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फिश कोरमा की रेसिपी काफी लजीज होती है. इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया चिकन या मटन कोरमा जैसी होती है. अगर आप घर में बनाना चाहते हैं तो इस विधि से बनाना बेहतर रहेगा.
- मछली को साफ करके काटें और धो लें.
- एक बड़े बर्तन में मछली के टुकड़े पर नमक और हल्दी डालकर अच्छी मिलाकर मैरिनेट कर लें.
- मिक्सर ग्राइंडर जार में खसखस के दाने, प्याज, हरी मिर्च और अदरक डालकर अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें.
- पेस्ट के कटोरी में निकाल लें.
- मीडियम आंच पर पैन रखें. जब पैन गर्म हो जाए तो इसमें घी और बटर डालकर गर्म करें.
- घी के गर्म होते ही इसमें तेज पत्ता, लौंग, इलायची और दालचीनी डालकर 2-3 मिनट तक चलाते हुए भूनें.
- इसके बाद इसमें प्याज वाला पेस्ट डालकर 7-8 मिनट तक चलाते हुए पकाएं.
- फिर इसमें योगर्ट और मैरिनेट किए हुए फिश के टुकड़े डालकर धीमी आंच पर पकाएं.
- जब मछली पक जाए तो नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें.
- इस पर केवड़ा जल की बूंदें डालकर आंच बंद कर दें.
- तैयार फिश मक्खन कोरमा को रोटी और चावल को साथ सर्व करें.
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फिश कोरमा की रेसिपी काफी लजीज होती है. इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया चिकन या मटन कोरमा जैसी होती है. अगर आप घर में बनाना चाहते हैं तो इस विधि से बनाना बेहतर रहेगा. - मछली को साफ करके काटें और धो लें. - एक बड़े बर्तन में मछली के टुकड़े पर नमक और हल्दी डालकर अच्छी मिलाकर मैरिनेट कर लें. - मिक्सर ग्राइंडर जार में खसखस के दाने, प्याज, हरी मिर्च और अदरक डालकर अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें. - पेस्ट के कटोरी में निकाल लें. - मीडियम आंच पर पैन रखें. जब पैन गर्म हो जाए तो इसमें घी और बटर डालकर गर्म करें. - घी के गर्म होते ही इसमें तेज पत्ता, लौंग, इलायची और दालचीनी डालकर दो-तीन मिनट तक चलाते हुए भूनें. - इसके बाद इसमें प्याज वाला पेस्ट डालकर सात-आठ मिनट तक चलाते हुए पकाएं. - फिर इसमें योगर्ट और मैरिनेट किए हुए फिश के टुकड़े डालकर धीमी आंच पर पकाएं. - जब मछली पक जाए तो नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें. - इस पर केवड़ा जल की बूंदें डालकर आंच बंद कर दें. - तैयार फिश मक्खन कोरमा को रोटी और चावल को साथ सर्व करें.
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आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति (सीसीईए)
Posted On:
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल), जो कि एनटीपीसी लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, में निवेश करने के लिए महारत्न सीपीएसई को अधिकार सौंपने के वर्तमान दिशा-निर्देशों से एनटीपीसी लिमिटेड को छूट प्रदान की है। सीसीईए ने इसके साथ ही एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा 60 जीडब्ल्यू की नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनआरईएल) और इसके अन्य संयुक्त उपक्रमों (जेवी)/सहायक कंपनियों में एनजीईएल के निवेश को भी छूट दे दी है जो कि 5,000 करोड़ रुपये से लेकर 7,500 करोड़ रुपये तक की मौद्रिक सीमा से परे उसकी नेटवर्थ के अधिकतम 15% के बराबर होना चाहिए।
'सीओपी 26' में अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप भारत अपने विकास लक्ष्यों को पूरा करते हुए अपेक्षाकृत कम कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है। देश का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 जीडब्ल्यू की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का है। एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और देश का अग्रणी विद्युत निकाय होने के नाते एनटीपीसी ने आरई क्षेत्र में इस निवेश के माध्यम से वर्ष 2032 तक 60 जीडब्ल्यू की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को जोड़ने का लक्ष्य रखा है जो देश को उपर्युक्त लक्ष्य को प्राप्त करने और वर्ष 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन सुनिश्चित करने के बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने में काफी मदद करेगा। यह बढ़ा हुआ लक्ष्य हाल ही में सीओपी 26 शिखर सम्मेलन में घोषित सरकार के 'पंचामृत' के अनुरूप है, जो कि 'नेट जीरो' की दिशा में जलवायु कार्रवाई में भारत के अहम योगदान के रूप में है।
एनजीईएल का लक्ष्य एनटीपीसी की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा का ध्वजवाहक बनना है और वर्तमान में इसके पास 2,861 मेगावाट की 15 आरई परिसंपत्तियां हैं, जो कि चालू हैं/वाणिज्यिक परिचालन तिथि (सीओडी) के करीब हैं और अपनी सहायक कंपनी एनआरईएल (एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड) के माध्यम से हरित ऊर्जा व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी बोली और कई उभरते अवसरों में भाग लेकर अपने आरई पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। एनटीपीसी को दी गई छूट से हरित अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की वैश्विक छवि को बेहतर करने में काफी मदद मिलेगी। यह भारत के ऊर्जा उत्पादन में विविधता लाकर ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर भारत की निर्भरता को भी कम करेगी और देश के कोयला आयात बिलों में भी कमी करेगी। इसके अलावा, इससे देश के प्रत्येक कोने में 24*7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी काफी मदद मिलेगी।
यह नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना इसके साथ ही निर्माण चरण के साथ-साथ ओ एंड एम चरण के दौरान भी स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करेगी।
Read this release in:
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आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति Posted On: माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड , जो कि एनटीपीसी लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, में निवेश करने के लिए महारत्न सीपीएसई को अधिकार सौंपने के वर्तमान दिशा-निर्देशों से एनटीपीसी लिमिटेड को छूट प्रदान की है। सीसीईए ने इसके साथ ही एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा साठ जीडब्ल्यू की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और इसके अन्य संयुक्त उपक्रमों /सहायक कंपनियों में एनजीईएल के निवेश को भी छूट दे दी है जो कि पाँच,शून्य करोड़ रुपये से लेकर सात,पाँच सौ करोड़ रुपये तक की मौद्रिक सीमा से परे उसकी नेटवर्थ के अधिकतम पंद्रह% के बराबर होना चाहिए। 'सीओपी छब्बीस' में अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप भारत अपने विकास लक्ष्यों को पूरा करते हुए अपेक्षाकृत कम कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है। देश का लक्ष्य वर्ष दो हज़ार तीस तक पाँच सौ जीडब्ल्यू की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का है। एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और देश का अग्रणी विद्युत निकाय होने के नाते एनटीपीसी ने आरई क्षेत्र में इस निवेश के माध्यम से वर्ष दो हज़ार बत्तीस तक साठ जीडब्ल्यू की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को जोड़ने का लक्ष्य रखा है जो देश को उपर्युक्त लक्ष्य को प्राप्त करने और वर्ष दो हज़ार सत्तर तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन सुनिश्चित करने के बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने में काफी मदद करेगा। यह बढ़ा हुआ लक्ष्य हाल ही में सीओपी छब्बीस शिखर सम्मेलन में घोषित सरकार के 'पंचामृत' के अनुरूप है, जो कि 'नेट जीरो' की दिशा में जलवायु कार्रवाई में भारत के अहम योगदान के रूप में है। एनजीईएल का लक्ष्य एनटीपीसी की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा का ध्वजवाहक बनना है और वर्तमान में इसके पास दो,आठ सौ इकसठ मेगावाट की पंद्रह आरई परिसंपत्तियां हैं, जो कि चालू हैं/वाणिज्यिक परिचालन तिथि के करीब हैं और अपनी सहायक कंपनी एनआरईएल के माध्यम से हरित ऊर्जा व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी बोली और कई उभरते अवसरों में भाग लेकर अपने आरई पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। एनटीपीसी को दी गई छूट से हरित अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की वैश्विक छवि को बेहतर करने में काफी मदद मिलेगी। यह भारत के ऊर्जा उत्पादन में विविधता लाकर ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर भारत की निर्भरता को भी कम करेगी और देश के कोयला आयात बिलों में भी कमी करेगी। इसके अलावा, इससे देश के प्रत्येक कोने में चौबीस*सात बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी काफी मदद मिलेगी। यह नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना इसके साथ ही निर्माण चरण के साथ-साथ ओ एंड एम चरण के दौरान भी स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करेगी। Read this release in:
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पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) ने जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की पहली सालगिरह 5 अगस्त, अयोध्या में राम मंदिर और स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त से पहले भारत में हमले करने के लिए अफगानिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के करीब 20 आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया है।
इस बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने तो इस्लामाबाद की कथित कश्मीर हाईवे का नाम बदलकर श्रीनगर हाईवे करने का ऐलान कर दिया है। आपकों बता दे कि अयोध्या में जहाँ 5 अगस्त को पीएम मोदी भूमि पूजन करने जा रहे है उसे जानकर पाकिस्तान दहल उठा है और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने राम मंदिर भूमि पूजन का सबसे ज्यादा जिक्र किया है उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमानों के साथ धोखा कर रही है मोदी सरकार तथा उन्होंने कहा कि पूरा पाकिस्तान 5 अगस्त को मातम मनायेगा.
कश्मीर केंद्रित प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुदीन ने अपने नवीनतम ऑडियो टेप में कश्मीर के लोगों को इस्लाम के नाम पर उकसाने और भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की अपील की थी।
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पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप ने जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद तीन सौ सत्तर हटाने की पहली सालगिरह पाँच अगस्त, अयोध्या में राम मंदिर और स्वतंत्रता दिवस पंद्रह अगस्त से पहले भारत में हमले करने के लिए अफगानिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के करीब बीस आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया है। इस बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने तो इस्लामाबाद की कथित कश्मीर हाईवे का नाम बदलकर श्रीनगर हाईवे करने का ऐलान कर दिया है। आपकों बता दे कि अयोध्या में जहाँ पाँच अगस्त को पीएम मोदी भूमि पूजन करने जा रहे है उसे जानकर पाकिस्तान दहल उठा है और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने राम मंदिर भूमि पूजन का सबसे ज्यादा जिक्र किया है उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमानों के साथ धोखा कर रही है मोदी सरकार तथा उन्होंने कहा कि पूरा पाकिस्तान पाँच अगस्त को मातम मनायेगा. कश्मीर केंद्रित प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुदीन ने अपने नवीनतम ऑडियो टेप में कश्मीर के लोगों को इस्लाम के नाम पर उकसाने और भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की अपील की थी।
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राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद 17 -18 मार्च, 2018 मार्च को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। राष्ट्रपति की यह पहली ओडिशा यात्रा होगी।
राष्ट्रपति 17 मार्च को अपनी ओडिशा यात्रा की शुरूआत कटक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म स्थान में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ करेंगे। बाद में वे कटक में आनंद भवन संग्रहालय और एक अध्ययन केन्द्र को पूर्व मुख्यमंत्री बिजू पटनायक की याद में समर्पित करेंगे। उसी दिन वे कटक में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में तीसरे स्थापना दिवस पर व्याख्यान देंगे।
18 मार्च को राष्ट्रपति पुरी में राष्ट्रीय संस्कृति संस्थान के शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे। वे इसी दिन भुवनेश्वर में आईआईटी भुवनेश्वर के दीक्षांत समारोह में विशेष सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही वे इंस्टीट्यूट केमिकल टेक्नोलॉजी-इंडियन- ऑयल कॉरपोरेशन के भुवनेश्वर परिसर का उद्घाटन भी करेंगे। दिल्ली लौटने के पहले राष्ट्रपति इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के परिसर में कौशल विकास संस्थान की आधारशिला रखेंगे।
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राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद सत्रह -अट्ठारह मार्च, दो हज़ार अट्ठारह मार्च को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। राष्ट्रपति की यह पहली ओडिशा यात्रा होगी। राष्ट्रपति सत्रह मार्च को अपनी ओडिशा यात्रा की शुरूआत कटक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म स्थान में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ करेंगे। बाद में वे कटक में आनंद भवन संग्रहालय और एक अध्ययन केन्द्र को पूर्व मुख्यमंत्री बिजू पटनायक की याद में समर्पित करेंगे। उसी दिन वे कटक में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में तीसरे स्थापना दिवस पर व्याख्यान देंगे। अट्ठारह मार्च को राष्ट्रपति पुरी में राष्ट्रीय संस्कृति संस्थान के शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे। वे इसी दिन भुवनेश्वर में आईआईटी भुवनेश्वर के दीक्षांत समारोह में विशेष सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही वे इंस्टीट्यूट केमिकल टेक्नोलॉजी-इंडियन- ऑयल कॉरपोरेशन के भुवनेश्वर परिसर का उद्घाटन भी करेंगे। दिल्ली लौटने के पहले राष्ट्रपति इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के परिसर में कौशल विकास संस्थान की आधारशिला रखेंगे।
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तूफान से मची तबाही के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. बचावकर्ता राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं. मिसिसिपी आपात प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को बताया कि तूफान में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं. उसने बताया कि राज्य में लापता हुए चार लोगों का पता लगा लिया गया है.
ग्रामीण कस्बे सिल्वर सिटी और रोलिंग फोर्क में तूफान से क्षति की सूचना मिली है, जो बिना कमजोर हुए 113 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पूर्व की ओर विनोना और आमोरी होते हुए अलबामा की तरफ बढ़ा. मिसिसिपी के गवर्नर टेट रीव्स ने आपात स्थिति की घोषणा की और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी संघीय मदद देने का वादा किया है.
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तूफान से मची तबाही के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. बचावकर्ता राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं. मिसिसिपी आपात प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को बताया कि तूफान में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर पच्चीस हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं. उसने बताया कि राज्य में लापता हुए चार लोगों का पता लगा लिया गया है. ग्रामीण कस्बे सिल्वर सिटी और रोलिंग फोर्क में तूफान से क्षति की सूचना मिली है, जो बिना कमजोर हुए एक सौ तेरह किलोग्राममीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पूर्व की ओर विनोना और आमोरी होते हुए अलबामा की तरफ बढ़ा. मिसिसिपी के गवर्नर टेट रीव्स ने आपात स्थिति की घोषणा की और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी संघीय मदद देने का वादा किया है.
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SmackDown: WWE SmackDown का इस हफ्ते क्राउन ज्वेल (Crown Jewel) के बाद पहला एपिसोड देखने को मिलने वाला है। WWE पहले ही इस हफ्ते स्मैकडाउन (SmackDown) के एपिसोड के लिए कई बड़े ऐलान कर चुकी है। यही कारण है कि ब्लू ब्रांड के इस एपिसोड से काफी उम्मीदें हैं।
इस हफ्ते SmackDown के जरिए वर्ल्ड कप टूर्नामेंट की भी शुरूआत होने वाली है। संभव है कि अनडिस्प्यूटेड WWE यूनिवर्सल चैंपियन रोमन रेंस (Roman Reigns) भी शो में मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा फैंस को शो में कुछ सरप्राइज भी देखने को मिल सकते हैं। इस आर्टिकल में हम ऐसी 5 चौंकाने वाली चीज़ों का जिक्र करने वाले हैं जो कि इस हफ्ते WWE SmackDown के एपिसोड के दौरान देखने को मिल सकती हैं।
WWE SmackDown में इस हफ्ते सैंटोस इस्कोबार को शिंस्के नाकामुरा का सामना करना है। यह सैंटोस इस्कोबार का मेन रोस्टर में पहला सिंगल्स मैच है, इसलिए इस मैच में उनपर बेहतरीन परफॉर्मेंस करने का दवाब होगा। देखा जाए तो इस मैच में सैंटोस के प्रतिद्वंदी शिंस्के नाकामुरा काफी अनुभवी रेसलर हैं।
यही कारण है कि सैंटोस इस्कोबार के लिए इस मैच में शिंस्के नाकामुरा को हराना आसान नहीं होगा। हालांकि, सैंटोस चतुर सुपरस्टार हैं और मैच के दौरान उनके पास अपने साथियों का सपोर्ट भी मौजूद होगा। यही कारण है कि सैंटोस इस मैच में शिंस्के नाकामुरा को हराते हुए सभी को चौंका सकते हैं।
WWE SmackDown में पिछले हफ्ते एमा और जाया ली का बैकस्टेज आमना-सामना हुआ था। इस दौरान इन दोनों के बीच झड़प देखने को मिली थी और इस चीज़ के जरिए एमा vs जाया ली के फिउड की शुरूआत हो चुकी है। संभव है कि WWE इस हफ्ते ब्लू ब्रांड में एमा vs जाया ली मैच बुक करके चौंका सकती है।
देखा जाए तो एमा और जाया ली दोनों ही खुद को ब्लू ब्रांड में स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। यही कारण है कि यह इन दोनों सुपरस्टार्स के लिए बहुत बड़ा मैच होगा। यह मैच होने की स्थिति में यह देखना रोचक होगा कि इस मैच में जाया ली और एमा में से किसकी जीत हो पाती है।
WWE SmackDown में इस हफ्ते वर्ल्ड कप टूर्नामेंट की शुरूआत होने वाली है। इस टूर्नामेंट के विजेता को गुंथर के खिलाफ आईसी चैंपियनशिप मैच में कम्पीट करने का मौका मिलेगा। बता दें, इस टूर्नामेंट में अलग-अलग देशों के 8 सुपरस्टार्स हिस्सा लेने वाले हैं।
जिंदर महल भी मौजूदा समय में SmackDown का हिस्सा हैं लेकिन उन्हें लंबे समय से मैच लड़ने का मौका नहीं मिला है। यही कारण है कि संभव है कि WWE इस हफ्ते ब्लू ब्रांड में जिंदर महल को वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में शामिल करते हुए सभी को चौंका सकती है।
WWE SmackDown में इस हफ्ते द उसोज को न्यू डे के खिलाफ मैच में अपना अनडिस्प्यूटेड WWE टैग टीम टाइटल्स डिफेंड करना है। द उसोज यह मैच जीतकर ही सबसे ज्यादा समय तक टैग टीम चैंपियंस बने रहने का रिकॉर्ड बना पाएंगे। इस वजह से यह बहुत बड़ा मैच बन चुका है।
यही कारण है कि WWE इस हफ्ते SmackDown में द उसोज vs न्यू डे का मैच शो के मेन इवेंट में कराने का फैसला कर सकती है। इस बात में कोई शक नहीं है कि यह काफी धमाकेदार मैच होगा। हालांकि, यह देखना रोचक होगा कि न्यू डे इस मैच में द उसोज को हरा पाते हैं या नहीं।
द ब्लडलाइन ने कई हफ्ते पहले WWE SmackDown में शेमस पर बुरी तरह हमला कर दिया था। इसके बाद से ही शेमस टेलीविजन पर दिखाई नहीं दिए हैं। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि वो इस हफ्ते SmackDown के जरिए WWE में वापसी करते हुए दिखाई दे सकते हैं।
यह बात तो पक्की है कि शेमस वापसी के बाद काफी गुस्से में होंगे और वापसी के बाद वो द ब्लडलाइन मेंबर्स पर हमला करने के बाद रोमन रेंस का सामना करके सभी को चौंका सकते हैं। देखा जाए तो शेमस और रोमन रेंस का रिंग में आमना-सामना होते हुए देखना काफी यादगार पल होगा। अगर ऐसा होता है तो यह देखना रोचक होगा कि इस चीज़ को लेकर ट्राइबल चीफ क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
WWE और रेसलिंग से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के साथ-साथ अपडेट्स, लाइव रिजल्ट्स को हमारे Facebook page पर पाएं।
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SmackDown: WWE SmackDown का इस हफ्ते क्राउन ज्वेल के बाद पहला एपिसोड देखने को मिलने वाला है। WWE पहले ही इस हफ्ते स्मैकडाउन के एपिसोड के लिए कई बड़े ऐलान कर चुकी है। यही कारण है कि ब्लू ब्रांड के इस एपिसोड से काफी उम्मीदें हैं। इस हफ्ते SmackDown के जरिए वर्ल्ड कप टूर्नामेंट की भी शुरूआत होने वाली है। संभव है कि अनडिस्प्यूटेड WWE यूनिवर्सल चैंपियन रोमन रेंस भी शो में मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा फैंस को शो में कुछ सरप्राइज भी देखने को मिल सकते हैं। इस आर्टिकल में हम ऐसी पाँच चौंकाने वाली चीज़ों का जिक्र करने वाले हैं जो कि इस हफ्ते WWE SmackDown के एपिसोड के दौरान देखने को मिल सकती हैं। WWE SmackDown में इस हफ्ते सैंटोस इस्कोबार को शिंस्के नाकामुरा का सामना करना है। यह सैंटोस इस्कोबार का मेन रोस्टर में पहला सिंगल्स मैच है, इसलिए इस मैच में उनपर बेहतरीन परफॉर्मेंस करने का दवाब होगा। देखा जाए तो इस मैच में सैंटोस के प्रतिद्वंदी शिंस्के नाकामुरा काफी अनुभवी रेसलर हैं। यही कारण है कि सैंटोस इस्कोबार के लिए इस मैच में शिंस्के नाकामुरा को हराना आसान नहीं होगा। हालांकि, सैंटोस चतुर सुपरस्टार हैं और मैच के दौरान उनके पास अपने साथियों का सपोर्ट भी मौजूद होगा। यही कारण है कि सैंटोस इस मैच में शिंस्के नाकामुरा को हराते हुए सभी को चौंका सकते हैं। WWE SmackDown में पिछले हफ्ते एमा और जाया ली का बैकस्टेज आमना-सामना हुआ था। इस दौरान इन दोनों के बीच झड़प देखने को मिली थी और इस चीज़ के जरिए एमा vs जाया ली के फिउड की शुरूआत हो चुकी है। संभव है कि WWE इस हफ्ते ब्लू ब्रांड में एमा vs जाया ली मैच बुक करके चौंका सकती है। देखा जाए तो एमा और जाया ली दोनों ही खुद को ब्लू ब्रांड में स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। यही कारण है कि यह इन दोनों सुपरस्टार्स के लिए बहुत बड़ा मैच होगा। यह मैच होने की स्थिति में यह देखना रोचक होगा कि इस मैच में जाया ली और एमा में से किसकी जीत हो पाती है। WWE SmackDown में इस हफ्ते वर्ल्ड कप टूर्नामेंट की शुरूआत होने वाली है। इस टूर्नामेंट के विजेता को गुंथर के खिलाफ आईसी चैंपियनशिप मैच में कम्पीट करने का मौका मिलेगा। बता दें, इस टूर्नामेंट में अलग-अलग देशों के आठ सुपरस्टार्स हिस्सा लेने वाले हैं। जिंदर महल भी मौजूदा समय में SmackDown का हिस्सा हैं लेकिन उन्हें लंबे समय से मैच लड़ने का मौका नहीं मिला है। यही कारण है कि संभव है कि WWE इस हफ्ते ब्लू ब्रांड में जिंदर महल को वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में शामिल करते हुए सभी को चौंका सकती है। WWE SmackDown में इस हफ्ते द उसोज को न्यू डे के खिलाफ मैच में अपना अनडिस्प्यूटेड WWE टैग टीम टाइटल्स डिफेंड करना है। द उसोज यह मैच जीतकर ही सबसे ज्यादा समय तक टैग टीम चैंपियंस बने रहने का रिकॉर्ड बना पाएंगे। इस वजह से यह बहुत बड़ा मैच बन चुका है। यही कारण है कि WWE इस हफ्ते SmackDown में द उसोज vs न्यू डे का मैच शो के मेन इवेंट में कराने का फैसला कर सकती है। इस बात में कोई शक नहीं है कि यह काफी धमाकेदार मैच होगा। हालांकि, यह देखना रोचक होगा कि न्यू डे इस मैच में द उसोज को हरा पाते हैं या नहीं। द ब्लडलाइन ने कई हफ्ते पहले WWE SmackDown में शेमस पर बुरी तरह हमला कर दिया था। इसके बाद से ही शेमस टेलीविजन पर दिखाई नहीं दिए हैं। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि वो इस हफ्ते SmackDown के जरिए WWE में वापसी करते हुए दिखाई दे सकते हैं। यह बात तो पक्की है कि शेमस वापसी के बाद काफी गुस्से में होंगे और वापसी के बाद वो द ब्लडलाइन मेंबर्स पर हमला करने के बाद रोमन रेंस का सामना करके सभी को चौंका सकते हैं। देखा जाए तो शेमस और रोमन रेंस का रिंग में आमना-सामना होते हुए देखना काफी यादगार पल होगा। अगर ऐसा होता है तो यह देखना रोचक होगा कि इस चीज़ को लेकर ट्राइबल चीफ क्या प्रतिक्रिया देते हैं। WWE और रेसलिंग से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के साथ-साथ अपडेट्स, लाइव रिजल्ट्स को हमारे Facebook page पर पाएं।
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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने शनिवार को अपने सभी कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया। कंपनी को हालांकि, दूरसंचार विभाग से 14,000 करोड़ रुपये के बकाये की मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा है।
आधिकारिक सूत्रों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, "बीएसएनएल ने करीब 2,000 करोड़ रुपये की आंतरिक कमाई से अपने सभी कर्मचारियों के जून माह का वेतन भुगतान कर दिया है। " कंपनी ने वेतन के 750 करोड़ रुपये, कर्ज पर 800 करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान और अन्य मंजूरी प्राप्त परिचालनगत खर्च जैसे कि बिजली बिल के भुगतान, वेंडरों के बकाये का आंशिक भुगतान भी जारी कर दिया है।
भारत संचार निगम लिमिटेड अखिल भारतीय यूनियनों के संयोजक पी. अभिमन्यू ने कहा, "वित्त विभाग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि उन्हें जून माह के वेतन के लिये धन प्राप्त हो गया है और इसे वह सोमवार को कर्मचारियों के खातों में डाल देंगे। " सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने दूरसंचार विभाग को अप्रैल में 14,000 करोड़ रुपये की मांग भेजी थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला है। यह मांग अतिरिक्त पेंशन राशि, नक्सल प्रभावित इलाकों में मोबाइल नेटवर्क के बकाये और बीडब्ल्यूए स्पेक्ट्रम पर दिया गया ब्याज शामिल है। यह स्पेक्ट्रम सरकार को लौटा दिया गया है।
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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड ने शनिवार को अपने सभी कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया। कंपनी को हालांकि, दूरसंचार विभाग से चौदह,शून्य करोड़ रुपये के बकाये की मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा है। आधिकारिक सूत्रों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, "बीएसएनएल ने करीब दो,शून्य करोड़ रुपये की आंतरिक कमाई से अपने सभी कर्मचारियों के जून माह का वेतन भुगतान कर दिया है। " कंपनी ने वेतन के सात सौ पचास करोड़ रुपये, कर्ज पर आठ सौ करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान और अन्य मंजूरी प्राप्त परिचालनगत खर्च जैसे कि बिजली बिल के भुगतान, वेंडरों के बकाये का आंशिक भुगतान भी जारी कर दिया है। भारत संचार निगम लिमिटेड अखिल भारतीय यूनियनों के संयोजक पी. अभिमन्यू ने कहा, "वित्त विभाग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि उन्हें जून माह के वेतन के लिये धन प्राप्त हो गया है और इसे वह सोमवार को कर्मचारियों के खातों में डाल देंगे। " सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने दूरसंचार विभाग को अप्रैल में चौदह,शून्य करोड़ रुपये की मांग भेजी थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला है। यह मांग अतिरिक्त पेंशन राशि, नक्सल प्रभावित इलाकों में मोबाइल नेटवर्क के बकाये और बीडब्ल्यूए स्पेक्ट्रम पर दिया गया ब्याज शामिल है। यह स्पेक्ट्रम सरकार को लौटा दिया गया है।
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जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा है कि वह उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार हैं।
दक्षिण कोरिया में मंगलवार को एक नर्सिंग अस्पताल में आग लग जाने से दो वृद्ध मरीजों की मौत हो गयी और कम से कम 47 अन्य मरीज आग से झुलस गए।
अफगानिस्तान के दक्षिणी प्रांत जाबुल में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन(नाटो) नीत बल के हवाई हमलों में नौ आतंकवादी ढेर हो गये।
अल्बानिया में शनिवार को आये भूकंप के जोरदार झटके के बाद फिर से आये दोतिराना झटकों के कारण घायल हुए लोगाें की संख्या बढ़कर 68 हो गयी।
भारत और अमेरिकी कंपनीयों के बीच उर्जा के क्षेत्र में रविवार को एक समझौता हुआ।
इराक के पवित्र शिया शहर कर्बला में शुक्रवार को एक मिनीबस के अंदर बम विस्फोट से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी और आठ अन्य घायल हो गये।
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जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा है कि वह उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार हैं। दक्षिण कोरिया में मंगलवार को एक नर्सिंग अस्पताल में आग लग जाने से दो वृद्ध मरीजों की मौत हो गयी और कम से कम सैंतालीस अन्य मरीज आग से झुलस गए। अफगानिस्तान के दक्षिणी प्रांत जाबुल में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन नीत बल के हवाई हमलों में नौ आतंकवादी ढेर हो गये। अल्बानिया में शनिवार को आये भूकंप के जोरदार झटके के बाद फिर से आये दोतिराना झटकों के कारण घायल हुए लोगाें की संख्या बढ़कर अड़सठ हो गयी। भारत और अमेरिकी कंपनीयों के बीच उर्जा के क्षेत्र में रविवार को एक समझौता हुआ। इराक के पवित्र शिया शहर कर्बला में शुक्रवार को एक मिनीबस के अंदर बम विस्फोट से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी और आठ अन्य घायल हो गये।
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हिंदी सिनेमा में अलग-अलग स्कूल, इंस्टिट्यूशन, जॉनर रहे हैं पर मोस्ट कंट्रोवर्शियल, खूबसूरत और टैलेंटेड अभिनेत्री कंगना रनौत ने जैसे ठान लिया है कि वो खुद का फिल्मेकिंग स्कूल स्थापित करेंगी। कंगना यह काम ' क्वीन ' के साथ ही शुरू कर चुकी हैं। कंगना ने 'मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी' बनाकर सभी बंदिशों को तोड़ते हुए साहस के साथ हिंदी सिनेमा के बड़े नामों को चुनौती दी है और अपनी जीत के साथ उन सभी का मुंह बंद कर दिया है।
कंगना किसी और फिल्म पर काम कर रही थी तभी उनके दिमाग में आया कि उन्हें तमिलनाडु की महिला मुख्यमंत्री और तमिल फिल्मों की सफल अभिनेत्री जयललिता पर बायोपिक बनानी चाहिए और फिर उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया। कंगना को पता था कि यह काम थोड़ा मुश्किल होगा पर कंगना ने जो एक बार ठान लिया तो उससे पीछे नहीं हटती।
कंगना अपने हर किरदार को निभाने के लिए बहुत मेहनत करती हैं। यह विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि एक लड़की जो हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों से आई है वो तमिल सीखने की क्लासेस ले रही है जो जयललिता की भाषा थी। इस फिल्म के लिए कंगना भरतनाट्यम नृत्य की क्लासेस भी ले रही हैं। कंगना घंटों बैठकर प्रोस्थेटिक्स कराती हैं ताकि वो जयललिता की तरह दिख सकें और वो एक नेता के चलने, उठने, बैठने के ढंग को भी सीख रही हैं। कंगना फिल्म की पूरी टीम को अपने घर मनाली लेकर गई थी और अब प्री प्रोडक्शन हो चुका है और फिल्म जल्द ही शूटिंग फ्लोर पर जाएगी। कंगना थलाइवी के बारे में सब कुछ सीक्रेट रखना चाहती है । एक चीज जिसके बारे में मैं पूरा श्योर हूं वो यह है कि कंगना अपना खुद का राज्य खड़ा करेंगी बिना किसी बड़े नाम की सहायता के । यह कंगना का एंबिशन है कि वो थलाइवी को 2020 की मोस्ट एंबिशियस और एक्सपेंसिव फिल्म बनाएं ।
धीरे-धीरे कंगना के आलोचक बढ़ रहे हैं तो साथ ही साथ उनके डाय हार्ड प्रशंसक भी बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में मल्टी टैलेंटेड फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने कंगना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कंगना भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री हैं और उनको स्क्रीन पर देखना एक जादुई अनुभव होता है। उनसे पूछा गया कि क्या कंगना लीजेंडरी अभिनेत्री वहीदा रहमान जैसी है तो उन्होंने कहा कि वहीदा जी एक बेहतरीन अभिनेत्री थी, इसमें कोई शक नहीं है ,पर जिस तरह के किरदार कंगना ने अपने करियर में निभाए हैं वैसा किसी अभिनेत्री ने नहीं किया है। मणिकर्णिका देखने के बाद वहीदा जी ने खुद कंगना रनौत के अभिनय और डायरेक्शन दोनों की तारीफ की थी।
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हिंदी सिनेमा में अलग-अलग स्कूल, इंस्टिट्यूशन, जॉनर रहे हैं पर मोस्ट कंट्रोवर्शियल, खूबसूरत और टैलेंटेड अभिनेत्री कंगना रनौत ने जैसे ठान लिया है कि वो खुद का फिल्मेकिंग स्कूल स्थापित करेंगी। कंगना यह काम ' क्वीन ' के साथ ही शुरू कर चुकी हैं। कंगना ने 'मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी' बनाकर सभी बंदिशों को तोड़ते हुए साहस के साथ हिंदी सिनेमा के बड़े नामों को चुनौती दी है और अपनी जीत के साथ उन सभी का मुंह बंद कर दिया है। कंगना किसी और फिल्म पर काम कर रही थी तभी उनके दिमाग में आया कि उन्हें तमिलनाडु की महिला मुख्यमंत्री और तमिल फिल्मों की सफल अभिनेत्री जयललिता पर बायोपिक बनानी चाहिए और फिर उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया। कंगना को पता था कि यह काम थोड़ा मुश्किल होगा पर कंगना ने जो एक बार ठान लिया तो उससे पीछे नहीं हटती। कंगना अपने हर किरदार को निभाने के लिए बहुत मेहनत करती हैं। यह विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि एक लड़की जो हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों से आई है वो तमिल सीखने की क्लासेस ले रही है जो जयललिता की भाषा थी। इस फिल्म के लिए कंगना भरतनाट्यम नृत्य की क्लासेस भी ले रही हैं। कंगना घंटों बैठकर प्रोस्थेटिक्स कराती हैं ताकि वो जयललिता की तरह दिख सकें और वो एक नेता के चलने, उठने, बैठने के ढंग को भी सीख रही हैं। कंगना फिल्म की पूरी टीम को अपने घर मनाली लेकर गई थी और अब प्री प्रोडक्शन हो चुका है और फिल्म जल्द ही शूटिंग फ्लोर पर जाएगी। कंगना थलाइवी के बारे में सब कुछ सीक्रेट रखना चाहती है । एक चीज जिसके बारे में मैं पूरा श्योर हूं वो यह है कि कंगना अपना खुद का राज्य खड़ा करेंगी बिना किसी बड़े नाम की सहायता के । यह कंगना का एंबिशन है कि वो थलाइवी को दो हज़ार बीस की मोस्ट एंबिशियस और एक्सपेंसिव फिल्म बनाएं । धीरे-धीरे कंगना के आलोचक बढ़ रहे हैं तो साथ ही साथ उनके डाय हार्ड प्रशंसक भी बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में मल्टी टैलेंटेड फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने कंगना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कंगना भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री हैं और उनको स्क्रीन पर देखना एक जादुई अनुभव होता है। उनसे पूछा गया कि क्या कंगना लीजेंडरी अभिनेत्री वहीदा रहमान जैसी है तो उन्होंने कहा कि वहीदा जी एक बेहतरीन अभिनेत्री थी, इसमें कोई शक नहीं है ,पर जिस तरह के किरदार कंगना ने अपने करियर में निभाए हैं वैसा किसी अभिनेत्री ने नहीं किया है। मणिकर्णिका देखने के बाद वहीदा जी ने खुद कंगना रनौत के अभिनय और डायरेक्शन दोनों की तारीफ की थी।
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तमिलनाडु के कुन्नूर में वायु सेना के हेलिकॉप्टर के क्रैश होने से जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य 11 जवान का निधन हो गया। इस हादसे को देख लोगों को बीते वर्ष का हादसा याद आ गया। जनवरी 2020 में ताइवान के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ का निधन भी एक हेलिकॉप्टर क्रैश के चलते हुआ था। फिलहाल कुन्नूर हेलिकॉप्टर क्रैश के पीछे क्या वजह थी, इसका पता तीनों सेना की संयुक्त टीम लगाने का प्रयास कर रही है।
हेलिकॉप्टर क्रैश के पहले लास्ट 7 मिनट क्या हुआ था?
MI-17 हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने के बाद उसे 12 बजकर 15 मिनट पर लैंड करना था, हालांकि लैंडिंग से सात मिनट पूर्व ही उनका एटीसी से संपर्क टूट गया। ऐसे में 130 करोड़ देशवासियों के मन में ये सवाल उमड़ रहा है कि आखिर उन 7 मिनटों में क्या-क्या हुआ था?
हेलिकॉप्टर क्रैश होने से पहले का 19 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है। उम्मीद की जा रही है कि इससे कुछ जानकारी हासिल की जा सके। विशेषज्ञ इस वीडियो का विश्लेषण कर रहे हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे हेलिकॉप्टर बादलों में एंटर होता है और फिर अचानक से आग के गोले में तब्दील होकर जमीन पर तेजी से नीचे गिरने लगता है। ऐसे में सवाल किए जा रहे हैं कि कहीं खराब मौसम के चलते तो ये हादसा नहीं हुआ?
किस कारण हुआ हेलिकॉप्टर क्रैश?
इस तरह तीन साल तक वायुसेना के MI-17 V5 हेलिकॉप्टर उड़ाने का अनुभव रखने वाले रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमिताभ रंजन ने इंजन की खराबी से क्रैश होने के कारण को सिरे से नकार दिया है।
सवाल अभी भी बरकरार है। आखिरी सात मिनट में क्या हुआ जो हेलिकॉप्टर क्रैश की वजह बना। इसका जवाब वायुसेना की ओर से एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बनी टीम खोज रही है। अब सभी उम्मीदें हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स पर टिकी है। दरअसल किसी भी विमान-हेलिकॉप्टर के सारे राज अधिकतर उसमें मौजूद इस ब्लैक बॉक्स में छिपे होते हैं।
70 फीसदी तक हर क्रैश की वजह ब्लैक बॉक्स बता देता है। ऐसे में कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में उठ रहे अनेक सवालों के जवाब भी यह ब्लैक बॉक्स दे सकता है।
रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमिताभ रंजन इस हादसे को लेकर कहते हैं कि "मेरे अनुभव के अनुसार हेलिकॉप्टर उड़ता हुआ जमीन में गिरा है। MI-17 हेलिकॉप्टर की फ्यूल केपिसिटी 2600 लीटर होती है। यह 800 लीटर प्रति घंटे फ्यूल इस्तेमाल करता है।
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तमिलनाडु के कुन्नूर में वायु सेना के हेलिकॉप्टर के क्रैश होने से जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य ग्यारह जवान का निधन हो गया। इस हादसे को देख लोगों को बीते वर्ष का हादसा याद आ गया। जनवरी दो हज़ार बीस में ताइवान के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ का निधन भी एक हेलिकॉप्टर क्रैश के चलते हुआ था। फिलहाल कुन्नूर हेलिकॉप्टर क्रैश के पीछे क्या वजह थी, इसका पता तीनों सेना की संयुक्त टीम लगाने का प्रयास कर रही है। हेलिकॉप्टर क्रैश के पहले लास्ट सात मिनट क्या हुआ था? MI-सत्रह हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने के बाद उसे बारह बजकर पंद्रह मिनट पर लैंड करना था, हालांकि लैंडिंग से सात मिनट पूर्व ही उनका एटीसी से संपर्क टूट गया। ऐसे में एक सौ तीस करोड़ देशवासियों के मन में ये सवाल उमड़ रहा है कि आखिर उन सात मिनटों में क्या-क्या हुआ था? हेलिकॉप्टर क्रैश होने से पहले का उन्नीस सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है। उम्मीद की जा रही है कि इससे कुछ जानकारी हासिल की जा सके। विशेषज्ञ इस वीडियो का विश्लेषण कर रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे हेलिकॉप्टर बादलों में एंटर होता है और फिर अचानक से आग के गोले में तब्दील होकर जमीन पर तेजी से नीचे गिरने लगता है। ऐसे में सवाल किए जा रहे हैं कि कहीं खराब मौसम के चलते तो ये हादसा नहीं हुआ? किस कारण हुआ हेलिकॉप्टर क्रैश? इस तरह तीन साल तक वायुसेना के MI-सत्रह Vपाँच हेलिकॉप्टर उड़ाने का अनुभव रखने वाले रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमिताभ रंजन ने इंजन की खराबी से क्रैश होने के कारण को सिरे से नकार दिया है। सवाल अभी भी बरकरार है। आखिरी सात मिनट में क्या हुआ जो हेलिकॉप्टर क्रैश की वजह बना। इसका जवाब वायुसेना की ओर से एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बनी टीम खोज रही है। अब सभी उम्मीदें हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स पर टिकी है। दरअसल किसी भी विमान-हेलिकॉप्टर के सारे राज अधिकतर उसमें मौजूद इस ब्लैक बॉक्स में छिपे होते हैं। सत्तर फीसदी तक हर क्रैश की वजह ब्लैक बॉक्स बता देता है। ऐसे में कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में उठ रहे अनेक सवालों के जवाब भी यह ब्लैक बॉक्स दे सकता है। रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमिताभ रंजन इस हादसे को लेकर कहते हैं कि "मेरे अनुभव के अनुसार हेलिकॉप्टर उड़ता हुआ जमीन में गिरा है। MI-सत्रह हेलिकॉप्टर की फ्यूल केपिसिटी दो हज़ार छः सौ लीटरटर होती है। यह आठ सौ लीटरटर प्रति घंटे फ्यूल इस्तेमाल करता है।
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सिमुलतला आवासीय विद्यालय में 11वीं कक्षा में सत्र 2023-25 में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन होगी। इसमें आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स संकाय में कुल 107 सीटें हैं जिनमें छात्रों के लिए 57 व छात्राओं के लिए 50 हैं। छात्रों के लिए तीनाें संकायाें में 19-19 और छात्राओं के लिए विज्ञान में 12, आर्ट्स में 18 और वाणिज्य में 20 सीटें निर्धारित हैं।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इसे लेकर निर्देश जारी किया है। कहा गया है कि अभ्यर्थियों को सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। बोर्ड ने कहा है कि आवेदक की न्यूनतम उम्र 1 अप्रैल 2023 को 15 वर्ष और अधिकतम 17 वर्ष होनी चाहिए। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 17 जुलाई तक चलेगी। अभ्यर्थी इसके लिए secondary. biharboardonline. com पर आवेदन कर सकेंगे।
सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर, अत्यंत पिछड़ा व पिछड़ा वर्ग के लिए 960 रुपए और एससी, एसटी, दिव्यांग के लिए 760; पासपोर्ट साइज रंगीन फाेटाे, मैट्रिक का प्रमाणपत्र और अंकपत्र, यूजर आईडी और पासवर्ड को भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।
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सिमुलतला आवासीय विद्यालय में ग्यारहवीं कक्षा में सत्र दो हज़ार तेईस-पच्चीस में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन होगी। इसमें आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स संकाय में कुल एक सौ सात सीटें हैं जिनमें छात्रों के लिए सत्तावन व छात्राओं के लिए पचास हैं। छात्रों के लिए तीनाें संकायाें में उन्नीस-उन्नीस और छात्राओं के लिए विज्ञान में बारह, आर्ट्स में अट्ठारह और वाणिज्य में बीस सीटें निर्धारित हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इसे लेकर निर्देश जारी किया है। कहा गया है कि अभ्यर्थियों को सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। बोर्ड ने कहा है कि आवेदक की न्यूनतम उम्र एक अप्रैल दो हज़ार तेईस को पंद्रह वर्ष और अधिकतम सत्रह वर्ष होनी चाहिए। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सत्रह जुलाई तक चलेगी। अभ्यर्थी इसके लिए secondary. biharboardonline. com पर आवेदन कर सकेंगे। सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर, अत्यंत पिछड़ा व पिछड़ा वर्ग के लिए नौ सौ साठ रुपयापए और एससी, एसटी, दिव्यांग के लिए सात सौ साठ; पासपोर्ट साइज रंगीन फाेटाे, मैट्रिक का प्रमाणपत्र और अंकपत्र, यूजर आईडी और पासवर्ड को भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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।मुकुंढन (Mukundhan)
सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है। सिंह राशि के आराध्य देव भगवान सूर्य होते हैं। सिंह राशि के मुकुंढन नाम के लड़के किसी के सामने झुकते नहीं हैं। मुकुंढन नाम के लड़के सुस्त स्वभाव के होते हैं और पीठ तथा हृदय रोगों से ग्रस्त हो सकते हैं। इन मुकुंढन नाम के लड़कों में रीढ़ की हड्डी और लीवर की समस्याओं का खतरा होता है। मुकुंढन नाम के लड़के मधुमेह, कमजोर इच्छाशक्ति आदि समस्याओं से परेशान हो सकते हैं। सिंह राशि के मुकुंढन नाम के लड़के परिस्थिति की परवाह किए बिना सही काम को चुनते हैं।
अगर आप अपने बच्चे का नाम मुकुंढन रखने की सोच रहें हैं तो पहले उसका मतलब जान लेना जरूरी है। आपको बता दें कि मुकुंढन का मतलब भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम होता है। मुकुंढन नाम रखने से आपका बच्चा भी इस नाम के मतलब की तरह व्यव्हार करने लगता है। इस वजह से भी बच्चे का नाम मुकुंढन रखने से पहले उसका अर्थ पता होना चाहिए। नाम का मतलब भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम होने की वजह से मुकुंढन नाम के लोगों को समाज में भी बहुत पसंद किया जाता है। यह माना जाता है कि यदि आपका नाम मुकुंढन है और इसका अर्थ भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम है, तो इसका गहरा प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव पर भी पड़ता है। आगे पढ़ें मुकुंढन नाम की राशि, इसका लकी नंबर क्या है, मुकुंढन नाम के भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम मतलब के बारे में विस्तार से जानें।
जिनका नाम मुकुंढन है उनका ग्रह स्वामी सूर्य और शुभ अंक 1 होता है। मुकुंढन नाम के लोगों को दूसरों के निर्देश सुनना पसंद नहीं है। ऐसा सूर्य के प्रभाव के कारण होता है। लकी नंबर 1 वाले लोगों को अपने परिवार व समाज में काफी सम्मान मिलता है। मुकुंढन नाम के लोग किसी निर्णय तक पहुंंचने से पहले मुद्दे के दोनों पहलुओं को अच्छी तरह देखते-समझते हैं। 1 अंक वाले लोग मुश्किल स्थिति में भी सच का साथ नहीं छोड़ते हैं। किसी भी परिस्थति में ये लोग अपने फैसले नहीं बदलते। प्रेम संबंधी रिश्तों में मुकुंढन नाम के लोगों पर विश्वास किया जा सकता है और ये बेईमान नहीं होते हैं।
मुकुंढन नाम की राशि सिंह है। सिंह राशि के लोगों में महत्त्वाकांक्षी, स्वाभिमानी, आत्मविश्वासी जैसे गुण भरे होते हैं। ये सोच से सकारात्मक होते हैं। इन्हें बहुत जल्द गुस्सा आ जाता है, हालांकि मुकुंढन नाम के लोगों का गुस्सा जल्दी ही शांत भी हो जाता है। सिंह राशि के लोग मुश्किल से मुश्किल काम को आसानी से कर लेते हैं। मुश्किल की घड़ी में भी मुकुंढन नाम के व्यक्ति की निष्ठा व आत्मविश्वास डगमगाता नहीं है। मुकुंढन नाम के लोग मेहनत के दम पर अपने जीवन को सुविधाजनक बनाते हैं।
।(; नकुल और Sahdeva की माँ, पाण्डु के दूसरी पत्नी। राजा शल्य की बेटी)
।(यदु के पुत्र)
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।मुकुंढन सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है। सिंह राशि के आराध्य देव भगवान सूर्य होते हैं। सिंह राशि के मुकुंढन नाम के लड़के किसी के सामने झुकते नहीं हैं। मुकुंढन नाम के लड़के सुस्त स्वभाव के होते हैं और पीठ तथा हृदय रोगों से ग्रस्त हो सकते हैं। इन मुकुंढन नाम के लड़कों में रीढ़ की हड्डी और लीवर की समस्याओं का खतरा होता है। मुकुंढन नाम के लड़के मधुमेह, कमजोर इच्छाशक्ति आदि समस्याओं से परेशान हो सकते हैं। सिंह राशि के मुकुंढन नाम के लड़के परिस्थिति की परवाह किए बिना सही काम को चुनते हैं। अगर आप अपने बच्चे का नाम मुकुंढन रखने की सोच रहें हैं तो पहले उसका मतलब जान लेना जरूरी है। आपको बता दें कि मुकुंढन का मतलब भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम होता है। मुकुंढन नाम रखने से आपका बच्चा भी इस नाम के मतलब की तरह व्यव्हार करने लगता है। इस वजह से भी बच्चे का नाम मुकुंढन रखने से पहले उसका अर्थ पता होना चाहिए। नाम का मतलब भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम होने की वजह से मुकुंढन नाम के लोगों को समाज में भी बहुत पसंद किया जाता है। यह माना जाता है कि यदि आपका नाम मुकुंढन है और इसका अर्थ भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम है, तो इसका गहरा प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव पर भी पड़ता है। आगे पढ़ें मुकुंढन नाम की राशि, इसका लकी नंबर क्या है, मुकुंढन नाम के भगवान कृष्ण, मुक्ति के दाता, विष्णु या कृष्ण का नाम, कीमती पत्थर का एक तरह का, शिव का नाम मतलब के बारे में विस्तार से जानें। जिनका नाम मुकुंढन है उनका ग्रह स्वामी सूर्य और शुभ अंक एक होता है। मुकुंढन नाम के लोगों को दूसरों के निर्देश सुनना पसंद नहीं है। ऐसा सूर्य के प्रभाव के कारण होता है। लकी नंबर एक वाले लोगों को अपने परिवार व समाज में काफी सम्मान मिलता है। मुकुंढन नाम के लोग किसी निर्णय तक पहुंंचने से पहले मुद्दे के दोनों पहलुओं को अच्छी तरह देखते-समझते हैं। एक अंक वाले लोग मुश्किल स्थिति में भी सच का साथ नहीं छोड़ते हैं। किसी भी परिस्थति में ये लोग अपने फैसले नहीं बदलते। प्रेम संबंधी रिश्तों में मुकुंढन नाम के लोगों पर विश्वास किया जा सकता है और ये बेईमान नहीं होते हैं। मुकुंढन नाम की राशि सिंह है। सिंह राशि के लोगों में महत्त्वाकांक्षी, स्वाभिमानी, आत्मविश्वासी जैसे गुण भरे होते हैं। ये सोच से सकारात्मक होते हैं। इन्हें बहुत जल्द गुस्सा आ जाता है, हालांकि मुकुंढन नाम के लोगों का गुस्सा जल्दी ही शांत भी हो जाता है। सिंह राशि के लोग मुश्किल से मुश्किल काम को आसानी से कर लेते हैं। मुश्किल की घड़ी में भी मुकुंढन नाम के व्यक्ति की निष्ठा व आत्मविश्वास डगमगाता नहीं है। मुकुंढन नाम के लोग मेहनत के दम पर अपने जीवन को सुविधाजनक बनाते हैं। । ।
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कश्मीर मामले को लेकर दुनिया भर में गुहार लगा रहे पाकिस्तान (Pakistan) को एक और झटका लगा है। सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने पाकिस्तानी डॉक्टरों को वापस देश लौट जाने को कहा है। डॉक्टरों को मंत्रालय की तरफ से टर्मिनेशन लेटर भी दिए गए हैं। सऊदी सरकार ने पाकिस्तान से MS और MD डिग्री वाले डॉक्टरों को अयोग्य बताया है। पाकिस्तानी न्यूज़ एजेंसी डॉन के अनुसार लेटर पाने वाले पाकिस्तानी डॉक्टरों को सऊदी अरब छोड़ने और प्रत्यर्पण के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।
सऊदी अरब सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के इन दोनों डिग्री वाले डॉक्टर्स की पढ़ाई उस स्तर की नहीं कि उन्हें यहां प्रैक्टिस करने दिया जाए। सऊदी अरब में सबसे ज्यादा संख्या पाकिस्तानी डॉक्टरों की है। इस खबर से काफी पाकिस्तानी डॉक्टरों को झटका लगा है। पिछले माह सऊदी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद हजारों डॉक्टरों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार पिछले माह सऊदी अरब के स्वास्थ्य आयोग (SCFHS) द्वारा जारी किए गए टर्मिनेशन लेटर में कहा गया था कि सऊदी सरकार अब पाकिस्तानी स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रमों, एमएस और एमडी को मान्यता नहीं देती है। मेडिकल लाइसेंस के लिए उनकी योग्यता स्वीकार नहीं है।
सऊदी मंत्रालय के मुताबिक डिग्री में वरिष्ठ नौकरियों के लिए मेडिकल ट्रेनिंग नाकाफी थी। इनमें कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो सऊदी अरब में दशकों से काम कर रहे हैं। अब उन्हें अपने देश वापस लौटना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त उनके पास कोई विकल्प ही नहीं बचा है।
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कश्मीर मामले को लेकर दुनिया भर में गुहार लगा रहे पाकिस्तान को एक और झटका लगा है। सऊदी अरब ने पाकिस्तानी डॉक्टरों को वापस देश लौट जाने को कहा है। डॉक्टरों को मंत्रालय की तरफ से टर्मिनेशन लेटर भी दिए गए हैं। सऊदी सरकार ने पाकिस्तान से MS और MD डिग्री वाले डॉक्टरों को अयोग्य बताया है। पाकिस्तानी न्यूज़ एजेंसी डॉन के अनुसार लेटर पाने वाले पाकिस्तानी डॉक्टरों को सऊदी अरब छोड़ने और प्रत्यर्पण के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। सऊदी अरब सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के इन दोनों डिग्री वाले डॉक्टर्स की पढ़ाई उस स्तर की नहीं कि उन्हें यहां प्रैक्टिस करने दिया जाए। सऊदी अरब में सबसे ज्यादा संख्या पाकिस्तानी डॉक्टरों की है। इस खबर से काफी पाकिस्तानी डॉक्टरों को झटका लगा है। पिछले माह सऊदी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद हजारों डॉक्टरों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार पिछले माह सऊदी अरब के स्वास्थ्य आयोग द्वारा जारी किए गए टर्मिनेशन लेटर में कहा गया था कि सऊदी सरकार अब पाकिस्तानी स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रमों, एमएस और एमडी को मान्यता नहीं देती है। मेडिकल लाइसेंस के लिए उनकी योग्यता स्वीकार नहीं है। सऊदी मंत्रालय के मुताबिक डिग्री में वरिष्ठ नौकरियों के लिए मेडिकल ट्रेनिंग नाकाफी थी। इनमें कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो सऊदी अरब में दशकों से काम कर रहे हैं। अब उन्हें अपने देश वापस लौटना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त उनके पास कोई विकल्प ही नहीं बचा है।
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नोटिस के बाद अमिताभ बच्चन ने किया 1. 09 करोड़ रुपये के GST का भुगतान, जांच रहेगी जारी!
बिग भी यानी अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने जीएसटी डिपार्टमेंट की तरफ से नोटिस मिलने के बाद 1. 09 करोड़ रुपये के बकाया जीएसटी (GST) का भुगतान कर दिया है। बॉलीवुड सुपर स्टार अमिताभ बच्चन को यह नोटिस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल की तरफ से दिया गया था। बता दें, पिछले साल नवंबर में अमिताभ बच्चन ने 7. 15 करोड़ रुपये के कीमत की एमएफटी (NFT) की बिक्री की थी।
जांच रहेगी जारी!
