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वैलेंटाइन डेट के लिए रेड कलर से कुछ बेहतर हो ही नहीं सकता. इस सुर्ख लाल ड्रेस में दिशा गजब की खूबसूरत दिख रही हैं.
दिशा ब्लू आउटफिट में किसी हुस्न परी से कम नहीं लग रही. इसे आप वैलेंटाइन डेट नाइट के लिए पहन सकती है.
बॉडीकॉन ड्रेस में दिशा काफी हॉट दिख रही हैं. सेमी कर्ल बालों में उनका लुक देखने लायक है.
ग्रीन शिमरी ड्रेस को भी आप वैलेंटाइन डेट पर पहन सकती है. हाई स्लिट ड्रेस में दिशा का कातिलाना लुक.
डेट नाइट के लिए ये मिनी ड्रेस जरूर ट्राय करें. इस ड्रेस में आप खूबसूरत के साथ-साथ बोल्ड भी दिखेंगी.
ब्लैक ड्रेस में आपके पार्टनर की नजरें आपसे नहीं हटने वाली. इस ड्रेस के साथ कम से कम जूलरी पहनें.
आप अपनी डेट नाइट पर बोल्ड और ग्लैमरस लुक ट्राय करना चाहती है तो ये लुक अपना सकती है.
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वैलेंटाइन डेट के लिए रेड कलर से कुछ बेहतर हो ही नहीं सकता. इस सुर्ख लाल ड्रेस में दिशा गजब की खूबसूरत दिख रही हैं. दिशा ब्लू आउटफिट में किसी हुस्न परी से कम नहीं लग रही. इसे आप वैलेंटाइन डेट नाइट के लिए पहन सकती है. बॉडीकॉन ड्रेस में दिशा काफी हॉट दिख रही हैं. सेमी कर्ल बालों में उनका लुक देखने लायक है. ग्रीन शिमरी ड्रेस को भी आप वैलेंटाइन डेट पर पहन सकती है. हाई स्लिट ड्रेस में दिशा का कातिलाना लुक. डेट नाइट के लिए ये मिनी ड्रेस जरूर ट्राय करें. इस ड्रेस में आप खूबसूरत के साथ-साथ बोल्ड भी दिखेंगी. ब्लैक ड्रेस में आपके पार्टनर की नजरें आपसे नहीं हटने वाली. इस ड्रेस के साथ कम से कम जूलरी पहनें. आप अपनी डेट नाइट पर बोल्ड और ग्लैमरस लुक ट्राय करना चाहती है तो ये लुक अपना सकती है.
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बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अपने विदेशी मंगेतर से 2 दिसंबर को शादी कर सकती हैं। प्रियंका और निक की शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दोनों ही शादी के लिए भारत आ चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो दोनों भारत के जोधपुर में शादी के बंधन में बंधेंगे। प्रियंका और निक की शादी पर उनके फैंस निगाहें टिकाएं हुए हैं। हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर दोनों शादी कब करेंगे। हालांकि, प्रियंका और निक ने अपनी शादी की डेट का खुलासा नहीं किया है, जिसकी वजह से संस्पेंस बरकरार है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?
प्रियंका और निक की शादी में शरीक होने के लिए विदेश से कुछ चुनिंदा मेहमान भी भारत आ चुके हैं, ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों 2 दिसंबर को जोधपुर में शादी करेंगे। बता दें कि प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं, तो वहीं निक शादी की शॉपिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। इन सबके बीच दोनों अपने अपने प्यार का इजहार करना नहीं भूल रहे हैं। हाल ही में निक प्रियंका की शूटिंग के सेट पर जाकर केक काटते हुए नजर आए थे, तो अब दोनों फैमिली मेंबर्स के साथ डिनर करते नजर आएं।
सोमवार देर रात को प्रियंका और निक को पूरे परिवार और करीबी दोस्तों के साथ डिनर करते हुए स्पॉट किया गया। जी हां, निक ने कुछ तस्वीरे सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। इस डिनर पार्टी में जहां एक तरफ फैमिली थी, तो वहीं आलिया भट्ट भी नजर आई। डिनर के बाद प्रियंका और निक ने रोमांटिक अंदाज में तस्वीरें खिंचवाईं, जिसके बाद निक ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि मुंबई नाइट्स। इस दौरान इनके साथ परिणीति चोपड़ा और आलिया भट्ट नजर आई।
बॉलीवुड की चुलबुली गर्ल आलिया भट्ट यूं तो हमेशा बहुत ही ज्यादा सुंदर नजर आती हैं, लेकिन प्रियंका और निक की डिनर पार्टी में तो वे सारी लाइमलाइट ही लूट के लेकर चली गई। जी हां, आलिया का यह खूबसूरत अंदाज हर किसी को पसंद आ रहा है। डिनर पार्टी में सबकी निगाहें प्रियंका और निक के अलावा अगर किसी पर थी तो वह आलिया थी। वाकई आलिया ब्लू ड्रेस में बहुत ही ज्यादा प्यारी लग रही थी।
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में प्रियंका और निक शादी कर सकते हैं, जिसकी पुष्टि एयरलाइंस ने की है। प्रियंका और निक भारत में शादी करेंगे। इतना ही नहीं, सूत्रों की माने तो 29 नवंबर और 3 दिसंबर के लिए एक हेलीकॉप्टर बुक किया गया है, जिससे दोनों उम्मेद भवन पैलेस डायरेक्ट पहुंचेंगे।
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बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अपने विदेशी मंगेतर से दो दिसंबर को शादी कर सकती हैं। प्रियंका और निक की शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दोनों ही शादी के लिए भारत आ चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो दोनों भारत के जोधपुर में शादी के बंधन में बंधेंगे। प्रियंका और निक की शादी पर उनके फैंस निगाहें टिकाएं हुए हैं। हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर दोनों शादी कब करेंगे। हालांकि, प्रियंका और निक ने अपनी शादी की डेट का खुलासा नहीं किया है, जिसकी वजह से संस्पेंस बरकरार है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है? प्रियंका और निक की शादी में शरीक होने के लिए विदेश से कुछ चुनिंदा मेहमान भी भारत आ चुके हैं, ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों दो दिसंबर को जोधपुर में शादी करेंगे। बता दें कि प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं, तो वहीं निक शादी की शॉपिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। इन सबके बीच दोनों अपने अपने प्यार का इजहार करना नहीं भूल रहे हैं। हाल ही में निक प्रियंका की शूटिंग के सेट पर जाकर केक काटते हुए नजर आए थे, तो अब दोनों फैमिली मेंबर्स के साथ डिनर करते नजर आएं। सोमवार देर रात को प्रियंका और निक को पूरे परिवार और करीबी दोस्तों के साथ डिनर करते हुए स्पॉट किया गया। जी हां, निक ने कुछ तस्वीरे सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। इस डिनर पार्टी में जहां एक तरफ फैमिली थी, तो वहीं आलिया भट्ट भी नजर आई। डिनर के बाद प्रियंका और निक ने रोमांटिक अंदाज में तस्वीरें खिंचवाईं, जिसके बाद निक ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि मुंबई नाइट्स। इस दौरान इनके साथ परिणीति चोपड़ा और आलिया भट्ट नजर आई। बॉलीवुड की चुलबुली गर्ल आलिया भट्ट यूं तो हमेशा बहुत ही ज्यादा सुंदर नजर आती हैं, लेकिन प्रियंका और निक की डिनर पार्टी में तो वे सारी लाइमलाइट ही लूट के लेकर चली गई। जी हां, आलिया का यह खूबसूरत अंदाज हर किसी को पसंद आ रहा है। डिनर पार्टी में सबकी निगाहें प्रियंका और निक के अलावा अगर किसी पर थी तो वह आलिया थी। वाकई आलिया ब्लू ड्रेस में बहुत ही ज्यादा प्यारी लग रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में प्रियंका और निक शादी कर सकते हैं, जिसकी पुष्टि एयरलाइंस ने की है। प्रियंका और निक भारत में शादी करेंगे। इतना ही नहीं, सूत्रों की माने तो उनतीस नवंबर और तीन दिसंबर के लिए एक हेलीकॉप्टर बुक किया गया है, जिससे दोनों उम्मेद भवन पैलेस डायरेक्ट पहुंचेंगे।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्कूल निरीक्षण के बाद अब अयोध्या जिले के 49 सरकारी स्कूलों का कायाकल्प होने जा रहा है। इन स्कूलों की रंगाई-पुताई और मरम्मत कराकर सुंदर स्कूल बनाया जाएगा। शहर की सीमा के आसपास के 43 ग्राम पंचायतों के अयोध्या नगर निगम में शामिल होने के बाद इन गांवों में स्थापित 49 परिषदीय स्कूलों को चिह्नित किया गया है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण और बेसिक शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्र में आने वाले स्कूलों को विकसित करने जा रहा है। शासन की ओर से इसके लिए मंजूरी मिल गई है। इन स्कूलों को सुंदर बनाने के लिए 4. 76 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। गौरतलब है कि प्राधिकरण सीमा में रहने वाले इन इलाकों में स्थित परिषदीय स्कूलों की दशा भी बहुत खराब है।
अयोध्या नगर निगम में आने के बाद 43 ग्राम पंचायतों में स्थापित 49 सरकारी स्कूलों हालत बहुत खराब थी। इन स्कूलों के कायाकल्प करने की बात बहुत दिनों से चल रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री के अयोध्या आने के बाद इसमें तेजी आई है।
कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में छात्र व छात्राओं के साथ दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। विद्यालयों की ईंट से निर्मित फर्श पर टाइल्स आदि लगाया जाएगा। साथ ही इनकी चारदीवारी और भव्य गेट का भी निर्माण कराया जाएगा। बच्चों को शुद्ध और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ मशीन भी लगाई जाएगी। बच्चों के बैठने के लिए नए फर्नीचर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय ने बताया कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन स्कूलों में जल्द काम शुरू किया जाएगा।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्कूल निरीक्षण के बाद अब अयोध्या जिले के उनचास सरकारी स्कूलों का कायाकल्प होने जा रहा है। इन स्कूलों की रंगाई-पुताई और मरम्मत कराकर सुंदर स्कूल बनाया जाएगा। शहर की सीमा के आसपास के तैंतालीस ग्राम पंचायतों के अयोध्या नगर निगम में शामिल होने के बाद इन गांवों में स्थापित उनचास परिषदीय स्कूलों को चिह्नित किया गया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण और बेसिक शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्र में आने वाले स्कूलों को विकसित करने जा रहा है। शासन की ओर से इसके लिए मंजूरी मिल गई है। इन स्कूलों को सुंदर बनाने के लिए चार. छिहत्तर करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। गौरतलब है कि प्राधिकरण सीमा में रहने वाले इन इलाकों में स्थित परिषदीय स्कूलों की दशा भी बहुत खराब है। अयोध्या नगर निगम में आने के बाद तैंतालीस ग्राम पंचायतों में स्थापित उनचास सरकारी स्कूलों हालत बहुत खराब थी। इन स्कूलों के कायाकल्प करने की बात बहुत दिनों से चल रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री के अयोध्या आने के बाद इसमें तेजी आई है। कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में छात्र व छात्राओं के साथ दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। विद्यालयों की ईंट से निर्मित फर्श पर टाइल्स आदि लगाया जाएगा। साथ ही इनकी चारदीवारी और भव्य गेट का भी निर्माण कराया जाएगा। बच्चों को शुद्ध और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ मशीन भी लगाई जाएगी। बच्चों के बैठने के लिए नए फर्नीचर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय ने बताया कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन स्कूलों में जल्द काम शुरू किया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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आप बढ़िया नाचोज़ के साथ-साथ ढेर सारे सलाद का आनंद ले सकते हैं। आप इसमें ढेर सारी उबली हुई सब्जियां भी परोस सकते हैं.
स्वादिष्ट, मलाईदार पनीर डिप के साथ, ये नाचोज़ आपके स्वाद कलियों और आपके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दोनों के लिए एक बढ़िया विकल्प हैं। इसे आप अपने दोस्तों के साथ भी खा सकते हैं.
इस स्वादिष्ट स्नैक को तैयार करने के लिए पालक नाचो क्रिस्प्स को एक सिरेमिक प्लेट में एक के ऊपर एक रखकर भरें।
प्रत्येक नाचो क्रिस्प के ऊपर चंकी साल्सा छिड़कें।
नाचोस को सभी सब्जियों और कटे हुए काले जैतून के साथ मिलाएं जब तक कि वे सभी कुरकुरे न हो जाएं।
बीच में खट्टा क्रीम का एक स्कूप रखें और स्वादानुसार धनिये और मसाले से गार्निश करें। प्लेट में चीज़ डिप के साथ परोसें.
अब इसे आराम से परोसें और आनंद लें.
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आप बढ़िया नाचोज़ के साथ-साथ ढेर सारे सलाद का आनंद ले सकते हैं। आप इसमें ढेर सारी उबली हुई सब्जियां भी परोस सकते हैं. स्वादिष्ट, मलाईदार पनीर डिप के साथ, ये नाचोज़ आपके स्वाद कलियों और आपके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दोनों के लिए एक बढ़िया विकल्प हैं। इसे आप अपने दोस्तों के साथ भी खा सकते हैं. इस स्वादिष्ट स्नैक को तैयार करने के लिए पालक नाचो क्रिस्प्स को एक सिरेमिक प्लेट में एक के ऊपर एक रखकर भरें। प्रत्येक नाचो क्रिस्प के ऊपर चंकी साल्सा छिड़कें। नाचोस को सभी सब्जियों और कटे हुए काले जैतून के साथ मिलाएं जब तक कि वे सभी कुरकुरे न हो जाएं। बीच में खट्टा क्रीम का एक स्कूप रखें और स्वादानुसार धनिये और मसाले से गार्निश करें। प्लेट में चीज़ डिप के साथ परोसें. अब इसे आराम से परोसें और आनंद लें.
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गधी, सास्को, कोल मोर रसल में राजनैतिष विचार बोन जब cाइसफोर्ड में एक पूर्ण स्नातक (Under graduate ) था तभी वह के बेयन सासाइटी में सम्मिलित हो गया और उमन पवियन धनु सधान विभाग के संगठन में महत्वपूर्ण भाग लिया। उसन एक-एक करके मनक समाजवादी पत्रिकाए निकानी, किन्तु कोई भी पत्रिका अधिक दिन तक नप सकी। भपती बहुमुखी प्रतिमा के कारण फबियन सोसाइटी के शिखर के कार्यकर्तामों मउरान एक अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्थान मजित किया । फबियन सोसाइटी का सदस्य हान के नाते उनका वेबदम्पति के समष्टिवादा विचारों से उम्र विरोध हुपा । परिणामत उमन फेबियन सोमाइटी की सदस्यता को त्याग दिया । सव वह एक ऐसे समाजवाद की साज म लग गया जा फबियनवाद से कही अधिक सकारात्मक एवं परिवर्तनशील हो । प्रारम्भ मे घोटीव फेबियनवादी बोल भव श्रगो समाजवाद (Gurld Socialism) का सर्वश्रेष्ठ विचारक बन गया। उसने मन या एक लबो मे श्रंगी समाजवाद के सिद्धान्तो का विद्वतापूर्ण प्रतिपादन किया। श्रेली समाजवादी होन के मानकोल की यह प्रवन इच्छा था कि पूजीवाद को समाप्त वरक एक ऐसे सहयोगी समाज की रचना की जाय जिसम मजदूरों को काम को स्थितियों को निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त हो ।
रूप से एक बहुलवारी एक स्वतवादी विचारक था । इसके साथ ही वह एक ब्रामपनी भी था । तथानि वह उम साम्यवादी दशन का समय नहीं था जो कि निर्धारण मिद्धान्त पर आधारित था । यद्यपि व १६१७ को रूमी काति कल्याणकारी घटना समझता था जो मानवता को सामन्तवादी और साम्राज्यवादी दमन से मुक्त कराने के पथ का सकेन प्रदान करती है । बहुलवादी होने के नाते कोल का विचार था कि समाज का सगठन स्वतन्त्रता के आधार पर हाना चाहिये । वह समाज उत्तम है जो स्वतन्त्रता को प्रोत्साहन प्रदान करता है । इगलैण्ड में गो समानवादी आान्दोलन का हाम हो जाने पर और कोल तथा वैव म पुन मंत्री स्थापित हो जाने पर कोल पुनगठित फेबियन सामाष्टी तथा New Fabian Research Bureati' से फिर से था गया और २५ वय स क समय तक उन मे
पदासीन रहा। कोल का ब्रिटिश श्रमिक दल से ग्राजीवन सम्बन्ध रहा लेकिन फिर भी उसने दल का डेलिगेट बनने की कमी इच्छा प्रकट नहीं की। वह मंत्रिय राजनीतिज्ञ कभी नहीं रहा और न ही कभी दल का पराममदाता ही रहा । लास्की की भांति उसने दल की ओर से प्रचार कार्य मो नहीं किया। कोल ससद की सदस्यता के लिये दो बार क्रमश १९२६ और १६४५ में खडा हुमा । १९२६ मे तो स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण उसको उम्मीदवारी से हटना पड़ा और १६४५ मे उसको विजय नहीं मिली। कोल को विदेश यात्रा से अरुचि थी और शायद ही वह कभी विदेश यात्रा पर गया हो । कोल कठोर परिश्रम और कम भाराम का जीवन वितान के कारण मधुमेह रोग से ग्रस्त हो गया है
कोल की रचनाए बहुत अधिक है, और जितनी अधिक पुस्तकें उसने feet aait बहुत कम लेखकों ने लिखी हैं। उसने सामाजिक, राजनैतिक, ऐतिहासिक और मार्थिक किसी भी पक्ष को अछूता नहीं छोड़ा। उसकी
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गधी, सास्को, कोल मोर रसल में राजनैतिष विचार बोन जब cाइसफोर्ड में एक पूर्ण स्नातक था तभी वह के बेयन सासाइटी में सम्मिलित हो गया और उमन पवियन धनु सधान विभाग के संगठन में महत्वपूर्ण भाग लिया। उसन एक-एक करके मनक समाजवादी पत्रिकाए निकानी, किन्तु कोई भी पत्रिका अधिक दिन तक नप सकी। भपती बहुमुखी प्रतिमा के कारण फबियन सोसाइटी के शिखर के कार्यकर्तामों मउरान एक अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्थान मजित किया । फबियन सोसाइटी का सदस्य हान के नाते उनका वेबदम्पति के समष्टिवादा विचारों से उम्र विरोध हुपा । परिणामत उमन फेबियन सोमाइटी की सदस्यता को त्याग दिया । सव वह एक ऐसे समाजवाद की साज म लग गया जा फबियनवाद से कही अधिक सकारात्मक एवं परिवर्तनशील हो । प्रारम्भ मे घोटीव फेबियनवादी बोल भव श्रगो समाजवाद का सर्वश्रेष्ठ विचारक बन गया। उसने मन या एक लबो मे श्रंगी समाजवाद के सिद्धान्तो का विद्वतापूर्ण प्रतिपादन किया। श्रेली समाजवादी होन के मानकोल की यह प्रवन इच्छा था कि पूजीवाद को समाप्त वरक एक ऐसे सहयोगी समाज की रचना की जाय जिसम मजदूरों को काम को स्थितियों को निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त हो । रूप से एक बहुलवारी एक स्वतवादी विचारक था । इसके साथ ही वह एक ब्रामपनी भी था । तथानि वह उम साम्यवादी दशन का समय नहीं था जो कि निर्धारण मिद्धान्त पर आधारित था । यद्यपि व एक हज़ार छः सौ सत्रह को रूमी काति कल्याणकारी घटना समझता था जो मानवता को सामन्तवादी और साम्राज्यवादी दमन से मुक्त कराने के पथ का सकेन प्रदान करती है । बहुलवादी होने के नाते कोल का विचार था कि समाज का सगठन स्वतन्त्रता के आधार पर हाना चाहिये । वह समाज उत्तम है जो स्वतन्त्रता को प्रोत्साहन प्रदान करता है । इगलैण्ड में गो समानवादी आान्दोलन का हाम हो जाने पर और कोल तथा वैव म पुन मंत्री स्थापित हो जाने पर कोल पुनगठित फेबियन सामाष्टी तथा New Fabian Research Bureati' से फिर से था गया और पच्चीस वय स क समय तक उन मे पदासीन रहा। कोल का ब्रिटिश श्रमिक दल से ग्राजीवन सम्बन्ध रहा लेकिन फिर भी उसने दल का डेलिगेट बनने की कमी इच्छा प्रकट नहीं की। वह मंत्रिय राजनीतिज्ञ कभी नहीं रहा और न ही कभी दल का पराममदाता ही रहा । लास्की की भांति उसने दल की ओर से प्रचार कार्य मो नहीं किया। कोल ससद की सदस्यता के लिये दो बार क्रमश एक हज़ार नौ सौ छब्बीस और एक हज़ार छः सौ पैंतालीस में खडा हुमा । एक हज़ार नौ सौ छब्बीस मे तो स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण उसको उम्मीदवारी से हटना पड़ा और एक हज़ार छः सौ पैंतालीस मे उसको विजय नहीं मिली। कोल को विदेश यात्रा से अरुचि थी और शायद ही वह कभी विदेश यात्रा पर गया हो । कोल कठोर परिश्रम और कम भाराम का जीवन वितान के कारण मधुमेह रोग से ग्रस्त हो गया है कोल की रचनाए बहुत अधिक है, और जितनी अधिक पुस्तकें उसने feet aait बहुत कम लेखकों ने लिखी हैं। उसने सामाजिक, राजनैतिक, ऐतिहासिक और मार्थिक किसी भी पक्ष को अछूता नहीं छोड़ा। उसकी
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गुरदासपुर। मंगलवार देर रात गुरदासरपुर सेक्टर में भारत-पाक सीमा पर ड्रोन को भारतीय सीमा में दाखिल करवाने की कोशिश को बीएसएफ जवानों ने नाकाम कर दिया। जवानों ने ड्रोन को रोकने के लिए उस पर फायरिंग की।
पहला मामला बीओपी बोहड़ वडाला की सीमा पर हुआ। जहां तैनात महिला कांस्टेबल्स ने सीमा पर उड़ते पाक ड्रोन पर फायरिंग की। दूसरी घटना बीओपी कांस्य बरमन में हुई। वहां भी सीमा पर उड़ते ड्रोन पर गोलियां चलाई गईं।
घटना के बाद बीएसएफ के डीआईजी प्रभाकर जोशी मौके पर पहुंचे। डीआईजी प्रभाकर जोशी ने बताया कि बीएसएफ की 89 बटालियन बीओपी बोहड़ वडाला की सीमा पर तैनात महिला कांस्टेबल प्रियंका व पुष्पा ने पाक ड्रोन दिखाई देने पर 29 फायर किए।
उन्होंने बताया कि बीओपी कांस्य बरमन में भी बीएसएफ की 121 बटालियन के जवानों ने पाकिस्तानी ड्रोन पर पांच फायर करके ड्रोन को भारतीय सीमा में दाखिल करने की कोशिश को नाकाम कर दिया।
जिसके बाद बटालियन कमांडेंट प्रदीप कुमार और बीएसएफ के जवानों ने इलाके की छानबीन शुरू कर दी है। बीएसएफ के जवान सीमा पर पूरी तरह से चौकस हैं और देश विरोधी तत्वों के मंसूबे नाकाम करने के लिए वचनबद्ध हैं।
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गुरदासपुर। मंगलवार देर रात गुरदासरपुर सेक्टर में भारत-पाक सीमा पर ड्रोन को भारतीय सीमा में दाखिल करवाने की कोशिश को बीएसएफ जवानों ने नाकाम कर दिया। जवानों ने ड्रोन को रोकने के लिए उस पर फायरिंग की। पहला मामला बीओपी बोहड़ वडाला की सीमा पर हुआ। जहां तैनात महिला कांस्टेबल्स ने सीमा पर उड़ते पाक ड्रोन पर फायरिंग की। दूसरी घटना बीओपी कांस्य बरमन में हुई। वहां भी सीमा पर उड़ते ड्रोन पर गोलियां चलाई गईं। घटना के बाद बीएसएफ के डीआईजी प्रभाकर जोशी मौके पर पहुंचे। डीआईजी प्रभाकर जोशी ने बताया कि बीएसएफ की नवासी बटालियन बीओपी बोहड़ वडाला की सीमा पर तैनात महिला कांस्टेबल प्रियंका व पुष्पा ने पाक ड्रोन दिखाई देने पर उनतीस फायर किए। उन्होंने बताया कि बीओपी कांस्य बरमन में भी बीएसएफ की एक सौ इक्कीस बटालियन के जवानों ने पाकिस्तानी ड्रोन पर पांच फायर करके ड्रोन को भारतीय सीमा में दाखिल करने की कोशिश को नाकाम कर दिया। जिसके बाद बटालियन कमांडेंट प्रदीप कुमार और बीएसएफ के जवानों ने इलाके की छानबीन शुरू कर दी है। बीएसएफ के जवान सीमा पर पूरी तरह से चौकस हैं और देश विरोधी तत्वों के मंसूबे नाकाम करने के लिए वचनबद्ध हैं।
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सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खिलाड़ी अपना जलवा बिखेर रहे हैं। इसी दौरान एक मुकाबले में शुक्रवार को स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी यूसुफ पठान ने एक हैरतअंगेज कैच लपका है। इस कैच की जमकर तारीफ हो रही है। इस कैच का वीडियो युसूफ के भाई इरफान ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। इसपर अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान का कमेंट भी वायरल हो रहा है।
दरअसल, ये मुकाबला गोवा और बड़ौदा के बीच खेला गया। इसमें युसूफ के कैच पर इरफान ने कैप्शन लिखा कि- क्या यह एक चिड़िया है। नहीं ये युसूफ पठान हैं जिनकी मेहनत आज रंग लाई है। उन्होंने इसके लिए बीसीसीआई और स्टार स्पोर्ट्स को भी टैग किया।
इस वीडियो पर कमेंट करते हुए अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने मजेदार अंदाज में कहा, बहुत ही शानदार कैच लिया भाई, ये पठान के हाथ हैं ठाकुर। इसके बाद इरफान ने रिप्लाई कर कहा, हाहा सही कहा पठानों के हाथ में जादू है।
युसूफ ने ये कैच 19वें ओवर में लपका, जब गोवा की टीम जीत के काफी करीब थी। इस मुकाबले में पठान की बल्लेबाजी हालांकि फिर से फीकी रही और वो खाता भी नहीं खोल सके। मैच में बड़ौदा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 149 रन बनाए थे। इसके जवाब में गोवा की टीम ने 4 विकेट से शानदार जीत हासिल कर ली।
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सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खिलाड़ी अपना जलवा बिखेर रहे हैं। इसी दौरान एक मुकाबले में शुक्रवार को स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी यूसुफ पठान ने एक हैरतअंगेज कैच लपका है। इस कैच की जमकर तारीफ हो रही है। इस कैच का वीडियो युसूफ के भाई इरफान ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। इसपर अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान का कमेंट भी वायरल हो रहा है। दरअसल, ये मुकाबला गोवा और बड़ौदा के बीच खेला गया। इसमें युसूफ के कैच पर इरफान ने कैप्शन लिखा कि- क्या यह एक चिड़िया है। नहीं ये युसूफ पठान हैं जिनकी मेहनत आज रंग लाई है। उन्होंने इसके लिए बीसीसीआई और स्टार स्पोर्ट्स को भी टैग किया। इस वीडियो पर कमेंट करते हुए अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने मजेदार अंदाज में कहा, बहुत ही शानदार कैच लिया भाई, ये पठान के हाथ हैं ठाकुर। इसके बाद इरफान ने रिप्लाई कर कहा, हाहा सही कहा पठानों के हाथ में जादू है। युसूफ ने ये कैच उन्नीसवें ओवर में लपका, जब गोवा की टीम जीत के काफी करीब थी। इस मुकाबले में पठान की बल्लेबाजी हालांकि फिर से फीकी रही और वो खाता भी नहीं खोल सके। मैच में बड़ौदा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक सौ उनचास रन बनाए थे। इसके जवाब में गोवा की टीम ने चार विकेट से शानदार जीत हासिल कर ली।
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उज्जैन रेलवे स्टेशन से एक दो साल का बच्चा चोरी हो गया। मां द्वारा जब बच्चा चोरी होने की रिपोर्ट लिखाने रेलवे पुलिस के पास गई तो जीआरपी थाने के टीआई ने अभद्रता करते हुए महिला को मारा भी।
यदि आप भी उज्जैन महाकाल दर्शन की ख्वाहिश रखते हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं। आप घर बैठे अपनी टिकट बुक कर सकेंगे।
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बॉलीवुड और हॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में से एक प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अमेरिकन सिंगर निक जोनस के साथ शादी को लेकर काफी चर्चो में हैं, रोके के बाद से ही फैंस को इनकी शादी का बेसब्री से इंतजार हैं।
हालांकि प्रियंका अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया के जरिये अपने और निक की तस्वीरें भी शेयर करती रहती हैं. प्रियंका की इन तस्वीरों को बेहद पसंद भी किया जाता है और यह तस्वीरें तेजी से वायरल भी हो जाती हैं।
हाल ही में प्रियंका की एक तस्वीर सामने आई हैं तस्वीर में प्रियंका ने वाइट गाउन पहना हुआ हैं इस गाउन में वह बेहद ही सुन्दर नजर आ रही हैं. फैंस इन की शादी को लेकर इस तरह से उत्तेजित है की इस तस्वीर को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि प्रियंका की यह तस्वीर उनके ब्राइडल शॉवर की तो नहीं है।
इस फोटो को देखकर साफ पता चल रहा है कि वह अपनी प्री वेडिंग को काफी एंजॉय कर रही हैं। वायरल फोटोज में प्रियंका अपने दोस्तों के साथ प्री वेडिंग पार्टी करती नजर आ रही हैं। हालांकि यह तस्वीरें उनके फैन क्लब द्वारा पोस्ट की जा रही हैं।
एक तस्वीर में प्रियंका की दो दोस्त सेल्फी लेती नजर आ रही हैं, साथ ही इस पोस्ट की कैप्शन में लिखा हैं, 'मेरे शहर में है मेरी दोस्त तो पार्टी तो बनती है'।
प्रियंका और निक दोनों ही एक साथ काफी अच्छे लगते हैं. फैंस को इनकी शादी का इंतजार हैं. फ़िलहाल इन दिनों प्रियंका शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं।
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बॉलीवुड और हॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में से एक प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अमेरिकन सिंगर निक जोनस के साथ शादी को लेकर काफी चर्चो में हैं, रोके के बाद से ही फैंस को इनकी शादी का बेसब्री से इंतजार हैं। हालांकि प्रियंका अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया के जरिये अपने और निक की तस्वीरें भी शेयर करती रहती हैं. प्रियंका की इन तस्वीरों को बेहद पसंद भी किया जाता है और यह तस्वीरें तेजी से वायरल भी हो जाती हैं। हाल ही में प्रियंका की एक तस्वीर सामने आई हैं तस्वीर में प्रियंका ने वाइट गाउन पहना हुआ हैं इस गाउन में वह बेहद ही सुन्दर नजर आ रही हैं. फैंस इन की शादी को लेकर इस तरह से उत्तेजित है की इस तस्वीर को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि प्रियंका की यह तस्वीर उनके ब्राइडल शॉवर की तो नहीं है। इस फोटो को देखकर साफ पता चल रहा है कि वह अपनी प्री वेडिंग को काफी एंजॉय कर रही हैं। वायरल फोटोज में प्रियंका अपने दोस्तों के साथ प्री वेडिंग पार्टी करती नजर आ रही हैं। हालांकि यह तस्वीरें उनके फैन क्लब द्वारा पोस्ट की जा रही हैं। एक तस्वीर में प्रियंका की दो दोस्त सेल्फी लेती नजर आ रही हैं, साथ ही इस पोस्ट की कैप्शन में लिखा हैं, 'मेरे शहर में है मेरी दोस्त तो पार्टी तो बनती है'। प्रियंका और निक दोनों ही एक साथ काफी अच्छे लगते हैं. फैंस को इनकी शादी का इंतजार हैं. फ़िलहाल इन दिनों प्रियंका शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं।
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भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। जहां Tata जैसे निर्माता किफायती ईवी पेश करते हैं, वहीं Mercedes जैसी लक्जरी कार निर्माता भी अपने स्वयं के संस्करणों के साथ बाजार में प्रवेश कर चुकी हैं। कुछ ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन भी आयात किए हैं। भारत में उल्लेखनीय हस्तियों ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाया है और अक्सर इन्हें सड़कों पर चलाते हुए देखा जा सकता है।
Ambani परिवार के स्वामित्व वाले विशाल कार संग्रह में उनके पास दो Tesla इलेक्ट्रिक कारें हैं। एक Model S 100D सेडान है, जो कई इलेक्ट्रिक मोटरों द्वारा संचालित एक उच्च-प्रदर्शन संस्करण है जो 423 पीएस और 660 एनएम का पीक टॉर्क उत्पन्न करता है। दूसरी Model X 100D इलेक्ट्रिक एसयूवी है, यह भी एक उच्च प्रदर्शन वाला संस्करण है जिसमें सुविधाजनक प्रवेश और निकास के लिए रियर फाल्कन-विंग दरवाजे हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस Dhoni ने हाल ही में भारत में कोरियाई कार निर्माता Kia से प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है। Kia EV6 को कुछ महीने पहले 59.95 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत के साथ पेश किया गया था। Dhoni की पहली इलेक्ट्रिक कार के रूप में, यह उनके संग्रह में शामिल हो गई है, जिसमें आमतौर पर कई क्लासिक कारें और मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को हाल ही में एक नई BMW iX इलेक्ट्रिक SUV के साथ देखा गया। BMW ने एक साल पहले भारत में iX इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च की थी, जिसकी कीमत 1.16 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) थी। वाहन पूरी तरह से निर्मित इकाई है, जिसमें एक बार चार्ज करने पर 425 किमी की ड्राइविंग रेंज का दावा किया गया है, जो BMW इंडिया द्वारा Gadkari को प्रदान किया गया है।
Riteish Deshmukh और उनकी पत्नी ने इस साल अपने कार संग्रह में एक Red BMW iX इलेक्ट्रिक एसयूवी शामिल की। उनके पास पहले से ही अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित Tesla Model X है, जो Riteish की पत्नी जेनेलिया की ओर से एक उपहार था।
भारतीय अभिनेत्री और पूर्व Miss India Pacific, Pooja Batra, जो वर्तमान में यूएसए में रहती हैं, के पास Tesla Model 3 सेडान है। Tesla के इस एंट्री-लेवल मॉडल को शुरुआत में भारत में लॉन्च करने की योजना बनाई गई थी।
प्रसिद्ध अभिनेत्री Madhuri Dixit Nene और उनके पति, डॉ. Shriram Nene, अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार, Tata Nexon EV डार्क एडिशन के मालिक बन गए। फिलहाल Nexon EV देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी है।
2020 में Tata Sons और Tata Motors के चेयरमैन N. Chandrasekaran को अपनी Nexon EV प्राप्त हुई। Nexon EV वर्तमान में देश की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक एसयूवी और सबसे ज्यादा बिकने वाली ईवी है।
टीवी होस्ट और अभिनेत्री Mandira Bedi ने 2020 में Tata Nexon EV खरीदी, संभवतः XZ+ वेरिएंट को चुना। ईवी में 245 एनएम का पीक टॉर्क, 129 पीएस की पावर और 312 किमी की ड्राइविंग रेंज का दावा किया गया है।
जाने-माने तेलुगु अभिनेता Mahesh Babu ने हाल ही में अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी, Audi ई-ट्रॉन खरीदी है। उन्होंने नई गाड़ी के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। इलेक्ट्रिक एसयूवी 402 Bhp और 664 एनएम पीक टॉर्क जेनरेट करती है और 484 किमी की ड्राइविंग रेंज प्रदान करती है। इसकी कीमत लगभग 1.18 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है।
लोकप्रिय मलयालम सिनेमा अभिनेत्री मंजू वारियर ने फरवरी में भारतीय बाजार में लॉन्च के बाद इस साल की शुरुआत में एक अनुकूलित Mini Cooper SE इलेक्ट्रिक हैचबैक खरीदी। कार को पूरी तरह से निर्मित इकाई के रूप में 47.20 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत के साथ बेचा जाता है।
टीवी अभिनेत्री Ulka Gupta ने अपने जन्मदिन पर Tata Nexon EV खरीदी। उसने उत्साहपूर्वक कार की डिलीवरी ली और उस पल का एक वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। Tata Nexon EV भारतीय बाजार में सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में अपनी स्थिति बनाए हुए है।
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भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। जहां Tata जैसे निर्माता किफायती ईवी पेश करते हैं, वहीं Mercedes जैसी लक्जरी कार निर्माता भी अपने स्वयं के संस्करणों के साथ बाजार में प्रवेश कर चुकी हैं। कुछ ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन भी आयात किए हैं। भारत में उल्लेखनीय हस्तियों ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाया है और अक्सर इन्हें सड़कों पर चलाते हुए देखा जा सकता है। Ambani परिवार के स्वामित्व वाले विशाल कार संग्रह में उनके पास दो Tesla इलेक्ट्रिक कारें हैं। एक Model S एक सौD सेडान है, जो कई इलेक्ट्रिक मोटरों द्वारा संचालित एक उच्च-प्रदर्शन संस्करण है जो चार सौ तेईस पीएस और छः सौ साठ एनएम का पीक टॉर्क उत्पन्न करता है। दूसरी Model X एक सौD इलेक्ट्रिक एसयूवी है, यह भी एक उच्च प्रदर्शन वाला संस्करण है जिसमें सुविधाजनक प्रवेश और निकास के लिए रियर फाल्कन-विंग दरवाजे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस Dhoni ने हाल ही में भारत में कोरियाई कार निर्माता Kia से प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है। Kia EVछः को कुछ महीने पहले उनसठ.पचानवे लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ पेश किया गया था। Dhoni की पहली इलेक्ट्रिक कार के रूप में, यह उनके संग्रह में शामिल हो गई है, जिसमें आमतौर पर कई क्लासिक कारें और मोटरसाइकिलें शामिल हैं। भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को हाल ही में एक नई BMW iX इलेक्ट्रिक SUV के साथ देखा गया। BMW ने एक साल पहले भारत में iX इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च की थी, जिसकी कीमत एक.सोलह करोड़ रुपये थी। वाहन पूरी तरह से निर्मित इकाई है, जिसमें एक बार चार्ज करने पर चार सौ पच्चीस किमी की ड्राइविंग रेंज का दावा किया गया है, जो BMW इंडिया द्वारा Gadkari को प्रदान किया गया है। Riteish Deshmukh और उनकी पत्नी ने इस साल अपने कार संग्रह में एक Red BMW iX इलेक्ट्रिक एसयूवी शामिल की। उनके पास पहले से ही अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित Tesla Model X है, जो Riteish की पत्नी जेनेलिया की ओर से एक उपहार था। भारतीय अभिनेत्री और पूर्व Miss India Pacific, Pooja Batra, जो वर्तमान में यूएसए में रहती हैं, के पास Tesla Model तीन सेडान है। Tesla के इस एंट्री-लेवल मॉडल को शुरुआत में भारत में लॉन्च करने की योजना बनाई गई थी। प्रसिद्ध अभिनेत्री Madhuri Dixit Nene और उनके पति, डॉ. Shriram Nene, अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार, Tata Nexon EV डार्क एडिशन के मालिक बन गए। फिलहाल Nexon EV देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी है। दो हज़ार बीस में Tata Sons और Tata Motors के चेयरमैन N. Chandrasekaran को अपनी Nexon EV प्राप्त हुई। Nexon EV वर्तमान में देश की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक एसयूवी और सबसे ज्यादा बिकने वाली ईवी है। टीवी होस्ट और अभिनेत्री Mandira Bedi ने दो हज़ार बीस में Tata Nexon EV खरीदी, संभवतः XZ+ वेरिएंट को चुना। ईवी में दो सौ पैंतालीस एनएम का पीक टॉर्क, एक सौ उनतीस पीएस की पावर और तीन सौ बारह किमी की ड्राइविंग रेंज का दावा किया गया है। जाने-माने तेलुगु अभिनेता Mahesh Babu ने हाल ही में अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी, Audi ई-ट्रॉन खरीदी है। उन्होंने नई गाड़ी के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। इलेक्ट्रिक एसयूवी चार सौ दो Bhp और छः सौ चौंसठ एनएम पीक टॉर्क जेनरेट करती है और चार सौ चौरासी किमी की ड्राइविंग रेंज प्रदान करती है। इसकी कीमत लगभग एक.अट्ठारह करोड़ रुपये है। लोकप्रिय मलयालम सिनेमा अभिनेत्री मंजू वारियर ने फरवरी में भारतीय बाजार में लॉन्च के बाद इस साल की शुरुआत में एक अनुकूलित Mini Cooper SE इलेक्ट्रिक हैचबैक खरीदी। कार को पूरी तरह से निर्मित इकाई के रूप में सैंतालीस.बीस लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत के साथ बेचा जाता है। टीवी अभिनेत्री Ulka Gupta ने अपने जन्मदिन पर Tata Nexon EV खरीदी। उसने उत्साहपूर्वक कार की डिलीवरी ली और उस पल का एक वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। Tata Nexon EV भारतीय बाजार में सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में अपनी स्थिति बनाए हुए है।
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आर्मी इंटेलीजेंस ने सेना के सभी जवानों और अफसरों को एडवाइजरी जारी करके आगाह किया है कि वे इंस्टाग्राम पर सक्रिय प्रोफाइल 'ओए सौम्या' से सावधान रहें। दरअसल, सेना के साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि यह एक फर्जी प्रोफाइल है जिसे जासूसी के लिए तैयार किया गया है।
आर्मी इंटेलीजेंस की ओर से जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि यह प्रोफाइल भारत के सैन्य संस्थानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है। इंटेलिजेंस को संदेह है कि 'ओए सौम्या' नाम का अकॉउंट दुश्मनों के जासूस का है जो सेना अधिकारियों एवं स्पेशल फोर्स के जवानों को निशाना बनाने की कोशिश में हैं लेकिन, फिलहाल ये अकाउंट सेवा में नहीं है।
गौरतलब है पिछले दिनों फर्जी अकॉउंट के ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं, जिनमें सेना की जानकारियाँ लीक कर दी गईं। दुश्मन पक्ष के जासूस अक्सर ऐसी आकर्षक प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया पर सैन्य कर्मियों से दोस्ती करके उनसे संपर्क साध लेते हैं और कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ हासिल कर लेते हैं। इसीलिए, सैन्य कर्मियों को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह दी जाती है लेकिन बावजूद मनाही के कई अफसर फर्जी प्रोफाइल से सोशल मीडिया पर सक्रिय पाए गए हैं।
बता दें अभी बीती 16 मई को ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जिसमें महू में तैनात बिहार के रहने वाले एक आर्मी क्लर्क पर पाकिस्तान को भारतीय सेना की ख़ुफ़िया जानकारी लीक करने के मामले में हिरासत में लिया गया था। खबरों के मुताबिक इस मामले में पाकिस्तान के एक फर्जी अकॉउंट के जरिए आर्मी क्लर्क को हनी ट्रैप में फंसाया गया था और बाद में उन्हें इंडियन आर्मी की लोकेशन, मूवमेंट और एक्सरसाइज से जुड़ी जानकारी हासिल करने का काम दे दिया था।
टास्क मिलने के बाद वह (आर्मी क्लर्क) अपने सूत्रों से जानकारी हासिल करते और वॉट्सऐप के जरिए सारी जानकारी पाकिस्तान को भेज देते। जवान की इन हरकतों से इंटेलिजेंस को उनपर शक हुआ और उन्हें फिजीकल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में रख दिया गया, उनकी हरकतों को लगातार ट्रैक किया गया। एक महीने बाद जब उनके ख़िलाफ़ सबूत मिले तो मध्यप्रदेश पुलिस की एटीएस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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आर्मी इंटेलीजेंस ने सेना के सभी जवानों और अफसरों को एडवाइजरी जारी करके आगाह किया है कि वे इंस्टाग्राम पर सक्रिय प्रोफाइल 'ओए सौम्या' से सावधान रहें। दरअसल, सेना के साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि यह एक फर्जी प्रोफाइल है जिसे जासूसी के लिए तैयार किया गया है। आर्मी इंटेलीजेंस की ओर से जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि यह प्रोफाइल भारत के सैन्य संस्थानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है। इंटेलिजेंस को संदेह है कि 'ओए सौम्या' नाम का अकॉउंट दुश्मनों के जासूस का है जो सेना अधिकारियों एवं स्पेशल फोर्स के जवानों को निशाना बनाने की कोशिश में हैं लेकिन, फिलहाल ये अकाउंट सेवा में नहीं है। गौरतलब है पिछले दिनों फर्जी अकॉउंट के ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं, जिनमें सेना की जानकारियाँ लीक कर दी गईं। दुश्मन पक्ष के जासूस अक्सर ऐसी आकर्षक प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया पर सैन्य कर्मियों से दोस्ती करके उनसे संपर्क साध लेते हैं और कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ हासिल कर लेते हैं। इसीलिए, सैन्य कर्मियों को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह दी जाती है लेकिन बावजूद मनाही के कई अफसर फर्जी प्रोफाइल से सोशल मीडिया पर सक्रिय पाए गए हैं। बता दें अभी बीती सोलह मई को ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जिसमें महू में तैनात बिहार के रहने वाले एक आर्मी क्लर्क पर पाकिस्तान को भारतीय सेना की ख़ुफ़िया जानकारी लीक करने के मामले में हिरासत में लिया गया था। खबरों के मुताबिक इस मामले में पाकिस्तान के एक फर्जी अकॉउंट के जरिए आर्मी क्लर्क को हनी ट्रैप में फंसाया गया था और बाद में उन्हें इंडियन आर्मी की लोकेशन, मूवमेंट और एक्सरसाइज से जुड़ी जानकारी हासिल करने का काम दे दिया था। टास्क मिलने के बाद वह अपने सूत्रों से जानकारी हासिल करते और वॉट्सऐप के जरिए सारी जानकारी पाकिस्तान को भेज देते। जवान की इन हरकतों से इंटेलिजेंस को उनपर शक हुआ और उन्हें फिजीकल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में रख दिया गया, उनकी हरकतों को लगातार ट्रैक किया गया। एक महीने बाद जब उनके ख़िलाफ़ सबूत मिले तो मध्यप्रदेश पुलिस की एटीएस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा, "हमारे देश में ऐसे बुद्धिमान और तेजस्वी लोग हैं, जो आलू से सोना बनाते हैं। वो काम हम नहीं कर सकते, न मेरी पार्टी कर सकती। जिसको आलू से सोना बनाना है, वो उनके पास जाये, हम ऐसा नहीं कर सकते। "
"1 रुपए क्लिनिक" की इस उपलब्धि को रेल मंत्री ने अपने ट्वीटर अकॉउंट पर शेयर किया और साथ ही लिखा कि ठाणे के चौकीदार हमेशा राष्ट्र की सेवा में रहते हैं।
छात्रों ने समिति की रिपोर्ट, दृष्टिकोण और टिप्पणियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे अब इस रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार दोषी प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कॉलेज के प्राचार्य का इंतजार कर रहे हैं।
बीते दिनों चंद्रपुर के राजुरा तहसील में 'इनफैंट जीसस एजुकेशन सोसाइटी' द्वारा संचालित छात्रावास में रहने वाली नाबालिग आदिवासी छात्राओं के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए थे। इन मामलों में FIR दर्ज करने में देरी हुई थी।
पी चिदंबरम ने भी एक तरह से सिन्हा से किनारा करते हुए कहा, "उनके (सिन्हा) जो भी विचार हैं, उसका स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। कुछ दिन पहले वह भाजपा का हिस्सा थे। भाजपा को बताना चाहिए कि वह इतने साल तक पार्टी का हिस्सा क्यों थे।
इसके अलावा, अजय शुक्ला ने अपने ब्लॉग में भी लिखा था कि भारतीय वायु सेना ने इन वाहियात अटकलों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि पूछताछ अभी भी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए कोर्ट ऑफ़ एन्क्वायरी को समय लगता है।
कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की पुष्टि की और साथ ही ये भी बताया कि एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल की सीमा के आस-पास के सभी क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी शुरू कर दी है।
नीति देब ने CNBCTV18 के ट्वीट का जवाब देते हुए रिपोर्ट को फर्जी खबर बताया और साथ ही इसके लिए समाचार एजेंसी की आलोचना करते हुए कहा कि पब्लिसिटी पाने के लिए अफवाहों के आधार पर ऐसी खबरें चलाकर एक सम्मानित महिला की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
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पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा, "हमारे देश में ऐसे बुद्धिमान और तेजस्वी लोग हैं, जो आलू से सोना बनाते हैं। वो काम हम नहीं कर सकते, न मेरी पार्टी कर सकती। जिसको आलू से सोना बनाना है, वो उनके पास जाये, हम ऐसा नहीं कर सकते। " "एक रुपयापए क्लिनिक" की इस उपलब्धि को रेल मंत्री ने अपने ट्वीटर अकॉउंट पर शेयर किया और साथ ही लिखा कि ठाणे के चौकीदार हमेशा राष्ट्र की सेवा में रहते हैं। छात्रों ने समिति की रिपोर्ट, दृष्टिकोण और टिप्पणियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे अब इस रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार दोषी प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कॉलेज के प्राचार्य का इंतजार कर रहे हैं। बीते दिनों चंद्रपुर के राजुरा तहसील में 'इनफैंट जीसस एजुकेशन सोसाइटी' द्वारा संचालित छात्रावास में रहने वाली नाबालिग आदिवासी छात्राओं के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए थे। इन मामलों में FIR दर्ज करने में देरी हुई थी। पी चिदंबरम ने भी एक तरह से सिन्हा से किनारा करते हुए कहा, "उनके जो भी विचार हैं, उसका स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। कुछ दिन पहले वह भाजपा का हिस्सा थे। भाजपा को बताना चाहिए कि वह इतने साल तक पार्टी का हिस्सा क्यों थे। इसके अलावा, अजय शुक्ला ने अपने ब्लॉग में भी लिखा था कि भारतीय वायु सेना ने इन वाहियात अटकलों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि पूछताछ अभी भी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए कोर्ट ऑफ़ एन्क्वायरी को समय लगता है। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की पुष्टि की और साथ ही ये भी बताया कि एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल की सीमा के आस-पास के सभी क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी शुरू कर दी है। नीति देब ने CNBCTVअट्ठारह के ट्वीट का जवाब देते हुए रिपोर्ट को फर्जी खबर बताया और साथ ही इसके लिए समाचार एजेंसी की आलोचना करते हुए कहा कि पब्लिसिटी पाने के लिए अफवाहों के आधार पर ऐसी खबरें चलाकर एक सम्मानित महिला की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
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वाशिंगटन, 19 सितंबर (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन कोरोना वायरस महामारी, जलवायु परिवर्तन और मानवाधिकार हनन के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में व्यापक वैश्विक साझेदारी की पहल करने जा रहे हैं।
व्यापक वैश्विक साझेदारी की उनकी पहल ऐसे समय में हो रही है, जब सहयोगी देशों का इस बारे में संशय बढ़ता जा रहा है कि व्हाइट हाउस से डोनाल्ड ट्रंप की विदाई के बाद विदेश नीति किस कदर वास्तव में बदली है।
बाइडन के सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मिलने और संयुक्त राष्ट्र महासभा को मंगलवार को संबोधित करने का कार्यक्रम है।
वह बुधवार को एक ऑनलाइन कोविड-19 बैठक की मेजबानी कर रहे हैं ताकि टीका साझेदारी की प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाया जा सके, दुनिया भर में ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा सके और महामारी से जुड़े मुद्दों से निपटा जा सके।
राष्ट्रपति ने ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान के प्रधानमंत्रियों को भी वाशिंगटन आमंत्रित किया है।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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वाशिंगटन, उन्नीस सितंबर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन कोरोना वायरस महामारी, जलवायु परिवर्तन और मानवाधिकार हनन के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में व्यापक वैश्विक साझेदारी की पहल करने जा रहे हैं। व्यापक वैश्विक साझेदारी की उनकी पहल ऐसे समय में हो रही है, जब सहयोगी देशों का इस बारे में संशय बढ़ता जा रहा है कि व्हाइट हाउस से डोनाल्ड ट्रंप की विदाई के बाद विदेश नीति किस कदर वास्तव में बदली है। बाइडन के सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मिलने और संयुक्त राष्ट्र महासभा को मंगलवार को संबोधित करने का कार्यक्रम है। वह बुधवार को एक ऑनलाइन कोविड-उन्नीस बैठक की मेजबानी कर रहे हैं ताकि टीका साझेदारी की प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाया जा सके, दुनिया भर में ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा सके और महामारी से जुड़े मुद्दों से निपटा जा सके। राष्ट्रपति ने ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान के प्रधानमंत्रियों को भी वाशिंगटन आमंत्रित किया है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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Anupama Aaj ka Episode: रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर टीवी शो 'अनुपमा' (Anupama) के सोमवार के एपिसोड में एक तरफ जहां समर और डिंपल के संबंध में कड़वाहट घुलती नजर आएगी वहीं दूसरी तरफ वह अनुपमा के सामने एक ऐसी डिमांड रख देगी जिसे सुनकर सभी के होश उड़ जाएंगे. अनुपमा के लिए उसकी डांस एकेडमी उसकी अंतिम आशा थी. लेकिन डिंपल की वजह से उसकी यह आशा भी टूट जाएगी. इतना ही नहीं, शो के अंत में प्रोमो में कुछ ऐसा दिखाया जाएगा जिस पर शायद बहुत से दर्शकों को विश्वास भी नहीं होगा.
शो के 10 अप्रैल के एपिसोड की आरंभ शाह निवास में होने वाले ड्रामे से होगी. काव्या बा और बापूजी को यह समझाने की प्रयास करेगी कि वनराज शाह की वजह अनुपमा पर है. वह उसे फिर एक बार दुल्हन बनाकर इस घर में लाना चाहता है. लीला उसकी बात काटते हुए उल्टा उसके और अनिरुद्ध के संबंध पर कीचड़ उछालना प्रारम्भ कर देगी. इसी दौरान अनिरुद्ध वहां पहुंज जाएगा जिससे सिचुएशन और बिगड़ जाएगी.
उधर डांस एकेडमी में डिंपल तमाशा खड़ा कर देगी. उसे तोषू के बैलेंस शीट चेक करने से लेकर अनुपमा के चीजों को यहां से वहां करने तक हर बात से आपत्ति होगा. बरखा ने जो जहर डिंपल के दिमाग में भरा था वो बाहर आने लगेगा. डिंपल एकेडमी के अंदर तोषू, समर, अनुपमा, किंजल और यहां तक कि पाखी से भी लड़ पड़ेगी. वह बार-बार यह कहेगी कि एकेडमी से अनुपमा का नाम हटा देना चाहिए. वह दावा करेगी कि उसने और समर ने बड़ी कठिनाई से इस एकेडमी को संभाला है.
उधर वनराज शाह मुंबई में अनुज कपाड़िया से मिलेगा और उसे डांस एकेडमी की फोटोज़ दिखाते हुए कहेगा कि देखो कैसे तुम्हारे पीछे मैंने और बच्चों ने अनुपमा को संभाल लिया है. अब तुम उसे छोड़ ही चुके हो तो पूरी तरह छोड़ दो. शो के प्रोमो वीडियो में दिखाया गया है कि अनुपमा बच्चों में हुए झगड़े को देखने के बाद डांस एकेडमी से भी चली जाने का निर्णय करेगी. वह समर और डिंपल का रिश्ता बचाने की प्रयास में बच्चों को एकेडमी की चाभी देकर चली जाएगी और कहेगी कि वह जो भी चाहें इस एकेडमी के साथ कर सकते हैं.
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Anupama Aaj ka Episode: रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर टीवी शो 'अनुपमा' के सोमवार के एपिसोड में एक तरफ जहां समर और डिंपल के संबंध में कड़वाहट घुलती नजर आएगी वहीं दूसरी तरफ वह अनुपमा के सामने एक ऐसी डिमांड रख देगी जिसे सुनकर सभी के होश उड़ जाएंगे. अनुपमा के लिए उसकी डांस एकेडमी उसकी अंतिम आशा थी. लेकिन डिंपल की वजह से उसकी यह आशा भी टूट जाएगी. इतना ही नहीं, शो के अंत में प्रोमो में कुछ ऐसा दिखाया जाएगा जिस पर शायद बहुत से दर्शकों को विश्वास भी नहीं होगा. शो के दस अप्रैल के एपिसोड की आरंभ शाह निवास में होने वाले ड्रामे से होगी. काव्या बा और बापूजी को यह समझाने की प्रयास करेगी कि वनराज शाह की वजह अनुपमा पर है. वह उसे फिर एक बार दुल्हन बनाकर इस घर में लाना चाहता है. लीला उसकी बात काटते हुए उल्टा उसके और अनिरुद्ध के संबंध पर कीचड़ उछालना प्रारम्भ कर देगी. इसी दौरान अनिरुद्ध वहां पहुंज जाएगा जिससे सिचुएशन और बिगड़ जाएगी. उधर डांस एकेडमी में डिंपल तमाशा खड़ा कर देगी. उसे तोषू के बैलेंस शीट चेक करने से लेकर अनुपमा के चीजों को यहां से वहां करने तक हर बात से आपत्ति होगा. बरखा ने जो जहर डिंपल के दिमाग में भरा था वो बाहर आने लगेगा. डिंपल एकेडमी के अंदर तोषू, समर, अनुपमा, किंजल और यहां तक कि पाखी से भी लड़ पड़ेगी. वह बार-बार यह कहेगी कि एकेडमी से अनुपमा का नाम हटा देना चाहिए. वह दावा करेगी कि उसने और समर ने बड़ी कठिनाई से इस एकेडमी को संभाला है. उधर वनराज शाह मुंबई में अनुज कपाड़िया से मिलेगा और उसे डांस एकेडमी की फोटोज़ दिखाते हुए कहेगा कि देखो कैसे तुम्हारे पीछे मैंने और बच्चों ने अनुपमा को संभाल लिया है. अब तुम उसे छोड़ ही चुके हो तो पूरी तरह छोड़ दो. शो के प्रोमो वीडियो में दिखाया गया है कि अनुपमा बच्चों में हुए झगड़े को देखने के बाद डांस एकेडमी से भी चली जाने का निर्णय करेगी. वह समर और डिंपल का रिश्ता बचाने की प्रयास में बच्चों को एकेडमी की चाभी देकर चली जाएगी और कहेगी कि वह जो भी चाहें इस एकेडमी के साथ कर सकते हैं.
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इस कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार की तेज शुरुआत हुई. वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेतों ने घरेलू शेयर बाजार को रफ्तार दी. इसकी बदौलत निफ्टी 22. 45 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 10462. 75 के स्तर पर खुला. वहीं, सेंसेक्स 91. 95 अंक की तेजी के साथ फिलहाल 33848. 23 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.
शुरुआती कारोबार में इंफ्रा और आईटी शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है. फिलहाल अडानी एयरपोर्ट, बजाजफाइनेंस, टेक महिंद्रा और हिंडाल्कों के शेयरों में तेजी दिख रही है. इसके अलावा सेंसेक्स पर भी रिलायंस इंफ्रा और अन्य शेयरों में भी तेजी दिख रही है.
इस कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को रुपये की शुरुआत सपाट रही. रुपया बिना बदलाव के डॉलर के मुकाबले 64. 05 के स्तर पर खुला। गुरुवार की बात करें, तो इस दिन रुपया डॉलर के मुकाबले 5 पैसे की मजबूती के साथ 64. 05 के स्तर पर बंद हुआ. दरअसल, यह बढ़त डॉलर में आई गिरावट की वजह से मिली.
इस कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेतों के चलते मजबूत शुरुआत तो जरूर की, लेकिन बंद होने तक यह रफ्तार बनी नहीं रह सकी.
गुरुवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 21 अंक गिरकर 33,756 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी 4 अंक टूटा और यह 10,440 के स्तर पर रहा.
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इस कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार की तेज शुरुआत हुई. वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेतों ने घरेलू शेयर बाजार को रफ्तार दी. इसकी बदौलत निफ्टी बाईस. पैंतालीस अंकों की बढ़ोतरी के साथ दस हज़ार चार सौ बासठ. पचहत्तर के स्तर पर खुला. वहीं, सेंसेक्स इक्यानवे. पचानवे अंक की तेजी के साथ फिलहाल तैंतीस हज़ार आठ सौ अड़तालीस. तेईस के स्तर पर कारोबार कर रहा है. शुरुआती कारोबार में इंफ्रा और आईटी शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है. फिलहाल अडानी एयरपोर्ट, बजाजफाइनेंस, टेक महिंद्रा और हिंडाल्कों के शेयरों में तेजी दिख रही है. इसके अलावा सेंसेक्स पर भी रिलायंस इंफ्रा और अन्य शेयरों में भी तेजी दिख रही है. इस कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को रुपये की शुरुआत सपाट रही. रुपया बिना बदलाव के डॉलर के मुकाबले चौंसठ. पाँच के स्तर पर खुला। गुरुवार की बात करें, तो इस दिन रुपया डॉलर के मुकाबले पाँच पैसे की मजबूती के साथ चौंसठ. पाँच के स्तर पर बंद हुआ. दरअसल, यह बढ़त डॉलर में आई गिरावट की वजह से मिली. इस कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेतों के चलते मजबूत शुरुआत तो जरूर की, लेकिन बंद होने तक यह रफ्तार बनी नहीं रह सकी. गुरुवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स इक्कीस अंक गिरकर तैंतीस,सात सौ छप्पन के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी चार अंक टूटा और यह दस,चार सौ चालीस के स्तर पर रहा.
