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इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स पर सभी की नजरें रहेंगी। हालांकि वह पूरी तरह फिट नहीं हैं। इसके बावजूद आईपीएल 2023 में वह सीएसके के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने बेन स्टोक्स को 16. 25 करोड़ रुपये में खरीदा था। बेन स्टोक्स 43 आईपीएल मैच खेल चुके हैं। ऐसे में उनका अनुभव भी टीम के काफी काम आने वाला है।
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इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स पर सभी की नजरें रहेंगी। हालांकि वह पूरी तरह फिट नहीं हैं। इसके बावजूद आईपीएल दो हज़ार तेईस में वह सीएसके के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने बेन स्टोक्स को सोलह. पच्चीस करोड़ रुपये में खरीदा था। बेन स्टोक्स तैंतालीस आईपीएल मैच खेल चुके हैं। ऐसे में उनका अनुभव भी टीम के काफी काम आने वाला है।
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गोरखपुर (ब्यूरो)। फायर ब्रिगेड अधिकारी की मानें तो जब कॉम्प्लेक्स की ओपनिंग होती है, तब तो सबकुछ ठीक रहता है। जैसे ही वो कुछ पुराना होता है, वहां आग से निपटने के इंतजाम ही राख हो जाते हैं। फायर फाइटिंग इक्विपमेेंट रखरखाव के अभाव में खराब होने लगते हैं। जबकि ये बहुत बड़ी लापरवाही है और हजारों लोग जो शॉपिंग के लिए आते हैं, उनकी जान के साथ खिलवाड़ है। आग की घटनाओं को लेकर दैनिक जागरण आईनेक्स्ट रिपोर्टर ने कुछ शॉपिंग कॉम्पलेक्स का रियलिटी चेक किया तो कई खामियां सामने आईं।
रिपोर्टरः एक ही कॉम्प्लेक्स में दो बार लगातार आग लगी है, इसका क्या कारण है।
अधिकारीः गर्मी के दिनों में शॉर्ट सर्किट या एसी की वजह से आग लगती है। बलदेव प्लाजा में आग लगने के बाद वहां का मुआयना किया गया। कुछ कमियां मिली हैं। उसे ऑनर ने दूर करने के लिए कहा है।
रिपोर्टरः क्या सभी कॉम्प्लेक्स में आग से बचाव के इंतजाम पूरे हैं।
अधिकारीः मॉल और कई कॉम्प्लेक्स जो नए खुले हैं, वहां पर बंदोबस्त सही हैं। जबकि जो कॉम्प्लेक्स पुराने हो जाते हैं, वहां पर इंतजाम भी फेल होने लगता है। हम लोग उन्हें इसके लिए वॉर्निंग भी देते हैं।
रिपोर्टरः इस बार अप्रैल में कितनी आग लगने की कम्प्लेन आई हैं?
अधिकारीः अप्रैल में अभी तक आग लगने की 95 घटनाएं हुई हैं।
रिपोर्टरः अप्रैल में पिछली बार कितनी घटना हुई थीं?
अधिकारीः पिछले साल अप्रैल में 400 कम्प्लेन आई थीं।
15 दिन मेें बलदेव प्लाजा में दो बार आग लग चुकी है। बलदेव प्लाजा में मंगलवार को आग लगने के बाद पूरा कॉम्प्लेक्स धुएं से भर गया था। बुधवार को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट टीम बलदेव प्लाजा पहुंची। बलदेव प्लाजा में फायर इक्स्टिंग्विशर का पता ही नहीं है। जोकि एक कॉम्प्लेक्स में होना बेहद जरूरी है। यहां पर 400 दुकानें हैं, लेकिन आग से निपटने के लिए सिलेंडर कहीं-कहीं ही दिखे। उसमे भी कुछ खाली हो गए थे।
जीडीए टॉवर में आग से निपटने के इंतजाम काफी पुराने हो चुके हैं। वहां के दुकानदारों से ये पूछा गया कि आप आग बुझा सकते हैं, तो अधिकतर लोग मॉकड्रिल तो दूर उन्हें ये तक नहीें पता कि आग बुझाने वाला सिलेंडर कहां लगा है। यहां की सबसे बड़ी समस्या ये दिखी कि एक अलमारी जिसमें सारा सामान बंद था। देखने से ऐसा लग रहा था कि वो सभी खराब हो चुके हैं। उस अलमारी की चॉबी भी किसी के पास नहीं थी। यहां के फायर स्प्रिंक्लर जंग खाए हुए थे। फायर स्पिं्रक्लर के लगने के बाद उसका कभी यूज नहीं हुआ था।
गोलघर स्थित मंगलम टॉवर के दुकानदार तो ये भी नहीं जान रहे हैं कि आग लगेगी तो कहां से बुझेगी। यहां पर जालों के बीच फंसी आग से निपटने की मशीनें दम तोड़ रही हैं। अधिकतर मशीनों में जंग लग चुकी है, यहां पर एक दो जगह आग बुझाने के लिए सिलेंडर लगाए गए हैं, जिसमें गैस ही नहीं है। इसके अलावा एक जगह पर ढेर सारे पाइप रखे थे, लेकिन उसका कनेक्शन कहां से देना है, किसी को नहीं पता।
इससे कहीं अधिक परेशानी घंटाघर, रेती चौक, मायाबाजार, शॉमारूफ और अलीनगर में है। इन सभी मार्केटों में डेली हजारों की भीड़ लगती है। लेकिन आग लगने के बाद उससे निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। वहीं यहां पर फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां भी नहीं पहुंच पाती हैं। इस हाल में यहां पर आग लगेगी तो बड़ा कोहराम मच सकता है।
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गोरखपुर । फायर ब्रिगेड अधिकारी की मानें तो जब कॉम्प्लेक्स की ओपनिंग होती है, तब तो सबकुछ ठीक रहता है। जैसे ही वो कुछ पुराना होता है, वहां आग से निपटने के इंतजाम ही राख हो जाते हैं। फायर फाइटिंग इक्विपमेेंट रखरखाव के अभाव में खराब होने लगते हैं। जबकि ये बहुत बड़ी लापरवाही है और हजारों लोग जो शॉपिंग के लिए आते हैं, उनकी जान के साथ खिलवाड़ है। आग की घटनाओं को लेकर दैनिक जागरण आईनेक्स्ट रिपोर्टर ने कुछ शॉपिंग कॉम्पलेक्स का रियलिटी चेक किया तो कई खामियां सामने आईं। रिपोर्टरः एक ही कॉम्प्लेक्स में दो बार लगातार आग लगी है, इसका क्या कारण है। अधिकारीः गर्मी के दिनों में शॉर्ट सर्किट या एसी की वजह से आग लगती है। बलदेव प्लाजा में आग लगने के बाद वहां का मुआयना किया गया। कुछ कमियां मिली हैं। उसे ऑनर ने दूर करने के लिए कहा है। रिपोर्टरः क्या सभी कॉम्प्लेक्स में आग से बचाव के इंतजाम पूरे हैं। अधिकारीः मॉल और कई कॉम्प्लेक्स जो नए खुले हैं, वहां पर बंदोबस्त सही हैं। जबकि जो कॉम्प्लेक्स पुराने हो जाते हैं, वहां पर इंतजाम भी फेल होने लगता है। हम लोग उन्हें इसके लिए वॉर्निंग भी देते हैं। रिपोर्टरः इस बार अप्रैल में कितनी आग लगने की कम्प्लेन आई हैं? अधिकारीः अप्रैल में अभी तक आग लगने की पचानवे घटनाएं हुई हैं। रिपोर्टरः अप्रैल में पिछली बार कितनी घटना हुई थीं? अधिकारीः पिछले साल अप्रैल में चार सौ कम्प्लेन आई थीं। पंद्रह दिन मेें बलदेव प्लाजा में दो बार आग लग चुकी है। बलदेव प्लाजा में मंगलवार को आग लगने के बाद पूरा कॉम्प्लेक्स धुएं से भर गया था। बुधवार को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट टीम बलदेव प्लाजा पहुंची। बलदेव प्लाजा में फायर इक्स्टिंग्विशर का पता ही नहीं है। जोकि एक कॉम्प्लेक्स में होना बेहद जरूरी है। यहां पर चार सौ दुकानें हैं, लेकिन आग से निपटने के लिए सिलेंडर कहीं-कहीं ही दिखे। उसमे भी कुछ खाली हो गए थे। जीडीए टॉवर में आग से निपटने के इंतजाम काफी पुराने हो चुके हैं। वहां के दुकानदारों से ये पूछा गया कि आप आग बुझा सकते हैं, तो अधिकतर लोग मॉकड्रिल तो दूर उन्हें ये तक नहीें पता कि आग बुझाने वाला सिलेंडर कहां लगा है। यहां की सबसे बड़ी समस्या ये दिखी कि एक अलमारी जिसमें सारा सामान बंद था। देखने से ऐसा लग रहा था कि वो सभी खराब हो चुके हैं। उस अलमारी की चॉबी भी किसी के पास नहीं थी। यहां के फायर स्प्रिंक्लर जंग खाए हुए थे। फायर स्पिं्रक्लर के लगने के बाद उसका कभी यूज नहीं हुआ था। गोलघर स्थित मंगलम टॉवर के दुकानदार तो ये भी नहीं जान रहे हैं कि आग लगेगी तो कहां से बुझेगी। यहां पर जालों के बीच फंसी आग से निपटने की मशीनें दम तोड़ रही हैं। अधिकतर मशीनों में जंग लग चुकी है, यहां पर एक दो जगह आग बुझाने के लिए सिलेंडर लगाए गए हैं, जिसमें गैस ही नहीं है। इसके अलावा एक जगह पर ढेर सारे पाइप रखे थे, लेकिन उसका कनेक्शन कहां से देना है, किसी को नहीं पता। इससे कहीं अधिक परेशानी घंटाघर, रेती चौक, मायाबाजार, शॉमारूफ और अलीनगर में है। इन सभी मार्केटों में डेली हजारों की भीड़ लगती है। लेकिन आग लगने के बाद उससे निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। वहीं यहां पर फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां भी नहीं पहुंच पाती हैं। इस हाल में यहां पर आग लगेगी तो बड़ा कोहराम मच सकता है।
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नई दिल्ली. देश में बच्चों को शुरुआत से वेल्थ क्रिएशन के बारे में सिखाना चाहिए. उनके लिए अगर कोई बिजनेस या उद्यमिता पर अमर चित्र कथा जैसी कॉमिक बुक बनाएं तो आने वाले समय में इससे कमाल की चीजें देखने को मिल सकती हैं. ऐसा कहना है वेल्थ रिसर्च एजेंसी हुरुन इंडिया के संस्थापक और एमडी अनस रहमान जुनैद का. उनका मानना है कि भारत में वेल्थ क्रिएशन के एक नए अध्याय की अभी बस शुरुआत भर है और आगे बहुत कुछ आना बाकी है.
उन्होंने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि आज भारत में जैप्टो के 19 और 21 वर्ष के सह-संस्थापक हैं जिन्होंने 1000 करोड़ की संपत्ति बनाई है, जो दिखाता है कि उद्यमिता कैसे टीनेज बड़े वेल्थ क्रिएटर्स बनाने में मदद कर रही है. उन्होंने कहा कि आईआईएफएल वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2022 में 13 ऐसे स्टार्टअप्स थे जिनके संस्थापकों का जन्म 1990 के बाद हुआ. युवा उद्यमियों द्वारा बड़े स्तर पर संपत्ति बनाए जाने को लेकर वह कहते हैं कि ऐसा ही कई साल पहले अमेरिका में हुआ था जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त तेजी मिली और उम्मीद है कि अब भारत में भी ऐसा होगा.
अनस कहते हैं कि इसका बहुत अधिक श्रेय पेटीएम, जोमैटो या इनमोबी जैसे भारत के शुरुआती यूनिकॉर्न्स हो जाता है. आज के युवा उद्यमी समाज के ऐसे लोगों को देख रहे हैं जिनसे उन्हें प्रेरणा मिलती है. उन्हें विश्वास हो रहा है कि कम उम्र में बड़ी कंपनी बनाना असंभव नहीं है. इसके लिए पूरे देश में इंटरनेट की पहुंच को भी श्रेय दिया जाना चाहिए. खासतौर पर जिस तरह जियो ने इसे बढ़ावा दिया. उन्होंने कहा कि एक बार देश प्रति व्यक्ति आय 3000 डॉलर को पार कर जाए तब हम जबरदस्त वृद्धि दर देखेंगे. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि वेल्थ क्रिएशन के बारे में शुरू से ही बताया जाए. इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए. उनका कहना है कि ऐसे विषयों को लाना होगा जहां भारत उद्यमियों के बारे में विस्तार से बात हो. यह काफी रोमांचक होगा अगर कोई उद्यमियों पर अमर चित्रकथा जैसी कॉमिक बुक बना दे. इससे कमाल के बदलाव देखने को मिलेंगे.
वह कहते हैं कि आने वाले एक दशक में बड़ी तादाद में महिलाएं वेल्थ क्रिएटर्स बनेंगी. नई पीढ़ी के उद्यमियों में एक बड़ी संख्या महिलाओं की होगी. यह अब भी शुरू हो चुका है. इसके अलावा ईवी सेक्टर में बहुत तेजी आएगी और इससे देश कई अरबपति मिलेंगे. टेलीकॉम क्षेत्र में 5जी और 6जी आने के बाद क्रांति आ जाएगी. साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर भी देश को कई बड़े उद्यमी देगा जो अच्छी खासी वेल्थ क्रिएशन करेंगे.
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नई दिल्ली. देश में बच्चों को शुरुआत से वेल्थ क्रिएशन के बारे में सिखाना चाहिए. उनके लिए अगर कोई बिजनेस या उद्यमिता पर अमर चित्र कथा जैसी कॉमिक बुक बनाएं तो आने वाले समय में इससे कमाल की चीजें देखने को मिल सकती हैं. ऐसा कहना है वेल्थ रिसर्च एजेंसी हुरुन इंडिया के संस्थापक और एमडी अनस रहमान जुनैद का. उनका मानना है कि भारत में वेल्थ क्रिएशन के एक नए अध्याय की अभी बस शुरुआत भर है और आगे बहुत कुछ आना बाकी है. उन्होंने मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि आज भारत में जैप्टो के उन्नीस और इक्कीस वर्ष के सह-संस्थापक हैं जिन्होंने एक हज़ार करोड़ की संपत्ति बनाई है, जो दिखाता है कि उद्यमिता कैसे टीनेज बड़े वेल्थ क्रिएटर्स बनाने में मदद कर रही है. उन्होंने कहा कि आईआईएफएल वेल्थ हुरुन इंडिया रिच लिस्ट दो हज़ार बाईस में तेरह ऐसे स्टार्टअप्स थे जिनके संस्थापकों का जन्म एक हज़ार नौ सौ नब्बे के बाद हुआ. युवा उद्यमियों द्वारा बड़े स्तर पर संपत्ति बनाए जाने को लेकर वह कहते हैं कि ऐसा ही कई साल पहले अमेरिका में हुआ था जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त तेजी मिली और उम्मीद है कि अब भारत में भी ऐसा होगा. अनस कहते हैं कि इसका बहुत अधिक श्रेय पेटीएम, जोमैटो या इनमोबी जैसे भारत के शुरुआती यूनिकॉर्न्स हो जाता है. आज के युवा उद्यमी समाज के ऐसे लोगों को देख रहे हैं जिनसे उन्हें प्रेरणा मिलती है. उन्हें विश्वास हो रहा है कि कम उम्र में बड़ी कंपनी बनाना असंभव नहीं है. इसके लिए पूरे देश में इंटरनेट की पहुंच को भी श्रेय दिया जाना चाहिए. खासतौर पर जिस तरह जियो ने इसे बढ़ावा दिया. उन्होंने कहा कि एक बार देश प्रति व्यक्ति आय तीन हज़ार डॉलर को पार कर जाए तब हम जबरदस्त वृद्धि दर देखेंगे. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि वेल्थ क्रिएशन के बारे में शुरू से ही बताया जाए. इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए. उनका कहना है कि ऐसे विषयों को लाना होगा जहां भारत उद्यमियों के बारे में विस्तार से बात हो. यह काफी रोमांचक होगा अगर कोई उद्यमियों पर अमर चित्रकथा जैसी कॉमिक बुक बना दे. इससे कमाल के बदलाव देखने को मिलेंगे. वह कहते हैं कि आने वाले एक दशक में बड़ी तादाद में महिलाएं वेल्थ क्रिएटर्स बनेंगी. नई पीढ़ी के उद्यमियों में एक बड़ी संख्या महिलाओं की होगी. यह अब भी शुरू हो चुका है. इसके अलावा ईवी सेक्टर में बहुत तेजी आएगी और इससे देश कई अरबपति मिलेंगे. टेलीकॉम क्षेत्र में पाँचजी और छःजी आने के बाद क्रांति आ जाएगी. साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर भी देश को कई बड़े उद्यमी देगा जो अच्छी खासी वेल्थ क्रिएशन करेंगे. .
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Pension and Salary Rules: अगर आप भी अपनी पेंशन और सैलरी (Pension Hike) बढ़ने का इन्तजार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी समाचार है। केंद्र गवर्नमेंट (Central Government) अब लाखों कर्मचारियों की पेंशन और सैलरी में वृद्धि करने जा रही है। वर्ष 2023 में कर्मचारियों की पेंशन में बंपर वृद्धि होने वाला है। इसको लेकर गवर्नमेंट की तरफ से आदेश जारी कर दिया है। केंद्रीय कर्मचारियों (Central government employees) को इस वर्ष मोटा पैसा मिलने वाला है। इस समय पर राष्ट्र भर में पुरानी पेंशन को लेकर जंग छिड़ी हुई है। इस बीच गवर्नमेंट ने कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाने का निर्णय ले सकती है।
देश भर में इस समय पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेजी से चल रही है। इन सभी मांगों के बीच में गवर्नमेंट कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी की लिमिट में वृद्धि कर सकती है। इस वर्ष गवर्नमेंट कर्मचारियों की सैलरी में बंपर वृद्धि कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिनिमम सैलरी को 15,000 से बढ़ाकर 21,000 कर सकते हैं।
आपको बता दें कर्मचारियों की न्यूतनम सैलरी लिमिट बढ़ने के बाद में पेंशन में भी बंपर वृद्धि हो जाएगा। इससे पहले अंतिम बार वर्ष 2014 में गवर्नमेंट ने इस लिमिट में वृद्धि किया था। अभी नए वर्ष में गवर्नमेंट एक बार फिर से वेतन बढ़ाने का प्लान बना रही है। सैलरी बढ़ने से पीएफ में सहयोग भी बढ़ेगा और साथ ही पेंशन में भी वृद्धि होगा।
प्रोविडेंट फंड के सहयोग की बात की जाए तो मिनिमम सैलरी की कैलकुलेशन 15,000 रुपये पर की जाती है, जिसकी वजह से ईपीएस खाते में अधिकतम 1250 रुपये का ही सहयोग हो पाता है। यदि गवर्नमेंट वेतन की सीमा को बढ़ा देती है तो कॉन्ट्रिब्यूशन भी बढ़ जाएगा। सैलरी बढ़ने के बाद में मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन 1749 रुपये (21,000 रुपये का 8. 33 फीसदी) हो जाएगा।
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Pension and Salary Rules: अगर आप भी अपनी पेंशन और सैलरी बढ़ने का इन्तजार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी समाचार है। केंद्र गवर्नमेंट अब लाखों कर्मचारियों की पेंशन और सैलरी में वृद्धि करने जा रही है। वर्ष दो हज़ार तेईस में कर्मचारियों की पेंशन में बंपर वृद्धि होने वाला है। इसको लेकर गवर्नमेंट की तरफ से आदेश जारी कर दिया है। केंद्रीय कर्मचारियों को इस वर्ष मोटा पैसा मिलने वाला है। इस समय पर राष्ट्र भर में पुरानी पेंशन को लेकर जंग छिड़ी हुई है। इस बीच गवर्नमेंट ने कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाने का निर्णय ले सकती है। देश भर में इस समय पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेजी से चल रही है। इन सभी मांगों के बीच में गवर्नमेंट कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी की लिमिट में वृद्धि कर सकती है। इस वर्ष गवर्नमेंट कर्मचारियों की सैलरी में बंपर वृद्धि कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिनिमम सैलरी को पंद्रह,शून्य से बढ़ाकर इक्कीस,शून्य कर सकते हैं। आपको बता दें कर्मचारियों की न्यूतनम सैलरी लिमिट बढ़ने के बाद में पेंशन में भी बंपर वृद्धि हो जाएगा। इससे पहले अंतिम बार वर्ष दो हज़ार चौदह में गवर्नमेंट ने इस लिमिट में वृद्धि किया था। अभी नए वर्ष में गवर्नमेंट एक बार फिर से वेतन बढ़ाने का प्लान बना रही है। सैलरी बढ़ने से पीएफ में सहयोग भी बढ़ेगा और साथ ही पेंशन में भी वृद्धि होगा। प्रोविडेंट फंड के सहयोग की बात की जाए तो मिनिमम सैलरी की कैलकुलेशन पंद्रह,शून्य रुपयापये पर की जाती है, जिसकी वजह से ईपीएस खाते में अधिकतम एक हज़ार दो सौ पचास रुपयापये का ही सहयोग हो पाता है। यदि गवर्नमेंट वेतन की सीमा को बढ़ा देती है तो कॉन्ट्रिब्यूशन भी बढ़ जाएगा। सैलरी बढ़ने के बाद में मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन एक हज़ार सात सौ उनचास रुपयापये हो जाएगा।
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जानिए क्या होय ? बहुरि वह जल लोगोंके कण्ठ तक आयत अति भय उपजा सिर ऊपर पानी चला तब लोग अति भयकू प्राप्त भए, ऊंची भुजाकर वस्त्र र बालकोंको उठाय पुकार करते भए- - हे देवि ! हे लक्ष्मी ! हे सरस्वती ! हे कल्याणरूपिणी ! हे धर्मधुरंधरे ! हे मान्ये ! हे प्राणीदयारूपिणी ! हमारी रक्षा करो हे महासाध्वी मुनिसमान निर्मल मनकी धरणहारी ! दया करो, हे माता ! बचावो बचावो, प्रसन्न होवो । जब ऐसे वचन विह्वल जो लोक तिनके मुख से निकसे तब माताकी दयासे जल थंभा, लोक बचे । जलविषै नाना जातिके ठौर टॉर कमल फूले जल साम्यताकु प्राप्त भया जे भंवर उठे थे सो मिटे अर भयंकर शब्द मिट । वह जल जो उछला था मानों वापीरूप वधू अपने तरंगरूप हस्तोंकर माताके चरणयुगल म्पशती हुती । कैसे हैं चरणयुगल १ कमलके गर्भसे अति कोमल हैं अर नखोकी ज्योतिकर टॅदीप्यमान हैं, जलविषै कमल फूले तिनकी सुगंधताकरि भ्रमर गुजार करें हैं सो मानों संगीत करें हैं च चकवा हंस तिनके समूह शब्द करें हैं अति शोभा होय रही है अर मणि स्वर्णके सिवाण बन गए तिनक' जलके तरंगोंके समृह स्पर्शे हैं और जिसके तट मरकत मणिकर निर्माता हैं ।
ऐसे सरोवरके मध्य एक सहस्रदलका कमल कोमल विमल विस्तीर्ण प्रफुल्लित महाशुभ उसके मध्य देवनिने सिंहासन रच्या रत्ननिकी किग्रानिकर मंडित, चंद्रमंडल तुल्य निर्मल, उसमें देवांगनासतापधराई र सेवा करती भई, सो सीता सिंहासनविषै तिष्ठी, अति अद्भुत है उदय जाका शची तुल्य सोहनी भई देवचरणनिके तले पुष्पांजलि चढ़ाय धन्य धन्य शब्द कहते भए, आकाशविर्ष कल्पवृक्षनिके पुष्पनिकी वृष्टि करते भए, अर नानाप्रकार के दुन्दुभी बाजे तिनके शब्दकर सब दिशा शब्दरूप होती भई, गुज जातिके चादित्र महामधुर गुंजार करते भये, अर मृदंग वाजते भए, ढोल दमामा बाजे नादि जातिके चादित्र बाजे अर काहल जाति बादित्र बाजे अर तुम्ही करनाल आदि अनेक बादित्र बाजे, शंखके समूह शब्द करते भए, अर वीण बाजा ताल मांझ मंजीर भालरी इत्यादि अनेकवादित्र बाजे, विद्याधरनिके समूह नाचते भए,अर देवनिके यह शब्द भए, श्रीमत् जनक राजा की पुत्री परम उदय की धरणहार श्रीमत् रामकी रानी अत्यंत जयवंत होवे, अहो निर्मल शील जाका आश्चर्यकारी ऐसे शब्द सब दिशाविषै देवनिके होते भये । तब दोनों पुत्र लवण अंकुश अकृत्रिम हैं मातासू हित जिनका मो जल तिरकर हर्षक भरे माताके समीप गए। दोनों पुत्र दोनों तरफ जाय टाढ़े भए, माता नमस्कार किया सो माताने दोनोंके शिर हाथ धरा । रामचन्द्र मिथिलापुरीके राजाकी पुत्री मैथिली कहिए सीता उसे कमलवासिनी लक्ष्मी-समान देख महा अनुराग भरे समीप गए । कैसी है सीता ? मानों स्वर्णकी मृति, अग्निविषे शुद्ध भई है अति उत्तम ज्योतिके समूहकर मंडित है शरीर जाका । राम कहें हैं, हे देवि ! कन्याणरूपिणी उत्तम जीवनिकर पूज्य महा यद्भुत चेष्टाकी
धरणहारी, शरदकी पूर्णमासीक चन्द्रमा समान है मुख जाका, ऐसी तुम सो हमपर प्रसन्न होहु । अ मैं कभी ऐसा दोष न करूंगा, जिसमें तुमकू दुःख होय । हे शीलरूपिणी मेरा अपराध क्षमा करहु । मेरे आठ हजार स्त्री हैं तिनकी सिरताज तुम हो, मोकू आज्ञा करहु सो करूं । हे महासती ! मैं लोकापवाद के भय से अज्ञानी होयकरि तुमकू कष्ट उपजायो सो क्षमा करहु । अर हे प्रिये, पृथिवीविषै मो सहित यथेष्ट विहार करहु । यह पृथ्वी अनेक वन उपवन गिरियों कर मंडित है, देव विद्याधरनिकर संयुक्त हैं। समस्त जगतकर आदरसों पूजी थकी मासहित लोकविषै स्वर्ग- समान भोग भोगि । उगते सूर्यसमान यह पुष्पकविमान ताविप मेरे सहित आरूढ भई सुमेरु पर्वतके वनविषं जिनमंदिर है तिनका दर्शन कर जिन जिन स्थाननिविष तेरी इच्छा होय
वहां क्रीडा कर । हे कांते ! तू जो कहँ सो ही मैं करूं, तेरा वचन कदाचित् न उलधू', देवांगनासमान वह विद्याधरी तिनकर मंडित हे बुद्धिवंती तृ ऐश्वर्यकू भज, जो तेरी अभिलाषा होयगी सो तत्काल सिद्ध होयगी । मैं विवेकरहित दोपके सागविष मग्न तेरे समीप आयामो साध्वि व प्रसन्न होहु ।
थानंतर जानकी बोली- हे राजन ! तिहारा कुछ दोष नाहीं, अर लोकनिका दोष नाहीं, मेरे पूर्वोपार्जित अशुभ कर्म के उदयसे यह दुःख भया । मेरा काहपर कोप नाहीं तुम क्यों विपादक प्राप्त भए ? हे बलदेव ! तिहारे प्रसादसे स्वर्ग समान भोग भोगे, अब यह इच्छा है ऐसा उपाय करूं जिसकर स्त्रीलिंगका अभाव होय । यह महा क्षुद्र विनश्वर भयंकर इंद्रियनिके भोग मूढजनोंकरि सेव्य, तिनकर कहा प्रयोजन ? अनंत जन्म चौरासी लक्ष योनिविषै खेद पाया, समस्त दुःखके निवृत्तिके अर्थ जिनेश्वरी दीक्षा धरूंगी । ऐसा कहकर नवीन अशोक वृक्ष के पचव समान अपने जे कर तिनकर सिरके केश उपाड गमके समीप डारे । सो इन्द्रनीलमणि समान श्याम सचिक्करण पातरे सुगंध वक्र लंगयमान महामृदु महा मनोहर ऐसे केशनिक देख-कर राम मोहित होय मूर्च्छा खाय पृथिवीविषै पड़े सो जौलग इनकू सचेत करें तौलग सीता पृथिवीमती आर्यिका जायकर दीक्षा घरती भई, एक वस्त्रमात्र है परिग्रह जाके, सच परिग्रह तजकर आयिकाके व्रत घरे । महा पवित्रता युक्त परम वैराग्यकर दीक्षां धरती भई, व्रतकर शोभायमान जगतके वंदिवे योग्य होती भई अर राम अचेत भए थे सो मुक्ताफल अर मलायगिरि चंदनके छांटिवेकर, तथा ताड़के बीजनोंकी पवनकरि सचेत भए तब दशों दिशा की ओर देखें, तो सीताकू न देखकरि चित्त शून्य होय गया। शोक र विषादकरि युक्त महा गजराजपर चढं, सीताकी ओर चोले । सिरपर छत्र फिरें हैं, चमर डरें हैं, जैसे देवनिकर मंडित इंद्र चालें तेसैं नरेन्द्रनिकरि युक्त राम चाले । कमलसारिखे हैं नेत्र जिनके कषायके वचन कहते भए, अपने प्यारे जनका मरण भला, परन्तु विरह भला नाहीं । देवनिने सीताका प्रातिहार्य किया, सो भला किया
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जानिए क्या होय ? बहुरि वह जल लोगोंके कण्ठ तक आयत अति भय उपजा सिर ऊपर पानी चला तब लोग अति भयकू प्राप्त भए, ऊंची भुजाकर वस्त्र र बालकोंको उठाय पुकार करते भए- - हे देवि ! हे लक्ष्मी ! हे सरस्वती ! हे कल्याणरूपिणी ! हे धर्मधुरंधरे ! हे मान्ये ! हे प्राणीदयारूपिणी ! हमारी रक्षा करो हे महासाध्वी मुनिसमान निर्मल मनकी धरणहारी ! दया करो, हे माता ! बचावो बचावो, प्रसन्न होवो । जब ऐसे वचन विह्वल जो लोक तिनके मुख से निकसे तब माताकी दयासे जल थंभा, लोक बचे । जलविषै नाना जातिके ठौर टॉर कमल फूले जल साम्यताकु प्राप्त भया जे भंवर उठे थे सो मिटे अर भयंकर शब्द मिट । वह जल जो उछला था मानों वापीरूप वधू अपने तरंगरूप हस्तोंकर माताके चरणयुगल म्पशती हुती । कैसे हैं चरणयुगल एक कमलके गर्भसे अति कोमल हैं अर नखोकी ज्योतिकर टॅदीप्यमान हैं, जलविषै कमल फूले तिनकी सुगंधताकरि भ्रमर गुजार करें हैं सो मानों संगीत करें हैं च चकवा हंस तिनके समूह शब्द करें हैं अति शोभा होय रही है अर मणि स्वर्णके सिवाण बन गए तिनक' जलके तरंगोंके समृह स्पर्शे हैं और जिसके तट मरकत मणिकर निर्माता हैं । ऐसे सरोवरके मध्य एक सहस्रदलका कमल कोमल विमल विस्तीर्ण प्रफुल्लित महाशुभ उसके मध्य देवनिने सिंहासन रच्या रत्ननिकी किग्रानिकर मंडित, चंद्रमंडल तुल्य निर्मल, उसमें देवांगनासतापधराई र सेवा करती भई, सो सीता सिंहासनविषै तिष्ठी, अति अद्भुत है उदय जाका शची तुल्य सोहनी भई देवचरणनिके तले पुष्पांजलि चढ़ाय धन्य धन्य शब्द कहते भए, आकाशविर्ष कल्पवृक्षनिके पुष्पनिकी वृष्टि करते भए, अर नानाप्रकार के दुन्दुभी बाजे तिनके शब्दकर सब दिशा शब्दरूप होती भई, गुज जातिके चादित्र महामधुर गुंजार करते भये, अर मृदंग वाजते भए, ढोल दमामा बाजे नादि जातिके चादित्र बाजे अर काहल जाति बादित्र बाजे अर तुम्ही करनाल आदि अनेक बादित्र बाजे, शंखके समूह शब्द करते भए, अर वीण बाजा ताल मांझ मंजीर भालरी इत्यादि अनेकवादित्र बाजे, विद्याधरनिके समूह नाचते भए,अर देवनिके यह शब्द भए, श्रीमत् जनक राजा की पुत्री परम उदय की धरणहार श्रीमत् रामकी रानी अत्यंत जयवंत होवे, अहो निर्मल शील जाका आश्चर्यकारी ऐसे शब्द सब दिशाविषै देवनिके होते भये । तब दोनों पुत्र लवण अंकुश अकृत्रिम हैं मातासू हित जिनका मो जल तिरकर हर्षक भरे माताके समीप गए। दोनों पुत्र दोनों तरफ जाय टाढ़े भए, माता नमस्कार किया सो माताने दोनोंके शिर हाथ धरा । रामचन्द्र मिथिलापुरीके राजाकी पुत्री मैथिली कहिए सीता उसे कमलवासिनी लक्ष्मी-समान देख महा अनुराग भरे समीप गए । कैसी है सीता ? मानों स्वर्णकी मृति, अग्निविषे शुद्ध भई है अति उत्तम ज्योतिके समूहकर मंडित है शरीर जाका । राम कहें हैं, हे देवि ! कन्याणरूपिणी उत्तम जीवनिकर पूज्य महा यद्भुत चेष्टाकी धरणहारी, शरदकी पूर्णमासीक चन्द्रमा समान है मुख जाका, ऐसी तुम सो हमपर प्रसन्न होहु । अ मैं कभी ऐसा दोष न करूंगा, जिसमें तुमकू दुःख होय । हे शीलरूपिणी मेरा अपराध क्षमा करहु । मेरे आठ हजार स्त्री हैं तिनकी सिरताज तुम हो, मोकू आज्ञा करहु सो करूं । हे महासती ! मैं लोकापवाद के भय से अज्ञानी होयकरि तुमकू कष्ट उपजायो सो क्षमा करहु । अर हे प्रिये, पृथिवीविषै मो सहित यथेष्ट विहार करहु । यह पृथ्वी अनेक वन उपवन गिरियों कर मंडित है, देव विद्याधरनिकर संयुक्त हैं। समस्त जगतकर आदरसों पूजी थकी मासहित लोकविषै स्वर्ग- समान भोग भोगि । उगते सूर्यसमान यह पुष्पकविमान ताविप मेरे सहित आरूढ भई सुमेरु पर्वतके वनविषं जिनमंदिर है तिनका दर्शन कर जिन जिन स्थाननिविष तेरी इच्छा होय वहां क्रीडा कर । हे कांते ! तू जो कहँ सो ही मैं करूं, तेरा वचन कदाचित् न उलधू', देवांगनासमान वह विद्याधरी तिनकर मंडित हे बुद्धिवंती तृ ऐश्वर्यकू भज, जो तेरी अभिलाषा होयगी सो तत्काल सिद्ध होयगी । मैं विवेकरहित दोपके सागविष मग्न तेरे समीप आयामो साध्वि व प्रसन्न होहु । थानंतर जानकी बोली- हे राजन ! तिहारा कुछ दोष नाहीं, अर लोकनिका दोष नाहीं, मेरे पूर्वोपार्जित अशुभ कर्म के उदयसे यह दुःख भया । मेरा काहपर कोप नाहीं तुम क्यों विपादक प्राप्त भए ? हे बलदेव ! तिहारे प्रसादसे स्वर्ग समान भोग भोगे, अब यह इच्छा है ऐसा उपाय करूं जिसकर स्त्रीलिंगका अभाव होय । यह महा क्षुद्र विनश्वर भयंकर इंद्रियनिके भोग मूढजनोंकरि सेव्य, तिनकर कहा प्रयोजन ? अनंत जन्म चौरासी लक्ष योनिविषै खेद पाया, समस्त दुःखके निवृत्तिके अर्थ जिनेश्वरी दीक्षा धरूंगी । ऐसा कहकर नवीन अशोक वृक्ष के पचव समान अपने जे कर तिनकर सिरके केश उपाड गमके समीप डारे । सो इन्द्रनीलमणि समान श्याम सचिक्करण पातरे सुगंध वक्र लंगयमान महामृदु महा मनोहर ऐसे केशनिक देख-कर राम मोहित होय मूर्च्छा खाय पृथिवीविषै पड़े सो जौलग इनकू सचेत करें तौलग सीता पृथिवीमती आर्यिका जायकर दीक्षा घरती भई, एक वस्त्रमात्र है परिग्रह जाके, सच परिग्रह तजकर आयिकाके व्रत घरे । महा पवित्रता युक्त परम वैराग्यकर दीक्षां धरती भई, व्रतकर शोभायमान जगतके वंदिवे योग्य होती भई अर राम अचेत भए थे सो मुक्ताफल अर मलायगिरि चंदनके छांटिवेकर, तथा ताड़के बीजनोंकी पवनकरि सचेत भए तब दशों दिशा की ओर देखें, तो सीताकू न देखकरि चित्त शून्य होय गया। शोक र विषादकरि युक्त महा गजराजपर चढं, सीताकी ओर चोले । सिरपर छत्र फिरें हैं, चमर डरें हैं, जैसे देवनिकर मंडित इंद्र चालें तेसैं नरेन्द्रनिकरि युक्त राम चाले । कमलसारिखे हैं नेत्र जिनके कषायके वचन कहते भए, अपने प्यारे जनका मरण भला, परन्तु विरह भला नाहीं । देवनिने सीताका प्रातिहार्य किया, सो भला किया
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शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान (School of International Studies) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का सबसे पुराना संस्थान है। इतने लम्बे समय से अन्तरराष्ट्रीय संबंधों और क्षेत्रीय अध्ययन के शिक्षण एवं शोध में संलग्न इस संस्थान ने अपने आपको पूरे देश में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है। संस्थान ने भारत में अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों का अध्ययन एक शैक्षिक विषय के रूप में विकसित करने और अन्तरराष्ट्रीय मामलों के ज्ञान एवं समझ को अन्तरविषयक परिप्रेक्ष्य में उन्नत करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। यह 'क्षेत्रीय अध्ययन' को उन्नत करने तथा विश्व के विभिन्न देशों एवं क्षेत्रों में सुविज्ञता विकसित करने वाला देश में पहला संस्थान है। संस्थान ने उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में भी अन्तरराष्ट्रीय ख्याति हासिल की है। स्वतंत्रता प्राप्ति के तुरन्त बाद के वर्षों में इस तरह के संस्थान की आवश्यकता महसूस की गई थी। उस समय देश भर में विदेशी मामलों से सम्बन्धित केवल एक ही संस्थान - विश्व मामलों की भारतीय परिषद् - ने भारत में अन्तरराष्ट्रीय मामलों का अध्ययन शुरू करने की बात को समझा। पूरे विश्व में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में हो रहे विकास को समझने के लिए युवा वर्ग को प्रशिक्षित करना ज़रूरी था। पंडित हृदयनाथ कुंजरू की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों पर अक्टूबर 1955 में इंडियन स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की स्थापना हुई और डॉ॰ ए. अप्पादुरई इस संस्थान के पहले निदेशक नियुक्त हुए। शुरू में यह संस्थान दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था। वर्ष 1961 से लेकर जून 1970 में जेएनयू का एक हिस्सा बनने तक इस संस्थान ने सम-विश्वविद्यालय के रूप में कार्य किया। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का हिस्सा बनने के बाद इसके नाम से 'इंडियन` हटाकर इसे "अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान" नाम दिया गया और फिर यह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का एक संस्थान बन गया। लम्बे समय तक संस्थान के शैक्षिक कार्यक्रम केवल शोध पर आधारित रहे और संस्थान केवल पी-एच.डी. विश्व में रूसी भाषा का प्रसार रूसी भाषा (русский язык,रूस्किय् यज़ीक्) - पूर्वी स्लाविक भाषाओं में सर्वाधिक प्रचलित भाषा है। रूसी यूरोप की एक प्रमुख भाषा तो है ही, विश्व की प्रमुख भाषाओं में भी इस का विशेष स्थान है, हालाँकि भौगोलिक दृष्टि से रूसी बोलने वालों की अधिकतर संख्या यूरोप की बजाय एशिया में निवास करती है। रूसी भाषा रूसी संघ की आधिकारिक भाषा है। इसके अतिरिक्त बेलारूस, कज़ाकिस्तान, क़िर्गिस्तान, उक्राइनी स्वायत्त जनतंत्र क्रीमिया, जॉर्जियाई अस्वीकृत जनतंत्र अब्ख़ाज़िया और दक्षिणी ओसेतिया, मल्दावियाई अस्वीकृत जनतंत्र ट्रांसनीस्ट्रिया (नीस्टर का क्षेत्र) और स्वायत्त जनतंत्र गगऊज़िया नामक देशों और जनतंत्रों में रूसी भाषा सहायक आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार की गई है। रूसी भूतपूर्व सोवियत संघ के सभी १५ सोवियत समाजवादी जनतंत्रों की राजकीय भाषा थी। सन् 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद भी इन सभी आधुनिक स्वतंत्र देशों में अपनी-अपनी राष्ट्रीय भाषाओं के साथ-साथ परस्पर आपसी व्यवहार के लिए सम्पर्क भाषा के रूप में रूसी भाषा का प्रयोग किया जाता है। इन १५ देशों में रहने वाले निवासियों में से भी अधिकांश की मातृभाषा रूसी ही है। विश्व के विभिन्न देशों में (इसराइल, जर्मनी, संयुक्त राज्य अमरीका, कनाडा, तुर्की, ऑस्ट्रेलिया इत्यादि) जहाँ कहीं भी भूतपूर्व सोवियत संघ या रूस के प्रवासी बसे हुए हैं, वहाँ कई जगहों पर रूसी पत्र-पत्रिकाएँ प्रकाशित होती हैं, रूसी भाषा में रेडियो और दूरदर्शन काम करते हैं तथा स्कूलों में रूसी सिखाई जाती है। कुछ वर्ष पहले तक पूर्वी यूरोपियाई देशों के स्कूलों में रूसी भाषा विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाई जाती थी। कुल मिला कर विश्व में रूसी भाषा बोलने वालों की संख्या ३०-३५ करोड़ है, जिस में से 16 करोड़ लोग इसे अपनी मातृभाषा मानते हैं। इसके आधार पर रूसी संसार की भाषाओं में पाँचवे स्थान पर है और वह संयुक्त राष्ट्र (UN) की ५ आधिकारिक भाषाओं में से एक है। .
अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान (जे. एन. यू.) और रूसी भाषा आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)।
अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान (जे. एन. यू.) 14 संबंध है और रूसी भाषा 36 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (14 + 36)।
यह लेख अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान (जे. एन. यू.) और रूसी भाषा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का सबसे पुराना संस्थान है। इतने लम्बे समय से अन्तरराष्ट्रीय संबंधों और क्षेत्रीय अध्ययन के शिक्षण एवं शोध में संलग्न इस संस्थान ने अपने आपको पूरे देश में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है। संस्थान ने भारत में अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों का अध्ययन एक शैक्षिक विषय के रूप में विकसित करने और अन्तरराष्ट्रीय मामलों के ज्ञान एवं समझ को अन्तरविषयक परिप्रेक्ष्य में उन्नत करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। यह 'क्षेत्रीय अध्ययन' को उन्नत करने तथा विश्व के विभिन्न देशों एवं क्षेत्रों में सुविज्ञता विकसित करने वाला देश में पहला संस्थान है। संस्थान ने उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में भी अन्तरराष्ट्रीय ख्याति हासिल की है। स्वतंत्रता प्राप्ति के तुरन्त बाद के वर्षों में इस तरह के संस्थान की आवश्यकता महसूस की गई थी। उस समय देश भर में विदेशी मामलों से सम्बन्धित केवल एक ही संस्थान - विश्व मामलों की भारतीय परिषद् - ने भारत में अन्तरराष्ट्रीय मामलों का अध्ययन शुरू करने की बात को समझा। पूरे विश्व में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में हो रहे विकास को समझने के लिए युवा वर्ग को प्रशिक्षित करना ज़रूरी था। पंडित हृदयनाथ कुंजरू की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों पर अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ पचपन में इंडियन स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की स्थापना हुई और डॉ॰ ए. अप्पादुरई इस संस्थान के पहले निदेशक नियुक्त हुए। शुरू में यह संस्थान दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था। वर्ष एक हज़ार नौ सौ इकसठ से लेकर जून एक हज़ार नौ सौ सत्तर में जेएनयू का एक हिस्सा बनने तक इस संस्थान ने सम-विश्वविद्यालय के रूप में कार्य किया। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का हिस्सा बनने के बाद इसके नाम से 'इंडियन` हटाकर इसे "अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान" नाम दिया गया और फिर यह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का एक संस्थान बन गया। लम्बे समय तक संस्थान के शैक्षिक कार्यक्रम केवल शोध पर आधारित रहे और संस्थान केवल पी-एच.डी. विश्व में रूसी भाषा का प्रसार रूसी भाषा - पूर्वी स्लाविक भाषाओं में सर्वाधिक प्रचलित भाषा है। रूसी यूरोप की एक प्रमुख भाषा तो है ही, विश्व की प्रमुख भाषाओं में भी इस का विशेष स्थान है, हालाँकि भौगोलिक दृष्टि से रूसी बोलने वालों की अधिकतर संख्या यूरोप की बजाय एशिया में निवास करती है। रूसी भाषा रूसी संघ की आधिकारिक भाषा है। इसके अतिरिक्त बेलारूस, कज़ाकिस्तान, क़िर्गिस्तान, उक्राइनी स्वायत्त जनतंत्र क्रीमिया, जॉर्जियाई अस्वीकृत जनतंत्र अब्ख़ाज़िया और दक्षिणी ओसेतिया, मल्दावियाई अस्वीकृत जनतंत्र ट्रांसनीस्ट्रिया और स्वायत्त जनतंत्र गगऊज़िया नामक देशों और जनतंत्रों में रूसी भाषा सहायक आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार की गई है। रूसी भूतपूर्व सोवियत संघ के सभी पंद्रह सोवियत समाजवादी जनतंत्रों की राजकीय भाषा थी। सन् एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में सोवियत संघ के विघटन के बाद भी इन सभी आधुनिक स्वतंत्र देशों में अपनी-अपनी राष्ट्रीय भाषाओं के साथ-साथ परस्पर आपसी व्यवहार के लिए सम्पर्क भाषा के रूप में रूसी भाषा का प्रयोग किया जाता है। इन पंद्रह देशों में रहने वाले निवासियों में से भी अधिकांश की मातृभाषा रूसी ही है। विश्व के विभिन्न देशों में जहाँ कहीं भी भूतपूर्व सोवियत संघ या रूस के प्रवासी बसे हुए हैं, वहाँ कई जगहों पर रूसी पत्र-पत्रिकाएँ प्रकाशित होती हैं, रूसी भाषा में रेडियो और दूरदर्शन काम करते हैं तथा स्कूलों में रूसी सिखाई जाती है। कुछ वर्ष पहले तक पूर्वी यूरोपियाई देशों के स्कूलों में रूसी भाषा विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाई जाती थी। कुल मिला कर विश्व में रूसी भाषा बोलने वालों की संख्या तीस-पैंतीस करोड़ है, जिस में से सोलह करोड़ लोग इसे अपनी मातृभाषा मानते हैं। इसके आधार पर रूसी संसार की भाषाओं में पाँचवे स्थान पर है और वह संयुक्त राष्ट्र की पाँच आधिकारिक भाषाओं में से एक है। . अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान और रूसी भाषा आम में शून्य बातें हैं । अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान चौदह संबंध है और रूसी भाषा छत्तीस है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख अन्तरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान और रूसी भाषा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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मन्दिर के भीतर विशाल दीवालों पर देवी-देवताओं की अनगिनत छोटी-बड़ी मूर्तियाँ बनी हुई थीं। मन्दिर के मध्य में गिरिजा-पार्वती की संगमरमर से निर्मित एक सुन्दर मूर्ति स्थापित थी । पार्वती की पूजा कर लेने के बाद जिस क्षण कौशल्या मन्दिर की दीवारों पर बनी हुई देवमूर्तियों के दर्शनार्थ मुड़ी उसी क्षण पूरन ने मन्दिर में प्रवेश किया। चार लालसा -भरी आँखें में टकराई । पूरन की दायीं हथेली पर पूजा का जल था और बाई पर चंदन, क्षत तथा बेलपत्र-आदिका दोना था। मुख्य द्वार के रास्ते से वह जरा बगल हटकर खड़ा हो गया। नन्दगाँव के लोग आगे बढ़ गए । देव मन्दिर में कोई किसी से बोलता नहीं था। सभी के मुख पर वरदायिनी उमा का ही वास था । कौशल्या की सखियाँ भी उस समय परिक्रमा करने के लिए दूसरी तरफ बढ़ गई थीं । मन्दिर के उस कोने में, जहाँ पर पूरन स बसन्ती खड़े थे, वहाँ केवल तीन मूर्तियाँ थीं। एक
उसके सामने खड़ी कौशिल्या थी। दोनों के ऊपर दीवार पर पार्वती की एक विशाल संगमरमर की मूर्ति थी । शम्भुप्रिया की उस मुद्रा में मुसकान थी और उनके उठे हुए हाथ उमा के वरदायिनी नाम को सार्थक कर रहे थे ।
पूरन और कौशल्या की आँखें कि और संकोच के भार से उठती - गिरती एक-दूसरे से मिलती थीं और फिर मूर्ति का दर्शन करने लगती थी । भीतर ही भीतर हिलोरे लेता हुआ उन दोनों का अनुराग शब्द बनकर एक-दूसरे के पास तक पहुँच जाना चाहता था। किन्तु देव मन्दिर की मर्यादा उनकी मचलती हुई भावनाओं पर अंकुश का काम कर रही थी। थोड़ी देर बाद कौशल्या की सखियाँ मन्दिर की परिक्रमा करके फिर उसी जगह पर लौट आई। वह जाकर पृष्टद्वार से मन्दिर के बाहर चली गई और पूरन हड़बड़ाकर पूजा के लिए मन्दिर के मध्य में स्थित पार्वती की मूर्ति की ओर बढ़ा । उन दोनों के व्यवहार पर कौशल्या की सखियाँ मुसकरा पड़ी।
पूजा के बाद मेला घूमने की बारी थी। बसन्ती ने मरजादपुर की
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मन्दिर के भीतर विशाल दीवालों पर देवी-देवताओं की अनगिनत छोटी-बड़ी मूर्तियाँ बनी हुई थीं। मन्दिर के मध्य में गिरिजा-पार्वती की संगमरमर से निर्मित एक सुन्दर मूर्ति स्थापित थी । पार्वती की पूजा कर लेने के बाद जिस क्षण कौशल्या मन्दिर की दीवारों पर बनी हुई देवमूर्तियों के दर्शनार्थ मुड़ी उसी क्षण पूरन ने मन्दिर में प्रवेश किया। चार लालसा -भरी आँखें में टकराई । पूरन की दायीं हथेली पर पूजा का जल था और बाई पर चंदन, क्षत तथा बेलपत्र-आदिका दोना था। मुख्य द्वार के रास्ते से वह जरा बगल हटकर खड़ा हो गया। नन्दगाँव के लोग आगे बढ़ गए । देव मन्दिर में कोई किसी से बोलता नहीं था। सभी के मुख पर वरदायिनी उमा का ही वास था । कौशल्या की सखियाँ भी उस समय परिक्रमा करने के लिए दूसरी तरफ बढ़ गई थीं । मन्दिर के उस कोने में, जहाँ पर पूरन स बसन्ती खड़े थे, वहाँ केवल तीन मूर्तियाँ थीं। एक उसके सामने खड़ी कौशिल्या थी। दोनों के ऊपर दीवार पर पार्वती की एक विशाल संगमरमर की मूर्ति थी । शम्भुप्रिया की उस मुद्रा में मुसकान थी और उनके उठे हुए हाथ उमा के वरदायिनी नाम को सार्थक कर रहे थे । पूरन और कौशल्या की आँखें कि और संकोच के भार से उठती - गिरती एक-दूसरे से मिलती थीं और फिर मूर्ति का दर्शन करने लगती थी । भीतर ही भीतर हिलोरे लेता हुआ उन दोनों का अनुराग शब्द बनकर एक-दूसरे के पास तक पहुँच जाना चाहता था। किन्तु देव मन्दिर की मर्यादा उनकी मचलती हुई भावनाओं पर अंकुश का काम कर रही थी। थोड़ी देर बाद कौशल्या की सखियाँ मन्दिर की परिक्रमा करके फिर उसी जगह पर लौट आई। वह जाकर पृष्टद्वार से मन्दिर के बाहर चली गई और पूरन हड़बड़ाकर पूजा के लिए मन्दिर के मध्य में स्थित पार्वती की मूर्ति की ओर बढ़ा । उन दोनों के व्यवहार पर कौशल्या की सखियाँ मुसकरा पड़ी। पूजा के बाद मेला घूमने की बारी थी। बसन्ती ने मरजादपुर की
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बुढ़ापे से जवानी की ओर (सच्ची घटना)
"अरे अंकल! चल रहे हैं "? राहुल ने पूछा।
कहां चलना है, पूछने पर राहुल ने उत्तर दिया, "आपको पता नहीं है, दो दिन पहले राकेश अंकल गिर पड़े थे जिससे उनके कमर की हड्डी टूट गई थी, अस्पताल में भर्ती थे। अभी एक घंटे पहले घर आ गए हैं। डॉक्टर ने तीन महीने तक बेड रेस्ट बताया है"।
अंकल ने कहा, भाई हमें तो पता ही नहीं। चलो चलते हैं उन्हें देखते हैं।
अंकल से कुछ कहते नहीं बन पड़ रहा था इसलिए वे राकेश की ओर देखने लगे।
राकेश ने कहा, "भैया! ऐसी खा जाने वाली नजरों से क्यों घूम रहे हो? अब मुझसे गलती हो ही गई है उसी की तो सजा तो मैं भुगत रहा हूं"।
फिर एक लंबी सी गाली देते हुए अपनी भड़ास निकाली कि यह सब आधुनिक सोच का नतीजा है। आजकल सोशल मीडिया भी बुजुर्गों को चैन से जीने नहीं दे रही है। रोज तरह-तरह के वीडियो और व्हाट्सएप पर मैसेज आते रहते हैं कि अपने को बूढ़ा और मजबूर मत समझो। अभी भी दिल आपका जवान है इसलिए अपने सोचने समझने का नजरिया बदलो और मस्ती में रहना सीखो। यह भी बताते हैं कि आजकल कैसे युवा बच्चे अपने बुजुर्ग पैरेंट्स को इग्नोर कर रहे हैं। इस प्रकार अक्सर वे हमारी दुखती रगों को कुदेरते रहते हैं । लिखते हैं कि अगर सुखी रहना है तो घर में सब की सुनो मगर कुछ बोलो नहीं । यह सब बार-बार देखने पर हमें लगने लगता है कि हमारे परिवार वाले हमसे विरक्त हो चुके हैं और हम वास्तव में दुखी हो गए हैं।
दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर अनेकों वीडियो ऐसे दिखाए जाते हैं जिसमें 60 से 80 वर्ष की नर नारी नाइट क्लब अथवा घरेलू फंक्शन में एक साथ रॉक एंड रोल कर रहे होते हैं। यह सब देखकर किसका मन नहीं होगा कि वह भी मस्ती में झूमे। मन होता है कि जो काम जवानी में नहीं किया वह अब कर लें। लोग तो इतना मॉडर्न होते जा रहे हैं कि बहु बेटियों के साथ भी अपनी अदाएं दिखाने में शायद गौरवान्वित महसूस करते हैं।
इन्हीं सबके चक्कर में आकर कल मैं अपने दोस्त के यहां डांस कर रहा था। न जाने क्या हुआ एकाएक मैं गिर पड़ा और सारी हेकड़ी आपके सामने है।
फिर राकेश बोले, "एक बार ठीक हो जाऊं तो मैं मीडिया वालों को दिखाता हूं कि वह कैसे हमारा दिमाग खराब करते हैं"।
यह सब सुनकर राहुल अंकल के साथ धीरे से वहां से खिसक गया। उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा था कि लोग बुढ़ापे में जवान क्यों बनना चाहते हैं।
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बुढ़ापे से जवानी की ओर "अरे अंकल! चल रहे हैं "? राहुल ने पूछा। कहां चलना है, पूछने पर राहुल ने उत्तर दिया, "आपको पता नहीं है, दो दिन पहले राकेश अंकल गिर पड़े थे जिससे उनके कमर की हड्डी टूट गई थी, अस्पताल में भर्ती थे। अभी एक घंटे पहले घर आ गए हैं। डॉक्टर ने तीन महीने तक बेड रेस्ट बताया है"। अंकल ने कहा, भाई हमें तो पता ही नहीं। चलो चलते हैं उन्हें देखते हैं। अंकल से कुछ कहते नहीं बन पड़ रहा था इसलिए वे राकेश की ओर देखने लगे। राकेश ने कहा, "भैया! ऐसी खा जाने वाली नजरों से क्यों घूम रहे हो? अब मुझसे गलती हो ही गई है उसी की तो सजा तो मैं भुगत रहा हूं"। फिर एक लंबी सी गाली देते हुए अपनी भड़ास निकाली कि यह सब आधुनिक सोच का नतीजा है। आजकल सोशल मीडिया भी बुजुर्गों को चैन से जीने नहीं दे रही है। रोज तरह-तरह के वीडियो और व्हाट्सएप पर मैसेज आते रहते हैं कि अपने को बूढ़ा और मजबूर मत समझो। अभी भी दिल आपका जवान है इसलिए अपने सोचने समझने का नजरिया बदलो और मस्ती में रहना सीखो। यह भी बताते हैं कि आजकल कैसे युवा बच्चे अपने बुजुर्ग पैरेंट्स को इग्नोर कर रहे हैं। इस प्रकार अक्सर वे हमारी दुखती रगों को कुदेरते रहते हैं । लिखते हैं कि अगर सुखी रहना है तो घर में सब की सुनो मगर कुछ बोलो नहीं । यह सब बार-बार देखने पर हमें लगने लगता है कि हमारे परिवार वाले हमसे विरक्त हो चुके हैं और हम वास्तव में दुखी हो गए हैं। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर अनेकों वीडियो ऐसे दिखाए जाते हैं जिसमें साठ से अस्सी वर्ष की नर नारी नाइट क्लब अथवा घरेलू फंक्शन में एक साथ रॉक एंड रोल कर रहे होते हैं। यह सब देखकर किसका मन नहीं होगा कि वह भी मस्ती में झूमे। मन होता है कि जो काम जवानी में नहीं किया वह अब कर लें। लोग तो इतना मॉडर्न होते जा रहे हैं कि बहु बेटियों के साथ भी अपनी अदाएं दिखाने में शायद गौरवान्वित महसूस करते हैं। इन्हीं सबके चक्कर में आकर कल मैं अपने दोस्त के यहां डांस कर रहा था। न जाने क्या हुआ एकाएक मैं गिर पड़ा और सारी हेकड़ी आपके सामने है। फिर राकेश बोले, "एक बार ठीक हो जाऊं तो मैं मीडिया वालों को दिखाता हूं कि वह कैसे हमारा दिमाग खराब करते हैं"। यह सब सुनकर राहुल अंकल के साथ धीरे से वहां से खिसक गया। उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा था कि लोग बुढ़ापे में जवान क्यों बनना चाहते हैं।
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नई दिल्ली. नए साल 2021 (New Year) के पहले ही दिन घने कोहरे ने दिल्ली NCR को अपने आगोश में ले लिया। सुबह छह बजे से ही कोहरा बढ़ने लगा है और कुछ ही क्षणों में दृश्यता लगभग शून्य हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली एनसीआर में इस तरह का कोहरा पहले कभी नहीं देखा। कोहरे के कारण वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे बुरी हालत विभिन्न राजमार्गों पर देखने को मिली, जहां सरपट दौड़ने वाले वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे थे। कई जगहों पर वाहन चालक बुरी तरह असमंजस में नजर आए क्योंकि घने कोहरे के कारण कहां जाना है, किधर मुड़ना है, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। नए साल पर पहले दिन गाजियाबाद के विजय नगर, इंद्रिरापुरम, वसंधुरा, वैशाली के अलावा गौतमबुद्धनगर के गौर सिटी, बिसरख, सेक्टर 62, सेक्टर 83 में बहुत ही ज्यादा कोहरा देखने को मिले।
शुक्रवार को राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ नए साल का आगाज हुआ। नए साल के पहले दिन कड़ाके की ठंड देखने को मिल रही है। IMD के रिजनल हेड कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1. 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी में सुबह 6 बजे बहुत घना कोहरा छा गया, जिस वजह से कई इलाकों में दृश्यता शून्य हो गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल पालम और सफदरजंग में दृश्यता 200 मीटर से कम है।
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नई दिल्ली. नए साल दो हज़ार इक्कीस के पहले ही दिन घने कोहरे ने दिल्ली NCR को अपने आगोश में ले लिया। सुबह छह बजे से ही कोहरा बढ़ने लगा है और कुछ ही क्षणों में दृश्यता लगभग शून्य हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली एनसीआर में इस तरह का कोहरा पहले कभी नहीं देखा। कोहरे के कारण वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे बुरी हालत विभिन्न राजमार्गों पर देखने को मिली, जहां सरपट दौड़ने वाले वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे थे। कई जगहों पर वाहन चालक बुरी तरह असमंजस में नजर आए क्योंकि घने कोहरे के कारण कहां जाना है, किधर मुड़ना है, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। नए साल पर पहले दिन गाजियाबाद के विजय नगर, इंद्रिरापुरम, वसंधुरा, वैशाली के अलावा गौतमबुद्धनगर के गौर सिटी, बिसरख, सेक्टर बासठ, सेक्टर तिरासी में बहुत ही ज्यादा कोहरा देखने को मिले। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ नए साल का आगाज हुआ। नए साल के पहले दिन कड़ाके की ठंड देखने को मिल रही है। IMD के रिजनल हेड कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान एक. एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी में सुबह छः बजे बहुत घना कोहरा छा गया, जिस वजह से कई इलाकों में दृश्यता शून्य हो गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल पालम और सफदरजंग में दृश्यता दो सौ मीटर से कम है।
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Funny Jokes Today Hindi : डॉक्टर का भी यही कहना है कि हंसना एक दवा की तरह होता है ऐसे में आप भी जब भी हंसें तो एकदम दिल खोलकर हंसें क्योंकि ऐसे हसने से आपकी दिनभर की टेंशन और थकान कम हो जाती है। और साथ ही इससे मानसिक बीमारिया भी दूर होती है। इसीलिए आज हम आपको हसाने के लिए पति-पत्नी के कुछ मजेदार जोक्स (Funny Jokes) लेकर आए हैं।
वाईफ - शादी से पहले तुम मुझे होटल,
शादी हुई तो तुम तो मुझे घर के बाहर भी नहीं ले जाते. .
चुनाव के बाद प्रचार करते देखा है।
पति रात को फोन पर पूछता है : खाने में क्या है?
पत्नी जवाब देती : जहर!
पतिः मैं देर से आऊंगा, तुम खाकर सो जाना।
वाईफ - क्यों जी , आप कल पड़ोसन के साथ फिल्म देखने गए थे ? पति - क्या करूँ , तुम तो जानती हो आजकल परिवार के साथ देखने लायक फिल्म बनती ही नहीं है।
4. पति-पत्नी - हिपनोटाइज करना क्या होता है?
हसबैंड - हिपनोटाइज करना क्या होता है?
वाईफ - किसी को अपने कंट्रोल में कर के अपनी मर्जी का काम करवाना।
हसबैंड - चल झूठी, उसे तो शादी कहते हैं।
5 . पति-पत्नी - तुम मुझे सोते हुए गाली दे रहे थे?
पत्नी- तुम मुझे सोते हुए गाली दे रहे थे?
पति- नहीं तुम्हें कोई गलतफहमी हुई है,
पत्नी- कैसी गलतफलमी?
पति- यही कि मैं सो रहा था।
पत्नी- (नींद में से उठती हुई गुस्से में)... पानी क्यों डाला. . ?
पत्नी हो गई हैरान और परेशान!
7. पति-पत्नी - पत्नी कार चला रही थी , पति बगल में बैठा था।
पत्नी कार चला रही थी , पति बगल में बैठा था।
पति - तुम मुड़ते टाइम इंडिकेटर क्यों नहीं देती।
पत्नी - क्यों , मुझे इंडिकेटर क्यों देना चाहिए ?
पति - ताकि दूसरे लोगों को पता चले तुम किधर जाओगी।
पत्नी - मेरी मर्जी , मैं किधर भी जाऊँ, दूसरों को उससे क्या।
पति - " SORRY "....... . जैसे मर्जी वैसे करो।
पत्नी- खुद बना लो ना!