बिग बी की मुश्किलें जीएसटी भुगतान के बाद भी कम नहीं होने वाली हैं। सूत्रों के अनुसार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस की तरफ से जांच जारी रह सकती है। बता दें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा इनकम टैक्स एक्ट में किए गए बदलाव के बाद अधिकृत संस्थाओं ने NFT से जुड़े लोगों के व्यापार का पता लगाना शुरू किया। अमिताभ बच्चन के अलावा सलमान खान, जहीर खान, ॠषभ पंत जैसे स्टार्स भी इसके जरिए पैसा कम रहे हैं।
इस पूरे टैक्स मामले पर अबतक अमिताभ बच्चन और उनके परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मौजूदा नियमों के अनुसार एनएफटी पर 18% का जीएसटी देना होता है।
एनएफटी का पूरा नाम नॉन फंजीबल टोकन होता है। जिन संपत्तियों की लेन-देन कैश या दूसरे ऑनलाइन तरीकों से नहीं हो सकती है, उन्हें नॉन फंजीबल कहते हैं। ये लेन-देन पूरी तरह से वर्चुअल होती है। इस लेन-देन का जरिया टोकन होता है। यही वजह है कि इसे नॉन फंजीबल टोकन कहा जाता है। एनएफटी डिजिटल संपत्ति होती है, जिसे ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए संभाला जाता है।
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नोटिस के बाद अमिताभ बच्चन ने किया एक. नौ करोड़ रुपये के GST का भुगतान, जांच रहेगी जारी! बिग भी यानी अमिताभ बच्चन ने जीएसटी डिपार्टमेंट की तरफ से नोटिस मिलने के बाद एक. नौ करोड़ रुपये के बकाया जीएसटी का भुगतान कर दिया है। बॉलीवुड सुपर स्टार अमिताभ बच्चन को यह नोटिस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल की तरफ से दिया गया था। बता दें, पिछले साल नवंबर में अमिताभ बच्चन ने सात. पंद्रह करोड़ रुपये के कीमत की एमएफटी की बिक्री की थी। जांच रहेगी जारी! बिग बी की मुश्किलें जीएसटी भुगतान के बाद भी कम नहीं होने वाली हैं। सूत्रों के अनुसार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस की तरफ से जांच जारी रह सकती है। बता दें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा इनकम टैक्स एक्ट में किए गए बदलाव के बाद अधिकृत संस्थाओं ने NFT से जुड़े लोगों के व्यापार का पता लगाना शुरू किया। अमिताभ बच्चन के अलावा सलमान खान, जहीर खान, ॠषभ पंत जैसे स्टार्स भी इसके जरिए पैसा कम रहे हैं। इस पूरे टैक्स मामले पर अबतक अमिताभ बच्चन और उनके परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मौजूदा नियमों के अनुसार एनएफटी पर अट्ठारह% का जीएसटी देना होता है। एनएफटी का पूरा नाम नॉन फंजीबल टोकन होता है। जिन संपत्तियों की लेन-देन कैश या दूसरे ऑनलाइन तरीकों से नहीं हो सकती है, उन्हें नॉन फंजीबल कहते हैं। ये लेन-देन पूरी तरह से वर्चुअल होती है। इस लेन-देन का जरिया टोकन होता है। यही वजह है कि इसे नॉन फंजीबल टोकन कहा जाता है। एनएफटी डिजिटल संपत्ति होती है, जिसे ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए संभाला जाता है।
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Bihar Serial Kisser : बिहार में इन दिनों महिलाएं एक ऐसे शख्स से परेशान है जो खुलेआम लड़कियों और महिलाओं को किस कर लेता है और मौके से फरार हो जाता है। बताया जा रहा है कि यह शख्स लड़कियों और महिलाओं को अकेला देखते ही टूट पड़ता है और जबरन किस कर लेता है। ऐसे कुछ मामले सामने आने के बाद अब एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस इस 'सीरियल किसर' की तलाश में जुटी है।
सामने आया वीडियो बिहार के जमुई जिले के सदर अस्पताल का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला खड़ी होकर फोन पर बात कर रही है। अचानक एक युवक वहां आता है और महिला को जबरन पकड़कर किस करने लगता है। जब तक महिला कुछ समझ पाती, तब तक वह महिला को किस करके वहां से फरार हो जाता है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस या अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोपी के खिलाफ न तो कोई कार्रवाई की गई है और न ही उसकी पहचान की जा सकी है।
बताया गया है कि जिस महिला के साथ यह वारदात हुई है वह सदर अस्पताल में ही काम करती है। मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पीड़िता ने जमुई थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी कना कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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Bihar Serial Kisser : बिहार में इन दिनों महिलाएं एक ऐसे शख्स से परेशान है जो खुलेआम लड़कियों और महिलाओं को किस कर लेता है और मौके से फरार हो जाता है। बताया जा रहा है कि यह शख्स लड़कियों और महिलाओं को अकेला देखते ही टूट पड़ता है और जबरन किस कर लेता है। ऐसे कुछ मामले सामने आने के बाद अब एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस इस 'सीरियल किसर' की तलाश में जुटी है। सामने आया वीडियो बिहार के जमुई जिले के सदर अस्पताल का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला खड़ी होकर फोन पर बात कर रही है। अचानक एक युवक वहां आता है और महिला को जबरन पकड़कर किस करने लगता है। जब तक महिला कुछ समझ पाती, तब तक वह महिला को किस करके वहां से फरार हो जाता है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। घटना के चौबीस घंटाटे बीत जाने के बाद भी पुलिस या अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोपी के खिलाफ न तो कोई कार्रवाई की गई है और न ही उसकी पहचान की जा सकी है। बताया गया है कि जिस महिला के साथ यह वारदात हुई है वह सदर अस्पताल में ही काम करती है। मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पीड़िता ने जमुई थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी कना कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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इंडिया न्यूज़, Bollywood, News :
Palak Tiwari Photoshoot done in a short one piece Maroon Dress : इंटरनेट सेंसेशन पलक तिवारी इन दिनों अपने लुक्स और करियर को लेकर सुर्खियों में हैं। कुछ समय पहले आया एक्ट्रेस का गाना बिजली-बिजली काफी हिट हुआ था, जो फैंस के बीच काफी पॉपुलर हुआ था। अब हाल ही में पलक ने इंस्टाग्राम पेज से अपने फोटोशूट की कुछ तस्वीरें शेयर की है, जो उन्होंने सेलिब्रिटी फोटोग्राफर डब्बू रतनानी से कराया है।
जानेमाने फोटोग्राफर डब्बू रतनानी को पोज देना हर सेलिब्रेटी के लिए बेहद खास होता है। पलक तिवारी के चेहरे पर ये खुशी साफ झलक रही है। इन पिक्चर्स में पलक को मरून कलर के शॉर्ट स्ट्रिप्ड ड्रेस पहने हुए देखा जा सकता है, जिसमें वो बेहद गॉर्जियस दिख रही हैं।
इस फोटोशूट में पलक तिवारी ने न्यूड मेकअप किया और बालों को वेवी टच देकर खुला छोड़ा हुआ है। अपने ऑवर ऑल लुक को पूरा करने के लिए पलक ने ड्रेस के साथ गले में सिर्फ एक पेंडेंट चेन कैरी किया है, जो उन पर काफी जच रहा है।
एक्ट्रेस के इस फोटोशूट को फैंस भी बहुत पसंद कर रहे हैं, यही वजह है कि उनके पोस्ट पर अब तक 50 हजार से भी ज्यादा लाइक्स आ चुके हैं। पलक की पॉपुलैरिटी का आलम ये है कि वह बहुत जल्द बॉलीवुड में कदम रखने जा रही हैं। कई ऑफर मिल रहे हैं। कुछ दिनों पहले सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान के साथ नजर आने को लेकर भी पलक काफी सुर्खियों में रही थीं।
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इंडिया न्यूज़, Bollywood, News : Palak Tiwari Photoshoot done in a short one piece Maroon Dress : इंटरनेट सेंसेशन पलक तिवारी इन दिनों अपने लुक्स और करियर को लेकर सुर्खियों में हैं। कुछ समय पहले आया एक्ट्रेस का गाना बिजली-बिजली काफी हिट हुआ था, जो फैंस के बीच काफी पॉपुलर हुआ था। अब हाल ही में पलक ने इंस्टाग्राम पेज से अपने फोटोशूट की कुछ तस्वीरें शेयर की है, जो उन्होंने सेलिब्रिटी फोटोग्राफर डब्बू रतनानी से कराया है। जानेमाने फोटोग्राफर डब्बू रतनानी को पोज देना हर सेलिब्रेटी के लिए बेहद खास होता है। पलक तिवारी के चेहरे पर ये खुशी साफ झलक रही है। इन पिक्चर्स में पलक को मरून कलर के शॉर्ट स्ट्रिप्ड ड्रेस पहने हुए देखा जा सकता है, जिसमें वो बेहद गॉर्जियस दिख रही हैं। इस फोटोशूट में पलक तिवारी ने न्यूड मेकअप किया और बालों को वेवी टच देकर खुला छोड़ा हुआ है। अपने ऑवर ऑल लुक को पूरा करने के लिए पलक ने ड्रेस के साथ गले में सिर्फ एक पेंडेंट चेन कैरी किया है, जो उन पर काफी जच रहा है। एक्ट्रेस के इस फोटोशूट को फैंस भी बहुत पसंद कर रहे हैं, यही वजह है कि उनके पोस्ट पर अब तक पचास हजार से भी ज्यादा लाइक्स आ चुके हैं। पलक की पॉपुलैरिटी का आलम ये है कि वह बहुत जल्द बॉलीवुड में कदम रखने जा रही हैं। कई ऑफर मिल रहे हैं। कुछ दिनों पहले सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान के साथ नजर आने को लेकर भी पलक काफी सुर्खियों में रही थीं।
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कला नाखून चित्रकला लंबे समय से मांग में है। विभिन्न ज्यामितीय आकार, बहने वाली रेखाओं, फूलों, कर्ल, जटिल चित्रों के सभी प्रकार - नाखून कला के मास्टर किसी भी फंतासी को महसूस करने में सक्षम हैं। हालांकि, उन लोगों के लिए जिन्होंने अपने नाखूनों पर अपने हाथों से पैटर्न बनाने का फैसला किया है, वहां कुछ युक्तियां और सुझाव भी हैं जो आपको इस कला को बहुत जल्दी सीखने में मदद करेंगे।
तो, यहां आप हैं और नाखूनों पर पैटर्न बनाने के तरीके सीखने का फैसला किया है। आइए चरणों में सभी सुविधाओं पर विचार करने की कोशिश करें, ताकि कुछ भी याद न हो।
सबसे पहले, कुछ वार्निश निकालें, जिनका उपयोग आप नाखूनों के चित्रों के लिए करेंगे। वे अलग-अलग रंगों का होना चाहिए, यह वांछनीय है कि वार्निश एक-दूसरे के साथ विपरीत होते हैं - खोने के क्रम में उनकी आवश्यकता होती है, लेकिन एक-दूसरे के पूरक होते हैं। नाखूनों पर ग्रीष्मकालीन पैटर्न पीले, हरे, गुलाबी, सफेद वार्निश का उपयोग करके सुंदर दिखेंगे, और अधिक आरामदायक मैनीक्योर बेज, मुलायम गुलाबी और अन्य नरम रंगों के लिए उपयुक्त होंगे। परिष्कृत स्पर्श लागू करने के लिए, आप चमक या मोती के साथ वार्निश का उपयोग कर सकते हैं।
दूसरा, आपको सुइयों की आवश्यकता होगी। उपयुक्त सामान्य, सिलाई। उनमें से सबसे बड़ा ड्राइंग के बड़े तत्व बनाने के लिए उपयुक्त है, और छोटे लोगों की मदद से आप पतली रेखाएं खींच सकते हैं।
प्रकाश द्वारा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। आदर्श रूप में, एक साधारण टेबल दीपक फिट बैठता है।
तो, चलो शुरू करें! पहला कदम नाखूनों पर नाखून के लिए एक पारदर्शी आधार लागू करना है, और फिर - बेस कोट। अब आपको इंतजार करना होगा जब तक वार्निश पूरी तरह से सूख जाए। और उसके बाद, एक सुई के साथ, नाखून की सतह पर वार्निश की एक बूंद लागू करें। यह अराजकता से या सख्ती से परिभाषित क्रम में किया जा सकता है। जबकि बूंदें अभी भी सूखी हैं, सुई लें और नाखून पर गाड़ी चलाएं, बिना दबाने के, लाइनों का एक पैटर्न तैयार करें।
अंतिम चरण नाखून की सजावट है। इच्छा पर, आप चमकदार नोट्स, चमकता या नियॉन वार्निश से डॉट्स जोड़ सकते हैं, और नाखून स्फटिक, मोती, मोती पर पेस्ट भी कर सकते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि इसे अधिक न करें - आधुनिक नाखून कला समय और स्थान के अनुसार दिखनी चाहिए।
और, आखिरकार, आखिरी कार्रवाई - एक फिक्सर का आवेदन - एक पारदर्शी वार्निश जिसे लंबे समय तक ड्राइंग रखने के लिए बुलाया जाता है। इसे रखने के बाद, एक विशेष उपकरण का उपयोग करना संभव है - सूखना कि वार्निश जल्दी सूख गया है।
यदि आपके पास अच्छी कल्पना है तो हर बार अपने हाथों से नाखूनों पर पैटर्न बेहतर और बेहतर हो जाएंगे। और यदि आपके पास एक उत्कृष्ट स्वाद है, तो आप दो बार भाग्यशाली हैं।
मौसम का हिट - नाखून, पैटर्न जिस पर आपके हैंडबैग या जूते का रंग दोहराया जाता है। फैशन में, ब्रांडेड लोगो के विभिन्न प्रकार के साथ दर्ज और मैनीक्योर। किसी भी मामले में, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुई के साथ नाखूनों पर पैटर्न सामंजस्यपूर्ण और बेकार नहीं दिखते हैं।
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कला नाखून चित्रकला लंबे समय से मांग में है। विभिन्न ज्यामितीय आकार, बहने वाली रेखाओं, फूलों, कर्ल, जटिल चित्रों के सभी प्रकार - नाखून कला के मास्टर किसी भी फंतासी को महसूस करने में सक्षम हैं। हालांकि, उन लोगों के लिए जिन्होंने अपने नाखूनों पर अपने हाथों से पैटर्न बनाने का फैसला किया है, वहां कुछ युक्तियां और सुझाव भी हैं जो आपको इस कला को बहुत जल्दी सीखने में मदद करेंगे। तो, यहां आप हैं और नाखूनों पर पैटर्न बनाने के तरीके सीखने का फैसला किया है। आइए चरणों में सभी सुविधाओं पर विचार करने की कोशिश करें, ताकि कुछ भी याद न हो। सबसे पहले, कुछ वार्निश निकालें, जिनका उपयोग आप नाखूनों के चित्रों के लिए करेंगे। वे अलग-अलग रंगों का होना चाहिए, यह वांछनीय है कि वार्निश एक-दूसरे के साथ विपरीत होते हैं - खोने के क्रम में उनकी आवश्यकता होती है, लेकिन एक-दूसरे के पूरक होते हैं। नाखूनों पर ग्रीष्मकालीन पैटर्न पीले, हरे, गुलाबी, सफेद वार्निश का उपयोग करके सुंदर दिखेंगे, और अधिक आरामदायक मैनीक्योर बेज, मुलायम गुलाबी और अन्य नरम रंगों के लिए उपयुक्त होंगे। परिष्कृत स्पर्श लागू करने के लिए, आप चमक या मोती के साथ वार्निश का उपयोग कर सकते हैं। दूसरा, आपको सुइयों की आवश्यकता होगी। उपयुक्त सामान्य, सिलाई। उनमें से सबसे बड़ा ड्राइंग के बड़े तत्व बनाने के लिए उपयुक्त है, और छोटे लोगों की मदद से आप पतली रेखाएं खींच सकते हैं। प्रकाश द्वारा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। आदर्श रूप में, एक साधारण टेबल दीपक फिट बैठता है। तो, चलो शुरू करें! पहला कदम नाखूनों पर नाखून के लिए एक पारदर्शी आधार लागू करना है, और फिर - बेस कोट। अब आपको इंतजार करना होगा जब तक वार्निश पूरी तरह से सूख जाए। और उसके बाद, एक सुई के साथ, नाखून की सतह पर वार्निश की एक बूंद लागू करें। यह अराजकता से या सख्ती से परिभाषित क्रम में किया जा सकता है। जबकि बूंदें अभी भी सूखी हैं, सुई लें और नाखून पर गाड़ी चलाएं, बिना दबाने के, लाइनों का एक पैटर्न तैयार करें। अंतिम चरण नाखून की सजावट है। इच्छा पर, आप चमकदार नोट्स, चमकता या नियॉन वार्निश से डॉट्स जोड़ सकते हैं, और नाखून स्फटिक, मोती, मोती पर पेस्ट भी कर सकते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि इसे अधिक न करें - आधुनिक नाखून कला समय और स्थान के अनुसार दिखनी चाहिए। और, आखिरकार, आखिरी कार्रवाई - एक फिक्सर का आवेदन - एक पारदर्शी वार्निश जिसे लंबे समय तक ड्राइंग रखने के लिए बुलाया जाता है। इसे रखने के बाद, एक विशेष उपकरण का उपयोग करना संभव है - सूखना कि वार्निश जल्दी सूख गया है। यदि आपके पास अच्छी कल्पना है तो हर बार अपने हाथों से नाखूनों पर पैटर्न बेहतर और बेहतर हो जाएंगे। और यदि आपके पास एक उत्कृष्ट स्वाद है, तो आप दो बार भाग्यशाली हैं। मौसम का हिट - नाखून, पैटर्न जिस पर आपके हैंडबैग या जूते का रंग दोहराया जाता है। फैशन में, ब्रांडेड लोगो के विभिन्न प्रकार के साथ दर्ज और मैनीक्योर। किसी भी मामले में, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुई के साथ नाखूनों पर पैटर्न सामंजस्यपूर्ण और बेकार नहीं दिखते हैं।
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दरभंगा में बड़े हादसे के का शिकार होने से लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत थी कि लोग सही समय पर पहुंच गए और दो की जान बचा ली। घटना जमालपुर थाना क्षेत्र के कोठराम गांव स्थित कमला नदी पर बने रिंगबांध की है। शुक्रवार दोपहर बोलेरो नदी की तेज धारा के बीच लुढ़क कर चली गई। इससे बोलेरो सवार चालक सहित दो लोगों की जान खतरे में पड़ गए। इधर, घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।
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दरभंगा में बड़े हादसे के का शिकार होने से लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत थी कि लोग सही समय पर पहुंच गए और दो की जान बचा ली। घटना जमालपुर थाना क्षेत्र के कोठराम गांव स्थित कमला नदी पर बने रिंगबांध की है। शुक्रवार दोपहर बोलेरो नदी की तेज धारा के बीच लुढ़क कर चली गई। इससे बोलेरो सवार चालक सहित दो लोगों की जान खतरे में पड़ गए। इधर, घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
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PATNA : बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की प्रोन्नति का आदेश जारी किया है। 121 दारोगा को इंस्पेक्टर में प्रोन्नति दी गयी है। इंस्पेक्टर बनाने के बाद सभी को दूसरे जिलों में स्थानांतरित किया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बड़ी संख्या में पटना जिले के दारोगा का प्रोमोशन हुआ है। बता दें कि इधर लगातार पुलिस महकमे में तबादलों का दौर जारी था।
इसी तबादलों के दौर में रविवार को प्रमोशन की लिस्ट जारी की गयी है। लंबे समय से पुलिसकर्मी प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। आज उनका इंतजार खत्म हुआ और पुलिस विभाग ने प्रमोशन की लिस्ट जारी की।
इसके पहले बता दें कि जून माह में प्रमोशन बोर्ड की बैठक में आधे से अधिक दारोगा और एएसआई अनफिट पाये गये थे। विभागीय कार्रवाई चलने के कारण कई दारोगा अनफिट पाये गये थे।
हालांकि सर्विस रिकार्ड में बेदाग रहने और विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद बोर्ड की बैठक में भागलपुर में पदस्थापित 2009 बैच के कई दारोगा को इंस्पेक्टर बनाया गया था।
इनमें दारोगा गगन कुमार सुधाकर, जितेन्द्र पाल, नीरज कुमार सिंह, निलेश कुमार, राजीव कुमार, संतोष कुमार शर्मा, बांका से राज कपूर कुशवाहा, प्रवीण कुमार झा, मो. शोएब आलम और राकेश कुमार गुप्ता योग्य पाए गए। इन सभी को इंस्पेक्टर में प्रमोशन के लिए योग्य पाया गया था।
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PATNA : बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की प्रोन्नति का आदेश जारी किया है। एक सौ इक्कीस दारोगा को इंस्पेक्टर में प्रोन्नति दी गयी है। इंस्पेक्टर बनाने के बाद सभी को दूसरे जिलों में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बड़ी संख्या में पटना जिले के दारोगा का प्रोमोशन हुआ है। बता दें कि इधर लगातार पुलिस महकमे में तबादलों का दौर जारी था। इसी तबादलों के दौर में रविवार को प्रमोशन की लिस्ट जारी की गयी है। लंबे समय से पुलिसकर्मी प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। आज उनका इंतजार खत्म हुआ और पुलिस विभाग ने प्रमोशन की लिस्ट जारी की। इसके पहले बता दें कि जून माह में प्रमोशन बोर्ड की बैठक में आधे से अधिक दारोगा और एएसआई अनफिट पाये गये थे। विभागीय कार्रवाई चलने के कारण कई दारोगा अनफिट पाये गये थे। हालांकि सर्विस रिकार्ड में बेदाग रहने और विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद बोर्ड की बैठक में भागलपुर में पदस्थापित दो हज़ार नौ बैच के कई दारोगा को इंस्पेक्टर बनाया गया था। इनमें दारोगा गगन कुमार सुधाकर, जितेन्द्र पाल, नीरज कुमार सिंह, निलेश कुमार, राजीव कुमार, संतोष कुमार शर्मा, बांका से राज कपूर कुशवाहा, प्रवीण कुमार झा, मो. शोएब आलम और राकेश कुमार गुप्ता योग्य पाए गए। इन सभी को इंस्पेक्टर में प्रमोशन के लिए योग्य पाया गया था।
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प्रतिमा के चोरी होने की शिकायत वर्ष 1971 में स्थानीय पुलिस से की गई थी और प्रतिमा प्रकोष्ठ ने के. वासु नामक व्यक्ति की शिकायत पर फरवरी 2019 में प्राथमिकी दर्ज की तथा तब से मामला लंबित है।
करीब 50 साल पहले लापता हुई देवी पार्वती की एक मूर्ति का अमेरिका में पता चला है। तमिलनाडु आइडल विंग आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि यह मूर्ति आधी सदी पहले कुंभकोणम के थंडनपुरेश्वरर सिवन मंदिर से गायब हो गई थी। अब इसके न्यूयॉर्क में होने का पता चला है। सीआईडी ने कहा कि मूर्ति न्यूयॉर्क के बोनहम्स ऑक्शन हाउस में मिली है।
इसने बताया कि प्रतिमा के चोरी होने की शिकायत वर्ष 1971 में स्थानीय पुलिस से की गई थी और प्रतिमा प्रकोष्ठ ने के. वासु नामक व्यक्ति की शिकायत पर फरवरी 2019 में प्राथमिकी दर्ज की तथा तब से मामला लंबित है। सीआईडी ने बताया कि इस मामले पर ध्यान हाल में तब गया जब प्रतिमा प्रकोष्ठ की निरीक्षक एम. चित्रा ने जांच शुरू की और उन्होंने विदेश के विभिन्न संग्रहालयों तथा नीलामी घरों में देवी पार्वती की चोल काल की प्रतिमाओं संबंधी जानकारी एकत्र करनी शुरू की।
गहन जांच के बाद चित्रा ने बताया कि चोरी गई प्रतिमा बोनहम्सो नीलामी घर में है। प्रतिमा प्रकोष्ठ के मुताबिक, 12वीं सदी में चोल शासन के दौरान तांबा मिश्रित धातु से बनी प्रतिमा की लंबाई 52 सेंटीमीटर है और इसकी कीमत करीब 1,68,26,143 रुपये है। दक्षिण भारत में पार्वती को उमा के नाम से भी पूजा जाता है और उनकी प्रतिमा आमतौर पर खड़ी अवस्था में होती है। सीआईडी के प्रतिमा प्रकोष्ठ के पुलिस महानिदेशक जयंत मुरली के मुताबिक उनकी टीम ने प्रतिमा को वापस लाने के लिए कागजात तैयार कर लिए हैं।
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प्रतिमा के चोरी होने की शिकायत वर्ष एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर में स्थानीय पुलिस से की गई थी और प्रतिमा प्रकोष्ठ ने के. वासु नामक व्यक्ति की शिकायत पर फरवरी दो हज़ार उन्नीस में प्राथमिकी दर्ज की तथा तब से मामला लंबित है। करीब पचास साल पहले लापता हुई देवी पार्वती की एक मूर्ति का अमेरिका में पता चला है। तमिलनाडु आइडल विंग आपराधिक जांच विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि यह मूर्ति आधी सदी पहले कुंभकोणम के थंडनपुरेश्वरर सिवन मंदिर से गायब हो गई थी। अब इसके न्यूयॉर्क में होने का पता चला है। सीआईडी ने कहा कि मूर्ति न्यूयॉर्क के बोनहम्स ऑक्शन हाउस में मिली है। इसने बताया कि प्रतिमा के चोरी होने की शिकायत वर्ष एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर में स्थानीय पुलिस से की गई थी और प्रतिमा प्रकोष्ठ ने के. वासु नामक व्यक्ति की शिकायत पर फरवरी दो हज़ार उन्नीस में प्राथमिकी दर्ज की तथा तब से मामला लंबित है। सीआईडी ने बताया कि इस मामले पर ध्यान हाल में तब गया जब प्रतिमा प्रकोष्ठ की निरीक्षक एम. चित्रा ने जांच शुरू की और उन्होंने विदेश के विभिन्न संग्रहालयों तथा नीलामी घरों में देवी पार्वती की चोल काल की प्रतिमाओं संबंधी जानकारी एकत्र करनी शुरू की। गहन जांच के बाद चित्रा ने बताया कि चोरी गई प्रतिमा बोनहम्सो नीलामी घर में है। प्रतिमा प्रकोष्ठ के मुताबिक, बारहवीं सदी में चोल शासन के दौरान तांबा मिश्रित धातु से बनी प्रतिमा की लंबाई बावन सेंटीमीटर है और इसकी कीमत करीब एक,अड़सठ,छब्बीस,एक सौ तैंतालीस रुपयापये है। दक्षिण भारत में पार्वती को उमा के नाम से भी पूजा जाता है और उनकी प्रतिमा आमतौर पर खड़ी अवस्था में होती है। सीआईडी के प्रतिमा प्रकोष्ठ के पुलिस महानिदेशक जयंत मुरली के मुताबिक उनकी टीम ने प्रतिमा को वापस लाने के लिए कागजात तैयार कर लिए हैं।
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बाहर और परे / ६३
मास्टर सुखी ज्यादा से ज्यादा दो दिनों तक नाराज रहते हैं। "तुम्हारे पास मेरी कुछ कितावें थीं" वह काँपते स्वर में कहते हैं - और यह जतलाने के लिये कि वे सचमुच किताबें लेने आये हैं अपनी बरसाती भी नहीं उतारते ।
"तुम जानते हो और में भी जानता हूँ कि तुम किताबें लेने नहीं आए..." एलबर्ट हिकारत-भरे ढंग से हंसते हुए कहता है " किताबों के लिए तुम क्लास को भी भेज सकते थे ।" "मेह्रवानी करके जल्दी वापस करो वे किताबें मुझे जाना है।" मास्टर सूखी रुस्वर में कहते हैं। एलबर्ट उदास भाव से सिर हिलाता है और चेहरे पर गहरा ग़मग्रीन भाव लिये कहीं भीतर चला जाता है। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटता है तो किताबों के बजाय उसके हाथ में एक थैला होता है। थैले में हाथ डालकर कुछ टटोलता है और फिर सहसा उसमें से मुट्ठी भरकर वढ़िया किस्म के 'मशरूम' (जंगली गुच्छियाँ) मास्टर साहब की नाक के नीचे फैला देता है। एक क्षण में ही मास्टर सुखी अपने सम्बन्धों की टूजिक स्थिति को भूल जाते हैं। गुच्छियों को देखते ही उनकी बाछें खिल जाती हैं, ताली बजाकर ठहाका लगाते हैं और खुशी से चिल्लाते हैं "क्या अभी से उगना शुरू हो गयीं ? कहाँ मिल गयीं तुम्हें ?"
एलवर्ट रहस्य - भरे भाव से अपनी आँखें दवाता है और दूसरे हो क्षरण दोनों 'गैराज' में दाखिल हो जाते हैं। भीतर से दमा- पीड़ित इंजन की सँखराहट सुनायी देती है और फिर एलबर्ट की फियाट मोटर बाहर आती है --- एक अति प्राचीन खंडहर--- जिसे एलबर्ट ने दस साल पहले पानी के भाव खरीदा था । ढीले दरवाजों की कर्णभेदी गड़गड़ाहट और गियर वॉक्स की बीभत्स आवाज़ों को आस-पास विखेरते हुए मोटर दोनों दोस्तों को जंगल में ढो लाती है। पेड़ों के तनों के बीच अपनी आँखें चिपकाए दोनों आदमी सीटी बजाते हुए घूमते रहते हैं और जब किसी एक को कोई गुच्छी मिल जाती है तो दूसरा उसे बहुत कोमल स्वर में गन्दी-सेगन्दी गाली देने में नहीं चूकता ।
६४ / वाहर और परे
किताबें पढ़ने का शौक एलवर्ट को बहुत शुरू से रहा है। पिछले वर्षो में उसे कहानीउपन्यासों से नफ़रत हो गयी है और अब वह सिर्फ ज्ञानविज्ञान सम्बन्धी पुस्तकें पढ़ता है। अर्थ विज्ञान में उसकी समझ पार्टी के किसी भी उच्च शिक्षित सदस्य से कम नहीं है । अणु विज्ञान में भी उसकी - गहरी दिलचस्पी है। पिछली चार जव में घर आया था, उसने मुझे 'बाइनरी सिस्टम' (Binary System) समझाने की कोशिश की थी किन्तु जब उसने देखा कि में छोटी-से-छोटी से बात भी नहीं पकड़ सकता तो उसका धैर्य छूट गया था। सिनेमा जाना उसे खास पसन्द नहीं किन्तु कभी-कभी वीवी और लड़कियों के दवाव डालने पर उसे जाना ही पड़ता है । दूसरी तरफ खेल प्रतियोगिताओं में वह गहरी रुचि लेता है, उसे सब खिलाड़ियों के 'रिकार्ड' जुवानी याद हैं । शायद ही ऐसा कोई स्थानीय मंच रहा हो, जो उससे छूट गया हो । मास्टर सूखी के साथ वह अक्सर अपनी शहरी टीम की ट्रेनिंग देखने जाता है । गोल के पीछे खड़े होकर वे दोनों खिलाड़ियों को ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाते हुए सलाह देते हैं और बाद में सन्तुष्ट होकर खुशी-खुशी स्वयं भी फुटवाल की दो-चार किकें गोल में लगाना नहीं भूलते ।
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बाहर और परे / तिरेसठ मास्टर सुखी ज्यादा से ज्यादा दो दिनों तक नाराज रहते हैं। "तुम्हारे पास मेरी कुछ कितावें थीं" वह काँपते स्वर में कहते हैं - और यह जतलाने के लिये कि वे सचमुच किताबें लेने आये हैं अपनी बरसाती भी नहीं उतारते । "तुम जानते हो और में भी जानता हूँ कि तुम किताबें लेने नहीं आए..." एलबर्ट हिकारत-भरे ढंग से हंसते हुए कहता है " किताबों के लिए तुम क्लास को भी भेज सकते थे ।" "मेह्रवानी करके जल्दी वापस करो वे किताबें मुझे जाना है।" मास्टर सूखी रुस्वर में कहते हैं। एलबर्ट उदास भाव से सिर हिलाता है और चेहरे पर गहरा ग़मग्रीन भाव लिये कहीं भीतर चला जाता है। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटता है तो किताबों के बजाय उसके हाथ में एक थैला होता है। थैले में हाथ डालकर कुछ टटोलता है और फिर सहसा उसमें से मुट्ठी भरकर वढ़िया किस्म के 'मशरूम' मास्टर साहब की नाक के नीचे फैला देता है। एक क्षण में ही मास्टर सुखी अपने सम्बन्धों की टूजिक स्थिति को भूल जाते हैं। गुच्छियों को देखते ही उनकी बाछें खिल जाती हैं, ताली बजाकर ठहाका लगाते हैं और खुशी से चिल्लाते हैं "क्या अभी से उगना शुरू हो गयीं ? कहाँ मिल गयीं तुम्हें ?" एलवर्ट रहस्य - भरे भाव से अपनी आँखें दवाता है और दूसरे हो क्षरण दोनों 'गैराज' में दाखिल हो जाते हैं। भीतर से दमा- पीड़ित इंजन की सँखराहट सुनायी देती है और फिर एलबर्ट की फियाट मोटर बाहर आती है --- एक अति प्राचीन खंडहर--- जिसे एलबर्ट ने दस साल पहले पानी के भाव खरीदा था । ढीले दरवाजों की कर्णभेदी गड़गड़ाहट और गियर वॉक्स की बीभत्स आवाज़ों को आस-पास विखेरते हुए मोटर दोनों दोस्तों को जंगल में ढो लाती है। पेड़ों के तनों के बीच अपनी आँखें चिपकाए दोनों आदमी सीटी बजाते हुए घूमते रहते हैं और जब किसी एक को कोई गुच्छी मिल जाती है तो दूसरा उसे बहुत कोमल स्वर में गन्दी-सेगन्दी गाली देने में नहीं चूकता । चौंसठ / वाहर और परे किताबें पढ़ने का शौक एलवर्ट को बहुत शुरू से रहा है। पिछले वर्षो में उसे कहानीउपन्यासों से नफ़रत हो गयी है और अब वह सिर्फ ज्ञानविज्ञान सम्बन्धी पुस्तकें पढ़ता है। अर्थ विज्ञान में उसकी समझ पार्टी के किसी भी उच्च शिक्षित सदस्य से कम नहीं है । अणु विज्ञान में भी उसकी - गहरी दिलचस्पी है। पिछली चार जव में घर आया था, उसने मुझे 'बाइनरी सिस्टम' समझाने की कोशिश की थी किन्तु जब उसने देखा कि में छोटी-से-छोटी से बात भी नहीं पकड़ सकता तो उसका धैर्य छूट गया था। सिनेमा जाना उसे खास पसन्द नहीं किन्तु कभी-कभी वीवी और लड़कियों के दवाव डालने पर उसे जाना ही पड़ता है । दूसरी तरफ खेल प्रतियोगिताओं में वह गहरी रुचि लेता है, उसे सब खिलाड़ियों के 'रिकार्ड' जुवानी याद हैं । शायद ही ऐसा कोई स्थानीय मंच रहा हो, जो उससे छूट गया हो । मास्टर सूखी के साथ वह अक्सर अपनी शहरी टीम की ट्रेनिंग देखने जाता है । गोल के पीछे खड़े होकर वे दोनों खिलाड़ियों को ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाते हुए सलाह देते हैं और बाद में सन्तुष्ट होकर खुशी-खुशी स्वयं भी फुटवाल की दो-चार किकें गोल में लगाना नहीं भूलते ।
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बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष पेश हुईं. नोरा ने ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 215 करोड़ रुपये की ठगी मामले में अपना बयान दर्ज कराया. वह इस मामले में मुख्य गवाह हैं. नोरा ने खुद ही दिल्ली पुलिस की अपराधा शाखा से संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराने का आग्रह किया था.
सीआरपीसी की धारा 164 के तहत नोरा का बयान दर्ज किया गया. इस मामले में अब नोरा के बयान को सबूत के तौर पर लिया जाएगा.
उन्होंने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से संपर्क किया था. अब दिल्ली पुलिस पटियाला हाउस कोर्ट में धारा 164 के तहत उनका बयान दर्ज हो रहा है. इस दौरान नोरा यह बता रही हैं कि वह किस तरह सुकेश के नजदीक आईं और सुकेश की तरफ से उन्हें क्या-क्या ऑफर किया गया. नोरा इन सब मामलों में अपना बयान दर्ज करवा रही हैं.
सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ के ठगी के मामले में नोरा के अलावा जैकलीन फर्नांडिस से भी लंबी पूछताछ की गई थी. हालांकि नोरा फतेही ने पूछताछ के दौरान अपना पक्ष साफ कर दिया था. ठगी और वसूली मामले में लगे आरोपों से परेशान होकर हाल ही में नोरा फतेही ने जैकलीन के खिलाफ मानहानि का केस कर दिया है. नोरा का कहना है कि जैकलीन और मीडिया ट्रायल की वजह से उनकी छवि को भारी नुकसान पहुंचा है.
नोरा ने मानहानि का केस करते हुए आरोप लगाया कि 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनका नाम जबरदस्ती इस्तेमाल किया गया. नोरा ने दावा किया था कि उनका सुकेश से कोई भी ताल्लुक नहीं है. वो सुकेश को उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल के जरिए जानती थीं. नोरा ने सुकेश से किसी भी तरह के महंगे गिफ्ट्स लेने की बात को पूरी तरह से गलत बताया है.
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बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष पेश हुईं. नोरा ने ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े दो सौ पंद्रह करोड़ रुपये की ठगी मामले में अपना बयान दर्ज कराया. वह इस मामले में मुख्य गवाह हैं. नोरा ने खुद ही दिल्ली पुलिस की अपराधा शाखा से संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराने का आग्रह किया था. सीआरपीसी की धारा एक सौ चौंसठ के तहत नोरा का बयान दर्ज किया गया. इस मामले में अब नोरा के बयान को सबूत के तौर पर लिया जाएगा. उन्होंने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से संपर्क किया था. अब दिल्ली पुलिस पटियाला हाउस कोर्ट में धारा एक सौ चौंसठ के तहत उनका बयान दर्ज हो रहा है. इस दौरान नोरा यह बता रही हैं कि वह किस तरह सुकेश के नजदीक आईं और सुकेश की तरफ से उन्हें क्या-क्या ऑफर किया गया. नोरा इन सब मामलों में अपना बयान दर्ज करवा रही हैं. सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े दो सौ करोड़ के ठगी के मामले में नोरा के अलावा जैकलीन फर्नांडिस से भी लंबी पूछताछ की गई थी. हालांकि नोरा फतेही ने पूछताछ के दौरान अपना पक्ष साफ कर दिया था. ठगी और वसूली मामले में लगे आरोपों से परेशान होकर हाल ही में नोरा फतेही ने जैकलीन के खिलाफ मानहानि का केस कर दिया है. नोरा का कहना है कि जैकलीन और मीडिया ट्रायल की वजह से उनकी छवि को भारी नुकसान पहुंचा है. नोरा ने मानहानि का केस करते हुए आरोप लगाया कि दो सौ करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनका नाम जबरदस्ती इस्तेमाल किया गया. नोरा ने दावा किया था कि उनका सुकेश से कोई भी ताल्लुक नहीं है. वो सुकेश को उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल के जरिए जानती थीं. नोरा ने सुकेश से किसी भी तरह के महंगे गिफ्ट्स लेने की बात को पूरी तरह से गलत बताया है.
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एगजीवं पडुच्च जहण्णेण अंतोमुहुतं ।। २६६ ॥
तं जहा - एक्को ओदरमाणो अपुव्वो अप्पमत्ता पमत्तो पुणो अप्पमत्तो होदूण अपुच्चो जादो। लद्धमंतरं । एवमणियस्सि वि । णवरि पंच अंतोमुहुत्ता जहण्णंतरं होदि । उक्कस्सेण पुव्वकोडी देसू ॥ २६७ ॥
तं जहा - एक्को पुव्वकोडाउएसु मणुसेसु उनवण्णो । अदुवस्साणमुवरि संजमं पडिवण्णो ( १ ) । पमत्तापमत्त संजदडाणे सादासादबंधपरावत्तिसहस्सं काढूण ( २ ) उवसमसेडीपाओग्गअप्पमत्तो ( ३ ) अपुब्त्रो ( ४ ) अणियट्टी ( ५) सुहुमो (६) उवसंतो (७) पुणो वि सुहुमो (८) अणियडी (९ ) अपुचो ( १० ) हेट्ठा पडिय अंतरिदो । पमत्तापमत्तसंजदट्ठाणे पुत्रकोडि मच्छिदूण अणुद्दिसादिसु आउअं बंघिय अंतोमुहुत्तावसे से जीविए अपुव्वुवमामगो जादो । णिद्दा-पयलाणं बंधे वोच्छिण्णे कालं गदो देवो जादो । अट्ठहि वस्सेहि एक्कारसअंतोम्रुहुत्तेहि य ऊणिया पुच्चकोडी अंतरं । एवमणियट्टिस्स वि ।
सामायिक और छेदोपस्थापनासंयमी दोनों उपशामकोंका एक जीवकी अपेक्षा जघन्य अन्तर अन्तर्मुहूर्त है ।। २६६ ।।
जैसे- उपशमश्रेणीसे उतरनेवाला एक अपूर्वकरणसंयत, अप्रमत्तसंयत व प्रमन्तसंयत होकर पुनः अप्रमत्तसंयत हो अपूर्वकरणसंयत होगया । इस प्रकार अन्तर लब्ध हुआ। इसी प्रकार अनिवृत्तिकरणसंयतका भी अन्तर कहना चाहिए। विशेषता यह है किं इनके पांच अन्तर्मुहूर्तप्रमाण जघन्य अन्तर होता है।
उक्त जीवोंका एक जीवकी अपेक्षा उत्कृष्ट अन्तर कुछ कम पूर्वकोटी है ।।२६७।। जैसे- कोई एक जीव पूर्वकोटीकी आयुवाले मनुष्योंमें उत्पन्न हुआ और आठ वर्षके पश्चात् संयमको प्राप्त हुआ (१) । पुनः प्रमत्त और अप्रमत्तसंयत गुणस्थानमें साता और असातावेदनीयके सहस्त्रों बंध परावर्तनोंको करके (२) उपशमश्रेणीके योग्य अप्रमत्तसंयत हुआ (३) । पश्चात् अपूर्वकरण (४) अनिवृत्तिकरण (५) सूक्ष्मसाम्पराय (६) उपशान्तकषाय ( ७ ) होकर फिर भी सूक्ष्मसाम्पराय (८) अनिवृत्तिकरण (९) अपूर्वकरण ( १० ) हो नीचे गिरकर अन्तरको प्राप्त हुआ। प्रमत्त और अप्रमत्तसंयत गुणस्थानमें पूर्वकोटी काल तक रहकर अनुदिश आदि विमानोंमें आयुको बांधकर जीवनके अन्तर्मुहूर्तप्रमाण अवशिष्ट रहनेपर अपूर्वकरण उपशामक हुआ और निद्रा तथा प्रचला प्रकृतियोंके बंधसे व्युच्छिन्न होनेपर मरणको प्राप्त हो देव हुआ। इस प्रकार आठ वर्ष और ग्यारह अन्तर्मुहताँसे कम पूर्वकोटीप्रमाण सामायिक और छेदोपस्थापनासंयमी अपूर्वकरण उपशामकका उत्कृष्ट अन्तर होता है। इसी प्रकार सामायिक और छेदोपस्थापनासंयमी अनिवृत्तिकरण उपशामकका भी उत्कृष्ट अन्तर है। विशेषता यह है कि
२ उत्कर्षेण पूर्वकोटी देशोना ! स. सि. १, ८.
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एगजीवं पडुच्च जहण्णेण अंतोमुहुतं ।। दो सौ छयासठ ॥ तं जहा - एक्को ओदरमाणो अपुव्वो अप्पमत्ता पमत्तो पुणो अप्पमत्तो होदूण अपुच्चो जादो। लद्धमंतरं । एवमणियस्सि वि । णवरि पंच अंतोमुहुत्ता जहण्णंतरं होदि । उक्कस्सेण पुव्वकोडी देसू ॥ दो सौ सरसठ ॥ तं जहा - एक्को पुव्वकोडाउएसु मणुसेसु उनवण्णो । अदुवस्साणमुवरि संजमं पडिवण्णो । पमत्तापमत्त संजदडाणे सादासादबंधपरावत्तिसहस्सं काढूण उवसमसेडीपाओग्गअप्पमत्तो अपुब्त्रो अणियट्टी सुहुमो उवसंतो पुणो वि सुहुमो अणियडी अपुचो हेट्ठा पडिय अंतरिदो । पमत्तापमत्तसंजदट्ठाणे पुत्रकोडि मच्छिदूण अणुद्दिसादिसु आउअं बंघिय अंतोमुहुत्तावसे से जीविए अपुव्वुवमामगो जादो । णिद्दा-पयलाणं बंधे वोच्छिण्णे कालं गदो देवो जादो । अट्ठहि वस्सेहि एक्कारसअंतोम्रुहुत्तेहि य ऊणिया पुच्चकोडी अंतरं । एवमणियट्टिस्स वि । सामायिक और छेदोपस्थापनासंयमी दोनों उपशामकोंका एक जीवकी अपेक्षा जघन्य अन्तर अन्तर्मुहूर्त है ।। दो सौ छयासठ ।। जैसे- उपशमश्रेणीसे उतरनेवाला एक अपूर्वकरणसंयत, अप्रमत्तसंयत व प्रमन्तसंयत होकर पुनः अप्रमत्तसंयत हो अपूर्वकरणसंयत होगया । इस प्रकार अन्तर लब्ध हुआ। इसी प्रकार अनिवृत्तिकरणसंयतका भी अन्तर कहना चाहिए। विशेषता यह है किं इनके पांच अन्तर्मुहूर्तप्रमाण जघन्य अन्तर होता है। उक्त जीवोंका एक जीवकी अपेक्षा उत्कृष्ट अन्तर कुछ कम पूर्वकोटी है ।।दो सौ सरसठ।। जैसे- कोई एक जीव पूर्वकोटीकी आयुवाले मनुष्योंमें उत्पन्न हुआ और आठ वर्षके पश्चात् संयमको प्राप्त हुआ । पुनः प्रमत्त और अप्रमत्तसंयत गुणस्थानमें साता और असातावेदनीयके सहस्त्रों बंध परावर्तनोंको करके उपशमश्रेणीके योग्य अप्रमत्तसंयत हुआ । पश्चात् अपूर्वकरण अनिवृत्तिकरण सूक्ष्मसाम्पराय उपशान्तकषाय होकर फिर भी सूक्ष्मसाम्पराय अनिवृत्तिकरण अपूर्वकरण हो नीचे गिरकर अन्तरको प्राप्त हुआ। प्रमत्त और अप्रमत्तसंयत गुणस्थानमें पूर्वकोटी काल तक रहकर अनुदिश आदि विमानोंमें आयुको बांधकर जीवनके अन्तर्मुहूर्तप्रमाण अवशिष्ट रहनेपर अपूर्वकरण उपशामक हुआ और निद्रा तथा प्रचला प्रकृतियोंके बंधसे व्युच्छिन्न होनेपर मरणको प्राप्त हो देव हुआ। इस प्रकार आठ वर्ष और ग्यारह अन्तर्मुहताँसे कम पूर्वकोटीप्रमाण सामायिक और छेदोपस्थापनासंयमी अपूर्वकरण उपशामकका उत्कृष्ट अन्तर होता है। इसी प्रकार सामायिक और छेदोपस्थापनासंयमी अनिवृत्तिकरण उपशामकका भी उत्कृष्ट अन्तर है। विशेषता यह है कि दो उत्कर्षेण पूर्वकोटी देशोना ! स. सि. एक, आठ.
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नई दिल्ली। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ. बलराम भार्गव कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। 59 साल के डॉ. भार्गव कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद एम्स के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।
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नई दिल्ली। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर डॉ. बलराम भार्गव कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उनसठ साल के डॉ. भार्गव कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद एम्स के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।
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खुशपोशी (फा० स्त्री० ) - अच्छे वस्त्र का शोक ।
खुशफ़हम (फा० अ० वि० ) तीव्र बुद्धि, खुशगुमान । खुशफ़ह मो (फा० [अ० स्त्री० ) बुद्धि की तीव्रता, सुधारणा । खुशफ़ ली (फा० अ० स्त्री० ) -मनोरंजन, मनोविनोद ।
खुशवस्त (फा० वि० ) - दे० 'खुशक़िस्मत' ।
खुशबख्ती (फा० स्त्री० ) -दे० 'खुश क़िस्मती' ।
खुशवाश ( फा० वि० ) - अच्छे प्रकार से रहने वाला, (वि० ) एक आशीर्वाद, स्वस्तु ।
(फा० वि० ) - सुगंधित, (स्त्री० ) सुगंध । खुशबूदार (फा० वि० ) - सुगंधित । खुशमंजर (फा० अ० वि० ) - जो देखने में अच्छा लगे, प्रियदर्शन । खुशमश्राश ( फा० ऋ० वि० ) - नेकचलन ।
सुशमश्राशी ( फा० श्र० स्त्री० ) -नेकचलनी ।
खुश नजाक (फा० अ० वि० ) - विनोद-रसिक ।
खुशमजाक़ी (फा० प्र० स्त्री० ) - विनोदप्रियता ।
खुशमिजाज (फा० प्र० वि० ) - विनोदरसिक ।
सुशमिजाजो (फा० प्र० स्त्री० ) - हामप्रियता ।
खुशरंग (फा० वि० ) - अच्छे रंगवाला, सुवर्ण ।
खुशरंगी (फा० स्त्री० ) - रंग की सुंदरता, वर्ण-सौंदर्य । खुशरू (फा० वि० ) - रूपवान्, रूपवती, हसीना । खुशरुई ( फा० स्त्री० ) मुखमंडल की - सुंदरता ।
खुशमुश्रामलः ( [फा० स० वि० ) - व्यवहारनिष्ठ, दृढप्रतिन । सुझमुश्रामलगी (फा०प्र० स्त्री० ) - व्यवहारनिष्ठता, वचनबद्धता ।
खुश वक्त (फा० ऋ० वि०) - जिसका समय अच्छा हो, समृद्ध, भाग्यवान् । खुशववती (फा०प्र० स्त्री० ) - समय की अनुकूलता, समृद्धि, भाग्यशीलता ।
खुशसोरत ( फा० प्र० वि० ) - अच्छी ( प्रकृति वाला, अच्छे स्वभाव वाला । खुशसीरती (फा० प्र० स्त्री ० ) - स्वभाव की शिष्टता, सुशीलता । खुशहाल (फा० ऋ० वि० ) - संपन्न, समृद्ध । खुशहाली (फा० ऋ० स्त्री० ) संप न्नता, समृद्धि । खुशामद (फा० स्त्री० ) - चापलूमी, चाटुकारिता । खुशामदगो (फा० वि० ) - चाटुकार । खुशामदपसंद (फा० वि० ) - जिसे चापलूसी अच्छी लगती हो । खुशामदी (फा०वि० ) चाटुकार । खुशी (फा० स्त्री० ) -हपं, ग्रानंद । सुशुम ( अ० १० ) - नत्रता, विनय । सुकः ( फा० पु० ) -उवाले हुए चावल,
भात ।
खुइक ( फा० वि० ) - शुष्क, नीरस, अनुदार, कृपण । सुक्ष्कमिजाज (फा० प्र० वि० ) बहुत हो रखा फी व्यक्ति, नीरस प्रकृति । सुइककाली (फा० स्त्री० ) प्रवर्ण,
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खुशपोशी - अच्छे वस्त्र का शोक । खुशफ़हम तीव्र बुद्धि, खुशगुमान । खुशफ़ह मो बुद्धि की तीव्रता, सुधारणा । खुशफ़ ली -मनोरंजन, मनोविनोद । खुशवस्त - देशून्य 'खुशक़िस्मत' । खुशबख्ती -देशून्य 'खुश क़िस्मती' । खुशवाश - अच्छे प्रकार से रहने वाला, एक आशीर्वाद, स्वस्तु । - सुगंधित, सुगंध । खुशबूदार - सुगंधित । खुशमंजर - जो देखने में अच्छा लगे, प्रियदर्शन । खुशमश्राश - नेकचलन । सुशमश्राशी -नेकचलनी । खुश नजाक - विनोद-रसिक । खुशमजाक़ी - विनोदप्रियता । खुशमिजाज - विनोदरसिक । सुशमिजाजो - हामप्रियता । खुशरंग - अच्छे रंगवाला, सुवर्ण । खुशरंगी - रंग की सुंदरता, वर्ण-सौंदर्य । खुशरू - रूपवान्, रूपवती, हसीना । खुशरुई मुखमंडल की - सुंदरता । खुशमुश्रामलः - व्यवहारनिष्ठ, दृढप्रतिन । सुझमुश्रामलगी - व्यवहारनिष्ठता, वचनबद्धता । खुश वक्त - जिसका समय अच्छा हो, समृद्ध, भाग्यवान् । खुशववती - समय की अनुकूलता, समृद्धि, भाग्यशीलता । खुशसोरत - अच्छी - स्वभाव की शिष्टता, सुशीलता । खुशहाल - संपन्न, समृद्ध । खुशहाली संप न्नता, समृद्धि । खुशामद - चापलूमी, चाटुकारिता । खुशामदगो - चाटुकार । खुशामदपसंद - जिसे चापलूसी अच्छी लगती हो । खुशामदी चाटुकार । खुशी -हपं, ग्रानंद । सुशुम - नत्रता, विनय । सुकः -उवाले हुए चावल, भात । खुइक - शुष्क, नीरस, अनुदार, कृपण । सुक्ष्कमिजाज बहुत हो रखा फी व्यक्ति, नीरस प्रकृति । सुइककाली प्रवर्ण,
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मुंबई। विक्की कौशल, यामी गौतम और मोहित रैना अभिनीत फिल्म 'उरीः द सर्जिकल स्ट्राइक' को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। देशभक्ति और जोश से भरी इस फिल्म को साल 2019 की पहली हिट फिल्म माना जा रहा है। दर्शकों को विक्की कौशल सहित सभी स्टार्स का काम बहुत पसंद आ रहा है। इस फिल्म के जरिए पूरी टीम ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही साथ एक और अद्भुत कदम उठाया है। फिल्म के निर्माता और निर्देशकों ने फिल्म की कमाई में से एक करोड़ रुपए शहीदों के परिवार के लिए डोनेट करने का फैसला लिया है। टीम ने इस बात की घोषणा 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस के मौके पर की है।
15 जनवरी को 71वें भारतीय सेना दिवस के अवसर पर फिल्म 'उरी' के निर्माता और स्टार कास्ट ने दिल्ली में परेड और अन्य समारोहों में हिस्सा लिया। इनमें फिल्म के मुख्य कलाकार विक्की कौशल, यामी गौतम और निर्देशक आदित्य धर मौजूद शामिल रहे। इस खास मौके पर फिल्म निर्माता रोनी स्क्रूवाला के प्रोडक्शन हाउस आरएसवीपी ने देश की सेवा में बॉर्डर पर शहीद हुए सैनिकों की विधवाओ के लिए एक करोड़ रुपये डोनेट करने का फैसला लिया है।
बता दें कि, विक्की कौशल और यामी गौतम स्टारर फिल्म 'उरीः द सर्जिकल स्ट्राइक' का पहला वीकेंड काफी शानदार रहा है। फिल्म में कोई बड़ा सितारा नहीं होने के बावजूद फिल्म ने पहले हफ्ते में ही अपना बजट निकाल लिया है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म का टोटल बजट ही 25 करोड़ रुपए था। बजट पूरा करने के बाद अब ये फिल्म मुनाफा कमा रही है। रिलीज के पहले दिन यानी शुक्रवार को फिल्म ने 8. 20 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, दूसरे दिन शनिवार को फिल्म ने 12. 43 करोड़ और रविवार को 15. 10 करोड़ रुपए की कमाई की है। आशंका जताई जा रही थी कि, सोमवार को 'उरी' को ज्यादा दर्शक नहीं मिलेंगे, लेकिन नजारा कुछ और ही रहा। सोमवार को भी फिल्म में करीब 10. 51 करोड़ रुपए की कमाई की है। इस तरह फिल्म ने अब तक 46. 24 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है।
'उरी' फिल्म 2016 में भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी है। रिलीज से पहले ही जबरदस्त तारीफ इस मिल रही थी क्योंकि इसे पत्रकारों को दिखाया गया था और सभी इसकी तारीफ कर रहे थे। अनुपम खेर की 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' को भारत में 1300 स्क्रीन्स मिली हैं और उरी को 2000 से ज्यादा मिली हैं। इस फिल्म में 'देवों के देव महादेव' से खासे लोकप्रिय हुए मोहित रैना भी हैं। यह उनकी पहली फिल्म है। 'उरी' को औसत तीन स्टार की रेटिंग भी मिली है। विक्की कौशल की सिंगल रिलीज की बात की जाए तो यह अभी तक की सबसे बड़ी रिलीज है।
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मुंबई। विक्की कौशल, यामी गौतम और मोहित रैना अभिनीत फिल्म 'उरीः द सर्जिकल स्ट्राइक' को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। देशभक्ति और जोश से भरी इस फिल्म को साल दो हज़ार उन्नीस की पहली हिट फिल्म माना जा रहा है। दर्शकों को विक्की कौशल सहित सभी स्टार्स का काम बहुत पसंद आ रहा है। इस फिल्म के जरिए पूरी टीम ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही साथ एक और अद्भुत कदम उठाया है। फिल्म के निर्माता और निर्देशकों ने फिल्म की कमाई में से एक करोड़ रुपए शहीदों के परिवार के लिए डोनेट करने का फैसला लिया है। टीम ने इस बात की घोषणा पंद्रह जनवरी को भारतीय सेना दिवस के मौके पर की है। पंद्रह जनवरी को इकहत्तरवें भारतीय सेना दिवस के अवसर पर फिल्म 'उरी' के निर्माता और स्टार कास्ट ने दिल्ली में परेड और अन्य समारोहों में हिस्सा लिया। इनमें फिल्म के मुख्य कलाकार विक्की कौशल, यामी गौतम और निर्देशक आदित्य धर मौजूद शामिल रहे। इस खास मौके पर फिल्म निर्माता रोनी स्क्रूवाला के प्रोडक्शन हाउस आरएसवीपी ने देश की सेवा में बॉर्डर पर शहीद हुए सैनिकों की विधवाओ के लिए एक करोड़ रुपये डोनेट करने का फैसला लिया है। बता दें कि, विक्की कौशल और यामी गौतम स्टारर फिल्म 'उरीः द सर्जिकल स्ट्राइक' का पहला वीकेंड काफी शानदार रहा है। फिल्म में कोई बड़ा सितारा नहीं होने के बावजूद फिल्म ने पहले हफ्ते में ही अपना बजट निकाल लिया है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म का टोटल बजट ही पच्चीस करोड़ रुपए था। बजट पूरा करने के बाद अब ये फिल्म मुनाफा कमा रही है। रिलीज के पहले दिन यानी शुक्रवार को फिल्म ने आठ. बीस करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, दूसरे दिन शनिवार को फिल्म ने बारह. तैंतालीस करोड़ और रविवार को पंद्रह. दस करोड़ रुपए की कमाई की है। आशंका जताई जा रही थी कि, सोमवार को 'उरी' को ज्यादा दर्शक नहीं मिलेंगे, लेकिन नजारा कुछ और ही रहा। सोमवार को भी फिल्म में करीब दस. इक्यावन करोड़ रुपए की कमाई की है। इस तरह फिल्म ने अब तक छियालीस. चौबीस करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। 'उरी' फिल्म दो हज़ार सोलह में भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी है। रिलीज से पहले ही जबरदस्त तारीफ इस मिल रही थी क्योंकि इसे पत्रकारों को दिखाया गया था और सभी इसकी तारीफ कर रहे थे। अनुपम खेर की 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' को भारत में एक हज़ार तीन सौ स्क्रीन्स मिली हैं और उरी को दो हज़ार से ज्यादा मिली हैं। इस फिल्म में 'देवों के देव महादेव' से खासे लोकप्रिय हुए मोहित रैना भी हैं। यह उनकी पहली फिल्म है। 'उरी' को औसत तीन स्टार की रेटिंग भी मिली है। विक्की कौशल की सिंगल रिलीज की बात की जाए तो यह अभी तक की सबसे बड़ी रिलीज है।
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हम दोहराना नहीं चाहते हैं और एक सब्जी के सभी गुणों के बारे में बात करते हैं जिन्हें ज़ुचिनी कहा जाता है। और चिकन के आहार और पौष्टिक गुणों के बारे में, आप शायद भी जानते हैं। लेकिन कई अद्भुत व्यंजन जिन्हें आप इन दो घटकों का उपयोग करके पका सकते हैं, और बने रहें, आप की कोशिश नहीं की गई है। हम स्थिति को आंशिक रूप से सही करने जा रहे हैं और आज आपको बताते हैं कि इन व्यंजनों में से एक को कैसे पकाना है। दूसरों के बीच, अन्य लोगों के बीच, ओवन में बेक किया हुआ उबचिनी रोल और चिकन पट्टिका होती है। उनकी तैयारी के लिए अधिक प्रयास की आवश्यकता नहीं है और इसमें अधिक समय नहीं लगेगा, और नतीजा सभी उम्मीदों से अधिक होगा। इस तरह के रोल तैयार करना सुनिश्चित करें और आप बस अपने स्वादिष्ट स्वाद से प्रसन्न होंगे।
सामग्रीः
- युवा courgettes - 2 पीसी।
- चिकन स्तन की पट्टिका - 650 ग्राम;
- लहसुन - 2-3 दांत;
- हार्ड पिक्चर पनीर - 120 ग्राम;
- नमक - स्वाद के लिए;
- ताजा जमीन काली मिर्च - स्वाद के लिए;
- grated paprika - स्वाद के लिए;
- टमाटर सॉस या केचप - स्वाद के लिए;
- सलाद पत्तियां और ताजा हिरन के twigs;
चिकन स्तन के धोए गए और सूखे पट्टिका को पतली पट्टियों में काट दिया जाता है, जो खाद्य फिल्म से ढका होता है और रसोईघर हथौड़ा से पीटा जाता है। फिर नमक, ताजा जमीन काली मिर्च के साथ मौसम, लहसुन प्रेस के माध्यम से पारित, इसे एक कटोरे में डाल दिया और इसे तीस से चालीस मिनट तक मारने दें।
एक युवा तौलिया, अच्छी तरह से एक पेपर तौलिया या नैपकिन के साथ सूखा और प्लेटों में कटौती, लगभग तीन से पांच मिलीमीटर मोटी। हम उन्हें सब्जी के तेल, सीजन के साथ नमक, जमीन काली मिर्च के साथ सभी तरफ ग्रीस करते हैं और एक ग्रीक बेकिंग शीट पर रख देते हैं। हम उन्हें गर्म करने में 180 डिग्री ओवन को सात से दस मिनट तक रखते हैं। इस समय के दौरान थोड़ी भूरे रंग की उबली, मोड़ने के लिए मुलायम और खुली हो जाती है।
अब सब्जी मज्जा की प्रत्येक प्लेट के लिए हमने चिकन पट्टिका के एक कटा हुआ और मसालेदार टुकड़ा डाला, अनुभवी पेपरिका, टमाटर सॉस या केचप के साथ शीर्ष और कसा हुआ पनीर के साथ छिड़क दिया।
हम रोल बनाते हैं और उन्हें फास्ट करते हैं, एक टूथपिक पर, या तीन या चार टुकड़े एक बार में एक लकड़ी के skewer पर shish kebabs के लिए फेंक दिया। हम उन्हें एक ग्रीक बेकिंग शीट पर रख देते हैं और ओवन में पकाते हैं, तीस मिनट के लिए 180 डिग्री तक गरम करते हैं।
चिकन के साथ courgettes के समाप्त रोल सलाद सलाद पत्तियों और हरियाली के twigs के साथ सजाया पकवान पर परोसा जाता है।
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हम दोहराना नहीं चाहते हैं और एक सब्जी के सभी गुणों के बारे में बात करते हैं जिन्हें ज़ुचिनी कहा जाता है। और चिकन के आहार और पौष्टिक गुणों के बारे में, आप शायद भी जानते हैं। लेकिन कई अद्भुत व्यंजन जिन्हें आप इन दो घटकों का उपयोग करके पका सकते हैं, और बने रहें, आप की कोशिश नहीं की गई है। हम स्थिति को आंशिक रूप से सही करने जा रहे हैं और आज आपको बताते हैं कि इन व्यंजनों में से एक को कैसे पकाना है। दूसरों के बीच, अन्य लोगों के बीच, ओवन में बेक किया हुआ उबचिनी रोल और चिकन पट्टिका होती है। उनकी तैयारी के लिए अधिक प्रयास की आवश्यकता नहीं है और इसमें अधिक समय नहीं लगेगा, और नतीजा सभी उम्मीदों से अधिक होगा। इस तरह के रोल तैयार करना सुनिश्चित करें और आप बस अपने स्वादिष्ट स्वाद से प्रसन्न होंगे। सामग्रीः - युवा courgettes - दो पीसी। - चिकन स्तन की पट्टिका - छः सौ पचास ग्राम; - लहसुन - दो-तीन दांत; - हार्ड पिक्चर पनीर - एक सौ बीस ग्राम; - नमक - स्वाद के लिए; - ताजा जमीन काली मिर्च - स्वाद के लिए; - grated paprika - स्वाद के लिए; - टमाटर सॉस या केचप - स्वाद के लिए; - सलाद पत्तियां और ताजा हिरन के twigs; चिकन स्तन के धोए गए और सूखे पट्टिका को पतली पट्टियों में काट दिया जाता है, जो खाद्य फिल्म से ढका होता है और रसोईघर हथौड़ा से पीटा जाता है। फिर नमक, ताजा जमीन काली मिर्च के साथ मौसम, लहसुन प्रेस के माध्यम से पारित, इसे एक कटोरे में डाल दिया और इसे तीस से चालीस मिनट तक मारने दें। एक युवा तौलिया, अच्छी तरह से एक पेपर तौलिया या नैपकिन के साथ सूखा और प्लेटों में कटौती, लगभग तीन से पांच मिलीमीटर मोटी। हम उन्हें सब्जी के तेल, सीजन के साथ नमक, जमीन काली मिर्च के साथ सभी तरफ ग्रीस करते हैं और एक ग्रीक बेकिंग शीट पर रख देते हैं। हम उन्हें गर्म करने में एक सौ अस्सी डिग्री ओवन को सात से दस मिनट तक रखते हैं। इस समय के दौरान थोड़ी भूरे रंग की उबली, मोड़ने के लिए मुलायम और खुली हो जाती है। अब सब्जी मज्जा की प्रत्येक प्लेट के लिए हमने चिकन पट्टिका के एक कटा हुआ और मसालेदार टुकड़ा डाला, अनुभवी पेपरिका, टमाटर सॉस या केचप के साथ शीर्ष और कसा हुआ पनीर के साथ छिड़क दिया। हम रोल बनाते हैं और उन्हें फास्ट करते हैं, एक टूथपिक पर, या तीन या चार टुकड़े एक बार में एक लकड़ी के skewer पर shish kebabs के लिए फेंक दिया। हम उन्हें एक ग्रीक बेकिंग शीट पर रख देते हैं और ओवन में पकाते हैं, तीस मिनट के लिए एक सौ अस्सी डिग्री तक गरम करते हैं। चिकन के साथ courgettes के समाप्त रोल सलाद सलाद पत्तियों और हरियाली के twigs के साथ सजाया पकवान पर परोसा जाता है।
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संजीव जीवा मर्डर केस की जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिससे इस पूरे मामले में पुलिस को रॉ की मदद लेनी पड़ सकती है. आखिर ऐसी क्या बात जांच में सामने आई है और इसमें रॉ कैसे मदद कर सकती है, समझिए इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में.
