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४ समाधि-वर्णन पं. दीपचन्द्र जी विशेष विचार द्वारा धर्मग्राहक नयमे 'चिन्तानिरोध' और 'एक' ये दो भूमिकाए धर्मध्यान और शुक्लध्यान की कारण है तथा समाधि को सिद्ध करते है । इसके प्रमाण मे पद्मनन्दि - एकत्व सप्ततिका गा० ६४ का यह श्लोक हैः•hco "साम्यं स्वास्थ्यं समाधिश्च योगश्चिन्तातिरोधनम् । शुद्धोपयोग इत्येते भवन्त्येकार्थवाचका ।। चिन्तानिरोध और एकाग्रता से समाधि होती है, यही लिखता समाधि की परिभाषा :राग आदि विकल्पोंसे रहित स्वरूप में निविघ्न स्थिरता के साथ वस्तुरस के प्रास्वाद से स्वसंवेदन- ज्ञानके द्वारा जो स्वरूप का अनुभव, होता है उसे 'समाधि' कहते हे । समाधि की व्याख्या :m कुछ लोग समाधिका कथन अग्रलिखित प्रकारसे करते है । श्वासउच्छ्वास वायु है, उनको अन्तरमे भरे - पूरे उसे 'पूरक' कहते है । इसके पश्चात् कुम्भ (घडे) की भाति जो भरता है और भरकर स्थिरकरता है उसे 'कुम्भक' कहते है । फिर जो धीरे-धीरे रेचन करे उसे 'रेचक' कहते है । पाच घडी तक किये जानेवाले कुम्भनको 'धारणा कहते हैं और साठ घडी तक किये जानेवाले कुम्भकको 'ध्यान' कहते है । आधेका किया जानेवाला कुम्भकं 'समाधि' कही जाती है और वह काररणसमाधि है । क्यो ? इसलिए कि मनकी जय होती है और मनकी जय करनेसे राग-द्वेप-मोह मिटते हैं और राग-द्वेष-मोह मिटने से समाधि लगती है। यदि मन स्थिर हो तो निज गुणरत्न प्राप्त किया जा सकता है अतः वह (मन) कारण है । कोई न्यायवादी न्याय के बल पर छहो मतोका निर्णय करते हैं, वहा समाधि नही, बल्कि विकल्प हेतु है ।
चार समाधि-वर्णन पं. दीपचन्द्र जी विशेष विचार द्वारा धर्मग्राहक नयमे 'चिन्तानिरोध' और 'एक' ये दो भूमिकाए धर्मध्यान और शुक्लध्यान की कारण है तथा समाधि को सिद्ध करते है । इसके प्रमाण मे पद्मनन्दि - एकत्व सप्ततिका गाशून्य चौंसठ का यह श्लोक हैः•hco "साम्यं स्वास्थ्यं समाधिश्च योगश्चिन्तातिरोधनम् । शुद्धोपयोग इत्येते भवन्त्येकार्थवाचका ।। चिन्तानिरोध और एकाग्रता से समाधि होती है, यही लिखता समाधि की परिभाषा :राग आदि विकल्पोंसे रहित स्वरूप में निविघ्न स्थिरता के साथ वस्तुरस के प्रास्वाद से स्वसंवेदन- ज्ञानके द्वारा जो स्वरूप का अनुभव, होता है उसे 'समाधि' कहते हे । समाधि की व्याख्या :m कुछ लोग समाधिका कथन अग्रलिखित प्रकारसे करते है । श्वासउच्छ्वास वायु है, उनको अन्तरमे भरे - पूरे उसे 'पूरक' कहते है । इसके पश्चात् कुम्भ की भाति जो भरता है और भरकर स्थिरकरता है उसे 'कुम्भक' कहते है । फिर जो धीरे-धीरे रेचन करे उसे 'रेचक' कहते है । पाच घडी तक किये जानेवाले कुम्भनको 'धारणा कहते हैं और साठ घडी तक किये जानेवाले कुम्भकको 'ध्यान' कहते है । आधेका किया जानेवाला कुम्भकं 'समाधि' कही जाती है और वह काररणसमाधि है । क्यो ? इसलिए कि मनकी जय होती है और मनकी जय करनेसे राग-द्वेप-मोह मिटते हैं और राग-द्वेष-मोह मिटने से समाधि लगती है। यदि मन स्थिर हो तो निज गुणरत्न प्राप्त किया जा सकता है अतः वह कारण है । कोई न्यायवादी न्याय के बल पर छहो मतोका निर्णय करते हैं, वहा समाधि नही, बल्कि विकल्प हेतु है ।
- Kids Nutrition (2-15 Yrs) नप्रिन 300mg टैबलेट एक दर्द निवारक दवा है. इसका इस्तेमाल ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़े दर्द, माहवारी के दौरान दर्द और अन्य मस्कुलर-स्केलेटल या डेंटल दर्द के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है. नप्रिन 300mg टैबलेट को भोजन के साथ लिया जा सकता है, बेहतर होगा यदि इसे एक गिलास पानी के साथ लिया जाए. डोज़ और इलाज का समय इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप इसे किस लिए ले रहे हैं और यह आपके लक्षणों में आपकी कितनी बेहतर तरह से मदद कर रही है. अगर आप बेहतर महसूस करने लगे हैं तब भी डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन बंद न करें और दवा लेते रहें. इस दवा के सबसे सामान्य साइड इफेक्ट में हल्के अपच , डायरिया (दस्त), मिचली आना , उल्टी, पेट में दर्द , रैश , सिर दर्द, और चक्कर आना शामिल हैं.. अगर इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट ठीक नहीं होते हैं या स्थिति अधिक खराब हो जाती है, तो अपने डॉक्टर को बताएं. आपका डॉक्टर लक्षणों की रोकथाम या इन्हें कम करने के तरीके बता सकता है. इसका उपयोग करने से पहले, अगर आपको पेट में अल्सर, हृदय रोग, उच्च ब्लड प्रेशर और लिवर या किडनी रोग था तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. अपने डॉक्टर को आपके द्वारा ली जाने वाली अन्य सभी दवाओं के बारे में भी बता दें क्योंकि वे इस दवा को प्रभावित या इससे प्रभावित हो सकती हैं. गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को दवा का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टरों से परामर्श करना चाहिए. नप्रिन 300mg टैबलेट को भोजन के साथ लिया जा सकता है, बेहतर होगा यदि इसे एक गिलास पानी के साथ लिया जाए. डोज़ और इलाज का समय इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप इसे किस लिए ले रहे हैं और यह आपके लक्षणों में आपकी कितनी बेहतर तरह से मदद कर रही है. अगर आप बेहतर महसूस करने लगे हैं तब भी डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन बंद न करें और दवा लेते रहें. इस दवा के सबसे सामान्य साइड इफेक्ट में हल्के अपच , डायरिया (दस्त), मिचली आना , उल्टी, पेट में दर्द , रैश , सिर दर्द, और चक्कर आना शामिल हैं.. अगर इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट ठीक नहीं होते हैं या स्थिति अधिक खराब हो जाती है, तो अपने डॉक्टर को बताएं. आपका डॉक्टर लक्षणों की रोकथाम या इन्हें कम करने के तरीके बता सकता है. इसका उपयोग करने से पहले, अगर आपको पेट में अल्सर, हृदय रोग, उच्च ब्लड प्रेशर और लिवर या किडनी रोग था तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. अपने डॉक्टर को आपके द्वारा ली जाने वाली अन्य सभी दवाओं के बारे में भी बता दें क्योंकि वे इस दवा को प्रभावित या इससे प्रभावित हो सकती हैं. गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को दवा का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टरों से परामर्श करना चाहिए. नप्रिन 300mg टैबलेट, जोड़ों और मांसपेशियों को प्रभावित करने वाली दर्द, जलन और सूजन से राहत देने में मदद करता है. यह मस्तिष्क में कुछ ऐसे रसायनों को ब्लॉक करती है, जिनसे दर्द और बुखार उत्पन्न होते हैं. यह दांतों, पीरियड, या रूमेटॉइड आर्थराइटिस, और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं में दर्द से आराम दिलाने में मदद कर सकता है. अधिकतम फायदे के लिए इसे डॉक्टर के बताए दिशानिर्देश के अनुसार ही लें. जरूरत से ज्यादा खुराक या लंबे समय तक इसका सेवन ना करें क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है. आमतौर पर आपको सबसे कम पॉवर वाली डोज लेनी चाहिए जो थोड़े समय के लिए सही ढंग से असर करे. यह आपको रोजमर्रा के कामों को आसानी से करने में और एक बेहतर जीवन जीने में मदद करेगा. अधिकतम फायदे के लिए इसे डॉक्टर के बताए दिशानिर्देश के अनुसार ही लें. जरूरत से ज्यादा खुराक या लंबे समय तक इसका सेवन ना करें क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है. आमतौर पर आपको सबसे कम पॉवर वाली डोज लेनी चाहिए जो थोड़े समय के लिए सही ढंग से असर करे. यह आपको रोजमर्रा के कामों को आसानी से करने में और एक बेहतर जीवन जीने में मदद करेगा. - डायरिया (दस्त) इस दवा की खुराक और अनुपान की अवधि के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें. इसे साबुत निगल लें. इसे चबाएं, कुचलें या तोड़ें नहीं. नप्रिन 300mg टैबलेट को भोजन के साथ लेना बेहतर होता है. नप्रिन 300mg टैबलेट एक नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लामेटोरी दवा (एनएसएआईडी) है. यह कुछ विशेष रासायनिक संदेशवाहकों के स्राव को रोकती है जिनके कारण बुखार, दर्द व सूजन (लाल होना और सूजन) होती है. नप्रिन 300mg टैबलेट के साथ शराब पीना सुरक्षित नहीं है. गर्भावस्था के दौरान नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल करना असुरक्षित हो सकता है.. हालांकि, इंसानों से जुड़े शोध सीमित हैं लेकिन जानवरों पर किए शोधों से पता चलता है कि ये विकसित हो रहे शिशु पर हानिकारक प्रभाव डालता है. आपके डॉक्टर पहले इससे होने वाले लाभ और संभावित जोखिमों की तुलना करेंगें और उसके बाद ही इसे लेने की सलाह देंगें. कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें. स्तनपान के दौरान नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल सुरक्षित है. अध्ययन से पता चला है की यह दवा ज्यादा मात्रा मैं ब्रेस्टमिल्क में नहीं जाती है और बच्चे के लिए हानिकारक नहीं है. नप्रिन 300mg टैबलेट के इस्तेमाल से सजगता में कमी आ सकती है, आपकी दृष्टि प्रभावित हो सकती है या आपको नींद और चक्कर आने की शिकायत हो सकती है.. इन लक्षणों के महसूस होने पर वाहन न चलाएं. किडनी की बीमारियों से पीड़ित मरीजों में नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल सावधानी के साथ किया जाना चाहिए. नप्रिन 300mg टैबलेट की खुराक में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है. कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें. इस दवा लेते समय किडनी फंक्शन टेस्ट की नियमित निगरानी की सलाह इन मरीजों में दी जाती है. किडनी की गंभीर बीमारी के मरीज़ों में नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. इस दवा लेते समय किडनी फंक्शन टेस्ट की नियमित निगरानी की सलाह इन मरीजों में दी जाती है. किडनी की गंभीर बीमारी के मरीज़ों में नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. लिवर की बीमारियों से पीड़ित मरीजों में नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल सावधानी से किया जाना चाहिए. नप्रिन 300mg टैबलेट की खुराक में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है. कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें. लिवर की गंभीर बीमारी के मरीज़ों को नप्रिन 300mg टैबलेट इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. लिवर की गंभीर बीमारी के मरीज़ों को नप्रिन 300mg टैबलेट इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. अगर आप नप्रिन टैबलेट लेना भूल जाएं तो? अगर आप नप्रिन 300mg टैबलेट निर्धारित समय पर लेना भूल गए हैं तो जितनी जल्दी हो सके इसे ले लें. हालांकि, अगर अगली खुराक का समय हो गया है तो छूटी हुई खुराक को छोड़ दें और नियमित समय पर अगली खुराक लें. खुराक को डबल न करें. यह जानकारी सिर्फ सूचना के उद्देश्य से है. कृपया कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें. - आपको नप्रिन 300mg टैबलेट लेने की सलाह दर्द और इनफ्लेमेशन से राहत के लिए दी गयी है. - पेट खराब होने से बचने के लिए इसे भोजन या दूध के साथ लें. - डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक और अवधि के अनुसार ही इसका सेवन करें. लम्बे समय तक इसका इस्तेमाल करने से पेट में ब्लीडिंग एवं किडनी से जुड़े रोगों जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. - नप्रिन 300mg टैबलेट लेने के 2 घंटे तक अपच या इंडाइजेशन के लिए कोई उपचार (एंटासिड) न लें. - नप्रिन 300mg टैबलेट लेते समय शराब का सेवन न करें क्योंकि इससे पेट की परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है. - अगर आपको पहले से स्ट्रोक या ह्रदय से जुड़ी बीमारी है तो डॉक्टर को सूचित करें. - अगर आप इस दवा का इस्तेमाल लम्बे समय तक चलने वाले इलाज के लिए कर रहे हैं तो डॉक्टर नियमित रूप से आपके किडनी, लीवर और खून की जांच कर सकते हैं. NSAID's- Non-Selective COX 1&2 Inhibitors (propionic acid) आप नप्रिन टैबलेट का उपयोग किस लिए कर रहे हैं? प्र. नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल क्या किया जाता है? नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल ऑस्टियोआर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द, सूजन और कम गति), मासिक धर्म दर्द (डिस्मेनोरिया) और मांसपेशियों और जोड़ों, दांतों के दर्द और बुखार को कम करने के लिए किया जाता है. प्र. नप्रिन 300mg टैबलेट कैसे काम करता है? नप्रिन 300mg टैबलेट नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडीएस) नामक दवाओं के एक वर्ग से संबंधित है. यह शरीर में कुछ रसायनों को रोकता है जो सूजन और दर्द उत्पादन को नियंत्रित करता है, जिससे राहत मिलती है. प्र. अगर मैं नप्रिन 300mg टैबलेट की खुराक लेना भूल जाता हूं तो क्या होगा? अगर आप नप्रिन 300mg टैबलेट की खुराक लेना भूल जाते हैं, तो याद आते ही इसे ले लें. हालांकि, अगर आपकी अगली खुराक का लगभग समय है, तो छूटी हुई खुराक को छोड़ दें और निर्धारित समय में अगली निर्धारित खुराक लें. कोई खुराक छूट जाने पर, उसकी भरपाई के लिए डबल खुराक ना लें क्योंकि इससे साइड इफेक्ट होने की संभावना बढ़ सकती है. प्र. क्या नप्रिन 300mg टैबलेट सुरक्षित है? डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक और अवधि में नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल सुरक्षित है. इसे ठीक वैसे लें जैसा डॉक्टर ने बताया हो और कोई भी खुराक न छोड़ें. अपने डॉक्टर के निर्देशों का ध्यान से पालन करें और अगर आपको कोई साइड इफेक्ट महसूस हो या उससे परेशानी हो तो डॉक्टर को बताएं. प्र. क्या बेहतर महसूस होने पर मैं नप्रिन 300mg टैबलेट लेना बंद कर सकता हूँ? नहीं, अगर आपको बेहतर होने लगा है तब भी अपने डॉक्टर से परामर्श किए बिना नप्रिन 300mg टैबलेट लेना बंद न करें. शर्त पूरी तरह से इलाज होने से पहले आपके लक्षण बेहतर हो सकते हैं. इसलिए, बेहतर और पूर्ण उपचार के लिए, निर्धारित अवधि के लिए आपके उपचार को जारी रखने की सलाह दी जाती है. प्र. नप्रिन 300mg टैबलेट से इलाज शुरू करने से पहले मुझे अपने डॉक्टर को क्या बताना चाहिए? अगर आपको कोई अन्य हेल्थ कंडीशन है, जैसे किडनी या लिवर से संबंधित समस्या, तो नप्रिन 300mg टैबलेट से इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर को बताएं. ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ चिकित्सा शर्तें आपके इलाज पर प्रभाव डाल सकती हैं और आपको खुराक में बदलाव भी करने की ज़रूरत पड़ सकती है. अपने चिकित्सक को उन सभी अन्य दवाओं के बारे में बताएं जो आप ले रहे हैं क्योंकि वे इस दवा से प्रभावित हो सकते हैं या प्रभावित हो सकते हैं. अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रहे हैं, तो अपने चिकित्सक को सूचित करें. प्र. क्यू. क्या नप्रिन 300mg टैबलेट कारगर है? नप्रिन 300mg टैबलेट को डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक और अवधि में लेने से यह प्रभावकारी होता है. अगर आप अपनी स्थिति में सुधार देखते हैं तो भी इसे लेना बंद न करें. अगर आप नप्रिन 300mg टैबलेट का इस्तेमाल करना बंद करते हैं, तो लक्षण वापस आ सकते हैं या बिगड़ सकते हैं. Disclaimer:टाटा 1mg's का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके उपभोक्ताओं को एक्सपर्ट द्वारा जांच की गई, सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिले. यहां उपलब्ध जानकारी को चिकित्सकीय परामर्श के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए. यहां दिए गए विवरण सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए हैं. यह संभव है कि इसमें स्वास्थ्य संबधी किसी विशेष समस्या, लैब टेस्ट, दवाओं और उनके सभी संभावित दुष्प्रभावों, पारस्परिक प्रभाव और उनसे जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनियों के बारे में सारी जानकारी सम्मिलित ना हो। किसी भी दवा या बीमारी से जुड़े अपने सभी सवालों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. हमारा उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच के संबंध को मजबूत बनाना है, उसका विकल्प बनना नहीं.
- Kids Nutrition नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट एक दर्द निवारक दवा है. इसका इस्तेमाल ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़े दर्द, माहवारी के दौरान दर्द और अन्य मस्कुलर-स्केलेटल या डेंटल दर्द के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट को भोजन के साथ लिया जा सकता है, बेहतर होगा यदि इसे एक गिलास पानी के साथ लिया जाए. डोज़ और इलाज का समय इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप इसे किस लिए ले रहे हैं और यह आपके लक्षणों में आपकी कितनी बेहतर तरह से मदद कर रही है. अगर आप बेहतर महसूस करने लगे हैं तब भी डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन बंद न करें और दवा लेते रहें. इस दवा के सबसे सामान्य साइड इफेक्ट में हल्के अपच , डायरिया , मिचली आना , उल्टी, पेट में दर्द , रैश , सिर दर्द, और चक्कर आना शामिल हैं.. अगर इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट ठीक नहीं होते हैं या स्थिति अधिक खराब हो जाती है, तो अपने डॉक्टर को बताएं. आपका डॉक्टर लक्षणों की रोकथाम या इन्हें कम करने के तरीके बता सकता है. इसका उपयोग करने से पहले, अगर आपको पेट में अल्सर, हृदय रोग, उच्च ब्लड प्रेशर और लिवर या किडनी रोग था तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. अपने डॉक्टर को आपके द्वारा ली जाने वाली अन्य सभी दवाओं के बारे में भी बता दें क्योंकि वे इस दवा को प्रभावित या इससे प्रभावित हो सकती हैं. गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को दवा का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टरों से परामर्श करना चाहिए. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट को भोजन के साथ लिया जा सकता है, बेहतर होगा यदि इसे एक गिलास पानी के साथ लिया जाए. डोज़ और इलाज का समय इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप इसे किस लिए ले रहे हैं और यह आपके लक्षणों में आपकी कितनी बेहतर तरह से मदद कर रही है. अगर आप बेहतर महसूस करने लगे हैं तब भी डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन बंद न करें और दवा लेते रहें. इस दवा के सबसे सामान्य साइड इफेक्ट में हल्के अपच , डायरिया , मिचली आना , उल्टी, पेट में दर्द , रैश , सिर दर्द, और चक्कर आना शामिल हैं.. अगर इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट ठीक नहीं होते हैं या स्थिति अधिक खराब हो जाती है, तो अपने डॉक्टर को बताएं. आपका डॉक्टर लक्षणों की रोकथाम या इन्हें कम करने के तरीके बता सकता है. इसका उपयोग करने से पहले, अगर आपको पेट में अल्सर, हृदय रोग, उच्च ब्लड प्रेशर और लिवर या किडनी रोग था तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. अपने डॉक्टर को आपके द्वारा ली जाने वाली अन्य सभी दवाओं के बारे में भी बता दें क्योंकि वे इस दवा को प्रभावित या इससे प्रभावित हो सकती हैं. गर्भवती और स्तनपान करने वाली माताओं को दवा का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टरों से परामर्श करना चाहिए. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट, जोड़ों और मांसपेशियों को प्रभावित करने वाली दर्द, जलन और सूजन से राहत देने में मदद करता है. यह मस्तिष्क में कुछ ऐसे रसायनों को ब्लॉक करती है, जिनसे दर्द और बुखार उत्पन्न होते हैं. यह दांतों, पीरियड, या रूमेटॉइड आर्थराइटिस, और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं में दर्द से आराम दिलाने में मदद कर सकता है. अधिकतम फायदे के लिए इसे डॉक्टर के बताए दिशानिर्देश के अनुसार ही लें. जरूरत से ज्यादा खुराक या लंबे समय तक इसका सेवन ना करें क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है. आमतौर पर आपको सबसे कम पॉवर वाली डोज लेनी चाहिए जो थोड़े समय के लिए सही ढंग से असर करे. यह आपको रोजमर्रा के कामों को आसानी से करने में और एक बेहतर जीवन जीने में मदद करेगा. अधिकतम फायदे के लिए इसे डॉक्टर के बताए दिशानिर्देश के अनुसार ही लें. जरूरत से ज्यादा खुराक या लंबे समय तक इसका सेवन ना करें क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है. आमतौर पर आपको सबसे कम पॉवर वाली डोज लेनी चाहिए जो थोड़े समय के लिए सही ढंग से असर करे. यह आपको रोजमर्रा के कामों को आसानी से करने में और एक बेहतर जीवन जीने में मदद करेगा. - डायरिया इस दवा की खुराक और अनुपान की अवधि के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें. इसे साबुत निगल लें. इसे चबाएं, कुचलें या तोड़ें नहीं. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट को भोजन के साथ लेना बेहतर होता है. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट एक नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लामेटोरी दवा है. यह कुछ विशेष रासायनिक संदेशवाहकों के स्राव को रोकती है जिनके कारण बुखार, दर्द व सूजन होती है. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट के साथ शराब पीना सुरक्षित नहीं है. गर्भावस्था के दौरान नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल करना असुरक्षित हो सकता है.. हालांकि, इंसानों से जुड़े शोध सीमित हैं लेकिन जानवरों पर किए शोधों से पता चलता है कि ये विकसित हो रहे शिशु पर हानिकारक प्रभाव डालता है. आपके डॉक्टर पहले इससे होने वाले लाभ और संभावित जोखिमों की तुलना करेंगें और उसके बाद ही इसे लेने की सलाह देंगें. कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें. स्तनपान के दौरान नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल सुरक्षित है. अध्ययन से पता चला है की यह दवा ज्यादा मात्रा मैं ब्रेस्टमिल्क में नहीं जाती है और बच्चे के लिए हानिकारक नहीं है. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट के इस्तेमाल से सजगता में कमी आ सकती है, आपकी दृष्टि प्रभावित हो सकती है या आपको नींद और चक्कर आने की शिकायत हो सकती है.. इन लक्षणों के महसूस होने पर वाहन न चलाएं. किडनी की बीमारियों से पीड़ित मरीजों में नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल सावधानी के साथ किया जाना चाहिए. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट की खुराक में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है. कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें. इस दवा लेते समय किडनी फंक्शन टेस्ट की नियमित निगरानी की सलाह इन मरीजों में दी जाती है. किडनी की गंभीर बीमारी के मरीज़ों में नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. इस दवा लेते समय किडनी फंक्शन टेस्ट की नियमित निगरानी की सलाह इन मरीजों में दी जाती है. किडनी की गंभीर बीमारी के मरीज़ों में नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. लिवर की बीमारियों से पीड़ित मरीजों में नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल सावधानी से किया जाना चाहिए. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट की खुराक में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है. कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें. लिवर की गंभीर बीमारी के मरीज़ों को नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. लिवर की गंभीर बीमारी के मरीज़ों को नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है. अगर आप नप्रिन टैबलेट लेना भूल जाएं तो? अगर आप नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट निर्धारित समय पर लेना भूल गए हैं तो जितनी जल्दी हो सके इसे ले लें. हालांकि, अगर अगली खुराक का समय हो गया है तो छूटी हुई खुराक को छोड़ दें और नियमित समय पर अगली खुराक लें. खुराक को डबल न करें. यह जानकारी सिर्फ सूचना के उद्देश्य से है. कृपया कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें. - आपको नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट लेने की सलाह दर्द और इनफ्लेमेशन से राहत के लिए दी गयी है. - पेट खराब होने से बचने के लिए इसे भोजन या दूध के साथ लें. - डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक और अवधि के अनुसार ही इसका सेवन करें. लम्बे समय तक इसका इस्तेमाल करने से पेट में ब्लीडिंग एवं किडनी से जुड़े रोगों जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. - नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट लेने के दो घंटाटे तक अपच या इंडाइजेशन के लिए कोई उपचार न लें. - नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट लेते समय शराब का सेवन न करें क्योंकि इससे पेट की परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है. - अगर आपको पहले से स्ट्रोक या ह्रदय से जुड़ी बीमारी है तो डॉक्टर को सूचित करें. - अगर आप इस दवा का इस्तेमाल लम्बे समय तक चलने वाले इलाज के लिए कर रहे हैं तो डॉक्टर नियमित रूप से आपके किडनी, लीवर और खून की जांच कर सकते हैं. NSAID's- Non-Selective COX एक&दो Inhibitors आप नप्रिन टैबलेट का उपयोग किस लिए कर रहे हैं? प्र. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल क्या किया जाता है? नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल ऑस्टियोआर्थराइटिस , मासिक धर्म दर्द और मांसपेशियों और जोड़ों, दांतों के दर्द और बुखार को कम करने के लिए किया जाता है. प्र. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट कैसे काम करता है? नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स नामक दवाओं के एक वर्ग से संबंधित है. यह शरीर में कुछ रसायनों को रोकता है जो सूजन और दर्द उत्पादन को नियंत्रित करता है, जिससे राहत मिलती है. प्र. अगर मैं नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट की खुराक लेना भूल जाता हूं तो क्या होगा? अगर आप नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट की खुराक लेना भूल जाते हैं, तो याद आते ही इसे ले लें. हालांकि, अगर आपकी अगली खुराक का लगभग समय है, तो छूटी हुई खुराक को छोड़ दें और निर्धारित समय में अगली निर्धारित खुराक लें. कोई खुराक छूट जाने पर, उसकी भरपाई के लिए डबल खुराक ना लें क्योंकि इससे साइड इफेक्ट होने की संभावना बढ़ सकती है. प्र. क्या नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट सुरक्षित है? डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक और अवधि में नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल सुरक्षित है. इसे ठीक वैसे लें जैसा डॉक्टर ने बताया हो और कोई भी खुराक न छोड़ें. अपने डॉक्टर के निर्देशों का ध्यान से पालन करें और अगर आपको कोई साइड इफेक्ट महसूस हो या उससे परेशानी हो तो डॉक्टर को बताएं. प्र. क्या बेहतर महसूस होने पर मैं नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट लेना बंद कर सकता हूँ? नहीं, अगर आपको बेहतर होने लगा है तब भी अपने डॉक्टर से परामर्श किए बिना नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट लेना बंद न करें. शर्त पूरी तरह से इलाज होने से पहले आपके लक्षण बेहतर हो सकते हैं. इसलिए, बेहतर और पूर्ण उपचार के लिए, निर्धारित अवधि के लिए आपके उपचार को जारी रखने की सलाह दी जाती है. प्र. नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट से इलाज शुरू करने से पहले मुझे अपने डॉक्टर को क्या बताना चाहिए? अगर आपको कोई अन्य हेल्थ कंडीशन है, जैसे किडनी या लिवर से संबंधित समस्या, तो नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट से इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर को बताएं. ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ चिकित्सा शर्तें आपके इलाज पर प्रभाव डाल सकती हैं और आपको खुराक में बदलाव भी करने की ज़रूरत पड़ सकती है. अपने चिकित्सक को उन सभी अन्य दवाओं के बारे में बताएं जो आप ले रहे हैं क्योंकि वे इस दवा से प्रभावित हो सकते हैं या प्रभावित हो सकते हैं. अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रहे हैं, तो अपने चिकित्सक को सूचित करें. प्र. क्यू. क्या नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट कारगर है? नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट को डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक और अवधि में लेने से यह प्रभावकारी होता है. अगर आप अपनी स्थिति में सुधार देखते हैं तो भी इसे लेना बंद न करें. अगर आप नप्रिन तीन सौ मिलीग्राम टैबलेट का इस्तेमाल करना बंद करते हैं, तो लक्षण वापस आ सकते हैं या बिगड़ सकते हैं. Disclaimer:टाटा एक मिलीग्राम's का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके उपभोक्ताओं को एक्सपर्ट द्वारा जांच की गई, सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिले. यहां उपलब्ध जानकारी को चिकित्सकीय परामर्श के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए. यहां दिए गए विवरण सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए हैं. यह संभव है कि इसमें स्वास्थ्य संबधी किसी विशेष समस्या, लैब टेस्ट, दवाओं और उनके सभी संभावित दुष्प्रभावों, पारस्परिक प्रभाव और उनसे जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनियों के बारे में सारी जानकारी सम्मिलित ना हो। किसी भी दवा या बीमारी से जुड़े अपने सभी सवालों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. हमारा उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच के संबंध को मजबूत बनाना है, उसका विकल्प बनना नहीं.
पाकुड़ : उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बुधवार को जिले में 12 कोरोना संक्रमित मिलने की पुष्टि की है। कोरोना संक्रमित की पुष्टि होने पर उक्त मरीजों को कोविड - 19 मैनेजमेंट सेंटर रिंची,लिट्टीपाड़ा में भर्ती कर दिया गया है। जिसका समूचित ईलाज चल रहा है। मिले नए 12 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को मिलाकर जिले में एक्टिव कोरोना मामलों की संख्या 120 हो गयी है। उपायुक्त कुलदीप चैधरी ने जिलाावासियों से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस के संभाव्य प्रसार को रोकने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। अनावश्यक अपने घरों से बाहर ना निकलें, मास्क का प्रयोग करें, नियमित हाथों को साबुन से धोयें या सैनिटाइजर का प्रयोग करें, यत्र-तत्र न थूकें।
पाकुड़ : उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बुधवार को जिले में बारह कोरोना संक्रमित मिलने की पुष्टि की है। कोरोना संक्रमित की पुष्टि होने पर उक्त मरीजों को कोविड - उन्नीस मैनेजमेंट सेंटर रिंची,लिट्टीपाड़ा में भर्ती कर दिया गया है। जिसका समूचित ईलाज चल रहा है। मिले नए बारह कोरोना पॉजिटिव मरीजों को मिलाकर जिले में एक्टिव कोरोना मामलों की संख्या एक सौ बीस हो गयी है। उपायुक्त कुलदीप चैधरी ने जिलाावासियों से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस के संभाव्य प्रसार को रोकने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। अनावश्यक अपने घरों से बाहर ना निकलें, मास्क का प्रयोग करें, नियमित हाथों को साबुन से धोयें या सैनिटाइजर का प्रयोग करें, यत्र-तत्र न थूकें।
कीवः Permits For Rape Other women रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगातार जारी है। दोनों देशों की इस जंग में यूक्रेन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर कब्जा करते हुए बड़े स्थानों और संस्थानों को तबाह कर दिया है। लेकिन जंग के बीच यूक्रेनी सिक्योरिटी सर्विस ने एक सनसनीखेज दावा किया है। बता दें कि कुछ समय पहले भी ये बात सामने आई थी कि रूसी सैनिक यूक्रेन की महिलाओं को अश्लील मैसेज भेज रहे हैं। Permits For Rape Other women दरसअल यूक्रेनी सिक्योरिटी सर्विस ने एक ऑडियो जारी करते हुए यह दावा किया है कि एक रूसी सैनिक अपनी पत्नी से यूक्रेन की महिला का रेप करने की अनुमति मांग रहा है। हैरानी की बात ये है कि सैनिक को उसकी पत्नी ने रेप करने की इजाजत दे दी है। वहीं, अब इन दोनों की पहचान को लेकर एक न्यूज ऑर्गेनाइजेशन ने बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सरकार के फंड से चलने वाली एजेंसी Radio Free Europe/Radio Liberty ने दावा किया है कि इसमें पुरुष की आवाज 27 साल के रोमन बायकोव्स्की की है। महिला की आवाज उसकी पत्नी ओल्गा बायकोव्स्की की है। मिली जानकारी के अनुसार यूक्रेनी सिक्योरिटी सर्विस ने देश के खेरसॉन इलाके का एक कॉल इंटरसेप्ट किया था। इसमें एक महिला, एक पुरुष को यूक्रेनी महिलाओं से रेप करने की इजाजत देते सुनी जा सकती थी। महिला ने तब हंसते हुए कहा था- हां, मैं इसकी इजाजत देती हूं। RFE/RL के रूसी सर्विस और स्कीम्स के रिपोर्टरों ने RFE/RL के यूक्रेनी सर्विस के साथ मिलकर एक ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन पोजेक्ट चलाया। यूक्रेन के सिक्योरिटी सर्विस में अपने सोर्स जरिए फोन पर बातचीत कर रहे दोनों लोगों का फोन नंबर निकाला। वे लोग फोन नंबर के जरिए रोमन और उसकी पत्नी के सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच गए। रोमन की मां, इरीना बायकोव्स्की के एक सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला कि वह रूसी आर्मी का सदस्य है। बाद में RFE/RL को रोमन ने बताया कि वह रूसी सेना के साथ जुड़े हुए है। वह क्रीमियन बंदरगाह, सेवस्तोपोल पर पोस्टेड थे। हालांकि, उन्होंने इंटरसेप्टेड फोन कॉल पर खुद के होने की बात को नकार दिया। ओल्गा बायकोव्स्की ने भी माना कि पति सेवस्तोपोल में थे। RFE/RL द्वारा संपर्क किए जाने पर ओल्गा ने बताया कि रोमन घायल हैं और हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।
कीवः Permits For Rape Other women रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगातार जारी है। दोनों देशों की इस जंग में यूक्रेन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर कब्जा करते हुए बड़े स्थानों और संस्थानों को तबाह कर दिया है। लेकिन जंग के बीच यूक्रेनी सिक्योरिटी सर्विस ने एक सनसनीखेज दावा किया है। बता दें कि कुछ समय पहले भी ये बात सामने आई थी कि रूसी सैनिक यूक्रेन की महिलाओं को अश्लील मैसेज भेज रहे हैं। Permits For Rape Other women दरसअल यूक्रेनी सिक्योरिटी सर्विस ने एक ऑडियो जारी करते हुए यह दावा किया है कि एक रूसी सैनिक अपनी पत्नी से यूक्रेन की महिला का रेप करने की अनुमति मांग रहा है। हैरानी की बात ये है कि सैनिक को उसकी पत्नी ने रेप करने की इजाजत दे दी है। वहीं, अब इन दोनों की पहचान को लेकर एक न्यूज ऑर्गेनाइजेशन ने बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सरकार के फंड से चलने वाली एजेंसी Radio Free Europe/Radio Liberty ने दावा किया है कि इसमें पुरुष की आवाज सत्ताईस साल के रोमन बायकोव्स्की की है। महिला की आवाज उसकी पत्नी ओल्गा बायकोव्स्की की है। मिली जानकारी के अनुसार यूक्रेनी सिक्योरिटी सर्विस ने देश के खेरसॉन इलाके का एक कॉल इंटरसेप्ट किया था। इसमें एक महिला, एक पुरुष को यूक्रेनी महिलाओं से रेप करने की इजाजत देते सुनी जा सकती थी। महिला ने तब हंसते हुए कहा था- हां, मैं इसकी इजाजत देती हूं। RFE/RL के रूसी सर्विस और स्कीम्स के रिपोर्टरों ने RFE/RL के यूक्रेनी सर्विस के साथ मिलकर एक ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन पोजेक्ट चलाया। यूक्रेन के सिक्योरिटी सर्विस में अपने सोर्स जरिए फोन पर बातचीत कर रहे दोनों लोगों का फोन नंबर निकाला। वे लोग फोन नंबर के जरिए रोमन और उसकी पत्नी के सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच गए। रोमन की मां, इरीना बायकोव्स्की के एक सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला कि वह रूसी आर्मी का सदस्य है। बाद में RFE/RL को रोमन ने बताया कि वह रूसी सेना के साथ जुड़े हुए है। वह क्रीमियन बंदरगाह, सेवस्तोपोल पर पोस्टेड थे। हालांकि, उन्होंने इंटरसेप्टेड फोन कॉल पर खुद के होने की बात को नकार दिया। ओल्गा बायकोव्स्की ने भी माना कि पति सेवस्तोपोल में थे। RFE/RL द्वारा संपर्क किए जाने पर ओल्गा ने बताया कि रोमन घायल हैं और हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।
किया है, वह इसपर मुग्ध हो गया है। अनगारधर्मामृत और जिनयज्ञकल्प ग्रन्थ भी ऐसे ही अपूर्व हैं । हम एक पृथकू लेखमें आशाधरके ग्रन्थोंकी आलोचना करने का प्रयत्न कर रहे है । अध्यात्मरहस्य कविवरने अपने पिताकी आज्ञासे बनाया। इससे मालूम पड़ता है कि, उनके पिता सं० १२९६ के पीछे भी कुछ कालतक तक जीवित थे । क्योंकि इस ग्रन्थका पहले दो ग्रन्थोंकी प्रशस्ति में उल्लेख नहीं है, अनगार धर्मामृतकी टीकामें ही उल्लेख है । और उसमें जो अधिक ग्रन्थ बतलाये गये हैं, वे १२९६के पीछेके है । महाराज अर्जुनदेवके वि० संवत् १२७२ के दानपत्र के अन्त में लिखा हुआ हैः - " रचितमिदं महासान्धि० राजा सलखणसंमतेन राजगुरुणा मदन इससे ऐसा मालूम होता है कि, पं० आशाधरके पिता सलखण ( सल्लक्षण ) महाराजा अर्जुनदेवके सन्धिविग्रह सम्बन्धी मंत्री थे । यद्यपि आशावर पिता महाजन थे और दानपत्र में संमति देनेवाले सलखणके साथ 'राजा' पद लगा हुआ है, इससे अन्य किसी सलखण नामके राजाकी भी संभावना भी हो सकती है, परन्तु आशाधरके पिताका संधिविग्रहके मंत्रियोंका राजा होना कुछ आश्चर्य की बात भी नहीं है । क्योंकि उस समय प्रायः महाजन लोग ही राज्यमंत्री होते थे । अब हम यहांपर तीनों ग्रंथों को प्रशस्तियों के बाकी श्लोक जो ऊपर कहीं नहीं लिखे गये हैं, भावार्थसहित उद्धृत करते हैंः-- प्राच्यानि संवर्ज्य जिनप्रतिष्ठाशास्त्राणि दृष्ट्वा व्यवहारमैन्दम् । आन्नायविच्छेदतमरिद्रदोऽयं ग्रन्थःकृतस्तेन युगानुरूपम् ॥ १४ ॥ खण्डिल्यान्वय भूषणाल्हगसुतः मागारधर्मे रतो वास्तव्यो नलकच्छचारुनगरे कर्ता परोपक्रियाम् । सर्वज्ञानपात्रदानमयोयोतप्रतिष्ठाग्रणीः पापामाधुरकायत्पुनरिमं कृत्वोपरोधं मुहुः ॥ १८ ॥ विक्रमवर्षसपञ्चाशीतिद्वादशशतेवतीतेषु । आश्विनमितान्न्यदिवसे साहसमल्लापगव्यस्य - ॥ १६ ॥ श्रीदेवपालनृपतेः प्रमारकुलशेखरस्य सौगज्ये । नलकच्चद्रपुरे सिद्धो ग्रन्थोऽयं नेमिनाथचैत्यगृहे ॥ १७ ॥ १ - इस ग्रन्थका हिन्दी अनुवाद हो रहा हैं । आगामी वर्ष में छप जावेगा । अनेकाईत्प्रतिष्ठान्सप्रतिष्ठैः केल्हणादिभिः । सयः सूक्तानुरागेण पठित्वाऽयं प्रचारितः ॥ १८ ॥ अलमतिप्रसगेन-~ यावत्रिलोक्यां जिन मन्दिरार्चाः तिष्ठन्ति शादिभिरर्च्यमानाः । तावजिनादिप्रतिमाप्रतिष्ठां शिवाधिनोऽनेन विधापयन्तु ॥ १९ नन्याखाण्डिल्यवंशोत्थः केल्हणो न्यासवित्तरः । लिखितं येन पाठार्थमस्य प्रथमपुस्तकम् ॥ २० ॥ इत्याशाधर विरचितो जिनयज्ञकल्पः । भावार्थ -- प्राचीन प्रतिष्ठापाठोंको वर्जित करके और इंद्रसम्बन्धी व्यव हारको देखकर यह वर्तमान युगके अनुकूल ग्रंथ बनाया, जो कि आम्नायविच्छेदरूपी अंधकारको नाश करनेवाला है। खंडेलवाल वंशके भूषणरूप अल्हणके पुत्र, श्रावकधर्म में लवलीन रहनेवाले, नलकच्छपुर निवासी, परोपकारी, देवपूजा, पात्रदान, तथा जिनशासनका उघोत करनेवाले और प्रतिष्ठाग्रणी पापासाधुने वारंवार अनुरोध करके यह ग्रंथ बनवाया । आसोज सुदी १५ वि० सं० १२८५ के दिन परमारकुलके मुकुट देवपाल उर्फ साहसमल्ल राजाके राज्यमें नलकच्छनगरके नेमिनाथ चैत्यालय में यह ग्रंथ समाप्त हुआ। अनेक जिनप्रतिष्ठाओमें प्रतिष्ठा पाये हुए केल्हण आदि विद्वानोने नवीन सूक्तियों के अनुरागसे इस ग्रन्थका प्रचार किया। जब तक तीन लोकमें जिनमंदिरोंकी पूजा इंद्रादिकोंके द्वारा होती है, तब तक कल्याणकी इच्छा करनेवाले इस ग्रंथसे जिन प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा करावें । खंडेलवाल वंश में उत्पन्न हुए और न्यास ग्रंथको अच्छी तरहसे जाननेवाले केल्हणने पाट करनेके लिये जिनयज्ञकल्पकी पहली पुस्तक लिखी । सोऽहं आशाधरो रम्यांमेतां टीकां व्यरीरचम् । धर्मामृतोक्तसगारधर्माष्टाध्यायगोचराम् ।। १७ ।। प्रमारवंशव+देवसेननृपात्मजे । श्रीमज्जैतुगिदेवेसि स्थाम्नावन्तीमवत्यलम् ॥ १८ नलकच्छपुरे श्रीमन्नेमिचैत्यालयेऽसिधत् । टीकेऽयं भव्यकुमुदचन्द्रिकेत्युदिता बुधैः ।। १९ षण्णवद्ध्येकसंख्यानविक्रमाङ्कममात्यये । सप्तम्यामासते पौषि सिद्धेयं नंदताञ्चिरम् ॥१० श्रीमान् श्रेष्ठसमुद्धरस्य तनयः श्रीपौरपाटान्वयव्योमेन्दुः सुकृतेन नन्दतु महीचन्दोदयाभ्यर्थनात् ।
किया है, वह इसपर मुग्ध हो गया है। अनगारधर्मामृत और जिनयज्ञकल्प ग्रन्थ भी ऐसे ही अपूर्व हैं । हम एक पृथकू लेखमें आशाधरके ग्रन्थोंकी आलोचना करने का प्रयत्न कर रहे है । अध्यात्मरहस्य कविवरने अपने पिताकी आज्ञासे बनाया। इससे मालूम पड़ता है कि, उनके पिता संशून्य एक हज़ार दो सौ छियानवे के पीछे भी कुछ कालतक तक जीवित थे । क्योंकि इस ग्रन्थका पहले दो ग्रन्थोंकी प्रशस्ति में उल्लेख नहीं है, अनगार धर्मामृतकी टीकामें ही उल्लेख है । और उसमें जो अधिक ग्रन्थ बतलाये गये हैं, वे एक हज़ार दो सौ छियानवेके पीछेके है । महाराज अर्जुनदेवके विशून्य संवत् एक हज़ार दो सौ बहत्तर के दानपत्र के अन्त में लिखा हुआ हैः - " रचितमिदं महासान्धिशून्य राजा सलखणसंमतेन राजगुरुणा मदन इससे ऐसा मालूम होता है कि, पंशून्य आशाधरके पिता सलखण महाराजा अर्जुनदेवके सन्धिविग्रह सम्बन्धी मंत्री थे । यद्यपि आशावर पिता महाजन थे और दानपत्र में संमति देनेवाले सलखणके साथ 'राजा' पद लगा हुआ है, इससे अन्य किसी सलखण नामके राजाकी भी संभावना भी हो सकती है, परन्तु आशाधरके पिताका संधिविग्रहके मंत्रियोंका राजा होना कुछ आश्चर्य की बात भी नहीं है । क्योंकि उस समय प्रायः महाजन लोग ही राज्यमंत्री होते थे । अब हम यहांपर तीनों ग्रंथों को प्रशस्तियों के बाकी श्लोक जो ऊपर कहीं नहीं लिखे गये हैं, भावार्थसहित उद्धृत करते हैंः-- प्राच्यानि संवर्ज्य जिनप्रतिष्ठाशास्त्राणि दृष्ट्वा व्यवहारमैन्दम् । आन्नायविच्छेदतमरिद्रदोऽयं ग्रन्थःकृतस्तेन युगानुरूपम् ॥ चौदह ॥ खण्डिल्यान्वय भूषणाल्हगसुतः मागारधर्मे रतो वास्तव्यो नलकच्छचारुनगरे कर्ता परोपक्रियाम् । सर्वज्ञानपात्रदानमयोयोतप्रतिष्ठाग्रणीः पापामाधुरकायत्पुनरिमं कृत्वोपरोधं मुहुः ॥ अट्ठारह ॥ विक्रमवर्षसपञ्चाशीतिद्वादशशतेवतीतेषु । आश्विनमितान्न्यदिवसे साहसमल्लापगव्यस्य - ॥ सोलह ॥ श्रीदेवपालनृपतेः प्रमारकुलशेखरस्य सौगज्ये । नलकच्चद्रपुरे सिद्धो ग्रन्थोऽयं नेमिनाथचैत्यगृहे ॥ सत्रह ॥ एक - इस ग्रन्थका हिन्दी अनुवाद हो रहा हैं । आगामी वर्ष में छप जावेगा । अनेकाईत्प्रतिष्ठान्सप्रतिष्ठैः केल्हणादिभिः । सयः सूक्तानुरागेण पठित्वाऽयं प्रचारितः ॥ अट्ठारह ॥ अलमतिप्रसगेन-~ यावत्रिलोक्यां जिन मन्दिरार्चाः तिष्ठन्ति शादिभिरर्च्यमानाः । तावजिनादिप्रतिमाप्रतिष्ठां शिवाधिनोऽनेन विधापयन्तु ॥ उन्नीस नन्याखाण्डिल्यवंशोत्थः केल्हणो न्यासवित्तरः । लिखितं येन पाठार्थमस्य प्रथमपुस्तकम् ॥ बीस ॥ इत्याशाधर विरचितो जिनयज्ञकल्पः । भावार्थ -- प्राचीन प्रतिष्ठापाठोंको वर्जित करके और इंद्रसम्बन्धी व्यव हारको देखकर यह वर्तमान युगके अनुकूल ग्रंथ बनाया, जो कि आम्नायविच्छेदरूपी अंधकारको नाश करनेवाला है। खंडेलवाल वंशके भूषणरूप अल्हणके पुत्र, श्रावकधर्म में लवलीन रहनेवाले, नलकच्छपुर निवासी, परोपकारी, देवपूजा, पात्रदान, तथा जिनशासनका उघोत करनेवाले और प्रतिष्ठाग्रणी पापासाधुने वारंवार अनुरोध करके यह ग्रंथ बनवाया । आसोज सुदी पंद्रह विशून्य संशून्य एक हज़ार दो सौ पचासी के दिन परमारकुलके मुकुट देवपाल उर्फ साहसमल्ल राजाके राज्यमें नलकच्छनगरके नेमिनाथ चैत्यालय में यह ग्रंथ समाप्त हुआ। अनेक जिनप्रतिष्ठाओमें प्रतिष्ठा पाये हुए केल्हण आदि विद्वानोने नवीन सूक्तियों के अनुरागसे इस ग्रन्थका प्रचार किया। जब तक तीन लोकमें जिनमंदिरोंकी पूजा इंद्रादिकोंके द्वारा होती है, तब तक कल्याणकी इच्छा करनेवाले इस ग्रंथसे जिन प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा करावें । खंडेलवाल वंश में उत्पन्न हुए और न्यास ग्रंथको अच्छी तरहसे जाननेवाले केल्हणने पाट करनेके लिये जिनयज्ञकल्पकी पहली पुस्तक लिखी । सोऽहं आशाधरो रम्यांमेतां टीकां व्यरीरचम् । धर्मामृतोक्तसगारधर्माष्टाध्यायगोचराम् ।। सत्रह ।। प्रमारवंशव+देवसेननृपात्मजे । श्रीमज्जैतुगिदेवेसि स्थाम्नावन्तीमवत्यलम् ॥ अट्ठारह नलकच्छपुरे श्रीमन्नेमिचैत्यालयेऽसिधत् । टीकेऽयं भव्यकुमुदचन्द्रिकेत्युदिता बुधैः ।। उन्नीस षण्णवद्ध्येकसंख्यानविक्रमाङ्कममात्यये । सप्तम्यामासते पौषि सिद्धेयं नंदताञ्चिरम् ॥दस श्रीमान् श्रेष्ठसमुद्धरस्य तनयः श्रीपौरपाटान्वयव्योमेन्दुः सुकृतेन नन्दतु महीचन्दोदयाभ्यर्थनात् ।
डीन एम्ब्रोज़ के WWE छोड़कर जाने की खबरों को लेकर ढेर सारी संभावनाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह कंपनी की स्टोरी का हिस्सा है तो वहीं कुछ का मानना है कि वह सही में कंपनी छोड़ रहे हैं। WWE के लिए लंबे समय तक अनाउंसर रहने वाले टैज़ ने खुलासा किया है, आखिर क्यों उन्हें लगता है कि एम्ब्रोज़ वास्तव में कंपनी छोड़ रहे हैं। दो चीजों की वजह से टैज को भरोसा हो रहा है कि एम्ब्रोज़ वास्तव में कंपनी छोड़ रहे हैं। टैज़ ने कहा, "उन्होंने कुछ ऐसी चीजें की हैं जो मेरी नजर में साफ तौर पर बताती हैं कि एम्ब्रोज़ का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होते ही वह कंपनी छोड़ देंगे। WWE ने एम्ब्रोज़ को रॉ के लिए एडवर्टाइज़ नहीं किया, उसके बाद डीन एम्ब्रोज़ को EC3 के खिलाफ हारना पड़ा। " EC3 के खिलाफ डीन की हार को लेकर टैज़ ने कहा, "वह ऐसे रैसलर हैं जिनके बारे में यह नहीं पता है कि वह रॉ में रहेंगे या फिर स्मकैडाउन में जाएंगे। इसीलिए कंपनी उनके कैरेक्टर के पीछे जा रही है। EC3 को मेन रोस्टर पर पुश मिल रहा है लेकिन यह उनकी TNA या फिर NXT की सफलता की वजह से नहीं है। EC3 को आगे भी पुश मिलता रहेगा। " लगभग 2 हफ्ते पहले ही अफवाहें उड़ी थीं कि डीन एम्ब्रोज़ कंपनी छोड़ रहे हैं, जिससे WWE यूनिवर्स सकते में आ गया था। यह बात तो साफ है कि एम्ब्रोज़ वर्तमान समय में WWE के शानदार रैसलर्स में से एक हैं। हालांकि जबसे उन्होंने कंपनी छोड़ने की बात कही है उन्हें काफी शर्मनाक तरीके से बुक किया गया है। डीन एम्ब्रोज़ और नाया जैक्स के बीच हुई झड़प के बाद EC3 और डीन एम्ब्रोज़ के बीच मैच हुआ। इसके बाद EC3 ने अपने रॉ डेब्यू मैच में ही एम्ब्रोज़ को हराया भी था।
डीन एम्ब्रोज़ के WWE छोड़कर जाने की खबरों को लेकर ढेर सारी संभावनाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह कंपनी की स्टोरी का हिस्सा है तो वहीं कुछ का मानना है कि वह सही में कंपनी छोड़ रहे हैं। WWE के लिए लंबे समय तक अनाउंसर रहने वाले टैज़ ने खुलासा किया है, आखिर क्यों उन्हें लगता है कि एम्ब्रोज़ वास्तव में कंपनी छोड़ रहे हैं। दो चीजों की वजह से टैज को भरोसा हो रहा है कि एम्ब्रोज़ वास्तव में कंपनी छोड़ रहे हैं। टैज़ ने कहा, "उन्होंने कुछ ऐसी चीजें की हैं जो मेरी नजर में साफ तौर पर बताती हैं कि एम्ब्रोज़ का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होते ही वह कंपनी छोड़ देंगे। WWE ने एम्ब्रोज़ को रॉ के लिए एडवर्टाइज़ नहीं किया, उसके बाद डीन एम्ब्रोज़ को ECतीन के खिलाफ हारना पड़ा। " ECतीन के खिलाफ डीन की हार को लेकर टैज़ ने कहा, "वह ऐसे रैसलर हैं जिनके बारे में यह नहीं पता है कि वह रॉ में रहेंगे या फिर स्मकैडाउन में जाएंगे। इसीलिए कंपनी उनके कैरेक्टर के पीछे जा रही है। ECतीन को मेन रोस्टर पर पुश मिल रहा है लेकिन यह उनकी TNA या फिर NXT की सफलता की वजह से नहीं है। ECतीन को आगे भी पुश मिलता रहेगा। " लगभग दो हफ्ते पहले ही अफवाहें उड़ी थीं कि डीन एम्ब्रोज़ कंपनी छोड़ रहे हैं, जिससे WWE यूनिवर्स सकते में आ गया था। यह बात तो साफ है कि एम्ब्रोज़ वर्तमान समय में WWE के शानदार रैसलर्स में से एक हैं। हालांकि जबसे उन्होंने कंपनी छोड़ने की बात कही है उन्हें काफी शर्मनाक तरीके से बुक किया गया है। डीन एम्ब्रोज़ और नाया जैक्स के बीच हुई झड़प के बाद ECतीन और डीन एम्ब्रोज़ के बीच मैच हुआ। इसके बाद ECतीन ने अपने रॉ डेब्यू मैच में ही एम्ब्रोज़ को हराया भी था।
भक्ति कार्यक्रम में माइक पर कहा गया कि स्वामीजी दक्षिणा नहीं लेते, लेकिन दानदक्षिणा का पुण्य लाभ इतना है कि जो भक्त दक्षिणा देते हैं उस का दसगुना उन्हें मिलता है. भक्तों के उस हुजूम में कामता और राधा भी थे, उन्हें संतान की चाह थी. एकांत में विशेष पूजा के दौरान स्वामी प्रज्ञानंद ने राधा से दक्षिणा चाही. स्वामीजी की चाह क्या थी और राधा ने दक्षिणा में क्या दिया? आश्रम का यह सब से बड़ा कार्यक्रम होता था. जब तक बड़े बाबा थे तब तक ज्यादा भीड़ नहीं होती थी. उन्हें यह तामझाम करना नहीं आता था. छोटेमोटे चढ़ावे और एक प्रौढ़ सी नौकरानी से उन की जिंदगी कट गई थी. पर उन के बाद आश्रम से जो लोग जुड़े थे, उन का स्वार्थ भी इस से जुड़ना शुरू हो गया था. रामगोविंद की सलाह पर आश्रम वाले प्रज्ञानंद को बुला लाए थे. आश्रम के भक्तजनों का निमंत्रण वे अस्वीकार नहीं कर पा रहे थे. यही तय हुआ कि माह में कुछ दिन के लिए प्रज्ञानंद इधर आते रहेंगे. इस बार विशेष तैयारियां होनी शुरू हो गई थीं. गांव के प्रधान ने पंचायत समिति के प्रधान को जा कर समझाया था कि यह चुनाव का वर्ष है, अभी से सक्रिय होना होगा. कार्ड आदि सामान 15 दिन पहले पहुंचाना है. इस से भीड़ बढ़ जाएगी.
भक्ति कार्यक्रम में माइक पर कहा गया कि स्वामीजी दक्षिणा नहीं लेते, लेकिन दानदक्षिणा का पुण्य लाभ इतना है कि जो भक्त दक्षिणा देते हैं उस का दसगुना उन्हें मिलता है. भक्तों के उस हुजूम में कामता और राधा भी थे, उन्हें संतान की चाह थी. एकांत में विशेष पूजा के दौरान स्वामी प्रज्ञानंद ने राधा से दक्षिणा चाही. स्वामीजी की चाह क्या थी और राधा ने दक्षिणा में क्या दिया? आश्रम का यह सब से बड़ा कार्यक्रम होता था. जब तक बड़े बाबा थे तब तक ज्यादा भीड़ नहीं होती थी. उन्हें यह तामझाम करना नहीं आता था. छोटेमोटे चढ़ावे और एक प्रौढ़ सी नौकरानी से उन की जिंदगी कट गई थी. पर उन के बाद आश्रम से जो लोग जुड़े थे, उन का स्वार्थ भी इस से जुड़ना शुरू हो गया था. रामगोविंद की सलाह पर आश्रम वाले प्रज्ञानंद को बुला लाए थे. आश्रम के भक्तजनों का निमंत्रण वे अस्वीकार नहीं कर पा रहे थे. यही तय हुआ कि माह में कुछ दिन के लिए प्रज्ञानंद इधर आते रहेंगे. इस बार विशेष तैयारियां होनी शुरू हो गई थीं. गांव के प्रधान ने पंचायत समिति के प्रधान को जा कर समझाया था कि यह चुनाव का वर्ष है, अभी से सक्रिय होना होगा. कार्ड आदि सामान पंद्रह दिन पहले पहुंचाना है. इस से भीड़ बढ़ जाएगी.
