठानकोट : पठानकोट में तेज रफ्तार एक बोलेरो चालक ने कई वाहनों को टक्कर मारकर उन्हें नुकसान पहुंचाया। यही नहीं पुलिस पार्टी ने जब उक्त बोलेरो चालक को रुकने का इशारा किया तो उसने रुकने के बजाय वाहन की स्पीड और बढ़ा दी। पुलिस ने घेराबंदी कर बाद में उसे काबू कर लिया। जानकारी के अनुसार एएसआइ सुरिद्र कुमार समेत पुलिस पार्टी ने ट्रक यूनियन मोड़ के पास नाका लगाया था। इसी दौरान एक बोलेरो बड़ी तेज रफ्तार के साथ डलहौजी रोड बाईपास की ओर से आई। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन गाड़ी रोकने के बजाय चालक और तेज रफ्तार से उसे भगा ले गया। पुलिस पार्टी की पीसीआर टीम ने कालेज रोड में जाकर उसे काबू किया। गाड़ी में बैठे तीन युवकों से नाम और पता पूछा। बोलेरो गाड़ी चला रहे युवक ने अपना नाम गीतांशु निवासी आशापूर्णी मंदिर अंदरूनी बाजार, दूसरे युवक ने अपना नाम नीरज निवासी वार्ड नंबर-सात मोहल्ला ईशा नगर और तीसरे युवक ने अपना नाम अंकुश कुमार निवासी मोहल्ला चार्जियां का रहने वाला बताया। पुलिस ने गाड़ी चला रहे गीतांशु द्वारा लापरवाही के साथ गाड़ी चलाकर वाहनों का नुकसान पहुंचाने के मामले में उसके खिलाफ दो सौ उन्यासी, चार सौ सत्ताईस आइपीसी में केस दर्ज किया गया है। थाना दो की पुलिस ने बोलेरा गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रहे सुरेश रैना ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के तहत 25 फरवरी को खेले गए मैच में अहम उपलब्धि हासिल की. ग्रुप ई में उत्तर प्रदेश और पुडुचेरी के बीच दिल्ली में खेले गए टी-20 मैच के दौरान उन्होंने अपने टी-20 करियर में 8 हजार रन पूरे किए. रैना ने इस मैच में 12 रनों की पारी खेली. सुरेश रैना भारत की तरफ से टी-20 क्रिकेट में 8 हजार रन पूरे करने वाले देश के पहले बल्लेबाज हैं. इसके अलावा सुरेश रैना 300 टी-20 मैच खेलने वाले भारत के दूसरे क्रिकेटर हैं. उनके अलावा 300 मैच सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी ने खेले हैं.
टी-20 क्रिकेट में 8 हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले सुरेश रैना दुनिया के छठे क्रिकेटर हैं. सुरेश रैना ने 300 टी-20 मैचों में 8001 रन बनाए हैं. टी-20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के नाम दर्ज है. क्रिस गेल ने 12298 रन बनाए हैं. इसके बाद न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम टी-20 क्रिकेट में 9922 रन बनाकर दूसरे नंबर पर हैं. वेस्टइंडीज के कीरेन पोलार्ड ने 8838 रन बनाए हैं और वह तीसरे स्थान पर हैं. पाकिस्तान के शोएब मलिक 8603 रन बनाकर चौथे पायदान पर हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर ने टी-20 मैचों में 8111 रन बनाए हैं और वह पांचवें स्थान पर हैं.
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इस मैच में उत्तर प्रदेश ने पुडुचेरी को 77 रनों से मात दी. उत्तर प्रदेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट पर 179 रन बनाए. यूपी की ओर से प्रियम गर्ग ने 30 गेदों पर तेज-तर्रार 54 रनों की पारी खेली. उनके अलावा उपेंद्र यादव ने 36 रन बनाए. पुडुचेरी की और से विकरेश्वरन मारिमुथु ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए.
जीतने के लिए 180 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी पुडुचेरी की टीम के बल्लेबाज उत्तर प्रदेश की बॉलिंग के आगे संभल नहीं पाए. सौरभ कुमार ने 4 ओवर में 14 रन खर्च कर पुडुचेरी के 4 विकेट झटके. पुडुचेरी की ओर से फाबिद अहमद और परंदामन थमारिकानन ने सबसे ज्यादा 25-25 रनों की पारी खेली. पुडुचेरी की पूरी टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 102 रन ही बना सकी.
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रहे सुरेश रैना ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के तहत पच्चीस फरवरी को खेले गए मैच में अहम उपलब्धि हासिल की. ग्रुप ई में उत्तर प्रदेश और पुडुचेरी के बीच दिल्ली में खेले गए टी-बीस मैच के दौरान उन्होंने अपने टी-बीस करियर में आठ हजार रन पूरे किए. रैना ने इस मैच में बारह रनों की पारी खेली. सुरेश रैना भारत की तरफ से टी-बीस क्रिकेट में आठ हजार रन पूरे करने वाले देश के पहले बल्लेबाज हैं. इसके अलावा सुरेश रैना तीन सौ टी-बीस मैच खेलने वाले भारत के दूसरे क्रिकेटर हैं. उनके अलावा तीन सौ मैच सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी ने खेले हैं. टी-बीस क्रिकेट में आठ हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले सुरेश रैना दुनिया के छठे क्रिकेटर हैं. सुरेश रैना ने तीन सौ टी-बीस मैचों में आठ हज़ार एक रन बनाए हैं. टी-बीस क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के नाम दर्ज है. क्रिस गेल ने बारह हज़ार दो सौ अट्ठानवे रन बनाए हैं. इसके बाद न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम टी-बीस क्रिकेट में नौ हज़ार नौ सौ बाईस रन बनाकर दूसरे नंबर पर हैं. वेस्टइंडीज के कीरेन पोलार्ड ने आठ हज़ार आठ सौ अड़तीस रन बनाए हैं और वह तीसरे स्थान पर हैं. पाकिस्तान के शोएब मलिक आठ हज़ार छः सौ तीन रन बनाकर चौथे पायदान पर हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर ने टी-बीस मैचों में आठ हज़ार एक सौ ग्यारह रन बनाए हैं और वह पांचवें स्थान पर हैं. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इस मैच में उत्तर प्रदेश ने पुडुचेरी को सतहत्तर रनों से मात दी. उत्तर प्रदेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित बीस ओवर में चार विकेट पर एक सौ उन्यासी रन बनाए. यूपी की ओर से प्रियम गर्ग ने तीस गेदों पर तेज-तर्रार चौवन रनों की पारी खेली. उनके अलावा उपेंद्र यादव ने छत्तीस रन बनाए. पुडुचेरी की और से विकरेश्वरन मारिमुथु ने सर्वाधिक दो विकेट लिए. जीतने के लिए एक सौ अस्सी रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी पुडुचेरी की टीम के बल्लेबाज उत्तर प्रदेश की बॉलिंग के आगे संभल नहीं पाए. सौरभ कुमार ने चार ओवर में चौदह रन खर्च कर पुडुचेरी के चार विकेट झटके. पुडुचेरी की ओर से फाबिद अहमद और परंदामन थमारिकानन ने सबसे ज्यादा पच्चीस-पच्चीस रनों की पारी खेली. पुडुचेरी की पूरी टीम बीस ओवर में छः विकेट पर एक सौ दो रन ही बना सकी.
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की चिर तृषा इससे तृप्त होती है, उन्नति के रुद्ध स्रोत खुलते हैं, अविकसित सद्वृत्तियां प्रस्फुटित होती हैं, छिपी हुई योग्यताएँ जागृत होती हैं और निराशा के अन्धकार में आशा का दीपक एक बार पुनः जगमगाने लगता है। निद और भर्त्सना ने अनेक उन्नतमना लोगों को निराश, कायर, भयभीत और निकम्मा बना दिया । हम ऐसे लोगों को जानते हैं जो व्यक्तिगत रूप से उन्नतिशील थे, उनमें अच्छी योग्यताओं के मौजूद थे पर उनका सम्पर्क बड़े दुर्बुद्धि संरक्षकों के साथ में रहा । जरा-जरा सी बात पर फिड़कना, मूर्ख बताना, नालायकी सावित करना, अयोग्यता का फतवा देना यह ऐसे कार्य हैं जिनके द्वारा माता पिता अपने चालकों की, मालिक अपने नौकरों की, गुरुजन अपने शिष्यों की आशा- कली को चेदर्दी के साथ कुचल बालारे हैं । निरन्तर भर्त्सना करते रहने से न तो कुछ सुधार होल है और न कोई उन्नति होती है। केवल इतना हो परिणाम दिकजन है कि वह अपने बारे में निराशाजनक भावनाएँ धारण करता है, अपने को अयोग्य मान बैठता है उसका दिल बैठ जाता है और धीरे-धीरे निर्लज होकर उसी अवनति के ढांचे में ढलता जाता है।
जिस व्यक्ति में निराश करने के, जरा-जरा से दोपों को कहने की, फिड़कने की, विन्दा फरने की, निरुत्साह करने को आदत है वह सचमुच बड़ा भयंकर है। व्याघ्र आदि हिंसक जन्तु जिस पर आक्रमण करते हैं जैसे क्षण भर में फाड़ कर खा जाते हैं परन्तु गिराने वाले निन्दा सुच शब्दों का प्रयोग करने का जिसे अभ्यास हो गया है उसकी भयंकरता व्याघ्र से अधिक है। सूखा मसान बालकों का कलेजा चूसकर उसे ठठरी वना देता है, इसीप्रकार निन्दा सुचक वादय प्रहारों से भीतर ही भीतर दूसरे का कलेजा खाली हो जाता है। यदि आप प्रशंसा करने
और प्रोत्साहन देने की नीति को अपना लेते हैं तो इसके द्वारा अनेको व्यक्तियों को ऊँचा उठाने में, आगे बढ़ाने मे, सहायक होते हैं । हो सकता है कि कोई क्रियाशील व्यक्ति आपके द्वारा प्रोत्साहन पाकर उन्नति के प्रकाश पूर्ण पथ पर चल निकले और एक दिन ऊँची चोटी पर जा पहुंचे । क्या आपको उसका श्रेय न मिलेगा ? क्या उस महान कर्म साधना में आप पुण्य के भागी न होगे।
मैत्री - भाव की वृद्धि करते रहिए
सहयोग और मैत्री भाव - ये दोनों शब्द लगभग एक ही अर्थ के सूचक हैं। हमारे मित्र ही हमारे सबसे बड़े सहयोगी हो सकते हैं। अन्य मनुष्यों का सहयोग तो आवश्यकता पड़ने पर थोड़े समय के लिए होता है, पर मित्रों से तो निकट सम्बन्ध होने के के कारण सदैव ही सहयोग चलता रहता है । इस बात को हम इस तरह भी कह सकते हैं कि जिन लोगों से हमारा अधिक सहयोग होता रहता है उन्हीं से मित्रता स्थापित हो जाती है। इसलिए सहयोग की आकांक्षा रखने वाले व्यक्तियों को सदैव अपना मित्रमण्डल बढ़ाते रहना चाहिए और साथ ही मित्रों से ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे निरन्तर मित्रताकी वृद्धि हो तथा कभी मनोमालिन्य की नौवतन आवे ।
गुणग्राही मित्र गुण का आदर करता है । मित्र के गुणों का आदर करना और उन गुणों की वृद्धि मे उसे बढ़ावा देना मित्र का काम है। अपने मित्र के गुणों की कदर न करने बाले मनुष्य की मित्रता केवल नदी-नाव संयोग है। ऐसी मित्रता निभ नहीं सकती । सुख-दुख में, संपद विपद में, अध्ययन और मनोरञ्जन में, साथ रह सकने वाले मित्रों की मित्रता बढ़ती ही जा
है। कई मित्र प्रयोजनाभाव से परस्सर मितना तक छोड़ देते हैं । पर यह बड़ी भूल है। मित्रों को एक दूसरे से बराबर मिलते रहना चाहिए और विना मिले कल ही न पड़नी चाहिए। मित्रो का एक दूसरे से न सिलना भी मित्रता के शिथिल हो जाने का कारण होता है ।
वनादि से मित्र की सहायता करने में कभी अपने मन में उसका थोड़ा भी तिरस्कार न करो । मित्र की सहायता कर सकता अहोभाग्य है । मित्र की सहायता करना जैसा मित्र धर्म है, वैसा ही मित्र-धर्म, मित्र को कष्ट न देना भी है । सरल और सहृदय ' देखकर किसीको बारवार सहायता के लिए कष्ट देना अनुचित है, यही नहीं प्रत्युत मित्र का यह धर्म है कि वह जहां तक हो सके, ऐसा अवसर ही न आने दे, कि मित्र को कष्ट हो ।
किसी समय यदि मिन्न सहायता न कर सके, तो उतने से रुष्ट हो जाना भी ठीक नहीं । मित्र से अनुचित आशा करना तो. सैत्री का केवल दुरुपयोग है। हमें सदा अपने को अपने मित्र की स्थिति में मानकर विचारना चाहिए, अयुक्त परिस्थिति में हम अपने मित्र के लिए क्या कर सकते, जा काम हम न कर सकते हो, उसकी आशा अपने मित्र से कदापि न करनी चाहिए ।
मित्र के निर्वाह के सम्बन्ध में यह सुभाषित प्रसिद्ध हैइच्छेच्चेद्विपुलां मैत्रीं त्रीणि वन न कारयेत् । वाग्वादमर्थ सम्बन्धं परोक्षे दारभ.पणम् अर्थात् - "जो विपुल मैत्री चाहता हो, वह इन तीन बातों से अवश्य दूर रहे - वाग्वाद अर्थ -सम्बन्ध और मित्र के परोक्ष में मित्र - उनी से बात चीत ।"
"वादे वादे जायते तव्यबोधः" यह सुभाषित सत्य है, पर तत्वबोध के लिए जहां बाद होता है, वहीं के लिए यह ठीक है,
अन्यथा अपनी अपनी बात रखने के लिए जो वाद-विवाद किया जाता है, वह केवल निरर्थक नहीं, अनेक बार हानिकारक भी होता है। कईबार शास्त्रार्थ होते-होते शस्त्रार्थ आरम्भ हो गया है। वाद-विवाद के जोश में कितनों को होश नहीं रहता और एक दूसरे के दिलों पर वाग्वाण बरसाने लगते हैं, जिसका परिणाम यह होता है, कि बाद करने वाले ऐसे मित्र का चित्त एक दूसरे से हट जाता है, कभी-कभी दिल फटने की भी नौवत आ जाती है । किसी विषय में मित्रों में मतभेद हो, तो उसके लिए बाग्वाद न करके एक दूसरे के मत का आदर करना चाहिए। ऐसी चर्चा ही न चलाना अच्छा, जिसमें मित्रों को अपने-अपने मत का आग्रह हो ।
'लेन-देन जितना थोड़ा मित्र प्रेम भी उतना गाढ़ा होता है। इसलिए मित्रों को आपस में लेन-देन न करना चाहिए । अर्थ सम्बन्ध से मित्र जितना दूर रहेगा, उतना मैत्री निभाने के विषय में सुखी होगा ।
मित्र के परोक्ष में मित्र की पत्नी से बात चीत करना कई देशों के आचार में अशिष्ट नहीं समझा जाता । उन देशों का इस विषय मे कोई भिन्न अनुभव हो सकता है। परन्तु हमारे देश में शिष्ट व्यवहार यही है, कि पुरुष के परोक्ष में स्त्री से भाषण न करना चाहिए। जो लोग अपने मित्रों से मित्रता निभाना चाहते हैं, उन्हें मित्र की अनुपस्थिति में उसकी स्त्री से कभी बात चीत न करनी चाहिए । मित्र की उपस्थिति में मित्र-पत्नी से वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा लक्ष्मण का सीताजी के साथ था । लक्ष्मण ने सीवानी के चरणों के सिवाय और किसी अंग का दर्शन नहीं किया था। किसी भी परस्त्री से भाषण करते हुए अपनी दृष्टि को उसके पैरों पर ही रखना चाहिए ।
अनेक मित्रों की यह धारणा रहती है, कि मित्र से किसी बात का परदा न रखना चाहिए - कोई बात उससे न छिपाना चाहिए । पर यह कोई नियम नहीं, यह आवश्यक भी नहीं है । जिसके योग्य जो बात हो वही उससे कहनी चाहिए, यही साधारण नियम है। यदि कोई मित्र ऐसा है, कि उसके पेट में कोई बात नहीं पचती, तो उससे सब तरह के गुहा भेद कह देना अपने आपको धोखा देना है। मित्रों से व्यर्थ बात चीत करके अपना और उसका समय नष्ट न करो। ऐसा करने से जो वात न कहनी चाहिए, वह कभी न कही जायगी। व्यर्थ बात करने वाले लोग अनेक बार ऐसी बात वह डाज्ञते हैं, जिनके कहने से पीछे उन्हें पश्चान्ताय करना पड़ता है। मित्र से कोई छल न करना चाहिए, इसका मतलब यह नहींहै, कि उससे कोई बात नहीं छिपानी चाहिए मित्रों को एक बात का ध्यान रखना चाहिए। वह यह कि अनेक मित्रों से परस्पर कलह करा देने वाले चुगलखोर नामक जीव पैदा हो जाते हैं। कभी सच्ची, कभी झूठी, और कभी "राई का पर्वत" बनाकर एक की बातें दूसरे को सुनाया करते हैं। इनसे मित्रों को बहुत सावधान रहना चाहिए। इनको चातें सुनकर इन्हें मैत्री में विष फैलाने का अवसर हो न देना चाहिए ।
सन्मित्रसे समृद्धि सौभाग्य शालिनी होती है और विपद् वट आदि अवस्थाओं में उससे उपकार होता है। इसलिए सन्मित्र का अभिनन्दन करो, सहायता करो, उसके लिए परिश्रम करो, संक्ट में उसकी रक्षा करो उस पर कोई आक्रमण करे तो उसके कंधे से कंधा लगाकर खड़े हो, उसके रुख से सुखी और दुःख से दुखो हुआ करो और जय वह विपदग्रस्त हो, तब उसे सान्त्वना दिया करो । ऐसा करो, तव सम्भा जयगा कि तुम अपना वर्तव्य पालन करते हो !
सहयोग और सामूहिकता की भावना
मनुष्य सामाजिक प्राणी है और आज तक संसार में उसने जो कुछ उन्नति की है वह सहयोग और सामूहिकता की भावना के द्वारा ही की है। अकेला व्यक्ति किसी भी प्रकार की उन्नति कर सकते में असमर्थ होता है। यदि मनुष्य इन विशेष का त्याग करदे तो उसमें और जंगलों में फिरने वाले एक पशु में कुछ सी अन्तर न रह जायगा । इसलिए मनुष्य को अपने हित की दृष्टि से भी सदा लासूहिकता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए और इस बात का प्रयत्न करते रहना चाहिए कि समाज में जहां तक सम्भव हो सहयोग की भावना निरन्तर बढ़ती रहे ।
सच्चा सामाजिक बनने के लिए आपको सहनशक्कि, धैर्य तथा संतोष की आवश्यकता है। आप में भी कमियां हैं, आप में भी अभाव और दुर्गुण हैं, इसलिए दूसरों को इस बात का मौका न दीजिए कि जब आप उन्हें सही रास्ता दिखा रहे हो, तभी वे पहले स्वयं सम्हलने का ताना देकर आपके काम में बाधा चलें । आपको धैर्य और नरमी से काम लेना है । आदमी अपने स्वभाव को नहीं छोड़ सकता । उसमें कुछ संस्कार जमे होते हैं कु वंशानुगढ, जन्मभूमिगत भावना होती हैं, कही-सुनी और लिखी पढी बातों का प्रभाव पड़ा होता है। माना कि उन्हें अपनी अच्छाइयों व बुराइयों का भार स्वयं सहन करना है, किन्तु आप यदि किसीको गलत राह पकड़ते देख लें तो आगे बढ़कर उसे सचेत कर देना आपका काम है। उसे समझाएँ कि उसे
इस प्रकार का बना देने की जिम्मेदारी किल पर है । यदि समझाने के बजाय आप रुष्ट होकर बैठ रहे और आपका पारा चढ़ा रहा तो उससे आपकी हो क्षति है। इससे दिल और दिमाग दोनों हो थक
जायेंगे । यदि आपने उत्तेजनापूर्ण शब्दों से काम लिया तो किया हुआ काम फिर दुहराण जा सकता है, उससे भी भयंकर कृत्य किया जा सकता है। उत्तोजित व्यक्ति सममता है कि वह अपराधी को अपशब्दों और ताड़ना द्वारा सुधार रहा है, किन्तु वह नहीं जानता कि ऐसा करके वह स्वयं अपने प्रति अन्याय कर रहा है। अपराधी स्वयं का मानने में आपका मन स्वीकर करने में हिचकिचाएगा, यहां तक कि आपको अपने रास्ते का रोड़ा समझकर डराएगा-धमकाएगा, लड़ने-झगड़ने पर आमादा हो जाएगा और ऐसे समय यदि आप भी उसीकी तरह च्यात्त हो गए तो आपमें मे अन्तर ही क्या रहा ? इस अनर्थकारी प्रकृति के कारण दलों मे फूट पड़ जाती है, प्रान्त-मान्त और राष्ट्रराष्ट्र एक दूसरे को धिक्कारता और पचाने की कोशिश करता है। यह भी आवश्यक है कि आप ईयो एवं न्यता त्यागकर दूसरों को योग्यता का भी मूल्यांकन करें। छेवल इसीसे काम न चलेगा कि आपने अपने प्रतिद्वन्दियों से इंडोचा द्वेष वरना छोड़ दिया है और भविष्य में इस रोग से बचे रहेंगे। दूसरों की सफलता पर उन्हें साधुवाद दीजिए । उनकी अच्छाइयों की प्रशंसा करके रहे और उत्साहित कीजिए । समाजसुधार की राह में ईर्ष्या एक बड़ी दोकान है। वि प्रसिद्ध मोलियर ने कहा है, ईर्ष्यालु यच कर जाते है, किंतु डोको नहीं मरती" उदाहरणार्थं, यदि आप किसी अपने से बुद्धिमान व्यक्ति से मिलें तो समझ लें कि उसकी बुद्धि समाज की बुद्धि है और बेवल उसीकी बुद्धि नहीं है। मानवता के चुनिगदी ऐक्य के जाते यह भी है । प्रकृति द्वारा सभी को यथायोन्य गुरुअवगुण मिलते हैं। कुछ गुण आप में हैं, वृद्ध दूसरों इससे • स्पष्ट है कि कोई किसीसे छोटा नहीं होन नहीं । वास्तव में ई
तो ऐसा निकृष्ट अभिशाप है जो बदले में हानि के सिवा और कुछ नहीं देता ।
व्यवहार में आपको विनीत, मितभाषी और आदर-सूचक शब्दों का प्रयोग करना है । चाहिए तो यह कि जो जिस योग्य है, उसे वैसा ही आदर, सम्मान और स्नेह अर्पण किया जाय । किसीकी प्रतिष्ठा में कमी करने के असफल प्रयत्न से आपको अपयश के अतिरिक्त और कुछ नहीं मिलने का । आज के दूषित के वातावरण में कोई अपनी योग्यता या अज्ञानता के दम्भ पूर्ण स्तर से नीचे उतर कर समझौता नहीं करना चाहता, किन्तु यह ध्यान देने योग्य है कि सहयोग की पहली सीढ़ी समझौता है। संसार में एक ही व्यक्ति होता तो कोई बात नहीं थी ।
यदि हम समाज में सहयोग के भाव की स्थापना और वृद्धि करना चाहते हैं, तो हमको उन विशेषताओं को ग्रहण करना चाहिए जिनसे अन्य मनुष्यों को लाभ पहुँचता है और जिन्हें वे पसन्द करते हैं । यह भली प्रकार स्मरण रखना चाहिए कि आज हम सभ्यता और संस्कृति की जितनी उन्नति देख रहे हैं और जिसके कारण हमारा जीवन भी सुख और शान्ति से व्यतीत हो रहा है उसके निर्माण में समस्त समाज का हाथ रहा है। इसलिए हमको अपना आचरण ऐसा ही रखना चाहिए जिससे समाज में एक्य, प्रेम और सहयोग के भावों की वृद्धि हो और हम दिन पर दिन उन्नति की ओर हो सकें।
अखण्ड - ज्योतिं प्रेस, मथुरा ।
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की चिर तृषा इससे तृप्त होती है, उन्नति के रुद्ध स्रोत खुलते हैं, अविकसित सद्वृत्तियां प्रस्फुटित होती हैं, छिपी हुई योग्यताएँ जागृत होती हैं और निराशा के अन्धकार में आशा का दीपक एक बार पुनः जगमगाने लगता है। निद और भर्त्सना ने अनेक उन्नतमना लोगों को निराश, कायर, भयभीत और निकम्मा बना दिया । हम ऐसे लोगों को जानते हैं जो व्यक्तिगत रूप से उन्नतिशील थे, उनमें अच्छी योग्यताओं के मौजूद थे पर उनका सम्पर्क बड़े दुर्बुद्धि संरक्षकों के साथ में रहा । जरा-जरा सी बात पर फिड़कना, मूर्ख बताना, नालायकी सावित करना, अयोग्यता का फतवा देना यह ऐसे कार्य हैं जिनके द्वारा माता पिता अपने चालकों की, मालिक अपने नौकरों की, गुरुजन अपने शिष्यों की आशा- कली को चेदर्दी के साथ कुचल बालारे हैं । निरन्तर भर्त्सना करते रहने से न तो कुछ सुधार होल है और न कोई उन्नति होती है। केवल इतना हो परिणाम दिकजन है कि वह अपने बारे में निराशाजनक भावनाएँ धारण करता है, अपने को अयोग्य मान बैठता है उसका दिल बैठ जाता है और धीरे-धीरे निर्लज होकर उसी अवनति के ढांचे में ढलता जाता है। जिस व्यक्ति में निराश करने के, जरा-जरा से दोपों को कहने की, फिड़कने की, विन्दा फरने की, निरुत्साह करने को आदत है वह सचमुच बड़ा भयंकर है। व्याघ्र आदि हिंसक जन्तु जिस पर आक्रमण करते हैं जैसे क्षण भर में फाड़ कर खा जाते हैं परन्तु गिराने वाले निन्दा सुच शब्दों का प्रयोग करने का जिसे अभ्यास हो गया है उसकी भयंकरता व्याघ्र से अधिक है। सूखा मसान बालकों का कलेजा चूसकर उसे ठठरी वना देता है, इसीप्रकार निन्दा सुचक वादय प्रहारों से भीतर ही भीतर दूसरे का कलेजा खाली हो जाता है। यदि आप प्रशंसा करने और प्रोत्साहन देने की नीति को अपना लेते हैं तो इसके द्वारा अनेको व्यक्तियों को ऊँचा उठाने में, आगे बढ़ाने मे, सहायक होते हैं । हो सकता है कि कोई क्रियाशील व्यक्ति आपके द्वारा प्रोत्साहन पाकर उन्नति के प्रकाश पूर्ण पथ पर चल निकले और एक दिन ऊँची चोटी पर जा पहुंचे । क्या आपको उसका श्रेय न मिलेगा ? क्या उस महान कर्म साधना में आप पुण्य के भागी न होगे। मैत्री - भाव की वृद्धि करते रहिए सहयोग और मैत्री भाव - ये दोनों शब्द लगभग एक ही अर्थ के सूचक हैं। हमारे मित्र ही हमारे सबसे बड़े सहयोगी हो सकते हैं। अन्य मनुष्यों का सहयोग तो आवश्यकता पड़ने पर थोड़े समय के लिए होता है, पर मित्रों से तो निकट सम्बन्ध होने के के कारण सदैव ही सहयोग चलता रहता है । इस बात को हम इस तरह भी कह सकते हैं कि जिन लोगों से हमारा अधिक सहयोग होता रहता है उन्हीं से मित्रता स्थापित हो जाती है। इसलिए सहयोग की आकांक्षा रखने वाले व्यक्तियों को सदैव अपना मित्रमण्डल बढ़ाते रहना चाहिए और साथ ही मित्रों से ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे निरन्तर मित्रताकी वृद्धि हो तथा कभी मनोमालिन्य की नौवतन आवे । गुणग्राही मित्र गुण का आदर करता है । मित्र के गुणों का आदर करना और उन गुणों की वृद्धि मे उसे बढ़ावा देना मित्र का काम है। अपने मित्र के गुणों की कदर न करने बाले मनुष्य की मित्रता केवल नदी-नाव संयोग है। ऐसी मित्रता निभ नहीं सकती । सुख-दुख में, संपद विपद में, अध्ययन और मनोरञ्जन में, साथ रह सकने वाले मित्रों की मित्रता बढ़ती ही जा है। कई मित्र प्रयोजनाभाव से परस्सर मितना तक छोड़ देते हैं । पर यह बड़ी भूल है। मित्रों को एक दूसरे से बराबर मिलते रहना चाहिए और विना मिले कल ही न पड़नी चाहिए। मित्रो का एक दूसरे से न सिलना भी मित्रता के शिथिल हो जाने का कारण होता है । वनादि से मित्र की सहायता करने में कभी अपने मन में उसका थोड़ा भी तिरस्कार न करो । मित्र की सहायता कर सकता अहोभाग्य है । मित्र की सहायता करना जैसा मित्र धर्म है, वैसा ही मित्र-धर्म, मित्र को कष्ट न देना भी है । सरल और सहृदय ' देखकर किसीको बारवार सहायता के लिए कष्ट देना अनुचित है, यही नहीं प्रत्युत मित्र का यह धर्म है कि वह जहां तक हो सके, ऐसा अवसर ही न आने दे, कि मित्र को कष्ट हो । किसी समय यदि मिन्न सहायता न कर सके, तो उतने से रुष्ट हो जाना भी ठीक नहीं । मित्र से अनुचित आशा करना तो. सैत्री का केवल दुरुपयोग है। हमें सदा अपने को अपने मित्र की स्थिति में मानकर विचारना चाहिए, अयुक्त परिस्थिति में हम अपने मित्र के लिए क्या कर सकते, जा काम हम न कर सकते हो, उसकी आशा अपने मित्र से कदापि न करनी चाहिए । मित्र के निर्वाह के सम्बन्ध में यह सुभाषित प्रसिद्ध हैइच्छेच्चेद्विपुलां मैत्रीं त्रीणि वन न कारयेत् । वाग्वादमर्थ सम्बन्धं परोक्षे दारभ.पणम् अर्थात् - "जो विपुल मैत्री चाहता हो, वह इन तीन बातों से अवश्य दूर रहे - वाग्वाद अर्थ -सम्बन्ध और मित्र के परोक्ष में मित्र - उनी से बात चीत ।" "वादे वादे जायते तव्यबोधः" यह सुभाषित सत्य है, पर तत्वबोध के लिए जहां बाद होता है, वहीं के लिए यह ठीक है, अन्यथा अपनी अपनी बात रखने के लिए जो वाद-विवाद किया जाता है, वह केवल निरर्थक नहीं, अनेक बार हानिकारक भी होता है। कईबार शास्त्रार्थ होते-होते शस्त्रार्थ आरम्भ हो गया है। वाद-विवाद के जोश में कितनों को होश नहीं रहता और एक दूसरे के दिलों पर वाग्वाण बरसाने लगते हैं, जिसका परिणाम यह होता है, कि बाद करने वाले ऐसे मित्र का चित्त एक दूसरे से हट जाता है, कभी-कभी दिल फटने की भी नौवत आ जाती है । किसी विषय में मित्रों में मतभेद हो, तो उसके लिए बाग्वाद न करके एक दूसरे के मत का आदर करना चाहिए। ऐसी चर्चा ही न चलाना अच्छा, जिसमें मित्रों को अपने-अपने मत का आग्रह हो । 'लेन-देन जितना थोड़ा मित्र प्रेम भी उतना गाढ़ा होता है। इसलिए मित्रों को आपस में लेन-देन न करना चाहिए । अर्थ सम्बन्ध से मित्र जितना दूर रहेगा, उतना मैत्री निभाने के विषय में सुखी होगा । मित्र के परोक्ष में मित्र की पत्नी से बात चीत करना कई देशों के आचार में अशिष्ट नहीं समझा जाता । उन देशों का इस विषय मे कोई भिन्न अनुभव हो सकता है। परन्तु हमारे देश में शिष्ट व्यवहार यही है, कि पुरुष के परोक्ष में स्त्री से भाषण न करना चाहिए। जो लोग अपने मित्रों से मित्रता निभाना चाहते हैं, उन्हें मित्र की अनुपस्थिति में उसकी स्त्री से कभी बात चीत न करनी चाहिए । मित्र की उपस्थिति में मित्र-पत्नी से वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा लक्ष्मण का सीताजी के साथ था । लक्ष्मण ने सीवानी के चरणों के सिवाय और किसी अंग का दर्शन नहीं किया था। किसी भी परस्त्री से भाषण करते हुए अपनी दृष्टि को उसके पैरों पर ही रखना चाहिए । अनेक मित्रों की यह धारणा रहती है, कि मित्र से किसी बात का परदा न रखना चाहिए - कोई बात उससे न छिपाना चाहिए । पर यह कोई नियम नहीं, यह आवश्यक भी नहीं है । जिसके योग्य जो बात हो वही उससे कहनी चाहिए, यही साधारण नियम है। यदि कोई मित्र ऐसा है, कि उसके पेट में कोई बात नहीं पचती, तो उससे सब तरह के गुहा भेद कह देना अपने आपको धोखा देना है। मित्रों से व्यर्थ बात चीत करके अपना और उसका समय नष्ट न करो। ऐसा करने से जो वात न कहनी चाहिए, वह कभी न कही जायगी। व्यर्थ बात करने वाले लोग अनेक बार ऐसी बात वह डाज्ञते हैं, जिनके कहने से पीछे उन्हें पश्चान्ताय करना पड़ता है। मित्र से कोई छल न करना चाहिए, इसका मतलब यह नहींहै, कि उससे कोई बात नहीं छिपानी चाहिए मित्रों को एक बात का ध्यान रखना चाहिए। वह यह कि अनेक मित्रों से परस्पर कलह करा देने वाले चुगलखोर नामक जीव पैदा हो जाते हैं। कभी सच्ची, कभी झूठी, और कभी "राई का पर्वत" बनाकर एक की बातें दूसरे को सुनाया करते हैं। इनसे मित्रों को बहुत सावधान रहना चाहिए। इनको चातें सुनकर इन्हें मैत्री में विष फैलाने का अवसर हो न देना चाहिए । सन्मित्रसे समृद्धि सौभाग्य शालिनी होती है और विपद् वट आदि अवस्थाओं में उससे उपकार होता है। इसलिए सन्मित्र का अभिनन्दन करो, सहायता करो, उसके लिए परिश्रम करो, संक्ट में उसकी रक्षा करो उस पर कोई आक्रमण करे तो उसके कंधे से कंधा लगाकर खड़े हो, उसके रुख से सुखी और दुःख से दुखो हुआ करो और जय वह विपदग्रस्त हो, तब उसे सान्त्वना दिया करो । ऐसा करो, तव सम्भा जयगा कि तुम अपना वर्तव्य पालन करते हो ! सहयोग और सामूहिकता की भावना मनुष्य सामाजिक प्राणी है और आज तक संसार में उसने जो कुछ उन्नति की है वह सहयोग और सामूहिकता की भावना के द्वारा ही की है। अकेला व्यक्ति किसी भी प्रकार की उन्नति कर सकते में असमर्थ होता है। यदि मनुष्य इन विशेष का त्याग करदे तो उसमें और जंगलों में फिरने वाले एक पशु में कुछ सी अन्तर न रह जायगा । इसलिए मनुष्य को अपने हित की दृष्टि से भी सदा लासूहिकता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए और इस बात का प्रयत्न करते रहना चाहिए कि समाज में जहां तक सम्भव हो सहयोग की भावना निरन्तर बढ़ती रहे । सच्चा सामाजिक बनने के लिए आपको सहनशक्कि, धैर्य तथा संतोष की आवश्यकता है। आप में भी कमियां हैं, आप में भी अभाव और दुर्गुण हैं, इसलिए दूसरों को इस बात का मौका न दीजिए कि जब आप उन्हें सही रास्ता दिखा रहे हो, तभी वे पहले स्वयं सम्हलने का ताना देकर आपके काम में बाधा चलें । आपको धैर्य और नरमी से काम लेना है । आदमी अपने स्वभाव को नहीं छोड़ सकता । उसमें कुछ संस्कार जमे होते हैं कु वंशानुगढ, जन्मभूमिगत भावना होती हैं, कही-सुनी और लिखी पढी बातों का प्रभाव पड़ा होता है। माना कि उन्हें अपनी अच्छाइयों व बुराइयों का भार स्वयं सहन करना है, किन्तु आप यदि किसीको गलत राह पकड़ते देख लें तो आगे बढ़कर उसे सचेत कर देना आपका काम है। उसे समझाएँ कि उसे इस प्रकार का बना देने की जिम्मेदारी किल पर है । यदि समझाने के बजाय आप रुष्ट होकर बैठ रहे और आपका पारा चढ़ा रहा तो उससे आपकी हो क्षति है। इससे दिल और दिमाग दोनों हो थक जायेंगे । यदि आपने उत्तेजनापूर्ण शब्दों से काम लिया तो किया हुआ काम फिर दुहराण जा सकता है, उससे भी भयंकर कृत्य किया जा सकता है। उत्तोजित व्यक्ति सममता है कि वह अपराधी को अपशब्दों और ताड़ना द्वारा सुधार रहा है, किन्तु वह नहीं जानता कि ऐसा करके वह स्वयं अपने प्रति अन्याय कर रहा है। अपराधी स्वयं का मानने में आपका मन स्वीकर करने में हिचकिचाएगा, यहां तक कि आपको अपने रास्ते का रोड़ा समझकर डराएगा-धमकाएगा, लड़ने-झगड़ने पर आमादा हो जाएगा और ऐसे समय यदि आप भी उसीकी तरह च्यात्त हो गए तो आपमें मे अन्तर ही क्या रहा ? इस अनर्थकारी प्रकृति के कारण दलों मे फूट पड़ जाती है, प्रान्त-मान्त और राष्ट्रराष्ट्र एक दूसरे को धिक्कारता और पचाने की कोशिश करता है। यह भी आवश्यक है कि आप ईयो एवं न्यता त्यागकर दूसरों को योग्यता का भी मूल्यांकन करें। छेवल इसीसे काम न चलेगा कि आपने अपने प्रतिद्वन्दियों से इंडोचा द्वेष वरना छोड़ दिया है और भविष्य में इस रोग से बचे रहेंगे। दूसरों की सफलता पर उन्हें साधुवाद दीजिए । उनकी अच्छाइयों की प्रशंसा करके रहे और उत्साहित कीजिए । समाजसुधार की राह में ईर्ष्या एक बड़ी दोकान है। वि प्रसिद्ध मोलियर ने कहा है, ईर्ष्यालु यच कर जाते है, किंतु डोको नहीं मरती" उदाहरणार्थं, यदि आप किसी अपने से बुद्धिमान व्यक्ति से मिलें तो समझ लें कि उसकी बुद्धि समाज की बुद्धि है और बेवल उसीकी बुद्धि नहीं है। मानवता के चुनिगदी ऐक्य के जाते यह भी है । प्रकृति द्वारा सभी को यथायोन्य गुरुअवगुण मिलते हैं। कुछ गुण आप में हैं, वृद्ध दूसरों इससे • स्पष्ट है कि कोई किसीसे छोटा नहीं होन नहीं । वास्तव में ई तो ऐसा निकृष्ट अभिशाप है जो बदले में हानि के सिवा और कुछ नहीं देता । व्यवहार में आपको विनीत, मितभाषी और आदर-सूचक शब्दों का प्रयोग करना है । चाहिए तो यह कि जो जिस योग्य है, उसे वैसा ही आदर, सम्मान और स्नेह अर्पण किया जाय । किसीकी प्रतिष्ठा में कमी करने के असफल प्रयत्न से आपको अपयश के अतिरिक्त और कुछ नहीं मिलने का । आज के दूषित के वातावरण में कोई अपनी योग्यता या अज्ञानता के दम्भ पूर्ण स्तर से नीचे उतर कर समझौता नहीं करना चाहता, किन्तु यह ध्यान देने योग्य है कि सहयोग की पहली सीढ़ी समझौता है। संसार में एक ही व्यक्ति होता तो कोई बात नहीं थी । यदि हम समाज में सहयोग के भाव की स्थापना और वृद्धि करना चाहते हैं, तो हमको उन विशेषताओं को ग्रहण करना चाहिए जिनसे अन्य मनुष्यों को लाभ पहुँचता है और जिन्हें वे पसन्द करते हैं । यह भली प्रकार स्मरण रखना चाहिए कि आज हम सभ्यता और संस्कृति की जितनी उन्नति देख रहे हैं और जिसके कारण हमारा जीवन भी सुख और शान्ति से व्यतीत हो रहा है उसके निर्माण में समस्त समाज का हाथ रहा है। इसलिए हमको अपना आचरण ऐसा ही रखना चाहिए जिससे समाज में एक्य, प्रेम और सहयोग के भावों की वृद्धि हो और हम दिन पर दिन उन्नति की ओर हो सकें। अखण्ड - ज्योतिं प्रेस, मथुरा ।
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देश लगातार कोरोना महामारी की मार झेल रहा है। कोरोना संक्रमण दिन पर दिन अपना विकराल रूप दिखाने पर तुला हुआ है। वायरस की दूसरी लहर भारत के लिए किसी काल से कम नहीं है। इससे अब तक लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हो चुके हैं वहीं हजारों की संख्या में लोग अपनी जानें गवां चुके हैं।
भारत की हालत कोरोना महामारी के कारण दिन पर दिन नाजुक होती जा रही है। ऐसे में अब लोगों के पास वैक्सीन पर भरोसा करने के अलावा और कोई अन्य विकल्प नहीं बचा हुआ है। गौरतलब है कि बीते कई दिनों से देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें अब तक लाखों को टीका लागाया जा चुका है।
इसी बीच लोगों के मन में वैक्सीन की कारगरता को लेकर सवाल बना हुआ है। जानकारी के लिए आपको बत दें कि देश में दो कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है। एक जहां कोवैक्सीन की डोज लगाई जा रही है तो वहीं किसी-किसी को कोविशील्ड लगाई जा रही है। अब ऐसे में वैक्सीन को लेकर सवाल तो लाजमी हैं।
दरअसल, लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके लिए कौन सी वैक्सीन ज्यादा असरदार होगी। लोगों के सवाल के आधार पर इस विषय पर एक अध्ययन किया गया। 12 राज्यों के 19 अस्पतालों में हुए एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जहां कोविशील्ड टीका लेने वालों में कोवाक्सिन लेने वालों की तुलना में एंटीबॉडी का स्तर अधिक मिला।
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देश लगातार कोरोना महामारी की मार झेल रहा है। कोरोना संक्रमण दिन पर दिन अपना विकराल रूप दिखाने पर तुला हुआ है। वायरस की दूसरी लहर भारत के लिए किसी काल से कम नहीं है। इससे अब तक लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हो चुके हैं वहीं हजारों की संख्या में लोग अपनी जानें गवां चुके हैं। भारत की हालत कोरोना महामारी के कारण दिन पर दिन नाजुक होती जा रही है। ऐसे में अब लोगों के पास वैक्सीन पर भरोसा करने के अलावा और कोई अन्य विकल्प नहीं बचा हुआ है। गौरतलब है कि बीते कई दिनों से देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें अब तक लाखों को टीका लागाया जा चुका है। इसी बीच लोगों के मन में वैक्सीन की कारगरता को लेकर सवाल बना हुआ है। जानकारी के लिए आपको बत दें कि देश में दो कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है। एक जहां कोवैक्सीन की डोज लगाई जा रही है तो वहीं किसी-किसी को कोविशील्ड लगाई जा रही है। अब ऐसे में वैक्सीन को लेकर सवाल तो लाजमी हैं। दरअसल, लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके लिए कौन सी वैक्सीन ज्यादा असरदार होगी। लोगों के सवाल के आधार पर इस विषय पर एक अध्ययन किया गया। बारह राज्यों के उन्नीस अस्पतालों में हुए एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जहां कोविशील्ड टीका लेने वालों में कोवाक्सिन लेने वालों की तुलना में एंटीबॉडी का स्तर अधिक मिला।
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भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे से पहले अपनी गलतियों को सुधारना होगा. 3 मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबलों में भारतीय टीम ने एक ही जैसी गलतियां दोहराई है और अगर आखिरी वनडे में भी वहीं चीजें फिर से घटी तो सीरीज हाथ से निकली समझिए. कोच और कप्तान को 3 सवालों के जवाब तलाशकर उतरना होगा.