नोएडाः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कोर्ट में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा हत्याकांड की जांच 7 जून 2023 बुधवार से यूपी पुलिस की एसआईटी द्वारा जारी है. जांच के दौरान किसी एक अशरफ नाम के बदमाश का नाम निकल कर सामने आ रहा है. जानकारी के मुताबिक ये नेपाल का रहने वाला है. सवाल यह है कि अशरफ अगर नेपाल में छिपा है तो फिर यूपी पुलिस की एसआईटी उसे नेपाल से भारत कैसे ला पाएगी? क्योंकि नेपाल और भारत के बीच जिस तरह की संधि है उसके मुताबिक तो, यूपी पुलिस नेपाल की हद में कानूनन पांव ही नहीं रख सकती है.
एजेंसिया कैसे करेंगी यूपी पुलिस की मदद?
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संजीव जीवा मर्डर केस की जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिससे इस पूरे मामले में पुलिस को रॉ की मदद लेनी पड़ सकती है. आखिर ऐसी क्या बात जांच में सामने आई है और इसमें रॉ कैसे मदद कर सकती है, समझिए इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में. नोएडाः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कोर्ट में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा हत्याकांड की जांच सात जून दो हज़ार तेईस बुधवार से यूपी पुलिस की एसआईटी द्वारा जारी है. जांच के दौरान किसी एक अशरफ नाम के बदमाश का नाम निकल कर सामने आ रहा है. जानकारी के मुताबिक ये नेपाल का रहने वाला है. सवाल यह है कि अशरफ अगर नेपाल में छिपा है तो फिर यूपी पुलिस की एसआईटी उसे नेपाल से भारत कैसे ला पाएगी? क्योंकि नेपाल और भारत के बीच जिस तरह की संधि है उसके मुताबिक तो, यूपी पुलिस नेपाल की हद में कानूनन पांव ही नहीं रख सकती है. एजेंसिया कैसे करेंगी यूपी पुलिस की मदद?
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Violence In Akola: महाराष्ट्र के अकोला से बड़ी समाचार है कि यहां दो पक्षों के बीच टकराव में एक शख्स की मृत्यु हो गई है जबकि 8 लोग घायल हो गए हैं। इनमें एक स्त्री पुलिसकर्मी भी शामिल है। भीड़ ने कुछ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की है। ये पूरा टकराव एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर है। अभी पूरे क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई है और हालात काबू में हैं। अकोला में इस तरह की ये दूसरी घटना है। कुछ दिन पहले अकोट फाइल क्षेत्र में भी दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
अकोला में क्यों हुई हिंसा?
बताया जा रहा है कि अकोला के हिंसा की आग में जलने के पीछे की वजह सोशल मीडिया पोस्ट है। सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर 2 गुट आपस में भिड़ गए। इस मुद्दे में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है। हालात को नियंत्रण में करने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। हालांकि, अब हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
अकोला की कलेक्टर नीमा अरोड़ा ने बोला कि हिंसक झड़पों के बाद शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, हिंसक भीड़ ने कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ की है। बताया जा रहा है कि हल्की टकराव के बाद हुई हिंसक घटना के बाद ओल्ड सिटी पुलिस स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हिंसक भीड़ ने क्षेत्र में कुछ वाहनों को निशाना बनाया। बाद में हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने बल का उपयोग किया। अकोला एसपी संदीप घुगे ने बोला कि अभी हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने आगे बोला कि जिला कलेक्टर के आदेश पर अकोला सिटी में धारा 144 लागू कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि अकोला में इस तरह की ये दूसरी घटना है। कुछ दिन पहले ही अकोट फाइल क्षेत्र के शंकर नगर मोहल्ले में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। पुलिस मुद्दे की जांच कर रही है।
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Violence In Akola: महाराष्ट्र के अकोला से बड़ी समाचार है कि यहां दो पक्षों के बीच टकराव में एक शख्स की मृत्यु हो गई है जबकि आठ लोग घायल हो गए हैं। इनमें एक स्त्री पुलिसकर्मी भी शामिल है। भीड़ ने कुछ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की है। ये पूरा टकराव एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर है। अभी पूरे क्षेत्र में धारा एक सौ चौंतालीस लगा दी गई है और हालात काबू में हैं। अकोला में इस तरह की ये दूसरी घटना है। कुछ दिन पहले अकोट फाइल क्षेत्र में भी दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। अकोला में क्यों हुई हिंसा? बताया जा रहा है कि अकोला के हिंसा की आग में जलने के पीछे की वजह सोशल मीडिया पोस्ट है। सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। इस मुद्दे में पुलिस ने अब तक बारह लोगों को हिरासत में लिया है। हालात को नियंत्रण में करने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी है। हालांकि, अब हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। अकोला की कलेक्टर नीमा अरोड़ा ने बोला कि हिंसक झड़पों के बाद शहर में धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, हिंसक भीड़ ने कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ की है। बताया जा रहा है कि हल्की टकराव के बाद हुई हिंसक घटना के बाद ओल्ड सिटी पुलिस स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हिंसक भीड़ ने क्षेत्र में कुछ वाहनों को निशाना बनाया। बाद में हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने बल का उपयोग किया। अकोला एसपी संदीप घुगे ने बोला कि अभी हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने आगे बोला कि जिला कलेक्टर के आदेश पर अकोला सिटी में धारा एक सौ चौंतालीस लागू कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि अकोला में इस तरह की ये दूसरी घटना है। कुछ दिन पहले ही अकोट फाइल क्षेत्र के शंकर नगर मोहल्ले में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। पुलिस मुद्दे की जांच कर रही है।
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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के खुदवानी इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था।
जम्मू, 22 जुलाईः जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इस मुठभेड़ में अब तक 3 आतंकियों की मौत हो गई है। इसके साथ ही जवानों ने आतंकियों के पास से कुछ हथियार भी जब्त किए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के खुदवानी इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था।
उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाने के बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया। सेना भी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ अभी जारी है और घटना पर विस्तृत जानकारी मिलना अभी बाकी है।
बता दें कि कश्मीर के कुलगाम जिले के मुतालहामा इलाके से शुक्रवार को अपहृत पुलिस के जवान सलीम शाह का गोलियों से क्षत-विक्षत शव शनिवार को बरामद हुआ था। पुलिस के इस कांस्टेबल का क्षत-विक्षत शव जिले के ही कैमोह इलाके से बरामद किया गया था. कहा जा रहा ही कि इस जवान की हत्या आतंकवादियों ने की थी. हालांकि, इस हत्या की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है। अनंतनाग में केरिपुब पार्टी पर आतंकी हमले में दो जवान जख्मी हुए हैं तो कुपवाड़ा में घुसपैठियों से जारी मुठभेड़ में एक आतंकी मारा जा चुका था।
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में अपने घर छुट्टी बिताने घर आए पुलिसकर्मी सलीम शाह को बीती रात आतंकियों ने अगवा किया था। उसे आतंकियों की चंगुल से मुक्त कराने के लिए सुरक्षाबलों ने आतंकियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी।
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(भाषा इनपुट के साथ)
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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के खुदवानी इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। जम्मू, बाईस जुलाईः जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इस मुठभेड़ में अब तक तीन आतंकियों की मौत हो गई है। इसके साथ ही जवानों ने आतंकियों के पास से कुछ हथियार भी जब्त किए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के खुदवानी इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाने के बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया। सेना भी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ अभी जारी है और घटना पर विस्तृत जानकारी मिलना अभी बाकी है। बता दें कि कश्मीर के कुलगाम जिले के मुतालहामा इलाके से शुक्रवार को अपहृत पुलिस के जवान सलीम शाह का गोलियों से क्षत-विक्षत शव शनिवार को बरामद हुआ था। पुलिस के इस कांस्टेबल का क्षत-विक्षत शव जिले के ही कैमोह इलाके से बरामद किया गया था. कहा जा रहा ही कि इस जवान की हत्या आतंकवादियों ने की थी. हालांकि, इस हत्या की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है। अनंतनाग में केरिपुब पार्टी पर आतंकी हमले में दो जवान जख्मी हुए हैं तो कुपवाड़ा में घुसपैठियों से जारी मुठभेड़ में एक आतंकी मारा जा चुका था। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में अपने घर छुट्टी बिताने घर आए पुलिसकर्मी सलीम शाह को बीती रात आतंकियों ने अगवा किया था। उसे आतंकियों की चंगुल से मुक्त कराने के लिए सुरक्षाबलों ने आतंकियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी। लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर सब्सक्राइब करें!
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74 वर्षीय रमेश बैस (Ramesh Bais) मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी हैं. इससे पहले वह त्रिपुरा के राज्यपाल रह चुके हैं. उन्होंने नगर निगम के पार्षद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी.
झारखंड (Jharkhand) के नये राज्यपाल रमेश बैस (Governor Ramesh Bais) दसवें राज्यपाल के रूप में मंगलवार दोपहर 1:40 बजे शपथ लेंगे. राज्यपाल के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्हें झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ रविरंजन (Chief Justice Ravi Ranjan) शपथ दिलाएंगे. मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और सरकार के आला अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे.
बता दें कि झारखंड के नये राज्यपाल रमेश बैस मंगलवार शाम रांची पहुंच गए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंच कर उनका स्वागत किया था. राज्यपाल ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री से उनका हालचाल पूछा और कहा कि हम आपके प्रदेश आये हैं. राज्यपाल को एयरपोर्ट पर जैप के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया.
बता दें कि हाल में रमेश बैस को झारखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू 6 साल से अधिक वक्त के लिए झारखंड की राज्यपाल रही थीं. दो दिन पहले ही वह झारखंड से अपने गांव लौट गई हैं. रमेश बैस छत्तीसगढ़ के बीजेपी के बड़े नेता रहे हैं. रमेश बैस 1978 में रायपुर नगर निगम के लिए चुने गए थे और 1980 से 1984 तक मध्यप्रदेश विधान सभा के सदस्य भी रहे.
74 वर्षीय रमेश बैस मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी हैं. इससे पहले वह त्रिपुरा के राज्यपाल रहे हैं. उन्होंने नगर निगम के पार्षद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. वह 1989 में रायपुर, मध्यप्रदेश से पहली बार 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे और 11वीं, 12वीं, 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा में फिर से निर्वाचित हुए थे. रमेश बैस अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. रायपुर से सात बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं. वे बीजेपी सरकार में कई बार केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहे. उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण, रासायनिक एवं उर्वरक, खान, पर्यावरण एवं वन जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली. वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं.
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चौहत्तर वर्षीय रमेश बैस मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी हैं. इससे पहले वह त्रिपुरा के राज्यपाल रह चुके हैं. उन्होंने नगर निगम के पार्षद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. झारखंड के नये राज्यपाल रमेश बैस दसवें राज्यपाल के रूप में मंगलवार दोपहर एक:चालीस बजे शपथ लेंगे. राज्यपाल के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्हें झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ रविरंजन शपथ दिलाएंगे. मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और सरकार के आला अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे. बता दें कि झारखंड के नये राज्यपाल रमेश बैस मंगलवार शाम रांची पहुंच गए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंच कर उनका स्वागत किया था. राज्यपाल ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री से उनका हालचाल पूछा और कहा कि हम आपके प्रदेश आये हैं. राज्यपाल को एयरपोर्ट पर जैप के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. बता दें कि हाल में रमेश बैस को झारखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू छः साल से अधिक वक्त के लिए झारखंड की राज्यपाल रही थीं. दो दिन पहले ही वह झारखंड से अपने गांव लौट गई हैं. रमेश बैस छत्तीसगढ़ के बीजेपी के बड़े नेता रहे हैं. रमेश बैस एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर में रायपुर नगर निगम के लिए चुने गए थे और एक हज़ार नौ सौ अस्सी से एक हज़ार नौ सौ चौरासी तक मध्यप्रदेश विधान सभा के सदस्य भी रहे. चौहत्तर वर्षीय रमेश बैस मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी हैं. इससे पहले वह त्रिपुरा के राज्यपाल रहे हैं. उन्होंने नगर निगम के पार्षद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. वह एक हज़ार नौ सौ नवासी में रायपुर, मध्यप्रदेश से पहली बार नौवीं लोकसभा के लिए चुने गए थे और ग्यारहवीं, बारहवीं, तेरहवीं, चौदहवीं, पंद्रहवीं और सोलहवीं लोकसभा में फिर से निर्वाचित हुए थे. रमेश बैस अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. रायपुर से सात बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं. वे बीजेपी सरकार में कई बार केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहे. उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण, रासायनिक एवं उर्वरक, खान, पर्यावरण एवं वन जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली. वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं.
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नई दिल्लीः Social Media पर एक ऐसा ही Video सामने आया है, जिसमें दूल्हा और दुल्हन (Bride & Groom) शादी के स्टेज पर रस्में पूरी कर रहे होते हैं, तभी कोई वहां पहुंच कर रंग में भंग डाल देता है और उस शख्स का अंदाज देख आपको भी हंसी तो जरूर आएगी। Instagram पर शेयर हुआ ये Video एक शादी के दौरान का है।
दूल्हा और दुल्हन शादी की रस्में (Wedding Rituals) पूरी कर रहे होते हैं। दुल्हन पक्ष की एक महिला दूल्हे को सिंदूर थमाती है, मंत्रोचार और लोकगीत के बीच दूल्हा, दुल्हन की मांग में सिंदूर डालने जा ही रहा होता है कि मुंह पर कपड़ा बांधे पीले रंग की T-Shirt और Blue Jeans में एक शख्स वहां पहुंचता है और जबरन दुल्हन की मांग भर देता है।
दूल्हे और प्रेमी के बीच लगभग कुश्ती वाली नौबत आ जाती है। दूल्हा रोकने की जी भर कोशिश करता है, लेकिन ये शख्स नहीं थमता और सिंदूर भर देता है। दुल्हन बेचारी भी काफी हैरान परेशान नजर आती है।
Social Media पर इस Video को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'बीच शादी में पहुंचा प्रेमी और भर दी दुल्हन की मांग देखता रह गया दूल्हा'। Video सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
यह किसी को ये ट्रेजेडी (Tragedy) लग रही है तो किसी को Reaction (Comedy)। हालांकि लड़की का रिएक्शन लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है। वो वीडियो में साफ कहती दिख रही है कि तुम कौन हो भाई। उसने अपने प्रमी को पहचानने से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन के इस हाव भाव को देख लोग हैरान भी हैं।
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नई दिल्लीः Social Media पर एक ऐसा ही Video सामने आया है, जिसमें दूल्हा और दुल्हन शादी के स्टेज पर रस्में पूरी कर रहे होते हैं, तभी कोई वहां पहुंच कर रंग में भंग डाल देता है और उस शख्स का अंदाज देख आपको भी हंसी तो जरूर आएगी। Instagram पर शेयर हुआ ये Video एक शादी के दौरान का है। दूल्हा और दुल्हन शादी की रस्में पूरी कर रहे होते हैं। दुल्हन पक्ष की एक महिला दूल्हे को सिंदूर थमाती है, मंत्रोचार और लोकगीत के बीच दूल्हा, दुल्हन की मांग में सिंदूर डालने जा ही रहा होता है कि मुंह पर कपड़ा बांधे पीले रंग की T-Shirt और Blue Jeans में एक शख्स वहां पहुंचता है और जबरन दुल्हन की मांग भर देता है। दूल्हे और प्रेमी के बीच लगभग कुश्ती वाली नौबत आ जाती है। दूल्हा रोकने की जी भर कोशिश करता है, लेकिन ये शख्स नहीं थमता और सिंदूर भर देता है। दुल्हन बेचारी भी काफी हैरान परेशान नजर आती है। Social Media पर इस Video को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'बीच शादी में पहुंचा प्रेमी और भर दी दुल्हन की मांग देखता रह गया दूल्हा'। Video सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। यह किसी को ये ट्रेजेडी लग रही है तो किसी को Reaction । हालांकि लड़की का रिएक्शन लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है। वो वीडियो में साफ कहती दिख रही है कि तुम कौन हो भाई। उसने अपने प्रमी को पहचानने से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन के इस हाव भाव को देख लोग हैरान भी हैं।
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हिन्दू धर्म में कई ऐसी कहानियां और किस्से हैं जो आप सभी ने सुने या पढ़े होंगे, हालाँकि कई ऐसे भी होंगे जिनके बारे में आप नहीं जानते होंगे. अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा ही किस्सा जो आप शायद ही जानते होंगे. जी दरअसल यह किस्सा भगवान विष्णु से जुड़ा है. आप जानते ही होंगे वह गरुड़ की सवारी करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं क्यों? अगर नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताते हैं इसके पीछे का तर्क.
पौराणिक कथाः पुराणों कथाओं के अनुसार गरूढ़ ने देवताओं से युद्ध करके उनसे अमृत कलश छीन लिया था। दरअसल, ऋषि कश्यप की कई पत्नियां थीं जिनमें से दो वनिता और कद्रू थी। ये दोनों ही बहने थी, जो एक दूसरे से ईर्ष्या रखती थी। दोनों के पुत्र नहीं थे तो पति कश्यप ने दोनों को पुत्र के लिए एक वरदान दे दिया। वनिता ने दो बलशाली पुत्र मांगे जबकि कद्रू ने हजार सर्प पुत्र रूप में मांगे जो कि अंडे के रूप में जन्म लेने वाले थे। सर्प होने के कारण कद्रू के हजार बेटे अंडे से उत्पन्न हुए और अपनी मां के कहे अनुसार काम करने लगे। दोनों बहनों में शर्त लग गई थी कि जिसके पुत्र बलशाली होंगे हारने वाले को उसकी दासता स्वीकार करनी होगी। इधर सर्प ने जो जन्म ले लिया था लेकिन वनिता के अंडों से अभी कोई पुत्र नहीं निकला था। इसी जल्दबाजी में वनिता ने एक अंडे को पकने से पहले ही फोड़ दिया। अंडे से अर्धविकसित बच्चा निकला जिसका ऊपर का शरीर तो इंसानों जैसा था लेकिन नीचे का शरीर अर्धपक्व था। इसका नाम अरुण था।
अरुण ने अपनी मां से कहा कि 'पिता के कहने के बाद भी आपने धैर्य खो दिया और मेरे शरीर का विस्तार नहीं होने दिया। इसलिए मैं आपको श्राप देता हूं कि आपको अपना जीवन एक सेवक के तौर पर बिताना होगा। अगर दूसरे अंडे में से निकला उनका पुत्र उन्हें इस श्राप से मुक्त ना करवा सका तो वह आजीवन दासी बनकर रहेंगी। ' भय से विनता ने दूसरा अंडा नहीं फोड़ा और पुत्र के शाप देने के कारण शर्त हार गई और अपनी छोटी बहन की दासी बनकर रहने लगी। बहुत लंबे काल के बाद दूसरा अंडा फूटा और उसमें से विशालकाय गरुड़ निकला जिसका मुख पक्षी की तरह और बाकी शरीर इंसानों की तरह था। हालांकि उनकी पसलियों से जुड़े उनके विशालकाय पंक्ष भी थे। जब गरुड़ को यह पता चला कि उनकी माता तो उनकी ही बहन की दासी है और क्यों है यह भी पता चला, तो उन्होंने अपनी मौसी और सर्पों से इस दासत्व से मुक्ति के लिए उन्होंने शर्त पूछी। सर्पो ने विनता की दासता की मुक्ति के लिए अमृत मंथन ने निकला अमृत मांग।
अमृत लेने के लिए गरुड़ स्वर्ग लोक की तरफ तुरंत निकल पड़े। देवताओं ने अमृत की सुरक्षा के लिए तीन चरणों की सुरक्षा कर रखी थी, पहले चरण में आग की बड़े परदे बिछा ररखे थे। दूसरे में घातक हथियारों की आपस में घर्षण करती दीवार थी और अंत में दो विषैले सर्पो का पहरा। वहां तक भी पहुंचाने से पहले देवताओं से मुकाबला करना था। गरुड़ सब से भीड़ गए और देवताओं को बिखेर दिया। तब गरुड़ ने कई नदियों का जल मुख में ले पहले चरण की आग को बुझा दिया, अगले पथ में गरुड़ ने अपना रूप इतना छोटा कर लिया के कोई भी हथियार उनका कुछ न बिगाड़ सका और सांपों को अपने दोनों पंजो में पकड़कर उन्होंने अपने मुंह से अमृत कलश उठा लिया और धरती की ओर चल पड़े।
लेकिन तभी रास्ते में भगवान विष्णु प्रकट हुए और गरुड़ के मुंह में अमृत कलश होने के बाद भी उसके प्रति मन में लालच न होने से खुश होकर गरुड़ को वरदान दिया की वो आजीवन अमर हो जाएंगे। तब गरुड़ ने भी भगवान को एक वरदान मांगने के लिए बोला तो भगवान ने उन्हें अपनी सवारी बनने का वरदान मांगा। इंद्र ने भी गरुड़ को वरदान दिया की वो सांपों को भोजन रूप में खा सकेगा इस पर गरुड़ ने भी अमृत सकुशल वापसी का वादा किया। अंत में गरुड़ ने सर्पों को अमृत सौंप दिया और भूमि पर रख कर कहा कि यह रहा अमृत कलश। मैंने यहां इसे लाने का अपना वादा पूरी किया और अब यह आपके सुपूर्द हुआ, लेकिन इसे पीने के आप सभी स्नान करें तो अच्छा होगा। जब वे सभी सर्प स्नान करने गए तभी वहां अचानक से भगवान इंद्र पहुंचे और अमृत कलश को वापस ले गए। लेकिन कुछ बूंदे भूमि पर गिर गई जो घांस पर ठहर गई थी। सर्प उन बूंदों पर झपट पड़े, लेकिन उनके हाथ कुछ न लगा। इस तरह गरुड़ की शर्त भी पूरी हो गई और सर्पों को अमृत भी नहीं मिला।
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हिन्दू धर्म में कई ऐसी कहानियां और किस्से हैं जो आप सभी ने सुने या पढ़े होंगे, हालाँकि कई ऐसे भी होंगे जिनके बारे में आप नहीं जानते होंगे. अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा ही किस्सा जो आप शायद ही जानते होंगे. जी दरअसल यह किस्सा भगवान विष्णु से जुड़ा है. आप जानते ही होंगे वह गरुड़ की सवारी करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं क्यों? अगर नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताते हैं इसके पीछे का तर्क. पौराणिक कथाः पुराणों कथाओं के अनुसार गरूढ़ ने देवताओं से युद्ध करके उनसे अमृत कलश छीन लिया था। दरअसल, ऋषि कश्यप की कई पत्नियां थीं जिनमें से दो वनिता और कद्रू थी। ये दोनों ही बहने थी, जो एक दूसरे से ईर्ष्या रखती थी। दोनों के पुत्र नहीं थे तो पति कश्यप ने दोनों को पुत्र के लिए एक वरदान दे दिया। वनिता ने दो बलशाली पुत्र मांगे जबकि कद्रू ने हजार सर्प पुत्र रूप में मांगे जो कि अंडे के रूप में जन्म लेने वाले थे। सर्प होने के कारण कद्रू के हजार बेटे अंडे से उत्पन्न हुए और अपनी मां के कहे अनुसार काम करने लगे। दोनों बहनों में शर्त लग गई थी कि जिसके पुत्र बलशाली होंगे हारने वाले को उसकी दासता स्वीकार करनी होगी। इधर सर्प ने जो जन्म ले लिया था लेकिन वनिता के अंडों से अभी कोई पुत्र नहीं निकला था। इसी जल्दबाजी में वनिता ने एक अंडे को पकने से पहले ही फोड़ दिया। अंडे से अर्धविकसित बच्चा निकला जिसका ऊपर का शरीर तो इंसानों जैसा था लेकिन नीचे का शरीर अर्धपक्व था। इसका नाम अरुण था। अरुण ने अपनी मां से कहा कि 'पिता के कहने के बाद भी आपने धैर्य खो दिया और मेरे शरीर का विस्तार नहीं होने दिया। इसलिए मैं आपको श्राप देता हूं कि आपको अपना जीवन एक सेवक के तौर पर बिताना होगा। अगर दूसरे अंडे में से निकला उनका पुत्र उन्हें इस श्राप से मुक्त ना करवा सका तो वह आजीवन दासी बनकर रहेंगी। ' भय से विनता ने दूसरा अंडा नहीं फोड़ा और पुत्र के शाप देने के कारण शर्त हार गई और अपनी छोटी बहन की दासी बनकर रहने लगी। बहुत लंबे काल के बाद दूसरा अंडा फूटा और उसमें से विशालकाय गरुड़ निकला जिसका मुख पक्षी की तरह और बाकी शरीर इंसानों की तरह था। हालांकि उनकी पसलियों से जुड़े उनके विशालकाय पंक्ष भी थे। जब गरुड़ को यह पता चला कि उनकी माता तो उनकी ही बहन की दासी है और क्यों है यह भी पता चला, तो उन्होंने अपनी मौसी और सर्पों से इस दासत्व से मुक्ति के लिए उन्होंने शर्त पूछी। सर्पो ने विनता की दासता की मुक्ति के लिए अमृत मंथन ने निकला अमृत मांग। अमृत लेने के लिए गरुड़ स्वर्ग लोक की तरफ तुरंत निकल पड़े। देवताओं ने अमृत की सुरक्षा के लिए तीन चरणों की सुरक्षा कर रखी थी, पहले चरण में आग की बड़े परदे बिछा ररखे थे। दूसरे में घातक हथियारों की आपस में घर्षण करती दीवार थी और अंत में दो विषैले सर्पो का पहरा। वहां तक भी पहुंचाने से पहले देवताओं से मुकाबला करना था। गरुड़ सब से भीड़ गए और देवताओं को बिखेर दिया। तब गरुड़ ने कई नदियों का जल मुख में ले पहले चरण की आग को बुझा दिया, अगले पथ में गरुड़ ने अपना रूप इतना छोटा कर लिया के कोई भी हथियार उनका कुछ न बिगाड़ सका और सांपों को अपने दोनों पंजो में पकड़कर उन्होंने अपने मुंह से अमृत कलश उठा लिया और धरती की ओर चल पड़े। लेकिन तभी रास्ते में भगवान विष्णु प्रकट हुए और गरुड़ के मुंह में अमृत कलश होने के बाद भी उसके प्रति मन में लालच न होने से खुश होकर गरुड़ को वरदान दिया की वो आजीवन अमर हो जाएंगे। तब गरुड़ ने भी भगवान को एक वरदान मांगने के लिए बोला तो भगवान ने उन्हें अपनी सवारी बनने का वरदान मांगा। इंद्र ने भी गरुड़ को वरदान दिया की वो सांपों को भोजन रूप में खा सकेगा इस पर गरुड़ ने भी अमृत सकुशल वापसी का वादा किया। अंत में गरुड़ ने सर्पों को अमृत सौंप दिया और भूमि पर रख कर कहा कि यह रहा अमृत कलश। मैंने यहां इसे लाने का अपना वादा पूरी किया और अब यह आपके सुपूर्द हुआ, लेकिन इसे पीने के आप सभी स्नान करें तो अच्छा होगा। जब वे सभी सर्प स्नान करने गए तभी वहां अचानक से भगवान इंद्र पहुंचे और अमृत कलश को वापस ले गए। लेकिन कुछ बूंदे भूमि पर गिर गई जो घांस पर ठहर गई थी। सर्प उन बूंदों पर झपट पड़े, लेकिन उनके हाथ कुछ न लगा। इस तरह गरुड़ की शर्त भी पूरी हो गई और सर्पों को अमृत भी नहीं मिला।
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आयुष मंत्रालय ने आज देशभर में 45 से अधिक स्थानोंपर"आयुष आपके द्वार"अभियान शुरू किया। आयुष राज्यमंत्री डॉ. मुंजापारा महेंद्रभाई ने आयुष भवन मेंकर्मचारियों को औषधीय पौधे वितरित करइसअभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर, एक सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मुंजापारा नेलोगों सेऔषधीय पौधों को अपनाने और अपने परिवार के एक अंगके रूप में उनकी देखभाल करने की अपील की।
इस अभियान की शुरूआत से जुड़ी गतिविधियों में आज कुल 21 राज्य भाग ले रहे हैंऔरइस दौरानदोलाख से अधिक पौधे वितरित किए जायेंगे। आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल भी मुंबई से इस अभियान की शुरूआतकरेंगे। इस अभियान का उद्देश्य एक वर्ष में देशभर के 75 लाख घरों में औषधीय पौधे वितरित करना है। इन औषधीय पौधों में तेजपत्ता, स्टीविया, अशोक, जटामांसी, गिलोय/गुडुची, अश्वगंधा, कुमारी, शतावरी, लेमनग्रास, गुग्गुलु, तुलसी, सर्पगंधा, कालमेघ, ब्राह्मी और आंवला शामिल हैं।
इस अवसर पर आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, आयुष मंत्रालय में विशेष सचिवश्री पी.के. पाठक,आयुष मंत्रालय में संयुक्त सचिवश्री डी.सेंथिल पांडियन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
'आज़ादी का अमृत महोत्सव'के तहत वाई-ब्रेक ऐप की शुरूआत, रोगनिरोधी आयुष दवाओं के वितरण सहित कई अन्य कार्यक्रम पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए कल व्याख्यान श्रृंखला आयोजित की जाएगी और 5 सितंबर को वाई-ब्रेक ऐप पर एक वेबिनारकाआयोजनकिया जाना है।
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आयुष मंत्रालय ने आज देशभर में पैंतालीस से अधिक स्थानोंपर"आयुष आपके द्वार"अभियान शुरू किया। आयुष राज्यमंत्री डॉ. मुंजापारा महेंद्रभाई ने आयुष भवन मेंकर्मचारियों को औषधीय पौधे वितरित करइसअभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर, एक सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मुंजापारा नेलोगों सेऔषधीय पौधों को अपनाने और अपने परिवार के एक अंगके रूप में उनकी देखभाल करने की अपील की। इस अभियान की शुरूआत से जुड़ी गतिविधियों में आज कुल इक्कीस राज्य भाग ले रहे हैंऔरइस दौरानदोलाख से अधिक पौधे वितरित किए जायेंगे। आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल भी मुंबई से इस अभियान की शुरूआतकरेंगे। इस अभियान का उद्देश्य एक वर्ष में देशभर के पचहत्तर लाख घरों में औषधीय पौधे वितरित करना है। इन औषधीय पौधों में तेजपत्ता, स्टीविया, अशोक, जटामांसी, गिलोय/गुडुची, अश्वगंधा, कुमारी, शतावरी, लेमनग्रास, गुग्गुलु, तुलसी, सर्पगंधा, कालमेघ, ब्राह्मी और आंवला शामिल हैं। इस अवसर पर आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, आयुष मंत्रालय में विशेष सचिवश्री पी.के. पाठक,आयुष मंत्रालय में संयुक्त सचिवश्री डी.सेंथिल पांडियन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 'आज़ादी का अमृत महोत्सव'के तहत वाई-ब्रेक ऐप की शुरूआत, रोगनिरोधी आयुष दवाओं के वितरण सहित कई अन्य कार्यक्रम पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए कल व्याख्यान श्रृंखला आयोजित की जाएगी और पाँच सितंबर को वाई-ब्रेक ऐप पर एक वेबिनारकाआयोजनकिया जाना है।
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माया का रूप असीम है। यह अनेक रूपात्मक है। नाना प्रकार के रूप धारण कर जगत् को मोहित करती रहती है । सुत, भाई, घर, स्त्री, धन, यौवन, लालच, लोभ का स्वरूप धारण कर जगत् को ठगती रहती है१५०
तृसना भाइआ मोहिणी सुत बंधप घर नारि ।
धनि जोबन जगु ठगिइ लबि लोभी अहंकारी ॥ '
इस त्रिगुणात्मक माया में सत्व, रज और तम गुणों की पृथक-पृथक् अभि वृद्धि के कारण पृथक-पृथक फल की प्राप्ति होती है । सत्वगुण की अधिकता से उत्तम फल की, रजोगुण की अधिकता के कारण मध्यम फल की तथा तमोगुण की अभिवृद्धि के कारण अधम फल की प्राप्ति होती है,
त्रित गुण बिखै फल कब ऊतमु कब नीचु ॥ नरक सुरग भ्रमतउ घणो सदा संघारै मीचु ।।२
गुरु नानक देव के अनुसार माया अथवा कुदरत अनन्त है । माया की अनन्तता ही इसक स्वरूप की सबसे बड़ी विशेषता है। गुरु नानक देव ने कुदरत की अनन्तता का बड़ा ही हृदयग्राही वर्णन किया हैं; देखिए,
" " हे प्रभु जा कुछ दिखायी पड़ रहा है, जो कुछ सुनायी पड़ रहा है, वह सब तेरी ही कुदरत है। यह संसार जो सुखों का मूल है, तेरी ही कुदरत का परिणाम है। और पाताल के बीच भी तेरी ही कुदरत विराजमान है । सारा दृश्यमान् जगत तेरी ही कुदरत है । वेद, पुराण और कते तथा अन्य सारे विचार तेरी ही कुदरत के अन्तर्गत है। जीवों का खाना, पीना, पहनना और संसार के सारे प्यार तेरी ही कुदरत के परिणाम हैं । जातिया में, जिनसा में, रंगों में तथा जगत् के सारे जीवों में तेरी ही कुदरत बरत रही है। संसार की बुरायों, मान तथा अभिमान में तुम्हारी ही कुदरत का बोलबाला है। पवन, पानी, अग्नि, धरती आदि पंच भूत तुम्हारी कुदरत की रचना हैं। हे प्रभु, जहाँ भी दृष्टि जाती है, वहाँ तेरी ही कुदरत के दर्शन होते हैं। तू ही कुदरत का स्वामी और रचयिता है । तेरी महिमा पवित्र से पवित्र है । तू अत्यंत पवित्र है । नानक कहता है कि
१. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, सिरी रागु, महला १, पृष्ठ ६१ २. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, गउड़ी, महला ५, पृष्ठ २१७
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माया का रूप असीम है। यह अनेक रूपात्मक है। नाना प्रकार के रूप धारण कर जगत् को मोहित करती रहती है । सुत, भाई, घर, स्त्री, धन, यौवन, लालच, लोभ का स्वरूप धारण कर जगत् को ठगती रहती हैएक सौ पचास तृसना भाइआ मोहिणी सुत बंधप घर नारि । धनि जोबन जगु ठगिइ लबि लोभी अहंकारी ॥ ' इस त्रिगुणात्मक माया में सत्व, रज और तम गुणों की पृथक-पृथक् अभि वृद्धि के कारण पृथक-पृथक फल की प्राप्ति होती है । सत्वगुण की अधिकता से उत्तम फल की, रजोगुण की अधिकता के कारण मध्यम फल की तथा तमोगुण की अभिवृद्धि के कारण अधम फल की प्राप्ति होती है, त्रित गुण बिखै फल कब ऊतमु कब नीचु ॥ नरक सुरग भ्रमतउ घणो सदा संघारै मीचु ।।दो गुरु नानक देव के अनुसार माया अथवा कुदरत अनन्त है । माया की अनन्तता ही इसक स्वरूप की सबसे बड़ी विशेषता है। गुरु नानक देव ने कुदरत की अनन्तता का बड़ा ही हृदयग्राही वर्णन किया हैं; देखिए, " " हे प्रभु जा कुछ दिखायी पड़ रहा है, जो कुछ सुनायी पड़ रहा है, वह सब तेरी ही कुदरत है। यह संसार जो सुखों का मूल है, तेरी ही कुदरत का परिणाम है। और पाताल के बीच भी तेरी ही कुदरत विराजमान है । सारा दृश्यमान् जगत तेरी ही कुदरत है । वेद, पुराण और कते तथा अन्य सारे विचार तेरी ही कुदरत के अन्तर्गत है। जीवों का खाना, पीना, पहनना और संसार के सारे प्यार तेरी ही कुदरत के परिणाम हैं । जातिया में, जिनसा में, रंगों में तथा जगत् के सारे जीवों में तेरी ही कुदरत बरत रही है। संसार की बुरायों, मान तथा अभिमान में तुम्हारी ही कुदरत का बोलबाला है। पवन, पानी, अग्नि, धरती आदि पंच भूत तुम्हारी कुदरत की रचना हैं। हे प्रभु, जहाँ भी दृष्टि जाती है, वहाँ तेरी ही कुदरत के दर्शन होते हैं। तू ही कुदरत का स्वामी और रचयिता है । तेरी महिमा पवित्र से पवित्र है । तू अत्यंत पवित्र है । नानक कहता है कि एक. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, सिरी रागु, महला एक, पृष्ठ इकसठ दो. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, गउड़ी, महला पाँच, पृष्ठ दो सौ सत्रह
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नई दिल्ली : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के कारण ही हरियाणा के लोगों का कंठ सूखा है। हरियाणा में पानी की कमी होने से जनता को न केवल दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है वहीं इसके बाद भी पूर्ति नहीं होती है।
खट्टर का कहना है कि दिल्ली को हरियाणा इतना अधिक पानी उपलब्ध करा रहा है कि हरियाणा के लोगों को पानी के लिये तरसना पड़ रहा है। खट्टर ने अन्य राज्यों से भी यह कहा है कि वे दिल्लीवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद करें, ताकि हरियाणा पर दिल्ली का बोझ कम हो सके।
मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली ने अभी तक जल स्त्रोत खोजने में प्रयास नहीं किया है। खट्टर एसवाईएल मुद्दे पर भी चिंतित दिखे और कहा कि समाधान खोजने के लिये बीच का रास्ता निकालने की जरूरत है।
गौरतलब है कि बीते दिनों से एसवाईएल के मामले में पंजाब और हरियाणा के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। खट्टर का कहना है कि पानी को राष्ट्रीय संपदा घोषित करने की जरूरत है ताकि पानी की आवश्यकता पूरी होने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
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नई दिल्ली : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के कारण ही हरियाणा के लोगों का कंठ सूखा है। हरियाणा में पानी की कमी होने से जनता को न केवल दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है वहीं इसके बाद भी पूर्ति नहीं होती है। खट्टर का कहना है कि दिल्ली को हरियाणा इतना अधिक पानी उपलब्ध करा रहा है कि हरियाणा के लोगों को पानी के लिये तरसना पड़ रहा है। खट्टर ने अन्य राज्यों से भी यह कहा है कि वे दिल्लीवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद करें, ताकि हरियाणा पर दिल्ली का बोझ कम हो सके। मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली ने अभी तक जल स्त्रोत खोजने में प्रयास नहीं किया है। खट्टर एसवाईएल मुद्दे पर भी चिंतित दिखे और कहा कि समाधान खोजने के लिये बीच का रास्ता निकालने की जरूरत है। गौरतलब है कि बीते दिनों से एसवाईएल के मामले में पंजाब और हरियाणा के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। खट्टर का कहना है कि पानी को राष्ट्रीय संपदा घोषित करने की जरूरत है ताकि पानी की आवश्यकता पूरी होने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
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बिहारः मुंगेर में वैश्विक महामारी कोरोना संकट से पुरा देश आज लड़ रहा है. इस लॉकडाउन के दौरान कई कर्मवीर योद्धा भी बने जो समाज में उदाहरण बन गये.
चिकित्सक, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में समाज सेवा की मिशाल बने. तो वही मुंगेर जिले में कुछ स्टूडेंट ऐसे भी है जो अपनी खूबसूरत पेंटिंग से लोगों को कोरोना वायरस से बचने का संदेश भी दे रहे है .
आज भारत स्काउट गाइड मुंगेर के बच्चों द्वारा एंटी कोरोना जागरूकता पेंटिंग सड़कों पर बनाया गया. पेंटिंग बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करना ताकि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे एव चेहरे पर मास्क का प्रयोग करें.
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बिहारः मुंगेर में वैश्विक महामारी कोरोना संकट से पुरा देश आज लड़ रहा है. इस लॉकडाउन के दौरान कई कर्मवीर योद्धा भी बने जो समाज में उदाहरण बन गये. चिकित्सक, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में समाज सेवा की मिशाल बने. तो वही मुंगेर जिले में कुछ स्टूडेंट ऐसे भी है जो अपनी खूबसूरत पेंटिंग से लोगों को कोरोना वायरस से बचने का संदेश भी दे रहे है . आज भारत स्काउट गाइड मुंगेर के बच्चों द्वारा एंटी कोरोना जागरूकता पेंटिंग सड़कों पर बनाया गया. पेंटिंग बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करना ताकि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे एव चेहरे पर मास्क का प्रयोग करें.
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नई दिल्ली । भारत का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल(आईसीबीएम) अग्नि पांच किसी और कारण से नहीं, बल्कि बैटरी में तकनीकी खराबी की वजह से अटका हुआ है। अग्नि पांच चीन की राजधानी बीजिंग तक मार करने में सक्षम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन(डीआरडीओ) के प्रमुख एस. क्रिस्टोफर ने यह जानकारी दी। डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि यह मुद्दा समाधान के लायक है और अग्नि-पांच का अगला परीक्षण हम लोग इस साल के अंत तक करेंगे।
डीआरडीओ प्रमुख ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की वजह से इसे स्थगित किया गया है। क्रिस्टोफर ने कहा, "इस विलंब का कारण केवल तकनीकी है। " इससे पहले की खबरों में कहा गया था कि दिसंबर 2015 में होने वाले अग्नि पांच के चौथे परीक्षण को स्थगित करके जनवरी और उसके बाद मार्च 2016 किया गया, लेकिन प्रधानमंत्री के पहले से तय अमेरिका दौरे की वजह से इसका समय फिर से बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह से आठ जून तक अमेरिका में थे। दो साल पहले सत्ता संभालने के बाद से मोदी की यह चौथी अमेरिका यात्रा थी।
इस मिसाइल का सबसे पहले 2012 के अप्रैल में परीक्षण किया गया था। आखिरी परीक्षण डीआरडीओ के तत्कालीन प्रमुख अविनाश चंदर के कार्यकाल के आखिरी दिन यानी वर्ष 2015 के 31 जनवरी को किया गया। चंदर को अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों के पीछे मुख्य आदमी के रूप में जाना जाता है। अग्नि पांच भारत में विकसित मिसाइलों में सबसे उन्नत संस्करण है। यह भारत के इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम(आईजीएमडीपी) का हिस्सा है, जिसे 1960 के दशक में शुरू किया गया था। कभी इसे ए. पी. जे. अब्दुल कलाम देखते थे, जो बाद में भारत के राष्ट्रपति बने।
इससे पहले के अग्नि संस्करण सेना में शामिल हो चुके हैं और ये पाकिस्तान में कहीं भी और चीन के पश्चिमी हिस्से तक जाने में सक्षम हैं। भारत वर्ष 2012 में अग्नि पांच के पहले परीक्षण के साथ ही अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के साथ शामिल हो गया है, जिनके पास आईसीबीएम की क्षमता रखते हैं।
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नई दिल्ली । भारत का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि पांच किसी और कारण से नहीं, बल्कि बैटरी में तकनीकी खराबी की वजह से अटका हुआ है। अग्नि पांच चीन की राजधानी बीजिंग तक मार करने में सक्षम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के प्रमुख एस. क्रिस्टोफर ने यह जानकारी दी। डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि यह मुद्दा समाधान के लायक है और अग्नि-पांच का अगला परीक्षण हम लोग इस साल के अंत तक करेंगे। डीआरडीओ प्रमुख ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की वजह से इसे स्थगित किया गया है। क्रिस्टोफर ने कहा, "इस विलंब का कारण केवल तकनीकी है। " इससे पहले की खबरों में कहा गया था कि दिसंबर दो हज़ार पंद्रह में होने वाले अग्नि पांच के चौथे परीक्षण को स्थगित करके जनवरी और उसके बाद मार्च दो हज़ार सोलह किया गया, लेकिन प्रधानमंत्री के पहले से तय अमेरिका दौरे की वजह से इसका समय फिर से बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह से आठ जून तक अमेरिका में थे। दो साल पहले सत्ता संभालने के बाद से मोदी की यह चौथी अमेरिका यात्रा थी। इस मिसाइल का सबसे पहले दो हज़ार बारह के अप्रैल में परीक्षण किया गया था। आखिरी परीक्षण डीआरडीओ के तत्कालीन प्रमुख अविनाश चंदर के कार्यकाल के आखिरी दिन यानी वर्ष दो हज़ार पंद्रह के इकतीस जनवरी को किया गया। चंदर को अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों के पीछे मुख्य आदमी के रूप में जाना जाता है। अग्नि पांच भारत में विकसित मिसाइलों में सबसे उन्नत संस्करण है। यह भारत के इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसे एक हज़ार नौ सौ साठ के दशक में शुरू किया गया था। कभी इसे ए. पी. जे. अब्दुल कलाम देखते थे, जो बाद में भारत के राष्ट्रपति बने। इससे पहले के अग्नि संस्करण सेना में शामिल हो चुके हैं और ये पाकिस्तान में कहीं भी और चीन के पश्चिमी हिस्से तक जाने में सक्षम हैं। भारत वर्ष दो हज़ार बारह में अग्नि पांच के पहले परीक्षण के साथ ही अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के साथ शामिल हो गया है, जिनके पास आईसीबीएम की क्षमता रखते हैं।
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Agra. आगरा के सराय ख्वाजा क्षेत्र में 'ब्लैक रो' ट्रस्ट की मदद से निःशुल्क अस्पताल बनाने जा रहा है। अस्पताल के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी और इसका पोस्टर भी रिलीज किया।
'ब्लैक रो' ट्रस्ट के अध्यक्ष शफीक खान ने बताया कि उनके घर के पास एक व्यक्ति की कोरोना काल में इलाज के अभाव में मौत हो गयी थी। इसके बाद हमने क्षेत्र मर सर्वे किया तो अधिकांश लोग इलाज के चलते कर्जे में डूबे हुए थे। कई लोग गंभीर बीमारियों में इलाज के पैसे न होने के कारण तिल तिल कर मरने को मजबूर हैं। इसके बाद हमारे ट्रस्ट ने यह फैसला लिया की हम एक ऐसा अस्पताल खोलेंगे जहां पथरी और डेंगू का इलाज मुफ्त हो और अन्य इलाज के लिए सिर्फ दवाओं का पैसा लगे, साथ ही सभी जांचे मुफ्त कराई जाए। लोगों से मदद की अपील कर रहे हैं और सभी के सहयोग से जल्द अस्पताल शुरू किया जाएगा।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि हॉस्पिटल 'जय जवान जय किसान' के नारे पर चल रहा है। जिस तरह से जवान और किसान दिन रात मेहनत कर रहा है। उसी तरह इस हॉस्पिटल के चिकित्सक भी मरीजों की दिन-रात सेवा करेंगे। जांच और परामर्श पूरी तरह से निःशुल्क होगा। केवल दवाइयों को खरीदने का ही पैसा मरीज का खर्च होगा।
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Agra. आगरा के सराय ख्वाजा क्षेत्र में 'ब्लैक रो' ट्रस्ट की मदद से निःशुल्क अस्पताल बनाने जा रहा है। अस्पताल के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी और इसका पोस्टर भी रिलीज किया। 'ब्लैक रो' ट्रस्ट के अध्यक्ष शफीक खान ने बताया कि उनके घर के पास एक व्यक्ति की कोरोना काल में इलाज के अभाव में मौत हो गयी थी। इसके बाद हमने क्षेत्र मर सर्वे किया तो अधिकांश लोग इलाज के चलते कर्जे में डूबे हुए थे। कई लोग गंभीर बीमारियों में इलाज के पैसे न होने के कारण तिल तिल कर मरने को मजबूर हैं। इसके बाद हमारे ट्रस्ट ने यह फैसला लिया की हम एक ऐसा अस्पताल खोलेंगे जहां पथरी और डेंगू का इलाज मुफ्त हो और अन्य इलाज के लिए सिर्फ दवाओं का पैसा लगे, साथ ही सभी जांचे मुफ्त कराई जाए। लोगों से मदद की अपील कर रहे हैं और सभी के सहयोग से जल्द अस्पताल शुरू किया जाएगा। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि हॉस्पिटल 'जय जवान जय किसान' के नारे पर चल रहा है। जिस तरह से जवान और किसान दिन रात मेहनत कर रहा है। उसी तरह इस हॉस्पिटल के चिकित्सक भी मरीजों की दिन-रात सेवा करेंगे। जांच और परामर्श पूरी तरह से निःशुल्क होगा। केवल दवाइयों को खरीदने का ही पैसा मरीज का खर्च होगा।
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इस सड़क हादसे में CRPF जवान सहित 3 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जब तक स्थानीय लोग वहां पर पहुंचे तब तक तीनों दम तोड़ चुके थे। जवान कुलदीप कुछ दिन पहले ही आर्मी से छुट्टी लेकर अपने दोस्त की शादी में आया हुआ था।
जयपुर : राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर (Jaipur) में रविवार को कांग्रेस (congress) की महंगाई हटाओ महारैली हुई। इस रैली में कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi),राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) शामिल हुईं। सोनिया गांधी लंबे समय बाद किसी रैली में नजर आईं। राजनीतिक पंडितों के मुताबिक ये रैली राहुल गांधी को रीलॉन्च करने के लिए की गई है। यही कारण रहा कि प्रियंका की बड़े नेताओं के साथ ब्रेकफास्ट को रैली से ठीक पहले कैंसल कर दिया गया। इस रैली में लाखों की भीड़ होने का दावा किया जा रहा है। रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। तस्वीरों में देखिए कांग्रेस की इस मेगा रैली को. .