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शिकरके प्रामादि की रक्षा के लिये नियुक्त किया; जो क्षत्रिय पहला विधि विधाओं, कलाओं एवं शिल्पों द्वारा विविध वस्तुओं काह (सन्नादि के सिवाय) करके समाज की आवश्यकता की पूर्ति करने और सुधाओं की पद्धि के लिए एक वर्ग को प्रशिक्षित किया। जो कहलाता था। फिर भी कई लोगों को सन्तोष ने होता। ये परिवार व समाज में प्रवेश करते, समाज के नोनिनियमों का उल्लंघन करते, मनमाना करने; इसके लिए उन्हें धर्मर्स कार और शिवम केले तथा देशकानानुसार सामाजिक नियम बनाने वालों का जमा थी। पहले तो उन्होंने स्वयं ही इस वर्ग का काम चलायाः परन्तु बाद में एक वर्ग स्थापित किया, जिसका नाम रमा-यावर्ग । उस पर समाज के संचालन की सबसे अधिक जिन्मेवारी हानी गई । साथ ही समाज की सेवाघ भलाई के लिए यह अध्ययन-मनन कराता, जीवन सुखशान्तिपूर्वक जीने के लिए विद्यार्थी कलाएं भी मिला तालीम के साथ-साथ यह धर्म के संस्कार भी टालता था। यह स्वयं निः समाजाधारित व निर्लग र कर प्रत्यानिन्प्ररूप मापनों से अपना व कुटुम्ब का जीवननिर्वाह कर लेता था और ममम समाज को नैतिक प्रेरणा देता था। तीनों ग्रा में से कोई उलटे रास्ते जाता, नीति-धर्म विरुद्ध काम करता तो यह उसे रोकता और तब भी नहीं मानता तो उस पर सामाजिक दालता। यदि इतने पर भी नहीं मानता और उदण्डता करता तो फिर ट्रस्ट द्वारा उस पर अंकुश लगवाता । क्षत्रियवर्ण का व्यक्ति निरंकुश होकर अन्याय-अत्याचार करता तो उस पर महाजन (वैश्यशुद्धवर्ण) का सामाजिक अंकुश लाता और राजगद्दी से भी उतार देता । वैश्य-शूद्रवर्ण का व्यक्ति भी स्वधर्म विरुद्ध काम करता 1 सो उसे रोकता और न मानने पर सामाजिक-नैतिक दवाव लाकर उसे टिकाने लाना । भी अपने कर्तव्य से च्युत होता,
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शिकरके प्रामादि की रक्षा के लिये नियुक्त किया; जो क्षत्रिय पहला विधि विधाओं, कलाओं एवं शिल्पों द्वारा विविध वस्तुओं काह करके समाज की आवश्यकता की पूर्ति करने और सुधाओं की पद्धि के लिए एक वर्ग को प्रशिक्षित किया। जो कहलाता था। फिर भी कई लोगों को सन्तोष ने होता। ये परिवार व समाज में प्रवेश करते, समाज के नोनिनियमों का उल्लंघन करते, मनमाना करने; इसके लिए उन्हें धर्मर्स कार और शिवम केले तथा देशकानानुसार सामाजिक नियम बनाने वालों का जमा थी। पहले तो उन्होंने स्वयं ही इस वर्ग का काम चलायाः परन्तु बाद में एक वर्ग स्थापित किया, जिसका नाम रमा-यावर्ग । उस पर समाज के संचालन की सबसे अधिक जिन्मेवारी हानी गई । साथ ही समाज की सेवाघ भलाई के लिए यह अध्ययन-मनन कराता, जीवन सुखशान्तिपूर्वक जीने के लिए विद्यार्थी कलाएं भी मिला तालीम के साथ-साथ यह धर्म के संस्कार भी टालता था। यह स्वयं निः समाजाधारित व निर्लग र कर प्रत्यानिन्प्ररूप मापनों से अपना व कुटुम्ब का जीवननिर्वाह कर लेता था और ममम समाज को नैतिक प्रेरणा देता था। तीनों ग्रा में से कोई उलटे रास्ते जाता, नीति-धर्म विरुद्ध काम करता तो यह उसे रोकता और तब भी नहीं मानता तो उस पर सामाजिक दालता। यदि इतने पर भी नहीं मानता और उदण्डता करता तो फिर ट्रस्ट द्वारा उस पर अंकुश लगवाता । क्षत्रियवर्ण का व्यक्ति निरंकुश होकर अन्याय-अत्याचार करता तो उस पर महाजन का सामाजिक अंकुश लाता और राजगद्दी से भी उतार देता । वैश्य-शूद्रवर्ण का व्यक्ति भी स्वधर्म विरुद्ध काम करता एक सो उसे रोकता और न मानने पर सामाजिक-नैतिक दवाव लाकर उसे टिकाने लाना । भी अपने कर्तव्य से च्युत होता,
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार में मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल होने वाला है। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, अजय माकन और केसी वेणुगोपाल के बीच बुधवार को बैठक के बाद अंतिम रूप दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस 'एक नेता-एक पद' के फार्मूले को लागू करने की तैयारी कर रही है। इस फार्मूले के मद्देनजर गहलोत मंत्रिमंडल के तीन वरिष्ठ सदस्यों को उनके पद से हटाया जा सकता है क्योंकि इन नेताओं को पहले ही पार्टी में जिम्मेदारियां दी जा चुकी हैं।
इस फेरबदल में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गोविंद डोटासरा, पंजाब के एआईसीसी प्रभारी हरीश चौधरी, गुजरात के एआईसीसी प्रभारी रघु शर्मा के बाहर होने की संभावना है। पार्टी के शीर्ष पदस्थ सूत्र ने एएनआई को बताया कि इन नेताओं ने खुद पार्टी के लिए काम करने का अनुरोध किया है।
गौर करने वाली बात यह है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में फैसला उन्होंने आलाकमान पर छोड़ दिया है। गहलोत ने बताया कि उन्होंने अपने विचार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने रख दिए हैं। पार्टी आलाकमान जो भी फैसला करेगा वह सभी को मंजूर होगा।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार में मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल होने वाला है। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, अजय माकन और केसी वेणुगोपाल के बीच बुधवार को बैठक के बाद अंतिम रूप दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस 'एक नेता-एक पद' के फार्मूले को लागू करने की तैयारी कर रही है। इस फार्मूले के मद्देनजर गहलोत मंत्रिमंडल के तीन वरिष्ठ सदस्यों को उनके पद से हटाया जा सकता है क्योंकि इन नेताओं को पहले ही पार्टी में जिम्मेदारियां दी जा चुकी हैं। इस फेरबदल में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गोविंद डोटासरा, पंजाब के एआईसीसी प्रभारी हरीश चौधरी, गुजरात के एआईसीसी प्रभारी रघु शर्मा के बाहर होने की संभावना है। पार्टी के शीर्ष पदस्थ सूत्र ने एएनआई को बताया कि इन नेताओं ने खुद पार्टी के लिए काम करने का अनुरोध किया है। गौर करने वाली बात यह है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में फैसला उन्होंने आलाकमान पर छोड़ दिया है। गहलोत ने बताया कि उन्होंने अपने विचार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने रख दिए हैं। पार्टी आलाकमान जो भी फैसला करेगा वह सभी को मंजूर होगा। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
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वचन नं० १५
सन्मुख गाने या बतौर भारती के पाठ करने से बहुत फायदा होगा #
. ६-गुरु स्वरूप के ध्यान की और उस को सन मुख रखने की महिमाँ इस सघब से ज्यादा है, कि उसका ख्याल करते ही मन और इन्ट्री परमार्थी यानी प्रेम के घाट पर आजायेंगे, और तब भजन और का रस ज़्यादा मिलेगा, और गुनावन बहुत कम पैदा होगी, लेकिन यह बात जब दुरुस्त बनेगो जबकि अभ्यासी को गुरु स्वरूप में गहरा परमार्थी भाव और प्यार होगा। इसी सबब से राधास्वामी दयाल ने अपनी बानी और बचन में गुरभक्ती पर ज़्यादा ज़ोर दिया है, यानी प्रथम गुर चरनन में प्रेम पैदा करने के वास्ते ज़ोर देकर हिदायत की है ।
6- मालूम होवे कि बगैर तीव्र बैराग के संसार और भोगों की तरफ से, और बगैर गहरे प्रेम और अनुराग के, राधास्वामी दयाल के चरनोँ मेँ मन और सुरत शब्द मैं, जैसा कि चाहिये नहीं लग सकते, और वक्त भजन के गुनावन और तरंगें बहुत उठती रहेंगी, लेकिन जो अभ्यासी को गुर स्वरूप में भाव और प्यार है, तो उसको अगुवा यानी ख्याल से सन्मुख रखने से मन किसी क़दर निश्चल हो सक्ता है, क्योंकि
बच्चन नं० १५
साकार स्वरूप में प्यार करने की उस को आदत है, और गुरु स्वरूप के सन्मुख होने पर उसके मन और इन्ट्री, दर्शन और बचन में लग कर फौरन पर मार्थी घाट पर जाते हैं, और संसारी ख़ियाल हट जाते हैं, और दूसरा फायदा यह है कि गुरु स्व रूप को संग लेने मैं अभ्यासी को मिस्ट मुक़ामी स्वरूप के अस्थान २ पर उसको बदलने की ज़रूरत न होगी, यानी वही गुरु स्वरूप उस को सत्तलोक तक (जहाँ तक कि साकार रचना है) दरजे बदरजे सूक्षम होता हुआ पहुंचा देगा, और अभ्यासी का भी स्वरूप इसी तरह बदलता जावेगा ।
१० - जो कोई मुक़ामी स्वरूप के आसरे चलेगा तो भी यही फायदा हासिल हो सक्ता है, बशर्ते कि वह अस्थान २ पर थोड़ा बहुत प्रगट होता जावे, और जो प्रगट होने मैं कुछ देरी हुई या कसर रही, तो उस रूप मैं ख्याल से ध्यान करने मैं वैसा प्यार नहीं आवेगा, जैसा कि गुरु स्वरूप में आसक्ता है, और इस सबब से गुनावन यानी मन की चंचलता जल्दी.
कम या दूर न होत्रेगी, और रस भी कम आयेगा ।
बंधन नं० १५.
अब अभ्यासी को चाहिये कि अपने शौक़ और हालत को परख कर, जिस तरह उसको फायदा ज़ियादा मालूम पड़े, उसी तरह अपने ध्यान की सम्हाल करे, क्योंकि बगैर ध्यान के मन और सुरत का सिमटावं जैसा कि चाहिये जल्दी न होवेगा। अलबत्ता जिस किसी को शब्द खुल जावे, उसको इस कदर ज़रूरत ध्यान पर ज़ोर देने की नहीं होगी, लेकिन ऐसा हाल कुल्ल अभ्यासियों का नहीं हो सक्ता । किसी बिरले उत्तम अधिंकारी की ऐसी हालत होवेगी, इस वास्ते कुल्ल अभ्यासियों को अव्वल ध्यान पर ज़्यादा ज़ोर देना मुना सिब और जरूर है ।
·११-मालूम होवे कि गुरु स्वरूप का दर्शन ऊँचे के मुकाम पर खिच कर होता है, और मुबाफिक और दुनियाँ की सूरतों के जब ख्याएं करो उस वक्त यह स्वरूप प्रघंट नहीं हो सक्ता, यह स्वरूप अंतरजामी पुर्ण आप दया करके अपने भक्त को प्रीत और प्रतीत बढ़ाने के वास्ते धारन करता है, और ऊँचे देश में प्रगट होकर दर्शन देता है । इसी सचब से अक्सर इस स्वरूप का दर्शन स्वप्न अवस्था में जंबूकि मन और सुरत का ज्यादा खिचाव हो जाता है होता है, और अभ्यास के वक्त कभी २ ऐसी दया होती है, इस वास्ते
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वचन नंशून्य पंद्रह सन्मुख गाने या बतौर भारती के पाठ करने से बहुत फायदा होगा # . छः-गुरु स्वरूप के ध्यान की और उस को सन मुख रखने की महिमाँ इस सघब से ज्यादा है, कि उसका ख्याल करते ही मन और इन्ट्री परमार्थी यानी प्रेम के घाट पर आजायेंगे, और तब भजन और का रस ज़्यादा मिलेगा, और गुनावन बहुत कम पैदा होगी, लेकिन यह बात जब दुरुस्त बनेगो जबकि अभ्यासी को गुरु स्वरूप में गहरा परमार्थी भाव और प्यार होगा। इसी सबब से राधास्वामी दयाल ने अपनी बानी और बचन में गुरभक्ती पर ज़्यादा ज़ोर दिया है, यानी प्रथम गुर चरनन में प्रेम पैदा करने के वास्ते ज़ोर देकर हिदायत की है । छः- मालूम होवे कि बगैर तीव्र बैराग के संसार और भोगों की तरफ से, और बगैर गहरे प्रेम और अनुराग के, राधास्वामी दयाल के चरनोँ मेँ मन और सुरत शब्द मैं, जैसा कि चाहिये नहीं लग सकते, और वक्त भजन के गुनावन और तरंगें बहुत उठती रहेंगी, लेकिन जो अभ्यासी को गुर स्वरूप में भाव और प्यार है, तो उसको अगुवा यानी ख्याल से सन्मुख रखने से मन किसी क़दर निश्चल हो सक्ता है, क्योंकि बच्चन नंशून्य पंद्रह साकार स्वरूप में प्यार करने की उस को आदत है, और गुरु स्वरूप के सन्मुख होने पर उसके मन और इन्ट्री, दर्शन और बचन में लग कर फौरन पर मार्थी घाट पर जाते हैं, और संसारी ख़ियाल हट जाते हैं, और दूसरा फायदा यह है कि गुरु स्व रूप को संग लेने मैं अभ्यासी को मिस्ट मुक़ामी स्वरूप के अस्थान दो पर उसको बदलने की ज़रूरत न होगी, यानी वही गुरु स्वरूप उस को सत्तलोक तक दरजे बदरजे सूक्षम होता हुआ पहुंचा देगा, और अभ्यासी का भी स्वरूप इसी तरह बदलता जावेगा । दस - जो कोई मुक़ामी स्वरूप के आसरे चलेगा तो भी यही फायदा हासिल हो सक्ता है, बशर्ते कि वह अस्थान दो पर थोड़ा बहुत प्रगट होता जावे, और जो प्रगट होने मैं कुछ देरी हुई या कसर रही, तो उस रूप मैं ख्याल से ध्यान करने मैं वैसा प्यार नहीं आवेगा, जैसा कि गुरु स्वरूप में आसक्ता है, और इस सबब से गुनावन यानी मन की चंचलता जल्दी. कम या दूर न होत्रेगी, और रस भी कम आयेगा । बंधन नंशून्य पंद्रह. अब अभ्यासी को चाहिये कि अपने शौक़ और हालत को परख कर, जिस तरह उसको फायदा ज़ियादा मालूम पड़े, उसी तरह अपने ध्यान की सम्हाल करे, क्योंकि बगैर ध्यान के मन और सुरत का सिमटावं जैसा कि चाहिये जल्दी न होवेगा। अलबत्ता जिस किसी को शब्द खुल जावे, उसको इस कदर ज़रूरत ध्यान पर ज़ोर देने की नहीं होगी, लेकिन ऐसा हाल कुल्ल अभ्यासियों का नहीं हो सक्ता । किसी बिरले उत्तम अधिंकारी की ऐसी हालत होवेगी, इस वास्ते कुल्ल अभ्यासियों को अव्वल ध्यान पर ज़्यादा ज़ोर देना मुना सिब और जरूर है । ·ग्यारह-मालूम होवे कि गुरु स्वरूप का दर्शन ऊँचे के मुकाम पर खिच कर होता है, और मुबाफिक और दुनियाँ की सूरतों के जब ख्याएं करो उस वक्त यह स्वरूप प्रघंट नहीं हो सक्ता, यह स्वरूप अंतरजामी पुर्ण आप दया करके अपने भक्त को प्रीत और प्रतीत बढ़ाने के वास्ते धारन करता है, और ऊँचे देश में प्रगट होकर दर्शन देता है । इसी सचब से अक्सर इस स्वरूप का दर्शन स्वप्न अवस्था में जंबूकि मन और सुरत का ज्यादा खिचाव हो जाता है होता है, और अभ्यास के वक्त कभी दो ऐसी दया होती है, इस वास्ते
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दिल्लीः दिसंबर महीने के समाप्त होने में अब महज 16 दिन बचे हुए हैं. इन बचे 16 दिनों में देश के कुछ हिस्सों में 10 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं. आज और कल पूरे देश में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल है. ऐसे में आम लोगों को बैंकिंग के कामकाज निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग सरकारी बैंकों के करीब नौ लाख कर्मचारी सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण के सरकार के कदम के विरोध में आज से हड़ताल पर है.
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित अधिकांश बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को चेक क्लीयरेंस और फंड ट्रांसफर जैसे बैंकिंग कार्यों के प्रभावित होने को लेकर आगाह कर दिया है.
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) की महासचिव सौम्या दत्ता ने कहा कि बुधवार को अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह बैठक विफल रही, इसलिए बैंक यूनियनें हड़ताल कर रही हैं.
बैंक यूनियंस (Bank Unions) ने बैंकों के प्रस्तावित प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatization) के खिलाफ दो दिन के हड़ताल का आह्वान किया है. इस दो दिवसीय हड़ताल के चलते पूरे देश में बैंकों के ब्रांच आज 16 दिसंबर (गुरुवार) और 17 दिसंबर (शुक्रवार) को बंद रहने वाले हैं. इसके अलावा 19 दिसंबर को रविवार की छुट्टी के चलते बैंक बंद रहेंगे. इस तरह पूरे देश में इस सप्ताह बैंक तीन दिन बंद रहने वाले हैं.
स्थानीय अवकाश (Regional Holiday) के चलते मेघालय में शनिवार 18 दिसंबर को भी बैंक बंद रहने वाले हैं. शनिवार को यू सोसो थाम (U SoSo Tham) की बरसी है. इसके चलते मेघालय (Meghalaya) में बैंकों का कामकाज बंद रहेगा.
आने वाले सप्ताह में भी कई अवकाश पड़ रहे हैं. 24 दिसंबर को क्रिसमस के चलते मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 25 दिसंबर को क्रिसमस और महीने का चौथा शनिवार होने के चलते पूरे देश में बैंकों का काम बंद रहेगा. 26 दिसंबर को भी रविवार के कारण सभी जगह बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 27 दिसंबर को मिजोरम में क्रिसमस सेलिब्रेशन की छुट्टी है. मेघालय में 30 दिसंबर को यू कियांग नॉन्गबाह के उपलक्ष्य में बैंकों की छुट्टी होगी. महीने के अंतिम दिन 31 दिसंबर को मिजोरम में नए साल की पूर्व संध्या पर बैंक बंद रहेंगे.
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दिल्लीः दिसंबर महीने के समाप्त होने में अब महज सोलह दिन बचे हुए हैं. इन बचे सोलह दिनों में देश के कुछ हिस्सों में दस दिन बैंक बंद रहने वाले हैं. आज और कल पूरे देश में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल है. ऐसे में आम लोगों को बैंकिंग के कामकाज निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग सरकारी बैंकों के करीब नौ लाख कर्मचारी सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण के सरकार के कदम के विरोध में आज से हड़ताल पर है. भारतीय स्टेट बैंक सहित अधिकांश बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को चेक क्लीयरेंस और फंड ट्रांसफर जैसे बैंकिंग कार्यों के प्रभावित होने को लेकर आगाह कर दिया है. अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ की महासचिव सौम्या दत्ता ने कहा कि बुधवार को अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह बैठक विफल रही, इसलिए बैंक यूनियनें हड़ताल कर रही हैं. बैंक यूनियंस ने बैंकों के प्रस्तावित प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ दो दिन के हड़ताल का आह्वान किया है. इस दो दिवसीय हड़ताल के चलते पूरे देश में बैंकों के ब्रांच आज सोलह दिसंबर और सत्रह दिसंबर को बंद रहने वाले हैं. इसके अलावा उन्नीस दिसंबर को रविवार की छुट्टी के चलते बैंक बंद रहेंगे. इस तरह पूरे देश में इस सप्ताह बैंक तीन दिन बंद रहने वाले हैं. स्थानीय अवकाश के चलते मेघालय में शनिवार अट्ठारह दिसंबर को भी बैंक बंद रहने वाले हैं. शनिवार को यू सोसो थाम की बरसी है. इसके चलते मेघालय में बैंकों का कामकाज बंद रहेगा. आने वाले सप्ताह में भी कई अवकाश पड़ रहे हैं. चौबीस दिसंबर को क्रिसमस के चलते मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद पच्चीस दिसंबर को क्रिसमस और महीने का चौथा शनिवार होने के चलते पूरे देश में बैंकों का काम बंद रहेगा. छब्बीस दिसंबर को भी रविवार के कारण सभी जगह बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद सत्ताईस दिसंबर को मिजोरम में क्रिसमस सेलिब्रेशन की छुट्टी है. मेघालय में तीस दिसंबर को यू कियांग नॉन्गबाह के उपलक्ष्य में बैंकों की छुट्टी होगी. महीने के अंतिम दिन इकतीस दिसंबर को मिजोरम में नए साल की पूर्व संध्या पर बैंक बंद रहेंगे.
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VIDEO: मानसून की दस्तक के साथ हिमाचल प्रदेश में लोगों को जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सूबे के कई इलाकों में गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शनिवार देर शाम कुल्लू में 8 गाड़ियां फंस गई।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ सूबे के कई इलाकों में जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, कुछ जगहों पर गाड़ियों और फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू भी किया जा रहा है। शिमला, मनाली और कुल्लू में शुक्रवार देर शाम से मौसम बिगड़ा हुआ है। शनिवार देर शाम तक बारिश के चलते पर्यटकों और स्थानीयों की गाड़ियां क्षतिग्रत हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार देर शाम मानसून की एंट्री के बाद राजधानी शिमला समेत कई जिलों में समस्याएं शुरू हो गई हैं। शनिवार सुबह कई इलाकों में 20 से अधिक सड़कें बाधित हो गई हैं। वहीं 20 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। सड़कों पर फिसलन भी बढ़ रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले कुछ दिनों तक मानसून इसी तरह से एक्टिव रहेगा। इसके चलते आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। सामान्य जनजीवन भी प्रभावित रहेगा। मौसम विभाग ने सूबे में यलो अलर्ट जारी किया है।
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VIDEO: मानसून की दस्तक के साथ हिमाचल प्रदेश में लोगों को जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सूबे के कई इलाकों में गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शनिवार देर शाम कुल्लू में आठ गाड़ियां फंस गई। हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ सूबे के कई इलाकों में जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, कुछ जगहों पर गाड़ियों और फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू भी किया जा रहा है। शिमला, मनाली और कुल्लू में शुक्रवार देर शाम से मौसम बिगड़ा हुआ है। शनिवार देर शाम तक बारिश के चलते पर्यटकों और स्थानीयों की गाड़ियां क्षतिग्रत हुई हैं। हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार देर शाम मानसून की एंट्री के बाद राजधानी शिमला समेत कई जिलों में समस्याएं शुरू हो गई हैं। शनिवार सुबह कई इलाकों में बीस से अधिक सड़कें बाधित हो गई हैं। वहीं बीस से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। सड़कों पर फिसलन भी बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले कुछ दिनों तक मानसून इसी तरह से एक्टिव रहेगा। इसके चलते आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। सामान्य जनजीवन भी प्रभावित रहेगा। मौसम विभाग ने सूबे में यलो अलर्ट जारी किया है।
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उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा है कि सरकार का प्रदेश में कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने पर फोकस है. लगातार टारगेट टेस्टिंग पर ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि होली में बाहर से आने वालों की टेस्टिंग की जाएगी. कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोरोना पर वीसी होनी है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभी लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू पर विचार नहीं है.
बता दें प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा था कि एक दिन में कुल 90,537 सैम्पल की जांच की गई. प्रदेश में अब तक कुल 3,29,48,378 सैम्पल की जांच की गई है. उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में संक्रमण बढ़ते हुए दिखा है. विशेषकर ऐसे जिले, जहां दूसरे प्रदेशों से लोग आए हैं. हमें आवश्यकता है कि हम लगातार सावधान रहें. पिछले साल मार्च, अप्रैल में जो हम सतर्कता बरत रहे थे, जरूरत है वही सावधानी हम अपनाएं.
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उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा है कि सरकार का प्रदेश में कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने पर फोकस है. लगातार टारगेट टेस्टिंग पर ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि होली में बाहर से आने वालों की टेस्टिंग की जाएगी. कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोरोना पर वीसी होनी है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभी लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू पर विचार नहीं है. बता दें प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा था कि एक दिन में कुल नब्बे,पाँच सौ सैंतीस सैम्पल की जांच की गई. प्रदेश में अब तक कुल तीन,उनतीस,अड़तालीस,तीन सौ अठहत्तर सैम्पल की जांच की गई है. उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में संक्रमण बढ़ते हुए दिखा है. विशेषकर ऐसे जिले, जहां दूसरे प्रदेशों से लोग आए हैं. हमें आवश्यकता है कि हम लगातार सावधान रहें. पिछले साल मार्च, अप्रैल में जो हम सतर्कता बरत रहे थे, जरूरत है वही सावधानी हम अपनाएं.
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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भोजपुरी इंडस्ट्री की सुपरस्टार मोनालिसा ने बिंदास अंदाज में साउथ की मूवी के एक गाने पर डांस परफॉर्म किया है। उनके इस एनर्जी से लबरेज़ रोमांटिक डांस मूव्स ने फैन्स को दीवाना बना दिया है। सोशल मीडिया डांसिंग क्वीन का ये अंदाज़ बहुत पसंद किया जा रहा है।
एंटरटेनमेंट डेस्क, Monalisa dances on I am Ready : भोजपुरी इंडस्ट्री में धूम मचाने के बाद बिंदास एक्ट्रेस मोनालिसा अब कई भाषाओं की फिल्म में अपने अभिनय का कौशल दिखा रही हैं। इससे पहले वे टीवी पर अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग बना चुकी हैं। मोनालिसा तकरीबन हर दिन अपना कोई ना कोई वीडियो शेयर जरुर करती हैं। एक्ट्रेस का लुक बहुत आकर्षक है, वे किसी भी डांस में अपनी ज़बरदस्त एनर्जी से जान डाल देती हैं। इस समय पूरे देश में साउथ की फिल्मों की तूती बोल रही है। साउथ इंडस्ट्री हुनरमंद कलाकारों को मौका दे रही है। वहीं मोनालिसा भी दक्षिण के फिल्म मेकर्स का ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने दक्षिण की एक मूवी के सांग बेहतरीन डांस मूव्स दिखाए हैं। वीडियो क्लिप में मोनालिसा Ra Ra Reddy I m Ready पर डांस पेश करती दिख रही हैं।
मोनालिसा सोशल मीडिया की सनसनी हैं, वे अपने डांस परफॉरमेंस के जरिए दर्शकों के दिल पर राज़ करती हैं। इस बार मोनालिसा ने शॉर्ट् चैक स्कर्ट- ब्लैक टॉप में मोनालिसा ने पूरे जोशोखरोश के साथ डांस परफॉर्म करती दिख रही हैं। इस गाने में मोनालिसा ने दक्षिण की फिल्मों के टिपीकल डांस स्टाइल में अपनी अदाएं दिखाई हैं।
मोनालिसा ने साउथ कि जिस फिल्म के गाने पर डांस परफॉर्म किया है, उसकी एक झलक दिखाई है। एक्ट्रेस ने इस सुपरहिट गाने पर अपनी बेहतरीन अदाकारी शेयर की है।
भोजपुरी इंडस्ट्री की बिंदास हीरोिन मोनालिसा ने बिंदास अंदाज में इस गाने पर डांस परफॉर्म किया है। उनके इस एनर्जी से लबरेज़ रोमांटिक डांस मूव्स ने फैन्स को क्रेज़ी बना दिया है। इंटरनेट डांसिंग क्वीन का ये अंदाज़ कुछ ज्यादा ही पसंद किया जा रहा है। वहीं यूजर्स ने इसपर जमकर कॉमेन्ट किए हैं, एक फैंस ने उन्हें कहा- wowww । .
स्विमसूट में सुष्मिता को देख ललित मोदी ने किया ऐसा कमेंट, इंटरनेट यूजर्स बोले- 'चचा प्यार में पगला गए हैं'
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भोजपुरी इंडस्ट्री की सुपरस्टार मोनालिसा ने बिंदास अंदाज में साउथ की मूवी के एक गाने पर डांस परफॉर्म किया है। उनके इस एनर्जी से लबरेज़ रोमांटिक डांस मूव्स ने फैन्स को दीवाना बना दिया है। सोशल मीडिया डांसिंग क्वीन का ये अंदाज़ बहुत पसंद किया जा रहा है। एंटरटेनमेंट डेस्क, Monalisa dances on I am Ready : भोजपुरी इंडस्ट्री में धूम मचाने के बाद बिंदास एक्ट्रेस मोनालिसा अब कई भाषाओं की फिल्म में अपने अभिनय का कौशल दिखा रही हैं। इससे पहले वे टीवी पर अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग बना चुकी हैं। मोनालिसा तकरीबन हर दिन अपना कोई ना कोई वीडियो शेयर जरुर करती हैं। एक्ट्रेस का लुक बहुत आकर्षक है, वे किसी भी डांस में अपनी ज़बरदस्त एनर्जी से जान डाल देती हैं। इस समय पूरे देश में साउथ की फिल्मों की तूती बोल रही है। साउथ इंडस्ट्री हुनरमंद कलाकारों को मौका दे रही है। वहीं मोनालिसा भी दक्षिण के फिल्म मेकर्स का ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने दक्षिण की एक मूवी के सांग बेहतरीन डांस मूव्स दिखाए हैं। वीडियो क्लिप में मोनालिसा Ra Ra Reddy I m Ready पर डांस पेश करती दिख रही हैं। मोनालिसा सोशल मीडिया की सनसनी हैं, वे अपने डांस परफॉरमेंस के जरिए दर्शकों के दिल पर राज़ करती हैं। इस बार मोनालिसा ने शॉर्ट् चैक स्कर्ट- ब्लैक टॉप में मोनालिसा ने पूरे जोशोखरोश के साथ डांस परफॉर्म करती दिख रही हैं। इस गाने में मोनालिसा ने दक्षिण की फिल्मों के टिपीकल डांस स्टाइल में अपनी अदाएं दिखाई हैं। मोनालिसा ने साउथ कि जिस फिल्म के गाने पर डांस परफॉर्म किया है, उसकी एक झलक दिखाई है। एक्ट्रेस ने इस सुपरहिट गाने पर अपनी बेहतरीन अदाकारी शेयर की है। भोजपुरी इंडस्ट्री की बिंदास हीरोिन मोनालिसा ने बिंदास अंदाज में इस गाने पर डांस परफॉर्म किया है। उनके इस एनर्जी से लबरेज़ रोमांटिक डांस मूव्स ने फैन्स को क्रेज़ी बना दिया है। इंटरनेट डांसिंग क्वीन का ये अंदाज़ कुछ ज्यादा ही पसंद किया जा रहा है। वहीं यूजर्स ने इसपर जमकर कॉमेन्ट किए हैं, एक फैंस ने उन्हें कहा- wowww । . स्विमसूट में सुष्मिता को देख ललित मोदी ने किया ऐसा कमेंट, इंटरनेट यूजर्स बोले- 'चचा प्यार में पगला गए हैं'
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कुआलालंपुर, 20 अगस्त (एपी) मलेशिया के नये प्रधानमंत्री की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रीय महल में शुक्रवार को शाही बैठक हो रही है। माना जा रहा है कि राजा की पसंद से जनता में आक्रोश पैदा हो सकता है। साथ ही इससे राजनीतिक अस्थिरता पैदा होने की आशंका भी जतायी जा रही है। पूर्व उप प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी याकूब को 114 सांसदों का समर्थन हासिल है। माना जा रहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया जा सकता है। इस्माइल की नियुक्ति से यूनाइटेड मलयज नेशनल ऑर्गनाइजेशन (यूएमएनओ) की वापसी होगी। मलेशिया में 1957 में ब्रिटेन से आजादी के बाद से 2018 तक यूएमएनओ का राज रहा। 2018 में अरबों डालर का वित्तीय घोटाला सामने आने के बाद वह सत्ता से बाहर हो गया था। राजा सुल्तान अब्दुल्ला सुल्तान अहमद शाह ने कथित तौर पर इस्माइल का समर्थन करने वाले सांसदों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की। शुक्रवार को नौ अन्य मलय प्रांत शासकों के साथ होने वाली उनकी बैठक में भी इस मामले पर चर्चा हो सकती है। मलेशिया में राजा की भूमिका काफी हद तक औपचारिक होती है, लेकिन वह उस व्यक्ति को नियुक्त करता है जिसे वह मानता है कि संसद में उसे प्रधानमंत्री के रूप में बहुमत का समर्थन प्राप्त है और प्रांत के शासक उसे ऐसी नियुक्तियों पर सलाह दे सकते हैं। इस्माइल की उम्मीदवारी का विरोध करने वाले मलेशियाई लोगों ने एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है, जिसमें अब तक 3,40,000 से अधिक हस्ताक्षर किए गए हैं। कई लोगों का मानना है कि इस्माइल की नियुक्ति यथास्थिति को बरकरार रखेगी। सात महीने की आपातस्थिति और जून से लॉकडाउन के बावजूद मलेशिया में प्रति व्यक्ति संक्रमण दर और मृत्यु दर दुनिया में सबसे अधिक है। जून के बाद से संक्रमण के दैनिक मामलों में दोगुनी वृद्धि हुई है। बृहस्पतिवार को रिकॉर्ड 22,928 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 15 लाख हो गई। अब तक कुल 13 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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कुआलालंपुर, बीस अगस्त मलेशिया के नये प्रधानमंत्री की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रीय महल में शुक्रवार को शाही बैठक हो रही है। माना जा रहा है कि राजा की पसंद से जनता में आक्रोश पैदा हो सकता है। साथ ही इससे राजनीतिक अस्थिरता पैदा होने की आशंका भी जतायी जा रही है। पूर्व उप प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी याकूब को एक सौ चौदह सांसदों का समर्थन हासिल है। माना जा रहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया जा सकता है। इस्माइल की नियुक्ति से यूनाइटेड मलयज नेशनल ऑर्गनाइजेशन की वापसी होगी। मलेशिया में एक हज़ार नौ सौ सत्तावन में ब्रिटेन से आजादी के बाद से दो हज़ार अट्ठारह तक यूएमएनओ का राज रहा। दो हज़ार अट्ठारह में अरबों डालर का वित्तीय घोटाला सामने आने के बाद वह सत्ता से बाहर हो गया था। राजा सुल्तान अब्दुल्ला सुल्तान अहमद शाह ने कथित तौर पर इस्माइल का समर्थन करने वाले सांसदों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की। शुक्रवार को नौ अन्य मलय प्रांत शासकों के साथ होने वाली उनकी बैठक में भी इस मामले पर चर्चा हो सकती है। मलेशिया में राजा की भूमिका काफी हद तक औपचारिक होती है, लेकिन वह उस व्यक्ति को नियुक्त करता है जिसे वह मानता है कि संसद में उसे प्रधानमंत्री के रूप में बहुमत का समर्थन प्राप्त है और प्रांत के शासक उसे ऐसी नियुक्तियों पर सलाह दे सकते हैं। इस्माइल की उम्मीदवारी का विरोध करने वाले मलेशियाई लोगों ने एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है, जिसमें अब तक तीन,चालीस,शून्य से अधिक हस्ताक्षर किए गए हैं। कई लोगों का मानना है कि इस्माइल की नियुक्ति यथास्थिति को बरकरार रखेगी। सात महीने की आपातस्थिति और जून से लॉकडाउन के बावजूद मलेशिया में प्रति व्यक्ति संक्रमण दर और मृत्यु दर दुनिया में सबसे अधिक है। जून के बाद से संक्रमण के दैनिक मामलों में दोगुनी वृद्धि हुई है। बृहस्पतिवार को रिकॉर्ड बाईस,नौ सौ अट्ठाईस नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर पंद्रह लाख हो गई। अब तक कुल तेरह हजार लोगों की मौत हो चुकी है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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था । इसके अनन्तर सुधाखण्ड से भी श्रेष्ठ प्रकृति खन्ड का श्रवण किया था। इसके पश्चात् अखन्ड जन्मों के खन्दन करने वाला गणपति खण्ढ का श्रवण किया था । यह सब इतना श्रवण करने के बाद भी मेरे मन की पूर्ण तृप्ति नहीं हुई है। अभी भी कुछ विशेष श्रवण करने के लिए मेरा मन अत्यन्त चंचल हो रहा है ।१- ३ । श्री कृष्ण के जन्म का खन्ड मनुष्यों के जन्म-मरण आदि सब खण्डन कर देने वाला है यह सम्पूर्ण तत्वों को दिखा देने वाला प्रदीप है- कर्मों के नाश करने वाला तथा हरि की भक्ति को प्रदान करने वाला होता है ।४। इस खण्ड के श्रवण से तुरन्त ही वैराग्य की उत्पत्ति हो जाया करती है है और यह इस संसार के राग को दूर करने वाला है । यह खण्ड मुक्ति के बीजों का कारण स्वरूप है तथा संसार रूपी सागर से पार कर देने वाला है ।५। कर्मों के उपभोग के लिए होने बाले रोगों के खन्डन करने में यह परम रसायन है तथा श्री कृष्ण के चरण कमलों की प्राप्ति करने के लिए सोप (सीढ़ी) के समान कारण है ।६। यह वैष्णवों का जीवन है और जगतों का परम पावन अर्थात् पवित्र करने वाला । आप इसे शरण में प्राप्त हुए शिष्य मुझको विस्तार के साथ बताने की कृपा करें ।
केन वा प्रार्थितः कृष्ण आजगाम महीतलम् । सर्वाश रोक एवेशः परिपूर्णतम्ः स्वयम 15 युगे कुत्र कुतो हेतोः कुत्र वाविबभूवह । वसुदेवोऽस्य जनक : कोवा कावा च देवकी 18 वद कस्य कुले जन्म मायया सुविडम्बनम् । किचकार समाख्यातं केन रूपेण वाहरिः । १० जगाम गोकुलं कंसभयेन सूतिकागृहात् । कथं कंसाद कीटतुल्यात् भयेशस्य भय मुने । ११ हरिर्वा गोपवेशेण गोकुले कि चकार ह । कुतो गोपाङ्गनासार्द्ध विजहार जगत्पतिः । १२
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था । इसके अनन्तर सुधाखण्ड से भी श्रेष्ठ प्रकृति खन्ड का श्रवण किया था। इसके पश्चात् अखन्ड जन्मों के खन्दन करने वाला गणपति खण्ढ का श्रवण किया था । यह सब इतना श्रवण करने के बाद भी मेरे मन की पूर्ण तृप्ति नहीं हुई है। अभी भी कुछ विशेष श्रवण करने के लिए मेरा मन अत्यन्त चंचल हो रहा है ।एक- तीन । श्री कृष्ण के जन्म का खन्ड मनुष्यों के जन्म-मरण आदि सब खण्डन कर देने वाला है यह सम्पूर्ण तत्वों को दिखा देने वाला प्रदीप है- कर्मों के नाश करने वाला तथा हरि की भक्ति को प्रदान करने वाला होता है ।चार। इस खण्ड के श्रवण से तुरन्त ही वैराग्य की उत्पत्ति हो जाया करती है है और यह इस संसार के राग को दूर करने वाला है । यह खण्ड मुक्ति के बीजों का कारण स्वरूप है तथा संसार रूपी सागर से पार कर देने वाला है ।पाँच। कर्मों के उपभोग के लिए होने बाले रोगों के खन्डन करने में यह परम रसायन है तथा श्री कृष्ण के चरण कमलों की प्राप्ति करने के लिए सोप के समान कारण है ।छः। यह वैष्णवों का जीवन है और जगतों का परम पावन अर्थात् पवित्र करने वाला । आप इसे शरण में प्राप्त हुए शिष्य मुझको विस्तार के साथ बताने की कृपा करें । केन वा प्रार्थितः कृष्ण आजगाम महीतलम् । सर्वाश रोक एवेशः परिपूर्णतम्ः स्वयम पंद्रह युगे कुत्र कुतो हेतोः कुत्र वाविबभूवह । वसुदेवोऽस्य जनक : कोवा कावा च देवकी अट्ठारह वद कस्य कुले जन्म मायया सुविडम्बनम् । किचकार समाख्यातं केन रूपेण वाहरिः । दस जगाम गोकुलं कंसभयेन सूतिकागृहात् । कथं कंसाद कीटतुल्यात् भयेशस्य भय मुने । ग्यारह हरिर्वा गोपवेशेण गोकुले कि चकार ह । कुतो गोपाङ्गनासार्द्ध विजहार जगत्पतिः । बारह
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डिग्री- एम. बी. बी. एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)
कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने जिस तरह हर किसी को परेशान किया। ठीक वैसे ही तीसरी लहर भी लोगों को अपना निशाना बना सकती है, क्योंकि जिस तरह से लोग लगातार लापरवाही करते हुए नजर आ रहे हैं, ये इसकी ओर साफ इशारा करता है। वहीं, केरल जैसे राज्यों में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि पिछली बार भी धीरे-धीरे करके ऐसे ही देश में एकदम से कोरोना के केस बढ़ गए थे, जिसकी वजह से लोग संक्रमित हुए तो दूसरी तरफ लोगों की जान भी गई। इसलिए जरूरी है कि आप सभी कोविड-19 के नियमों का पूरा पालन करें। लेकिन कुछ गलतियां अब भी हैं, जो हम लोग कर रहे हैं और वक्त रहते हमें इन्हें सुधारना है। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।
- देखा जा रहा है कि कई लोग अब भी वैक्सीनेशन नहीं करवा रहे हैं। ऐसे लोग दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। वहीं, कई लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर गलतफहमी है। जबकि उन्हें ये समझना चाहिए कि विशेषज्ञ पहले ही वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित और असरदार बता चुके हैं। ऐसे में हर किसी को अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
- कई लोग कोरोना की पहली और दूसरी लहर की शुरुआत के समय तो अपने हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से साफ कर रहे थे, लेकिन अब फिर से लोगों में इसको लेकर लापरवाही देखी जा रही है। लोग खाना खाने से पहले, किसी चीज को छूने से पहले और बाद में आदि अपने हाथों को साफ नहीं रह रहे हैं। ऐसे में आपके हाथों द्वारा कोरोना आपके शरीर मे प्रवेश कर सकता है। इसलिए अपने हाथों को जरूर धोएं।
- जैसे ही सरकार की तरफ से लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दी गई। लोग घर से बाहर निकलने लगे, लेकिन देखा जा रहा है कि कई लोग बेमतलब घर से बाहर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जा रहे हैं। ऐसे में भीड़ में उनके संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। इसलिए हर किसी को अपने घर पर ही रहना चाहिए और बच्चों व बुजुर्ग लोगों का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए।
- कई लोग अब भी मास्क को लेकर लापरवाही कर रहे हैं। कोई मुंह के ऊपर मास्क पहन रहा है, तो कोई उसे गले में लटका ले रहा है और कोई तो सिर्फ इससे मुंह ढक रहा है नाक नहीं। ऐसे में मास्क को लेकर की जा रही ये लापरवाही कोरोना से संक्रमित होने में मदद कर सकती है। इसलिए आपको मास्क अच्छी तरह से पहनना है और दूसरों को भी इस बारे में बताना है।
नोटः डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम. एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरणः अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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डिग्री- एम. बी. बी. एस, एमडी कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने जिस तरह हर किसी को परेशान किया। ठीक वैसे ही तीसरी लहर भी लोगों को अपना निशाना बना सकती है, क्योंकि जिस तरह से लोग लगातार लापरवाही करते हुए नजर आ रहे हैं, ये इसकी ओर साफ इशारा करता है। वहीं, केरल जैसे राज्यों में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि पिछली बार भी धीरे-धीरे करके ऐसे ही देश में एकदम से कोरोना के केस बढ़ गए थे, जिसकी वजह से लोग संक्रमित हुए तो दूसरी तरफ लोगों की जान भी गई। इसलिए जरूरी है कि आप सभी कोविड-उन्नीस के नियमों का पूरा पालन करें। लेकिन कुछ गलतियां अब भी हैं, जो हम लोग कर रहे हैं और वक्त रहते हमें इन्हें सुधारना है। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में। - देखा जा रहा है कि कई लोग अब भी वैक्सीनेशन नहीं करवा रहे हैं। ऐसे लोग दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। वहीं, कई लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर गलतफहमी है। जबकि उन्हें ये समझना चाहिए कि विशेषज्ञ पहले ही वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित और असरदार बता चुके हैं। ऐसे में हर किसी को अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। - कई लोग कोरोना की पहली और दूसरी लहर की शुरुआत के समय तो अपने हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से साफ कर रहे थे, लेकिन अब फिर से लोगों में इसको लेकर लापरवाही देखी जा रही है। लोग खाना खाने से पहले, किसी चीज को छूने से पहले और बाद में आदि अपने हाथों को साफ नहीं रह रहे हैं। ऐसे में आपके हाथों द्वारा कोरोना आपके शरीर मे प्रवेश कर सकता है। इसलिए अपने हाथों को जरूर धोएं। - जैसे ही सरकार की तरफ से लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दी गई। लोग घर से बाहर निकलने लगे, लेकिन देखा जा रहा है कि कई लोग बेमतलब घर से बाहर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जा रहे हैं। ऐसे में भीड़ में उनके संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। इसलिए हर किसी को अपने घर पर ही रहना चाहिए और बच्चों व बुजुर्ग लोगों का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए। - कई लोग अब भी मास्क को लेकर लापरवाही कर रहे हैं। कोई मुंह के ऊपर मास्क पहन रहा है, तो कोई उसे गले में लटका ले रहा है और कोई तो सिर्फ इससे मुंह ढक रहा है नाक नहीं। ऐसे में मास्क को लेकर की जा रही ये लापरवाही कोरोना से संक्रमित होने में मदद कर सकती है। इसलिए आपको मास्क अच्छी तरह से पहनना है और दूसरों को भी इस बारे में बताना है। नोटः डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम. एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है। अस्वीकरणः अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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व्रत का खाना यूँ तो बड़ा ही सदा और सात्विक होता है। पर हम इस खाने को जरा सा ट्विस्ट देकर टेस्टी बना सकते हैं। आइये जानते हैं व्रत के लिए इंस्टेंट अचार बनाने की सरल विधि।
सबसे पहले अदरक और हरी मिर्च को अच्छे से धो लें और एक कपड़े से पोछ लें। अब अदरक के बारीक लम्बी काट लें। अब हरी मिर्च को भी बीच में से दो भागों में काट लें। अब इसे एक बाउल में एक साथ मिला लें।
अब इसमें सेंधा नमक डालें। अब नीम्बू भी इसमें निचोड़ लें। अब इस मिश्रण को अच्छे से मिला लें। इसे एक कांच के एयर टाइट जार में निकाल लें।
तैयार है आपके व्रत के लिए इंस्टेंट अचार। इसे कुट्टू की पूरी से साथ खाएं।
यदि आपको ये रेसिपी अच्छी लगी हो या आप ऐसी ही और किसी रेसिपी के बारें में जानना चाहते हों तो आप कृपया मेरे चैनल (#chefshipra) को सब्सक्राइब / फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार की रेसिपी तथा जानकारी मिलती रहे।
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व्रत का खाना यूँ तो बड़ा ही सदा और सात्विक होता है। पर हम इस खाने को जरा सा ट्विस्ट देकर टेस्टी बना सकते हैं। आइये जानते हैं व्रत के लिए इंस्टेंट अचार बनाने की सरल विधि। सबसे पहले अदरक और हरी मिर्च को अच्छे से धो लें और एक कपड़े से पोछ लें। अब अदरक के बारीक लम्बी काट लें। अब हरी मिर्च को भी बीच में से दो भागों में काट लें। अब इसे एक बाउल में एक साथ मिला लें। अब इसमें सेंधा नमक डालें। अब नीम्बू भी इसमें निचोड़ लें। अब इस मिश्रण को अच्छे से मिला लें। इसे एक कांच के एयर टाइट जार में निकाल लें। तैयार है आपके व्रत के लिए इंस्टेंट अचार। इसे कुट्टू की पूरी से साथ खाएं। यदि आपको ये रेसिपी अच्छी लगी हो या आप ऐसी ही और किसी रेसिपी के बारें में जानना चाहते हों तो आप कृपया मेरे चैनल को सब्सक्राइब / फॉलो करें ताकि आपको इसी प्रकार की रेसिपी तथा जानकारी मिलती रहे।
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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारत मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। टी तक टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के 7 विकेट गिरा दिए हैं जबकि टीम का स्कोर सिर्फ 230 रन ही हुआ है। टी तक दक्षिण अफ्रीका की तरफ से केशव महाराज (23) और कगीसो रबाडा (1) पर नाबाद हैं। अब तक भारत की तरफ से भुवनेश्वर कुमार ने (4) और मोहम्मद शमी, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह को 1-1 विकेट हासिल हुआ है।
LIVE Cricket Score, Ind vs SA 1st Test: क्या बुमराह की 'सीमा' फलांघने की आदत टीम इंडिया को पड़ेगी भारी!
लंच के स्कोर 107/3 से आगे खेलने उतरी मेहमान टीम को जल्द ही चौथा झटका लगा और अर्धशतक बनाकर खेल रहे डी विलियर्स (65) रन बनाकर आउट हो गए। अभी टीम के स्कोर में 16 रन और जुड़े थे कि डू प्लेसी (62) भी पवेलियन लौट गए और टीम बैकफुट पर आ गई। किसी तरह क्विंटन डी कॉक और वेर्नन फिलैंडर ने स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। लेकिन इसी दौरान डी कॉक (43) और फिलैंडर (23) रन बनाकर आउट हो गए। भारतीय टीम ने यहां से मैच में शिकंजा कस दिया। हालांकि टी तक महाराज और रबाडा ने दक्षिण अफ्रीका को कोई और झटका नहीं लगने दिया।
इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने पहला विकेट (0), दूसरा विकेट (7) और तीसरा विकेट (12) पर गंवा दिया। इस दौरान टीम ने डीन एल्गर (0), एडेन मार्कराम (5), हाशीम आमला (3) के विकेट खोए। सिर्फ 7 रन पर 3 विकेट गिर जाने के बाद टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज डी विलियर्स और कप्तान डू प्लेसी ने पारी को संभाला और दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया।
दोनों बल्लेबाजों ने पारी को संभाला और स्कोर को पहले 50 और फिर 100 के पार पहुंचा दिया। इस दौरान डी विलियर्स ने तेजी से रन बनाए और शानदार अर्धशतक ठोक दिया। भुवनेश्वर के अलावा भारत का कोई और गेंदबाज विकेट नहीं ले सका। इस दौरान कोहली ने मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और हारर्दिक पंड्या जैसे गेंदबाजों को आजमाया।
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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारत मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। टी तक टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के सात विकेट गिरा दिए हैं जबकि टीम का स्कोर सिर्फ दो सौ तीस रन ही हुआ है। टी तक दक्षिण अफ्रीका की तरफ से केशव महाराज और कगीसो रबाडा पर नाबाद हैं। अब तक भारत की तरफ से भुवनेश्वर कुमार ने और मोहम्मद शमी, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह को एक-एक विकेट हासिल हुआ है। LIVE Cricket Score, Ind vs SA एकst Test: क्या बुमराह की 'सीमा' फलांघने की आदत टीम इंडिया को पड़ेगी भारी! लंच के स्कोर एक सौ सात/तीन से आगे खेलने उतरी मेहमान टीम को जल्द ही चौथा झटका लगा और अर्धशतक बनाकर खेल रहे डी विलियर्स रन बनाकर आउट हो गए। अभी टीम के स्कोर में सोलह रन और जुड़े थे कि डू प्लेसी भी पवेलियन लौट गए और टीम बैकफुट पर आ गई। किसी तरह क्विंटन डी कॉक और वेर्नन फिलैंडर ने स्कोर को दो सौ के पार पहुंचाया। लेकिन इसी दौरान डी कॉक और फिलैंडर रन बनाकर आउट हो गए। भारतीय टीम ने यहां से मैच में शिकंजा कस दिया। हालांकि टी तक महाराज और रबाडा ने दक्षिण अफ्रीका को कोई और झटका नहीं लगने दिया। इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने पहला विकेट , दूसरा विकेट और तीसरा विकेट पर गंवा दिया। इस दौरान टीम ने डीन एल्गर , एडेन मार्कराम , हाशीम आमला के विकेट खोए। सिर्फ सात रन पर तीन विकेट गिर जाने के बाद टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज डी विलियर्स और कप्तान डू प्लेसी ने पारी को संभाला और दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया। दोनों बल्लेबाजों ने पारी को संभाला और स्कोर को पहले पचास और फिर एक सौ के पार पहुंचा दिया। इस दौरान डी विलियर्स ने तेजी से रन बनाए और शानदार अर्धशतक ठोक दिया। भुवनेश्वर के अलावा भारत का कोई और गेंदबाज विकेट नहीं ले सका। इस दौरान कोहली ने मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और हारर्दिक पंड्या जैसे गेंदबाजों को आजमाया।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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रीपो रेट में लगातार जारी बढ़ोतरी के बीच इस बात की संभावना बढ गई है कि बैंक आने वाले दिनों में जमा दरों को और बढा सकते हैं। पिछले एक दो महीने में बैंकों ने जमा दरों में बढोतरी की भी है जिसकी वजह से लोगों का रुझान फिर से फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की तरफ बढा है। वैसे भी बैंक एफडी निवेश के के सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक है। ऐसे में अगर आप भी एफडी कराने जा रहे हैं तो उससे पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
विभिन्न बैंकों के ब्याज दरों की तुलना करें। अगर कोई बैंक समान अवधि की एफडी पर ज्यादा ब्याज दे रहा हो तो उसे वरीयता दें। लेकिन यहां भी एक बात का ध्यान रखें। बड़े सरकारी व निजी बैंकों की तुलना में नए, स्मॉल फाइनैंस और विदेशी बैंक ज्यादा ब्याज देते हैं। फिर भी बेहतर होगा कि किसी बड़े सरकारी व निजी बैंक में ही एफडी करें, ये ज्यादा सुरक्षित हैं। नए, स्माल फाइनेंस और विदेशी बैंकों में भी 5 लाख रुपये तक की एफडी की जा सकती है क्योंकि अब किसी एक बैंक में जमा अधिकतम 5 लाख रुपये की राशि पर बीमा कवर (डिपॉजिट इंश्योरेंस ऐंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट 1961 की धारा 16 (1) के तहत ) मिलता है। 4 फरवरी 2020 से पहले एक लाख रुपये तक की जमा राशि पर ही इंश्योरेंस कवर मिलता था।
एफडी दो तरह से की जाती है- क्युमुलेटिव या नॉन क्यूमुलेटिव। नॉन क्युमुलेटिव एफडी में हर महीने, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर ब्याज पाने का विकल्प होता है। जबकि क्युमुलेटिव एफडी में ब्याज मैच्योरिटी के बाद प्रिंसिपल अमाउंट के साथ मिलता है। अगर आप हर महीने, तिमाही या छमाही ब्याज लेते हैं तो ब्याज की कंपाउंडिंग नहीं होगी जबकि मैच्योरिटी के बाद प्रिंसिपल अमाउंट के साथ ब्याज लेने पर ब्याज की कंपाउंडिंग का फायदा होगा और आपको ज्यादा रिटर्न मिलेगा। इसे एक उदाहरण के जरिए समझा जा सकता है। मान लीजिए एक लाख रुपये एक साल के लिए एफडी किया गया है। इस पर 7 फीसदी ब्याज मिलता है। क्युमुलेटिव (तिमाही कंपाउंडिंग) आधार पर ब्याज मिलने पर साल भर बाद कुल राशि 1,0,7185. 90 रुपये मिलेगी, जबकि नॉन क्युमुलेटिव आधार पर ब्याज मिलने पर राशि 1,0,7000 रुपये होगी।
अगर आपकी सालाना आय पर टैक्स देनदारी नहीं बनती है, तो एफडी करने के तुरंत बाद फॉर्म 15जी या 15एच भरकर बैंक को दें। 60 साल से कम उम्र के लोगों को फॉर्म 15जी जबकि 60 साल से ज्यादा उम्र वालों को 15एच भरना होता है। बैंक में यह फॉर्म जमा करने पर आपका बैंक एफडी पर टीडीएस नहीं काटेगा। लेकिन अगर आप ये फॉर्म नहीं देंगे तो आपको 40 हजार (सीनियर सिटीजन के मामले में 50 हजार) रुपए से ज्यादा के ब्याज पर टीडीएस देना होगा। अगर अकाउंट के साथ पैन दिया हुआ है तब तो ब्याज पर 10 फीसदी टीडीएस देना होता है, लेकिन पैन नहीं देने पर 20 फीसदी टीडीएस का प्रावधान है।
अगर आपकी आय टैक्स के दायरे में है तो जाहिर है आप एफडी करने के बाद फॉर्म 15जी या 15एच भरकर तो बैंक में दे नहीं सकते। यानी ऐसी स्थिति में 40 हजार रुपये से ज्यादा के ब्याज पर टीडीएस देना होगा। लेकिन यहां भी आप टीडीएस बचा सकते हैं। अगर आपको ब्याज 40 हजार रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है तो एक ही बैंक में एफडी नहीं करें, बल्कि उसी राशि को हिस्सों में बांटकर अलग-अलग बैंकों में इस तरह से एफडी करवाएं कि एक ही बैंक में करवाई गई एफडी पर 40 हजार रुपये से ज्यादा ब्याज न मिलें। ध्यान रखें, एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में ऐसा करने पर टीडीएस नहीं बचा पाएंगे।
एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स में कोई छूट नहीं है। मसलन ब्याज आपकी सालाना आय में जुड़ जाएगा और इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स तय होगा। हालांकि, 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए 50 हजार रुपए तक के ब्याज पर टैक्स में छूट है। लेकिन अगर आप एफडी पर 80 सी के तहत इनकम टैक्स में छूट चाहते हैं तो आपको कम से कम 5 साल की अवधि के लिए एफडी करवानी होगी। पांच साल के लिए एफडी करवाने पर आप एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1. 5 लाख रुपये तक की राशि पर 80 सी के तहत मिलने वाले टैक्स में छूट के हकदार होंगे। सामान्य एफडी की तरह ही 5 साल की एफडी पर भी मिलने वाले ब्याज पर टैक्स में कोई छूट नहीं है ।
अगर आपको एफडी की मैच्योरिटी से पहले यानी बीच में पैसे की जरूरत पड़ती है तो एफडी तोड़ने से बेहतर है कि आप एफडी पर लोन ले लें। ज्यादातर बैंक एफडी का 90 फीसदी तक लोन देते हैं, जिस पर सामान्यतया एफडी पर उस समय मिलने वाले ब्याज से 2 से 3 फीसदी ही ज्यादा वसूलते हैं। वैसे भी अगर आप एफडी मैच्योरिटी से पहले तोड़ते हैं तो आपको 0. 5 से 1 फीसदी की पेनल्टी भी देनी होती है। लोन चुकाने की अधिकतम समय सीमा एफडी की मैच्योरिटी पीरियड तक होती है।
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रीपो रेट में लगातार जारी बढ़ोतरी के बीच इस बात की संभावना बढ गई है कि बैंक आने वाले दिनों में जमा दरों को और बढा सकते हैं। पिछले एक दो महीने में बैंकों ने जमा दरों में बढोतरी की भी है जिसकी वजह से लोगों का रुझान फिर से फिक्स्ड डिपॉजिट की तरफ बढा है। वैसे भी बैंक एफडी निवेश के के सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक है। ऐसे में अगर आप भी एफडी कराने जा रहे हैं तो उससे पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। विभिन्न बैंकों के ब्याज दरों की तुलना करें। अगर कोई बैंक समान अवधि की एफडी पर ज्यादा ब्याज दे रहा हो तो उसे वरीयता दें। लेकिन यहां भी एक बात का ध्यान रखें। बड़े सरकारी व निजी बैंकों की तुलना में नए, स्मॉल फाइनैंस और विदेशी बैंक ज्यादा ब्याज देते हैं। फिर भी बेहतर होगा कि किसी बड़े सरकारी व निजी बैंक में ही एफडी करें, ये ज्यादा सुरक्षित हैं। नए, स्माल फाइनेंस और विदेशी बैंकों में भी पाँच लाख रुपये तक की एफडी की जा सकती है क्योंकि अब किसी एक बैंक में जमा अधिकतम पाँच लाख रुपये की राशि पर बीमा कवर के तहत ) मिलता है। चार फरवरी दो हज़ार बीस से पहले एक लाख रुपये तक की जमा राशि पर ही इंश्योरेंस कवर मिलता था। एफडी दो तरह से की जाती है- क्युमुलेटिव या नॉन क्यूमुलेटिव। नॉन क्युमुलेटिव एफडी में हर महीने, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर ब्याज पाने का विकल्प होता है। जबकि क्युमुलेटिव एफडी में ब्याज मैच्योरिटी के बाद प्रिंसिपल अमाउंट के साथ मिलता है। अगर आप हर महीने, तिमाही या छमाही ब्याज लेते हैं तो ब्याज की कंपाउंडिंग नहीं होगी जबकि मैच्योरिटी के बाद प्रिंसिपल अमाउंट के साथ ब्याज लेने पर ब्याज की कंपाउंडिंग का फायदा होगा और आपको ज्यादा रिटर्न मिलेगा। इसे एक उदाहरण के जरिए समझा जा सकता है। मान लीजिए एक लाख रुपये एक साल के लिए एफडी किया गया है। इस पर सात फीसदी ब्याज मिलता है। क्युमुलेटिव आधार पर ब्याज मिलने पर साल भर बाद कुल राशि एक,शून्य,सात हज़ार एक सौ पचासी. नब्बे रुपयापये मिलेगी, जबकि नॉन क्युमुलेटिव आधार पर ब्याज मिलने पर राशि एक,शून्य,सात हज़ार रुपयापये होगी। अगर आपकी सालाना आय पर टैक्स देनदारी नहीं बनती है, तो एफडी करने के तुरंत बाद फॉर्म पंद्रहजी या पंद्रहएच भरकर बैंक को दें। साठ साल से कम उम्र के लोगों को फॉर्म पंद्रहजी जबकि साठ साल से ज्यादा उम्र वालों को पंद्रहएच भरना होता है। बैंक में यह फॉर्म जमा करने पर आपका बैंक एफडी पर टीडीएस नहीं काटेगा। लेकिन अगर आप ये फॉर्म नहीं देंगे तो आपको चालीस हजार रुपए से ज्यादा के ब्याज पर टीडीएस देना होगा। अगर अकाउंट के साथ पैन दिया हुआ है तब तो ब्याज पर दस फीसदी टीडीएस देना होता है, लेकिन पैन नहीं देने पर बीस फीसदी टीडीएस का प्रावधान है। अगर आपकी आय टैक्स के दायरे में है तो जाहिर है आप एफडी करने के बाद फॉर्म पंद्रहजी या पंद्रहएच भरकर तो बैंक में दे नहीं सकते। यानी ऐसी स्थिति में चालीस हजार रुपये से ज्यादा के ब्याज पर टीडीएस देना होगा। लेकिन यहां भी आप टीडीएस बचा सकते हैं। अगर आपको ब्याज चालीस हजार रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है तो एक ही बैंक में एफडी नहीं करें, बल्कि उसी राशि को हिस्सों में बांटकर अलग-अलग बैंकों में इस तरह से एफडी करवाएं कि एक ही बैंक में करवाई गई एफडी पर चालीस हजार रुपये से ज्यादा ब्याज न मिलें। ध्यान रखें, एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में ऐसा करने पर टीडीएस नहीं बचा पाएंगे। एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स में कोई छूट नहीं है। मसलन ब्याज आपकी सालाना आय में जुड़ जाएगा और इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स तय होगा। हालांकि, साठ साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए पचास हजार रुपए तक के ब्याज पर टैक्स में छूट है। लेकिन अगर आप एफडी पर अस्सी सी के तहत इनकम टैक्स में छूट चाहते हैं तो आपको कम से कम पाँच साल की अवधि के लिए एफडी करवानी होगी। पांच साल के लिए एफडी करवाने पर आप एक वित्त वर्ष में अधिकतम एक. पाँच लाख रुपये तक की राशि पर अस्सी सी के तहत मिलने वाले टैक्स में छूट के हकदार होंगे। सामान्य एफडी की तरह ही पाँच साल की एफडी पर भी मिलने वाले ब्याज पर टैक्स में कोई छूट नहीं है । अगर आपको एफडी की मैच्योरिटी से पहले यानी बीच में पैसे की जरूरत पड़ती है तो एफडी तोड़ने से बेहतर है कि आप एफडी पर लोन ले लें। ज्यादातर बैंक एफडी का नब्बे फीसदी तक लोन देते हैं, जिस पर सामान्यतया एफडी पर उस समय मिलने वाले ब्याज से दो से तीन फीसदी ही ज्यादा वसूलते हैं। वैसे भी अगर आप एफडी मैच्योरिटी से पहले तोड़ते हैं तो आपको शून्य. पाँच से एक फीसदी की पेनल्टी भी देनी होती है। लोन चुकाने की अधिकतम समय सीमा एफडी की मैच्योरिटी पीरियड तक होती है।
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रिमो- बैल-टाला - टूम- रुप, घर-घर तोगें, पात- पियत में ( जाकी) छाती जरी जाति धनिये । टाम टटै पामी, हाल परिजात साम्ही, याते भूलि के अमाह मी, बौहरे की नहीं बनिय ।
लदैनो' पुरुष उवाच
न्योहरेन वे दुख कहे, प्यारो चतुर सुजान । तन मुलदेने के पहे, सुख गुपाल गुणभान ।। कवित आपनो-परायो धन रहस्या वरे हाथ, संग
माथ हा में परन पराउ सदा देने को नायक महावै, ओ किराने लादि नावै, भारो
भरम बढावे ओ' रहेन डर देने का । खाय न ठगाई, चतुराई ते कमाई, टव, जावे माल बिकरी खरीदि करि नेने को । बहन 'गुपाल कवि' मेरे ज्ञान मेंनो याते, सनही ते भलो रुजिगार है लदने को ।
स्त्री उवाच सोरठा
बबहुं न कीज राह, भूलिहू या रजिगार को निशि दिन चालेराह सवते दुखो नदनिया ।
१ यr प्रमग व मे अगने विज्ञान (रान प्रवथ ) म है । पर विषय की विनामक अन्नगत है ।
भ में मारा इस प्रवार
प्यागे चतुर मुजान सुन्त प्रनिज ग्रुप आन ना जाय व ॥
भूमि मे शयन, निशि- रयति यरान हाति, बोलना परत यूठ-साच लेने दन म । चिता नित रहति, जिनसि घटिदिन की,
जिय जाध्यो ज्यान का रहत दर टन म । देश-परदेशन में डालना परत, भले
भेस ही सो सहनो परत सव धने म । कहत 'गुपान' कवि आइति विनाता होत दिन-दिन दूनो दुध दुसह लदने में । काठकौबज पुरुष उवाच
लगो रहै बिक्री सदा होत दाम के गज । सब बजन के बीच में, भलौ काट को वज ।।
लट्ठा - सोठि पठा चले आवत दिसावर तें, मिल जमा भारी वारपाने ते अरज मैं । सुकवि गुपाल जासौ व्यौस वेरे वार बहु वढई- मजूर, ग्राम वरत मरज मैं । जग के किमामी, रुप रापत रहत होत
सवही की सुप जाकी सहज जरज मा मिलत वरज, जान सरत गरज, कही होति न हरज, क्वी वाठ के बनिज मैं ॥
१ व टन म २ यह प्रसग मु है म नहीं है ।
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रिमो- बैल-टाला - टूम- रुप, घर-घर तोगें, पात- पियत में छाती जरी जाति धनिये । टाम टटै पामी, हाल परिजात साम्ही, याते भूलि के अमाह मी, बौहरे की नहीं बनिय । लदैनो' पुरुष उवाच न्योहरेन वे दुख कहे, प्यारो चतुर सुजान । तन मुलदेने के पहे, सुख गुपाल गुणभान ।। कवित आपनो-परायो धन रहस्या वरे हाथ, संग माथ हा में परन पराउ सदा देने को नायक महावै, ओ किराने लादि नावै, भारो भरम बढावे ओ' रहेन डर देने का । खाय न ठगाई, चतुराई ते कमाई, टव, जावे माल बिकरी खरीदि करि नेने को । बहन 'गुपाल कवि' मेरे ज्ञान मेंनो याते, सनही ते भलो रुजिगार है लदने को । स्त्री उवाच सोरठा बबहुं न कीज राह, भूलिहू या रजिगार को निशि दिन चालेराह सवते दुखो नदनिया । एक यr प्रमग व मे अगने विज्ञान म है । पर विषय की विनामक अन्नगत है । भ में मारा इस प्रवार प्यागे चतुर मुजान सुन्त प्रनिज ग्रुप आन ना जाय व ॥ भूमि मे शयन, निशि- रयति यरान हाति, बोलना परत यूठ-साच लेने दन म । चिता नित रहति, जिनसि घटिदिन की, जिय जाध्यो ज्यान का रहत दर टन म । देश-परदेशन में डालना परत, भले भेस ही सो सहनो परत सव धने म । कहत 'गुपान' कवि आइति विनाता होत दिन-दिन दूनो दुध दुसह लदने में । काठकौबज पुरुष उवाच लगो रहै बिक्री सदा होत दाम के गज । सब बजन के बीच में, भलौ काट को वज ।। लट्ठा - सोठि पठा चले आवत दिसावर तें, मिल जमा भारी वारपाने ते अरज मैं । सुकवि गुपाल जासौ व्यौस वेरे वार बहु वढई- मजूर, ग्राम वरत मरज मैं । जग के किमामी, रुप रापत रहत होत सवही की सुप जाकी सहज जरज मा मिलत वरज, जान सरत गरज, कही होति न हरज, क्वी वाठ के बनिज मैं ॥ एक व टन म दो यह प्रसग मु है म नहीं है ।
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राजनांदगांव, जितेंद्र जैन। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कोरोना संक्रमण के इस कठिन दौर में जिले की जनता से बेहद सावधानी और संयम बरतने की अपील की है। कलेक्टर ने आज अपने अपील में कहा है कि कोरोना से डरने की बजाय लड़ने की जरूरत है। लड़ने का आशय हमें संक्रमण से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। संयम और सावधानी से कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है और स्वयं को, परिवार को, समाज को सुरक्षित रखा जा सकता है।
कले्क्टर वर्मा ने राजनांदगांव शहर में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलाव को देखते हुए शहर की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अत्यावश्यक कार्य के बिना घरों से न निकलें। कोरोना संक्रमण को रोकना हम सब की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी है। समाज के हर आदमी को अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन करना होगा। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी जनता को इस महामारी से बचाने के लिए पूरी लगन और मेहनत से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कई बार देखने को मिलता है कि लोग बिना वजह घूमते रहते हैं। कोरोना संक्रमण का फैलाव गांवों, शहरों सभी तरफ हो रहा है। कोरोना संक्रमण समाज में फैलते जा रहा है। ऐसे में समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी बनती है। जनता की समझदारी और जिम्मेदारी से कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासनिक तौर पर कोरोना को हराने के लिए हर तरह की तैयारी की गई है। जनता को शासन-प्रशासन का सहयोग कराना चाहिए। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी भी व्यक्ति को थोड़ा बहुत भी कोरोना का लक्षण समझ आता हैं तो वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग के कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07744-224084 पर संपर्क कर सकते हैं। श्री वर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के लिए प्रोटोकाल बनाए गए है। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को खोलने-बंद करने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। व्यापारियों को भी प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना सबसे जरूरी है। बहुत जरूरी काम से लोग घर से निकले तो मास्क जरूर लगाएं। शासन-प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचने के लिए आम लोगों को जागरूक करने तरह-तरह के उपाए किए जा रहे हैं। आम जनता के सहयोग से ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम निश्चित रूप से सफल होंगे। श्री वर्मा ने जिले की जनता से कोरोना संक्रमण का फैलाव को रोकने के लिए पुनः सहयोग की अपील की है।
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राजनांदगांव, जितेंद्र जैन। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कोरोना संक्रमण के इस कठिन दौर में जिले की जनता से बेहद सावधानी और संयम बरतने की अपील की है। कलेक्टर ने आज अपने अपील में कहा है कि कोरोना से डरने की बजाय लड़ने की जरूरत है। लड़ने का आशय हमें संक्रमण से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। संयम और सावधानी से कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है और स्वयं को, परिवार को, समाज को सुरक्षित रखा जा सकता है। कले्क्टर वर्मा ने राजनांदगांव शहर में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलाव को देखते हुए शहर की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अत्यावश्यक कार्य के बिना घरों से न निकलें। कोरोना संक्रमण को रोकना हम सब की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी है। समाज के हर आदमी को अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन करना होगा। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी जनता को इस महामारी से बचाने के लिए पूरी लगन और मेहनत से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कई बार देखने को मिलता है कि लोग बिना वजह घूमते रहते हैं। कोरोना संक्रमण का फैलाव गांवों, शहरों सभी तरफ हो रहा है। कोरोना संक्रमण समाज में फैलते जा रहा है। ऐसे में समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी बनती है। जनता की समझदारी और जिम्मेदारी से कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासनिक तौर पर कोरोना को हराने के लिए हर तरह की तैयारी की गई है। जनता को शासन-प्रशासन का सहयोग कराना चाहिए। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी भी व्यक्ति को थोड़ा बहुत भी कोरोना का लक्षण समझ आता हैं तो वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग के कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नंबर सात हज़ार सात सौ चौंतालीस-दो लाख चौबीस हज़ार चौरासी पर संपर्क कर सकते हैं। श्री वर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के लिए प्रोटोकाल बनाए गए है। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को खोलने-बंद करने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। व्यापारियों को भी प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना सबसे जरूरी है। बहुत जरूरी काम से लोग घर से निकले तो मास्क जरूर लगाएं। शासन-प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचने के लिए आम लोगों को जागरूक करने तरह-तरह के उपाए किए जा रहे हैं। आम जनता के सहयोग से ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम निश्चित रूप से सफल होंगे। श्री वर्मा ने जिले की जनता से कोरोना संक्रमण का फैलाव को रोकने के लिए पुनः सहयोग की अपील की है।
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बॉलीवुड से जुड़ी खबरों में तो ज्यादातर लोग रुचि रखते हैं और इससे भी ज्यादा दिलचस्पी लोगों में सितारों की निजी जिंदगी को लेकर होती है। किस सितारे का पैचअप हुआ है, किसके बीच झगड़ा। फैंस हर बात की जानकारी रखना चाहते हैं। सेलिब्रिटीज भी खुद से जुड़ी बातें फैंस के साथ साझा करना नहीं भूलते हैं। तो चलिए जानते हैं आज किस सेलिब्रिटी ने दिया क्या अपडेट।
अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अपने बोल्ड अंदाज के लिए जानी जाती हैं। चाहें निजी जिंदगी हो या पेशेवर मोर्चा। वह अपने पति निक को भी स्पेशल फील करवाने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। आज भी एक्ट्रेस ने निक संग रोमांटिक अंदाज में अपनी तस्वीरें शेयर की हैं।
अभिनेत्री हिना खान अपने लुक को लेकर हमेशा चर्चा बटोरती हैं। लेटेस्ट तस्वीरों में उन्हें यलो कलर के कढ़ाई दार सूट में देखा जा सकता है, एक्ट्रेस ने चोकर स्टाइल कंठी के साथ बालों की ढीली पोनीटेल बांधी है और लुक को बेहद सिंपल रखा है, लेकिन उनकी शोख अदाएं किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी हैं।
एक्ट्रेस मौनी रॉय अक्सर अपने कातिलाना अंदाज से फैंस को दीवाना बनाती रहती हैं। उनकी हर एक तस्वीर सोशल मीडिया पर आते ही छा जाती है। आज भी एक्ट्रेस ने बोल्ड अंदाज में तस्वीरें शेयर की हैं। वह टोंड बॉडी और परफेक्ट फिगर फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं।
अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने आज लेटेस्ट तस्वीरें शेयर की हीं जिसमें उन्हें पिंक कलर के आउटफिट में देखा जा सकता है। एक्ट्रेस ने पिंक कलर के क्रॉप टॉप के साथ मैचिंग स्कर्ट के साथ लॉन्ग ब्लेजर को टीमअप किया है। जिस पर बारीक जरदोजी का काम है। ओवरऑल लुक में वह गॉर्जियस लग रही हैं।
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बॉलीवुड से जुड़ी खबरों में तो ज्यादातर लोग रुचि रखते हैं और इससे भी ज्यादा दिलचस्पी लोगों में सितारों की निजी जिंदगी को लेकर होती है। किस सितारे का पैचअप हुआ है, किसके बीच झगड़ा। फैंस हर बात की जानकारी रखना चाहते हैं। सेलिब्रिटीज भी खुद से जुड़ी बातें फैंस के साथ साझा करना नहीं भूलते हैं। तो चलिए जानते हैं आज किस सेलिब्रिटी ने दिया क्या अपडेट। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अपने बोल्ड अंदाज के लिए जानी जाती हैं। चाहें निजी जिंदगी हो या पेशेवर मोर्चा। वह अपने पति निक को भी स्पेशल फील करवाने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। आज भी एक्ट्रेस ने निक संग रोमांटिक अंदाज में अपनी तस्वीरें शेयर की हैं। अभिनेत्री हिना खान अपने लुक को लेकर हमेशा चर्चा बटोरती हैं। लेटेस्ट तस्वीरों में उन्हें यलो कलर के कढ़ाई दार सूट में देखा जा सकता है, एक्ट्रेस ने चोकर स्टाइल कंठी के साथ बालों की ढीली पोनीटेल बांधी है और लुक को बेहद सिंपल रखा है, लेकिन उनकी शोख अदाएं किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी हैं। एक्ट्रेस मौनी रॉय अक्सर अपने कातिलाना अंदाज से फैंस को दीवाना बनाती रहती हैं। उनकी हर एक तस्वीर सोशल मीडिया पर आते ही छा जाती है। आज भी एक्ट्रेस ने बोल्ड अंदाज में तस्वीरें शेयर की हैं। वह टोंड बॉडी और परफेक्ट फिगर फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने आज लेटेस्ट तस्वीरें शेयर की हीं जिसमें उन्हें पिंक कलर के आउटफिट में देखा जा सकता है। एक्ट्रेस ने पिंक कलर के क्रॉप टॉप के साथ मैचिंग स्कर्ट के साथ लॉन्ग ब्लेजर को टीमअप किया है। जिस पर बारीक जरदोजी का काम है। ओवरऑल लुक में वह गॉर्जियस लग रही हैं।
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गुजरात के द्वारका जिले में लगे सीकर के एसपी सुनील जाेशी ने पाकिस्तान से सप्लाई हाेकर आई करीब 64 किलाे ड्रग्स पकड़ी है। जोशी की इस उपलब्धि पर सीकर में पिवराली राेड पर उसके आवास व माेहल्ले में जश्न मनाया गया।
कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 315 कराेड़ रुपए है। ड्रग्स के साथ तीन आराेपियाें काे गिरफ्तार किया है। गिराेह का मास्टर माइंड सलीम कारा है और शहजाद घाेसी मुंबई के थाणे का रहने वाला है। दाे सगे भाई सलीम और इफरान पाकिस्तान से ड्रग्स लेकर आए थे। समुद्र के रास्ते उसके पास ये ड्रग्स पहुंची थी।
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गुजरात के द्वारका जिले में लगे सीकर के एसपी सुनील जाेशी ने पाकिस्तान से सप्लाई हाेकर आई करीब चौंसठ किलाे ड्रग्स पकड़ी है। जोशी की इस उपलब्धि पर सीकर में पिवराली राेड पर उसके आवास व माेहल्ले में जश्न मनाया गया। कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब तीन सौ पंद्रह कराेड़ रुपए है। ड्रग्स के साथ तीन आराेपियाें काे गिरफ्तार किया है। गिराेह का मास्टर माइंड सलीम कारा है और शहजाद घाेसी मुंबई के थाणे का रहने वाला है। दाे सगे भाई सलीम और इफरान पाकिस्तान से ड्रग्स लेकर आए थे। समुद्र के रास्ते उसके पास ये ड्रग्स पहुंची थी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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भारतीय ऑल राउंडर केदार जाधव ने शुक्रवार को मुंबई में कहा कि वह दो से तीन हफ्ते के समय में खेलना शुरू कर देंगे. आईपीएल के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के बाद जाधव को सर्जरी करानी पड़ी थी. चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते हुए जाधव को इस साल आईपीएल के उद्धाटन मुकाबले में मुंबई इंडियंस के खिलाफ चोट लगी थी. इसके बाद वह पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए.