सनी देओल की हीरोइन को जब ज्यादा पढ़ी-लिखी होना पड़ा भारी, एक्ट्रेस ने खूब सुने थे ताने, बोलीं- इंडस्ट्री में. .
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भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे से पहले अपनी गलतियों को सुधारना होगा. तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबलों में भारतीय टीम ने एक ही जैसी गलतियां दोहराई है और अगर आखिरी वनडे में भी वहीं चीजें फिर से घटी तो सीरीज हाथ से निकली समझिए. कोच और कप्तान को तीन सवालों के जवाब तलाशकर उतरना होगा. सनी देओल की हीरोइन को जब ज्यादा पढ़ी-लिखी होना पड़ा भारी, एक्ट्रेस ने खूब सुने थे ताने, बोलीं- इंडस्ट्री में. .
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कानूनी जानकारी के इंटरनेट पोर्टल पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक आदेश को आंतरिक मामलों के मंत्रालय, जांच समिति के कर्मचारियों और संघीय प्रायद्वीपीय सेवा के ढांचे से जनरलों के प्रतिनिधियों के 10 से हटाने पर प्रकाशित किया।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
सबसे अधिक संभावना है, पहले से ही आयु सीमा का आधा। हो सकता है कि एक जोड़ा पेंडेल के वितरण के तहत आया हो।
तुरंत मुझे एक निश्चित विभाग की विफलता और फर्नीचर के बदलाव और समापन के बारे में दाढ़ी वाला किस्सा याद आया - इससे पहले कि स्टाफ बदल गया, और अब फर्नीचर!
यह मुझे "पुलिस" के नामों को "पुलिस" से बदलना है। खैर, कर्मचारियों को ले लिया!
यह मुझे "पुलिस" के नामों को "पुलिस" से बदलना है। खैर, कर्मचारियों को ले लिया!
"राष्ट्रपति के अनुसार, जिन्होंने मंत्रालय के विस्तारित बोर्ड में बात की थी, देश में होने वाले अपराधों में से लगभग आधे अनसुलझी हैं। "
यह प्रकट नहीं होता है कि वे कितना प्रकट करते हैं, लेकिन वे स्वयं को कितना पूरा करते हैं। और यहाँ यह हैः
"पिछले साल विभाग के कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को गंभीर अपराधों के संदेह में हिरासत में लिया गया था"
यहां तक कि प्रमुख के व्यक्ति में एक "वेयरवोल्फ" अपने मातहतों को एक ही दलदल में खींचता है, और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे इसे चाहते हैं या नहीं।
यह प्रकट नहीं होता है कि वे कितना प्रकट करते हैं, लेकिन वे स्वयं को कितना पूरा करते हैं। और यहाँ यह हैः
"पिछले साल विभाग के कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को गंभीर अपराधों के संदेह में हिरासत में लिया गया था"
यहां तक कि प्रमुख के व्यक्ति में एक "वेयरवोल्फ" अपने मातहतों को एक ही दलदल में खींचता है, और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे इसे चाहते हैं या नहीं।
सच कहूँ तो, यह अजीब होगा अगर, उपभोक्ता समाज की खेती की स्थितियों में, एक रूसी गाँव न मरे और न शहरों की यात्रा करे। आँकड़े अथक हैंः आधुनिक युवाओं के 9 प्रतिनिधि जिन्होंने गाँव को अब 10 से वापस अपने स्थायी निवास स्थान पर नहीं छोड़ा - उपभोग की "संस्कृति" अपना काम कर रही है, साथ ही नौकरियों की उपलब्धता के साथ सबसे कठिन स्थिति की पृष्ठभूमि के खिलाफ मूल्यों को बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इस स्थिति में, यह उन लोगों के लिए सर्वोच्च राज्य पुरस्कार शुरू करने का समय है जो गांव में रहते हैं, काम करते हैं और बच्चों की परवरिश करते हैं।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
और क्यों, एक चमत्कार, क्या रूस एक गाँव है? खासतौर पर तब जब किराना (चेन) स्टोर ताड़ के तेल से बने उत्पादों के प्रभुत्व से सांस नहीं लेते? आखिरकार, यदि आप रूसी गांव को पुनर्जीवित करते हैं, तो यह कहाँ आयात किया जाता है . . . जाने के लिए?
रूसी गांव की समस्या है, आपको इसके बारे में लगातार याद दिलाने की जरूरत है।
लेकिन आपको कुछ करने की जरूरत है। इसके अलावा, यह न केवल राज्य से मांग कर रहा है, जो इसकी प्रकृति के कारण विशेष रूप से रूसियों का समर्थन नहीं कर सकता है। व्यक्तिगत सहायता के साथ हर किसी के लिए गांव, ठोस, शायद बड़े रूसी परिवारों का समर्थन करने के तरीकों की तलाश करना आवश्यक हैः पैसा, चीजें, किताबें और अन्य चीजें (? )। लेकिन आपको मदद की ज़रूरत है, और आपकी इच्छा हो सकती है।
विशिष्ट वाक्य उत्पन्न करें! संभव त्रुटियाँ, संभव ठग। लेकिन अभी भी जरूरत है!
लेकिन आपको कुछ करने की जरूरत है। इसके अलावा, यह न केवल राज्य से मांग कर रहा है, जो इसकी प्रकृति के कारण विशेष रूप से रूसियों का समर्थन नहीं कर सकता है। व्यक्तिगत सहायता के साथ हर किसी के लिए गांव, ठोस, शायद बड़े रूसी परिवारों का समर्थन करने के तरीकों की तलाश करना आवश्यक हैः पैसा, चीजें, किताबें और अन्य चीजें (? )। लेकिन आपको मदद की ज़रूरत है, और आपकी इच्छा हो सकती है।
विशिष्ट वाक्य उत्पन्न करें! संभव त्रुटियाँ, संभव ठग। लेकिन अभी भी जरूरत है!
दोस्तों, ग्रामीण इलाकों में होने वाली प्रक्रियाओं को समझने के लिए, आपको किसान अर्थव्यवस्था शुरू करने के लिए गाँव में काम करने की कोशिश करनी चाहिए। यह काम हर दिन बिना छुट्टी के समाप्त हो रहा है। छुट्टियां नहीं होंगी। पैसे भी नहीं होंगे। और आप, किसान, सब कुछ छोड़ देंगे। तैयार उत्पाद आपसे एक पैसे में खरीदे जाएंगे। यह फसल उत्पादन में है। कोई भी मीट नहीं लेगा। आपको किसी भी बैल को मारने का अधिकार नहीं है, न ही सूअर, न ही खरगोश, और न ही आप खुद एक पक्षी हैं। हमें पशुधन को विशेष बूचड़खानों में ले जाना चाहिए। दूध को स्वतंत्र रूप से नहीं बेचा जा सकता है - इसे विशेष उपचार से गुजरना होगा। बेशक, यह सब किया जाता है, लेकिन धूर्तता पर। और खुद को खिलाने के लिए संस्करणों में। व्यवसाय करना लाभदायक नहीं है।
मजदूर भी नहीं मिलते। जो लोग कड़ी मेहनत में संलग्न होना चाहते हैं - और पशुपालन में, यह वास्तव में, घड़ी के चारों ओर टन गोबर को रोल करने के लिए है - कोई भी लोग तैयार नहीं हैं। लोग, हमारे प्रिय रूसी, अधिकांश भाग के लिए, केवल कुछ लाभांश प्राप्त करने के लिए कुछ नहीं करना चाहते हैं। और पीते हैं। न केवल वे पीते हैं, इसलिए अभी भी शांत परिवारों का जीवन जहर है। और वे आसानी से घर जला सकते हैं। केवल बड़ी कृषि जोत ही गांव को दूसरा जीवन दे सकती है। हां, और उनके पास उत्पाद की उच्च गुणवत्ता है।
मजदूर भी नहीं मिलते। जो लोग कड़ी मेहनत में संलग्न होना चाहते हैं - और पशुपालन में, यह वास्तव में, घड़ी के चारों ओर टन गोबर को रोल करने के लिए है - कोई भी लोग तैयार नहीं हैं। लोग, हमारे प्रिय रूसी, अधिकांश भाग के लिए, केवल कुछ लाभांश प्राप्त करने के लिए कुछ नहीं करना चाहते हैं। और पीते हैं। न केवल वे पीते हैं, इसलिए अभी भी शांत परिवारों का जीवन जहर है। और वे आसानी से घर जला सकते हैं। केवल बड़ी कृषि जोत ही गांव को दूसरा जीवन दे सकती है। हां, और उनके पास उत्पाद की उच्च गुणवत्ता है।
क्या एक ताड़ का पेड़ रेत में गिर गया है? गाँवों के लोगों ने कुछ करने की कोशिश की, लेकिन जब आपका सारा काम कुछ बढ़ने पर होता है, जिसे आप एक पैसे में बेचते हैं, तो आपके हाथ नीचे चले जाते हैं। गाय को स्वयं दूध दें - दूध आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। मांस भी आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। निजी व्यापारी पेनी खरीद रहे हैं। लाभप्रदता नकारात्मक है। खैर, अगर परिवार बड़ा है और शहर में काम करने के लिए जा सकता है। और अगर परिवार छोटा है और आसपास कोई शहर नहीं हैं? कई हाथ अनजाने में नीचे गिर जाते हैं और चन्द्रमा को चलाना शुरू कर देते हैं और बिना माप के इसका इस्तेमाल करते हैं। सच्चाई कमजोर है। पुरुष कताई कर रहे हैं और कार सस्ते नहीं खरीद रहे हैं और एक तक सीमित नहीं हैं। लेकिन ये वे हैं जो जानते हैं कि कैसे स्पिन करना है और स्वास्थ्य है। और कई नहीं हैं।
मैंने अपने बचपन की सभी छुट्टियों को रियाज़ान क्षेत्र के एक गाँव में बिताया। गायों के गाँव में, सुअर, भेड़ें। अब कोई गायों को नहीं रख रहा है। झुंड केवल सामूहिक खेत। मुर्गियां और गीज़ अभी भी प्रजनन करना जारी रखते हैं। ग्रामीण इलाकों में काम सामूहिक खेतों के अध्यक्षों पर निर्भर करता है। चालाक हाउसकीपिंग रखने का प्रबंधन करता है, लेकिन एक बेईमानी के कगार पर। 8000 -10000 रूबल में वेतन कंबाइनर (जैसा मैंने पूछा)। सभी घास के मैदानों और खेतों की बुवाई करें। और कई सामूहिक खेतों में झुक गए। कोई त्वरित व्यापार अधिकारी नहीं थे।
और उज्बेक्स, किर्गिज़, तुर्कमेन और अन्य छोटे देशों के लिए आबादी का प्रतिस्थापन है। कभी-कभी वे पहले से ही पूरे गांव और गांवों पर कब्जा कर लेते हैं। श्रमिकों के बीच देखने के लिए रूसी, किसान हो सकते हैं, लेकिन मुश्किल। राशि में कुछ पुरुषों के साथ एक बड़े उज़्बेक परिवार को धन प्राप्त होता है जो न्यूनतम रूप से उन्हें एक सामान्य जीवन जीने की अनुमति देता है। और परिवार एक दूसरे का समर्थन करते हैं। एक छोटा परिवार भी गाँव में रह सकता है, लेकिन यह बहुत मुश्किल है। और कई रूसी बहुत विभाजित हैं। खैर, अगर दौड़ दोस्ताना है और रिश्तेदारों का समर्थन करता है।
एक दोस्त जो रियाज़ान में रहता है, उसने कुछ साल पहले कहा था कि रियाज़ान में, आधिकारिक नौकरी खोजना और आधिकारिक न्यूनतम से कम भुगतान करना बहुत मुश्किल है। अस्पतालों में नर्सों को 4-8 हजार रूबल मिलते हैं। इसलिए, लोग 3-4 कार्यों पर अंधेरे में तेज करते हैं। स्वाभाविक रूप से जल्दी मर जाते हैं। लाइट बल्ब की तरह, बाहर जलाएं। और यहाँ वे कह रहे हैं कि रूसियों को कुछ भी करना और काम करना पसंद नहीं है . . . भाषाओं ने अपने सड़े हुए लोगों को काट लिया होगा।
क्या एक ताड़ का पेड़ रेत में गिर गया है? गाँवों के लोगों ने कुछ करने की कोशिश की, लेकिन जब आपका सारा काम कुछ बढ़ने पर होता है, जिसे आप एक पैसे में बेचते हैं, तो आपके हाथ नीचे चले जाते हैं। गाय को स्वयं दूध दें - दूध आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। मांस भी आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। निजी व्यापारी पेनी खरीद रहे हैं। लाभप्रदता नकारात्मक है। खैर, अगर परिवार बड़ा है और शहर में काम करने के लिए जा सकता है। और अगर परिवार छोटा है और आसपास कोई शहर नहीं हैं? कई हाथ अनजाने में नीचे गिर जाते हैं और चन्द्रमा को चलाना शुरू कर देते हैं और बिना माप के इसका इस्तेमाल करते हैं। सच्चाई कमजोर है। पुरुष कताई कर रहे हैं और कार सस्ते नहीं खरीद रहे हैं और एक तक सीमित नहीं हैं। लेकिन ये वे हैं जो जानते हैं कि कैसे स्पिन करना है और स्वास्थ्य है। और कई नहीं हैं।
मैंने अपने बचपन की सभी छुट्टियों को रियाज़ान क्षेत्र के एक गाँव में बिताया। गायों के गाँव में, सुअर, भेड़ें। अब कोई गायों को नहीं रख रहा है। झुंड केवल सामूहिक खेत। मुर्गियां और गीज़ अभी भी प्रजनन करना जारी रखते हैं। ग्रामीण इलाकों में काम सामूहिक खेतों के अध्यक्षों पर निर्भर करता है। चालाक हाउसकीपिंग रखने का प्रबंधन करता है, लेकिन एक बेईमानी के कगार पर। 8000 -10000 रूबल में वेतन कंबाइनर (जैसा मैंने पूछा)। सभी घास के मैदानों और खेतों की बुवाई करें। और कई सामूहिक खेतों में झुक गए। कोई त्वरित व्यापार अधिकारी नहीं थे।
और उज्बेक्स, किर्गिज़, तुर्कमेन और अन्य छोटे देशों के लिए आबादी का प्रतिस्थापन है। कभी-कभी वे पहले से ही पूरे गांव और गांवों पर कब्जा कर लेते हैं। श्रमिकों के बीच देखने के लिए रूसी, किसान हो सकते हैं, लेकिन मुश्किल। राशि में कुछ पुरुषों के साथ एक बड़े उज़्बेक परिवार को धन प्राप्त होता है जो न्यूनतम रूप से उन्हें एक सामान्य जीवन जीने की अनुमति देता है। और परिवार एक दूसरे का समर्थन करते हैं। एक छोटा परिवार भी गाँव में रह सकता है, लेकिन यह बहुत मुश्किल है। और कई रूसी बहुत विभाजित हैं। खैर, अगर दौड़ दोस्ताना है और रिश्तेदारों का समर्थन करता है।
एक दोस्त जो रियाज़ान में रहता है, उसने कुछ साल पहले कहा था कि रियाज़ान में, आधिकारिक नौकरी खोजना और आधिकारिक न्यूनतम से कम भुगतान करना बहुत मुश्किल है। अस्पतालों में नर्सों को 4-8 हजार रूबल मिलते हैं। इसलिए, लोग 3-4 कार्यों पर अंधेरे में तेज करते हैं। स्वाभाविक रूप से जल्दी मर जाते हैं। लाइट बल्ब की तरह, बाहर जलाएं। और यहाँ वे कह रहे हैं कि रूसियों को कुछ भी करना और काम करना पसंद नहीं है . . . भाषाओं ने अपने सड़े हुए लोगों को काट लिया होगा।
"दुनिया में कोई एनालॉग नहीं है"
"इस बारे में" परमाणु वैज्ञानिकों के जर्नल बुलेटिन में प्रकाशित "अमेरिकी परमाणु बलों का आधुनिकीकरण रणनीतिक स्थिरता को कैसे कम करता है," इस बारे में अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञों का एक समूह लिखते हैंः फेडरेशन ऑफ न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन सेंटर ऑफ अमेरिकन साइंसेज के निदेशक हंस क्रिस्टेंसन, रॉकेट प्रौद्योगिकी, थियोडोर पोस्टोल में प्रसिद्ध विशेषज्ञ। और मैथ्यू मैकिन्से, नैशनल काउंसिल फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ़ नेचुरल रिसोर्सेज में परमाणु कार्यक्रमों के निदेशक हैं। "
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
जैसे कि किसी ने रडार फ़्यूज़ के साथ WWII समय के विमान भेदी गोले के बारे में पढ़ा था और माथे पर खुद को थप्पड़ मार दिया था "यहाँ यह एक अद्भुत हथियार है। "
जैसे कि किसी ने रडार फ़्यूज़ के साथ WWII समय के विमान भेदी गोले के बारे में पढ़ा था और माथे पर खुद को थप्पड़ मार दिया था "यहाँ यह एक अद्भुत हथियार है। "
मैं अभी भी नए फ्यूज के लाभों को नहीं समझता हूं। वारहेड हमेशा लक्ष्य की स्थिति के आधार पर लक्ष्य से भटक जाता है। यह आमतौर पर एक चक्र या दीर्घवृत्त होता है। यदि यह एक उड़ान के साथ आता है, तो फ्यूज इसे लक्ष्य पर विस्फोट करता है। और अगर यह एक अंडरशूट के साथ या बाएं या दाएं विचलन के साथ आता है, तो फ्यूज का क्या मतलब है? यह पता चला है कि लक्ष्य को मारने की संभावना उड़ान की स्थितियों में ही बढ़ेगी, और यह 99% से दूर है। किसी चीज का विरोधी गहराता है . . . ठीक है, और बहुत कुछ। यदि वारहेड को इसके हिट होने से पहले लक्ष्य पदनाम प्राप्त होता है, तो यह हवा पर संचार करता है। और यह आरईबी के साथ अंकित किया जा सकता है।
"अमेरिकी न केवल रूसी सशस्त्र बलों से, बल्कि चीनी से भी उपकरणों के संदर्भ में अपने सशस्त्र बलों के बैकलॉग को पूरी तरह से समझते हैं"
ये कोई मज़ाक है या कुछ और?
ये कोई मज़ाक है या कुछ और?
एलपीआर के पीपुल्स मिलिशिया के प्रवक्ता, मेजर आंद्रेई मरोचको ने रिपोर्ट दी कि जॉर्जियाई भाड़े के सैनिकों और राइट सेक्टर उग्रवादियों (रूसी संघ में प्रतिबंधित संगठन) के गठन के प्रतिनिधियों के बीच डोनबास में संघर्ष क्षेत्र में लड़ाई हुई।
इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, LNR में, एक वीडियो यूक्रेन में सशस्त्र बलों के सैनिकों को दिखाया गया था, जिन्हें गणतंत्र में गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने पीपुल्स मिलिशिया के प्रमुख ओलेग अनाशेंको और संभवतः कमांडर मिखाइल टॉल्सटॉय (गिवी) की हत्या करने के लिए तोड़फोड़ और आतंकवादी ऑपरेशन में भाग लिया था। एसबीयू ने इस तथ्य की पुष्टि की कि एलपीआर विशेष सेवाओं द्वारा गिरफ्तार किए गए लोग वास्तव में यूक्रेनी सैन्यकर्मी थे, तुरंत उन्हें "बंधक" घोषित करने की कोशिश कर रहे थे और एक नकली में फेंक दिया कि रूस कथित रूप से अपने क्षेत्र पर आतंकवादी कृत्यों को करने की तैयारी कर रहा था, उन पर यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप लगा। जब यूक्रेनी नागरिकों की तुलना में एसबीयू के कर्मचारियों के बीच अधिक अमेरिकी नागरिक होते हैं, तो इस तरह के नकली को केवल समझाया जाता है - एक समय में यह पश्चिमी मीडिया था जिसने मास्को, बुयनास्क और वोल्गोडोन्स्क रूस में घर पर प्रचार करने की कोशिश की थी, जो "एक नया पृष्ठ खोलने" के लिए था काकेशस में युद्ध। फिर, तथ्य यह है कि प्रशिक्षण मैनुअल नहीं बदलता है।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
यह सही है, उन्हें एक दूसरे को गोली मारने दो। Twa. ri नहीं चाहता और काम नहीं कर सकता, लेकिन मैं खाना चाहता हूं।
और किस संकेतक से वह "सर्वश्रेष्ठ" नहीं लिखते थे?
उनके विपरीत और उल्टा है। इसलिए, वह समाज का एक पूर्ण विकसित कचरा था, जिसे एवटिक ने दिया था।
खैर, चूंकि "सही क्षेत्र" का अर्थ है कि वे कब्रिस्तान के कब्रिस्तान में दफन नहीं कर सकते - गैर-ईसाई और कब्रिस्तान में बच्चों और बूढ़े लोगों के हत्यारे!
Изменения связаны с рядом направлений деятельности военных комиссариатов, среди которых возможное заблаговременное предоставление информации призывнику о будущем месте его службы. В первую очередь речь идёт о прохождении службы на флоте.
ड्राफ््टी को इस पहल के बारे में पहले से ही पता होना चाहिए कि वह सेवा में कहां जाएगी, इसने गर्म बहस छेड़ दी है। एक ओर, ऐसा लगता है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक रूसियों के लिए सेवा प्रदान करने में रुचि बढ़ाना है। लेकिन सिक्के का एक और पक्ष है - एक प्रकार की हमवतन सेना की उपस्थिति, जिसके कुछ हिस्से बहुत अलग हो जाते हैं और "खुद के रस" में पीसा जाता है। यद्यपि पूरे सैन्य जिलों को प्रभावित करने वाले बड़े पैमाने पर अभ्यासों की बढ़ती संख्या के साथ - "नए" (उनके लिए) क्षेत्रों में सैनिकों और युद्धाभ्यासों के हस्तांतरण के साथ, समस्या जल्दी से "हल" कर सकती है।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
सही निर्णय, रूस के अन्य क्षेत्रों से भर्तियों के जलवायु अनुकूलन को ध्यान में रखते हुए, उनके प्रशिक्षण, उपचार और सेवा के स्थान पर वितरण के लिए धन के लिए समय बर्बाद किया जाता है।
मुझे याद है कि प्राइमरी में कई क्षेत्रों में भर्ती फुरुनकुलोसिस से पीड़ित थे।
मुझे याद है कि प्राइमरी में कई क्षेत्रों में भर्ती फुरुनकुलोसिस से पीड़ित थे।
रोमन साम्राज्य में भागों को पूरा करने के इस सिद्धांत के साथ।
सैनिकों को युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, न कि जहां सेवा करना अधिक सुविधाजनक होता है।
रूस-एक्सएनयूएमएक्स टीवी चैनल पर रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने घोषणा की कि लंबी दूरी की विमान-रोधी निर्देशित मिसाइल के परीक्षण का अंतिम चरण चल रहा है। सर्गेई शोइगु ने उल्लेख किया कि हम नए प्रकार के हथियारों के राज्य परीक्षणों के बारे में बात कर रहे हैं, जिसमें यह निर्दिष्ट किए बिना कि विशेष विमान-रोधी मिसाइल प्रणाली में सबसे लंबी दूरी की मिसाइल का उपयोग किया जाएगा।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
हम्म . . . और "सुपरमॉडलडैलाया" शब्दों में पैथोस इतना है कि मैंने पहले से ही सोचा था कि सी-एक्सएनएमयूएमएक्स / एक्सएनयूएमएक्स एक प्रकाश की तरह सफेद रोशनी में अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलों की गोली होगी . . . ठीक उतना ही, जितना हवा में ट्रिपल यूर के लिए फेफड़े में प्राप्त हवा।
सीरिया में और क्या देखा?
दमिश्क के उत्तर में लड़ाई के दौरान, सीरियाई गार्ड के लड़ाकों ने फिर से 94 कैलिबर मिमी के एक मूक सैन्य स्नाइपर कॉम्प्लेक्स VSK-9 पर ध्यान दिया।
सीरिया में नया टी-एक्सएनयूएमएक्स?
सीरिया में रूसी "शॉट्स"
सीरिया में T-72B3?
सीरिया में नया टी-एक्सएनयूएमएक्स?
सीरिया में रूसी "शॉट्स"
सीरिया में T-72B3?
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
एके - एक्स्ट्रा, सभ्य सटीकता, विश्वसनीयता, सेवा में सरलता - इसके लिए और इसकी सराहना की जाती है। प्लस - आधुनिकीकरण की क्षमता ट्रंक क्या है, कारतूस क्या है। जैसा कि इजरायलियों ने कहा कि एक्सएनयूएमएक्स एके का उपयोग लंबे समय तक किसी भी युद्ध में किया जाएगा . . . लेकिन यह भी कोशिश कर सकता है - उन्हें अपने अल्फा को उड़ाने की जरूरत है . . . यह कोई बात नहीं है।
एसवीडी एक बेहतरीन चीज है। क्षेत्र में काम करने के लिए। इकाई के हिस्से के रूप में। बहुत बढ़िया विश्वसनीयता। एक स्वचालित राइफल के लिए अच्छी सटीकता। एक नियमित PSO और एक अच्छे मालिक के साथ बहुत अच्छा लगता है। वह कुशल हाथों में चमत्कार करने में सक्षम है।
Spetsveschi - वीएसके, वीएसएस, वैल - विशेष उपकरण - और क्या कहना है। हर दिन नहीं और हर किसी को नहीं दिया जाता है . . . 400 मीटर (सीमा) तक एक उत्कृष्ट चीज है। विश्वसनीय, सरल, नफिगा श्रव्य नहीं . . . . मुझे समझ में नहीं आता कि ध्वनि कहाँ से आती है, भले ही वे कोने के चारों ओर गोली मारते हों . . . . JI पर्याप्त है . . लेकिन आप दिखावा कर सकते हैं . . . हालाँकि मुझे इसकी आवश्यकता नहीं है।
मोसिन के बारे में बात करना शायद जरूरी नहीं है। शैली के क्लासिक्स। पहली बार में प्यार हो गया। केवल लंबे समय तक पकड़ बनाने के लिए अभ्यस्त। छोटी उंगली से कोई समस्या नहीं है। इसके साथ आप विशेष को छोड़कर लगभग सब कुछ कर सकते हैं।
लेकिन यहां हैंडल आवश्यक हैं, आंख, सामान्य रूप से, हमें इसके साथ रहना चाहिए। इसे साफ करना चाहिए। 43 से पहले जारी की गई हर चीज उत्कृष्ट चड्डी है।
मैं आपसे क्षमा चाहता हूँ - और लेखन से बहुत थक गया हूँ।
और जो चल रहा है . . . . ठीक है, मैं इसे कैसे कह सकता हूं . . . . मैं ईमानदार हूं, गूंगा . . . . अब स्थिति के लिए . . . . इडियटोव बहुत ज्यादा है और हर कोई सोचता है कि ऐसा होता है कि "मैं मुझे नहीं छूता" सभी।
अंत में, मैं यह भी कहना चाहता था - कि पाप के साथ दोष खोजने के लिए हमारी चड्डी।
और रोमानियाई 1200 अधिक नहीं है, मैं चीन के बारे में चुप हूँ - काले शो-ऑफ के साथ चित्रित, एक्सएनएक्सएक्स एक्स में कुछ।
आमर्स पर हँसने के लिए नहीं, लेकिन वे चड्डी में हमारे कुछ सोफा योद्धाओं से बेहतर समझते हैं . . . :)
एसवीडी एक बेहतरीन चीज है। क्षेत्र में काम करने के लिए। इकाई के हिस्से के रूप में। बहुत बढ़िया विश्वसनीयता। एक स्वचालित राइफल के लिए अच्छी सटीकता। एक नियमित PSO और एक अच्छे मालिक के साथ बहुत अच्छा लगता है। वह कुशल हाथों में चमत्कार करने में सक्षम है।
Spetsveschi - वीएसके, वीएसएस, वैल - विशेष उपकरण - और क्या कहना है। हर दिन नहीं और हर किसी को नहीं दिया जाता है . . . 400 मीटर (सीमा) तक एक उत्कृष्ट चीज है। विश्वसनीय, सरल, नफिगा श्रव्य नहीं . . . . मुझे समझ में नहीं आता कि ध्वनि कहाँ से आती है, भले ही वे कोने के चारों ओर गोली मारते हों . . . . JI पर्याप्त है . . लेकिन आप दिखावा कर सकते हैं . . . हालाँकि मुझे इसकी आवश्यकता नहीं है।
मोसिन के बारे में बात करना शायद जरूरी नहीं है। शैली के क्लासिक्स। पहली बार में प्यार हो गया। केवल लंबे समय तक पकड़ बनाने के लिए अभ्यस्त। छोटी उंगली से कोई समस्या नहीं है। इसके साथ आप विशेष को छोड़कर लगभग सब कुछ कर सकते हैं।
लेकिन यहां हैंडल आवश्यक हैं, आंख, सामान्य रूप से, हमें इसके साथ रहना चाहिए। इसे साफ करना चाहिए। 43 से पहले जारी की गई हर चीज उत्कृष्ट चड्डी है।
मैं आपसे क्षमा चाहता हूँ - और लेखन से बहुत थक गया हूँ।
और जो चल रहा है . . . . ठीक है, मैं इसे कैसे कह सकता हूं . . . . मैं ईमानदार हूं, गूंगा . . . . अब स्थिति के लिए . . . . इडियटोव बहुत ज्यादा है और हर कोई सोचता है कि ऐसा होता है कि "मैं मुझे नहीं छूता" सभी।
अंत में, मैं यह भी कहना चाहता था - कि पाप के साथ दोष खोजने के लिए हमारी चड्डी।
और रोमानियाई 1200 अधिक नहीं है, मैं चीन के बारे में चुप हूँ - काले शो-ऑफ के साथ चित्रित, एक्सएनएक्सएक्स एक्स में कुछ।
आमर्स पर हँसने के लिए नहीं, लेकिन वे चड्डी में हमारे कुछ सोफा योद्धाओं से बेहतर समझते हैं . . . :)
यह तर्कसंगत है कि हमारे उपकरण सीरिया में चारों ओर संचालित हैं, जहां उच्च तीव्रता की लड़ाई होती है, अब से युद्ध के मैदान पर सभी खामियां सामने आती हैं।
बेशक, सैन्य सहायता के रूप में सीरिया में नहीं चलाया गया, और वितरित नहीं किया गया। लेकिन दूसरी ओर, युद्ध की परिस्थितियों में, कुछ खामियां (दोष) उभरती हैं जिन्हें परीक्षण स्थल पर पहचाना नहीं जा सकता है।
मीडिया ने आतंकवादियों से पल्मायरा की मुक्ति के दौरान घायल रूसी जनरल के विवरण की रिपोर्ट की। स्मरण करो कि, प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मेजर जनरल पीटर मिलिलुकिन को एक खदान पर उड़ा दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अपने निचले अंगों और आंखों को खो दिया था। समाचार पत्र कोमर्सेंट ने अपने स्वयं के स्रोतों का हवाला देते हुए कहा है कि ज़ीवीओ मुख्यालय के युद्ध प्रशिक्षण विभाग का प्रमुख उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया जब आतंकवादियों ने पलमायरा के पास होम्स प्रांत में एक सैन्य काफिले पर हमला किया। यदि आप कोमर्सेंट के स्रोत पर भरोसा करते हैं, तो हमले के परिणामस्वरूप, चार रूसी सैनिक मारे गए। होम्स की दिशा में सैन्य हवाई क्षेत्र टियास से आंदोलन किया गया था। सामान्य और अन्य रूसी सैन्य कर्मी (कुल मिलाकर 6 लोग) टाइगर की बख्तरबंद कार में थे। हवाई क्षेत्र से लगभग 4 किमी में, आतंकवादियों ने एक रेडियो-नियंत्रित भूमि की खान को ढहा दिया, जो सड़क के किनारे पर था, और फिर उड़ा टाइगर में भारी आग खोल दी।
प्रकाशन चार मृत रूसी सैनिकों में से दो के नाम बताता हैः वरिष्ठ सार्जेंट वादिम मैगामारोव (वह येकातेरिनबर्ग एक्सएनयूएमएक्स फरवरी में दफनाया गया था) और पावेल कोजाचेंको (शीर्षक की सूचना नहीं है)। समाचार पत्र के अनुसार, पावेल कोजाचेंको को पेन्ज़ा कब्रिस्तान में दफनाया गया है।
यह भी बताया गया है कि विशेष बल की टुकड़ी जख्मी जनरल को खमीम एयरबेस पहुंचाने में सफल रही, जहां उसे अन्य सहायक सहायता प्रदान की गई।
जैसा कि अखबार बताता है "Izvestia", जनरल मिल्युकिन ने दोनों पैर और आंखें खो दीं। हमीम एयरबेस में, सैन्य डॉक्टरों ने एक सप्ताह तक अपने जीवन की लड़ाई लड़ी। सामान्य स्थिति को स्थिर करने के बाद, उन्हें विमान द्वारा मास्को अस्पताल भेजा गया। Burdenko। अब वह गहन चिकित्सा इकाई में है। उसकी जान को कोई सीधा खतरा नहीं है।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
फिर "कोमर्सेंट"? पीले रंग की आँखें। मैं भी, "अधिकारी बेटी"। चलो आधिकारिक संदेशों की प्रतीक्षा करें। जबकि हमारे जीएसएच को धोखे में नहीं देखा गया था। पीले प्रेस के विपरीत।
ओह ठीक है सभी देशों के जनरल स्टाफ की प्रेस सेवाएं अपने नुकसान को कम करती हैं और दुश्मन के नुकसान को बढ़ाती हैं। हमारा कोई अपवाद नहीं है।
स्वर्ग लोक का राज्य।
स्वर्ग लोक का राज्य।
रूसी पाइप के साथ बाल्टिक पर हमला कर रहे हैं।
लातविया के विदेश मामलों के आयोग की बैठक में, विदेश मंत्री एडगर रिंकेविच ने घोषणा की कि "नॉर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स" यूरोपीय ऊर्जा संघ बनाने की योजना में हस्तक्षेप करता है और सामान्य तौर पर यूरोपीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
रिंकेविच के अनुसार, आतंकवादियों से गैस पाइपलाइन की रक्षा करने की इच्छा में, मॉस्को अपने पाइपों के साथ सशस्त्र बलों को रख सकता हैः "यह ज्ञात नहीं है कि क्या कोई आतंकवादी इस परियोजना पर हमला करने के लिए इकट्ठा होगा, और इस तरह का जोखिम रूसी सेना को गैस पाइपलाइन की सुरक्षा के अधिकार का दावा करने की अनुमति देगा। "
बाल्टिक योजना "नॉर्ड स्ट्रीम - बाल्टिक" के लिए "नोर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स"
लातवियाई विदेश मंत्रीः "रूस यूरोप के सैन्य आक्रमण के लिए गैस पाइपलाइन का उपयोग कर सकता है"
लातवियाई विदेश मंत्रीः "रूस यूरोप के सैन्य आक्रमण के लिए गैस पाइपलाइन का उपयोग कर सकता है"
षड्यंत्र-दिमाग वाले लातवियाई लोगों के विपरीत, जर्मन अगले रूसी "धारा" के निर्माण का समर्थन करते हैं।
याद कीजिए कि यह पाइपलाइन बाल्टिक सागर के नीचे चलेगी। उसका लक्ष्य रूस से यूरोपीय घरेलू बाजार में गैस पहुंचाना है। पाइपलाइन की नियोजित क्षमता 55 बिलियन क्यूबिक मीटर प्रति वर्ष है। यह क्षमता जर्मनी को ईंधन की आपूर्ति में दोगुनी वृद्धि करेगी।
इससे यह स्पष्ट है कि जर्मन, जो गैस प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें कीव, या रीगा, या डंडे की राय में कोई दिलचस्पी नहीं है, जो यूरोप को मास्को ऊर्जा सफलता भी पसंद नहीं करते हैं।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
हम अगले प्रलाप को आकर्षित करेंगे, mermaids से लड़ेंगे ताकि यह स्पष्ट हो।
यह निश्चित रूप से mermaids को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है, हमारे पास पूरे पाइप के साथ पर्याप्त जहाज नहीं हैं। और रसोफोब्स की भावना में बहस करते हुए . . . संरक्षण के साथ पल से निपटने के लिए क्या रोकता है, क्योंकि नॉर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स के पाइप लंबे समय से रखे गए हैं!