पति- ठीक है तुम मेरा सर दबा दो और मैं तुम्हारा गला दबा देता हूं।
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Funny Jokes Today Hindi : डॉक्टर का भी यही कहना है कि हंसना एक दवा की तरह होता है ऐसे में आप भी जब भी हंसें तो एकदम दिल खोलकर हंसें क्योंकि ऐसे हसने से आपकी दिनभर की टेंशन और थकान कम हो जाती है। और साथ ही इससे मानसिक बीमारिया भी दूर होती है। इसीलिए आज हम आपको हसाने के लिए पति-पत्नी के कुछ मजेदार जोक्स लेकर आए हैं। वाईफ - शादी से पहले तुम मुझे होटल, शादी हुई तो तुम तो मुझे घर के बाहर भी नहीं ले जाते. . चुनाव के बाद प्रचार करते देखा है। पति रात को फोन पर पूछता है : खाने में क्या है? पत्नी जवाब देती : जहर! पतिः मैं देर से आऊंगा, तुम खाकर सो जाना। वाईफ - क्यों जी , आप कल पड़ोसन के साथ फिल्म देखने गए थे ? पति - क्या करूँ , तुम तो जानती हो आजकल परिवार के साथ देखने लायक फिल्म बनती ही नहीं है। चार. पति-पत्नी - हिपनोटाइज करना क्या होता है? हसबैंड - हिपनोटाइज करना क्या होता है? वाईफ - किसी को अपने कंट्रोल में कर के अपनी मर्जी का काम करवाना। हसबैंड - चल झूठी, उसे तो शादी कहते हैं। पाँच . पति-पत्नी - तुम मुझे सोते हुए गाली दे रहे थे? पत्नी- तुम मुझे सोते हुए गाली दे रहे थे? पति- नहीं तुम्हें कोई गलतफहमी हुई है, पत्नी- कैसी गलतफलमी? पति- यही कि मैं सो रहा था। पत्नी- ... पानी क्यों डाला. . ? पत्नी हो गई हैरान और परेशान! सात. पति-पत्नी - पत्नी कार चला रही थी , पति बगल में बैठा था। पत्नी कार चला रही थी , पति बगल में बैठा था। पति - तुम मुड़ते टाइम इंडिकेटर क्यों नहीं देती। पत्नी - क्यों , मुझे इंडिकेटर क्यों देना चाहिए ? पति - ताकि दूसरे लोगों को पता चले तुम किधर जाओगी। पत्नी - मेरी मर्जी , मैं किधर भी जाऊँ, दूसरों को उससे क्या। पति - " SORRY "....... . जैसे मर्जी वैसे करो। पत्नी- खुद बना लो ना! पति- ठीक है तुम मेरा सर दबा दो और मैं तुम्हारा गला दबा देता हूं।
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इस्लामाबाद, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती ने पाकिस्तान को बेचैन कर दिया है।
पाकिस्तान की बेचैनी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने कहा है कि वह इस मामले को पूरी दुनिया के सामने उठाएगा। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को विदेश मंत्रालय में जम्मू एवं कश्मीर मामलों की संसदीय समिति की पांचवीं बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारतीय कार्रवाई पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि भारत, कश्मीर की संवैधानिक स्थिति को बदलना चाहता है और पाकिस्तान ऐसा होने नहीं देगा। हम पूरी दुनिया में विदेश मामलों की संसदीय समितियों के समक्ष कश्मीर मुद्दा उठाने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर मामले में पूरे देश और संसद का रुख एक समान है।
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इस्लामाबाद, एक अगस्त । जम्मू एवं कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती ने पाकिस्तान को बेचैन कर दिया है। पाकिस्तान की बेचैनी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने कहा है कि वह इस मामले को पूरी दुनिया के सामने उठाएगा। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को विदेश मंत्रालय में जम्मू एवं कश्मीर मामलों की संसदीय समिति की पांचवीं बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारतीय कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारत, कश्मीर की संवैधानिक स्थिति को बदलना चाहता है और पाकिस्तान ऐसा होने नहीं देगा। हम पूरी दुनिया में विदेश मामलों की संसदीय समितियों के समक्ष कश्मीर मुद्दा उठाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर मामले में पूरे देश और संसद का रुख एक समान है।
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देहरादून, (आजखबर)। उत्तराखण्ड की राज्यपाल मार्ग्रेट आल्वा ने समावेशी समाज के निर्माण को सुनिश्चित करने वाले विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा "विकास वही है, जो पत्येक के लिए उसके जन्म और परिस्थितियों का भेदभाव किये बिना उनकी क्षमताओं का पूर्ण विकास करने में सहायक होकर उन्हें एक सार्थक जीवन उपलब्ध करा सके। " लखनऊ में उत्तर पदेश सिटीजन फोरम द्वारा "समावेशी समाज के लिए विकास" विषय पर आयोजित संगोष्"ाr में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड की राज्यपाल मार्ग्रेट आल्वा ने कहा कि यह समावेशीकरण व्यक्तिगत व संस्थागत दोनों ही स्तर पर हो। विकास की यह पकिया बहुआयामी हो, जिससे सामाजिक, आर्थिक सहभागिता व सशक्तीकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संगोष्"ाr के विषय को सम सामयिक बताते हुए कहा कि समावेशी समाज में सभी लोगों को अपनी क्षमताओं की अभिव्यक्त करने का अधिकाधिक अवसर मिल सकता है तथा उन जरूरी सेवाओं व सुविधाओं की उपलब्धता भी आसान हो सकती है, जिनकी उन्हें आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस लोकतांत्रिक पकिया में विशेष रूप से अल्पसंख्यकों, वृद्धों, कमजोर वर्ग, महिलाओं तथा बच्चों की उस आवाज को सुने जाने की जरूरत है, जो उनके उत्थान से संबंधित है। राज्यपाल आल्वा ने भारत के महान शिक्षाविद् तथा मुस्लिम धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के सर सय्यद अहमद खान की 194वीं जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यकम में मुख्य अतिथि के बतौर आमंत्रित किये जाने के लिए सिटीजन फोरम के अध्यक्ष तारिक सिद्दीकी का आभार व्यक्त किया। सर सैय्यद अहमद खान के पति सम्मान व श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ण समर्पण के साथ मुस्लिम शिक्षा को आधुनिक वैज्ञानिक स्वरूप दिया। मुस्लिम कैब्रिज विश्वविद्यालय स्थापित करने का उनका सपना 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में साकार हुआ। उन्होंने समावेशी समाज के लिए शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए 'जॉन कैनिथ गैलब्रेथ" की वे पंक्तियॉ उद्घृत की, जिनके अनुसार शिक्षित जनसंख्या में कोई गरीब नहीं होता, अशिक्षा सबसे बड़ी निर्धनता है। राज्यपाल आल्वा ने कहा कि गरीब तथा सामाजिक भेदभाव से पीड़ित वर्ग का जीवन-स्तर सुधारने के लिए शिक्षा ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने संगोष्"ाr की सफलता की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संगोष्"ाr में गरीबी उन्मूलन व सामाजिक उत्थान के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए समावेशी समाज स्थापित करने तथा तीव्र आर्थिक विकास के लिए पभावी कदम उ"ाये जायेंगे।
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देहरादून, । उत्तराखण्ड की राज्यपाल मार्ग्रेट आल्वा ने समावेशी समाज के निर्माण को सुनिश्चित करने वाले विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा "विकास वही है, जो पत्येक के लिए उसके जन्म और परिस्थितियों का भेदभाव किये बिना उनकी क्षमताओं का पूर्ण विकास करने में सहायक होकर उन्हें एक सार्थक जीवन उपलब्ध करा सके। " लखनऊ में उत्तर पदेश सिटीजन फोरम द्वारा "समावेशी समाज के लिए विकास" विषय पर आयोजित संगोष्"ाr में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड की राज्यपाल मार्ग्रेट आल्वा ने कहा कि यह समावेशीकरण व्यक्तिगत व संस्थागत दोनों ही स्तर पर हो। विकास की यह पकिया बहुआयामी हो, जिससे सामाजिक, आर्थिक सहभागिता व सशक्तीकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संगोष्"ाr के विषय को सम सामयिक बताते हुए कहा कि समावेशी समाज में सभी लोगों को अपनी क्षमताओं की अभिव्यक्त करने का अधिकाधिक अवसर मिल सकता है तथा उन जरूरी सेवाओं व सुविधाओं की उपलब्धता भी आसान हो सकती है, जिनकी उन्हें आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस लोकतांत्रिक पकिया में विशेष रूप से अल्पसंख्यकों, वृद्धों, कमजोर वर्ग, महिलाओं तथा बच्चों की उस आवाज को सुने जाने की जरूरत है, जो उनके उत्थान से संबंधित है। राज्यपाल आल्वा ने भारत के महान शिक्षाविद् तथा मुस्लिम धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के सर सय्यद अहमद खान की एक सौ चौरानवेवीं जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यकम में मुख्य अतिथि के बतौर आमंत्रित किये जाने के लिए सिटीजन फोरम के अध्यक्ष तारिक सिद्दीकी का आभार व्यक्त किया। सर सैय्यद अहमद खान के पति सम्मान व श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ण समर्पण के साथ मुस्लिम शिक्षा को आधुनिक वैज्ञानिक स्वरूप दिया। मुस्लिम कैब्रिज विश्वविद्यालय स्थापित करने का उनका सपना एक हज़ार नौ सौ बीस में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में साकार हुआ। उन्होंने समावेशी समाज के लिए शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए 'जॉन कैनिथ गैलब्रेथ" की वे पंक्तियॉ उद्घृत की, जिनके अनुसार शिक्षित जनसंख्या में कोई गरीब नहीं होता, अशिक्षा सबसे बड़ी निर्धनता है। राज्यपाल आल्वा ने कहा कि गरीब तथा सामाजिक भेदभाव से पीड़ित वर्ग का जीवन-स्तर सुधारने के लिए शिक्षा ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने संगोष्"ाr की सफलता की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संगोष्"ाr में गरीबी उन्मूलन व सामाजिक उत्थान के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए समावेशी समाज स्थापित करने तथा तीव्र आर्थिक विकास के लिए पभावी कदम उ"ाये जायेंगे।
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बाइक सेगमेंट में 125 सीसी इंजन क्षमता वाली बाइकों की एक लंबी रेंज मौजूद है जिसमें कम्यूटर बाइक से लेकर एंट्री लेवल स्पोर्ट्स बाइक तक शामिल हैं। इस मौजूदा रेंज में हम बात कर रहे हैं हीरो सुपर स्प्लेंडर प्लस के बारे में जो अपनी कंपनी की पॉपुलर बाइक है।
इस बाइक को अगर आप शोरूम से खरीदते हैं तो इसके लिए आपको 77,200 रुपये से लेकर 81,100 रुपये तक खर्च करने होंगे। मगर यहां हम उन ऑफर्स के बारे में बताएंगे जिसके जरिए आप इस बाइक को आधी से कम कीमत में खरीदकर घर ले जा सकेंगे।
हीरो सुपर स्प्लेंडर पर मिलने वाले ये ऑफर अलग अलग ऑनलाइन वेबसाइट से मिले हैं जो सेकेंड हैंड बाइक खरीदने, बेचने और लिस्टिंग करने का काम करती हैं। इसमें से हम आपको बेस्ट ऑफर्स के बारे में बता रहे हैं।
पहला ऑफर OLX वेबसाइट से आया है जहां इस बाइक का 2012 मॉडल लिस्ट किया गया है। यहां इस बाइक की कीमत 15 हजार रुपये तय की गई है लेकिन इसे खरीदने पर आपको कोई फाइनेंस प्लान या दूसरा ऑफर नहीं मिलेगा।
दूसरा ऑफर QUIKR वेबसाइट पर दिया गया है जहां इस सुपर स्प्लेंडर का 2018 मॉडल बिक्री के लिए पोस्ट किया गया है। इस बाइक की कीमत 18 हजार रुपये तय की गई है और इसके साथ कोई फाइनेंस प्लान नहीं दिया जा रहा।
तीसरा ऑफर BIKEDEKHO वेबसाइट से आया है जहां इस सुपर स्प्लेंडर का 2017 मॉडल लिस्ट किया गया है और इसकी कीमत 20 हजार रुपये तय की गई है। इस बाइक को खरीदने पर कोई फाइनेंस प्लान या ऑफर नहीं मिलेगा।
हीरो सुपर स्प्लेंडर पर मिलने वाले इन ऑफर की डिटेल पढ़ने के बाद आप जान लीजिए इस बाइक के इंजन और माइलेज की कंप्लीट डिटेल।
हीरो स्प्लेंडर प्लस में कंपनी ने 124. 7 सीसी का सिंगल सिलेंडर इंजन दिया है। यह इंजन 10. 8 पीएस की पावर और 10. 6 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन के साथ कंपनी ने 5 स्पीड गियरबॉक्स को जोड़ा है।
माइलेज को लेकर कंपनी दावा करती है कि ये बाइक 80 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है और इस माइलेज को ARAI द्वारा प्रमाणित किया गया है।
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बाइक सेगमेंट में एक सौ पच्चीस सीसी इंजन क्षमता वाली बाइकों की एक लंबी रेंज मौजूद है जिसमें कम्यूटर बाइक से लेकर एंट्री लेवल स्पोर्ट्स बाइक तक शामिल हैं। इस मौजूदा रेंज में हम बात कर रहे हैं हीरो सुपर स्प्लेंडर प्लस के बारे में जो अपनी कंपनी की पॉपुलर बाइक है। इस बाइक को अगर आप शोरूम से खरीदते हैं तो इसके लिए आपको सतहत्तर,दो सौ रुपयापये से लेकर इक्यासी,एक सौ रुपयापये तक खर्च करने होंगे। मगर यहां हम उन ऑफर्स के बारे में बताएंगे जिसके जरिए आप इस बाइक को आधी से कम कीमत में खरीदकर घर ले जा सकेंगे। हीरो सुपर स्प्लेंडर पर मिलने वाले ये ऑफर अलग अलग ऑनलाइन वेबसाइट से मिले हैं जो सेकेंड हैंड बाइक खरीदने, बेचने और लिस्टिंग करने का काम करती हैं। इसमें से हम आपको बेस्ट ऑफर्स के बारे में बता रहे हैं। पहला ऑफर OLX वेबसाइट से आया है जहां इस बाइक का दो हज़ार बारह मॉडल लिस्ट किया गया है। यहां इस बाइक की कीमत पंद्रह हजार रुपये तय की गई है लेकिन इसे खरीदने पर आपको कोई फाइनेंस प्लान या दूसरा ऑफर नहीं मिलेगा। दूसरा ऑफर QUIKR वेबसाइट पर दिया गया है जहां इस सुपर स्प्लेंडर का दो हज़ार अट्ठारह मॉडल बिक्री के लिए पोस्ट किया गया है। इस बाइक की कीमत अट्ठारह हजार रुपये तय की गई है और इसके साथ कोई फाइनेंस प्लान नहीं दिया जा रहा। तीसरा ऑफर BIKEDEKHO वेबसाइट से आया है जहां इस सुपर स्प्लेंडर का दो हज़ार सत्रह मॉडल लिस्ट किया गया है और इसकी कीमत बीस हजार रुपये तय की गई है। इस बाइक को खरीदने पर कोई फाइनेंस प्लान या ऑफर नहीं मिलेगा। हीरो सुपर स्प्लेंडर पर मिलने वाले इन ऑफर की डिटेल पढ़ने के बाद आप जान लीजिए इस बाइक के इंजन और माइलेज की कंप्लीट डिटेल। हीरो स्प्लेंडर प्लस में कंपनी ने एक सौ चौबीस. सात सीसी का सिंगल सिलेंडर इंजन दिया है। यह इंजन दस. आठ पीएस की पावर और दस. छः एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन के साथ कंपनी ने पाँच स्पीड गियरबॉक्स को जोड़ा है। माइलेज को लेकर कंपनी दावा करती है कि ये बाइक अस्सी किलोग्राममीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है और इस माइलेज को ARAI द्वारा प्रमाणित किया गया है।
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रायपुर। crime news : अंतरराज्यीय ठग तालिम हुसैन गिरफ्तार कर लिया गया है। इस आरोपी को रायपुर पुलिस ने हरियाणा के नूह से गिरफ्तार किया है। यह ठग आर्मी अफसर बनकर देशभर में ठगी की वारदात को अंजाम देता था। कई लोगों को आर्मी अफसर बनकर प्रलोभन देता था। लोगों को झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था।
आरोपी ने रायपुर से डाॅ. अदिती सिंह को भी झांसे में लेकर अपना शिकार बनाया था। उसने आर्मी अफसर बनकर 3 लाख रुपए की ठगी की थी। जवानों का चेकअप कराने के नाम पर ठगी की थी। इसे लेकर तेलीबांधा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
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रायपुर। crime news : अंतरराज्यीय ठग तालिम हुसैन गिरफ्तार कर लिया गया है। इस आरोपी को रायपुर पुलिस ने हरियाणा के नूह से गिरफ्तार किया है। यह ठग आर्मी अफसर बनकर देशभर में ठगी की वारदात को अंजाम देता था। कई लोगों को आर्मी अफसर बनकर प्रलोभन देता था। लोगों को झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी ने रायपुर से डाॅ. अदिती सिंह को भी झांसे में लेकर अपना शिकार बनाया था। उसने आर्मी अफसर बनकर तीन लाख रुपए की ठगी की थी। जवानों का चेकअप कराने के नाम पर ठगी की थी। इसे लेकर तेलीबांधा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में पीएचडी में होने वाले दाखिले में अब हाईस्कूल से लेकर परास्नातक (पीजी) में मिले नंबर की भी अहमियत होगी। पीएचडी में अंतिम तौर पर जिन 75 नंबर के आधार पर दाखिला दिया जाएगा, उनमें से बीस नंबर हाईस्कूल से पीजी तक में मिले अंकों के आधार दिए जाएंगे। इविवि प्रशासन ने इस वर्ष से पीएचडी में दाखिले की प्रक्रिया बदल दी है।
यूजीसी 2016 रेगुलेशन के मुताबिक कई अहम बदलाव किए गए हैं, इनमें से एक अभ्यर्थी के एकेडमिक परफार्मेंस पर नंबर देना भी है। इविवि और कॉलेजों में पीएचडी में प्रवेश के लिए पहले चरण में संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) होगी। क्रेट कमेटी इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की सूची घोषित करेगी।
नए रेगुलेशन के मुताबिक पीएचडी में प्रवेश 75 नंबर के आधार पर दिया जाएगा। इसमें से 20 नंबर एकेडमिक परफार्मेंस यानी हाईस्कूल से पीजी तक मिले अंकों के आधार पर दिए जाएंगे। शेष 50 नंबर में 70 प्रतिशत यानी 35 नंबर क्रेट में मिले अंकों के आधार पर दिए जाएंगे जबकि 30 प्रतिशत यानी 15 नंबर का इंटरव्यू होगा। क्रेट में अभ्यर्थियों को जितने नंबर मिलेंगे, उसे अधिकतम 35 नंबर में परिवर्तित कर दिया जाएगा। एकेडमिक परफार्मेंश पर जो 20 नंबर दिए जाएंगे उनमें दो नंबर हाईस्कूल में मिले नंबर के आधार पर दिया जाएगा।
हाईस्कूल में 50 प्रतिशत से कम नंबर पर कोई नंबर नहीं दिया जाएगा। 50 प्रतिशत से अधिक और 60 प्रतिशत से कम पर एक नंबर मिलेगा जबकि 60 प्रतिशत से अधिक पर दो नंबर दिया जाएगा। इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर तीन नंबर दिए जाएंगे। इंटर में 50 प्रतिशत से कम अंक पर एक, 50 प्रतिशत से अधिक और 60 प्रतिशत से कम पर दो तथा 60 प्रतिशत से अधिक पर तीन नंबर दिया जाएगा। स्नातक के अंकों के आधार पर पांच नंबर दिए जाएंगे।
स्नातक में 50 प्रतिशत से कम पर दो नंबर दिए जाएंगे जबकि 50 से अधिक और 60 प्रतिशत से कम पर तीन और 60 प्रतिशत से अधिक नंबर पर पांच नंबर दिए जाएंगे। परास्नातक के अंकों पर 10 नंबर दिए जाएंगे। परास्तानक में 50 से अधिक और 55 प्रतिशत से कम पर पांच, 55 से अधिक और 60 प्रतिशत से कम पर सात और 60 प्रतिशत से अधिक पर 10 नंबर दिए जाएंगे। नेट/स्लेट पर तीन और जेआरएफ पर पांच नंबर दिया जाएगा। स्पष्ट है कि जिन अभ्यर्थियों के हाईस्कूल से पीजी तक कम नंबर होंगे उनकी मेरिट प्रभावित हो सकती है क्योंकि कुल 75 नंबर में इन बीस नंबर की काफी अहमियत होगी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में पीएचडी में होने वाले दाखिले में अब हाईस्कूल से लेकर परास्नातक में मिले नंबर की भी अहमियत होगी। पीएचडी में अंतिम तौर पर जिन पचहत्तर नंबर के आधार पर दाखिला दिया जाएगा, उनमें से बीस नंबर हाईस्कूल से पीजी तक में मिले अंकों के आधार दिए जाएंगे। इविवि प्रशासन ने इस वर्ष से पीएचडी में दाखिले की प्रक्रिया बदल दी है। यूजीसी दो हज़ार सोलह रेगुलेशन के मुताबिक कई अहम बदलाव किए गए हैं, इनमें से एक अभ्यर्थी के एकेडमिक परफार्मेंस पर नंबर देना भी है। इविवि और कॉलेजों में पीएचडी में प्रवेश के लिए पहले चरण में संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा होगी। क्रेट कमेटी इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की सूची घोषित करेगी। नए रेगुलेशन के मुताबिक पीएचडी में प्रवेश पचहत्तर नंबर के आधार पर दिया जाएगा। इसमें से बीस नंबर एकेडमिक परफार्मेंस यानी हाईस्कूल से पीजी तक मिले अंकों के आधार पर दिए जाएंगे। शेष पचास नंबर में सत्तर प्रतिशत यानी पैंतीस नंबर क्रेट में मिले अंकों के आधार पर दिए जाएंगे जबकि तीस प्रतिशत यानी पंद्रह नंबर का इंटरव्यू होगा। क्रेट में अभ्यर्थियों को जितने नंबर मिलेंगे, उसे अधिकतम पैंतीस नंबर में परिवर्तित कर दिया जाएगा। एकेडमिक परफार्मेंश पर जो बीस नंबर दिए जाएंगे उनमें दो नंबर हाईस्कूल में मिले नंबर के आधार पर दिया जाएगा। हाईस्कूल में पचास प्रतिशत से कम नंबर पर कोई नंबर नहीं दिया जाएगा। पचास प्रतिशत से अधिक और साठ प्रतिशत से कम पर एक नंबर मिलेगा जबकि साठ प्रतिशत से अधिक पर दो नंबर दिया जाएगा। इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर तीन नंबर दिए जाएंगे। इंटर में पचास प्रतिशत से कम अंक पर एक, पचास प्रतिशत से अधिक और साठ प्रतिशत से कम पर दो तथा साठ प्रतिशत से अधिक पर तीन नंबर दिया जाएगा। स्नातक के अंकों के आधार पर पांच नंबर दिए जाएंगे। स्नातक में पचास प्रतिशत से कम पर दो नंबर दिए जाएंगे जबकि पचास से अधिक और साठ प्रतिशत से कम पर तीन और साठ प्रतिशत से अधिक नंबर पर पांच नंबर दिए जाएंगे। परास्नातक के अंकों पर दस नंबर दिए जाएंगे। परास्तानक में पचास से अधिक और पचपन प्रतिशत से कम पर पांच, पचपन से अधिक और साठ प्रतिशत से कम पर सात और साठ प्रतिशत से अधिक पर दस नंबर दिए जाएंगे। नेट/स्लेट पर तीन और जेआरएफ पर पांच नंबर दिया जाएगा। स्पष्ट है कि जिन अभ्यर्थियों के हाईस्कूल से पीजी तक कम नंबर होंगे उनकी मेरिट प्रभावित हो सकती है क्योंकि कुल पचहत्तर नंबर में इन बीस नंबर की काफी अहमियत होगी।
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- भरवां पनीर शिमला मिर्च बनाने के लिए सबसे पहले पैन में 2 छोटे चम्मच तेल गर्म करें। फिर इसमें हींग और जीरा डालकर भुनें और बाद हरी मटर के दाने डाल दें।
- अब इसे ढंककर पकाने दें। बाद में हल्दी, अदरक का पेस्ट, बारीक कटी हरी मिर्च, धनिया पाउडर, पनीर, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, नमक और हरा धनिया डालकर मिला लें।
- फिर शिमला मिर्च के बीज निकाल इसमें पनीर की स्टफिंग भर दें। अब पैन में 2 बड़े चम्मच तेल गर्म करें और इसमें हल्दी और नमक डालकर मिला लें।
- उसके बाद इसमें शिमला मिर्च डालकर ढंक दें। भरवां मिर्च को दोनों ओर से पलटकर सेंक लें।
- लीजिए तैयार है आपका टेस्टी भरवां पनीर शिमला मिर्च। अब इसे रोटी या पराठे के साथ परोसें।
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- भरवां पनीर शिमला मिर्च बनाने के लिए सबसे पहले पैन में दो छोटे चम्मच तेल गर्म करें। फिर इसमें हींग और जीरा डालकर भुनें और बाद हरी मटर के दाने डाल दें। - अब इसे ढंककर पकाने दें। बाद में हल्दी, अदरक का पेस्ट, बारीक कटी हरी मिर्च, धनिया पाउडर, पनीर, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, नमक और हरा धनिया डालकर मिला लें। - फिर शिमला मिर्च के बीज निकाल इसमें पनीर की स्टफिंग भर दें। अब पैन में दो बड़े चम्मच तेल गर्म करें और इसमें हल्दी और नमक डालकर मिला लें। - उसके बाद इसमें शिमला मिर्च डालकर ढंक दें। भरवां मिर्च को दोनों ओर से पलटकर सेंक लें। - लीजिए तैयार है आपका टेस्टी भरवां पनीर शिमला मिर्च। अब इसे रोटी या पराठे के साथ परोसें।
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शांकर वेदान्त में आत्म तत्त्वविज्ञान / 109
आत्मा एवं जीव के समान ही, आत्मा एवं साक्षी में भी आत्यन्तिक रूप में कोई भेद नहीं है। ये दोनों ही तत्त्वतः एक ही हैं। आत्मा निरपेक्ष एवं सार्वभौम चैतन्य है और यही व्यक्ति विशेष परन्तु में सभी संज्ञानों एवं मानसिक वृत्तियों का साक्षी है। संज्ञान उत्पन्न एवं तिरोहित होते हैं, साक्षी चैतन्य या आत्मा अपरिवर्तित रहता है जो सभी ज्ञान एवं कर्मों के नित्य एवं तटस्थ द्रष्टा के रूप में वर्तमान रहता है। आत्मा प्रकृतितः स्वयंप्रकाश होने से 'स्वयं' को एवं इसकी 'स्वयंचेतना' को भी प्रकाशित करता है। यह सभी प्रकार के ज्ञान एवं आत्मचेतना (अहंप्रत्यय) 12 का साक्षी होता है। वाचस्पति मिश्र ने भामती नामक अपने प्रसिद्ध कृति में स्पष्ट किया है कि साक्षी एवं आत्मा में कोई तात्त्विक भेद नहीं है। भेद केवल अज्ञानजन्य है। बुद्धयादि से उपहित विशुद्धात्मा जीव है, जबकि इसका वास्तविक स्वरूप आत्मा या साक्षी है। 13 जीव यद्यपि आत्मा से अभिन्न है, तथापि यह बुद्धयादि कतिपय अतात्त्विक संलग्नकों से सांवृत्तिकतः आबद्ध है। वह सक्रिय कर्त्ता जो अहंप्रत्यय का विषय है, जीवात्मा है। परमात्मा, जो इस जीवात्मा का साक्षी है, कभी अहंप्रत्त्यय का विषय नहीं बनता।
इस प्रकार हमने शांकर वेदान्त के आत्म-तत्त्वविज्ञान में देखा कि आत्मा, ब्रह्म, ईश्वर, जीव एवं साक्षी सभी तत्त्वतः एक ही हैं। ये एक ही सत्ता के विभिन्न दृष्टिकोणों से भिन्न-भिन्न नाममात्र हैं। जब वास्तविक ज्ञान या प्रज्ञा (ब्रह्मज्ञान या ब्रह्मविद्या) का उदय हो जाता है, सभी प्रकार के विभेदीकरण विनष्ट हो जाते हैं और आत्मतत्त्व का वास्तविक प्रकाश (ज्ञान) हो जाता है। यही अवस्था मुक्ति की अवस्था कही गयी है। इस क्षण ज्ञाता और ज्ञेय का आत्यन्तिक भेद समाप्त हो जाता है क्योंकि ज्ञाता स्वयं ज्ञेय या ब्रह्म हो जाता है।
शांकर वेदान्त में आत्म-तत्त्वविज्ञान (आण्टोलॉजी ऑफ सोल) के उपर्युक्त विवेचन के पश्चात् यह आवश्यक है, जिसमें यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आचार्य शंकर ने जिस मत के द्वारा आत्म-तत्त्व की सिद्धि की है वह सर्वप्रथम अनुभव एवं अपरोक्षानुभूति से प्राप्त है, तदुपरान्त तर्क एवं श्रुति से प्रमाणित है। अतः उपर्युक्त विवेचन आधुनिक तत्त्वमीमांसा पर लगे आधारहीन कल्पना के आक्षेप से पृथक क्षेत्र से सम्बन्धित है क्योंकि आचार्य शंकर का तत्त्वविज्ञान, ब्रह्मविज्ञान" या आत्मविज्ञान है। शंकर के अनुसार तत्त्व वह है जो सत् है और "जिस विषय के सम्बन्ध में बुद्धि का व्यभिचार ( परिवर्तन) नहीं होता है, वह सत् है, पर जिस विषय के सम्बन्ध में बुद्धि का व्यभिचार होता है वह असत् है । 15" तत्त्व या द्रव्य के इस निकष पर चैतन्य ही एक ऐसा है जो सम्पूर्णता में स्वयं को सिद्ध कर पाता है। जगत् की समस्त वस्तुएँ जो हमारे ज्ञान के विषय हैं, वे व्यभिचरित होती हैं या हो सकती हैं, किन्तु उनके ज्ञाता-रूप चैतन्य का कभी व्यभिचार नहीं हो सकता। अतः चैतन्य रूप ज्ञाता या आत्मा ही एकमात्र तत्त्व है, क्योंकि ज्ञाता या आत्मा का निराकरण नहीं हो सकता।" उपर्युक्त विवेचन में हम देख चुके हैं कि आत्मा एवं ब्रह्म में अद्वैत सम्बन्ध है जिसे आचार्य शंकर ने सिद्ध भी किया है। अब यहाँ एक प्रश्न उठ सकता है कि यदि ब्रह्म या आत्मा न तो प्रत्यक्ष के द्वारा, न अनुमान द्वारा, न सीधे तर्क द्वारा, और न श्रुति के द्वारा ही जाना जा सकता है, तो आचार्य शंकर के ब्रह्म या द्रव्य को कैसे जाना जा सकता है? यदि
वेदान्त दर्शन के आयाम / 110
यह तत्त्व अज्ञेय हो या इसके ज्ञान के लिए कोई साधन या प्रमाण आचार्य शंकर के द्वारा नहीं दिया गया हो, तब उनका समस्त दर्शन तत्त्वमीमांसा के विवादों से घिर जायेगा। परन्तु ऐसा नहीं है। इसके समाधान के लिए उन्होंने अनुभव, अपरोक्षानुभूति, तर्क एवं श्रुति, सबका उचित स्थान एवं परिस्थित्यानुरूप सहारा लिया है। उनका दर्शन अनुभव एवं उसके परीक्षण के विपरीत नहीं है। उनका समस्त दर्शन जीवन के अनुभवों पर आधारित है। ब्रह्मसूत्र भाष्य में 'अध्यास' की व्याख्या के क्रम में, उन्होंने लोकानुभव की ओर इंगित करते हुए कहा कि सामान्य जीवन का अनुभव है कि शुक्तिका चाँदी के समान दिखाई पड़ती है तथा एक चन्द्रमा दूसरे चन्द्रमा के साथ दिखाई पड़ता है।"" उनकी स्पष्ट मान्यता है कि दृष्ट के आधार पर ही अदृष्ट की व्याख्या की जा सकती है। किसी भी दृष्ट वस्तु में अविश्वास उत्पन्न करना अज्ञानता है, क्योंकि दृष्ट वस्तु कभी भी 8 अनुपपन्न नहीं हो सकती।19 यदि कोई ऐसी कल्पना करता है जो दृष्ट वस्तु के विपरीत है, तो भी उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। 20 इस तरह हम देख सकते हैं कि आचार्य शंकर ने अनुभव को कितना महत्त्व दिया है।
परन्तु यहाँ यह प्रश्न उठ सकता है कि आचार्य शंकर के इस 'अनुभव' से ब्रह्म या तत्त्व किस प्रकार जाना जा सकता है? क्या इस अनुभव में लौकिक प्रत्यक्ष के अतिरिक्त अलौकिक प्रत्यक्ष भी है या केवल लौकिक मात्र या दोनों प्रकार के अनुभवों में कोई विरोध है? आचार्य शंकर का मानना है कि लौकिक एवं अलौकिक प्रत्यक्षों के बीच कोई विरोध नहीं हो सकता, क्योंकि इन दोनों के क्षेत्र भिन्न-भिन्न हैं। दोनों की श्रेणीयाँ अलग-अलग हैं। यदि दोनों में विरोध या समानता की तुलना की जाय, तो श्रेणीपरक भूल की समस्या आ जायेगी। अतः इन दोनों को अपने-अपने क्षेत्रों में उच्चतम महत्त्व है। व्यावहारिक जगत् की वस्तुओं के लिए लौकिक प्रत्यक्ष की प्रमुखता है, किन्तु पारमार्थिक जगत् के लिए आचार्य शंकर श्रुति को ही एकमात्र प्रमाण स्वीकार करते हैं । आचार्य शंकर की स्पष्ट मान्यता है कि ब्रह्म का स्वरूप जगत् की वस्तुओं की तरह नहीं
है और न ही यह उस रूप में ज्ञान का विषय बन सकता है। अतः इसे न तो प्रत्यक्ष के द्वारा जाना जा सकता है, और न ही अनुमान या तर्क के द्वारा जनसामान्य के द्वारा ब्रह्म को जानने का एकमात्र प्रमाण श्रुति ही है। एतत्हेतु आचार्य शंकर का कहना है कि रूपादि के अभाव के कारण ब्रह्म प्रत्यक्ष का विषय नहीं हो सकता । 21 लिंगादि के अभाव के कारण ब्रह्म अनुमान का भी विषय नहीं हो सकता है । 22 पुनश्च, उनकी मान्यता है कि ब्रह्म को केवल तर्क के द्वारा भी नहीं जाना जा सकता क्योंकि पुरुषमति की विरूपता के कारण तर्क को प्रतिष्ठित नहीं माना जा सकता । 23 आचार्य शंकर का कहना है कि विशुद्ध तर्क अनवस्थित होता है और केवल भ्रम को उत्पन्न करता है । 24 ज्ञान के यथार्थ स्वरूप के सम्बन्ध में मत भिन्नता का कोई अर्थ नहीं है, अर्थात् वहाँ मतवैभिन्न्य स्वीकार्य नहीं है। किन्तु हम यह पाते हैं कि तर्क पर आधारित ज्ञान परस्पर विरोधात्मक होते हैं। यदि कोई तार्किक किसी ज्ञान को सम्यक् ज्ञान कहता है, तो दूसरा तार्किक उसी ज्ञान को असिद्ध घोषित कर देता है। इस लोक के भूत, वर्तमान एवं भविष्य के सभी तार्किकों को एक काल में और एक स्थान पर एकत्रित करके किसी वस्तु के विषय में एक निश्चित मत प्राप्त कर सम्यक् ज्ञान को स्थापित कर लेना संभव नहीं है । 25
शांकर वेदान्त में आत्म तत्त्वविज्ञान / 111
तर्क के सम्बन्ध में आचार्य शंकर के उपर्युक्त विचार को देखते हुए पुनः यहाँ प्रश्न उत्पन्न हो जाता है कि क्या तर्क को हटाकर सम्यक् ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है? क्या आचार्य ने तर्क को उसकी सम्पूर्णता में ही निराकरण कर दिया है? इस प्रश्न का उत्तर उन्होंने स्वयं दिया है। उनका कहना है कि यदि हमेशा सभी तर्कों को अप्रतिष्ठित ही मान लिया जाय, तो लोक व्यवहार ही असम्भव हो जायेगा। इससे स्पष्ट है कि उन्होंने तर्क को बिल्कुल नकार नहीं दिया है। तर्क के महत्त्व को रेखांकित करते हुए आचार्य शंकर का कहना हैः "युक्ति जो दृष्टसाम्य के आधार पर अदृष्ट के विषय में विधान करती है, श्रुति की अपेक्षा अनुभव के अधिक निकट है, क्योंकि श्रुति की प्रामाणिकता परम्परागत मात्र होती है । 27" आगे भी अपनी बात को स्थापित करने का प्रयास करते है जहाँ वे कहते हैं कि 'दृष्ट के आधार पर ही अदृष्ट का निर्धारण किया जा सकता है । 28
आचार्य शंकर के उपर्युक्त मान्यताओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उन्होंने सभी प्रकार के तर्कों को नहीं अस्वीकार किया है, बल्कि उन्हीं तर्कों को अप्रतिष्ठित कहा है जो प्रागनुभविक हैं अर्थात् अनुभव पर आधारित नहीं हैं, अपितु शुष्क तर्क हैं जिनकी इस जगत् में कोई उपयोगिता नहीं है। इस प्रकार तर्क के सम्बन्ध में आचार्य शंकर के मत को समर्थित करते हुए पंचदशीकार ने कहा है कि "स्वानुभूति के अनुसार ही तर्क करना चाहिए, व्यर्थ कुतर्क नहीं करना चाहिए । 29"
में तत्त्वावबोध के संदर्भ में आचार्य शंकर द्वारा प्रमाणों के सम्बन्ध में उपर्युक्त मान्यता के पश्चात् अभी भी यह प्रश्न अनुत्तरित ही है कि अन्ततः उनके द्रव्य सिद्धान्त की मान्यता के आधार पर स्वीकृत एकमात्र तत्त्व- 'ब्रह्म' को कैसे जाना जाय? यहाँ शंकर का कहना है कि अनुभूति के अतिरिक्त जितने प्रमाण हैं, वे सभी अनुभव की प्राप्ति के साधन मात्र हैं। स्वानुभूति के अतिरिक्त जितने प्रमाण हैं, उनसे ब्रह्मज्ञान नहीं, अपितु अविद्या-जन्य भेदों की निवृत्ति हो सकती है। श्रुति-ज्ञान का प्रत्यक्ष लाभ यह है कि यह अन्य प्रमाणों की तुलना में अनायास ही अनुभव के सन्निकट जल्दी ला देती है। आचार्य शंकर की मान्यता है कि सभी प्रमाणों के द्वारा अनुभव को ही प्राप्त किया जाता है। प्रत्यक्ष अनुमान, श्रुति आदि प्रमाणों का कार्य केवल इतना ही है कि वे यह स्पष्ट करें कि अनात्म वस्तुएँ नश्वर हैं एवं आत्मा उनसे भिन्न है। इस प्रकार तत्त्व के वास्तविक स्वरूप तक प्रत्यक्षतः साधक को कोई भी प्रमाण न पहुँचाकर उसके अविद्या की निवृत्ति कर देते हैं और सत् या तत्त्व के रूप में ब्रह्म प्रकट हो जाता है। यही अपरोक्षानुभूति है। इस प्रकार हम देखते हैं कि आचार्य शंकर का तत्त्वविज्ञान, तत्त्व के वास्तविक स्वरूप तक पहुँचने में उपर्युक्त सभी प्रमाणों का उनकी सम्यक् मात्रा में आश्रय लेता है तथा अपरोक्ष रीति से तत्त्व के साक्षात्कार में सक्षम प्रतीत होता है।
उपर्युक्त विवेचन के आलोक में यह स्पष्ट हो चुका है कि आचार्य शंकर का तत्त्वविज्ञान आधुनिक तत्त्वमीमांसीय विवादो से भिन्न कैसे है? तत्त्वमीमांसा के संबन्ध में 'आधारहीन कल्पना' का निन्दद्य नामधेय केवल भाषा विश्लेषण जनित समस्या एवं शुष्क प्रागनुभविक तर्कों का सम्मिलित परिणाम है जिसे आचार्य शंकर ने अस्वीकृत कर दिया है। उनके अनुसार सत् के स्वरूप
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शांकर वेदान्त में आत्म तत्त्वविज्ञान / एक सौ नौ आत्मा एवं जीव के समान ही, आत्मा एवं साक्षी में भी आत्यन्तिक रूप में कोई भेद नहीं है। ये दोनों ही तत्त्वतः एक ही हैं। आत्मा निरपेक्ष एवं सार्वभौम चैतन्य है और यही व्यक्ति विशेष परन्तु में सभी संज्ञानों एवं मानसिक वृत्तियों का साक्षी है। संज्ञान उत्पन्न एवं तिरोहित होते हैं, साक्षी चैतन्य या आत्मा अपरिवर्तित रहता है जो सभी ज्ञान एवं कर्मों के नित्य एवं तटस्थ द्रष्टा के रूप में वर्तमान रहता है। आत्मा प्रकृतितः स्वयंप्रकाश होने से 'स्वयं' को एवं इसकी 'स्वयंचेतना' को भी प्रकाशित करता है। यह सभी प्रकार के ज्ञान एवं आत्मचेतना बारह का साक्षी होता है। वाचस्पति मिश्र ने भामती नामक अपने प्रसिद्ध कृति में स्पष्ट किया है कि साक्षी एवं आत्मा में कोई तात्त्विक भेद नहीं है। भेद केवल अज्ञानजन्य है। बुद्धयादि से उपहित विशुद्धात्मा जीव है, जबकि इसका वास्तविक स्वरूप आत्मा या साक्षी है। तेरह जीव यद्यपि आत्मा से अभिन्न है, तथापि यह बुद्धयादि कतिपय अतात्त्विक संलग्नकों से सांवृत्तिकतः आबद्ध है। वह सक्रिय कर्त्ता जो अहंप्रत्यय का विषय है, जीवात्मा है। परमात्मा, जो इस जीवात्मा का साक्षी है, कभी अहंप्रत्त्यय का विषय नहीं बनता। इस प्रकार हमने शांकर वेदान्त के आत्म-तत्त्वविज्ञान में देखा कि आत्मा, ब्रह्म, ईश्वर, जीव एवं साक्षी सभी तत्त्वतः एक ही हैं। ये एक ही सत्ता के विभिन्न दृष्टिकोणों से भिन्न-भिन्न नाममात्र हैं। जब वास्तविक ज्ञान या प्रज्ञा का उदय हो जाता है, सभी प्रकार के विभेदीकरण विनष्ट हो जाते हैं और आत्मतत्त्व का वास्तविक प्रकाश हो जाता है। यही अवस्था मुक्ति की अवस्था कही गयी है। इस क्षण ज्ञाता और ज्ञेय का आत्यन्तिक भेद समाप्त हो जाता है क्योंकि ज्ञाता स्वयं ज्ञेय या ब्रह्म हो जाता है। शांकर वेदान्त में आत्म-तत्त्वविज्ञान के उपर्युक्त विवेचन के पश्चात् यह आवश्यक है, जिसमें यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आचार्य शंकर ने जिस मत के द्वारा आत्म-तत्त्व की सिद्धि की है वह सर्वप्रथम अनुभव एवं अपरोक्षानुभूति से प्राप्त है, तदुपरान्त तर्क एवं श्रुति से प्रमाणित है। अतः उपर्युक्त विवेचन आधुनिक तत्त्वमीमांसा पर लगे आधारहीन कल्पना के आक्षेप से पृथक क्षेत्र से सम्बन्धित है क्योंकि आचार्य शंकर का तत्त्वविज्ञान, ब्रह्मविज्ञान" या आत्मविज्ञान है। शंकर के अनुसार तत्त्व वह है जो सत् है और "जिस विषय के सम्बन्ध में बुद्धि का व्यभिचार नहीं होता है, वह सत् है, पर जिस विषय के सम्बन्ध में बुद्धि का व्यभिचार होता है वह असत् है । पंद्रह" तत्त्व या द्रव्य के इस निकष पर चैतन्य ही एक ऐसा है जो सम्पूर्णता में स्वयं को सिद्ध कर पाता है। जगत् की समस्त वस्तुएँ जो हमारे ज्ञान के विषय हैं, वे व्यभिचरित होती हैं या हो सकती हैं, किन्तु उनके ज्ञाता-रूप चैतन्य का कभी व्यभिचार नहीं हो सकता। अतः चैतन्य रूप ज्ञाता या आत्मा ही एकमात्र तत्त्व है, क्योंकि ज्ञाता या आत्मा का निराकरण नहीं हो सकता।" उपर्युक्त विवेचन में हम देख चुके हैं कि आत्मा एवं ब्रह्म में अद्वैत सम्बन्ध है जिसे आचार्य शंकर ने सिद्ध भी किया है। अब यहाँ एक प्रश्न उठ सकता है कि यदि ब्रह्म या आत्मा न तो प्रत्यक्ष के द्वारा, न अनुमान द्वारा, न सीधे तर्क द्वारा, और न श्रुति के द्वारा ही जाना जा सकता है, तो आचार्य शंकर के ब्रह्म या द्रव्य को कैसे जाना जा सकता है? यदि वेदान्त दर्शन के आयाम / एक सौ दस यह तत्त्व अज्ञेय हो या इसके ज्ञान के लिए कोई साधन या प्रमाण आचार्य शंकर के द्वारा नहीं दिया गया हो, तब उनका समस्त दर्शन तत्त्वमीमांसा के विवादों से घिर जायेगा। परन्तु ऐसा नहीं है। इसके समाधान के लिए उन्होंने अनुभव, अपरोक्षानुभूति, तर्क एवं श्रुति, सबका उचित स्थान एवं परिस्थित्यानुरूप सहारा लिया है। उनका दर्शन अनुभव एवं उसके परीक्षण के विपरीत नहीं है। उनका समस्त दर्शन जीवन के अनुभवों पर आधारित है। ब्रह्मसूत्र भाष्य में 'अध्यास' की व्याख्या के क्रम में, उन्होंने लोकानुभव की ओर इंगित करते हुए कहा कि सामान्य जीवन का अनुभव है कि शुक्तिका चाँदी के समान दिखाई पड़ती है तथा एक चन्द्रमा दूसरे चन्द्रमा के साथ दिखाई पड़ता है।"" उनकी स्पष्ट मान्यता है कि दृष्ट के आधार पर ही अदृष्ट की व्याख्या की जा सकती है। किसी भी दृष्ट वस्तु में अविश्वास उत्पन्न करना अज्ञानता है, क्योंकि दृष्ट वस्तु कभी भी आठ अनुपपन्न नहीं हो सकती।उन्नीस यदि कोई ऐसी कल्पना करता है जो दृष्ट वस्तु के विपरीत है, तो भी उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। बीस इस तरह हम देख सकते हैं कि आचार्य शंकर ने अनुभव को कितना महत्त्व दिया है। परन्तु यहाँ यह प्रश्न उठ सकता है कि आचार्य शंकर के इस 'अनुभव' से ब्रह्म या तत्त्व किस प्रकार जाना जा सकता है? क्या इस अनुभव में लौकिक प्रत्यक्ष के अतिरिक्त अलौकिक प्रत्यक्ष भी है या केवल लौकिक मात्र या दोनों प्रकार के अनुभवों में कोई विरोध है? आचार्य शंकर का मानना है कि लौकिक एवं अलौकिक प्रत्यक्षों के बीच कोई विरोध नहीं हो सकता, क्योंकि इन दोनों के क्षेत्र भिन्न-भिन्न हैं। दोनों की श्रेणीयाँ अलग-अलग हैं। यदि दोनों में विरोध या समानता की तुलना की जाय, तो श्रेणीपरक भूल की समस्या आ जायेगी। अतः इन दोनों को अपने-अपने क्षेत्रों में उच्चतम महत्त्व है। व्यावहारिक जगत् की वस्तुओं के लिए लौकिक प्रत्यक्ष की प्रमुखता है, किन्तु पारमार्थिक जगत् के लिए आचार्य शंकर श्रुति को ही एकमात्र प्रमाण स्वीकार करते हैं । आचार्य शंकर की स्पष्ट मान्यता है कि ब्रह्म का स्वरूप जगत् की वस्तुओं की तरह नहीं है और न ही यह उस रूप में ज्ञान का विषय बन सकता है। अतः इसे न तो प्रत्यक्ष के द्वारा जाना जा सकता है, और न ही अनुमान या तर्क के द्वारा जनसामान्य के द्वारा ब्रह्म को जानने का एकमात्र प्रमाण श्रुति ही है। एतत्हेतु आचार्य शंकर का कहना है कि रूपादि के अभाव के कारण ब्रह्म प्रत्यक्ष का विषय नहीं हो सकता । इक्कीस लिंगादि के अभाव के कारण ब्रह्म अनुमान का भी विषय नहीं हो सकता है । बाईस पुनश्च, उनकी मान्यता है कि ब्रह्म को केवल तर्क के द्वारा भी नहीं जाना जा सकता क्योंकि पुरुषमति की विरूपता के कारण तर्क को प्रतिष्ठित नहीं माना जा सकता । तेईस आचार्य शंकर का कहना है कि विशुद्ध तर्क अनवस्थित होता है और केवल भ्रम को उत्पन्न करता है । चौबीस ज्ञान के यथार्थ स्वरूप के सम्बन्ध में मत भिन्नता का कोई अर्थ नहीं है, अर्थात् वहाँ मतवैभिन्न्य स्वीकार्य नहीं है। किन्तु हम यह पाते हैं कि तर्क पर आधारित ज्ञान परस्पर विरोधात्मक होते हैं। यदि कोई तार्किक किसी ज्ञान को सम्यक् ज्ञान कहता है, तो दूसरा तार्किक उसी ज्ञान को असिद्ध घोषित कर देता है। इस लोक के भूत, वर्तमान एवं भविष्य के सभी तार्किकों को एक काल में और एक स्थान पर एकत्रित करके किसी वस्तु के विषय में एक निश्चित मत प्राप्त कर सम्यक् ज्ञान को स्थापित कर लेना संभव नहीं है । पच्चीस शांकर वेदान्त में आत्म तत्त्वविज्ञान / एक सौ ग्यारह तर्क के सम्बन्ध में आचार्य शंकर के उपर्युक्त विचार को देखते हुए पुनः यहाँ प्रश्न उत्पन्न हो जाता है कि क्या तर्क को हटाकर सम्यक् ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है? क्या आचार्य ने तर्क को उसकी सम्पूर्णता में ही निराकरण कर दिया है? इस प्रश्न का उत्तर उन्होंने स्वयं दिया है। उनका कहना है कि यदि हमेशा सभी तर्कों को अप्रतिष्ठित ही मान लिया जाय, तो लोक व्यवहार ही असम्भव हो जायेगा। इससे स्पष्ट है कि उन्होंने तर्क को बिल्कुल नकार नहीं दिया है। तर्क के महत्त्व को रेखांकित करते हुए आचार्य शंकर का कहना हैः "युक्ति जो दृष्टसाम्य के आधार पर अदृष्ट के विषय में विधान करती है, श्रुति की अपेक्षा अनुभव के अधिक निकट है, क्योंकि श्रुति की प्रामाणिकता परम्परागत मात्र होती है । सत्ताईस" आगे भी अपनी बात को स्थापित करने का प्रयास करते है जहाँ वे कहते हैं कि 'दृष्ट के आधार पर ही अदृष्ट का निर्धारण किया जा सकता है । अट्ठाईस आचार्य शंकर के उपर्युक्त मान्यताओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उन्होंने सभी प्रकार के तर्कों को नहीं अस्वीकार किया है, बल्कि उन्हीं तर्कों को अप्रतिष्ठित कहा है जो प्रागनुभविक हैं अर्थात् अनुभव पर आधारित नहीं हैं, अपितु शुष्क तर्क हैं जिनकी इस जगत् में कोई उपयोगिता नहीं है। इस प्रकार तर्क के सम्बन्ध में आचार्य शंकर के मत को समर्थित करते हुए पंचदशीकार ने कहा है कि "स्वानुभूति के अनुसार ही तर्क करना चाहिए, व्यर्थ कुतर्क नहीं करना चाहिए । उनतीस" में तत्त्वावबोध के संदर्भ में आचार्य शंकर द्वारा प्रमाणों के सम्बन्ध में उपर्युक्त मान्यता के पश्चात् अभी भी यह प्रश्न अनुत्तरित ही है कि अन्ततः उनके द्रव्य सिद्धान्त की मान्यता के आधार पर स्वीकृत एकमात्र तत्त्व- 'ब्रह्म' को कैसे जाना जाय? यहाँ शंकर का कहना है कि अनुभूति के अतिरिक्त जितने प्रमाण हैं, वे सभी अनुभव की प्राप्ति के साधन मात्र हैं। स्वानुभूति के अतिरिक्त जितने प्रमाण हैं, उनसे ब्रह्मज्ञान नहीं, अपितु अविद्या-जन्य भेदों की निवृत्ति हो सकती है। श्रुति-ज्ञान का प्रत्यक्ष लाभ यह है कि यह अन्य प्रमाणों की तुलना में अनायास ही अनुभव के सन्निकट जल्दी ला देती है। आचार्य शंकर की मान्यता है कि सभी प्रमाणों के द्वारा अनुभव को ही प्राप्त किया जाता है। प्रत्यक्ष अनुमान, श्रुति आदि प्रमाणों का कार्य केवल इतना ही है कि वे यह स्पष्ट करें कि अनात्म वस्तुएँ नश्वर हैं एवं आत्मा उनसे भिन्न है। इस प्रकार तत्त्व के वास्तविक स्वरूप तक प्रत्यक्षतः साधक को कोई भी प्रमाण न पहुँचाकर उसके अविद्या की निवृत्ति कर देते हैं और सत् या तत्त्व के रूप में ब्रह्म प्रकट हो जाता है। यही अपरोक्षानुभूति है। इस प्रकार हम देखते हैं कि आचार्य शंकर का तत्त्वविज्ञान, तत्त्व के वास्तविक स्वरूप तक पहुँचने में उपर्युक्त सभी प्रमाणों का उनकी सम्यक् मात्रा में आश्रय लेता है तथा अपरोक्ष रीति से तत्त्व के साक्षात्कार में सक्षम प्रतीत होता है। उपर्युक्त विवेचन के आलोक में यह स्पष्ट हो चुका है कि आचार्य शंकर का तत्त्वविज्ञान आधुनिक तत्त्वमीमांसीय विवादो से भिन्न कैसे है? तत्त्वमीमांसा के संबन्ध में 'आधारहीन कल्पना' का निन्दद्य नामधेय केवल भाषा विश्लेषण जनित समस्या एवं शुष्क प्रागनुभविक तर्कों का सम्मिलित परिणाम है जिसे आचार्य शंकर ने अस्वीकृत कर दिया है। उनके अनुसार सत् के स्वरूप
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Saturday June 06, 2020,
इस समय न्यूयॉर्क में सुबह के चार बज रहे हैं। शहर धीरे-धीरे अपनी नींद से उठ रहा है, लेकिन इस बीच एक ऐसे भी इंसान हैं जिन्होंने पलक भर झपकी नहीं ली होगी, वो हैं - शेफ, लेखक, और फिल्म निर्माता विकास खन्ना। सुबह की पहली किरण में भी, विकास ने अपने लैपटॉप पर हुंकार भरी, एक्सेल शीट देखते हुए, भारत से व्हाट्सएप मैसेज नोटिफिकेशन या वीडियो कॉल की आवाज़ से बाधित होने के लिए, जहां यह अभी भी दिन है। दो महीने से उन्होंने आराम नहीं किया, विकास ने नींद लेना लगभग छोड़ दिया, जब तक कि उन्होंने भारत में भूखे प्यासे महामारी के दौरान अपनी भूख मिटाने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ नहीं कर लिया।
फोन पर बात करते हुए विकास कहते हैं,
"हम असफल नहीं हो सकते। लोगों को अब भोजन चाहिए। इसलिए, हम अभी असफल होने का जोखिम नहीं उठा सकते।"
यह जरुरतमंदों की भावना है जो उसे बनाए रखती है।
विकास अपने काम को सही तरह से कर सकें, इसके लिए वो रात और दिन का भेद भूल गए हैं। भारत देश में कम विशेषाधिकार प्राप्त और कमजोर समुदायों को पका हुआ भोजन और सूखे राशन दोनों वितरित करने के लिए फीड इंडिया नामक देशव्यापी पहल की शुरुआत करने के बाद विकास ने मुश्किल से दो छोटी झपकियां ही ली हैं।
मार्च के अंत में भारत में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद, विकास को विश्वास हो गया था कि भूख जल्द ही उग्र हो जाएगी क्योंकि कम विशेषाधिकार प्राप्त लोगों को आर्थिक गतिविधि में पूर्ण बंद का पूरा असर महसूस होने लगता है।
न्यूयॉर्क में अपने अपार्टमेंट में बैठे, विकास ने सोशल मीडिया पर अनुरोध भेजना शुरू कर दिया और लोगों से कहा कि उन्हें भोजन और सूखे राशन की सबसे ज्यादा जरूरत है। और इस तरह एक आंदोलन शुरू किया जो एक व्यक्तिगत प्रयास के रूप में शुरू हुआ लेकिन जल्द ही समान विचारधारा वाले मानवतावादियों की बढ़ती जनजाति में बदल गया।
6 जून तक, विकास के #FeedIndia ड्राइव ने केवल दो महीनों में पूरे भारत में कम से कम 125 शहरों और कस्बों में लगभग 10 मिलियन भोजन परोसे है। इसके अलावा, विकास ने देश भर में हजारों स्वच्छता किट, सेनेटरी नैपकिन, मास्क और चप्पलें वितरित की हैं।
उनकी पहल से वृद्धों के घरों, कुष्ठ केंद्रों, अनाथालयों और मलिन बस्तियों में लोगों को मदद मिली है; उत्तर प्रदेश-महाराष्ट्र राजमार्ग पर 58 फ्यूल स्टेशनों को भूखे प्रवासियों के लिए पकाया भोजन परोसने वाले फूड स्टेशनों में, और; महानगरों में फंसे लोगों को उनके घरों तक वापस ले जाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वाले हजारों प्रवासियों को खाना खिलाया गया।
अपनी बातचीत में विकास ने बताया कि वह राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की मदद से जमीन पर डिलीवरी के प्रयासों को अंजाम देने के साथ-साथ समान विचारधारा वाले स्वयंसेवकों, कॉरपोरेट्स, और गैर-सरकारी संगठनों का समर्थन करने में सक्षम थे।
NDRF के महानिदेशक श्री सत्य नारायण प्रधान का जिक्र करते हुए विकास कहते हैं,
"एनडीआरएफ और सत्य-जी, जो उनका नेतृत्व करते हैं, रियल हीरो हैं। वे 24/7 मेरे साथ हैं, इन परियोजनाओं पर अथक और निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।"
इस परियोजना पर पहली 'असफलता' का अनुभव होने के बाद विकास पहली बार अप्रैल की शुरुआत में सत्य नारायण प्रधान के पास पहुंचे। उस समय, विकास एल्डर-केयर होम्स, अनाथालयों और कुष्ठ केंद्रों में भोजन और सूखे राशन वितरित कर रहे थे, जब कर्नाटक के बैंगलोर में एक एल्डर-केयर होम के लिए सूखे राशन से भरा एक ट्रक, विकास के यहां से गायब हो गया था। विकास ने अपने ड्राइवर को ट्रैक करने की कोशिश की।
निराशा में, विकास ने अपनी मां, बिंदू खन्ना को बुलाया था, जो अपने होमटाउन अमृतसर, पंजाब में रहती है। विलाप करते हुए कि वह जिन लोगों की मदद करने का वादा किया था, वे असफल हो गए, विकास ने अपनी मां से कहा कि उन्हें हार माननी पड़ेगी क्योंकि उनके लिए कोई रास्ता नहीं था, अमेरिका में मीलों दूर बैठे, यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रसव के लिए लाभार्थियों तक पहुंचे। यह बस एक दुःस्वप्न था।
लेकिन विकास की माँ ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। उन्होंने उनसे (विकास से) कहा कि छोड़ देना कोई विकल्प नहीं था। इसके बजाय, उन्होंने विकास को सलाह दी कि वह अपने विशेषाधिकार और स्थिति का उपयोग करके चीजों को अपने पक्ष में मोड़ सकते है।
इस संबंध में विकास कहते हैं,
"और यही वजह है कि उनके (मां) सम्मान में, मैं मुश्किलों में भी हार नहीं मानता।"
अपनी मां के साथ बातचीत के कुछ समय बाद, विकास अपनी टीम की मदद के लिए एनडीआरएफ चीफ़ के पास पहुंचे और जमीन पर लोगों को भोजन वितरण के प्रयासों को अंजाम दिया। सत्य जी ने सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि NDRF अपनी बटालियनों के मौजूद होने पर अपनी सहायता प्रदान करेगा।
और इसलिए, मध्य अप्रैल तक, एनडीआरएफ काम पर लग गया, गाजियाबाद क्षेत्र में वितरण कार्य शुरू किया, उसके बाद हैदराबाद और फिर मुंबई। उसके बाद, अधिक शहरों और अधिक शहरों को तेजी से जोड़ा गया, एनडीआरएफ प्रमुख मुझसे कहते हैं।
एनडीआरएफ के साथ, कई फाउंडेशन, गैर-सरकारी संगठन, और कॉरपोरेट्स - जिसमें इंडिया गेट, दावत, जीओक्यूआई, पेटीएम, हंगरबॉक्स, पतंजलि आयुर्वेद, और गोदावरी बायोरेफिनरीज शामिल हैं, ने अपनी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया।
जब से NDRF और पहले कॉरपोरेट भागीदार साथ देने के लिए आगे आए, तब से कोरोनावायरस के चलते लागू लॉकडाउन से प्रभावित लाखों लोगों को खिलाने के लिए विकास के अपने मिशन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। और अब तो फेल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
विकास कहते हैं,
"हम शुरुआत में कई बार असफल हुए और लॉकडाउन और अन्य लॉजिस्टिक मुद्दों के कारण बहुत अधिक देरी हुई। कभी-कभी जब हम कुछ लोगों को सड़कों पर या कुछ समुदायों में भोजन वितरित कर रहे होते हैं, तो वे हमें बताते हैं कि उन्हें उचित भोजन दिए हुए लगभग तीन दिन हो गए हैं। लोगों को अब भोजन चाहिए। इसीलिए हम जो कुछ भी करते हैं वह एक रैपिड पायलट टेस्ट के माध्यम से चलता है, क्योंकि हम असफल नहीं हो सकते।"
विकास फीड इंडिया ड्राइव चलाते हैं जैसे एक मास्टरशेफ अपनी रसोई और अपने रेस्तरां चलाता है।
प्रत्येक भोजन को गरिमा, शैली और सटीकता के साथ परोसा जाता है जो न केवल विकास की प्रसिद्ध मास्टरशेफ स्थिति के लिए, बल्कि उनके गहन मानवीय पक्ष को भी श्रेय देते है।
उनकी अन्य पहलों के लिए भी यही सच है।
उदाहरण के लिए, चल रहे स्लिपर ड्राइव को तब शुरू किया गया था जब विकास को गहराई से स्थानांतरित किया गया था जब उसने एक नंगे पांव बच्चे की तस्वीर देखी थी जो भोजन लेने के लिए आया था।
वह तुरंत एक्शन में आ गए, एनडीआरएफ फूड ट्रकों में चप्पल ले जाने का विचार उनके जेहन में आया, ताकि हर बार जब कोई नंगे पांव व्यक्ति या बच्चा आए, तो वे उन्हें चप्पल भी प्रदान कर सकें। अब, केवल एक सप्ताह के समय में, इस ड्राइव के माध्यम से 12,500 से अधिक चप्पल वितरित किए गए हैं।
जिस तरह डिलिवरी की स्पीड महत्वपूर्ण है, उसी तरह जवाबदेही और विस्तार पर ध्यान देना।
वास्तव में, यह वह बात है जो उन्हें रात और दिन यह काम करने में मदद करती है।
रात में, विकास अपने देश के विभिन्न कोनों में हजारों किलोमीटर दूर होने वाले पके हुए भोजन और सूखे राशन के वितरण का समन्वय करते है, जहां यह दिन होता है।
और दिन के दौरान, जब वह अंततः अपने लिए कुछ शांत समय पाते है, तो वह अगले दिन के लिए आगे की योजना बनाते है और प्राप्त किए गए लगभग हर अनुरोध के लिए सावधानीपूर्वक रिपोर्ट तैयार करते है।
निश्चित रूप से, एक रसोई घर की तरह, विकास सुनिश्चित करते है कि हर नई पहल को उसके वास्तविक निष्पादन से पहले परीक्षण किया जाए।
विकास ने बताया,
"हमारे लिए कुछ भी करने के लिए, चाहे वह फ्यूल स्टेशन हो या ट्रेनें, हम एक पायलट रन करते हैं। अगर हम उचित पायलट रन नहीं करते हैं, तो हम बहुत तेजी से असफल होने का जोखिम उठाते हैं।"
जब फीड इंडिया ड्राइव का विस्तार पहली बार श्रमिक ट्रेनों में घर लौटने वाले प्रवासियों को शामिल करने के लिए हुआ, तो शुरू में ग्राउंड पर विकास की टीम सभी को समान रूप से भोजन वितरित करने में विफल रही क्योंकि वे भूखी भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ थे।
निराश होकर, विकास मदद के लिए फिर से सत्य जी के पास पहुंचे; कुछ ही समय में, NDRF में रोप-अप किया गया, लेकिन इससे पहले कि वे औपचारिक रूप से ट्रेनों में भोजन वितरण शुरू कर सकें, उन्होंने एक पायलट रन का संचालन किया।
पायलट, जिसे उत्तर प्रदेश के मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर आयोजित किया गया था, एक सफलता थी। "सब कुछ घड़ी की कल की तरह हुआ," सत्य-जी मुझसे कहते हैं।
एनडीआरएफ ने रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय किया, और प्रवासियों को खिलाने की प्राथमिकता पर जोर देकर सुनिश्चित किया कि जब तक अंतिम व्यक्ति को भोजन नहीं मिलेगा तब तक ट्रेनें नहीं रवाना की जाए।
अब NDRF की मदद से ग्राउंड पर विकास की टीम, एक ही दिन में दुनिया के सबसे बड़े फूड ड्राइव के लिए तैयार हैः एक दिन में दो मिलियन से अधिक भोजन प्रदान करने के लिए अलग-अलग, ट्रांसजेंडर्स, यौनकर्मियों, एड्स रोगियों को, अनाथ, और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने-वृद्ध घरों में बुजुर्ग।
टीम चावल, तेल, नमक, चीनी, मसाले, गेहूं का आटा, प्याज, आलू, और अन्य सूखे राशन प्रदान करेगी। पिछले कुछ हफ्तों में, एनडीआरएफ गाजियाबाद छावनी में इन विभिन्न मदों में से प्रत्येक के 10,000 से अधिक बैग एकत्र कर रहा है।
मूल रूप से एक दिन में एक मिलियन भोजन प्रदान करने के लिए एक परियोजना होने का इरादा है, दुनिया भर में कॉर्पोरेट्स से समर्थन और योगदान के लिए, पहल दोगुनी हो गई है। पिछली गणना में, संग्रह में दो मिलियन से अधिक भोजन हुआ था।
विकास ने पहल का नाम बरकत रखा है, एक शब्द जो उनकी दादी को पसंद था और अक्सर इस्तेमाल किया जाता था क्योंकि यह बताता है कि 'शुद्ध इरादों का परिणाम शुद्ध' कैसे होता है। '
विकास की दादी जिन्हें बीजी के रूप में प्यार से बुलाया जाता था, उनके जीवन में सबसे बड़ा प्रभाव रहा है, उनके भोजन के लिए जुनून और उन्हें दया और उदारता के मूल्यों को प्रेरित करने के लिए प्रेरित किया।
विकास कहते हैं,
"मैं हमेशा कहता हूं कि वे बच्चे भाग्यशाली होते हैं जिनकी परवरिश उनके अपने दादा-दादी करते हैं। यदि मेरी दादी पर मेरा प्रभाव नहीं था, तो मुझे यकीन है कि मैं अमेरिका में अपने सबसे विशेषाधिकार प्राप्त जीवन में बैठा नहीं होता और केवल अपने बारे में सोच रहा होता। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुझे मेरी दादी ने जीवन के नैतिक मूल्य सिखाए थे और तभी मैं ऐसा करने में सक्षम हूं और अपने आसपास के दुखों के बारे में लगातार जागरूक हूं।"
शायद यही कारण है कि, विकास के लिए, फीड इंडिया ड्राइव उनकी याद में एक पहल है, क्योंकि यह उन सभी के सम्मान में है जो कभी उनके प्रति दयालु रहे हैं। ऐसा लगता है कि उन सभी लोगों ने, जिन्होंने अतीत में उनकी मदद की थी, इसलिए ऐसा किया, ताकि वह इस तरह के संकट के समय में इस अवसर पर बढ़ सके, विकास मुझसे कहते है।
और इसलिए, प्रत्येक भोजन, करुणा का प्रत्येक कार्य, और उदारता का प्रत्येक इशारा उन सभी के सम्मान में है, जिन्होंने विकास को दया के कई चेहरे दिखाए, शुरू में, निश्चित रूप से, उनकी दादी, उनकी मां और मुस्लिम महिला के साथ, जिन्होंने उनकी जान बचाई 1992 में मुंबई में हुए दंगों के दौरान और जिसे वे प्यार से अम्मी कहते थे।
अम्मी के सम्मान में, विकास ने पिछले महीने दुनिया की सबसे बड़ी ईद दावत ड्राइव का आयोजन किया, जो मुंबई में रमजान के पवित्र महीने के अंत से ठीक एक दिन पहले दावत किट के साथ 200,000 से अधिक लोगों को प्रदान करती है। आज भी, वह अम्मी की बहादुरी के कार्य को गहनता से याद करते हैं।
विकास कहते हैं,
"वह एक ऐसी महिला है जिसने दो दिनों के लिए अपने घर में मेरी रक्षा करके अपनी जान जोखिम में डाली। और ऐसे समय में याद रखें, जब आपके घर में दो जवान बेटियाँ होती हैं, तो आप एक अनजाने लड़के को अंदर नहीं जाने देते हैं, और वह भी एक अलग जाति और धर्म से हो। सब कुछ मेरे खिलाफ था, लेकिन वो ऐसी एक महिला थी जो यह मानती थी कि उसे मेरी रक्षा करने की जरूरत है।"
विकास ने अम्मी की दयालुता को कभी नहीं भुलाया और 1992 से हमेशा उनके सम्मान में रमजान के दौरान उपवास का दिन मनाया। न तो वह वाराणसी में नाव वाले को भूल पाए है, जिसने उनके पिता के गुजर जाने के बाद उसे गंगा की रस्मी यात्रा करवाने के बाद उसे सुकून भरे अल्फाजों में बातें की।
और विकास की शैली के लिए सच है, उन्होंने इस संकट के दौरान भी नाविक की दया का सम्मान करने का एक तरीका खोजा।
मई में, जब विकास अपनी कुछ चीजें देख रहे थे, तब एक बेशकीमती रेशम स्कार्फ या कटाग पर उनकी नज़र पड़ी, जो शांति दूत दलाई लामा ने उन्हें कुछ साल पहले दिया था। उस दिन, विकास ने कटग को अपने बिस्तर के पास रखा और शांति दूत को एक पवित्र प्रार्थना भेजी, इस प्रयास में उनसे मार्गदर्शन मांगा।
उस सुबह, विकास ने गंगा से नाव चलाने वाले का सपना देखा, वह मुझसे कहते है, यह कहते हुए कि उन्होंने नाव वाले को दिन के रूप में स्पष्ट देखा। अगले दिन विकास ने खुद को नाव वाले के बारे में सोचते हुए और अपनी दुर्दशा के बारे में सोचते हुए पाया। उन्होंने तब नाव वाले की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और लोगों से उसे खोजने में मदद करने के लिए कहा।
कुछ ही घंटों के भीतर, वह न केवल नाविक का पता लगाने में सक्षम थे, बल्कि उन्होंने उस नाविक और नाविकों के पूरे समुदाय के लिए भोजन और सूखे राशन का इंतजाम किय। क्योंकि राष्ट्रव्यापी तालाबंदी के दौरान इन लोगों के लिए आय का कोई स्रोत नहीं बचा था।
विकास कहते हैं,
"मेरे साथ काम करने वाले कई लोग कहते हैं कि वे उन चीजों में जादू देखते हैं जो मैं करने में सक्षम था। लेकिन काम की वजह यह है कि आप अपने अतीत से जुड़े हुए हैं।"
यह बताता है कि क्यों विकास ने इस अभियान में हासिल किए गए प्रत्येक मील के पत्थर को किसी ऐसे व्यक्ति को समर्पित किया है जिसने उसे प्रेरित किया है या उनके जीवन के अंधेरे वाले क्षणों के दौरान उनकी यात्रा को आसान बना दिया है। उन्होंने गॉर्डन रामसे को खुश करने के लिए आठवां मिलियन फुड पैकेट उनको समर्पित किया, जिसे विकास अपने दोस्त और संरक्षक मानते हैं।
विकास ने उनके सम्मान में लिखा,
"मेरी दादी के बाद दुनिया में दूसरा व्यक्ति था, जो मानता था कि मेरी पाक कला एक मिशेलिन स्टार के लायक थी।"
उन्होंने अपने साथी मास्टरशेफ इंडिया के जजों और पूरी प्रोडक्शन टीम को नौवां मिलियन भोजन समर्पित किया और शेफ एरिक रिपर्ट को दसवां मिलियन भोजन पैकेट समर्पित करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिन्हें विकास को उस आदमी के रूप में याद करते है, जिसने उन्हें (विकास को) उसके (एरिक के) साथ काम करने के कई अवसर दिए और चीजें सिखाई।
यह सच है कि मिशेलिन-स्टार-रेटेड शेफ ने दुनिया के लिए किन-किन लोगों के साथ खाना बनाय, दिल जीता और खाया; अपनी पाक कला के लिए कई प्रशंसा और पुरस्कार जीते; 37 से अधिक पुस्तकों में लेखक; सह-होस्ट प्रमुख कुकिंग शो, और; यहां तक कि अपनी पहली फिल्म, द लास्ट कलर, जिसमें नीना गुप्ता भी थीं, के साथ फिल्म निर्माण का काम शुरू किया, जिसका ऑस्कर 2020 में बेस्ट फीचर फिल्म के लिए चयन किया गया था।
लेकिन, विकास के लिए, फीड इंडिया ड्राइव की तुलना में उन्होंने अब तक जो कुछ भी सीखा है, सहन किया है, या अब तक प्राप्त किया है। कृतज्ञता और तृप्ति की भारी भावना वह अपने देश को वापस देने और इस संकट के दौरान उन लोगों की मदद करने की स्थिति में महसूस करते है जो उन्होंने पहले कभी अनुभव नहीं की थी।
वह कहते हैं,
"यह मिशेलिन स्टार होने से बहुत बड़ा है। यह हर चीज से बहुत बड़ा है।"