Shuru Kar is a song from the hindi album/film "Aiyaary. This song is sung by Amit Mishra, Neha Bhasin, Rochak Kohli. Its music is composed by Rochak Kohli. And the lyrics are penned by Manoj Muntashir. Aiyaary is directed by starring Sidharth Malhotra, Rakul Preet Singh, Manoj Bajpayee. हिंदी गाना 'शुरू कर' रिलीज हो गया है। अमित मिश्रा, नेहा भसीन, रोचक कोहली ने इस गाने को गाया है। मनोज मुंतशिर ने गीत लिखे हैं। म्यूजिक रोचक कोहली द्वारा दिया गया है। यह वीडियो नीरज पांडे द्वारा निर्देशित है। इस वीडियो सॉन्ग में सिद्धार्थ मल्होत्रा, रकुल प्रीत सिंह, मनोज बाजपेयी नजर आ रहा है. यह वीडियो गीत ज़ी म्यूजिक कंपनी द्वारा 16 फरवरी 2018 को जारी किया गया है। हाँ.. हाँ.. कोई कहानी.. ओ.. ओ.. शुरू कर.. शुरू शुरू कर.. हाँ.. हाँ.. कोई कहानी.. पहले बदल नज़र.. कोई कहानी.. ओ ओ.. शुरू कर.. शुरू शुरू कर.. Shuru Kar Lyrics Transliteration (English) Koi kahani shuru toh kar (x2) Tu kya hai, teri keemat kya? Tujhko bhi pata chal jaayega (x2) Sach poocho toh woh mauka hai (x2) मनोज मुंतशिर ने गीत के बोल लिखे हैं। इस गाने को अमित मिश्रा, नेहा भसीन, रोचक कोहली ने गाया है। वीडियो का निर्देशन नीरज पांडे ने किया है। इस वीडियो सॉन्ग में सिद्धार्थ मल्होत्रा, रकुल प्रीत सिंह, मनोज बाजपेयी नजर आ रहे हैं. संगीत रोचक कोहली ने दिया है। यह गाना 'अय्यारी' फिल्म का है। यह गीत 16 फरवरी 2018 को ज़ी म्यूजिक कंपनी के तहत जारी किया गया था।
Shuru Kar is a song from the hindi album/film "Aiyaary. This song is sung by Amit Mishra, Neha Bhasin, Rochak Kohli. Its music is composed by Rochak Kohli. And the lyrics are penned by Manoj Muntashir. Aiyaary is directed by starring Sidharth Malhotra, Rakul Preet Singh, Manoj Bajpayee. हिंदी गाना 'शुरू कर' रिलीज हो गया है। अमित मिश्रा, नेहा भसीन, रोचक कोहली ने इस गाने को गाया है। मनोज मुंतशिर ने गीत लिखे हैं। म्यूजिक रोचक कोहली द्वारा दिया गया है। यह वीडियो नीरज पांडे द्वारा निर्देशित है। इस वीडियो सॉन्ग में सिद्धार्थ मल्होत्रा, रकुल प्रीत सिंह, मनोज बाजपेयी नजर आ रहा है. यह वीडियो गीत ज़ी म्यूजिक कंपनी द्वारा सोलह फरवरी दो हज़ार अट्ठारह को जारी किया गया है। हाँ.. हाँ.. कोई कहानी.. ओ.. ओ.. शुरू कर.. शुरू शुरू कर.. हाँ.. हाँ.. कोई कहानी.. पहले बदल नज़र.. कोई कहानी.. ओ ओ.. शुरू कर.. शुरू शुरू कर.. Shuru Kar Lyrics Transliteration Koi kahani shuru toh kar Tu kya hai, teri keemat kya? Tujhko bhi pata chal jaayega Sach poocho toh woh mauka hai मनोज मुंतशिर ने गीत के बोल लिखे हैं। इस गाने को अमित मिश्रा, नेहा भसीन, रोचक कोहली ने गाया है। वीडियो का निर्देशन नीरज पांडे ने किया है। इस वीडियो सॉन्ग में सिद्धार्थ मल्होत्रा, रकुल प्रीत सिंह, मनोज बाजपेयी नजर आ रहे हैं. संगीत रोचक कोहली ने दिया है। यह गाना 'अय्यारी' फिल्म का है। यह गीत सोलह फरवरी दो हज़ार अट्ठारह को ज़ी म्यूजिक कंपनी के तहत जारी किया गया था।
मुंबई (आईएएनएस)। बाॅलीवुड एक्ट्रेस और पूर्व ब्यूटी क्वीन उर्वशी रौतेला ने 2013 में सनी देओल स्टारर फिल्म "सिंह साब द ग्रेट" से बॉलीवुड में कदम रखा और उनका कहना है कि यह उनके लिए अब तक का "बहुत ही शानदार" अनुभव रहा है। इस समय बाॅलीवुड में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर काफी बहस चल रही है। लोगों का कहना है कि, बॉलीवुड में कुछ लोग बाहरी लोगों के लिए इंडस्ट्री में टिकना मुश्किल बना देते हैं। उर्वशी, जो उत्तराखंड के छोटे से शहर कोटद्वार से आती हैं, ने साझा किया कि उन्हें अब तक पूरा सम्मान मिला है। उर्वशी कहती हैं, "मैंने सुपरस्टार सनी देओल के साथ पहली फिल्म की थी और पूरी फिल्म देओल्स द्वारा बनाई गई थी। फिल्म में बॉबी देओल और धर्मेंद्र सर भी थे। , इसलिए यह एक बहुत ही स्वागत योग्य अनुभव रहा है। ' उर्वशी ने आईएएनएस को बताया, कि फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा के साथ उनका एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा। ' एक्ट्रेस का कहना है कि, उन्होंने अभी तक जितनी फिल्में की हैं उसमें उनके साथ भेदभाव नहीं हुआ। वह कहती हैं कि, उन्होंने कभी खुद को अलग से ट्रीट करने की इच्छा ही नहीं रखी। मेरा दृष्टिकोण बहुत सरल रहा है। इसके अलावा, फिल्मों में काम करने या प्रमोशन करने के दौरान मुझे बराबर सम्मान दिया गया है। उर्वशी अपनी अगली फिल्म "वर्जिन भानुप्रिया" के इंतजार में है, जो ओटीटी पर रिलीज होगी। फिल्म में गौतम गुलाटी, अर्चना पूरन सिंह, डेलनाज ईरानी, राजीव गुप्ता और बृजेन्द्र काला, निकी अनेजा वालिया और रूमाना मोला भी हैं।
मुंबई । बाॅलीवुड एक्ट्रेस और पूर्व ब्यूटी क्वीन उर्वशी रौतेला ने दो हज़ार तेरह में सनी देओल स्टारर फिल्म "सिंह साब द ग्रेट" से बॉलीवुड में कदम रखा और उनका कहना है कि यह उनके लिए अब तक का "बहुत ही शानदार" अनुभव रहा है। इस समय बाॅलीवुड में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर काफी बहस चल रही है। लोगों का कहना है कि, बॉलीवुड में कुछ लोग बाहरी लोगों के लिए इंडस्ट्री में टिकना मुश्किल बना देते हैं। उर्वशी, जो उत्तराखंड के छोटे से शहर कोटद्वार से आती हैं, ने साझा किया कि उन्हें अब तक पूरा सम्मान मिला है। उर्वशी कहती हैं, "मैंने सुपरस्टार सनी देओल के साथ पहली फिल्म की थी और पूरी फिल्म देओल्स द्वारा बनाई गई थी। फिल्म में बॉबी देओल और धर्मेंद्र सर भी थे। , इसलिए यह एक बहुत ही स्वागत योग्य अनुभव रहा है। ' उर्वशी ने आईएएनएस को बताया, कि फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा के साथ उनका एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा। ' एक्ट्रेस का कहना है कि, उन्होंने अभी तक जितनी फिल्में की हैं उसमें उनके साथ भेदभाव नहीं हुआ। वह कहती हैं कि, उन्होंने कभी खुद को अलग से ट्रीट करने की इच्छा ही नहीं रखी। मेरा दृष्टिकोण बहुत सरल रहा है। इसके अलावा, फिल्मों में काम करने या प्रमोशन करने के दौरान मुझे बराबर सम्मान दिया गया है। उर्वशी अपनी अगली फिल्म "वर्जिन भानुप्रिया" के इंतजार में है, जो ओटीटी पर रिलीज होगी। फिल्म में गौतम गुलाटी, अर्चना पूरन सिंह, डेलनाज ईरानी, राजीव गुप्ता और बृजेन्द्र काला, निकी अनेजा वालिया और रूमाना मोला भी हैं।
पटना/भोजपुर/नालंदा/सारण/सिवान। बिहार के भोजपुर, नालंदा, सारण और सिवान जिलों में करीब 12 घंटे के अंदर कम से कम छह लोगों की हत्या की खबर सामने आई है। भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के ठकुरी पंचायत अंतर्गत कसमरियां गांव में जमीन विवाद के मामले में सोमवार की रात पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, सिवान जिले में एक शख्स की गला रेतकर हत्या कर दी गई। सारण जिले में एक युवक की बाइक लूट के दौरान विरोध करने पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। नालंदा जिले के बकरा गांव में एक दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई, तो इसी जिले के बेन थाना के अकौड़पर गांव में शादी समारोह के दौरान दूल्हे के ममेरे भाई की हत्या लाठी से पीटकर कर दी गई। गिरियक (नालंदा), संवाद सूत्र। नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र के बकरा गांव में दुकानदार को बदमाश ने गोली मारकर हत्या कर दी। प्राप्त समाचार अनुसार बकरा गांव निवासी अरविंद साव के 24 वर्षीय पुत्र इंद्रजीत कुमार प्रतिदिन की तरह अपनी दुकान पर बैठे समान बेच रहे थे। इसी दौरान पूर्व से घात लगाए बदमाश ने इंद्रजीत के पीट में गोली मार दी और दौड़कर फरार हो गया। गोली की आवाज होते ही ग्रामीणों ने पीछा करने का कोशिश किया, लेकिन बदमाश तब तक भाग निकला।
पटना/भोजपुर/नालंदा/सारण/सिवान। बिहार के भोजपुर, नालंदा, सारण और सिवान जिलों में करीब बारह घंटाटे के अंदर कम से कम छह लोगों की हत्या की खबर सामने आई है। भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के ठकुरी पंचायत अंतर्गत कसमरियां गांव में जमीन विवाद के मामले में सोमवार की रात पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, सिवान जिले में एक शख्स की गला रेतकर हत्या कर दी गई। सारण जिले में एक युवक की बाइक लूट के दौरान विरोध करने पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। नालंदा जिले के बकरा गांव में एक दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई, तो इसी जिले के बेन थाना के अकौड़पर गांव में शादी समारोह के दौरान दूल्हे के ममेरे भाई की हत्या लाठी से पीटकर कर दी गई। गिरियक , संवाद सूत्र। नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र के बकरा गांव में दुकानदार को बदमाश ने गोली मारकर हत्या कर दी। प्राप्त समाचार अनुसार बकरा गांव निवासी अरविंद साव के चौबीस वर्षीय पुत्र इंद्रजीत कुमार प्रतिदिन की तरह अपनी दुकान पर बैठे समान बेच रहे थे। इसी दौरान पूर्व से घात लगाए बदमाश ने इंद्रजीत के पीट में गोली मार दी और दौड़कर फरार हो गया। गोली की आवाज होते ही ग्रामीणों ने पीछा करने का कोशिश किया, लेकिन बदमाश तब तक भाग निकला।
शङ्कराचार्येने इस उपनिषद्का भाष्य और पानन्दगिरिने उसको टोका प्रणयन को । नारायण और शङ्करानन्दने इस उपनिषद्को दीपिका बनाई है। नारायण - इस नामके अनेक संस्कृत ग्रन्थकारों के नाम मिलते हैं जिनमें से निम्नलिखित उल्लेखयोग्य नाम हैं १ एक वैदिक पण्डित। इन्होंने अग्निष्टोमप्रयोग, भाचार-चतुदं शोपरिशिष्ट, कौतुकबन्धनप्रयोग, चयन पद्धति, जौवष्काइप्रयोग, महारुद्रपद्धति, रुद्रपद्धति, रुद्र जपविधि, वृद्धिश्राद्ध प्रयोग, स्थालौपाक प्रयोग आदि ग्रन्थ बनाए हैं। नारायण - २ एक ज्योतिर्विदु । इन्होंने अमृतकुम्भ ग्रहलाघड़, चमत्कार चिन्तामणि और उम्रकी टोका लिखी है। ३ एक विख्यात दार्शनिक, रत्नाकरके पुत्र और रामेन्द्र सरस्वतीके शिष्य। ये समस्त प्राथव ण उपनिषदोंको दौपिका बना गये हैं जिनमेंसे अथवं शिखा, अथवं शिरा, अमृतनाद, अमृतबिन्दु, घामबोध आमविद्या, श्रानन्द वली, आरुणेय, ऐतरेय, काठक, कालाग्निरुद्र कृष्ण, कृष्णतापनीय : केनेषित, कैवल्य, कौषोतक, दुरिका, गणपतिपूर्व तापिनी, गर्भ, गारुड़, गोपालतापनीय, गोपीचन्दन, चूलिका, जावाल, तेजोविन्दु, तैत्तिरोय, द्वितीय, ध्यानविन्दु, नादविन्दु नारसिंह, नारायण, नीलरुद्र, नृसिंह, परमहंस, पिण्ड, प्रथम, प्रश्न । प्राणाग्निहोत, ब्रह्मविन्दु ब्रह्मविद्या ब्रह्मोपनिषद्, भृगुवलो, महानारायण, महोपनिषत्, माण्डुका, मुण्डक, मैत्रयो, योगतत्व, योगशिखा, रामतापनीय, नारदपूर्व तापिनी, वं ताम्खतर, वक, षट, चक्र, संन्याम, सव और यादि उपनिषद्को दीपिका मिलती हैं। इन सब दीपिका नारायण पाण्डित्यका यथेष्ट परिचय है। ४ अध्याम चिन्तामणिव्याख्यानके रचविता । ५ कुमारसम्भव और रघुवंशकी 'भावदीपिका' नामक टीकाकार । ६ खण्डव्याख्यानमाला के रचयिता । ७ वंशभाचाय कृत जलभेद नामक ग्रन्थके टीकाकार. ८पत्वदर्प के रचयिता ।. ८ तन्त्र विवाहक नामक ज्योतिग्रंन्यके रचयिता १० दशावतारोत्यति समयके दीपिकाकार । ११ दिनवयमोमांसा नामक स्मार्त्त ग्रन्थकार । १२ देवीमाहाकाके एक टोकाकार । १३ धर्म सुबोधिनी नामक नव्यस्मृतिके संग्रहकार । १४ राघवेन्द्र के शिष्य, न्यायप्रमाणमञ्जरोके एक टोकाकार । १५ पद्मलौलाविनाशिनी नामक ज्योतिःग्रन्यके रचयिता । १६ पाव प्रदीपभाष्यके प्रणेता । १७ भक्तिभूषणमन्दर्भ और भक्तिसागर नामक भक्तिग्रन्थके रचयिता । १८ गोबिन्दपुरनिवासो एक मौमांमक । खण्डदेवको भाट्टदीपिकाके आधार पर इन्होंने भाट्टन्यायोद्योतको रचना की । १८ एक प्रसिद्ध वैयाकरण । इन्होंने महाभाष्य प्रदीप - विवरण इनाया है । २० माटगोवनिणय नामक धर्म शास्त्र के संग्रहकार । २१ तैत्तिरोय-विलइ लक्षण के रचयिता । २२ विष्णु स्मृति और विष्णु श्राद्ध के रचयिता । २३ गोविन्दपुर निवासी एक शाब्दिक । इन्होने पाणिनि व्याकरण की शब्दभूषण नामक टीका लिखी है। २४ सारदातिलकतन्त्र के एक टीकाकार । २५ शिवगीताको तात्पर्य बोधिनी नामक टीकाकार । २६ श्रुतिर नामक अलङ्गारग्रन्यके रचयिता । २७ म़ापिण्डकल्पलतिकाके रचयिता । २८ सोमप्रयोगके टीकाकार । २८ हितोपदेशके रचयिता इन्होंने धवलचन्द्र के आधार पर उक्त ग्रन्थ लिखा है । ३० टापरग्राम के एक ज्योतिर्विदु । इनके पिताका नाम अनन्त और पितामहका नाम हरि था। इन्होंने १५७३ ई० में मुद्दत्त मात्तण्ड और उसको टोका तथा तुमण्डदपण नामक एक ज्योतिग्रन्थ लिखा है।. ३१ एक वेद पण्डित । ये कृष्णजोके पुत्र और श्रीप्रतिके पौत्र थे । १५७३ ई० में इन्होंने माझ्ायनगृह्यसूत्रभाष्य रचा है। ३२ केशवमिश्र के छन्दोगपरिशिष्टके परिशिष्टप्रकाश नामक टोकाकार । इनके पिताका नाम गोण, पितामह
शङ्कराचार्येने इस उपनिषद्का भाष्य और पानन्दगिरिने उसको टोका प्रणयन को । नारायण और शङ्करानन्दने इस उपनिषद्को दीपिका बनाई है। नारायण - इस नामके अनेक संस्कृत ग्रन्थकारों के नाम मिलते हैं जिनमें से निम्नलिखित उल्लेखयोग्य नाम हैं एक एक वैदिक पण्डित। इन्होंने अग्निष्टोमप्रयोग, भाचार-चतुदं शोपरिशिष्ट, कौतुकबन्धनप्रयोग, चयन पद्धति, जौवष्काइप्रयोग, महारुद्रपद्धति, रुद्रपद्धति, रुद्र जपविधि, वृद्धिश्राद्ध प्रयोग, स्थालौपाक प्रयोग आदि ग्रन्थ बनाए हैं। नारायण - दो एक ज्योतिर्विदु । इन्होंने अमृतकुम्भ ग्रहलाघड़, चमत्कार चिन्तामणि और उम्रकी टोका लिखी है। तीन एक विख्यात दार्शनिक, रत्नाकरके पुत्र और रामेन्द्र सरस्वतीके शिष्य। ये समस्त प्राथव ण उपनिषदोंको दौपिका बना गये हैं जिनमेंसे अथवं शिखा, अथवं शिरा, अमृतनाद, अमृतबिन्दु, घामबोध आमविद्या, श्रानन्द वली, आरुणेय, ऐतरेय, काठक, कालाग्निरुद्र कृष्ण, कृष्णतापनीय : केनेषित, कैवल्य, कौषोतक, दुरिका, गणपतिपूर्व तापिनी, गर्भ, गारुड़, गोपालतापनीय, गोपीचन्दन, चूलिका, जावाल, तेजोविन्दु, तैत्तिरोय, द्वितीय, ध्यानविन्दु, नादविन्दु नारसिंह, नारायण, नीलरुद्र, नृसिंह, परमहंस, पिण्ड, प्रथम, प्रश्न । प्राणाग्निहोत, ब्रह्मविन्दु ब्रह्मविद्या ब्रह्मोपनिषद्, भृगुवलो, महानारायण, महोपनिषत्, माण्डुका, मुण्डक, मैत्रयो, योगतत्व, योगशिखा, रामतापनीय, नारदपूर्व तापिनी, वं ताम्खतर, वक, षट, चक्र, संन्याम, सव और यादि उपनिषद्को दीपिका मिलती हैं। इन सब दीपिका नारायण पाण्डित्यका यथेष्ट परिचय है। चार अध्याम चिन्तामणिव्याख्यानके रचविता । पाँच कुमारसम्भव और रघुवंशकी 'भावदीपिका' नामक टीकाकार । छः खण्डव्याख्यानमाला के रचयिता । सात वंशभाचाय कृत जलभेद नामक ग्रन्थके टीकाकार. आठपत्वदर्प के रचयिता ।. आठ तन्त्र विवाहक नामक ज्योतिग्रंन्यके रचयिता दस दशावतारोत्यति समयके दीपिकाकार । ग्यारह दिनवयमोमांसा नामक स्मार्त्त ग्रन्थकार । बारह देवीमाहाकाके एक टोकाकार । तेरह धर्म सुबोधिनी नामक नव्यस्मृतिके संग्रहकार । चौदह राघवेन्द्र के शिष्य, न्यायप्रमाणमञ्जरोके एक टोकाकार । पंद्रह पद्मलौलाविनाशिनी नामक ज्योतिःग्रन्यके रचयिता । सोलह पाव प्रदीपभाष्यके प्रणेता । सत्रह भक्तिभूषणमन्दर्भ और भक्तिसागर नामक भक्तिग्रन्थके रचयिता । अट्ठारह गोबिन्दपुरनिवासो एक मौमांमक । खण्डदेवको भाट्टदीपिकाके आधार पर इन्होंने भाट्टन्यायोद्योतको रचना की । अट्ठारह एक प्रसिद्ध वैयाकरण । इन्होंने महाभाष्य प्रदीप - विवरण इनाया है । बीस माटगोवनिणय नामक धर्म शास्त्र के संग्रहकार । इक्कीस तैत्तिरोय-विलइ लक्षण के रचयिता । बाईस विष्णु स्मृति और विष्णु श्राद्ध के रचयिता । तेईस गोविन्दपुर निवासी एक शाब्दिक । इन्होने पाणिनि व्याकरण की शब्दभूषण नामक टीका लिखी है। चौबीस सारदातिलकतन्त्र के एक टीकाकार । पच्चीस शिवगीताको तात्पर्य बोधिनी नामक टीकाकार । छब्बीस श्रुतिर नामक अलङ्गारग्रन्यके रचयिता । सत्ताईस म़ापिण्डकल्पलतिकाके रचयिता । अट्ठाईस सोमप्रयोगके टीकाकार । अट्ठाईस हितोपदेशके रचयिता इन्होंने धवलचन्द्र के आधार पर उक्त ग्रन्थ लिखा है । तीस टापरग्राम के एक ज्योतिर्विदु । इनके पिताका नाम अनन्त और पितामहका नाम हरि था। इन्होंने एक हज़ार पाँच सौ तिहत्तर ईशून्य में मुद्दत्त मात्तण्ड और उसको टोका तथा तुमण्डदपण नामक एक ज्योतिग्रन्थ लिखा है।. इकतीस एक वेद पण्डित । ये कृष्णजोके पुत्र और श्रीप्रतिके पौत्र थे । एक हज़ार पाँच सौ तिहत्तर ईशून्य में इन्होंने माझ्ायनगृह्यसूत्रभाष्य रचा है। बत्तीस केशवमिश्र के छन्दोगपरिशिष्टके परिशिष्टप्रकाश नामक टोकाकार । इनके पिताका नाम गोण, पितामह
साधारण विवरण दे दिया है। उसके सदुपयोग के सम्बन्ध में हमें सर्वप्रथम यही कहना चाहिए कि बुद्धि की उपयोगिता से ही मनुष्यता की प्रतिष्ठा होती है । इस अध्याय के आरम्भ में हम मस्तिष्क - बल की प्रधानता के सम्बन्ध में जो कुछ लिख चुके हैं वह वस्तुतः बुद्धि बल की श्रेष्ठता का वर्णन है । बुद्धि-प्रधान जीव होने के कारण मनुष्य सर्वप्रधान जीव है । हितोपदेश में सत्य ही कहा है कि जिसके पास बुद्धि है, वही बलवान् हैं, 'बुद्धिर्यस्य 'बलं तस्य' । मानव-जगत् में हम प्रत्यक्ष ही देखते हैं कि जो बुद्धिमान् हैं, वे ही स्वतन्त्र, समृद्ध एवं शक्तिवान् हैं। बौद्धिक स्वतन्त्रता से मनुष्य बन्दी - गृह में भी स्वतन्त्र रहता है। गांधीजी उस समय भी सर्वस्वतन्त्र थे, जब सारा देश पराधीन था, क्योंकि वे बुद्धि से स्वतन्त्र थे। गांधीजी निःशस्त्र होते हुए भी अति-शक्तिवान् थे और कौन नहीं जानता कि उस क्षीणकाय मनुष्य ने केवल बुद्धि-साधना से अकेले खड़े होकर दिग्विजेता अंग्रेजों को सात समुन्दर पार खदेड़ दिया। अपने साधारण जीवन में देखिए - किसी कर्म के सम्पादन में एक बुद्धिमान् और एक मूर्ख की शारीरिक क्रियाओं में कोई अन्तर नहीं होता, केवल बुद्धि का अन्तर होता है, जिसके कारण बुद्धिमान् का कार्य सफल होता है और मूर्ख का विफल : प्राज्ञस्य मूर्खस्य च कार्य्ययोगे समत्वमभ्येति तनुर्न बुद्धिः । (भास) बुद्धिमान् से कहीं अधिक कठोर परिश्रमी होकर भी मूर्ख केवल इस लिए नहीं सफल होता कि वह कार्य-कुशल नहीं होता । अपनी बुद्धिहीनता और विचारों की दासता के कारण वह परतन्त्र तथा बुद्धिमानों का आश्रित बना रहता है। हितोपदेश में लिखा है कि बुद्धिहीनों से बुद्धिमानों की जीविका चलती है : 'विदुषां जीवनं मूर्खः' । बुद्धि की उपयोगिता पर एक दृष्टि से और विचार कीजिए समय सबके लिए एक-सा रहता है, परन्तु बुद्धिमान् व्यक्ति उसी को कामधेनु बनाकर दुहता है और बुद्धि रंक उसको व्यर्थ गंवा देता है। ऐसे व्यक्ति के हाथ से समय जब तीर की तरह निकल जाता है, तब वह सचेत होकर खोए हुए अवसर के पीछे किकर्त्तव्यविमूढ़ होकर दौड़ता है। वही अवस्था नरक है । एक अंग्रेज़ी विचारक ने लिखा है कि अवसर का हाथ से निकल जाना और समय बीतने के बाद यथार्थता का ज्ञान होना ही नरक है । इस नरक से बचने के लिए बुद्धि का समयानुकूल उपयोग आवश्यक होता है । विदुर की जिह्वा पर बैठकर व्यास की सरस्वती ने ठीक कहा है कि सद्बुद्धि द्वारा ही देवताओं का अनुग्रह प्रकट होता है । देवता लोग चरवाहे की तरह डंडा लेकर किसी की रक्षा नहीं करते, वे जिसकी रक्षा करना चाहते हैं, उसको बुद्धिबल से संयुक्त कर देते हैं । 2 इसके विपरीत, बुद्धि का दुरुपयोग होने से मनुष्य की मनुष्यता का नाश हो जाता है : 'विनाशकाले विपरीतबुद्धिः' - इसका प्रत्यक्ष प्राकृतिक प्रमाण है कि मृत्यु -काल निकट होने पर मनुष्य की बुद्धि एकाएक परिवर्तित या विपरीत हो जाती है और वह अपने हित-अहित को पहचानने में असमर्थ हो जाता है । तुलसी की यह उक्ति उल्लेखनीय है : जा कहं प्रभु दारुन दुख देहीं । ताकर मति पहिलेहि हर लेहीं ॥ (मानस ) जिस दृष्टि से भी हम देखें, यही सत्य प्रतीत होता है कि मनुष्य के उत्थान-पतन का कारण उसकी बुद्धि होती है । बौद्धिक विकास से मानवशक्ति का विकास होता है और उसके ह्रास से शक्ति - विनाश । यही नहीं,. बुद्धि के दुरुपयोग से मनुष्यता का दुरुपयोग होता है। बुद्धि इतनी प्रभावशालिनी शक्ति है कि वह कुटिल होकर अपना ही नहीं, बहुतों का सर्वनाश कर देती है। अतएव उसके उपयोग में उतनी ही सावधानी की आवश्यकता होती है जितनी बन्दूक या पिस्तौल के उपयोग में । बुद्धि का सदुपयोग क्या है ? - वाल्मीकि के अनुसार उसके ये गुण हैं, जिनसे उसके उपयोग का पता लग सकता है : सुनने की इच्छा, सुनना, ग्रहण करना, धारण करना, तर्क द्वारा सिद्धान्त का निश्चय करना, विज्ञान और तत्त्व-ज्ञान । 8 1. Hell is opportunity missed and truth seen too late. 2. न देवा दण्डमादाय रक्षन्ति पशुपालवत् । यन्तु रक्षितुमिच्छन्ति बुद्ध्या संविभजन्ति तम् ॥ ( महाभारत) 3. शुश्रूषाश्रवणञ्चैव ग्रहणं धारणं तथा । ऊहोऽपोहोऽयं विज्ञानं तत्त्वद्यानं च धीगुणाः ॥ (रामायण) सार रूप में इसमें सभी कुछ आ गया, परन्तु इसपर विस्तारपूर्वक भी विचार करना चाहिए । बुद्धि का प्रधान कार्य है - सत्य को खोजना, उसको प्रकाशित करना । जीवन के रहस्यों और प्रकृति के रहस्यों को जानना उसका विशेष धर्म है । वह एक दीपक है, जिसको लेकर मन घोर अंधकार में अपना मार्ग देखता है। बुद्धि जीवन का नेतृत्व करती है, अतएव जब वह सत्य को देखने में प्रवीण होती है, तभी नेतृत्व कर सकती है । बुद्धि-चक्षु से बुद्धिमान् प्राणी पहले जीवन-सत्य को देखता है, जिसको आत्मज्ञान कहते हैं। वह अपने को पहचानता है, अपनी आत्मशक्तियों को देखता है, वह अपनी स्वभावज प्रवृत्तियों को समझता है और अपनी सर्वप्रधान मूल प्रवृत्तियों को पकड़ता है। वह देखता है कि उसके मस्तिष्क का स्वाभाविक झुकाव किधर है । वह यह देखता है कि उसकी पशु- प्रवृत्तियां कितनी प्रबल हैं और आत्मसंयम द्वारा इनके संस्कार का उपाय सोचता है । बुद्धि द्वारा ही वह आत्मज्ञान प्राप्त करता है और आत्मज्ञान ही परम ज्ञान है, ऐसा प्राचीन पण्डितों का मत है : 'आत्माज्ञानं परं ज्ञानम्' । पाश्चात्य दार्शनिक भी आत्मज्ञान को दर्शनशास्त्र का मूल सिद्धान्त मानते हैं और कहते हैं कि अपने को पहचानो। यह ज्ञान बुद्धि के उपयोग से ही सुलभ होता है। आत्मज्ञान के अतिरिक्त दूसरों को पहचानना बुद्धि का ही कर्त्तव्य है। अपने को तथा दूसरों को पहचानकर ही मनुष्य अपने कर्त्तव्य का निश्चय कर सकता है । इस प्रकार बुद्धि का कार्य कर्त्तव्य -अकर्त्तव्य,. चित-अनुचित को जानना और जीवन के सत्य को प्रयोजन को समझकर उसका विकास करना है। बुद्धि का दूसरा प्रधान उपयोग है- सृष्टि के सत्य को समझकर, मानव जीवन को उसके अनुरूप बनाना । सृष्टि का सत्य क्या है ? 'शत पथ ब्राह्मण' में लिखा है कि यह सभी विश्व एक छन्द है : 'छन्दांसि वै विश्वरूपाणि' । छन्द उस गति को कहते हैं जो ताल-ताल में नृत्य करती है । किसी छन्दोबद्ध रचना में जिस प्रकार बहुत से शब्द यथास्थान संयुक्त होकर एक भाव को अभिव्यक्त करते हैं, उसी प्रकार इस विश्व - रचना के 1. Know thyself. सभी साधन अलग-अलग रहते हुए और परस्पर संघर्ष करते हुए भी एक ही उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रयत्नशील प्रतीत होते हैं। जिस प्रकार शब्दों को यथास्थान संयुक्त करके कोई कवि उनको काव्य का रूप दे देता है, उसी प्रकार समस्त प्राकृतिक शक्तियों को किसी 'कविर्मनीषी' ने क्रम से संयोजित किया है, तभी सृष्टि का कार्यक्रम नियमपूर्वक चलता है। काव्य के पीछे कवि की प्रतिभा और किसी चित्र के पीछे चित्रकार की कला की तरह, सृष्टि रचना के पीछे किसी कुशल रचनाकार की रचनात्मक बुद्धि और उसके अस्तित्व का आभास मिलता है। उसकी भावना अथवा योजना के अनुसार सब तत्त्व सप्रयोजन अपनी-अपनी मर्यादा में सीमित होकर, अपने-अपने निश्चित धर्म के अनुसार ही चलते हैं और इस व्यवस्था से सम्पूर्ण सृष्टि नियमित गति से चलती रहती है। उसके भावुक कलाकार या नियामक को ईश्वर, परमात्मा आदि नामों से पुकराते हैं । यही सांसारिक जीवन का सबसे बड़ा सत्य है, जिसको बुद्धि से ही समझा जा सकता है । इस सत्य के आधार पर ही मानव जीवन की समस्त रूपरेखा बनती है, मनुष्य के चरित्र का निर्माण होता है और मनुष्यता की एक मर्यादा 'बंधती है। मनुष्य समझता है कि वह संसार में अकेला नहीं है, उसका एक साथी भी है जो उसको प्रेरित करता है। वह उसको जीवन का पथ-प्रदर्शक और जीवन संध्या का अन्तिम दीपक मानकर धैर्यपूर्वक आगे बढ़ता है । और सबसे प्रमुख बात यह है कि इसी सत्य- विश्वास के आधार पर मानवजीवन की नैतिकता की प्रतिष्ठा होती है, जिसके द्वारा जीवन में सफलता मिलती है। समाज में जो अनेकता में एकता दिखलाई पड़ती है, वह जीवन के इसी नैतिक पक्ष की प्रबलता के कारण है। लोक-जीवन का एक और प्रधान सत्य है, जिसको समझने के लिए बुद्धि की आवश्यकता होती है। उपनिषद् के शब्दों में वह यह है : आनन्द ही ब्रह्म है, यह जान; आनन्द से ही सब प्राणी उत्पन्न होते हैं; उत्पन्न होने पर आनन्द से ही जीवित रहते हैं और मृत्यु से आनन्द ही में समा जाते हैं।1 1. आनन्दी ब्रह्मति व्यजानात् प्रानन्दाद्ध्येव खल्विमानिभूतानि जायन्ते मानन्देन जातानि जीवन्ति प्रानन्दं प्रयन्त्यभिसंविशन्तीति ।
साधारण विवरण दे दिया है। उसके सदुपयोग के सम्बन्ध में हमें सर्वप्रथम यही कहना चाहिए कि बुद्धि की उपयोगिता से ही मनुष्यता की प्रतिष्ठा होती है । इस अध्याय के आरम्भ में हम मस्तिष्क - बल की प्रधानता के सम्बन्ध में जो कुछ लिख चुके हैं वह वस्तुतः बुद्धि बल की श्रेष्ठता का वर्णन है । बुद्धि-प्रधान जीव होने के कारण मनुष्य सर्वप्रधान जीव है । हितोपदेश में सत्य ही कहा है कि जिसके पास बुद्धि है, वही बलवान् हैं, 'बुद्धिर्यस्य 'बलं तस्य' । मानव-जगत् में हम प्रत्यक्ष ही देखते हैं कि जो बुद्धिमान् हैं, वे ही स्वतन्त्र, समृद्ध एवं शक्तिवान् हैं। बौद्धिक स्वतन्त्रता से मनुष्य बन्दी - गृह में भी स्वतन्त्र रहता है। गांधीजी उस समय भी सर्वस्वतन्त्र थे, जब सारा देश पराधीन था, क्योंकि वे बुद्धि से स्वतन्त्र थे। गांधीजी निःशस्त्र होते हुए भी अति-शक्तिवान् थे और कौन नहीं जानता कि उस क्षीणकाय मनुष्य ने केवल बुद्धि-साधना से अकेले खड़े होकर दिग्विजेता अंग्रेजों को सात समुन्दर पार खदेड़ दिया। अपने साधारण जीवन में देखिए - किसी कर्म के सम्पादन में एक बुद्धिमान् और एक मूर्ख की शारीरिक क्रियाओं में कोई अन्तर नहीं होता, केवल बुद्धि का अन्तर होता है, जिसके कारण बुद्धिमान् का कार्य सफल होता है और मूर्ख का विफल : प्राज्ञस्य मूर्खस्य च कार्य्ययोगे समत्वमभ्येति तनुर्न बुद्धिः । बुद्धिमान् से कहीं अधिक कठोर परिश्रमी होकर भी मूर्ख केवल इस लिए नहीं सफल होता कि वह कार्य-कुशल नहीं होता । अपनी बुद्धिहीनता और विचारों की दासता के कारण वह परतन्त्र तथा बुद्धिमानों का आश्रित बना रहता है। हितोपदेश में लिखा है कि बुद्धिहीनों से बुद्धिमानों की जीविका चलती है : 'विदुषां जीवनं मूर्खः' । बुद्धि की उपयोगिता पर एक दृष्टि से और विचार कीजिए समय सबके लिए एक-सा रहता है, परन्तु बुद्धिमान् व्यक्ति उसी को कामधेनु बनाकर दुहता है और बुद्धि रंक उसको व्यर्थ गंवा देता है। ऐसे व्यक्ति के हाथ से समय जब तीर की तरह निकल जाता है, तब वह सचेत होकर खोए हुए अवसर के पीछे किकर्त्तव्यविमूढ़ होकर दौड़ता है। वही अवस्था नरक है । एक अंग्रेज़ी विचारक ने लिखा है कि अवसर का हाथ से निकल जाना और समय बीतने के बाद यथार्थता का ज्ञान होना ही नरक है । इस नरक से बचने के लिए बुद्धि का समयानुकूल उपयोग आवश्यक होता है । विदुर की जिह्वा पर बैठकर व्यास की सरस्वती ने ठीक कहा है कि सद्बुद्धि द्वारा ही देवताओं का अनुग्रह प्रकट होता है । देवता लोग चरवाहे की तरह डंडा लेकर किसी की रक्षा नहीं करते, वे जिसकी रक्षा करना चाहते हैं, उसको बुद्धिबल से संयुक्त कर देते हैं । दो इसके विपरीत, बुद्धि का दुरुपयोग होने से मनुष्य की मनुष्यता का नाश हो जाता है : 'विनाशकाले विपरीतबुद्धिः' - इसका प्रत्यक्ष प्राकृतिक प्रमाण है कि मृत्यु -काल निकट होने पर मनुष्य की बुद्धि एकाएक परिवर्तित या विपरीत हो जाती है और वह अपने हित-अहित को पहचानने में असमर्थ हो जाता है । तुलसी की यह उक्ति उल्लेखनीय है : जा कहं प्रभु दारुन दुख देहीं । ताकर मति पहिलेहि हर लेहीं ॥ जिस दृष्टि से भी हम देखें, यही सत्य प्रतीत होता है कि मनुष्य के उत्थान-पतन का कारण उसकी बुद्धि होती है । बौद्धिक विकास से मानवशक्ति का विकास होता है और उसके ह्रास से शक्ति - विनाश । यही नहीं,. बुद्धि के दुरुपयोग से मनुष्यता का दुरुपयोग होता है। बुद्धि इतनी प्रभावशालिनी शक्ति है कि वह कुटिल होकर अपना ही नहीं, बहुतों का सर्वनाश कर देती है। अतएव उसके उपयोग में उतनी ही सावधानी की आवश्यकता होती है जितनी बन्दूक या पिस्तौल के उपयोग में । बुद्धि का सदुपयोग क्या है ? - वाल्मीकि के अनुसार उसके ये गुण हैं, जिनसे उसके उपयोग का पता लग सकता है : सुनने की इच्छा, सुनना, ग्रहण करना, धारण करना, तर्क द्वारा सिद्धान्त का निश्चय करना, विज्ञान और तत्त्व-ज्ञान । आठ एक. Hell is opportunity missed and truth seen too late. दो. न देवा दण्डमादाय रक्षन्ति पशुपालवत् । यन्तु रक्षितुमिच्छन्ति बुद्ध्या संविभजन्ति तम् ॥ तीन. शुश्रूषाश्रवणञ्चैव ग्रहणं धारणं तथा । ऊहोऽपोहोऽयं विज्ञानं तत्त्वद्यानं च धीगुणाः ॥ सार रूप में इसमें सभी कुछ आ गया, परन्तु इसपर विस्तारपूर्वक भी विचार करना चाहिए । बुद्धि का प्रधान कार्य है - सत्य को खोजना, उसको प्रकाशित करना । जीवन के रहस्यों और प्रकृति के रहस्यों को जानना उसका विशेष धर्म है । वह एक दीपक है, जिसको लेकर मन घोर अंधकार में अपना मार्ग देखता है। बुद्धि जीवन का नेतृत्व करती है, अतएव जब वह सत्य को देखने में प्रवीण होती है, तभी नेतृत्व कर सकती है । बुद्धि-चक्षु से बुद्धिमान् प्राणी पहले जीवन-सत्य को देखता है, जिसको आत्मज्ञान कहते हैं। वह अपने को पहचानता है, अपनी आत्मशक्तियों को देखता है, वह अपनी स्वभावज प्रवृत्तियों को समझता है और अपनी सर्वप्रधान मूल प्रवृत्तियों को पकड़ता है। वह देखता है कि उसके मस्तिष्क का स्वाभाविक झुकाव किधर है । वह यह देखता है कि उसकी पशु- प्रवृत्तियां कितनी प्रबल हैं और आत्मसंयम द्वारा इनके संस्कार का उपाय सोचता है । बुद्धि द्वारा ही वह आत्मज्ञान प्राप्त करता है और आत्मज्ञान ही परम ज्ञान है, ऐसा प्राचीन पण्डितों का मत है : 'आत्माज्ञानं परं ज्ञानम्' । पाश्चात्य दार्शनिक भी आत्मज्ञान को दर्शनशास्त्र का मूल सिद्धान्त मानते हैं और कहते हैं कि अपने को पहचानो। यह ज्ञान बुद्धि के उपयोग से ही सुलभ होता है। आत्मज्ञान के अतिरिक्त दूसरों को पहचानना बुद्धि का ही कर्त्तव्य है। अपने को तथा दूसरों को पहचानकर ही मनुष्य अपने कर्त्तव्य का निश्चय कर सकता है । इस प्रकार बुद्धि का कार्य कर्त्तव्य -अकर्त्तव्य,. चित-अनुचित को जानना और जीवन के सत्य को प्रयोजन को समझकर उसका विकास करना है। बुद्धि का दूसरा प्रधान उपयोग है- सृष्टि के सत्य को समझकर, मानव जीवन को उसके अनुरूप बनाना । सृष्टि का सत्य क्या है ? 'शत पथ ब्राह्मण' में लिखा है कि यह सभी विश्व एक छन्द है : 'छन्दांसि वै विश्वरूपाणि' । छन्द उस गति को कहते हैं जो ताल-ताल में नृत्य करती है । किसी छन्दोबद्ध रचना में जिस प्रकार बहुत से शब्द यथास्थान संयुक्त होकर एक भाव को अभिव्यक्त करते हैं, उसी प्रकार इस विश्व - रचना के एक. Know thyself. सभी साधन अलग-अलग रहते हुए और परस्पर संघर्ष करते हुए भी एक ही उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रयत्नशील प्रतीत होते हैं। जिस प्रकार शब्दों को यथास्थान संयुक्त करके कोई कवि उनको काव्य का रूप दे देता है, उसी प्रकार समस्त प्राकृतिक शक्तियों को किसी 'कविर्मनीषी' ने क्रम से संयोजित किया है, तभी सृष्टि का कार्यक्रम नियमपूर्वक चलता है। काव्य के पीछे कवि की प्रतिभा और किसी चित्र के पीछे चित्रकार की कला की तरह, सृष्टि रचना के पीछे किसी कुशल रचनाकार की रचनात्मक बुद्धि और उसके अस्तित्व का आभास मिलता है। उसकी भावना अथवा योजना के अनुसार सब तत्त्व सप्रयोजन अपनी-अपनी मर्यादा में सीमित होकर, अपने-अपने निश्चित धर्म के अनुसार ही चलते हैं और इस व्यवस्था से सम्पूर्ण सृष्टि नियमित गति से चलती रहती है। उसके भावुक कलाकार या नियामक को ईश्वर, परमात्मा आदि नामों से पुकराते हैं । यही सांसारिक जीवन का सबसे बड़ा सत्य है, जिसको बुद्धि से ही समझा जा सकता है । इस सत्य के आधार पर ही मानव जीवन की समस्त रूपरेखा बनती है, मनुष्य के चरित्र का निर्माण होता है और मनुष्यता की एक मर्यादा 'बंधती है। मनुष्य समझता है कि वह संसार में अकेला नहीं है, उसका एक साथी भी है जो उसको प्रेरित करता है। वह उसको जीवन का पथ-प्रदर्शक और जीवन संध्या का अन्तिम दीपक मानकर धैर्यपूर्वक आगे बढ़ता है । और सबसे प्रमुख बात यह है कि इसी सत्य- विश्वास के आधार पर मानवजीवन की नैतिकता की प्रतिष्ठा होती है, जिसके द्वारा जीवन में सफलता मिलती है। समाज में जो अनेकता में एकता दिखलाई पड़ती है, वह जीवन के इसी नैतिक पक्ष की प्रबलता के कारण है। लोक-जीवन का एक और प्रधान सत्य है, जिसको समझने के लिए बुद्धि की आवश्यकता होती है। उपनिषद् के शब्दों में वह यह है : आनन्द ही ब्रह्म है, यह जान; आनन्द से ही सब प्राणी उत्पन्न होते हैं; उत्पन्न होने पर आनन्द से ही जीवित रहते हैं और मृत्यु से आनन्द ही में समा जाते हैं।एक एक. आनन्दी ब्रह्मति व्यजानात् प्रानन्दाद्ध्येव खल्विमानिभूतानि जायन्ते मानन्देन जातानि जीवन्ति प्रानन्दं प्रयन्त्यभिसंविशन्तीति ।
सुमित भारद्वाज/पानीपतः सड़क मॉर्निंग वॉक कर रहे दो जिगरी दोस्तों के लिए की यह सैर उनकी जिंदगी की आखिरी सैर साबित हुई. हरियाणा में खासतौर पर युवा लड़के-लड़कियां जो सेना और पुलिस में भर्ती की तैयारी करते हैं, वे अक्सर सुबह सैर या दौड़ने के लिए जाते हैं. गांव में खेल का मैदान, स्टेडियम नहीं होने पर युवा सड़क पर ही दौड़ लगाते हैं. पानीपत के सनौली खंड के कुराड़ गांव के रहने वाले अंकित (21) और रवि (21) भी हर रोज़ की तरह सैर और कसरत के लिए घर से निकले थे. दोनों व्यायाम करने के बाद सड़क पर सैर कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार वाहन ने दोनों को कुचल दिया. मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी. फिर एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची. वहीं घटना की सूचना मिलते ही मौके पर परिजन भी भागते हुए आए. हादसे के बाद दोनों युवकों को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. दोनों के शवों का पंचनामा करवा कर शवगृह में रखवा दिया गया. पुलिस, परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कार्रवाई में जुट गई है, लेकिन इस हादसे में दो युवाओं ने अपनी ज़िंदगी गंवा दी. सनौली थाना पुलिस को दी शिकायत में रामनिवास ने बताया कि वह गांव कुराड़ का रहने वाला है. उसका लड़का अंकित (21) रोज गांव के रहने वाले रवि (21) पुत्र कश्मीरी के साथ सुबह घूमने के लिए जाता था. मंगलवार की सुबह भी दोनों गांव से सड़क के रास्ते मेन रोड पर पहुंचे. सुबह 5:15 बजे दोनों घूमने के लिए देशवाल अकादमी के पास मुख्य मार्ग पर गए थे, इसी दौरान वहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन आया. उसने दोनों को टक्कर मार दी और फरार हो गया. दोनों को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया. .
सुमित भारद्वाज/पानीपतः सड़क मॉर्निंग वॉक कर रहे दो जिगरी दोस्तों के लिए की यह सैर उनकी जिंदगी की आखिरी सैर साबित हुई. हरियाणा में खासतौर पर युवा लड़के-लड़कियां जो सेना और पुलिस में भर्ती की तैयारी करते हैं, वे अक्सर सुबह सैर या दौड़ने के लिए जाते हैं. गांव में खेल का मैदान, स्टेडियम नहीं होने पर युवा सड़क पर ही दौड़ लगाते हैं. पानीपत के सनौली खंड के कुराड़ गांव के रहने वाले अंकित और रवि भी हर रोज़ की तरह सैर और कसरत के लिए घर से निकले थे. दोनों व्यायाम करने के बाद सड़क पर सैर कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार वाहन ने दोनों को कुचल दिया. मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी. फिर एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची. वहीं घटना की सूचना मिलते ही मौके पर परिजन भी भागते हुए आए. हादसे के बाद दोनों युवकों को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. दोनों के शवों का पंचनामा करवा कर शवगृह में रखवा दिया गया. पुलिस, परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कार्रवाई में जुट गई है, लेकिन इस हादसे में दो युवाओं ने अपनी ज़िंदगी गंवा दी. सनौली थाना पुलिस को दी शिकायत में रामनिवास ने बताया कि वह गांव कुराड़ का रहने वाला है. उसका लड़का अंकित रोज गांव के रहने वाले रवि पुत्र कश्मीरी के साथ सुबह घूमने के लिए जाता था. मंगलवार की सुबह भी दोनों गांव से सड़क के रास्ते मेन रोड पर पहुंचे. सुबह पाँच:पंद्रह बजे दोनों घूमने के लिए देशवाल अकादमी के पास मुख्य मार्ग पर गए थे, इसी दौरान वहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन आया. उसने दोनों को टक्कर मार दी और फरार हो गया. दोनों को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया. .
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उत्तर प्रदेश की घाघ राजनीति में अपना विशेष स्थान बनाने वाले और उसके निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले पंडित गोविंद बल्लभ पंत यानी जीबी पंत (GB Pant) यूपी के पहले मुख्यमंत्री और देश के चौथे गृहमंत्री थे। पंत न सिर्फ एक महान राजनीतिज्ञ थे, बल्कि एक जांबाज़ स्वतंत्रता सेनानी भी थे। आज पंडित गोविंद बल्लभ पंत (Govind Ballabh Pant) की पुण्यतिथि है। उनका जन्म 10 सितंबर, 1887 को अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में हुआ था। पंत मूलतः महाराष्ट्र के थे। उनकी मां का नाम गोविंदी बाई था, उनके नाम से ही पंत को अपना नाम मिला था। पिता की सरकारी नौकरी और हर साल तबादले के कारण गोविंद बल्लभ पंत (Govind Ballabh Pant) का लालन-पालन उनके नाना बद्रीदत्त जोशी के यहां हुआ। उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक विचारों पर उनके नाना का गहरा प्रभाव था। गोविंद बल्लभ पंत 1905 में वे अल्मोड़ा से इलाहाबाद आ गए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की और काशीपुर में वकालत शुरू कर दी। इनके बारे में कहा जाता था कि पंत सिर्फ सच्चे केस ही लेते थे और झूठ बोलने पर केस छोड़ देते थे। उन्होंने काकोरी कांड में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और काकोरी मामले में शामिल अन्य क्रांतिकारियों के मुकदमे की पैरवी भी की थी। गोविंद बल्लभ पंत (Govind Ballabh Pant) ने 1914 से ही अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंक दिया था। इसके तहत उन्होंने कुली बेगार सिस्टम हटवाया। इस सिस्टम या कानून के तहत आम लोगों को अंग्रेजों का सामान कुली की तरह ढोना पड़ता था, लेकिन पंत ने इसके खिलाफ आवाज़ उठाई और उसे खत्म करके ही दम लिया। 1921 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत की विधानसभा के लिए चुने गए। 1930 में उन्होंने महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह में भाग लिया, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और कई हफ्तों तक जेल में रहना पड़ा। इतना ही नहीं, उन्होंने साइमन कमीशन के बहिष्कार में भी हिस्सा लिया था। नमक सत्याग्रह के अलावा पंत (Govind Ballabh Pant) को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भी जेल में रहना पड़ा। मार्च 1945 तक वह कांग्रेस कमिटी के अन्य सदस्यों के साथ अहमदनगर किले में तीन साल तक रहे। इस दौरान उनका स्वास्थ्य भी दिनोंदिन गिरता जा रहा था, जिसे देखते हुए जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें रिहा करने की अपील की। 1937 से 1939 तक उन्होंने ब्रिटिश भारत में संयुक्त प्रांत के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला। संयुक्त प्रांत में 1946 के चुनावों में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया। वे 1946 से 1947 तक संयुक्त प्रांत (उत्तर प्रदेश) के मुख्यमंत्री रहे। देश के आजाद होने के बाद पंत 1954 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। फिर 1955 में पंत (Govind Ballabh Pant) केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए लखनऊ से नई दिल्ली आ गए। वे 1955 से 1961 तक गृहमंत्री के पद पर कार्यरत थे। 1. 1909 में गोविंद बल्लभ पंत को लॉ एक्जाम में यूनिवर्सिटी में टॉप करने पर 'लम्सडैन' गोल्ड मेडल मिला था। 2. गोविंद बल्लभ पंत के डर से ब्रिटिश हुकूमत काशीपुर को गोविंदगढ़ कहती थी। उनकी एक किताब 'फॉरेस्ट प्रॉब्लम इन कुमाऊं' से अंग्रेज इतने भयभीत हो गए थे कि उस पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में इस किताब को 1980 में पुनः प्रकाशित किया गया। 3. पंत का जन्मदिन 10 सितंबर को मनाया जाता है, लेकिन उनका असली जन्मदिन 30 अगस्त को है। दरअसल, पंत अनंत चतुर्दशी के दिन पैदा हुए थे। वह हर साल अनंत चतुर्दशी को ही जन्मदिन मनाते थे। संयोग से 1946 में वह अपने जन्मदिन अनंत चतुर्दशी के दिन ही मुख्यमंत्री बने। उस दिन तारीख थी 10 सितंबर। इसके बाद उन्होंने हर साल 10 सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाना शुरू कर दिया। 4. पंत बचपन में बहुत मोटे हुआ करते थे। खेल-कूद में दिलचस्पी नहीं थी। एक ही जगह बैठे रहते। इसी वजह से घर वाले इनको थपुवा कहते थे। 5. पंत को 14 साल की उम्र में ही हार्ट की बीमारी हो गई। पहला हार्ट अटैक उन्हें 14 साल की उम्र में ही आया था। 6. वकालत शुरु करने से पहले ही पंत की पत्नी गंगादेवी और पहले बेटे की मौत हो गई थी। वो उदास रहने लगे थे और हर समय कानून और राजनीति में व्यस्त रहते। 1912 में परिवार के दबाव डालने पर उन्होंने दूसरा विवाह किया। दूसरी पत्नी से एक बेटा हुआ। लेकिन कुछ समय बाद ही बीमारी के चलते बेटे की मौत हो गई। 1914 में उनकी दूसरी पत्नी भी स्वर्ग सिधार गईं। फिर 1916 में 30 की उम्र में उनका तीसरा विवाह कलादेवी से हुआ। 7. उत्तर प्रदेश में स्थायी सरकार देने के साथ उन्होंने जमींदारी व्यवस्था का उन्मूलन किया। इसके अलावा उन्होंने हिंदू कोड बिल पारित किया और हिंदू पुरुषों के लिए एकाधिकार अनिवार्य कर दिया। हिंदू महिलाओं को पैतृक संपत्ति के लिए तलाक और विरासत का अधिकार दिया। 8. हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित कराने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 9. एक स्वतंत्रता सेनानी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के रूप में अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें 1957 में देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। 10. गोविंद बल्लभ पंत के कार्यों को देखते हुए उनके नाम पर देश के कई अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों का नाम रखा गया है। 11. 7 मार्च, 1961 में चौहत्तर साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
उत्तर प्रदेश की घाघ राजनीति में अपना विशेष स्थान बनाने वाले और उसके निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले पंडित गोविंद बल्लभ पंत यानी जीबी पंत यूपी के पहले मुख्यमंत्री और देश के चौथे गृहमंत्री थे। पंत न सिर्फ एक महान राजनीतिज्ञ थे, बल्कि एक जांबाज़ स्वतंत्रता सेनानी भी थे। आज पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि है। उनका जन्म दस सितंबर, एक हज़ार आठ सौ सत्तासी को अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में हुआ था। पंत मूलतः महाराष्ट्र के थे। उनकी मां का नाम गोविंदी बाई था, उनके नाम से ही पंत को अपना नाम मिला था। पिता की सरकारी नौकरी और हर साल तबादले के कारण गोविंद बल्लभ पंत का लालन-पालन उनके नाना बद्रीदत्त जोशी के यहां हुआ। उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक विचारों पर उनके नाना का गहरा प्रभाव था। गोविंद बल्लभ पंत एक हज़ार नौ सौ पाँच में वे अल्मोड़ा से इलाहाबाद आ गए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की और काशीपुर में वकालत शुरू कर दी। इनके बारे में कहा जाता था कि पंत सिर्फ सच्चे केस ही लेते थे और झूठ बोलने पर केस छोड़ देते थे। उन्होंने काकोरी कांड में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और काकोरी मामले में शामिल अन्य क्रांतिकारियों के मुकदमे की पैरवी भी की थी। गोविंद बल्लभ पंत ने एक हज़ार नौ सौ चौदह से ही अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंक दिया था। इसके तहत उन्होंने कुली बेगार सिस्टम हटवाया। इस सिस्टम या कानून के तहत आम लोगों को अंग्रेजों का सामान कुली की तरह ढोना पड़ता था, लेकिन पंत ने इसके खिलाफ आवाज़ उठाई और उसे खत्म करके ही दम लिया। एक हज़ार नौ सौ इक्कीस में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत की विधानसभा के लिए चुने गए। एक हज़ार नौ सौ तीस में उन्होंने महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह में भाग लिया, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और कई हफ्तों तक जेल में रहना पड़ा। इतना ही नहीं, उन्होंने साइमन कमीशन के बहिष्कार में भी हिस्सा लिया था। नमक सत्याग्रह के अलावा पंत को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भी जेल में रहना पड़ा। मार्च एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस तक वह कांग्रेस कमिटी के अन्य सदस्यों के साथ अहमदनगर किले में तीन साल तक रहे। इस दौरान उनका स्वास्थ्य भी दिनोंदिन गिरता जा रहा था, जिसे देखते हुए जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें रिहा करने की अपील की। एक हज़ार नौ सौ सैंतीस से एक हज़ार नौ सौ उनतालीस तक उन्होंने ब्रिटिश भारत में संयुक्त प्रांत के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला। संयुक्त प्रांत में एक हज़ार नौ सौ छियालीस के चुनावों में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया। वे एक हज़ार नौ सौ छियालीस से एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस तक संयुक्त प्रांत के मुख्यमंत्री रहे। देश के आजाद होने के बाद पंत एक हज़ार नौ सौ चौवन तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। फिर एक हज़ार नौ सौ पचपन में पंत केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए लखनऊ से नई दिल्ली आ गए। वे एक हज़ार नौ सौ पचपन से एक हज़ार नौ सौ इकसठ तक गृहमंत्री के पद पर कार्यरत थे। एक. एक हज़ार नौ सौ नौ में गोविंद बल्लभ पंत को लॉ एक्जाम में यूनिवर्सिटी में टॉप करने पर 'लम्सडैन' गोल्ड मेडल मिला था। दो. गोविंद बल्लभ पंत के डर से ब्रिटिश हुकूमत काशीपुर को गोविंदगढ़ कहती थी। उनकी एक किताब 'फॉरेस्ट प्रॉब्लम इन कुमाऊं' से अंग्रेज इतने भयभीत हो गए थे कि उस पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में इस किताब को एक हज़ार नौ सौ अस्सी में पुनः प्रकाशित किया गया। तीन. पंत का जन्मदिन दस सितंबर को मनाया जाता है, लेकिन उनका असली जन्मदिन तीस अगस्त को है। दरअसल, पंत अनंत चतुर्दशी के दिन पैदा हुए थे। वह हर साल अनंत चतुर्दशी को ही जन्मदिन मनाते थे। संयोग से एक हज़ार नौ सौ छियालीस में वह अपने जन्मदिन अनंत चतुर्दशी के दिन ही मुख्यमंत्री बने। उस दिन तारीख थी दस सितंबर। इसके बाद उन्होंने हर साल दस सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाना शुरू कर दिया। चार. पंत बचपन में बहुत मोटे हुआ करते थे। खेल-कूद में दिलचस्पी नहीं थी। एक ही जगह बैठे रहते। इसी वजह से घर वाले इनको थपुवा कहते थे। पाँच. पंत को चौदह साल की उम्र में ही हार्ट की बीमारी हो गई। पहला हार्ट अटैक उन्हें चौदह साल की उम्र में ही आया था। छः. वकालत शुरु करने से पहले ही पंत की पत्नी गंगादेवी और पहले बेटे की मौत हो गई थी। वो उदास रहने लगे थे और हर समय कानून और राजनीति में व्यस्त रहते। एक हज़ार नौ सौ बारह में परिवार के दबाव डालने पर उन्होंने दूसरा विवाह किया। दूसरी पत्नी से एक बेटा हुआ। लेकिन कुछ समय बाद ही बीमारी के चलते बेटे की मौत हो गई। एक हज़ार नौ सौ चौदह में उनकी दूसरी पत्नी भी स्वर्ग सिधार गईं। फिर एक हज़ार नौ सौ सोलह में तीस की उम्र में उनका तीसरा विवाह कलादेवी से हुआ। सात. उत्तर प्रदेश में स्थायी सरकार देने के साथ उन्होंने जमींदारी व्यवस्था का उन्मूलन किया। इसके अलावा उन्होंने हिंदू कोड बिल पारित किया और हिंदू पुरुषों के लिए एकाधिकार अनिवार्य कर दिया। हिंदू महिलाओं को पैतृक संपत्ति के लिए तलाक और विरासत का अधिकार दिया। आठ. हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित कराने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नौ. एक स्वतंत्रता सेनानी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के रूप में अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें एक हज़ार नौ सौ सत्तावन में देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। दस. गोविंद बल्लभ पंत के कार्यों को देखते हुए उनके नाम पर देश के कई अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों का नाम रखा गया है। ग्यारह. सात मार्च, एक हज़ार नौ सौ इकसठ में चौहत्तर साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
नई दिल्लीः बॉलीवुड के सुपरस्टार रणवीर सिंह (Ranveer Singh) बॉलीवुड में धमाल मचाने के बाद अब छोटे पर्दे पर नजर आने वाले हैं. कलर्स टीवी (Colors Tv) पर 16 अक्टूबर से एक नए रियलिटी शो की शुरुआत होने जा रही हैं, जिसे रणवीर सिंह (Ranveer Singh) होस्ट करने वाले हैं. शो के लॉन्च के दौरान रणवीर सिंह (Ranveer Singh) से कई सवाल पूछे गए जिनका जवाब रणवीर ने अपने अंदाज में दिया. रणवीर ने एक सवाल पर उनके होने वाले बच्चों का जिक्र भी किया. दरअसल, रणवीर सिंह से सवाल पूछा गया कि उनके लिए उनकी जिंदगी की बिग पिक्चर क्या है. इस सवाल का जवाब देते हुए रणवीर ने अपने दिल की बात बताई. रणवीर सिंह का जवाब सुनकर वहां मौजूद सभी लोग मुस्कुराने लगे. रणवीर सिंह ने सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'एक छोटा सा प्यारा सा घर हो, जिसमें मेरी पत्नी दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) हो, मेरे बच्चे मेरा परिवार वहां खेल कूद कर रहें और सब हमेशा खुश और स्वस्थ रहें.' ये मेरी बिग पिक्टर है. इस इंटरव्यू में रणवीर ने आगे कहा, 'मुझे पता नहीं मैं इसके आगे ऊपरवाले से क्या मांगू. मेरी भगवान से यही प्रार्थना है कि मरते दम तक मैं दर्शकों का मनोरंजन करता रहूं. बस यही है मेरी लाइफ की बिग पिक्चर हैं. आपको बता दें, पहली बार रणवीर सिंह पहली बार रियलिटी शो होस्ट करने जा रहे हैं. शो के लॉन्च कार्यक्रम में रणवीर सिंह ने ग्रैंड एंट्री ली और अपनी फिल्मों के गानों पर परफॉर्म किया था. रणवीर सिंह अपने शो के बारे में बात करने बिग बॉस 15 के प्रीमियर एपिसोड में भी गये थे, जहां सलमान खान के साथ उन्होंने खूब मस्ती की थी. रणवीर सिंह के शो द बिग पिक्चर एक ऐसा गेम शो है, जिसमें शामिल होने वाले कंटेस्टेंट्स की जनरल नॉलेज के साथ पिक्टोरियल मेमोरी की परीक्षा ली जाएगी.
नई दिल्लीः बॉलीवुड के सुपरस्टार रणवीर सिंह बॉलीवुड में धमाल मचाने के बाद अब छोटे पर्दे पर नजर आने वाले हैं. कलर्स टीवी पर सोलह अक्टूबर से एक नए रियलिटी शो की शुरुआत होने जा रही हैं, जिसे रणवीर सिंह होस्ट करने वाले हैं. शो के लॉन्च के दौरान रणवीर सिंह से कई सवाल पूछे गए जिनका जवाब रणवीर ने अपने अंदाज में दिया. रणवीर ने एक सवाल पर उनके होने वाले बच्चों का जिक्र भी किया. दरअसल, रणवीर सिंह से सवाल पूछा गया कि उनके लिए उनकी जिंदगी की बिग पिक्चर क्या है. इस सवाल का जवाब देते हुए रणवीर ने अपने दिल की बात बताई. रणवीर सिंह का जवाब सुनकर वहां मौजूद सभी लोग मुस्कुराने लगे. रणवीर सिंह ने सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'एक छोटा सा प्यारा सा घर हो, जिसमें मेरी पत्नी दीपिका पादुकोण हो, मेरे बच्चे मेरा परिवार वहां खेल कूद कर रहें और सब हमेशा खुश और स्वस्थ रहें.' ये मेरी बिग पिक्टर है. इस इंटरव्यू में रणवीर ने आगे कहा, 'मुझे पता नहीं मैं इसके आगे ऊपरवाले से क्या मांगू. मेरी भगवान से यही प्रार्थना है कि मरते दम तक मैं दर्शकों का मनोरंजन करता रहूं. बस यही है मेरी लाइफ की बिग पिक्चर हैं. आपको बता दें, पहली बार रणवीर सिंह पहली बार रियलिटी शो होस्ट करने जा रहे हैं. शो के लॉन्च कार्यक्रम में रणवीर सिंह ने ग्रैंड एंट्री ली और अपनी फिल्मों के गानों पर परफॉर्म किया था. रणवीर सिंह अपने शो के बारे में बात करने बिग बॉस पंद्रह के प्रीमियर एपिसोड में भी गये थे, जहां सलमान खान के साथ उन्होंने खूब मस्ती की थी. रणवीर सिंह के शो द बिग पिक्चर एक ऐसा गेम शो है, जिसमें शामिल होने वाले कंटेस्टेंट्स की जनरल नॉलेज के साथ पिक्टोरियल मेमोरी की परीक्षा ली जाएगी.
हरियाणा के पंचकूला के सेक्टर-4 में वकील और डॉक्टर दंपती के घर से चोरों ने मात्र 27 मिनट में 62 लाख रुपए की ज्वेलरी और 3 लाख कैश चोरी कर लिया। 2 युवक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। खास बात हे कि चोर एक कार में सवार होकर चोरी करने के लिए पहुंचे थे। सेक्टर-5 थाना पुलिस मामला दर्ज कर अब सीसीटीवी के आधार पर चोरों की तलाश में लगी है। घर मालिक वकील चरणजीत सिंह ने बताया कि घर में पत्नी के साथ उनकी सास रहती है। वे पत्नि व सास के साथ चंडीगढ़ में फर्नीचर देखने के लिए गए थे। जब वे शाम 6. 45 मिनट पर वापस आए तो घर घर के मेन गेट का ताला टूटा हुआ था। उन्होंने अंदर जाकर देखा तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाते ही सेक्टर-2 पुलिस चौकी के कर्मी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल की जांच की। मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घर से सैंपल लिए। चोरी की वारदात घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। फिलहाल पुलिस फुटेज को कब्जे में लेकर चोरों की तलाश में जुट गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके घर से निकलते ही 10 मिनट बाद ही चोर स्विफ्ट कार से पहुंचे। पहले एक चोर उतरा और उसने घर की बेल बजाई। उसके बाद मेन गेट का ताला तोड़ने की कोशिश की। जब उसे ताला नहीं टूटा तो वह वापस चला गया। कुछ देर बाद कार से 2 चोर उतरे। उन्हें लोहे की रॉड से ताले को कुछ सेकेंड में ही तोड़ दिया। उसके बाद चोर बेखौफ होकर घर में घुसे। एक चोर ने चेहरा रूमाल से ढक़ लिया, जबकि दूसरे चोर का चेहरा साफ दिखाई दे रहा था। तीसरा चोर कार में बैठा हुआ था। चोर केवल 27 मिनट में 62 लाख रुपए की ज्वेलरी और 3 लाख कैश लेकर फरार हो गए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हरियाणा के पंचकूला के सेक्टर-चार में वकील और डॉक्टर दंपती के घर से चोरों ने मात्र सत्ताईस मिनट में बासठ लाख रुपए की ज्वेलरी और तीन लाख कैश चोरी कर लिया। दो युवक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। खास बात हे कि चोर एक कार में सवार होकर चोरी करने के लिए पहुंचे थे। सेक्टर-पाँच थाना पुलिस मामला दर्ज कर अब सीसीटीवी के आधार पर चोरों की तलाश में लगी है। घर मालिक वकील चरणजीत सिंह ने बताया कि घर में पत्नी के साथ उनकी सास रहती है। वे पत्नि व सास के साथ चंडीगढ़ में फर्नीचर देखने के लिए गए थे। जब वे शाम छः. पैंतालीस मिनट पर वापस आए तो घर घर के मेन गेट का ताला टूटा हुआ था। उन्होंने अंदर जाकर देखा तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाते ही सेक्टर-दो पुलिस चौकी के कर्मी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल की जांच की। मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घर से सैंपल लिए। चोरी की वारदात घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। फिलहाल पुलिस फुटेज को कब्जे में लेकर चोरों की तलाश में जुट गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके घर से निकलते ही दस मिनट बाद ही चोर स्विफ्ट कार से पहुंचे। पहले एक चोर उतरा और उसने घर की बेल बजाई। उसके बाद मेन गेट का ताला तोड़ने की कोशिश की। जब उसे ताला नहीं टूटा तो वह वापस चला गया। कुछ देर बाद कार से दो चोर उतरे। उन्हें लोहे की रॉड से ताले को कुछ सेकेंड में ही तोड़ दिया। उसके बाद चोर बेखौफ होकर घर में घुसे। एक चोर ने चेहरा रूमाल से ढक़ लिया, जबकि दूसरे चोर का चेहरा साफ दिखाई दे रहा था। तीसरा चोर कार में बैठा हुआ था। चोर केवल सत्ताईस मिनट में बासठ लाख रुपए की ज्वेलरी और तीन लाख कैश लेकर फरार हो गए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दक्षिण के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति ही सुहावनी लग रही है, 2024 से पहले वहां बीजेपी से बदला लेने का एक मौका तो है ही - वैसे असली हिसाब-किताब तो ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) से करने का इरादा होगा. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) पहुंचने के बाद भरी पूरी लगने लगी है. ऐसा हल्का एहसास कर्नाटक में भी हुआ था, जब सोनिया गांधी ने यात्रा में राहुल गांधी के साथ मार्च किया था, लेकिन तभी से हर निगाह प्रियंका गांधी वाड्रा को खोज रही थीं - और आखिरकार इंतजार खत्म हुआ जब यात्रा की मध्य प्रदेश में एंट्री हुई. प्रियंका गांधी वाड्रा के अब तक यात्रा से दूर रहने की वजह हिमाचल प्रदेश चुनाव में उनकी व्यस्तता बतायी गयी थी, जबकि खबर ये भी रही कि सोनिया गांधी के अगले ही दिन वो कर्नाटक में ही यात्रा में शामिल होने वाली थीं - वैसे मीडिया में जो कवरेज मध्य प्रदेश में मिला है, कर्नाटक में कहां संभव था. और प्रियंका गांधी ने भी भारत जोड़ो यात्रा को छप्पर फाड़ समर्थन दिया है. राहुल गांधी के स्वागत में वो अकेले नहीं बल्कि पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटे रेहान के साथ पहुंची हैं. हो सकता है, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश में यात्रा के पड़ावों पर सोनिया गांधी की कमी खल रही हो, लेकिन एक साथ पूरे गांधी परिवार को देखने का मौका तो काफी देर बाद मिला है. पहले ऐसा नजारा अमेठी और रायबरेली में चुनावों के दौरान ही देखने को मिला करता रहा - हो सकता है प्रियंका गांधी के बाद ये रॉबर्ट वाड्रा को भी राजनीति में लाये जाने की रणनीति हो. वैसे भी रॉबर्ट वाड्रा तो राजनीति में आने को लेकर कई बार हड़बड़ी दिखा चुके हैं. वाड्रा परिवार के अलावा यात्रा में सचिन पायलट की मौजूदगी ने भी सबका ध्यान खींचा है, और उसकी चर्चा गुजरात चुनाव में व्यस्त अशोक गहलोत की राजनीति से जोड़ कर होने लगी है. कांग्रेस नेता कमलनाथ को तो शुभ मौके का इंतजार रहा ही होगा, दिग्विजय सिंह को बड़े दिनों पर घर लौटना खुशगवार ही लगा होगा - मौजूदगी तो कन्हैया कुमार ने भी दर्ज करायी है, जिनके बारे में यात्रा के प्रचार प्रसार का काम देख रहे जयराम रमेश कह चुके हैं कि राहुल गांधी के बाद सबसे लोकप्रिय कन्हैया कुमार ही पूरे यात्रा में नजर आ रहे हैं. कन्हैया कुमार की काफी डिमांड बतायी जा रही है. मध्य प्रदेश में कांग्रेसियों की भीड़ देख कर गदगद राहुल गांधी खुशी से उछल उठे. और कहने लगे कि मध्यप्र देश ने पहले ही दिन महाराष्ट्र की यात्रा को हरा दिया. बोले, 'मैं मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को A ग्रेड देता हूं. . . दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने यात्रा को ऑर्गनाइज किया, साथ दिया. यात्रा के पड़ावों पर राहुल गांधी बीच बीच में छोटे छोटे किस्से या लोगों से हुआ बातचीत के अंश भी सुनाते रहते हैं, 'कमलनाथ जी ने मुझसे कहा कि आप थकते नही है? मैंने कहा दो हजार किलोमीटर चला हूं पर थका नहीं. . . बिल्कुल थका नहीं. सुबह उठता हूं. . . छह बजे, जिस तेजी से चलता हूं, उससे ज्यादा स्पीड से रात आठ बजे चलता हूं. . . यात्रा में हम आठ घंटे चलते हैं. ' और न थकने का राज भी बताया, जिसमें निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम नजर आया. बोले, 'मैं ज्यादा टाइम चुप रहता हूं. . . मैं आपसे दो-तीन सवाल पूछता हूं, 15 से 20 मिनट बोलता हूं. . . मतलब, आठ घंटे आपके मन और 15 मिनट मेरे मन की बात चलती है. ' भारत जोड़ो यात्रा का मकसद समझाने के लिए राहुल गांधी ने संघ और बीजेपी को निशाना बनाया और ये भी समझाया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार क्यों और कैसे गिर गयी. ये बताने का अंदाज भी ऐसा रहा कि राहुल गांधी के निशाने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ही नजर आ रहे थे. राहुल गांधी का कहना रहा, 'मध्य प्रदेश में हम चुनाव जीत गये. . . करोड़ों रुपये खर्च करके हमारे 20-25 विधायक खरीद लिये गये और सरकार बना ली. . . ' और फिर जो बातें कही, ऐसा लगा जैसे 2018 के लिए कांग्रेस के चुनाव प्रचार का बिगुल फूंक रहे हों, 'हमने सड़क पर उतरकर यात्रा करने का फैसला किया. . . कुछ विधायकों को खरीद कर बीजेपी ने गलतफहमी पाल ली कि हमें लोगों के दिलों से दूर कर दिया. . . रुपयों में ईमान बिकता होगा. . . प्यार और विश्वास नहीं. . . जनता खुद जवाब देगी. ' बदले का मौका तो है! पहले दिन मध्य प्रदेश में राहुल गांधी ने करीब 27 किमी की यात्रा की है - और बुरहानपुर की सार्वजनिक सभा में पहली बार अपने पुराने मित्र ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी निशाना बनाया, लेकिन बगैर नाम लिये ही. सिंधिया समर्थक विधायकों को भ्रष्ट बता कर. ये वे विधायक हैं जो कांग्रेस छोड़ कर सिंधिया के साथ बीजेपी में चले गये थे और उनमें से बहुतों मंत्री बना दिया गया था. विधायकों के इस्तीफे के बाद उपचुनाव हुए तो वे बीजेपी के टिकट पर विधानसभा पहुंच गये. मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के दाखिल होते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लेकर राहुल गांधी ने कांग्रेस के चुनावी एक्शन प्लान की तरफ इशारा तो किया ही हैं - भले ही अब भी कॉलेज के जमाने के अपने खास दोस्त सिंधिया का खुल कर नाम नहीं ले पा रहे हों, लेकिन 'भ्रष्ट विधायकों' का जिक्र कर टारगेट तो सिंधिया को ही किया है. ये तो हर किसी को समझ में आता है. ठीक पांच साल बाद कांग्रेस मध्य प्रदेश के मैदान में वैसे ही एंट्री ले सकती है जैसे 2017 में लिया था. सत्ता विरोधी फैक्टर तो एक बार फिर बीजेपी के खिलाफ काम करेगा. बीजेपी में भी शिवराज सिंह चौहान के ही खिलाफ होगा. हो सकता है, बीजेपी चुनावों से पहले उत्तराखंड और गुजरात और त्रिपुरा जैसे प्रयोग मध्य प्रदेश में भी करे - और शिवराज सिंह चौहान को बीएस येदियुरप्पा जैसी भूमिका में लाया जाये, बशर्ते मार्गदर्शक मंडल भेजने का अभी कोई इरादा न हो तो. मध्य प्रदेश में बीजेपी की तरफ से एक दावेदार तो ज्योतिरादित्य सिंधिया भी होंगे ही. हिमंत बिस्वा सरमा के मिसाल बनने के बाद सिंधिया को इतनी उम्मीद तो करनी ही चाहिये, लेकिन ये भी नहीं भूलना चाहिये कि अंदर ही अंदर भले ही फैसला हो चुका था, लेकिन बीजेपी ने हिमंत बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के बाद ही बनाया था. सिंधिया बीजेपी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की रेस में हो या न हों, लेकिन कोई दो राय नहीं कि वो राहुल गांधी के दिमाग में नहीं होंगे - और ये भी मान कर ही चलना चाहिये कि आने वाले 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी और उनकी टीम के निशाने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ही होंगे. राहुल गांधी अपनी एक जिद तो पूरी ही कर चुके हैं. ये जिद भी मल्लिकार्जुन खड़गे को कमान सौंपा जाना नहीं, बल्कि राहुल गांधी का खुद कांग्रेस अध्यक्ष न बनना है. जाहिर है अगला कदम बीजेपी से बदले का ही टारगेट होगा. मध्य प्रदेश की राजनीतिक जमीन राहुल गांधी के लिए बीजेपी से बदले के काफी माकूल भी लगती है. सिंधिया को लेकर इससे पहले राहुल गांधी का कहना रहा है कि उनको अपने भविष्य की फिक्र थी और कुछ निजी चिंताएं, इसीलिए विचारधारा से समझौता करते हुए वो बीजेपी में चले गये. बाद में सिंधिया जैसे नेताओं को राहुल गांधी ने डरपोक बताया था. राहुल गांधी ने अपनी टीम को सलाह दी थी कि ऐसे लोगों को वे जाने दें - और बाहर से निडर नेताओं को कांग्रेस में लाया जाना चाहिये. भले ही वे संघ और बीजेपी में ही क्यों न हों. मध्य प्रदेश में राहुल गांधी के साथ एक ऐसे नेता भी साथ साथ चलते देखे गये हैं, नाना पटोले. नाना पटोले महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और पहले बीजेपी के नागपुर से सांसद हुआ करते थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर विरोध करने के लिए वो चर्चित रहे हैं - और ये बात ही राहुल गांधी के मन को छू जाती है. जिस तरह से परिवार और पार्टी के पूरे लाव लश्कर के साथ राहुल गांधी मध्य प्रदेश में मार्च कर रहे हैं, चुनावी इरादा समझना बहुत मुश्किल नहीं लगता. चुनाव तो गुजरात में भी है, और हिमाचल प्रदेश में भी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ही हुआ है, लेकिन राहुल गांधी दूर ही रहे हैं. गुजरात में तो एक दिन चुनाव प्रचार किया भी है, लेकिन हिमाचल प्रदेश तो झांकने तक नहीं गये. हो सकता है राहुल गांधी और उनकी कोर टिम को पहले ही लग गया हो कि गुजरात में दाल तो गलने वाली नहीं है. हिमाचल प्रदेश में भी चांस कम ही दिखे हों. एक वजह आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल की हद से ज्यादा सक्रियता भी हो सकती है - वैसे भी गुजरात में कांग्रेस के मुकाबले अभी से ही आम आदमी पार्टी को ज्यादा मजबूत देखा जाने लगा है. मध्य प्रदेश को लेकर एक दलील तो बनती ही है. मध्य प्रदेश में तैयारी के लिए अभी पूरा वक्त भी है. करीब साल भर का समय भी बचा हुआ है - और भारत जोड़ो यात्रा के संयोजक बनाये गये दिग्विजय सिंह के फंसे होने के चलते कमलनाथ को पहले से ही मध्य प्रदेश पर फोकस करने को बोला जा चुका है. निश्चित तौर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पिछली बार की ही तरह दिग्विजय सिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी, लेकिन दारोमदार तो कमलनाथ पर ही होगा. ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से चले जाने और दिग्विजय सिंह के लगभग दिल्ली अटैच हो जाने के बाद कमलनाथ को तो खुला मैदान ही मिल गया है. 2020 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते वक्त कमलनाथ के एक बयान ने सत्ता के गलियारों में सबका ध्यान खींचा था, "आज के बाद कल - और कल के बाद परसों भी आता है. . . " कल तो कब का बीत चुका है, राहुल गांधी की नजर अब परसों पर ही टिकी लगती है. कांग्रेस नेताओं की पूरी कोशिश लगती है कि राहुल गांधी एक बार फिर 2018 जैसा ही चमत्कार दिखा दें, तभी तो दक्षिण भारत के बाद भारत जोड़ो यात्रा में सबसे ज्यादा तामझाम मध्य प्रदेश की सड़कों पर भी नजर आ रहा है. मध्य प्रदेश में राहुल गांधी यात्रा के आधे रास्ते तय कर लेने के बाद दाखिल हुए हैं. 78वें दिन. ये यात्रा 7 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी - और 150 दिन बाद कश्मीर जाकर समाप्त होगी. भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के 6 जिलों में आने वाली 17 विधानसभाओं से गुजरने वाली है. यात्रा के दौरान राहुल गांधी ओम्कारेश्वर और महाकालेश्वर का दर्शन भी करने वाले हैं - और 26 नवंबर को अंबेडकर की जन्मस्थली महू में राहुल गांधी के रैली भी करने वाले हैं. ये इलाका कांग्रेस के लिए खास मायने रखता है क्योंकि यहीं पर मध्य प्रदेश की 66 विधानसभा सीटें हैं - और खास बात ये है कि 2018 में कांग्रेस ने आधे से भी ज्यादा 34 सीटों पर जीत हासिल की थी. पिछले चुनाव में बीजेपी इलाके की 29 विधानसभा सीटें ही जीत पायी थी. मध्य प्रदेश में 12 दिन में 380 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद गुजरात में वोटिंग से ठीक एक दिन पहले 4 दिसंबर को ये यात्रा राजस्थान का रुख करेगी - और ये देखना दिलचस्प होगा कि अशोक गहलोत अपने गढ़ में सचिन पायलट के साथ कैसे पेश आते हैं? इन्हें भी पढ़ें : राहुल के साथ सुप्रिया सुले और आदित्य ठाकरे का मार्च सिर्फ दिखावा क्यों लगता है? प्रियंका गांधी से पहले रॉबर्ट वाड्रा क्यों संसद पहुंचना चाहते हैं?