हैरानी की बात यह है कि 5 महीने पहले ही दोनों शादी की हुई थी। हालांकि आत्महत्या के कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश में दो शब्दों की टक्कर है, एक शब्द हिंदू और एक हिंदुत्व, मैं हिंदू हूं लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं हूं, महात्मा गांधी हिंदू थे और गोडसे हिंदुत्ववादी। राहुल ने आगे कहा- ये एक चीज नहीं है, ये दो अलग शब्द हैं और इनका मतलब बिल्कुल अलग है।
सोनिया गांधी लंबे समय बाद किसी रैली में नजर आ रही हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश की राजनीति में आज दो शब्दों के मतलब अलग हैं। एक शब्द हिन्दू दूसरा शब्द हिन्दुत्ववादी। ये एक चीज नहीं है, ये दो अलग शब्द हैं और इनका मतलब बिल्कुल अलग है। मैं हिन्दू हूं लेकिन हिन्दुत्ववादी नहीं हूं।
कोटा जिला परिषद के 10 वार्ड के और सुल्तानपुर और इटावा पंचायत समितियों के 34 वार्डों के सदस्यों को चुना जाएगा। ऐसे ही बारां जिला परिषद के 11 वार्डों के और अटरू, छबड़ा और छीपाबड़ौद पंचायत समितियों के 49 वार्डों के सदस्यों को चुना जाएगा।
यश्विनी ने कुलदीप की तस्वीर को सीने से लगाए रखा था। वह पार्थिव देह को बस एकटक से देख रहीं थी। सास आई तो यश्विनी सीने से लिपटकर बिलख-बिलखकर रो पड़ी। किसी तरह सास ने उन्हें संभाला। काफी देर तक यश्विनी शांत खड़ी रहीं और बस वह कुलदीप के पार्थिव देह को ही देखे जा रहीं थी।
झुंझनू ( राजस्थान). तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में अपनी जान गंवाने वाले राजस्थान जिले के झुंझुनूं के स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह (squadron leader kuldeep singh rao) शनिवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। इस वीर सपूत का अंतिम संस्कार पैतृक गांव घरड़ाना में हुआ। जिसकी सारी रस्में शहीद की पत्नी यश्विनी ने निभाईं।
मामला भरतपुर के मथुरा गेट थाना इलाके का है। पुलिस के अनुसार, 8 महीने पहले पीड़ित महिला का पति से झगड़ा हो गया था, इसके कारण वह रूठकर मायके जा रही थी। इसी दौरान उसे डीग बस स्टैंड पर मथुरा का गोवर्धन निवासी महेश शर्मा मिला। महेश उसे काम दिलाने के नाम पर अपनी रिश्तेदारी में भरतपुर लेकर गया, वहां उसने अपने साथियों के साथ महिला का कई बार शारीरिक शोषण किया।
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इस सड़क हादसे में CRPF जवान सहित तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जब तक स्थानीय लोग वहां पर पहुंचे तब तक तीनों दम तोड़ चुके थे। जवान कुलदीप कुछ दिन पहले ही आर्मी से छुट्टी लेकर अपने दोस्त की शादी में आया हुआ था। जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को कांग्रेस की महंगाई हटाओ महारैली हुई। इस रैली में कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ,राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुईं। सोनिया गांधी लंबे समय बाद किसी रैली में नजर आईं। राजनीतिक पंडितों के मुताबिक ये रैली राहुल गांधी को रीलॉन्च करने के लिए की गई है। यही कारण रहा कि प्रियंका की बड़े नेताओं के साथ ब्रेकफास्ट को रैली से ठीक पहले कैंसल कर दिया गया। इस रैली में लाखों की भीड़ होने का दावा किया जा रहा है। रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। तस्वीरों में देखिए कांग्रेस की इस मेगा रैली को. . हैरानी की बात यह है कि पाँच महीने पहले ही दोनों शादी की हुई थी। हालांकि आत्महत्या के कारणों की जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश में दो शब्दों की टक्कर है, एक शब्द हिंदू और एक हिंदुत्व, मैं हिंदू हूं लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं हूं, महात्मा गांधी हिंदू थे और गोडसे हिंदुत्ववादी। राहुल ने आगे कहा- ये एक चीज नहीं है, ये दो अलग शब्द हैं और इनका मतलब बिल्कुल अलग है। सोनिया गांधी लंबे समय बाद किसी रैली में नजर आ रही हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश की राजनीति में आज दो शब्दों के मतलब अलग हैं। एक शब्द हिन्दू दूसरा शब्द हिन्दुत्ववादी। ये एक चीज नहीं है, ये दो अलग शब्द हैं और इनका मतलब बिल्कुल अलग है। मैं हिन्दू हूं लेकिन हिन्दुत्ववादी नहीं हूं। कोटा जिला परिषद के दस वार्ड के और सुल्तानपुर और इटावा पंचायत समितियों के चौंतीस वार्डों के सदस्यों को चुना जाएगा। ऐसे ही बारां जिला परिषद के ग्यारह वार्डों के और अटरू, छबड़ा और छीपाबड़ौद पंचायत समितियों के उनचास वार्डों के सदस्यों को चुना जाएगा। यश्विनी ने कुलदीप की तस्वीर को सीने से लगाए रखा था। वह पार्थिव देह को बस एकटक से देख रहीं थी। सास आई तो यश्विनी सीने से लिपटकर बिलख-बिलखकर रो पड़ी। किसी तरह सास ने उन्हें संभाला। काफी देर तक यश्विनी शांत खड़ी रहीं और बस वह कुलदीप के पार्थिव देह को ही देखे जा रहीं थी। झुंझनू . तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में अपनी जान गंवाने वाले राजस्थान जिले के झुंझुनूं के स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह शनिवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। इस वीर सपूत का अंतिम संस्कार पैतृक गांव घरड़ाना में हुआ। जिसकी सारी रस्में शहीद की पत्नी यश्विनी ने निभाईं। मामला भरतपुर के मथुरा गेट थाना इलाके का है। पुलिस के अनुसार, आठ महीने पहले पीड़ित महिला का पति से झगड़ा हो गया था, इसके कारण वह रूठकर मायके जा रही थी। इसी दौरान उसे डीग बस स्टैंड पर मथुरा का गोवर्धन निवासी महेश शर्मा मिला। महेश उसे काम दिलाने के नाम पर अपनी रिश्तेदारी में भरतपुर लेकर गया, वहां उसने अपने साथियों के साथ महिला का कई बार शारीरिक शोषण किया।
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ब्यावरा। मध्य प्रदेश के ब्यावरा विधानसभा सीट के भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायक प्रत्याशी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी मिली है कि भारतीय जनता पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी नारायण सिंह पंवार और कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी रामचंद्र दांगी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।
जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस के प्रत्याशी रामचंद्र दांगी को भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रत्याशी नारायण सिंह पंवार को बंसल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
दोनों विधायकों ने अपने संपर्क में आए लोगों से अपील की है कि वह भी अपनी जांच कराएं और कोरोना से बचाव और रोकथाम के सारे उपायों को व्यवहार में लाएं।
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ब्यावरा। मध्य प्रदेश के ब्यावरा विधानसभा सीट के भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायक प्रत्याशी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जानकारी मिली है कि भारतीय जनता पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी नारायण सिंह पंवार और कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी रामचंद्र दांगी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस के प्रत्याशी रामचंद्र दांगी को भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रत्याशी नारायण सिंह पंवार को बंसल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। दोनों विधायकों ने अपने संपर्क में आए लोगों से अपील की है कि वह भी अपनी जांच कराएं और कोरोना से बचाव और रोकथाम के सारे उपायों को व्यवहार में लाएं।
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तमिलाडु के कोयंबटूर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां, बिजली गुल होने की वजह से एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। कोयंबटूर से 35 किलोमीटर दूर अन्नूर के निकट ऊथुपलायम की रहने वाली वनमती (22) को नौ सितंबर को जिले के अन्नूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।पुलिस ने बताया कि अस्पताल में 21 सितंबर को जब चिकित्सक महिला की सर्जरी कर रहे थे तो अचानक बिजली चली गई। पुलिस के अनुसार जनरेटर के काम न करने से समस्या पैदा हुईं, और चिकित्सकों को मजबूरी में महिला को एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।महिला ने लड़के को दिया है जन्मपुलिस ने कहा कि वनमती ने एक लड़के को जन्म दिया, जो पूरी तरह से स्वस्थ है। उसने बताया कि महिला की हालत बिगड़ने पर उसे पास के कोविलपलायम के एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, आज सुबह उसकी मौत हो गयी।घटना की जांच के आदेशपुलिस ने कहा कि इस घटना की जांच का आदेश दिया गया है ताकि वनमती की मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।वनमती के परिजनों ने उसकी मौत के लिए निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बिजली कटौती और चिकित्सकों की कथित लापरवाही के लिए सरकारी अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया है।
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तमिलाडु के कोयंबटूर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां, बिजली गुल होने की वजह से एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। कोयंबटूर से पैंतीस किलोग्राममीटर दूर अन्नूर के निकट ऊथुपलायम की रहने वाली वनमती को नौ सितंबर को जिले के अन्नूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।पुलिस ने बताया कि अस्पताल में इक्कीस सितंबर को जब चिकित्सक महिला की सर्जरी कर रहे थे तो अचानक बिजली चली गई। पुलिस के अनुसार जनरेटर के काम न करने से समस्या पैदा हुईं, और चिकित्सकों को मजबूरी में महिला को एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।महिला ने लड़के को दिया है जन्मपुलिस ने कहा कि वनमती ने एक लड़के को जन्म दिया, जो पूरी तरह से स्वस्थ है। उसने बताया कि महिला की हालत बिगड़ने पर उसे पास के कोविलपलायम के एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, आज सुबह उसकी मौत हो गयी।घटना की जांच के आदेशपुलिस ने कहा कि इस घटना की जांच का आदेश दिया गया है ताकि वनमती की मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।वनमती के परिजनों ने उसकी मौत के लिए निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बिजली कटौती और चिकित्सकों की कथित लापरवाही के लिए सरकारी अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया है।
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टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' सीजन 11 को एक और करोड़पति मिल गया है। बिहार के रहने वाले गौतम कुमार झा 15 सवालों के जवाब देकर सीजन के तीसरे करोड़पति बन गए हैं। अभी 7 करोड़ का सवाल बचा है देखना होगा कि क्या वो इसका भी जवाब दे पाते हैं या नहीं।
गौतम बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले हैं और पेशे से रेलवे इंजीनियर हैं। गौतम फिलहाल पश्चिम बंगाल केे आद्रा में नियुक्त हैं। 'केबीसी' में पहुंचने के लिए गौतम की यह पहली ही कोशिश थी और उन्हें सफलता मिल गई।
गौतम को पढ़ाई में शुरू से ही रुचि रही है। उन्होंने आईएसएम धनबाद से एमटेक किया है। इस दौरान वो सरकारी नौकरी की भी तैयारी करते रहे। रेलवे में इंजीनियर की नौकरी से पहले वो केनरा बैंक में मैनेजर थे।
सोनी टीवी ने अपने ऑफिशियल पेज पर 'केबीसी' का एक प्रोमो शेयर किया है। इसमें अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर गौतम कुमार झा बैठे हुए हैं। तभी अमिताभ खुशी से कहते हैं 'एक करोड़'। इसके बाद गौतम अपनी पत्नी को गले से लगाते हैं। प्रोमो से पता चल रहा है कि गौतम एक करोड़ की राशि जीत चुके हैं। ये एपिसोड 15-16 अक्टूबर को प्रसारित होगा।
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टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' सीजन ग्यारह को एक और करोड़पति मिल गया है। बिहार के रहने वाले गौतम कुमार झा पंद्रह सवालों के जवाब देकर सीजन के तीसरे करोड़पति बन गए हैं। अभी सात करोड़ का सवाल बचा है देखना होगा कि क्या वो इसका भी जवाब दे पाते हैं या नहीं। गौतम बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले हैं और पेशे से रेलवे इंजीनियर हैं। गौतम फिलहाल पश्चिम बंगाल केे आद्रा में नियुक्त हैं। 'केबीसी' में पहुंचने के लिए गौतम की यह पहली ही कोशिश थी और उन्हें सफलता मिल गई। गौतम को पढ़ाई में शुरू से ही रुचि रही है। उन्होंने आईएसएम धनबाद से एमटेक किया है। इस दौरान वो सरकारी नौकरी की भी तैयारी करते रहे। रेलवे में इंजीनियर की नौकरी से पहले वो केनरा बैंक में मैनेजर थे। सोनी टीवी ने अपने ऑफिशियल पेज पर 'केबीसी' का एक प्रोमो शेयर किया है। इसमें अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर गौतम कुमार झा बैठे हुए हैं। तभी अमिताभ खुशी से कहते हैं 'एक करोड़'। इसके बाद गौतम अपनी पत्नी को गले से लगाते हैं। प्रोमो से पता चल रहा है कि गौतम एक करोड़ की राशि जीत चुके हैं। ये एपिसोड पंद्रह-सोलह अक्टूबर को प्रसारित होगा।
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रायपुर : चाहे विकास कार्यों की बात हो या रायपुर पश्चिम के विधायक विकास की मौजूदगी का। दोनों ही एक दूसरे के पर्याय बन चुके हैं,इसकी बानगी रायपुर पश्चिम में हो रहे लगातार विकास कार्य और जो पिछले पन्द्रह सालों में लंंबित रहे काम हैं उसके लिए भूमिपूजन वहीं के नागरिक कर रहे हैं,यहां तक कि वे अपनी जरूरत भी बता रहे हैं। विधायक उपाध्याय केवल जनसेवक के रूप में वहां मौजूद रह रहे हैं। नारियल भी वार्ड के लोग फोड़ रहे हैं और कुदाल भी वही चला रहे हैं। रोजाना हर वार्ड में यह सिलसिला चल रहा है। मतलब विकास तुहर दुहार ...अब वार्ड के जरूरत के मुताबिक विकास कार्य मूर्त रूप लेने लगी है।
- सरोना नया बाजार चौंक में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य हेतु 10. 00 लाख,
- आजाद चौंक क्षेत्र में नाली निर्माण कार्य हेतु 5. 00 लाख,
सरोना में होने वाले इन सभी जनहित के नवनिर्माण कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सीधे तौर पर फायदा होगा तथा सरोना क्षेत्र में विकास कार्यों के नए आयाम स्थापित होंगे।
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रायपुर : चाहे विकास कार्यों की बात हो या रायपुर पश्चिम के विधायक विकास की मौजूदगी का। दोनों ही एक दूसरे के पर्याय बन चुके हैं,इसकी बानगी रायपुर पश्चिम में हो रहे लगातार विकास कार्य और जो पिछले पन्द्रह सालों में लंंबित रहे काम हैं उसके लिए भूमिपूजन वहीं के नागरिक कर रहे हैं,यहां तक कि वे अपनी जरूरत भी बता रहे हैं। विधायक उपाध्याय केवल जनसेवक के रूप में वहां मौजूद रह रहे हैं। नारियल भी वार्ड के लोग फोड़ रहे हैं और कुदाल भी वही चला रहे हैं। रोजाना हर वार्ड में यह सिलसिला चल रहा है। मतलब विकास तुहर दुहार ...अब वार्ड के जरूरत के मुताबिक विकास कार्य मूर्त रूप लेने लगी है। - सरोना नया बाजार चौंक में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य हेतु दस. शून्य लाख, - आजाद चौंक क्षेत्र में नाली निर्माण कार्य हेतु पाँच. शून्य लाख, सरोना में होने वाले इन सभी जनहित के नवनिर्माण कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सीधे तौर पर फायदा होगा तथा सरोना क्षेत्र में विकास कार्यों के नए आयाम स्थापित होंगे।
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इनदिनों चल रहे संक्रमण काल के दौर में भी सफाई को लेकर सम्बंधित विभाग गम्भीर नहीं है। लोगों को नालियों की सफाई खुद ही करनी पड़ रही है। बेलगाम सफाई कर्मचारियों की लापरवाही से लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। जिससे स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी है।
मामला कस्बा के बस स्टॉप के पास का है। यहां पर नालियां हर समय बजबजाती नजर आती हैं। जिससे नालियों का पानी सड़क में आ जाता है और इस पानी की कोई निकासी ना होने की वजह से सड़क में ही भरा रहता है, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी तो होती ही है साथ में गंदगी से बीमारी फैलने का भय भी स्थानीय बाशिंदों को सता रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तैनात सफाई कर्मी कभी कभार ही आता है। जिससे नालियों की सफाई नहीं हो पाती है। मजबूरी में नाली की सफाई स्वयं कर लिया जाता है जिससे पानी सड़क में ना आने पाए। बताया कि नालियों में और सड़क में अधिक पानी होने की दूसरी वजह लोगों द्वारा सबमर्सिबल से पानी का दुरुपयोग भी है। पानी के अधिक बर्बाद करने की वजह से सड़क में पानी भर जाता है और नाली में कचरा की वजह से नाली का पानी भी सड़क में आ जाता है। लोगों ने नालियों और सड़क की सफाई न होने से भारी रोष देखने को मिला।
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इनदिनों चल रहे संक्रमण काल के दौर में भी सफाई को लेकर सम्बंधित विभाग गम्भीर नहीं है। लोगों को नालियों की सफाई खुद ही करनी पड़ रही है। बेलगाम सफाई कर्मचारियों की लापरवाही से लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। जिससे स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी है। मामला कस्बा के बस स्टॉप के पास का है। यहां पर नालियां हर समय बजबजाती नजर आती हैं। जिससे नालियों का पानी सड़क में आ जाता है और इस पानी की कोई निकासी ना होने की वजह से सड़क में ही भरा रहता है, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी तो होती ही है साथ में गंदगी से बीमारी फैलने का भय भी स्थानीय बाशिंदों को सता रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तैनात सफाई कर्मी कभी कभार ही आता है। जिससे नालियों की सफाई नहीं हो पाती है। मजबूरी में नाली की सफाई स्वयं कर लिया जाता है जिससे पानी सड़क में ना आने पाए। बताया कि नालियों में और सड़क में अधिक पानी होने की दूसरी वजह लोगों द्वारा सबमर्सिबल से पानी का दुरुपयोग भी है। पानी के अधिक बर्बाद करने की वजह से सड़क में पानी भर जाता है और नाली में कचरा की वजह से नाली का पानी भी सड़क में आ जाता है। लोगों ने नालियों और सड़क की सफाई न होने से भारी रोष देखने को मिला।
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भोपाल, 21 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का खुद को टेंपरेरी मुख्यमंत्री कहने वाला बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय है। ये बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इस बयान को लेकर कांग्रेस ने भी तंज कसा है।
मुख्यमंत्री चौहान रविवार को मंदसौर जिले के सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के सीतामऊ में थे। उन्होंने यहां विकास कायरें का लोकापर्ण किया, सुवासरा में आगामी समय में उप-चुनाव भी होने वाले हैं और भाजपा के संभावित उम्मीदवार हरदीप सिंह डंग होंगे जो अभी हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए है। डंग शिवराज सरकार में मंत्री भी हैं।
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भोपाल, इक्कीस सितंबर । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का खुद को टेंपरेरी मुख्यमंत्री कहने वाला बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय है। ये बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इस बयान को लेकर कांग्रेस ने भी तंज कसा है। मुख्यमंत्री चौहान रविवार को मंदसौर जिले के सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के सीतामऊ में थे। उन्होंने यहां विकास कायरें का लोकापर्ण किया, सुवासरा में आगामी समय में उप-चुनाव भी होने वाले हैं और भाजपा के संभावित उम्मीदवार हरदीप सिंह डंग होंगे जो अभी हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए है। डंग शिवराज सरकार में मंत्री भी हैं।
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बीजिंगः चीन ने शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण से हुई मौतों के आंकड़ें में बदलाव किया है। हुबेई के वुहान में हुई मौंतों के आंकड़ों में हुए बदलाव के बाद अब इसमें 1300 की वृद्धि हुई है। वुहान से ही यह संक्रमण दिसंबर माह में निकली थी। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि अब इस बदलाव के बाद देशभर में मृतकों की तादाद में लगभग 40 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है।
अब चीन में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से 4,636 मौतें हुई हैं। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन (NHC) की ओर से कोरोना वायरस की वजह से मृतकों की जो संख्या बताई जा रही थी, उस पर कई देशों ने आशंका जाहिर की थी। सरकारी आंकड़ों पर अमेरिका सहित ब्रिटेन की तरफ से सवाल खड़े किए गए थे। वुहान में अब मृतकों की संख्या 2,579 से बढ़कर 3,869 पर पहुंच गई है।
हालाँकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने इन आंकड़ों का बचाव किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा अथॉरिटीज ने सत्यता सुनिश्चित करने के लिए कोरोना वायरस महामारी से हुई मौतों की सांख्यिकीय जांच कराई है। यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया है और इस पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। मंत्रालय की मानें तो कभी भी कोरोना वायरस से हुई मौतों को छिपाया नहीं गया है।
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बीजिंगः चीन ने शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण से हुई मौतों के आंकड़ें में बदलाव किया है। हुबेई के वुहान में हुई मौंतों के आंकड़ों में हुए बदलाव के बाद अब इसमें एक हज़ार तीन सौ की वृद्धि हुई है। वुहान से ही यह संक्रमण दिसंबर माह में निकली थी। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि अब इस बदलाव के बाद देशभर में मृतकों की तादाद में लगभग चालीस प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है। अब चीन में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से चार,छः सौ छत्तीस मौतें हुई हैं। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन की ओर से कोरोना वायरस की वजह से मृतकों की जो संख्या बताई जा रही थी, उस पर कई देशों ने आशंका जाहिर की थी। सरकारी आंकड़ों पर अमेरिका सहित ब्रिटेन की तरफ से सवाल खड़े किए गए थे। वुहान में अब मृतकों की संख्या दो,पाँच सौ उन्यासी से बढ़कर तीन,आठ सौ उनहत्तर पर पहुंच गई है। हालाँकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने इन आंकड़ों का बचाव किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा अथॉरिटीज ने सत्यता सुनिश्चित करने के लिए कोरोना वायरस महामारी से हुई मौतों की सांख्यिकीय जांच कराई है। यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया है और इस पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। मंत्रालय की मानें तो कभी भी कोरोना वायरस से हुई मौतों को छिपाया नहीं गया है।
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महामाहेश्वर आचार्यप्रवर श्रीमदुत्पलदेवाचार्य द्वारा विरचित 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' ग्रन्थ का काश्मीरी, 'प्रत्यभिज्ञादर्शन' या 'शैवाद्वैतदर्शन' में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है। इस ग्रन्थ को उक्त दर्शन का प्रस्थान भी कह सकते हैं। श्रीमदुत्पलदेवाचार्य के प्रशिष्य 'तन्त्रालोककार', महामाहेश्वर श्रीमद्-अभिनवगुप्ताचार्य थे। 'तन्त्रालोक' प्रत्यभिज्ञादर्शन का सर्वाधिक महनीय, प्रामाणिक एवं विशाल ग्रन्थ है। श्रीमद्-अभिनवगुप्तपादाचार्य के गुरु के गुरु श्रीमपलादेवाचार्य ने जिन मान्यताओं को अपने 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' ग्रन्थ में प्रतिष्ठापित किया वे मान्यतायें उक्त दर्शन में आगे चलकर पल्लवित और पुष्पित हुई। उनके सब से बड़े व्याख्याकार श्रीमद् अभिनवगुप्तपादाचार्य थे जिन्होंने भारत के 'नाट्यशास्त्र' की भी 'अभिनवभारती' टीका लिखी थी। उन्होंने ही अत्यन्त विशालकाय शेवदर्शन के सब से विशिष्ट ग्रन्थ 'तन्त्रालोक' की रचना द्वारा उक्त दर्शन को अमर बना दिया।
महाराजा क इमीर के राज्यद्वारा संचालित शैवदर्शन की ग्रन्थमाला में शैवदर्शन के पचासों महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ प्रकाशित हुए थे । 'तन्त्रालोक' भी इसी प्रत्थमाला में प्रकाशित होकर प्रकाश में आया था। श्रीमद् अभिनवगुप्तपादाचार्य की 'विमशनी' व्याख्या सहित, 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' भी वहीं प्रकाशित थी। परन्तु अत्यन्त स्वल्प मूल्यवाले उक्त माला के ग्रन्थ आज दुर्लभ हो रहे हैं। अभिनवगुप्तपादाचार्य को प्रामाणिक, 'विर्माशनी' व्याख्या युक्त 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' ग्रन्थ का सर्वदर्शनाचार्य श्रीकृष्णानन्द सागर की 'शिवरञ्जनी' टीका के साथ प्रकाशन स्तुत्य प्रयास है। यद्यपि 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा', पर लिखित अभिनवगुप्तपादाचार्य की विर्माशिनी', नामक टीका अत्यन्त पाण्डित्यपूर्ण है तथा 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' की सूत्रात्मक कारिकाओं को समझने के लिए कुंजिका है तथापि संस्कृत न जाननेवालों के लिए वह अर्थहीन हो जाती है।
आचार्य श्रीकृष्णानन्द सागर का हिन्दी व्याख्या के साथ प्रकाशन का यह कार्य निश्चय ही प्रशंसनीय और संस्कृत न जाननेवाले शैवाद्वैतदर्शन के समुत्सुक जिज्ञासुओं के लिए बड़ा सहायक सिद्ध होगा।
हिन्दी टीकाकार को एतदर्थ में हार्दिक बधाई देता हूँ और विश्वास करता हूँ कि यह ग्रन्थ जिज्ञासु सुधीजनों में लोकप्रिय होगा ।
पं० करुणापति त्रिपाठी भूतपूर्व कुलपति-सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय
वर्तमान अध्यक्ष - उत्तर प्रदेश संस्कृत अकादमी
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महामाहेश्वर आचार्यप्रवर श्रीमदुत्पलदेवाचार्य द्वारा विरचित 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' ग्रन्थ का काश्मीरी, 'प्रत्यभिज्ञादर्शन' या 'शैवाद्वैतदर्शन' में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है। इस ग्रन्थ को उक्त दर्शन का प्रस्थान भी कह सकते हैं। श्रीमदुत्पलदेवाचार्य के प्रशिष्य 'तन्त्रालोककार', महामाहेश्वर श्रीमद्-अभिनवगुप्ताचार्य थे। 'तन्त्रालोक' प्रत्यभिज्ञादर्शन का सर्वाधिक महनीय, प्रामाणिक एवं विशाल ग्रन्थ है। श्रीमद्-अभिनवगुप्तपादाचार्य के गुरु के गुरु श्रीमपलादेवाचार्य ने जिन मान्यताओं को अपने 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' ग्रन्थ में प्रतिष्ठापित किया वे मान्यतायें उक्त दर्शन में आगे चलकर पल्लवित और पुष्पित हुई। उनके सब से बड़े व्याख्याकार श्रीमद् अभिनवगुप्तपादाचार्य थे जिन्होंने भारत के 'नाट्यशास्त्र' की भी 'अभिनवभारती' टीका लिखी थी। उन्होंने ही अत्यन्त विशालकाय शेवदर्शन के सब से विशिष्ट ग्रन्थ 'तन्त्रालोक' की रचना द्वारा उक्त दर्शन को अमर बना दिया। महाराजा क इमीर के राज्यद्वारा संचालित शैवदर्शन की ग्रन्थमाला में शैवदर्शन के पचासों महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ प्रकाशित हुए थे । 'तन्त्रालोक' भी इसी प्रत्थमाला में प्रकाशित होकर प्रकाश में आया था। श्रीमद् अभिनवगुप्तपादाचार्य की 'विमशनी' व्याख्या सहित, 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' भी वहीं प्रकाशित थी। परन्तु अत्यन्त स्वल्प मूल्यवाले उक्त माला के ग्रन्थ आज दुर्लभ हो रहे हैं। अभिनवगुप्तपादाचार्य को प्रामाणिक, 'विर्माशनी' व्याख्या युक्त 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' ग्रन्थ का सर्वदर्शनाचार्य श्रीकृष्णानन्द सागर की 'शिवरञ्जनी' टीका के साथ प्रकाशन स्तुत्य प्रयास है। यद्यपि 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा', पर लिखित अभिनवगुप्तपादाचार्य की विर्माशिनी', नामक टीका अत्यन्त पाण्डित्यपूर्ण है तथा 'ईश्वरप्रत्यभिज्ञा' की सूत्रात्मक कारिकाओं को समझने के लिए कुंजिका है तथापि संस्कृत न जाननेवालों के लिए वह अर्थहीन हो जाती है। आचार्य श्रीकृष्णानन्द सागर का हिन्दी व्याख्या के साथ प्रकाशन का यह कार्य निश्चय ही प्रशंसनीय और संस्कृत न जाननेवाले शैवाद्वैतदर्शन के समुत्सुक जिज्ञासुओं के लिए बड़ा सहायक सिद्ध होगा। हिन्दी टीकाकार को एतदर्थ में हार्दिक बधाई देता हूँ और विश्वास करता हूँ कि यह ग्रन्थ जिज्ञासु सुधीजनों में लोकप्रिय होगा । पंशून्य करुणापति त्रिपाठी भूतपूर्व कुलपति-सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वर्तमान अध्यक्ष - उत्तर प्रदेश संस्कृत अकादमी
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नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली है। गुरुवार के कारोबार में सेंसेक्स 433 अंक की गिरावट के साथ 59,919. 69 के स्तर पर और निफ्टी 143. 6 अंक की गिरावट के साथ 17874 के स्तर पर बंद हुआ है। आज के कारोबार में रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज हुआ। वहीं सरकारी बैंकों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली देखने को मिली।
कारोबार के दौरान अधिकांश सेक्टर इंडेक्स में नुकसान दर्ज हुआ। मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। मेटल सेक्टर इंडेक्स में आज 0. 36 प्रतिशत की बढ़त रही, वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर 0. 26 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। दूसरी तरफ रियल्टी सेक्टर इंडेक्स में आज 2. 33 प्रतिशत की गिरावट रही है। सरकारी बैंकों का इंडेक्स 1. 84 प्रतिशत, फार्मा सेक्टर इंडेक्स 1. 39 प्रतिशत, बैंकिंग सेक्टर इंडेक्स 1. 19 प्रतिशत, ऑटो सेक्टर इंडेक्स 1. 18 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर 1. 25 प्रतिशत और ऑयल एंड गैस सेक्टर इंडेक्स 0. 62 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ है। कारोबार के दौरान छोटे स्टॉक्स में ज्यादा नुकसान देखने को मिला। निफ्टी में 0. 8 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले स्मॉलकैप 50 में 1. 14 प्रतिशत की गिरावट रही।
निफ्टी में शामिल स्टॉक्स में 41 आज गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इसमें से 5 स्टॉक में 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज हुई है और किसी भी स्टॉक में 3 प्रतिशत से ज्यादा की नुकसान नहीं दर्ज हुआ। । सबसे ज्यादा गिरने वालों में एसबीआई 2. 77 प्रतिशत, ओएनजीसी 2. 57 प्रतिशत और एसबीआई लाइफ 2. 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं ब्रॉड मार्केट इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला स्मॉलकैप 50 में शामिल 50 स्टॉक्स में से भी 41 स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुए हालांकि यहां 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स की संख्या 16 रही। वहीं 8 स्मॉलकैप स्टॉक 3 प्रतिशत से ज्यादा, 3 स्टॉक 4 प्रतिशत से ज्यादा और एक स्टॉक 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुआ।
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नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली है। गुरुवार के कारोबार में सेंसेक्स चार सौ तैंतीस अंक की गिरावट के साथ उनसठ,नौ सौ उन्नीस. उनहत्तर के स्तर पर और निफ्टी एक सौ तैंतालीस. छः अंक की गिरावट के साथ सत्रह हज़ार आठ सौ चौहत्तर के स्तर पर बंद हुआ है। आज के कारोबार में रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज हुआ। वहीं सरकारी बैंकों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान अधिकांश सेक्टर इंडेक्स में नुकसान दर्ज हुआ। मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। मेटल सेक्टर इंडेक्स में आज शून्य. छत्तीस प्रतिशत की बढ़त रही, वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर शून्य. छब्बीस प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। दूसरी तरफ रियल्टी सेक्टर इंडेक्स में आज दो. तैंतीस प्रतिशत की गिरावट रही है। सरकारी बैंकों का इंडेक्स एक. चौरासी प्रतिशत, फार्मा सेक्टर इंडेक्स एक. उनतालीस प्रतिशत, बैंकिंग सेक्टर इंडेक्स एक. उन्नीस प्रतिशत, ऑटो सेक्टर इंडेक्स एक. अट्ठारह प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर एक. पच्चीस प्रतिशत और ऑयल एंड गैस सेक्टर इंडेक्स शून्य. बासठ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ है। कारोबार के दौरान छोटे स्टॉक्स में ज्यादा नुकसान देखने को मिला। निफ्टी में शून्य. आठ प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले स्मॉलकैप पचास में एक. चौदह प्रतिशत की गिरावट रही। निफ्टी में शामिल स्टॉक्स में इकतालीस आज गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इसमें से पाँच स्टॉक में दो प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज हुई है और किसी भी स्टॉक में तीन प्रतिशत से ज्यादा की नुकसान नहीं दर्ज हुआ। । सबसे ज्यादा गिरने वालों में एसबीआई दो. सतहत्तर प्रतिशत, ओएनजीसी दो. सत्तावन प्रतिशत और एसबीआई लाइफ दो. पाँच प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं ब्रॉड मार्केट इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला स्मॉलकैप पचास में शामिल पचास स्टॉक्स में से भी इकतालीस स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुए हालांकि यहां दो प्रतिशत से ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स की संख्या सोलह रही। वहीं आठ स्मॉलकैप स्टॉक तीन प्रतिशत से ज्यादा, तीन स्टॉक चार प्रतिशत से ज्यादा और एक स्टॉक पाँच प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुआ।
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बिजवासन से आम आदमी पार्टी के असंतुष्ट विधायक कर्नल देवेंद्र सहरावत की विधानसभा सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अगुवाई वाली अवकाशकालीन खंडपीठ ने शुक्रवार को कर्नल सहरावत की याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कर्नल सहरावत के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को लेकर उन्हें विधायक से अयोग्य ठहराए जाने का नोटिस दिया है।
खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा, आप ने जो बिन्दु उठाए हैं, उनका दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष बचाव करें। हम इस समय आपकी याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं कर रहे।
गोयल ने कर्नल सहरावत के भाजपा में शामिल होने पर दल-बदल कानून के तहत कर्नल सहरावत को अयोग्य ठहराते हुए नोटिस जारी किया है। कर्नल सहरावत ने अमरसिंह मामले में जवाब का आग्रह किया था जो एक निष्कासित सदस्य को अयोग्य नहीं ठहराए जाने से संबंधित था।
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बिजवासन से आम आदमी पार्टी के असंतुष्ट विधायक कर्नल देवेंद्र सहरावत की विधानसभा सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अगुवाई वाली अवकाशकालीन खंडपीठ ने शुक्रवार को कर्नल सहरावत की याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कर्नल सहरावत के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को लेकर उन्हें विधायक से अयोग्य ठहराए जाने का नोटिस दिया है। खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा, आप ने जो बिन्दु उठाए हैं, उनका दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष बचाव करें। हम इस समय आपकी याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं कर रहे। गोयल ने कर्नल सहरावत के भाजपा में शामिल होने पर दल-बदल कानून के तहत कर्नल सहरावत को अयोग्य ठहराते हुए नोटिस जारी किया है। कर्नल सहरावत ने अमरसिंह मामले में जवाब का आग्रह किया था जो एक निष्कासित सदस्य को अयोग्य नहीं ठहराए जाने से संबंधित था।
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बांग्लादेश के कोच रसेल डोमिंगो ने का मानना है कि वो भारतीय टीम की विदेशी दौरों पर जीत के फ़ॉर्मूले को अपना कर बांग्लादेश की टीम में सुधार लान चाहते हैं। बांग्लादेश ने जबसे साल 2000 में पहला टेस्ट मैच खेला है तबसे वो 117 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और सिर्फ 13 में जीत हासिल की है। जिसमें विदेशी सरजमीं पर महज 4 जीत ही हासिल हुई है।
वहीं पिछले भारत दौरे पर बांग्लादेश दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 से हार गया था जबकि दोनों मैचों में बांग्लादेश की टीम तीन दिन के भीतर ही हार गई थी। ऐसे में उनके कोच नए साल में बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट में नई शुरुआत करना चाहते हैं।
जिसके लिए उन्होंने इएसपीऍन क्रिकइंफो से बातचीत में कहा, "भारत का अनुसरण करते हुए कि उन्होंने कैसे क्रिकेट खेला और टेस्ट क्रिकेट में पिछले तीन चार साल में वो कैसे आगे बढ़कर आए हैं। इस सबसे हम भी प्रेरित होकर आगे बढ़ सकते हैं। "
भारत को प्राक्रतिक रूप से स्पिन गेंदबाजों का घर माना जाता था। जिस प्रथा को पलटते हुए तेज गेंदबाजों ने पिछले दो-तीन सालों में पूरे विश्व में अपना दबदबा बनाया है। अभी टीम इंडिया ना सिर्फ टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर है बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में भी नंबर एक स्थान पर काबिज है।
इस तरह बांग्लादेश को अपना अगला मैच पाकिस्तान के खिलाफ 7 फरवरी को खेलना है। ऐसे में घर से बाहर जीत दर्ज करने के बारे में डोमिंगो ने कहा, "हमें अभी काफी लम्बा रास्ता तय करना है। हमारा प्रयास जारी है। घर से बाहर हमारा रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। इस लिजाह से ये साल का सबसे बड़ा चैलेन्ज होगा कि घर से बाहर हमें टेस्ट मैच जीतना है। "
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बांग्लादेश के कोच रसेल डोमिंगो ने का मानना है कि वो भारतीय टीम की विदेशी दौरों पर जीत के फ़ॉर्मूले को अपना कर बांग्लादेश की टीम में सुधार लान चाहते हैं। बांग्लादेश ने जबसे साल दो हज़ार में पहला टेस्ट मैच खेला है तबसे वो एक सौ सत्रह टेस्ट मैच खेल चुके हैं और सिर्फ तेरह में जीत हासिल की है। जिसमें विदेशी सरजमीं पर महज चार जीत ही हासिल हुई है। वहीं पिछले भारत दौरे पर बांग्लादेश दो टेस्ट मैचों की सीरीज में दो-शून्य से हार गया था जबकि दोनों मैचों में बांग्लादेश की टीम तीन दिन के भीतर ही हार गई थी। ऐसे में उनके कोच नए साल में बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट में नई शुरुआत करना चाहते हैं। जिसके लिए उन्होंने इएसपीऍन क्रिकइंफो से बातचीत में कहा, "भारत का अनुसरण करते हुए कि उन्होंने कैसे क्रिकेट खेला और टेस्ट क्रिकेट में पिछले तीन चार साल में वो कैसे आगे बढ़कर आए हैं। इस सबसे हम भी प्रेरित होकर आगे बढ़ सकते हैं। " भारत को प्राक्रतिक रूप से स्पिन गेंदबाजों का घर माना जाता था। जिस प्रथा को पलटते हुए तेज गेंदबाजों ने पिछले दो-तीन सालों में पूरे विश्व में अपना दबदबा बनाया है। अभी टीम इंडिया ना सिर्फ टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर है बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में भी नंबर एक स्थान पर काबिज है। इस तरह बांग्लादेश को अपना अगला मैच पाकिस्तान के खिलाफ सात फरवरी को खेलना है। ऐसे में घर से बाहर जीत दर्ज करने के बारे में डोमिंगो ने कहा, "हमें अभी काफी लम्बा रास्ता तय करना है। हमारा प्रयास जारी है। घर से बाहर हमारा रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। इस लिजाह से ये साल का सबसे बड़ा चैलेन्ज होगा कि घर से बाहर हमें टेस्ट मैच जीतना है। "
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ब्लिंकन मंगलवार को कतर के शीर्ष राजनयिकों और रक्षा अधिकारियों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की राजधानी से अतिरिक्त चार्टर उड़ानों के बंदोबस्त के लिए अमेरिका पिछले कुछ समय से तालिबान के साथ संपर्क में है।
विदेश मंत्री ने कहा कि तालिबान ने उन सभी लोगों को सुरक्षित निकासी का आश्वासन दिया है जो उचित यात्रा दस्तावेजों के साथ अफगानिस्तान से निकलना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अब भी करीब 100 अमेरिकी नागरिक जहां-तहां हैं जो वहां से निकलना चाहते हैं।
विदेश विभाग ने पहले बताया था कि लगभग 100 से 200 लोग ऐसे हो सकते हैं। ब्लिंकन और अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन कतर में हैं। वे 15 अगस्त को तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान से हजारों लोगों को निकालने में मदद करने के लिए खाड़ी अरब देश का शुक्रिया अदा करने यहां आये हैं।
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ब्लिंकन मंगलवार को कतर के शीर्ष राजनयिकों और रक्षा अधिकारियों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की राजधानी से अतिरिक्त चार्टर उड़ानों के बंदोबस्त के लिए अमेरिका पिछले कुछ समय से तालिबान के साथ संपर्क में है। विदेश मंत्री ने कहा कि तालिबान ने उन सभी लोगों को सुरक्षित निकासी का आश्वासन दिया है जो उचित यात्रा दस्तावेजों के साथ अफगानिस्तान से निकलना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अब भी करीब एक सौ अमेरिकी नागरिक जहां-तहां हैं जो वहां से निकलना चाहते हैं। विदेश विभाग ने पहले बताया था कि लगभग एक सौ से दो सौ लोग ऐसे हो सकते हैं। ब्लिंकन और अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन कतर में हैं। वे पंद्रह अगस्त को तालिबान के काबुल पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान से हजारों लोगों को निकालने में मदद करने के लिए खाड़ी अरब देश का शुक्रिया अदा करने यहां आये हैं।
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मॉस्कोः रूस और यूक्रेन के युद्ध को एक साल होने वाले हैं। लेकिन दोनों देशों के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युद्ध रोकने की किसी भी कोशिश को करते हैं तो उसका स्वागत किया जाएगा। ये बातें व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने एक सवाल के जवाब में कही।
अमेरिका की ओर से यह बयान एक ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक घंटे की मीटिंग की है। युद्ध के लिए सिर्फ पुतिन जिम्मेदारजॉन किर्बी ने कहा कि यूक्रेन में लोग जो झेल रहे हैं, उसके लिए सिर्फ पुतिन जिम्मेदार हैं। पुतिन अगर चाहें तो युद्ध को अभी रोक सकते हैं। लेकिन वह ऐसा करने की जगह पावर स्टेशन पर क्रूज मिसाइलें दाग रहे हैं। ताकि लोग बिना बिजली के और भी ज्यादा पीड़ित हों। रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान पीएम मोदी दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से बात की है।
'ये युद्ध का युग नहीं'पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन 2022 में राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि आज का युग युद्ध का युग नहीं है। पीएम मोदी ने कहा, 'आज का युग युद्ध का युग नहीं है। इस मुद्दे पर हमने आपसे कई बार फोन पर चर्चा की है कि लोकतंत्र, कूटनीति और संवाद से ही मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं। ' अक्टूबर 2022 में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास लड़ाई बढ़ने पर भारत को मध्यस्थता करने को कहा था।
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मॉस्कोः रूस और यूक्रेन के युद्ध को एक साल होने वाले हैं। लेकिन दोनों देशों के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युद्ध रोकने की किसी भी कोशिश को करते हैं तो उसका स्वागत किया जाएगा। ये बातें व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने एक सवाल के जवाब में कही। अमेरिका की ओर से यह बयान एक ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक घंटे की मीटिंग की है। युद्ध के लिए सिर्फ पुतिन जिम्मेदारजॉन किर्बी ने कहा कि यूक्रेन में लोग जो झेल रहे हैं, उसके लिए सिर्फ पुतिन जिम्मेदार हैं। पुतिन अगर चाहें तो युद्ध को अभी रोक सकते हैं। लेकिन वह ऐसा करने की जगह पावर स्टेशन पर क्रूज मिसाइलें दाग रहे हैं। ताकि लोग बिना बिजली के और भी ज्यादा पीड़ित हों। रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान पीएम मोदी दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से बात की है। 'ये युद्ध का युग नहीं'पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन दो हज़ार बाईस में राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि आज का युग युद्ध का युग नहीं है। पीएम मोदी ने कहा, 'आज का युग युद्ध का युग नहीं है। इस मुद्दे पर हमने आपसे कई बार फोन पर चर्चा की है कि लोकतंत्र, कूटनीति और संवाद से ही मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं। ' अक्टूबर दो हज़ार बाईस में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास लड़ाई बढ़ने पर भारत को मध्यस्थता करने को कहा था।
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अर्थ लेना है, यह कहने की जरूरत नहीं । यदि शाब्दिक अर्थ लेंगे, तो यह श्लोक स्टेशनमास्टर, चोर, रातपाली वाले मजूर आदि पर घटेगा 1 गांधीजो ने इस श्लोक का थोड़ा-सा अक्षरा भी दुहुने का प्रयत्न किया है। "साधारण लोग रात का समय विलाम आदि में बिताते हैं और सुबह सोते रहते हैं; परन्तु संयमी रात में सो जाता है और सुबह ही उठकर मनन चिन्तन में लग जाता है" इस तरह उन्होंने इसका उपयोगी श्रज्ञरार्थ दुह लिया है। परन्तु उन्होंने भी इसके शाब्दिक अर्थ को मुख्य नहीं माना है। ये जानते हैं कि इसका सूक्ष्म व लाक्षणिक अर्थ ही ग्रहण करना है और उन्होंने आगे चलकर अपनी पद्धति के अनुसार वैसा अर्थ किया भी है। १२६. अर्थात् स्थितप्रज्ञ की कुल जीवन-दृष्टि ही दूसरों से उलटी होती है ।
इस श्लोक के रूपक के द्वारा स्थित प्रज्ञ की जीवन-दृष्टि बताई गई है। स्थितप्रज्ञ की व श्रज्ञ जन को जीवन-दृष्टियों में बड़ा फर्क है। जैसे दो समानान्तर रेखाओं का कहीं स्पर्श-विग्दु ही नहीं होता वैसे ही स्थिति इन दोनों की जीवन-दृष्टियों की है। स्थितप्रज्ञ की निगाह ही बदल जाती है। मीराबाई ने जैसे कहा है - 'उलट भई मोरे नयनन की ऐसी उसकी हालत हो जाती है। सच पूछिए तो उसकी दृष्टि उलटी नहीं होती, यल्कि यही मुलटी होती है। संसार की ही दृष्टि उलटी है। परन्तु यह बहुसंख्यक लोगों की होने के कारण मुलटी समझी गई है । यहु-संख्या को क्यों दोप दें, इसलिए मीराबाई ने अपनी ही दृष्टि को उलटा कह दिया। सो, जय हमारी जीवनदृष्टि में ही फर्क हो गया तो फिर जीवन की समान क्रियाओं
में वद चरितार्थ होता जायगा ।
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अर्थ लेना है, यह कहने की जरूरत नहीं । यदि शाब्दिक अर्थ लेंगे, तो यह श्लोक स्टेशनमास्टर, चोर, रातपाली वाले मजूर आदि पर घटेगा एक गांधीजो ने इस श्लोक का थोड़ा-सा अक्षरा भी दुहुने का प्रयत्न किया है। "साधारण लोग रात का समय विलाम आदि में बिताते हैं और सुबह सोते रहते हैं; परन्तु संयमी रात में सो जाता है और सुबह ही उठकर मनन चिन्तन में लग जाता है" इस तरह उन्होंने इसका उपयोगी श्रज्ञरार्थ दुह लिया है। परन्तु उन्होंने भी इसके शाब्दिक अर्थ को मुख्य नहीं माना है। ये जानते हैं कि इसका सूक्ष्म व लाक्षणिक अर्थ ही ग्रहण करना है और उन्होंने आगे चलकर अपनी पद्धति के अनुसार वैसा अर्थ किया भी है। एक सौ छब्बीस. अर्थात् स्थितप्रज्ञ की कुल जीवन-दृष्टि ही दूसरों से उलटी होती है । इस श्लोक के रूपक के द्वारा स्थित प्रज्ञ की जीवन-दृष्टि बताई गई है। स्थितप्रज्ञ की व श्रज्ञ जन को जीवन-दृष्टियों में बड़ा फर्क है। जैसे दो समानान्तर रेखाओं का कहीं स्पर्श-विग्दु ही नहीं होता वैसे ही स्थिति इन दोनों की जीवन-दृष्टियों की है। स्थितप्रज्ञ की निगाह ही बदल जाती है। मीराबाई ने जैसे कहा है - 'उलट भई मोरे नयनन की ऐसी उसकी हालत हो जाती है। सच पूछिए तो उसकी दृष्टि उलटी नहीं होती, यल्कि यही मुलटी होती है। संसार की ही दृष्टि उलटी है। परन्तु यह बहुसंख्यक लोगों की होने के कारण मुलटी समझी गई है । यहु-संख्या को क्यों दोप दें, इसलिए मीराबाई ने अपनी ही दृष्टि को उलटा कह दिया। सो, जय हमारी जीवनदृष्टि में ही फर्क हो गया तो फिर जीवन की समान क्रियाओं में वद चरितार्थ होता जायगा ।
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Madhya Pradesh politics: भोपाल (राज्य ब्यूरो )। भाजपा से जिन मुद्दों पर विवादास्पद बयानबाजी के लिए प्रीतम लोधी को बर्खास्त किया गया था, पार्टी में लौटते ही उन्होंने फिर उन्हीं मुद्दों पर बयानबाजी शुरू कर दी है। लोधी सार्वजनिक रूप से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के लिए भी अनुचित शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे कहते हैं कि चमत्कार दिखाने वाले लोग बिचौलिए हैं। कहते हैं कि यह मेरी व्यक्तिगत राय है।
लोधी की वापसी के बाद पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे की पार्टी में वापसी को लेकर भी भाजपा नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत से नाराज भाजपा ने मलैया के बेटे के साथ पांच मंडल अध्यक्षों को भी भाजपा ने बर्खास्त किया था।
प्रीतम लोधी को भाजपा ने कुछ महीनों पहले ही निष्काषित किया था। तीन दिन पूर्व ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में लोधी को भाजपा में वापस लिया गया था। माना जाता है कि लोधी की वापसी में उमा भारती की महत्वपूर्ण भूमिका और दबाव दोनों का योगदान रहा है। यही वजह है कि भाजपा को लोधी के बारे में लिया गया फैसला वापस लेना पड़ा।
इधर दमोह से सात बार विधायक रहे पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया और पांच मंडल अध्यक्षों को भाजपा में वापस लेने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल, इन्हें दमोह में हुए उपचुनाव में भाजपा को मिली पराजय के बाद पार्टी ने भितरघात के आरोप में बाहर निकाला गया था। इस सीट पर वर्ष 2018 में कांग्रेस के राहुल लोधी चुनाव जीते थे, जो 2020 में कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में आ गए थे।
भाजपा ने राहुल लोधी को उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया था लेकिन वे कांग्रेस से हार गए थे। पार्टी ने जयंत मलैया को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। भाजपा ने सिद्धार्थ मलैया के साथ अभाना मंडल के अध्यक्ष अजय सिंह, दीनदयाल नगर मंडल के संतोष रोहित, दमयंती मंडल के मनीष तिवारी, बांदकपुर मंडल के अभिलाष हजारी, बांसा मंडल के देवेंद्र राजपूत शामिल को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास उत्सव का प्रयास के मंत्र को संगठन में भी सिद्ध करती है। पार्टी की अपनी रीति नीति और परंपराएं हैं। इस आधार पर प्रदेश के नेतृत्व के संज्ञान में सभी विषय आते हैं और उसी अनुसार निर्णय लिए जाते हैं। पार्टी में सामूहिकता से निर्णय लिए जाते हैं। जब जहां जिस निर्णय की जरूरत होती है वहां एक निर्धारित तो निश्चित प्रक्रिया के तहत निर्णय ले लिया जाता है। भाजपा की कार्य पद्धति बताती है कि संगठन में हर कार्यकर्ता का महत्व है परंतु कोई भी कार्यकर्ता अपरिहार्य नहीं है।
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Madhya Pradesh politics: भोपाल । भाजपा से जिन मुद्दों पर विवादास्पद बयानबाजी के लिए प्रीतम लोधी को बर्खास्त किया गया था, पार्टी में लौटते ही उन्होंने फिर उन्हीं मुद्दों पर बयानबाजी शुरू कर दी है। लोधी सार्वजनिक रूप से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के लिए भी अनुचित शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे कहते हैं कि चमत्कार दिखाने वाले लोग बिचौलिए हैं। कहते हैं कि यह मेरी व्यक्तिगत राय है। लोधी की वापसी के बाद पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे की पार्टी में वापसी को लेकर भी भाजपा नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत से नाराज भाजपा ने मलैया के बेटे के साथ पांच मंडल अध्यक्षों को भी भाजपा ने बर्खास्त किया था। प्रीतम लोधी को भाजपा ने कुछ महीनों पहले ही निष्काषित किया था। तीन दिन पूर्व ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में लोधी को भाजपा में वापस लिया गया था। माना जाता है कि लोधी की वापसी में उमा भारती की महत्वपूर्ण भूमिका और दबाव दोनों का योगदान रहा है। यही वजह है कि भाजपा को लोधी के बारे में लिया गया फैसला वापस लेना पड़ा। इधर दमोह से सात बार विधायक रहे पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया और पांच मंडल अध्यक्षों को भाजपा में वापस लेने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल, इन्हें दमोह में हुए उपचुनाव में भाजपा को मिली पराजय के बाद पार्टी ने भितरघात के आरोप में बाहर निकाला गया था। इस सीट पर वर्ष दो हज़ार अट्ठारह में कांग्रेस के राहुल लोधी चुनाव जीते थे, जो दो हज़ार बीस में कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में आ गए थे। भाजपा ने राहुल लोधी को उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया था लेकिन वे कांग्रेस से हार गए थे। पार्टी ने जयंत मलैया को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। भाजपा ने सिद्धार्थ मलैया के साथ अभाना मंडल के अध्यक्ष अजय सिंह, दीनदयाल नगर मंडल के संतोष रोहित, दमयंती मंडल के मनीष तिवारी, बांदकपुर मंडल के अभिलाष हजारी, बांसा मंडल के देवेंद्र राजपूत शामिल को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास उत्सव का प्रयास के मंत्र को संगठन में भी सिद्ध करती है। पार्टी की अपनी रीति नीति और परंपराएं हैं। इस आधार पर प्रदेश के नेतृत्व के संज्ञान में सभी विषय आते हैं और उसी अनुसार निर्णय लिए जाते हैं। पार्टी में सामूहिकता से निर्णय लिए जाते हैं। जब जहां जिस निर्णय की जरूरत होती है वहां एक निर्धारित तो निश्चित प्रक्रिया के तहत निर्णय ले लिया जाता है। भाजपा की कार्य पद्धति बताती है कि संगठन में हर कार्यकर्ता का महत्व है परंतु कोई भी कार्यकर्ता अपरिहार्य नहीं है।
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राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति 2019 के तहत उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ अभियान चलाया जा रहा है। इस नीति के तहत राजस्थान सरकार की ओर से किसानों को वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, चिलिंग मिल्क प्लांट आदि एग्री फूड प्रोसेसिंग बिजनेस सेटअप करने के लिए 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यानी अधिकतम 1 करोड़ रूपए तक का अनुदान दिया जा रहा है। ताकि राज्य के किसानों को कृषि संबंधित बिजनेस से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की जा सके। इसके अलावा बैंक से लोन लेने पर किसानों को 5 साल के लिए 6% की दर से 1 करोड़ रुपए तक का ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा।
इस प्रकार एग्री बिजनेस के लिए Udyog Lagao Aay Badhao Yojana के तहत कुल मिलाकर 2 करोड़ रुपए तक के पूंजीगत अनुदान का प्रावधान किया गया है। यदि आप भी सरकार की इस योजना का लाभ उठाकर कृषि बिजनेस का सेटअप करना चाहते हैं। तो आपको इस योजना के तहत आवेदन करना होगा।
उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ के तहत राज्य के निम्नलिखित नागरिकों को खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने पर राजस्थान सरकार द्वारा अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। जोकि निम्नलिखित है।
- किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)
इस योजना को राज्य में शुरू करने का उद्देश्य किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए कृषि क्षेत्र में बढ़ावा करना है। योजना के तहत राज्य के जो नागरिक है उनको सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। राज्य के किसान एवं नागरिक इस सब्सिडी को प्रदान कर एग्री प्रोसेसिंग बिजनेस को शुरू कर सकते है और इसमें करीबन 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
यदि आप बैंक से लोन लेते है तो आपको 6% की दर से आपको पांच साल के लिए 1 करोड़ रूपए पर ब्याज मिलेगा। इसका उपयोग आवेदक अपना व्यापार खोलने तथा अन्य उपकरण खरीदने के लिए भी कर सकते है। योजना का लाभ प्रदान कर किसानों एवं राज्य के नागरिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा वे अपने जीवन में आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनेगे। यहां भी देखें राजस्थान उद्योग मित्र पोर्टल 2023 रोजगार से सम्बंधित योजना को राज्य द्वारा शुरू किया गया है।
- एग्री फ़ूड प्रोसेसिंग बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार द्वारा योजना के तहत अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- राज्य के किसान एवं अन्य नागरिकों को कृषि तथा उद्योग को करने के लिए प्रोत्साहन देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- 307.87 करोड़ रूपए के निवेश में 89.58 करोड़ रूपए की सब्सिडी राज्य में 228 किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।
- 582 पात्र जो उद्यमिया है जो उनको 1255.62 करोड़ रूपए पर 177.19 करोड़ रूपए का अनुदान मिलेगा।
- उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- इस अभियान के तहत राज्य के किसान, सहकारी समितियां, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) आवेदन करने के लिए पात्र होंगे।
- राजस्थान के आम नागरिक भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- स्वयं सहायता समूह भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे।
- उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ नीति के लिए आवेदन करने हेतु आयु सीमा का कोई प्रावधान नहीं है।
राजस्थान खाद्य प्रसंस्करण मिशन के तहत उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ के अंतर्गत राज्य के किसानों को कृषि उत्पाद प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर राज्य के अन्य पात्र उद्यमियों को सरकार द्वारा अनुदान दिया जाएगा। राजस्थान के जिलेवार फसल वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित जिलों में अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, कोटा एवं बारां में लहसुन के लिए प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर अनुदान दिया जाएगा।
- बाड़मेरी एवं जालौर में अनार के लिए अनुदान देय होगा।
- झालावाड़ और भीलवाड़ा में संतरा के लिए राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाएगी।
- भरतपुर, अलवर, करौली, धौलपुर एवं सवाई माधोपुर में सरसों के लिए प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर अनुदान दिया जाएगा।
- इन सभी जिलों में निर्धारित फसल के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रसंस्करण का स्थापित करने के लिए 50% तक का वित्तीय अनुदान या अधिकतम 1 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी।
राजस्थान सरकार द्वारा कृषि संबंधित उद्योग लगाने के लिए राज्य के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ के तहत किसानों के साथ-साथ अन्य उद्यमियों को भी एग्री फूड प्रोसेसिंग बिजनेस करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी। किसानों के अलावा अन्य उद्यमियों को एग्री फूड प्रोसेसिंग बिजनेस के लिए अधिकतम 25 प्रतिशत की सब्सिडी यानि 50 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा उनके द्वारा दिए गए बैंक लोन पर अधिकतम 5 वर्ष के लिए 5% की दर से ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। राजस्थान सरकार की इस पहल से राज्य में नए रोजगार विकसित विकसित किए जा सकेंगे। जिससे किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी।
Udyog Lagao Aay Badhao Yojana के लाभ नीचे निम्न प्रकार से दिए हुए आप देखे सकते है।
- योजना को राज्य में किसानों की आय में वृद्धि करने तथा कृषि क्षेत्र में बढ़वा देने के लिए शुरू किया गया है।
- आवेदक को दो करोड़ रूपए की सब्सिडी एग्री बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार द्वारा इस योजना के तहत प्रदान किए जाएंगे।
- फ़ूड प्रोसेसिंग व्यापार शुरू करने के लिए योजना के तहत सरकार द्वारा 50% की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
- यदि कोई आवेदक अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है तो 6% की दर पर किसान को पांच वर्ष के लिए 1 करोड़ रूपए का ब्याज में सब्सिडी दी जाएगी।
- योजना के अंतर्गत किसान आवेदक को एक करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी ताकि उद्योग में बढ़ावा प्रदान किया जाए।
- वर्ष 2019 की राजस्थान कृषि प्रसंस्करण कृषि व्यवसाय तथा कृषि निर्यात के तहत इस योजना को शुरू किया गया है।
- योजना के तहत कोल्ड स्टोरेज हाउस, वेयरहाउस, मिल्क प्लांट आदि का व्यापार करने के लिए सरकार किसानों को अनुदान दे रही है।
- सबसे पहले आपको राजस्थान सरकार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://rajkisan.rajasthan.gov.in/ पर जाना होगा।
- होम पेज पर आपको किसान/नागरिक लॉगइन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
- क्लिक करते ही आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा।
- अब आपको इस पेज पर किसान नागरिक के लिए उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका के सेक्शन में से राजस्थान कृषि प्रसंस्करण के तहत सब्सिडी के लिए आवेदन करें के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
- इसके बाद आपके सामने अगला पेज खुल जाएगा।
- अब आपको इस पेज पर आपको चयन करें के ऑप्शन पर क्लिक कर पूंजी निवेश सब्सिडी, भाड़ा सब्सिडी, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड से ऋण तीन ऑप्शन में से किसी एक का चयन करना होगा।
- चयन करते ही आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा।
- आपको इस पेज पर प्रयोक्ता प्रकार चुनें के बाद उपयोगकर्ता का आधार नंबर दर्ज करना होगा।
- आधार नंबर दर्ज करने के बाद आपको ओटीपी प्राप्त करें के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
- इसके बाद आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।
- आपको आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी का ध्यान पूर्वक दर्ज करना होगा।
- सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको Submit के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
- इस प्रकार आप उद्योग लगाओ आगे बढ़ाओ योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
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अगर आपको उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ योजना से सम्बंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है , हमारी टीम आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेगी। अगर आपको हमारी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकते है ताकि वो भी इस योजना का लाभ उठा सके।
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राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति दो हज़ार उन्नीस के तहत उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ अभियान चलाया जा रहा है। इस नीति के तहत राजस्थान सरकार की ओर से किसानों को वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, चिलिंग मिल्क प्लांट आदि एग्री फूड प्रोसेसिंग बिजनेस सेटअप करने के लिए पचास% तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यानी अधिकतम एक करोड़ रूपए तक का अनुदान दिया जा रहा है। ताकि राज्य के किसानों को कृषि संबंधित बिजनेस से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की जा सके। इसके अलावा बैंक से लोन लेने पर किसानों को पाँच साल के लिए छः% की दर से एक करोड़ रुपए तक का ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। इस प्रकार एग्री बिजनेस के लिए Udyog Lagao Aay Badhao Yojana के तहत कुल मिलाकर दो करोड़ रुपए तक के पूंजीगत अनुदान का प्रावधान किया गया है। यदि आप भी सरकार की इस योजना का लाभ उठाकर कृषि बिजनेस का सेटअप करना चाहते हैं। तो आपको इस योजना के तहत आवेदन करना होगा। उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ के तहत राज्य के निम्नलिखित नागरिकों को खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने पर राजस्थान सरकार द्वारा अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। जोकि निम्नलिखित है। - किसान उत्पादक संगठन इस योजना को राज्य में शुरू करने का उद्देश्य किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए कृषि क्षेत्र में बढ़ावा करना है। योजना के तहत राज्य के जो नागरिक है उनको सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। राज्य के किसान एवं नागरिक इस सब्सिडी को प्रदान कर एग्री प्रोसेसिंग बिजनेस को शुरू कर सकते है और इसमें करीबन पचास% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यदि आप बैंक से लोन लेते है तो आपको छः% की दर से आपको पांच साल के लिए एक करोड़ रूपए पर ब्याज मिलेगा। इसका उपयोग आवेदक अपना व्यापार खोलने तथा अन्य उपकरण खरीदने के लिए भी कर सकते है। योजना का लाभ प्रदान कर किसानों एवं राज्य के नागरिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा वे अपने जीवन में आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनेगे। यहां भी देखें राजस्थान उद्योग मित्र पोर्टल दो हज़ार तेईस रोजगार से सम्बंधित योजना को राज्य द्वारा शुरू किया गया है। - एग्री फ़ूड प्रोसेसिंग बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार द्वारा योजना के तहत अनुदान प्रदान किया जाएगा। - राज्य के किसान एवं अन्य नागरिकों को कृषि तथा उद्योग को करने के लिए प्रोत्साहन देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। - तीन सौ सात.सत्तासी करोड़ रूपए के निवेश में नवासी.अट्ठावन करोड़ रूपए की सब्सिडी राज्य में दो सौ अट्ठाईस किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। - पाँच सौ बयासी पात्र जो उद्यमिया है जो उनको एक हज़ार दो सौ पचपन.बासठ करोड़ रूपए पर एक सौ सतहत्तर.उन्नीस करोड़ रूपए का अनुदान मिलेगा। - उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। - इस अभियान के तहत राज्य के किसान, सहकारी समितियां, किसान उत्पादक संगठन आवेदन करने के लिए पात्र होंगे। - राजस्थान के आम नागरिक भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। - स्वयं सहायता समूह भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। - उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ नीति के लिए आवेदन करने हेतु आयु सीमा का कोई प्रावधान नहीं है। राजस्थान खाद्य प्रसंस्करण मिशन के तहत उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ के अंतर्गत राज्य के किसानों को कृषि उत्पाद प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर राज्य के अन्य पात्र उद्यमियों को सरकार द्वारा अनुदान दिया जाएगा। राजस्थान के जिलेवार फसल वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित जिलों में अनुदान प्रदान किया जाएगा। - प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, कोटा एवं बारां में लहसुन के लिए प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर अनुदान दिया जाएगा। - बाड़मेरी एवं जालौर में अनार के लिए अनुदान देय होगा। - झालावाड़ और भीलवाड़ा में संतरा के लिए राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाएगी। - भरतपुर, अलवर, करौली, धौलपुर एवं सवाई माधोपुर में सरसों के लिए प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर अनुदान दिया जाएगा। - इन सभी जिलों में निर्धारित फसल के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रसंस्करण का स्थापित करने के लिए पचास% तक का वित्तीय अनुदान या अधिकतम एक करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। राजस्थान सरकार द्वारा कृषि संबंधित उद्योग लगाने के लिए राज्य के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ के तहत किसानों के साथ-साथ अन्य उद्यमियों को भी एग्री फूड प्रोसेसिंग बिजनेस करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी। किसानों के अलावा अन्य उद्यमियों को एग्री फूड प्रोसेसिंग बिजनेस के लिए अधिकतम पच्चीस प्रतिशत की सब्सिडी यानि पचास लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा उनके द्वारा दिए गए बैंक लोन पर अधिकतम पाँच वर्ष के लिए पाँच% की दर से ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। राजस्थान सरकार की इस पहल से राज्य में नए रोजगार विकसित विकसित किए जा सकेंगे। जिससे किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी। Udyog Lagao Aay Badhao Yojana के लाभ नीचे निम्न प्रकार से दिए हुए आप देखे सकते है। - योजना को राज्य में किसानों की आय में वृद्धि करने तथा कृषि क्षेत्र में बढ़वा देने के लिए शुरू किया गया है। - आवेदक को दो करोड़ रूपए की सब्सिडी एग्री बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार द्वारा इस योजना के तहत प्रदान किए जाएंगे। - फ़ूड प्रोसेसिंग व्यापार शुरू करने के लिए योजना के तहत सरकार द्वारा पचास% की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। - यदि कोई आवेदक अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है तो छः% की दर पर किसान को पांच वर्ष के लिए एक करोड़ रूपए का ब्याज में सब्सिडी दी जाएगी। - योजना के अंतर्गत किसान आवेदक को एक करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी ताकि उद्योग में बढ़ावा प्रदान किया जाए। - वर्ष दो हज़ार उन्नीस की राजस्थान कृषि प्रसंस्करण कृषि व्यवसाय तथा कृषि निर्यात के तहत इस योजना को शुरू किया गया है। - योजना के तहत कोल्ड स्टोरेज हाउस, वेयरहाउस, मिल्क प्लांट आदि का व्यापार करने के लिए सरकार किसानों को अनुदान दे रही है। - सबसे पहले आपको राजस्थान सरकार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://rajkisan.rajasthan.gov.in/ पर जाना होगा। - होम पेज पर आपको किसान/नागरिक लॉगइन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। - क्लिक करते ही आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा। - अब आपको इस पेज पर किसान नागरिक के लिए उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका के सेक्शन में से राजस्थान कृषि प्रसंस्करण के तहत सब्सिडी के लिए आवेदन करें के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। - इसके बाद आपके सामने अगला पेज खुल जाएगा। - अब आपको इस पेज पर आपको चयन करें के ऑप्शन पर क्लिक कर पूंजी निवेश सब्सिडी, भाड़ा सब्सिडी, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड से ऋण तीन ऑप्शन में से किसी एक का चयन करना होगा। - चयन करते ही आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा। - आपको इस पेज पर प्रयोक्ता प्रकार चुनें के बाद उपयोगकर्ता का आधार नंबर दर्ज करना होगा। - आधार नंबर दर्ज करने के बाद आपको ओटीपी प्राप्त करें के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। - इसके बाद आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। - आपको आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी का ध्यान पूर्वक दर्ज करना होगा। - सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको Submit के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। - इस प्रकार आप उद्योग लगाओ आगे बढ़ाओ योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। ।फेसबुक पेज को लाइक करें ।टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिये ।इंस्टाग्राम पर हमें फॉलो करें अगर आपको उद्योग लगाओ आय बढ़ाओ योजना से सम्बंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है , हमारी टीम आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेगी। अगर आपको हमारी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकते है ताकि वो भी इस योजना का लाभ उठा सके।
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Remedies For Eyes Pain: ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम दोनों ही कंडीशन में लैपटॉप या कंप्यूटर पर घंटो काम करना पड़ता है। मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर अब हमारे लाइफस्टाइल का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं। इनकी वजह से कई साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिलते हैं। लगातार इनकी स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने की वजह से सिर दर्द और आंखों में दर्द की समस्या हो सकती है, जिससे ज्यादातर कामकाजी लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में कुछ टिप्स को आजमाकर इन दिक्कतों से आराम पाया जा सकता है।
- अगर आप ऑफिस में हैं तो सिस्टम पर काम करने के लिए हैंडल वाली कुर्सी का ही इस्तेमाल करें।
- कंप्यूटर स्क्रीन पर कान करते समय 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए आंखों के ध्यान केंद्र को भंग करें। यह फार्मूला काफी असरदार होता है। इसे करने से आंखों को कम नुकसान पहुंचता है और सिर दर्द भी नहीं होता है।
- सिस्टम पर आप काम कर रहे हैं तो उसकी ब्राइटनेस कम ही रखें क्योंकि ब्राइटनेस की वजह से आंखों पर काफी जोर पड़ता है।
- अगर आप छोटे फोंट साइज को देखते हैं तो इसकी वजह से भी आपकी आंखों पर जोर पड़ता है। इसलिए लिखावट के साइज को बड़ा करके ही देखें, जिसकी वजह से आपको अपनी आंखों को गड़ाना नहीं पड़ेगा।
- कंप्यूटर पर घंटों काम करते हैं तो अपनी पलकों को बीच-बीच में झपकाते रहें। इससे आपकी आंखों पर तो कमजोर पड़ेगा ही इसके साथ ही आपके सिर दर्द में भी राहत मिलेगी।
- अगर आप लंबे समय तक काम करते हैं तो अपनी आंखों के हिसाब से चश्मे को चुने और काम करते समय इसका जरूर करें। यह तरीका आपके आंखों की रोशनी को बचाने का भी काम करता है।
- ज्यादातर लैपटॉप में नाइट मोड स्क्रीन लाइट का विकल्प मौजूद होता है, जिसे आप दिन में ऑन कर सकते हैं। यह तरीका आपके सिर दर्द से छुटकारा दिलाएगा ।
इसके अलावा अपने खानपान पर भी खास ध्यान देना चाहिए। अपनी आंखों की रोशनी को बरकरार रखने के लिए आंवला गाजर पत्तेदार हरी सब्जियां और मछली का सेवन करना फायदेमंद होता है। इन सभी चीजों को फॉलो करने के बाद भी यदि आपके सिर में लगातार दर्द रहता हैं तो अपनी आंखों का चेकअप जरूर करवाएं। हो सकता है कि आपके चश्मे का नंबर बढ़ गया हो। इसकी वजह से भी कभी-कभी आंखों और सिर में दर्द बना रहता है।
(डिस्क्लेमरः प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। )
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Remedies For Eyes Pain: ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम दोनों ही कंडीशन में लैपटॉप या कंप्यूटर पर घंटो काम करना पड़ता है। मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर अब हमारे लाइफस्टाइल का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं। इनकी वजह से कई साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिलते हैं। लगातार इनकी स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने की वजह से सिर दर्द और आंखों में दर्द की समस्या हो सकती है, जिससे ज्यादातर कामकाजी लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में कुछ टिप्स को आजमाकर इन दिक्कतों से आराम पाया जा सकता है। - अगर आप ऑफिस में हैं तो सिस्टम पर काम करने के लिए हैंडल वाली कुर्सी का ही इस्तेमाल करें। - कंप्यूटर स्क्रीन पर कान करते समय बीस मिनट में बीस सेकंड के लिए आंखों के ध्यान केंद्र को भंग करें। यह फार्मूला काफी असरदार होता है। इसे करने से आंखों को कम नुकसान पहुंचता है और सिर दर्द भी नहीं होता है। - सिस्टम पर आप काम कर रहे हैं तो उसकी ब्राइटनेस कम ही रखें क्योंकि ब्राइटनेस की वजह से आंखों पर काफी जोर पड़ता है। - अगर आप छोटे फोंट साइज को देखते हैं तो इसकी वजह से भी आपकी आंखों पर जोर पड़ता है। इसलिए लिखावट के साइज को बड़ा करके ही देखें, जिसकी वजह से आपको अपनी आंखों को गड़ाना नहीं पड़ेगा। - कंप्यूटर पर घंटों काम करते हैं तो अपनी पलकों को बीच-बीच में झपकाते रहें। इससे आपकी आंखों पर तो कमजोर पड़ेगा ही इसके साथ ही आपके सिर दर्द में भी राहत मिलेगी। - अगर आप लंबे समय तक काम करते हैं तो अपनी आंखों के हिसाब से चश्मे को चुने और काम करते समय इसका जरूर करें। यह तरीका आपके आंखों की रोशनी को बचाने का भी काम करता है। - ज्यादातर लैपटॉप में नाइट मोड स्क्रीन लाइट का विकल्प मौजूद होता है, जिसे आप दिन में ऑन कर सकते हैं। यह तरीका आपके सिर दर्द से छुटकारा दिलाएगा । इसके अलावा अपने खानपान पर भी खास ध्यान देना चाहिए। अपनी आंखों की रोशनी को बरकरार रखने के लिए आंवला गाजर पत्तेदार हरी सब्जियां और मछली का सेवन करना फायदेमंद होता है। इन सभी चीजों को फॉलो करने के बाद भी यदि आपके सिर में लगातार दर्द रहता हैं तो अपनी आंखों का चेकअप जरूर करवाएं। हो सकता है कि आपके चश्मे का नंबर बढ़ गया हो। इसकी वजह से भी कभी-कभी आंखों और सिर में दर्द बना रहता है।
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हार्दिक पांड्या की इस ताबड़तोड़ पारी की बदौलत टीम ने चार विकेट खोकर 20 ओवरों में 238 रन ठोक दिए। बल्लेबाजी के दौरान हार्दिक पांड्या का स्ट्राइक रेट 290 के करीब रहा, उन्होंने इस ताबड़तोड़ पारी में केवल 14 रन ही दौड़कर बनाएं, बाकी सारे रन छक्के -चौकों की मदद से बने।
भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या कुछ महीने पूर्व चोटिल हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने मंगलवार को वापसी की थी.