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Saturday June छः, दो हज़ार बीस, इस समय न्यूयॉर्क में सुबह के चार बज रहे हैं। शहर धीरे-धीरे अपनी नींद से उठ रहा है, लेकिन इस बीच एक ऐसे भी इंसान हैं जिन्होंने पलक भर झपकी नहीं ली होगी, वो हैं - शेफ, लेखक, और फिल्म निर्माता विकास खन्ना। सुबह की पहली किरण में भी, विकास ने अपने लैपटॉप पर हुंकार भरी, एक्सेल शीट देखते हुए, भारत से व्हाट्सएप मैसेज नोटिफिकेशन या वीडियो कॉल की आवाज़ से बाधित होने के लिए, जहां यह अभी भी दिन है। दो महीने से उन्होंने आराम नहीं किया, विकास ने नींद लेना लगभग छोड़ दिया, जब तक कि उन्होंने भारत में भूखे प्यासे महामारी के दौरान अपनी भूख मिटाने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ नहीं कर लिया। फोन पर बात करते हुए विकास कहते हैं, "हम असफल नहीं हो सकते। लोगों को अब भोजन चाहिए। इसलिए, हम अभी असफल होने का जोखिम नहीं उठा सकते।" यह जरुरतमंदों की भावना है जो उसे बनाए रखती है। विकास अपने काम को सही तरह से कर सकें, इसके लिए वो रात और दिन का भेद भूल गए हैं। भारत देश में कम विशेषाधिकार प्राप्त और कमजोर समुदायों को पका हुआ भोजन और सूखे राशन दोनों वितरित करने के लिए फीड इंडिया नामक देशव्यापी पहल की शुरुआत करने के बाद विकास ने मुश्किल से दो छोटी झपकियां ही ली हैं। मार्च के अंत में भारत में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद, विकास को विश्वास हो गया था कि भूख जल्द ही उग्र हो जाएगी क्योंकि कम विशेषाधिकार प्राप्त लोगों को आर्थिक गतिविधि में पूर्ण बंद का पूरा असर महसूस होने लगता है। न्यूयॉर्क में अपने अपार्टमेंट में बैठे, विकास ने सोशल मीडिया पर अनुरोध भेजना शुरू कर दिया और लोगों से कहा कि उन्हें भोजन और सूखे राशन की सबसे ज्यादा जरूरत है। और इस तरह एक आंदोलन शुरू किया जो एक व्यक्तिगत प्रयास के रूप में शुरू हुआ लेकिन जल्द ही समान विचारधारा वाले मानवतावादियों की बढ़ती जनजाति में बदल गया। छः जून तक, विकास के #FeedIndia ड्राइव ने केवल दो महीनों में पूरे भारत में कम से कम एक सौ पच्चीस शहरों और कस्बों में लगभग दस मिलियन भोजन परोसे है। इसके अलावा, विकास ने देश भर में हजारों स्वच्छता किट, सेनेटरी नैपकिन, मास्क और चप्पलें वितरित की हैं। उनकी पहल से वृद्धों के घरों, कुष्ठ केंद्रों, अनाथालयों और मलिन बस्तियों में लोगों को मदद मिली है; उत्तर प्रदेश-महाराष्ट्र राजमार्ग पर अट्ठावन फ्यूल स्टेशनों को भूखे प्रवासियों के लिए पकाया भोजन परोसने वाले फूड स्टेशनों में, और; महानगरों में फंसे लोगों को उनके घरों तक वापस ले जाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वाले हजारों प्रवासियों को खाना खिलाया गया। अपनी बातचीत में विकास ने बताया कि वह राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की मदद से जमीन पर डिलीवरी के प्रयासों को अंजाम देने के साथ-साथ समान विचारधारा वाले स्वयंसेवकों, कॉरपोरेट्स, और गैर-सरकारी संगठनों का समर्थन करने में सक्षम थे। NDRF के महानिदेशक श्री सत्य नारायण प्रधान का जिक्र करते हुए विकास कहते हैं, "एनडीआरएफ और सत्य-जी, जो उनका नेतृत्व करते हैं, रियल हीरो हैं। वे चौबीस/सात मेरे साथ हैं, इन परियोजनाओं पर अथक और निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।" इस परियोजना पर पहली 'असफलता' का अनुभव होने के बाद विकास पहली बार अप्रैल की शुरुआत में सत्य नारायण प्रधान के पास पहुंचे। उस समय, विकास एल्डर-केयर होम्स, अनाथालयों और कुष्ठ केंद्रों में भोजन और सूखे राशन वितरित कर रहे थे, जब कर्नाटक के बैंगलोर में एक एल्डर-केयर होम के लिए सूखे राशन से भरा एक ट्रक, विकास के यहां से गायब हो गया था। विकास ने अपने ड्राइवर को ट्रैक करने की कोशिश की। निराशा में, विकास ने अपनी मां, बिंदू खन्ना को बुलाया था, जो अपने होमटाउन अमृतसर, पंजाब में रहती है। विलाप करते हुए कि वह जिन लोगों की मदद करने का वादा किया था, वे असफल हो गए, विकास ने अपनी मां से कहा कि उन्हें हार माननी पड़ेगी क्योंकि उनके लिए कोई रास्ता नहीं था, अमेरिका में मीलों दूर बैठे, यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रसव के लिए लाभार्थियों तक पहुंचे। यह बस एक दुःस्वप्न था। लेकिन विकास की माँ ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। उन्होंने उनसे कहा कि छोड़ देना कोई विकल्प नहीं था। इसके बजाय, उन्होंने विकास को सलाह दी कि वह अपने विशेषाधिकार और स्थिति का उपयोग करके चीजों को अपने पक्ष में मोड़ सकते है। इस संबंध में विकास कहते हैं, "और यही वजह है कि उनके सम्मान में, मैं मुश्किलों में भी हार नहीं मानता।" अपनी मां के साथ बातचीत के कुछ समय बाद, विकास अपनी टीम की मदद के लिए एनडीआरएफ चीफ़ के पास पहुंचे और जमीन पर लोगों को भोजन वितरण के प्रयासों को अंजाम दिया। सत्य जी ने सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि NDRF अपनी बटालियनों के मौजूद होने पर अपनी सहायता प्रदान करेगा। और इसलिए, मध्य अप्रैल तक, एनडीआरएफ काम पर लग गया, गाजियाबाद क्षेत्र में वितरण कार्य शुरू किया, उसके बाद हैदराबाद और फिर मुंबई। उसके बाद, अधिक शहरों और अधिक शहरों को तेजी से जोड़ा गया, एनडीआरएफ प्रमुख मुझसे कहते हैं। एनडीआरएफ के साथ, कई फाउंडेशन, गैर-सरकारी संगठन, और कॉरपोरेट्स - जिसमें इंडिया गेट, दावत, जीओक्यूआई, पेटीएम, हंगरबॉक्स, पतंजलि आयुर्वेद, और गोदावरी बायोरेफिनरीज शामिल हैं, ने अपनी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। जब से NDRF और पहले कॉरपोरेट भागीदार साथ देने के लिए आगे आए, तब से कोरोनावायरस के चलते लागू लॉकडाउन से प्रभावित लाखों लोगों को खिलाने के लिए विकास के अपने मिशन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। और अब तो फेल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता। विकास कहते हैं, "हम शुरुआत में कई बार असफल हुए और लॉकडाउन और अन्य लॉजिस्टिक मुद्दों के कारण बहुत अधिक देरी हुई। कभी-कभी जब हम कुछ लोगों को सड़कों पर या कुछ समुदायों में भोजन वितरित कर रहे होते हैं, तो वे हमें बताते हैं कि उन्हें उचित भोजन दिए हुए लगभग तीन दिन हो गए हैं। लोगों को अब भोजन चाहिए। इसीलिए हम जो कुछ भी करते हैं वह एक रैपिड पायलट टेस्ट के माध्यम से चलता है, क्योंकि हम असफल नहीं हो सकते।" विकास फीड इंडिया ड्राइव चलाते हैं जैसे एक मास्टरशेफ अपनी रसोई और अपने रेस्तरां चलाता है। प्रत्येक भोजन को गरिमा, शैली और सटीकता के साथ परोसा जाता है जो न केवल विकास की प्रसिद्ध मास्टरशेफ स्थिति के लिए, बल्कि उनके गहन मानवीय पक्ष को भी श्रेय देते है। उनकी अन्य पहलों के लिए भी यही सच है। उदाहरण के लिए, चल रहे स्लिपर ड्राइव को तब शुरू किया गया था जब विकास को गहराई से स्थानांतरित किया गया था जब उसने एक नंगे पांव बच्चे की तस्वीर देखी थी जो भोजन लेने के लिए आया था। वह तुरंत एक्शन में आ गए, एनडीआरएफ फूड ट्रकों में चप्पल ले जाने का विचार उनके जेहन में आया, ताकि हर बार जब कोई नंगे पांव व्यक्ति या बच्चा आए, तो वे उन्हें चप्पल भी प्रदान कर सकें। अब, केवल एक सप्ताह के समय में, इस ड्राइव के माध्यम से बारह,पाँच सौ से अधिक चप्पल वितरित किए गए हैं। जिस तरह डिलिवरी की स्पीड महत्वपूर्ण है, उसी तरह जवाबदेही और विस्तार पर ध्यान देना। वास्तव में, यह वह बात है जो उन्हें रात और दिन यह काम करने में मदद करती है। रात में, विकास अपने देश के विभिन्न कोनों में हजारों किलोमीटर दूर होने वाले पके हुए भोजन और सूखे राशन के वितरण का समन्वय करते है, जहां यह दिन होता है। और दिन के दौरान, जब वह अंततः अपने लिए कुछ शांत समय पाते है, तो वह अगले दिन के लिए आगे की योजना बनाते है और प्राप्त किए गए लगभग हर अनुरोध के लिए सावधानीपूर्वक रिपोर्ट तैयार करते है। निश्चित रूप से, एक रसोई घर की तरह, विकास सुनिश्चित करते है कि हर नई पहल को उसके वास्तविक निष्पादन से पहले परीक्षण किया जाए। विकास ने बताया, "हमारे लिए कुछ भी करने के लिए, चाहे वह फ्यूल स्टेशन हो या ट्रेनें, हम एक पायलट रन करते हैं। अगर हम उचित पायलट रन नहीं करते हैं, तो हम बहुत तेजी से असफल होने का जोखिम उठाते हैं।" जब फीड इंडिया ड्राइव का विस्तार पहली बार श्रमिक ट्रेनों में घर लौटने वाले प्रवासियों को शामिल करने के लिए हुआ, तो शुरू में ग्राउंड पर विकास की टीम सभी को समान रूप से भोजन वितरित करने में विफल रही क्योंकि वे भूखी भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ थे। निराश होकर, विकास मदद के लिए फिर से सत्य जी के पास पहुंचे; कुछ ही समय में, NDRF में रोप-अप किया गया, लेकिन इससे पहले कि वे औपचारिक रूप से ट्रेनों में भोजन वितरण शुरू कर सकें, उन्होंने एक पायलट रन का संचालन किया। पायलट, जिसे उत्तर प्रदेश के मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर आयोजित किया गया था, एक सफलता थी। "सब कुछ घड़ी की कल की तरह हुआ," सत्य-जी मुझसे कहते हैं। एनडीआरएफ ने रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय किया, और प्रवासियों को खिलाने की प्राथमिकता पर जोर देकर सुनिश्चित किया कि जब तक अंतिम व्यक्ति को भोजन नहीं मिलेगा तब तक ट्रेनें नहीं रवाना की जाए। अब NDRF की मदद से ग्राउंड पर विकास की टीम, एक ही दिन में दुनिया के सबसे बड़े फूड ड्राइव के लिए तैयार हैः एक दिन में दो मिलियन से अधिक भोजन प्रदान करने के लिए अलग-अलग, ट्रांसजेंडर्स, यौनकर्मियों, एड्स रोगियों को, अनाथ, और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने-वृद्ध घरों में बुजुर्ग। टीम चावल, तेल, नमक, चीनी, मसाले, गेहूं का आटा, प्याज, आलू, और अन्य सूखे राशन प्रदान करेगी। पिछले कुछ हफ्तों में, एनडीआरएफ गाजियाबाद छावनी में इन विभिन्न मदों में से प्रत्येक के दस,शून्य से अधिक बैग एकत्र कर रहा है। मूल रूप से एक दिन में एक मिलियन भोजन प्रदान करने के लिए एक परियोजना होने का इरादा है, दुनिया भर में कॉर्पोरेट्स से समर्थन और योगदान के लिए, पहल दोगुनी हो गई है। पिछली गणना में, संग्रह में दो मिलियन से अधिक भोजन हुआ था। विकास ने पहल का नाम बरकत रखा है, एक शब्द जो उनकी दादी को पसंद था और अक्सर इस्तेमाल किया जाता था क्योंकि यह बताता है कि 'शुद्ध इरादों का परिणाम शुद्ध' कैसे होता है। ' विकास की दादी जिन्हें बीजी के रूप में प्यार से बुलाया जाता था, उनके जीवन में सबसे बड़ा प्रभाव रहा है, उनके भोजन के लिए जुनून और उन्हें दया और उदारता के मूल्यों को प्रेरित करने के लिए प्रेरित किया। विकास कहते हैं, "मैं हमेशा कहता हूं कि वे बच्चे भाग्यशाली होते हैं जिनकी परवरिश उनके अपने दादा-दादी करते हैं। यदि मेरी दादी पर मेरा प्रभाव नहीं था, तो मुझे यकीन है कि मैं अमेरिका में अपने सबसे विशेषाधिकार प्राप्त जीवन में बैठा नहीं होता और केवल अपने बारे में सोच रहा होता। ऐसा इसलिए है क्योंकि मुझे मेरी दादी ने जीवन के नैतिक मूल्य सिखाए थे और तभी मैं ऐसा करने में सक्षम हूं और अपने आसपास के दुखों के बारे में लगातार जागरूक हूं।" शायद यही कारण है कि, विकास के लिए, फीड इंडिया ड्राइव उनकी याद में एक पहल है, क्योंकि यह उन सभी के सम्मान में है जो कभी उनके प्रति दयालु रहे हैं। ऐसा लगता है कि उन सभी लोगों ने, जिन्होंने अतीत में उनकी मदद की थी, इसलिए ऐसा किया, ताकि वह इस तरह के संकट के समय में इस अवसर पर बढ़ सके, विकास मुझसे कहते है। और इसलिए, प्रत्येक भोजन, करुणा का प्रत्येक कार्य, और उदारता का प्रत्येक इशारा उन सभी के सम्मान में है, जिन्होंने विकास को दया के कई चेहरे दिखाए, शुरू में, निश्चित रूप से, उनकी दादी, उनकी मां और मुस्लिम महिला के साथ, जिन्होंने उनकी जान बचाई एक हज़ार नौ सौ बानवे में मुंबई में हुए दंगों के दौरान और जिसे वे प्यार से अम्मी कहते थे। अम्मी के सम्मान में, विकास ने पिछले महीने दुनिया की सबसे बड़ी ईद दावत ड्राइव का आयोजन किया, जो मुंबई में रमजान के पवित्र महीने के अंत से ठीक एक दिन पहले दावत किट के साथ दो सौ,शून्य से अधिक लोगों को प्रदान करती है। आज भी, वह अम्मी की बहादुरी के कार्य को गहनता से याद करते हैं। विकास कहते हैं, "वह एक ऐसी महिला है जिसने दो दिनों के लिए अपने घर में मेरी रक्षा करके अपनी जान जोखिम में डाली। और ऐसे समय में याद रखें, जब आपके घर में दो जवान बेटियाँ होती हैं, तो आप एक अनजाने लड़के को अंदर नहीं जाने देते हैं, और वह भी एक अलग जाति और धर्म से हो। सब कुछ मेरे खिलाफ था, लेकिन वो ऐसी एक महिला थी जो यह मानती थी कि उसे मेरी रक्षा करने की जरूरत है।" विकास ने अम्मी की दयालुता को कभी नहीं भुलाया और एक हज़ार नौ सौ बानवे से हमेशा उनके सम्मान में रमजान के दौरान उपवास का दिन मनाया। न तो वह वाराणसी में नाव वाले को भूल पाए है, जिसने उनके पिता के गुजर जाने के बाद उसे गंगा की रस्मी यात्रा करवाने के बाद उसे सुकून भरे अल्फाजों में बातें की। और विकास की शैली के लिए सच है, उन्होंने इस संकट के दौरान भी नाविक की दया का सम्मान करने का एक तरीका खोजा। मई में, जब विकास अपनी कुछ चीजें देख रहे थे, तब एक बेशकीमती रेशम स्कार्फ या कटाग पर उनकी नज़र पड़ी, जो शांति दूत दलाई लामा ने उन्हें कुछ साल पहले दिया था। उस दिन, विकास ने कटग को अपने बिस्तर के पास रखा और शांति दूत को एक पवित्र प्रार्थना भेजी, इस प्रयास में उनसे मार्गदर्शन मांगा। उस सुबह, विकास ने गंगा से नाव चलाने वाले का सपना देखा, वह मुझसे कहते है, यह कहते हुए कि उन्होंने नाव वाले को दिन के रूप में स्पष्ट देखा। अगले दिन विकास ने खुद को नाव वाले के बारे में सोचते हुए और अपनी दुर्दशा के बारे में सोचते हुए पाया। उन्होंने तब नाव वाले की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और लोगों से उसे खोजने में मदद करने के लिए कहा। कुछ ही घंटों के भीतर, वह न केवल नाविक का पता लगाने में सक्षम थे, बल्कि उन्होंने उस नाविक और नाविकों के पूरे समुदाय के लिए भोजन और सूखे राशन का इंतजाम किय। क्योंकि राष्ट्रव्यापी तालाबंदी के दौरान इन लोगों के लिए आय का कोई स्रोत नहीं बचा था। विकास कहते हैं, "मेरे साथ काम करने वाले कई लोग कहते हैं कि वे उन चीजों में जादू देखते हैं जो मैं करने में सक्षम था। लेकिन काम की वजह यह है कि आप अपने अतीत से जुड़े हुए हैं।" यह बताता है कि क्यों विकास ने इस अभियान में हासिल किए गए प्रत्येक मील के पत्थर को किसी ऐसे व्यक्ति को समर्पित किया है जिसने उसे प्रेरित किया है या उनके जीवन के अंधेरे वाले क्षणों के दौरान उनकी यात्रा को आसान बना दिया है। उन्होंने गॉर्डन रामसे को खुश करने के लिए आठवां मिलियन फुड पैकेट उनको समर्पित किया, जिसे विकास अपने दोस्त और संरक्षक मानते हैं। विकास ने उनके सम्मान में लिखा, "मेरी दादी के बाद दुनिया में दूसरा व्यक्ति था, जो मानता था कि मेरी पाक कला एक मिशेलिन स्टार के लायक थी।" उन्होंने अपने साथी मास्टरशेफ इंडिया के जजों और पूरी प्रोडक्शन टीम को नौवां मिलियन भोजन समर्पित किया और शेफ एरिक रिपर्ट को दसवां मिलियन भोजन पैकेट समर्पित करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिन्हें विकास को उस आदमी के रूप में याद करते है, जिसने उन्हें उसके साथ काम करने के कई अवसर दिए और चीजें सिखाई। यह सच है कि मिशेलिन-स्टार-रेटेड शेफ ने दुनिया के लिए किन-किन लोगों के साथ खाना बनाय, दिल जीता और खाया; अपनी पाक कला के लिए कई प्रशंसा और पुरस्कार जीते; सैंतीस से अधिक पुस्तकों में लेखक; सह-होस्ट प्रमुख कुकिंग शो, और; यहां तक कि अपनी पहली फिल्म, द लास्ट कलर, जिसमें नीना गुप्ता भी थीं, के साथ फिल्म निर्माण का काम शुरू किया, जिसका ऑस्कर दो हज़ार बीस में बेस्ट फीचर फिल्म के लिए चयन किया गया था। लेकिन, विकास के लिए, फीड इंडिया ड्राइव की तुलना में उन्होंने अब तक जो कुछ भी सीखा है, सहन किया है, या अब तक प्राप्त किया है। कृतज्ञता और तृप्ति की भारी भावना वह अपने देश को वापस देने और इस संकट के दौरान उन लोगों की मदद करने की स्थिति में महसूस करते है जो उन्होंने पहले कभी अनुभव नहीं की थी। वह कहते हैं, "यह मिशेलिन स्टार होने से बहुत बड़ा है। यह हर चीज से बहुत बड़ा है।"
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- #Amit ShahMP मानसून सत्र के पहले दिन अमित शाह का तय हुआ अचानक दौरा, भोपाल की शाम को क्या होगा 'मंगल'?
Amit Shah in Karnataka: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए कर्नाटक पहुंच रहे हैं। कर्नाटक में चुनाव का ऐलान होने के बाद पहली बार अमित शाह यहां रैली करने पहुंच रहे हैं। बता दें कि कर्नाटक में 10 मई को चुनाव होगा, 13 मई को मतगणना।
अमित शाह दो दिन के दौरे पर आज कर्नाटक पहुंच रहे हैं। वह यहां देवनहल्ली में रोड शो करेंगे। बता दें कि देवनहल्ली में मैसूर के शासक टीपू सुल्तान का जन्म हुआ था। अमित शाह की रैली को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
अमित शाह की रैली को देखते हुए बेंगलुरू ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है। कुछ रास्तों के रूट को बदला गया है। दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे के बीच कई रास्तों को बदला गया है।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से कहा गया है कि वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए आपसे अपील की जाती है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड, यलहंका, बेल्लारी रोड, हेबल्ला जंक्शन, मेखरी सर्किल की ओर ना जाएं।
इस दौरान अमित शाह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। साथ ही अमित शाह प्राइवेट न्यूज चैनल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे और शनिवार को वापस दिल्ली लौट आएंगे।
बता दें कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जगहों पर चुनाव प्रचार करेंगे। मुख्यमंत्री बसवाराज बोम्मई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी कार्यक्रम को तैयार कर लिया गया है। पीएण मोदी अधिकतर जगहों पर रैली, सभा और कुछ जगहों पर रोड शो करेंगे।
गौर करने वाली बात है कि 20 अप्रैल को नामांकन भरने की अंतिम तारीख थी। नामांकन दायर करने की प्रक्रिया 13 अप्रैल को शुरू हुई थी। कुल 4710 उम्मीदवार इस बार कर्नाटक चुनाव में मैदान में हैं जिसमे 3327 पुरुष और 391 महिला उम्मीदवार की ओर से नामांकन किए गए हैं। जबकि एक नामांकन तीसरे जेंडर की ओर से किया गया है।
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- #Amit ShahMP मानसून सत्र के पहले दिन अमित शाह का तय हुआ अचानक दौरा, भोपाल की शाम को क्या होगा 'मंगल'? Amit Shah in Karnataka: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए कर्नाटक पहुंच रहे हैं। कर्नाटक में चुनाव का ऐलान होने के बाद पहली बार अमित शाह यहां रैली करने पहुंच रहे हैं। बता दें कि कर्नाटक में दस मई को चुनाव होगा, तेरह मई को मतगणना। अमित शाह दो दिन के दौरे पर आज कर्नाटक पहुंच रहे हैं। वह यहां देवनहल्ली में रोड शो करेंगे। बता दें कि देवनहल्ली में मैसूर के शासक टीपू सुल्तान का जन्म हुआ था। अमित शाह की रैली को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अमित शाह की रैली को देखते हुए बेंगलुरू ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है। कुछ रास्तों के रूट को बदला गया है। दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे के बीच कई रास्तों को बदला गया है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से कहा गया है कि वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए आपसे अपील की जाती है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड, यलहंका, बेल्लारी रोड, हेबल्ला जंक्शन, मेखरी सर्किल की ओर ना जाएं। इस दौरान अमित शाह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। साथ ही अमित शाह प्राइवेट न्यूज चैनल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे और शनिवार को वापस दिल्ली लौट आएंगे। बता दें कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीस जगहों पर चुनाव प्रचार करेंगे। मुख्यमंत्री बसवाराज बोम्मई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी कार्यक्रम को तैयार कर लिया गया है। पीएण मोदी अधिकतर जगहों पर रैली, सभा और कुछ जगहों पर रोड शो करेंगे। गौर करने वाली बात है कि बीस अप्रैल को नामांकन भरने की अंतिम तारीख थी। नामांकन दायर करने की प्रक्रिया तेरह अप्रैल को शुरू हुई थी। कुल चार हज़ार सात सौ दस उम्मीदवार इस बार कर्नाटक चुनाव में मैदान में हैं जिसमे तीन हज़ार तीन सौ सत्ताईस पुरुष और तीन सौ इक्यानवे महिला उम्मीदवार की ओर से नामांकन किए गए हैं। जबकि एक नामांकन तीसरे जेंडर की ओर से किया गया है।
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पटनाः छपरा जहरीली शराबकांड पर राजनीतिक शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिहार सरकार एवं भाजपा की जुबानी जंग जारी है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बृहस्पतिवार को बिहार विधानसभा में विपक्ष ने खूब हंगामा किया तथा वेल में सरकार विरोधी नारेबाजी के पश्चात् वाकआउट करके बाहर चले गये। जिसके पश्चात् बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष पर खूब हमला बोला। बिहार में अवैध शराब के लिए भाजपा को कटघरे में खड़ा कर दिया।
भाजपा का नाम लिए बगैर विजय चौधरी ने कहा कि बिहार में उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा से सबसे अवैध तरीके से शराब आ रही है। भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि इन प्रदेशों में इनकी ही सरकार है। इनकी पार्टी के ही लोग गलत तरीके से यहां शराब की सप्लाई करवा रहे हैं। इस प्रकार की अवैध शराब पीकर ही यहां लोग मर रहे हैं। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि शराब पीकर मरने वालों में सबसे अधिक आँकड़ा मध्य प्रदेश और हरियाणा में है। फिर इन प्रदेशों के सीएम से जाकर इस्तीफा क्यों नहीं मांगते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के प्रति सरकार की पूरी हमदर्दी है। हर नागरिक की सुरक्षा के लिए सरकार सजग है। प्रदेश सरकार बार-बार कह रही है कि शराब बुरी चीज है, इसे छोड़ दें एवं अपनी सेहत बनायें। लोगों की मौत हो रही है शराब पीने से तो लोग इतना जोखिम क्यों लेते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को कहीं से फेल नहीं कहा जा सकता है। सभी सदस्यों ने शराब नहीं पीने का संकल्प लिया था। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बयान पर भी भाजपा निरंतर हमले बोल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने बयान में कहा था कि जो पिएगा वो मरेगा। शराब बुरी चीज है। बिहार में शराबबंदी है। ऐसे में कुछ ना कुछ तो नकली बिकेगा। लोगों को सचेत रहना होगा।
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पटनाः छपरा जहरीली शराबकांड पर राजनीतिक शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिहार सरकार एवं भाजपा की जुबानी जंग जारी है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बृहस्पतिवार को बिहार विधानसभा में विपक्ष ने खूब हंगामा किया तथा वेल में सरकार विरोधी नारेबाजी के पश्चात् वाकआउट करके बाहर चले गये। जिसके पश्चात् बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष पर खूब हमला बोला। बिहार में अवैध शराब के लिए भाजपा को कटघरे में खड़ा कर दिया। भाजपा का नाम लिए बगैर विजय चौधरी ने कहा कि बिहार में उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा से सबसे अवैध तरीके से शराब आ रही है। भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि इन प्रदेशों में इनकी ही सरकार है। इनकी पार्टी के ही लोग गलत तरीके से यहां शराब की सप्लाई करवा रहे हैं। इस प्रकार की अवैध शराब पीकर ही यहां लोग मर रहे हैं। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि शराब पीकर मरने वालों में सबसे अधिक आँकड़ा मध्य प्रदेश और हरियाणा में है। फिर इन प्रदेशों के सीएम से जाकर इस्तीफा क्यों नहीं मांगते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के प्रति सरकार की पूरी हमदर्दी है। हर नागरिक की सुरक्षा के लिए सरकार सजग है। प्रदेश सरकार बार-बार कह रही है कि शराब बुरी चीज है, इसे छोड़ दें एवं अपनी सेहत बनायें। लोगों की मौत हो रही है शराब पीने से तो लोग इतना जोखिम क्यों लेते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को कहीं से फेल नहीं कहा जा सकता है। सभी सदस्यों ने शराब नहीं पीने का संकल्प लिया था। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बयान पर भी भाजपा निरंतर हमले बोल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने बयान में कहा था कि जो पिएगा वो मरेगा। शराब बुरी चीज है। बिहार में शराबबंदी है। ऐसे में कुछ ना कुछ तो नकली बिकेगा। लोगों को सचेत रहना होगा।
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सुपौल जिले के कुनौली स्थित प्लस टू जागेश्वर उच्च विद्यालय के प्रांगण में जर्जर पुराने मकान का छत गिरने से एक 13 वर्षीय छात्र मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीण छात्र को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुनौली में लेकर पहुंचे। जहां के चिकित्सकों ने उसकी जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भी आक्रोश है। निर्मली के पंचायत समिति सदस्य रामप्रवेश यादव ने बताया कि घटना के बाद ग्रामीणों ने पुराने मकान के छत के मलबे में दबे लड़के को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
लेकिन छात्र को बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान कुनौली वार्ड नंबर 2 निवासी सुरेंद्र मंडल का 13 वर्षीय बेटा राजकुमार मंडल के रूप में हुई है। मृतक के दादा वीरेंद्र मंडल ने बताया मृतक बालक उनका सबसे बड़ा पोता था। वह अपने दोस्तों के साथ शनिवार की शाम यह कहकर घर से निकला था कि दोस्तों के साथ स्कूल कैंपस में खेलने जा रहा है।
लेकिन वहां के स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा जानकारी मिली की वह पुराने जर्जर भवन के नीचे अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान छत का एक हिस्सा उस पर गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कुनौली थाना अध्यक्ष प्रभाकर भारती ने बताया कि घटना के मद्देनजर पुलिस मामले की जांच व कार्रवाई में जुटी है।
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सुपौल जिले के कुनौली स्थित प्लस टू जागेश्वर उच्च विद्यालय के प्रांगण में जर्जर पुराने मकान का छत गिरने से एक तेरह वर्षीय छात्र मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीण छात्र को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुनौली में लेकर पहुंचे। जहां के चिकित्सकों ने उसकी जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भी आक्रोश है। निर्मली के पंचायत समिति सदस्य रामप्रवेश यादव ने बताया कि घटना के बाद ग्रामीणों ने पुराने मकान के छत के मलबे में दबे लड़के को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। लेकिन छात्र को बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान कुनौली वार्ड नंबर दो निवासी सुरेंद्र मंडल का तेरह वर्षीय बेटा राजकुमार मंडल के रूप में हुई है। मृतक के दादा वीरेंद्र मंडल ने बताया मृतक बालक उनका सबसे बड़ा पोता था। वह अपने दोस्तों के साथ शनिवार की शाम यह कहकर घर से निकला था कि दोस्तों के साथ स्कूल कैंपस में खेलने जा रहा है। लेकिन वहां के स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा जानकारी मिली की वह पुराने जर्जर भवन के नीचे अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान छत का एक हिस्सा उस पर गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कुनौली थाना अध्यक्ष प्रभाकर भारती ने बताया कि घटना के मद्देनजर पुलिस मामले की जांच व कार्रवाई में जुटी है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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आपकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत रहेगी। आपके जीवन में आने वाले कष्ट दूर हो जाएंगे। मां लक्ष्मी की कृपा से आप की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। महालक्ष्मी की कृपा से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। आपका आत्मविश्वास लगातार बढ़ेगा।
आप अपने जीवन में तेजी से प्रगति करते हुए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने में कामयाब होंगे। आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। आपके जीवन में आने वाले सभी प्रकार के कष्टों का निवारण होगा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है।
आपके सभी रुके हुए काम भी आसानी से पूरे हो जाएंगे। आपको अपने हर काम में सफलता ही मिलेगी कुछ लोगों से आपको थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है। व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह सप्ताह बहुत ही अच्छा रहेगा। आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा।
आपको नया वाहन खरीदने का अवसर मिलेगा। संतान के माध्यम से घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। आर्थिक मामले से जुड़ी यात्रा लाभ पहुंचाएगी। रुका हुआ धन शीघ्र ही वापस मिल सकता है। आपका आत्मविश्वास आपको आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाएगा।
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आपकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत रहेगी। आपके जीवन में आने वाले कष्ट दूर हो जाएंगे। मां लक्ष्मी की कृपा से आप की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। महालक्ष्मी की कृपा से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। आपका आत्मविश्वास लगातार बढ़ेगा। आप अपने जीवन में तेजी से प्रगति करते हुए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने में कामयाब होंगे। आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। आपके जीवन में आने वाले सभी प्रकार के कष्टों का निवारण होगा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है। आपके सभी रुके हुए काम भी आसानी से पूरे हो जाएंगे। आपको अपने हर काम में सफलता ही मिलेगी कुछ लोगों से आपको थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है। व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह सप्ताह बहुत ही अच्छा रहेगा। आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा। आपको नया वाहन खरीदने का अवसर मिलेगा। संतान के माध्यम से घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। आर्थिक मामले से जुड़ी यात्रा लाभ पहुंचाएगी। रुका हुआ धन शीघ्र ही वापस मिल सकता है। आपका आत्मविश्वास आपको आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाएगा।
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नई दिल्ली। भारत की अग्रणी फुटवियर कम्पनियों में से एक-लिबर्टी शूज लिमिटेड ने बुधवार को लाइफस्टाईल रिटेल में कदम रखा और अपने बिजनेस वेंचर 'लिबर्टी लाइफस्टाइल' को लांच किया। ब्रांड ने अपने पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए कदम आगे बढ़ाया है और खुद को एक संपूर्ण लाइफस्टाइल ब्रांड के तौर पर स्थापित किया है।
भारत में फ्रेगरेंसिस की बढ़ती मांग को पूरा करने की खातिर लिबर्टी लाइफस्टाइल ने इस सेगमेंट में अपनी शुरूआत करते हुए परफ्यूम्स की पहली रेंज लांच की है। फ्रेगरेंसिस की नई लाइन लांच करते हुए लिबर्टी लाइफस्टाइल न केवल भारतीय उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियम परफ्यूम्स की बढ़ती मांग से लाभ उठाएगा बल्कि इसका लक्ष्य अपने ब्रांड को बाजार के अन्य प्रतिस्पर्धियों से अलग एक खास मुकाम बनाना भी है।
डिजाइन व क्वालिटी के लिहाज से लिबर्टी ने भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रीमियम मानकों को सुनिश्चित किया है, कीमतों को वैश्विक ब्रांडों के मुकाबले बेहद कम रखा है और इसे पॉकेट फ्रेंडली बनाया है। इस नई लाइन की कल्पना भारत में और निर्माण फ्रांस की एक ऐसी परफ्यूमरी में किया गया है, जिसका शुमार दुनिया की बेहतरीन परफ्यूमरीज में है। खुशबुओं के हर नोट को उम्दा तरीके से मिलाया गया है। हर बॉटल को ग्लोबल लुक और फील दिया गया है और कीमत ऐसी रखी गई है जो ग्राहकों के बजट में फिट आए। इस पूरी रेंज की कीमत 1699 से 2499 रुपये के बीच है।
#गोपी बहू कितना ग्लैमर अवतार देखकर चौंक जाएंगे आप!
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नई दिल्ली। भारत की अग्रणी फुटवियर कम्पनियों में से एक-लिबर्टी शूज लिमिटेड ने बुधवार को लाइफस्टाईल रिटेल में कदम रखा और अपने बिजनेस वेंचर 'लिबर्टी लाइफस्टाइल' को लांच किया। ब्रांड ने अपने पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए कदम आगे बढ़ाया है और खुद को एक संपूर्ण लाइफस्टाइल ब्रांड के तौर पर स्थापित किया है। भारत में फ्रेगरेंसिस की बढ़ती मांग को पूरा करने की खातिर लिबर्टी लाइफस्टाइल ने इस सेगमेंट में अपनी शुरूआत करते हुए परफ्यूम्स की पहली रेंज लांच की है। फ्रेगरेंसिस की नई लाइन लांच करते हुए लिबर्टी लाइफस्टाइल न केवल भारतीय उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियम परफ्यूम्स की बढ़ती मांग से लाभ उठाएगा बल्कि इसका लक्ष्य अपने ब्रांड को बाजार के अन्य प्रतिस्पर्धियों से अलग एक खास मुकाम बनाना भी है। डिजाइन व क्वालिटी के लिहाज से लिबर्टी ने भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रीमियम मानकों को सुनिश्चित किया है, कीमतों को वैश्विक ब्रांडों के मुकाबले बेहद कम रखा है और इसे पॉकेट फ्रेंडली बनाया है। इस नई लाइन की कल्पना भारत में और निर्माण फ्रांस की एक ऐसी परफ्यूमरी में किया गया है, जिसका शुमार दुनिया की बेहतरीन परफ्यूमरीज में है। खुशबुओं के हर नोट को उम्दा तरीके से मिलाया गया है। हर बॉटल को ग्लोबल लुक और फील दिया गया है और कीमत ऐसी रखी गई है जो ग्राहकों के बजट में फिट आए। इस पूरी रेंज की कीमत एक हज़ार छः सौ निन्यानवे से दो हज़ार चार सौ निन्यानवे रुपयापये के बीच है। #गोपी बहू कितना ग्लैमर अवतार देखकर चौंक जाएंगे आप!
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चुवाड़ी -आस्ट्रेलिया के समोआ में जूनियर कामनवैल्थ चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश की झोली में रजत पदक डालने वाले वेटलिफ्टर कल्याण सिंह का शुक्रवार को सांझीनाला पहंुचने पर विधायक विक्रम जरयाल की अगवाई में जोरदार स्वागत किया गया। विधायक विक्रम जरयाल ने कल्याण सिंह को हार पहनाकर और मंुह मीठा करवाकर भटियात व चंबा जिला का नाम पदक जीतकर पूरे विश्व में चमकाने के पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह की उपलब्धि ने दिखा दिया है कि ग्रामीण स्तर पर भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत है तो उनके बेहतर मार्गदर्शन की। इस दौरान भटियात वेलफेयर कमेटी व विहिप प्रखंड चुवाड़ी के अध्यक्ष अभिनय सौंधी व सदस्यों ने कल्याण सिंह को भगवद गीता व 3100 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इससे पहले शुक्रवार को बेस कैंप पटियाला से पैतृक गांव तारागढ़ पहुचने पर कल्याण सिंह का सांझीनाला में स्वागत के दौरान लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। बताते चलें कि कल्याण सिंह ने 96 किलो भार वर्ग में कुल 287 भार उठाकर कई देशों के खिलाडि़यों को पछाड़ दिया है। इससे पहले भी कल्याण सिंह अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते खेलो इडिया गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक हासिल कर हिमाचली गबरू ने ऊंची उड़ान भरी है। उन्होंने 287 किलो ग्राम भार में स्नैच 127 और क्लीन व जक में 160 किलो ग्राम भार उठाया है। इस मौके पर एसडीएम भटियात बच्चन सिंह, भाजपा मंडल महामंत्री दिव्य चक्षु, युवा मोरचा महामंत्री अनिक गुप्ता, तारागढ पंचायत के प्रधान वीरेंद्र, अभिनय सौंधी व गौरव जर्याल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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चुवाड़ी -आस्ट्रेलिया के समोआ में जूनियर कामनवैल्थ चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश की झोली में रजत पदक डालने वाले वेटलिफ्टर कल्याण सिंह का शुक्रवार को सांझीनाला पहंुचने पर विधायक विक्रम जरयाल की अगवाई में जोरदार स्वागत किया गया। विधायक विक्रम जरयाल ने कल्याण सिंह को हार पहनाकर और मंुह मीठा करवाकर भटियात व चंबा जिला का नाम पदक जीतकर पूरे विश्व में चमकाने के पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह की उपलब्धि ने दिखा दिया है कि ग्रामीण स्तर पर भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत है तो उनके बेहतर मार्गदर्शन की। इस दौरान भटियात वेलफेयर कमेटी व विहिप प्रखंड चुवाड़ी के अध्यक्ष अभिनय सौंधी व सदस्यों ने कल्याण सिंह को भगवद गीता व तीन हज़ार एक सौ रुपयापए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इससे पहले शुक्रवार को बेस कैंप पटियाला से पैतृक गांव तारागढ़ पहुचने पर कल्याण सिंह का सांझीनाला में स्वागत के दौरान लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। बताते चलें कि कल्याण सिंह ने छियानवे किलो भार वर्ग में कुल दो सौ सत्तासी भार उठाकर कई देशों के खिलाडि़यों को पछाड़ दिया है। इससे पहले भी कल्याण सिंह अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते खेलो इडिया गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक हासिल कर हिमाचली गबरू ने ऊंची उड़ान भरी है। उन्होंने दो सौ सत्तासी किलो ग्राम भार में स्नैच एक सौ सत्ताईस और क्लीन व जक में एक सौ साठ किलो ग्राम भार उठाया है। इस मौके पर एसडीएम भटियात बच्चन सिंह, भाजपा मंडल महामंत्री दिव्य चक्षु, युवा मोरचा महामंत्री अनिक गुप्ता, तारागढ पंचायत के प्रधान वीरेंद्र, अभिनय सौंधी व गौरव जर्याल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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मध्य प्रदेश में रीवा हवाई पट्टी के पास एक प्रशिक्षण विमान मंदिर के गुंबद से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस हादसे में प्रशिक्षक पायलट पटना के आनंदपुरी के मकान नंबर 85 के रहने वाले कैप्टन विमल कुमार की मौत हो गई। जबकि प्रशिक्षु पायलट राजस्थान के सोनू यादव घायल हो गए। उनकी हालत खतरे से बाहर है। 54 वर्षीय विमल मूल रूप से सीतामढ़ी के निवासी थे। चोरहटा पुलिस थाना प्रभारी जेपी पटेल ने बताया कि प्रशिक्षण विमान को गुरुवार देर रात लगभग 11. 30 बजे रीवा चोरहटा हवाई पट्टी पर उतरना था।
विमान यहां उतरने के प्रयास में तीन किलोमीटर दूर मंदिर के गुंबद और बिजली के तारों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। एडीजी केपी वेंकटेश्वर राव ने बताया कि विमान निजी प्रशिक्षण कंपनी फाल्कन एविएशन एकेडमी का था। घने कोहरे के बीच उतरने के प्रयास में हादसा हो गया।
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मध्य प्रदेश में रीवा हवाई पट्टी के पास एक प्रशिक्षण विमान मंदिर के गुंबद से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में प्रशिक्षक पायलट पटना के आनंदपुरी के मकान नंबर पचासी के रहने वाले कैप्टन विमल कुमार की मौत हो गई। जबकि प्रशिक्षु पायलट राजस्थान के सोनू यादव घायल हो गए। उनकी हालत खतरे से बाहर है। चौवन वर्षीय विमल मूल रूप से सीतामढ़ी के निवासी थे। चोरहटा पुलिस थाना प्रभारी जेपी पटेल ने बताया कि प्रशिक्षण विमान को गुरुवार देर रात लगभग ग्यारह. तीस बजे रीवा चोरहटा हवाई पट्टी पर उतरना था। विमान यहां उतरने के प्रयास में तीन किलोमीटर दूर मंदिर के गुंबद और बिजली के तारों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। एडीजी केपी वेंकटेश्वर राव ने बताया कि विमान निजी प्रशिक्षण कंपनी फाल्कन एविएशन एकेडमी का था। घने कोहरे के बीच उतरने के प्रयास में हादसा हो गया।
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लखनऊ महानगर 35वीं वाहिनी पीएससी में पीएसी दिवस पर जवानों ने मॉक ड्रिल की, जो कई बार करने के बाद पूरी हो सकी।
इसमें एक ने लड़की को छेड़ा। जा रही लड़की का दुपट्टा हटाने की कोशिश की।
फिर तेज रफ्तार से भागा।
. . . और आगे जाकर लुढ़क गया।
. . . लेकिन ये अभी भी पूरा नहीं हो पाया। स्कूटर चालक को साइकिल से आ रहे जवान से भिड़ना था पर वो तो पहले ही गिर गया।
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लखनऊ महानगर पैंतीसवीं वाहिनी पीएससी में पीएसी दिवस पर जवानों ने मॉक ड्रिल की, जो कई बार करने के बाद पूरी हो सकी। इसमें एक ने लड़की को छेड़ा। जा रही लड़की का दुपट्टा हटाने की कोशिश की। फिर तेज रफ्तार से भागा। . . . और आगे जाकर लुढ़क गया। . . . लेकिन ये अभी भी पूरा नहीं हो पाया। स्कूटर चालक को साइकिल से आ रहे जवान से भिड़ना था पर वो तो पहले ही गिर गया।
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देश छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत आयकर (PIT) की दर समान होगी, और इसका आकार 13-15% के स्तर पर होगा। यह रूसी संघ के वित्त मंत्रालय में बताया गया था।
जैसा कि विभाग में जोर दिया गया है, यह दर सभी कर्मचारियों पर लागू होगी, भले ही उनकी कर निवासी स्थिति कुछ भी हो।
इस प्रकार, रूस के उप वित्त मंत्री अलेक्सी सज़ानोव ने स्पष्ट किया कि केवल वे कर्मचारी जिनकी वार्षिक आय 15 मिलियन रूबल से अधिक है, उन्हें राज्य के खजाने में 5% कर काटना होगा। यह उन दोनों को प्रभावित करेगा जो संपन्न श्रम अनुबंधों (LC) और नागरिक कानून अनुबंधों (GPC) दोनों के तहत संगठनों के साथ काम करते हैं।
इस संदर्भ में, मंत्रियों के मंत्रिमंडल द्वारा पिछले महीने के अंत में राज्य ड्यूमा को पेश किए गए विधेयक का उल्लेख करना उचित है, जिसे यदि रूसी सांसदों द्वारा अपनाया जाता है, तो वे उन श्रमिकों को उपकृत करेंगे जो व्यक्तिगत आय कर का भुगतान करने के लिए विदेश गए थे। रूसी कंपनियों को उनकी आय का 30%। यह विधायी पहल उन सभी कर्मचारियों पर लागू होने वाली थी जो रूसी कर निवास के नुकसान के कारण विदेश में हैं, जो अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान इंटरनेट के रूसी खंड का उपयोग करते हैं।
इस बीच, रूसी संघ के सेंट्रल बैंक ने घोषणा की कि 12 मई तक देश का अंतरराष्ट्रीय भंडार 599,5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, एक हफ्ते पहले यह आंकड़ा 599,2 अरब डॉलर था। इस प्रकार, 7 दिनों में उनमें $0,3 बिलियन या 0,1% की वृद्धि हुई। इसी समय, नियामक ने मुद्रास्फीति में और कमी की संभावना के बारे में भी बताया।
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देश छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत आयकर की दर समान होगी, और इसका आकार तेरह-पंद्रह% के स्तर पर होगा। यह रूसी संघ के वित्त मंत्रालय में बताया गया था। जैसा कि विभाग में जोर दिया गया है, यह दर सभी कर्मचारियों पर लागू होगी, भले ही उनकी कर निवासी स्थिति कुछ भी हो। इस प्रकार, रूस के उप वित्त मंत्री अलेक्सी सज़ानोव ने स्पष्ट किया कि केवल वे कर्मचारी जिनकी वार्षिक आय पंद्रह मिलियन रूबल से अधिक है, उन्हें राज्य के खजाने में पाँच% कर काटना होगा। यह उन दोनों को प्रभावित करेगा जो संपन्न श्रम अनुबंधों और नागरिक कानून अनुबंधों दोनों के तहत संगठनों के साथ काम करते हैं। इस संदर्भ में, मंत्रियों के मंत्रिमंडल द्वारा पिछले महीने के अंत में राज्य ड्यूमा को पेश किए गए विधेयक का उल्लेख करना उचित है, जिसे यदि रूसी सांसदों द्वारा अपनाया जाता है, तो वे उन श्रमिकों को उपकृत करेंगे जो व्यक्तिगत आय कर का भुगतान करने के लिए विदेश गए थे। रूसी कंपनियों को उनकी आय का तीस%। यह विधायी पहल उन सभी कर्मचारियों पर लागू होने वाली थी जो रूसी कर निवास के नुकसान के कारण विदेश में हैं, जो अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान इंटरनेट के रूसी खंड का उपयोग करते हैं। इस बीच, रूसी संघ के सेंट्रल बैंक ने घोषणा की कि बारह मई तक देश का अंतरराष्ट्रीय भंडार पाँच सौ निन्यानवे,पाँच अरब डॉलर तक पहुंच गया, एक हफ्ते पहले यह आंकड़ा पाँच सौ निन्यानवे,दो अरब डॉलर था। इस प्रकार, सात दिनों में उनमें शून्य डॉलर,तीन बिलियन या शून्य,एक% की वृद्धि हुई। इसी समय, नियामक ने मुद्रास्फीति में और कमी की संभावना के बारे में भी बताया।
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LUCKNOW: लखनऊ मेट्रो को अब रफ्तार मिली है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लखनऊ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर अपनी मुहर लगा दी। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लखनऊ मेट्रो को औपचारिक मंजूरी देने पर सहमति बरी। राजधानी में मेट्रो के पहले फेज में करीब सात हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की इक्विटी पचास-पचास फीसद होगी।
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार से स्वीकृति न मिलने के बाद भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से इसका निर्माण करवा रही है। केंद्र से भी मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार को 1300 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। पहले फेज में अमौसी से मुंशी पुलिया तक की 22. 878 किमी तक की दूरी में मेट्रो का संचालन किया जाना है। इस रास्ते में 22 स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। अगस्त माह में पीआईबी की मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने लोन लेने की कवायद भी शुरू की थी। मेट्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए राज्य सरकार लगातार केन्द्र सरकार के सम्पर्क में थी। मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी मिल जाएगी। इससे मेट्रो का काम रफ्तार पकड़ सकता है।
मेट्रो के भूमिगत स्टेशन के निर्माण के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन ने अपना सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे पूरा कर इसकी रिपोर्ट यातायात विभाग को भेज दी है जिससे डायवर्जन लिया जा सके।
लखनऊ मेट्रो के लिए विकास द्वीप के पास, सहकारिता भवन और डीआरएम ऑफिस के पास भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा। भूमिगत स्टेशन का निर्माण मार्च में शुरू हो जाएगा। स्टेशन बनाने के समय एकल दिशा पर ही यातायात का संचालन हो सकेगा। एक दिशा के डायवर्जन के लिए एलएमआरसी ने डीएम और एसपी यातायात को पत्र लिख दिया है। लखनऊ मेट्रो ने ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक अपना 56 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। अक्टूबर 2016 में इस रूट पर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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LUCKNOW: लखनऊ मेट्रो को अब रफ्तार मिली है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लखनऊ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर अपनी मुहर लगा दी। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लखनऊ मेट्रो को औपचारिक मंजूरी देने पर सहमति बरी। राजधानी में मेट्रो के पहले फेज में करीब सात हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की इक्विटी पचास-पचास फीसद होगी। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार से स्वीकृति न मिलने के बाद भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से इसका निर्माण करवा रही है। केंद्र से भी मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार को एक हज़ार तीन सौ करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। पहले फेज में अमौसी से मुंशी पुलिया तक की बाईस. आठ सौ अठहत्तर किमी तक की दूरी में मेट्रो का संचालन किया जाना है। इस रास्ते में बाईस स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। अगस्त माह में पीआईबी की मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने लोन लेने की कवायद भी शुरू की थी। मेट्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए राज्य सरकार लगातार केन्द्र सरकार के सम्पर्क में थी। मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी मिल जाएगी। इससे मेट्रो का काम रफ्तार पकड़ सकता है। मेट्रो के भूमिगत स्टेशन के निर्माण के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन ने अपना सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे पूरा कर इसकी रिपोर्ट यातायात विभाग को भेज दी है जिससे डायवर्जन लिया जा सके। लखनऊ मेट्रो के लिए विकास द्वीप के पास, सहकारिता भवन और डीआरएम ऑफिस के पास भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा। भूमिगत स्टेशन का निर्माण मार्च में शुरू हो जाएगा। स्टेशन बनाने के समय एकल दिशा पर ही यातायात का संचालन हो सकेगा। एक दिशा के डायवर्जन के लिए एलएमआरसी ने डीएम और एसपी यातायात को पत्र लिख दिया है। लखनऊ मेट्रो ने ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक अपना छप्पन प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। अक्टूबर दो हज़ार सोलह में इस रूट पर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम।
नगर पालिका परिषद नौतनवा के मोहल्लों में भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। स्थिति यह है चार में से तीन ट्यूबेल खराब हो गए हैं। इसके पीछे की मुख्य वजह भूमिगत जल स्तर नीचे होने की बताई जा रही है। इसका असर यह है कि वार्ड में पेयजल पहुंचाने के लिए पिकअप लगाया गया है। पिकअप से टैंक पानी भर कर पहुंचाया जा रहा है। पानी के लिए लोगों की कतार लग रही है।
नौतनवा नगर पालिका के 25 वार्ड में 60 हजार आबादी है। सभी वार्ड में पेयजल की समस्या गंभीर हो गई है। हाहाकार मचा हुआ है। कस्बे में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए ट्यूबवेल पंप भी एक-एक कर बंद हो चुके हैं। महज एक ट्यूबल पंप के जरिए कस्बे को पानी पहुंचाने की कोशिश हो रही है। नगर पालिका प्रशासन के सामने पेयजल आपूर्ति बहाल रखना बड़ी चुनौती बन कर उभरी है। पिकअप व टैंकर के जरिए मोहल्लों में पानी पहुंचते ही लोगों की भारी भीड़ लग जा रही है।
नौतनवा नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए जलकल परिसर में 12 सौ किलोलीटर का ओवरहेड टैंक है। इसमें पानी भरने के लिए 4 ट्यूबवेल पंप लगाए गए हैं। लेकिन एक एक कर तीन ट्यूबवेल पंप ध्वस्त हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी डाक बंगला व गौशाला के पास लगे ट्यूबपेल पंप से काम चल रहा था, लेकिन भीषण गर्मी में जलस्तर घटने से गौशाला का ट्यूबवेल पंप भी ध्वस्त हो गया। पालिका प्रशासन की मानें तो पेयजल की व्यवस्था बहाल रखना बड़ी चुनौती है। बावजूद एक ट्यूबवेल के सहारे नागरिकों को पानी पहुंचाने की कोशिश हो रही है। जिन वार्डों में अधिक समस्या है, वहां पानी नगर पालिका में मौजूद 4 टैंकरों के जरिए पहुंचाया जा रहा है। पेयजल का संकट गहराता देख पालिका प्रशासन ने पिछले 2 दिनों से मोहल्लों में पिकअप पर पानी का टैंक लाद कर पेयजल पहुंचाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
राजेंद्र नगर निवासी सुग्रीव यादव, मोनू यादव, विजय गोस्वामी व अंबिका चौधरी ने बताया कि मोहल्लों में लगे सरकारी हैंडपंप पहले से ही खराब हो चुके हैं। वाटर सप्लाई ही एकमात्र सहारा था। इस भीषण गर्मी में जब पानी की आवश्यकता ज्यादा है तो वह भी दगा दे चुका है। बाल्मीकि नगर की रहने वाली बिफना देवी ,आरती देवी फातिमा, सरवरी बेगम,आमिना खातून ने कहा कि इस भीषण गर्मी में एक एक बूंद पानी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ रहा है।
पेयजल आपूर्ति बहाल रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। ट्यूबवेल पंप खराब होने की वजह से समस्या आई है। कस्बे के नौतनवा इंटर कॉलेज परिसर में लगे जल निगम के ट्यूबवेल पंप कभी पिछले दो दिनों से इस्तेमाल किया जा रहा है। पालिका के चार पानी टैंकरों के अलावा पिकअप पर पाने का टैंक लोडकर भी मोहल्लों में पानी मुहैया कराई जा रही है। जिससे कि नागरिकों कि कुछ परेशानियां कम हो सके।
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। नगर पालिका परिषद नौतनवा के मोहल्लों में भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। स्थिति यह है चार में से तीन ट्यूबेल खराब हो गए हैं। इसके पीछे की मुख्य वजह भूमिगत जल स्तर नीचे होने की बताई जा रही है। इसका असर यह है कि वार्ड में पेयजल पहुंचाने के लिए पिकअप लगाया गया है। पिकअप से टैंक पानी भर कर पहुंचाया जा रहा है। पानी के लिए लोगों की कतार लग रही है। नौतनवा नगर पालिका के पच्चीस वार्ड में साठ हजार आबादी है। सभी वार्ड में पेयजल की समस्या गंभीर हो गई है। हाहाकार मचा हुआ है। कस्बे में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए ट्यूबवेल पंप भी एक-एक कर बंद हो चुके हैं। महज एक ट्यूबल पंप के जरिए कस्बे को पानी पहुंचाने की कोशिश हो रही है। नगर पालिका प्रशासन के सामने पेयजल आपूर्ति बहाल रखना बड़ी चुनौती बन कर उभरी है। पिकअप व टैंकर के जरिए मोहल्लों में पानी पहुंचते ही लोगों की भारी भीड़ लग जा रही है। नौतनवा नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए जलकल परिसर में बारह सौ किलोलीटर का ओवरहेड टैंक है। इसमें पानी भरने के लिए चार ट्यूबवेल पंप लगाए गए हैं। लेकिन एक एक कर तीन ट्यूबवेल पंप ध्वस्त हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी डाक बंगला व गौशाला के पास लगे ट्यूबपेल पंप से काम चल रहा था, लेकिन भीषण गर्मी में जलस्तर घटने से गौशाला का ट्यूबवेल पंप भी ध्वस्त हो गया। पालिका प्रशासन की मानें तो पेयजल की व्यवस्था बहाल रखना बड़ी चुनौती है। बावजूद एक ट्यूबवेल के सहारे नागरिकों को पानी पहुंचाने की कोशिश हो रही है। जिन वार्डों में अधिक समस्या है, वहां पानी नगर पालिका में मौजूद चार टैंकरों के जरिए पहुंचाया जा रहा है। पेयजल का संकट गहराता देख पालिका प्रशासन ने पिछले दो दिनों से मोहल्लों में पिकअप पर पानी का टैंक लाद कर पेयजल पहुंचाने की कोशिश में जुटा हुआ है। राजेंद्र नगर निवासी सुग्रीव यादव, मोनू यादव, विजय गोस्वामी व अंबिका चौधरी ने बताया कि मोहल्लों में लगे सरकारी हैंडपंप पहले से ही खराब हो चुके हैं। वाटर सप्लाई ही एकमात्र सहारा था। इस भीषण गर्मी में जब पानी की आवश्यकता ज्यादा है तो वह भी दगा दे चुका है। बाल्मीकि नगर की रहने वाली बिफना देवी ,आरती देवी फातिमा, सरवरी बेगम,आमिना खातून ने कहा कि इस भीषण गर्मी में एक एक बूंद पानी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बहाल रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। ट्यूबवेल पंप खराब होने की वजह से समस्या आई है। कस्बे के नौतनवा इंटर कॉलेज परिसर में लगे जल निगम के ट्यूबवेल पंप कभी पिछले दो दिनों से इस्तेमाल किया जा रहा है। पालिका के चार पानी टैंकरों के अलावा पिकअप पर पाने का टैंक लोडकर भी मोहल्लों में पानी मुहैया कराई जा रही है। जिससे कि नागरिकों कि कुछ परेशानियां कम हो सके।
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शक्ति मिली है। 1806 में जर्मनी की साहित्यकार केरोलीन फान गुंदेरोद भर्तृहरिशतक के एक अनूदित अंश को अपनी समाधि पर स्मृति - लेख के रूप अंकित कराने के लिए छोड़ गयीं ।
लासेन ने सांख्यकारिका का लैटिन भाषा में 1832 में अनुवाद किया। अपने ग्रंथ इंडेशा आल्टरटुम्सकुण्ड (1847-58) में उन्होंने यूनान तथा रोम के भारत व संस्कृत साहित्य के साथ परिचय का विस्तृत सर्वेक्षण व अध्ययन प्रस्तुत किया।
जीन बेप्टिस्चे जोसेफ जेंटील 1752 में भारत आया और 1773 से उसने अवध में नौकरी की । शुज़ाउद्दौला के निधन (1775) तक वह अवध में रहा । हिंदुस्तानी का अच्छा अभ्यास करके उसने हिंदू व इस्लामिक दोनों परम्पराओं की पाण्डुलिपियों का संकलन किया ।
भारत में आ कर वेद की पाण्डुलिपियों पर कार्य करने वाले तथा वेद की सम्पूर्ण पाण्डुलिपियों का संग्रह करने वाला एक और युरोपीय विद्वान् फ्रांस का एंकेतिल दुपेरों था । दुपेरों पूर्व के रहस्य की खोज में भारत आया था, और इस सिलसिले में सूरत तक जा पहुँचा । यहाँ आ कर उसने अवेस्ता की प्रति भी प्राप्त की। सूरत में रहते हुए ही 1759 में उसने अवेस्ता का अनुवाद कर डाला। साथ ही, तेरहवीं शताब्दी में पारसियों के भारत आगमन पर भारतीय पण्डितों से संवाद के लिए उनकी ओर से तैयार कराए गये इस धर्मग्रंथ के संस्कृत अनुवाद का भी पता दुपेरों ने लगाया। इसके पश्चात् वह उपनिषदों की ओर आकर्षित हुआ । भारत से पेरिस लौट कर उसने उपनिषदों के लैटिन अनुवाद का कार्य 1786 में पूरा किया। दाराशिकोह के उपनिषदों के लैटिन में अनुवाद दुपेरों ने किये जो ओपनेखत शीर्षक से पेरिस से 1801-1802 में दो खण्डों में छपे । इन अनुवादों का रिक्सनेर नामक विद्वान् ने 1808 में जर्मन भाषा में अंशतः अनुवाद किया । लैटिन तथा जर्मन में अनुदित उपनिषदों के ये रूपांतर उन्नीसवीं शताब्दी में शॉपेनहार तथा शेलिंग जैसे दार्शनिकों द्वारा पढ़े गये । शॉपेनहार ने उपनिषदों को सर्वोच्च मानवीय प्रज्ञा की परिणति बताया । वे उपनिषदों के तत्त्व - चिंतन पर इतने मुग्ध थे कि एंकेतिल दुपेरों के ओपनेखत को नित्य सिरहाने रख कर सोते थे । शॉपेनहार का उपनिषदों के विषय में यह कथन बहुशः उद्धृत होता आया है : 'उपनिषद् से बढ़कर संसार में और कोई पुस्तक नहीं है, जिसके पढ़ने से आत्मा को ऐसी गहन शांति मिल सके, उपनिषद् मेरे जीवन के लिए परम विश्वास रहे हैं, और मृत्युपर्यंत रहेंगे।'
दुपेरों ने केवल उपनिषदों का अनुवाद ही नहीं किया, दाराशिकोह की भाँति उसने दो चिंतन धाराओं, ईसाइयत तथा वेदांत के बीच समानताओं का भी हर्म्युनिटिक दृष्टि से विवेचन किया। दुपेंरों की झक का ही परिणाम था कि केवल उपनिषद् ही नहीं, वैश्विक संवाद के एक और बड़े सेतु का उसके कार्य से पुनराविष्कार हो सका, जो शताब्दियों से उपेक्षित था । एडवर्ड सईद दुपेरों के लिए कहते हैं : 'उसने भूमध्यसागर के तटीय देशों की मानवता का शोधन और विस्तार करते हुए मानवीय प्रतिभा के दो गोलार्थों के बीच एक समान धारा को खोज निकाला ।' यह भी सत्य है कि दुपेरों के अवदान से आगे चल कर संस्कृत, ग्रीक तथा फ़ारसी के बीच तुलनात्मक भाषाशास्त्र का उपक्रम सम्भव हो सका ।
164 / प्रतिमान समय समाज संस्कृति
दुपेरों 1755 में भारत आया और 1762 में पेरिस लौट गया । अठारहवीं शताब्दी में अन्य अनेक फ्रेंच पण्डित भारत आये ।
इस बीच जर्मनी में भारतीय विद्या के अध्ययन का प्रबल केंद्र विकसित हो चला था । फ्रीड्रिख़ श्लेगल ने पेरिस में अलेक्ज़ेंडर हैमिल्टन से संस्कृत सीखी । श्लेगल के भाई ऑगस्ट विल्हेम (17671845) बॉन विश्वविद्यालय में 1818 में नियुक्ति पा कर जर्मनी में संस्कृत के पहले प्रोफ़ेसर बने । विल्हेम फान हुम्बोल्त (1767-1835), फ्रांज बोप (1791-1867), हर्मनब्रोखास (1806-1877), फ्रीड्रिख़ यूकर्ट (1788-1866) जैसे विद्वानों के कार्यों से भारत आर्यभूमि तथा एक समृद्ध प्राचीन संस्कृतिवाले देश के रूप में विश्वमान्य हुआ । इत्सिंग और ह्वेनसांग से लगाकर ज्याँ बेप्टिस्चे, जोसेफ़
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शक्ति मिली है। एक हज़ार आठ सौ छः में जर्मनी की साहित्यकार केरोलीन फान गुंदेरोद भर्तृहरिशतक के एक अनूदित अंश को अपनी समाधि पर स्मृति - लेख के रूप अंकित कराने के लिए छोड़ गयीं । लासेन ने सांख्यकारिका का लैटिन भाषा में एक हज़ार आठ सौ बत्तीस में अनुवाद किया। अपने ग्रंथ इंडेशा आल्टरटुम्सकुण्ड में उन्होंने यूनान तथा रोम के भारत व संस्कृत साहित्य के साथ परिचय का विस्तृत सर्वेक्षण व अध्ययन प्रस्तुत किया। जीन बेप्टिस्चे जोसेफ जेंटील एक हज़ार सात सौ बावन में भारत आया और एक हज़ार सात सौ तिहत्तर से उसने अवध में नौकरी की । शुज़ाउद्दौला के निधन तक वह अवध में रहा । हिंदुस्तानी का अच्छा अभ्यास करके उसने हिंदू व इस्लामिक दोनों परम्पराओं की पाण्डुलिपियों का संकलन किया । भारत में आ कर वेद की पाण्डुलिपियों पर कार्य करने वाले तथा वेद की सम्पूर्ण पाण्डुलिपियों का संग्रह करने वाला एक और युरोपीय विद्वान् फ्रांस का एंकेतिल दुपेरों था । दुपेरों पूर्व के रहस्य की खोज में भारत आया था, और इस सिलसिले में सूरत तक जा पहुँचा । यहाँ आ कर उसने अवेस्ता की प्रति भी प्राप्त की। सूरत में रहते हुए ही एक हज़ार सात सौ उनसठ में उसने अवेस्ता का अनुवाद कर डाला। साथ ही, तेरहवीं शताब्दी में पारसियों के भारत आगमन पर भारतीय पण्डितों से संवाद के लिए उनकी ओर से तैयार कराए गये इस धर्मग्रंथ के संस्कृत अनुवाद का भी पता दुपेरों ने लगाया। इसके पश्चात् वह उपनिषदों की ओर आकर्षित हुआ । भारत से पेरिस लौट कर उसने उपनिषदों के लैटिन अनुवाद का कार्य एक हज़ार सात सौ छियासी में पूरा किया। दाराशिकोह के उपनिषदों के लैटिन में अनुवाद दुपेरों ने किये जो ओपनेखत शीर्षक से पेरिस से एक हज़ार आठ सौ एक-एक हज़ार आठ सौ दो में दो खण्डों में छपे । इन अनुवादों का रिक्सनेर नामक विद्वान् ने एक हज़ार आठ सौ आठ में जर्मन भाषा में अंशतः अनुवाद किया । लैटिन तथा जर्मन में अनुदित उपनिषदों के ये रूपांतर उन्नीसवीं शताब्दी में शॉपेनहार तथा शेलिंग जैसे दार्शनिकों द्वारा पढ़े गये । शॉपेनहार ने उपनिषदों को सर्वोच्च मानवीय प्रज्ञा की परिणति बताया । वे उपनिषदों के तत्त्व - चिंतन पर इतने मुग्ध थे कि एंकेतिल दुपेरों के ओपनेखत को नित्य सिरहाने रख कर सोते थे । शॉपेनहार का उपनिषदों के विषय में यह कथन बहुशः उद्धृत होता आया है : 'उपनिषद् से बढ़कर संसार में और कोई पुस्तक नहीं है, जिसके पढ़ने से आत्मा को ऐसी गहन शांति मिल सके, उपनिषद् मेरे जीवन के लिए परम विश्वास रहे हैं, और मृत्युपर्यंत रहेंगे।' दुपेरों ने केवल उपनिषदों का अनुवाद ही नहीं किया, दाराशिकोह की भाँति उसने दो चिंतन धाराओं, ईसाइयत तथा वेदांत के बीच समानताओं का भी हर्म्युनिटिक दृष्टि से विवेचन किया। दुपेंरों की झक का ही परिणाम था कि केवल उपनिषद् ही नहीं, वैश्विक संवाद के एक और बड़े सेतु का उसके कार्य से पुनराविष्कार हो सका, जो शताब्दियों से उपेक्षित था । एडवर्ड सईद दुपेरों के लिए कहते हैं : 'उसने भूमध्यसागर के तटीय देशों की मानवता का शोधन और विस्तार करते हुए मानवीय प्रतिभा के दो गोलार्थों के बीच एक समान धारा को खोज निकाला ।' यह भी सत्य है कि दुपेरों के अवदान से आगे चल कर संस्कृत, ग्रीक तथा फ़ारसी के बीच तुलनात्मक भाषाशास्त्र का उपक्रम सम्भव हो सका । एक सौ चौंसठ / प्रतिमान समय समाज संस्कृति दुपेरों एक हज़ार सात सौ पचपन में भारत आया और एक हज़ार सात सौ बासठ में पेरिस लौट गया । अठारहवीं शताब्दी में अन्य अनेक फ्रेंच पण्डित भारत आये । इस बीच जर्मनी में भारतीय विद्या के अध्ययन का प्रबल केंद्र विकसित हो चला था । फ्रीड्रिख़ श्लेगल ने पेरिस में अलेक्ज़ेंडर हैमिल्टन से संस्कृत सीखी । श्लेगल के भाई ऑगस्ट विल्हेम बॉन विश्वविद्यालय में एक हज़ार आठ सौ अट्ठारह में नियुक्ति पा कर जर्मनी में संस्कृत के पहले प्रोफ़ेसर बने । विल्हेम फान हुम्बोल्त , फ्रांज बोप , हर्मनब्रोखास , फ्रीड्रिख़ यूकर्ट जैसे विद्वानों के कार्यों से भारत आर्यभूमि तथा एक समृद्ध प्राचीन संस्कृतिवाले देश के रूप में विश्वमान्य हुआ । इत्सिंग और ह्वेनसांग से लगाकर ज्याँ बेप्टिस्चे, जोसेफ़
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देश में करोड़ों रुपए का घोटाला कर भागे कारोबारी विजय माल्या ने बैंकों को ऑफर देते हुए कहा कि वो पूरा पैसा चुकाने के लिए तैयार है। वहीं माल्या ने अपने इस प्रस्ताव और मिशेल के प्रत्यपर्ण से किसी तरह का कोई संबंध होने से इनकार किया है। माल्या ने कहा कि वो सिर्फ इतना चाहते है कि पैसा वापस ले लिया जाए।
बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपये लेकर भारत से भागे बिजनेसमैन विजय माल्या के खिलाफ बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपये अरेस्ट वारेंट जारी कर दिया गया है।
कारोबारी विजय माल्या तीसरी बार प्रवर्तन निदेशालय ईडी के जांचकर्ताओं के समक्ष उपस्थित नहीं हुए ।
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देश में करोड़ों रुपए का घोटाला कर भागे कारोबारी विजय माल्या ने बैंकों को ऑफर देते हुए कहा कि वो पूरा पैसा चुकाने के लिए तैयार है। वहीं माल्या ने अपने इस प्रस्ताव और मिशेल के प्रत्यपर्ण से किसी तरह का कोई संबंध होने से इनकार किया है। माल्या ने कहा कि वो सिर्फ इतना चाहते है कि पैसा वापस ले लिया जाए। बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपये लेकर भारत से भागे बिजनेसमैन विजय माल्या के खिलाफ बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपये अरेस्ट वारेंट जारी कर दिया गया है। कारोबारी विजय माल्या तीसरी बार प्रवर्तन निदेशालय ईडी के जांचकर्ताओं के समक्ष उपस्थित नहीं हुए ।
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Punjab board 12th result 2023: पंजाब बोर्ड ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। जिन छात्रों ने इस साल पंजाब बोर्ड की 12वीं की परीक्षा दी थी, वह pseb. ac. in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
पारखी नजर वाले का ही है खेल, दोनों तस्वीरों में से ढूंढकर दिखाना है तीन अंतर, खोज लिया तो कहलाएंगे 'धुरंधर'
PoK पर CM Yogi Adityanath से बयान से Pakistan में भूचाल!
