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मुंबई. साउथ के सुपरस्टार एक्टर रजनीकांत और अक्षय की फिल्म 2. 0 का ट्रेलर रिलीज हो गया हैं. ये फिल्म अपने बड़े बजट और वीएफएक्स के कारण लंबे समय से चर्चा में हैं. अक्षय कुमार इसमें विलेन के रूप में नजर आएंगे. फिल्म का ट्रेलर दिवाली से 3 दिन पहले 3 नवंबर को रिलीज किया गया. इससे पहले मेकर्स ने फिल्म के कुल 6 नए पोस्टर्स एक के बाद एक जारी किए हैं. इनमें अक्षय कुमार और रजनीकांत के डेडली लुक को दिखाया गया है. सुबह से ही सोशल मीडिया पर 2point0 Trailer Launch और 2point0 Trailer Day नाम के हैशटैग से ट्रेंड कर रहा है. ट्रेलर लॉन्च इवेंट के मौके पर सुपरस्टार रजनीकांत के अलावा विलेन का रोल निभाने वाले बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार भी पहुंचे. यहां फिल्म के मेकर्स समेत अन्य स्टार कास्ट भी शामिल हुए. यह साल 2010 में आई फिल्म 'रोबोट' का दूसरा पार्ट है. इस फिल्म में भले ही लीड रोल सुपरस्टार रजनीकांत कर रहे हों, लेकिन विलेन का किरदार निभा रहे बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार 'सेंटर ऑफ अट्रैक्शन' होंगे. तकरीबन 500 करोड़ रुपये के बजट से बन रही यह फिल्म वीएफएक्स से लबरेज होगी. यह कई मामलों में भारत की सबसे एडवांस फिल्म है. इसके अलावा यह भारत की अब तक की सबसे महंगी फिल्म भी होगी. बता दें कि 2. 0 रजनीकांत की फिल्म एंथरिन का ही सीक्वल है. पिछली फिल्म में भी रजनीकांत ने रोबोट का किरदार निभाया था. हालांकि इस बार उन्हें काफी मॉर्डन और एडवांस लुक दिया जाएगा.
मुंबई. साउथ के सुपरस्टार एक्टर रजनीकांत और अक्षय की फिल्म दो. शून्य का ट्रेलर रिलीज हो गया हैं. ये फिल्म अपने बड़े बजट और वीएफएक्स के कारण लंबे समय से चर्चा में हैं. अक्षय कुमार इसमें विलेन के रूप में नजर आएंगे. फिल्म का ट्रेलर दिवाली से तीन दिन पहले तीन नवंबर को रिलीज किया गया. इससे पहले मेकर्स ने फिल्म के कुल छः नए पोस्टर्स एक के बाद एक जारी किए हैं. इनमें अक्षय कुमार और रजनीकांत के डेडली लुक को दिखाया गया है. सुबह से ही सोशल मीडिया पर दोpointशून्य Trailer Launch और दोpointशून्य Trailer Day नाम के हैशटैग से ट्रेंड कर रहा है. ट्रेलर लॉन्च इवेंट के मौके पर सुपरस्टार रजनीकांत के अलावा विलेन का रोल निभाने वाले बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार भी पहुंचे. यहां फिल्म के मेकर्स समेत अन्य स्टार कास्ट भी शामिल हुए. यह साल दो हज़ार दस में आई फिल्म 'रोबोट' का दूसरा पार्ट है. इस फिल्म में भले ही लीड रोल सुपरस्टार रजनीकांत कर रहे हों, लेकिन विलेन का किरदार निभा रहे बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार 'सेंटर ऑफ अट्रैक्शन' होंगे. तकरीबन पाँच सौ करोड़ रुपये के बजट से बन रही यह फिल्म वीएफएक्स से लबरेज होगी. यह कई मामलों में भारत की सबसे एडवांस फिल्म है. इसके अलावा यह भारत की अब तक की सबसे महंगी फिल्म भी होगी. बता दें कि दो. शून्य रजनीकांत की फिल्म एंथरिन का ही सीक्वल है. पिछली फिल्म में भी रजनीकांत ने रोबोट का किरदार निभाया था. हालांकि इस बार उन्हें काफी मॉर्डन और एडवांस लुक दिया जाएगा.
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मुफ्त कोविड-19 टीकाकरण की घोषणा की। मुफ्त टीकाकरण 21 जून 2021 से शुरू हो जाएगा।
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अट्ठारह वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मुफ्त कोविड-उन्नीस टीकाकरण की घोषणा की। मुफ्त टीकाकरण इक्कीस जून दो हज़ार इक्कीस से शुरू हो जाएगा।
कई अनोखे मंदिर भारत में आपको देखने को मिल जाएंगे। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के माणक में ऐसा ही एक अनोखा मंदिर है। खासतौर पर भारत के सभी मंदिरों में प्रसाद के रूप में भक्तों को मिठाई या फिर खाने की चीज मिलती हैं लेकि इस मंदिर में भक्तों को गहने प्रसाद के रूप में दिए जाते हैं। यह मां महालक्ष्मी का मंदिर है। महालक्षमी के दर्शन करने जितने भी भक्त आते हैं उन्हें प्रसाद के रूप में सोने-चांदी के सिक्के दिए जाते हैं। पूरे साल महालक्षमी के इस मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। माता को करोड़ों रुपए के गहने और पैसे भक्त चढ़ावे के तौर पर चढ़ाते हैं। इस मंदिर में दीपावली के खास मौके पर धनतेरस के दिन से लेकर दीपोत्सव का आयोजन पांच दिनों तक लगाया जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि इस मौके पर पूरे मंदिर को फूलों से सजाते होंगे तो हम आपको बता दें कि नहीं भक्त जो माता को गहनें और रूपए चढ़ाते हैं उन्हीं से मंदिर को सजाया जाता है। मंदिर में कुबेर का दरबार दीपोत्सव के दौरान लगता है। इस उत्सव में प्रसाद के रूप में भक्तों को गहने और रूपए-पैसे मिलते हैं। इस मंदिर के कपाट दीपावली के दिन पूरे 24 घंटे तक खुले रहते हैं। इस मंदिर में महिला भक्तों को धनतेरस के अवसर पर कुबेर की पाटली देते हैं। जो भी भक्त इस उत्सव में मंदिर आता है वह कभी खाली हाथ नहीं जाता है। भक्तों को कोई न कोई प्रसाद जरूर मिलता है। दशकों से गहने और रुपए इस मंदिर में चढ़ाए जाते हैं। इस मंदिर में पहले यहां के राजा राज्य की समृद्धि के लिए धन और गहने चढ़ाते थे। अब मंदिर में वैसे ही भक्त जेवर, पैसे माता के चरणों में चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां लक्ष्मी की कृपा जेवर और रुपए चढ़ाने से घरों में हमेशा बनी रहती है।
कई अनोखे मंदिर भारत में आपको देखने को मिल जाएंगे। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के माणक में ऐसा ही एक अनोखा मंदिर है। खासतौर पर भारत के सभी मंदिरों में प्रसाद के रूप में भक्तों को मिठाई या फिर खाने की चीज मिलती हैं लेकि इस मंदिर में भक्तों को गहने प्रसाद के रूप में दिए जाते हैं। यह मां महालक्ष्मी का मंदिर है। महालक्षमी के दर्शन करने जितने भी भक्त आते हैं उन्हें प्रसाद के रूप में सोने-चांदी के सिक्के दिए जाते हैं। पूरे साल महालक्षमी के इस मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। माता को करोड़ों रुपए के गहने और पैसे भक्त चढ़ावे के तौर पर चढ़ाते हैं। इस मंदिर में दीपावली के खास मौके पर धनतेरस के दिन से लेकर दीपोत्सव का आयोजन पांच दिनों तक लगाया जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि इस मौके पर पूरे मंदिर को फूलों से सजाते होंगे तो हम आपको बता दें कि नहीं भक्त जो माता को गहनें और रूपए चढ़ाते हैं उन्हीं से मंदिर को सजाया जाता है। मंदिर में कुबेर का दरबार दीपोत्सव के दौरान लगता है। इस उत्सव में प्रसाद के रूप में भक्तों को गहने और रूपए-पैसे मिलते हैं। इस मंदिर के कपाट दीपावली के दिन पूरे चौबीस घंटाटे तक खुले रहते हैं। इस मंदिर में महिला भक्तों को धनतेरस के अवसर पर कुबेर की पाटली देते हैं। जो भी भक्त इस उत्सव में मंदिर आता है वह कभी खाली हाथ नहीं जाता है। भक्तों को कोई न कोई प्रसाद जरूर मिलता है। दशकों से गहने और रुपए इस मंदिर में चढ़ाए जाते हैं। इस मंदिर में पहले यहां के राजा राज्य की समृद्धि के लिए धन और गहने चढ़ाते थे। अब मंदिर में वैसे ही भक्त जेवर, पैसे माता के चरणों में चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां लक्ष्मी की कृपा जेवर और रुपए चढ़ाने से घरों में हमेशा बनी रहती है।
पांच अगस्त यानी बुधवार को होने वाले राम जन्मभूमि पूजन कार्यक्रम का पूरा देश इंतजार कर रहा है। इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या आएंगे और इस भूमि पूजन को संपन्न करेंगे। नई दिल्ली। पांच अगस्त यानी बुधवार को होने वाले राम जन्मभूमि पूजन कार्यक्रम का पूरा देश इंतजार कर रहा है। इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या आएंगे और इस भूमि पूजन को संपन्न करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पारिजात का पौधा लगाएंगे। आखिर क्या है इस पौधे का महत्व और खासियत जिसकी वजह से इसे भूमि पूजन समारोह का हिस्सा बनाया जा रहा है। पारिजात का पेड़ बहुत खूबसूरत होता है। पारिजात के फूल को भगवान हरि के श्रृंगार और पूजन में प्रयोग किया जाता है, इसलिए इस मनमोहक और सुगंधित पुष्प को हरसिंगार के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष का बहुत महत्व माना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि पारिजात को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है। पारिजात का वृक्ष ऊंचाई में दस से पच्चीस फीट तक का होता है। इसके इस वृक्ष की एक खास बात ये भी है कि इसमें बहुत बड़ी मात्रा में फूल लगते हैं। एक दिन में इसके कितने भी फूल तोड़े जाएं, अगले दिन इस फिर बड़ी मात्रा में फूल खिल जाते हैं। यह वृक्ष खासतौर से मध्य भारत और हिमालय की नीची तराइयों में अधिक उगता है। सबसे खास बात है कि ये फूल रात में ही खिलता है और सुबह होते ही इसके सारे फूल झड़ जाते हैं। इसलिए इसे रात की रानी भी कहा जाता है। हरसिंगार का फूल पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प भी है। दुनिया भर में इसकी सिर्फ पांच प्रजातियां पाई जाती हैं। कहा जाता है कि धन की देवी लक्ष्मी को पारिजात के फूल अत्यंत प्रिय हैं। पूजा-पाठ के दौरान मां लक्ष्मी को ये फूल चढ़ाने से वो प्रसन्न होती हैं। खास बात ये है कि पूजा-पाठ में पारिजात के वे ही फूल इस्तेमाल किए जाते हैं जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते हैं। पूजा के लिए इस वृक्ष से फूल तोड़ना पूरी तरह से निषिद्ध है। एक मान्यता ये भी है कि 14 साल के वनवास के दौरान सीता माता हरसिंगार के फूलों से ही अपना श्रृंगार करती थीं।
पांच अगस्त यानी बुधवार को होने वाले राम जन्मभूमि पूजन कार्यक्रम का पूरा देश इंतजार कर रहा है। इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाँच अगस्त को अयोध्या आएंगे और इस भूमि पूजन को संपन्न करेंगे। नई दिल्ली। पांच अगस्त यानी बुधवार को होने वाले राम जन्मभूमि पूजन कार्यक्रम का पूरा देश इंतजार कर रहा है। इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाँच अगस्त को अयोध्या आएंगे और इस भूमि पूजन को संपन्न करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पारिजात का पौधा लगाएंगे। आखिर क्या है इस पौधे का महत्व और खासियत जिसकी वजह से इसे भूमि पूजन समारोह का हिस्सा बनाया जा रहा है। पारिजात का पेड़ बहुत खूबसूरत होता है। पारिजात के फूल को भगवान हरि के श्रृंगार और पूजन में प्रयोग किया जाता है, इसलिए इस मनमोहक और सुगंधित पुष्प को हरसिंगार के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष का बहुत महत्व माना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि पारिजात को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है। पारिजात का वृक्ष ऊंचाई में दस से पच्चीस फीट तक का होता है। इसके इस वृक्ष की एक खास बात ये भी है कि इसमें बहुत बड़ी मात्रा में फूल लगते हैं। एक दिन में इसके कितने भी फूल तोड़े जाएं, अगले दिन इस फिर बड़ी मात्रा में फूल खिल जाते हैं। यह वृक्ष खासतौर से मध्य भारत और हिमालय की नीची तराइयों में अधिक उगता है। सबसे खास बात है कि ये फूल रात में ही खिलता है और सुबह होते ही इसके सारे फूल झड़ जाते हैं। इसलिए इसे रात की रानी भी कहा जाता है। हरसिंगार का फूल पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प भी है। दुनिया भर में इसकी सिर्फ पांच प्रजातियां पाई जाती हैं। कहा जाता है कि धन की देवी लक्ष्मी को पारिजात के फूल अत्यंत प्रिय हैं। पूजा-पाठ के दौरान मां लक्ष्मी को ये फूल चढ़ाने से वो प्रसन्न होती हैं। खास बात ये है कि पूजा-पाठ में पारिजात के वे ही फूल इस्तेमाल किए जाते हैं जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते हैं। पूजा के लिए इस वृक्ष से फूल तोड़ना पूरी तरह से निषिद्ध है। एक मान्यता ये भी है कि चौदह साल के वनवास के दौरान सीता माता हरसिंगार के फूलों से ही अपना श्रृंगार करती थीं।
फैक्ट्री जिस जगह मौजूद है, वहां आसपास के इलाकों में भी इस आग के फैलने की आशंका है. लिहाजा, पुलिस और दिल्ली दमकल सेवा टीमों ने आसपास स्थित मकान-इमारतों में मौजूद लोगों को भी साथ-साथ बचाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विकासपुरी इलाके में मौजूद एक जूता फैक्टरी में शनिवार शाम करीब 5 बजे भीषण आग लग गई. आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर दमकल की 23 गाड़ियां पहुंचीं. सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल सेवा मुख्यालय ने मौके पर पहले 10 दमकल गाड़ियां भेजी थीं, लेकिन आग की भीषणता को देखकर कुछ समय बाद ही और दमकल वाहनों को मौके पर भेज दिया गया. दिल्ली पुलिस और दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं. खबर लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था. आग बुझाने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं. फैक्ट्री के अंदर कितने लोग फंसे हैं, फिलहाल यह पता नहीं चल सका है. फैक्ट्री जिस जगह मौजूद है, वहां आसपास के इलाकों में भी इस आग के फैलने की आशंका है. लिहाजा, पुलिस और दिल्ली दमकल सेवा टीमों ने आसपास स्थित मकान-इमारतों में मौजूद लोगों को भी साथ-साथ बचाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं.
फैक्ट्री जिस जगह मौजूद है, वहां आसपास के इलाकों में भी इस आग के फैलने की आशंका है. लिहाजा, पुलिस और दिल्ली दमकल सेवा टीमों ने आसपास स्थित मकान-इमारतों में मौजूद लोगों को भी साथ-साथ बचाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विकासपुरी इलाके में मौजूद एक जूता फैक्टरी में शनिवार शाम करीब पाँच बजे भीषण आग लग गई. आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर दमकल की तेईस गाड़ियां पहुंचीं. सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल सेवा मुख्यालय ने मौके पर पहले दस दमकल गाड़ियां भेजी थीं, लेकिन आग की भीषणता को देखकर कुछ समय बाद ही और दमकल वाहनों को मौके पर भेज दिया गया. दिल्ली पुलिस और दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं. खबर लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था. आग बुझाने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं. फैक्ट्री के अंदर कितने लोग फंसे हैं, फिलहाल यह पता नहीं चल सका है. फैक्ट्री जिस जगह मौजूद है, वहां आसपास के इलाकों में भी इस आग के फैलने की आशंका है. लिहाजा, पुलिस और दिल्ली दमकल सेवा टीमों ने आसपास स्थित मकान-इमारतों में मौजूद लोगों को भी साथ-साथ बचाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं.
त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों में इस महीने कई दिन बैंक बंद रहेंगे। अगर आपने भी अक्टूबर महीने बैंक से जुड़े काम कराने की प्लानिंग कर रखी है तो जरा ध्यान दें क्योंकि अक्टूबर में करीब 14 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। वहीं आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार देश में कार्यरत बैंक रविवार के अलावा महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। 24 अक्टूबर, शनिवार- महाअष्टमी/महानवमी स्थानीय छुट्टी. त्रिपुरा, असम, तेलंगाना, इम्फाल, जम्मू, कोच्चि, पश्चिम बंगाल, बिहार और केरल में बैंक बंद रहेंगे. लेकिन इस दिन चौथे शनिवार की वजह से देशभर में बैंक बंद रहेंगे. 26 अक्टूबर, सोमवार- दुर्गा पूजा (विजयादशमी) 29 अक्टूबर, गुरुवार- ईद-ए-मिलाद. पैगंबर मोहम्मद जयंती और दुर्गा पूजा के कारण सिक्किम, जम्मू, कोच्चि, कश्मीर और केरल में बैंकों की छुट्टी रहेगी. 30 अक्टूबर, शुक्रवार- इस दिन ईद ए मिलाद का त्यौहार है. त्रिपुरा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, इम्फाल, जम्मू, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड और कश्मीर में बैंक बंद रहेंगे.
त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों में इस महीने कई दिन बैंक बंद रहेंगे। अगर आपने भी अक्टूबर महीने बैंक से जुड़े काम कराने की प्लानिंग कर रखी है तो जरा ध्यान दें क्योंकि अक्टूबर में करीब चौदह दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। वहीं आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार देश में कार्यरत बैंक रविवार के अलावा महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। चौबीस अक्टूबर, शनिवार- महाअष्टमी/महानवमी स्थानीय छुट्टी. त्रिपुरा, असम, तेलंगाना, इम्फाल, जम्मू, कोच्चि, पश्चिम बंगाल, बिहार और केरल में बैंक बंद रहेंगे. लेकिन इस दिन चौथे शनिवार की वजह से देशभर में बैंक बंद रहेंगे. छब्बीस अक्टूबर, सोमवार- दुर्गा पूजा उनतीस अक्टूबर, गुरुवार- ईद-ए-मिलाद. पैगंबर मोहम्मद जयंती और दुर्गा पूजा के कारण सिक्किम, जम्मू, कोच्चि, कश्मीर और केरल में बैंकों की छुट्टी रहेगी. तीस अक्टूबर, शुक्रवार- इस दिन ईद ए मिलाद का त्यौहार है. त्रिपुरा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, इम्फाल, जम्मू, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड और कश्मीर में बैंक बंद रहेंगे.
लखनऊ। विराट कोहली मौजूदा समय के सबसे मजबूत बल्लेबाज के तौर पर देखे जाते हैं। वह टेस्ट टीम के कप्तान के अलावा सीमित ओवरों में भी टीम इंडिया के कप्तान हैं। आईपीएल में वह आरसीबी की कमान संभाल रहे हैं। विराट कोहली ने अंडर-19 टीम में विश्वकप विजेता टीम की भी अगुवाई की थी। यही नहीं मौजूदा समय में वह सबसे चर्चित और लोकप्रिय क्रिकेटर के तौर पर जाने जाते हैं। कोहली फुटबाल के भी शौकीन हैं और उन्होंने इसमें निवेश भी किया है। अगर कोहली के सभी निवेशों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 में कोहली की कुल संपत्ति 46 मिलियन डॉलर है। जबकि वार्षिक आय 3. 1 मिलियन डॉलर है। यानि हर वर्ष वह 3054374700 रुपए है, यानि हर माह उनकी आय 254531225 रुपए है। थोड़ा आंकड़ो को और बांटे तो वह हर मिनट 5811 रुपए कमा रहे हैं। जनवरी 2015 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने पेप्सिको, बूस्ट, मंच, क्लियर हेयर केयर, रॉयल चैलेंज, अडिडास, एमआरएफ, मैटल, ओकले, टीवीएस, विक्स, फास्टट्रैक, संगम सूटिंग्स, फेयर एंडल लवली, हर्बलाइफ, फ्लायिंग मशीन, रेड चीफ, टोयोटा, सेलकॉन मोबाइल, सिंथॉल और 3सी कंपनी के साथ करार किया। वर्ष 2013 में कोहली की ब्रांड अंबेसडर वैल्यू 100 करोड़ रुपए थी। जबकि वर्ष 2014 में अमेरिकी कंपनी ने उनकी वैल्यू 56. 4 मिलियन डॉलर आंकी थी। एमआरएफ के साथ उनकी डील को भारत में सबसे महंगी डील के तौर पर देखा जाता है। यही नहीं स्पोर्ट्सप्रो मैगजीन ने कोहली को लुईस हैमिल्टन के बाद दूसरा सबसे महंगा ब्रांड बताया था। जबकि उनसे नीचे बोल्ट, रोनाल्डे मेस्सी जैसे सितारे हैं। कोहली ने कपड़ों के ब्रांड में भी निवेश किया है। उन्होंने यूपीएसएल के रॉग ब्रांड में निवेश किया है। इसके अलावा 90 करोड़ रुपए उन्होंने जिम और फिटनेस के क्षेत्र में निवेश किये हैं। वह यूएई रॉयल्स के सहम मालिक भी हैं।
लखनऊ। विराट कोहली मौजूदा समय के सबसे मजबूत बल्लेबाज के तौर पर देखे जाते हैं। वह टेस्ट टीम के कप्तान के अलावा सीमित ओवरों में भी टीम इंडिया के कप्तान हैं। आईपीएल में वह आरसीबी की कमान संभाल रहे हैं। विराट कोहली ने अंडर-उन्नीस टीम में विश्वकप विजेता टीम की भी अगुवाई की थी। यही नहीं मौजूदा समय में वह सबसे चर्चित और लोकप्रिय क्रिकेटर के तौर पर जाने जाते हैं। कोहली फुटबाल के भी शौकीन हैं और उन्होंने इसमें निवेश भी किया है। अगर कोहली के सभी निवेशों पर नजर डालें तो वर्ष दो हज़ार सोलह में कोहली की कुल संपत्ति छियालीस मिलियन डॉलर है। जबकि वार्षिक आय तीन. एक मिलियन डॉलर है। यानि हर वर्ष वह तीन शून्य पाँच चार तीन सात चार सात शून्य शून्य रुपयापए है, यानि हर माह उनकी आय पच्चीस करोड़ पैंतालीस लाख इकतीस हज़ार दो सौ पच्चीस रुपयापए है। थोड़ा आंकड़ो को और बांटे तो वह हर मिनट पाँच हज़ार आठ सौ ग्यारह रुपयापए कमा रहे हैं। जनवरी दो हज़ार पंद्रह के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने पेप्सिको, बूस्ट, मंच, क्लियर हेयर केयर, रॉयल चैलेंज, अडिडास, एमआरएफ, मैटल, ओकले, टीवीएस, विक्स, फास्टट्रैक, संगम सूटिंग्स, फेयर एंडल लवली, हर्बलाइफ, फ्लायिंग मशीन, रेड चीफ, टोयोटा, सेलकॉन मोबाइल, सिंथॉल और तीनसी कंपनी के साथ करार किया। वर्ष दो हज़ार तेरह में कोहली की ब्रांड अंबेसडर वैल्यू एक सौ करोड़ रुपए थी। जबकि वर्ष दो हज़ार चौदह में अमेरिकी कंपनी ने उनकी वैल्यू छप्पन. चार मिलियन डॉलर आंकी थी। एमआरएफ के साथ उनकी डील को भारत में सबसे महंगी डील के तौर पर देखा जाता है। यही नहीं स्पोर्ट्सप्रो मैगजीन ने कोहली को लुईस हैमिल्टन के बाद दूसरा सबसे महंगा ब्रांड बताया था। जबकि उनसे नीचे बोल्ट, रोनाल्डे मेस्सी जैसे सितारे हैं। कोहली ने कपड़ों के ब्रांड में भी निवेश किया है। उन्होंने यूपीएसएल के रॉग ब्रांड में निवेश किया है। इसके अलावा नब्बे करोड़ रुपए उन्होंने जिम और फिटनेस के क्षेत्र में निवेश किये हैं। वह यूएई रॉयल्स के सहम मालिक भी हैं।
फिल्म में संजय दत्त की मां की भूमिका मनीषा कोईराला निभा रही हैं और कुछ देर पहले ही संजू के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने नरगिस के पोस्टर को शेयर किया है. नई दिल्लीः बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर की फिल्म 'संजू' पिछले काफी वक्त से सुर्खियों का हिस्सा बनी हुई है. इस फिल्म में रणबीर कपूर, संजय दत्त की भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म के टीजर और ट्रेलर को देखने के बाद फैन्स के बीच फिल्म को लेकर बेसब्री और भी बढ़ गई है और अब सभी फैन्स जल्द से जल्द फिल्म देखना चाहते हैं. इसी बीच राजकुमार हिरानी भी अपने फैन्स को बीच बीच में फिल्म के नए पोस्टर्स के साथ सरप्राइज देते जा रहे हैं. हाल ही में हिरानी ने फिल्म से नगरिस का लुक शेयर किया है. बता दें, फिल्म में संजय दत्त की मां की भूमिका मनीषा कोईराला निभा रही हैं और कुछ देर पहले ही संजू के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने नरगिस के पोस्टर को शेयर किया है. हालांकि, इस पोस्टर के बैकग्राउंड में रणबीर कपूर भी नजर आ रहे हैं और साथ ही मनीषा भी दिखाई दे रही हैं. बता दें, फिल्म के ट्रेलर को कुछ वक्त पहले ही रिलीज किया गया है और फैन्स ने ट्रेलर को काफी पसंद भी किया. वहीं फिल्म के गाने मैं भी बढ़िया को भी रिलीज कर दिया गया है. संजय दत्त की बायोपिक में परेश रावल सुनील दत्त की भूमिका निभा रहे हैं और ट्रेलर में पिता-बेटे की बॉन्डिंग की एक झलक भी फैन्स को देखने को मिली. इसके अलावा फिल्म में सोनम कपूर 'टीना मुनीम', दिया मिर्जा 'मान्यता दत्त', अनुष्का शर्मा एक वकील की भूमिका निभा रही हैं. इसके अलावा भी फिल्म में कई कलाकारों ने काम किया है. हालांकि, पूरी कहानी और कलाकारों के बारे में जानने के लिए आपको 29 जून तक का इंतजार करना होगा.
फिल्म में संजय दत्त की मां की भूमिका मनीषा कोईराला निभा रही हैं और कुछ देर पहले ही संजू के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने नरगिस के पोस्टर को शेयर किया है. नई दिल्लीः बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर की फिल्म 'संजू' पिछले काफी वक्त से सुर्खियों का हिस्सा बनी हुई है. इस फिल्म में रणबीर कपूर, संजय दत्त की भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म के टीजर और ट्रेलर को देखने के बाद फैन्स के बीच फिल्म को लेकर बेसब्री और भी बढ़ गई है और अब सभी फैन्स जल्द से जल्द फिल्म देखना चाहते हैं. इसी बीच राजकुमार हिरानी भी अपने फैन्स को बीच बीच में फिल्म के नए पोस्टर्स के साथ सरप्राइज देते जा रहे हैं. हाल ही में हिरानी ने फिल्म से नगरिस का लुक शेयर किया है. बता दें, फिल्म में संजय दत्त की मां की भूमिका मनीषा कोईराला निभा रही हैं और कुछ देर पहले ही संजू के निर्देशक राजकुमार हिरानी ने नरगिस के पोस्टर को शेयर किया है. हालांकि, इस पोस्टर के बैकग्राउंड में रणबीर कपूर भी नजर आ रहे हैं और साथ ही मनीषा भी दिखाई दे रही हैं. बता दें, फिल्म के ट्रेलर को कुछ वक्त पहले ही रिलीज किया गया है और फैन्स ने ट्रेलर को काफी पसंद भी किया. वहीं फिल्म के गाने मैं भी बढ़िया को भी रिलीज कर दिया गया है. संजय दत्त की बायोपिक में परेश रावल सुनील दत्त की भूमिका निभा रहे हैं और ट्रेलर में पिता-बेटे की बॉन्डिंग की एक झलक भी फैन्स को देखने को मिली. इसके अलावा फिल्म में सोनम कपूर 'टीना मुनीम', दिया मिर्जा 'मान्यता दत्त', अनुष्का शर्मा एक वकील की भूमिका निभा रही हैं. इसके अलावा भी फिल्म में कई कलाकारों ने काम किया है. हालांकि, पूरी कहानी और कलाकारों के बारे में जानने के लिए आपको उनतीस जून तक का इंतजार करना होगा.
जेनिफर विंगेट टीवी जगत की एक बड़ी ही मशहूर अभिनेत्री हैं। अपनी लाजवाब अदाकारी और खूबसूरती के दम पर हर किसी के दिल पर जेनिफर राज करती हुईं नजर आती हैं। जब जेनिफर की उम्र केवल 12 वर्ष की थी, तभी एक्टिंग करना उन्होंने शुरू कर दिया था। जहां पापा जेनिफर के एक मराठी ईसाई हैं, वहीं उनकी मां पंजाबी हैं। कई साल हो चुके हैं जेनिफर को इंडस्ट्री में काम करते हुए। उन्होंने नंबर वन एक्ट्रेस का ताज भी अपने सिर पर सजा रखा है। ख़बरों के मुताबिक वह किसी भी सीरियल में काम करने के लिए प्रति एपिसोड डेढ़ से दो लाख रुपये की मोटी फीस वसूलती हैं. दौलत और शोहरत जेनिफर विंगेट ने अपने बलबूते पाई है। इन्हीं जेनिफर विंगेट के घर के बारे में यहां हम आपको जानकारी दे रहे हैं। बहुत ही खूबसूरत है जेनिफर विंगेट का घर। यह गोवा में स्थित है। मुंबई में तो जेनिफर का घर है ही, मगर समंदर के किनारे गोवा में भी उन्होंने घर खरीद लिया। अपनी मनपसंदीदा चीजों से जेनिफर ने अपने घर को सजाया है। जब भी परिवार वालों और दोस्तों के साथ गोवा जेनिफर जाती हैं, तो वे अपने इसी घर में रहती हैं। नॉर्थ गोवा में जेनिफर का यह घर स्थित है। बीच से इसकी दूरी मुश्किल से 15 मिनट की है। उनके घर की दीवारें मिट्टी के मिक्सचर के साथ हैं। इंटीरियर उन्होंने खुद मुंबई में डिजाइन किया है। मुंबई से गोवा उन्होंने इसे ट्रांसपोर्ट करवाया। ब्राउन और पीले रंग का उनके घर का फ्लोर है। बेड्स और चादरों का कलर उनका पसंदीदा व्हाइट है। ज्यादातर मानसून के दौरान जेनिफर अपने इस घर में रहने आती हैं। दीवारों का रंग उनके घर का हल्का क्रीम है। टर्कॉइज सोफा और चेयर्स से उनके घर की खूबसूरती बढ़ गई है। ओपन किचन भी उनके घर में है। वर्ष 2003 में बच्चों के सीरियल 'शाका लाका बूम बूम' से जेनिफर ने टीवी इंडस्ट्री में कदम रखा था। जेनिफर को टीवी सीरियल्स कसौटी जिंदगी की, कुसुम, दिल मिल गए, क्या होगा निम्मो और कहीं तो होगा में काम करते देखा जा चुका है। सीरियल सरस्वती चंद्र में कुमोद के उनके किरदार को काफी पसंद किया गया था। पिछले दिनों माया के रूप में भी वे नजर आई हैं। माया ने नेगेटिव रोल में हर किसी का दिल जीत लिया है। बेपनाह सीरियल में उनकी जोया की भूमिका भी बड़ी पसंद की गई थी। टीवी एक्टर करण सिंह ग्रोवर से जेनिफर ने 9 अप्रैल, 2012 को शादी भी की थी। जेनिफर और करण 2014 में ही अलग हो गए थे। एशिया की सेक्सी महिला का खिताब भी जेनिफर को हासिल हो चुका है।
जेनिफर विंगेट टीवी जगत की एक बड़ी ही मशहूर अभिनेत्री हैं। अपनी लाजवाब अदाकारी और खूबसूरती के दम पर हर किसी के दिल पर जेनिफर राज करती हुईं नजर आती हैं। जब जेनिफर की उम्र केवल बारह वर्ष की थी, तभी एक्टिंग करना उन्होंने शुरू कर दिया था। जहां पापा जेनिफर के एक मराठी ईसाई हैं, वहीं उनकी मां पंजाबी हैं। कई साल हो चुके हैं जेनिफर को इंडस्ट्री में काम करते हुए। उन्होंने नंबर वन एक्ट्रेस का ताज भी अपने सिर पर सजा रखा है। ख़बरों के मुताबिक वह किसी भी सीरियल में काम करने के लिए प्रति एपिसोड डेढ़ से दो लाख रुपये की मोटी फीस वसूलती हैं. दौलत और शोहरत जेनिफर विंगेट ने अपने बलबूते पाई है। इन्हीं जेनिफर विंगेट के घर के बारे में यहां हम आपको जानकारी दे रहे हैं। बहुत ही खूबसूरत है जेनिफर विंगेट का घर। यह गोवा में स्थित है। मुंबई में तो जेनिफर का घर है ही, मगर समंदर के किनारे गोवा में भी उन्होंने घर खरीद लिया। अपनी मनपसंदीदा चीजों से जेनिफर ने अपने घर को सजाया है। जब भी परिवार वालों और दोस्तों के साथ गोवा जेनिफर जाती हैं, तो वे अपने इसी घर में रहती हैं। नॉर्थ गोवा में जेनिफर का यह घर स्थित है। बीच से इसकी दूरी मुश्किल से पंद्रह मिनट की है। उनके घर की दीवारें मिट्टी के मिक्सचर के साथ हैं। इंटीरियर उन्होंने खुद मुंबई में डिजाइन किया है। मुंबई से गोवा उन्होंने इसे ट्रांसपोर्ट करवाया। ब्राउन और पीले रंग का उनके घर का फ्लोर है। बेड्स और चादरों का कलर उनका पसंदीदा व्हाइट है। ज्यादातर मानसून के दौरान जेनिफर अपने इस घर में रहने आती हैं। दीवारों का रंग उनके घर का हल्का क्रीम है। टर्कॉइज सोफा और चेयर्स से उनके घर की खूबसूरती बढ़ गई है। ओपन किचन भी उनके घर में है। वर्ष दो हज़ार तीन में बच्चों के सीरियल 'शाका लाका बूम बूम' से जेनिफर ने टीवी इंडस्ट्री में कदम रखा था। जेनिफर को टीवी सीरियल्स कसौटी जिंदगी की, कुसुम, दिल मिल गए, क्या होगा निम्मो और कहीं तो होगा में काम करते देखा जा चुका है। सीरियल सरस्वती चंद्र में कुमोद के उनके किरदार को काफी पसंद किया गया था। पिछले दिनों माया के रूप में भी वे नजर आई हैं। माया ने नेगेटिव रोल में हर किसी का दिल जीत लिया है। बेपनाह सीरियल में उनकी जोया की भूमिका भी बड़ी पसंद की गई थी। टीवी एक्टर करण सिंह ग्रोवर से जेनिफर ने नौ अप्रैल, दो हज़ार बारह को शादी भी की थी। जेनिफर और करण दो हज़ार चौदह में ही अलग हो गए थे। एशिया की सेक्सी महिला का खिताब भी जेनिफर को हासिल हो चुका है।
राज्य में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने शनिवार को फैसला किया है कि राज्य भर में नाइट कर्फ्यू और रविवार को फुल लॉकडाउन जारी रहेगा. देशभर में एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण (Corona infection) की स्थिति में सुधार देखा गया है वहीं दक्षिण भारत में कोरोना के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. दक्षिण में इस वायरस ने एक बार फिर लोगों के अंदर डर बनाना शुरू कर दिया है. दक्षिण में मामले भी ज्यादा हैं, मौतें भी ज्यादा हैं और संक्रमण दर भी डरा रहा है. दक्षिण भारत में भी केरल की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है जो इस समय कोरोना का सबसे बड़ा एपीसेंटर बन चुका है. केरल में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इन मामलों ने एक बार फिर देश की चिंता बढ़ा दी है. राज्य में कोरोना वायरस के पिछले 24 घंटे में कुल 29,682 केस दर्ज किए गए हैं. वहीं 142 लोगों ने इस महामारी के आगे अपना दम तोड़ दिया. इस बीच राज्य में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने शनिवार को फैसला किया है कि राज्य भर में नाइट कर्फ्यू और रविवार को फुल लॉकडाउन जारी रहेगा. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को समीक्षा बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की. वहीं रिपोर्ट की माने तो बीते शुक्रवार को राज्य में 29,322 नए मामले दर्ज किए गए थे. जबकि 22,938 की इस बिमारी से रिकवर कर गए और 131 मौतें दर्ज की गईं. राज्य में गुरुवार को ताजा संक्रमण में गिरावट देखी गई थी वहीं बुधवार को 32,803 मामले दर्ज किए, जबकि टेस्ट पॉजिटिविटी रेट भी गिरकर 17.91 प्रतिशत हो गई. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार कल यानी बीते शनिवार को Covid-19 टीके की 62.25 लाख खुराक दिए जाने के साथ अब तक 68 करोड़ से अधिक खुराक दे चुकी है. आंकड़ों के मुताबिक एक मई को टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू होने के बाद से 18-44 उम्र समूह में 26,99,02,315 लोगों को पहली खुराक और 3,35,98,191 को दूसरी खुराक दी जा चुकी है.
राज्य में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने शनिवार को फैसला किया है कि राज्य भर में नाइट कर्फ्यू और रविवार को फुल लॉकडाउन जारी रहेगा. देशभर में एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार देखा गया है वहीं दक्षिण भारत में कोरोना के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. दक्षिण में इस वायरस ने एक बार फिर लोगों के अंदर डर बनाना शुरू कर दिया है. दक्षिण में मामले भी ज्यादा हैं, मौतें भी ज्यादा हैं और संक्रमण दर भी डरा रहा है. दक्षिण भारत में भी केरल की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है जो इस समय कोरोना का सबसे बड़ा एपीसेंटर बन चुका है. केरल में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इन मामलों ने एक बार फिर देश की चिंता बढ़ा दी है. राज्य में कोरोना वायरस के पिछले चौबीस घंटाटे में कुल उनतीस,छः सौ बयासी केस दर्ज किए गए हैं. वहीं एक सौ बयालीस लोगों ने इस महामारी के आगे अपना दम तोड़ दिया. इस बीच राज्य में लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने शनिवार को फैसला किया है कि राज्य भर में नाइट कर्फ्यू और रविवार को फुल लॉकडाउन जारी रहेगा. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को समीक्षा बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की. वहीं रिपोर्ट की माने तो बीते शुक्रवार को राज्य में उनतीस,तीन सौ बाईस नए मामले दर्ज किए गए थे. जबकि बाईस,नौ सौ अड़तीस की इस बिमारी से रिकवर कर गए और एक सौ इकतीस मौतें दर्ज की गईं. राज्य में गुरुवार को ताजा संक्रमण में गिरावट देखी गई थी वहीं बुधवार को बत्तीस,आठ सौ तीन मामले दर्ज किए, जबकि टेस्ट पॉजिटिविटी रेट भी गिरकर सत्रह.इक्यानवे प्रतिशत हो गई. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार कल यानी बीते शनिवार को Covid-उन्नीस टीके की बासठ.पच्चीस लाख खुराक दिए जाने के साथ अब तक अड़सठ करोड़ से अधिक खुराक दे चुकी है. आंकड़ों के मुताबिक एक मई को टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू होने के बाद से अट्ठारह-चौंतालीस उम्र समूह में छब्बीस,निन्यानवे,दो,तीन सौ पंद्रह लोगों को पहली खुराक और तीन,पैंतीस,अट्ठानवे,एक सौ इक्यानवे को दूसरी खुराक दी जा चुकी है.
मजबूत होते डॉलर इंडेक्स और भारतीय करेंसी में लगातार गिरावट के कारण मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों (Gold Price) में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई. MCX पर गोल्ड का अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट अपने छह महीने के निचले स्तर को छूने के बाद 49,399 प्रति 10 ग्राम पर इस सप्ताह क्लोज हुआ. MCX पर सोने की कीमत 49,250 रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे गिर गई थीं, जो पिछले छह महीने की सबसे लो लेवल है. सोने का हाजिर भाव 1,639 डॉलर प्रति औंस के इंट्रा डे लो पर पहुंचने के बाद 2 साल के निचले स्तर 1,643 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. कमोडिटी मार्केट के जानकारों के अनुसार, सोने की कीमत में गिरावट लंबे समय तक जारी रह सकती है. क्योंकि वैश्विक मंदी, महंगाई और डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट की वजह से गोल्ड की कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है. मार्केट के एक्सपर्ट्स के अनुसार, मजबूत डॉलर और बढ़ी हुई यूएस बांड यील्ड के चलते निवेशकों का रुझान कम हुआ है. डॉलर इंडेक्स 20 साल के अपने सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया है. गोल्ड की कीमतें दो साल निचले स्तर पर आ गई हैं. ऐसे में एक्सपर्ट्स निवेशकों को थोड़ा और इंतजार खरीदने की सलाह दी रहे हैं. उनका मानना है कि घरेलू बाजार में सोना 48,000 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद फरवरी 2022 के अंत से भारत में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. फरवरी के अंत में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था. फिलहाल यह 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है. जियो-पॉलिटिकल कारणों से बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, अक्षय तृतीया के समय अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में सोने की मांग में 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 81 रुपये के करीब पहुंच गया है. पिछले कुछ महीनों में रुपये की कीमत में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. इसे लेकर अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं. शुक्रवार को 83 पैसे की गिरावट हुई, जिसे पिछले सात महीने में एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट मानी गई है. इससे पहले अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे गिरा था और 80. 98 के निचले स्तर पर पहुंच गया था.