राहुल गांधी को दक्षिण के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति ही सुहावनी लग रही है, दो हज़ार चौबीस से पहले वहां बीजेपी से बदला लेने का एक मौका तो है ही - वैसे असली हिसाब-किताब तो ज्योतिरादित्य सिंधिया से करने का इरादा होगा. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश पहुंचने के बाद भरी पूरी लगने लगी है. ऐसा हल्का एहसास कर्नाटक में भी हुआ था, जब सोनिया गांधी ने यात्रा में राहुल गांधी के साथ मार्च किया था, लेकिन तभी से हर निगाह प्रियंका गांधी वाड्रा को खोज रही थीं - और आखिरकार इंतजार खत्म हुआ जब यात्रा की मध्य प्रदेश में एंट्री हुई. प्रियंका गांधी वाड्रा के अब तक यात्रा से दूर रहने की वजह हिमाचल प्रदेश चुनाव में उनकी व्यस्तता बतायी गयी थी, जबकि खबर ये भी रही कि सोनिया गांधी के अगले ही दिन वो कर्नाटक में ही यात्रा में शामिल होने वाली थीं - वैसे मीडिया में जो कवरेज मध्य प्रदेश में मिला है, कर्नाटक में कहां संभव था. और प्रियंका गांधी ने भी भारत जोड़ो यात्रा को छप्पर फाड़ समर्थन दिया है. राहुल गांधी के स्वागत में वो अकेले नहीं बल्कि पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटे रेहान के साथ पहुंची हैं. हो सकता है, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश में यात्रा के पड़ावों पर सोनिया गांधी की कमी खल रही हो, लेकिन एक साथ पूरे गांधी परिवार को देखने का मौका तो काफी देर बाद मिला है. पहले ऐसा नजारा अमेठी और रायबरेली में चुनावों के दौरान ही देखने को मिला करता रहा - हो सकता है प्रियंका गांधी के बाद ये रॉबर्ट वाड्रा को भी राजनीति में लाये जाने की रणनीति हो. वैसे भी रॉबर्ट वाड्रा तो राजनीति में आने को लेकर कई बार हड़बड़ी दिखा चुके हैं. वाड्रा परिवार के अलावा यात्रा में सचिन पायलट की मौजूदगी ने भी सबका ध्यान खींचा है, और उसकी चर्चा गुजरात चुनाव में व्यस्त अशोक गहलोत की राजनीति से जोड़ कर होने लगी है. कांग्रेस नेता कमलनाथ को तो शुभ मौके का इंतजार रहा ही होगा, दिग्विजय सिंह को बड़े दिनों पर घर लौटना खुशगवार ही लगा होगा - मौजूदगी तो कन्हैया कुमार ने भी दर्ज करायी है, जिनके बारे में यात्रा के प्रचार प्रसार का काम देख रहे जयराम रमेश कह चुके हैं कि राहुल गांधी के बाद सबसे लोकप्रिय कन्हैया कुमार ही पूरे यात्रा में नजर आ रहे हैं. कन्हैया कुमार की काफी डिमांड बतायी जा रही है. मध्य प्रदेश में कांग्रेसियों की भीड़ देख कर गदगद राहुल गांधी खुशी से उछल उठे. और कहने लगे कि मध्यप्र देश ने पहले ही दिन महाराष्ट्र की यात्रा को हरा दिया. बोले, 'मैं मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को A ग्रेड देता हूं. . . दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने यात्रा को ऑर्गनाइज किया, साथ दिया. यात्रा के पड़ावों पर राहुल गांधी बीच बीच में छोटे छोटे किस्से या लोगों से हुआ बातचीत के अंश भी सुनाते रहते हैं, 'कमलनाथ जी ने मुझसे कहा कि आप थकते नही है? मैंने कहा दो हजार किलोमीटर चला हूं पर थका नहीं. . . बिल्कुल थका नहीं. सुबह उठता हूं. . . छह बजे, जिस तेजी से चलता हूं, उससे ज्यादा स्पीड से रात आठ बजे चलता हूं. . . यात्रा में हम आठ घंटे चलते हैं. ' और न थकने का राज भी बताया, जिसमें निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम नजर आया. बोले, 'मैं ज्यादा टाइम चुप रहता हूं. . . मैं आपसे दो-तीन सवाल पूछता हूं, पंद्रह से बीस मिनट बोलता हूं. . . मतलब, आठ घंटे आपके मन और पंद्रह मिनट मेरे मन की बात चलती है. ' भारत जोड़ो यात्रा का मकसद समझाने के लिए राहुल गांधी ने संघ और बीजेपी को निशाना बनाया और ये भी समझाया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार क्यों और कैसे गिर गयी. ये बताने का अंदाज भी ऐसा रहा कि राहुल गांधी के निशाने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ही नजर आ रहे थे. राहुल गांधी का कहना रहा, 'मध्य प्रदेश में हम चुनाव जीत गये. . . करोड़ों रुपये खर्च करके हमारे बीस-पच्चीस विधायक खरीद लिये गये और सरकार बना ली. . . ' और फिर जो बातें कही, ऐसा लगा जैसे दो हज़ार अट्ठारह के लिए कांग्रेस के चुनाव प्रचार का बिगुल फूंक रहे हों, 'हमने सड़क पर उतरकर यात्रा करने का फैसला किया. . . कुछ विधायकों को खरीद कर बीजेपी ने गलतफहमी पाल ली कि हमें लोगों के दिलों से दूर कर दिया. . . रुपयों में ईमान बिकता होगा. . . प्यार और विश्वास नहीं. . . जनता खुद जवाब देगी. ' बदले का मौका तो है! पहले दिन मध्य प्रदेश में राहुल गांधी ने करीब सत्ताईस किमी की यात्रा की है - और बुरहानपुर की सार्वजनिक सभा में पहली बार अपने पुराने मित्र ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी निशाना बनाया, लेकिन बगैर नाम लिये ही. सिंधिया समर्थक विधायकों को भ्रष्ट बता कर. ये वे विधायक हैं जो कांग्रेस छोड़ कर सिंधिया के साथ बीजेपी में चले गये थे और उनमें से बहुतों मंत्री बना दिया गया था. विधायकों के इस्तीफे के बाद उपचुनाव हुए तो वे बीजेपी के टिकट पर विधानसभा पहुंच गये. मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के दाखिल होते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लेकर राहुल गांधी ने कांग्रेस के चुनावी एक्शन प्लान की तरफ इशारा तो किया ही हैं - भले ही अब भी कॉलेज के जमाने के अपने खास दोस्त सिंधिया का खुल कर नाम नहीं ले पा रहे हों, लेकिन 'भ्रष्ट विधायकों' का जिक्र कर टारगेट तो सिंधिया को ही किया है. ये तो हर किसी को समझ में आता है. ठीक पांच साल बाद कांग्रेस मध्य प्रदेश के मैदान में वैसे ही एंट्री ले सकती है जैसे दो हज़ार सत्रह में लिया था. सत्ता विरोधी फैक्टर तो एक बार फिर बीजेपी के खिलाफ काम करेगा. बीजेपी में भी शिवराज सिंह चौहान के ही खिलाफ होगा. हो सकता है, बीजेपी चुनावों से पहले उत्तराखंड और गुजरात और त्रिपुरा जैसे प्रयोग मध्य प्रदेश में भी करे - और शिवराज सिंह चौहान को बीएस येदियुरप्पा जैसी भूमिका में लाया जाये, बशर्ते मार्गदर्शक मंडल भेजने का अभी कोई इरादा न हो तो. मध्य प्रदेश में बीजेपी की तरफ से एक दावेदार तो ज्योतिरादित्य सिंधिया भी होंगे ही. हिमंत बिस्वा सरमा के मिसाल बनने के बाद सिंधिया को इतनी उम्मीद तो करनी ही चाहिये, लेकिन ये भी नहीं भूलना चाहिये कि अंदर ही अंदर भले ही फैसला हो चुका था, लेकिन बीजेपी ने हिमंत बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के बाद ही बनाया था. सिंधिया बीजेपी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की रेस में हो या न हों, लेकिन कोई दो राय नहीं कि वो राहुल गांधी के दिमाग में नहीं होंगे - और ये भी मान कर ही चलना चाहिये कि आने वाले दो हज़ार अट्ठाईस के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी और उनकी टीम के निशाने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ही होंगे. राहुल गांधी अपनी एक जिद तो पूरी ही कर चुके हैं. ये जिद भी मल्लिकार्जुन खड़गे को कमान सौंपा जाना नहीं, बल्कि राहुल गांधी का खुद कांग्रेस अध्यक्ष न बनना है. जाहिर है अगला कदम बीजेपी से बदले का ही टारगेट होगा. मध्य प्रदेश की राजनीतिक जमीन राहुल गांधी के लिए बीजेपी से बदले के काफी माकूल भी लगती है. सिंधिया को लेकर इससे पहले राहुल गांधी का कहना रहा है कि उनको अपने भविष्य की फिक्र थी और कुछ निजी चिंताएं, इसीलिए विचारधारा से समझौता करते हुए वो बीजेपी में चले गये. बाद में सिंधिया जैसे नेताओं को राहुल गांधी ने डरपोक बताया था. राहुल गांधी ने अपनी टीम को सलाह दी थी कि ऐसे लोगों को वे जाने दें - और बाहर से निडर नेताओं को कांग्रेस में लाया जाना चाहिये. भले ही वे संघ और बीजेपी में ही क्यों न हों. मध्य प्रदेश में राहुल गांधी के साथ एक ऐसे नेता भी साथ साथ चलते देखे गये हैं, नाना पटोले. नाना पटोले महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और पहले बीजेपी के नागपुर से सांसद हुआ करते थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर विरोध करने के लिए वो चर्चित रहे हैं - और ये बात ही राहुल गांधी के मन को छू जाती है. जिस तरह से परिवार और पार्टी के पूरे लाव लश्कर के साथ राहुल गांधी मध्य प्रदेश में मार्च कर रहे हैं, चुनावी इरादा समझना बहुत मुश्किल नहीं लगता. चुनाव तो गुजरात में भी है, और हिमाचल प्रदेश में भी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ही हुआ है, लेकिन राहुल गांधी दूर ही रहे हैं. गुजरात में तो एक दिन चुनाव प्रचार किया भी है, लेकिन हिमाचल प्रदेश तो झांकने तक नहीं गये. हो सकता है राहुल गांधी और उनकी कोर टिम को पहले ही लग गया हो कि गुजरात में दाल तो गलने वाली नहीं है. हिमाचल प्रदेश में भी चांस कम ही दिखे हों. एक वजह आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल की हद से ज्यादा सक्रियता भी हो सकती है - वैसे भी गुजरात में कांग्रेस के मुकाबले अभी से ही आम आदमी पार्टी को ज्यादा मजबूत देखा जाने लगा है. मध्य प्रदेश को लेकर एक दलील तो बनती ही है. मध्य प्रदेश में तैयारी के लिए अभी पूरा वक्त भी है. करीब साल भर का समय भी बचा हुआ है - और भारत जोड़ो यात्रा के संयोजक बनाये गये दिग्विजय सिंह के फंसे होने के चलते कमलनाथ को पहले से ही मध्य प्रदेश पर फोकस करने को बोला जा चुका है. निश्चित तौर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पिछली बार की ही तरह दिग्विजय सिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी, लेकिन दारोमदार तो कमलनाथ पर ही होगा. ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से चले जाने और दिग्विजय सिंह के लगभग दिल्ली अटैच हो जाने के बाद कमलनाथ को तो खुला मैदान ही मिल गया है. दो हज़ार बीस में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते वक्त कमलनाथ के एक बयान ने सत्ता के गलियारों में सबका ध्यान खींचा था, "आज के बाद कल - और कल के बाद परसों भी आता है. . . " कल तो कब का बीत चुका है, राहुल गांधी की नजर अब परसों पर ही टिकी लगती है. कांग्रेस नेताओं की पूरी कोशिश लगती है कि राहुल गांधी एक बार फिर दो हज़ार अट्ठारह जैसा ही चमत्कार दिखा दें, तभी तो दक्षिण भारत के बाद भारत जोड़ो यात्रा में सबसे ज्यादा तामझाम मध्य प्रदेश की सड़कों पर भी नजर आ रहा है. मध्य प्रदेश में राहुल गांधी यात्रा के आधे रास्ते तय कर लेने के बाद दाखिल हुए हैं. अठहत्तरवें दिन. ये यात्रा सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी - और एक सौ पचास दिन बाद कश्मीर जाकर समाप्त होगी. भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के छः जिलों में आने वाली सत्रह विधानसभाओं से गुजरने वाली है. यात्रा के दौरान राहुल गांधी ओम्कारेश्वर और महाकालेश्वर का दर्शन भी करने वाले हैं - और छब्बीस नवंबर को अंबेडकर की जन्मस्थली महू में राहुल गांधी के रैली भी करने वाले हैं. ये इलाका कांग्रेस के लिए खास मायने रखता है क्योंकि यहीं पर मध्य प्रदेश की छयासठ विधानसभा सीटें हैं - और खास बात ये है कि दो हज़ार अट्ठारह में कांग्रेस ने आधे से भी ज्यादा चौंतीस सीटों पर जीत हासिल की थी. पिछले चुनाव में बीजेपी इलाके की उनतीस विधानसभा सीटें ही जीत पायी थी. मध्य प्रदेश में बारह दिन में तीन सौ अस्सी किलोग्राममीटर का सफर तय करने के बाद गुजरात में वोटिंग से ठीक एक दिन पहले चार दिसंबर को ये यात्रा राजस्थान का रुख करेगी - और ये देखना दिलचस्प होगा कि अशोक गहलोत अपने गढ़ में सचिन पायलट के साथ कैसे पेश आते हैं? इन्हें भी पढ़ें : राहुल के साथ सुप्रिया सुले और आदित्य ठाकरे का मार्च सिर्फ दिखावा क्यों लगता है? प्रियंका गांधी से पहले रॉबर्ट वाड्रा क्यों संसद पहुंचना चाहते हैं?
दिल्ली में बीते दिनों सदर बाजार इलाके में एक ब्लास्ट के कारण पांच लोगों घायल हो गए थे, जिसमें से इलाज के दौरान एक शख्स की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। Sadar Bazar Blast: दिल्ली में बीते दिनों सदर बाजार (Sadar Bazar) थाना क्षेत्र इलाके में एक ब्लास्ट के कारण पांच लोगों घायल हो गए थे, जिसमें से इलाज के दौरान एक शख्स की मौत हो गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस मामले में जांच के दौरान पटाखों की वजह से धमाका होने का पता चला था। इस धमाके के चलते दीवार गिर गई थी, जिसकी चपेट में आने से पांच लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस हादसे के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो बिल्डिंग को किराए पर लेकर उसे गोडाउन के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद फैज (Mohammad Faiz) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के के हापुड़ (Hapur) का रहने वाला है। इस मामले अधिक जानकारी देते हुए उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह कालसी ने बताया कि 7 जनवरी को पीसीआर कॉल पर कुतुब रोड के बिल्डिंग नंबर 854-870 की एक दीवार गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पाया कि बिल्डिंग की सीढ़ियां और एक तरफ की दीवार गिर गई है, जिसमें 5 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया था, जहां इलाज के दौरान गुलाब मदार नाम के शख्स की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर सभी डिपार्टमेंट की टीमों को बुला कर मुआयना करवा कर सबूतों को इकट्ठा किया था। हालांकि, आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में वाटर बूस्टर मोटर में ब्लास्ट होने की बात बताई थी। इसके बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। इस मामले की जांच के लिए एसीपी विजय कुमार रस्तोगी की देखरेख में एसएचओ कन्हैया लाल यादव के नेतृत्व में इंस्पेक्टर डी. वी. सिंह, एसआई अरविंद, एएसआई जगदीश राज, हेड कॉन्स्टेबल सुमित, मनीष और कॉन्स्टेबल सचिन की टीम का गठन किया गया था। इस दौरान पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की और पुलिस ने बिल्डिंग से पटाखों के अवशेष भी बरामद किए थे।
दिल्ली में बीते दिनों सदर बाजार इलाके में एक ब्लास्ट के कारण पांच लोगों घायल हो गए थे, जिसमें से इलाज के दौरान एक शख्स की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। Sadar Bazar Blast: दिल्ली में बीते दिनों सदर बाजार थाना क्षेत्र इलाके में एक ब्लास्ट के कारण पांच लोगों घायल हो गए थे, जिसमें से इलाज के दौरान एक शख्स की मौत हो गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस मामले में जांच के दौरान पटाखों की वजह से धमाका होने का पता चला था। इस धमाके के चलते दीवार गिर गई थी, जिसकी चपेट में आने से पांच लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस हादसे के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो बिल्डिंग को किराए पर लेकर उसे गोडाउन के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद फैज के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के के हापुड़ का रहने वाला है। इस मामले अधिक जानकारी देते हुए उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह कालसी ने बताया कि सात जनवरी को पीसीआर कॉल पर कुतुब रोड के बिल्डिंग नंबर आठ सौ चौवन-आठ सौ सत्तर की एक दीवार गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पाया कि बिल्डिंग की सीढ़ियां और एक तरफ की दीवार गिर गई है, जिसमें पाँच लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया था, जहां इलाज के दौरान गुलाब मदार नाम के शख्स की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर सभी डिपार्टमेंट की टीमों को बुला कर मुआयना करवा कर सबूतों को इकट्ठा किया था। हालांकि, आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में वाटर बूस्टर मोटर में ब्लास्ट होने की बात बताई थी। इसके बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। इस मामले की जांच के लिए एसीपी विजय कुमार रस्तोगी की देखरेख में एसएचओ कन्हैया लाल यादव के नेतृत्व में इंस्पेक्टर डी. वी. सिंह, एसआई अरविंद, एएसआई जगदीश राज, हेड कॉन्स्टेबल सुमित, मनीष और कॉन्स्टेबल सचिन की टीम का गठन किया गया था। इस दौरान पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की और पुलिस ने बिल्डिंग से पटाखों के अवशेष भी बरामद किए थे।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट और पूरे राजस्थान के लिए आज बहुत बड़ा दिन है। खबरें थीं कि पायलट 11 जून यानि पूर्व केंद्रीय मंत्री अपने पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर वो अपने राजनीतिक भविष्य पर महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे। जयपुर. 11 जून आखिर आज वह दिन आ ही गया जब सचिन पायलट को लेकर तमाम अटकलों पर विराम लग सकता है । आज सचिन पायलट पर और राजस्थान की कांग्रेस पर पूरे देश की नजरें हैं कि पायलट आज कुछ बड़ा करने वाले हैं। आज उनके फादर राजेश पायलट की डेथ एनिवर्सरी है और उनके पैतृक गांव दौसा जिले में आज बड़ा आयोजन होना है । सचिन पायलट आज क्या करने वाले हैं. . . ? क्या वे नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. . . ? क्या वह खुद की पार्टी बना सकते हैं. . . . . ? राजस्थान ही नहीं, पूरे देश की नजरें आज उनपर टिकीं हुई हैं। इन तमाम पहलुओं को इन 10 पॉइंट से समझा जा सकता है। 1. दावा किया जा रहा है कि सचिन पायलट प्रगतिशील कांग्रेस पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे हैं और इसके लिए उनके 100 लोगों की टीम लगातार काम कर रही है। जबकि ऐसा नहीं है, प्रगतिशील नाम से कोई भी पार्टी फिलहाल रजिस्टर्ड नहीं कराई गई है, यानी वे कोई नई पार्टी नहीं बना रहे । 2. जन संघर्ष पार्टी. . . . . इस नाम से भी उनका नाम जोड़ा जा रहा है और बताया जा रहा है कि दिल्ली में इस बारे में उन्होंने आलाकमान को जानकारी दी है, जबकि यह पार्टी बिहार स्टेट में है और इसका राजस्थान से कोई सीधा कनेक्शन नहीं है । 3. सचिन पायलट या उनकी टीम ने कोई भी नई पार्टी फिलहाल केंद्रीय चुनाव आयोग में रजिस्टर नहीं कराई है। मीडिया में खबरें चल रही हैं कि राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम ने पायलट के लिए काम कर रही है। 4. सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जो विवाद है इस विवाद के बारे में पिछले 1 महीने में दो बार दिल्ली में आलाकमान के सामने दोनों नेताओं की पेशी हो चुकी है और दोनों बार यह दावे किए गए हैं कि सचिन पायलट नई पार्टी नहीं बना रहे हैं। वह कांग्रेस में ही रहने वाले हैं। 5. अगर सचिन पायलट कोई नई पार्टी बनाते हैं, तो ऐसे में जनमत जुटाना बहुत मुश्किल हो सकता है । पायलट और उनके समर्थक फिलहाल कांग्रेस में है। कांग्रेस सालों पुरानी पार्टी है। अगर नई पार्टी बनाई जाती है तो जीरो से शुरुआत करनी होगी , जिसके लिए समय बिल्कुल नहीं है। 6. क्योंकि सचिन पायलट के पिता स्वर्गीय राजेश पायलट और उनकी मां रमा पायलट दोनों कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। ऐसे में सचिन का अपनी ही पार्टी से बगावत करना , कांग्रेसी नेताओं और उनके समाज और समर्थकों को रास नहीं आएगा। इसलिए नई पार्टी की संभावनाएं लगभग खत्म है। 7. अगर सचिन पायलट नई पार्टी बनाते हैं तो उनका जो सबसे बड़ा सपना है, मुख्यमंत्री बनना, वह सपना कई साल आगे जा सकता है । उनकी सीएम बनने की संभावनाएं आगामी कुछ सालों तक खत्म हो जाएंगी। 8. फिलहाल सचिन पायलट के समर्थन में करीब 15 विधायक और मंत्री हैं। अगर पायलट नई पार्टी बनाते हैं तो उनके सामने संकट खड़ा हो जाएगा और वह अपने समर्थकों और साथ ही नेताओं को संकट में नहीं डालेंगे । 9. अगर सचिन पायलट नई पार्टी बनाते हैं तो उनका 20 साल का राजनीतिक कैरियर और हजारों समर्थक उनसे छूट सकते हैं और उन्हें नए सिरे से शुरुआत करनी होगी, जिसके लिए अब समय नहीं है । 10. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जितना भी विवाद किया है या दोनों नेताओं ने आपस में जितना भी विवाद किया है । इस दौरान पायलट ने एक बार भी कांग्रेस के किसी बड़े नेता या आलाकमान के लिए कभी कुछ नहीं बोला है। ऐसे में यह तय है कि सचिन पायलट कांग्रेस में ही रहने वाले हैं और वे नई पार्टी नहीं बनाएंगे. . . . ।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट और पूरे राजस्थान के लिए आज बहुत बड़ा दिन है। खबरें थीं कि पायलट ग्यारह जून यानि पूर्व केंद्रीय मंत्री अपने पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर वो अपने राजनीतिक भविष्य पर महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे। जयपुर. ग्यारह जून आखिर आज वह दिन आ ही गया जब सचिन पायलट को लेकर तमाम अटकलों पर विराम लग सकता है । आज सचिन पायलट पर और राजस्थान की कांग्रेस पर पूरे देश की नजरें हैं कि पायलट आज कुछ बड़ा करने वाले हैं। आज उनके फादर राजेश पायलट की डेथ एनिवर्सरी है और उनके पैतृक गांव दौसा जिले में आज बड़ा आयोजन होना है । सचिन पायलट आज क्या करने वाले हैं. . . ? क्या वे नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. . . ? क्या वह खुद की पार्टी बना सकते हैं. . . . . ? राजस्थान ही नहीं, पूरे देश की नजरें आज उनपर टिकीं हुई हैं। इन तमाम पहलुओं को इन दस पॉइंट से समझा जा सकता है। एक. दावा किया जा रहा है कि सचिन पायलट प्रगतिशील कांग्रेस पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे हैं और इसके लिए उनके एक सौ लोगों की टीम लगातार काम कर रही है। जबकि ऐसा नहीं है, प्रगतिशील नाम से कोई भी पार्टी फिलहाल रजिस्टर्ड नहीं कराई गई है, यानी वे कोई नई पार्टी नहीं बना रहे । दो. जन संघर्ष पार्टी. . . . . इस नाम से भी उनका नाम जोड़ा जा रहा है और बताया जा रहा है कि दिल्ली में इस बारे में उन्होंने आलाकमान को जानकारी दी है, जबकि यह पार्टी बिहार स्टेट में है और इसका राजस्थान से कोई सीधा कनेक्शन नहीं है । तीन. सचिन पायलट या उनकी टीम ने कोई भी नई पार्टी फिलहाल केंद्रीय चुनाव आयोग में रजिस्टर नहीं कराई है। मीडिया में खबरें चल रही हैं कि राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम ने पायलट के लिए काम कर रही है। चार. सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जो विवाद है इस विवाद के बारे में पिछले एक महीने में दो बार दिल्ली में आलाकमान के सामने दोनों नेताओं की पेशी हो चुकी है और दोनों बार यह दावे किए गए हैं कि सचिन पायलट नई पार्टी नहीं बना रहे हैं। वह कांग्रेस में ही रहने वाले हैं। पाँच. अगर सचिन पायलट कोई नई पार्टी बनाते हैं, तो ऐसे में जनमत जुटाना बहुत मुश्किल हो सकता है । पायलट और उनके समर्थक फिलहाल कांग्रेस में है। कांग्रेस सालों पुरानी पार्टी है। अगर नई पार्टी बनाई जाती है तो जीरो से शुरुआत करनी होगी , जिसके लिए समय बिल्कुल नहीं है। छः. क्योंकि सचिन पायलट के पिता स्वर्गीय राजेश पायलट और उनकी मां रमा पायलट दोनों कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। ऐसे में सचिन का अपनी ही पार्टी से बगावत करना , कांग्रेसी नेताओं और उनके समाज और समर्थकों को रास नहीं आएगा। इसलिए नई पार्टी की संभावनाएं लगभग खत्म है। सात. अगर सचिन पायलट नई पार्टी बनाते हैं तो उनका जो सबसे बड़ा सपना है, मुख्यमंत्री बनना, वह सपना कई साल आगे जा सकता है । उनकी सीएम बनने की संभावनाएं आगामी कुछ सालों तक खत्म हो जाएंगी। आठ. फिलहाल सचिन पायलट के समर्थन में करीब पंद्रह विधायक और मंत्री हैं। अगर पायलट नई पार्टी बनाते हैं तो उनके सामने संकट खड़ा हो जाएगा और वह अपने समर्थकों और साथ ही नेताओं को संकट में नहीं डालेंगे । नौ. अगर सचिन पायलट नई पार्टी बनाते हैं तो उनका बीस साल का राजनीतिक कैरियर और हजारों समर्थक उनसे छूट सकते हैं और उन्हें नए सिरे से शुरुआत करनी होगी, जिसके लिए अब समय नहीं है । दस. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जितना भी विवाद किया है या दोनों नेताओं ने आपस में जितना भी विवाद किया है । इस दौरान पायलट ने एक बार भी कांग्रेस के किसी बड़े नेता या आलाकमान के लिए कभी कुछ नहीं बोला है। ऐसे में यह तय है कि सचिन पायलट कांग्रेस में ही रहने वाले हैं और वे नई पार्टी नहीं बनाएंगे. . . . ।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
यदि वह इस नियम का उल्लंघन करे तो उसे अनीवन विधवा रखा जाय और अपवित्र होने के कारण सभी यज्ञों तथा संस्कारों से उसका बहिष्कार कर दिया जाय । यदि उपर्युक्त वर्णन इन दो भयानक रीतियों का सही चित्रण है, तो हमे ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिये कि हमारे ऊपर सतीत्व रोकने के लिये कानून लादा गया । बाहर से आरोपित की गयी कोई चीज हिन्दूसमाज से ऐसी लडकियो का वैधव्य नही हटा सकता, जो यह भी नही जानतीं कि विवाह है क्या ? ऐसे सुधार के लिये सबसे पहली श्रावश्यक बात यह है कि हिन्दुओ में उदार और शिक्षित जनमत हो और दूसरे, माता पिता को अपनी विधवा बालिकाओं के पुनर्विवाह का श्रौचित्य बताया जाय । निश्चय है कि यह उनके बारे में कहा जा रहा है, जो कम अवस्था की है । जब विधवाएँ बढी हो जॉय और विवाह न करना चा, तो उनको केवल यही कहना चाहिये कि कुमारी कन्याओं की ही तरह ने विवाह करने को स्वतन्त्र है । जब कैदी अपनी जीरो को आभूषण समझ कर उसे अपनाये रखना चाहे तो उसे छुडाना कठिन है, जैसा कि लडकियाँ औौर वढी स्त्रियाँ तक श्रपने चाँदी सोने की जञ्जीरो और अँगूठी को आभूषण मान कर करती है । की ती बीसवीं सदी की सती घाटकोपर से एक दिन लिखती है "चम्बई समाचार" के वा० २३ अप्रैल के थक प्रकाशित बसव कोणा जाति की बात मन्त्र हो, तो उस बहिन की पति- भक्ति वन्दनीय है। इस कार्य के सम्बन्ध में अपनी श द्वारा प्रकट करेंगे, वो विशेष जानकारी हामिल होगी। मुझे ग्राशा है, यह समाचार सच नहींगर व वन मरी तो किसी रोग मे या ग्रामम्मिक घटना से भरी है, यात्महत्या करने नहीं । बीवी या किसी दूसरी भी शताब्दि की सजी के लगग एक प्रकार के होने चाहिए । सती बद है जो पति के जीवित उसकी मृत्यु के बाद सयपरायण रह जसेवा करे और मन से, रचन मे तथा कर्म से निर्विकार । पति के पीछे थाने में ज्ञान नही प्रज्ञान है। ऐसा करने में बटा प्रज्ञान तो श्रामा के गुरु के विषय में है। श्रामा मात्र श्रमर वह सर्वव्यापक है । एक देह के टूटने पर सरा देश निर्माण करती है। और यो करते करते अन्य से देशतीत हो जाती है। यह बात सच हे अनुभव सिद्ध है। और श्राज अनुभव गर है। ऐसी दशा में पत्नी के पति के साथ मरने से क्या लाभ ? और विवाह शरीर का नहीं, आत्मा का है। अगर विवाह गरीरह का हो, तो पति के मरने पर मोम के पुतले या फोटो में तो क्या न कर लिया जाय। अगर विवाह एक विशेष शरीर धारी जीन के माथ का ही सम्वन्ध है, तो उस शरीर के नष्ट होने पर विवाह का भी अन्त हो जाता है। और आत्महत्या करने से वह शरीर पुन मिल नहीं सकता। एक के नाश के साथ दूसरे शरीर का नाश करना तो " दोनो दीन से गये पाण्डे" वाली मसल को चरितार्थ करना है । विवाह शरीर द्वारा आत्मा का होता है और एक श्रात्मा की भक्ति से अनेक की थार्थात् परमेश्वर की भक्ति सिद्ध करने की कला सीखने का भेद विवाह में छिपा हुआ है। इसी कारण अमर मोरा भर चुकी है 'मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरा न कोई' चानी सती स्त्री ही दृष्टि मे विवाह-विकार तृप्त करने का साधन, नहीं होता, बल्कि 'एक की दवा दो' इस न्याय से पति से लीन होकर सेवा-शक्ति बढाने का साधन है। इसलिए सच्ची सती अपना सतीत्व सप्त-पढ़ी के समय से ही सिद्ध करती है। वह साध्वी बनती हैं, तपस्विनी बनती है। पति की, कुटुम्ब की और देश की सेवा करती है। वह घर-घृहस्थी मे फँस जाने और भोग भोगने के बजाय अपना ज्ञान बढाती है। व्याग-शक्ति बढाती है । और पति में लीन होकर जगत-मात्र मे लीन होना सीखती है । ऐसी सती पति की मृत्यु पर दुःख नही करती, पागल नहीं बनती, बलिक पति के समस्त सद्गुणों को वह अपने में प्रकट करेगा और उसे अमर चनायेगी । और यह सोचकर कि सम्वन्धमा से था वह फिर से व्याह करने का विचार तक न करेगी। पाठक देखेंगे कि मेरी कल्पना की सती विवाह के प्रारम्भ से ही
यदि वह इस नियम का उल्लंघन करे तो उसे अनीवन विधवा रखा जाय और अपवित्र होने के कारण सभी यज्ञों तथा संस्कारों से उसका बहिष्कार कर दिया जाय । यदि उपर्युक्त वर्णन इन दो भयानक रीतियों का सही चित्रण है, तो हमे ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिये कि हमारे ऊपर सतीत्व रोकने के लिये कानून लादा गया । बाहर से आरोपित की गयी कोई चीज हिन्दूसमाज से ऐसी लडकियो का वैधव्य नही हटा सकता, जो यह भी नही जानतीं कि विवाह है क्या ? ऐसे सुधार के लिये सबसे पहली श्रावश्यक बात यह है कि हिन्दुओ में उदार और शिक्षित जनमत हो और दूसरे, माता पिता को अपनी विधवा बालिकाओं के पुनर्विवाह का श्रौचित्य बताया जाय । निश्चय है कि यह उनके बारे में कहा जा रहा है, जो कम अवस्था की है । जब विधवाएँ बढी हो जॉय और विवाह न करना चा, तो उनको केवल यही कहना चाहिये कि कुमारी कन्याओं की ही तरह ने विवाह करने को स्वतन्त्र है । जब कैदी अपनी जीरो को आभूषण समझ कर उसे अपनाये रखना चाहे तो उसे छुडाना कठिन है, जैसा कि लडकियाँ औौर वढी स्त्रियाँ तक श्रपने चाँदी सोने की जञ्जीरो और अँगूठी को आभूषण मान कर करती है । की ती बीसवीं सदी की सती घाटकोपर से एक दिन लिखती है "चम्बई समाचार" के वाशून्य तेईस अप्रैल के थक प्रकाशित बसव कोणा जाति की बात मन्त्र हो, तो उस बहिन की पति- भक्ति वन्दनीय है। इस कार्य के सम्बन्ध में अपनी श द्वारा प्रकट करेंगे, वो विशेष जानकारी हामिल होगी। मुझे ग्राशा है, यह समाचार सच नहींगर व वन मरी तो किसी रोग मे या ग्रामम्मिक घटना से भरी है, यात्महत्या करने नहीं । बीवी या किसी दूसरी भी शताब्दि की सजी के लगग एक प्रकार के होने चाहिए । सती बद है जो पति के जीवित उसकी मृत्यु के बाद सयपरायण रह जसेवा करे और मन से, रचन मे तथा कर्म से निर्विकार । पति के पीछे थाने में ज्ञान नही प्रज्ञान है। ऐसा करने में बटा प्रज्ञान तो श्रामा के गुरु के विषय में है। श्रामा मात्र श्रमर वह सर्वव्यापक है । एक देह के टूटने पर सरा देश निर्माण करती है। और यो करते करते अन्य से देशतीत हो जाती है। यह बात सच हे अनुभव सिद्ध है। और श्राज अनुभव गर है। ऐसी दशा में पत्नी के पति के साथ मरने से क्या लाभ ? और विवाह शरीर का नहीं, आत्मा का है। अगर विवाह गरीरह का हो, तो पति के मरने पर मोम के पुतले या फोटो में तो क्या न कर लिया जाय। अगर विवाह एक विशेष शरीर धारी जीन के माथ का ही सम्वन्ध है, तो उस शरीर के नष्ट होने पर विवाह का भी अन्त हो जाता है। और आत्महत्या करने से वह शरीर पुन मिल नहीं सकता। एक के नाश के साथ दूसरे शरीर का नाश करना तो " दोनो दीन से गये पाण्डे" वाली मसल को चरितार्थ करना है । विवाह शरीर द्वारा आत्मा का होता है और एक श्रात्मा की भक्ति से अनेक की थार्थात् परमेश्वर की भक्ति सिद्ध करने की कला सीखने का भेद विवाह में छिपा हुआ है। इसी कारण अमर मोरा भर चुकी है 'मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरा न कोई' चानी सती स्त्री ही दृष्टि मे विवाह-विकार तृप्त करने का साधन, नहीं होता, बल्कि 'एक की दवा दो' इस न्याय से पति से लीन होकर सेवा-शक्ति बढाने का साधन है। इसलिए सच्ची सती अपना सतीत्व सप्त-पढ़ी के समय से ही सिद्ध करती है। वह साध्वी बनती हैं, तपस्विनी बनती है। पति की, कुटुम्ब की और देश की सेवा करती है। वह घर-घृहस्थी मे फँस जाने और भोग भोगने के बजाय अपना ज्ञान बढाती है। व्याग-शक्ति बढाती है । और पति में लीन होकर जगत-मात्र मे लीन होना सीखती है । ऐसी सती पति की मृत्यु पर दुःख नही करती, पागल नहीं बनती, बलिक पति के समस्त सद्गुणों को वह अपने में प्रकट करेगा और उसे अमर चनायेगी । और यह सोचकर कि सम्वन्धमा से था वह फिर से व्याह करने का विचार तक न करेगी। पाठक देखेंगे कि मेरी कल्पना की सती विवाह के प्रारम्भ से ही
किसी भी टीम का कप्तान टीम के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा होता है। एक कप्तान को अपनी टीम को साथ लेकर चलना होता है। टीम को साथ लेकर चलने के लिए कप्तान खुद को प्रदर्शन कर अपने दूसरे खिलाड़ियों को टीम की सफलता के लिए प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना होता है। इसी तरह ही क्रिकेट में अब तक के इतिहास में कई कप्तानों ने जबरदस्त तरीके से रन बरसा कर अपनी टीम की सफलता में बड़ा योगदान दिया है। ऐसे में एक कप्तान के द्वारा एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा शतक लगाने की बात की जाए तो आज हम इस मामले में सबसे बेस्ट पांच कप्तानों से आपको रूबरू करवाते हैं। विराट कोहली-भारत( 2017-10 शतक) भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली वैसे तो अपने करियर की शुरूआत से ही शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं लेकिन जब विराट कोहली के लिए इस साल की बात की जाए तो विराट ने सभी फॉर्मेट में शानदार बल्लेबाजी की है। विराट कोहली की इस शानदार बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम ने खासी सफलता हासिल की है। कोहली के बल्ले से इस साल अब तक 10 शतक निकल चुके हैं जो एक कप्तान के तौर पर किसी भी एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा हैं। जिसमें कोहली ने चार शतक टेस्ट में और 6 शतक वनडे क्रिकेट में लगाए। रिकी पोंटिंग-ऑस्ट्रेलिया(2005 & 2006 - 9 शतक) ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग विश्व क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान हैं। रिकी पोंटिंग ने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक चैंपियन साइड बनाया। जो एक समय तो पूरी तरह से अजेय मानी गई। ऑस्ट्रेलिया की इस बड़ी कामयाबी में रिकी पोंटिंग ने बड़ा योगदान दिया है। इस बात का साफ अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रिकी पोंटिंग ने 2005 और 2006 में लगातार दो साल तक एक कैलेडर ईयर में 9-9 शतक बनाए। ग्रीम स्मिथ- दक्षिण अफ्रीका(2005 - 9 शतक) दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ का भी कप्तानी रिकॉर्ड किसी से कम नहीं है। ग्रीम स्मिथ एक ऐसे कप्तान हैं जिनके नाम सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड है। ग्रीम स्मिथ ने अपनी कप्तानी में खुद भी शानदार बल्लेबाजी कर दूसरे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने। स्मिथ ने कप्तानी के तौर पर ही साल 2005 में 9 इंटरनेशनल शतक बनाए। स्मिथ ने जहां वनडे में 5 और टेस्ट में 4 शतक लगाए। ब्रायन लारा- वेस्टइंडीज ( 2003- 7 शतक) वेस्टइंडीज के महान कप्तान ब्रायन लारा को विश्व क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों में गिना जाता है। ब्रायन लारा ने बल्लेबाजी से कई रिकॉर्ड बनाए हैं। ब्रायन लारा ने वेस्टइंडीज टीम के लिए लंबे समय तक कप्तानी भी की। लारा ने अपनी कप्तानी के दवाब में भी बल्लेबाजी में योगदान को कम नहीं होने दिया। साल 2003 में लारा ने कैलेडर ईयर में 7 शतक लगाए। लारा के ये शतक वनडे से 2 और टेस्ट से 5 शतक आए। महेला जयवर्धने- श्रीलंका (2007- 7 शतक) श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज रहे महेला जयवर्धने ने श्रीलंकाई टीम की कप्तानी भी की। जयवर्धने की कप्तानी में श्रीलंकाई टीम ने साल 2007 के विश्वकप में फाइनल में प्रवेश किया था। जयावर्धने ने बल्लेबाजी में भी जबरदस्त योगदान दिया है। जयावदर्धने ने श्रीलंका के लिए कप्तानी के तौर पर भी अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी का नमूना पेश किया। साल 2007 में जयावर्धने ने कप्तानी के तौर पर 7 शतक जमाए।
किसी भी टीम का कप्तान टीम के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा होता है। एक कप्तान को अपनी टीम को साथ लेकर चलना होता है। टीम को साथ लेकर चलने के लिए कप्तान खुद को प्रदर्शन कर अपने दूसरे खिलाड़ियों को टीम की सफलता के लिए प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना होता है। इसी तरह ही क्रिकेट में अब तक के इतिहास में कई कप्तानों ने जबरदस्त तरीके से रन बरसा कर अपनी टीम की सफलता में बड़ा योगदान दिया है। ऐसे में एक कप्तान के द्वारा एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा शतक लगाने की बात की जाए तो आज हम इस मामले में सबसे बेस्ट पांच कप्तानों से आपको रूबरू करवाते हैं। विराट कोहली-भारत भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली वैसे तो अपने करियर की शुरूआत से ही शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं लेकिन जब विराट कोहली के लिए इस साल की बात की जाए तो विराट ने सभी फॉर्मेट में शानदार बल्लेबाजी की है। विराट कोहली की इस शानदार बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम ने खासी सफलता हासिल की है। कोहली के बल्ले से इस साल अब तक दस शतक निकल चुके हैं जो एक कप्तान के तौर पर किसी भी एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा हैं। जिसमें कोहली ने चार शतक टेस्ट में और छः शतक वनडे क्रिकेट में लगाए। रिकी पोंटिंग-ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग विश्व क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान हैं। रिकी पोंटिंग ने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक चैंपियन साइड बनाया। जो एक समय तो पूरी तरह से अजेय मानी गई। ऑस्ट्रेलिया की इस बड़ी कामयाबी में रिकी पोंटिंग ने बड़ा योगदान दिया है। इस बात का साफ अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रिकी पोंटिंग ने दो हज़ार पाँच और दो हज़ार छः में लगातार दो साल तक एक कैलेडर ईयर में नौ-नौ शतक बनाए। ग्रीम स्मिथ- दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ का भी कप्तानी रिकॉर्ड किसी से कम नहीं है। ग्रीम स्मिथ एक ऐसे कप्तान हैं जिनके नाम सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड है। ग्रीम स्मिथ ने अपनी कप्तानी में खुद भी शानदार बल्लेबाजी कर दूसरे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने। स्मिथ ने कप्तानी के तौर पर ही साल दो हज़ार पाँच में नौ इंटरनेशनल शतक बनाए। स्मिथ ने जहां वनडे में पाँच और टेस्ट में चार शतक लगाए। ब्रायन लारा- वेस्टइंडीज वेस्टइंडीज के महान कप्तान ब्रायन लारा को विश्व क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों में गिना जाता है। ब्रायन लारा ने बल्लेबाजी से कई रिकॉर्ड बनाए हैं। ब्रायन लारा ने वेस्टइंडीज टीम के लिए लंबे समय तक कप्तानी भी की। लारा ने अपनी कप्तानी के दवाब में भी बल्लेबाजी में योगदान को कम नहीं होने दिया। साल दो हज़ार तीन में लारा ने कैलेडर ईयर में सात शतक लगाए। लारा के ये शतक वनडे से दो और टेस्ट से पाँच शतक आए। महेला जयवर्धने- श्रीलंका श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज रहे महेला जयवर्धने ने श्रीलंकाई टीम की कप्तानी भी की। जयवर्धने की कप्तानी में श्रीलंकाई टीम ने साल दो हज़ार सात के विश्वकप में फाइनल में प्रवेश किया था। जयावर्धने ने बल्लेबाजी में भी जबरदस्त योगदान दिया है। जयावदर्धने ने श्रीलंका के लिए कप्तानी के तौर पर भी अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी का नमूना पेश किया। साल दो हज़ार सात में जयावर्धने ने कप्तानी के तौर पर सात शतक जमाए।
जयपुरः कोरोना के कारण स्कूलों की कई परीक्षाओ में हुई देरी की वजह से अब परीक्षाओ के नतीजों में देरी हो रही है. वही इस बीच आरबीएसई 12वीं कॉमर्स के रिजल्ट 2020 का ऐलान राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा केवल कुछ मिनटों पश्चात् ही की जानी है, ऐसे में अतिआवश्यक है, कि सभी छात्र अपना आरबीएसई 12वीं कॉमर्स रिजल्ट 2020 देखने के लिए ऑनलाइन आ जाएं. हालांकि, कभी-कभी कई बार ऐसा होता है, कि छात्रों के पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, या फिर उनके पास रिजल्ट चेक करने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं होता है. ऐसे में प्रश्न यह उठता है, की छात्र अपना रिजल्ट किस तरह देखे. ऐसे में आपकी जानकारी के लिए बता दे, की अब सभी छात्र अपने नतीजे बिना इंटरनेट के भी देख पाएंगे. बिना इंटरनेट के आरबीएसई 12वीं कॉमर्स रिजल्ट 2020 चेक करने के लिए छात्रों को अपने मोबाईल से मेसेज करना होगा और छात्रों के रिजल्ट उनके इनबॉक्स में SMS से मिल जाएगा. राजस्थान बोर्ड से वाणिज्य धारा में 12वीं कक्षा की इस साल की बोर्ड परीक्षाएं दे चुके छात्रों का इंतजार आज ख़त्म हो जाएगा. राजस्थान बोर्ड 12वीं कॉमर्स रिजल्ट 2020 का ऐलान या परिणामों से समन्धित अपडेट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट, पर जारी किये जाएंगे. इससे पहले हाल ही में 12वीं के विज्ञान धारा के नतीजे जारी किये गये थे. कई बार ऐसा देखा जाता है कि बोर्ड के नतीजे जारी होने के साथ ही वेबसाइट्स पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, ऐसे समय में कई बार वेबसाइट क्रैश हो जाती है. ऐसे वक़्त में स्टूडेंट्स बेहद परेशान हो जाते हैं. इसके अलावा, रिजल्ट जारी होने के साथ-साथ, यह भी देखने में आता है कि इंटरनेट की बैड कनेक्टिविटी की वजह से स्टूडेंट्स को उनके रिजल्ट देखने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बोर्ड द्वारा बिना इंटरनेट के अपने मोबाइल से SMS भेजकर रिजल्ट जानने की व्यवस्था की गई है. स्टूडेंट्स रिजल्ट जारी होने के पश्चात् ही RESULT RAJ12C ROLL NUMBER लिखें और इसे 56263 पर भेज दें. कुछ समय पश्चात् ही आपका रिजल्ट आपके मोबाइल के इनबॉक्स में मिल जाएगा.
जयपुरः कोरोना के कारण स्कूलों की कई परीक्षाओ में हुई देरी की वजह से अब परीक्षाओ के नतीजों में देरी हो रही है. वही इस बीच आरबीएसई बारहवीं कॉमर्स के रिजल्ट दो हज़ार बीस का ऐलान राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा केवल कुछ मिनटों पश्चात् ही की जानी है, ऐसे में अतिआवश्यक है, कि सभी छात्र अपना आरबीएसई बारहवीं कॉमर्स रिजल्ट दो हज़ार बीस देखने के लिए ऑनलाइन आ जाएं. हालांकि, कभी-कभी कई बार ऐसा होता है, कि छात्रों के पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, या फिर उनके पास रिजल्ट चेक करने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं होता है. ऐसे में प्रश्न यह उठता है, की छात्र अपना रिजल्ट किस तरह देखे. ऐसे में आपकी जानकारी के लिए बता दे, की अब सभी छात्र अपने नतीजे बिना इंटरनेट के भी देख पाएंगे. बिना इंटरनेट के आरबीएसई बारहवीं कॉमर्स रिजल्ट दो हज़ार बीस चेक करने के लिए छात्रों को अपने मोबाईल से मेसेज करना होगा और छात्रों के रिजल्ट उनके इनबॉक्स में SMS से मिल जाएगा. राजस्थान बोर्ड से वाणिज्य धारा में बारहवीं कक्षा की इस साल की बोर्ड परीक्षाएं दे चुके छात्रों का इंतजार आज ख़त्म हो जाएगा. राजस्थान बोर्ड बारहवीं कॉमर्स रिजल्ट दो हज़ार बीस का ऐलान या परिणामों से समन्धित अपडेट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट, पर जारी किये जाएंगे. इससे पहले हाल ही में बारहवीं के विज्ञान धारा के नतीजे जारी किये गये थे. कई बार ऐसा देखा जाता है कि बोर्ड के नतीजे जारी होने के साथ ही वेबसाइट्स पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, ऐसे समय में कई बार वेबसाइट क्रैश हो जाती है. ऐसे वक़्त में स्टूडेंट्स बेहद परेशान हो जाते हैं. इसके अलावा, रिजल्ट जारी होने के साथ-साथ, यह भी देखने में आता है कि इंटरनेट की बैड कनेक्टिविटी की वजह से स्टूडेंट्स को उनके रिजल्ट देखने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बोर्ड द्वारा बिना इंटरनेट के अपने मोबाइल से SMS भेजकर रिजल्ट जानने की व्यवस्था की गई है. स्टूडेंट्स रिजल्ट जारी होने के पश्चात् ही RESULT RAJबारह डिग्री सेल्सियस ROLL NUMBER लिखें और इसे छप्पन हज़ार दो सौ तिरेसठ पर भेज दें. कुछ समय पश्चात् ही आपका रिजल्ट आपके मोबाइल के इनबॉक्स में मिल जाएगा.
उत्तर प्रदेशः आपने हमेशा यह सुना होगा कि तलाक के बाद हमेशा पति ही पत्नी को गुजारा भत्ता देता है लेकिन एक मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर से आया है जिसमें फैमिली कोर्ट ने पत्नी को ही पति को हर महीने गुजारा भत्ता देने का फैसला सुनाया है। सुनने में आपको जरूर अजीब लगेगा पर यह बात बिल्कुल सत्य है। जानकारी के मुताबिक महिला मुन्नी देवी कानपुर में भारतीय सेना में चौथी श्रेणी की कर्मचारी थी जबकि किशोरी लाल एक चाय वाला था। लगभग 10 साल पहले से लड़ रहे केस का फैसला कोर्ट ने अभी जाकर सुनाया। जानकारी के मुताबिक मुन्नी देवी को रिटायर होने के बाद ₹12000 पेंशन मिल रही है जिसके बाद हर महीने अब पति को गुजारा भत्ता देना होगा। कोर्ट ने महिला को आदेश दिया है कि वह हर महीने ₹2000 किशोरी लाल को देगी ऐसा ना करने पर महिला को सजा भी हो सकती है। मुन्नी देवी और किशोरी लाल का लगभग 30 साल पहले विवाह हुआ था शादी के कुछ ही समय बाद से दोनों अलग अलग रहने लगे थे इसके बाद ही किशोरी लाल ने मुन्नी देवी के ऊपर केस दर्ज कर दिया था।
उत्तर प्रदेशः आपने हमेशा यह सुना होगा कि तलाक के बाद हमेशा पति ही पत्नी को गुजारा भत्ता देता है लेकिन एक मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर से आया है जिसमें फैमिली कोर्ट ने पत्नी को ही पति को हर महीने गुजारा भत्ता देने का फैसला सुनाया है। सुनने में आपको जरूर अजीब लगेगा पर यह बात बिल्कुल सत्य है। जानकारी के मुताबिक महिला मुन्नी देवी कानपुर में भारतीय सेना में चौथी श्रेणी की कर्मचारी थी जबकि किशोरी लाल एक चाय वाला था। लगभग दस साल पहले से लड़ रहे केस का फैसला कोर्ट ने अभी जाकर सुनाया। जानकारी के मुताबिक मुन्नी देवी को रिटायर होने के बाद बारह हज़ार रुपया पेंशन मिल रही है जिसके बाद हर महीने अब पति को गुजारा भत्ता देना होगा। कोर्ट ने महिला को आदेश दिया है कि वह हर महीने दो हज़ार रुपया किशोरी लाल को देगी ऐसा ना करने पर महिला को सजा भी हो सकती है। मुन्नी देवी और किशोरी लाल का लगभग तीस साल पहले विवाह हुआ था शादी के कुछ ही समय बाद से दोनों अलग अलग रहने लगे थे इसके बाद ही किशोरी लाल ने मुन्नी देवी के ऊपर केस दर्ज कर दिया था।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मुख्य चौराहे हजरतगंज को अब अटल चौक के नाम से जाना जाएगा. यह घोषणा शहर की महापौर संयुक्त भाटिया ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रथम पुण्यतिथि पर की. शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में महापौर ने कहा कि इस चौराहे का नाम पहले से ही अटल चौक रखे जाने का प्रस्ताव था. लिहाजा आज अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर इस चौक का नाम अटल चौक रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी अटल बिहारी वाजपेयी के व्यवहार और कर्तव्यों के बारे में जान सकेगी और उनके विचारों से प्रेरणा ले सकेगी. एक डिग्री कॉलेज का भी नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम किया गया है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर शुक्रवार को लोकभवन में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. मुख्यमंत्री योगी ने 25 दिसंबर को लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की 25 फुट की प्रतिमा का लोकार्पण करने की भी घोषणा की. शुक्रवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें याद किया. उन्होंने कहा कि आज भी सभी की जुबां पर अटल बिहारी वाजपेयी का ही नाम है. हर किसी के मन में उनके लिए सम्मान है. अटल जी की नजर में कोई भी व्यक्ति छोटा बड़ा नहीं था. वो सदैव कहते थे कि मैं मरने से नहीं डरता हूं, बदनामी से डरता हूं. सीएम योगी ने कहा कि अटल जी के विचार प्रेरणा के स्रोत हैं. उन्होंने राजनीति में पारदर्शिता लाने का काम किया है. उन्होंने अखंड भारत का सपना देखा था. अनुच्छेद 370 हटाकर मोदी सरकार ने उनको श्रद्धांजलि दी है. इसके अलावा सीएम योगी ने वाजपेयी के नाम पर 18 आवासीय स्कूल श्रमिकों के बच्चों के लिए खोले जाने की घोषणा भी की.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मुख्य चौराहे हजरतगंज को अब अटल चौक के नाम से जाना जाएगा. यह घोषणा शहर की महापौर संयुक्त भाटिया ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रथम पुण्यतिथि पर की. शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में महापौर ने कहा कि इस चौराहे का नाम पहले से ही अटल चौक रखे जाने का प्रस्ताव था. लिहाजा आज अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर इस चौक का नाम अटल चौक रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी अटल बिहारी वाजपेयी के व्यवहार और कर्तव्यों के बारे में जान सकेगी और उनके विचारों से प्रेरणा ले सकेगी. एक डिग्री कॉलेज का भी नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम किया गया है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर शुक्रवार को लोकभवन में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. मुख्यमंत्री योगी ने पच्चीस दिसंबर को लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की पच्चीस फुट की प्रतिमा का लोकार्पण करने की भी घोषणा की. शुक्रवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें याद किया. उन्होंने कहा कि आज भी सभी की जुबां पर अटल बिहारी वाजपेयी का ही नाम है. हर किसी के मन में उनके लिए सम्मान है. अटल जी की नजर में कोई भी व्यक्ति छोटा बड़ा नहीं था. वो सदैव कहते थे कि मैं मरने से नहीं डरता हूं, बदनामी से डरता हूं. सीएम योगी ने कहा कि अटल जी के विचार प्रेरणा के स्रोत हैं. उन्होंने राजनीति में पारदर्शिता लाने का काम किया है. उन्होंने अखंड भारत का सपना देखा था. अनुच्छेद तीन सौ सत्तर हटाकर मोदी सरकार ने उनको श्रद्धांजलि दी है. इसके अलावा सीएम योगी ने वाजपेयी के नाम पर अट्ठारह आवासीय स्कूल श्रमिकों के बच्चों के लिए खोले जाने की घोषणा भी की.
रूरा में छियालीस दिन का द्योतक है। कला - भवन के पिछवाड़े पैलेस-चौक है । जिस प्रकार मास्को में लाल चौक का महत्व और उपयोग है, उसी प्रकार इस चौक का यहां है । सार्वजनिक समारोह इसी चौक में होते हैं। काफी लम्बा-चौड़ा है। उसके बीच में ४७ मीटर ऊंचा और ६ सौ टन भारी एक स्तम्भ है, जिसका निर्माण नेपोलियन पर विजय प्राप्त करने की स्मृति में सन् १८१२ में हुआ था । वह '" लेक्जेडर-स्तम्भ' के नाम से पुकारा जाता है। उसके एक ओर चहारदीवारी पर एक रथ तथा 'विजयी गुंबद ' बनी हुई है। वैसे तो इस चौक के साथ रूरा की अनेक महत्वपूर्ण घटनाएं जुड़ी हुई हैं, लेकिन उसे देखते ही विशेष रूप से स्मरण होता है सन् १९०५ के रक्तरंजित रविवार का और १९१७ की महान् अक्तूबर क्रांति का । कहने की आवश् नहीं कि इन दोनों ही क्रांतियों ने रूरा के इतिहास को गया गोड़ दिया।
रूरा में छियालीस दिन का द्योतक है। कला - भवन के पिछवाड़े पैलेस-चौक है । जिस प्रकार मास्को में लाल चौक का महत्व और उपयोग है, उसी प्रकार इस चौक का यहां है । सार्वजनिक समारोह इसी चौक में होते हैं। काफी लम्बा-चौड़ा है। उसके बीच में सैंतालीस मीटर ऊंचा और छः सौ टन भारी एक स्तम्भ है, जिसका निर्माण नेपोलियन पर विजय प्राप्त करने की स्मृति में सन् एक हज़ार आठ सौ बारह में हुआ था । वह '" लेक्जेडर-स्तम्भ' के नाम से पुकारा जाता है। उसके एक ओर चहारदीवारी पर एक रथ तथा 'विजयी गुंबद ' बनी हुई है। वैसे तो इस चौक के साथ रूरा की अनेक महत्वपूर्ण घटनाएं जुड़ी हुई हैं, लेकिन उसे देखते ही विशेष रूप से स्मरण होता है सन् एक हज़ार नौ सौ पाँच के रक्तरंजित रविवार का और एक हज़ार नौ सौ सत्रह की महान् अक्तूबर क्रांति का । कहने की आवश् नहीं कि इन दोनों ही क्रांतियों ने रूरा के इतिहास को गया गोड़ दिया।
पश्चिम बंगाल के डॉक्टर्स की हड़ताल का असर देशभर में दिखाई दे रहा है. राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में डॉक्टरों का प्रदर्शन और हड़ताल जारी है. डॉक्टर्स इस बात पर अड़े हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एनआरएस मेडिकल कॉलेज आकर उनकी समस्याओं को सुनें. केंद्र ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और वहां चल रही डॉक्टरों की हड़ताल पर राज्य सरकार से अलग-अलग रिपोर्ट मांगी है. राज्य में पिछले चार बरसों में राजनीतिक हिंसा में लगभग 160 लोग मारे गए हैं. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर और दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए इस तरह की घटनाओं की जांच के संबंध में राज्य सरकार से एक रिपोर्ट मांगी गई है. अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की चल रही हड़ताल पर भी एक अन्य विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. बता दें कि हड़ताल ख़त्म नहीं होने के चलते शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में अडिश्नल चीफ सेक्रेटरी (स्वास्थ्य) राजीव सिन्हा भी पहुंचे हैं. राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल पर कैसे काबू पाया जाए और मेडिकल सेवाओं को कैसे बहाल किया जाए, इसी को लेकर सीएम ममता करने वाली हैं. इस बीच खबर आ रही है कि ममता बनर्जी ने डॉक्टरों की बात मान ली है और वह घायल डॉक्टर्स से मिलने अस्पताल जा सकती हैं. इससे पहले घायल डॉक्टरों के परिजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अस्पताल आना चाहिए. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया गया है. परिजनों ने कहा कि इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है, राज्य में 200 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. इन्हें रोकने के लिए सरकार को सख्त उठाने चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. इससे पहले शुक्रवार को सीएम ममता बनर्जी ने सभी डॉक्टरों से वापस काम पर लौटने की अपील थी. सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से एनआरएस मेडिकल कॉलेज के आंदोलनकारी डॉक्टरों को बातचीत का प्रस्ताव आया था. डॉक्टरों से कहा गया था कि वे राज्य सचिवालय में आकर सीएम से मुलाकात करें. लेकिन डॉक्टर्स ने इससे मना कर दिया. बल्कि डॉक्टरों ने सीएम ममता के सामने 6 शर्तें रखी. - डॉक्टरों ने पहली शर्त रखी है कि सीएम ममता बनर्जी को हमला करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का सबूत देना होगा. - डॉक्टर्स ने दूसरी शर्त रखी है कि जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे केस और अन्य आरोपों को वापस लेना होगा. - सीएम ममता बनर्जी को हॉस्पिटल आकर घायल डॉक्टरों से मिलना होगा. सीएम ऑफिस को इस हमले की निंदा करनी होगी. - मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बिना शर्त पूरे मामले के लिए माफ़ी मांगनी होगी. - डॉक्टर अरिंदम दत्ता के मुताबिक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी होगी. - डॉक्टरों ने सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में सुधार की भी मांग की, जिसमें सशस्त्र पुलिस कर्मियों की पोस्टिंग भी शामिल है. क्या था मामला? दरअसल, 10 जन को नील रत्न सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी. इससे गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर्स से बदसलूकी कर दी. डॉक्टरों का कहना है कि जब तक परिजन उसे माफी नहीं मांगते तब तक वो प्रमाण पत्र नहीं देंगे. इसके बाद इम मामले में हिंसा भड़क गई और कुछ लोगों ने हथियारों से हॉस्टल में हमला कर दिया. इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई और को भी चोटें आईं. .
पश्चिम बंगाल के डॉक्टर्स की हड़ताल का असर देशभर में दिखाई दे रहा है. राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में डॉक्टरों का प्रदर्शन और हड़ताल जारी है. डॉक्टर्स इस बात पर अड़े हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एनआरएस मेडिकल कॉलेज आकर उनकी समस्याओं को सुनें. केंद्र ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और वहां चल रही डॉक्टरों की हड़ताल पर राज्य सरकार से अलग-अलग रिपोर्ट मांगी है. राज्य में पिछले चार बरसों में राजनीतिक हिंसा में लगभग एक सौ साठ लोग मारे गए हैं. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर और दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए इस तरह की घटनाओं की जांच के संबंध में राज्य सरकार से एक रिपोर्ट मांगी गई है. अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की चल रही हड़ताल पर भी एक अन्य विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. बता दें कि हड़ताल ख़त्म नहीं होने के चलते शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में अडिश्नल चीफ सेक्रेटरी राजीव सिन्हा भी पहुंचे हैं. राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल पर कैसे काबू पाया जाए और मेडिकल सेवाओं को कैसे बहाल किया जाए, इसी को लेकर सीएम ममता करने वाली हैं. इस बीच खबर आ रही है कि ममता बनर्जी ने डॉक्टरों की बात मान ली है और वह घायल डॉक्टर्स से मिलने अस्पताल जा सकती हैं. इससे पहले घायल डॉक्टरों के परिजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अस्पताल आना चाहिए. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया गया है. परिजनों ने कहा कि इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है, राज्य में दो सौ से ज्यादा ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. इन्हें रोकने के लिए सरकार को सख्त उठाने चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. इससे पहले शुक्रवार को सीएम ममता बनर्जी ने सभी डॉक्टरों से वापस काम पर लौटने की अपील थी. सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से एनआरएस मेडिकल कॉलेज के आंदोलनकारी डॉक्टरों को बातचीत का प्रस्ताव आया था. डॉक्टरों से कहा गया था कि वे राज्य सचिवालय में आकर सीएम से मुलाकात करें. लेकिन डॉक्टर्स ने इससे मना कर दिया. बल्कि डॉक्टरों ने सीएम ममता के सामने छः शर्तें रखी. - डॉक्टरों ने पहली शर्त रखी है कि सीएम ममता बनर्जी को हमला करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का सबूत देना होगा. - डॉक्टर्स ने दूसरी शर्त रखी है कि जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे केस और अन्य आरोपों को वापस लेना होगा. - सीएम ममता बनर्जी को हॉस्पिटल आकर घायल डॉक्टरों से मिलना होगा. सीएम ऑफिस को इस हमले की निंदा करनी होगी. - मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बिना शर्त पूरे मामले के लिए माफ़ी मांगनी होगी. - डॉक्टर अरिंदम दत्ता के मुताबिक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी होगी. - डॉक्टरों ने सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में सुधार की भी मांग की, जिसमें सशस्त्र पुलिस कर्मियों की पोस्टिंग भी शामिल है. क्या था मामला? दरअसल, दस जन को नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक पचहत्तर वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी. इससे गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर्स से बदसलूकी कर दी. डॉक्टरों का कहना है कि जब तक परिजन उसे माफी नहीं मांगते तब तक वो प्रमाण पत्र नहीं देंगे. इसके बाद इम मामले में हिंसा भड़क गई और कुछ लोगों ने हथियारों से हॉस्टल में हमला कर दिया. इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई और को भी चोटें आईं. .
JSC पर "ज़ेलेनोडोलस्क ने उन्हें लगाया। AM गोर्की "(कंपनी होल्डिंग कंपनी अक बार्स ओजेएससी के समूह का एक हिस्सा) एक्सएनयूएमएक्स 5 जुलाई को आयोजित किया जाएगा, जो विम्पील ओसीसीएस (निज़नी नोवगोरोड) द्वारा विकसित एक्सएनयूएमएक्स प्रोजेक्ट की एंटी-डायवर्शन नौकाओं की श्रृंखला का पांचवा हिस्सा है। जेएससी की प्रेस सेवा के रूप में "ज़ेलनोडोलस्क ने उन्हें लगाया। AM गोर्की ", बुकमार्क के एकमात्र आयोजन में, रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों, तातारस्तान गणराज्य के मंत्रालयों और विभागों की भागीदारी, ज़ेलेनोडॉल्स्क नगरपालिका जिले के प्रबंधन, जेएससी होल्डिंग कंपनी अकबर के साथ-साथ डिजाइनर और समकक्ष संगठनों के प्रतिनिधियों की योजना है। इस परियोजना के नावों को रूसी नौसेना के नौसैनिक अड्डों के जल क्षेत्रों की रक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया है। आधुनिक उपकरण और उच्च समुद्र में चलने वाली विशेषताएं उन्हें अधिक विस्थापन के जहाजों के लिए अजीबोगरीब कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला को हल करने की अनुमति देती हैं। 18 फरवरी, 2008 को परियोजना की मुख्य नाव, लेनिनग्राद नौसेना बेस के जल क्षेत्र के संरक्षण के जहाजों के कनेक्शन के हिस्से के रूप में कार्य करती है। अक्टूबर 2011 में, काला सागर बेड़ा दूसरी नाव "रूक" को अपनाया गया, जिसे 7 मई, 2010 को रखा गया। 6 मई, 2011 को रखी गई तीसरी नाव को 16 जून 2012 को लॉन्च किया गया था। वर्तमान में, यह नाव व्यक्तिगत उपकरणों और प्रणालियों के मूरिंग परीक्षण कर रही है। मूरिंग और कारखाने के समुद्री परीक्षणों को पारित करने के बाद, नाव को नोवोरोसिस्क में स्थायी आधार के स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। प्लांट की बिल्डिंग बर्थ पर, 5 मे 2012 की चौथी नाव का निर्माण कार्य चल रहा है। - मूल स्रोतः
JSC पर "ज़ेलेनोडोलस्क ने उन्हें लगाया। AM गोर्की " एक्सएनयूएमएक्स पाँच जुलाई को आयोजित किया जाएगा, जो विम्पील ओसीसीएस द्वारा विकसित एक्सएनयूएमएक्स प्रोजेक्ट की एंटी-डायवर्शन नौकाओं की श्रृंखला का पांचवा हिस्सा है। जेएससी की प्रेस सेवा के रूप में "ज़ेलनोडोलस्क ने उन्हें लगाया। AM गोर्की ", बुकमार्क के एकमात्र आयोजन में, रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों, तातारस्तान गणराज्य के मंत्रालयों और विभागों की भागीदारी, ज़ेलेनोडॉल्स्क नगरपालिका जिले के प्रबंधन, जेएससी होल्डिंग कंपनी अकबर के साथ-साथ डिजाइनर और समकक्ष संगठनों के प्रतिनिधियों की योजना है। इस परियोजना के नावों को रूसी नौसेना के नौसैनिक अड्डों के जल क्षेत्रों की रक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया है। आधुनिक उपकरण और उच्च समुद्र में चलने वाली विशेषताएं उन्हें अधिक विस्थापन के जहाजों के लिए अजीबोगरीब कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला को हल करने की अनुमति देती हैं। अट्ठारह फरवरी, दो हज़ार आठ को परियोजना की मुख्य नाव, लेनिनग्राद नौसेना बेस के जल क्षेत्र के संरक्षण के जहाजों के कनेक्शन के हिस्से के रूप में कार्य करती है। अक्टूबर दो हज़ार ग्यारह में, काला सागर बेड़ा दूसरी नाव "रूक" को अपनाया गया, जिसे सात मई, दो हज़ार दस को रखा गया। छः मई, दो हज़ार ग्यारह को रखी गई तीसरी नाव को सोलह जून दो हज़ार बारह को लॉन्च किया गया था। वर्तमान में, यह नाव व्यक्तिगत उपकरणों और प्रणालियों के मूरिंग परीक्षण कर रही है। मूरिंग और कारखाने के समुद्री परीक्षणों को पारित करने के बाद, नाव को नोवोरोसिस्क में स्थायी आधार के स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। प्लांट की बिल्डिंग बर्थ पर, पाँच मे दो हज़ार बारह की चौथी नाव का निर्माण कार्य चल रहा है। - मूल स्रोतः
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) को लेकर सभी राजनीतिक दलों में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए एड़ी चोटी की जोर लगा दिया है। इस बीच अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) जिले में हत्या के आरोपों से घिरे पूर्व मंत्री व कटेहरी से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लालजी वर्मा (SP Candidate Lalji Verma) की पत्नी शोभावती समेत 6 लोगों के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर इब्राहिमपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। दरअसल, इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र में 26 जून 2020 को चिनगी गांव के धर्मेंद्र वर्मा की उतरेथू बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। धर्मेंद्र,पूर्व मंत्री व कटेहरी विधायक लालजी वर्मा के करीबी माने जाते थे। धर्मेंद्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद मौके पर ही उनकी मौत होने से यहां बाजार और आसपास के लोग आक्रोशित हो गए। गोली मारने आए तीन आोरपियों को बाजार में ही घेर लिया गया और पीट-पीटकर कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोपी अहिरौली थाने के धरमपुर का रितेश उर्फ डीएम भी आक्रोशित भीड़ के गुस्से का शिकार हो गया था। मृतक रितेश के पिता सुरेश सिंह ने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। करीब 20 महीने बाद कोर्ट के आदेश पर कटेहरी विधायक व सपा प्रत्याशी लालजी की पत्नी शोभावती के साथ चिनग के अजीत वर्मा, राम भवन, महेंद्र वर्मा, जितेंद्र वर्मा, मन्ने वर्मा, सुखीराम वर्मा और सात अज्ञात आरोपितों के खिलाफ इब्राहिमपुर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि लालजी की पत्नी शोभावती पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। फिलहाल पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी है। ( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. ) This website uses cookies.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव दो हज़ार बाईस को लेकर सभी राजनीतिक दलों में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए एड़ी चोटी की जोर लगा दिया है। इस बीच अंबेडकरनगर जिले में हत्या के आरोपों से घिरे पूर्व मंत्री व कटेहरी से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती समेत छः लोगों के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर इब्राहिमपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। दरअसल, इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र में छब्बीस जून दो हज़ार बीस को चिनगी गांव के धर्मेंद्र वर्मा की उतरेथू बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। धर्मेंद्र,पूर्व मंत्री व कटेहरी विधायक लालजी वर्मा के करीबी माने जाते थे। धर्मेंद्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद मौके पर ही उनकी मौत होने से यहां बाजार और आसपास के लोग आक्रोशित हो गए। गोली मारने आए तीन आोरपियों को बाजार में ही घेर लिया गया और पीट-पीटकर कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोपी अहिरौली थाने के धरमपुर का रितेश उर्फ डीएम भी आक्रोशित भीड़ के गुस्से का शिकार हो गया था। मृतक रितेश के पिता सुरेश सिंह ने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। करीब बीस महीने बाद कोर्ट के आदेश पर कटेहरी विधायक व सपा प्रत्याशी लालजी की पत्नी शोभावती के साथ चिनग के अजीत वर्मा, राम भवन, महेंद्र वर्मा, जितेंद्र वर्मा, मन्ने वर्मा, सुखीराम वर्मा और सात अज्ञात आरोपितों के खिलाफ इब्राहिमपुर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि लालजी की पत्नी शोभावती पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। फिलहाल पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी है। This website uses cookies.