जिसमें उन्होंने 39 गेंदों में 105 रन की पारी खेली थी। एक बार फिर आज शुक्रवार को उन्होंने 55 गेंदों में 158 रन बनाकर अपना जौहर पेश किया है।
भारतीय टीम के ताबड़तोड़ आलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने एक बार फिर डीवाई पाटिल T20 कप (DY Patil T20 Cup) में अपनी बल्लेबाजी से सबके होश उड़ा दिए।
उन्होंने आज हुए मैच के दौरान 20 छक्के लगाए और 55 गेंदों में 158 रन बनाकर ऐतिहासिक बल्लेबाजी की। डीवाई पाटिल T20 कप के सेमीफाइनल में 26 वर्षीय हार्दिक पांड्या ने रिलायंस वन टीम की ओर से खेलते हुए बीपीसीएल के खिलाफ यह कारनामा किया है।
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हार्दिक पांड्या की इस ताबड़तोड़ पारी की बदौलत टीम ने चार विकेट खोकर बीस ओवरों में दो सौ अड़तीस रन ठोक दिए। बल्लेबाजी के दौरान हार्दिक पांड्या का स्ट्राइक रेट दो सौ नब्बे के करीब रहा, उन्होंने इस ताबड़तोड़ पारी में केवल चौदह रन ही दौड़कर बनाएं, बाकी सारे रन छक्के -चौकों की मदद से बने। भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या कुछ महीने पूर्व चोटिल हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने मंगलवार को वापसी की थी. जिसमें उन्होंने उनतालीस गेंदों में एक सौ पाँच रन की पारी खेली थी। एक बार फिर आज शुक्रवार को उन्होंने पचपन गेंदों में एक सौ अट्ठावन रन बनाकर अपना जौहर पेश किया है। भारतीय टीम के ताबड़तोड़ आलराउंडर हार्दिक पांड्या ने एक बार फिर डीवाई पाटिल Tबीस कप में अपनी बल्लेबाजी से सबके होश उड़ा दिए। उन्होंने आज हुए मैच के दौरान बीस छक्के लगाए और पचपन गेंदों में एक सौ अट्ठावन रन बनाकर ऐतिहासिक बल्लेबाजी की। डीवाई पाटिल Tबीस कप के सेमीफाइनल में छब्बीस वर्षीय हार्दिक पांड्या ने रिलायंस वन टीम की ओर से खेलते हुए बीपीसीएल के खिलाफ यह कारनामा किया है।
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खुद शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind singh dotasra) ने इस संबंध में ट्वीटर पर जानकारी दी। शिक्षक 18 से 25 अगस्त तक आवेदन (Application) कर सकेंगे। आवेदन शाला दर्पण पर online किए जाएंगे।
जयपुर। करीब तीन साल से तबादलों का इंतजार कर रहे प्रदेश के तकरीबन सवा लाख शिक्षकों (Rajasthan Teachers) को स्वतंत्रता दिवस के दिन सरकार ने खुशखबरी दी है। शिक्षा विभाग (Education Department) ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों (third grade teachers) के तबादले (Transfer) करने का निर्णय लिया है। खुद शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind singh dotasra) ने इस संबंध में ट्वीटर पर जानकारी दी। शिक्षक 18 से 25 अगस्त तक आवेदन (Application) कर सकेंगे। आवेदन शाला दर्पण पर online किए जाएंगे।
18 दिसंबर तक सुबह 10 बजे से 25 अगस्त रात 12 बजे तक शिक्षक आवेदन कर सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों (Rajasthan government schools) में बड़ी संख्या में ऐसे तृतीय श्रेणी शिक्षक कार्यरत हैं जो सालों से अपने गृह जिले में जाने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि शिक्षामंत्री और शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रतिबंधित जिलों से तबादले होंगे या नहीं। इतना ही नहीं शिक्षा सेवा नियमों में हुए बदलाव के बाद अब जिला परिषद में कार्यरत थर्ड ग्रेड शिक्षक अब शिक्षा विभाग में आ सकेंगे।
बता दें कि राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind singh dotasra) लगातार इस बात पर जोर देते आए थे कि तृतीय क्षेणी के शिक्षकों के ट्रांसफर तबादला नीति लागू किए जाने के बाद ही किए जाएंगे। लेकिन अब जबकि इन शिक्षकों से भी आवेदन मांगे गए हैं तो यह तय है कि तबादले बिना तबादला नीति लागू किए ही किए जाने हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए शिक्षा विभाग की अधिकारिक वेबसाइट शालादर्पण पर थर्ड ग्रेड शिक्षकों के लिए जो लिंक दिया जाएगा। उस पर क्लिक कर शिक्षकों को अपनी जानकारी भरनी होगी। शिक्षामंत्री ने स्पष्ट कहा है कि रिक्त सीट और जरूरत के आधार पर ही तबादले किए जाएंगे। इससे पहले भाजपा सरकार में एक बार तबादले हुए थे।
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खुद शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इस संबंध में ट्वीटर पर जानकारी दी। शिक्षक अट्ठारह से पच्चीस अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शाला दर्पण पर online किए जाएंगे। जयपुर। करीब तीन साल से तबादलों का इंतजार कर रहे प्रदेश के तकरीबन सवा लाख शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस के दिन सरकार ने खुशखबरी दी है। शिक्षा विभाग ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले करने का निर्णय लिया है। खुद शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इस संबंध में ट्वीटर पर जानकारी दी। शिक्षक अट्ठारह से पच्चीस अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शाला दर्पण पर online किए जाएंगे। अट्ठारह दिसंबर तक सुबह दस बजे से पच्चीस अगस्त रात बारह बजे तक शिक्षक आवेदन कर सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में ऐसे तृतीय श्रेणी शिक्षक कार्यरत हैं जो सालों से अपने गृह जिले में जाने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि शिक्षामंत्री और शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रतिबंधित जिलों से तबादले होंगे या नहीं। इतना ही नहीं शिक्षा सेवा नियमों में हुए बदलाव के बाद अब जिला परिषद में कार्यरत थर्ड ग्रेड शिक्षक अब शिक्षा विभाग में आ सकेंगे। बता दें कि राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा लगातार इस बात पर जोर देते आए थे कि तृतीय क्षेणी के शिक्षकों के ट्रांसफर तबादला नीति लागू किए जाने के बाद ही किए जाएंगे। लेकिन अब जबकि इन शिक्षकों से भी आवेदन मांगे गए हैं तो यह तय है कि तबादले बिना तबादला नीति लागू किए ही किए जाने हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए शिक्षा विभाग की अधिकारिक वेबसाइट शालादर्पण पर थर्ड ग्रेड शिक्षकों के लिए जो लिंक दिया जाएगा। उस पर क्लिक कर शिक्षकों को अपनी जानकारी भरनी होगी। शिक्षामंत्री ने स्पष्ट कहा है कि रिक्त सीट और जरूरत के आधार पर ही तबादले किए जाएंगे। इससे पहले भाजपा सरकार में एक बार तबादले हुए थे।
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बरेली। जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी ने शनिवार को जनपद बरेली की ग्राम पंचायत मकंदरपुर ताराचन्द के कुँए के जीर्णोद्वार का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें सभी व्यवस्थाएं उचित पाई गई। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के विषय में जानकारी ली। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने विकास खण्ड रामनगर में स्थित लीलौर झील का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिये कि झील के जीर्णोद्वार में जो भी कार्य अधूरा रह गया है उसे शीघ्र पूर्ण किया जाये तथा झील के आसपास चौड़ीकरण तथा साफ-सफाई भी रखी जाये। उन्होंने कहा कि यह झील महाभारत काल की पहचान है, जिसे जीवित रखना हम सभी का परम दायित्व है।
उन्होंने कहा कि झील के आस पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाये जाये जिससे पर्यावरण स्वच्छ रहे। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने विकास खण्ड रामनगर में स्थित बहोड़ा खेड़ा में बनी नहर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सम्बंधित कार्यदायी संस्था को निर्देश दिये कि उचित प्रकार से मेड बन्दी की जाये, जिससे नदी का पानी नहर तक आ सके। इसके पश्चात उन्होंने विकास खण्ड मझगवां के ग्राम खनगवां में बनाई गई गौशाला में बाउन्ड्रीवाल का भी निरीक्षण किया और बाउन्ड्रीवाल में हो रही सामग्री की गुणवत्ता को भी देखा तथा गौशाला में गायों को गुड़ भी खिलाया। निरीक्षण के समय उप जिलाधिकारी आंवला गोबिन्द मौर्य, डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा, ग्रामीण सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लीलौर झील का निरीक्षण कर अधूरे कार्यों को पूरा करने के निर्देश देते ही डीएम शिवाकान्त द्विवेदी का नदी प्रेम एक बार फिर से चर्चा में आ गया। दरअसल, साल 2018 में डीएम आजमगढ़ रहते आईएएस शिवाकांत द्विवेदी ने तमसा नदी को अभियान चलाकर साफ कराया था। बताया जाता है कि तमसा नदी गंदे नाले में तब्दील हो चुकी थी जिसके बाद डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने पहले दिन नदी में उतर कर खुद सफाई की थी। उसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से तमसा नदी एक बार फिर से पुराने स्वरूप में लौट आई थी।
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बरेली। जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी ने शनिवार को जनपद बरेली की ग्राम पंचायत मकंदरपुर ताराचन्द के कुँए के जीर्णोद्वार का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें सभी व्यवस्थाएं उचित पाई गई। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के विषय में जानकारी ली। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने विकास खण्ड रामनगर में स्थित लीलौर झील का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिये कि झील के जीर्णोद्वार में जो भी कार्य अधूरा रह गया है उसे शीघ्र पूर्ण किया जाये तथा झील के आसपास चौड़ीकरण तथा साफ-सफाई भी रखी जाये। उन्होंने कहा कि यह झील महाभारत काल की पहचान है, जिसे जीवित रखना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने कहा कि झील के आस पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाये जाये जिससे पर्यावरण स्वच्छ रहे। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने विकास खण्ड रामनगर में स्थित बहोड़ा खेड़ा में बनी नहर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सम्बंधित कार्यदायी संस्था को निर्देश दिये कि उचित प्रकार से मेड बन्दी की जाये, जिससे नदी का पानी नहर तक आ सके। इसके पश्चात उन्होंने विकास खण्ड मझगवां के ग्राम खनगवां में बनाई गई गौशाला में बाउन्ड्रीवाल का भी निरीक्षण किया और बाउन्ड्रीवाल में हो रही सामग्री की गुणवत्ता को भी देखा तथा गौशाला में गायों को गुड़ भी खिलाया। निरीक्षण के समय उप जिलाधिकारी आंवला गोबिन्द मौर्य, डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा, ग्रामीण सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। लीलौर झील का निरीक्षण कर अधूरे कार्यों को पूरा करने के निर्देश देते ही डीएम शिवाकान्त द्विवेदी का नदी प्रेम एक बार फिर से चर्चा में आ गया। दरअसल, साल दो हज़ार अट्ठारह में डीएम आजमगढ़ रहते आईएएस शिवाकांत द्विवेदी ने तमसा नदी को अभियान चलाकर साफ कराया था। बताया जाता है कि तमसा नदी गंदे नाले में तब्दील हो चुकी थी जिसके बाद डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने पहले दिन नदी में उतर कर खुद सफाई की थी। उसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से तमसा नदी एक बार फिर से पुराने स्वरूप में लौट आई थी।
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रांची (ब्यूरो)। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि बीजेपी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी और मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर का भी टिकट काट दिया है। दूसरी ओर, सारी आशंकाओं को निर्मूल साबित करते हुए नगर विकास मंत्री और मौजूदा रांची विधायक सीपी सिंह ने टिकट पाने में सफलता हासिल कर ली है। पिछले एक महीने से राजनीतिक हल्कों में इस बात की चर्चा थी कि सीपी सिंह को बढ़ती उम्र के कारण पार्टी इस बार टिकट नहीं देगी और उनकी जगह कोई युवा चेहरे पर भरोसा जताया जाएगा। इसके साथ ही दूसरी पार्टियां छोड़ कर बीजेपी में हाल ही में शामिल हुए छह में से पांच विधायकों को टिकट दे दिया है।
52 उम्मीदवारों की इस लिस्ट में मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत 30 विधायकों पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया है। लोकसभा चुनाव हार चुके प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा को एक और मौका दिया गया है। वे चक्रधरपुर से चुनाव लड़ेंगे। अपने मंत्रियों पर भी बीजेपी का भरोसा कायम रहा है। सीपी सिंह, राज पालिवार, नीरा यादव, रणधीर सिंह, डॉ लुइस मरांडी, रामचंद्र चंद्रवंशी को पार्टी ने चुनावी रण में एक बार फिर उतारा है। पार्टी ने मंत्री सरयू राय, नीलकंठ सिंह मुंडा व अमर बाउरी की सीट को फिलहाल होल्ड पर रखा है। रविवार शाम पांच बजे भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा की।
दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों को पार्टी ने टिकट का तोहफा देकर नवाजा है। इनमें बरही से मनोज यादव, मांडू से जेपी पटेल, भवनाथपुर से भानु प्रताप शाही, बहरागोड़ा से कुणाल षाडंगी व लातेहार से प्रकाश राम शामिल हैं। आजसू और भाजपा में गठबंधन के पेंच को देखते हुए लोहरदगा सीट को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। झामुमो छोड़कर पार्टी में शामिल हुए शशिभूषण मेहता को भी पांकी से पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
10 विधायकों के टिकट कटने की वजह पार्टी की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट को बताया जा रहा है। इनमें वरिष्ठ विधायक और विधानसभा में सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर का भी टिकट भी काटा गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी के टिकट कटने का तो शुरू से ही अंदेशा जताया जा रहा था। अन्य विधायकों की परफार्मेस उनके टिकट कटने की वजह रही है। झरिया विधायक संजीव सिंह की जगह उनकी पत्नी को टिकट देकर क्षतिपूर्ति की गई है।
ताला मरांडी (बोरियो), गणेश गंझू (सिमरिया), जयप्रकाश सिंह भोक्ता (चतरा), फूलचंद मंडल (सिंदरी), लक्ष्मण टूडू (घाटशिला), शिवशंकर उरांव (गुमला), विमला प्रधान (सिमडेगा), हरिकृष्ण सिंह (मनिका), राधाकृष्ण किशोर (छतरपुर)। झरिया विधायक संजीव सिंह की जगह उनकी पत्नी रागिनी सिंह को टिकट दिया गया है।
विधानसभा चुनाव के तहत गठबंधन को लेकर रविवार को भाजपा और आजसू दोनों दल झुके। आजसू द्वारा लोहरदगा तथा चंदनकियारी सहित 19 सीटों पर दावेदारी कर गेंद भाजपा के पाले में डालने के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने रविवार को आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को दोबारा बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया। रांची में संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए सुदेश ने कहा कि रविवार को दिन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से उनकी बातचीत हुई। इसमें उन्होंने अमित शाह को उन सीटों के बारे में अवगत कराया जिनपर पार्टी ने चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी की है और जहां उनकी पार्टी पूरी तरह मजबूत भी है। रविवार को ही रात पौने ग्यारह बजे दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ फिर से बैठक होगी, जिसमें सीट शेय¨रग को अंतिम रूप दिया जाएगा। वे इस बैठक में झारखंड के लंबित वैधानिक विषयों पर भी चर्चा करेंगे। इस तरह, सुदेश झारखंड के कुछ मुद्दों को लेकर भाजपा के समक्ष शर्ते भी रख सकते हैं।
आजसू पार्टी सोमवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी। इसकी जानकारी देते हुए सुदेश ने कहा कि पहले चरण की सीटों पर नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बच गए हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की घोषणा करना जरूरी है।
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रांची । सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि बीजेपी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी और मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर का भी टिकट काट दिया है। दूसरी ओर, सारी आशंकाओं को निर्मूल साबित करते हुए नगर विकास मंत्री और मौजूदा रांची विधायक सीपी सिंह ने टिकट पाने में सफलता हासिल कर ली है। पिछले एक महीने से राजनीतिक हल्कों में इस बात की चर्चा थी कि सीपी सिंह को बढ़ती उम्र के कारण पार्टी इस बार टिकट नहीं देगी और उनकी जगह कोई युवा चेहरे पर भरोसा जताया जाएगा। इसके साथ ही दूसरी पार्टियां छोड़ कर बीजेपी में हाल ही में शामिल हुए छह में से पांच विधायकों को टिकट दे दिया है। बावन उम्मीदवारों की इस लिस्ट में मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत तीस विधायकों पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया है। लोकसभा चुनाव हार चुके प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा को एक और मौका दिया गया है। वे चक्रधरपुर से चुनाव लड़ेंगे। अपने मंत्रियों पर भी बीजेपी का भरोसा कायम रहा है। सीपी सिंह, राज पालिवार, नीरा यादव, रणधीर सिंह, डॉ लुइस मरांडी, रामचंद्र चंद्रवंशी को पार्टी ने चुनावी रण में एक बार फिर उतारा है। पार्टी ने मंत्री सरयू राय, नीलकंठ सिंह मुंडा व अमर बाउरी की सीट को फिलहाल होल्ड पर रखा है। रविवार शाम पांच बजे भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा की। दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों को पार्टी ने टिकट का तोहफा देकर नवाजा है। इनमें बरही से मनोज यादव, मांडू से जेपी पटेल, भवनाथपुर से भानु प्रताप शाही, बहरागोड़ा से कुणाल षाडंगी व लातेहार से प्रकाश राम शामिल हैं। आजसू और भाजपा में गठबंधन के पेंच को देखते हुए लोहरदगा सीट को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। झामुमो छोड़कर पार्टी में शामिल हुए शशिभूषण मेहता को भी पांकी से पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। दस विधायकों के टिकट कटने की वजह पार्टी की आंतरिक सर्वे रिपोर्ट को बताया जा रहा है। इनमें वरिष्ठ विधायक और विधानसभा में सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर का भी टिकट भी काटा गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी के टिकट कटने का तो शुरू से ही अंदेशा जताया जा रहा था। अन्य विधायकों की परफार्मेस उनके टिकट कटने की वजह रही है। झरिया विधायक संजीव सिंह की जगह उनकी पत्नी को टिकट देकर क्षतिपूर्ति की गई है। ताला मरांडी , गणेश गंझू , जयप्रकाश सिंह भोक्ता , फूलचंद मंडल , लक्ष्मण टूडू , शिवशंकर उरांव , विमला प्रधान , हरिकृष्ण सिंह , राधाकृष्ण किशोर । झरिया विधायक संजीव सिंह की जगह उनकी पत्नी रागिनी सिंह को टिकट दिया गया है। विधानसभा चुनाव के तहत गठबंधन को लेकर रविवार को भाजपा और आजसू दोनों दल झुके। आजसू द्वारा लोहरदगा तथा चंदनकियारी सहित उन्नीस सीटों पर दावेदारी कर गेंद भाजपा के पाले में डालने के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने रविवार को आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को दोबारा बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया। रांची में संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए सुदेश ने कहा कि रविवार को दिन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से उनकी बातचीत हुई। इसमें उन्होंने अमित शाह को उन सीटों के बारे में अवगत कराया जिनपर पार्टी ने चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी की है और जहां उनकी पार्टी पूरी तरह मजबूत भी है। रविवार को ही रात पौने ग्यारह बजे दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ फिर से बैठक होगी, जिसमें सीट शेय¨रग को अंतिम रूप दिया जाएगा। वे इस बैठक में झारखंड के लंबित वैधानिक विषयों पर भी चर्चा करेंगे। इस तरह, सुदेश झारखंड के कुछ मुद्दों को लेकर भाजपा के समक्ष शर्ते भी रख सकते हैं। आजसू पार्टी सोमवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी। इसकी जानकारी देते हुए सुदेश ने कहा कि पहले चरण की सीटों पर नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बच गए हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की घोषणा करना जरूरी है।
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नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा आज यानि शनिवार को संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। ये यात्रा मंडी हाउस से बाराखंभा रोड से होकर जंतर मंतर तक जाएगी। इसे पुलिस प्रशासन ने सशर्त इजाजत प्रदान की है। विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य संगठन 'काली' पोस्टर विवाद से लेकर राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल और अमरावती में उमेश की हत्या के विरोध में यह यात्रा निकाल रहे हैं।
बता दें कि हिंदूवादी संगठन आज सुबह से ही दिल्ली की सड़कों पर रैली कर रहे हैं। ये रैली जंतर-मंतर में जाकर खत्म होगी। मां काली के अपमान का इल्जाम लगाकर भी हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं। बता दें कि फिल्म निर्माता लीना भी लगातार विवादित ट्वीट कर रही हैं। ताजे ट्विट में उन्होंने कहा कि उनकी काली तो हिंदुत्व को ध्वस्त करने वाली है। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर आज दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
हिंदू संगठनों के लोग 'संकल्प मार्च' में तिरंगा लहरा रहे हैं और 'जय श्री राम' का उद्धोष करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस मार्च में भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा और कपिल मिश्रा भी मौजूद हैं। उत्तरी दिल्ली के पूर्व महापौर अवतार सिंह ने कहा है कि इस 'संकल्प मार्च' के लिए आज कई हिंदू समूह सड़कों पर हैं। हम यहां हिंदुओं पर हमलों के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए आए हैं। उन्हें इस प्रकार से निशाना या हमला नहीं किया जा सकता है। हमें टारगेट करने वालों पर कार्रवाई की जाए। संकल्प मार्च के चलते मध्य दिल्ली में कई सड़कों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
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नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद द्वारा आज यानि शनिवार को संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। ये यात्रा मंडी हाउस से बाराखंभा रोड से होकर जंतर मंतर तक जाएगी। इसे पुलिस प्रशासन ने सशर्त इजाजत प्रदान की है। विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य संगठन 'काली' पोस्टर विवाद से लेकर राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल और अमरावती में उमेश की हत्या के विरोध में यह यात्रा निकाल रहे हैं। बता दें कि हिंदूवादी संगठन आज सुबह से ही दिल्ली की सड़कों पर रैली कर रहे हैं। ये रैली जंतर-मंतर में जाकर खत्म होगी। मां काली के अपमान का इल्जाम लगाकर भी हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं। बता दें कि फिल्म निर्माता लीना भी लगातार विवादित ट्वीट कर रही हैं। ताजे ट्विट में उन्होंने कहा कि उनकी काली तो हिंदुत्व को ध्वस्त करने वाली है। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर आज दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। हिंदू संगठनों के लोग 'संकल्प मार्च' में तिरंगा लहरा रहे हैं और 'जय श्री राम' का उद्धोष करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस मार्च में भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा और कपिल मिश्रा भी मौजूद हैं। उत्तरी दिल्ली के पूर्व महापौर अवतार सिंह ने कहा है कि इस 'संकल्प मार्च' के लिए आज कई हिंदू समूह सड़कों पर हैं। हम यहां हिंदुओं पर हमलों के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए आए हैं। उन्हें इस प्रकार से निशाना या हमला नहीं किया जा सकता है। हमें टारगेट करने वालों पर कार्रवाई की जाए। संकल्प मार्च के चलते मध्य दिल्ली में कई सड़कों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
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बिग बॉस विजेता रह चुके सिद्धार्थ शुक्ला का नाम भले ही पहले रश्मि देसाई से लेकर जैस्मिन भसीन तक के साथ जोड़ा जा चुका हो. चाहे 'बिग बॉस 13' के बाद से उनका नाम शहनाज गिल के साथ जोड़ा जाता हो, लेकिन सिद्धार्थ हमेशा ही यही कहते आए हैं कि वह सिंगल हैं और फिलहाल शादी करने के मूड में नहीं हैं.
हम बता दें कि इस बार उन्होंने रिलेशनशिप को लेकर चौकाने वाला ट्वीट किया है जिसने फैन्स को सोचने पर विवश कर दिया है. अभिनेता अपने ट्वीट्स को लेकर काफी सुर्ख़ियों में बने रहते है. अधिकतर अपने ट्वीट्स के जरिए उन्होंने उदास हो चुके और निराशावादी लोगों को भी प्रोत्साहित भी किया है. लेकिन इस बार उनका रिलेशनशिप पर ट्वीट काफी चर्चाएं बटोर रहा है. प्रसंशक ये सोच रहे हैं कि आखिर इस ट्वीट के जरिए उनका निशाना किसकी ओर है? तो हम बता दें कि सिद्धार्थ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'रिलेशनशिप्स यानी रिश्ते ईसीजी के जैसे होते हैं. जिसमे हमेशा ही उतार-चढ़ाव बने रहते हैं. यदि यह स्थिर हो जाता है तो फिर मर जाता है. इसलिए जो भी उतार-चढ़ाव आएं उन्हें पॉजिटिव रवैये के साथ अपनाएं. माफ कर दें और भूल जाएं. '
जानकारी के लिए हम बता दें कि सिद्धार्थ का यह ट्वीट पढ़ते ही अन्य लोगों ने भी रिलेशनशिप पर अपना ज्ञान देना जारी कर दिया तो वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने कहा कि सिद्धार्थ का इशारा शायद शहनाज गिल की ओर है. अब सिद्धार्थ का इशारा किस तरफ है या नहीं, यह तो वही जानें. पर फिलहाल तो उनके इस ट्वीट्स ने फैन्स को चियर करने का एक और चांस दे दिया है. वहीं वर्क फ्रंट की बात की जाए तो सिद्धार्थ जल्द ऐक्ट्रेस नेहा शर्मा के साथ एक म्यूजिक वीडियो में दिखाई देने वाले है. जिसकी शूटिंग फिलहाल शुरू है. सिंगल का नाम 'मेरे दिल का करार आया' है. यह कब रिलीज होगा, इसकी अभी कोई भी घोषणा नहीं की गई है.
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बिग बॉस विजेता रह चुके सिद्धार्थ शुक्ला का नाम भले ही पहले रश्मि देसाई से लेकर जैस्मिन भसीन तक के साथ जोड़ा जा चुका हो. चाहे 'बिग बॉस तेरह' के बाद से उनका नाम शहनाज गिल के साथ जोड़ा जाता हो, लेकिन सिद्धार्थ हमेशा ही यही कहते आए हैं कि वह सिंगल हैं और फिलहाल शादी करने के मूड में नहीं हैं. हम बता दें कि इस बार उन्होंने रिलेशनशिप को लेकर चौकाने वाला ट्वीट किया है जिसने फैन्स को सोचने पर विवश कर दिया है. अभिनेता अपने ट्वीट्स को लेकर काफी सुर्ख़ियों में बने रहते है. अधिकतर अपने ट्वीट्स के जरिए उन्होंने उदास हो चुके और निराशावादी लोगों को भी प्रोत्साहित भी किया है. लेकिन इस बार उनका रिलेशनशिप पर ट्वीट काफी चर्चाएं बटोर रहा है. प्रसंशक ये सोच रहे हैं कि आखिर इस ट्वीट के जरिए उनका निशाना किसकी ओर है? तो हम बता दें कि सिद्धार्थ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'रिलेशनशिप्स यानी रिश्ते ईसीजी के जैसे होते हैं. जिसमे हमेशा ही उतार-चढ़ाव बने रहते हैं. यदि यह स्थिर हो जाता है तो फिर मर जाता है. इसलिए जो भी उतार-चढ़ाव आएं उन्हें पॉजिटिव रवैये के साथ अपनाएं. माफ कर दें और भूल जाएं. ' जानकारी के लिए हम बता दें कि सिद्धार्थ का यह ट्वीट पढ़ते ही अन्य लोगों ने भी रिलेशनशिप पर अपना ज्ञान देना जारी कर दिया तो वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने कहा कि सिद्धार्थ का इशारा शायद शहनाज गिल की ओर है. अब सिद्धार्थ का इशारा किस तरफ है या नहीं, यह तो वही जानें. पर फिलहाल तो उनके इस ट्वीट्स ने फैन्स को चियर करने का एक और चांस दे दिया है. वहीं वर्क फ्रंट की बात की जाए तो सिद्धार्थ जल्द ऐक्ट्रेस नेहा शर्मा के साथ एक म्यूजिक वीडियो में दिखाई देने वाले है. जिसकी शूटिंग फिलहाल शुरू है. सिंगल का नाम 'मेरे दिल का करार आया' है. यह कब रिलीज होगा, इसकी अभी कोई भी घोषणा नहीं की गई है.
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Goldy Brar : कनाडा सरकार ने भगोड़े टॉप 25 अपराधियों की 'बी ऑन द लुक आउट' (BOLO) सूची जारी की जिसमें 15 वें स्थान पर गोल्डी बराड़ का नाम है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी कनाडा में रह रहा था।
गोल्डी बराड़ को कनाडा सरकार ने मोस्ट वांटेड घोषित किया।
Goldy Brar : पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आए गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) को भारत के बाद अब कनाडा ने भी मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल किया है। कनाडा सरकार ने भगोड़े टॉप 25 अपराधियों की 'बी ऑन द लुक आउट' (BOLO) सूची जारी की जिसमें 15 वें स्थान पर गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) का नाम है। सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) का करीबी माना जाता है, जो कि लॉरेंस के जेल जाने के बाद से विदेश में रहकर उसकी गैंग को चला रहा है। बता दें कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने गोल्डी का नाम मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में डालने के लिए इंटरपोल से कहा था। जिसके बाद कनाडा की सरकार ने गोल्डी के खिलाफ यह एक्शन लिया है।
इंटरपोल की वेबसाइट के मुताबिक, भारत सरकार के कहने पर गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। जिसे कि पहले से ही भारत सरकार भगोड़ा घोषित कर चुकी है। बताते चलें कि भारत सरकार ने ये कदम गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) की आपराधिक प्रोफाइल को देखते हुए उठाया था, क्योंकि उस पर पहले से ही बहुत से आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या, अवैध हथियारों की सप्लाई, हत्या का प्रयास जैसे कई संगीन अपराधों के मामले गोल्डी पर दर्ज हैं।
कनाडा सरकार ने 25 मोस्ट वांटेड अपराधियों के नाम घोषित करने के बाद उनके कटआउट्स को टोरंटो स्थित योंग-डंडास स्क्वॉयर में प्रदर्शित किया। इसमें 750,000 डॉलर से ज्यादा की इनामी राशि का ऐलान किया गया है। 25 भगोड़े अपराधियों में सभी पर अलग-अलग राशि का इनाम रखा गया है। अपराधियों पर 50,000 डॉलर से 100,000 डॉलर तक के इनाम रखे गए हैं। वहीं, गोल्डी पर 1. 50 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या के बाद गोल्डी कनाडा में रह रहा था, जिसके बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। ऐसे में ये इनपुट्स मिले कि वह भागकर अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित फ्रेसनो सिटी में छिपा है। जहां उसने कुछ वकीलों की सहायता लेकर बचने के प्रयास किए। वहीं, कुछ समय बाद नवंबर में बहुत सी मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा भी किया गया था कि FBI ने गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) को अमेरिका में ही गिरफ्तार कर लिया गया है।
29 मई, 2023 को पंजाब के मनसा जिले में जब सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या कर दी गई थी उस समय गोल्डी ने ही इसकी जिम्मेदारी ली थी। सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर उसने अपने जुर्म को कुबूल किया था। तब गोल्डी ने लॉरेंस के दोस्त विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) का हाथ होने की बात बताई थी। जब पुलिस ने मूसेवाला पर कोई एक्शन नहीं लिया तब उन्हें पंजाबी सिंगर की हत्या करनी पड़ी।
वर्ष 2017 में गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) स्टूडेंट वीजा पर कनाडा पहुंचा था। मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने के बाद से वह फरार था। बताते हैं कि गोल्डी पंजाब के मुक्तसर का रहने वाला है। पिछले साल ही ये खबर सामने आई थी कि उसे गिरफ्तार किया गया है हालांकि बाद में ये ख्बार गलत निकली थी।
सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या करने के आरोप में जब लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) को तिहाड़ जाना पड़ा तब गोल्डी ने गैंग को ऑपरेट करने का फैसला लिया। जो कि अब तक भारत के कई राज्यों में लॉरेंस को काम को आगे बढ़ा रहा था। इसके साथ ही पंजाब में बड़ी मात्रा में हथियार सप्लाई होने की बातें शुरू हो गईं और हत्या और रंगदारी जैसे कई मामलों में गोल्डी के नाम की चर्चा होने लगी।
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Goldy Brar : कनाडा सरकार ने भगोड़े टॉप पच्चीस अपराधियों की 'बी ऑन द लुक आउट' सूची जारी की जिसमें पंद्रह वें स्थान पर गोल्डी बराड़ का नाम है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी कनाडा में रह रहा था। गोल्डी बराड़ को कनाडा सरकार ने मोस्ट वांटेड घोषित किया। Goldy Brar : पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आए गोल्डी बराड़ को भारत के बाद अब कनाडा ने भी मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल किया है। कनाडा सरकार ने भगोड़े टॉप पच्चीस अपराधियों की 'बी ऑन द लुक आउट' सूची जारी की जिसमें पंद्रह वें स्थान पर गोल्डी बराड़ का नाम है। सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता है, जो कि लॉरेंस के जेल जाने के बाद से विदेश में रहकर उसकी गैंग को चला रहा है। बता दें कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने गोल्डी का नाम मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में डालने के लिए इंटरपोल से कहा था। जिसके बाद कनाडा की सरकार ने गोल्डी के खिलाफ यह एक्शन लिया है। इंटरपोल की वेबसाइट के मुताबिक, भारत सरकार के कहने पर गोल्डी बराड़ के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। जिसे कि पहले से ही भारत सरकार भगोड़ा घोषित कर चुकी है। बताते चलें कि भारत सरकार ने ये कदम गोल्डी बराड़ की आपराधिक प्रोफाइल को देखते हुए उठाया था, क्योंकि उस पर पहले से ही बहुत से आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या, अवैध हथियारों की सप्लाई, हत्या का प्रयास जैसे कई संगीन अपराधों के मामले गोल्डी पर दर्ज हैं। कनाडा सरकार ने पच्चीस मोस्ट वांटेड अपराधियों के नाम घोषित करने के बाद उनके कटआउट्स को टोरंटो स्थित योंग-डंडास स्क्वॉयर में प्रदर्शित किया। इसमें सात सौ पचास,शून्य डॉलर से ज्यादा की इनामी राशि का ऐलान किया गया है। पच्चीस भगोड़े अपराधियों में सभी पर अलग-अलग राशि का इनाम रखा गया है। अपराधियों पर पचास,शून्य डॉलर से एक सौ,शून्य डॉलर तक के इनाम रखे गए हैं। वहीं, गोल्डी पर एक. पचास करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी कनाडा में रह रहा था, जिसके बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। ऐसे में ये इनपुट्स मिले कि वह भागकर अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित फ्रेसनो सिटी में छिपा है। जहां उसने कुछ वकीलों की सहायता लेकर बचने के प्रयास किए। वहीं, कुछ समय बाद नवंबर में बहुत सी मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा भी किया गया था कि FBI ने गोल्डी बराड़ को अमेरिका में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उनतीस मई, दो हज़ार तेईस को पंजाब के मनसा जिले में जब सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई थी उस समय गोल्डी ने ही इसकी जिम्मेदारी ली थी। सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर उसने अपने जुर्म को कुबूल किया था। तब गोल्डी ने लॉरेंस के दोस्त विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में सिद्धू मूसेवाला का हाथ होने की बात बताई थी। जब पुलिस ने मूसेवाला पर कोई एक्शन नहीं लिया तब उन्हें पंजाबी सिंगर की हत्या करनी पड़ी। वर्ष दो हज़ार सत्रह में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीजा पर कनाडा पहुंचा था। मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने के बाद से वह फरार था। बताते हैं कि गोल्डी पंजाब के मुक्तसर का रहने वाला है। पिछले साल ही ये खबर सामने आई थी कि उसे गिरफ्तार किया गया है हालांकि बाद में ये ख्बार गलत निकली थी। सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने के आरोप में जब लॉरेंस बिश्नोई को तिहाड़ जाना पड़ा तब गोल्डी ने गैंग को ऑपरेट करने का फैसला लिया। जो कि अब तक भारत के कई राज्यों में लॉरेंस को काम को आगे बढ़ा रहा था। इसके साथ ही पंजाब में बड़ी मात्रा में हथियार सप्लाई होने की बातें शुरू हो गईं और हत्या और रंगदारी जैसे कई मामलों में गोल्डी के नाम की चर्चा होने लगी।
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महराजगंज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने शुक्रवार को मिठौरा ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौक के बंद पाए जाने पर वहां पर तैनात प्रधानाध्यापक व समस्त शिक्षकों का वेतन रोका गया है। इसके साथ ही दूसरे विद्यालयों की जांच में एक प्रधानाध्यापक का वेतन रोका है तथा दूसरे को कठोर चेतावनी देते हुए सुधार करने को कहा है। बीएसए सुबह साढ़े नौ बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौक पहुंचे तो विद्यालय बंद मिला।
विद्यालय पर न तो कोई विद्यार्थी मिला और न ही कोई शिक्षक इसके बाद वे कंपोजिट विद्यालय सोनाड़ी पहुंचे, जहां पर प्रधानाध्यापक नंदलाल यादव बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। अनुपस्थित रहने पर उनका एक दिन का वेतन रोका गया। प्राथमिक विद्यालय नाथनगर में निरीक्षण के दौरान विद्यार्थी परिसर में भ्रमण करते नजर आए। वहां पर शैक्षिक वातावरण का अभाव मिला।
सफाई भी बदहाल मिली। जिस पर प्रधानाध्यापक जाकिर हुसैन को कठोर चेतावनी दी गई। बीएसए ने कहा कि प्रधानाध्यापक व शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी तत्परता से करें अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
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महराजगंज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने शुक्रवार को मिठौरा ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौक के बंद पाए जाने पर वहां पर तैनात प्रधानाध्यापक व समस्त शिक्षकों का वेतन रोका गया है। इसके साथ ही दूसरे विद्यालयों की जांच में एक प्रधानाध्यापक का वेतन रोका है तथा दूसरे को कठोर चेतावनी देते हुए सुधार करने को कहा है। बीएसए सुबह साढ़े नौ बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौक पहुंचे तो विद्यालय बंद मिला। विद्यालय पर न तो कोई विद्यार्थी मिला और न ही कोई शिक्षक इसके बाद वे कंपोजिट विद्यालय सोनाड़ी पहुंचे, जहां पर प्रधानाध्यापक नंदलाल यादव बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। अनुपस्थित रहने पर उनका एक दिन का वेतन रोका गया। प्राथमिक विद्यालय नाथनगर में निरीक्षण के दौरान विद्यार्थी परिसर में भ्रमण करते नजर आए। वहां पर शैक्षिक वातावरण का अभाव मिला। सफाई भी बदहाल मिली। जिस पर प्रधानाध्यापक जाकिर हुसैन को कठोर चेतावनी दी गई। बीएसए ने कहा कि प्रधानाध्यापक व शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी तत्परता से करें अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
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नई दिल्ली। 10वीं क्लास में पढ़ रहे सीबीएससी के बच्चों के लिए एक बड़ी खबर है। अब उन्हें 10वीं कक्षा पास करने के लिए साधारण परीक्षा नहीं बल्कि बोर्ड की परीक्षा देनी होगी। केंद्रीय मानव संसाधन प्रकाश जावड़ेकर ये जानकारी सोमवार को जयपुर में राज्य शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक करने के बाद दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा 2017-18 से सीबीएससी की 10वीं क्लास की परीक्षा फिर से शुरु की जाएगी लेकिन 5वीं और 8वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा शुरु करने के लिए राज्य सरकारों को अधिकार दिए जाएंगे।
इसके साथ ही उन्होंने कहा ये प्रस्ताव पहले मंत्रिमंडल में लाया जाएगा और बाद में संसद में पेश किए जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकारों को पूरा अधिकार होगा कि चाहे तो वो परीक्षा ले और चाहे न लें। बता दें कि साल 2010 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री कपिल सिब्बल ने बोर्ड की परीक्षा को वैकल्पिक बनाया था जिसका उद्देश्य बच्चों में बढ़ते तनाव को दूर करना था। लेकिन वर्तमान समय की शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत किसी भी बच्चे को फेल नहीं किया जाता है और साल भर के प्रदर्शन के अनुसार उसे ग्रेडिंग दी जाती है। इसके साथ ही बच्चों को सीधे 12वीं क्लास में ही बोर्ड की परीक्षा देने होती है जिसमें बच्चों को नंबर देकर पास या फेल डिक्लेयर कर दिया जाता है।
साल 2010 में कांग्रेस सरकार द्वारा लिए गए ग्रेडिंग सिस्टम के बाद बच्चों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में रही है। ज्यादातर बच्चों का शिक्षा का स्तर नीचे गिर रहा है जिसके चलते कई राज्य फिर से इस शिक्षा प्रणाली को बदलने की मांग कर रहे थे।
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नई दिल्ली। दसवीं क्लास में पढ़ रहे सीबीएससी के बच्चों के लिए एक बड़ी खबर है। अब उन्हें दसवीं कक्षा पास करने के लिए साधारण परीक्षा नहीं बल्कि बोर्ड की परीक्षा देनी होगी। केंद्रीय मानव संसाधन प्रकाश जावड़ेकर ये जानकारी सोमवार को जयपुर में राज्य शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक करने के बाद दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह से सीबीएससी की दसवीं क्लास की परीक्षा फिर से शुरु की जाएगी लेकिन पाँचवीं और आठवीं क्लास की बोर्ड परीक्षा शुरु करने के लिए राज्य सरकारों को अधिकार दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा ये प्रस्ताव पहले मंत्रिमंडल में लाया जाएगा और बाद में संसद में पेश किए जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकारों को पूरा अधिकार होगा कि चाहे तो वो परीक्षा ले और चाहे न लें। बता दें कि साल दो हज़ार दस में केंद्रीय शिक्षा मंत्री कपिल सिब्बल ने बोर्ड की परीक्षा को वैकल्पिक बनाया था जिसका उद्देश्य बच्चों में बढ़ते तनाव को दूर करना था। लेकिन वर्तमान समय की शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत किसी भी बच्चे को फेल नहीं किया जाता है और साल भर के प्रदर्शन के अनुसार उसे ग्रेडिंग दी जाती है। इसके साथ ही बच्चों को सीधे बारहवीं क्लास में ही बोर्ड की परीक्षा देने होती है जिसमें बच्चों को नंबर देकर पास या फेल डिक्लेयर कर दिया जाता है। साल दो हज़ार दस में कांग्रेस सरकार द्वारा लिए गए ग्रेडिंग सिस्टम के बाद बच्चों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में रही है। ज्यादातर बच्चों का शिक्षा का स्तर नीचे गिर रहा है जिसके चलते कई राज्य फिर से इस शिक्षा प्रणाली को बदलने की मांग कर रहे थे।
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नालागढ़ उपमंडल में कोरोना के आए मामलों से उभरने में रिकवरी रेट करीब 83 फीसदी है और इस बीमारी से संक्रमति लोग तीव्रता से इस पर काबू पा रहे हैं। देश व प्रदेश में कोरोना संंक्रमण की धीमी पड़ी रफ्तार के साथ बीबीएन में भी एक्टिव मामलों की संख्या में गिरावट आ रही हैं। करीब एक माह पहले जहां कोरोना संंक्रमितों का आंकड़ा 1495 पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर 233 पर आ गया है जो क्षेत्र के लिए राहत की बात है। नालागढ़ उपमंडल में कोरोना के आए 7267 मामलों में से 6032 संक्रमितों ने इस बीमारी को मात दे दी हैं और क्षेत्र में 233 मामले एक्टिव रह गए है। कुल मामलों में से फ्रेश वेव वाले 843 अनेट्रेसेबल है और फ्रेश वेव के 63 माईग्रेटेड हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर जहां कोविड टीकाकरण जोरों पर चला हुआ है।
वहीं, कोरोना कफ्र्यू लगाकर इसकी अनुपालना सख्ती से नियमानुसार करवाई जा रही है। उपमंडल प्रशासन द्वारा हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव करके इस प्रभावित इलाकों को सेनेटाइज किया जा रहा है, जबकि बिना मास्क पहनने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नालागढ़ उपमंडल से अब तक 85,782 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिसमें आरटीपीसीआर के 52,859, रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के 32,354 व ट्रू नॉट के 509 सैंपल शामिल हैं, जिनमें से 7267 लोग कोविड के सामने आए हैं। नालागढ़ उपमंडल से आरटीपीसीआर, रैपिड एंटीजन टेस्टिंग व ट्रू नॉट के सैंपल एकत्रित किए जा रहे हैं। बीएमओ नालागढ़ डा. केडी जस्सल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तन्मयता के साथ जुटा है और पॉजिटिव आए लोग दुरुस्त भी हो रहे हैं और टीकाकरण व सैंपलिंग की भी रफ्तार बढ़ाई गई है। क्षेत्र में अब तक करीब 65 से अधिक कोरोना की डोज लगाई जा चुकी है। एसडीएम नालागढ़ महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि सरकार व प्रशासन के आदेशों को सख्ती से लागू करवाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे कोविड से बचने के लिए जारी सरकार व प्रशासन के निर्देशों का अनुसरण करें और कोविड वैक्सीनेशन के तहत टीका अवश्य लगाएं। (एचडीएम)
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नालागढ़ उपमंडल में कोरोना के आए मामलों से उभरने में रिकवरी रेट करीब तिरासी फीसदी है और इस बीमारी से संक्रमति लोग तीव्रता से इस पर काबू पा रहे हैं। देश व प्रदेश में कोरोना संंक्रमण की धीमी पड़ी रफ्तार के साथ बीबीएन में भी एक्टिव मामलों की संख्या में गिरावट आ रही हैं। करीब एक माह पहले जहां कोरोना संंक्रमितों का आंकड़ा एक हज़ार चार सौ पचानवे पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर दो सौ तैंतीस पर आ गया है जो क्षेत्र के लिए राहत की बात है। नालागढ़ उपमंडल में कोरोना के आए सात हज़ार दो सौ सरसठ मामलों में से छः हज़ार बत्तीस संक्रमितों ने इस बीमारी को मात दे दी हैं और क्षेत्र में दो सौ तैंतीस मामले एक्टिव रह गए है। कुल मामलों में से फ्रेश वेव वाले आठ सौ तैंतालीस अनेट्रेसेबल है और फ्रेश वेव के तिरेसठ माईग्रेटेड हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर जहां कोविड टीकाकरण जोरों पर चला हुआ है। वहीं, कोरोना कफ्र्यू लगाकर इसकी अनुपालना सख्ती से नियमानुसार करवाई जा रही है। उपमंडल प्रशासन द्वारा हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव करके इस प्रभावित इलाकों को सेनेटाइज किया जा रहा है, जबकि बिना मास्क पहनने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नालागढ़ उपमंडल से अब तक पचासी,सात सौ बयासी सैंपल लिए जा चुके हैं, जिसमें आरटीपीसीआर के बावन,आठ सौ उनसठ, रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के बत्तीस,तीन सौ चौवन व ट्रू नॉट के पाँच सौ नौ सैंपल शामिल हैं, जिनमें से सात हज़ार दो सौ सरसठ लोग कोविड के सामने आए हैं। नालागढ़ उपमंडल से आरटीपीसीआर, रैपिड एंटीजन टेस्टिंग व ट्रू नॉट के सैंपल एकत्रित किए जा रहे हैं। बीएमओ नालागढ़ डा. केडी जस्सल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तन्मयता के साथ जुटा है और पॉजिटिव आए लोग दुरुस्त भी हो रहे हैं और टीकाकरण व सैंपलिंग की भी रफ्तार बढ़ाई गई है। क्षेत्र में अब तक करीब पैंसठ से अधिक कोरोना की डोज लगाई जा चुकी है। एसडीएम नालागढ़ महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि सरकार व प्रशासन के आदेशों को सख्ती से लागू करवाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे कोविड से बचने के लिए जारी सरकार व प्रशासन के निर्देशों का अनुसरण करें और कोविड वैक्सीनेशन के तहत टीका अवश्य लगाएं।
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सिरमौर जिला में नौ प्राथमिक पाठशालाओं में 1. 35 करोड़ रुपए स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय उत्कृष्ट विद्यालय शिक्षा योजना के तहत व्यय किए जा रहे हैं । विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें से 45 लाख रुपए नाहन विधानसभा क्षेत्र के तीन स्कूलों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 15 लाख रुपए राजकीय प्राथमिक पाठशाला मॉडल स्कूल नाहन, 15 लाख रुपए राजकीय प्राथमिक पाठशाला माजरा और 15 लाख रुपए राजकीय प्राथमिक पाठशाला मोगीनंद स्कूल में व्यय किए जाएंगे। इन स्कूलों में यह धनराशि स्कूल भवनों की मरम्मत, स्कूल के लिए कम्प्यूटर सुविधा एवं स्मार्ट क्लास आरंभ करने, खेल सामान, सांस्कृतिक परिधान, कोविड के दृष्टिगत थर्मल स्कैनर, सेनेटाइजर आदि पर व्यय किए जाने प्रस्तावित हैं। डा. बिंदल ने बताया कि नाहन विधानसभा क्षेत्र में गत तीन वर्षों के दौरान विभिन्न प्राथमिक स्कूल भवनों के निर्माण पर करीब 90 लाख रुपए व्यय किए गए हैं। इसी प्रकार स्कूल भवनों की मरम्मत हेतु 13 लाख रुपए व्यय किए जा रहे हैं।
डा. बिंदल सोमवार को नाहन में शिक्षा अधिकारियों के साथ विभिन्न स्कूल भवनों के निर्माण संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा कर्म चंद, आकाश, नरेश, प्रारंभिक शिक्षा के ओएसडी डा. मोही राम, अनुभाग अधिकारी तारा सिंह, अजय जोशी, डाइट प्रिंसीपल ऋषिपाल, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण वीके अग्रवाल अधिकारी मौजूद रहे। डा. बिंदल ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों पर विशेष तौर पर निगरानी रखें, ताकि सभी स्कूलों के कार्यों में गुणवत्ता बनाई रखी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्कूलों में जरूरत के अनुरूप निर्माण और मरम्मत के लिए धनराशि व्यय कर रही है और कार्य की गुणवत्ता की जिम्मेवारी संबंधित स्कूल और शिक्षा अधिकारियों की है। शिक्षा अधिकारियों ने डा. बिंदल से प्रारंभिक शिक्षा विभाग के नाहन स्थित पुराने और जर्जर हो चुके उपनिदेशक भवन के स्थान पर नए भवन के निर्माण की मांग भी रखी, जिसके बारे में उन्होंने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा। ग्राम पंचायत के तहत राजकीय माध्यमिक पाठशाला कोटड़ी के भवन के लिए भी भूमि के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भी डा. बिंदल ने अधिकारियों को कहा। डा. बिंदल ने शिक्षा अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में जिला और प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के निधन पर शोक प्रकट किया।
नाहन में विधायक ने शिक्षा अधिकारियों के साथ विभिन्न स्कूल भवनों के निर्माण संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा कर्म चंद, आकाश, नरेश, प्रारंभिक शिक्षा के ओएसडी डा. मोही राम, अनुभाग अधिकारी तारा सिंह, अजय जोशी, डाइट प्रिंसीपल ऋषिपाल व अन्य मौजूद रहे।
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सिरमौर जिला में नौ प्राथमिक पाठशालाओं में एक. पैंतीस करोड़ रुपए स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय उत्कृष्ट विद्यालय शिक्षा योजना के तहत व्यय किए जा रहे हैं । विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें से पैंतालीस लाख रुपए नाहन विधानसभा क्षेत्र के तीन स्कूलों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पंद्रह लाख रुपए राजकीय प्राथमिक पाठशाला मॉडल स्कूल नाहन, पंद्रह लाख रुपए राजकीय प्राथमिक पाठशाला माजरा और पंद्रह लाख रुपए राजकीय प्राथमिक पाठशाला मोगीनंद स्कूल में व्यय किए जाएंगे। इन स्कूलों में यह धनराशि स्कूल भवनों की मरम्मत, स्कूल के लिए कम्प्यूटर सुविधा एवं स्मार्ट क्लास आरंभ करने, खेल सामान, सांस्कृतिक परिधान, कोविड के दृष्टिगत थर्मल स्कैनर, सेनेटाइजर आदि पर व्यय किए जाने प्रस्तावित हैं। डा. बिंदल ने बताया कि नाहन विधानसभा क्षेत्र में गत तीन वर्षों के दौरान विभिन्न प्राथमिक स्कूल भवनों के निर्माण पर करीब नब्बे लाख रुपए व्यय किए गए हैं। इसी प्रकार स्कूल भवनों की मरम्मत हेतु तेरह लाख रुपए व्यय किए जा रहे हैं। डा. बिंदल सोमवार को नाहन में शिक्षा अधिकारियों के साथ विभिन्न स्कूल भवनों के निर्माण संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा कर्म चंद, आकाश, नरेश, प्रारंभिक शिक्षा के ओएसडी डा. मोही राम, अनुभाग अधिकारी तारा सिंह, अजय जोशी, डाइट प्रिंसीपल ऋषिपाल, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण वीके अग्रवाल अधिकारी मौजूद रहे। डा. बिंदल ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों पर विशेष तौर पर निगरानी रखें, ताकि सभी स्कूलों के कार्यों में गुणवत्ता बनाई रखी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्कूलों में जरूरत के अनुरूप निर्माण और मरम्मत के लिए धनराशि व्यय कर रही है और कार्य की गुणवत्ता की जिम्मेवारी संबंधित स्कूल और शिक्षा अधिकारियों की है। शिक्षा अधिकारियों ने डा. बिंदल से प्रारंभिक शिक्षा विभाग के नाहन स्थित पुराने और जर्जर हो चुके उपनिदेशक भवन के स्थान पर नए भवन के निर्माण की मांग भी रखी, जिसके बारे में उन्होंने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा। ग्राम पंचायत के तहत राजकीय माध्यमिक पाठशाला कोटड़ी के भवन के लिए भी भूमि के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भी डा. बिंदल ने अधिकारियों को कहा। डा. बिंदल ने शिक्षा अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में जिला और प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के निधन पर शोक प्रकट किया। नाहन में विधायक ने शिक्षा अधिकारियों के साथ विभिन्न स्कूल भवनों के निर्माण संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा कर्म चंद, आकाश, नरेश, प्रारंभिक शिक्षा के ओएसडी डा. मोही राम, अनुभाग अधिकारी तारा सिंह, अजय जोशी, डाइट प्रिंसीपल ऋषिपाल व अन्य मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संरक्षण में धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा हाल ही में संपन्न राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में वंश शर्मा (जम्मू-कश्मीर का एक लड़का) वर्तमान में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से पांच वर्षीय कानून का पाठ्यक्रम कर रहा है। सोनीपत ने देश भर के विभिन्न हिस्सों से भाग लेने वाले 20 अन्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ दिया।
वह उपविजेता की स्थिति में रहे और उन्हें एनएचआरसी के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुजोल पॉल द्वारा सम्मानित किया गया। मूट कोर्ट भारत में नैदानिक कानूनी शिक्षा के मानकों को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
पहले दौर में, उम्मीदवारों को उनके लिखित सबमिशन (स्मारक) के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया और फिर उन्हें परिसर में ही प्रारंभिक दौर के लिए बुलाया गया। चार टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया जिसमें एनएलयू हैदराबाद, एनएलयू सोनीपत, एनएमआईएमएस स्कूल ऑफ बैंगलोर और जीएनसी एर्नाकुलम शामिल थे। मूट कोर्ट के विजेता, जीएनसी एर्नाकुलम को अपनी जीत के लिए 50,000 रुपये के नकद मूल्य से पुरस्कृत किया गया, जबकि वंश शर्मा की टीम को 30,000 रुपये के नकद मूल्य से पुरस्कृत किया गया।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संरक्षण में धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा हाल ही में संपन्न राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में वंश शर्मा वर्तमान में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से पांच वर्षीय कानून का पाठ्यक्रम कर रहा है। सोनीपत ने देश भर के विभिन्न हिस्सों से भाग लेने वाले बीस अन्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ दिया। वह उपविजेता की स्थिति में रहे और उन्हें एनएचआरसी के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुजोल पॉल द्वारा सम्मानित किया गया। मूट कोर्ट भारत में नैदानिक कानूनी शिक्षा के मानकों को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। पहले दौर में, उम्मीदवारों को उनके लिखित सबमिशन के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया और फिर उन्हें परिसर में ही प्रारंभिक दौर के लिए बुलाया गया। चार टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया जिसमें एनएलयू हैदराबाद, एनएलयू सोनीपत, एनएमआईएमएस स्कूल ऑफ बैंगलोर और जीएनसी एर्नाकुलम शामिल थे। मूट कोर्ट के विजेता, जीएनसी एर्नाकुलम को अपनी जीत के लिए पचास,शून्य रुपयापये के नकद मूल्य से पुरस्कृत किया गया, जबकि वंश शर्मा की टीम को तीस,शून्य रुपयापये के नकद मूल्य से पुरस्कृत किया गया।
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टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से मंगलवार को मुलाकात की थी। ये मुलाकात साउथ ब्लॉक में शाम के समय हुई थी। इस दौरान नीरज चोपड़ा के परिजन भी मौजूद थे।
भारतीय सेना में सूबेदार नीरज चोपड़ा से मुलाकात करते हुए जनरल बिपिन रावत और जनरल एमएम नरवणे ने उन्हें गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी थी। हालांकि इस मुलाकात को लेकर अब नीरज चोपड़ा को ट्रोल किया जा रहा है।
दरअसल जब नीरज भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों से मिले, तो उन्होंने कार्गो पैंट और स्पोर्ट्स शूज़ पहने हुए थे। ऐसे में लोगों ने एथलीट को बधाई देने के बजाय इनको ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्विटर पर लोगों ने नीरज को आर्मी की यूनिफॉर्म नहीं पहनने पर ट्रोल किया और कई तरह के ट्वीट किए। हालांकि कुछ लोगों ने इस मुद्दे में नीरज का पक्ष लिया और इन लोगों का मुंह बंद कर दिया।
Twitter is that place that has a problem with Neeraj Chopra not being in uniform for his Army ceremonials when even the Army doesn't have an issue, and has clearly made an exception for the Olympic hero.