मजबूत होते डॉलर इंडेक्स और भारतीय करेंसी में लगातार गिरावट के कारण मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई. MCX पर गोल्ड का अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट अपने छह महीने के निचले स्तर को छूने के बाद उनचास,तीन सौ निन्यानवे प्रति दस ग्राम पर इस सप्ताह क्लोज हुआ. MCX पर सोने की कीमत उनचास,दो सौ पचास रुपयापये प्रति दस ग्राम तक नीचे गिर गई थीं, जो पिछले छह महीने की सबसे लो लेवल है. सोने का हाजिर भाव एक,छः सौ उनतालीस डॉलर प्रति औंस के इंट्रा डे लो पर पहुंचने के बाद दो साल के निचले स्तर एक,छः सौ तैंतालीस डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. कमोडिटी मार्केट के जानकारों के अनुसार, सोने की कीमत में गिरावट लंबे समय तक जारी रह सकती है. क्योंकि वैश्विक मंदी, महंगाई और डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट की वजह से गोल्ड की कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है. मार्केट के एक्सपर्ट्स के अनुसार, मजबूत डॉलर और बढ़ी हुई यूएस बांड यील्ड के चलते निवेशकों का रुझान कम हुआ है. डॉलर इंडेक्स बीस साल के अपने सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया है. गोल्ड की कीमतें दो साल निचले स्तर पर आ गई हैं. ऐसे में एक्सपर्ट्स निवेशकों को थोड़ा और इंतजार खरीदने की सलाह दी रहे हैं. उनका मानना है कि घरेलू बाजार में सोना अड़तालीस,शून्य रुपयापये प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद फरवरी दो हज़ार बाईस के अंत से भारत में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. फरवरी के अंत में चौबीस कैरेट सोने का भाव करीब पचपन,शून्य रुपयापये प्रति दस ग्राम था. फिलहाल यह पचास,शून्य रुपयापये प्रति दस ग्राम के आसपास है. जियो-पॉलिटिकल कारणों से बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, अक्षय तृतीया के समय अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में सोने की मांग में तैंतालीस प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को इक्यासी रुपयापये के करीब पहुंच गया है. पिछले कुछ महीनों में रुपये की कीमत में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. इसे लेकर अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं. शुक्रवार को तिरासी पैसे की गिरावट हुई, जिसे पिछले सात महीने में एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट मानी गई है. इससे पहले अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया उन्नीस पैसे गिरा था और अस्सी. अट्ठानवे के निचले स्तर पर पहुंच गया था.
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज राष्ट्रपति भवन में अर्जेंटीना गणराज्य के राष्ट्रपति श्री मौरिसियो मैक्री की आगवानी की। राष्ट्रपति ने उनके सम्मान में रात्रिभोज का भी आयोजन किया। राष्ट्रपति श्री मैक्री का भारत में स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अर्जेंटीना अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना का 70वां वर्षगांठ मना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे आर्थिक सहयोग में असीम संभावनाएं हैं। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग तीन बिलियन डॉलर का है परंतु यह क्षमताओं को सही रूप में नहीं दिखाता है। विभिन्न भारतीय कंपनियों ने विशेषकर आईटी और वाहन निर्माण के क्षेत्र में अर्जेंटीना में निवेश किया है। कृषि एक अन्य क्षेत्र है जिसमें हम एक साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं। रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कहा कि व्यापार और प्रौद्योगिकी, कृषि और अंर्टाकटिक विज्ञान, इंटरनेट और उपग्रह आदि के क्षेत्र में भारत का परिवर्तनकारी विकास और अर्जेंटीना की क्षमताएं नए द्विपक्षीय अवसरों का निर्माण कर रही हैं। वैश्विक शासन के क्षेत्र में हम लोग साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। इस संदर्भ में अगले महीने भारत, 'ब्यूनस आयर्स कार्य योजना की समीक्षा' में योगदान देगा।
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज राष्ट्रपति भवन में अर्जेंटीना गणराज्य के राष्ट्रपति श्री मौरिसियो मैक्री की आगवानी की। राष्ट्रपति ने उनके सम्मान में रात्रिभोज का भी आयोजन किया। राष्ट्रपति श्री मैक्री का भारत में स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अर्जेंटीना अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना का सत्तरवां वर्षगांठ मना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे आर्थिक सहयोग में असीम संभावनाएं हैं। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग तीन बिलियन डॉलर का है परंतु यह क्षमताओं को सही रूप में नहीं दिखाता है। विभिन्न भारतीय कंपनियों ने विशेषकर आईटी और वाहन निर्माण के क्षेत्र में अर्जेंटीना में निवेश किया है। कृषि एक अन्य क्षेत्र है जिसमें हम एक साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं। रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कहा कि व्यापार और प्रौद्योगिकी, कृषि और अंर्टाकटिक विज्ञान, इंटरनेट और उपग्रह आदि के क्षेत्र में भारत का परिवर्तनकारी विकास और अर्जेंटीना की क्षमताएं नए द्विपक्षीय अवसरों का निर्माण कर रही हैं। वैश्विक शासन के क्षेत्र में हम लोग साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। इस संदर्भ में अगले महीने भारत, 'ब्यूनस आयर्स कार्य योजना की समीक्षा' में योगदान देगा।
भजनेका आदेश किया गया है, उनको न छोड़कर ये भवभंजन रघुनाथजीको हो छोड़ देते हैं, हैं, इनका भाग्य फूट गया है । यथा-"नरकके पंथ । सव परिहरि रघुबीर पद भजहु भजहि जेहि संत । ५१३८/', 'तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत् । गीता १६६२११', 'जाको नाम लयें छूटत भव-जन्म-मरन दुखभार ६८, हरि परिहरि सोइ जतन करत मन मोर अभागी ।११०1', 'तैं निज कर्मडोरि दिढ़ कीन्ही ।।१३६ । 'अभागी११० (२ घ), १३६ (३ ख ) देखिए । भगवञ्चरणानुरागी भाग्यवान् माने गए है । यथा 'सोइ गुनज्ञ सोई बड़भागी । जो रघुवीर-चरन अनुरागी । ४।२३। ७१', 'हम सब सेवक अति वड़भागी । संतत सगुन ब्रह्म अनुरागी ।४।२६। १३', 'अहह धन्य लछिमन बड़भागी । रामपदारद अनुरागी ।' इत्यादि । 'भवभंजनपद विमुख' में 'नरकस्य द्वार' के सम्बन्ध से 'अहंकारं बलं दर्पं काम क्रोधं च संश्रिताः । मामात्मपरदेहेषु प्रद्विषन्तोऽभ्यसूयकाः । गीता १६।१८।' का भाव आ जाता है । अर्थात् अहंकार, बल, दर्प, काम, क्रोधका आश्रय लिये रहते हैं और मेरी निन्दा करनेवाले अपने और दूसरों के शरीर में स्थित मुझ ईश्वरसे द्वेप करते हैं । - ( ऐसे लोग आसुरी योनियों में डाले जाते हैं । अतः नरक हैं ) । विशेष आगे नोट १ में देखिए । १ (घ ) 'निसि बासर रुचि पाप.." इति । यहाँ 'निशि' को प्रथम कहा। क्योंकि पाप प्रायः रातमें ही विशेष किये जाते है । दिनमें मनसे विशेष पाप तथा वचनसे पाप करते हैं, किन्तु रातमें कर्म द्वारा पाप करते है जो कलिमें भी क्षम्य नहीं; इस तरह उनको पापका दंड अवश्य भोगना ही पड़ता है, आसुर खभाववाली योनियों में जन्म लेना पड़ता है। पापमें प्रवृत्ति होनेसे मन पवित्र रहता है । अपवित्र मन बुद्धिको मलिनकर उसके नाशका कारण होता है - ८२ ( २ ग ) देखिए । यहाँ मन और मति दोनोंको कहकर दोनोंमें भेद दिखाया -- ५४ नोट ६ ( ख ) देखिए । बुद्धिके मलिन हो जाने से वेदका अनुशासन क्या है, यह वे समझ नही पाते और इसीसे वेदपथ छोडे हुए है। निगमपथत्यागीसे यह भी जनाया कि मलिनबुद्धिकल्पित मार्गोंपर चलते हैं। - 'सब नर कल्पित करहिं अचारा । जाइ न बरनि अनीति अचारा ।७।१००।१०।' 'त्यागी' से यह भी जनाया कि उसकी निंदा करते हुए उसका त्याग करते हैं; अतः नरकमें पड़ते हैं, यथा 'कल्प-कल्प भरि एक-एक नरका । परहिं जे दूषहिं श्रुति करि तरका ।७।१००।४।' - अतएव नरकरूप जीते हैं । टिप्पणी - २ ( क ) 'नहिं सतसंग भजन ..' इति । सत्संग, हरिभजन, रामकथानुराग ये सभी भव छुड़ाने वाले हैं । ५७ ( ६ ख ), ५७ ( नोट १), १३६ ( १० क ख ), ११५ (५ गध) और ५४ (५ न ) देखिए । २ ( ख ) 'सुत बितदार भवन ममता निसि सोवत अति..' इति । श्रीरामकृपासे भव छुडाने के लिये सत्संग होता है, जिससे समस्त ममताएँ छूट जाती हैं और परावरेश भगवान राममं भक्ति होती है, यह मुचुकुन्दजीने भगवान से कहा है ।- 'भवापवर्गो भ्रमतो यदा भवेज्जनस्य तर्हाच्युत सत्समागमः । सत्सङ्गमो यहि तदैव सद्गताँ परावरेशे त्वयि जायते मतिः । मा० १०५११५४, अतएव 'नहि सतसंग...' कहकर उसका फल कहते हैं कि ममतारूपी रात्रि में गाढ़निद्रा में पडे, सोया करते हैं। ममताको रात्रि से यत्र-तत्र रूपित किया गया है। यथा 'ममता तरुन तसी अँधियारी । ५१४७१३१' यहाँ 'निशि' में उसी तरुण अंधकारमय रात्रिका भाव है। ममता रात्रि है, 'मैं, तें, मोर, तोर, अहंकार' श्रर्थात् देहाभिमानी होना सोना है । ७३ ( १ ख; २ क ख ) में देखिए । ममता करना चाहिए श्रीराम और उनके संत आदिका ममत्व त्यागना चाहिए; यथा 'कै कम् समता राम सों कै ममता परहेलु । दो० ७६६', 'जननी जनक बंधु सुत द्वारा । तनु धन भवन सुहृद् परिवारा ॥ सब कै ममता ताग बटोरी। मम पद मनहि वॉध वरि डोरी 141851; सो न करके उसका उलटा करता है । ममता प्रभुको भुलवा देती है, इसीसे इससे बचना चाहिए, यथा 'से किछु करहु हरहु ममता मैं फिरवँ न तुम्हहिं बिसारें ।१, ११२ ( ३ ग ) और १०८ (३ घ) देखिए । ममताका वलिदान करना चाहिए, यह पद १०८ (३) में कह आए हैं। ममतासे राग और द्वेप उत्पन्न होते है, जिससे जोवन 'नरकरूप' हो जाता है । 'सोवत अति०' का भाव कि कुम्भकर्ण से भी अधिक हैं, वह तो छः मासमें एक दिन जागता भी था, पर ये ऐसी गाढ़ महामोहरूपी नींद से सो रहे हैं कि कभी जागनेवाले नहीं । दिनों-दिन अधिक अधोगतिको प्राप्त होते जाते हैं। सुत-वित आदिकी ममतासे बुद्धि मलिन हो गई है, यथा 'सुत चित लोक ईपना तीनी । केहि कै सति इन्ह कृत न मलीनी ७१७११६॥' 'कभी नहीं जागी' कहकर जनाया कि अत्यन्त मलिन महामोहग्रस्त है । विषयसे वैराग्य होना जागना है । ७३ ( १ ख ) देखिए । इनके हृदय में वैराग्यका उदद्य कभी नहीं होता। यह नहीं सूझता कि सुतदारादि सब स्वार्थके हैं, अंत में कोई साथ न देगा, कामाग्नि कभी बुझने को नहीं, इत्यादि । टिप्पणी-३ 'हरिनामसुधा तजि सठ.." इति । ( क ) भगवान्का नाम दिव्य अमृत है, यह देवताओंवाला अमृत नहीं है, वह अमृत प्राकृत
भजनेका आदेश किया गया है, उनको न छोड़कर ये भवभंजन रघुनाथजीको हो छोड़ देते हैं, हैं, इनका भाग्य फूट गया है । यथा-"नरकके पंथ । सव परिहरि रघुबीर पद भजहु भजहि जेहि संत । पाँच हज़ार एक सौ अड़तीस/', 'तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत् । गीता एक लाख छयासठ हज़ार दो सौ ग्यारह', 'जाको नाम लयें छूटत भव-जन्म-मरन दुखभार अड़सठ, हरि परिहरि सोइ जतन करत मन मोर अभागी ।एक हज़ार एक सौ एक', 'तैं निज कर्मडोरि दिढ़ कीन्ही ।।एक सौ छत्तीस । 'अभागीएक सौ दस , एक सौ छत्तीस देखिए । भगवञ्चरणानुरागी भाग्यवान् माने गए है । यथा 'सोइ गुनज्ञ सोई बड़भागी । जो रघुवीर-चरन अनुरागी । चार।तेईस। इकहत्तर', 'हम सब सेवक अति वड़भागी । संतत सगुन ब्रह्म अनुरागी ।चार।छब्बीस। तेरह', 'अहह धन्य लछिमन बड़भागी । रामपदारद अनुरागी ।' इत्यादि । 'भवभंजनपद विमुख' में 'नरकस्य द्वार' के सम्बन्ध से 'अहंकारं बलं दर्पं काम क्रोधं च संश्रिताः । मामात्मपरदेहेषु प्रद्विषन्तोऽभ्यसूयकाः । गीता सोलह।अट्ठारह।' का भाव आ जाता है । अर्थात् अहंकार, बल, दर्प, काम, क्रोधका आश्रय लिये रहते हैं और मेरी निन्दा करनेवाले अपने और दूसरों के शरीर में स्थित मुझ ईश्वरसे द्वेप करते हैं । - । विशेष आगे नोट एक में देखिए । एक 'निसि बासर रुचि पाप.." इति । यहाँ 'निशि' को प्रथम कहा। क्योंकि पाप प्रायः रातमें ही विशेष किये जाते है । दिनमें मनसे विशेष पाप तथा वचनसे पाप करते हैं, किन्तु रातमें कर्म द्वारा पाप करते है जो कलिमें भी क्षम्य नहीं; इस तरह उनको पापका दंड अवश्य भोगना ही पड़ता है, आसुर खभाववाली योनियों में जन्म लेना पड़ता है। पापमें प्रवृत्ति होनेसे मन पवित्र रहता है । अपवित्र मन बुद्धिको मलिनकर उसके नाशका कारण होता है - बयासी देखिए । यहाँ मन और मति दोनोंको कहकर दोनोंमें भेद दिखाया -- चौवन नोट छः देखिए । बुद्धिके मलिन हो जाने से वेदका अनुशासन क्या है, यह वे समझ नही पाते और इसीसे वेदपथ छोडे हुए है। निगमपथत्यागीसे यह भी जनाया कि मलिनबुद्धिकल्पित मार्गोंपर चलते हैं। - 'सब नर कल्पित करहिं अचारा । जाइ न बरनि अनीति अचारा ।सात।एक सौ।दस।' 'त्यागी' से यह भी जनाया कि उसकी निंदा करते हुए उसका त्याग करते हैं; अतः नरकमें पड़ते हैं, यथा 'कल्प-कल्प भरि एक-एक नरका । परहिं जे दूषहिं श्रुति करि तरका ।सात।एक सौ।चार।' - अतएव नरकरूप जीते हैं । टिप्पणी - दो 'नहिं सतसंग भजन ..' इति । सत्संग, हरिभजन, रामकथानुराग ये सभी भव छुड़ाने वाले हैं । सत्तावन , सत्तावन , एक सौ छत्तीस , एक सौ पंद्रह और चौवन देखिए । दो 'सुत बितदार भवन ममता निसि सोवत अति..' इति । श्रीरामकृपासे भव छुडाने के लिये सत्संग होता है, जिससे समस्त ममताएँ छूट जाती हैं और परावरेश भगवान राममं भक्ति होती है, यह मुचुकुन्दजीने भगवान से कहा है ।- 'भवापवर्गो भ्रमतो यदा भवेज्जनस्य तर्हाच्युत सत्समागमः । सत्सङ्गमो यहि तदैव सद्गताँ परावरेशे त्वयि जायते मतिः । माशून्य दस लाख इक्यावन हज़ार एक सौ चौवन, अतएव 'नहि सतसंग...' कहकर उसका फल कहते हैं कि ममतारूपी रात्रि में गाढ़निद्रा में पडे, सोया करते हैं। ममताको रात्रि से यत्र-तत्र रूपित किया गया है। यथा 'ममता तरुन तसी अँधियारी । इक्यावन लाख सैंतालीस हज़ार एक सौ इकतीस' यहाँ 'निशि' में उसी तरुण अंधकारमय रात्रिका भाव है। ममता रात्रि है, 'मैं, तें, मोर, तोर, अहंकार' श्रर्थात् देहाभिमानी होना सोना है । तिहत्तर में देखिए । ममता करना चाहिए श्रीराम और उनके संत आदिका ममत्व त्यागना चाहिए; यथा 'कै कम् समता राम सों कै ममता परहेलु । दोशून्य सात सौ छयासठ', 'जननी जनक बंधु सुत द्वारा । तनु धन भवन सुहृद् परिवारा ॥ सब कै ममता ताग बटोरी। मम पद मनहि वॉध वरि डोरी एक लाख इकतालीस हज़ार आठ सौ इक्यावन; सो न करके उसका उलटा करता है । ममता प्रभुको भुलवा देती है, इसीसे इससे बचना चाहिए, यथा 'से किछु करहु हरहु ममता मैं फिरवँ न तुम्हहिं बिसारें ।एक, एक सौ बारह और एक सौ आठ देखिए । ममताका वलिदान करना चाहिए, यह पद एक सौ आठ में कह आए हैं। ममतासे राग और द्वेप उत्पन्न होते है, जिससे जोवन 'नरकरूप' हो जाता है । 'सोवत अतिशून्य' का भाव कि कुम्भकर्ण से भी अधिक हैं, वह तो छः मासमें एक दिन जागता भी था, पर ये ऐसी गाढ़ महामोहरूपी नींद से सो रहे हैं कि कभी जागनेवाले नहीं । दिनों-दिन अधिक अधोगतिको प्राप्त होते जाते हैं। सुत-वित आदिकी ममतासे बुद्धि मलिन हो गई है, यथा 'सुत चित लोक ईपना तीनी । केहि कै सति इन्ह कृत न मलीनी सात लाख सत्रह हज़ार एक सौ सोलह॥' 'कभी नहीं जागी' कहकर जनाया कि अत्यन्त मलिन महामोहग्रस्त है । विषयसे वैराग्य होना जागना है । तिहत्तर देखिए । इनके हृदय में वैराग्यका उदद्य कभी नहीं होता। यह नहीं सूझता कि सुतदारादि सब स्वार्थके हैं, अंत में कोई साथ न देगा, कामाग्नि कभी बुझने को नहीं, इत्यादि । टिप्पणी-तीन 'हरिनामसुधा तजि सठ.." इति । भगवान्का नाम दिव्य अमृत है, यह देवताओंवाला अमृत नहीं है, वह अमृत प्राकृत
अमरिया/पीलीभीत। अमरिया थाना क्षेत्र के गांव धुंधरी निवासी जगदेई (50) की 26 मई को हत्या हुई थी। पुलिस की विवेचना में वादी हत्या की साजिश में शामिल मिला। नाजमद आरोपी निर्दोष पाए गए। साइबर सेल, एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से हुई विवेचना में पांच नए आरोपी सामने आए हैं, जो जगदेई के रिश्तेदार लगते हैं। चालीस बीघा जमीन के लालच में इन लोगों हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी लल्लन सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि जगदेई के पति नत्थू लाल की चार वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। जगदेई के कोई संतान नहीं थी और उसने बहन की बेटी को गोद ले लिया था। पालन पोषण कर बड़ा किया और शादी कर दी। लड़की-दामाद उसकी देखरेख करते थे। नत्थूलाल की मृत्यु के बाद उसकी 40 बीघा जमीन जगदेई के नाम पर आ गई। दामाद भगवंतराम खेती करने लगा, जबकि इससे पहले जगदेई की जमीन को न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव जगरौली आशा निवासी लालता प्रसाद जोता करता था। लालता जगदेई की बहन का बेटा भी है। जमीन के लालच में लालता प्रसाद ने साजिश रची। इसमें रिश्तेदार अंटा गौटिया निवासी छत्रपाल और ओमवीर को भी शामिल किया। वारदात को अंजाम देने के लिए साजिश तो कई बार रची गई मगर इसे 26 मई को तब अंजाम दिया जब घर पर जगदेई के अलावा कोई नहीं था। तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद पहचान छुपाने के लिए चेहरे पर तेजाब डाला गया और फिर शव को अप्सरा नदी में फेंक दिया गया। तीन दिन बाद शव नदी से मिला था। जगदेई के पास एक स्कूटी थी जो अभी नहीं मिली है। हैरत की बात तो यह थी कि हत्या की साजिश में शामिल रहे जागनलाल ने तहरीर दी और जदगेई के दामाद, पड़ोसन और एक अन्य व्यक्ति को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। हत्याकांड में चार आरोपी पिता-पुत्र, पांचवां रिश्तेदार - हत्याकांड में थाना न्यूरिया गांव जगरौली आशा निवासी लालता प्रसाद मुख्य आरोपी है। इसके अलावा अंटा गौटिया निवासी जागनलाल का बेटा छत्रपाल और चेतराम का पुत्र ओमवीर भी गिरफ्तार किए गए हैं। हत्या की साजिश में चेतराम व जागनलाल को गिरफ्तार किया गया है। पांचों आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जहां से इनको जेल भेजा गया।
अमरिया/पीलीभीत। अमरिया थाना क्षेत्र के गांव धुंधरी निवासी जगदेई की छब्बीस मई को हत्या हुई थी। पुलिस की विवेचना में वादी हत्या की साजिश में शामिल मिला। नाजमद आरोपी निर्दोष पाए गए। साइबर सेल, एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से हुई विवेचना में पांच नए आरोपी सामने आए हैं, जो जगदेई के रिश्तेदार लगते हैं। चालीस बीघा जमीन के लालच में इन लोगों हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी लल्लन सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि जगदेई के पति नत्थू लाल की चार वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। जगदेई के कोई संतान नहीं थी और उसने बहन की बेटी को गोद ले लिया था। पालन पोषण कर बड़ा किया और शादी कर दी। लड़की-दामाद उसकी देखरेख करते थे। नत्थूलाल की मृत्यु के बाद उसकी चालीस बीघा जमीन जगदेई के नाम पर आ गई। दामाद भगवंतराम खेती करने लगा, जबकि इससे पहले जगदेई की जमीन को न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव जगरौली आशा निवासी लालता प्रसाद जोता करता था। लालता जगदेई की बहन का बेटा भी है। जमीन के लालच में लालता प्रसाद ने साजिश रची। इसमें रिश्तेदार अंटा गौटिया निवासी छत्रपाल और ओमवीर को भी शामिल किया। वारदात को अंजाम देने के लिए साजिश तो कई बार रची गई मगर इसे छब्बीस मई को तब अंजाम दिया जब घर पर जगदेई के अलावा कोई नहीं था। तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद पहचान छुपाने के लिए चेहरे पर तेजाब डाला गया और फिर शव को अप्सरा नदी में फेंक दिया गया। तीन दिन बाद शव नदी से मिला था। जगदेई के पास एक स्कूटी थी जो अभी नहीं मिली है। हैरत की बात तो यह थी कि हत्या की साजिश में शामिल रहे जागनलाल ने तहरीर दी और जदगेई के दामाद, पड़ोसन और एक अन्य व्यक्ति को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। हत्याकांड में चार आरोपी पिता-पुत्र, पांचवां रिश्तेदार - हत्याकांड में थाना न्यूरिया गांव जगरौली आशा निवासी लालता प्रसाद मुख्य आरोपी है। इसके अलावा अंटा गौटिया निवासी जागनलाल का बेटा छत्रपाल और चेतराम का पुत्र ओमवीर भी गिरफ्तार किए गए हैं। हत्या की साजिश में चेतराम व जागनलाल को गिरफ्तार किया गया है। पांचों आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जहां से इनको जेल भेजा गया।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक में योग गुरू बाबा रामदेव के फूड पार्क को जमीन देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। लोक भवन में आज कैबिनेट बैठक में इसके साथ 11 अन्य प्रस्ताव पर सहमति जताई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोकभवन में कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हो गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री तथा प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि आज बैठक में बाबा रामदेव के मेगा फूड पार्क को ग्रेटर नोएडा में जमीन देने के साथ ही 11 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। प्रदेश सरकार बाबा रामदेव के प्रतिष्ठान पतंजलि मेगा फूड पार्क को ग्रेटर नोएडा में जमीन देगी। इसमें बड़ा निवेश होगा, जिससे दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पतंजलि आयुर्वेद में पतंजलि मेगा फूड पार्क भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों का एक दूसरे प्राधिकरण में हो तबादला करने के प्रस्ताव पर जी सहमति जताई गई। कैबिनेट बैठक में यूपीएसआईडीसी का यूपीसीडा में विलय को हरी झंडी दी गई। इसके बाद ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ विशिषी विकास परिषद का गठन भी होगा। अब यह परिषद ही मंदिर क्षेत्र का विकास करेगा। प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव पर भी सहमति जता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित बाबा रामदेव के पतंजलि मेगा फूड पार्क को हरी झंडी देते हुए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दो बार योगगुरू रामदेव से बात हुई, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने भूमि हस्तांतरण और सहमति देने के लिए केंद्र सरकार से 30 जून तक का समय मांगा था। दरअसल, सरकार ने पतंजलि आयुर्वेद कंपनी को यमुना एक्सप्रेस-वे पर 465 एकड़ जमीन फूड और हर्बल पार्क की स्थापना के लिए दी थी। पतंजलि की ओर से यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी को इस जमीन में से 50 एकड़ जमीन केंद्र की योजना के अनुसार फूड पार्क के लिए ट्रांसफर करने का आग्रह किया था। चूंकि कंपनी को जमीन का आवंटन कैबिनेट से हुआ था, इसलिए उससे किसी हिस्से का अलग हस्तांतरण भी कैबिनेट से ही हो सकता था। गौरतलब है कि यूपी के ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित पतंजलि फूड पार्क को राज्य से बाहर ले जाने की धमकी के बाद यूपी सरकार हरकत में आई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में खुद हस्तक्षेप करते हुए मामले को बढ़ने से रोका था और जल्द ही कैबिनेट में पास करवाने का आश्वासन दिया था। ग्रेटर नोएडा में बाबा रामदेव के पतंजलि मेगा फूड पार्क के लिए अखिलेश यादव ने जमीन दी थी। जिसको निरस्त करने की खबरों के बीच में आज योगी आदित्यनाथ सरकार ने जमीन प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस फैसले पर बीते मंगलवार को ही मुहर लगनी थी, लेकिन फैसले एक हफ्ते के लिए टल गया। योगी सरकार पतंजलि की शर्तों के मुताबिक नियमों में संशोधन के लिए तैयार हो गई है। सीएम योगी के निर्देश के बाद मुख्य सचिव ने इस विषय पर बैठक बुलाई। बैठक में नियमों में संशोधन का फैसला लिया गया है। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए 2016 में नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में पतंजलि फूड पार्क का शिलान्यास किया गया था। उस वक्त दावा किया गया था कि यह फूड पार्क शुरू होने से लगभग 10,000 लोगों को नौकरी मिल जाएगी। इस प्रॉजेक्ट में पतंजलि ग्रुप 1600 करोड़ रुपये का निवेश करने वाला है। पतंजलि फूड फ़ूड एंड हर्बल पार्क मेगा प्रोजेक्ट 455 एकड़ में बनना है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक में योग गुरू बाबा रामदेव के फूड पार्क को जमीन देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। लोक भवन में आज कैबिनेट बैठक में इसके साथ ग्यारह अन्य प्रस्ताव पर सहमति जताई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोकभवन में कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हो गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री तथा प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि आज बैठक में बाबा रामदेव के मेगा फूड पार्क को ग्रेटर नोएडा में जमीन देने के साथ ही ग्यारह प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। प्रदेश सरकार बाबा रामदेव के प्रतिष्ठान पतंजलि मेगा फूड पार्क को ग्रेटर नोएडा में जमीन देगी। इसमें बड़ा निवेश होगा, जिससे दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पतंजलि आयुर्वेद में पतंजलि मेगा फूड पार्क भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों का एक दूसरे प्राधिकरण में हो तबादला करने के प्रस्ताव पर जी सहमति जताई गई। कैबिनेट बैठक में यूपीएसआईडीसी का यूपीसीडा में विलय को हरी झंडी दी गई। इसके बाद ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ विशिषी विकास परिषद का गठन भी होगा। अब यह परिषद ही मंदिर क्षेत्र का विकास करेगा। प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव पर भी सहमति जता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित बाबा रामदेव के पतंजलि मेगा फूड पार्क को हरी झंडी देते हुए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दो बार योगगुरू रामदेव से बात हुई, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने भूमि हस्तांतरण और सहमति देने के लिए केंद्र सरकार से तीस जून तक का समय मांगा था। दरअसल, सरकार ने पतंजलि आयुर्वेद कंपनी को यमुना एक्सप्रेस-वे पर चार सौ पैंसठ एकड़ जमीन फूड और हर्बल पार्क की स्थापना के लिए दी थी। पतंजलि की ओर से यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी को इस जमीन में से पचास एकड़ जमीन केंद्र की योजना के अनुसार फूड पार्क के लिए ट्रांसफर करने का आग्रह किया था। चूंकि कंपनी को जमीन का आवंटन कैबिनेट से हुआ था, इसलिए उससे किसी हिस्से का अलग हस्तांतरण भी कैबिनेट से ही हो सकता था। गौरतलब है कि यूपी के ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित पतंजलि फूड पार्क को राज्य से बाहर ले जाने की धमकी के बाद यूपी सरकार हरकत में आई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में खुद हस्तक्षेप करते हुए मामले को बढ़ने से रोका था और जल्द ही कैबिनेट में पास करवाने का आश्वासन दिया था। ग्रेटर नोएडा में बाबा रामदेव के पतंजलि मेगा फूड पार्क के लिए अखिलेश यादव ने जमीन दी थी। जिसको निरस्त करने की खबरों के बीच में आज योगी आदित्यनाथ सरकार ने जमीन प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस फैसले पर बीते मंगलवार को ही मुहर लगनी थी, लेकिन फैसले एक हफ्ते के लिए टल गया। योगी सरकार पतंजलि की शर्तों के मुताबिक नियमों में संशोधन के लिए तैयार हो गई है। सीएम योगी के निर्देश के बाद मुख्य सचिव ने इस विषय पर बैठक बुलाई। बैठक में नियमों में संशोधन का फैसला लिया गया है। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए दो हज़ार सोलह में नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में पतंजलि फूड पार्क का शिलान्यास किया गया था। उस वक्त दावा किया गया था कि यह फूड पार्क शुरू होने से लगभग दस,शून्य लोगों को नौकरी मिल जाएगी। इस प्रॉजेक्ट में पतंजलि ग्रुप एक हज़ार छः सौ करोड़ रुपये का निवेश करने वाला है। पतंजलि फूड फ़ूड एंड हर्बल पार्क मेगा प्रोजेक्ट चार सौ पचपन एकड़ में बनना है।
सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक, कृपया बैंकों तथा एनबीएफसी के क्रेडिट कार्ड परिचालन पर 1 जुलाई 2014 का हमारा मास्टर परिपत्र बैंपविवि.एफएसडी.बीसी.02/24.01.011/2014-15 देखें जिसमें बैंकों और एनबीएफसी के क्रेडिट कार्ड परिचालन तथा बै डेबिट कार्ड/प्री-पेड कार्ड परिचालन पर जारी किए गए अनुदेशों/दिशानिर्देशों को समेकित किया गया है। 2. इस मास्टर परिपत्र में 30 जून 2015 तक बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए क्रेडिट कार्ड परिचालन पर जारी दिशानिर्देशों के साथ-साथ बैंकों द्वारा डेबिट कार्ड और को-ब्राडेंड प्री-पेड कार्ड जारी करने पर दिशानिर्देशों को समेकित किया गया है। 3. यह नोट करें कि बैंकों के लिए क्रेडिट कार्ड परिचालन पर अनुदेश, क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता गैर बैंकिंग वित्तीय् कंपनियों पर यथोचित संशोधनों सहित लागू हैं। 4. यह मास्टर परिपत्र रिज़र्व बैंक की वेबसाइट (http://rbi.org.in) पर उपलब्ध है। क्रेडिट, डेबिट तथा प्री-पेड कार्ड जारी करनेवाले सभी बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को इन दिशानिर्देंशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। (लिली वढेरा) क्रेडिट, डेबिट, प्री-पेड कार्ड जारी करनेवाले बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को उनके क्रेडिट कार्ड व्यवसाय के लिए नियमों /विनियमों /मानकों /प्रथाओं का एक ढांचा प्रदान करना तथा यह सुनिश्चित करना कि वे सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं के अनुरूप हैं। अपने क्रेडिट कार्ड का परिचालन भलीभाँति, विवेकपूर्ण और ग्राहक अनुकूल रूप से करना सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को पर्याप्त सुरक्षा उपाय तथा निम्नलिखित दिशानिर्देशों को अपनाना चाहिए। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किया गया सांविधिक दिशानिर्देश। इस मास्टर परिपत्र में परिशिष्ट में सूचीबद्ध परिपत्रों में निहित अनुदेशों को समेकित किया गया है। ये दिशानिर्देश उन सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैँकों को छोड़कर)/गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर लागू होते हैं जो प्रत्यक्ष अथवा अपनी सहायक कंपनियों अथवा उनके द्वारा नियंत्रित संबद्ध कंपनियों के माध्यम से क्रेडिट कार्ड व्यवसाय करते हैं। इस परिपत्र का उद्देश्य है बैंकों/गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को उनके क्रेडिट कार्ड परिचालनों तथा अपने क्रेडिट कार्ड व्यवसाय के प्रबंधन में उनसे अपेक्षित प्रणालियों तथा नियंत्रणों के संबंध में सामान्य मार्गदर्शन प्रदान करना। इसमें उन सर्वोत्तम प्रथाओं को भी निर्धारित किया गया है जिन्हें पाना बैंकों /गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का लक्ष्य होना चाहिए। यह अनुभव रहा है कि बैंकों के क्रेडिट कार्ड संविभागों की गुणवत्ता उस परिवेश को प्रतिबिंबित करती है जिसमें वे कार्य करते हैं। आर्थिक गिरावट तथा ऐसे संविभागों की गुणवत्ता में गिरावट में सुदृढ़ संबंध होता है। बैंकों द्वारा बाजार में गहरी प्रतियोगिता के कारण अपने ऋण हामीदारी मानदंड तथा जोखिम प्रबंधन मानकों को शिथिल करने की स्थिति में यह गिरावट और भी गंभीर हो सकती है। अतः बैंकों के लिए यह आवश्यक है कि वे जिस बाजा़र परिवेश में अपना क्रेडिट कार्ड व्यवसाय करते हैं उससे संबंधित जोखिमों के प्रबंधन के लिए विवेकपूर्ण नीतियां तथा प्रथाएं बनाए रखें। 2.1 भारत में कार्यरत बैंक विभागीय अथवा इस प्रयोजन के लिए शुरू की गई किसी सहायक कंपनी के माध्यम से क्रेडिट कार्ड का व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं। वे ऐसे किसी अन्य बैंक से गठबंधन की व्यवस्था कर घरेलू क्रेडिट कार्ड व्यवसाय में प्रवेश कर सकते हैं, जिसके पास क्रेडिट कार्ड जारी करने की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है। 2.2 स्वतंत्र या अन्य बैंकों से गठबंधन की व्यवस्था करके क्रेडिट कार्ड व्यवसाय प्रारंभ करने के इच्छुक बैंकों को रिज़र्व बैंक का पूर्व अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं है। अपने निदेशक मंडलों के अनुमोदन से बैंक ऐसा कर सकते हैं। तथापि, ₹100 करोड़ रुपये और उससे अधिक निवल संपत्ति रखने वाले बैंक ही क्रेडिट कार्ड का व्यवसाय कर सकते हैं। तथापि पृथक सहायक कंपनियाँ स्थापित कर क्रेडिट कार्ड का व्यवसाय करने वाले बैंकों को रिज़र्व बैंक का पूर्व अनुमोदन लेना होगा। 2.3 प्रत्येक बैंक में क्रेडिट कार्ड परिचालनों के लिए एक सुप्रलेखित नीति और उचित व्यवहार संहिता अवश्य होनी चाहिए। जिन बैंकों ने बीसीएसबीआइ संहिता को अपनाया है वे क्रेडिटकार्ड परिचालनों के लिए अपनी उचित व्यवहार संहिता तैयार करते समय क्रेडिट कार्ड परिचालनों के लिए भारतीय बैंक संघ (आइबीए) की उचित व्यवहार संहिता के स्थान पर उसमें बीसीएसबीआइ संहिता में निहित सिद्धांतों को सम्मिलित करे। बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को उचित व्यवहार संहिता को अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करना चाहिए। 2.4 बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को क्रेडिट कार्ड जारी करते समय विवेकशीलता सुनिश्चित करनी चाहिए और विशेषतः छात्रों और ऐसे अन्य व्यक्तियों को कार्ड जारी करते समय ऋण जोखिम का निर्धारण स्वतंत्र रूप से करना चाहिए जिनके स्वतंत्र वित्तीय साधन नहीं हैं। 2.5 हमारे 6 मार्च 2007 के परिपत्र बैंपविवि.सं.एलईजी.बीसी.65/09.07.005/2006-07 में निहित अनुदेशों के अनुसार बैंकों को यह सूचित किया गया है कि क्रेडिट कार्ड के आवेदनों सहित ऋण के सभी श्रेणियों के मामले में चाहे उनकी प्रारंभिक सीमा कितनी भी क्यों न हो, संबंधित ऋण आवेदनों को ऋण आवेदन अस्वीकार किये जाने का/ के मुख्य कारण लिखित रूप में सूचित किया जाना/किए जाने चाहिए। इस बात को दोहराया जाता है कि बैंकों को क्रेडिट कार्ड आवेदनों के अस्वीकार किए जाने का/के मुख्य कारण लिखित रूप में सूचित किया जाना /किये जाने चाहिए। 2.6 चूँकि अनेक क्रेडिट कार्ड रखने से किसी भी उपभोक्ता के लिए उपलब्ध कुल ऋण में वृद्धि होती है, अतः बैंकों / गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे कार्डधारक द्वारा स्वयं की गई घोषणा/ सीआईसी से प्राप्त ऋण सूचना के आधार पर अन्य बैंकों से उसके द्वारा प्राप्त की जा रही ऋण-सीमाओं को ध्यान में रखते हुए क्रेडिट कार्ड के ग्राहक के लिए ऋण-सीमा निर्धारित करें। 2.7 कार्ड जारी करते समय, क्रेडिट कार्ड के निर्गम और उपयोग की शर्तें स्पष्ट और सरल भाषा (वरीयतः अंग्रेजी, हिन्दी या स्थानीय भाषा) में कार्ड के उपयोगकर्ता के लिए समझने योग्य रूप में निर्दिष्ट की जानी चाहिए। अनुबंध में दी गई शर्तों के मानक सेट के रूप में नामित सर्वाधिक महत्वपूर्ण शर्तों (एमआइटीसी) की ओर संभावित ग्राहक / ग्राहकों का सभी चरणों पर अर्थात् विपणन के दौरान, आवेदन करते समय, स्वीकृति के स्तर (स्वागत किट) पर और बाद के महत्वपूर्ण पत्राचार आदि में विशिष्ट रूप से ध्यान आकर्षित करना चाहिए तथा वे विज्ञापित की जानी चाहिए /अलग से प्रेषित करनी चाहिए। 2.8 जिन मामलों में बैंक अपने क्रेडिट कार्डधारकों को बीमा कंपनियों के साथ गठबंधन कर बीमा कवर देना चाहते हैं वहाँ बैंक दुर्घटनाग्रस्त मृत्यु और अंगहानि की स्थिति में मिलनेवाले लाभों के संबंध में बीमा कवर के लिए नामिति /नामितियों के ब्यौरे क्रेडिट कार्डधारक से लिखित रूप में प्राप्त करने पर विचार करें। बैंक यह सुनिश्चित करें कि संगत नामन ब्यौरे बीमा कंपनी द्वारा रिकार्ड किए जाते हैं। बैंक क्रेडिट कार्डधारकों को बीमा कवर से संबंधित दावों का काम देखनेवाली बीमा कंपनी का नाम, पता और टेलीफोन नंबर संबंधी ब्यौरे दर्शानेवाला एक पत्र जारी करने पर भी विचार करें। 