यह निश्चित रूप से mermaids को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है, हमारे पास पूरे पाइप के साथ पर्याप्त जहाज नहीं हैं। और रसोफोब्स की भावना में बहस करते हुए . . . संरक्षण के साथ पल से निपटने के लिए क्या रोकता है, क्योंकि नॉर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स के पाइप लंबे समय से रखे गए हैं!
यह सही है, क्योंकि जर्मन अंततः महसूस करते थे कि रूसी गैस के साथ रहना बेहतर था, यूक्रेनी जंग खाए पाइप की पैरवी करने के लिए खुद को रोकना, जो svidomye किसी भी समय (गज़प्रोम हाथों से) ब्लॉक कर सकता है, अपने लिए रूसी गैस चुरा सकता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका सहित OVVS, OVMS और NATO जमीनी बलों की कई इकाइयाँ, सरपट दौड़ती हुई चाल में "redoubts" बनाती हैं, और उनके साथ रोमानिया, पोलैंड, लातविया, लिथुआनिया और एस्टोनिया में "बैक" को झटका देती हैं। और यहां उत्तरी बावरिया में स्थित यूरोप में नाटो के फ्रंट-लाइन रियर क्षेत्र से खबर है। अमेरिकी Grafenvoeer 7 परीक्षण साइट के आधार पर, शहरी वातावरण में संचालन करने के लिए डिज़ाइन किए गए टैंक अर्बन सर्वाइवल किट के उच्च सुरक्षित संस्करण के लिए मानक संशोधन से मुख्य युद्धक टैंक M1A2 "अब्राम" के री-इक्विपमेंट पर काम चल रहा है।
TUSK संशोधन में जर्मनी के संघीय गणराज्य में सैन्य ठिकानों पर अब्रामों के त्वरित पुनः उपकरण पूर्वी यूरोप में संभावित सैन्य अभियानों के लिए उत्तरी अटलांटिक गठबंधन की तैयारी - केवल एक चीज का संकेत दे सकते हैं।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
हाँ! जाहिर है कि यह सब अच्छा नहीं होगा।
हह, कुछ खास नहीं। एक हजार पहले रूस को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास। यह बुरा है कि दुश्मन पहले से ही हमारी सीमा पर है और हमारे ऊपर हमले के लिए मुस्तैदी से तैयार करने की क्षमता रखता है।
इस तरह के अब्राम डीजेड के साथ, एक्सएनयूएमएक्स के टन खींच लेंगे! यदि कहां स्थानांतरित करना है, तो रेलवे द्वारा इन "बॉडी किट" को निकालना आवश्यक होगा, उदाहरण के लिए। उसे पैंतरेबाज़ी की समस्या होगी, और हर पुल ऐसे राक्षस का सामना नहीं करेगा।
"डेली मेल" के पन्नों पर रॉयल ज्वाइंट इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज के प्रतिनिधियों के निष्कर्ष हैं। सह-संबंधियों में पूर्व अधिकारी थेः यूएस एडमिरल जेम्स स्ट्राविडिस और जनरल फिलिप ब्रीडलवे। स्मरण करो श्री ब्रीडलोव अमेरिकी सशस्त्र बलों के यूरोपीय कमान के कमांडर थे।
स्ट्राविडिस, ब्रीडलवे और कंपनी रिपोर्ट करती है कि पश्चिम को पुनरुत्थानवादी रूसी बेड़े पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। रिपोर्ट कहती है कि आधुनिक परिस्थितियों में रूसी नौसेना "पूरे यूरोप को पंगु बनाने" में सक्षम है। "आधुनिक रूसी पनडुब्बियां आज अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक और सैन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए उपयोग की जाने वाली पनडुब्बी केबल्स को काट सकती हैं, जो तेल उत्पादक प्लेटफार्मों पर हमला करने में सक्षम हैं," लेखक बताते हैं।
अमेरिकी जनरलोंः "पुतिन के छोटे नीले लोग यूरोप को पंगु बनाने में सक्षम हैं"
पश्चिम के लिए अमेरिकी "बुरा सपना परिदृश्य"
पश्चिम के लिए अमेरिकी "बुरा सपना परिदृश्य"
जैसे कि भयानक नीले पुरुषों के बारे में पूर्व सैन्य अधिकारियों के विचारों को पूरक करने के लिए, "विदेश नीति" के एक लेख में पत्रकार जेम्स किर्चिक ने "बुरे सपने" का नेतृत्व किया, जिसके अनुसार, उनके विचार में, आने वाले वर्षों में पश्चिम में घटनाओं का विकास होगा। यूरोप 2022 वर्ष में सबसे खराब होगा। "रूसी विशेष बलों का एक समूह एस्टोनियाई नरवा को पकड़ लेता है और" नरवा पीपल्स रिपब्लिक "के निर्माण की घोषणा करता है। जब तक एस्टोनियाई सेना प्रतिक्रिया करने की कोशिश कर रही है, हजारों रूसी सर्विसमैन, टैंक और हेलीकॉप्टर के 25 इसका विरोध कर रहे हैं, "विज्ञान कथा लेखक, क्षमा, पत्रकार, आरआईए नोवोस्ती उद्धरण।
वैसे, इस "ड्राफ्ट" के अनुसार, प्रोग्रामिंग और हैकिंग के एक विशालकाय एडवर्ड स्नोडेन लगभग रूसी सेना का नेतृत्व करते हैं (उस समय तक उन्हें रूस के हीरो का खिताब भी मिलेगा)। यह स्नोडेन की प्रतिभा है जो मॉस्को को नाटो जासूसी उपग्रहों के नियंत्रण में ले जाएगी।
उस समय फ्रांस और जर्मनी रूस के साथ एकजुटता में होंगे। और यहां तक कि नाटो शिखर सम्मेलन "एस्टोनिया में घटनाओं" को एक हमले के रूप में पहचानने से इनकार करता है, क्योंकि जर्मन प्रतिनिधि, "स्टीन के 75 वर्षीय पूर्व अधिकारी" रूस का पक्ष लेंगे।
और बस यह कहने की कोशिश करें कि यह पुतिन की चालाक योजना नहीं है!
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कर सकते हैं, हम कर सकते हैं। सामान्य तौर पर, मैं मानता हूं कि जब हमारी पनडुब्बियां पानी के नीचे केबल काटती हैं और तेल प्लेटफार्मों पर हमला करती हैं। वह रोटी नहीं खिलाता।
नरवा, क्यों? वे ठीक कैसे तैरते हैं। सुवालकी "कॉरिडोर" ब्लॉक करना बहुत आसान है, और पूरा बाल्टिक आपकी जेब में है। और वहाँ एक बटालियन या दो shtatovskihs होगा - क्या यह चोट लगने वाली है? क्या वे सुपरमैन, बैटमैन और वूल्वरिन का मिश्रण हैं? चूर्ण रंबो?
वे कैसे थक गए, सपने देखने वाले।
वे कैसे थक गए, सपने देखने वाले।
"परिणाम" के पिछले एपिसोड में उल्लिखित पूर्व सैन्य रैंकों को "नीले पुरुषों" का जवाब देना था, जो कि रूसी हैं। उत्तर "संकर" होगा।
रॉयल यूनाइटेड इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज की रिपोर्ट, जो एडमिरल स्ट्राविडिस और जनरल ब्रिजल्व द्वारा प्रायोजित है, का कहना है कि रूस को समुद्र में "हाइब्रिड" बगावत दी जानी चाहिए। हालांकि, विवरण ब्रिजवॉव जनता से छिप गया। मुझे क्रेमलिन की एक हैकर प्रतिक्रिया के व्हाइट हाउस द्वारा घोषणा "बड़े रहस्य के तहत याद है। " हम गुप्त रूप से हमला करेंगे, एक्सएनयूएमएक्स में एक उपाध्यक्ष का संकेत दिया, लेकिन कैसे, चलो नहीं।
पश्चिमी संकर प्रतिक्रिया का अर्थ शायद प्रेस में विशेष प्रचार है। एक उदाहरण स्वयं प्रकाशन है, जिसके तहत स्ट्राविडिस और ब्रिजल के नाम हैं।
एक और अधिक ठोस जवाब भी हैः मुद्रा के साथ एमआईसी डीलरों की जेब भरना। सीधे शब्दों में, सैन्य बजट के भविष्य को "काट"। पूरे ग्रह के मालिक श्री ट्रम्प ने बार-बार अपनी विशेष मातृभूमि के सैन्य बजट में आसन्न वृद्धि के बारे में बात की है। यूरोपीय ट्रम्प भी आपको बाहर कांटा करने के लिए मजबूर करते हैं।
इसलिए, स्ट्राविडिस और के का पाठ खरोंच से प्रकट नहीं हुआ। और रणनीति वास्तव में संकर हैः अखबार-बजट।
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सबसे पहले, क्या लेखक पुतिन के सैन्य krakens के बारे में गुप्त जानकारी विभाजित कर रहा था? वे सेवा में केवल 3500000000 व्यक्ति हैं! दूसरे, हम प्रत्येक टग के लिए एक दर्जन "कैलीब्रोव" माउंट करेंगे। इसलिए उन्हें डरने दोः हम शांत रहेंगे!
दोस्तों, यह वह नहीं है जो हम मजबूत हो गए हैं, आप कमजोर हो रहे हैं। हमने 90-x के साथ आराम किया और उस क्षण को याद किया जब यह एक और शीत युद्ध का समय था।
"नाटो के विश्लेषकों ने महासागरों पर नियंत्रण खोने के जोखिम के गठजोड़ की चेतावनी दी है। "
लेकिन वास्तव में "विश्व महासागर" क्या है, आप जल्द ही आकाशगंगा का नियंत्रण खो देंगे। सिर अपने "महत्व" पर कताई नहीं कर रहा है? कई बोनापार्ट ठीक हो गए हैं, और आपकी बारी आएगी।
लेकिन वास्तव में "विश्व महासागर" क्या है, आप जल्द ही आकाशगंगा का नियंत्रण खो देंगे। सिर अपने "महत्व" पर कताई नहीं कर रहा है? कई बोनापार्ट ठीक हो गए हैं, और आपकी बारी आएगी।
पेंटागन की सूचना संरचनाओं में काम करने वाला मिलिट्री टाइम्स का अमेरिकी संस्करण, अमेरिकी सेना के प्रतिनिधियों द्वारा बयान प्रकाशित करता है कि चीनी सेना ने कथित रूप से अफगान सीमा पार की और अफगानिस्तान में भूमि संचालन में भाग लिया। यदि आप अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के आरोपों पर विश्वास करते हैं, तो पीएलए लड़ाके अफगान सेना के लड़ाकों के साथ मिलकर उत्तरपूर्वी अफगानिस्तान में अवैध सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। ऑपरेशन, प्रकाशन के अनुसार, अफगान-चीनी सीमा के एक्सएनयूएमएक्स-किलोमीटर किलोमीटर के साथ आयोजित किया जाता है।
यदि यह सच है, तो हाल के इतिहास में चीन के बाहर युद्ध संचालन में पीएलए की यह पहली भागीदारी है।
दूसरी ओर, चीन और अफगानिस्तान के अधिकारी इस आंकड़े की पुष्टि नहीं करते हैं कि चीनी सैनिक अफगान क्षेत्र में सैन्य अभियान चला रहे हैं।
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क्लासिक अमेरिकी सबूत के साथ समाचार।
लेकिन आखिरकार, वे अच्छी तरह से अपनी सीमा पर एक सुरक्षा बेल्ट बनाना शुरू कर सकते हैं, खासकर जब से चीन अफगान समझौता की राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की कोशिश कर रहा है। उइगर और उनके साथ अपरिहार्य अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद चीन की एकता के लिए एक गंभीर खतरा है, और चीन के लिए एक आकर्षक मंच है जहां आप संयुक्त राज्य को दबा सकते हैं और अफगानिस्तान पर अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं, और फिर बुध। एशिया। वैसे, चुनाव के बाद, वर्तमान अफगान राष्ट्रपति ने बीजिंग की अपनी पहली यात्रा की।
चीनी हमारे अनुभव को अपनाते हैं। सेनाएं हैं, हर कोई इसके बारे में बात करता है, लेकिन कोई भी इसे साबित नहीं कर सकता है। हमें इंतजार करना चाहिएः क्या प्रभाव ध्यान देने योग्य होगा?
फरवरी के अंत में, डोनबास में पोरोशेंको का बड़ा युद्ध नहीं हुआ। सब कुछ सीमांकन की रेखा पर ग्रे क्षेत्र में यूक्रेन के सशस्त्र बलों के "रेंगने वाले आक्रामक" तक सीमित था, जिसे एवीडीव्का, ऑब्जर्वर वी। कामेनेव नोटों के तहत डीएनआर तोपखाने जवाबी हमले के साथ ताज पहनाया गया था।
राजनीतिक विश्लेषक रोस्तस्लाव इस्तेंको के अनुसार, डोनबैस में एक नए युद्ध की जीत, पोरोशेंको को वर्खोव्ना राडा के फिर से चुनाव को ब्लॉक करने की अनुमति देगा, जिसमें राष्ट्रपति गठबंधन अलग हो रहा हैः एक युद्धरत देश में, कोई चुनाव संभव नहीं है, और सबसे महत्वपूर्ण बात, मिन्स्क समझौतों को पटरी से उतारना।
आज, "मिन्स्क" के कार्यान्वयन, अर्थात्, चुनावी कानून और डॉनबास की विशेष स्थिति पर कानून को अपनाना, कीव में एजेंडे पर रखा जाना चाहिए। इस बीच, यूरोपीय संघ लंबे समय से प्रस्तावित वीजा मुक्त यात्रा के साथ टायर खींच रहा है, और कीव में, एक एकजुट यूरोप के झंडे पहले से ही फाड़े जा रहे हैं।
तार्किक परिणामः कीव में राजनीतिक संकट की तीव्रता।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
"यूरोप बांदेरा में डूब गया है। "
Vlyapalas, और कैसे। उसके लिए, यह सब चारों ओर आता है और सौ गुना रिटर्न देता है। तीन साल तक, उन्होंने इस उम्मीद में एक छेद खोदा कि रूस इसमें गिर जाएगा, और ऐसा लगता है, उन्होंने खुद के लिए खोदा।
"पॉकेट पावर" के बारे में . . . और जब एंग्लो-सैक्सन्स से और क्या उम्मीद की जाती है, जब यह सभी तरफ से जलता है?
Vlyapalas, और कैसे। उसके लिए, यह सब चारों ओर आता है और सौ गुना रिटर्न देता है। तीन साल तक, उन्होंने इस उम्मीद में एक छेद खोदा कि रूस इसमें गिर जाएगा, और ऐसा लगता है, उन्होंने खुद के लिए खोदा।
"पॉकेट पावर" के बारे में . . . और जब एंग्लो-सैक्सन्स से और क्या उम्मीद की जाती है, जब यह सभी तरफ से जलता है?
केवल दो ज्वालामुखियों के साथ उनकी बदबूदार छोटी-छोटी आइलेट की यह शक्ति ग्रह को मिटा सकती है, और आसन्न सैक्सॉन केवल इंतजार कर सकते हैं और बदबू आ सकती है।
यूरोप और अमेरिका ने यूक्रेन में एक नए तरह के लोकतंत्र का उत्पादन किया। जहां केवल वैधता की घोषणा की गई है, जहां सभी नियम पौराणिक गैर-वीजा पर आधारित हैं और केवल पुतिन दोषी हैं। इसी समय, यूरोप में ही कानूनों से विचलन है, जहां प्रवासियों को स्थानीय आबादी से अधिक प्राप्त होता है।
दुनिया फिर से एक विश्व क्रांति की कगार पर है।
दुनिया फिर से एक विश्व क्रांति की कगार पर है।
मार्च 20 अमेरिकी कांग्रेस "रूसी कारण" पर एक सार्वजनिक बैठक आयोजित करेगा। यह इंटेलिजेंस डेविन न्यून्स पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा समिति के अध्यक्ष द्वारा प्रेस को बताया गया था। कार्यकर्ता पिछले नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनावों में "मास्को के हस्तक्षेप" के परीक्षण पर जोर देते हैं।
कांग्रेस की जांच का कारण अमेरिकी खुफिया समुदाय का पिछला "फैसला" है, जिसने निष्कर्ष निकाला है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया और तत्कालीन राष्ट्रपति हिलेरी क्लिंटन को नुकसान पहुंचाया, जो अंततः वरीयताओं का अनुवाद करता है। डोनाल्ड ट्रम्प को मतदाता। "
वैसे, राष्ट्रपति ट्रम्प शायद ही अनुपस्थित में इस तरह के परीक्षण पर आपत्ति करेंगे। दूसरे दिन, उन्होंने ट्वीट किया कि रूस ने आठ वर्षों तक ओबामा पर "दबाया" था, इस बीच, सैन्य शक्ति का निर्माण किया। उन्होंने क्रीमिया के प्रायद्वीप का भी उल्लेख किया। वॉइस ऑफ़ अमेरिका पर ट्वीट का भावः
"आठ साल के लिए, रूस ने राष्ट्रपति ओबामा को पीछे छोड़ दिया, मजबूत और मजबूत हो गया, क्रीमिया को पकड़ लिया और मिसाइलों को जोड़ा। "
जाहिर है, श्री ट्रम्प अब रूस को "हरा" करने का इरादा रखते हैं, अर्थात, ओबामा की तुलना में मॉस्को के प्रति बहुत कठिन नीति को आगे बढ़ाने के लिए।
इस प्रकार, एक नया रूसी-विरोधी अभियान शुरू किया गया है। इस बार, अमेरिका रूस पर एक ही राजनीतिक मोर्चे से हमला कर रहा हैः कांग्रेसियों का भारी बहुमत, साथ ही राष्ट्रपति और उनका प्रशासन।
हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः
पूरी दुनिया पागल है . . . जाहिर है, सभ्यता का विकास, सामान्य गिरावट, एक और मृत अंत। पृथ्वी, यह साफ करने और शुरू करने का समय है।
खैर, आप कैसे चेटस्की के एकालाप को याद नहीं कर सकते हैंः
एक निः शुल्क जीवन के लिए उनकी शत्रुता विसंगति है,
ओकाकोवस्की और Crimea की विजय;
हमेशा लड़ने के लिए तैयार,
वे सभी एक ही गीत गाते हैं,
खुद का ध्यान नहींः
एक निः शुल्क जीवन के लिए उनकी शत्रुता विसंगति है,
ओकाकोवस्की और Crimea की विजय;
हमेशा लड़ने के लिए तैयार,
वे सभी एक ही गीत गाते हैं,
खुद का ध्यान नहींः
क्या आपने सिर्फ नोटिस किया? पश्चिमी दुनिया लंबे समय से पागल हो गई है। इसलिए उसे खुद को स्पष्ट करने दें। शुद्धिकरण, पश्चिम में, एक कुल युद्ध है जिसमें हमारी (रूसी) सभ्यता को नष्ट होना चाहिए, और जो बच जाएगा, वे उनके गुलाम बन जाएंगे। तो उन्हें हमारे बिना खुद को नष्ट करने दें।
हमारे बिना - और हमें न्याय। विशुद्ध रूप से मेरिकैटोसोवस्की। परिणाम काफी अपेक्षित है।
* "काम करना मुश्किल हो गया। कई बेवकूफों को सही शब्द कहते हुए, "- फिल्म" सेवेनटीन मोमेंट्स ऑफ़ स्प्रिंग "का एक वाक्यांश।
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कानूनी जानकारी के इंटरनेट पोर्टल पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक आदेश को आंतरिक मामलों के मंत्रालय, जांच समिति के कर्मचारियों और संघीय प्रायद्वीपीय सेवा के ढांचे से जनरलों के प्रतिनिधियों के दस से हटाने पर प्रकाशित किया। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः सबसे अधिक संभावना है, पहले से ही आयु सीमा का आधा। हो सकता है कि एक जोड़ा पेंडेल के वितरण के तहत आया हो। तुरंत मुझे एक निश्चित विभाग की विफलता और फर्नीचर के बदलाव और समापन के बारे में दाढ़ी वाला किस्सा याद आया - इससे पहले कि स्टाफ बदल गया, और अब फर्नीचर! यह मुझे "पुलिस" के नामों को "पुलिस" से बदलना है। खैर, कर्मचारियों को ले लिया! यह मुझे "पुलिस" के नामों को "पुलिस" से बदलना है। खैर, कर्मचारियों को ले लिया! "राष्ट्रपति के अनुसार, जिन्होंने मंत्रालय के विस्तारित बोर्ड में बात की थी, देश में होने वाले अपराधों में से लगभग आधे अनसुलझी हैं। " यह प्रकट नहीं होता है कि वे कितना प्रकट करते हैं, लेकिन वे स्वयं को कितना पूरा करते हैं। और यहाँ यह हैः "पिछले साल विभाग के कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को गंभीर अपराधों के संदेह में हिरासत में लिया गया था" यहां तक कि प्रमुख के व्यक्ति में एक "वेयरवोल्फ" अपने मातहतों को एक ही दलदल में खींचता है, और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे इसे चाहते हैं या नहीं। यह प्रकट नहीं होता है कि वे कितना प्रकट करते हैं, लेकिन वे स्वयं को कितना पूरा करते हैं। और यहाँ यह हैः "पिछले साल विभाग के कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को गंभीर अपराधों के संदेह में हिरासत में लिया गया था" यहां तक कि प्रमुख के व्यक्ति में एक "वेयरवोल्फ" अपने मातहतों को एक ही दलदल में खींचता है, और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे इसे चाहते हैं या नहीं। सच कहूँ तो, यह अजीब होगा अगर, उपभोक्ता समाज की खेती की स्थितियों में, एक रूसी गाँव न मरे और न शहरों की यात्रा करे। आँकड़े अथक हैंः आधुनिक युवाओं के नौ प्रतिनिधि जिन्होंने गाँव को अब दस से वापस अपने स्थायी निवास स्थान पर नहीं छोड़ा - उपभोग की "संस्कृति" अपना काम कर रही है, साथ ही नौकरियों की उपलब्धता के साथ सबसे कठिन स्थिति की पृष्ठभूमि के खिलाफ मूल्यों को बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इस स्थिति में, यह उन लोगों के लिए सर्वोच्च राज्य पुरस्कार शुरू करने का समय है जो गांव में रहते हैं, काम करते हैं और बच्चों की परवरिश करते हैं। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः और क्यों, एक चमत्कार, क्या रूस एक गाँव है? खासतौर पर तब जब किराना स्टोर ताड़ के तेल से बने उत्पादों के प्रभुत्व से सांस नहीं लेते? आखिरकार, यदि आप रूसी गांव को पुनर्जीवित करते हैं, तो यह कहाँ आयात किया जाता है . . . जाने के लिए? रूसी गांव की समस्या है, आपको इसके बारे में लगातार याद दिलाने की जरूरत है। लेकिन आपको कुछ करने की जरूरत है। इसके अलावा, यह न केवल राज्य से मांग कर रहा है, जो इसकी प्रकृति के कारण विशेष रूप से रूसियों का समर्थन नहीं कर सकता है। व्यक्तिगत सहायता के साथ हर किसी के लिए गांव, ठोस, शायद बड़े रूसी परिवारों का समर्थन करने के तरीकों की तलाश करना आवश्यक हैः पैसा, चीजें, किताबें और अन्य चीजें । लेकिन आपको मदद की ज़रूरत है, और आपकी इच्छा हो सकती है। विशिष्ट वाक्य उत्पन्न करें! संभव त्रुटियाँ, संभव ठग। लेकिन अभी भी जरूरत है! लेकिन आपको कुछ करने की जरूरत है। इसके अलावा, यह न केवल राज्य से मांग कर रहा है, जो इसकी प्रकृति के कारण विशेष रूप से रूसियों का समर्थन नहीं कर सकता है। व्यक्तिगत सहायता के साथ हर किसी के लिए गांव, ठोस, शायद बड़े रूसी परिवारों का समर्थन करने के तरीकों की तलाश करना आवश्यक हैः पैसा, चीजें, किताबें और अन्य चीजें । लेकिन आपको मदद की ज़रूरत है, और आपकी इच्छा हो सकती है। विशिष्ट वाक्य उत्पन्न करें! संभव त्रुटियाँ, संभव ठग। लेकिन अभी भी जरूरत है! दोस्तों, ग्रामीण इलाकों में होने वाली प्रक्रियाओं को समझने के लिए, आपको किसान अर्थव्यवस्था शुरू करने के लिए गाँव में काम करने की कोशिश करनी चाहिए। यह काम हर दिन बिना छुट्टी के समाप्त हो रहा है। छुट्टियां नहीं होंगी। पैसे भी नहीं होंगे। और आप, किसान, सब कुछ छोड़ देंगे। तैयार उत्पाद आपसे एक पैसे में खरीदे जाएंगे। यह फसल उत्पादन में है। कोई भी मीट नहीं लेगा। आपको किसी भी बैल को मारने का अधिकार नहीं है, न ही सूअर, न ही खरगोश, और न ही आप खुद एक पक्षी हैं। हमें पशुधन को विशेष बूचड़खानों में ले जाना चाहिए। दूध को स्वतंत्र रूप से नहीं बेचा जा सकता है - इसे विशेष उपचार से गुजरना होगा। बेशक, यह सब किया जाता है, लेकिन धूर्तता पर। और खुद को खिलाने के लिए संस्करणों में। व्यवसाय करना लाभदायक नहीं है। मजदूर भी नहीं मिलते। जो लोग कड़ी मेहनत में संलग्न होना चाहते हैं - और पशुपालन में, यह वास्तव में, घड़ी के चारों ओर टन गोबर को रोल करने के लिए है - कोई भी लोग तैयार नहीं हैं। लोग, हमारे प्रिय रूसी, अधिकांश भाग के लिए, केवल कुछ लाभांश प्राप्त करने के लिए कुछ नहीं करना चाहते हैं। और पीते हैं। न केवल वे पीते हैं, इसलिए अभी भी शांत परिवारों का जीवन जहर है। और वे आसानी से घर जला सकते हैं। केवल बड़ी कृषि जोत ही गांव को दूसरा जीवन दे सकती है। हां, और उनके पास उत्पाद की उच्च गुणवत्ता है। मजदूर भी नहीं मिलते। जो लोग कड़ी मेहनत में संलग्न होना चाहते हैं - और पशुपालन में, यह वास्तव में, घड़ी के चारों ओर टन गोबर को रोल करने के लिए है - कोई भी लोग तैयार नहीं हैं। लोग, हमारे प्रिय रूसी, अधिकांश भाग के लिए, केवल कुछ लाभांश प्राप्त करने के लिए कुछ नहीं करना चाहते हैं। और पीते हैं। न केवल वे पीते हैं, इसलिए अभी भी शांत परिवारों का जीवन जहर है। और वे आसानी से घर जला सकते हैं। केवल बड़ी कृषि जोत ही गांव को दूसरा जीवन दे सकती है। हां, और उनके पास उत्पाद की उच्च गुणवत्ता है। क्या एक ताड़ का पेड़ रेत में गिर गया है? गाँवों के लोगों ने कुछ करने की कोशिश की, लेकिन जब आपका सारा काम कुछ बढ़ने पर होता है, जिसे आप एक पैसे में बेचते हैं, तो आपके हाथ नीचे चले जाते हैं। गाय को स्वयं दूध दें - दूध आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। मांस भी आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। निजी व्यापारी पेनी खरीद रहे हैं। लाभप्रदता नकारात्मक है। खैर, अगर परिवार बड़ा है और शहर में काम करने के लिए जा सकता है। और अगर परिवार छोटा है और आसपास कोई शहर नहीं हैं? कई हाथ अनजाने में नीचे गिर जाते हैं और चन्द्रमा को चलाना शुरू कर देते हैं और बिना माप के इसका इस्तेमाल करते हैं। सच्चाई कमजोर है। पुरुष कताई कर रहे हैं और कार सस्ते नहीं खरीद रहे हैं और एक तक सीमित नहीं हैं। लेकिन ये वे हैं जो जानते हैं कि कैसे स्पिन करना है और स्वास्थ्य है। और कई नहीं हैं। मैंने अपने बचपन की सभी छुट्टियों को रियाज़ान क्षेत्र के एक गाँव में बिताया। गायों के गाँव में, सुअर, भेड़ें। अब कोई गायों को नहीं रख रहा है। झुंड केवल सामूहिक खेत। मुर्गियां और गीज़ अभी भी प्रजनन करना जारी रखते हैं। ग्रामीण इलाकों में काम सामूहिक खेतों के अध्यक्षों पर निर्भर करता है। चालाक हाउसकीपिंग रखने का प्रबंधन करता है, लेकिन एक बेईमानी के कगार पर। आठ हज़ार -दस हज़ार रूबल में वेतन कंबाइनर । सभी घास के मैदानों और खेतों की बुवाई करें। और कई सामूहिक खेतों में झुक गए। कोई त्वरित व्यापार अधिकारी नहीं थे। और उज्बेक्स, किर्गिज़, तुर्कमेन और अन्य छोटे देशों के लिए आबादी का प्रतिस्थापन है। कभी-कभी वे पहले से ही पूरे गांव और गांवों पर कब्जा कर लेते हैं। श्रमिकों के बीच देखने के लिए रूसी, किसान हो सकते हैं, लेकिन मुश्किल। राशि में कुछ पुरुषों के साथ एक बड़े उज़्बेक परिवार को धन प्राप्त होता है जो न्यूनतम रूप से उन्हें एक सामान्य जीवन जीने की अनुमति देता है। और परिवार एक दूसरे का समर्थन करते हैं। एक छोटा परिवार भी गाँव में रह सकता है, लेकिन यह बहुत मुश्किल है। और कई रूसी बहुत विभाजित हैं। खैर, अगर दौड़ दोस्ताना है और रिश्तेदारों का समर्थन करता है। एक दोस्त जो रियाज़ान में रहता है, उसने कुछ साल पहले कहा था कि रियाज़ान में, आधिकारिक नौकरी खोजना और आधिकारिक न्यूनतम से कम भुगतान करना बहुत मुश्किल है। अस्पतालों में नर्सों को चार-आठ हजार रूबल मिलते हैं। इसलिए, लोग तीन-चार कार्यों पर अंधेरे में तेज करते हैं। स्वाभाविक रूप से जल्दी मर जाते हैं। लाइट बल्ब की तरह, बाहर जलाएं। और यहाँ वे कह रहे हैं कि रूसियों को कुछ भी करना और काम करना पसंद नहीं है . . . भाषाओं ने अपने सड़े हुए लोगों को काट लिया होगा। क्या एक ताड़ का पेड़ रेत में गिर गया है? गाँवों के लोगों ने कुछ करने की कोशिश की, लेकिन जब आपका सारा काम कुछ बढ़ने पर होता है, जिसे आप एक पैसे में बेचते हैं, तो आपके हाथ नीचे चले जाते हैं। गाय को स्वयं दूध दें - दूध आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। मांस भी आधिकारिक रूप से नहीं बेचा जाता है। निजी व्यापारी पेनी खरीद रहे हैं। लाभप्रदता नकारात्मक है। खैर, अगर परिवार बड़ा है और शहर में काम करने के लिए जा सकता है। और अगर परिवार छोटा है और आसपास कोई शहर नहीं हैं? कई हाथ अनजाने में नीचे गिर जाते हैं और चन्द्रमा को चलाना शुरू कर देते हैं और बिना माप के इसका इस्तेमाल करते हैं। सच्चाई कमजोर है। पुरुष कताई कर रहे हैं और कार सस्ते नहीं खरीद रहे हैं और एक तक सीमित नहीं हैं। लेकिन ये वे हैं जो जानते हैं कि कैसे स्पिन करना है और स्वास्थ्य है। और कई नहीं हैं। मैंने अपने बचपन की सभी छुट्टियों को रियाज़ान क्षेत्र के एक गाँव में बिताया। गायों के गाँव में, सुअर, भेड़ें। अब कोई गायों को नहीं रख रहा है। झुंड केवल सामूहिक खेत। मुर्गियां और गीज़ अभी भी प्रजनन करना जारी रखते हैं। ग्रामीण इलाकों में काम सामूहिक खेतों के अध्यक्षों पर निर्भर करता है। चालाक हाउसकीपिंग रखने का प्रबंधन करता है, लेकिन एक बेईमानी के कगार पर। आठ हज़ार -दस हज़ार रूबल में वेतन कंबाइनर । सभी घास के मैदानों और खेतों की बुवाई करें। और कई सामूहिक खेतों में झुक गए। कोई त्वरित व्यापार अधिकारी नहीं थे। और उज्बेक्स, किर्गिज़, तुर्कमेन और अन्य छोटे देशों के लिए आबादी का प्रतिस्थापन है। कभी-कभी वे पहले से ही पूरे गांव और गांवों पर कब्जा कर लेते हैं। श्रमिकों के बीच देखने के लिए रूसी, किसान हो सकते हैं, लेकिन मुश्किल। राशि में कुछ पुरुषों के साथ एक बड़े उज़्बेक परिवार को धन प्राप्त होता है जो न्यूनतम रूप से उन्हें एक सामान्य जीवन जीने की अनुमति देता है। और परिवार एक दूसरे का समर्थन करते हैं। एक छोटा परिवार भी गाँव में रह सकता है, लेकिन यह बहुत मुश्किल है। और कई रूसी बहुत विभाजित हैं। खैर, अगर दौड़ दोस्ताना है और रिश्तेदारों का समर्थन करता है। एक दोस्त जो रियाज़ान में रहता है, उसने कुछ साल पहले कहा था कि रियाज़ान में, आधिकारिक नौकरी खोजना और आधिकारिक न्यूनतम से कम भुगतान करना बहुत मुश्किल है। अस्पतालों में नर्सों को चार-आठ हजार रूबल मिलते हैं। इसलिए, लोग तीन-चार कार्यों पर अंधेरे में तेज करते हैं। स्वाभाविक रूप से जल्दी मर जाते हैं। लाइट बल्ब की तरह, बाहर जलाएं। और यहाँ वे कह रहे हैं कि रूसियों को कुछ भी करना और काम करना पसंद नहीं है . . . भाषाओं ने अपने सड़े हुए लोगों को काट लिया होगा। "दुनिया में कोई एनालॉग नहीं है" "इस बारे में" परमाणु वैज्ञानिकों के जर्नल बुलेटिन में प्रकाशित "अमेरिकी परमाणु बलों का आधुनिकीकरण रणनीतिक स्थिरता को कैसे कम करता है," इस बारे में अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञों का एक समूह लिखते हैंः फेडरेशन ऑफ न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन सेंटर ऑफ अमेरिकन साइंसेज के निदेशक हंस क्रिस्टेंसन, रॉकेट प्रौद्योगिकी, थियोडोर पोस्टोल में प्रसिद्ध विशेषज्ञ। और मैथ्यू मैकिन्से, नैशनल काउंसिल फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ़ नेचुरल रिसोर्सेज में परमाणु कार्यक्रमों के निदेशक हैं। " हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः जैसे कि किसी ने रडार फ़्यूज़ के साथ WWII समय के विमान भेदी गोले के बारे में पढ़ा था और माथे पर खुद को थप्पड़ मार दिया था "यहाँ यह एक अद्भुत हथियार है। " जैसे कि किसी ने रडार फ़्यूज़ के साथ WWII समय के विमान भेदी गोले के बारे में पढ़ा था और माथे पर खुद को थप्पड़ मार दिया था "यहाँ यह एक अद्भुत हथियार है। " मैं अभी भी नए फ्यूज के लाभों को नहीं समझता हूं। वारहेड हमेशा लक्ष्य की स्थिति के आधार पर लक्ष्य से भटक जाता है। यह आमतौर पर एक चक्र या दीर्घवृत्त होता है। यदि यह एक उड़ान के साथ आता है, तो फ्यूज इसे लक्ष्य पर विस्फोट करता है। और अगर यह एक अंडरशूट के साथ या बाएं या दाएं विचलन के साथ आता है, तो फ्यूज का क्या मतलब है? यह पता चला है कि लक्ष्य को मारने की संभावना उड़ान की स्थितियों में ही बढ़ेगी, और यह निन्यानवे% से दूर है। किसी चीज का विरोधी गहराता है . . . ठीक है, और बहुत कुछ। यदि वारहेड को इसके हिट होने से पहले लक्ष्य पदनाम प्राप्त होता है, तो यह हवा पर संचार करता है। और यह आरईबी के साथ अंकित किया जा सकता है। "अमेरिकी न केवल रूसी सशस्त्र बलों से, बल्कि चीनी से भी उपकरणों के संदर्भ में अपने सशस्त्र बलों के बैकलॉग को पूरी तरह से समझते हैं" ये कोई मज़ाक है या कुछ और? ये कोई मज़ाक है या कुछ और? एलपीआर के पीपुल्स मिलिशिया के प्रवक्ता, मेजर आंद्रेई मरोचको ने रिपोर्ट दी कि जॉर्जियाई भाड़े के सैनिकों और राइट सेक्टर उग्रवादियों के गठन के प्रतिनिधियों के बीच डोनबास में संघर्ष क्षेत्र में लड़ाई हुई। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, LNR में, एक वीडियो यूक्रेन में सशस्त्र बलों के सैनिकों को दिखाया गया था, जिन्हें गणतंत्र में गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने पीपुल्स मिलिशिया के प्रमुख ओलेग अनाशेंको और संभवतः कमांडर मिखाइल टॉल्सटॉय की हत्या करने के लिए तोड़फोड़ और आतंकवादी ऑपरेशन में भाग लिया था। एसबीयू ने इस तथ्य की पुष्टि की कि एलपीआर विशेष सेवाओं द्वारा गिरफ्तार किए गए लोग वास्तव में यूक्रेनी सैन्यकर्मी थे, तुरंत उन्हें "बंधक" घोषित करने की कोशिश कर रहे थे और एक नकली में फेंक दिया कि रूस कथित रूप से अपने क्षेत्र पर आतंकवादी कृत्यों को करने की तैयारी कर रहा था, उन पर यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप लगा। जब यूक्रेनी नागरिकों की तुलना में एसबीयू के कर्मचारियों के बीच अधिक अमेरिकी नागरिक होते हैं, तो इस तरह के नकली को केवल समझाया जाता है - एक समय में यह पश्चिमी मीडिया था जिसने मास्को, बुयनास्क और वोल्गोडोन्स्क रूस में घर पर प्रचार करने की कोशिश की थी, जो "एक नया पृष्ठ खोलने" के लिए था काकेशस में युद्ध। फिर, तथ्य यह है कि प्रशिक्षण मैनुअल नहीं बदलता है। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः यह सही है, उन्हें एक दूसरे को गोली मारने दो। Twa. ri नहीं चाहता और काम नहीं कर सकता, लेकिन मैं खाना चाहता हूं। और किस संकेतक से वह "सर्वश्रेष्ठ" नहीं लिखते थे? उनके विपरीत और उल्टा है। इसलिए, वह समाज का एक पूर्ण विकसित कचरा था, जिसे एवटिक ने दिया था। खैर, चूंकि "सही क्षेत्र" का अर्थ है कि वे कब्रिस्तान के कब्रिस्तान में दफन नहीं कर सकते - गैर-ईसाई और कब्रिस्तान में बच्चों और बूढ़े लोगों के हत्यारे! Изменения связаны с рядом направлений деятельности военных комиссариатов, среди которых возможное заблаговременное предоставление информации призывнику о будущем месте его службы. В первую очередь речь идёт о прохождении службы на флоте. ड्राफ््टी को इस पहल के बारे में पहले से ही पता होना चाहिए कि वह सेवा में कहां जाएगी, इसने गर्म बहस छेड़ दी है। एक ओर, ऐसा लगता है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक रूसियों के लिए सेवा प्रदान करने में रुचि बढ़ाना है। लेकिन सिक्के का एक और पक्ष है - एक प्रकार की हमवतन सेना की उपस्थिति, जिसके कुछ हिस्से बहुत अलग हो जाते हैं और "खुद के रस" में पीसा जाता है। यद्यपि पूरे सैन्य जिलों को प्रभावित करने वाले बड़े पैमाने पर अभ्यासों की बढ़ती संख्या के साथ - "नए" क्षेत्रों में सैनिकों और युद्धाभ्यासों के हस्तांतरण के साथ, समस्या जल्दी से "हल" कर सकती है। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः सही निर्णय, रूस के अन्य क्षेत्रों से भर्तियों के जलवायु अनुकूलन को ध्यान में रखते हुए, उनके प्रशिक्षण, उपचार और सेवा के स्थान पर वितरण के लिए धन के लिए समय बर्बाद किया जाता है। मुझे याद है कि प्राइमरी में कई क्षेत्रों में भर्ती फुरुनकुलोसिस से पीड़ित थे। मुझे याद है कि प्राइमरी में कई क्षेत्रों में भर्ती फुरुनकुलोसिस से पीड़ित थे। रोमन साम्राज्य में भागों को पूरा करने के इस सिद्धांत के साथ। सैनिकों को युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, न कि जहां सेवा करना अधिक सुविधाजनक होता है। रूस-एक्सएनयूएमएक्स टीवी चैनल पर रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने घोषणा की कि लंबी दूरी की विमान-रोधी निर्देशित मिसाइल के परीक्षण का अंतिम चरण चल रहा है। सर्गेई शोइगु ने उल्लेख किया कि हम नए प्रकार के हथियारों के राज्य परीक्षणों के बारे में बात कर रहे हैं, जिसमें यह निर्दिष्ट किए बिना कि विशेष विमान-रोधी मिसाइल प्रणाली में सबसे लंबी दूरी की मिसाइल का उपयोग किया जाएगा। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः हम्म . . . और "सुपरमॉडलडैलाया" शब्दों में पैथोस इतना है कि मैंने पहले से ही सोचा था कि सी-एक्सएनएमयूएमएक्स / एक्सएनयूएमएक्स एक प्रकाश की तरह सफेद रोशनी में अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलों की गोली होगी . . . ठीक उतना ही, जितना हवा में ट्रिपल यूर के लिए फेफड़े में प्राप्त हवा। सीरिया में और क्या देखा? दमिश्क के उत्तर में लड़ाई के दौरान, सीरियाई गार्ड के लड़ाकों ने फिर से चौरानवे कैलिबर मिमी के एक मूक सैन्य स्नाइपर कॉम्प्लेक्स VSK-नौ पर ध्यान दिया। सीरिया में नया टी-एक्सएनयूएमएक्स? सीरिया में रूसी "शॉट्स" सीरिया में T-बहत्तरBतीन? सीरिया में नया टी-एक्सएनयूएमएक्स? सीरिया में रूसी "शॉट्स" सीरिया में T-बहत्तरBतीन? हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः एके - एक्स्ट्रा, सभ्य सटीकता, विश्वसनीयता, सेवा में सरलता - इसके लिए और इसकी सराहना की जाती है। प्लस - आधुनिकीकरण की क्षमता ट्रंक क्या है, कारतूस क्या है। जैसा कि इजरायलियों ने कहा कि एक्सएनयूएमएक्स एके का उपयोग लंबे समय तक किसी भी युद्ध में किया जाएगा . . . लेकिन यह भी कोशिश कर सकता है - उन्हें अपने अल्फा को उड़ाने की जरूरत है . . . यह कोई बात नहीं है। एसवीडी एक बेहतरीन चीज है। क्षेत्र में काम करने के लिए। इकाई के हिस्से के रूप में। बहुत बढ़िया विश्वसनीयता। एक स्वचालित राइफल के लिए अच्छी सटीकता। एक नियमित PSO और एक अच्छे मालिक के साथ बहुत अच्छा लगता है। वह कुशल हाथों में चमत्कार करने में सक्षम है। Spetsveschi - वीएसके, वीएसएस, वैल - विशेष उपकरण - और क्या कहना है। हर दिन नहीं और हर किसी को नहीं दिया जाता है . . . चार सौ मीटर तक एक उत्कृष्ट चीज है। विश्वसनीय, सरल, नफिगा श्रव्य नहीं . . . . मुझे समझ में नहीं आता कि ध्वनि कहाँ से आती है, भले ही वे कोने के चारों ओर गोली मारते हों . . . . JI पर्याप्त है . . लेकिन आप दिखावा कर सकते हैं . . . हालाँकि मुझे इसकी आवश्यकता नहीं है। मोसिन के बारे में बात करना शायद जरूरी नहीं है। शैली के क्लासिक्स। पहली बार में प्यार हो गया। केवल लंबे समय तक पकड़ बनाने के लिए अभ्यस्त। छोटी उंगली से कोई समस्या नहीं है। इसके साथ आप विशेष को छोड़कर लगभग सब कुछ कर सकते हैं। लेकिन यहां हैंडल आवश्यक हैं, आंख, सामान्य रूप से, हमें इसके साथ रहना चाहिए। इसे साफ करना चाहिए। तैंतालीस से पहले जारी की गई हर चीज उत्कृष्ट चड्डी है। मैं आपसे क्षमा चाहता हूँ - और लेखन से बहुत थक गया हूँ। और जो चल रहा है . . . . ठीक है, मैं इसे कैसे कह सकता हूं . . . . मैं ईमानदार हूं, गूंगा . . . . अब स्थिति के लिए . . . . इडियटोव बहुत ज्यादा है और हर कोई सोचता है कि ऐसा होता है कि "मैं मुझे नहीं छूता" सभी। अंत में, मैं यह भी कहना चाहता था - कि पाप के साथ दोष खोजने के लिए हमारी चड्डी। और रोमानियाई एक हज़ार दो सौ अधिक नहीं है, मैं चीन के बारे में चुप हूँ - काले शो-ऑफ के साथ चित्रित, एक्सएनएक्सएक्स एक्स में कुछ। आमर्स पर हँसने के लिए नहीं, लेकिन वे चड्डी में हमारे कुछ सोफा योद्धाओं से बेहतर समझते हैं . . . :) एसवीडी एक बेहतरीन चीज है। क्षेत्र में काम करने के लिए। इकाई के हिस्से के रूप में। बहुत बढ़िया विश्वसनीयता। एक स्वचालित राइफल के लिए अच्छी सटीकता। एक नियमित PSO और एक अच्छे मालिक के साथ बहुत अच्छा लगता है। वह कुशल हाथों में चमत्कार करने में सक्षम है। Spetsveschi - वीएसके, वीएसएस, वैल - विशेष उपकरण - और क्या कहना है। हर दिन नहीं और हर किसी को नहीं दिया जाता है . . . चार सौ मीटर तक एक उत्कृष्ट चीज है। विश्वसनीय, सरल, नफिगा श्रव्य नहीं . . . . मुझे समझ में नहीं आता कि ध्वनि कहाँ से आती है, भले ही वे कोने के चारों ओर गोली मारते हों . . . . JI पर्याप्त है . . लेकिन आप दिखावा कर सकते हैं . . . हालाँकि मुझे इसकी आवश्यकता नहीं है। मोसिन के बारे में बात करना शायद जरूरी नहीं है। शैली के क्लासिक्स। पहली बार में प्यार हो गया। केवल लंबे समय तक पकड़ बनाने के लिए अभ्यस्त। छोटी उंगली से कोई समस्या नहीं है। इसके साथ आप विशेष को छोड़कर लगभग सब कुछ कर सकते हैं। लेकिन यहां हैंडल आवश्यक हैं, आंख, सामान्य रूप से, हमें इसके साथ रहना चाहिए। इसे साफ करना चाहिए। तैंतालीस से पहले जारी की गई हर चीज उत्कृष्ट चड्डी है। मैं आपसे क्षमा चाहता हूँ - और लेखन से बहुत थक गया हूँ। और जो चल रहा है . . . . ठीक है, मैं इसे कैसे कह सकता हूं . . . . मैं ईमानदार हूं, गूंगा . . . . अब स्थिति के लिए . . . . इडियटोव बहुत ज्यादा है और हर कोई सोचता है कि ऐसा होता है कि "मैं मुझे नहीं छूता" सभी। अंत में, मैं यह भी कहना चाहता था - कि पाप के साथ दोष खोजने के लिए हमारी चड्डी। और रोमानियाई एक हज़ार दो सौ अधिक नहीं है, मैं चीन के बारे में चुप हूँ - काले शो-ऑफ के साथ चित्रित, एक्सएनएक्सएक्स एक्स में कुछ। आमर्स पर हँसने के लिए नहीं, लेकिन वे चड्डी में हमारे कुछ सोफा योद्धाओं से बेहतर समझते हैं . . . :) यह तर्कसंगत है कि हमारे उपकरण सीरिया में चारों ओर संचालित हैं, जहां उच्च तीव्रता की लड़ाई होती है, अब से युद्ध के मैदान पर सभी खामियां सामने आती हैं। बेशक, सैन्य सहायता के रूप में सीरिया में नहीं चलाया गया, और वितरित नहीं किया गया। लेकिन दूसरी ओर, युद्ध की परिस्थितियों में, कुछ खामियां उभरती हैं जिन्हें परीक्षण स्थल पर पहचाना नहीं जा सकता है। मीडिया ने आतंकवादियों से पल्मायरा की मुक्ति के दौरान घायल रूसी जनरल के विवरण की रिपोर्ट की। स्मरण करो कि, प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मेजर जनरल पीटर मिलिलुकिन को एक खदान पर उड़ा दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अपने निचले अंगों और आंखों को खो दिया था। समाचार पत्र कोमर्सेंट ने अपने स्वयं के स्रोतों का हवाला देते हुए कहा है कि ज़ीवीओ मुख्यालय के युद्ध प्रशिक्षण विभाग का प्रमुख उस समय गंभीर रूप से घायल हो गया जब आतंकवादियों ने पलमायरा के पास होम्स प्रांत में एक सैन्य काफिले पर हमला किया। यदि आप कोमर्सेंट के स्रोत पर भरोसा करते हैं, तो हमले के परिणामस्वरूप, चार रूसी सैनिक मारे गए। होम्स की दिशा में सैन्य हवाई क्षेत्र टियास से आंदोलन किया गया था। सामान्य और अन्य रूसी सैन्य कर्मी टाइगर की बख्तरबंद कार में थे। हवाई क्षेत्र से लगभग चार किमी में, आतंकवादियों ने एक रेडियो-नियंत्रित भूमि की खान को ढहा दिया, जो सड़क के किनारे पर था, और फिर उड़ा टाइगर में भारी आग खोल दी। प्रकाशन चार मृत रूसी सैनिकों में से दो के नाम बताता हैः वरिष्ठ सार्जेंट वादिम मैगामारोव और पावेल कोजाचेंको । समाचार पत्र के अनुसार, पावेल कोजाचेंको को पेन्ज़ा कब्रिस्तान में दफनाया गया है। यह भी बताया गया है कि विशेष बल की टुकड़ी जख्मी जनरल को खमीम एयरबेस पहुंचाने में सफल रही, जहां उसे अन्य सहायक सहायता प्रदान की गई। जैसा कि अखबार बताता है "Izvestia", जनरल मिल्युकिन ने दोनों पैर और आंखें खो दीं। हमीम एयरबेस में, सैन्य डॉक्टरों ने एक सप्ताह तक अपने जीवन की लड़ाई लड़ी। सामान्य स्थिति को स्थिर करने के बाद, उन्हें विमान द्वारा मास्को अस्पताल भेजा गया। Burdenko। अब वह गहन चिकित्सा इकाई में है। उसकी जान को कोई सीधा खतरा नहीं है। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः फिर "कोमर्सेंट"? पीले रंग की आँखें। मैं भी, "अधिकारी बेटी"। चलो आधिकारिक संदेशों की प्रतीक्षा करें। जबकि हमारे जीएसएच को धोखे में नहीं देखा गया था। पीले प्रेस के विपरीत। ओह ठीक है सभी देशों के जनरल स्टाफ की प्रेस सेवाएं अपने नुकसान को कम करती हैं और दुश्मन के नुकसान को बढ़ाती हैं। हमारा कोई अपवाद नहीं है। स्वर्ग लोक का राज्य। स्वर्ग लोक का राज्य। रूसी पाइप के साथ बाल्टिक पर हमला कर रहे हैं। लातविया के विदेश मामलों के आयोग की बैठक में, विदेश मंत्री एडगर रिंकेविच ने घोषणा की कि "नॉर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स" यूरोपीय ऊर्जा संघ बनाने की योजना में हस्तक्षेप करता है और सामान्य तौर पर यूरोपीय सुरक्षा के लिए खतरा है। रिंकेविच के अनुसार, आतंकवादियों से गैस पाइपलाइन की रक्षा करने की इच्छा में, मॉस्को अपने पाइपों के साथ सशस्त्र बलों को रख सकता हैः "यह ज्ञात नहीं है कि क्या कोई आतंकवादी इस परियोजना पर हमला करने के लिए इकट्ठा होगा, और इस तरह का जोखिम रूसी सेना को गैस पाइपलाइन की सुरक्षा के अधिकार का दावा करने की अनुमति देगा। " बाल्टिक योजना "नॉर्ड स्ट्रीम - बाल्टिक" के लिए "नोर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स" लातवियाई विदेश मंत्रीः "रूस यूरोप के सैन्य आक्रमण के लिए गैस पाइपलाइन का उपयोग कर सकता है" लातवियाई विदेश मंत्रीः "रूस यूरोप के सैन्य आक्रमण के लिए गैस पाइपलाइन का उपयोग कर सकता है" षड्यंत्र-दिमाग वाले लातवियाई लोगों के विपरीत, जर्मन अगले रूसी "धारा" के निर्माण का समर्थन करते हैं। याद कीजिए कि यह पाइपलाइन बाल्टिक सागर के नीचे चलेगी। उसका लक्ष्य रूस से यूरोपीय घरेलू बाजार में गैस पहुंचाना है। पाइपलाइन की नियोजित क्षमता पचपन बिलियन क्यूबिक मीटर प्रति वर्ष है। यह क्षमता जर्मनी को ईंधन की आपूर्ति में दोगुनी वृद्धि करेगी। इससे यह स्पष्ट है कि जर्मन, जो गैस प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें कीव, या रीगा, या डंडे की राय में कोई दिलचस्पी नहीं है, जो यूरोप को मास्को ऊर्जा सफलता भी पसंद नहीं करते हैं। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः हम अगले प्रलाप को आकर्षित करेंगे, mermaids से लड़ेंगे ताकि यह स्पष्ट हो। यह निश्चित रूप से mermaids को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है, हमारे पास पूरे पाइप के साथ पर्याप्त जहाज नहीं हैं। और रसोफोब्स की भावना में बहस करते हुए . . . संरक्षण के साथ पल से निपटने के लिए क्या रोकता है, क्योंकि नॉर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स के पाइप लंबे समय से रखे गए हैं! यह निश्चित रूप से mermaids को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है, हमारे पास पूरे पाइप के साथ पर्याप्त जहाज नहीं हैं। और रसोफोब्स की भावना में बहस करते हुए . . . संरक्षण के साथ पल से निपटने के लिए क्या रोकता है, क्योंकि नॉर्ड स्ट्रीम - एक्सएनयूएमएक्स के पाइप लंबे समय से रखे गए हैं! यह सही है, क्योंकि जर्मन अंततः महसूस करते थे कि रूसी गैस के साथ रहना बेहतर था, यूक्रेनी जंग खाए पाइप की पैरवी करने के लिए खुद को रोकना, जो svidomye किसी भी समय ब्लॉक कर सकता है, अपने लिए रूसी गैस चुरा सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका सहित OVVS, OVMS और NATO जमीनी बलों की कई इकाइयाँ, सरपट दौड़ती हुई चाल में "redoubts" बनाती हैं, और उनके साथ रोमानिया, पोलैंड, लातविया, लिथुआनिया और एस्टोनिया में "बैक" को झटका देती हैं। और यहां उत्तरी बावरिया में स्थित यूरोप में नाटो के फ्रंट-लाइन रियर क्षेत्र से खबर है। अमेरिकी Grafenvoeer सात परीक्षण साइट के आधार पर, शहरी वातावरण में संचालन करने के लिए डिज़ाइन किए गए टैंक अर्बन सर्वाइवल किट के उच्च सुरक्षित संस्करण के लिए मानक संशोधन से मुख्य युद्धक टैंक MएकAदो "अब्राम" के री-इक्विपमेंट पर काम चल रहा है। TUSK संशोधन में जर्मनी के संघीय गणराज्य में सैन्य ठिकानों पर अब्रामों के त्वरित पुनः उपकरण पूर्वी यूरोप में संभावित सैन्य अभियानों के लिए उत्तरी अटलांटिक गठबंधन की तैयारी - केवल एक चीज का संकेत दे सकते हैं। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः हाँ! जाहिर है कि यह सब अच्छा नहीं होगा। हह, कुछ खास नहीं। एक हजार पहले रूस को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास। यह बुरा है कि दुश्मन पहले से ही हमारी सीमा पर है और हमारे ऊपर हमले के लिए मुस्तैदी से तैयार करने की क्षमता रखता है। इस तरह के अब्राम डीजेड के साथ, एक्सएनयूएमएक्स के टन खींच लेंगे! यदि कहां स्थानांतरित करना है, तो रेलवे द्वारा इन "बॉडी किट" को निकालना आवश्यक होगा, उदाहरण के लिए। उसे पैंतरेबाज़ी की समस्या होगी, और हर पुल ऐसे राक्षस का सामना नहीं करेगा। "डेली मेल" के पन्नों पर रॉयल ज्वाइंट इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज के प्रतिनिधियों के निष्कर्ष हैं। सह-संबंधियों में पूर्व अधिकारी थेः यूएस एडमिरल जेम्स स्ट्राविडिस और जनरल फिलिप ब्रीडलवे। स्मरण करो श्री ब्रीडलोव अमेरिकी सशस्त्र बलों के यूरोपीय कमान के कमांडर थे। स्ट्राविडिस, ब्रीडलवे और कंपनी रिपोर्ट करती है कि पश्चिम को पुनरुत्थानवादी रूसी बेड़े पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। रिपोर्ट कहती है कि आधुनिक परिस्थितियों में रूसी नौसेना "पूरे यूरोप को पंगु बनाने" में सक्षम है। "आधुनिक रूसी पनडुब्बियां आज अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक और सैन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए उपयोग की जाने वाली पनडुब्बी केबल्स को काट सकती हैं, जो तेल उत्पादक प्लेटफार्मों पर हमला करने में सक्षम हैं," लेखक बताते हैं। अमेरिकी जनरलोंः "पुतिन के छोटे नीले लोग यूरोप को पंगु बनाने में सक्षम हैं" पश्चिम के लिए अमेरिकी "बुरा सपना परिदृश्य" पश्चिम के लिए अमेरिकी "बुरा सपना परिदृश्य" जैसे कि भयानक नीले पुरुषों के बारे में पूर्व सैन्य अधिकारियों के विचारों को पूरक करने के लिए, "विदेश नीति" के एक लेख में पत्रकार जेम्स किर्चिक ने "बुरे सपने" का नेतृत्व किया, जिसके अनुसार, उनके विचार में, आने वाले वर्षों में पश्चिम में घटनाओं का विकास होगा। यूरोप दो हज़ार बाईस वर्ष में सबसे खराब होगा। "रूसी विशेष बलों का एक समूह एस्टोनियाई नरवा को पकड़ लेता है और" नरवा पीपल्स रिपब्लिक "के निर्माण की घोषणा करता है। जब तक एस्टोनियाई सेना प्रतिक्रिया करने की कोशिश कर रही है, हजारों रूसी सर्विसमैन, टैंक और हेलीकॉप्टर के पच्चीस इसका विरोध कर रहे हैं, "विज्ञान कथा लेखक, क्षमा, पत्रकार, आरआईए नोवोस्ती उद्धरण। वैसे, इस "ड्राफ्ट" के अनुसार, प्रोग्रामिंग और हैकिंग के एक विशालकाय एडवर्ड स्नोडेन लगभग रूसी सेना का नेतृत्व करते हैं । यह स्नोडेन की प्रतिभा है जो मॉस्को को नाटो जासूसी उपग्रहों के नियंत्रण में ले जाएगी। उस समय फ्रांस और जर्मनी रूस के साथ एकजुटता में होंगे। और यहां तक कि नाटो शिखर सम्मेलन "एस्टोनिया में घटनाओं" को एक हमले के रूप में पहचानने से इनकार करता है, क्योंकि जर्मन प्रतिनिधि, "स्टीन के पचहत्तर वर्षीय पूर्व अधिकारी" रूस का पक्ष लेंगे। और बस यह कहने की कोशिश करें कि यह पुतिन की चालाक योजना नहीं है! हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः कर सकते हैं, हम कर सकते हैं। सामान्य तौर पर, मैं मानता हूं कि जब हमारी पनडुब्बियां पानी के नीचे केबल काटती हैं और तेल प्लेटफार्मों पर हमला करती हैं। वह रोटी नहीं खिलाता। नरवा, क्यों? वे ठीक कैसे तैरते हैं। सुवालकी "कॉरिडोर" ब्लॉक करना बहुत आसान है, और पूरा बाल्टिक आपकी जेब में है। और वहाँ एक बटालियन या दो shtatovskihs होगा - क्या यह चोट लगने वाली है? क्या वे सुपरमैन, बैटमैन और वूल्वरिन का मिश्रण हैं? चूर्ण रंबो? वे कैसे थक गए, सपने देखने वाले। वे कैसे थक गए, सपने देखने वाले। "परिणाम" के पिछले एपिसोड में उल्लिखित पूर्व सैन्य रैंकों को "नीले पुरुषों" का जवाब देना था, जो कि रूसी हैं। उत्तर "संकर" होगा। रॉयल यूनाइटेड इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज की रिपोर्ट, जो एडमिरल स्ट्राविडिस और जनरल ब्रिजल्व द्वारा प्रायोजित है, का कहना है कि रूस को समुद्र में "हाइब्रिड" बगावत दी जानी चाहिए। हालांकि, विवरण ब्रिजवॉव जनता से छिप गया। मुझे क्रेमलिन की एक हैकर प्रतिक्रिया के व्हाइट हाउस द्वारा घोषणा "बड़े रहस्य के तहत याद है। " हम गुप्त रूप से हमला करेंगे, एक्सएनयूएमएक्स में एक उपाध्यक्ष का संकेत दिया, लेकिन कैसे, चलो नहीं। पश्चिमी संकर प्रतिक्रिया का अर्थ शायद प्रेस में विशेष प्रचार है। एक उदाहरण स्वयं प्रकाशन है, जिसके तहत स्ट्राविडिस और ब्रिजल के नाम हैं। एक और अधिक ठोस जवाब भी हैः मुद्रा के साथ एमआईसी डीलरों की जेब भरना। सीधे शब्दों में, सैन्य बजट के भविष्य को "काट"। पूरे ग्रह के मालिक श्री ट्रम्प ने बार-बार अपनी विशेष मातृभूमि के सैन्य बजट में आसन्न वृद्धि के बारे में बात की है। यूरोपीय ट्रम्प भी आपको बाहर कांटा करने के लिए मजबूर करते हैं। इसलिए, स्ट्राविडिस और के का पाठ खरोंच से प्रकट नहीं हुआ। और रणनीति वास्तव में संकर हैः अखबार-बजट। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः सबसे पहले, क्या लेखक पुतिन के सैन्य krakens के बारे में गुप्त जानकारी विभाजित कर रहा था? वे सेवा में केवल तीन पाँच शून्य शून्य शून्य शून्य शून्य शून्य शून्य शून्य व्यक्ति हैं! दूसरे, हम प्रत्येक टग के लिए एक दर्जन "कैलीब्रोव" माउंट करेंगे। इसलिए उन्हें डरने दोः हम शांत रहेंगे! दोस्तों, यह वह नहीं है जो हम मजबूत हो गए हैं, आप कमजोर हो रहे हैं। हमने नब्बे-x के साथ आराम किया और उस क्षण को याद किया जब यह एक और शीत युद्ध का समय था। "नाटो के विश्लेषकों ने महासागरों पर नियंत्रण खोने के जोखिम के गठजोड़ की चेतावनी दी है। " लेकिन वास्तव में "विश्व महासागर" क्या है, आप जल्द ही आकाशगंगा का नियंत्रण खो देंगे। सिर अपने "महत्व" पर कताई नहीं कर रहा है? कई बोनापार्ट ठीक हो गए हैं, और आपकी बारी आएगी। लेकिन वास्तव में "विश्व महासागर" क्या है, आप जल्द ही आकाशगंगा का नियंत्रण खो देंगे। सिर अपने "महत्व" पर कताई नहीं कर रहा है? कई बोनापार्ट ठीक हो गए हैं, और आपकी बारी आएगी। पेंटागन की सूचना संरचनाओं में काम करने वाला मिलिट्री टाइम्स का अमेरिकी संस्करण, अमेरिकी सेना के प्रतिनिधियों द्वारा बयान प्रकाशित करता है कि चीनी सेना ने कथित रूप से अफगान सीमा पार की और अफगानिस्तान में भूमि संचालन में भाग लिया। यदि आप अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के आरोपों पर विश्वास करते हैं, तो पीएलए लड़ाके अफगान सेना के लड़ाकों के साथ मिलकर उत्तरपूर्वी अफगानिस्तान में अवैध सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। ऑपरेशन, प्रकाशन के अनुसार, अफगान-चीनी सीमा के एक्सएनयूएमएक्स-किलोमीटर किलोमीटर के साथ आयोजित किया जाता है। यदि यह सच है, तो हाल के इतिहास में चीन के बाहर युद्ध संचालन में पीएलए की यह पहली भागीदारी है। दूसरी ओर, चीन और अफगानिस्तान के अधिकारी इस आंकड़े की पुष्टि नहीं करते हैं कि चीनी सैनिक अफगान क्षेत्र में सैन्य अभियान चला रहे हैं। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः क्लासिक अमेरिकी सबूत के साथ समाचार। लेकिन आखिरकार, वे अच्छी तरह से अपनी सीमा पर एक सुरक्षा बेल्ट बनाना शुरू कर सकते हैं, खासकर जब से चीन अफगान समझौता की राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की कोशिश कर रहा है। उइगर और उनके साथ अपरिहार्य अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद चीन की एकता के लिए एक गंभीर खतरा है, और चीन के लिए एक आकर्षक मंच है जहां आप संयुक्त राज्य को दबा सकते हैं और अफगानिस्तान पर अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं, और फिर बुध। एशिया। वैसे, चुनाव के बाद, वर्तमान अफगान राष्ट्रपति ने बीजिंग की अपनी पहली यात्रा की। चीनी हमारे अनुभव को अपनाते हैं। सेनाएं हैं, हर कोई इसके बारे में बात करता है, लेकिन कोई भी इसे साबित नहीं कर सकता है। हमें इंतजार करना चाहिएः क्या प्रभाव ध्यान देने योग्य होगा? फरवरी के अंत में, डोनबास में पोरोशेंको का बड़ा युद्ध नहीं हुआ। सब कुछ सीमांकन की रेखा पर ग्रे क्षेत्र में यूक्रेन के सशस्त्र बलों के "रेंगने वाले आक्रामक" तक सीमित था, जिसे एवीडीव्का, ऑब्जर्वर वी। कामेनेव नोटों के तहत डीएनआर तोपखाने जवाबी हमले के साथ ताज पहनाया गया था। राजनीतिक विश्लेषक रोस्तस्लाव इस्तेंको के अनुसार, डोनबैस में एक नए युद्ध की जीत, पोरोशेंको को वर्खोव्ना राडा के फिर से चुनाव को ब्लॉक करने की अनुमति देगा, जिसमें राष्ट्रपति गठबंधन अलग हो रहा हैः एक युद्धरत देश में, कोई चुनाव संभव नहीं है, और सबसे महत्वपूर्ण बात, मिन्स्क समझौतों को पटरी से उतारना। आज, "मिन्स्क" के कार्यान्वयन, अर्थात्, चुनावी कानून और डॉनबास की विशेष स्थिति पर कानून को अपनाना, कीव में एजेंडे पर रखा जाना चाहिए। इस बीच, यूरोपीय संघ लंबे समय से प्रस्तावित वीजा मुक्त यात्रा के साथ टायर खींच रहा है, और कीव में, एक एकजुट यूरोप के झंडे पहले से ही फाड़े जा रहे हैं। तार्किक परिणामः कीव में राजनीतिक संकट की तीव्रता। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः "यूरोप बांदेरा में डूब गया है। " Vlyapalas, और कैसे। उसके लिए, यह सब चारों ओर आता है और सौ गुना रिटर्न देता है। तीन साल तक, उन्होंने इस उम्मीद में एक छेद खोदा कि रूस इसमें गिर जाएगा, और ऐसा लगता है, उन्होंने खुद के लिए खोदा। "पॉकेट पावर" के बारे में . . . और जब एंग्लो-सैक्सन्स से और क्या उम्मीद की जाती है, जब यह सभी तरफ से जलता है? Vlyapalas, और कैसे। उसके लिए, यह सब चारों ओर आता है और सौ गुना रिटर्न देता है। तीन साल तक, उन्होंने इस उम्मीद में एक छेद खोदा कि रूस इसमें गिर जाएगा, और ऐसा लगता है, उन्होंने खुद के लिए खोदा। "पॉकेट पावर" के बारे में . . . और जब एंग्लो-सैक्सन्स से और क्या उम्मीद की जाती है, जब यह सभी तरफ से जलता है? केवल दो ज्वालामुखियों के साथ उनकी बदबूदार छोटी-छोटी आइलेट की यह शक्ति ग्रह को मिटा सकती है, और आसन्न सैक्सॉन केवल इंतजार कर सकते हैं और बदबू आ सकती है। यूरोप और अमेरिका ने यूक्रेन में एक नए तरह के लोकतंत्र का उत्पादन किया। जहां केवल वैधता की घोषणा की गई है, जहां सभी नियम पौराणिक गैर-वीजा पर आधारित हैं और केवल पुतिन दोषी हैं। इसी समय, यूरोप में ही कानूनों से विचलन है, जहां प्रवासियों को स्थानीय आबादी से अधिक प्राप्त होता है। दुनिया फिर से एक विश्व क्रांति की कगार पर है। दुनिया फिर से एक विश्व क्रांति की कगार पर है। मार्च बीस अमेरिकी कांग्रेस "रूसी कारण" पर एक सार्वजनिक बैठक आयोजित करेगा। यह इंटेलिजेंस डेविन न्यून्स पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा समिति के अध्यक्ष द्वारा प्रेस को बताया गया था। कार्यकर्ता पिछले नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनावों में "मास्को के हस्तक्षेप" के परीक्षण पर जोर देते हैं। कांग्रेस की जांच का कारण अमेरिकी खुफिया समुदाय का पिछला "फैसला" है, जिसने निष्कर्ष निकाला है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया और तत्कालीन राष्ट्रपति हिलेरी क्लिंटन को नुकसान पहुंचाया, जो अंततः वरीयताओं का अनुवाद करता है। डोनाल्ड ट्रम्प को मतदाता। " वैसे, राष्ट्रपति ट्रम्प शायद ही अनुपस्थित में इस तरह के परीक्षण पर आपत्ति करेंगे। दूसरे दिन, उन्होंने ट्वीट किया कि रूस ने आठ वर्षों तक ओबामा पर "दबाया" था, इस बीच, सैन्य शक्ति का निर्माण किया। उन्होंने क्रीमिया के प्रायद्वीप का भी उल्लेख किया। वॉइस ऑफ़ अमेरिका पर ट्वीट का भावः "आठ साल के लिए, रूस ने राष्ट्रपति ओबामा को पीछे छोड़ दिया, मजबूत और मजबूत हो गया, क्रीमिया को पकड़ लिया और मिसाइलों को जोड़ा। " जाहिर है, श्री ट्रम्प अब रूस को "हरा" करने का इरादा रखते हैं, अर्थात, ओबामा की तुलना में मॉस्को के प्रति बहुत कठिन नीति को आगे बढ़ाने के लिए। इस प्रकार, एक नया रूसी-विरोधी अभियान शुरू किया गया है। इस बार, अमेरिका रूस पर एक ही राजनीतिक मोर्चे से हमला कर रहा हैः कांग्रेसियों का भारी बहुमत, साथ ही राष्ट्रपति और उनका प्रशासन। हमारे पाठकों की टिप्पणियाँः पूरी दुनिया पागल है . . . जाहिर है, सभ्यता का विकास, सामान्य गिरावट, एक और मृत अंत। पृथ्वी, यह साफ करने और शुरू करने का समय है। खैर, आप कैसे चेटस्की के एकालाप को याद नहीं कर सकते हैंः एक निः शुल्क जीवन के लिए उनकी शत्रुता विसंगति है, ओकाकोवस्की और Crimea की विजय; हमेशा लड़ने के लिए तैयार, वे सभी एक ही गीत गाते हैं, खुद का ध्यान नहींः एक निः शुल्क जीवन के लिए उनकी शत्रुता विसंगति है, ओकाकोवस्की और Crimea की विजय; हमेशा लड़ने के लिए तैयार, वे सभी एक ही गीत गाते हैं, खुद का ध्यान नहींः क्या आपने सिर्फ नोटिस किया? पश्चिमी दुनिया लंबे समय से पागल हो गई है। इसलिए उसे खुद को स्पष्ट करने दें। शुद्धिकरण, पश्चिम में, एक कुल युद्ध है जिसमें हमारी सभ्यता को नष्ट होना चाहिए, और जो बच जाएगा, वे उनके गुलाम बन जाएंगे। तो उन्हें हमारे बिना खुद को नष्ट करने दें। हमारे बिना - और हमें न्याय। विशुद्ध रूप से मेरिकैटोसोवस्की। परिणाम काफी अपेक्षित है। * "काम करना मुश्किल हो गया। कई बेवकूफों को सही शब्द कहते हुए, "- फिल्म" सेवेनटीन मोमेंट्स ऑफ़ स्प्रिंग "का एक वाक्यांश।
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- आपके आधार कार्ड का स्टेटस क्या है, इसे जानने के लिए आपको सबसे पहले यूआईडीआई की आधिकारिक वेबसाइट www. uidai. gov. in पर जाना है।
- अब यहां आपको चेक योर आधार एंड बैंक अकाउंट लिंकिंग स्टेटस वाले विकल्प पर क्लिक करना है।
- अब आपको अपना आधार कार्ड का नंबर और सिक्योरिटी कोड डालकर इसे सब्मिट करना है।
- इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी आएगा। फिर आपको लॉगिन पर क्लिक करना है, जिसके बाद आपको पता चल जाएगा कि आपका आधार कार्ड किन-किन बैंक खातों से लिंक है या नहीं।
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- आपके आधार कार्ड का स्टेटस क्या है, इसे जानने के लिए आपको सबसे पहले यूआईडीआई की आधिकारिक वेबसाइट www. uidai. gov. in पर जाना है। - अब यहां आपको चेक योर आधार एंड बैंक अकाउंट लिंकिंग स्टेटस वाले विकल्प पर क्लिक करना है। - अब आपको अपना आधार कार्ड का नंबर और सिक्योरिटी कोड डालकर इसे सब्मिट करना है। - इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी आएगा। फिर आपको लॉगिन पर क्लिक करना है, जिसके बाद आपको पता चल जाएगा कि आपका आधार कार्ड किन-किन बैंक खातों से लिंक है या नहीं।
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भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी समकक्षी ने नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान चीन ने भारत को आश्वस्त किया कि भविष्य में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरंगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की जानकारी पर विचार करेंगे।
भारत ने कहा कि उसकी सरजमीं को चीन के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जायेगा। बीजिंग ने साल 2016 में दलाई लामा के अरुणाचल दौरे का विरोध किया था। तीन राष्ट्रों की सेना के मध्य दो महीने तक तनातनी चली थी।
भारत ने चीन से अनुरोध किया था कि संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में विटो का इस्तेमाल न करे। हालांकि चीन ने भारत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। चीनी मंत्री ने वादा किया कि यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम के अध्यक्ष परवेश बरुहा पर कार्रवाई करेगा। परवेश चीन से हथियारों और ड्रग की तस्करी भारत के उत्तरी पूर्व इलाके में करते हैं।
चीन अरुणाचल प्रदेश को एक विवादित इलाका मानते हैं चीनी तिब्बत के प्रदर्शन नेता दलाई लामा को अलगाववादी मानता है। चीन के मुताबिक तिब्बत के नागरिक यहाँ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं।
अधिकारिक सूचना के मुताबिक चीन अरुणाचल प्रदेश के कथित विवादित मुद्दें उठाना चाहता था। चीनी के प्रतिनिधि समूह ने कहा कि भारतीय इलाके से कोई चीनी सैन्य गतिविधियाँ नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि भारत में उइगर मुस्लिम चरमपंथियों के प्रदर्शन का कोई सबूत मौजूद नहीं है।
भारत और चीन ने 22 अक्टूबर को आतंक रोधी अभियान और अन्य विभागों के क्षेत्र में साझा सहयोग पर दस्तखत किये थे। भारत को चीन के मध्य इससे पूर्व साल 2005 में समझौते पर हस्ताक्षार किये था, हालांकि वो समझौता दो वर्ष टूट गया था।
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भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी समकक्षी ने नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान चीन ने भारत को आश्वस्त किया कि भविष्य में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरंगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की जानकारी पर विचार करेंगे। भारत ने कहा कि उसकी सरजमीं को चीन के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जायेगा। बीजिंग ने साल दो हज़ार सोलह में दलाई लामा के अरुणाचल दौरे का विरोध किया था। तीन राष्ट्रों की सेना के मध्य दो महीने तक तनातनी चली थी। भारत ने चीन से अनुरोध किया था कि संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में विटो का इस्तेमाल न करे। हालांकि चीन ने भारत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। चीनी मंत्री ने वादा किया कि यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम के अध्यक्ष परवेश बरुहा पर कार्रवाई करेगा। परवेश चीन से हथियारों और ड्रग की तस्करी भारत के उत्तरी पूर्व इलाके में करते हैं। चीन अरुणाचल प्रदेश को एक विवादित इलाका मानते हैं चीनी तिब्बत के प्रदर्शन नेता दलाई लामा को अलगाववादी मानता है। चीन के मुताबिक तिब्बत के नागरिक यहाँ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। अधिकारिक सूचना के मुताबिक चीन अरुणाचल प्रदेश के कथित विवादित मुद्दें उठाना चाहता था। चीनी के प्रतिनिधि समूह ने कहा कि भारतीय इलाके से कोई चीनी सैन्य गतिविधियाँ नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि भारत में उइगर मुस्लिम चरमपंथियों के प्रदर्शन का कोई सबूत मौजूद नहीं है। भारत और चीन ने बाईस अक्टूबर को आतंक रोधी अभियान और अन्य विभागों के क्षेत्र में साझा सहयोग पर दस्तखत किये थे। भारत को चीन के मध्य इससे पूर्व साल दो हज़ार पाँच में समझौते पर हस्ताक्षार किये था, हालांकि वो समझौता दो वर्ष टूट गया था।
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Mira Rajput Video: बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत अपने लुक्स और फैशन सेंस के चलते हमेशा चर्चा में रहती हैं. इसी बीच मीरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
Mira Rajput Video: बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर के साथ-साथ अब उनकी पत्नी मीरा राजपूत भी आए दिन लाइमलाइट में बनी रहती हैं. हालांकि पहले माना जा रहा था कि मीरा राजपूत भी अपना बॉलीवुड डेब्यू करने के लिए तैयार हैं. लेकिन फिल्मों में तो नहीं लेकिन मीरा राजपूत कई एड्स में नजर आ चुकी हैं. शाहिद की वाइफ इस इंडस्ट्री से नहीं हैं लेकिन उन्होंने खुद को पूरी तरह से ग्लैमर वर्ल्ड के मुताबिक ढाल लिया है.