That exception would (very wisely) have been made so that Neeraj Chopra is spared to confusion of deciding who to salute, who not to salute, who to salute first and a million other ceremonial aspects which may come easily to a career soldier,but not to a relative outsider.
मुलाकात के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने स्वर्ण पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर सूबेदार नीरज चोपड़ा की सराहना की। उन्होंने नीरेज के परिवार के सदस्यों को भी उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
23 साल के नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में 4-राजपूताना राइफल्स के सूबेदार हैं। ये मई, 2016 में नायब सूबेदार के तौर पर 4-राजपूताना राइफल्स में ये शामिल हुए थे। भारतीय सेना में शामिल होने के बाद इन्हें मिशन ओलंपिक विंग और आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे में प्रशिक्षण के लिए चुना गया था। मिशन ओलंपिक विंग खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय सेना की एक प्रमुख पहल है। मिशन ओलंपिक विंग ने राष्ट्र को निशानेबाजी में दो ओलंपिक रजत पदक दिए हैं।
नीरज को खेल में उत्कृष्टता के लिए 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2020 में वीएसएम से सम्मानित किया गया था। वहीं 16 अगस्त को भारतीय सेना की तरफ से ओलिंपिक में गए सभी 16 खिलाड़ियों का सम्मानित किया जाएगा।
गौरतलब है कि ओलिंपिक में नीरज ने पहली बार में 87. 03 मीटर का थ्रो फेंका था। जिसकी बराबरी कोई खिलाड़ी नहीं कर सका और नीरज ने गोल्ड अपने नाम कर लिया। नीरज ने पहली बार में 87. 03 मीटर, दूसरी बार में 87. 58 मीटर, तीसरे बार में 76. 79 मीटर, चौथी, 5वी और छठवी बारी में 80 से ज्यादा मीटर तक का थ्रो किया था। इतना ही नहीं इसी साल मार्च में नीरज ने अपना ही रिकार्ड तोड़ा था। जिसमे उन्होंने 88. 07 मीटर का थ्रो किया था। ये नया नेशनल रिकार्ड है। नीरज ने इंडोनेशिया में हुए एशियन गेम्स में साल 2018 में 88. 06 मीटर का थ्रो किया था और गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
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टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से मंगलवार को मुलाकात की थी। ये मुलाकात साउथ ब्लॉक में शाम के समय हुई थी। इस दौरान नीरज चोपड़ा के परिजन भी मौजूद थे। भारतीय सेना में सूबेदार नीरज चोपड़ा से मुलाकात करते हुए जनरल बिपिन रावत और जनरल एमएम नरवणे ने उन्हें गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी थी। हालांकि इस मुलाकात को लेकर अब नीरज चोपड़ा को ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल जब नीरज भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों से मिले, तो उन्होंने कार्गो पैंट और स्पोर्ट्स शूज़ पहने हुए थे। ऐसे में लोगों ने एथलीट को बधाई देने के बजाय इनको ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्विटर पर लोगों ने नीरज को आर्मी की यूनिफॉर्म नहीं पहनने पर ट्रोल किया और कई तरह के ट्वीट किए। हालांकि कुछ लोगों ने इस मुद्दे में नीरज का पक्ष लिया और इन लोगों का मुंह बंद कर दिया। Twitter is that place that has a problem with Neeraj Chopra not being in uniform for his Army ceremonials when even the Army doesn't have an issue, and has clearly made an exception for the Olympic hero. That exception would have been made so that Neeraj Chopra is spared to confusion of deciding who to salute, who not to salute, who to salute first and a million other ceremonial aspects which may come easily to a career soldier,but not to a relative outsider. मुलाकात के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने स्वर्ण पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर सूबेदार नीरज चोपड़ा की सराहना की। उन्होंने नीरेज के परिवार के सदस्यों को भी उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी। तेईस साल के नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में चार-राजपूताना राइफल्स के सूबेदार हैं। ये मई, दो हज़ार सोलह में नायब सूबेदार के तौर पर चार-राजपूताना राइफल्स में ये शामिल हुए थे। भारतीय सेना में शामिल होने के बाद इन्हें मिशन ओलंपिक विंग और आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे में प्रशिक्षण के लिए चुना गया था। मिशन ओलंपिक विंग खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय सेना की एक प्रमुख पहल है। मिशन ओलंपिक विंग ने राष्ट्र को निशानेबाजी में दो ओलंपिक रजत पदक दिए हैं। नीरज को खेल में उत्कृष्टता के लिए दो हज़ार अट्ठारह में अर्जुन पुरस्कार और दो हज़ार बीस में वीएसएम से सम्मानित किया गया था। वहीं सोलह अगस्त को भारतीय सेना की तरफ से ओलिंपिक में गए सभी सोलह खिलाड़ियों का सम्मानित किया जाएगा। गौरतलब है कि ओलिंपिक में नीरज ने पहली बार में सत्तासी. तीन मीटर का थ्रो फेंका था। जिसकी बराबरी कोई खिलाड़ी नहीं कर सका और नीरज ने गोल्ड अपने नाम कर लिया। नीरज ने पहली बार में सत्तासी. तीन मीटर, दूसरी बार में सत्तासी. अट्ठावन मीटर, तीसरे बार में छिहत्तर. उन्यासी मीटर, चौथी, पाँचवी और छठवी बारी में अस्सी से ज्यादा मीटर तक का थ्रो किया था। इतना ही नहीं इसी साल मार्च में नीरज ने अपना ही रिकार्ड तोड़ा था। जिसमे उन्होंने अठासी. सात मीटर का थ्रो किया था। ये नया नेशनल रिकार्ड है। नीरज ने इंडोनेशिया में हुए एशियन गेम्स में साल दो हज़ार अट्ठारह में अठासी. छः मीटर का थ्रो किया था और गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
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- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?
कार्तिगाई दीपम दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस पर्व का निर्धारण तमिल सौर कैलेंडर के आधार पर होता है। यही वजह है कि यह पर्व कार्तिकई के महीने में पड़ता है। इस दिन लोग दिवाली की तरह अपने घर में दीपक जलाते हैं। कार्तिगाई दीपम के दिन भगवान शिव शंकर और भगवान मुरुगन की भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कहा जाता है कि कार्तिगाई दीपम का नाम कृतिका नक्षत्र के नाम पर रखा गया है। इस साल यह पर्व 6 दिसंबर, मंगलवार को पड़ रहा है।
कहते हैं जिस दिन कृतिका नक्षत्र अति प्रबल होती है उसी दिन कार्तिगाई दीपम का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार को मासिक कार्तिगाई भी कहा जाता है। शाम होने पर लोग अपने अपने घर को कोलम से सजाते हैं। साथ ही तेल का दीपक जलाते हैं।
आइए इस त्योहार से जुड़ी कुछ खास बातें आपको बताते हैं।
6 दिसंबर 2022 को सुबह 08 बजकर 38 मिनट से कार्तिगाई नक्षत्रम् प्रारम्भ हो रहा है। 7 दिसंबर 2022 को सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर यह समाप्त होगा।
इस दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत होकर भगवान शिव और मुरुगन के समक्ष व्रत संकल्प लें। भगवान का चित्र या मूर्ति स्थापित करें। फिर पूजा के स्थान पर दीपक जलाएं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। अब सफेद फूल, फल, धूप, दीप, अगरबत्ती, इत्र, शहद, भांग, धतूरा आदि चीजें भगवान को अर्पित करें। भगवान स्मरण करें। शिव कवच का पाठ करें और अंत में आरती करें। शाम को शुभ मुहूर्त के समय दीप जलाकर भगवान का आह्वान करें। यदि आप निर्जला व्रत नहीं रख सकते तो आप फलाहार कर सकते हैं। अगले दिन सुबह उठकर भगवान की पूजा करें और फिर पारण करें।
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद छिड़ गया। कहा जाता है कि दोनों ही स्वयं को श्रेष्ठ साबित करने लगे और विवाद बढ़ता चला जा रहा था। इस स्थिति में विवाद को सुलझाने के लिए भगवान शिव ने स्वयं को दिव्य ज्योति में बदल लिया, जिसके बाद उन्होंने दोनों देवों से उस दिव्यज्योति का सिरा और अंत ढूंढने को कहा। कार्तिगाई दीपम पर भगवान शिव के इसी ज्योति स्वरूप की ही पूजा की जाती है।
कार्तिगाई दीपम के दिन तमिलनाडु और केरल के सभी मंदिरों विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई अरुणाचलेश्वर स्वामी मंदिर में कार्तिगई दीपम बहुत ही भव्य तरीके से मनाते हैं। यहां लोगों की भीड़ देखने लायक होती है। यहां इस पर्व को कार्तिकई ब्रह्मोत्सवम कहते हैं। यह पर्व पूरे 10 दिनों तक चलता है। कार्तिगई दीपम के दिन एक विशाल दीपक इस मंदिर में जलाया जाता है जिसे महादीपम कहते हैं।
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- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? कार्तिगाई दीपम दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस पर्व का निर्धारण तमिल सौर कैलेंडर के आधार पर होता है। यही वजह है कि यह पर्व कार्तिकई के महीने में पड़ता है। इस दिन लोग दिवाली की तरह अपने घर में दीपक जलाते हैं। कार्तिगाई दीपम के दिन भगवान शिव शंकर और भगवान मुरुगन की भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कहा जाता है कि कार्तिगाई दीपम का नाम कृतिका नक्षत्र के नाम पर रखा गया है। इस साल यह पर्व छः दिसंबर, मंगलवार को पड़ रहा है। कहते हैं जिस दिन कृतिका नक्षत्र अति प्रबल होती है उसी दिन कार्तिगाई दीपम का त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार को मासिक कार्तिगाई भी कहा जाता है। शाम होने पर लोग अपने अपने घर को कोलम से सजाते हैं। साथ ही तेल का दीपक जलाते हैं। आइए इस त्योहार से जुड़ी कुछ खास बातें आपको बताते हैं। छः दिसंबर दो हज़ार बाईस को सुबह आठ बजकर अड़तीस मिनट से कार्तिगाई नक्षत्रम् प्रारम्भ हो रहा है। सात दिसंबर दो हज़ार बाईस को सुबह दस बजकर पच्चीस मिनट पर यह समाप्त होगा। इस दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत होकर भगवान शिव और मुरुगन के समक्ष व्रत संकल्प लें। भगवान का चित्र या मूर्ति स्थापित करें। फिर पूजा के स्थान पर दीपक जलाएं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। अब सफेद फूल, फल, धूप, दीप, अगरबत्ती, इत्र, शहद, भांग, धतूरा आदि चीजें भगवान को अर्पित करें। भगवान स्मरण करें। शिव कवच का पाठ करें और अंत में आरती करें। शाम को शुभ मुहूर्त के समय दीप जलाकर भगवान का आह्वान करें। यदि आप निर्जला व्रत नहीं रख सकते तो आप फलाहार कर सकते हैं। अगले दिन सुबह उठकर भगवान की पूजा करें और फिर पारण करें। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद छिड़ गया। कहा जाता है कि दोनों ही स्वयं को श्रेष्ठ साबित करने लगे और विवाद बढ़ता चला जा रहा था। इस स्थिति में विवाद को सुलझाने के लिए भगवान शिव ने स्वयं को दिव्य ज्योति में बदल लिया, जिसके बाद उन्होंने दोनों देवों से उस दिव्यज्योति का सिरा और अंत ढूंढने को कहा। कार्तिगाई दीपम पर भगवान शिव के इसी ज्योति स्वरूप की ही पूजा की जाती है। कार्तिगाई दीपम के दिन तमिलनाडु और केरल के सभी मंदिरों विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई अरुणाचलेश्वर स्वामी मंदिर में कार्तिगई दीपम बहुत ही भव्य तरीके से मनाते हैं। यहां लोगों की भीड़ देखने लायक होती है। यहां इस पर्व को कार्तिकई ब्रह्मोत्सवम कहते हैं। यह पर्व पूरे दस दिनों तक चलता है। कार्तिगई दीपम के दिन एक विशाल दीपक इस मंदिर में जलाया जाता है जिसे महादीपम कहते हैं।
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बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री और प्रमुख विपक्षी नेता बेग़म खालिदा ज़िया की गिरफ़्तारी के आदेश दिए हैं.
ये आदेश खालिदा के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में अदालत में मौजूद न होने के बाद जारी किए गए.
मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा ज़िया के प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के साथ तनावपूर्ण संबंध चल रहे हैं.
ख़ालिदा ज़िया ने जबसे समर्थकों से सड़क, रेल और जल यातायात ठप करने की अपील की तब से पुलिस और सरकार से मुठभेड़ में अब तक सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
खालिदा नए सिरे से चुनाव करवाने के लिए प्रधानमंत्री पर दबाव बना रही हैं.
पांच जनवरी को इन चुनावों की बरसी पर प्रदर्शन का एलान किया गया था.
बांग्लादेश में पिछले साल हुए आम चुनाव काफ़ी विवादित रहे थे. चुनावों में अवामी लीग की जीत हुई थी.
(सोशल मीडिया जैसे फ़ेसबुक और ट्विटर पर आप हमें फ़ॉलो कर सकते हैं. यदि आप बीबीसी हिन्दी का एंड्रॉएड ऐप भी देखना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें. )
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बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री और प्रमुख विपक्षी नेता बेग़म खालिदा ज़िया की गिरफ़्तारी के आदेश दिए हैं. ये आदेश खालिदा के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में अदालत में मौजूद न होने के बाद जारी किए गए. मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख खालिदा ज़िया के प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के साथ तनावपूर्ण संबंध चल रहे हैं. ख़ालिदा ज़िया ने जबसे समर्थकों से सड़क, रेल और जल यातायात ठप करने की अपील की तब से पुलिस और सरकार से मुठभेड़ में अब तक सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. खालिदा नए सिरे से चुनाव करवाने के लिए प्रधानमंत्री पर दबाव बना रही हैं. पांच जनवरी को इन चुनावों की बरसी पर प्रदर्शन का एलान किया गया था. बांग्लादेश में पिछले साल हुए आम चुनाव काफ़ी विवादित रहे थे. चुनावों में अवामी लीग की जीत हुई थी.
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सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि भारत में बने iPhone 14 Pro Max की बिक्री चीन में भी हो रही है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक एप्पल के एक सीनियर टेक्निकल एडवाइजर ने कंफर्म किया कि iPhone 14 Pro Max को भारत में नहीं बनाया जाता है. यहां देखिए पूरा मामला.
हाल ही में एक खबर सामने आई है, जिसमें दावा किया गया कि एप्पल ने भारत में असेंबल किए गए iPhone 14 Pro Max को चीन में बेचना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल होते ही लोग जमकर मेड इन इंडिया के गुण गाने लगे. दरअसल सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जिसमें आईफोन 14 प्रो मैक्स के पैकेज पर Assemble in India लिखा है. चीन जैसी भाषा में कुछ लाइनें देखकर लोग और भी कंफ्यूज हो गए. हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार एप्पल के एक सीनियर टेक्निकल एडवाइजर ने इस दावे को गलत बताया है.
वायरल फोटो में दिख रहे आईफोन से जुड़ी कंफ्यूजन दूर करते हुए एप्पल के सीनियर टेक्निकल एडवाइजर ने साफ किया कि वायरल फोटो में नजर आने वाला आईफोन मेड इन चाइना है. एप्पल के सीनियर एडवाइजर ने साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन बोर्ड डेली के रिपोर्टर को बताया कि आईफोन के पार्ट्स को चीन में बनाया जाता है और असेंबल भारत में किया जाता है. इसका मतलब है कि आईफोन 14 प्रो मैक्स अभी भी मेड इन चाइना है.
सितंबर 2022 में एप्पल ने माना था कि वो आईफोन को भारत में बनाता है. कंपनी मेड इन इंडिया आईफोन को विदेशी मार्केट में एक्सपोर्ट करती है. सोशल मीडिया पर आईफोन 14 प्रो मैक्स को मेड इन इंडिया बताया जा रहा है. हालांकि, अमेरिकी ब्रांड ने लेटेस्ट iPhone 14 Pro Max को भारत में बनाने पर कभी कुछ नहीं कहा है. लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि कंपनी आईफोन 14 सीरीज के टॉप मॉडल्स का निर्माण भारत में नहीं करती है.
आपको बता दें कि एप्पल ने iPhone SE के साथ भारत में अपनी मैन्यूफैक्चरिंग शुरू की थी. इसके बाद से कंपनी ने भारत में iPhone 12 और iPhone 13 सीरीज की मैन्यूफैक्चरिंग भी शुरू कर दी. फिलहाल एप्पल चीन के साथ भारत में सिर्फ iPhone 14 बना रहा है. इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में आईफोन 14 प्रो मॉडल या आईफोन 14 प्रो मैक्स भी बन रहे हैं.
कोरोना काल में चीन ने कड़े नियम लागू किए, जिसका असर उसकी मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता पर भी पड़ा. JP Morgan की एनॉलिसिस के अनुसार एप्पल प्रोडक्ट्स की मैन्यूफैक्चरिंग के लिए भारत अगला हब है. इससे कंपनी की चीन पर निर्भरता कम हो जाएगी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2025 तक चार में से एक आईफोन मॉडल मेड इन इंडिया होगा.
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सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि भारत में बने iPhone चौदह Pro Max की बिक्री चीन में भी हो रही है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक एप्पल के एक सीनियर टेक्निकल एडवाइजर ने कंफर्म किया कि iPhone चौदह Pro Max को भारत में नहीं बनाया जाता है. यहां देखिए पूरा मामला. हाल ही में एक खबर सामने आई है, जिसमें दावा किया गया कि एप्पल ने भारत में असेंबल किए गए iPhone चौदह Pro Max को चीन में बेचना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल होते ही लोग जमकर मेड इन इंडिया के गुण गाने लगे. दरअसल सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जिसमें आईफोन चौदह प्रो मैक्स के पैकेज पर Assemble in India लिखा है. चीन जैसी भाषा में कुछ लाइनें देखकर लोग और भी कंफ्यूज हो गए. हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार एप्पल के एक सीनियर टेक्निकल एडवाइजर ने इस दावे को गलत बताया है. वायरल फोटो में दिख रहे आईफोन से जुड़ी कंफ्यूजन दूर करते हुए एप्पल के सीनियर टेक्निकल एडवाइजर ने साफ किया कि वायरल फोटो में नजर आने वाला आईफोन मेड इन चाइना है. एप्पल के सीनियर एडवाइजर ने साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन बोर्ड डेली के रिपोर्टर को बताया कि आईफोन के पार्ट्स को चीन में बनाया जाता है और असेंबल भारत में किया जाता है. इसका मतलब है कि आईफोन चौदह प्रो मैक्स अभी भी मेड इन चाइना है. सितंबर दो हज़ार बाईस में एप्पल ने माना था कि वो आईफोन को भारत में बनाता है. कंपनी मेड इन इंडिया आईफोन को विदेशी मार्केट में एक्सपोर्ट करती है. सोशल मीडिया पर आईफोन चौदह प्रो मैक्स को मेड इन इंडिया बताया जा रहा है. हालांकि, अमेरिकी ब्रांड ने लेटेस्ट iPhone चौदह Pro Max को भारत में बनाने पर कभी कुछ नहीं कहा है. लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि कंपनी आईफोन चौदह सीरीज के टॉप मॉडल्स का निर्माण भारत में नहीं करती है. आपको बता दें कि एप्पल ने iPhone SE के साथ भारत में अपनी मैन्यूफैक्चरिंग शुरू की थी. इसके बाद से कंपनी ने भारत में iPhone बारह और iPhone तेरह सीरीज की मैन्यूफैक्चरिंग भी शुरू कर दी. फिलहाल एप्पल चीन के साथ भारत में सिर्फ iPhone चौदह बना रहा है. इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में आईफोन चौदह प्रो मॉडल या आईफोन चौदह प्रो मैक्स भी बन रहे हैं. कोरोना काल में चीन ने कड़े नियम लागू किए, जिसका असर उसकी मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता पर भी पड़ा. JP Morgan की एनॉलिसिस के अनुसार एप्पल प्रोडक्ट्स की मैन्यूफैक्चरिंग के लिए भारत अगला हब है. इससे कंपनी की चीन पर निर्भरता कम हो जाएगी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो हज़ार पच्चीस तक चार में से एक आईफोन मॉडल मेड इन इंडिया होगा.
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल (Ian Chappell) ने कहा कि अगर टीमें एक दिन में 90 ओवर नहीं फेंक पाती हैं तो टीम के कप्तानों को निलंबित किया जाना चाहिए। मौजूदा खेल परिस्थितियों के अनुसार, टेस्ट मैच में एक दिन में कम से कम 90 ओवर फेंकने होते हैं।
महीने की शुरुआत में एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ पुनर्निर्धारित पांचवें टेस्ट में सात विकेट से हारने के बाद, भारत पर मैच के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के लिए उनकी मैच फीस का 40 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और दो आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक का जुर्माना लगाया गया।
चैपल ने रविवार को ईएसपीएनक्रिकइंफो के अपने कॉलम में लिखा, "प्रशासक कुछ समझौता कर सकते हैं और मांग कर सकते हैं कि खिलाड़ी छह घंटे में 90 ओवर फेंकें, अगर नहीं फेंक पाते हैं तो बिना किसी सवाल के कप्तान को निलंबित कर दिया जाना चाहिए।"
चैपल ने यह भी सुझाव दिया कि टेस्ट क्रिकेट में ओवर रेट में कैसे सुधार किया जा सकता है, इसका दायित्व खेल के प्रशासकों पर है। समझौता करने के लिए कई क्षेत्र हैं। प्रशासक साइटबोर्ड पर विज्ञापन को समाप्त कर सकते हैं, पेय और दस्ताने के निरंतर फेरी को कम करना और ओवरों के दौरान अनावश्यक मिड-पिच चैट को समाप्त करें। वे बैकफुट नो-बॉल नियम पर भी विचार कर सकते हैं, जिससे खेल का एक समय लगभग समाप्त हो जाता है और साथ ही दरों में सुधार होता है।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि आधुनिक समय के बेहतर बल्लेबाजों के लिए फील्ड-प्लेसमेंट सिरदर्द पैदा करते हैं। मैदान के अक्सर फैलाव ने टीमों को या तो बल्लेबाजों को आउट करने या दरों में सुधार करने में मदद नहीं की है।
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने कहा कि अगर टीमें एक दिन में नब्बे ओवर नहीं फेंक पाती हैं तो टीम के कप्तानों को निलंबित किया जाना चाहिए। मौजूदा खेल परिस्थितियों के अनुसार, टेस्ट मैच में एक दिन में कम से कम नब्बे ओवर फेंकने होते हैं। महीने की शुरुआत में एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ पुनर्निर्धारित पांचवें टेस्ट में सात विकेट से हारने के बाद, भारत पर मैच के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के लिए उनकी मैच फीस का चालीस प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और दो आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक का जुर्माना लगाया गया। चैपल ने रविवार को ईएसपीएनक्रिकइंफो के अपने कॉलम में लिखा, "प्रशासक कुछ समझौता कर सकते हैं और मांग कर सकते हैं कि खिलाड़ी छह घंटे में नब्बे ओवर फेंकें, अगर नहीं फेंक पाते हैं तो बिना किसी सवाल के कप्तान को निलंबित कर दिया जाना चाहिए।" चैपल ने यह भी सुझाव दिया कि टेस्ट क्रिकेट में ओवर रेट में कैसे सुधार किया जा सकता है, इसका दायित्व खेल के प्रशासकों पर है। समझौता करने के लिए कई क्षेत्र हैं। प्रशासक साइटबोर्ड पर विज्ञापन को समाप्त कर सकते हैं, पेय और दस्ताने के निरंतर फेरी को कम करना और ओवरों के दौरान अनावश्यक मिड-पिच चैट को समाप्त करें। वे बैकफुट नो-बॉल नियम पर भी विचार कर सकते हैं, जिससे खेल का एक समय लगभग समाप्त हो जाता है और साथ ही दरों में सुधार होता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि आधुनिक समय के बेहतर बल्लेबाजों के लिए फील्ड-प्लेसमेंट सिरदर्द पैदा करते हैं। मैदान के अक्सर फैलाव ने टीमों को या तो बल्लेबाजों को आउट करने या दरों में सुधार करने में मदद नहीं की है।
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बजरंग बली हनुमान का जन्म भगवान श्रीराम की सहायता के लिए हुआ। हनुमान जी को भगवान शंकर का अवतार भी माना जाता है। कहा जाता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की सेवा के निमित्त भगवान शिव जी ने एकादश रुद्र को ही हनुमान के रूप में अवतरित किया था। हनुमान जी चूंकि वानर−उपदेवता श्रेणी के तहत आते हैं इसलिए वे मणिकुण्डल, लंगोट व यज्ञोपवीत धारण किए और हाथ में गदा लिए ही उत्पन्न हुए थे। पुराणों में कहा गया है कि उपदेवताओं के लिए स्वेच्छानुसार रूप एवं आकार ग्रहण कर लेना सहज सिद्ध है। पुराणों के अनुसार, इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं। माता अंजनी एवं पवन देवता के पुत्र हनुमान का जीवनकाल पराक्रम और श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा की असंख्य गाथाओं से भरा पड़ा है। हनुमान जी में किसी भी संकट को हर लेने की क्षमता है और अपने भक्तों की यह सदैव रक्षा करते हैं। हनुमान रक्षा स्त्रोत का पाठ यदि नियमित रूप से किया जाए तो कोई बाधा आपके जीवन में नहीं आ सकती। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करने से बड़े से बड़ा भय दूर हो जाता है।
हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के पूजन का विशेष महत्व है। हनुमान जी भक्तों से विशेष प्रेम करते हैं और उनकी हर पुकार को सुनते हैं। श्रीराम की नित उपासना करने वालों पर हनुमान जी खूब प्रसन्न रहते हैं। हनुमान जयंती के दिन हनुमानजी की पूजा विधि विधान से करनी चाहिए। इसके लिए पूजा के स्थान पर उनकी मूर्ति स्थापित करके शुद्ध जल, दूध, दही, घी, मधु और चीनी का पंचामृत, तिल के तेल में मिला सिंदूर, लाल पुष्प, जनेऊ, सुपारी, नैवेद्य, नारियल का गोला चढ़ाएं और तिल के तेल का दीपक जलाकर उनकी पूजा करें। इससे हनुमान जी प्रसन्न होकर भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं।
हनुमान जी के बचपन से जुड़ा एक प्रचलित प्रसंग यह है कि एक बार बालक हनुमान ने पूर्व दिशा में सूर्य को उदय होते देखा तो वह तुरंत आकाश में उड़ चले। वायुदेव ने जब यह देखा तो वह शीतल पवन के रूप में उनके साथ चलने लगे ताकि बालक पर सूर्य का ताप नहीं पड़े। अमावस्या का दिन था। राहु सूर्य को ग्रसित करने के लिए बढ़ रहा था तो हनुमानजी ने उसे पकड़ लिया। राहु किसी तरह उनकी पकड़ से छूट कर भागा और देवराज इंद्र के पास पहुंचा। इंद्र अपने प्रिय हाथी ऐरावत पर बैठकर चलने लगे तो हनुमान जी ऐरावत पर भी झपटे। इस पर इंद्र को क्रोध आ गया। उन्होंने बालक पर वज्र से प्रहार किया तो हनुमान जी की ठुड्डी घायल हो गई। वह मूर्चित होकर पर्वत शिखर पर गिर गए। यह सब देखकर वायुदेव को भी क्रोध आ गया। उन्होंने अपनी गति रोक दी और अपने पुत्र को लेकर एक गुफा में चले गए। अब वायु के नहीं चलने से सब लोग घबरा गए। देवतागण सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी के पास पहुंचे। सारी बात सुनकर ब्रह्माजी उस गुफा में पहुंचे और हनुमान जी को आर्शीवाद दिया तो उन्होंने आंखें खोल दीं। पवन देवता का भी क्रोध शांत हो गया। ब्रह्माजी ने कहा कि इस बालक को कभी भी ब्रह्म श्राप नहीं लगेगा। इसके बाद उन्होंने सभी देवताओं से कहा कि आप सब भी इस बालक को वर दें। इस पर देवराज इंद्र बोले कि मेरे वज्र से इस बालक की हनु यानि ठोढ़ी पर चोट लगी है इसलिए इसका नाम हनुमान होगा। सूर्य ने अपना तेज दिया तो वरूण ने कहा कि हनुमान सदा जल से सुरक्षित रहेंगे। इस प्रकार हर देवता ने हनुमानजी को वर प्रदान किया जिससे वह बलशाली हो गए।
एक और प्रसंग यह है कि सूर्यदेव के कहने पर हनुमान जी ने उन्हें सुग्रीव की मदद करने का वचन दिया। बाद में हनुमान ने सुग्रीव की भरपूर मदद की और उनके खास मित्र बन गए। सीताजी का हरण करके रावण जब उन्हें लंका ले गया तो सीताजी को खोजते श्रीराम और लक्ष्मण जी से हनुमान जी की भेंट हुई। उनका परिचय जानने के बाद वह उन दोनों को कंधे पर बैठाकर सुग्रीव के पास ले गए। सुग्रीव के बारे में जानकर श्रीराम ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और सुग्रीव ने भी सीताजी को ढूंढने में मदद करने का वादा किया। श्रीराम ने अपने वादे के अनुसार एक ही तीर में बाली का अंत कर दिया और सुग्रीव फिर से किष्किन्धा नगरी में लौट आए। उसके बाद सुग्रीव का आदेश पाकर प्रमुख वानर दल सीताजी की खोज में सब दिशाओं में चल दिए। श्रीराम जी ने हनुमान जी से कहा कि मैं आपकी वीरता से परिचित हूं और मुझे विश्वास है कि आप अपने लक्ष्य में कामयाब होंगे। इसके बाद श्रीराम जी ने हनुमानजी को अपनी एक अंगूठी दी जिस पर उनका नाम लिखा हुआ था। सीताजी का पता मिलने के बाद जब हनुमान जी लंका में पहुंचे तो उन्होंने माता सीता से भेंटकर उन्हें श्रीराम का संदेश दिया और लंका की पूरी वाटिका उजाड़ने के बाद लंका में आग भी लगा दी। इसके बाद सीताजी को मुक्त कराने के लिए जो युद्ध हुआ उसमें हनुमान जी ने महती भूमिका निभाई।
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बजरंग बली हनुमान का जन्म भगवान श्रीराम की सहायता के लिए हुआ। हनुमान जी को भगवान शंकर का अवतार भी माना जाता है। कहा जाता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की सेवा के निमित्त भगवान शिव जी ने एकादश रुद्र को ही हनुमान के रूप में अवतरित किया था। हनुमान जी चूंकि वानर−उपदेवता श्रेणी के तहत आते हैं इसलिए वे मणिकुण्डल, लंगोट व यज्ञोपवीत धारण किए और हाथ में गदा लिए ही उत्पन्न हुए थे। पुराणों में कहा गया है कि उपदेवताओं के लिए स्वेच्छानुसार रूप एवं आकार ग्रहण कर लेना सहज सिद्ध है। पुराणों के अनुसार, इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं। माता अंजनी एवं पवन देवता के पुत्र हनुमान का जीवनकाल पराक्रम और श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा की असंख्य गाथाओं से भरा पड़ा है। हनुमान जी में किसी भी संकट को हर लेने की क्षमता है और अपने भक्तों की यह सदैव रक्षा करते हैं। हनुमान रक्षा स्त्रोत का पाठ यदि नियमित रूप से किया जाए तो कोई बाधा आपके जीवन में नहीं आ सकती। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करने से बड़े से बड़ा भय दूर हो जाता है। हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के पूजन का विशेष महत्व है। हनुमान जी भक्तों से विशेष प्रेम करते हैं और उनकी हर पुकार को सुनते हैं। श्रीराम की नित उपासना करने वालों पर हनुमान जी खूब प्रसन्न रहते हैं। हनुमान जयंती के दिन हनुमानजी की पूजा विधि विधान से करनी चाहिए। इसके लिए पूजा के स्थान पर उनकी मूर्ति स्थापित करके शुद्ध जल, दूध, दही, घी, मधु और चीनी का पंचामृत, तिल के तेल में मिला सिंदूर, लाल पुष्प, जनेऊ, सुपारी, नैवेद्य, नारियल का गोला चढ़ाएं और तिल के तेल का दीपक जलाकर उनकी पूजा करें। इससे हनुमान जी प्रसन्न होकर भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं। हनुमान जी के बचपन से जुड़ा एक प्रचलित प्रसंग यह है कि एक बार बालक हनुमान ने पूर्व दिशा में सूर्य को उदय होते देखा तो वह तुरंत आकाश में उड़ चले। वायुदेव ने जब यह देखा तो वह शीतल पवन के रूप में उनके साथ चलने लगे ताकि बालक पर सूर्य का ताप नहीं पड़े। अमावस्या का दिन था। राहु सूर्य को ग्रसित करने के लिए बढ़ रहा था तो हनुमानजी ने उसे पकड़ लिया। राहु किसी तरह उनकी पकड़ से छूट कर भागा और देवराज इंद्र के पास पहुंचा। इंद्र अपने प्रिय हाथी ऐरावत पर बैठकर चलने लगे तो हनुमान जी ऐरावत पर भी झपटे। इस पर इंद्र को क्रोध आ गया। उन्होंने बालक पर वज्र से प्रहार किया तो हनुमान जी की ठुड्डी घायल हो गई। वह मूर्चित होकर पर्वत शिखर पर गिर गए। यह सब देखकर वायुदेव को भी क्रोध आ गया। उन्होंने अपनी गति रोक दी और अपने पुत्र को लेकर एक गुफा में चले गए। अब वायु के नहीं चलने से सब लोग घबरा गए। देवतागण सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी के पास पहुंचे। सारी बात सुनकर ब्रह्माजी उस गुफा में पहुंचे और हनुमान जी को आर्शीवाद दिया तो उन्होंने आंखें खोल दीं। पवन देवता का भी क्रोध शांत हो गया। ब्रह्माजी ने कहा कि इस बालक को कभी भी ब्रह्म श्राप नहीं लगेगा। इसके बाद उन्होंने सभी देवताओं से कहा कि आप सब भी इस बालक को वर दें। इस पर देवराज इंद्र बोले कि मेरे वज्र से इस बालक की हनु यानि ठोढ़ी पर चोट लगी है इसलिए इसका नाम हनुमान होगा। सूर्य ने अपना तेज दिया तो वरूण ने कहा कि हनुमान सदा जल से सुरक्षित रहेंगे। इस प्रकार हर देवता ने हनुमानजी को वर प्रदान किया जिससे वह बलशाली हो गए। एक और प्रसंग यह है कि सूर्यदेव के कहने पर हनुमान जी ने उन्हें सुग्रीव की मदद करने का वचन दिया। बाद में हनुमान ने सुग्रीव की भरपूर मदद की और उनके खास मित्र बन गए। सीताजी का हरण करके रावण जब उन्हें लंका ले गया तो सीताजी को खोजते श्रीराम और लक्ष्मण जी से हनुमान जी की भेंट हुई। उनका परिचय जानने के बाद वह उन दोनों को कंधे पर बैठाकर सुग्रीव के पास ले गए। सुग्रीव के बारे में जानकर श्रीराम ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और सुग्रीव ने भी सीताजी को ढूंढने में मदद करने का वादा किया। श्रीराम ने अपने वादे के अनुसार एक ही तीर में बाली का अंत कर दिया और सुग्रीव फिर से किष्किन्धा नगरी में लौट आए। उसके बाद सुग्रीव का आदेश पाकर प्रमुख वानर दल सीताजी की खोज में सब दिशाओं में चल दिए। श्रीराम जी ने हनुमान जी से कहा कि मैं आपकी वीरता से परिचित हूं और मुझे विश्वास है कि आप अपने लक्ष्य में कामयाब होंगे। इसके बाद श्रीराम जी ने हनुमानजी को अपनी एक अंगूठी दी जिस पर उनका नाम लिखा हुआ था। सीताजी का पता मिलने के बाद जब हनुमान जी लंका में पहुंचे तो उन्होंने माता सीता से भेंटकर उन्हें श्रीराम का संदेश दिया और लंका की पूरी वाटिका उजाड़ने के बाद लंका में आग भी लगा दी। इसके बाद सीताजी को मुक्त कराने के लिए जो युद्ध हुआ उसमें हनुमान जी ने महती भूमिका निभाई।
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जिला बांदा,ब्लाक महुंवा,गांव मोतियारी। हेंया अलग अलग बहाना बना के राशनकार्ड से मड़इन के काटिन है कउनौ के नौकरी का बहाना कीन गा तौ कउनौ जिन्दा मड़ई का मरा बता के राशनकार्ड से नाम काट दिहिन है यहै कारन मड़ई विभाग मा आपन गुहार लगावत है। सप्लाई इंस्पेक्टर याकूब का कहब है कि लेखपाल अउर सचिव राशनकार्ड के लिस्ट बनावै मा बहुतै गड़बड़ करिन हैं वहिका सही कीन जात है।
विशम्भर का कहब है कि मोरे लगे एकौ जमीन आये न घर आये। नौकरी का गलत आरोप लगा के मोरे नाम राशनकार्ड से काट दीन गा है। सुनील कुमार बताइस कि मोर बाप जमुना प्रसाद जिन्दा है पै उनका मरा बता के नाम काट दीन गा है। अगस्त से हमें राशन नहीं मिलत आय। कामता प्रसाद बताइस कि मोर नाम से राशन कार्ड रहै फेर मोर मेहरिया दया के नाम के राशन बना रहै पै अब हमार नाम राशनकार्ड से काट दीन गा है।
पूर्व कोटेदार रामचरण का कहब है कि कुल छह सौ चालिस राशनकार्ड से एक सौ अस्सी अपात्र मड़इन का नाम कट गा हैं। प्रधान सरोज यादव का कहब है कि लेखपाल के गलत जांच के शिकायत डी. एम. से करे हौं।
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जिला बांदा,ब्लाक महुंवा,गांव मोतियारी। हेंया अलग अलग बहाना बना के राशनकार्ड से मड़इन के काटिन है कउनौ के नौकरी का बहाना कीन गा तौ कउनौ जिन्दा मड़ई का मरा बता के राशनकार्ड से नाम काट दिहिन है यहै कारन मड़ई विभाग मा आपन गुहार लगावत है। सप्लाई इंस्पेक्टर याकूब का कहब है कि लेखपाल अउर सचिव राशनकार्ड के लिस्ट बनावै मा बहुतै गड़बड़ करिन हैं वहिका सही कीन जात है। विशम्भर का कहब है कि मोरे लगे एकौ जमीन आये न घर आये। नौकरी का गलत आरोप लगा के मोरे नाम राशनकार्ड से काट दीन गा है। सुनील कुमार बताइस कि मोर बाप जमुना प्रसाद जिन्दा है पै उनका मरा बता के नाम काट दीन गा है। अगस्त से हमें राशन नहीं मिलत आय। कामता प्रसाद बताइस कि मोर नाम से राशन कार्ड रहै फेर मोर मेहरिया दया के नाम के राशन बना रहै पै अब हमार नाम राशनकार्ड से काट दीन गा है। पूर्व कोटेदार रामचरण का कहब है कि कुल छह सौ चालिस राशनकार्ड से एक सौ अस्सी अपात्र मड़इन का नाम कट गा हैं। प्रधान सरोज यादव का कहब है कि लेखपाल के गलत जांच के शिकायत डी. एम. से करे हौं।
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PATNA : नगर निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हड़ताल पर गए, सफाई ठप, रात में डाकबंगला चौराहे पर फेंका कचरा : पटना नगर निगम चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार से निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पहले दिन असरदार रही। माेहल्लों में कूड़ा उठाव करने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। हरेक कूड़ा प्वाइंट पर कूड़े का ढेर जमा हाे गया है। कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों के माने जाने तक हड़ताल पर रहेंगे। चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के समर्थन में एजेंसी के कर्मचारी भी दिखे।
देर शाम तक नगर निगम प्रशासन की ओर से हड़ताली कर्मियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाए जाने के बाद कर्मचारी संघ ने मंगलवार से आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। देर रात कुछ कर्मियों ने डाकबंगला चौराहे के पास कूड़ा बिखेर दिया। इसके बाद स्टेशन रोड गुरुद्वारा के पास भी कूड़ा फेंके जाने की जानकारी आई। निगम कर्मचारियों का कहना है कि शहर से कूड़ा का उठाव नहीं हुआ है, इस कारण गंदगी फैली है। निगम प्रशासन व कुछ आंदोलन का विरोध करने वाले कर्मियों की यह करतूत है। पटना नगर निगम चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के महासचिव नंदकिशोर दास ने कहा कि आंदोलनकारी कर्मचारी इस प्रकार की हरकत नहीं कर सकते हैं।
हड़ताली चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने सुबह में सभी अंचलों में पहुंच कर कूड़ा उठाव कार्य को स्थगित कर दिया। आक्रोशित कर्मचारियों ने बांकीपुर अंचल कार्यालय के सामने कार्यपालक पदाधिकारी का घेराव कर दिया। वे करीब एक घंटे तक वहां फंसे रहे। इसके अलावा कंकड़बाग अंचल कार्यालय में हड़ताली कर्मियों ने ताला जड़ दिया। नमुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का कर्मचारियों ने पुतला दहन भी किया।
प्रदर्शन के बाद सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष पीके आजाद भारतीय, महासचिव नंदकिशोर दास, कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण दास, उपाध्यक्ष सूरज राम आदि ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। संघ के नेताओं ने मंगलवार से हड़ताल को और तेज करने की घोषणा की। चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ की ओर से चल रही हड़ताल का समर्थन पटना नगर निगम कामगार यूनियन ने भी कर दिया है।
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PATNA : नगर निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हड़ताल पर गए, सफाई ठप, रात में डाकबंगला चौराहे पर फेंका कचरा : पटना नगर निगम चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार से निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पहले दिन असरदार रही। माेहल्लों में कूड़ा उठाव करने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। हरेक कूड़ा प्वाइंट पर कूड़े का ढेर जमा हाे गया है। कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों के माने जाने तक हड़ताल पर रहेंगे। चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के समर्थन में एजेंसी के कर्मचारी भी दिखे। देर शाम तक नगर निगम प्रशासन की ओर से हड़ताली कर्मियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाए जाने के बाद कर्मचारी संघ ने मंगलवार से आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। देर रात कुछ कर्मियों ने डाकबंगला चौराहे के पास कूड़ा बिखेर दिया। इसके बाद स्टेशन रोड गुरुद्वारा के पास भी कूड़ा फेंके जाने की जानकारी आई। निगम कर्मचारियों का कहना है कि शहर से कूड़ा का उठाव नहीं हुआ है, इस कारण गंदगी फैली है। निगम प्रशासन व कुछ आंदोलन का विरोध करने वाले कर्मियों की यह करतूत है। पटना नगर निगम चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के महासचिव नंदकिशोर दास ने कहा कि आंदोलनकारी कर्मचारी इस प्रकार की हरकत नहीं कर सकते हैं। हड़ताली चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने सुबह में सभी अंचलों में पहुंच कर कूड़ा उठाव कार्य को स्थगित कर दिया। आक्रोशित कर्मचारियों ने बांकीपुर अंचल कार्यालय के सामने कार्यपालक पदाधिकारी का घेराव कर दिया। वे करीब एक घंटे तक वहां फंसे रहे। इसके अलावा कंकड़बाग अंचल कार्यालय में हड़ताली कर्मियों ने ताला जड़ दिया। नमुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का कर्मचारियों ने पुतला दहन भी किया। प्रदर्शन के बाद सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष पीके आजाद भारतीय, महासचिव नंदकिशोर दास, कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण दास, उपाध्यक्ष सूरज राम आदि ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। संघ के नेताओं ने मंगलवार से हड़ताल को और तेज करने की घोषणा की। चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ की ओर से चल रही हड़ताल का समर्थन पटना नगर निगम कामगार यूनियन ने भी कर दिया है।
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नगर निगम और शिवालिक नगर पालिका में पार्षद और सभासद के लिए निर्दलीय नामांकन करने वाले कुछ बागियों को पार्टी मनाने में कामयाब हो गई है। वरिष्ठ नेताओं के घर पहुंचने के बाद संगठन में पद देने और अन्य लालच देकर ही बागियों को मनाया गया है। आज शनिवार को काफी संख्या में बागी होकर चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशी नाम वापसी कर सकते हैं। शनिवार शाम को ही चुनाव प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो सकेगी। हरिद्वार नगर निगम के 60 वार्डों में पार्षद के लिए 262 और शिवालिक नगर पालिका के 13 वार्डों में सभासद के लिए 84 प्रत्याशियों ने नामांकन किया हुआ है। भाजपा-कांग्रेस में टिकट के दावेदारों की लंबी सूची होने के बाद टिकट न मिलने से नाराज कई नेताओं ने पार्टी से बागवत कर पार्षद और सभासद का नामांकन किया हुआ है। पार्टी के टिकट पर वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की बागियों को देख धड़कन तेज हो गई है। ऐसे में दिग्गज नेता अब मैदान में उतर चुके हंै और वार्ड वार्ड जाकर बागी होकर चुनाव लड़ रहे नेताओं को मनाने का प्रयास कर रहे हंै। गुरुवार की रात भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की टोली बागियों को मानने के लिए निकली। भाजपा से ज्यादा कांग्रेस के अधिकांश नेता बागी होकर चुनाव लड़ रहे है। निर्दलीय प्रत्याशी पार्टी के लिए आफत न बन जाए ऐसे में दिग्गज नेता बागियों के घर पहुंचे और उनको संगठन में अच्छा पद देने का लालच दिया और मनाने का प्रयास किया। कई प्रत्याशी को नेता मनाने में सफल भी हो गई है, लेकिन कई नेता निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का मन बना चुके है। शनिवार को कई प्रत्याशी अपने नामांकन वापस लेंगे।