3.1 बैंक अपने कारपोरेट ग्राहकों को-ब्राडेंड क्रेडिट कार्डों सहित क्रेडिट कार्ड, कारपोरेट क्रेडिट कार्ड तथा ऐड ऑन कार्ड जारी कर सकते हैं। 3.2 तथापि गैर-बैंक संस्था के साथ को-ब्राडेंड क्रेडिट कार्ड जारी करते समय बैंकों को उचित सावधानी बरतनी चाहिए ताकि वे इस तरह की व्यवस्था के कारण सामने आनेवाली प्रतिष्ठा जोखिम से अपना बचाव कर सकें। जो एनबीएफसी बैंकों के साथ को-ब्राडेंड क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए इच्छूक वे कृपया 4 दिसंबर 2006 का सं.गैबैंपवि(पीडी)सीसीNo.83/03.10.27/2006-07 में निहित निर्देश देखें। 3.3 एड-ऑन कार्ड अर्थात् ऐसे कार्ड जो मुख्य कार्ड के अनुषंगी हैं, इस सुस्पष्ट शर्त पर जारी किये जा सकते हैं कि देनदारी प्रधान कार्डधारक की होगी । उसी प्रकार कारपोरेट क्रेडिट कार्ड जारी करते समय कारपोरेट तथा उसके कर्मचारियों की देयता स्पष्ट की जानी चाहिए। केवाईसी/एएमएल/सीएफटी के संबंध में बैंकों पर लागू भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले अनुदेशों/दिशानिर्देशों का को-ब्रैंडेड डेबिट कार्डों सहित सभी जारी किए गए कार्डों के संबंध में पालन किया जाए। 5.1 बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे क्रेडिट कार्ड के बकाए पर ब्याज का निर्धारण करते समय, समय-समय पर संशोधित अनुदेशों का पालन बैंकों को यह भी सूचित किया गया था कि उन्हें कम मूल्य के वैयक्तिक ऋणों और इसी स्वरूप के ऋणों के संबंध में प्रक्रियागत तथा अन्य प्रभारों के साथ-साथ ब्याज दर की उच्चतम सीमा विनिर्दिष्ट करनी चाहिए। ये अनुदेश क्रेडिट कार्ड देयताओं पर भी लागू हैं। यदि बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां कार्डधारक की अदायगी /अदायगी में चूक के मामलों के आधार पर विभिन्न ब्याज दर लगाते /लगाती हैं तो इस प्रकार विभेदक ब्याज दर लगाने में पारदर्शिता होनी चाहिए। दूसरे शब्दों में, किसी कार्डधारक को उसकी अदायगी/ अदायगी में चूक के मामलों के आधार पर उच्चतर ब्याज दर लागाई जा रही है तो इस तथ्य से कार्डधारक को अवगत करा दिया जाना चाहिए। इस प्रयोजन के लिए बैंकों को चाहिए कि वे अपनी वेबसाइट अथवा अन्य साधनों के जरिए ग्राहकों के संबंध में विभिन्न श्रेणियों के संबंध में लगाई गई ब्याज दरों को प्रदर्शित करें। बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे क्रेडिट कार्डधारक को वित्त प्रभारों की गणना की पद्धति स्पष्ट रूप से सोदाहरण दर्शाएं, विशेषकर उन मामलों में जहां संबंधित ग्राहक द्वारा केवल बकाया राशि का हिस्सा ही अदा किया जाता है। 5.2 इसके अलावा बैंकों/गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को क्रेडिट कार्डों पर लागू ब्याज दरों तथा अन्य प्रभारों से संबंधित निम्नलिखित दिशानिर्देशों का पालन करना होगाः क) कार्ड जारीकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिल भेजने में कोई विलंब न हो और ब्याज लगाया जाना शुरू होने से पहले भुगतान करने के लिए ग्राहक को पर्याप्त समय (कम से कम एक पखवाड़ा) मिल सके। देरी से दिये जानेवाले बिलों की बार-बार की जानेवाली शिकायतों से बचने के लिए क्रेडिट कार्ड जारी करनेवाला बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बिलों और खातों के विवरणों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर विचार कर सकती है, जिसमें इस प्रयोजन के लिए समुचित सुरक्षा का प्रावधान हो। बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाएं मासिक विवरण प्राप्त होने के संबंध में ग्राहक से पावती लेना सुनिश्चित करने हेतु एक प्रणाली लागू करने पर भी विचार कर सकते हैं। ख) कार्ड जारीकर्ताओं को चाहिए कि वे कार्ड उत्पादों पर वार्षिकीकृत प्रतिशत दरें (एपीआर) उद्धृत करें (फुटकर खरीद और नकदी अग्रिम के लिए अलग-अलग, यदि दरें भिन्न हांे)। बेहतर समझ के लिए एपीआर की गणना-पद्धति के कुछ उदाहरण दिए जाने चाहिए। प्रभारित एपीआर और वार्षिक शुल्क को समान महत्व देते हुए दर्शाया जाना चाहिए। विलंब से भुगतान के प्रभार, ऐसे प्रभारों की गणना की पद्धति और दिनों की संख्या सहित प्रमुख रूप से निर्दिष्ट किये जाने चाहिए। वह तरीका जिससे भुगतान न की गई बकाया राशि ब्याज के परिकलन के लिए शामिल की जाएगी, सभी मासिक विवरणों में विशिष्ट रूप से प्रमुखता के साथ दर्शाया जाए। उस स्थिति में भी जहाँ कार्ड को वैध रखने के लिए निर्दिष्ट न्यूनतम राशि अदा कर दी गई है, यह मोटे अक्षरों में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए कि भुगतान के लिए नियत तारीख के बाद देय राशि पर ब्याज लगाया जाएगा। मासिक विवरण में दिखाने के अतिरिक्त, इन पहलुओं को स्वागत किट में भी दर्शाया जाए। सभी मासिक विवरणों में इस आशय का नोटिस प्रमुख रूप से दर्शाया जाना चाहिए कि "प्रत्येक महीने में सिर्फ न्यूनतम भुगतान करने के परिणामस्वरूप चुकौती वर्षों तक खिंच जाएगी जिससे आपको शेष उधार राशि पर ब्याज का भुगतान करना होगा" ताकि ग्राहकों को केवल देय न्यूनतम राशि अदा करने में होनेवाले खतरों के बारे में सावधान किया जा सके। ग) बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे कार्डधारकों को यह स्पष्ट करें कि केवल न्यूनतम देय राशि अदा करने के क्या परिणाम हो सकते हैं। `अत्यधिक महत्वपूर्ण शर्तें एवं निबंधन' के अंतर्गत विशेष रूप से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यदि पिछले महीने का कोई बिल बकाया है तो `ब्याज रहित ऋण की अवधि' खत्म हो जाती है। इस प्रयोजन के लिए बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां निदर्शी उदाहरण तैयार कर, उन्हें कार्डधारक की स्वागत सामग्री (वेलकम किट) में शामिल कर सकते हैं और साथ ही साथ अपनी वेबसाइट पर भी प्रदर्शित कर सकते हैं। घ) बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को ऐसा कोई प्रभार नहीं लगाना चाहिए जो क्रेडिट कार्ड धारक को, संबंधित कार्ड जारी करते समय तथा उसकी सहमति प्राप्त करते समय सुस्पष्ट रूप से दर्शाया नहीं गया हो। तथापि, यह सेवा कर आदि जैसे प्रभारों के लिए लागू नहीं होगा जो सरकार अथवा किसी अन्य सांविधिक प्राधिकरण द्वारा बाद में लगाये जाएंगे । ड) क्रेडिट कार्ड की देय राशियों के भुगतान की शर्तें, जिनमें न्यूनतम अदायगी की देय राशि शामिल है, विनिर्दिष्ट की जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई ऋणात्मक परिशोधन नहीं है । च) प्रभारों में (ब्याज के अलावा) परिवर्तन कम-से-कम एक महीने का नोटिस देकर केवल भावी प्रभाव से किये जाने चाहिए । यदि क्रेडिट कार्ड धारक अपना क्रेडिट कार्ड इस कारण से अभ्यर्पित करना चाहता हो कि क्रेडिट कार्ड प्रभारों में किया कोई परिवर्तन उसे हानिकारक है तो ऐसी समाप्ति के लिए उससे कोई अतिरिक्त प्रभार लिये बगैर कार्ड समाप्ति की अनुमति दी जाए । क्रेडिट कार्ड को समाप्त करने संबधी किसी अनुरोध को क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता द्वारा तत्काल स्वीकार किया जाना होगा, बशर्ते कार्डधारक ने देय राशि का पूरा निपटान कर दिया हो। छ) पहले वर्ष में प्रभार मुक्त क्रेडिट कार्ड जारी करने में पारदर्शिता (किसी छुपे प्रभारों का न होना) होनी चाहिए। कार्ड जारी करनेवाले बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गलत बिल बनाकर ग्राहकों को जारी नहीं किया जाए। यदि कोई ग्राहक किसी बिल का विरोध करता है तो बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कपंनी को उसका स्पष्टीकरण देना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो शिकायतों के आपसी निवारण की भावना से ग्राहक को अधिकतम साठ दिन की अवधि के भीतर दस्तावेजी प्रमाण भी देना चाहिए। 7.1 बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जब क्रेडिट कार्ड के विभिन्न परिचालनों को बाहरी स्रोतों से (आउटसोर्स) करवाते हैं, तब उन्हें इसकी अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी कि ऐसी सेवा प्रदान करनेवालों की नियुक्ति से ग्राहक सेवा की गुणवत्ता तथा बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की ऋण, चलनिधि और परिचालनगत जोखिमों के प्रबंधन की क्षमता पर विपरीत असर नहीं होता है । उक्त सेवा प्रदान करनेवाले के चयन में बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को ग्राहकों के अभिलेखों की गोपनीयता, ग्राहक की प्राइवेसी का सम्मान सुनिश्चित करने की तथा ऋण वसूली में उचित प्रणालियों का पालन करने की आवश्यकता को आधार बनाना होगा । 7.2 बैंक के ग्राहकों के प्रति दायित्व संबंधी बीसीएसबीआइ संहिता के अनुसार जिन बैंकों ने उक्त संहिता को अपनाया है उन्हें अपने उत्पादों/सेवाओं के विपणन के लिए नियुक्त डीएसए के लिए एक आचार संहिता निधार्रित करनी चाहिए। बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्होंने जिन डीएसए को अपने क्रेडिट कार्ड उत्पादों के विपणन कार्य में लगाया है वे बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की क्रेडिट कार्ड परिचालनों की आचार संहिता का कड़ाई से पालन करते हैं। ऐसी आचार संहिता संबंधित बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जानी चाहिए और किसी भी क्रेडिट कार्डधारक को आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए । 7.3 बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के पास आकस्मिक जांच और प्रच्छन्न खरीद (मिस्टरी शॉपिंग) की एक प्रणाली होनी चाहिए ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि उनके एजेंटों को उचित रूप से जानकारी दी गयी है तथा सावधानी और सतर्कता से अपनी जिम्मेदारियां निभाने का प्रशिक्षण दिया गया है, विशेषकर इन दिशा-निर्देशों में शामिल पहलुओं के संबंध में, जैसे ग्राहक बनाना, कॉल करने का समय, ग्राहक की जानकारी की प्राइवेसी, उत्पाद देते समय सही शर्तें सूचित करना आदि । 7.4 अवांछित वाणिज्यिक संवाद - राष्ट्रीय ग्राहक अधिमान पंजिका (एनसीपीआर) पर जारी दिशानिर्देश का पालन करते समय बैंक यह सुनिश्चित करें कि ट्राई (टीआरएआई) द्वारा उक्त विषय पर समय-समय पर जारी निर्देशों/ विनियमों का अनुपालन करेने वाले टेलीमार्केटर्स को ही नियुक्त किया जाता हैं। 8.1 बिना मांग के कार्ड जारी नहीं किये जाने चाहिए । यदि बिना मांगे कोई कार्ड जारी किया जाता है और संबंधित प्राप्तकर्ता की लिखित सहमति के बगैर कार्यान्वित हो जाता है और उसके लिए उसे बिल भेजा जाता है तो कार्ड जारी करनेवाला बैंक न केवल उक्त प्रभारों को तत्काल वापस करेगा बल्कि वापस किये गये प्रभारों के मूल्य से दुगुनी राशि कार्ड के प्राप्तकर्ता को दंड के रूप में अविलंब अदा करेगा। 8.2 इसके अलावा, जिसके नाम पर कार्ड जारी हुआ है वह व्यक्ति बैंकिंग लोकपाल से भी संपर्क कर सकता है। बैंकिंग लेाकपाल योजना, 2006 के उपबंधों के अनुसार बैंकिंग लोकपाल अवांछित क्रेडिट कार्ड के प्राप्तकर्ता को बैंक की ओर से दी जानेवाली राशि अर्थात् शिकायतकर्ता के समय की हानि, उसके द्वारा किया गया व्यय, उसें हुई परेशानी तथा मानसिक कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित करेगी। 8.3 कुछ ऐसे भी मामले हैं जिनमें अवांछित क्रेडिट कार्ड जिनके नाम पर जारी किए गए हैं उन तक पहुँचने के पहले उनका दुरुपयोग किया गया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसे अवांछित कार्डों के दुरुपयोग के कारण हुई किसी भी प्रकार की हानि के लिए कार्ड जारी करनेवाला बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी ही जिम्मेदार होगा /होगी और जिसके नाम पर कार्ड जारी किया गया है उस व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। 8.4 जारी कार्डों के लिए अथवा कार्ड के साथ दिए अन्य उत्पादों के लिए दी गई सम्मति सुस्पष्ट होनी चाहिए। दूसरे शब्दों में क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले संबंधित आवेदक की लिखित सम्मति आवश्यक होगी। 8.5 क्रेडिट कार्ड के ग्राहकों को बिना मांगे ऋण अथवा अन्य ऋण सुविघाएं न दी जाएं। यदि कोई ऋण सुविधा बिना मांगे प्राप्तिकर्ता की सहमति के बगैर दी जाती है और यदि वह इस बात के लिए आपत्ति उठाता है तो ऋण मंजूर करनेवाला बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी न केवल उक्त ऋण सीमा वापस लेगी बल्कि उसे समुचित समझे जानेवाले अर्थ-दंड की अदायगी भी करनी होगी । 8.6 कार्ड जारी करनेवाले बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को क्रेडिट कार्ड का एकतरफा उन्नयन नहीं करना चाहिए तथा ऋण सीमा को नहीं बढ़ाना चाहिए । जब भी शर्तों में कोई परिवर्तन हो तब अनिवार्यतः संबंधित उधारकर्ता की पूर्व सहमति ली जाए। 9.1 कार्ड जारी करने वाले बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को खाता खोलते अथवा क्रेडिट कार्ड जारी करते समय प्राप्त की गयी ग्राहकों से संबंधित जानकारी, वह जानकारी किस प्रयोजन के लिए उपयोग में लायी जाएगी तथा किन संगठनों के साथ बांटी जाएगी, इस संबंध में ग्राहकों की विशिष्ट अनुमति प्राप्त किए बिना किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन को बतायी न जाए। बैंकों को चाहिए कि वे ग्राहक को क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय इस बात का निर्णय करने का विकल्प दें कि वह अपनी जानकारी बैंकों द्वारा अन्य एजेन्सियों के साथ बांट दिए जाने से सहमत है अथवा नहीं। इस प्रयोजन के लिए सुस्पष्ट प्रावधान हेतु क्रेडिट कार्ड के आवेदन का फॉर्म उचित रूप से संशोधित किया जाए। साथ ही, जिन मामलों में ग्राहक अन्य एजेन्सियों के साथ जानकारी बांटने के लिए बैंकों को सम्मति देते हैं वहाँ बैंकों को चाहिए कि वे संबंधित ग्राहक को प्रकटीकरण खंड के पूरे आशय /निहितार्थ को साफ-साफ बताएं और स्पष्ट रूप से समझाएं। बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को, विशिष्ट विधिक परामर्श के आधार पर, अपने आपको इस बात से संतुष्ट करना होगा कि उनसे मांगी गयी जानकारी का स्वरूप ऐसा नहीं है जिससे लेनदेनों में गुप्तता संबंधी कानूनों के प्रावधानों का उल्लंघन होगा। उक्त प्रयोजन से दी गयी जानकारी सही होने अथवा सही न होने के लिए बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पूर्णतः जिम्मेदार होगी। 9.2 डीएसए / वसूली एजेंटों के लिए प्रकटीकरण भी केवल उस सीमा तक ही होना चाहिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए सक्षम हो जाए। कार्ड धारक द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी, लेकिन वसूली उद्देश्यों के लिए जो जरूरी नहीं हैं कार्ड जारीकर्ता बैंक / एनबीएफसी द्वारा जारी नहीं की जानी चाहिए। कार्ड जारीकर्ता बैंक / एनबीएफसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डीएसए / डीएमएस क्रेडिट कार्ड उत्पादों के विपणन के दौरान किसी भी ग्राहक की जानकारी का अंतरण अथवा दुरुपयोग नहीं करते हैं। 10.1 कार्डधारक के ऋण इतिहास /चुकौती रिकार्ड से संबंधित जानकारी किसी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी (भारतीय रिज़र्व बैंक से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त) को देने के लिए, बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को उन ग्राहकों के ध्यान में यह बात स्पष्टतः लानी होगी कि यह जानकारी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 के अंतर्गत दी जा रही है । 10.2 क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी अथवा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य क्रेडिट कंपनी को किसी क्रेडिट कार्डधारक के संबंध में चूक की स्थिति की सूचना देने से पूर्व, बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ यह सुनिश्चित करें कि वे अपने बोर्ड द्वारा विधिवत् अनुमोदित क्रियाविधि का अनुपालन करती हैं जिसमें ऐसे कार्ड धारक को क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी को उसे चूककर्ता के रूप में रिपोर्ट करने के उद्देश्य के बारे में पर्याप्त सूचना जारी करना शामिल है । इस क्रियाविधि में ऐसी सूचना देने के लिए आवश्यक सूचना अवधि तथा चूककर्ता के रूप में सूचित किए जाने के बाद ग्राहक द्वारा अपनी देयताओं का निपटान करने की स्थिति में, ऐसी सूचना को जिस अवधि के भीतर वापस लिया जाएगा, उस अवधि को भी शामिल किया जाए। बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को उन कार्डों के मामले में विशेष रूप से सावधान रहना होगा जिनमें विवाद लंबित हैं। जानकारी का प्रकटीकरण/जारी किया जाना, विशेषतः चूक से संबंधित जानकारी, जहां तक संभव हो विवाद के निपटान के बाद ही किया जाए। सभी मामलों में एक सुव्यवस्थित क्रियाविधि का पारदर्शिता से अनुपालन किया जाए। इन क्रियाविधियों को पारदर्शिता से एमआइटीसी के भाग के रूप में बताया जाए। 11.1 देय राशियों की वसूली के मामले में, बैंक यह सुनिश्चित करें कि वे तथा उनके एजेंट भी उधारदाताओं के लिए उचित व्यवहार संहिता संबंधी मौजूदा अनुदेशों तथा बैंक के ग्राहक के प्रति दायित्व संबंधी बीसीएसबीआइ संहिता (बीसीएसबीआइ संहिता को अपनाने वाले बैंक) का अनुपालन करते हैं। यदि देय राशियों की वसूली के लिए बैंक की अपनी खुद की संहिता है तो उसमें कम-से-कम उपर्युक्त संदर्भित बीसीएसबीआइ संहिता की सभी शर्तों को शामिल किया जाना चाहिए। 11.2 ऋण वसूली के लिए अन्य एजेंसियों को नियुक्त करने के संबंध में यह विशेष रूप से आवश्यक है कि ऐसे एजेंट कोई ऐसा कार्य नहीं करते जिससे बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की ईमानदारी तथा प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचे तथा वे ग्राहक की गोपनीयता का कड़ाई से पालन करते हैं। वसूली एजेंट द्वारा जारी किए गए सभी पत्रों में कार्ड जारी करने वाले बैंक के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी का नाम तथा पता होना चाहिए जिससे ग्राहक उसके स्थान पर संपर्क कर सके। 11.3 बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों /उनके एजेंटों को अपने ऋण वसूली के प्रयासों में किसी व्यक्ति के विरुद्ध किसी भी प्रकार से मौखिक अथवा शारीरिक रूप से डांट-डपट अथवा परेशान करने का सहारा नहीं लेना चाहिए । इनमें क्रेडिट कार्ड धारकों के परिवार के सदस्यों, मध्यस्थों तथा मित्रों को खुलेआम अपमानित करने अथवा उनकी प्राइवेसी में दखल देने के कार्य, धमकी देनेवाले तथा बेनामी फोन कॉल अथवा झूठी तथा गलत जानकारी देना भी शामिल है। 11.4 बैंकों को वसूली एजंटों की नियुक्ति के संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय- समय पर जारी दिशानिर्देश का अनुपालन भी सुनिश्चित करना चाहिए । 12.1 ग्राहकों को अपनी शिकायतें प्रस्तुत करने के लिए सामान्यतः साठ (60) दिन की समय सीमा दी जाए । 12.2 कार्ड जारी करने वाले बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में ही शिकायत निवारण तंत्र गठित करना चाहिए तथा इलैक्ट्रॉनिक तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से उसका व्यापक प्रचार करना चाहिए। बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के नामित शिकायत निवारण अधिकारी के नाम तथा संपर्क नंबर का उल्लेख क्रेडिट कार्ड के बिलों में होना चाहिए। नामित अधिकारी को सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रेडिट कार्ड के ग्राहकों की वास्तविक शिकायतों का बिना विलंब के तत्परता से निवारण किया जाता है । 12.3 बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका कॉल सेंटर वाला स्टाफ ग्राहकों की सारी शिकायतों से संबंधित काम देखने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित है। 12.4 बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास एक ऐसी प्रणाली भी होनी चाहिए जिससे किसी कॉल सेंटर से निवारण न की गई शिकायतें अपने आप उच्चतर प्राधिकारियों के पास चली जाएं तथा ऐसी प्रणाली के ब्यौरे वेबसाइटों के ज़रिए पब्लिक डोमेन में प्रदर्शित किए जाने चाहिए। 12.5 बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की शिकायत निवारण क्रियाविधि तथा शिकायतों का प्रत्युत्तर देने के लिए निर्धारित समयावधि बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की वेबसाइट पर दी जाए । बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के महत्वपूर्ण कार्यपालकों तथा शिकायत निवारण अधिकारी का नाम, पदनाम, पता तथा संपर्क नंबर वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाए । ग्राहकों की शिकायत पर अनुवर्ती कार्रवाई के लिए शिकायतों की पावती की प्रणाली हो, जैसे शिकायत /डॉकेट नंबर होना चाहिए, भले ही शिकायतें फोन पर प्राप्त हुई हों । 12.6 शिकायत दर्ज करने की तारीख से अधिकतम 30 दिन की अवधि में शिकायतकर्ता को यदि बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जो बैंक की सहायक संस्था है, से संतोषप्रद प्रतिसाद नहीं मिलता है तो उसके पास अपनी शिकायत के निवारण के लिए संबंधित बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय में जाने का विकल्प होगा। बैंक की गलती के कारण और समय पर शिकायत का निवारण न होने के कारण शिकायतकर्ता को जो समय की हानि, व्यय, वित्तीय हानि तथा परेशानी और मानसिक संत्रास भुगतना पड़ा उसकी भरपाई करने के लिए बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जो बैंक की सहायक संस्था है, बाध्य होगी । बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में ग्राहक सेवा की गुणवत्ता निरंतर आधार पर सुनिश्चित की जाती है, यह सुनिश्चित करने की दृष्टि से प्रत्येक बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में ग्राहक सेवा से संबंधित स्थायी समिति को क्रेडिट कार्ड के परिचालनों, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत ऋण सूचना कंपनी, जिसका बैंक/एनबीएफसी सदस्य है, को प्रस्तुत चूककर्ता की रिपोर्टों तथा क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायतों की समीक्षा मासिक आधार पर करनी चाहिए और सेवा में सुधार हेतु तथा क्रेडिट कार्ड परिचालन में व्यवस्थित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। बैंकों को क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायतों का ब्योरेवार तिमाही विश्लेषण अपने वरिष्ठ प्रबंधतंत्र को प्रस्तुत करना चाहिए। मर्चेंट लेनदेनों की सत्यता की नमूना जाँच करने के लिए कार्ड जारीकर्ता बैंक में एक उपयुक्त निगरानी प्रणाली होनी चाहिए। बैंकों को अर्धवार्षिक आधार पर प्रत्येक लेखा वर्ष के सितम्बर और मार्च के अंत की स्थिति के लिए क्रेडिट कार्ड कारोबार पर एक व्यापक समीक्षा रिपोर्ट अपने बोर्ड/प्रबंधन समिति के समक्ष करनी चाहिए, जिसमें क्रेडिट कार्ड कारोबार के आंकड़े, जैसे श्रेणी और जारी किए गए कार्डों की संख्या, न जारी किए गए कार्डों की संख्या, सक्रिय कार्ड, प्रति कार्ड औसत कारोबार, किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या, देय राशि की वसूली के लिए गया औसत समय, गैर-निष्पादक के रूप में वर्गीकृत ऋण और उसके लिए किया गया प्रावधान या बट्टे खाते में डाली गयी राशि, क्रेडिट कार्ड पर हुई धोखाधड़ी का विवरण, देय राशि वसूल करने के लिए किए गए उपाय, व्यवसाय की लाभप्रदता का विश्लेषण आदि शामिल हो। 14.1 बैंकों /गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे धोखाधड़ी से निपटने के लिए आंतरिक नियंत्रण प्रणाली स्थापित करें और बैंकों को धोखाधड़ी निवारक समितियों/ टास्क फोर्स में सक्रिय रूप से भाग लें, ये समितियां /टास्क फोर्स धोखाधड़ी रोकने और धोखाधड़ी नियंत्रण तथा कार्यान्वयन संबंधी पूर्वयोजित उपाय करने के लिए कानून बनाती हैं । 14.2 खोये हुए/चुराये गये कार्डों के दुरुपयोग के मामलों को कम करने की दृष्टि से बैंकों / गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को यह सिफारिश की जाती है कि वे (i) कार्डधारक की फोटो के साथ (ii) वैयक्तिक पहचान संख्या (पीआइएन) सहित कार्ड (iii) लैमिनेटेड हस्ताक्षर वाले कार्ड अथवा समय-समय पर आनेवाली कोई अन्य उन्नत पद्धतियों सहित कार्ड जारी करने पर विचार करें। 14.3 डीपीएसएस द्वारा समय समय पर जारी किए गए दिशा निर्देशों के अंतर्गत बैंकों को यह भी सूचित किया गया है कि ईलेक्ट्रानिक लेनदेनों के लिए विभिन्न सुरक्षा और जोखिम को कम करने के उपाय करे। 14.4 बैंकों को यह सूचित किया जाता है कि वे ग्राहक से कार्ड खो जाने की सूचना मिलने पर तत्काल खोये हुए कार्ड को ब्लॉक कर दें और यदि एफआइआर दर्ज करने सहित कोई औपचारिकताएं हों, तो उचित समयावधि में उन्हें पूरा किया जाए। 14.5 ग्राहक के विकल्प पर बैंक खोये हुए कार्डों से उत्पन्न देयताओं के लिए बीमा कवर आरंभ करने पर विचार कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में, केवल उन्हीं कार्डधारकों को खोये हुए कार्डों के संबंध में उचित बीमा कवर प्रदान किया जाना चाहिए जो प्रीमियम की लागत वहन करने के लिए तैयार हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक इन दिशानिर्देशों में से किसी के भी उल्लंघन के लिए क्रमशः बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949/भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत किसी बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पर दंड लगाने का अधिकार रखता है । बैंकों द्वारा डेबिट कार्ड दिनांक 12 नवंबर 1999 के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.123/24.01.019/99-2000 में दिए गए दिशानिर्देशों तथा परवर्ती संशोधनों एवं मेल-बॉक्स स्पष्टीकरणों के अनुसार जारी किए जाते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक के भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग (डीपीएसएस) ने भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 (पीएसएसए) पारित होने के बाद डेबिट कार्ड के कुछ पहलुओं जैसे सुरक्षा तथा जोखिम शमन, घरेलू डेबिट, प्री-पेड तथा क्रेडिट कार्डों के बीच परस्पर निधियां अंतरित करना तथा मर्चेंट डिस्काउंट दरों के संबंध में भी अनुदेश जारी किए हैं। उक्त के मद्देनजर तथा हमारे पूर्व अनुदेशों के अधिक्रमण में डेबिट कार्ड पर व्यापक अनुदेश जारी किए गए । बैंक निम्नलिखित के अधीन भारतीय रिज़र्व बैंक से पूर्व अनुमोदन लिए बिना संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार को-ब्रांडेड डेबिट कार्डों सहित डेबिट कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें। बैंक अपने बोर्ड के अनुमोदन से को-ब्रांडेड डेबिट कार्डों सहित डेबिट कार्ड जारी करने की एक व्यापक नीति बना सकते हैं तथा इस नीति के अनुसार अपने ग्राहकों को डेबिट कार्ड जारी कर सकते हैं। डेबिट कार्ड बचत खाता/चालू खाता धारक ग्राहकों को जारी किए जाने चाहिए, नकदी ऋण/ऋण खाता धारकों को नहीं। बैंक को-ब्रांडेड डेबिट कार्डों सहित केवल ऐसे ऑन-लाईन डेबिट कार्ड ही जारी कर सकते हैं जिनमें ग्राहकों के खाते से तुरंत डेबिट होता है और जिनमें स्ट्रेट थ्रू प्रसंस्करण होता है। अब से बैंकों को ऑफ-लाईन डेबिट कार्ड जारी करने की अनुमति नहीं है। जो बैंक वर्तमान में ऑफ-लाईन डेबिट कार्ड जारी कर रहे हैं वे अपने ऑफ-लाईन डेबिट कार्ड परिचालनों की समीक्षा करें और इस परिपत्र की तिथि से 6 माह की अवधि के भीतर ऐसे कार्डों का परिचालन बंद कर दें। तथापि बैंक यह सुनिश्चित करें कि ग्राहकों को ऑन-लाईन डेबिट कार्ड अपनाए जाने के बारे में समुचित रूप से सूचित किया जाता है। ऑफ-लाईन डेबिट कार्डों के निर्गमन तथा परिचालन को बंद करने संबंधी समीक्षा तथा पुष्टि मुख्य महाप्रबंधक, बैंकिंग विनियमन विभाग,केंद्रीय कार्यालय भवन, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुंबई - 400001 को प्रेषित की जानी चाहिए। तथापि ऑफ-लाईन कार्डों को बंद किए जाने तक कार्डों में संचित बकाया शेष/खर्च न किए गए शेष आरक्षित अपेक्षाओं की गणना के अधीन होंगी। केवाईसी/एएमएल/सीएफटी के संबंध में बैंकों पर लागू भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले अनुदेशों/दिशानिर्देशों का को-ब्रैंडेड डेबिट कार्डों सहित सभी जारी किए गए कार्डों के संबंध में पालन किया जाए। ब्याज का भुगतान समय-समय पर जारी होने वाले ब्याज दर संबंधी निदेशों के अनुसार होना चाहिए। i) कोई भी बैंक किसी ग्राहक को बिना मांगे कार्ड प्रेषित नहीं करेगा, सिवाय ऐसे मामले के जिसमें कार्ड ग्राहक द्वारा पहले से धारित किसी कार्ड के एवज में हो। ii) बैंक तथा कार्डधारक का संबद्ध संविदात्मक होगा। iii) प्रत्येक बैंक कार्ड धारकों को लिखित रूप में संविदात्मक नियमों एवं शर्तों का एक सेट उपलब्ध कराएगा जो ऐसे कार्डों के जारी करने एवं उनके प्रयोग पर लागू होगा। इन शर्तों में संबंधित पक्षों के हितों के संबंध में उचित संतुलन बरता जाएगा। iv) शर्तें स्पष्ट रूप से व्यक्त की जाएंगी। v) शर्तों में विभिन्न प्रभारों के आधार को विनिर्दिष्ट किया जाएगा, लेकिन किसी समय लगने वाले प्रभारों की राशि विनिर्दिष्ट करना जरूरी नहीं है। vi) शर्तों में उस अवधि को विनिर्दिष्ट किया जाएगा जिसके भीतर सामान्य तौर पर कार्ड धारक के खाते से डेबिट किया जाएगा। vii) बैंक शर्तों में बदलाव कर सकता है, लेकिन परिवर्तन की पर्याप्त अग्रिम सूचना कार्डधारक को दी जाएगी ताकि यदि वह चाहे तो संविदा से संबंध-विच्छेद कर सके। ऐसी अवधि विनिर्दिष्ट की जाएगी जिसके समाप्त होने के बाद यह मान लिया जाएगा कि कार्डधारक ने शर्तें स्वीकार कर ली हैं यदि उस विनिर्दिष्ट अवधि के दौरान उसने संविदा से संबंध-विच्छेद नहीं कर लिया है तो। viii) (क) इन शर्तों के द्वारा कार्डधारक बाध्य होगा कि वह कार्ड तथा उन साधनों (जैसे कि पिन या कोड) जिनसे कार्ड का परिचालन संभव होता है, को सुरक्षित रखने के लिए सभी समुचित उपाय करेगा। (ख) इन शर्तों के द्वारा कार्डधारक बाध्य होगा कि वह पिन या कोड को किसी भी रूप में रिकार्ड न करे ताकि ऐसे रिकार्ड तक ईमानदारी या बेईमानी से किसी तृतीय पक्ष की पहुँच हो जाए तो उसे पिन या कोड ज्ञात हो सकता है। (ग) इन शर्तों के द्वारा कार्डधारक बाध्य होगा कि वह निम्नलिखित के संबंध में जानकारी मिलते ही अविलंब बैंक को सूचित करेगाः कार्ड के खो जाने, चोरी होने या उसकी नकल बनाए जाने या अन्य साधनों से उसका दुरुपयोग होने पर, कार्डधारक के खाते में किसी अनधिकृत लेनदेन दर्ज होने पर, बैंक द्वारा उस खाते के परिचालन में किसी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता होने पर। (घ) इन शर्तों में ऐसे संपर्क केंद्र को विनिर्दिष्ट किया जाएगा जहां ऐसी सूचना दी जा सके। ऐसी सूचना दिन या रात में किसी भी समय दी जा सकेगी। ix) इन शर्तों में यह विनिर्दिष्ट किया जाएगा कि पिन या कोड जारी करते समय बैंक सावधानी बरतेगा तथा कार्डधारक के पिन या कोड को कार्डधारक के अतिरिक्त किसी अन्य को न प्रकट करने के लिए बाध्य होगा। x) इन शर्तों में यह विनिर्दिष्ट किया जाएगा कि किसी कार्डधारक को किसी प्रणालीगत खराबी के कारण हुई प्रत्यक्ष हानि के लिए, जो बैंक के प्रत्यक्ष नियंत्रण में हो, बैंक उत्तरदायी होगा। तथापि, भुगतान प्रणाली के तकनीकी रूप से खराब हो जाने के कारण हुई किसी क्षति के लिए बैंक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा यदि प्रणाली के खराब होने की जानकारी उपकरण के डिसप्ले पर किसी संदेश द्वारा या किसी अन्य माध्यम से कार्डधारक को दी गयी हो। लेनदेन पूरा न होने या गलत लेनदेन होने की स्थिति में बैंक की जिम्मेदारी शर्तों पर लागू होने वाले कानून के प्रावधानों के अधीन मूलधन राशि तथा नुकसान हुए ब्याज तक सीमित है। बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 23 के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक से पूर्व प्राधिकार प्राप्त किए बिना किसी भी सुविधा के अंतर्गत बिक्री स्थल (पीओएस) पर डेबिट कार्डों के माध्यम से किसी प्रकार के नकदी लेनदेन की सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। i) बैंक डेबिट कार्ड की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। डेबिट कार्डकी सुरक्षा की जिम्मेदारी बैंक की होगी तथा सुरक्षा में चूक होने या सुरक्षा प्रणाली के फेल होने के कारण किसी पक्ष को होनेवाली हानि का वहन बैंक को करना होगा। ii) परिचालनों को ढूंढ़ा जा सके तथा त्रुटियों में सुधार किया जा सके इसके लिए (कालबाधित मामलों के लिए लॉ ऑफ लिमिटेशन को ध्यान में रखते हुए) बैंक पर्याप्त समयावधि तक आंतरिक अभिलेखों को बनाए रखेंगे। iii) कार्डधारक को लेनदेन पूरा करने के बाद रसीद के रूप में तुरंत या समुचित समयावधि के भीतर पारंपरिक बैंक विवरणी जैसे किसी अन्य रूप में लेनदेन का लिखित रिकार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। iv) कार्डधारक कार्ड के खोने, चोरी होने या उसकी नकल बनाए जाने की सूचना बैंक को देने तक हुई हानि का वहन करेगा, किन्तु केवल एक निश्चित सीमा (जिस पर बैंक तथा कार्डधारक के बीच पहले से ही लेनदेन के प्रतिशत या एक निश्चित राशि के रूप में समझौता हुआ होगा) तक ही करेगा सिवाय ऐसे मामले को छोड़कर जहां कार्डधारक ने कपटपूर्ण रीति से, जानबूझकर या अत्यधिक लापरवाही से कार्य किया हो। v) प्रत्येक बैंक ऐसे साधन मुहैया कराएगा जिनसे ग्राहक दिन या रात के किसी भी समय अपने भुगतान साधनों के खोने, चोरी हो जाने या उसकी नकल बनाए जाने के संबंध में सूचना दे सके। vi) कार्ड के खोने, चोरी हो जाने या उसकी नकल बनाए जाने के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर बैंक ऐसी सभी संभव कार्रवाइयां करेगा जिनसे कार्ड का आगे प्रयोग किया जा सके। vii) खो गए/चोरी हो जाने वाले कार्डों के दुरुपयोग की घटनाओं में कमी लाने की दृष्टि से, बैंक कार्डधारक के फोटो के साथ या समय-समय पर विकसित होने वाली किसी अन्य उन्नत युक्तियों का प्रयोग करके कार्ड जारी करने पर विचार कर सकते हैं। एक भुगतान प्रणाली के रूप में डेबिट कार्डों का निर्गम, नकदी आहरण, इंटरनैशनल डेबिट कार्ड जारी करना,सुरक्षा मुद्दों तथा जोखिम कम करने के उपायों, एक कार्ड से दूसरे कार्ड पर निधियों के अंतरण, व्यापारियों द्वारा प्रदत्त छूट की दरों की संरचना, असफल एटीएम लेनदेन इत्यादि, पर दिशानिर्देश, समय-समय पर यथासंशोधित भुगतान एवं निपटान अधिनियम, 2007 के अंतर्गत भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग द्वारा जारी संबंधित दिशानिर्देशों के अधीन होगा। अंतरराष्ट्रीय डेबिट कार्ड का जारी किया जाना समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम 1999 के अंतर्गत जारी निदेशों के अधीन होगा। बैंकों को छमाही आधार पर अपने डेबिट कार्ड निर्गम/ परिचालन करने की समीक्षा करनी चाहिए। समीक्षा में अन्य बातों के साथ-साथ अंतर्निहित जोखिमों की दृष्टि से लंबी अवधियों के लिए प्रयोग में न लाए गए कार्डों सहित कार्ड के प्रयोग से संबंधित विश्लेषण शामिल होना चाहिए। परा बैंकिंग गतिविधियों पर मास्टर परिपत्र के पैरा 14.1 के अंतर्गत यह अपेक्षित था कि बैंकों द्वारा जारी स्मार्ट/डेबिट कार्डों के परिचालन संबंधी रिपोर्ट का छमाही आधार पर भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग को प्रस्तुत किया जाना चाहिए और इसकी एक प्रति बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग के उस संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत की जानी चाहिए जिसके न्याय क्षेत्र में उस बैंक का प्रधान कार्यालय स्थित है। यह अपेक्षा 12 दिसंबर 2012 से समाप्त की गयी। बैंक ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली की स्थापना सुनिश्चित करें। बैंक की शिकायत निवारण प्रक्रिया और शिकायतों पर कार्रवाई शुरू करने हेतु निर्धारित समय-सीमा की जानकारी बैंक की वेबसाइट में दी जाए। वेबसाइट पर महत्वपूर्ण कार्यपालकों तथा बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी के नाम, पदनाम, पता और संपर्क हेतु दूरभाष सं. दर्शायी जाए। अनुवर्ती कार्रवाई करने के लिए ग्राहकों की शिकायतों के लिए प्राप्ति-सूचना जैसे कि शिकायत संख्या/डाकेट संख्या देने की प्रणाली होनी चाहिए चाहे शिकायतें फोन से ही क्यों न प्राप्त हुई हों। यदि किसी शिकायतकर्ता को शिकायत दर्ज करने की तिथि से अधिकतम (30) दिनों के भीतर बैंक से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त होती है, तो उसके पास अपनी शिकायतों के निवारण के लिए संबंधित बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय से संपर्क करने का विकल्प होगा। इस संबंध में असफल एटीएम लेनदेनों के समाधान के लिए समय-सीमा के संबंध में समय-समय पर यथासंशोधित डीपीएसएस के दिशानिर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। को-ब्रांडिंग व्यवस्था बैंक के बोर्ड द्वारा अनुमोदित की गई नीति के अनुसार होनी चाहिए। इस नीति में विनिर्दिष्ट रूप से, प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम सहित, इस प्रकार की व्यवस्था से जुड़े विभिन्न जोखिमों से संबंधित मुद्दों के समाधान तथा जोखिम कम करने हेतु उपयुक्त उपायों का उल्लेख होना चाहिए। बैंकों को चाहिए कि ऐसे कार्ड जारी करने के लिए वे जिन गैर-बैंकिंग कंपनियों से गठबंधन करने के इच्छुक हों, उन कंपनियों के संबंध में पर्याप्त सावधानी बरतें, ताकि ऐसी व्यवस्था के कारण उत्पन्न होने वाले प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम से वे स्वयं को सुरक्षित कर सकें। किसी वित्तीय संस्था से गठबंधन प्रस्तावित होने पर बैंक यह सुनिश्चित करें कि उस संस्था को उसके विनियामक से इस तरह का गठबंधन करने के लिए अनुमोदन प्राप्त है। कार्ड जारी करने वाला बैंक को-ब्रांडिंग पार्टनर के सभी कृत्यों के लिए उत्तरदायी होगा। बैंक 'बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउट-सोर्सिंग में आचरण संहिता तथा जोखिम का प्रबंधन' पर समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 3 नवंबर 2006 के परिपत्र बैंपविवि.