डेस्कः ज्योतिष शास्त्र की बात करें तो मंगल के शुभ प्रभाव से कुछ राशियां साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे उनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं तथा उनकी जिंदगी सफल और कामयाब हो सकती हैं। इसी विषय में ज्योतिष शास्त्र के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशि के जातक साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो सकती हैं तथा उनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। मेष और मीन राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष और मीन राशि साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे इनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं तथा इनकी जिंदगी संवर सकती हैं। इनकी कुंडली में मंगल का प्रभाव सबसे उत्तम हैं। जिससे इन्हे लाभ ही लाभ हो सकता हैं। इनके सपने सच हो सकते हैं। जीवनसाथी का साथ मिल सकता हैं। वैवाहिक जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती हैं। आपके जीवन पर शनिदेव की कृपा बनी रहेगी। धनु और तुला राशि, बहुत दिनों के बाद मंगल के प्रभाव से धनु और तुला राशि साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे इनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं। इनके सपने साकार हो सकते हैं तथा इनकी जिंदगी सफल और कामयाब हो सकती हैं। इस राशि के जातक को चारों ओर से खुशियां ही खुशियां मिल सकती हैं। इनके घरों में आने वाली हर समस्या दूर हो सकती हैं। ये लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। शनिदेव की कृपा इनपर बनी रहेगी। कन्या और कर्क राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कन्या और कर्क राशि साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे इनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं तथा इनकी जिंदगी संवर सकती हैं। प्यार और पैसों में इन्हे तरक्की मिल सकती हैं। ये लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। इनके धन दौलत में अचानक से वृद्धि हो सकती हैं। इनके वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर हो सकती हैं। जीवनसाथी का साथ मिल सकता हैं। आप शनिदेव का दर्शन करें।
डेस्कः ज्योतिष शास्त्र की बात करें तो मंगल के शुभ प्रभाव से कुछ राशियां साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे उनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं तथा उनकी जिंदगी सफल और कामयाब हो सकती हैं। इसी विषय में ज्योतिष शास्त्र के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशि के जातक साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो सकती हैं तथा उनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। मेष और मीन राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष और मीन राशि साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे इनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं तथा इनकी जिंदगी संवर सकती हैं। इनकी कुंडली में मंगल का प्रभाव सबसे उत्तम हैं। जिससे इन्हे लाभ ही लाभ हो सकता हैं। इनके सपने सच हो सकते हैं। जीवनसाथी का साथ मिल सकता हैं। वैवाहिक जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती हैं। आपके जीवन पर शनिदेव की कृपा बनी रहेगी। धनु और तुला राशि, बहुत दिनों के बाद मंगल के प्रभाव से धनु और तुला राशि साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे इनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं। इनके सपने साकार हो सकते हैं तथा इनकी जिंदगी सफल और कामयाब हो सकती हैं। इस राशि के जातक को चारों ओर से खुशियां ही खुशियां मिल सकती हैं। इनके घरों में आने वाली हर समस्या दूर हो सकती हैं। ये लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। शनिदेव की कृपा इनपर बनी रहेगी। कन्या और कर्क राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कन्या और कर्क राशि साढ़ेसाती की छाया से मुक्त हो गयी हैं। जिससे इनके जीवन में खुशियां आ सकती हैं तथा इनकी जिंदगी संवर सकती हैं। प्यार और पैसों में इन्हे तरक्की मिल सकती हैं। ये लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। इनके धन दौलत में अचानक से वृद्धि हो सकती हैं। इनके वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर हो सकती हैं। जीवनसाथी का साथ मिल सकता हैं। आप शनिदेव का दर्शन करें।
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह को सोमवार को बड़ी राहत मिली। दिल्ली की एक अदालत ने एक आपराधिक शिकायत खारिज कर दी जिसमें हरियाणा में दो दलित बच्चों को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद कुत्ते वाली टिप्पणी करने पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी। बीते चार दिसंबर को अपना आदेश सुरक्षित रखने वाले मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट मुनीश गर्ग ने शिकायतकर्ता की वह अर्जी भी खारिज कर दी जिसमें शिकायत का संज्ञान लेने और मामले में समन जारी करने से पहले के सबूत दर्ज करने की मांग की गई थी । सिंह के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला शुक्रवार को सुरक्षित रख लिया। यह याचिका दरअसल फरीदाबाद में दलित परिवार के दो बच्चों को कथित तौर पर जिंदा जला दिए जाने के बाद सिंह की कथित कुत्ते वाली टिप्पणी को लेकर लगाई गई है। शिकायतकर्ता वकील सत्य प्रकाश गौतम की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश पारित करने के लिए मामले को तय कर दिया था। गौतम ने कहा था कि विदेश राज्य मंत्री ने दलित समुदाय की भावनाएं आहत की हैं। गौतम ने जाफराबाद पुलिस थाने के एसएचओ और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की थी क्योंकि उन्होंने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने कहा था कि सिंह ने दलित समुदाय के उन नाबालिग बच्चों को 'कुत्ता' कहा था । मेरे समुदाय की तुलना कुत्ते से करना अपमानजनक है। पुलिस कैसे कह सकती है कि इसमें कुछ भी अभद्र नहीं है? मैं यह कहने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई चाहता हूं कि इस मामले में कोई सबूत नहीं है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में पहले अदालत को बताया था कि पूर्व थलसेना प्रमुख ने कोई ऐसी अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी नहीं की जिससे उन पर मुकदमा चलाया जाए। पुलिस ने कहा था कि सिंह के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। सिंह ने फरीदाबाद की घटना के सिलसिले में अपनी कथित टिप्पणी से विवाद पैदा कर दिया था। सिंह ने कथित तौर पर कहा था कि यदि कोई कुत्ते पर पत्थर फेंक दे तो सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। याटिका कर्ता गौतम ने यह भी मांग की कि इस मामले में उनकी शिकायत पर कार्रवाई न करने और प्राथमिकी न दर्ज करने के लिए जाफराबाद पुलिस थाने के एसएचओ और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनके वकील ने दलील दी कि यहां एससी-एसटी (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम की धारा 17 का उल्लंघन हुआ है क्योंकि इन मामलों की जांच पुलिस उपाधीक्षक से निचले स्तर का अधिकारी नहीं कर सकता।
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह को सोमवार को बड़ी राहत मिली। दिल्ली की एक अदालत ने एक आपराधिक शिकायत खारिज कर दी जिसमें हरियाणा में दो दलित बच्चों को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद कुत्ते वाली टिप्पणी करने पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी। बीते चार दिसंबर को अपना आदेश सुरक्षित रखने वाले मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट मुनीश गर्ग ने शिकायतकर्ता की वह अर्जी भी खारिज कर दी जिसमें शिकायत का संज्ञान लेने और मामले में समन जारी करने से पहले के सबूत दर्ज करने की मांग की गई थी । सिंह के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला शुक्रवार को सुरक्षित रख लिया। यह याचिका दरअसल फरीदाबाद में दलित परिवार के दो बच्चों को कथित तौर पर जिंदा जला दिए जाने के बाद सिंह की कथित कुत्ते वाली टिप्पणी को लेकर लगाई गई है। शिकायतकर्ता वकील सत्य प्रकाश गौतम की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश पारित करने के लिए मामले को तय कर दिया था। गौतम ने कहा था कि विदेश राज्य मंत्री ने दलित समुदाय की भावनाएं आहत की हैं। गौतम ने जाफराबाद पुलिस थाने के एसएचओ और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की थी क्योंकि उन्होंने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने कहा था कि सिंह ने दलित समुदाय के उन नाबालिग बच्चों को 'कुत्ता' कहा था । मेरे समुदाय की तुलना कुत्ते से करना अपमानजनक है। पुलिस कैसे कह सकती है कि इसमें कुछ भी अभद्र नहीं है? मैं यह कहने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई चाहता हूं कि इस मामले में कोई सबूत नहीं है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में पहले अदालत को बताया था कि पूर्व थलसेना प्रमुख ने कोई ऐसी अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी नहीं की जिससे उन पर मुकदमा चलाया जाए। पुलिस ने कहा था कि सिंह के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। सिंह ने फरीदाबाद की घटना के सिलसिले में अपनी कथित टिप्पणी से विवाद पैदा कर दिया था। सिंह ने कथित तौर पर कहा था कि यदि कोई कुत्ते पर पत्थर फेंक दे तो सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। याटिका कर्ता गौतम ने यह भी मांग की कि इस मामले में उनकी शिकायत पर कार्रवाई न करने और प्राथमिकी न दर्ज करने के लिए जाफराबाद पुलिस थाने के एसएचओ और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनके वकील ने दलील दी कि यहां एससी-एसटी अधिनियम की धारा सत्रह का उल्लंघन हुआ है क्योंकि इन मामलों की जांच पुलिस उपाधीक्षक से निचले स्तर का अधिकारी नहीं कर सकता।
महिलाओं की सुंदरता और आकर्षण में जबरदस्त शक्ति है। पुरुष हमेशा अच्छी तरह से तैयार और उज्ज्वल महिलाओं पर ध्यान देते हैं। ऊर्जा और सकारात्मक का शक्तिशाली चार्ज, आंखों में चमकता है, एक ईमानदार मुस्कान - सब कुछ एक महिला के आकर्षण में एक साथ बुना जाता है। इसे कैसे विकसित करें और इस गुणवत्ता की उपलब्धता किस पर निर्भर करती है - इसके बारे में पढ़ें। किसी व्यक्ति के लिए रुचि रखने वाले व्यक्ति पर सुखद प्रभाव डालना बेहद जरूरी है। विपरीत लिंग के साथ संबंधों में, संपर्क स्थापित करने का क्षण भी महत्वपूर्ण है। एक नज़र, इशारा, मुस्कुराहट, एक खूबसूरत मुद्रा - महिलाएं स्त्रीत्व के आकर्षण पर उग्र हैं। करिश्मा क्या है? आस-पास के लोगों के मनोवैज्ञानिक स्वभाव तक पहुंचने के लिए सबसे सही परिभाषा को एक रहस्यमय उपहार माना जा सकता है, आकर्षक बनें। व्यक्तिगत आकर्षण गहराई से व्यक्तिगत है। यह सौंदर्य, दिमाग और दयालुता का संग्रह है। दुर्भाग्य से, सभी प्राकृतिक आकर्षण और अनुग्रह के साथ संपन्न नहीं हैं। लेकिन निराशा मत करो, क्योंकि एक मजबूत इच्छा के साथ, यह सब स्वयं में विकसित किया जा सकता है। इस तथ्य के बावजूद कि यह आसान नहीं है, आपको छोटे से शुरू करना चाहिए। हमेशा उदार, मुस्कुराहट और सहानुभूति रखने की कोशिश करें। आकर्षक एक साफ, विचारशील और सुखद व्यक्ति हो सकता है जो शो के लिए अपनी गरिमा प्रदर्शित नहीं करता है। महिलाओं के आकर्षण के रहस्यों को जानना, आप उन क्षणों को देख सकते हैं जिन पर आपको काम करने की आवश्यकता हैः - अपने और अपने जीवन से संतुष्टि। एक व्यक्ति की हालत उसके चेहरे से "लेना" आसान है। एक विलुप्त दिखने और उदास आंखें एक दिलचस्प व्यक्ति का ध्यान आकर्षित करने की संभावना नहीं है। पहला नियम जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है; - आत्म प्रेरणा और सकारात्मक दृष्टिकोण। अपने आप को हर सुबह बताओ कि दिन कितना अद्भुत होगा। अपने आप की स्तुति करो, अपनी गरिमा को ध्यान दें, अपनी कमजोरियों को अधिक संवेदना से व्यवहार करें; - आत्मविश्वास और जो आप चाहते हैं उसे प्राप्त करना। अगर एक महिला एक आदमी को पाने का फैसला करती है, तो वह निश्चित रूप से उसकी पूरी क्षमता और आकर्षण प्रकट करेगी; - बाहरी सौंदर्य याद रखें। स्वस्थ अच्छी तरह से तैयार बाल, सही ढंग से चुने गए मेकअप, कपड़े में एक निश्चित शैली का पालन करना - जो कुछ भी कह सकता है, वे उपस्थिति में मिलते हैं; - संचार की भावना। अपने संवाददाता बनना सीखें, अपनी जगह पर आएं। वार्तालाप में रुचि रखने में सक्षम होने के लिए, और अपनी समस्याओं और नकारात्मक भावनाओं को अपलोड न करें। एक महिला के पास आदर्श आदर्श नहीं हो सकता है और विशेष रूप से सुंदर नहीं हो सकता है, आकर्षण भीतर से आता है। यह आत्मा की एक अवस्था है जो लोगों को आकर्षित करती है और मोहक बनाती है, जिससे उन्हें प्रशंसा और ऐसे व्यक्ति के करीब रहने की इच्छा होती है। सबसे आकर्षक और आकर्षक लोगों के गुण क्या हैं? पहली बात जो उन्हें अलग करती है वह ज्ञान और स्वतंत्र सोच है। अगला महत्वपूर्ण बिंदु दूसरों को ईमानदारी और तीव्र संवेदनशीलता को नोट करना है। आकर्षक लोगों को पता है कि कैसे सपना देखना है। वे जीवन में आशावादी हैं और आकर्षक हैं क्योंकि वे आसानी से अपने आप को प्राप्त करते हैं और अपने सकारात्मक होने के कारण सफलता प्राप्त करते हैं। अच्छी तरह से विकसित अंतर्ज्ञान कई मामलों में एक सच्चे सलाहकार है। नकारात्मक आकर्षण अक्सर शंकुवाद के साथ समझा जाता है। फिर भी, इस व्यवहार की तरह कई। विशेष रूप से पुरुषों में, विज्ञानवाद, चुंबक की तरह विपरीत लिंग को आकर्षित करता है। आदमी मजबूत, शक्तिशाली, आत्मविश्वास और अविश्वसनीय रूप से सेक्सी लगता है। हालांकि, याद रखें कि ज्यादातर मामलों में, यह एक मुखौटा है, जिसके तहत एक नाराज और आसान व्यक्ति छुपाता है। सिनिकल लोग अपने बयान, कठोरता और सटीकता, साथ ही एक तरह का विनोद और एक अलग दृष्टिकोण में सीधा हैं। एक आकर्षक आदमी को ध्यान में रखना मुश्किल नहीं है। इसलिए, हमारे पास प्रयास करने के लिए कुछ है।
महिलाओं की सुंदरता और आकर्षण में जबरदस्त शक्ति है। पुरुष हमेशा अच्छी तरह से तैयार और उज्ज्वल महिलाओं पर ध्यान देते हैं। ऊर्जा और सकारात्मक का शक्तिशाली चार्ज, आंखों में चमकता है, एक ईमानदार मुस्कान - सब कुछ एक महिला के आकर्षण में एक साथ बुना जाता है। इसे कैसे विकसित करें और इस गुणवत्ता की उपलब्धता किस पर निर्भर करती है - इसके बारे में पढ़ें। किसी व्यक्ति के लिए रुचि रखने वाले व्यक्ति पर सुखद प्रभाव डालना बेहद जरूरी है। विपरीत लिंग के साथ संबंधों में, संपर्क स्थापित करने का क्षण भी महत्वपूर्ण है। एक नज़र, इशारा, मुस्कुराहट, एक खूबसूरत मुद्रा - महिलाएं स्त्रीत्व के आकर्षण पर उग्र हैं। करिश्मा क्या है? आस-पास के लोगों के मनोवैज्ञानिक स्वभाव तक पहुंचने के लिए सबसे सही परिभाषा को एक रहस्यमय उपहार माना जा सकता है, आकर्षक बनें। व्यक्तिगत आकर्षण गहराई से व्यक्तिगत है। यह सौंदर्य, दिमाग और दयालुता का संग्रह है। दुर्भाग्य से, सभी प्राकृतिक आकर्षण और अनुग्रह के साथ संपन्न नहीं हैं। लेकिन निराशा मत करो, क्योंकि एक मजबूत इच्छा के साथ, यह सब स्वयं में विकसित किया जा सकता है। इस तथ्य के बावजूद कि यह आसान नहीं है, आपको छोटे से शुरू करना चाहिए। हमेशा उदार, मुस्कुराहट और सहानुभूति रखने की कोशिश करें। आकर्षक एक साफ, विचारशील और सुखद व्यक्ति हो सकता है जो शो के लिए अपनी गरिमा प्रदर्शित नहीं करता है। महिलाओं के आकर्षण के रहस्यों को जानना, आप उन क्षणों को देख सकते हैं जिन पर आपको काम करने की आवश्यकता हैः - अपने और अपने जीवन से संतुष्टि। एक व्यक्ति की हालत उसके चेहरे से "लेना" आसान है। एक विलुप्त दिखने और उदास आंखें एक दिलचस्प व्यक्ति का ध्यान आकर्षित करने की संभावना नहीं है। पहला नियम जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है; - आत्म प्रेरणा और सकारात्मक दृष्टिकोण। अपने आप को हर सुबह बताओ कि दिन कितना अद्भुत होगा। अपने आप की स्तुति करो, अपनी गरिमा को ध्यान दें, अपनी कमजोरियों को अधिक संवेदना से व्यवहार करें; - आत्मविश्वास और जो आप चाहते हैं उसे प्राप्त करना। अगर एक महिला एक आदमी को पाने का फैसला करती है, तो वह निश्चित रूप से उसकी पूरी क्षमता और आकर्षण प्रकट करेगी; - बाहरी सौंदर्य याद रखें। स्वस्थ अच्छी तरह से तैयार बाल, सही ढंग से चुने गए मेकअप, कपड़े में एक निश्चित शैली का पालन करना - जो कुछ भी कह सकता है, वे उपस्थिति में मिलते हैं; - संचार की भावना। अपने संवाददाता बनना सीखें, अपनी जगह पर आएं। वार्तालाप में रुचि रखने में सक्षम होने के लिए, और अपनी समस्याओं और नकारात्मक भावनाओं को अपलोड न करें। एक महिला के पास आदर्श आदर्श नहीं हो सकता है और विशेष रूप से सुंदर नहीं हो सकता है, आकर्षण भीतर से आता है। यह आत्मा की एक अवस्था है जो लोगों को आकर्षित करती है और मोहक बनाती है, जिससे उन्हें प्रशंसा और ऐसे व्यक्ति के करीब रहने की इच्छा होती है। सबसे आकर्षक और आकर्षक लोगों के गुण क्या हैं? पहली बात जो उन्हें अलग करती है वह ज्ञान और स्वतंत्र सोच है। अगला महत्वपूर्ण बिंदु दूसरों को ईमानदारी और तीव्र संवेदनशीलता को नोट करना है। आकर्षक लोगों को पता है कि कैसे सपना देखना है। वे जीवन में आशावादी हैं और आकर्षक हैं क्योंकि वे आसानी से अपने आप को प्राप्त करते हैं और अपने सकारात्मक होने के कारण सफलता प्राप्त करते हैं। अच्छी तरह से विकसित अंतर्ज्ञान कई मामलों में एक सच्चे सलाहकार है। नकारात्मक आकर्षण अक्सर शंकुवाद के साथ समझा जाता है। फिर भी, इस व्यवहार की तरह कई। विशेष रूप से पुरुषों में, विज्ञानवाद, चुंबक की तरह विपरीत लिंग को आकर्षित करता है। आदमी मजबूत, शक्तिशाली, आत्मविश्वास और अविश्वसनीय रूप से सेक्सी लगता है। हालांकि, याद रखें कि ज्यादातर मामलों में, यह एक मुखौटा है, जिसके तहत एक नाराज और आसान व्यक्ति छुपाता है। सिनिकल लोग अपने बयान, कठोरता और सटीकता, साथ ही एक तरह का विनोद और एक अलग दृष्टिकोण में सीधा हैं। एक आकर्षक आदमी को ध्यान में रखना मुश्किल नहीं है। इसलिए, हमारे पास प्रयास करने के लिए कुछ है।
बुधवार को सभासद राकेश जॉन ने पालिका के वार्ड चार में करीब 70 निर्धन परिवारों तक राशन पहुंचाया। उन्होंने खुद सोशल डिस्टेंसिंग और सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए जरूरतमंद परिवारों के घर पहुंचकर राशन मुहैया कराया। साथ ही, वार्ड वासियों को भविष्य में भी हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने वार्ड वासियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करने, बार-बार हाथ धोने और सोशल डिस्टेंस का पालन करने के प्रति जागरूक भी किया। इस मौके पर कंवलजीत सिंह, मनमोहन सिंह, संतोष, आशीष सिंह आदि मौजूद रहे।
बुधवार को सभासद राकेश जॉन ने पालिका के वार्ड चार में करीब सत्तर निर्धन परिवारों तक राशन पहुंचाया। उन्होंने खुद सोशल डिस्टेंसिंग और सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए जरूरतमंद परिवारों के घर पहुंचकर राशन मुहैया कराया। साथ ही, वार्ड वासियों को भविष्य में भी हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने वार्ड वासियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करने, बार-बार हाथ धोने और सोशल डिस्टेंस का पालन करने के प्रति जागरूक भी किया। इस मौके पर कंवलजीत सिंह, मनमोहन सिंह, संतोष, आशीष सिंह आदि मौजूद रहे।
धन की उपलब्धता के बावजूद शेरघाटी शहर में नल-जल योजना, नाली-गली योजना, डोर-टू-डोर कचरा उठाव वाली सफाई योजना और हाउसिंग फॉर ऑल योजना जैसी महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं को कार्यान्वित करने में सालों भर फिसड्डी बनी रही नगर पंचायत गुरुवार से शुरु हो रहे नए वित्तीय वर्ष के पूर्व सालाना बजट बनाने में भी पिछड़ गई। पिछले वर्ष करीब 36 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था। जानकार बताते हैं कि नगर पंचायत के कर्मियों की सुस्ती और लेटलतीफ कार्यशैली की वजह से इस बार शेरघाटी बस स्टैंड से स्टैंड टैक्स की वसूली समेत कई डाक की बंदोबस्ती भी नहीं हो सकी। नगर पंचायत की आमदनी का बड़ा श्रोत बस स्टैंड की बंदोबस्ती को समझा जाता है। पिछले साल नौ महीने के लिए हुई बस स्टैंड की डाक बंदोबस्ती से नगर निकाय को करीब 39 लाख रुपये की आय हुई थी। शहर में पार्किंग टैक्स की वसूली, ई-रिक्शा से टैक्स वसूली, शौचालय टैक्स की वसूली आदि के लिए वित्तीय वर्ष शुरु होने के पूर्व ही डाक बंदोबस्ती किए जाने की परम्परा रही है। वक्त पर डाक बंदोबस्ती नहीं होने के कारण तमाम जगहों पर एक अप्रैल से विभागीय वसूली किए जाने की संभावना है। ऐसे में बड़े पैमाने पर राजस्व की हानि की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। यह हाल तब है जब आंतरिक श्रोतों से होने वाली आमदनी लगातार कम होने के कारण नगर पंचायत को आर्थिक संकट का सामना है। सूत्र बताते हैं कि नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के मुख्यालय में नहीं रहने तथा कार्यालय के कर्मियों और वार्ड पार्षदों के बीच समन्वय नहीं रहने के कारण स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। लम्बे समय से वार्ड पार्षदों की बैठक भी नहीं हो रही है। नगर पंचायत की मुख्य पार्षद लीलावती देवी के प्रतिनिधि विनय प्रसाद कहते हैं कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पूर्व मुख्य पार्षद की ओर से वार्ड पार्षदों की बैठक बुलाने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी को चार अलग-अलग तिथियों में पत्र लिखे गए, मगर उसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा है कि बैठक नहीं बुलायी जा सकी और वित्तीय वर्ष भी गुजर गया। प्रस्तावित बैठक में नगर निकाय के वार्षिक बजट पर चर्चा की जानी थी। इधर उपमुख्य पार्षद चिंटू सिंह कहते हैं कि कार्यालय के कर्मियों और कार्यपालक पदाधिकारी की सुस्ती की वजह से बजट तैयार नहीं हो सका और डाक बंदोबस्ती भी नहीं हो सकी। इस मामले में जब कार्यपालक पदाधिकारी ज्योति श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने शेरघाटी से बाहर होने की बात कहते हुए सवालों को टाल दिया।
धन की उपलब्धता के बावजूद शेरघाटी शहर में नल-जल योजना, नाली-गली योजना, डोर-टू-डोर कचरा उठाव वाली सफाई योजना और हाउसिंग फॉर ऑल योजना जैसी महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं को कार्यान्वित करने में सालों भर फिसड्डी बनी रही नगर पंचायत गुरुवार से शुरु हो रहे नए वित्तीय वर्ष के पूर्व सालाना बजट बनाने में भी पिछड़ गई। पिछले वर्ष करीब छत्तीस करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था। जानकार बताते हैं कि नगर पंचायत के कर्मियों की सुस्ती और लेटलतीफ कार्यशैली की वजह से इस बार शेरघाटी बस स्टैंड से स्टैंड टैक्स की वसूली समेत कई डाक की बंदोबस्ती भी नहीं हो सकी। नगर पंचायत की आमदनी का बड़ा श्रोत बस स्टैंड की बंदोबस्ती को समझा जाता है। पिछले साल नौ महीने के लिए हुई बस स्टैंड की डाक बंदोबस्ती से नगर निकाय को करीब उनतालीस लाख रुपये की आय हुई थी। शहर में पार्किंग टैक्स की वसूली, ई-रिक्शा से टैक्स वसूली, शौचालय टैक्स की वसूली आदि के लिए वित्तीय वर्ष शुरु होने के पूर्व ही डाक बंदोबस्ती किए जाने की परम्परा रही है। वक्त पर डाक बंदोबस्ती नहीं होने के कारण तमाम जगहों पर एक अप्रैल से विभागीय वसूली किए जाने की संभावना है। ऐसे में बड़े पैमाने पर राजस्व की हानि की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। यह हाल तब है जब आंतरिक श्रोतों से होने वाली आमदनी लगातार कम होने के कारण नगर पंचायत को आर्थिक संकट का सामना है। सूत्र बताते हैं कि नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के मुख्यालय में नहीं रहने तथा कार्यालय के कर्मियों और वार्ड पार्षदों के बीच समन्वय नहीं रहने के कारण स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। लम्बे समय से वार्ड पार्षदों की बैठक भी नहीं हो रही है। नगर पंचायत की मुख्य पार्षद लीलावती देवी के प्रतिनिधि विनय प्रसाद कहते हैं कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पूर्व मुख्य पार्षद की ओर से वार्ड पार्षदों की बैठक बुलाने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी को चार अलग-अलग तिथियों में पत्र लिखे गए, मगर उसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा है कि बैठक नहीं बुलायी जा सकी और वित्तीय वर्ष भी गुजर गया। प्रस्तावित बैठक में नगर निकाय के वार्षिक बजट पर चर्चा की जानी थी। इधर उपमुख्य पार्षद चिंटू सिंह कहते हैं कि कार्यालय के कर्मियों और कार्यपालक पदाधिकारी की सुस्ती की वजह से बजट तैयार नहीं हो सका और डाक बंदोबस्ती भी नहीं हो सकी। इस मामले में जब कार्यपालक पदाधिकारी ज्योति श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने शेरघाटी से बाहर होने की बात कहते हुए सवालों को टाल दिया।
कुछ समय से ऋषि कपूर किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से दूर हैं। ऋषि के ट्विटर हैंडल पर भले कोई हलचल ना दिख रही हो लेकिन उन्होंने प्राइवेट मैसेज कर फिर एक महिला की बेइज्जती की है। ऋषि ने बेयॉन्से की इस तस्वीर का मजाक उड़ाते हुए लिखा था, 'फूल खिले हैं गुलशन गुलशन'। इसके बाद सुचित्रा ने ऋषि की इस तस्वीर पर लिखा- 'Not Funny'। सुचित्रा को इस तस्वीर में कुछ मजाकिया नहीं लगा। बस इतनी सी बात पर ऋषि का पारा चढ़ गया। ऋषि खुद तो दूसरो का मजाक उड़ाते रहते हैं लेकिन अगर कोई उनके बारे में कुछ कह दे तो बर्दाश्त नहीं कर पाते। ऋषि ने ट्विटर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन सुचित्रा को पर्सनल मैसेज किए। उन्होंने लिखा, 'तुम जैसी लड़कियों के पास ढंग का सेंस ऑफ ह्यूमर तो होता नहीं है। फिर मुझे फॉलो करने की क्या जरूरत है। ' जब सुचित्रा ने उनसे कहा कि मैं आपकी और आपके परिवार की इज्जत करती हूं। आप ऐसे पर्सनल कमेंट मत कीजिए। इसके बाद तो ऋषि ने कमाल ही कर दिया।
कुछ समय से ऋषि कपूर किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से दूर हैं। ऋषि के ट्विटर हैंडल पर भले कोई हलचल ना दिख रही हो लेकिन उन्होंने प्राइवेट मैसेज कर फिर एक महिला की बेइज्जती की है। ऋषि ने बेयॉन्से की इस तस्वीर का मजाक उड़ाते हुए लिखा था, 'फूल खिले हैं गुलशन गुलशन'। इसके बाद सुचित्रा ने ऋषि की इस तस्वीर पर लिखा- 'Not Funny'। सुचित्रा को इस तस्वीर में कुछ मजाकिया नहीं लगा। बस इतनी सी बात पर ऋषि का पारा चढ़ गया। ऋषि खुद तो दूसरो का मजाक उड़ाते रहते हैं लेकिन अगर कोई उनके बारे में कुछ कह दे तो बर्दाश्त नहीं कर पाते। ऋषि ने ट्विटर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन सुचित्रा को पर्सनल मैसेज किए। उन्होंने लिखा, 'तुम जैसी लड़कियों के पास ढंग का सेंस ऑफ ह्यूमर तो होता नहीं है। फिर मुझे फॉलो करने की क्या जरूरत है। ' जब सुचित्रा ने उनसे कहा कि मैं आपकी और आपके परिवार की इज्जत करती हूं। आप ऐसे पर्सनल कमेंट मत कीजिए। इसके बाद तो ऋषि ने कमाल ही कर दिया।
क्रीमिया दुनिया के प्रदेशों में सबसे तीव्र स्थानों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यह पूर्वी और पश्चिमी दुनिया के चौराहे पर स्थित प्रायद्वीप के दोनों प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुविधाओं, पर लागू होता है, सभ्यताओं और एक सफल एक अन्य राज्यों को खो दिया। उनमें से कुछ ही समय के अंतराल में यहाँ में कामयाब रहे। एक गवाह के इस तरह की घटनाओं का एक उदाहरण - अलुश्ता में किले Funa। क्या उल्लेखनीय है? नाम "Funa" के रूप में "धुएँ के रंग का" ग्रीक से अनुवाद किया है। उसका नाम वह के सम्मान में प्राप्त पहाड़ Demerdzhi। किले Funa सिर्फ Crimea के दक्षिणी तट के सुंदर चोटियों के पैर में निर्माण किया। इन स्थानों में, वैसे, पौराणिक "कोकेशियान बंदी" और अन्य सोवियत फिल्मों शूटिंग कर रहे थे। इस जगह छोटे सिल्क रोड आयोजित किया गया था ", जो Gorzouvites (अब Gurzuf) और Aluston Kafa (अब Feodosia) से (आधुनिक समय में अलुश्ता) से चला गया के माध्यम से प्राचीन समय में। नहीं इस तरह के एक लोकप्रिय व्यापारिक मार्ग पर संयोग से वहाँ व्यापार कारवां की रक्षा के लिए एक किले था, और एक ही समय में पारित होने के लिए उन से पैसा इकट्ठा करने के लिए। किले Funa रूढ़िवादी के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया Theodoro की रियासत, Genoese और मुसलमानों के साथ एक निरंतर टकराव में पूर्व। 56 मीटर चौड़ा और 106 मीटर लंबा - क्षेत्र दुर्ग छोटा था। पश्चिम की ओर यह चट्टान में प्रवेश किया, और अपने आश्रय रक्षात्मक दीवारों 15 फुट ऊंची के बाकी के साथ। Funa किले सबसे पहले 1384 में उल्लेख किया गया था। लेकिन परिसर के निर्माण के पूरा होने के स्रोतों में से अधिकांश में दिनांकित 1422 वर्ष है। एक शक्तिशाली भूकंप, जो उस तारीख के बाद तुरंत जगह ले ली, करने के लिए किले फिर से पहले से ही 1425 में निर्माण करने के लिए शुरू किया प्रेरित किया है। लेकिन परीक्षण खत्म नहीं हुआ है। और सदमे तत्व कई आग को बदलने के लिए आया हर बार सचमुच किले Funa incinerates। 1459 में एक ध्यान देने योग्य नवीकरण इमारत है, जो ताला में इस संरचना को बदल दिया है में किया गया। उसके बाद, प्रवेश द्वार 15 मीटर की ऊंचाई और 2,3 मीटर की दीवार मोटाई donzhon तीन स्तरों में बनाया गया था। सिंहासन के लिए अपार्टमेंट feodoriyskogo वारिस थे। 1475 में महल फिर से क्षतिग्रस्त हो गया था, ओटोमन तुर्कों द्वारा इस बार। अधिकांश बरकरार मंदिर को समर्पित बने रहे Feodoru Stratilatu बीजान्टिन सम्राट कांस्टेंटिन मैं के महान संत और योद्धा युग, उपनाम महान -। फिर, 1475 में, Crimea तुर्क द्वारा कब्जा कर लिया था, और अंत में किले को नष्ट कर दिया Funa। और यह सब स्थानीय लोगों क्या 1894 मीटर hugest पतन में हुआ के बाद जगह छोड़ दिया, और परिसर के पूर्व गौरव को दफनाने। अब किले के स्थापत्य कलाकारों की टुकड़ी की ऐतिहासिक विरासत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते Funskoy चर्च सेंट Feodora Stratilata खंडहर, सबसे अच्छा हमले ओटोमन तुर्कों के समय में संरक्षित है। चर्च बार-बार फिर से बनाया गया है और पुनर्निर्मित, इसलिए वहाँ XX सदी की शुरुआत करने के लिए किया गया था। तथाकथित ब्लॉक वाले के खंडहर से दूर नहीं चट्टान के टुकड़े, सभी आकार के पत्थरों के ढेर के रूप में अराजकता है। यह कितना शक्तिशाली 1894 के पतन, और बाद में छोटे पैमाने आपदाओं के ठोस सबूत नहीं है। इस प्रकार, भवनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण नुकसान रहता है याल्टा 1927 में एक भूकंप के घेरे में आ गया था। चिनाई की दीवारों में परिसर के खुदाई के दौरान ताबीज पुरातत्वविदों द्वारा खोज रहे थे। चिनाई में किले के बिल्डर्स अंधेरे बलों है कि संतों के अवशेष के साथ दीवारों को पार कर रहे थे के खिलाफ की रक्षा की संभावना है। यह खोज की और इमारतों और राजसी Theodoro के प्रतीक के निर्माण की तारीख के साथ संगमरमर पत्थर था। निष्कर्ष की एक प्रति के प्रवेश द्वार पर स्थापित किया जाएगा। रानी के बारे में स्थानीय किंवदंतियों के नक्शेकदम पर नाजी आक्रमणकारियों ने क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद गोथिक क्राउन प्रमुख खुदाई के इन भागों में तैयार और छिपे हुए खजाने का आयोजन किया गया है। वे कुछ महत्वपूर्ण परिणाम के लिए नेतृत्व नहीं है, लेकिन ताज की कथा एक दफन अभी भी जीवित हैं। आज किले Funa - यह दो मंजिला चर्च की साइट पर मलबे का ढेर, और बेंच Funy व्यापारियों, सराय और घरों के साथ पूरे सामने यार्ड का प्रतिनिधित्व खंडहर। केवल चर्च के apse के एक भी टुकड़ा, एक बड़े बगीचे, पिछले महानता दुर्ग की याद ताजा द्वारा सड़क के किनारे से अधिक फांसी। खंडहर चारों ओर देखने से, आसानी से निर्माण और बिजली को मजबूत बनाने, दीवारों जो कुछ स्थानों में दो मीटर तक पहुँच जाता है की चौड़ाई के दायरे कल्पना कर सकते हैं। खंडहर दिखाई शंख से अधिक - apse, एक बार एक किले चर्च वेदी के रूप में कार्य किया। वेदी पिछली सदी के तीस के दशक तक लगभग एक पूरे था। आस-पास के साइट है जो अब केवल पत्थरों का एक ढेर है पर आवासीय भवनों है। खंडहर के उत्तर में लगभग तीन सौ मीटर की दूरी गांव और किले Funa के निवासियों की अंत्येष्टि स्थित हैं। आज, एक पूर्व किले व्यवस्था की साइट पर एक खुली हवा संग्रहालय है। अपने क्षेत्र में पर्यटकों पर वर्तमान किले दिखा एक लेआउट दृश्य का सामना करना पड़ता। लगभग क्रीमिया के सभी शहरों यहाँ आयोजन किया जाता है पर्यटन से। खुली हवा में संग्रहालय के पर्यटन की लागत कम से कम है। मुक्त पड़ोसी चट्टानों पर चलो। संग्रहालय 8:00 से 17:00 तक खुला है। Funa किलेः कैसे वहाँ पाने के लिए? Funy महत्वपूर्ण लाभ - यह पर्यटकों के लिए सुलभ। उसके गुजर पर्यटकों, सिम्फ़रोपोल से अलुश्ता के लिए यात्रा के द्वारा। रास्ते में रोका जा रहा है, बस आधे घंटे आप खंडहर है कि एक असली मध्ययुगीन किले Funa छोड़ दिया देख सकते हैं। जाने-माने क्रीमिया स्थलों की पृष्ठभूमि पर एक स्मारिका फ़ोटो को आपके एल्बम में रहने के लिए की है। यह दिलचस्प स्मारक पुरातत्व और मध्ययुगीन, उज्ज्वल गांव के उत्तर में स्थित के बारे में दो किलोमीटर की दूरी वास्तुकला। आप शहर बस स्टेशन के लिए बस से अलुश्ता से वहाँ मिल सकती है। उज्ज्वल, Kutuzovsky फव्वारा के नीचे एक छोटे, एक डामर सड़क की ओर से। यदि आप कार से ड्राइव कर सकते हैं। वैसे, उज्ज्वल घोड़े की सवारी करने का अवसर है। कंपनियों ने इन यात्राओं का आयोजन।
क्रीमिया दुनिया के प्रदेशों में सबसे तीव्र स्थानों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यह पूर्वी और पश्चिमी दुनिया के चौराहे पर स्थित प्रायद्वीप के दोनों प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुविधाओं, पर लागू होता है, सभ्यताओं और एक सफल एक अन्य राज्यों को खो दिया। उनमें से कुछ ही समय के अंतराल में यहाँ में कामयाब रहे। एक गवाह के इस तरह की घटनाओं का एक उदाहरण - अलुश्ता में किले Funa। क्या उल्लेखनीय है? नाम "Funa" के रूप में "धुएँ के रंग का" ग्रीक से अनुवाद किया है। उसका नाम वह के सम्मान में प्राप्त पहाड़ Demerdzhi। किले Funa सिर्फ Crimea के दक्षिणी तट के सुंदर चोटियों के पैर में निर्माण किया। इन स्थानों में, वैसे, पौराणिक "कोकेशियान बंदी" और अन्य सोवियत फिल्मों शूटिंग कर रहे थे। इस जगह छोटे सिल्क रोड आयोजित किया गया था ", जो Gorzouvites और Aluston Kafa से से चला गया के माध्यम से प्राचीन समय में। नहीं इस तरह के एक लोकप्रिय व्यापारिक मार्ग पर संयोग से वहाँ व्यापार कारवां की रक्षा के लिए एक किले था, और एक ही समय में पारित होने के लिए उन से पैसा इकट्ठा करने के लिए। किले Funa रूढ़िवादी के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया Theodoro की रियासत, Genoese और मुसलमानों के साथ एक निरंतर टकराव में पूर्व। छप्पन मीटर चौड़ा और एक सौ छः मीटर लंबा - क्षेत्र दुर्ग छोटा था। पश्चिम की ओर यह चट्टान में प्रवेश किया, और अपने आश्रय रक्षात्मक दीवारों पंद्रह फुट ऊंची के बाकी के साथ। Funa किले सबसे पहले एक हज़ार तीन सौ चौरासी में उल्लेख किया गया था। लेकिन परिसर के निर्माण के पूरा होने के स्रोतों में से अधिकांश में दिनांकित एक हज़ार चार सौ बाईस वर्ष है। एक शक्तिशाली भूकंप, जो उस तारीख के बाद तुरंत जगह ले ली, करने के लिए किले फिर से पहले से ही एक हज़ार चार सौ पच्चीस में निर्माण करने के लिए शुरू किया प्रेरित किया है। लेकिन परीक्षण खत्म नहीं हुआ है। और सदमे तत्व कई आग को बदलने के लिए आया हर बार सचमुच किले Funa incinerates। एक हज़ार चार सौ उनसठ में एक ध्यान देने योग्य नवीकरण इमारत है, जो ताला में इस संरचना को बदल दिया है में किया गया। उसके बाद, प्रवेश द्वार पंद्रह मीटर की ऊंचाई और दो,तीन मीटर की दीवार मोटाई donzhon तीन स्तरों में बनाया गया था। सिंहासन के लिए अपार्टमेंट feodoriyskogo वारिस थे। एक हज़ार चार सौ पचहत्तर में महल फिर से क्षतिग्रस्त हो गया था, ओटोमन तुर्कों द्वारा इस बार। अधिकांश बरकरार मंदिर को समर्पित बने रहे Feodoru Stratilatu बीजान्टिन सम्राट कांस्टेंटिन मैं के महान संत और योद्धा युग, उपनाम महान -। फिर, एक हज़ार चार सौ पचहत्तर में, Crimea तुर्क द्वारा कब्जा कर लिया था, और अंत में किले को नष्ट कर दिया Funa। और यह सब स्थानीय लोगों क्या एक हज़ार आठ सौ चौरानवे मीटर hugest पतन में हुआ के बाद जगह छोड़ दिया, और परिसर के पूर्व गौरव को दफनाने। अब किले के स्थापत्य कलाकारों की टुकड़ी की ऐतिहासिक विरासत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते Funskoy चर्च सेंट Feodora Stratilata खंडहर, सबसे अच्छा हमले ओटोमन तुर्कों के समय में संरक्षित है। चर्च बार-बार फिर से बनाया गया है और पुनर्निर्मित, इसलिए वहाँ XX सदी की शुरुआत करने के लिए किया गया था। तथाकथित ब्लॉक वाले के खंडहर से दूर नहीं चट्टान के टुकड़े, सभी आकार के पत्थरों के ढेर के रूप में अराजकता है। यह कितना शक्तिशाली एक हज़ार आठ सौ चौरानवे के पतन, और बाद में छोटे पैमाने आपदाओं के ठोस सबूत नहीं है। इस प्रकार, भवनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण नुकसान रहता है याल्टा एक हज़ार नौ सौ सत्ताईस में एक भूकंप के घेरे में आ गया था। चिनाई की दीवारों में परिसर के खुदाई के दौरान ताबीज पुरातत्वविदों द्वारा खोज रहे थे। चिनाई में किले के बिल्डर्स अंधेरे बलों है कि संतों के अवशेष के साथ दीवारों को पार कर रहे थे के खिलाफ की रक्षा की संभावना है। यह खोज की और इमारतों और राजसी Theodoro के प्रतीक के निर्माण की तारीख के साथ संगमरमर पत्थर था। निष्कर्ष की एक प्रति के प्रवेश द्वार पर स्थापित किया जाएगा। रानी के बारे में स्थानीय किंवदंतियों के नक्शेकदम पर नाजी आक्रमणकारियों ने क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद गोथिक क्राउन प्रमुख खुदाई के इन भागों में तैयार और छिपे हुए खजाने का आयोजन किया गया है। वे कुछ महत्वपूर्ण परिणाम के लिए नेतृत्व नहीं है, लेकिन ताज की कथा एक दफन अभी भी जीवित हैं। आज किले Funa - यह दो मंजिला चर्च की साइट पर मलबे का ढेर, और बेंच Funy व्यापारियों, सराय और घरों के साथ पूरे सामने यार्ड का प्रतिनिधित्व खंडहर। केवल चर्च के apse के एक भी टुकड़ा, एक बड़े बगीचे, पिछले महानता दुर्ग की याद ताजा द्वारा सड़क के किनारे से अधिक फांसी। खंडहर चारों ओर देखने से, आसानी से निर्माण और बिजली को मजबूत बनाने, दीवारों जो कुछ स्थानों में दो मीटर तक पहुँच जाता है की चौड़ाई के दायरे कल्पना कर सकते हैं। खंडहर दिखाई शंख से अधिक - apse, एक बार एक किले चर्च वेदी के रूप में कार्य किया। वेदी पिछली सदी के तीस के दशक तक लगभग एक पूरे था। आस-पास के साइट है जो अब केवल पत्थरों का एक ढेर है पर आवासीय भवनों है। खंडहर के उत्तर में लगभग तीन सौ मीटर की दूरी गांव और किले Funa के निवासियों की अंत्येष्टि स्थित हैं। आज, एक पूर्व किले व्यवस्था की साइट पर एक खुली हवा संग्रहालय है। अपने क्षेत्र में पर्यटकों पर वर्तमान किले दिखा एक लेआउट दृश्य का सामना करना पड़ता। लगभग क्रीमिया के सभी शहरों यहाँ आयोजन किया जाता है पर्यटन से। खुली हवा में संग्रहालय के पर्यटन की लागत कम से कम है। मुक्त पड़ोसी चट्टानों पर चलो। संग्रहालय आठ:शून्य से सत्रह:शून्य तक खुला है। Funa किलेः कैसे वहाँ पाने के लिए? Funy महत्वपूर्ण लाभ - यह पर्यटकों के लिए सुलभ। उसके गुजर पर्यटकों, सिम्फ़रोपोल से अलुश्ता के लिए यात्रा के द्वारा। रास्ते में रोका जा रहा है, बस आधे घंटे आप खंडहर है कि एक असली मध्ययुगीन किले Funa छोड़ दिया देख सकते हैं। जाने-माने क्रीमिया स्थलों की पृष्ठभूमि पर एक स्मारिका फ़ोटो को आपके एल्बम में रहने के लिए की है। यह दिलचस्प स्मारक पुरातत्व और मध्ययुगीन, उज्ज्वल गांव के उत्तर में स्थित के बारे में दो किलोमीटर की दूरी वास्तुकला। आप शहर बस स्टेशन के लिए बस से अलुश्ता से वहाँ मिल सकती है। उज्ज्वल, Kutuzovsky फव्वारा के नीचे एक छोटे, एक डामर सड़क की ओर से। यदि आप कार से ड्राइव कर सकते हैं। वैसे, उज्ज्वल घोड़े की सवारी करने का अवसर है। कंपनियों ने इन यात्राओं का आयोजन।
(व्याख्यान प्तिसूत्र कम वे उदय से मोहनीयकमजन्य- उन्माद को प्राप्त होता है। इस कारण, हे गौतम । दो प्रकार की उन्माद कहा गया है, यावत् मोहनीयकर्मोदय से होने वाला उन्माद । ३ असुरकुमाराण भते । कतिविधे उम्मादे पण्णते ? गोयमा दुविहे उम्माए पन्नते । एव जहेब नेरइयाण, नवर- देवे था से महिड्डियतराए प्रसुभे पोग्गले परिववेज्जा, से ण तेसिं असुभाण पोग्गलाण पषिखवणयाए जक्याएस उम्मान पाउणेग्जा, मोहणिज्जस्स वा। सेस त चेव से तेणट्ठेण जाय उदएण । [ ३ प्र ] भगवा । असुरकुमारो म कितने प्रकार का उन्माद कहा गया है ? ३ उ] गौतम । नैरयिका के समान उनमे भी दो प्रकार का उन्माद कहा गया है। विशेषता ( अन्तर) यह है कि उनकी अपक्षा महद्धिक देव, उन प्रमुरकुमारी पर अशुभ पुद्गलो वा प्रक्षेप परता है और वह उन प्रशुभ पुद्गला के प्रक्षेप से यक्षावेशरूप उमाद को प्राप्त हो जाता है तथा मोहनीय कम के उदय से माहनीय कर्मजन्य- उन्माद को प्राप्त होता है। शेष सब कपन पूर्ववत् समझना चाहिए । ४ एवं जाय यणियकुमाराण । [४] इसी प्रकार स्ततितकुमारी (तक वे उमाद के विषय में समझना चाहिए ) ५. पुढविकाइयाण जाव मणुस्साण, एतेस जहा नेरद्दयाण । [५] पृथ्वीवायिको से लेकर मनुष्यों तक नैरयों के समान कहना चाहिए । ६ याणमतर-जोतिसिय वैमाणियाण जहा प्रसुरकुमाराण । [६] वाणव्यन्तर, ज्योतिष्कदेव और वैमानिदेवी ( वे उन्माद) ये विषय में भी प्रमुरमुमारा व समान बहना चाहिए । विवेचन - उन्माद प्रकार और कारण - प्रस्तुत सात सूत्रा (सू १-७ तम) मे उगाद में दा प्रकार (यावेनजन्य और मोहनीयजय) बता कर, नैरथिको से लेकर वैमातिर चोवीस दण्डरवर्ती जीवो में इन दोनों प्रकार के उन्मादो का अस्तित्व बताया है। यक्षावेशरूप उमाद ये वारण मपाडा थाडा भन्तर है। यह यह है कि चार प्रकार में देवो को छोडकर नरपि पृथ्वीचों और मनुष्या पर कोई देव अशुभ पुद्गलो का प्रदोष करता है, तब वे पक्षावेदामाग्रस्त होते हैं, जबकि चारों प्रकार में देवो पर बोई उनसे भी महद्धिक देव अशुभ पुद्गल प्रक्षेप करता है तो यह यदाविशरूप उमाद से ग्रस्त होता है । उमाद का स्वरूप- उमत्तता को उमाद कहते हैं अर्थात् जिसमे स्पष्ट था शुद्ध चेतना (विवेक्नान ) लुप्त हो जाए, उस उमाद कहते है। मक्षावेश-उमाद का लक्षण - दारोग मे भूत, विज्ञान, यक्ष आदि दवविशेष प्रयन मे स जो उमाद है, वह यशावेश-उन्माद है। हितगुप्त (मूमपाठ टिप्पण) मा २१६१-६६२ २ भगवती म श्रुति पत्र ६६५
यह है कि उनकी अपक्षा महद्धिक देव, उन प्रमुरकुमारी पर अशुभ पुद्गलो वा प्रक्षेप परता है और वह उन प्रशुभ पुद्गला के प्रक्षेप से यक्षावेशरूप उमाद को प्राप्त हो जाता है तथा मोहनीय कम के उदय से माहनीय कर्मजन्य- उन्माद को प्राप्त होता है। शेष सब कपन पूर्ववत् समझना चाहिए । चार एवं जाय यणियकुमाराण । [चार] इसी प्रकार स्ततितकुमारी पाँच. पुढविकाइयाण जाव मणुस्साण, एतेस जहा नेरद्दयाण । [पाँच] पृथ्वीवायिको से लेकर मनुष्यों तक नैरयों के समान कहना चाहिए । छः याणमतर-जोतिसिय वैमाणियाण जहा प्रसुरकुमाराण । [छः] वाणव्यन्तर, ज्योतिष्कदेव और वैमानिदेवी ये विषय में भी प्रमुरमुमारा व समान बहना चाहिए । विवेचन - उन्माद प्रकार और कारण - प्रस्तुत सात सूत्रा मे उगाद में दा प्रकार बता कर, नैरथिको से लेकर वैमातिर चोवीस दण्डरवर्ती जीवो में इन दोनों प्रकार के उन्मादो का अस्तित्व बताया है। यक्षावेशरूप उमाद ये वारण मपाडा थाडा भन्तर है। यह यह है कि चार प्रकार में देवो को छोडकर नरपि पृथ्वीचों और मनुष्या पर कोई देव अशुभ पुद्गलो का प्रदोष करता है, तब वे पक्षावेदामाग्रस्त होते हैं, जबकि चारों प्रकार में देवो पर बोई उनसे भी महद्धिक देव अशुभ पुद्गल प्रक्षेप करता है तो यह यदाविशरूप उमाद से ग्रस्त होता है । उमाद का स्वरूप- उमत्तता को उमाद कहते हैं अर्थात् जिसमे स्पष्ट था शुद्ध चेतना लुप्त हो जाए, उस उमाद कहते है। मक्षावेश-उमाद का लक्षण - दारोग मे भूत, विज्ञान, यक्ष आदि दवविशेष प्रयन मे स जो उमाद है, वह यशावेश-उन्माद है। हितगुप्त मा दो हज़ार एक सौ इकसठ-छः सौ बासठ दो भगवती म श्रुति पत्र छः सौ पैंसठ
नीति मोहन (Neeti Mohan) और निहार पांड्या (Nihaar Pandya) ने अपने बेटे की झलक फैंस को दिखाई है और साथ ही उन्होंने बेटे के नाम का खुलासा भी कर दिया है. सिंगर नीति मोहन (Neeti Mohan) और एक्टर निहार पांड्या (Nihaar Pandya) कुछ दिनों पहले ही पैरेंट्स बने हैं. दोनों पैरंटहुड को एंजॉय कर रहे हैं. अब नीति और निहार ने अपने बेटे की झलक फैंस को दिखाई है और साथ ही उन्होंने बेटे के नाम का खुलासा भी कर दिया है. नीति ने सोशल मीडिया पर निहार और बेटे के साथ फोटो शेयर की है. नीति ने 4 फोटोज शेयर की हैं. पहली फोटो में तीनों एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं और फिर निहार और नीति बेटे को गोद में लेकर बैठे हैं. इस वक्त नीति और निहार ने व्हाइट कलर के आउटफिट पहने हैं. तीनों साथ में काफी प्यारे लग रहे हैं. बता दें कि कुछ दिनों पहले निहार ने पिता बनने का एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा था, बेबी के आने से पहले हम सिर्फ किताबों से इसकी जानकारी ले रहे थे. लेकिन बेबी के आने के बाद से हमारी लाइफ में मैजिक आ गया है. मैं और नीति अपने सपने को जी रहे हैं. हमारे प्यार, हमारे बेबी ने हमारी लाइफ बदल दी है. निहार और नीति ने साल 2019 में शादी की थी और शादी के 2 साल बाद दोनों मम्मी-पापा बने. कुछ दिनों पहले नीति के साथ अपनी लव स्टोरी के बारे में बताते हुए निहार ने कहा था, मेरा और नीति का एक कॉमन दोस्त था. वह और उनका दोस्त एक बैंड में थे. वह हर बार कहता रहता था कि मुझे नीति से मिलना चाहिए. लेकिन जब उसने बहुत टाइम तक नहीं मिलवाया तो मैंने एक दिन कहा कि तुम कहते ही रहोगे या नीति से मिलवाने का प्लान भी है. उसने मुझे कहा था कि वह अपनी शादी में मुझे नीति से मिलवाएगा. दोस्त की शादी में मैं नीति से मिला और उनको देखते ही मैंने फैसला कर लिया था कि मैं इन्ही से शादी करूंगा. इसके बाद मेरी नीति से बात शुरू हुई और अच्छी बात ये है कि जो मेरे मन में नीति को लेकर फीलिंग्स थी, वही नीति के मन में मेरे लिए थी. कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद फिर हमने शादी करने का फैसला किया. नीति के साथ रहने के बाद मुझे लगता है कि उनसे शादी करने का मेरा फैसला बिल्कुल सही था. ये भी पढ़ें- Sherni Review: जंगल की 'शेरनी' बनकर दहाड़ीं विद्या बालन, रोमांच की कमी ने फिल्म को किया फीका?
नीति मोहन और निहार पांड्या ने अपने बेटे की झलक फैंस को दिखाई है और साथ ही उन्होंने बेटे के नाम का खुलासा भी कर दिया है. सिंगर नीति मोहन और एक्टर निहार पांड्या कुछ दिनों पहले ही पैरेंट्स बने हैं. दोनों पैरंटहुड को एंजॉय कर रहे हैं. अब नीति और निहार ने अपने बेटे की झलक फैंस को दिखाई है और साथ ही उन्होंने बेटे के नाम का खुलासा भी कर दिया है. नीति ने सोशल मीडिया पर निहार और बेटे के साथ फोटो शेयर की है. नीति ने चार फोटोज शेयर की हैं. पहली फोटो में तीनों एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं और फिर निहार और नीति बेटे को गोद में लेकर बैठे हैं. इस वक्त नीति और निहार ने व्हाइट कलर के आउटफिट पहने हैं. तीनों साथ में काफी प्यारे लग रहे हैं. बता दें कि कुछ दिनों पहले निहार ने पिता बनने का एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा था, बेबी के आने से पहले हम सिर्फ किताबों से इसकी जानकारी ले रहे थे. लेकिन बेबी के आने के बाद से हमारी लाइफ में मैजिक आ गया है. मैं और नीति अपने सपने को जी रहे हैं. हमारे प्यार, हमारे बेबी ने हमारी लाइफ बदल दी है. निहार और नीति ने साल दो हज़ार उन्नीस में शादी की थी और शादी के दो साल बाद दोनों मम्मी-पापा बने. कुछ दिनों पहले नीति के साथ अपनी लव स्टोरी के बारे में बताते हुए निहार ने कहा था, मेरा और नीति का एक कॉमन दोस्त था. वह और उनका दोस्त एक बैंड में थे. वह हर बार कहता रहता था कि मुझे नीति से मिलना चाहिए. लेकिन जब उसने बहुत टाइम तक नहीं मिलवाया तो मैंने एक दिन कहा कि तुम कहते ही रहोगे या नीति से मिलवाने का प्लान भी है. उसने मुझे कहा था कि वह अपनी शादी में मुझे नीति से मिलवाएगा. दोस्त की शादी में मैं नीति से मिला और उनको देखते ही मैंने फैसला कर लिया था कि मैं इन्ही से शादी करूंगा. इसके बाद मेरी नीति से बात शुरू हुई और अच्छी बात ये है कि जो मेरे मन में नीति को लेकर फीलिंग्स थी, वही नीति के मन में मेरे लिए थी. कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद फिर हमने शादी करने का फैसला किया. नीति के साथ रहने के बाद मुझे लगता है कि उनसे शादी करने का मेरा फैसला बिल्कुल सही था. ये भी पढ़ें- Sherni Review: जंगल की 'शेरनी' बनकर दहाड़ीं विद्या बालन, रोमांच की कमी ने फिल्म को किया फीका?
फिल्म का म्यूजिक अच्छा है, कहानी ठीक है और खूब कॉमेडी है। इसके साथ ही किरदारों ने अपने कैरेक्ट्स के साथ इंसाफ किया है। फिल्म का क्लाईमैक्स भी जबरदस्त है। फिल्म में युवाओं के मनोरंजन के लिए मीम्स और वन लाइनर्स का बढ़िया इस्तेमाल किया गया है। रेटिंग कैटरीना कैफ, ईशान खट्टर और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर 'फोन भूत' एक औसत हॉरर कॉमेडी है। जहां कुछ कॉमिक पंच अच्छा काम कर जाते हैं और हंसाते हैं, वहीं कुछ हिस्सों में फिल्म गजब बोर करती है। कैटरीना का भूतिया अंदाज दिलचस्प है।
फिल्म का म्यूजिक अच्छा है, कहानी ठीक है और खूब कॉमेडी है। इसके साथ ही किरदारों ने अपने कैरेक्ट्स के साथ इंसाफ किया है। फिल्म का क्लाईमैक्स भी जबरदस्त है। फिल्म में युवाओं के मनोरंजन के लिए मीम्स और वन लाइनर्स का बढ़िया इस्तेमाल किया गया है। रेटिंग कैटरीना कैफ, ईशान खट्टर और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर 'फोन भूत' एक औसत हॉरर कॉमेडी है। जहां कुछ कॉमिक पंच अच्छा काम कर जाते हैं और हंसाते हैं, वहीं कुछ हिस्सों में फिल्म गजब बोर करती है। कैटरीना का भूतिया अंदाज दिलचस्प है।
कौशाम्बीः यूपी विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दलों के टिकट वितरण के साथ कई जगह विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू हो चुका है. हर जगह कार्यकर्ता अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर रहे हैं. टिकट न मिलने पर कोई उग्र रुप धारण कर चुका है तो कोई आमरण अनशन कर रहा है. ऐसे ही कौशाम्बी की चायल सीट से टिकट न मिलने से नाराज भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता बृजेंद्र नारायण मिश्र शिव मंदिर में स्थापित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मूर्ती के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. बता दें कि साल 2014 में नारायण मिश्र ने ही पीएम मोदी की मूर्ती बनवाई थी. नारायण मिश्र ने कहा है कि बीजेपी में कई निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है. यह संकेत पार्टी के लिए ठीक नहीं है. पार्टी ने जिस तरह मौका परस्त लोगों को टिकट दिया है उससे साफ जाहिर हो चुका है कि पार्टी में अब पुराने कार्यकर्ताओं की कोई औकात नहीं है. बता दें कि बृजेंद्र नारायण मिश्र ने साल 1988 से चायल विधानसभा कौशाम्बी में बीजेपी को उठाने का काम किया है. बृजेंद्र उस समय खबरों में आए जब उन्होंने 2014 में पीएम मोदी की मूर्ती स्थापित करवाई थी. इस बार बृजेंद्र चायल से टिकट के लिए दावेदारी जुटा रहे थे लेकिन संजय गुप्ता के नाम पर मुहर लगने से वह नाराज हो गए और अनशन पर बैठ गए.
कौशाम्बीः यूपी विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दलों के टिकट वितरण के साथ कई जगह विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू हो चुका है. हर जगह कार्यकर्ता अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर रहे हैं. टिकट न मिलने पर कोई उग्र रुप धारण कर चुका है तो कोई आमरण अनशन कर रहा है. ऐसे ही कौशाम्बी की चायल सीट से टिकट न मिलने से नाराज भारतीय जनता पार्टी नेता बृजेंद्र नारायण मिश्र शिव मंदिर में स्थापित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मूर्ती के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. बता दें कि साल दो हज़ार चौदह में नारायण मिश्र ने ही पीएम मोदी की मूर्ती बनवाई थी. नारायण मिश्र ने कहा है कि बीजेपी में कई निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है. यह संकेत पार्टी के लिए ठीक नहीं है. पार्टी ने जिस तरह मौका परस्त लोगों को टिकट दिया है उससे साफ जाहिर हो चुका है कि पार्टी में अब पुराने कार्यकर्ताओं की कोई औकात नहीं है. बता दें कि बृजेंद्र नारायण मिश्र ने साल एक हज़ार नौ सौ अठासी से चायल विधानसभा कौशाम्बी में बीजेपी को उठाने का काम किया है. बृजेंद्र उस समय खबरों में आए जब उन्होंने दो हज़ार चौदह में पीएम मोदी की मूर्ती स्थापित करवाई थी. इस बार बृजेंद्र चायल से टिकट के लिए दावेदारी जुटा रहे थे लेकिन संजय गुप्ता के नाम पर मुहर लगने से वह नाराज हो गए और अनशन पर बैठ गए.