Prashant Kishor ने PM Modi को चुनौती के सवाल पर Tejashwi Yadav की लगाई क्लास!
दिल्ली हत्याकांड पर Sakshi के पिता का आया बयान- 'Sahil को फांसी होनी चाहिए'
कलावा, रुद्राक्ष. . 'लव जिहाद' के साक्ष्य?
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Punjab board बारहth result दो हज़ार तेईस: पंजाब बोर्ड ने बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। जिन छात्रों ने इस साल पंजाब बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा दी थी, वह pseb. ac. in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। पारखी नजर वाले का ही है खेल, दोनों तस्वीरों में से ढूंढकर दिखाना है तीन अंतर, खोज लिया तो कहलाएंगे 'धुरंधर' PoK पर CM Yogi Adityanath से बयान से Pakistan में भूचाल! Prashant Kishor ने PM Modi को चुनौती के सवाल पर Tejashwi Yadav की लगाई क्लास! दिल्ली हत्याकांड पर Sakshi के पिता का आया बयान- 'Sahil को फांसी होनी चाहिए' कलावा, रुद्राक्ष. . 'लव जिहाद' के साक्ष्य?
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बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने रविवार को एक बड़ा एलान किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने चुनाव प्रबंधन का अपना पेशा छोड़ने का फैसला किया है। वह अब किसी भी पार्टी के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका नहीं निभाएंगे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने रविवार को एक बड़ा एलान किया। प्रशांत किशोर ने एक टीवी चैनल से कहा कि उन्होंने चुनाव प्रबंधन का अपना पेशा छोड़ने का फैसला किया है। वह अब किसी भी पार्टी के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका नहीं निभाएंगे। पीके के नाम से चर्चित प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम निर्णायक मुकाम पर पहुंचने के बाद यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह अब कुछ और करना चाहते हैं।
प्रशांत किशोर ने दिसंबर में दावा किया था कि भाजपा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दोहरे अंकों को पार करने के लिए संघर्ष करेगी. . . ऐसा नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे। प्रशांत किशोर ने रविवार को यह एलान कर कि वह 'इस स्थान को छोड़ रहे हैं' सियासी हल्के में सनसनी मचा दी। पीके ने इस साक्षात्कार में चुनाव आयोग की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि वह 'भाजपा का विस्तार' है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने कभी भी आंशिक चुनाव आयोग (Election Commission) नहीं देखा है। इसने भाजपा की मदद करने के लिए सब कुछ किया. . . धर्म के इस्तेमाल से लेकर मतदान कार्यक्रमों तक चुनाव आयोग ने कथित तौर पर भाजपा की मदद करने के लिए सब कुछ किया। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि आलम यह है कि निर्वाचन आयोग को भाजपा का विस्तार कहा जा रहा है।
हालांकि प्रशांत किशोर अपने रुख पर कायम रहे कि बंगाल में भाजपा एक बड़ी ताकत थी। वह भाजपा की ओर से बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाने के प्रयास के बावजूद टीएमसी की जीत के बारे में आश्वस्त थे। उन्होंने कहा कि परिणाम एक तरफा दिख सकता है लेकिन यह एक मुश्किल लड़ाई थी। भाजपा एक जबरदस्त ताकत है और आगे भी होगी. . . गौरतलब है कि पीके (Prashant Kishor) ने ममता बनर्जी की पार्टी की चुनावी रणनीतियां तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बलबूते ममता बनर्जी की एक बार फिर सत्ता में वापसी की ओ बढ़ रही हैं।
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बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने रविवार को एक बड़ा एलान किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने चुनाव प्रबंधन का अपना पेशा छोड़ने का फैसला किया है। वह अब किसी भी पार्टी के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका नहीं निभाएंगे। नई दिल्ली, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने रविवार को एक बड़ा एलान किया। प्रशांत किशोर ने एक टीवी चैनल से कहा कि उन्होंने चुनाव प्रबंधन का अपना पेशा छोड़ने का फैसला किया है। वह अब किसी भी पार्टी के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका नहीं निभाएंगे। पीके के नाम से चर्चित प्रशांत किशोर ने बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम निर्णायक मुकाम पर पहुंचने के बाद यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह अब कुछ और करना चाहते हैं। प्रशांत किशोर ने दिसंबर में दावा किया था कि भाजपा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दोहरे अंकों को पार करने के लिए संघर्ष करेगी. . . ऐसा नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे। प्रशांत किशोर ने रविवार को यह एलान कर कि वह 'इस स्थान को छोड़ रहे हैं' सियासी हल्के में सनसनी मचा दी। पीके ने इस साक्षात्कार में चुनाव आयोग की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि वह 'भाजपा का विस्तार' है। प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने कभी भी आंशिक चुनाव आयोग नहीं देखा है। इसने भाजपा की मदद करने के लिए सब कुछ किया. . . धर्म के इस्तेमाल से लेकर मतदान कार्यक्रमों तक चुनाव आयोग ने कथित तौर पर भाजपा की मदद करने के लिए सब कुछ किया। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि आलम यह है कि निर्वाचन आयोग को भाजपा का विस्तार कहा जा रहा है। हालांकि प्रशांत किशोर अपने रुख पर कायम रहे कि बंगाल में भाजपा एक बड़ी ताकत थी। वह भाजपा की ओर से बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाने के प्रयास के बावजूद टीएमसी की जीत के बारे में आश्वस्त थे। उन्होंने कहा कि परिणाम एक तरफा दिख सकता है लेकिन यह एक मुश्किल लड़ाई थी। भाजपा एक जबरदस्त ताकत है और आगे भी होगी. . . गौरतलब है कि पीके ने ममता बनर्जी की पार्टी की चुनावी रणनीतियां तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बलबूते ममता बनर्जी की एक बार फिर सत्ता में वापसी की ओ बढ़ रही हैं।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) के साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट बी 2 इलाके में शिफ्ट हो सकते हैं।
Rahul Gandhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) के साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट बी 2 इलाके में शिफ्ट हो सकते हैं। खबरों की मानें तो राहुल गांधी अब जिस थ्री-बीएचके फ्लैट में रहेंगे। यह फ्लैट दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का बताया जा रहा है। शीला दीक्षित ने अपने जीवन के आखिरी साल इसी घर में बिताए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शीला दीक्षित साल 1991 से 1998 तक इसी घर में रहीं थी और इसके बाद 2015 में वह फिर इसी फ्लैट में शिफ्ट हो गईं थी। हाल शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने एक अनौपचारिक नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपने परिचितों को उसी इलाके में अपना निवास स्थान A5 में स्थानांतरित करने की सूचना दी। राहुल गांधी को 2019 के मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें मार्च 2023 में लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद 22 अप्रैल 2023 को उन्हें अपना आधिकारिक बंगला खाली करना पड़ा। इसके बाद वह अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रह रहे हैं। राहुल गांधी को दिल्ली समेत देशभर से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने घर में रहने की पेशकश की थी।
कहा जा रहा है कि शिला दीक्षित का यह फ्लैट निज़ामुद्दीन दरगाह से करीब सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में राहुल गांधी ने अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान इस दरगाह पर आकर भी प्रार्थना की थी। वहीं शीला दीक्षित ने 1991 में निज़ामुद्दीन ईस्ट हाउस खरीदा था। वह 1998 से 2013 तक दिल्ली की सीएम रहीं और 2014 में कुछ समय के लिए केरल की राज्यपाल रहीं, केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के सत्ता संभालने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया। केरल के गवर्नर कार्यकाल के बाद वह निज़ामुद्दीन ईस्ट हाउस में चली गईं और निधन होने तक वहीं रहीं।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट बी दो इलाके में शिफ्ट हो सकते हैं। Rahul Gandhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट बी दो इलाके में शिफ्ट हो सकते हैं। खबरों की मानें तो राहुल गांधी अब जिस थ्री-बीएचके फ्लैट में रहेंगे। यह फ्लैट दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का बताया जा रहा है। शीला दीक्षित ने अपने जीवन के आखिरी साल इसी घर में बिताए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शीला दीक्षित साल एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे से एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे तक इसी घर में रहीं थी और इसके बाद दो हज़ार पंद्रह में वह फिर इसी फ्लैट में शिफ्ट हो गईं थी। हाल शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने एक अनौपचारिक नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपने परिचितों को उसी इलाके में अपना निवास स्थान Aपाँच में स्थानांतरित करने की सूचना दी। राहुल गांधी को दो हज़ार उन्नीस के मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें मार्च दो हज़ार तेईस में लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद बाईस अप्रैल दो हज़ार तेईस को उन्हें अपना आधिकारिक बंगला खाली करना पड़ा। इसके बाद वह अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रह रहे हैं। राहुल गांधी को दिल्ली समेत देशभर से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने घर में रहने की पेशकश की थी। कहा जा रहा है कि शिला दीक्षित का यह फ्लैट निज़ामुद्दीन दरगाह से करीब सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में राहुल गांधी ने अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान इस दरगाह पर आकर भी प्रार्थना की थी। वहीं शीला दीक्षित ने एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में निज़ामुद्दीन ईस्ट हाउस खरीदा था। वह एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे से दो हज़ार तेरह तक दिल्ली की सीएम रहीं और दो हज़ार चौदह में कुछ समय के लिए केरल की राज्यपाल रहीं, केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के सत्ता संभालने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया। केरल के गवर्नर कार्यकाल के बाद वह निज़ामुद्दीन ईस्ट हाउस में चली गईं और निधन होने तक वहीं रहीं।
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रांचीः राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में शनिवार को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए लालू यादव को जमानत दे दी है। हाई कोर्ट ने उन्हें दुमका कोषागर से अवैध निकासी के मामले में जमानत दी है।
कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब लालू यादव जल्द जेल से भी रिहा हो जाएंगे। हालांकि लालू यादव को जेल से बाहर आने में अभी 1-2 दिनों का वक्त लग सकता है। कोविड संक्रमण के नियम के चलते उन्हें जेल से निकलने में कुछ देरी हो सकती है। बेल बॉन्ड भरने के बाद जेल से बाहर आने की प्रक्रिया शुरू होगी।
रांची हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत के आदेश में कहा कि जमानत के लिये लालू यादव को एक लाख रुपये का मुचलका देना होगा। जुर्माने में दस लाख रुपये जमा करना होगा। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा। बिना कोर्ट की अनुमति के विदेश नहीं जा सकेंगे। अपना पता और मोबाइल नंबर नहीं बदलना होगा।
बता दें कि लालू यादव फिलहाल दिल्ली के एम्स में इलाज के लिये भर्ती हैं।
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रांचीः राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में शनिवार को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए लालू यादव को जमानत दे दी है। हाई कोर्ट ने उन्हें दुमका कोषागर से अवैध निकासी के मामले में जमानत दी है। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब लालू यादव जल्द जेल से भी रिहा हो जाएंगे। हालांकि लालू यादव को जेल से बाहर आने में अभी एक-दो दिनों का वक्त लग सकता है। कोविड संक्रमण के नियम के चलते उन्हें जेल से निकलने में कुछ देरी हो सकती है। बेल बॉन्ड भरने के बाद जेल से बाहर आने की प्रक्रिया शुरू होगी। रांची हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत के आदेश में कहा कि जमानत के लिये लालू यादव को एक लाख रुपये का मुचलका देना होगा। जुर्माने में दस लाख रुपये जमा करना होगा। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा। बिना कोर्ट की अनुमति के विदेश नहीं जा सकेंगे। अपना पता और मोबाइल नंबर नहीं बदलना होगा। बता दें कि लालू यादव फिलहाल दिल्ली के एम्स में इलाज के लिये भर्ती हैं।
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संवाददाता- उपेन्द्र कुमार तिवारी (दुद्धी ब्यूरो/ सोनभद्र / उत्तर प्रदेश)
दुद्धी । दुद्धी बार एसोसिएशन संघ के प्रतिनिधि मंडल बार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव के साथ अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति तथा इलाहाबाद के रजिस्ट्रा से मुलाकात कर मांग सौपा ।
दुद्धी वाहय न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश एसीजीएम सिविल जज जूनियर डिविजन आदि न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति किये जाने हेतु मांग पत्र सौंपा। बार संघ अध्यक्ष ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों के। आवास आदि निर्माण हेतु भवन चयन किए जाने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है जो अंतिम दौर में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि दुद्धी क्षेत्र के आदिवासियों और वादकारियों को न्याय पाने के लिए जिले स्तर के कोर्ट में जाना पड़ता है जो यहां से काफी लंबी दूरी पड़ता है। यहां पर न्यायिक अधिकारियों के लिए न्यायालय भवन बनकर तैयार है केवल न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की आवश्यकता है जिससे न्यायिक प्रक्रिया पूरी तौर पर संचालित हो सकता है। प्रतिनिधि मंडल में जितेंद्र श्रीवास्तव,विजय सिंह ,आनंद गुप्ता,अंजनी आदि अधिवक्ता रहे ।
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संवाददाता- उपेन्द्र कुमार तिवारी दुद्धी । दुद्धी बार एसोसिएशन संघ के प्रतिनिधि मंडल बार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव के साथ अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति तथा इलाहाबाद के रजिस्ट्रा से मुलाकात कर मांग सौपा । दुद्धी वाहय न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश एसीजीएम सिविल जज जूनियर डिविजन आदि न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति किये जाने हेतु मांग पत्र सौंपा। बार संघ अध्यक्ष ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों के। आवास आदि निर्माण हेतु भवन चयन किए जाने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है जो अंतिम दौर में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि दुद्धी क्षेत्र के आदिवासियों और वादकारियों को न्याय पाने के लिए जिले स्तर के कोर्ट में जाना पड़ता है जो यहां से काफी लंबी दूरी पड़ता है। यहां पर न्यायिक अधिकारियों के लिए न्यायालय भवन बनकर तैयार है केवल न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की आवश्यकता है जिससे न्यायिक प्रक्रिया पूरी तौर पर संचालित हो सकता है। प्रतिनिधि मंडल में जितेंद्र श्रीवास्तव,विजय सिंह ,आनंद गुप्ता,अंजनी आदि अधिवक्ता रहे ।
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ALLAHABAD: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हॉस्टल संस्कृति और अस्मिता को बचाए रखने के लिए एएन झॉ हॉस्टल के अन्तःवासियों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी कुलपति कार्यालय के सामने चलता रहा। अन्तःवासियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि रविवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो। राम सेवक दुबे, डीएसडब्लू प्रो। आरकेपी सिंह व रजिस्ट्रार प्रो। एनके शुक्ला जबरदस्ती अनशन समाप्त करवाने पहुंचे लेकिन अन्तःवासियों ने दो टूक कहा कि पहले हॉस्टल आवंटन की वर्तमान प्रक्रिया को रद किया जाए।
कुलपति कार्यालय के सामने अनशन पर बैठे 25 अन्तःवासियों के समर्थन में रविवार को जीएन झॉ हॉस्टल, हालैण्ड हाल हॉस्टल व सर सुंदर लाल हॉस्टल के दर्जनों अन्तःवासी पहुंचे। कई छात्रों की तबियत खराब हुई तो विश्वविद्यालय के डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर अन्तःवासियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। वहीं विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अनुग्रह नारायण सिंह, रामाधीन सिंह, विनोद चंद्र दुबे व लक्ष्मी शंकर ओझा ने भी अन्तःवासियों की मांग का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
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ALLAHABAD: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हॉस्टल संस्कृति और अस्मिता को बचाए रखने के लिए एएन झॉ हॉस्टल के अन्तःवासियों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी कुलपति कार्यालय के सामने चलता रहा। अन्तःवासियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि रविवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो। राम सेवक दुबे, डीएसडब्लू प्रो। आरकेपी सिंह व रजिस्ट्रार प्रो। एनके शुक्ला जबरदस्ती अनशन समाप्त करवाने पहुंचे लेकिन अन्तःवासियों ने दो टूक कहा कि पहले हॉस्टल आवंटन की वर्तमान प्रक्रिया को रद किया जाए। कुलपति कार्यालय के सामने अनशन पर बैठे पच्चीस अन्तःवासियों के समर्थन में रविवार को जीएन झॉ हॉस्टल, हालैण्ड हाल हॉस्टल व सर सुंदर लाल हॉस्टल के दर्जनों अन्तःवासी पहुंचे। कई छात्रों की तबियत खराब हुई तो विश्वविद्यालय के डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर अन्तःवासियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। वहीं विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अनुग्रह नारायण सिंह, रामाधीन सिंह, विनोद चंद्र दुबे व लक्ष्मी शंकर ओझा ने भी अन्तःवासियों की मांग का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
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बिग बॉस के पिछले सीजन में नजर आ चुकीं और राहुल महाजन की एक्स वाइफ डिंपी गांगुली ने सगाई कर ली है. डिंपी दुबई बेस्ड एक बिजनेस रोहिस रॉय से शादी करने वाली हैं. डिंपी ने टि्वटर पर सगाई की अंगुठी पोस्ट कर लिखा "engaged". रोहित ने डायमंड रिंग के साथ डिंपी को प्रपोज किया. डिंपी और रोहित एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं और पिछले 2 साल डेट कर रहे हैं. खबरों के अनुसार दोनों 27 नवंबर को कोलकाता में शादी के बंधन में बंध सकते हयह एक प्राइवेट फंक्शन होगा जिसमें नजदीकी रिश्तेदार और दोस्त शामिल होंगे.
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बिग बॉस के पिछले सीजन में नजर आ चुकीं और राहुल महाजन की एक्स वाइफ डिंपी गांगुली ने सगाई कर ली है. डिंपी दुबई बेस्ड एक बिजनेस रोहिस रॉय से शादी करने वाली हैं. डिंपी ने टि्वटर पर सगाई की अंगुठी पोस्ट कर लिखा "engaged". रोहित ने डायमंड रिंग के साथ डिंपी को प्रपोज किया. डिंपी और रोहित एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं और पिछले दो साल डेट कर रहे हैं. खबरों के अनुसार दोनों सत्ताईस नवंबर को कोलकाता में शादी के बंधन में बंध सकते हयह एक प्राइवेट फंक्शन होगा जिसमें नजदीकी रिश्तेदार और दोस्त शामिल होंगे.
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Jio Glass की घोषणा Reliance Company की 43 वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में की गई है। यह कंपनी नई तकनीक का नवाचार कर रही है। इसे jio की मिश्रित वास्तविकता सेवा के तहत बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक Jio ग्लास की मदद से 3 डी वीडियो कॉल की जा सकती है। Jio Glass की मदद से छात्र रोचक तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। Jio Glass की मदद से कक्षा को 3 डी वर्चुअल रूम में बदला जा सकता है। Jio मिश्रित रियलिटी क्लाउड के माध्यम से वास्तविक समय पर समग्र कक्षा में प्रवेश किया जा सकता है।
Jio Glass में Jio की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।
जो ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ श्रेणी मिश्रित वास्तविकता सेवा प्रदान करेगा।
Jio Glass एक साधारण दिखने वाला चश्मा है, जो कई प्रकार की सुविधाओं से लैस होगा।
Jio Glass को वायरलेस तरीके से कनेक्ट किया जा सकता है।
एक बार Jio Glass इंटरनेट से कनेक्ट होने के बाद, 3D वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को कनेक्ट करके किया जा सकता है। छात्र 3 डी मोड के माध्यम से भूगोल जैसे विषय का अध्ययन कर सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, Jio Glass की मदद से आप इतिहास जैसे बोरिंग टॉपिक्स को रोचक तरीके से 3 डी ग्राफिक्स विजुअल के साथ पढ़ पाएंगे।
फिलहाल Reliance Jio द्वारा Jio Glass के तकनीकी हिस्से का खुलासा नहीं किया गया है।
लेकिन यह कहा गया है कि Jio Glass ने अच्छे दृश्यों के लिए उत्कृष्ट ग्राफिक्स का उपयोग किया है।
इस ऑडियो सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
इसके अलावा Jio Glass प्री-इंस्टॉल 25 एप्लिकेशन को भी सपोर्ट करता है। Jio Glass का वजन 75 ग्राम होगा। Reliance Jio के अनुसार, कोरोना में ऑनलाइन क्लास के साथ घर से काम करने की बहुत मांग है। इस स्थिति में, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बहुत बढ़ रही है।
Jio Glass छात्र इस अवधि के दौरान टीज़र के लिए बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
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Jio Glass की घोषणा Reliance Company की तैंतालीस वीं वार्षिक आम बैठक में की गई है। यह कंपनी नई तकनीक का नवाचार कर रही है। इसे jio की मिश्रित वास्तविकता सेवा के तहत बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक Jio ग्लास की मदद से तीन डी वीडियो कॉल की जा सकती है। Jio Glass की मदद से छात्र रोचक तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। Jio Glass की मदद से कक्षा को तीन डी वर्चुअल रूम में बदला जा सकता है। Jio मिश्रित रियलिटी क्लाउड के माध्यम से वास्तविक समय पर समग्र कक्षा में प्रवेश किया जा सकता है। Jio Glass में Jio की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। जो ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ श्रेणी मिश्रित वास्तविकता सेवा प्रदान करेगा। Jio Glass एक साधारण दिखने वाला चश्मा है, जो कई प्रकार की सुविधाओं से लैस होगा। Jio Glass को वायरलेस तरीके से कनेक्ट किया जा सकता है। एक बार Jio Glass इंटरनेट से कनेक्ट होने के बाद, तीनD वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को कनेक्ट करके किया जा सकता है। छात्र तीन डी मोड के माध्यम से भूगोल जैसे विषय का अध्ययन कर सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, Jio Glass की मदद से आप इतिहास जैसे बोरिंग टॉपिक्स को रोचक तरीके से तीन डी ग्राफिक्स विजुअल के साथ पढ़ पाएंगे। फिलहाल Reliance Jio द्वारा Jio Glass के तकनीकी हिस्से का खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन यह कहा गया है कि Jio Glass ने अच्छे दृश्यों के लिए उत्कृष्ट ग्राफिक्स का उपयोग किया है। इस ऑडियो सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा Jio Glass प्री-इंस्टॉल पच्चीस एप्लिकेशन को भी सपोर्ट करता है। Jio Glass का वजन पचहत्तर ग्राम होगा। Reliance Jio के अनुसार, कोरोना में ऑनलाइन क्लास के साथ घर से काम करने की बहुत मांग है। इस स्थिति में, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बहुत बढ़ रही है। Jio Glass छात्र इस अवधि के दौरान टीज़र के लिए बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
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गगरेट - डिफाल्टर वालीबाल क्लब द्वारा करवाई जा रही वालीबाल प्रतियोगिता का शनिवार को गगरेट में विधिवत शुभारंभ हो गया। इस प्रतियोगिता के शुभारंभ पर विधायक राजेश ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस प्रतियोगिता में वालीबाल की सोलह टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता की विजेता टीम को 51 सौ रुपए व उपविजेता टीम को 31 सौ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। शनिवार को प्रतियोगिता का पहला मुकाबला दौलतपुर चौक व अंब के बीच खेला गया। इसमें सीधे सेटों में अंब ने दौलतपुर चौक को दो-शून्य से हराकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया। वहीं, चिंतपूर्णी व बडूही के बीच खेले गए मैच में बडूही की टीम ने सीधे सेटों में चिंतपूर्णी की टीम को हराकर अगले दौर में प्रवेश पा लिया। विधायक राजेश ठाकुर ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए क्लब द्वारा किए गए प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर ऐसे आयोजन खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका देते हैं। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए आयोजक समिति को 51 सौ रुपए दिए। इस अवसर पर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राममूर्ति शर्मा, सह मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, पंकज शर्मा, विवेक धीमान, विकास कालिया, रंजीत सिंह, रमेश पराशर, सचिन सांडिल, नितिश, वरुण, शिव व अरविंद चक्रवर्ती भी मौजूद थे।
बिझड़ी। पुलिस सहायता कक्ष प्रभारी एएसआई पूर्ण भगत द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए एक मीटिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के टैक्सी चालकों ने पुलिस को अपनी समस्याओं से भी अवगत करवाया। पुलिस द्वारा टैक्सी चालकों को वर्दी पहनने, सीट बेल्ट लगाने, स्पीड लिमिट सवारियों से मिसविहेव न करने, गाड़ी को साफ -सुथरी रखने व तय क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने को लेकर चेतावनी व जानकारी दी गई। टेक्सी चालकों को निर्देश दिए गए की यदि क्षेत्र में कोई निजी वाहन सवारियां उठाता है तो उसकी सूचना पुलिस चौकी में दें। टैक्सी चालकों के साथ उनकी समस्याओं व यातायात नियमों का पालन करने बारे मीटिंग की गई है। टैक्सी के रूप में प्रयोग किए जा रहे निजी वाहनों के तीन चालान करके 6000 रुपए जुर्माना वसूला गया है। इसकी पुष्टि एएसआई बिझड़ी पूर्ण भगत ने की है।
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गगरेट - डिफाल्टर वालीबाल क्लब द्वारा करवाई जा रही वालीबाल प्रतियोगिता का शनिवार को गगरेट में विधिवत शुभारंभ हो गया। इस प्रतियोगिता के शुभारंभ पर विधायक राजेश ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस प्रतियोगिता में वालीबाल की सोलह टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता की विजेता टीम को इक्यावन सौ रुपए व उपविजेता टीम को इकतीस सौ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। शनिवार को प्रतियोगिता का पहला मुकाबला दौलतपुर चौक व अंब के बीच खेला गया। इसमें सीधे सेटों में अंब ने दौलतपुर चौक को दो-शून्य से हराकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया। वहीं, चिंतपूर्णी व बडूही के बीच खेले गए मैच में बडूही की टीम ने सीधे सेटों में चिंतपूर्णी की टीम को हराकर अगले दौर में प्रवेश पा लिया। विधायक राजेश ठाकुर ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए क्लब द्वारा किए गए प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर ऐसे आयोजन खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका देते हैं। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए आयोजक समिति को इक्यावन सौ रुपए दिए। इस अवसर पर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष राममूर्ति शर्मा, सह मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, पंकज शर्मा, विवेक धीमान, विकास कालिया, रंजीत सिंह, रमेश पराशर, सचिन सांडिल, नितिश, वरुण, शिव व अरविंद चक्रवर्ती भी मौजूद थे। बिझड़ी। पुलिस सहायता कक्ष प्रभारी एएसआई पूर्ण भगत द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए एक मीटिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के टैक्सी चालकों ने पुलिस को अपनी समस्याओं से भी अवगत करवाया। पुलिस द्वारा टैक्सी चालकों को वर्दी पहनने, सीट बेल्ट लगाने, स्पीड लिमिट सवारियों से मिसविहेव न करने, गाड़ी को साफ -सुथरी रखने व तय क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने को लेकर चेतावनी व जानकारी दी गई। टेक्सी चालकों को निर्देश दिए गए की यदि क्षेत्र में कोई निजी वाहन सवारियां उठाता है तो उसकी सूचना पुलिस चौकी में दें। टैक्सी चालकों के साथ उनकी समस्याओं व यातायात नियमों का पालन करने बारे मीटिंग की गई है। टैक्सी के रूप में प्रयोग किए जा रहे निजी वाहनों के तीन चालान करके छः हज़ार रुपयापए जुर्माना वसूला गया है। इसकी पुष्टि एएसआई बिझड़ी पूर्ण भगत ने की है।
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गूगल फोन एप में नया अपडेट आया है जिसके बाद आपके फोन में डिफॉल्ट रूप से आने वाला फोन एप ही ट्रूकॉलर का काम करेगा।
अभी तक आपको स्पैम कॉल और कॉलर की पहचान का पता लगाने के लिए अपने फोन में अलग से Truecaller एप को डाउनलोड करना पड़ता था लेकिन अब आपको इसके लिए अलग से कोई एप रखने की जरूरत नहीं है। अब यह काम Google Phone app ही कर देगा। गूगल फोन एप में नया अपडेट आया है जिसके बाद आपके फोन में डिफॉल्ट रूप से आने वाला फोन एप ही ट्रूकॉलर का काम करेगा।
Google Phone app पर स्पैम फीचर पर गूगल काफी लंबे समय से काम कर रही था और अब आखिरकार नया अपडेट जारी कर दिया है। इसके बारे में सबसे पहले XDA डेवलपर ने जानकारी दी है। गूगल फोन एप की सेटिंग में जाकर Caller ID announcement को ऑन करने होगा। उसके बाद जैसे ही किसी का फोन आएगा तो फोन खुद बोलकर बताएगा कि किसका फोन आया है।
इस फीचर के लिए आपको तीन विकल्प मिलेंगे। एक विकल्प यह है कि जब आप हेडफोन का इस्तेमाल करें, उस दौरान ही फोन आपको बोलकर बताए कि किसका फोन आया है। इसके अलावा आप इस फीचर को हमेशा के लिए बंद भी कर सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि अनचाहे कॉल को आप अपनी सहूलियत के हिसाब से रिसीव करेंगे।
गूगल प्ले-स्टोर से इस एप को आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं। यदि आपके पास स्टॉक एंड्रॉयड फोन है तो यह एप उसमें पहले से ही होगा। आपको सिर्फ सेटिंग बदलनी होगी। गूगल प्ले-स्टोर पर आप Phone by Google - Caller ID & Spam Protection नाम से इस एप को सर्च कर सकते हैं। इस एप को अभी तक 50 करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। नए फीचर के आने के बाद गूगल फोन एप का सीधा मुकाबला ट्रूकॉलर से हो गया है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
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गूगल फोन एप में नया अपडेट आया है जिसके बाद आपके फोन में डिफॉल्ट रूप से आने वाला फोन एप ही ट्रूकॉलर का काम करेगा। अभी तक आपको स्पैम कॉल और कॉलर की पहचान का पता लगाने के लिए अपने फोन में अलग से Truecaller एप को डाउनलोड करना पड़ता था लेकिन अब आपको इसके लिए अलग से कोई एप रखने की जरूरत नहीं है। अब यह काम Google Phone app ही कर देगा। गूगल फोन एप में नया अपडेट आया है जिसके बाद आपके फोन में डिफॉल्ट रूप से आने वाला फोन एप ही ट्रूकॉलर का काम करेगा। Google Phone app पर स्पैम फीचर पर गूगल काफी लंबे समय से काम कर रही था और अब आखिरकार नया अपडेट जारी कर दिया है। इसके बारे में सबसे पहले XDA डेवलपर ने जानकारी दी है। गूगल फोन एप की सेटिंग में जाकर Caller ID announcement को ऑन करने होगा। उसके बाद जैसे ही किसी का फोन आएगा तो फोन खुद बोलकर बताएगा कि किसका फोन आया है। इस फीचर के लिए आपको तीन विकल्प मिलेंगे। एक विकल्प यह है कि जब आप हेडफोन का इस्तेमाल करें, उस दौरान ही फोन आपको बोलकर बताए कि किसका फोन आया है। इसके अलावा आप इस फीचर को हमेशा के लिए बंद भी कर सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि अनचाहे कॉल को आप अपनी सहूलियत के हिसाब से रिसीव करेंगे। गूगल प्ले-स्टोर से इस एप को आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं। यदि आपके पास स्टॉक एंड्रॉयड फोन है तो यह एप उसमें पहले से ही होगा। आपको सिर्फ सेटिंग बदलनी होगी। गूगल प्ले-स्टोर पर आप Phone by Google - Caller ID & Spam Protection नाम से इस एप को सर्च कर सकते हैं। इस एप को अभी तक पचास करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। नए फीचर के आने के बाद गूगल फोन एप का सीधा मुकाबला ट्रूकॉलर से हो गया है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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बाढ़ (फाइल फोटो)
पूर्वोत्तर में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम में सबसे ज्यादा डरावने हालात हैं, जहां पिछले 24 घंटे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि मणिपुर में 1 मछुआरे की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ से मरने वालों की तादाद बढ़कर 17 पर पहुंच गई है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि चार पूर्वोत्तर राज्यों में सात लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। हालांकि अन्य राज्यों में बाढ़ के पानी में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं।
असम के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कछार जिले में 2, जबकि होजाई और दीमा हसाओ में 1-1 आदमी की मौत बाढ़ में डूबने व भूस्खलन की चपेट में आने से हुई है। प्रदेश में अब तक कुल 7 मौत हो चुकी हैं। कई जगह सड़कें टूट गई हैं और जगह-जगह भूस्खलन से ट्रेन सेवाएं ठप हैं। राजधानी गुवाहाटी में भी 3 जगह भूस्खलन की सूचना है।
राज्य के 716 गांव पूरी तरह पानी में डूबे हुए और करीब 3292 हेक्टेयर फसल खराब हो गई है। लगभग सभी प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। करीमगंज में करीब 1. 95 लाख और हैलाकांदी जिले में 1. 89 लोगों समेत पूरे राज्य में करीब 5 लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है। प्रदेश में इस समय करीब 1. 10 लाख लोग 213 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
मणिपुर के राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 1. 8 लाख से भी अधिक लोग अभी तक बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। 5 हजार लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया है। अब तक करीब 22,624 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसके चलते 48 नए राहत शिविर लगाने पड़े हैं। हालांकि बारिश में थोड़ी कमी आने से हालात में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन थोऊबाल, नामबोल, इंफाल और इरिलबुंग जिलों की प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रमुख मार्गों पर यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राज्य में 1 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य की प्रमुख नदियों तियांग और लांगकेह के जल स्तर में कमी आने की रिपोर्ट दी है। लेकिन लुंगलेई में अब भी 500 परिवार बेघर हैं और सैकड़ों मकान पानी के अंदर डूबे हुए हैं। आईजॉल से लुंगलेई जाने वाला हाईवे शुक्रवार रात को पीडब्ल्यूडी की तरफ से मलबा हटाकर चालू किए जाने के कुछ ही घंटे बाद मुआलथुआम गांव के पास भूस्खलन से फिर बंद हो गया।
त्रिपुरा और मिजोरम में बरिश में कमी होने से स्थिति पहले से सुधरी है। हालांकि त्रिपुरा में खोवाई नदी में बढ़े पानी के कारण कई नए इलाकों के डूब जाने की जानकारी मिली है। राज्य में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 189 राहत शिविरों में 40 हजार से ज्यादा लोगों ने शरण ले रखी है। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने शनिवार को प्रमुख विभागों के साथ बाढ़ की समीक्षा बैठक की। मिजोरम के लुंगलेई जिले में अब भी 500 परिवार बेघर हैं और सैकड़ों मकान पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ के कारण नेशनल हाइवे का सौ मीटर लंबा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
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बाढ़ पूर्वोत्तर में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम में सबसे ज्यादा डरावने हालात हैं, जहां पिछले चौबीस घंटाटे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि मणिपुर में एक मछुआरे की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ से मरने वालों की तादाद बढ़कर सत्रह पर पहुंच गई है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि चार पूर्वोत्तर राज्यों में सात लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। हालांकि अन्य राज्यों में बाढ़ के पानी में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं। असम के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले चौबीस घंटाटे में कछार जिले में दो, जबकि होजाई और दीमा हसाओ में एक-एक आदमी की मौत बाढ़ में डूबने व भूस्खलन की चपेट में आने से हुई है। प्रदेश में अब तक कुल सात मौत हो चुकी हैं। कई जगह सड़कें टूट गई हैं और जगह-जगह भूस्खलन से ट्रेन सेवाएं ठप हैं। राजधानी गुवाहाटी में भी तीन जगह भूस्खलन की सूचना है। राज्य के सात सौ सोलह गांव पूरी तरह पानी में डूबे हुए और करीब तीन हज़ार दो सौ बानवे हेक्टेयर फसल खराब हो गई है। लगभग सभी प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। करीमगंज में करीब एक. पचानवे लाख और हैलाकांदी जिले में एक. नवासी लोगों समेत पूरे राज्य में करीब पाँच लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है। प्रदेश में इस समय करीब एक. दस लाख लोग दो सौ तेरह राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। मणिपुर के राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, एक. आठ लाख से भी अधिक लोग अभी तक बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। पाँच हजार लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया है। अब तक करीब बाईस,छः सौ चौबीस मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसके चलते अड़तालीस नए राहत शिविर लगाने पड़े हैं। हालांकि बारिश में थोड़ी कमी आने से हालात में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन थोऊबाल, नामबोल, इंफाल और इरिलबुंग जिलों की प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रमुख मार्गों पर यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य की प्रमुख नदियों तियांग और लांगकेह के जल स्तर में कमी आने की रिपोर्ट दी है। लेकिन लुंगलेई में अब भी पाँच सौ परिवार बेघर हैं और सैकड़ों मकान पानी के अंदर डूबे हुए हैं। आईजॉल से लुंगलेई जाने वाला हाईवे शुक्रवार रात को पीडब्ल्यूडी की तरफ से मलबा हटाकर चालू किए जाने के कुछ ही घंटे बाद मुआलथुआम गांव के पास भूस्खलन से फिर बंद हो गया। त्रिपुरा और मिजोरम में बरिश में कमी होने से स्थिति पहले से सुधरी है। हालांकि त्रिपुरा में खोवाई नदी में बढ़े पानी के कारण कई नए इलाकों के डूब जाने की जानकारी मिली है। राज्य में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। करीब एक सौ नवासी राहत शिविरों में चालीस हजार से ज्यादा लोगों ने शरण ले रखी है। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने शनिवार को प्रमुख विभागों के साथ बाढ़ की समीक्षा बैठक की। मिजोरम के लुंगलेई जिले में अब भी पाँच सौ परिवार बेघर हैं और सैकड़ों मकान पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ के कारण नेशनल हाइवे का सौ मीटर लंबा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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Ola Overcharging: हजारों-लाखों लोगों का सहारा बनेगा ये फैसला, अब उलटा ओला देगा ग्राहक को 95000 रुपये!
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शुक्रवार (14 जुलाई) को लॉन्च के बाद चंद्रयान-3 ने अंतरिक्ष में तीसरी बाधा पार कर ली है। चंद्रयान-3 ने दूसरा ऑर्बिट-रेजिंग मैनूवर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार दोपहर यह अपडेट दिया। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-3 की लोकेशन अब 41603 km x 226 ऑर्बिट में है। यह धरती के चक्कर लगाते हुए उसके गुरुत्वाकर्षण बल से बाहर निकलेगा।
इसरो ने कहा कि चंद्रयान-3 की तीसरी कक्षा को सफलतापूर्वक बदल दिया गया है। अगली ऑर्बिट मैन्यूवरिंग 20 जुलाई 2023 को दोपहर 2 से 3 बजे ही होगी. फिलहाल ISRO ने यह नहीं बताया है कि दूरी में कितना बदलाव किया गया है। चंद्रयान-3 के 23 या 24 अगस्त को चंद्रमा पर लैंड करने की संभावना है। चंद्रयान-3 में एक प्रपल्शन मॉड्यूल (वजन 2,148 किलोग्राम), एक लैंडर (1,723. 89 किलोग्राम) और एक रोवर (26 किलोग्राम) शामिल है।
अभियान के तहत चंद्रयान 41 दिन की अपनी यात्रा में चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा। गौरतलब है कि दक्षिणी ध्रुव पर अभी तक किसी देश ने सॉफ्ट लैंडिंग नहीं की है। चांद की सतह पर अबतक अमेरिका, पूर्व सोवियत संघ और चीन सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं लेकिन उनकी सॉफ्ट लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर नहीं हो सकी है।
वहीं, अगर इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) का 600 करोड़ रुपये लागत से बना चंद्रयान-3 मिशन चार साल में तो अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ के बाद भारत चांद की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग की तकनीक में सफलता प्राप्त करने वाला चौथा देश बन जाएगा। यह चाँद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग का ISRO का दूसरा प्रयास है। धरती से लेकर चांद की दूरी 3. 83 लाख किलोमीटर है और चंद्रयान-3 अपनी यात्रा के दौरान फिलहाल पृथ्वी की कक्षा में ही चक्कर काट रहा है।
इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों ने शनिवार को जानकारी दी थी कि चंद्रयान-3 ने पहला ऑर्बिट-रेजिंग मैनूवर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसरो ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अंतरिक्ष यान सामान्य चाल से चल रहा था। चंद्रयान-3 अब ऐसी कक्षा में है, जो पृथ्वी से सबसे नजदीक होने पर 173 किलोमीटर पर है और पृथ्वी से सबसे दूर होने पर 41,762 किलोमीटर पर है।
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शुक्रवार को लॉन्च के बाद चंद्रयान-तीन ने अंतरिक्ष में तीसरी बाधा पार कर ली है। चंद्रयान-तीन ने दूसरा ऑर्बिट-रेजिंग मैनूवर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने सोमवार दोपहर यह अपडेट दिया। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-तीन की लोकेशन अब इकतालीस हज़ार छः सौ तीन किलोमीटर x दो सौ छब्बीस ऑर्बिट में है। यह धरती के चक्कर लगाते हुए उसके गुरुत्वाकर्षण बल से बाहर निकलेगा। इसरो ने कहा कि चंद्रयान-तीन की तीसरी कक्षा को सफलतापूर्वक बदल दिया गया है। अगली ऑर्बिट मैन्यूवरिंग बीस जुलाई दो हज़ार तेईस को दोपहर दो से तीन बजे ही होगी. फिलहाल ISRO ने यह नहीं बताया है कि दूरी में कितना बदलाव किया गया है। चंद्रयान-तीन के तेईस या चौबीस अगस्त को चंद्रमा पर लैंड करने की संभावना है। चंद्रयान-तीन में एक प्रपल्शन मॉड्यूल , एक लैंडर और एक रोवर शामिल है। अभियान के तहत चंद्रयान इकतालीस दिन की अपनी यात्रा में चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा। गौरतलब है कि दक्षिणी ध्रुव पर अभी तक किसी देश ने सॉफ्ट लैंडिंग नहीं की है। चांद की सतह पर अबतक अमेरिका, पूर्व सोवियत संघ और चीन सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं लेकिन उनकी सॉफ्ट लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर नहीं हो सकी है। वहीं, अगर इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन का छः सौ करोड़ रुपये लागत से बना चंद्रयान-तीन मिशन चार साल में तो अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ के बाद भारत चांद की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग की तकनीक में सफलता प्राप्त करने वाला चौथा देश बन जाएगा। यह चाँद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग का ISRO का दूसरा प्रयास है। धरती से लेकर चांद की दूरी तीन. तिरासी लाख किलोमीटर है और चंद्रयान-तीन अपनी यात्रा के दौरान फिलहाल पृथ्वी की कक्षा में ही चक्कर काट रहा है। इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों ने शनिवार को जानकारी दी थी कि चंद्रयान-तीन ने पहला ऑर्बिट-रेजिंग मैनूवर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसरो ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अंतरिक्ष यान सामान्य चाल से चल रहा था। चंद्रयान-तीन अब ऐसी कक्षा में है, जो पृथ्वी से सबसे नजदीक होने पर एक सौ तिहत्तर किलोग्राममीटर पर है और पृथ्वी से सबसे दूर होने पर इकतालीस,सात सौ बासठ किलोग्राममीटर पर है।
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Shilpa Shetty Miscarriage: शिल्पा शेट्टी अपनी फिटनेस के लिए फेमस हैं। 50 के करीब पहुंच कर भी शिल्पा ने खुद को काफी फिट औऱ स्लिम बनाए रखा है। शिल्पा अपनी फिटनेस के चलते कई लोगों के प्रेरणा का स्त्रोत हैं। लेकिन अपनी फिटनेस से सबको अपना मुरीद बनाने वालीं शिल्पा शेट्टी एक बीमारी के कारण कई बार मिसकैरेज का शिकार हो चुकी हैं।
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Shilpa Shetty Miscarriage: शिल्पा शेट्टी अपनी फिटनेस के लिए फेमस हैं। पचास के करीब पहुंच कर भी शिल्पा ने खुद को काफी फिट औऱ स्लिम बनाए रखा है। शिल्पा अपनी फिटनेस के चलते कई लोगों के प्रेरणा का स्त्रोत हैं। लेकिन अपनी फिटनेस से सबको अपना मुरीद बनाने वालीं शिल्पा शेट्टी एक बीमारी के कारण कई बार मिसकैरेज का शिकार हो चुकी हैं।
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।ग्राम क्रमांक :
।ग्राम का नाम :
।तहसील :
।जनपद :
।फसली वर्ष :
।भाग :
।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल (हे.)
।1 - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसे1950 ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा 117 - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ( नदारद )
।1क(क) - रिक्त ( नदारद )
।1-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ( नदारद )
।2 - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ( नदारद )
।3 - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ( नदारद )
।4 - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ 4 में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ( नदारद )
।4-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -(क)जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ( नदारद )
।4-क(ख) - अन्य भूमि । ( नदारद )
।5-1 - कृषि योग्य भूमि - नई परती (परतीजदीद)
ग्राम समाज इन्द्रुख / . / .
नवीन परती / . / .
।5-2 - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती (परतीकदीम)
।5-3-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ( नदारद )
।5-3-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ( नदारद )
।5-3-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ( नदारद )
।5-3-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ( नदारद )
।5-3-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि।
।5-क (क) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ( नदारद )
।5-क (ख) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ( नदारद )
।5-क (ग) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ( नदारद )
।6-1 - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि ।
।6-2 - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो।
डा.भीमराव अम्बेडकर सा.केन्द्र / . / . .
।6-3 - कब्रिस्तान और श्मशान (मरघट) , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो।
।6-4 - जो अन्य कारणों से अकृषित हो ।
।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
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।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल ।एक - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसेएक हज़ार नौ सौ पचास ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा एक सौ सत्रह - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ।एकक - रिक्त ।एक-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ।दो - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।तीन - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ।चार - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ चार में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ।चार-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ।चार-क - अन्य भूमि । ।पाँच-एक - कृषि योग्य भूमि - नई परती ग्राम समाज इन्द्रुख / . / . नवीन परती / . / . ।पाँच-दो - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती ।पाँच-तीन-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।पाँच-तीन-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ।पाँच-तीन-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।पाँच-तीन-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ।पाँच-तीन-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ।छः-एक - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।छः-दो - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। डा.भीमराव अम्बेडकर सा.केन्द्र / . / . . ।छः-तीन - कब्रिस्तान और श्मशान , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।छः-चार - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
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नई दिल्लीः अगले महीने 'मोहनजोदड़ो' की रिलीज के लिए प्रचार मे जुटे हैं अभिनेता ऋतिक रोशन। उन्होंने उन अफवाहों का खंडन किया, जिनमें कहा गया है कि उनसे 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' पर फिल्म के प्रचार के लिए संपर्क किया गया है। आशुतोष गोवारीकर द्वारा निर्देशित फिल्म का प्रचार कर रहे ऋतिक ने (IANS) से कहा,"कॉमेडी नाइट्स बचाओ' सूची में नहीं है। मुझे इसके लिए संपर्क नहीं किया गया। यहां दो शोज करने की जरूरत थी और यह पीआर टीम का फैसला था, न कि पूजा (हेगड़े) और मेरा। "
दोनों कलाकार 'द कपिल शर्मा शो' पर पहुंचे।
लोकप्रिय कॉमेडियन कपिल शर्मा के साथ शूटिंग कैसी रही?
इस पर उन्होंने कहा, "वह अद्भुत हैं। हमने अच्छा समय बिताया, इसमें आपको पूजा और आशुतोष का अलग पक्ष देखने को मिलेगा, जो किसी ने कभी नहीं देखा, वह लड़कियों की तरह व्यवहार करेंगे। "
पूजा इस फिल्म के साथ बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह आशुतोष को इस तरह देख हैरान थीं। उन्होंने कहा, "आपने उन्हें हमेशा गंभीर व्यक्ति के रूप में देखा है और अब आप उनका अलग पक्ष देखेंगे"। दोनों ने फिल्म निर्माता-कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा के डांस शो 'डांस प्लस' पर अच्छा समय बिताया था। फिल्म 'मोहनजोदड़ो' 12 अगस्त को रिलीज होगी।
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नई दिल्लीः अगले महीने 'मोहनजोदड़ो' की रिलीज के लिए प्रचार मे जुटे हैं अभिनेता ऋतिक रोशन। उन्होंने उन अफवाहों का खंडन किया, जिनमें कहा गया है कि उनसे 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' पर फिल्म के प्रचार के लिए संपर्क किया गया है। आशुतोष गोवारीकर द्वारा निर्देशित फिल्म का प्रचार कर रहे ऋतिक ने से कहा,"कॉमेडी नाइट्स बचाओ' सूची में नहीं है। मुझे इसके लिए संपर्क नहीं किया गया। यहां दो शोज करने की जरूरत थी और यह पीआर टीम का फैसला था, न कि पूजा और मेरा। " दोनों कलाकार 'द कपिल शर्मा शो' पर पहुंचे। लोकप्रिय कॉमेडियन कपिल शर्मा के साथ शूटिंग कैसी रही? इस पर उन्होंने कहा, "वह अद्भुत हैं। हमने अच्छा समय बिताया, इसमें आपको पूजा और आशुतोष का अलग पक्ष देखने को मिलेगा, जो किसी ने कभी नहीं देखा, वह लड़कियों की तरह व्यवहार करेंगे। " पूजा इस फिल्म के साथ बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह आशुतोष को इस तरह देख हैरान थीं। उन्होंने कहा, "आपने उन्हें हमेशा गंभीर व्यक्ति के रूप में देखा है और अब आप उनका अलग पक्ष देखेंगे"। दोनों ने फिल्म निर्माता-कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा के डांस शो 'डांस प्लस' पर अच्छा समय बिताया था। फिल्म 'मोहनजोदड़ो' बारह अगस्त को रिलीज होगी।
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घटना की सूचना पाकर DSP सोमनाथ प्रसाद व थानाध्यक्ष संतोष कुमार अस्पताल पहुंच कर घायलों से जानकारी ले रहे हैं। लोगों ने बताया कि अचानक दर्जन भर बदमाश आये और बिना किसी कारण के वहां पर टहल रहे या सब्जी खरीद रहे लोगों को पीटने लगे। इससे अफरातफरी का माहौल हो गया। लाठी व डंडे से मारपीट करने के बाद बदमाश भाग निकले। इस घटना से लोग हैरान हैं और पुलिस को कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की नाकामी से बदमाशों का हौंसला बढ़ गया है। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही बदमाश भाग निकले थे।
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घटना की सूचना पाकर DSP सोमनाथ प्रसाद व थानाध्यक्ष संतोष कुमार अस्पताल पहुंच कर घायलों से जानकारी ले रहे हैं। लोगों ने बताया कि अचानक दर्जन भर बदमाश आये और बिना किसी कारण के वहां पर टहल रहे या सब्जी खरीद रहे लोगों को पीटने लगे। इससे अफरातफरी का माहौल हो गया। लाठी व डंडे से मारपीट करने के बाद बदमाश भाग निकले। इस घटना से लोग हैरान हैं और पुलिस को कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की नाकामी से बदमाशों का हौंसला बढ़ गया है। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही बदमाश भाग निकले थे।
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बाबरी मस्जिद के पैरोकार रहे हाजी महबूब ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में बोलते हुए कहा राम जन्मभूमि और ज्ञानवापी मामले में बहुत फर्क है। भूल जाए की जबरदस्ती कोई चीज ली जा सकती है। बाबरी मस्जिद मामले में कोर्ट ने क्या फैसला दिया यह सभी को पता है। निचली अदालतों ने फैसला पक्ष में दिया और शीर्ष अदालत ने मंदिर के पक्ष में फैसला सुना दिया।
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बाबरी मस्जिद के पैरोकार रहे हाजी महबूब ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में बोलते हुए कहा राम जन्मभूमि और ज्ञानवापी मामले में बहुत फर्क है। भूल जाए की जबरदस्ती कोई चीज ली जा सकती है। बाबरी मस्जिद मामले में कोर्ट ने क्या फैसला दिया यह सभी को पता है। निचली अदालतों ने फैसला पक्ष में दिया और शीर्ष अदालत ने मंदिर के पक्ष में फैसला सुना दिया।
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फायरिंग के आरोप में सिगरा पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में लिया है। सीओ मुश्ताक अहमद के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से लिखित तहरीर दी गई है। इस मामले में जो भी आरोपी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
वाराणसीः महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के पहले छात्रों के बीच हिंसक झड़पें सामने आई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान यूनिवर्सिटी में मारपीट और फायरिंग का एक वीडियो सामने आया है। गोलीकांड और मारपीट में एक छात्र जख्मी हो गया। इस मामले में पुलिस ने एक छात्र को गिरफ्तार किया है।
कैम्पस में इन दिनों छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी देखी जा रही है। गुरुवार की शाम उपाध्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दिनों पक्ष आपस में भीड़ गए। इसी दौरान एक छात्र ने हवाई फायरिंग कर दी। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।
फायरिंग के आरोप में सिगरा पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में लिया है। सीओ मुश्ताक अहमद के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से लिखित तहरीर दी गई है। इस मामले में जो भी आरोपी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि ये कोई पहला वाक्या नहीं है जब छात्रसंघ चुनाव के दौरान इस तरह की घटना हुई है।
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फायरिंग के आरोप में सिगरा पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में लिया है। सीओ मुश्ताक अहमद के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से लिखित तहरीर दी गई है। इस मामले में जो भी आरोपी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वाराणसीः महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के पहले छात्रों के बीच हिंसक झड़पें सामने आई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान यूनिवर्सिटी में मारपीट और फायरिंग का एक वीडियो सामने आया है। गोलीकांड और मारपीट में एक छात्र जख्मी हो गया। इस मामले में पुलिस ने एक छात्र को गिरफ्तार किया है। कैम्पस में इन दिनों छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी देखी जा रही है। गुरुवार की शाम उपाध्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दिनों पक्ष आपस में भीड़ गए। इसी दौरान एक छात्र ने हवाई फायरिंग कर दी। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। फायरिंग के आरोप में सिगरा पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में लिया है। सीओ मुश्ताक अहमद के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से लिखित तहरीर दी गई है। इस मामले में जो भी आरोपी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि ये कोई पहला वाक्या नहीं है जब छात्रसंघ चुनाव के दौरान इस तरह की घटना हुई है।
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एमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने यूपी में हिंदू स्वाभिमान संगठन की तरफ से बनाई जा रही 'धर्म सेना' पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा है कि कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ लड़ने के नाम पर बनाई जा रही यह धर्म सेना असल में मुस्लिमों को मारने के लिए बनाई जा रही है।
अकबरुद्दीन ने कहा कि हिंदू संगठन 15000 लड़ाकों की सेना तैयार कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी चुनाव को देखते हुए इस धर्म सेना का मुख्य उद्देश्य 'बड़े पैमाने पर मुस्लिमों की हत्या' है।
ओवैसी ने कहा, 'ये लोग आने वाले यूपी चुनाव को देखते हुए मुस्लिम और हिंदुओं के बीच नफरत फैलाने के लिए काम कर रहे हैं। ये मुस्लिमों की हत्या करना चाहते हैं। ये यूपी में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। ' ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर वो आईएसआईएस से लड़ने के लिए तंजीम (संगठन) बनाते हैं तो क्या यह सरकार को मंजूर होगा।
हाल में खबर आई थी कि दिल्ली के बाहरी इलाके और उत्तराखंड बॉर्डर तक हिंदू स्वाभिमान सेना युवाओं को आईएस से लड़ने की ट्रेनिंग दे रही है। उनका मानना है कि आईएस 2020 तक यूपी को अपने कब्जे में ले लेगा। इस संगठन के नेताओं का दावा है कि 15000 सैनिक पहले से ही अपनी सुरक्षा और आस्था के लिए मरने को तैयार हैं।
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एमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने यूपी में हिंदू स्वाभिमान संगठन की तरफ से बनाई जा रही 'धर्म सेना' पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा है कि कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ने के नाम पर बनाई जा रही यह धर्म सेना असल में मुस्लिमों को मारने के लिए बनाई जा रही है। अकबरुद्दीन ने कहा कि हिंदू संगठन पंद्रह हज़ार लड़ाकों की सेना तैयार कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी चुनाव को देखते हुए इस धर्म सेना का मुख्य उद्देश्य 'बड़े पैमाने पर मुस्लिमों की हत्या' है। ओवैसी ने कहा, 'ये लोग आने वाले यूपी चुनाव को देखते हुए मुस्लिम और हिंदुओं के बीच नफरत फैलाने के लिए काम कर रहे हैं। ये मुस्लिमों की हत्या करना चाहते हैं। ये यूपी में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। ' ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर वो आईएसआईएस से लड़ने के लिए तंजीम बनाते हैं तो क्या यह सरकार को मंजूर होगा। हाल में खबर आई थी कि दिल्ली के बाहरी इलाके और उत्तराखंड बॉर्डर तक हिंदू स्वाभिमान सेना युवाओं को आईएस से लड़ने की ट्रेनिंग दे रही है। उनका मानना है कि आईएस दो हज़ार बीस तक यूपी को अपने कब्जे में ले लेगा। इस संगठन के नेताओं का दावा है कि पंद्रह हज़ार सैनिक पहले से ही अपनी सुरक्षा और आस्था के लिए मरने को तैयार हैं।
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करंज निर्वाचन क्षेत्र कौसर मोहिउद्दीन से एआईएमआईएम विधायक को फिरौती देने के मामले में बंजारा हिल्स पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
आयुक्त की टास्क फोर्स की नींद ने आरोपी की पहचान एक होटल के पूर्व कार्यकर्ता बिलाल के रूप में की है, जिसने दो महीने पहले विधायक के छोटे बेटे जफर के साथ सड़क पर बहस की थी।
28 फरवरी को बंजारा हिल्स पुलिस को MIM विधायक की ओर से धमकी भरे फोन कॉल की शिकायत मिली थी जिसमें पचास लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, विधायक सिद्दीपेट के रास्ते में था और उसे 50 लाख रुपये की फिरौती या "गंभीर परिणाम भुगतने" की मांग के लिए फोन आया।
कथित कॉल करने वाले ने विधायक को धमकी दी है कि वह राशि का भुगतान करने में विफल रहा है, जिसे उसके छोटे बेटे जफर का अपहरण कर लिया जाएगा।
पुलिस ने कहा कि गुस्से में एक गिरफ्तार व्यक्ति ने धमकी भरा फोन किया, मोबाइल फोन के विवरण के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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करंज निर्वाचन क्षेत्र कौसर मोहिउद्दीन से एआईएमआईएम विधायक को फिरौती देने के मामले में बंजारा हिल्स पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आयुक्त की टास्क फोर्स की नींद ने आरोपी की पहचान एक होटल के पूर्व कार्यकर्ता बिलाल के रूप में की है, जिसने दो महीने पहले विधायक के छोटे बेटे जफर के साथ सड़क पर बहस की थी। अट्ठाईस फरवरी को बंजारा हिल्स पुलिस को MIM विधायक की ओर से धमकी भरे फोन कॉल की शिकायत मिली थी जिसमें पचास लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, विधायक सिद्दीपेट के रास्ते में था और उसे पचास लाख रुपये की फिरौती या "गंभीर परिणाम भुगतने" की मांग के लिए फोन आया। कथित कॉल करने वाले ने विधायक को धमकी दी है कि वह राशि का भुगतान करने में विफल रहा है, जिसे उसके छोटे बेटे जफर का अपहरण कर लिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि गुस्से में एक गिरफ्तार व्यक्ति ने धमकी भरा फोन किया, मोबाइल फोन के विवरण के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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बॉलीवुड के फेमस सिंगर केके (Bollywood Singer KK Passed Away) का एक कंसर्ट के बाद दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। केके कोलकाता में कंसर्ट कर रहे थे। बताया जा रहा है कि शो से पहले ही उनकी तबीयत नासाज थी। शो के दौरान वह अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। कंसर्ट पूरा होते ही अपने होटल वापस चले गए। इस दौरान वह अचानक नीचे गिर गए। अस्पताल ले जाते ही डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अब उनकी शुरुआती पोस्टमार्टम सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट से पता चलता है कि केके ने लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया था।
इतना ही नहीं पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी हृदय धमनियों में कई अवरोध (आर्टरीज ब्लॉकेज) थे और समय पर सीपीआर दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन) में बेहोश व्यक्ति की छाती पर दबाव दिया जाता है और कृत्रिम सांसें दी जाती हैं, जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती रहे। इससे दिल का दौरा पड़ने और सांस न ले पाने जैसी स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
चिकित्सक ने कहा कि पोस्टमार्टम में सामने आया है कि गायक 'एंटासिड' ले रहे थे, "शायद उन्हें दर्द होता होगा और उन्होंने उसे पाचन संबंधी समस्या समझ लिया। " 'एंटासिड' ऐसी दवाएं होती हैं, जो अपच और सीने की जलन को दूर करने के लिए ली जाती हैं। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केके की पत्नी ने गायक के 'एंटासिड' लेने की पुष्टि की है।
आईपीएस अधिकारी ने कहा, "गायक ने अपनी पत्नी से फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया था कि उनके हाथ और कंधे में दर्द है। " पुलिस को केके के होटल के कमरे से भी कई 'एंटासिड' गोलियां मिली हैं। गायक के शव का पोस्टमार्टम करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा और उसका वीडियो भी बनाया गया है। इसमें सामने आया है कि तीन घंटे तक प्रस्तुति देने के बाद दिल का दौरा पड़ने से गायक की मौत हुई। उनकी मौत के पीछे कोई साजिश नहीं थी। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
केके ने अपने करियर में कई हिट गीत दिए। 'यारों', 'तड़प तड़प के', 'बस एक पल', 'आंखों में तेरी', 'कोई कहे', 'इट्स द टाइम टू डिस्को' आदि केके के मशहूर गीतों में शुमार हैं। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी और बांग्ला समेत कई भाषाओं के गीत भी गाए।
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बॉलीवुड के फेमस सिंगर केके का एक कंसर्ट के बाद दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। केके कोलकाता में कंसर्ट कर रहे थे। बताया जा रहा है कि शो से पहले ही उनकी तबीयत नासाज थी। शो के दौरान वह अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। कंसर्ट पूरा होते ही अपने होटल वापस चले गए। इस दौरान वह अचानक नीचे गिर गए। अस्पताल ले जाते ही डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अब उनकी शुरुआती पोस्टमार्टम सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट से पता चलता है कि केके ने लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया था। इतना ही नहीं पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी हृदय धमनियों में कई अवरोध थे और समय पर सीपीआर दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। सीपीआर में बेहोश व्यक्ति की छाती पर दबाव दिया जाता है और कृत्रिम सांसें दी जाती हैं, जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती रहे। इससे दिल का दौरा पड़ने और सांस न ले पाने जैसी स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। चिकित्सक ने कहा कि पोस्टमार्टम में सामने आया है कि गायक 'एंटासिड' ले रहे थे, "शायद उन्हें दर्द होता होगा और उन्होंने उसे पाचन संबंधी समस्या समझ लिया। " 'एंटासिड' ऐसी दवाएं होती हैं, जो अपच और सीने की जलन को दूर करने के लिए ली जाती हैं। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केके की पत्नी ने गायक के 'एंटासिड' लेने की पुष्टि की है। आईपीएस अधिकारी ने कहा, "गायक ने अपनी पत्नी से फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया था कि उनके हाथ और कंधे में दर्द है। " पुलिस को केके के होटल के कमरे से भी कई 'एंटासिड' गोलियां मिली हैं। गायक के शव का पोस्टमार्टम करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा और उसका वीडियो भी बनाया गया है। इसमें सामने आया है कि तीन घंटे तक प्रस्तुति देने के बाद दिल का दौरा पड़ने से गायक की मौत हुई। उनकी मौत के पीछे कोई साजिश नहीं थी। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। केके ने अपने करियर में कई हिट गीत दिए। 'यारों', 'तड़प तड़प के', 'बस एक पल', 'आंखों में तेरी', 'कोई कहे', 'इट्स द टाइम टू डिस्को' आदि केके के मशहूर गीतों में शुमार हैं। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी और बांग्ला समेत कई भाषाओं के गीत भी गाए।
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एक बड़ा वर्गीकरण एक फायदा या नुकसान है?