सं.बीपी.40/21.04.158/2006-07 में दिए गए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। गठबंधन व्यवस्था के अंतर्गत गैर-बैंक संस्था की भूमिका कार्डों के विपणन/वितरण तक या दी जाने वाली वस्तुओं/सेवाओं की उपलब्धता कार्डधारक को प्रदान करने तक ही सीमित होनी चाहिए। कार्ड जारी करने वाले बैंक को खाता खोलते या कार्ड जारी करते समय प्राप्त की गई ग्राहक से संबंधित किसी सूचना को प्रकट नहीं करना चाहिए तथा को-ब्रांडिंग गैर-बैंकिंग संस्था को ग्राहक के खातों के ऐसे किन्हीं ब्यौरों के संपर्क में नहीं आने देना चाहिए जिससे बैंक की गोपनीयता के उत्तरदायित्वों का उल्लंघन हो सकता हो। जिन बैंकों को अतीत में को-ब्रांडेड डेबिट कार्ड जारी करने के लिए विनिर्दिष्ट अनुमोदन प्रदान किए गए हैं उन्हें सूचित किया जाता है कि वे यह सुनिश्चित करें कि को-ब्रांडिंग व्यवस्था उपर्युक्त अनुदेशों के अनुरूप है। यदि को-ब्रांडिंग व्यवस्था दो बैंकों के बीच है, तो कार्ड जारीकर्ता बैंक उक्त शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करे। जैसा कि पैरा I 7.4 में बताया गया है, अवांछित वाणिज्यिक संवाद - राष्ट्रीय ग्राहक अधिमान पंजिका (एनसीपीआर) पर जारी दिशानिर्देश का पालन करते समय बैंक यह सुनिश्चित करें कि ट्राई (टीआरएआई) द्वारा उक्त विषय पर समय-समय पर जारी निर्देशों/ विनियमों का अनुपालन करेने वाले टेलीमार्केटर्स को ही नियुक्त किया जाता हैं। हमारे 12 नवंबर 1999 के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.123/24.01.019/99-2000, 18 जून 2001 के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.133/24.01.019/2000-01 और 11 अप्रैल 2002 के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.88/24.01.019/2001-02 में निहित अनुदेशों के अनुसार बैंकों को स्मार्ट कार्ड जारी करने की अनुमति दी गयी थी। जबकि विदेशी मुद्रा में मूल्यवर्गित प्री-पेड कार्ड का जारी किया जाना, को-ब्रांडिंग व्यवस्थाओं सहित, समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के अंतर्गत जारी दिशानिर्देशों के अधीन होगा। रुपए में मूल्यवर्गित प्री-पेड भुगतान लिखत जारी करना, 13 मई 2014 के परिपत्र डीपीएसएस.सीओ.पीडी.सं.2366/02.14.006/2013-14 के माध्यम से भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के अंतर्गत जारी ‟भारत में प्रीपेड भुगतान लिखतों का निर्गम व परिचालन- समेकित संशोधित नीति दिशानिर्देश" के अधीन है। के अधीन है। तदनुसार, स्मार्ट कार्ड जारी करने पर पूर्व दिशा निर्देशों के अधिक्रमण में यह निर्णय लिया गया कि भारत में रुपया मूल्यवर्गित को- ब्रांडेड प्री-पेड कार्ड जारी करने के लिए निम्नलिखित नियमों और शर्तों के अधीन बैंकों को सामान्य अनुमति प्रदान की जाए। को-ब्रांडिंग व्यवस्था बैंक के बोर्ड द्वारा अनुमोदित की गई नीति के अनुसार होनी चाहिए। इस नीति में विनिर्दिष्ट रूप से, प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम सहित, इस प्रकार की व्यवस्था से जुड़े विभिन्न जोखिमों से संबंधित मुद्दों के समाधान तथा जोखिम कम करने हेतु उपयुक्त उपायों का उल्लेख होना चाहिए। बैंकों को चाहिए कि ऐसे कार्ड जारी करने के लिए वे जिन गैर-बैंकिंग कंपनियों से गठबंधन करने के इच्छुक हों, उन कंपनियों के संबंध में पर्याप्त सावधानी बरतें, ताकि ऐसी व्यवस्था के कारण उत्पन्न होने वाले प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम से वे स्वयं को सुरक्षित कर सकें। किसी वित्तीय संस्था से गठबंधन प्रस्तावित होने पर ऐसी व्यवस्था करने से पूर्व बैंक यह सुनिश्चित करें कि उस संस्था को उसके विनियामक से इस तरह का गठबंधन करने के लिए अनुमोदन प्राप्त है। कार्ड जारी करने वाला बैंक को-ब्रांडिंग पार्टनर के सभी कृत्यों के लिए उत्तरदायी होगा। बैंक 'बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउट-सोर्सिंग में आचरण संहिता तथा जोखिम का प्रबंधन' पर समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 3 नवंबर 2006 के परिपत्र बैंपविवि.सं.बीपी.40/21.04.158/2006-07 में दिए गए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। गठबंधन व्यवस्था के अंतर्गत गैर-बैंक संस्था की भूमिका कार्डों के विपणन/वितरण तक या दी जाने वाली वस्तुओं/सेवाओं की उपलब्धता कार्डधारक को प्रदान करने तक ही सीमित होनी चाहिए। समय-समय पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए केवाईसी एएमएल सीएफटी पर बैंकों पर लागू होने वाले अनुदेशों/दिशानिर्देशों का अनुपालन को-ब्रांडिंग व्यवस्था के अंतर्गत जारी किए गए सभी कार्डों के संबंध में किया जाना चाहिए। कार्ड जारी करने वाले बैंक को खाता खोलते या कार्ड जारी करते समय प्राप्त की गई ग्राहक से संबंधित किसी सूचना को प्रकट नहीं करना चाहिए तथा को-ब्रांडिंग गैर-बैंकिंग संस्था को ग्राहक के खातों के ऐसे किन्हीं ब्यौरों के संपर्क में नहीं आने देना चाहिए जिससे बैंक की गोपनीयता के उत्तरदायित्वों का उल्लंघन हो सकता हो। प्री-पेड भुगतान कार्डों को अंतरित किए गए शेष पर कोई ब्याज न दिया जाए। यह व्यवस्था भारत में प्री-पेड लिखतों, जिनमें प्री-पेड कार्ड शामिल हैं, को जारी करने तथा उनका परिचालन करने के संबंध में डीपीएसएस द्वारा जारी अनुदेशों का अनुपालन/ अनुसरण किए जाने के अधीन होगी। जिन बैंकों को अतीत में रुपये में मूल्यवर्गित को-ब्रांडेड प्री-पेड कार्डों को जारी करने के लिए विनिर्दिष्ट अनुमोदन दिये गये हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए सूचित किया जाता है कि को-ब्रांडिंग व्यवस्था उपरोक्त अनुदेशों के अनुसार होनी चाहिए। जैसा कि पैरा I 7.4 में बताया गया है, अवांछित वाणिज्यिक संवाद - राष्ट्रीय ग्राहक अधिमान पंजिका (एनसीपीआर) पर जारी दिशानिर्देश का पालन करते समय बैंक यह सुनिश्चित करें कि ट्राई (टीआरएआई) द्वारा उक्त विषय पर समय-समय पर जारी निर्देशों/ विनियमों का अनुपालन करेने वाले टेलीमार्केटर्स को ही नियुक्त किया जाता हैं। 1. अत्यधिक महत्वपूर्ण शर्तें (एमआइटीसी) (ii) चूक-रिपोर्ट वापस लेने के लिए प्रक्रिया तथा वह अवधि जिसमें देय राशियों के निपटारे के बाद चूक-रिपोर्ट वापस ली जाएगी । कार्डधारक से संबंधित सूचना का प्रकार जो कार्डधारक के अनुमोदन से या अनुमोदन बगैर प्रकट करनी है । नोट : (ii) कार्ड जारीकर्ता द्वारा कार्डधारकों को विभिन्न स्तरों पर सूचित की जानेवाली शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी ।
सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक, कृपया बैंकों तथा एनबीएफसी के क्रेडिट कार्ड परिचालन पर एक जुलाई दो हज़ार चौदह का हमारा मास्टर परिपत्र बैंपविवि.एफएसडी.बीसी.दो/चौबीस.एक.ग्यारह/दो हज़ार चौदह-पंद्रह देखें जिसमें बैंकों और एनबीएफसी के क्रेडिट कार्ड परिचालन तथा बै डेबिट कार्ड/प्री-पेड कार्ड परिचालन पर जारी किए गए अनुदेशों/दिशानिर्देशों को समेकित किया गया है। दो. इस मास्टर परिपत्र में तीस जून दो हज़ार पंद्रह तक बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए क्रेडिट कार्ड परिचालन पर जारी दिशानिर्देशों के साथ-साथ बैंकों द्वारा डेबिट कार्ड और को-ब्राडेंड प्री-पेड कार्ड जारी करने पर दिशानिर्देशों को समेकित किया गया है। तीन. यह नोट करें कि बैंकों के लिए क्रेडिट कार्ड परिचालन पर अनुदेश, क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता गैर बैंकिंग वित्तीय् कंपनियों पर यथोचित संशोधनों सहित लागू हैं। चार. यह मास्टर परिपत्र रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है। क्रेडिट, डेबिट तथा प्री-पेड कार्ड जारी करनेवाले सभी बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को इन दिशानिर्देंशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। क्रेडिट, डेबिट, प्री-पेड कार्ड जारी करनेवाले बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को उनके क्रेडिट कार्ड व्यवसाय के लिए नियमों /विनियमों /मानकों /प्रथाओं का एक ढांचा प्रदान करना तथा यह सुनिश्चित करना कि वे सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं के अनुरूप हैं। अपने क्रेडिट कार्ड का परिचालन भलीभाँति, विवेकपूर्ण और ग्राहक अनुकूल रूप से करना सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को पर्याप्त सुरक्षा उपाय तथा निम्नलिखित दिशानिर्देशों को अपनाना चाहिए। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किया गया सांविधिक दिशानिर्देश। इस मास्टर परिपत्र में परिशिष्ट में सूचीबद्ध परिपत्रों में निहित अनुदेशों को समेकित किया गया है। ये दिशानिर्देश उन सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंकों /गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर लागू होते हैं जो प्रत्यक्ष अथवा अपनी सहायक कंपनियों अथवा उनके द्वारा नियंत्रित संबद्ध कंपनियों के माध्यम से क्रेडिट कार्ड व्यवसाय करते हैं। इस परिपत्र का उद्देश्य है बैंकों/गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को उनके क्रेडिट कार्ड परिचालनों तथा अपने क्रेडिट कार्ड व्यवसाय के प्रबंधन में उनसे अपेक्षित प्रणालियों तथा नियंत्रणों के संबंध में सामान्य मार्गदर्शन प्रदान करना। इसमें उन सर्वोत्तम प्रथाओं को भी निर्धारित किया गया है जिन्हें पाना बैंकों /गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का लक्ष्य होना चाहिए। यह अनुभव रहा है कि बैंकों के क्रेडिट कार्ड संविभागों की गुणवत्ता उस परिवेश को प्रतिबिंबित करती है जिसमें वे कार्य करते हैं। आर्थिक गिरावट तथा ऐसे संविभागों की गुणवत्ता में गिरावट में सुदृढ़ संबंध होता है। बैंकों द्वारा बाजार में गहरी प्रतियोगिता के कारण अपने ऋण हामीदारी मानदंड तथा जोखिम प्रबंधन मानकों को शिथिल करने की स्थिति में यह गिरावट और भी गंभीर हो सकती है। अतः बैंकों के लिए यह आवश्यक है कि वे जिस बाजा़र परिवेश में अपना क्रेडिट कार्ड व्यवसाय करते हैं उससे संबंधित जोखिमों के प्रबंधन के लिए विवेकपूर्ण नीतियां तथा प्रथाएं बनाए रखें। दो.एक भारत में कार्यरत बैंक विभागीय अथवा इस प्रयोजन के लिए शुरू की गई किसी सहायक कंपनी के माध्यम से क्रेडिट कार्ड का व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं। वे ऐसे किसी अन्य बैंक से गठबंधन की व्यवस्था कर घरेलू क्रेडिट कार्ड व्यवसाय में प्रवेश कर सकते हैं, जिसके पास क्रेडिट कार्ड जारी करने की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है। दो.दो स्वतंत्र या अन्य बैंकों से गठबंधन की व्यवस्था करके क्रेडिट कार्ड व्यवसाय प्रारंभ करने के इच्छुक बैंकों को रिज़र्व बैंक का पूर्व अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं है। अपने निदेशक मंडलों के अनुमोदन से बैंक ऐसा कर सकते हैं। तथापि, एक सौ रुपया करोड़ रुपये और उससे अधिक निवल संपत्ति रखने वाले बैंक ही क्रेडिट कार्ड का व्यवसाय कर सकते हैं। तथापि पृथक सहायक कंपनियाँ स्थापित कर क्रेडिट कार्ड का व्यवसाय करने वाले बैंकों को रिज़र्व बैंक का पूर्व अनुमोदन लेना होगा। दो.तीन प्रत्येक बैंक में क्रेडिट कार्ड परिचालनों के लिए एक सुप्रलेखित नीति और उचित व्यवहार संहिता अवश्य होनी चाहिए। जिन बैंकों ने बीसीएसबीआइ संहिता को अपनाया है वे क्रेडिटकार्ड परिचालनों के लिए अपनी उचित व्यवहार संहिता तैयार करते समय क्रेडिट कार्ड परिचालनों के लिए भारतीय बैंक संघ की उचित व्यवहार संहिता के स्थान पर उसमें बीसीएसबीआइ संहिता में निहित सिद्धांतों को सम्मिलित करे। बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को उचित व्यवहार संहिता को अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करना चाहिए। दो.चार बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को क्रेडिट कार्ड जारी करते समय विवेकशीलता सुनिश्चित करनी चाहिए और विशेषतः छात्रों और ऐसे अन्य व्यक्तियों को कार्ड जारी करते समय ऋण जोखिम का निर्धारण स्वतंत्र रूप से करना चाहिए जिनके स्वतंत्र वित्तीय साधन नहीं हैं। दो.पाँच हमारे छः मार्च दो हज़ार सात के परिपत्र बैंपविवि.सं.एलईजी.बीसी.पैंसठ/नौ.सात.पाँच/दो हज़ार छः-सात में निहित अनुदेशों के अनुसार बैंकों को यह सूचित किया गया है कि क्रेडिट कार्ड के आवेदनों सहित ऋण के सभी श्रेणियों के मामले में चाहे उनकी प्रारंभिक सीमा कितनी भी क्यों न हो, संबंधित ऋण आवेदनों को ऋण आवेदन अस्वीकार किये जाने का/ के मुख्य कारण लिखित रूप में सूचित किया जाना/किए जाने चाहिए। इस बात को दोहराया जाता है कि बैंकों को क्रेडिट कार्ड आवेदनों के अस्वीकार किए जाने का/के मुख्य कारण लिखित रूप में सूचित किया जाना /किये जाने चाहिए। दो.छः चूँकि अनेक क्रेडिट कार्ड रखने से किसी भी उपभोक्ता के लिए उपलब्ध कुल ऋण में वृद्धि होती है, अतः बैंकों / गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे कार्डधारक द्वारा स्वयं की गई घोषणा/ सीआईसी से प्राप्त ऋण सूचना के आधार पर अन्य बैंकों से उसके द्वारा प्राप्त की जा रही ऋण-सीमाओं को ध्यान में रखते हुए क्रेडिट कार्ड के ग्राहक के लिए ऋण-सीमा निर्धारित करें। दो.सात कार्ड जारी करते समय, क्रेडिट कार्ड के निर्गम और उपयोग की शर्तें स्पष्ट और सरल भाषा में कार्ड के उपयोगकर्ता के लिए समझने योग्य रूप में निर्दिष्ट की जानी चाहिए। अनुबंध में दी गई शर्तों के मानक सेट के रूप में नामित सर्वाधिक महत्वपूर्ण शर्तों की ओर संभावित ग्राहक / ग्राहकों का सभी चरणों पर अर्थात् विपणन के दौरान, आवेदन करते समय, स्वीकृति के स्तर पर और बाद के महत्वपूर्ण पत्राचार आदि में विशिष्ट रूप से ध्यान आकर्षित करना चाहिए तथा वे विज्ञापित की जानी चाहिए /अलग से प्रेषित करनी चाहिए। दो.आठ जिन मामलों में बैंक अपने क्रेडिट कार्डधारकों को बीमा कंपनियों के साथ गठबंधन कर बीमा कवर देना चाहते हैं वहाँ बैंक दुर्घटनाग्रस्त मृत्यु और अंगहानि की स्थिति में मिलनेवाले लाभों के संबंध में बीमा कवर के लिए नामिति /नामितियों के ब्यौरे क्रेडिट कार्डधारक से लिखित रूप में प्राप्त करने पर विचार करें। बैंक यह सुनिश्चित करें कि संगत नामन ब्यौरे बीमा कंपनी द्वारा रिकार्ड किए जाते हैं। बैंक क्रेडिट कार्डधारकों को बीमा कवर से संबंधित दावों का काम देखनेवाली बीमा कंपनी का नाम, पता और टेलीफोन नंबर संबंधी ब्यौरे दर्शानेवाला एक पत्र जारी करने पर भी विचार करें। तीन.एक बैंक अपने कारपोरेट ग्राहकों को-ब्राडेंड क्रेडिट कार्डों सहित क्रेडिट कार्ड, कारपोरेट क्रेडिट कार्ड तथा ऐड ऑन कार्ड जारी कर सकते हैं। तीन.दो तथापि गैर-बैंक संस्था के साथ को-ब्राडेंड क्रेडिट कार्ड जारी करते समय बैंकों को उचित सावधानी बरतनी चाहिए ताकि वे इस तरह की व्यवस्था के कारण सामने आनेवाली प्रतिष्ठा जोखिम से अपना बचाव कर सकें। जो एनबीएफसी बैंकों के साथ को-ब्राडेंड क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए इच्छूक वे कृपया चार दिसंबर दो हज़ार छः का सं.गैबैंपविसीसीNo.तिरासी/तीन.दस.सत्ताईस/दो हज़ार छः-सात में निहित निर्देश देखें। तीन.तीन एड-ऑन कार्ड अर्थात् ऐसे कार्ड जो मुख्य कार्ड के अनुषंगी हैं, इस सुस्पष्ट शर्त पर जारी किये जा सकते हैं कि देनदारी प्रधान कार्डधारक की होगी । उसी प्रकार कारपोरेट क्रेडिट कार्ड जारी करते समय कारपोरेट तथा उसके कर्मचारियों की देयता स्पष्ट की जानी चाहिए। केवाईसी/एएमएल/सीएफटी के संबंध में बैंकों पर लागू भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले अनुदेशों/दिशानिर्देशों का को-ब्रैंडेड डेबिट कार्डों सहित सभी जारी किए गए कार्डों के संबंध में पालन किया जाए। पाँच.एक बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे क्रेडिट कार्ड के बकाए पर ब्याज का निर्धारण करते समय, समय-समय पर संशोधित अनुदेशों का पालन बैंकों को यह भी सूचित किया गया था कि उन्हें कम मूल्य के वैयक्तिक ऋणों और इसी स्वरूप के ऋणों के संबंध में प्रक्रियागत तथा अन्य प्रभारों के साथ-साथ ब्याज दर की उच्चतम सीमा विनिर्दिष्ट करनी चाहिए। ये अनुदेश क्रेडिट कार्ड देयताओं पर भी लागू हैं। यदि बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां कार्डधारक की अदायगी /अदायगी में चूक के मामलों के आधार पर विभिन्न ब्याज दर लगाते /लगाती हैं तो इस प्रकार विभेदक ब्याज दर लगाने में पारदर्शिता होनी चाहिए। दूसरे शब्दों में, किसी कार्डधारक को उसकी अदायगी/ अदायगी में चूक के मामलों के आधार पर उच्चतर ब्याज दर लागाई जा रही है तो इस तथ्य से कार्डधारक को अवगत करा दिया जाना चाहिए। इस प्रयोजन के लिए बैंकों को चाहिए कि वे अपनी वेबसाइट अथवा अन्य साधनों के जरिए ग्राहकों के संबंध में विभिन्न श्रेणियों के संबंध में लगाई गई ब्याज दरों को प्रदर्शित करें। बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे क्रेडिट कार्डधारक को वित्त प्रभारों की गणना की पद्धति स्पष्ट रूप से सोदाहरण दर्शाएं, विशेषकर उन मामलों में जहां संबंधित ग्राहक द्वारा केवल बकाया राशि का हिस्सा ही अदा किया जाता है। पाँच.दो इसके अलावा बैंकों/गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को क्रेडिट कार्डों पर लागू ब्याज दरों तथा अन्य प्रभारों से संबंधित निम्नलिखित दिशानिर्देशों का पालन करना होगाः क) कार्ड जारीकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिल भेजने में कोई विलंब न हो और ब्याज लगाया जाना शुरू होने से पहले भुगतान करने के लिए ग्राहक को पर्याप्त समय मिल सके। देरी से दिये जानेवाले बिलों की बार-बार की जानेवाली शिकायतों से बचने के लिए क्रेडिट कार्ड जारी करनेवाला बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बिलों और खातों के विवरणों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर विचार कर सकती है, जिसमें इस प्रयोजन के लिए समुचित सुरक्षा का प्रावधान हो। बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाएं मासिक विवरण प्राप्त होने के संबंध में ग्राहक से पावती लेना सुनिश्चित करने हेतु एक प्रणाली लागू करने पर भी विचार कर सकते हैं। ख) कार्ड जारीकर्ताओं को चाहिए कि वे कार्ड उत्पादों पर वार्षिकीकृत प्रतिशत दरें उद्धृत करें । बेहतर समझ के लिए एपीआर की गणना-पद्धति के कुछ उदाहरण दिए जाने चाहिए। प्रभारित एपीआर और वार्षिक शुल्क को समान महत्व देते हुए दर्शाया जाना चाहिए। विलंब से भुगतान के प्रभार, ऐसे प्रभारों की गणना की पद्धति और दिनों की संख्या सहित प्रमुख रूप से निर्दिष्ट किये जाने चाहिए। वह तरीका जिससे भुगतान न की गई बकाया राशि ब्याज के परिकलन के लिए शामिल की जाएगी, सभी मासिक विवरणों में विशिष्ट रूप से प्रमुखता के साथ दर्शाया जाए। उस स्थिति में भी जहाँ कार्ड को वैध रखने के लिए निर्दिष्ट न्यूनतम राशि अदा कर दी गई है, यह मोटे अक्षरों में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए कि भुगतान के लिए नियत तारीख के बाद देय राशि पर ब्याज लगाया जाएगा। मासिक विवरण में दिखाने के अतिरिक्त, इन पहलुओं को स्वागत किट में भी दर्शाया जाए। सभी मासिक विवरणों में इस आशय का नोटिस प्रमुख रूप से दर्शाया जाना चाहिए कि "प्रत्येक महीने में सिर्फ न्यूनतम भुगतान करने के परिणामस्वरूप चुकौती वर्षों तक खिंच जाएगी जिससे आपको शेष उधार राशि पर ब्याज का भुगतान करना होगा" ताकि ग्राहकों को केवल देय न्यूनतम राशि अदा करने में होनेवाले खतरों के बारे में सावधान किया जा सके। ग) बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे कार्डधारकों को यह स्पष्ट करें कि केवल न्यूनतम देय राशि अदा करने के क्या परिणाम हो सकते हैं। `अत्यधिक महत्वपूर्ण शर्तें एवं निबंधन' के अंतर्गत विशेष रूप से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यदि पिछले महीने का कोई बिल बकाया है तो `ब्याज रहित ऋण की अवधि' खत्म हो जाती है। इस प्रयोजन के लिए बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां निदर्शी उदाहरण तैयार कर, उन्हें कार्डधारक की स्वागत सामग्री में शामिल कर सकते हैं और साथ ही साथ अपनी वेबसाइट पर भी प्रदर्शित कर सकते हैं। घ) बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को ऐसा कोई प्रभार नहीं लगाना चाहिए जो क्रेडिट कार्ड धारक को, संबंधित कार्ड जारी करते समय तथा उसकी सहमति प्राप्त करते समय सुस्पष्ट रूप से दर्शाया नहीं गया हो। तथापि, यह सेवा कर आदि जैसे प्रभारों के लिए लागू नहीं होगा जो सरकार अथवा किसी अन्य सांविधिक प्राधिकरण द्वारा बाद में लगाये जाएंगे । ड) क्रेडिट कार्ड की देय राशियों के भुगतान की शर्तें, जिनमें न्यूनतम अदायगी की देय राशि शामिल है, विनिर्दिष्ट की जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई ऋणात्मक परिशोधन नहीं है । च) प्रभारों में परिवर्तन कम-से-कम एक महीने का नोटिस देकर केवल भावी प्रभाव से किये जाने चाहिए । यदि क्रेडिट कार्ड धारक अपना क्रेडिट कार्ड इस कारण से अभ्यर्पित करना चाहता हो कि क्रेडिट कार्ड प्रभारों में किया कोई परिवर्तन उसे हानिकारक है तो ऐसी समाप्ति के लिए उससे कोई अतिरिक्त प्रभार लिये बगैर कार्ड समाप्ति की अनुमति दी जाए । क्रेडिट कार्ड को समाप्त करने संबधी किसी अनुरोध को क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता द्वारा तत्काल स्वीकार किया जाना होगा, बशर्ते कार्डधारक ने देय राशि का पूरा निपटान कर दिया हो। छ) पहले वर्ष में प्रभार मुक्त क्रेडिट कार्ड जारी करने में पारदर्शिता होनी चाहिए। कार्ड जारी करनेवाले बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गलत बिल बनाकर ग्राहकों को जारी नहीं किया जाए। यदि कोई ग्राहक किसी बिल का विरोध करता है तो बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कपंनी को उसका स्पष्टीकरण देना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो शिकायतों के आपसी निवारण की भावना से ग्राहक को अधिकतम साठ दिन की अवधि के भीतर दस्तावेजी प्रमाण भी देना चाहिए। सात.एक बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जब क्रेडिट कार्ड के विभिन्न परिचालनों को बाहरी स्रोतों से करवाते हैं, तब उन्हें इसकी अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी कि ऐसी सेवा प्रदान करनेवालों की नियुक्ति से ग्राहक सेवा की गुणवत्ता तथा बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की ऋण, चलनिधि और परिचालनगत जोखिमों के प्रबंधन की क्षमता पर विपरीत असर नहीं होता है । उक्त सेवा प्रदान करनेवाले के चयन में बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को ग्राहकों के अभिलेखों की गोपनीयता, ग्राहक की प्राइवेसी का सम्मान सुनिश्चित करने की तथा ऋण वसूली में उचित प्रणालियों का पालन करने की आवश्यकता को आधार बनाना होगा । सात.दो बैंक के ग्राहकों के प्रति दायित्व संबंधी बीसीएसबीआइ संहिता के अनुसार जिन बैंकों ने उक्त संहिता को अपनाया है उन्हें अपने उत्पादों/सेवाओं के विपणन के लिए नियुक्त डीएसए के लिए एक आचार संहिता निधार्रित करनी चाहिए। बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्होंने जिन डीएसए को अपने क्रेडिट कार्ड उत्पादों के विपणन कार्य में लगाया है वे बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की क्रेडिट कार्ड परिचालनों की आचार संहिता का कड़ाई से पालन करते हैं। ऐसी आचार संहिता संबंधित बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जानी चाहिए और किसी भी क्रेडिट कार्डधारक को आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए । सात.तीन बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के पास आकस्मिक जांच और प्रच्छन्न खरीद की एक प्रणाली होनी चाहिए ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि उनके एजेंटों को उचित रूप से जानकारी दी गयी है तथा सावधानी और सतर्कता से अपनी जिम्मेदारियां निभाने का प्रशिक्षण दिया गया है, विशेषकर इन दिशा-निर्देशों में शामिल पहलुओं के संबंध में, जैसे ग्राहक बनाना, कॉल करने का समय, ग्राहक की जानकारी की प्राइवेसी, उत्पाद देते समय सही शर्तें सूचित करना आदि । सात.चार अवांछित वाणिज्यिक संवाद - राष्ट्रीय ग्राहक अधिमान पंजिका पर जारी दिशानिर्देश का पालन करते समय बैंक यह सुनिश्चित करें कि ट्राई द्वारा उक्त विषय पर समय-समय पर जारी निर्देशों/ विनियमों का अनुपालन करेने वाले टेलीमार्केटर्स को ही नियुक्त किया जाता हैं। आठ.एक बिना मांग के कार्ड जारी नहीं किये जाने चाहिए । यदि बिना मांगे कोई कार्ड जारी किया जाता है और संबंधित प्राप्तकर्ता की लिखित सहमति के बगैर कार्यान्वित हो जाता है और उसके लिए उसे बिल भेजा जाता है तो कार्ड जारी करनेवाला बैंक न केवल उक्त प्रभारों को तत्काल वापस करेगा बल्कि वापस किये गये प्रभारों के मूल्य से दुगुनी राशि कार्ड के प्राप्तकर्ता को दंड के रूप में अविलंब अदा करेगा। आठ.दो इसके अलावा, जिसके नाम पर कार्ड जारी हुआ है वह व्यक्ति बैंकिंग लोकपाल से भी संपर्क कर सकता है। बैंकिंग लेाकपाल योजना, दो हज़ार छः के उपबंधों के अनुसार बैंकिंग लोकपाल अवांछित क्रेडिट कार्ड के प्राप्तकर्ता को बैंक की ओर से दी जानेवाली राशि अर्थात् शिकायतकर्ता के समय की हानि, उसके द्वारा किया गया व्यय, उसें हुई परेशानी तथा मानसिक कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित करेगी। आठ.तीन कुछ ऐसे भी मामले हैं जिनमें अवांछित क्रेडिट कार्ड जिनके नाम पर जारी किए गए हैं उन तक पहुँचने के पहले उनका दुरुपयोग किया गया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसे अवांछित कार्डों के दुरुपयोग के कारण हुई किसी भी प्रकार की हानि के लिए कार्ड जारी करनेवाला बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी ही जिम्मेदार होगा /होगी और जिसके नाम पर कार्ड जारी किया गया है उस व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। आठ.चार जारी कार्डों के लिए अथवा कार्ड के साथ दिए अन्य उत्पादों के लिए दी गई सम्मति सुस्पष्ट होनी चाहिए। दूसरे शब्दों में क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले संबंधित आवेदक की लिखित सम्मति आवश्यक होगी। आठ.पाँच क्रेडिट कार्ड के ग्राहकों को बिना मांगे ऋण अथवा अन्य ऋण सुविघाएं न दी जाएं। यदि कोई ऋण सुविधा बिना मांगे प्राप्तिकर्ता की सहमति के बगैर दी जाती है और यदि वह इस बात के लिए आपत्ति उठाता है तो ऋण मंजूर करनेवाला बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी न केवल उक्त ऋण सीमा वापस लेगी बल्कि उसे समुचित समझे जानेवाले अर्थ-दंड की अदायगी भी करनी होगी । आठ.छः कार्ड जारी करनेवाले बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को क्रेडिट कार्ड का एकतरफा उन्नयन नहीं करना चाहिए तथा ऋण सीमा को नहीं बढ़ाना चाहिए । जब भी शर्तों में कोई परिवर्तन हो तब अनिवार्यतः संबंधित उधारकर्ता की पूर्व सहमति ली जाए। नौ.एक कार्ड जारी करने वाले बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को खाता खोलते अथवा क्रेडिट कार्ड जारी करते समय प्राप्त की गयी ग्राहकों से संबंधित जानकारी, वह जानकारी किस प्रयोजन के लिए उपयोग में लायी जाएगी तथा किन संगठनों के साथ बांटी जाएगी, इस संबंध में ग्राहकों की विशिष्ट अनुमति प्राप्त किए बिना किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन को बतायी न जाए। बैंकों को चाहिए कि वे ग्राहक को क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय इस बात का निर्णय करने का विकल्प दें कि वह अपनी जानकारी बैंकों द्वारा अन्य एजेन्सियों के साथ बांट दिए जाने से सहमत है अथवा नहीं। इस प्रयोजन के लिए सुस्पष्ट प्रावधान हेतु क्रेडिट कार्ड के आवेदन का फॉर्म उचित रूप से संशोधित किया जाए। साथ ही, जिन मामलों में ग्राहक अन्य एजेन्सियों के साथ जानकारी बांटने के लिए बैंकों को सम्मति देते हैं वहाँ बैंकों को चाहिए कि वे संबंधित ग्राहक को प्रकटीकरण खंड के पूरे आशय /निहितार्थ को साफ-साफ बताएं और स्पष्ट रूप से समझाएं। बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को, विशिष्ट विधिक परामर्श के आधार पर, अपने आपको इस बात से संतुष्ट करना होगा कि उनसे मांगी गयी जानकारी का स्वरूप ऐसा नहीं है जिससे लेनदेनों में गुप्तता संबंधी कानूनों के प्रावधानों का उल्लंघन होगा। उक्त प्रयोजन से दी गयी जानकारी सही होने अथवा सही न होने के लिए बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पूर्णतः जिम्मेदार होगी। नौ.दो डीएसए / वसूली एजेंटों के लिए प्रकटीकरण भी केवल उस सीमा तक ही होना चाहिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए सक्षम हो जाए। कार्ड धारक द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी, लेकिन वसूली उद्देश्यों के लिए जो जरूरी नहीं हैं कार्ड जारीकर्ता बैंक / एनबीएफसी द्वारा जारी नहीं की जानी चाहिए। कार्ड जारीकर्ता बैंक / एनबीएफसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डीएसए / डीएमएस क्रेडिट कार्ड उत्पादों के विपणन के दौरान किसी भी ग्राहक की जानकारी का अंतरण अथवा दुरुपयोग नहीं करते हैं। दस.एक कार्डधारक के ऋण इतिहास /चुकौती रिकार्ड से संबंधित जानकारी किसी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी को देने के लिए, बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को उन ग्राहकों के ध्यान में यह बात स्पष्टतः लानी होगी कि यह जानकारी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी अधिनियम, दो हज़ार पाँच के अंतर्गत दी जा रही है । दस.दो क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी अथवा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य क्रेडिट कंपनी को किसी क्रेडिट कार्डधारक के संबंध में चूक की स्थिति की सूचना देने से पूर्व, बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ यह सुनिश्चित करें कि वे अपने बोर्ड द्वारा विधिवत् अनुमोदित क्रियाविधि का अनुपालन करती हैं जिसमें ऐसे कार्ड धारक को क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी को उसे चूककर्ता के रूप में रिपोर्ट करने के उद्देश्य के बारे में पर्याप्त सूचना जारी करना शामिल है । इस क्रियाविधि में ऐसी सूचना देने के लिए आवश्यक सूचना अवधि तथा चूककर्ता के रूप में सूचित किए जाने के बाद ग्राहक द्वारा अपनी देयताओं का निपटान करने की स्थिति में, ऐसी सूचना को जिस अवधि के भीतर वापस लिया जाएगा, उस अवधि को भी शामिल किया जाए। बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को उन कार्डों के मामले में विशेष रूप से सावधान रहना होगा जिनमें विवाद लंबित हैं। जानकारी का प्रकटीकरण/जारी किया जाना, विशेषतः चूक से संबंधित जानकारी, जहां तक संभव हो विवाद के निपटान के बाद ही किया जाए। सभी मामलों में एक सुव्यवस्थित क्रियाविधि का पारदर्शिता से अनुपालन किया जाए। इन क्रियाविधियों को पारदर्शिता से एमआइटीसी के भाग के रूप में बताया जाए। ग्यारह.एक देय राशियों की वसूली के मामले में, बैंक यह सुनिश्चित करें कि वे तथा उनके एजेंट भी उधारदाताओं के लिए उचित व्यवहार संहिता संबंधी मौजूदा अनुदेशों तथा बैंक के ग्राहक के प्रति दायित्व संबंधी बीसीएसबीआइ संहिता का अनुपालन करते हैं। यदि देय राशियों की वसूली के लिए बैंक की अपनी खुद की संहिता है तो उसमें कम-से-कम उपर्युक्त संदर्भित बीसीएसबीआइ संहिता की सभी शर्तों को शामिल किया जाना चाहिए। ग्यारह.दो ऋण वसूली के लिए अन्य एजेंसियों को नियुक्त करने के संबंध में यह विशेष रूप से आवश्यक है कि ऐसे एजेंट कोई ऐसा कार्य नहीं करते जिससे बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की ईमानदारी तथा प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचे तथा वे ग्राहक की गोपनीयता का कड़ाई से पालन करते हैं। वसूली एजेंट द्वारा जारी किए गए सभी पत्रों में कार्ड जारी करने वाले बैंक के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी का नाम तथा पता होना चाहिए जिससे ग्राहक उसके स्थान पर संपर्क कर सके। ग्यारह.तीन बैंकों /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों /उनके एजेंटों को अपने ऋण वसूली के प्रयासों में किसी व्यक्ति के विरुद्ध किसी भी प्रकार से मौखिक अथवा शारीरिक रूप से डांट-डपट अथवा परेशान करने का सहारा नहीं लेना चाहिए । इनमें क्रेडिट कार्ड धारकों के परिवार के सदस्यों, मध्यस्थों तथा मित्रों को खुलेआम अपमानित करने अथवा उनकी प्राइवेसी में दखल देने के कार्य, धमकी देनेवाले तथा बेनामी फोन कॉल अथवा झूठी तथा गलत जानकारी देना भी शामिल है। ग्यारह.चार बैंकों को वसूली एजंटों की नियुक्ति के संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय- समय पर जारी दिशानिर्देश का अनुपालन भी सुनिश्चित करना चाहिए । बारह.