इसी बीच मीरा का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में शाहिद की पत्नी बेहद हसीन लग रही हैं. उन्होंने क्रीमी व्हाइट एंड ब्लैक कलर का खूबसूरत आउटफिट पहना हुआ है. मीरा राजपूत किसी भी बड़ी बॉलीवुड अदाकारा से कम नहीं है. वीडियो में मीरा वॉक करते हुए अपने घर के लिए रवाना होती हुई नजर आ रही हैं. लेकिन पैपराजी उनकी तस्वीर लेने के लिए उनके साथ-साथ चल रहा है. जिसे देखते हुए मीरा उनसे गुजारिश करती हैं.
मीरा राजपूत पैपराजी से कहती हैं कि मेरे बच्चे कल सुबह स्कूल जाएंगे. आप लोग मुझे घर जाने दीजिए. एक तरफ जहां यूजर्स को मीरा राजपूत का डिसिप्लिन काफी पसंद आ रहा है, वहीं कुछ यूजर्स का ये भी कहना है कि बच्चों की छुट्टियां हैं. बता दें, मीरा और शाहिद कपूर साल 2015 में शादी के बंधन में बंधे थे. इस जोड़ी की ये अरेंज्ड मैरिज थी. इस कपल के दो बच्चे हैं - बेटी मीशा कपूर और बेटा ज़ैन कपूर.
पिछले साल शाहिद और मीरा मुंबई के वर्ली में अपने आलीशान डुप्लेक्स अपार्टमेंट में शिफ्ट हुए हैं. शाहिद और मीरा अक्सर शादी से पहले अपनी पहली मुलाकात को लेकर बात करते हुए नजर आते हैं. शाहिद मीरा के साथ अपनी हर बात शेयर करते हैं. मीरा और शाहिद फैंस की फेवरेट जोड़ी में से एक है. वहीं अब फैंस को मीरा के डेब्यू का इंतजार है. देखना दिलचस्प होगा कि पर्दे पर मीरा लोगों का दिल जीत पाती हैं या नहीं.
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Mira Rajput Video: बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत अपने लुक्स और फैशन सेंस के चलते हमेशा चर्चा में रहती हैं. इसी बीच मीरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. Mira Rajput Video: बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर के साथ-साथ अब उनकी पत्नी मीरा राजपूत भी आए दिन लाइमलाइट में बनी रहती हैं. हालांकि पहले माना जा रहा था कि मीरा राजपूत भी अपना बॉलीवुड डेब्यू करने के लिए तैयार हैं. लेकिन फिल्मों में तो नहीं लेकिन मीरा राजपूत कई एड्स में नजर आ चुकी हैं. शाहिद की वाइफ इस इंडस्ट्री से नहीं हैं लेकिन उन्होंने खुद को पूरी तरह से ग्लैमर वर्ल्ड के मुताबिक ढाल लिया है. इसी बीच मीरा का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में शाहिद की पत्नी बेहद हसीन लग रही हैं. उन्होंने क्रीमी व्हाइट एंड ब्लैक कलर का खूबसूरत आउटफिट पहना हुआ है. मीरा राजपूत किसी भी बड़ी बॉलीवुड अदाकारा से कम नहीं है. वीडियो में मीरा वॉक करते हुए अपने घर के लिए रवाना होती हुई नजर आ रही हैं. लेकिन पैपराजी उनकी तस्वीर लेने के लिए उनके साथ-साथ चल रहा है. जिसे देखते हुए मीरा उनसे गुजारिश करती हैं. मीरा राजपूत पैपराजी से कहती हैं कि मेरे बच्चे कल सुबह स्कूल जाएंगे. आप लोग मुझे घर जाने दीजिए. एक तरफ जहां यूजर्स को मीरा राजपूत का डिसिप्लिन काफी पसंद आ रहा है, वहीं कुछ यूजर्स का ये भी कहना है कि बच्चों की छुट्टियां हैं. बता दें, मीरा और शाहिद कपूर साल दो हज़ार पंद्रह में शादी के बंधन में बंधे थे. इस जोड़ी की ये अरेंज्ड मैरिज थी. इस कपल के दो बच्चे हैं - बेटी मीशा कपूर और बेटा ज़ैन कपूर. पिछले साल शाहिद और मीरा मुंबई के वर्ली में अपने आलीशान डुप्लेक्स अपार्टमेंट में शिफ्ट हुए हैं. शाहिद और मीरा अक्सर शादी से पहले अपनी पहली मुलाकात को लेकर बात करते हुए नजर आते हैं. शाहिद मीरा के साथ अपनी हर बात शेयर करते हैं. मीरा और शाहिद फैंस की फेवरेट जोड़ी में से एक है. वहीं अब फैंस को मीरा के डेब्यू का इंतजार है. देखना दिलचस्प होगा कि पर्दे पर मीरा लोगों का दिल जीत पाती हैं या नहीं.
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दिल्ली चुनाव का फैसला तो 11 फरवरी को आएगा लेकिन उससे पहले जमकर चुनाव प्रचार हो रहा है। इस वक्त राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर जमकर बरस रही हैं। आज एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसते हुए कहा कि, दिल्ली में ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो CAA, अनुच्छेद 370 जैसे, राष्ट्रीय सुरक्षा के तमाम फैसलों पर देश का साथ दे। अपनी राजनीति के लिए, तुष्टिकरण के लिए, लोगों को भड़काने वाले लोग क्या दिल्ली का भला कर सकेंगे?
ये लोग बाटला हाउस के आतंकियों के लिए रो सकते हैं, उनका साथ देने के लिए सुरक्षाबलों को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं लेकिन दिल्ली का विकास नहीं कर सकते। नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद देश और दिल्ली के लोग पहले दिन से देख रहे हैं कि कैसे इन लोगों द्वारा अफवाहें फैलाई जा रही हैं, झूठ बोला जा रहा है। दिल्ली की जनता सब कुछ देख रही है, सब कुछ समझ रही है।
सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसे फैसलों के बाद इस तरह के बयान आए, उस समय यहां की सरकार में बैठे लोगों ने कैसे बयान दिए थे, वो आपको याद है न। उसके विरूद्ध हर दिल्लीवासी गुस्सा है न, उनको सजा मिलनी चाहिए या नहीं और ये काम आप सभी को 8 फरवरी को करना है।
दिल्ली की 1,700 से अधिक अवैध कॉलोनियों में 40 लाख लोगों को घरों के अधिकार का विषय दिल्ली कैसे भूल सकता है? यहां जो शासन में हैं, वो तो इस कोशिश में थे कि किसी तरह और एक दो साल के लिए ये मामला टाल दिया जाए।
इस चुनाव में एक ओर शाहीन बाग का समर्थन करने वाली राहुल गांधी, केजरीवाल एंड कंपनी की टोली है। दूसरी ओर नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में काम करने वाली देशभक्तों की टोली है।
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दिल्ली चुनाव का फैसला तो ग्यारह फरवरी को आएगा लेकिन उससे पहले जमकर चुनाव प्रचार हो रहा है। इस वक्त राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर जमकर बरस रही हैं। आज एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसते हुए कहा कि, दिल्ली में ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो CAA, अनुच्छेद तीन सौ सत्तर जैसे, राष्ट्रीय सुरक्षा के तमाम फैसलों पर देश का साथ दे। अपनी राजनीति के लिए, तुष्टिकरण के लिए, लोगों को भड़काने वाले लोग क्या दिल्ली का भला कर सकेंगे? ये लोग बाटला हाउस के आतंकियों के लिए रो सकते हैं, उनका साथ देने के लिए सुरक्षाबलों को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं लेकिन दिल्ली का विकास नहीं कर सकते। नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद देश और दिल्ली के लोग पहले दिन से देख रहे हैं कि कैसे इन लोगों द्वारा अफवाहें फैलाई जा रही हैं, झूठ बोला जा रहा है। दिल्ली की जनता सब कुछ देख रही है, सब कुछ समझ रही है। सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसे फैसलों के बाद इस तरह के बयान आए, उस समय यहां की सरकार में बैठे लोगों ने कैसे बयान दिए थे, वो आपको याद है न। उसके विरूद्ध हर दिल्लीवासी गुस्सा है न, उनको सजा मिलनी चाहिए या नहीं और ये काम आप सभी को आठ फरवरी को करना है। दिल्ली की एक,सात सौ से अधिक अवैध कॉलोनियों में चालीस लाख लोगों को घरों के अधिकार का विषय दिल्ली कैसे भूल सकता है? यहां जो शासन में हैं, वो तो इस कोशिश में थे कि किसी तरह और एक दो साल के लिए ये मामला टाल दिया जाए। इस चुनाव में एक ओर शाहीन बाग का समर्थन करने वाली राहुल गांधी, केजरीवाल एंड कंपनी की टोली है। दूसरी ओर नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में काम करने वाली देशभक्तों की टोली है।
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बैजनाथ-प्रदेश के एकमात्र राजीव गांधी आयुर्वेद स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला के पोस्ट ग्रेजुएट छात्र अपनी लंबे समय से चली आ रही स्टाइपंड को बढ़ाने की मांग की अनदेखी के चलते अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए है। यह प्रशिक्षु डाक्टर अपने स्टाइपंड मे बढ़ोतरी को लेकर पिछले एक महीने से काली पट्टी बांध कर हड़ताल कर रहे थे। मगर सरकार की पूर्ण रूप से अनदेखी के चलते व अपनी मांग को पूरा होता न देखकर अब इन प्रशिक्षु डाक्टरों ने संघर्ष करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अब निर्णय भी ले लिया कि हड़ताल के दौरान न तो वे विभाग में किसी भी मरीज को देखेंगे ओर न ही रात को एमर्जेंसी ड्यूटी करेंगे। ऐसे में साफ जाहिर है कि इस हड़ताल के कारण पपरोला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती है। ध्यान देने वाली बात है कि पपरोला महाविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों को पहले साल 12000 रुपए का स्टाइपंड मिलता है, जबकि दूसरे साल यह 13000 रुपए जबकि तीसरे साल 15000 रुपए महीना मिलता है। इनका कहना है कि पूरे भारत मे जितने भी आयुवर्ेेदिक संस्थान है यह स्टाइपंड सबसे कम है जबकि कई अन्य संस्थानों में यह 50000 रुपए से भी ऊपर है। छात्रों का कहना है कि इतने कम स्टाइपंड में उनका गुजारा होना बहुत मुश्किल है। अपनी मांगों को लेकर वह निदेशक आयुर्वेद और आयुर्वेद मंत्री से भी गुहार लगा चुके है, लेकिन बात बनती न देख कर उन्हें यह रास्ता अख्तियार करना पड़ा है। इस समय आयुर्वेद अस्पताल पपरोला में एमर्जेंसी से लेकर अन्य कार्य इन्हीं पीजी प्रशिक्षुओं के हाथ में है। अगर यह हड़ताल लंबी चलती है, तो अस्पताल का कार्य भी प्रभावित हो सकता है। इस बारे में महाविद्यालय के प्राचार्य नरेश शर्मा ने बताया कि सभी छात्रों ने स्टाइपंड बढ़ोतरी के बारे में कालेज प्रशाशन को लिखित में दिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है वे सेवाओ का बहिष्कार करेंगे। छात्रों की स्टाइपंड बढ़ाने की मांग विभाग ओर सरकार तक भेजी गई है।
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बैजनाथ-प्रदेश के एकमात्र राजीव गांधी आयुर्वेद स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला के पोस्ट ग्रेजुएट छात्र अपनी लंबे समय से चली आ रही स्टाइपंड को बढ़ाने की मांग की अनदेखी के चलते अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए है। यह प्रशिक्षु डाक्टर अपने स्टाइपंड मे बढ़ोतरी को लेकर पिछले एक महीने से काली पट्टी बांध कर हड़ताल कर रहे थे। मगर सरकार की पूर्ण रूप से अनदेखी के चलते व अपनी मांग को पूरा होता न देखकर अब इन प्रशिक्षु डाक्टरों ने संघर्ष करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अब निर्णय भी ले लिया कि हड़ताल के दौरान न तो वे विभाग में किसी भी मरीज को देखेंगे ओर न ही रात को एमर्जेंसी ड्यूटी करेंगे। ऐसे में साफ जाहिर है कि इस हड़ताल के कारण पपरोला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती है। ध्यान देने वाली बात है कि पपरोला महाविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों को पहले साल बारह हज़ार रुपयापए का स्टाइपंड मिलता है, जबकि दूसरे साल यह तेरह हज़ार रुपयापए जबकि तीसरे साल पंद्रह हज़ार रुपयापए महीना मिलता है। इनका कहना है कि पूरे भारत मे जितने भी आयुवर्ेेदिक संस्थान है यह स्टाइपंड सबसे कम है जबकि कई अन्य संस्थानों में यह पचास हज़ार रुपयापए से भी ऊपर है। छात्रों का कहना है कि इतने कम स्टाइपंड में उनका गुजारा होना बहुत मुश्किल है। अपनी मांगों को लेकर वह निदेशक आयुर्वेद और आयुर्वेद मंत्री से भी गुहार लगा चुके है, लेकिन बात बनती न देख कर उन्हें यह रास्ता अख्तियार करना पड़ा है। इस समय आयुर्वेद अस्पताल पपरोला में एमर्जेंसी से लेकर अन्य कार्य इन्हीं पीजी प्रशिक्षुओं के हाथ में है। अगर यह हड़ताल लंबी चलती है, तो अस्पताल का कार्य भी प्रभावित हो सकता है। इस बारे में महाविद्यालय के प्राचार्य नरेश शर्मा ने बताया कि सभी छात्रों ने स्टाइपंड बढ़ोतरी के बारे में कालेज प्रशाशन को लिखित में दिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है वे सेवाओ का बहिष्कार करेंगे। छात्रों की स्टाइपंड बढ़ाने की मांग विभाग ओर सरकार तक भेजी गई है।
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Shani Dev: न्याय के देवता शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए उनकी कृपा प्राप्ति के लिए आज हम आपका ऐसे अचूक टोटके बताएंगे। यह टोटके करने के बाद शनि देव की कृपा से सालभर आपके पास धन की कमी नहीं होगी। आपके हाथ में पैसा ही पैसा बना रहेगा। चलिए बिना देर किए हम आपको बताने जा रहे हैं शनि देव को प्रसन्न करने वाले अचूक टोटके जो आपको बनाएंगे धनवान। ये टोटका तभी सफल होता है जब शनिदेव प्रसन्न होते हैं तो ध्यान रखें आपके द्वारा ऐसा कोई कार्य न किया जाए जो शनिदेव को क्रोधित करे। ज्योतिष शास्त्र में शनि के शुभ प्रभावों को उसके अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए कई उपायों के बारे में बताए गए हैं। आइए जानते हैं वो खास उपाय जो चंद दिनों में शनि देव को खुश करके आपको धनवान बना सकते हैं।
- शनिवार के दिन ओम शं शनिश्र्चराय नमः मंत्र का जाप करें।
- शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी होता है. ऐसा करने से शनि के के अशुभ प्रभावों में कमी आती है।
-शनिवार को मांस, मछली व नशीली चीजों का सेवन बिलकुल न करें।
- प्रत्येक शनिवार को कटोरी में तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देंखे और उसे दान दे दें।
- शनि देव की कृपा पाने के लिए शास्त्रों में कहा गया है कि काले कंबल का दान करें। कहते हैं कि शनिवार के दिन काले कंबल का दान करने से अशुभ से अशुभ शनि भी शुभ फल देने लगते हैं।
- शनिवार व मंगलवार के दिन क्रोध न करें और न ही किसी का अपमान करें।
- खाली पेट नाश्ते से पूर्व काली मिर्च चबाकर गुड़ या बताशे से खाएं।
-भोजन करते समय नमक कम होने पर काला नमक और मिर्च कम होने पर काली मिर्च का प्रयोग करें।
-प्रत्येक शनिवार को सोते समय शरीर व नाखूनों पर तेल लगाएं।
-शनिवार को गुड़ व चने से बनी वस्तुओं का भोग लगाएं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि के जातक शनि की साढ़े साती से गुजर रहे हैं। वहीं, मिथुन और तुला राशि के जातकों पर ढैय्या चल रही है। ऐसे में ये 5 राशि के जातकों शनिवार के दिन शनि देव की विशेष रूप से पूजा अर्चना करें। ऐसा माना जाता है कि किसी भी कमजोर व्यक्ति को सताने से शनि देव नाराज हो जाते हैं। कहा यह भी जाता है कि दूसरों के धन पर बुरी डालने वाले और उनका पैसा हड़पने वाले लोगों को शनि कभी माफ नहीं करते। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रकृति को हानि पहुंचाने वालों को भी शनि भारी दंड देते हैं। वहीं, अगर आप दूसरे लोगों को धोखा देते हैं, तो भी आपको शनि की कुदृष्टि का शिकार होना पड़ सकता है।
'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।
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Shani Dev: न्याय के देवता शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए उनकी कृपा प्राप्ति के लिए आज हम आपका ऐसे अचूक टोटके बताएंगे। यह टोटके करने के बाद शनि देव की कृपा से सालभर आपके पास धन की कमी नहीं होगी। आपके हाथ में पैसा ही पैसा बना रहेगा। चलिए बिना देर किए हम आपको बताने जा रहे हैं शनि देव को प्रसन्न करने वाले अचूक टोटके जो आपको बनाएंगे धनवान। ये टोटका तभी सफल होता है जब शनिदेव प्रसन्न होते हैं तो ध्यान रखें आपके द्वारा ऐसा कोई कार्य न किया जाए जो शनिदेव को क्रोधित करे। ज्योतिष शास्त्र में शनि के शुभ प्रभावों को उसके अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए कई उपायों के बारे में बताए गए हैं। आइए जानते हैं वो खास उपाय जो चंद दिनों में शनि देव को खुश करके आपको धनवान बना सकते हैं। - शनिवार के दिन ओम शं शनिश्र्चराय नमः मंत्र का जाप करें। - शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी होता है. ऐसा करने से शनि के के अशुभ प्रभावों में कमी आती है। -शनिवार को मांस, मछली व नशीली चीजों का सेवन बिलकुल न करें। - प्रत्येक शनिवार को कटोरी में तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देंखे और उसे दान दे दें। - शनि देव की कृपा पाने के लिए शास्त्रों में कहा गया है कि काले कंबल का दान करें। कहते हैं कि शनिवार के दिन काले कंबल का दान करने से अशुभ से अशुभ शनि भी शुभ फल देने लगते हैं। - शनिवार व मंगलवार के दिन क्रोध न करें और न ही किसी का अपमान करें। - खाली पेट नाश्ते से पूर्व काली मिर्च चबाकर गुड़ या बताशे से खाएं। -भोजन करते समय नमक कम होने पर काला नमक और मिर्च कम होने पर काली मिर्च का प्रयोग करें। -प्रत्येक शनिवार को सोते समय शरीर व नाखूनों पर तेल लगाएं। -शनिवार को गुड़ व चने से बनी वस्तुओं का भोग लगाएं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि के जातक शनि की साढ़े साती से गुजर रहे हैं। वहीं, मिथुन और तुला राशि के जातकों पर ढैय्या चल रही है। ऐसे में ये पाँच राशि के जातकों शनिवार के दिन शनि देव की विशेष रूप से पूजा अर्चना करें। ऐसा माना जाता है कि किसी भी कमजोर व्यक्ति को सताने से शनि देव नाराज हो जाते हैं। कहा यह भी जाता है कि दूसरों के धन पर बुरी डालने वाले और उनका पैसा हड़पने वाले लोगों को शनि कभी माफ नहीं करते। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रकृति को हानि पहुंचाने वालों को भी शनि भारी दंड देते हैं। वहीं, अगर आप दूसरे लोगों को धोखा देते हैं, तो भी आपको शनि की कुदृष्टि का शिकार होना पड़ सकता है। 'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।
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सरल की और उत्पाद के किनारे डिजाइन करने के लिए एक ही समय शानदार तरीका में एक crocheted किनारी या सीमा की मदद से एक सजावट है। सही ढंग से धागा चयनित और हुक एक समाप्त देखो और निटवेअर, और कपड़े कपड़े से देने के लिए अनुमति देगा।
यह के लिए एक अद्भुत सजावट बुना हुआ ओपेन वार्क रिम रूप में कार्य करता शॉल (हुक), योजनाओं को बनाने के लिए है कि पत्रिकाओं में प्रचुर मात्रा में हैं। परंपरागत रूप से एक ट्रिम आस्तीन और हेम कपड़े, तौलिए और नैपकिन, तौलिए और कंबल, कालीन और अन्य घरेलू सामान के साथ सजाया।
बुनना हेम और अधिक असाधारण रास्ता लागू करें। उदाहरण के लिए, यह चमड़े के उत्पादों के किनारे को सजाने, साथ ही फर्नीचर को सजाने। अपने आवेदन फीता किनारी और scrapbooking के रूप में इस तरह के रूप शिल्प पाता है।
मुख्य उत्पाद रिम के लिए, crocheted, जिसके लिए सर्किट बहुत ही विविध हैं, यह कई spoosbami द्वारा संलग्न किया जा सकता है।
- आमतौर पर, निटवेअर रिम एक हुक के साथ सीधे जुड़ा हुआ है। लूप्स उसके आधार के लिए मुख्य बातें कर रहे हैं और वह आधार वेब के एक निरंतरता के रूप में लंबाई जोड़ें। इस प्रकार, उदाहरण के लिए, शॉल रिम हुक के लिए किया जाता है। योजनाएं इस तरह खत्म शॉल सर्किट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन वे भी अलग से चुना जा सकता है।
- एक ही विधि, डिजाइन और किनारी कपड़े के निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता उदाहरण मिटा के लिए। इस मामले में, हुक छोटे आकार (संख्या 0. 3, 0. 5, या संख्या № 0,75) और ठीक धागा लिया जाता है, अधिमानतः ऊतक उत्पादों के लिए उपयुक्त एक रचना जो जारी करने के लिए आवश्यक है करने के लिए। हुक ऊतक में सीधे इंजेक्ट किया, और कैनवास अनुसूचित जाति के बिना, पदों के किनारे के आसपास लिपटे है। अगला फिट रिम हुक, जो सर्किट की तरह Needlewoman।
- लेकिन आप अन्य रास्ता तय कर सकते हैंः कपड़े किनारे obmetochnym टांका सुई है, जो vdevaetsya धागा, भविष्य में तैयार किया गया crochet प्रदर्शन करने के लिए लिपटा है। सीमा योजनाओं यादृच्छिक पर चुना जाता है। इस मामले में, सीवन टांके आधार होगा, लेकिन यह कैनवास बाँध होगा।
- पृथक फिट रिम हुक, सर्किट जो किसी विशेष उत्पाद के डिजाइन के लिए उपयुक्त है, और फिर एक सिलाई मशीन पर या हाथ से कपड़े ओवरलैप के साथ ही सिल हैः निम्न विधि सरल हो रहा है। लेकिन इस विधि अधिक अभ्यास पहले में मुश्किल हो सकता है। तथ्य यह है crocheted सीमा कपड़े की तुलना में अधिक लोच है कि, इसलिए जब सिलाई थोड़ा बढ़ाया है, जिससे कि लेख के किनारे की लंबाई और सबसे रिम मेल नहीं खाते। आदेश में इस से बचने के लिए, यह नमूना सीमा लिंक और सही ढंग से बुनाई का घनत्व, टी। ई गिनती कितने छोरों 10cm उत्पाद के लिए है, तो आवश्यक गणना करने के लिए गणना करने के लिए सिफारिश की है।
साथ या भर में हैंः crochet योजना आप की तरह किनारा बुना हुआ, दो तरह से बनाया जा सकता है।
खैमाह भर में जुड़ा हुआ है, एक चक्र में प्रदर्शन या पंक्तियों को बढ़ाकर जब तक यह आवश्यक चौड़ाई तक पहुँच जाता है (यदि आप उसे पोशाक या कपड़े का आस्तीन टाई करना चाहते हैं)। इस तरह के एक खत्म का सबसे सरल रूप तथाकथित "rachy कदम है। " अनुसूचित जाति अनुसूचित जाति या अधिक के साथ nakida बिना सरल बाध्यकारी कॉलम भी इस रिम के लिए विचार किया जा सकता। इस तरह की डिजाइन विधि के साथ भी अभी शुरुआत needlewoman, केवल इस तरह के crochet के रूप में एक तकनीक स्वामी को संभालने के लिए। इस मामले में सीमा योजना की आवश्यकता नहीं है।
आप हेम बुनी और ब्लेड बांध के साथ कर सकते हैं। सीमा की चौड़ाई सर्किट सेट कर दिया जाता है, और लंबाई बुनाई के दौरान समायोजित किया जा सकता। "अनुमान" पहली नजर पार के आयाम की तुलना में आसान पर एक सीमा के लिए आवश्यक लंबाई, लेकिन नमूना लिंक और गणना बुनाई का घनत्व अभी भी चोट नहीं किया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए उत्पाद डिजाइन के साथ कि सीमा "अचानक" समाप्त नहीं है तालमेल के बीच है, जो प्रतिकूल तैयार उत्पाद की उपस्थिति को प्रभावित करेगा में आवश्यक है।
पूरी तरह से उत्पाद से संबंधित ओपेन वार्क crochet सीमा का पूरक है। आरेख और इन हस्तशिल्प के विवरण को खोजने के लिए आसान है। ऐसा लगता है कि इतना बहुत प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने। विशेष रूप से सुंदर जुड़े रिम हुक, "अनानास" festoons जो सर्किट "खोल" के विभिन्न प्रकार के एक पैटर्न शामिल हैं। इस तरह की एक सीमा "खोल" या अन्य मदों की एक संख्या से एक हो सकता है और काफी व्यापक हो सकता है - यह चयनित विकल्प पर निर्भर करता है।
सीधे शब्दों में अद्भुत हो सकता है के रूप में इसे दूसरे तरीके से संबंधित हो ओपेन वार्क crochet सीमा। इसके कार्यान्वयन के लिए योजना के रूप में सबसे सरल पाया, और केवल अनुभवी बुनाई करने की ऐसी है कि एक शक्ति।
वार्क सीमा एक ही पंक्ति या पंक्तियों की कुछ दसियों, जो विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब स्कर्ट, आस्तीन पर या पतलून पर झमेलें बुनाई शामिल हो सकते हैं। आदेश में विस्तृत रिम हुक योजना के कई स्तरों सबसे साधारण लिया करने के लिए कनेक्ट होने के लिए। आरेख के अनुसार पहली परत बुनाई, तो रिवर्स साइड पर इस के सिवा घने वेब dovyazyvayut, एक या दो अनुसूचित जाति के साथ स्तंभों की आम तौर पर मिलकरः अगली इस प्रकार आगे बढ़ें। आदेश धागा को बचाने के लिए और उत्पाद घने कपड़े सुविधाजनक बनाने के लिए अक्सर sirloin ग्रिड बदल दिया। तत्व की चौड़ाई ओपेन वार्क शटल की चौड़ाई से थोड़ा छोटा होता है। इसके बाद, यह अगले शटलकॉक पर लंबाई जोड़ें। आप वेतन वृद्धि के साथ कपड़े बुना, तो प्रत्येक अगले स्तर अधिक विलासी पिछले हो जाएगा।
कपड़ा, तौलिए, पर्देः पट्टिका तकनीक में किए गए बॉर्डर्स पारंपरिक रूप से सजाने वस्त्र उद्योग के लिए प्रयोग किया जाता है। लेकिन यह भी एक परिष्करण फीता एक पट्टिका आवेषण, जो स्वयं उत्पाद जारी साथ कपड़ों के लिए बहुत ही आकर्षक लग रहा है, विशेष रूप से संयोजन में।
Circuitry पैटर्न एक पट्टिका सीमा सेट बनाने के लिए। उनमें से कुछ विशेष रूप से बुनाई करने के लिए डिजाइन किए हैं। लेकिन यह देख सकते हैं और जुड़े पट्टिका crochet सीमा है, जहां योजना मूल रूप से कढ़ाई के लिए डिजाइन किया गया था, विशेष रूप से मोनोक्रोम करने के लिए अच्छा होगा।
टेप फीता का उपयोग अच्छी तरह से रोकने में एक अच्छा विचार लगता है के रूप में। यह प्रभावशाली लग रहा है, विशेष रूप से एक साधारण चिपचिपा या कपड़े के साथ संयोजन में। इसके अलावा, जब कपड़े डिजाइन जैविक, उदाहरण के लिए दिखाई देगा, टेप फीता के नीचे उत्पाद सजाया रिम, बेल्ट के साथ संयुक्त, उसी तकनीक के साथ बनाया।
Knit टेप फीता ओपेन वार्क के रूप में के रूप में आसान नहीं है, लेकिन यह एक सच में असामान्य और मूल रिम हुक पैदा करता है। आरेख और विवरण, साथ ही बुनाई फीता रिबन पर कार्यशालाओं आसानी से पाया जा सकता है।
यह आयरिश फीता के तत्वों का उपयोग करके एक खास जगह प्रतिबंध पर है। वे एक बुनाई तकनीक unseparated का उपयोग कर बुना हुआ है। लेकिन तुम, फूल और पत्तियों की एक सीमा, पारंपरिक "आयरलैंड" आकर्षित कर सकते हैं एक अनियमित ग्रिड या युग्मन साधनों के माध्यम से एक दूसरे के लिए उन्हें जोड़ने।
देखने के लिए फायदेमंद है, उदाहरण के, रसोई तौलिए या पर्दे के लिए, आयरिश फीता के किनारे तत्वों के साथ सजाया जाता है और कपड़े बुना हुआ तत्व है जो रोकने की शैली का खंडन नहीं करते पर सिले। इस तरह की योजनाओं के साथ बुना हुआ crochet सीमा जाहिर है, हो सकता है, लेकिन आप विशिष्ट विवरण, शो कल्पना बिना कर सकते हैं।
परंपरागत रूप से एक रंग फिट रिम। रंग बुनियादी उत्पाद के स्वर के साथ मेल खाना सकता है, और यह या इसके विपरीत के साथ संयुक्त - यह सब स्वाद और कल्पना एक बुनाई करने पर निर्भर करता है। लेकिन अलग अलग रंग का उपयोग एक सीमा बनाने के लिए के रूप में यह वर्जित नहीं है। इसके विपरीत, सादा सामान, बहुरंगी सीमा के साथ सजाया, हंसमुख और उज्ज्वल लग रहा है।
और, बेशक, शानदार बहुरंगी हाशिये देखो अगर needlewoman को सजाने के लिए उत्पाद न केवल एक सीमा, लेकिन यह भी, उदाहरण के लिए, बुना हुआ पिपली या मात्रा तत्वों, crocheted है का फैसला किया जाएगा। एक ही इन सजावट और रिम बनाने के लिए इस्तेमाल रंग, एक पूरी छवि बनाने, और तैयार बात को अधिक आकर्षक और दिलचस्प हो जाता है।
नीचे सीमा crochet के प्रदर्शन के कुछ सरल विवरण है।
यह एक सरल नाजुक सीमा, एक पंक्ति में जुड़ा हुआ है। यह कॉलम के होते हैं, अनुसूचित जाति के बिना polustolbikov और स्तंभों अनुसूचित जाति के साथ अनुसूचित जाति। polustolbik अनुसूचित जाति के साथ है, तो 3 स्तंभ एक अनुसूचित जाति के साथ बुनियादी बातों का एक ही पाश में, और फिर - - इस दोहन पूरा करने के लिए, चेहरे पर उत्पाद बारी में, अगले सेंट provyazyvayut कॉलम में एक हवा लिफ्ट पाश अनुसूचित जाति के बिना, तो अगले पाश प्रदर्शन फिर से polustoblik अनुसूचित जाति के साथ। अगले पाश फिर से अनुसूचित जाति के बिना स्तंभ provyazyvaetsya। इसके बाद, उसी क्रम में जारी है।
गोले के किनारे बुनाई का एक और तरीका है। यह खत्म 3 श्रृंखला के होते हैंः
- 2 श्रृंखलाः provyazyvayutsya बुनाई 5 बदल जाता है और हवा छोरों (3 छोरों और 2 हवा लिफ्ट पाश), तो पिछली पंक्ति की nakida हवा पाश बिना stoblik 4 और 1 से अधिक पिछली पंक्ति की nakida हवा पाश बिना स्तंभ 1, हवाई पाश फिट। एक नंबर provyazyvayutsya 2 हवा पाश के पूरा होने पर, पिछली पंक्ति के अंतिम पाश एक स्तंभ 1 अनुसूचित जाति के बिना किया जाता है।
- 3 रेंजः बुनाई provyazyvaetsya एयरबैग पाश 1 और स्तंभ 1 घुमाया अनुसूचित जाति के बिना। पिछली पंक्ति 4 हवा उसी तरह जैसा कि पिछले नमूना में किया गया था में खोल निष्पादित छोरों के कट्टर के लिए अगलाः स्तंभ, अनुसूचित जाति polustolbik अनुसूचित जाति के बिना, 3 स्तंभ के साथ साथ अनुसूचित जाति के साथ, अनुसूचित जाति polustolbik और स्तंभ अनुसूचित जाति के बिना। शंख provyazyvayutsya इस प्रकार पंक्ति के अंत तक। कई श्रृंखला 5 हवा छोरों की पंक्ति पूर्ववर्ती के तीसरे पाश में अनुसूचित जाति के बिना स्तंभ समाप्त होता है।
मूल रूप से हाशिये के किनारे लग रहा है। Knit यह भी कई तरीकों से किया जा सकता हैः
- स्तंभों की Provyazyvaetsya संख्या, अनुसूचित जाति के बिना। अगली श्रृंखला के रूप में निम्नानुसार किया जाता हैः 1 हवा पाश 1 बार बिना nakida जल्दी श्रृंखला तो तालमेल हो जाता है - पिछली पंक्ति के एक ही पाश पर बुनी अगले पाश provyazyvaetsya nakida बिना 1 बार, 15 हवा पाश की एक श्रृंखला और जोड़ने बार, कि पिछले कॉलम, अनुसूचित जाति के बिना।
- में "स्प्रिंग्स" किनारे विचार पिछले एक के समान है, लेकिन 15 हवाई छोरों की एक श्रृंखला की स्थापना के बाद उस पर बुनाई जारी है। 1 पाश अनुसूचित जाति के बिना हवा, बाद में हवा provyazyvaetsya 2 कॉलम में से प्रत्येक को छोड़ दिया। पिछले अवतार में वर्णित के रूप में तैयार "एक स्प्रिंग" जोड़ने स्तंभ के आधार से जुड़ी है।
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सरल की और उत्पाद के किनारे डिजाइन करने के लिए एक ही समय शानदार तरीका में एक crocheted किनारी या सीमा की मदद से एक सजावट है। सही ढंग से धागा चयनित और हुक एक समाप्त देखो और निटवेअर, और कपड़े कपड़े से देने के लिए अनुमति देगा। यह के लिए एक अद्भुत सजावट बुना हुआ ओपेन वार्क रिम रूप में कार्य करता शॉल , योजनाओं को बनाने के लिए है कि पत्रिकाओं में प्रचुर मात्रा में हैं। परंपरागत रूप से एक ट्रिम आस्तीन और हेम कपड़े, तौलिए और नैपकिन, तौलिए और कंबल, कालीन और अन्य घरेलू सामान के साथ सजाया। बुनना हेम और अधिक असाधारण रास्ता लागू करें। उदाहरण के लिए, यह चमड़े के उत्पादों के किनारे को सजाने, साथ ही फर्नीचर को सजाने। अपने आवेदन फीता किनारी और scrapbooking के रूप में इस तरह के रूप शिल्प पाता है। मुख्य उत्पाद रिम के लिए, crocheted, जिसके लिए सर्किट बहुत ही विविध हैं, यह कई spoosbami द्वारा संलग्न किया जा सकता है। - आमतौर पर, निटवेअर रिम एक हुक के साथ सीधे जुड़ा हुआ है। लूप्स उसके आधार के लिए मुख्य बातें कर रहे हैं और वह आधार वेब के एक निरंतरता के रूप में लंबाई जोड़ें। इस प्रकार, उदाहरण के लिए, शॉल रिम हुक के लिए किया जाता है। योजनाएं इस तरह खत्म शॉल सर्किट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन वे भी अलग से चुना जा सकता है। - एक ही विधि, डिजाइन और किनारी कपड़े के निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता उदाहरण मिटा के लिए। इस मामले में, हुक छोटे आकार और ठीक धागा लिया जाता है, अधिमानतः ऊतक उत्पादों के लिए उपयुक्त एक रचना जो जारी करने के लिए आवश्यक है करने के लिए। हुक ऊतक में सीधे इंजेक्ट किया, और कैनवास अनुसूचित जाति के बिना, पदों के किनारे के आसपास लिपटे है। अगला फिट रिम हुक, जो सर्किट की तरह Needlewoman। - लेकिन आप अन्य रास्ता तय कर सकते हैंः कपड़े किनारे obmetochnym टांका सुई है, जो vdevaetsya धागा, भविष्य में तैयार किया गया crochet प्रदर्शन करने के लिए लिपटा है। सीमा योजनाओं यादृच्छिक पर चुना जाता है। इस मामले में, सीवन टांके आधार होगा, लेकिन यह कैनवास बाँध होगा। - पृथक फिट रिम हुक, सर्किट जो किसी विशेष उत्पाद के डिजाइन के लिए उपयुक्त है, और फिर एक सिलाई मशीन पर या हाथ से कपड़े ओवरलैप के साथ ही सिल हैः निम्न विधि सरल हो रहा है। लेकिन इस विधि अधिक अभ्यास पहले में मुश्किल हो सकता है। तथ्य यह है crocheted सीमा कपड़े की तुलना में अधिक लोच है कि, इसलिए जब सिलाई थोड़ा बढ़ाया है, जिससे कि लेख के किनारे की लंबाई और सबसे रिम मेल नहीं खाते। आदेश में इस से बचने के लिए, यह नमूना सीमा लिंक और सही ढंग से बुनाई का घनत्व, टी। ई गिनती कितने छोरों दस सेंटीमीटर उत्पाद के लिए है, तो आवश्यक गणना करने के लिए गणना करने के लिए सिफारिश की है। साथ या भर में हैंः crochet योजना आप की तरह किनारा बुना हुआ, दो तरह से बनाया जा सकता है। खैमाह भर में जुड़ा हुआ है, एक चक्र में प्रदर्शन या पंक्तियों को बढ़ाकर जब तक यह आवश्यक चौड़ाई तक पहुँच जाता है । इस तरह के एक खत्म का सबसे सरल रूप तथाकथित "rachy कदम है। " अनुसूचित जाति अनुसूचित जाति या अधिक के साथ nakida बिना सरल बाध्यकारी कॉलम भी इस रिम के लिए विचार किया जा सकता। इस तरह की डिजाइन विधि के साथ भी अभी शुरुआत needlewoman, केवल इस तरह के crochet के रूप में एक तकनीक स्वामी को संभालने के लिए। इस मामले में सीमा योजना की आवश्यकता नहीं है। आप हेम बुनी और ब्लेड बांध के साथ कर सकते हैं। सीमा की चौड़ाई सर्किट सेट कर दिया जाता है, और लंबाई बुनाई के दौरान समायोजित किया जा सकता। "अनुमान" पहली नजर पार के आयाम की तुलना में आसान पर एक सीमा के लिए आवश्यक लंबाई, लेकिन नमूना लिंक और गणना बुनाई का घनत्व अभी भी चोट नहीं किया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए उत्पाद डिजाइन के साथ कि सीमा "अचानक" समाप्त नहीं है तालमेल के बीच है, जो प्रतिकूल तैयार उत्पाद की उपस्थिति को प्रभावित करेगा में आवश्यक है। पूरी तरह से उत्पाद से संबंधित ओपेन वार्क crochet सीमा का पूरक है। आरेख और इन हस्तशिल्प के विवरण को खोजने के लिए आसान है। ऐसा लगता है कि इतना बहुत प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने। विशेष रूप से सुंदर जुड़े रिम हुक, "अनानास" festoons जो सर्किट "खोल" के विभिन्न प्रकार के एक पैटर्न शामिल हैं। इस तरह की एक सीमा "खोल" या अन्य मदों की एक संख्या से एक हो सकता है और काफी व्यापक हो सकता है - यह चयनित विकल्प पर निर्भर करता है। सीधे शब्दों में अद्भुत हो सकता है के रूप में इसे दूसरे तरीके से संबंधित हो ओपेन वार्क crochet सीमा। इसके कार्यान्वयन के लिए योजना के रूप में सबसे सरल पाया, और केवल अनुभवी बुनाई करने की ऐसी है कि एक शक्ति। वार्क सीमा एक ही पंक्ति या पंक्तियों की कुछ दसियों, जो विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब स्कर्ट, आस्तीन पर या पतलून पर झमेलें बुनाई शामिल हो सकते हैं। आदेश में विस्तृत रिम हुक योजना के कई स्तरों सबसे साधारण लिया करने के लिए कनेक्ट होने के लिए। आरेख के अनुसार पहली परत बुनाई, तो रिवर्स साइड पर इस के सिवा घने वेब dovyazyvayut, एक या दो अनुसूचित जाति के साथ स्तंभों की आम तौर पर मिलकरः अगली इस प्रकार आगे बढ़ें। आदेश धागा को बचाने के लिए और उत्पाद घने कपड़े सुविधाजनक बनाने के लिए अक्सर sirloin ग्रिड बदल दिया। तत्व की चौड़ाई ओपेन वार्क शटल की चौड़ाई से थोड़ा छोटा होता है। इसके बाद, यह अगले शटलकॉक पर लंबाई जोड़ें। आप वेतन वृद्धि के साथ कपड़े बुना, तो प्रत्येक अगले स्तर अधिक विलासी पिछले हो जाएगा। कपड़ा, तौलिए, पर्देः पट्टिका तकनीक में किए गए बॉर्डर्स पारंपरिक रूप से सजाने वस्त्र उद्योग के लिए प्रयोग किया जाता है। लेकिन यह भी एक परिष्करण फीता एक पट्टिका आवेषण, जो स्वयं उत्पाद जारी साथ कपड़ों के लिए बहुत ही आकर्षक लग रहा है, विशेष रूप से संयोजन में। Circuitry पैटर्न एक पट्टिका सीमा सेट बनाने के लिए। उनमें से कुछ विशेष रूप से बुनाई करने के लिए डिजाइन किए हैं। लेकिन यह देख सकते हैं और जुड़े पट्टिका crochet सीमा है, जहां योजना मूल रूप से कढ़ाई के लिए डिजाइन किया गया था, विशेष रूप से मोनोक्रोम करने के लिए अच्छा होगा। टेप फीता का उपयोग अच्छी तरह से रोकने में एक अच्छा विचार लगता है के रूप में। यह प्रभावशाली लग रहा है, विशेष रूप से एक साधारण चिपचिपा या कपड़े के साथ संयोजन में। इसके अलावा, जब कपड़े डिजाइन जैविक, उदाहरण के लिए दिखाई देगा, टेप फीता के नीचे उत्पाद सजाया रिम, बेल्ट के साथ संयुक्त, उसी तकनीक के साथ बनाया। Knit टेप फीता ओपेन वार्क के रूप में के रूप में आसान नहीं है, लेकिन यह एक सच में असामान्य और मूल रिम हुक पैदा करता है। आरेख और विवरण, साथ ही बुनाई फीता रिबन पर कार्यशालाओं आसानी से पाया जा सकता है। यह आयरिश फीता के तत्वों का उपयोग करके एक खास जगह प्रतिबंध पर है। वे एक बुनाई तकनीक unseparated का उपयोग कर बुना हुआ है। लेकिन तुम, फूल और पत्तियों की एक सीमा, पारंपरिक "आयरलैंड" आकर्षित कर सकते हैं एक अनियमित ग्रिड या युग्मन साधनों के माध्यम से एक दूसरे के लिए उन्हें जोड़ने। देखने के लिए फायदेमंद है, उदाहरण के, रसोई तौलिए या पर्दे के लिए, आयरिश फीता के किनारे तत्वों के साथ सजाया जाता है और कपड़े बुना हुआ तत्व है जो रोकने की शैली का खंडन नहीं करते पर सिले। इस तरह की योजनाओं के साथ बुना हुआ crochet सीमा जाहिर है, हो सकता है, लेकिन आप विशिष्ट विवरण, शो कल्पना बिना कर सकते हैं। परंपरागत रूप से एक रंग फिट रिम। रंग बुनियादी उत्पाद के स्वर के साथ मेल खाना सकता है, और यह या इसके विपरीत के साथ संयुक्त - यह सब स्वाद और कल्पना एक बुनाई करने पर निर्भर करता है। लेकिन अलग अलग रंग का उपयोग एक सीमा बनाने के लिए के रूप में यह वर्जित नहीं है। इसके विपरीत, सादा सामान, बहुरंगी सीमा के साथ सजाया, हंसमुख और उज्ज्वल लग रहा है। और, बेशक, शानदार बहुरंगी हाशिये देखो अगर needlewoman को सजाने के लिए उत्पाद न केवल एक सीमा, लेकिन यह भी, उदाहरण के लिए, बुना हुआ पिपली या मात्रा तत्वों, crocheted है का फैसला किया जाएगा। एक ही इन सजावट और रिम बनाने के लिए इस्तेमाल रंग, एक पूरी छवि बनाने, और तैयार बात को अधिक आकर्षक और दिलचस्प हो जाता है। नीचे सीमा crochet के प्रदर्शन के कुछ सरल विवरण है। यह एक सरल नाजुक सीमा, एक पंक्ति में जुड़ा हुआ है। यह कॉलम के होते हैं, अनुसूचित जाति के बिना polustolbikov और स्तंभों अनुसूचित जाति के साथ अनुसूचित जाति। polustolbik अनुसूचित जाति के साथ है, तो तीन स्तंभ एक अनुसूचित जाति के साथ बुनियादी बातों का एक ही पाश में, और फिर - - इस दोहन पूरा करने के लिए, चेहरे पर उत्पाद बारी में, अगले सेंट provyazyvayut कॉलम में एक हवा लिफ्ट पाश अनुसूचित जाति के बिना, तो अगले पाश प्रदर्शन फिर से polustoblik अनुसूचित जाति के साथ। अगले पाश फिर से अनुसूचित जाति के बिना स्तंभ provyazyvaetsya। इसके बाद, उसी क्रम में जारी है। गोले के किनारे बुनाई का एक और तरीका है। यह खत्म तीन श्रृंखला के होते हैंः - दो श्रृंखलाः provyazyvayutsya बुनाई पाँच बदल जाता है और हवा छोरों , तो पिछली पंक्ति की nakida हवा पाश बिना stoblik चार और एक से अधिक पिछली पंक्ति की nakida हवा पाश बिना स्तंभ एक, हवाई पाश फिट। एक नंबर provyazyvayutsya दो हवा पाश के पूरा होने पर, पिछली पंक्ति के अंतिम पाश एक स्तंभ एक अनुसूचित जाति के बिना किया जाता है। - तीन रेंजः बुनाई provyazyvaetsya एयरबैग पाश एक और स्तंभ एक घुमाया अनुसूचित जाति के बिना। पिछली पंक्ति चार हवा उसी तरह जैसा कि पिछले नमूना में किया गया था में खोल निष्पादित छोरों के कट्टर के लिए अगलाः स्तंभ, अनुसूचित जाति polustolbik अनुसूचित जाति के बिना, तीन स्तंभ के साथ साथ अनुसूचित जाति के साथ, अनुसूचित जाति polustolbik और स्तंभ अनुसूचित जाति के बिना। शंख provyazyvayutsya इस प्रकार पंक्ति के अंत तक। कई श्रृंखला पाँच हवा छोरों की पंक्ति पूर्ववर्ती के तीसरे पाश में अनुसूचित जाति के बिना स्तंभ समाप्त होता है। मूल रूप से हाशिये के किनारे लग रहा है। Knit यह भी कई तरीकों से किया जा सकता हैः - स्तंभों की Provyazyvaetsya संख्या, अनुसूचित जाति के बिना। अगली श्रृंखला के रूप में निम्नानुसार किया जाता हैः एक हवा पाश एक बार बिना nakida जल्दी श्रृंखला तो तालमेल हो जाता है - पिछली पंक्ति के एक ही पाश पर बुनी अगले पाश provyazyvaetsya nakida बिना एक बार, पंद्रह हवा पाश की एक श्रृंखला और जोड़ने बार, कि पिछले कॉलम, अनुसूचित जाति के बिना। - में "स्प्रिंग्स" किनारे विचार पिछले एक के समान है, लेकिन पंद्रह हवाई छोरों की एक श्रृंखला की स्थापना के बाद उस पर बुनाई जारी है। एक पाश अनुसूचित जाति के बिना हवा, बाद में हवा provyazyvaetsya दो कॉलम में से प्रत्येक को छोड़ दिया। पिछले अवतार में वर्णित के रूप में तैयार "एक स्प्रिंग" जोड़ने स्तंभ के आधार से जुड़ी है।