आधुनिक बाजार में वाईफ़ाई-राउटर (सर्वोत्तम समय का सबसे अच्छा विचार करना) एक विस्तृत श्रृंखला द्वारा प्रस्तुत किया जाता है यह आला बस उपकरणों की एक विस्तृत विविधता के साथ भीड़ है। उनके बीच का अंतर न केवल डिजाइन की विशेषताएं, आकार, बल्कि कार्यक्षमता में भी है।
एक राउटर खरीदने का निर्णय लेना, एक अप्रस्तुत खरीदार जल्दी से खो जाता है और सबसे पहले बिना खरीदा या पहले मॉडल प्राप्त किए बिना छोड़ देता है दुर्भाग्यपूर्ण परिणामों से बचने के लिए, हम उन उपकरणों पर विचार करने की सलाह देते हैं जिन्हें 2017 के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। हालांकि, रूटरों के साथ मेरी परिचयात्मकता को सलाह के नियमों के साथ शुरू करने की सलाह दी जाती है सब के बाद, वे सभी विशेषताओं के मानदंडों के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प चुनने में मदद करेंगे।
राउटर की भूमिका को कम करके आंका नहीं जा सकता। अक्सर आप समीक्षा में पढ़ सकते हैं कि जब सीधे किसी पीसी पर इंटरनेट केबल का उपयोग किया जाता है, तो संचरण की गति बहुत अधिक है। हालांकि, जब किसी वाई-फाई पहुंच बिंदु के माध्यम से एक नेटवर्क से कनेक्ट किया जाता है, तो वह आधे से अधिक गिरावट देता है, और कभी-कभी अधिक। तो, आपको खरीदार को क्या पता होना चाहिए?
- विशेषताएं। खरीदने से पहले हार्डवेयर "स्टफ़िंग" का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है यह प्रोसेसर के बारे में है यह आवृत्ति पर कार्य करना चाहिए जो कम से कम 300 मेगाहर्टज है। इस सूचक की तुलना में अधिक है, अधिक कुशल उपकरण काम करेगा। स्मृति की मात्रा पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है एक अच्छी वाईफाई राउटर में 64 एमबी रैम से कम नहीं होना चाहिए। लेकिन मूल स्मृति का न्यूनतम मूल्य 16 एमबी के निशान से शुरू होता है।
- स्पीड। कोई महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण मानदंड नहीं प्रदाता इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए बड़ी संख्या में पैकेज प्रदान करते हैं उनके बीच मुख्य अंतर गति है उदाहरण पर गौर करें उपयोगकर्ता को 300 एमबीटी / एस की रफ्तार से इंटरनेट दिया गया है। हालांकि, इसमें 100 एमबीपीएस बैंडविड्थ के साथ एक रूटर है। स्वाभाविक रूप से, आप पूरी तरह से सेवा का उपयोग करने में सक्षम नहीं होंगे और आपको सीमाओं का अनुभव करना होगा।
- ब्रांड। बेशक, डिवाइस चुनने पर निर्माता की प्रतिष्ठा महत्वपूर्ण है लेकिन हमेशा प्रतिष्ठित फर्मों की कीमत और कार्यक्षमता एक-दूसरे के साथ बेहतर अनुरूप नहीं होती है उदाहरण के लिए, ऐसी कंपनियां हैं जो केवल बजट मॉडल का उत्पादन करती हैं इनमें डी-लिंक, टीपी-लिंक शामिल हैं अपने वर्गीकरण सीमा में, कम लागत वाली, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले मॉडल प्रस्तुत किए जाते हैं। लेकिन ऐप्पल का एक बहुत अच्छा वाईफ़ाई राउटर हर घरेलू खरीदार को खरीदने में सक्षम नहीं होगा। इसलिए, इस मुद्दे में यह आवश्यक है कि वित्तीय अवसरों से व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन करें। रूस में कम लोकप्रिय नहीं, एसस, ज़ेक्सेल, लिंक्स्की के ट्रेडमार्क थे।
- कनेक्शन की विधि प्रत्येक डिवाइस में एक विशेष बंदरगाह है, जिसे इंटरनेट केबल के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे वान कहा जाता है खरीदने से पहले इसे जांचने की सलाह दी जाती है।
- प्रोटोकॉल केवल कनेक्ट करने के बाद डिवाइस पर्याप्त नहीं होगा, आपको इसे कॉन्फ़िगर करना होगा। प्रदाता द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रोटोकॉल का उपयोग करना जानना महत्वपूर्ण है यदि यह मेल नहीं खाता है, तो आप एक घर वायरलेस नेटवर्क बनाने में सक्षम नहीं होंगे।
सभी विशेषताओं के साथ एक सार्वभौमिक राउटर रेटिंग संकलित करें, ज़ाहिर है, आप कर सकते हैं। लेकिन एक बड़े वर्गीकरण से चयन करने के लिए, जो मॉडल बेहतर है, यह कठिन होगा बल्कि इसलिए, एक उद्देश्य मूल्यांकन के लिए, आपको वाईफाई राउटर जैसे उपकरणों की तुलना करने के लिए कुछ मानदंडों को पहचानना होगा। सर्वश्रेष्ठ की रैंकिंग उपकरणों की कीमत के आधार पर, साथ ही उनकी कार्यक्षमता के आधार पर की जाएगी।
एक आधुनिक उपयोगकर्ता के लिए इंटरनेट के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। और अब के रूप में निर्माता विभिन्न प्रकार के गैजेट पेश करते हैं, जिसकी क्षमता पूरी तरह से खोला जा सकता है, केवल एक वायरलेस प्वाइंट का उपयोग कर रहा है इसलिए, अधिकतम सुविधा के लिए, आपको एक राउटर का उपयोग करना चाहिए।
कौन सा एक? घर के लिए एक अच्छी वाईफाई राउटर उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के आधार पर डिवाइस की विशेषताओं को ध्यान में रखकर चुना गया है। इसके अलावा, निर्धारित कारक कमरे के आकार, घर के निर्माण में उपयोग की जाने वाली भवन निर्माण सामग्री, और सहायक संरचनाओं की विशेषताएं हैं। जैसा कि आप जानते हैं, मोटी कंक्रीट की दीवारें बहुत ही संकेत को बहरेगी। ऐसी बारीकियों को ध्यान में रखना आवश्यक है नीचे प्रस्तुत शीर्ष 3 मॉडल निजी घरों और अपार्टमेंट दोनों के लिए आदर्श हैं।
यह मॉडल "सर्वश्रेष्ठ रूटर (4 जी + वाईफाई)" का शीर्षक सही ढंग से रखता है उपयोगकर्ता इसे न केवल स्टाइलिश कहते हैं, बल्कि सबसे तेज भी कहते हैं। डिवाइस द्वारा प्रसारित की जाने वाली गति 2334 एमबीटी / एस है आज के बाजार में, आरटी-एसी 87 यू इस पैरामीटर में जाता है। उच्च प्रदर्शन के साथ, डेवलपर्स भी एक मूल डिजाइन प्रदान करते हैं। रूटर पूरी तरह से इंटीरियर की किसी भी शैली में फिट होगा।
Asus के सर्वश्रेष्ठ वाईफाई-राउटर आरटी-एसी 87 यू एक और निर्विवाद लाभ है - 300 युगपत कनेक्शन तक का समर्थन करने की क्षमता। इसके लिए धन्यवाद, बड़ी संख्या में डिवाइस कनेक्ट करते समय ट्रांसमिशन की गति कम नहीं होती है, भले ही कई उपयोगकर्ता एक ही समय में भारी फ़ाइलों को डाउनलोड करते हैं। डिवाइस टाइम मशीन प्रौद्योगिकी से सुसज्जित है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एप्पल के गैजेट्स के साथ काम करते हैं। किसी भी डिवाइस से बैकअप बनाना अब एक समस्या नहीं है।
मूल्य 6800 rubles के निशान से शुरू होता है।
टीपी-लिंक एक ट्रेडमार्क है जो एक घरेलू खरीदार से मांग में है कंपनी अपेक्षाकृत कम कीमत पर बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों की आपूर्ति करती है। आर्चर C7 AC1750 2017 में अपार्टमेंट के लिए सबसे अच्छा वाईफ़ाई राउटर है वायरलेस नेटवर्क 802. 11 ए / बी / जी / एन / एसी मानक के अनुसार संचालित होता है 5 गीगाहर्ट्ज की आवृत्ति के साथ, राउटर ओवरक्लॉकिंग करने में सक्षम है 1300 एमबीपीएस। और 2. 4 गीगा नेटवर्क में, बैंडविड्थ 450 एमबीपीएस है।
डेवलपर्स ने ध्यान रखा कि उपयोगकर्ताओं को आईओएस और एंड्रॉइड पर चलाने वाले गैजेट्स से राउटर का प्रबंधन करने का अवसर मिला। इस उद्देश्य के लिए एक विशेष उपयोगिता टिथर प्रदान की जाती है।
अनुमानित लागत 5000 rubles है।
घर के लिए एक अच्छा वाईफाई राउटर लेने के लिए मुश्किल नहीं है, मुख्य बात इसकी विशेषताओं का अध्ययन करना है शीर्ष 3 में मॉडल ज़ेक्सेल से मॉडल केएनेटिक डीएसएल आया था। यह उपकरण सरल है इसकी वायरलेस गति 300 एमबीपीएस तक सीमित है। दो एंटेना हैं, जो 5 डीबीआई प्रत्येक द्वारा संकेत को बढ़ाते हैं। परिचालन आवृत्ति 2. 4 GHz है। वायर्ड कनेक्शन के साथ, संचरण की गति 100 एमबीपीएस है। यह मॉडल मोनो-चैनल प्रकार प्रकार है। थ्रूपूट को बढ़ाने का एक अवसर है, MIMO प्रौद्योगिकी के लिए धन्यवाद।
शुरुआती कीमत 3000 rubles है।
सबसे अच्छा "राज्य कर्मचारी"
बजट मॉडल की रैंकिंग का नेता रूटर है, जिसे टीपी-लिंक द्वारा निर्मित किया गया है। इसके उत्पादों को किसी भी खरीदार के लिए डिज़ाइन किया गया है 2017 में, टीएल-डब्लूआर 841 एन मॉडल को अपना पहला स्थान मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, यह 1500 रूबल तक की कीमत श्रेणी में एक घर के लिए सबसे अच्छा वाईफ़ाई राउटर है।
लाभों में सबसे लोकप्रिय सुरंग प्रोटोकॉल का समर्थन भी शामिल है। यह IPSec, L2TP और PPTP के बारे में है। नेटवर्क सिग्नल स्थिर है शक्ति 20 डीबीआई है दो एंटेना हैं डिवाइस 2. 4 GHz आवृत्ति बैंड में काम करता है।
लागत 1000 रूबल से है।
मूल्य लगभग 1000 रूबल है।
निर्माण गुणवत्ता उत्कृष्ट है फर्मवेयर एक निरंतर कनेक्शन प्रदान करता है उपकरण कार्यात्मक है छोटे कार्यालयों या रहने वाले क्वार्टरों के लिए बिल्कुल सही वायर्ड कनेक्शन के लिए संचरण की गति 100 एमबीपीएस है। संचारक 4 LAN कनेक्शन के लिए डिज़ाइन किया गया है। उपयोगकर्ताओं के अनुसार, इस मॉडल का निर्विवाद लाभ एक आसान समायोजन है, जिसे विशेष ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है।
लागत 1000 रूबल के भीतर बदलती है।
डी-लिंकः
- डीआईआर -880 एल उच्च प्रदर्शन के साथ एक अच्छा वाईफाई राउटर है।
- डीआईआर -850 एल - मॉडल उच्च-गुणवत्ता वाले हार्डवेयर भराई के कारण हाइलाइट किया गया था।
TP-लिंकः
- टीएल-डब्लूआर 740 एन - छोटे घरों या अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए एक उत्कृष्ट बजट विकल्प।
- TL-WA901ND - उन्नत कार्यक्षमता और आसान सेटअप के कारण, निरंतर नेटवर्क संचालन का आनंद लेने के लिए उपयोगकर्ता को प्रदान करता है।
ASUS:
- आरटी- N56U - एक बड़े कवरेज के साथ एक एक्सेस प्वाइंट बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
- ईए- एसी 87 - आधुनिक हार्डवेयर उपकरण, विधानसभा और सामग्री की उच्च गुणवत्ता।
- आरटी-एसी 66 यू एक शक्तिशाली रूटर है जिसमें इंटरनेट की गति में कमी के बिना एक साथ जुड़े 10 गैजेट्स उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
वर्तमान में, कई प्रदाता इंटरनेट तक पहुंच प्रदान करते हैं। हालांकि, ऐसी परिस्थितियां हैं, जब एक निश्चित घर या जिले को जोड़ने की कोई तकनीकी संभावना नहीं है अक्सर एक समान समस्या वाले गांवों या छोटे शहरों में पाया जा सकता है। लेकिन यहां तक कि यह वर्ल्ड वाइड वेब तक पहुँच को नकारने का कारण नहीं होना चाहिए।
आप मोबाइल संचार के माध्यम से इंटरनेट से कनेक्ट कर सकते हैं। निर्माता विशेष उपकरण पेश करते हैं जो एक सिम कार्ड स्थापित करने के लिए बंदरगाह से लैस हैं। उच्च गुणवत्ता वाले क्षेत्र के कवरेज के लिए, सर्वश्रेष्ठ मोबाइल वाईफ़ाई राउटर का चयन करना आवश्यक है। 2017 में, दो मॉडल जो ह्यूवेई और टीपी-लिंक ब्रांड के तहत लॉन्च किए गए थे, स्पष्ट नेता बन गए।
हैरानी की बात है, डिवाइस, जो 92. 8x60x13. 8 मिमी का उपाय करता है, उपयोगकर्ता को उच्च-गति वाला इंटरनेट प्रदान कर सकता है। सेवा मोबाइल ऑपरेटर द्वारा प्रदान की गई है। मॉडल E5330 प्रसिद्ध निर्माता ह्यूवेई - एक अच्छा वाईफाई-राउटर मोबाइल प्रकार। पहुंच बिंदु से कनेक्ट कहीं भी हो सकता हैः चाहे घर पर या फ़ॉरेस्ट में चलने के लिए। निर्माता ने न केवल शक्तिशाली हार्डवेयर "भराई" के लिए बल्कि डिजाइन के लिए भी ध्यान आकर्षित किया सुव्यवस्थित पक्षों के साथ एक सुंदर शरीर, काले और सफेद रंगों का एक क्लासिक संयोजन - यह सब एक साथ लैकोनिक और मूल दिखता है। पैनल की सतह में विरोधी पर्ची कोटिंग है, जो उपयोग के दौरान अधिकतम सुविधा प्रदान करता है। राउटर का वजन केवल 120 ग्राम है, इसलिए गतिशीलता का स्तर काफी अधिक है। आप अपने पर्स में न केवल डिवाइस को स्थानांतरित कर सकते हैं, बल्कि शर्ट और ट्राउजर की जेब में भी डर सकते हैं कि यह गिर जाएगी।
फ्रंट पैनल के केंद्र में एक एलसीडी-प्रकार का डिस्प्ले है। राज्य में बंद होने पर, दीपक इस पर प्रकाश डालते हैं। लगभग सभी लोकप्रिय मोबाइल ऑपरेटरों के साथ काम करता है सिग्नल का कवरेज त्रिज्या 10 मीटर है, गैजेट एंड्रॉइड, विंडोज, मैक ओएस, लिनक्स और आईओएस के साथ संगत है। इस रूटर के साथ, आप किसी भी डिजिटल डिवाइस को कनेक्ट कर सकते हैं जो वाई-फाई के माध्यम से वायरलेस कनेक्शन का समर्थन करता है ऐन्टेना एक, अंतर्निहित प्रकार बाहरी के तहत घोंसला डेवलपर्स द्वारा प्रदान नहीं किया गया है।
मोबाइल उपकरणों के लिए, एक महत्वपूर्ण पैरामीटर स्वायत्तता की अवधि है मॉडल E5330 में प्रति घंटे 1500 milliamps के लिए एक बैटरी प्रदान की जाती है। रिचार्जिंग के बिना, उपयोगकर्ता 6 घंटे के डिवाइस की शक्ति पर भरोसा कर सकता है।
अनुमानित लागत लगभग 6000 rubles है।
कंपनी के उत्पादों TP-लिंक की लोकप्रियता असीम है। सबसे अच्छा मोबाइल रूटर की रैंकिंग में इस ब्रांड के मॉडल की अग्रणी स्थिति लेता है - M5250। यह काम करता है के साथ सिम कार्ड के सबसे मोबाइल ऑपरेटरों। आवास प्लास्टिक, रबर बना हुआ से बना है। वहाँ चमकदार आवेषण कर रहे हैं। वे काफी मार्श, यांत्रिक क्षति के खिलाफ स्थिरता के निम्न स्तर के साथ कर रहे हैं। पावर बटन सामने पैनल पर प्रदर्शित। यहाँ स्थित हैं और संकेतक बैटरी की स्थिति, सक्रिय वाई-फाई कनेक्शन और इंटरनेट की स्थिति की घोषणा। पिछले कट के ऑपरेटिंग राज्य में। पीछे के कवर हटाने योग्य है। यह बैटरी के लिए उपयोग की अनुमति देता है। बैटरी की शक्ति के तहत माइक्रो एसडी फ़्लैश कार्ड और सिम कार्ड के लिए एक स्लॉट है। ऊपर से 32 जीबी के बाहरी संग्रहण उपकरण को पहचानता है। दो एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल के साथ उपयोगकर्ता उपलब्ध हैंः WPA2-PSK / WPA-PSK। स्वायत्तता के लिए जिम्मेदार बैटरी 2000 mAh की बैटरी है। यह बैटरी जीवन के बारे में सात घंटे है। केवल निर्मित एंटीना। वाई-फाई के माध्यम से संचरण दर 150 Mbit / s है। रूटर डिफ़ॉल्ट पते का उपयोग कर की सेटिंग बदलने के लिए - 192. 168. 0. 1। बैटरी अनुकूलक आपूर्ति प्रदान नहीं की है चार्ज करने के लिए। बैटरी जीवन बहाल आप यूएसबी केबल किसी भी स्मार्टफोन से या रों / y (पीसी को जोड़ने के लिए) का उपयोग कर सकते हैं।
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एक बड़ा वर्गीकरण एक फायदा या नुकसान है? आधुनिक बाजार में वाईफ़ाई-राउटर एक विस्तृत श्रृंखला द्वारा प्रस्तुत किया जाता है यह आला बस उपकरणों की एक विस्तृत विविधता के साथ भीड़ है। उनके बीच का अंतर न केवल डिजाइन की विशेषताएं, आकार, बल्कि कार्यक्षमता में भी है। एक राउटर खरीदने का निर्णय लेना, एक अप्रस्तुत खरीदार जल्दी से खो जाता है और सबसे पहले बिना खरीदा या पहले मॉडल प्राप्त किए बिना छोड़ देता है दुर्भाग्यपूर्ण परिणामों से बचने के लिए, हम उन उपकरणों पर विचार करने की सलाह देते हैं जिन्हें दो हज़ार सत्रह के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। हालांकि, रूटरों के साथ मेरी परिचयात्मकता को सलाह के नियमों के साथ शुरू करने की सलाह दी जाती है सब के बाद, वे सभी विशेषताओं के मानदंडों के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प चुनने में मदद करेंगे। राउटर की भूमिका को कम करके आंका नहीं जा सकता। अक्सर आप समीक्षा में पढ़ सकते हैं कि जब सीधे किसी पीसी पर इंटरनेट केबल का उपयोग किया जाता है, तो संचरण की गति बहुत अधिक है। हालांकि, जब किसी वाई-फाई पहुंच बिंदु के माध्यम से एक नेटवर्क से कनेक्ट किया जाता है, तो वह आधे से अधिक गिरावट देता है, और कभी-कभी अधिक। तो, आपको खरीदार को क्या पता होना चाहिए? - विशेषताएं। खरीदने से पहले हार्डवेयर "स्टफ़िंग" का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है यह प्रोसेसर के बारे में है यह आवृत्ति पर कार्य करना चाहिए जो कम से कम तीन सौ मेगाहर्टज है। इस सूचक की तुलना में अधिक है, अधिक कुशल उपकरण काम करेगा। स्मृति की मात्रा पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है एक अच्छी वाईफाई राउटर में चौंसठ एमबी रैम से कम नहीं होना चाहिए। लेकिन मूल स्मृति का न्यूनतम मूल्य सोलह एमबी के निशान से शुरू होता है। - स्पीड। कोई महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण मानदंड नहीं प्रदाता इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए बड़ी संख्या में पैकेज प्रदान करते हैं उनके बीच मुख्य अंतर गति है उदाहरण पर गौर करें उपयोगकर्ता को तीन सौ एमबीटी / एस की रफ्तार से इंटरनेट दिया गया है। हालांकि, इसमें एक सौ एमबीपीएस बैंडविड्थ के साथ एक रूटर है। स्वाभाविक रूप से, आप पूरी तरह से सेवा का उपयोग करने में सक्षम नहीं होंगे और आपको सीमाओं का अनुभव करना होगा। - ब्रांड। बेशक, डिवाइस चुनने पर निर्माता की प्रतिष्ठा महत्वपूर्ण है लेकिन हमेशा प्रतिष्ठित फर्मों की कीमत और कार्यक्षमता एक-दूसरे के साथ बेहतर अनुरूप नहीं होती है उदाहरण के लिए, ऐसी कंपनियां हैं जो केवल बजट मॉडल का उत्पादन करती हैं इनमें डी-लिंक, टीपी-लिंक शामिल हैं अपने वर्गीकरण सीमा में, कम लागत वाली, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले मॉडल प्रस्तुत किए जाते हैं। लेकिन ऐप्पल का एक बहुत अच्छा वाईफ़ाई राउटर हर घरेलू खरीदार को खरीदने में सक्षम नहीं होगा। इसलिए, इस मुद्दे में यह आवश्यक है कि वित्तीय अवसरों से व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन करें। रूस में कम लोकप्रिय नहीं, एसस, ज़ेक्सेल, लिंक्स्की के ट्रेडमार्क थे। - कनेक्शन की विधि प्रत्येक डिवाइस में एक विशेष बंदरगाह है, जिसे इंटरनेट केबल के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे वान कहा जाता है खरीदने से पहले इसे जांचने की सलाह दी जाती है। - प्रोटोकॉल केवल कनेक्ट करने के बाद डिवाइस पर्याप्त नहीं होगा, आपको इसे कॉन्फ़िगर करना होगा। प्रदाता द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रोटोकॉल का उपयोग करना जानना महत्वपूर्ण है यदि यह मेल नहीं खाता है, तो आप एक घर वायरलेस नेटवर्क बनाने में सक्षम नहीं होंगे। सभी विशेषताओं के साथ एक सार्वभौमिक राउटर रेटिंग संकलित करें, ज़ाहिर है, आप कर सकते हैं। लेकिन एक बड़े वर्गीकरण से चयन करने के लिए, जो मॉडल बेहतर है, यह कठिन होगा बल्कि इसलिए, एक उद्देश्य मूल्यांकन के लिए, आपको वाईफाई राउटर जैसे उपकरणों की तुलना करने के लिए कुछ मानदंडों को पहचानना होगा। सर्वश्रेष्ठ की रैंकिंग उपकरणों की कीमत के आधार पर, साथ ही उनकी कार्यक्षमता के आधार पर की जाएगी। एक आधुनिक उपयोगकर्ता के लिए इंटरनेट के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। और अब के रूप में निर्माता विभिन्न प्रकार के गैजेट पेश करते हैं, जिसकी क्षमता पूरी तरह से खोला जा सकता है, केवल एक वायरलेस प्वाइंट का उपयोग कर रहा है इसलिए, अधिकतम सुविधा के लिए, आपको एक राउटर का उपयोग करना चाहिए। कौन सा एक? घर के लिए एक अच्छी वाईफाई राउटर उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के आधार पर डिवाइस की विशेषताओं को ध्यान में रखकर चुना गया है। इसके अलावा, निर्धारित कारक कमरे के आकार, घर के निर्माण में उपयोग की जाने वाली भवन निर्माण सामग्री, और सहायक संरचनाओं की विशेषताएं हैं। जैसा कि आप जानते हैं, मोटी कंक्रीट की दीवारें बहुत ही संकेत को बहरेगी। ऐसी बारीकियों को ध्यान में रखना आवश्यक है नीचे प्रस्तुत शीर्ष तीन मॉडल निजी घरों और अपार्टमेंट दोनों के लिए आदर्श हैं। यह मॉडल "सर्वश्रेष्ठ रूटर " का शीर्षक सही ढंग से रखता है उपयोगकर्ता इसे न केवल स्टाइलिश कहते हैं, बल्कि सबसे तेज भी कहते हैं। डिवाइस द्वारा प्रसारित की जाने वाली गति दो हज़ार तीन सौ चौंतीस एमबीटी / एस है आज के बाजार में, आरटी-एसी सत्तासी यू इस पैरामीटर में जाता है। उच्च प्रदर्शन के साथ, डेवलपर्स भी एक मूल डिजाइन प्रदान करते हैं। रूटर पूरी तरह से इंटीरियर की किसी भी शैली में फिट होगा। Asus के सर्वश्रेष्ठ वाईफाई-राउटर आरटी-एसी सत्तासी यू एक और निर्विवाद लाभ है - तीन सौ युगपत कनेक्शन तक का समर्थन करने की क्षमता। इसके लिए धन्यवाद, बड़ी संख्या में डिवाइस कनेक्ट करते समय ट्रांसमिशन की गति कम नहीं होती है, भले ही कई उपयोगकर्ता एक ही समय में भारी फ़ाइलों को डाउनलोड करते हैं। डिवाइस टाइम मशीन प्रौद्योगिकी से सुसज्जित है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एप्पल के गैजेट्स के साथ काम करते हैं। किसी भी डिवाइस से बैकअप बनाना अब एक समस्या नहीं है। मूल्य छः हज़ार आठ सौ rubles के निशान से शुरू होता है। टीपी-लिंक एक ट्रेडमार्क है जो एक घरेलू खरीदार से मांग में है कंपनी अपेक्षाकृत कम कीमत पर बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों की आपूर्ति करती है। आर्चर Cसात ACएक हज़ार सात सौ पचास दो हज़ार सत्रह में अपार्टमेंट के लिए सबसे अच्छा वाईफ़ाई राउटर है वायरलेस नेटवर्क आठ सौ दो. ग्यारह ए / बी / जी / एन / एसी मानक के अनुसार संचालित होता है पाँच गीगाहर्ट्ज की आवृत्ति के साथ, राउटर ओवरक्लॉकिंग करने में सक्षम है एक हज़ार तीन सौ एमबीपीएस। और दो. चार गीगा नेटवर्क में, बैंडविड्थ चार सौ पचास एमबीपीएस है। डेवलपर्स ने ध्यान रखा कि उपयोगकर्ताओं को आईओएस और एंड्रॉइड पर चलाने वाले गैजेट्स से राउटर का प्रबंधन करने का अवसर मिला। इस उद्देश्य के लिए एक विशेष उपयोगिता टिथर प्रदान की जाती है। अनुमानित लागत पाँच हज़ार rubles है। घर के लिए एक अच्छा वाईफाई राउटर लेने के लिए मुश्किल नहीं है, मुख्य बात इसकी विशेषताओं का अध्ययन करना है शीर्ष तीन में मॉडल ज़ेक्सेल से मॉडल केएनेटिक डीएसएल आया था। यह उपकरण सरल है इसकी वायरलेस गति तीन सौ एमबीपीएस तक सीमित है। दो एंटेना हैं, जो पाँच डीबीआई प्रत्येक द्वारा संकेत को बढ़ाते हैं। परिचालन आवृत्ति दो. चार GHz है। वायर्ड कनेक्शन के साथ, संचरण की गति एक सौ एमबीपीएस है। यह मॉडल मोनो-चैनल प्रकार प्रकार है। थ्रूपूट को बढ़ाने का एक अवसर है, MIMO प्रौद्योगिकी के लिए धन्यवाद। शुरुआती कीमत तीन हज़ार rubles है। सबसे अच्छा "राज्य कर्मचारी" बजट मॉडल की रैंकिंग का नेता रूटर है, जिसे टीपी-लिंक द्वारा निर्मित किया गया है। इसके उत्पादों को किसी भी खरीदार के लिए डिज़ाइन किया गया है दो हज़ार सत्रह में, टीएल-डब्लूआर आठ सौ इकतालीस एन मॉडल को अपना पहला स्थान मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक हज़ार पाँच सौ रूबल तक की कीमत श्रेणी में एक घर के लिए सबसे अच्छा वाईफ़ाई राउटर है। लाभों में सबसे लोकप्रिय सुरंग प्रोटोकॉल का समर्थन भी शामिल है। यह IPSec, LदोTP और PPTP के बारे में है। नेटवर्क सिग्नल स्थिर है शक्ति बीस डीबीआई है दो एंटेना हैं डिवाइस दो. चार GHz आवृत्ति बैंड में काम करता है। लागत एक हज़ार रूबल से है। मूल्य लगभग एक हज़ार रूबल है। निर्माण गुणवत्ता उत्कृष्ट है फर्मवेयर एक निरंतर कनेक्शन प्रदान करता है उपकरण कार्यात्मक है छोटे कार्यालयों या रहने वाले क्वार्टरों के लिए बिल्कुल सही वायर्ड कनेक्शन के लिए संचरण की गति एक सौ एमबीपीएस है। संचारक चार LAN कनेक्शन के लिए डिज़ाइन किया गया है। उपयोगकर्ताओं के अनुसार, इस मॉडल का निर्विवाद लाभ एक आसान समायोजन है, जिसे विशेष ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है। लागत एक हज़ार रूबल के भीतर बदलती है। डी-लिंकः - डीआईआर -आठ सौ अस्सी एल उच्च प्रदर्शन के साथ एक अच्छा वाईफाई राउटर है। - डीआईआर -आठ सौ पचास एल - मॉडल उच्च-गुणवत्ता वाले हार्डवेयर भराई के कारण हाइलाइट किया गया था। TP-लिंकः - टीएल-डब्लूआर सात सौ चालीस एन - छोटे घरों या अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए एक उत्कृष्ट बजट विकल्प। - TL-WAनौ सौ एकND - उन्नत कार्यक्षमता और आसान सेटअप के कारण, निरंतर नेटवर्क संचालन का आनंद लेने के लिए उपयोगकर्ता को प्रदान करता है। ASUS: - आरटी- Nछप्पनU - एक बड़े कवरेज के साथ एक एक्सेस प्वाइंट बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। - ईए- एसी सत्तासी - आधुनिक हार्डवेयर उपकरण, विधानसभा और सामग्री की उच्च गुणवत्ता। - आरटी-एसी छयासठ यू एक शक्तिशाली रूटर है जिसमें इंटरनेट की गति में कमी के बिना एक साथ जुड़े दस गैजेट्स उपलब्ध कराए जा सकते हैं। वर्तमान में, कई प्रदाता इंटरनेट तक पहुंच प्रदान करते हैं। हालांकि, ऐसी परिस्थितियां हैं, जब एक निश्चित घर या जिले को जोड़ने की कोई तकनीकी संभावना नहीं है अक्सर एक समान समस्या वाले गांवों या छोटे शहरों में पाया जा सकता है। लेकिन यहां तक कि यह वर्ल्ड वाइड वेब तक पहुँच को नकारने का कारण नहीं होना चाहिए। आप मोबाइल संचार के माध्यम से इंटरनेट से कनेक्ट कर सकते हैं। निर्माता विशेष उपकरण पेश करते हैं जो एक सिम कार्ड स्थापित करने के लिए बंदरगाह से लैस हैं। उच्च गुणवत्ता वाले क्षेत्र के कवरेज के लिए, सर्वश्रेष्ठ मोबाइल वाईफ़ाई राउटर का चयन करना आवश्यक है। दो हज़ार सत्रह में, दो मॉडल जो ह्यूवेई और टीपी-लिंक ब्रांड के तहत लॉन्च किए गए थे, स्पष्ट नेता बन गए। हैरानी की बात है, डिवाइस, जो बानवे. आठxसाठxतेरह. आठ मिमी का उपाय करता है, उपयोगकर्ता को उच्च-गति वाला इंटरनेट प्रदान कर सकता है। सेवा मोबाइल ऑपरेटर द्वारा प्रदान की गई है। मॉडल Eपाँच हज़ार तीन सौ तीस प्रसिद्ध निर्माता ह्यूवेई - एक अच्छा वाईफाई-राउटर मोबाइल प्रकार। पहुंच बिंदु से कनेक्ट कहीं भी हो सकता हैः चाहे घर पर या फ़ॉरेस्ट में चलने के लिए। निर्माता ने न केवल शक्तिशाली हार्डवेयर "भराई" के लिए बल्कि डिजाइन के लिए भी ध्यान आकर्षित किया सुव्यवस्थित पक्षों के साथ एक सुंदर शरीर, काले और सफेद रंगों का एक क्लासिक संयोजन - यह सब एक साथ लैकोनिक और मूल दिखता है। पैनल की सतह में विरोधी पर्ची कोटिंग है, जो उपयोग के दौरान अधिकतम सुविधा प्रदान करता है। राउटर का वजन केवल एक सौ बीस ग्राम है, इसलिए गतिशीलता का स्तर काफी अधिक है। आप अपने पर्स में न केवल डिवाइस को स्थानांतरित कर सकते हैं, बल्कि शर्ट और ट्राउजर की जेब में भी डर सकते हैं कि यह गिर जाएगी। फ्रंट पैनल के केंद्र में एक एलसीडी-प्रकार का डिस्प्ले है। राज्य में बंद होने पर, दीपक इस पर प्रकाश डालते हैं। लगभग सभी लोकप्रिय मोबाइल ऑपरेटरों के साथ काम करता है सिग्नल का कवरेज त्रिज्या दस मीटर है, गैजेट एंड्रॉइड, विंडोज, मैक ओएस, लिनक्स और आईओएस के साथ संगत है। इस रूटर के साथ, आप किसी भी डिजिटल डिवाइस को कनेक्ट कर सकते हैं जो वाई-फाई के माध्यम से वायरलेस कनेक्शन का समर्थन करता है ऐन्टेना एक, अंतर्निहित प्रकार बाहरी के तहत घोंसला डेवलपर्स द्वारा प्रदान नहीं किया गया है। मोबाइल उपकरणों के लिए, एक महत्वपूर्ण पैरामीटर स्वायत्तता की अवधि है मॉडल Eपाँच हज़ार तीन सौ तीस में प्रति घंटे एक हज़ार पाँच सौ milliamps के लिए एक बैटरी प्रदान की जाती है। रिचार्जिंग के बिना, उपयोगकर्ता छः घंटाटे के डिवाइस की शक्ति पर भरोसा कर सकता है। अनुमानित लागत लगभग छः हज़ार rubles है। कंपनी के उत्पादों TP-लिंक की लोकप्रियता असीम है। सबसे अच्छा मोबाइल रूटर की रैंकिंग में इस ब्रांड के मॉडल की अग्रणी स्थिति लेता है - Mपाँच हज़ार दो सौ पचास। यह काम करता है के साथ सिम कार्ड के सबसे मोबाइल ऑपरेटरों। आवास प्लास्टिक, रबर बना हुआ से बना है। वहाँ चमकदार आवेषण कर रहे हैं। वे काफी मार्श, यांत्रिक क्षति के खिलाफ स्थिरता के निम्न स्तर के साथ कर रहे हैं। पावर बटन सामने पैनल पर प्रदर्शित। यहाँ स्थित हैं और संकेतक बैटरी की स्थिति, सक्रिय वाई-फाई कनेक्शन और इंटरनेट की स्थिति की घोषणा। पिछले कट के ऑपरेटिंग राज्य में। पीछे के कवर हटाने योग्य है। यह बैटरी के लिए उपयोग की अनुमति देता है। बैटरी की शक्ति के तहत माइक्रो एसडी फ़्लैश कार्ड और सिम कार्ड के लिए एक स्लॉट है। ऊपर से बत्तीस जीबी के बाहरी संग्रहण उपकरण को पहचानता है। दो एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल के साथ उपयोगकर्ता उपलब्ध हैंः WPAदो-PSK / WPA-PSK। स्वायत्तता के लिए जिम्मेदार बैटरी दो हज़ार mAh की बैटरी है। यह बैटरी जीवन के बारे में सात घंटे है। केवल निर्मित एंटीना। वाई-फाई के माध्यम से संचरण दर एक सौ पचास Mbit / s है। रूटर डिफ़ॉल्ट पते का उपयोग कर की सेटिंग बदलने के लिए - एक सौ बानवे. एक सौ अड़सठ. शून्य. एक। बैटरी अनुकूलक आपूर्ति प्रदान नहीं की है चार्ज करने के लिए। बैटरी जीवन बहाल आप यूएसबी केबल किसी भी स्मार्टफोन से या रों / y का उपयोग कर सकते हैं।
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राजकुमार हिरानी हर दिन फिल्म की एक पोस्टर और रणबीर कपूर का लुक शेयर कर रहे हैं। जिससे फैंस के बीच उत्सुकता बनी हुई है। मुन्नाभाई से पहले संजय दत्त के डेब्यू के दिनों का लुक, साजन लुक और जेल लुक अब तक रिलीज किया जा चुका है। जाहिर है फिल्म को लेकर फैंस और भी बेसब्र हो चुके हैं। फिल्म को रिलीज होने में अभी दो महीने का वक्त है। फिल्म को लेकर क्रेज देखकर उम्मीद जा रही है कि फिल्म 300 करोड़ क्लब में एंट्री लेगी।
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राजकुमार हिरानी हर दिन फिल्म की एक पोस्टर और रणबीर कपूर का लुक शेयर कर रहे हैं। जिससे फैंस के बीच उत्सुकता बनी हुई है। मुन्नाभाई से पहले संजय दत्त के डेब्यू के दिनों का लुक, साजन लुक और जेल लुक अब तक रिलीज किया जा चुका है। जाहिर है फिल्म को लेकर फैंस और भी बेसब्र हो चुके हैं। फिल्म को रिलीज होने में अभी दो महीने का वक्त है। फिल्म को लेकर क्रेज देखकर उम्मीद जा रही है कि फिल्म तीन सौ करोड़ क्लब में एंट्री लेगी।
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नई दिल्लीः दीया मिर्जा (Dia Mirza) ने बीते दिनों ही दूसरी शादी की है और हाल में ही उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी भी अनाउंस की है. शादी और प्रेग्नेंसी दोनों को ही लेकर दीया लगातार चर्चा में बनी हुई हैं. मालदीव में वेकेशन के दौरान उन्होंने बेबी बंप फ्लॉन्ट करते बुए प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट की थी. इस वेकेशन के दौरान उनके साथ वैभव रेखी (Vaibhav Rekhi) बेटी समायरा भी थी, जिसके साथ दीया काफी मस्ती करते नजर आईं. इससे ये साफ हो गया कि वैभव रेखी की बेटी के साथ दीया मिर्जा अच्छा बॉन्ड शेयर करती हैं.
दीया मिर्जा (Dia Mirza) की शादी पर भी वैभव रेखी (Vaibhav Rekhi) को स्पॉट किया गया था और वीडियो काफी वायरल हुआ था. अब इनका एक वीडियो सामने आया है, जो वैभव रेखी की एक्स वाइफ सुनैना रेखी ने शेयर किया है. ये वीडियो वैभव रेखी की बेटी के बर्थडे का है. इस वीडियो के कैप्सन में उन्होंने फैमिली लिखा है और दीया को भी टैग किया है. वीडियो में समायरा केक काटते नजर आ रही है. साथ में वैभव और सुनैना दिख रहे हैं और दीया वीडियो बना रही हैं.
वीडियो में आप दीया (Dia Mirza) की आवाज सुन सकते हैं, वे कहती हैं, 'कैंडल ब्लो करो, मम्मा-पापा को केक खिलाया? उन्हें भी खिलाओ.' इस दौरान सुनैना रेखी मुस्कुराती नजर आती हैं. इससे लोग यही अंदाजा लगा रहे हैं कि दीया और सुनैना के बीच कड़वाहट नहीं है, दोनों एक-दूसरे के साथ अच्छी बॉन्ड शेयर करते हैं. फैंस दोनों का बॉन्ड खबू पसंद भी कर रहे हैं.
बता दें, शादी के बाद भी सुनैना (Sunaina Rekhi) ने दीया (Dia Mirza) और वैभव (Vaibhav Rekhi) के रिश्ते पर खुलकार बात की थी. सुनैना ने दोनों को शादी की बधाई भी दी थी और कहा था कि वे इस शादी को लेकर काफी खुश हैं. सुनैना ने अपने बयान से साफ कर दिया था कि वे और वैभव शादी टूटने के बाद भी अच्छे दोस्त हैं. वैसे बता दें, दीया मिर्जा की शादी से पहले प्रेग्नेंसी को लेकर लोग सोशल मीडिया पर खूब बातें कर रहे हैं, जिसका एक्ट्रेस ने करारा जवाब भी दिया था.
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नई दिल्लीः दीया मिर्जा ने बीते दिनों ही दूसरी शादी की है और हाल में ही उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी भी अनाउंस की है. शादी और प्रेग्नेंसी दोनों को ही लेकर दीया लगातार चर्चा में बनी हुई हैं. मालदीव में वेकेशन के दौरान उन्होंने बेबी बंप फ्लॉन्ट करते बुए प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट की थी. इस वेकेशन के दौरान उनके साथ वैभव रेखी बेटी समायरा भी थी, जिसके साथ दीया काफी मस्ती करते नजर आईं. इससे ये साफ हो गया कि वैभव रेखी की बेटी के साथ दीया मिर्जा अच्छा बॉन्ड शेयर करती हैं. दीया मिर्जा की शादी पर भी वैभव रेखी को स्पॉट किया गया था और वीडियो काफी वायरल हुआ था. अब इनका एक वीडियो सामने आया है, जो वैभव रेखी की एक्स वाइफ सुनैना रेखी ने शेयर किया है. ये वीडियो वैभव रेखी की बेटी के बर्थडे का है. इस वीडियो के कैप्सन में उन्होंने फैमिली लिखा है और दीया को भी टैग किया है. वीडियो में समायरा केक काटते नजर आ रही है. साथ में वैभव और सुनैना दिख रहे हैं और दीया वीडियो बना रही हैं. वीडियो में आप दीया की आवाज सुन सकते हैं, वे कहती हैं, 'कैंडल ब्लो करो, मम्मा-पापा को केक खिलाया? उन्हें भी खिलाओ.' इस दौरान सुनैना रेखी मुस्कुराती नजर आती हैं. इससे लोग यही अंदाजा लगा रहे हैं कि दीया और सुनैना के बीच कड़वाहट नहीं है, दोनों एक-दूसरे के साथ अच्छी बॉन्ड शेयर करते हैं. फैंस दोनों का बॉन्ड खबू पसंद भी कर रहे हैं. बता दें, शादी के बाद भी सुनैना ने दीया और वैभव के रिश्ते पर खुलकार बात की थी. सुनैना ने दोनों को शादी की बधाई भी दी थी और कहा था कि वे इस शादी को लेकर काफी खुश हैं. सुनैना ने अपने बयान से साफ कर दिया था कि वे और वैभव शादी टूटने के बाद भी अच्छे दोस्त हैं. वैसे बता दें, दीया मिर्जा की शादी से पहले प्रेग्नेंसी को लेकर लोग सोशल मीडिया पर खूब बातें कर रहे हैं, जिसका एक्ट्रेस ने करारा जवाब भी दिया था.
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नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज पांचवा आम बजट पेश करते हुए रेलवे से जुड़ी भी कई अहम घोषणाएं कीं। पिछले वित्त वर्ष से रेल बजट को आम बजट में ही शामिल कर दिया गया है। जेटली ने रेल से जुड़ी ये अहम घोषणाएं कीं।
- रेलवे के लिए 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
-माल ढुलाई के लिए 12 वेगन बनाए जाएंगे।
- मुंबई में 90 किलोमीटर तक पटरी का विस्तार किया जाएगा।
- 600 रेल स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा।
- मुंबई में लोकल नेटवर्क का दायरा बढ़ाया जाएगा।
- पटरी, गेज बदलने जैसे काम पर खर्च किया जाएगा।
- पूरी भारतीय रेल ब्रॉडगेज हो जाएगी।
- रेल में सीसीटीवी भी लगेंगे।
- मुंबई में 150 किलोमीटर उपनगरीय रेल रूटों के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़।
- दो साल में 4,267 मानवरहित रेलवे क्रासिंग को खत्म करने की योजना।
- 700 नए रेल इंजन तैयार किए जाएंगे।
- वित्त वर्ष 2018-19 में सरकार 18,000 किलोमीटर रेललाइनों का दोहरीकरण करेगी।
यह दूसरी बार है जब रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जा रहा है। इससे पहले रेल बजट को आम बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता रहा है।
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नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज पांचवा आम बजट पेश करते हुए रेलवे से जुड़ी भी कई अहम घोषणाएं कीं। पिछले वित्त वर्ष से रेल बजट को आम बजट में ही शामिल कर दिया गया है। जेटली ने रेल से जुड़ी ये अहम घोषणाएं कीं। - रेलवे के लिए एक लाख अड़तालीस हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। -माल ढुलाई के लिए बारह वेगन बनाए जाएंगे। - मुंबई में नब्बे किलोग्राममीटर तक पटरी का विस्तार किया जाएगा। - छः सौ रेल स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा। - मुंबई में लोकल नेटवर्क का दायरा बढ़ाया जाएगा। - पटरी, गेज बदलने जैसे काम पर खर्च किया जाएगा। - पूरी भारतीय रेल ब्रॉडगेज हो जाएगी। - रेल में सीसीटीवी भी लगेंगे। - मुंबई में एक सौ पचास किलोग्राममीटर उपनगरीय रेल रूटों के विस्तार के लिए ग्यारह हजार करोड़। - दो साल में चार,दो सौ सरसठ मानवरहित रेलवे क्रासिंग को खत्म करने की योजना। - सात सौ नए रेल इंजन तैयार किए जाएंगे। - वित्त वर्ष दो हज़ार अट्ठारह-उन्नीस में सरकार अट्ठारह,शून्य किलोग्राममीटर रेललाइनों का दोहरीकरण करेगी। यह दूसरी बार है जब रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जा रहा है। इससे पहले रेल बजट को आम बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता रहा है।
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2. भारतीय चिकित्सा की केन्द्रीय पंजिका भारतीय चिकित्सा की प्रत्येक पद्धति हेतु पृथक-पृथक भाग में चिकित्साभ्यासियों की पंजिका है जिसमें उन सभी व्यक्तियों के नाम है जो किसी भारतीय चिकित्सा की राज्य पंजिका में कुछ समय के लिए नामांकित है तथा जिनके पास कोई मान्यताप्राप्त चिकित्सीय अर्हता है।
भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद्, भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् अधिनियम, 1970 (1970 का 48 ) के अधीन भारतीय चिकित्सा में शिक्षा एवं चिकित्साभ्यास एवं ऐसे संबंधित मामलों को विनियमित करने हेतु गठित एक सांविधिक निकाय है ।
भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् भारतीय चिकित्सा की केन्द्रीय पंजिका का रखरखाव करेगी एवं समय-समय पर इसका पुनरीक्षण करेंगी और उसे भारत के राजपत्र में, और अन्य ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, प्रकाशित करेगी। ऐसा रजिस्टर भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 (1972 का 1) के अर्थ में लोक दस्तावेज समझा जाएगा भारत के और राजपत्र में प्रकाशित किसी प्रति द्वारा साबित किया जा सकेगा।
5. भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में रजिस्ट्रीकरण - केन्द्रीय परिषद् का रजिस्ट्रार भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में किसी व्यक्ति के रजिस्ट्रीकरण की रिपोर्ट की प्राप्ति पर अथवा विहित रीति से किसी व्यक्ति द्वारा किए गए आवेदन पर उसका नाम भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में प्रविष्ट कर सकेगा, परन्तु यह तब जब रजिस्ट्रार का यह समाधान हो जाए कि सम्बन्धित व्यक्ति ऐसे रजिस्ट्रीकरण के लिए इस अधिनियम के अधीन पात्र हैं।
6. भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर के नामों का हटाया जाना
भारतीय चिकित्सा की केन्द्रीय पंजिका को तैयार करना / रखरखाव - प्रत्येक राज्य परिषद् / बोर्ड यथाशीघ्र, केन्द्रीय परिषद् को भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर को तीन मुद्रित प्रतियों का प्रदाय करेगा, तथा प्रत्येक राज्य परिषद्/बोर्ड भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में समय-समय पर किए गए सभी परिवर्धनों और अन्य संशाधनों की इत्तिला केन्द्रीय परिषद् को अविलंब देगा।
(1) यदि भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में नामावलिगत किसी व्यक्ति का नाम उस रजिस्टर में से, किसी राज्य में तत्समय प्रवृत्त भारतीय चिकित्सा के व्यवसायियों के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित किसी विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के अनुसरण में हटा दिया जाए तो केन्द्रीय परिषद् भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर से ऐसे व्यक्ति का नाम हटाए जाने का निर्देश देगी ।
(2) जहां भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर से किसी व्यक्ति का नाम उसके पास अपेक्षित चिकित्सीय अर्हताएं न होने के आधार से भिन्न किसी आधार पर हटा दिया जाए अथवा जहां अपना नाम भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में पुनः प्रविष्ट किए जाने के लिए उक्त व्यक्ति का आवेदन नामंजूर कर दिया जाए वहां विहित रीति से और ऐसी शर्तों के अध्यधीन, जो विहित की जाए, और जिनके अन्तर्गत फीस के संदाय की शर्त भी है, केन्द्रीय सरकार की अपील कर सकेगा, जिसका विनिश्चय, जो केन्द्रीय परिषद् से परामर्श करने के पश्चात दिया जाएगा, राज्य सरकार तथा भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर की तैयारी से संबंधित प्राधिकारियों पर बाध्यकर होगा।
उन व्यक्तियों के विशेषाधिकार जो भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में नामावलिगत है
उन शर्तों और निर्बन्धनों के अधीन रहते हुए, जिन्हें कुछ मान्यताप्राप्त चिकित्सीय अर्हताएं रखने वाले व्यक्तियों द्वारा भारतीय चिकित्सा के व्यवसाय के संबंध में इस अधिनियम में दिया गया है, प्रत्येक व्यक्ति, जिसका नाम भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में तत्समय हो, अपनी अर्हताओं के अनुसार भारत के किसी भाग में, भारतीय चिकित्सा का व्यवसाय करने का तथा कोई व्यय, औषधियों या अन्य साध्वियों की बाबत प्रभार या कोई फीस, जिसका वह हकदार हो, ऐसे व्यवसाय की बाबत विधि के सम्यक् अनुक्रम में वसूल करने का हकदार होगा।
अतिरिक्त अर्हताओं का रजिस्ट्रीकरण
(1) यदि कोई व्यक्ति जिसका नाम भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में हो, किसी चिकित्सा में प्रवीणता के लिए कोई ऐसी उपाधि, डिप्लोमा या अन्य अर्हता अभिप्राप्त कर ले, जो मान्यताप्राप्त चिकित्सीय अर्हता हो तो वह विहित रीति से इस निमित किए गए आवेदन पर, इस बात का हकदार होगा कि वह ऐसी अन्य उपाधि, डिप्लोमा या अन्य अर्हता कथित करने वाली प्रविष्ट भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में अपने नाम के संबंध में या तो पूर्वतर की गई किसी प्रविष्ट के स्थान पर या उसके अतिरिक्त करा ले ।
(2) भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में ऐसे किसी व्यक्ति की बाबत प्रविष्टियां भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में किए गए परिवर्तनों के अनुसार परिवर्तित की जाएंगी।
भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में नामवलिगत व्यक्तियों द्वारा निवास तथा चिकित्सा व्यवसाय के स्थान में परिवर्तन का सूचित किया जाना
भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में रजिस्ट्रीकृत प्रत्येक व्यक्ति अपने निवास या चिकित्सा व्यवसाय के स्थान का अन्तरण केन्द्रीय परिषद् को और संबंधित बोर्ड को, उसे अन्तरण के नब्बे दिन के भीतर, सूचित करेगा और ऐसा करने में असफल होने पर केन्द्रीय परिषद् या बोर्ड के सदस्यों के निर्वाचन में भाग लेने का उसका अधिकार, केन्द्रीय सरकार के आदेश द्वारा, या तो स्थायी रूप में या ऐसी कालावधि के लिए जो उसमें विनिर्दिष्ट की जाए, समपहृत किया जा सकेगा।
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दो. भारतीय चिकित्सा की केन्द्रीय पंजिका भारतीय चिकित्सा की प्रत्येक पद्धति हेतु पृथक-पृथक भाग में चिकित्साभ्यासियों की पंजिका है जिसमें उन सभी व्यक्तियों के नाम है जो किसी भारतीय चिकित्सा की राज्य पंजिका में कुछ समय के लिए नामांकित है तथा जिनके पास कोई मान्यताप्राप्त चिकित्सीय अर्हता है। भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद्, भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ सत्तर के अधीन भारतीय चिकित्सा में शिक्षा एवं चिकित्साभ्यास एवं ऐसे संबंधित मामलों को विनियमित करने हेतु गठित एक सांविधिक निकाय है । भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद् भारतीय चिकित्सा की केन्द्रीय पंजिका का रखरखाव करेगी एवं समय-समय पर इसका पुनरीक्षण करेंगी और उसे भारत के राजपत्र में, और अन्य ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, प्रकाशित करेगी। ऐसा रजिस्टर भारतीय साक्ष्य अधिनियम, एक हज़ार आठ सौ बहत्तर के अर्थ में लोक दस्तावेज समझा जाएगा भारत के और राजपत्र में प्रकाशित किसी प्रति द्वारा साबित किया जा सकेगा। पाँच. भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में रजिस्ट्रीकरण - केन्द्रीय परिषद् का रजिस्ट्रार भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में किसी व्यक्ति के रजिस्ट्रीकरण की रिपोर्ट की प्राप्ति पर अथवा विहित रीति से किसी व्यक्ति द्वारा किए गए आवेदन पर उसका नाम भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में प्रविष्ट कर सकेगा, परन्तु यह तब जब रजिस्ट्रार का यह समाधान हो जाए कि सम्बन्धित व्यक्ति ऐसे रजिस्ट्रीकरण के लिए इस अधिनियम के अधीन पात्र हैं। छः. भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर के नामों का हटाया जाना भारतीय चिकित्सा की केन्द्रीय पंजिका को तैयार करना / रखरखाव - प्रत्येक राज्य परिषद् / बोर्ड यथाशीघ्र, केन्द्रीय परिषद् को भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर को तीन मुद्रित प्रतियों का प्रदाय करेगा, तथा प्रत्येक राज्य परिषद्/बोर्ड भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में समय-समय पर किए गए सभी परिवर्धनों और अन्य संशाधनों की इत्तिला केन्द्रीय परिषद् को अविलंब देगा। यदि भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में नामावलिगत किसी व्यक्ति का नाम उस रजिस्टर में से, किसी राज्य में तत्समय प्रवृत्त भारतीय चिकित्सा के व्यवसायियों के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित किसी विधि द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के अनुसरण में हटा दिया जाए तो केन्द्रीय परिषद् भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर से ऐसे व्यक्ति का नाम हटाए जाने का निर्देश देगी । जहां भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर से किसी व्यक्ति का नाम उसके पास अपेक्षित चिकित्सीय अर्हताएं न होने के आधार से भिन्न किसी आधार पर हटा दिया जाए अथवा जहां अपना नाम भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में पुनः प्रविष्ट किए जाने के लिए उक्त व्यक्ति का आवेदन नामंजूर कर दिया जाए वहां विहित रीति से और ऐसी शर्तों के अध्यधीन, जो विहित की जाए, और जिनके अन्तर्गत फीस के संदाय की शर्त भी है, केन्द्रीय सरकार की अपील कर सकेगा, जिसका विनिश्चय, जो केन्द्रीय परिषद् से परामर्श करने के पश्चात दिया जाएगा, राज्य सरकार तथा भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर की तैयारी से संबंधित प्राधिकारियों पर बाध्यकर होगा। उन व्यक्तियों के विशेषाधिकार जो भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में नामावलिगत है उन शर्तों और निर्बन्धनों के अधीन रहते हुए, जिन्हें कुछ मान्यताप्राप्त चिकित्सीय अर्हताएं रखने वाले व्यक्तियों द्वारा भारतीय चिकित्सा के व्यवसाय के संबंध में इस अधिनियम में दिया गया है, प्रत्येक व्यक्ति, जिसका नाम भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में तत्समय हो, अपनी अर्हताओं के अनुसार भारत के किसी भाग में, भारतीय चिकित्सा का व्यवसाय करने का तथा कोई व्यय, औषधियों या अन्य साध्वियों की बाबत प्रभार या कोई फीस, जिसका वह हकदार हो, ऐसे व्यवसाय की बाबत विधि के सम्यक् अनुक्रम में वसूल करने का हकदार होगा। अतिरिक्त अर्हताओं का रजिस्ट्रीकरण यदि कोई व्यक्ति जिसका नाम भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में हो, किसी चिकित्सा में प्रवीणता के लिए कोई ऐसी उपाधि, डिप्लोमा या अन्य अर्हता अभिप्राप्त कर ले, जो मान्यताप्राप्त चिकित्सीय अर्हता हो तो वह विहित रीति से इस निमित किए गए आवेदन पर, इस बात का हकदार होगा कि वह ऐसी अन्य उपाधि, डिप्लोमा या अन्य अर्हता कथित करने वाली प्रविष्ट भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में अपने नाम के संबंध में या तो पूर्वतर की गई किसी प्रविष्ट के स्थान पर या उसके अतिरिक्त करा ले । भारतीय चिकित्सा के राज्य रजिस्टर में ऐसे किसी व्यक्ति की बाबत प्रविष्टियां भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में किए गए परिवर्तनों के अनुसार परिवर्तित की जाएंगी। भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में नामवलिगत व्यक्तियों द्वारा निवास तथा चिकित्सा व्यवसाय के स्थान में परिवर्तन का सूचित किया जाना भारतीय चिकित्सा के केन्द्रीय रजिस्टर में रजिस्ट्रीकृत प्रत्येक व्यक्ति अपने निवास या चिकित्सा व्यवसाय के स्थान का अन्तरण केन्द्रीय परिषद् को और संबंधित बोर्ड को, उसे अन्तरण के नब्बे दिन के भीतर, सूचित करेगा और ऐसा करने में असफल होने पर केन्द्रीय परिषद् या बोर्ड के सदस्यों के निर्वाचन में भाग लेने का उसका अधिकार, केन्द्रीय सरकार के आदेश द्वारा, या तो स्थायी रूप में या ऐसी कालावधि के लिए जो उसमें विनिर्दिष्ट की जाए, समपहृत किया जा सकेगा।
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नई दिल्लीः दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट निदेशक सौरव गांगुली को लगता है कि टीम 'अनकैप्ड' युवाओं से भरी है जो 'विजयी' टीम बनने के लिए अपना समय लेगी और हर किसी को इसे यह जरूरी समय देना चाहिए। दिल्ली कैपिटल्स की टीम लगातार चार हार से 10 टीम की तालिका में निचले स्थान पर चल रही है और पूर्व भारतीय कप्तान ने स्वीकार किया कि इससे निराशा होती है।
गांगुली ने कहा, "ये हार निश्चित रूप से निराशा देती हैं, यह टीम 2019 के बाद से जिस तरह से खेल रही है विशेषकर इसलिए। लेकिन खेल में इस तरह की चीजें होती रहती हैं। जब आप हारते हो तो यह कभी भी आसान नहीं होता। हमारी टीम में इतने सारे युवा खिलाड़ी हैं और हमें अच्छी टीम बनने के लिए समय लगेगा। " लेकिन गांगुली ने जोर दिया कि खिलाड़ियों को यह जानने की कोशिश करने की जरूरत है कि क्या चीज गलत रही।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ यहीं से हो सकता है और उम्मीद करता हूं कि युवा खिलाड़ी बेंगलुरू में ऊंचे स्कोर वाले विकेट पर अच्छा करेंगे। वापसी के लिए आपको तरीका खोजना पड़ता है। ऐसा हर किसी के साथ हो चुका है। जब आप लंबे समय के लिए खेलते हो तो आप इस तरह के दौर से गुजरते हो। यह अपने अंदर झांकने की तरह है और यह पूछने कि तरह कि मैं इसके कैसे बदल सकता हूं। "
यह पूछने पर कि टीम को किन पहलुओं पर सुधार करने की जरूरत है तो गांगुली ने कहा, "हमें काफी बेहतर बल्लेबाजी करनी होगी। अक्षर शानदार रहा है, इसी वजह से हम 170 रन से ऊपर का स्कोर बना पाये हैं। लेकिन हमें अन्य खिलाड़ियों के अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। ललित ने दिल्ली के विकेट पर अच्छी गेंदबाजी की। लेकिन हमारे लिए सबसे अहम चीज एकजुट होकर स्कोरबोर्ड पर रन जुटाना है। " दिल्ली कैपिटल्स की टीम शनिवार को अगले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर से भिड़ेगी।
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नई दिल्लीः दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट निदेशक सौरव गांगुली को लगता है कि टीम 'अनकैप्ड' युवाओं से भरी है जो 'विजयी' टीम बनने के लिए अपना समय लेगी और हर किसी को इसे यह जरूरी समय देना चाहिए। दिल्ली कैपिटल्स की टीम लगातार चार हार से दस टीम की तालिका में निचले स्थान पर चल रही है और पूर्व भारतीय कप्तान ने स्वीकार किया कि इससे निराशा होती है। गांगुली ने कहा, "ये हार निश्चित रूप से निराशा देती हैं, यह टीम दो हज़ार उन्नीस के बाद से जिस तरह से खेल रही है विशेषकर इसलिए। लेकिन खेल में इस तरह की चीजें होती रहती हैं। जब आप हारते हो तो यह कभी भी आसान नहीं होता। हमारी टीम में इतने सारे युवा खिलाड़ी हैं और हमें अच्छी टीम बनने के लिए समय लगेगा। " लेकिन गांगुली ने जोर दिया कि खिलाड़ियों को यह जानने की कोशिश करने की जरूरत है कि क्या चीज गलत रही। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ यहीं से हो सकता है और उम्मीद करता हूं कि युवा खिलाड़ी बेंगलुरू में ऊंचे स्कोर वाले विकेट पर अच्छा करेंगे। वापसी के लिए आपको तरीका खोजना पड़ता है। ऐसा हर किसी के साथ हो चुका है। जब आप लंबे समय के लिए खेलते हो तो आप इस तरह के दौर से गुजरते हो। यह अपने अंदर झांकने की तरह है और यह पूछने कि तरह कि मैं इसके कैसे बदल सकता हूं। " यह पूछने पर कि टीम को किन पहलुओं पर सुधार करने की जरूरत है तो गांगुली ने कहा, "हमें काफी बेहतर बल्लेबाजी करनी होगी। अक्षर शानदार रहा है, इसी वजह से हम एक सौ सत्तर रन से ऊपर का स्कोर बना पाये हैं। लेकिन हमें अन्य खिलाड़ियों के अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। ललित ने दिल्ली के विकेट पर अच्छी गेंदबाजी की। लेकिन हमारे लिए सबसे अहम चीज एकजुट होकर स्कोरबोर्ड पर रन जुटाना है। " दिल्ली कैपिटल्स की टीम शनिवार को अगले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर से भिड़ेगी।
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चंबा-अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान इस वर्ष साठ करोड़ के करीब कारोबार होने की उम्मीद है। बीते पूरे सप्ताह मिंजर मेले को लेकर चौगानों में सजे व्यापारिक परिसरों में लोगों की खरीददारी को खूब भीड़ उमड़ी। ग्राहकों का भीड़- भड़ाका रहने से बाहरी राज्यों से कारोबार हेतु आए कारोबारियों की बांछें भी खिली दिखीं। बीते सप्ताह शहर में लोगों की खरीददारी हेतु भीड़ उमड़ने से तिल धरने को जगह नहीं बच पाई। लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर रखने में पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा। हालांकि सप्ताह के समाप्त होने के साथ ही मिंजर मेले की व्यापारिक गतिविधियों पर विराम भी लग गया। बीते सप्ताह चंबा जिला में दर्दनाक हादसों का सफर भी जारी रहा। सनवाल पंचायत के चचलू गांव में ढांक से गिरकर मां- बेटी की मौत हो गई। कटोरीबंगला के पास पंजाब रोडवेज की बस गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। तीसा मार्ग पर कार गिरने से दो लोग घायल हो गए। बीते सप्ताह चंबा जिला में सर्पदंश के मामलों में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पुलिस को बीते सप्ताह नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ जारी अभियान में बड़ी सफलता हासिल हुई। पुलिस ने बालू में नशीली दवाइयों की खेप व पौने आठ लाख की नकदी सहित एक व्यक्ति को दबोचने में सफलता हासिल की। बीते सप्ताह चंबा जिला में विस उपाध्यक्ष द्वारा डीसी- एसपी के खिलाफ मोर्चा खोलने से राजनीतिक सरगर्मियां भी चरम पर रही। इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, कैबिनेट मंत्री किशन कपूर व रामलाल मारकंडा भी चंबा के दौरे पर रहे। केबिनेट मंत्री रामलाल मारकंडा ने होली व भरमौर में विकास योजनाओं का रिव्यू करने के अलावा कई विकास कार्यो की आधारशिला भी रखी। बरसात की बेरहम बारिश ने लोक निर्माण विभाग के करीब नौ करोड़ रुपए पानी में बहा दिए। बारिश के कारण मार्ग बंद रहने से लोगों को आवाजाही में मुश्किलें अलग से पेश आई।
चंबा - चंबा की युवतियांे में इन दिनों जींस- टॉप को लेकर खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। युवतियों की पंसद को ध्यान में रखकर रेडीमेड गारमेंट्स के संचालक भी नए फैशन के टॉप व जींस दुकानों पर सजाए हुए हैं। गारमेंट्स संचालकों की मानें तो हल्के नीले व काले रंग की जींस युवतियों की पहली पंसद बनी हुई है। युवतियों की पंसद को देखते हुए विभिन्न रगों के टॉप भी मंगवाए गए हैं।
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चंबा-अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान इस वर्ष साठ करोड़ के करीब कारोबार होने की उम्मीद है। बीते पूरे सप्ताह मिंजर मेले को लेकर चौगानों में सजे व्यापारिक परिसरों में लोगों की खरीददारी को खूब भीड़ उमड़ी। ग्राहकों का भीड़- भड़ाका रहने से बाहरी राज्यों से कारोबार हेतु आए कारोबारियों की बांछें भी खिली दिखीं। बीते सप्ताह शहर में लोगों की खरीददारी हेतु भीड़ उमड़ने से तिल धरने को जगह नहीं बच पाई। लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर रखने में पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा। हालांकि सप्ताह के समाप्त होने के साथ ही मिंजर मेले की व्यापारिक गतिविधियों पर विराम भी लग गया। बीते सप्ताह चंबा जिला में दर्दनाक हादसों का सफर भी जारी रहा। सनवाल पंचायत के चचलू गांव में ढांक से गिरकर मां- बेटी की मौत हो गई। कटोरीबंगला के पास पंजाब रोडवेज की बस गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। तीसा मार्ग पर कार गिरने से दो लोग घायल हो गए। बीते सप्ताह चंबा जिला में सर्पदंश के मामलों में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पुलिस को बीते सप्ताह नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ जारी अभियान में बड़ी सफलता हासिल हुई। पुलिस ने बालू में नशीली दवाइयों की खेप व पौने आठ लाख की नकदी सहित एक व्यक्ति को दबोचने में सफलता हासिल की। बीते सप्ताह चंबा जिला में विस उपाध्यक्ष द्वारा डीसी- एसपी के खिलाफ मोर्चा खोलने से राजनीतिक सरगर्मियां भी चरम पर रही। इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, कैबिनेट मंत्री किशन कपूर व रामलाल मारकंडा भी चंबा के दौरे पर रहे। केबिनेट मंत्री रामलाल मारकंडा ने होली व भरमौर में विकास योजनाओं का रिव्यू करने के अलावा कई विकास कार्यो की आधारशिला भी रखी। बरसात की बेरहम बारिश ने लोक निर्माण विभाग के करीब नौ करोड़ रुपए पानी में बहा दिए। बारिश के कारण मार्ग बंद रहने से लोगों को आवाजाही में मुश्किलें अलग से पेश आई। चंबा - चंबा की युवतियांे में इन दिनों जींस- टॉप को लेकर खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। युवतियों की पंसद को ध्यान में रखकर रेडीमेड गारमेंट्स के संचालक भी नए फैशन के टॉप व जींस दुकानों पर सजाए हुए हैं। गारमेंट्स संचालकों की मानें तो हल्के नीले व काले रंग की जींस युवतियों की पहली पंसद बनी हुई है। युवतियों की पंसद को देखते हुए विभिन्न रगों के टॉप भी मंगवाए गए हैं।
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रांची। भारतीय सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्रसिंह धोनी क्रिकेट कोचिंग की तरफ पहला कदम बढ़ा रहे हैं। उन्हें चेन्नई से 5 अगस्त से होने वाले ऑल इंडिया बुची बाबू क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए झारखंड टीम का मेंटर नियुक्त किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धोनी पहली बार इस तरह का दायित्व संभालने जा रहे हैं। धोनी की पहचान क्रिकेट जगत में प्रेरणादायी शख्स के रूप में होती है और यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस कार्य को किस तरह करते हैं।
टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके धोनी इस दिनों क्रिकेट से ब्रेक पर है, क्योंकि टीम इंडिया इस वक्त वेस्टइंडीज में टेस्ट सीरीज में व्यस्त है। वैसे धोनी के इस महीने के अंत में अमेरिका में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले दो ट्वेंटी-20 मैचों के लिए टीम इंडिया से जुड़ने की उम्मीद है। यह मुकाबले 27 व 28 अगस्त को फ्लोरिडा में खेले जाएंगे।
तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार धोनी के 10 अगस्त को चेन्नई पहुंचने की संभावना है। वे झारखंड टीम के मेंटर की भूमिका में नजर आएंगे।
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रांची। भारतीय सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्रसिंह धोनी क्रिकेट कोचिंग की तरफ पहला कदम बढ़ा रहे हैं। उन्हें चेन्नई से पाँच अगस्त से होने वाले ऑल इंडिया बुची बाबू क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए झारखंड टीम का मेंटर नियुक्त किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धोनी पहली बार इस तरह का दायित्व संभालने जा रहे हैं। धोनी की पहचान क्रिकेट जगत में प्रेरणादायी शख्स के रूप में होती है और यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस कार्य को किस तरह करते हैं। टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके धोनी इस दिनों क्रिकेट से ब्रेक पर है, क्योंकि टीम इंडिया इस वक्त वेस्टइंडीज में टेस्ट सीरीज में व्यस्त है। वैसे धोनी के इस महीने के अंत में अमेरिका में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले दो ट्वेंटी-बीस मैचों के लिए टीम इंडिया से जुड़ने की उम्मीद है। यह मुकाबले सत्ताईस व अट्ठाईस अगस्त को फ्लोरिडा में खेले जाएंगे। तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार धोनी के दस अगस्त को चेन्नई पहुंचने की संभावना है। वे झारखंड टीम के मेंटर की भूमिका में नजर आएंगे।
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चपरासी : हुजूर, उनके साथ साहवजादे साहब की ( रो पड़ता है । )
[ सरस्वती चौखकर सूच्छित हो जमीन पर गिर पड़ती है । त्रिभुवनदास दौड़ता हुआ बाहर जाता है। आगे दो पुलिसवाले मनोहरदास की लाश को उठाये हुए और उसके पीछे त्रिभुवनदास और विश्वेश्वरदयाल का प्रवेश । विश्वेश्वरदयाल की अवस्था अब ५० वर्ष की है । सिर और मूंछों के बाल से अधिक सफेद हो गये हैं। वह अंग्रेजी ढंग के कपड़ों में हैं । मनोहरदास की लाश एक लोफा पर लेटा दी जाती है । वह सुन्दर गौर वर्ण का युवक है । खादी के कपड़े पहने हुए है, जो खून से लथपथ हो गये हैं। पुलिसवाले बाहर चले जाते हैं और त्रिभुवनदास और विश्वेश्वरदयाल फुर्सियों पर बैठ जाते हैं । त्रिभुवनदास नीचा मुख कर फूट-फूटकर रोने लगता है। विश्वेश्वरदयाल नीचा मुख किये रहता है । कुछ देर तक उनके मुख से कोई शब्द नहीं निकलता । ] विश्वेश्वरदयाल : (भर्राये हुए स्वर में धीरे-धीरे ) धैर्य रखिए, सर त्रिभुवनदासजी, ऐसे अवसरों पर धैर्य ही रखने से काम चलता है । आश्चर्य की बात तो यह है कि वायें हाथ को छोड़कर और इन्हें कहीं गोली नही लगी दिखती । जब इनके शरीर को हम लोगों ने उठाया, उस समय साँस भी थी । बदन तो अभी तक गरम है, हाथ से थोड़ा-थोड़ा खून भी निकल रहा है पर अब सॉस नही है । इतने पर भी मै डॉक्टर के लिए
मोटर भेजकर आया हूँ, क्योंकि ईश्वर की गति वड़ी विचित्र है ; कदाचित् अभी भी
[ रोते हुए वृद्ध राजा चतुर्भुजदास का शीघ्रता से प्रवेश । उसकी अवस्था अब पचहत्तर वर्ष की है । मूँछें और बाल सन के सदृश सफेद हो गये हैं । सुख पर झुर्रियाँ पड़ गयी हैं । ठुड्ढी के नीचे का चमड़ा लटक है; यद्यपि कमर कुछ भुक गयी है, पर शरीर अभी वैसा ही मोटा-ताजा है । वह धोती और कुरता पहने हुए खुले सिर है । हाय लकड़ी है, जिसे टेकते हुए चलता है। उसे देखकर विश्वेश्वरदयाल उठ खड़ा होता है । ]
चतुर्भुजदास - (शीघ्रता से मनोहरदास की लाश के पास जा और जमीन पर बैठ लाश की कमर के निकट सिर पटकते हुए) हाय ! हाय ! यह क्या हुआ ! यह क्या हुआ ! क्या बुढ़ापे में मुझे यह भी देखना वदा था ! हाय ! यह देखने के पहले ही मै क्यों न मर गया ? (कुछ ठहरकर सिर पटकते हुए ) बेटा, वेटा, जब तू पैदा हुआ था, तब मुझे कितनी खुशी हुई थी । तेरे वचपन में हमेशा तुझे लिये घूमा करता था । कोई भी बाहर से आता, तो तुझे उसे जरूर दिखाता और कहता, देखो हम सॉवलों के घर मे कैसा गोरा-नारा लड़का हुआ है । यदि कोई रात को भी आता, तो उसको तुझे दिखाता था । हाय !