एक ग्राहकों को अपनी शिकायतें प्रस्तुत करने के लिए सामान्यतः साठ दिन की समय सीमा दी जाए । बारह.दो कार्ड जारी करने वाले बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी को बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में ही शिकायत निवारण तंत्र गठित करना चाहिए तथा इलैक्ट्रॉनिक तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से उसका व्यापक प्रचार करना चाहिए। बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के नामित शिकायत निवारण अधिकारी के नाम तथा संपर्क नंबर का उल्लेख क्रेडिट कार्ड के बिलों में होना चाहिए। नामित अधिकारी को सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रेडिट कार्ड के ग्राहकों की वास्तविक शिकायतों का बिना विलंब के तत्परता से निवारण किया जाता है । बारह.तीन बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका कॉल सेंटर वाला स्टाफ ग्राहकों की सारी शिकायतों से संबंधित काम देखने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित है। बारह.चार बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास एक ऐसी प्रणाली भी होनी चाहिए जिससे किसी कॉल सेंटर से निवारण न की गई शिकायतें अपने आप उच्चतर प्राधिकारियों के पास चली जाएं तथा ऐसी प्रणाली के ब्यौरे वेबसाइटों के ज़रिए पब्लिक डोमेन में प्रदर्शित किए जाने चाहिए। बारह.पाँच बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की शिकायत निवारण क्रियाविधि तथा शिकायतों का प्रत्युत्तर देने के लिए निर्धारित समयावधि बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की वेबसाइट पर दी जाए । बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के महत्वपूर्ण कार्यपालकों तथा शिकायत निवारण अधिकारी का नाम, पदनाम, पता तथा संपर्क नंबर वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाए । ग्राहकों की शिकायत पर अनुवर्ती कार्रवाई के लिए शिकायतों की पावती की प्रणाली हो, जैसे शिकायत /डॉकेट नंबर होना चाहिए, भले ही शिकायतें फोन पर प्राप्त हुई हों । बारह.छः शिकायत दर्ज करने की तारीख से अधिकतम तीस दिन की अवधि में शिकायतकर्ता को यदि बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जो बैंक की सहायक संस्था है, से संतोषप्रद प्रतिसाद नहीं मिलता है तो उसके पास अपनी शिकायत के निवारण के लिए संबंधित बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय में जाने का विकल्प होगा। बैंक की गलती के कारण और समय पर शिकायत का निवारण न होने के कारण शिकायतकर्ता को जो समय की हानि, व्यय, वित्तीय हानि तथा परेशानी और मानसिक संत्रास भुगतना पड़ा उसकी भरपाई करने के लिए बैंक /गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जो बैंक की सहायक संस्था है, बाध्य होगी । बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में ग्राहक सेवा की गुणवत्ता निरंतर आधार पर सुनिश्चित की जाती है, यह सुनिश्चित करने की दृष्टि से प्रत्येक बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में ग्राहक सेवा से संबंधित स्थायी समिति को क्रेडिट कार्ड के परिचालनों, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्राधिकृत ऋण सूचना कंपनी, जिसका बैंक/एनबीएफसी सदस्य है, को प्रस्तुत चूककर्ता की रिपोर्टों तथा क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायतों की समीक्षा मासिक आधार पर करनी चाहिए और सेवा में सुधार हेतु तथा क्रेडिट कार्ड परिचालन में व्यवस्थित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। बैंकों को क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायतों का ब्योरेवार तिमाही विश्लेषण अपने वरिष्ठ प्रबंधतंत्र को प्रस्तुत करना चाहिए। मर्चेंट लेनदेनों की सत्यता की नमूना जाँच करने के लिए कार्ड जारीकर्ता बैंक में एक उपयुक्त निगरानी प्रणाली होनी चाहिए। बैंकों को अर्धवार्षिक आधार पर प्रत्येक लेखा वर्ष के सितम्बर और मार्च के अंत की स्थिति के लिए क्रेडिट कार्ड कारोबार पर एक व्यापक समीक्षा रिपोर्ट अपने बोर्ड/प्रबंधन समिति के समक्ष करनी चाहिए, जिसमें क्रेडिट कार्ड कारोबार के आंकड़े, जैसे श्रेणी और जारी किए गए कार्डों की संख्या, न जारी किए गए कार्डों की संख्या, सक्रिय कार्ड, प्रति कार्ड औसत कारोबार, किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या, देय राशि की वसूली के लिए गया औसत समय, गैर-निष्पादक के रूप में वर्गीकृत ऋण और उसके लिए किया गया प्रावधान या बट्टे खाते में डाली गयी राशि, क्रेडिट कार्ड पर हुई धोखाधड़ी का विवरण, देय राशि वसूल करने के लिए किए गए उपाय, व्यवसाय की लाभप्रदता का विश्लेषण आदि शामिल हो। चौदह.एक बैंकों /गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे धोखाधड़ी से निपटने के लिए आंतरिक नियंत्रण प्रणाली स्थापित करें और बैंकों को धोखाधड़ी निवारक समितियों/ टास्क फोर्स में सक्रिय रूप से भाग लें, ये समितियां /टास्क फोर्स धोखाधड़ी रोकने और धोखाधड़ी नियंत्रण तथा कार्यान्वयन संबंधी पूर्वयोजित उपाय करने के लिए कानून बनाती हैं । चौदह.दो खोये हुए/चुराये गये कार्डों के दुरुपयोग के मामलों को कम करने की दृष्टि से बैंकों / गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को यह सिफारिश की जाती है कि वे कार्डधारक की फोटो के साथ वैयक्तिक पहचान संख्या सहित कार्ड लैमिनेटेड हस्ताक्षर वाले कार्ड अथवा समय-समय पर आनेवाली कोई अन्य उन्नत पद्धतियों सहित कार्ड जारी करने पर विचार करें। चौदह.तीन डीपीएसएस द्वारा समय समय पर जारी किए गए दिशा निर्देशों के अंतर्गत बैंकों को यह भी सूचित किया गया है कि ईलेक्ट्रानिक लेनदेनों के लिए विभिन्न सुरक्षा और जोखिम को कम करने के उपाय करे। चौदह.चार बैंकों को यह सूचित किया जाता है कि वे ग्राहक से कार्ड खो जाने की सूचना मिलने पर तत्काल खोये हुए कार्ड को ब्लॉक कर दें और यदि एफआइआर दर्ज करने सहित कोई औपचारिकताएं हों, तो उचित समयावधि में उन्हें पूरा किया जाए। चौदह.पाँच ग्राहक के विकल्प पर बैंक खोये हुए कार्डों से उत्पन्न देयताओं के लिए बीमा कवर आरंभ करने पर विचार कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में, केवल उन्हीं कार्डधारकों को खोये हुए कार्डों के संबंध में उचित बीमा कवर प्रदान किया जाना चाहिए जो प्रीमियम की लागत वहन करने के लिए तैयार हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक इन दिशानिर्देशों में से किसी के भी उल्लंघन के लिए क्रमशः बैंककारी विनियमन अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ उनचास/भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ चौंतीस के तहत किसी बैंक/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पर दंड लगाने का अधिकार रखता है । बैंकों द्वारा डेबिट कार्ड दिनांक बारह नवंबर एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.एक सौ तेईस/चौबीस.एक.शून्यउन्नीस निन्यानवे दो हज़ार में दिए गए दिशानिर्देशों तथा परवर्ती संशोधनों एवं मेल-बॉक्स स्पष्टीकरणों के अनुसार जारी किए जाते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक के भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग ने भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम दो हज़ार सात पारित होने के बाद डेबिट कार्ड के कुछ पहलुओं जैसे सुरक्षा तथा जोखिम शमन, घरेलू डेबिट, प्री-पेड तथा क्रेडिट कार्डों के बीच परस्पर निधियां अंतरित करना तथा मर्चेंट डिस्काउंट दरों के संबंध में भी अनुदेश जारी किए हैं। उक्त के मद्देनजर तथा हमारे पूर्व अनुदेशों के अधिक्रमण में डेबिट कार्ड पर व्यापक अनुदेश जारी किए गए । बैंक निम्नलिखित के अधीन भारतीय रिज़र्व बैंक से पूर्व अनुमोदन लिए बिना संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार को-ब्रांडेड डेबिट कार्डों सहित डेबिट कार्ड जारी करना सुनिश्चित करें। बैंक अपने बोर्ड के अनुमोदन से को-ब्रांडेड डेबिट कार्डों सहित डेबिट कार्ड जारी करने की एक व्यापक नीति बना सकते हैं तथा इस नीति के अनुसार अपने ग्राहकों को डेबिट कार्ड जारी कर सकते हैं। डेबिट कार्ड बचत खाता/चालू खाता धारक ग्राहकों को जारी किए जाने चाहिए, नकदी ऋण/ऋण खाता धारकों को नहीं। बैंक को-ब्रांडेड डेबिट कार्डों सहित केवल ऐसे ऑन-लाईन डेबिट कार्ड ही जारी कर सकते हैं जिनमें ग्राहकों के खाते से तुरंत डेबिट होता है और जिनमें स्ट्रेट थ्रू प्रसंस्करण होता है। अब से बैंकों को ऑफ-लाईन डेबिट कार्ड जारी करने की अनुमति नहीं है। जो बैंक वर्तमान में ऑफ-लाईन डेबिट कार्ड जारी कर रहे हैं वे अपने ऑफ-लाईन डेबिट कार्ड परिचालनों की समीक्षा करें और इस परिपत्र की तिथि से छः माह की अवधि के भीतर ऐसे कार्डों का परिचालन बंद कर दें। तथापि बैंक यह सुनिश्चित करें कि ग्राहकों को ऑन-लाईन डेबिट कार्ड अपनाए जाने के बारे में समुचित रूप से सूचित किया जाता है। ऑफ-लाईन डेबिट कार्डों के निर्गमन तथा परिचालन को बंद करने संबंधी समीक्षा तथा पुष्टि मुख्य महाप्रबंधक, बैंकिंग विनियमन विभाग,केंद्रीय कार्यालय भवन, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुंबई - चार लाख एक को प्रेषित की जानी चाहिए। तथापि ऑफ-लाईन कार्डों को बंद किए जाने तक कार्डों में संचित बकाया शेष/खर्च न किए गए शेष आरक्षित अपेक्षाओं की गणना के अधीन होंगी। केवाईसी/एएमएल/सीएफटी के संबंध में बैंकों पर लागू भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले अनुदेशों/दिशानिर्देशों का को-ब्रैंडेड डेबिट कार्डों सहित सभी जारी किए गए कार्डों के संबंध में पालन किया जाए। ब्याज का भुगतान समय-समय पर जारी होने वाले ब्याज दर संबंधी निदेशों के अनुसार होना चाहिए। i) कोई भी बैंक किसी ग्राहक को बिना मांगे कार्ड प्रेषित नहीं करेगा, सिवाय ऐसे मामले के जिसमें कार्ड ग्राहक द्वारा पहले से धारित किसी कार्ड के एवज में हो। ii) बैंक तथा कार्डधारक का संबद्ध संविदात्मक होगा। iii) प्रत्येक बैंक कार्ड धारकों को लिखित रूप में संविदात्मक नियमों एवं शर्तों का एक सेट उपलब्ध कराएगा जो ऐसे कार्डों के जारी करने एवं उनके प्रयोग पर लागू होगा। इन शर्तों में संबंधित पक्षों के हितों के संबंध में उचित संतुलन बरता जाएगा। iv) शर्तें स्पष्ट रूप से व्यक्त की जाएंगी। v) शर्तों में विभिन्न प्रभारों के आधार को विनिर्दिष्ट किया जाएगा, लेकिन किसी समय लगने वाले प्रभारों की राशि विनिर्दिष्ट करना जरूरी नहीं है। vi) शर्तों में उस अवधि को विनिर्दिष्ट किया जाएगा जिसके भीतर सामान्य तौर पर कार्ड धारक के खाते से डेबिट किया जाएगा। vii) बैंक शर्तों में बदलाव कर सकता है, लेकिन परिवर्तन की पर्याप्त अग्रिम सूचना कार्डधारक को दी जाएगी ताकि यदि वह चाहे तो संविदा से संबंध-विच्छेद कर सके। ऐसी अवधि विनिर्दिष्ट की जाएगी जिसके समाप्त होने के बाद यह मान लिया जाएगा कि कार्डधारक ने शर्तें स्वीकार कर ली हैं यदि उस विनिर्दिष्ट अवधि के दौरान उसने संविदा से संबंध-विच्छेद नहीं कर लिया है तो। viii) इन शर्तों के द्वारा कार्डधारक बाध्य होगा कि वह कार्ड तथा उन साधनों जिनसे कार्ड का परिचालन संभव होता है, को सुरक्षित रखने के लिए सभी समुचित उपाय करेगा। इन शर्तों के द्वारा कार्डधारक बाध्य होगा कि वह पिन या कोड को किसी भी रूप में रिकार्ड न करे ताकि ऐसे रिकार्ड तक ईमानदारी या बेईमानी से किसी तृतीय पक्ष की पहुँच हो जाए तो उसे पिन या कोड ज्ञात हो सकता है। इन शर्तों के द्वारा कार्डधारक बाध्य होगा कि वह निम्नलिखित के संबंध में जानकारी मिलते ही अविलंब बैंक को सूचित करेगाः कार्ड के खो जाने, चोरी होने या उसकी नकल बनाए जाने या अन्य साधनों से उसका दुरुपयोग होने पर, कार्डधारक के खाते में किसी अनधिकृत लेनदेन दर्ज होने पर, बैंक द्वारा उस खाते के परिचालन में किसी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता होने पर। इन शर्तों में ऐसे संपर्क केंद्र को विनिर्दिष्ट किया जाएगा जहां ऐसी सूचना दी जा सके। ऐसी सूचना दिन या रात में किसी भी समय दी जा सकेगी। ix) इन शर्तों में यह विनिर्दिष्ट किया जाएगा कि पिन या कोड जारी करते समय बैंक सावधानी बरतेगा तथा कार्डधारक के पिन या कोड को कार्डधारक के अतिरिक्त किसी अन्य को न प्रकट करने के लिए बाध्य होगा। x) इन शर्तों में यह विनिर्दिष्ट किया जाएगा कि किसी कार्डधारक को किसी प्रणालीगत खराबी के कारण हुई प्रत्यक्ष हानि के लिए, जो बैंक के प्रत्यक्ष नियंत्रण में हो, बैंक उत्तरदायी होगा। तथापि, भुगतान प्रणाली के तकनीकी रूप से खराब हो जाने के कारण हुई किसी क्षति के लिए बैंक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा यदि प्रणाली के खराब होने की जानकारी उपकरण के डिसप्ले पर किसी संदेश द्वारा या किसी अन्य माध्यम से कार्डधारक को दी गयी हो। लेनदेन पूरा न होने या गलत लेनदेन होने की स्थिति में बैंक की जिम्मेदारी शर्तों पर लागू होने वाले कानून के प्रावधानों के अधीन मूलधन राशि तथा नुकसान हुए ब्याज तक सीमित है। बैंककारी विनियमन अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ उनचास की धारा तेईस के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक से पूर्व प्राधिकार प्राप्त किए बिना किसी भी सुविधा के अंतर्गत बिक्री स्थल पर डेबिट कार्डों के माध्यम से किसी प्रकार के नकदी लेनदेन की सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। i) बैंक डेबिट कार्ड की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। डेबिट कार्डकी सुरक्षा की जिम्मेदारी बैंक की होगी तथा सुरक्षा में चूक होने या सुरक्षा प्रणाली के फेल होने के कारण किसी पक्ष को होनेवाली हानि का वहन बैंक को करना होगा। ii) परिचालनों को ढूंढ़ा जा सके तथा त्रुटियों में सुधार किया जा सके इसके लिए बैंक पर्याप्त समयावधि तक आंतरिक अभिलेखों को बनाए रखेंगे। iii) कार्डधारक को लेनदेन पूरा करने के बाद रसीद के रूप में तुरंत या समुचित समयावधि के भीतर पारंपरिक बैंक विवरणी जैसे किसी अन्य रूप में लेनदेन का लिखित रिकार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। iv) कार्डधारक कार्ड के खोने, चोरी होने या उसकी नकल बनाए जाने की सूचना बैंक को देने तक हुई हानि का वहन करेगा, किन्तु केवल एक निश्चित सीमा तक ही करेगा सिवाय ऐसे मामले को छोड़कर जहां कार्डधारक ने कपटपूर्ण रीति से, जानबूझकर या अत्यधिक लापरवाही से कार्य किया हो। v) प्रत्येक बैंक ऐसे साधन मुहैया कराएगा जिनसे ग्राहक दिन या रात के किसी भी समय अपने भुगतान साधनों के खोने, चोरी हो जाने या उसकी नकल बनाए जाने के संबंध में सूचना दे सके। vi) कार्ड के खोने, चोरी हो जाने या उसकी नकल बनाए जाने के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर बैंक ऐसी सभी संभव कार्रवाइयां करेगा जिनसे कार्ड का आगे प्रयोग किया जा सके। vii) खो गए/चोरी हो जाने वाले कार्डों के दुरुपयोग की घटनाओं में कमी लाने की दृष्टि से, बैंक कार्डधारक के फोटो के साथ या समय-समय पर विकसित होने वाली किसी अन्य उन्नत युक्तियों का प्रयोग करके कार्ड जारी करने पर विचार कर सकते हैं। एक भुगतान प्रणाली के रूप में डेबिट कार्डों का निर्गम, नकदी आहरण, इंटरनैशनल डेबिट कार्ड जारी करना,सुरक्षा मुद्दों तथा जोखिम कम करने के उपायों, एक कार्ड से दूसरे कार्ड पर निधियों के अंतरण, व्यापारियों द्वारा प्रदत्त छूट की दरों की संरचना, असफल एटीएम लेनदेन इत्यादि, पर दिशानिर्देश, समय-समय पर यथासंशोधित भुगतान एवं निपटान अधिनियम, दो हज़ार सात के अंतर्गत भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग द्वारा जारी संबंधित दिशानिर्देशों के अधीन होगा। अंतरराष्ट्रीय डेबिट कार्ड का जारी किया जाना समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे के अंतर्गत जारी निदेशों के अधीन होगा। बैंकों को छमाही आधार पर अपने डेबिट कार्ड निर्गम/ परिचालन करने की समीक्षा करनी चाहिए। समीक्षा में अन्य बातों के साथ-साथ अंतर्निहित जोखिमों की दृष्टि से लंबी अवधियों के लिए प्रयोग में न लाए गए कार्डों सहित कार्ड के प्रयोग से संबंधित विश्लेषण शामिल होना चाहिए। परा बैंकिंग गतिविधियों पर मास्टर परिपत्र के पैरा चौदह.एक के अंतर्गत यह अपेक्षित था कि बैंकों द्वारा जारी स्मार्ट/डेबिट कार्डों के परिचालन संबंधी रिपोर्ट का छमाही आधार पर भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग को प्रस्तुत किया जाना चाहिए और इसकी एक प्रति बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग के उस संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत की जानी चाहिए जिसके न्याय क्षेत्र में उस बैंक का प्रधान कार्यालय स्थित है। यह अपेक्षा बारह दिसंबर दो हज़ार बारह से समाप्त की गयी। बैंक ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करने के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली की स्थापना सुनिश्चित करें। बैंक की शिकायत निवारण प्रक्रिया और शिकायतों पर कार्रवाई शुरू करने हेतु निर्धारित समय-सीमा की जानकारी बैंक की वेबसाइट में दी जाए। वेबसाइट पर महत्वपूर्ण कार्यपालकों तथा बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी के नाम, पदनाम, पता और संपर्क हेतु दूरभाष सं. दर्शायी जाए। अनुवर्ती कार्रवाई करने के लिए ग्राहकों की शिकायतों के लिए प्राप्ति-सूचना जैसे कि शिकायत संख्या/डाकेट संख्या देने की प्रणाली होनी चाहिए चाहे शिकायतें फोन से ही क्यों न प्राप्त हुई हों। यदि किसी शिकायतकर्ता को शिकायत दर्ज करने की तिथि से अधिकतम दिनों के भीतर बैंक से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त होती है, तो उसके पास अपनी शिकायतों के निवारण के लिए संबंधित बैंकिंग लोकपाल के कार्यालय से संपर्क करने का विकल्प होगा। इस संबंध में असफल एटीएम लेनदेनों के समाधान के लिए समय-सीमा के संबंध में समय-समय पर यथासंशोधित डीपीएसएस के दिशानिर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। को-ब्रांडिंग व्यवस्था बैंक के बोर्ड द्वारा अनुमोदित की गई नीति के अनुसार होनी चाहिए। इस नीति में विनिर्दिष्ट रूप से, प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम सहित, इस प्रकार की व्यवस्था से जुड़े विभिन्न जोखिमों से संबंधित मुद्दों के समाधान तथा जोखिम कम करने हेतु उपयुक्त उपायों का उल्लेख होना चाहिए। बैंकों को चाहिए कि ऐसे कार्ड जारी करने के लिए वे जिन गैर-बैंकिंग कंपनियों से गठबंधन करने के इच्छुक हों, उन कंपनियों के संबंध में पर्याप्त सावधानी बरतें, ताकि ऐसी व्यवस्था के कारण उत्पन्न होने वाले प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम से वे स्वयं को सुरक्षित कर सकें। किसी वित्तीय संस्था से गठबंधन प्रस्तावित होने पर बैंक यह सुनिश्चित करें कि उस संस्था को उसके विनियामक से इस तरह का गठबंधन करने के लिए अनुमोदन प्राप्त है। कार्ड जारी करने वाला बैंक को-ब्रांडिंग पार्टनर के सभी कृत्यों के लिए उत्तरदायी होगा। बैंक 'बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउट-सोर्सिंग में आचरण संहिता तथा जोखिम का प्रबंधन' पर समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक तीन नवंबर दो हज़ार छः के परिपत्र बैंपविवि.सं.बीपी.चालीस/इक्कीस.चार.एक सौ अट्ठावन/दो हज़ार छः-सात में दिए गए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। गठबंधन व्यवस्था के अंतर्गत गैर-बैंक संस्था की भूमिका कार्डों के विपणन/वितरण तक या दी जाने वाली वस्तुओं/सेवाओं की उपलब्धता कार्डधारक को प्रदान करने तक ही सीमित होनी चाहिए। कार्ड जारी करने वाले बैंक को खाता खोलते या कार्ड जारी करते समय प्राप्त की गई ग्राहक से संबंधित किसी सूचना को प्रकट नहीं करना चाहिए तथा को-ब्रांडिंग गैर-बैंकिंग संस्था को ग्राहक के खातों के ऐसे किन्हीं ब्यौरों के संपर्क में नहीं आने देना चाहिए जिससे बैंक की गोपनीयता के उत्तरदायित्वों का उल्लंघन हो सकता हो। जिन बैंकों को अतीत में को-ब्रांडेड डेबिट कार्ड जारी करने के लिए विनिर्दिष्ट अनुमोदन प्रदान किए गए हैं उन्हें सूचित किया जाता है कि वे यह सुनिश्चित करें कि को-ब्रांडिंग व्यवस्था उपर्युक्त अनुदेशों के अनुरूप है। यदि को-ब्रांडिंग व्यवस्था दो बैंकों के बीच है, तो कार्ड जारीकर्ता बैंक उक्त शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करे। जैसा कि पैरा I सात.चार में बताया गया है, अवांछित वाणिज्यिक संवाद - राष्ट्रीय ग्राहक अधिमान पंजिका पर जारी दिशानिर्देश का पालन करते समय बैंक यह सुनिश्चित करें कि ट्राई द्वारा उक्त विषय पर समय-समय पर जारी निर्देशों/ विनियमों का अनुपालन करेने वाले टेलीमार्केटर्स को ही नियुक्त किया जाता हैं। हमारे बारह नवंबर एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.एक सौ तेईस/चौबीस.एक.शून्यउन्नीस निन्यानवे दो हज़ार, अट्ठारह जून दो हज़ार एक के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.एक सौ तैंतीस/चौबीस.एक.उन्नीस/दो हज़ार-एक और ग्यारह अप्रैल दो हज़ार दो के परिपत्र बैंपविवि.सं.एफएससी.बीसी.अठासी/चौबीस.एक.उन्नीस/दो हज़ार एक-दो में निहित अनुदेशों के अनुसार बैंकों को स्मार्ट कार्ड जारी करने की अनुमति दी गयी थी। जबकि विदेशी मुद्रा में मूल्यवर्गित प्री-पेड कार्ड का जारी किया जाना, को-ब्रांडिंग व्यवस्थाओं सहित, समय-समय पर यथासंशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे के अंतर्गत जारी दिशानिर्देशों के अधीन होगा। रुपए में मूल्यवर्गित प्री-पेड भुगतान लिखत जारी करना, तेरह मई दो हज़ार चौदह के परिपत्र डीपीएसएस.सीओ.पीडी.सं.दो हज़ार तीन सौ छयासठ/दो.चौदह.छः/दो हज़ार तेरह-चौदह के माध्यम से भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम दो हज़ार सात के अंतर्गत जारी ‟भारत में प्रीपेड भुगतान लिखतों का निर्गम व परिचालन- समेकित संशोधित नीति दिशानिर्देश" के अधीन है। के अधीन है। तदनुसार, स्मार्ट कार्ड जारी करने पर पूर्व दिशा निर्देशों के अधिक्रमण में यह निर्णय लिया गया कि भारत में रुपया मूल्यवर्गित को- ब्रांडेड प्री-पेड कार्ड जारी करने के लिए निम्नलिखित नियमों और शर्तों के अधीन बैंकों को सामान्य अनुमति प्रदान की जाए। को-ब्रांडिंग व्यवस्था बैंक के बोर्ड द्वारा अनुमोदित की गई नीति के अनुसार होनी चाहिए। इस नीति में विनिर्दिष्ट रूप से, प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम सहित, इस प्रकार की व्यवस्था से जुड़े विभिन्न जोखिमों से संबंधित मुद्दों के समाधान तथा जोखिम कम करने हेतु उपयुक्त उपायों का उल्लेख होना चाहिए। बैंकों को चाहिए कि ऐसे कार्ड जारी करने के लिए वे जिन गैर-बैंकिंग कंपनियों से गठबंधन करने के इच्छुक हों, उन कंपनियों के संबंध में पर्याप्त सावधानी बरतें, ताकि ऐसी व्यवस्था के कारण उत्पन्न होने वाले प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम से वे स्वयं को सुरक्षित कर सकें। किसी वित्तीय संस्था से गठबंधन प्रस्तावित होने पर ऐसी व्यवस्था करने से पूर्व बैंक यह सुनिश्चित करें कि उस संस्था को उसके विनियामक से इस तरह का गठबंधन करने के लिए अनुमोदन प्राप्त है। कार्ड जारी करने वाला बैंक को-ब्रांडिंग पार्टनर के सभी कृत्यों के लिए उत्तरदायी होगा। बैंक 'बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउट-सोर्सिंग में आचरण संहिता तथा जोखिम का प्रबंधन' पर समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक तीन नवंबर दो हज़ार छः के परिपत्र बैंपविवि.सं.बीपी.चालीस/इक्कीस.चार.एक सौ अट्ठावन/दो हज़ार छः-सात में दिए गए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। गठबंधन व्यवस्था के अंतर्गत गैर-बैंक संस्था की भूमिका कार्डों के विपणन/वितरण तक या दी जाने वाली वस्तुओं/सेवाओं की उपलब्धता कार्डधारक को प्रदान करने तक ही सीमित होनी चाहिए। समय-समय पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए केवाईसी एएमएल सीएफटी पर बैंकों पर लागू होने वाले अनुदेशों/दिशानिर्देशों का अनुपालन को-ब्रांडिंग व्यवस्था के अंतर्गत जारी किए गए सभी कार्डों के संबंध में किया जाना चाहिए। कार्ड जारी करने वाले बैंक को खाता खोलते या कार्ड जारी करते समय प्राप्त की गई ग्राहक से संबंधित किसी सूचना को प्रकट नहीं करना चाहिए तथा को-ब्रांडिंग गैर-बैंकिंग संस्था को ग्राहक के खातों के ऐसे किन्हीं ब्यौरों के संपर्क में नहीं आने देना चाहिए जिससे बैंक की गोपनीयता के उत्तरदायित्वों का उल्लंघन हो सकता हो। प्री-पेड भुगतान कार्डों को अंतरित किए गए शेष पर कोई ब्याज न दिया जाए। यह व्यवस्था भारत में प्री-पेड लिखतों, जिनमें प्री-पेड कार्ड शामिल हैं, को जारी करने तथा उनका परिचालन करने के संबंध में डीपीएसएस द्वारा जारी अनुदेशों का अनुपालन/ अनुसरण किए जाने के अधीन होगी। जिन बैंकों को अतीत में रुपये में मूल्यवर्गित को-ब्रांडेड प्री-पेड कार्डों को जारी करने के लिए विनिर्दिष्ट अनुमोदन दिये गये हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए सूचित किया जाता है कि को-ब्रांडिंग व्यवस्था उपरोक्त अनुदेशों के अनुसार होनी चाहिए। जैसा कि पैरा I सात.चार में बताया गया है, अवांछित वाणिज्यिक संवाद - राष्ट्रीय ग्राहक अधिमान पंजिका पर जारी दिशानिर्देश का पालन करते समय बैंक यह सुनिश्चित करें कि ट्राई द्वारा उक्त विषय पर समय-समय पर जारी निर्देशों/ विनियमों का अनुपालन करेने वाले टेलीमार्केटर्स को ही नियुक्त किया जाता हैं। एक. अत्यधिक महत्वपूर्ण शर्तें चूक-रिपोर्ट वापस लेने के लिए प्रक्रिया तथा वह अवधि जिसमें देय राशियों के निपटारे के बाद चूक-रिपोर्ट वापस ली जाएगी । कार्डधारक से संबंधित सूचना का प्रकार जो कार्डधारक के अनुमोदन से या अनुमोदन बगैर प्रकट करनी है । नोट : कार्ड जारीकर्ता द्वारा कार्डधारकों को विभिन्न स्तरों पर सूचित की जानेवाली शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी ।
आईएएनएस-सीवोटर स्नैप पोल के अनुसार, 56 प्रतिशत से अधिक ने महसूस किया कि पिछले कई वर्षों में मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव बढ़ा है। एक सर्वेक्षण के उत्तरदाताओं ने देश में आज मौजूद गहरे ध्रुवीकृत राजनीतिक वातावरण को प्रतिबिंबित किया। जबकि 43. 4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने दावा किया कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधान मंत्री बनने के बाद मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव नहीं बढ़ा था, 35 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने महसूस किया कि मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव बहुत बढ़ गया है। 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस की 30वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर 5 दिसंबर, 2021 को 1942 के नमूने के आकार के साथ यादृच्छिक नमूने का उपयोग करके देश भर में सर्वेक्षण किया गया था। प्रभावी रूप से, 56 प्रतिशत से अधिक महसूस किया कि मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव बढ़ गया है क्योंकि 21. 6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि भेदभाव कुछ हद तक बढ़ गया है। एनडीए समर्थकों और विपक्षी दलों के बीच की खाई प्रतिक्रियाओं में स्पष्ट रूप से स्पष्ट है। एनडीए के केवल 20 प्रतिशत समर्थकों ने महसूस किया कि भेदभाव बहुत बढ़ गया है, वहीं 45. 6 प्रतिशत विपक्षी मतदाताओं ने ऐसा ही कुछ व्यक्त किया। इसी तरह, जहां एनडीए के 58 प्रतिशत समर्थकों ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के शासन में कोई वृद्धि नहीं हुई, वहीं 33 प्रतिशत विपक्षी मतदाताओं का भी यही मत था। हाल के दिनों में, भारत के साथ-साथ विदेशों में उदारवादियों, कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार निकायों ने वर्तमान सरकार पर अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुसलमानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। दिसंबर 2019 में संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करता है, उनके द्वारा एक उदाहरण के रूप में उद्धृत किया गया है।
आईएएनएस-सीवोटर स्नैप पोल के अनुसार, छप्पन प्रतिशत से अधिक ने महसूस किया कि पिछले कई वर्षों में मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव बढ़ा है। एक सर्वेक्षण के उत्तरदाताओं ने देश में आज मौजूद गहरे ध्रुवीकृत राजनीतिक वातावरण को प्रतिबिंबित किया। जबकि तैंतालीस. चार प्रतिशत उत्तरदाताओं ने दावा किया कि दो हज़ार चौदह में नरेंद्र मोदी के प्रधान मंत्री बनने के बाद मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव नहीं बढ़ा था, पैंतीस प्रतिशत उत्तरदाताओं ने महसूस किया कि मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव बहुत बढ़ गया है। छः दिसंबर, एक हज़ार नौ सौ बानवे को बाबरी मस्जिद के विध्वंस की तीसवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर पाँच दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को एक हज़ार नौ सौ बयालीस के नमूने के आकार के साथ यादृच्छिक नमूने का उपयोग करके देश भर में सर्वेक्षण किया गया था। प्रभावी रूप से, छप्पन प्रतिशत से अधिक महसूस किया कि मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव बढ़ गया है क्योंकि इक्कीस. छः प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि भेदभाव कुछ हद तक बढ़ गया है। एनडीए समर्थकों और विपक्षी दलों के बीच की खाई प्रतिक्रियाओं में स्पष्ट रूप से स्पष्ट है। एनडीए के केवल बीस प्रतिशत समर्थकों ने महसूस किया कि भेदभाव बहुत बढ़ गया है, वहीं पैंतालीस. छः प्रतिशत विपक्षी मतदाताओं ने ऐसा ही कुछ व्यक्त किया। इसी तरह, जहां एनडीए के अट्ठावन प्रतिशत समर्थकों ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के शासन में कोई वृद्धि नहीं हुई, वहीं तैंतीस प्रतिशत विपक्षी मतदाताओं का भी यही मत था। हाल के दिनों में, भारत के साथ-साथ विदेशों में उदारवादियों, कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार निकायों ने वर्तमान सरकार पर अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुसलमानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। दिसंबर दो हज़ार उन्नीस में संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करता है, उनके द्वारा एक उदाहरण के रूप में उद्धृत किया गया है।
लॉग और मुस्कराते हुए से लकड़ी के घरों में कई साल पहले की तरह अब लोकप्रिय हैं। यह एक सरल, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल आवास है। खिड़की पर ट्रिम एक लकड़ी के लिए पर्याप्त रूप से आवश्यक गुण है, जो न केवल सजावट के रूप में कार्य माना जाता है घर में, लेकिन यह भी कुछ कार्य करता है। एक लकड़ी की दीवार और खिड़की के फ्रेम के बीच अंतराल को बंद करने के लिए स्थापित किया गया घर में खिड़की पर ट्रिम। यह सुविधा आपको घर में गर्मी बनाए रखने के लिए, भले ही जवानों और इन्सुलेशन हैं अनुमति देता है। प्रस्तरपाद खुद रक्षा करने की क्षमता, यहां तक कि सूरज की किरणों और नमी के प्रभाव में नुकसान से इन्सुलेशन है। ऐसा लगता है कि वे एक खिड़की लकड़ी के मकान की न केवल पर रखा जा सकता है, बल्कि अन्य निर्माण सामग्री से बनाया गया। वर्तमान में, उनमें से एक विशाल विविधता की बिक्री। वे फार्म और शैली, और सामग्री में अलग हो सकता है। खिड़की ट्रिम स्थापित कर रहा है एक पूर्ण रूप देता है, पर जोर देती है शैली के घर एक गहना व्यक्ति खिड़कियों बनाता है, खामियों स्थापना के दौरान किए गए थे छुपाने के लिए, और यह भी कमरे में नमी, धूल और गंदगी से बचाता है। वर्तमान में, एक लकड़ी के घर में खिड़की पर ट्रिम विभिन्न सामग्रियों से बने। वे स्टील, एल्यूमीनियम, पीवीसी, प्लास्टिक, MDF, polyurethane, प्लाईवुड और लकड़ी से बना जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह खिड़कियों पर लकड़ी ट्रिम था स्थायी क्लासिक्स के प्रतिनिधियों के हैं लायक है। इन उत्पादों को निर्दोष सौंदर्य उपस्थिति के हैं और सबसे पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से एक हैं। वे बहुत प्रभावी ढंग से खिड़कियों पर जोर देना। लकड़ी एक से अधिक एक दशक से पारंपरिक और बॉडी का निर्माण के लिए लगभग केवल प्राकृतिक सामग्री बनी हुई है। ट्रिम्स कई प्रकार के हो सकते हैंः - फ्लैट। यह उनकी उपस्थिति का सबसे आसान है। एक सरल विनिर्माण प्रौद्योगिकी है, जो ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता के माध्यम से, इस तरह के उत्पादों की लागत अपेक्षाकृत कम है। - ढाला सतह के साथ। इस तरह के उत्तल सतह जिस पर राहत किसी भी रूप में स्थित हो सकता है के बाहर उपलब्ध उत्पादों। लकड़ी की बॉडी का उत्पादन के लिए फ्लैट के उत्पादन के विपरीत महंगे हैं, इसलिए उनके और अधिक महंगी की लागत। वे विभिन्न अनुमानों, नौच, खांचे द्वारा अपनी पूरी लंबाई के साथ सजाया जा सकता है। उत्पाद उत्पादन तकनीक के आकार कटर और अन्य विशेष उपकरण की उपस्थिति की आवश्यकता है। - घुंघराले (नक्काशीदार) सबसे महंगी खिड़कियों पर ट्रिम। वे लगभग कर रहे हैं कला का एक काम करते हैं। ऊर्ध्वाधर कटर होने विशेष मशीनों पर एक रूपरेखा वाली सतह निष्पादित करें। एक कंप्यूटर प्रोग्राम द्वारा नियंत्रित मशीनें। सजाने नक्काशीदार architraves खिड़की की परंपरा एक सदी से भी अधिक के लिए अस्तित्व में है। और अब वहाँ काफी इस ट्रिम खिड़की खुलने के प्रशंसकों की एक संख्या है, और लकड़ी की नक्काशी की मास्टर है नहीं अभी तक विलुप्त हो चुकी हैं। आधुनिक विज्ञापन एक नक्काशी मशीन का उपयोग कर खोल के उत्पादन के लिए कई प्रस्तावों प्रदान करता है, लेकिन एक लकड़ी के घर में खिड़की है, जो हाथ से बने होते हैं और प्रेम और उनके आकाओं की गर्मी अवशोषित था पर सबसे अधिक मूल्यवान अभी तक अभी भी नक्काशीदार लकड़ी ट्रिम। आप खत्म के इस प्रकार है, साथ ही खुदी हुई architraves, घर में बनाया के साथ घर को सजाने के लिए इच्छा के लिए लकड़ी और प्रेम के साथ काम करने के लिए कुछ कौशल है, तो आप निश्चित रूप से सपने को साकार करने चाहिए। झालर धागा खोल एक handsaw, मैनुअल या द्वारा किया जाता बिजली पहेली या पैटर्न है, जो वास्तविक आकार में बनाई है पर एक तापदीप्त तार का उपयोग। काम की सुविधा के लिए, ढालना आगे टुकड़ों में विभाजित किया जा सकता। पैटर्न खिड़कियों पर ट्रिम्स नक्काशीदार या अपने ही हाथों से बना रहे हैं, या ऑर्डर करने के लिए बनाया है। वहाँ दो हैं : सूत्र के प्रकार खाई और लाभहीन। की एक सुस्पष्ट विशेषता slotted धागा , एक विनम्रता है यह कसकर के समान है। चालान धागा जारी किया ताकि कटौती तत्वों चिपके या एक बोर्ड को किसी न किसी और एक सतत अनुमापी आंकड़ा फार्म कर रहे हैं। इसके विपरीत करने के लिए, नक्काशीदार चौखट के शीर्ष भाग अक्सर पृष्ठभूमि करने के लिए एक अलग रंग में रंगे। हर कोई जानता है कि लकड़ी पर्याप्त टिकाऊ है। के प्रभाव के कारण वर्षा और तापमान इसे छोड़ के बाद एक निश्चित समय इसके मूल रूप में खोने के लिए शुरू होता है, और rassyhaetsya काला हो जाता है। एक लकड़ी के घर में खिड़की पर ट्रिम करने के लिए जब तक संभव हो के लिए पिछले सकता है, वे लकड़ी के बने होते हैं, बाहरी प्रभाव के लिए सबसे अधिक प्रतिरोधी रहे हैं। सड़ एक प्रकार का वृक्ष के लिए कम विषय है, लेकिन यह काफी कमजोर और अयोग्य slotted धागा प्रदर्शन करने के लिए है। नक्काशीदार architraves चूना के साथ-साथ नरम रॉक इस्तेमाल करने की सलाह के लिए, यह सिर्फ काम करते हैं। लेकिन क्योंकि यह नमी का एक बहुत अवशोषित कर लेता है, यह विशेष संसेचन की रक्षा के लिए आवश्यक है। सबसे अच्छा सामग्री ओक माना जाता है। लकड़ी के इस प्रकार, अपने जीवन अनन्त के उपचार में गंभीरता के बावजूद।