33 वर्षीय महाराष्ट्र के क्रिकेटर ने बताया कि उन्हें यह तीसरी बार चोट लगी है. जिसकी वजह से यह चोट बेहद गंभीर हो चुकी थी. सबसे पहले दिसंबर में धर्मशाला में श्रीलंका के खिलाफ चोट लगी, फिर तीसरे वन-डे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और इसके बाद आईपीएल में चोटिल हुआ.
टीम इंडिया के प्रतिभाशाली खिलाड़ी जाधव के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 40 वनडे मैच खेलते हुए 798 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 3 अर्धशतक जड़े. जाधव का सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 120 रन है.
इसके अलावा उन्होंने इस फॉर्मेट में गेंदबाजी करते हुए 16 विकेट भी झटके हैं. उनका गेंदबाजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 विकेट लेकर 29 रन देना रहा है. इसके अलावा जाधव ने 6 इंटरनेशनल टी-20 पारियों में 120 रन बनाए हैं.
टी-20 में वह तक 1 फिफ्टी भी लगा चुके हैं। महाराष्ट्र की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले केदार टीम इंडिया के मुख्य खिलाड़ी बन गए थे, लेकिन इस चोट के बाद उन्हें दोबारा टीम इंडिया में अपनी जगह बनानी होगी.
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भारतीय ऑल राउंडर केदार जाधव ने शुक्रवार को मुंबई में कहा कि वह दो से तीन हफ्ते के समय में खेलना शुरू कर देंगे. आईपीएल के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट के बाद जाधव को सर्जरी करानी पड़ी थी. चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते हुए जाधव को इस साल आईपीएल के उद्धाटन मुकाबले में मुंबई इंडियंस के खिलाफ चोट लगी थी. इसके बाद वह पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए. तैंतीस वर्षीय महाराष्ट्र के क्रिकेटर ने बताया कि उन्हें यह तीसरी बार चोट लगी है. जिसकी वजह से यह चोट बेहद गंभीर हो चुकी थी. सबसे पहले दिसंबर में धर्मशाला में श्रीलंका के खिलाफ चोट लगी, फिर तीसरे वन-डे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और इसके बाद आईपीएल में चोटिल हुआ. टीम इंडिया के प्रतिभाशाली खिलाड़ी जाधव के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक चालीस वनडे मैच खेलते हुए सात सौ अट्ठानवे रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने दो शतक और तीन अर्धशतक जड़े. जाधव का सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर एक सौ बीस रन है. इसके अलावा उन्होंने इस फॉर्मेट में गेंदबाजी करते हुए सोलह विकेट भी झटके हैं. उनका गेंदबाजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तीन विकेट लेकर उनतीस रन देना रहा है. इसके अलावा जाधव ने छः इंटरनेशनल टी-बीस पारियों में एक सौ बीस रन बनाए हैं. टी-बीस में वह तक एक फिफ्टी भी लगा चुके हैं। महाराष्ट्र की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले केदार टीम इंडिया के मुख्य खिलाड़ी बन गए थे, लेकिन इस चोट के बाद उन्हें दोबारा टीम इंडिया में अपनी जगह बनानी होगी.
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नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। रविवार को कुछ कश्मीरी पंडित भी शाहीन बाग पहुंचे और नारा लगाने लगे कि कश्मीरी पंडितों को न्याय दो। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और कश्मीरी पंडितों के बीच हाथापाई हो गई।
इसमें से एक मुस्लिम प्रदर्शनकारी ने कहा कि पूरे भारत को न्याय दो, इसे कश्मीरी पंडितों ने बोलने से इनकार कर दिया।
वहीं आपको बता दें कि ट्विटर पर आज #HumWapasAayenge ट्रेंड हो रहा है। इसके पीछे 19 जनवरी 1990 की वह काली रात है जब कश्मीरी पंडितों को अपना घर, अपने वतन छोड़कर भागना पड़ा था। कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों ने कश्मीरी पंडितों के बच्चों को मारा, औरतों का बलात्कार किया और परिवारों को पलायन के लिए मजबूर किया।
उस दौर के दर्द को दिखाने वाली 'शिकारा' नाम की एक फिल्म आ रही है। 7 फरवरी को रिलीज होने को तैयार इस फिल्म के लेखक-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा हैं। इस फिल्म के स्क्रीनप्ले लेखक राहुल पंडिता ने 17 जनवरी को फिल्म का एक डायलॉग वीडियो बनाकर ट्वीट किया जिसमें कहा गया है 'हम आएंगे अपने वतन हाजी साहब... और यहीं पे दिल लगाएंगे, यहीं पे मरेंगे... और यहीं के पानी में हमारी राख बहाई जाएगी।
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नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। रविवार को कुछ कश्मीरी पंडित भी शाहीन बाग पहुंचे और नारा लगाने लगे कि कश्मीरी पंडितों को न्याय दो। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और कश्मीरी पंडितों के बीच हाथापाई हो गई। इसमें से एक मुस्लिम प्रदर्शनकारी ने कहा कि पूरे भारत को न्याय दो, इसे कश्मीरी पंडितों ने बोलने से इनकार कर दिया। वहीं आपको बता दें कि ट्विटर पर आज #HumWapasAayenge ट्रेंड हो रहा है। इसके पीछे उन्नीस जनवरी एक हज़ार नौ सौ नब्बे की वह काली रात है जब कश्मीरी पंडितों को अपना घर, अपने वतन छोड़कर भागना पड़ा था। कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों ने कश्मीरी पंडितों के बच्चों को मारा, औरतों का बलात्कार किया और परिवारों को पलायन के लिए मजबूर किया। उस दौर के दर्द को दिखाने वाली 'शिकारा' नाम की एक फिल्म आ रही है। सात फरवरी को रिलीज होने को तैयार इस फिल्म के लेखक-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा हैं। इस फिल्म के स्क्रीनप्ले लेखक राहुल पंडिता ने सत्रह जनवरी को फिल्म का एक डायलॉग वीडियो बनाकर ट्वीट किया जिसमें कहा गया है 'हम आएंगे अपने वतन हाजी साहब... और यहीं पे दिल लगाएंगे, यहीं पे मरेंगे... और यहीं के पानी में हमारी राख बहाई जाएगी।
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तालबेहट में महाविद्यालय में संचालित इकाई के तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन शिविरार्थियों ने सुबह गोद लिए गांव तरगुवां में कोविड जागरूकता रैली निकाली। पूरे विश्व को प्रभावित कर देने वाली कोरोना जैसी महामारी से कैसे बचाव किया जाये और इसे कैसे खत्म किया जाये, ग्रामीणवासियों को कोविड-19 के प्रोटोकाल एवं नियमों के अनुपालन के लिए जागरूक किया। ग्रामवासियों को मास्क वितरित भी किया।
इसके बाद शिविरार्थियों ने राजकीय आश्रम पद्यति विद्यालय में जाकर छात्र-छात्राओं को कोरोना से बचाव के लिएा मास्क लगाना, दो गज की दूरी बनायें रखना एवं स्वच्छता व सफाई से रहने पर जोर दिया। विद्यालय में ही आयोजित गोष्ठी के दौरान प्रधानाचार्य एवं अन्य शिक्षकगणों ने अपने-अपने विचारों से शिविरार्थियों को कोविड जागरूकता सम्बंधी जानकारी दी। इस दौरान बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन डा नरेन्द्र प्रताप सिंह, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, पुलवारा बार के मुख्य आतिथ्य व डा सुनिल कुमार सुरोठिया के विशिष्ट आतिथ्य में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी का शुभारम्भ ऋतु विश्वकर्मा व आशी जैन ने गीत से किया। गोष्ठी के दौरान डा सुनिल कुमार सुरीठिया ने नीति-निर्देशक तत्वों का हवाला देते हुए कहा कि सभी के स्वास्थ्य का ध्यान रखना राज्य का कर्तव्य है। मुख्य अतिथि डा नरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्र की सेवा हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना जैसे कार्यक्रमों की अहम भूमिका होती है, जो समाज में सेवाभाव, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं एकता का पाठ पढ़ाती हैं।
प्रो शीतल प्रसाद खटीक ने छात्रों से सामाजिक कार्यों में बढ़ चढक़र हिस्सा लेने का आहवान किया। डा राजेन्द्र कुमार ने कोविड-19 से होने वाले सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। अंत में कार्यक्रम अधिकारी प्रो गजेन्द्र नाथ ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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तालबेहट में महाविद्यालय में संचालित इकाई के तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन शिविरार्थियों ने सुबह गोद लिए गांव तरगुवां में कोविड जागरूकता रैली निकाली। पूरे विश्व को प्रभावित कर देने वाली कोरोना जैसी महामारी से कैसे बचाव किया जाये और इसे कैसे खत्म किया जाये, ग्रामीणवासियों को कोविड-उन्नीस के प्रोटोकाल एवं नियमों के अनुपालन के लिए जागरूक किया। ग्रामवासियों को मास्क वितरित भी किया। इसके बाद शिविरार्थियों ने राजकीय आश्रम पद्यति विद्यालय में जाकर छात्र-छात्राओं को कोरोना से बचाव के लिएा मास्क लगाना, दो गज की दूरी बनायें रखना एवं स्वच्छता व सफाई से रहने पर जोर दिया। विद्यालय में ही आयोजित गोष्ठी के दौरान प्रधानाचार्य एवं अन्य शिक्षकगणों ने अपने-अपने विचारों से शिविरार्थियों को कोविड जागरूकता सम्बंधी जानकारी दी। इस दौरान बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन डा नरेन्द्र प्रताप सिंह, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, पुलवारा बार के मुख्य आतिथ्य व डा सुनिल कुमार सुरोठिया के विशिष्ट आतिथ्य में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारम्भ ऋतु विश्वकर्मा व आशी जैन ने गीत से किया। गोष्ठी के दौरान डा सुनिल कुमार सुरीठिया ने नीति-निर्देशक तत्वों का हवाला देते हुए कहा कि सभी के स्वास्थ्य का ध्यान रखना राज्य का कर्तव्य है। मुख्य अतिथि डा नरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्र की सेवा हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना जैसे कार्यक्रमों की अहम भूमिका होती है, जो समाज में सेवाभाव, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं एकता का पाठ पढ़ाती हैं। प्रो शीतल प्रसाद खटीक ने छात्रों से सामाजिक कार्यों में बढ़ चढक़र हिस्सा लेने का आहवान किया। डा राजेन्द्र कुमार ने कोविड-उन्नीस से होने वाले सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। अंत में कार्यक्रम अधिकारी प्रो गजेन्द्र नाथ ने सभी का आभार व्यक्त किया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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स्वर्ण मंदिर के बाद पंजाब के कपूरथला से भी लिंचिंग की घटना सामने आई थी, जहां कुछ लोगों ने निशान साहिब से कथित बेअदबी के आरोप में एक युवक को पीट-पीट कर मार डाला था। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि युवक के शरीर पर 30 चोटें थीं जिनमें से ज्यादातर तलवार से लगी हुई हैं।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी नरिंदर सिंह ने बताया कि स्थानीय सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के पांच सदस्यीय बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया था। इस दौरान पता चला था कि मृतक के शरीर पर तलवार से चोट के कई निशान थे, तलवार के वार के कारण उसके शरीर पर तेज कट पाए गए हैं। युवक की गर्दन, सिर, छाती और कूल्हे पर गहरे घाव पाए गए हैं। भीड़ के हमले में मारे गए गए युवक की अभी पहचान नहीं हो पाई है। इस मामले में पुलिस द्वारा अभी तक हत्या का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
नरिंदर सिंह ने बताया कि विसरा के केमिकल टेस्ट के बाद पता लगाया जा सकेगा कि वह नशे में था या नहीं। डॉक्टरों ने डीएनए टेस्ट के लिए उसके बाल, दांत और खून के नमूने लिए गए हैं।
यह हत्या अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में कथित रूप से बेअदबी की कोशिश में एक अन्य व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या करने के एक दिन बाद हुई। घटना के बाद पुलिस ने कहा था कि कपूरथला-सुभनापुर रोड पर निजामपुर गांव के गुरुद्वारे में किसी तरह की बेअदबी के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
शहर के पुलिस उपाधीक्षक सुरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने उसकी पहचान करने की पूरी कोशिश की लेकिन, अभी तक कोई भी शव का दावा करने के लिए आगे नहीं आया है। शव लेने के लिए किसी के नहीं आने पर युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, हत्या का मामला दर्ज किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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स्वर्ण मंदिर के बाद पंजाब के कपूरथला से भी लिंचिंग की घटना सामने आई थी, जहां कुछ लोगों ने निशान साहिब से कथित बेअदबी के आरोप में एक युवक को पीट-पीट कर मार डाला था। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि युवक के शरीर पर तीस चोटें थीं जिनमें से ज्यादातर तलवार से लगी हुई हैं। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी नरिंदर सिंह ने बताया कि स्थानीय सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के पांच सदस्यीय बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया था। इस दौरान पता चला था कि मृतक के शरीर पर तलवार से चोट के कई निशान थे, तलवार के वार के कारण उसके शरीर पर तेज कट पाए गए हैं। युवक की गर्दन, सिर, छाती और कूल्हे पर गहरे घाव पाए गए हैं। भीड़ के हमले में मारे गए गए युवक की अभी पहचान नहीं हो पाई है। इस मामले में पुलिस द्वारा अभी तक हत्या का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। नरिंदर सिंह ने बताया कि विसरा के केमिकल टेस्ट के बाद पता लगाया जा सकेगा कि वह नशे में था या नहीं। डॉक्टरों ने डीएनए टेस्ट के लिए उसके बाल, दांत और खून के नमूने लिए गए हैं। यह हत्या अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में कथित रूप से बेअदबी की कोशिश में एक अन्य व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या करने के एक दिन बाद हुई। घटना के बाद पुलिस ने कहा था कि कपूरथला-सुभनापुर रोड पर निजामपुर गांव के गुरुद्वारे में किसी तरह की बेअदबी के कोई सबूत नहीं मिले हैं। शहर के पुलिस उपाधीक्षक सुरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने उसकी पहचान करने की पूरी कोशिश की लेकिन, अभी तक कोई भी शव का दावा करने के लिए आगे नहीं आया है। शव लेने के लिए किसी के नहीं आने पर युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, हत्या का मामला दर्ज किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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चीनी स्मार्टफोन शाओमी ने भारतीय मार्केट में Redmi Note 7, Note 7 Pro लॉन्च कर दिया है. इससे पहले ही सैमसंग ने Note 7 Pro के रेंज का Galaxy M30 लॉन्च किया था. असल में सैमसंग का टार्गेट शाओमी से लोहा लेना है, क्योंकि इस सेग्मेंट में सैमसंग भारत में शाओमी से पीछे है.
आइए स्पेसिफिकेशन्स और कुछ फीचर्स के आधार पर जानते हैं इन दोनों स्मार्टफोन्स में क्या समानताएं हैं और क्या अलग है.
प्राइस - Redmi Note 7 Pro के 4GB रैम वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये है. 6GB रैम वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपये है. इसके तीन कलर वेरिएंट्स हैं. इनमें ब्लू, रेड और ब्लैक शामिल हैं.
रियर कैमरा - डुअल कैम सेटअप (48 मेगापिक्सल और 5 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसर)
बैटरी - 4,000mAh (क्विक चार्ज 4 सपोर्ट)
Samsung Galaxy M30सैमसंग के इस स्मार्टफोन के बेस वेरिएंट की कीमत 14,990 रुपये है. इसमें 4GB रैम है. जबकि दूसरे वेरिएंट में 6GB रैम के साथ 128GB की इंटर्नल मेमोरी दी गई है. इसकी कीमत 17,990 रुपये है. इस स्मार्टफोन की कुछ खासियतों की बात करें तो इसमें Super AMOLED डिस्प्ले दी गई है, बेजल कम हैं और तीन रियर कैमरे दिए गए हैं.
रियर कैमरा - ट्रिपल कैमरा सेटअप ( 13MP+5MP+5MP)
बैटरी - 5,000mAh (फास्ट चार्जिंग सपोर्ट)
दोनों स्मार्टफोन्स में कुछ ज्यादा फर्क नहीं है. दो ही स्मार्टफोन्स में दिए गए प्रोसेसर्स ऑक्टाकोर सीपीयू हैं. हालांकि दोनों एक दूसरे से अलग हैं. Samsung का Exynos 14nm फैब्रिकेशन प्रोसेस वाला है, जबकि Snapdragon 11nm फैब्रिकेशन प्रोसेस वाला है. इन दोनों स्मार्टफोन्स में कौन आगे है, फिलहाल ये कहना मुश्किल है. रिव्यू के बाद शायद ये साफ हो जाएगा. लेकिन अभी के लिए इनता है कि ये दोनों एक दूसरे को नेक टु नेक फाइट देंगे.
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चीनी स्मार्टफोन शाओमी ने भारतीय मार्केट में Redmi Note सात, Note सात Pro लॉन्च कर दिया है. इससे पहले ही सैमसंग ने Note सात Pro के रेंज का Galaxy Mतीस लॉन्च किया था. असल में सैमसंग का टार्गेट शाओमी से लोहा लेना है, क्योंकि इस सेग्मेंट में सैमसंग भारत में शाओमी से पीछे है. आइए स्पेसिफिकेशन्स और कुछ फीचर्स के आधार पर जानते हैं इन दोनों स्मार्टफोन्स में क्या समानताएं हैं और क्या अलग है. प्राइस - Redmi Note सात Pro के चारGB रैम वेरिएंट की कीमत तेरह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये है. छःGB रैम वेरिएंट की कीमत सोलह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये है. इसके तीन कलर वेरिएंट्स हैं. इनमें ब्लू, रेड और ब्लैक शामिल हैं. रियर कैमरा - डुअल कैम सेटअप बैटरी - चार,शून्यmAh Samsung Galaxy Mतीससैमसंग के इस स्मार्टफोन के बेस वेरिएंट की कीमत चौदह,नौ सौ नब्बे रुपयापये है. इसमें चारGB रैम है. जबकि दूसरे वेरिएंट में छःGB रैम के साथ एक सौ अट्ठाईसGB की इंटर्नल मेमोरी दी गई है. इसकी कीमत सत्रह,नौ सौ नब्बे रुपयापये है. इस स्मार्टफोन की कुछ खासियतों की बात करें तो इसमें Super AMOLED डिस्प्ले दी गई है, बेजल कम हैं और तीन रियर कैमरे दिए गए हैं. रियर कैमरा - ट्रिपल कैमरा सेटअप बैटरी - पाँच,शून्यmAh दोनों स्मार्टफोन्स में कुछ ज्यादा फर्क नहीं है. दो ही स्मार्टफोन्स में दिए गए प्रोसेसर्स ऑक्टाकोर सीपीयू हैं. हालांकि दोनों एक दूसरे से अलग हैं. Samsung का Exynos चौदहnm फैब्रिकेशन प्रोसेस वाला है, जबकि Snapdragon ग्यारहnm फैब्रिकेशन प्रोसेस वाला है. इन दोनों स्मार्टफोन्स में कौन आगे है, फिलहाल ये कहना मुश्किल है. रिव्यू के बाद शायद ये साफ हो जाएगा. लेकिन अभी के लिए इनता है कि ये दोनों एक दूसरे को नेक टु नेक फाइट देंगे.
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नई दिल्लीः ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से बोरिस जॉनसन के इस्तीफा देने के बाद ब्लैकपूल स्थित मोम संग्रहालय ने एक बड़ा ऐलान किया है. उनके इस्तीफे देने के तुरंत बाद ही संग्रहालय ने उनकी मोम की प्रतिमा को म्यूजियम से हटा दिया है. उनकी इस प्रतिमा को मैडम तुसाद ने लंकाशायर में रोड किनारे एक जॉब सीकिंग सेंटर के बाहर खड़ा कर दिया है. मैडम तुसाद ने खुद इस बात की पुष्टि की है. म्यूजियम का मानना है कि बोरिस अब पीएम नहीं हैं, इन स्थिति में उनकी मूर्ति हटाई गई है.
बोरिस की मोम की प्रतिमा को वैकेंसी लिखे एक बोर्ड के नजदीक रखा गया है. यह दर्शाने की कोशिश की गई है कि बोरिस जॉनसन काम की तलाश में हैं. बोरिस ने 7 जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देते वक्त कहा था कि मैं चाहता हूं कि आप जरुर जान लें कि मैं दुनिया की सबसे अच्छी नौकरी छोड़ने के लिए में कितना दुखी हूं. बोरिस की प्रतिमा को लोगों ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया. इस वक्त काफी ट्रेंड भी किया.
जॉब सेंटर के बाहर रखी इस मोम की मूर्ति में बोरिस यूनिफॉर्म में दिख रहे है. लोग रोड किनारे इस मूर्ति को देखकर अचंभित हो रहे हैं. वहीं मूर्ति के साथ फोटो क्लिक कराना नहीं भूल रहे हैं. जॉब सेंटर के बाहर सड़क पर रखी बोरिस जॉनसन की इस मूर्ति का अनावरण इसी साल मार्च में मैडम तुसाद द्वारा की गई थी. इस प्रतिमा को बनाने में लगभत 20 कलाकारों ने सामूहिक रूप से योगदान दिया था. 8 महीने की कड़ी मेहनत के बाद मूर्ति बनी थी. जहां अभी बोरिस की प्रतिमा है वहां जॉब वैकेंसी का एक बोर्ड भी लगा है.
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नई दिल्लीः ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से बोरिस जॉनसन के इस्तीफा देने के बाद ब्लैकपूल स्थित मोम संग्रहालय ने एक बड़ा ऐलान किया है. उनके इस्तीफे देने के तुरंत बाद ही संग्रहालय ने उनकी मोम की प्रतिमा को म्यूजियम से हटा दिया है. उनकी इस प्रतिमा को मैडम तुसाद ने लंकाशायर में रोड किनारे एक जॉब सीकिंग सेंटर के बाहर खड़ा कर दिया है. मैडम तुसाद ने खुद इस बात की पुष्टि की है. म्यूजियम का मानना है कि बोरिस अब पीएम नहीं हैं, इन स्थिति में उनकी मूर्ति हटाई गई है. बोरिस की मोम की प्रतिमा को वैकेंसी लिखे एक बोर्ड के नजदीक रखा गया है. यह दर्शाने की कोशिश की गई है कि बोरिस जॉनसन काम की तलाश में हैं. बोरिस ने सात जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देते वक्त कहा था कि मैं चाहता हूं कि आप जरुर जान लें कि मैं दुनिया की सबसे अच्छी नौकरी छोड़ने के लिए में कितना दुखी हूं. बोरिस की प्रतिमा को लोगों ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया. इस वक्त काफी ट्रेंड भी किया. जॉब सेंटर के बाहर रखी इस मोम की मूर्ति में बोरिस यूनिफॉर्म में दिख रहे है. लोग रोड किनारे इस मूर्ति को देखकर अचंभित हो रहे हैं. वहीं मूर्ति के साथ फोटो क्लिक कराना नहीं भूल रहे हैं. जॉब सेंटर के बाहर सड़क पर रखी बोरिस जॉनसन की इस मूर्ति का अनावरण इसी साल मार्च में मैडम तुसाद द्वारा की गई थी. इस प्रतिमा को बनाने में लगभत बीस कलाकारों ने सामूहिक रूप से योगदान दिया था. आठ महीने की कड़ी मेहनत के बाद मूर्ति बनी थी. जहां अभी बोरिस की प्रतिमा है वहां जॉब वैकेंसी का एक बोर्ड भी लगा है.
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नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सान्या मल्होत्रा की फिल्म फोटोग्राफ को पोस्टर रिलीज हो चुका है। फिल्म मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फोटोग्राफ का पोस्टर शेयर करते हुए फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान किया है। फिल्म 15 मार्च 2019 को रिलीज होगी। वहीं पोस्टर की बात करें तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी कैमरे के साथ नजर आ रहे हैं। वहीं सान्या मल्होत्रा कॉलेज बैग लिए नजर आ रही हैं।
फिल्म फोटोग्राफर को द लंचबॉक्स के डायरेक्टर रितेश ने ही डायेरक्ट किया है इस फिल्म में वह पहली बार नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम कर रहे हैं। फोटोग्राफ को पोस्टर रिलीज करते हुए साझा करते हुए फिल्म मेकर ने ऐसा कुछ लिखा कि एक फोटोग्राफ की मदद से दो संसार मिलते हैं, फोटोग्राफ मूवी अब 15 मार्च को भारत में रिलीज होगी।
आपको बता दें कि यह फिल्म मुम्बई पर आधारित फिल्म हैं। फिल्म में नवाज एक फोटोग्राफर के किरदार में नजर आएंगे और सान्या मल्होत्रा एक कॉलेज गर्ल के किरदार में हैं जो अपनी पढ़ाई में काफी तेजी हैं।
गौरतलब है कि बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को काफी सराहा गया है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में फिल्म के दिखाया गया था। फिल्म को शानदार रिव्यू मिला है। फिल्म फोटोग्राफ को इससे पहले सनडांस फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर किया गया था और साथ ही सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में से एक - बर्लिन फिल्म फेस्टिवल भी की दिखाई गई थी, जहां फ़िल्म को शानदार समीक्षा प्राप्त हुई और आलोचकों द्वारा भी काफी सराहा गया था। द लंचबॉक्स के सफल सहयोग के बाद निर्देशक रितेश एक बार फिर अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम कर रहे है।
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नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सान्या मल्होत्रा की फिल्म फोटोग्राफ को पोस्टर रिलीज हो चुका है। फिल्म मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फोटोग्राफ का पोस्टर शेयर करते हुए फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान किया है। फिल्म पंद्रह मार्च दो हज़ार उन्नीस को रिलीज होगी। वहीं पोस्टर की बात करें तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी कैमरे के साथ नजर आ रहे हैं। वहीं सान्या मल्होत्रा कॉलेज बैग लिए नजर आ रही हैं। फिल्म फोटोग्राफर को द लंचबॉक्स के डायरेक्टर रितेश ने ही डायेरक्ट किया है इस फिल्म में वह पहली बार नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम कर रहे हैं। फोटोग्राफ को पोस्टर रिलीज करते हुए साझा करते हुए फिल्म मेकर ने ऐसा कुछ लिखा कि एक फोटोग्राफ की मदद से दो संसार मिलते हैं, फोटोग्राफ मूवी अब पंद्रह मार्च को भारत में रिलीज होगी। आपको बता दें कि यह फिल्म मुम्बई पर आधारित फिल्म हैं। फिल्म में नवाज एक फोटोग्राफर के किरदार में नजर आएंगे और सान्या मल्होत्रा एक कॉलेज गर्ल के किरदार में हैं जो अपनी पढ़ाई में काफी तेजी हैं। गौरतलब है कि बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को काफी सराहा गया है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में फिल्म के दिखाया गया था। फिल्म को शानदार रिव्यू मिला है। फिल्म फोटोग्राफ को इससे पहले सनडांस फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर किया गया था और साथ ही सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में से एक - बर्लिन फिल्म फेस्टिवल भी की दिखाई गई थी, जहां फ़िल्म को शानदार समीक्षा प्राप्त हुई और आलोचकों द्वारा भी काफी सराहा गया था। द लंचबॉक्स के सफल सहयोग के बाद निर्देशक रितेश एक बार फिर अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम कर रहे है।
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आईफा में अभिनेता बॉबी देओल भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे। ये भी पढ़ें - बॉलीवुड के रहस्य जो आज भी हैं एक पहेली!
आईफा समारोह 24 जून तक चलेगा।
(आईएएनएस)
ये भी पढ़ें - बॉलीवुड के रहस्य जो आज भी हैं एक पहेली!
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आईफा में अभिनेता बॉबी देओल भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे। ये भी पढ़ें - बॉलीवुड के रहस्य जो आज भी हैं एक पहेली! आईफा समारोह चौबीस जून तक चलेगा। ये भी पढ़ें - बॉलीवुड के रहस्य जो आज भी हैं एक पहेली!
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मुंबई। टीम इंडिया के धाकड़ क्रिकेटर हार्दिक पंड्या पिता बनने वाले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी है। हार्दिक ने सोशल मीडिया पर नताशा स्टेनकोविच के बेबी बंप के साथ एक तस्वीर शेयर की है। उन्होंने इस तस्वीर पर कैप्शन लिखा कि हम अपनी जिंदगी में जल्द ही एक नए मेहमान का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं।
हार्दिक ने इसके साथ ही ऐलान किया कि वे और नताशा शादी के बंधन में बंध गए हैं। हार्दिक पंड्या ने इस साल की शुरुआत भी अपने फैंस को खुशखबरी देकर की थी। उन्होंने न्यू इयर पर फिल्मी अंदाज में नताशा के साथ बीच समंदर में सगाई की थी।
आपको बता दें कि चोट की वजह से हार्दिक पांड्या पिछले काफी समय से क्रिकेट से दूर है। उन्होंने वर्ल्ड कप 2019 के बाद क्रिकेट के मैदान पर वापसी की थी लेकिन चोट के उभर जाने के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा थ।
आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 के बाद से वह भारतीय टीम से लोअर बैक इंजरी की वजह से दूर चल रहे हैं। वर्ल्ड कप के बाद एक बार उन्होंने वापसी की थी, लेकिन चोट के फिर से उबर आने के बाद उन्हें क्रिकेट से दूर होना पड़ा। इस बीच उनकी लंदन में सर्जरी भी हुई।
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मुंबई। टीम इंडिया के धाकड़ क्रिकेटर हार्दिक पंड्या पिता बनने वाले हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी है। हार्दिक ने सोशल मीडिया पर नताशा स्टेनकोविच के बेबी बंप के साथ एक तस्वीर शेयर की है। उन्होंने इस तस्वीर पर कैप्शन लिखा कि हम अपनी जिंदगी में जल्द ही एक नए मेहमान का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं। हार्दिक ने इसके साथ ही ऐलान किया कि वे और नताशा शादी के बंधन में बंध गए हैं। हार्दिक पंड्या ने इस साल की शुरुआत भी अपने फैंस को खुशखबरी देकर की थी। उन्होंने न्यू इयर पर फिल्मी अंदाज में नताशा के साथ बीच समंदर में सगाई की थी। आपको बता दें कि चोट की वजह से हार्दिक पांड्या पिछले काफी समय से क्रिकेट से दूर है। उन्होंने वर्ल्ड कप दो हज़ार उन्नीस के बाद क्रिकेट के मैदान पर वापसी की थी लेकिन चोट के उभर जाने के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा थ। आईसीसी वर्ल्ड कप दो हज़ार उन्नीस के बाद से वह भारतीय टीम से लोअर बैक इंजरी की वजह से दूर चल रहे हैं। वर्ल्ड कप के बाद एक बार उन्होंने वापसी की थी, लेकिन चोट के फिर से उबर आने के बाद उन्हें क्रिकेट से दूर होना पड़ा। इस बीच उनकी लंदन में सर्जरी भी हुई।
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बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि।
महामोह तम पुंज जासु बचन रबिकर निकर।।
इन श्लोको के साथ गुरु जी ने उपदेश शुरू किया।
सारे शिष्य हाथ जोड़े गुरु के चरणों को स्पर्श किया।
"आज का उपदेश मे हम अर्जुन के उस कथन को लेंगे जिसमे वो पूछते है - हे कृष्ण आप एक तरफ कहते हो हम कुछ नही करते, जो भी होता है वो सब पहले से सुनिश्चित है, हमारा उसमे कोई हाथ नही है, और दूसरी तरफ कहते हो हमारा धर्म लड़ना ही है। ये दो बिपरित बाते क्यों? ये मुझे बिस्तार से समझाये।"गुरू जी बोले।
"इस संदर्भ मे भगवान कृष्ण ने अर्जुन को समझाते हुए कहा - हे पार्थ, मेरे कहने का अर्थ कोई द्वंद पैदा करना नही है,बल्कि ये समझना है कि हम चाहे कुछ भी करे कर्म से अपना नाता नही तोड़ सकते। जैसे नाक का काम स्वास लेना, कान का काम सुनना है, जिव्हा का काम चखना है, इसमे से कोई भी अपना धर्म छोड़ दे तो शरीर ठीक से काम नही होगा, वैसे ही तुम जिस कर्म के लिए आए हो वो करना ही पड़ेगा, वैसे तो सब मै ही करता हूं, फिर भी तुम जब आये हो तो तुम्हे ही करना पड़ेगा।"गुरू जी ने बोल रहे थे।
सारे ध्यान मग्न होकर सुन रहे थे, पर उन सबमे कोई था जो अपने ही दुनिया मे ध्यान मग्न है। गुरुजी ये सब देख कर मंद मंद मुस्करा रहे है, पर उनने उस समय टोकन उचित नही समझा, उन्होनें उसके डुबकी लगा के बाहर किनारे तक आने का इंतजार किया। बीच मे टोकने का मतलब वो डूब सकता है। डुबकी जब लगायेगा तभी मोती भी पा सकेगा।
एक घंटे बाद जब उपदेश खतम हो गया,सब उठकर जाने के लिए गुरु जी से आदेश लेने लगे, चरण स्पर्श कर के एक एक कर के निकलने लगे।
वो अभी भी बैठा हुआ है,सब चले गए पर वो अभी भी ध्यान से निकल नही है।
" बेटा चुन्नी, आज का उपदेश खतम हो गया है, क्या तुम्हे अभी भी कुछ पूछना है आज के उपदेश के संदर्भ मे।" गुरु जी अपना फिर से पलाथी लगाते हुए बोले।
चुन्नी एक दम से जागा।
"क्षमा गुरुवर, आज मेरा ध्यान यहाँ पर बिल्कुल नही था। मेरी हालत भी महाभारत वाले अर्जुन सी हो गई है। आत्मा बोलता सब मोह माया है, मन बोलता तुम्हे यहाँ से भागने नही देंगे।"
"गुरुजी मेरा मार्ग दर्शन करे।"
"मुझे ये संसार बिल्कुल निर्थर्थक लगता, मन बिल्कुल नही लगता, मै संयास ग्रहण करना चाहता हूँ।"चुन्नी सकुचाते हुए बोला।
हँसते हुए। गुरू जी।
"मै तुम्हारी मनोदशा समझ रहा हूँ। मै भी कभी इस दशा से गुजर चुका हूँ। मुझे जो दिख रहा वो तुम्हे नही दिख रहा।वत्स, तुम भयंकर परिणाम से डर रहे हो। तुम्हे क्या लग रहा तुम ये संसार त्याग कर इससे बच जाओगे। नही, हर कदम पर के नया संसार है।संयास संसार छोड़ने से मिल जाता तो भगवान राम और कृष्ण कभी संयासी नही कहलाते।"
"पर गुरू जी।" चुन्नी बोलते बोलते रुक गया।
" ये पर के चक्कर मे नही पड़ो, यही तुम्हे भटका रहा।मार्ग बिल्कुल साफ है,भगवान ने भी गीता मे कहा है कि जो संसार मे रहते हुए अपने परिवार का ख्याल रखते हुए, ये मानकर की ये मेरा धर्म है, बिना लिप्त हुए आगे बढ़ते है, मेरी नजर मे वही सबसे बड़े संयासी है।"गुरू जी ने चुन्नी के अधूरे सवाल का पूरा जवाब दिया।
"गुरुवर कोटि कोटि नमन आपका, मेरे मार्ग को सुगम बना दिया आपने।मेरी मन मे जो बादल छाए थे वो अब छट रहे है।"
"गुरू वर आप मुझे आशीर्वाद दे कि मेरे मन मे कभी दुविधा का बादल नही छाए। मै आपकी आज्ञा का पालन करूँगा।" चुन्नी गुरु जी के चरण छूते हुए बोला।
"मेरे आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है वत्स। तुम मेरे बेटे जैसे ही हो। तुम मेरे शब्दज पुत्र हो, शब्दज मतलब वो पुत्र जो शब्द से बनते है। तुम मेरे शब्द से बने हुए मेरे ही अंश हो।" गुरू जी भावुक होते हुए बोले।
दोनो भाव बिभोर हो गए।
कुछ पल के लिए समय जैसे थम गया। दोनो एक दूसरे के आँखो मे खो गए है। आँखो से अश्रु की धारा ऐसे फुट पड़ी जैसे नदी और समुद्र एक दूसरे से मिल रहे हो। जिसने भी वो पल देखा वो भी भाव मे बहता गया।
थोड़ी देर बाद दोनो प्रेम के सागर से बाहर निकले।
फिर चुन्नी ने गुरु जी के चरण और जोर से पकड़ लिए।
"पुत्र उठो, तुम प्रेम और भक्ति के चरम हो। तुम अपने सारे काम मे सफल होगे ये मेरा आशीर्वाद है। " गुरु जी चुन्नी को उठाते हुए बोले।
"गुरु वर मै कल सुबह पांच बजे की ट्रेन से निकल जाऊंगा।चार दिन बाद मेरे कॉलेज शुरू हो जायेंगे।
मद्रास मे दाखिल मिला है।"
"मुझे आज्ञा दीजिये और अपना आशीष प्रदान कीजिये जिससे मै अपने धर्म को अच्छे से निभा पाऊँ। " प्रणाम करते हुए चुन्नी उठने लगा।
"सदा खुश रहो।"
गुरू जी अपने पास रखे किताबों के गट्ठर से दो किताबे निकाल कर देते हुए बोला।
"ये मेरा प्रसाद समझकर रखो। जभी भी वक़्त मिले इन्हे आत्मसात करना। " गेरू जी ने किताबे चुन्नी को देते हुए बोला।
चुन्नी किताबों को लेकर आँखो से लगा लिया और प्रणाम कर के अपने थैले मे रख दिया।
"गुरु आज्ञा दे। अगली मुलाकात जब आपका आदेश होगा कभी हो पायेगा। " चुन्नी लाल ने हाथ जोड़कर आज्ञा ली।
"मंगलमय हो। " गुरू जी ने दोनो हाथ उपर उठा लिया।
चुन्नी वहाँ से निकल गया।
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बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि। महामोह तम पुंज जासु बचन रबिकर निकर।। इन श्लोको के साथ गुरु जी ने उपदेश शुरू किया। सारे शिष्य हाथ जोड़े गुरु के चरणों को स्पर्श किया। "आज का उपदेश मे हम अर्जुन के उस कथन को लेंगे जिसमे वो पूछते है - हे कृष्ण आप एक तरफ कहते हो हम कुछ नही करते, जो भी होता है वो सब पहले से सुनिश्चित है, हमारा उसमे कोई हाथ नही है, और दूसरी तरफ कहते हो हमारा धर्म लड़ना ही है। ये दो बिपरित बाते क्यों? ये मुझे बिस्तार से समझाये।"गुरू जी बोले। "इस संदर्भ मे भगवान कृष्ण ने अर्जुन को समझाते हुए कहा - हे पार्थ, मेरे कहने का अर्थ कोई द्वंद पैदा करना नही है,बल्कि ये समझना है कि हम चाहे कुछ भी करे कर्म से अपना नाता नही तोड़ सकते। जैसे नाक का काम स्वास लेना, कान का काम सुनना है, जिव्हा का काम चखना है, इसमे से कोई भी अपना धर्म छोड़ दे तो शरीर ठीक से काम नही होगा, वैसे ही तुम जिस कर्म के लिए आए हो वो करना ही पड़ेगा, वैसे तो सब मै ही करता हूं, फिर भी तुम जब आये हो तो तुम्हे ही करना पड़ेगा।"गुरू जी ने बोल रहे थे। सारे ध्यान मग्न होकर सुन रहे थे, पर उन सबमे कोई था जो अपने ही दुनिया मे ध्यान मग्न है। गुरुजी ये सब देख कर मंद मंद मुस्करा रहे है, पर उनने उस समय टोकन उचित नही समझा, उन्होनें उसके डुबकी लगा के बाहर किनारे तक आने का इंतजार किया। बीच मे टोकने का मतलब वो डूब सकता है। डुबकी जब लगायेगा तभी मोती भी पा सकेगा। एक घंटे बाद जब उपदेश खतम हो गया,सब उठकर जाने के लिए गुरु जी से आदेश लेने लगे, चरण स्पर्श कर के एक एक कर के निकलने लगे। वो अभी भी बैठा हुआ है,सब चले गए पर वो अभी भी ध्यान से निकल नही है। " बेटा चुन्नी, आज का उपदेश खतम हो गया है, क्या तुम्हे अभी भी कुछ पूछना है आज के उपदेश के संदर्भ मे।" गुरु जी अपना फिर से पलाथी लगाते हुए बोले। चुन्नी एक दम से जागा। "क्षमा गुरुवर, आज मेरा ध्यान यहाँ पर बिल्कुल नही था। मेरी हालत भी महाभारत वाले अर्जुन सी हो गई है। आत्मा बोलता सब मोह माया है, मन बोलता तुम्हे यहाँ से भागने नही देंगे।" "गुरुजी मेरा मार्ग दर्शन करे।" "मुझे ये संसार बिल्कुल निर्थर्थक लगता, मन बिल्कुल नही लगता, मै संयास ग्रहण करना चाहता हूँ।"चुन्नी सकुचाते हुए बोला। हँसते हुए। गुरू जी। "मै तुम्हारी मनोदशा समझ रहा हूँ। मै भी कभी इस दशा से गुजर चुका हूँ। मुझे जो दिख रहा वो तुम्हे नही दिख रहा।वत्स, तुम भयंकर परिणाम से डर रहे हो। तुम्हे क्या लग रहा तुम ये संसार त्याग कर इससे बच जाओगे। नही, हर कदम पर के नया संसार है।संयास संसार छोड़ने से मिल जाता तो भगवान राम और कृष्ण कभी संयासी नही कहलाते।" "पर गुरू जी।" चुन्नी बोलते बोलते रुक गया। " ये पर के चक्कर मे नही पड़ो, यही तुम्हे भटका रहा।मार्ग बिल्कुल साफ है,भगवान ने भी गीता मे कहा है कि जो संसार मे रहते हुए अपने परिवार का ख्याल रखते हुए, ये मानकर की ये मेरा धर्म है, बिना लिप्त हुए आगे बढ़ते है, मेरी नजर मे वही सबसे बड़े संयासी है।"गुरू जी ने चुन्नी के अधूरे सवाल का पूरा जवाब दिया। "गुरुवर कोटि कोटि नमन आपका, मेरे मार्ग को सुगम बना दिया आपने।मेरी मन मे जो बादल छाए थे वो अब छट रहे है।" "गुरू वर आप मुझे आशीर्वाद दे कि मेरे मन मे कभी दुविधा का बादल नही छाए। मै आपकी आज्ञा का पालन करूँगा।" चुन्नी गुरु जी के चरण छूते हुए बोला। "मेरे आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है वत्स। तुम मेरे बेटे जैसे ही हो। तुम मेरे शब्दज पुत्र हो, शब्दज मतलब वो पुत्र जो शब्द से बनते है। तुम मेरे शब्द से बने हुए मेरे ही अंश हो।" गुरू जी भावुक होते हुए बोले। दोनो भाव बिभोर हो गए। कुछ पल के लिए समय जैसे थम गया। दोनो एक दूसरे के आँखो मे खो गए है। आँखो से अश्रु की धारा ऐसे फुट पड़ी जैसे नदी और समुद्र एक दूसरे से मिल रहे हो। जिसने भी वो पल देखा वो भी भाव मे बहता गया। थोड़ी देर बाद दोनो प्रेम के सागर से बाहर निकले। फिर चुन्नी ने गुरु जी के चरण और जोर से पकड़ लिए। "पुत्र उठो, तुम प्रेम और भक्ति के चरम हो। तुम अपने सारे काम मे सफल होगे ये मेरा आशीर्वाद है। " गुरु जी चुन्नी को उठाते हुए बोले। "गुरु वर मै कल सुबह पांच बजे की ट्रेन से निकल जाऊंगा।चार दिन बाद मेरे कॉलेज शुरू हो जायेंगे। मद्रास मे दाखिल मिला है।" "मुझे आज्ञा दीजिये और अपना आशीष प्रदान कीजिये जिससे मै अपने धर्म को अच्छे से निभा पाऊँ। " प्रणाम करते हुए चुन्नी उठने लगा। "सदा खुश रहो।" गुरू जी अपने पास रखे किताबों के गट्ठर से दो किताबे निकाल कर देते हुए बोला। "ये मेरा प्रसाद समझकर रखो। जभी भी वक़्त मिले इन्हे आत्मसात करना। " गेरू जी ने किताबे चुन्नी को देते हुए बोला। चुन्नी किताबों को लेकर आँखो से लगा लिया और प्रणाम कर के अपने थैले मे रख दिया। "गुरु आज्ञा दे। अगली मुलाकात जब आपका आदेश होगा कभी हो पायेगा। " चुन्नी लाल ने हाथ जोड़कर आज्ञा ली। "मंगलमय हो। " गुरू जी ने दोनो हाथ उपर उठा लिया। चुन्नी वहाँ से निकल गया।
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पूर्व चैंपियन मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइटराइडर्स रविवार को जब आमने-सामने होंगे, तो दोनों का लक्ष्य अपने अभियान को ढर्रे पर लाने का होगा और रोहित शर्मा की टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती केकेआर के आक्रामक बल्लेबाजों को रोकने की होगी। मुंबई इंडियंस ने पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स को हराकर हार का सिलसिला तोड़ा, जबकि कोलकाता नाइटराइडर्स को ईडन गार्डंस पर विशाल स्कोर वाले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने हराया। पिछला मैच जीतने के बावजूद आईपीएल की सबसे कामयाब टीम मुंबई वानखेड़े स्टेडियम पर काफी दबाव में रहेगी।
इस सत्र में अभी तक रोहित शर्मा की टीम अपने चिर परिचित अंदाज में नहीं दिखी है। दो जीत और दो हार के बाद केकेआर अंकतालिका में चौथे स्थान पर है और मुंबई की तुलना में उसका रनरेट बहुत अच्छा है। मुंबई के लिए रोहित ने दिल्ली के खिलाफ 65 रन बनाए, लेकिन उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वहीं सूर्यकुमार यादव का खराब फॉर्म लंबा होता जा रहा है। टाइटंस के खिलाफ आखिरी ओवर में पांच छक्के लगाने वाले रिंकू सिंह ने पिछले मैच में 58 रन बनाकर विरोधी टीमों की नींदे उड़ा दी है। उनके अलावा कप्तान नितिश राणा, वेंकटेश अय्यर, रहमानुल्लाह गुरबाज और शार्दुल ठाकुर ने भी रन बनाए हैं।
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पूर्व चैंपियन मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइटराइडर्स रविवार को जब आमने-सामने होंगे, तो दोनों का लक्ष्य अपने अभियान को ढर्रे पर लाने का होगा और रोहित शर्मा की टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती केकेआर के आक्रामक बल्लेबाजों को रोकने की होगी। मुंबई इंडियंस ने पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स को हराकर हार का सिलसिला तोड़ा, जबकि कोलकाता नाइटराइडर्स को ईडन गार्डंस पर विशाल स्कोर वाले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने हराया। पिछला मैच जीतने के बावजूद आईपीएल की सबसे कामयाब टीम मुंबई वानखेड़े स्टेडियम पर काफी दबाव में रहेगी। इस सत्र में अभी तक रोहित शर्मा की टीम अपने चिर परिचित अंदाज में नहीं दिखी है। दो जीत और दो हार के बाद केकेआर अंकतालिका में चौथे स्थान पर है और मुंबई की तुलना में उसका रनरेट बहुत अच्छा है। मुंबई के लिए रोहित ने दिल्ली के खिलाफ पैंसठ रन बनाए, लेकिन उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वहीं सूर्यकुमार यादव का खराब फॉर्म लंबा होता जा रहा है। टाइटंस के खिलाफ आखिरी ओवर में पांच छक्के लगाने वाले रिंकू सिंह ने पिछले मैच में अट्ठावन रन बनाकर विरोधी टीमों की नींदे उड़ा दी है। उनके अलावा कप्तान नितिश राणा, वेंकटेश अय्यर, रहमानुल्लाह गुरबाज और शार्दुल ठाकुर ने भी रन बनाए हैं।
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Jharkhand News झामुमो-कांग्रेस और राजद नेताओं ने राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। यही वजह है कि भाजपा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तरह तरह का आरोप लगा रही है।
रांची, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम पत्थर खदान लीज आवंटन मामले में राज्यपाल रमेश बैस द्वारा भारत निर्वाचन आयोग से मंतव्य मांगे जाने तथा सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा मुख्यमंत्री के विरुद्ध एक और आरोप लगाए जाने के बाद अब सत्तारूढ़ झामुमो, कांग्रेस और राजद ने भी गाेलबंदी शुरू कर दी है। सोमवार को शाम पांच बजे तीनों दलों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर भाजपा पर हेमंत सरकार को अस्थिर करने का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा राज्यपाल को भी भ्रम में रखा जा रहा है। साथ ही पूरी विवेचना तथा संतुष्ट होने के बाद ही राज्यपाल से किसी भी तरह की कार्रवाई का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त भी किया है कि राजभवन द्वारा कोई भी कार्रवाई विधिसम्मत ही की जाएगी। कानून का उल्लंघन होने नहीं दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक मथुरा महतो, सुदिव्य कुमार सोनू, राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाड़ी तथा झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य शामिल थे। राज्यपाल से मिलकर राजभवन से निकलने के बाद मीडिया से रूबरू झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री के विरुद्ध जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे आधारहीन हैंं। सिर्फ सरकार को अस्थिर करने की नीयत से ऐसा किया जा रहा है।
वहीं, झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार साेनू ने कहा कि तीनों दलों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सारी चीजों से अवगत कराते हुए नैसर्गिक न्याय के तहत पीड़ित पक्ष से भी पूछे जाने का अनुरोध किया है।
राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जिस तरह भाजपा का ज्ञापन भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया, उसी तरह उनका भी ज्ञापन आयोग को भेज दिया जाएगा। सुदिव्य ने कहा कि आरोप लगाना और आरोप प्रमाणित होना, दोनों अलग-अलग चीजें हैं।
यह भी आरोप लगाया कि जब से वर्तमान सरकार का गठन हुआ है, तभी से भाजपा इस सरकार को गिराने का बार-बार प्रयास कर रही है। उपचुनाव के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने इसे लेकर बयान दिया तो बाबूलाल मरांडी भी राज्य में घूम-घूमकर राज्य सरकार के गिरने की बात कह रहे हैं। यह भी कहा कि चुनाव पूर्व बने इस महागठबंधन की सरकार पूरी मजबूती के साथ बनी रहेगी। भाजपा का मंसूबा पूरा नहीं होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम भूमि आवंटित किए जाने के आरोप लगाए जाने के सवाल पर झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर दास अभी पूरी तरह बेरोजगार और खाली बैठे हैं। खाली दिमाग से वे कुछ भी कल्पना कर लेते हैं। सारे तथ्य सामने हैं। उनकी विवेचना होगी तो उनका आरोप गलत साबित हो जाएगा।
सत्यानंद भोक्ता संयुक्त प्रतिनिधिमंडल में राजद की ओर से शामिल श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि भाजपा रोज पटाखा छोड़ रही है। जब से सरकार बनी है तब से कोई न कोई आरोप लगा रही है। दो साल तो काेरोना में खत्म हो गए। अब छह माह से सरकार सरपट काम कर रही है तो विपक्ष सरकार को गिराने में ही लग गई है। कहा, भाजपा के लोग रोज कुछ न कुछ बोल रहे हैं, ऐसे में वे जवाब नहीं देंगे तो लगेगा कि आरोप सही है।
राजेश कच्छपप्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि भाजपा द्वारा राज्य में भ्रम की स्थिति फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को बदनाम करने की नीयत से ऐसा किया जा रहा है। सरकार पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका ही खंडन करने वे राजभवन गए थे। कहा, हमने आग्रह किया कि वे राज्य के संरक्षक होने के नाते सरकार को स्थिर रखने में सहयोग करें।
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Jharkhand News झामुमो-कांग्रेस और राजद नेताओं ने राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। यही वजह है कि भाजपा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तरह तरह का आरोप लगा रही है। रांची, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम पत्थर खदान लीज आवंटन मामले में राज्यपाल रमेश बैस द्वारा भारत निर्वाचन आयोग से मंतव्य मांगे जाने तथा सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा मुख्यमंत्री के विरुद्ध एक और आरोप लगाए जाने के बाद अब सत्तारूढ़ झामुमो, कांग्रेस और राजद ने भी गाेलबंदी शुरू कर दी है। सोमवार को शाम पांच बजे तीनों दलों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर भाजपा पर हेमंत सरकार को अस्थिर करने का माहौल बनाने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा राज्यपाल को भी भ्रम में रखा जा रहा है। साथ ही पूरी विवेचना तथा संतुष्ट होने के बाद ही राज्यपाल से किसी भी तरह की कार्रवाई का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त भी किया है कि राजभवन द्वारा कोई भी कार्रवाई विधिसम्मत ही की जाएगी। कानून का उल्लंघन होने नहीं दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक मथुरा महतो, सुदिव्य कुमार सोनू, राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाड़ी तथा झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य शामिल थे। राज्यपाल से मिलकर राजभवन से निकलने के बाद मीडिया से रूबरू झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री के विरुद्ध जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे आधारहीन हैंं। सिर्फ सरकार को अस्थिर करने की नीयत से ऐसा किया जा रहा है। वहीं, झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार साेनू ने कहा कि तीनों दलों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सारी चीजों से अवगत कराते हुए नैसर्गिक न्याय के तहत पीड़ित पक्ष से भी पूछे जाने का अनुरोध किया है। राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जिस तरह भाजपा का ज्ञापन भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया, उसी तरह उनका भी ज्ञापन आयोग को भेज दिया जाएगा। सुदिव्य ने कहा कि आरोप लगाना और आरोप प्रमाणित होना, दोनों अलग-अलग चीजें हैं। यह भी आरोप लगाया कि जब से वर्तमान सरकार का गठन हुआ है, तभी से भाजपा इस सरकार को गिराने का बार-बार प्रयास कर रही है। उपचुनाव के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने इसे लेकर बयान दिया तो बाबूलाल मरांडी भी राज्य में घूम-घूमकर राज्य सरकार के गिरने की बात कह रहे हैं। यह भी कहा कि चुनाव पूर्व बने इस महागठबंधन की सरकार पूरी मजबूती के साथ बनी रहेगी। भाजपा का मंसूबा पूरा नहीं होगा। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम भूमि आवंटित किए जाने के आरोप लगाए जाने के सवाल पर झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर दास अभी पूरी तरह बेरोजगार और खाली बैठे हैं। खाली दिमाग से वे कुछ भी कल्पना कर लेते हैं। सारे तथ्य सामने हैं। उनकी विवेचना होगी तो उनका आरोप गलत साबित हो जाएगा। सत्यानंद भोक्ता संयुक्त प्रतिनिधिमंडल में राजद की ओर से शामिल श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि भाजपा रोज पटाखा छोड़ रही है। जब से सरकार बनी है तब से कोई न कोई आरोप लगा रही है। दो साल तो काेरोना में खत्म हो गए। अब छह माह से सरकार सरपट काम कर रही है तो विपक्ष सरकार को गिराने में ही लग गई है। कहा, भाजपा के लोग रोज कुछ न कुछ बोल रहे हैं, ऐसे में वे जवाब नहीं देंगे तो लगेगा कि आरोप सही है। राजेश कच्छपप्रतिनिधिमंडल में शामिल कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि भाजपा द्वारा राज्य में भ्रम की स्थिति फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को बदनाम करने की नीयत से ऐसा किया जा रहा है। सरकार पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका ही खंडन करने वे राजभवन गए थे। कहा, हमने आग्रह किया कि वे राज्य के संरक्षक होने के नाते सरकार को स्थिर रखने में सहयोग करें।
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अंतराणुगमे चक्खुईसणि-अंतरपरूवणं
चक्खुदंसणिद्विदि भमिय अवसाणे उवसमसम्मत्तं पडिवण्णो ( १० ) । लद्धमंतरं । पुणो सासणं गदो अचक्खुदंसणीसु उववण्णो । दसहि अंतोमुहुतेहि ऊणिया सगहिदी असंजदसम्मादिठ्ठीणमुक्कस्संतरं ।
संजदासंजदस्त उच्चदे । तं जहा - एक्को अचक्खुदंसणिद्विदिमच्छिदो गन्भोवक्कंतियपंचिंदियपज्जत्तएसु उववण्णो । सण्णिपंचिंदियसम्मुच्छिमपज्जत्तएसु किष्ण उप्पादिदो १ ण, सम्मुच्छिमेमु पढमसम्मत्तष्पत्तीए असंभवादो। ण च असंखेज्जलोगमणत' वा कालमचक्खुदंसणीसु परिभमियाण वेदगसम्मत्तग्गहणं संभवदि, विरोहा । ण च थोवकालमच्छिदो चक्खुदंस णिविदीए समाणणक्खमा । तिण्णि पक्ख तिण्णि दिवस अंतोमुहुत्तेण य पढमसम्मत्तं संजमामंजमं च जुगत्रं पडित्रण्णो ( २ ) । पढमसम्मत्तद्वाए छावलियाओ अत्थि त्ति मासणं गदो । अंतरिदो मिच्छत्तं गंतूण सगडिदिं परिभमिय अपच्छिमे भवे कदकरणिज्जो होदूण संजमासंजमं पडिवण्णो ( ३ )। लद्धमंतरं । अप्पमतो
हुआ। पुनः मिथ्यात्वको जाकर चक्षुदर्शनकी स्थितिप्रमाण परिभ्रमण कर अन्तमें उपशमसम्यक्त्वको प्राप्त हुआ । इस प्रकार अन्तर लब्ध हुआ । पुनः सासादनको गया और अचक्षुदर्शनी जीवोमें उत्पन्न हुआ। इस प्रकार दश अन्तर्मुहतोंसे कम अपनी स्थिति चक्षुदर्शनी असंयतसम्यग्दृष्टि जीवोंका उत्कृष्ट अन्तर होता है ।
चक्षुदर्शनी संयतासंयतका उत्कृष्ट अन्तर कहते हैं। जैसे- अचक्षुदर्शनकी स्थितिमें विद्यमान एक जीव गर्भोपक्रान्तिक पंचेन्द्रिय पर्याप्तकों में उत्पन्न हुआ।
शंका-उक्त जीवको संशी पंचन्द्रिय सम्मूच्छिम पर्याप्तकोंमें क्यों नहीं उत्पन्न कराया ?