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री मिलिंद देवरा ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक अधिमानता विनियम 2010 के 27 सितंबर, 2011 को लागू होने के बाद से अनचाहे वाणिज्यिक कालों/एसएमएस की संख्या में बहुत कमी आई है। इस विनियम से पहले, प्रतिमाह औसतन 47454 शिकायतें प्राप्त होती थी (मार्च, 2010 से मार्च, 2011 तक)। तथापि, दूरसंचार उपभोक्ताओं द्वारा अपने सेवा प्रदाताओं के पास 27 सितंबर से 30 नवंबर, 2011 के बीच दर्ज की गई शिकायतों की कुल संख्या केवल 9746 (4498 शिकायतें प्रतिमाह) थी। इन शिकायतों से यह देखा गया है कि अधिकतर शिकायतें अवांछित एसएसएस से संबंधित हैं जबकि अवांछित कालों से संबंधित शिकायतें बहुत कम हो गई हैं। यह भी देखा गया है कि अवांछित वाणिज्यिक संचार से संबंधित अधिकांश शिकायतें गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटरों से संबंधित हैं। 1. टेलीमार्केटर के रूप में पंजीकरण नहीं कराने वाले किंतु टेलीमार्केटरों का कार्य करने वाले ग्राहकों को 3409 नोटिस भेजे गए हैं। ऐसे ग्राहकों के 410 टेलीफोन नंबरों को काट दिया गया है।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री मिलिंद देवरा ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक अधिमानता विनियम दो हज़ार दस के सत्ताईस सितंबर, दो हज़ार ग्यारह को लागू होने के बाद से अनचाहे वाणिज्यिक कालों/एसएमएस की संख्या में बहुत कमी आई है। इस विनियम से पहले, प्रतिमाह औसतन सैंतालीस हज़ार चार सौ चौवन शिकायतें प्राप्त होती थी । तथापि, दूरसंचार उपभोक्ताओं द्वारा अपने सेवा प्रदाताओं के पास सत्ताईस सितंबर से तीस नवंबर, दो हज़ार ग्यारह के बीच दर्ज की गई शिकायतों की कुल संख्या केवल नौ हज़ार सात सौ छियालीस थी। इन शिकायतों से यह देखा गया है कि अधिकतर शिकायतें अवांछित एसएसएस से संबंधित हैं जबकि अवांछित कालों से संबंधित शिकायतें बहुत कम हो गई हैं। यह भी देखा गया है कि अवांछित वाणिज्यिक संचार से संबंधित अधिकांश शिकायतें गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटरों से संबंधित हैं। एक. टेलीमार्केटर के रूप में पंजीकरण नहीं कराने वाले किंतु टेलीमार्केटरों का कार्य करने वाले ग्राहकों को तीन हज़ार चार सौ नौ नोटिस भेजे गए हैं। ऐसे ग्राहकों के चार सौ दस टेलीफोन नंबरों को काट दिया गया है।
रायपुर। CG CM NEWS मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुकमा जिले के जगरगुंडा के पास नक्सली हमले में 3 जवानों की शहादत पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए, शहीदों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। बस्तर के सुकमा जिले के जगरगुंडा में नक्सली मुठभेड़ के दौरान हमारे 3 वीर जवानों की शहादत का समाचार दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति और परिवारजनों को हिम्मत दे। इस दुख में हम सब साथ हैं। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस कायराना हरकत की निंदा करते हुए कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा। सीएम बघेल ने इस हमले में घायल जवानों के बेहतर से बेहतर के इलाज के निर्देश भी दिए हैं। सुकमा एसपी सुनील शर्मा ने शहीद जवानों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुठभेड़ में एएसआई रामु राम नाग, सहायक आरक्षक कुंजाम जोगा, सैनिक वैंजम भीमा शहीद हुए हैं। बता दें कि आज सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में DRG के तीन अधिकारी शहीद हो गए। मृतकों में ASI रामूराम नाग, सहायक कांस्टेबल कुंजम जोगा और सैनिक वंजम भीमा शामिल हैं।
रायपुर। CG CM NEWS मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुकमा जिले के जगरगुंडा के पास नक्सली हमले में तीन जवानों की शहादत पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए, शहीदों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। बस्तर के सुकमा जिले के जगरगुंडा में नक्सली मुठभेड़ के दौरान हमारे तीन वीर जवानों की शहादत का समाचार दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति और परिवारजनों को हिम्मत दे। इस दुख में हम सब साथ हैं। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस कायराना हरकत की निंदा करते हुए कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा। सीएम बघेल ने इस हमले में घायल जवानों के बेहतर से बेहतर के इलाज के निर्देश भी दिए हैं। सुकमा एसपी सुनील शर्मा ने शहीद जवानों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुठभेड़ में एएसआई रामु राम नाग, सहायक आरक्षक कुंजाम जोगा, सैनिक वैंजम भीमा शहीद हुए हैं। बता दें कि आज सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में DRG के तीन अधिकारी शहीद हो गए। मृतकों में ASI रामूराम नाग, सहायक कांस्टेबल कुंजम जोगा और सैनिक वंजम भीमा शामिल हैं।
इसके तुम राजा होओगे और तुम्हारे भाई सीमान्त देशोंके अधिपति होंगे ।। ५ ।। ( न च कुर्यान्नरो दैन्यं शाठ्यं क्रोधं तथैव च । जैह्म्यं च मत्सरं वैरं सर्वत्रैव न कारयेत् ।। मातरं पितरं चैव विद्वांसं च तपोधनम् । क्षमावन्तं च देवेन्द्र नावमन्येत बुद्धिमान् ।। शक्तस्तु क्षमते नित्यमशक्तः क्रुध्यते नरः । दुर्जनः सुजनं द्वेष्टि दुर्बलो बलवत्तरम् ।। रूपवन्तमरूपी च धनवन्तं च निर्धनः । अकर्मी कर्मिणं द्वेष्टि धार्मिकं च न धार्मिकः ॥ निर्गुणो गुणवन्तं च शक्रेतत् कलिलक्षणम् ।) देवेन्द्र! (इसके बाद मैंने यह आदेश दिया कि ) मनुष्य दीनता, शठता और क्रोध न करे। कुटिलता, मात्सर्य और वैर कहीं न करे। माता-पिता, विद्वान्, तपस्वी तथा क्षमाशील पुरुषका बुद्धिमान् मनुष्य कभी अपमान न करे । शक्तिशाली पुरुष सदा क्षमा करता है । शक्तिहीन मनुष्य सदा क्रोध करता है। दुष्ट मानव साधु पुरुषसे और दुर्बल अधिक बलवान्से द्वेष करता है। कुरूप मनुष्य रूपवान्से, निर्धन धनवान्से, अकर्मण्य कर्मनिष्ठसे और अधार्मिक धर्मात्मासे द्वेष करता है। इसी प्रकार गुणहीन मनुष्य गुणवान्से डाह रखता है। इन्द्र! यह कलिका लक्षण है। अक्रोधनः क्रोधनेभ्यो विशिष्टस्तथा तितिक्षुरतितिक्षोर्विशिष्टः । अमानुषेभ्यो मानुषाश्च प्रधाना विद्वांस्तथैवाविदुषः प्रधानः ।। ६ ।। क्रोध करनेवालोंसे वह पुरुष श्रेष्ठ है, जो कभी क्रोध नहीं करता। इसी प्रकार असहनशीलसे सहनशील उत्तम है, मनुष्येतर प्राणियोंसे मनुष्य श्रेष्ठ हैं और मूर्खोंसे विद्वान् उत्तम है ।। ६ ।। आक्रुश्यमानो नाक्रोशेन्मन्युरेव तितिक्षतः । आक्रोष्टारं निर्दहति सुकृतं चास्य विन्दति ।। ७ ।। यदि कोई किसीकी निन्दा करता या उसे गाली देता हो तो वह भी बदलेमें निन्दा या गाली-गलौज न करे; क्योंकि जो गाली या निन्दा सह लेता है, उस पुरुषका आन्तरिक दुःख ही गाली देनेवाले या अपमान करनेवालेको जला डालता है। साथ ही उसके पुण्यको भी वह ले लेता है ।। ७ ।। नारुन्तुदः स्यान्न नृशंसवादी न हीनतः परमभ्याददीत । ययास्य वाचा पर उद्विजेत
इसके तुम राजा होओगे और तुम्हारे भाई सीमान्त देशोंके अधिपति होंगे ।। पाँच ।। देवेन्द्र! मनुष्य दीनता, शठता और क्रोध न करे। कुटिलता, मात्सर्य और वैर कहीं न करे। माता-पिता, विद्वान्, तपस्वी तथा क्षमाशील पुरुषका बुद्धिमान् मनुष्य कभी अपमान न करे । शक्तिशाली पुरुष सदा क्षमा करता है । शक्तिहीन मनुष्य सदा क्रोध करता है। दुष्ट मानव साधु पुरुषसे और दुर्बल अधिक बलवान्से द्वेष करता है। कुरूप मनुष्य रूपवान्से, निर्धन धनवान्से, अकर्मण्य कर्मनिष्ठसे और अधार्मिक धर्मात्मासे द्वेष करता है। इसी प्रकार गुणहीन मनुष्य गुणवान्से डाह रखता है। इन्द्र! यह कलिका लक्षण है। अक्रोधनः क्रोधनेभ्यो विशिष्टस्तथा तितिक्षुरतितिक्षोर्विशिष्टः । अमानुषेभ्यो मानुषाश्च प्रधाना विद्वांस्तथैवाविदुषः प्रधानः ।। छः ।। क्रोध करनेवालोंसे वह पुरुष श्रेष्ठ है, जो कभी क्रोध नहीं करता। इसी प्रकार असहनशीलसे सहनशील उत्तम है, मनुष्येतर प्राणियोंसे मनुष्य श्रेष्ठ हैं और मूर्खोंसे विद्वान् उत्तम है ।। छः ।। आक्रुश्यमानो नाक्रोशेन्मन्युरेव तितिक्षतः । आक्रोष्टारं निर्दहति सुकृतं चास्य विन्दति ।। सात ।। यदि कोई किसीकी निन्दा करता या उसे गाली देता हो तो वह भी बदलेमें निन्दा या गाली-गलौज न करे; क्योंकि जो गाली या निन्दा सह लेता है, उस पुरुषका आन्तरिक दुःख ही गाली देनेवाले या अपमान करनेवालेको जला डालता है। साथ ही उसके पुण्यको भी वह ले लेता है ।। सात ।। नारुन्तुदः स्यान्न नृशंसवादी न हीनतः परमभ्याददीत । ययास्य वाचा पर उद्विजेत
ईरान में पेट्रोल की क़ीमत बढ़ने और उसकी राशनिंग करने के विरोध में हुए प्रदर्शनों में अब तक दर्जनों लोग के मारे जाने की ख़बर है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मारे गए लोगों की तादाद दर्जनों हैं लेकिन मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशल के अनुसार 21 शहरों में हो रहे विरोध प्रदर्शन में अब तक 106 लोग मारे गए हैं. विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शुक्रवार को हुई जब सरकार ने पेट्रोल पर मिलने वाली सब्सिडी कम कर दी जिसके कारण पेट्रोल की क़ीमत 50 फ़ीसदी बढ़ गई. सरकार का कहना है कि सब्सिडी कम करने और बढ़ी हुई क़ीमत से जो अतिरिक्त पैसा आएगा उसे ईरान की ग़रीब जनता पर ख़र्च किया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने ईरान के सुरक्षाकर्मियों से अपील की है कि वो प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ अत्यधिक बल का प्रयोग न करें. सरकार ने इंटरनेट पर भी पाबंदी लगा दी है. शुक्रवार से शुरू हुआ प्रदर्शन जब नहीं रुका तो शनिवार को सरकार ने इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी. इंटरनेट शटडाउन पर नज़र रखने वाली संस्थान नेटब्लॉक ने कहा है कि ईरान में 65 घंटों से इंटरनेट तक़रीबन बंद है और बचे हुए नेटवर्क में भी कटौती की जा रही है. ईरान का बाहरी दुनिया से संपर्क आम दिनों की तुलना में केवल चार फ़ीसदी रह गया है. सरकार ने न सिर्फ़ पेट्रोल की क़ीमत बढ़ा दी, बल्कि पेट्रोल की राशनिंग भी शुरू कर दी. नए नियमों के मुताबिक़, हर वाहन मालिक को एक महीने में 60 लीटर पेट्रोल ख़रीदने की ही इजाज़त होगी और इसके लिए उसे 15 हज़ार रियाल यानी क़रीब 32 रुपए प्रति लीटर की क़ीमत चुकानी होगी. अगर उन्हें 60 लीटर से ज़्यादा पेट्रोल की ज़रूरत होगी तो हर लीटर के लिए उन्हें दोगुने दाम यानी 30 हज़ार रियाल देने होंगे. समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, इससे पहले महीने में 250 लीटर पेट्रोल 10 हज़ार रियाल प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा सकता था. इससे लोग इतने नाराज़ हुए कि वो सड़कों पर आ गए और धीरे-धीरे विरोध प्रदर्शन कई शहरों में फैल गया. वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों को सड़कों पर लाकर रोक दिया जिससे हर चौराहे पर ट्रैफ़िक जाम हो गई. रविवार तक लगभग 100 शहरों में प्रदर्शन शुरू हो गए. फ़ार्स समाचार एजेंसी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कम से 100 बैंकों, दुकानों, पेट्रोल स्टेशनों और सरकारी दफ़्तरों को आग लगा दी है. एक हज़ार से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. बीबीसी संवाददाता राणा रहीमपोर के अनुसार "प्रदर्शन अब सिर्फ़ पेट्रोल की बढ़ी क़ीमत तक सीमित नहीं है क्योंकि लोग अब तानाशाही की मौत के नारे लगा रहे हैं, इसका मतलब है कि वो मौजूदा सरकार को हटाना चाहते हैं. " समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने तेहरान के क़रीब तीन सुरक्षाकर्मियों को छूरेबाज़ी कर मार दिया. बीबीसी फ़ारसी की संवाददाता जियार गोल के अनुसार, "विभिन्न ग़ैर-सरकारी सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पिछले पाँच दिनों में 200 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 3000 से ज़्यादा घायल हुए हैं. लेकिन सरकार केवल कुछ ही लोगों के मारे जाने की पुष्टि कर रही है. मारे गए लोगों के परिजन कह रहे हैं कि अधिकारी उनके शव भी अंतिम संस्कार के लिए नहीं दे रहे हैं. " लेकिन ईरान सरकार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को दंगाई कहा है. सरकार के मुताबिक़ इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी शक्तियों का हाथ है. राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है, "लोगों को विरोध प्रदर्शन करने का हक़ है लेकिन प्रदर्शन और दंगा में फ़र्क़ है. हम समाज में असुरक्षा फैलाने की इजाज़त नहीं दे सकते हैं. " पिछले साल मई में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे जिसके कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है. ईरान में 2017 के बाद से ये अबतक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है. 2017 में हुए विरोध प्रदर्शन में 25 लोग मारे गए थे. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं. )
ईरान में पेट्रोल की क़ीमत बढ़ने और उसकी राशनिंग करने के विरोध में हुए प्रदर्शनों में अब तक दर्जनों लोग के मारे जाने की ख़बर है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मारे गए लोगों की तादाद दर्जनों हैं लेकिन मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशल के अनुसार इक्कीस शहरों में हो रहे विरोध प्रदर्शन में अब तक एक सौ छः लोग मारे गए हैं. विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शुक्रवार को हुई जब सरकार ने पेट्रोल पर मिलने वाली सब्सिडी कम कर दी जिसके कारण पेट्रोल की क़ीमत पचास फ़ीसदी बढ़ गई. सरकार का कहना है कि सब्सिडी कम करने और बढ़ी हुई क़ीमत से जो अतिरिक्त पैसा आएगा उसे ईरान की ग़रीब जनता पर ख़र्च किया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने ईरान के सुरक्षाकर्मियों से अपील की है कि वो प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ अत्यधिक बल का प्रयोग न करें. सरकार ने इंटरनेट पर भी पाबंदी लगा दी है. शुक्रवार से शुरू हुआ प्रदर्शन जब नहीं रुका तो शनिवार को सरकार ने इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी. इंटरनेट शटडाउन पर नज़र रखने वाली संस्थान नेटब्लॉक ने कहा है कि ईरान में पैंसठ घंटाटों से इंटरनेट तक़रीबन बंद है और बचे हुए नेटवर्क में भी कटौती की जा रही है. ईरान का बाहरी दुनिया से संपर्क आम दिनों की तुलना में केवल चार फ़ीसदी रह गया है. सरकार ने न सिर्फ़ पेट्रोल की क़ीमत बढ़ा दी, बल्कि पेट्रोल की राशनिंग भी शुरू कर दी. नए नियमों के मुताबिक़, हर वाहन मालिक को एक महीने में साठ लीटरटर पेट्रोल ख़रीदने की ही इजाज़त होगी और इसके लिए उसे पंद्रह हज़ार रियाल यानी क़रीब बत्तीस रुपयापए प्रति लीटर की क़ीमत चुकानी होगी. अगर उन्हें साठ लीटरटर से ज़्यादा पेट्रोल की ज़रूरत होगी तो हर लीटर के लिए उन्हें दोगुने दाम यानी तीस हज़ार रियाल देने होंगे. समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, इससे पहले महीने में दो सौ पचास लीटरटर पेट्रोल दस हज़ार रियाल प्रति लीटर की दर से ख़रीदा जा सकता था. इससे लोग इतने नाराज़ हुए कि वो सड़कों पर आ गए और धीरे-धीरे विरोध प्रदर्शन कई शहरों में फैल गया. वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों को सड़कों पर लाकर रोक दिया जिससे हर चौराहे पर ट्रैफ़िक जाम हो गई. रविवार तक लगभग एक सौ शहरों में प्रदर्शन शुरू हो गए. फ़ार्स समाचार एजेंसी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कम से एक सौ बैंकों, दुकानों, पेट्रोल स्टेशनों और सरकारी दफ़्तरों को आग लगा दी है. एक हज़ार से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. बीबीसी संवाददाता राणा रहीमपोर के अनुसार "प्रदर्शन अब सिर्फ़ पेट्रोल की बढ़ी क़ीमत तक सीमित नहीं है क्योंकि लोग अब तानाशाही की मौत के नारे लगा रहे हैं, इसका मतलब है कि वो मौजूदा सरकार को हटाना चाहते हैं. " समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने तेहरान के क़रीब तीन सुरक्षाकर्मियों को छूरेबाज़ी कर मार दिया. बीबीसी फ़ारसी की संवाददाता जियार गोल के अनुसार, "विभिन्न ग़ैर-सरकारी सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पिछले पाँच दिनों में दो सौ से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और तीन हज़ार से ज़्यादा घायल हुए हैं. लेकिन सरकार केवल कुछ ही लोगों के मारे जाने की पुष्टि कर रही है. मारे गए लोगों के परिजन कह रहे हैं कि अधिकारी उनके शव भी अंतिम संस्कार के लिए नहीं दे रहे हैं. " लेकिन ईरान सरकार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को दंगाई कहा है. सरकार के मुताबिक़ इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी शक्तियों का हाथ है. राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है, "लोगों को विरोध प्रदर्शन करने का हक़ है लेकिन प्रदर्शन और दंगा में फ़र्क़ है. हम समाज में असुरक्षा फैलाने की इजाज़त नहीं दे सकते हैं. " पिछले साल मई में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे जिसके कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है. ईरान में दो हज़ार सत्रह के बाद से ये अबतक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है. दो हज़ार सत्रह में हुए विरोध प्रदर्शन में पच्चीस लोग मारे गए थे.
गाँव में रहने से भो घृणा होने लगो । वहा जो सब कष्ट पाये थे फिर २ वे सब स्मरण होते और फिर से उन सभ के सहन करने का अनुभव होता, जो सुख थोडा बहुत मिला था वह भो भूलने लगा । जो कुछ रुपया कमा लाया था वह भी क्रमशः घट चला, इससे विधुभूषण गोपाल और श्यामा को गोपाल को शिक्षा देने के अभिप्राय से लेकर लखनऊ आया, सरला को अपने साथ विदेश ले जाना उचित न जानकर वहा मे पाच कोस पर एक गाँव में उम्र की दूर के सम्बन्ध को एक बूढ़ी रहती थी उसे उसके पास पहुंचाकर और कुछ द्रव्य उसे देकर कहा "हम अब दूर न जायेंगे लखनऊ जाकर कुछ काम धन्धा देखेंगे, तुम्हे बराबर पत्र भेजेगे चौच २ में आया करेंगे । गोपाल को अपने साथ पढ़ाने के लिये ले जाते हैं अवसर पानेहो से तुमको भो म प्रबन्ध ठोक करके वही ले चलेंगे।" सरला ने रोते को विदा किया। विधु अपने लिये चिन्ता करने लगा कि क्या करें, नाटक कम्पनी करने अथवा राममण्डली में नोकरी करने में रुपया तो वश्य मिलता है परन्तु काम शत्यन्त गौच है । यह सोचकर एक डिपा साहब के यहा नोकरा कर ली, डिप्टी साहब को बदलो कही वाहर हो गई, विधुभूषण को भी उनके साथ जाना पड़ा। वहा जाकर किसी रईस के यहा रसाइयादारी की नौकरों पर गोन पाल को यह कहकर रख दिया, कि यहीं रहेगा रसोई करेगा और स्कूल में पढ़ेगा। गोपाल को वहीं छोड दिया। एकोनविंश परिच्छेद । रामचन्द्र । रामचन्द्र विधुभूषण के माथ उसके घर पाया रात भर वहां रहा, सबेरे सब के उठने के पहिलेहो उठकर चल दिया। शहर में जाकर एक धोती चादर मोल लौ. शहर के बाहर निकल उनको पहिन कर फिर चलना आरम्भ किया । रामचन्द्र की बहुत काल को श्राशा पूरी हुई थोड़ी दूर चलता और अपने नये धोती चादर की ओर देखकर फूले अङ्गो न समाता, योहो चलते २ दोपहर के समय अपने घर पहुंचा। रामचन्द्र का स्वर सुनते ही उसकी मां और दोनों भाई दौड़कर उसे घेर कर खड़े हो गये, दोनों भाइयो वो ऑख अशु चहने लगा रामचन्द्र घर से रूठ कर गया था पर दोनों भाई और माता को चार बरस पौछे देखकर ऑसू न रोक सकी । रामचन्द्र घर लौटने पर नव्वावबहादुर बन गया, दम बजे भीतर रमाई न सिद्ध हो तो कामही न चलै दोनों माई मारे डर के कुछ चोन न मकते, 'दुधार गाय को दो
गाँव में रहने से भो घृणा होने लगो । वहा जो सब कष्ट पाये थे फिर दो वे सब स्मरण होते और फिर से उन सभ के सहन करने का अनुभव होता, जो सुख थोडा बहुत मिला था वह भो भूलने लगा । जो कुछ रुपया कमा लाया था वह भी क्रमशः घट चला, इससे विधुभूषण गोपाल और श्यामा को गोपाल को शिक्षा देने के अभिप्राय से लेकर लखनऊ आया, सरला को अपने साथ विदेश ले जाना उचित न जानकर वहा मे पाच कोस पर एक गाँव में उम्र की दूर के सम्बन्ध को एक बूढ़ी रहती थी उसे उसके पास पहुंचाकर और कुछ द्रव्य उसे देकर कहा "हम अब दूर न जायेंगे लखनऊ जाकर कुछ काम धन्धा देखेंगे, तुम्हे बराबर पत्र भेजेगे चौच दो में आया करेंगे । गोपाल को अपने साथ पढ़ाने के लिये ले जाते हैं अवसर पानेहो से तुमको भो म प्रबन्ध ठोक करके वही ले चलेंगे।" सरला ने रोते को विदा किया। विधु अपने लिये चिन्ता करने लगा कि क्या करें, नाटक कम्पनी करने अथवा राममण्डली में नोकरी करने में रुपया तो वश्य मिलता है परन्तु काम शत्यन्त गौच है । यह सोचकर एक डिपा साहब के यहा नोकरा कर ली, डिप्टी साहब को बदलो कही वाहर हो गई, विधुभूषण को भी उनके साथ जाना पड़ा। वहा जाकर किसी रईस के यहा रसाइयादारी की नौकरों पर गोन पाल को यह कहकर रख दिया, कि यहीं रहेगा रसोई करेगा और स्कूल में पढ़ेगा। गोपाल को वहीं छोड दिया। एकोनविंश परिच्छेद । रामचन्द्र । रामचन्द्र विधुभूषण के माथ उसके घर पाया रात भर वहां रहा, सबेरे सब के उठने के पहिलेहो उठकर चल दिया। शहर में जाकर एक धोती चादर मोल लौ. शहर के बाहर निकल उनको पहिन कर फिर चलना आरम्भ किया । रामचन्द्र की बहुत काल को श्राशा पूरी हुई थोड़ी दूर चलता और अपने नये धोती चादर की ओर देखकर फूले अङ्गो न समाता, योहो चलते दो दोपहर के समय अपने घर पहुंचा। रामचन्द्र का स्वर सुनते ही उसकी मां और दोनों भाई दौड़कर उसे घेर कर खड़े हो गये, दोनों भाइयो वो ऑख अशु चहने लगा रामचन्द्र घर से रूठ कर गया था पर दोनों भाई और माता को चार बरस पौछे देखकर ऑसू न रोक सकी । रामचन्द्र घर लौटने पर नव्वावबहादुर बन गया, दम बजे भीतर रमाई न सिद्ध हो तो कामही न चलै दोनों माई मारे डर के कुछ चोन न मकते, 'दुधार गाय को दो
कोरीज़ा लंबे समय तक सामान्य ठंड के सबसे अनुमानित अभिव्यक्तियों में से एक में बदल गया है। इस घटना का मुकाबला करने के कई साधन हैं। उनमें से ज्यादातर आपको दिनों के मामले में सामान्य सर्दी को हराने की अनुमति देते हैं। लेकिन यह घटना क्या है - रक्त के साथ ठंडा, कुछ लोगों के लिए जाना जाता है। इसलिए, यह आपको उन रोगियों से सावधान करता है जिन्हें इसका सामना करना पड़ता है। सर्दी रक्त के साथ क्यों आती है? वास्तव में, आपको समय से पहले घबराहट नहीं करना चाहिए। श्लेष्म नसों में श्लेष्म नसों में दिखाई देने का मुख्य कारण कमजोर जहाजों है। यदि नाक बहने से आप लंबे समय तक पीड़ित होते हैं, और इस बार आप रूमाल के साथ भाग नहीं लेते हैं, तो संभवतः, जहाजों को बहुत कमजोर कर दिया गया है और अगले झटका के समय वे बस टूट गए। अनियंत्रित होने पर खूनी निर्वहन। रक्त के साथ सर्दी के अन्य कारण हैंः - वायरस; - खरोंच और अन्य यांत्रिक नुकसान; - विटामिन की कमी और कमजोर प्रतिरक्षा; - श्लेष्मा की सूखापन; - दबाव बढ़ गया ; - संवहनी spasms (अत्यधिक शारीरिक परिश्रम, जलवायु परिवर्तन, उच्च ऊंचाई चढ़ाई, अचानक तापमान spikes के साथ मनाया)। संक्रमण वर्ष और गर्भवती महिलाओं के दौरान अक्सर रक्त नसों के साथ एक नाक बहती है। हार्मोनल पृष्ठभूमि में अचानक परिवर्तन के लिए सभी दोष। कभी-कभी दवा के उपयोग से ठंड के परिणाम में रक्त। स्वतंत्र रूप से इस मामले में कार्य करने के लिए यह आवश्यक नहीं है, और सलाह देने के विशेषज्ञ के साथ यहां रोक नहीं है। अगर मेरा खून ठंडा हो जाता है तो मुझे क्या करना चाहिए? उपचार का निर्धारण केवल सटीक निदान की स्थापना के बाद ही हो सकता हैः - यदि कमजोर केशिकाओं के कारण ठंड में रक्त नसों में दिखाई दिया, तो जहाजों को मजबूत करने की आवश्यकता होगी। यह धोने, विशेष शारीरिक अभ्यास और औषधीय decoctions के उपयोग से मदद की जा सकती है। यह सब रक्त परिसंचरण को सामान्य करने और प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा, जिसके कारण अधिक कठोर हो जाएगा और केशिकाओं की दीवारें। - इसलिए आपको नाक से खून की समस्या से निपटने की ज़रूरत नहीं है, नाक के साथ, विशेष आयनकार और humidifiers घर पर स्थापित करें। घर पर नियमित रूप से साफ और हवादार। - सड़क पर जाने से पहले (विशेष रूप से ठंड के मौसम में) चिकित्सा पेट्रोलियम जेली या विशेष मलम के साथ नाक को चिकनाई करें। प्रतिरक्षा को मजबूत करने के लिए, आप विटामिन परिसरों को पी सकते हैं। आहार को बदलने के लिए यह अनिवार्य नहीं होगा। सब्जियां, फल, अनाज जोड़ें, और बुरी आदतों को त्यागने का प्रयास करें।
कोरीज़ा लंबे समय तक सामान्य ठंड के सबसे अनुमानित अभिव्यक्तियों में से एक में बदल गया है। इस घटना का मुकाबला करने के कई साधन हैं। उनमें से ज्यादातर आपको दिनों के मामले में सामान्य सर्दी को हराने की अनुमति देते हैं। लेकिन यह घटना क्या है - रक्त के साथ ठंडा, कुछ लोगों के लिए जाना जाता है। इसलिए, यह आपको उन रोगियों से सावधान करता है जिन्हें इसका सामना करना पड़ता है। सर्दी रक्त के साथ क्यों आती है? वास्तव में, आपको समय से पहले घबराहट नहीं करना चाहिए। श्लेष्म नसों में श्लेष्म नसों में दिखाई देने का मुख्य कारण कमजोर जहाजों है। यदि नाक बहने से आप लंबे समय तक पीड़ित होते हैं, और इस बार आप रूमाल के साथ भाग नहीं लेते हैं, तो संभवतः, जहाजों को बहुत कमजोर कर दिया गया है और अगले झटका के समय वे बस टूट गए। अनियंत्रित होने पर खूनी निर्वहन। रक्त के साथ सर्दी के अन्य कारण हैंः - वायरस; - खरोंच और अन्य यांत्रिक नुकसान; - विटामिन की कमी और कमजोर प्रतिरक्षा; - श्लेष्मा की सूखापन; - दबाव बढ़ गया ; - संवहनी spasms । संक्रमण वर्ष और गर्भवती महिलाओं के दौरान अक्सर रक्त नसों के साथ एक नाक बहती है। हार्मोनल पृष्ठभूमि में अचानक परिवर्तन के लिए सभी दोष। कभी-कभी दवा के उपयोग से ठंड के परिणाम में रक्त। स्वतंत्र रूप से इस मामले में कार्य करने के लिए यह आवश्यक नहीं है, और सलाह देने के विशेषज्ञ के साथ यहां रोक नहीं है। अगर मेरा खून ठंडा हो जाता है तो मुझे क्या करना चाहिए? उपचार का निर्धारण केवल सटीक निदान की स्थापना के बाद ही हो सकता हैः - यदि कमजोर केशिकाओं के कारण ठंड में रक्त नसों में दिखाई दिया, तो जहाजों को मजबूत करने की आवश्यकता होगी। यह धोने, विशेष शारीरिक अभ्यास और औषधीय decoctions के उपयोग से मदद की जा सकती है। यह सब रक्त परिसंचरण को सामान्य करने और प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा, जिसके कारण अधिक कठोर हो जाएगा और केशिकाओं की दीवारें। - इसलिए आपको नाक से खून की समस्या से निपटने की ज़रूरत नहीं है, नाक के साथ, विशेष आयनकार और humidifiers घर पर स्थापित करें। घर पर नियमित रूप से साफ और हवादार। - सड़क पर जाने से पहले चिकित्सा पेट्रोलियम जेली या विशेष मलम के साथ नाक को चिकनाई करें। प्रतिरक्षा को मजबूत करने के लिए, आप विटामिन परिसरों को पी सकते हैं। आहार को बदलने के लिए यह अनिवार्य नहीं होगा। सब्जियां, फल, अनाज जोड़ें, और बुरी आदतों को त्यागने का प्रयास करें।
टेलीविजन का चर्चित शो 'उतरन' जो के दर्शको को अपनी और खींचने में कामयाब रहा था. इस शो में हमे चुलबुली बच्ची तपस्या के रूप में नजर आई थी बाल कलाकारा इशिता पांचाल जो के अब काफी बड़ी हो चुकी है. आपको बता दे की अभी हाल ही में शो 'उतरन' की छोटी तपस्या यानि की इशिता पंचाल की हाल ही में कुछ फोटोज सामने आई हैं उन्हें देखकर तो लोग पहचान ही नहीं पा रहे हैं कि ये वहीं छोटी सी तप्पू हैं. शो में उनकी एक्टिंग को बहुत पसंद किया गया था. लेकिन इस शो के बाद इशिता एक्टिंग वर्ल्ड से दूर हो गईं. फिलहाल वो अपनी फैमिली के साथ रहकर पढ़ाई में ध्यान दे रही हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज शेयर करती रहती हैं. आपको बता दे की टीवी कलाकार इशिता पांचाल के सोशलमीडिया साइट्स इंस्टाग्राम पर हैं हजारों फॉलोवर्स है. एक्टिंग वर्ल्ड से दूर रहने के बाद भी 18 साल की इशिता के इंस्टाग्राम पर करीब 38 हजार फॉलोवर्स हैं. वो लंबे टाइम से सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर मम्मी और फ्रेंड्स के साथ अपनी फोटोज पोस्ट करती रहती हैं.
टेलीविजन का चर्चित शो 'उतरन' जो के दर्शको को अपनी और खींचने में कामयाब रहा था. इस शो में हमे चुलबुली बच्ची तपस्या के रूप में नजर आई थी बाल कलाकारा इशिता पांचाल जो के अब काफी बड़ी हो चुकी है. आपको बता दे की अभी हाल ही में शो 'उतरन' की छोटी तपस्या यानि की इशिता पंचाल की हाल ही में कुछ फोटोज सामने आई हैं उन्हें देखकर तो लोग पहचान ही नहीं पा रहे हैं कि ये वहीं छोटी सी तप्पू हैं. शो में उनकी एक्टिंग को बहुत पसंद किया गया था. लेकिन इस शो के बाद इशिता एक्टिंग वर्ल्ड से दूर हो गईं. फिलहाल वो अपनी फैमिली के साथ रहकर पढ़ाई में ध्यान दे रही हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज शेयर करती रहती हैं. आपको बता दे की टीवी कलाकार इशिता पांचाल के सोशलमीडिया साइट्स इंस्टाग्राम पर हैं हजारों फॉलोवर्स है. एक्टिंग वर्ल्ड से दूर रहने के बाद भी अट्ठारह साल की इशिता के इंस्टाग्राम पर करीब अड़तीस हजार फॉलोवर्स हैं. वो लंबे टाइम से सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर मम्मी और फ्रेंड्स के साथ अपनी फोटोज पोस्ट करती रहती हैं.
ब्रिटेन (Britain) की प्रधानमंत्री थेरेसा मे (Theresa May) का यूरोपीय संघ (EU) से अलग होने संबंधी ब्रेग्जिट समझौता (Brexit Deal) मंगलवार को संसद में पारित नहीं हो सका. इसके साथ ही देश के ईयू से बाहर जाने का रास्ता और जटिल हो गया है और मे की सरकार के खिलाफ अविश्वास पत्र लाने की घोषणा हो गई है. मे के समझौते को 'हाउस ऑफ कामन्स' (House of Commons) में 432 के मुकाबले 202 मतों से हार का सामना करना पड़ा. यह आधुनिक इतिहास में किसी भी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की सबसे करारी हार है. इस हार के कुछ ही मिनटों बाद विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन (Jeremy Corbyn) ने घोषणा की कि उनकी पार्टी मे की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी. ब्रिटेन 1973 में 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ का सदस्य बना था. उसे 29 मार्च को ईयू से अलग होना है. ईयू से अलग होने की तारीख आने में केवल दो महीने बचे हैं, लेकिन ब्रिटेन अभी तक यह निर्णय नहीं ले पाया है कि उसे क्या करना है. संसद में परिणाम के बाद कोर्बिन ने कहा कि उनकी सरकार बुधवार को मे की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी. ब्रिटेन की संसदीय प्रक्रिया के अनुसार, जब सांसद कोई विधेयक खारिज कर देते हैं, तो प्रधानमंत्री के पास 'दूसरी योजना' (प्लान बी) के साथ संसद में आने के लिए तीन कामकाजी दिन होते हैं. ऐसी संभावना है कि मे बुधवार को ब्रसेल्स जाकर ईयू से और रियायतें लेने की कोशिश करेंगी और नए प्रस्ताव के साथ ब्रिटेन की संसद में आएंगी. सांसद इस पर भी मतदान करेंगे. यदि यह प्रस्ताव भी असफल रहता है तो सरकार के पास एक अन्य विकल्प के साथ लौटने के लिए तीन सप्ताह का समय होगा.
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे का यूरोपीय संघ से अलग होने संबंधी ब्रेग्जिट समझौता मंगलवार को संसद में पारित नहीं हो सका. इसके साथ ही देश के ईयू से बाहर जाने का रास्ता और जटिल हो गया है और मे की सरकार के खिलाफ अविश्वास पत्र लाने की घोषणा हो गई है. मे के समझौते को 'हाउस ऑफ कामन्स' में चार सौ बत्तीस के मुकाबले दो सौ दो मतों से हार का सामना करना पड़ा. यह आधुनिक इतिहास में किसी भी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की सबसे करारी हार है. इस हार के कुछ ही मिनटों बाद विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने घोषणा की कि उनकी पार्टी मे की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी. ब्रिटेन एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर में अट्ठाईस सदस्यीय यूरोपीय संघ का सदस्य बना था. उसे उनतीस मार्च को ईयू से अलग होना है. ईयू से अलग होने की तारीख आने में केवल दो महीने बचे हैं, लेकिन ब्रिटेन अभी तक यह निर्णय नहीं ले पाया है कि उसे क्या करना है. संसद में परिणाम के बाद कोर्बिन ने कहा कि उनकी सरकार बुधवार को मे की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी. ब्रिटेन की संसदीय प्रक्रिया के अनुसार, जब सांसद कोई विधेयक खारिज कर देते हैं, तो प्रधानमंत्री के पास 'दूसरी योजना' के साथ संसद में आने के लिए तीन कामकाजी दिन होते हैं. ऐसी संभावना है कि मे बुधवार को ब्रसेल्स जाकर ईयू से और रियायतें लेने की कोशिश करेंगी और नए प्रस्ताव के साथ ब्रिटेन की संसद में आएंगी. सांसद इस पर भी मतदान करेंगे. यदि यह प्रस्ताव भी असफल रहता है तो सरकार के पास एक अन्य विकल्प के साथ लौटने के लिए तीन सप्ताह का समय होगा.
भरतपुर के 2 व्यक्तियों को जिंदा जलाने का मामले में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि लगातार पुलिस एक्शन मोड पर है, तुरंत एक्शन होता है, एमपी, यूपी हरियाणा में कानून व्यवस्था बेहद खराब है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं, राजस्थान की कानून व्यवस्था हरियाणा, एमपी और यूपी से बेहतर, एक भी अपराधी बचेगा नहीं। खाचरियावास ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस और सरकार एक्शन में है। यहां अपराधियों को जिस तरह से ठोका जा रहा है, उससे सभी वाकिफ हैं। अडाणी मामले में खाचरियावास ने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता हैं। जब ज्वाइंट कमेटी इसकी जांच करेगी तो राजस्थान की भी हो जाएगी, ये जांच का मामला है और इसमें जांच होगी। अगर कहीं भी गड़बड़ हुई है उसकी सच्चाई सामने आएगी। भाजपा के पेट में दर्द होने से जनता का दर्द ठीक नहीं होगा। अडाणी मामले में गौरव वल्लभ ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होने कहा कि आप जेपीसी से क्यों भाग रहे हैं। हिंडनबर्ग ने जिस रिपोर्ट का खुलासा किया कि बाहर की शेल कंपनियों से अडाणी ग्रुप को पैसा दिया जा रहा है, उसका लेखा-जोखा कहां है, ये काला धन कहां जा रहा है। आप क्यों जांच से भाग रहे हो। आप जेपीसी को मंजूरी क्यों नहीं देते हो, हम जब इसकी मांग उठाते हैं तो आप संसद की कार्यवाही से ही इसे हटा देते हो। गौरव वल्लभ ने कहा कि साढ़े 10 लाख रुपए छोटे निवेशकों का डूब गया उन्हें उनके पैसे कब लौटाए जाएंगे। यह मित्रकाल है, इसमें पूंजीवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। अडाणी किसी बिजनेस में एंटर करते हैं तो इसके 6 महीने बाद मोदी सरकार इसका ब्लू प्रिंट तैयार करती है। पहले अडाणी स्कीम अनाउंस करते हैं उसके कुछ दिन बाद ही भारत सरकार फंड देने की घोषणा करती है। ये संयोग है या प्रयोग है।
भरतपुर के दो व्यक्तियों को जिंदा जलाने का मामले में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि लगातार पुलिस एक्शन मोड पर है, तुरंत एक्शन होता है, एमपी, यूपी हरियाणा में कानून व्यवस्था बेहद खराब है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं, राजस्थान की कानून व्यवस्था हरियाणा, एमपी और यूपी से बेहतर, एक भी अपराधी बचेगा नहीं। खाचरियावास ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस और सरकार एक्शन में है। यहां अपराधियों को जिस तरह से ठोका जा रहा है, उससे सभी वाकिफ हैं। अडाणी मामले में खाचरियावास ने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता हैं। जब ज्वाइंट कमेटी इसकी जांच करेगी तो राजस्थान की भी हो जाएगी, ये जांच का मामला है और इसमें जांच होगी। अगर कहीं भी गड़बड़ हुई है उसकी सच्चाई सामने आएगी। भाजपा के पेट में दर्द होने से जनता का दर्द ठीक नहीं होगा। अडाणी मामले में गौरव वल्लभ ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होने कहा कि आप जेपीसी से क्यों भाग रहे हैं। हिंडनबर्ग ने जिस रिपोर्ट का खुलासा किया कि बाहर की शेल कंपनियों से अडाणी ग्रुप को पैसा दिया जा रहा है, उसका लेखा-जोखा कहां है, ये काला धन कहां जा रहा है। आप क्यों जांच से भाग रहे हो। आप जेपीसी को मंजूरी क्यों नहीं देते हो, हम जब इसकी मांग उठाते हैं तो आप संसद की कार्यवाही से ही इसे हटा देते हो। गौरव वल्लभ ने कहा कि साढ़े दस लाख रुपए छोटे निवेशकों का डूब गया उन्हें उनके पैसे कब लौटाए जाएंगे। यह मित्रकाल है, इसमें पूंजीवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। अडाणी किसी बिजनेस में एंटर करते हैं तो इसके छः महीने बाद मोदी सरकार इसका ब्लू प्रिंट तैयार करती है। पहले अडाणी स्कीम अनाउंस करते हैं उसके कुछ दिन बाद ही भारत सरकार फंड देने की घोषणा करती है। ये संयोग है या प्रयोग है।
ये तस्वीरें हैं दो ऐसे सगे भाइयों की। जिनके नाम अलग हैं, हाथ अलग हैं, सिर अलग हैं और सोच अलग हैं, लेकिन धड़ एक है, लीवर एक है और किडनी भी एक है। यकीं न हो तो यहां देखिए। जन्म से ही आपस में जुड़े इन भाईयों का नाम है सोना और मोना। ये अमृतसर के पिंगलवाड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट में रहते हैं। दोनों भाई भविष्य में कुछ अलग बनने की सोच रखते हैं। सोना शिक्षक बनना चाहता है और मोना डॉक्टर। जन्म से ही शरीर से जुड़े दोनों भाइयों का भविष्य क्या होगा? ये भगवान ही जानता है लेकिन इन दोनों का प्यार इतना गहरा है कि ये दोनों एक दूसरे के लिए ही जीते है। इन दोनों के जीने का जज्बा देख सभी हैरान रह जाते हैं। उधर, डॉक्टरों की बात मानी जाए तो ऐसे बच्चों को कोन्जॉइंड ट्विंस कहा जाता है, जो विश्व में 2 लाख में से 1 बच्चा ऐसा पैदा होता है और ऐसे में 95 फीसदी बच्चे जन्म के 1 साल के भीतर ही दम तोड़ देते हैं। सोना-मोना उन्हीं में से एक हैं। अमृतसर के लोग सोना और मोना को भगवान का दूसरा रूप मानते हैं। दोनों भाई को अलग करने की बात भी कही गई, लेकिन डाक्टरों का कहना है कि चूंकि ये दोनों जन्म से ही जुड़े हैं, लेकिन किडनी, लीवर व ब्लैडर एक-एक होने के कारण इन्हें अलग नहीं किया जा सकता।
ये तस्वीरें हैं दो ऐसे सगे भाइयों की। जिनके नाम अलग हैं, हाथ अलग हैं, सिर अलग हैं और सोच अलग हैं, लेकिन धड़ एक है, लीवर एक है और किडनी भी एक है। यकीं न हो तो यहां देखिए। जन्म से ही आपस में जुड़े इन भाईयों का नाम है सोना और मोना। ये अमृतसर के पिंगलवाड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट में रहते हैं। दोनों भाई भविष्य में कुछ अलग बनने की सोच रखते हैं। सोना शिक्षक बनना चाहता है और मोना डॉक्टर। जन्म से ही शरीर से जुड़े दोनों भाइयों का भविष्य क्या होगा? ये भगवान ही जानता है लेकिन इन दोनों का प्यार इतना गहरा है कि ये दोनों एक दूसरे के लिए ही जीते है। इन दोनों के जीने का जज्बा देख सभी हैरान रह जाते हैं। उधर, डॉक्टरों की बात मानी जाए तो ऐसे बच्चों को कोन्जॉइंड ट्विंस कहा जाता है, जो विश्व में दो लाख में से एक बच्चा ऐसा पैदा होता है और ऐसे में पचानवे फीसदी बच्चे जन्म के एक साल के भीतर ही दम तोड़ देते हैं। सोना-मोना उन्हीं में से एक हैं। अमृतसर के लोग सोना और मोना को भगवान का दूसरा रूप मानते हैं। दोनों भाई को अलग करने की बात भी कही गई, लेकिन डाक्टरों का कहना है कि चूंकि ये दोनों जन्म से ही जुड़े हैं, लेकिन किडनी, लीवर व ब्लैडर एक-एक होने के कारण इन्हें अलग नहीं किया जा सकता।
Realme के दो स्मार्टफोन की सेलिंग आज से शुरू हो रही हैं। यह दोनों स्मार्टफोन ई-काॅमर्स साइट फ्लिपकार्ट एवं रियलमी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन स्मार्टफोन में शानदार फीसर्च के साथ ही वाजिब कीमत रखी गई हैं। रियलमी के जो दो स्मार्टफोन की आज से सेल शुरू होनी हैं। उनमें Realme 6i, Realme Narzo 10A शामिल है। यह सेल दोपहर 12 बजे से शुरू की जाएगी। Realme 6i को दो वेरियंट में उपलब्ध कराया गया है। पहला 4 जीबी रैम एवं 64 जीबी स्टोरेज दिया गया है। जिसकी कीमत 12, 999 रूपए रखी गई है। जबकि दूसरे वेरियंट में 6 जीबी रैम एवं 64 जीबी स्टोरेज दिया गया है। जिसकी कीमत 14,999 रूपए रखी गई है। इसी तरह Realme Narzo 10A को भी दो वेरियंट में लांच किया गया हैं। 3 जीबी रैम एवं 32 जीबी स्टोरेज वाले स्मार्टफोन की कीमत 8,999 रूपए रखी गई है। जबकि 4 जीबी रैम एवं 64 जीबी स्टोरेज वाले वेरियंट की कीमत 9,999 रूपए रखी गई है। इन दोनों स्मार्टफोन को आॅन लाइन प्लेटफार्म Flipkart and realme.com पर खरीदी के लिए उपलब्ध कराया गया हैं। SBI के क्रेडिट कार्ड एवं EMI के तहत खरीदी करने पर 5 प्रतिशत का डिस्काउंट तुरंत दिया जाएगा। इसी तरह कस्टमर्स यदि एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड एवं एक्टिस बैंक बज क्रेडिट कार्ड से 3 से 9 महीने की नो ईएमआई प्लान के तहत खरीदी करते हैं तो 5 फीसदी का डिस्काउंट दिया जाएगा। Realme 6i में 6.5 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है। स्मार्टफोन में आॅक्टा कोर मीडिया टेक हेलियो G90T प्रोसेसर दिया गया है। फोन में प्राइमरी कैमरा 48 मेगापिक्सल का है। जबकि बैक में 8 मेगापिक्सल का सेकंडरी कैमरा दिया गया है। दो-दो मेगापिक्सल के दो सेकंडरी सेंसर दिए गए हैं। स्मार्टफोन में सेल्फी के लिए 16 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। जबकि फोन को पावर देने के लिए 4,300 एमएएच की बैटरी दी गई है जो कि 30 वाॅट फस्र्ट चर्जिंग सर्पोटेबल है। Realme Narzo 10A में 6.5 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है। स्मार्टफोन में आॅक्टा कोर मीडिया टेक हेलियो G70 प्रोसेसर दिया गया है। यह फोन 4 जीबी रैम तक उपलब्ध कराया गया हैं। तो वहीं फोटोग्राफी के लिए बैंक में तीन रियर कैमरे दिए गए है। जो कि 12 मेगापिक्सल का मेन कैमरा है। साथ ही दो मेगापिक्सल का सेकंडरी सेंसर दिया गया है। जबकि दो मेगापिक्सल का मैंक्रो सेंसर दिया गया है। फोन में फ्रंट कैमरा 5 मेगापिक्सल का दिया गया है। फोन को पावर देने के लिए 5000 एमएएच की बैटरी दी गई है। तो वहीं 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज के अलावा मेमोरी कार्ड के जरिए स्टोरेज बढ़ाया जा सकता है।
Realme के दो स्मार्टफोन की सेलिंग आज से शुरू हो रही हैं। यह दोनों स्मार्टफोन ई-काॅमर्स साइट फ्लिपकार्ट एवं रियलमी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन स्मार्टफोन में शानदार फीसर्च के साथ ही वाजिब कीमत रखी गई हैं। रियलमी के जो दो स्मार्टफोन की आज से सेल शुरू होनी हैं। उनमें Realme छःi, Realme Narzo दस एम्पीयर शामिल है। यह सेल दोपहर बारह बजे से शुरू की जाएगी। Realme छःi को दो वेरियंट में उपलब्ध कराया गया है। पहला चार जीबी रैम एवं चौंसठ जीबी स्टोरेज दिया गया है। जिसकी कीमत बारह, नौ सौ निन्यानवे रूपए रखी गई है। जबकि दूसरे वेरियंट में छः जीबी रैम एवं चौंसठ जीबी स्टोरेज दिया गया है। जिसकी कीमत चौदह,नौ सौ निन्यानवे रूपए रखी गई है। इसी तरह Realme Narzo दस एम्पीयर को भी दो वेरियंट में लांच किया गया हैं। तीन जीबी रैम एवं बत्तीस जीबी स्टोरेज वाले स्मार्टफोन की कीमत आठ,नौ सौ निन्यानवे रूपए रखी गई है। जबकि चार जीबी रैम एवं चौंसठ जीबी स्टोरेज वाले वेरियंट की कीमत नौ,नौ सौ निन्यानवे रूपए रखी गई है। इन दोनों स्मार्टफोन को आॅन लाइन प्लेटफार्म Flipkart and realme.com पर खरीदी के लिए उपलब्ध कराया गया हैं। SBI के क्रेडिट कार्ड एवं EMI के तहत खरीदी करने पर पाँच प्रतिशत का डिस्काउंट तुरंत दिया जाएगा। इसी तरह कस्टमर्स यदि एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड एवं एक्टिस बैंक बज क्रेडिट कार्ड से तीन से नौ महीने की नो ईएमआई प्लान के तहत खरीदी करते हैं तो पाँच फीसदी का डिस्काउंट दिया जाएगा। Realme छःi में छः.पाँच इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है। स्मार्टफोन में आॅक्टा कोर मीडिया टेक हेलियो Gनब्बेT प्रोसेसर दिया गया है। फोन में प्राइमरी कैमरा अड़तालीस मेगापिक्सल का है। जबकि बैक में आठ मेगापिक्सल का सेकंडरी कैमरा दिया गया है। दो-दो मेगापिक्सल के दो सेकंडरी सेंसर दिए गए हैं। स्मार्टफोन में सेल्फी के लिए सोलह मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। जबकि फोन को पावर देने के लिए चार,तीन सौ एमएएच की बैटरी दी गई है जो कि तीस वाॅट फस्र्ट चर्जिंग सर्पोटेबल है। Realme Narzo दस एम्पीयर में छः.पाँच इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया गया है। स्मार्टफोन में आॅक्टा कोर मीडिया टेक हेलियो Gसत्तर प्रोसेसर दिया गया है। यह फोन चार जीबी रैम तक उपलब्ध कराया गया हैं। तो वहीं फोटोग्राफी के लिए बैंक में तीन रियर कैमरे दिए गए है। जो कि बारह मेगापिक्सल का मेन कैमरा है। साथ ही दो मेगापिक्सल का सेकंडरी सेंसर दिया गया है। जबकि दो मेगापिक्सल का मैंक्रो सेंसर दिया गया है। फोन में फ्रंट कैमरा पाँच मेगापिक्सल का दिया गया है। फोन को पावर देने के लिए पाँच हज़ार एमएएच की बैटरी दी गई है। तो वहीं चौंसठ जीबी इंटरनल स्टोरेज के अलावा मेमोरी कार्ड के जरिए स्टोरेज बढ़ाया जा सकता है।
तिथि करने के लिए, बाजार ऑफरवेल्डिंग मशीन विभिन्न मॉडल और ब्रांड निर्माताओं की एक विशाल चयन। प्रस्तुत ब्रांड्स में से एक, जिसे ध्यान दिया जाना चाहिए, एक आधुनिक वेल्डिंग मशीन है जिसमें एक इन्वर्टर "रेसांटा साई -220 पी एन" है। वेल्डिंग मशीनों के संचालन का सिद्धांत हैकि चरण 0.4 50 हर्ट्ज की केवी एसी मानक आवृत्ति की वोल्टेज चरण में एक डीसी वोल्टेज 400 वी में बदल जाता है, जिस पलटनेवाला एक उच्च आवृत्ति वोल्टेज बदल देता है, और इसे फिर से एक डायोड पुल से सुधारा गया है। संशोधक के साथ साधारण वेल्डिंग ट्रांसफार्मर के विपरीत, एक इनवर्टर मानक एसी वोल्टेज के साथ एक वेल्डिंग उपकरण नहीं गुजरता दो कदम है, लेकिन तीन, लेकिन निरंतर ऑपरेटिंग वोल्टेज बनाम 60% है, जो वेल्डिंग मशीन द्वारा प्राप्त किया जाता परिपूर्णता 90% प्राप्त की है। वेल्डिंग उपकरण "Resanta एआईएस-220 सोम", उच्च गुणवत्ता वाले अर्धचालक सामग्री के उपयोग के माध्यम से एक निरंतर वोल्टेज भी 95% परिपूर्णता पैदा करता है। कि है, यह यह एक समान वेल्डिंग चाप ज्यादा अन्य वेल्डिंग मशीनों से अधिक स्थिर है रखने के लिए संभव बनाता है। पेशेवर वेल्डर जिन्होंने साथ काम कियाडिवाइस "रिसटा साई -220", उनकी समीक्षा डिवाइस के इन फायदे पर केंद्रित थी। इसके अलावा, श्रमिक इस तथ्य पर ध्यान देते हैं कि इनवर्टरों को वेल्डर के काम की सुविधा मिलती है और इसे बेहतर बनाते हैं। उपकरण "Resant SAI-220" तकनीकीविशेषताओं में ऐसा होता है जो वेल्डर को चाप पर ऑपरेटिंग चालू के स्थिर रखरखाव के साथ पर्याप्त मात्रा में इनपुट और आउटपुट वोल्टेज में काम करने में सक्षम बनाता है। अच्छा आर्क नियंत्रण इस तथ्य से सुनिश्चित किया जाता है कि गहन शीतलन लंबे समय तक किसी दिए गए प्रवाह के साथ चाप को रखने की अनुमति देता है। -10 से परिवेश तापमान पर स्थिर और कुशलतापूर्वक काम करने में सक्षम है के बारे मेंएस +40 से के बारे मेंसी। वायुमंडलीय वर्षा के तहत खुली हवा में काम करने की अनुमति नहीं है। "रेसांटा" इन्वर्टर "एसएआई-220" का प्रतिनिधित्व करता हैएक धातु मामला, जिसके सामने एक पैनल है। यहां डीसी केबल्स को जोड़ने के लिए ऑपरेटिंग वर्तमान, संकेत "नेटवर्क", संकेत "ओवरहेटिंग" और पावर वर्तमान कनेक्टर के मूल्य के लिए एक नियामक है। वेल्डिंग मशीन में मजबूर शीतलन प्रणाली है। इस कारण से, आवास में वेंटिलेशन छेद को लॉक करने के लिए सख्ती से मना किया जाता है। सिस्टम के संचालन पर "अति ताप के खिलाफ सुरक्षा"पैनल पर स्थित एक हल्का बल्ब सिग्नल करता है। प्रत्यक्ष प्रवाह के काम करने वाले केबल्स के लिए कनेक्टर के पास आवास पर स्पष्ट संकेत हैंः "-" पावर टर्मिनल और "+" पावर टर्मिनल। नेटवर्क से एक टंबल स्विच है - "नेटवर्क" और एक हल्का बल्ब - "नेटवर्क"। आसान परिवहन और डिवाइस के संचालन के लिए ऊपर से एक बेल्ट बनाया जाता है। वेल्डिंग इन्वर्टर "रेसांटा एसएआई-220 पीएन" में निम्नलिखित मुख्य इकाइयां शामिल हैंः सभी अर्धचालक उपकरण पर बने होते हैंआधारित ट्रांजिस्टर एमओएसएफईटी या आईजीबीटी। आर्क दहन की स्थिर गतिशीलता के उच्च गुण अर्धचालक तत्वों के उपयोग द्वारा प्रदान किए जाते हैं, जिन्हें सबसे आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके उत्पादित किया जाता है। इस क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण वस्तु हैउपकरण के प्रवाहकीय भागों के इन्सुलेशन। मानक उपकरणों से कनेक्शन डबल इन्सुलेशन के साथ एक लचीली केबल द्वारा किया जाता है, जो 2 मिनट के लिए 3000 वी तक टूटने के बिना वोल्टेज को रोकता है। वेल्डिंग मशीन के आंतरिक भागों तय कर रहे हैंयह इंसुललेटर पर स्थिर है जिसे 1000 वी के निर्माण में 3 घंटे के लिए टूटने के लिए परीक्षण किया गया है। इन धूलियों को धातु धूल और चिप्स के साथ धूल न करें। ग्राउंडिंग से चरण को रोकने के लिए नमी को डिवाइस में प्रवेश करने की अनुमति न दें, जो अनिवार्य रूप से डिवाइस को खराब होने का कारण बनता है। एआईएस की यांत्रिक सुरक्षा कक्षा आईपी 21 से मेल खाती है। यही है, 12 मिमी से अधिक की मोटाई वाली वस्तुएं डिवाइस में प्रवेश नहीं कर सकती हैं। कृपया ध्यान दें! डिवाइस "रेजैंट SAI-220" का कनेक्शन (वेल्डर की टिप्पणियां इंगित करती हैं और निर्माता के निर्देश कहते हैं) कम, ऑपरेटिंग वोल्टेज के सर्किट की असेंबली के साथ शुरू होना चाहिएः उपयोग किए गए इलेक्ट्रोड के व्यास पर निर्भर मोड, इन्वर्टर वेल्डिंग मशीन का संचालन निम्नानुसार हैंः यदि आप "Resanta SAI-220" समीक्षाओं के बारे में विश्लेषण करते हैंवेल्डर जो इस पर लंबे समय तक काम करते थे, हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि यह डिवाइस उपयोग करने के लिए बहुत सुरक्षित और सुविधाजनक है। फिर भी, ऐसे सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक हैः इन्वर्टर वेल्डिंग मशीनें तेजी से बढ़ रही हैंउपभोक्ताओं के साथ लोकप्रिय हो जाओ। विशेष रूप से वे गैर-पेशेवरों के साथ कम वजन (6 किलो तक), ऑपरेशन में आसानी और उपयोग में आसानी के कारण लोकप्रिय हो गए। उनके लिए कीमतें काफी लोकतांत्रिक हैंः $ 150 से $ 250 प्रति यूनिट तक। "रेसांटा एसएआई-220 पीएन" पर कीमत 210 से लेकर हैविभिन्न संशोधनों के लिए 240 डॉलर, जिसका प्रदर्शन प्रयुक्त अर्धचालक तत्वों और ब्लॉक पर निर्भर करता है। सर्विसिंग में सरलता एआईएस को इसी तरह के उत्पादों के बीच प्रमुख पदों को जीतने की अनुमति देती है। निर्माता लगातार राय सुनता हैइसके ग्राहकों और न केवल बिक्री की गतिशीलता को ट्रैक करता है, बल्कि इसके उत्पादों की समीक्षा भी करता है। इस उद्देश्य के लिए, इंटरनेट पर एक विशेष वेबसाइट बनाई गई है, जहां हर इच्छुक और उदासीन व्यक्ति अपनी प्रतिक्रिया छोड़ सकता है। ये समीक्षा न केवल निर्माता के लिए दिलचस्प है, बल्कि अन्य उपभोक्ताओं के लिए भी दिलचस्प है। असल में, वेल्डिंग मशीन "Resantaएआईएस-220 "सबसे सकारात्मक समीक्षा और चापलूसी। लेकिन वहाँ उन है कि कहना है कि वह थोड़ी देर के गीले मौसम में उस पर काम कर रहे हैं" plucked "बिजली। उपभोक्ताओं तो यह उपयोगी है एक बार फिर से किसी भी बिजली के उपकरणों और उपकरणों बंदरगाहों के साथ काम है कि याद दिलाने के लिए खतरा अगर बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं। उपकरण वेल्डिंग 5 मिमी इलेक्ट्रोड व्यास के दौरान केवल 5.5 किलो वजन 15 किलोवाट है, जो पर्याप्त है की क्षमता के लिए सुनिश्चित करें कि पत्थर 10 किलो ऊंचाई मंजिला घर फेंक देते हैं। इसलिए एक अतिरिक्त सतर्क है रीढ़ की हड्डी जब ऊर्जा प्रधान उपकरणों का उपयोग नहीं होता है। सभी सावधानियां और सुरक्षा सावधानी बरतें,जो डिवाइस के निर्देशों में वर्णित हैं, को सख्ती से देखा जाना चाहिए। यदि स्थिर ग्राउंडिंग डिवाइस के साथ कोई आरसीडी और तीन-कोर बिजली आपूर्ति प्रणाली नहीं है, तो पोर्टेबल अस्थायी ग्राउंडिंग और इसका उपयोग करना अनिवार्य है। लोक कारीगर सबकुछ मरम्मत कर सकते हैं। और इस शौक के खिलाफ किसी के खिलाफ कुछ भी नहीं है। लेकिन "निवासी एसएआई-220 पीएन" की मरम्मत आसान से बहुत दूर है। इस उच्च तकनीक विशेषताओं को इस तथ्य के कारण सुनिश्चित किया जाता है कि इस वेल्डिंग मशीन के सभी घटक भाग बहुत सटीक रूप से संतुलित होते हैं। यह किसी भी इन्वर्टर फिट नहीं है। नहीं, अगर एक और इन्वर्टर जो कम तरफ के आउटपुट पर डिवाइस से गुज़रने की अनुमति देता है तो लगभग 220 ए है, तो डिवाइस काम करेगा, लेकिन वेल्डिंग चाप की स्थिरता कम हो जाएगी। यह अस्पष्ट है। सुधारक शक्ति इकाई में इन्वर्टर के इनपुट और आउटपुट प्रतिरोध के बीच एक विसंगति इसकी स्थायित्व को काफी कम कर देगी। और यह प्रत्येक नोड के लिए ऐसा है।
तिथि करने के लिए, बाजार ऑफरवेल्डिंग मशीन विभिन्न मॉडल और ब्रांड निर्माताओं की एक विशाल चयन। प्रस्तुत ब्रांड्स में से एक, जिसे ध्यान दिया जाना चाहिए, एक आधुनिक वेल्डिंग मशीन है जिसमें एक इन्वर्टर "रेसांटा साई -दो सौ बीस पी एन" है। वेल्डिंग मशीनों के संचालन का सिद्धांत हैकि चरण शून्य.चार पचास हर्ट्ज की केवी एसी मानक आवृत्ति की वोल्टेज चरण में एक डीसी वोल्टेज चार सौ वी में बदल जाता है, जिस पलटनेवाला एक उच्च आवृत्ति वोल्टेज बदल देता है, और इसे फिर से एक डायोड पुल से सुधारा गया है। संशोधक के साथ साधारण वेल्डिंग ट्रांसफार्मर के विपरीत, एक इनवर्टर मानक एसी वोल्टेज के साथ एक वेल्डिंग उपकरण नहीं गुजरता दो कदम है, लेकिन तीन, लेकिन निरंतर ऑपरेटिंग वोल्टेज बनाम साठ% है, जो वेल्डिंग मशीन द्वारा प्राप्त किया जाता परिपूर्णता नब्बे% प्राप्त की है। वेल्डिंग उपकरण "Resanta एआईएस-दो सौ बीस सोम", उच्च गुणवत्ता वाले अर्धचालक सामग्री के उपयोग के माध्यम से एक निरंतर वोल्टेज भी पचानवे% परिपूर्णता पैदा करता है। कि है, यह यह एक समान वेल्डिंग चाप ज्यादा अन्य वेल्डिंग मशीनों से अधिक स्थिर है रखने के लिए संभव बनाता है। पेशेवर वेल्डर जिन्होंने साथ काम कियाडिवाइस "रिसटा साई -दो सौ बीस", उनकी समीक्षा डिवाइस के इन फायदे पर केंद्रित थी। इसके अलावा, श्रमिक इस तथ्य पर ध्यान देते हैं कि इनवर्टरों को वेल्डर के काम की सुविधा मिलती है और इसे बेहतर बनाते हैं। उपकरण "Resant SAI-दो सौ बीस" तकनीकीविशेषताओं में ऐसा होता है जो वेल्डर को चाप पर ऑपरेटिंग चालू के स्थिर रखरखाव के साथ पर्याप्त मात्रा में इनपुट और आउटपुट वोल्टेज में काम करने में सक्षम बनाता है। अच्छा आर्क नियंत्रण इस तथ्य से सुनिश्चित किया जाता है कि गहन शीतलन लंबे समय तक किसी दिए गए प्रवाह के साथ चाप को रखने की अनुमति देता है। -दस से परिवेश तापमान पर स्थिर और कुशलतापूर्वक काम करने में सक्षम है के बारे मेंएस +चालीस से के बारे मेंसी। वायुमंडलीय वर्षा के तहत खुली हवा में काम करने की अनुमति नहीं है। "रेसांटा" इन्वर्टर "एसएआई-दो सौ बीस" का प्रतिनिधित्व करता हैएक धातु मामला, जिसके सामने एक पैनल है। यहां डीसी केबल्स को जोड़ने के लिए ऑपरेटिंग वर्तमान, संकेत "नेटवर्क", संकेत "ओवरहेटिंग" और पावर वर्तमान कनेक्टर के मूल्य के लिए एक नियामक है। वेल्डिंग मशीन में मजबूर शीतलन प्रणाली है। इस कारण से, आवास में वेंटिलेशन छेद को लॉक करने के लिए सख्ती से मना किया जाता है। सिस्टम के संचालन पर "अति ताप के खिलाफ सुरक्षा"पैनल पर स्थित एक हल्का बल्ब सिग्नल करता है। प्रत्यक्ष प्रवाह के काम करने वाले केबल्स के लिए कनेक्टर के पास आवास पर स्पष्ट संकेत हैंः "-" पावर टर्मिनल और "+" पावर टर्मिनल। नेटवर्क से एक टंबल स्विच है - "नेटवर्क" और एक हल्का बल्ब - "नेटवर्क"। आसान परिवहन और डिवाइस के संचालन के लिए ऊपर से एक बेल्ट बनाया जाता है। वेल्डिंग इन्वर्टर "रेसांटा एसएआई-दो सौ बीस पीएन" में निम्नलिखित मुख्य इकाइयां शामिल हैंः सभी अर्धचालक उपकरण पर बने होते हैंआधारित ट्रांजिस्टर एमओएसएफईटी या आईजीबीटी। आर्क दहन की स्थिर गतिशीलता के उच्च गुण अर्धचालक तत्वों के उपयोग द्वारा प्रदान किए जाते हैं, जिन्हें सबसे आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके उत्पादित किया जाता है। इस क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण वस्तु हैउपकरण के प्रवाहकीय भागों के इन्सुलेशन। मानक उपकरणों से कनेक्शन डबल इन्सुलेशन के साथ एक लचीली केबल द्वारा किया जाता है, जो दो मिनट के लिए तीन हज़ार वी तक टूटने के बिना वोल्टेज को रोकता है। वेल्डिंग मशीन के आंतरिक भागों तय कर रहे हैंयह इंसुललेटर पर स्थिर है जिसे एक हज़ार वी के निर्माण में तीन घंटाटे के लिए टूटने के लिए परीक्षण किया गया है। इन धूलियों को धातु धूल और चिप्स के साथ धूल न करें। ग्राउंडिंग से चरण को रोकने के लिए नमी को डिवाइस में प्रवेश करने की अनुमति न दें, जो अनिवार्य रूप से डिवाइस को खराब होने का कारण बनता है। एआईएस की यांत्रिक सुरक्षा कक्षा आईपी इक्कीस से मेल खाती है। यही है, बारह मिमी से अधिक की मोटाई वाली वस्तुएं डिवाइस में प्रवेश नहीं कर सकती हैं। कृपया ध्यान दें! डिवाइस "रेजैंट SAI-दो सौ बीस" का कनेक्शन कम, ऑपरेटिंग वोल्टेज के सर्किट की असेंबली के साथ शुरू होना चाहिएः उपयोग किए गए इलेक्ट्रोड के व्यास पर निर्भर मोड, इन्वर्टर वेल्डिंग मशीन का संचालन निम्नानुसार हैंः यदि आप "Resanta SAI-दो सौ बीस" समीक्षाओं के बारे में विश्लेषण करते हैंवेल्डर जो इस पर लंबे समय तक काम करते थे, हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि यह डिवाइस उपयोग करने के लिए बहुत सुरक्षित और सुविधाजनक है। फिर भी, ऐसे सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक हैः इन्वर्टर वेल्डिंग मशीनें तेजी से बढ़ रही हैंउपभोक्ताओं के साथ लोकप्रिय हो जाओ। विशेष रूप से वे गैर-पेशेवरों के साथ कम वजन , ऑपरेशन में आसानी और उपयोग में आसानी के कारण लोकप्रिय हो गए। उनके लिए कीमतें काफी लोकतांत्रिक हैंः एक सौ पचास डॉलर से दो सौ पचास डॉलर प्रति यूनिट तक। "रेसांटा एसएआई-दो सौ बीस पीएन" पर कीमत दो सौ दस से लेकर हैविभिन्न संशोधनों के लिए दो सौ चालीस डॉलर, जिसका प्रदर्शन प्रयुक्त अर्धचालक तत्वों और ब्लॉक पर निर्भर करता है। सर्विसिंग में सरलता एआईएस को इसी तरह के उत्पादों के बीच प्रमुख पदों को जीतने की अनुमति देती है। निर्माता लगातार राय सुनता हैइसके ग्राहकों और न केवल बिक्री की गतिशीलता को ट्रैक करता है, बल्कि इसके उत्पादों की समीक्षा भी करता है। इस उद्देश्य के लिए, इंटरनेट पर एक विशेष वेबसाइट बनाई गई है, जहां हर इच्छुक और उदासीन व्यक्ति अपनी प्रतिक्रिया छोड़ सकता है। ये समीक्षा न केवल निर्माता के लिए दिलचस्प है, बल्कि अन्य उपभोक्ताओं के लिए भी दिलचस्प है। असल में, वेल्डिंग मशीन "Resantaएआईएस-दो सौ बीस "सबसे सकारात्मक समीक्षा और चापलूसी। लेकिन वहाँ उन है कि कहना है कि वह थोड़ी देर के गीले मौसम में उस पर काम कर रहे हैं" plucked "बिजली। उपभोक्ताओं तो यह उपयोगी है एक बार फिर से किसी भी बिजली के उपकरणों और उपकरणों बंदरगाहों के साथ काम है कि याद दिलाने के लिए खतरा अगर बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं। उपकरण वेल्डिंग पाँच मिमी इलेक्ट्रोड व्यास के दौरान केवल पाँच.पाँच किलो वजन पंद्रह किलोग्रामवाट है, जो पर्याप्त है की क्षमता के लिए सुनिश्चित करें कि पत्थर दस किलो ऊंचाई मंजिला घर फेंक देते हैं। इसलिए एक अतिरिक्त सतर्क है रीढ़ की हड्डी जब ऊर्जा प्रधान उपकरणों का उपयोग नहीं होता है। सभी सावधानियां और सुरक्षा सावधानी बरतें,जो डिवाइस के निर्देशों में वर्णित हैं, को सख्ती से देखा जाना चाहिए। यदि स्थिर ग्राउंडिंग डिवाइस के साथ कोई आरसीडी और तीन-कोर बिजली आपूर्ति प्रणाली नहीं है, तो पोर्टेबल अस्थायी ग्राउंडिंग और इसका उपयोग करना अनिवार्य है। लोक कारीगर सबकुछ मरम्मत कर सकते हैं। और इस शौक के खिलाफ किसी के खिलाफ कुछ भी नहीं है। लेकिन "निवासी एसएआई-दो सौ बीस पीएन" की मरम्मत आसान से बहुत दूर है। इस उच्च तकनीक विशेषताओं को इस तथ्य के कारण सुनिश्चित किया जाता है कि इस वेल्डिंग मशीन के सभी घटक भाग बहुत सटीक रूप से संतुलित होते हैं। यह किसी भी इन्वर्टर फिट नहीं है। नहीं, अगर एक और इन्वर्टर जो कम तरफ के आउटपुट पर डिवाइस से गुज़रने की अनुमति देता है तो लगभग दो सौ बीस ए है, तो डिवाइस काम करेगा, लेकिन वेल्डिंग चाप की स्थिरता कम हो जाएगी। यह अस्पष्ट है। सुधारक शक्ति इकाई में इन्वर्टर के इनपुट और आउटपुट प्रतिरोध के बीच एक विसंगति इसकी स्थायित्व को काफी कम कर देगी। और यह प्रत्येक नोड के लिए ऐसा है।
सहारनपुर। मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा है कि आय के नये स्त्रोत खोजे जायेंगे और प्रयास किया जायेगा कि लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाया जाए। जिन लोगों पर निगम का करोड़ों रुपये बकाया है, वह वसूला जायेगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अच्छा वातावरण देते हुए यात्रा मार्ग पर पेयजल, बिजली, स्वास्थय आदि सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराते हुए कांवड को श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जायेगा। मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह आज अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो भी विकास कार्य चल रहे हैं वह समयबद्व पूरे हो, इसके लिए सम्बंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर उनकी नीति जीरो टॉलरेंस की रहेगी। केवल कागजी कार्रवाई नहीं होगी त्वरित कार्रवाई करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि एक विभागीय चार्टर बनाया जायेगा, निर्माण या अन्य विभागों से सम्बद्ध कार्य पूर्ण होने के बाद एक निश्चित समय में उसकी जांच और उसके बाद समय से उसका भुगतान कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरा निगम ई-निगम बनाया जायेगा। मेयर ने बताया कि अधिकारियों को स्पष्ट बता दिया गया है कि वे जनता के साथ सद्भाव पूर्ण व्यवहार करें, कोई भी अधिकारी किसी भी स्तर का क्यों न हो उसे किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार या प्रताड़ित करने का अधिकार नहीं है। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी दायरे में जो भी कार्यवाही संभव होगी वह की जायेगी। मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि जहां भी विकास कार्य होंगे उनका स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा। समस्याओं के समाधान के लिए लोगों से निरंतर संवाद किया जायेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि घंटाघर से कचहरी पुल और जीपीओ रोड व रेलवे रोड पर स्मार्ट रोड़ का कार्य काफी पूरा हो चुका है, वहां बेहतर विद्युत व्यवस्था, हरित पट्टी, सर्विस रोड़, पार्किंग प्लेस और पैदल चलने के लिए स्थान दिया गया है। एक-दो महीने में हम यह तीनों स्मार्ट रोड़ जनता को समर्पित कर देंगे। अतिक्रमण के संबंध में उन्होंने कहा कि हम लोगों से प्रार्थना करेंगे कि वे सड़कों, नालों एवं फुटपाथ से स्वयं अपना स्थायी-अस्थायी अतिक्रमण हटा लें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए शहर के लोग उनकी बात मानेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी गरीब आदमी पर कुठाराघात न हो इसके लिए किसी गरीब की ठेली हटाने से पहले उसे स्थान उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान जब चलेगा तो सबके लिए समान रुप से चलेगा। उसमें कोई पक्षपात नहीं किया जायेगा। बस स्टैंड के सम्बंध में मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि यह समस्या काफी पुरानी है और शहर की जनसंख्या के साथ बसों की संख्या भी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि तीन चार स्थान चिन्हित किये गए हैं, परिवहन मंत्री जी से भी बात की गयी है अगले एक वर्ष में उम्मीद है कि शहर को एक स्थायी और सभी सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड उपलब्ध करा दिया जायेगा। जलभराव के सम्बंध में उन्होंने कहा कि नालों की लगातार सफाई करायी जा रही है। हमारा प्रयास यह है कि शहर जलभराव से मुक्त रहे। लेकिन इसके लिए लोगों को भी नालों को खुला छोड़ना होगा तथा जिन तालाबों पर कब्जे किये गए है उनसे कब्जे हटाने होंगे। उन्होंने कहा कि निगम में शामिल 32 गांवों में बिजली, पानी, शौचालय और सफाई की व्यवस्था कराकर उन्हें मुख्यधारा में लाया जायेगा।
सहारनपुर। मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा है कि आय के नये स्त्रोत खोजे जायेंगे और प्रयास किया जायेगा कि लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाया जाए। जिन लोगों पर निगम का करोड़ों रुपये बकाया है, वह वसूला जायेगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अच्छा वातावरण देते हुए यात्रा मार्ग पर पेयजल, बिजली, स्वास्थय आदि सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराते हुए कांवड को श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराया जायेगा। मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह आज अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो भी विकास कार्य चल रहे हैं वह समयबद्व पूरे हो, इसके लिए सम्बंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर उनकी नीति जीरो टॉलरेंस की रहेगी। केवल कागजी कार्रवाई नहीं होगी त्वरित कार्रवाई करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि एक विभागीय चार्टर बनाया जायेगा, निर्माण या अन्य विभागों से सम्बद्ध कार्य पूर्ण होने के बाद एक निश्चित समय में उसकी जांच और उसके बाद समय से उसका भुगतान कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरा निगम ई-निगम बनाया जायेगा। मेयर ने बताया कि अधिकारियों को स्पष्ट बता दिया गया है कि वे जनता के साथ सद्भाव पूर्ण व्यवहार करें, कोई भी अधिकारी किसी भी स्तर का क्यों न हो उसे किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार या प्रताड़ित करने का अधिकार नहीं है। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी दायरे में जो भी कार्यवाही संभव होगी वह की जायेगी। मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि जहां भी विकास कार्य होंगे उनका स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा। समस्याओं के समाधान के लिए लोगों से निरंतर संवाद किया जायेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि घंटाघर से कचहरी पुल और जीपीओ रोड व रेलवे रोड पर स्मार्ट रोड़ का कार्य काफी पूरा हो चुका है, वहां बेहतर विद्युत व्यवस्था, हरित पट्टी, सर्विस रोड़, पार्किंग प्लेस और पैदल चलने के लिए स्थान दिया गया है। एक-दो महीने में हम यह तीनों स्मार्ट रोड़ जनता को समर्पित कर देंगे। अतिक्रमण के संबंध में उन्होंने कहा कि हम लोगों से प्रार्थना करेंगे कि वे सड़कों, नालों एवं फुटपाथ से स्वयं अपना स्थायी-अस्थायी अतिक्रमण हटा लें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए शहर के लोग उनकी बात मानेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी गरीब आदमी पर कुठाराघात न हो इसके लिए किसी गरीब की ठेली हटाने से पहले उसे स्थान उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान जब चलेगा तो सबके लिए समान रुप से चलेगा। उसमें कोई पक्षपात नहीं किया जायेगा। बस स्टैंड के सम्बंध में मेयर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि यह समस्या काफी पुरानी है और शहर की जनसंख्या के साथ बसों की संख्या भी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि तीन चार स्थान चिन्हित किये गए हैं, परिवहन मंत्री जी से भी बात की गयी है अगले एक वर्ष में उम्मीद है कि शहर को एक स्थायी और सभी सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड उपलब्ध करा दिया जायेगा। जलभराव के सम्बंध में उन्होंने कहा कि नालों की लगातार सफाई करायी जा रही है। हमारा प्रयास यह है कि शहर जलभराव से मुक्त रहे। लेकिन इसके लिए लोगों को भी नालों को खुला छोड़ना होगा तथा जिन तालाबों पर कब्जे किये गए है उनसे कब्जे हटाने होंगे। उन्होंने कहा कि निगम में शामिल बत्तीस गांवों में बिजली, पानी, शौचालय और सफाई की व्यवस्था कराकर उन्हें मुख्यधारा में लाया जायेगा।
BAREILLY: इज्जतनगर के बिहार मान नगला में जन सहकारी कल्याण समिति की जमीन के फर्जी बैनामे की जांच पुलिस ने स्टार्ट कर दी है। इसके लिए पुराने रिकॉर्ड भी पुलिस खंगाले जा रहे हैं क्योंकि इस केस में पहले भी दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। समिति के अध्यक्ष एसडीएम सदर ने फ्राइडे को समिति के सचिव पंकज मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस जांच में जो भी सामने आएगा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
BAREILLY: इज्जतनगर के बिहार मान नगला में जन सहकारी कल्याण समिति की जमीन के फर्जी बैनामे की जांच पुलिस ने स्टार्ट कर दी है। इसके लिए पुराने रिकॉर्ड भी पुलिस खंगाले जा रहे हैं क्योंकि इस केस में पहले भी दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। समिति के अध्यक्ष एसडीएम सदर ने फ्राइडे को समिति के सचिव पंकज मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस जांच में जो भी सामने आएगा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली। अक्सर विवादों में रहने वाले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑल राउंडर शाहिद अफरीदी एक बार फिर अपने एक ट्वीट के लिए खबर में हैं। अफरीदी अपने साथी खिलाड़ियों के साथ अक्सर नोंक झोक करते रहते हैं। फिर चाहें खिलाड़ी उनकी अपनी टीम के क्यों न हों। अफरीदी और भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बैट्समैन गौतम गंभीर के बीच का तनाव किसी से छिपा नहीं है। अफरीदी ने ट्विटर पर लिखा है कि वो गौतम के साथ कभी दोस्ती नहीं कर सकते। अपने फैन से ट्विटर पर बात करते हुए शाहिद ने कहा कि वो भारत के एक ही खिलाड़ी से नफरत करते हैं और वो है गौतम गंभीर। अफरीदी ने ये जवाब अपने एक फैन के पूछे गए सवाल का दिया जिसमें उसने पूछा था कि क्या उनकी कभी गंभीर से दोस्ती हो सकती है। अफरीदी और गंभीर के बीच विवाद कानपुर में 2007 में हुए एक मैच के दौरान शुरू हुआ था। जिसमें शाहिद अफरीदी ने कहा था कि भारत के लोग पाकिस्तानियों की तरह बड़े दिल के नहीं होते। अफरीदी के इस बयान के बाद गंभीर ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। गौतम गंभीर ने वर्ल्ड कप की जीत को 26/11 हमले में शहीद हुए लोगों को समर्पित किया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के आतंकियों ने हमारे लोगों को मारा। जिस पर अफरीदी ने बयान दिया था कि गंभीर का यह बयान दिखाता है कि वो कितने बेवकूफ हैं। गंभीर ने इसपर कहा था कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों को ज्यादा बोलने की आदत है, हमें इन्हें नज़रअंदाज करना चाहिए।
नई दिल्ली। अक्सर विवादों में रहने वाले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ऑल राउंडर शाहिद अफरीदी एक बार फिर अपने एक ट्वीट के लिए खबर में हैं। अफरीदी अपने साथी खिलाड़ियों के साथ अक्सर नोंक झोक करते रहते हैं। फिर चाहें खिलाड़ी उनकी अपनी टीम के क्यों न हों। अफरीदी और भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बैट्समैन गौतम गंभीर के बीच का तनाव किसी से छिपा नहीं है। अफरीदी ने ट्विटर पर लिखा है कि वो गौतम के साथ कभी दोस्ती नहीं कर सकते। अपने फैन से ट्विटर पर बात करते हुए शाहिद ने कहा कि वो भारत के एक ही खिलाड़ी से नफरत करते हैं और वो है गौतम गंभीर। अफरीदी ने ये जवाब अपने एक फैन के पूछे गए सवाल का दिया जिसमें उसने पूछा था कि क्या उनकी कभी गंभीर से दोस्ती हो सकती है। अफरीदी और गंभीर के बीच विवाद कानपुर में दो हज़ार सात में हुए एक मैच के दौरान शुरू हुआ था। जिसमें शाहिद अफरीदी ने कहा था कि भारत के लोग पाकिस्तानियों की तरह बड़े दिल के नहीं होते। अफरीदी के इस बयान के बाद गंभीर ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। गौतम गंभीर ने वर्ल्ड कप की जीत को छब्बीस/ग्यारह हमले में शहीद हुए लोगों को समर्पित किया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के आतंकियों ने हमारे लोगों को मारा। जिस पर अफरीदी ने बयान दिया था कि गंभीर का यह बयान दिखाता है कि वो कितने बेवकूफ हैं। गंभीर ने इसपर कहा था कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों को ज्यादा बोलने की आदत है, हमें इन्हें नज़रअंदाज करना चाहिए।
SCO Summit 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर से शुरू होने वाली शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन (SCO Summit 2022) में शामिल होंगे। यह शिखर सम्मेलन उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के समरकंद (Samarkand) में आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल होंगे। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी हो सकती है। इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी की फेस टू फेस द्विपक्षीय बैठक ब्राजील के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हुई थी, जिसे नवंबर 2019 में आयोजित किया गया था। क्या होगा पीएम का शेड्यूल? प्रधानमंत्री 14 सितंबर को समरकंद पहुंचेंगे और दो दिवसीय शिखर बैठक में शामिल होकर 16 सितंबर को भारत (India) वापस लौटेंगे. शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर को होगा। इससे पहले जून 2019 में कर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ सम्मेलन किया गया था. शिखर सम्मेलन में भारत की उपस्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शिखर सम्मेलन के अंत में एससीओ की रोटेशनल प्रेसीडेंसी ग्रहण करेगा। भारत सितंबर 2023 तक एक साल के लिए समूह की अध्यक्षता करेगा। अगले साल भारत एससीओ सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें चीन, रूस और पाकिस्तान के नेता शामिल होंगे। बैठक के दौराना रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बदली भू-राजनीतिक स्थिति और इसके प्रभाव पर चर्चा हो सकती है। चूंकि एससीओ के कई सदस्य देश अफगानिस्तान के पड़ोसी है, इसलिए तालिबान शासन को लेकर बैठक में चर्चा हो सकती है। समरकंद में पिछले छह महीने से एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता होगी या नहीं, यह साफ नहीं है क्योंकि शनिवार रात तक भारत और पाकिस्तान के बीच कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ था। शिखर सम्मेलन के अलावा, विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठकें होंगी या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
SCO Summit दो हज़ार बाईस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंद्रह सितंबर से शुरू होने वाली शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह शिखर सम्मेलन उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल होंगे। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी हो सकती है। इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी की फेस टू फेस द्विपक्षीय बैठक ब्राजील के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हुई थी, जिसे नवंबर दो हज़ार उन्नीस में आयोजित किया गया था। क्या होगा पीएम का शेड्यूल? प्रधानमंत्री चौदह सितंबर को समरकंद पहुंचेंगे और दो दिवसीय शिखर बैठक में शामिल होकर सोलह सितंबर को भारत वापस लौटेंगे. शिखर सम्मेलन पंद्रह-सोलह सितंबर को होगा। इससे पहले जून दो हज़ार उन्नीस में कर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ सम्मेलन किया गया था. शिखर सम्मेलन में भारत की उपस्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शिखर सम्मेलन के अंत में एससीओ की रोटेशनल प्रेसीडेंसी ग्रहण करेगा। भारत सितंबर दो हज़ार तेईस तक एक साल के लिए समूह की अध्यक्षता करेगा। अगले साल भारत एससीओ सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें चीन, रूस और पाकिस्तान के नेता शामिल होंगे। बैठक के दौराना रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बदली भू-राजनीतिक स्थिति और इसके प्रभाव पर चर्चा हो सकती है। चूंकि एससीओ के कई सदस्य देश अफगानिस्तान के पड़ोसी है, इसलिए तालिबान शासन को लेकर बैठक में चर्चा हो सकती है। समरकंद में पिछले छह महीने से एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता होगी या नहीं, यह साफ नहीं है क्योंकि शनिवार रात तक भारत और पाकिस्तान के बीच कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ था। शिखर सम्मेलन के अलावा, विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठकें होंगी या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
Indian Railways: भारतीय रेलवे समय-समय पर अपने यात्रियों के लिए बदलाव और नए-नए तोहफे देती रहती है वहीं पर क्रिसमस और नए साल पर यात्रियों को नया तोहफा मिलने जा रहा है जहां पर केरल जैसे शहरों में सेलिब्रेशन को खुशगुजार बनाने के लिए 50 स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। आपको बताते चलें कि, भारतीय रेलवे ने इन सभी पैसेंजर्स का ध्यान रखते हुए त्योहारों के मौसम में केरल के लिए कई सारी फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है. दक्षिण रेलवे (Southern Railways) ने एक बयान में बताया कि इस दौरान केरल के विभिन्न हिस्सों के लिए 20 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. इसके अलावा दूसरे जोन से भी केरल के लिए स्पेशल ट्रेनों को चलाया जाएगा। बता दें कि, साउथ वेस्टर्न रेलवे से 8, ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 4 और साउथ सेंट्रल रेलवे से 22 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
Indian Railways: भारतीय रेलवे समय-समय पर अपने यात्रियों के लिए बदलाव और नए-नए तोहफे देती रहती है वहीं पर क्रिसमस और नए साल पर यात्रियों को नया तोहफा मिलने जा रहा है जहां पर केरल जैसे शहरों में सेलिब्रेशन को खुशगुजार बनाने के लिए पचास स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। आपको बताते चलें कि, भारतीय रेलवे ने इन सभी पैसेंजर्स का ध्यान रखते हुए त्योहारों के मौसम में केरल के लिए कई सारी फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है. दक्षिण रेलवे ने एक बयान में बताया कि इस दौरान केरल के विभिन्न हिस्सों के लिए बीस से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. इसके अलावा दूसरे जोन से भी केरल के लिए स्पेशल ट्रेनों को चलाया जाएगा। बता दें कि, साउथ वेस्टर्न रेलवे से आठ, ईस्ट सेंट्रल रेलवे से चार और साउथ सेंट्रल रेलवे से बाईस ट्रेनें चलाई जाएंगी।
आज हम बात करेंगे नए साल की जी हां जैसा की आप सभी जानते हैं कि अब नए साल को आने में काफी कम दिन रह गया है और अब जल्द ही हम सभी साल 2018 को अलविदा कह साल 2019 में कदम रखने वाले हैं। हर किसी के मन में नए साल को लेकर काफी कुछ बाते रहती है हर इंसान चाहता है कि आने वाला नया साल उसके जीवन में सिर्फ खुशियां लाए। पर आज हम आपको कुछ राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं जी हां क्योंकि ज्योतिष शास्त्रों का मानना है की कुल 12 में से कुछ राशियां ऐसी है जिनका बुरा भाग्य दूर होने वाला है और तो और इसके साथ ही साथ इनपर कुबेर देवता मेहरबान होने वाले हैं। जी हां इतना ही नहीं इनको काफी धन लाभ होने का भी योग बन रहा है यानि की कुल मिलाकर इन राशियों के जीवन में खुशियां ही खुशियां आने वाली है। तो आइए जानते हैं आखिर कौन सी है वो राशि. . सबसे पहले बारी अाती है मेष राशि वाले जातकों की जिनका समय बेहद ही शुभ होने वाला है जी हां ये जातक आने वाले नए साल में मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे, इसके साथ ही साथ इन्हे जीवन में नयापन महसूस होगा। अगर ये चाहे तो कार्यक्षेत्र में कठिन परिश्रम कर आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि इनका समय इनके अनुकुल है। विद्यार्थियों के लिए आने वाला समय अच्छा रहेगा आपके घर परिवार का वातावरण सुखमय रहेगा। अब बात करते हैं मिथुन राशि वाले की जिनका आने वाला समय खुशहाली पूर्वक व्यतीत होगा इतना ही नहीं ये भी बता दें की कुबेर देवता की कृपा से आपके सभी बिगड़े हुए कार्य पूरे होंगे इनके स्वास्थ्य में सुधार आएगा यदि आप निवेश करते हैं तो उसमें भारी लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। इसलिए आप इन दिनों अपने काम को बढ़ा सकते हैं। अब बात करते हैं सिंह राशि वालों की तो आने वाले दिनों में इन व्यक्तियों के ऊपर कुबेर देवता मेहरबान रहने वाले हैं। इतना ही नहीं इस राशि वाले जातकों में आत्मविश्वास में वृद्धि होगी आप अपने सभी कार्य दृढ़ इच्छाशक्ति से पूरा करेंगे आपके व्यवहार से लोग प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा ये भी बता दें की इन जातकों को सरकारी कार्यों में लाभ मिलेगा घर परिवार का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। अब इस लिस्ट में तुला राशि वाले भी आते हैं जी हां इन जातकों पर आने वाले नए साल में कुबेर देवता की कृपा खुब बनी रहेगी इसके अलावा हो सकता है की ये अपने मित्रों के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बना सकते हैं। इसके अलावा बता दें की जो व्यापारी है उनको अपने व्यापारिक क्षेत्र में भारी लाभ प्राप्त होगा। इस आने वाले नए साल में मानसिक और शारीरिक कष्टों से छुटकारा मिलेगा आपका पुराना वाद विवाद सुलझ सकता है। अगर बात करें वृश्चिक राशि की तो इन जातकों को कुबेर देवता की कृपा प्राप्त होने वाली है इसके साथ ही साथ व्यवसाय और व्यापार के क्षेत्र में भी सफलता मिलने वाली है। बताते चलें की इस दौरान इनकी बुद्धि प्रतिभा की प्रशंसा हो सकती है। आपके द्वारा बनाई गई आर्थिक योजनाएं सफल होगी किसी दोस्त से आपको लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। इन जातकों का आने वाला समय आनंददायक रहेगा इसके अलावा इनपर कुबेर देवता की कृपा से सब पिछले काम में सफलमता मिलेगा। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करते हैं तो उसमें आपको सफलता हासिल होगी।
आज हम बात करेंगे नए साल की जी हां जैसा की आप सभी जानते हैं कि अब नए साल को आने में काफी कम दिन रह गया है और अब जल्द ही हम सभी साल दो हज़ार अट्ठारह को अलविदा कह साल दो हज़ार उन्नीस में कदम रखने वाले हैं। हर किसी के मन में नए साल को लेकर काफी कुछ बाते रहती है हर इंसान चाहता है कि आने वाला नया साल उसके जीवन में सिर्फ खुशियां लाए। पर आज हम आपको कुछ राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं जी हां क्योंकि ज्योतिष शास्त्रों का मानना है की कुल बारह में से कुछ राशियां ऐसी है जिनका बुरा भाग्य दूर होने वाला है और तो और इसके साथ ही साथ इनपर कुबेर देवता मेहरबान होने वाले हैं। जी हां इतना ही नहीं इनको काफी धन लाभ होने का भी योग बन रहा है यानि की कुल मिलाकर इन राशियों के जीवन में खुशियां ही खुशियां आने वाली है। तो आइए जानते हैं आखिर कौन सी है वो राशि. . सबसे पहले बारी अाती है मेष राशि वाले जातकों की जिनका समय बेहद ही शुभ होने वाला है जी हां ये जातक आने वाले नए साल में मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे, इसके साथ ही साथ इन्हे जीवन में नयापन महसूस होगा। अगर ये चाहे तो कार्यक्षेत्र में कठिन परिश्रम कर आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि इनका समय इनके अनुकुल है। विद्यार्थियों के लिए आने वाला समय अच्छा रहेगा आपके घर परिवार का वातावरण सुखमय रहेगा। अब बात करते हैं मिथुन राशि वाले की जिनका आने वाला समय खुशहाली पूर्वक व्यतीत होगा इतना ही नहीं ये भी बता दें की कुबेर देवता की कृपा से आपके सभी बिगड़े हुए कार्य पूरे होंगे इनके स्वास्थ्य में सुधार आएगा यदि आप निवेश करते हैं तो उसमें भारी लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। इसलिए आप इन दिनों अपने काम को बढ़ा सकते हैं। अब बात करते हैं सिंह राशि वालों की तो आने वाले दिनों में इन व्यक्तियों के ऊपर कुबेर देवता मेहरबान रहने वाले हैं। इतना ही नहीं इस राशि वाले जातकों में आत्मविश्वास में वृद्धि होगी आप अपने सभी कार्य दृढ़ इच्छाशक्ति से पूरा करेंगे आपके व्यवहार से लोग प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा ये भी बता दें की इन जातकों को सरकारी कार्यों में लाभ मिलेगा घर परिवार का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। अब इस लिस्ट में तुला राशि वाले भी आते हैं जी हां इन जातकों पर आने वाले नए साल में कुबेर देवता की कृपा खुब बनी रहेगी इसके अलावा हो सकता है की ये अपने मित्रों के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बना सकते हैं। इसके अलावा बता दें की जो व्यापारी है उनको अपने व्यापारिक क्षेत्र में भारी लाभ प्राप्त होगा। इस आने वाले नए साल में मानसिक और शारीरिक कष्टों से छुटकारा मिलेगा आपका पुराना वाद विवाद सुलझ सकता है। अगर बात करें वृश्चिक राशि की तो इन जातकों को कुबेर देवता की कृपा प्राप्त होने वाली है इसके साथ ही साथ व्यवसाय और व्यापार के क्षेत्र में भी सफलता मिलने वाली है। बताते चलें की इस दौरान इनकी बुद्धि प्रतिभा की प्रशंसा हो सकती है। आपके द्वारा बनाई गई आर्थिक योजनाएं सफल होगी किसी दोस्त से आपको लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। इन जातकों का आने वाला समय आनंददायक रहेगा इसके अलावा इनपर कुबेर देवता की कृपा से सब पिछले काम में सफलमता मिलेगा। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करते हैं तो उसमें आपको सफलता हासिल होगी।
नेहा केशरवानी, रायपुर. छत्तीसगढ़ में बच्चों के टैलेंट को एक नया प्लेटफार्म देने के लिए द लिल लोकल (The lil local) ने मंच प्रदान किया है. 6 और 7 अगस्त को होने वाले द लिल लोकल कार्यक्रम के ऑडीशन आज रायपुर में हुए. जिसमें कई स्कूलों के बच्चों ने अपना टैलेंट दिखाया. बता दें कि द लिल लोकल (The lil local) पिछले 7 सालों से अलग-अलग तरह के प्लेटफॉर्म हर वर्ग के लोगों के लिए लेकर आते रहा है. जिससे बच्चों को स्कूल और पढ़ाई के साथ अपना टैलेंट दिखाने का भी मौका मिला है. इस कार्यक्रम में मीडिया पार्टनर के रूप में NEWS 24 MPCG और LALLURAM. COM की महत्वपूर्ण भूमिका है. आज के ऑडिशन में बच्चों ने एकल गायन, ग्रुप सिंगिंग, ग्रुप डांस, सोलो डांस परफॉर्म किया. इसके साथ ही एक्टिंग, थियेटर, इंस्ट्रूमेंट प्ले के लिए भी बच्चों का चयन हुआ है. करीब 60 से 70 बच्चों का सेलेक्शन इस कार्यक्रम के लिए हुआ है. बता दें कि 6 और 7 अगस्त को राजधानी के विस्टलिंग वूड्स (Whistling Woods) में द लिल लोकल का कार्यक्रम होना है. जिसमें चयनित बच्चे अपनी परफॉर्मेंस देंगे.