लॉग और मुस्कराते हुए से लकड़ी के घरों में कई साल पहले की तरह अब लोकप्रिय हैं। यह एक सरल, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल आवास है। खिड़की पर ट्रिम एक लकड़ी के लिए पर्याप्त रूप से आवश्यक गुण है, जो न केवल सजावट के रूप में कार्य माना जाता है घर में, लेकिन यह भी कुछ कार्य करता है। एक लकड़ी की दीवार और खिड़की के फ्रेम के बीच अंतराल को बंद करने के लिए स्थापित किया गया घर में खिड़की पर ट्रिम। यह सुविधा आपको घर में गर्मी बनाए रखने के लिए, भले ही जवानों और इन्सुलेशन हैं अनुमति देता है। प्रस्तरपाद खुद रक्षा करने की क्षमता, यहां तक कि सूरज की किरणों और नमी के प्रभाव में नुकसान से इन्सुलेशन है। ऐसा लगता है कि वे एक खिड़की लकड़ी के मकान की न केवल पर रखा जा सकता है, बल्कि अन्य निर्माण सामग्री से बनाया गया। वर्तमान में, उनमें से एक विशाल विविधता की बिक्री। वे फार्म और शैली, और सामग्री में अलग हो सकता है। खिड़की ट्रिम स्थापित कर रहा है एक पूर्ण रूप देता है, पर जोर देती है शैली के घर एक गहना व्यक्ति खिड़कियों बनाता है, खामियों स्थापना के दौरान किए गए थे छुपाने के लिए, और यह भी कमरे में नमी, धूल और गंदगी से बचाता है। वर्तमान में, एक लकड़ी के घर में खिड़की पर ट्रिम विभिन्न सामग्रियों से बने। वे स्टील, एल्यूमीनियम, पीवीसी, प्लास्टिक, MDF, polyurethane, प्लाईवुड और लकड़ी से बना जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह खिड़कियों पर लकड़ी ट्रिम था स्थायी क्लासिक्स के प्रतिनिधियों के हैं लायक है। इन उत्पादों को निर्दोष सौंदर्य उपस्थिति के हैं और सबसे पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से एक हैं। वे बहुत प्रभावी ढंग से खिड़कियों पर जोर देना। लकड़ी एक से अधिक एक दशक से पारंपरिक और बॉडी का निर्माण के लिए लगभग केवल प्राकृतिक सामग्री बनी हुई है। ट्रिम्स कई प्रकार के हो सकते हैंः - फ्लैट। यह उनकी उपस्थिति का सबसे आसान है। एक सरल विनिर्माण प्रौद्योगिकी है, जो ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता के माध्यम से, इस तरह के उत्पादों की लागत अपेक्षाकृत कम है। - ढाला सतह के साथ। इस तरह के उत्तल सतह जिस पर राहत किसी भी रूप में स्थित हो सकता है के बाहर उपलब्ध उत्पादों। लकड़ी की बॉडी का उत्पादन के लिए फ्लैट के उत्पादन के विपरीत महंगे हैं, इसलिए उनके और अधिक महंगी की लागत। वे विभिन्न अनुमानों, नौच, खांचे द्वारा अपनी पूरी लंबाई के साथ सजाया जा सकता है। उत्पाद उत्पादन तकनीक के आकार कटर और अन्य विशेष उपकरण की उपस्थिति की आवश्यकता है। - घुंघराले सबसे महंगी खिड़कियों पर ट्रिम। वे लगभग कर रहे हैं कला का एक काम करते हैं। ऊर्ध्वाधर कटर होने विशेष मशीनों पर एक रूपरेखा वाली सतह निष्पादित करें। एक कंप्यूटर प्रोग्राम द्वारा नियंत्रित मशीनें। सजाने नक्काशीदार architraves खिड़की की परंपरा एक सदी से भी अधिक के लिए अस्तित्व में है। और अब वहाँ काफी इस ट्रिम खिड़की खुलने के प्रशंसकों की एक संख्या है, और लकड़ी की नक्काशी की मास्टर है नहीं अभी तक विलुप्त हो चुकी हैं। आधुनिक विज्ञापन एक नक्काशी मशीन का उपयोग कर खोल के उत्पादन के लिए कई प्रस्तावों प्रदान करता है, लेकिन एक लकड़ी के घर में खिड़की है, जो हाथ से बने होते हैं और प्रेम और उनके आकाओं की गर्मी अवशोषित था पर सबसे अधिक मूल्यवान अभी तक अभी भी नक्काशीदार लकड़ी ट्रिम। आप खत्म के इस प्रकार है, साथ ही खुदी हुई architraves, घर में बनाया के साथ घर को सजाने के लिए इच्छा के लिए लकड़ी और प्रेम के साथ काम करने के लिए कुछ कौशल है, तो आप निश्चित रूप से सपने को साकार करने चाहिए। झालर धागा खोल एक handsaw, मैनुअल या द्वारा किया जाता बिजली पहेली या पैटर्न है, जो वास्तविक आकार में बनाई है पर एक तापदीप्त तार का उपयोग। काम की सुविधा के लिए, ढालना आगे टुकड़ों में विभाजित किया जा सकता। पैटर्न खिड़कियों पर ट्रिम्स नक्काशीदार या अपने ही हाथों से बना रहे हैं, या ऑर्डर करने के लिए बनाया है। वहाँ दो हैं : सूत्र के प्रकार खाई और लाभहीन। की एक सुस्पष्ट विशेषता slotted धागा , एक विनम्रता है यह कसकर के समान है। चालान धागा जारी किया ताकि कटौती तत्वों चिपके या एक बोर्ड को किसी न किसी और एक सतत अनुमापी आंकड़ा फार्म कर रहे हैं। इसके विपरीत करने के लिए, नक्काशीदार चौखट के शीर्ष भाग अक्सर पृष्ठभूमि करने के लिए एक अलग रंग में रंगे। हर कोई जानता है कि लकड़ी पर्याप्त टिकाऊ है। के प्रभाव के कारण वर्षा और तापमान इसे छोड़ के बाद एक निश्चित समय इसके मूल रूप में खोने के लिए शुरू होता है, और rassyhaetsya काला हो जाता है। एक लकड़ी के घर में खिड़की पर ट्रिम करने के लिए जब तक संभव हो के लिए पिछले सकता है, वे लकड़ी के बने होते हैं, बाहरी प्रभाव के लिए सबसे अधिक प्रतिरोधी रहे हैं। सड़ एक प्रकार का वृक्ष के लिए कम विषय है, लेकिन यह काफी कमजोर और अयोग्य slotted धागा प्रदर्शन करने के लिए है। नक्काशीदार architraves चूना के साथ-साथ नरम रॉक इस्तेमाल करने की सलाह के लिए, यह सिर्फ काम करते हैं। लेकिन क्योंकि यह नमी का एक बहुत अवशोषित कर लेता है, यह विशेष संसेचन की रक्षा के लिए आवश्यक है। सबसे अच्छा सामग्री ओक माना जाता है। लकड़ी के इस प्रकार, अपने जीवन अनन्त के उपचार में गंभीरता के बावजूद।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया है। मायावती ने कहा कि बसपा अकेले ही हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मायावती ने शुक्रवार को लखनऊ में बसपा की हरियाणा यूनिट के पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद देर रात ट्विटर पर यह एलान किया। मायावती ने कहा कि बसपा एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसके हिसाब से हरियाणा में विधानसभा चुनाव दुष्यंत चौटाला की पार्टी के साथ मिलकर लड़ने का समझौता किया गया था। लेकिन सीटों की संख्या व उसके आपसी बंटवारे के मामले में उनके अनुचित रवैये के कारण बसपा की हरियाणा यूनिट के सुझाव पर शुक्रवार को गठबंधन समाप्त कर दिया गया। मायावती ने कहा है कि हरियाणा में जल्दी ही होने वाले विधानसभा चुनाव पार्टी अकेले ही पूरी तैयारी के साथ सभी सीटों पर लड़ेगी। बताते चलें पिछले महीने नई दिल्ली में जेजेपी नेता चौटाला व बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने संयुक्त रूप से इस गठबंधन का एलान किया था। तब सीटें भी तय होने की बात कही गई थी और बताया गया था कि 50 सीटों पर बसपा और 40 सीटों पर जेजेपी चुनाव लड़ेगी। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया है। मायावती ने कहा कि बसपा अकेले ही हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मायावती ने शुक्रवार को लखनऊ में बसपा की हरियाणा यूनिट के पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद देर रात ट्विटर पर यह एलान किया। मायावती ने कहा कि बसपा एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसके हिसाब से हरियाणा में विधानसभा चुनाव दुष्यंत चौटाला की पार्टी के साथ मिलकर लड़ने का समझौता किया गया था। लेकिन सीटों की संख्या व उसके आपसी बंटवारे के मामले में उनके अनुचित रवैये के कारण बसपा की हरियाणा यूनिट के सुझाव पर शुक्रवार को गठबंधन समाप्त कर दिया गया। मायावती ने कहा है कि हरियाणा में जल्दी ही होने वाले विधानसभा चुनाव पार्टी अकेले ही पूरी तैयारी के साथ सभी सीटों पर लड़ेगी। बताते चलें पिछले महीने नई दिल्ली में जेजेपी नेता चौटाला व बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने संयुक्त रूप से इस गठबंधन का एलान किया था। तब सीटें भी तय होने की बात कही गई थी और बताया गया था कि पचास सीटों पर बसपा और चालीस सीटों पर जेजेपी चुनाव लड़ेगी। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
मौजमाबाद पंचायत समिति मुख्यालय पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली अखंड हिंदुत्व रैली ओर शोभायात्रा के आयोजन को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय प्रांगण में गुरुवार को बैठक आयोजित हुई। इस दौरान सभी पदाधिकारियों ने हनुमान जयंती पर्व के उपलक्ष्य पर 16 अप्रैल को अखंड हिंदू रैली आयोजन की तारीख और रैली के आयोजन के दौरान भव्य शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर गहन विचार विमर्श और मंथन किया गया। अखंड हिंदुत्व रैली आयोजन के दौरान पुष्प वर्षा और भगवा झंडे, रैली के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारियों को लेकर विचार विमर्श किया गया। अखंड हिंदुत्व रैली के आयोजन समिति के अर्जुन सिंह प्रजापति,जगपाल सिंह नाथावत सांवली,भगवान सहाय,राजेश सैनी,हरिराम सैनी,मुकेश वाल्मीकि,जितेंद्र टेलर,विष्णु सैन, मुकेश माली सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
मौजमाबाद पंचायत समिति मुख्यालय पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली अखंड हिंदुत्व रैली ओर शोभायात्रा के आयोजन को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय प्रांगण में गुरुवार को बैठक आयोजित हुई। इस दौरान सभी पदाधिकारियों ने हनुमान जयंती पर्व के उपलक्ष्य पर सोलह अप्रैल को अखंड हिंदू रैली आयोजन की तारीख और रैली के आयोजन के दौरान भव्य शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर गहन विचार विमर्श और मंथन किया गया। अखंड हिंदुत्व रैली आयोजन के दौरान पुष्प वर्षा और भगवा झंडे, रैली के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारियों को लेकर विचार विमर्श किया गया। अखंड हिंदुत्व रैली के आयोजन समिति के अर्जुन सिंह प्रजापति,जगपाल सिंह नाथावत सांवली,भगवान सहाय,राजेश सैनी,हरिराम सैनी,मुकेश वाल्मीकि,जितेंद्र टेलर,विष्णु सैन, मुकेश माली सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
मुजफ्फरपुर-हाजीपुर रेलखंड के तुर्की और कुढ़नी स्टेशन के बीच अप बाघ एक्सप्रेस में शनिवार को भूजा बेच रहे एक किशोर खोमचे वाले को दबंग यात्री ने चलती ट्रेन से फेंक दिया। खोमचे वाला अपने भूजा के दस रुपये उक्त यात्री से मांग रहा था। दबंग यात्री ने रुपये न देकर उसे कोच के दरवाजे पर बुलाया और नीचे फेंक दिया। बुरी तरह जख्मी किशोर को ग्रामीणों ने उठाकर कुढ़नी पीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे एसकेएमसीएच में रेफर कर दिया। परिजन शहर के भगवानपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा इलाज करा रहे हैं। रात 10 बजे तक आईसीयू में उसकी स्थिति गंभीर बनी रही। रेल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जख्मी किशोर धीरज कुमार तुर्की ओपी क्षेत्र के तुर्की चैनपुर गांव निवासी मुनटुन राम का पुत्र है। धीरज ने ग्रामीणों को बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ट्रेनों में भूजा बेचता हूं। शनिवार को दोपहर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अप बाघ एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हुआ। कोच में भूजा बेच रहा था। इस दौरान एक युवक ने दस रुपये का भूजा लिया। रुपये मांगने पर उसने कहा कि भूजा खाने के बाद रुपये दूंगा। धीरज अन्य यात्रियों से भूजा बेचने लगा। इस बीच धीरज ने युवक से फिर रुपये की मांग की। उसने धीरज को दरवाजे के पास रुपये लेने के लिए बुलाया। जैसे ही धीरज दरवाजे के समीप पहुंचा, उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया। वह पोल नंबर 23 के पास गिरा। उसके पास खोमचा भी गिरा पड़ा था। स्थानीय लोगों ने उसे गिरते देखा तो दौड़कर पहुंचे। ग्रामीणों ने आननफानन में जख्मी धीरज को कुढ़नी पीएचसी पहुंचाया। सूचना के बाद पिता मुनटुन राम भी पीएचसी पहुंचे। वहां से रेफर होने पर परिजन उसे भगवानपुर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। एसपी(रेल), संजय कुमार सिंह ने कहा, 'घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल की जांच, जख्मी किशोर व ग्रामीणों के बयान के बाद शिकायत दर्ज की जाएगी। किशोर के शरीर पर जख्म को लेकर कई तरह की बातें आ रही हैं। सभी बिन्दुओं पर जांच की जा रही है। '
मुजफ्फरपुर-हाजीपुर रेलखंड के तुर्की और कुढ़नी स्टेशन के बीच अप बाघ एक्सप्रेस में शनिवार को भूजा बेच रहे एक किशोर खोमचे वाले को दबंग यात्री ने चलती ट्रेन से फेंक दिया। खोमचे वाला अपने भूजा के दस रुपये उक्त यात्री से मांग रहा था। दबंग यात्री ने रुपये न देकर उसे कोच के दरवाजे पर बुलाया और नीचे फेंक दिया। बुरी तरह जख्मी किशोर को ग्रामीणों ने उठाकर कुढ़नी पीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे एसकेएमसीएच में रेफर कर दिया। परिजन शहर के भगवानपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा इलाज करा रहे हैं। रात दस बजे तक आईसीयू में उसकी स्थिति गंभीर बनी रही। रेल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जख्मी किशोर धीरज कुमार तुर्की ओपी क्षेत्र के तुर्की चैनपुर गांव निवासी मुनटुन राम का पुत्र है। धीरज ने ग्रामीणों को बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ट्रेनों में भूजा बेचता हूं। शनिवार को दोपहर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अप बाघ एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हुआ। कोच में भूजा बेच रहा था। इस दौरान एक युवक ने दस रुपये का भूजा लिया। रुपये मांगने पर उसने कहा कि भूजा खाने के बाद रुपये दूंगा। धीरज अन्य यात्रियों से भूजा बेचने लगा। इस बीच धीरज ने युवक से फिर रुपये की मांग की। उसने धीरज को दरवाजे के पास रुपये लेने के लिए बुलाया। जैसे ही धीरज दरवाजे के समीप पहुंचा, उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया। वह पोल नंबर तेईस के पास गिरा। उसके पास खोमचा भी गिरा पड़ा था। स्थानीय लोगों ने उसे गिरते देखा तो दौड़कर पहुंचे। ग्रामीणों ने आननफानन में जख्मी धीरज को कुढ़नी पीएचसी पहुंचाया। सूचना के बाद पिता मुनटुन राम भी पीएचसी पहुंचे। वहां से रेफर होने पर परिजन उसे भगवानपुर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। एसपी, संजय कुमार सिंह ने कहा, 'घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल की जांच, जख्मी किशोर व ग्रामीणों के बयान के बाद शिकायत दर्ज की जाएगी। किशोर के शरीर पर जख्म को लेकर कई तरह की बातें आ रही हैं। सभी बिन्दुओं पर जांच की जा रही है। '
शिनजियांगः उइगर मुसलमान बहुल प्रदेश शिनजियांग में मुस्लिमों पर चीनी सरकार का जुल्म बढ़ता ही जा रहा है। लोगों की 'शिक्षित' करने के नाम पर मुस्लिमों पर धार्मिक पाबंदिया लगाई जा रही है। जिसके तहत अब प्रशासन ने हलाल उत्पादों को पूरी तरह से बैन कर दिया। बीबीसी के अनुसार, सोमवार को हुई एक मीटिंग के बाद प्रांत के कम्यूनिस्ट नेतृत्व ने ये शपथ ली कि वो शिनजियांग में हलाल के ख़िलाफ़ जंग छेड़ेंगे। इस शपथ की जानकारी ऊरूमची प्रशासन ने अपने वीचैट अकाउंट पर दी है। आंकड़ों के अनुसार चीन में इस वक्त 1 करोड़ 20 लाख से अधिक मुसलमान (12 मिलियन) रह रहे हैं। सरकारी अधिकारियों के लिए जारी आदेश में कहा गया कि हलाल उत्पादों और हलाल प्रक्रिया पर सख्ती से रोक लगाया जाए। इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों के लिए जारी आदेश में कहा गया है कि उन्हें जन-समुदाय के बीच वैचारिक प्रतिबद्धता मजबूत करने की दिशा में काम करना होगा। बता दें कि इससे पहलेचीन में मुसलमानों के विचार परिवर्तन और उन्हें देशभक्त बनाने के लिए जबरन शैक्षिक कैंप भी भेजा जा रहा है। जिस पर दुनियाभर में चिंता ज़ाहिर की जा रही है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार मामलों की समिति के समक्ष कहा गया था कि चीन में क़रीब दस लाख वीगर मुसलमान पुनः शिक्षा कैंपों में हैं।
शिनजियांगः उइगर मुसलमान बहुल प्रदेश शिनजियांग में मुस्लिमों पर चीनी सरकार का जुल्म बढ़ता ही जा रहा है। लोगों की 'शिक्षित' करने के नाम पर मुस्लिमों पर धार्मिक पाबंदिया लगाई जा रही है। जिसके तहत अब प्रशासन ने हलाल उत्पादों को पूरी तरह से बैन कर दिया। बीबीसी के अनुसार, सोमवार को हुई एक मीटिंग के बाद प्रांत के कम्यूनिस्ट नेतृत्व ने ये शपथ ली कि वो शिनजियांग में हलाल के ख़िलाफ़ जंग छेड़ेंगे। इस शपथ की जानकारी ऊरूमची प्रशासन ने अपने वीचैट अकाउंट पर दी है। आंकड़ों के अनुसार चीन में इस वक्त एक करोड़ बीस लाख से अधिक मुसलमान रह रहे हैं। सरकारी अधिकारियों के लिए जारी आदेश में कहा गया कि हलाल उत्पादों और हलाल प्रक्रिया पर सख्ती से रोक लगाया जाए। इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों के लिए जारी आदेश में कहा गया है कि उन्हें जन-समुदाय के बीच वैचारिक प्रतिबद्धता मजबूत करने की दिशा में काम करना होगा। बता दें कि इससे पहलेचीन में मुसलमानों के विचार परिवर्तन और उन्हें देशभक्त बनाने के लिए जबरन शैक्षिक कैंप भी भेजा जा रहा है। जिस पर दुनियाभर में चिंता ज़ाहिर की जा रही है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार मामलों की समिति के समक्ष कहा गया था कि चीन में क़रीब दस लाख वीगर मुसलमान पुनः शिक्षा कैंपों में हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के मणिपुर दौरे पर हैं। बीती रात को वह इंफाल हवाई अड्डे पर पहुंचे थे, जहां उनका राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और अन्य लोगों ने स्वागत किया था। वहीँ अपने दौरे के दौरान आज गृह मंत्री ने मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले में शुक्रवार को मार्जिंग पोलो कॉम्प्लेक्स में घोड़े पर सवार एक पोलो खिलाड़ी की 120 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। मणिपुर को इस खेल का जन्म स्थान माना जाता है। मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने शाह को पोलो की एक स्टिक व खेल का एक चित्र भेंट किया। मणिपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री चूड़़ाचंदपुर जाएंगे, जहां वह जिले के पहले मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। वहां से वह बिश्नूपुर जिला के मोइरंग जाएंगे, जहां वह राष्ट्रीय ध्वज फहराकर जनसभा को संबोधित करने के अलावा 1,300 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। शाह जिन 40 पुलिस चौकियों की आधारशिला रखेंगे, उनमें से 34 चौकियां भारत-म्यांमा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर और छह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 37 पर हैं। शाह संगाईथेल स्थित मणिपुर ओलंपियन पार्क, सरकारी जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जेएनआईएमएस) में एक प्राइवेट वार्ड, मोरे शहर में जलापूर्ति योजना, कांग्ला किला के पूर्व में नोंगपोक थोंग पुल और कांखुई गुफा स्थित गुफा पर्यटन परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के मणिपुर दौरे पर हैं। बीती रात को वह इंफाल हवाई अड्डे पर पहुंचे थे, जहां उनका राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और अन्य लोगों ने स्वागत किया था। वहीँ अपने दौरे के दौरान आज गृह मंत्री ने मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले में शुक्रवार को मार्जिंग पोलो कॉम्प्लेक्स में घोड़े पर सवार एक पोलो खिलाड़ी की एक सौ बीस फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। मणिपुर को इस खेल का जन्म स्थान माना जाता है। मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने शाह को पोलो की एक स्टिक व खेल का एक चित्र भेंट किया। मणिपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री चूड़़ाचंदपुर जाएंगे, जहां वह जिले के पहले मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। वहां से वह बिश्नूपुर जिला के मोइरंग जाएंगे, जहां वह राष्ट्रीय ध्वज फहराकर जनसभा को संबोधित करने के अलावा एक,तीन सौ करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। शाह जिन चालीस पुलिस चौकियों की आधारशिला रखेंगे, उनमें से चौंतीस चौकियां भारत-म्यांमा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर और छह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या सैंतीस पर हैं। शाह संगाईथेल स्थित मणिपुर ओलंपियन पार्क, सरकारी जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एक प्राइवेट वार्ड, मोरे शहर में जलापूर्ति योजना, कांग्ला किला के पूर्व में नोंगपोक थोंग पुल और कांखुई गुफा स्थित गुफा पर्यटन परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 5-6 अप्रैल से नई दिल्ली जाएंगे, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने गुरुवार को कहा। प्रवक्ता ने बताया कि 5-6 अप्रैल को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव नई दिल्ली में काम का दौरा करेंगे, जिसके दौरान वह अपने समकक्ष (विदेश मंत्री एस जयशंकर) के साथ वार्ता करेंगे। सर्गेई लावरोव भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर द्विपक्षीय क्षेत्रीय मामलों पर विचार करेंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भविष्य में होने वाली शिखरवार्ता के पहले रूसी विदेश मंत्री का ये दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अपने पाकिस्तान यात्रा के दौरान रूसी विदेश मंत्री इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात करेंगे. रूस के विदेश मंत्रालय द्वारा किए गए आधिकारिक ट्वीट के मुताबिक दोनों विदेश मंत्री आर्थिक सहयोग, आतंकवाद विरोध सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. रूस, पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है.
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पाँच-छः अप्रैल से नई दिल्ली जाएंगे, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने गुरुवार को कहा। प्रवक्ता ने बताया कि पाँच-छः अप्रैल को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव नई दिल्ली में काम का दौरा करेंगे, जिसके दौरान वह अपने समकक्ष के साथ वार्ता करेंगे। सर्गेई लावरोव भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर द्विपक्षीय क्षेत्रीय मामलों पर विचार करेंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भविष्य में होने वाली शिखरवार्ता के पहले रूसी विदेश मंत्री का ये दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अपने पाकिस्तान यात्रा के दौरान रूसी विदेश मंत्री इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात करेंगे. रूस के विदेश मंत्रालय द्वारा किए गए आधिकारिक ट्वीट के मुताबिक दोनों विदेश मंत्री आर्थिक सहयोग, आतंकवाद विरोध सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. रूस, पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है.
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। सहजनवां के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर कहा है कि परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध नाम के अनुसार आपके विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की ड्यूटी 10 से 12 किमी की परिधि में लगाई गई। बावजूद इसके लिए अभी तक शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में कक्ष निरीक्षक बनने के बाद भी शिक्षक ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार को ऐसे ही तीन विद्यालयों को चिह्नित करते हुए डीआइओएस ने उन्हें अंतिम नोटिस जारी की है। साथ ही चेतावनी दी है कि इसके बाद भी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। डीआइओएस ने पं. विश्वम्भर नाथ कन्या इंटर कॉलेज ठर्रापार घघसरा, बीएन सिंह उमावि मधुबन चड़राव और शहीद रुद्र प्रताप सिंह इंटर कॉलेज चड़राव सहजनवां के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर कहा है कि परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध नाम के अनुसार आपके विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की ड्यूटी 10 से 12 किमी की परिधि में लगाई गई। बावजूद इसके लिए अभी तक शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही है। यदि 20 फरवरी को पुनः केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा यह अवगत कराया जाता है कि आपके विद्यालय के शिक्षक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित नहीं हुए तो तत्काल संबंधित थाने में आपके विरुद्ध एफआइआर कराई जाएगी। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। सहजनवां के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर कहा है कि परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध नाम के अनुसार आपके विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की ड्यूटी दस से बारह किमी की परिधि में लगाई गई। बावजूद इसके लिए अभी तक शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में कक्ष निरीक्षक बनने के बाद भी शिक्षक ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार को ऐसे ही तीन विद्यालयों को चिह्नित करते हुए डीआइओएस ने उन्हें अंतिम नोटिस जारी की है। साथ ही चेतावनी दी है कि इसके बाद भी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। डीआइओएस ने पं. विश्वम्भर नाथ कन्या इंटर कॉलेज ठर्रापार घघसरा, बीएन सिंह उमावि मधुबन चड़राव और शहीद रुद्र प्रताप सिंह इंटर कॉलेज चड़राव सहजनवां के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर कहा है कि परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध नाम के अनुसार आपके विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की ड्यूटी दस से बारह किमी की परिधि में लगाई गई। बावजूद इसके लिए अभी तक शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही है। यदि बीस फरवरी को पुनः केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा यह अवगत कराया जाता है कि आपके विद्यालय के शिक्षक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित नहीं हुए तो तत्काल संबंधित थाने में आपके विरुद्ध एफआइआर कराई जाएगी। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
उत्तर प्रदेश को देश का सबसे प्रदूषित राज्य घोषित किया गया है। देश के सबसे प्रदूषित 30 शहरों में से 15 शहर उत्तर प्रदेश के है। एरपोकैलिप्स-। नामक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया। यह रिपोर्ट सीएसपीसी द्वारा जारी आकड़ो पर आधारित थी, और सूचना के अधिकार से यह जानकारी ली गई थी। इस रिपोर्ट में देश के सबसे प्रदूषित शहरों को नामांकित किया गया है। इस गणना का आधार, हवा में हानिकारक सूक्ष्म कणों की जांच है। यह गणना 2016 और कुछ मामलों में 2015 के दौरान की गई। पीएम मोदी के चुनाव क्षेत्र को छठा स्थान प्राप्त है जो कि गाजियाबाद से एक स्थान ऊपर है। नई दिल्ली को लिस्ट में पहला स्थान मिला है, जबकि लखनऊ को 18वां स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश के दूसरे शहर जो इस लिस्ट में शामिल है वह है हापुड, बरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, आगरा, नोएडा, इलाहाबाद और मथुरा। इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि, उत्तर प्रदेश के 280 शहरों में से एक भी शहर, डब्ल्यूएचओ के हवा में सूक्ष्म कणों की संख्या के अनुमति स्तर के आस-पास भी नही है। सीनियर ग्रीनपीस कार्यकर्ता सुनिल दहिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्रदूषण का स्तर बहुत ही अधिक है और करीब 68 करोड़ लोग इस ज़हरीली हवा में सांस ले रहे हैं। पर्यावरणविदों के अनुसार, भले ही ग्रीनपीस ने देश में प्रदूषण के स्तर को लाल झंडी दिखा दी हो, पर सरकारों के लिए पर्यावरण संरक्षण कभी भी प्राथमिकता नही बन सकता।
उत्तर प्रदेश को देश का सबसे प्रदूषित राज्य घोषित किया गया है। देश के सबसे प्रदूषित तीस शहरों में से पंद्रह शहर उत्तर प्रदेश के है। एरपोकैलिप्स-। नामक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया। यह रिपोर्ट सीएसपीसी द्वारा जारी आकड़ो पर आधारित थी, और सूचना के अधिकार से यह जानकारी ली गई थी। इस रिपोर्ट में देश के सबसे प्रदूषित शहरों को नामांकित किया गया है। इस गणना का आधार, हवा में हानिकारक सूक्ष्म कणों की जांच है। यह गणना दो हज़ार सोलह और कुछ मामलों में दो हज़ार पंद्रह के दौरान की गई। पीएम मोदी के चुनाव क्षेत्र को छठा स्थान प्राप्त है जो कि गाजियाबाद से एक स्थान ऊपर है। नई दिल्ली को लिस्ट में पहला स्थान मिला है, जबकि लखनऊ को अट्ठारहवां स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश के दूसरे शहर जो इस लिस्ट में शामिल है वह है हापुड, बरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, आगरा, नोएडा, इलाहाबाद और मथुरा। इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि, उत्तर प्रदेश के दो सौ अस्सी शहरों में से एक भी शहर, डब्ल्यूएचओ के हवा में सूक्ष्म कणों की संख्या के अनुमति स्तर के आस-पास भी नही है। सीनियर ग्रीनपीस कार्यकर्ता सुनिल दहिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्रदूषण का स्तर बहुत ही अधिक है और करीब अड़सठ करोड़ लोग इस ज़हरीली हवा में सांस ले रहे हैं। पर्यावरणविदों के अनुसार, भले ही ग्रीनपीस ने देश में प्रदूषण के स्तर को लाल झंडी दिखा दी हो, पर सरकारों के लिए पर्यावरण संरक्षण कभी भी प्राथमिकता नही बन सकता।
'और कहाँ से देते ! वे सब तो आप भीग रहे थे -- छुप्परों में जगह कहां थी ? हां तो वह हंसुई लेकर चल दो । पता नही, किधर गई । हमने थोडी देर बाद सुना कि उसकी चौधरी के बेटे से रार हो गई है। वह पूछ रहा है कि मेरे खेत से मकई काट रही है ? तो यह जवाब देती है कि मैं नरसल काटने आई हूँ । वह गाली देता है कि साली झूठ बोलती है तो कहता है कि जवान सँभाल कर बात करो । वह और गाली देता है, तो वह माँ बहिन की याद दिला देती है।' 'पर मकई तो वैसे ही गल गई, काम तो, थाती नह - ?' 'बाबू जी, अपनी चीज़ सड़े तो गले तो, ' पर - ' कहकर सत्य चुप हो गया । बुड्ढा फिर कहने लगाहां तो, थोडी देर मे दोनो चुप हो गए-हम सोचते रहे कि क्या हुआ है । तब बह लौट भाई-- थोडे से नरसल काट लाई थी - उसमे दोचार पौधे शायद मकई के भी थे ।' 'हमने बहू की सास से कहा कि उसे समझा दे, गांव के चौधरी से रार करना अच्छा नहीं होता । बहू कुछ नहीं बोली । घू घट काढ़कर छपने बैठ गई। हमने समझा बात ख़तम हो गई है।' 'तब भोर होने वाला था। बरसात बन्द हो चुकी थी । धूप निकल आई, तब हम बाहर निकल कर बदन सुखाने लगे। पर वे सास-बहू बैठी रहीं-बहू अभी तक अपना काम किए जा रही थी। तभी हमने 'सुना, सास बडे जोर से चीख पढी ! वह बच्चा एक बार छुटपटा कर मर गया था. 'हम धीरे-धीरे उसके पास गए कि समझाएँ दिलासा दे । चहू ने काम करना बन्द कर दिया; सन्न-सी वही बैठ रही । हस भी कुछ कह नहीं पाये थे, अभी चुप ही थे कि चौधरी का बेटा एक लाठी लिए आया और उसे देखकर बोला - 'क्यो री ! तू ही चुराकर लाई थी
'और कहाँ से देते ! वे सब तो आप भीग रहे थे -- छुप्परों में जगह कहां थी ? हां तो वह हंसुई लेकर चल दो । पता नही, किधर गई । हमने थोडी देर बाद सुना कि उसकी चौधरी के बेटे से रार हो गई है। वह पूछ रहा है कि मेरे खेत से मकई काट रही है ? तो यह जवाब देती है कि मैं नरसल काटने आई हूँ । वह गाली देता है कि साली झूठ बोलती है तो कहता है कि जवान सँभाल कर बात करो । वह और गाली देता है, तो वह माँ बहिन की याद दिला देती है।' 'पर मकई तो वैसे ही गल गई, काम तो, थाती नह - ?' 'बाबू जी, अपनी चीज़ सड़े तो गले तो, ' पर - ' कहकर सत्य चुप हो गया । बुड्ढा फिर कहने लगाहां तो, थोडी देर मे दोनो चुप हो गए-हम सोचते रहे कि क्या हुआ है । तब बह लौट भाई-- थोडे से नरसल काट लाई थी - उसमे दोचार पौधे शायद मकई के भी थे ।' 'हमने बहू की सास से कहा कि उसे समझा दे, गांव के चौधरी से रार करना अच्छा नहीं होता । बहू कुछ नहीं बोली । घू घट काढ़कर छपने बैठ गई। हमने समझा बात ख़तम हो गई है।' 'तब भोर होने वाला था। बरसात बन्द हो चुकी थी । धूप निकल आई, तब हम बाहर निकल कर बदन सुखाने लगे। पर वे सास-बहू बैठी रहीं-बहू अभी तक अपना काम किए जा रही थी। तभी हमने 'सुना, सास बडे जोर से चीख पढी ! वह बच्चा एक बार छुटपटा कर मर गया था. 'हम धीरे-धीरे उसके पास गए कि समझाएँ दिलासा दे । चहू ने काम करना बन्द कर दिया; सन्न-सी वही बैठ रही । हस भी कुछ कह नहीं पाये थे, अभी चुप ही थे कि चौधरी का बेटा एक लाठी लिए आया और उसे देखकर बोला - 'क्यो री ! तू ही चुराकर लाई थी
Weather Update Today तूफान बिपरजॉय का असर राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आज फिर बारिश होने से तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। दिल्ली के तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज होगी। - चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का असर दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है। - राजधानी में अगले दो दिन बारिश की संभावना, चार डिग्री तक गिरेगा तापमान। - राजस्थान में 19 जून तक भारी बारिश होगी। नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Weather Update Today उत्तर भारत के तमाम राज्यों में बीते दिन बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया है। तूफान बिपरजॉय का असर दिल्ली में भी देखने को मिला है। राजधानी में आज भी बादल छाए हैं और मौसम विभाग ने कई इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। Delhi Weather Update Today मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अगले दो दिनों तक बारिश का अनुमान है। 19 जून तक राजधानी में गरज के साथ बादल बरसेंगे, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट आएगी। आईएमडी की माने तो अगले दिनों में दिल्ली का पारा 4 डिग्री तक गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। उत्तर पश्चिम भारत में अगले हफ्ते बारिश का अनुमान जताया गया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश (UP Weather) में भी अगले हफ्ते के अंत में तेज बारिश की संभावना है। तूफान बिपरजॉय के राजस्थान पहुंचने के चलते वहां के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आज और कल दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में तेज बारिश होगी। वहीं, 18 और 19 जून को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए राहत की खबर दी है। बिपरजॉय के राजस्थान में आने के बाद इसका असर यूपी और मध्य प्रदेश में दिखेगा। 20 जून को दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश का अनुमान जताया गया है। आईएमडी के अनुसार, अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