समाधान नहीं, क्योंकि, सम्मूच्छिम जीवोंमें प्रथमोपशमसम्यक्त्वकी उत्पत्ति असम्भव है। तथा असंख्यात लोकप्रमाण या अनन्तकाल तक अचक्षुदर्शनियोंमें परिभ्रमण किये हुए जीवोंके वेदकसम्यक्त्वका ग्रहण करना सम्भव नहीं है, क्योंकि, ऐसे जीवोंके सम्यक्त्वोत्पतिका विरोध है । और न अल्पकाल तक रहा हुआ जीव चक्षुदर्शनकी स्थितिके समाप्त करनेमें समर्थ है।
पुनः वह जीव तीन पक्ष, तीन दिवस और अन्तर्मुहूर्तले प्रथमोपशमसम्यक्त्व और संयमासंयमको एक साथ प्राप्त हुआ ( २ ) । प्रथमोपशमसम्यक्त्वके कालमें छह आवलियां अवशिष्ट रह जाने पर सासादनको प्राप्त हुआ। पुनः अन्तरको प्राप्त हो मिथ्यात्वको आकर अपनी स्थितिप्रमाण परिभ्रमणकर अन्तिम भवमें कृतकृत्यवेदक होकर संघमासंयमको प्राप्त हुआ ( ३ ) । इस प्रकार अन्तर लब्ध हुआ। पुनः अप्रमत्तसंयत ( ४ )
१ प्रतिषु ' असलेज्जा लोगमणंत ' इति पाठः ।
(४) पमत्तो ( ५ ) अप्पमत्तो ( ६ ) । उवरि छ अंतोमुहुत्ता । एवमडदालीसदिवेस हि वारस अंतोमुहुत्तेहि य ऊणा सगडिदी संजदासंजदुक्कस्संतरं ।
पमत्तस्स उच्चदे- एक्को अचक्खुदंसणिहिदिमच्छिदो मणुसेसु उववण्णो गब्भादिअदुवस्सेण उवसमसम्मत्तमप्पमत्तगुणं च जुगवं पडिवण्णो । ( १ ) । पुणो पमत्तो जादो ( २ ) । हेट्ठा पडिदूर्णतरिदो । चक्खुदंसणिद्विदिं परिभमिय अपच्छिमे भवे मणुसो जादो । कदकरणिज्जो होदूण अंतोमुहुत्ताव से से जीविए अप्पमत्तो होदूण पमत्तो जादो ( ३ ) । लद्धमंतरं । भूओ अप्पमत्तो ( ४ ) । उवरि छ अंतोमुहुत्ता । एवमवस्सेहि दस अंतोमुहुत्तेहि ऊणिया सगडिदी पमत्तस्सुक्कस्संतरं ।
( अप्पमत्तस्स उच्चदे - ) एक्को अचक्खुदंसणिट्ठिदिमच्छिदो मणुसंसु उववण्णो । गब्भादिअट्ठास्सेण उवसमसम्मत्तमप्पमत्तगुणं च जुगवं पडिवण्णो ( १ ) । हेट्ठा पडिदूण अंतरिदो चसहिद परिभामिय अपच्छिमे भवे मणुमेसु उववण्णो । कदकरणिज्जो होदूण अंतोमुहुत्ता सेसे संसारे विमुद्धो अप्पमत्तो जादो ( २ ) । लद्धमंतरं । तदो पमत्तो
प्रमत्तसंयत ( ५ ) और अप्रमत्त संयत हुआ ( ६ ) । इनमें ऊपरके छह अन्तर्मुहूर्त और मिलाये । इस प्रकार शड़तालीस दिवस और बारह अन्तर्मुहूतोंसे कम अपनी स्थिति चक्षुदर्शनी संयतासंयतों का उत्कृष्ट अन्तर
चक्षुदर्शनी प्रमत्तसंयतका उत्कृष्ट अन्तर कहते है- अचक्षुदर्शनी जीवोंकी स्थितिमें विद्यमान एक जीव मनुष्यों में उत्पन्न हुआ और गर्भको आदि लेकर आठ वर्षसे उपशमसम्यक्त्व और अप्रमत्तगुणस्थानको एक साथ प्राप्त हुआ ( १ ) । पुनः प्रमत्तसंयत हुआ ( २ ) । पश्चात् नीचेके गुणस्थानोंमें गिरकर अन्तरको प्राप्त हुआ। चक्षुदर्शनीकी स्थितिप्रमाण परिभ्रमण करके अन्तिम भवमें मनुष्य हुआ । पश्चात् कृतकृत्यवेदक होकर जीवनके अन्तर्मुहूर्तकाल अवशेष रह जाने पर अप्रमत्तसंयत होकर प्रमत्तसंयत हुआ (३) । इस प्रकार अन्तर लब्ध होगया । पुनः अप्रमत्तसंयत हुआ ( ४ ) । इनमें ऊपरके छह अन्तर्मुहूर्त और मिलाये । इस प्रकार आठ वर्ष और दश अन्तर्मुहूतोंसे कम अपनी स्थिति चक्षुदर्शनी प्रमत्तसंयतका उत्कृष्ट अन्तर है ।
चक्षुदर्शनी अप्रमत्तसंयतका उत्कृष्ट अन्तर कहते हैं- अचक्षुदर्शनी जीवोंकी स्थितिमें विद्यमान एक जीव मनुष्योंमें उत्पन्न हुआ। गर्भको आदि लेकर आठ वर्षके द्वारा उपशमसम्यक्त्व और अप्रमत्तगुणस्थानको एक साथ प्राप्त हुआ ( १ ) । फिर नीचे गिरकर अन्तरको प्राप्त हो अयक्षुदर्शनीकी स्थितिप्रमाण परिभ्रमणकर अन्तिम भवमें मनुष्योंमें उत्पन्न हुआ। पुनः कृतकृत्यवेदकसम्यक्त्वी होकर संसारके अन्तर्मुहूर्तप्रमाण अवशिष्ट रहने पर विशुद्ध हो अप्रमत्तसंयत हुआ ( २ ) । इस प्रकार अन्तर प्राप्त
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अंतराणुगमे चक्खुईसणि-अंतरपरूवणं चक्खुदंसणिद्विदि भमिय अवसाणे उवसमसम्मत्तं पडिवण्णो । लद्धमंतरं । पुणो सासणं गदो अचक्खुदंसणीसु उववण्णो । दसहि अंतोमुहुतेहि ऊणिया सगहिदी असंजदसम्मादिठ्ठीणमुक्कस्संतरं । संजदासंजदस्त उच्चदे । तं जहा - एक्को अचक्खुदंसणिद्विदिमच्छिदो गन्भोवक्कंतियपंचिंदियपज्जत्तएसु उववण्णो । सण्णिपंचिंदियसम्मुच्छिमपज्जत्तएसु किष्ण उप्पादिदो एक ण, सम्मुच्छिमेमु पढमसम्मत्तष्पत्तीए असंभवादो। ण च असंखेज्जलोगमणत' वा कालमचक्खुदंसणीसु परिभमियाण वेदगसम्मत्तग्गहणं संभवदि, विरोहा । ण च थोवकालमच्छिदो चक्खुदंस णिविदीए समाणणक्खमा । तिण्णि पक्ख तिण्णि दिवस अंतोमुहुत्तेण य पढमसम्मत्तं संजमामंजमं च जुगत्रं पडित्रण्णो । पढमसम्मत्तद्वाए छावलियाओ अत्थि त्ति मासणं गदो । अंतरिदो मिच्छत्तं गंतूण सगडिदिं परिभमिय अपच्छिमे भवे कदकरणिज्जो होदूण संजमासंजमं पडिवण्णो । लद्धमंतरं । अप्पमतो हुआ। पुनः मिथ्यात्वको जाकर चक्षुदर्शनकी स्थितिप्रमाण परिभ्रमण कर अन्तमें उपशमसम्यक्त्वको प्राप्त हुआ । इस प्रकार अन्तर लब्ध हुआ । पुनः सासादनको गया और अचक्षुदर्शनी जीवोमें उत्पन्न हुआ। इस प्रकार दश अन्तर्मुहतोंसे कम अपनी स्थिति चक्षुदर्शनी असंयतसम्यग्दृष्टि जीवोंका उत्कृष्ट अन्तर होता है । चक्षुदर्शनी संयतासंयतका उत्कृष्ट अन्तर कहते हैं। जैसे- अचक्षुदर्शनकी स्थितिमें विद्यमान एक जीव गर्भोपक्रान्तिक पंचेन्द्रिय पर्याप्तकों में उत्पन्न हुआ। शंका-उक्त जीवको संशी पंचन्द्रिय सम्मूच्छिम पर्याप्तकोंमें क्यों नहीं उत्पन्न कराया ? समाधान नहीं, क्योंकि, सम्मूच्छिम जीवोंमें प्रथमोपशमसम्यक्त्वकी उत्पत्ति असम्भव है। तथा असंख्यात लोकप्रमाण या अनन्तकाल तक अचक्षुदर्शनियोंमें परिभ्रमण किये हुए जीवोंके वेदकसम्यक्त्वका ग्रहण करना सम्भव नहीं है, क्योंकि, ऐसे जीवोंके सम्यक्त्वोत्पतिका विरोध है । और न अल्पकाल तक रहा हुआ जीव चक्षुदर्शनकी स्थितिके समाप्त करनेमें समर्थ है। पुनः वह जीव तीन पक्ष, तीन दिवस और अन्तर्मुहूर्तले प्रथमोपशमसम्यक्त्व और संयमासंयमको एक साथ प्राप्त हुआ । प्रथमोपशमसम्यक्त्वके कालमें छह आवलियां अवशिष्ट रह जाने पर सासादनको प्राप्त हुआ। पुनः अन्तरको प्राप्त हो मिथ्यात्वको आकर अपनी स्थितिप्रमाण परिभ्रमणकर अन्तिम भवमें कृतकृत्यवेदक होकर संघमासंयमको प्राप्त हुआ । इस प्रकार अन्तर लब्ध हुआ। पुनः अप्रमत्तसंयत एक प्रतिषु ' असलेज्जा लोगमणंत ' इति पाठः । पमत्तो अप्पमत्तो । उवरि छ अंतोमुहुत्ता । एवमडदालीसदिवेस हि वारस अंतोमुहुत्तेहि य ऊणा सगडिदी संजदासंजदुक्कस्संतरं । पमत्तस्स उच्चदे- एक्को अचक्खुदंसणिहिदिमच्छिदो मणुसेसु उववण्णो गब्भादिअदुवस्सेण उवसमसम्मत्तमप्पमत्तगुणं च जुगवं पडिवण्णो । । पुणो पमत्तो जादो । हेट्ठा पडिदूर्णतरिदो । चक्खुदंसणिद्विदिं परिभमिय अपच्छिमे भवे मणुसो जादो । कदकरणिज्जो होदूण अंतोमुहुत्ताव से से जीविए अप्पमत्तो होदूण पमत्तो जादो । लद्धमंतरं । भूओ अप्पमत्तो । उवरि छ अंतोमुहुत्ता । एवमवस्सेहि दस अंतोमुहुत्तेहि ऊणिया सगडिदी पमत्तस्सुक्कस्संतरं । एक्को अचक्खुदंसणिट्ठिदिमच्छिदो मणुसंसु उववण्णो । गब्भादिअट्ठास्सेण उवसमसम्मत्तमप्पमत्तगुणं च जुगवं पडिवण्णो । हेट्ठा पडिदूण अंतरिदो चसहिद परिभामिय अपच्छिमे भवे मणुमेसु उववण्णो । कदकरणिज्जो होदूण अंतोमुहुत्ता सेसे संसारे विमुद्धो अप्पमत्तो जादो । लद्धमंतरं । तदो पमत्तो प्रमत्तसंयत और अप्रमत्त संयत हुआ । इनमें ऊपरके छह अन्तर्मुहूर्त और मिलाये । इस प्रकार शड़तालीस दिवस और बारह अन्तर्मुहूतोंसे कम अपनी स्थिति चक्षुदर्शनी संयतासंयतों का उत्कृष्ट अन्तर चक्षुदर्शनी प्रमत्तसंयतका उत्कृष्ट अन्तर कहते है- अचक्षुदर्शनी जीवोंकी स्थितिमें विद्यमान एक जीव मनुष्यों में उत्पन्न हुआ और गर्भको आदि लेकर आठ वर्षसे उपशमसम्यक्त्व और अप्रमत्तगुणस्थानको एक साथ प्राप्त हुआ । पुनः प्रमत्तसंयत हुआ । पश्चात् नीचेके गुणस्थानोंमें गिरकर अन्तरको प्राप्त हुआ। चक्षुदर्शनीकी स्थितिप्रमाण परिभ्रमण करके अन्तिम भवमें मनुष्य हुआ । पश्चात् कृतकृत्यवेदक होकर जीवनके अन्तर्मुहूर्तकाल अवशेष रह जाने पर अप्रमत्तसंयत होकर प्रमत्तसंयत हुआ । इस प्रकार अन्तर लब्ध होगया । पुनः अप्रमत्तसंयत हुआ । इनमें ऊपरके छह अन्तर्मुहूर्त और मिलाये । इस प्रकार आठ वर्ष और दश अन्तर्मुहूतोंसे कम अपनी स्थिति चक्षुदर्शनी प्रमत्तसंयतका उत्कृष्ट अन्तर है । चक्षुदर्शनी अप्रमत्तसंयतका उत्कृष्ट अन्तर कहते हैं- अचक्षुदर्शनी जीवोंकी स्थितिमें विद्यमान एक जीव मनुष्योंमें उत्पन्न हुआ। गर्भको आदि लेकर आठ वर्षके द्वारा उपशमसम्यक्त्व और अप्रमत्तगुणस्थानको एक साथ प्राप्त हुआ । फिर नीचे गिरकर अन्तरको प्राप्त हो अयक्षुदर्शनीकी स्थितिप्रमाण परिभ्रमणकर अन्तिम भवमें मनुष्योंमें उत्पन्न हुआ। पुनः कृतकृत्यवेदकसम्यक्त्वी होकर संसारके अन्तर्मुहूर्तप्रमाण अवशिष्ट रहने पर विशुद्ध हो अप्रमत्तसंयत हुआ । इस प्रकार अन्तर प्राप्त
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2 SEPTEMBER 1958
रेलवे उपमत्री ( भी स० ० रामस्वामी) (क) शायद माननीय सदस्य का सुझाब पूर्वोत्तर रेलवे के लखीमपुर खीरी भोर कतरनियाघाट को मिलाने के सम्बन्ध में है । यदि ऐसा है, तो उत्तर नकार मे है ।
( ख ) इस लाइन के रास्ते में कई नदिया है, इसलिये इसे दूसरी पचवर्षीय योजना में शामिल नहीं किया गया है क्योकि योजना के लिये रकम और सामान के साधन सीमित
गोडा नेपालगक और नामपाडाकतरमियाघाट सेक्कामो पर बिजली के पलो की व्यवस्था
१३६६ श्री भ० बी० मिश्र रेलवे मंत्री यह बताने की कृपा करेगे कि
( क ) क्या सरकार का यह विदित है कि गोडा-नेपालगज श्रौर नानपाडा-कतरनियाघाट के मेक्शनो पर बिजली के प्रकाश और पखो की व्यवस्था असतोषजनक है और कभी-कभी ता सारा मैक्शन ही बिना प्रकाश और बिना पस्खो के रहता है, और
( ख ) यदि हा ता सरकार ने इस विषय मे क्या कार्यवाही की है ।
रेलवे उपमत्री ( श्री स० वं० रामस्वामी): (क) प्रौर (ख) गोडा नपालगज और नानपाडा-कतरनियाघाट सेक्शनो की गाडियो में पखे और रोशनी की व्यवस्था आमतौर पर सतोषजनक रही है। पिछले छ महीनो में नानपाडा और बहराइच स्टेशनो पर पहले मौर दूसरे दर्जे के डिब्बो में पखे न चलन के बारे में केवल दो मामूली शिकायते आइ और इन्हें दूर किया गया ।
बिजली की बत्तियो और पखो आदि की मरम्मत के लिये गाडियो में और गोडा स्टेशन पर कर्मचारी मौजूद रहते है ।
अमीनगांव फास्ट पैसेंचर का पटरी से उतर जाना
१३६७. श्री रघुनाम सिंह : क्या रेलवे मंत्री यह बताने की कृपा करेगे कि
( क ) क्या यह सच है कि गल २६ जुलाई को सिलिगुडी-कटिहार सेक्शन पर कटिहार भौर धनकोरा स्टेशनों के बीच अमीनगाव फास्ट पैसेंजर गाडी के ४ डिब्बे, २ पार्सल वैन तथा इजन का ट्रेलर पटरी से उतर गये थे और उसके फलस्वरूप कुछ यात्री घायल हुये थे, और
( ख ) यदि हा तो इसके क्या कारण थ और इस दुर्घटना मे कितने लोग हताहत हुये ?
रेलवे उपमत्री ( श्री शाहनवाज लां). (क) और (ख) २६ जुलाई, १६५८ को रात में लगभग २ बज कर २५ मिनट पर जब २३ अप सवारी गाडी पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के कटिहार-बारसोई मीटर लाइन मेक्शन पर कटिहार और डडरवोरा स्टेशनो क बीच जा रही थी तो उसका इजन टेडर और साथ वाले छ डिब्बो के साथ मील १२२।१४-१६ पर पटरी से उतर गया । इन छ डिब्बो में से २ पार्मल के डिब्बे एक तीसरे दर्जे का मिला-जुला मामान और मैं कयान और ३ तीसरे दर्जे के डिब्बे थे । इस दुर्घटना में आदमियों को मामूली चोट ६ प्रायी ।
रलव निरीक्षक न अन्तरिम रिपोट दी है । उसके अनुसार डिब्बी के पटरी से उतर जाने का कारण यह था कि किसी आदमी या कुछ श्रादमियो न पटरी के साथ कुछ छेडछाड की थी जिनके बारे में कुछ पता नही है ।
Central Godowns in Punjab
1368. Shri Daljit Singh : Will the Minister of Food and Agriculture be pleased to state the stock position of different foodgrains in the Central
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दो SEPTEMBER एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन रेलवे उपमत्री शायद माननीय सदस्य का सुझाब पूर्वोत्तर रेलवे के लखीमपुर खीरी भोर कतरनियाघाट को मिलाने के सम्बन्ध में है । यदि ऐसा है, तो उत्तर नकार मे है । इस लाइन के रास्ते में कई नदिया है, इसलिये इसे दूसरी पचवर्षीय योजना में शामिल नहीं किया गया है क्योकि योजना के लिये रकम और सामान के साधन सीमित गोडा नेपालगक और नामपाडाकतरमियाघाट सेक्कामो पर बिजली के पलो की व्यवस्था एक हज़ार तीन सौ छयासठ श्री भशून्य बीशून्य मिश्र रेलवे मंत्री यह बताने की कृपा करेगे कि क्या सरकार का यह विदित है कि गोडा-नेपालगज श्रौर नानपाडा-कतरनियाघाट के मेक्शनो पर बिजली के प्रकाश और पखो की व्यवस्था असतोषजनक है और कभी-कभी ता सारा मैक्शन ही बिना प्रकाश और बिना पस्खो के रहता है, और यदि हा ता सरकार ने इस विषय मे क्या कार्यवाही की है । रेलवे उपमत्री : प्रौर गोडा नपालगज और नानपाडा-कतरनियाघाट सेक्शनो की गाडियो में पखे और रोशनी की व्यवस्था आमतौर पर सतोषजनक रही है। पिछले छ महीनो में नानपाडा और बहराइच स्टेशनो पर पहले मौर दूसरे दर्जे के डिब्बो में पखे न चलन के बारे में केवल दो मामूली शिकायते आइ और इन्हें दूर किया गया । बिजली की बत्तियो और पखो आदि की मरम्मत के लिये गाडियो में और गोडा स्टेशन पर कर्मचारी मौजूद रहते है । अमीनगांव फास्ट पैसेंचर का पटरी से उतर जाना एक हज़ार तीन सौ सरसठ. श्री रघुनाम सिंह : क्या रेलवे मंत्री यह बताने की कृपा करेगे कि क्या यह सच है कि गल छब्बीस जुलाई को सिलिगुडी-कटिहार सेक्शन पर कटिहार भौर धनकोरा स्टेशनों के बीच अमीनगाव फास्ट पैसेंजर गाडी के चार डिब्बे, दो पार्सल वैन तथा इजन का ट्रेलर पटरी से उतर गये थे और उसके फलस्वरूप कुछ यात्री घायल हुये थे, और यदि हा तो इसके क्या कारण थ और इस दुर्घटना मे कितने लोग हताहत हुये ? रेलवे उपमत्री . और छब्बीस जुलाई, एक हज़ार छः सौ अट्ठावन को रात में लगभग दो बज कर पच्चीस मिनट पर जब तेईस अप सवारी गाडी पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के कटिहार-बारसोई मीटर लाइन मेक्शन पर कटिहार और डडरवोरा स्टेशनो क बीच जा रही थी तो उसका इजन टेडर और साथ वाले छ डिब्बो के साथ मील एक सौ बाईस।चौदह-सोलह पर पटरी से उतर गया । इन छ डिब्बो में से दो पार्मल के डिब्बे एक तीसरे दर्जे का मिला-जुला मामान और मैं कयान और तीन तीसरे दर्जे के डिब्बे थे । इस दुर्घटना में आदमियों को मामूली चोट छः प्रायी । रलव निरीक्षक न अन्तरिम रिपोट दी है । उसके अनुसार डिब्बी के पटरी से उतर जाने का कारण यह था कि किसी आदमी या कुछ श्रादमियो न पटरी के साथ कुछ छेडछाड की थी जिनके बारे में कुछ पता नही है । Central Godowns in Punjab एक हज़ार तीन सौ अड़सठ. Shri Daljit Singh : Will the Minister of Food and Agriculture be pleased to state the stock position of different foodgrains in the Central
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रनबीर कपूर की फिल्म ब्रह्मास्त्र की सफलता ने हिंदी सिनेमा से जुड़े लोगों में नयी उम्मीद जगाई है। कोरोना की महामारी के बाद सिनेमाघरों की तरफ दर्शकों की वापसी में गिरावट देखी जा रही थी जिसका कारण कोरोना संबंधी पाबंदियों, दर्शकों की आशंकाओं से लेकर महँगाई के चलते लोगों की जेब पर पड़े असर को माना जा रहा था। कोरोना के दौरान घर बैठे तमाम ओटीटी मंचों पर उपलब्ध सस्ता और सुलभ मनोरंजन भी सिनेमाघरों में दर्शकों की कमी का बड़ा कारण बना। ओटीटी की वजह से दर्शकों को अपनी सुविधा के अनुसार दुनिया भर की बेहतरीन फिल्में और वेब सीरीज़ देखने का मौका मिला है जिसके लिए सिनेमाघर के टिकट के मुकाबले पैसे भी कम ख़र्च होते हैं। ऐसे में दर्शक सिर्फ उन्हीं फिल्मों को देखने के लिए सिनेमाघर जाएंगे जिनमें कुछ ऐसी विशेष बात हो जो बड़े परदे पर ज्यादा असरदार लगे।
ब्रह्मास्त्र ऐसी ही फिल्म है। विश्लेषकों की राय में फिल्म की कहानी और संवाद कमजोर हैं लेकिन दर्शकों ने बड़े परदे पर फिल्म की चकाचौंध कर देने वाली तकनीकी भव्यता के आगे कथा-पटकथा की कमज़ोरियों को महत्व नहीं दिया है। व्यवसाय के पक्ष के लिए फिल्म का कामयाब होना अच्छी बात है लेकिन फिल्म उद्योग में भेड़चाल की प्रवृत्ति की वजह से यह ख़तरा भी है कि सिनेमा की कहानियाँ कहने की कला पर तकनीकी तामझाम हावी न हो जाए। ब्रह्मास्त्र की मोटी कमाई की वजह से कहीं हिंदी सिनेमा के निर्माता निर्देशक अच्छी कहानियों की तलाश छोड़कर स्पेशल एफेक्ट्स पर ही सारा ज़ोर न लगा दें। अच्छी कहानी के लिए मेहनत और माथापच्ची आजकल वैसे भी कम होती जा रही है। कहानी के मामले में हिंदी सिनेमा हाल के कुछ वर्षों में ज्यादातर फिसड्डी ही साबित हुआ है।
आजकल भारत में, ख़ास तौर पर हिंदी सिनेमा, गहरे संकट में बताया जा रहा है। दर्शक हिंदी फिल्मों को पसंद नहीं कर रहे हैं। इसका प्रमुख कारण कथा-पटकथा, संवाद, अभिनय, निर्देशन की कमजोरी माना जा रहा है। इसके अलावा आजकल हिंदी फिल्मों के बहिष्कार की एक मुहिम भी सोशल मीडिया पर जब तब चलती रहती है जिसके मूल में फिल्म की कहानी, उसके कलाकारों या निर्देशक के विरोध की बात होती है जिसका आधार सरकार से असहमति के बिंदुओं पर नाराज़गी के अलावा धार्मिक वजहें भी होती हैं।
ब्रह्मास्त्र पौराणिक प्रतीकों को आधुनिक समय से जोड़कर बुनी गई फंतासी है। हिंदुत्ववादी कथावस्तु भी एक वजह रही कि फिल्म के मुख्य कलाकारों को उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन न करने देने वाले तत्व इस फिल्म का विरोध उस सीमा तक नहीं कर पाए जैसा लाल सिंह चड्ढा के समय देखा गया था। हालाँकि लाल सिंह चड्ढा के बहिष्कार का असर भी ज्यादा नहीं पड़ा। फिल्म कहानी के प्रस्तुतिकरण की ख़ामियों की वजह से टिकट खिड़की पर अच्छी कमाई नहीं कर पाई।
हिंदी सिनेमा का एक दौर वह भी था जब अच्छी कहानियों की वजह से दुनिया भर में हमारी फिल्में सराही गईं। सौ साल से भी ज्यादा के सफ़र में सिनेमा एक आम भारतीय के जीवन का लगभग उतना ही अहम हिस्सा बन चुका है जितना रोटी, कपड़ा, मकान की बुनियादी ज़रूरतें।
हमारे देश में सिनेमा के लिए बहुत ज्यादा दीवानगी है। हमारी फिल्में विदेशों में हमारे देश की सबसे लोकप्रिय सांस्कृतिक प्रतिनिधि हैं। सत्यजित राय की फिल्म 'पाथेर पाँचाली' से पहले ही अंतरराष्ट्रीय सिनेमा मंचों पर भारतीय सिनेमा को प्रतिष्ठा मिलनी आरंभ हो गयी थी। चेतन आनंद की फिल्म 'नीचा नगर' को 1947 में कान फ़िल्मोत्सव में पुरस्कार मिला था जब भारत में सिनेमा की शुरुआत को महज़ तीन दशक ही हुए थे।
मनोरंजक सिनेमा के दायरे में राजकपूर की 'आवारा', 'जागते रहो', वी शांताराम, महबूब खान की 'दो आँखें बारह हाथ' और 'मदर इंडिया', बिमल राय की 'दो बीघा ज़मीन', दिलीप कुमार की 'गंगा जमुना' और विजय आनंद की 'गाइड' कुछ बहुत चर्चित नाम हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला और जिनकी वजह से भारतीय सिनेमा को प्रतिष्ठा मिली।
सत्यजित राय के अलावा ऋत्विक घटक, मृणाल सेन, ख्वाजा अहमद अब्बास, मणि क़ौल, कुमार शाहनी, सई परांजपे, सईद मिर्जा, श्याम बेनेगल, गोविंद निहलानी, केतन मेहता, गौतम घोष, अरविंदन, अडूर गोपाल कृष्णन, अपर्णा सेन, शेखर कपूर, मीरा नायर, सुधीर मिश्रा जैसे तमाम नाम हैं जिनकी फ़िल्में अपनी कथावस्तु की वजह से भारतीय सिनेमा की बौद्धिक विविधता, जनपक्षधरता और लोकतांत्रिकता का प्रतीक बनी हैं। 2022 दिग्गज हिंदी फिल्मकार ऋषिकेश मुखर्जी का जन्म शताब्दी वर्ष है जिनकी सीधी सादी मध्यवर्गीय पारिवारिक जीवन की कहानियों पर बनी फिल्में मनोरंजन करने के साथ-साथ सकारात्मक संदेश भी देती हैं। अब वैसी कहानियाँ और वैसे फिल्मकार हिंदी सिनेमा में नहीं दिखते।
हिंदी सिनेमा की वह बौद्धिक तौर पर समृद्ध और समाज के प्रति नैतिक दायित्व बोध सम्पन्न शृंखला अब टूट चुकी है। यह भी कह सकते हैं कि ज़माना बहुत बदल गया है और नये जमाने के दर्शक की समस्याएँ, जिज्ञासाएँ और प्रवृत्तियाँ वही नहीं हैं जो सत्तर, अस्सी या नब्बे के दशक के दर्शकों की थीं। भूमंडलीकरण, आर्थिक उदारीकरण और तकनीकी विकास से समाज में काफी बदलाव आया है जो पहले नहीं था। लेकिन इसके साथ-साथ व्यक्तिवाद, वैचारिक संकीर्णता और असहिष्णुता भी बढ़ी है, समाज अपनी सोच में पहले से ज्यादा कट्टर हुआ है। उसे अब अपने विचारों से भिन्नता रखने वाली अभिव्यक्तियाँ सहजता से सहन नहीं होतीं। सिनेमा पर भी इसका दबाव दिखता है। पुराने सांचों से अलग! नये सांचे गढ़ने की हिम्मत दिखाने वाले कम हैं। सिर्फ पैसा कमाने की होड़ है और सरकार का कृपा पात्र बने रहने की लालसा है।
ब्रह्मास्त्र का सुपर हीरो पौराणिक पात्रों से लेकर चंदामामा और अमर चित्र कथा की कहानियों के नायकों का आधुनिक सम्मिश्रण है लेकिन उसके चित्रण की शैली हॉलीवुड की हैरी पॉटर सीरीज़, 'लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स', 'क्रॉनिकल्स ऑफ़ नार्निया', 'एवेंजर्स' जैसी फंतासी फिल्मों की याद दिलाती है। ब्रह्मास्त्र बच्चों के लिए बढ़िया मनोरंजन है और बच्चे ही सिनेमाघरों तक बड़ों को भी खींच कर ला रहे हैं। सुपर हीरो वाला सिनेमा नया भले ही लगे लेकिन इसका चलन पुराना है और इसकी सफलता का मामला भी मिलाजुला है।
पहली बोलती फिल्म 'आलमआरा' के कुछ समय बाद ही हंटरवाली नाडिया की फिल्में आई थीं जिन्होंने उस समय के दर्शकों को बहुत रोमांचित किया था। अस्सी के दशक में जैकी श्रॉफ़ की थ्री डी फिल्म 'शिवा का इंसाफ' दर्शकों के लिए नया आकर्षण लेकर आई थी। अनिल कपूर का 'मिस्टर इंडिया' अवतार बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी भाया था। हालांकि फिल्म की कामयाबी में हीरो से ज्यादा उसके खलनायक मोगैम्बो का योगदान था। 'ब्रह्मास्त्र' फिल्म में शाहरुख़ खान की मौजूदगी उनके एक पुराने किरदार की याद दिलाती है। शाहरुख़ अपनी फिल्म रा. वन में एक सुपर हीरो की भूमिका निभा चुके हैं। अभिषेक बच्चन फिल्म 'द्रोण' में सुपर हीरो बने थे लेकिन बुरी तरह पिटी यह फिल्म लोगों को याद भी नहीं होगी। यही हाल हर्षवर्धन कपूर की फिल्म 'भावेश जोशी' का हुआ था।
'ब्रह्मास्त्र' की कामयाबी के बहाने हिंदी सिनेमा में कहानी और नायक के सांचों की बात गंभीरता से होनी चाहिए। 'ब्रह्मास्त्र' का मुख्य किरदार शिवा कुल मिलाकर एक बार फिर मसाला हिंदी फिल्मों के ढाँचे में करिश्माई नायक की छवि को ही नये रंगरूप में प्रस्तुत करता है।
पश्चिमी सिनेमा के सुपरमैन, बैटमैन, स्पाइडरमैन जैसे किरदार वहाँ की कॉमिक्स से निकले हुए हैं और फंतासी के आवरण में अमेरिकी अधिनायकवाद को ही मज़बूत करते हैं। हिंदी सिनेमा का हीरो पौराणिक पात्रों से उत्पन्न हुआ है इसलिए एक करिश्माई व्यक्तित्व उसमें भी शुरू से शामिल है।
अमिताभ बच्चन के एंग्री यंग मैन के बाद से तो हिंदी फिल्मों का हीरो अधिनायकवादी व्यवस्था और अवतारवाद की ही उपज रहा है। हिंदी पट्टी का समाज इस तरह की नाटकीय छवि की जकड़न का आदी होकर पलायनवादी हो चुका है। फिल्मी हीरो की ही तर्ज़ पर हिंदी पट्टी का समाज अपने राजनैतिक नायकों से भी करिश्मे की उम्मीद करता है और उसी आधार पर उनके प्रति अपनी राय बनाता है।
प्रतीकों के ज़रिये छवि निर्माण और निर्धारण में हिंदी सिनेमा की ताक़त लगातार बढ़ती गई है। सिनेमा से हमारा लोकव्यवहार, हमारा रहन-सहन, रीति-रिवाज, पहनावा, बोलचाल, सोच काफी हद तक प्रभावित होते हैं। सिनेमा में समाज से सीधे संवाद की ताक़त है इसलिए राजनीति में भी इसका इस्तेमाल आज़ादी के पहले और उसके बाद नेहरू युग से लेकर नरेंद्र मोदी के मौजूदा दौर में भी हो रहा है।
सुपर हीरो वाला अवतारवादी सिनेमा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति लोगों में उपेक्षा और निराशा का भाव जगाता है। लोग लोकतांत्रिक सहभागिता की जगह वन मैन आर्मी के करिश्मे के फेर में पड़ जाते हैं। राजनीति के क्षेत्र में नरेंद्र मोदी की वर्तमान 'करिश्माई' छवि अवतारवादी फ़िल्मी नायक का ही सामाजिक विस्तार है। 'ब्रह्मास्त्र' और 'बाहुबली' जैसा सिनेमा तकनीकी तौर पर कितना भी भव्य क्यों न हो, अगर वह लोगों को पलायनवाद की ओर धकेलता है तो वह अच्छा सिनेमा नहीं है। अच्छा सिनेमा दर्शक का सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करता, उसे बेहतर इनसान और एक सजग नागरिक भी बनाता है। व्यवसायिकता की आड़ में सिनेमा अपने इस दायित्व से मुँह नहीं मोड़ सकता।
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रनबीर कपूर की फिल्म ब्रह्मास्त्र की सफलता ने हिंदी सिनेमा से जुड़े लोगों में नयी उम्मीद जगाई है। कोरोना की महामारी के बाद सिनेमाघरों की तरफ दर्शकों की वापसी में गिरावट देखी जा रही थी जिसका कारण कोरोना संबंधी पाबंदियों, दर्शकों की आशंकाओं से लेकर महँगाई के चलते लोगों की जेब पर पड़े असर को माना जा रहा था। कोरोना के दौरान घर बैठे तमाम ओटीटी मंचों पर उपलब्ध सस्ता और सुलभ मनोरंजन भी सिनेमाघरों में दर्शकों की कमी का बड़ा कारण बना। ओटीटी की वजह से दर्शकों को अपनी सुविधा के अनुसार दुनिया भर की बेहतरीन फिल्में और वेब सीरीज़ देखने का मौका मिला है जिसके लिए सिनेमाघर के टिकट के मुकाबले पैसे भी कम ख़र्च होते हैं। ऐसे में दर्शक सिर्फ उन्हीं फिल्मों को देखने के लिए सिनेमाघर जाएंगे जिनमें कुछ ऐसी विशेष बात हो जो बड़े परदे पर ज्यादा असरदार लगे। ब्रह्मास्त्र ऐसी ही फिल्म है। विश्लेषकों की राय में फिल्म की कहानी और संवाद कमजोर हैं लेकिन दर्शकों ने बड़े परदे पर फिल्म की चकाचौंध कर देने वाली तकनीकी भव्यता के आगे कथा-पटकथा की कमज़ोरियों को महत्व नहीं दिया है। व्यवसाय के पक्ष के लिए फिल्म का कामयाब होना अच्छी बात है लेकिन फिल्म उद्योग में भेड़चाल की प्रवृत्ति की वजह से यह ख़तरा भी है कि सिनेमा की कहानियाँ कहने की कला पर तकनीकी तामझाम हावी न हो जाए। ब्रह्मास्त्र की मोटी कमाई की वजह से कहीं हिंदी सिनेमा के निर्माता निर्देशक अच्छी कहानियों की तलाश छोड़कर स्पेशल एफेक्ट्स पर ही सारा ज़ोर न लगा दें। अच्छी कहानी के लिए मेहनत और माथापच्ची आजकल वैसे भी कम होती जा रही है। कहानी के मामले में हिंदी सिनेमा हाल के कुछ वर्षों में ज्यादातर फिसड्डी ही साबित हुआ है। आजकल भारत में, ख़ास तौर पर हिंदी सिनेमा, गहरे संकट में बताया जा रहा है। दर्शक हिंदी फिल्मों को पसंद नहीं कर रहे हैं। इसका प्रमुख कारण कथा-पटकथा, संवाद, अभिनय, निर्देशन की कमजोरी माना जा रहा है। इसके अलावा आजकल हिंदी फिल्मों के बहिष्कार की एक मुहिम भी सोशल मीडिया पर जब तब चलती रहती है जिसके मूल में फिल्म की कहानी, उसके कलाकारों या निर्देशक के विरोध की बात होती है जिसका आधार सरकार से असहमति के बिंदुओं पर नाराज़गी के अलावा धार्मिक वजहें भी होती हैं। ब्रह्मास्त्र पौराणिक प्रतीकों को आधुनिक समय से जोड़कर बुनी गई फंतासी है। हिंदुत्ववादी कथावस्तु भी एक वजह रही कि फिल्म के मुख्य कलाकारों को उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन न करने देने वाले तत्व इस फिल्म का विरोध उस सीमा तक नहीं कर पाए जैसा लाल सिंह चड्ढा के समय देखा गया था। हालाँकि लाल सिंह चड्ढा के बहिष्कार का असर भी ज्यादा नहीं पड़ा। फिल्म कहानी के प्रस्तुतिकरण की ख़ामियों की वजह से टिकट खिड़की पर अच्छी कमाई नहीं कर पाई। हिंदी सिनेमा का एक दौर वह भी था जब अच्छी कहानियों की वजह से दुनिया भर में हमारी फिल्में सराही गईं। सौ साल से भी ज्यादा के सफ़र में सिनेमा एक आम भारतीय के जीवन का लगभग उतना ही अहम हिस्सा बन चुका है जितना रोटी, कपड़ा, मकान की बुनियादी ज़रूरतें। हमारे देश में सिनेमा के लिए बहुत ज्यादा दीवानगी है। हमारी फिल्में विदेशों में हमारे देश की सबसे लोकप्रिय सांस्कृतिक प्रतिनिधि हैं। सत्यजित राय की फिल्म 'पाथेर पाँचाली' से पहले ही अंतरराष्ट्रीय सिनेमा मंचों पर भारतीय सिनेमा को प्रतिष्ठा मिलनी आरंभ हो गयी थी। चेतन आनंद की फिल्म 'नीचा नगर' को एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में कान फ़िल्मोत्सव में पुरस्कार मिला था जब भारत में सिनेमा की शुरुआत को महज़ तीन दशक ही हुए थे। मनोरंजक सिनेमा के दायरे में राजकपूर की 'आवारा', 'जागते रहो', वी शांताराम, महबूब खान की 'दो आँखें बारह हाथ' और 'मदर इंडिया', बिमल राय की 'दो बीघा ज़मीन', दिलीप कुमार की 'गंगा जमुना' और विजय आनंद की 'गाइड' कुछ बहुत चर्चित नाम हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला और जिनकी वजह से भारतीय सिनेमा को प्रतिष्ठा मिली। सत्यजित राय के अलावा ऋत्विक घटक, मृणाल सेन, ख्वाजा अहमद अब्बास, मणि क़ौल, कुमार शाहनी, सई परांजपे, सईद मिर्जा, श्याम बेनेगल, गोविंद निहलानी, केतन मेहता, गौतम घोष, अरविंदन, अडूर गोपाल कृष्णन, अपर्णा सेन, शेखर कपूर, मीरा नायर, सुधीर मिश्रा जैसे तमाम नाम हैं जिनकी फ़िल्में अपनी कथावस्तु की वजह से भारतीय सिनेमा की बौद्धिक विविधता, जनपक्षधरता और लोकतांत्रिकता का प्रतीक बनी हैं। दो हज़ार बाईस दिग्गज हिंदी फिल्मकार ऋषिकेश मुखर्जी का जन्म शताब्दी वर्ष है जिनकी सीधी सादी मध्यवर्गीय पारिवारिक जीवन की कहानियों पर बनी फिल्में मनोरंजन करने के साथ-साथ सकारात्मक संदेश भी देती हैं। अब वैसी कहानियाँ और वैसे फिल्मकार हिंदी सिनेमा में नहीं दिखते। हिंदी सिनेमा की वह बौद्धिक तौर पर समृद्ध और समाज के प्रति नैतिक दायित्व बोध सम्पन्न शृंखला अब टूट चुकी है। यह भी कह सकते हैं कि ज़माना बहुत बदल गया है और नये जमाने के दर्शक की समस्याएँ, जिज्ञासाएँ और प्रवृत्तियाँ वही नहीं हैं जो सत्तर, अस्सी या नब्बे के दशक के दर्शकों की थीं। भूमंडलीकरण, आर्थिक उदारीकरण और तकनीकी विकास से समाज में काफी बदलाव आया है जो पहले नहीं था। लेकिन इसके साथ-साथ व्यक्तिवाद, वैचारिक संकीर्णता और असहिष्णुता भी बढ़ी है, समाज अपनी सोच में पहले से ज्यादा कट्टर हुआ है। उसे अब अपने विचारों से भिन्नता रखने वाली अभिव्यक्तियाँ सहजता से सहन नहीं होतीं। सिनेमा पर भी इसका दबाव दिखता है। पुराने सांचों से अलग! नये सांचे गढ़ने की हिम्मत दिखाने वाले कम हैं। सिर्फ पैसा कमाने की होड़ है और सरकार का कृपा पात्र बने रहने की लालसा है। ब्रह्मास्त्र का सुपर हीरो पौराणिक पात्रों से लेकर चंदामामा और अमर चित्र कथा की कहानियों के नायकों का आधुनिक सम्मिश्रण है लेकिन उसके चित्रण की शैली हॉलीवुड की हैरी पॉटर सीरीज़, 'लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स', 'क्रॉनिकल्स ऑफ़ नार्निया', 'एवेंजर्स' जैसी फंतासी फिल्मों की याद दिलाती है। ब्रह्मास्त्र बच्चों के लिए बढ़िया मनोरंजन है और बच्चे ही सिनेमाघरों तक बड़ों को भी खींच कर ला रहे हैं। सुपर हीरो वाला सिनेमा नया भले ही लगे लेकिन इसका चलन पुराना है और इसकी सफलता का मामला भी मिलाजुला है। पहली बोलती फिल्म 'आलमआरा' के कुछ समय बाद ही हंटरवाली नाडिया की फिल्में आई थीं जिन्होंने उस समय के दर्शकों को बहुत रोमांचित किया था। अस्सी के दशक में जैकी श्रॉफ़ की थ्री डी फिल्म 'शिवा का इंसाफ' दर्शकों के लिए नया आकर्षण लेकर आई थी। अनिल कपूर का 'मिस्टर इंडिया' अवतार बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी भाया था। हालांकि फिल्म की कामयाबी में हीरो से ज्यादा उसके खलनायक मोगैम्बो का योगदान था। 'ब्रह्मास्त्र' फिल्म में शाहरुख़ खान की मौजूदगी उनके एक पुराने किरदार की याद दिलाती है। शाहरुख़ अपनी फिल्म रा. वन में एक सुपर हीरो की भूमिका निभा चुके हैं। अभिषेक बच्चन फिल्म 'द्रोण' में सुपर हीरो बने थे लेकिन बुरी तरह पिटी यह फिल्म लोगों को याद भी नहीं होगी। यही हाल हर्षवर्धन कपूर की फिल्म 'भावेश जोशी' का हुआ था। 'ब्रह्मास्त्र' की कामयाबी के बहाने हिंदी सिनेमा में कहानी और नायक के सांचों की बात गंभीरता से होनी चाहिए। 'ब्रह्मास्त्र' का मुख्य किरदार शिवा कुल मिलाकर एक बार फिर मसाला हिंदी फिल्मों के ढाँचे में करिश्माई नायक की छवि को ही नये रंगरूप में प्रस्तुत करता है। पश्चिमी सिनेमा के सुपरमैन, बैटमैन, स्पाइडरमैन जैसे किरदार वहाँ की कॉमिक्स से निकले हुए हैं और फंतासी के आवरण में अमेरिकी अधिनायकवाद को ही मज़बूत करते हैं। हिंदी सिनेमा का हीरो पौराणिक पात्रों से उत्पन्न हुआ है इसलिए एक करिश्माई व्यक्तित्व उसमें भी शुरू से शामिल है। अमिताभ बच्चन के एंग्री यंग मैन के बाद से तो हिंदी फिल्मों का हीरो अधिनायकवादी व्यवस्था और अवतारवाद की ही उपज रहा है। हिंदी पट्टी का समाज इस तरह की नाटकीय छवि की जकड़न का आदी होकर पलायनवादी हो चुका है। फिल्मी हीरो की ही तर्ज़ पर हिंदी पट्टी का समाज अपने राजनैतिक नायकों से भी करिश्मे की उम्मीद करता है और उसी आधार पर उनके प्रति अपनी राय बनाता है। प्रतीकों के ज़रिये छवि निर्माण और निर्धारण में हिंदी सिनेमा की ताक़त लगातार बढ़ती गई है। सिनेमा से हमारा लोकव्यवहार, हमारा रहन-सहन, रीति-रिवाज, पहनावा, बोलचाल, सोच काफी हद तक प्रभावित होते हैं। सिनेमा में समाज से सीधे संवाद की ताक़त है इसलिए राजनीति में भी इसका इस्तेमाल आज़ादी के पहले और उसके बाद नेहरू युग से लेकर नरेंद्र मोदी के मौजूदा दौर में भी हो रहा है। सुपर हीरो वाला अवतारवादी सिनेमा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति लोगों में उपेक्षा और निराशा का भाव जगाता है। लोग लोकतांत्रिक सहभागिता की जगह वन मैन आर्मी के करिश्मे के फेर में पड़ जाते हैं। राजनीति के क्षेत्र में नरेंद्र मोदी की वर्तमान 'करिश्माई' छवि अवतारवादी फ़िल्मी नायक का ही सामाजिक विस्तार है। 'ब्रह्मास्त्र' और 'बाहुबली' जैसा सिनेमा तकनीकी तौर पर कितना भी भव्य क्यों न हो, अगर वह लोगों को पलायनवाद की ओर धकेलता है तो वह अच्छा सिनेमा नहीं है। अच्छा सिनेमा दर्शक का सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करता, उसे बेहतर इनसान और एक सजग नागरिक भी बनाता है। व्यवसायिकता की आड़ में सिनेमा अपने इस दायित्व से मुँह नहीं मोड़ सकता।
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भारत में आधार कार्ड ही आपकी पहचान है। यहां लोगों की पहचान आधार कार्ड से की जाती है। चाहे सरकारी दफ्तर हो या फिर बैंक, आज की तारीख में आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। खैर कभी आपने ये सुना है कि कुत्तों के भी आधार कार्ड होते हैं' अगर नहीं तो अब सुन लीजिए। दरअसल खबर मुंबई की है, जहां 20 कुत्तों को भी आधार कार्ड मिलेगा।
खबर में आगे पढ़ेंः
दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट के बाहर आवारा कुत्तों के झुंड को आधार कार्ड दिया गया है। इसके मतलब ये हुआ कि आधार कार्ड से कुत्तों की पहचान भी की जा सकेगी। आधार कार्ड का एक बैज कुत्तों के गले में लगाया जाएगा। इसमें इनके बारे में कई जानकारी दी जाएंगी।
आवारा कुत्तों के इस आधार कार्ड में क्या है खास'
इनके आधार कार्ड में एक क्यूआर कोड है। इसे स्कैन करके इनके बारे में सभी जानकारी ली जा सकेगी। QR को जब आप स्कैन करेंगे तो आपको कुत्ते का नाम, वैक्सिनेशन, नसबंदी समेत कई अन्य जानकारियां मिल जाएंगी। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत मुंबई एयरपोर्ट के बाहर रहने वाले 20 स्ट्रीट डॉग्स को ये आधार कार्ड दिया गया है। BMC के पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख ने ये जानकारी दी है।
पावफ्रैंड नाम की एक संस्था ने इस आधार कार्ड को तैयार किया है। बताया जा रहा है कि आगे चलकर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इसका मतलब ये है कि अगर ये प्रयास सफल रहा तो आने वाले समय में अन्य कुत्तों को भी आधार कार्ड दिया जा सकेगा।
यदि कोई कुत्ता खो जाता है तो उसे आसानी से ढूंढा जा सकेगा। देखा जाए तो इससे कुत्तों का एक डेटाबेस तैयार हो पाएगा, जिसमें इनके बारे में सारी जानकारी इकट्ठा रहेगी।
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भारत में आधार कार्ड ही आपकी पहचान है। यहां लोगों की पहचान आधार कार्ड से की जाती है। चाहे सरकारी दफ्तर हो या फिर बैंक, आज की तारीख में आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। खैर कभी आपने ये सुना है कि कुत्तों के भी आधार कार्ड होते हैं' अगर नहीं तो अब सुन लीजिए। दरअसल खबर मुंबई की है, जहां बीस कुत्तों को भी आधार कार्ड मिलेगा। खबर में आगे पढ़ेंः दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट के बाहर आवारा कुत्तों के झुंड को आधार कार्ड दिया गया है। इसके मतलब ये हुआ कि आधार कार्ड से कुत्तों की पहचान भी की जा सकेगी। आधार कार्ड का एक बैज कुत्तों के गले में लगाया जाएगा। इसमें इनके बारे में कई जानकारी दी जाएंगी। आवारा कुत्तों के इस आधार कार्ड में क्या है खास' इनके आधार कार्ड में एक क्यूआर कोड है। इसे स्कैन करके इनके बारे में सभी जानकारी ली जा सकेगी। QR को जब आप स्कैन करेंगे तो आपको कुत्ते का नाम, वैक्सिनेशन, नसबंदी समेत कई अन्य जानकारियां मिल जाएंगी। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत मुंबई एयरपोर्ट के बाहर रहने वाले बीस स्ट्रीट डॉग्स को ये आधार कार्ड दिया गया है। BMC के पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख ने ये जानकारी दी है। पावफ्रैंड नाम की एक संस्था ने इस आधार कार्ड को तैयार किया है। बताया जा रहा है कि आगे चलकर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इसका मतलब ये है कि अगर ये प्रयास सफल रहा तो आने वाले समय में अन्य कुत्तों को भी आधार कार्ड दिया जा सकेगा। यदि कोई कुत्ता खो जाता है तो उसे आसानी से ढूंढा जा सकेगा। देखा जाए तो इससे कुत्तों का एक डेटाबेस तैयार हो पाएगा, जिसमें इनके बारे में सारी जानकारी इकट्ठा रहेगी।
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भारतीय नौसेना के युद्धपोत 'आईएनएस तबर' में सवार नौसैनिकों ने सोमालिया के समुद्री लुटेरों के जहाज़ को अदन की खाड़ी में डुबो दिया है.
सरकारी बयान के मुताबिक़ समुद्री लुटेरों ने भारतीय नौसेना के जहाज़ पर हमला किया था और जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय नौसैनिकों ने लुटेरों के जहाज़ को डुबो दिया.
भारतीय नौसेना के अनुसार आईएनएस तबर मंगलवार को जब ओमान के सलालह से 285 नॉटिकल मील दूर गश्त लगा रहा था तो उन्होंने समुद्री लुटेरों के एक जहाज़ को जाँच-पड़ताल के लिए रोका.
इसके बाद समुद्री लुटेरों ने कहा कि अगर वे उनके नज़दीक आए तो वे उन्हें उड़ा देंगे. ये समुद्री लुटेरे अपने हाथ में बंदूक और रॉकेट लाँचर लिए हुए थे.
सुमुद्री लुटेरे आईएनएस तबर को लगातार धमकियाँ दे रहे थे और उस पर गोलियाँ चला रहे थे.
भारतीय नौसैनिकों की जवाबी कार्रवाई में लुटेरों का जहाज़ टूट गया. इसके बाद धमाके की आवाज़ भी सुनी गई. माना जा रहा है कि धमाके जहाज़ पर रखे विस्फोटक से हुए.
सोमालिया के समुद्र तट पर इन दिनों जहाज़ों के अपहरण की घटनाएँ काफ़ी बढ़ गई हैं.
समुद्री लुटेरों ने शनिवार को सऊदी अरब के सीरियस स्टार नाम के एक बड़े तेल टैंकर को कीनियाई बंदरगाह मोम्बासा से 450 नॉटिकल मील दूर अगवा कर लिया था.
सऊदी अरब के इस जहाज़ पर चालक दल के 25 सदस्य हैं और उस पर बीस लाख बैरल तेल लदा हुआ है.
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएएनएस तबर इस महीने की शुरुआत से ही अदन की खाड़ी में गश्त लगा रहा है.
आईएनएस तबर ने इससे पहले 11 नवंबर को भी सोमालियाई समुद्री लुटेरों की मालवाहक जहाज़ एमवी जग अर्णव को अगवा करने की कोशिश को नाकाम कर दिया था.
नौसेना के इस विमान से मरीन कमांडो के दस्ते ने हेलीकॉप्टर के ज़रिए लुटेरों को भागने पर मजबूर कर दिया था.
गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे सोमालिया में 1991 से कोई सरकार नहीं है.
इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए कई देशों के नौसैनिक युद्धपोत अदन की खाड़ी में गश्त लगाते रहते हैं.
यह दुनिया के बहुत व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है. यह लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल अब तक सोमालिया के समुद्री लुटेरे जहाज़ों को अगवा कर क़रीब तीन करोड़ डालर की फ़िरौती वसूल चुके हैं.
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भारतीय नौसेना के युद्धपोत 'आईएनएस तबर' में सवार नौसैनिकों ने सोमालिया के समुद्री लुटेरों के जहाज़ को अदन की खाड़ी में डुबो दिया है. सरकारी बयान के मुताबिक़ समुद्री लुटेरों ने भारतीय नौसेना के जहाज़ पर हमला किया था और जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय नौसैनिकों ने लुटेरों के जहाज़ को डुबो दिया. भारतीय नौसेना के अनुसार आईएनएस तबर मंगलवार को जब ओमान के सलालह से दो सौ पचासी नॉटिकल मील दूर गश्त लगा रहा था तो उन्होंने समुद्री लुटेरों के एक जहाज़ को जाँच-पड़ताल के लिए रोका. इसके बाद समुद्री लुटेरों ने कहा कि अगर वे उनके नज़दीक आए तो वे उन्हें उड़ा देंगे. ये समुद्री लुटेरे अपने हाथ में बंदूक और रॉकेट लाँचर लिए हुए थे. सुमुद्री लुटेरे आईएनएस तबर को लगातार धमकियाँ दे रहे थे और उस पर गोलियाँ चला रहे थे. भारतीय नौसैनिकों की जवाबी कार्रवाई में लुटेरों का जहाज़ टूट गया. इसके बाद धमाके की आवाज़ भी सुनी गई. माना जा रहा है कि धमाके जहाज़ पर रखे विस्फोटक से हुए. सोमालिया के समुद्र तट पर इन दिनों जहाज़ों के अपहरण की घटनाएँ काफ़ी बढ़ गई हैं. समुद्री लुटेरों ने शनिवार को सऊदी अरब के सीरियस स्टार नाम के एक बड़े तेल टैंकर को कीनियाई बंदरगाह मोम्बासा से चार सौ पचास नॉटिकल मील दूर अगवा कर लिया था. सऊदी अरब के इस जहाज़ पर चालक दल के पच्चीस सदस्य हैं और उस पर बीस लाख बैरल तेल लदा हुआ है. भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएएनएस तबर इस महीने की शुरुआत से ही अदन की खाड़ी में गश्त लगा रहा है. आईएनएस तबर ने इससे पहले ग्यारह नवंबर को भी सोमालियाई समुद्री लुटेरों की मालवाहक जहाज़ एमवी जग अर्णव को अगवा करने की कोशिश को नाकाम कर दिया था. नौसेना के इस विमान से मरीन कमांडो के दस्ते ने हेलीकॉप्टर के ज़रिए लुटेरों को भागने पर मजबूर कर दिया था. गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे सोमालिया में एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे से कोई सरकार नहीं है. इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए कई देशों के नौसैनिक युद्धपोत अदन की खाड़ी में गश्त लगाते रहते हैं. यह दुनिया के बहुत व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है. यह लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल अब तक सोमालिया के समुद्री लुटेरे जहाज़ों को अगवा कर क़रीब तीन करोड़ डालर की फ़िरौती वसूल चुके हैं.