नेहा केशरवानी, रायपुर. छत्तीसगढ़ में बच्चों के टैलेंट को एक नया प्लेटफार्म देने के लिए द लिल लोकल ने मंच प्रदान किया है. छः और सात अगस्त को होने वाले द लिल लोकल कार्यक्रम के ऑडीशन आज रायपुर में हुए. जिसमें कई स्कूलों के बच्चों ने अपना टैलेंट दिखाया. बता दें कि द लिल लोकल पिछले सात सालों से अलग-अलग तरह के प्लेटफॉर्म हर वर्ग के लोगों के लिए लेकर आते रहा है. जिससे बच्चों को स्कूल और पढ़ाई के साथ अपना टैलेंट दिखाने का भी मौका मिला है. इस कार्यक्रम में मीडिया पार्टनर के रूप में NEWS चौबीस MPCG और LALLURAM. COM की महत्वपूर्ण भूमिका है. आज के ऑडिशन में बच्चों ने एकल गायन, ग्रुप सिंगिंग, ग्रुप डांस, सोलो डांस परफॉर्म किया. इसके साथ ही एक्टिंग, थियेटर, इंस्ट्रूमेंट प्ले के लिए भी बच्चों का चयन हुआ है. करीब साठ से सत्तर बच्चों का सेलेक्शन इस कार्यक्रम के लिए हुआ है. बता दें कि छः और सात अगस्त को राजधानी के विस्टलिंग वूड्स में द लिल लोकल का कार्यक्रम होना है. जिसमें चयनित बच्चे अपनी परफॉर्मेंस देंगे.
यौन शौषण के मामले में पार्षद पुत्र पर दर्ज प्राथमिकी के केस को वापस उठाने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता के भाई ने यह आरोप लगाया है। गया के एसएसपी ने कहा कि उन्हें भी ऑडियो के संबंध में जानकारी मिली है। गया, जागरण संवाददाता। यौन शोषण मामले में दर्ज केस वापस लिए जाने की धमकी दी जा रही है। इस आशय का आरोप रामपुर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 35 के पार्षद पुत्र मो मंजर पर लगा है। पीड़िता के भाई को लगातार फोन करके केस उठाने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में कई ऑडियो गुरुवार को वायरल हुआ है। वायरल ऑडियो गेबाल बिगहा मोहल्ला के कई लोकल वाट्सएप ग्रुप में जारी किया गया। वायरल ऑडियो में पीड़िता के संबंधों की बात कही गई है। मालूम हो कि थाना क्षेत्र की एक लड़की ने मंजर पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि मंजर ने शादी का झांसा देकर नौ वर्षोंं तक उसका यौन शोषण किया। इस क्रम में उसने कई वीडियो बना लिए। तस्वीर भी खींच ली। इसके बाद वह उन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देता रहता था। कई बार इसी धमकी के आधार पर उसने पैसे भी वसूले। तंग आकर उसने पुलिस की शरण ली। इधर वायरल ऑडियो में लड़की के संबंध में कई आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। धमकी दी गई है कि अगर केस वापस नहीं लिया जाता है तो लड़की को जान से मार डालेंगे। ऐसी मौत देंगे कि लड़की का चेहरा भी पहचान में नहीं आएगा। इसके साथ ही तस्वीर भी वायरल की गई है। जिसमें मंजर एक लड़की के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है। इस तरह की धमकी से पूरा परिवार दहशत में है। वायरल ऑडियो और कई अश्लील तस्वीरें वरीय पुलिस अधीक्षक को भेजकर पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। एसएसपी से पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा देने और आरोपित पर कानूनी शिकंजा कसने की गुहार लगाई गई है। इधर, एसएसपी आदित्य कुमार ने बताया कि वार्ड पार्षद पुत्र के खिलाफ पीड़िता ने यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था। उन्हें ऑडियो की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच कराने के लिए सिटी एसपी को निर्देशित किया गया है। उनके स्तर से पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
यौन शौषण के मामले में पार्षद पुत्र पर दर्ज प्राथमिकी के केस को वापस उठाने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता के भाई ने यह आरोप लगाया है। गया के एसएसपी ने कहा कि उन्हें भी ऑडियो के संबंध में जानकारी मिली है। गया, जागरण संवाददाता। यौन शोषण मामले में दर्ज केस वापस लिए जाने की धमकी दी जा रही है। इस आशय का आरोप रामपुर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या पैंतीस के पार्षद पुत्र मो मंजर पर लगा है। पीड़िता के भाई को लगातार फोन करके केस उठाने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में कई ऑडियो गुरुवार को वायरल हुआ है। वायरल ऑडियो गेबाल बिगहा मोहल्ला के कई लोकल वाट्सएप ग्रुप में जारी किया गया। वायरल ऑडियो में पीड़िता के संबंधों की बात कही गई है। मालूम हो कि थाना क्षेत्र की एक लड़की ने मंजर पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि मंजर ने शादी का झांसा देकर नौ वर्षोंं तक उसका यौन शोषण किया। इस क्रम में उसने कई वीडियो बना लिए। तस्वीर भी खींच ली। इसके बाद वह उन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देता रहता था। कई बार इसी धमकी के आधार पर उसने पैसे भी वसूले। तंग आकर उसने पुलिस की शरण ली। इधर वायरल ऑडियो में लड़की के संबंध में कई आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। धमकी दी गई है कि अगर केस वापस नहीं लिया जाता है तो लड़की को जान से मार डालेंगे। ऐसी मौत देंगे कि लड़की का चेहरा भी पहचान में नहीं आएगा। इसके साथ ही तस्वीर भी वायरल की गई है। जिसमें मंजर एक लड़की के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है। इस तरह की धमकी से पूरा परिवार दहशत में है। वायरल ऑडियो और कई अश्लील तस्वीरें वरीय पुलिस अधीक्षक को भेजकर पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। एसएसपी से पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा देने और आरोपित पर कानूनी शिकंजा कसने की गुहार लगाई गई है। इधर, एसएसपी आदित्य कुमार ने बताया कि वार्ड पार्षद पुत्र के खिलाफ पीड़िता ने यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था। उन्हें ऑडियो की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच कराने के लिए सिटी एसपी को निर्देशित किया गया है। उनके स्तर से पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
कभी डकैतों के आतंक से कांपने वाले यूपी के औरैया जिले के बीहड़ में रविवार को भीम आर्मी के नेताओं ने अपना जनाधार परखा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न ने कहा कि दलितों को मुस्लिमों को गले लगाना चाहिए। औरैया कभी डकैतों के आतंक से कांपने वाले यूपी के औरैया जिले के बीहड़ में रविवार को भीम आर्मी के नेताओं ने अपना जनाधार परखा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न ने कहा कि दलितों को मुस्लिमों को गले लगाना चाहिए। मुस्लिमों के नाम पर इस देश में बहुत राजनीति हुई है। दलित, मुस्लिम और ओबीसी मिलाकर बहुजन चाहिए। तब हम सरकार को हरा उसकी औकात बताएंगे। दलित बाहुल्य औरैया विधानसभा क्षेत्र के जसवंतपुर गांव में रविवार को आर्मी की जनसभा हुई। पहले यहां चंद्रशेखर के आने का ऐलान किया गया था, लेकिन वह नहीं आए। विनय रत्न ने कहा कि बीते दिनों उनकी कुछ मौलानाओं से बात हुई थी। पढ़ेंः भीम आर्मी की जनसभा में पीएम मोदी और सीएम योगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी उन्हें कहा गया कि मुस्लिमों की सामाजिक स्थिति उनके बच्चों के आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजिनियर बनने पर ही सुधरेगी। बहुजन समाज को किसी के बहकावे से बचना होगा। कैराना और फूलपुर उपचुनाव इसके उदाहरण हैं। इस सरकार को उखाड़ फेंकना है। जो एक नहीं होगा, उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। हम बदले नहीं बदलाव के लिए लड़ रहे हैं। 5-10 साल में देश की व्यवस्था बदल दी जाएगी। संघर्ष कुर्बानी मांगते हैं। बहुजन एकता से सरकार को हरा गड्ढे में डाल देंगे। दलित, मुस्लिम और ओबीसी को मिलकर संविधान को चोट पहुंचाने से रोकना है। हमें प्रण करना होगा कि जिसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा है, उसे वोट नहीं देंगे।
कभी डकैतों के आतंक से कांपने वाले यूपी के औरैया जिले के बीहड़ में रविवार को भीम आर्मी के नेताओं ने अपना जनाधार परखा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न ने कहा कि दलितों को मुस्लिमों को गले लगाना चाहिए। औरैया कभी डकैतों के आतंक से कांपने वाले यूपी के औरैया जिले के बीहड़ में रविवार को भीम आर्मी के नेताओं ने अपना जनाधार परखा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न ने कहा कि दलितों को मुस्लिमों को गले लगाना चाहिए। मुस्लिमों के नाम पर इस देश में बहुत राजनीति हुई है। दलित, मुस्लिम और ओबीसी मिलाकर बहुजन चाहिए। तब हम सरकार को हरा उसकी औकात बताएंगे। दलित बाहुल्य औरैया विधानसभा क्षेत्र के जसवंतपुर गांव में रविवार को आर्मी की जनसभा हुई। पहले यहां चंद्रशेखर के आने का ऐलान किया गया था, लेकिन वह नहीं आए। विनय रत्न ने कहा कि बीते दिनों उनकी कुछ मौलानाओं से बात हुई थी। पढ़ेंः भीम आर्मी की जनसभा में पीएम मोदी और सीएम योगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी उन्हें कहा गया कि मुस्लिमों की सामाजिक स्थिति उनके बच्चों के आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजिनियर बनने पर ही सुधरेगी। बहुजन समाज को किसी के बहकावे से बचना होगा। कैराना और फूलपुर उपचुनाव इसके उदाहरण हैं। इस सरकार को उखाड़ फेंकना है। जो एक नहीं होगा, उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। हम बदले नहीं बदलाव के लिए लड़ रहे हैं। पाँच-दस साल में देश की व्यवस्था बदल दी जाएगी। संघर्ष कुर्बानी मांगते हैं। बहुजन एकता से सरकार को हरा गड्ढे में डाल देंगे। दलित, मुस्लिम और ओबीसी को मिलकर संविधान को चोट पहुंचाने से रोकना है। हमें प्रण करना होगा कि जिसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा है, उसे वोट नहीं देंगे।
श्रीलंकाई सरकार के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर और पूर्व में श्रीलंकाई तमिलों के साथ तीन दशक के युद्ध सहित विभिन्न संघर्षों में 20,000 से अधिक लोग लापता हुए हैं। इसमें कम से कम 1,00,000 लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का माहौल बना दिया और लोगों को अब आतंकवाद का कोई डर नहीं है। राजपक्षे ने कहा कि श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के तस्करों का केंद्र बनता जा रहा था और देश में सुरक्षा और खुफिया विभागों द्वारा की गई कार्रवाई के कारण आज स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है।
श्रीलंकाई सरकार के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर और पूर्व में श्रीलंकाई तमिलों के साथ तीन दशक के युद्ध सहित विभिन्न संघर्षों में बीस,शून्य से अधिक लोग लापता हुए हैं। इसमें कम से कम एक,शून्य,शून्य लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का माहौल बना दिया और लोगों को अब आतंकवाद का कोई डर नहीं है। राजपक्षे ने कहा कि श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के तस्करों का केंद्र बनता जा रहा था और देश में सुरक्षा और खुफिया विभागों द्वारा की गई कार्रवाई के कारण आज स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है।
1 याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी, 2 "इस्राएल के घराने को बुलाकर उन्हें यह आज्ञा दोः 'जब कोई स्त्री अथवा कोई पुरुष नाज़ीरी संकल्प करता है, तथा यह संकल्प समर्पण के विषय में हो कि वह स्वयं को याहवेह के लिए समर्पित करता है, 3 वह दाखमधु से अलग रहे, सिरके का सेवन न करे, चाहे वह अंगूर के रस से बना हुआ हो अथवा किसी नशीले द्रव्य का. वह अंगूर के रस का भी सेवन न करे, वह न तो वाटिका से लाए गए अंगूरों का सेवन करे और न ही सुखाए हुए अंगूरों का. 4 अपने पूरे संकल्प किए हुए समय में वह किसी भी ऐसी वस्तु को न खाए, जो अंगूर से बनी हो, यहां तक कि न तो अंगूर के बीज से लेकर अंगूर के छिलकों का. 5 " 'जब तक उसके संकल्प का समय है, उसके सिर पर उस्तरा न फेरा जाएगा. जिस समय के लिए उसने संकल्प किया है वह याहवेह के लिए अलग तथा पवित्र बना रहेगा; वह अपने बाल लंबे होते जाने देगा. 6 " 'याहवेह के लिए अलग रहने के समय में वह कभी भी किसी शव के पास नहीं जाएगा. 7 वह स्वयं को अपने माता-पिता अथवा भाई-बहन की मृत्यु होने पर भी अशुद्ध नहीं करेगा क्योंकि वह अपनी देह सहित परमेश्वर के लिए अलग किया गया है. 8 अलग रहने के पूरे समय तक वह याहवेह के लिए पवित्र है. 9 " 'किंतु यदि उसके निकट ही किसी व्यक्ति की मृत्यु अचानक हो गई हो, जिसके परिणामस्वरूप वह अपने समर्पित बालों को अशुद्ध कर देता है, तब वह उस दिन, जब वह स्वयं को अलग कर लेता है, अपने बाल मुंडवा ले. 10 आठवें दिन वह दो पण्डुक अथवा दो कबूतर के बच्चे तंबू के द्वार पर लाकर पुरोहित को सौंप देगा. 11 पुरोहित एक पक्षी को पापबलि के लिए तथा अन्य पक्षी होमबलि के लिए भेंट करके उसके लिए प्रायश्चित विधि पूरी करेगा, क्योंकि वह उस व्यक्ति के शव के कारण अशुद्ध हो गया था. उसी दिन वह व्यक्ति अपने सिर को पवित्र करेगा, 12 तथा वह याहवेह के सामने नाज़री होने की अवधि को भेंट करेगा. फिर वह एक वर्ष का मेमना दोष बलि के रूप में भेंट करेगा. उसके संकल्प की पूरी अवधि उसके अशुद्ध हो जाने के कारण मान्य नहीं होगी. 13 " 'संकल्प लेने के दिन पूरे होने पर उस नाज़ीर के लिए विधि इस प्रकार हैः वह अपनी भेंट मिलनवाले तंबू के द्वार पर ले आएगा. 14 वह अपनी यह भेंट याहवेह को चढ़ाएगाः एक वर्ष का निर्दोष मेमना, एक वर्ष की भेड़ पापबलि के लिए, तथा एक निर्दोष मेढ़ा मेल बलि के लिए. 15 इनके अलावा मैदे की तेल मिली हुई अखमीरी रोटी एक टोकरी, तथा अखमीरी पपड़ियां, जिन पर तेल चुपड़ दिया गया हो. इनके साथ अन्नबलि तथा अर्घ भी. 16 " 'यह सब पुरोहित याहवेह के सामने लाकर भेंट करेगा; इनमें अखमीरी रोटियां भी शामिल होंगी. पुरोहित अन्नबलि एवं अर्घ भी भेंट करेगा. 17 वह याहवेह को मेल बलि के लिए अखमीरी रोटी की टोकरी के साथ मेढ़ा भी भेंट करेगा. इसी प्रकार अन्नबलि एवं अर्घ भी. 18 " 'इसके बाद वह नाज़ीर अपने सिर के बाल मिलनवाले तंबू के प्रवेश द्वार पर जाकर मुंडवाएगा, तथा अपने भेंट किए हुए बालों को उस आग में डाल देगा, जो मेल बलियों के बलि पशु के नीचे जलती है. 22 फिर याहवेह ने मोशेह को यह आज्ञा दी, 23 "अहरोन एवं उसके पुत्रों को यह आज्ञा दो, 'जब तुम इस्राएल के घराने को आशीर्वाद दो, तो उनसे इस प्रकार कहनाः 24 " ' "याहवेह तुम्हें आशीष प्रदान करें, तथा तुम्हें सुरक्षित रखें; चमकाकर तुम पर अनुग्रह करें;
एक याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी, दो "इस्राएल के घराने को बुलाकर उन्हें यह आज्ञा दोः 'जब कोई स्त्री अथवा कोई पुरुष नाज़ीरी संकल्प करता है, तथा यह संकल्प समर्पण के विषय में हो कि वह स्वयं को याहवेह के लिए समर्पित करता है, तीन वह दाखमधु से अलग रहे, सिरके का सेवन न करे, चाहे वह अंगूर के रस से बना हुआ हो अथवा किसी नशीले द्रव्य का. वह अंगूर के रस का भी सेवन न करे, वह न तो वाटिका से लाए गए अंगूरों का सेवन करे और न ही सुखाए हुए अंगूरों का. चार अपने पूरे संकल्प किए हुए समय में वह किसी भी ऐसी वस्तु को न खाए, जो अंगूर से बनी हो, यहां तक कि न तो अंगूर के बीज से लेकर अंगूर के छिलकों का. पाँच " 'जब तक उसके संकल्प का समय है, उसके सिर पर उस्तरा न फेरा जाएगा. जिस समय के लिए उसने संकल्प किया है वह याहवेह के लिए अलग तथा पवित्र बना रहेगा; वह अपने बाल लंबे होते जाने देगा. छः " 'याहवेह के लिए अलग रहने के समय में वह कभी भी किसी शव के पास नहीं जाएगा. सात वह स्वयं को अपने माता-पिता अथवा भाई-बहन की मृत्यु होने पर भी अशुद्ध नहीं करेगा क्योंकि वह अपनी देह सहित परमेश्वर के लिए अलग किया गया है. आठ अलग रहने के पूरे समय तक वह याहवेह के लिए पवित्र है. नौ " 'किंतु यदि उसके निकट ही किसी व्यक्ति की मृत्यु अचानक हो गई हो, जिसके परिणामस्वरूप वह अपने समर्पित बालों को अशुद्ध कर देता है, तब वह उस दिन, जब वह स्वयं को अलग कर लेता है, अपने बाल मुंडवा ले. दस आठवें दिन वह दो पण्डुक अथवा दो कबूतर के बच्चे तंबू के द्वार पर लाकर पुरोहित को सौंप देगा. ग्यारह पुरोहित एक पक्षी को पापबलि के लिए तथा अन्य पक्षी होमबलि के लिए भेंट करके उसके लिए प्रायश्चित विधि पूरी करेगा, क्योंकि वह उस व्यक्ति के शव के कारण अशुद्ध हो गया था. उसी दिन वह व्यक्ति अपने सिर को पवित्र करेगा, बारह तथा वह याहवेह के सामने नाज़री होने की अवधि को भेंट करेगा. फिर वह एक वर्ष का मेमना दोष बलि के रूप में भेंट करेगा. उसके संकल्प की पूरी अवधि उसके अशुद्ध हो जाने के कारण मान्य नहीं होगी. तेरह " 'संकल्प लेने के दिन पूरे होने पर उस नाज़ीर के लिए विधि इस प्रकार हैः वह अपनी भेंट मिलनवाले तंबू के द्वार पर ले आएगा. चौदह वह अपनी यह भेंट याहवेह को चढ़ाएगाः एक वर्ष का निर्दोष मेमना, एक वर्ष की भेड़ पापबलि के लिए, तथा एक निर्दोष मेढ़ा मेल बलि के लिए. पंद्रह इनके अलावा मैदे की तेल मिली हुई अखमीरी रोटी एक टोकरी, तथा अखमीरी पपड़ियां, जिन पर तेल चुपड़ दिया गया हो. इनके साथ अन्नबलि तथा अर्घ भी. सोलह " 'यह सब पुरोहित याहवेह के सामने लाकर भेंट करेगा; इनमें अखमीरी रोटियां भी शामिल होंगी. पुरोहित अन्नबलि एवं अर्घ भी भेंट करेगा. सत्रह वह याहवेह को मेल बलि के लिए अखमीरी रोटी की टोकरी के साथ मेढ़ा भी भेंट करेगा. इसी प्रकार अन्नबलि एवं अर्घ भी. अट्ठारह " 'इसके बाद वह नाज़ीर अपने सिर के बाल मिलनवाले तंबू के प्रवेश द्वार पर जाकर मुंडवाएगा, तथा अपने भेंट किए हुए बालों को उस आग में डाल देगा, जो मेल बलियों के बलि पशु के नीचे जलती है. बाईस फिर याहवेह ने मोशेह को यह आज्ञा दी, तेईस "अहरोन एवं उसके पुत्रों को यह आज्ञा दो, 'जब तुम इस्राएल के घराने को आशीर्वाद दो, तो उनसे इस प्रकार कहनाः चौबीस " ' "याहवेह तुम्हें आशीष प्रदान करें, तथा तुम्हें सुरक्षित रखें; चमकाकर तुम पर अनुग्रह करें;
२४० रैनमंजूषा का जवाब चाल - कोई चातुर सखी ऐसी ना मिली ॥ १ अरे पापी तू मुझको डराता है क्या । मुझे मरने का कोई खतर ही नहीं । कर ना खोटी नजर इस बदी से गुजर । बदी करने का अच्छा समर ही नहीं ।। २ तेरे घर में सिठानी महा गुणवती । हाथ उसपे भी तुझको सबर ही नहीं । सुतनार पे तूने जो पाप धरा । क्या वह घोर नरक का खतर ही नहीं । ३ मैं सतीं हूं देख हाथ लाना नहीं । ऐसी धमकी सती को दिखाना नहीं ।। इस दरिया में आग न लगजा कहीं । मेरे शील पे करना नजर ही नहीं । ४ देख रावण ने सोता पे जुल्म किया । क्या नतीजा हुआ सोच मनमें जरा ॥ राज पाट गया बदनाम हुआ । मर नर्क गया क्या खूबर हीं नहीं ।। ५. आवें इन्द्र नरेन्द्र जो मिलके सभी । क्या मजाल जो शील को मेरे हतें ॥ तेरी हस्ती है क्या श्रीपाल सिवा । मेरी नजरों में कोई वशर हीं नहीं
दो सौ चालीस रैनमंजूषा का जवाब चाल - कोई चातुर सखी ऐसी ना मिली ॥ एक अरे पापी तू मुझको डराता है क्या । मुझे मरने का कोई खतर ही नहीं । कर ना खोटी नजर इस बदी से गुजर । बदी करने का अच्छा समर ही नहीं ।। दो तेरे घर में सिठानी महा गुणवती । हाथ उसपे भी तुझको सबर ही नहीं । सुतनार पे तूने जो पाप धरा । क्या वह घोर नरक का खतर ही नहीं । तीन मैं सतीं हूं देख हाथ लाना नहीं । ऐसी धमकी सती को दिखाना नहीं ।। इस दरिया में आग न लगजा कहीं । मेरे शील पे करना नजर ही नहीं । चार देख रावण ने सोता पे जुल्म किया । क्या नतीजा हुआ सोच मनमें जरा ॥ राज पाट गया बदनाम हुआ । मर नर्क गया क्या खूबर हीं नहीं ।। पाँच. आवें इन्द्र नरेन्द्र जो मिलके सभी । क्या मजाल जो शील को मेरे हतें ॥ तेरी हस्ती है क्या श्रीपाल सिवा । मेरी नजरों में कोई वशर हीं नहीं
संपूर्ण शारीरिक विकास के लिए अनाज का सेवन काफी जरूरी है. यह शरीर को प्रोटीन, विटामिन व अन्य मिनरल्स प्रदान करता है. लेकिन, आजकल अनाज के अंदर धतूरे जैसी जहरीली चीज की मिलावट की जा रही है. जो कि सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है. अनाज में धतूरे की मिलावट का पता लगाने के लिए FSSAI ने जानकारी दी है. आइए जानते हैं कि घर बैठे अनाज में धतूरे की मिलावट कैसे चेक कर सकते हैं. अनाज में धतूरे की मिलावट कैसे पता लगाएं? सबसे पहले एक कांच की प्लेट में थोड़ा अनाज डाल लें. इस सैंपल को बारीकी से चेक करें कि इसमें धतूरे के बीज तो नहीं हैं. धतूरे के बीज चपटे किनारे वाले भूरे रंग के होते हैं. अगर इसमें आपको धतूरे के बीज दिखाई देते हैं, तो इसमें मिलावट की गई है. वरना यह अनाज शुद्ध हो सकता है. इस टेस्ट को घर पर या अनाज खरीदते हुए दुकान पर भी आसानी से किया जा सकता है. धतूरा एक जहरीला पौधा होता है, जिसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. धतूरा का सेवन करने से धड़कन तेज हो सकती है. इसके साथ ही धतूरा खाने से खुजली की समस्या भी हो सकती है. वहीं, हाई ब्लड प्रेशर, जी मिचलाना और धुंधली दृष्टि भी धतूरा खाने के कारण हो सकती है. अनाज में होती है इस जहरीली चीज की मिलावट, घर बैठे ऐसे करें चेक Reviewed by News Himachali on January 19, 2022 Rating:
संपूर्ण शारीरिक विकास के लिए अनाज का सेवन काफी जरूरी है. यह शरीर को प्रोटीन, विटामिन व अन्य मिनरल्स प्रदान करता है. लेकिन, आजकल अनाज के अंदर धतूरे जैसी जहरीली चीज की मिलावट की जा रही है. जो कि सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है. अनाज में धतूरे की मिलावट का पता लगाने के लिए FSSAI ने जानकारी दी है. आइए जानते हैं कि घर बैठे अनाज में धतूरे की मिलावट कैसे चेक कर सकते हैं. अनाज में धतूरे की मिलावट कैसे पता लगाएं? सबसे पहले एक कांच की प्लेट में थोड़ा अनाज डाल लें. इस सैंपल को बारीकी से चेक करें कि इसमें धतूरे के बीज तो नहीं हैं. धतूरे के बीज चपटे किनारे वाले भूरे रंग के होते हैं. अगर इसमें आपको धतूरे के बीज दिखाई देते हैं, तो इसमें मिलावट की गई है. वरना यह अनाज शुद्ध हो सकता है. इस टेस्ट को घर पर या अनाज खरीदते हुए दुकान पर भी आसानी से किया जा सकता है. धतूरा एक जहरीला पौधा होता है, जिसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. धतूरा का सेवन करने से धड़कन तेज हो सकती है. इसके साथ ही धतूरा खाने से खुजली की समस्या भी हो सकती है. वहीं, हाई ब्लड प्रेशर, जी मिचलाना और धुंधली दृष्टि भी धतूरा खाने के कारण हो सकती है. अनाज में होती है इस जहरीली चीज की मिलावट, घर बैठे ऐसे करें चेक Reviewed by News Himachali on January उन्नीस, दो हज़ार बाईस Rating:
के कमरे में गया । देखा, लाइट अल रही है, पर दरवाज़ा बन्द है। मैंने चुपके से दरवाजा खोला और दबे पैर अन्दर घुस गया । विमला सो रही थी और पास हो उसके एक तरफ उसकी लड़की पड़ी थो । पलँग के पास एक टेबज् रग्बी हुई थी और उस पर एक किताब खुली हुई पड़ी थी। मैंने किताब को धीरे से उठा लियाठीक उसी सावधानी से जिससे कि एक खोर घर की चीजों को उठाता है । देखा, वही शेलो की कविताओं का संग्रह है, जिसे मैंने उसे पहली रात को दिया था, वही एस्लेस्टर है और वही पेज है। मैंने लाइट को जलने रहने दिया और उसी तरह कमरे से बाहर निकल श्राया, जैसे कि घुसा था। दूसरे दिन सवेरे में और दिन से जल्दी उठा । घडी मे उस वक्र चार बजे थे। रात का दृश्य आँखों के सामने ज्यों-का-त्यो नाच रहा था । मे फिर विमला के कमरे में गया। वह उस वक्त्र जाग रही थी, पर उसकी आँखें बन्द थीं। किमी के पैरों की आहट पाते ही वह चौक पड़ी और सामने मुझे खड़ा हुआ देखकर झट से पहेँग से नीचे उतर आई। मैने कमरे मे इधर-उधर निगाह दौडाई तो देखा, सब वही दृश्य उपस्थित था । उसी तरह टेबल पर किताब रखी हुई थी और उसी तरह उसके पास एक लाल पेन्सिल पड़ी यो । सिर्फ किताब का पेज पलटा हुआ था और उस पर जहाँ-तहाँ पेन्सिल के निशान लगे थे। मैंने चिमला को पहले चूमा और फिर छाती से लग्ग लिया। उसने मेरो तरफ एक बार देखा और फिर एक की भाति कर्श की तरफ कालीं । आह ! उन ग्राख में क्या वेदना था, क्या शिकायत थी, कौन जान सकता है ? चालीस वर्ग बीत गये, परन्तु यह घटना कल-की-सो याद है । उसके थोड़े दिन बाद वह इस सारससार से विदा हो गई । उसकी वह मधुर मूर्ति अभी तक ज्यो की त्या हृत्पटल पर कित है। मैं रोता हूँ, और जीवन भर रोऊंगा- - पर विमला के लिए नहीं, अपनो भूल के लिए, जिसने कि मुझे उसके सत्य स्वरूप को पहिचानने से वचित रक्खा । * रामकृष्णदेव गर्ग * विलियम हेल व्हाइट का एक कहानी के आधार पर । कहीं शान्तिप्रद नीरवता में किसी कुञ में बारम्बार, कहीं उदासी की छाया में कन कहेगा अपना प्यार, फूल दवा प्रोत्रा को चुपके वृक्ष डाल पे बैठे दीन, बने हुए चुपकी प्रतिमाएँ बिहग बिराने हो सलोन : विशद इन्दु की शीतन छाया उन्मद गायक का-सा रङ्ग, लय होता है अगम स्वरों में मधुर रयम का-सा वह ढङ्ग बोल हृदय कलियों ने अपने उठा दिये बरवश उद्गार, प्रगट वहाँ से प्रेम कहेगा प्रियतम को क्या अपना प्यार । चला कहीं कौतुक के मग से प्रेम प्रवाह हुआ न अशेष, एक उदासों के श्रागन में खेल रहा है दुख का वेष ; यद्यपि छोड लोक से नाता मृतक पात्रता में घाया, किन्तु लोक को क्षुब्ध दृष्टि से जोवन अन्त नहीं पाया : बन प्रदेश दुबीदल श्यामल दूर नीलिमा की झकार, अगणित सित-सुमनों की माया प्रणय बिधुर हिय के उस पार, फूल बोनने श्रा मृदु बाले । फूल बोन ले जा तन सोच, मृदुल परी सी झलक दिखाकर श्रगम हृदय को बरबशश स्वीच २ मक वेदना रुजा रही है सहृदय को क्यो बारंबार, चिते ! कहीं उजडी बानो से वृधा हुआ मन में अधिकार कुछ थोडे से इस जीवन में है उदास भावो में अन्त, देख रहा है जग मे पागल क्रूर अन्त है बना अनन्त ज्वलित चिता के सित प्रकाश में ठान चांदनी की छवि को, ऊंचे नीचे विषम मार्ग मे रसिक । देखना उस छबि को जहां तहाँ बिग्वरी फूलों-सो श्वेत स्थियों का कर ज्ञान, जले सड उन मृत श्रगो की बास सँघना सौरभ मान ३ वहीं सुनोगे मधुर नाल में कर चिता के चट-चट छन्द, उस श्मशान के सुखद भवन में बैठ बनाना दुख को मन्द मदविभोर हो रस से छना मृत बाला का तनु शीतल, चटक चटक भीषण ज्वालाएँ तुम्हे दिखाएँगी छलबल : है उदास । एकान्त जगत के किसी हृदय में उठ उद्गार, दुख गाथा में ग्रहण करो तुम दीन मुश्री का यह हार । शून्य दूत । सुन जाना मेरी कहीं निराली करुण-कथा, आँख बन्द कर दखो प्रियतम ' निपट निराली मर्म व्यथा ४ नीरव अश्र चले जाते हैं किसी खोज में होकर दोन, क्यों अवरोध करूँ बरबश भी हृदय किलो का है तल्लीन । पहिले इसे बना जाना तुम हे अनन्त चारी ! चुपचाप, फिर करना खअन' प्रमुदित हो विकसित कमलों से आलाप;
के कमरे में गया । देखा, लाइट अल रही है, पर दरवाज़ा बन्द है। मैंने चुपके से दरवाजा खोला और दबे पैर अन्दर घुस गया । विमला सो रही थी और पास हो उसके एक तरफ उसकी लड़की पड़ी थो । पलँग के पास एक टेबज् रग्बी हुई थी और उस पर एक किताब खुली हुई पड़ी थी। मैंने किताब को धीरे से उठा लियाठीक उसी सावधानी से जिससे कि एक खोर घर की चीजों को उठाता है । देखा, वही शेलो की कविताओं का संग्रह है, जिसे मैंने उसे पहली रात को दिया था, वही एस्लेस्टर है और वही पेज है। मैंने लाइट को जलने रहने दिया और उसी तरह कमरे से बाहर निकल श्राया, जैसे कि घुसा था। दूसरे दिन सवेरे में और दिन से जल्दी उठा । घडी मे उस वक्र चार बजे थे। रात का दृश्य आँखों के सामने ज्यों-का-त्यो नाच रहा था । मे फिर विमला के कमरे में गया। वह उस वक्त्र जाग रही थी, पर उसकी आँखें बन्द थीं। किमी के पैरों की आहट पाते ही वह चौक पड़ी और सामने मुझे खड़ा हुआ देखकर झट से पहेँग से नीचे उतर आई। मैने कमरे मे इधर-उधर निगाह दौडाई तो देखा, सब वही दृश्य उपस्थित था । उसी तरह टेबल पर किताब रखी हुई थी और उसी तरह उसके पास एक लाल पेन्सिल पड़ी यो । सिर्फ किताब का पेज पलटा हुआ था और उस पर जहाँ-तहाँ पेन्सिल के निशान लगे थे। मैंने चिमला को पहले चूमा और फिर छाती से लग्ग लिया। उसने मेरो तरफ एक बार देखा और फिर एक की भाति कर्श की तरफ कालीं । आह ! उन ग्राख में क्या वेदना था, क्या शिकायत थी, कौन जान सकता है ? चालीस वर्ग बीत गये, परन्तु यह घटना कल-की-सो याद है । उसके थोड़े दिन बाद वह इस सारससार से विदा हो गई । उसकी वह मधुर मूर्ति अभी तक ज्यो की त्या हृत्पटल पर कित है। मैं रोता हूँ, और जीवन भर रोऊंगा- - पर विमला के लिए नहीं, अपनो भूल के लिए, जिसने कि मुझे उसके सत्य स्वरूप को पहिचानने से वचित रक्खा । * रामकृष्णदेव गर्ग * विलियम हेल व्हाइट का एक कहानी के आधार पर । कहीं शान्तिप्रद नीरवता में किसी कुञ में बारम्बार, कहीं उदासी की छाया में कन कहेगा अपना प्यार, फूल दवा प्रोत्रा को चुपके वृक्ष डाल पे बैठे दीन, बने हुए चुपकी प्रतिमाएँ बिहग बिराने हो सलोन : विशद इन्दु की शीतन छाया उन्मद गायक का-सा रङ्ग, लय होता है अगम स्वरों में मधुर रयम का-सा वह ढङ्ग बोल हृदय कलियों ने अपने उठा दिये बरवश उद्गार, प्रगट वहाँ से प्रेम कहेगा प्रियतम को क्या अपना प्यार । चला कहीं कौतुक के मग से प्रेम प्रवाह हुआ न अशेष, एक उदासों के श्रागन में खेल रहा है दुख का वेष ; यद्यपि छोड लोक से नाता मृतक पात्रता में घाया, किन्तु लोक को क्षुब्ध दृष्टि से जोवन अन्त नहीं पाया : बन प्रदेश दुबीदल श्यामल दूर नीलिमा की झकार, अगणित सित-सुमनों की माया प्रणय बिधुर हिय के उस पार, फूल बोनने श्रा मृदु बाले । फूल बोन ले जा तन सोच, मृदुल परी सी झलक दिखाकर श्रगम हृदय को बरबशश स्वीच दो मक वेदना रुजा रही है सहृदय को क्यो बारंबार, चिते ! कहीं उजडी बानो से वृधा हुआ मन में अधिकार कुछ थोडे से इस जीवन में है उदास भावो में अन्त, देख रहा है जग मे पागल क्रूर अन्त है बना अनन्त ज्वलित चिता के सित प्रकाश में ठान चांदनी की छवि को, ऊंचे नीचे विषम मार्ग मे रसिक । देखना उस छबि को जहां तहाँ बिग्वरी फूलों-सो श्वेत स्थियों का कर ज्ञान, जले सड उन मृत श्रगो की बास सँघना सौरभ मान तीन वहीं सुनोगे मधुर नाल में कर चिता के चट-चट छन्द, उस श्मशान के सुखद भवन में बैठ बनाना दुख को मन्द मदविभोर हो रस से छना मृत बाला का तनु शीतल, चटक चटक भीषण ज्वालाएँ तुम्हे दिखाएँगी छलबल : है उदास । एकान्त जगत के किसी हृदय में उठ उद्गार, दुख गाथा में ग्रहण करो तुम दीन मुश्री का यह हार । शून्य दूत । सुन जाना मेरी कहीं निराली करुण-कथा, आँख बन्द कर दखो प्रियतम ' निपट निराली मर्म व्यथा चार नीरव अश्र चले जाते हैं किसी खोज में होकर दोन, क्यों अवरोध करूँ बरबश भी हृदय किलो का है तल्लीन । पहिले इसे बना जाना तुम हे अनन्त चारी ! चुपचाप, फिर करना खअन' प्रमुदित हो विकसित कमलों से आलाप;
चेन्नईः इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 15 अप्रैल तक स्थगित होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी टीम के कार्यक्रम को छोड़कर फैन्स से मिलते नजर आए. चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें पूर्व भारतीय कप्तान धोनी सभी से मिलते हुए नजर आ रहे है. फैन के इस बात पर धोनी के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उन्होंने सिर और हाथ हिलाते हुए हामी भी भरी. लंबे समय से क्रिकेट से दूर चल रहे धोनी अब चेपक स्टेडियम में अभ्यास करते हुए नजर आ रहे हैं, जहां पर वह फैन्स से मिलते हुए भी नजर आ रहे हैं. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह फैन्स के साथ फोटो क्लिक करा रहे हैं और आटोग्राफ भी दे रहे है. बीसीसीआई ने शनिवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के फ्रेंचाइजियों के मालिकों के साथ बोर्ड के मुख्यालय पर बैठक की, जहां फैसला लिया गया कि वे इस महीने के आखिर तक 'देखो और इंतजार करो' की नीति पर चलेंगे. इसके बाद ही वे आईपीएल के 13वें संस्करण के भाग्य को लेकर आगे कोई फैसला करेंगे. देशभर में जारी कोरोनावायरस के कारण 29 मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल को 15 अप्रैल तक के लिए शुक्रवार को स्थगित कर दिया गया है.
चेन्नईः इंडियन प्रीमियर लीग के पंद्रह अप्रैल तक स्थगित होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी टीम के कार्यक्रम को छोड़कर फैन्स से मिलते नजर आए. चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें पूर्व भारतीय कप्तान धोनी सभी से मिलते हुए नजर आ रहे है. फैन के इस बात पर धोनी के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उन्होंने सिर और हाथ हिलाते हुए हामी भी भरी. लंबे समय से क्रिकेट से दूर चल रहे धोनी अब चेपक स्टेडियम में अभ्यास करते हुए नजर आ रहे हैं, जहां पर वह फैन्स से मिलते हुए भी नजर आ रहे हैं. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह फैन्स के साथ फोटो क्लिक करा रहे हैं और आटोग्राफ भी दे रहे है. बीसीसीआई ने शनिवार को इंडियन प्रीमियर लीग के फ्रेंचाइजियों के मालिकों के साथ बोर्ड के मुख्यालय पर बैठक की, जहां फैसला लिया गया कि वे इस महीने के आखिर तक 'देखो और इंतजार करो' की नीति पर चलेंगे. इसके बाद ही वे आईपीएल के तेरहवें संस्करण के भाग्य को लेकर आगे कोई फैसला करेंगे. देशभर में जारी कोरोनावायरस के कारण उनतीस मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल को पंद्रह अप्रैल तक के लिए शुक्रवार को स्थगित कर दिया गया है.