हाय ! वही गोरा-नारा, वही सुन्दर, मनोहर ! ( कुछ
ठहरकर फिर सिर पटकते हुए ) तेरी माँ के रहते हुए भी में ही तुझे गाय का दूध पिलाता और जिस गाय का दूध तुझे देता, उसकी सानी भो मै अपने सामने बनवाता, जिससे वह दूध तुझे विकार न करे । हाय ! उसी की मेरे सामने यह हालत ! (कुछ ठहरकर फिर सिर पटकते हुए ) जब तू कुछ बड़ा हुआ, तव तुझे खाना भी मैं ही खिलाता । हमेशा इसी फिकर में रहता कि तू कैसे वड़ा और मोटा होगा । मुझे याद है, जब मेरे हाथ काँपने लगे और कौर तेरे मुँह में ठीक तरह न जाने लगा, तभी मैने तुझे खिलाना छोड़ा था । हाय ! बेटा, वही तू मेरे सामने इस तरह पड़ा है और ये आँखें तुझे इस हालत में देख रही है ! (कुछ ठहरकर फिर सिर पटकते हुए) मुझे याद है, जब तू घर छोड़कर गया था, तव यह कहकर गया था कि अब जीतेजी इस घर में आकर न रहूँगा । तू तो, बेटा, मरकर ही आया । वड़ा नातवाला था न, अपनी बात पूरी करके ही छोड़ी ; पर मेरी उस वक्त बुद्धि कहाँ चली गयी थी । तेरे वाप ने अपने सिद्धान्त - स्वातन्त्र्य के सवव तेरा कहा न माना ; पर मुझे क्या हो गया था । मुझे इस महल, इस जायदाद और इस पदवी से क्या सरोकार था ? मै तेरे संग क्यों न चला गया ? फुल-से सुकुमार तूने न जाने क्या-क्या तकलीफें पायी होंगी । अगर आखिरकार गोली ही तुझे लगनी थी, तो मेरे
कलेजे को पार कर लगती। मैं यह नजारा तो देखने को न जीता वचता । पर, त्रिभुवन, हाय ! तूने यह कह-कहकर कि मनोहर को तजुर्बा होने पर वह चुपचाप लौट आयेगा और व्याह भी कर लेगा, आप जरूरत से ज्यादा प्यार कर-करके उसे चौपट कर देंगे, मुझे अपना कैदी बना रखा । हाय ! वेटा, हाय Į यह क्या हुआ ? यह क्या हुआ ? (शिथिल होकर फूटफूटकर रोने लगता है और सिर लाश से टिका लेता है । )
[डॉक्टर का हैण्डबेग लिये हुए प्रवेश । वह अधेड़ अवस्था का मनुष्य है और अंग्रेजी ढंग के वस्त्रों में है । ] विश्वेश्वरदयाल : ( उठकर डॉक्टर के निकट जा धीरे से) डॉक्टर, इन्हे वाये हाथ को छोड़कर और कहीं गोली नहीं लगी दिखती । जब हम लोगों ने इनके शरीर को उठाया, तव भी साँस थी । थोड़ा-थोड़ा खून यहाँ लाने तक वहता था और शरीर भी गरम था, अव नहीं कह सकता, क्या हाल है ।
डॉक्टर : हाथ की गोली से जान तो प्रायः नही जाती, मूर्च्छा आ सकती है ; पर, हॉ, साँस न चलना यह तो मौत का पूरा प्रमाण है; पर कभी-कभी साँस इतनी धीरेधीरे चलने लगती है कि देखने में यही जान पड़ता है कि साँस नहीं चलती पक्का कह सकते है कि सॉस नही है ?
विश्वेश्वरदयाल : कम-से-कम दिखता तो यही है । नाक और मुँह पर हाथ रखने से भी साँस हाथ में नहीं लगती । (जल्दी से ) डॉक्टर, देखिए, जल्दी देखिए । यदि सचमुच प्राण है, तो मेरे मुख की कालिख घुल जायगी । मुझ पर सर त्रिभुवनदास की इतनी कृपाएँ है कि मैं उनसे उऋण नही हो सकता । डॉक्टर : मै अभी देखता हूँ ।
[ डॉक्टर लाश के पास जाकर पहले नब्ज देखता है, फिर हाथ को नाक और मुँह पर रखता है। फिर तो स्थैटिस-कोप निकालकर उसका हृदय देखता है । ]
डॉक्टर : (हर्ष से चिल्लाकर) राजा साहब, आप क्यों दुख कर रहे है ? भैया को केवल मूर्च्छा है। वे जीवित है, राजा साहब, अवश्य जीवित है । मै भी इन्जेक्शन देता हूँ । बहुत शीघ्र उन्हें होश आ जायगा ।
चतुर्भुजदास ( एक दन से उठकर ) जीवित है, जीवित है, मेरा प्यारा, मेरा दुलारा, मेरी आँखों का तारा बेटा जीवित है ? डॉक्टर साहब, इसे अच्छा कर दीजिए, चाहे मेरी सारी जायदाद इसके अच्छा करने में लग जाय, मै सारी जायदाद को बहा देने को तैयार हूँ, इसे अच्छा कर दीजिए, डॉक्टर साहब, इसे अच्छा
[मूच्छित होकर गिरने लगता है। विश्वेश्वरदयाल सँभाल-कर आराम-कुरसी पर ले जाता है और हमाल से मुख पर
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चपरासी : हुजूर, उनके साथ साहवजादे साहब की [ सरस्वती चौखकर सूच्छित हो जमीन पर गिर पड़ती है । त्रिभुवनदास दौड़ता हुआ बाहर जाता है। आगे दो पुलिसवाले मनोहरदास की लाश को उठाये हुए और उसके पीछे त्रिभुवनदास और विश्वेश्वरदयाल का प्रवेश । विश्वेश्वरदयाल की अवस्था अब पचास वर्ष की है । सिर और मूंछों के बाल से अधिक सफेद हो गये हैं। वह अंग्रेजी ढंग के कपड़ों में हैं । मनोहरदास की लाश एक लोफा पर लेटा दी जाती है । वह सुन्दर गौर वर्ण का युवक है । खादी के कपड़े पहने हुए है, जो खून से लथपथ हो गये हैं। पुलिसवाले बाहर चले जाते हैं और त्रिभुवनदास और विश्वेश्वरदयाल फुर्सियों पर बैठ जाते हैं । त्रिभुवनदास नीचा मुख कर फूट-फूटकर रोने लगता है। विश्वेश्वरदयाल नीचा मुख किये रहता है । कुछ देर तक उनके मुख से कोई शब्द नहीं निकलता । ] विश्वेश्वरदयाल : धैर्य रखिए, सर त्रिभुवनदासजी, ऐसे अवसरों पर धैर्य ही रखने से काम चलता है । आश्चर्य की बात तो यह है कि वायें हाथ को छोड़कर और इन्हें कहीं गोली नही लगी दिखती । जब इनके शरीर को हम लोगों ने उठाया, उस समय साँस भी थी । बदन तो अभी तक गरम है, हाथ से थोड़ा-थोड़ा खून भी निकल रहा है पर अब सॉस नही है । इतने पर भी मै डॉक्टर के लिए मोटर भेजकर आया हूँ, क्योंकि ईश्वर की गति वड़ी विचित्र है ; कदाचित् अभी भी [ रोते हुए वृद्ध राजा चतुर्भुजदास का शीघ्रता से प्रवेश । उसकी अवस्था अब पचहत्तर वर्ष की है । मूँछें और बाल सन के सदृश सफेद हो गये हैं । सुख पर झुर्रियाँ पड़ गयी हैं । ठुड्ढी के नीचे का चमड़ा लटक है; यद्यपि कमर कुछ भुक गयी है, पर शरीर अभी वैसा ही मोटा-ताजा है । वह धोती और कुरता पहने हुए खुले सिर है । हाय लकड़ी है, जिसे टेकते हुए चलता है। उसे देखकर विश्वेश्वरदयाल उठ खड़ा होता है । ] चतुर्भुजदास - हाय ! हाय ! यह क्या हुआ ! यह क्या हुआ ! क्या बुढ़ापे में मुझे यह भी देखना वदा था ! हाय ! यह देखने के पहले ही मै क्यों न मर गया ? बेटा, वेटा, जब तू पैदा हुआ था, तब मुझे कितनी खुशी हुई थी । तेरे वचपन में हमेशा तुझे लिये घूमा करता था । कोई भी बाहर से आता, तो तुझे उसे जरूर दिखाता और कहता, देखो हम सॉवलों के घर मे कैसा गोरा-नारा लड़का हुआ है । यदि कोई रात को भी आता, तो उसको तुझे दिखाता था । हाय ! हाय ! वही गोरा-नारा, वही सुन्दर, मनोहर ! तेरी माँ के रहते हुए भी में ही तुझे गाय का दूध पिलाता और जिस गाय का दूध तुझे देता, उसकी सानी भो मै अपने सामने बनवाता, जिससे वह दूध तुझे विकार न करे । हाय ! उसी की मेरे सामने यह हालत ! जब तू कुछ बड़ा हुआ, तव तुझे खाना भी मैं ही खिलाता । हमेशा इसी फिकर में रहता कि तू कैसे वड़ा और मोटा होगा । मुझे याद है, जब मेरे हाथ काँपने लगे और कौर तेरे मुँह में ठीक तरह न जाने लगा, तभी मैने तुझे खिलाना छोड़ा था । हाय ! बेटा, वही तू मेरे सामने इस तरह पड़ा है और ये आँखें तुझे इस हालत में देख रही है ! मुझे याद है, जब तू घर छोड़कर गया था, तव यह कहकर गया था कि अब जीतेजी इस घर में आकर न रहूँगा । तू तो, बेटा, मरकर ही आया । वड़ा नातवाला था न, अपनी बात पूरी करके ही छोड़ी ; पर मेरी उस वक्त बुद्धि कहाँ चली गयी थी । तेरे वाप ने अपने सिद्धान्त - स्वातन्त्र्य के सवव तेरा कहा न माना ; पर मुझे क्या हो गया था । मुझे इस महल, इस जायदाद और इस पदवी से क्या सरोकार था ? मै तेरे संग क्यों न चला गया ? फुल-से सुकुमार तूने न जाने क्या-क्या तकलीफें पायी होंगी । अगर आखिरकार गोली ही तुझे लगनी थी, तो मेरे कलेजे को पार कर लगती। मैं यह नजारा तो देखने को न जीता वचता । पर, त्रिभुवन, हाय ! तूने यह कह-कहकर कि मनोहर को तजुर्बा होने पर वह चुपचाप लौट आयेगा और व्याह भी कर लेगा, आप जरूरत से ज्यादा प्यार कर-करके उसे चौपट कर देंगे, मुझे अपना कैदी बना रखा । हाय ! वेटा, हाय Į यह क्या हुआ ? यह क्या हुआ ? [डॉक्टर का हैण्डबेग लिये हुए प्रवेश । वह अधेड़ अवस्था का मनुष्य है और अंग्रेजी ढंग के वस्त्रों में है । ] विश्वेश्वरदयाल : डॉक्टर, इन्हे वाये हाथ को छोड़कर और कहीं गोली नहीं लगी दिखती । जब हम लोगों ने इनके शरीर को उठाया, तव भी साँस थी । थोड़ा-थोड़ा खून यहाँ लाने तक वहता था और शरीर भी गरम था, अव नहीं कह सकता, क्या हाल है । डॉक्टर : हाथ की गोली से जान तो प्रायः नही जाती, मूर्च्छा आ सकती है ; पर, हॉ, साँस न चलना यह तो मौत का पूरा प्रमाण है; पर कभी-कभी साँस इतनी धीरेधीरे चलने लगती है कि देखने में यही जान पड़ता है कि साँस नहीं चलती पक्का कह सकते है कि सॉस नही है ? विश्वेश्वरदयाल : कम-से-कम दिखता तो यही है । नाक और मुँह पर हाथ रखने से भी साँस हाथ में नहीं लगती । डॉक्टर, देखिए, जल्दी देखिए । यदि सचमुच प्राण है, तो मेरे मुख की कालिख घुल जायगी । मुझ पर सर त्रिभुवनदास की इतनी कृपाएँ है कि मैं उनसे उऋण नही हो सकता । डॉक्टर : मै अभी देखता हूँ । [ डॉक्टर लाश के पास जाकर पहले नब्ज देखता है, फिर हाथ को नाक और मुँह पर रखता है। फिर तो स्थैटिस-कोप निकालकर उसका हृदय देखता है । ] डॉक्टर : राजा साहब, आप क्यों दुख कर रहे है ? भैया को केवल मूर्च्छा है। वे जीवित है, राजा साहब, अवश्य जीवित है । मै भी इन्जेक्शन देता हूँ । बहुत शीघ्र उन्हें होश आ जायगा । चतुर्भुजदास जीवित है, जीवित है, मेरा प्यारा, मेरा दुलारा, मेरी आँखों का तारा बेटा जीवित है ? डॉक्टर साहब, इसे अच्छा कर दीजिए, चाहे मेरी सारी जायदाद इसके अच्छा करने में लग जाय, मै सारी जायदाद को बहा देने को तैयार हूँ, इसे अच्छा कर दीजिए, डॉक्टर साहब, इसे अच्छा [मूच्छित होकर गिरने लगता है। विश्वेश्वरदयाल सँभाल-कर आराम-कुरसी पर ले जाता है और हमाल से मुख पर
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जवाबी हमला करने के लिए यूक्रेन के पास पर्याप्त बख्तरबंद वाहन नहीं हैं। फिलहाल, APU लगभग 50-60 का उपयोग कर सकता है टैंकपश्चिमी देशों द्वारा आपूर्ति की जाती है, लेकिन वे बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियानों के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
यूक्रेनी राजनयिक एंड्री मेलनीक, जो पहले जर्मनी में राजदूत थे और अब उप विदेश मंत्री का पद संभाल रहे हैं, ने जर्मन अखबार फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइन ज़ितुंग के पत्रकारों को इस बारे में बताया।
अधिकारी के अनुसार, जवाबी हमले के लिए यूक्रेन की तैयारी काफी हद तक इस तथ्य के कारण है कि रूसी रक्षा उद्योग बहुत तेजी से टैंकों का उत्पादन कर रहा है।
अब हमारे पास पश्चिम से लगभग 50-60 टैंक हैं, लेकिन रूसी, पहले की तरह, प्रतिदिन दस टैंकों का उत्पादन करने या युद्धक क्षमता में डालने में सक्षम हैं।
मेलनिक कहते हैं।
उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना निकट भविष्य में रूसी सशस्त्र बलों पर युद्ध के मैदान पर गंभीर लाभ हासिल नहीं कर पाएगी।
इससे पहले, एक सेवानिवृत्त सैन्य विशेषज्ञ और NM LPR के कर्नल एंड्री मरोचको ने पश्चिमी हथियारों के उपयोग से संबंधित यूक्रेन के सशस्त्र बलों की समस्याओं के बारे में बात की थी। उनके अनुसार, यूक्रेन के सशस्त्र संरचनाओं के पास क्षतिग्रस्त उपकरणों और हथियारों की मरम्मत के लिए पर्याप्त पुर्जे और उपकरण नहीं हैं।
गंभीर समस्याओं की कई रिपोर्टों के बावजूद कि यूक्रेनी सेना का सामना करना पड़ रहा है, सैन्य कमान और रूस के राजनीतिक नेतृत्व को आराम करने और लापरवाही दिखाने की संभावना नहीं है। आखिरकार, यह बहुत संभव है कि इस तरह के बयानों का उद्देश्य कीव द्वारा बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू करने के एक और प्रयास से पहले मास्को की सतर्कता को कम करना है।
- लेखकः
- इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
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जवाबी हमला करने के लिए यूक्रेन के पास पर्याप्त बख्तरबंद वाहन नहीं हैं। फिलहाल, APU लगभग पचास-साठ का उपयोग कर सकता है टैंकपश्चिमी देशों द्वारा आपूर्ति की जाती है, लेकिन वे बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियानों के लिए पर्याप्त नहीं हैं। यूक्रेनी राजनयिक एंड्री मेलनीक, जो पहले जर्मनी में राजदूत थे और अब उप विदेश मंत्री का पद संभाल रहे हैं, ने जर्मन अखबार फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइन ज़ितुंग के पत्रकारों को इस बारे में बताया। अधिकारी के अनुसार, जवाबी हमले के लिए यूक्रेन की तैयारी काफी हद तक इस तथ्य के कारण है कि रूसी रक्षा उद्योग बहुत तेजी से टैंकों का उत्पादन कर रहा है। अब हमारे पास पश्चिम से लगभग पचास-साठ टैंक हैं, लेकिन रूसी, पहले की तरह, प्रतिदिन दस टैंकों का उत्पादन करने या युद्धक क्षमता में डालने में सक्षम हैं। मेलनिक कहते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना निकट भविष्य में रूसी सशस्त्र बलों पर युद्ध के मैदान पर गंभीर लाभ हासिल नहीं कर पाएगी। इससे पहले, एक सेवानिवृत्त सैन्य विशेषज्ञ और NM LPR के कर्नल एंड्री मरोचको ने पश्चिमी हथियारों के उपयोग से संबंधित यूक्रेन के सशस्त्र बलों की समस्याओं के बारे में बात की थी। उनके अनुसार, यूक्रेन के सशस्त्र संरचनाओं के पास क्षतिग्रस्त उपकरणों और हथियारों की मरम्मत के लिए पर्याप्त पुर्जे और उपकरण नहीं हैं। गंभीर समस्याओं की कई रिपोर्टों के बावजूद कि यूक्रेनी सेना का सामना करना पड़ रहा है, सैन्य कमान और रूस के राजनीतिक नेतृत्व को आराम करने और लापरवाही दिखाने की संभावना नहीं है। आखिरकार, यह बहुत संभव है कि इस तरह के बयानों का उद्देश्य कीव द्वारा बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू करने के एक और प्रयास से पहले मास्को की सतर्कता को कम करना है। - लेखकः - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
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बल्कि वह ( उससे भी ) जल्द तर है। बेशक अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है ० औौर ( लोगो ! ) अल्लाह ही ने तुमको तुम्हारी माओं के पेट से निकाला (श्रार उस वक्त ) तुम कुछ भी नहीं जानते थे । और तुमको कान दिये और आँखें (दीं) और दिल ( दिये ) ताकि तुम ( उसका ) शुक्र करो ० क्या लोगों ने परिन्दों ( के हाल ) पर नज़र नहीं की, जो आस्मान के मैदान में घिरे होते हैं ( कि उससे बाहर नहीं जा सकते) । उनको (उड़ते वक्त ) बस खुदा ही संभालता है। जो लोग ईमान रखते हैं, उनके लिये इसमें ( ख़ुदा की कुद्रत की बहुतेरी) निशानियां (मौजूद ) हैं ० और ही ने तुम्हारे लिये तुम्हारे घरों को ठिकाना बनाया। और चौपायों की खालों से तुम्हारे लिये ( एक खास किस्म के ) घर (यानी खेमे वगैरा ) बनाए कि तुम अपने कूच के वक्त और अपने ठहरने के उनको हलका
( फुलका ) पाते हो। और चारपायों की ऊन और उनके रुओं और उनके बालों से ( तुम्हारे ) बहुत से सामान और बकार आमद चीज़े बनाई और अल्लाह ( कि तुम ) एक वक्त ख़ास तक (इनसे फायदा उठाओ ) ● ही ने तुम्हारे लिये अपनी पैदा की हुई चीज़ों के साये बनाये और पहाड़ों से ( अज़ क़िस्म गार बगैरा ) तुम्हारे लिये छुप बैठने की जगहें बनाई ओर तुम्हारे लिये ( कपड़े के ) कुरते बनाए. जो तुमको गरमी (सरदी से बचाएं और ( कुछ लोहे के ) कुरते ( बनाए, यानी ज़िरहॅ ) जो तुमको तुम्हारी ( एक दूसरे की ) ज़द से बचाएँ । यूं (खुदा) अपनी नेअम लोगों पर पूरी करता है, ताकि तुम ( उसके श्रागे ) भुको
او هو اقرب ان الله على كل شئ قدير والله أخرجكم من بطون أمهنكر لاتعلون شباوجعل لكم السمع والأبصار والأفئدة لعلكم تشكرون الميروالى الطير مخات في جو السماء ما يمسكهن إلا الله ان ذلك لایت لقوم يؤمنون والله جعل لكم من بيوتر سكنا وجعل لكم من جلود الأنعام بيونا تستخفونها يوم طعنك ويوم إقامتكة ومن أضوافها و انبارها و اشعارها آناتا ومتاعا الحين والله جعل لكما خلق طلا وجعل لكم من الجبال أكانا وجعا لكن سرابيل تفتكر الخروس ابيرنيك باسكة كذلك يتم نعمته عليك لعلكم شلون
बल्कि वह ( अर्थात प्रलय पलक मारने से भी ) अधिक जल्दी (श्रा सकती है। और उससे भी अधिक सुविधा के साथ स्थिर) हो सकती है। निस्सन्देह लाला हर वस्तु पर (पूरा पूरा ) अधिकारी है ।
और अल्लाह तआला ने तुमको तुम्हारी माताओं के पेट से (बाहर ) निकाला (उस समय ) तुमको कुछ समझ न थी। ( उसने तुमको समझ प्रदान की ) और तुम्हारे (सुनने, देखने, सोचने, समझने के) वास्ते कान और आँखें और दिल बनाये, जिससे कि तुम (अपने मालिक व स्वामी को पहिचानो। और उसकी नेअमतों का ) शुक्र अदा करो ॥
क्या यह ( मुश्रिक और कृतघ्न लोग ) उन पक्षियों की ओर नहीं देखते, जो आकाश के मध्य में ( ख़ुदा की कुद्रत के ) श्राधीन बने हुए हैं। (अर्थात ) उनको ( उनके उड़ते समय उस प्रशंसनीय शक्ति वाले ) अल्लाह के अतिरिक्त कोई नहीं रोकता । ( क्या इन मुश्रिकों को यह नही दीखता ? ) निस्सन्देह ईमानदार लोगों के लिये इसमें ( ख़ुदा की कुद्रत की बड़ी २ ) निशानियां (वर्तमान ) हैं ।
और अल्लाह ही ने तुम्हारे लिये (भी) मकानों को ( तुम्हारे रहने का ) ठिकाना बनाया। और पशुओं की खालों से भी तुम्हारे (सुख के ) लिये घर बनाये। (अर्थात ऐसे २ पशु पैदा करके तुम्हारी श्राधीनता में दे दिये कि जिनकी खालों के तुम डेरे बनाते हो ) कि जिनको तुम अपनी यात्रा के दिन और अपने विश्राम के समय ( बिल्कुल) हल्का समझते हो। ( अर्थात तुम यात्रा में उनके लाने, ले जाने, उखाड़ने और गाड़ने में सरलता समझते हो ) । श्रौर ( हमने ) उन (पशुओं) की ऊन और उनके रुत्रों तथा उनके बालों से ( तुम्हारे लिये और बहुत से ) सामान और काम की चीजें बनाई, जिससे कि तुम उनसे एक (विशेष) समय तक (अर्थात उम्र भर आराम पाश्रो) ।
और अल्लाह ताला ने तुम्हारे (आराम के ) लिये अपनी पैदा की हुई चीज़ों के ( अर्थात वृक्षों के ) साये बनाये । और तुम्हारे लिये पर्वतों में गुप्त रहने की जगहें बनाई। और तुम्हारे लिये कुरतें बनाये, जो (सर्दी ) गर्मी ( की अधिकता ) से तुमको बचाते हैं। और ( ऐसे २ ) कुरते भी बनाये, जो तुम्हारी लड़ाई में ( हथियारों के लगने से ) तुमको बचाते हैं (अर्थात जिरह बख़्तर वगैरा ) । इसी तरह वह अपनी नेमतों को पूरा करता है, जिससे कि तुम (उसका ) हुक्म मानो (और उसकी नेअमतों के लिये अनुग्रहीत हो ) ॥
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बल्कि वह जल्द तर है। बेशक अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है शून्य औौर अल्लाह ही ने तुमको तुम्हारी माओं के पेट से निकाला तुम कुछ भी नहीं जानते थे । और तुमको कान दिये और आँखें और दिल ताकि तुम शुक्र करो शून्य क्या लोगों ने परिन्दों पर नज़र नहीं की, जो आस्मान के मैदान में घिरे होते हैं । उनको बस खुदा ही संभालता है। जो लोग ईमान रखते हैं, उनके लिये इसमें निशानियां हैं शून्य और ही ने तुम्हारे लिये तुम्हारे घरों को ठिकाना बनाया। और चौपायों की खालों से तुम्हारे लिये घर बनाए कि तुम अपने कूच के वक्त और अपने ठहरने के उनको हलका पाते हो। और चारपायों की ऊन और उनके रुओं और उनके बालों से बहुत से सामान और बकार आमद चीज़े बनाई और अल्लाह एक वक्त ख़ास तक ● ही ने तुम्हारे लिये अपनी पैदा की हुई चीज़ों के साये बनाये और पहाड़ों से तुम्हारे लिये छुप बैठने की जगहें बनाई ओर तुम्हारे लिये कुरते बनाए. जो तुमको गरमी कुरते जो तुमको तुम्हारी ज़द से बचाएँ । यूं अपनी नेअम लोगों पर पूरी करता है, ताकि तुम भुको او هو اقرب ان الله على كل شئ قدير والله أخرجكم من بطون أمهنكر لاتعلون شباوجعل لكم السمع والأبصار والأفئدة لعلكم تشكرون الميروالى الطير مخات في جو السماء ما يمسكهن إلا الله ان ذلك لایت لقوم يؤمنون والله جعل لكم من بيوتر سكنا وجعل لكم من جلود الأنعام بيونا تستخفونها يوم طعنك ويوم إقامتكة ومن أضوافها و انبارها و اشعارها آناتا ومتاعا الحين والله جعل لكما خلق طلا وجعل لكم من الجبال أكانا وجعا لكن سرابيل تفتكر الخروس ابيرنيك باسكة كذلك يتم نعمته عليك لعلكم شلون बल्कि वह अधिक जल्दी हो सकती है। निस्सन्देह लाला हर वस्तु पर अधिकारी है । और अल्लाह तआला ने तुमको तुम्हारी माताओं के पेट से निकाला तुमको कुछ समझ न थी। और तुम्हारे वास्ते कान और आँखें और दिल बनाये, जिससे कि तुम शुक्र अदा करो ॥ क्या यह उन पक्षियों की ओर नहीं देखते, जो आकाश के मध्य में श्राधीन बने हुए हैं। उनको अल्लाह के अतिरिक्त कोई नहीं रोकता । निस्सन्देह ईमानदार लोगों के लिये इसमें निशानियां हैं । और अल्लाह ही ने तुम्हारे लिये मकानों को ठिकाना बनाया। और पशुओं की खालों से भी तुम्हारे लिये घर बनाये। कि जिनको तुम अपनी यात्रा के दिन और अपने विश्राम के समय हल्का समझते हो। । श्रौर उन की ऊन और उनके रुत्रों तथा उनके बालों से सामान और काम की चीजें बनाई, जिससे कि तुम उनसे एक समय तक । और अल्लाह ताला ने तुम्हारे लिये अपनी पैदा की हुई चीज़ों के साये बनाये । और तुम्हारे लिये पर्वतों में गुप्त रहने की जगहें बनाई। और तुम्हारे लिये कुरतें बनाये, जो गर्मी से तुमको बचाते हैं। और कुरते भी बनाये, जो तुम्हारी लड़ाई में तुमको बचाते हैं । इसी तरह वह अपनी नेमतों को पूरा करता है, जिससे कि तुम हुक्म मानो ॥
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कुढ़नी उपचुनाव में AIMIM उम्मीदवार गुलाम मुर्तुजा के समर्थन में आज प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान जनसंपर्क करने पहुंचे। उन्होंने गांव में घूमकर अपने उम्मीदवार को जिताने की अपील की। उन्होंने सभी तबके के लोगों से मुलाकात की और एक बार गुलाम मुर्तुजा को मौका देने का आग्रह किया। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा की बिहार में सिर्फ जातिवाद की राजनीति हो रही।
जब उनसे पूछा गया की आपकी पार्टी पर भाजपा की B टीम होने का आरोप लगता है तो उन्होंने कहा कि कौन ये आरोप लगाता है। आपलोग, मीडिया वाले। वहीं महागठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि वह लोग पहले अपने अंदर झांककर देखें। उनका जमीर मर गया है क्या, जो इस तरह की बात करते हैं। वे तो खुद भाजपा की B टीम थे। आज महागठबंधन में शामिल हो गए हैं तो हमपर आरोप लगा रहे हैं। आज मजबूत आवाज बनकर AIMIM उभर रही है। इसलिए सभी को दिक्कत हो रही।
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की ये वही राजद है जो 90 के दशक में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। मामला ये है की इस सामंतवादी राज में जब भी किसी गरीब के बदन पर अच्छा कपड़ा आया है तो सामंतवादो के बदन में नोचनी होने लगती है। गरीबों के घर में अच्छा भोजन बनता है तो अमीरों के पेट में ऐंठन होने लगती है।
उन्होंने कहा की भाजपा को हम कभी भी माफ नहीं कर सकते हैं। जब भी भाजपा का नाम आता है तो हमारे जेहन में गुजरात में मां बहनों की लाशें दिखती है। इबाद्तखाने के टूटे हुए मेहराब हमको नजर आते हैं। उन्होंने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। कहा की 60 साल तक गरीबों और अकलियतों को कहां रखा है। इसका हिसाब दें।
उन्होंने कहा की लालू यादव की सरकार 15 साल तक रही। MY समीकरण की बात करते हैं। वाईट पेपर जारी करें और बताएं की M को क्या मिला और Y को क्या मिला। नीतीश कुमार भी व्हाइट पेपर जारी करें और बताएं की जिन अकलियतों के वोट वो चाहते हैं। उनके लिए क्या किया। हिम्मत है तो बताएं। AIMIM से सब लोग चिढ़ने लगे हैं। कुढ़नी में हमलोग लड़ने लगे हैं तो सब हमसे चिढ़ने लगे हैं।
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कुढ़नी उपचुनाव में AIMIM उम्मीदवार गुलाम मुर्तुजा के समर्थन में आज प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान जनसंपर्क करने पहुंचे। उन्होंने गांव में घूमकर अपने उम्मीदवार को जिताने की अपील की। उन्होंने सभी तबके के लोगों से मुलाकात की और एक बार गुलाम मुर्तुजा को मौका देने का आग्रह किया। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा की बिहार में सिर्फ जातिवाद की राजनीति हो रही। जब उनसे पूछा गया की आपकी पार्टी पर भाजपा की B टीम होने का आरोप लगता है तो उन्होंने कहा कि कौन ये आरोप लगाता है। आपलोग, मीडिया वाले। वहीं महागठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि वह लोग पहले अपने अंदर झांककर देखें। उनका जमीर मर गया है क्या, जो इस तरह की बात करते हैं। वे तो खुद भाजपा की B टीम थे। आज महागठबंधन में शामिल हो गए हैं तो हमपर आरोप लगा रहे हैं। आज मजबूत आवाज बनकर AIMIM उभर रही है। इसलिए सभी को दिक्कत हो रही। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की ये वही राजद है जो नब्बे के दशक में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। मामला ये है की इस सामंतवादी राज में जब भी किसी गरीब के बदन पर अच्छा कपड़ा आया है तो सामंतवादो के बदन में नोचनी होने लगती है। गरीबों के घर में अच्छा भोजन बनता है तो अमीरों के पेट में ऐंठन होने लगती है। उन्होंने कहा की भाजपा को हम कभी भी माफ नहीं कर सकते हैं। जब भी भाजपा का नाम आता है तो हमारे जेहन में गुजरात में मां बहनों की लाशें दिखती है। इबाद्तखाने के टूटे हुए मेहराब हमको नजर आते हैं। उन्होंने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। कहा की साठ साल तक गरीबों और अकलियतों को कहां रखा है। इसका हिसाब दें। उन्होंने कहा की लालू यादव की सरकार पंद्रह साल तक रही। MY समीकरण की बात करते हैं। वाईट पेपर जारी करें और बताएं की M को क्या मिला और Y को क्या मिला। नीतीश कुमार भी व्हाइट पेपर जारी करें और बताएं की जिन अकलियतों के वोट वो चाहते हैं। उनके लिए क्या किया। हिम्मत है तो बताएं। AIMIM से सब लोग चिढ़ने लगे हैं। कुढ़नी में हमलोग लड़ने लगे हैं तो सब हमसे चिढ़ने लगे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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मुंबई मेट्रो लाइन फेज 3 का काम कब तक पूरा होगा, यह कहना फिलहाल मुश्किल है. लोगों को अभी लंबे समय तक मेट्रो के संचालन का इंतजार करना पड़ सकता है. दरअसल, आरे में कारशेड बनाने का काम इसमें सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रहा है. हालांकि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनने के बाद लोगों को लग करा था कि मेट्रो बनने के काम में रफ्तार आएगी, हालांकि स्थिति में कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है. कारण, आरे को बचाने के लिए मुंबई में एक बार फिर मुहिम चल गई है. देखें ये रिपोर्ट.
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मुंबई मेट्रो लाइन फेज तीन का काम कब तक पूरा होगा, यह कहना फिलहाल मुश्किल है. लोगों को अभी लंबे समय तक मेट्रो के संचालन का इंतजार करना पड़ सकता है. दरअसल, आरे में कारशेड बनाने का काम इसमें सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रहा है. हालांकि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनने के बाद लोगों को लग करा था कि मेट्रो बनने के काम में रफ्तार आएगी, हालांकि स्थिति में कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है. कारण, आरे को बचाने के लिए मुंबई में एक बार फिर मुहिम चल गई है. देखें ये रिपोर्ट.
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रांची। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो मंगलवार को रांची पहुंचे। वह राज्य के रसूखदार पूर्व नौकरशाह से जुड़ी संस्था के चिल्ड्रेन होम में सात वर्षीय बच्ची के साथ यौन हिंसा और मामले को दबाने का प्रयास की जानकारी मिलने पर रांची पहुंचे है।
यह मामला धुर्वा थाना क्षेत्र के कुटे स्थित रेनबो फाउंडेशन इंडिया की ओर से संचालित रेनबो होम का है। पूर्व में यहां सात वर्षीय आदिवासी बच्ची के साथ चिल्ड्रेन होम के गार्ड द्वारा यौन हिंसा किया गया। साथ ही इसे दबाने का प्रयास भी किया गया है।
जानकारी के अनुसार एक सामाजिक कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग से इसकी शिकायत की थी और कहा था कि बीते 7 अप्रैल को नाबालिग बच्ची के साथ चिल्ड्रेन होम के गार्ड के द्वारा यौन हिंसा किया गया। साथ ही चिल्ड्रेन होम के मैनेजर और सीडब्ल्यूसी द्वारा मामला को छुपाया गया, जो कि पॉस्को अधिनियम 19 की उप धारा 2 के तहत दंडनीय अपराध है। इस तरह की शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा है कि आज रांची झारखंड में हूं। यहां एक चिल्ड्रेन होम में बच्चे के साथ स्टाफ द्वारा यौन हिंसा और उसके बाद उसको दबाने का मामला प्रकाश में आया है। बालगृह उसी रसूखदार पूर्व नौकरशाह से ही संबंधित संस्था का है, जहां बच्चों का उपयोग धरना, प्रदर्शन और अराजक गतिविधियों में किया जाता है।
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रांची। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो मंगलवार को रांची पहुंचे। वह राज्य के रसूखदार पूर्व नौकरशाह से जुड़ी संस्था के चिल्ड्रेन होम में सात वर्षीय बच्ची के साथ यौन हिंसा और मामले को दबाने का प्रयास की जानकारी मिलने पर रांची पहुंचे है। यह मामला धुर्वा थाना क्षेत्र के कुटे स्थित रेनबो फाउंडेशन इंडिया की ओर से संचालित रेनबो होम का है। पूर्व में यहां सात वर्षीय आदिवासी बच्ची के साथ चिल्ड्रेन होम के गार्ड द्वारा यौन हिंसा किया गया। साथ ही इसे दबाने का प्रयास भी किया गया है। जानकारी के अनुसार एक सामाजिक कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग से इसकी शिकायत की थी और कहा था कि बीते सात अप्रैल को नाबालिग बच्ची के साथ चिल्ड्रेन होम के गार्ड के द्वारा यौन हिंसा किया गया। साथ ही चिल्ड्रेन होम के मैनेजर और सीडब्ल्यूसी द्वारा मामला को छुपाया गया, जो कि पॉस्को अधिनियम उन्नीस की उप धारा दो के तहत दंडनीय अपराध है। इस तरह की शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा है कि आज रांची झारखंड में हूं। यहां एक चिल्ड्रेन होम में बच्चे के साथ स्टाफ द्वारा यौन हिंसा और उसके बाद उसको दबाने का मामला प्रकाश में आया है। बालगृह उसी रसूखदार पूर्व नौकरशाह से ही संबंधित संस्था का है, जहां बच्चों का उपयोग धरना, प्रदर्शन और अराजक गतिविधियों में किया जाता है।
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अपने आप को 'सबसे बड़ा दलित नेता' बताने वाले उदित राज ने चंद्रयान-2 को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे ट्विटर पर उन्हें लोगों ने न सिर्फ़ लताड़ा बल्कि उनकी योग्यता पर भी सवालिया निशान लगाया। चंद्रयान-2 के लैंडर का इसरो से कनेक्शन टूटने के बाद जहाँ भारतीयों ने इसरो के वैज्ञानिकों का ढाँढस बँधाया, उदित राज इसमें भी धर्म घुसा कर राजनीति करने से बाज नहीं आए। नॉर्थ वेस्ट दिल्ली के पूर्व सांसद ने अपनी ट्वीट में लिखाः
बता दें कि उदित राज अपनेआप को सबसे बड़ा दलित नेता बताते रहे हैं। भाजपा में टिकट नहीं मिलने पर आम चुनावों से पहले वे कॉन्ग्रेस में चले गए थे। कई लोगों ने पूर्व सांसद से उनकी शैक्षिक योग्यता जाननी चाही। लोगों ने ट्विटर पर उदित राज से पूछा कि उन्होंने किस विषय से स्नातक किया था कि उनका बेसिक ज्ञान भी इतना कमजोर है? कुछ लोगों ने कहा कि देश में उदित राज जैसे नेताओं के रहते पाकिस्तान की क्या ज़रूरत है?
इससे पहले ईवीएम को लेकर उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट पर ही धाँधली का आरोप लगा दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग बिक चुका है। सुप्रीम कोर्ट के अलावा वह राष्ट्रपति पद पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भाजपा हमेशा गूँगे-बहरों को ही राष्ट्रपति बनाती है।
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अपने आप को 'सबसे बड़ा दलित नेता' बताने वाले उदित राज ने चंद्रयान-दो को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे ट्विटर पर उन्हें लोगों ने न सिर्फ़ लताड़ा बल्कि उनकी योग्यता पर भी सवालिया निशान लगाया। चंद्रयान-दो के लैंडर का इसरो से कनेक्शन टूटने के बाद जहाँ भारतीयों ने इसरो के वैज्ञानिकों का ढाँढस बँधाया, उदित राज इसमें भी धर्म घुसा कर राजनीति करने से बाज नहीं आए। नॉर्थ वेस्ट दिल्ली के पूर्व सांसद ने अपनी ट्वीट में लिखाः बता दें कि उदित राज अपनेआप को सबसे बड़ा दलित नेता बताते रहे हैं। भाजपा में टिकट नहीं मिलने पर आम चुनावों से पहले वे कॉन्ग्रेस में चले गए थे। कई लोगों ने पूर्व सांसद से उनकी शैक्षिक योग्यता जाननी चाही। लोगों ने ट्विटर पर उदित राज से पूछा कि उन्होंने किस विषय से स्नातक किया था कि उनका बेसिक ज्ञान भी इतना कमजोर है? कुछ लोगों ने कहा कि देश में उदित राज जैसे नेताओं के रहते पाकिस्तान की क्या ज़रूरत है? इससे पहले ईवीएम को लेकर उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट पर ही धाँधली का आरोप लगा दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग बिक चुका है। सुप्रीम कोर्ट के अलावा वह राष्ट्रपति पद पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भाजपा हमेशा गूँगे-बहरों को ही राष्ट्रपति बनाती है।
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प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता बाहुबली अतीक अहमद के करीबी साबिर को पुलिस ने कौशांबी जिले से उठाया है.
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता बाहुबली अतीक अहमद के करीबी साबिर को यूपी एसटीएफ की टीम ने कौशांबी जिले से उठाया है. साबिर, पूर्व रह चुका है. वह पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के टिकरी नागी गांव का रहने वाला है. यूपी एसटीएफ की टीम साबिर से पूछताछ में जुटी है. बताया जा रहा है कि गुजरात के साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद से मुलाकात में इसका भी नाम सामने आया था.
बता दें, आज उमेश पाल हत्याकांड पुलिस ने एफआईआर में अतीक के तीसरे बेटे असद को नामजद किया है. एफआईआर में मो. असद अहमद का नाम जोड़ा गया है. जो मूल एफआईआर दर्ज हुई थीस उसमें असद का नाम नहीं था. असद के अलावा सदाकत खान, मुठभेड़ में मारे गए अरबाज और साबिर के नाम भी एफआईआर में जोड़ा गया है. शूटआउट में असद के शामिल होने का पुलिस को शक है. पुलिस का कहना है कि जितने लोग प्रकाश में आते जाएंगे. एफआईआर में उनके नाम जोड़ दिए जाएंगे.
वहीं यह भी जानकारी मिल रही है कि शूटरों ने भागने के लिए गाड़ियां बदल कर जिले बदलने का प्लान बनाया था. प्रयागराज में घटना को अंजाम देने के बाद लखनऊ से आई दो गाड़ियों से शूटर भागे थे. तलाश में जुटी पुलिस को गाड़ियों के मूवमेंट से जुड़ी अहम जानकारी हाथ लगी हैं.
वहीं उमेश पाल की हत्या के दौरान गुड्डू ही बमबाजी कर रहा था. उमेश पाल की बीती 24 फरवरी को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने अपराधियों की शिनाख्त की. मामले के कुछ आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं. गुड्डू मुस्लिम भी हत्याकांड के वांछित आरोपी हैं.
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प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता बाहुबली अतीक अहमद के करीबी साबिर को पुलिस ने कौशांबी जिले से उठाया है. प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता बाहुबली अतीक अहमद के करीबी साबिर को यूपी एसटीएफ की टीम ने कौशांबी जिले से उठाया है. साबिर, पूर्व रह चुका है. वह पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के टिकरी नागी गांव का रहने वाला है. यूपी एसटीएफ की टीम साबिर से पूछताछ में जुटी है. बताया जा रहा है कि गुजरात के साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद से मुलाकात में इसका भी नाम सामने आया था. बता दें, आज उमेश पाल हत्याकांड पुलिस ने एफआईआर में अतीक के तीसरे बेटे असद को नामजद किया है. एफआईआर में मो. असद अहमद का नाम जोड़ा गया है. जो मूल एफआईआर दर्ज हुई थीस उसमें असद का नाम नहीं था. असद के अलावा सदाकत खान, मुठभेड़ में मारे गए अरबाज और साबिर के नाम भी एफआईआर में जोड़ा गया है. शूटआउट में असद के शामिल होने का पुलिस को शक है. पुलिस का कहना है कि जितने लोग प्रकाश में आते जाएंगे. एफआईआर में उनके नाम जोड़ दिए जाएंगे. वहीं यह भी जानकारी मिल रही है कि शूटरों ने भागने के लिए गाड़ियां बदल कर जिले बदलने का प्लान बनाया था. प्रयागराज में घटना को अंजाम देने के बाद लखनऊ से आई दो गाड़ियों से शूटर भागे थे. तलाश में जुटी पुलिस को गाड़ियों के मूवमेंट से जुड़ी अहम जानकारी हाथ लगी हैं. वहीं उमेश पाल की हत्या के दौरान गुड्डू ही बमबाजी कर रहा था. उमेश पाल की बीती चौबीस फरवरी को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने अपराधियों की शिनाख्त की. मामले के कुछ आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं. गुड्डू मुस्लिम भी हत्याकांड के वांछित आरोपी हैं.