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दिल्ली में तमाम तरह के विकास और योजनाओं को संचालित करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को लेकर सूचना का अधिकार (RTI) के तहत बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली सरकार ने अपने 2015 से 2019 के कार्यकाल में राष्ट्रीय राजधानी में न तो कोई नया अस्पताल बनाया और ना ही कोई फ्लाईओवर का निर्माण कराया है। इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 23 फ्लाईओवर और अस्पतालों में बेड बढ़ाने का दावा किया था।
दिल्ली के नसीरपुर निवासी और RTI कार्यकर्ता तेजपाल सिंह ने साल 2019 में यह RTI दाखिल की थी। इसमें उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा 2015 से 2019 के बीच स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी मांगी थी।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) दिल्ली ने RTI का आधिकारिक रूप से जवाब देते हुए कहा कि इस अवधि में दिल्ली सरकार की ओर से कोई भी नया अस्पताल नहीं बनाया गया है। DGHS की ओर भेजे गए जवाब में लिखा था, 'अस्पतालों के संबंध में DGHS के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2019 तक की अवधि के दौरान दिल्ली सरकार के अधीन कोई नया अस्पताल नहीं बनाया गया है। '
DGHS की ओर से AAP सरकार को लेकर दी गई यह जानकारी बड़ी ही चौंकाने वाली है। इसने AAP के 2015 के चुनावी घोषणा पत्र का भी झूठ सामने ला दिया है। उस दौरान AAP ने चुनावी घोषणा पत्र में दिल्ली के अस्पतालों में बेडों की संख्या 40,000 तक पहुंचाने का वादा किया था। इसके अलावा पहले दो वर्षों में संख्या दोगुनी करने को कहा था। इसके विपरीत सरकार ने 2014-2015 और 2017-2018 के दौरान केवल 400 बेड बढ़ाए थे।
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सिंह की RTI का जवाब देते हुए 2019 में कहा था कि 1 अप्रैल, 2015 और 31 मार्च, 2019 के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कोई भी नए फ्लाईओवर का निर्माण नहीं किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सच्चाई के बाद भी जुलाई 2019 में RTI फ्लाईओवर का उद्घाटन करते समय मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया था कि उनकी सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में 23 फ्लाईओवर बनाए हैं।
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दिल्ली में तमाम तरह के विकास और योजनाओं को संचालित करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी सरकार को लेकर सूचना का अधिकार के तहत बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली सरकार ने अपने दो हज़ार पंद्रह से दो हज़ार उन्नीस के कार्यकाल में राष्ट्रीय राजधानी में न तो कोई नया अस्पताल बनाया और ना ही कोई फ्लाईओवर का निर्माण कराया है। इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तेईस फ्लाईओवर और अस्पतालों में बेड बढ़ाने का दावा किया था। दिल्ली के नसीरपुर निवासी और RTI कार्यकर्ता तेजपाल सिंह ने साल दो हज़ार उन्नीस में यह RTI दाखिल की थी। इसमें उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा दो हज़ार पंद्रह से दो हज़ार उन्नीस के बीच स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी मांगी थी। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय दिल्ली ने RTI का आधिकारिक रूप से जवाब देते हुए कहा कि इस अवधि में दिल्ली सरकार की ओर से कोई भी नया अस्पताल नहीं बनाया गया है। DGHS की ओर भेजे गए जवाब में लिखा था, 'अस्पतालों के संबंध में DGHS के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार अप्रैल दो हज़ार पंद्रह से इकतीस मार्च दो हज़ार उन्नीस तक की अवधि के दौरान दिल्ली सरकार के अधीन कोई नया अस्पताल नहीं बनाया गया है। ' DGHS की ओर से AAP सरकार को लेकर दी गई यह जानकारी बड़ी ही चौंकाने वाली है। इसने AAP के दो हज़ार पंद्रह के चुनावी घोषणा पत्र का भी झूठ सामने ला दिया है। उस दौरान AAP ने चुनावी घोषणा पत्र में दिल्ली के अस्पतालों में बेडों की संख्या चालीस,शून्य तक पहुंचाने का वादा किया था। इसके अलावा पहले दो वर्षों में संख्या दोगुनी करने को कहा था। इसके विपरीत सरकार ने दो हज़ार चौदह-दो हज़ार पंद्रह और दो हज़ार सत्रह-दो हज़ार अट्ठारह के दौरान केवल चार सौ बेड बढ़ाए थे। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग ने सिंह की RTI का जवाब देते हुए दो हज़ार उन्नीस में कहा था कि एक अप्रैल, दो हज़ार पंद्रह और इकतीस मार्च, दो हज़ार उन्नीस के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कोई भी नए फ्लाईओवर का निर्माण नहीं किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सच्चाई के बाद भी जुलाई दो हज़ार उन्नीस में RTI फ्लाईओवर का उद्घाटन करते समय मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया था कि उनकी सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में तेईस फ्लाईओवर बनाए हैं।
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प्रश्न.1 बताइये कि रणनीतिक प्रभाव आकलन (Strategic impact assessment), पर्यावरण प्रभाव आकलन (Environmental impact assessment) की कमियों को दूर करने में किस प्रकार सहायक होगा। (250 शब्द)
प्रश्न.2 अत्यधिक सुपोषण के बाद पोषक तत्वों से समृद्ध जल निकाय, जैविक रेगिस्तान के रूप में परिवर्तित हो जाता है। चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
उत्तर 1:
हल करने का दृष्टिकोणः
- रणनीतिक प्रभाव आकलन (SIA) और पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) का संक्षिप्त परिचय दीजिये।
- उन उपायों पर चर्चा कीजिये जिनके माध्यम से SIA, EIA की कमियों को दूर करने में सहायक होगा।
- समग्र और उचित निष्कर्ष दीजिये।
- पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA), पर्यावरण पर विकासात्मक परियोजनाओं के संभावित प्रभावों का आकलन करने के लिये एक व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला उपकरण है।
- हालांकि ईआईए प्रक्रिया में कई कमियाँ मौजूद हैं जैसे कि संबंधित परियोजना के विकल्पों पर सीमित विचार करना, सीमित सार्वजनिक भागीदारी और दीर्घकालिक प्रभावों पर अपर्याप्त विचार आदि।
- इसकी प्रतिक्रया में रणनीतिक प्रभाव आकलन (SIA) नामक एक नया दृष्टिकोण उभरा है। SIA का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय कारकों के विस्तृत संदर्भ में किसी परियोजना के संभावित प्रभावों का अधिक व्यापक और समग्र आकलन प्रदान करके इन कमियों को हल करना है।
- SIA को रणनीतिक प्रभाव आकलन के रूप में भी जाना जाता है।
मुख्य भागः
- रणनीतिक प्रभाव आकलन (SIA) के तहत किसी समुदाय या क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर किसी प्रस्तावित परियोजना या नीति के संभावित प्रभावों का आकलन किया जाता है। ईआईए के विपरीत, एसआईए द्वारा किसी परियोजना के दीर्घकालिक परिणामों को ध्यान में रखते हुए और वैकल्पिक विकास परिदृश्यों पर विचार करके परियोजना के संभावित प्रभावों का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया जाता है। SIA में अधिक व्यापक भागीदारी शामिल होती है जिसमें निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्थानीय समुदायों, गैर सरकारी संगठनों सहित सार्वजनिक भागीदारी को महत्त्व दिया जाता है।
- ईआईए की प्रमुख कमियों में से एक किसी परियोजना के विकल्पों पर सीमित विचार करना है। ईआईए के तहत संभावित विकल्पों पर विचार किये बिना प्रस्तावित परियोजना के संभावित प्रभावों का आकलन किया जाता है। इसके विपरीत, SIA द्वारा परियोजना के विकल्पों पर पर्याप्त विचार करने के साथ इसके संभावित प्रभावों पर व्यापक विचार किया जाता है, जिससे निर्णय निर्माताओं को परियोजना के संभावित प्रभावों से संबंधित व्यापक परिप्रेक्ष्य मिलता है।
- ईआईए का एक और दोष इसमें सीमित सार्वजनिक भागीदारी का होना है। ईआईए में सार्वजनिक परामर्श की आवश्यकता होने के बावजूद इसकी प्रक्रिया अक्सर समावेशी नहीं होती है। दूसरी ओर एसआईए में सार्वजनिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जाती है और इसमें परियोजना से प्रभावित हितधारकों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिये डिज़ाइन किया गया है। इससे SIA से यह सुनिश्चित होता है कि निर्णय निर्माण प्रक्रिया में सभी हितधारकों की आवाज़ सुनी जाने के साथ उनकी चिंताओं को ध्यान में रखा जाए।
- ईआईए द्वारा किसी परियोजना के दीर्घकालिक प्रभावों पर पूरी तरह से विचार नहीं किया जाता है। ईआईए प्रक्रिया में अल्पकालिक प्रभावों पर अधिक बल दिया जाता है। SIA के तहत दीर्घकालिक परिणामों सहित किसी परियोजना के संभावित प्रभावों के बारे में अधिक व्यापक और समग्र दृष्टिकोण मिलता है जिससे निर्णय लेने वालों को अधिक सूचित निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
रणनीतिक प्रभाव आकलन दृष्टिकोण, एक अधिक व्यापक और समग्र प्रक्रिया है जो पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्रक्रिया से संबंधित सीमाओं को दूर कर सकती है। एसआईए के तहत वैकल्पिक विकास परिदृश्यों पर विचार करने, सार्वजनिक भागीदारी को प्राथमिकता देने और किसी परियोजना के दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन करने के साथ अधिक समावेशी दृष्टिकोण पर बल दिया जाता है। एसआईए के अंतर्गत निर्णय निर्माता किसी प्रस्तावित परियोजना के व्यापक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों के आलोक में अधिक तार्किक निर्णय ले सकते हैं। इसलिये विकासात्मक परियोजनाओं के संबंध में निर्णय लेने की प्रक्रिया में एसआईए दृष्टिकोण को अपनाने से यह सुनिश्चित होगा कि विकासात्मक परियोजनाओं का पर्यावरण और लोगों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न हो।
उत्तर 2:
हल करने का दृष्टिकोणः
- सुपोषण के बारे में संक्षिप्त परिचय दीजिये।
- चर्चा कीजिये कि कैसे सुपोषण से जल निकाय जैविक रेगिस्तान में परिवर्तित हो जाते हैं।
- समग्र और उचित निष्कर्ष दीजिये।
- सुपोषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें जल निकाय (जैसे झील, नदियाँ और महासागर) नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध हो जाते हैं।
- इससे शैवाल और अन्य जलीय पौधों की अत्यधिक वृद्धि होती है जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।
- समय के साथ ऑक्सीजन की कमी और विषाक्त शैवालों की अत्यधिक वृद्धि के कारण ये जल निकाय जैविक रेगिस्तान बन सकते हैं।
मुख्य भागः
अत्यधिक सुपोषण के पश्चात पोषक तत्वों से समृद्ध जल निकाय जैविक रेगिस्तान बन जाते हैंः
- सुपोषण मानव गतिविधियों जैसे कि कृषि, शहरीकरण और अपशिष्ट जल के कारण होता है। उर्वरकों, सीवेज और पशु अपशिष्ट अपवाह से जल निकायों में पोषक तत्वों का संवर्धन हो जाता है।
- अतिरिक्त पोषक तत्वों से शैवाल और जलीय पौधों की अतिवृद्धि होती है जिससे जल में ऑक्सीजन के स्तर में कमी आ सकती है। इसके परिणामस्वरूप मछली और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु होने से जल निकाय जैविक रेगिस्तान में परिवर्तित हो सकता है।
- ऑक्सीजन के स्तर में कमी आने के साथ सुपोषण से जल की रासायनिक संरचना बदल जाती है जिससे यह अधिक अम्लीय होने के साथ अपशिष्टयुक्त हो जाता है। इन परिवर्तनों के आलोक में जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में कैस्केडिंग प्रभाव से जैव विविधता में गिरावट हो सकती है।
- शैवाल और अन्य जलीय वनस्पतियों के मृत और विघटित होने से जल की सतह पर जमा होने वाले पोषक तत्वों से भरपूर तलछट द्वारा हाइड्रोजन सल्फाइड जैसे विषाक्त यौगिक निष्कासित हो सकते हैं,जिससे जलीय जीवों को और भी नुकसान पहुँचता है।
- सुपोषण के परिणाम गंभीर और दूरगामी होते हैं। जल निकाय के जैविक रूप से मृत हो जाने के बाद इनके आर्थिक, पारिस्थितिकी और मनोरंजक मूल्यों में कमी आती है। उदाहरण के लिये इससे मत्स्यन, पर्यटन और अन्य मनोरंजक गतिविधियाँ गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त मृत पौधों और जंतुओं के अपघटन से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जिससे हानिकारक शैवालों की वृद्धि हो सकती है जो मनुष्यों और जलीय जानवरों दोनों के लिये विषाक्त हो सकता है।
- सुपोषण को रोकने और नियंत्रित करने के लिये कई समाधान हैं। सबसे प्रभावी उपायों में से एक जल निकायों में पोषक तत्व अपवाह की मात्रा को सीमित करना है। ऐसा कृषि में सर्वोत्तम प्रबंधन प्रक्रियाओं को अपनाने से किया जा सकता है, जैसे कि उर्वरक के उपयोग को कम करना और मृदा के कटाव को रोकने वाली प्रक्रियाओं को अपनाना। अपशिष्ट जल के उपचार से जल निकायों में जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा भी कम हो सकती है।
सुपोषण एक मानव-प्रेरित समस्या है जिसके जलीय पारिस्थितिक तंत्र पर गंभीर परिणाम होते हैं। जल निकाय के जैविक रूप से मृत हो जाने के बाद इनके आर्थिक, पारिस्थितिकी और मनोरंजक मूल्यों में कमी आती है। सर्वोत्तम प्रबंधन प्रथाओं को अपनाने, पोषक तत्वों के अपवाह में कमी लाने और अपशिष्ट जल के उपचार के माध्यम से सुपोषण को रोकने के साथ और नियंत्रित किया जा सकता है। सुपोषण को रोकने और नियंत्रित करने से हम अपने जलीय पारिस्थितिक तंत्र और उसके द्वारा प्रदान किये जाने वाले कई लाभों को संरक्षित कर सकते हैं।
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प्रश्न.एक बताइये कि रणनीतिक प्रभाव आकलन , पर्यावरण प्रभाव आकलन की कमियों को दूर करने में किस प्रकार सहायक होगा। प्रश्न.दो अत्यधिक सुपोषण के बाद पोषक तत्वों से समृद्ध जल निकाय, जैविक रेगिस्तान के रूप में परिवर्तित हो जाता है। चर्चा कीजिये। उत्तर एक: हल करने का दृष्टिकोणः - रणनीतिक प्रभाव आकलन और पर्यावरण प्रभाव आकलन का संक्षिप्त परिचय दीजिये। - उन उपायों पर चर्चा कीजिये जिनके माध्यम से SIA, EIA की कमियों को दूर करने में सहायक होगा। - समग्र और उचित निष्कर्ष दीजिये। - पर्यावरण प्रभाव आकलन , पर्यावरण पर विकासात्मक परियोजनाओं के संभावित प्रभावों का आकलन करने के लिये एक व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला उपकरण है। - हालांकि ईआईए प्रक्रिया में कई कमियाँ मौजूद हैं जैसे कि संबंधित परियोजना के विकल्पों पर सीमित विचार करना, सीमित सार्वजनिक भागीदारी और दीर्घकालिक प्रभावों पर अपर्याप्त विचार आदि। - इसकी प्रतिक्रया में रणनीतिक प्रभाव आकलन नामक एक नया दृष्टिकोण उभरा है। SIA का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय कारकों के विस्तृत संदर्भ में किसी परियोजना के संभावित प्रभावों का अधिक व्यापक और समग्र आकलन प्रदान करके इन कमियों को हल करना है। - SIA को रणनीतिक प्रभाव आकलन के रूप में भी जाना जाता है। मुख्य भागः - रणनीतिक प्रभाव आकलन के तहत किसी समुदाय या क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर किसी प्रस्तावित परियोजना या नीति के संभावित प्रभावों का आकलन किया जाता है। ईआईए के विपरीत, एसआईए द्वारा किसी परियोजना के दीर्घकालिक परिणामों को ध्यान में रखते हुए और वैकल्पिक विकास परिदृश्यों पर विचार करके परियोजना के संभावित प्रभावों का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया जाता है। SIA में अधिक व्यापक भागीदारी शामिल होती है जिसमें निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्थानीय समुदायों, गैर सरकारी संगठनों सहित सार्वजनिक भागीदारी को महत्त्व दिया जाता है। - ईआईए की प्रमुख कमियों में से एक किसी परियोजना के विकल्पों पर सीमित विचार करना है। ईआईए के तहत संभावित विकल्पों पर विचार किये बिना प्रस्तावित परियोजना के संभावित प्रभावों का आकलन किया जाता है। इसके विपरीत, SIA द्वारा परियोजना के विकल्पों पर पर्याप्त विचार करने के साथ इसके संभावित प्रभावों पर व्यापक विचार किया जाता है, जिससे निर्णय निर्माताओं को परियोजना के संभावित प्रभावों से संबंधित व्यापक परिप्रेक्ष्य मिलता है। - ईआईए का एक और दोष इसमें सीमित सार्वजनिक भागीदारी का होना है। ईआईए में सार्वजनिक परामर्श की आवश्यकता होने के बावजूद इसकी प्रक्रिया अक्सर समावेशी नहीं होती है। दूसरी ओर एसआईए में सार्वजनिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जाती है और इसमें परियोजना से प्रभावित हितधारकों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिये डिज़ाइन किया गया है। इससे SIA से यह सुनिश्चित होता है कि निर्णय निर्माण प्रक्रिया में सभी हितधारकों की आवाज़ सुनी जाने के साथ उनकी चिंताओं को ध्यान में रखा जाए। - ईआईए द्वारा किसी परियोजना के दीर्घकालिक प्रभावों पर पूरी तरह से विचार नहीं किया जाता है। ईआईए प्रक्रिया में अल्पकालिक प्रभावों पर अधिक बल दिया जाता है। SIA के तहत दीर्घकालिक परिणामों सहित किसी परियोजना के संभावित प्रभावों के बारे में अधिक व्यापक और समग्र दृष्टिकोण मिलता है जिससे निर्णय लेने वालों को अधिक सूचित निर्णय लेने में सहायता मिलती है। रणनीतिक प्रभाव आकलन दृष्टिकोण, एक अधिक व्यापक और समग्र प्रक्रिया है जो पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्रक्रिया से संबंधित सीमाओं को दूर कर सकती है। एसआईए के तहत वैकल्पिक विकास परिदृश्यों पर विचार करने, सार्वजनिक भागीदारी को प्राथमिकता देने और किसी परियोजना के दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन करने के साथ अधिक समावेशी दृष्टिकोण पर बल दिया जाता है। एसआईए के अंतर्गत निर्णय निर्माता किसी प्रस्तावित परियोजना के व्यापक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों के आलोक में अधिक तार्किक निर्णय ले सकते हैं। इसलिये विकासात्मक परियोजनाओं के संबंध में निर्णय लेने की प्रक्रिया में एसआईए दृष्टिकोण को अपनाने से यह सुनिश्चित होगा कि विकासात्मक परियोजनाओं का पर्यावरण और लोगों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न हो। उत्तर दो: हल करने का दृष्टिकोणः - सुपोषण के बारे में संक्षिप्त परिचय दीजिये। - चर्चा कीजिये कि कैसे सुपोषण से जल निकाय जैविक रेगिस्तान में परिवर्तित हो जाते हैं। - समग्र और उचित निष्कर्ष दीजिये। - सुपोषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें जल निकाय नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध हो जाते हैं। - इससे शैवाल और अन्य जलीय पौधों की अत्यधिक वृद्धि होती है जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। - समय के साथ ऑक्सीजन की कमी और विषाक्त शैवालों की अत्यधिक वृद्धि के कारण ये जल निकाय जैविक रेगिस्तान बन सकते हैं। मुख्य भागः अत्यधिक सुपोषण के पश्चात पोषक तत्वों से समृद्ध जल निकाय जैविक रेगिस्तान बन जाते हैंः - सुपोषण मानव गतिविधियों जैसे कि कृषि, शहरीकरण और अपशिष्ट जल के कारण होता है। उर्वरकों, सीवेज और पशु अपशिष्ट अपवाह से जल निकायों में पोषक तत्वों का संवर्धन हो जाता है। - अतिरिक्त पोषक तत्वों से शैवाल और जलीय पौधों की अतिवृद्धि होती है जिससे जल में ऑक्सीजन के स्तर में कमी आ सकती है। इसके परिणामस्वरूप मछली और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु होने से जल निकाय जैविक रेगिस्तान में परिवर्तित हो सकता है। - ऑक्सीजन के स्तर में कमी आने के साथ सुपोषण से जल की रासायनिक संरचना बदल जाती है जिससे यह अधिक अम्लीय होने के साथ अपशिष्टयुक्त हो जाता है। इन परिवर्तनों के आलोक में जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में कैस्केडिंग प्रभाव से जैव विविधता में गिरावट हो सकती है। - शैवाल और अन्य जलीय वनस्पतियों के मृत और विघटित होने से जल की सतह पर जमा होने वाले पोषक तत्वों से भरपूर तलछट द्वारा हाइड्रोजन सल्फाइड जैसे विषाक्त यौगिक निष्कासित हो सकते हैं,जिससे जलीय जीवों को और भी नुकसान पहुँचता है। - सुपोषण के परिणाम गंभीर और दूरगामी होते हैं। जल निकाय के जैविक रूप से मृत हो जाने के बाद इनके आर्थिक, पारिस्थितिकी और मनोरंजक मूल्यों में कमी आती है। उदाहरण के लिये इससे मत्स्यन, पर्यटन और अन्य मनोरंजक गतिविधियाँ गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त मृत पौधों और जंतुओं के अपघटन से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जिससे हानिकारक शैवालों की वृद्धि हो सकती है जो मनुष्यों और जलीय जानवरों दोनों के लिये विषाक्त हो सकता है। - सुपोषण को रोकने और नियंत्रित करने के लिये कई समाधान हैं। सबसे प्रभावी उपायों में से एक जल निकायों में पोषक तत्व अपवाह की मात्रा को सीमित करना है। ऐसा कृषि में सर्वोत्तम प्रबंधन प्रक्रियाओं को अपनाने से किया जा सकता है, जैसे कि उर्वरक के उपयोग को कम करना और मृदा के कटाव को रोकने वाली प्रक्रियाओं को अपनाना। अपशिष्ट जल के उपचार से जल निकायों में जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा भी कम हो सकती है। सुपोषण एक मानव-प्रेरित समस्या है जिसके जलीय पारिस्थितिक तंत्र पर गंभीर परिणाम होते हैं। जल निकाय के जैविक रूप से मृत हो जाने के बाद इनके आर्थिक, पारिस्थितिकी और मनोरंजक मूल्यों में कमी आती है। सर्वोत्तम प्रबंधन प्रथाओं को अपनाने, पोषक तत्वों के अपवाह में कमी लाने और अपशिष्ट जल के उपचार के माध्यम से सुपोषण को रोकने के साथ और नियंत्रित किया जा सकता है। सुपोषण को रोकने और नियंत्रित करने से हम अपने जलीय पारिस्थितिक तंत्र और उसके द्वारा प्रदान किये जाने वाले कई लाभों को संरक्षित कर सकते हैं।
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Don't Miss!
फिल्म में उनकी जोड़ी पायल के साथ थी। रजत के अलग होने से कहानी में बदलाव किया गया और पायल के रोल छोटा हो गया जो वे करना नहीं चाहती। लिहाजा फिल्म से अलग होने के सिवाय उनके सामने कोई रास्ता नहीं बचा।
सी-ग्रेड की फिल्मों में अंग प्रदर्शन के बावजूद पायल को कोई सफलता नहीं मिली तो उन्होंने ए-ग्रेड में छोटी भूमिकाएँ करना शुरू कर दी। लेकिन यह सिलसिला ज्यादा दिनों तक नहीं चला और पायल को फिल्म मिलना बंद हो गई। वाकई में मुसीबत की मार चारों ओर से होती है।
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Don't Miss! फिल्म में उनकी जोड़ी पायल के साथ थी। रजत के अलग होने से कहानी में बदलाव किया गया और पायल के रोल छोटा हो गया जो वे करना नहीं चाहती। लिहाजा फिल्म से अलग होने के सिवाय उनके सामने कोई रास्ता नहीं बचा। सी-ग्रेड की फिल्मों में अंग प्रदर्शन के बावजूद पायल को कोई सफलता नहीं मिली तो उन्होंने ए-ग्रेड में छोटी भूमिकाएँ करना शुरू कर दी। लेकिन यह सिलसिला ज्यादा दिनों तक नहीं चला और पायल को फिल्म मिलना बंद हो गई। वाकई में मुसीबत की मार चारों ओर से होती है।
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रामगढ़ः उत्क्रमित उच्च विद्यालय कैथा में बुधवार को जिला स्तरीय कस्तूरबा (Kasturba) संगम 2021-22 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने हिस्सा लिया। जिले की चारों कस्तूरबा बालिका विद्यालयों की छात्राओं तथा दोनो झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं के द्वारा मुख्य अतिथि और जिला स्तरीय पदाधिकारियों का स्वागत गान गाकर स्वागत किया गया। वही कार्यक्रम में छात्राओं के द्वारा स्वागत नृत्य सहित कई अन्य नृत्यों की प्रस्तुति भी दी गई।
उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार से छात्राओं के द्वारा यहां विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई है उससे पता चलता है कि उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए कितनी कड़ी मेहनत की है। वहीं उन्होंने सभी से कहा कि कस्तूरबा संगम में जो प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं उनमें आप सभी बढ़-चढ़कर भाग ले। उन्होंने जोर देते हुए सभी से कहा कि प्रतियोगिता में जीतना नहीं बल्कि उसमें हिस्सा लेना जरूरी होता है वहीं उन्होंने दर्शकों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जो लोग प्रस्तुति दे रहे हैं उनकी मेहनत का आकलन दर्शकों के द्वारा ही किया जाता है। इसलिए आप सभी भी आज जो कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं उनमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर बच्चों को प्रोत्साहित करने में अपना योगदान दें। बालिका शिक्षा पर बात करते हुए उपायुक्त ने सभी से कहा कि शिक्षा आप सभी का अधिकार है इसलिए जीवन में कुछ बड़ा प्राप्त करने की चाह में बिना दबाव लिए इसे ग्रहण करें। कस्तूरबा संगम के संबंध में बात करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कोरोना काल में जिस प्रकार से शिक्षा बाधित हुई है उसके बाद इस तरह का कार्यक्रम आप सभी के लिए एक मौका है शिक्षा के क्षेत्र से हटकर अपनी प्रतिभा को दर्शाने का। आने वाले समय में इस तरह की और भी प्रतियोगिताएं आयोजित होगी जिनमें आपको और भी मौका मिलेगा। उपायुक्त ने सभी से सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक रहकर उनका लाभ लेने की अपील की वहीं उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को असल जिंदगी में भी लड़कियों को लड़कों के सामान समझते हुए उन्हें भी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की।
जिला स्तरीय कस्तूरबा (Kasturba) संगम में सांसद प्रतिनिधि संजय सिंह ने कहा कि आज के दौर में लड़कियां हर क्षेत्र में कीर्तिमान हासिल कर रही है। शिक्षा सीढ़ी है जिसके माध्यम से आप सभी अपने जीवन में कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं। इसलिए पूरे मन से नई नई चीजों को सीखने में ध्यान दें वही इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को भी निखारे।
जिला शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि कोरोना के कारण लगभग 2 वर्षों के बाद राज्य सरकार द्वारा कस्तूरबा (Kasturba) संगम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है इसकी शुरुआत लातेहार जिला से हुई थी जिसके बाद इसे पूरे राज्य में अपनाया गया वहीं उन्होंने सभी से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।
अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मोनादीपा बनर्जी द्वारा सभी को कस्तूरबा संगम के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा संगम का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है जिसका पहला चरण विद्यालय स्तर पर 4 दिसंबर को आयोजित हुआ वही इसका दूसरा चरण जिला स्तर पर आज उत्क्रमित उच्च विद्यालय कैथा में किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्य स्तरीय कस्तूरबा संगम जोकि जनवरी 2022 में प्रस्तावित है में भाग लेने का मौका मिलेगा।
कस्तूरबा संगम में उपायुक्त माधवी मिश्रा आदि अतिथियों एवं अधिकारियों के द्वारा छात्राओं द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। उपायुक्त ने छात्राओं से उनके द्वारा बनाए गए मॉडल के संबंध में कई महत्वपूर्ण चर्चाएं करते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।
जिला स्तरीय कस्तूरबा संगम 2021-22 के दौरान कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं के लिए क्विज, निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला, नाटक, नृत्य नाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया वही कक्षा 9 से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए वाद विवाद, विज्ञान प्रदर्शनी, क्विज, निबंध लेखन, भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला, नाटक, नृत्य नाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसके उपरांत सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मंच का संचालन सरिता सिन्हा के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला कल्याण पदाधिकारी रामेश्वर चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियी उपस्थित थे।
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रामगढ़ः उत्क्रमित उच्च विद्यालय कैथा में बुधवार को जिला स्तरीय कस्तूरबा संगम दो हज़ार इक्कीस-बाईस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने हिस्सा लिया। जिले की चारों कस्तूरबा बालिका विद्यालयों की छात्राओं तथा दोनो झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं के द्वारा मुख्य अतिथि और जिला स्तरीय पदाधिकारियों का स्वागत गान गाकर स्वागत किया गया। वही कार्यक्रम में छात्राओं के द्वारा स्वागत नृत्य सहित कई अन्य नृत्यों की प्रस्तुति भी दी गई। उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार से छात्राओं के द्वारा यहां विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई है उससे पता चलता है कि उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए कितनी कड़ी मेहनत की है। वहीं उन्होंने सभी से कहा कि कस्तूरबा संगम में जो प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं उनमें आप सभी बढ़-चढ़कर भाग ले। उन्होंने जोर देते हुए सभी से कहा कि प्रतियोगिता में जीतना नहीं बल्कि उसमें हिस्सा लेना जरूरी होता है वहीं उन्होंने दर्शकों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जो लोग प्रस्तुति दे रहे हैं उनकी मेहनत का आकलन दर्शकों के द्वारा ही किया जाता है। इसलिए आप सभी भी आज जो कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं उनमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर बच्चों को प्रोत्साहित करने में अपना योगदान दें। बालिका शिक्षा पर बात करते हुए उपायुक्त ने सभी से कहा कि शिक्षा आप सभी का अधिकार है इसलिए जीवन में कुछ बड़ा प्राप्त करने की चाह में बिना दबाव लिए इसे ग्रहण करें। कस्तूरबा संगम के संबंध में बात करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कोरोना काल में जिस प्रकार से शिक्षा बाधित हुई है उसके बाद इस तरह का कार्यक्रम आप सभी के लिए एक मौका है शिक्षा के क्षेत्र से हटकर अपनी प्रतिभा को दर्शाने का। आने वाले समय में इस तरह की और भी प्रतियोगिताएं आयोजित होगी जिनमें आपको और भी मौका मिलेगा। उपायुक्त ने सभी से सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक रहकर उनका लाभ लेने की अपील की वहीं उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को असल जिंदगी में भी लड़कियों को लड़कों के सामान समझते हुए उन्हें भी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की। जिला स्तरीय कस्तूरबा संगम में सांसद प्रतिनिधि संजय सिंह ने कहा कि आज के दौर में लड़कियां हर क्षेत्र में कीर्तिमान हासिल कर रही है। शिक्षा सीढ़ी है जिसके माध्यम से आप सभी अपने जीवन में कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं। इसलिए पूरे मन से नई नई चीजों को सीखने में ध्यान दें वही इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को भी निखारे। जिला शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि कोरोना के कारण लगभग दो वर्षों के बाद राज्य सरकार द्वारा कस्तूरबा संगम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है इसकी शुरुआत लातेहार जिला से हुई थी जिसके बाद इसे पूरे राज्य में अपनाया गया वहीं उन्होंने सभी से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की। अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मोनादीपा बनर्जी द्वारा सभी को कस्तूरबा संगम के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा संगम का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है जिसका पहला चरण विद्यालय स्तर पर चार दिसंबर को आयोजित हुआ वही इसका दूसरा चरण जिला स्तर पर आज उत्क्रमित उच्च विद्यालय कैथा में किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्य स्तरीय कस्तूरबा संगम जोकि जनवरी दो हज़ार बाईस में प्रस्तावित है में भाग लेने का मौका मिलेगा। कस्तूरबा संगम में उपायुक्त माधवी मिश्रा आदि अतिथियों एवं अधिकारियों के द्वारा छात्राओं द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। उपायुक्त ने छात्राओं से उनके द्वारा बनाए गए मॉडल के संबंध में कई महत्वपूर्ण चर्चाएं करते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। जिला स्तरीय कस्तूरबा संगम दो हज़ार इक्कीस-बाईस के दौरान कक्षा छः से आठ तक की बालिकाओं के लिए क्विज, निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला, नाटक, नृत्य नाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया वही कक्षा नौ से बारहवीं तक की बालिकाओं के लिए वाद विवाद, विज्ञान प्रदर्शनी, क्विज, निबंध लेखन, भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला, नाटक, नृत्य नाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसके उपरांत सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मंच का संचालन सरिता सिन्हा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कल्याण पदाधिकारी रामेश्वर चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियी उपस्थित थे।
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Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) डीएस कॉलोनी दुर्गा मंदिर प्रांगण में भागवत कथा के छठे दिन सोमवार 20 जून को सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने श्रीकृष्ण भगवान के बाल रूपों का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि भगवान की हर लीला में एक संदेश है. उन्होंने कहा सत्संग को व्यापार बना दिया गया है. भक्तों को भगवान से नहीं जुड़ने दिया जा रहा है. भागवत कथा अमीरों की कथा बनकर रह गई है. परंतु आज कोयलांचल में गरीब भक्त भी इसका आनंद ले रहे हैं.
कथा के छठे दिन सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने पंडाल में बैठे सभी भक्तों को भजन "अनमोल तेरा जीवन यूं ही गंवा रहा है किस ओर तेरी मंजिल किस ओर जा रहा है " श्रवण कराया". कहा कि लोग कहते हैं कि भगवान की भक्ति समय आने पर कर लेंगे. भजन कर लेंगे. लेकिन संत, महात्मा कहते हैं कि प्राण प्रस्थान करते समय तुम्हे सांस लेना मुश्किल हो जाएगा, तो उस समय स्मरण कैसे करोगे.
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Dhanbad : धनबाद डीएस कॉलोनी दुर्गा मंदिर प्रांगण में भागवत कथा के छठे दिन सोमवार बीस जून को सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने श्रीकृष्ण भगवान के बाल रूपों का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि भगवान की हर लीला में एक संदेश है. उन्होंने कहा सत्संग को व्यापार बना दिया गया है. भक्तों को भगवान से नहीं जुड़ने दिया जा रहा है. भागवत कथा अमीरों की कथा बनकर रह गई है. परंतु आज कोयलांचल में गरीब भक्त भी इसका आनंद ले रहे हैं. कथा के छठे दिन सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने पंडाल में बैठे सभी भक्तों को भजन "अनमोल तेरा जीवन यूं ही गंवा रहा है किस ओर तेरी मंजिल किस ओर जा रहा है " श्रवण कराया". कहा कि लोग कहते हैं कि भगवान की भक्ति समय आने पर कर लेंगे. भजन कर लेंगे. लेकिन संत, महात्मा कहते हैं कि प्राण प्रस्थान करते समय तुम्हे सांस लेना मुश्किल हो जाएगा, तो उस समय स्मरण कैसे करोगे.
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश ( MP Panchayat elections 2021-22) के लिए आज 13 दिसंबर 2021 का दिन खास होने वाला है। एक तरफ आज से पंचायत चुनाव 2021-22 के प्रथम और द्वितीय चरण के लिए नाम निर्देशन-पत्र भरने की प्रक्रिया आज से शुरू हो जाएगी। वही दूसरी तरफ एमपी कांग्रेस नेताओं द्वारा आरक्षण और परीसीमन को लेकर लगाई गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) के पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। इसके अलावा 14 दिसंबर मंगलवार को आरक्षण होना है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त बंसत प्रताप सिंह (State Election Commissioner Basant Pratap Singh) ने बताया है कि प्रथम और द्वितीय चरण के लिये नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने का कार्य 13 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 30 दिसम्बर को शुरू होगा। नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 20 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 6 जनवरी है। नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 21 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 7 जनवरी को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 23 दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये 10 जनवरी को अपराहृ 3 बजे तक है। मतदान (यदि आवश्यक हों) प्रथम चरण के लिये 6 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 28 जनवरी और तृतीय चरण के लिये 16 फरवरी 2022 को सुबह 7 बजे से अपराहृ 3 बजे तक होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग सचिव बीएस जामोद ने जानकारी दी है कि पंचायत निर्वाचन में आरक्षित पद से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी से यह अपेक्षा रहेगी कि वह नाम निर्देशन-पत्र के साथ मध्यप्रदेश शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निर्धारित विहित प्रारूप में जाति प्रमाण-पत्र संलग्न करें। यदि अभ्यर्थी के पास नाम निर्देशन-पत्र भरते समय जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं है, तो अभ्यर्थी को उस वर्ग का सदस्य होने बाबत, जिसके लिए स्थान आरक्षित है, अपना जाति संबंधी शपथ-पत्र नाम निर्देशन-पत्र की संवीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। अभ्यर्थी द्वारा जाति प्रमाण-पत्र अथवा शपथ-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर नाम निर्देशन-पत्र निरस्त कर दिया जायेगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया है कि मतदान केन्द्र पर पंच और सरपंच पद के लिये मतगणना मतदान समाप्ति के तुरंत बाद की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकासखण्ड मुख्यालय पर ईव्हीएम से मतगणना प्रथम चरण के लिये 10 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये एक फरवरी और तृतीय चरण के लिये 20 फरवरी 2022 को सुबह 8 बजे से की जाएगी। पंच और सरपंच पद के निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम चरण के लिये 11 जनवरी, द्वितीय चरण के लिये 2 फरवरी और तृतीय चरण के लिये 21 फरवरी 2022 को सुबह 10:30 बजे से की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य के लिये निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के लिये 22 फरवरी को और जिला पंचायत सदस्यों के लिये 23 फरवरी 2022 को सुबह 10:30 बजे से की जाएगी।
मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाई गई याचिकाओं पर आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सुनवाई होना है। जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) के पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। मपी के कांग्रेस नेता सैयद जाफर और जया ठाकुर के द्वारा दायर रिट पिटिशन पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 13 दिसंबर दिन सोमवार तय की थी । आज महाराष्ट्र सरकार के द्वारा ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) बढ़ाए जाने के खिलाफ दायर याचिका के साथ ही मध्यप्रदेश की पंचायत चुनाव में रोटेशन का पालन ना करने वाली याचिका की सुनवाई एक साथ होगी।
मध्य प्रदेश की 52 जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण 14 दिसंबर 2021 को होना है, इसके लिए पंचायत राज संचालनालय द्वारा कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जा चुके है। पंचायत राज संचालनालय मप्र भोपाल द्वारा जारी सूचना के अनुसार, मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 32 एवं मप्र पंचायत (उप सरपंच, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष) निर्वाचन नियम 1995 के अनुसार जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की कार्यवाही के लिए 14 दिसम्बर 2021 की तिथि नियत की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण लॉटरी निकाल कर होगा। आरक्षण की संपूर्ण कार्यवाही जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) कलियासोत डेम के पास भोपाल में शुरू होगी। आरक्षण की कार्यवाही की सूचना जिला और पंचायत कार्यालयों में चस्पा करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए है।
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के लिए आज तेरह दिसंबर दो हज़ार इक्कीस का दिन खास होने वाला है। एक तरफ आज से पंचायत चुनाव दो हज़ार इक्कीस-बाईस के प्रथम और द्वितीय चरण के लिए नाम निर्देशन-पत्र भरने की प्रक्रिया आज से शुरू हो जाएगी। वही दूसरी तरफ एमपी कांग्रेस नेताओं द्वारा आरक्षण और परीसीमन को लेकर लगाई गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। इसके अलावा चौदह दिसंबर मंगलवार को आरक्षण होना है। राज्य निर्वाचन आयुक्त बंसत प्रताप सिंह ने बताया है कि प्रथम और द्वितीय चरण के लिये नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने का कार्य तेरह दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये तीस दिसम्बर को शुरू होगा। नाम निर्देशन-पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख प्रथम और द्वितीय चरण के लिये बीस दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये छः जनवरी है। नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा प्रथम और द्वितीय चरण के लिये इक्कीस दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये सात जनवरी को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख और निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन प्रथम और द्वितीय चरण के लिये तेईस दिसम्बर और तृतीय चरण के लिये दस जनवरी को अपराहृ तीन बजे तक है। मतदान प्रथम चरण के लिये छः जनवरी, द्वितीय चरण के लिये अट्ठाईस जनवरी और तृतीय चरण के लिये सोलह फरवरी दो हज़ार बाईस को सुबह सात बजे से अपराहृ तीन बजे तक होगा। राज्य निर्वाचन आयोग सचिव बीएस जामोद ने जानकारी दी है कि पंचायत निर्वाचन में आरक्षित पद से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी से यह अपेक्षा रहेगी कि वह नाम निर्देशन-पत्र के साथ मध्यप्रदेश शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निर्धारित विहित प्रारूप में जाति प्रमाण-पत्र संलग्न करें। यदि अभ्यर्थी के पास नाम निर्देशन-पत्र भरते समय जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं है, तो अभ्यर्थी को उस वर्ग का सदस्य होने बाबत, जिसके लिए स्थान आरक्षित है, अपना जाति संबंधी शपथ-पत्र नाम निर्देशन-पत्र की संवीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। अभ्यर्थी द्वारा जाति प्रमाण-पत्र अथवा शपथ-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर नाम निर्देशन-पत्र निरस्त कर दिया जायेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया है कि मतदान केन्द्र पर पंच और सरपंच पद के लिये मतगणना मतदान समाप्ति के तुरंत बाद की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकासखण्ड मुख्यालय पर ईव्हीएम से मतगणना प्रथम चरण के लिये दस जनवरी, द्वितीय चरण के लिये एक फरवरी और तृतीय चरण के लिये बीस फरवरी दो हज़ार बाईस को सुबह आठ बजे से की जाएगी। पंच और सरपंच पद के निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम चरण के लिये ग्यारह जनवरी, द्वितीय चरण के लिये दो फरवरी और तृतीय चरण के लिये इक्कीस फरवरी दो हज़ार बाईस को सुबह दस:तीस बजे से की जाएगी। जनपद पंचायत सदस्य के लिये निर्वाचन परिणाम की घोषणा प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के लिये बाईस फरवरी को और जिला पंचायत सदस्यों के लिये तेईस फरवरी दो हज़ार बाईस को सुबह दस:तीस बजे से की जाएगी। मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाई गई याचिकाओं पर आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई होना है। जबलपुर हाईकोर्ट के पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। मपी के कांग्रेस नेता सैयद जाफर और जया ठाकुर के द्वारा दायर रिट पिटिशन पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई की तारीख तेरह दिसंबर दिन सोमवार तय की थी । आज महाराष्ट्र सरकार के द्वारा ओबीसी आरक्षण बढ़ाए जाने के खिलाफ दायर याचिका के साथ ही मध्यप्रदेश की पंचायत चुनाव में रोटेशन का पालन ना करने वाली याचिका की सुनवाई एक साथ होगी। मध्य प्रदेश की बावन जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण चौदह दिसंबर दो हज़ार इक्कीस को होना है, इसके लिए पंचायत राज संचालनालय द्वारा कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जा चुके है। पंचायत राज संचालनालय मप्र भोपाल द्वारा जारी सूचना के अनुसार, मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम एक हज़ार नौ सौ तिरानवे की धारा बत्तीस एवं मप्र पंचायत निर्वाचन नियम एक हज़ार नौ सौ पचानवे के अनुसार जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की कार्यवाही के लिए चौदह दिसम्बर दो हज़ार इक्कीस की तिथि नियत की गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सभी वर्गों में महिलाओं के लिए आरक्षण लॉटरी निकाल कर होगा। आरक्षण की संपूर्ण कार्यवाही जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान कलियासोत डेम के पास भोपाल में शुरू होगी। आरक्षण की कार्यवाही की सूचना जिला और पंचायत कार्यालयों में चस्पा करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए है।
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Holika Dahan Upay: होलिका दहन के दौरान अग्नि में चुपके से डाल दें ये एक चीज, फिर देखें कैसे होती है पैसों की बरसात!
होलिका दहन के दिन अपने घर के बाहर गाय के गोबर के बुरकले (उपले) को रस्सी से बांधकर लटका दें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा और नकारात्मकता दूर हो जाएगी। इसके अलावा आर्थिक संकट भी दूर हो सकेंगे।
घर में सुख-शांति के लिए छोटी होली के दिन मिट्टी के कलश में 11 मिर्चों की बीज डालकर होलिक दहन के समय अग्नि ने के पास रख दें। साथ ही भगवान विष्णु से प्रार्थना करें कि वो आपके सभी दुखों को दूर करें। साथ ही घर में सुख-शांति, परिवार में खुशी को लेकर पर्थना करें।
अगर आप या आपके घर में तनाव का माहौल बना रहता है या मन दुखी रहता है तो ऐसे में आप होलिका दहन की रात घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीपक को सरसों तेल में जलाकर रख दें। इसके बाद पीछे मुड़कर न देखें। ऐसा करने पर आपके जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
वैवाह से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने के लिए होली के दिन उपाय किया जा सकता है। इसके लिए 1 चुटकी सिंदूर लें और उसे होलिका दहन के दौरान अग्नि में डाल दें। ध्यान रहे कि ये किसी को पता न चले और न ही कोई आपको ऐसे करते हुए टोके।
Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi. com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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Holika Dahan Upay: होलिका दहन के दौरान अग्नि में चुपके से डाल दें ये एक चीज, फिर देखें कैसे होती है पैसों की बरसात! होलिका दहन के दिन अपने घर के बाहर गाय के गोबर के बुरकले को रस्सी से बांधकर लटका दें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा और नकारात्मकता दूर हो जाएगी। इसके अलावा आर्थिक संकट भी दूर हो सकेंगे। घर में सुख-शांति के लिए छोटी होली के दिन मिट्टी के कलश में ग्यारह मिर्चों की बीज डालकर होलिक दहन के समय अग्नि ने के पास रख दें। साथ ही भगवान विष्णु से प्रार्थना करें कि वो आपके सभी दुखों को दूर करें। साथ ही घर में सुख-शांति, परिवार में खुशी को लेकर पर्थना करें। अगर आप या आपके घर में तनाव का माहौल बना रहता है या मन दुखी रहता है तो ऐसे में आप होलिका दहन की रात घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीपक को सरसों तेल में जलाकर रख दें। इसके बाद पीछे मुड़कर न देखें। ऐसा करने पर आपके जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। वैवाह से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने के लिए होली के दिन उपाय किया जा सकता है। इसके लिए एक चुटकी सिंदूर लें और उसे होलिका दहन के दौरान अग्नि में डाल दें। ध्यान रहे कि ये किसी को पता न चले और न ही कोई आपको ऐसे करते हुए टोके। Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi. com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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इन इलेक्ट्रिक शेवर से आप मिनटों में सैलून क्वालिटी की शेविंग कर सकते हैं और अपनी पर्सनालिटी को दमदार बनाए रख सकते हैं। यहां हम आपको चुनिंदा Mens Electric Shaver की जानकारी देंगे।
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Disclaimer : NBT के पत्रकारों ने इस आर्टिकल को नहीं लिखा है। आर्टिकल लिखे जाने तक ये प्रोडक्ट्स Amazon पर उपलब्ध हैं।
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इन इलेक्ट्रिक शेवर से आप मिनटों में सैलून क्वालिटी की शेविंग कर सकते हैं और अपनी पर्सनालिटी को दमदार बनाए रख सकते हैं। यहां हम आपको चुनिंदा Mens Electric Shaver की जानकारी देंगे। Philips Cordless Electric Shaver: Braun Electric Shaver for men: VGR V-तीन सौ पाँच Waterproof तीन Head Electric Shaver: Havells Head Shaver: Braun Body Mini Trimmer : नोट : Electronics Store से अन्य सामानों की शॉपिंग करने के लिए यहां क्लिक करें। Disclaimer : NBT के पत्रकारों ने इस आर्टिकल को नहीं लिखा है। आर्टिकल लिखे जाने तक ये प्रोडक्ट्स Amazon पर उपलब्ध हैं।
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हेड कॉन्स्टेबल ने की खुदकुशी, (Image Source: ABP live)
Delhi Suicide News: दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने शनिवार सुबह सिविल लाइंस इलाके में चंदगी राम अखाड़ा के पास एक पीसीआर वैन के अंदर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने बताया कि शनिवार सुबह छह बजकर 25 मिनट पर पुलिस को सूचना मिली कि सिविल लाइंस थाने के पीसीआर वैन प्रभारी हेड कांस्टेबल इमरान मोहम्मद ने अपने सरकारी बंदूक से खुद को गोली मार ली है.
कलसी ने बताया कि इमरान को फौरन बाड़ा हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कलसी के मुताबिक, इमरान ने चंदगी राम अखाड़ा के पास बेला रोड पर उस समय खुद को गोली मार ली. जब पीसीआर चालक और उसके सहयोगी कांस्टेबल अतुल भाटी शौचालय गए थे. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए क्राइम टीम को बुलाया गया है.
वहीं इससे पहले पहाड़गंज थाने में दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल ने आत्महत्या कर लिया था. जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र कुमार ने 25 जनवरी और 26 जनवरी की दरमियानी रात खुद को बैरक नंबर में तीन में गोली को मार ली थी. पुलिस को बैरक से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था. बता दें कि जनवरी महीने में ही दिल्ली पुलिस के एक और हेड कॉन्स्टेबल ने दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार थाने में स्थित इजरायली दूतावास के परिसर में खुद को गोली मार ली थी. हालांकि, वहां से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था. प्रारंभिक जांच में पता चला था कि अशोक कुमार नाम के हेड कॉन्स्टेबल ने घरेलू कलह से परेशान होकर आत्महत्या की थी.
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हेड कॉन्स्टेबल ने की खुदकुशी, Delhi Suicide News: दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने शनिवार सुबह सिविल लाइंस इलाके में चंदगी राम अखाड़ा के पास एक पीसीआर वैन के अंदर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि शनिवार सुबह छह बजकर पच्चीस मिनट पर पुलिस को सूचना मिली कि सिविल लाइंस थाने के पीसीआर वैन प्रभारी हेड कांस्टेबल इमरान मोहम्मद ने अपने सरकारी बंदूक से खुद को गोली मार ली है. कलसी ने बताया कि इमरान को फौरन बाड़ा हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कलसी के मुताबिक, इमरान ने चंदगी राम अखाड़ा के पास बेला रोड पर उस समय खुद को गोली मार ली. जब पीसीआर चालक और उसके सहयोगी कांस्टेबल अतुल भाटी शौचालय गए थे. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए क्राइम टीम को बुलाया गया है. वहीं इससे पहले पहाड़गंज थाने में दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल ने आत्महत्या कर लिया था. जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र कुमार ने पच्चीस जनवरी और छब्बीस जनवरी की दरमियानी रात खुद को बैरक नंबर में तीन में गोली को मार ली थी. पुलिस को बैरक से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था. बता दें कि जनवरी महीने में ही दिल्ली पुलिस के एक और हेड कॉन्स्टेबल ने दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार थाने में स्थित इजरायली दूतावास के परिसर में खुद को गोली मार ली थी. हालांकि, वहां से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था. प्रारंभिक जांच में पता चला था कि अशोक कुमार नाम के हेड कॉन्स्टेबल ने घरेलू कलह से परेशान होकर आत्महत्या की थी.
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में हो चुका था, जब मुझे गुरुकुल में उसका पहला पत्र मिला था। उसके बाद मैं उससे कभी विलग नहीं हुई । गत वर्ष-दो घर्ष जो मैं विलग दिखलाई पड़ी, वह विलगता नहीं थी, केवल रूठना था - अभिमानी हृदय के माने हुए थप मान की अस्थायी चेदना-मात्र थी ।"
"यह सच हो तो भी पिछली बातों को भूलने और वर्तमान में इस लेने में ही कल्याण है !"
" निर्मला ! यदि तू मेरी दशा का अनुभव कर सकती !" - कहते कहते चंचला का कंठ अवरुद्ध हो गया और उसकी आँखों ने चंचला के वक्षस्थल को करना आरंभ कर दिया ।
निर्मला ने बहुत कठिनता से अपने आपको सँभालकर उसे सान्त्वना देते हुए पूछा- "तो फिर उपाय क्या है ?"
"आत्म-बलिदान के अतिरिक्त और कुछ नहीं सूझता । हरीशबाबू को मैं देवता मान सकती है, प्राणेश्वर नहीं ! सात करोड़ हरिजनों से विलगा होकर बापू और अम्मा के प्रति की हुई प्रतिज्ञाओं की अन्त्येष्टि करके, स्त्री-पुरुष समानता के आदर्श को तिलांजलि देकर न मैं जीवित रह सकती हूँ, न पत्नी के रूप में हरीशबाबू को सुखी कर सकती हूँ । "
"यह तो सभी के दुःख का आयोजन हुआ। जो किसी को सुखी नहीं कर सकता उसे दूसरे को दुःख पहुँचाने का क्या अधिकार ? "
"तुम ठीक कहती हो, निर्मला ! किन्तु अब मेरे सामने अधिकार और विचार का प्रश्न ही नहीं रहा । वह सब मेरे परे हो गया है। केवल हृदय धू-धू करके जल रहा है। मुझे अब अपनी कोई चिन्ता नहीं रही, किन्तु हरीश बाबू की स्थिति पर दया आती है। यदि किसी प्रकार उस निर्दोष दुःखी को सुख दे सकती, उल्लसित देख सकती, तो कृतकार्य हो जाती । "
निर्मला ने दूसँरा लक्ष्य-संधान करते हुए कहा- "आदर्शों का पालन तो यहाँ रहकर भी सम्भव है, चंचला ! रही जीवन की बात, सो तुमने एक पहलू पर विचार नहीं किया। क्या तुम नहीं जानतीं कि विवाह का आधार विशिष्ट संस्कार है और जब तक वह संस्कार नहीं होता, विवाहेच्छुकों का पारस्परिक सम्बन्ध भाई-बहन का ही हो सकता है ?
"श्रोह ! निर्मला ! तू समझती क्यों नहीं ?" -- चंचला ने खीकर कहा -"संस्कार - विधि का श्रात्मा और हृदय से क्या सम्बन्ध ? वह समाज की व्य वस्था के लिए मनोवैज्ञानिक तथा कानूनी आयोजन से अधिक क्या है ? " और
'चंचला ने इस लक्ष्य को भी विफल कर दिया ।
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में हो चुका था, जब मुझे गुरुकुल में उसका पहला पत्र मिला था। उसके बाद मैं उससे कभी विलग नहीं हुई । गत वर्ष-दो घर्ष जो मैं विलग दिखलाई पड़ी, वह विलगता नहीं थी, केवल रूठना था - अभिमानी हृदय के माने हुए थप मान की अस्थायी चेदना-मात्र थी ।" "यह सच हो तो भी पिछली बातों को भूलने और वर्तमान में इस लेने में ही कल्याण है !" " निर्मला ! यदि तू मेरी दशा का अनुभव कर सकती !" - कहते कहते चंचला का कंठ अवरुद्ध हो गया और उसकी आँखों ने चंचला के वक्षस्थल को करना आरंभ कर दिया । निर्मला ने बहुत कठिनता से अपने आपको सँभालकर उसे सान्त्वना देते हुए पूछा- "तो फिर उपाय क्या है ?" "आत्म-बलिदान के अतिरिक्त और कुछ नहीं सूझता । हरीशबाबू को मैं देवता मान सकती है, प्राणेश्वर नहीं ! सात करोड़ हरिजनों से विलगा होकर बापू और अम्मा के प्रति की हुई प्रतिज्ञाओं की अन्त्येष्टि करके, स्त्री-पुरुष समानता के आदर्श को तिलांजलि देकर न मैं जीवित रह सकती हूँ, न पत्नी के रूप में हरीशबाबू को सुखी कर सकती हूँ । " "यह तो सभी के दुःख का आयोजन हुआ। जो किसी को सुखी नहीं कर सकता उसे दूसरे को दुःख पहुँचाने का क्या अधिकार ? " "तुम ठीक कहती हो, निर्मला ! किन्तु अब मेरे सामने अधिकार और विचार का प्रश्न ही नहीं रहा । वह सब मेरे परे हो गया है। केवल हृदय धू-धू करके जल रहा है। मुझे अब अपनी कोई चिन्ता नहीं रही, किन्तु हरीश बाबू की स्थिति पर दया आती है। यदि किसी प्रकार उस निर्दोष दुःखी को सुख दे सकती, उल्लसित देख सकती, तो कृतकार्य हो जाती । " निर्मला ने दूसँरा लक्ष्य-संधान करते हुए कहा- "आदर्शों का पालन तो यहाँ रहकर भी सम्भव है, चंचला ! रही जीवन की बात, सो तुमने एक पहलू पर विचार नहीं किया। क्या तुम नहीं जानतीं कि विवाह का आधार विशिष्ट संस्कार है और जब तक वह संस्कार नहीं होता, विवाहेच्छुकों का पारस्परिक सम्बन्ध भाई-बहन का ही हो सकता है ? "श्रोह ! निर्मला ! तू समझती क्यों नहीं ?" -- चंचला ने खीकर कहा -"संस्कार - विधि का श्रात्मा और हृदय से क्या सम्बन्ध ? वह समाज की व्य वस्था के लिए मनोवैज्ञानिक तथा कानूनी आयोजन से अधिक क्या है ? " और 'चंचला ने इस लक्ष्य को भी विफल कर दिया ।
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महिर जो कृपा, तातें वैराग्य दसा दुर्लभ भई । पुनः रसिक कहैं हैं - फकीर जे रसिक विरक्त सिरोमनि श्रीस्वामी हरिदास जू, तिनकी कृपा तें मनमोहन से यारी है। महतजनन की कृपा बिना वस्तु प्रापित नहीं होय है। भागवते - विना महत् पादरजोभिषेकं । निष्किंचनानां न वृणीत यावन् इत्यादि । ।१० । ।
बेचगून अरु बेनमून कोऊ पाय अफीमै झीमें। सहचरिसरन खुसी किनि कोऊ गाया करौ रहीमैं ।। स्यामल स्यामा मिला हमन कौं रूप-सुधा सुख-सी । वर सरबत मिश्री दा प्याला पिया पियें क्या नीमैं ।।११।।
बेचगून इति-बेचगून कहिये- अमाइक, बेनमून कहिये - स्वरूप रहित; ऐसौ जो ब्रह्मानंद कुँऊ पाय अफीमै झीमैं- कोऊ- जे वेदान्ती हैं, ता आनंद कौं पायकैं छके भये झूमैं हैं । कहिवे कौ तात्पर्य यह, ब्रह्मानंदमय है रहे हैं, अन्य दृष्टि जिनके नहीं। जैसैं अफीमी अफीम के अमल में छकौ रहै है । सहचरिसरन खुसी इति- रसिकजन कहैं हैं - कोउ राम कौं, कोउ रहीम कौं गायौ करौ । कहिवे कौ तात्पर्य में छके रहौ । पुनः रसिकजन कहैं हैं-- स्यामल स्यामा हमकौं मिला है; रूप-सुधा सुख कौ सोना है। प्रस्न-स्यामल स्यामा जे युगल, ते अगुन है सगुन हैं; कै अगुन- सगुन तें भिन्न हैं। उत्तर- अगुन- सगुन तें भिन्न हैं। प्रस्न - अगुन- सगुन तें भिन्नता कौ लक्षण कहा ? उत्तर - निर्गुन करि माया नहीं तामैं; सरगुन करि सब गुन हैं जामैं । वर सरबत मिश्री दा प्याला; सो वह रूप सुधा सुख मिश्री के सरबत सम है। ताकौ प्याला जो कोउ पीवै है; पियें क्या नीमैं; ते वे नीम कौं नहीं पीवैं हैं। जीभ निबौरी क्यों लगै बौरी चाखि अंगूर । प्रस्न -बिंब कहा ? उत्तर - बिंब नास्तिक धर्मादिक, युगल रस रहित सकल बिंब के सम जानिऔ ।।११।।
१. झूमते रहें २. कृपालु, प्रभु ३. चाँदी, धन, दौलत ।
प्याइ प्याइ अब क्यौं न पिवावै छबि सराब नहिं थोरौ । हा हहरात' चितै रुख रूखौ हँसि हिय से हिय जोरौ ।। सहचरिसरन सनेही सोहन करि सनेह जिन तोरौ । राखै तोहिं सलामत स्यामा आसिकान रस बोरौ ।।१२।।
प्याइ प्याइ इति-महबूब जो मनमोहन है, तानै आसिक-रसिक जन जे हैं; तिनके चित में अधिक प्रेम उत्पन्न करिवे के अर्थ - निरंतर तौ आसिकनि में अधिक प्रीति है, परंतु ऊपर तें रुखाई सी दरसाई है। ताकौं अविलोकि कें आसिकनि की उक्ति है- करि सनेह जिनि तोरौ । सवैया -
कित में ढरिगौ वह ढार अहो जिन आँखिन मो तन हेरत है । सरसानि कहाँ वह बानि गई मुसिक्यानि सौं आनि निहोरत है ।। घनआनंद प्यारे सुजान सुनौ तब तो उन बातनि भोरत है। मन माहिं जो तोरिवेई की हुती बिसबासी सनेह सौं जोरत है ।।
रसिक-आसिक आसीरवाद दैहिं हैं- राखै तोहिं सलामत स्यामा - स्यामा जो लड़ैती जी हैं, सो तुमकौं हे महबूब ! सलामत कहैं - तैं आनंद में राखै । और अर्थ सकल प्रगट ही है ।।१२।। ऐसौ करौ न सुरझे कबहूँ रूप-जाल उरझेरौ । दोजख इरम' उरे" दोउ तजिकैं बसे इस्क मन मेरौ ।। मनमोहनी अदा से मोहन दस्त सीस पर फेरौ । रसिक सहचरीसरन तुम्हारा नेह नैन भरि हेरौ ।।१३।। ऐसौ करौ इति - रसमय विनय- हे मनमोहन महबूब ! अब तौ ऐसी करौ, तुम्हारे रूप- जाल में मेरे दृग परिकें कबहूँ न सुरझैं; यह
१. डरना, व्याकुल होना, चकित होना २. मुख, आकृति, भाव ३. सुरक्षित, सकुशल, चिरंजीव, आनंद ४. विश्वासी, अविश्वसनीय ५. नरक ६. स्वर्ग ७. इधर, इस ओर, इस पार ८. प्रेम, अनुराग, आसक्ति ६. हाव भाव, मनमोहक अंगचेष्टा १० हाथ ।
हमारौ अभिलाष है। दोजख - नरक, इरम - वैकुण्ठ - ए दोऊ हैं, तिनहिं तजिकैं मेरौ जो मन है, सो इस्क में बसौ, ऐसौ करौ ।
दोजख इरम उरै हैं परेँ बाट और है। हप्ताद' दो मिलत से परें बाट और है ।। सौदा जहाँ हमारा वह हाट और है। मस्तौंक गुसल हौंना वह घाट और है ।। और सकल अर्थ प्रगट ही है ।
तन घन सरस उसीर अतप्पर छबि छप्परहि छवा दे। मधुर मुहब्बत' वर सरसी तट सुखमय हवा दवा दे ।। मंद हँसनि अरविन्द बदन की मृदु गुलकन्द खवा दे । सहचरिसरन सिताब ताब दलि अब जिनि करहि अवादे ।।१४।। तनघनसरस इति - यह संबोधन है । हे तनघनसरस ! तन जो है वपु, सो है घन - मेघवत; जाकौ सरस रस जो है आनंद; ता करिकैं युक्त, ऐसैं जे हो तुम । तात्पर्य यह, जैसैं मेघ जल की वरषा करिकें ग्रीषम की ताप कौं हरै है; तैसैं ही तुम रस बरसिकैं विरह-संताप कौं हरौ। पुनः विरह-संताप हरिवे कौ यत्न - उसीर अतप्पर छबि - उसीर
जो खस तातैं अतप्पर - अत्यंत विशेष; ऐसी जो छबि, ताकौ छप्पर हि छवा दे-खसखानौ बनवाय दे । यहाँ खस की सीतलता लई है; वर्न नाहीं लियौ । जैसैं खस सीतल है, तातैं अधिक छबि शीतल है। मधुर इति - मधुर कहियैमिष्ट मुहब्बत कहियैप्रीति, सोई भई वर कहैं तैंश्रेष्ठ सरसी - सरोवरी; ताके तट - समीप छबि-खसखानौ बनवाइ दे। प्रश्न - प्रीति सरोवरी के तट छबि-खसखानें की अभिलाष क्यौं करी ? उत्तर - जलासय के समीप खसखानौं अति सीतलता करै है, तहाँ
१. हफद-सहायकजन, मित्र २. मस्तों का, मदोन्मत्तों का ३. गुस्ल - सारे शरीर को धोना, स्नान। ४. खस ५. अत्यन्त विशेष ६. स्नेह, मिलाप ७. सरोवर, तालाब ।
सुखमय हवा है - सीतल मंद सुगंध पवन कौ परसै है। ए तौ प्रगट कें सीतोपचार कहे; पायवे कौं दवा दे । प्रश्न - दवा कहा ? उत्तर - मंद हँसन अरविंद बदन की सोई भयौ गुलकंद; सो प्रगट निरंतर दृगनि के खाइवे कौं दे । सहचरिसरन रसिक-आसिक जन कहैं हैं - सिताब कहैं तैं - सीघ्र ताब कहें तें - विरह- संताप, ताहि दलि कहैं तें - नास करौ । अब जिनि करहि अवादे-अवधि मति करै; यह विनय है ।।१४।। निरदय हृदय न होहु मनोहर सदय रहौ मन भावन । नवल मोहिलौ' मोहिं तजै जिनि तोहिं सौंह प्रिय पावन ।। रसिक सहचरीसरन स्याम घन रस बरसावन सावन । दरस देहु वर बदन- चन्द्रमा चख चकोर विलसावन ।।१५।।
नवल यह संबोधन है । हे नवल ! मोहिलौ - तू मोह को करनवारौ है । तातैं हम हू सौं मोह कीजियै । अथवा हे नवल ! तू मोहिलौ है - मोहनवारौ है । तातैं मोहू कौं मोहि लै । तोहिं सौंह प्रिय पावनपावन - पवित्र जे प्रिया जी; तिनकी तोकौं सौंह है। प्रश्न - प्यारे कौं सौंह क्यौं दिवाई ? उत्तर - प्यारौ हमसौं मोह करै अथवा हमकौं मोहि लेहि; सो इह जब हो सकै, तब प्यारौ प्रसन्न होय । सो प्रसन्न करिवे कौ उपाय मोसौं स्वप्न हू में नाहीं हो सकै है । तातें प्रिया जी की सौंह दिवाई है। प्रिया जी की सौंह सुनिकें कृपा करैंईंगे; यह निश्चय है। और अर्थ प्रगट ही है ।।१५।।
मेरा कहा मानि मनमोहन मिलन मजा किन चक्खौ ? एता जुलम' न जालिम अच्छा अनख मैंड़ अब नक्खौ ।। सहचरिसरन अंक भरि-भरि तुम यार प्यार से लक्खौ । खंजनाक्षी खैर करै वर आसिकान रस रक्खौ । ।१६ । ।
१. मोहनेवाला २. अन्याय, अत्याचार ३. अन्यायी, अत्याचारी ४. खीझ, चिढ़ ५. खंजन जैसे चंचल नेत्रवाली ६. कुशल, भलाई ।
मेरा कहा मानि इति-रसिक-आसिक उक्ति- हे मनमोहन ! मेरौ कह्यौ मानि । मिलन को मजा जो स्वाद है, ताहि क्यौं नहीं चाखौ हौ ? तात्पर्य यह मिलौ क्यौं नहीं हौ ? कमल रवि के मिलाप कौ, चकोर चंद्र के मिलाप कौ, मीन जल के मिलाप कौ सुख लेइ है; तैसैं मिलिकें सुख देहु । अथवा जैसैं दृगनि सौं मिलिकें दृग परस्पर सुख लेहिं - देहिं हैं; तैसैं परस्पर मिलिकें तुम आनंद क्यौं नहीं लेत देत हौ ? हे जालिम! रसिक-आसिकनि सौं एतौ जुलम करिवौ तौ आछौ नहीं है। जामें आसिक-रसिक दुख पावैं, सो तौ तुमकौं करिवौ योग्य नहीं है । अब अनख की जो मैंड है, ताहि नाखौ । तात्पर्य यह कि अनख हमसौं छाँड़ौ। तुम प्यारे हौ; तुमकौं सनेह ही कियौ चाहिये । सहचरिसरन कहैं हैं - अंक में भरि-भरिकैं यार जे हैं, तिनकौं प्यार सौं लखौ । या भाँति जो तन-मन सुख देहुगे तौ रसिक-आसिकनि को सकल मनोरथ पूर्न होयगौ; आपकौं रीझि-रीझिकेँ आसीर्वाद दैहिंगे। खंजनाच्छी- खंजन जे हैं; तिनसे हैं चंचल आछे नेत्र जाके, ऐसी जो श्रीप्रिया जी ते खैर करैं - कुसल करैं । वर- आसिक - रसिकजन जे हैं, तिनसौं रस राखौ । एकरस करिवे लायक नहीं है। अथवा रस जो आनंद, सो राखौ ।।१६।।
हुकुम हुआ है आसिकान प्रति सुख देगा सुख सोहन । निज मुख से तारीफ करी तब रसिक रिझोहन जोहन' ।। पहिरि मिहर मोहनी सिरोपा मिहर किया करि मोहन । सहचरिसरन साहिबी तेरी सदा रहै गहि गोहन ।।१७।।
हुकुम हुवा है इति - एक समय सकल आसिक-रसिक जन मिलिकैं नवतरुनिनि के वृंद, तिनकी मुकुटमनि श्रीप्रिया जी, तिनसौं विनय कीनी; तब श्रीप्रिया जी को जो अनुसासन भयौ; सो लालन सौं आसिक-रसिक जन कहैं हैं- हुकुम हुआ है आसिकान प्रति; हे मोहन !