हापुड़। जिला पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों के मामले में शुक्रवार को डीएम द्वारा गठित जांच टीम ने मंसूरपुर और असौड़ा गांव में लाइट और साइन बोर्ड का जायजा लिया। अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से भी वार्ता की। जिला पंचायत सदस्य रूचि यादव, सिमरन चौधरी, भावना वाल्मीकि, अर्जुन जाटव, ममता जाटव ने डीएम कार्यालय में शिकायत कर, आरोप लगाए थे कि जिला पंचायत द्वारा गांवों में लगाई गई लाइटों के दामों में फेरबदल किया है। बाजार में जो लाइट 300 से 400 रुपये में मिल जाती है, उसका बिल 3500 रुपये तक बनाया गया है। जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी आरती मिश्रा ने बताया कि डीएम द्वारा गठित कमेटी ने शुक्रवार को मंसूरपुर में लाइट की जांच की, इसके बाद असौड़ा में साइन बोर्ड की जांच की। इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी।
हापुड़। जिला पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों के मामले में शुक्रवार को डीएम द्वारा गठित जांच टीम ने मंसूरपुर और असौड़ा गांव में लाइट और साइन बोर्ड का जायजा लिया। अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाए और ग्रामीणों से भी वार्ता की। जिला पंचायत सदस्य रूचि यादव, सिमरन चौधरी, भावना वाल्मीकि, अर्जुन जाटव, ममता जाटव ने डीएम कार्यालय में शिकायत कर, आरोप लगाए थे कि जिला पंचायत द्वारा गांवों में लगाई गई लाइटों के दामों में फेरबदल किया है। बाजार में जो लाइट तीन सौ से चार सौ रुपयापये में मिल जाती है, उसका बिल तीन हज़ार पाँच सौ रुपयापये तक बनाया गया है। जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी आरती मिश्रा ने बताया कि डीएम द्वारा गठित कमेटी ने शुक्रवार को मंसूरपुर में लाइट की जांच की, इसके बाद असौड़ा में साइन बोर्ड की जांच की। इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी।
दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में संजय सिंह के दावे पर सियासी तकरार देखी जा रही है। आम आदमी पार्टी केंद्र पर हमले कर रही है तो दूसरी तरफ BJP ने तगड़ा वार-पलटवार किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के उस दावे के बाद सियासत गरमा गई है जिसमें उन्होंने कहा है कि ईडी ने माना है कि उनका नाम गलती से कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में डाल दिया गया था। इस दावे के बाद आम आदमी पार्टी आक्रामक है। AAP आरोप लगाया कि ईडी के आरोप पत्र में संजय सिंह के नाम का उल्लेख मुख्यमंत्री केजरीवाल को बदनाम करने की एक कोशिश है। वहीं BJP ने पटलवार करते हुए कहा कि 'आम आदमी पार्टी' अरविंद केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले पर हंगामा खड़ा कर रही है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ईडी के आरोप पत्र में संजय सिंह के नाम का उल्लेख एजेंसी की एक लिपिकीय त्रुटि है। एजेंसी आरोप पत्र अदालत के संज्ञान में आने के तुरंत बाद इसे सही करने के लिए आवेदन दायर कर चुकी है। पूनावाला ने कहा कि ईडी 20 अप्रैल को आरोप पत्र में सुधार के लिए उपयुक्त न्यायिक मंच के समक्ष आवेदन दायर चुकी थी, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद सिंह ने 22 अप्रैल को केंद्रीय एजेंसी को कानूनी नोटिस भेजा। आम आदमी पार्टी अब अरविंद केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए मामले पर हंगामा खड़ा कर रही है। वहीं दिल्ली के कैबिनेट मंत्री और 'आम आदमी पार्टी' के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सीबीआई और ईडी उत्पीड़न, अत्याचार, धमकी और किसी को बदनाम करने का पर्याय बन गई हैं। ईडी विपक्षी दलों से डरी हुई है। ईडी ने संजय सिंह से माफी मांगी है। ऐसा पहली बार हुआ जब ईडी के निदेशक को किसी से माफी मांगनी पड़ी है। एक तरह से केंद्र सरकार को संजय सिंह और 'आम आदमी पार्टी' से माफी मांगनी पड़ी है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह 'गलती' कैसे हुई। ऐसा कैसे हो सकता है? भाजपा के किसी सांसद का नाम तो गलती से नहीं आया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर डाला गया। पूरा कथित घोटाला फर्जी है। पूरा मामला झूठा है। इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले पर ट्वीट किया, क्या किसी का नाम आरोप-पत्र में गलती से भी डाला जाता है? इस से साफ है कि पूरा केस फर्जी है। हालांकि इन सबके बीच ईडी के सूत्रों ने कहा कि आरोप पत्र में 'आम आदमी पार्टी' के नेता का चार बार नाम आया है। इसमें से एक संदर्भ गलत है और यह अनजाने में टाइप हो गया था। एजेंसी ने आरोप पत्र में विसंगति को दूर करने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की है।
दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में संजय सिंह के दावे पर सियासी तकरार देखी जा रही है। आम आदमी पार्टी केंद्र पर हमले कर रही है तो दूसरी तरफ BJP ने तगड़ा वार-पलटवार किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के उस दावे के बाद सियासत गरमा गई है जिसमें उन्होंने कहा है कि ईडी ने माना है कि उनका नाम गलती से कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में डाल दिया गया था। इस दावे के बाद आम आदमी पार्टी आक्रामक है। AAP आरोप लगाया कि ईडी के आरोप पत्र में संजय सिंह के नाम का उल्लेख मुख्यमंत्री केजरीवाल को बदनाम करने की एक कोशिश है। वहीं BJP ने पटलवार करते हुए कहा कि 'आम आदमी पार्टी' अरविंद केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले पर हंगामा खड़ा कर रही है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ईडी के आरोप पत्र में संजय सिंह के नाम का उल्लेख एजेंसी की एक लिपिकीय त्रुटि है। एजेंसी आरोप पत्र अदालत के संज्ञान में आने के तुरंत बाद इसे सही करने के लिए आवेदन दायर कर चुकी है। पूनावाला ने कहा कि ईडी बीस अप्रैल को आरोप पत्र में सुधार के लिए उपयुक्त न्यायिक मंच के समक्ष आवेदन दायर चुकी थी, जबकि आम आदमी पार्टी के सांसद सिंह ने बाईस अप्रैल को केंद्रीय एजेंसी को कानूनी नोटिस भेजा। आम आदमी पार्टी अब अरविंद केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए मामले पर हंगामा खड़ा कर रही है। वहीं दिल्ली के कैबिनेट मंत्री और 'आम आदमी पार्टी' के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सीबीआई और ईडी उत्पीड़न, अत्याचार, धमकी और किसी को बदनाम करने का पर्याय बन गई हैं। ईडी विपक्षी दलों से डरी हुई है। ईडी ने संजय सिंह से माफी मांगी है। ऐसा पहली बार हुआ जब ईडी के निदेशक को किसी से माफी मांगनी पड़ी है। एक तरह से केंद्र सरकार को संजय सिंह और 'आम आदमी पार्टी' से माफी मांगनी पड़ी है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह 'गलती' कैसे हुई। ऐसा कैसे हो सकता है? भाजपा के किसी सांसद का नाम तो गलती से नहीं आया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर डाला गया। पूरा कथित घोटाला फर्जी है। पूरा मामला झूठा है। इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले पर ट्वीट किया, क्या किसी का नाम आरोप-पत्र में गलती से भी डाला जाता है? इस से साफ है कि पूरा केस फर्जी है। हालांकि इन सबके बीच ईडी के सूत्रों ने कहा कि आरोप पत्र में 'आम आदमी पार्टी' के नेता का चार बार नाम आया है। इसमें से एक संदर्भ गलत है और यह अनजाने में टाइप हो गया था। एजेंसी ने आरोप पत्र में विसंगति को दूर करने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की है।
क्षारयुक्त मिट्टी (अंग्रेज़ीः Saline and Alkaline Soil) शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों, दलदली क्षेत्रों, अधिक सिंचाई वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। इन्हें 'थूर', ऊसर, कल्लहड़, राकड़, रे और चोपन के नामों से भी जाना जाता है। शुष्क भागों में अधिक सिंचाई के कारण एवं अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल-प्रवाह दोषपूर्ण होने एवं जलरेखा उपर-नीचे होने के कारण इस मिट्टी का जन्म होता है। इस प्रकार की मिट्टी में भूमि की निचली परतों से क्षार या लवण वाष्पीकरण द्वारा उपरी परतों तक आ जाते हैं। इस मिट्टी में सोडियम, कैल्सियम और मैग्नेशियम की मात्रा अधिक पायी जाने से प्रायः यह मिट्टी अनुत्पादक हो जाती है। क्षारयुक्त मिट्टी उस प्रकार की मिट्टी को कहते हैं, जिसमें क्षार तथा लवण विशेष मात्रा में पाए जाते हैं। शुष्क जलवायु वाले स्थानों में यह लवण श्वेत या भूरे-श्वेत रंग के रूप में मृदा या मिट्टी पर जमा हो जाता है। यह मृदा पूर्णतया अनुपजाऊ एवं ऊसर होती हैं और इसमें शुष्क ऋतु में कुछ लवणप्रिय पौधों के अलावा अन्य किसी प्रकार की वनस्पति नहीं मिलती। इस तरह के मृदा को उत्तर प्रदेश में 'ऊसर' या 'रेहला', पंजाब में 'ठूर', कल्लर या बारा, मुंबई में चोपन, करल इत्यादि कहते हैं। - मिट्टी खनिजों की उपस्थिति में खनिज अपक्षय के दौरान सोडियम कार्बोनेट और सोडियम बाइकार्बोनेट का उत्पादन। - सोडियम कार्बोनेट, सोडियम बाइकार्बोनेट (बेकिंग सोडा), सोडियम सल्फेट, सोडियम हाइड्रोक्साइड (कास्टिक सोडा), सोडियम हाइपोक्लोराइट (ब्लीचिंग पाउडर) आदि जैसे औद्योगिक और घरेलू अपशिष्ट, उनकी उत्पादन प्रक्रिया या खपत में पानी की लवणता को भारी मात्र में बढ़ा देती है। - कोयला से चलने वाले बॉयलर/बिजली संयंत्र, जब चूना पत्थर में समृद्ध कोयले या लिग्नाइट का उपयोग करते है तो कैशियम ऑक्साइड युक्त राख उत्पन्न करते हैं। कैशियम ऑक्साइड आसानी से पानी में घूल जाता है। फिर रासायनिक प्रक्रिया के कारण स्लाके लाइम का निर्माण करते हैं जो सिचाई या नदियों द्वारा मिट्टी या मृदा तक पहुंचती है और इस प्रकार मृदा या मिट्टी का लवणीकरण हो जाता है। - सिंचाई (सतह या भूजल) में नरम पानी का उपयोग जिसमें अपेक्षाकृत उच्च मात्रा में सोडियम बाइकार्बोनेट और कम कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है। इस मिट्टी को उर्वर बनाने के लिए ज्यादातर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम का उपयोग किया जाता है लेकिन कैल्शियम एवं सल्फर का उपयोग गौण रखा जाता है। जिससे कैल्शियम एवं सल्फर की कमी की समस्या धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर रही है, इनकी कमी सघन खेती वाली भूमि, हल्की भूमि तथा अपक्षरणीय भूमि में अधिक होती है। कैल्शियम एवं सल्फर संतुलित पोषक तत्व प्रबन्धन के मुख्य अवयवकों में से है जिनकी पूर्ति के अनेक स्त्रोत हैं। इनमें से जिप्सम एक महत्वपूर्ण उर्वरक है। जिप्सम एक तलछट खनिज है और क्षारीय मृदा या मिट्टी के उपचार के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण यौगिक माना जाता है। इसमें 23.3 प्रतिशत कैल्शियम एवं 18.5 प्रतिशत सल्फर होता है। जब यह पानी में घुलता है तो कैल्शियम एवं सल्फेट आयन प्रदान करता है। तुलनात्मक रूप से कुछ अधिक धनात्मक होने के कारण कैल्शियम के आयन मृदा में विद्यमान विनिमय सोडियम के आयनों को हटाकर उनका स्थान ग्रहण कर लेते है। आयनों का मटियार कणों पर यह परिर्वतन मृदा की रासायनिक एवं भौतिक अवस्था में सुधार कर देता है तथा मृदा फसलोत्पादन के लिए उपयुक्त हो जाती है।
क्षारयुक्त मिट्टी शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों, दलदली क्षेत्रों, अधिक सिंचाई वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। इन्हें 'थूर', ऊसर, कल्लहड़, राकड़, रे और चोपन के नामों से भी जाना जाता है। शुष्क भागों में अधिक सिंचाई के कारण एवं अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल-प्रवाह दोषपूर्ण होने एवं जलरेखा उपर-नीचे होने के कारण इस मिट्टी का जन्म होता है। इस प्रकार की मिट्टी में भूमि की निचली परतों से क्षार या लवण वाष्पीकरण द्वारा उपरी परतों तक आ जाते हैं। इस मिट्टी में सोडियम, कैल्सियम और मैग्नेशियम की मात्रा अधिक पायी जाने से प्रायः यह मिट्टी अनुत्पादक हो जाती है। क्षारयुक्त मिट्टी उस प्रकार की मिट्टी को कहते हैं, जिसमें क्षार तथा लवण विशेष मात्रा में पाए जाते हैं। शुष्क जलवायु वाले स्थानों में यह लवण श्वेत या भूरे-श्वेत रंग के रूप में मृदा या मिट्टी पर जमा हो जाता है। यह मृदा पूर्णतया अनुपजाऊ एवं ऊसर होती हैं और इसमें शुष्क ऋतु में कुछ लवणप्रिय पौधों के अलावा अन्य किसी प्रकार की वनस्पति नहीं मिलती। इस तरह के मृदा को उत्तर प्रदेश में 'ऊसर' या 'रेहला', पंजाब में 'ठूर', कल्लर या बारा, मुंबई में चोपन, करल इत्यादि कहते हैं। - मिट्टी खनिजों की उपस्थिति में खनिज अपक्षय के दौरान सोडियम कार्बोनेट और सोडियम बाइकार्बोनेट का उत्पादन। - सोडियम कार्बोनेट, सोडियम बाइकार्बोनेट , सोडियम सल्फेट, सोडियम हाइड्रोक्साइड , सोडियम हाइपोक्लोराइट आदि जैसे औद्योगिक और घरेलू अपशिष्ट, उनकी उत्पादन प्रक्रिया या खपत में पानी की लवणता को भारी मात्र में बढ़ा देती है। - कोयला से चलने वाले बॉयलर/बिजली संयंत्र, जब चूना पत्थर में समृद्ध कोयले या लिग्नाइट का उपयोग करते है तो कैशियम ऑक्साइड युक्त राख उत्पन्न करते हैं। कैशियम ऑक्साइड आसानी से पानी में घूल जाता है। फिर रासायनिक प्रक्रिया के कारण स्लाके लाइम का निर्माण करते हैं जो सिचाई या नदियों द्वारा मिट्टी या मृदा तक पहुंचती है और इस प्रकार मृदा या मिट्टी का लवणीकरण हो जाता है। - सिंचाई में नरम पानी का उपयोग जिसमें अपेक्षाकृत उच्च मात्रा में सोडियम बाइकार्बोनेट और कम कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है। इस मिट्टी को उर्वर बनाने के लिए ज्यादातर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम का उपयोग किया जाता है लेकिन कैल्शियम एवं सल्फर का उपयोग गौण रखा जाता है। जिससे कैल्शियम एवं सल्फर की कमी की समस्या धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर रही है, इनकी कमी सघन खेती वाली भूमि, हल्की भूमि तथा अपक्षरणीय भूमि में अधिक होती है। कैल्शियम एवं सल्फर संतुलित पोषक तत्व प्रबन्धन के मुख्य अवयवकों में से है जिनकी पूर्ति के अनेक स्त्रोत हैं। इनमें से जिप्सम एक महत्वपूर्ण उर्वरक है। जिप्सम एक तलछट खनिज है और क्षारीय मृदा या मिट्टी के उपचार के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण यौगिक माना जाता है। इसमें तेईस.तीन प्रतिशत कैल्शियम एवं अट्ठारह.पाँच प्रतिशत सल्फर होता है। जब यह पानी में घुलता है तो कैल्शियम एवं सल्फेट आयन प्रदान करता है। तुलनात्मक रूप से कुछ अधिक धनात्मक होने के कारण कैल्शियम के आयन मृदा में विद्यमान विनिमय सोडियम के आयनों को हटाकर उनका स्थान ग्रहण कर लेते है। आयनों का मटियार कणों पर यह परिर्वतन मृदा की रासायनिक एवं भौतिक अवस्था में सुधार कर देता है तथा मृदा फसलोत्पादन के लिए उपयुक्त हो जाती है।
राज्य की वित्तीय प्रणाली - अपने अधिकारों और दायित्वों के साथ वित्तीय क्षेत्र में आर्थिक संस्थाओं की एक वस्तु-पैसा संबंधों। रूस की वित्तीय प्रणाली राष्ट्रीय और क्षेत्रीय वित्त, वित्तीय संस्थाओं और आम नागरिकों की वित्त से मिलकर एक प्रणाली है। के रूप में वे वित्त के क्षेत्र में कुछ संबंधों के कामकाज के लिए जिम्मेदार हैं प्रणाली के प्रत्येक घटक, एक विशेष कार्य है। उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय वित्त के कार्य का संचय है वित्तीय संसाधनों राज्य और निपटान की दिशा में, यदि आवश्यक हो अनुमोदित बजट के अनुसार, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य राज्य की जरूरत के वित्तपोषण के लिए, या,। कर राजस्व की कीमत पर सरकारी राजस्व के इस स्रोत के गठन, मात्रा राज्य के स्वामित्व वाली संस्थाओं और के निजीकरण से प्राप्त सरकार फीस। के रूप में राष्ट्रीय वित्त का हिस्सा बना रहे हैंः संघीय बजट, राज्य वित्त पोषण और बीमा, साथ ही संघीय बजट धन। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि सकल घरेलू उत्पाद का 50% तक विकसित देशों में उन के माध्यम से पुनः वितरित किया जाता है। यह भी तंत्र कारोबार गतिविधि और आर्थिक अभिनेताओं को प्रोत्साहित करने की तरह है। संघीय बजट राज्य स्तर है, जो कानून द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए पर राजस्व और व्यय प्रणालियों की तुलना प्रस्तुत किया है। आय और व्यय की संरचना राज्य के सामाजिक-आर्थिक नीति की दिशा से निर्धारित होता। राज्य की वित्तीय प्रणाली इसकी कार्यप्रणाली में सभी परिवर्तनों के अधीन है, यह राजनीतिक भ्रम या विभिन्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति है या नहीं। राज्य की वित्तीय प्रणाली क्षेत्रीय वित्त, जो देशव्यापी वित्त के समान ही कार्य करने के लिए तैयार कर रहे हैं, लेकिन केवल एक अंतर के साथ के बिना ठीक से काम नहीं कर सकते हैं - अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों में आत्म-प्रबंध कर रहे हैं। वे अतिरिक्त बजटीय धन और क्षेत्रीय बजट से मिलकर बनता है। अपने गठन के स्थानीय करों और शुल्कों, स्थानीय ऋण, दंड, लॉटरी और अन्य स्रोतों की कीमत पर किया जाता है। जैसा कि ऊपर संकेत दिया, वित्तीय प्रणाली राज्य वित्त व्यावसायिक संस्थाओं के रूप में एक घटक भी शामिल है। इस शक्ति के गठन लाभ और व्यापार क्षेत्र का अवमूल्यन के कारण होता है। वित्तीय प्रणाली और वित्तीय नीतियों राज्य के एक दूसरे के साथ एक करीबी रिश्ता है। कैसे उनके रिश्ते है - समझने की कोशिश करो। इस प्रकार, राज्य के वित्तीय नीति - कार्यान्वित उपायों कि उद्देश्य है कि वित्तीय क्षेत्र के सरकारी अधिकारियों द्वारा परिभाषित कर रहे प्राप्त करने का उद्देश्य का एक सेट। यह इस नीति के भीतर गठन और वित्तीय संसाधनों के सामाजिक क्षेत्र के दिशा-निर्देश के मुख्य स्रोत निर्दिष्ट कर रहे हैं है। वित्तीय नीति के उपायों में से एक के लिए एक प्रभावी वित्तीय तंत्र की स्थापना है, जो वित्त के क्षेत्र में राज्य गतिविधि के साथ। यहाँ हम देख सकते हैं कि राज्य की वित्तीय प्रणाली एक साधन है, या एक घटक है वित्तीय तंत्र की। सब के बाद, इस प्रणाली की नींव गठन के लिए वित्तीय संसाधनों पर आधारित है, जिनमें से जिम्मेदार राजकोषीय नीति है। इसके अलावा अपने बुनियादी घटकों को बनाने वित्त (आय की संरचना) के तरीकों में शामिल हैं, कानूनी प्रणाली, बजट राजस्व और व्यय के कुशल गठन के लिए जिम्मेदार। और, बेशक, लेख अधूरा अगर आप राज्य की वित्तीय नीति को प्राथमिकता नहीं है जाएगा। सबसे पहले, नीति कानून की वास्तविकताओं के लिए अनुकूलित का निर्माण करने के लिए प्रयास करना चाहिए। इष्टतम - दूसरे, एक प्रभावी राजकोषीय नीति की मदद से राज्य एक "मध्यम जमीन" कराधान में पता लगाने के लिए किया जाना चाहिए कर का बोझ कर प्रणाली के प्रभावी कार्यकरण के साथ,। तीसरा, दक्षता में सुधार करने की सार्वजनिक नीतियों की योजना के लिए वित्तीय प्रणाली के उपयोग की दिशा पूर्वानुमान की जरूरत है और।
राज्य की वित्तीय प्रणाली - अपने अधिकारों और दायित्वों के साथ वित्तीय क्षेत्र में आर्थिक संस्थाओं की एक वस्तु-पैसा संबंधों। रूस की वित्तीय प्रणाली राष्ट्रीय और क्षेत्रीय वित्त, वित्तीय संस्थाओं और आम नागरिकों की वित्त से मिलकर एक प्रणाली है। के रूप में वे वित्त के क्षेत्र में कुछ संबंधों के कामकाज के लिए जिम्मेदार हैं प्रणाली के प्रत्येक घटक, एक विशेष कार्य है। उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय वित्त के कार्य का संचय है वित्तीय संसाधनों राज्य और निपटान की दिशा में, यदि आवश्यक हो अनुमोदित बजट के अनुसार, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य राज्य की जरूरत के वित्तपोषण के लिए, या,। कर राजस्व की कीमत पर सरकारी राजस्व के इस स्रोत के गठन, मात्रा राज्य के स्वामित्व वाली संस्थाओं और के निजीकरण से प्राप्त सरकार फीस। के रूप में राष्ट्रीय वित्त का हिस्सा बना रहे हैंः संघीय बजट, राज्य वित्त पोषण और बीमा, साथ ही संघीय बजट धन। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि सकल घरेलू उत्पाद का पचास% तक विकसित देशों में उन के माध्यम से पुनः वितरित किया जाता है। यह भी तंत्र कारोबार गतिविधि और आर्थिक अभिनेताओं को प्रोत्साहित करने की तरह है। संघीय बजट राज्य स्तर है, जो कानून द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए पर राजस्व और व्यय प्रणालियों की तुलना प्रस्तुत किया है। आय और व्यय की संरचना राज्य के सामाजिक-आर्थिक नीति की दिशा से निर्धारित होता। राज्य की वित्तीय प्रणाली इसकी कार्यप्रणाली में सभी परिवर्तनों के अधीन है, यह राजनीतिक भ्रम या विभिन्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति है या नहीं। राज्य की वित्तीय प्रणाली क्षेत्रीय वित्त, जो देशव्यापी वित्त के समान ही कार्य करने के लिए तैयार कर रहे हैं, लेकिन केवल एक अंतर के साथ के बिना ठीक से काम नहीं कर सकते हैं - अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों में आत्म-प्रबंध कर रहे हैं। वे अतिरिक्त बजटीय धन और क्षेत्रीय बजट से मिलकर बनता है। अपने गठन के स्थानीय करों और शुल्कों, स्थानीय ऋण, दंड, लॉटरी और अन्य स्रोतों की कीमत पर किया जाता है। जैसा कि ऊपर संकेत दिया, वित्तीय प्रणाली राज्य वित्त व्यावसायिक संस्थाओं के रूप में एक घटक भी शामिल है। इस शक्ति के गठन लाभ और व्यापार क्षेत्र का अवमूल्यन के कारण होता है। वित्तीय प्रणाली और वित्तीय नीतियों राज्य के एक दूसरे के साथ एक करीबी रिश्ता है। कैसे उनके रिश्ते है - समझने की कोशिश करो। इस प्रकार, राज्य के वित्तीय नीति - कार्यान्वित उपायों कि उद्देश्य है कि वित्तीय क्षेत्र के सरकारी अधिकारियों द्वारा परिभाषित कर रहे प्राप्त करने का उद्देश्य का एक सेट। यह इस नीति के भीतर गठन और वित्तीय संसाधनों के सामाजिक क्षेत्र के दिशा-निर्देश के मुख्य स्रोत निर्दिष्ट कर रहे हैं है। वित्तीय नीति के उपायों में से एक के लिए एक प्रभावी वित्तीय तंत्र की स्थापना है, जो वित्त के क्षेत्र में राज्य गतिविधि के साथ। यहाँ हम देख सकते हैं कि राज्य की वित्तीय प्रणाली एक साधन है, या एक घटक है वित्तीय तंत्र की। सब के बाद, इस प्रणाली की नींव गठन के लिए वित्तीय संसाधनों पर आधारित है, जिनमें से जिम्मेदार राजकोषीय नीति है। इसके अलावा अपने बुनियादी घटकों को बनाने वित्त के तरीकों में शामिल हैं, कानूनी प्रणाली, बजट राजस्व और व्यय के कुशल गठन के लिए जिम्मेदार। और, बेशक, लेख अधूरा अगर आप राज्य की वित्तीय नीति को प्राथमिकता नहीं है जाएगा। सबसे पहले, नीति कानून की वास्तविकताओं के लिए अनुकूलित का निर्माण करने के लिए प्रयास करना चाहिए। इष्टतम - दूसरे, एक प्रभावी राजकोषीय नीति की मदद से राज्य एक "मध्यम जमीन" कराधान में पता लगाने के लिए किया जाना चाहिए कर का बोझ कर प्रणाली के प्रभावी कार्यकरण के साथ,। तीसरा, दक्षता में सुधार करने की सार्वजनिक नीतियों की योजना के लिए वित्तीय प्रणाली के उपयोग की दिशा पूर्वानुमान की जरूरत है और।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। उल्बीय प्राणी या ऐम्नीओट (Amniotes) ऐसे कशेरुकी (रीढ़-वाले) चौपाये प्राणियों का क्लेड (समूह) है जो या तो अपने अंडे धरती पर देते हैं या जन्म तक अपने शिशु का आरम्भिक पोषण मादा के गर्भ के अंदर ही करते हैं। सरीसृप (रेप्टाइल), स्तनधारी (मैमल) और पक्षी तीनों ऐम्नीओटों की श्रेणी में आते हैं। इसके विपरीत उभयचर (ऐम्फ़िबियन) और मछलियाँ ग़ैर-ऐम्नीओट या अनैम्निओट (anamniotes) होते हैं जो अधिकतर अपने अंडे जल में देते हैं। ऐम्नीओट चौपाये होते हैं (चार-पाँव और रीढ़ वाले प्राणियों के वंशज) और इनके अंडों में उल्ब (amniotic fluid, द्रव) भरा होता है - चाहे वे किसी छिलके में मादा से बाहर हो या फिर मादा के गर्भ के भीतर पनप रहें हो। इस उल्ब के कारण ऐम्नीओटों को बच्चे जनने के लिये किसी भी समुद्री या अन्य जलीय स्थान जाने की कोई आवश्यकता नहीं। इसके विपरीत ग़ैर-ऐम्नीओटों को अपने अंडे किसी जल-युक्त स्थान पर या सीधा समुद्र में ही देने की ज़रूरत होती है। यह अंतर क्रम-विकास (इवोल्यूशन) में एक बड़ा पड़ाव था जिस कारण से चौपाये समुद्र से निकलकर पृथ्वी के ज़मीनी क्षेत्रों पर फैल पाये। . Clockwise from top left: veiled chameleon("Chamaeleo calyptratus"), rock monitor ("Varanus albigularis"), common blue-tongued skink ("Tiliqua scincoides"), Italian wall lizard ("Podarcis sicula"), giant leaf-tailed gecko ("Uroplatus fimbriatus"), and legless lizard ("Anelytropsis papillosus") छिपकली स्क्वमाटा जीववैज्ञानिक गण के सरीसृप प्राणियों का एक उपगण है, जिसमें अंटार्कटिका के अलावा लगभग विश्व भर के हर बड़े भू-भाग में मिलने वाली लगभग ६००० ज्ञात जातियाँ शामिल हैं। ध्यान दें कि सर्प भी स्क्वमाटा गण के सदस्य होते हैं और छिपकली व सर्प दोनों एक ही पूर्वज के वंशज हैं लेकिन परिभाषिक रूप से सर्पों को छिपकली नहीं समझा जाता। . ऐम्नीओट और छिपकली आम में एक बात है (यूनियनपीडिया में): सरीसृप। सरीसृप (Reptiles) प्राणी-जगत का एक समूह है जो कि पृथ्वी पर सरक कर चलते हैं। इसके अन्तर्गत साँप, छिपकली,मेंढक, मगरमच्छ आदि आते हैं। . ऐम्नीओट 17 संबंध है और छिपकली 9 है। वे आम 1 में है, समानता सूचकांक 3.85% है = 1 / (17 + 9)। यह लेख ऐम्नीओट और छिपकली के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। उल्बीय प्राणी या ऐम्नीओट ऐसे कशेरुकी चौपाये प्राणियों का क्लेड है जो या तो अपने अंडे धरती पर देते हैं या जन्म तक अपने शिशु का आरम्भिक पोषण मादा के गर्भ के अंदर ही करते हैं। सरीसृप , स्तनधारी और पक्षी तीनों ऐम्नीओटों की श्रेणी में आते हैं। इसके विपरीत उभयचर और मछलियाँ ग़ैर-ऐम्नीओट या अनैम्निओट होते हैं जो अधिकतर अपने अंडे जल में देते हैं। ऐम्नीओट चौपाये होते हैं और इनके अंडों में उल्ब भरा होता है - चाहे वे किसी छिलके में मादा से बाहर हो या फिर मादा के गर्भ के भीतर पनप रहें हो। इस उल्ब के कारण ऐम्नीओटों को बच्चे जनने के लिये किसी भी समुद्री या अन्य जलीय स्थान जाने की कोई आवश्यकता नहीं। इसके विपरीत ग़ैर-ऐम्नीओटों को अपने अंडे किसी जल-युक्त स्थान पर या सीधा समुद्र में ही देने की ज़रूरत होती है। यह अंतर क्रम-विकास में एक बड़ा पड़ाव था जिस कारण से चौपाये समुद्र से निकलकर पृथ्वी के ज़मीनी क्षेत्रों पर फैल पाये। . Clockwise from top left: veiled chameleon, rock monitor , common blue-tongued skink , Italian wall lizard , giant leaf-tailed gecko , and legless lizard छिपकली स्क्वमाटा जीववैज्ञानिक गण के सरीसृप प्राणियों का एक उपगण है, जिसमें अंटार्कटिका के अलावा लगभग विश्व भर के हर बड़े भू-भाग में मिलने वाली लगभग छः हज़ार ज्ञात जातियाँ शामिल हैं। ध्यान दें कि सर्प भी स्क्वमाटा गण के सदस्य होते हैं और छिपकली व सर्प दोनों एक ही पूर्वज के वंशज हैं लेकिन परिभाषिक रूप से सर्पों को छिपकली नहीं समझा जाता। . ऐम्नीओट और छिपकली आम में एक बात है : सरीसृप। सरीसृप प्राणी-जगत का एक समूह है जो कि पृथ्वी पर सरक कर चलते हैं। इसके अन्तर्गत साँप, छिपकली,मेंढक, मगरमच्छ आदि आते हैं। . ऐम्नीओट सत्रह संबंध है और छिपकली नौ है। वे आम एक में है, समानता सूचकांक तीन.पचासी% है = एक / । यह लेख ऐम्नीओट और छिपकली के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
मुंबई। धोनी की सेना ने तीसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब अपने कर लिया है। मुंबई के वानखेड़े में खेले गए फाइनल मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर आईपीएल 2018 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। चेन्नई की जीत में हीरो रहे ऑपनर शेन वॉटसन के शतक के बाद कप्तान धोनी ने कहा कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, जबकि फिटनेस ज्यादा मैटर करती है। मुंबई के वानखेड़े में 36 साल के वॉटसन ने ताबड़तोड़ शतक ठोक कर वाकय में साबित कर दिया कि गेम में परफॉर्म आपके फिटनेस पर निर्भर करती है, उम्र नहीं। मैच के बाद धोनी ने स्पष्ट कहा कि उम्र कोई मैटर नहीं करती है, जबकि फिटनेस का बहुत बड़ा रोल होता है और पिछले कुछ सालों में लड़कों ने अपनी फिटनेस को इंप्रूव किया है। धोनी ने कहा, 'हम उम्र के बारे में बहुत बाते करते हैं, लेकिन आपकी फिटनेस ज्यादा मैटर करती है। रायडू को ही देख लीजिए जो 33 साल के बिल्कुल फिट है और पूरे ग्राउंड में शानदार खेलते हैं। यहां तक कि वह ग्राउंड में बहुत सारा वक्त बिताने के बाद भी कोई शिकायत नहीं करते हैं। तो यह फिटनेस ही है, जो सबसे ज्यादा मैटर करती है, बजाय की उम्र के। हर कप्तान चाहता है कि उसका खिलाड़ी फिल्ड में शानदार प्रदर्शन करे। फिर चाहे वह चाहे 19 का हो या 20 का, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, बस आपको फुर्तीला होना होगा। ' धोनी ने आगे कहा, 'बहुत सारे लोग क्रिकेट में स्टैटिक्स की बात करते हैं, तो आज तारिख 27 है, मेरी जर्सी नंबर भी 7 है और यह हमारा 7वां फाइनल था, इसलिए जीत के लिए यह कारण भी बहुत है। लेकिन सभी कारणों में जो सबसे ज्यादा मैटर करता है, वो यह है कि आखिर में जीते हैं।
मुंबई। धोनी की सेना ने तीसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब अपने कर लिया है। मुंबई के वानखेड़े में खेले गए फाइनल मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को आठ विकेट से हराकर आईपीएल दो हज़ार अट्ठारह की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। चेन्नई की जीत में हीरो रहे ऑपनर शेन वॉटसन के शतक के बाद कप्तान धोनी ने कहा कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, जबकि फिटनेस ज्यादा मैटर करती है। मुंबई के वानखेड़े में छत्तीस साल के वॉटसन ने ताबड़तोड़ शतक ठोक कर वाकय में साबित कर दिया कि गेम में परफॉर्म आपके फिटनेस पर निर्भर करती है, उम्र नहीं। मैच के बाद धोनी ने स्पष्ट कहा कि उम्र कोई मैटर नहीं करती है, जबकि फिटनेस का बहुत बड़ा रोल होता है और पिछले कुछ सालों में लड़कों ने अपनी फिटनेस को इंप्रूव किया है। धोनी ने कहा, 'हम उम्र के बारे में बहुत बाते करते हैं, लेकिन आपकी फिटनेस ज्यादा मैटर करती है। रायडू को ही देख लीजिए जो तैंतीस साल के बिल्कुल फिट है और पूरे ग्राउंड में शानदार खेलते हैं। यहां तक कि वह ग्राउंड में बहुत सारा वक्त बिताने के बाद भी कोई शिकायत नहीं करते हैं। तो यह फिटनेस ही है, जो सबसे ज्यादा मैटर करती है, बजाय की उम्र के। हर कप्तान चाहता है कि उसका खिलाड़ी फिल्ड में शानदार प्रदर्शन करे। फिर चाहे वह चाहे उन्नीस का हो या बीस का, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, बस आपको फुर्तीला होना होगा। ' धोनी ने आगे कहा, 'बहुत सारे लोग क्रिकेट में स्टैटिक्स की बात करते हैं, तो आज तारिख सत्ताईस है, मेरी जर्सी नंबर भी सात है और यह हमारा सातवां फाइनल था, इसलिए जीत के लिए यह कारण भी बहुत है। लेकिन सभी कारणों में जो सबसे ज्यादा मैटर करता है, वो यह है कि आखिर में जीते हैं।
Samsung Galaxy A13 कंपनी की ओर से पेश किया जाने वाला एक बजट स्मार्टफोन होगा। इसके जल्द ही भारत और अन्य बाजारों में लॉन्च होने की उम्मीद है। टेक डेस्क. Samsung ने हाल ही में Galaxy A03 को भारत में 2022 के अपने पहले ए-सीरीज़ स्मार्टफोन के रूप में लॉन्च किया। कंपनी आने वाले दिनों में भारत और अन्य बाजारों में और अधिक ए-सीरीज डिवाइस लॉन्च कर सकती है। ए-सीरीज़ के तहत लॉन्च होने वाले सैमसंग के आगामी स्मार्टफोन्स की सूची में गैलेक्सी ए13 4जी और गैलेक्सी ए33 5जी शामिल हैं। दोनों डिवाइसेज की डिटेल काफी समय से वेब पर सामने आ रही है। एक नई रिपोर्ट में अब सैमसंग गैलेक्सी ए13 4जी और गैलेक्सी ए33 5जी डिजाइन के रेंडर सामने आए हैं। Samsung Galaxy A13 कंपनी की ओर से पेश किया जाने वाला एक बजट स्मार्टफोन होगा। इसके जल्द ही भारत और अन्य बाजारों में लॉन्च होने की उम्मीद है। WinFuture की रिपोर्ट से पता चलता है कि फोन में 6. 6 इंच लंबा एलसीडी पैनल है जिसका रिज़ॉल्यूशन 1080 x 2408 पिक्सल है। फ्रंट कैमरे के लिए टॉप पर वॉटरड्रॉप नॉच है। इस नॉच में 8MP का फ्रंट कैमरा सेंसर होगा। स्क्रीन को 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करने के लिए भी कहा गया है। फोन के पिछले हिस्से पर क्वाड-कैमरा सेटअप है। इसमें 48MP का मुख्य कैमरा, 5MP का अल्ट्रावाइड कैमरा और डेप्थ और मैक्रो के लिए 2MP के दो सेंसर होंगे। फोन बेस मॉडल के लिए 4GB रैम और 64GB इंटरनल स्टोरेज के साथ Exynos 850 चिपसेट के साथ आएगा। मेमोरी को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाने का विकल्प मिलेगा। फोन में 15W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5000 एमएएच की बैटरी होगी। इसकी कीमत 200 यूरो (करीब 16,800 रुपए) के आसपास रहने की उम्मीद है। फोन ब्लू, ब्लैक और व्हाइट कलर में आएगा।
Samsung Galaxy Aतेरह कंपनी की ओर से पेश किया जाने वाला एक बजट स्मार्टफोन होगा। इसके जल्द ही भारत और अन्य बाजारों में लॉन्च होने की उम्मीद है। टेक डेस्क. Samsung ने हाल ही में Galaxy Aतीन को भारत में दो हज़ार बाईस के अपने पहले ए-सीरीज़ स्मार्टफोन के रूप में लॉन्च किया। कंपनी आने वाले दिनों में भारत और अन्य बाजारों में और अधिक ए-सीरीज डिवाइस लॉन्च कर सकती है। ए-सीरीज़ के तहत लॉन्च होने वाले सैमसंग के आगामी स्मार्टफोन्स की सूची में गैलेक्सी एतेरह चारजी और गैलेक्सी एतैंतीस पाँचजी शामिल हैं। दोनों डिवाइसेज की डिटेल काफी समय से वेब पर सामने आ रही है। एक नई रिपोर्ट में अब सैमसंग गैलेक्सी एतेरह चारजी और गैलेक्सी एतैंतीस पाँचजी डिजाइन के रेंडर सामने आए हैं। Samsung Galaxy Aतेरह कंपनी की ओर से पेश किया जाने वाला एक बजट स्मार्टफोन होगा। इसके जल्द ही भारत और अन्य बाजारों में लॉन्च होने की उम्मीद है। WinFuture की रिपोर्ट से पता चलता है कि फोन में छः. छः इंच लंबा एलसीडी पैनल है जिसका रिज़ॉल्यूशन एक हज़ार अस्सी x दो हज़ार चार सौ आठ पिक्सल है। फ्रंट कैमरे के लिए टॉप पर वॉटरड्रॉप नॉच है। इस नॉच में आठMP का फ्रंट कैमरा सेंसर होगा। स्क्रीन को नब्बे हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करने के लिए भी कहा गया है। फोन के पिछले हिस्से पर क्वाड-कैमरा सेटअप है। इसमें अड़तालीसMP का मुख्य कैमरा, पाँचMP का अल्ट्रावाइड कैमरा और डेप्थ और मैक्रो के लिए दोMP के दो सेंसर होंगे। फोन बेस मॉडल के लिए चारGB रैम और चौंसठGB इंटरनल स्टोरेज के साथ Exynos आठ सौ पचास चिपसेट के साथ आएगा। मेमोरी को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाने का विकल्प मिलेगा। फोन में पंद्रह वाट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ पाँच हज़ार एमएएच की बैटरी होगी। इसकी कीमत दो सौ यूरो के आसपास रहने की उम्मीद है। फोन ब्लू, ब्लैक और व्हाइट कलर में आएगा।
हरियाणा में मंगलवार को सीजन की सबसे अधिक गर्मी पड़ी। मौसम विभाग ने बुधवार को दक्षिण हरियाणा के जिलों में लू (हीट वेब) चलने की चेतावनी जारी की है। हालांकि एक अप्रैल से तापमान में गिरावट आ सकती है। उधर, दिल्ली में मार्च का महीना 76 वर्षों में सबसे गर्म रहा। सोमवार को दिल्ली का तापमान 40. 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले 31 मार्च, 1945 को दिल्ली का तापमान 40. 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं हरियाणा में मंगलवार को गुरुग्राम 39. 2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस अधिक है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में कमी आएगी। आईएमडी के क्षेत्रीय केंद्र निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मी का कारण पिछले तीन दिनों से हवा की रफ्तार धीमी (सात-आठ किमी प्रति घंटा) होना और आसमान का साफ होना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत में मध्य अप्रैल से 10 जून तक तेज गर्मी पड़ेगी और लू का भी प्रकोप रहेगा। चंडीगढ़ में भी मंगलवार को तापमान 36. 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते दस वर्षों में यह दूसरी बार है जब मार्च का तापमान 35 डिग्री से पार गया है। नारनौल, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल और फरीदाबाद जिले के लिए मौसम विभाग ने बुधवार को हीट वेब की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही प्रदेश में अगले तीन दिन 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हिसार जिले में 31 मार्च, 1945 को अधिकतम तापमान 45. 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, यह पिछले 76 साल का रिकॉर्ड है। बीते 10 वर्ष में अधिकतम तापमान 39. 1 तक पहुंचा है। वर्ष 2017 में 39 डिग्री सेल्सियस, 2018 में 39. 1 और 2019 में 37. 2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओें से गर्मी में बढ़ोतरी हुई। मौसम में आए बदलाव की वजह से पहाड़ी इलाकों में अच्छी बारिश और कुछ ऊंचाई वाली पहाड़ियों में हल्की बर्फबारी भी हुई है। अब फिलहाल अगले एक सप्ताह तक चंडीगढ़ सहित हरियाणा और पंजाब में मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले दो से तीन दिन गर्मी से राहत मिलेगी। उत्तर पश्चिमी हवाओं से तापमान नीचे आएगा। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
हरियाणा में मंगलवार को सीजन की सबसे अधिक गर्मी पड़ी। मौसम विभाग ने बुधवार को दक्षिण हरियाणा के जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। हालांकि एक अप्रैल से तापमान में गिरावट आ सकती है। उधर, दिल्ली में मार्च का महीना छिहत्तर वर्षों में सबसे गर्म रहा। सोमवार को दिल्ली का तापमान चालीस. एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले इकतीस मार्च, एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस को दिल्ली का तापमान चालीस. पाँच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं हरियाणा में मंगलवार को गुरुग्राम उनतालीस. दो डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस अधिक है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में कमी आएगी। आईएमडी के क्षेत्रीय केंद्र निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मी का कारण पिछले तीन दिनों से हवा की रफ्तार धीमी होना और आसमान का साफ होना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत में मध्य अप्रैल से दस जून तक तेज गर्मी पड़ेगी और लू का भी प्रकोप रहेगा। चंडीगढ़ में भी मंगलवार को तापमान छत्तीस. पाँच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते दस वर्षों में यह दूसरी बार है जब मार्च का तापमान पैंतीस डिग्री से पार गया है। नारनौल, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल और फरीदाबाद जिले के लिए मौसम विभाग ने बुधवार को हीट वेब की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही प्रदेश में अगले तीन दिन तीस-चालीस किलोग्राममीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हिसार जिले में इकतीस मार्च, एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस को अधिकतम तापमान पैंतालीस. छः डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, यह पिछले छिहत्तर साल का रिकॉर्ड है। बीते दस वर्ष में अधिकतम तापमान उनतालीस. एक तक पहुंचा है। वर्ष दो हज़ार सत्रह में उनतालीस डिग्री सेल्सियस, दो हज़ार अट्ठारह में उनतालीस. एक और दो हज़ार उन्नीस में सैंतीस. दो डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओें से गर्मी में बढ़ोतरी हुई। मौसम में आए बदलाव की वजह से पहाड़ी इलाकों में अच्छी बारिश और कुछ ऊंचाई वाली पहाड़ियों में हल्की बर्फबारी भी हुई है। अब फिलहाल अगले एक सप्ताह तक चंडीगढ़ सहित हरियाणा और पंजाब में मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले दो से तीन दिन गर्मी से राहत मिलेगी। उत्तर पश्चिमी हवाओं से तापमान नीचे आएगा। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
जीएसटी आने के बाद अब अगर आप किसी ज्वैलर से ज्वैलरी खरीदेंगे तो आपको 3 फीसदी जीएसटी देना होगा। यह सोने पर लगने वाला टैक्स है जो हर ग्राहक को देना ही होगा। अगर आप बिना यह टैक्स दिए ज्वैलरी लेते हैं या फिर कोई ज्वैलर बिना इस टैक्स के ज्वैलरी बेचता है तो यह गैर कानूनी है और इसके लिए सजा भी हो सकती है। ये भी पढ़ें- ये है बेहद सस्ती 'सेवा कैब', किराया बस 5 रुपए प्रति किमी. अगर आप सोच रहे हैं कि आप कोई नई ज्वैलरी नहीं खरीदेंगे, लेकिन पुरानी ही ज्वैलरी में थोड़ा और सोना लगवाकर उसे भारी कराएंगे, तो भी आप पर टैक्स लगेगा। दरअसल, यह टैक्स और कुछ नहीं, बल्कि गहनों पर लगने वाला लेबर चार्ज है, जो 18 फीसदी होगा। Guillain-Barré Syndrome: क्या है गुइयां-बेरे सिंड्रोम, और पेरू में क्यों बन रहे है कोरोना जैसे हालात?
जीएसटी आने के बाद अब अगर आप किसी ज्वैलर से ज्वैलरी खरीदेंगे तो आपको तीन फीसदी जीएसटी देना होगा। यह सोने पर लगने वाला टैक्स है जो हर ग्राहक को देना ही होगा। अगर आप बिना यह टैक्स दिए ज्वैलरी लेते हैं या फिर कोई ज्वैलर बिना इस टैक्स के ज्वैलरी बेचता है तो यह गैर कानूनी है और इसके लिए सजा भी हो सकती है। ये भी पढ़ें- ये है बेहद सस्ती 'सेवा कैब', किराया बस पाँच रुपयापए प्रति किमी. अगर आप सोच रहे हैं कि आप कोई नई ज्वैलरी नहीं खरीदेंगे, लेकिन पुरानी ही ज्वैलरी में थोड़ा और सोना लगवाकर उसे भारी कराएंगे, तो भी आप पर टैक्स लगेगा। दरअसल, यह टैक्स और कुछ नहीं, बल्कि गहनों पर लगने वाला लेबर चार्ज है, जो अट्ठारह फीसदी होगा। Guillain-Barré Syndrome: क्या है गुइयां-बेरे सिंड्रोम, और पेरू में क्यों बन रहे है कोरोना जैसे हालात?
Don't Miss! वेबसाइट 'डिजीटलस्पाई डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक डेरेन एरोनोफिस्की की हालिया फिल्म करने से पहले क्यूनिस ने व्यावसायिक तौर पर नृत्य का प्रशिक्षण नहीं लिया था। उन्होंनें कहा कि यह किसी फिल्म में उनके द्वारा किया गया पहला और अंतिम नृत्य है। क्यूनिस ने डब्ल्यू पत्रिका को बताया, "मैं दोबारा नृत्य नहीं करूंगी? मैंने पहली बार फिल्म देखी थी और मैने इसे पसंद की थी। मैने काफी बेहतरीन अभिनय किया था लेकिन दोबारा उस तरह का प्रशिक्षण नहीं लूंगी।" इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Don't Miss! वेबसाइट 'डिजीटलस्पाई डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक डेरेन एरोनोफिस्की की हालिया फिल्म करने से पहले क्यूनिस ने व्यावसायिक तौर पर नृत्य का प्रशिक्षण नहीं लिया था। उन्होंनें कहा कि यह किसी फिल्म में उनके द्वारा किया गया पहला और अंतिम नृत्य है। क्यूनिस ने डब्ल्यू पत्रिका को बताया, "मैं दोबारा नृत्य नहीं करूंगी? मैंने पहली बार फिल्म देखी थी और मैने इसे पसंद की थी। मैने काफी बेहतरीन अभिनय किया था लेकिन दोबारा उस तरह का प्रशिक्षण नहीं लूंगी।" इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
'कजरा रे' गाने पर नोरा फतेही संग डांस करने पर ट्रोल हुए Abhishek Bachchan, यूजर्स ने पूछा- ऐश्वर्या राय कहां है? Abhishek Bachchan-Nora Fatehi Dance Video: अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही का अभी हाल ही में एक डांस वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दोनों 'कजरा रे' गाने पर डांस करते दिखाई दिए। Abhishek Bachchan-Nora Fatehi Dance Video: बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर अभिषेक बच्चन अपनी फिल्मों से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहते हैं। कभी अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय के तलाक की खबरें सामने आ जाती है, तो कभी ये दोनों एक रोमांटिक फोटो शेयर कर ट्रोल्स की बोलती बंद कर देते हैं। लेकिन इन सब के बीच अभिषेक बच्चन का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अभिषेक बच्चन एक बॉलीवुड एक्ट्रेस के साथ डांस करते हुए दिखाई दिए।अभिषेक बच्चन इस वीडियो में 'कजरा रे' पर डांस कर रहे थे। अभिषेक बच्चन का ये वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। तो चलिए जानते है अभिषेक बच्चन किस एक्ट्रेस के साथ डांस कर रहे थे। ऐश्वर्या राय, अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन का 'कजरा रे' गाने पर किया गया डांस तो याद ही होगा। ये गाना काफी चर्चा में रहा था, आज भी लोग इस गाने को काफी पसंद करते हैं। इसी बीच अभिषेक बच्चन ने एक बार फिर 'कजरा रे' गाने पर डांस किया है। लेकिन इस बार वो ऐश्वर्या राय के साथ नहीं बल्कि बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही के साथ नजर आए। अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही का ये डांस वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अभिषेक बच्चन और नोरा के इस डांस वीडियो पर यूजर्स जमकर कमेंट करते हुए नजर आए। किसी को इन दोनों का साथ डांस करना पसंद आया, तो कुछ यूजर्स इसे देखे के भड़क गए। अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही का ये डांस वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही छा गया। इस डांस वीडियो को यूजर्स अपने-अपने हिसाब से इंस्टाग्राम पर शेयर और बाकी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर रहे हैं। इस डांस वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'यहां अभिषेक बच्चन भी पिघल गए' तो वहीं कई यूजर्स ने सवाल किया कि ऐश्वर्या राय कहा है? अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही के इस डांस वीडियो को लेकर आपकी क्या राय है, कमेंट कर हमें जरूर बताएं। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
'कजरा रे' गाने पर नोरा फतेही संग डांस करने पर ट्रोल हुए Abhishek Bachchan, यूजर्स ने पूछा- ऐश्वर्या राय कहां है? Abhishek Bachchan-Nora Fatehi Dance Video: अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही का अभी हाल ही में एक डांस वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दोनों 'कजरा रे' गाने पर डांस करते दिखाई दिए। Abhishek Bachchan-Nora Fatehi Dance Video: बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर अभिषेक बच्चन अपनी फिल्मों से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहते हैं। कभी अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय के तलाक की खबरें सामने आ जाती है, तो कभी ये दोनों एक रोमांटिक फोटो शेयर कर ट्रोल्स की बोलती बंद कर देते हैं। लेकिन इन सब के बीच अभिषेक बच्चन का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अभिषेक बच्चन एक बॉलीवुड एक्ट्रेस के साथ डांस करते हुए दिखाई दिए।अभिषेक बच्चन इस वीडियो में 'कजरा रे' पर डांस कर रहे थे। अभिषेक बच्चन का ये वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। तो चलिए जानते है अभिषेक बच्चन किस एक्ट्रेस के साथ डांस कर रहे थे। ऐश्वर्या राय, अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन का 'कजरा रे' गाने पर किया गया डांस तो याद ही होगा। ये गाना काफी चर्चा में रहा था, आज भी लोग इस गाने को काफी पसंद करते हैं। इसी बीच अभिषेक बच्चन ने एक बार फिर 'कजरा रे' गाने पर डांस किया है। लेकिन इस बार वो ऐश्वर्या राय के साथ नहीं बल्कि बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही के साथ नजर आए। अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही का ये डांस वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अभिषेक बच्चन और नोरा के इस डांस वीडियो पर यूजर्स जमकर कमेंट करते हुए नजर आए। किसी को इन दोनों का साथ डांस करना पसंद आया, तो कुछ यूजर्स इसे देखे के भड़क गए। अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही का ये डांस वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही छा गया। इस डांस वीडियो को यूजर्स अपने-अपने हिसाब से इंस्टाग्राम पर शेयर और बाकी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर रहे हैं। इस डांस वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'यहां अभिषेक बच्चन भी पिघल गए' तो वहीं कई यूजर्स ने सवाल किया कि ऐश्वर्या राय कहा है? अभिषेक बच्चन और नोरा फतेही के इस डांस वीडियो को लेकर आपकी क्या राय है, कमेंट कर हमें जरूर बताएं। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
हिमालिनी डेस्क काठमांडू, १३ सितंबर । नेकपा (एमाले) के सचिव प्रदीप ज्ञवाली ने नेपाली काँग्रेस, मेलोडी क्वीन लता मंगेशकर कपिल शर्मा का शो ऑफ एयर होने से काफी दुखी हैं. भाद्र २८ । एप्पल ने एक साथ तीन नए माडल के स्मार्टफोन आइफोन १० , महोत्तरी, २६ भाद्र । महोत्तरी के गौशाला नगरपालिका-८ में ग्यास सिलिण्डर विस्फोट हुआ है ।
हिमालिनी डेस्क काठमांडू, तेरह सितंबर । नेकपा के सचिव प्रदीप ज्ञवाली ने नेपाली काँग्रेस, मेलोडी क्वीन लता मंगेशकर कपिल शर्मा का शो ऑफ एयर होने से काफी दुखी हैं. भाद्र अट्ठाईस । एप्पल ने एक साथ तीन नए माडल के स्मार्टफोन आइफोन दस , महोत्तरी, छब्बीस भाद्र । महोत्तरी के गौशाला नगरपालिका-आठ में ग्यास सिलिण्डर विस्फोट हुआ है ।
- #Gujaratदुनिया का सबसे विशाल निजी आवासीय पैलेस एक भारतीय के पास है, जानते हैं उनका नाम? - #Gujaratवीर सावरकर केस का भी जिक्र. . . . राहुल गांधी की याचिका खारिज करते हुए गुजरात HC ने क्या-क्या कहा? - #Gujaratमोदी सरनेम मामलाः क्या अब जेल जाएंगे राहुल गांधी, अदालत से झटका लगने के बाद अब आगे क्या? गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Election) में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। जिसके तहत दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी लगातार गुजरात का दौरा कर रहे। शनिवार को वो दाहोद पहुंचे और एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस सभा के बारे में उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि आज दाहोद में जनसभा थी। इतने लोग, इतने लोग, और लोगों में इतना ज्यादा उत्साह। इतनी एनर्जी। पिछले हफ्ते खेड़ब्रह्म और अन्य स्थानों पर भी कुछ ऐसा ही था। पूरे गुजरात में कुछ अद्भुत हो रहा है। कोई दिव्य शक्ति काम कर रही है। उन्होंने इस जनसभा में जनता से कई बड़े वादे भी किए। वहीं जनसभा में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हम बुज़ुर्गों को निशुल्क तीर्थ यात्रा कराते हैं, उनका आना-जाना, रहना-खाना सब फ्री होता है। बहुत आशीर्वाद मिलता है। अयोध्या में भगवान श्री राम जी का भव्य मंदिर बन रहा है। गुजरात के लोगों को भी भगवान श्री राम जी के दर्शन कराएंगे, गुजरात में भी ये व्यवस्था लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में सरकार बनने के बाद हम किसानों को यहां भी पंजाब की तरह 5 फसलों पर MSP देंगे, फसल नुकसान पर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलेगा। पर्याप्त बिजली देंगे। गुजरात में किसानों की सारी समस्याएं दूर करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि गुजरात सरकार हर साल 2. 5 लाख करोड़ खर्च करती है। क्या इन्होंने एक भी गांव में स्कूल-अस्पताल बनाया? क्या कोई सड़क बनाई? फिर पैसा कहां गया? ये इस पैसे से जमीनें खरीदते हैं। स्विस बैंक में ले जाते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर एक-एक पैसा वसूलेंगे। दिल्ली सीएम ने ऐलान किया कि सरकार बनने के बाद हर महीने महिलाओं को 1000-1000 रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मैं हर महिला को कहना चाहता हूं, अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, आपका भाई आ गया है।
- #Gujaratदुनिया का सबसे विशाल निजी आवासीय पैलेस एक भारतीय के पास है, जानते हैं उनका नाम? - #Gujaratवीर सावरकर केस का भी जिक्र. . . . राहुल गांधी की याचिका खारिज करते हुए गुजरात HC ने क्या-क्या कहा? - #Gujaratमोदी सरनेम मामलाः क्या अब जेल जाएंगे राहुल गांधी, अदालत से झटका लगने के बाद अब आगे क्या? गुजरात विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। जिसके तहत दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी लगातार गुजरात का दौरा कर रहे। शनिवार को वो दाहोद पहुंचे और एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस सभा के बारे में उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि आज दाहोद में जनसभा थी। इतने लोग, इतने लोग, और लोगों में इतना ज्यादा उत्साह। इतनी एनर्जी। पिछले हफ्ते खेड़ब्रह्म और अन्य स्थानों पर भी कुछ ऐसा ही था। पूरे गुजरात में कुछ अद्भुत हो रहा है। कोई दिव्य शक्ति काम कर रही है। उन्होंने इस जनसभा में जनता से कई बड़े वादे भी किए। वहीं जनसभा में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हम बुज़ुर्गों को निशुल्क तीर्थ यात्रा कराते हैं, उनका आना-जाना, रहना-खाना सब फ्री होता है। बहुत आशीर्वाद मिलता है। अयोध्या में भगवान श्री राम जी का भव्य मंदिर बन रहा है। गुजरात के लोगों को भी भगवान श्री राम जी के दर्शन कराएंगे, गुजरात में भी ये व्यवस्था लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में सरकार बनने के बाद हम किसानों को यहां भी पंजाब की तरह पाँच फसलों पर MSP देंगे, फसल नुकसान पर पचास हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलेगा। पर्याप्त बिजली देंगे। गुजरात में किसानों की सारी समस्याएं दूर करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि गुजरात सरकार हर साल दो. पाँच लाख करोड़ खर्च करती है। क्या इन्होंने एक भी गांव में स्कूल-अस्पताल बनाया? क्या कोई सड़क बनाई? फिर पैसा कहां गया? ये इस पैसे से जमीनें खरीदते हैं। स्विस बैंक में ले जाते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर एक-एक पैसा वसूलेंगे। दिल्ली सीएम ने ऐलान किया कि सरकार बनने के बाद हर महीने महिलाओं को एक हज़ार-एक हज़ार रुपयापये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मैं हर महिला को कहना चाहता हूं, अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, आपका भाई आ गया है।
वीर अर्जुन संवाददाता ‡भारत में मांस निर्यात बंद करने का आ"ान ललितपुर। भारत देश में दुधारु, वाहक पशुओं व विशिष्टतया गायों को बूचड़खाने में बेरहमी से मौत के घाट उतारते हुये गौ मांस का विदेशों में निर्यात किया जा रहा है। गौहत्या पर पूर्ण रूप से विराम लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील के लिए एक करोड़ हस्ताक्षर अभियान स्थानीय घण्टाघर पर शिविर लगाकर चलाया गया। शिविर में वक्पाओं ने कहा कि भारतीय संविधान के 48वें अनुच्छेद में राज्य के नीति निर्देशक तत्व में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि किसी भी राज्य में विशिष्टतया गायों, बछड़ों एवं अन्य दुधारू और वाहक पशुओं की नस्लों के परिलक्षण और सुधार के लिए उनके वध का पतिषेध करने के लिए कदम उठाएगा। माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों ने अनेक बार इस दिशा में कदम बढक्वाये, लेकिन देश आजाद होने के बाद से अभी तक केन्द व राज्य सरकारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए एक करोड़ हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लोगों से पतिज्ञा पत्र के जरिए भारत में होने वाले मांस निर्यात को बंद करने के लिए उनकी सहमति दर्ज करायी जा रही है। इस दौरान ब्र. मनोज भैया, डा. संजीव कड़ंकी, पभात सराफ, पत्रकार राहुल जैन नवभारत, रवि जैन चुनगी, विपिन हिरावल, डा. अक्षय टड़ैया, नीतेश जैन, अमित टिंकल, मज्जू सोनी, रत्नेश तिवारी, आलोक, आनंद पकाश, जयविकम सिंह, शैलेन्द शाह, अजय जैन, रीतेश, छोटे पहलवान, नरेन्द कड़ंकी, राजकुमार कैप्टन, नेमीचंद गदयाना, भगवानदास, कपूरचंद लागौन, अमित लखेरा, देवेन्द साहू समेत अनेकों लोग मौजूद रहे।
वीर अर्जुन संवाददाता ‡भारत में मांस निर्यात बंद करने का आ"ान ललितपुर। भारत देश में दुधारु, वाहक पशुओं व विशिष्टतया गायों को बूचड़खाने में बेरहमी से मौत के घाट उतारते हुये गौ मांस का विदेशों में निर्यात किया जा रहा है। गौहत्या पर पूर्ण रूप से विराम लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील के लिए एक करोड़ हस्ताक्षर अभियान स्थानीय घण्टाघर पर शिविर लगाकर चलाया गया। शिविर में वक्पाओं ने कहा कि भारतीय संविधान के अड़तालीसवें अनुच्छेद में राज्य के नीति निर्देशक तत्व में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि किसी भी राज्य में विशिष्टतया गायों, बछड़ों एवं अन्य दुधारू और वाहक पशुओं की नस्लों के परिलक्षण और सुधार के लिए उनके वध का पतिषेध करने के लिए कदम उठाएगा। माननीय उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों ने अनेक बार इस दिशा में कदम बढक्वाये, लेकिन देश आजाद होने के बाद से अभी तक केन्द व राज्य सरकारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए एक करोड़ हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लोगों से पतिज्ञा पत्र के जरिए भारत में होने वाले मांस निर्यात को बंद करने के लिए उनकी सहमति दर्ज करायी जा रही है। इस दौरान ब्र. मनोज भैया, डा. संजीव कड़ंकी, पभात सराफ, पत्रकार राहुल जैन नवभारत, रवि जैन चुनगी, विपिन हिरावल, डा. अक्षय टड़ैया, नीतेश जैन, अमित टिंकल, मज्जू सोनी, रत्नेश तिवारी, आलोक, आनंद पकाश, जयविकम सिंह, शैलेन्द शाह, अजय जैन, रीतेश, छोटे पहलवान, नरेन्द कड़ंकी, राजकुमार कैप्टन, नेमीचंद गदयाना, भगवानदास, कपूरचंद लागौन, अमित लखेरा, देवेन्द साहू समेत अनेकों लोग मौजूद रहे।
RCB: इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के शुरू होने में कुछ ही घंटे बचे हैं। गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 31 मार्च को टूर्नामेंट का पहला मुकाबला खेला जाएगा। जहां गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स आमने-सामने होंगी। वहीं, आईपीएल का नया सीजन शुरू होने से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को तगड़ा झटका लगा था। टीम के खिलाड़ी चोटिल होने के कारण आईपीएल के 16वें सीजन से बाहर हो चुके हैं। लेकिन इसी बीच अब टीम के लिए अच्छी खबर सामने आई है। क्योंकि आरसीबी को एक ऐसा गेंदबाज मिल गया है, जो पूरे सीजन अपनी रफ़्तारभरी गेंदों से विपक्षी टीम के लिए काल साबित हो सकता है। दरअसल, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को 2 अप्रैल को आईपीएल 2023 का अपना पहला मुक़ाबला खेलना है। इस मैच में टीम का सामना पांच बार आईपीएल का ख़िताब जीत चुकी मुंबई इंडियंस से होगा। ऐसे में टीम इस मुक़ाबले की तैयारियों में जुट गई है। 30 मार्च को खिलाड़ियों ने नेट्स प्रैक्टिस में खूब पसीना बहाया। इसी बीच टीम को ऐसा तेज़ गेंदबाज़ मिला जो अपनी रफ़्तारभरी गेंदों से विपक्षी टीम के लिए काल बन सकता है। इस पेसर की बॉलिंग देख विराट कोहली और ग्लेन मैक्सवेल जैसे धाकड़ बल्लेबाज़ भी दंग रह गए। हमबात कर रहे हैं जम्मू कश्मीर से आने वाले अविनाश सिंह की। जिसको गेंदबाज़ी ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। गौरतलब यह है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफ़ी वायरल हो रहा है। यह वीडियो आरसीबी की नेट्स प्रैक्टिस के दौरान का है। इसी बीच अविनाश सिंह भी गेंदबाजी करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने नेट्स पर दिग्गज खिलाड़ियों के सामने अपनी तेज़ गेंदबाज़ी का जौहर पूरी दुनिया को दिखाया। उन्होंने अपनी बॉलिंग से ये साबित किया कि वह लंबे समय तक 150 की रफ्तार से गेंद फेंकने का दमखम रखते हैं। उनकी गेंदबाजी को देखने के बाद उनकी तुलना जम्मू-कश्मीर से आने वाले उमरान मलिक से की जा रही है। जिन्होंने आईपीएल 2022 में शानदार प्रदर्शन कर नेशनल टीम इंडियन में एंट्री की थी।
RCB: इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार तेईस के शुरू होने में कुछ ही घंटे बचे हैं। गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इकतीस मार्च को टूर्नामेंट का पहला मुकाबला खेला जाएगा। जहां गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स आमने-सामने होंगी। वहीं, आईपीएल का नया सीजन शुरू होने से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को तगड़ा झटका लगा था। टीम के खिलाड़ी चोटिल होने के कारण आईपीएल के सोलहवें सीजन से बाहर हो चुके हैं। लेकिन इसी बीच अब टीम के लिए अच्छी खबर सामने आई है। क्योंकि आरसीबी को एक ऐसा गेंदबाज मिल गया है, जो पूरे सीजन अपनी रफ़्तारभरी गेंदों से विपक्षी टीम के लिए काल साबित हो सकता है। दरअसल, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को दो अप्रैल को आईपीएल दो हज़ार तेईस का अपना पहला मुक़ाबला खेलना है। इस मैच में टीम का सामना पांच बार आईपीएल का ख़िताब जीत चुकी मुंबई इंडियंस से होगा। ऐसे में टीम इस मुक़ाबले की तैयारियों में जुट गई है। तीस मार्च को खिलाड़ियों ने नेट्स प्रैक्टिस में खूब पसीना बहाया। इसी बीच टीम को ऐसा तेज़ गेंदबाज़ मिला जो अपनी रफ़्तारभरी गेंदों से विपक्षी टीम के लिए काल बन सकता है। इस पेसर की बॉलिंग देख विराट कोहली और ग्लेन मैक्सवेल जैसे धाकड़ बल्लेबाज़ भी दंग रह गए। हमबात कर रहे हैं जम्मू कश्मीर से आने वाले अविनाश सिंह की। जिसको गेंदबाज़ी ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। गौरतलब यह है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफ़ी वायरल हो रहा है। यह वीडियो आरसीबी की नेट्स प्रैक्टिस के दौरान का है। इसी बीच अविनाश सिंह भी गेंदबाजी करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने नेट्स पर दिग्गज खिलाड़ियों के सामने अपनी तेज़ गेंदबाज़ी का जौहर पूरी दुनिया को दिखाया। उन्होंने अपनी बॉलिंग से ये साबित किया कि वह लंबे समय तक एक सौ पचास की रफ्तार से गेंद फेंकने का दमखम रखते हैं। उनकी गेंदबाजी को देखने के बाद उनकी तुलना जम्मू-कश्मीर से आने वाले उमरान मलिक से की जा रही है। जिन्होंने आईपीएल दो हज़ार बाईस में शानदार प्रदर्शन कर नेशनल टीम इंडियन में एंट्री की थी।
न्यूयार्कः पन्द्रह महीनों के प्रतिबंध के बाद पहला ग्रैंड स्लैम खेल रही रूस की मारिया शारापोवा ने अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन के तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। वहीं पुरुष वर्ग में चौथी सीड एलेक्सांद्र ज्वेरेव का कॅरियर में पहला ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना दूसरे राउंड में हार के साथ समाप्त हो गया। वहीं वीनस विलियम्स ने भी विजयी लय बरकरार रखते हुए महिला एकल के तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। पहले दौर में दूसरी रैंकिंग की सिमोना हालेप को पस्त करने वाली शारपोवा ने हंगरी की 59वीं रैंकिंग की टिमिया बाबोस को आर्थर एशेज स्टेडियम में 6-7 (4-7), 6-4, 6-1 से मात दी। अब इस 30 वर्षीय रूसी खिलाड़ी का सामना रूस में जन्मीं अमेरिकी की युवा सोफिया केनिन से होगा। सात बार की ग्रैंडस्लैम चैम्पियन वीनस विलियम्स ने फ्रांस की ओसियाने डोडिन को 7-5, 6-4 से हराया। जर्मन खिलाड़ी ज्वेरेव को पुरुष एकल के पहले दौर के मुकाबले में बोर्ना कोरिच ने 3-6, 7-5, 7-6, 7-6 से हराकर बाहर कर दिया। एक समय यूएस ओपन जूनियर के सेमीफाइनल में ज्वेरेव को हराकर वर्ष 2013 में खिताब जीत चुके कोरिच ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक बार फिर बराबर की लड़ाई लड़ी। इस वर्ष मांट्रियल ओपन सहित पांच खिताब जीत चुके ज्वेरेव ने पहला सेट 6-3 से जीतकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन 61वीं रैंकिंग के कोरिच ने बाकी के तीनों सेटों को करीबी से जीता जिनमें आखिरी दो सेट उन्होंने टाईब्रेक में जीते और ज्वेरेव कोर्ट पर रैकेट पटकते रह गए। महिला वर्ग में विम्बलडन चैम्पियन गार्बाइन मुगुरूजा चीन की 92वीं रैंकिंग की दुआन यिंग यिंग को 6-4, 6-0 से हराकर पहली बार अमेरिकी ओपन के तीसरे दौर में पहुंची। रूस की आठवीं वरीय स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा ने चेक गणराज्य की 67वीं रैंकिंग की मार्केटा वोंद्रोउसोवा को 4-6, 6-4, 7-6 (7-2) से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। यूक्रेन की चौथी वरीय एलिना स्वितोलिना ने चेक गणराज्य की 42वीं रैंकिंग की कैटरीना सिनियाकोवा को 6-0, 6-7 (5-7), 6-3 से शिकस्त दी।
न्यूयार्कः पन्द्रह महीनों के प्रतिबंध के बाद पहला ग्रैंड स्लैम खेल रही रूस की मारिया शारापोवा ने अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन के तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। वहीं पुरुष वर्ग में चौथी सीड एलेक्सांद्र ज्वेरेव का कॅरियर में पहला ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना दूसरे राउंड में हार के साथ समाप्त हो गया। वहीं वीनस विलियम्स ने भी विजयी लय बरकरार रखते हुए महिला एकल के तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। पहले दौर में दूसरी रैंकिंग की सिमोना हालेप को पस्त करने वाली शारपोवा ने हंगरी की उनसठवीं रैंकिंग की टिमिया बाबोस को आर्थर एशेज स्टेडियम में छः-सात , छः-चार, छः-एक से मात दी। अब इस तीस वर्षीय रूसी खिलाड़ी का सामना रूस में जन्मीं अमेरिकी की युवा सोफिया केनिन से होगा। सात बार की ग्रैंडस्लैम चैम्पियन वीनस विलियम्स ने फ्रांस की ओसियाने डोडिन को सात-पाँच, छः-चार से हराया। जर्मन खिलाड़ी ज्वेरेव को पुरुष एकल के पहले दौर के मुकाबले में बोर्ना कोरिच ने तीन-छः, सात-पाँच, सात-छः, सात-छः से हराकर बाहर कर दिया। एक समय यूएस ओपन जूनियर के सेमीफाइनल में ज्वेरेव को हराकर वर्ष दो हज़ार तेरह में खिताब जीत चुके कोरिच ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक बार फिर बराबर की लड़ाई लड़ी। इस वर्ष मांट्रियल ओपन सहित पांच खिताब जीत चुके ज्वेरेव ने पहला सेट छः-तीन से जीतकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन इकसठवीं रैंकिंग के कोरिच ने बाकी के तीनों सेटों को करीबी से जीता जिनमें आखिरी दो सेट उन्होंने टाईब्रेक में जीते और ज्वेरेव कोर्ट पर रैकेट पटकते रह गए। महिला वर्ग में विम्बलडन चैम्पियन गार्बाइन मुगुरूजा चीन की बानवेवीं रैंकिंग की दुआन यिंग यिंग को छः-चार, छः-शून्य से हराकर पहली बार अमेरिकी ओपन के तीसरे दौर में पहुंची। रूस की आठवीं वरीय स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा ने चेक गणराज्य की सरसठवीं रैंकिंग की मार्केटा वोंद्रोउसोवा को चार-छः, छः-चार, सात-छः से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। यूक्रेन की चौथी वरीय एलिना स्वितोलिना ने चेक गणराज्य की बयालीसवीं रैंकिंग की कैटरीना सिनियाकोवा को छः-शून्य, छः-सात , छः-तीन से शिकस्त दी।
मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने इस साल पिछले 5 महीनों में कई कारें लॉन्च की हैं, जिनमें ज्यादातर अगली पीढ़ी के मॉडल हैं, जिनमें अर्टिगा और एक्सएल6 से लेकर बलेनो, वैगनआर और सेलेरियो शामिल हैं। ऑटो डेस्क. मारुति सुजुकी ने इस साल पिछले 5 महीनों में कई कारें लॉन्च की हैं, जिनमें ज्यादातर अगली पीढ़ी के मॉडल हैं, जिनमें अर्टिगा और एक्सएल6 से लेकर बलेनो, वैगनआर और सेलेरियो शामिल हैं। बलेनो को छोड़कर इनमें से ज्यादातर कारें सीएनजी विकल्प में भी हैं। अब सीएनजी कार बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए, मारुति सुजुकी जल्द ही ऑल न्यू बलेनो सीएनजी के साथ-साथ अगली पीढ़ी की मारुति सुजुकी विटारा ब्रेज़ा के साथ आ रही है। सबसे अधिक संभावना है, Brezza CNG को भी भारत में लॉन्च किया जाएगा। आइए अब उनकी डिटेल्स बताते हैं। मारुति सुजुकी ने इस साल भारत में बलेनो को अपडेट किया है और नए बलेनो को बेहतर लुक और फीचर्स के साथ लॉन्च किया है। अब जल्द ही बलेनो को भी सीएनजी अवतार में पेश करने की तैयारी है, जिसमें 1. 2 लीटर डुअलजेट पेट्रोल इंजन के साथ फैक्ट्री फिटेड सीएनजी किट देखने को मिलेगी। फिलहाल इसका पेट्रोल इंजन 89PS तक की पावर और 113Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। यह प्रीमियम हैचबैक एएमटी ऑप्शन में भी उपलब्ध है और इसका माइलेज 22kmpl तक है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई मारुति बलेनो सीएनजी सिर्फ मैनुअल ऑप्शन में उपलब्ध होगी और इसका माइलेज 25kmpl तक हो सकता है। बलेनो के रेगुलर मॉडल के मुकाबले इसके अपकमिंग सीएनजी वेरिएंट की कीमत 7 लाख रुपए से शुरू हो सकती है। मारुति सुजुकी की सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी विटारा ब्रेजा के नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इसकी झलक बीते दिनों एक विज्ञापन शूट के दौरान देखने को मिली थी और माना जा रहा है कि डीलरशिप लेवल पर इसकी अनऑफिशियल बुकिंग भी शुरू हो गई है। नई मारुति ब्रेज़ा 2022 में मौजूदा मॉडल की तुलना में काफी कॉस्मेटिक और मैकेनिकल बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई ब्रेज़ा को 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ-साथ CNG विकल्प के साथ पेश किया जा सकता है। 2022 मारुति ब्रेज़ा वायरलेस चार्जिंग, 360-डिग्री कैमरा, हेड-अप डिस्प्ले, बड़ा और अपडेटेड टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सहित कई नई सुविधाओं के साथ आएगी। नई मारुति ब्रेजा को 8 लाख रुपए तक की शुरुआती कीमत में पेश किया जा सकता है।
मारुति सुजुकी ने इस साल पिछले पाँच महीनों में कई कारें लॉन्च की हैं, जिनमें ज्यादातर अगली पीढ़ी के मॉडल हैं, जिनमें अर्टिगा और एक्सएलछः से लेकर बलेनो, वैगनआर और सेलेरियो शामिल हैं। ऑटो डेस्क. मारुति सुजुकी ने इस साल पिछले पाँच महीनों में कई कारें लॉन्च की हैं, जिनमें ज्यादातर अगली पीढ़ी के मॉडल हैं, जिनमें अर्टिगा और एक्सएलछः से लेकर बलेनो, वैगनआर और सेलेरियो शामिल हैं। बलेनो को छोड़कर इनमें से ज्यादातर कारें सीएनजी विकल्प में भी हैं। अब सीएनजी कार बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए, मारुति सुजुकी जल्द ही ऑल न्यू बलेनो सीएनजी के साथ-साथ अगली पीढ़ी की मारुति सुजुकी विटारा ब्रेज़ा के साथ आ रही है। सबसे अधिक संभावना है, Brezza CNG को भी भारत में लॉन्च किया जाएगा। आइए अब उनकी डिटेल्स बताते हैं। मारुति सुजुकी ने इस साल भारत में बलेनो को अपडेट किया है और नए बलेनो को बेहतर लुक और फीचर्स के साथ लॉन्च किया है। अब जल्द ही बलेनो को भी सीएनजी अवतार में पेश करने की तैयारी है, जिसमें एक. दो लीटरटर डुअलजेट पेट्रोल इंजन के साथ फैक्ट्री फिटेड सीएनजी किट देखने को मिलेगी। फिलहाल इसका पेट्रोल इंजन नवासीPS तक की पावर और एक सौ तेरहNm का टॉर्क जेनरेट करता है। यह प्रीमियम हैचबैक एएमटी ऑप्शन में भी उपलब्ध है और इसका माइलेज बाईसkmpl तक है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई मारुति बलेनो सीएनजी सिर्फ मैनुअल ऑप्शन में उपलब्ध होगी और इसका माइलेज पच्चीसkmpl तक हो सकता है। बलेनो के रेगुलर मॉडल के मुकाबले इसके अपकमिंग सीएनजी वेरिएंट की कीमत सात लाख रुपए से शुरू हो सकती है। मारुति सुजुकी की सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी विटारा ब्रेजा के नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इसकी झलक बीते दिनों एक विज्ञापन शूट के दौरान देखने को मिली थी और माना जा रहा है कि डीलरशिप लेवल पर इसकी अनऑफिशियल बुकिंग भी शुरू हो गई है। नई मारुति ब्रेज़ा दो हज़ार बाईस में मौजूदा मॉडल की तुलना में काफी कॉस्मेटिक और मैकेनिकल बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई ब्रेज़ा को छः-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ-साथ CNG विकल्प के साथ पेश किया जा सकता है। दो हज़ार बाईस मारुति ब्रेज़ा वायरलेस चार्जिंग, तीन सौ साठ-डिग्री कैमरा, हेड-अप डिस्प्ले, बड़ा और अपडेटेड टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सहित कई नई सुविधाओं के साथ आएगी। नई मारुति ब्रेजा को आठ लाख रुपए तक की शुरुआती कीमत में पेश किया जा सकता है।
मुंबई, 26 अप्रैल। अभिनेत्री कैटरीना कैफ का कहना है कि कंटेट को डेवलप करने को लेकर वह हमेशा उत्साहित रहती हैं और एक प्रोड्यूसर बनना चाहती हैं। एक बयान में बताया गया है कि वूट के 'फीट अप विद द स्टार्स सीजन 2' के एक एपिसोड में जब वह आईं तो उन्होंने फिल्म निर्माण उद्योग में अपनी रुचि और सोच को लेकर बात की। कार्यक्रम की संचालक अनाइता श्राफ अदाजानिया ने जब उनसे उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा तो कैटरीना कैफ ने कहा कि वह निर्माता बनना चाहती हैं। आने वाले समय में कैटरीना, सलमान खान स्टारर फिल्म 'भारत' में नजर आएंगी। इसे अली अब्बास जफर ने निर्देशित किया है। यह फिल्म साल 2014 में आई साउथ कोरियन फिल्म 'ओड टू माई फादर' का आधिकारिक रूपांतरण है। इसके निर्माता अतुल अग्निहोत्री की रील लाइफ प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड और भूषण कुमार की टी-सीरीज हैं। फिल्म में कैटरीना के किरदार का नाम कुमुद रैना है। कैटरीना फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी की अगली फिल्म 'सूर्यवंशी' में भी नजर आएंगी। इसमें अक्षय कुमार उनके साथ होंगे।
मुंबई, छब्बीस अप्रैल। अभिनेत्री कैटरीना कैफ का कहना है कि कंटेट को डेवलप करने को लेकर वह हमेशा उत्साहित रहती हैं और एक प्रोड्यूसर बनना चाहती हैं। एक बयान में बताया गया है कि वूट के 'फीट अप विद द स्टार्स सीजन दो' के एक एपिसोड में जब वह आईं तो उन्होंने फिल्म निर्माण उद्योग में अपनी रुचि और सोच को लेकर बात की। कार्यक्रम की संचालक अनाइता श्राफ अदाजानिया ने जब उनसे उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा तो कैटरीना कैफ ने कहा कि वह निर्माता बनना चाहती हैं। आने वाले समय में कैटरीना, सलमान खान स्टारर फिल्म 'भारत' में नजर आएंगी। इसे अली अब्बास जफर ने निर्देशित किया है। यह फिल्म साल दो हज़ार चौदह में आई साउथ कोरियन फिल्म 'ओड टू माई फादर' का आधिकारिक रूपांतरण है। इसके निर्माता अतुल अग्निहोत्री की रील लाइफ प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड और भूषण कुमार की टी-सीरीज हैं। फिल्म में कैटरीना के किरदार का नाम कुमुद रैना है। कैटरीना फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी की अगली फिल्म 'सूर्यवंशी' में भी नजर आएंगी। इसमें अक्षय कुमार उनके साथ होंगे।
राजा' तत्प्रतिरूपैस्तु' ज्ञेयान्यप्राणि सर्वश.' । तत् सर्व' सफल' 'बिन्द्याच्छुभ वा यदि वाऽशुभम् ॥31॥ यदि राजा को बादल अपने प्रतिरूप-सदृश जान पडें तो उनसे शुभ और दोनो प्रकार का फल अवगत करना चाहिए ॥31॥ इति नैर्ग्रन्थे भद्रबाहुनिमितशास्त्र अभ्रलक्षणो नाम षोऽध्याय ।।6।। विवेचन - आकाश में बादलो के आच्छादित होने से वर्षा, फसल, जय, पराजय, हानि, लाभ आदि के सम्बन्ध मे जाना जाता है। यह एक प्रकार का निमित्त है, जो शुभ-अशुभ की सूचना देता है। बादलो की आकृतियाँ अनेक प्रकार की होती है । कतिपय आकृतियाँ पशु-पक्षियों के आकार की होती है और कतिपय मनुष्य, अस्त्र-शस्त्र एव गेद, कुर्सी आदि के आकार की भी। इन समस्त आकृतियों को फल की दृष्टि से शुभ और अशुभ इन दो भागो में विभक्त किया गया है। जो पशु सरल, सीधे और पालतू होते है, उनकी आकृति के बादलो का फल शुभ और हिंसक, क्रूर, दुष्ट जगली जानवरों की आकृति के बादलो का फल निकृष्ट होता है। इसी प्रकार सौम्य मनुष्य की आकृति के बादलो का फल शुभ और क्रूर मनुष्यों की आकृति के बादलो का फल निकृष्ट होता है । अस्त्र-शस्त्रो की आकृति के बादलो का फल साधारणतया अशुभ होता है । ग्निग्ध वर्ण के बादलो का फल उत्तम और रूक्ष वर्ण के बादलो का फल सर्वदा निकृष्ट होता है । पूर्व दिशा मे मेघ गर्जन तर्जन करते हुए स्थित हो तो उत्तम वर्षा होती है तथा फसल भी उत्तम होती है। उत्तर दिशा में बादल छाये हुए हो तो वर्षा की सूचना देते हैं । दक्षिण और पश्चिम दिशा में बादलो का एकत्र होना वर्षावरोधक होता है। वर्षा का विचार ज्येष्ठ की पूर्णिमा की वर्षा से किया जाता है। यदि ज्येष्ठ की पूर्णिमा के दिन पूर्वाषाढा नक्षत्र हो और उस दिन बादल आकाश मे आच्छादित हो तो साधारण वर्षा आगामी वर्ष मे समझनी चाहिए । उत्तराषाढ़ा नक्षत्र यदि इस दिन हो तो अच्छी वर्षा होने की सूचना जाननी चाहिए। आषाढ कृष्ण पक्ष मे रोहिणी के चन्द्रमा योग हो और उस दिन आकाश में पूर्व दिशा की ओर मेघ सुन्दर, सौम्य आकृति में स्थित हो तो आगामी वर्ष मे सभी दिशाए शान्त रहती हैं, पक्षीगण या मृगगण मनोहर शब्द करते हुए आनन्द से निवास करते हैं, भूमि सुन्दर दिखलाई पड़ती है और धन-धान्य की उत्पत्ति अच्छी होती 1 तज्ञां मु० C 12 तिप्रति मु० C । 3 सर्वतः मु०C14 तत मु० C 5 सर्वमल मु० C. 16 ब्रूयात् मु० BC
राजा' तत्प्रतिरूपैस्तु' ज्ञेयान्यप्राणि सर्वश.' । तत् सर्व' सफल' 'बिन्द्याच्छुभ वा यदि वाऽशुभम् ॥इकतीस॥ यदि राजा को बादल अपने प्रतिरूप-सदृश जान पडें तो उनसे शुभ और दोनो प्रकार का फल अवगत करना चाहिए ॥इकतीस॥ इति नैर्ग्रन्थे भद्रबाहुनिमितशास्त्र अभ्रलक्षणो नाम षोऽध्याय ।।छः।। विवेचन - आकाश में बादलो के आच्छादित होने से वर्षा, फसल, जय, पराजय, हानि, लाभ आदि के सम्बन्ध मे जाना जाता है। यह एक प्रकार का निमित्त है, जो शुभ-अशुभ की सूचना देता है। बादलो की आकृतियाँ अनेक प्रकार की होती है । कतिपय आकृतियाँ पशु-पक्षियों के आकार की होती है और कतिपय मनुष्य, अस्त्र-शस्त्र एव गेद, कुर्सी आदि के आकार की भी। इन समस्त आकृतियों को फल की दृष्टि से शुभ और अशुभ इन दो भागो में विभक्त किया गया है। जो पशु सरल, सीधे और पालतू होते है, उनकी आकृति के बादलो का फल शुभ और हिंसक, क्रूर, दुष्ट जगली जानवरों की आकृति के बादलो का फल निकृष्ट होता है। इसी प्रकार सौम्य मनुष्य की आकृति के बादलो का फल शुभ और क्रूर मनुष्यों की आकृति के बादलो का फल निकृष्ट होता है । अस्त्र-शस्त्रो की आकृति के बादलो का फल साधारणतया अशुभ होता है । ग्निग्ध वर्ण के बादलो का फल उत्तम और रूक्ष वर्ण के बादलो का फल सर्वदा निकृष्ट होता है । पूर्व दिशा मे मेघ गर्जन तर्जन करते हुए स्थित हो तो उत्तम वर्षा होती है तथा फसल भी उत्तम होती है। उत्तर दिशा में बादल छाये हुए हो तो वर्षा की सूचना देते हैं । दक्षिण और पश्चिम दिशा में बादलो का एकत्र होना वर्षावरोधक होता है। वर्षा का विचार ज्येष्ठ की पूर्णिमा की वर्षा से किया जाता है। यदि ज्येष्ठ की पूर्णिमा के दिन पूर्वाषाढा नक्षत्र हो और उस दिन बादल आकाश मे आच्छादित हो तो साधारण वर्षा आगामी वर्ष मे समझनी चाहिए । उत्तराषाढ़ा नक्षत्र यदि इस दिन हो तो अच्छी वर्षा होने की सूचना जाननी चाहिए। आषाढ कृष्ण पक्ष मे रोहिणी के चन्द्रमा योग हो और उस दिन आकाश में पूर्व दिशा की ओर मेघ सुन्दर, सौम्य आकृति में स्थित हो तो आगामी वर्ष मे सभी दिशाए शान्त रहती हैं, पक्षीगण या मृगगण मनोहर शब्द करते हुए आनन्द से निवास करते हैं, भूमि सुन्दर दिखलाई पड़ती है और धन-धान्य की उत्पत्ति अच्छी होती एक तज्ञां मुशून्य डिग्री सेल्सियस बारह तिप्रति मुशून्य डिग्री सेल्सियस । तीन सर्वतः मुशून्यCचौदह तत मुशून्य डिग्री सेल्सियस पाँच सर्वमल मुशून्य डिग्री सेल्सियस. सोलह ब्रूयात् मुशून्य BC
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
क्या ESR बढ़ा सकते हैं? एरीथ्रोसाइट्स रक्त कण हैं, मुख्य कार्यजो मानव शरीर के विभिन्न अंगों को खून में ऑक्सीजन के स्थानांतरण में होता है। इन निकायों में हीमोग्लोबिन होता है, जिसमें लाल रंग होता है। इन कणों द्वारा वे रंगीन होते हैं रक्त परीक्षण से गुजरने वाले सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक एरिथ्रोसाइट अवसादन (या संक्षिप्त ESR) की दर है। उसके स्तर में वृद्धि या घटित करने से शरीर में किसी भी उल्लंघन का संकेत मिलता है। रक्त में ईएसआर कम करने या बढ़ाने के लिए कैसे? यदि यह संख्या आदर्श से नीचे है, तो यह वृद्धि करना आवश्यक हैईएसआर। स्थापित मानकों के साथ अनुपालन के कारण अधिकतर अक्सर ऐसे रोग हैं, जैसे कि ल्यूकोसाइटोसिस, हेपेटाइटिस, डीआईसी-सिंड्रोम, हाइपरप्रोटीनिया, हाइपरबिलीरुब्यूनिमिया यह ध्यान देने योग्य है कि ईएसआर का कम स्तर बहुत मुश्किल से मनाया जाता है। अक्सर विपरीत परिणाम होता है, वह है, एक ऊंचा स्तर। यदि यह सूचकांक अभी भी कम नजर नहीं आता है, लेकिन बीमारियों के बारे में कोई नैदानिक लक्षण नहीं हैं, तो ESR को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। यह कैसे करें? इसके अलावा आदर्श से एक विचलन वृद्धि हुई हैसूचकांक। ईएसआर क्या बढ़ा सकता है, इसमें कोई कारण क्या हो सकता है? सबसे पहले, यह इंगित करता है कि शरीर एक सूजन प्रक्रिया विकसित करता है। और यह एक आम सर्दी, फ्लू और अधिक जटिल ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, पैयेलोफोराइट आदि की तरह हो सकता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि शरीर में अधिक सूजन, खून में अधिक वृद्धि हुई ESR मनाया जाता है। महिलाओं में, रक्त में ईएसआर में वृद्धि माहवारी, गर्भावस्था के दौरान और कुछ अन्य शारीरिक प्रक्रियाओं में भी की जा सकती है।
क्या ESR बढ़ा सकते हैं? एरीथ्रोसाइट्स रक्त कण हैं, मुख्य कार्यजो मानव शरीर के विभिन्न अंगों को खून में ऑक्सीजन के स्थानांतरण में होता है। इन निकायों में हीमोग्लोबिन होता है, जिसमें लाल रंग होता है। इन कणों द्वारा वे रंगीन होते हैं रक्त परीक्षण से गुजरने वाले सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक एरिथ्रोसाइट अवसादन की दर है। उसके स्तर में वृद्धि या घटित करने से शरीर में किसी भी उल्लंघन का संकेत मिलता है। रक्त में ईएसआर कम करने या बढ़ाने के लिए कैसे? यदि यह संख्या आदर्श से नीचे है, तो यह वृद्धि करना आवश्यक हैईएसआर। स्थापित मानकों के साथ अनुपालन के कारण अधिकतर अक्सर ऐसे रोग हैं, जैसे कि ल्यूकोसाइटोसिस, हेपेटाइटिस, डीआईसी-सिंड्रोम, हाइपरप्रोटीनिया, हाइपरबिलीरुब्यूनिमिया यह ध्यान देने योग्य है कि ईएसआर का कम स्तर बहुत मुश्किल से मनाया जाता है। अक्सर विपरीत परिणाम होता है, वह है, एक ऊंचा स्तर। यदि यह सूचकांक अभी भी कम नजर नहीं आता है, लेकिन बीमारियों के बारे में कोई नैदानिक लक्षण नहीं हैं, तो ESR को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। यह कैसे करें? इसके अलावा आदर्श से एक विचलन वृद्धि हुई हैसूचकांक। ईएसआर क्या बढ़ा सकता है, इसमें कोई कारण क्या हो सकता है? सबसे पहले, यह इंगित करता है कि शरीर एक सूजन प्रक्रिया विकसित करता है। और यह एक आम सर्दी, फ्लू और अधिक जटिल ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, पैयेलोफोराइट आदि की तरह हो सकता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि शरीर में अधिक सूजन, खून में अधिक वृद्धि हुई ESR मनाया जाता है। महिलाओं में, रक्त में ईएसआर में वृद्धि माहवारी, गर्भावस्था के दौरान और कुछ अन्य शारीरिक प्रक्रियाओं में भी की जा सकती है।
आम आदमी पार्टी संसद के खास सत्र में जम्मू व कश्मीर में तीन फौजियों के शहीद होने का मुद्दा उठाएगी. AAP का कहना है कि भाजपा सरकार मुल्क की हिफाजत करना नहीं जानती है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने साफ कर दिया है कि वह 18 से 22 सितंबर तक होने वाले संसद के खास सत्र के दौरान आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करेगी, जिसकी वजह से तीन बहादुर फौजी शहीद हो गए. मीडिया इदारे से 'AAP' के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह जम्मू के अनंतनाग में कोकेरनाग में मुठभेड़ के दौरान अपनी जान गंवाने वाले तीन बहादुर सैनिकों की शहादत का मुद्दा उठाएंगे. सिंह ने कहा कि स्निफर डॉग ने भी देश की सेवा में अपनी जान दे दी, लेकिन भाजपा को नहीं पता कि देश की हिफाजत कैसे करनी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दावा किया था कि उन्होंने आतंकवाद को खत्म कर दिया है, लेकिन सच्चाई यह है कि कुछ भी खास बदलाव नहीं हुआ है और पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने इशारा दिया कि वह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा भी उठाएंगे. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि 'AAP' अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सदस्यता रद्द करने का मुद्दा उठाएगी. संजय सिंह ने कहा, "मैं और पार्टी के दूसरे सांसद आतंकवाद और दूसरे चिंताओं का मुद्दा उठाएंगे. अगर राघव चड्ढा की सदस्यता बहाल हो जाती है, तो वह भी इस मुद्दे को उठाने के लिए हमारे साथ शामिल होंगे. पार्टी पीआरओ रीना गुप्ता ने बताया कि खास सत्र चिंता के राष्ट्रीय मुद्दों से भागने की मोदी सरकार की रणनीति के हिसाब से पूरी तरह से बकवास होगा. रीना गुप्ता ने कहा, "हमारे सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा मानसून सत्र में लोगों के मुद्दे उठाने की वजह से सस्पेंड रहेंगे, लेकिन उनके सस्पेंशन के बावजूद, हम CEC नियुक्ति विधेयक का कड़ा विरोध करने जा रहे हैं क्योंकि हम मोदी सरकार को इलेक्शन कमीशन के संवैधानिक रूप से मंजूर हक और तटस्थता को कुचलने की इजाजत नहीं दे सकते. हम अडानी मामले में जेपीसी जांच की भी मांग करने जा रहे हैं, क्योंकि हालिया ओसीसीआरपी रिपोर्ट से सेबी की तरफ से की गई कमजोर जांच का खुलासा हुआ है." उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और रिकॉर्ड बेरोजगारी के मुद्दे पर वे सरकार से एक खास कार्य योजना मांगने जा रहे हैं, जो 2024 के लिए भाजपा की इलेक्शन मुहिम को शुरू करने के लिए खास सत्र का इस्तेमाल करना चाहती है.