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टाइफाइड एक संक्रामक रोग है जो साल्मोनेला बैक्टीरिया के कारण होता है, ये आमतौर पर मानसून के मौसम में ज्यादा फैलता है। टाइफाइड के दौरान ठंड लगना और बुखार, कब्ज, थकान, सिर दर्द जैसी समस्याएं होती है। इस स्थिति में समय पर इलाज की बहुत जरूरत होती है, नहीं तो पीडि़त की स्थिति गंभीर भी हो सकती है। कई मामलों में मतली और भूख की कमी का अनुभव होता है। हालांकि, इलाज के साथ एक बेहतर डाइट की भी जरूरत होती है जो जल्द मरीज को स्वस्थ करने में मदद करती है। शरीर को शक्ति और ऊर्जा देने के लिए नियमित अंतराल पर भोजन के छोटे हिस्से का सेवन करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए जरूरी होता है कि टाइफाइड के लिए उच्च कैलोरी खाद्य पदार्थों की सिफारिश की जाती है। लेकिन फिर भी कई लोग अनजाने में कुछ ऐसे भोजन का सेवन करते हैं, जो उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। आइए जानते हैं टाइफाइड के दौरान किन भोजन को अपनी डाइट में नहीं रखना चाहिए।
कच्ची सब्जियां वैसे भी हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती है खासकर तब जब बारिश का मौसम हो। ऐसे में टाइफाइड के मरीज को भी कच्ची सब्जियों से दूर रखना चाहिए। ऐसा इसिलए क्योंकि इस तरह की सब्जियां या बिना पकाएं सब्जियों में कई बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं ,जो आसानी से शरीर में पहुंचने में कामयाब रहते हैं। इसके अलावा आपको गोभी, शिमला मिर्च, शलगम को टाइफाइड के मरीज की डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए। ये सब्जियां शरीर में सूजन पैदा करने का काम कर सकती हैं। इसलिए अगर आप किसी हरी सब्जी का सेवन करना भी चाहें, तो उसे अच्छी तरह से पका कर ही खाएं और वो ताजी होनी चाहिए।
टाइफाइड के मरीज की डाइट में ऑयली फूड्स को बाहर रखना चाहिए। तैलीय भोजन के साथ घी और मक्खन का सेवन भी न करने दें। इसके साथ ही ज्यादा मसाले वाली चीजों से भी परहेज करें।
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टाइफाइड एक संक्रामक रोग है जो साल्मोनेला बैक्टीरिया के कारण होता है, ये आमतौर पर मानसून के मौसम में ज्यादा फैलता है। टाइफाइड के दौरान ठंड लगना और बुखार, कब्ज, थकान, सिर दर्द जैसी समस्याएं होती है। इस स्थिति में समय पर इलाज की बहुत जरूरत होती है, नहीं तो पीडि़त की स्थिति गंभीर भी हो सकती है। कई मामलों में मतली और भूख की कमी का अनुभव होता है। हालांकि, इलाज के साथ एक बेहतर डाइट की भी जरूरत होती है जो जल्द मरीज को स्वस्थ करने में मदद करती है। शरीर को शक्ति और ऊर्जा देने के लिए नियमित अंतराल पर भोजन के छोटे हिस्से का सेवन करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए जरूरी होता है कि टाइफाइड के लिए उच्च कैलोरी खाद्य पदार्थों की सिफारिश की जाती है। लेकिन फिर भी कई लोग अनजाने में कुछ ऐसे भोजन का सेवन करते हैं, जो उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। आइए जानते हैं टाइफाइड के दौरान किन भोजन को अपनी डाइट में नहीं रखना चाहिए। कच्ची सब्जियां वैसे भी हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती है खासकर तब जब बारिश का मौसम हो। ऐसे में टाइफाइड के मरीज को भी कच्ची सब्जियों से दूर रखना चाहिए। ऐसा इसिलए क्योंकि इस तरह की सब्जियां या बिना पकाएं सब्जियों में कई बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं ,जो आसानी से शरीर में पहुंचने में कामयाब रहते हैं। इसके अलावा आपको गोभी, शिमला मिर्च, शलगम को टाइफाइड के मरीज की डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए। ये सब्जियां शरीर में सूजन पैदा करने का काम कर सकती हैं। इसलिए अगर आप किसी हरी सब्जी का सेवन करना भी चाहें, तो उसे अच्छी तरह से पका कर ही खाएं और वो ताजी होनी चाहिए। टाइफाइड के मरीज की डाइट में ऑयली फूड्स को बाहर रखना चाहिए। तैलीय भोजन के साथ घी और मक्खन का सेवन भी न करने दें। इसके साथ ही ज्यादा मसाले वाली चीजों से भी परहेज करें।
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ALLAHABAD: लंबे समय से अन्तर जनपदीय तबादलों के इंतजार में बैठे परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के लिए यह खबर बेहद राहत देने वाली है। गृह जनपद या मनचाहे जिलें तबादले को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद में फिर से सुगबुगाहट शुरू हो गई है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के बीएसए को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वह अपने जिले में अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को डेटा लॉक कर दे। जिससे अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो सके। सभी बीएसए को शिक्षकों के डेटा को डिजिटल साइन से लॉक करने का निर्देश दिया गया है।
अंतर जनपदीय तबादलों के लिए शिक्षकों द्वारा किए गए ऑन लाइन आवेदन को सभी जिलों के बीएसए को 4 जून को 11 बजे तक डिजिटल साइन से लॉक करने का निर्देश दिया गया है। आवेदन के डेटा को डिजिटल साइन से लॉक किए बगैर कोई भी बीएसए को कार्यमुक्त नहीं होने का निर्देश सचिव बेसिक शिक्षा संजय सिन्हा की तरफ से दिया गया है। गौरतलब है कि अंतर जनपदीय तबादलों के लिए इस बार ऑन लाइन आवेदन मांगे गए थे। जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन किया था। शिक्षकों द्वारा आवेदन में भरे जाने वाले डिटेल का सत्यापन जिलों के बीएसए को करने का निर्देश दिया गया था। ऐसे में आवेदन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पायी जाती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बीएसए की होगी।
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ALLAHABAD: लंबे समय से अन्तर जनपदीय तबादलों के इंतजार में बैठे परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के लिए यह खबर बेहद राहत देने वाली है। गृह जनपद या मनचाहे जिलें तबादले को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद में फिर से सुगबुगाहट शुरू हो गई है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के बीएसए को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वह अपने जिले में अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को डेटा लॉक कर दे। जिससे अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो सके। सभी बीएसए को शिक्षकों के डेटा को डिजिटल साइन से लॉक करने का निर्देश दिया गया है। अंतर जनपदीय तबादलों के लिए शिक्षकों द्वारा किए गए ऑन लाइन आवेदन को सभी जिलों के बीएसए को चार जून को ग्यारह बजे तक डिजिटल साइन से लॉक करने का निर्देश दिया गया है। आवेदन के डेटा को डिजिटल साइन से लॉक किए बगैर कोई भी बीएसए को कार्यमुक्त नहीं होने का निर्देश सचिव बेसिक शिक्षा संजय सिन्हा की तरफ से दिया गया है। गौरतलब है कि अंतर जनपदीय तबादलों के लिए इस बार ऑन लाइन आवेदन मांगे गए थे। जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन किया था। शिक्षकों द्वारा आवेदन में भरे जाने वाले डिटेल का सत्यापन जिलों के बीएसए को करने का निर्देश दिया गया था। ऐसे में आवेदन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पायी जाती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बीएसए की होगी।
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कुंभ राशि वाले जातकों की बात करें तो आज का दिन आपका बहुत ही प्रशंसा दायक रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा. रहन-सहन कष्ट में हो सकता है. मित्रों का सहयोग मिलेगा. युवाओं को नौकरी मिलने के संकेत हैं. आप अपने जीवनसाथी को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं, जहां आप को और अधिक एक दूसरे को जानने का मौका मिलेगा. व्यवसाय से संबंधित कोई निर्णय लेने में विलंब कर सकते हैं.
पिताजी आपके व्यवसाय में धन खर्च करेंगे. पुराने निवेश से धन लाभ होने की संभावना है. नए वाहन खरीद सकते हैं. मकान, प्लॉट को खरीदने की योजना बना रहे थे, उस में कामयाबी मिलेगी जीवनसाथी की सेहत पहले से बेहतर रहेगी. दिन प्रतिदिन सेहत में सुधार होगा. आप किसी निवेश को किसी सलाहकार की सहायता से कर सकते हैं. कुंवारे लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलेगा. परिवार वालों के द्वारा उनके विवाह प्रस्ताव पर मोहर लगेगी.
घर में मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा. राजनीति में सफलता प्राप्त होगी. शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी. मित्रों की सहायता से आय के कुछ नए स्रोत प्राप्त होंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी. सायंकाल का समय आपका घर मेहमानों से भरा रहेगा, जहां आपको लगेगा कि आपका कुछ कीमती समय खराब हो गया है. आप बच्चों की पढ़ाई में उनकी मदद करेंगे और उनके साथ खूब मौज मस्ती करते हुए नजर आएंगे, जिससे आप अपने आपको तरोताजा महसूस करेंगे.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive. com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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कुंभ राशि वाले जातकों की बात करें तो आज का दिन आपका बहुत ही प्रशंसा दायक रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा. रहन-सहन कष्ट में हो सकता है. मित्रों का सहयोग मिलेगा. युवाओं को नौकरी मिलने के संकेत हैं. आप अपने जीवनसाथी को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं, जहां आप को और अधिक एक दूसरे को जानने का मौका मिलेगा. व्यवसाय से संबंधित कोई निर्णय लेने में विलंब कर सकते हैं. पिताजी आपके व्यवसाय में धन खर्च करेंगे. पुराने निवेश से धन लाभ होने की संभावना है. नए वाहन खरीद सकते हैं. मकान, प्लॉट को खरीदने की योजना बना रहे थे, उस में कामयाबी मिलेगी जीवनसाथी की सेहत पहले से बेहतर रहेगी. दिन प्रतिदिन सेहत में सुधार होगा. आप किसी निवेश को किसी सलाहकार की सहायता से कर सकते हैं. कुंवारे लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलेगा. परिवार वालों के द्वारा उनके विवाह प्रस्ताव पर मोहर लगेगी. घर में मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा. राजनीति में सफलता प्राप्त होगी. शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी. मित्रों की सहायता से आय के कुछ नए स्रोत प्राप्त होंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी. सायंकाल का समय आपका घर मेहमानों से भरा रहेगा, जहां आपको लगेगा कि आपका कुछ कीमती समय खराब हो गया है. आप बच्चों की पढ़ाई में उनकी मदद करेंगे और उनके साथ खूब मौज मस्ती करते हुए नजर आएंगे, जिससे आप अपने आपको तरोताजा महसूस करेंगे. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive. com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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गायत्री की अनुष्ठान एवं पुरश्चरण साधनाएँ । Gayatri Ki Anushthan Evan Sadhanayen के बारे में अधिक जानकारी :
यह दुर्भाग्य ही है कि कालान्तर में इस पुण्य परम्परा के विशंखलित हो जाने के कारण जातीय जीवन निस्तेज और निष्प्राण होता गया किन्तु युग निर्माण योजना ने अब उस अन्धकार को दूर कर दिया है । लम्बे समय तक उसे अपनी आजीविका का साधन बनाकर, बन्दीगृह में, मिथ्या आन्तियों में डाले रखकर उस महान विज्ञान से वंचित रखा गया अब वैसा नहीं रहा । गायत्री उपासना का पुण्य लाभ हर कोई प्राप्त कर सकता है । प्रातः मध्यान्ह और संध्या साधना के विधान निश्चित है अपनी सुविधा अनुसार कम या अधिक मात्रा में गायत्री उपासना का मुफ्त लाभ हर कोई भी ले सकता है ।
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गायत्री की अनुष्ठान एवं पुरश्चरण साधनाएँ । Gayatri Ki Anushthan Evan Sadhanayen के बारे में अधिक जानकारी : यह दुर्भाग्य ही है कि कालान्तर में इस पुण्य परम्परा के विशंखलित हो जाने के कारण जातीय जीवन निस्तेज और निष्प्राण होता गया किन्तु युग निर्माण योजना ने अब उस अन्धकार को दूर कर दिया है । लम्बे समय तक उसे अपनी आजीविका का साधन बनाकर, बन्दीगृह में, मिथ्या आन्तियों में डाले रखकर उस महान विज्ञान से वंचित रखा गया अब वैसा नहीं रहा । गायत्री उपासना का पुण्य लाभ हर कोई प्राप्त कर सकता है । प्रातः मध्यान्ह और संध्या साधना के विधान निश्चित है अपनी सुविधा अनुसार कम या अधिक मात्रा में गायत्री उपासना का मुफ्त लाभ हर कोई भी ले सकता है ।
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(ब्यूरो कार्यालय)
धार (साई)।
धार जिले में शनिवार को सर्वाधिक 9 मरीज मिले। इनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन करने की तैयारी की जा रही है। धार में शुक्रवार देर रात एक महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रात में ही उसे जिला अस्पताल और स्वजन को आइसोलेशन में भेजा गया है। बताया जा रहा है कि वह उज्जैन से लौटी थी।
जिले में अब संक्रमित मरीजों की संख्या 20 हो गई है। शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में धार के पांच मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से एक पुलिसकर्मी और शेष वे लोग हैं, जो पॉजिटिव सुपरवाइजर के संपर्क में आए थे। तीन पीथमपुर में संक्रमित मिले हैं। ये तरबूज बेचने वाले संक्रमित के स्वजन हैं।
कुक्षी में पिता-पुत्र पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों को इंदौर भेजा गया है। बताया जा रहा कि गत दिनों महाराष्ट्र से पुत्र लौटा था। यह आठ दिनों से समाजसेवा के तहत पुलिसकर्मियों, शासकीय अधिकारियों को चाय और गरीबों को भोजन भी करवा रहा था। स्वास्थ्य विभाग इसके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन करने की तैयारी कर रहा है।
आलीराजपुर जिले में दो और संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब तक तीन मरीज संक्रमित मिल चुके हैं। एक मरीज उदयगढ़ और दूसरा चंद्रशेखर आजादनगर में मिला है। दोनों ही पूर्व में मिले उदयगढ़ के संक्रमित मरीज के संपर्क में आए थे। इनमें एक महिला और एक स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। इनके परिवारों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। कुछ संदिग्ध को आइसोलेशन वार्ड में भेजा गया है।
बड़वानी जिले के सेंधवा में सऊदी अरब से लौटे बुजुर्ग की मौत और 13 सदस्यों के बाद अब कंटेनमेंट क्षेत्र निवासी बुजुर्ग की 52 वर्षीय बेटी और 56 वर्षीय जमाई की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। दोनों को बड़वानी भेजा गया है। इन्हें मिलाकर कोरोना पॉजिटिव की संख्या 16 हो चुकी है।
इनमें से 15 लोग रिश्तेदार हैं, वहीं एक स्वास्थ्य कर्मी है। खरगोन जिले में अब तक कोरोना से 39 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें से तीन की मौत हो चुकी है। अन्य तीन लोग ठीक हुए हैं। जिला अस्पताल में बनाए कोरोना वार्ड में 21 पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है। जिले में 329 सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है।
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धार । धार जिले में शनिवार को सर्वाधिक नौ मरीज मिले। इनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन करने की तैयारी की जा रही है। धार में शुक्रवार देर रात एक महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रात में ही उसे जिला अस्पताल और स्वजन को आइसोलेशन में भेजा गया है। बताया जा रहा है कि वह उज्जैन से लौटी थी। जिले में अब संक्रमित मरीजों की संख्या बीस हो गई है। शनिवार को आई जांच रिपोर्ट में धार के पांच मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से एक पुलिसकर्मी और शेष वे लोग हैं, जो पॉजिटिव सुपरवाइजर के संपर्क में आए थे। तीन पीथमपुर में संक्रमित मिले हैं। ये तरबूज बेचने वाले संक्रमित के स्वजन हैं। कुक्षी में पिता-पुत्र पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों को इंदौर भेजा गया है। बताया जा रहा कि गत दिनों महाराष्ट्र से पुत्र लौटा था। यह आठ दिनों से समाजसेवा के तहत पुलिसकर्मियों, शासकीय अधिकारियों को चाय और गरीबों को भोजन भी करवा रहा था। स्वास्थ्य विभाग इसके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन करने की तैयारी कर रहा है। आलीराजपुर जिले में दो और संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब तक तीन मरीज संक्रमित मिल चुके हैं। एक मरीज उदयगढ़ और दूसरा चंद्रशेखर आजादनगर में मिला है। दोनों ही पूर्व में मिले उदयगढ़ के संक्रमित मरीज के संपर्क में आए थे। इनमें एक महिला और एक स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। इनके परिवारों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। कुछ संदिग्ध को आइसोलेशन वार्ड में भेजा गया है। बड़वानी जिले के सेंधवा में सऊदी अरब से लौटे बुजुर्ग की मौत और तेरह सदस्यों के बाद अब कंटेनमेंट क्षेत्र निवासी बुजुर्ग की बावन वर्षीय बेटी और छप्पन वर्षीय जमाई की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। दोनों को बड़वानी भेजा गया है। इन्हें मिलाकर कोरोना पॉजिटिव की संख्या सोलह हो चुकी है। इनमें से पंद्रह लोग रिश्तेदार हैं, वहीं एक स्वास्थ्य कर्मी है। खरगोन जिले में अब तक कोरोना से उनतालीस लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें से तीन की मौत हो चुकी है। अन्य तीन लोग ठीक हुए हैं। जिला अस्पताल में बनाए कोरोना वार्ड में इक्कीस पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है। जिले में तीन सौ उनतीस सैंपलों की रिपोर्ट आना शेष है।
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।र्वश्रेष्ठ पौराणिक त्रिदेवों में ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की गणना होती है। इनमें ब्रह्मा का नाम पहले आता है, क्योंकि वे विश्व के आद्य सृष्टा, प्रजापति, पितामह तथा हिरण्यगर्भ हैं। पुराणों में जो ब्रह्मा का रूप वर्णित मिलता है वह वैदिक प्रजापति के रूप का विकास है। प्रजापति की समस्त वैदिक गाथाएँ ब्रह्मा पर आरोपित कर ली गयी हैं। प्रजापति और उनकी दुहिता की कथा पुराणों में ब्रह्मा और सरस्वती के रूप में वर्णित हुई है।
यह चित्र क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस के अंतर्गत उसके 'उपयोग के अधिकारों' का हनन किए बिना उपयोग किया गया है। कृपया चित्र के उपयोग अधिकार देखे बिना उनका उपयोग न करें। इससे चित्रों से संबधित अधिकारों के उल्लंघन होने की संभावना है।
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लखनऊ। यूपी विधान सभा चुनाव से पहले आयकर विभाग की टीमें बेहद सक्रिय हो गयी हैं। आज टीमों ने एसीई ग्रुप के प्रमोटर अजय चौधरी के चार ठिकानों और आगरा के तीन कारोबारियों के यहां छापेमारी की। टीमें कारोबारियों के ठिकानों को खंगाल रही हंै। आयकर टीम की कार्रवाई से कारोबारियों में हडक़ंप मच गया है।
आयकर विभाग की टीम ने आज एसीई ग्रुप की कंपनियों और उसके प्रमोटर अजय चौधरी के दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आगरा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। अजय चौधरी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का करीबी बताया जा रहा है। कानपुर और कन्नौज के बाद आयकर विभाग ने आगरा में भी ताबड़तोड़ छापेमारी की। आगरा के भरतपुर हाउस कॉलोनी में शू एक्सपोटर्स विजय आहूजा के घर और मानसी चंद्रा की जूता फैक्ट्री पर छापा पड़ा है। आगरा के भरतपुर हाउस कॉलोनी में शू एक्सपोट्र्स विजय आहूजा के घर में इनकम टैक्स टीम के करीब आठ से 10 अधिकारी मौजूद हैं। वहीं मानसी चंद्रा के जूता फैक्ट्री पर भी आयकर विभाग की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी भी मौजूद हैं।
वहीं कारोबारी मन्नू अलघ के यहां भी टीम पहुंची है। टीम ने आज सुबह चंद्रा कंपोनेंट, आहूजा इंटरनेशनल, नोवा शूज पर कार्रवाई शुरू की है। जैसे ही इन काराबोरियों के यहां आयकर विभाग की टीमें पहुंचीं, इलाके में हडक़ंप मच गया। फिलहाल, आयकर विभाग की टीम की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। टीम ने बैंक खातों को सील कर दिया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक एसीई ग्रुप के चीफ अजय चौधरी बहुत दिनों से आयकर विभाग के राडार पर थे।
पीयूष जैन के यहां पड़ी छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये और सोने की बरामदगी को लेकर सपा ने भाजपा पर निशाना साधा था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा था कि सरकार बताए कि नोटबंदी के बाद भी एक व्यक्ति के यहां इतना पैसा कहां से आया।
इससे पहले जीएसटी टीम ने कन्नौज के इत्र कारोबारी पीयूष जैन और आयकर टीम ने पुष्पराज जैन उर्फ पंपी जैन के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। पुष्पराज जैन समाजवादी पार्टी के एमएलसी हैं। अभी तक पुष्पराज जैन के घर से बरामदगी को लेकर कोई सूचना नहीं आई है। वहीं बीते 6 दिनों से जारी रेड में पीयूष जैन के घर से जीएसटी टीम को 197 करोड़ रुपये कैश बरामद हुए थे, वहीं 23 किलो सोना मिला था। पीयूष जैन पर कर चोरी का आरोप है और अब उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
लखनऊ। विधान सभा चुनाव से पहले सपा का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में विश्वास करते हुए भाजपा और बसपा समेत विभिन्न दलों के नेता और विधायक लगातार पार्टी में शामिल हो रहे हैं। आज देश बचाओ पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष जितेंद्र पंवार और भाजपा नेता जय प्रकाश पांडेय ने सपा का दामन थामा।
सपा के आधिकारिक ट्वीटर के मुताबिक आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में आस्था जताते हुए देश बचाओ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र पंवार और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता जय प्रकाश पांडेय अपने साथियों के साथ सपा में हुए शामिल हुए। इसके पहले सोमवार को भाजपा की विधायक माधुरी वर्मा और बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेता समर्थकों समेत सपा में शामिल हुए थे।
नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना संक्रमण डराने लगा हैं। आज आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और भाजपा सांसद मनोज तिवारी कोरोना संक्रमित हो गए है। वहीं बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू लागू हो गया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, मैं कोरोना संक्रमित हो गया हूं। संक्रमण के हल्के लक्षण हैं। जिसे देखते हुए घर में खुद को आइसोलेट कर लिया है। जो लोग पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, वे खुद को आइसोलेट करें और जांच करवाएं। केजरीवाल ने पार्टी के प्रचार के लिए गोवा और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में कई दौरे किए हैं।
वहीं भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। संक्रमण को देखते हुए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने डीडीएमए की बैठक बुलाई थी। बैठक में संक्रमण को देखते हुए कई पाबंदियों पर चर्चा की गई। इसके तहत अब सरकारी कार्यालयों में अनिवार्य सेवाओं को छोडक़र वर्क फ्रॉम होम लागू होगा। केवल अनिवार्य सेवाओं के कार्यालय खुले रहेंगे। दिल्ली में प्राइवेट कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ को काम करने की इजाजत होगी। राज्य में शनिवार और रविवार को वीकेंड कर्फ्यू लागू रहेगा। शादी समारोह में बीस लोग शामिल हो सकेंगे।
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लखनऊ। यूपी विधान सभा चुनाव से पहले आयकर विभाग की टीमें बेहद सक्रिय हो गयी हैं। आज टीमों ने एसीई ग्रुप के प्रमोटर अजय चौधरी के चार ठिकानों और आगरा के तीन कारोबारियों के यहां छापेमारी की। टीमें कारोबारियों के ठिकानों को खंगाल रही हंै। आयकर टीम की कार्रवाई से कारोबारियों में हडक़ंप मच गया है। आयकर विभाग की टीम ने आज एसीई ग्रुप की कंपनियों और उसके प्रमोटर अजय चौधरी के दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आगरा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। अजय चौधरी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का करीबी बताया जा रहा है। कानपुर और कन्नौज के बाद आयकर विभाग ने आगरा में भी ताबड़तोड़ छापेमारी की। आगरा के भरतपुर हाउस कॉलोनी में शू एक्सपोटर्स विजय आहूजा के घर और मानसी चंद्रा की जूता फैक्ट्री पर छापा पड़ा है। आगरा के भरतपुर हाउस कॉलोनी में शू एक्सपोट्र्स विजय आहूजा के घर में इनकम टैक्स टीम के करीब आठ से दस अधिकारी मौजूद हैं। वहीं मानसी चंद्रा के जूता फैक्ट्री पर भी आयकर विभाग की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी भी मौजूद हैं। वहीं कारोबारी मन्नू अलघ के यहां भी टीम पहुंची है। टीम ने आज सुबह चंद्रा कंपोनेंट, आहूजा इंटरनेशनल, नोवा शूज पर कार्रवाई शुरू की है। जैसे ही इन काराबोरियों के यहां आयकर विभाग की टीमें पहुंचीं, इलाके में हडक़ंप मच गया। फिलहाल, आयकर विभाग की टीम की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। टीम ने बैंक खातों को सील कर दिया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक एसीई ग्रुप के चीफ अजय चौधरी बहुत दिनों से आयकर विभाग के राडार पर थे। पीयूष जैन के यहां पड़ी छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये और सोने की बरामदगी को लेकर सपा ने भाजपा पर निशाना साधा था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा था कि सरकार बताए कि नोटबंदी के बाद भी एक व्यक्ति के यहां इतना पैसा कहां से आया। इससे पहले जीएसटी टीम ने कन्नौज के इत्र कारोबारी पीयूष जैन और आयकर टीम ने पुष्पराज जैन उर्फ पंपी जैन के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। पुष्पराज जैन समाजवादी पार्टी के एमएलसी हैं। अभी तक पुष्पराज जैन के घर से बरामदगी को लेकर कोई सूचना नहीं आई है। वहीं बीते छः दिनों से जारी रेड में पीयूष जैन के घर से जीएसटी टीम को एक सौ सत्तानवे करोड़ रुपये कैश बरामद हुए थे, वहीं तेईस किलो सोना मिला था। पीयूष जैन पर कर चोरी का आरोप है और अब उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। लखनऊ। विधान सभा चुनाव से पहले सपा का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में विश्वास करते हुए भाजपा और बसपा समेत विभिन्न दलों के नेता और विधायक लगातार पार्टी में शामिल हो रहे हैं। आज देश बचाओ पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष जितेंद्र पंवार और भाजपा नेता जय प्रकाश पांडेय ने सपा का दामन थामा। सपा के आधिकारिक ट्वीटर के मुताबिक आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में आस्था जताते हुए देश बचाओ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र पंवार और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता जय प्रकाश पांडेय अपने साथियों के साथ सपा में हुए शामिल हुए। इसके पहले सोमवार को भाजपा की विधायक माधुरी वर्मा और बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेता समर्थकों समेत सपा में शामिल हुए थे। नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना संक्रमण डराने लगा हैं। आज आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और भाजपा सांसद मनोज तिवारी कोरोना संक्रमित हो गए है। वहीं बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू लागू हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, मैं कोरोना संक्रमित हो गया हूं। संक्रमण के हल्के लक्षण हैं। जिसे देखते हुए घर में खुद को आइसोलेट कर लिया है। जो लोग पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, वे खुद को आइसोलेट करें और जांच करवाएं। केजरीवाल ने पार्टी के प्रचार के लिए गोवा और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में कई दौरे किए हैं। वहीं भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। संक्रमण को देखते हुए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने डीडीएमए की बैठक बुलाई थी। बैठक में संक्रमण को देखते हुए कई पाबंदियों पर चर्चा की गई। इसके तहत अब सरकारी कार्यालयों में अनिवार्य सेवाओं को छोडक़र वर्क फ्रॉम होम लागू होगा। केवल अनिवार्य सेवाओं के कार्यालय खुले रहेंगे। दिल्ली में प्राइवेट कार्यालयों में पचास प्रतिशत स्टाफ को काम करने की इजाजत होगी। राज्य में शनिवार और रविवार को वीकेंड कर्फ्यू लागू रहेगा। शादी समारोह में बीस लोग शामिल हो सकेंगे।
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RAIPUR : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मीडियाकर्मियों पर नक्सली हमले की खबर है। दूरदर्शन की मीडिया टीम पर आतंकियों ने मंगलवार सुबह हमला कर दिया जिसमें एक कैमरामैन की मौत हो गई। उनकी सुरक्षा में लगे दो जवान भी शहीद हो गए।
जानकारी के अनुसार, यह हमला दूरदर्शन की टीम पर किया गया है, जिसमें एक कैमरामैन की मौत हो गई है। दूरदर्शन की टीम किसी चुनावी कवरेज के लिए जा रही थे, इसी दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में दो पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए हैं। वहीं दो पुलिसकर्मियों गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हमले के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों में मुठभेड़ भी हुई। दंतेवाड़ा के एसपी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
दंतेवाड़ा के एडिशनल एसपी गोरखनाथ बघेल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कैमरामेन काफी घायल अवस्था में था। उसे प्राथमिक चिकित्सा के लिए जवान ले जा रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया। उनके मुताबिक घटनास्थल के लिए हेलीकॉप्टर और सुरक्षा बलों की और कंपनियां रवाना की गई हैं। अरनपुर में हुई इस घटना में और भी स्थानीय लोगों के जख्मी होने की खबर है।
बता दें कि नक्सलियों ने इस इलाके में चुनाव बहिष्कार की अपील की है। वे पत्रकारों समेत तमाम राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपना निशाना बना रहे हैं।
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RAIPUR : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मीडियाकर्मियों पर नक्सली हमले की खबर है। दूरदर्शन की मीडिया टीम पर आतंकियों ने मंगलवार सुबह हमला कर दिया जिसमें एक कैमरामैन की मौत हो गई। उनकी सुरक्षा में लगे दो जवान भी शहीद हो गए। जानकारी के अनुसार, यह हमला दूरदर्शन की टीम पर किया गया है, जिसमें एक कैमरामैन की मौत हो गई है। दूरदर्शन की टीम किसी चुनावी कवरेज के लिए जा रही थे, इसी दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में दो पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए हैं। वहीं दो पुलिसकर्मियों गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हमले के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों में मुठभेड़ भी हुई। दंतेवाड़ा के एसपी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। दंतेवाड़ा के एडिशनल एसपी गोरखनाथ बघेल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कैमरामेन काफी घायल अवस्था में था। उसे प्राथमिक चिकित्सा के लिए जवान ले जा रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया। उनके मुताबिक घटनास्थल के लिए हेलीकॉप्टर और सुरक्षा बलों की और कंपनियां रवाना की गई हैं। अरनपुर में हुई इस घटना में और भी स्थानीय लोगों के जख्मी होने की खबर है। बता दें कि नक्सलियों ने इस इलाके में चुनाव बहिष्कार की अपील की है। वे पत्रकारों समेत तमाम राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपना निशाना बना रहे हैं।
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भारत और वेस्टइंडीज के बीच हैदराबाद में सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच शुरू हो चुका है। आज इस टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खेला गया। वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। दिन का खेल खत्म होने तक विंडीज टीम ने 7 विकेट खोकर 295 रन बना लिए थे। कप्तान जेसन होल्डर 52 रन बनाकर आउट हुए और रोस्टन 98 रन बनाकर पिच पर टिके हुए हैं।
पहले और दूसरे सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। आज दिन के चौथे ही ओवर में डेब्यू टेस्ट खेल रहे शार्दुल ठाकुर चोट की वजह से मैदान से बाहर चले गए। इसके बाद भी उमेश यादव, कुलदीप यादव और रविचंद्रन अश्विन ने टीम को सफलता दिलाई।
दिन के अंतिम सत्र में विंडीज के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने भारतीय गेंदबाज और कप्तान विराट कोहली को विकेट के लिए तरसा दिया। आज पूरे दिन के खेल पर लोगों ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
Roston Chase, Jason Holder, & Shane Dowrish put together have played 44. 4% of Kuldeep's deliveries off the back-foot with a false shot% of 1. 8.