१. देखनेवाला २. सिर से पाँव तक का प्रसादी वस्त्र ३. प्रभुता ४. साथ, संग ।
आसिक-रसिक जन जे हैं हम, तिनसौं यह श्रीप्रिया जी को हुकुम हुआ है; सुख देगा सुख सोहन- तुम आतुर मति होहु तुमकौंसबकौं लालन परम सुख देइगौ। कैसौ है लालन ? सुख करिकें सोभायमान है। आनंद विग्रह बड़ा तमासा । श्रीप्रिया जी नें निज मुख सौं आपकी परम स्तुति करी है। यह कही है कै लालन रसिक है- रस कौ जाननवारौ है। तुम्हारौ जो प्रेम-रस; ताकौं जानैं है, रिझोहन-रीझनवारौ है; तुमसौं रीझौ है । जो मोहन देखिवे लायक है; ताहि तुम देखौ । ऐसें अनेक भाँति आपकी प्रिया जी ने प्रसंसा करी हैं। मोहिनी जे श्रीप्रया जी हैं, तिनने तुमकौं मिहर- कृपामई सिरोपायौ दियौ है, सो तुमने पहिरौ है । अरु तुमसौं श्रीप्रिया जी ने यह कहि दई है-रसिक-आसिकनि कौं प्रसन्न राखौ । तातें हे मोहन ! मिहर जो कृपा, सो हमारे ऊपर कियौ करौ। हमारे आनंद दैवे के अर्थ तुमने कृपामई सिरोपा पहिरौ है । सहचरिसरन रसिक-आसिक जन कहैं हैं - साहिबी जो तेरी है, सो आपकौं गोहन कहें तैं - संग गहिकैं रहै । तात्पर्य यह कै आपकी साहिबी आपकौं न छाँड़े है । प्रश्न - साहिबी कहा ? उत्तर - परम साहिबी श्रीप्रिया जी हैं ।।१७।।
उर अनुराग दोस्ताँ' गुलसन चारु बहार चहा करि । दिलाराम' दिलदार प्यार करि सरस कलाम कहा करि ।। सहचरिसरन दुआगो आसिक आसिर्वाद लहा करि । सुखद किसोरी गोरी कौ तू मरजीदार रहा करि ।। १८ ।।
उर अनुराग इति - उर के विषै है अनुराग जिनकें, ऐसे जे दोस्ताँ कहियैयार जेई भए गुलसन - बाग, तिनकी जो चारु बहार, ताहि चहा करि । प्रथम । दिलारामहे दिल के आराम ! दिलदार - हे दिल के राखनवारे ! हमसौं प्यार करिकैं सरस - रस भरे कलाम जे
१. मित्रता १. पुष्पवाटिका १. प्रेमपात्र, हृदय को शान्ति देनेवाला ४. प्रेमपात्र ५. वचन, उक्ति ६. आशीर्वाद देनेवाला, याचक ७. रुचि के अनुसार ।
वचन, ते तुम कह्यौ करौ । बाग कौं जल सौं सींचियतु है, तब हरितप्रफुलित बन्यौ रहै है; ऐसे ही हम जे हैं बाग रूप, तिनकौं अपने रस भरे वचननि सौं सींचौ करौ, तौ हम प्रसन्न रहें । सहचरिसरन आसिकरसिक जन कहैं हैं-हम जे हैं, ते दुआगो - दुआ के दैनवारे हैं; तिनतैं फल-प्रसून रूपी जे आसीरवाद हैं, ते लैवौ करौ । प्रश्न - आसीरवाद; कौन सौ ? उत्तर-सकल आसीरवादन को मुकुटमनि जो आसीरवाद ताहि कहैं हैं - सुखद जो किसोरी गोरी, ताकौ तू मरजीदार रहौ करि । तात्पर्य यह है, श्रीप्रिया जी के मरजीदार रहौगे, तौ आपकौं सकल सुख प्रापित होत रहेंगे ।। १८ ।।
बेगुनाह बाँके करि नैना क्या मग यही दिखाया । अपने कौं दीदार' न देना क्या अब सबक लिखाया ।। वर गोरे मुख वाली ने क्या लेना जीव सिखाया । सहचरिसरन कमलनैना क्या करना जुलम चिखाया ।।१६।।
बेगुनाह इति- हे स्यामसुंदर ! बेगुनाह -बिनु अपराध तुमने हमारे ऊपर बाँके नैंन करे हैं; वर गोरेमुखवाली जो श्रीप्रिया जी हैं, तिनने तुमकौं क्या यही मग - मारग दरसायौ है ? कै कृपा हू कौ मारग दरसायौ है ? अपने जे कोऊ हैं, तिनकौं दीदार जो दरसन सो न दैवौ; वर गोरे मुखवाली सौं तुमने क्या अब इही सबक कहियै - पद लिखाइ लियौ है । तात्पर्य यह कै तुम ऐसौई पढ़े हौ । मंजजब तौ करि करि प्यार पियारे पहर इति इतबार बढ़ाया। हँसि हँसिकेँ बसिकेँ नैंनौं बिच नेही नाम कढ़ाया ।। अब क्या हुआ उसी मुख ऊपर रूखा रंग चढ़ाया। रसनिधि बेदरदी का सबक मु किसि आँखून पढ़ाया ।।
१. दर्शन २. पाठ, शिक्षा ३. पहँ-पास, से ४. एतबार विश्वास, भरोसा, साख ५. मुँह ६. आखुन्द - शिक्षक ।
वर गोरेमुखवाली ने क्या जीव ही लैनौं सिखायौ है; कै जीव दान हू सिखायौ है ? सहचरिसरन रसिक-आसिक जन कहैं हैं हे कमलनैंन ! वर गोरेमुखवाली ने क्या जुलम ही करने को स्वाद चिखायौ है; कै पालन हू करने को तुमकौं स्वाद चिखायौ है ? बाँके नैंन करिवौ, दीदार न दैनौ, जीव को लैवौ, जुलम कौ करिवौ - इन बातन की आज्ञा श्रीप्रिया जी की तुमकौं नहीं है। सुख दैवे की आज्ञा है, सो सुख-दरस देते रहौ ।।१६।।
रिस रस रंग उभय' मिलि झलकत मटकायल मुख आँखें । सोख रहित मासूक साहिबाँ अनखदार वच दाखें ।। इक सु अदा बिच अदा अनेकनि जनु पैवन्दी साखें । सहचरिसरन तमासबीन' वर आसिक मृषा न भाखें ।।२०।।
रिस रस रंग इति - रिस कौ रंग, रस को रंग उभय - जे ए दोऊ रंग हैं, ते मिलिकैं झलकत हैं मटकायल मुख करिकें अरु आँखिन करिकेँ । तात्पर्य यह बीच-बीच रस हू करैं हैं; मुख कौं, आँखिन कौं रूखी करि लेइँ हैं; बीच-बीच रस हू दरसावैं हैं; मुख, आँखिन कैं मुसिक्याइ हैं। मासूक जे महबूब; तिनहूँ कौ साहिब; सोख जो सोखी, ता करिकेँ रहित हैं वच-वचन जाके; परंतु कैसे हैं वचन ? अनखदार हैं; अनख के राखनवारे हैं। हैं तो अनखदार; परंतु जैसैं दाखें - मेवा होय हैं, तैसैं हैं। पुनः कैसौ है मासूक साहिबाँ ? करै तौ एक अदा है; परंतु एक अदा में अनेकन अदा दरसावै है । जनु कहै तैं - मानौ पैवंदी साख-तरु है। देखिवे कौं तौ पैवंदी तरु एक ही है; परंतु अनेक फलनि की सोभा दरसै है । ऐसैही एक अदा में अनेकन अदानि की सोभा दरसै है । सहचरिसरन आसिक-रसिक जन जे हैं, तेई तमासबीन हैं; या तमासे के देखनवारे हैं। और कौं देखिवे कौ अधिकार नहीं, यह मृषा कहैं तैं - हम झूठ नहीं भारौं है ।। २० ।।
१. दोनों २. चंचलता, ढीठता, नटखटता ३. सुन्दर, प्रेमपात्र ४. अंगूर ५. जुड़ी हुई ६. तमाशा, कौतुक देखने वाला ७. झूठ, मिथ्या
जिन चस्मों' से मिला मोहिं तू जवाँमर्द मन कायम । लाकलाम त्यौंही सुमिला करि यहै तलब दिल दायम* ।। सहचरिसरन मुहब्बत मोहन मंजुल मौज मुलायम । दरद जुदाई दवा दिया करि इसी वास्ते आयम ।।२१।।
जिन चस्मों से इति-हे जवाँमर्द ! हे मनकायम ! जिनि चस्मों से- जिन नेह भरी आँखिनि से तू मोकौं मिलौ है । लाकलाम कहियै-वचन की अवधि - तात्पर्य यह कौल करिकें मिलौ है; सो जैसैं मिलौ है, तैसैं ही मिलौ करौ । आन भाँति मति होहुः यहै तलब कहियैयही चाह है दायम कहियै- हमेसा । सहचरिसरन आसिक-रसिक जन कहैं हैं, हे मोहन ! तेरी मुहब्बत - प्रीति है, ताकी जो मौज-लहरैं, ते मंजुल हैं, मुलायम हैं। मुलायम कहिवे कौ तात्पर्य यह, कठोरता करिकैं रहित हैं । जुदाई कहियैतुम तें जुदौ हौं तौ, ताकौ जो दरद है, ताकौं वे प्रीति की लहरैं दवा कहियै- औषधी हैं; ताहि तुम दियौ करौ; इसी वास्ते आयम-तुम्हारे पास हम याही के लिये आये हैं ।।२१।। आँखें सफल करी® अभिलाखें लाखें रंग बसेरौ । अलिगन उर विनोद उपजावत हास विलास उजेरौ ।। रसनिधि सोहन रसिक रिझोहन रूप अनूप घनेरौ । सहचरिसरन मा नक्सब कें आहि निरखि मुख तेरौ ।।२२।।
आँखें सफल इति - सहचरिसरन आसिक-रसिक जन कहैं हैंसोहन ! नक्सब कैं नक्सब एक देस कौ नाम है, ताकौ माह कहियैचंद्रमा; सो वह चंद्रमा निसि-दिवस बन्यौ रहै है । तेरौ मुखचंद्र निरखि कैं वह जो चंद्रमा है, सो आहि कहियै- कराहै है; दुख करिकें युक्त है; यह कहैं हैं। जैसौ मुखचंद्र है, तैसौ मैं न भयौ; इह चतुर्थ चरन कौ अर्थ है। प्रथम के तीनौं चरन, तिनकौ अर्थ प्रगट ही है । १. नेत्रों २. स्थिर ३. बिना कहे, निर्वचन ४ माँग, चाह ५. हमेशा, उम्रभर ६. चन्द्रमा । * पाठान्तर - करौ ।
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महिर जो कृपा, तातें वैराग्य दसा दुर्लभ भई । पुनः रसिक कहैं हैं - फकीर जे रसिक विरक्त सिरोमनि श्रीस्वामी हरिदास जू, तिनकी कृपा तें मनमोहन से यारी है। महतजनन की कृपा बिना वस्तु प्रापित नहीं होय है। भागवते - विना महत् पादरजोभिषेकं । निष्किंचनानां न वृणीत यावन् इत्यादि । ।दस । । बेचगून अरु बेनमून कोऊ पाय अफीमै झीमें। सहचरिसरन खुसी किनि कोऊ गाया करौ रहीमैं ।। स्यामल स्यामा मिला हमन कौं रूप-सुधा सुख-सी । वर सरबत मिश्री दा प्याला पिया पियें क्या नीमैं ।।ग्यारह।। बेचगून इति-बेचगून कहिये- अमाइक, बेनमून कहिये - स्वरूप रहित; ऐसौ जो ब्रह्मानंद कुँऊ पाय अफीमै झीमैं- कोऊ- जे वेदान्ती हैं, ता आनंद कौं पायकैं छके भये झूमैं हैं । कहिवे कौ तात्पर्य यह, ब्रह्मानंदमय है रहे हैं, अन्य दृष्टि जिनके नहीं। जैसैं अफीमी अफीम के अमल में छकौ रहै है । सहचरिसरन खुसी इति- रसिकजन कहैं हैं - कोउ राम कौं, कोउ रहीम कौं गायौ करौ । कहिवे कौ तात्पर्य में छके रहौ । पुनः रसिकजन कहैं हैं-- स्यामल स्यामा हमकौं मिला है; रूप-सुधा सुख कौ सोना है। प्रस्न-स्यामल स्यामा जे युगल, ते अगुन है सगुन हैं; कै अगुन- सगुन तें भिन्न हैं। उत्तर- अगुन- सगुन तें भिन्न हैं। प्रस्न - अगुन- सगुन तें भिन्नता कौ लक्षण कहा ? उत्तर - निर्गुन करि माया नहीं तामैं; सरगुन करि सब गुन हैं जामैं । वर सरबत मिश्री दा प्याला; सो वह रूप सुधा सुख मिश्री के सरबत सम है। ताकौ प्याला जो कोउ पीवै है; पियें क्या नीमैं; ते वे नीम कौं नहीं पीवैं हैं। जीभ निबौरी क्यों लगै बौरी चाखि अंगूर । प्रस्न -बिंब कहा ? उत्तर - बिंब नास्तिक धर्मादिक, युगल रस रहित सकल बिंब के सम जानिऔ ।।ग्यारह।। एक. झूमते रहें दो. कृपालु, प्रभु तीन. चाँदी, धन, दौलत । प्याइ प्याइ अब क्यौं न पिवावै छबि सराब नहिं थोरौ । हा हहरात' चितै रुख रूखौ हँसि हिय से हिय जोरौ ।। सहचरिसरन सनेही सोहन करि सनेह जिन तोरौ । राखै तोहिं सलामत स्यामा आसिकान रस बोरौ ।।बारह।। प्याइ प्याइ इति-महबूब जो मनमोहन है, तानै आसिक-रसिक जन जे हैं; तिनके चित में अधिक प्रेम उत्पन्न करिवे के अर्थ - निरंतर तौ आसिकनि में अधिक प्रीति है, परंतु ऊपर तें रुखाई सी दरसाई है। ताकौं अविलोकि कें आसिकनि की उक्ति है- करि सनेह जिनि तोरौ । सवैया - कित में ढरिगौ वह ढार अहो जिन आँखिन मो तन हेरत है । सरसानि कहाँ वह बानि गई मुसिक्यानि सौं आनि निहोरत है ।। घनआनंद प्यारे सुजान सुनौ तब तो उन बातनि भोरत है। मन माहिं जो तोरिवेई की हुती बिसबासी सनेह सौं जोरत है ।। रसिक-आसिक आसीरवाद दैहिं हैं- राखै तोहिं सलामत स्यामा - स्यामा जो लड़ैती जी हैं, सो तुमकौं हे महबूब ! सलामत कहैं - तैं आनंद में राखै । और अर्थ सकल प्रगट ही है ।।बारह।। ऐसौ करौ न सुरझे कबहूँ रूप-जाल उरझेरौ । दोजख इरम' उरे" दोउ तजिकैं बसे इस्क मन मेरौ ।। मनमोहनी अदा से मोहन दस्त सीस पर फेरौ । रसिक सहचरीसरन तुम्हारा नेह नैन भरि हेरौ ।।तेरह।। ऐसौ करौ इति - रसमय विनय- हे मनमोहन महबूब ! अब तौ ऐसी करौ, तुम्हारे रूप- जाल में मेरे दृग परिकें कबहूँ न सुरझैं; यह एक. डरना, व्याकुल होना, चकित होना दो. मुख, आकृति, भाव तीन. सुरक्षित, सकुशल, चिरंजीव, आनंद चार. विश्वासी, अविश्वसनीय पाँच. नरक छः. स्वर्ग सात. इधर, इस ओर, इस पार आठ. प्रेम, अनुराग, आसक्ति छः. हाव भाव, मनमोहक अंगचेष्टा दस हाथ । हमारौ अभिलाष है। दोजख - नरक, इरम - वैकुण्ठ - ए दोऊ हैं, तिनहिं तजिकैं मेरौ जो मन है, सो इस्क में बसौ, ऐसौ करौ । दोजख इरम उरै हैं परेँ बाट और है। हप्ताद' दो मिलत से परें बाट और है ।। सौदा जहाँ हमारा वह हाट और है। मस्तौंक गुसल हौंना वह घाट और है ।। और सकल अर्थ प्रगट ही है । तन घन सरस उसीर अतप्पर छबि छप्परहि छवा दे। मधुर मुहब्बत' वर सरसी तट सुखमय हवा दवा दे ।। मंद हँसनि अरविन्द बदन की मृदु गुलकन्द खवा दे । सहचरिसरन सिताब ताब दलि अब जिनि करहि अवादे ।।चौदह।। तनघनसरस इति - यह संबोधन है । हे तनघनसरस ! तन जो है वपु, सो है घन - मेघवत; जाकौ सरस रस जो है आनंद; ता करिकैं युक्त, ऐसैं जे हो तुम । तात्पर्य यह, जैसैं मेघ जल की वरषा करिकें ग्रीषम की ताप कौं हरै है; तैसैं ही तुम रस बरसिकैं विरह-संताप कौं हरौ। पुनः विरह-संताप हरिवे कौ यत्न - उसीर अतप्पर छबि - उसीर जो खस तातैं अतप्पर - अत्यंत विशेष; ऐसी जो छबि, ताकौ छप्पर हि छवा दे-खसखानौ बनवाय दे । यहाँ खस की सीतलता लई है; वर्न नाहीं लियौ । जैसैं खस सीतल है, तातैं अधिक छबि शीतल है। मधुर इति - मधुर कहियैमिष्ट मुहब्बत कहियैप्रीति, सोई भई वर कहैं तैंश्रेष्ठ सरसी - सरोवरी; ताके तट - समीप छबि-खसखानौ बनवाइ दे। प्रश्न - प्रीति सरोवरी के तट छबि-खसखानें की अभिलाष क्यौं करी ? उत्तर - जलासय के समीप खसखानौं अति सीतलता करै है, तहाँ एक. हफद-सहायकजन, मित्र दो. मस्तों का, मदोन्मत्तों का तीन. गुस्ल - सारे शरीर को धोना, स्नान। चार. खस पाँच. अत्यन्त विशेष छः. स्नेह, मिलाप सात. सरोवर, तालाब । सुखमय हवा है - सीतल मंद सुगंध पवन कौ परसै है। ए तौ प्रगट कें सीतोपचार कहे; पायवे कौं दवा दे । प्रश्न - दवा कहा ? उत्तर - मंद हँसन अरविंद बदन की सोई भयौ गुलकंद; सो प्रगट निरंतर दृगनि के खाइवे कौं दे । सहचरिसरन रसिक-आसिक जन कहैं हैं - सिताब कहैं तैं - सीघ्र ताब कहें तें - विरह- संताप, ताहि दलि कहैं तें - नास करौ । अब जिनि करहि अवादे-अवधि मति करै; यह विनय है ।।चौदह।। निरदय हृदय न होहु मनोहर सदय रहौ मन भावन । नवल मोहिलौ' मोहिं तजै जिनि तोहिं सौंह प्रिय पावन ।। रसिक सहचरीसरन स्याम घन रस बरसावन सावन । दरस देहु वर बदन- चन्द्रमा चख चकोर विलसावन ।।पंद्रह।। नवल यह संबोधन है । हे नवल ! मोहिलौ - तू मोह को करनवारौ है । तातैं हम हू सौं मोह कीजियै । अथवा हे नवल ! तू मोहिलौ है - मोहनवारौ है । तातैं मोहू कौं मोहि लै । तोहिं सौंह प्रिय पावनपावन - पवित्र जे प्रिया जी; तिनकी तोकौं सौंह है। प्रश्न - प्यारे कौं सौंह क्यौं दिवाई ? उत्तर - प्यारौ हमसौं मोह करै अथवा हमकौं मोहि लेहि; सो इह जब हो सकै, तब प्यारौ प्रसन्न होय । सो प्रसन्न करिवे कौ उपाय मोसौं स्वप्न हू में नाहीं हो सकै है । तातें प्रिया जी की सौंह दिवाई है। प्रिया जी की सौंह सुनिकें कृपा करैंईंगे; यह निश्चय है। और अर्थ प्रगट ही है ।।पंद्रह।। मेरा कहा मानि मनमोहन मिलन मजा किन चक्खौ ? एता जुलम' न जालिम अच्छा अनख मैंड़ अब नक्खौ ।। सहचरिसरन अंक भरि-भरि तुम यार प्यार से लक्खौ । खंजनाक्षी खैर करै वर आसिकान रस रक्खौ । ।सोलह । । एक. मोहनेवाला दो. अन्याय, अत्याचार तीन. अन्यायी, अत्याचारी चार. खीझ, चिढ़ पाँच. खंजन जैसे चंचल नेत्रवाली छः. कुशल, भलाई । मेरा कहा मानि इति-रसिक-आसिक उक्ति- हे मनमोहन ! मेरौ कह्यौ मानि । मिलन को मजा जो स्वाद है, ताहि क्यौं नहीं चाखौ हौ ? तात्पर्य यह मिलौ क्यौं नहीं हौ ? कमल रवि के मिलाप कौ, चकोर चंद्र के मिलाप कौ, मीन जल के मिलाप कौ सुख लेइ है; तैसैं मिलिकें सुख देहु । अथवा जैसैं दृगनि सौं मिलिकें दृग परस्पर सुख लेहिं - देहिं हैं; तैसैं परस्पर मिलिकें तुम आनंद क्यौं नहीं लेत देत हौ ? हे जालिम! रसिक-आसिकनि सौं एतौ जुलम करिवौ तौ आछौ नहीं है। जामें आसिक-रसिक दुख पावैं, सो तौ तुमकौं करिवौ योग्य नहीं है । अब अनख की जो मैंड है, ताहि नाखौ । तात्पर्य यह कि अनख हमसौं छाँड़ौ। तुम प्यारे हौ; तुमकौं सनेह ही कियौ चाहिये । सहचरिसरन कहैं हैं - अंक में भरि-भरिकैं यार जे हैं, तिनकौं प्यार सौं लखौ । या भाँति जो तन-मन सुख देहुगे तौ रसिक-आसिकनि को सकल मनोरथ पूर्न होयगौ; आपकौं रीझि-रीझिकेँ आसीर्वाद दैहिंगे। खंजनाच्छी- खंजन जे हैं; तिनसे हैं चंचल आछे नेत्र जाके, ऐसी जो श्रीप्रिया जी ते खैर करैं - कुसल करैं । वर- आसिक - रसिकजन जे हैं, तिनसौं रस राखौ । एकरस करिवे लायक नहीं है। अथवा रस जो आनंद, सो राखौ ।।सोलह।। हुकुम हुआ है आसिकान प्रति सुख देगा सुख सोहन । निज मुख से तारीफ करी तब रसिक रिझोहन जोहन' ।। पहिरि मिहर मोहनी सिरोपा मिहर किया करि मोहन । सहचरिसरन साहिबी तेरी सदा रहै गहि गोहन ।।सत्रह।। हुकुम हुवा है इति - एक समय सकल आसिक-रसिक जन मिलिकैं नवतरुनिनि के वृंद, तिनकी मुकुटमनि श्रीप्रिया जी, तिनसौं विनय कीनी; तब श्रीप्रिया जी को जो अनुसासन भयौ; सो लालन सौं आसिक-रसिक जन कहैं हैं- हुकुम हुआ है आसिकान प्रति; हे मोहन ! एक. देखनेवाला दो. सिर से पाँव तक का प्रसादी वस्त्र तीन. प्रभुता चार. साथ, संग । आसिक-रसिक जन जे हैं हम, तिनसौं यह श्रीप्रिया जी को हुकुम हुआ है; सुख देगा सुख सोहन- तुम आतुर मति होहु तुमकौंसबकौं लालन परम सुख देइगौ। कैसौ है लालन ? सुख करिकें सोभायमान है। आनंद विग्रह बड़ा तमासा । श्रीप्रिया जी नें निज मुख सौं आपकी परम स्तुति करी है। यह कही है कै लालन रसिक है- रस कौ जाननवारौ है। तुम्हारौ जो प्रेम-रस; ताकौं जानैं है, रिझोहन-रीझनवारौ है; तुमसौं रीझौ है । जो मोहन देखिवे लायक है; ताहि तुम देखौ । ऐसें अनेक भाँति आपकी प्रिया जी ने प्रसंसा करी हैं। मोहिनी जे श्रीप्रया जी हैं, तिनने तुमकौं मिहर- कृपामई सिरोपायौ दियौ है, सो तुमने पहिरौ है । अरु तुमसौं श्रीप्रिया जी ने यह कहि दई है-रसिक-आसिकनि कौं प्रसन्न राखौ । तातें हे मोहन ! मिहर जो कृपा, सो हमारे ऊपर कियौ करौ। हमारे आनंद दैवे के अर्थ तुमने कृपामई सिरोपा पहिरौ है । सहचरिसरन रसिक-आसिक जन कहैं हैं - साहिबी जो तेरी है, सो आपकौं गोहन कहें तैं - संग गहिकैं रहै । तात्पर्य यह कै आपकी साहिबी आपकौं न छाँड़े है । प्रश्न - साहिबी कहा ? उत्तर - परम साहिबी श्रीप्रिया जी हैं ।।सत्रह।। उर अनुराग दोस्ताँ' गुलसन चारु बहार चहा करि । दिलाराम' दिलदार प्यार करि सरस कलाम कहा करि ।। सहचरिसरन दुआगो आसिक आसिर्वाद लहा करि । सुखद किसोरी गोरी कौ तू मरजीदार रहा करि ।। अट्ठारह ।। उर अनुराग इति - उर के विषै है अनुराग जिनकें, ऐसे जे दोस्ताँ कहियैयार जेई भए गुलसन - बाग, तिनकी जो चारु बहार, ताहि चहा करि । प्रथम । दिलारामहे दिल के आराम ! दिलदार - हे दिल के राखनवारे ! हमसौं प्यार करिकैं सरस - रस भरे कलाम जे एक. मित्रता एक. पुष्पवाटिका एक. प्रेमपात्र, हृदय को शान्ति देनेवाला चार. प्रेमपात्र पाँच. वचन, उक्ति छः. आशीर्वाद देनेवाला, याचक सात. रुचि के अनुसार । वचन, ते तुम कह्यौ करौ । बाग कौं जल सौं सींचियतु है, तब हरितप्रफुलित बन्यौ रहै है; ऐसे ही हम जे हैं बाग रूप, तिनकौं अपने रस भरे वचननि सौं सींचौ करौ, तौ हम प्रसन्न रहें । सहचरिसरन आसिकरसिक जन कहैं हैं-हम जे हैं, ते दुआगो - दुआ के दैनवारे हैं; तिनतैं फल-प्रसून रूपी जे आसीरवाद हैं, ते लैवौ करौ । प्रश्न - आसीरवाद; कौन सौ ? उत्तर-सकल आसीरवादन को मुकुटमनि जो आसीरवाद ताहि कहैं हैं - सुखद जो किसोरी गोरी, ताकौ तू मरजीदार रहौ करि । तात्पर्य यह है, श्रीप्रिया जी के मरजीदार रहौगे, तौ आपकौं सकल सुख प्रापित होत रहेंगे ।। अट्ठारह ।। बेगुनाह बाँके करि नैना क्या मग यही दिखाया । अपने कौं दीदार' न देना क्या अब सबक लिखाया ।। वर गोरे मुख वाली ने क्या लेना जीव सिखाया । सहचरिसरन कमलनैना क्या करना जुलम चिखाया ।।सोलह।। बेगुनाह इति- हे स्यामसुंदर ! बेगुनाह -बिनु अपराध तुमने हमारे ऊपर बाँके नैंन करे हैं; वर गोरेमुखवाली जो श्रीप्रिया जी हैं, तिनने तुमकौं क्या यही मग - मारग दरसायौ है ? कै कृपा हू कौ मारग दरसायौ है ? अपने जे कोऊ हैं, तिनकौं दीदार जो दरसन सो न दैवौ; वर गोरे मुखवाली सौं तुमने क्या अब इही सबक कहियै - पद लिखाइ लियौ है । तात्पर्य यह कै तुम ऐसौई पढ़े हौ । मंजजब तौ करि करि प्यार पियारे पहर इति इतबार बढ़ाया। हँसि हँसिकेँ बसिकेँ नैंनौं बिच नेही नाम कढ़ाया ।। अब क्या हुआ उसी मुख ऊपर रूखा रंग चढ़ाया। रसनिधि बेदरदी का सबक मु किसि आँखून पढ़ाया ।। एक. दर्शन दो. पाठ, शिक्षा तीन. पहँ-पास, से चार. एतबार विश्वास, भरोसा, साख पाँच. मुँह छः. आखुन्द - शिक्षक । वर गोरेमुखवाली ने क्या जीव ही लैनौं सिखायौ है; कै जीव दान हू सिखायौ है ? सहचरिसरन रसिक-आसिक जन कहैं हैं हे कमलनैंन ! वर गोरेमुखवाली ने क्या जुलम ही करने को स्वाद चिखायौ है; कै पालन हू करने को तुमकौं स्वाद चिखायौ है ? बाँके नैंन करिवौ, दीदार न दैनौ, जीव को लैवौ, जुलम कौ करिवौ - इन बातन की आज्ञा श्रीप्रिया जी की तुमकौं नहीं है। सुख दैवे की आज्ञा है, सो सुख-दरस देते रहौ ।।सोलह।। रिस रस रंग उभय' मिलि झलकत मटकायल मुख आँखें । सोख रहित मासूक साहिबाँ अनखदार वच दाखें ।। इक सु अदा बिच अदा अनेकनि जनु पैवन्दी साखें । सहचरिसरन तमासबीन' वर आसिक मृषा न भाखें ।।बीस।। रिस रस रंग इति - रिस कौ रंग, रस को रंग उभय - जे ए दोऊ रंग हैं, ते मिलिकैं झलकत हैं मटकायल मुख करिकें अरु आँखिन करिकेँ । तात्पर्य यह बीच-बीच रस हू करैं हैं; मुख कौं, आँखिन कौं रूखी करि लेइँ हैं; बीच-बीच रस हू दरसावैं हैं; मुख, आँखिन कैं मुसिक्याइ हैं। मासूक जे महबूब; तिनहूँ कौ साहिब; सोख जो सोखी, ता करिकेँ रहित हैं वच-वचन जाके; परंतु कैसे हैं वचन ? अनखदार हैं; अनख के राखनवारे हैं। हैं तो अनखदार; परंतु जैसैं दाखें - मेवा होय हैं, तैसैं हैं। पुनः कैसौ है मासूक साहिबाँ ? करै तौ एक अदा है; परंतु एक अदा में अनेकन अदा दरसावै है । जनु कहै तैं - मानौ पैवंदी साख-तरु है। देखिवे कौं तौ पैवंदी तरु एक ही है; परंतु अनेक फलनि की सोभा दरसै है । ऐसैही एक अदा में अनेकन अदानि की सोभा दरसै है । सहचरिसरन आसिक-रसिक जन जे हैं, तेई तमासबीन हैं; या तमासे के देखनवारे हैं। और कौं देखिवे कौ अधिकार नहीं, यह मृषा कहैं तैं - हम झूठ नहीं भारौं है ।। बीस ।। एक. दोनों दो. चंचलता, ढीठता, नटखटता तीन. सुन्दर, प्रेमपात्र चार. अंगूर पाँच. जुड़ी हुई छः. तमाशा, कौतुक देखने वाला सात. झूठ, मिथ्या जिन चस्मों' से मिला मोहिं तू जवाँमर्द मन कायम । लाकलाम त्यौंही सुमिला करि यहै तलब दिल दायम* ।। सहचरिसरन मुहब्बत मोहन मंजुल मौज मुलायम । दरद जुदाई दवा दिया करि इसी वास्ते आयम ।।इक्कीस।। जिन चस्मों से इति-हे जवाँमर्द ! हे मनकायम ! जिनि चस्मों से- जिन नेह भरी आँखिनि से तू मोकौं मिलौ है । लाकलाम कहियै-वचन की अवधि - तात्पर्य यह कौल करिकें मिलौ है; सो जैसैं मिलौ है, तैसैं ही मिलौ करौ । आन भाँति मति होहुः यहै तलब कहियैयही चाह है दायम कहियै- हमेसा । सहचरिसरन आसिक-रसिक जन कहैं हैं, हे मोहन ! तेरी मुहब्बत - प्रीति है, ताकी जो मौज-लहरैं, ते मंजुल हैं, मुलायम हैं। मुलायम कहिवे कौ तात्पर्य यह, कठोरता करिकैं रहित हैं । जुदाई कहियैतुम तें जुदौ हौं तौ, ताकौ जो दरद है, ताकौं वे प्रीति की लहरैं दवा कहियै- औषधी हैं; ताहि तुम दियौ करौ; इसी वास्ते आयम-तुम्हारे पास हम याही के लिये आये हैं ।।इक्कीस।। आँखें सफल करी® अभिलाखें लाखें रंग बसेरौ । अलिगन उर विनोद उपजावत हास विलास उजेरौ ।। रसनिधि सोहन रसिक रिझोहन रूप अनूप घनेरौ । सहचरिसरन मा नक्सब कें आहि निरखि मुख तेरौ ।।बाईस।। आँखें सफल इति - सहचरिसरन आसिक-रसिक जन कहैं हैंसोहन ! नक्सब कैं नक्सब एक देस कौ नाम है, ताकौ माह कहियैचंद्रमा; सो वह चंद्रमा निसि-दिवस बन्यौ रहै है । तेरौ मुखचंद्र निरखि कैं वह जो चंद्रमा है, सो आहि कहियै- कराहै है; दुख करिकें युक्त है; यह कहैं हैं। जैसौ मुखचंद्र है, तैसौ मैं न भयौ; इह चतुर्थ चरन कौ अर्थ है। प्रथम के तीनौं चरन, तिनकौ अर्थ प्रगट ही है । एक. नेत्रों दो. स्थिर तीन. बिना कहे, निर्वचन चार माँग, चाह पाँच. हमेशा, उम्रभर छः. चन्द्रमा । * पाठान्तर - करौ ।
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पुणे के पिंपड़ी चिंचवाड़ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आर्थिक और सामाजिक समानता के आधार पर समाज को एक साथ लाने की ज़रूरत है और इसमें जातिवाद और सांप्रदायिकता की जगह नहीं है.
डिजिटल युग में प्रेस की आज़ादी पर बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी ने कहा कि आज मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले ही लोग चर्चा शुरू कर देते हैं कि क्या फ़ैसला होना चाहिए, इसका प्रभाव जजों पर पड़ता है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की तरह उनके राज्य में भी राजधर्म का पालन नहीं किया. हमें वह देने से इनकार कर दिया गया जिस पर हमारा अधिकार है.
कांग्रेस ने महालेखा परीक्षक राजीव महर्षि पर हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए उनके द्वारा संसद में रफाल सौदे की ऑडिट रिपोर्ट पेश करने पर ऐतराज़ जताया.
गुर्जर समुदाय के लोग पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. हिंसक प्रदर्शन के बाद करौली व धौलपुर में धारा 144 लागू. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपील की कि बातचीत के लिए आगे आएं गुर्जर नेता.
इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, अरुणाचल, त्रिपुरा, मेघालय और सिक्किम के प्रमुख समाचार. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के विरोध में असम के तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, सिबसागर, लखीमपुर और जोरहट ज़िलों में बंद का आह्वान किया गया. 70 संगठनों ने बंद का किया था समर्थन.
केंद्र सरकार ने एक फरवरी 2019 से केंद्रीय सरकारी पदों और सेवाओं में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है.
गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने कहा कि वह इस बात की पुरज़ोर सिफ़ारिश करती है कि गृह मंत्रालय को निर्भया कोष से भवनों के निर्माण जैसी योजनाओं के लिए कोष आवंटन से बचना चाहिए और इसके मूल उद्देश्यों पर ही बने रहना चाहिए.
श्रीलंका के विपक्ष के नेता महिंदा राजपक्षे ने कहा कि उनके कामकाजी संबंध जिस प्रकार भारत की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार से रहे थे, वैसे संंबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के साथ नहीं हैं.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'द वायर हिंदी' के दो साल पूरे होने पर नई दिल्ली में हुए 'द वायर डॉयलॉग्स' कार्यक्रम में लोकसभा चुनाव की रणनीति और बसपा के साथ किए गए गठबंधन पर अपने विचार रखे.
मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में हुए एक कार्यक्रम में फिल्मकार और अभिनेता अमोल पालेकर ने संस्कृति मंत्रालय की आलोचना की थी. पालेकर ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी दिन-ब-दिन कम होती जा रही है.
देश के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ कांग्रेस के साथ-साथ अन्य विपक्षी दलों ने भी की है. हाल ही में जब गडकरी अपने मंत्रालय के काम पर लोकसभा में जवाब दे रहे थे तब केवल भाजपा के नेता ही नहीं बल्कि सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे कांग्रेसी नेता भी टेबल थपथपा रहे थे.
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे और वरिष्ठ पत्रकार अरुण शौरी ने कहा है कि वे राफेल मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे.
टीएमसी का आरोप है कि सत्यजीत बिस्वास मटुआ संघ का हिस्सा थे और उनकी वजह से भाजपा मटुआ मतदाताओं को आकर्षित नहीं कर पा रही थी.
सोशल मीडिया मंचों पर नागरिक अधिकारों की रक्षा के मामले पर ट्विटर के अधिकारियों को अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली समिति के सामने पेश होना था. सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने सुनवाई के लिए कम समय दिए जाने का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया है.
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पुणे के पिंपड़ी चिंचवाड़ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आर्थिक और सामाजिक समानता के आधार पर समाज को एक साथ लाने की ज़रूरत है और इसमें जातिवाद और सांप्रदायिकता की जगह नहीं है. डिजिटल युग में प्रेस की आज़ादी पर बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी ने कहा कि आज मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले ही लोग चर्चा शुरू कर देते हैं कि क्या फ़ैसला होना चाहिए, इसका प्रभाव जजों पर पड़ता है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की तरह उनके राज्य में भी राजधर्म का पालन नहीं किया. हमें वह देने से इनकार कर दिया गया जिस पर हमारा अधिकार है. कांग्रेस ने महालेखा परीक्षक राजीव महर्षि पर हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए उनके द्वारा संसद में रफाल सौदे की ऑडिट रिपोर्ट पेश करने पर ऐतराज़ जताया. गुर्जर समुदाय के लोग पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. हिंसक प्रदर्शन के बाद करौली व धौलपुर में धारा एक सौ चौंतालीस लागू. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपील की कि बातचीत के लिए आगे आएं गुर्जर नेता. इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, अरुणाचल, त्रिपुरा, मेघालय और सिक्किम के प्रमुख समाचार. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के विरोध में असम के तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, सिबसागर, लखीमपुर और जोरहट ज़िलों में बंद का आह्वान किया गया. सत्तर संगठनों ने बंद का किया था समर्थन. केंद्र सरकार ने एक फरवरी दो हज़ार उन्नीस से केंद्रीय सरकारी पदों और सेवाओं में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण लागू किया है. गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने कहा कि वह इस बात की पुरज़ोर सिफ़ारिश करती है कि गृह मंत्रालय को निर्भया कोष से भवनों के निर्माण जैसी योजनाओं के लिए कोष आवंटन से बचना चाहिए और इसके मूल उद्देश्यों पर ही बने रहना चाहिए. श्रीलंका के विपक्ष के नेता महिंदा राजपक्षे ने कहा कि उनके कामकाजी संबंध जिस प्रकार भारत की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार से रहे थे, वैसे संंबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के साथ नहीं हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'द वायर हिंदी' के दो साल पूरे होने पर नई दिल्ली में हुए 'द वायर डॉयलॉग्स' कार्यक्रम में लोकसभा चुनाव की रणनीति और बसपा के साथ किए गए गठबंधन पर अपने विचार रखे. मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में हुए एक कार्यक्रम में फिल्मकार और अभिनेता अमोल पालेकर ने संस्कृति मंत्रालय की आलोचना की थी. पालेकर ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी दिन-ब-दिन कम होती जा रही है. देश के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ कांग्रेस के साथ-साथ अन्य विपक्षी दलों ने भी की है. हाल ही में जब गडकरी अपने मंत्रालय के काम पर लोकसभा में जवाब दे रहे थे तब केवल भाजपा के नेता ही नहीं बल्कि सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे कांग्रेसी नेता भी टेबल थपथपा रहे थे. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे और वरिष्ठ पत्रकार अरुण शौरी ने कहा है कि वे राफेल मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे. टीएमसी का आरोप है कि सत्यजीत बिस्वास मटुआ संघ का हिस्सा थे और उनकी वजह से भाजपा मटुआ मतदाताओं को आकर्षित नहीं कर पा रही थी. सोशल मीडिया मंचों पर नागरिक अधिकारों की रक्षा के मामले पर ट्विटर के अधिकारियों को अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली समिति के सामने पेश होना था. सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने सुनवाई के लिए कम समय दिए जाने का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया है.
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भारम मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में मौसमी सक्रियता बढ़ गई है, जिसके चलते देश के कई इलाकों में मानसूनी बारिश की संभावना बढ़ गई है. चक्रवाती गतिविधियां सक्रिय हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 सितंबर से उत्तर-मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दवाब का क्षेत्र विकसित हो सकता है.
दक्षिण से लेकर उत्तर भारत में फिर से झमाझम बारिश (Rain Alert) का सिलसिला शुरू हो सकता है. दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम विभाग (IMD) ने बारिश होने का अनुमान जताया है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, आज भी दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग आईएमडी के मुताबिक, सोमवार से अगले पांच दिनों लिए येलो अलर्ट (IMD Yellow Alert) जारी किया गया है. वहीं मुंबई के कई इलाकों में एक बार फिर से बारिश शुरू हो चुकी है.
भारम मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में मौसमी सक्रियता बढ़ गई है, जिसके चलते देश के कई इलाकों में मानसूनी बारिश की संभावना बढ़ गई है. चक्रवाती गतिविधियां सक्रिय हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 सितंबर से उत्तर-मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दवाब का क्षेत्र विकसित हो सकता है. ऐसे में दक्षिण से लेकर उत्तर भारत में फिर से झमाझम बारिश हो सकती है.उत्तर भारत में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.
बिहार में भारी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ आई हुई है. राज्य मौसम विभाग की ओर से लगातार बारिश का अलर्ट जारी किया जा रहा है. आज यानी 5 सितंबर से एक बार फिर से बिहार के कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला शुरू होगा. वहीं राजधानी पटना में भी मौसम बदल सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 7 और 8 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है वहीं 6-7 सितंबर को उत्तराखंड में बारिश के आसार बन रहे हैं. इसके साथ ही 06 सितंबर से उत्तर पश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट से व्यापक वर्षा के आसार बना रहे हैं.
मौसम विभाग के अनुसार पांच सितंबर को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर बिजली की गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि छह सितंबर को राज्य में कई जगहों पर बारिश/गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं.
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भारम मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में मौसमी सक्रियता बढ़ गई है, जिसके चलते देश के कई इलाकों में मानसूनी बारिश की संभावना बढ़ गई है. चक्रवाती गतिविधियां सक्रिय हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि छः सितंबर से उत्तर-मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दवाब का क्षेत्र विकसित हो सकता है. दक्षिण से लेकर उत्तर भारत में फिर से झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है. दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम विभाग ने बारिश होने का अनुमान जताया है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, आज भी दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग आईएमडी के मुताबिक, सोमवार से अगले पांच दिनों लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं मुंबई के कई इलाकों में एक बार फिर से बारिश शुरू हो चुकी है. भारम मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में मौसमी सक्रियता बढ़ गई है, जिसके चलते देश के कई इलाकों में मानसूनी बारिश की संभावना बढ़ गई है. चक्रवाती गतिविधियां सक्रिय हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि छः सितंबर से उत्तर-मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दवाब का क्षेत्र विकसित हो सकता है. ऐसे में दक्षिण से लेकर उत्तर भारत में फिर से झमाझम बारिश हो सकती है.उत्तर भारत में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. बिहार में भारी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ आई हुई है. राज्य मौसम विभाग की ओर से लगातार बारिश का अलर्ट जारी किया जा रहा है. आज यानी पाँच सितंबर से एक बार फिर से बिहार के कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला शुरू होगा. वहीं राजधानी पटना में भी मौसम बदल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, सात और आठ सितंबर को पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है वहीं छः-सात सितंबर को उत्तराखंड में बारिश के आसार बन रहे हैं. इसके साथ ही छः सितंबर से उत्तर पश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट से व्यापक वर्षा के आसार बना रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार पांच सितंबर को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर बिजली की गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि छह सितंबर को राज्य में कई जगहों पर बारिश/गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं.
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Nirsa : निरसा (Nirsa) के पोदारडीह-बेनागोड़िया पथ पर विजयपुर के समीप 15 मई को दो बाइक के बीच आमने-सामने टक्कर में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मौके पर पहुंची एमपीएल ओपी पुलिस ने स्थानीय युवकों के सहयोग से घायलों को इलाज के लिए एसएनएनएमसीएच, धनबाद पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ही बाइक के आगे का चक्का ब्लास्ट कर गया. एक बाइक पर सवार तीन लोग सिजुआ से चारघरा में अपने संबंधी के यहां मौत का मुकाम देने रहे थे. इनमें सिजुआ निवासी मोहन महतो, जगन महतो व सौदागर राय शामिल हैं. जबकि दूसरी बाइक पर देवघर निवासी परमेश्वर सिंह पत्नी मंजू देवी के साथ अपनी बेटी के लिए लड़का देखकर धर्मपुर पहाड़गोड़ा से वापस लौट रहे थे. गंभीर रूप से घायल परमेश्वर सिंह का इलाज आईसीयू में चल रहा है.
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Nirsa : निरसा के पोदारडीह-बेनागोड़िया पथ पर विजयपुर के समीप पंद्रह मई को दो बाइक के बीच आमने-सामने टक्कर में पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मौके पर पहुंची एमपीएल ओपी पुलिस ने स्थानीय युवकों के सहयोग से घायलों को इलाज के लिए एसएनएनएमसीएच, धनबाद पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ही बाइक के आगे का चक्का ब्लास्ट कर गया. एक बाइक पर सवार तीन लोग सिजुआ से चारघरा में अपने संबंधी के यहां मौत का मुकाम देने रहे थे. इनमें सिजुआ निवासी मोहन महतो, जगन महतो व सौदागर राय शामिल हैं. जबकि दूसरी बाइक पर देवघर निवासी परमेश्वर सिंह पत्नी मंजू देवी के साथ अपनी बेटी के लिए लड़का देखकर धर्मपुर पहाड़गोड़ा से वापस लौट रहे थे. गंभीर रूप से घायल परमेश्वर सिंह का इलाज आईसीयू में चल रहा है.
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इंदौरः केंद्रीय कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ हो चुका है। वहीँ आने वाली खबरों के मुताबिक MP से ज्योतिरादित्य सिंधिया इसके लिए प्रबल दावेदार हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि सिंधिया को कैबिनेट में शामिल होने के लिए फोन आ गया है और वह अपना एमपी दौरा रद्द कर दिल्ली लौटेंगे। जी दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समय इंदौर में हैं और वह दोपहर साढ़े तीन बजे की फ्लाइट से दिल्ली रवाना होने वाले हैं। जी दरअसल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया को सात जुलाई को दिल्ली लौटना था लेकिन फोन आने के बाद वह आज यानी छह जुलाई को ही दिल्ली लौट रहे हैं।
बताया जा रहा है दिल्ली रवाना होने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में पूजा की है और उस दौरान के फोटोज अब वायरल हो रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों के साथ उज्जैन में भगवान भोले से आशीर्वाद लिया है और इसके बाद इंदौर आए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया को देवास भी जाना था लेकिन फोन आने के बाद उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है और अब वह दिल्ली जाएंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने से MP में बड़ा उत्साह है।
बीते दिनों जब रतलाम में ज्योतिरादित्य सिंधिया से केबिनेट विस्तार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि, "मैं दौरे पर हूं और जनता के बीच उनका सुख-दुख बांट रहा हूं। मैं बीजेपी का एक आम कार्यकर्ता हूं और उसी शैली में काम कर रहा हूं। उसके बाद वह आगे बढ़ गए। " जी दरअसल, मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी और उसके बाद पार्टी ने इन्हें राज्यसभा का टिकट दे दिया था। वहीँ राज्यसभा सांसद बनने के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि सिंधिया को मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी और अब ऐसा लग रहा है कि वह दिन नजदीक है।
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इंदौरः केंद्रीय कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ हो चुका है। वहीँ आने वाली खबरों के मुताबिक MP से ज्योतिरादित्य सिंधिया इसके लिए प्रबल दावेदार हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि सिंधिया को कैबिनेट में शामिल होने के लिए फोन आ गया है और वह अपना एमपी दौरा रद्द कर दिल्ली लौटेंगे। जी दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समय इंदौर में हैं और वह दोपहर साढ़े तीन बजे की फ्लाइट से दिल्ली रवाना होने वाले हैं। जी दरअसल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया को सात जुलाई को दिल्ली लौटना था लेकिन फोन आने के बाद वह आज यानी छह जुलाई को ही दिल्ली लौट रहे हैं। बताया जा रहा है दिल्ली रवाना होने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में पूजा की है और उस दौरान के फोटोज अब वायरल हो रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थकों के साथ उज्जैन में भगवान भोले से आशीर्वाद लिया है और इसके बाद इंदौर आए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया को देवास भी जाना था लेकिन फोन आने के बाद उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है और अब वह दिल्ली जाएंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने से MP में बड़ा उत्साह है। बीते दिनों जब रतलाम में ज्योतिरादित्य सिंधिया से केबिनेट विस्तार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि, "मैं दौरे पर हूं और जनता के बीच उनका सुख-दुख बांट रहा हूं। मैं बीजेपी का एक आम कार्यकर्ता हूं और उसी शैली में काम कर रहा हूं। उसके बाद वह आगे बढ़ गए। " जी दरअसल, मार्च दो हज़ार बीस में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी और उसके बाद पार्टी ने इन्हें राज्यसभा का टिकट दे दिया था। वहीँ राज्यसभा सांसद बनने के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि सिंधिया को मोदी कैबिनेट में जगह मिलेगी और अब ऐसा लग रहा है कि वह दिन नजदीक है।
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रविन्द्र प्रसाद (चर्चा । योगदान) द्वारा परिवर्तित 10:46, 14 जनवरी 2022 का अवतरण ('{{सूचना बक्सा वैज्ञानिक ।चित्र=Sanjaya-Rajaram.jpg ।चित्र का नाम=...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)
।संजय राजाराम ने उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाली लगभग 510 गेहूँ की प्रजातियों का अलग-अलग देशों के लिये उत्पादन किया।
संजय राजाराम (अंग्रेज़ीः Sanjaya Rajaram, जन्म- 1943; मृत्यु- 17 फ़रवरी, 2021) भारत के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक थे। उनको देश में साल 2001 के तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वैश्विक समुदाय ने सन 2014 में कृषि क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले 'विश्व खाद्य पुरस्कार' से संजय राजाराम को नवाजा था। विभिन्न देशों ने सौ से भी ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया था।
- अनेई गांव निवासी कृषि वैज्ञानिक संजय राजाराम को चीन ने 2001 में फ्रेंडशिप अवार्ड के साथ सम्मानित किया था जबकि विभिन्न देशों ने सौ से भी ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया।
- संजय राजाराम ने अमेरिका में रहते हुए देश में गेहूं प्रजनन कार्यक्रम का नेतृत्व किया और श्री राम गेहूं सहित अधिक उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाली लगभग पांच सौ दस गेहूँ की प्रजातियों का अलग-अलग देशों के लिये उत्पादन किया।
- गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीएससी कृषि में गोल्ड मेडल पाने के साथ ही संजय राजाराम ने 'भारतीय कृषि अनुसंधान', नई दिल्ली से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय से प्लांट ब्रीडिंग से पीएचडी पूरी की थी।
- वह अमेरिका में काफी समय से रह रहे थे।
- बड़ागांव थाना क्षेत्र के रायपुर (अनेई) गांव निवासी विश्व विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय राजाराम का अमेरिका में इलाज के दौरान निधन 17 फ़रवरी, 2021 को हुआ। परिजनों के अनुसार उन्हें कोविड महामारी ने चपेट में ले लिया था और अमेरिका में उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया।
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रविन्द्र प्रसाद द्वारा परिवर्तित दस:छियालीस, चौदह जनवरी दो हज़ार बाईस का अवतरण ।संजय राजाराम ने उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाली लगभग पाँच सौ दस गेहूँ की प्रजातियों का अलग-अलग देशों के लिये उत्पादन किया। संजय राजाराम भारत के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक थे। उनको देश में साल दो हज़ार एक के तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वैश्विक समुदाय ने सन दो हज़ार चौदह में कृषि क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले 'विश्व खाद्य पुरस्कार' से संजय राजाराम को नवाजा था। विभिन्न देशों ने सौ से भी ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया था। - अनेई गांव निवासी कृषि वैज्ञानिक संजय राजाराम को चीन ने दो हज़ार एक में फ्रेंडशिप अवार्ड के साथ सम्मानित किया था जबकि विभिन्न देशों ने सौ से भी ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। - संजय राजाराम ने अमेरिका में रहते हुए देश में गेहूं प्रजनन कार्यक्रम का नेतृत्व किया और श्री राम गेहूं सहित अधिक उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाली लगभग पांच सौ दस गेहूँ की प्रजातियों का अलग-अलग देशों के लिये उत्पादन किया। - गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीएससी कृषि में गोल्ड मेडल पाने के साथ ही संजय राजाराम ने 'भारतीय कृषि अनुसंधान', नई दिल्ली से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय से प्लांट ब्रीडिंग से पीएचडी पूरी की थी। - वह अमेरिका में काफी समय से रह रहे थे। - बड़ागांव थाना क्षेत्र के रायपुर गांव निवासी विश्व विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय राजाराम का अमेरिका में इलाज के दौरान निधन सत्रह फ़रवरी, दो हज़ार इक्कीस को हुआ। परिजनों के अनुसार उन्हें कोविड महामारी ने चपेट में ले लिया था और अमेरिका में उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया।
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गहलोत के 'संकट मोचक' रहे गुढ़ा क्या अब कांग्रेस के लिए बनेंगे मुसीबत?
शिवसेना से ऑफर, ओवैसी से मुलाकात... आगे राजेंद्र गुढ़ा का क्या होगा?
क्या इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे शिवराज सिंह चौहान?
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गहलोत के 'संकट मोचक' रहे गुढ़ा क्या अब कांग्रेस के लिए बनेंगे मुसीबत? शिवसेना से ऑफर, ओवैसी से मुलाकात... आगे राजेंद्र गुढ़ा का क्या होगा? क्या इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे शिवराज सिंह चौहान?
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Mahashivratri 2023 Shubh Yog: महाशिवरात्रि का पावन पर्व 18 फरवरी 2023, शनिवार को है। हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करने व उपवास रखने से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस साल महाशिवरात्रि पर कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं जो कि 700 सालों बाद बने हैं।
महाशिवरात्रि पर पंच महायोग बन रहा है। शिवरात्रि पर केदार, शंख, शश, वरिष्ठ और सर्वार्थ सिद्धि योग मिलकर पंच महायोग बना रहे हैं। ऐसा अद्भुत संयोग करीब 700 साल बाद बन रहा है। इस दिन त्रयोदशी और चतुर्दशी दोनों तिथियां हैं। मान्यता है कि इस दिन किसी कार्य की शुरुआत करना व खरीदारी करना अति उत्तम होता है। इसका विशेष फल प्राप्त होता है।
1. महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन सफेद नमक की जगह आप सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं। फलों को खा सकते हैं। ड्राई फ्रूट्स खाएं। साबूदाना की खिचड़ी खाएं।
2. महाशिवरात्रि का क्या अर्थ है?
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। महाशिवरात्रि का महत्व इसलिए है क्योंकि यह शिव और शक्ति की मिलन की रात है।
पंचोपचार व षोडशोपचार से भगवान शिव का पूजन करना चाहिए। कुछ भी उपलब्ध नहीं हो तो केवल 1 बिल्व पत्र ही भगवान शिव को प्रसन्न करता है। भगवान शिव को गाय के दूध अथवा पंचामृत, बिल्वपत्र, भांग, धतूरे का पुष्प, अकवन, मंदार का पुष्प विशेष प्रिय है। विविध कामनाओं के लिए विभिन्न सामग्रियों से इनका अभिषेक करना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन पूजन पाठ, जलाभिषेक व रात्रि में जागरण करना विशेष फलदायक बताया गया है।
4. महाशिवरात्रि के दिन शिवपूजन मुहूर्त क्या है?
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 18 फरवरी 2023 को रात 08 बजकर 02 मिनट पर शुरू होगी जो कि 19 फरवरी को शाम 04 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी।
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Mahashivratri दो हज़ार तेईस Shubh Yog: महाशिवरात्रि का पावन पर्व अट्ठारह फरवरी दो हज़ार तेईस, शनिवार को है। हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करने व उपवास रखने से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस साल महाशिवरात्रि पर कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं जो कि सात सौ सालों बाद बने हैं। महाशिवरात्रि पर पंच महायोग बन रहा है। शिवरात्रि पर केदार, शंख, शश, वरिष्ठ और सर्वार्थ सिद्धि योग मिलकर पंच महायोग बना रहे हैं। ऐसा अद्भुत संयोग करीब सात सौ साल बाद बन रहा है। इस दिन त्रयोदशी और चतुर्दशी दोनों तिथियां हैं। मान्यता है कि इस दिन किसी कार्य की शुरुआत करना व खरीदारी करना अति उत्तम होता है। इसका विशेष फल प्राप्त होता है। एक. महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन सफेद नमक की जगह आप सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं। फलों को खा सकते हैं। ड्राई फ्रूट्स खाएं। साबूदाना की खिचड़ी खाएं। दो. महाशिवरात्रि का क्या अर्थ है? फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। महाशिवरात्रि का महत्व इसलिए है क्योंकि यह शिव और शक्ति की मिलन की रात है। पंचोपचार व षोडशोपचार से भगवान शिव का पूजन करना चाहिए। कुछ भी उपलब्ध नहीं हो तो केवल एक बिल्व पत्र ही भगवान शिव को प्रसन्न करता है। भगवान शिव को गाय के दूध अथवा पंचामृत, बिल्वपत्र, भांग, धतूरे का पुष्प, अकवन, मंदार का पुष्प विशेष प्रिय है। विविध कामनाओं के लिए विभिन्न सामग्रियों से इनका अभिषेक करना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन पूजन पाठ, जलाभिषेक व रात्रि में जागरण करना विशेष फलदायक बताया गया है। चार. महाशिवरात्रि के दिन शिवपूजन मुहूर्त क्या है? चतुर्दशी तिथि प्रारंभ अट्ठारह फरवरी दो हज़ार तेईस को रात आठ बजकर दो मिनट पर शुरू होगी जो कि उन्नीस फरवरी को शाम चार बजकर अट्ठारह मिनट पर समाप्त होगी।
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कविता मे रेखा की क्रांति
जिस सीमा तक समाज और युग के संस्कार बन चुके होते हैं, उस सीमा तक उन्हें अर्पित करने में नई पीढ़ी को आयास नहीं गीति काव्य की करना पड़ता । उदाहरण के लिए भक्तियुग में भूमिका जन्म लेने वाले कवि के संस्कार ही भक्ति के होंगे और वह गीतों में ही अपनी अभिव्यक्ति करेगा । शैशव बाल्यकाल में कवि की मानसभूमिका जिस 'संस्कार' में निर्मित हुई होगी, उसी में वह प्रतिभा को प्रकाश देगा । जयशंकर 'प्रसाद', सुमित्रानन्दन पन्त, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' और महादेवी आदि आनेवाले कवियों के लिए 'छायावाद' और गीतिकाव्य के लिए भूमि प्रस्तुत थी । जिस काल में इतिवृत्तवादी कवि रहस्य के संकेत काव्य में देने लग गये थे, जिस काल में इतिवृत्तवादी कवि गीति की ओर झुके जारहे थे, उस काल की नई प्रतिभा को उधर ही जाना था। इस छायावाद और गीतिकाल की कविता की यह भूमिका थी
इस नये काल में 'प्रसाद' ब्रजवाणी के भक्ति और प्रेम के कवि होने के कारण कविता में सूफी ढंग का आध्यात्मिक रहस्यवाद लाये । सुमित्रानन्दन पन्त को कविता करने की प्रेरणा 'प्रकृतिः निरीक्षण' से मिली थी। उन्हीं से शब्द लें तो "कविजीवन से पहले भी मुझे याद है, मैं घण्टों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था, और कोई अज्ञान आकर्षण, मेरे भीतर, एक अव्यक्त सौन्दर्य का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।" इसलिए उनकी कविता में प्रकृतिमूलक रहस्यवाद है। महादेवी वर्मा, जैसा वे कहती हैं, 'भगवान बुद्ध के प्रति एक भक्तिमय अनुराग होने के कारण ' और एक अवर्णनीय सुखमिश्रित वेदना में पली होने के कारण
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कविता मे रेखा की क्रांति जिस सीमा तक समाज और युग के संस्कार बन चुके होते हैं, उस सीमा तक उन्हें अर्पित करने में नई पीढ़ी को आयास नहीं गीति काव्य की करना पड़ता । उदाहरण के लिए भक्तियुग में भूमिका जन्म लेने वाले कवि के संस्कार ही भक्ति के होंगे और वह गीतों में ही अपनी अभिव्यक्ति करेगा । शैशव बाल्यकाल में कवि की मानसभूमिका जिस 'संस्कार' में निर्मित हुई होगी, उसी में वह प्रतिभा को प्रकाश देगा । जयशंकर 'प्रसाद', सुमित्रानन्दन पन्त, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' और महादेवी आदि आनेवाले कवियों के लिए 'छायावाद' और गीतिकाव्य के लिए भूमि प्रस्तुत थी । जिस काल में इतिवृत्तवादी कवि रहस्य के संकेत काव्य में देने लग गये थे, जिस काल में इतिवृत्तवादी कवि गीति की ओर झुके जारहे थे, उस काल की नई प्रतिभा को उधर ही जाना था। इस छायावाद और गीतिकाल की कविता की यह भूमिका थी इस नये काल में 'प्रसाद' ब्रजवाणी के भक्ति और प्रेम के कवि होने के कारण कविता में सूफी ढंग का आध्यात्मिक रहस्यवाद लाये । सुमित्रानन्दन पन्त को कविता करने की प्रेरणा 'प्रकृतिः निरीक्षण' से मिली थी। उन्हीं से शब्द लें तो "कविजीवन से पहले भी मुझे याद है, मैं घण्टों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था, और कोई अज्ञान आकर्षण, मेरे भीतर, एक अव्यक्त सौन्दर्य का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।" इसलिए उनकी कविता में प्रकृतिमूलक रहस्यवाद है। महादेवी वर्मा, जैसा वे कहती हैं, 'भगवान बुद्ध के प्रति एक भक्तिमय अनुराग होने के कारण ' और एक अवर्णनीय सुखमिश्रित वेदना में पली होने के कारण
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नवादाः इस वक्त की बड़ी नवादा जिले से आ रही है, जहां पटना निगरानी टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. निगरानी की टीम ने 17 हजार घूस लेते सिपाही गिरफ्तार कर लिया है.
पटना की निगरानी टीम को रजौली के सिरदला थाना में तैनात सिपाही के बारे में पता चला था कि सिपाही गिट्टी लदे ट्रक को छोड़ने के एवज में रकम वसूल। निगरानी टीम ने जाल बिछाया ताखि सिपाही को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा जा सके. निगरानी टीम को इसमें कामयाबी हाथ लगी को रजौली के सिरदला थाना में तैनात सिपाही को 17 हज़ार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार सिपाही की पहचान सिरदला थाना के मुंशी राजकुमार प्रसाद के रूप में हुई है. आपको बता दे कि डीएसपी विमलेंदु वर्मा की टीम ने ही घूसखोर सिपाही को दबोचा है.