आम आदमी पार्टी संसद के खास सत्र में जम्मू व कश्मीर में तीन फौजियों के शहीद होने का मुद्दा उठाएगी. AAP का कहना है कि भाजपा सरकार मुल्क की हिफाजत करना नहीं जानती है. आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह अट्ठारह से बाईस सितंबर तक होने वाले संसद के खास सत्र के दौरान आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करेगी, जिसकी वजह से तीन बहादुर फौजी शहीद हो गए. मीडिया इदारे से 'AAP' के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह जम्मू के अनंतनाग में कोकेरनाग में मुठभेड़ के दौरान अपनी जान गंवाने वाले तीन बहादुर सैनिकों की शहादत का मुद्दा उठाएंगे. सिंह ने कहा कि स्निफर डॉग ने भी देश की सेवा में अपनी जान दे दी, लेकिन भाजपा को नहीं पता कि देश की हिफाजत कैसे करनी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दावा किया था कि उन्होंने आतंकवाद को खत्म कर दिया है, लेकिन सच्चाई यह है कि कुछ भी खास बदलाव नहीं हुआ है और पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने इशारा दिया कि वह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा भी उठाएंगे. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि 'AAP' अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सदस्यता रद्द करने का मुद्दा उठाएगी. संजय सिंह ने कहा, "मैं और पार्टी के दूसरे सांसद आतंकवाद और दूसरे चिंताओं का मुद्दा उठाएंगे. अगर राघव चड्ढा की सदस्यता बहाल हो जाती है, तो वह भी इस मुद्दे को उठाने के लिए हमारे साथ शामिल होंगे. पार्टी पीआरओ रीना गुप्ता ने बताया कि खास सत्र चिंता के राष्ट्रीय मुद्दों से भागने की मोदी सरकार की रणनीति के हिसाब से पूरी तरह से बकवास होगा. रीना गुप्ता ने कहा, "हमारे सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा मानसून सत्र में लोगों के मुद्दे उठाने की वजह से सस्पेंड रहेंगे, लेकिन उनके सस्पेंशन के बावजूद, हम CEC नियुक्ति विधेयक का कड़ा विरोध करने जा रहे हैं क्योंकि हम मोदी सरकार को इलेक्शन कमीशन के संवैधानिक रूप से मंजूर हक और तटस्थता को कुचलने की इजाजत नहीं दे सकते. हम अडानी मामले में जेपीसी जांच की भी मांग करने जा रहे हैं, क्योंकि हालिया ओसीसीआरपी रिपोर्ट से सेबी की तरफ से की गई कमजोर जांच का खुलासा हुआ है." उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और रिकॉर्ड बेरोजगारी के मुद्दे पर वे सरकार से एक खास कार्य योजना मांगने जा रहे हैं, जो दो हज़ार चौबीस के लिए भाजपा की इलेक्शन मुहिम को शुरू करने के लिए खास सत्र का इस्तेमाल करना चाहती है.
इंदौरः मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्त्रियों और युवतियों के साथ लगातार बलात्कार की वारदातें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है। जहां इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में खंडवा की निवासी 15 वर्षीय नाबालिग लड़की बीते दिनों अपने परिजनों के यहां पर रुकी हुई थी। इसी दौरान घर के पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग पुरुष से उसकी मित्रता हो गई। लेकिन, इसी बीच लड़की को अकेला पाकर नाबालिग पुरुष ने जबरन उसका दुष्कर्म किया, ऐसे में जब लड़की ने विरोध किया तो उसे डराया धमकाया। साथ ही लगातार वह लगातार उसका दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान पीड़िता ने एक बच्ची को भी जन्म दे दिया। हालांकि, पीड़ित परिजनों ने अब इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया है। दरअसल, नाबालिग पीड़िता अपने लसूड़िया थाना क्षेत्र के रहने वाले रिश्तेंदारों के घर पर आई हुई थी। इस दौरान घर के पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग पुरुष से उसकी मित्रता हो गई। इसके बाद एक दिन अचानक नाबालिक महिला को अकेला पाकर नाबालिग पुरुष ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने विरोध किया तो उसे डराया धमकाया और इसके बाद नाबालिग पुरुष लगातार उसका उत्पीड़न करता रहा। इसके कुछ दिनों बाद नाबालिग महिला कुछ दिनों तक लसूड़िया थाना क्षेत्र में रहने के बाद अपने माता पिता के पास वापस खंडवा चली गई। वहीं, खंडवा में अपने घर पहुंचने के बाद ही नाबालिग पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके कुछ दिनों बाद उसने एक बच्चे को जन्म दे दिया। इस दौरान जब उसके माता-पिता को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने लड़की से इस संबंध में पूछताछ की. पीड़िता ने अपनी आपबीती अपने परिजनों को बताई। जहां आरोपी द्वारा दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने की बात कहीं। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ जाकर खंडवा थाने पर पूरे मुद्दे की कम्पलेन दी। हालांकि, खंडवा पुलिस ने इस पूरे मुद्दे में शून्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आगे की जांच के लिए मामला लसुडिया पुलिस को सौप दिया गया है। इस मुद्दे में डीसीपी संपत उपाध्याय का बोलना है कि खंडवा पुलिस के द्वारा मुकदमा दर्ज कर पूरे मुद्दे की जांच की गई है। जहां नाबालिग पुरुष के विरूद्ध नाबालिग महिला की कम्पलेन पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने बोला कि अब डीएनए सैंपल के साथ ही पूरे मुद्दे की जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं, शुरुआती जांच-पड़ताल में नाबालिग पुरुष के बारे में जानकारी दी है। ऐसे में आरोपी द्वारा जबरन बलात्कार की वारदात को अंजाम देने की बात कही गई है। क्योंकि, दोनों ही नाबालिग है। इसलिए पुलिस इस पूरे मुद्दे में नाबालिग महिला का डीएनए भी करवा रही है और उसके बाद इस पूरे मुद्दे में विभिन्न तरह से जांच पड़ताल करने की बात की जा रही है।
इंदौरः मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्त्रियों और युवतियों के साथ लगातार बलात्कार की वारदातें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है। जहां इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में खंडवा की निवासी पंद्रह वर्षीय नाबालिग लड़की बीते दिनों अपने परिजनों के यहां पर रुकी हुई थी। इसी दौरान घर के पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग पुरुष से उसकी मित्रता हो गई। लेकिन, इसी बीच लड़की को अकेला पाकर नाबालिग पुरुष ने जबरन उसका दुष्कर्म किया, ऐसे में जब लड़की ने विरोध किया तो उसे डराया धमकाया। साथ ही लगातार वह लगातार उसका दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान पीड़िता ने एक बच्ची को भी जन्म दे दिया। हालांकि, पीड़ित परिजनों ने अब इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया है। दरअसल, नाबालिग पीड़िता अपने लसूड़िया थाना क्षेत्र के रहने वाले रिश्तेंदारों के घर पर आई हुई थी। इस दौरान घर के पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग पुरुष से उसकी मित्रता हो गई। इसके बाद एक दिन अचानक नाबालिक महिला को अकेला पाकर नाबालिग पुरुष ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने विरोध किया तो उसे डराया धमकाया और इसके बाद नाबालिग पुरुष लगातार उसका उत्पीड़न करता रहा। इसके कुछ दिनों बाद नाबालिग महिला कुछ दिनों तक लसूड़िया थाना क्षेत्र में रहने के बाद अपने माता पिता के पास वापस खंडवा चली गई। वहीं, खंडवा में अपने घर पहुंचने के बाद ही नाबालिग पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके कुछ दिनों बाद उसने एक बच्चे को जन्म दे दिया। इस दौरान जब उसके माता-पिता को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने लड़की से इस संबंध में पूछताछ की. पीड़िता ने अपनी आपबीती अपने परिजनों को बताई। जहां आरोपी द्वारा दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने की बात कहीं। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ जाकर खंडवा थाने पर पूरे मुद्दे की कम्पलेन दी। हालांकि, खंडवा पुलिस ने इस पूरे मुद्दे में शून्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आगे की जांच के लिए मामला लसुडिया पुलिस को सौप दिया गया है। इस मुद्दे में डीसीपी संपत उपाध्याय का बोलना है कि खंडवा पुलिस के द्वारा मुकदमा दर्ज कर पूरे मुद्दे की जांच की गई है। जहां नाबालिग पुरुष के विरूद्ध नाबालिग महिला की कम्पलेन पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने बोला कि अब डीएनए सैंपल के साथ ही पूरे मुद्दे की जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं, शुरुआती जांच-पड़ताल में नाबालिग पुरुष के बारे में जानकारी दी है। ऐसे में आरोपी द्वारा जबरन बलात्कार की वारदात को अंजाम देने की बात कही गई है। क्योंकि, दोनों ही नाबालिग है। इसलिए पुलिस इस पूरे मुद्दे में नाबालिग महिला का डीएनए भी करवा रही है और उसके बाद इस पूरे मुद्दे में विभिन्न तरह से जांच पड़ताल करने की बात की जा रही है।
सुधम्म थेर की कथा अगले दिन चित्त भिक्षुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करने में लग गया। उसी समय सुधम्म उसके घर के दरवाजे पर आकर खड़ा हो गया। चित्त ने उन्हें सादर प्रणाम कर घर में प्रवेश करने के लिए आमंत्रित किया । पर सुधम्म ने अंदर आने का निमंत्रण स्वीकार नहीं किया और कहा, "मैं तो भिक्षाटन के लिए निकला हूँ, मैं अंदर नहीं आ सकता और न बैठ सकता हूँ।" थोड़ी देर बाद सारिपुत्त और महामोग्गलान आये। उन्होंने भोजन किया और भोजन के बाद धर्म प्रवचन दिया और फिर वे वापस चले गए। उनके साथ पधारे अन्य भिक्षुगण भी वापस चले गए। सुधम्म ने सारिपुत्त तथा मोग्गलान को दान में दी गई वस्तुओं को देखा । वह ईर्ष्या की आग में जल-भुनकर राख हो गया । गुस्से में वह उपासक को अपशब्द कहने लगा, "अब मैं तुम्हारे घर में एक पल भी टिक नहीं सकता।" यह कहकर वह वहाँ से चला गया । सुधम्म वहाँ से सीधा शाक्य - मुनि के पास गया । उन्हें सादर प्रणाम कर सारी कहानी विस्तार से सुनाई। शास्ता पर उसकी बातों का कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने वस्तुस्थिति का गहराई से विश्लेषण किया और आकलन कर समझाया, "किसी भी श्रमण को 'यह मेरा विहार है,' 'यह मेरा आवास है, ' 'यह मेरा उपासक है, ' 'यह मेरी उपासिका है' ऐसा कहना और इस बात का ईर्ष्या करना उचित नहीं है।" तब शास्ता ने ये दो गाथाएं कहीं ।
सुधम्म थेर की कथा अगले दिन चित्त भिक्षुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करने में लग गया। उसी समय सुधम्म उसके घर के दरवाजे पर आकर खड़ा हो गया। चित्त ने उन्हें सादर प्रणाम कर घर में प्रवेश करने के लिए आमंत्रित किया । पर सुधम्म ने अंदर आने का निमंत्रण स्वीकार नहीं किया और कहा, "मैं तो भिक्षाटन के लिए निकला हूँ, मैं अंदर नहीं आ सकता और न बैठ सकता हूँ।" थोड़ी देर बाद सारिपुत्त और महामोग्गलान आये। उन्होंने भोजन किया और भोजन के बाद धर्म प्रवचन दिया और फिर वे वापस चले गए। उनके साथ पधारे अन्य भिक्षुगण भी वापस चले गए। सुधम्म ने सारिपुत्त तथा मोग्गलान को दान में दी गई वस्तुओं को देखा । वह ईर्ष्या की आग में जल-भुनकर राख हो गया । गुस्से में वह उपासक को अपशब्द कहने लगा, "अब मैं तुम्हारे घर में एक पल भी टिक नहीं सकता।" यह कहकर वह वहाँ से चला गया । सुधम्म वहाँ से सीधा शाक्य - मुनि के पास गया । उन्हें सादर प्रणाम कर सारी कहानी विस्तार से सुनाई। शास्ता पर उसकी बातों का कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने वस्तुस्थिति का गहराई से विश्लेषण किया और आकलन कर समझाया, "किसी भी श्रमण को 'यह मेरा विहार है,' 'यह मेरा आवास है, ' 'यह मेरा उपासक है, ' 'यह मेरी उपासिका है' ऐसा कहना और इस बात का ईर्ष्या करना उचित नहीं है।" तब शास्ता ने ये दो गाथाएं कहीं ।
लॉकडाउन में आपके साथ बहुत कुछ ऐसा हुआ होगा, जो आप किसी को बता नहीं पा रहे होंगे. बीबीसी ने कुछ हफ्तों पहले लोगों से उनके लॉकडाउन के कन्फ़ेशन भेजने को कहा था. घर में बंद रहने की वजह से हम सभी को बहुत कुछ छोड़ना पड़ा. आपके कुछ नए गिल्ट सीक्रेट भी होंगे जो आप किसी से शेयर करना चाहते होंगे और आपमें से कुछ लोगों ने नियम तोड़े होंगे, वहीं कुछ ने अपने लिए कुछ नियम बनाए भी होंगे. हम अपने छह पाठकों की कहनी आपके सामने रख रहे हैं - हमने उनकी पहचान छिपाने का फ़ैसला किया है. मैंने अपने काम के लिए बनाई गई एक प्रेसेंटेशन अपने बेटे के होम वर्क के तौर पर सबमिट करवा दी. क्योंकि वो अपना होमवर्क करना भूल गया था. इसके लिए उसकी काफी तारीफ़ हुई. मेरा बेटा 9वीं कक्षा में पढ़ता है और उसे कुछ होम-वर्क करना था. आम तौर पर मैं उसकी मदद करता हूं, लेकिन उस दिन में कुछ और कामों में व्यस्त था, और उसने आख़िर तक वो प्रेसेंटेशन नहीं बनाई थी. मैं छात्रों को आईटी पढ़ाता हूं, इसलिए मैंने उनके लिए बनाई एक प्रेसेंटेशन अपने बेटे को दे दी और कहा कि वो उसे देखकर कुछ ऐसी ही प्रेसेंटेशन बना ले. लेकिन उसने उसमें कोई बदलाव नहीं किया - उसने बस बाहर लिखा नाम बदल दिया. उसकी टीचर ने कहा कि उन्होंने इस उम्र के बच्चे का इससे अच्छा काम कभी देखा ही नहीं है. उसे इस पर पूरे नंबर मिले और स्कूल न्यूज़लेटर में इसका ज़िक्र भी हुआ. अब मुझे उसके होम-स्कूलिंग वर्क पर और ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, बल्कि इसे लेकर मेरे मन में बहुत गिल्ट भी है. पहली बार मैंने ऐसा कुछ किया था. मेरा बेटा इसे लेकर बहुत खुश है. मैंने उसे कह दिया है कि ये बस एक बार हुआ और फिर कभी नहीं होगा. मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरे किराने का सामान मेरे घर पर ही पहुंच गया. इसमें मैंने अपनी बुजुर्ग सास के लिए भी कुछ सामान मंगवाया था. ये भी सरदर्द ही है कि हर चीज़ को धोना होता है ताकि सब कुछ साफ़ हो जाए. इसलिए मैंने अपनी सास के लिए मंगाए सामान को बिना धोए सीधे थैले में डाल दिया और उन्हें दे दिया. फिर कुछ देर बाद देखा कि वो बाहर जा रही हैं. तब मेरे दिमाग में आया कि उन्हें तो कहीं से भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है. मुझे गिल्ट महसूस हुई. मैं उन्हें मारने की कोशिश नहीं कर रही थी. उन्होंने कभी मुझसे पूछा ही नहीं कि क्या उन्हें सामान देने से पहले क्या मैंने इसे डिसइंफेक्ट किया है. अगर वो कहती तो मैं उन्हें बता देती. मैं ज़्यादा डरी हुई रहती हूं. हर चीज़ को डिसइनफेक्ट करती रहती हूं. इसलिए मैंने सोचा कि "मैं अपना सामान डिसइंफेक्ट कर लेती हूं और उनका छोड़ देती हूं, वो अपना खुद कर लेंगी. " उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. अप्रैल की शुरुआत में मेरे दोनों बेटों का जन्मदिन था और कोरोना काल में ज़रूरी वजहों के अलावा हमें कहीं जाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए था. लेकिन मैं अपने बेटों का बर्थडे केक अपने दादा-दादी देने गया - लेकिन मैं उन्हें केक देकर दरवाज़े से ही लौट आया था. आम तौर पर जन्मदिन के मौके पर हमारा पूरा परिवार इकट्ठा होता है, लेकिन इस साल ये मुमकिन नहीं था. लेकिन अब मैं दोबारा उस दिन के बारे में सोचता हूं तो लगता है कि सब ऐसा करते तो हम कुछ और स्थितियों में होते. लेकिन मुझे उसके बारे में इतना बुरा भी नहीं लग रहा, क्योंकि मेरे दादा-दादी को ये बहुत अच्छा लगा. वो सबसे घुल मिलकर रहने वाले इंसान हैं और इस वक्त वो एकदम अलग-थलग रह रहे हैं, इसलिए मुझे लगा कि केक देना शायद उन्हें खुश कर दे. लॉकडाउन के दौरान मेरे पति घर से ही काम कर रहे हैं. उनका ऑफिस बोरिंग लोगों से भरा पड़ा है, जो वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. मैंने सोचा कि किसी दिन जब वो ज़रूरी टेलीकॉन्फ्रेंस पर होंगे, तो मैं मज़ाक के तौर पर अपना टॉप उठाकर उन्हें अपने स्तन दिखाऊंगी. और ये मैंने कुछ देर के लिए नहीं किया - काफी देर तक मैंने टॉप उठाकर रखा. लेकिन बाद में ये स्थिति असहज हो गई. मुझे एहसास हुआ कि उनके सर के पीछे एक बड़ा सा आइना है और मैं अपने पति के सामने खड़ी थी, बिल्कुल उनकी कम्प्यूटर सक्रीन के पीछे, और ये सब कर रही थी. जितने भी लोग उनके कॉन्फ्रेंस कॉल पर होंगे, वो उनके सर के पीछे के आइने से सब देख पा रहे होंगे. ये सोचकर मेरा दिमाग ख़राब हो गया कि सबने मुझे देख लिया होगा. उन्होंने चीज़ों का लिहाज़ करते हुए कुछ नहीं कहा होगा लेकिन उन्होंने सब देखा तो होगा ही. मुझे लगता है उनमें से कुछ लोग इस बारे में बाद में बातें भी कर रहे होंगे. मेरे पति ने ऐसा दिखाया कि कुछ हुआ ही नहीं. तब उन्हें हंसी नहीं आई थी, लेकिन बाद में उन्हें हंसी आ रही थी. मैं अपने फ्लैट में अकेला रहता हूं. मैं तभी किसी को देख पाता हूं जब कोई मेरे दरवाज़े पर कुछ सामान डिलीवर करने आता है. मैं अपने दोस्तों के साथ वीडियो चैट करता हूं लेकिन फिर भी उस वक्त वो मेरे सामने तो नहीं होते. मुझे एक वाइन वेबसाइट मिली, जिसपर अच्छी वाइन अच्छे दाम पर मिल रही थी. मैंने वहां से बहुत सारी वाइन खरीद ली. जब अकेलेपन की वजह से मुझे बुरा महसूस होता है तो मैं एक या दो ग्लास वाइन पी लेता हूं. कई बार तो पूरी बोतल पी जाता हूं. ये थोड़ा दुखद है, लेकिन मुझे लगता है ये कुछ ऐसा है जैसे हमें फ्राइडे नाइट को बार में जाने की इजाज़त मिलती थी. बड़ा अंतर ये है कि बार अब मेरे घर में ही है और लोगों की भीड़ भी नहीं है. मैं अपने एक दोस्त के साथ एक फ्लैट में रहता हूं और उनका एक बहुत करीबी दोस्त रोड के दूसरी तरफ अकेला रहता है. हमारी एक अन्य दोस्त भी थोड़ी दूरी पर अकेली रहती है. इसलिए हम लोग आपस में मिलने लगे. शुरुआत सैर पर जाने से हुई और फिर हमने उनके गार्डन में बारबेक्यू खाया. फिर मैंने अपना जन्मदिन मनाया और उन्हें खाने के लिए अपने घर आमंत्रित किया. हम कुल चार बार मिले. तीन बार तो बर्थडे मनाने के लिए मिले. इसे थोड़ा सही ठहरा सकते हैं, क्योंकि जो लोग अकेले रहते हैं. उनके लिए चीज़ें मुश्किल होती हैं. लेकिन ये भी है कि ऐसे तो सब लोग लॉकडाउन तोड़ने का जस्टिफिकेशन देने लगेंगे, इसलिए मुझे थोड़ी सी गिल्ट है. शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा. फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है. पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं. मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए. फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं. यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है. अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें. सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए. गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है. यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है. गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं. अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं. अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है. ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं. चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं. ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं. हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.
लॉकडाउन में आपके साथ बहुत कुछ ऐसा हुआ होगा, जो आप किसी को बता नहीं पा रहे होंगे. बीबीसी ने कुछ हफ्तों पहले लोगों से उनके लॉकडाउन के कन्फ़ेशन भेजने को कहा था. घर में बंद रहने की वजह से हम सभी को बहुत कुछ छोड़ना पड़ा. आपके कुछ नए गिल्ट सीक्रेट भी होंगे जो आप किसी से शेयर करना चाहते होंगे और आपमें से कुछ लोगों ने नियम तोड़े होंगे, वहीं कुछ ने अपने लिए कुछ नियम बनाए भी होंगे. हम अपने छह पाठकों की कहनी आपके सामने रख रहे हैं - हमने उनकी पहचान छिपाने का फ़ैसला किया है. मैंने अपने काम के लिए बनाई गई एक प्रेसेंटेशन अपने बेटे के होम वर्क के तौर पर सबमिट करवा दी. क्योंकि वो अपना होमवर्क करना भूल गया था. इसके लिए उसकी काफी तारीफ़ हुई. मेरा बेटा नौवीं कक्षा में पढ़ता है और उसे कुछ होम-वर्क करना था. आम तौर पर मैं उसकी मदद करता हूं, लेकिन उस दिन में कुछ और कामों में व्यस्त था, और उसने आख़िर तक वो प्रेसेंटेशन नहीं बनाई थी. मैं छात्रों को आईटी पढ़ाता हूं, इसलिए मैंने उनके लिए बनाई एक प्रेसेंटेशन अपने बेटे को दे दी और कहा कि वो उसे देखकर कुछ ऐसी ही प्रेसेंटेशन बना ले. लेकिन उसने उसमें कोई बदलाव नहीं किया - उसने बस बाहर लिखा नाम बदल दिया. उसकी टीचर ने कहा कि उन्होंने इस उम्र के बच्चे का इससे अच्छा काम कभी देखा ही नहीं है. उसे इस पर पूरे नंबर मिले और स्कूल न्यूज़लेटर में इसका ज़िक्र भी हुआ. अब मुझे उसके होम-स्कूलिंग वर्क पर और ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, बल्कि इसे लेकर मेरे मन में बहुत गिल्ट भी है. पहली बार मैंने ऐसा कुछ किया था. मेरा बेटा इसे लेकर बहुत खुश है. मैंने उसे कह दिया है कि ये बस एक बार हुआ और फिर कभी नहीं होगा. मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरे किराने का सामान मेरे घर पर ही पहुंच गया. इसमें मैंने अपनी बुजुर्ग सास के लिए भी कुछ सामान मंगवाया था. ये भी सरदर्द ही है कि हर चीज़ को धोना होता है ताकि सब कुछ साफ़ हो जाए. इसलिए मैंने अपनी सास के लिए मंगाए सामान को बिना धोए सीधे थैले में डाल दिया और उन्हें दे दिया. फिर कुछ देर बाद देखा कि वो बाहर जा रही हैं. तब मेरे दिमाग में आया कि उन्हें तो कहीं से भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है. मुझे गिल्ट महसूस हुई. मैं उन्हें मारने की कोशिश नहीं कर रही थी. उन्होंने कभी मुझसे पूछा ही नहीं कि क्या उन्हें सामान देने से पहले क्या मैंने इसे डिसइंफेक्ट किया है. अगर वो कहती तो मैं उन्हें बता देती. मैं ज़्यादा डरी हुई रहती हूं. हर चीज़ को डिसइनफेक्ट करती रहती हूं. इसलिए मैंने सोचा कि "मैं अपना सामान डिसइंफेक्ट कर लेती हूं और उनका छोड़ देती हूं, वो अपना खुद कर लेंगी. " उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. अप्रैल की शुरुआत में मेरे दोनों बेटों का जन्मदिन था और कोरोना काल में ज़रूरी वजहों के अलावा हमें कहीं जाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए था. लेकिन मैं अपने बेटों का बर्थडे केक अपने दादा-दादी देने गया - लेकिन मैं उन्हें केक देकर दरवाज़े से ही लौट आया था. आम तौर पर जन्मदिन के मौके पर हमारा पूरा परिवार इकट्ठा होता है, लेकिन इस साल ये मुमकिन नहीं था. लेकिन अब मैं दोबारा उस दिन के बारे में सोचता हूं तो लगता है कि सब ऐसा करते तो हम कुछ और स्थितियों में होते. लेकिन मुझे उसके बारे में इतना बुरा भी नहीं लग रहा, क्योंकि मेरे दादा-दादी को ये बहुत अच्छा लगा. वो सबसे घुल मिलकर रहने वाले इंसान हैं और इस वक्त वो एकदम अलग-थलग रह रहे हैं, इसलिए मुझे लगा कि केक देना शायद उन्हें खुश कर दे. लॉकडाउन के दौरान मेरे पति घर से ही काम कर रहे हैं. उनका ऑफिस बोरिंग लोगों से भरा पड़ा है, जो वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. मैंने सोचा कि किसी दिन जब वो ज़रूरी टेलीकॉन्फ्रेंस पर होंगे, तो मैं मज़ाक के तौर पर अपना टॉप उठाकर उन्हें अपने स्तन दिखाऊंगी. और ये मैंने कुछ देर के लिए नहीं किया - काफी देर तक मैंने टॉप उठाकर रखा. लेकिन बाद में ये स्थिति असहज हो गई. मुझे एहसास हुआ कि उनके सर के पीछे एक बड़ा सा आइना है और मैं अपने पति के सामने खड़ी थी, बिल्कुल उनकी कम्प्यूटर सक्रीन के पीछे, और ये सब कर रही थी. जितने भी लोग उनके कॉन्फ्रेंस कॉल पर होंगे, वो उनके सर के पीछे के आइने से सब देख पा रहे होंगे. ये सोचकर मेरा दिमाग ख़राब हो गया कि सबने मुझे देख लिया होगा. उन्होंने चीज़ों का लिहाज़ करते हुए कुछ नहीं कहा होगा लेकिन उन्होंने सब देखा तो होगा ही. मुझे लगता है उनमें से कुछ लोग इस बारे में बाद में बातें भी कर रहे होंगे. मेरे पति ने ऐसा दिखाया कि कुछ हुआ ही नहीं. तब उन्हें हंसी नहीं आई थी, लेकिन बाद में उन्हें हंसी आ रही थी. मैं अपने फ्लैट में अकेला रहता हूं. मैं तभी किसी को देख पाता हूं जब कोई मेरे दरवाज़े पर कुछ सामान डिलीवर करने आता है. मैं अपने दोस्तों के साथ वीडियो चैट करता हूं लेकिन फिर भी उस वक्त वो मेरे सामने तो नहीं होते. मुझे एक वाइन वेबसाइट मिली, जिसपर अच्छी वाइन अच्छे दाम पर मिल रही थी. मैंने वहां से बहुत सारी वाइन खरीद ली. जब अकेलेपन की वजह से मुझे बुरा महसूस होता है तो मैं एक या दो ग्लास वाइन पी लेता हूं. कई बार तो पूरी बोतल पी जाता हूं. ये थोड़ा दुखद है, लेकिन मुझे लगता है ये कुछ ऐसा है जैसे हमें फ्राइडे नाइट को बार में जाने की इजाज़त मिलती थी. बड़ा अंतर ये है कि बार अब मेरे घर में ही है और लोगों की भीड़ भी नहीं है. मैं अपने एक दोस्त के साथ एक फ्लैट में रहता हूं और उनका एक बहुत करीबी दोस्त रोड के दूसरी तरफ अकेला रहता है. हमारी एक अन्य दोस्त भी थोड़ी दूरी पर अकेली रहती है. इसलिए हम लोग आपस में मिलने लगे. शुरुआत सैर पर जाने से हुई और फिर हमने उनके गार्डन में बारबेक्यू खाया. फिर मैंने अपना जन्मदिन मनाया और उन्हें खाने के लिए अपने घर आमंत्रित किया. हम कुल चार बार मिले. तीन बार तो बर्थडे मनाने के लिए मिले. इसे थोड़ा सही ठहरा सकते हैं, क्योंकि जो लोग अकेले रहते हैं. उनके लिए चीज़ें मुश्किल होती हैं. लेकिन ये भी है कि ऐसे तो सब लोग लॉकडाउन तोड़ने का जस्टिफिकेशन देने लगेंगे, इसलिए मुझे थोड़ी सी गिल्ट है. शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा. फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है. पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण दिख रहे हैं या जो कोविड-उन्नीस के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं. मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए. फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं. यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है. अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें. सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए. गर्भवती महिलाओं पर कोविड-उन्नीस के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है. यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है. गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं. अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं. अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है. ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं. चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं. ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं. हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.
नई दिल्ली, 19 दिसंबर कोविड-19 महामारी के चलते आई मंदी के बाद वर्ष 2021 में तेजी से पुनरुद्धार के बीच नए साल में भारत का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है जिसमें वैश्विक बाजारों में बढ़ती मांग, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना तथा कुछ अंतरिम व्यापार समझौतों के चलते घरेलू विनिर्माण में वृद्धि का खास योगदान होगा। देश के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि की उम्मीदें विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अनुमानों के अनुरूप ही हैं। डब्ल्यूटीओ ने वर्ष 2022 में वैश्विक व्यापार में 4. 7 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। निर्यातकों का मानना है कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारत का निर्यात 400 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर जाएगा और वर्ष 2022-23 में यह 475 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि निर्यातकों का मानना है कि वृद्धि और वैश्विक मांग इस पर भी निर्भर करेगी कि दुनिया भर में बड़े पैमाने पर टीकाकरण के जरिये कोविड-19 और वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन पर किस हद तक काबू पाया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक के सितंबर में जारी एक सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी सहयोगियों को दी जाने वाली सेवाओं सहित सॉफ्टवेयर सेवाओं का निर्यात 31 मार्च 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में 148. 3 अरब डॉलर रहा था। यह आंकड़ा दुनिया के शीर्ष तेल निर्यातक सऊदी अरब को 2021 में तेल बिक्री से संभावित आय से अधिक है। वाणिज्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि दुनिया अब भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक व्यापार भागीदार के रूप में सम्मान देती है और पश्चिम एशिया तथा दक्षिण अमेरिकी देशों सहित नए क्षेत्रों में देश का निर्यात बढ़ रहा है। उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया कि कारोबारी सुगमता, पीएलआई जैसी प्रोत्साहन योजनाएं और अन्य उपाय व्यापार को सुविधाजनक बना रहे हैं। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार वाणिज्य विभाग नई विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) पर काम कर रहा है और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन तथा ऑस्ट्रेलिया सहित प्रमुख व्यापारिक भागीदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर तेजी से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से अगले साल भी निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
नई दिल्ली, उन्नीस दिसंबर कोविड-उन्नीस महामारी के चलते आई मंदी के बाद वर्ष दो हज़ार इक्कीस में तेजी से पुनरुद्धार के बीच नए साल में भारत का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है जिसमें वैश्विक बाजारों में बढ़ती मांग, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना तथा कुछ अंतरिम व्यापार समझौतों के चलते घरेलू विनिर्माण में वृद्धि का खास योगदान होगा। देश के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि की उम्मीदें विश्व व्यापार संगठन के अनुमानों के अनुरूप ही हैं। डब्ल्यूटीओ ने वर्ष दो हज़ार बाईस में वैश्विक व्यापार में चार. सात प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। निर्यातकों का मानना है कि वित्त वर्ष दो हज़ार इक्कीस-बाईस में भारत का निर्यात चार सौ अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर जाएगा और वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस में यह चार सौ पचहत्तर अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि निर्यातकों का मानना है कि वृद्धि और वैश्विक मांग इस पर भी निर्भर करेगी कि दुनिया भर में बड़े पैमाने पर टीकाकरण के जरिये कोविड-उन्नीस और वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन पर किस हद तक काबू पाया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक के सितंबर में जारी एक सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी सहयोगियों को दी जाने वाली सेवाओं सहित सॉफ्टवेयर सेवाओं का निर्यात इकतीस मार्च दो हज़ार इक्कीस को समाप्त वित्त वर्ष में एक सौ अड़तालीस. तीन अरब डॉलर रहा था। यह आंकड़ा दुनिया के शीर्ष तेल निर्यातक सऊदी अरब को दो हज़ार इक्कीस में तेल बिक्री से संभावित आय से अधिक है। वाणिज्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि दुनिया अब भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक व्यापार भागीदार के रूप में सम्मान देती है और पश्चिम एशिया तथा दक्षिण अमेरिकी देशों सहित नए क्षेत्रों में देश का निर्यात बढ़ रहा है। उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया कि कारोबारी सुगमता, पीएलआई जैसी प्रोत्साहन योजनाएं और अन्य उपाय व्यापार को सुविधाजनक बना रहे हैं। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार वाणिज्य विभाग नई विदेश व्यापार नीति पर काम कर रहा है और संयुक्त अरब अमीरात , ब्रिटेन तथा ऑस्ट्रेलिया सहित प्रमुख व्यापारिक भागीदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर तेजी से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से अगले साल भी निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
कांग्रेस उम्मीदवार राजीव शुक्ला और रंजीता रंजन ने मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी वहां मौजूद रहे। नामांकन के बाद जब बघेल से पूछा गया कि छत्तीसगढ़ में बाहरी को मौका क्यों? इसपर उन्होंने पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह के फैसले तो सभी दल में लिए जाते हैं। हमारे यहां नया है क्या? उन्होंने कहा कि शुक्ला और रंजन को संसदीय अनुभव है इसलिए उन्हें यह मौका दिया जा रहा है। वहीं इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की परंपरा रही है कि यहां जो लोग चुनकर जाएंगे, वह सदन में छत्तीसगढ़ की बात ही उठाएंगे। पीएल पुनिया ने कहा कि यहां के बहुत सारे लोगों को अपेक्षाएं थीं लेकिन पार्टी की यह हमेशा परंपरा रही है और हकीकत भी रही है कि राज्यसभा में कौन चुनाव लड़ेगा? इसका निर्णय कांग्रेस प्रेसिडेंट की तरफ से तय की जाती है। वहीं, छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ छल के आरोप पर पीएल पुनिया ने कहा कि भाजपा को जो कहना है, वह कहेगी। उन्होंने कहा कि यहां से जो राज्यसभा जाएंगे, वह मजबूती के साथ छत्तीसगढ़ की बात करेंगे। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
कांग्रेस उम्मीदवार राजीव शुक्ला और रंजीता रंजन ने मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी वहां मौजूद रहे। नामांकन के बाद जब बघेल से पूछा गया कि छत्तीसगढ़ में बाहरी को मौका क्यों? इसपर उन्होंने पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह के फैसले तो सभी दल में लिए जाते हैं। हमारे यहां नया है क्या? उन्होंने कहा कि शुक्ला और रंजन को संसदीय अनुभव है इसलिए उन्हें यह मौका दिया जा रहा है। वहीं इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की परंपरा रही है कि यहां जो लोग चुनकर जाएंगे, वह सदन में छत्तीसगढ़ की बात ही उठाएंगे। पीएल पुनिया ने कहा कि यहां के बहुत सारे लोगों को अपेक्षाएं थीं लेकिन पार्टी की यह हमेशा परंपरा रही है और हकीकत भी रही है कि राज्यसभा में कौन चुनाव लड़ेगा? इसका निर्णय कांग्रेस प्रेसिडेंट की तरफ से तय की जाती है। वहीं, छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ छल के आरोप पर पीएल पुनिया ने कहा कि भाजपा को जो कहना है, वह कहेगी। उन्होंने कहा कि यहां से जो राज्यसभा जाएंगे, वह मजबूती के साथ छत्तीसगढ़ की बात करेंगे। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
नवरात्रि का त्योहार धूमधाम से देशभर में मनाया जा रहा है. दुर्गा मां की भक्ति में आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड के सेलेब्स भी लीन हैं. सप्तमी के दिन दुर्गा मां के दर्शन के लिए काजोल, रानी मुखर्जी, जया बच्चन, मौनी रॉय और अयान मुखर्जी पहुंची. इस मौके पर काजोल और जया बच्चन हंसी-मजाक करते नजर आईं. काजोल और जया का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में जया बच्चन मास्क लगाए खड़ी हैं. दोनों एक्ट्रेस पैपराजी के सामने पोज कर रही हैं. ऐसे में काजोल, जया से कहती हैं- मास्क उतारना पड़ेगा. दोनों एक्ट्रेसेज जुहू के दुर्गा पंडाल में दर्शन के लिए पहुंची थीं. फैंस को दोनों एक्ट्रेसेज के लुक्स और मस्ती काफी पसंद आ रही है. काजोल के मस्तीभरे अंदाज पर फैंस अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं. एक फैन ने लाफिंग इमोजी के साथ लिखा, 'हां, जया आंटी मास्क निकालो. ' दूसरे ने लिखा, 'सिर्फ काजोल में ही इतनी हिम्मत है कि वह जया बच्चन से ऐसे बात कर सकें. ' एक और ने लिखा, 'काजोल को देखने में हमेशा मजा आता है. देखो वो कैसे जया जी को डांट रही हैं. ' पूजा में काजोल बेहद खूबसूरत साड़ी पहने पहुंची थीं. कानों में बड़े झुमके और बालों में खूबसूरत अक्सेसरी लगाए उनका लुक देखने लायक था. दूसरी तरफ जया बच्चन क्लासिक रेड एंड व्हाइट बांग्ला साड़ी पहने थीं. उन्होंने अपने बालों में खूबसूरत लाल गुलाब लगाए हुए थे. दोनों एक्ट्रेसेज ने अपने समय को काफी एन्जॉय किया. पंडाल में काजोल और जया के साथ रानी मुखर्जी भी थीं. सालों बाद जया बच्चन और रानी मुखर्जी को मिलनसार रूप में देखा गया. दोनों एक्ट्रेसेज ने मां के दर्शन तो किए ही, साथ ही एक दूसरे को गले भी लगाया. सोशल मीडिया पर उनकी कई फोटोज वायरल हो रही हैं, जिनमें उन्हें एक दूसरे संग बात करने और गले मिलते देखा जा सकता है. ब्रह्मास्त्र के डायरेक्टर अयान मुखर्जी और एक्ट्रेस मौनी रॉय भी दुर्गा मां के पंडाल गए थे. अयान, रानी और काजोल के कजिन हैं. वह हर साल परिवार संग मां के दर्शन को जाते हैं. काजोल की मां तनूजा को भी उनके साथ देखा गया था. प्रोजेक्ट्स की बात काजोल को पिछली बार नेटफ्लिक्स की फिल्म त्रिभंग में देखा गया था. जल्द ही वह फिल्म सलाम वेंकी में नजर आने वाली हैं. साथ ही वह डिज्नी हॉटस्टार की सीरीज द गुड वाइफ में नजर आएंगी.
नवरात्रि का त्योहार धूमधाम से देशभर में मनाया जा रहा है. दुर्गा मां की भक्ति में आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड के सेलेब्स भी लीन हैं. सप्तमी के दिन दुर्गा मां के दर्शन के लिए काजोल, रानी मुखर्जी, जया बच्चन, मौनी रॉय और अयान मुखर्जी पहुंची. इस मौके पर काजोल और जया बच्चन हंसी-मजाक करते नजर आईं. काजोल और जया का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में जया बच्चन मास्क लगाए खड़ी हैं. दोनों एक्ट्रेस पैपराजी के सामने पोज कर रही हैं. ऐसे में काजोल, जया से कहती हैं- मास्क उतारना पड़ेगा. दोनों एक्ट्रेसेज जुहू के दुर्गा पंडाल में दर्शन के लिए पहुंची थीं. फैंस को दोनों एक्ट्रेसेज के लुक्स और मस्ती काफी पसंद आ रही है. काजोल के मस्तीभरे अंदाज पर फैंस अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं. एक फैन ने लाफिंग इमोजी के साथ लिखा, 'हां, जया आंटी मास्क निकालो. ' दूसरे ने लिखा, 'सिर्फ काजोल में ही इतनी हिम्मत है कि वह जया बच्चन से ऐसे बात कर सकें. ' एक और ने लिखा, 'काजोल को देखने में हमेशा मजा आता है. देखो वो कैसे जया जी को डांट रही हैं. ' पूजा में काजोल बेहद खूबसूरत साड़ी पहने पहुंची थीं. कानों में बड़े झुमके और बालों में खूबसूरत अक्सेसरी लगाए उनका लुक देखने लायक था. दूसरी तरफ जया बच्चन क्लासिक रेड एंड व्हाइट बांग्ला साड़ी पहने थीं. उन्होंने अपने बालों में खूबसूरत लाल गुलाब लगाए हुए थे. दोनों एक्ट्रेसेज ने अपने समय को काफी एन्जॉय किया. पंडाल में काजोल और जया के साथ रानी मुखर्जी भी थीं. सालों बाद जया बच्चन और रानी मुखर्जी को मिलनसार रूप में देखा गया. दोनों एक्ट्रेसेज ने मां के दर्शन तो किए ही, साथ ही एक दूसरे को गले भी लगाया. सोशल मीडिया पर उनकी कई फोटोज वायरल हो रही हैं, जिनमें उन्हें एक दूसरे संग बात करने और गले मिलते देखा जा सकता है. ब्रह्मास्त्र के डायरेक्टर अयान मुखर्जी और एक्ट्रेस मौनी रॉय भी दुर्गा मां के पंडाल गए थे. अयान, रानी और काजोल के कजिन हैं. वह हर साल परिवार संग मां के दर्शन को जाते हैं. काजोल की मां तनूजा को भी उनके साथ देखा गया था. प्रोजेक्ट्स की बात काजोल को पिछली बार नेटफ्लिक्स की फिल्म त्रिभंग में देखा गया था. जल्द ही वह फिल्म सलाम वेंकी में नजर आने वाली हैं. साथ ही वह डिज्नी हॉटस्टार की सीरीज द गुड वाइफ में नजर आएंगी.
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इंडियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल (IPL) के आज 15 साल पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन साल 2008 में आईपीएल इतिहास का पहला मुकाबला खेला गया था। 18 अप्रैल 2008 को कोलकाता के ईडन गार्डेन मैदान में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबले से आईपीएल की शुरुआत हुई थी और तब से लेकर अब तक आईपीएल ने दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आईपीएल के पहले मुकाबले में ब्रेंडन मैक्कलम ने 158 रनों की नाबाद जबरदस्त विस्फोटक पारी खेलते हुए इस लीग का पूरा टोन सेट कर दिया था। सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों का मानना है कि आईपीएल की सफलता में मैक्कलम की उस पारी का बहुत बड़ा योगदान है। केकेआर ने उस मैच में आरसीबी को 140 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया था। मैक्कलम की उस पारी से लेकर वॉटसन की आईपीएल 2018 फाइनल में शतकीय पारी तक आईपीएल ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए। आईपीएल की अगर बात करें तो पहला सीजन राजस्थान रॉयल्स ने जीता था। इसके बाद 2009 में डेक्कन चार्जर्स ने आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की। 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स ने धोनी की अगुवाई में खिताब जीता। 2012 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल की ट्रॉफी जीती। 2013 में मुंबई इंडियंस, 2014 में एक बार फिर कोलकाता नाइटराइडर्स ने खिताब पर कब्जा किया। 2015 में एक बार फिर मुंबई ने आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की। 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद पहली बार चैंपियन बनी। 2017 में आईपीएल के 10 साल पूरे हुए और एक बार फिर मुंबई की टीम ने बाजी मारी। 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स दो साल के बैन के बाद वापस लौटी और ट्रॉफी पर कब्जा किया। 2019 में खेले गए 12वें सीजन में मुंबई ने रिकॉर्ड चौथी बार खिताब पर कब्जा किया। 2020 का टाइटल मुंबई इंडियंस और 2021 में सीएसके ने एक बार फिर ट्रॉफी जीती। 2022 का खिताब नई टीम गुजरात टाइटंस ने जीता। आईपीएल में अभी तक मुंबई इंडियंस सबसे सफल टीम रही है और उन्होंने सबसे ज्यादा 5 बार खिताब पर कब्जा किया है। चेन्नई सुपर किंग्स ने 4 बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की है। इसके अलावा कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2 बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स की टीम ने अभी तक एक बार भी आईपीएल का खिताब नहीं जीता है।
इंडियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल के आज पंद्रह साल पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन साल दो हज़ार आठ में आईपीएल इतिहास का पहला मुकाबला खेला गया था। अट्ठारह अप्रैल दो हज़ार आठ को कोलकाता के ईडन गार्डेन मैदान में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबले से आईपीएल की शुरुआत हुई थी और तब से लेकर अब तक आईपीएल ने दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आईपीएल के पहले मुकाबले में ब्रेंडन मैक्कलम ने एक सौ अट्ठावन रनों की नाबाद जबरदस्त विस्फोटक पारी खेलते हुए इस लीग का पूरा टोन सेट कर दिया था। सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों का मानना है कि आईपीएल की सफलता में मैक्कलम की उस पारी का बहुत बड़ा योगदान है। केकेआर ने उस मैच में आरसीबी को एक सौ चालीस रनों के बड़े अंतर से हरा दिया था। मैक्कलम की उस पारी से लेकर वॉटसन की आईपीएल दो हज़ार अट्ठारह फाइनल में शतकीय पारी तक आईपीएल ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए। आईपीएल की अगर बात करें तो पहला सीजन राजस्थान रॉयल्स ने जीता था। इसके बाद दो हज़ार नौ में डेक्कन चार्जर्स ने आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की। दो हज़ार दस और दो हज़ार ग्यारह में चेन्नई सुपर किंग्स ने धोनी की अगुवाई में खिताब जीता। दो हज़ार बारह में कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल की ट्रॉफी जीती। दो हज़ार तेरह में मुंबई इंडियंस, दो हज़ार चौदह में एक बार फिर कोलकाता नाइटराइडर्स ने खिताब पर कब्जा किया। दो हज़ार पंद्रह में एक बार फिर मुंबई ने आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की। दो हज़ार सोलह में सनराइजर्स हैदराबाद पहली बार चैंपियन बनी। दो हज़ार सत्रह में आईपीएल के दस साल पूरे हुए और एक बार फिर मुंबई की टीम ने बाजी मारी। दो हज़ार अट्ठारह में चेन्नई सुपर किंग्स दो साल के बैन के बाद वापस लौटी और ट्रॉफी पर कब्जा किया। दो हज़ार उन्नीस में खेले गए बारहवें सीजन में मुंबई ने रिकॉर्ड चौथी बार खिताब पर कब्जा किया। दो हज़ार बीस का टाइटल मुंबई इंडियंस और दो हज़ार इक्कीस में सीएसके ने एक बार फिर ट्रॉफी जीती। दो हज़ार बाईस का खिताब नई टीम गुजरात टाइटंस ने जीता। आईपीएल में अभी तक मुंबई इंडियंस सबसे सफल टीम रही है और उन्होंने सबसे ज्यादा पाँच बार खिताब पर कब्जा किया है। चेन्नई सुपर किंग्स ने चार बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की है। इसके अलावा कोलकाता नाइट राइडर्स ने दो बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स की टीम ने अभी तक एक बार भी आईपीएल का खिताब नहीं जीता है।
कष्टों से मुक्त हो जाते हैं जो कि अब तक उनके विरुद्ध संघर्ष करने से उत्पन्न हुये थे, किंतु इसका अर्थ यह नहीं कि आपके पूर्वकृत कर्मों के बाह्य परिणाम भी मूल नष्ट हो जायेंगे । आपने अपने में परिवर्तन कर लिया है और अव आपकी काया पलट गई है एवं आप यथार्थ मार्ग पर चल रहे हैं, किन्तु पूर्व में उल्टे मार्ग पर चलने का परिणाम अब भी आपको भोगना शेष है । आप अपनी वृत्ति को एक ही क्षण में बदल सकते हैं, और अवश्य ही आपको क्षमा मिल जाती है - श्राध्यात्मिक दृष्टि से तो अव कुछ भी आपके प्रतिकूल नहीं है, आपका उद्धार हो गया है; किंतु एक कट्टर पादरी भी आपको तुरंत यही कहेगा कि "मैं तुम्हारे पूर्वकृत दुष्कर्मों को सुधारने का वचन नहीं देता । यदि तुमने दुर्व्यसनों में ग्रस्त जीवन व्यतीत किया है और अपनी शरीर रचना को नष्ट कर लिया है, तो मैं उसे सुधार नहीं सकता । उसका परिणाम तो मिलेगा ही, और उस परिणाम को समाप्त करने का तुम्हारा प्रयत्न ही तुम्हारा प्रायश्चित्त होगा । मैं तुम्हारे दोषों को सुधार सकता हूं। तुम ईश्वरीय इच्छा से प्रतिकूल चलते रहे हो. मैं तुम्हें पुनः सीधे मार्ग पर ला सकता हूँ और इस बात में तुम्हारे लिये की हुई मेरी क्षमा प्रार्थना तुम्हारा कुछ उपकार कर सकेंगी । यह उच्च संकल्प की ही शक्ति है, निम्न संकल्प की नहीं। और एक बार इच्छा करने पर तुम इसे प्राप्त कर सकते हो । यह तुम्हें उचित पथ पर स्थिर रखने में सहायक होगी। किंतु इससे वाह्य परिस्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता ।" अपनी वृत्ति को आप स्वयं ही बदल सकते हैं; एक धर्मः शिक्षक तो उच्च भूमिका पर ही आपकी सहायता कर सकता है, जहां कि आपमें शक्ति का अभाव है। मैं यह नहीं कहता कि मनुष्य यह काम स्वयं नहीं कर सकता, किंतु वह इसे बहुत ही परिश्रम से, अनाड़ीपन से और अवैज्ञानिक रीति से करेगा । क्षमा प्रार्थना में यही शक्ति होती है, किंतु यह मनुष्य के किये हुये पापों से उसकी रक्षा नहीं कर सकतीप्रकृति के नियम इस रीति से कार्य नहीं करते । उपरोक्त विषय के साथ एक बात का विचार और भी करना है जब तक मनुष्य अपनी इच्छा शक्ति की वृद्धि नहीं करता और उसे अपने पर नियंत्रण प्राप्त नहीं होता, तब तक वह सच्चे रूप में श्री गुरुदेव को आत्मसमर्पण नहीं कर सकता । लोग कहते हैं कि, मैं श्री गुरुदेव को आत्मसमर्पण करता हूँ," किंतु विचार कीजिये कि जब तक आप स्वयं ही दोषों में ग्रस्त हैं, तब तक श्री० गुरुदेव को पूर्ण आत्मसमर्पण किस प्रकार कर सकते हैं ? इसलिए भी हमें इच्छा शक्ति की वृद्धि करनी चाहिये । श्री गुरुदेव ने कहा था कि "वह इच्छा शक्ति पके फ़ौलाद के समान दृढ़ होनी चाहिये ।" मुझे वह समय भली प्रकार याद है, क्योंकि श्री कृष्ण मूर्ति फौलाद के समान दृढ़ इच्छा शक्ति के अर्थ को नहीं समझ पाये थे और उन्हें इसे थोड़ा प्रत्यक्ष करके दिखाने की आवश्यकता हुई थी । वह संकल्प लोहे के समान नहीं, वरन फ़ौलाद के समान होना चाहिये, जिसे मोड़ा न जा सके । इच्छाशक्ति तो पहले से ही वर्तमान है, दैवी शक्ति भी हमारे भीतर ही है, हमें तो उसे केवल प्रकट करना है और इस प्रकार स्वयं ही अपनों स्वामी चनना है और तवं हम श्री गुरुदेव के चरणों में अपने उस संकल्प की गौरवशाली भेंट अर्पण कर सकेंगे ।
कष्टों से मुक्त हो जाते हैं जो कि अब तक उनके विरुद्ध संघर्ष करने से उत्पन्न हुये थे, किंतु इसका अर्थ यह नहीं कि आपके पूर्वकृत कर्मों के बाह्य परिणाम भी मूल नष्ट हो जायेंगे । आपने अपने में परिवर्तन कर लिया है और अव आपकी काया पलट गई है एवं आप यथार्थ मार्ग पर चल रहे हैं, किन्तु पूर्व में उल्टे मार्ग पर चलने का परिणाम अब भी आपको भोगना शेष है । आप अपनी वृत्ति को एक ही क्षण में बदल सकते हैं, और अवश्य ही आपको क्षमा मिल जाती है - श्राध्यात्मिक दृष्टि से तो अव कुछ भी आपके प्रतिकूल नहीं है, आपका उद्धार हो गया है; किंतु एक कट्टर पादरी भी आपको तुरंत यही कहेगा कि "मैं तुम्हारे पूर्वकृत दुष्कर्मों को सुधारने का वचन नहीं देता । यदि तुमने दुर्व्यसनों में ग्रस्त जीवन व्यतीत किया है और अपनी शरीर रचना को नष्ट कर लिया है, तो मैं उसे सुधार नहीं सकता । उसका परिणाम तो मिलेगा ही, और उस परिणाम को समाप्त करने का तुम्हारा प्रयत्न ही तुम्हारा प्रायश्चित्त होगा । मैं तुम्हारे दोषों को सुधार सकता हूं। तुम ईश्वरीय इच्छा से प्रतिकूल चलते रहे हो. मैं तुम्हें पुनः सीधे मार्ग पर ला सकता हूँ और इस बात में तुम्हारे लिये की हुई मेरी क्षमा प्रार्थना तुम्हारा कुछ उपकार कर सकेंगी । यह उच्च संकल्प की ही शक्ति है, निम्न संकल्प की नहीं। और एक बार इच्छा करने पर तुम इसे प्राप्त कर सकते हो । यह तुम्हें उचित पथ पर स्थिर रखने में सहायक होगी। किंतु इससे वाह्य परिस्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता ।" अपनी वृत्ति को आप स्वयं ही बदल सकते हैं; एक धर्मः शिक्षक तो उच्च भूमिका पर ही आपकी सहायता कर सकता है, जहां कि आपमें शक्ति का अभाव है। मैं यह नहीं कहता कि मनुष्य यह काम स्वयं नहीं कर सकता, किंतु वह इसे बहुत ही परिश्रम से, अनाड़ीपन से और अवैज्ञानिक रीति से करेगा । क्षमा प्रार्थना में यही शक्ति होती है, किंतु यह मनुष्य के किये हुये पापों से उसकी रक्षा नहीं कर सकतीप्रकृति के नियम इस रीति से कार्य नहीं करते । उपरोक्त विषय के साथ एक बात का विचार और भी करना है जब तक मनुष्य अपनी इच्छा शक्ति की वृद्धि नहीं करता और उसे अपने पर नियंत्रण प्राप्त नहीं होता, तब तक वह सच्चे रूप में श्री गुरुदेव को आत्मसमर्पण नहीं कर सकता । लोग कहते हैं कि, मैं श्री गुरुदेव को आत्मसमर्पण करता हूँ," किंतु विचार कीजिये कि जब तक आप स्वयं ही दोषों में ग्रस्त हैं, तब तक श्रीशून्य गुरुदेव को पूर्ण आत्मसमर्पण किस प्रकार कर सकते हैं ? इसलिए भी हमें इच्छा शक्ति की वृद्धि करनी चाहिये । श्री गुरुदेव ने कहा था कि "वह इच्छा शक्ति पके फ़ौलाद के समान दृढ़ होनी चाहिये ।" मुझे वह समय भली प्रकार याद है, क्योंकि श्री कृष्ण मूर्ति फौलाद के समान दृढ़ इच्छा शक्ति के अर्थ को नहीं समझ पाये थे और उन्हें इसे थोड़ा प्रत्यक्ष करके दिखाने की आवश्यकता हुई थी । वह संकल्प लोहे के समान नहीं, वरन फ़ौलाद के समान होना चाहिये, जिसे मोड़ा न जा सके । इच्छाशक्ति तो पहले से ही वर्तमान है, दैवी शक्ति भी हमारे भीतर ही है, हमें तो उसे केवल प्रकट करना है और इस प्रकार स्वयं ही अपनों स्वामी चनना है और तवं हम श्री गुरुदेव के चरणों में अपने उस संकल्प की गौरवशाली भेंट अर्पण कर सकेंगे ।