Weather Update Today तूफान बिपरजॉय का असर राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आज फिर बारिश होने से तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। दिल्ली के तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज होगी। - चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का असर दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है। - राजधानी में अगले दो दिन बारिश की संभावना, चार डिग्री तक गिरेगा तापमान। - राजस्थान में उन्नीस जून तक भारी बारिश होगी। नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Weather Update Today उत्तर भारत के तमाम राज्यों में बीते दिन बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया है। तूफान बिपरजॉय का असर दिल्ली में भी देखने को मिला है। राजधानी में आज भी बादल छाए हैं और मौसम विभाग ने कई इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। Delhi Weather Update Today मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अगले दो दिनों तक बारिश का अनुमान है। उन्नीस जून तक राजधानी में गरज के साथ बादल बरसेंगे, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट आएगी। आईएमडी की माने तो अगले दिनों में दिल्ली का पारा चार डिग्री तक गिरकर चौंतीस डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। उत्तर पश्चिम भारत में अगले हफ्ते बारिश का अनुमान जताया गया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी अगले हफ्ते के अंत में तेज बारिश की संभावना है। तूफान बिपरजॉय के राजस्थान पहुंचने के चलते वहां के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आज और कल दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में तेज बारिश होगी। वहीं, अट्ठारह और उन्नीस जून को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए राहत की खबर दी है। बिपरजॉय के राजस्थान में आने के बाद इसका असर यूपी और मध्य प्रदेश में दिखेगा। बीस जून को दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश का अनुमान जताया गया है। आईएमडी के अनुसार, अगले पाँच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
मातङ्गी च महाविद्या त्रैलोक्य-वशकारिणी । कमला त्रिविधा प्रोक्ता एकाक्षरधिया स्थिता । केवला तु महासम्पद- दायिनी महासम्पद- दायिनी सुखमोक्षदा ॥22॥ इति मुण्डमालातन्त्रे प्रथमः पटलः ॥ 1 ॥ महाविद्या मातङ्गी त्रैलोक्य को वशीभूत करतीं हैं। कमला तीन प्रकार की कही गयीं हैं । किन्तु (वह) एकाक्षर बुद्धि के द्वारा अवस्थिता हैं अर्थात् लोक उन्हें एकाक्षरी मानता है । केवला महाविद्या कमला महासम्पद्-दायिनी हैं एवं वहा सुख तथा मोक्ष-प्रदा हैं ।। 22 ।। मुण्डमालातन्त्र के प्रथम पटल का अनुवाद समाप्त ॥ 1 ॥
मातङ्गी च महाविद्या त्रैलोक्य-वशकारिणी । कमला त्रिविधा प्रोक्ता एकाक्षरधिया स्थिता । केवला तु महासम्पद- दायिनी महासम्पद- दायिनी सुखमोक्षदा ॥बाईस॥ इति मुण्डमालातन्त्रे प्रथमः पटलः ॥ एक ॥ महाविद्या मातङ्गी त्रैलोक्य को वशीभूत करतीं हैं। कमला तीन प्रकार की कही गयीं हैं । किन्तु एकाक्षर बुद्धि के द्वारा अवस्थिता हैं अर्थात् लोक उन्हें एकाक्षरी मानता है । केवला महाविद्या कमला महासम्पद्-दायिनी हैं एवं वहा सुख तथा मोक्ष-प्रदा हैं ।। बाईस ।। मुण्डमालातन्त्र के प्रथम पटल का अनुवाद समाप्त ॥ एक ॥
भोपाल। राजधानी पुलिस और बदमाशों की गलबहियां देखिए, अपने ही विभाग के हेडकांस्टेबल पर हमला हुआ। वो घायल हुआ और आरोपियों को पकड़ा भी गया लेकिन जहांगीराबाद थाना पुलिस ने एफआईआर तक नहीं लिखी, उल्टे आरोपियों को छोड़ दिया। मीडिया के पहुंचने पर हंगामा हुआ तो पीएचक्यू ने टीआई को लाइन अटैच कर दिया। भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एडीजी महान भारत सागर के कार्यालय में पदस्थ हेड कांस्टेबल खुर्शीद जफर पर मामूली बात को लेकर कार सवार पांच बदमाशों ने जमकर मारपीट की। मौके पर पहुंचे थाने के एक एएसआई ने आरोपियों को पकड़ा भी। घायल खुर्शीद थाने पहुंचा और उसकी सूचना पर दूसरे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो कार सवार आरोपियों को छोड़ दिया गया। एक हेडकांस्टेबल की ही रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई। हालांकि, मीडिया के पहुंचने पर जहांगीराबाद पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था। बाद में पीएचक्यू ने डीआईजी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पीएचक्यू के निर्देश के बाद डीआईजी ने प्राथमिक जांच के बाद टीआई घनश्याम दुबे को लाइन अटैच कर दिया।
भोपाल। राजधानी पुलिस और बदमाशों की गलबहियां देखिए, अपने ही विभाग के हेडकांस्टेबल पर हमला हुआ। वो घायल हुआ और आरोपियों को पकड़ा भी गया लेकिन जहांगीराबाद थाना पुलिस ने एफआईआर तक नहीं लिखी, उल्टे आरोपियों को छोड़ दिया। मीडिया के पहुंचने पर हंगामा हुआ तो पीएचक्यू ने टीआई को लाइन अटैच कर दिया। भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एडीजी महान भारत सागर के कार्यालय में पदस्थ हेड कांस्टेबल खुर्शीद जफर पर मामूली बात को लेकर कार सवार पांच बदमाशों ने जमकर मारपीट की। मौके पर पहुंचे थाने के एक एएसआई ने आरोपियों को पकड़ा भी। घायल खुर्शीद थाने पहुंचा और उसकी सूचना पर दूसरे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो कार सवार आरोपियों को छोड़ दिया गया। एक हेडकांस्टेबल की ही रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई। हालांकि, मीडिया के पहुंचने पर जहांगीराबाद पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था। बाद में पीएचक्यू ने डीआईजी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पीएचक्यू के निर्देश के बाद डीआईजी ने प्राथमिक जांच के बाद टीआई घनश्याम दुबे को लाइन अटैच कर दिया।
बिग बॉस का सीजन 14 हमेशा के सीजन की तरह चर्चाओं में रहा है। हालांकि ये सीजन अगले हफ्ते में खत्म हो जाएगा। शो से हाल ही में अभिनेता अली गोनी और कविता कौशिक बाहर हुए हैं। ऐसे में बाकी सदस्यों के बीच अब तक फिनाले तक पहुंचने के लिए जंग देखी जा रही है। शो में शुरुआती दिनों से ही अभिनव शुक्ला को कमजोर खिलाड़ी माना जा रहा था। जिसके बाद अब अभिनव शो के दूसरे फाइनलिस्ट बन गए हैं। दरअसल शो के शुरुआती दिनों में अभिनेव खेल में कम ही नजर आ रहे थे। उन्हें शुरुआत से रुबीना दिलैक के पति के रूप में ही पहचान मिली थी। शुरुआती दौर में कई बार सलमान ने भी अभिनव को कहा था कि उन्हें एक्टिव रहने की जरूरत है। यहां तक कि सलमान ने शुरुआती एक एपिसोड में अभिनव को रुबीना का माल तक कह दिया था। जिसे लेकर रुबीना भी काफी नाराज हो गई थीं। लेकिन अब दो महीने बाद इन सब चीजों में काफी बदलाव आ गया है। अभिनव ने दो महीने में शो के अंदर रहते हुए दर्शखों का दिल जीत लिया है और वो शो के दूसरे फाइनलिस्ट बन गए हैं। अभी शो के अंदर जितनें बी कंटेस्टेंट्स हैं उनमें से फिनाले वीक में 4 कंटेस्टेंट्स जाने वाले हैं। जिसमें सबसे पहले एजाज खान ने एंट्री ले ली है। एजाज के बाद दूसरे नंबर पर अभिनव ने इस लिस्ट में एंट्री की है। अभिनव के फाइनलिस्ट बनने से उनके फैंस काफी काफी खुश नजर आ रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी उन्हें बधाई दे रहे हैं। अभिनव शुक्ला शुरुआत से ही भले ही गेम में ज्यादा ना दिखे हों। लेकिन उन्होंने हमेशा हर मुद्दे में अपनी मौजूदगी दिखाई है। अभिनव अक्सर अपने दोस्तों और पत्नी रुबीना के लिए स्टैंड लेते हुए भी नजर आते हैं। साथ ही वो रुबीना की जिस तरह केयर करते हैं इन सब चीजों ने फैंस के दिल में उनकी एक अलग ही जगह बना दी है। हालांकि बीते एपिसोड में रुबीना ने एक ऐसा खुलासा किया था जिससे उनके फैंस भी दुखी हो गए थे।
बिग बॉस का सीजन चौदह हमेशा के सीजन की तरह चर्चाओं में रहा है। हालांकि ये सीजन अगले हफ्ते में खत्म हो जाएगा। शो से हाल ही में अभिनेता अली गोनी और कविता कौशिक बाहर हुए हैं। ऐसे में बाकी सदस्यों के बीच अब तक फिनाले तक पहुंचने के लिए जंग देखी जा रही है। शो में शुरुआती दिनों से ही अभिनव शुक्ला को कमजोर खिलाड़ी माना जा रहा था। जिसके बाद अब अभिनव शो के दूसरे फाइनलिस्ट बन गए हैं। दरअसल शो के शुरुआती दिनों में अभिनेव खेल में कम ही नजर आ रहे थे। उन्हें शुरुआत से रुबीना दिलैक के पति के रूप में ही पहचान मिली थी। शुरुआती दौर में कई बार सलमान ने भी अभिनव को कहा था कि उन्हें एक्टिव रहने की जरूरत है। यहां तक कि सलमान ने शुरुआती एक एपिसोड में अभिनव को रुबीना का माल तक कह दिया था। जिसे लेकर रुबीना भी काफी नाराज हो गई थीं। लेकिन अब दो महीने बाद इन सब चीजों में काफी बदलाव आ गया है। अभिनव ने दो महीने में शो के अंदर रहते हुए दर्शखों का दिल जीत लिया है और वो शो के दूसरे फाइनलिस्ट बन गए हैं। अभी शो के अंदर जितनें बी कंटेस्टेंट्स हैं उनमें से फिनाले वीक में चार कंटेस्टेंट्स जाने वाले हैं। जिसमें सबसे पहले एजाज खान ने एंट्री ले ली है। एजाज के बाद दूसरे नंबर पर अभिनव ने इस लिस्ट में एंट्री की है। अभिनव के फाइनलिस्ट बनने से उनके फैंस काफी काफी खुश नजर आ रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी उन्हें बधाई दे रहे हैं। अभिनव शुक्ला शुरुआत से ही भले ही गेम में ज्यादा ना दिखे हों। लेकिन उन्होंने हमेशा हर मुद्दे में अपनी मौजूदगी दिखाई है। अभिनव अक्सर अपने दोस्तों और पत्नी रुबीना के लिए स्टैंड लेते हुए भी नजर आते हैं। साथ ही वो रुबीना की जिस तरह केयर करते हैं इन सब चीजों ने फैंस के दिल में उनकी एक अलग ही जगह बना दी है। हालांकि बीते एपिसोड में रुबीना ने एक ऐसा खुलासा किया था जिससे उनके फैंस भी दुखी हो गए थे।
LUCKNOW: दिल्ली एसर्स के खिलाफ एक तरफा जीत दर्ज करने वाली अवध वॉरियर्स के खिलाड़ी मुंबई रॉकेट्स को उड़ान भरने से नहीं रोक सके। शुक्रवार को यूपी बैडमिंटन अकादमी में बाबू बनारसीदास हॉल में मुम्बई रॉकेट्स ने अवध वॉरियर्स पर 4-3 से जीत दर्ज की। प्रीमियर बैडमिंटन लीग में मेजबान अवध वॉरियर्स को अपने घर में आज भी पूरा समर्थन मिला, लेकिन टीम वह प्रदर्शन नहीं दोहरा सकी जो उसने गुरुवार को यहां पर दिल्ली एसर्स के खिलाफ किया था। मेजबान टीम के खिलाडि़यों पर एक के बाद एक लगातार पड़ रहे मुकाबलों के दबाव के साथ ही उनके थकान भी दिखी। आज खेले गए मुकाबले में अवध वॉरियर्स की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल के अलावा टीम अपना ट्रंप मैच ही जीत सकी। ओलम्पिक ब्रांज मेडलिस्ट साइना नेहवाल (अवध वॉरियर्स) को साउथ कोरिया की सुंग ह्यून को हराने के लिए खासी फाइट करनी पड़ी। हालांकि इस मुकाबले में साइना ने 12-10, 4-11, 11-5 से जीत दर्ज की। वर्ल्ड की नम्बर तीन की शटलर सुंग ने साइना को पहले ही सेट में खूब परेशान किया। पहले सेट में संग के 2-0 की बढ़त लेने के बाद साइना ने खाता खोला। जब साइना 5-4 से पीछे थी, इसके बाद मिले प्वाइंट को हासिल करने के लिए उन्हें संग के साथ लंबी रैली खेलनी पड़ी। इसके बाद हॉल में मौजूद साइना के प्रशंसकों की सांसे उस समय थम सी गई जब स्कोर 10-10 से बराबर हो गया। इसके बाद साइना ने संग को कोई मौका नहीं दिया। इसके बाद पहला प्वाइंट उन्होंने आसानी से बनाया तो जीत का प्वाइंट संग ने तोहफे में दिया। संग की शॉट जो बाहर थी, उसे साइना ने छोड़ दिया। दूसरे सेट में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। इस सेट में दूसरे प्वाइंट पर ही संग ने प्लेयर चैलेंज मांगा लेकिन वह आउट हो गई। वही अगले अंक के लिए होने वाले मुकाबले में साइना कोर्ट में स्लिप हो कर गिर पड़ी। उनके गिरते ही उनके फैंस चिंतित हो उठे। साइना ने भी उठने भी जल्दबाजी नहीं दिखाई। उन्होंने घुटने की चोट को ध्यान में रखा और आराम से उठी। हालांकि इस दौरान वह 3-1 से पिछड़ गई। इस मैच में वापसी के लिए उन्होंने कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सकी और यह सेट वह 11-4 से गवां बैठी। लेकिन अगले गेम में 2-0 से पिछड़ने के ब्रेक के पहले 6-3 की लीड ले ली। इस दौरान कोर्ट पर साइना की रीच, शटल पर टिकी उनकी पैनी निगाहें और शटल संग की शॉट को रिटर्न ना करने के फैसले सभी कुछ बेहतर दिखा। यहां तक कि इस गेम का अंतिम प्वाइंट भी संग की शॉट को उन्होंने रिटर्न ना करने का निर्णय लिया जो कि लाइन के बेहद करीब थी लेकिन शटल कोर्ट के बाहर गिरी। इसके पहले खेले मेन सिंगल्स में के श्रीकांत को आज हार का सामना करना पड़ा। 19वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अजय जयराम ने अपने ही देश के वर्ल्ड में 15वीं वरीयता प्राप्त श्रीकांत को हराकर सभी को चौंका दिया। अजय जयराम ने 5-11, 15-14, 11-5 से जीत दर्ज की। पहले गेम में श्रीकांत फार्म में दिखे लेकिन अगले गेम में अजय राम ने उन्हें एक-एक प्वाइंट हासिल करने के लिए खासा परेशान किया और अंत में जीत दर्ज की। वहीं अंतिम गेम में श्रीकांत उस फार्म में नहीं दिखे जो उन्होंने दिल्ली एसर्स के खिलाफ गुरुवार को दिखाई थी। ऐसे में वह यह गेम भी गवां बैठे। मुंबई वॉरियर्स ने आज चौथे मुकाबले पर ट्रंप खेला और एचएस प्रणय पर दांव लगाया। प्रणय ने इस अहम मुकाबले में दमदार खेल दिखाते हुए अवध वॉरियर्स के विंग कि विसेंट वांग को हरा दिया। दोनों शटलर्स में जीत के लिए काटे की टक्कर हुई। पहले गेम में जब प्रणय ने 14-12 से जीत दर्ज की तो लगा कि दूसरे गेम ही रिजल्ट आ जाएगा। लेकिन दूसरे गेम में विसेंट ने प्रणय से जीत छीन ली और गेम तीसरे सेट के लिए चला गया। तीसरे गेम में प्रणय ने 11-8 से जीत दर्ज की। अवध वारियर्स ने आज अपना ट्रंप मिक्स्ड डबल पर खेला। इसके लिए उन्होंने सावित्री और बोदिन इसारा के कंधों पर दारोमदार सौंपा। इस मुकाबले में अवध वॉरियर्स ने दो गेम में ही फैसला कर जीत दर्ज की। मेन सिंगल्स में मुंबई रॉकेट्स के अजय जयराम ने अवध वॉरियर्स के के। श्रीकांत को 5-11, 15-14, 11-5 से हरा दिया। वीमेन सिंगल्स में अवध वॉरियर्स की साइना नेहवाल ने मुंबई रॉकेट्स की संग जीह्यून को 12-10, 4-11, 11-5 से हरा दिया। मेन सिंगल्स में मुंबई रॉकेट्स के एचएस प्रणय ने अवध वॉरियर्स के विंग कि विसेंट वांग को 14-12, 9-11, 11-8 से हरा दिया. मिक्स्ड डबल्स अवध वॉरियर्स की सावित्री और बोदिन इसारा की जोड़ी ने मुंबई रॉकेट्स की पुआनगुवापेज और जिएबा जोड़ी को 11-8, 11-4 से हराया।
LUCKNOW: दिल्ली एसर्स के खिलाफ एक तरफा जीत दर्ज करने वाली अवध वॉरियर्स के खिलाड़ी मुंबई रॉकेट्स को उड़ान भरने से नहीं रोक सके। शुक्रवार को यूपी बैडमिंटन अकादमी में बाबू बनारसीदास हॉल में मुम्बई रॉकेट्स ने अवध वॉरियर्स पर चार-तीन से जीत दर्ज की। प्रीमियर बैडमिंटन लीग में मेजबान अवध वॉरियर्स को अपने घर में आज भी पूरा समर्थन मिला, लेकिन टीम वह प्रदर्शन नहीं दोहरा सकी जो उसने गुरुवार को यहां पर दिल्ली एसर्स के खिलाफ किया था। मेजबान टीम के खिलाडि़यों पर एक के बाद एक लगातार पड़ रहे मुकाबलों के दबाव के साथ ही उनके थकान भी दिखी। आज खेले गए मुकाबले में अवध वॉरियर्स की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल के अलावा टीम अपना ट्रंप मैच ही जीत सकी। ओलम्पिक ब्रांज मेडलिस्ट साइना नेहवाल को साउथ कोरिया की सुंग ह्यून को हराने के लिए खासी फाइट करनी पड़ी। हालांकि इस मुकाबले में साइना ने बारह-दस, चार-ग्यारह, ग्यारह-पाँच से जीत दर्ज की। वर्ल्ड की नम्बर तीन की शटलर सुंग ने साइना को पहले ही सेट में खूब परेशान किया। पहले सेट में संग के दो-शून्य की बढ़त लेने के बाद साइना ने खाता खोला। जब साइना पाँच-चार से पीछे थी, इसके बाद मिले प्वाइंट को हासिल करने के लिए उन्हें संग के साथ लंबी रैली खेलनी पड़ी। इसके बाद हॉल में मौजूद साइना के प्रशंसकों की सांसे उस समय थम सी गई जब स्कोर दस-दस से बराबर हो गया। इसके बाद साइना ने संग को कोई मौका नहीं दिया। इसके बाद पहला प्वाइंट उन्होंने आसानी से बनाया तो जीत का प्वाइंट संग ने तोहफे में दिया। संग की शॉट जो बाहर थी, उसे साइना ने छोड़ दिया। दूसरे सेट में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। इस सेट में दूसरे प्वाइंट पर ही संग ने प्लेयर चैलेंज मांगा लेकिन वह आउट हो गई। वही अगले अंक के लिए होने वाले मुकाबले में साइना कोर्ट में स्लिप हो कर गिर पड़ी। उनके गिरते ही उनके फैंस चिंतित हो उठे। साइना ने भी उठने भी जल्दबाजी नहीं दिखाई। उन्होंने घुटने की चोट को ध्यान में रखा और आराम से उठी। हालांकि इस दौरान वह तीन-एक से पिछड़ गई। इस मैच में वापसी के लिए उन्होंने कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सकी और यह सेट वह ग्यारह-चार से गवां बैठी। लेकिन अगले गेम में दो-शून्य से पिछड़ने के ब्रेक के पहले छः-तीन की लीड ले ली। इस दौरान कोर्ट पर साइना की रीच, शटल पर टिकी उनकी पैनी निगाहें और शटल संग की शॉट को रिटर्न ना करने के फैसले सभी कुछ बेहतर दिखा। यहां तक कि इस गेम का अंतिम प्वाइंट भी संग की शॉट को उन्होंने रिटर्न ना करने का निर्णय लिया जो कि लाइन के बेहद करीब थी लेकिन शटल कोर्ट के बाहर गिरी। इसके पहले खेले मेन सिंगल्स में के श्रीकांत को आज हार का सामना करना पड़ा। उन्नीसवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अजय जयराम ने अपने ही देश के वर्ल्ड में पंद्रहवीं वरीयता प्राप्त श्रीकांत को हराकर सभी को चौंका दिया। अजय जयराम ने पाँच-ग्यारह, पंद्रह-चौदह, ग्यारह-पाँच से जीत दर्ज की। पहले गेम में श्रीकांत फार्म में दिखे लेकिन अगले गेम में अजय राम ने उन्हें एक-एक प्वाइंट हासिल करने के लिए खासा परेशान किया और अंत में जीत दर्ज की। वहीं अंतिम गेम में श्रीकांत उस फार्म में नहीं दिखे जो उन्होंने दिल्ली एसर्स के खिलाफ गुरुवार को दिखाई थी। ऐसे में वह यह गेम भी गवां बैठे। मुंबई वॉरियर्स ने आज चौथे मुकाबले पर ट्रंप खेला और एचएस प्रणय पर दांव लगाया। प्रणय ने इस अहम मुकाबले में दमदार खेल दिखाते हुए अवध वॉरियर्स के विंग कि विसेंट वांग को हरा दिया। दोनों शटलर्स में जीत के लिए काटे की टक्कर हुई। पहले गेम में जब प्रणय ने चौदह-बारह से जीत दर्ज की तो लगा कि दूसरे गेम ही रिजल्ट आ जाएगा। लेकिन दूसरे गेम में विसेंट ने प्रणय से जीत छीन ली और गेम तीसरे सेट के लिए चला गया। तीसरे गेम में प्रणय ने ग्यारह-आठ से जीत दर्ज की। अवध वारियर्स ने आज अपना ट्रंप मिक्स्ड डबल पर खेला। इसके लिए उन्होंने सावित्री और बोदिन इसारा के कंधों पर दारोमदार सौंपा। इस मुकाबले में अवध वॉरियर्स ने दो गेम में ही फैसला कर जीत दर्ज की। मेन सिंगल्स में मुंबई रॉकेट्स के अजय जयराम ने अवध वॉरियर्स के के। श्रीकांत को पाँच-ग्यारह, पंद्रह-चौदह, ग्यारह-पाँच से हरा दिया। वीमेन सिंगल्स में अवध वॉरियर्स की साइना नेहवाल ने मुंबई रॉकेट्स की संग जीह्यून को बारह-दस, चार-ग्यारह, ग्यारह-पाँच से हरा दिया। मेन सिंगल्स में मुंबई रॉकेट्स के एचएस प्रणय ने अवध वॉरियर्स के विंग कि विसेंट वांग को चौदह-बारह, नौ-ग्यारह, ग्यारह-आठ से हरा दिया. मिक्स्ड डबल्स अवध वॉरियर्स की सावित्री और बोदिन इसारा की जोड़ी ने मुंबई रॉकेट्स की पुआनगुवापेज और जिएबा जोड़ी को ग्यारह-आठ, ग्यारह-चार से हराया।
BHOPAL में 2 भाइयो की लाश मिलने से हड़कंपः 1 फर्श पर पड़ा मिला दूसरा फंदे से लटका था..मध्यप्रदेश ( MADHYAPRADESH) की राजधानी भोपाल (BHOPAL) में 2 सगे भाइयो की लाश मिलने से हड़कंप मच गया. पुलिस लोगों से घटना की पूछताछ करने में जुटी है मामले की जांच-पड़ताल जारी है। फिलहाल ये हत्या है या आत्महत्या ये कहना उचित नहीं होगा. ये है मामलामिली जानकारी के अनुसार भोपाल के बैरागढ़ में एक फ्लैट में दो भाइयों की लाश मिली है एक की फांसी पर लटक शव तो दूसरे भाई का शव खून से लथपथ मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फांसी लगाने वाले युवक का नाम नरेश लालवानी और धर्मेंद्र लालवानी। माइंडगेमः REWA के युवक ने GF के लिए ली निर्दोष की जान, फिर GF को छेड़ने वाले युवको के साथ किया ये.. पडोसी ने दी सूचनाबिल्डिंग के फ्लैट में 35 साल का नरेश लालवानी अपने बड़े भाई 37 वर्षीय भाई धर्मेश लालवानी के साथ रहता था। सुबह पड़ोसियों ने यहां लगातार बदबू आने की सूचना दी।
BHOPAL में दो भाइयो की लाश मिलने से हड़कंपः एक फर्श पर पड़ा मिला दूसरा फंदे से लटका था..मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दो सगे भाइयो की लाश मिलने से हड़कंप मच गया. पुलिस लोगों से घटना की पूछताछ करने में जुटी है मामले की जांच-पड़ताल जारी है। फिलहाल ये हत्या है या आत्महत्या ये कहना उचित नहीं होगा. ये है मामलामिली जानकारी के अनुसार भोपाल के बैरागढ़ में एक फ्लैट में दो भाइयों की लाश मिली है एक की फांसी पर लटक शव तो दूसरे भाई का शव खून से लथपथ मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फांसी लगाने वाले युवक का नाम नरेश लालवानी और धर्मेंद्र लालवानी। माइंडगेमः REWA के युवक ने GF के लिए ली निर्दोष की जान, फिर GF को छेड़ने वाले युवको के साथ किया ये.. पडोसी ने दी सूचनाबिल्डिंग के फ्लैट में पैंतीस साल का नरेश लालवानी अपने बड़े भाई सैंतीस वर्षीय भाई धर्मेश लालवानी के साथ रहता था। सुबह पड़ोसियों ने यहां लगातार बदबू आने की सूचना दी।
अजमेर। अजमेर के पुष्कर में भी होली की धूम देखी गई। यहां मेला स्टेडियम में देश विदेश से आए मेहमानों ने रेतीले धोरों पर गुलाल उड़ाई और कपड़े फाड़े। ऐतिहासिक पूरी पुष्कर नगरी रंगों में दिखाई दी। मेला ग्राउंड पर होली खेल रहे मेहमानों पर पानी की बौछारें भी की गई। दिन चढ़ने के साथ होली का जश्न और बढ़ता गया। डीजे की धुनों पर देसी विदेशी मेहमानों ने खूब लुत्फ उठाया। एक दूसरे पर गुलाल लगाया। इजराइल, यूके, यूएसए, जापान समेत कई देशों के मेहमान होली की मस्ती में दिखाई दिए। पाबंदी के बावजूद लोगों ने होली खेलते वक्त एक दूसरे के कपड़े फाड़ डाले। फेस्टिवल से पहले एसपी चुनाराम जाट ने कहा था-आप सभी को होली की शुभकामनाएं। सभी से निवेदन है कि कोई भी अपने कपडे़ नहीं फाडे़गा। अगर ऐसा किया तो उठाकर बंद कर दिया जाएगा। होली के त्योहार की मर्यादा बनाए रखे। होली के त्योहार का आनन्द ले। यहां पहली बार होली मनाने आए मेहमान बहुत खुश नजर आए। उन्होंने बताया कि पुष्कर की होली के बारे में जैसा सुना था, उससे कहीं ज्यादा मजा आया है। हम दुबारा भी होली के मौके पर यहां आना चाहेंगे।
अजमेर। अजमेर के पुष्कर में भी होली की धूम देखी गई। यहां मेला स्टेडियम में देश विदेश से आए मेहमानों ने रेतीले धोरों पर गुलाल उड़ाई और कपड़े फाड़े। ऐतिहासिक पूरी पुष्कर नगरी रंगों में दिखाई दी। मेला ग्राउंड पर होली खेल रहे मेहमानों पर पानी की बौछारें भी की गई। दिन चढ़ने के साथ होली का जश्न और बढ़ता गया। डीजे की धुनों पर देसी विदेशी मेहमानों ने खूब लुत्फ उठाया। एक दूसरे पर गुलाल लगाया। इजराइल, यूके, यूएसए, जापान समेत कई देशों के मेहमान होली की मस्ती में दिखाई दिए। पाबंदी के बावजूद लोगों ने होली खेलते वक्त एक दूसरे के कपड़े फाड़ डाले। फेस्टिवल से पहले एसपी चुनाराम जाट ने कहा था-आप सभी को होली की शुभकामनाएं। सभी से निवेदन है कि कोई भी अपने कपडे़ नहीं फाडे़गा। अगर ऐसा किया तो उठाकर बंद कर दिया जाएगा। होली के त्योहार की मर्यादा बनाए रखे। होली के त्योहार का आनन्द ले। यहां पहली बार होली मनाने आए मेहमान बहुत खुश नजर आए। उन्होंने बताया कि पुष्कर की होली के बारे में जैसा सुना था, उससे कहीं ज्यादा मजा आया है। हम दुबारा भी होली के मौके पर यहां आना चाहेंगे।
[ उ० ] श्रध्याय ३७ सबके ज्ञाता एकाकी ईश्वर ने इन ब्राह्मणों को समर्थ किया है। उन सवितादेव की स्तुति भी महिमामयी है ॥ २ ॥ है दिव्यता युक्त द्यावापृथिवी ! देव यज्ञ वाले स्थान में श्राज तुम्हारी अंश रूप मृतिका और जल को ग्रहण कर यज्ञ का शिर सम्पादित करता हूँ । हे मृत्पिण्ड ! तुझे यज्ञ के मुख्य कार्य के निमित्त ग्रहण करता हूँ ॥ ३ ॥ हे उपजिाियो ! तुन प्राणियों से प्रथम उत्पन्न हुई हो । तुनको ग्रहण कर देव पूजन स्थान में यज्ञ के शिर रूप का सम्पादन करता हूँ । तुमको यज्ञ के प्रमुख कार्य के लिए शिर रूप से तुम्हें ग्रहण करता हूँ ॥ ४ ॥ प्रारम्भ में यह पृथिवी प्रादेश मात्र थी अब तुमको ग्रहण कर देवयाग स्थान में यज्ञ के शिर का सम्पादन करता हूँ । यज्ञ के निमित्त तुम्हारा ग्रहण करते हुए तुम्हें यज्ञ के मुख्य कार्य के लिए लेता हूँ ॥ ५ ॥ इन्द्रस्यौजः स्य मखस्य वोऽद्य शिरो राव्यासं देवयजने पृथिव्याः । मखाय त्वा मन्त्रस्य त्वाशी । मलाय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मखाय त्वा मखस्य त्वाशी ॥६॥ प्रेतु ब्रह्मणस्पतिः प्र देव्येतु सूतृता । अच्छा वीरं नये पङि करावसं देवा यज्ञं नवन्तु नः । मुखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्णे । मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मसाय त्वा मखस्य त्वा शीणे ॥७॥ मसत्य शिरोऽसि मन्त्राय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे मखस्य शिरोऽसि मखायें त्वा मखस्य त्वा शो । मखस्य शिरोऽसि मखाय त्वा मखस्य त्वा वीर्णे । माया मत्रस्य त्वा शो । मसाय त्वा मखस्य त्वा ग्रीष्र्णे । मलाय त्वा मन्त्रस्य वाशी ॥८॥ अश्वत्य स्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः । मलाय त्वा मन्त्रस्य त्वाशी । उ० । प्रयाय ३७ ] अवस्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः । मखाय वा भवस्य त्वा शीर्ण । अश्वत्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः । मखाय त्वा मखस्य त्वा शो । मखाय त्वा मवस्य त्वा शीणे । मसाय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मलाय त्वा मखस्य त्वा शो ॥९॥ ॠजवे त्वा साधवे त्वा सुक्षित्यै त्वा । मखाय त्वा मत्रस्य त्वा शोष्र्णे । मताय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मनाप त्वा मखस्य त्वा शीणों ॥१० हे पूतिकाओ ! तुम इन्द्र के श्रीज रूप हो। तुम्हें लेकर पृथियों के देवार्चन स्थान में यक्ष के शिर रूप से सम्पादित करता हूँ। यज्ञ के मुख्य कार्य सम्पादनार्थ तुम्हें ग्रहण करता हूँ। हे दुग्ध ! तुम्हें यज्ञ कार्य के लिए मद्दय करता हूँ। यज्ञ के शिर रूप में तुम्हारा प्रदय करता हूँ । हे गयेधुकायो ! तुम्हें यज्ञ के लिए स्पर्श करता हुआ, यज्ञ के शिर रूप से स्पर्श करता हूँ ॥ ६ ॥ ब्रह्मणस्पति इस यज्ञ के सामने । दिव्यरूपा सत्य वाणी यहाँ आवे । देवराय हमारे शत्रों के नाशक हो । मनुष्यों के हितकारी पंकियाग को प्राप्त बरे । है सम्भारो ! तुम्हें यज्ञ के लिए ग्रहण करता है और इस स्थान में यज्ञ के शिर रूप से स्थापित करता हूँ। द्दे सम्भारो ! तुम्हें कार्य के लिए एकत्र करता हूँ और यज्ञ के गिर रूप से स्थापित करता हूँ । हे महानरीर ! यज्ञ के निमित्त तथा शिर रूप प्रधान कार्य के निमित तुम्हें महण करता हूँ ॥७॥ हे महावीर तुम यज्ञ के शिर के समान हो, मैं तुम्हें यज्ञ के शिर रूप कार्य के लिए स्पर्श करता हूँ। हे महावीर तुम यज्ञ के शिर रूप को स्पर्श करता हूँ। हे महावीर ! तुम यज्ञ के शिरूप हो, तुम्हें यज्ञ के प्रधान कार्य के लिए स्पर्श करता हूँ। द्वे महावीर ! यज्ञ के निमित्त तुम यज्ञ के [ उ० । अध्याय ३७ शिर रूप को चिकना करता हूँ। हे महावीर ! यज्ञ के शिर समान तुम्हें प्रधान कार्य के लिए चिकना करता हूँ । हे महावीर ! तुम्हें यज्ञ के प्रधान कार्य के निमित्त चिकना करता हूँ ॥ ८ ॥ हे महावीर ! पृथिवी के देवार्चन स्थान में तुम्हें यज्ञ के शिर रूप स्थापित करता हूँ और धूप देता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के प्रमुख कार्य के लिए तुम्हें धूप देता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के प्रधान कार्य के लिए तुम्हें धूप देता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ कर्म के लिए तुम्हें पकाता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के प्रधान कर्म के निमित्त तुम्हें पक्व करता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के हेत यज्ञ के शिर रूप कार्य के लिए तुम्हें पक्व करता हूँ ॥ ६ ॥ हे महावीर ! ऋजु देवता की प्रसन्नता के लिए मैं तुम्हें पका कर उद्धृत करता हूँ । हे महावीर ! अन्तरिक्ष स्थित वायु की प्रसन्नता के लिए तुम्हें पका कर निकालता हूँ । हे सहावीर ! पृथिवी और उसमें स्थित श्रग्नि की प्रसन्नता के लिए तुम्हें पक्व कर निकालता हूँ। हे महावीर ! यज्ञ के लिए तुम्हें जा दुग्ध से सींचता हूँ । हे महावीर ! तुम्हें यज्ञ के लिए सींचता हूँ । हे मदावीर ! यज्ञ के शिर रूप तुम्हें बकरी के दूध से सींचता हूँ ।। १० ।। यमाय त्वा मखाय त्वा सूर्य्यस्य त्वा तपसे । देवस्त्वा सविता मध्वानक्तु पृथिव्याः सथ स्पृशस्पाहि । चिरसि वोचिरसि तपोऽसि ॥११॥ अनाधृष्टा पुरस्तादग्नेराधिपत्य ऽ आयुर्मेदाः । पुत्रवती दक्षिणत ऽ इन्द्रस्याधिपत्ये प्रजां मे दाः । सुपदा पश्चाद्देवस्य सवितुराधिपत्ये चक्षु दाः । चाश्रुतिरुत्तरतो धातुराधिपत्ये रायस्पोपं मे दाः । विवृतिरुपरिष्टाद् बृहस्पतेराधिपत्य ऽ नोजो मे दाः । विश्वाभ्यो मा नाष्ट्राभ्यसाहि मनोरश्वासि ।।१२।।
[ उशून्य ] श्रध्याय सैंतीस सबके ज्ञाता एकाकी ईश्वर ने इन ब्राह्मणों को समर्थ किया है। उन सवितादेव की स्तुति भी महिमामयी है ॥ दो ॥ है दिव्यता युक्त द्यावापृथिवी ! देव यज्ञ वाले स्थान में श्राज तुम्हारी अंश रूप मृतिका और जल को ग्रहण कर यज्ञ का शिर सम्पादित करता हूँ । हे मृत्पिण्ड ! तुझे यज्ञ के मुख्य कार्य के निमित्त ग्रहण करता हूँ ॥ तीन ॥ हे उपजिाियो ! तुन प्राणियों से प्रथम उत्पन्न हुई हो । तुनको ग्रहण कर देव पूजन स्थान में यज्ञ के शिर रूप का सम्पादन करता हूँ । तुमको यज्ञ के प्रमुख कार्य के लिए शिर रूप से तुम्हें ग्रहण करता हूँ ॥ चार ॥ प्रारम्भ में यह पृथिवी प्रादेश मात्र थी अब तुमको ग्रहण कर देवयाग स्थान में यज्ञ के शिर का सम्पादन करता हूँ । यज्ञ के निमित्त तुम्हारा ग्रहण करते हुए तुम्हें यज्ञ के मुख्य कार्य के लिए लेता हूँ ॥ पाँच ॥ इन्द्रस्यौजः स्य मखस्य वोऽद्य शिरो राव्यासं देवयजने पृथिव्याः । मखाय त्वा मन्त्रस्य त्वाशी । मलाय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मखाय त्वा मखस्य त्वाशी ॥छः॥ प्रेतु ब्रह्मणस्पतिः प्र देव्येतु सूतृता । अच्छा वीरं नये पङि करावसं देवा यज्ञं नवन्तु नः । मुखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्णे । मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मसाय त्वा मखस्य त्वा शीणे ॥सात॥ मसत्य शिरोऽसि मन्त्राय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे मखस्य शिरोऽसि मखायें त्वा मखस्य त्वा शो । मखस्य शिरोऽसि मखाय त्वा मखस्य त्वा वीर्णे । माया मत्रस्य त्वा शो । मसाय त्वा मखस्य त्वा ग्रीष्र्णे । मलाय त्वा मन्त्रस्य वाशी ॥आठ॥ अश्वत्य स्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः । मलाय त्वा मन्त्रस्य त्वाशी । उशून्य । प्रयाय सैंतीस ] अवस्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः । मखाय वा भवस्य त्वा शीर्ण । अश्वत्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः । मखाय त्वा मखस्य त्वा शो । मखाय त्वा मवस्य त्वा शीणे । मसाय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मलाय त्वा मखस्य त्वा शो ॥नौ॥ ॠजवे त्वा साधवे त्वा सुक्षित्यै त्वा । मखाय त्वा मत्रस्य त्वा शोष्र्णे । मताय त्वा मखस्य त्वा शीर्णे । मनाप त्वा मखस्य त्वा शीणों ॥दस हे पूतिकाओ ! तुम इन्द्र के श्रीज रूप हो। तुम्हें लेकर पृथियों के देवार्चन स्थान में यक्ष के शिर रूप से सम्पादित करता हूँ। यज्ञ के मुख्य कार्य सम्पादनार्थ तुम्हें ग्रहण करता हूँ। हे दुग्ध ! तुम्हें यज्ञ कार्य के लिए मद्दय करता हूँ। यज्ञ के शिर रूप में तुम्हारा प्रदय करता हूँ । हे गयेधुकायो ! तुम्हें यज्ञ के लिए स्पर्श करता हुआ, यज्ञ के शिर रूप से स्पर्श करता हूँ ॥ छः ॥ ब्रह्मणस्पति इस यज्ञ के सामने । दिव्यरूपा सत्य वाणी यहाँ आवे । देवराय हमारे शत्रों के नाशक हो । मनुष्यों के हितकारी पंकियाग को प्राप्त बरे । है सम्भारो ! तुम्हें यज्ञ के लिए ग्रहण करता है और इस स्थान में यज्ञ के शिर रूप से स्थापित करता हूँ। द्दे सम्भारो ! तुम्हें कार्य के लिए एकत्र करता हूँ और यज्ञ के गिर रूप से स्थापित करता हूँ । हे महानरीर ! यज्ञ के निमित्त तथा शिर रूप प्रधान कार्य के निमित तुम्हें महण करता हूँ ॥सात॥ हे महावीर तुम यज्ञ के शिर के समान हो, मैं तुम्हें यज्ञ के शिर रूप कार्य के लिए स्पर्श करता हूँ। हे महावीर तुम यज्ञ के शिर रूप को स्पर्श करता हूँ। हे महावीर ! तुम यज्ञ के शिरूप हो, तुम्हें यज्ञ के प्रधान कार्य के लिए स्पर्श करता हूँ। द्वे महावीर ! यज्ञ के निमित्त तुम यज्ञ के [ उशून्य । अध्याय सैंतीस शिर रूप को चिकना करता हूँ। हे महावीर ! यज्ञ के शिर समान तुम्हें प्रधान कार्य के लिए चिकना करता हूँ । हे महावीर ! तुम्हें यज्ञ के प्रधान कार्य के निमित्त चिकना करता हूँ ॥ आठ ॥ हे महावीर ! पृथिवी के देवार्चन स्थान में तुम्हें यज्ञ के शिर रूप स्थापित करता हूँ और धूप देता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के प्रमुख कार्य के लिए तुम्हें धूप देता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के प्रधान कार्य के लिए तुम्हें धूप देता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ कर्म के लिए तुम्हें पकाता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के प्रधान कर्म के निमित्त तुम्हें पक्व करता हूँ । हे महावीर ! यज्ञ के हेत यज्ञ के शिर रूप कार्य के लिए तुम्हें पक्व करता हूँ ॥ छः ॥ हे महावीर ! ऋजु देवता की प्रसन्नता के लिए मैं तुम्हें पका कर उद्धृत करता हूँ । हे महावीर ! अन्तरिक्ष स्थित वायु की प्रसन्नता के लिए तुम्हें पका कर निकालता हूँ । हे सहावीर ! पृथिवी और उसमें स्थित श्रग्नि की प्रसन्नता के लिए तुम्हें पक्व कर निकालता हूँ। हे महावीर ! यज्ञ के लिए तुम्हें जा दुग्ध से सींचता हूँ । हे महावीर ! तुम्हें यज्ञ के लिए सींचता हूँ । हे मदावीर ! यज्ञ के शिर रूप तुम्हें बकरी के दूध से सींचता हूँ ।। दस ।। यमाय त्वा मखाय त्वा सूर्य्यस्य त्वा तपसे । देवस्त्वा सविता मध्वानक्तु पृथिव्याः सथ स्पृशस्पाहि । चिरसि वोचिरसि तपोऽसि ॥ग्यारह॥ अनाधृष्टा पुरस्तादग्नेराधिपत्य ऽ आयुर्मेदाः । पुत्रवती दक्षिणत ऽ इन्द्रस्याधिपत्ये प्रजां मे दाः । सुपदा पश्चाद्देवस्य सवितुराधिपत्ये चक्षु दाः । चाश्रुतिरुत्तरतो धातुराधिपत्ये रायस्पोपं मे दाः । विवृतिरुपरिष्टाद् बृहस्पतेराधिपत्य ऽ नोजो मे दाः । विश्वाभ्यो मा नाष्ट्राभ्यसाहि मनोरश्वासि ।।बारह।।
महिला कर्मियों वाले दल के विश्व परिक्रमा करने के इस ऐतिहासिक प्रयास का नेतृत्व ले. कमाण्डर वर्तिका जोशी कर रही हैं, चालक दल के अन्य सदस्यों में चालक दल की अन्य सदस्याओं में लेफ्टिनेंट कमाण्डर प्रतिभा जामवाल एवं पी. स्वाति, एवं लेफ्टिनेंट एस. विजया देवी, बी. ऐश्वर्या एवं पायल गुप्ता शामिल हैं। फॉकलैण्ड के गवर्नर ब्रिटेन की रानी के दक्षिण जॉर्जिया एवं दक्षिण सैंडविच द्वीप के कमिश्नर महामहिम श्री निगेल फिलिप्स, सीबीई ने 21 जनवरी 2018 को पोर्ट स्टैनले पहुंचने पर तारिणि का स्वागत किया था। बंदरगाह पर ठहरने के दौरान तारिणि के चालक दल ने फॉकलैण्ड द्वीप के सेकण्डरी एजुकेशन के सामुदायिक विद्यालय, ब्राउनीज एण्ड गर्ल गाइड्स, बीवर्स एवं ब्वाय स्कॉउट्स और हॉकी क्लब के वयस्क सदस्यों के साथ मुलाकात की। चालक दल ने 1982 के संघर्ष से जुड़े स्थानों का दौरा भी किया और 2 पैरा की स्मृति में बनाये गये स्मारक स्थल के प्रति सम्मान प्रकट किया।चालक दल डॉर्विन स्थित अर्जेंटीन सेना के कब्रिस्तान भी गया। गवर्नर श्री निगेल फिलिप्स, सीबीई एवं श्रीमती एम्मा फिलिप्स तारिणि नौका पर गये। फॉकलैण्ड द्वीप की हॉकी टीम और स्थानीय लोग भी उस समय तारिणि पर गये जब नौका ऐसे दौरों के लिये खुली थी। तारिणि के चालक दल ने शिशु, जूनियर एवं माउण्ट प्लीजेण्ट स्कूल का दौरा कर बच्चों के साथ समय बिताया साथ ही फॉकलैण्ड महिला संघ और विमेन नेटवर्क के सदस्यों से मुलाकात की। टीम की कैप्टेन ले. कमाण्डर वर्तिका जोशी और ले. कमाण्डर प्रतिभा जामवाल ने फॉकलैण्ड द्वीप संग्रहालय में एक प्रस्तुति की और व्याख्यान दिये। आईएनएसवी तारिणि के फॉकलैण्ड दौरे को वहां के प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ वैश्विक सोशल मीडिया में व्यापक कवरेज मिली। तारिणि का अगला पड़ाव 08 मार्च 2018 को दक्षिण अफ्रीका के केप टॉउन में होना है।