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नवादाः इस वक्त की बड़ी नवादा जिले से आ रही है, जहां पटना निगरानी टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. निगरानी की टीम ने सत्रह हजार घूस लेते सिपाही गिरफ्तार कर लिया है. पटना की निगरानी टीम को रजौली के सिरदला थाना में तैनात सिपाही के बारे में पता चला था कि सिपाही गिट्टी लदे ट्रक को छोड़ने के एवज में रकम वसूल। निगरानी टीम ने जाल बिछाया ताखि सिपाही को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा जा सके. निगरानी टीम को इसमें कामयाबी हाथ लगी को रजौली के सिरदला थाना में तैनात सिपाही को सत्रह हज़ार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सिपाही की पहचान सिरदला थाना के मुंशी राजकुमार प्रसाद के रूप में हुई है. आपको बता दे कि डीएसपी विमलेंदु वर्मा की टीम ने ही घूसखोर सिपाही को दबोचा है.
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सदस्यों के अंगों पर छिड़के और उस चरणामृत को पीए। तत पश्चयात पुनः शुद्ध जल से स्नान कराकर प्रतिमाक स्वच्छ कपड़े से पोछलें। इसके बाद भगवान को गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि पूजन सामग्री अर्पित करें।
विष्णु सहस्त्रनाम का जप करें एवं पुत्रदा एकादशी व्रत की कथा सुनें। रात को भगवान विष्णु की मूर्ति के समीप शयन करें और दूसरे दिन अर्थात द्वादशी 11- अगस्त 2019, रविवार के दिन विद्वान ब्राह्मणों को भोजन कराकर व सप्रेम दान-दक्षिणा इत्यादि देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। इस प्रकार पवित्रा एकादशी व्रत करने से योग्य संतान की प्राप्ति होती है।
विशेष सूचनाः पुत्र प्राप्ति का तात्पर्य केवल उत्तम संतान की प्राप्ति समझे। क्योकि उपरोक्त वर्णित पुत्र प्राप्ति एकादशी से संबंधित सभी जानकारी शास्त्रोक्त वर्णित हैं, अतः व्रत से केवल पुत्र संतान की प्राप्ति हो ऐसा नहीं हैं इस व्रत से उत्तम संतान की प्राप्ति होती हैं, चाहे वह संतान पुत्र हो या कन्या । आज
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के आधुनिक युग में पुत्र संतान व कन्या संतान में कोई विशेष फर्क नहीं रहा हैं। कन्या या महिलाएं भी पुत्र या पुरुष के समान ही सबल एवं शक्तिशाली हैं। अतः केवल पुत्र संतान की कामना करना व्यर्थ हैं। अतः केवल उत्तम संतान की कामना से व्रत करे। जानकार एवं विद्वानों के अनुभव के अनुशार पीछले कुछ वर्षों में उन्हें अपने अनुशंधान से यह तथ्य मिले हैं की केवल पुत्र कामना से की गई अधिकतर साधानाएं, व्रत-उपवास इत्यादि उपायों से दंपत्ति को पुत्र की जगह उत्तम कन्य संतान की प्राप्ति हुवी हैं, और वह कन्या संतान पुत्र संतान से कई अधिक बुद्धिमान एवं माता-पिता का नाम समाज में रोशन करने वाली रही हैं। संभवत इस युग में नारीयों की कम होती जनसंख्या के कारण इश्वरने भी अपने नियम बदल लिये होंगे इस लिए पुत्र कामना के फलस्वरुप उत्तम कन्या संतान की प्राप्ति हो रही होगी।
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सदस्यों के अंगों पर छिड़के और उस चरणामृत को पीए। तत पश्चयात पुनः शुद्ध जल से स्नान कराकर प्रतिमाक स्वच्छ कपड़े से पोछलें। इसके बाद भगवान को गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि पूजन सामग्री अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम का जप करें एवं पुत्रदा एकादशी व्रत की कथा सुनें। रात को भगवान विष्णु की मूर्ति के समीप शयन करें और दूसरे दिन अर्थात द्वादशी ग्यारह- अगस्त दो हज़ार उन्नीस, रविवार के दिन विद्वान ब्राह्मणों को भोजन कराकर व सप्रेम दान-दक्षिणा इत्यादि देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। इस प्रकार पवित्रा एकादशी व्रत करने से योग्य संतान की प्राप्ति होती है। विशेष सूचनाः पुत्र प्राप्ति का तात्पर्य केवल उत्तम संतान की प्राप्ति समझे। क्योकि उपरोक्त वर्णित पुत्र प्राप्ति एकादशी से संबंधित सभी जानकारी शास्त्रोक्त वर्णित हैं, अतः व्रत से केवल पुत्र संतान की प्राप्ति हो ऐसा नहीं हैं इस व्रत से उत्तम संतान की प्राप्ति होती हैं, चाहे वह संतान पुत्र हो या कन्या । आज ई- जन्म पत्रिका अत्याधुनिक ज्योतिष पद्धति द्वारा उत्कृष्ट भविष्यवाणी के साथ एक सौ+ पेज में प्रस्तुत के आधुनिक युग में पुत्र संतान व कन्या संतान में कोई विशेष फर्क नहीं रहा हैं। कन्या या महिलाएं भी पुत्र या पुरुष के समान ही सबल एवं शक्तिशाली हैं। अतः केवल पुत्र संतान की कामना करना व्यर्थ हैं। अतः केवल उत्तम संतान की कामना से व्रत करे। जानकार एवं विद्वानों के अनुभव के अनुशार पीछले कुछ वर्षों में उन्हें अपने अनुशंधान से यह तथ्य मिले हैं की केवल पुत्र कामना से की गई अधिकतर साधानाएं, व्रत-उपवास इत्यादि उपायों से दंपत्ति को पुत्र की जगह उत्तम कन्य संतान की प्राप्ति हुवी हैं, और वह कन्या संतान पुत्र संतान से कई अधिक बुद्धिमान एवं माता-पिता का नाम समाज में रोशन करने वाली रही हैं। संभवत इस युग में नारीयों की कम होती जनसंख्या के कारण इश्वरने भी अपने नियम बदल लिये होंगे इस लिए पुत्र कामना के फलस्वरुप उत्तम कन्या संतान की प्राप्ति हो रही होगी। E HOROSCOPE Create By Advanced Astrology Excellent Prediction एक सौ+ Pages हिंदी/ English में मूल्य मात्र नौ सौ दस/GURUTVA KARYALAY
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आगरा। एससी एसटी एक्ट को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद पूरे दिन भर चले बवाल आगजनी तोड़फोड़ देर शाम तक शांत हो गई। एसएसपी अमित पाठक और प्रभारी जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार इस पूरे मामले में मोर्चा संभाला। आगजनी और तोड़फोड़ के बाद पुलिसकर्मियों ने जैसे ही प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो उसी दौरान दलित समाज के बाहुल्य क्षेत्रों के पास PAC और क्षेत्रीय थाने की पुलिस को तैनात कर दिया गया।
शाम होते-होते मामला जैसे-जैसे शांत पड़ता चला गया तो पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अभी तक रेलवे ट्रैक को खाली नहीं किया था। बाराहखंबा रेलवे ट्रैक हो या फिर काजीपाड़े क्षेत्र से गुजरने वाली रेलवे लाइन। यहां पर देर शाम तक दलित समाज के लोग बैठे रहे और रेल के आवागमन को बाधित करते रहे। ऐसे में फिर से कोई बवाल हो जाए इसके लिये एसएसपी अमित पाठक ने RAF की टुकड़ी को बुलवा लिया और ऐसे स्थानों पर RAF तैनात कर दी गई।
एसएसपी अमित पाठक का कहना था कि प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन अब शांत होता जा रहा है लेकिन अभी भी रेलवे ट्रैक पर जो लोग बैठे हैं उन से वार्ता की जा रही है। SP रेलवे भी इस पूरे मामले में जुटे हुए हैं। बवाल ना हो लाठीचार्ज ना करना पड़े इसके लिए दलित समाज के लोगों से शांति से वार्ता कर रेलवे ट्रैक खाली कराने का प्रयास किया जा रहा है। SSP अमित पाठक का कहना था कि इस पूरी कार्रवाई में 30 से अधिक बलवाइयों को गिरफ्तार किया गया है यह ऐसे असामाजिक तत्व जो सुबह से शराब पिए हुए थे जिन्होंने दंगा भड़काया।
प्रभारी जिलाधिकारी का कहना था कि भारत बंद को लेकर ऐसी आशंकाएं थी कि बवाल हो सकता है इसलिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस बल तैनात ना होता तो बवाल बढ़ सकता था। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है और यथावत स्थिति को बनाए रखने के लिए दलित बाहुल्य क्षेत्र में अत्यधिक पुलिस बल और RAF की टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं।
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आगरा। एससी एसटी एक्ट को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद पूरे दिन भर चले बवाल आगजनी तोड़फोड़ देर शाम तक शांत हो गई। एसएसपी अमित पाठक और प्रभारी जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार इस पूरे मामले में मोर्चा संभाला। आगजनी और तोड़फोड़ के बाद पुलिसकर्मियों ने जैसे ही प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो उसी दौरान दलित समाज के बाहुल्य क्षेत्रों के पास PAC और क्षेत्रीय थाने की पुलिस को तैनात कर दिया गया। शाम होते-होते मामला जैसे-जैसे शांत पड़ता चला गया तो पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अभी तक रेलवे ट्रैक को खाली नहीं किया था। बाराहखंबा रेलवे ट्रैक हो या फिर काजीपाड़े क्षेत्र से गुजरने वाली रेलवे लाइन। यहां पर देर शाम तक दलित समाज के लोग बैठे रहे और रेल के आवागमन को बाधित करते रहे। ऐसे में फिर से कोई बवाल हो जाए इसके लिये एसएसपी अमित पाठक ने RAF की टुकड़ी को बुलवा लिया और ऐसे स्थानों पर RAF तैनात कर दी गई। एसएसपी अमित पाठक का कहना था कि प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन अब शांत होता जा रहा है लेकिन अभी भी रेलवे ट्रैक पर जो लोग बैठे हैं उन से वार्ता की जा रही है। SP रेलवे भी इस पूरे मामले में जुटे हुए हैं। बवाल ना हो लाठीचार्ज ना करना पड़े इसके लिए दलित समाज के लोगों से शांति से वार्ता कर रेलवे ट्रैक खाली कराने का प्रयास किया जा रहा है। SSP अमित पाठक का कहना था कि इस पूरी कार्रवाई में तीस से अधिक बलवाइयों को गिरफ्तार किया गया है यह ऐसे असामाजिक तत्व जो सुबह से शराब पिए हुए थे जिन्होंने दंगा भड़काया। प्रभारी जिलाधिकारी का कहना था कि भारत बंद को लेकर ऐसी आशंकाएं थी कि बवाल हो सकता है इसलिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस बल तैनात ना होता तो बवाल बढ़ सकता था। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है और यथावत स्थिति को बनाए रखने के लिए दलित बाहुल्य क्षेत्र में अत्यधिक पुलिस बल और RAF की टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं।
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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के 'न्यूनतम आय गारंटी' के वादे पर मंगलवार को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है. सीएम गहलोत ने ऐलान किया कि राजस्थान में सरकार इसे जल्द लागू करेगी और राज्य सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.
सीएम गहलोत ने कहा, 'यह बहुत अच्छी योजना है. यह गरीब का हक है और सरकार इसे लागू करेगी. ' उन्होंने इसके साथ ही कहा, 'देश में गरीबों को न्यूनतम आय की गारंटी देना गरीबी और भुखमरी मिटाने की राह में एतिहासिक कदम होगा. यह लोगों को सशक्त बनाने के लिए लागू खाद्य सुरक्षा, मनरेगा, आरटीआई और आरटीआई जैसे योजनाओं की राह में अगला कदम होगा. '
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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के 'न्यूनतम आय गारंटी' के वादे पर मंगलवार को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है. सीएम गहलोत ने ऐलान किया कि राजस्थान में सरकार इसे जल्द लागू करेगी और राज्य सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है. सीएम गहलोत ने कहा, 'यह बहुत अच्छी योजना है. यह गरीब का हक है और सरकार इसे लागू करेगी. ' उन्होंने इसके साथ ही कहा, 'देश में गरीबों को न्यूनतम आय की गारंटी देना गरीबी और भुखमरी मिटाने की राह में एतिहासिक कदम होगा. यह लोगों को सशक्त बनाने के लिए लागू खाद्य सुरक्षा, मनरेगा, आरटीआई और आरटीआई जैसे योजनाओं की राह में अगला कदम होगा. ' .
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Tata Altroz CNG: Tata Motors ने Altroz CNG हैचबैक के लिए INR 21,000 की टोकन राशि के साथ बुकिंग शुरू कर दी है। अल्ट्रोज़ सीएनजी को पहली बार 2023 ऑटो एक्सपो में दिखाया गया था और उम्मीद की जा रही है कि यह बलेनो और ग्लैंजा के सीएनजी संस्करणों को टक्कर देगी। प्रीमियम हैचबैक के छह वेरिएंट में आने की संभावना है, जिनमें से तीन- XM+ (S), XZ+ (S) और XZ+ O (S) - सनरूफ की विशेषता है।
अल्ट्रोज़ सीएनजी में 7-इंच टचस्क्रीन, एक डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले कम्पैटिबिलिटी, 16-इंच के अलॉय व्हील्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, हाइट-एडजस्टेबल ड्राइवर्स सीट, लेदरेट सीट, रियर एसी वेंट्स और फ्रंट सेंटर आर्मरेस्ट जैसी कई महत्वपूर्ण खूबियों से लैस होने की उम्मीद है। छह एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस जैसी सुविधा में अल्ट्रोज़ सीएनजी भी मिलेगी।
कार में 60 लीटर के बड़े सिलेंडर की बजाय 30-30 लीटर के दो सिलेंडर मिलेंगे। जिससे लोगों को बड़ा बूट स्पेस मिल सकेगा। यह पहली बार है जब किसी कार में दो सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही कार में एक पंक्चर रिपेयर किट और एक एयर पंप भी साथ में मिलेगा।
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Tata Altroz CNG: Tata Motors ने Altroz CNG हैचबैक के लिए INR इक्कीस,शून्य की टोकन राशि के साथ बुकिंग शुरू कर दी है। अल्ट्रोज़ सीएनजी को पहली बार दो हज़ार तेईस ऑटो एक्सपो में दिखाया गया था और उम्मीद की जा रही है कि यह बलेनो और ग्लैंजा के सीएनजी संस्करणों को टक्कर देगी। प्रीमियम हैचबैक के छह वेरिएंट में आने की संभावना है, जिनमें से तीन- XM+ , XZ+ और XZ+ O - सनरूफ की विशेषता है। अल्ट्रोज़ सीएनजी में सात-इंच टचस्क्रीन, एक डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले कम्पैटिबिलिटी, सोलह-इंच के अलॉय व्हील्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, हाइट-एडजस्टेबल ड्राइवर्स सीट, लेदरेट सीट, रियर एसी वेंट्स और फ्रंट सेंटर आर्मरेस्ट जैसी कई महत्वपूर्ण खूबियों से लैस होने की उम्मीद है। छह एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस जैसी सुविधा में अल्ट्रोज़ सीएनजी भी मिलेगी। कार में साठ लीटरटर के बड़े सिलेंडर की बजाय तीस-तीस लीटरटर के दो सिलेंडर मिलेंगे। जिससे लोगों को बड़ा बूट स्पेस मिल सकेगा। यह पहली बार है जब किसी कार में दो सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही कार में एक पंक्चर रिपेयर किट और एक एयर पंप भी साथ में मिलेगा।
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नयी दिल्ली, 18 जनवरी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को सोमवार को एक 'बाइक आधारित' एम्बुलेंस सौंपी जिसे दूरदराज और संकरी गलियों में रहने वालों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
इस वाहन को 'रक्षिता' नाम दिया गया है और इसे डीआरडीओ की 'इनमास' प्रयोगशाला ने विकसित किया है।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, "संघर्षरत क्षेत्रों में घायल व्यक्तियों का जीवन बचाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा। संकरे रास्तों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए यह वाहन उपयोगी है क्योंकि ऐसी जगहों पर एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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नयी दिल्ली, अट्ठारह जनवरी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को सोमवार को एक 'बाइक आधारित' एम्बुलेंस सौंपी जिसे दूरदराज और संकरी गलियों में रहने वालों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। इस वाहन को 'रक्षिता' नाम दिया गया है और इसे डीआरडीओ की 'इनमास' प्रयोगशाला ने विकसित किया है। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, "संघर्षरत क्षेत्रों में घायल व्यक्तियों का जीवन बचाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा। संकरे रास्तों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए यह वाहन उपयोगी है क्योंकि ऐसी जगहों पर एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॅालीवुड के दबंग सलमान खान को अक्सर ही बॅालीवुड का मसीहा कहा जाता है। हाल ही में अपनी फिल्म 'रेस 3' के प्रमोशन के दौरान सलमान खान ने अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में एलान करते हुए बताया है कि वे जल्द ही 'शेर खान' में नजर आएंगे।
खास बात यह है कि फिल्म में सलमान के अलावा कपिल शर्मा भी नजर आ सकते हैं और फिल्म को सलमान के भाई सोहेल खान बनाएंगे। जैसा कि हम जानते हैं कपिल का करियर जिस तरह से डूबता ही जा रहा है ऐसे में तो बस सलमान खान ही उन्हें किनारा दे सकते हैं।
दरअसल, याद दिला दें कि 'कॉमेडी सर्कस' के दौरान सोहेल ने कपिल से वादा किया था वह उन्हें अपनी अगली फिल्म 'शेर खान' में कास्ट करेंगे।
वैसे भी इस फिल्म की चर्चा काफी सालों से चलती आ रही है। बता दें कि 'शेर खान' के अलावा सलमान ने 'भारत', 'दबंग 3', 'किक 2' और रेमो की डासिंग फिल्म के बारे में भी चर्चाएं की। वहीं कपिल शर्मा की बात करें तो फिलहाल वे लंबी छुट्टी पर हैं। हां उम्मीद है कि कपिल सलमान की फिल्म से दमदार वापसी करेंगे।
Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॅालीवुड के दबंग सलमान खान को अक्सर ही बॅालीवुड का मसीहा कहा जाता है। हाल ही में अपनी फिल्म 'रेस तीन' के प्रमोशन के दौरान सलमान खान ने अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में एलान करते हुए बताया है कि वे जल्द ही 'शेर खान' में नजर आएंगे। खास बात यह है कि फिल्म में सलमान के अलावा कपिल शर्मा भी नजर आ सकते हैं और फिल्म को सलमान के भाई सोहेल खान बनाएंगे। जैसा कि हम जानते हैं कपिल का करियर जिस तरह से डूबता ही जा रहा है ऐसे में तो बस सलमान खान ही उन्हें किनारा दे सकते हैं। दरअसल, याद दिला दें कि 'कॉमेडी सर्कस' के दौरान सोहेल ने कपिल से वादा किया था वह उन्हें अपनी अगली फिल्म 'शेर खान' में कास्ट करेंगे। वैसे भी इस फिल्म की चर्चा काफी सालों से चलती आ रही है। बता दें कि 'शेर खान' के अलावा सलमान ने 'भारत', 'दबंग तीन', 'किक दो' और रेमो की डासिंग फिल्म के बारे में भी चर्चाएं की। वहीं कपिल शर्मा की बात करें तो फिलहाल वे लंबी छुट्टी पर हैं। हां उम्मीद है कि कपिल सलमान की फिल्म से दमदार वापसी करेंगे। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
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में नहीं । पूर्व वर्णन से यह भी ज्ञात हुआ कि महाभारत के बहुत पहले से वसिष्ठ के सम्बन्ध में कुछ ऐसी कथाएँ चली आती थीं जिन का पूरा विवरण तो कहीं इस समय नहीं मिलता किन्तु शाट्यायन और ताण्ड्य महाब्राह्मण श्चित अंशमात्र का उपन्यास है । महाभारत स्वयं कहता है कि "इदंवासिष्ठ माख्यानं पुराणं परिचक्षते " इस वसिष्ठको लोक बहुत पुराण बतलाते हैं। इसके बहुत परिवर्तन और समय
समय पर न्यूनाधिक्य के कारण आय भी बदलते गए। मैं यहां क्रमशः दो एक करता हूं - १ वसिष्ठ
कौन है ? वेदों, ब्राह्मणग्रन्थों तथा उपनिषदों में इन्द्रियों को वश में लाने की कथाएँ बहुत आया करती हैं । येही देव और हैं । तण में ही ये इन्द्रिय देव और क्षण में ही बन जाते हैं। प्रत्येक अपने २ जीवन
में देखता है कि इन्द्रियों का कैसा महाघोर संग्राम कभी २ हुआ करता है, इसी का नाम देवासुर संग्राम है । शुनःशेष, त्रित, दीर्घतमा आदिकों की कथा वैदिक इतिहासार्थ निर्णय में देखिये । उसी प्रकार की रूपकालंकार में यह भी एक कथा ब्राह्मण ग्रन्थों के समय में बनाई गई है, कथाएँ इस प्रकार मिश्रित होगई हैं कि इनका पता लगाना कठिन काम है ।।
वसिष्ठ कौन है - मारणो वै वसिष्ठ ऋषिः । यद्वै नु श्रेष्ठ - स्तेन वसिष्ठोऽथो यस्तो वसति तेनोऽएव वसिष्ठः । श०
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में नहीं । पूर्व वर्णन से यह भी ज्ञात हुआ कि महाभारत के बहुत पहले से वसिष्ठ के सम्बन्ध में कुछ ऐसी कथाएँ चली आती थीं जिन का पूरा विवरण तो कहीं इस समय नहीं मिलता किन्तु शाट्यायन और ताण्ड्य महाब्राह्मण श्चित अंशमात्र का उपन्यास है । महाभारत स्वयं कहता है कि "इदंवासिष्ठ माख्यानं पुराणं परिचक्षते " इस वसिष्ठको लोक बहुत पुराण बतलाते हैं। इसके बहुत परिवर्तन और समय समय पर न्यूनाधिक्य के कारण आय भी बदलते गए। मैं यहां क्रमशः दो एक करता हूं - एक वसिष्ठ कौन है ? वेदों, ब्राह्मणग्रन्थों तथा उपनिषदों में इन्द्रियों को वश में लाने की कथाएँ बहुत आया करती हैं । येही देव और हैं । तण में ही ये इन्द्रिय देव और क्षण में ही बन जाते हैं। प्रत्येक अपने दो जीवन में देखता है कि इन्द्रियों का कैसा महाघोर संग्राम कभी दो हुआ करता है, इसी का नाम देवासुर संग्राम है । शुनःशेष, त्रित, दीर्घतमा आदिकों की कथा वैदिक इतिहासार्थ निर्णय में देखिये । उसी प्रकार की रूपकालंकार में यह भी एक कथा ब्राह्मण ग्रन्थों के समय में बनाई गई है, कथाएँ इस प्रकार मिश्रित होगई हैं कि इनका पता लगाना कठिन काम है ।। वसिष्ठ कौन है - मारणो वै वसिष्ठ ऋषिः । यद्वै नु श्रेष्ठ - स्तेन वसिष्ठोऽथो यस्तो वसति तेनोऽएव वसिष्ठः । शशून्य
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भारतीय महिला टीम का इंग्लैंड दौरे (ENG vs IND) के लिए ऐलान कर दिया गया है। दोनों टीमों के बीच तीन टी20 और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। दौरे की शुरुआत 10 सितंबर को पहले टी20 मैच की शुरूआत होगी। वहीं इस दौरे पर जाने वाली महिला टीम की भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को घोषणा कर दी है। जहां इस दौरे के लिए कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया, वहीं दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी की भी टीम में वापसी भी हुई है।
सीनियर महिला चयन समिति ने तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए 17 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए 18 सदस्यीय टीम का चयन किया गया है। वनडे और टी20 टीम में कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर ज्यादातर नाम उम्मीद के मुताबिक ही हैं। लेकिन टी20 टीम में सबसे चौंकाने वाला चयन देश की सबसे सफल गेंदबाज झूलन गोस्वामी का है।
जहां ये माना जा रहा था कि मिताली राज के संन्यास लेने के बाद उनका करियर खत्म हो गया। वहीं टीम में उनका नाम शामिल कर चयनकर्ताओं ने सबको हैरान कर दिया है। माना जा रहा था कि अब झूलन का भी चयन नहीं होगा। हालांकि, एक बार फिर 'चाकड़ा एक्सप्रेस' ने वापसी की है और भारतीय प्रशंसक उन्हें फिर से उनकी गेंदबाजी से चकाचौंध करते हुए देख पाएंगे।
जहां झूलन को टीम में जगह मिली, वहीं राष्ट्रमंडल खेलों में खराब प्रदर्शन करने वाली युवा विकेटकीपर यास्तिका भाटिया को टी20 से बाहर कर दिया गया है, उनकी जगह दूसरी युवा विकेटकीपर ऋचा घोष की वापसी हुई है। दूसरी ओर श्रीलंका दौरे के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए रेणुका ठाकुर और मेघना सिंह को भी दोनों टीमों में जगह मिली है। इनके अलावा बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिग्ज को दोनों टीमों में शामिल किया गया है। बता दें कि ऑलराउंडर डी हेमलता ने भी टी20 टीम में वापसी की है।
वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीमः हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, एस. मेघना, दीप्ति शर्मा, तानिया भाटिया (विकेटकीपर), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), पूजा वस्त्राकर, स्नेह राणा, रेणुका ठाकुर, मेघना सिंह, राजेश्वरी गायकवाड़, हरलीन देओल, डी. हेमलता, सिमरन दिल बहादुर, झूलन गोस्वामी, जेमिमा रोड्रिग्स.
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भारतीय महिला टीम का इंग्लैंड दौरे के लिए ऐलान कर दिया गया है। दोनों टीमों के बीच तीन टीबीस और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। दौरे की शुरुआत दस सितंबर को पहले टीबीस मैच की शुरूआत होगी। वहीं इस दौरे पर जाने वाली महिला टीम की भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शुक्रवार को घोषणा कर दी है। जहां इस दौरे के लिए कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया, वहीं दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी की भी टीम में वापसी भी हुई है। सीनियर महिला चयन समिति ने तीन मैचों की टीबीस सीरीज के लिए सत्रह सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए अट्ठारह सदस्यीय टीम का चयन किया गया है। वनडे और टीबीस टीम में कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर ज्यादातर नाम उम्मीद के मुताबिक ही हैं। लेकिन टीबीस टीम में सबसे चौंकाने वाला चयन देश की सबसे सफल गेंदबाज झूलन गोस्वामी का है। जहां ये माना जा रहा था कि मिताली राज के संन्यास लेने के बाद उनका करियर खत्म हो गया। वहीं टीम में उनका नाम शामिल कर चयनकर्ताओं ने सबको हैरान कर दिया है। माना जा रहा था कि अब झूलन का भी चयन नहीं होगा। हालांकि, एक बार फिर 'चाकड़ा एक्सप्रेस' ने वापसी की है और भारतीय प्रशंसक उन्हें फिर से उनकी गेंदबाजी से चकाचौंध करते हुए देख पाएंगे। जहां झूलन को टीम में जगह मिली, वहीं राष्ट्रमंडल खेलों में खराब प्रदर्शन करने वाली युवा विकेटकीपर यास्तिका भाटिया को टीबीस से बाहर कर दिया गया है, उनकी जगह दूसरी युवा विकेटकीपर ऋचा घोष की वापसी हुई है। दूसरी ओर श्रीलंका दौरे के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए रेणुका ठाकुर और मेघना सिंह को भी दोनों टीमों में जगह मिली है। इनके अलावा बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिग्ज को दोनों टीमों में शामिल किया गया है। बता दें कि ऑलराउंडर डी हेमलता ने भी टीबीस टीम में वापसी की है। वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीमः हरमनप्रीत कौर , स्मृति मंधाना , शेफाली वर्मा, एस. मेघना, दीप्ति शर्मा, तानिया भाटिया , यास्तिका भाटिया , पूजा वस्त्राकर, स्नेह राणा, रेणुका ठाकुर, मेघना सिंह, राजेश्वरी गायकवाड़, हरलीन देओल, डी. हेमलता, सिमरन दिल बहादुर, झूलन गोस्वामी, जेमिमा रोड्रिग्स.
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*अस्वीकरणः इस पृष्ठ में प्रदर्शित तस्वीरें उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं और माना जाता है कि वे सार्वजनिक डोमेन से ली गयी हैं। इन तस्वीरों का कॉपीराइट उनके मूल प्रकाशक / फोटोग्राफर का है। यदि आपको लगता है कि ये फोटोज़ आपकी हैं या आपको लगता है कि आपके कॉपीराइट का उल्लंघन किया गया है, तो कृपया ([email protected]) पर हमें बतायें। हम तुरंत उन तस्वीरों को हटा देंगे।
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Yogi Model demand in Karnataka: कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या कर दी गई। जिसके बाद वहां बवाल मचा है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा अगर राज्य देश विरोधी और सांप्रदायिक ताकतें शांति भंग करने की कोशिश करेंगी तो ऐसे तत्वों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश का'योगी मॉडल' दक्षिण के राज्यों में भी लागू किया जाएगा। इसके पहले कर्नाटक सीएम ने गुरुवार को अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा करने के जश्न को रद्द कर दिया था।
कर्नाटक सीएम बोम्मई ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जो मौजूदा स्थिति है वहां के लिए योगी आदित्यनाथ ही सही मुख्यमंत्री हैं। अब अगर ऐसे हालात कर्नाटक में पैदा होंगे तो यहां योगी मॉडल लागू होगा। सीएम बोम्मई बीजेपी और संघ परिवार समर्थकों के एक वर्ग की मांगों पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सरकार ऐसे तत्वों से निपटने के लिए दक्षिणी राज्य में भी सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए बुलडोजर चलवा सकती है।
BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ता की हत्या (Murder of BJP Youth Activist)
इसके पहले जिला भाजपा युवा मोर्चा समित के सदस्य प्रवीण दक्षिण कन्नड़ में बीजेपी युवा मोर्चा के एक सदस्य की हत्या के बाद योगी मॉडल लागू करने की मांग बढ़ गई है। इसके पहले मंगलवार की रात को जिला भाजपा युवा मोर्चा समिति के सदस्य प्रवीण नेट्टारू की बेल्लारे में उनकी ब्रायलर की दुकान के सामने हत्या कर दी गई था।
सीएम बोम्मई ने कहा, 'राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। इसको खराब करने वालों को खत्म करने की चुनौतियां हैं और ये चुनौती देश भर के राज्यों में हैं। ' उन्होंने आगे कहा, 'कर्नाटक में पिछले एक दशक के दौरान इस तरह की ताकतों ने सिर उठाना शुरू किया है। साल 2014-15 से ऐसे तत्वों की गतिविधियां राज्य में शुरू हुईं और अब तक जारी हैं। ' यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी सरकार के अच्छे कामों पर इस तरह के साम्प्रदायिक मुद्दों का असर पड़ा है। सीएम ने कहा कि हाल के दिनों में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दों और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निबटा गया है।
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Yogi Model demand in Karnataka: कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या कर दी गई। जिसके बाद वहां बवाल मचा है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा अगर राज्य देश विरोधी और सांप्रदायिक ताकतें शांति भंग करने की कोशिश करेंगी तो ऐसे तत्वों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश का'योगी मॉडल' दक्षिण के राज्यों में भी लागू किया जाएगा। इसके पहले कर्नाटक सीएम ने गुरुवार को अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा करने के जश्न को रद्द कर दिया था। कर्नाटक सीएम बोम्मई ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जो मौजूदा स्थिति है वहां के लिए योगी आदित्यनाथ ही सही मुख्यमंत्री हैं। अब अगर ऐसे हालात कर्नाटक में पैदा होंगे तो यहां योगी मॉडल लागू होगा। सीएम बोम्मई बीजेपी और संघ परिवार समर्थकों के एक वर्ग की मांगों पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सरकार ऐसे तत्वों से निपटने के लिए दक्षिणी राज्य में भी सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए बुलडोजर चलवा सकती है। BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ता की हत्या इसके पहले जिला भाजपा युवा मोर्चा समित के सदस्य प्रवीण दक्षिण कन्नड़ में बीजेपी युवा मोर्चा के एक सदस्य की हत्या के बाद योगी मॉडल लागू करने की मांग बढ़ गई है। इसके पहले मंगलवार की रात को जिला भाजपा युवा मोर्चा समिति के सदस्य प्रवीण नेट्टारू की बेल्लारे में उनकी ब्रायलर की दुकान के सामने हत्या कर दी गई था। सीएम बोम्मई ने कहा, 'राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। इसको खराब करने वालों को खत्म करने की चुनौतियां हैं और ये चुनौती देश भर के राज्यों में हैं। ' उन्होंने आगे कहा, 'कर्नाटक में पिछले एक दशक के दौरान इस तरह की ताकतों ने सिर उठाना शुरू किया है। साल दो हज़ार चौदह-पंद्रह से ऐसे तत्वों की गतिविधियां राज्य में शुरू हुईं और अब तक जारी हैं। ' यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी सरकार के अच्छे कामों पर इस तरह के साम्प्रदायिक मुद्दों का असर पड़ा है। सीएम ने कहा कि हाल के दिनों में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दों और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निबटा गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की जनता से अपील की है कि वे जंगलराज नक्सलवाद के समर्थक व देश को टुकड़े-टुकड़े करने वालों से सतर्क रहें। वे किसी तरह सत्ता हासिल करने की फिराक में हैं। जरा भी मौका मिला तो वे बिहार को फिर अपराध अराजकता व अंधेरे के दौर में पहुंचा देंगे।
मोतिहारी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की जनता से अपील की है कि वे जंगलराज, नक्सलवाद के समर्थक व देश को टुकड़े-टुकड़े करने वालों से सतर्क रहें। वे किसी तरह सत्ता हासिल करने की फिराक में हैं। जरा भी मौका मिला तो वे बिहार को फिर अपराध, अराजकता व अंधेरे के दौर में पहुंचा देंगे। वे गांधी मैदान में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा बिहार को जंगलराज के युवराज से सतर्क रहने की जरूरत है। वे अगर आपकी चिता करते तो बिहार इतना पीछे नहीं जाता। उनकी चिता है बेनामी संपत्ति कैसे छिपाएं। अपनी तिजोरी कैसे भरें। जबकि एनडीए की चिता है किसानों, युवाओं, गरीबों, बुजुर्गों के खाते में पैसा कैसे पहुंचे। जंगलराज वालों को चिता है लालटेन कैसे जले। एनडीए का प्रयास है हर घर में दूधिया एलईडी कैसे पहुंचे।
पीएम ने कहा कि राज्य के युवाओं को बिहार में ही अच्छा व सम्मानजक रोजगार दिलाया जाएगा। मगर, यह कौन देगा। सवाल उठाया, क्या बिहार को अंधेरे व अपराध की दुनिया में ले जाने वाले यह रोजगार देंगे? जिन्होंने रोजगार को करोड़ों की कमाई का जरिया बनाया, क्या वे रोजगार देंगे? रोजगार नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार देगी। जिसने बिहार को अंधेरे से बाहर निकाला। उन्होंने यह भी कहा कि जब एक बार अगर कोई ऐसा भोजना आपने खाया हो, जिससे आपकी तबीयत बिगड़ जाए तो क्या फिर उसे खाएंगे। क्या 15 साल बाद आ जाए तो खाएंगे? अगर चखना भी चाहे तो बीमार होना तय है। इसलिए बिहार को फिर बीमार होने से बचाना है। इसलिए एक-एक वोट एनडीए के उम्मीदवार को दें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में एनडीए ने बिहार के विकास के लिए सार्थक कदम उठाए हैं। वह स्थिति चाहे कोरोना काल से पहले की हो या आत्मनिर्भर भारत अभियान की हो। जब कोरोना का संकट आया। सबसे पहले गांव, गरीब व किसान को प्राथमिकता दी। सही समय पर लॉकडाउन किया गया। गरीबों को भूखा ना सोना पड़े इसके लिए छठ तक मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई। फसलों की बुआई व कटाई के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए। किसानों के खाते जो राशि दी गई उससे भी उन्हें लाभ हुआ। दूसरे राज्यों से लौटे लोगों के लिए गांव में ही श्रमिक साथियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें भी मुफ्त राशन दिया गया। अब पूरे देश के लिए एक राशन कार्ड बनाया जा रहा। इसके बाद वे देश में कहीं भी अपने हिस्से का राशन ले सकेंगे।
मोदी ने कहा कि बिहार में पहले चरण के चुनाव से पहले तरह-तरह की बातें कही जा रही थीं। बोला जा रहा था कि कोरोना काल में कम मतदाता ही वोट देंगे। मगर, उन्हें यह पता नहीं कि यह बिहार की धरती है। पूरी दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाली इस मिट्टी ने उन पॉलीटिकल पंडितों के आकलन को फेल कर दिया। साथ ही भारी वोट देकर लोकतंत्र को मजबूत किया। बिहार की जनता ने एनडीए को फिर सरकार बनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि लोग जिस तरह से आशीर्वाद दे रहे उसे दिल्ली के पॉलीटिकल पंडित देख ले। यह 10 नवंबर का नजारा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की जनता से अपील की है कि वे जंगलराज नक्सलवाद के समर्थक व देश को टुकड़े-टुकड़े करने वालों से सतर्क रहें। वे किसी तरह सत्ता हासिल करने की फिराक में हैं। जरा भी मौका मिला तो वे बिहार को फिर अपराध अराजकता व अंधेरे के दौर में पहुंचा देंगे। मोतिहारी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की जनता से अपील की है कि वे जंगलराज, नक्सलवाद के समर्थक व देश को टुकड़े-टुकड़े करने वालों से सतर्क रहें। वे किसी तरह सत्ता हासिल करने की फिराक में हैं। जरा भी मौका मिला तो वे बिहार को फिर अपराध, अराजकता व अंधेरे के दौर में पहुंचा देंगे। वे गांधी मैदान में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा बिहार को जंगलराज के युवराज से सतर्क रहने की जरूरत है। वे अगर आपकी चिता करते तो बिहार इतना पीछे नहीं जाता। उनकी चिता है बेनामी संपत्ति कैसे छिपाएं। अपनी तिजोरी कैसे भरें। जबकि एनडीए की चिता है किसानों, युवाओं, गरीबों, बुजुर्गों के खाते में पैसा कैसे पहुंचे। जंगलराज वालों को चिता है लालटेन कैसे जले। एनडीए का प्रयास है हर घर में दूधिया एलईडी कैसे पहुंचे। पीएम ने कहा कि राज्य के युवाओं को बिहार में ही अच्छा व सम्मानजक रोजगार दिलाया जाएगा। मगर, यह कौन देगा। सवाल उठाया, क्या बिहार को अंधेरे व अपराध की दुनिया में ले जाने वाले यह रोजगार देंगे? जिन्होंने रोजगार को करोड़ों की कमाई का जरिया बनाया, क्या वे रोजगार देंगे? रोजगार नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार देगी। जिसने बिहार को अंधेरे से बाहर निकाला। उन्होंने यह भी कहा कि जब एक बार अगर कोई ऐसा भोजना आपने खाया हो, जिससे आपकी तबीयत बिगड़ जाए तो क्या फिर उसे खाएंगे। क्या पंद्रह साल बाद आ जाए तो खाएंगे? अगर चखना भी चाहे तो बीमार होना तय है। इसलिए बिहार को फिर बीमार होने से बचाना है। इसलिए एक-एक वोट एनडीए के उम्मीदवार को दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में एनडीए ने बिहार के विकास के लिए सार्थक कदम उठाए हैं। वह स्थिति चाहे कोरोना काल से पहले की हो या आत्मनिर्भर भारत अभियान की हो। जब कोरोना का संकट आया। सबसे पहले गांव, गरीब व किसान को प्राथमिकता दी। सही समय पर लॉकडाउन किया गया। गरीबों को भूखा ना सोना पड़े इसके लिए छठ तक मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई। फसलों की बुआई व कटाई के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए। किसानों के खाते जो राशि दी गई उससे भी उन्हें लाभ हुआ। दूसरे राज्यों से लौटे लोगों के लिए गांव में ही श्रमिक साथियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें भी मुफ्त राशन दिया गया। अब पूरे देश के लिए एक राशन कार्ड बनाया जा रहा। इसके बाद वे देश में कहीं भी अपने हिस्से का राशन ले सकेंगे। मोदी ने कहा कि बिहार में पहले चरण के चुनाव से पहले तरह-तरह की बातें कही जा रही थीं। बोला जा रहा था कि कोरोना काल में कम मतदाता ही वोट देंगे। मगर, उन्हें यह पता नहीं कि यह बिहार की धरती है। पूरी दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाली इस मिट्टी ने उन पॉलीटिकल पंडितों के आकलन को फेल कर दिया। साथ ही भारी वोट देकर लोकतंत्र को मजबूत किया। बिहार की जनता ने एनडीए को फिर सरकार बनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि लोग जिस तरह से आशीर्वाद दे रहे उसे दिल्ली के पॉलीटिकल पंडित देख ले। यह दस नवंबर का नजारा है।
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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने निवेशकों को भारत की विकास गाथा में भागीदार बनने और उसका लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। सोमवार को आबु धाबी में डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड-II बोलियों के लिए रोड शो के दौरान उन्होंने कहा की पिछले चार वर्षों में, हमने तेल और गैस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, परन्तु सर्वोत्कृष्ट प्राप्त करना बाकी हैं। उन्होंने कहा की कोई राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या कंपनी साझेदारी और सहयोग के बिना प्रगति नही कर सकती।
श्री प्रधान ने कहा की भारत आज विश्व में तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तौर पर ऊर्जा की मांग सबसे अधिक भारत में बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा की वर्तमान में भारत की तेल और गैस की मांग 22.9 करोड़ मैट्रिक टन की है जो 2040 में तीन गुना बढ़कर 60.7 करोड़ मैट्रिक टन बढ़ जायेगी। उन्होंने कहा की भारत में अपस्ट्रीम तेल और गैस क्षेत्र में निवेश की अनेक उज्जवल संभावनाएं हैं।
मंत्री ने कहा की भारत सरकार ने देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत फ्रेमवर्क को दुरूस्त किया है जिसमें समूची ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को कवर किया गया है। उन्होंने कहा की भारतीय क्षेत्र में खोज के लिए निवेश आकर्षित करने के लिए हाइड्रोकार्बन खोज और लाइसेंस नीति और खोजे गए लघु क्षेत्रों संबधी नीति की दिशा में प्रगतिशील उपाय किये गए हैं।
श्री प्रधान ने कहा की सरकार ने कई तरह के अन्य नीतिगत सुधार भी किये है, जिनमें कोयला क्षेत्र मीथेन नीति, परिपक्व क्षेत्र से तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने के उपाय आदि शामिल हैं।
मंत्री ने कहा की भारत गैस आधारित स्वच्छ अर्थव्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। वर्तमान में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी हमारी समग्र ऊर्जा में अपेक्षाकृत कम हैं। उन्होंने कहा की देश में 8 अरब अमरीकी डॉलर से अधिक की गैस ढांचा परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा की 2022 तक हमारा लक्ष्य ऊर्जा साधनों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी वर्तमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत पर ले जाने का है। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत प्राकृतिक गैस व्यापार केंद्र कायम करने का इच्छुक हैं।
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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने निवेशकों को भारत की विकास गाथा में भागीदार बनने और उसका लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। सोमवार को आबु धाबी में डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड-II बोलियों के लिए रोड शो के दौरान उन्होंने कहा की पिछले चार वर्षों में, हमने तेल और गैस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, परन्तु सर्वोत्कृष्ट प्राप्त करना बाकी हैं। उन्होंने कहा की कोई राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या कंपनी साझेदारी और सहयोग के बिना प्रगति नही कर सकती। श्री प्रधान ने कहा की भारत आज विश्व में तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तौर पर ऊर्जा की मांग सबसे अधिक भारत में बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा की वर्तमान में भारत की तेल और गैस की मांग बाईस.नौ करोड़ मैट्रिक टन की है जो दो हज़ार चालीस में तीन गुना बढ़कर साठ.सात करोड़ मैट्रिक टन बढ़ जायेगी। उन्होंने कहा की भारत में अपस्ट्रीम तेल और गैस क्षेत्र में निवेश की अनेक उज्जवल संभावनाएं हैं। मंत्री ने कहा की भारत सरकार ने देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत फ्रेमवर्क को दुरूस्त किया है जिसमें समूची ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को कवर किया गया है। उन्होंने कहा की भारतीय क्षेत्र में खोज के लिए निवेश आकर्षित करने के लिए हाइड्रोकार्बन खोज और लाइसेंस नीति और खोजे गए लघु क्षेत्रों संबधी नीति की दिशा में प्रगतिशील उपाय किये गए हैं। श्री प्रधान ने कहा की सरकार ने कई तरह के अन्य नीतिगत सुधार भी किये है, जिनमें कोयला क्षेत्र मीथेन नीति, परिपक्व क्षेत्र से तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने के उपाय आदि शामिल हैं। मंत्री ने कहा की भारत गैस आधारित स्वच्छ अर्थव्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। वर्तमान में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी हमारी समग्र ऊर्जा में अपेक्षाकृत कम हैं। उन्होंने कहा की देश में आठ अरब अमरीकी डॉलर से अधिक की गैस ढांचा परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा की दो हज़ार बाईस तक हमारा लक्ष्य ऊर्जा साधनों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी वर्तमान छः.पाँच प्रतिशत से बढ़ाकर पंद्रह प्रतिशत पर ले जाने का है। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत प्राकृतिक गैस व्यापार केंद्र कायम करने का इच्छुक हैं।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन 3807 करोड़ 46 लाख रुपए का अनुपूरक बजट पारित हुआ। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित हो गई। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना काल में केंद्र से किसी तरह के मदद नहीं मिलना बताया। कहा कि केंद्र की योजनाओं का फायदा तो कोरोना नहीं आता फिर भी मिलता, वहीं इसे कोरोना के दौर में अपनी उपलब्धि ना बताए।
अनुपूरक बजट पर भूपेश बघेल ने कहा कि आज के समय में हम सबका एक ही लक्ष्य पीड़ित मानवता की सेवा करना। कोरोना ने अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। हमारे लक्ष्य में गांधी और गांव है। जब देश में थाली और ताली बजा रहे थे तब हम प्रदेश की जनता की सेवा में लगे थे। लोग सड़कों पर डान्स कर रहे थे तब हम मनरेगा में रोजगार दे रहे थे। आज 31 लघु वनोपज खरीद रहे हैं।
सीएम भूपेश ने कहा कि हर विभाग ने कोरोना काल में खूब काम किया, जितनी तारीफ की जाए कम है। स्वास्थ्य विभाग ने जान जोखिम में रखकर काम किया। 24 घंटा काम किया. हमने नहीं कहा कि 13 योद्धा हैं. जिस समय आप ताली बाजवा रहे थे, अमरजीत 56 लाख परिवारों के लिए खाना की व्यवस्था करवा रहे थे। जब आप थाली बाजवा रहे थे, तब महिला एवमं बाल विकास मंत्री सूखा राशन पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे थे. जब आप बत्ती जलवा रहे थे, तब परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री ये चिंता कर रहे थे कि कैसे गांव से सब्जी शहर तक आये।
भूपेश बघेल ने कहा कि लॉकडाउन में लघु वनोपज की 99 प्रतिशत खरीदी हुई। लॉकडाउन के समय जब आप पर डांस कर रहे थे, पंचायत विभाग मंत्री और तमाम लोग मनरेगा का काम करवा रहे थे. लॉकडाउन में खदान बंद करने का दबाव था. कोयले और दूसरे खदान को बाधित नहीं होने दिया. देश को बिजली मिलती रही. हर कोई छत्तीसगढ़ आना चाहते थे। 28 हजार बाहर गए तो 7 लाख वापस आए. जिसे आपके नेता ने असफलता का स्मारक कहा उसी ने लोगों को रोजी दिलाई. धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के लिए केंद्र ने अनुमति नहीं दी इसलिए राजीव गांधी न्याय योजना लाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 महीने के भीतर कुपोषण कम हुआ। मलेरिया के खिलाफ घर-घर जाकर अभियान चलाया. हमारी नजर में व्यक्ति का विकास है।
CM भूपेश बघेल ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 5 महीने हो गए, जीएसटी की फूटी कौड़ी नहीं आई। 2828 करोड़ आ जाता तो कर्ज की जरूरत नहीं थी। वो हमारा पैसे थे। पैसे नहीं आएंगे तो क्या करेंगे। आपने जीएसटी एक्ट बनाया, क्या मिला. 30 हजार करोड़ मांगा, लेकिन जवाब नहीं आया। आप मुझसे बेहतर अर्थव्यवस्था जानते हैं। हमने कहा कि हमारा ब्याज माफ कर दो, किस्त माफ कर दो। लेकिन उसके बाद भी काम कर रहे हैं। व्यवसाय बंद हो गया, काम बंद हो गया, लेकिन छत्तीसगढ़ में होने नहीं दिया। इस बीच में बहुत से लोग परेशान हुए। हम सोचते हैं कि कैसे मदद करें. भारत सरकार मदद करे तब. किसान सम्मान निधि 500 रुपये देती है. हम गोबर में प्रति व्यक्ति 800 रुपये दे रहे हैं।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन तीन हज़ार आठ सौ सात करोड़ छियालीस लाख रुपए का अनुपूरक बजट पारित हुआ। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित हो गई। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना काल में केंद्र से किसी तरह के मदद नहीं मिलना बताया। कहा कि केंद्र की योजनाओं का फायदा तो कोरोना नहीं आता फिर भी मिलता, वहीं इसे कोरोना के दौर में अपनी उपलब्धि ना बताए। अनुपूरक बजट पर भूपेश बघेल ने कहा कि आज के समय में हम सबका एक ही लक्ष्य पीड़ित मानवता की सेवा करना। कोरोना ने अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। हमारे लक्ष्य में गांधी और गांव है। जब देश में थाली और ताली बजा रहे थे तब हम प्रदेश की जनता की सेवा में लगे थे। लोग सड़कों पर डान्स कर रहे थे तब हम मनरेगा में रोजगार दे रहे थे। आज इकतीस लघु वनोपज खरीद रहे हैं। सीएम भूपेश ने कहा कि हर विभाग ने कोरोना काल में खूब काम किया, जितनी तारीफ की जाए कम है। स्वास्थ्य विभाग ने जान जोखिम में रखकर काम किया। चौबीस घंटाटा काम किया. हमने नहीं कहा कि तेरह योद्धा हैं. जिस समय आप ताली बाजवा रहे थे, अमरजीत छप्पन लाख परिवारों के लिए खाना की व्यवस्था करवा रहे थे। जब आप थाली बाजवा रहे थे, तब महिला एवमं बाल विकास मंत्री सूखा राशन पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे थे. जब आप बत्ती जलवा रहे थे, तब परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री ये चिंता कर रहे थे कि कैसे गांव से सब्जी शहर तक आये। भूपेश बघेल ने कहा कि लॉकडाउन में लघु वनोपज की निन्यानवे प्रतिशत खरीदी हुई। लॉकडाउन के समय जब आप पर डांस कर रहे थे, पंचायत विभाग मंत्री और तमाम लोग मनरेगा का काम करवा रहे थे. लॉकडाउन में खदान बंद करने का दबाव था. कोयले और दूसरे खदान को बाधित नहीं होने दिया. देश को बिजली मिलती रही. हर कोई छत्तीसगढ़ आना चाहते थे। अट्ठाईस हजार बाहर गए तो सात लाख वापस आए. जिसे आपके नेता ने असफलता का स्मारक कहा उसी ने लोगों को रोजी दिलाई. धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के लिए केंद्र ने अनुमति नहीं दी इसलिए राजीव गांधी न्याय योजना लाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि छः महीने के भीतर कुपोषण कम हुआ। मलेरिया के खिलाफ घर-घर जाकर अभियान चलाया. हमारी नजर में व्यक्ति का विकास है। CM भूपेश बघेल ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पाँच महीने हो गए, जीएसटी की फूटी कौड़ी नहीं आई। दो हज़ार आठ सौ अट्ठाईस करोड़ आ जाता तो कर्ज की जरूरत नहीं थी। वो हमारा पैसे थे। पैसे नहीं आएंगे तो क्या करेंगे। आपने जीएसटी एक्ट बनाया, क्या मिला. तीस हजार करोड़ मांगा, लेकिन जवाब नहीं आया। आप मुझसे बेहतर अर्थव्यवस्था जानते हैं। हमने कहा कि हमारा ब्याज माफ कर दो, किस्त माफ कर दो। लेकिन उसके बाद भी काम कर रहे हैं। व्यवसाय बंद हो गया, काम बंद हो गया, लेकिन छत्तीसगढ़ में होने नहीं दिया। इस बीच में बहुत से लोग परेशान हुए। हम सोचते हैं कि कैसे मदद करें. भारत सरकार मदद करे तब. किसान सम्मान निधि पाँच सौ रुपयापये देती है. हम गोबर में प्रति व्यक्ति आठ सौ रुपयापये दे रहे हैं।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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Madhya Pradesh Weather Update : भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र उड़ीसा के उत्तरी क्षेत्र में पहुंचकर गहरा कम दाब का क्षेत्र बन गया है। इसके उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक यह सिस्टम गुरुवार सुबह छत्तीसगढ़ के पास पहुंच सकता है। इस सिस्टम के असर से गुरुवार से भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर बरसात का सिलसिला शुरू होने के आसार है। शहडोल में आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। गुरुवार की सुबह हल्की बारिश हुई है और बुधवार की रात में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही है। बाणसागर बांध का जलस्तर 341. 07 मीटर गुरुवार की सुबह 8बजे रिकॉर्ड किया गया है। वहीं जिले की बारिश तकरीबन 760 मिलीमीटर औसत दर्ज की गई है। गुरुवार को जिले में झमाझम बारिश के आसार बन रहे हैं।
उधर, बुधवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सागर में 7, उमरिया में 3, जबलपुर में 2, सीधी में 1, ग्वालियर में 0. 9, मलाजखंड में 0. 8 मिमी. बारिश हुई। भोपाल में दिनभर आंशिक बादल छाए रहे।
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Madhya Pradesh Weather Update : भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र उड़ीसा के उत्तरी क्षेत्र में पहुंचकर गहरा कम दाब का क्षेत्र बन गया है। इसके उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक यह सिस्टम गुरुवार सुबह छत्तीसगढ़ के पास पहुंच सकता है। इस सिस्टम के असर से गुरुवार से भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर बरसात का सिलसिला शुरू होने के आसार है। शहडोल में आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। गुरुवार की सुबह हल्की बारिश हुई है और बुधवार की रात में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही है। बाणसागर बांध का जलस्तर तीन सौ इकतालीस. सात मीटर गुरुवार की सुबह आठबजे रिकॉर्ड किया गया है। वहीं जिले की बारिश तकरीबन सात सौ साठ मिलीमीटर औसत दर्ज की गई है। गुरुवार को जिले में झमाझम बारिश के आसार बन रहे हैं। उधर, बुधवार सुबह आठ:तीस बजे से शाम पाँच:तीस बजे तक सागर में सात, उमरिया में तीन, जबलपुर में दो, सीधी में एक, ग्वालियर में शून्य. नौ, मलाजखंड में शून्य. आठ मिमी. बारिश हुई। भोपाल में दिनभर आंशिक बादल छाए रहे।
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कुल्लू - न्यूली से आगे निहारनी तक सड़क में जो दो टनल एचपीपीसीएल की आ रही हैं अगर उनमें 15 दिनों के भीतर लाइटें नहीं लगी तो फिर प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा। निहारनी में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित जिलाधीश से कहिए कार्यक्रम में घाटी के पावर प्रोजेक्ट एचपीपीसीएल की कई खामियां सामने आई। यहां पर प्रोजेक्ट की ओर वाहनों व लोगों की आवाजाही के लिए दो टनलों का निर्माण किया गया है, लेकिन इन टनलों के अंदर लाइटों का किसी भी तरह का कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में उपायुक्त ने साफ दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर इन टनलों में लाईटों का भी प्रावधान हो। वहीं, एचपीपीसीएल व लोक निर्माण विभाग 15 दिनों के भीतर यहां की सड़कों की दशा में भी सुधार करे अन्यथा प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई को अमल में ला सकता है। बता दें कि यह की सड़कें पावर प्रोजेक्ट के अधीन हैं, लेकिन इन सड़कों की हालत इतनी दयनीय है कि गाडि़यां तो दूर लोगों को यहां पर पैदल चलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उपायुक्त कुल्लू ने भी यहां की तमाम परियोजना प्रबंधनों की कार्यप्रणाली पर हैरानी जताते हुए कहा कि जल्द यहां की सड़कों में सुधार करे अन्यथा परियोजना प्रबंधनों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते है।
कुल्लू - दुर्गम क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर द्वार पर ही करने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को जिला प्रशासन ने सैंज घाटी के दूरस्थ गांव निहारनी में जिलाधीश से कहिए कार्यक्रम का आयोजन किया। सभी विभागों के अधिकारियों की टीम के साथ निहारनी पहुंचे जिलाधीश यूनुस ने दुर्गम ग्राम पंचायतों गाड़ापारली, शैंशर, शांघड़, देउरीधार और सुचैहण के बाशिंदों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने सौ से अधिक मामले जिलाधीश के समक्ष उठाए। जिलाधीश ने इनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया तथा अन्य मामलों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया। जिलाधीश ने प्राइमरी स्कूल शाक्टी की मरम्मत के लिए डेढ़ लाख रुपए मंजूर किए। प्राइमरी स्कूल मैल और लपाह के लिए भी धनराशि मंजूर की गई। ग्राम पंचायत देउरीधार में पेयजल योजना और धरमेड़ कैंची से संपर्क मार्ग के लिए भी मौके पर ही बजट का प्रावधान किया गया। यूनुस ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को न्यूली पुल की मरम्मत का एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शांघड़ में देवता मैदान से उचित दूरी पर सामुदायिक शौचालय के लिए धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। इस मौके पर सीएमओ डाक्टर सुशील चंद्र, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी डाक्टर जीसी बैंस, डीएफओ कृपा शंकर, डीएसपी शिव चौधरी, जिला योजना अधिकारी, गाड़ापारली के प्रधान भाग चंद, शैंशर के नरेश चंद, शांघड़ की सवित्रा और देउरीधार की प्रधान निर्मला भी उपस्थित थीं।
जिस तरह से समस्त जिला प्रशासन लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए घर द्वार पर पहुंच रहा है वह एक काफी अच्छी पहल है। गुरुवार को उपायुक्त कुल्लू ने काफी लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया। लोगों ने उपायुक्त के इस कार्यक्रम की सराहना की।
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कुल्लू - न्यूली से आगे निहारनी तक सड़क में जो दो टनल एचपीपीसीएल की आ रही हैं अगर उनमें पंद्रह दिनों के भीतर लाइटें नहीं लगी तो फिर प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा। निहारनी में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित जिलाधीश से कहिए कार्यक्रम में घाटी के पावर प्रोजेक्ट एचपीपीसीएल की कई खामियां सामने आई। यहां पर प्रोजेक्ट की ओर वाहनों व लोगों की आवाजाही के लिए दो टनलों का निर्माण किया गया है, लेकिन इन टनलों के अंदर लाइटों का किसी भी तरह का कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में उपायुक्त ने साफ दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं कि पंद्रह दिनों के भीतर इन टनलों में लाईटों का भी प्रावधान हो। वहीं, एचपीपीसीएल व लोक निर्माण विभाग पंद्रह दिनों के भीतर यहां की सड़कों की दशा में भी सुधार करे अन्यथा प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई को अमल में ला सकता है। बता दें कि यह की सड़कें पावर प्रोजेक्ट के अधीन हैं, लेकिन इन सड़कों की हालत इतनी दयनीय है कि गाडि़यां तो दूर लोगों को यहां पर पैदल चलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उपायुक्त कुल्लू ने भी यहां की तमाम परियोजना प्रबंधनों की कार्यप्रणाली पर हैरानी जताते हुए कहा कि जल्द यहां की सड़कों में सुधार करे अन्यथा परियोजना प्रबंधनों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते है। कुल्लू - दुर्गम क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर द्वार पर ही करने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को जिला प्रशासन ने सैंज घाटी के दूरस्थ गांव निहारनी में जिलाधीश से कहिए कार्यक्रम का आयोजन किया। सभी विभागों के अधिकारियों की टीम के साथ निहारनी पहुंचे जिलाधीश यूनुस ने दुर्गम ग्राम पंचायतों गाड़ापारली, शैंशर, शांघड़, देउरीधार और सुचैहण के बाशिंदों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने सौ से अधिक मामले जिलाधीश के समक्ष उठाए। जिलाधीश ने इनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया तथा अन्य मामलों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया। जिलाधीश ने प्राइमरी स्कूल शाक्टी की मरम्मत के लिए डेढ़ लाख रुपए मंजूर किए। प्राइमरी स्कूल मैल और लपाह के लिए भी धनराशि मंजूर की गई। ग्राम पंचायत देउरीधार में पेयजल योजना और धरमेड़ कैंची से संपर्क मार्ग के लिए भी मौके पर ही बजट का प्रावधान किया गया। यूनुस ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को न्यूली पुल की मरम्मत का एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शांघड़ में देवता मैदान से उचित दूरी पर सामुदायिक शौचालय के लिए धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। इस मौके पर सीएमओ डाक्टर सुशील चंद्र, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी डाक्टर जीसी बैंस, डीएफओ कृपा शंकर, डीएसपी शिव चौधरी, जिला योजना अधिकारी, गाड़ापारली के प्रधान भाग चंद, शैंशर के नरेश चंद, शांघड़ की सवित्रा और देउरीधार की प्रधान निर्मला भी उपस्थित थीं। जिस तरह से समस्त जिला प्रशासन लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए घर द्वार पर पहुंच रहा है वह एक काफी अच्छी पहल है। गुरुवार को उपायुक्त कुल्लू ने काफी लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया। लोगों ने उपायुक्त के इस कार्यक्रम की सराहना की। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
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तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोग़ान ने कहा है कि अमरीका, दाइश सहित कई आतंकवादी गुटों को हथियार उपलब्ध कराता है।
पश्चिमी सीरिया के हमा प्रांत में गुरूवार को होने वाले विस्फोट में कई नागरिक हताहत और घायल हुए।
उत्तरी कोरिया ने अमरीका और दक्षिणी कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे भड़काऊ काम बताया है।
सीरिया के एक इन्जीनियर ने एक ऐसी सस्ती गाड़ी बनाई है जो पहाड़ी क्षेत्रों में आसानी से चल सकती है।
पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर के राष्ट्रपति ने कश्मीर संकट के शीघ्र समाधान पर बल दिया है।
गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी अचल कुमार ज्योति ने गुरूवार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभाल लिया।
रूस का कहना है कि आतंकवादी, सीरिया में रासायनिक हमले की तैयारी कर रहे हैं।
ज़ायोनी कट्टरपंथी और पूर्वी मामलों के ज़ायोनी विशेषज्ञ मर्दख़ाए कीदार का मानना है कि मध्यपूर्व क्षेत्र में ईरान का बढ़ता प्रभाव, इस्राईल के लिए बहुत ही ज़्यादा ख़तरनाक है।
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तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोग़ान ने कहा है कि अमरीका, दाइश सहित कई आतंकवादी गुटों को हथियार उपलब्ध कराता है। पश्चिमी सीरिया के हमा प्रांत में गुरूवार को होने वाले विस्फोट में कई नागरिक हताहत और घायल हुए। उत्तरी कोरिया ने अमरीका और दक्षिणी कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे भड़काऊ काम बताया है। सीरिया के एक इन्जीनियर ने एक ऐसी सस्ती गाड़ी बनाई है जो पहाड़ी क्षेत्रों में आसानी से चल सकती है। पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर के राष्ट्रपति ने कश्मीर संकट के शीघ्र समाधान पर बल दिया है। गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी अचल कुमार ज्योति ने गुरूवार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभाल लिया। रूस का कहना है कि आतंकवादी, सीरिया में रासायनिक हमले की तैयारी कर रहे हैं। ज़ायोनी कट्टरपंथी और पूर्वी मामलों के ज़ायोनी विशेषज्ञ मर्दख़ाए कीदार का मानना है कि मध्यपूर्व क्षेत्र में ईरान का बढ़ता प्रभाव, इस्राईल के लिए बहुत ही ज़्यादा ख़तरनाक है।
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शरीर की सुंदरता और सेहत, दोनों के लिए स्वस्थ दांत जरूरी हैं। अगर हमारे दांत साफ न हों तो हम मुस्कुराने से भी कतराने लगते हैं। बाजार में ऐसे कई तरह के प्रोडक्ट्स मौजूद हैं जो दांतों को सुंदर और चमकदार बनाने का दावा करते हैं लेकिव इनसे दांतों को केवल नुकसान ही पहुंचता है। दांतों की परेशानी होने से इंसान कई जरूरी चीजों के सेवन से अछूता रह जाता है।
हमारे चेहरे की रौनक सफेद और चमकदार दांतों से ही संभव होती है। दांतों में मैल या पीलापन आपकी पूरी पर्सनैलिटी पर एक दाग की तरह होता है। स्मोकिंग, तंबाकू के सेवन के साथ-साथ आपकी डाइट का भी आपके दातों को गंदा करने में योगदान होता है।
ऐसे में हमें दांतों की चमक को बरकरार रखने के लिए प्राकृतिक उपायों की ओर ध्यान देना चाहिए। आज हम आपको जिन 5 फूड्स के बारे में बताने वाले हैं वे न सिर्फ आपके दातों की चमक बढ़ाते हैं बल्कि उनमें बैक्टीरिया के संक्रमण की संभावनाओं को भी खत्म करते हैं। तो आइए जानते हैं कि वे फूड्स कौन-कौन से हैं।
सेबः सेब पानी और फाइबर का भरपूर स्रोत होता है जो आपके दातों को साफ रखने में मदद करता है। सेब में मेलिक एसिड पाया जाता है जो लार के उत्पादन में मददगार होता है। यह मुंह के अंदर हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करता है।
गाजरः रस से भरपूर गाजर खाने मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार बनता है जो दातों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाने वाले एंजाइम्स को उदासीन करने का काम करता है। इससे दांत चमकते हुए दिखाई पड़ते हैं।
स्ट्रॉबेरीः दांतों की अच्छी सेहत के लिए स्ट्रॉबेरी बेहद फायदेमंद है। इसमें एस्कॉर्बिक एसिड पाया जाता है जो दांतों को चमकदार बनाने में असरदार है। स्ट्रॉबेरी में पॉलीफेनॉल्स काफी मात्रा में पाए जाते हैं जो मुंह में बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं।
साइट्रस फ्रूट्सः साइट्रस फ्रूट्स विटामिन सी से भरपूर होते हैं। ये बैक्टीरिया के संक्रमण से दांतों की सुरक्षा करते हैं।
नट्सः दांतों से प्लॉक हटाने में नट्स हमारी बहुत मदद करते हैं। बादाम, काजू आदि नट्स में मौजूद इसेंशियल ऑयल्स दातों की सफाई में भी योगदान देते हैं। ऐसे में दांत चमकदार बनाना है तो नियमित रूप से नट्स का सेवन करें।
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शरीर की सुंदरता और सेहत, दोनों के लिए स्वस्थ दांत जरूरी हैं। अगर हमारे दांत साफ न हों तो हम मुस्कुराने से भी कतराने लगते हैं। बाजार में ऐसे कई तरह के प्रोडक्ट्स मौजूद हैं जो दांतों को सुंदर और चमकदार बनाने का दावा करते हैं लेकिव इनसे दांतों को केवल नुकसान ही पहुंचता है। दांतों की परेशानी होने से इंसान कई जरूरी चीजों के सेवन से अछूता रह जाता है। हमारे चेहरे की रौनक सफेद और चमकदार दांतों से ही संभव होती है। दांतों में मैल या पीलापन आपकी पूरी पर्सनैलिटी पर एक दाग की तरह होता है। स्मोकिंग, तंबाकू के सेवन के साथ-साथ आपकी डाइट का भी आपके दातों को गंदा करने में योगदान होता है। ऐसे में हमें दांतों की चमक को बरकरार रखने के लिए प्राकृतिक उपायों की ओर ध्यान देना चाहिए। आज हम आपको जिन पाँच फूड्स के बारे में बताने वाले हैं वे न सिर्फ आपके दातों की चमक बढ़ाते हैं बल्कि उनमें बैक्टीरिया के संक्रमण की संभावनाओं को भी खत्म करते हैं। तो आइए जानते हैं कि वे फूड्स कौन-कौन से हैं। सेबः सेब पानी और फाइबर का भरपूर स्रोत होता है जो आपके दातों को साफ रखने में मदद करता है। सेब में मेलिक एसिड पाया जाता है जो लार के उत्पादन में मददगार होता है। यह मुंह के अंदर हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करता है। गाजरः रस से भरपूर गाजर खाने मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार बनता है जो दातों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाने वाले एंजाइम्स को उदासीन करने का काम करता है। इससे दांत चमकते हुए दिखाई पड़ते हैं। स्ट्रॉबेरीः दांतों की अच्छी सेहत के लिए स्ट्रॉबेरी बेहद फायदेमंद है। इसमें एस्कॉर्बिक एसिड पाया जाता है जो दांतों को चमकदार बनाने में असरदार है। स्ट्रॉबेरी में पॉलीफेनॉल्स काफी मात्रा में पाए जाते हैं जो मुंह में बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं। साइट्रस फ्रूट्सः साइट्रस फ्रूट्स विटामिन सी से भरपूर होते हैं। ये बैक्टीरिया के संक्रमण से दांतों की सुरक्षा करते हैं। नट्सः दांतों से प्लॉक हटाने में नट्स हमारी बहुत मदद करते हैं। बादाम, काजू आदि नट्स में मौजूद इसेंशियल ऑयल्स दातों की सफाई में भी योगदान देते हैं। ऐसे में दांत चमकदार बनाना है तो नियमित रूप से नट्स का सेवन करें।
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नवरात्रि में भूलकर भी ना करें ये काम, मां दुर्गा होती है नाराज?