For the first time in this series, the West Indian batsman is dominating Indian spinners.
India's biggest problem is to dismiss the lower order batsmen.
This Is Now The Highes Partnership Of The Series For WI - Chase Involed In All Of The Three 50+ Stands.
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भारत और वेस्टइंडीज के बीच हैदराबाद में सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच शुरू हो चुका है। आज इस टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खेला गया। वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। दिन का खेल खत्म होने तक विंडीज टीम ने सात विकेट खोकर दो सौ पचानवे रन बना लिए थे। कप्तान जेसन होल्डर बावन रन बनाकर आउट हुए और रोस्टन अट्ठानवे रन बनाकर पिच पर टिके हुए हैं। पहले और दूसरे सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। आज दिन के चौथे ही ओवर में डेब्यू टेस्ट खेल रहे शार्दुल ठाकुर चोट की वजह से मैदान से बाहर चले गए। इसके बाद भी उमेश यादव, कुलदीप यादव और रविचंद्रन अश्विन ने टीम को सफलता दिलाई। दिन के अंतिम सत्र में विंडीज के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने भारतीय गेंदबाज और कप्तान विराट कोहली को विकेट के लिए तरसा दिया। आज पूरे दिन के खेल पर लोगों ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी। Roston Chase, Jason Holder, & Shane Dowrish put together have played चौंतालीस. चार% of Kuldeep's deliveries off the back-foot with a false shot% of एक. आठ. For the first time in this series, the West Indian batsman is dominating Indian spinners. India's biggest problem is to dismiss the lower order batsmen. This Is Now The Highes Partnership Of The Series For WI - Chase Involed In All Of The Three पचास+ Stands.
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बक्सर,बीपी। लोक नायक जयप्रकाश नारायण की धरती बिहार से केन्द्र सरकार को सत्ता से बेदखल करने को विपक्षी एकता का शंखनाद होगा। इतिहास गवाह है। जेपी के नैतिक दबाव के चलते सभी राजनीतिक पार्टियां एकजुट हो गई थी। कर्नाटक विधान सभा का चुनाव समाप्त होने के बाद तमाम विपक्षी दलों को एकजुट करने को प्रयास किया जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विपक्षी एकता के लिए शुरूआत कर चुकी है।
ये बातंे राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रखर वक्ता शिवानंद तिवारी ने रविवार को राजद द्वारा आयोजित डुमरांव अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला में भाग लेने से पहले डुमरांव में सन् 42 के बलिदानियों की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद पार्टी के दिवंगत नेता काशीनाथ प्रसाद के आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। राजद नेंता श्री तिवारी ने केन्द्र सरकार पर विपक्ष के नेताआंें को परेशान करने की नियत से सीबीआई का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है।
उन्होनें कहा कि इसका जागता मिशाल सत्यपाल मल्लिक है। श्री मल्लिक द्वारा पुलवामा की घटना के बारे में बोले जाने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। उन्होनें पुलवामा की घटना की चर्चा करते हुए कहा कि सैनिकों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा जहाज उपलब्ध नहींे कराया गया। पुलवामा की घटना के बारे में सरकार की खुफिया एजेंसी नें केन्द्र सरकार को पहले ही आगाह करा दिया था। उन्होनें कहा कि भाजपा के राजनाथ सिंह को नैतिकता के तहत जनमानस के समक्ष खुलासा करना चाहिए।
मौके पर अब्दुल अलीम हाशमी,राजीव कुमार,पूर्व पार्षद गुलाम सरवर,पत्रकार मनोज कुमार,संजय चंद्रबंशी, विजय कुमार, दिलीप कुमार एवं बिनोद कुमार आदि सर्मथक भी मौजूद थे। बाद में राजद के अन्य नेताओं में एमएलसी प्रो. रामबली सिंह,राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. सुबोध मेहता,प्रदेश प्रवक्ता सारिका पासवान,प्रदेश उपाध्यक्ष मधु मंजरी एवं प्रदेश महासचिव प्रतिमा यादव के संग श्री तिवारी स्थानीय नगर भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अनुमंडल स्तरीय आयोजित कार्यशाला में शिरकत करने को कूच कर गए।
राजद द्वारा डा. अंबेडकर परिचर्चा के नाम पर आयोजित कार्यशाला में ब्रम्हपुर विधायक शंभूनाथ यादव, जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह,रामजी सिंह यादव, अखिलेश कुमार सिंह एवं मंेहदी हसन सहित आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मंचासीन थे।
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बक्सर,बीपी। लोक नायक जयप्रकाश नारायण की धरती बिहार से केन्द्र सरकार को सत्ता से बेदखल करने को विपक्षी एकता का शंखनाद होगा। इतिहास गवाह है। जेपी के नैतिक दबाव के चलते सभी राजनीतिक पार्टियां एकजुट हो गई थी। कर्नाटक विधान सभा का चुनाव समाप्त होने के बाद तमाम विपक्षी दलों को एकजुट करने को प्रयास किया जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विपक्षी एकता के लिए शुरूआत कर चुकी है। ये बातंे राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रखर वक्ता शिवानंद तिवारी ने रविवार को राजद द्वारा आयोजित डुमरांव अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला में भाग लेने से पहले डुमरांव में सन् बयालीस के बलिदानियों की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद पार्टी के दिवंगत नेता काशीनाथ प्रसाद के आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। राजद नेंता श्री तिवारी ने केन्द्र सरकार पर विपक्ष के नेताआंें को परेशान करने की नियत से सीबीआई का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होनें कहा कि इसका जागता मिशाल सत्यपाल मल्लिक है। श्री मल्लिक द्वारा पुलवामा की घटना के बारे में बोले जाने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। उन्होनें पुलवामा की घटना की चर्चा करते हुए कहा कि सैनिकों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा जहाज उपलब्ध नहींे कराया गया। पुलवामा की घटना के बारे में सरकार की खुफिया एजेंसी नें केन्द्र सरकार को पहले ही आगाह करा दिया था। उन्होनें कहा कि भाजपा के राजनाथ सिंह को नैतिकता के तहत जनमानस के समक्ष खुलासा करना चाहिए। मौके पर अब्दुल अलीम हाशमी,राजीव कुमार,पूर्व पार्षद गुलाम सरवर,पत्रकार मनोज कुमार,संजय चंद्रबंशी, विजय कुमार, दिलीप कुमार एवं बिनोद कुमार आदि सर्मथक भी मौजूद थे। बाद में राजद के अन्य नेताओं में एमएलसी प्रो. रामबली सिंह,राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. सुबोध मेहता,प्रदेश प्रवक्ता सारिका पासवान,प्रदेश उपाध्यक्ष मधु मंजरी एवं प्रदेश महासचिव प्रतिमा यादव के संग श्री तिवारी स्थानीय नगर भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अनुमंडल स्तरीय आयोजित कार्यशाला में शिरकत करने को कूच कर गए। राजद द्वारा डा. अंबेडकर परिचर्चा के नाम पर आयोजित कार्यशाला में ब्रम्हपुर विधायक शंभूनाथ यादव, जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह,रामजी सिंह यादव, अखिलेश कुमार सिंह एवं मंेहदी हसन सहित आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मंचासीन थे।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर जो मंडी सदर से पिछले बार कांग्रेस की उम्मीदवार थी उन्होंने मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. मंडी के बिजणी स्थित जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश 68 विधायकों में मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा सबसे नाकाम विधायक साबित हुए हैं. चंपा ठाकुर जो जिला परिषद चुनावों में हर बार नए वार्ड से जीत हासिल करने का रिकार्ड कायम कर चुकी हैं व पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष भी रही हैं उन्होंने कहा कि विधायक से ज्यादा काम तो उन्होंने जिला परिषद सदस्य के तौर पर अपने सीमित साधनों से करवा दिए हैं.
इस समय प्रदेश में मंडी जिला के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर हैं, यदि विधायक चाहते तो कई बड़े काम उनसे करवा सकते थे मगर पहले कांग्रेस राज में कहते थे कि वीरभद्र उनकी नहीं सुनते और अब कहते हैं जय राम उनकी नहीं सुनते. चंपा ठाकुर ने हैरानी जताई कि पांच साल तक विधायक गायब रहे, न अपने क्षेत्र में गए, न विधानसभा में मंडी सदर को लेकर कोई सवाल पूछा, न मुख्यमंत्री के समक्ष कोई मुद्दा उठाया, आखिर मंडी की जनता ने उन्हें चुना हैं, कोरोना काल में कई लोग मर गए, कई परिवार दुखी हुए मगर विधायक ने किसी के दुख में शामिल होने या कोई मदद करने की जरूरत नहीं समझी. यहां तक कि जो नौकरियां सरकार दे रही हैं वह भी मंडी में दूसरे विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिल रही हैं, वह कोई सवाल तक नहीं उठा सके.
कांग्रेस नेत्री ने कहा हर वक्त वह अपने सम्मान की बात करते हैं, अपने परिवार की बात करते हैं मगर जिन मतदाताओं ने उन्हें वोट दिए हैं उनके उन्हें कोई चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि जय राम ने तो उन्हें भाजपा में आने व जीतने पर उर्जा मंत्री बना दिया था मगर वह इस विभाग में कुछ नहीं कर पाए. ऊर्जा मंत्री रहते हुए मंडी सदर की थाना पलौन परियोजना के लिए एक भी पैसा नहीं लाए. अनिल शर्मा के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेत्री ने कहा कि यह सब तो भविष्य के गर्भ में है, मगर चाहे कुछ भी हो वह इस बार मंडी सदर से चुनाव मैदान में उतरेंगी. मंडी सदर की जनता के लिए उसने काम किए हैं और वह इस बार कोई गलती न करके उन्हें विधानसभा में पहुंचाएगी. उन्होंने अन्य किसी भी दल में जाने को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि राजनीति में सभी विकल्प खुले रहते हैं.
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर जो मंडी सदर से पिछले बार कांग्रेस की उम्मीदवार थी उन्होंने मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. मंडी के बिजणी स्थित जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश अड़सठ विधायकों में मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा सबसे नाकाम विधायक साबित हुए हैं. चंपा ठाकुर जो जिला परिषद चुनावों में हर बार नए वार्ड से जीत हासिल करने का रिकार्ड कायम कर चुकी हैं व पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष भी रही हैं उन्होंने कहा कि विधायक से ज्यादा काम तो उन्होंने जिला परिषद सदस्य के तौर पर अपने सीमित साधनों से करवा दिए हैं. इस समय प्रदेश में मंडी जिला के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर हैं, यदि विधायक चाहते तो कई बड़े काम उनसे करवा सकते थे मगर पहले कांग्रेस राज में कहते थे कि वीरभद्र उनकी नहीं सुनते और अब कहते हैं जय राम उनकी नहीं सुनते. चंपा ठाकुर ने हैरानी जताई कि पांच साल तक विधायक गायब रहे, न अपने क्षेत्र में गए, न विधानसभा में मंडी सदर को लेकर कोई सवाल पूछा, न मुख्यमंत्री के समक्ष कोई मुद्दा उठाया, आखिर मंडी की जनता ने उन्हें चुना हैं, कोरोना काल में कई लोग मर गए, कई परिवार दुखी हुए मगर विधायक ने किसी के दुख में शामिल होने या कोई मदद करने की जरूरत नहीं समझी. यहां तक कि जो नौकरियां सरकार दे रही हैं वह भी मंडी में दूसरे विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिल रही हैं, वह कोई सवाल तक नहीं उठा सके. कांग्रेस नेत्री ने कहा हर वक्त वह अपने सम्मान की बात करते हैं, अपने परिवार की बात करते हैं मगर जिन मतदाताओं ने उन्हें वोट दिए हैं उनके उन्हें कोई चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि जय राम ने तो उन्हें भाजपा में आने व जीतने पर उर्जा मंत्री बना दिया था मगर वह इस विभाग में कुछ नहीं कर पाए. ऊर्जा मंत्री रहते हुए मंडी सदर की थाना पलौन परियोजना के लिए एक भी पैसा नहीं लाए. अनिल शर्मा के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेत्री ने कहा कि यह सब तो भविष्य के गर्भ में है, मगर चाहे कुछ भी हो वह इस बार मंडी सदर से चुनाव मैदान में उतरेंगी. मंडी सदर की जनता के लिए उसने काम किए हैं और वह इस बार कोई गलती न करके उन्हें विधानसभा में पहुंचाएगी. उन्होंने अन्य किसी भी दल में जाने को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि राजनीति में सभी विकल्प खुले रहते हैं.
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विभिन्न इत्र - Armelle नेटवर्क विपणन कंपनी 2015 में इसके उत्पाद क्रास्नोडार में अपना काम शुरू कर दिया। इस छोटी सी अवधि के दौरान कंपनी, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाहर आया ही प्रसिद्ध नहीं है लेकिन यह भी लोकप्रिय हो गया। क्या प्रतिक्रिया Armelle उत्पादों और क्या एकत्र करता है अपनी लोकप्रियता के आधार?
कंपनी "Armel"
रचनाकारों का दावा है कि कच्चे फ्रांस से आयातित सामग्री, रूस में स्थित उद्यमों से बनाए गए उत्पादों। उत्पादन के लिए सार कारखाने Arzhevil पर Grasse में बनाई गई है,। सभी घटकों मॉस्को क्षेत्र में कारखाने के लिए दिया जाता है। इधर, कंपनी "इत्र शैली", वहाँ इत्र के निर्माण के रहस्य है।
बिक्री के एक नेटवर्क विपणन कंपनी के माध्यम से होता है। वितरक जांच और उत्पादों है कि और अधिक महंगा बेचने खरीदते हैं।
कई शहरों में, कंपनी Armelle कार्यालय खोले। ग्राहकों से प्रतिक्रिया अपने कर्तव्यों के लिए कर्मचारियों को ईमानदार रवैया की है कि सबसे अधिक सुझाव देते हैं। लेकिन, किसी भी व्यवसाय में के रूप में, वहाँ अक्षम कंपनी की छवि को कम कर रहे हैं।
- जैल।
- बाम।
- शैंपू और कंडिशनर।
- टूथपेस्ट।
- हवा फ्रेशनर।
- "स्वास्थ्य" उत्पादों की दिशा।
Armelle आत्माओं प्रीमियम वर्ग के हैं। यह लाइसेंस लूप जायके। कई खरीदारों की समीक्षा का कहना है कि आवेदन के बाद वे पता चला रहे हैं, उम्मीद के रूप में, तीन नोट में। Armelle की आत्माओं कृत्रिम फिक्सरों से कोई कठोर odors। वे केवल प्राकृतिक है। एक ही समय में पर्याप्त रूप से स्थिर इत्र, 20% तक सुगन्धित सामग्री की एकाग्रता।
सार, ठंडा और फ़िल्टर्ड शराब, प्राकृतिक hardener एक विशेष तरीके से मिलाया जाता है। दो महीने आत्माओं पकाना। इस समय के दौरान, सभी अवयवों बातचीत, एक सामंजस्यपूर्ण उत्पाद बनाने।
इत्र की एक बूंद के लिए तैयार की बोतलों में डाल दिया है। सदस्यों का कहना है कि इटली में खरीद रहे हैं। निर्माता का दावा है कि वे फ्रेंच स्वामी द्वारा बनाई गई हैं। एक भरने पर 3 घंटे तक का समय लग सकता है। फिर, छह सप्ताह आत्माओं जोर दिया। इस स्तर के बाद, वे बिक्री पर चलते हैं। किसी भी खरीदार द्वारा खरीद सकते हैं Armelle आत्माओं। समीक्षा कुछ उपयोगकर्ताओं के सुझाव है कि कंपनी लगभग सभी जायके की एक पंक्ति, प्रसिद्ध ब्रांडों की दुकानों में प्रस्तुत किया है। सभी "Armel" पुरुषों और महिलाओं के लिए के बारे में 60 सुगंधों की पंक्ति में।
कंपनी की गतिविधियों में यह नई दिशा। यह दृढ़ तत्काल पेय के उत्पादन के साथ शुरू होता है। यह नींबू का रस, हल्दी, समुद्र हिरन का सींग, फ्रक्टोज के होते हैं। इन पदार्थों, याददाश्त में सुधार करने में मदद करने प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया गया है।
निर्माताओं का दावा है कि पेय सूजन और यहां तक कि कैंसर से बचाता है। यह चयापचय में सुधार। इसलिए सामान्य रूप में और विशेष रूप से त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा। घटी हुई भूख वजन कम करने में मदद करता है।
आत्माओं की समीक्षा से संकेत मिलता है कि वे कुछ संख्या के साथ मानक बोतलों में उपलब्ध हैं। यही कारण है कि आत्माओं के नाम नहीं है, है, और संख्या है कि कुछ ब्रांडों के अनुरूप हैं। लेकिन उन भ्रमित नहीं कर रहे हैं। वे मानते हैं कि आत्माओं में सबसे महत्वपूर्ण बात यह - गुणवत्ता, नहीं आकर्षक नाम और सुंदर पैकेजिंग।
ऐसा क्यों है कमरे के करीब है और आप अक्सर नाम देख सकते हैं? खरीदारों की व्याख्या है कि कंपनी अपने स्वयं के सूत्रों की आत्माओं के लिए तैयार किया जाता है। लेकिन समझाने के लिए क्या दिशा हम इस उत्पाद मिल गया है, तो आप एक ऐसी ही, पहले से ही ज्ञात खरीदार यह निर्दिष्ट करने के लिए की जरूरत है।
उत्पादों के बीच पुरुष और महिला Armelle श्रृंखला देखते हैं। कई लोगों की समीक्षा उत्साह से फर्म के उत्पादों के बारे में बात कर रहे हैं। उनका दावा है कि समय तक चलने वाले आत्माओं खुशबू। एक महत्वपूर्ण संपत्ति है कि वे एलर्जी का कारण नहीं है है।
के बाद से कंपनी अपेक्षाकृत युवा, इन उत्पादों में से चयन करने के लिए अविश्वास के साथ कई उपभोक्ताओं है। लेकिन परीक्षण के बाद जांच बहुमत के संदेह को दूर करने के लिए शुरू करते हैं। विशेष रूप से के बाद वे हाथ धोने के बाद भी एक सूक्ष्म इत्र नोटिस।
खरीदारों का कहना है कि आत्माओं एक शॉवर के बाद शरीर पर लागू होते हैं। आप पहली बार अपने त्वचा क्रीम पर डाल दिया है, तो गंध और अधिक स्थिर हो जाएगा।
एक ही प्रशंसा की जैल, बाम, टूथपेस्ट पर प्राप्त किया। खरीदारों का कहना है कि वे उच्च गुणवत्ता हैं, वे कोई संदेह नहीं है, सस्ते घटक शामिल हैं।
तथ्य की तरह उन है कि ग्राहकों को कई दुकानों में अवसर वांछित स्वाद परिभाषित करने के लिए। यह जो पहले से टेलीफोन द्वारा बुक किया जा सकता अरोमा थेरेपी के चयन के समय, पर किया जा सकता है।
इन उपयोगकर्ताओं को इस निष्कर्ष पर कि Armelle उत्पादों में "मूल्य गुणवत्ता" के अनुपात सही आते हैं।
लेकिन सभी उत्पादों को पसंद करने Armelle। कुछ उपयोगकर्ताओं की समीक्षा का कहना है कि उन लोगों से इत्र की गंध परिवार से किसी को भी नहीं सुन सकते हैं। इस तरह वे केवल जो पहले से ही एक सस्ते नकली का आनंद लिया जा सकता है। उनका तर्क है कि खुशबू केवल कपड़ों के लिए रहता है, लेकिन त्वचा में नहीं है, और फिर थोड़े समय, Eau डे वस्र प्रसिद्ध ब्रांडों की तुलना में कम। उत्पाद का एक दिलचस्प सुविधा, कुछ उपयोगकर्ताओं को देखा। जांच और शीशी खरीदा में सुगंध काफी हद तक एक दूसरे से अलग।
वहाँ गुणवत्ता Armelle जायके के बारे में शिकायतों हैं। कई उपयोगकर्ताओं की समीक्षा का कहना है कि प्रकटीकरण नोट नहीं है। सबसे पहले स्वाद, बिना खोले ही बैठने के एक नीरस गंध के बाद। इन उपभोक्ताओं को सभी नेटवर्क निर्माण कंपनियों का आत्माओं Armelle सबसे खराब विश्वास करते हैं। क्या उनके विरोधियों देखा कि आदमी के मजबूत गंध - अच्छा स्वाद का एक संकेत हमेशा नहीं। इसके अलावा, अलग अलग लोगों पर एक ही स्वाद अलग ध्वनि कर सकते हैं।
यह माना जाता है कि गंध "Armel" है - सस्ते, खुशबू आ रही है (और यहां तक कि बदबू आ रही है) साबुन।
उपयोगकर्ता समीक्षाएं सुझाव है कि उत्पादों की कीमत, "Armel" एक ही तुलना में कम है, लेकिन अन्य निर्माताओं। यह तथ्य यह है कि यह अभी भी ब्रांडेड नहीं कर रहा है के कारण है। जो है, कंपनी के ब्रांड ही कुछ सुगंधों के अधिकार के बजाय हासिल कर ली। यह सस्ता गुणवत्ता वाले उत्पादों perfumeries बनाने के लिए योजना का हिस्सा था। हैंडलिंग चार्ज कम है। इसके अलावा, उत्पादों के द्वारा वितरित कर रहे हैं प्रत्यक्ष बिक्री। यह परिसर के विज्ञापन, किराए पर लेने में निवेश की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, उत्पादों के वितरक ज्यादा पारंपरिक दुकानों में से सस्ता है।
जांच किट के बारे में 2 हजार के लिए खरीदा जा सकता है। रगड़ें। खुदरा (50 एमएल) में आत्माओं लगभग 1500 रूबल खर्च। , और वितरक कीमत सिर्फ 880 रूबल। कैसे कंपनी के एक वितरक लाभों का आनंद बनने के लिए? यह एक उत्पाद परीक्षक खरीदने के लिए काफी है। आप हजार की एक अतिरिक्त जोड़ी, और आत्माओं या जेल वांछनीय प्राप्त करने के लिए नहीं है, तो, बस एक खाता बनाने के लिए, 100 रूबल की कुल बना रही है। यह किसी भी साथी की एक कोड बुलाया जाना चाहिए। उसके बाद, आप सभी इत्र Armelle के लिए उपयोग होगा। कई कर्मचारियों की समीक्षा कहते हैं कि यह बहुत सुविधाजनक है।
कंपनी के उत्पादों सस्ता खरीदने के लिए ठीक है, नए लोगों के इस तरह के अवसरों के लिए खुला छोड़करः
- बिक्री के लिए मार्जिन 40-80 प्रतिशत है।
- हर किसी को शामिल वितरक के लिए वे एक निश्चित बोनस मिलता है।
- इसके अलावा, बोनस विकास की संरचना पर सम्मानित किया जाता है।
वे पाते हैं कि इन शर्तों के कर्मचारियों के लिए बहुत अच्छे हैं। उत्पादों को उच्च गुणवत्ता, उत्साह सक्रिय स्थिति की उपस्थिति में हैं, तो बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त किया जा सकता है। एक कंपनी में काम करने के लिए 14 साल के साथ एक वितरक हो सकता है। यह युवा लोगों को बिक्री में अपने हाथ आजमा सकते हैं।
लेकिन सभी खरीददारों कर्मचारियों Armelle के साथ संचार का सकारात्मक छापों बने हुए हैं। ग्राहक समीक्षा का कहना है कि कंपनी ग्राहकों के साथ काम करने के लिए तैयार नहीं किया जा रहा है। इसलिए, स्टाफ के कुछ संभावित ग्राहकों के लिए असभ्य हैं, उन्हें हतोत्साहित उत्पादों की खरीद करने के लिए। शायद नेताओं ग्राहकों के साथ काम पर कुछ प्रशिक्षण या सेमिनारों को शुरू करने की जरूरत है।
यह भी कंपनी के कर्मचारियों की प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करने के लायक है, वे उत्पादों Armelle पसंद है। श्रमिकों की समीक्षा का कहना है कि वे काम करते हैं और इस नेटवर्क विपणन कंपनी में शर्तों के साथ काफी संतुष्ट हैं।
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विभिन्न इत्र - Armelle नेटवर्क विपणन कंपनी दो हज़ार पंद्रह में इसके उत्पाद क्रास्नोडार में अपना काम शुरू कर दिया। इस छोटी सी अवधि के दौरान कंपनी, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाहर आया ही प्रसिद्ध नहीं है लेकिन यह भी लोकप्रिय हो गया। क्या प्रतिक्रिया Armelle उत्पादों और क्या एकत्र करता है अपनी लोकप्रियता के आधार? कंपनी "Armel" रचनाकारों का दावा है कि कच्चे फ्रांस से आयातित सामग्री, रूस में स्थित उद्यमों से बनाए गए उत्पादों। उत्पादन के लिए सार कारखाने Arzhevil पर Grasse में बनाई गई है,। सभी घटकों मॉस्को क्षेत्र में कारखाने के लिए दिया जाता है। इधर, कंपनी "इत्र शैली", वहाँ इत्र के निर्माण के रहस्य है। बिक्री के एक नेटवर्क विपणन कंपनी के माध्यम से होता है। वितरक जांच और उत्पादों है कि और अधिक महंगा बेचने खरीदते हैं। कई शहरों में, कंपनी Armelle कार्यालय खोले। ग्राहकों से प्रतिक्रिया अपने कर्तव्यों के लिए कर्मचारियों को ईमानदार रवैया की है कि सबसे अधिक सुझाव देते हैं। लेकिन, किसी भी व्यवसाय में के रूप में, वहाँ अक्षम कंपनी की छवि को कम कर रहे हैं। - जैल। - बाम। - शैंपू और कंडिशनर। - टूथपेस्ट। - हवा फ्रेशनर। - "स्वास्थ्य" उत्पादों की दिशा। Armelle आत्माओं प्रीमियम वर्ग के हैं। यह लाइसेंस लूप जायके। कई खरीदारों की समीक्षा का कहना है कि आवेदन के बाद वे पता चला रहे हैं, उम्मीद के रूप में, तीन नोट में। Armelle की आत्माओं कृत्रिम फिक्सरों से कोई कठोर odors। वे केवल प्राकृतिक है। एक ही समय में पर्याप्त रूप से स्थिर इत्र, बीस% तक सुगन्धित सामग्री की एकाग्रता। सार, ठंडा और फ़िल्टर्ड शराब, प्राकृतिक hardener एक विशेष तरीके से मिलाया जाता है। दो महीने आत्माओं पकाना। इस समय के दौरान, सभी अवयवों बातचीत, एक सामंजस्यपूर्ण उत्पाद बनाने। इत्र की एक बूंद के लिए तैयार की बोतलों में डाल दिया है। सदस्यों का कहना है कि इटली में खरीद रहे हैं। निर्माता का दावा है कि वे फ्रेंच स्वामी द्वारा बनाई गई हैं। एक भरने पर तीन घंटाटे तक का समय लग सकता है। फिर, छह सप्ताह आत्माओं जोर दिया। इस स्तर के बाद, वे बिक्री पर चलते हैं। किसी भी खरीदार द्वारा खरीद सकते हैं Armelle आत्माओं। समीक्षा कुछ उपयोगकर्ताओं के सुझाव है कि कंपनी लगभग सभी जायके की एक पंक्ति, प्रसिद्ध ब्रांडों की दुकानों में प्रस्तुत किया है। सभी "Armel" पुरुषों और महिलाओं के लिए के बारे में साठ सुगंधों की पंक्ति में। कंपनी की गतिविधियों में यह नई दिशा। यह दृढ़ तत्काल पेय के उत्पादन के साथ शुरू होता है। यह नींबू का रस, हल्दी, समुद्र हिरन का सींग, फ्रक्टोज के होते हैं। इन पदार्थों, याददाश्त में सुधार करने में मदद करने प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया गया है। निर्माताओं का दावा है कि पेय सूजन और यहां तक कि कैंसर से बचाता है। यह चयापचय में सुधार। इसलिए सामान्य रूप में और विशेष रूप से त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा। घटी हुई भूख वजन कम करने में मदद करता है। आत्माओं की समीक्षा से संकेत मिलता है कि वे कुछ संख्या के साथ मानक बोतलों में उपलब्ध हैं। यही कारण है कि आत्माओं के नाम नहीं है, है, और संख्या है कि कुछ ब्रांडों के अनुरूप हैं। लेकिन उन भ्रमित नहीं कर रहे हैं। वे मानते हैं कि आत्माओं में सबसे महत्वपूर्ण बात यह - गुणवत्ता, नहीं आकर्षक नाम और सुंदर पैकेजिंग। ऐसा क्यों है कमरे के करीब है और आप अक्सर नाम देख सकते हैं? खरीदारों की व्याख्या है कि कंपनी अपने स्वयं के सूत्रों की आत्माओं के लिए तैयार किया जाता है। लेकिन समझाने के लिए क्या दिशा हम इस उत्पाद मिल गया है, तो आप एक ऐसी ही, पहले से ही ज्ञात खरीदार यह निर्दिष्ट करने के लिए की जरूरत है। उत्पादों के बीच पुरुष और महिला Armelle श्रृंखला देखते हैं। कई लोगों की समीक्षा उत्साह से फर्म के उत्पादों के बारे में बात कर रहे हैं। उनका दावा है कि समय तक चलने वाले आत्माओं खुशबू। एक महत्वपूर्ण संपत्ति है कि वे एलर्जी का कारण नहीं है है। के बाद से कंपनी अपेक्षाकृत युवा, इन उत्पादों में से चयन करने के लिए अविश्वास के साथ कई उपभोक्ताओं है। लेकिन परीक्षण के बाद जांच बहुमत के संदेह को दूर करने के लिए शुरू करते हैं। विशेष रूप से के बाद वे हाथ धोने के बाद भी एक सूक्ष्म इत्र नोटिस। खरीदारों का कहना है कि आत्माओं एक शॉवर के बाद शरीर पर लागू होते हैं। आप पहली बार अपने त्वचा क्रीम पर डाल दिया है, तो गंध और अधिक स्थिर हो जाएगा। एक ही प्रशंसा की जैल, बाम, टूथपेस्ट पर प्राप्त किया। खरीदारों का कहना है कि वे उच्च गुणवत्ता हैं, वे कोई संदेह नहीं है, सस्ते घटक शामिल हैं। तथ्य की तरह उन है कि ग्राहकों को कई दुकानों में अवसर वांछित स्वाद परिभाषित करने के लिए। यह जो पहले से टेलीफोन द्वारा बुक किया जा सकता अरोमा थेरेपी के चयन के समय, पर किया जा सकता है। इन उपयोगकर्ताओं को इस निष्कर्ष पर कि Armelle उत्पादों में "मूल्य गुणवत्ता" के अनुपात सही आते हैं। लेकिन सभी उत्पादों को पसंद करने Armelle। कुछ उपयोगकर्ताओं की समीक्षा का कहना है कि उन लोगों से इत्र की गंध परिवार से किसी को भी नहीं सुन सकते हैं। इस तरह वे केवल जो पहले से ही एक सस्ते नकली का आनंद लिया जा सकता है। उनका तर्क है कि खुशबू केवल कपड़ों के लिए रहता है, लेकिन त्वचा में नहीं है, और फिर थोड़े समय, Eau डे वस्र प्रसिद्ध ब्रांडों की तुलना में कम। उत्पाद का एक दिलचस्प सुविधा, कुछ उपयोगकर्ताओं को देखा। जांच और शीशी खरीदा में सुगंध काफी हद तक एक दूसरे से अलग। वहाँ गुणवत्ता Armelle जायके के बारे में शिकायतों हैं। कई उपयोगकर्ताओं की समीक्षा का कहना है कि प्रकटीकरण नोट नहीं है। सबसे पहले स्वाद, बिना खोले ही बैठने के एक नीरस गंध के बाद। इन उपभोक्ताओं को सभी नेटवर्क निर्माण कंपनियों का आत्माओं Armelle सबसे खराब विश्वास करते हैं। क्या उनके विरोधियों देखा कि आदमी के मजबूत गंध - अच्छा स्वाद का एक संकेत हमेशा नहीं। इसके अलावा, अलग अलग लोगों पर एक ही स्वाद अलग ध्वनि कर सकते हैं। यह माना जाता है कि गंध "Armel" है - सस्ते, खुशबू आ रही है साबुन। उपयोगकर्ता समीक्षाएं सुझाव है कि उत्पादों की कीमत, "Armel" एक ही तुलना में कम है, लेकिन अन्य निर्माताओं। यह तथ्य यह है कि यह अभी भी ब्रांडेड नहीं कर रहा है के कारण है। जो है, कंपनी के ब्रांड ही कुछ सुगंधों के अधिकार के बजाय हासिल कर ली। यह सस्ता गुणवत्ता वाले उत्पादों perfumeries बनाने के लिए योजना का हिस्सा था। हैंडलिंग चार्ज कम है। इसके अलावा, उत्पादों के द्वारा वितरित कर रहे हैं प्रत्यक्ष बिक्री। यह परिसर के विज्ञापन, किराए पर लेने में निवेश की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, उत्पादों के वितरक ज्यादा पारंपरिक दुकानों में से सस्ता है। जांच किट के बारे में दो हजार के लिए खरीदा जा सकता है। रगड़ें। खुदरा में आत्माओं लगभग एक हज़ार पाँच सौ रूबल खर्च। , और वितरक कीमत सिर्फ आठ सौ अस्सी रूबल। कैसे कंपनी के एक वितरक लाभों का आनंद बनने के लिए? यह एक उत्पाद परीक्षक खरीदने के लिए काफी है। आप हजार की एक अतिरिक्त जोड़ी, और आत्माओं या जेल वांछनीय प्राप्त करने के लिए नहीं है, तो, बस एक खाता बनाने के लिए, एक सौ रूबल की कुल बना रही है। यह किसी भी साथी की एक कोड बुलाया जाना चाहिए। उसके बाद, आप सभी इत्र Armelle के लिए उपयोग होगा। कई कर्मचारियों की समीक्षा कहते हैं कि यह बहुत सुविधाजनक है। कंपनी के उत्पादों सस्ता खरीदने के लिए ठीक है, नए लोगों के इस तरह के अवसरों के लिए खुला छोड़करः - बिक्री के लिए मार्जिन चालीस-अस्सी प्रतिशत है। - हर किसी को शामिल वितरक के लिए वे एक निश्चित बोनस मिलता है। - इसके अलावा, बोनस विकास की संरचना पर सम्मानित किया जाता है। वे पाते हैं कि इन शर्तों के कर्मचारियों के लिए बहुत अच्छे हैं। उत्पादों को उच्च गुणवत्ता, उत्साह सक्रिय स्थिति की उपस्थिति में हैं, तो बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त किया जा सकता है। एक कंपनी में काम करने के लिए चौदह साल के साथ एक वितरक हो सकता है। यह युवा लोगों को बिक्री में अपने हाथ आजमा सकते हैं। लेकिन सभी खरीददारों कर्मचारियों Armelle के साथ संचार का सकारात्मक छापों बने हुए हैं। ग्राहक समीक्षा का कहना है कि कंपनी ग्राहकों के साथ काम करने के लिए तैयार नहीं किया जा रहा है। इसलिए, स्टाफ के कुछ संभावित ग्राहकों के लिए असभ्य हैं, उन्हें हतोत्साहित उत्पादों की खरीद करने के लिए। शायद नेताओं ग्राहकों के साथ काम पर कुछ प्रशिक्षण या सेमिनारों को शुरू करने की जरूरत है। यह भी कंपनी के कर्मचारियों की प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करने के लायक है, वे उत्पादों Armelle पसंद है। श्रमिकों की समीक्षा का कहना है कि वे काम करते हैं और इस नेटवर्क विपणन कंपनी में शर्तों के साथ काफी संतुष्ट हैं।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। वे अपनी सरकार के 2 साल पूरे कर चुके हैं। दोपहर बाद वे राज्यपाल से मिलेंगे।
नई दिल्ली. सारी अटकलों को विराम देते हुए कर्नाटक के उम्रदराज मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया है. सुबह उन्होंने इस्तीफा का ऐलान कर दिया था। हालांकि, ऐलान के दौरान वे भावुक नजर आए। वे अपनी सरकार के 2 साल पूरे कर चुके हैं। दोपहर बाद वे राज्यपाल से मिलें।
सोमवार को अपने इस्तीफा के ऐलान के दौरान येदियुरप्पा ने भावुक होकर कहा कि वे अपनी सरकार के 2 साल पूरे कर चुके हैं। इसके जश्न में वे हिस्सा लेंगे। दोपहर का भोजन करेंगे। इसके बाद राजभवन जाकर इस्तीफा सौंपेंगे। येदियुरप्पा के इस्तीफे का फैसला ऐसे समय में आया है जब तटीय और उत्तरी कर्नाटक बाढ़ की चपेट में है। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह के बीच बैठक हुई।
माना जा रहा है कि लिंगायत समुदाय से ही किसी को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, क्योंकि येदियुरप्पा भी इसी समुदाय से आते हैं। लेकिन इसे लेकर अभी संशय है। इन नामों की चर्चा- बसवराज बोम्मई, विश्वेश्वरा हेगड़े कगेरी, एमआर निरानी के अलावा केंद्रीय कोयला खनन मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी का नाम भी चर्चा में है।
येदियुरप्पा पहली बार 12 नवंबर 2007 को मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि सात दिन बाद यानी 19 नवंबर 2007 को उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। 30 मई 2008 को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन 4 अगस्त 2011 को इस्तीफा देना पड़ा। तीसरी बार 17 मई 2018 को मुख्यमंत्री बने, लेकिन 6 दिन बाद ही 23 मई 2018 को इस्तीफा देना पड़ गया। चौथी बार 26 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री बने थे।