मेयर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशियों ने शुक्रवार को जगजीतपुर स्थित पायलट बाबा के आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही दोनों ने गलियों में जाकर जनसंपर्क किया। शु्क्रवार को कांग्रेस की प्रत्याशी अनिता शर्मा ने समर्थकों के साथ जगजीतपुर, आवास विकास, राजघाट, इंद्राबस्ती, सतीघाट समेत अन्य कई जगह जनसंपर्क अभियान चलाया। अनिता शर्मा ने कहा कि निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा और कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो हरिद्वार का विकास कर सकती है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को स्वच्छता में नंबर एक लाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। अनिता के साथ प्रचार में नेहा शर्मा, सीमा, स्वाति, मुक्ता, प्रिया, ऊषा, संगीता, पूजा, दीपाली आदि शामिल रहे। शुक्रवार को अन्नू कक्कड़ ने कनखल स्थित हरिहर आश्रम पहुंचकर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी से आशीर्वाद लिया। जिसके बाद जगजीतपुर स्थित पायलट बाबा के आश्रम पहुंचकर पायलट बाबा से भी जीतने का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर अन्नू कक्कड़ ने कहा कि समय-समय पर संतों का आशीर्वाद लेने आते रहती हैं। चुनाव में जनता के साथ साथ संतों का आशीर्वाद भी भाजपा को मिल रहा है। कहा कि हरिद्वार में भी प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा विकास कार्य किया जा रहा है। संतों ने भी चुनाव जीतने का आशीर्वाद दिया है। अन्नू के साथ प्रचार में मंडल अध्यक्ष कामिनी सडाना, नरेश शर्मा, संजना शर्मा, सरोज जाखड, अरुणा बंसल, बृजेश आदि शामिल रहे।
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नगर निगम और शिवालिक नगर पालिका में पार्षद और सभासद के लिए निर्दलीय नामांकन करने वाले कुछ बागियों को पार्टी मनाने में कामयाब हो गई है। वरिष्ठ नेताओं के घर पहुंचने के बाद संगठन में पद देने और अन्य लालच देकर ही बागियों को मनाया गया है। आज शनिवार को काफी संख्या में बागी होकर चुनाव के लिए नामांकन करने वाले प्रत्याशी नाम वापसी कर सकते हैं। शनिवार शाम को ही चुनाव प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो सकेगी। हरिद्वार नगर निगम के साठ वार्डों में पार्षद के लिए दो सौ बासठ और शिवालिक नगर पालिका के तेरह वार्डों में सभासद के लिए चौरासी प्रत्याशियों ने नामांकन किया हुआ है। भाजपा-कांग्रेस में टिकट के दावेदारों की लंबी सूची होने के बाद टिकट न मिलने से नाराज कई नेताओं ने पार्टी से बागवत कर पार्षद और सभासद का नामांकन किया हुआ है। पार्टी के टिकट पर वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की बागियों को देख धड़कन तेज हो गई है। ऐसे में दिग्गज नेता अब मैदान में उतर चुके हंै और वार्ड वार्ड जाकर बागी होकर चुनाव लड़ रहे नेताओं को मनाने का प्रयास कर रहे हंै। गुरुवार की रात भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की टोली बागियों को मानने के लिए निकली। भाजपा से ज्यादा कांग्रेस के अधिकांश नेता बागी होकर चुनाव लड़ रहे है। निर्दलीय प्रत्याशी पार्टी के लिए आफत न बन जाए ऐसे में दिग्गज नेता बागियों के घर पहुंचे और उनको संगठन में अच्छा पद देने का लालच दिया और मनाने का प्रयास किया। कई प्रत्याशी को नेता मनाने में सफल भी हो गई है, लेकिन कई नेता निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का मन बना चुके है। शनिवार को कई प्रत्याशी अपने नामांकन वापस लेंगे। मेयर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशियों ने शुक्रवार को जगजीतपुर स्थित पायलट बाबा के आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही दोनों ने गलियों में जाकर जनसंपर्क किया। शु्क्रवार को कांग्रेस की प्रत्याशी अनिता शर्मा ने समर्थकों के साथ जगजीतपुर, आवास विकास, राजघाट, इंद्राबस्ती, सतीघाट समेत अन्य कई जगह जनसंपर्क अभियान चलाया। अनिता शर्मा ने कहा कि निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा और कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो हरिद्वार का विकास कर सकती है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को स्वच्छता में नंबर एक लाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। अनिता के साथ प्रचार में नेहा शर्मा, सीमा, स्वाति, मुक्ता, प्रिया, ऊषा, संगीता, पूजा, दीपाली आदि शामिल रहे। शुक्रवार को अन्नू कक्कड़ ने कनखल स्थित हरिहर आश्रम पहुंचकर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी से आशीर्वाद लिया। जिसके बाद जगजीतपुर स्थित पायलट बाबा के आश्रम पहुंचकर पायलट बाबा से भी जीतने का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर अन्नू कक्कड़ ने कहा कि समय-समय पर संतों का आशीर्वाद लेने आते रहती हैं। चुनाव में जनता के साथ साथ संतों का आशीर्वाद भी भाजपा को मिल रहा है। कहा कि हरिद्वार में भी प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा विकास कार्य किया जा रहा है। संतों ने भी चुनाव जीतने का आशीर्वाद दिया है। अन्नू के साथ प्रचार में मंडल अध्यक्ष कामिनी सडाना, नरेश शर्मा, संजना शर्मा, सरोज जाखड, अरुणा बंसल, बृजेश आदि शामिल रहे।
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रियो डी जनेरियो। ब्राजील में रियो डी जनेरियो के पराटी कस्बे में रविवार को हुई बस दुर्घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और लगभग 30 लोग घायल हो गए। स्थानीय अग्निशमन विभाग के सूत्र से यह जानकारी प्राप्त हुई। यह दुर्घटना पूर्वाह्न् लगभग 11.30 बजे तटीय सड़क पर हुई। पराटी और ट्रिनडेड जिले के बीच लगभग 50 यात्रियों को ले जा रही बस पलट गई।
दुर्घटनाग्रस्त बस ट्राफिको कोलिटूर कंपनी की थी। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि जिस सड़क पर यह दुर्घटना हुई, वह सड़क काफी खतरनाक थी। उन्होंने मृतकों की संख्या बढ़कर 20 होने की आशंका जताई। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बचाव का काम जारी है। घायलों को पराटी के साओ प्रेडो डी अलकेंटारा अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया है। प्रशासन इस घटना की जांच कर रहा है, जबकि स्थानीय मीडिया इस दुर्घटना के लिए तकनीकी कारणों को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
वॉशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी उद्योगपति संत सिंह चटवाल ने कहा है कि 99 प्रतिशत सिख भारत से प्यार करते हैं और बहुत ही कम तादाद है उन लोगों की जो खालिस्तान का समर्थन करते हैं। संत सिंह चटवाल ने पीएम मोदी की भी जमकर तारीफ की और कहा कि पीएम मोदी ने सिख समुदाय के लिए बहुत कुछ किया है। भारत-कनाडा के बीच जारी विवाद में खालिस्तान का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है, ऐसे में संत सिंह चटवाल का यह बयान बेहद अहम है।
मीडिया से बात करते हुए संत सिंह चटवाल ने कहा कि 'मुश्किल से कुछ लोग होंगे जो खालिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। कुछ गलतफहमी हो रही है। हम 99 प्रतिशत से ज्यादा सिख भारत को प्यार करते हैं। भारत हमारा देश है और किसी की भी खालिस्तान में रुचि नहीं है।
भारतीय अमेरिकी उद्योगपति ने कहा कि मैं इसे लेकर साफ हूं कि बहुत कम लोग खालिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। मुझे पता नहीं उन्हें फंडिंग कहां से मिल रही है और जो लोग खालिस्तान की मांग कर रहे हैं, वो कभी पंजाब गए भी नहीं हैं। मुझे सिख होने पर गर्व है।
चटवाल ने कहा कि 99 फीसदी सिख समुदाय भारत को अपना देश मानता है। मुझे समझ नहीं आता कि खालिस्तानी कैसे अलग देश के बारे में सोच रहे हैं। वो चाहे कनाडा में हो या फिर अमेरिका में, कोई भी उनका समर्थन नहीं कर रहा है।
चटवाल ने कहा कि 'भारत में सिख समुदाय के लोग कई अहम पदों पर हैं। हमारे सिख मंत्री हैं, हरदीप सिंह पुरी। सिख राजदूत संधू साहब, यहां अमेरिका में हैं। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे हैं और ज्ञानी जैल सिंह राष्ट्रपति।
इनके अलावा आर्मी, वायुसेना और नौसेना चीफ जैसे अहम पदों पर भी सिखों ने सेवाएं दी हैं। हमे अमेरिका में भी अच्छी सुविधाएं मिल ही है। हम भारत आते-जाते हैं। हमें भारत से प्यार है।' बता दें कि संत सिंह चटवाल अमेरिका के एक मशहूर उद्योगपति और विभिन्न होटलों के मालिक हैं।
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रियो डी जनेरियो। ब्राजील में रियो डी जनेरियो के पराटी कस्बे में रविवार को हुई बस दुर्घटना में कम से कम पंद्रह लोगों की मौत हो गई और लगभग तीस लोग घायल हो गए। स्थानीय अग्निशमन विभाग के सूत्र से यह जानकारी प्राप्त हुई। यह दुर्घटना पूर्वाह्न् लगभग ग्यारह.तीस बजे तटीय सड़क पर हुई। पराटी और ट्रिनडेड जिले के बीच लगभग पचास यात्रियों को ले जा रही बस पलट गई। दुर्घटनाग्रस्त बस ट्राफिको कोलिटूर कंपनी की थी। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि जिस सड़क पर यह दुर्घटना हुई, वह सड़क काफी खतरनाक थी। उन्होंने मृतकों की संख्या बढ़कर बीस होने की आशंका जताई। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बचाव का काम जारी है। घायलों को पराटी के साओ प्रेडो डी अलकेंटारा अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया है। प्रशासन इस घटना की जांच कर रहा है, जबकि स्थानीय मीडिया इस दुर्घटना के लिए तकनीकी कारणों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। वॉशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी उद्योगपति संत सिंह चटवाल ने कहा है कि निन्यानवे प्रतिशत सिख भारत से प्यार करते हैं और बहुत ही कम तादाद है उन लोगों की जो खालिस्तान का समर्थन करते हैं। संत सिंह चटवाल ने पीएम मोदी की भी जमकर तारीफ की और कहा कि पीएम मोदी ने सिख समुदाय के लिए बहुत कुछ किया है। भारत-कनाडा के बीच जारी विवाद में खालिस्तान का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है, ऐसे में संत सिंह चटवाल का यह बयान बेहद अहम है। मीडिया से बात करते हुए संत सिंह चटवाल ने कहा कि 'मुश्किल से कुछ लोग होंगे जो खालिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। कुछ गलतफहमी हो रही है। हम निन्यानवे प्रतिशत से ज्यादा सिख भारत को प्यार करते हैं। भारत हमारा देश है और किसी की भी खालिस्तान में रुचि नहीं है। भारतीय अमेरिकी उद्योगपति ने कहा कि मैं इसे लेकर साफ हूं कि बहुत कम लोग खालिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। मुझे पता नहीं उन्हें फंडिंग कहां से मिल रही है और जो लोग खालिस्तान की मांग कर रहे हैं, वो कभी पंजाब गए भी नहीं हैं। मुझे सिख होने पर गर्व है। चटवाल ने कहा कि निन्यानवे फीसदी सिख समुदाय भारत को अपना देश मानता है। मुझे समझ नहीं आता कि खालिस्तानी कैसे अलग देश के बारे में सोच रहे हैं। वो चाहे कनाडा में हो या फिर अमेरिका में, कोई भी उनका समर्थन नहीं कर रहा है। चटवाल ने कहा कि 'भारत में सिख समुदाय के लोग कई अहम पदों पर हैं। हमारे सिख मंत्री हैं, हरदीप सिंह पुरी। सिख राजदूत संधू साहब, यहां अमेरिका में हैं। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे हैं और ज्ञानी जैल सिंह राष्ट्रपति। इनके अलावा आर्मी, वायुसेना और नौसेना चीफ जैसे अहम पदों पर भी सिखों ने सेवाएं दी हैं। हमे अमेरिका में भी अच्छी सुविधाएं मिल ही है। हम भारत आते-जाते हैं। हमें भारत से प्यार है।' बता दें कि संत सिंह चटवाल अमेरिका के एक मशहूर उद्योगपति और विभिन्न होटलों के मालिक हैं।
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कटिहार में मिलिट्री इंटेलिजेंस द्वारा मिली गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मधेपुरा गांव में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन करने में सफलता हासिल की है। कटिहार पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली वैसे ही एसपी जितेंद्र कुमार ने सदर एसडीपीओ ओम प्रकाश के नेतृत्व में मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम गठित कर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मधेपुरा गांव में शुक्रवार कि देर रात 11:00 बजे घुसकर छापेमारी की । सुबह के 3:00 बजे तक चली इस बड़ी कार्रवाई में गन फैक्ट्री के एक संचालक नगर थाना क्षेत्र के हरी गंज निवासी मोहम्मद जलील के पुत्र 35 वर्षीय मोहम्मद आसिक को गिरफ्तार कर लिया।
वही गिरफ्तार शख्स घर से अर्ध निर्मित तीन पिस्टल ,एक रिवाल्वर , 2 देसी पिस्तौल समेत कई आधुनिक अर्ध निर्मित हथियार 20 जिंदा कारतूस को बरामद किया। जितेंद्र कुमार मामले को लेकर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि गिरफ्तार गन फैक्ट्री के संचालक से पूछताछ की जा रही है कि हथियारों के कहां-कहां से सप्लाई किया है। सप्लाई की चिन्हित स्थलों पर छापेमारी जा रही है जल्द ही उसे भी उद्भेदन कर लिया जाएगा । छापेमारी व बरामदगी अभियान में मुफस्सिल थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार, दंड खोड़ा थाना अध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ,मुफस्सिल थाना अवर निरीक्षक राजेश कुमार, विकास कुमार सहित अन्य शामिल थे।
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कटिहार में मिलिट्री इंटेलिजेंस द्वारा मिली गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मधेपुरा गांव में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन करने में सफलता हासिल की है। कटिहार पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली वैसे ही एसपी जितेंद्र कुमार ने सदर एसडीपीओ ओम प्रकाश के नेतृत्व में मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम गठित कर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मधेपुरा गांव में शुक्रवार कि देर रात ग्यारह:शून्य बजे घुसकर छापेमारी की । सुबह के तीन:शून्य बजे तक चली इस बड़ी कार्रवाई में गन फैक्ट्री के एक संचालक नगर थाना क्षेत्र के हरी गंज निवासी मोहम्मद जलील के पुत्र पैंतीस वर्षीय मोहम्मद आसिक को गिरफ्तार कर लिया। वही गिरफ्तार शख्स घर से अर्ध निर्मित तीन पिस्टल ,एक रिवाल्वर , दो देसी पिस्तौल समेत कई आधुनिक अर्ध निर्मित हथियार बीस जिंदा कारतूस को बरामद किया। जितेंद्र कुमार मामले को लेकर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि गिरफ्तार गन फैक्ट्री के संचालक से पूछताछ की जा रही है कि हथियारों के कहां-कहां से सप्लाई किया है। सप्लाई की चिन्हित स्थलों पर छापेमारी जा रही है जल्द ही उसे भी उद्भेदन कर लिया जाएगा । छापेमारी व बरामदगी अभियान में मुफस्सिल थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार, दंड खोड़ा थाना अध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ,मुफस्सिल थाना अवर निरीक्षक राजेश कुमार, विकास कुमार सहित अन्य शामिल थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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पटना : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), पटना द्वारा आज "आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमः चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध" विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता कर रहे पीआईबी, पटना के अपर महानिदेशक श्री शैलेश कुमार मालवीय ने विषय प्रवेश संबोधन में कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि चीनी एप्स पर पाबंदी लगाने की जरूरत क्यों महसूस हुई। यह किस तरह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक खतरा बन गये हैं। साथ ही साथ हमारी आर्थिक सुरक्षा में भी इन एप्स के जरिए किस प्रकार से सेंध लगाया जा सकता है। एक आम आदमी साइबर क्राइम से कैसे बच सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि चीनी एप्स पर पाबंदी लगाने के पश्चात हमें आत्मनिर्भरता के तहत अपने लिए स्वदेशी एप्स बनाने की दिशा में अग्रसर होने की जरूरत है।
मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में बोलते हुए एडीजी आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पुलिस के श्री जी एस गंगवार ने कहा कि भारत सरकार ने 29 जून 2020 को 59 चीनी एप्स पर आईटी एक्ट की धारा 69 के तहत पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे एप्स जब दूसरे देशों में लोकप्रिय कराए जाते हैं तो राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ता ही है। उन्होंने कई तरह के संभावित खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे एप्प्स से हमारी एकता, अखंडता, संप्रभुता, सुरक्षा, लोक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया जा सकता है। श्री गंगवार ने कहा कि भारत में 60 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं जबकि इन्टरनेट इस्तेमाल करने वाले 80 करोड़ उपभोक्ता हैं। उन्होने कहा कि प्रतिबंधित एप्सचाइनीज टिक टॉक 50 प्रतिशत अधिक सूचनाएँ अन्य एप्स की तुलना में मांगता हैं ।
श्री गंगवार ने कहा कि आज इंटरनेट पर डाटा ट्रांसफर की जो दर है, वह बहुत ही विशाल है। इस समय लगभग डेढ़ लाख जीबी प्रति सेकंड की दर से डाटा का ट्रांसफर होता है। इन डाटा की वाशिंग और प्रोसेसिंग की जाती है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंततः इस डेटा का उपयोग कहां और कैसे होता है। उन्होंने कहा कि एप्स द्वारा ऐसी-ऐसी जानकारियां और परमिशन मांगे जाते हैं, जिनकी कोई खास जरूरत नहीं होती। उन्होंने डाटा को आज का आयल/तेल बताया जिसे कंपनियां थर्ड पार्टी को बेचकर कमाई करती हैं। इन सबसे बचने के उपायों के बारे में उल्लेख करते हुए श्री गंगवार ने 'टैलेंट टैपिंग इकोसिस्टम' बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल डाटा पर नियंत्रण तभी संभव हो सकेगा, जब इस तरह के सारे ऐप्स हमारे अपने हो। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन में बाहरी कंपनियों द्वारा समय पर और पूरा सहयोग नहीं मिलता।
वेबिनार में अतिथि वक्ता के तौर पर शामिल राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट), पटना सेंटर के डायरेक्टर-इन-चार्ज श्री आलोक त्रिपाठी ने कहा कि पहले इस तरह का डिजिटाइजेशन नहीं था लेकिन अब हम तेजी से डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहे हैं। डिजिटाइजेशन हमारे जीवन के हर पहलू को छू रहा है। हमारे पूरे सामाजिक जीवन को डिजिटाइजेशन प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई नई चीज आती है तो वह अपने साथ चुनौतियां भी लेकर आती है। हमें डिजिटल इकॉनमी व डिजिटाइजेशन से जुड़ी चुनौतियां का भी सामना करना पड़ेगा। श्री त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा चाइना की 59 एप्प पर प्रतिबंध लगाया जाना बिल्कुल सही फैसला था क्योंकि चाइनिज एप्प कंपनियां हमारे लोगों की डेटा की चोरी कर रही थीं। 'इंफार्मेशन वारफेयर' की स्थिति में हमारे डेटा का गलत इस्तेमाल किया जा सकता था, लिहाजा सरकार के द्वारा सही समय पर उचित कदम उठाया गया। कलपक्कम न्यूक्लियर पावर प्लांट पर साइबर हमले की खबर यह बताने के लिए काफी है कि इंफार्मेशन वारफेयर में यह हमारे देश के लिए किस तरह गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकता है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध लगाने से जहां लोगों की निजी डेटा की चोरी को रोका गया, वहीं चीन को आर्थिक रूप से भी नुकसान हुआ है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए आईटी कंपनियों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर काम करना होगा।
अतिथि वक्ता के तौर पर राष्ट्रीय सहारा के पूर्व वरिष्ठ समूह संपादक श्री ओंकारेश्वर पांडेय ने कहा कि जो घटना 15 जून को गलवान घाटी में हुई, उसके महज एक ही हफ्ते में भारत में 40,300 बार साइबर हमले किए गए थे। यह घटना इस बात की तस्दीक करती है कि केंद्र सरकार के द्वारा चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध लगाया जाना कितना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि भारत सोशल मीडिया का बहुत बड़ा बाजार है और एक आंकड़े के मुताबिक 59 चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध लगाए जाने से चीन को करीब 6 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। हमारी मौजूदा सरकार कठोर फैसले लेने के लिए ही जानी जाती है और उसी का नतीजा है कि केंद्र सरकार ने बिना देरी किए चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल डेटा चोरी या आर्थिक लाभ का मामला नहीं है बल्कि डेटा के दुरुपयोग से हमारे मजबूत लोकतांत्रिक एवं सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का भी मामला है। श्री पांडेय ने कहा कि हमारी आबादी बहुत बड़ी है और यहां किसी भी स्वदेशी एप को तुरंत लोकप्रियता मिल सकती है। सरकार के द्वारा चलाई जा रही' मेक इन इंडिया' योजना के माध्यम से इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
भवन निर्माण विभाग, बिहार सरकार के विशेष सचिव एवं बीएसएनएल, बिहार सर्कल के पूर्व जीएम श्री मनीष कुमार ने वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि देश में डिजिटाइजेशन के माध्यम से 40 लाख नए रोजगार की संभावनाएं हैं। भारत में बैन किए गए चाइनीज एप के विकल्प में बहुत सारे स्वदेशी एप्प का निर्माण किया जा चुका है। शेयर ऑल, फोटो वीडिया मेकर एंड म्यूजिक, से नमस्ते जैसे कुछ स्वदेशी एप्प बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति में आत्मनिर्भरता देश के लिए बेहद जरूरी है।
अतिथि वक्ता के रूप में IIM लखनऊ से PGDM एवं ई-गवर्नेंस कंपनी, दिल्ली में पूर्व CFO रहे साइबर गुरु श्री राहुल कृष्ण ने कहा कि हमें स्कूली स्तर पर ही डिजिटल इंडिया के सिलेबस को समाहित करना होगा, ताकि बच्चे कम उम्र से ही डिजिटली साउंड हो सकें। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर डेटा प्राइवेसी पॉलिसी बनाने की भी जरूरत महसूस की जा रही है। केंद्र सरकार को इस दिशा में भी कदम उठाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन पीआईबी के सहायक निदेशक श्री संजय कुमार ने तथा समापन संबोधन व धन्यवाद ज्ञापन पीआईबी के निदेशक श्री दिनेश कुमार ने किया।
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पटना : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय , पटना द्वारा आज "आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमः चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध" विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता कर रहे पीआईबी, पटना के अपर महानिदेशक श्री शैलेश कुमार मालवीय ने विषय प्रवेश संबोधन में कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि चीनी एप्स पर पाबंदी लगाने की जरूरत क्यों महसूस हुई। यह किस तरह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक खतरा बन गये हैं। साथ ही साथ हमारी आर्थिक सुरक्षा में भी इन एप्स के जरिए किस प्रकार से सेंध लगाया जा सकता है। एक आम आदमी साइबर क्राइम से कैसे बच सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि चीनी एप्स पर पाबंदी लगाने के पश्चात हमें आत्मनिर्भरता के तहत अपने लिए स्वदेशी एप्स बनाने की दिशा में अग्रसर होने की जरूरत है। मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में बोलते हुए एडीजी आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पुलिस के श्री जी एस गंगवार ने कहा कि भारत सरकार ने उनतीस जून दो हज़ार बीस को उनसठ चीनी एप्स पर आईटी एक्ट की धारा उनहत्तर के तहत पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे एप्स जब दूसरे देशों में लोकप्रिय कराए जाते हैं तो राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ता ही है। उन्होंने कई तरह के संभावित खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे एप्प्स से हमारी एकता, अखंडता, संप्रभुता, सुरक्षा, लोक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया जा सकता है। श्री गंगवार ने कहा कि भारत में साठ करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं जबकि इन्टरनेट इस्तेमाल करने वाले अस्सी करोड़ उपभोक्ता हैं। उन्होने कहा कि प्रतिबंधित एप्सचाइनीज टिक टॉक पचास प्रतिशत अधिक सूचनाएँ अन्य एप्स की तुलना में मांगता हैं । श्री गंगवार ने कहा कि आज इंटरनेट पर डाटा ट्रांसफर की जो दर है, वह बहुत ही विशाल है। इस समय लगभग डेढ़ लाख जीबी प्रति सेकंड की दर से डाटा का ट्रांसफर होता है। इन डाटा की वाशिंग और प्रोसेसिंग की जाती है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंततः इस डेटा का उपयोग कहां और कैसे होता है। उन्होंने कहा कि एप्स द्वारा ऐसी-ऐसी जानकारियां और परमिशन मांगे जाते हैं, जिनकी कोई खास जरूरत नहीं होती। उन्होंने डाटा को आज का आयल/तेल बताया जिसे कंपनियां थर्ड पार्टी को बेचकर कमाई करती हैं। इन सबसे बचने के उपायों के बारे में उल्लेख करते हुए श्री गंगवार ने 'टैलेंट टैपिंग इकोसिस्टम' बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल डाटा पर नियंत्रण तभी संभव हो सकेगा, जब इस तरह के सारे ऐप्स हमारे अपने हो। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन में बाहरी कंपनियों द्वारा समय पर और पूरा सहयोग नहीं मिलता। वेबिनार में अतिथि वक्ता के तौर पर शामिल राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान , पटना सेंटर के डायरेक्टर-इन-चार्ज श्री आलोक त्रिपाठी ने कहा कि पहले इस तरह का डिजिटाइजेशन नहीं था लेकिन अब हम तेजी से डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहे हैं। डिजिटाइजेशन हमारे जीवन के हर पहलू को छू रहा है। हमारे पूरे सामाजिक जीवन को डिजिटाइजेशन प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई नई चीज आती है तो वह अपने साथ चुनौतियां भी लेकर आती है। हमें डिजिटल इकॉनमी व डिजिटाइजेशन से जुड़ी चुनौतियां का भी सामना करना पड़ेगा। श्री त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा चाइना की उनसठ एप्प पर प्रतिबंध लगाया जाना बिल्कुल सही फैसला था क्योंकि चाइनिज एप्प कंपनियां हमारे लोगों की डेटा की चोरी कर रही थीं। 'इंफार्मेशन वारफेयर' की स्थिति में हमारे डेटा का गलत इस्तेमाल किया जा सकता था, लिहाजा सरकार के द्वारा सही समय पर उचित कदम उठाया गया। कलपक्कम न्यूक्लियर पावर प्लांट पर साइबर हमले की खबर यह बताने के लिए काफी है कि इंफार्मेशन वारफेयर में यह हमारे देश के लिए किस तरह गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकता है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध लगाने से जहां लोगों की निजी डेटा की चोरी को रोका गया, वहीं चीन को आर्थिक रूप से भी नुकसान हुआ है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए आईटी कंपनियों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर काम करना होगा। अतिथि वक्ता के तौर पर राष्ट्रीय सहारा के पूर्व वरिष्ठ समूह संपादक श्री ओंकारेश्वर पांडेय ने कहा कि जो घटना पंद्रह जून को गलवान घाटी में हुई, उसके महज एक ही हफ्ते में भारत में चालीस,तीन सौ बार साइबर हमले किए गए थे। यह घटना इस बात की तस्दीक करती है कि केंद्र सरकार के द्वारा चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध लगाया जाना कितना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि भारत सोशल मीडिया का बहुत बड़ा बाजार है और एक आंकड़े के मुताबिक उनसठ चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध लगाए जाने से चीन को करीब छः मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। हमारी मौजूदा सरकार कठोर फैसले लेने के लिए ही जानी जाती है और उसी का नतीजा है कि केंद्र सरकार ने बिना देरी किए चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल डेटा चोरी या आर्थिक लाभ का मामला नहीं है बल्कि डेटा के दुरुपयोग से हमारे मजबूत लोकतांत्रिक एवं सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का भी मामला है। श्री पांडेय ने कहा कि हमारी आबादी बहुत बड़ी है और यहां किसी भी स्वदेशी एप को तुरंत लोकप्रियता मिल सकती है। सरकार के द्वारा चलाई जा रही' मेक इन इंडिया' योजना के माध्यम से इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। भवन निर्माण विभाग, बिहार सरकार के विशेष सचिव एवं बीएसएनएल, बिहार सर्कल के पूर्व जीएम श्री मनीष कुमार ने वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि देश में डिजिटाइजेशन के माध्यम से चालीस लाख नए रोजगार की संभावनाएं हैं। भारत में बैन किए गए चाइनीज एप के विकल्प में बहुत सारे स्वदेशी एप्प का निर्माण किया जा चुका है। शेयर ऑल, फोटो वीडिया मेकर एंड म्यूजिक, से नमस्ते जैसे कुछ स्वदेशी एप्प बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति में आत्मनिर्भरता देश के लिए बेहद जरूरी है। अतिथि वक्ता के रूप में IIM लखनऊ से PGDM एवं ई-गवर्नेंस कंपनी, दिल्ली में पूर्व CFO रहे साइबर गुरु श्री राहुल कृष्ण ने कहा कि हमें स्कूली स्तर पर ही डिजिटल इंडिया के सिलेबस को समाहित करना होगा, ताकि बच्चे कम उम्र से ही डिजिटली साउंड हो सकें। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर डेटा प्राइवेसी पॉलिसी बनाने की भी जरूरत महसूस की जा रही है। केंद्र सरकार को इस दिशा में भी कदम उठाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन पीआईबी के सहायक निदेशक श्री संजय कुमार ने तथा समापन संबोधन व धन्यवाद ज्ञापन पीआईबी के निदेशक श्री दिनेश कुमार ने किया।
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- #Petrol PricePetrol-Diesel Price 06July: पीएम मोदी के भाषण के बाद क्या कम हुए इस राज्य में पेट्रोल के दाम?
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने की चौतरफा मांग के बीच यह संकेत मिले थे कि सरकार इस मांग पर विचार कर सकती है। लेकिन शुक्रवार को हुई जीएसटी काउंसिल की बैटक में जीएसटी काउंसिल के मेंबर सुशील कुमार मोदी ने निकट भविष्य में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की संभावना से इनकार कर दिया। अब इस मुद्दे पर वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि अगर ईंधन को जीएसटी के तहत लाते हैं तो कीमतों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
वित्त सचिव ने कहा कि, पेट्रोल की कीमत और जीएसटी के तहत पेट्रोल लाने के बीच बहुत ज्यादा कनेक्शन नहीं है। यदि यह जीएसटी के तहत लाया गया और रेवेन्यू-न्यूट्रल रेट लागू होता है, तो कीमत कम होने की संभावना नहीं है। अगर रेवेन्यू-न्यूट्रल रेट लागू नहीं होता है, तो यह सस्ता होगा, लेकिन केंद्र और राज्यों को रेवेन्यू छोड़ना होगा।
इससे पहले, कल उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जब जीएसटी में लाया जाएगा तो इनको कर की 28% की सबसे ऊंची दर के तहत रखा जाएगा। इसके साथ इन वस्तुओं पर राज्य भी कुछ कर लगा सकेंगे और इस तरह इनकी खुदरा कीमतें मौजूदा स्तर के आस पास बनी रहेंगी। मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्यों के साथ सहमति बनाने में अभी कुछ समय लगेगा और परिषद ही इस पर अंतिम फैसला समय पर लेगी।
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इच्छुक हैं उसके लिए मैगनम छोटे बोर की राइफलों की गोलियाँ बहुत हलकी हैं । जरमन फौजी ३११ बोर की एक परित्यक्त २२७ ग्रेन की गोली को छोड़ दिया जाय तो इस ग्रूप में कोई गोली २२० ग्रेन से अधिक तौल की नहीं है। स्पष्ट है कि शेर और भैंसे के लिए यह २२० ग्रेन बहुत कम है।
इस छान-बीन के बाद केवल मैगनम मध्यम ग्रूप बच रहता है। मैंने इस ग्रूप की तालिका में पाँच राइफलें दिखायी हैं और अमरीकन तालिका की एक ३४८ बोर विनचेस्टर भी इसी ग्रुप की राइफल है । यदि उसे भी मिला लिया जाय तो इस ग्रूप में कुल छः राइफलें होती हैं । इन छः में भी एक ३६९ बोर परडी केवल दुनाली के रूप में बनायी जाती है । अतः उसे निकाल देने के बाद हमारे चुनाव के लिए ये पाँच राइफलें बच रही हैं । (१) ३७५ बोर मैगनम, (२) ३५० बोर मैगनम, (३) ३४८ बोर विनचेंस्टर, (४) ३३३ बोर रिमलेस और ( ५ ) ३१८ बोर । ।
इन राइफलों में ३५० बोर मैगनम और ३४८ बोर विनचेस्टर की गोलियों की तौल और व्यास का अनुपात ठीक नहीं है। अर्थात् इनकी तौल इनके व्यास के अनुपात से कम है। अतः इन दोनों को भी निकाल दिया जाय तो केवल तीन राइफलें बच रहती हैं।
(१) ३७५ बोर मैगनम, (२) ३३३ बोर रिमलेस और (३) ३१८ बोर । इन तीनों राइफलों की गोलियाँ वेग, तौल और खण्डीय घनता में अपनी उपमा आप ही हैं। इनका प्रासायन समतलता में छोटे बोर की मैगनम राइफलों से टक्कर खाता है । ३१८ बोर की गोली के व्यास तथा तौल का अनुपात आदर्श है । इस बोर में ३३३ बोर की गोली भी मानो ३१८ बोर का जवाब है । ३७५ मँगनम का तो कहना ही क्या है । फिर इन तीनों राइफलों में यह गुण समान रूप से वर्त्तमान है कि हलके और भारी जानवरों के अनुपात से इनकी गोलियाँ भी वैसी ही हलकी और भारी भी हैं ।
मैंने अपने नौसिखुए शिकारी भाइयों को राइफल के चुनाव की इस सीमा तक पहुँचा दिया है। उनके सामने ये तीन राइफलें उपस्थित हैं जिसे चाहे अपने लिए चुन लें। यदि ईश्वर ने चाहा तो धोका न खायेंगे । इस क्षेत्र को और अधिक संकुचित करने में हाथ काँपता है, कलम थर्राती है और अकारण किसी को अच्छा ठहराने का अपराधी होने का भय लगता है। फिर भी जब मैंने यहाँ तक अपने भाइयों का साथ देने से मुँह न मोड़ा तो अब जब केवल आँखों की सूइयाँ बाकी हैं तो उन का साथ क्यों
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इच्छुक हैं उसके लिए मैगनम छोटे बोर की राइफलों की गोलियाँ बहुत हलकी हैं । जरमन फौजी तीन सौ ग्यारह बोर की एक परित्यक्त दो सौ सत्ताईस ग्रेन की गोली को छोड़ दिया जाय तो इस ग्रूप में कोई गोली दो सौ बीस ग्रेन से अधिक तौल की नहीं है। स्पष्ट है कि शेर और भैंसे के लिए यह दो सौ बीस ग्रेन बहुत कम है। इस छान-बीन के बाद केवल मैगनम मध्यम ग्रूप बच रहता है। मैंने इस ग्रूप की तालिका में पाँच राइफलें दिखायी हैं और अमरीकन तालिका की एक तीन सौ अड़तालीस बोर विनचेस्टर भी इसी ग्रुप की राइफल है । यदि उसे भी मिला लिया जाय तो इस ग्रूप में कुल छः राइफलें होती हैं । इन छः में भी एक तीन सौ उनहत्तर बोर परडी केवल दुनाली के रूप में बनायी जाती है । अतः उसे निकाल देने के बाद हमारे चुनाव के लिए ये पाँच राइफलें बच रही हैं । तीन सौ पचहत्तर बोर मैगनम, तीन सौ पचास बोर मैगनम, तीन सौ अड़तालीस बोर विनचेंस्टर, तीन सौ तैंतीस बोर रिमलेस और तीन सौ अट्ठारह बोर । । इन राइफलों में तीन सौ पचास बोर मैगनम और तीन सौ अड़तालीस बोर विनचेस्टर की गोलियों की तौल और व्यास का अनुपात ठीक नहीं है। अर्थात् इनकी तौल इनके व्यास के अनुपात से कम है। अतः इन दोनों को भी निकाल दिया जाय तो केवल तीन राइफलें बच रहती हैं। तीन सौ पचहत्तर बोर मैगनम, तीन सौ तैंतीस बोर रिमलेस और तीन सौ अट्ठारह बोर । इन तीनों राइफलों की गोलियाँ वेग, तौल और खण्डीय घनता में अपनी उपमा आप ही हैं। इनका प्रासायन समतलता में छोटे बोर की मैगनम राइफलों से टक्कर खाता है । तीन सौ अट्ठारह बोर की गोली के व्यास तथा तौल का अनुपात आदर्श है । इस बोर में तीन सौ तैंतीस बोर की गोली भी मानो तीन सौ अट्ठारह बोर का जवाब है । तीन सौ पचहत्तर मँगनम का तो कहना ही क्या है । फिर इन तीनों राइफलों में यह गुण समान रूप से वर्त्तमान है कि हलके और भारी जानवरों के अनुपात से इनकी गोलियाँ भी वैसी ही हलकी और भारी भी हैं । मैंने अपने नौसिखुए शिकारी भाइयों को राइफल के चुनाव की इस सीमा तक पहुँचा दिया है। उनके सामने ये तीन राइफलें उपस्थित हैं जिसे चाहे अपने लिए चुन लें। यदि ईश्वर ने चाहा तो धोका न खायेंगे । इस क्षेत्र को और अधिक संकुचित करने में हाथ काँपता है, कलम थर्राती है और अकारण किसी को अच्छा ठहराने का अपराधी होने का भय लगता है। फिर भी जब मैंने यहाँ तक अपने भाइयों का साथ देने से मुँह न मोड़ा तो अब जब केवल आँखों की सूइयाँ बाकी हैं तो उन का साथ क्यों
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hrithik roshan relationship status : बॉलीवुड के हॉट एक्टर्स में से एक हैं रितिक रोशन। उनकी फिल्मों को लेकर तो खबरें काफी आ रही हैं लेकिन फैन्स जानना चाहते हैं कि वो दोबारा शादी कब करेंगे। बता दें कि रितिक रोशन की पहली शादी उनकी बचपन की दोस्त सुजैन खान से हुई थी। दोनों के इस शादी से दो बेटे भी हैं। लेकिन कुछ साल पहले उनका डिवोर्स हो गया था। इन दिनों चर्चा है कि सुजैन किसी को डेट कर रही हैं। लेकिन रितिक रोशन का क्या प्लान है, इस बारे में फैन्स उनसे जानना चाहते हैं। हालांकि डिवोर्स के बाद से रितिक रोशन का नाम किसी एक्ट्रेस से जुड़ा नहीं है। हाल ही में उनके बर्थडे के मौके पर एक इंटरव्यू में राकेश रोशन ने रितिक रोशन की शादी के बारे में बात की है। आप भी देखें पूरी खबर।
Times Now Navbharat पर पढ़ें Entertainment News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
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hrithik roshan relationship status : बॉलीवुड के हॉट एक्टर्स में से एक हैं रितिक रोशन। उनकी फिल्मों को लेकर तो खबरें काफी आ रही हैं लेकिन फैन्स जानना चाहते हैं कि वो दोबारा शादी कब करेंगे। बता दें कि रितिक रोशन की पहली शादी उनकी बचपन की दोस्त सुजैन खान से हुई थी। दोनों के इस शादी से दो बेटे भी हैं। लेकिन कुछ साल पहले उनका डिवोर्स हो गया था। इन दिनों चर्चा है कि सुजैन किसी को डेट कर रही हैं। लेकिन रितिक रोशन का क्या प्लान है, इस बारे में फैन्स उनसे जानना चाहते हैं। हालांकि डिवोर्स के बाद से रितिक रोशन का नाम किसी एक्ट्रेस से जुड़ा नहीं है। हाल ही में उनके बर्थडे के मौके पर एक इंटरव्यू में राकेश रोशन ने रितिक रोशन की शादी के बारे में बात की है। आप भी देखें पूरी खबर। Times Now Navbharat पर पढ़ें Entertainment News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
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जैन आचार्य और तत्त्व (जैन धर्म)
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
जैन आचार्य vs. तत्त्व (जैन धर्म)
आचार्य कुन्दकुन्द की प्रतिमा जैन धर्म में आचार्य शब्द का अर्थ होता है मुनि संघ के नायक। दिगम्बर संघ के कुछ अति प्रसिद्ध आचार्य हैं- भद्रबाहु, कुन्दकुन्द स्वामी, आचार्य समन्तभद्र, आचार्य उमास्वामी. जैन तत्त्वमीमांसा सात (कभी-कभी नौ, उपश्रेणियाँ मिलाकर) सत्य अथवा मौलिक सिद्धांतों पर आधारित है, जिन्हें तत्त्व कहा जाता है। यह मानव दुर्गति की प्रकृति और उसका निदान करने का प्रयास है। प्रथम दो सत्यों के अनुसार, यह स्वयंसिद्ध है कि जीव और अजीव का अस्तित्व है। तीसरा सत्य है कि दो पदार्थों, जीव और अजीव के मेल से, जो योग कहलाता है, कर्म द्रव्य जीव में प्रवाहित होता है। यह जीव से चिपक जाता है और कर्म में बदल जाता है। चौथा सत्य बंध का कारक है, जो चेतना (जो जीव के स्वभाव में है) की अभिव्यक्ति को सीमित करता है। पांचवां सत्य बताता है कि नए कर्मों की रोक (संवर), सही चारित्र (सम्यकचारित्र), सही दर्शन (सम्यकदर्शन) एवं सही ज्ञान (सम्यकज्ञान) के पालन के माध्यम से आत्मसंयम द्वारा संभव है। गहन आत्मसंयम द्वारा मौजूदा कर्मों को भी जलाया जा सकता, इस छटवें सत्य को "निर्जरा" शब्द द्वारा व्यक्त किया गया है। अंतिम सत्य है कि जब जीव कर्मों के बंधन से मुक्त हो जाता है, तो मोक्ष या निर्वाण को प्राप्त हो जाता है, जो जैन शिक्षा का लक्ष्य है। .
जैन आचार्य और तत्त्व (जैन धर्म) आम में 2 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): द्रव्य (जैन दर्शन), आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰।
द्रव्य (जैन दर्शन)
छः शाश्वत द्रव्य द्रव्य शब्द का प्रयोग जैन दर्शन में द्रव्य (substance) के लिए किया जाता है। जैन दर्शन के अनुसार तीन लोक में कोई भी कार्य निम्नलिखित छः द्रव्य के बिना नहीं हो सकता। अर्थात यह लोक मूल भूत इन छः द्रव्यों से बना हैंः-Grimes, John (1996).
१० और १३ अंकों वाले आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ संख्यांक के अलग-अलग हिस्सों से किताब के बारे में अलग-अलग जानकारी मिलती है अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्यांक, जिसे आम तौर पर आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ ("इन्टर्नैशनल स्टैन्डर्ड बुक नम्बर" या ISBN) संख्यांक कहा जाता है हर किताब को उसका अपना अनूठा संख्यांक (सीरियल नम्बर) देने की विधि है। इस संख्यांक के ज़रिये विश्व में छपी किसी भी किताब को खोजा जा सकता है और उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पहले यह केवल उत्तर अमेरिका, यूरोप और जापान में प्रचलित था, लेकिन अब धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैल गया है। आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ संख्यांक में १० अंक हुआ करते थे, लेकिन २००७ के बाद से १३ अंक होते हैं। .