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Digital News Media संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार मीडिया पंजीकरण के लिए नए कानून में डिजिटल मीडिया को भी शामिल कर रही है। इससे पूर्व डिजिटल मीडिया को सरकारी रेगुलेशन में शामिल नहीं किया गया था।
नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार मीडिया पंजीकरण के लिए नए कानून में डिजिटल मीडिया को भी शामिल कर रही है। इससे पूर्व डिजिटल मीडिया को सरकारी रेगुलेशन में शामिल नहीं किया गया था। अपनी 2019 की योजना को पुनर्जीवित करते हुए केंद्र सरकार अंततः मंत्रिमंडल के सामने समाचार पत्रों के लिए एक नई पंजीकरण व्यवस्था के लिए प्रस्तावित विधेयक को रखने के लिए तैयार है, जिसमें भारत का बढ़ता डिजिटल समाचार मीडिया उद्योग भी शामिल होगा जो अब तक सरकारी पंजीकरण ढांचे से बाहर था।
अगले हफ्ते शुरू हो रहे संसद सत्र में सरकार मीडिया पंजीकरण के लिए नए कानून में डिजिटल मीडिया को भी शामिल कर रही है। इससे पूर्व कभी डिजिटल मीडिया को सरकारी रेगुलेशन में शामिल नहीं किया गया था। इस बिल को मंजूरी मिलने के बाद समाचार वेबसाइट्स अगर नियमों का उल्लंघन करती हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। इसके तहत ना सिर्फ उनका रजिस्ट्रेशन रद हो सकता है, बल्कि उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सूचना प्रसारण मंत्रालय ने प्रेस और पीरियोडिकल्स बिल के रजिस्ट्रेशन में बदलाव को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित कानून ब्रिटिश काल के प्रेस और पुस्तकों के पंजीकरण अधिनियम, 1867 की जगह लेगा, जो वर्तमान में भारत में मुद्रित प्रिंटिंग प्रेस और समाचार पत्रों को नियंत्रित करता है। इसके तहत पहली बार डिजिटल मीडिया को शामिल किया जा रहा है। अब इसके दायरे में किसी भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिए प्रकाशित होने वाले समाचारों को शामिल किया जाएगा। इस बिल के आने के बाद अब डिजिटल समाचार पब्लिशर्स को रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। यह काम कानून लागू होने के 90 दिनों में करना होगा।
इस कानून के लागू होने के बाद डिजिटल समाचार पब्लिशर्स को प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के पास रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। इसके अलावा सरकार के बनाए नियमों का डिजिटल पब्लिशर्स उल्लंघन करता पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी। कार्रवाई का अधिकार प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के पास होगा। दोषी पाए जाने पर पब्लिशर्स के रजिस्ट्रेशन को न सिर्फ निलंबित किया जा सकेगा बल्कि उसे रद भी किया जा सकता है। इसके अलावा उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इस कानून के आने से पहले अभी तक डिजिटल मीडिया किसी कानून या रेगुलेशन के तहत नहीं था। इस बदलाव के बाद डिजिटल मीडिया सीधे तौर पर सूचना और प्रसारण मंत्रालयण के नियंत्रण में आ जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष के साथ एक अपीलीय बोर्ड की योजना भी बनाई जा रही है। अब तक पीएमओ और अन्य स्टेकहोल्डर्स ने इस बिल को मंजूरी नहीं दी है।
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Digital News Media संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार मीडिया पंजीकरण के लिए नए कानून में डिजिटल मीडिया को भी शामिल कर रही है। इससे पूर्व डिजिटल मीडिया को सरकारी रेगुलेशन में शामिल नहीं किया गया था। नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार मीडिया पंजीकरण के लिए नए कानून में डिजिटल मीडिया को भी शामिल कर रही है। इससे पूर्व डिजिटल मीडिया को सरकारी रेगुलेशन में शामिल नहीं किया गया था। अपनी दो हज़ार उन्नीस की योजना को पुनर्जीवित करते हुए केंद्र सरकार अंततः मंत्रिमंडल के सामने समाचार पत्रों के लिए एक नई पंजीकरण व्यवस्था के लिए प्रस्तावित विधेयक को रखने के लिए तैयार है, जिसमें भारत का बढ़ता डिजिटल समाचार मीडिया उद्योग भी शामिल होगा जो अब तक सरकारी पंजीकरण ढांचे से बाहर था। अगले हफ्ते शुरू हो रहे संसद सत्र में सरकार मीडिया पंजीकरण के लिए नए कानून में डिजिटल मीडिया को भी शामिल कर रही है। इससे पूर्व कभी डिजिटल मीडिया को सरकारी रेगुलेशन में शामिल नहीं किया गया था। इस बिल को मंजूरी मिलने के बाद समाचार वेबसाइट्स अगर नियमों का उल्लंघन करती हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। इसके तहत ना सिर्फ उनका रजिस्ट्रेशन रद हो सकता है, बल्कि उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सूचना प्रसारण मंत्रालय ने प्रेस और पीरियोडिकल्स बिल के रजिस्ट्रेशन में बदलाव को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित कानून ब्रिटिश काल के प्रेस और पुस्तकों के पंजीकरण अधिनियम, एक हज़ार आठ सौ सरसठ की जगह लेगा, जो वर्तमान में भारत में मुद्रित प्रिंटिंग प्रेस और समाचार पत्रों को नियंत्रित करता है। इसके तहत पहली बार डिजिटल मीडिया को शामिल किया जा रहा है। अब इसके दायरे में किसी भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस के जरिए प्रकाशित होने वाले समाचारों को शामिल किया जाएगा। इस बिल के आने के बाद अब डिजिटल समाचार पब्लिशर्स को रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। यह काम कानून लागू होने के नब्बे दिनों में करना होगा। इस कानून के लागू होने के बाद डिजिटल समाचार पब्लिशर्स को प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के पास रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। इसके अलावा सरकार के बनाए नियमों का डिजिटल पब्लिशर्स उल्लंघन करता पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी। कार्रवाई का अधिकार प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के पास होगा। दोषी पाए जाने पर पब्लिशर्स के रजिस्ट्रेशन को न सिर्फ निलंबित किया जा सकेगा बल्कि उसे रद भी किया जा सकता है। इसके अलावा उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस कानून के आने से पहले अभी तक डिजिटल मीडिया किसी कानून या रेगुलेशन के तहत नहीं था। इस बदलाव के बाद डिजिटल मीडिया सीधे तौर पर सूचना और प्रसारण मंत्रालयण के नियंत्रण में आ जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष के साथ एक अपीलीय बोर्ड की योजना भी बनाई जा रही है। अब तक पीएमओ और अन्य स्टेकहोल्डर्स ने इस बिल को मंजूरी नहीं दी है।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का आरोप लगाने वाले पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ ठाकुर को सोमवार रात निलम्बित कर दिया।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि ठाकुर को स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता, शासन विरोधी दृष्टिकोण, उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी, अपने पद से जुड़े दायित्वों एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता व नियमों आदि के उल्लंघन मे प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया।
ठाकुर निलम्बन की अवधि में पुलिस महानिदेशक कार्यालय से सम्बद्ध रहेंगे तथा उनकी पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। गौरतलब है कि वरिष्ठ आईपीएस ठाकुर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा एक रिट याचिका के संबंध में पारित निर्णय में आदेशित किया गया था कि सरकारी सेवा में रहते हुए शासन की अनुमति प्राप्त किए बिना लोकहित याचिका दायर न की जाए। उच्च न्यायालय द्वारा यह भी निर्देशित किया गया था कि शासन की अनुमति के बगैर कोई भी लोकसेवक इस प्रकार की लोकहित याचिका दाखिल नहीं करेगा जब तक संगत प्रकरण में उसके व्यक्तिगत हित अन्तर्निहित न हों।
ठाकुर द्वारा नियम-विरूद्ध जिस ढंग से और उच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अनेक याचिकायें दाखिल की हैं। साथ ही ठाकुर अपने अधिकार-क्षेत्र के बाहर जाकर शासन एवं विभिन्न शासकीय विभागों के प्रकरणों की जांच बगैर मीडिया के माध्यम से की गयी शासन की नीतियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध बयानबाजी की गई। उनके इस आचरण से पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिल रहा था तथा जनता में सरकार और पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही थी।
ठाकुर के द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए बिना अनुमति के विभिन्न संगठनों की बैठकों में भाग लेने, सरकारी संसाधनों का दुरूपयोग करने, जनता को उकसाकर अथवा दिग्भ्रमित करके शासकीय अधिकारियों के कार्यो में बाधा पहुंचाने, पुलिस प्रशासन एवं सरकार की छवि को धूमिल करने संबंधी क्रियाकलापों में संलिप्त होने, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विरूद्ध सार्वजनिक रूप से गरिमाविहीन एवं आपत्तिजनक टिप्पणी करने, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के सामने धरना देने, अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली, 1969 के तहत वार्षिक सम्पत्ति विवरण त्रुटिपूर्ण एवं अनियमित ढंग से प्रेषित करने, अपनी शासकीय क्षमता एवं सरकारी संसाधनों का अनुचित प्रयोग करके सरकारी विभागों से सूचनाएं प्राप्त कर उनके आधार पर अपनी पत्नी के माध्यम से तथा स्वयं भी जनहित याचिकाएं दाखिल कराने के तथ्य भी सरकार के संज्ञान में आए।
ठाकुर ने पिछले शनिवार को सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाया था और कहा था कि वह अपने पिता के खिलाफ राजधर्म का पालन करें। रविवार को ठाकुर के खिलाफ गोमतीनगर थाने में एक महिला के साथ बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया गया। ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने गाजियाबाद की एक महिला को नौकरी देने के बहाने लखनऊ बुलाया और अपने घर में उसके साथ दुष्कर्म किया।
यह घटना पिछले दिसम्बर की है। महिला ने गोमतीनगर थाने में ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मुकदमे के बाद ठाकुर ने आशंका जताई थी कि उनकी हत्या भी की जा सकती है। उन्होंने इस मुकदमे को सपा अध्यक्ष का रिटर्न गिफ्ट बताया था। अमिताभ प्रकरण राजनीति में भी चर्चा का विषय बना।
विपक्ष ने इसी बहाने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया तो सरकार की ओर से बचाव में यह कहा गया कि सपा अध्यक्ष वरिष्ठ नेता हैं और वह मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और अधिकारियों को अपनी सलाह और सुझाव देते रहते हैं। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां का कहना था कि पूरे देश का मीडिया एक बलात्कारी की मदद कर रहा है जबकि उसकी सहानुभूति पीडि़त महिला के साथ होनी चाहिए।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का आरोप लगाने वाले पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ ठाकुर को सोमवार रात निलम्बित कर दिया। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि ठाकुर को स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता, शासन विरोधी दृष्टिकोण, उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी, अपने पद से जुड़े दायित्वों एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता व नियमों आदि के उल्लंघन मे प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया। ठाकुर निलम्बन की अवधि में पुलिस महानिदेशक कार्यालय से सम्बद्ध रहेंगे तथा उनकी पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। गौरतलब है कि वरिष्ठ आईपीएस ठाकुर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा एक रिट याचिका के संबंध में पारित निर्णय में आदेशित किया गया था कि सरकारी सेवा में रहते हुए शासन की अनुमति प्राप्त किए बिना लोकहित याचिका दायर न की जाए। उच्च न्यायालय द्वारा यह भी निर्देशित किया गया था कि शासन की अनुमति के बगैर कोई भी लोकसेवक इस प्रकार की लोकहित याचिका दाखिल नहीं करेगा जब तक संगत प्रकरण में उसके व्यक्तिगत हित अन्तर्निहित न हों। ठाकुर द्वारा नियम-विरूद्ध जिस ढंग से और उच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अनेक याचिकायें दाखिल की हैं। साथ ही ठाकुर अपने अधिकार-क्षेत्र के बाहर जाकर शासन एवं विभिन्न शासकीय विभागों के प्रकरणों की जांच बगैर मीडिया के माध्यम से की गयी शासन की नीतियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध बयानबाजी की गई। उनके इस आचरण से पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिल रहा था तथा जनता में सरकार और पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही थी। ठाकुर के द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए बिना अनुमति के विभिन्न संगठनों की बैठकों में भाग लेने, सरकारी संसाधनों का दुरूपयोग करने, जनता को उकसाकर अथवा दिग्भ्रमित करके शासकीय अधिकारियों के कार्यो में बाधा पहुंचाने, पुलिस प्रशासन एवं सरकार की छवि को धूमिल करने संबंधी क्रियाकलापों में संलिप्त होने, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विरूद्ध सार्वजनिक रूप से गरिमाविहीन एवं आपत्तिजनक टिप्पणी करने, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के सामने धरना देने, अखिल भारतीय सेवाएं नियमावली, एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर के तहत वार्षिक सम्पत्ति विवरण त्रुटिपूर्ण एवं अनियमित ढंग से प्रेषित करने, अपनी शासकीय क्षमता एवं सरकारी संसाधनों का अनुचित प्रयोग करके सरकारी विभागों से सूचनाएं प्राप्त कर उनके आधार पर अपनी पत्नी के माध्यम से तथा स्वयं भी जनहित याचिकाएं दाखिल कराने के तथ्य भी सरकार के संज्ञान में आए। ठाकुर ने पिछले शनिवार को सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाया था और कहा था कि वह अपने पिता के खिलाफ राजधर्म का पालन करें। रविवार को ठाकुर के खिलाफ गोमतीनगर थाने में एक महिला के साथ बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया गया। ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने गाजियाबाद की एक महिला को नौकरी देने के बहाने लखनऊ बुलाया और अपने घर में उसके साथ दुष्कर्म किया। यह घटना पिछले दिसम्बर की है। महिला ने गोमतीनगर थाने में ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मुकदमे के बाद ठाकुर ने आशंका जताई थी कि उनकी हत्या भी की जा सकती है। उन्होंने इस मुकदमे को सपा अध्यक्ष का रिटर्न गिफ्ट बताया था। अमिताभ प्रकरण राजनीति में भी चर्चा का विषय बना। विपक्ष ने इसी बहाने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया तो सरकार की ओर से बचाव में यह कहा गया कि सपा अध्यक्ष वरिष्ठ नेता हैं और वह मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और अधिकारियों को अपनी सलाह और सुझाव देते रहते हैं। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां का कहना था कि पूरे देश का मीडिया एक बलात्कारी की मदद कर रहा है जबकि उसकी सहानुभूति पीडि़त महिला के साथ होनी चाहिए।
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मुंबई, (भाषा)। सब्सिडी बिल कम करने के इरादे से सरकारी तेल कंपनियों को डीजल कीमत के दाम धीरे-धीरे बढ़ाने की अनुमति दिये जाने के सरकार के फैसले का बाजार पर आज सकारात्मक असर हुआ औरसेंसेक्स 146 अंक की तेजी के साथ 19,964. 03 अंक पर बंद हुआ। इस निर्णय के बाद तेल क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की जबर्दस्त लिवाली हुई जिससे बाजार में तेजी को गति मिली। रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव के नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावना सीमित करने संबंधी बयान से बाजार में कल 169 अंक की गिरावट आयी थी। पर तेल विपणन कंपनियों को समय-समय पर डीजल कीमत में धीरे-धीरे वृद्धि की अनुमति देने के फैसले से बाजार आज मजबूत हुआ। बांबे शेयर बाजार का तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 146. 40 अंक की बढ़त के साथ 19,964. 03 अंक पर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा ओएनजीसी के शेयर 3 प्रतिशत से अधिक चढ़े। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 37. 75 अंक या 0. 62 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,039. 20 अंक पर बंद हुआ। प्रमुख रिफाइनरी कंपनियों में ओएनजीसी तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे अधिक फायदा हुआ और सूचकांक में इनका योगदान 80 अंक से अधिक का योगदान दिया। आईओसी, एचपीसीएल, ऑयल तथा बीपीसीएल भी लाभ में रहे। मोतीलाल सिक्योरिटीज ने कहा, . . . . यह सही दिशा में उठाया गया कदम है क्योंकि इससे सरकार को राजकोषीय घाटा पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही उत्खनन और विपणन से जुड़ी तेल कंपनियों को फायदा होगा। रीयल्टी तथा आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी लिवाली देखने को मिली। टाटा मोटर्स, भारतीय एयरटेल, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, टीसीएएस, आईटी तथा विप्रो में अच्छी वृद्धि हुई है। उधर, एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रूख रहा। हांगकांग, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, चीन तथा ताइवान के शेयर बाजार में 0. 7 प्रतिशत से 1. 09 प्रतिशत की गिरावट आयी। वहीं जापान की निक्की 0. 09 प्रतिशत मजबूत हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी मिला-जुला रूख रहा। कुल मिलाकर सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में 19 लाभ में रहे जबकि 10 को नुकसान हुआ। जिन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी आयी, उनमें ओएनजीसी ः3. 66 प्रतिशतः, रिलायंस इंडस्ट्रीज ः3. 40 प्रतिशतः, भारती एयरटेल ः3. 36 प्रतिशतः, टाटा मोटर्स ः2. 27 प्रतिशतः विप्रो ः2. 63 प्रतिशतः, एसबीआई ः1. 46 प्रतिशतः, टीसीएस ः1. 05 प्रतिशतः, एचडीएफसी बैंक ः0. 96 प्रतिशतः तथा इंफोसिस ः0. 91 प्रतिशतः शामिल हैं। हालांकि सिप्ला ः2. 09 प्रतिशतः, आईसीआईसीआई बैंक ः1. 39 प्रतिशतः तथा बजाज आटो ः1. 14 प्रतिशतः की गिरावट आयी।
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मुंबई, । सब्सिडी बिल कम करने के इरादे से सरकारी तेल कंपनियों को डीजल कीमत के दाम धीरे-धीरे बढ़ाने की अनुमति दिये जाने के सरकार के फैसले का बाजार पर आज सकारात्मक असर हुआ औरसेंसेक्स एक सौ छियालीस अंक की तेजी के साथ उन्नीस,नौ सौ चौंसठ. तीन अंक पर बंद हुआ। इस निर्णय के बाद तेल क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की जबर्दस्त लिवाली हुई जिससे बाजार में तेजी को गति मिली। रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव के नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावना सीमित करने संबंधी बयान से बाजार में कल एक सौ उनहत्तर अंक की गिरावट आयी थी। पर तेल विपणन कंपनियों को समय-समय पर डीजल कीमत में धीरे-धीरे वृद्धि की अनुमति देने के फैसले से बाजार आज मजबूत हुआ। बांबे शेयर बाजार का तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित सेंसेक्स एक सौ छियालीस. चालीस अंक की बढ़त के साथ उन्नीस,नौ सौ चौंसठ. तीन अंक पर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा ओएनजीसी के शेयर तीन प्रतिशत से अधिक चढ़े। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी सैंतीस. पचहत्तर अंक या शून्य. बासठ प्रतिशत की तेजी के साथ छः,उनतालीस. बीस अंक पर बंद हुआ। प्रमुख रिफाइनरी कंपनियों में ओएनजीसी तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे अधिक फायदा हुआ और सूचकांक में इनका योगदान अस्सी अंक से अधिक का योगदान दिया। आईओसी, एचपीसीएल, ऑयल तथा बीपीसीएल भी लाभ में रहे। मोतीलाल सिक्योरिटीज ने कहा, . . . . यह सही दिशा में उठाया गया कदम है क्योंकि इससे सरकार को राजकोषीय घाटा पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही उत्खनन और विपणन से जुड़ी तेल कंपनियों को फायदा होगा। रीयल्टी तथा आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी लिवाली देखने को मिली। टाटा मोटर्स, भारतीय एयरटेल, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, टीसीएएस, आईटी तथा विप्रो में अच्छी वृद्धि हुई है। उधर, एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रूख रहा। हांगकांग, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, चीन तथा ताइवान के शेयर बाजार में शून्य. सात प्रतिशत से एक. नौ प्रतिशत की गिरावट आयी। वहीं जापान की निक्की शून्य. नौ प्रतिशत मजबूत हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी मिला-जुला रूख रहा। कुल मिलाकर सेंसेक्स में शामिल तीस शेयरों में उन्नीस लाभ में रहे जबकि दस को नुकसान हुआ। जिन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी आयी, उनमें ओएनजीसी ःतीन. छयासठ प्रतिशतः, रिलायंस इंडस्ट्रीज ःतीन. चालीस प्रतिशतः, भारती एयरटेल ःतीन. छत्तीस प्रतिशतः, टाटा मोटर्स ःदो. सत्ताईस प्रतिशतः विप्रो ःदो. तिरेसठ प्रतिशतः, एसबीआई ःएक. छियालीस प्रतिशतः, टीसीएस ःएक. पाँच प्रतिशतः, एचडीएफसी बैंक ःशून्य. छियानवे प्रतिशतः तथा इंफोसिस ःशून्य. इक्यानवे प्रतिशतः शामिल हैं। हालांकि सिप्ला ःदो. नौ प्रतिशतः, आईसीआईसीआई बैंक ःएक. उनतालीस प्रतिशतः तथा बजाज आटो ःएक. चौदह प्रतिशतः की गिरावट आयी।
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चारो वेद
नाम पांचाल, कुरु, सृजय, कट, पारावत आदि शाखाएँ भी प्रधान हैं । तृत्सु रावी नदी के पूर्व रहते थे । भरत स्वायम्भुव मनु के वशधर थे और पुरुवश में भी दुष्यन्त पुत्र विख्यात भरत हो गए है । इन्ही के वशधर भारत कहे गये । द्वितीय भरत के वशधर कौरव भी थे । उशीनर, सृजय, मत्स्य और चेदि नाम पुराणों के समय मे भी जैसे के तैसे बने रहे । यही चेदिवश समय पर कलचुरि भी कहलाया । इसके कुछ और नाम भी हुए जिनका वर्णन वर्त्तमान इतिहास मे होगा । पौराणिक समय मे चेदिवशियो का राज्य मध्य भारत मे था । मत्स्य लोग पूर्वी राजपूताना मे राज्य करते थे और इसी देश को मत्स्य देश कहा भी गया है। ऐतरेय ब्राह्मण के समय उशीनर लोग उत्तरीय भारत मे रहते थे । सृजय तृत्सु लोगों के मित्र थे । इससे जान पडता है कि वे भी रावी नदी के इधर उधर रहते थे, परन्तु यह बात निश्चित नही है। कट लोग सिकन्दर के समय मे पञ्जाब मे रहते थे और पीछे से कश्मीर भी गए । अब वे कश्मीर ही मे हैं । पारावत लोग पञ्जाब मे रहते थे । गान्धार और मूजवन्त उत्तर पश्चिम के निवासी थे। शतपथ ब्राह्मण में लिखा है कि पाञ्चालो का पुराना नाम क्रिवि था । मैकडानल महाशय ने अथववेद के आधार पर लिखा है कि और आम मागध लाग आर्य थे । पुराणों के अनुसार पाञ्चाल राजा पुरुवशी थे । पुराणों के अनुसार कौरव, कौशिक, पौरव आदि सब पुरुवशी थे । वेदो में पौरवो और यादवो का ययातिवशी होना बहुत वार लिखा है किन्तु कौरखो और कौशिकों की यादवों आदि से एकता नही प्रकट होती है। पुराणों के अनुसार ययाति के पांचो वशधरो मे पौरवों की प्रधानता थी । यही बात ऋग्वेद से भी सिद्ध होती है, क्याकि अन्यो का विजेता सुदास स्वय पौरव था । यादवो का वश बहुत बड़ा था । इसकी दा प्रधान शाखाएँ थी जिनमें से एक में हैहय वश है और दूसरे में भगवान् श्रीकृष्ण का जन्म हुआ । ऋग्वेद में मनुवशी प्रसिद्ध राजा इक्ष्वाकु का नाम लिखा है किन्तु वेदों में इनका वश नहीं कहा गया है ।
वैदिक समय में घर बहुवा लकडी के वनते थे। राजा का पद प्राय पैतृक हाता था किन्तु कभी कभी प्रजाओ द्वारा राजा निर्वाचित हुआ
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चारो वेद नाम पांचाल, कुरु, सृजय, कट, पारावत आदि शाखाएँ भी प्रधान हैं । तृत्सु रावी नदी के पूर्व रहते थे । भरत स्वायम्भुव मनु के वशधर थे और पुरुवश में भी दुष्यन्त पुत्र विख्यात भरत हो गए है । इन्ही के वशधर भारत कहे गये । द्वितीय भरत के वशधर कौरव भी थे । उशीनर, सृजय, मत्स्य और चेदि नाम पुराणों के समय मे भी जैसे के तैसे बने रहे । यही चेदिवश समय पर कलचुरि भी कहलाया । इसके कुछ और नाम भी हुए जिनका वर्णन वर्त्तमान इतिहास मे होगा । पौराणिक समय मे चेदिवशियो का राज्य मध्य भारत मे था । मत्स्य लोग पूर्वी राजपूताना मे राज्य करते थे और इसी देश को मत्स्य देश कहा भी गया है। ऐतरेय ब्राह्मण के समय उशीनर लोग उत्तरीय भारत मे रहते थे । सृजय तृत्सु लोगों के मित्र थे । इससे जान पडता है कि वे भी रावी नदी के इधर उधर रहते थे, परन्तु यह बात निश्चित नही है। कट लोग सिकन्दर के समय मे पञ्जाब मे रहते थे और पीछे से कश्मीर भी गए । अब वे कश्मीर ही मे हैं । पारावत लोग पञ्जाब मे रहते थे । गान्धार और मूजवन्त उत्तर पश्चिम के निवासी थे। शतपथ ब्राह्मण में लिखा है कि पाञ्चालो का पुराना नाम क्रिवि था । मैकडानल महाशय ने अथववेद के आधार पर लिखा है कि और आम मागध लाग आर्य थे । पुराणों के अनुसार पाञ्चाल राजा पुरुवशी थे । पुराणों के अनुसार कौरव, कौशिक, पौरव आदि सब पुरुवशी थे । वेदो में पौरवो और यादवो का ययातिवशी होना बहुत वार लिखा है किन्तु कौरखो और कौशिकों की यादवों आदि से एकता नही प्रकट होती है। पुराणों के अनुसार ययाति के पांचो वशधरो मे पौरवों की प्रधानता थी । यही बात ऋग्वेद से भी सिद्ध होती है, क्याकि अन्यो का विजेता सुदास स्वय पौरव था । यादवो का वश बहुत बड़ा था । इसकी दा प्रधान शाखाएँ थी जिनमें से एक में हैहय वश है और दूसरे में भगवान् श्रीकृष्ण का जन्म हुआ । ऋग्वेद में मनुवशी प्रसिद्ध राजा इक्ष्वाकु का नाम लिखा है किन्तु वेदों में इनका वश नहीं कहा गया है । वैदिक समय में घर बहुवा लकडी के वनते थे। राजा का पद प्राय पैतृक हाता था किन्तु कभी कभी प्रजाओ द्वारा राजा निर्वाचित हुआ
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'ऊंचाई पर ज्योतिश्चक का क्षेत्र आरम्भ होता है जो वहाँ से ऊँचाई में एक सौ क्स योजन का है और तिरछे असंख्यात द्वीपसमुद्र तक है। दस योजन की ऊंचाई पर अर्थात् उक्त समतल से आठ सो योजन की ऊंचाई पर सूर्य के विमान है । वहाँ से अस्सी योजन ऊंचे अर्थात् समतल से आठ सौ अस्सो योजन ऊपर चन्द्र के विमान है। वहाँ से बीस योजन की ऊंचाई तक अर्थात् समतल से नौ सौ योजन की ऊँचाई तक ग्रह, नक्षत्र और प्रकीर्णं तारागण है। प्रकीर्ण तारो से आशय यह है कि कुछ तारे ऐसे भी है जो अनियत्तचारी होने से कभी सूर्य-चन्द्र के नीचे चलते है और कभी ऊपर । चन्द्र के ऊपर बीस योजन की ऊंचाई में पहले चार योजन की ऊंचाई पर नक्षत्र है, फिर चार योजन की ऊँचाई पर बुधग्रह, बुध से तीन योजन की ऊंचाई पर शुक, शुक्र से तीन योजना की ऊंचाई पर गुरु, गुरु से तीन योजन ऊपर मङ्गल और मङ्गल से तीन योजन ऊरर शनैश्चर है। अनियतचारी तारा सूर्य के नीचे चलते समय ज्योतिष क्षेत्र में सूर्य के नीचे दस योजन तक रहता है। ज्योतिष ( प्रकाशमान ) विमान में रहने से सूर्य आदि ज्योतिष्क कहलाते है । इन सबके मुकुटो में प्रभामण्डल जैसा उज्ज्वल, सूर्यादिमण्डल जैसा चिह्न होता है। सूर्य के सूर्यमण्डल जैसा, चन्द्र के चन्द्रमण्डल जैसा और वारा के तारामण्डल जैसा चिह्न होता है । १३ ।
चरज्योतिष्क-मानुपोत्तर पर्वत तक मनुष्यलोक होने की बात पहले कही जा चुकी है। मनुष्यलोक के ज्योतिष्क सदा मेरु के चारो ओर भ्रमण करते रहते है। मनुष्यलोक में एक सौ बत्तीस सूर्य और चन्द्र है - जम्बूद्वीप में दो-दो, - ळवणसमुद्र में चार-चार, धातकीखण्ड में वारह-चारह, कालोदधि में बयालीसदयाळीस और पुष्करार्ध में वहत्तर बहत्तर है। एक चन्द्र का परिवार २८ नक्षत्र, ८८ ग्रह और ६६९७५ कोटाकोटि तारी का है। यद्यपि लोकमर्यादा के स्वभावाबुमार ज्योतिष्क विमान सदा अपने आप घूमते रहते है तथापि समृद्धि - विशेष प्रकट करने के लिए और आभियोग्य ( सेवक ) नामकर्म के उदय से क्रीडाशील कुछ देव उन विमानो को उठाते है । सामने के भाग में सिंहाकृति, दाहिने गजाकृति, पीछे वृषभाकृति और वायें अश्वाकृतिवाले ये देव विमान को उठाकर चलते रहते है । १४ ।
कालविभाग-~मुहूर्त, अहोरात्र, पक्ष, मास आदि, अतीत, वर्तमान आदि एवं संख्येय असख्येय आदि के रूप में अनेक प्रकार का कालव्यवहार मनुष्यलोक में होता है, उसके बाहर नहीं होता। मनुष्यलोक के बाहर यदि कोई कालव्यवहार' करनेवाला हो और व्यवहार करे तो मनुष्यलोक प्रसिद्ध व्यवहार के अनुसार ही
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'ऊंचाई पर ज्योतिश्चक का क्षेत्र आरम्भ होता है जो वहाँ से ऊँचाई में एक सौ क्स योजन का है और तिरछे असंख्यात द्वीपसमुद्र तक है। दस योजन की ऊंचाई पर अर्थात् उक्त समतल से आठ सो योजन की ऊंचाई पर सूर्य के विमान है । वहाँ से अस्सी योजन ऊंचे अर्थात् समतल से आठ सौ अस्सो योजन ऊपर चन्द्र के विमान है। वहाँ से बीस योजन की ऊंचाई तक अर्थात् समतल से नौ सौ योजन की ऊँचाई तक ग्रह, नक्षत्र और प्रकीर्णं तारागण है। प्रकीर्ण तारो से आशय यह है कि कुछ तारे ऐसे भी है जो अनियत्तचारी होने से कभी सूर्य-चन्द्र के नीचे चलते है और कभी ऊपर । चन्द्र के ऊपर बीस योजन की ऊंचाई में पहले चार योजन की ऊंचाई पर नक्षत्र है, फिर चार योजन की ऊँचाई पर बुधग्रह, बुध से तीन योजन की ऊंचाई पर शुक, शुक्र से तीन योजना की ऊंचाई पर गुरु, गुरु से तीन योजन ऊपर मङ्गल और मङ्गल से तीन योजन ऊरर शनैश्चर है। अनियतचारी तारा सूर्य के नीचे चलते समय ज्योतिष क्षेत्र में सूर्य के नीचे दस योजन तक रहता है। ज्योतिष विमान में रहने से सूर्य आदि ज्योतिष्क कहलाते है । इन सबके मुकुटो में प्रभामण्डल जैसा उज्ज्वल, सूर्यादिमण्डल जैसा चिह्न होता है। सूर्य के सूर्यमण्डल जैसा, चन्द्र के चन्द्रमण्डल जैसा और वारा के तारामण्डल जैसा चिह्न होता है । तेरह । चरज्योतिष्क-मानुपोत्तर पर्वत तक मनुष्यलोक होने की बात पहले कही जा चुकी है। मनुष्यलोक के ज्योतिष्क सदा मेरु के चारो ओर भ्रमण करते रहते है। मनुष्यलोक में एक सौ बत्तीस सूर्य और चन्द्र है - जम्बूद्वीप में दो-दो, - ळवणसमुद्र में चार-चार, धातकीखण्ड में वारह-चारह, कालोदधि में बयालीसदयाळीस और पुष्करार्ध में वहत्तर बहत्तर है। एक चन्द्र का परिवार अट्ठाईस नक्षत्र, अठासी ग्रह और छयासठ हज़ार नौ सौ पचहत्तर कोटाकोटि तारी का है। यद्यपि लोकमर्यादा के स्वभावाबुमार ज्योतिष्क विमान सदा अपने आप घूमते रहते है तथापि समृद्धि - विशेष प्रकट करने के लिए और आभियोग्य नामकर्म के उदय से क्रीडाशील कुछ देव उन विमानो को उठाते है । सामने के भाग में सिंहाकृति, दाहिने गजाकृति, पीछे वृषभाकृति और वायें अश्वाकृतिवाले ये देव विमान को उठाकर चलते रहते है । चौदह । कालविभाग-~मुहूर्त, अहोरात्र, पक्ष, मास आदि, अतीत, वर्तमान आदि एवं संख्येय असख्येय आदि के रूप में अनेक प्रकार का कालव्यवहार मनुष्यलोक में होता है, उसके बाहर नहीं होता। मनुष्यलोक के बाहर यदि कोई कालव्यवहार' करनेवाला हो और व्यवहार करे तो मनुष्यलोक प्रसिद्ध व्यवहार के अनुसार ही
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बीबीएन - औद्योगिक कस्बे बद्दी में टोल बैरियर के समीप रविवार को बाइक की मोडिफिकेशन के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस शोरूम रोजर कस्टम का शुभारंभ हुआ। देश की प्रख्यात बाइक राइडर कुमारी प्रवीण बसंत ने विधिवत रूप से किया। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर के प्रमुख व्यवसायी प्रवीण गुप्ता ने की। इस रोजर कस्टम में बाइक राइडर के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। पहले यहां के बाइक राइडरों चंडीगढ़ व लुधियाना जाना पड़ता था, लेकिन अब यहां बाइक राइडरों को घर-द्वार पर ही सुविधा मिलेगी। रोजर कस्टम के संचालक शोभित कटियार ने बताया कि बाइकरों को जो भी सामान दिलाया जाएगा, उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाली प्रवीण बंसत ने कहा कि उन्होंने पूरे देश के 24 राज्यों व चार केंद्र शासित राज्यों समेत करीब एक लाख 35 हजार किमी से अधिक सफर करने के लोगों को सामाजिक कुरीतियों से जागरूक किया। अब वह गर्मियों के दौरान रोहतांग व लद्दाख जाने की तैयारी है। मुख्यातिथि क ुमारी प्रवीण बंसत को थपंर्स क्लब की ओर से स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर लाज मोटर के एमडी महेश कौशल, रमन कौशल, हेमंत कौशल, नितिन गुप्ता, रजत, संजय, शोभित कटियार, मनीष सोनी, प्रवीण गुप्ता, विनोद, दीपक, सिमरन, तरुण, बंसी, जेएस, बिल्लू, सरविंद समेतसदस्य अन्य मौजूद थे।
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बीबीएन - औद्योगिक कस्बे बद्दी में टोल बैरियर के समीप रविवार को बाइक की मोडिफिकेशन के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस शोरूम रोजर कस्टम का शुभारंभ हुआ। देश की प्रख्यात बाइक राइडर कुमारी प्रवीण बसंत ने विधिवत रूप से किया। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर के प्रमुख व्यवसायी प्रवीण गुप्ता ने की। इस रोजर कस्टम में बाइक राइडर के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। पहले यहां के बाइक राइडरों चंडीगढ़ व लुधियाना जाना पड़ता था, लेकिन अब यहां बाइक राइडरों को घर-द्वार पर ही सुविधा मिलेगी। रोजर कस्टम के संचालक शोभित कटियार ने बताया कि बाइकरों को जो भी सामान दिलाया जाएगा, उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाली प्रवीण बंसत ने कहा कि उन्होंने पूरे देश के चौबीस राज्यों व चार केंद्र शासित राज्यों समेत करीब एक लाख पैंतीस हजार किमी से अधिक सफर करने के लोगों को सामाजिक कुरीतियों से जागरूक किया। अब वह गर्मियों के दौरान रोहतांग व लद्दाख जाने की तैयारी है। मुख्यातिथि क ुमारी प्रवीण बंसत को थपंर्स क्लब की ओर से स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर लाज मोटर के एमडी महेश कौशल, रमन कौशल, हेमंत कौशल, नितिन गुप्ता, रजत, संजय, शोभित कटियार, मनीष सोनी, प्रवीण गुप्ता, विनोद, दीपक, सिमरन, तरुण, बंसी, जेएस, बिल्लू, सरविंद समेतसदस्य अन्य मौजूद थे।
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गाजियाबाद (आईएएनएस)। गाजियाबाद में हुए धर्मातरण मामले में शाहनवाज उर्फ बद्दो को लेकर ठाणे पुलिस मंगलवार सुबह गाजियाबाद पहुंची और उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले, पुलिस ने उससे काफी देर तक पूछताछ की। सूत्रों से जानकारी मिली है कि जांच एजेंसियां भी छानबीन कर रही हैं। गाजियाबाद पुलिस ने कई सवाल तैयार कर रखे हैं, जिनके जवाब शाहनवाज से लिए जाएंगे। उन सवालों में उसके द्वारा बच्चों का किया गया ब्रेनवाश, बद्दो से साथ जुड़े लोगों का कनेक्शन, पाकिस्तानी ईमेल आईडी का कनेक्शन, उसके अलग-अलग बैंक अकाउंट में किए गए ट्रांजेक्शन आदि चीजों पर जांच होगी। इसके साथ-साथ पुलिस शाहनवाज उर्फ बद्दो और मौलवी को भी आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है। महाराष्ट्र पुलिस को एक हार्ड ड्राइव हाथ लगी थी, जिसमें बहुत सारे महत्वपूर्ण डाटा हो सकते हैं, जिनकी तह तक जाना इस मामले में बेहद जरूरी है।
इस मामले को लेकर पुलिस और जांच एजेंसियां पहले से ही काफी सतर्क हो चुकी है, लेकिन फिर भी कई ऐसे एंगल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सबसे बड़ी बात है कि जिस तरीके से एक तरफ गाजियाबाद में यह धर्मातरण का मामला सामने आया है, वहीं पड़ोस में दिल्ली में भी धर्मातरण का एक मामला सामने आया है, जिसको देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि कहीं ना कहीं इसका कनेक्शन स्लीपर सेल से भी हो सकता है, जो काफी दिनों से एक्टिव नहीं था। इन सभी बातों को ध्यान देते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही गाजियाबाद पुलिस शाहनवाज की रिमांड लेगी और से सारी पूछताछ शुरू करेगी।
इस मामले में देश की बड़ी-बड़ी जांच एजेंसियों के शामिल होने के बाद यह भी तय है कि इस धर्मातरण रैकेट का मसला विदेश से जुड़ा हुआ है और इसके पीछे कई बड़े लोगों का हाथ हो सकता है, इसीलिए अलग-अलग एजेंसियां अलग-अलग तरीके से छानबीन कर रही हैं।
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गाजियाबाद । गाजियाबाद में हुए धर्मातरण मामले में शाहनवाज उर्फ बद्दो को लेकर ठाणे पुलिस मंगलवार सुबह गाजियाबाद पहुंची और उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले, पुलिस ने उससे काफी देर तक पूछताछ की। सूत्रों से जानकारी मिली है कि जांच एजेंसियां भी छानबीन कर रही हैं। गाजियाबाद पुलिस ने कई सवाल तैयार कर रखे हैं, जिनके जवाब शाहनवाज से लिए जाएंगे। उन सवालों में उसके द्वारा बच्चों का किया गया ब्रेनवाश, बद्दो से साथ जुड़े लोगों का कनेक्शन, पाकिस्तानी ईमेल आईडी का कनेक्शन, उसके अलग-अलग बैंक अकाउंट में किए गए ट्रांजेक्शन आदि चीजों पर जांच होगी। इसके साथ-साथ पुलिस शाहनवाज उर्फ बद्दो और मौलवी को भी आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है। महाराष्ट्र पुलिस को एक हार्ड ड्राइव हाथ लगी थी, जिसमें बहुत सारे महत्वपूर्ण डाटा हो सकते हैं, जिनकी तह तक जाना इस मामले में बेहद जरूरी है। इस मामले को लेकर पुलिस और जांच एजेंसियां पहले से ही काफी सतर्क हो चुकी है, लेकिन फिर भी कई ऐसे एंगल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सबसे बड़ी बात है कि जिस तरीके से एक तरफ गाजियाबाद में यह धर्मातरण का मामला सामने आया है, वहीं पड़ोस में दिल्ली में भी धर्मातरण का एक मामला सामने आया है, जिसको देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि कहीं ना कहीं इसका कनेक्शन स्लीपर सेल से भी हो सकता है, जो काफी दिनों से एक्टिव नहीं था। इन सभी बातों को ध्यान देते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही गाजियाबाद पुलिस शाहनवाज की रिमांड लेगी और से सारी पूछताछ शुरू करेगी। इस मामले में देश की बड़ी-बड़ी जांच एजेंसियों के शामिल होने के बाद यह भी तय है कि इस धर्मातरण रैकेट का मसला विदेश से जुड़ा हुआ है और इसके पीछे कई बड़े लोगों का हाथ हो सकता है, इसीलिए अलग-अलग एजेंसियां अलग-अलग तरीके से छानबीन कर रही हैं।
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बिहार में नई सरकार बनने के बाद से कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार पर बवाल है. बीजेपी का आरोप है कि कार्तिकेय कुमार सिंह का नाम किडनैपिंग केस में आया है, बावजूद इसके उनको राज्य का कानून मंत्री बना दिया गया. इसपर अब कानून मंत्री रहे रवि शंकर प्रसाद ने तंज कसा है. वहीं लालू प्रसाद यादव ने इसपर सफाई देते हुए कार्तिकेय कुमार का सपोर्ट किया.
आरजेडी विधायक कार्तिकेय कुमार का नाम किडनैपिंग के केस में आया हुआ है. उनको 16 अगस्त को कोर्ट में सरेंडर करना था. लेकिन सरेंडर करने की जगह उन्होंने मंत्री पद की शपथ ले ली और नीतीश सरकार में कानून मंत्री बन गए.
बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद अब लालू प्रसाद यादव दिल्ली से बिहार जा रहे हैं. राजधानी से पटना जाते वक्त लालू यादव ने मीडिया से बात की. वह बोले कि अब केंद्र से तानाशाह सरकार को हटाना है, मोदी को हटाना है.
बिहार सरकार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह पर लग रहे आरोपों पर भी लालू ने जवाब दिया. वह बोले कि ऐसा कोई मामला नहीं है. वहीं सुशील मोदी के आरोपों पर लालू ने कहा, 'सुशील मोदी का क्या, वो झूठा है. '
रवि शंकर प्रसाद ने सीएम नीतीश को कहा 'बेचारा'
कार्तिकेय कुमार का जिक्र कर बीजेपी सीएम नीतीश पर हमलावर है. बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी के बाद अब रवि शंकर प्रसाद ने बिहार सीएम को घेरा है. वह बोले कि बिहार में अपहरण खौफ और वसूली का राज आ गया. बिहार सरकार के मंत्री कार्तिकेय कुमार सिंह के ऊपर संगीन आरोप है, वो भी कानून मंत्री है.
सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि नितीश बाबू को क्या कहा जाए. वह बेचारे हो गए हैं. मैं भी पूर्व कानून मंत्री रहा हूं. कार्तिकेय के ऊपर कई मामले हैं. अपहरण, हत्या के लिए अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं. उनको कानून मंत्री बनाया गया है. यह कानून की प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया गया है.
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बिहार में नई सरकार बनने के बाद से कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार पर बवाल है. बीजेपी का आरोप है कि कार्तिकेय कुमार सिंह का नाम किडनैपिंग केस में आया है, बावजूद इसके उनको राज्य का कानून मंत्री बना दिया गया. इसपर अब कानून मंत्री रहे रवि शंकर प्रसाद ने तंज कसा है. वहीं लालू प्रसाद यादव ने इसपर सफाई देते हुए कार्तिकेय कुमार का सपोर्ट किया. आरजेडी विधायक कार्तिकेय कुमार का नाम किडनैपिंग के केस में आया हुआ है. उनको सोलह अगस्त को कोर्ट में सरेंडर करना था. लेकिन सरेंडर करने की जगह उन्होंने मंत्री पद की शपथ ले ली और नीतीश सरकार में कानून मंत्री बन गए. बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद अब लालू प्रसाद यादव दिल्ली से बिहार जा रहे हैं. राजधानी से पटना जाते वक्त लालू यादव ने मीडिया से बात की. वह बोले कि अब केंद्र से तानाशाह सरकार को हटाना है, मोदी को हटाना है. बिहार सरकार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह पर लग रहे आरोपों पर भी लालू ने जवाब दिया. वह बोले कि ऐसा कोई मामला नहीं है. वहीं सुशील मोदी के आरोपों पर लालू ने कहा, 'सुशील मोदी का क्या, वो झूठा है. ' रवि शंकर प्रसाद ने सीएम नीतीश को कहा 'बेचारा' कार्तिकेय कुमार का जिक्र कर बीजेपी सीएम नीतीश पर हमलावर है. बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी के बाद अब रवि शंकर प्रसाद ने बिहार सीएम को घेरा है. वह बोले कि बिहार में अपहरण खौफ और वसूली का राज आ गया. बिहार सरकार के मंत्री कार्तिकेय कुमार सिंह के ऊपर संगीन आरोप है, वो भी कानून मंत्री है. सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि नितीश बाबू को क्या कहा जाए. वह बेचारे हो गए हैं. मैं भी पूर्व कानून मंत्री रहा हूं. कार्तिकेय के ऊपर कई मामले हैं. अपहरण, हत्या के लिए अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं. उनको कानून मंत्री बनाया गया है. यह कानून की प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया गया है.
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बांग्लादेश के विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर को हमेशा बांग्लादेश टीम के सबसे ज्यादा मेहनत करने वाले क्रिकेटर माने जाते हैं. उनका अनुशासन, अभ्यास के प्रति समर्पण, वैकल्पिक अभ्यास हमेशा चर्चाओं में रहते हैं. इसी बीच तमीम इकबाल और मुशफिकुर रहीम के बीच शनिवार की रात एक इंस्टाग्राम चैट हुई, जहां तमीम ने लोगो को मुशफिकुर रहीम को अपना आदर्श बनाने की सलाह दे डाली.
इस संदर्भ में, तमीम इकबाल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "मुशफिकुर रहीम जो करता है, मुझे लगता है कि उसका पालन बांग्लादेश के सभी खिलाड़ियों को करना चाहिए. मैं जानता हूं, आपसे ज्यादा मेहनत कोई नहीं करता है. मुझे आश्चर्य है कि एक आदमी इतनी मेहनत कैसे कर सकता है. सच में मैं इतना नहीं कर सकता, जितना आप करते हैं. मैं उतना ही करने की कोशिश करता हूं जितना मुझे खेलना है.
मुशफिकुर ने जवाब दिया कि वह अपने को उसी श्रेणी का क्रिकेटर बनाना चाहते हैं, जैसे कि तमीम, शाकिब अल हसन या महमूदुल्लाह रियाद हैं. उन्होंने कहा,
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बांग्लादेश के विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर को हमेशा बांग्लादेश टीम के सबसे ज्यादा मेहनत करने वाले क्रिकेटर माने जाते हैं. उनका अनुशासन, अभ्यास के प्रति समर्पण, वैकल्पिक अभ्यास हमेशा चर्चाओं में रहते हैं. इसी बीच तमीम इकबाल और मुशफिकुर रहीम के बीच शनिवार की रात एक इंस्टाग्राम चैट हुई, जहां तमीम ने लोगो को मुशफिकुर रहीम को अपना आदर्श बनाने की सलाह दे डाली. इस संदर्भ में, तमीम इकबाल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "मुशफिकुर रहीम जो करता है, मुझे लगता है कि उसका पालन बांग्लादेश के सभी खिलाड़ियों को करना चाहिए. मैं जानता हूं, आपसे ज्यादा मेहनत कोई नहीं करता है. मुझे आश्चर्य है कि एक आदमी इतनी मेहनत कैसे कर सकता है. सच में मैं इतना नहीं कर सकता, जितना आप करते हैं. मैं उतना ही करने की कोशिश करता हूं जितना मुझे खेलना है. मुशफिकुर ने जवाब दिया कि वह अपने को उसी श्रेणी का क्रिकेटर बनाना चाहते हैं, जैसे कि तमीम, शाकिब अल हसन या महमूदुल्लाह रियाद हैं. उन्होंने कहा,
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* वर्तमान शिक्षण पद्धतिमें सुधारकी अत्यावश्यकता *.
निर्माणकी ओर नहीं ले जा रही है, इसका हम सब प्रतिपल अनुभव कर रहे हैं । पाश्चात्य शिक्षण पद्धतिसे कई लाभ होनेके साथ-साथ कितने ही अधिक दोप-हमारेमें आ गये हैंयह सर्वविदित है । अब हम स्वतन्त्र हुए हैं, अतः अपने देशके अनुकूल शिक्षण पद्धतिमें परिवर्तन करने या सुधार करनेमें पूर्णतः समर्थ हैं; पर नहीं कर रहे हैं तो यह दोष हमारा ही है। मुझे यह देखकर बड़ा ही दुःख होता है कि अंग्रेजोंके शासनकाल में तत्कालीन शिक्षण पद्धतिके प्रति जैसा असंतोष प्रकट किया जा रहा था, स्वतन्त्र होनेके बाद वह और भी बढ़कर तत्काल सुधार हो जाने अपेक्षित थे, पर पाँच वर्ष विगत होने आये, अभीतक इस ओर कोई सक्रिय कदम उठाया जानने में नहीं आया, इसीलिये मुझे अपने विचार देशके कर्णधारों, शिक्षाशास्त्रियों और देशकी भावी उन्नतिके सम्बन्धमें सोचनेवाले हर नागरिकके सम्मुख उपस्थित करने पड़ रहे हैं । यद्यपि इस सम्बन्धमें अधिकृत रूपसे कहनेका अधिकार शिक्षणशास्त्रियों और अनुभवी विद्वानोंको ही है । मेरा अनुभत्रे इस सम्बन्धमें जैसा चाहिये, नहीं है; पर जब अनुभवी विद्वान् मौन धारण किये बैठे हैं, तब देशकी इस महत्त्वपूर्ण समस्यापर मेरे हृदय में जो आन्दोलन चल रहा है, उसे व्यक्त कर देना मैं अपना आवश्यक कर्तव्य समझता हूँ। मेरे समस्त सुझावोंको उसी रूपमें स्वीकृत कर लिया जाय, ऐसा मेरा आग्रह नहीं है; पर मुझे जो अनुभव हो रहा है, उसमेंसे जितनी भी बातें उपादेय प्रतीत हाँ, तुरंत अमलमें लायी जानेका नम्र अनुरोध अवश्य करूँगा । शिक्षण के सम्बन्ध में जिनका अधिक अनुभव हो, वे अपने विचार विस्तारसे प्रकाशित करें और हर पत्रकार शिक्षा सुधार सम्बन्धित इस आन्दोलनमें भाग लेकर देश के इस आवश्यक प्रश्नपर तत्काल विचार हो, ऐसा वातावरण पैदा करें यह भी मेरी सादर विज्ञप्ति है ।
आजकलके विद्यार्थियोंके सम्बन्धमें आम शिकायतें सुननेको मिलती हैं कि वे अनुशासनहीन एवं उच्छुकूल होते चले जा रहे हैं, माता-पिता एवं गुरुजनोंका जैसे चाहिये आदर नहीं करते, उनका कहना नहीं मानते, उनमें अहंभाव इतना बढ़ गया है कि वे अपने बड़े-बूढ़ोंको मूर्ख, रूढ़ीके गुलाम, अन्धश्रद्धावाले कहते हुए नहीं हिचकिचाते । नैतिक एवं धार्मिक संस्कारोंका उनमें विशेषरूपसे ह्रास नजर आ रहा है। उनके जीवनमें विलासिता, कुव्यसन, स्वच्छन्दता और चारित्र-पतन दिनोंदिन बढ़ रहा है। वे विचारोंमें बड़े
उग्रवादी बनकर सामाजिक मर्यादाओं एवं धार्मिक नियमका लोप एवं भङ्ग कर रहे हैं । धर्मको वे ढकोसला एवं मर्यादाओंको रूढ़ियाँ कहकर उनको सर्वथा हटा देनेके लिये तुले बैठे हैं। उनका जीवन विलासी और बहुत ही खर्चीला बनता जा रहा है। और भी ऐसी ही अनेकों खरावियाँ दिनोंदिन बढ़ रही हैं। जीवनमें श्रमकी प्रतिष्ठा कम होती चली जा रही है, उनसे देशका विशेष भला होता हुआ नजर नहीं आता । सेवाका स्थान स्वार्थाने ले लिया है। देशकी समृद्धि और गौरवका ह्रास हो रहा है, जो उन्हें चुभता नजर नहीं आता । अत्र ऐसे शिक्षणद्वारा हम अपने हाथसे अपने ही पैरोंपर कुल्हाड़ी मार रहे हैं, ऐसा अनुभव हो रहा है; पर केवल इतने अनुभव हो जानेसे ही समस्याका हल नहीं हो जाता। हमें इन खरावियोंके आने और बढ़नेके कारणोंपर गम्भीर विचार करना होगा। साथ ही उनको निर्मूल करनेके लिये आवश्यक कदम उठाना होगा। अभीतक इस दिशामें जैसा चाहिये, कुछ भी विचार हुआ प्रतीत नहीं होता । शिक्षण पद्धति शीघ्र ही हमारे आदर्शके अनुरूप हो और देशको हम जैसा बनाना चाहते हैं, उसमें सहायक हो, इसपर शीघ्रातिशीघ्र विचार होकर उपयोगी साधनोंका अवलम्बन अर्थात् विचारोंको कार्यान्त्रित करनेकी परमावश्यकता है।
अत्र मेरी रायमें वर्तमान शिक्षण पद्धतिमें शीघ्रातिशीघ्र जो सुधार करना चाहिये, उसे में विद्वानोंके समक्ष उपस्थित कर रहा हूँ-( १ ) हमारी वर्तमान शिक्षा पद्धतिमें सबसे पहले हमें ऐसे सुधार करने चाहिये जिनसे बहुसंख्यक अशिक्षित जनता शीघ्र ही कामचलाऊ शिक्षा प्राप्त कर सके । अभीतक गाँवों में शिक्षाका प्रचार बहुत ही कम हुआ है और भारतकी अधिकांश जनता गाँवों में ही निवास करती है । इसलिये शिक्षणके क्षेत्र में जो शहरोंमें बहुत अधिक खर्च हो रहा है, उसे कम करके गाँवों में ग्रामीण लोगोंको जल्दी-सेजल्दी अक्षरज्ञान एवं आवश्यक जानकारी हो जाय, इसका समुचित प्रवन्ध शीघ्र ही किया जाना चाहिये । देशको आगे बढ़ाने के लिये हम जो लंबी-लंबी योजनाएँ बना रहे हैं, जहाँतक अधिकांश जनता उन सबसे अपरिचित रहेगी, वे योजनाएँ कैसे सफल हो सकेंगी ? मान लीजिये हम कृषिमें अमुक सुधार करना चाहते हैं, पर खेती करनेवाले किसान जबतक उनसे अपरिचित रहेंगे या समझकर कार्यान्वित न कर सकेंगे, तबतक थोड़ेसे जानकारोंके बलपर ( जिनको
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* वर्तमान शिक्षण पद्धतिमें सुधारकी अत्यावश्यकता *. निर्माणकी ओर नहीं ले जा रही है, इसका हम सब प्रतिपल अनुभव कर रहे हैं । पाश्चात्य शिक्षण पद्धतिसे कई लाभ होनेके साथ-साथ कितने ही अधिक दोप-हमारेमें आ गये हैंयह सर्वविदित है । अब हम स्वतन्त्र हुए हैं, अतः अपने देशके अनुकूल शिक्षण पद्धतिमें परिवर्तन करने या सुधार करनेमें पूर्णतः समर्थ हैं; पर नहीं कर रहे हैं तो यह दोष हमारा ही है। मुझे यह देखकर बड़ा ही दुःख होता है कि अंग्रेजोंके शासनकाल में तत्कालीन शिक्षण पद्धतिके प्रति जैसा असंतोष प्रकट किया जा रहा था, स्वतन्त्र होनेके बाद वह और भी बढ़कर तत्काल सुधार हो जाने अपेक्षित थे, पर पाँच वर्ष विगत होने आये, अभीतक इस ओर कोई सक्रिय कदम उठाया जानने में नहीं आया, इसीलिये मुझे अपने विचार देशके कर्णधारों, शिक्षाशास्त्रियों और देशकी भावी उन्नतिके सम्बन्धमें सोचनेवाले हर नागरिकके सम्मुख उपस्थित करने पड़ रहे हैं । यद्यपि इस सम्बन्धमें अधिकृत रूपसे कहनेका अधिकार शिक्षणशास्त्रियों और अनुभवी विद्वानोंको ही है । मेरा अनुभत्रे इस सम्बन्धमें जैसा चाहिये, नहीं है; पर जब अनुभवी विद्वान् मौन धारण किये बैठे हैं, तब देशकी इस महत्त्वपूर्ण समस्यापर मेरे हृदय में जो आन्दोलन चल रहा है, उसे व्यक्त कर देना मैं अपना आवश्यक कर्तव्य समझता हूँ। मेरे समस्त सुझावोंको उसी रूपमें स्वीकृत कर लिया जाय, ऐसा मेरा आग्रह नहीं है; पर मुझे जो अनुभव हो रहा है, उसमेंसे जितनी भी बातें उपादेय प्रतीत हाँ, तुरंत अमलमें लायी जानेका नम्र अनुरोध अवश्य करूँगा । शिक्षण के सम्बन्ध में जिनका अधिक अनुभव हो, वे अपने विचार विस्तारसे प्रकाशित करें और हर पत्रकार शिक्षा सुधार सम्बन्धित इस आन्दोलनमें भाग लेकर देश के इस आवश्यक प्रश्नपर तत्काल विचार हो, ऐसा वातावरण पैदा करें यह भी मेरी सादर विज्ञप्ति है । आजकलके विद्यार्थियोंके सम्बन्धमें आम शिकायतें सुननेको मिलती हैं कि वे अनुशासनहीन एवं उच्छुकूल होते चले जा रहे हैं, माता-पिता एवं गुरुजनोंका जैसे चाहिये आदर नहीं करते, उनका कहना नहीं मानते, उनमें अहंभाव इतना बढ़ गया है कि वे अपने बड़े-बूढ़ोंको मूर्ख, रूढ़ीके गुलाम, अन्धश्रद्धावाले कहते हुए नहीं हिचकिचाते । नैतिक एवं धार्मिक संस्कारोंका उनमें विशेषरूपसे ह्रास नजर आ रहा है। उनके जीवनमें विलासिता, कुव्यसन, स्वच्छन्दता और चारित्र-पतन दिनोंदिन बढ़ रहा है। वे विचारोंमें बड़े उग्रवादी बनकर सामाजिक मर्यादाओं एवं धार्मिक नियमका लोप एवं भङ्ग कर रहे हैं । धर्मको वे ढकोसला एवं मर्यादाओंको रूढ़ियाँ कहकर उनको सर्वथा हटा देनेके लिये तुले बैठे हैं। उनका जीवन विलासी और बहुत ही खर्चीला बनता जा रहा है। और भी ऐसी ही अनेकों खरावियाँ दिनोंदिन बढ़ रही हैं। जीवनमें श्रमकी प्रतिष्ठा कम होती चली जा रही है, उनसे देशका विशेष भला होता हुआ नजर नहीं आता । सेवाका स्थान स्वार्थाने ले लिया है। देशकी समृद्धि और गौरवका ह्रास हो रहा है, जो उन्हें चुभता नजर नहीं आता । अत्र ऐसे शिक्षणद्वारा हम अपने हाथसे अपने ही पैरोंपर कुल्हाड़ी मार रहे हैं, ऐसा अनुभव हो रहा है; पर केवल इतने अनुभव हो जानेसे ही समस्याका हल नहीं हो जाता। हमें इन खरावियोंके आने और बढ़नेके कारणोंपर गम्भीर विचार करना होगा। साथ ही उनको निर्मूल करनेके लिये आवश्यक कदम उठाना होगा। अभीतक इस दिशामें जैसा चाहिये, कुछ भी विचार हुआ प्रतीत नहीं होता । शिक्षण पद्धति शीघ्र ही हमारे आदर्शके अनुरूप हो और देशको हम जैसा बनाना चाहते हैं, उसमें सहायक हो, इसपर शीघ्रातिशीघ्र विचार होकर उपयोगी साधनोंका अवलम्बन अर्थात् विचारोंको कार्यान्त्रित करनेकी परमावश्यकता है। अत्र मेरी रायमें वर्तमान शिक्षण पद्धतिमें शीघ्रातिशीघ्र जो सुधार करना चाहिये, उसे में विद्वानोंके समक्ष उपस्थित कर रहा हूँ- हमारी वर्तमान शिक्षा पद्धतिमें सबसे पहले हमें ऐसे सुधार करने चाहिये जिनसे बहुसंख्यक अशिक्षित जनता शीघ्र ही कामचलाऊ शिक्षा प्राप्त कर सके । अभीतक गाँवों में शिक्षाका प्रचार बहुत ही कम हुआ है और भारतकी अधिकांश जनता गाँवों में ही निवास करती है । इसलिये शिक्षणके क्षेत्र में जो शहरोंमें बहुत अधिक खर्च हो रहा है, उसे कम करके गाँवों में ग्रामीण लोगोंको जल्दी-सेजल्दी अक्षरज्ञान एवं आवश्यक जानकारी हो जाय, इसका समुचित प्रवन्ध शीघ्र ही किया जाना चाहिये । देशको आगे बढ़ाने के लिये हम जो लंबी-लंबी योजनाएँ बना रहे हैं, जहाँतक अधिकांश जनता उन सबसे अपरिचित रहेगी, वे योजनाएँ कैसे सफल हो सकेंगी ? मान लीजिये हम कृषिमें अमुक सुधार करना चाहते हैं, पर खेती करनेवाले किसान जबतक उनसे अपरिचित रहेंगे या समझकर कार्यान्वित न कर सकेंगे, तबतक थोड़ेसे जानकारोंके बलपर ( जिनको
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- 5 min ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू ने तोड़े पुराने सारे रिकॉर्ड, रिलीज के 24 घंटों में ही बनाई टॉप पर जगह!
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इस महीने भले ही सलमान खान के रेस 3 का हल्ला मचा हो। लेकिन इस बार असली टकराव अजय देवगन और अक्षय कुमार के बीच देखने को मिलेगा।
अजय देवगन की रेड और अक्षय कुमार की पैडमैन एक दूसरे से क्लैश करते हुए नजर आयेंगे। रिलीज के बाद दोनों फिल्में पहली बार टीवी पर दिखाई जा रही हैं। अजय देवगन की फिल्म रेज स्टार गोल्ड पर दोपहर 1 बजे दिखाई जाएगी। इस फिल्म ने बॅाक्स आॅफिस पर 100 करोड़ की कमाई की थी।
वहीं अक्षय कुमार की इस साल की बहु चर्चित फिल्म पैडमैन एक दिन पहले 26 मई को रात 8 बजे दिखाई जाएगी। हालांकि दोनों एक साथ एक समय पर क्लैश नहीं कर रहे हैं। लेकिन वीकेंड पर इन दोनों की टीआरपी का क्लैश होते जरूर दिखाई देगा।
पैडमैन ने बॅाक्स आॅफिस पर 80 करोड़ के करीब की कमाई की थी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दर्शकों के लिए वीकेंड अजय देवगन खास बनाने वाले हैं। यह अजय देवगन की अब तक की सबसे सुपरहिट फिल्मों में से एक है।
इस फिल्म की लागत केवल 35 करोड़ रही है। 100 करोड़ से अधिक की कमाई कर यह फिल्म इस साल की सबसे फायदेमंद फिल्म साबित हुई है। यानी एक बार फिर अजय बॅाक्स आॅफिस के बाद अक्षय को टीआरपी में कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं।
बहरहाल,यहां देखिए वो फिल्में जो बॅाक्स आॅफिस पर फ्लॅाप और टीवी पर सुपरहिट साबित हुई हैं।
ये क्या, 3. 3 लाख की ओवरसाइज़्ड हुडी पहनकर मलाइका अरोड़ा ने दिखाया अपना जलवा, फैंस की बोलती हुई बंद!
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के मंत्रिमंडल के दो और मंत्रियों ने यूरोपीय संसद के फंड के कथित दुरुपयोग की जारी जांच के बाद बुधवार को इस्तीफा दे दिया। समाचार एजेंसी एफे न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक मूवमेंट (मोदेम) पार्टी के फ्रांस्वा बायरू तथा मारियेल दे सारनेज ने क्रमशः न्याय मंत्री तथा यूरोपीस मामलों के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले मंगलवार को रक्षा मंत्री सिलवी गोलार्ड ने इस्तीफा दे दिया था।
सरकार के प्रवक्ता क्रिस्टोफर कास्टानेर ने यूरोप 1 रेडियो से कहा कि बायरू का फैसला व्यक्तिगत है और इसे राष्ट्रपति मैक्रों के लिए हालात को आसान करने वाला कदम करार दिया।
बीबीसी के मुताबिक, बायरू का इस्तीफा राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों द्वारा मंत्रिमंडल में फेरबदल के कुछ घंटों बाद सामने आया है।
बायरू की मध्यमार्गी पार्टी मोदेम, राष्ट्रपति मैक्रों की ला रिपब्लिक ए मार्च पार्टी की सहयोगी पार्टी है। पार्टी पर आरोप है कि उसने यूरोपीय संघ के कोष का इस्तेमाल पार्टी कार्यकर्ताओं को भुगतान के लिए किया, जिसके लिए उसके खिलाफ जांच चल रही है।
आरोपों के बाद 24 घंटे के भीतर मोदेम पार्टी को मैक्रों के मंत्रिमंडल में मौजूद सभी सभी तीन पदों से हाथ धोना पड़ा। रक्षा मंत्री तथा यूरोपीय संसद के पूर्व सदस्य सिल्वी गोलार्ड मोदेम पार्टी की पहले मंत्री हैं, जिन्होंने मंगलवार को सबसे पहले इस्तीफा दिया।
रपट के मुताबिक, इसके बाद बायरू ने कहा कि वह इस्तीफा दे रहे हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि यूरोपीय मामलों के मंत्री मारिले डी सारनेज भी मंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं और नेशनल एसेंबली में मोदेम का अध्यक्ष पद संभालेंगे।
मैक्रों के निकट सहयोगी रिचर्ड फेरांद ने भी सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने म्युचुअल हेल्थ इंश्योरेंस फंड का अध्यक्ष रहते हुए अपनी पत्नी के लिए एक संपत्ति लेने के लिए सरकारी सूचनाओं का इस्तेमाल किया।
फेरांद तथा गोलार्ड ने किसी भी गलत कार्य से इनकार किया है। बायरू ने कहा है कि वह शाम पांच बजे प्रेस वार्ता करेंगे।
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पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के मंत्रिमंडल के दो और मंत्रियों ने यूरोपीय संसद के फंड के कथित दुरुपयोग की जारी जांच के बाद बुधवार को इस्तीफा दे दिया। समाचार एजेंसी एफे न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक मूवमेंट पार्टी के फ्रांस्वा बायरू तथा मारियेल दे सारनेज ने क्रमशः न्याय मंत्री तथा यूरोपीस मामलों के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले मंगलवार को रक्षा मंत्री सिलवी गोलार्ड ने इस्तीफा दे दिया था। सरकार के प्रवक्ता क्रिस्टोफर कास्टानेर ने यूरोप एक रेडियो से कहा कि बायरू का फैसला व्यक्तिगत है और इसे राष्ट्रपति मैक्रों के लिए हालात को आसान करने वाला कदम करार दिया। बीबीसी के मुताबिक, बायरू का इस्तीफा राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों द्वारा मंत्रिमंडल में फेरबदल के कुछ घंटों बाद सामने आया है। बायरू की मध्यमार्गी पार्टी मोदेम, राष्ट्रपति मैक्रों की ला रिपब्लिक ए मार्च पार्टी की सहयोगी पार्टी है। पार्टी पर आरोप है कि उसने यूरोपीय संघ के कोष का इस्तेमाल पार्टी कार्यकर्ताओं को भुगतान के लिए किया, जिसके लिए उसके खिलाफ जांच चल रही है। आरोपों के बाद चौबीस घंटाटे के भीतर मोदेम पार्टी को मैक्रों के मंत्रिमंडल में मौजूद सभी सभी तीन पदों से हाथ धोना पड़ा। रक्षा मंत्री तथा यूरोपीय संसद के पूर्व सदस्य सिल्वी गोलार्ड मोदेम पार्टी की पहले मंत्री हैं, जिन्होंने मंगलवार को सबसे पहले इस्तीफा दिया। रपट के मुताबिक, इसके बाद बायरू ने कहा कि वह इस्तीफा दे रहे हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि यूरोपीय मामलों के मंत्री मारिले डी सारनेज भी मंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं और नेशनल एसेंबली में मोदेम का अध्यक्ष पद संभालेंगे। मैक्रों के निकट सहयोगी रिचर्ड फेरांद ने भी सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने म्युचुअल हेल्थ इंश्योरेंस फंड का अध्यक्ष रहते हुए अपनी पत्नी के लिए एक संपत्ति लेने के लिए सरकारी सूचनाओं का इस्तेमाल किया। फेरांद तथा गोलार्ड ने किसी भी गलत कार्य से इनकार किया है। बायरू ने कहा है कि वह शाम पांच बजे प्रेस वार्ता करेंगे।
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रायपुर. बजरंग दल बैन को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. अब इस मामले को लेकर भाजपा सह प्रभारी नितिन नबीन ने सरकार पर निशाना साधा है. नितिन नबीन ने कहा, मुख्यमंत्री ने पहले राम पर ताला लगाया. अब बजरंगबली पर पाबंदी की बात कर रहे हैं. बजरंगबली का अपमान करना इनके लिए सामान्य बात है. राम को चुनौती दी गई थी, आज कांग्रेस का क्या हश्र है सबके सामने है. अब बजरंगबली को चुनौती दी है तो आपके अंत होने का समय आ गया है. सनातनी समाज को पीड़ित और शोषण करने का काम किया जा रहा है.
आगे नितिन नबीन ने कहा, कांग्रेस कहती है BJP रामराज्य पर राजनीति करती है, हम रामराज्य लाना चाहते हैं. वो कांग्रेस जिन्होंने राम के होने में सवाल उठाया था, राम के मंदिर में ताला कौन लगाया. रामराज्य का अर्थ होता अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे, इसका मतलब समझते भी हैं. 100 जन्म ले लेंगे तब भी सरकार को समझ नहीं आएगा.
भाजपा सह प्रभारी नितिन नबीन ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, पीएम मोदी एटीएम नहीं है. पीएम मोदी पर्यटन नहीं कर रहे है, देश में ही घूम रहे हैं. भूपेश बघेल कांग्रेस के एटीएम हैं. मोदी पार्टी के लिए प्रचार करने जाते हैं. चढ़ाव चढ़ाने नहीं जाते हैं. जो छत्तीसगढ़ की जनता का जवाब नहीं दे पाया वो देश की जनता का क्या जवाब दे पाएगा? केरल में जो बजरंग बली का अपमान किया है सजा तो मिलेगी.
साथ ही BJP के सहप्रभारी नितिन नबीन ने केरल स्टोरी को देश और छग में टैक्स फ्री करने की मांग की है. उन्होंने कहा, इस फ़िल्म में कई विषय को दिखाया गया है. मुख्यमंत्री से भी कहना चाहता हूं, आप यहां टैक्स फ्री करें. फ़िल्म में हमारी बहनों के साथ हो रहे अत्याचार को दिखाया गया है, छग में भी बहनों के साथ अत्याचार हो रहा है.
सीएम बघेल को अपशब्द कहने वाले बालक का वीडियो सार्वजनिक करने पर नितिन नबीन ने कहा, सत्ता में बैठते हैं तो विरोध झेलने की क्षमता होनी चाहिए. बालक को सार्वजनिक कर दिया, उसकी सुरक्षा का मामला आ गया है. नाबालिक बच्चा है.
रामराज्य की बात करते हैं बहुत कुछ सहना पड़ता है.
आगे नितिन नबीन ने बिरनपुर में हुए भुनेश्वर साहू की हत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा, जहां घटना हुई वो क्षेत्र मंत्री रविन्द्र चौबे का है. मंत्री रविंद्र चौबे ने लोगों से पूछना मुनासिब नहीं समझा की उनका पक्ष क्या है ? पूरे मामले में चुप्पी साधे हैं. परिवार वालों को न्याय मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, परिवार के लोगों ने खुलकर रविंद्र चौबे पर आरोप लगाया है. समाज की चिंता रविन्द्र चौबे ने नहीं की, वह परिवार स्वभिमानी परिवार है. सहायता राशि को लेने से उस परिवार ने इंकार कर दिया. बीजेपी परिवार के साथ है,रणनीति बनाकर न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे.
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रायपुर. बजरंग दल बैन को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. अब इस मामले को लेकर भाजपा सह प्रभारी नितिन नबीन ने सरकार पर निशाना साधा है. नितिन नबीन ने कहा, मुख्यमंत्री ने पहले राम पर ताला लगाया. अब बजरंगबली पर पाबंदी की बात कर रहे हैं. बजरंगबली का अपमान करना इनके लिए सामान्य बात है. राम को चुनौती दी गई थी, आज कांग्रेस का क्या हश्र है सबके सामने है. अब बजरंगबली को चुनौती दी है तो आपके अंत होने का समय आ गया है. सनातनी समाज को पीड़ित और शोषण करने का काम किया जा रहा है. आगे नितिन नबीन ने कहा, कांग्रेस कहती है BJP रामराज्य पर राजनीति करती है, हम रामराज्य लाना चाहते हैं. वो कांग्रेस जिन्होंने राम के होने में सवाल उठाया था, राम के मंदिर में ताला कौन लगाया. रामराज्य का अर्थ होता अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे, इसका मतलब समझते भी हैं. एक सौ जन्म ले लेंगे तब भी सरकार को समझ नहीं आएगा. भाजपा सह प्रभारी नितिन नबीन ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, पीएम मोदी एटीएम नहीं है. पीएम मोदी पर्यटन नहीं कर रहे है, देश में ही घूम रहे हैं. भूपेश बघेल कांग्रेस के एटीएम हैं. मोदी पार्टी के लिए प्रचार करने जाते हैं. चढ़ाव चढ़ाने नहीं जाते हैं. जो छत्तीसगढ़ की जनता का जवाब नहीं दे पाया वो देश की जनता का क्या जवाब दे पाएगा? केरल में जो बजरंग बली का अपमान किया है सजा तो मिलेगी. साथ ही BJP के सहप्रभारी नितिन नबीन ने केरल स्टोरी को देश और छग में टैक्स फ्री करने की मांग की है. उन्होंने कहा, इस फ़िल्म में कई विषय को दिखाया गया है. मुख्यमंत्री से भी कहना चाहता हूं, आप यहां टैक्स फ्री करें. फ़िल्म में हमारी बहनों के साथ हो रहे अत्याचार को दिखाया गया है, छग में भी बहनों के साथ अत्याचार हो रहा है. सीएम बघेल को अपशब्द कहने वाले बालक का वीडियो सार्वजनिक करने पर नितिन नबीन ने कहा, सत्ता में बैठते हैं तो विरोध झेलने की क्षमता होनी चाहिए. बालक को सार्वजनिक कर दिया, उसकी सुरक्षा का मामला आ गया है. नाबालिक बच्चा है. रामराज्य की बात करते हैं बहुत कुछ सहना पड़ता है. आगे नितिन नबीन ने बिरनपुर में हुए भुनेश्वर साहू की हत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा, जहां घटना हुई वो क्षेत्र मंत्री रविन्द्र चौबे का है. मंत्री रविंद्र चौबे ने लोगों से पूछना मुनासिब नहीं समझा की उनका पक्ष क्या है ? पूरे मामले में चुप्पी साधे हैं. परिवार वालों को न्याय मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, परिवार के लोगों ने खुलकर रविंद्र चौबे पर आरोप लगाया है. समाज की चिंता रविन्द्र चौबे ने नहीं की, वह परिवार स्वभिमानी परिवार है. सहायता राशि को लेने से उस परिवार ने इंकार कर दिया. बीजेपी परिवार के साथ है,रणनीति बनाकर न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे.