अपने इस्तीफे के ऐलान के बाद येदियुरप्पा ने एक के बाद tweet किए। उन्होंने कहा-अंत्योदय के जरिये सर्वोदय हमारी पार्टी गाइडलाइन रही है। पिछले 50 वर्षों में गरीब, उत्पीड़ित, पिछड़े समुदायों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों का उत्थान मेरी प्राथमिकता रही है। मैंने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
पंडित दीन दयाल उपाध्यायजी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटलजी, आडवाणीजी, मुरली मनोहर जोशीजी से लेकर हमारे सभी बड़े नेताओं ने मुझे राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने के लिए प्रेरित किया। मुझे मोदीजी, अमित शाहजी और नड्डाजी का भी अपार प्यार और समर्थन मिला है।
जगज्योति बसवन्ना के कायाक के दर्शन, दसोहा तत्व और सिद्धगंगा मठ के लिंगैक्य श्री शिवकुमार स्वामीजी के जीवन से गहराई से प्रभावित होकर मैंने अपने पूरे 50 साल के सार्वजनिक जीवन को राष्ट्र निर्माण और कर्नाटक के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समर्पित किया है।
येदियुरप्पा ने भावुक होकर यह बात कहकर सबको चौंका दिया कि लोगों ने सत्तारूढ़ भाजपा में अपना विश्वास खो दिया है। पार्टी के ऊपर अब इसे चुकाने का कर्ज है। येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी के विधायकों से कड़ी मेहनत करने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें कड़ी मेहनत और ईमानदारी से काम करना चाहिए।
78 वर्षीय नेता ने आगे कहा-"वाजपेयी चाहते थे कि मैं केंद्र में मंत्री बनूं। लेकिन मैंने उनसे कहा कि मुझे कर्नाटक में रहना चाहिए। मैं दिल्ली नहीं जाना चाहता था। मैं पार्टी को मजबूत करना चाहता था। आज भाजपा राज्य में सत्ता में है। शिकारीपुरा के लोगों ने मुझे सात बार विधायक बनाया है। लोगों ने मेरा हाथ नहीं छोड़ा। "
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। 25 जुलाई को येदियुरप्पा ने बतौर मुख्यमंत्री 2 साल पूरे किए हैं। कुछ दिन पहले जब वे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे थे, तब पहले उन्होंने इस्तीफे की खबरों को गलत बताया था। हालांकि बाद में कहा था कि 25 जुलाई को हाईकमान जो निर्देश देगा; वे उसका पालन करेंगे। बता दें कि येदियुरप्पा 75 साल के हो चुके हैं। अधिक उम्र के कारण ही उन पर पद छोड़ने का दबाव था। लेकिन वे यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि अगले 2 साल तक पार्टी में सक्रिय रहकर सेवा करते रहेंगे।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। वे अपनी सरकार के दो साल पूरे कर चुके हैं। दोपहर बाद वे राज्यपाल से मिलेंगे। नई दिल्ली. सारी अटकलों को विराम देते हुए कर्नाटक के उम्रदराज मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया है. सुबह उन्होंने इस्तीफा का ऐलान कर दिया था। हालांकि, ऐलान के दौरान वे भावुक नजर आए। वे अपनी सरकार के दो साल पूरे कर चुके हैं। दोपहर बाद वे राज्यपाल से मिलें। सोमवार को अपने इस्तीफा के ऐलान के दौरान येदियुरप्पा ने भावुक होकर कहा कि वे अपनी सरकार के दो साल पूरे कर चुके हैं। इसके जश्न में वे हिस्सा लेंगे। दोपहर का भोजन करेंगे। इसके बाद राजभवन जाकर इस्तीफा सौंपेंगे। येदियुरप्पा के इस्तीफे का फैसला ऐसे समय में आया है जब तटीय और उत्तरी कर्नाटक बाढ़ की चपेट में है। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह के बीच बैठक हुई। माना जा रहा है कि लिंगायत समुदाय से ही किसी को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, क्योंकि येदियुरप्पा भी इसी समुदाय से आते हैं। लेकिन इसे लेकर अभी संशय है। इन नामों की चर्चा- बसवराज बोम्मई, विश्वेश्वरा हेगड़े कगेरी, एमआर निरानी के अलावा केंद्रीय कोयला खनन मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी का नाम भी चर्चा में है। येदियुरप्पा पहली बार बारह नवंबर दो हज़ार सात को मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि सात दिन बाद यानी उन्नीस नवंबर दो हज़ार सात को उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। तीस मई दो हज़ार आठ को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन चार अगस्त दो हज़ार ग्यारह को इस्तीफा देना पड़ा। तीसरी बार सत्रह मई दो हज़ार अट्ठारह को मुख्यमंत्री बने, लेकिन छः दिन बाद ही तेईस मई दो हज़ार अट्ठारह को इस्तीफा देना पड़ गया। चौथी बार छब्बीस जुलाई दो हज़ार उन्नीस को मुख्यमंत्री बने थे। अपने इस्तीफे के ऐलान के बाद येदियुरप्पा ने एक के बाद tweet किए। उन्होंने कहा-अंत्योदय के जरिये सर्वोदय हमारी पार्टी गाइडलाइन रही है। पिछले पचास वर्षों में गरीब, उत्पीड़ित, पिछड़े समुदायों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों का उत्थान मेरी प्राथमिकता रही है। मैंने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। पंडित दीन दयाल उपाध्यायजी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटलजी, आडवाणीजी, मुरली मनोहर जोशीजी से लेकर हमारे सभी बड़े नेताओं ने मुझे राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने के लिए प्रेरित किया। मुझे मोदीजी, अमित शाहजी और नड्डाजी का भी अपार प्यार और समर्थन मिला है। जगज्योति बसवन्ना के कायाक के दर्शन, दसोहा तत्व और सिद्धगंगा मठ के लिंगैक्य श्री शिवकुमार स्वामीजी के जीवन से गहराई से प्रभावित होकर मैंने अपने पूरे पचास साल के सार्वजनिक जीवन को राष्ट्र निर्माण और कर्नाटक के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समर्पित किया है। येदियुरप्पा ने भावुक होकर यह बात कहकर सबको चौंका दिया कि लोगों ने सत्तारूढ़ भाजपा में अपना विश्वास खो दिया है। पार्टी के ऊपर अब इसे चुकाने का कर्ज है। येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी के विधायकों से कड़ी मेहनत करने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें कड़ी मेहनत और ईमानदारी से काम करना चाहिए। अठहत्तर वर्षीय नेता ने आगे कहा-"वाजपेयी चाहते थे कि मैं केंद्र में मंत्री बनूं। लेकिन मैंने उनसे कहा कि मुझे कर्नाटक में रहना चाहिए। मैं दिल्ली नहीं जाना चाहता था। मैं पार्टी को मजबूत करना चाहता था। आज भाजपा राज्य में सत्ता में है। शिकारीपुरा के लोगों ने मुझे सात बार विधायक बनाया है। लोगों ने मेरा हाथ नहीं छोड़ा। " कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। पच्चीस जुलाई को येदियुरप्पा ने बतौर मुख्यमंत्री दो साल पूरे किए हैं। कुछ दिन पहले जब वे दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे थे, तब पहले उन्होंने इस्तीफे की खबरों को गलत बताया था। हालांकि बाद में कहा था कि पच्चीस जुलाई को हाईकमान जो निर्देश देगा; वे उसका पालन करेंगे। बता दें कि येदियुरप्पा पचहत्तर साल के हो चुके हैं। अधिक उम्र के कारण ही उन पर पद छोड़ने का दबाव था। लेकिन वे यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि अगले दो साल तक पार्टी में सक्रिय रहकर सेवा करते रहेंगे।
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२६ - प्रयोगवाद ०
( श्री राजनाथ शर्मा, एम० ए० )
हिन्दी साहित्य में पिछले लगभग बारह, तेरह वर्षों से एक ऐसी नवीन काव्य-प्रवृत्ति के दर्शन होने लगे है जिसे उसके उन्नायकी एवं श्रालोचकों ने प्रयोगवाद की सज्ञा दी है। यों तो प्रत्येक युग में वर्ण्य विषय, शैली श्रादि के क्षेत्र में नई २ उद्भावनाएँ होती रहती है। श्रेष्ठ कलाकार नवीन प्रयोगों द्वारा भावी पथ को प्रशस्त बनाते रहत है । हिन्दी साहित्य में भी उसके प्रारम्भिक काल से लेकर ग्राजतक भिन्न भिन्न प्रकार के प्रयोग होते है। परन्तु हिन्दी की इस नवीनतम प्रवृत्ति को जो 'प्रयोगवाद' की सज्ञा दी गई है वह उसके 'प्रयोग' शब्द की व्यापकता का परिचायक न होकर एक प्रवृत्ति विशेष घे लिए रूट सा हो गया है। जिस प्रकार 'प्रगतिवाद' शब्द सामान्य प्रगति का परिवायक न रह पर साम्यवादी विचारधारा से प्रभावित साहित्य का परिचायक वन गया है उसी प्रकार प्रयोगवाद भी विकासोन्मुख एवं स्वस्थ कल्याणकारी साहित्यिक प्रयोगों का परिचायक न रह कर एक प्रतिक्रियावादी सकीर्ण एव रुग्ण विचारधारा के लिए प्रयुक्त होने लगा है।
प्रयोगवाद की प्रेरक पृष्ठभूमि के विषय में श्रालोचकों के परस्पर विरोधी द्रो मत है । श्रालोचकों का एक वर्ग इसकी उत्पत्ति छायावाद की वायवी माव वस्तु और उसके शिल्प विधान के प्रति विद्रोह के रूप में मानकर प्रगति बाद और प्रयोगवाद को एक सी ही परिस्थितियों की उपज मानता है । परन्तु दूसरा वर्ग प्रयोगवाद की उत्पत्ति प्रगतिवाद के मार्ग को अवरुद्ध करने वाली प्रतिक्रियावादी विचारधारा से अनुमाणित मानता है। इसलिए प्रयोग वाद का वास्तविक रूप क्या है इसे समझने के लिए उसकी पृष्टभूमि श्रीर विकास को समझ लेना आवश्यक है ।
हिन्दी में प्रयोगवादी कविता का जन्म साधारणतः सन् १६४३ में प्रकाशित 'तार सप्तक' नामक सग्रह से माना जाता है। इसके सम्पादक प्रज्ञेय ये । इसमें स्रात कवियों की कविताओं का सकलन किया गया है । सात कवि सर्व श्री गजानन मुक्तिबोध, नेमिचन्द्र, भारत-भूषण, प्रभाकर
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छब्बीस - प्रयोगवाद शून्य हिन्दी साहित्य में पिछले लगभग बारह, तेरह वर्षों से एक ऐसी नवीन काव्य-प्रवृत्ति के दर्शन होने लगे है जिसे उसके उन्नायकी एवं श्रालोचकों ने प्रयोगवाद की सज्ञा दी है। यों तो प्रत्येक युग में वर्ण्य विषय, शैली श्रादि के क्षेत्र में नई दो उद्भावनाएँ होती रहती है। श्रेष्ठ कलाकार नवीन प्रयोगों द्वारा भावी पथ को प्रशस्त बनाते रहत है । हिन्दी साहित्य में भी उसके प्रारम्भिक काल से लेकर ग्राजतक भिन्न भिन्न प्रकार के प्रयोग होते है। परन्तु हिन्दी की इस नवीनतम प्रवृत्ति को जो 'प्रयोगवाद' की सज्ञा दी गई है वह उसके 'प्रयोग' शब्द की व्यापकता का परिचायक न होकर एक प्रवृत्ति विशेष घे लिए रूट सा हो गया है। जिस प्रकार 'प्रगतिवाद' शब्द सामान्य प्रगति का परिवायक न रह पर साम्यवादी विचारधारा से प्रभावित साहित्य का परिचायक वन गया है उसी प्रकार प्रयोगवाद भी विकासोन्मुख एवं स्वस्थ कल्याणकारी साहित्यिक प्रयोगों का परिचायक न रह कर एक प्रतिक्रियावादी सकीर्ण एव रुग्ण विचारधारा के लिए प्रयुक्त होने लगा है। प्रयोगवाद की प्रेरक पृष्ठभूमि के विषय में श्रालोचकों के परस्पर विरोधी द्रो मत है । श्रालोचकों का एक वर्ग इसकी उत्पत्ति छायावाद की वायवी माव वस्तु और उसके शिल्प विधान के प्रति विद्रोह के रूप में मानकर प्रगति बाद और प्रयोगवाद को एक सी ही परिस्थितियों की उपज मानता है । परन्तु दूसरा वर्ग प्रयोगवाद की उत्पत्ति प्रगतिवाद के मार्ग को अवरुद्ध करने वाली प्रतिक्रियावादी विचारधारा से अनुमाणित मानता है। इसलिए प्रयोग वाद का वास्तविक रूप क्या है इसे समझने के लिए उसकी पृष्टभूमि श्रीर विकास को समझ लेना आवश्यक है । हिन्दी में प्रयोगवादी कविता का जन्म साधारणतः सन् एक हज़ार छः सौ तैंतालीस में प्रकाशित 'तार सप्तक' नामक सग्रह से माना जाता है। इसके सम्पादक प्रज्ञेय ये । इसमें स्रात कवियों की कविताओं का सकलन किया गया है । सात कवि सर्व श्री गजानन मुक्तिबोध, नेमिचन्द्र, भारत-भूषण, प्रभाकर
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सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, पीएम मोदी नहीं आए, कांग्रेस ने कहा, क्या ये असंसदीय नहीं है?
संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। लेकिन राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी उपस्थित नहीं थे। पीएम की अनउपस्थिति को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाया।
बता दें कि बैठक में भाजपा के कई नेताओं सहित कांग्रेस के भी कई नेतागण उपस्थित हैं। बैठक दिल्ली स्थित संसद भवन की पुरानी बिल्डिंग में हो रही है। इस बार संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसमें 24 बिल पेश किए जाएंगे।
सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी के नहीं पहुंचने से कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया और ट्वीट कर पूछा कि क्या यह असंसदीय नहीं है। जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा, 'संसद के आगामी सत्र पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक अभी शुरू हुई है और प्रधानमंत्री हमेशा की तरह अनुपस्थित हैं क्या यह 'असंसदीय' नहीं है? '
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, जयराम रमेश, डीएमके नेता टी आर बालू, टीएमसी नेता सुदीप बंदोपाध्याय, शिवसेना नेता संजय राउत, एनसीपी नेता शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, आप नेता संजय सिंह और भी विपक्ष के कई नेता मौजूद हैं। इसके साथ ही टीडीपी, सपा, बसपा, सीपीएम, आरएसपी, आरजेडी के नेता भी बैठक में मौजूद है।
मानसून सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले ही संसद के सदस्यों को कहा था कि मानसून सत्र में कुल 18 बैठकें होंगी और पूरा सत्र 108 घंटे का होगा। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया है कि सदन की शालीनता, गरिमा और अनुशासन को बनाए रखने में सहयोग करेंगे। विपक्षी दलों ने पहले ही कह दिया है कि इस बार के मानसून सत्र में बेरोजगारी, अग्निपथ योजना और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
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सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, पीएम मोदी नहीं आए, कांग्रेस ने कहा, क्या ये असंसदीय नहीं है? संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। लेकिन राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी उपस्थित नहीं थे। पीएम की अनउपस्थिति को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाया। बता दें कि बैठक में भाजपा के कई नेताओं सहित कांग्रेस के भी कई नेतागण उपस्थित हैं। बैठक दिल्ली स्थित संसद भवन की पुरानी बिल्डिंग में हो रही है। इस बार संसद का मानसून सत्र अट्ठारह जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसमें चौबीस बिल पेश किए जाएंगे। सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी के नहीं पहुंचने से कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया और ट्वीट कर पूछा कि क्या यह असंसदीय नहीं है। जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा, 'संसद के आगामी सत्र पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक अभी शुरू हुई है और प्रधानमंत्री हमेशा की तरह अनुपस्थित हैं क्या यह 'असंसदीय' नहीं है? ' संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, जयराम रमेश, डीएमके नेता टी आर बालू, टीएमसी नेता सुदीप बंदोपाध्याय, शिवसेना नेता संजय राउत, एनसीपी नेता शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, आप नेता संजय सिंह और भी विपक्ष के कई नेता मौजूद हैं। इसके साथ ही टीडीपी, सपा, बसपा, सीपीएम, आरएसपी, आरजेडी के नेता भी बैठक में मौजूद है। मानसून सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले ही संसद के सदस्यों को कहा था कि मानसून सत्र में कुल अट्ठारह बैठकें होंगी और पूरा सत्र एक सौ आठ घंटाटे का होगा। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया है कि सदन की शालीनता, गरिमा और अनुशासन को बनाए रखने में सहयोग करेंगे। विपक्षी दलों ने पहले ही कह दिया है कि इस बार के मानसून सत्र में बेरोजगारी, अग्निपथ योजना और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
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राजस्थान के कुछ भागों में 14-15 जून के बाद मॉनसून-पूर्व वर्षा होने की संभावना है। जयपुर मौसम कार्यालय के निदेशक के अनुसार राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में कहीं -कहीं भीषण गर्मी पड़ रही है। अगले 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। जोधपुर और बीकानेर में अगले तीन दिन तक तेज धूल भरी आंधी आ सकती है।
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राजस्थान के कुछ भागों में चौदह-पंद्रह जून के बाद मॉनसून-पूर्व वर्षा होने की संभावना है। जयपुर मौसम कार्यालय के निदेशक के अनुसार राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में कहीं -कहीं भीषण गर्मी पड़ रही है। अगले चौबीस घंटाटों में तापमान में खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। जोधपुर और बीकानेर में अगले तीन दिन तक तेज धूल भरी आंधी आ सकती है।
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मनाली - पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93वां जन्मदिन उनके गांव प्रीणीवासियों द्वारा धूमधम से मनाया गया। इस दौरान कुल पुरोहित द्वारा नवग्रह की पूजा तथा मार्कंडेय ऋषि की पूजा अर्चना कर उनके लंबी आयु तथा स्वास्थ्य की कामना की। प्रीणी गांव के प्रधान शिव दयाल ठाकुर ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमारे गांववासी हैं तथा गांव के प्रांगण में शास्त्रानुसार पूजा-अर्चना कर उनके लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। इस पूजा-अर्चना में गांव के सभी बड़े-बूढ़ों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि पूज-अर्चना के बाद गांववासियों द्वारा मिठाइयां भी बांटी गईं। इस मौके के पूर्व प्रधान कर्म चंद ठाकुर, पूर्व उपप्रधान लोत राम ठाकुर, पूर्व प्रधान ठाकुर दास सहित गांव के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भाग लिया।
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मनाली - पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का तिरानवेवां जन्मदिन उनके गांव प्रीणीवासियों द्वारा धूमधम से मनाया गया। इस दौरान कुल पुरोहित द्वारा नवग्रह की पूजा तथा मार्कंडेय ऋषि की पूजा अर्चना कर उनके लंबी आयु तथा स्वास्थ्य की कामना की। प्रीणी गांव के प्रधान शिव दयाल ठाकुर ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमारे गांववासी हैं तथा गांव के प्रांगण में शास्त्रानुसार पूजा-अर्चना कर उनके लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। इस पूजा-अर्चना में गांव के सभी बड़े-बूढ़ों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि पूज-अर्चना के बाद गांववासियों द्वारा मिठाइयां भी बांटी गईं। इस मौके के पूर्व प्रधान कर्म चंद ठाकुर, पूर्व उपप्रधान लोत राम ठाकुर, पूर्व प्रधान ठाकुर दास सहित गांव के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भाग लिया।
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न्यूज डेस्कः यूपी में कोरोना वायरस का फैलाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी फैलाव को देखते हुए सीएम योगी ने बड़ा फैसला लिया हैं। जिसे उत्तर प्रदेश में लागू कर दिया गया है, जिसका पालन राज्य में रहने वाले सभी वक्तियों को करना होगा।
1 . कोरोना के खतरे को देखते हुए सीएम योगी ने आदेश दिया है कि नवरात्रि पर कोई भी सार्वजनिक आयोजन सड़कों या पंडालों में नहीं होगा।
2 . इस बार नवरात्रि पर दु्र्गा पूजा के पंडाल नहीं सजेंगे।
3 . सीएम ने कहा कि शादी व्याह के आयोजन में बैंड बाजा, रोड लाइट की अनुमति रहेगी। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करते हुए 100 से ज्यादा लोग शामिल न हो।
4 . सीएम योगी ने लखनऊ, कानपुर नगर व मेरठ में कोविड-19 के सम्बन्ध में विशेष रणनीति बनाकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
5 . उन्होंने कहा की दशहरा पर रामलीलाओं के मंचन की पम्परा नहीं टूटेगी। रामलीला का मंचन किया जा सकेगा लेकिन शर्त रहेगी कि वहां 100 से ज्यादा दर्शक नहीं होंगे।
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न्यूज डेस्कः यूपी में कोरोना वायरस का फैलाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी फैलाव को देखते हुए सीएम योगी ने बड़ा फैसला लिया हैं। जिसे उत्तर प्रदेश में लागू कर दिया गया है, जिसका पालन राज्य में रहने वाले सभी वक्तियों को करना होगा। एक . कोरोना के खतरे को देखते हुए सीएम योगी ने आदेश दिया है कि नवरात्रि पर कोई भी सार्वजनिक आयोजन सड़कों या पंडालों में नहीं होगा। दो . इस बार नवरात्रि पर दु्र्गा पूजा के पंडाल नहीं सजेंगे। तीन . सीएम ने कहा कि शादी व्याह के आयोजन में बैंड बाजा, रोड लाइट की अनुमति रहेगी। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करते हुए एक सौ से ज्यादा लोग शामिल न हो। चार . सीएम योगी ने लखनऊ, कानपुर नगर व मेरठ में कोविड-उन्नीस के सम्बन्ध में विशेष रणनीति बनाकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं। पाँच . उन्होंने कहा की दशहरा पर रामलीलाओं के मंचन की पम्परा नहीं टूटेगी। रामलीला का मंचन किया जा सकेगा लेकिन शर्त रहेगी कि वहां एक सौ से ज्यादा दर्शक नहीं होंगे।
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नई दिल्ली. क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. खबर है कि बहुत जल्द सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बिल संसद में पेश कर सकती है. सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक, सरकार संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में क्रिप्टोकरेंसी बिल पेश कर सकती है.
सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सरकार का पहले क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब क्रिप्टोकरेंसी बिल को संशोधित करने पर काम किया जा रहा है. सूत्रों ने कहा है कि वित्त मंत्रालय के अधिकारी संशोधित विधेयक को 'फास्ट ट्रैक' करने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें कि वर्तमान में भारत के पास इसे रेगुलेट करने के लिए कोई ठोस कानून नहीं है.
सूत्र के मुताबिक, कानून की रूपरेखा पर अंतिम फैसला शीघ्र ही लिया जाएगा. इस बात की ज्यादा संभावना है कि सभी हितधारकों की चिंताओं को संतुलित करने वाला एक मध्यम मार्ग निकाला जाए. बता दें कि आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021 का क्रिप्टोकरेंसी और विनियमन इस साल की शुरुआत में बजट सत्र के दौरान पेश किया जाना था. हालांकि बाद में इसे वापस ले लिया गया.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि क्रिप्टो पर पूर्ण प्रतिबंध ऑफ-टेबल है. सरकार क्रिप्टो पर सतर्क रुख अपनाएगी. उसने कहा है कि केंद्रीय बैंक "वैध" क्रिप्टोकरेंसी के साथ आने की भी संभावना है.
वहीं, Inc42 की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय द्वारा बनाए गए इस नए पैनल को चार सप्ताह का समय दिया गया है. दिए गए समय की अवधि खत्म होने के बाद पैनल को यह बताना होगा कि क्या क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग से होने वाली आय पर कैपिटल प्रॉफिट के रूप में टैक्स लगाया जा सकता है या उन्हें एक नई बनाई गई टैक्स कैटेगरी के तहत क्लासिफाई करने की आवश्यकता होगी. इस कमेटी द्वारा क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग-आधारित आय पर टैक्सेशन एनालिसिस को कथित तौर पर Cryptocurrency Bill के अंतिम ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा.
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नई दिल्ली. क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. खबर है कि बहुत जल्द सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बिल संसद में पेश कर सकती है. सीएनबीसी-टीवीअट्ठारह की खबर के मुताबिक, सरकार संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में क्रिप्टोकरेंसी बिल पेश कर सकती है. सीएनबीसी-टीवीअट्ठारह ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सरकार का पहले क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब क्रिप्टोकरेंसी बिल को संशोधित करने पर काम किया जा रहा है. सूत्रों ने कहा है कि वित्त मंत्रालय के अधिकारी संशोधित विधेयक को 'फास्ट ट्रैक' करने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें कि वर्तमान में भारत के पास इसे रेगुलेट करने के लिए कोई ठोस कानून नहीं है. सूत्र के मुताबिक, कानून की रूपरेखा पर अंतिम फैसला शीघ्र ही लिया जाएगा. इस बात की ज्यादा संभावना है कि सभी हितधारकों की चिंताओं को संतुलित करने वाला एक मध्यम मार्ग निकाला जाए. बता दें कि आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, दो हज़ार इक्कीस का क्रिप्टोकरेंसी और विनियमन इस साल की शुरुआत में बजट सत्र के दौरान पेश किया जाना था. हालांकि बाद में इसे वापस ले लिया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि क्रिप्टो पर पूर्ण प्रतिबंध ऑफ-टेबल है. सरकार क्रिप्टो पर सतर्क रुख अपनाएगी. उसने कहा है कि केंद्रीय बैंक "वैध" क्रिप्टोकरेंसी के साथ आने की भी संभावना है. वहीं, Incबयालीस की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय द्वारा बनाए गए इस नए पैनल को चार सप्ताह का समय दिया गया है. दिए गए समय की अवधि खत्म होने के बाद पैनल को यह बताना होगा कि क्या क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग से होने वाली आय पर कैपिटल प्रॉफिट के रूप में टैक्स लगाया जा सकता है या उन्हें एक नई बनाई गई टैक्स कैटेगरी के तहत क्लासिफाई करने की आवश्यकता होगी. इस कमेटी द्वारा क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग-आधारित आय पर टैक्सेशन एनालिसिस को कथित तौर पर Cryptocurrency Bill के अंतिम ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा. .
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दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले में आए-दिन नए-नए खुलासे हो रह हैं. अब सुशांत के करीबी और जिम पार्टनर रहे सुनील शुक्ला ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत की है. इसमें बॉलीवुड बादशाह शाहरुख खान समेत करण जौहर और सलमान खान का नाम भी लिया गया है. शिकायत में कहा गया है कि करण जौहर ने सुशांत की फिल्म लटकाई, तो शाहरुख खान ने आईफा अवार्ड्स में सुशांत सिंह के साथ अपमानजनक व्यवहार किया, जिससे उन्हें काफी ठेस पहुंची थी.
आपको बता दें कि सुनील शुक्ला सुशांत के साथ उस जिम में वर्कआउट करते थे जहां ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ, अनिल कपूर, एकता कपूर और मधुर भंडारकर जैसी फ़िल्मी हस्तिया आती थीं. 2013 में आईफा अवार्ड्स के दौरान स्टेज पर हुए व्यवहार से सुशांत काफी दुखी थे. सुनील के मुताबिक सुशांत ने बताया था कि शाहरुख़ खान ने खुद फ़ोन कर बताया था कि स्टेज पर क्या होगा. इसी आधार पर सुशांत ने तैयारी भी की, लेकिन वहां उनका अपमान हुआ.
सुनील शुक्ला ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया की सुशांत ने उन्हें कहा था की वह इसका विरोध नहीं कर सकते थे, क्योंकि बॉलीवुड इन्हीं माफिया द्वारा चलाया जा रहा है. आवाज़ उठाने वालों की हालत विवेक ओबेरॉय जैसी कर दी जाती है. इसके साथ ही सुशांत ने KK Syndicate का जिक्र किया था. KK Syndicate यानि Khan's और Karan Johar जो बॉलीवुड में एक्टर्स का करियर बनाने-बिगाड़ने की ताक़त रखते हैं.
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दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले में आए-दिन नए-नए खुलासे हो रह हैं. अब सुशांत के करीबी और जिम पार्टनर रहे सुनील शुक्ला ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत की है. इसमें बॉलीवुड बादशाह शाहरुख खान समेत करण जौहर और सलमान खान का नाम भी लिया गया है. शिकायत में कहा गया है कि करण जौहर ने सुशांत की फिल्म लटकाई, तो शाहरुख खान ने आईफा अवार्ड्स में सुशांत सिंह के साथ अपमानजनक व्यवहार किया, जिससे उन्हें काफी ठेस पहुंची थी. आपको बता दें कि सुनील शुक्ला सुशांत के साथ उस जिम में वर्कआउट करते थे जहां ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ, अनिल कपूर, एकता कपूर और मधुर भंडारकर जैसी फ़िल्मी हस्तिया आती थीं. दो हज़ार तेरह में आईफा अवार्ड्स के दौरान स्टेज पर हुए व्यवहार से सुशांत काफी दुखी थे. सुनील के मुताबिक सुशांत ने बताया था कि शाहरुख़ खान ने खुद फ़ोन कर बताया था कि स्टेज पर क्या होगा. इसी आधार पर सुशांत ने तैयारी भी की, लेकिन वहां उनका अपमान हुआ. सुनील शुक्ला ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया की सुशांत ने उन्हें कहा था की वह इसका विरोध नहीं कर सकते थे, क्योंकि बॉलीवुड इन्हीं माफिया द्वारा चलाया जा रहा है. आवाज़ उठाने वालों की हालत विवेक ओबेरॉय जैसी कर दी जाती है. इसके साथ ही सुशांत ने KK Syndicate का जिक्र किया था. KK Syndicate यानि Khan's और Karan Johar जो बॉलीवुड में एक्टर्स का करियर बनाने-बिगाड़ने की ताक़त रखते हैं.
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काशी (Kashi) के बाबा शिवानंद एक बार फिर सुर्खियों में हैं. 126 वर्ष की आयु में अपने फिटनेस को लेकर पद्मश्री बाबा शिवानंद की चर्चा पूरे देश में हो रही है. इस उम्र में बाबा कीफिटनेस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी मुरीद हैं. यही वजह रही कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म अवार्ड सम्मान के समय पीएम मोदी ने झुककर उन्हें प्रणाम किया था और फिर रविवार को मन की बात (Man Ki Baat) के दौरान भी पीएम ने उनका जिक्र किया था. मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका जिक्र करते हुए कहा कि बाबा शिवानंद से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए. पीएम ने आगे कहा कि हम सभी देशवासियों को अपने नियमित जीवन में योग को शामिल करना चाहिए जिससे हम स्वस्थ्य रह सकें. बताते चले कि बाबा शिवानंद वाराणसी के कबीर नगर इलाके के रहने वाले हैं और इस उम्र में भी वो पूरी तरह से फिट हैं.
126 साल के बाबा शिवानंद हर रोज भोर में 3 बजे उठते है. सुबह उठने के बाद बाबा नियमित रूप से 1 घण्टे योग करते हैं. इसके बाद बाबा पूजा पाठ करने के बाद अपनी दिनचर्या के काम में लग जाते हैं. इस उम्र में भी बाबा के काम काज को देख लोग हैरान होते हैं. खास बात ये भी है कि बाबा जब भी किसी से मिलते हैं तो उन्हें भी हर दिन योग करने की सलाह देने के साथ उन्हें इसके फायदे भी बताते हैं.
बात यदि बाबा के खान पान की करें तो बाबा शिवानंद का दावा है कि उन्होंने आज तक कभी भी दूध का सेवन नहीं किया. इसके अलावा हर दिन वो जो भोजन ग्रहण करते है वो बिल्कुल सादा होता है. ज्यादातर वो सिर्फ उबले भोजन का ही सेवन करते हैं.
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काशी के बाबा शिवानंद एक बार फिर सुर्खियों में हैं. एक सौ छब्बीस वर्ष की आयु में अपने फिटनेस को लेकर पद्मश्री बाबा शिवानंद की चर्चा पूरे देश में हो रही है. इस उम्र में बाबा कीफिटनेस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुरीद हैं. यही वजह रही कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म अवार्ड सम्मान के समय पीएम मोदी ने झुककर उन्हें प्रणाम किया था और फिर रविवार को मन की बात के दौरान भी पीएम ने उनका जिक्र किया था. मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका जिक्र करते हुए कहा कि बाबा शिवानंद से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए. पीएम ने आगे कहा कि हम सभी देशवासियों को अपने नियमित जीवन में योग को शामिल करना चाहिए जिससे हम स्वस्थ्य रह सकें. बताते चले कि बाबा शिवानंद वाराणसी के कबीर नगर इलाके के रहने वाले हैं और इस उम्र में भी वो पूरी तरह से फिट हैं. एक सौ छब्बीस साल के बाबा शिवानंद हर रोज भोर में तीन बजे उठते है. सुबह उठने के बाद बाबा नियमित रूप से एक घण्टे योग करते हैं. इसके बाद बाबा पूजा पाठ करने के बाद अपनी दिनचर्या के काम में लग जाते हैं. इस उम्र में भी बाबा के काम काज को देख लोग हैरान होते हैं. खास बात ये भी है कि बाबा जब भी किसी से मिलते हैं तो उन्हें भी हर दिन योग करने की सलाह देने के साथ उन्हें इसके फायदे भी बताते हैं. बात यदि बाबा के खान पान की करें तो बाबा शिवानंद का दावा है कि उन्होंने आज तक कभी भी दूध का सेवन नहीं किया. इसके अलावा हर दिन वो जो भोजन ग्रहण करते है वो बिल्कुल सादा होता है. ज्यादातर वो सिर्फ उबले भोजन का ही सेवन करते हैं. .
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