जैन आचार्य 13 संबंध है और तत्त्व (जैन धर्म) 6 है। वे आम 2 में है, समानता सूचकांक 10.53% है = 2 / (13 + 6)।
यह लेख जैन आचार्य और तत्त्व (जैन धर्म) के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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जैन आचार्य और तत्त्व शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। जैन आचार्य vs. तत्त्व आचार्य कुन्दकुन्द की प्रतिमा जैन धर्म में आचार्य शब्द का अर्थ होता है मुनि संघ के नायक। दिगम्बर संघ के कुछ अति प्रसिद्ध आचार्य हैं- भद्रबाहु, कुन्दकुन्द स्वामी, आचार्य समन्तभद्र, आचार्य उमास्वामी. जैन तत्त्वमीमांसा सात सत्य अथवा मौलिक सिद्धांतों पर आधारित है, जिन्हें तत्त्व कहा जाता है। यह मानव दुर्गति की प्रकृति और उसका निदान करने का प्रयास है। प्रथम दो सत्यों के अनुसार, यह स्वयंसिद्ध है कि जीव और अजीव का अस्तित्व है। तीसरा सत्य है कि दो पदार्थों, जीव और अजीव के मेल से, जो योग कहलाता है, कर्म द्रव्य जीव में प्रवाहित होता है। यह जीव से चिपक जाता है और कर्म में बदल जाता है। चौथा सत्य बंध का कारक है, जो चेतना की अभिव्यक्ति को सीमित करता है। पांचवां सत्य बताता है कि नए कर्मों की रोक , सही चारित्र , सही दर्शन एवं सही ज्ञान के पालन के माध्यम से आत्मसंयम द्वारा संभव है। गहन आत्मसंयम द्वारा मौजूदा कर्मों को भी जलाया जा सकता, इस छटवें सत्य को "निर्जरा" शब्द द्वारा व्यक्त किया गया है। अंतिम सत्य है कि जब जीव कर्मों के बंधन से मुक्त हो जाता है, तो मोक्ष या निर्वाण को प्राप्त हो जाता है, जो जैन शिक्षा का लक्ष्य है। . जैन आचार्य और तत्त्व आम में दो बातें हैं : द्रव्य , आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰। द्रव्य छः शाश्वत द्रव्य द्रव्य शब्द का प्रयोग जैन दर्शन में द्रव्य के लिए किया जाता है। जैन दर्शन के अनुसार तीन लोक में कोई भी कार्य निम्नलिखित छः द्रव्य के बिना नहीं हो सकता। अर्थात यह लोक मूल भूत इन छः द्रव्यों से बना हैंः-Grimes, John . दस और तेरह अंकों वाले आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ संख्यांक के अलग-अलग हिस्सों से किताब के बारे में अलग-अलग जानकारी मिलती है अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्यांक, जिसे आम तौर पर आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ संख्यांक कहा जाता है हर किताब को उसका अपना अनूठा संख्यांक देने की विधि है। इस संख्यांक के ज़रिये विश्व में छपी किसी भी किताब को खोजा जा सकता है और उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पहले यह केवल उत्तर अमेरिका, यूरोप और जापान में प्रचलित था, लेकिन अब धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैल गया है। आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ संख्यांक में दस अंक हुआ करते थे, लेकिन दो हज़ार सात के बाद से तेरह अंक होते हैं। . जैन आचार्य तेरह संबंध है और तत्त्व छः है। वे आम दो में है, समानता सूचकांक दस.तिरेपन% है = दो / । यह लेख जैन आचार्य और तत्त्व के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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यह एक रसायन प्रयोगशाला सुरक्षा अनुबंध है जिसे आप पढ़ सकते हैं या छात्रों और माता-पिता को पढ़ने के लिए असाइन कर सकते हैं। रसायन शास्त्र प्रयोगशाला में रसायन, अग्नि, और अन्य खतरे शामिल हैं। शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- मैं रसायन शास्त्र प्रयोगशाला में जिम्मेदारी से व्यवहार करूंगा। झुकाव, चारों ओर दौड़ना, दूसरों को धक्का देना, दूसरों को विकृत करना और घोड़े की नाल के परिणामस्वरूप प्रयोगशाला में दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
- मैं केवल अपने प्रशिक्षक द्वारा अधिकृत प्रयोगों का प्रदर्शन करूंगा। अपने स्वयं के प्रयोग करने के लिए खतरनाक हो सकता है। साथ ही, अतिरिक्त प्रयोग करने से अन्य छात्रों से संसाधन दूर हो सकते हैं।
- मैं प्रयोगशाला में भोजन नहीं पीता या पेय नहीं पीता।
- मैं रसायन शास्त्र प्रयोगशाला के लिए उचित रूप से तैयार करूंगा। लंबे बालों को बांधें ताकि यह आग या रसायनों में न आ सकें, बंद-पैर के जूते पहनें (कोई सैंडल या फ्लिप-फ्लॉप) पहनें, और गहने या कपड़ों को लटकने से बचें जो खतरे पैदा कर सकते हैं।
- मैं सीखूंगा कि लैब सुरक्षा उपकरण कहां स्थित है और इसका उपयोग कैसे करें।
- अगर मैं प्रयोगशाला में घायल हो या रासायनिक द्वारा छिड़काव कर दूं तो मैं तुरंत अपने प्रशिक्षक को सूचित करूंगा, भले ही कोई चोट स्पष्ट न हो।
छात्रः मैंने इन सुरक्षा नियमों की समीक्षा की है और उनका पालन करेंगे। मैं अपने प्रयोगशाला प्रशिक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए सहमत हूं।
छात्र के हस्ताक्षरः
तारीखः
अभिभावक या अभिभावकः इन सुरक्षा नियमों की समीक्षा की है और एक सुरक्षित प्रयोगशाला वातावरण बनाने और बनाए रखने में मेरे बच्चे और शिक्षक का समर्थन करने के लिए सहमत हैं।
अभिभावक या अभिभावक हस्ताक्षरः
तारीखः
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यह एक रसायन प्रयोगशाला सुरक्षा अनुबंध है जिसे आप पढ़ सकते हैं या छात्रों और माता-पिता को पढ़ने के लिए असाइन कर सकते हैं। रसायन शास्त्र प्रयोगशाला में रसायन, अग्नि, और अन्य खतरे शामिल हैं। शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। - मैं रसायन शास्त्र प्रयोगशाला में जिम्मेदारी से व्यवहार करूंगा। झुकाव, चारों ओर दौड़ना, दूसरों को धक्का देना, दूसरों को विकृत करना और घोड़े की नाल के परिणामस्वरूप प्रयोगशाला में दुर्घटनाएं हो सकती हैं। - मैं केवल अपने प्रशिक्षक द्वारा अधिकृत प्रयोगों का प्रदर्शन करूंगा। अपने स्वयं के प्रयोग करने के लिए खतरनाक हो सकता है। साथ ही, अतिरिक्त प्रयोग करने से अन्य छात्रों से संसाधन दूर हो सकते हैं। - मैं प्रयोगशाला में भोजन नहीं पीता या पेय नहीं पीता। - मैं रसायन शास्त्र प्रयोगशाला के लिए उचित रूप से तैयार करूंगा। लंबे बालों को बांधें ताकि यह आग या रसायनों में न आ सकें, बंद-पैर के जूते पहनें पहनें, और गहने या कपड़ों को लटकने से बचें जो खतरे पैदा कर सकते हैं। - मैं सीखूंगा कि लैब सुरक्षा उपकरण कहां स्थित है और इसका उपयोग कैसे करें। - अगर मैं प्रयोगशाला में घायल हो या रासायनिक द्वारा छिड़काव कर दूं तो मैं तुरंत अपने प्रशिक्षक को सूचित करूंगा, भले ही कोई चोट स्पष्ट न हो। छात्रः मैंने इन सुरक्षा नियमों की समीक्षा की है और उनका पालन करेंगे। मैं अपने प्रयोगशाला प्रशिक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए सहमत हूं। छात्र के हस्ताक्षरः तारीखः अभिभावक या अभिभावकः इन सुरक्षा नियमों की समीक्षा की है और एक सुरक्षित प्रयोगशाला वातावरण बनाने और बनाए रखने में मेरे बच्चे और शिक्षक का समर्थन करने के लिए सहमत हैं। अभिभावक या अभिभावक हस्ताक्षरः तारीखः
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मैक्सवेल ने रांची टेस्ट मैच में अपना पहला शतक जड़ा था। इसके साथ ही वह खेल के तीनों प्रारूपों में शतक जमाने वाले आस्ट्रेलिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले आस्ट्रेलिया के लिए शेन वाटसन ही यह कारनामा कर सके हैं।
खेल के छोटे प्रारूप में अपने आक्रामक अंदाज के लिए मशहूर मैक्सवेल ने रांची टेस्ट के बाद कहा कि वह लगातार खेल के तीनों प्रारूपों में खेलना चाहते हैं।
भारत-आस्ट्रेलिया के श्रृंखला का आखिरी और चौथा मैच शनिवार से धर्मशाला में शुरू होगा।
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मैक्सवेल ने रांची टेस्ट मैच में अपना पहला शतक जड़ा था। इसके साथ ही वह खेल के तीनों प्रारूपों में शतक जमाने वाले आस्ट्रेलिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले आस्ट्रेलिया के लिए शेन वाटसन ही यह कारनामा कर सके हैं। खेल के छोटे प्रारूप में अपने आक्रामक अंदाज के लिए मशहूर मैक्सवेल ने रांची टेस्ट के बाद कहा कि वह लगातार खेल के तीनों प्रारूपों में खेलना चाहते हैं। भारत-आस्ट्रेलिया के श्रृंखला का आखिरी और चौथा मैच शनिवार से धर्मशाला में शुरू होगा।
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इंडिया न्यूज, इंदौरः
Indore Police Reunites Child With Family: मध्य प्रदेश के इंदौर में 4 साल के एक बच्चे ने ऐसी जिद पकड़ी जिसे सुनकर आप भी अपने आपको मुस्कुराने से रोक नहीं पाएंगे। दरअसल, इंदौर में एक बच्चा अपने घर से निकलकर रास्ता भटक गया। राहगीर उसे थाने ले आए, यहां पुलिस वालों को बच्चे से घर का पता पूछने के लिए पहले उससे दोस्ती करनी पड़ी। लेकिन दोस्ती भी थाने में पोहा खिलाकर हुई। उस बच्चे को पुलिस वालों के साथ पोहा खाने में इतना मजा आने लगा कि घर मिलने के बाद भी बच्चे ने जिद पकड़ ली कि उसे घर नहीं जाना, बल्कि थाने में ही रहना है।
मामला इंदौर के विजय नगर इलाके का है, यहां एक राहगीर को शनिवार सुबह 6 बजे बच्चा रोता हुआ मिला था। राहगीर ने पुलिस की एफआरवी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे से उसके घर का पता पूछने की कोशिश की, लेकिन बच्चा इतना ज्यादा घबराया हुआ था कि कुछ बता नहीं पाया। मामले में कार्यवाई करते हुए पुलिस बच्चे का घर ढूंढने के चक्कर में 5 से ज्यादा थाना क्षेत्रों में उसे लेकर घूमती रही।
बच्चे का घर ढूंढने के लिए 5 थाना क्षेत्रों में घूमने के बाद भी पुलिस को बच्चे का घर नहीं मिला, तब पुलिस बच्चे को विजय नगर थाने ले गई और उससे दोस्ती करने की कोशिश की। पुलिस ने बच्चे को नाश्ते में पोहा-जलेबी खिलाया, तब जाकर उसने अपना नाम और पता बताया। लेकिन इसके बाद एक बड़ी दिक्कत आ गई। पोहा खाने के बाद बच्चा घर जाने से मना करने लगा। पुलिस ने किसी तरह मनाकर उसे घर भेजा।
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इंडिया न्यूज, इंदौरः Indore Police Reunites Child With Family: मध्य प्रदेश के इंदौर में चार साल के एक बच्चे ने ऐसी जिद पकड़ी जिसे सुनकर आप भी अपने आपको मुस्कुराने से रोक नहीं पाएंगे। दरअसल, इंदौर में एक बच्चा अपने घर से निकलकर रास्ता भटक गया। राहगीर उसे थाने ले आए, यहां पुलिस वालों को बच्चे से घर का पता पूछने के लिए पहले उससे दोस्ती करनी पड़ी। लेकिन दोस्ती भी थाने में पोहा खिलाकर हुई। उस बच्चे को पुलिस वालों के साथ पोहा खाने में इतना मजा आने लगा कि घर मिलने के बाद भी बच्चे ने जिद पकड़ ली कि उसे घर नहीं जाना, बल्कि थाने में ही रहना है। मामला इंदौर के विजय नगर इलाके का है, यहां एक राहगीर को शनिवार सुबह छः बजे बच्चा रोता हुआ मिला था। राहगीर ने पुलिस की एफआरवी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे से उसके घर का पता पूछने की कोशिश की, लेकिन बच्चा इतना ज्यादा घबराया हुआ था कि कुछ बता नहीं पाया। मामले में कार्यवाई करते हुए पुलिस बच्चे का घर ढूंढने के चक्कर में पाँच से ज्यादा थाना क्षेत्रों में उसे लेकर घूमती रही। बच्चे का घर ढूंढने के लिए पाँच थाना क्षेत्रों में घूमने के बाद भी पुलिस को बच्चे का घर नहीं मिला, तब पुलिस बच्चे को विजय नगर थाने ले गई और उससे दोस्ती करने की कोशिश की। पुलिस ने बच्चे को नाश्ते में पोहा-जलेबी खिलाया, तब जाकर उसने अपना नाम और पता बताया। लेकिन इसके बाद एक बड़ी दिक्कत आ गई। पोहा खाने के बाद बच्चा घर जाने से मना करने लगा। पुलिस ने किसी तरह मनाकर उसे घर भेजा।
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जोना, पाजी ( Rascal ) बतलाया जाये अथवा महात्माजीके तंत्र उद्देश्यको खुदराज़ों ( स्वार्धपरायणता ) तथा स्वेच्छा. रिना बतलाया जावे, या जहाँ नेताओंके कैलेण्डरोको अथवा से अध्यापकोंके फ़ोटो वा ऐन सों ( अभिनन्दनपत्रों ) को, जो देश तथा जातिके लिये जेल-यात्रा कर चुके हों, फेंकया या उतरवा दिया जावे।
राष्ट्रीय अर्थात् जनताकी ओरसे बोले हुए विद्यालयोकी देखरेख यदि ऐसे योग्य तथा कर्त्तव्यपरायण पुरुषोंके द्वारा होती रहे जिनमें चाटुकारी, व्यभिचार, स्वेच्छाचार और अभिमान न हो, तो निस्सन्देह ऐसी पाठशालाएँ, चाहे वे बालकोंकी हों वा बालिकाओंकी, दूषित नहीं हो सकतीं और न ऐसे योग्य पुरुषों के द्वारा प्रबन्ध की हुई कन्यापाठशालाओंको "विश्राम-भवन, रसमहल तथा टहरनेका केन्द्रस्थान आदि" कहनेका साहस हो सकता है। इसलिये आधुनिक समयमें यदि सबसे अधिक सुधारकी आवश्यकता है तो केवल शिक्षा प्रणाली, अध्यापकों तथा पाठशालाओंके निरीक्षकों और प्रवन्धकर्त्ताओं के सुधारकी ही है । ये ही डाइनमो ( Dynamo ) # रूप हैं अर्थात् सत्यासत्यप्रचारके मूल कारण है, और इन्हींसे भली या धुरी जो धारा ( Current ) घनती है, वह तमाम देश और जानिमें गुज़रती और अपना प्रभाव डालती हुई चली जाती है। शिक्षकका कार्य घड़ा महत्वशाली है, क्योंकि जीवनका रहस्य और सथा मार्ग * बिजली पैदा करनेका एक पत्र है ।
बतलानेवाला, ज्ञानरूपी चक्षुओंमें अंजन लगानेवाला में कुम्हारकी तरहसे मनुष्य जीवनको जिस ढाँचेमें चाहे ढालनेवाल अर्थात् मनुष्य जीवनके बनानेः या विगाड़नेवाला फेवल शिक्षह ही हो सकता है। कारण, युवावस्था में मनुष्य उन्हीं क अनुसरण करता है जो शैशवावस्थामें उसके हृदयपर अंकित हो गये हों, जैसा कि ऊपर बयान किया गया है। माता-पिता केवल स्थूल शरीरके जन्मदाता है और शिक्षक मस्तिष्कका, जो शरीरमें सबसे श्रेष्ठ है, तथा तमाम शरीरका शासक है, सुधारक है। शिवाजी, लार्ड क्लाइव तथा नैपोलियन बोनापार्ट जय पठनपाठन न कर सके, तो यह उनके शिक्षकोंकी ही बुद्धिमत्ता थी कि उन्होंने उनको घोड़ेपर चढ़ना तथा कुश्ती लड़ना आदि कलाएं सिखाकर जातीयता तथा युद्धवीरताकी साक्षात् मूर्ति यना दिया, जिसका फल यह हुआ कि आज उनको वच्चा यथा केवल जनता हो नहीं किन्तु उनका नाम बड़े गौरवके साथ लेता है। श्रीरामचन्द्रजीने रावण जैसे चक्रवर्ती राजा और श्रीकृष्णचन्द्रजीने कंस जैसे महाप्रतापी राजापर जो विजय पायी, वह केवल उनके शिक्षकका ही प्रभाव था। परन्तु हाय ! आज शिक्षक लोग मायने हुए, कक्षामें ऊपते तथा कुर्सीपर बैठे, मूछे मरोड़कर या सिरॉपर हाथ फेरते हुए, महीनेके दिन पूरे कर देने है, और यदि किसने यहुत मेहरवानी की, तो फोर्सको किताबको "चित्रकूटके घाटपर मई संतनकी भीड़" की भाँति तोता-रटन्त करा दिया। इसोमे भारतवर्ष आज शिक्षिनमें नहीं कुलियों
● राकी गणनामें समझा जाता है । इङ्गलैण्डमें कोई वालक ..सा नहीं होगा जिसको अध्यापकोने सर वॉटर स्कॉट नामक विकी "Breathes there the Man, with soul so dead. Who never to himself hath said. This is my own ny native land........... यह कविता न सिखायी और याद करायी हो । यही कारण था कि पिछले दिनोंमें, जय यौरप भयंकर संग्रामका शिकार हो रहा था, इडलैण्डकी स्त्रियों, वालकों, युवकों और वृद्धोंने उसमें चन्दा करके सहायता दी । एक* युवतीको यावत् तो, जो अत्यन्त सुन्दरी थी, यहाँ तक कहा जाता है कि उसने अपना चुम्चन ( Kiss ) बाज़ारमें केवल इसीलिये नीलाम किया था कि वह धन सहायतामें दिया जायगा । यह जातीयताका ही प्रभाव था कि युद्धके समयमें जब अनाज कम रह गया, तो वहाँके मनुष्योंने तौलकर अनाज लेना और
* इस परम सुन्दरा रमणीका यह व्यवहार हमारी (हिन्दू)सभ्यताके सर्वथा विरुद्ध तथा अनुचित है। ऐसे व्यवहारको, जतिक मुझे ज्ञात है, कभी भी यहाँ प्रधानता नहीं दी गयी है, और देना उचित है भी नहीं। किन्तु यद वहाँकी सभ्यताके विरुद्ध नहीं है । अतः पाठकगण यह समझ सकते हैं कि उस युवती जानीयताका सच्चा भाव कहाँतक जम गया था कि उसने जाति तथा देश-हिनके आगे अपनी सबसे प्रिय वस्तुको भी कुछ न समझा तभी तो आज यह देश सव देशोंका सिरमौर बना हुआ है। भगवन् ! क्या हमारे यहाँ भी जाति तथा देशमें जागृतिकी सच्ची लहर कभी लहरायेगो बहुत हो चुका ! शीघ्र दया कर दयालुताका परिचय रीजिये । हम केवल यही दया चाहते है कि हममें यह शक्ति उत्पन्न हो कि"सत्य" को इस भाँति कौड़ियोके मोल न बेचें, उसके रचायं अपने पूर्वजों
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जोना, पाजी बतलाया जाये अथवा महात्माजीके तंत्र उद्देश्यको खुदराज़ों तथा स्वेच्छा. रिना बतलाया जावे, या जहाँ नेताओंके कैलेण्डरोको अथवा से अध्यापकोंके फ़ोटो वा ऐन सों को, जो देश तथा जातिके लिये जेल-यात्रा कर चुके हों, फेंकया या उतरवा दिया जावे। राष्ट्रीय अर्थात् जनताकी ओरसे बोले हुए विद्यालयोकी देखरेख यदि ऐसे योग्य तथा कर्त्तव्यपरायण पुरुषोंके द्वारा होती रहे जिनमें चाटुकारी, व्यभिचार, स्वेच्छाचार और अभिमान न हो, तो निस्सन्देह ऐसी पाठशालाएँ, चाहे वे बालकोंकी हों वा बालिकाओंकी, दूषित नहीं हो सकतीं और न ऐसे योग्य पुरुषों के द्वारा प्रबन्ध की हुई कन्यापाठशालाओंको "विश्राम-भवन, रसमहल तथा टहरनेका केन्द्रस्थान आदि" कहनेका साहस हो सकता है। इसलिये आधुनिक समयमें यदि सबसे अधिक सुधारकी आवश्यकता है तो केवल शिक्षा प्रणाली, अध्यापकों तथा पाठशालाओंके निरीक्षकों और प्रवन्धकर्त्ताओं के सुधारकी ही है । ये ही डाइनमो # रूप हैं अर्थात् सत्यासत्यप्रचारके मूल कारण है, और इन्हींसे भली या धुरी जो धारा घनती है, वह तमाम देश और जानिमें गुज़रती और अपना प्रभाव डालती हुई चली जाती है। शिक्षकका कार्य घड़ा महत्वशाली है, क्योंकि जीवनका रहस्य और सथा मार्ग * बिजली पैदा करनेका एक पत्र है । बतलानेवाला, ज्ञानरूपी चक्षुओंमें अंजन लगानेवाला में कुम्हारकी तरहसे मनुष्य जीवनको जिस ढाँचेमें चाहे ढालनेवाल अर्थात् मनुष्य जीवनके बनानेः या विगाड़नेवाला फेवल शिक्षह ही हो सकता है। कारण, युवावस्था में मनुष्य उन्हीं क अनुसरण करता है जो शैशवावस्थामें उसके हृदयपर अंकित हो गये हों, जैसा कि ऊपर बयान किया गया है। माता-पिता केवल स्थूल शरीरके जन्मदाता है और शिक्षक मस्तिष्कका, जो शरीरमें सबसे श्रेष्ठ है, तथा तमाम शरीरका शासक है, सुधारक है। शिवाजी, लार्ड क्लाइव तथा नैपोलियन बोनापार्ट जय पठनपाठन न कर सके, तो यह उनके शिक्षकोंकी ही बुद्धिमत्ता थी कि उन्होंने उनको घोड़ेपर चढ़ना तथा कुश्ती लड़ना आदि कलाएं सिखाकर जातीयता तथा युद्धवीरताकी साक्षात् मूर्ति यना दिया, जिसका फल यह हुआ कि आज उनको वच्चा यथा केवल जनता हो नहीं किन्तु उनका नाम बड़े गौरवके साथ लेता है। श्रीरामचन्द्रजीने रावण जैसे चक्रवर्ती राजा और श्रीकृष्णचन्द्रजीने कंस जैसे महाप्रतापी राजापर जो विजय पायी, वह केवल उनके शिक्षकका ही प्रभाव था। परन्तु हाय ! आज शिक्षक लोग मायने हुए, कक्षामें ऊपते तथा कुर्सीपर बैठे, मूछे मरोड़कर या सिरॉपर हाथ फेरते हुए, महीनेके दिन पूरे कर देने है, और यदि किसने यहुत मेहरवानी की, तो फोर्सको किताबको "चित्रकूटके घाटपर मई संतनकी भीड़" की भाँति तोता-रटन्त करा दिया। इसोमे भारतवर्ष आज शिक्षिनमें नहीं कुलियों ● राकी गणनामें समझा जाता है । इङ्गलैण्डमें कोई वालक ..सा नहीं होगा जिसको अध्यापकोने सर वॉटर स्कॉट नामक विकी "Breathes there the Man, with soul so dead. Who never to himself hath said. This is my own ny native land........... यह कविता न सिखायी और याद करायी हो । यही कारण था कि पिछले दिनोंमें, जय यौरप भयंकर संग्रामका शिकार हो रहा था, इडलैण्डकी स्त्रियों, वालकों, युवकों और वृद्धोंने उसमें चन्दा करके सहायता दी । एक* युवतीको यावत् तो, जो अत्यन्त सुन्दरी थी, यहाँ तक कहा जाता है कि उसने अपना चुम्चन बाज़ारमें केवल इसीलिये नीलाम किया था कि वह धन सहायतामें दिया जायगा । यह जातीयताका ही प्रभाव था कि युद्धके समयमें जब अनाज कम रह गया, तो वहाँके मनुष्योंने तौलकर अनाज लेना और * इस परम सुन्दरा रमणीका यह व्यवहार हमारी सभ्यताके सर्वथा विरुद्ध तथा अनुचित है। ऐसे व्यवहारको, जतिक मुझे ज्ञात है, कभी भी यहाँ प्रधानता नहीं दी गयी है, और देना उचित है भी नहीं। किन्तु यद वहाँकी सभ्यताके विरुद्ध नहीं है । अतः पाठकगण यह समझ सकते हैं कि उस युवती जानीयताका सच्चा भाव कहाँतक जम गया था कि उसने जाति तथा देश-हिनके आगे अपनी सबसे प्रिय वस्तुको भी कुछ न समझा तभी तो आज यह देश सव देशोंका सिरमौर बना हुआ है। भगवन् ! क्या हमारे यहाँ भी जाति तथा देशमें जागृतिकी सच्ची लहर कभी लहरायेगो बहुत हो चुका ! शीघ्र दया कर दयालुताका परिचय रीजिये । हम केवल यही दया चाहते है कि हममें यह शक्ति उत्पन्न हो कि"सत्य" को इस भाँति कौड़ियोके मोल न बेचें, उसके रचायं अपने पूर्वजों
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कानपुर में छेड़खानी से तंग आ चुकी महिला ने शोहदे को डंडों से जमकर पीटा। पति और परिवार के अन्य लोग समझाने का प्रयास करते रहे। मगर महिला ने किसी की एक नहीं सुनी और शोहदे को सबक सिखाने में जुट गई। बीच सड़क पिटाई के बाद शोहदे को भीड़ ने पुलिस के हवाले कर दिया। महिला का कहना है कि कई दिनों से परेशान कर रहा था। इसी बीच लोगों में से किसी ने मोबाइल से मामले का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। उधर, थाना प्रभारी ने कहा कि तहरीर मिलते ही FIR दर्ज करके शोहदे को जेल भेजा जाएगा।
मामला पनकी रतनपुर का है। यहां की रहने वाली महिला ने बताया कि इलाके का ही एक युवक कई दिनों से छेड़खानी कर रहा था। पहले उसे नजरंदान किया। इसके बाद युवक को धमकाते हुए समझाया कि दोबारा रास्ता रोकने की कोशिश की तो खैर नहीं होगी। इसके बावजूद मंगलवार सुबह युवक मोहल्ले में पहुंच गया। महिला के बालकनी में आते ही छेड़खानी शुरू कर दी। महिला ने घर में मौजूद पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद डंडा लेकर घर से बाहर निकली और उसके ऊपर टूट पड़ी।
महिला शोहदे को डंडों से सबक सिखाने में लगी रही। मोहल्ले के लोग और उसका पति महिला को रोकने का प्रयास करते रहे। मगर आजिज आ चुकी महिला ने किसी की एक नहीं सुनी। पिटाई करने के बाद उसे पनकी पुलिस के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी दधिबल तिवारी ने बताया कि तहरीर मिलते ही FIR दर्ज करके आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खबर लिखे जाने तक महिला पक्ष ने अभी तक तहरीर नहीं दी है।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि इलाके में रहने वाला शोहदा एक-दो नहीं कई महिलाएं और लड़कियों से छेड़खानी कर चुका है। इसके हौसले बढ़ते चले गए और कहीं भी किसी भी गली में घर के बाहर महिलाओं से छेड़खानी करता है।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
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कानपुर में छेड़खानी से तंग आ चुकी महिला ने शोहदे को डंडों से जमकर पीटा। पति और परिवार के अन्य लोग समझाने का प्रयास करते रहे। मगर महिला ने किसी की एक नहीं सुनी और शोहदे को सबक सिखाने में जुट गई। बीच सड़क पिटाई के बाद शोहदे को भीड़ ने पुलिस के हवाले कर दिया। महिला का कहना है कि कई दिनों से परेशान कर रहा था। इसी बीच लोगों में से किसी ने मोबाइल से मामले का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। उधर, थाना प्रभारी ने कहा कि तहरीर मिलते ही FIR दर्ज करके शोहदे को जेल भेजा जाएगा। मामला पनकी रतनपुर का है। यहां की रहने वाली महिला ने बताया कि इलाके का ही एक युवक कई दिनों से छेड़खानी कर रहा था। पहले उसे नजरंदान किया। इसके बाद युवक को धमकाते हुए समझाया कि दोबारा रास्ता रोकने की कोशिश की तो खैर नहीं होगी। इसके बावजूद मंगलवार सुबह युवक मोहल्ले में पहुंच गया। महिला के बालकनी में आते ही छेड़खानी शुरू कर दी। महिला ने घर में मौजूद पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद डंडा लेकर घर से बाहर निकली और उसके ऊपर टूट पड़ी। महिला शोहदे को डंडों से सबक सिखाने में लगी रही। मोहल्ले के लोग और उसका पति महिला को रोकने का प्रयास करते रहे। मगर आजिज आ चुकी महिला ने किसी की एक नहीं सुनी। पिटाई करने के बाद उसे पनकी पुलिस के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी दधिबल तिवारी ने बताया कि तहरीर मिलते ही FIR दर्ज करके आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खबर लिखे जाने तक महिला पक्ष ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि इलाके में रहने वाला शोहदा एक-दो नहीं कई महिलाएं और लड़कियों से छेड़खानी कर चुका है। इसके हौसले बढ़ते चले गए और कहीं भी किसी भी गली में घर के बाहर महिलाओं से छेड़खानी करता है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों की एक छापेमारी में 9 लोग मारे गए थे। पुलिस का कहना है कि यह गोलीबारी एक 'आतंकवादी हमला' है।
गाजा शहर और वेस्ट बैंक में कई जगहों पर फिलिस्तीनी लोग जश्न मना रहे हैं। यह जश्न पूर्वी यरुशलम पर हमले को लेकर मनाया जा रहा है जिसमें 7 इजरायली नागरिकों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में एक 70 वर्षीय महिला भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली बचाव सेवा ने कहा कि यहूदी उपासना स्थल के पास हुई गोलीबारी में सात लोगों की मौत हुई। कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं जिनमें फिलिस्तीनियों को जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है।
यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों की एक छापेमारी में 9 लोग मारे गए थे। पुलिस का कहना है कि यह गोलीबारी एक 'आतंकवादी हमला' है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी शुक्रवार शाम को पूर्वी यरुशलम के उत्तरी हिस्से में हुई जोकि एक पूजा स्थल भी है। आतंकवादी कार से आया था। वह पूर्वी यरुशलम के उत्तरी हिस्से के पड़ोस में एक पूजा स्थल के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली इमारत पर पहुंचा और गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने बंदूकधारी को मौके पर ही मार दिया। उन्होंने कहा कि हमले में इस्तेमाल की गई एक पिस्तौल जब्त कर ली गई है।
पुलिस के मुताबिक, हमलावर 21 साल का था। तत्काल इस हमले की जिम्मेदारी किसी ग्रुप ने नहीं ली है। लेकिन गाजा में सत्तारूढ़ हमास आतंकवादी समूह के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमला गुरुवार को घातक सैन्य हमले के लिए "बदला और प्रतिक्रिया" था। देश के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2008 में यरूसलम में एक यहूदी पूजा स्थल में हुई गोलीबारी में आठ लोगों की मौत के बाद से इजरायलियों पर यह सबसे घातक हमला था।
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यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों की एक छापेमारी में नौ लोग मारे गए थे। पुलिस का कहना है कि यह गोलीबारी एक 'आतंकवादी हमला' है। गाजा शहर और वेस्ट बैंक में कई जगहों पर फिलिस्तीनी लोग जश्न मना रहे हैं। यह जश्न पूर्वी यरुशलम पर हमले को लेकर मनाया जा रहा है जिसमें सात इजरायली नागरिकों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में एक सत्तर वर्षीय महिला भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली बचाव सेवा ने कहा कि यहूदी उपासना स्थल के पास हुई गोलीबारी में सात लोगों की मौत हुई। कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं जिनमें फिलिस्तीनियों को जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है। यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों की एक छापेमारी में नौ लोग मारे गए थे। पुलिस का कहना है कि यह गोलीबारी एक 'आतंकवादी हमला' है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी शुक्रवार शाम को पूर्वी यरुशलम के उत्तरी हिस्से में हुई जोकि एक पूजा स्थल भी है। आतंकवादी कार से आया था। वह पूर्वी यरुशलम के उत्तरी हिस्से के पड़ोस में एक पूजा स्थल के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली इमारत पर पहुंचा और गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने बंदूकधारी को मौके पर ही मार दिया। उन्होंने कहा कि हमले में इस्तेमाल की गई एक पिस्तौल जब्त कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर इक्कीस साल का था। तत्काल इस हमले की जिम्मेदारी किसी ग्रुप ने नहीं ली है। लेकिन गाजा में सत्तारूढ़ हमास आतंकवादी समूह के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमला गुरुवार को घातक सैन्य हमले के लिए "बदला और प्रतिक्रिया" था। देश के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दो हज़ार आठ में यरूसलम में एक यहूदी पूजा स्थल में हुई गोलीबारी में आठ लोगों की मौत के बाद से इजरायलियों पर यह सबसे घातक हमला था।
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मुंबई, 25 फरवरी । अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल मनोरंजन उद्योग में करीब 25 वर्षों से अधिक समय से हैं और फिल्मों, टेलीविजन शो और वेब श्रृंखला में काम कर रही हैं। वह कहती है कि सर्वाइवल की कुंजी सीखने में है।
उन्होंने कहा, मैंने तब टीवी किया था, जब टीवी नया था। उस जमाने में अगर आप पढ़ाई में अच्छे नहीं हो तो आप एक्टिंग में जाते थे। लेकिन अब यह बदल गया है। अब जो भी कलाकार बनना चाहते हैं उनके लिए यह पेशेवर क्षेत्र है। मुझे लगता है कि मैंने टीवी, डेली शॉप और अब वेब श्रृंखला में सब कुछ देखा है। जब मैं युवा कलाकारों के साथ काम करती हूं तो मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मैं एक लर्नर हूं और इसलिए मैं इंडस्ट्री में सर्वाइव कर रही हूं।
Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.
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मुंबई, पच्चीस फरवरी । अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल मनोरंजन उद्योग में करीब पच्चीस वर्षों से अधिक समय से हैं और फिल्मों, टेलीविजन शो और वेब श्रृंखला में काम कर रही हैं। वह कहती है कि सर्वाइवल की कुंजी सीखने में है। उन्होंने कहा, मैंने तब टीवी किया था, जब टीवी नया था। उस जमाने में अगर आप पढ़ाई में अच्छे नहीं हो तो आप एक्टिंग में जाते थे। लेकिन अब यह बदल गया है। अब जो भी कलाकार बनना चाहते हैं उनके लिए यह पेशेवर क्षेत्र है। मुझे लगता है कि मैंने टीवी, डेली शॉप और अब वेब श्रृंखला में सब कुछ देखा है। जब मैं युवा कलाकारों के साथ काम करती हूं तो मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मैं एक लर्नर हूं और इसलिए मैं इंडस्ट्री में सर्वाइव कर रही हूं। Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.
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Palwal/Alive News : इन दिनों जिले के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी आमजन के बीच चर्चा का विषय बने हुए है। आज विभाग के अधिकारी अपनी विभागीय अनियमितताओं के कारण जांच के घेरे में खड़े हैं। इस मामले की जांच जिला उपायुक्त को सौंपी गई है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र बजाड़ से कार्यालय बजट के खर्चे, मकान भत्ते और सरकारी गाड़ी के दुरूपयोग को लेकर फरीदाबाद के प्रमुख आर. टी. आई एक्टिविस्ट रविंद्र चावला और पलवल के अमर चंद शर्मा ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जवाब मांगा है। आर. टी. आई एक्टिविस्ट रविंद्र चावला और अमर चंद शर्मा ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के बारे में कुछ जानकारियां भी जुटाई है। जिसमें विभाग के अधिकारी सुरेंद्र बजाड़ ने रविंद्र चावला और अमर चंद शर्मा की आर. टी. आई. के कुछ सवालों का जवाब दिया तो है लेकिन अधिकारी के जवाब संतोषप्रद नही है।
जिले के पत्रकार मुकेश बघेल ने अपने साथ दुर्व्यवहार और बजाड़ द्वारा विभाग में जातीय गुट बनाने पर सीएम विंडो और विभाग के डायरेक्टर को शिकायत देकर कार्यवाही की मांग करते हुए तुरंत प्रभाव से उनके तबादले की भी मांग की है। जिस पर अमल हो रहा है और इसके अलावा एक अन्य मामले में उक्त अधिकारी की उच्च स्तरीय जांच भी चल रही है। अब देखने वाली बात यह है कि इतनी शिकायतों के बाद भी इस अधिकारी पर विभागीय कार्यवाई की गाज कब गिरती है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी पलवल सुरेंद्र बजाड़ का कहना है कि जो आरोप मुकेश बघेल द्वारा उन पर लगाए है वह झूठे और बेबुनियादी हैं। उन्होंने कहा कि रविंदर चावला और अमर चंद शर्मा की आर. टी. आई. का जवाब दे दिया गया है। अगर उनकी आर. टी. आई का कोई बिंदु बिना जवाब के रह गया है तो उन्हें कमीशन में अपील करने का अधिकार है। इस तरह विभाग की छवि खराब करना गलत है। उन पर चल रही विभागीय जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह उनके विभाग का मामला है और उसकी जांच विभाग कर रहा है।
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Palwal/Alive News : इन दिनों जिले के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी आमजन के बीच चर्चा का विषय बने हुए है। आज विभाग के अधिकारी अपनी विभागीय अनियमितताओं के कारण जांच के घेरे में खड़े हैं। इस मामले की जांच जिला उपायुक्त को सौंपी गई है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र बजाड़ से कार्यालय बजट के खर्चे, मकान भत्ते और सरकारी गाड़ी के दुरूपयोग को लेकर फरीदाबाद के प्रमुख आर. टी. आई एक्टिविस्ट रविंद्र चावला और पलवल के अमर चंद शर्मा ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जवाब मांगा है। आर. टी. आई एक्टिविस्ट रविंद्र चावला और अमर चंद शर्मा ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के बारे में कुछ जानकारियां भी जुटाई है। जिसमें विभाग के अधिकारी सुरेंद्र बजाड़ ने रविंद्र चावला और अमर चंद शर्मा की आर. टी. आई. के कुछ सवालों का जवाब दिया तो है लेकिन अधिकारी के जवाब संतोषप्रद नही है। जिले के पत्रकार मुकेश बघेल ने अपने साथ दुर्व्यवहार और बजाड़ द्वारा विभाग में जातीय गुट बनाने पर सीएम विंडो और विभाग के डायरेक्टर को शिकायत देकर कार्यवाही की मांग करते हुए तुरंत प्रभाव से उनके तबादले की भी मांग की है। जिस पर अमल हो रहा है और इसके अलावा एक अन्य मामले में उक्त अधिकारी की उच्च स्तरीय जांच भी चल रही है। अब देखने वाली बात यह है कि इतनी शिकायतों के बाद भी इस अधिकारी पर विभागीय कार्यवाई की गाज कब गिरती है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी पलवल सुरेंद्र बजाड़ का कहना है कि जो आरोप मुकेश बघेल द्वारा उन पर लगाए है वह झूठे और बेबुनियादी हैं। उन्होंने कहा कि रविंदर चावला और अमर चंद शर्मा की आर. टी. आई. का जवाब दे दिया गया है। अगर उनकी आर. टी. आई का कोई बिंदु बिना जवाब के रह गया है तो उन्हें कमीशन में अपील करने का अधिकार है। इस तरह विभाग की छवि खराब करना गलत है। उन पर चल रही विभागीय जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह उनके विभाग का मामला है और उसकी जांच विभाग कर रहा है।
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आखिर क्या है ये 'डबल म्यूटेंट वैरिएंट' ? भारत में कैसे पड़ रहा है असर ?
जहा एक साल का लम्बा समय कोरोना के साथ दर्द भरा बीता है तो अब एक नई चीज़ सामने आई है,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत में कोरोना वायरस के एक नए 'डबल म्यूटेंट वैरिएंट' का पता चला है. अब इस बात पर बड़ा सवाल ये उठता है की क्या ये पुरे देश में फैला हुआ है या फिर देश के एक हिस्से मिला है. आपको बता दे की , मंत्रालय ने बताया है कि देश के 18 राज्यों में कई 'वैरिएंट ऑफ़ कंसर्न्स' (VOCs) पाए गए हैं. इसका अर्थ है कि देश के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के अलग-अलग प्रकार पाए गए हैं जो स्वास्थ्य पर हानिकारक असर डाल सकते हैं.
कब और कैसे पता चला इस डबल म्यूटेंट वैरिएंट का ?
24 मार्च की दोपहर 12:56 मिनट पर स्वास्थ मंत्रालय ने एक ट्वीट किया, ट्वीट में क्या था और ये किस बारे में था ये भी जान लेते है. इंडियन सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जेनोमिक्स (INSACOG) स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत बनाई गई 10 राष्ट्रीय लेबोरेट्री का समूह है जो देश में अलग-अलग हिस्सों से आए सैंपल की जीनोमिक सीक्वेंसिंग का पता लगाती है. जीनोमिक सीक्वेंसिंग किसी जीव के पूरे जेनेटिक कोड का ख़ाका तैयार करने की एक टेस्टिंग प्रक्रिया है. INSACOG का गठन 25 दिसंबर 2020 को किया गया था जो जीनोमिक सीक्वेंसिंग के साथ-साथ कोविड-19 वायरस के फैलने और जीनोमिक वैरिएंट के महामारी विज्ञान के रुझान पर अध्ययन करता है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि INSACOG ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 10,787 पॉज़िटिव सैंपल इकट्ठा किए थे जिसमें 771 VOCs पाए गए. इसमें बताया गया कि इन 771 में से 736 पॉज़िटिव सैंपल यूके वैरिएंट, 34 सैंपल दक्षिण अफ़्रीका वैरिएंट और 1 सैंपल ब्राज़ील वैरिएंट का था.
लेकिन जिस नए वैरिएंट की ख़ासी चर्चा शुरू हो गई है उसे 'डबल म्यूटेंट वैरिएंट' बताया जा रहा है. हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि इस डबल म्यूटेंट वैरिएंट के कारण देश में संक्रमण के मामलों में उछाल नहीं दिखता है.
मंत्रालय ने बताया है कि इस स्थिति को समझने के लिए जीनोमिक सीक्वेंसिंग और एपिडेमियोलॉजिकल (महामारी विज्ञान) स्टडीज़ जारी है.
क्या है अलग इस बार इसमें ?
हालाँकि बताया गया है कि वायरस की यह नई किस्म शरीर के इम्यून सिस्टम से बचकर संक्रामकता को बढ़ाता है.
वायरस का यह म्यूटेशन क़रीब 15 से 20 फ़ीसदी नमूनों में पाया गया है जबकि यह चिंता पैदा करने वाली पहले की किस्मों से मेल नहीं खाता.
महाराष्ट्र से मिले नमूनों के विश्लेषण से पता चला है कि दिसंबर 2020 की तुलना में नमूनों में ई484क़्यू और एल452आर म्यूटेशन के अंशों में बढ़ोतरी हुई है.
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के देश आने पर और अन्य रोगियों से लिए गए नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग और इसके विश्लेषण के बाद पाया गया है कि इस किस्म से संक्रमित लोगों की संख्या 10 है.
क्या होता है डबल म्यूटेंट वैरिएंट?
विभिन्न प्रकार के वायरस के जीनोमिक वेरिएंट में बदलाव होना आम बात है और यह हर देश में पाए जाते हैं.
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के पूर्व वैज्ञानिक डॉक्टर रमन गंगाखेडकर ने बीबीसी हिंदी से कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान से साफ़ नहीं है कि वह किस तरह के डबल म्यूटेंट की बात कर रहे हैं.
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आखिर क्या है ये 'डबल म्यूटेंट वैरिएंट' ? भारत में कैसे पड़ रहा है असर ? जहा एक साल का लम्बा समय कोरोना के साथ दर्द भरा बीता है तो अब एक नई चीज़ सामने आई है,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत में कोरोना वायरस के एक नए 'डबल म्यूटेंट वैरिएंट' का पता चला है. अब इस बात पर बड़ा सवाल ये उठता है की क्या ये पुरे देश में फैला हुआ है या फिर देश के एक हिस्से मिला है. आपको बता दे की , मंत्रालय ने बताया है कि देश के अट्ठारह राज्यों में कई 'वैरिएंट ऑफ़ कंसर्न्स' पाए गए हैं. इसका अर्थ है कि देश के कई हिस्सों में कोरोना वायरस के अलग-अलग प्रकार पाए गए हैं जो स्वास्थ्य पर हानिकारक असर डाल सकते हैं. कब और कैसे पता चला इस डबल म्यूटेंट वैरिएंट का ? चौबीस मार्च की दोपहर बारह:छप्पन मिनट पर स्वास्थ मंत्रालय ने एक ट्वीट किया, ट्वीट में क्या था और ये किस बारे में था ये भी जान लेते है. इंडियन सार्स-सीओवी-दो कंसोर्टियम ऑन जेनोमिक्स स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत बनाई गई दस राष्ट्रीय लेबोरेट्री का समूह है जो देश में अलग-अलग हिस्सों से आए सैंपल की जीनोमिक सीक्वेंसिंग का पता लगाती है. जीनोमिक सीक्वेंसिंग किसी जीव के पूरे जेनेटिक कोड का ख़ाका तैयार करने की एक टेस्टिंग प्रक्रिया है. INSACOG का गठन पच्चीस दिसंबर दो हज़ार बीस को किया गया था जो जीनोमिक सीक्वेंसिंग के साथ-साथ कोविड-उन्नीस वायरस के फैलने और जीनोमिक वैरिएंट के महामारी विज्ञान के रुझान पर अध्ययन करता है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि INSACOG ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दस,सात सौ सत्तासी पॉज़िटिव सैंपल इकट्ठा किए थे जिसमें सात सौ इकहत्तर VOCs पाए गए. इसमें बताया गया कि इन सात सौ इकहत्तर में से सात सौ छत्तीस पॉज़िटिव सैंपल यूके वैरिएंट, चौंतीस सैंपल दक्षिण अफ़्रीका वैरिएंट और एक सैंपल ब्राज़ील वैरिएंट का था. लेकिन जिस नए वैरिएंट की ख़ासी चर्चा शुरू हो गई है उसे 'डबल म्यूटेंट वैरिएंट' बताया जा रहा है. हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि इस डबल म्यूटेंट वैरिएंट के कारण देश में संक्रमण के मामलों में उछाल नहीं दिखता है. मंत्रालय ने बताया है कि इस स्थिति को समझने के लिए जीनोमिक सीक्वेंसिंग और एपिडेमियोलॉजिकल स्टडीज़ जारी है. क्या है अलग इस बार इसमें ? हालाँकि बताया गया है कि वायरस की यह नई किस्म शरीर के इम्यून सिस्टम से बचकर संक्रामकता को बढ़ाता है. वायरस का यह म्यूटेशन क़रीब पंद्रह से बीस फ़ीसदी नमूनों में पाया गया है जबकि यह चिंता पैदा करने वाली पहले की किस्मों से मेल नहीं खाता. महाराष्ट्र से मिले नमूनों के विश्लेषण से पता चला है कि दिसंबर दो हज़ार बीस की तुलना में नमूनों में ईचार सौ चौरासीक़्यू और एलचार सौ बावनआर म्यूटेशन के अंशों में बढ़ोतरी हुई है. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के देश आने पर और अन्य रोगियों से लिए गए नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग और इसके विश्लेषण के बाद पाया गया है कि इस किस्म से संक्रमित लोगों की संख्या दस है. क्या होता है डबल म्यूटेंट वैरिएंट? विभिन्न प्रकार के वायरस के जीनोमिक वेरिएंट में बदलाव होना आम बात है और यह हर देश में पाए जाते हैं. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के पूर्व वैज्ञानिक डॉक्टर रमन गंगाखेडकर ने बीबीसी हिंदी से कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान से साफ़ नहीं है कि वह किस तरह के डबल म्यूटेंट की बात कर रहे हैं.
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NGO कोऑर्डिनेशन कमेटी (NGOCC), मिजोरम में प्रमुख स्वैच्छिक संगठनों, सिविल सोसाइटीज और छात्र निकायों के एक समूह ने केंद्र से "म्यांमार वायु सेना द्वारा भारतीय हवाई क्षेत्र के उल्लंघन" पर सक्रिय कार्रवाई करने का आग्रह किया।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के अधिकारियों ने कहा कि 10 और 11 जनवरी को उस देश में आतंकवादियों के शिविरों पर म्यांमार की सेना के बमबारी के बाद भारतीय क्षेत्र अप्रभावित रहा।
भारत-म्यांमार सीमा पर रहने वाले ग्रामीणों ने पहले दावा किया था कि मिज़ोरम की ओर से तियाउ नदी के पास एक बम गिरा दिया गया था। नदी दोनों देशों को विभाजित करती है। ग्रामीणों के अनुसार, एक ग्राम परिषद के सदस्य के स्वामित्व वाले एक ट्रक को विस्फोट में क्षतिग्रस्त कर दिया गया है जब वह नदी की रेत ले जा रहा था।
NGOCC के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने म्यांमार वायु सेना द्वारा भारतीय हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के मुद्दे पर उचित कार्रवाई करने के लिए गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन भेजा।
Ngocc ने दावा किया कि 10 जनवरी और 11 को इंडो-म्यांमार सीमा के साथ-साथ लोकतांत्रिक बलों के खिलाफ अपने हवाई हमलों के दौरान म्यांमार के टाटमदॉ (सैन्य) ने न केवल भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया, बल्कि भारतीय क्षेत्र के अंदर बम गिराए और विस्फोट कर दिया।
ज्ञापन ने कहा कि भारतीय धरती पर बमबारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए असुरक्षा की भावना पैदा की।
इसने गृह मंत्री से भारतीय नागरिकों की रक्षा में बोलने और अभिनय करने का आग्रह किया और यह सुनिश्चित किया कि मिजोरम के भारतीय क्षेत्र या तो जमीन पर या हवा में संभावित सैन्य घुसपैठ से सतर्कता से सुरक्षित है।
NGOCC ने यह भी मांग की कि केंद्र को पड़ोसी देश में शांति लाने के लिए पहल करनी चाहिए जहां सैन्य जुंटा सभी राजनीतिक दलों, विभिन्न जातीय विद्रोही समूहों और अन्य सभी हितधारकों को संलग्न करेगा।
इस बीच म्यांमार में हालिया परेशानी के मद्देनजर, उस देश के लगभग 400 शरणार्थियों ने पिछले सप्ताह से मिज़ोरम के चम्फाई जिले में आश्रय लिया है।
जिला अधिकारियों ने कहा कि म्यांमरीज़ ने सीमावर्ती चाम्फाई जिले के तीन गांवों में शरण ली है, क्योंकि एक नागरिक सशस्त्र संगठन चिन नेशनल आर्मी (CNA) के मुख्यालय पर हवाई हमले हैं।
गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं और बच्चों सहित 30,500 से अधिक म्यांमार के नागरिक पहले से ही 160 राहत शिविरों और अन्य स्थानों पर शरण ले रहे हैं जिनमें राज्य के विभिन्न हिस्सों में 11 जिलों में से आठ में सामुदायिक केंद्र शामिल हैं।
म्यांमार जो ज्यादातर चिन स्टेट से म्यांमार की सीमा से आते हैं और मिजोस के साथ जातीय संबंध साझा करते हैं, ने फरवरी 2021 से मिजोरम में शरण ली है, जब पड़ोसी देश में सैन्य जुंटा ने सत्ता जब्त की।
कई अवसरों पर मिज़ोरम सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी को म्यांमार के नागरिकों को शरणार्थियों के रूप में व्यवहार करने और म्यांमार के लिए भोजन और राहत के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए संबंधित होने का आग्रह किया लेकिन केंद्र 'गैर-कमिटल' बना रहा।
पर्वतीय मिजोरम म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर लंबी अनफिट पोरस बॉर्डर साझा करता है।
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NGO कोऑर्डिनेशन कमेटी , मिजोरम में प्रमुख स्वैच्छिक संगठनों, सिविल सोसाइटीज और छात्र निकायों के एक समूह ने केंद्र से "म्यांमार वायु सेना द्वारा भारतीय हवाई क्षेत्र के उल्लंघन" पर सक्रिय कार्रवाई करने का आग्रह किया। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों ने कहा कि दस और ग्यारह जनवरी को उस देश में आतंकवादियों के शिविरों पर म्यांमार की सेना के बमबारी के बाद भारतीय क्षेत्र अप्रभावित रहा। भारत-म्यांमार सीमा पर रहने वाले ग्रामीणों ने पहले दावा किया था कि मिज़ोरम की ओर से तियाउ नदी के पास एक बम गिरा दिया गया था। नदी दोनों देशों को विभाजित करती है। ग्रामीणों के अनुसार, एक ग्राम परिषद के सदस्य के स्वामित्व वाले एक ट्रक को विस्फोट में क्षतिग्रस्त कर दिया गया है जब वह नदी की रेत ले जा रहा था। NGOCC के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने म्यांमार वायु सेना द्वारा भारतीय हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के मुद्दे पर उचित कार्रवाई करने के लिए गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन भेजा। Ngocc ने दावा किया कि दस जनवरी और ग्यारह को इंडो-म्यांमार सीमा के साथ-साथ लोकतांत्रिक बलों के खिलाफ अपने हवाई हमलों के दौरान म्यांमार के टाटमदॉ ने न केवल भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया, बल्कि भारतीय क्षेत्र के अंदर बम गिराए और विस्फोट कर दिया। ज्ञापन ने कहा कि भारतीय धरती पर बमबारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए असुरक्षा की भावना पैदा की। इसने गृह मंत्री से भारतीय नागरिकों की रक्षा में बोलने और अभिनय करने का आग्रह किया और यह सुनिश्चित किया कि मिजोरम के भारतीय क्षेत्र या तो जमीन पर या हवा में संभावित सैन्य घुसपैठ से सतर्कता से सुरक्षित है। NGOCC ने यह भी मांग की कि केंद्र को पड़ोसी देश में शांति लाने के लिए पहल करनी चाहिए जहां सैन्य जुंटा सभी राजनीतिक दलों, विभिन्न जातीय विद्रोही समूहों और अन्य सभी हितधारकों को संलग्न करेगा। इस बीच म्यांमार में हालिया परेशानी के मद्देनजर, उस देश के लगभग चार सौ शरणार्थियों ने पिछले सप्ताह से मिज़ोरम के चम्फाई जिले में आश्रय लिया है। जिला अधिकारियों ने कहा कि म्यांमरीज़ ने सीमावर्ती चाम्फाई जिले के तीन गांवों में शरण ली है, क्योंकि एक नागरिक सशस्त्र संगठन चिन नेशनल आर्मी के मुख्यालय पर हवाई हमले हैं। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं और बच्चों सहित तीस,पाँच सौ से अधिक म्यांमार के नागरिक पहले से ही एक सौ साठ राहत शिविरों और अन्य स्थानों पर शरण ले रहे हैं जिनमें राज्य के विभिन्न हिस्सों में ग्यारह जिलों में से आठ में सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। म्यांमार जो ज्यादातर चिन स्टेट से म्यांमार की सीमा से आते हैं और मिजोस के साथ जातीय संबंध साझा करते हैं, ने फरवरी दो हज़ार इक्कीस से मिजोरम में शरण ली है, जब पड़ोसी देश में सैन्य जुंटा ने सत्ता जब्त की। कई अवसरों पर मिज़ोरम सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी को म्यांमार के नागरिकों को शरणार्थियों के रूप में व्यवहार करने और म्यांमार के लिए भोजन और राहत के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए संबंधित होने का आग्रह किया लेकिन केंद्र 'गैर-कमिटल' बना रहा। पर्वतीय मिजोरम म्यांमार के साथ पाँच सौ दस किलोग्राममीटर लंबी अनफिट पोरस बॉर्डर साझा करता है।
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आम - 2 कप(कटा हुआ)
सेब - 2 कप(कटा हुआ)
1. सबसे पहले आप ब्रेड स्लाइस को काट लें।
2. फिर इसके किनारों को अलग कर दें।
3. इसके बाद आम, अंगूर, सेब को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
4. अब जैम को अलग कटोरी में निकाल लें।
5. फिर जैम को ब्रेड स्लाइस पर लगाएं। इसके ऊपर अखरोट पाउडर डालें।
6. ब्रेड पर जैम लगाने के बाद ऊपर से मलाई डाल दें।
7. मलाई को ब्रेड के चारों और फैला दें।
8. फिर इसके ऊपर सारे काटे हुए फ्रूट्स डालें।
9. अब इसके ऊपर दूसरी ब्रेड रखें।
10. ब्रेड को अच्छे से जैम के साथ चिपका दें।
11. आपका टेस्टी फ्रूट सेंडविच बनकर तैयार है। दो हिस्सों में काटकर बच्चों को सर्व करें।
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आम - दो कप सेब - दो कप एक. सबसे पहले आप ब्रेड स्लाइस को काट लें। दो. फिर इसके किनारों को अलग कर दें। तीन. इसके बाद आम, अंगूर, सेब को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। चार. अब जैम को अलग कटोरी में निकाल लें। पाँच. फिर जैम को ब्रेड स्लाइस पर लगाएं। इसके ऊपर अखरोट पाउडर डालें। छः. ब्रेड पर जैम लगाने के बाद ऊपर से मलाई डाल दें। सात. मलाई को ब्रेड के चारों और फैला दें। आठ. फिर इसके ऊपर सारे काटे हुए फ्रूट्स डालें। नौ. अब इसके ऊपर दूसरी ब्रेड रखें। दस. ब्रेड को अच्छे से जैम के साथ चिपका दें। ग्यारह. आपका टेस्टी फ्रूट सेंडविच बनकर तैयार है। दो हिस्सों में काटकर बच्चों को सर्व करें।
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पदों का विवरण : इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) ने 1625 जूनियर तकनीशियन पदों पर भर्ती को लेकर आवेदन मांगे हैं।
योग्यता : भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई पास होनी चाहिए।
आयु सीमा : इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित किया गया हैं। अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें।
आवेदन की तिथि : इन पदों पर ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल 2022 तक निर्धारित किया गया हैं।
चयन प्रक्रिया : भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। पूरी जानकारी आप नोटिश से प्राप्त करें।
आवेदन प्रक्रिया : इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ऑनलाइन अप्लाई करें।
वेतनमान : 20480-24780 रुपया प्रतिमाह।
नौकरी करने का स्थान : हैदराबाद।
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पदों का विवरण : इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने एक हज़ार छः सौ पच्चीस जूनियर तकनीशियन पदों पर भर्ती को लेकर आवेदन मांगे हैं। योग्यता : भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई पास होनी चाहिए। आयु सीमा : इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा तीस वर्ष निर्धारित किया गया हैं। अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें। आवेदन की तिथि : इन पदों पर ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि ग्यारह अप्रैल दो हज़ार बाईस तक निर्धारित किया गया हैं। चयन प्रक्रिया : भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। पूरी जानकारी आप नोटिश से प्राप्त करें। आवेदन प्रक्रिया : इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ऑनलाइन अप्लाई करें। वेतनमान : बीस हज़ार चार सौ अस्सी-चौबीस हज़ार सात सौ अस्सी रुपयापया प्रतिमाह। नौकरी करने का स्थान : हैदराबाद।
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बेंगलुरु. कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार के शपथ ग्रहण के जरिए कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोर का झटका दिया है. ममता बनर्जी खुद इस समारोह में नहीं जाएंगी. इसके बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी शपथ ग्रहण समारोह में आने से मना कर दिया है. कर्नाटक में सत्ता के जरिए 2024 चुनाव के लिए विपक्षी एकता की कांग्रेस की कोशिश की ममता बनर्जी और अखिलेश यादव ने हवा निकाल दी है. आज ममता बनर्जी सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी. हालांकि, उन्होंने अपने प्रतिनिधि और सांसद काकोली दस्तीदार को शपथ ग्रहण के लिए भेजने का फैसला किया है.
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु के सीएम स्टालिन, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, एनसीपी चीफ शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे को भी शपथ ग्रहण समारोह के लिए न्योता भेजा है. ये सभी नेता सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण में शामिल हो सकते हैं.
जबकि कांग्रेस ने तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी, केरल के सीएम पिनरई विजयन, बीएसपी अध्यक्ष और पूर्व सीएम मायावती को निमंत्रण नहीं दिया है. जिसके बाद मिशन 2024 के लिए विपक्ष के तीसरे मोर्चे की मुहिम को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
गौरतलब है कि चुनाव नतीजों के 7 दिन बाद कर्नाटक में नई सरकार बनने जा रही है. 30वें मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्धारमैया दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. 13 मई को आए नतीजों में कांग्रेस ने कर्नाटक में 135 सीटों पर जीत हासिल की थी. बहुमत के बावजूद कांग्रेस को सीएम तय करने में लंबा वक्त लगा. अंत में पार्टी ने ये फैसला किया कि सिद्धारमैया सीएम होंगे जबकि प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम बनेंगे.
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बेंगलुरु. कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार के शपथ ग्रहण के जरिए कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोर का झटका दिया है. ममता बनर्जी खुद इस समारोह में नहीं जाएंगी. इसके बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी शपथ ग्रहण समारोह में आने से मना कर दिया है. कर्नाटक में सत्ता के जरिए दो हज़ार चौबीस चुनाव के लिए विपक्षी एकता की कांग्रेस की कोशिश की ममता बनर्जी और अखिलेश यादव ने हवा निकाल दी है. आज ममता बनर्जी सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी. हालांकि, उन्होंने अपने प्रतिनिधि और सांसद काकोली दस्तीदार को शपथ ग्रहण के लिए भेजने का फैसला किया है. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु के सीएम स्टालिन, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, एनसीपी चीफ शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे को भी शपथ ग्रहण समारोह के लिए न्योता भेजा है. ये सभी नेता सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण में शामिल हो सकते हैं. जबकि कांग्रेस ने तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी, केरल के सीएम पिनरई विजयन, बीएसपी अध्यक्ष और पूर्व सीएम मायावती को निमंत्रण नहीं दिया है. जिसके बाद मिशन दो हज़ार चौबीस के लिए विपक्ष के तीसरे मोर्चे की मुहिम को लेकर सवाल उठ रहे हैं. गौरतलब है कि चुनाव नतीजों के सात दिन बाद कर्नाटक में नई सरकार बनने जा रही है. तीसवें मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्धारमैया दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. तेरह मई को आए नतीजों में कांग्रेस ने कर्नाटक में एक सौ पैंतीस सीटों पर जीत हासिल की थी. बहुमत के बावजूद कांग्रेस को सीएम तय करने में लंबा वक्त लगा. अंत में पार्टी ने ये फैसला किया कि सिद्धारमैया सीएम होंगे जबकि प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम बनेंगे.
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ब्लू व्हेल गेम के बाद अब विश्वभर में मोमो की चर्चा है। देशभर में इसे लेकर अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि मेघालय में एेसा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन इसके बाद भी मेघालय के स्कूलों ने इस तरह के सोशल मीडिया के आत्मघाती खेलों से निपटने के तरीके पर छात्रों को सलाह दी है।
यह काफी खतरनाक चुनौती है। इस खेल को पूरा नहीं करने पर मोमो यूजर को धमकाती है, कड़ी सजा देने की धमकी देती है। इससे यूजर डरकर आदेश को मानने लगता है। वह मोमो की बातों में फंसकर मानसिक अवसाद में चला जाता है। यहां तक कि जान देने को भी मजबूर हो जाता है। मोमो चुनौती लेने वालों में ज्यादातर बच्चे और युवा बताए जा रहे हैं।
मालूम हो कि साइबर सिटी के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी सर्तक हो गए हैं। खासकर वे अभिभावक, जिनके बच्चे मोबाइल, लैपटाॅप, टैब व डेस्कटाॅप का अधिक इस्तेमाल करते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छात्रों की आॅनलाइन गतिविधियों की निगरानी के लिए राज्य के सभी शिक्षा विभागों को सलाह दी है और छात्रों के बीच मोमो चैलेंज आॅनलाइन गेम को फैलने से रोकने के कदम उठाए हैं।
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ब्लू व्हेल गेम के बाद अब विश्वभर में मोमो की चर्चा है। देशभर में इसे लेकर अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि मेघालय में एेसा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन इसके बाद भी मेघालय के स्कूलों ने इस तरह के सोशल मीडिया के आत्मघाती खेलों से निपटने के तरीके पर छात्रों को सलाह दी है। यह काफी खतरनाक चुनौती है। इस खेल को पूरा नहीं करने पर मोमो यूजर को धमकाती है, कड़ी सजा देने की धमकी देती है। इससे यूजर डरकर आदेश को मानने लगता है। वह मोमो की बातों में फंसकर मानसिक अवसाद में चला जाता है। यहां तक कि जान देने को भी मजबूर हो जाता है। मोमो चुनौती लेने वालों में ज्यादातर बच्चे और युवा बताए जा रहे हैं। मालूम हो कि साइबर सिटी के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी सर्तक हो गए हैं। खासकर वे अभिभावक, जिनके बच्चे मोबाइल, लैपटाॅप, टैब व डेस्कटाॅप का अधिक इस्तेमाल करते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छात्रों की आॅनलाइन गतिविधियों की निगरानी के लिए राज्य के सभी शिक्षा विभागों को सलाह दी है और छात्रों के बीच मोमो चैलेंज आॅनलाइन गेम को फैलने से रोकने के कदम उठाए हैं।
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ठंड के मौसम में ज्यादातर महिलाएं अपने घर में किशमिश या बादाम रात में भिगोकर रख देती है और सुबह अपने बच्चों को खिला देती है. माना जाता है कि बादाम सर्दी से बचने के लिए रामबाण का काम करता है. बादाम आपके शरीर को गर्म रखने में भी मदद करता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये बादाम और किशमिश आपकी सेहत के लिए कितना ठीक है, या इसको खाने का क्या तरीका होना चाहिए. आपको बता दें कि सर्दी में बादाम और किशमिश आपको ठंड से तो बचाता ही है साथ ही साथ आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक रहता है। ध्यान रहें कि इसकी मात्रा कितनी होनी चाहिए ये आपको अपनी उम्र के हिसाब से जानना पड़ेगा.
सर्दी में भी बादाम और किशमिश को भिगोकर खा सकते हैं?
जी हां सर्दी में भी अगर आप बादाम और किशमिश को भिगोकर खातें है तो ये आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बादाम को भिगोकर खाने से आप अपना बढ़ता हुआ वजन भी कंट्रोल कर सकते है. साथ ही साथ इसमें मोनोअनसैचुरेटिड फैट का स्तर हाई होता है, जो कि आपके हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में मददगार साबित होता है. बादाम में सबसे ज्यादा फाइबर होता है और यह विटामिन E से भरपूर होता है. सर्दियों में रात में भीगे हुए बादाम और किशमिश का अगर आप एक साथ सेवन करेंगे तो आपके शरीर में पूरा दिन एनर्जी बनी रहती है.
रात में भीगे हुए बादाम और किशमिश अगर आप सुबह खाली पेट खाएंगे तो इससे आपको बिल्कुल भी कमजोरी महसूस नहीं होगी और इससे आपका पाचन तंत्र भी मजबूत रहेगा. अगर आपको कब्ज और एसिडिटी की समस्या रहती है तो भीगे हुए बादाम और किशमिश खाने से आपकी इस परेशानी का भी हल हो जाएगा. वहीं आपको बताते चलें कि भीगे बादाम और किशमिश का सेवन ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि इसके सेवन से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।
बादाम में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, अगर आप भीगे बादाम खाएंगे तो इसका सेवन करने से आपकी याददाश्त तेज रहेगी. साथ ही इसे खाने से आपके दिमाग की सेहत भी दुरुस्त रहती है. आपको बतातें चलें कि भीगा बादाम न सिर्फ आपके दिमाग के लिए बल्कि आपके बालों और स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि इसमें कई मौजूद विटामिन पाए जाते हैं. इसका सेवन करने से स्किन संबंधी परेशानियां भी दूर रहती है. वहीं बात करें किशमिश की तो ये भी आपकी सेहत के लिए बेहद लाभकारी होती है। इसमें एंटीआक्सीडेंट गुण मौजूद होता है. किशमिश खाने से आपके बाल एकदम घने और मजबूत बने रहते हैं.
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ठंड के मौसम में ज्यादातर महिलाएं अपने घर में किशमिश या बादाम रात में भिगोकर रख देती है और सुबह अपने बच्चों को खिला देती है. माना जाता है कि बादाम सर्दी से बचने के लिए रामबाण का काम करता है. बादाम आपके शरीर को गर्म रखने में भी मदद करता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये बादाम और किशमिश आपकी सेहत के लिए कितना ठीक है, या इसको खाने का क्या तरीका होना चाहिए. आपको बता दें कि सर्दी में बादाम और किशमिश आपको ठंड से तो बचाता ही है साथ ही साथ आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक रहता है। ध्यान रहें कि इसकी मात्रा कितनी होनी चाहिए ये आपको अपनी उम्र के हिसाब से जानना पड़ेगा. सर्दी में भी बादाम और किशमिश को भिगोकर खा सकते हैं? जी हां सर्दी में भी अगर आप बादाम और किशमिश को भिगोकर खातें है तो ये आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बादाम को भिगोकर खाने से आप अपना बढ़ता हुआ वजन भी कंट्रोल कर सकते है. साथ ही साथ इसमें मोनोअनसैचुरेटिड फैट का स्तर हाई होता है, जो कि आपके हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में मददगार साबित होता है. बादाम में सबसे ज्यादा फाइबर होता है और यह विटामिन E से भरपूर होता है. सर्दियों में रात में भीगे हुए बादाम और किशमिश का अगर आप एक साथ सेवन करेंगे तो आपके शरीर में पूरा दिन एनर्जी बनी रहती है. रात में भीगे हुए बादाम और किशमिश अगर आप सुबह खाली पेट खाएंगे तो इससे आपको बिल्कुल भी कमजोरी महसूस नहीं होगी और इससे आपका पाचन तंत्र भी मजबूत रहेगा. अगर आपको कब्ज और एसिडिटी की समस्या रहती है तो भीगे हुए बादाम और किशमिश खाने से आपकी इस परेशानी का भी हल हो जाएगा. वहीं आपको बताते चलें कि भीगे बादाम और किशमिश का सेवन ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि इसके सेवन से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। बादाम में ओमेगा-तीन फैटी एसिड होता है, अगर आप भीगे बादाम खाएंगे तो इसका सेवन करने से आपकी याददाश्त तेज रहेगी. साथ ही इसे खाने से आपके दिमाग की सेहत भी दुरुस्त रहती है. आपको बतातें चलें कि भीगा बादाम न सिर्फ आपके दिमाग के लिए बल्कि आपके बालों और स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि इसमें कई मौजूद विटामिन पाए जाते हैं. इसका सेवन करने से स्किन संबंधी परेशानियां भी दूर रहती है. वहीं बात करें किशमिश की तो ये भी आपकी सेहत के लिए बेहद लाभकारी होती है। इसमें एंटीआक्सीडेंट गुण मौजूद होता है. किशमिश खाने से आपके बाल एकदम घने और मजबूत बने रहते हैं.
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