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निखिल सिद्धार्थ एक भारतीय अभिनेता हैं जो मुख्य रूप से तेलुगु फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जानें जाते हैं। सिद्धार्थ को साल 2007 में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म हैप्पी डेज़ (2007) से प्रसिद्धि मिलीसे लोकप्रियता हासिल हुई थी, जिसके बाद वह कई तेलुगु फिल्मों में दिखाई दिए।
निखिल सिद्धार्थ का जन्म तेलंगाना के हैदराबाद के पड़ोस बेगमपेट में हुआ था। वह हैदराबाद पब्लिक स्कूल से स्कूली शिक्षा लिए हैं, बाद में उन्होंने मुफखम जाह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन किया।
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निखिल सिद्धार्थ एक भारतीय अभिनेता हैं जो मुख्य रूप से तेलुगु फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जानें जाते हैं। सिद्धार्थ को साल दो हज़ार सात में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म हैप्पी डेज़ से प्रसिद्धि मिलीसे लोकप्रियता हासिल हुई थी, जिसके बाद वह कई तेलुगु फिल्मों में दिखाई दिए। निखिल सिद्धार्थ का जन्म तेलंगाना के हैदराबाद के पड़ोस बेगमपेट में हुआ था। वह हैदराबाद पब्लिक स्कूल से स्कूली शिक्षा लिए हैं, बाद में उन्होंने मुफखम जाह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन किया।
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बोलेगा, बाज़ लागों को यहां तक कहते हुये सुना किः
"मियां सच्ची सच्ची बात कह दो कोई अदालत में थोड़ी खड़े हो" मतलब यह है कि झूठ बोलने की जगह तो अदालत है, वहां पर जाकर झूठ बोलना, यहां आपस में जब बात चीत हो रही है तो सच्ची सच्ची बात बता दो, हालांकि अदालत में जाकर झूठी गवाही देने को हुज़ूरे अक़दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने शिर्क दिया है, और यह कई गुनाहों का मजमूआ है।
मदरसे की तस्दीक़ गवाही है
इसलिये जितने सर्टीफिकेट मालूमात के बगैर जारी किये जा रहे हैं, और जारी करने वाला यह जानते हुये जारी कर रहा है कि मैं यह ग़लत सर्टीफिकेट जारी कर रहा हूं। जैसे किसी के बीमार होने का सर्टीफिकेट दे दिया या किसी के पास होने का सर्टीफिकेट दे दिया, या किसी को कैरेक्टर सर्टीफिकेट दे दिया ये सब झूठी गवाही के अन्दर दाख़िल हैं ।
मेरे पास बहुत से लोग मदरसों की तस्दीक कराने के लिये आते हैं, जिसमें इस बात की तस्दीक करनी होती है कि यह मदरसा कायम है, इसमें इतनी तालीम होती है, और इस तस्दीक का मक़सद यह होता है कि ताकि लोगों को इत्मीनान हो जाये कि हक़ीक़त में यह मदरसा कायम है, और इम्दाद का मुस्तहिक है, और अब इन मदरसों की तस्दीक़ लिखने को दिल भी चाहता है, लेकिन वालिद माजिद हज़रत मुफ़्ती मुहम्मद शफ़ी साहिब रहमतुल्लाहि अलैहि को देखा कि जब कभी उनके पास कोई शख़्स मदरसे की तस्दीक़ लिखवाने के लिये आता था तो आप यह उज़ फ़रमाते हुये कहते कि भाई! यह एक गवाही है और जब तक मुझे मदरसे के हालात का इल्म न हो उस वक़्त तक मैं यह तस्दीक नामा जारी नहीं कर सकता, इसलिये कि यह झूठी गवाही हो जायेगी, लेकिन अगर किसी मदरसे के बारे में इल्म होता तो जितना इल्म होता उतना लिख देते।
किताब की तक़रीज लिखना गवाही है
बहुत से लोग किताबों पर तक़रीज़ लिखवाने आ जाते हैं कि हमने यह किताब लिखी है, आप इस पर तक़रीज़ लिख दीजिये कि यह अच्छी किताब है और सही किताब है, हालांकि जब तक इन्सान उस किताब को पूरा न पढ़े, उसका पूरा मुताला न करे, उस वक़्त तक यह कैसे गवाही दे दे कि यह किताब सही है या ग़लत है। बहुत से लोग इस ख़्याल से तक्रीज़ लिख देते हैं कि इस तक़रीज़ से इसका फायदा और भला हो जायेगा, हालांकि तक़रीज़ लिखना एक गवाही है और उस गवाही में ग़लत बयानी को लोगों ने गलत बयानी से खारिज कर दिया है। चुनांचे लोग कहते हैं कि साहिब हम तो एक ज़रा सा काम लेकर उनके पास गये थे, अगर ज़रा सा कलम हिला देते और एक सर्टीफिकेट लिख देते तो उनका क्या बिगड़ जाता, यह तो बड़े बद अख़लाक़ आदमी हैं कि किसी को सर्टीफिकेट भी जारी नहीं करते, भाई! बात असल में यह है कि अल्लाह तआला के यहां एक एक लफ़्ज़ के बारे में सवाल होगा, जो लफ़्ज़ ज़बान से निकल रहा है, जो लफ़्ज़ क़लम से लिखा जा रहा है, सब अल्लाह तआला के यहां रिकार्ड हो रहा है, और उसके बारे में सवाल होगा कि फलां लफ़्ज़ तुमने जो ज़बान से निकाला था वह किस बुनियाद पर निकाला था, जान बूझ कर बोला था या भूल कर बोला था ।
झूठ से बचिये
भाई ! हमारे मुआशरे (समाज) में जो झूठ की वबा फैल गयी है, इसमें अच्छे खासे दीनदार, पढ़े लिखे, नमाज़ी, बुजुर्गों से ताल्लुक रखने वाले, वजीफे और तसबीह पढ़ने वाले भी मुब्तला हैं, वे भी इसको ना जायज़ और बुरा नहीं समझते कि यह झूठा सर्टीफिकेट जारी हो जायेगा तो यह कोई गुनाह होगा, हालांकि हदीस शरीफ में हुज़ूरे पाक सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यह जो फ़रमाया कि "इज़ा ह-द-स कज़ि-ब" (यानी जब बात करे तो झूठ बोले) इसमें ये सब बातें भी
दाख़िल हैं, और ये सब दीन का हिस्सा हैं, और इनको दीन से ख़ारिज समझना बदतरीन गुमराही है, इसलिये इनसे बचना ज़रूरी है।
झूठ की इजाज़त के मौके
लेकिन बाज़ मौके ऐसे होते हैं कि उनमें अल्लाह तआला ने झूठ की भी इजाज़त दे दी है। लेकिन वह मौके ऐसे हैं कि जहां इन्सान अपनी जान बचाने के लिये झूठ बोलने पर मजबूर हो जाये, और जान बचाने के लिये इसके अलावा कोई रास्ता न हो, या कोई ना क़ाबिले बर्दाश्त ज़ुल्म और तक्लीफ़ का अन्देशा हो, कि अगर वह झूठ नहीं बोलेगा तो वह ऐसे ज़ुल्म का शिकार हो जायेगा जो काबिले बर्दाश्त नहीं है, इस सूरत में शरीअत ने झूठ बोलने की इजाज़त दी है। लेकिन इसमें भी हुक्म यह है कि पहले इस बात की कोशिश करो कि साफ़ झूठ बोलना न पड़े, बल्कि ऐसा कोई गोल मोल लफ़्ज़ बोल दो जिस से वक़्ती मुसीबत टल जाये, जिसको शरीअत की इस्तिलाह में "तारीज़ और तोरिया" कहा जाता है, जिसका मतलब यह है कि कोई ऐसा लफ़्ज़ बोल दिया जाये, जिसके ज़ाहिरी तौर पर कुछ और मायने समझ में आ रहे हैं और हकीकत में दिल के अन्दर आपने कुछ और मुराद लिया है। ऐसा गोल मोल लफ़्ज़ बोल दो ताकि खुला झूठ न बोलना पड़े ।
हज़रत अबू बक्र सिद्दीक रजि० का झूठ से बचना
हिजरत के मौके पर जब हज़रत सिद्दीके अक्बर रज़ियल्लाहु अन्हु हुज़ूरे अक्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ मदीने की तरफ हिजरत फरमा रहे थे, तो उस वक़्त मक्का वालों ने आपको पकड़ने के लिये चारों तरफ अपने हरकारे दौड़ा रखे थे। और ऐलान कर रखा था कि जो शख़्स हुज़ूरे अक्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को पकड़ कर लायेगा उसको सौ ऊंट इनाम के तौर पर दिये जायेंगे। अब उस वक़्त सारे मक्के के लोग आपकी तलाश में लगे हुए थे, रास्ते में हज़रत सिद्दीके अक्बर रज़ियल्लाहु अन्हु के जानने वाला एक शख़्स मिल गया,
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बोलेगा, बाज़ लागों को यहां तक कहते हुये सुना किः "मियां सच्ची सच्ची बात कह दो कोई अदालत में थोड़ी खड़े हो" मतलब यह है कि झूठ बोलने की जगह तो अदालत है, वहां पर जाकर झूठ बोलना, यहां आपस में जब बात चीत हो रही है तो सच्ची सच्ची बात बता दो, हालांकि अदालत में जाकर झूठी गवाही देने को हुज़ूरे अक़दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने शिर्क दिया है, और यह कई गुनाहों का मजमूआ है। मदरसे की तस्दीक़ गवाही है इसलिये जितने सर्टीफिकेट मालूमात के बगैर जारी किये जा रहे हैं, और जारी करने वाला यह जानते हुये जारी कर रहा है कि मैं यह ग़लत सर्टीफिकेट जारी कर रहा हूं। जैसे किसी के बीमार होने का सर्टीफिकेट दे दिया या किसी के पास होने का सर्टीफिकेट दे दिया, या किसी को कैरेक्टर सर्टीफिकेट दे दिया ये सब झूठी गवाही के अन्दर दाख़िल हैं । मेरे पास बहुत से लोग मदरसों की तस्दीक कराने के लिये आते हैं, जिसमें इस बात की तस्दीक करनी होती है कि यह मदरसा कायम है, इसमें इतनी तालीम होती है, और इस तस्दीक का मक़सद यह होता है कि ताकि लोगों को इत्मीनान हो जाये कि हक़ीक़त में यह मदरसा कायम है, और इम्दाद का मुस्तहिक है, और अब इन मदरसों की तस्दीक़ लिखने को दिल भी चाहता है, लेकिन वालिद माजिद हज़रत मुफ़्ती मुहम्मद शफ़ी साहिब रहमतुल्लाहि अलैहि को देखा कि जब कभी उनके पास कोई शख़्स मदरसे की तस्दीक़ लिखवाने के लिये आता था तो आप यह उज़ फ़रमाते हुये कहते कि भाई! यह एक गवाही है और जब तक मुझे मदरसे के हालात का इल्म न हो उस वक़्त तक मैं यह तस्दीक नामा जारी नहीं कर सकता, इसलिये कि यह झूठी गवाही हो जायेगी, लेकिन अगर किसी मदरसे के बारे में इल्म होता तो जितना इल्म होता उतना लिख देते। किताब की तक़रीज लिखना गवाही है बहुत से लोग किताबों पर तक़रीज़ लिखवाने आ जाते हैं कि हमने यह किताब लिखी है, आप इस पर तक़रीज़ लिख दीजिये कि यह अच्छी किताब है और सही किताब है, हालांकि जब तक इन्सान उस किताब को पूरा न पढ़े, उसका पूरा मुताला न करे, उस वक़्त तक यह कैसे गवाही दे दे कि यह किताब सही है या ग़लत है। बहुत से लोग इस ख़्याल से तक्रीज़ लिख देते हैं कि इस तक़रीज़ से इसका फायदा और भला हो जायेगा, हालांकि तक़रीज़ लिखना एक गवाही है और उस गवाही में ग़लत बयानी को लोगों ने गलत बयानी से खारिज कर दिया है। चुनांचे लोग कहते हैं कि साहिब हम तो एक ज़रा सा काम लेकर उनके पास गये थे, अगर ज़रा सा कलम हिला देते और एक सर्टीफिकेट लिख देते तो उनका क्या बिगड़ जाता, यह तो बड़े बद अख़लाक़ आदमी हैं कि किसी को सर्टीफिकेट भी जारी नहीं करते, भाई! बात असल में यह है कि अल्लाह तआला के यहां एक एक लफ़्ज़ के बारे में सवाल होगा, जो लफ़्ज़ ज़बान से निकल रहा है, जो लफ़्ज़ क़लम से लिखा जा रहा है, सब अल्लाह तआला के यहां रिकार्ड हो रहा है, और उसके बारे में सवाल होगा कि फलां लफ़्ज़ तुमने जो ज़बान से निकाला था वह किस बुनियाद पर निकाला था, जान बूझ कर बोला था या भूल कर बोला था । झूठ से बचिये भाई ! हमारे मुआशरे में जो झूठ की वबा फैल गयी है, इसमें अच्छे खासे दीनदार, पढ़े लिखे, नमाज़ी, बुजुर्गों से ताल्लुक रखने वाले, वजीफे और तसबीह पढ़ने वाले भी मुब्तला हैं, वे भी इसको ना जायज़ और बुरा नहीं समझते कि यह झूठा सर्टीफिकेट जारी हो जायेगा तो यह कोई गुनाह होगा, हालांकि हदीस शरीफ में हुज़ूरे पाक सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यह जो फ़रमाया कि "इज़ा ह-द-स कज़ि-ब" इसमें ये सब बातें भी दाख़िल हैं, और ये सब दीन का हिस्सा हैं, और इनको दीन से ख़ारिज समझना बदतरीन गुमराही है, इसलिये इनसे बचना ज़रूरी है। झूठ की इजाज़त के मौके लेकिन बाज़ मौके ऐसे होते हैं कि उनमें अल्लाह तआला ने झूठ की भी इजाज़त दे दी है। लेकिन वह मौके ऐसे हैं कि जहां इन्सान अपनी जान बचाने के लिये झूठ बोलने पर मजबूर हो जाये, और जान बचाने के लिये इसके अलावा कोई रास्ता न हो, या कोई ना क़ाबिले बर्दाश्त ज़ुल्म और तक्लीफ़ का अन्देशा हो, कि अगर वह झूठ नहीं बोलेगा तो वह ऐसे ज़ुल्म का शिकार हो जायेगा जो काबिले बर्दाश्त नहीं है, इस सूरत में शरीअत ने झूठ बोलने की इजाज़त दी है। लेकिन इसमें भी हुक्म यह है कि पहले इस बात की कोशिश करो कि साफ़ झूठ बोलना न पड़े, बल्कि ऐसा कोई गोल मोल लफ़्ज़ बोल दो जिस से वक़्ती मुसीबत टल जाये, जिसको शरीअत की इस्तिलाह में "तारीज़ और तोरिया" कहा जाता है, जिसका मतलब यह है कि कोई ऐसा लफ़्ज़ बोल दिया जाये, जिसके ज़ाहिरी तौर पर कुछ और मायने समझ में आ रहे हैं और हकीकत में दिल के अन्दर आपने कुछ और मुराद लिया है। ऐसा गोल मोल लफ़्ज़ बोल दो ताकि खुला झूठ न बोलना पड़े । हज़रत अबू बक्र सिद्दीक रजिशून्य का झूठ से बचना हिजरत के मौके पर जब हज़रत सिद्दीके अक्बर रज़ियल्लाहु अन्हु हुज़ूरे अक्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ मदीने की तरफ हिजरत फरमा रहे थे, तो उस वक़्त मक्का वालों ने आपको पकड़ने के लिये चारों तरफ अपने हरकारे दौड़ा रखे थे। और ऐलान कर रखा था कि जो शख़्स हुज़ूरे अक्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को पकड़ कर लायेगा उसको सौ ऊंट इनाम के तौर पर दिये जायेंगे। अब उस वक़्त सारे मक्के के लोग आपकी तलाश में लगे हुए थे, रास्ते में हज़रत सिद्दीके अक्बर रज़ियल्लाहु अन्हु के जानने वाला एक शख़्स मिल गया,
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टोनी आलम, एएनएम न्यूज़ : मंगलवार को जामुड़िया थाना क्षेत्र के बोगरा इलाके में लूट का प्रयास करने की घटना से इलाके में दहशत फैल गया। जामुड़िया के बोगरा इलाके के लोगों ने मंगलवार रात ऐसी ही घटना देखी। घटना के संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि जामुड़िया थाना क्षेत्र के श्रीपुर फाड़ी के बोगरा सिनेमा हॉल लगोआ क्षेत्र में रात करीब आठ बजे एक लूट करने एक दल ने इसिएल मजदूर बिकास गरई के घर के सामने का दरवाजा खटखटाया। घर के मालिक को बुलाकर घर के अंदर रुपये लाने की मांग करते हुए उसके ऊपर तमंचा तान दिया तमंचे से जैसे ही ईसीएल कर्मी को यह बताया गया तो वह घर में घुस गया और छत पर चढ़कर चिल्लाने लगा। उनका दावा था कि जब उनकी बेटी ने घटना की सूचना पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। अब बड़ी संख्या में पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, अब घटना की जांच शुरू हो गई है। घटना की सूचना पाकर घटनास्थल पर आसनसोल दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के डीसी सेंट्रल एसए कुलदीप, एसीपी सेंट्रल से श्रीमंत बनर्जी, जामुड़िया थाने के प्रभारी राहुल देव मंडल और कई वरिष्ठ अधिकारि घटना स्थल पर पहुंच गए घटना की जांच में जुट गए।
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टोनी आलम, एएनएम न्यूज़ : मंगलवार को जामुड़िया थाना क्षेत्र के बोगरा इलाके में लूट का प्रयास करने की घटना से इलाके में दहशत फैल गया। जामुड़िया के बोगरा इलाके के लोगों ने मंगलवार रात ऐसी ही घटना देखी। घटना के संदर्भ में ज्ञात हुआ है कि जामुड़िया थाना क्षेत्र के श्रीपुर फाड़ी के बोगरा सिनेमा हॉल लगोआ क्षेत्र में रात करीब आठ बजे एक लूट करने एक दल ने इसिएल मजदूर बिकास गरई के घर के सामने का दरवाजा खटखटाया। घर के मालिक को बुलाकर घर के अंदर रुपये लाने की मांग करते हुए उसके ऊपर तमंचा तान दिया तमंचे से जैसे ही ईसीएल कर्मी को यह बताया गया तो वह घर में घुस गया और छत पर चढ़कर चिल्लाने लगा। उनका दावा था कि जब उनकी बेटी ने घटना की सूचना पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। अब बड़ी संख्या में पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, अब घटना की जांच शुरू हो गई है। घटना की सूचना पाकर घटनास्थल पर आसनसोल दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के डीसी सेंट्रल एसए कुलदीप, एसीपी सेंट्रल से श्रीमंत बनर्जी, जामुड़िया थाने के प्रभारी राहुल देव मंडल और कई वरिष्ठ अधिकारि घटना स्थल पर पहुंच गए घटना की जांच में जुट गए।
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लगातार हो रही बारिश ने सभी की दिक्कतें बढ़ा दी है। गुरुवार देर रात हुई बारिश से अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में भी पानी घुस गया। नाली ने नाले का रूप ले लिया, जिससे साउथ पोर्टल के छोर में बनी पानी की निकासी बंद हो गई। कुछ देर के लिए पानी टनल के अंदर में घुस गया और तालाब जैसा रूप धारण कर गया। लेकिन फिर धीरे-धीरे पानी टनल के भीतर बनी नालियों से होकर निकल गया। वायरल टनल के बाहर की वीडियो को देख साफ लग रहा है कि पानी का भाव काफी अधिक था, जो कि नाले से बहता हुआ टनल की ओर भी जा घुसा। अटल टनल के ठीक ऊपर सेरी नाला बहता है, जिसका रिसाव अभी भी बीआरओ के लिए सिरदर्द बना हुआ है। बीआरओ ने इस पानी के रिसाव को ठीक करने का जिम्मा एनएचपीसी को दिया है। योजक परियोजना के चीफ इंजीनियर जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि पानी की निकासी में कचरा फंस जाने से बहाव रुक गया था। उन्होंने साफ किया है कि सोशल मीडिया में भ्रांति भी फैलाई गई है, जिसकी और ध्यान न दिया जाए।
गौर रहे कि कई साल अटल टनल बनने के लिए लगे। उसमें सबसे बड़ी रुकावट सेरी नाला थी। नाले में बार-बार पानी आने से इसका सीधा प्रभाव टनल पर पड़ रहा था। वहीं, आज एक बार फिर टनल तैयार होने के बाद भी सेरी नाला से बहने वाला पानी अभी भी बीआरओ के लिए गले की फांस बना हुआ है। अगर समय रहते इसे सही से ठीक नहीं किया गया, तो यह दिक्कत आगे भी रह सकती है।
टनल के अंदर घुसे पानी की वायरल वीडियो ने कई सवाल जनता के मन में खड़े कर दिए हैं। लोगों की मानें तो जिन टनल को बनाने के लिए कई हजार करोड़ खर्चे किए गए, फिर भी बारिश का पानी टनल के अंदर आना खतरे से खाली नहीं है। बीआरओ के अधिकारी भले ही यह कह रहे हो कि टनल के छत के साथ लगती दीवार के पीछे नाली में कचरा फंस जाने से टनल के अंदर 50 मीटर तक पानी भर गया था।
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लगातार हो रही बारिश ने सभी की दिक्कतें बढ़ा दी है। गुरुवार देर रात हुई बारिश से अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में भी पानी घुस गया। नाली ने नाले का रूप ले लिया, जिससे साउथ पोर्टल के छोर में बनी पानी की निकासी बंद हो गई। कुछ देर के लिए पानी टनल के अंदर में घुस गया और तालाब जैसा रूप धारण कर गया। लेकिन फिर धीरे-धीरे पानी टनल के भीतर बनी नालियों से होकर निकल गया। वायरल टनल के बाहर की वीडियो को देख साफ लग रहा है कि पानी का भाव काफी अधिक था, जो कि नाले से बहता हुआ टनल की ओर भी जा घुसा। अटल टनल के ठीक ऊपर सेरी नाला बहता है, जिसका रिसाव अभी भी बीआरओ के लिए सिरदर्द बना हुआ है। बीआरओ ने इस पानी के रिसाव को ठीक करने का जिम्मा एनएचपीसी को दिया है। योजक परियोजना के चीफ इंजीनियर जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि पानी की निकासी में कचरा फंस जाने से बहाव रुक गया था। उन्होंने साफ किया है कि सोशल मीडिया में भ्रांति भी फैलाई गई है, जिसकी और ध्यान न दिया जाए। गौर रहे कि कई साल अटल टनल बनने के लिए लगे। उसमें सबसे बड़ी रुकावट सेरी नाला थी। नाले में बार-बार पानी आने से इसका सीधा प्रभाव टनल पर पड़ रहा था। वहीं, आज एक बार फिर टनल तैयार होने के बाद भी सेरी नाला से बहने वाला पानी अभी भी बीआरओ के लिए गले की फांस बना हुआ है। अगर समय रहते इसे सही से ठीक नहीं किया गया, तो यह दिक्कत आगे भी रह सकती है। टनल के अंदर घुसे पानी की वायरल वीडियो ने कई सवाल जनता के मन में खड़े कर दिए हैं। लोगों की मानें तो जिन टनल को बनाने के लिए कई हजार करोड़ खर्चे किए गए, फिर भी बारिश का पानी टनल के अंदर आना खतरे से खाली नहीं है। बीआरओ के अधिकारी भले ही यह कह रहे हो कि टनल के छत के साथ लगती दीवार के पीछे नाली में कचरा फंस जाने से टनल के अंदर पचास मीटर तक पानी भर गया था।
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Mukhtar Abbas Naqvi: देश में जहां जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने की मांग हो रही है वहीं इसपर अब राजनीति भी तेज होने लगी है।
Mukhtar Abbas Naqvi से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। दरअसल,अल्पसंख्यक मामलों में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मोदी मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे दिया है।
Mukhtar Abbas Naqvi: राहुल गांधी के कश्मीर से कन्याकुमारी तक के पद यात्रा को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी का बयान सामने आया है।
Mukhtar Abbas Naqvi: कांग्रेस मंहगाई के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ 31 मार्च यानि आज से देश भर में प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस 31 मार्च से 7 अप्रैल तक 'मंहगाई मुक्त भारत अभियान' चलाएगी।
UP Election Result 2022: उत्तर प्रदेश समेत पाचों राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से मतगणना संपन्न होने के बाद 10 मार्च यानी कि कल नतीजे घोषित किए जाएंगे।
Mukhtar Abbas Naqvi ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में जन चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि लोग यूपी को बाहुबलियों का गुलाम बनाना चाहते हैं।
PM Security Breach: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में हुई चूक के बाद से पीएम मोदी की दीर्घायु और सलामती को लेकर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही मस्जिद में दुआएं मांगी जा रहीं हैं।
केंद्रीय अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री Mukhtar Abbas Naqvi ने शनिवार को कहा कि महिलाओं की स्वतंत्रता, सम्मान, सशक्तिकरण एवं संवैधानिक समानता पर 'तालिबानी सोच और सनक' हिंदुस्तान में नहीं चलेगी।
केंद्रीय मंत्री Mukhtar Abbas Naqvi ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रही रार पर चुटकी ली है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष का चौधरी बनने के लिए कांग्रेस और टीएमसी के बीच मुकाबला है। उन्होंने एक बयान में कहा कि कांग्रेस-कांग्रेस में हिट एंड रन केस का खेल हो रहा है। एक तरफ त्रिमूर्ति कांग्रेस है और दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस है। इसका कारण केवल एक है कि विपक्ष का चौधरी कौन है। इससे ज्यादा ये कुछ नहीं है।
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा है। उन्होंने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री पर उस बयान के लिए निशाना साधा, जिसमें अखिलेश यादव ने कहा था कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समाजवादी पार्टी की देन है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'अखिलेश यादव ने ग़लत कहा है उन्हें कहना चाहिए था उत्तर प्रदेश की धरती उनके परिवार ने बनाई है। उनकी मेहरबानी से उत्तर प्रदेश के लोग धरती पर चल रहे हैं। इन्हें कांग्रेस की बीमारी लग गई है। '
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Mukhtar Abbas Naqvi: देश में जहां जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने की मांग हो रही है वहीं इसपर अब राजनीति भी तेज होने लगी है। Mukhtar Abbas Naqvi से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। दरअसल,अल्पसंख्यक मामलों में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मोदी मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे दिया है। Mukhtar Abbas Naqvi: राहुल गांधी के कश्मीर से कन्याकुमारी तक के पद यात्रा को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी का बयान सामने आया है। Mukhtar Abbas Naqvi: कांग्रेस मंहगाई के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ इकतीस मार्च यानि आज से देश भर में प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस इकतीस मार्च से सात अप्रैल तक 'मंहगाई मुक्त भारत अभियान' चलाएगी। UP Election Result दो हज़ार बाईस: उत्तर प्रदेश समेत पाचों राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से मतगणना संपन्न होने के बाद दस मार्च यानी कि कल नतीजे घोषित किए जाएंगे। Mukhtar Abbas Naqvi ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में जन चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि लोग यूपी को बाहुबलियों का गुलाम बनाना चाहते हैं। PM Security Breach: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में हुई चूक के बाद से पीएम मोदी की दीर्घायु और सलामती को लेकर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही मस्जिद में दुआएं मांगी जा रहीं हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री Mukhtar Abbas Naqvi ने शनिवार को कहा कि महिलाओं की स्वतंत्रता, सम्मान, सशक्तिकरण एवं संवैधानिक समानता पर 'तालिबानी सोच और सनक' हिंदुस्तान में नहीं चलेगी। केंद्रीय मंत्री Mukhtar Abbas Naqvi ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रही रार पर चुटकी ली है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष का चौधरी बनने के लिए कांग्रेस और टीएमसी के बीच मुकाबला है। उन्होंने एक बयान में कहा कि कांग्रेस-कांग्रेस में हिट एंड रन केस का खेल हो रहा है। एक तरफ त्रिमूर्ति कांग्रेस है और दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस है। इसका कारण केवल एक है कि विपक्ष का चौधरी कौन है। इससे ज्यादा ये कुछ नहीं है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा है। उन्होंने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री पर उस बयान के लिए निशाना साधा, जिसमें अखिलेश यादव ने कहा था कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समाजवादी पार्टी की देन है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'अखिलेश यादव ने ग़लत कहा है उन्हें कहना चाहिए था उत्तर प्रदेश की धरती उनके परिवार ने बनाई है। उनकी मेहरबानी से उत्तर प्रदेश के लोग धरती पर चल रहे हैं। इन्हें कांग्रेस की बीमारी लग गई है। '
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आज 156, भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के उम्मीदवार अजीत शर्मा ऩे विधान सभा चुनाव, 2020 के लिये नामांकन दर्ज किया।
सर्वप्रथम श्री शर्मा ने प्रातः काल में भागलपुर के बाबा बूढ़ानाथ मन्दिर में सपरिवार अभिषेक तथा आरती कर उनसे जीत के लिए आर्शीवाद प्रमांगा। तदोपरान्त मौलानाचक के खानकाह शाहबाजिया में चादरपोशी कर जीत की दुआ मांगी। पुनः स्टेशन चौक भागलपुर में डा0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वैरायटी चौक स्थित बाबा दुग्धेश्वर नाथ महादेव के मन्दिर में पूजा अर्चना किया और वहाँ से खलीफाबाग चौक होते हुए घण्टाघर स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस कार्यक्रम के उपरान्त भागलपुर की जनता से आर्शीवाद मांगत् हुए अनुमण्डल कार्यालय सदर भागलपुर में अपना नामांकन दाखिल किया।
इस मौके पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सह पार्षद श्री संजय कुमार सिन्हा, डा0 अभय आनन्द, महगामा विधायक श्रीमती दीपिका पाण्डेय, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्षा कोमल सृष्टि, सुनन्दा रक्षित, रविन्द्र नाथ यादव, अभिषेक चौबे, अभिजीत गुप्ता, प्रवीण झा, सौरभ पारिक, विवेक जैन, गुंजन ठाकुर, मिन्टू कुरैशी, गोपाल यादव, मो० उस्मान, रवि हरि, रणवीर शर्मा, पूजा साह, पूनम मिश्रा, उषा रानी, नीलम देवी, असफाक मेंहदी, विशाल कुमार, बेचन दास सहित कई लोग उपस्थित थें।
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आज एक सौ छप्पन, भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के उम्मीदवार अजीत शर्मा ऩे विधान सभा चुनाव, दो हज़ार बीस के लिये नामांकन दर्ज किया। सर्वप्रथम श्री शर्मा ने प्रातः काल में भागलपुर के बाबा बूढ़ानाथ मन्दिर में सपरिवार अभिषेक तथा आरती कर उनसे जीत के लिए आर्शीवाद प्रमांगा। तदोपरान्त मौलानाचक के खानकाह शाहबाजिया में चादरपोशी कर जीत की दुआ मांगी। पुनः स्टेशन चौक भागलपुर में डाशून्य भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वैरायटी चौक स्थित बाबा दुग्धेश्वर नाथ महादेव के मन्दिर में पूजा अर्चना किया और वहाँ से खलीफाबाग चौक होते हुए घण्टाघर स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस कार्यक्रम के उपरान्त भागलपुर की जनता से आर्शीवाद मांगत् हुए अनुमण्डल कार्यालय सदर भागलपुर में अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सह पार्षद श्री संजय कुमार सिन्हा, डाशून्य अभय आनन्द, महगामा विधायक श्रीमती दीपिका पाण्डेय, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्षा कोमल सृष्टि, सुनन्दा रक्षित, रविन्द्र नाथ यादव, अभिषेक चौबे, अभिजीत गुप्ता, प्रवीण झा, सौरभ पारिक, विवेक जैन, गुंजन ठाकुर, मिन्टू कुरैशी, गोपाल यादव, मोशून्य उस्मान, रवि हरि, रणवीर शर्मा, पूजा साह, पूनम मिश्रा, उषा रानी, नीलम देवी, असफाक मेंहदी, विशाल कुमार, बेचन दास सहित कई लोग उपस्थित थें।
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बसडीला बाजार में गश्त करती पुलिस, इनसेट में मृतक अंकित के परिजन.
गोपालगंज. गोपालगंज के छात्र अंकित कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार 8 नामजद आरोपियों को सरेंडर करने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया है. सरेंडर नहीं करने पर गोपालगंज पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई करने की बात कही है. सदर एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि हत्या के मामले में 8 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें एक नाबालिग है, जबकि फरार 8 आरोपियों की तलाश में छपरा समेत अन्य जगहों पर छापेमारी चल रही है.
एसडीपीओ ने दावा किया है कि 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस कुर्की करेगी और कोर्ट से पुलिस को इसके लिए ऑर्डर भी मिल चुके हैं. पुलिस की ओर से लिए गए कड़े एक्शन के बाद पीड़ित परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद जताई है. वहीं, अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है या फिर कुर्की की कार्रवाई करती है.
बता दें कि क्रिकेट खेलने के पूर्व के विवाद को लेकर 27 जनवरी की पसरमा गांव निवासी अंकित कुमार की बसडीला मस्जिद के पास पीटकर हत्या कर दी गयी थी. जबकि मृतक के दोस्त हरिओम को चाकू से जख्मी कर दिया गया था, जिसका इलाज गोरखपुर में चल रहा है. हत्या का आरोप बसडीला बाजार के मुस्लिम समुदाय के लोगों पर लगा है.
हत्या के मामले में फरार अभियुक्त शहादत मियां, शमशेर मियां, सोनू मियां, आरिफ मियां सोनू मियां-2, सुभान अली, अहमद अली, दिलशाद की तलाश पुलिस को है. बता दें कि अंकित की हत्या में नगर थाने की पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें एक नाबालिग लड़की है. जेल भेजे गए आरोपितों में आदिल अली, मुन्ना मियां, तारा मुन्नी खातून, अकबरी खातून, मुरी मियां, अफरोज आलम और फिरोज आलम शामिल है.
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बसडीला बाजार में गश्त करती पुलिस, इनसेट में मृतक अंकित के परिजन. गोपालगंज. गोपालगंज के छात्र अंकित कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार आठ नामजद आरोपियों को सरेंडर करने के लिए चौबीस घंटाटे का वक्त दिया है. सरेंडर नहीं करने पर गोपालगंज पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई करने की बात कही है. सदर एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि हत्या के मामले में आठ आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें एक नाबालिग है, जबकि फरार आठ आरोपियों की तलाश में छपरा समेत अन्य जगहों पर छापेमारी चल रही है. एसडीपीओ ने दावा किया है कि चौबीस घंटाटे के अंदर गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस कुर्की करेगी और कोर्ट से पुलिस को इसके लिए ऑर्डर भी मिल चुके हैं. पुलिस की ओर से लिए गए कड़े एक्शन के बाद पीड़ित परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद जताई है. वहीं, अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है या फिर कुर्की की कार्रवाई करती है. बता दें कि क्रिकेट खेलने के पूर्व के विवाद को लेकर सत्ताईस जनवरी की पसरमा गांव निवासी अंकित कुमार की बसडीला मस्जिद के पास पीटकर हत्या कर दी गयी थी. जबकि मृतक के दोस्त हरिओम को चाकू से जख्मी कर दिया गया था, जिसका इलाज गोरखपुर में चल रहा है. हत्या का आरोप बसडीला बाजार के मुस्लिम समुदाय के लोगों पर लगा है. हत्या के मामले में फरार अभियुक्त शहादत मियां, शमशेर मियां, सोनू मियां, आरिफ मियां सोनू मियां-दो, सुभान अली, अहमद अली, दिलशाद की तलाश पुलिस को है. बता दें कि अंकित की हत्या में नगर थाने की पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें एक नाबालिग लड़की है. जेल भेजे गए आरोपितों में आदिल अली, मुन्ना मियां, तारा मुन्नी खातून, अकबरी खातून, मुरी मियां, अफरोज आलम और फिरोज आलम शामिल है. .
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वेलिंगटन/नई दिल्ली, 14 मार्च (Cricketnmore) । साउथ अफ्रीकी कप्तान कप्तान एबी डि विलियर्स ने विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक पर विश्वास जताते हुए कहा कि 'मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि डी कॉक मैच विजेता हैं और वे हमारे लिए वर्ल्ड कप जीतने में अहम भूमिका निभाएंगे। वे अभी भी मेरी पहली पसंद है। जब जरूरत होगी वे हमारे लिए एक बड़ी पारी खेलेंगे। मैं उन्हें आउट होते देखकर दुखी हूं लेकिन हम इस पर जल्द ही बात करेंगे।'
डी कॉक वर्ल्ड कप के लीग चरण में साउथ अफ्रीका के एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्होंने अभी तक शतक नहीं बनाया है, लेकिन इसके बावजूद वे नॉकआउट दौर के लिए कप्तान एबी डि विलियर्स की पहली पसंद बने हुए हैं।
क्विंटन डी कॉक का इस टूर्नामेंट में सर्वोच्च स्कोर 26 रन है, जो उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया है। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने काफी समय पिच पर बिताया, जो डि विलियर्स के मुताबित अच्छे संकेत हैं।
उन्होंने कहा- 'उन्होंने फॉर्म में लौटने के संकेत दिए हैं। वे पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में दिख रहे थे।' डि विलियर्स ने कहा कि वे अब विकेटकीपिंग नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा- 'इससे जब मैं मैदान पर होता हूं और गेंदबाजों को हैंडल करता हूं, मुझ पर दबाव बढ़ जाता है। जब मैं कीपिंग नहीं कर रहा होता हूं तो मेरे पास काफी समय रहता है।'
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वेलिंगटन/नई दिल्ली, चौदह मार्च । साउथ अफ्रीकी कप्तान कप्तान एबी डि विलियर्स ने विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक पर विश्वास जताते हुए कहा कि 'मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि डी कॉक मैच विजेता हैं और वे हमारे लिए वर्ल्ड कप जीतने में अहम भूमिका निभाएंगे। वे अभी भी मेरी पहली पसंद है। जब जरूरत होगी वे हमारे लिए एक बड़ी पारी खेलेंगे। मैं उन्हें आउट होते देखकर दुखी हूं लेकिन हम इस पर जल्द ही बात करेंगे।' डी कॉक वर्ल्ड कप के लीग चरण में साउथ अफ्रीका के एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्होंने अभी तक शतक नहीं बनाया है, लेकिन इसके बावजूद वे नॉकआउट दौर के लिए कप्तान एबी डि विलियर्स की पहली पसंद बने हुए हैं। क्विंटन डी कॉक का इस टूर्नामेंट में सर्वोच्च स्कोर छब्बीस रन है, जो उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया है। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने काफी समय पिच पर बिताया, जो डि विलियर्स के मुताबित अच्छे संकेत हैं। उन्होंने कहा- 'उन्होंने फॉर्म में लौटने के संकेत दिए हैं। वे पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में दिख रहे थे।' डि विलियर्स ने कहा कि वे अब विकेटकीपिंग नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा- 'इससे जब मैं मैदान पर होता हूं और गेंदबाजों को हैंडल करता हूं, मुझ पर दबाव बढ़ जाता है। जब मैं कीपिंग नहीं कर रहा होता हूं तो मेरे पास काफी समय रहता है।'
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नेशनल डेस्कः लखनऊ में 12वीं के एक छात्र की उसके दो 'दोस्तों' ने चाकू मारकर हत्या कर दी। 19 वर्षीय पीड़िता की रविवार को यहां एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले के दो आरोपियों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इस संबंध में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गोमती नगर थाने के इंस्पेक्टर दीपक कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक की पहचान आकाश कश्यप के रूप में हुई है, जिसके पिता जगदीश कश्यप इंदिरा नगर कॉलोनी के भूतनाथ बाजार के पास सड़क किनारे भोजनालय चलाते हैं. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान अभय प्रताप सिंह और देवांश कुमार के रूप में हुई है. यह घटना उनके दोस्त अवनीश तिवारी के कमरे में हुई जहां चार दोस्तों का एक समूह पार्टी कर रहा था।
बताया जा रहा है कि पैसे को लेकर आकाश की फोन पर अभय से कहासुनी हो गई थी। अभय के अनुसार, आकाश उसे 1,000 रुपये वापस नहीं कर रहा था जो उसने उधार लिया था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आकाश और अभय अपने एक अन्य दोस्त देवांश के साथ तिवारी के घर पहुंचे, जहां दोनों के बीच शराब पीने के दौरान कहासुनी हो गई।
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नेशनल डेस्कः लखनऊ में बारहवीं के एक छात्र की उसके दो 'दोस्तों' ने चाकू मारकर हत्या कर दी। उन्नीस वर्षीय पीड़िता की रविवार को यहां एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले के दो आरोपियों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इस संबंध में आईपीसी की धारा तीन सौ दो के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गोमती नगर थाने के इंस्पेक्टर दीपक कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक की पहचान आकाश कश्यप के रूप में हुई है, जिसके पिता जगदीश कश्यप इंदिरा नगर कॉलोनी के भूतनाथ बाजार के पास सड़क किनारे भोजनालय चलाते हैं. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान अभय प्रताप सिंह और देवांश कुमार के रूप में हुई है. यह घटना उनके दोस्त अवनीश तिवारी के कमरे में हुई जहां चार दोस्तों का एक समूह पार्टी कर रहा था। बताया जा रहा है कि पैसे को लेकर आकाश की फोन पर अभय से कहासुनी हो गई थी। अभय के अनुसार, आकाश उसे एक,शून्य रुपयापये वापस नहीं कर रहा था जो उसने उधार लिया था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आकाश और अभय अपने एक अन्य दोस्त देवांश के साथ तिवारी के घर पहुंचे, जहां दोनों के बीच शराब पीने के दौरान कहासुनी हो गई।
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फर्रुखाबाद/राजेपुर। बीती देर शाम बाइकों की भिडंत में युवक की दर्दनाक मौत हो गयी। जबकि दो अन्य बाइक सबार जख्मी हो गये। तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जंहा से तीनों को रिफर कर दिया गया। एक युवक की उपचार के दौरान देर रात मौत हो गयी। जबकि दूसरी बाइक पर सबार दोनों युवकों को जख्मी हालत में आवास विकास के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया।
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फर्रुखाबाद/राजेपुर। बीती देर शाम बाइकों की भिडंत में युवक की दर्दनाक मौत हो गयी। जबकि दो अन्य बाइक सबार जख्मी हो गये। तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जंहा से तीनों को रिफर कर दिया गया। एक युवक की उपचार के दौरान देर रात मौत हो गयी। जबकि दूसरी बाइक पर सबार दोनों युवकों को जख्मी हालत में आवास विकास के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया।
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नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक ने शुक्रवार को होम लोन की ब्याज दर 6. 70 फीसदी तक घटाने की घोषणा की। बैंक ने यहां बयान जारी कर कहा कि संशोधित ब्याज दर बैंक द्वारा 10 वर्षों में सबसे कम है और नई ब्याज दर 5 मार्च से ही प्रभावी होगी।
ग्राहक इस ब्याज दर का लाभ 75 लाख तक के होम लोन के लिए उठा सकते हैं, जबकि 75 लाख रुपए से अधिक के ऋण के लिए ब्याज दरों को 6. 75 फीसदी पर आंका जाता है। ये संशोधित दरें 31 मार्च तक उपलब्ध रहेंगी।
आईसीआईसीआई ने कहा कि जो बैंक के ग्राहक नहीं हैं, वे लोग होम बायर्स बैंक की वेबसाइट और मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म आईमोबाइल पे के माध्यम से परेशानी मुक्त तरीके से होम लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं या फिर वे अपने निकटतम आईसीआईसीआई बैंक शाखा में एक सुविधाजनक डिजिटल अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा ग्राहक अपने ऋण का डिजिटल रूप से तुरंत अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं।
आईसीआईसीआई बैंक के सिक्योर्ड एसेट्स के प्रमुख रवि नारायणन ने कहा, हम पिछले कुछ महीनों से ऐसे उपभोक्ताओं की ओर से मांग में फिर से उछाल देख रहे हैं, जो अपने स्वयं के उपभोग के लिए घर खरीदना चाहते हैं।
हमारा मानना है कि प्रचलित निम्न ब्याज दरों को देखते हुए किसी व्यक्ति के लिए अपने सपनों के घर को खरीदने के लिए यह एक उपयुक्त समय है। किसी भी बैंक के ग्राहकों के लिए हमारे साथ होम लोन लेना बहुत सुविधाजनक होगा। हमारी पूरी तरह से डिजिटलीकृत होम लोन प्रक्रियाएं हैं, जिसमें तत्काल मंजूरी भी शामिल हैं। (वार्ता)
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नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक ने शुक्रवार को होम लोन की ब्याज दर छः. सत्तर फीसदी तक घटाने की घोषणा की। बैंक ने यहां बयान जारी कर कहा कि संशोधित ब्याज दर बैंक द्वारा दस वर्षों में सबसे कम है और नई ब्याज दर पाँच मार्च से ही प्रभावी होगी। ग्राहक इस ब्याज दर का लाभ पचहत्तर लाख तक के होम लोन के लिए उठा सकते हैं, जबकि पचहत्तर लाख रुपए से अधिक के ऋण के लिए ब्याज दरों को छः. पचहत्तर फीसदी पर आंका जाता है। ये संशोधित दरें इकतीस मार्च तक उपलब्ध रहेंगी। आईसीआईसीआई ने कहा कि जो बैंक के ग्राहक नहीं हैं, वे लोग होम बायर्स बैंक की वेबसाइट और मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म आईमोबाइल पे के माध्यम से परेशानी मुक्त तरीके से होम लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं या फिर वे अपने निकटतम आईसीआईसीआई बैंक शाखा में एक सुविधाजनक डिजिटल अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा ग्राहक अपने ऋण का डिजिटल रूप से तुरंत अनुमोदन भी प्राप्त कर सकते हैं। आईसीआईसीआई बैंक के सिक्योर्ड एसेट्स के प्रमुख रवि नारायणन ने कहा, हम पिछले कुछ महीनों से ऐसे उपभोक्ताओं की ओर से मांग में फिर से उछाल देख रहे हैं, जो अपने स्वयं के उपभोग के लिए घर खरीदना चाहते हैं। हमारा मानना है कि प्रचलित निम्न ब्याज दरों को देखते हुए किसी व्यक्ति के लिए अपने सपनों के घर को खरीदने के लिए यह एक उपयुक्त समय है। किसी भी बैंक के ग्राहकों के लिए हमारे साथ होम लोन लेना बहुत सुविधाजनक होगा। हमारी पूरी तरह से डिजिटलीकृत होम लोन प्रक्रियाएं हैं, जिसमें तत्काल मंजूरी भी शामिल हैं।
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हिमाचल प्रदेश राज्यस्तरीय मास्टर बैडमिंटन चैंपियनशिप के तीसरे दिन सोमवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शिमला के सन्नी पापटा ने कांगड़ा के हतिंद्र सैनी, मंडी के वेदांत ने सोलन के प्रिंस शर्मा, कांगड़ा के गौरव कपूर ने शिमला के प्रकाश भारद्वाज और बिलासपुर के डा. कपिल ठाकुर ने ऊना के धर्मेंद्र को क्वार्टर फाइनल में मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
इससे पूर्व मास्टर बैडमिंटन चैंपियनशिप के 35 से 50 वर्ष आयु वर्ग के मुकाबले का आज बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव अजय सिंघानिया ने शुभारंभ किया। सिंघानिया ने कहा कि बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया जल्द ही धर्मशाला में राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। जिसमें देश के सभी नामी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें भारत के ओलंपिक खिलाड़ी भी शामिल होंगे। हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशन ने इस मौके पर प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए मंडी जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया। प्रतियोगिता के खेले जा रहे डबल क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सोलन के विपिन पाल और मुकेश शर्मा की जोड़ी ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले आज खेले गए दूसरे और तीसरे दौर के मुकाबले में शिमला के सन्नी पापटा ने चंबा के इतुल गौतम कांगड़ा सतिंद्र सैनी ने मंडी के अमर ज्योति, मंडी के वेदांत ने कुल्लू के दीपक, सोलन के प्रीत शर्मा ने कांगड़ा के पंकज जसवाल, कांगड़ा के गौरव कपूर ने मंडी के अजय राठौर, शिमला के प्रकाश भारद्वाज ने कुल्लू के देवी सिंह, बिलासपुर के डॉ. कपिल ठाकुर ने मंडी के राहुल अरोड़ा, ऊना के धर्मेंद्र ने कांगड़ा के विनोद, मंडी के नरेंद्र ने सोलन के अजय अवस्थी, शिमला के ईश्वर कटारिया ने कुल्लू के तारा चंद, कांगड़ा के ईश्वरनाथ मनकोटिया ने मंडी के प्रदीप, सोलन के मोहित दत्ता ने ऊना के सुनील ठाकुर, शिमला के विकास सूद ने मंडी के अश्वनी शर्मा और सोलन के रविंद्र ठाकुर ने कुल्लू के लाल चंद को हराया।
इसी तरह दूसरे तीसरे दौर के मुकाबले में कांगड़ा के सतिंद्र सैनी ने मंजूल शर्मा, कांगड़ा के ही विनोद ने सोलन के जतिन साहनी, हमीरपुर के गौतम राणा ने ऊना के राकेश सोनी, बिलासपुर के कपिल ठाकुर ने सिरमौर के ईश्वर चंद, शिमला के जितेंद्र ठाकुर ने ऊना के दिनेश, हमीरपुर के विनय ठाकुर ने कांगड़ा के गौरव चड्ढा, सोलन के यादवेंद्र सेन ने कांगड़ा के अश्वनी मेहरा, हमीरपुर के सुशील ठाकुर ने ऊना के राजेश, सोलन के विपिन पाल ने शिमला के ललित मोहन, ऊना के राजीव सचदेवा ने शिमला के शवर कंवर, मंडी के भूपेंद्र ने सोलन के अश्वनी और सोलन के पाल बहादुर ने हमीरपुर के शशिपाल को एकल मुकाबलों में मात दी। प्रतियोगिता के पहले दौर के डबल मुकाबले में कुल्लू के बहादुर सिंह और प्रवीण मित्तल की जोड़ी ने मंडी के लखविंद्र सिंह और आरपी सिंह को, हमीरपुर के रवि और समीर ने कांगड़ा के अजीब सिंह और नरेंद्र शर्मा को, माथुर और शैलेंद्र शर्मा की जोड़ी ने राज बहादुर और सचदेवा को, कांगड़ा के संदीप ढिंगरा और संजय आचार्य की जोड़ी ने पीडी कौसल और विजय सिंह की जोड़ी को, कुल्लू के चांद किशोर और राकेश ठाकुर की जोड़ी ने सोलन के अश्वनी वर्मा और ब्रह्मजीत को, मंडी के अतुल और सतविंद्र की जोड़ी ने ऊना के दिनेश और विक्की को, मंडी के अरूण और कुनाल की जोड़ी ने ऊना के अमित और दीपक मनोचा को मात दी।
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हिमाचल प्रदेश राज्यस्तरीय मास्टर बैडमिंटन चैंपियनशिप के तीसरे दिन सोमवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शिमला के सन्नी पापटा ने कांगड़ा के हतिंद्र सैनी, मंडी के वेदांत ने सोलन के प्रिंस शर्मा, कांगड़ा के गौरव कपूर ने शिमला के प्रकाश भारद्वाज और बिलासपुर के डा. कपिल ठाकुर ने ऊना के धर्मेंद्र को क्वार्टर फाइनल में मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पूर्व मास्टर बैडमिंटन चैंपियनशिप के पैंतीस से पचास वर्ष आयु वर्ग के मुकाबले का आज बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव अजय सिंघानिया ने शुभारंभ किया। सिंघानिया ने कहा कि बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया जल्द ही धर्मशाला में राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। जिसमें देश के सभी नामी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें भारत के ओलंपिक खिलाड़ी भी शामिल होंगे। हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशन ने इस मौके पर प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए मंडी जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया। प्रतियोगिता के खेले जा रहे डबल क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सोलन के विपिन पाल और मुकेश शर्मा की जोड़ी ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले आज खेले गए दूसरे और तीसरे दौर के मुकाबले में शिमला के सन्नी पापटा ने चंबा के इतुल गौतम कांगड़ा सतिंद्र सैनी ने मंडी के अमर ज्योति, मंडी के वेदांत ने कुल्लू के दीपक, सोलन के प्रीत शर्मा ने कांगड़ा के पंकज जसवाल, कांगड़ा के गौरव कपूर ने मंडी के अजय राठौर, शिमला के प्रकाश भारद्वाज ने कुल्लू के देवी सिंह, बिलासपुर के डॉ. कपिल ठाकुर ने मंडी के राहुल अरोड़ा, ऊना के धर्मेंद्र ने कांगड़ा के विनोद, मंडी के नरेंद्र ने सोलन के अजय अवस्थी, शिमला के ईश्वर कटारिया ने कुल्लू के तारा चंद, कांगड़ा के ईश्वरनाथ मनकोटिया ने मंडी के प्रदीप, सोलन के मोहित दत्ता ने ऊना के सुनील ठाकुर, शिमला के विकास सूद ने मंडी के अश्वनी शर्मा और सोलन के रविंद्र ठाकुर ने कुल्लू के लाल चंद को हराया। इसी तरह दूसरे तीसरे दौर के मुकाबले में कांगड़ा के सतिंद्र सैनी ने मंजूल शर्मा, कांगड़ा के ही विनोद ने सोलन के जतिन साहनी, हमीरपुर के गौतम राणा ने ऊना के राकेश सोनी, बिलासपुर के कपिल ठाकुर ने सिरमौर के ईश्वर चंद, शिमला के जितेंद्र ठाकुर ने ऊना के दिनेश, हमीरपुर के विनय ठाकुर ने कांगड़ा के गौरव चड्ढा, सोलन के यादवेंद्र सेन ने कांगड़ा के अश्वनी मेहरा, हमीरपुर के सुशील ठाकुर ने ऊना के राजेश, सोलन के विपिन पाल ने शिमला के ललित मोहन, ऊना के राजीव सचदेवा ने शिमला के शवर कंवर, मंडी के भूपेंद्र ने सोलन के अश्वनी और सोलन के पाल बहादुर ने हमीरपुर के शशिपाल को एकल मुकाबलों में मात दी। प्रतियोगिता के पहले दौर के डबल मुकाबले में कुल्लू के बहादुर सिंह और प्रवीण मित्तल की जोड़ी ने मंडी के लखविंद्र सिंह और आरपी सिंह को, हमीरपुर के रवि और समीर ने कांगड़ा के अजीब सिंह और नरेंद्र शर्मा को, माथुर और शैलेंद्र शर्मा की जोड़ी ने राज बहादुर और सचदेवा को, कांगड़ा के संदीप ढिंगरा और संजय आचार्य की जोड़ी ने पीडी कौसल और विजय सिंह की जोड़ी को, कुल्लू के चांद किशोर और राकेश ठाकुर की जोड़ी ने सोलन के अश्वनी वर्मा और ब्रह्मजीत को, मंडी के अतुल और सतविंद्र की जोड़ी ने ऊना के दिनेश और विक्की को, मंडी के अरूण और कुनाल की जोड़ी ने ऊना के अमित और दीपक मनोचा को मात दी।
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उतिज औषधद्रव्य
आयुर्वेदीय मत - नारी सर्गे तिक और मधुर, शीतयोर्य, लघु, नेन्य, दीपन, वाजोकर तथा कफ, तृष्णा, दल्लिके रोग और मुकेशेगोरा नाम करनेवाली है। उसे मुँह में रखकर चवानेसे मुँह स्वच्छ एव सुगन्धित होता हूँ तथा भोजनपर हवि उधन होती है । (०२० २० ५ गु० ३० म० ४६, भा० प्र०) ।
(५१०) मौ (मु) संवी
फै मिलो : स्टासे ( Family: Rutaceae)
नाम - (हि०, ० ०)मुमो) संधी, मुगम्मी, मालटा; (ले०) चटाविया नारिज; (ले०) सीटू स सोनेन्सिम (Citrus sinensis Linn ), मद्रुम सुस्मिस (Citrus dulcis Pers. ), (अ० ) स्वीट ऑरेंज (Sweet Orange), पोर्चुगाट रेंस (Portugal Orange)
उत्पत्तिस्थान मिमिली, पदिनम भारतीय द्वीप और वफरोका । भारतवर्षके बहुतसे भागों विशेषकर बम्बई, मदरारा आदि तया दराबाद, मध्यप्रदेश, नानिक और पंजायमें इने लगाया जाता है ।
वर्णन-मंतरेको जातिका एक प्रसिद्ध फल है जो आकृति सतरके समान, किन्तु पकनेपर पीले रंग की होती है । इसरा हिला उतरके विपरीत भीतरी फाऊंसे लगक्त होने से सुगमतासे छोला नहीं जा सकता न तो इसकी फाँके संतरेके समान सरवाने अन्न की जा सकती है ।
रासायनिक संगठन - फल्में स्वर्वोहर विटामिन 'ती' तथा कैल्सियम फास्फोरस और अयस् प्रभृति शरीरोपयोगो द्रव्य पाये जाते हैं । फलक तेल, सिमेनोन, लिमेल आदि, फलमे मोगरेकी सुगन्धवाला उत्पत् तँल (Essential oil) होता है, जिसे निरोली तैल (Neroh Oil) कहते है ।
उपयुक्त अग-फर, फलका छिलका ।
गुण-कर्म तथा उपयोग करणे शुद्ध करता, ज्वरजन्य तृपाको शात करता, प्रसंक (Catarrh) और भूम बटाता है । स्वरम पित्तन जतिसार तथा पंत्तिक विकारोमें उपकारक है । फलका छिलका वातानुलोमन और वत्य है। ताजा फलका छिलका, मुँहायों पर रगडने से लाभ होता है ।
(५११, ५१२) मुसली ( काली व सफेद ) काली मुसली (मूसली स्याह)
फैमिली : होपॉक्सोडे (Family. Hypoxideae)
नाम-~~~ (हिं० ) काली मुसली, सिया (स्याह) मुसली, मुसलीकन्द, ( सं ० ) कृष्णमुसली, तालमूली, तालपत्री, मुसली, हेमपुष्पी, भूताली, मुसलीकन्द, (व० ) तालमूली, (गु० ) कालीमुसली, ( म०) कालोमुशली, (ले०) कूकूंकीगो आर्किओइडेस (Curculigo orchioides Gaertn ) ।
उत्पत्तिस्थान- यह समस्त भारतवर्ष और लकाके उष्णतर छायान्वित आई भूमिमें होती है।
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उतिज औषधद्रव्य आयुर्वेदीय मत - नारी सर्गे तिक और मधुर, शीतयोर्य, लघु, नेन्य, दीपन, वाजोकर तथा कफ, तृष्णा, दल्लिके रोग और मुकेशेगोरा नाम करनेवाली है। उसे मुँह में रखकर चवानेसे मुँह स्वच्छ एव सुगन्धित होता हूँ तथा भोजनपर हवि उधन होती है । । मौ संवी फै मिलो : स्टासे नाम - मुमो) संधी, मुगम्मी, मालटा; चटाविया नारिज; सीटू स सोनेन्सिम , मद्रुम सुस्मिस , स्वीट ऑरेंज , पोर्चुगाट रेंस उत्पत्तिस्थान मिमिली, पदिनम भारतीय द्वीप और वफरोका । भारतवर्षके बहुतसे भागों विशेषकर बम्बई, मदरारा आदि तया दराबाद, मध्यप्रदेश, नानिक और पंजायमें इने लगाया जाता है । वर्णन-मंतरेको जातिका एक प्रसिद्ध फल है जो आकृति सतरके समान, किन्तु पकनेपर पीले रंग की होती है । इसरा हिला उतरके विपरीत भीतरी फाऊंसे लगक्त होने से सुगमतासे छोला नहीं जा सकता न तो इसकी फाँके संतरेके समान सरवाने अन्न की जा सकती है । रासायनिक संगठन - फल्में स्वर्वोहर विटामिन 'ती' तथा कैल्सियम फास्फोरस और अयस् प्रभृति शरीरोपयोगो द्रव्य पाये जाते हैं । फलक तेल, सिमेनोन, लिमेल आदि, फलमे मोगरेकी सुगन्धवाला उत्पत् तँल होता है, जिसे निरोली तैल कहते है । उपयुक्त अग-फर, फलका छिलका । गुण-कर्म तथा उपयोग करणे शुद्ध करता, ज्वरजन्य तृपाको शात करता, प्रसंक और भूम बटाता है । स्वरम पित्तन जतिसार तथा पंत्तिक विकारोमें उपकारक है । फलका छिलका वातानुलोमन और वत्य है। ताजा फलका छिलका, मुँहायों पर रगडने से लाभ होता है । मुसली काली मुसली फैमिली : होपॉक्सोडे नाम-~~~ काली मुसली, सिया मुसली, मुसलीकन्द, कृष्णमुसली, तालमूली, तालपत्री, मुसली, हेमपुष्पी, भूताली, मुसलीकन्द, तालमूली, कालीमुसली, कालोमुशली, कूकूंकीगो आर्किओइडेस । उत्पत्तिस्थान- यह समस्त भारतवर्ष और लकाके उष्णतर छायान्वित आई भूमिमें होती है।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 'डबल इंजन' (केंद्र और राज्य) सरकार पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने का वादा करने वालों ने खेती के साथ किसानों को गहरे गड्ढे में दफन करने का घोर अपराध कर उसे एक वक्त की रोटी के लिये भटकने को मजबूर कर दिया है।
लल्लू ने भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार में उन्हें उपज की लागत नहीं मिल पा रही है, न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिये किसानों को भटकना पड़ रहा है जिस कारण उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि डीजल के दाम में लगातार इजाफा होने के कारण मालभाड़ा बढ़ने से इसका असर उपभोक्ता वस्तुओं पर जबर्दस्त तरीके से पड़ रहा है लेकिन सरकार उसको नियंत्रित करने के लिये कोई प्रयास नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार हर मोर्चे पर विफल होकर जनता को केवल गुमराह कर ठगने का काम कर रही है।
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भारतीय जनता पार्टी की 'डबल इंजन' सरकार पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने का वादा करने वालों ने खेती के साथ किसानों को गहरे गड्ढे में दफन करने का घोर अपराध कर उसे एक वक्त की रोटी के लिये भटकने को मजबूर कर दिया है। लल्लू ने भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार में उन्हें उपज की लागत नहीं मिल पा रही है, न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिये किसानों को भटकना पड़ रहा है जिस कारण उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि डीजल के दाम में लगातार इजाफा होने के कारण मालभाड़ा बढ़ने से इसका असर उपभोक्ता वस्तुओं पर जबर्दस्त तरीके से पड़ रहा है लेकिन सरकार उसको नियंत्रित करने के लिये कोई प्रयास नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार हर मोर्चे पर विफल होकर जनता को केवल गुमराह कर ठगने का काम कर रही है।
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यूपी विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और बजट सत्र के दौरान 3 नाम काफी चर्चा में छाए हुए हैं। विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम चर्चा में छाया हुआ है। दरअसल पहले शिवपाल सिंह यादव ने योगी आदित्यनाथ की तारीफ की और उसके बाद योगी आदित्यनाथ ने शिवपाल सिंह यादव की तारीफ की। फिर अखिलेश यादव ने कह दिया चाचा तो हमारे हैं लेकिन योगी जी भी उन्हें चाचा कह रहे हैं।
बजट पेश होने के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई। जब शिवपाल सिंह यादव भाषण देने के लिए उठे, तब उन्होंने योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी खूब मेहनती हैं और वह प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं। शिवपाल सिंह यादव के बयान के बाद सत्ता पक्ष की ओर से खूब मेजे थपथपाई गईं। शिवपाल सिंह यादव ने यह भी कहा कि अगर मेरा साथ सपा लेती तो आज हम सत्ता पक्ष में होते और बीजेपी विपक्ष में होती।
शिवपाल सिंह यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस जुगलबंदी पर मीडिया ने अखिलेश यादव से सवाल पूछा। इस पर अखिलेश यादव ने कहा, "आज तक तो हमें पता था कि चाचा हमारे हैं। लेकिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उन्हें चाचा कह रहे हैं। " विधानसभा में भी अखिलेश यादव ने यही वाक्य बोला था।
सबसे अहम बात यह है कि जब योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के अंदर शिवपाल सिंह यादव की तारीफ की, उसके बाद शिवपाल सिंह यादव ने इस क्लिप को अपने टि्वटर के माध्यम से शेयर कर उन्हें धन्यवाद कहा। शिवपाल सिंह यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बढ़ती करीबी को देखकर विपक्ष में हलचल मची हुई है।
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यूपी विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और बजट सत्र के दौरान तीन नाम काफी चर्चा में छाए हुए हैं। विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम चर्चा में छाया हुआ है। दरअसल पहले शिवपाल सिंह यादव ने योगी आदित्यनाथ की तारीफ की और उसके बाद योगी आदित्यनाथ ने शिवपाल सिंह यादव की तारीफ की। फिर अखिलेश यादव ने कह दिया चाचा तो हमारे हैं लेकिन योगी जी भी उन्हें चाचा कह रहे हैं। बजट पेश होने के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई। जब शिवपाल सिंह यादव भाषण देने के लिए उठे, तब उन्होंने योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी खूब मेहनती हैं और वह प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं। शिवपाल सिंह यादव के बयान के बाद सत्ता पक्ष की ओर से खूब मेजे थपथपाई गईं। शिवपाल सिंह यादव ने यह भी कहा कि अगर मेरा साथ सपा लेती तो आज हम सत्ता पक्ष में होते और बीजेपी विपक्ष में होती। शिवपाल सिंह यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस जुगलबंदी पर मीडिया ने अखिलेश यादव से सवाल पूछा। इस पर अखिलेश यादव ने कहा, "आज तक तो हमें पता था कि चाचा हमारे हैं। लेकिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उन्हें चाचा कह रहे हैं। " विधानसभा में भी अखिलेश यादव ने यही वाक्य बोला था। सबसे अहम बात यह है कि जब योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के अंदर शिवपाल सिंह यादव की तारीफ की, उसके बाद शिवपाल सिंह यादव ने इस क्लिप को अपने टि्वटर के माध्यम से शेयर कर उन्हें धन्यवाद कहा। शिवपाल सिंह यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बढ़ती करीबी को देखकर विपक्ष में हलचल मची हुई है।
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टेबल टेनिस की ओलंपिक क्वालीफाइंग व्यवस्थाओं पर बात अब तक बनती नहीं नजर आ रही है. 20 प्लेयर्स में से केवल तीन राष्ट्रमंडल खेलों के चैम्पियन शरत कमल, अर्चना कामथ तथा मानव ठक्कर ही बेंगलुरू में प्रैक्टिस के लिए राजी हुए हैं. मनिका बत्रा सहित अन्य प्लेयर अभी राष्ट्रीय कैंप लगाने के पक्ष में नहीं हैं.
वही इसके चलते भारतीय खेल प्राधिकरण तथा टेबल टेनिस फेडरेशन (टीटीएफआई) ने सितंबर के आखिरी सप्ताह तक शिविर टालने का निर्णय किया है. मनिका पुणे में प्राइवेट कोच के साथ अभ्यास कर रही हैं. बाकी प्लेयर्स भी अपने घरों में तैयारियों में जुटे हैं.
टेबल टेनिस फेडरेशन के सचिव जनरल एमपी सिंह का कहना है कि अगले महीने तक आईटीटीएफ के दिशा-निर्देश भी जा जाएंगे, उसके पश्चात् शिविर के लिए दोबारा प्लेयर्स से चर्चा की जाएगी. टेबल टेनिस फेडरेशन ने भारतीय खेल प्राधिकरण को इंदौर के अभय प्रषाल तथा दिल्ली की एक प्राइवेट अकादमी में शिविर लगाने का प्रस्ताव दिया था. इसी के साथ देश में कोरोना के कारण कई कार्यो में रुकावटें उत्पन्न हुई है, तथा इसका प्रभाव खेलों में भी देखने को मिला है. बीते कुछ समय से खेलों पर भी पाबंदी थी, किन्तु अब आहिस्ता-आहिस्ता सब पहले की तरह सामान्य हो रहा है.
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टेबल टेनिस की ओलंपिक क्वालीफाइंग व्यवस्थाओं पर बात अब तक बनती नहीं नजर आ रही है. बीस प्लेयर्स में से केवल तीन राष्ट्रमंडल खेलों के चैम्पियन शरत कमल, अर्चना कामथ तथा मानव ठक्कर ही बेंगलुरू में प्रैक्टिस के लिए राजी हुए हैं. मनिका बत्रा सहित अन्य प्लेयर अभी राष्ट्रीय कैंप लगाने के पक्ष में नहीं हैं. वही इसके चलते भारतीय खेल प्राधिकरण तथा टेबल टेनिस फेडरेशन ने सितंबर के आखिरी सप्ताह तक शिविर टालने का निर्णय किया है. मनिका पुणे में प्राइवेट कोच के साथ अभ्यास कर रही हैं. बाकी प्लेयर्स भी अपने घरों में तैयारियों में जुटे हैं. टेबल टेनिस फेडरेशन के सचिव जनरल एमपी सिंह का कहना है कि अगले महीने तक आईटीटीएफ के दिशा-निर्देश भी जा जाएंगे, उसके पश्चात् शिविर के लिए दोबारा प्लेयर्स से चर्चा की जाएगी. टेबल टेनिस फेडरेशन ने भारतीय खेल प्राधिकरण को इंदौर के अभय प्रषाल तथा दिल्ली की एक प्राइवेट अकादमी में शिविर लगाने का प्रस्ताव दिया था. इसी के साथ देश में कोरोना के कारण कई कार्यो में रुकावटें उत्पन्न हुई है, तथा इसका प्रभाव खेलों में भी देखने को मिला है. बीते कुछ समय से खेलों पर भी पाबंदी थी, किन्तु अब आहिस्ता-आहिस्ता सब पहले की तरह सामान्य हो रहा है.
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