1 . नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखने वालों को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इसे अशुभ माना जाता हैं और इससे मां दुर्गा नाराज हो जाती हैं।
2 . अगर आप नवरात्रि में कलश स्थापना कर रहे हैं और माता की चौकी का आयोजन कर रहे हैं या अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन दिनों घर खाली छोड़कर नहीं जाएं।
3 . विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय दिन में नहीं सोना चाहिए। इसे अच्छा नहीं माना जाता हैं। इसलिए आप इस बात का ख्याल रखें।
4 . नवरात्री के दिनों में प्याज लहसुन और मांस मदिरा का सेवन ना करें। नवरात्रि के नौ दिनों तक पूर्ण सात्विक आहार लेना चाहिए।
5 . आपको बता दें की नवरात्रि के दिनों में बहुते स लोग व्रत में होते हैं ऐसे मे कलह करने से बचना चाहिए। इस दौरान लड़ाई-झगड़े नहीं करनी चाहिए।
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नवरात्रि में भूलकर भी ना करें ये काम, मां दुर्गा होती है नाराज? एक . नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखने वालों को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इसे अशुभ माना जाता हैं और इससे मां दुर्गा नाराज हो जाती हैं। दो . अगर आप नवरात्रि में कलश स्थापना कर रहे हैं और माता की चौकी का आयोजन कर रहे हैं या अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इन दिनों घर खाली छोड़कर नहीं जाएं। तीन . विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय दिन में नहीं सोना चाहिए। इसे अच्छा नहीं माना जाता हैं। इसलिए आप इस बात का ख्याल रखें। चार . नवरात्री के दिनों में प्याज लहसुन और मांस मदिरा का सेवन ना करें। नवरात्रि के नौ दिनों तक पूर्ण सात्विक आहार लेना चाहिए। पाँच . आपको बता दें की नवरात्रि के दिनों में बहुते स लोग व्रत में होते हैं ऐसे मे कलह करने से बचना चाहिए। इस दौरान लड़ाई-झगड़े नहीं करनी चाहिए।
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भारतीय शादियों में आपने देखा होगा कि दूल्हा-दुल्हन के साथ एक अनवर भी होता है। पूरी शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन का अनवर लगातार उनके साथ रहता है। हालाँकि, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अनवर अब किराए पर भी उपलब्ध है। एक महिला ये काम कर लाखों कमा रही है.
हम जिस महिला की बात कर रहे हैं वह अमेरिका में रहती है और एक प्रोफेशनल हेयरड्रेसर है। अनवर का मतलब है एक लड़की का सबसे अच्छा दोस्त। यह महिला दुल्हन का दूल्हा बनने और शादी में शामिल होने के लिए बड़ी रकम वसूलती है।
खबरों के मुताबिक, न्यूयॉर्क में रहने वाली जेन ग्लैंट्ज़ ब्राइड मेड बनने के लिए पैसे लेती है। वह यह बिजनेस न्यूयॉर्क में करते हैं। जेन बताती हैं कि लोग उन्हें 3 कारणों से काम पर रखते हैं। दोस्तों में से एक बहुत नाटकीय है. दूसरा, क्योंकि उसका कोई दोस्त नहीं है और तीसरा, क्योंकि उसकी शादी ऐसी अजीब परिस्थितियों में हो रही है कि वह नहीं चाहता कि उसके आसपास कोई दोस्त रहे।
उन्होंने बताया कि वह एक दिन के 80 हजार रुपये लेते हैं. इसके अलावा खाना-पीना भी मुफ्त है. जेन को अपनी नौकरी में ताक-झांक पसंद नहीं है। बात यह है कि कई दूल्हे और दुल्हन शादी के बाद भी उसके साथ अपनी दोस्ती जारी रखना चाहते हैं और वह ऐसा नहीं कर पाती और उसे इसका पछतावा होता है। इस तरह वह अपने काम को पूरी तरह प्रोफेशनल बनाए रखते हैं.
जेन ने खुलासा किया कि अप्रिय पार्टी से निपटने के लिए वह अक्सर शादियों में शामिल होती है। जेन बताती हैं कि मैं भी वहां इसलिए हूं क्योंकि दुल्हन को डीजे से नफरत है या दुल्हन दूल्हे की मां से बोर हो रही है।
जेन का कहना है कि उन्हें कभी-कभी चित्र कारणों से बुलाया जाता है। एक बार एक लड़की ने उसे इसलिए बुलाया क्योंकि उसका असली अनवर उसके मंगेतर के साथ फ़्लर्ट कर रहा था और वह नहीं चाहती थी कि उसकी सहेली शादी में ऐसा करे।
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भारतीय शादियों में आपने देखा होगा कि दूल्हा-दुल्हन के साथ एक अनवर भी होता है। पूरी शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन का अनवर लगातार उनके साथ रहता है। हालाँकि, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अनवर अब किराए पर भी उपलब्ध है। एक महिला ये काम कर लाखों कमा रही है. हम जिस महिला की बात कर रहे हैं वह अमेरिका में रहती है और एक प्रोफेशनल हेयरड्रेसर है। अनवर का मतलब है एक लड़की का सबसे अच्छा दोस्त। यह महिला दुल्हन का दूल्हा बनने और शादी में शामिल होने के लिए बड़ी रकम वसूलती है। खबरों के मुताबिक, न्यूयॉर्क में रहने वाली जेन ग्लैंट्ज़ ब्राइड मेड बनने के लिए पैसे लेती है। वह यह बिजनेस न्यूयॉर्क में करते हैं। जेन बताती हैं कि लोग उन्हें तीन कारणों से काम पर रखते हैं। दोस्तों में से एक बहुत नाटकीय है. दूसरा, क्योंकि उसका कोई दोस्त नहीं है और तीसरा, क्योंकि उसकी शादी ऐसी अजीब परिस्थितियों में हो रही है कि वह नहीं चाहता कि उसके आसपास कोई दोस्त रहे। उन्होंने बताया कि वह एक दिन के अस्सी हजार रुपये लेते हैं. इसके अलावा खाना-पीना भी मुफ्त है. जेन को अपनी नौकरी में ताक-झांक पसंद नहीं है। बात यह है कि कई दूल्हे और दुल्हन शादी के बाद भी उसके साथ अपनी दोस्ती जारी रखना चाहते हैं और वह ऐसा नहीं कर पाती और उसे इसका पछतावा होता है। इस तरह वह अपने काम को पूरी तरह प्रोफेशनल बनाए रखते हैं. जेन ने खुलासा किया कि अप्रिय पार्टी से निपटने के लिए वह अक्सर शादियों में शामिल होती है। जेन बताती हैं कि मैं भी वहां इसलिए हूं क्योंकि दुल्हन को डीजे से नफरत है या दुल्हन दूल्हे की मां से बोर हो रही है। जेन का कहना है कि उन्हें कभी-कभी चित्र कारणों से बुलाया जाता है। एक बार एक लड़की ने उसे इसलिए बुलाया क्योंकि उसका असली अनवर उसके मंगेतर के साथ फ़्लर्ट कर रहा था और वह नहीं चाहती थी कि उसकी सहेली शादी में ऐसा करे।
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- Crime । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: सूर्यकांत पाठक ।गुरुवार मई 18, 2023 08:57 PM ISTउत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अवैध टेलिफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है. इस अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल हवाला, फिरौती और जबरन उगाही जैसी वारदातों को अंजाम देने में होता था. यूपी एसटीएफ ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक आरोपी झारखंड का पूर्व रणजी प्लेयर है.
- India । Reported by: भाषा, Edited by: विजय शंकर पांडेय ।गुरुवार मार्च 2, 2023 08:14 AM ISTआरोपी लोगों को फंसाने के लिए उद्योगपति मुकेश अंबानी की तस्वीर का इस्तेमाल कर फेसबुक पर विज्ञापन देते थे. यर बाजार में पैसा लगाने के बदले में भारी मुनाफा देने का वादा करते थे.
- Crime । Reported by: भाषा ।गुरुवार फ़रवरी 16, 2023 09:43 PM ISTसीबीआई की अमेरिकी जांच एजेंसियों ने मदद की और उन्होंने पाया कि चारों एक मोबाइल कॉल सेंटर चला रहे थे जिसमें वे एक जगह से दूसरी जगह जाते थे.
- यूपी : रिश्ता कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 7 महिलाओं सहित आठ गिरफ्तारUttar Pradesh । Reported by: सौरभ शुक्ला ।बुधवार अक्टूबर 5, 2022 03:37 PM ISTयूपी के अलीगढ़ शहर की थाना सिविल लाइन पुलिस ने कॉल सेंटर के रूप में चल रहे ऐसे बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है जो लोगों को शादी कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलता था. पैसा लेने के बाद गिरोह के लोग प्रतिक्रिया देना बंद कर देते थे.
- India । Reported by: भाषा ।रविवार मार्च 27, 2022 06:02 AM ISTडीएसपी ने बताया कि ठगों ने खुद को कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के अधिकारी बताकर मादक पदार्थ तस्करी और धन शोधन के आरोपों की धमकी देकर भी लोगों से पैसा वसूला. उन्होंने बताया कि यह कॉल सेंटर छह महीने से चल रहा था.
- Delhi । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: आनंद नायक ।मंगलवार अक्टूबर 26, 2021 09:37 PM ISTपुलिस की साइबर टीम को जानकारी मिली कि पूठ खुर्द कला गांव में एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर चल रहा है. सूचना पर छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान फ़र्ज़ी कॉल सेंटर और एक और जगह से कुल 53 लोग पकड़े गए ,जिसमें 46 लड़कियां हैं, इनमें 2 कॉल सेंटर के मालिक भी हैं.
- India । Edited by: मुकेश सिंह सेंगर ।शनिवार अक्टूबर 9, 2021 10:12 PM ISTइस मामले में कॉल सेंटर चलाने वाले 15 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 9 महिलाएं हैं. ये लोग लोन देने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे.
- Crime । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर ।शनिवार अक्टूबर 9, 2021 09:52 PM ISTदक्षिण पूर्व जिले के साइबर सेल के स्टाफ ने एक "फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर" का भंडाफोड़ किया है और चार लोगों मोहम्मद मुकर्रम हुसैन, अर्जुन सिंह सैनी, गगन भाटिया और शादाब अहमद उर्फ शादाब मलिक को गिरफ्तार किया है. ये सभी एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे. दक्षिणी पूर्वी दिल्ली की डीसीपी ईशा पांडे के मुताबिक 6 अक्टूबर की रात शाहीन बाग इलाके में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी. पुलिस टीम ने सुबह करीब साढ़े चार बजे उस जगह पर छापा मारा और देखा कि चार लोग वहां मौजूद थे और विदेशियों से टेलीफोन पर बातचीत कर रहे थे.
- India । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर ।सोमवार अगस्त 30, 2021 01:18 PM ISTरोहिणी जिले की साइबर सेल ने एक फर्जी कॉल सेंटर (Fake Call Center) का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में 11 लड़कियों समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
- Crime । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर ।रविवार जुलाई 25, 2021 07:58 PM ISTपुलिस इन सभी आरोपियों से ये जानने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को इस तरह से ठगी का शिकार बनाया है.
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- Crime । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: सूर्यकांत पाठक ।गुरुवार मई अट्ठारह, दो हज़ार तेईस आठ:सत्तावन PM ISTउत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अवैध टेलिफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है. इस अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल हवाला, फिरौती और जबरन उगाही जैसी वारदातों को अंजाम देने में होता था. यूपी एसटीएफ ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक आरोपी झारखंड का पूर्व रणजी प्लेयर है. - India । Reported by: भाषा, Edited by: विजय शंकर पांडेय ।गुरुवार मार्च दो, दो हज़ार तेईस आठ:चौदह AM ISTआरोपी लोगों को फंसाने के लिए उद्योगपति मुकेश अंबानी की तस्वीर का इस्तेमाल कर फेसबुक पर विज्ञापन देते थे. यर बाजार में पैसा लगाने के बदले में भारी मुनाफा देने का वादा करते थे. - Crime । Reported by: भाषा ।गुरुवार फ़रवरी सोलह, दो हज़ार तेईस नौ:तैंतालीस PM ISTसीबीआई की अमेरिकी जांच एजेंसियों ने मदद की और उन्होंने पाया कि चारों एक मोबाइल कॉल सेंटर चला रहे थे जिसमें वे एक जगह से दूसरी जगह जाते थे. - यूपी : रिश्ता कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, सात महिलाओं सहित आठ गिरफ्तारUttar Pradesh । Reported by: सौरभ शुक्ला ।बुधवार अक्टूबर पाँच, दो हज़ार बाईस तीन:सैंतीस PM ISTयूपी के अलीगढ़ शहर की थाना सिविल लाइन पुलिस ने कॉल सेंटर के रूप में चल रहे ऐसे बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है जो लोगों को शादी कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलता था. पैसा लेने के बाद गिरोह के लोग प्रतिक्रिया देना बंद कर देते थे. - India । Reported by: भाषा ।रविवार मार्च सत्ताईस, दो हज़ार बाईस छः:दो AM ISTडीएसपी ने बताया कि ठगों ने खुद को कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के अधिकारी बताकर मादक पदार्थ तस्करी और धन शोधन के आरोपों की धमकी देकर भी लोगों से पैसा वसूला. उन्होंने बताया कि यह कॉल सेंटर छह महीने से चल रहा था. - Delhi । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: आनंद नायक ।मंगलवार अक्टूबर छब्बीस, दो हज़ार इक्कीस नौ:सैंतीस PM ISTपुलिस की साइबर टीम को जानकारी मिली कि पूठ खुर्द कला गांव में एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर चल रहा है. सूचना पर छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान फ़र्ज़ी कॉल सेंटर और एक और जगह से कुल तिरेपन लोग पकड़े गए ,जिसमें छियालीस लड़कियां हैं, इनमें दो कॉल सेंटर के मालिक भी हैं. - India । Edited by: मुकेश सिंह सेंगर ।शनिवार अक्टूबर नौ, दो हज़ार इक्कीस दस:बारह PM ISTइस मामले में कॉल सेंटर चलाने वाले पंद्रह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नौ महिलाएं हैं. ये लोग लोन देने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे. - Crime । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर ।शनिवार अक्टूबर नौ, दो हज़ार इक्कीस नौ:बावन PM ISTदक्षिण पूर्व जिले के साइबर सेल के स्टाफ ने एक "फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर" का भंडाफोड़ किया है और चार लोगों मोहम्मद मुकर्रम हुसैन, अर्जुन सिंह सैनी, गगन भाटिया और शादाब अहमद उर्फ शादाब मलिक को गिरफ्तार किया है. ये सभी एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे. दक्षिणी पूर्वी दिल्ली की डीसीपी ईशा पांडे के मुताबिक छः अक्टूबर की रात शाहीन बाग इलाके में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी. पुलिस टीम ने सुबह करीब साढ़े चार बजे उस जगह पर छापा मारा और देखा कि चार लोग वहां मौजूद थे और विदेशियों से टेलीफोन पर बातचीत कर रहे थे. - India । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर ।सोमवार अगस्त तीस, दो हज़ार इक्कीस एक:अट्ठारह PM ISTरोहिणी जिले की साइबर सेल ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में ग्यारह लड़कियों समेत बारह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. - Crime । Reported by: मुकेश सिंह सेंगर ।रविवार जुलाई पच्चीस, दो हज़ार इक्कीस सात:अट्ठावन PM ISTपुलिस इन सभी आरोपियों से ये जानने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को इस तरह से ठगी का शिकार बनाया है.
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उपादान इसके उत्तर में कहता हैसूर सौम मणि अग्नि जो, करें अनेक प्रकाश । नैनशक्ति विन ना लखे, अन्धकार सम भास ।।२७।।
प्रर्थ - उपादानकारण कहता है । कि सूर्य, चन्द्र, रत्न, अग्नि, दीपक जो अनेक प्रकार का प्रकाश करते है, वह सव व्यर्थ है, वे अन्धकार के समान ही प्रतीत होते है । यदि नेत्रो मे देखने की ( उपादान) शक्ति न हो ।
उपादान का यह उत्तर ऊटपटाग है क्योकि "आखो से पदार्थों के देखने के लिए प्रकाश अनिवार्य निमित्तकारण है।" निमित्तकारण का यह पक्ष ज्यो का त्यो अक्षुण्ण बना हुआ है। उपादान का । उपर्युक्त उत्तर निमित्त की युक्ति को काट नही सका । अन्धा मनुष्य प्रकाश मे भी नहीं देख पाता, इसमे भी (द्रव्येन्द्रिय) नेत्र का खराब हो जाना निमित्तकारण है । अधे मनुष्य मे चक्षु इन्द्रियावरण के क्षयोपशम से देखने को उपादान शक्ति विद्यमान है किन्तु वह उपादान शक्ति स्वस्थ नेत्रो का निमित्त न मिलने से देखने का कार्य नहीं कर पाती । इम तरह उपादान का यह उत्तर निमित्त की उपयोगिता या सार्थकता को पुष्ट करता है । पदार्थों को देखने मे प्रकाश निमित्त कारण हे, न देस सकने मे पौद्गलिक नेत्रो की खराबी प्रतिबन्धक रूप निमित्तकारण है ।
निमित्तकारण फिर एक अन्य युक्ति रखता है
निमित कहै फिर जीव को, मो बिन जगके माहि । सबै हमारे वा परे, हम विन मुक्ति न जाहि ॥ २८ ॥ यानी - इस ससार मे ऐसा कौन जीव है जो मेरे विना हो समस्त जीव मेरे वश मे है। मेरे विना कोई जीव मुक्त नही होता निमित्त का यह कहना भी युक्तियुक्त यथार्थ है क्योकि द्रव्य
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उपादान इसके उत्तर में कहता हैसूर सौम मणि अग्नि जो, करें अनेक प्रकाश । नैनशक्ति विन ना लखे, अन्धकार सम भास ।।सत्ताईस।। प्रर्थ - उपादानकारण कहता है । कि सूर्य, चन्द्र, रत्न, अग्नि, दीपक जो अनेक प्रकार का प्रकाश करते है, वह सव व्यर्थ है, वे अन्धकार के समान ही प्रतीत होते है । यदि नेत्रो मे देखने की शक्ति न हो । उपादान का यह उत्तर ऊटपटाग है क्योकि "आखो से पदार्थों के देखने के लिए प्रकाश अनिवार्य निमित्तकारण है।" निमित्तकारण का यह पक्ष ज्यो का त्यो अक्षुण्ण बना हुआ है। उपादान का । उपर्युक्त उत्तर निमित्त की युक्ति को काट नही सका । अन्धा मनुष्य प्रकाश मे भी नहीं देख पाता, इसमे भी नेत्र का खराब हो जाना निमित्तकारण है । अधे मनुष्य मे चक्षु इन्द्रियावरण के क्षयोपशम से देखने को उपादान शक्ति विद्यमान है किन्तु वह उपादान शक्ति स्वस्थ नेत्रो का निमित्त न मिलने से देखने का कार्य नहीं कर पाती । इम तरह उपादान का यह उत्तर निमित्त की उपयोगिता या सार्थकता को पुष्ट करता है । पदार्थों को देखने मे प्रकाश निमित्त कारण हे, न देस सकने मे पौद्गलिक नेत्रो की खराबी प्रतिबन्धक रूप निमित्तकारण है । निमित्तकारण फिर एक अन्य युक्ति रखता है निमित कहै फिर जीव को, मो बिन जगके माहि । सबै हमारे वा परे, हम विन मुक्ति न जाहि ॥ अट्ठाईस ॥ यानी - इस ससार मे ऐसा कौन जीव है जो मेरे विना हो समस्त जीव मेरे वश मे है। मेरे विना कोई जीव मुक्त नही होता निमित्त का यह कहना भी युक्तियुक्त यथार्थ है क्योकि द्रव्य
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गृहस्थ नायिकाए
विकास हुआ है, वह इस युग के उपन्यास शिला की दृष्टि से भी एक अभूतपूर्व वात थी । भाग्यवती काशी नगरवासी पंडित उमादत्त जी की पुत्री थी । जब वह बड़ी हों जाती है और उसके विवाह का प्रश्न उठता है तो पंडित जी कहते हैं, "स्त्रियों को इस बात की बुद्धि नहीं कि छोटी अवस्था में पुत्र का विवाह करना श्रेष्ठ नहीं होता । सुनो, विवाह उस समय करना चाहिए कि जब वालक आप ही स्त्री का भूखा हो । जिसकी छोटी अवस्था में विवाह हो जाये उसका स्त्री में अत्यन्त प्रेम कभी नहीं होता।"" भाग्यवती बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की थी । अपने भाई का विवाह हो जाने से उसकी भाभी घर का सारा काम संभाल लेती है और उसे पढ़ने का यथेष्ट अवसर मिलता है। उसने प्रात्म चिकित्सा के साथ ही कुछ साहित्य शास्त्र पढ़ना भी प्रारम्भ किया। जिससे छन्द प्रवन्ध रचने की सामर्थ्य हो जाती हैं। थोड़े ही दिनों में उसे नायिका भेद और अलंकारों का ज्ञान हो गया तो कविता भी करने लग गई। भाग्यवती का विवाह मनोहरलाल से हो जाता है। लिखने-पढ़ने, सोने-पिरोने, व्यजन वनाने आदि सभी नारी के आदर्श गुरगों में वह सम्पन्न थी औौर शीघ्र ही सुसराल में पास-पड़ोस वाली महिलाओं तक की वह श्रद्धा को पात्री बन जाती है । उसमें मितव्ययता की भावना है, गृहस्थ जीवन की पारिवारिक कुशलता है । पर धीरे-धीरे सुसराल में उसकी स्थिति विगड़ जाती है और उसे अलग कर दिया जाता है । वह पति- परित्यक्ता नारी बन जाती है। उस समय उसके पांस जल पीने के लिए भी कोई बर्तन नहीं था, केवल लोहे का एक तसला अपनी पड़ोसिन के यहाँ से माँग लातो है । वह सोचने लगी, 'चुपचाप बैठने से निर्वाह नहीं होगा, कुछ उद्यम प्रौर यत्न करना मनुष्य का धर्म है ।" वह अनेक प्रकार के कार्य और उद्यम करती है, जिससे २ उसका जीवन पुनः सुखी होता है। उसका परिवार पुनः साथ होता है और उसे एक पुत्री भी उत्पन्न होती है। भाग्यवती में, जैसा कि ऊपर ही स्पष्ट किया जा चुका है, कर्मठता है, क्रियाशीलता है । वह सदैव ही सक्रिय जीवन में विश्वास रखती है । जीवन को निष्क्रियता के प्रति उसको अनास्था है। हिन्दी उपन्यास जगत की वह पहली ऐसी नायिका है, जो आर्थिक रूप से स्वावलम्विनी बनने का प्रयत्न करती है । लगभग चालीस वर्षों के बाद जिस आर्थिक समस्या की ओर जैनेन्द्रकुमार तथा इलाचन्द्र जोशी आदि उपन्यासकारों ने चित्ररण कर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयत्न किया, उसकी यथार्थता श्रद्धाराम फिल्लौरी ने सन् १८७७ ई० ( भाग्यवती लिखा सन् १८७७ में लिखा गया था पर प्रकाशित १८८७ ई० हुआ) में ही समझ लिया था । उन्होंने यद्यपि परोक्ष रूपसे इसे कहीं प्रचारवादी ढंग से उपन्यास में प्रचारित नहीं किया है, पर भाग्यवती के चरित्र मे नारी की विवशता को वह मूल समस्या निहित है, जो उसकी आर्थिक परतन्त्रता से सम्बन्धित है और जिसके काररण, भाग्यवती ही नहीं,
श्रद्धाराम फिल्लौरी : भाग्यवती (१८८७३०); काशी, पृ०. ६ । २. श्रद्धाराम फिल्लौरो : भाग्यवती ( १८८७ ई० ); काशी, पृ०५५
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गृहस्थ नायिकाए विकास हुआ है, वह इस युग के उपन्यास शिला की दृष्टि से भी एक अभूतपूर्व वात थी । भाग्यवती काशी नगरवासी पंडित उमादत्त जी की पुत्री थी । जब वह बड़ी हों जाती है और उसके विवाह का प्रश्न उठता है तो पंडित जी कहते हैं, "स्त्रियों को इस बात की बुद्धि नहीं कि छोटी अवस्था में पुत्र का विवाह करना श्रेष्ठ नहीं होता । सुनो, विवाह उस समय करना चाहिए कि जब वालक आप ही स्त्री का भूखा हो । जिसकी छोटी अवस्था में विवाह हो जाये उसका स्त्री में अत्यन्त प्रेम कभी नहीं होता।"" भाग्यवती बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की थी । अपने भाई का विवाह हो जाने से उसकी भाभी घर का सारा काम संभाल लेती है और उसे पढ़ने का यथेष्ट अवसर मिलता है। उसने प्रात्म चिकित्सा के साथ ही कुछ साहित्य शास्त्र पढ़ना भी प्रारम्भ किया। जिससे छन्द प्रवन्ध रचने की सामर्थ्य हो जाती हैं। थोड़े ही दिनों में उसे नायिका भेद और अलंकारों का ज्ञान हो गया तो कविता भी करने लग गई। भाग्यवती का विवाह मनोहरलाल से हो जाता है। लिखने-पढ़ने, सोने-पिरोने, व्यजन वनाने आदि सभी नारी के आदर्श गुरगों में वह सम्पन्न थी औौर शीघ्र ही सुसराल में पास-पड़ोस वाली महिलाओं तक की वह श्रद्धा को पात्री बन जाती है । उसमें मितव्ययता की भावना है, गृहस्थ जीवन की पारिवारिक कुशलता है । पर धीरे-धीरे सुसराल में उसकी स्थिति विगड़ जाती है और उसे अलग कर दिया जाता है । वह पति- परित्यक्ता नारी बन जाती है। उस समय उसके पांस जल पीने के लिए भी कोई बर्तन नहीं था, केवल लोहे का एक तसला अपनी पड़ोसिन के यहाँ से माँग लातो है । वह सोचने लगी, 'चुपचाप बैठने से निर्वाह नहीं होगा, कुछ उद्यम प्रौर यत्न करना मनुष्य का धर्म है ।" वह अनेक प्रकार के कार्य और उद्यम करती है, जिससे दो उसका जीवन पुनः सुखी होता है। उसका परिवार पुनः साथ होता है और उसे एक पुत्री भी उत्पन्न होती है। भाग्यवती में, जैसा कि ऊपर ही स्पष्ट किया जा चुका है, कर्मठता है, क्रियाशीलता है । वह सदैव ही सक्रिय जीवन में विश्वास रखती है । जीवन को निष्क्रियता के प्रति उसको अनास्था है। हिन्दी उपन्यास जगत की वह पहली ऐसी नायिका है, जो आर्थिक रूप से स्वावलम्विनी बनने का प्रयत्न करती है । लगभग चालीस वर्षों के बाद जिस आर्थिक समस्या की ओर जैनेन्द्रकुमार तथा इलाचन्द्र जोशी आदि उपन्यासकारों ने चित्ररण कर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयत्न किया, उसकी यथार्थता श्रद्धाराम फिल्लौरी ने सन् एक हज़ार आठ सौ सतहत्तर ईशून्य में ही समझ लिया था । उन्होंने यद्यपि परोक्ष रूपसे इसे कहीं प्रचारवादी ढंग से उपन्यास में प्रचारित नहीं किया है, पर भाग्यवती के चरित्र मे नारी की विवशता को वह मूल समस्या निहित है, जो उसकी आर्थिक परतन्त्रता से सम्बन्धित है और जिसके काररण, भाग्यवती ही नहीं, श्रद्धाराम फिल्लौरी : भाग्यवती ; काशी, पृशून्य. छः । दो. श्रद्धाराम फिल्लौरो : भाग्यवती ; काशी, पृपचपन
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संयुक्त राज्य अमेरिका का न्याय विभाग कथित तौर पर एक बार अग्रणी एल्गो-स्थिर मुद्रा - टेरायूएसडी (यूएसटी) के पतन की जांच कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) और न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले (एसडीएनवाई) ने यूएसटी के पतन की जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने एल्गो-स्थिर मुद्रा के पीछे कंपनी टेराफॉर्म लैब्स के पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ की है। इसके अतिरिक्त, एजेंसियां इस मामले से जुड़े और लोगों से पूछताछ करने पर काम कर रही हैं प्रतिवेदन कहा। यह जांच संभवतः टेराफॉर्म लैब्स के संस्थापक - डू क्वोन के खिलाफ एक आपराधिक मामला खोल सकती है।
विशेष रूप से, यह विकास यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) के लगभग एक महीने बाद आया है। एक मुकदमा दायर किया डू क्वोन और टेराफॉर्म लैब्स के खिलाफ। आरोपों में आरोप लगाया गया कि क्वोन और उनकी फर्म ने प्रतिभूति धोखाधड़ी की है और निवेशकों को धोखा देने के लिए एक योजना में लगे हुए हैं। मुकदमे में दावा किया गया कि स्थिर मुद्रा - UST और LUNA प्रतिभूतियाँ थीं। न्याय विभाग की जांच एसईसी की तरह ही है, हालांकि, क्वोन और फर्म के खिलाफ दर्ज किए जाने वाले आरोप अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।
इसके अलावा, WSJ के अनुसार, FBI और SDNY कथित तौर पर चाई भुगतान से संबंधित मामलों की जांच कर रहे हैं। टेराफॉर्म लैब्स ने झूठा दावा किया था कि 'चाय' - एक दक्षिण कोरियाई मोबाइल भुगतान एप्लिकेशन ने वाणिज्यिक भुगतानों को संसाधित करने के लिए टेराफॉर्म के ब्लॉकचेन का इस्तेमाल किया, एसईसी शुल्क के अनुसार। इसके अलावा, फर्म ने कथित तौर पर लेन-देन को दोहराया ताकि ऐसा लगे कि भुगतान के लिए ब्लॉकचेन का उपयोग किया गया था।
इसके बाद, अमेरिकी अभियोजक हैं जांच जंप ट्रेडिंग - एक मालिकाना ट्रेडिंग फर्म, जेन स्ट्रीट ग्रुप - एक मात्रात्मक ट्रेडिंग फर्म, और अल्मेडा रिसर्च - एफटीएक्स की निवेश शाखा की बातचीत। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन फर्मों की टेलीग्राम चैट की कथित तौर पर बाजार में हेरफेर के संबंध में जांच की जा रही है।
इसके अलावा, अधिकारी विफल स्थिर मुद्रा के संभावित खैरात से संबंधित बातचीत के बारे में भी जानकारी मांग रहे हैं। विशेष रूप से, अभियोजकों ने इस संबंध में किसी व्यक्ति को आरोपित नहीं किया है और जांच बिना किसी आरोप के समाप्त हो सकती है।
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संयुक्त राज्य अमेरिका का न्याय विभाग कथित तौर पर एक बार अग्रणी एल्गो-स्थिर मुद्रा - टेरायूएसडी के पतन की जांच कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय जांच ब्यूरो और न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले ने यूएसटी के पतन की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने एल्गो-स्थिर मुद्रा के पीछे कंपनी टेराफॉर्म लैब्स के पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ की है। इसके अतिरिक्त, एजेंसियां इस मामले से जुड़े और लोगों से पूछताछ करने पर काम कर रही हैं प्रतिवेदन कहा। यह जांच संभवतः टेराफॉर्म लैब्स के संस्थापक - डू क्वोन के खिलाफ एक आपराधिक मामला खोल सकती है। विशेष रूप से, यह विकास यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के लगभग एक महीने बाद आया है। एक मुकदमा दायर किया डू क्वोन और टेराफॉर्म लैब्स के खिलाफ। आरोपों में आरोप लगाया गया कि क्वोन और उनकी फर्म ने प्रतिभूति धोखाधड़ी की है और निवेशकों को धोखा देने के लिए एक योजना में लगे हुए हैं। मुकदमे में दावा किया गया कि स्थिर मुद्रा - UST और LUNA प्रतिभूतियाँ थीं। न्याय विभाग की जांच एसईसी की तरह ही है, हालांकि, क्वोन और फर्म के खिलाफ दर्ज किए जाने वाले आरोप अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। इसके अलावा, WSJ के अनुसार, FBI और SDNY कथित तौर पर चाई भुगतान से संबंधित मामलों की जांच कर रहे हैं। टेराफॉर्म लैब्स ने झूठा दावा किया था कि 'चाय' - एक दक्षिण कोरियाई मोबाइल भुगतान एप्लिकेशन ने वाणिज्यिक भुगतानों को संसाधित करने के लिए टेराफॉर्म के ब्लॉकचेन का इस्तेमाल किया, एसईसी शुल्क के अनुसार। इसके अलावा, फर्म ने कथित तौर पर लेन-देन को दोहराया ताकि ऐसा लगे कि भुगतान के लिए ब्लॉकचेन का उपयोग किया गया था। इसके बाद, अमेरिकी अभियोजक हैं जांच जंप ट्रेडिंग - एक मालिकाना ट्रेडिंग फर्म, जेन स्ट्रीट ग्रुप - एक मात्रात्मक ट्रेडिंग फर्म, और अल्मेडा रिसर्च - एफटीएक्स की निवेश शाखा की बातचीत। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन फर्मों की टेलीग्राम चैट की कथित तौर पर बाजार में हेरफेर के संबंध में जांच की जा रही है। इसके अलावा, अधिकारी विफल स्थिर मुद्रा के संभावित खैरात से संबंधित बातचीत के बारे में भी जानकारी मांग रहे हैं। विशेष रूप से, अभियोजकों ने इस संबंध में किसी व्यक्ति को आरोपित नहीं किया है और जांच बिना किसी आरोप के समाप्त हो सकती है।
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नोएडा, 17 मार्च उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने निर्माणाधीन नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दूसरे चरण के लिए जेवर में 1,365 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक मंत्रिमंडल ने जमीन अधिग्रहण और ग्रीनफील्ड परियोजना के विस्तार से प्रभावित होने वाले लोगों के पुनर्वास लिए के लिए 2,890 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी।
यह निर्णय लखनऊ में मंगलवार शाम को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे से वाणिज्यिक परिचालन दिसंबर 2023 या जनवरी 2024 तक शुरू होने की उम्मीद है।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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नोएडा, सत्रह मार्च उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने निर्माणाधीन नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दूसरे चरण के लिए जेवर में एक,तीन सौ पैंसठ हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक मंत्रिमंडल ने जमीन अधिग्रहण और ग्रीनफील्ड परियोजना के विस्तार से प्रभावित होने वाले लोगों के पुनर्वास लिए के लिए दो,आठ सौ नब्बे करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी। यह निर्णय लखनऊ में मंगलवार शाम को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे से वाणिज्यिक परिचालन दिसंबर दो हज़ार तेईस या जनवरी दो हज़ार चौबीस तक शुरू होने की उम्मीद है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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निर्मूल होकर यह वृक्ष फिर नहीं पनपता ॥११।।
इस लोक के कर्म का मूल शरीर ही पूर्वजन्म के कर्म का विस्ताररूप भी होता है, इस दूसरे प्रश्न का भी शरीर का ही कर्मवृक्षरूप से वर्णन करके समाधान देते हैं।
हे ब्रह्मन्, संसाररूपी जंगल में रोपा गया यह शरीर ही कर्मवृक्षरूप से उत्पन्न है । यह कर्मरूपी वृक्ष विचित्र हाथ, पैर आदि अंगरूपी शाखाओं से विराजमान है ।।१२।। सुखदुःखरूपी नानाविध फलों की पंक्तियों से समन्वित इस वृक्ष का पूर्व जन्म में किया गया भला या बुरा कर्म ही बीज है । क्षणिक तरुण अवस्था से यह कमनीय दिखाई देता है और वृद्धावस्थारूपी फूलों से हँसता है ॥१३॥ प्रत्येक क्षण में कालरूपी उग्र बन्दर हर्ष, विषाद, रोग, जरा आदि विकार की चेष्टाओं के द्वारा इसकी आकृति को नष्ट करता है । निद्रारूपी हेमन्त ऋतु के जठर में इसके स्वप्नरूपी पत्तों के निर्गम संकुचित हुए रहते हैं ।।१४।। अपनी वृद्धावस्थारूपी शिशिर ऋतु के अन्त में इसके चेष्टारूप पत्तों के समूह शान्त और शीर्ण हो जाते हैं । जगत्-रूपी जंगल में उत्पन्न हुए इस वृक्ष के समीप में स्त्री, पुत्र आदि पोष्यवर्गरूपी बहुत से तृण पैदा हुए हैं ।।१५।। हाथों और पैरों के पिछले हिस्से तथा ओष्ठ, कान और जीभ - आदि इसके लाल-लाल कोमल पल्लवरूप अवयव हैं और हाथों एवं पैरों के तलवे कुछ कठोर होने से कम लालिमा लिये हुए इसके कुछ गोल तथा सुन्दर रेखाओं से युक्त चंचल पत्ते हैं ।।१६।। भीतर में स्थित नाड़ियों तथा हड्डियों से लिप्त होने के कारण सुन्दर, कोमल और चिकनी मूर्ति लाल अंगुलियाँ ही इसके वायु से कम्पित हो रहे बाल पल्लव हैं ।।१७।। काटने पर भी पुनः पुनः उत्पन्न होनेवाली कोमल, चिकनी, तीक्ष्ण अग्रभागों से युक्त दूज की चन्द्रकला के आकारवाली इसकी नख पंक्तियाँ ही गोल-गोल कलियाँ है ॥१८॥ इस तरह देह वृक्षरूप से उत्पन्न हुए पूर्व जन्म के कर्म की कर्मेन्द्रियाँ ही मूल है । (इनमें वृक्षमूल के धर्म दिखलाते हैं ) इनमें जो छिद्रों से युक्त हैं, वे तो आसंग-कामादिरूपी साँपों से हँसे गये हैं और जो बिना छिद्रों के हैं उनमें भी बड़ी-बड़ी गाँठें पड़ गई हैं ।।१९।।
हे भगवान्, दृढ़ हड्डियों की गाँठों से बँधी, नाड़ियों में भरे गये अन्नरसों में डूबी हुई, वासनारूपी रस को पी जानेवाली तथा अपने रक्तरूप रस से परिपूर्ण; एड़ी के ऊपर की गाँठ से युक्त, दृढ़ अंगोंवाली, सुन्दर त्वचाओं से समन्वित और चिकनी उन कर्मेन्द्रियों के भी मूल आप ज्ञानेन्द्रियों को जानिये ॥२०, २१॥ ज्ञानेन्द्रियाँ देह से बाहर बहुत दूर विषय प्रदेशों में जाकर भी विषयों को पकड़ लेने में अत्यन्त समर्थ हैं, नेत्रगोलक आदि पांच तरह के स्थानों में वे आश्रित हैं और अपने-अपने विषय-वासनारूपी कीचड़ में निमग्न अतएव वासनायुक्त हैं तथा उन्हें निगृहीत करना शक्य नहीं है - काबू के बाहर है ।।२२।। उन ज्ञानेन्द्रियों का भी महान् स्तम्भयुक्त मूल यह मन है, इसने तीनों लोक को व्याप्त कर रक्खा है तथा यही अनन्त
सर्ग २]
रूपादि रसद्रवों को पांच ज्ञानेन्द्रियों के स्रोतरूपी नाड़ियों के द्वारा खींचकर उनका उपभोग कर लेने के बाद फिर उन्हें फेंक देता है ।।२३।।
हे भगवान्, उस मन का मूल तत्त्वज्ञानी लोग चेत्य (विषय) की ओर उन्मुख हुए चिदात्मक जीव को (चिदाभास को) कहते हैं। चेत्यांश का मूल अविद्याशबल (मायाशबल) चिति है। उस चिदाभासरूप चिति का भी मूल बिम्बभूत ब्रह्म है, जो सब मूलों का एक कारण है । हे ब्रह्मन्, चूँकि वह अशब्द, अनन्त, शुद्ध और सत्यस्वरूप है, इसलिए उस ब्रह्म का कोई दूसरा मूल नहीं है ॥२४, २५॥
हे महर्षे, इस तरह सम्पूर्ण कर्मों का मूल विषयों की ओर उन्मुख हुई चिति ही है। वह अहंकारादि के साथ तादात्म्यापन्न होकर 'मैं ही सब कुछ करती हूँ' यों कर्ता के स्वरूप की भावना करके क्रियात्मक स्पन्द बनकर उसके फल के लिए प्रवृत्त होती है ।।२६।। हे मुने, सब कर्मों का आदि बीज यह जीव चेतन ही है, क्योंकि उसके रहने पर ही यह बड़ी-बड़ी टहनियोंवाला शरीररूपी सेमल का वृक्ष पैदा होता है ।।२७।। यह जीवचैतन्य जिस समय अहंकार आदि से युक्त 'मैं ही चेतन कर्ता हूँ' इस तरह की उद्बुद्ध हुई शब्दार्थभावना से समन्वित होता है उसी समय कर्मों की बीजता को प्राप्त होता है, अन्यथा यह अपने सत् परम पदरूप से ही स्थित रहता है ॥२८॥
यह जीवचेतन जब चेतनशब्दार्थ की भावना से यानी चैतन्यात्मक 'मैं ही सब कुछ करता इस तरह की भावना से वेष्टित होता है तब कर्मों की बीजता को प्राप्त होता है, अन्यथा अपने परम सद्रूप पद से स्थित रहता है ॥२९॥
उक्त अर्थ की प्रामाणिकता की सिद्धि के लिए गुरुवाक्य को ही प्रमाणरूप से उपस्थित करते हुए श्रीरामचन्द्रजी अब उपसंहार करते हैं।
इसलिए हे मुनीश्वर, अपने शरीर आदि में अहंरूपता के आकार की भावना ही इस संसार में सब कर्मों की कारण है । यह जो मैंने कर्मों का मूल आपसे कहा है, सो आपने ही पहले मुझसे कहा था, अतः आपके वचन का अवलम्बन करके ही मैंने यह सब आपसे कहा है ।।३०।।
हे श्रीरामजी, यह जो आपने कर्मों का मूल मुझे सुनाया है, इसका त्याग चुपचाप बैठे रहने या देह का त्याग कर देने से नहीं हो सकता है और न तो कर्मों की निवृत्ति ही आपके द्वारा दिखलाये गये मार्ग से हो सकती है, इस अभिप्राय से महाराज वसिष्ठजी कहते हैं ।
महाराज वसिष्ठजी ने कहा : हे राघव, जब तक देहरूप उपाधि उपस्थित है तब तक वेदनात्मक इस सूक्ष्म कर्म का क्या त्याग और क्या अनुष्ठान हो सकता है ? ॥३१॥
देह के विद्यमान रहते बाह्य और आभ्यन्तर दृश्यों के अध्यास को दूर करना अत्यन्त ही कठिन है, यह कहते हैं।
देह रहते बाह्य और आभ्यन्तर जिस-जिस की यह जीवचेतन भावना करता है उसी रूप
का यह शीघ्र हो जाता है, चाहे वह सत्याकार हो या विभ्रम से भरा हुआ बिलकुल असत्य ही क्यों न हो ? ।।३२।। यदि भावना नहीं करता, तो यह अच्छी तरह इस संसार के भ्रम से मुक्त हो जाता है । वह भ्रम सत्य हो या असत्य इस विचार से क्या प्रयोजन है ? ।।३३।। यह जीवचेतन ही वासना, इच्छा, मन, कर्म, संकल्प आदि नामवाले औपाधिक उत्पन्न भ्रमों से अपने अन्दर संसाररूप से विकसित होता है ॥ ३४॥
तब तो प्रतिबिम्ब की हेतु चित्तरूप उपाधि का ही प्रबोध से निरास करना चाहिए, इस शंका पर कहते हैं।
देहरूपी घर के भीतर स्थित प्रबुद्ध हुए या अप्रबुद्ध हुए इस जीव का देहपर्यन्त चित्त रहेगा ही, उसका त्याग हो नहीं सकता ।।३५।। जीवन धारण कर रहे प्राणियों के चित्त का भला कैसे त्याग हो सकता है । इसलिए चुपचाप बैठे रहने या देह के त्याग से सब कर्मों का कभी त्याग नहीं हो सकता, किन्तु यथा प्राप्त सब व्यवहारों को करते समय भी 'असंग, अद्वितीय, कूटस्थ चिन्मात्रस्वरूप मैं कुछ भी नहीं करता', इस निष्क्रिय आत्मस्वभाव की स्थिति से कर्मशब्दार्थ की भावना के उत्पन्न न होने पर यत्न के बिना भी कर्म और अकर्मरूपता का विकल्प छूट जाने से यह कर्म-त्याग स्वयं ही हो जाता है ॥३६॥
इससे भिन्न किसी दूसरे मार्ग से कर्म का त्याग अत्यन्त कठिन है, यह कहते हैं ।
इससे अन्य दूसरे कर्म त्याग का संभव न होने पर जो केवल अपने शरीर से कर्तव्यता त्यागरूप (शास्त्रविहित या लौकिक कर्मों को छोड़कर चुपचाप बैठनारूप त्याग) करता है, उसके द्वारा यह कुछ भी नहीं किया गया समझना चाहिए ॥३७॥ बोध होने के बाद दृश्य-प्रतिभास का स्वयमेव लय होने से जो जगत् का अत्यन्तअभाव होता है उसी को असंग त्याग और मोक्ष भी कहते हैं ॥३८॥
बोध से तो वेद्य का ही बाध होता है, वेदन का नहीं, फिर उसका बाध कैसे कहते हैं, यदि यह कोई आशंका करे, तो उस पर कहते हैं ।
वेद्य (विषयों) के रहने पर ही वेदन होता है । किन्तु यदि सृष्टि के आदि में ही वेद्यदृष्टि उत्पन्न नहीं हुई, तो फिर वह वर्तमानकाल में तो है ही नहीं। इसलिए क्या और कहाँ वेदन है (m) ? ॥३९॥ चिदाभासतारूप वेद्योन्मुखता का परित्याग कर जो वेदन का शुद्ध चिदात्मकरूप अवशिष्ट रहता है वह द्वैतवेदन नहीं है, क्योंकि वह कर्म-क्रिया नहीं है, जिससे कि 'विद्' धातु से भाव में 'ल्युट्' प्रत्यय करने पर जो 'विद्' धातु का अर्थ होता है वह हो । किन्तु वह शांत ब्रह्म ही है, ऐसा तत्त्वज्ञानी लोग कहते हैं ।।४०।। चिदाभासात्मक जो चेतन है वह तो कर्मक्रियारूप ही कहा गया है, क्योंकि बुद्धि आदि व्यापार द्वारा जल आदि में प्रतिबिम्बित आकाश
(II) तत्त्वज्ञानियों की दृष्टि में वेद्यदृष्टि (विषयदृष्टि) न तो उत्पन्न हुई है और न विद्यमान ही है, क्योंकि उपाधि का बाध होने पर चिदाभास की अलग स्थिति नहीं रहती, यह भाव है ।
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निर्मूल होकर यह वृक्ष फिर नहीं पनपता ॥ग्यारह।। इस लोक के कर्म का मूल शरीर ही पूर्वजन्म के कर्म का विस्ताररूप भी होता है, इस दूसरे प्रश्न का भी शरीर का ही कर्मवृक्षरूप से वर्णन करके समाधान देते हैं। हे ब्रह्मन्, संसाररूपी जंगल में रोपा गया यह शरीर ही कर्मवृक्षरूप से उत्पन्न है । यह कर्मरूपी वृक्ष विचित्र हाथ, पैर आदि अंगरूपी शाखाओं से विराजमान है ।।बारह।। सुखदुःखरूपी नानाविध फलों की पंक्तियों से समन्वित इस वृक्ष का पूर्व जन्म में किया गया भला या बुरा कर्म ही बीज है । क्षणिक तरुण अवस्था से यह कमनीय दिखाई देता है और वृद्धावस्थारूपी फूलों से हँसता है ॥तेरह॥ प्रत्येक क्षण में कालरूपी उग्र बन्दर हर्ष, विषाद, रोग, जरा आदि विकार की चेष्टाओं के द्वारा इसकी आकृति को नष्ट करता है । निद्रारूपी हेमन्त ऋतु के जठर में इसके स्वप्नरूपी पत्तों के निर्गम संकुचित हुए रहते हैं ।।चौदह।। अपनी वृद्धावस्थारूपी शिशिर ऋतु के अन्त में इसके चेष्टारूप पत्तों के समूह शान्त और शीर्ण हो जाते हैं । जगत्-रूपी जंगल में उत्पन्न हुए इस वृक्ष के समीप में स्त्री, पुत्र आदि पोष्यवर्गरूपी बहुत से तृण पैदा हुए हैं ।।पंद्रह।। हाथों और पैरों के पिछले हिस्से तथा ओष्ठ, कान और जीभ - आदि इसके लाल-लाल कोमल पल्लवरूप अवयव हैं और हाथों एवं पैरों के तलवे कुछ कठोर होने से कम लालिमा लिये हुए इसके कुछ गोल तथा सुन्दर रेखाओं से युक्त चंचल पत्ते हैं ।।सोलह।। भीतर में स्थित नाड़ियों तथा हड्डियों से लिप्त होने के कारण सुन्दर, कोमल और चिकनी मूर्ति लाल अंगुलियाँ ही इसके वायु से कम्पित हो रहे बाल पल्लव हैं ।।सत्रह।। काटने पर भी पुनः पुनः उत्पन्न होनेवाली कोमल, चिकनी, तीक्ष्ण अग्रभागों से युक्त दूज की चन्द्रकला के आकारवाली इसकी नख पंक्तियाँ ही गोल-गोल कलियाँ है ॥अट्ठारह॥ इस तरह देह वृक्षरूप से उत्पन्न हुए पूर्व जन्म के कर्म की कर्मेन्द्रियाँ ही मूल है । इनमें जो छिद्रों से युक्त हैं, वे तो आसंग-कामादिरूपी साँपों से हँसे गये हैं और जो बिना छिद्रों के हैं उनमें भी बड़ी-बड़ी गाँठें पड़ गई हैं ।।उन्नीस।। हे भगवान्, दृढ़ हड्डियों की गाँठों से बँधी, नाड़ियों में भरे गये अन्नरसों में डूबी हुई, वासनारूपी रस को पी जानेवाली तथा अपने रक्तरूप रस से परिपूर्ण; एड़ी के ऊपर की गाँठ से युक्त, दृढ़ अंगोंवाली, सुन्दर त्वचाओं से समन्वित और चिकनी उन कर्मेन्द्रियों के भी मूल आप ज्ञानेन्द्रियों को जानिये ॥बीस, इक्कीस॥ ज्ञानेन्द्रियाँ देह से बाहर बहुत दूर विषय प्रदेशों में जाकर भी विषयों को पकड़ लेने में अत्यन्त समर्थ हैं, नेत्रगोलक आदि पांच तरह के स्थानों में वे आश्रित हैं और अपने-अपने विषय-वासनारूपी कीचड़ में निमग्न अतएव वासनायुक्त हैं तथा उन्हें निगृहीत करना शक्य नहीं है - काबू के बाहर है ।।बाईस।। उन ज्ञानेन्द्रियों का भी महान् स्तम्भयुक्त मूल यह मन है, इसने तीनों लोक को व्याप्त कर रक्खा है तथा यही अनन्त सर्ग दो] रूपादि रसद्रवों को पांच ज्ञानेन्द्रियों के स्रोतरूपी नाड़ियों के द्वारा खींचकर उनका उपभोग कर लेने के बाद फिर उन्हें फेंक देता है ।।तेईस।। हे भगवान्, उस मन का मूल तत्त्वज्ञानी लोग चेत्य की ओर उन्मुख हुए चिदात्मक जीव को कहते हैं। चेत्यांश का मूल अविद्याशबल चिति है। उस चिदाभासरूप चिति का भी मूल बिम्बभूत ब्रह्म है, जो सब मूलों का एक कारण है । हे ब्रह्मन्, चूँकि वह अशब्द, अनन्त, शुद्ध और सत्यस्वरूप है, इसलिए उस ब्रह्म का कोई दूसरा मूल नहीं है ॥चौबीस, पच्चीस॥ हे महर्षे, इस तरह सम्पूर्ण कर्मों का मूल विषयों की ओर उन्मुख हुई चिति ही है। वह अहंकारादि के साथ तादात्म्यापन्न होकर 'मैं ही सब कुछ करती हूँ' यों कर्ता के स्वरूप की भावना करके क्रियात्मक स्पन्द बनकर उसके फल के लिए प्रवृत्त होती है ।।छब्बीस।। हे मुने, सब कर्मों का आदि बीज यह जीव चेतन ही है, क्योंकि उसके रहने पर ही यह बड़ी-बड़ी टहनियोंवाला शरीररूपी सेमल का वृक्ष पैदा होता है ।।सत्ताईस।। यह जीवचैतन्य जिस समय अहंकार आदि से युक्त 'मैं ही चेतन कर्ता हूँ' इस तरह की उद्बुद्ध हुई शब्दार्थभावना से समन्वित होता है उसी समय कर्मों की बीजता को प्राप्त होता है, अन्यथा यह अपने सत् परम पदरूप से ही स्थित रहता है ॥अट्ठाईस॥ यह जीवचेतन जब चेतनशब्दार्थ की भावना से यानी चैतन्यात्मक 'मैं ही सब कुछ करता इस तरह की भावना से वेष्टित होता है तब कर्मों की बीजता को प्राप्त होता है, अन्यथा अपने परम सद्रूप पद से स्थित रहता है ॥उनतीस॥ उक्त अर्थ की प्रामाणिकता की सिद्धि के लिए गुरुवाक्य को ही प्रमाणरूप से उपस्थित करते हुए श्रीरामचन्द्रजी अब उपसंहार करते हैं। इसलिए हे मुनीश्वर, अपने शरीर आदि में अहंरूपता के आकार की भावना ही इस संसार में सब कर्मों की कारण है । यह जो मैंने कर्मों का मूल आपसे कहा है, सो आपने ही पहले मुझसे कहा था, अतः आपके वचन का अवलम्बन करके ही मैंने यह सब आपसे कहा है ।।तीस।। हे श्रीरामजी, यह जो आपने कर्मों का मूल मुझे सुनाया है, इसका त्याग चुपचाप बैठे रहने या देह का त्याग कर देने से नहीं हो सकता है और न तो कर्मों की निवृत्ति ही आपके द्वारा दिखलाये गये मार्ग से हो सकती है, इस अभिप्राय से महाराज वसिष्ठजी कहते हैं । महाराज वसिष्ठजी ने कहा : हे राघव, जब तक देहरूप उपाधि उपस्थित है तब तक वेदनात्मक इस सूक्ष्म कर्म का क्या त्याग और क्या अनुष्ठान हो सकता है ? ॥इकतीस॥ देह के विद्यमान रहते बाह्य और आभ्यन्तर दृश्यों के अध्यास को दूर करना अत्यन्त ही कठिन है, यह कहते हैं। देह रहते बाह्य और आभ्यन्तर जिस-जिस की यह जीवचेतन भावना करता है उसी रूप का यह शीघ्र हो जाता है, चाहे वह सत्याकार हो या विभ्रम से भरा हुआ बिलकुल असत्य ही क्यों न हो ? ।।बत्तीस।। यदि भावना नहीं करता, तो यह अच्छी तरह इस संसार के भ्रम से मुक्त हो जाता है । वह भ्रम सत्य हो या असत्य इस विचार से क्या प्रयोजन है ? ।।तैंतीस।। यह जीवचेतन ही वासना, इच्छा, मन, कर्म, संकल्प आदि नामवाले औपाधिक उत्पन्न भ्रमों से अपने अन्दर संसाररूप से विकसित होता है ॥ चौंतीस॥ तब तो प्रतिबिम्ब की हेतु चित्तरूप उपाधि का ही प्रबोध से निरास करना चाहिए, इस शंका पर कहते हैं। देहरूपी घर के भीतर स्थित प्रबुद्ध हुए या अप्रबुद्ध हुए इस जीव का देहपर्यन्त चित्त रहेगा ही, उसका त्याग हो नहीं सकता ।।पैंतीस।। जीवन धारण कर रहे प्राणियों के चित्त का भला कैसे त्याग हो सकता है । इसलिए चुपचाप बैठे रहने या देह के त्याग से सब कर्मों का कभी त्याग नहीं हो सकता, किन्तु यथा प्राप्त सब व्यवहारों को करते समय भी 'असंग, अद्वितीय, कूटस्थ चिन्मात्रस्वरूप मैं कुछ भी नहीं करता', इस निष्क्रिय आत्मस्वभाव की स्थिति से कर्मशब्दार्थ की भावना के उत्पन्न न होने पर यत्न के बिना भी कर्म और अकर्मरूपता का विकल्प छूट जाने से यह कर्म-त्याग स्वयं ही हो जाता है ॥छत्तीस॥ इससे भिन्न किसी दूसरे मार्ग से कर्म का त्याग अत्यन्त कठिन है, यह कहते हैं । इससे अन्य दूसरे कर्म त्याग का संभव न होने पर जो केवल अपने शरीर से कर्तव्यता त्यागरूप करता है, उसके द्वारा यह कुछ भी नहीं किया गया समझना चाहिए ॥सैंतीस॥ बोध होने के बाद दृश्य-प्रतिभास का स्वयमेव लय होने से जो जगत् का अत्यन्तअभाव होता है उसी को असंग त्याग और मोक्ष भी कहते हैं ॥अड़तीस॥ बोध से तो वेद्य का ही बाध होता है, वेदन का नहीं, फिर उसका बाध कैसे कहते हैं, यदि यह कोई आशंका करे, तो उस पर कहते हैं । वेद्य के रहने पर ही वेदन होता है । किन्तु यदि सृष्टि के आदि में ही वेद्यदृष्टि उत्पन्न नहीं हुई, तो फिर वह वर्तमानकाल में तो है ही नहीं। इसलिए क्या और कहाँ वेदन है ? ॥उनतालीस॥ चिदाभासतारूप वेद्योन्मुखता का परित्याग कर जो वेदन का शुद्ध चिदात्मकरूप अवशिष्ट रहता है वह द्वैतवेदन नहीं है, क्योंकि वह कर्म-क्रिया नहीं है, जिससे कि 'विद्' धातु से भाव में 'ल्युट्' प्रत्यय करने पर जो 'विद्' धातु का अर्थ होता है वह हो । किन्तु वह शांत ब्रह्म ही है, ऐसा तत्त्वज्ञानी लोग कहते हैं ।।चालीस।। चिदाभासात्मक जो चेतन है वह तो कर्मक्रियारूप ही कहा गया है, क्योंकि बुद्धि आदि व्यापार द्वारा जल आदि में प्रतिबिम्बित आकाश तत्त्वज्ञानियों की दृष्टि में वेद्यदृष्टि न तो उत्पन्न हुई है और न विद्यमान ही है, क्योंकि उपाधि का बाध होने पर चिदाभास की अलग स्थिति नहीं रहती, यह भाव है ।
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WTC Final: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 जून से 22 जून के बीच खेला जाना है। इस वक्त न्यूजीलैंड के ज्यादातर खिलाड़ी आईपीएल 2021 में हिस्सा लिए हुए हैं ऐसे में दोनों देशों के खिलाड़ियों की यह कोशिश होगी कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से पहले एक दूसरे की कमजोरी और ताकत भांप ली जाए।
इसी बात को लेकर काइल जैमीसन (Kyle Jamieson) के सा एक इंटरव्यू के दौरान क्रिस्चियन ने कहा, 'मैं काइल जैमीसन और विराट कोहली (Virat Kohli) नेट्स में अभ्यास कर रहे थे। विराट और जैमीसन लगातार टेस्ट मैचों के बारे में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान विराट कोहली ने जैमीसन से पूछा क्या आपने यहां ड्यूक बॉल से गेंदबाजी की है? जिसके जवाब में जैमीसन ने कहा कि मेरे पास कुछ ड्यूक बॉल मौजूद हैं।'
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WTC Final: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच अट्ठारह जून से बाईस जून के बीच खेला जाना है। इस वक्त न्यूजीलैंड के ज्यादातर खिलाड़ी आईपीएल दो हज़ार इक्कीस में हिस्सा लिए हुए हैं ऐसे में दोनों देशों के खिलाड़ियों की यह कोशिश होगी कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से पहले एक दूसरे की कमजोरी और ताकत भांप ली जाए। इसी बात को लेकर काइल जैमीसन के सा एक इंटरव्यू के दौरान क्रिस्चियन ने कहा, 'मैं काइल जैमीसन और विराट कोहली नेट्स में अभ्यास कर रहे थे। विराट और जैमीसन लगातार टेस्ट मैचों के बारे में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान विराट कोहली ने जैमीसन से पूछा क्या आपने यहां ड्यूक बॉल से गेंदबाजी की है? जिसके जवाब में जैमीसन ने कहा कि मेरे पास कुछ ड्यूक बॉल मौजूद हैं।'
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