महिला कर्मियों वाले दल के विश्व परिक्रमा करने के इस ऐतिहासिक प्रयास का नेतृत्व ले. कमाण्डर वर्तिका जोशी कर रही हैं, चालक दल के अन्य सदस्यों में चालक दल की अन्य सदस्याओं में लेफ्टिनेंट कमाण्डर प्रतिभा जामवाल एवं पी. स्वाति, एवं लेफ्टिनेंट एस. विजया देवी, बी. ऐश्वर्या एवं पायल गुप्ता शामिल हैं। फॉकलैण्ड के गवर्नर ब्रिटेन की रानी के दक्षिण जॉर्जिया एवं दक्षिण सैंडविच द्वीप के कमिश्नर महामहिम श्री निगेल फिलिप्स, सीबीई ने इक्कीस जनवरी दो हज़ार अट्ठारह को पोर्ट स्टैनले पहुंचने पर तारिणि का स्वागत किया था। बंदरगाह पर ठहरने के दौरान तारिणि के चालक दल ने फॉकलैण्ड द्वीप के सेकण्डरी एजुकेशन के सामुदायिक विद्यालय, ब्राउनीज एण्ड गर्ल गाइड्स, बीवर्स एवं ब्वाय स्कॉउट्स और हॉकी क्लब के वयस्क सदस्यों के साथ मुलाकात की। चालक दल ने एक हज़ार नौ सौ बयासी के संघर्ष से जुड़े स्थानों का दौरा भी किया और दो पैरा की स्मृति में बनाये गये स्मारक स्थल के प्रति सम्मान प्रकट किया।चालक दल डॉर्विन स्थित अर्जेंटीन सेना के कब्रिस्तान भी गया। गवर्नर श्री निगेल फिलिप्स, सीबीई एवं श्रीमती एम्मा फिलिप्स तारिणि नौका पर गये। फॉकलैण्ड द्वीप की हॉकी टीम और स्थानीय लोग भी उस समय तारिणि पर गये जब नौका ऐसे दौरों के लिये खुली थी। तारिणि के चालक दल ने शिशु, जूनियर एवं माउण्ट प्लीजेण्ट स्कूल का दौरा कर बच्चों के साथ समय बिताया साथ ही फॉकलैण्ड महिला संघ और विमेन नेटवर्क के सदस्यों से मुलाकात की। टीम की कैप्टेन ले. कमाण्डर वर्तिका जोशी और ले. कमाण्डर प्रतिभा जामवाल ने फॉकलैण्ड द्वीप संग्रहालय में एक प्रस्तुति की और व्याख्यान दिये। आईएनएसवी तारिणि के फॉकलैण्ड दौरे को वहां के प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ वैश्विक सोशल मीडिया में व्यापक कवरेज मिली। तारिणि का अगला पड़ाव आठ मार्च दो हज़ार अट्ठारह को दक्षिण अफ्रीका के केप टॉउन में होना है।
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जापान की केन तनाका Ken Tanaka) का 119 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन 19 अप्रैल को हुआ। सरकार ने यह जानकारी सोमवार को दी। उनके निधन के बाद अब फ्रांस की लुसिले रेनडोन (सिस्टर एंड्रे) दुनिया की सबसे बुजुर्ग व्यक्ति बन गई हैं। उनकी उम्र 118 साल 73 दिन है। केन का जन्म 2 जनवरी 1903 को जापान के दक्षिण पश्चिम फुकुओका क्षेत्र में हुआ था। इसी साल राइट ब्रदर्स ने पहली बार अपने बनाए विमान में उड़ान भरी थी और मेरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला बनी थी। तनाका (Ken Tanaka) नर्सिंग होम में रह रहीं थीं। वहां वे बोर्ड गेम रेवर्सी खेलती थीं, गणित के सवाल हल करती थीं और चॉकलेट और सोडा लेती थीं। अपनी युवा अवस्था के दौरान उन्होंने कई बिजनेस किए। इनमें नूडल शॉप और राइस केक स्टोर भी शामिल हैं। नौ भाई बहनों में सातवें नंबर की तनाका (Ken Tanaka) की शादी 19 वर्ष की उम्र में 1922 में हाईडिओ तनाका से हुई थी। उनके चार बच्चे हैं पांचवां उन्होने गोद लिया था। उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने मार्च 2019 में 116 वर्ष की उम्र में दुनिया का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति माना था। सितंबर 2020 में जापान ने उन्हें 117 वर्ष 261 दिन की उम्र में जापान का अब तक सबसे बुजुर्ग व्यक्ति माना। तनाका ने अपनी लंबी उम्र का राज साझा करते हुए बताया था कि स्वादिष्ट भोजन जिसमें सोडा और चॉकलेट भी शामिल है खाना, और नई चीजें सीखना ही उनकी लंबी उम्र का राज है।
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जापान की केन तनाका Ken Tanaka) का एक सौ उन्नीस साल की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन उन्नीस अप्रैल को हुआ। सरकार ने यह जानकारी सोमवार को दी। उनके निधन के बाद अब फ्रांस की लुसिले रेनडोन दुनिया की सबसे बुजुर्ग व्यक्ति बन गई हैं। उनकी उम्र एक सौ अट्ठारह साल तिहत्तर दिन है। केन का जन्म दो जनवरी एक हज़ार नौ सौ तीन को जापान के दक्षिण पश्चिम फुकुओका क्षेत्र में हुआ था। इसी साल राइट ब्रदर्स ने पहली बार अपने बनाए विमान में उड़ान भरी थी और मेरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला बनी थी। तनाका नर्सिंग होम में रह रहीं थीं। वहां वे बोर्ड गेम रेवर्सी खेलती थीं, गणित के सवाल हल करती थीं और चॉकलेट और सोडा लेती थीं। अपनी युवा अवस्था के दौरान उन्होंने कई बिजनेस किए। इनमें नूडल शॉप और राइस केक स्टोर भी शामिल हैं। नौ भाई बहनों में सातवें नंबर की तनाका की शादी उन्नीस वर्ष की उम्र में एक हज़ार नौ सौ बाईस में हाईडिओ तनाका से हुई थी। उनके चार बच्चे हैं पांचवां उन्होने गोद लिया था। उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने मार्च दो हज़ार उन्नीस में एक सौ सोलह वर्ष की उम्र में दुनिया का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति माना था। सितंबर दो हज़ार बीस में जापान ने उन्हें एक सौ सत्रह वर्ष दो सौ इकसठ दिन की उम्र में जापान का अब तक सबसे बुजुर्ग व्यक्ति माना। तनाका ने अपनी लंबी उम्र का राज साझा करते हुए बताया था कि स्वादिष्ट भोजन जिसमें सोडा और चॉकलेट भी शामिल है खाना, और नई चीजें सीखना ही उनकी लंबी उम्र का राज है।
है तो दूसरे गुण नष्ट हों इसमें आश्चर्य ही क्या है । जिस प्रकार एक ही सूर्य सारे ससार में प्रकाश करता है और चन्द्रमा अपनी अमृत किरणों से सब को शीतलता देता है उसी प्रकार गुणानुरागी पुरुष के ला ही अपने ईश्वरीप्रेम से समस्त पृथ्वी मडल को अपने वश में कर सकता और दूसरों को भी उत्तमपथ पर पहुॅचा सकता है। अतएव दर एक मनुष्य को चाहिये कि अपने स्वभाव को गुणानुरागी बनाने और नीचे लिखी हुई शिक्षाओं को अपने हृदय में धारण करने का प्रयत्न करें । १ - सज्जनों के साथ बैठना चाहिये, सजनों की सगती में रहना चाहिये और सज्जनों के ही साथ विवाद करना चाहिये । पुर्जनों से किसी प्रकार का सपर्क (सदवास) नहीं करना चाहिये ।
है तो दूसरे गुण नष्ट हों इसमें आश्चर्य ही क्या है । जिस प्रकार एक ही सूर्य सारे ससार में प्रकाश करता है और चन्द्रमा अपनी अमृत किरणों से सब को शीतलता देता है उसी प्रकार गुणानुरागी पुरुष के ला ही अपने ईश्वरीप्रेम से समस्त पृथ्वी मडल को अपने वश में कर सकता और दूसरों को भी उत्तमपथ पर पहुॅचा सकता है। अतएव दर एक मनुष्य को चाहिये कि अपने स्वभाव को गुणानुरागी बनाने और नीचे लिखी हुई शिक्षाओं को अपने हृदय में धारण करने का प्रयत्न करें । एक - सज्जनों के साथ बैठना चाहिये, सजनों की सगती में रहना चाहिये और सज्जनों के ही साथ विवाद करना चाहिये । पुर्जनों से किसी प्रकार का सपर्क नहीं करना चाहिये ।
मैं उसके साथ फैल गया हूं। वह लोभिन है । उसने त्यौहार बता कर मुझ से कपड़े मांगे। मैं दारिद हूं' तझे कपड़े कहां से दूं' कहने पर उसने उपाय बताया कि इस नगरी में धन्ना सेठ प्रातःकाल सर्व प्रथम पहुंच कर आशीर्वाद देने वाले को दो माशा सोना भेट दिया करता है। उसके यहां जाकर सोना ले आओ । इच्छा अनन्त मैं धन्ना सेठ को सर्व प्रथम आशीर्वाद देकर सोना लेने की धून में समय समय को भूल गया और रात को बारह बजे ही निकल पड़ा । रास्ते में आपके सिपाहियों ने चोर के i शक में मुझे पकड़ कर आप के सामने उपस्थित किया है । मालिक हैं । जो चाहें करें । कपिल का वयान सुन कर राजा बहुत प्रसन्न हुआ । वह कहने लगा कि यद्यपि तू मेरे शत्रु राजा के पुरोहित का लड़का है फिर भी मैं तेरी स्पष्ट और सत्य वादिता पर बहुत प्रसन्न हूँ । तू जो कुछ मांगना चाहता है. मांग । मैं वर्णिक नहीं हूं जो खाली बातों से राजी कर दूं। 'वणिक तुष्टे देत हस्तताली' । मैं क्षत्रिय हूं । जो चाहे मांगले । कपिल विचार में पड़ गया कि क्या मांगना चाहिए। पहले विना विचारे घर से निकला उसका नतीजा अच्छा न हुआ । अब राजा से जोकुछ मांगना वह विचार कर ही मांगना चाहिए। उसने राजा से कहा कि महाराज ! मुझे दो घड़ी का समय विचार करने के लिए दीजिये ताकि आपकी अशोक वाटिका में बैठ कर यह सोच लूं किसे क्या मांगू 1 राजा ने विचार करने का दे दिया । को नहीं समझते और कभी कभी आज्ञा का उल्लंघन भी कर डालते हैं। अतः अपने शिष्यों या लड़कों को किसी भी बात की प्रवृत्ति या निवृत्ति की आज्ञा देने के साथ ही साथ उस कार्य का कारण भी बता देना चाहिए ताकि कारण समझकर शीघ्र प्रवृति करने लगें । मुनि ने राजा को अनाथ तो कह दिया मगर वह अनाथ क्यों है इसका कारण नहीं बताया । इसीलिए राजा के मन में अनेक संकल्प विकल्प पैदा हुए हैं । व मुनि अनाथताका कारण बताने के लिए कहते हैं कि हे राजन ! एकाग्रता पूर्वक सुन । प्रत्येक बात चित्त को एकाग्र बनाकर सुनी जावे तभी समझ में आ सकती है और लाभ हो सकता है । यदि सुनने में ध्यान न देकर चित्त कहीं अन्यत्र चला गया हो तो उससे पूरा लाभ नहीं हो सकता । चित्त की एकाग्रता हर काम के लिए आवश्यक है। चाहे व्यवहारिक कार्य हो चाहे ध्यात्मिक दोनों में एकाग्रता की जरूरत है । जिस काम को लेकर बैठे हैं, उसके सिवा किसी अन्य काम में चित्त को दौड़ा देना विक्षेप है । आप लोग सामायिक करके बैठे हैं। सामायिक का मतलब है आत्मा में स्थित होना । अन्यत्र व्यायोग न करना । किन्तु आपका चित्त कहां है यह कौन जानता है ? सामायिक भी करना और मन को खुला छोड़कर इधर उधर भटकने देनां वैसा ही हुआ जैसा-M. न खुदा ही मिला न विशाले सनम, न इधर के रहे न उधर के सनम । कपिल अशोक वाटिका में बैठकर विचार करने लगा कि राजा से क्या मागूं । यदि दो मासा सोना मांगता हूं तो उनसे स्त्री के कपड़े भी पूरे न बन पायेंगे । मैं कोरा ही रह जाऊंगा । वह अच्छे अच्छे कपड़े पहनेगी और मैं उसका मुंह देखता रह जाऊंगा। यदि दस पांच मासा सोना मांगता हूं तो सादी पोषाक बन जायगी। राजरानी के समान पोषाक न बन सकेगी। यदि सौ दो सौ सोनैया मांगता हूं तो पोषाक वढ़िया वन जायंगी मंगर दागिनों के विना पोषाक क्या खुलेगी । यदि स्त्री के लिए आभूषणादि मांग लेता हूं फिर भी मैं तो कोरा ही रह जाता हूं। राजा और रानी दोनों की पोषाकें और श्राभूषण मांग लूं। किन्तु इतनी वढ़िया पोषाक और आभूषण पहनकर झोंपड़ों में कैसे रहेंगे । अतः महल भी मांग लूं महल में रहकर हाथों से काम करने में लज्जा आवेगी तः नौकर चाकर भी चाहिए । नौकरों को तनख्वाह चुकाने के लिए रुपये भी चाहिए अतः दो चार ग्राम भी इतना होने पर भी मेरी हुकुमत तो नहीं चलेगी अतः राजा का सारा राज्य ही मांग लूं । राजा वचनवद्ध है, क्षत्रिय है, अतः राज्य देने से इन्कार तो न करेगा। किन्तु राज्य देने बाद राजा मुझसे ईर्षा द्वेष रखने लगेगा अतः राजा को जेल में बंद कर देना होगा। इसलिए मैं राजा से यही वर मांग लूं कि तुम्हारा सारा राज्य मुझे दे दो और स्वयं जेलखाने में बन्द हो जाओ । यह निश्चय करते ही पुनः उसे विचार आया कि राजा वचनबद्ध होने के कारण राज्य दे देगा किन्तु यह राज्य मेरे इच्छा नन्त हैं सामायिक लेकर बैठने पर भी यदि मन स्थान पर न रहे और इधर उधर भटकता रहे, तो उस समय के लिए उसे क्या कहा जाय, वह सामायिक कैसी होती है, उसके लिए एक बात सुनाता हूं । एक सेठ की पुत्रवधू को दूसरों के मन की बात जानने का विशिष्ट ज्ञान हो गया था। एक दिन उसका श्वसुर सामायिक करके बैठा था। बाहर से एक आदमी कपूछने लगा कि सेठजी कहां हैं ? सेठ ने उसकी आवाज सुन ली किन्तु सामायिक में होने से उत्तर नहीं दिया । पुत्रवधू ने उत्तर दिया कि सेटजी अभी मोचीवाड़े में गये हुए हैं । उस व्यक्ति को जरूरी काम था अतः दौड़ा हुआ मोचीवाड़े में पहुंचा । मोचीवाड़े में सेठजी को न पाकर वापस आकर पूछने लगा कि वहां तो नहीं हैं । कहां हैं सो वताओ । मुझे बहुत आवश्यक काम है । पुनः पुत्रवधू ने कहा, अब सेठजी पंसारी बाजार में गये हुए हैं। बहु की बात सुनकर वह आदमी पंसारी बाजार के लिए शीघ्रतापूर्वक चला गया । इतने में सामायिक पार कर सेठजी अपनी पुत्रवधू से पूछने लगे कि बेचारे उस आदमी को नाहक कष्ट देकर झूठ क्यों बोल रही हो। मैं घर में ही सामायिक करके बैठा था । उस आदमी को पहले मोचीवाड़े में भेजा फिर पंसारी बाजार में । इस प्रकार झूठ बोलने से तुम्हारी पैठ उठ जायगी । लोग तुम्हारी बात न मानेंगे । भ्वसुरजी की बात सुन कर पुत्र वधू कहने लगी । अनादर का ही कारण होगा । सब लोग मेरी निन्दा करने लगेंगे कि राजा से इस प्रकार राज्य मांग लिया । यह ब्राह्मणं कितना नीच है कि इसने राजा की वचनवद्धता का ऐसा दुरुपयोग किया है । ऐसे नींच को कभी वचन न देना चाहिए । इच्छा अनन्त है. यह विचार आते ही ब्राह्मण की विचारधारा पलटने लगी। ओह ! मैं दो मासा सोना मांगते मांगते सारा राज्य मांगने पर उतारू होगया । और इतने पर भी मेरी इच्छा शांत न हुई जो राजा को बंदी बनाने का भी वचन मांगना तै किया वास्तव में मैं राजा को बंदी नहीं बनाना चाहता हूं. किन्तु अपनी अनन्त तृष्णा के वशमें होकर अपने को बंदी बना रहा हूँ । वस्तुओं से कभी इच्छा पूर्ति नहीं हो सकती । ज्यों ज्यों वस्तुएं मिलती जाती हैं, आत्मा अधिकाधिक गुलाम बनता जाता है । सब पदार्थ मुझसे परे हैं । मेरा इनसे कोई सम्बंध नहीं है । ज्ञान दर्शन आदि गुण ही मेरे हैं । इस प्रकार विचार करते हुए कपिल को अवधि ज्ञान उत्पन्न हो गया। उसे अपना पूर्व जन्म हाथ की रेखा की तरह दिखाई देने लगा .... एक कथा में यों भी कहा है कि देवता ने साधुयोग्य वस्त्र दिए जिन्हें पहनकर कपिल राजा के पास गया। राजा ने पूछा- यह क्या किया ? साधु क्यों बन गये । कपिल ने कहा राजन् ! मुझे जो चाहिए था वह मिल चुका है। राजा ने कहा आज तक झूठ न बोली । आपने आज मुझ पर झूठ बोलने का दोषारोपण किया है मैं पूछती हूं-- क्या आप सचमुच सामायिक में थे ? आपका मन जूते पहनने के लिए मोचीवाड़े में नहीं था ? और उसके बाद पंसारी बाजार में जिन्स खरीदने के लिए नहीं दौड़ रहा था ? आत्मसाक्षी से कहिये । वधू की बात सुन कर श्वसुर आश्चर्य में डूब गया। कहने लगा वस्तुतः मेरा मन उक्त दोनों स्थानों में चला गया था । मः स्व. उपयोग में न था । बहू तेरी वात सत्य है । तव वहने कहा - निश्चय नय से जिस व्यक्ति का उपयोग जहां होता है वह वहीं है ऐसा गिना जाता है। आपकी चित्तवृति तो बाजार में थी, आपके शरीर का खोखामात्र यहां था । अतः निश्चय नय से आप बाजार में थे, व्यवहार नय से.. घर पर थे । कहिये-- मैंने क्या कहा । आप सामायिक में मन को स्थिर रखने की कोशिश रखियेगा ।. तभी सामायिक सार्थक गिनी जायगी । आप लोग भी सामायिक में बैठ कर मन में अनेक प्रकार के घाट घड़ने लगेंगे तो वह व्यवहारिक सामायिक गिनी जायगी । ऐसी सामायिक से इंट मनोरथ पूरा नहीं हो सकेगा आप कहेंगे- तो क्या सामायिक न किया करें ? क्योंकि मन तो वायु के समान बड़ा चंचल है। प्रयत्न करने पर भी काबू.. में नहीं रहता । इसका समाधान इतना ही है कि यदि आप मन को इधर उधर जाने से रोकने में असमर्थ हैं तो उसे अशुभ प्रवृत्ति से हटाकर शुभ प्रवृत्ति में लगाने की कोशिश
मैं उसके साथ फैल गया हूं। वह लोभिन है । उसने त्यौहार बता कर मुझ से कपड़े मांगे। मैं दारिद हूं' तझे कपड़े कहां से दूं' कहने पर उसने उपाय बताया कि इस नगरी में धन्ना सेठ प्रातःकाल सर्व प्रथम पहुंच कर आशीर्वाद देने वाले को दो माशा सोना भेट दिया करता है। उसके यहां जाकर सोना ले आओ । इच्छा अनन्त मैं धन्ना सेठ को सर्व प्रथम आशीर्वाद देकर सोना लेने की धून में समय समय को भूल गया और रात को बारह बजे ही निकल पड़ा । रास्ते में आपके सिपाहियों ने चोर के i शक में मुझे पकड़ कर आप के सामने उपस्थित किया है । मालिक हैं । जो चाहें करें । कपिल का वयान सुन कर राजा बहुत प्रसन्न हुआ । वह कहने लगा कि यद्यपि तू मेरे शत्रु राजा के पुरोहित का लड़का है फिर भी मैं तेरी स्पष्ट और सत्य वादिता पर बहुत प्रसन्न हूँ । तू जो कुछ मांगना चाहता है. मांग । मैं वर्णिक नहीं हूं जो खाली बातों से राजी कर दूं। 'वणिक तुष्टे देत हस्तताली' । मैं क्षत्रिय हूं । जो चाहे मांगले । कपिल विचार में पड़ गया कि क्या मांगना चाहिए। पहले विना विचारे घर से निकला उसका नतीजा अच्छा न हुआ । अब राजा से जोकुछ मांगना वह विचार कर ही मांगना चाहिए। उसने राजा से कहा कि महाराज ! मुझे दो घड़ी का समय विचार करने के लिए दीजिये ताकि आपकी अशोक वाटिका में बैठ कर यह सोच लूं किसे क्या मांगू एक राजा ने विचार करने का दे दिया । को नहीं समझते और कभी कभी आज्ञा का उल्लंघन भी कर डालते हैं। अतः अपने शिष्यों या लड़कों को किसी भी बात की प्रवृत्ति या निवृत्ति की आज्ञा देने के साथ ही साथ उस कार्य का कारण भी बता देना चाहिए ताकि कारण समझकर शीघ्र प्रवृति करने लगें । मुनि ने राजा को अनाथ तो कह दिया मगर वह अनाथ क्यों है इसका कारण नहीं बताया । इसीलिए राजा के मन में अनेक संकल्प विकल्प पैदा हुए हैं । व मुनि अनाथताका कारण बताने के लिए कहते हैं कि हे राजन ! एकाग्रता पूर्वक सुन । प्रत्येक बात चित्त को एकाग्र बनाकर सुनी जावे तभी समझ में आ सकती है और लाभ हो सकता है । यदि सुनने में ध्यान न देकर चित्त कहीं अन्यत्र चला गया हो तो उससे पूरा लाभ नहीं हो सकता । चित्त की एकाग्रता हर काम के लिए आवश्यक है। चाहे व्यवहारिक कार्य हो चाहे ध्यात्मिक दोनों में एकाग्रता की जरूरत है । जिस काम को लेकर बैठे हैं, उसके सिवा किसी अन्य काम में चित्त को दौड़ा देना विक्षेप है । आप लोग सामायिक करके बैठे हैं। सामायिक का मतलब है आत्मा में स्थित होना । अन्यत्र व्यायोग न करना । किन्तु आपका चित्त कहां है यह कौन जानता है ? सामायिक भी करना और मन को खुला छोड़कर इधर उधर भटकने देनां वैसा ही हुआ जैसा-M. न खुदा ही मिला न विशाले सनम, न इधर के रहे न उधर के सनम । कपिल अशोक वाटिका में बैठकर विचार करने लगा कि राजा से क्या मागूं । यदि दो मासा सोना मांगता हूं तो उनसे स्त्री के कपड़े भी पूरे न बन पायेंगे । मैं कोरा ही रह जाऊंगा । वह अच्छे अच्छे कपड़े पहनेगी और मैं उसका मुंह देखता रह जाऊंगा। यदि दस पांच मासा सोना मांगता हूं तो सादी पोषाक बन जायगी। राजरानी के समान पोषाक न बन सकेगी। यदि सौ दो सौ सोनैया मांगता हूं तो पोषाक वढ़िया वन जायंगी मंगर दागिनों के विना पोषाक क्या खुलेगी । यदि स्त्री के लिए आभूषणादि मांग लेता हूं फिर भी मैं तो कोरा ही रह जाता हूं। राजा और रानी दोनों की पोषाकें और श्राभूषण मांग लूं। किन्तु इतनी वढ़िया पोषाक और आभूषण पहनकर झोंपड़ों में कैसे रहेंगे । अतः महल भी मांग लूं महल में रहकर हाथों से काम करने में लज्जा आवेगी तः नौकर चाकर भी चाहिए । नौकरों को तनख्वाह चुकाने के लिए रुपये भी चाहिए अतः दो चार ग्राम भी इतना होने पर भी मेरी हुकुमत तो नहीं चलेगी अतः राजा का सारा राज्य ही मांग लूं । राजा वचनवद्ध है, क्षत्रिय है, अतः राज्य देने से इन्कार तो न करेगा। किन्तु राज्य देने बाद राजा मुझसे ईर्षा द्वेष रखने लगेगा अतः राजा को जेल में बंद कर देना होगा। इसलिए मैं राजा से यही वर मांग लूं कि तुम्हारा सारा राज्य मुझे दे दो और स्वयं जेलखाने में बन्द हो जाओ । यह निश्चय करते ही पुनः उसे विचार आया कि राजा वचनबद्ध होने के कारण राज्य दे देगा किन्तु यह राज्य मेरे इच्छा नन्त हैं सामायिक लेकर बैठने पर भी यदि मन स्थान पर न रहे और इधर उधर भटकता रहे, तो उस समय के लिए उसे क्या कहा जाय, वह सामायिक कैसी होती है, उसके लिए एक बात सुनाता हूं । एक सेठ की पुत्रवधू को दूसरों के मन की बात जानने का विशिष्ट ज्ञान हो गया था। एक दिन उसका श्वसुर सामायिक करके बैठा था। बाहर से एक आदमी कपूछने लगा कि सेठजी कहां हैं ? सेठ ने उसकी आवाज सुन ली किन्तु सामायिक में होने से उत्तर नहीं दिया । पुत्रवधू ने उत्तर दिया कि सेटजी अभी मोचीवाड़े में गये हुए हैं । उस व्यक्ति को जरूरी काम था अतः दौड़ा हुआ मोचीवाड़े में पहुंचा । मोचीवाड़े में सेठजी को न पाकर वापस आकर पूछने लगा कि वहां तो नहीं हैं । कहां हैं सो वताओ । मुझे बहुत आवश्यक काम है । पुनः पुत्रवधू ने कहा, अब सेठजी पंसारी बाजार में गये हुए हैं। बहु की बात सुनकर वह आदमी पंसारी बाजार के लिए शीघ्रतापूर्वक चला गया । इतने में सामायिक पार कर सेठजी अपनी पुत्रवधू से पूछने लगे कि बेचारे उस आदमी को नाहक कष्ट देकर झूठ क्यों बोल रही हो। मैं घर में ही सामायिक करके बैठा था । उस आदमी को पहले मोचीवाड़े में भेजा फिर पंसारी बाजार में । इस प्रकार झूठ बोलने से तुम्हारी पैठ उठ जायगी । लोग तुम्हारी बात न मानेंगे । भ्वसुरजी की बात सुन कर पुत्र वधू कहने लगी । अनादर का ही कारण होगा । सब लोग मेरी निन्दा करने लगेंगे कि राजा से इस प्रकार राज्य मांग लिया । यह ब्राह्मणं कितना नीच है कि इसने राजा की वचनवद्धता का ऐसा दुरुपयोग किया है । ऐसे नींच को कभी वचन न देना चाहिए । इच्छा अनन्त है. यह विचार आते ही ब्राह्मण की विचारधारा पलटने लगी। ओह ! मैं दो मासा सोना मांगते मांगते सारा राज्य मांगने पर उतारू होगया । और इतने पर भी मेरी इच्छा शांत न हुई जो राजा को बंदी बनाने का भी वचन मांगना तै किया वास्तव में मैं राजा को बंदी नहीं बनाना चाहता हूं. किन्तु अपनी अनन्त तृष्णा के वशमें होकर अपने को बंदी बना रहा हूँ । वस्तुओं से कभी इच्छा पूर्ति नहीं हो सकती । ज्यों ज्यों वस्तुएं मिलती जाती हैं, आत्मा अधिकाधिक गुलाम बनता जाता है । सब पदार्थ मुझसे परे हैं । मेरा इनसे कोई सम्बंध नहीं है । ज्ञान दर्शन आदि गुण ही मेरे हैं । इस प्रकार विचार करते हुए कपिल को अवधि ज्ञान उत्पन्न हो गया। उसे अपना पूर्व जन्म हाथ की रेखा की तरह दिखाई देने लगा .... एक कथा में यों भी कहा है कि देवता ने साधुयोग्य वस्त्र दिए जिन्हें पहनकर कपिल राजा के पास गया। राजा ने पूछा- यह क्या किया ? साधु क्यों बन गये । कपिल ने कहा राजन् ! मुझे जो चाहिए था वह मिल चुका है। राजा ने कहा आज तक झूठ न बोली । आपने आज मुझ पर झूठ बोलने का दोषारोपण किया है मैं पूछती हूं-- क्या आप सचमुच सामायिक में थे ? आपका मन जूते पहनने के लिए मोचीवाड़े में नहीं था ? और उसके बाद पंसारी बाजार में जिन्स खरीदने के लिए नहीं दौड़ रहा था ? आत्मसाक्षी से कहिये । वधू की बात सुन कर श्वसुर आश्चर्य में डूब गया। कहने लगा वस्तुतः मेरा मन उक्त दोनों स्थानों में चला गया था । मः स्व. उपयोग में न था । बहू तेरी वात सत्य है । तव वहने कहा - निश्चय नय से जिस व्यक्ति का उपयोग जहां होता है वह वहीं है ऐसा गिना जाता है। आपकी चित्तवृति तो बाजार में थी, आपके शरीर का खोखामात्र यहां था । अतः निश्चय नय से आप बाजार में थे, व्यवहार नय से.. घर पर थे । कहिये-- मैंने क्या कहा । आप सामायिक में मन को स्थिर रखने की कोशिश रखियेगा ।. तभी सामायिक सार्थक गिनी जायगी । आप लोग भी सामायिक में बैठ कर मन में अनेक प्रकार के घाट घड़ने लगेंगे तो वह व्यवहारिक सामायिक गिनी जायगी । ऐसी सामायिक से इंट मनोरथ पूरा नहीं हो सकेगा आप कहेंगे- तो क्या सामायिक न किया करें ? क्योंकि मन तो वायु के समान बड़ा चंचल है। प्रयत्न करने पर भी काबू.. में नहीं रहता । इसका समाधान इतना ही है कि यदि आप मन को इधर उधर जाने से रोकने में असमर्थ हैं तो उसे अशुभ प्रवृत्ति से हटाकर शुभ प्रवृत्ति में लगाने की कोशिश
इन दिनों धरती काफी अशांत है। लगभग हर दूसरे दिन दुनिया के किसी ना किसी कोने में तेज तीव्रता वाले भूकंप की खबरें आ रही हैं। इसी क्रम में आज शनिवार को उत्तरी अर्जेंटीना में 6. 8 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि, इस दौरान किसी के हताहत होने की तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है। भूकंप शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार 8 बजकर 9 मिनट पर आया। बता दें कि तीन दिन पहले ही पूर्वी इंडोनेशिया में भी 7. 2 की तीव्रता का भूकंप आया था। शनिवार को उत्तरी अर्जेंटीना में जो भूकंप आया, रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 6. 8 मापी गई है। इस भूकंप का केंद्र सैंटियागो डेल एस्टेरो प्रांत के कैंपो गैलो शहर से लगभग 15 मील (24 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में 610 किलोमीटर गहराई में था। प्राधिकारियों और स्थानीय मीडिया ने इन झटकों से जान-माल के किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी नहीं दी है। तीन दिन पहले बुधवार को पूर्वी इंडोनेशिया में जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि उस दौरान किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं आई और सुनामी की चेतावनी भी जारी नहीं की गई थी। हालांकि स्थानीय लोग घबराकर घरों से बाहर भी निकल आए थे। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7. 2 थी। इसका केंद्र उत्तरी मलुकु प्रांत में टोबेलो के उत्तर-पश्चिम में 150 किलोमीटर पर समुद्र में 60 किलोमीटर की गहराई पर था। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान व भूभौतिकी एजेंसी ने सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की थी। बता दें कि कल जम्मू-कश्मीर में भी 3. 2 तीव्रता का भूकंप आया था। हालांकि, इसमें जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोपहर को 12 बजकर 4 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र जम्मू के डोडा क्षेत्र में था। अधिकारियों ने कहा कि भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया।
इन दिनों धरती काफी अशांत है। लगभग हर दूसरे दिन दुनिया के किसी ना किसी कोने में तेज तीव्रता वाले भूकंप की खबरें आ रही हैं। इसी क्रम में आज शनिवार को उत्तरी अर्जेंटीना में छः. आठ तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि, इस दौरान किसी के हताहत होने की तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है। भूकंप शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार आठ बजकर नौ मिनट पर आया। बता दें कि तीन दिन पहले ही पूर्वी इंडोनेशिया में भी सात. दो की तीव्रता का भूकंप आया था। शनिवार को उत्तरी अर्जेंटीना में जो भूकंप आया, रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता छः. आठ मापी गई है। इस भूकंप का केंद्र सैंटियागो डेल एस्टेरो प्रांत के कैंपो गैलो शहर से लगभग पंद्रह मील दक्षिण-पश्चिम में छः सौ दस किलोग्राममीटर गहराई में था। प्राधिकारियों और स्थानीय मीडिया ने इन झटकों से जान-माल के किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी नहीं दी है। तीन दिन पहले बुधवार को पूर्वी इंडोनेशिया में जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि उस दौरान किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं आई और सुनामी की चेतावनी भी जारी नहीं की गई थी। हालांकि स्थानीय लोग घबराकर घरों से बाहर भी निकल आए थे। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता सात. दो थी। इसका केंद्र उत्तरी मलुकु प्रांत में टोबेलो के उत्तर-पश्चिम में एक सौ पचास किलोग्राममीटर पर समुद्र में साठ किलोग्राममीटर की गहराई पर था। इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान व भूभौतिकी एजेंसी ने सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की थी। बता दें कि कल जम्मू-कश्मीर में भी तीन. दो तीव्रता का भूकंप आया था। हालांकि, इसमें जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोपहर को बारह बजकर चार मिनट पर आए भूकंप का केंद्र जम्मू के डोडा क्षेत्र में था। अधिकारियों ने कहा कि भूकंप दस किलोग्राममीटर की गहराई में आया।
बहुत किफायत की जरूरत है। बहुधा चूल्हे या भट्टी आदि ऐसी बनी होती हैं कि उनमे श्राग का यथेष्ट उपयोग नहीं होता, और धुनों बहुत अधिक होता है । आवश्यकता है कि चूल्हे या भट्टी ऐसी बनायी जाय कि ईंधन का खर्च कम हो, उनकीका से अधिक उपयोग हो । मगनवाडी (वर्धा) आदि कई स्थानों मे चूल्हे इसी उद्देश्य से नये ढग के बनाये गये है, उनका प्रचार होना चाहिए । ईवन भी ऐसा काम में लाया जाना चाहिए, जिससे धूयॉ न हो या बहुत ही कम हो। इस दृष्टि से 'कुकर' का उपयोग अच्छा है, हॉ, इसमें भी बहुत सुधार की यावश्यकता है। जहाँ-जहाँ स्वावलम्बी व्यवस्था हो सके, बिजली के चूल्हों से काम लिया जाना चाहिए । मसाले. [सम्भव है कि प्रारम्भ में मनुष्य ने एक-एक मसाले ( मिर्च, हल्दी, सोट, हीग, जीरा, धनिया आदि ) को किसी विशेष अवसर पर खाया हो, और उससे उसे किसी रोग के निवारण में सहायता मिलने का अनुभव हुआ हो। इस प्रकार प्रौषधि के रूप में काम में लाया हुआ मसाला पीछे बाद लगने के कारण रोजमर्ग के उपयोग का पदार्थ बन गया और विविध मसाले भोजन के आवश्यक प्रग माने जाने लगे । मसालों के बारे में यह बात तो है ही कि ये बिना जरूरत खाये जाते हे । इसके अलावा, इनके मिश्रण से तरह-तरह की चटनियाँ और चार दि बनाये जाते हैं, जिनकी सहायता से यादमी बहुधा भोजन ग्रावश्यक्ता से अधिक परिमाण में करता है। इस तरह मसालों के रूप मे तथा इनके द्वारा होने वाला अपव्यय म्पष्ट ही है। इस से अधिक चिन्तनीय बात यह है कि दमी अपना स्वास्थ्य विगाढ़ता है । गाधी जी ने अपनी 'आरोग्य की कुजी मे यहाँ तक लिखा है कि 'एक श्रादमी जिसे मिर्च खाने का बहुत शौक था, उसकी तो भरी जवानी मे ये मिर्च मृत्यु का कारण बनीं ।' निदान, माल खाकर अपने स्वास्थ्य को बिगाडने वाला व्यक्ति राष्ट्र और समाज के सामन अपराधी है। लोगो को इनके सेवन से बचना चाहिए । खासकर माता पिता इस योर ध्यान दें, बहुधा उन्हें मसाले खाते देखकर या उनकी प्रेरणा से ही चालक भी मसाले खाने लग जाते हैं, पीछे तो उनकी आदत ही पढ जाती है । उत्तेजक और मादक पदार्थों का सेवन - मसालों के अतिरिक्त श्रादमी और भी कई ऐसे पदार्थों का सेवन करता है, जो उसे शरीर की रक्षा या पोपण लिए नहीं होते, श्रथवा कुछ विशेष परिस्थितियों मे और परिमित मात्रा में ही उपयोगी होते है। आदमी क्षणिक वाढ, शौक या उत्तेजना आदि के लिए उनका बहुत उपयोग करता है, यहाँ तक कि उनका श्रादी हो जाता है। चाय, नमाखू, शराब तथा अन्य मादक पदार्थ इसी श्रेणी के है । ये अधिकाश में अनावश्यक तथा हानिकर है । चाय, कहवा आदि - ले चान की बात ले । इसका चलन सब से पहले चीन में हुआ । वहाँ जल का विकार दूर करने के लिए इसका उपयोग होता था। इसे उनलते पानी में डालकर पानी शुद्ध किया जाता था । पीछे धीरे-धीरे आदमी इसकी नुगन्ध और रग से आकर्षित होकर तन इसका सेवन करने लगे । क्रमश. अन्य देगा में इसका प्रचार हो चला । भारत में तो हमारे देखते-देखते ही इसका प्रचार बेहद बढ़ा है। ग्रामी इसका सेवन शौकिया करते हैं । इससे शरीर को कोई लाभ नहीं, इसके विपरीत, इससे आदमी की भूत मारी जाती है और बदहष्मी होती है। इससे स्वभावत शरीर की पुष्टि में बाधा होती है, और वह क्षीण होकर विविध रोगों का शिकार बन जाता है । कुछ वर्ष पहले चार का शोक ऊंचे दर्जे की रहनसहन वाले ही करते थे । धीरे-धीरे युवकों और विद्यार्थियों ने इसे अपना लिया । तो साधारण मजदूरों तक में इस अनावश्यक और हानिकर वस्तु का प्रचार व जोर से हो गया है। अनेक आदमियों को इसकी आदत पड़ गयीं है। उन्हें यह समय पर न मिले तो उन्हे चैन नहीं पड़ती। अधिक प्रचार का मुख्य कारण चानकम्पनियों की विज्ञापनवाजी हे। कई डाक्टरों की सम्मति है कि चान एक हल्का उत्तेजक पदार्थ है, इसके द्वारा मनुष्य की कार्य क्षमता को बढाना ऐमा ही जैमा चाबुक या हन्टर से दुर्बल घोडे को तेज चलाना । लोगों को चाहिए कि मिया या अत्युक्ति-पुर्ण विज्ञापनो के धोख मे न आाये । यदि उन्हें अपनी शक्ति वालव मे बढ़ानी है तो वे दूध, घी, फल, मेवा ग्रादि पौष्टिक पदार्थों का सेवन करे, न कि चाय जैसे उत्तेजक पदार्थों का ।
बहुत किफायत की जरूरत है। बहुधा चूल्हे या भट्टी आदि ऐसी बनी होती हैं कि उनमे श्राग का यथेष्ट उपयोग नहीं होता, और धुनों बहुत अधिक होता है । आवश्यकता है कि चूल्हे या भट्टी ऐसी बनायी जाय कि ईंधन का खर्च कम हो, उनकीका से अधिक उपयोग हो । मगनवाडी आदि कई स्थानों मे चूल्हे इसी उद्देश्य से नये ढग के बनाये गये है, उनका प्रचार होना चाहिए । ईवन भी ऐसा काम में लाया जाना चाहिए, जिससे धूयॉ न हो या बहुत ही कम हो। इस दृष्टि से 'कुकर' का उपयोग अच्छा है, हॉ, इसमें भी बहुत सुधार की यावश्यकता है। जहाँ-जहाँ स्वावलम्बी व्यवस्था हो सके, बिजली के चूल्हों से काम लिया जाना चाहिए । मसाले. [सम्भव है कि प्रारम्भ में मनुष्य ने एक-एक मसाले को किसी विशेष अवसर पर खाया हो, और उससे उसे किसी रोग के निवारण में सहायता मिलने का अनुभव हुआ हो। इस प्रकार प्रौषधि के रूप में काम में लाया हुआ मसाला पीछे बाद लगने के कारण रोजमर्ग के उपयोग का पदार्थ बन गया और विविध मसाले भोजन के आवश्यक प्रग माने जाने लगे । मसालों के बारे में यह बात तो है ही कि ये बिना जरूरत खाये जाते हे । इसके अलावा, इनके मिश्रण से तरह-तरह की चटनियाँ और चार दि बनाये जाते हैं, जिनकी सहायता से यादमी बहुधा भोजन ग्रावश्यक्ता से अधिक परिमाण में करता है। इस तरह मसालों के रूप मे तथा इनके द्वारा होने वाला अपव्यय म्पष्ट ही है। इस से अधिक चिन्तनीय बात यह है कि दमी अपना स्वास्थ्य विगाढ़ता है । गाधी जी ने अपनी 'आरोग्य की कुजी मे यहाँ तक लिखा है कि 'एक श्रादमी जिसे मिर्च खाने का बहुत शौक था, उसकी तो भरी जवानी मे ये मिर्च मृत्यु का कारण बनीं ।' निदान, माल खाकर अपने स्वास्थ्य को बिगाडने वाला व्यक्ति राष्ट्र और समाज के सामन अपराधी है। लोगो को इनके सेवन से बचना चाहिए । खासकर माता पिता इस योर ध्यान दें, बहुधा उन्हें मसाले खाते देखकर या उनकी प्रेरणा से ही चालक भी मसाले खाने लग जाते हैं, पीछे तो उनकी आदत ही पढ जाती है । उत्तेजक और मादक पदार्थों का सेवन - मसालों के अतिरिक्त श्रादमी और भी कई ऐसे पदार्थों का सेवन करता है, जो उसे शरीर की रक्षा या पोपण लिए नहीं होते, श्रथवा कुछ विशेष परिस्थितियों मे और परिमित मात्रा में ही उपयोगी होते है। आदमी क्षणिक वाढ, शौक या उत्तेजना आदि के लिए उनका बहुत उपयोग करता है, यहाँ तक कि उनका श्रादी हो जाता है। चाय, नमाखू, शराब तथा अन्य मादक पदार्थ इसी श्रेणी के है । ये अधिकाश में अनावश्यक तथा हानिकर है । चाय, कहवा आदि - ले चान की बात ले । इसका चलन सब से पहले चीन में हुआ । वहाँ जल का विकार दूर करने के लिए इसका उपयोग होता था। इसे उनलते पानी में डालकर पानी शुद्ध किया जाता था । पीछे धीरे-धीरे आदमी इसकी नुगन्ध और रग से आकर्षित होकर तन इसका सेवन करने लगे । क्रमश. अन्य देगा में इसका प्रचार हो चला । भारत में तो हमारे देखते-देखते ही इसका प्रचार बेहद बढ़ा है। ग्रामी इसका सेवन शौकिया करते हैं । इससे शरीर को कोई लाभ नहीं, इसके विपरीत, इससे आदमी की भूत मारी जाती है और बदहष्मी होती है। इससे स्वभावत शरीर की पुष्टि में बाधा होती है, और वह क्षीण होकर विविध रोगों का शिकार बन जाता है । कुछ वर्ष पहले चार का शोक ऊंचे दर्जे की रहनसहन वाले ही करते थे । धीरे-धीरे युवकों और विद्यार्थियों ने इसे अपना लिया । तो साधारण मजदूरों तक में इस अनावश्यक और हानिकर वस्तु का प्रचार व जोर से हो गया है। अनेक आदमियों को इसकी आदत पड़ गयीं है। उन्हें यह समय पर न मिले तो उन्हे चैन नहीं पड़ती। अधिक प्रचार का मुख्य कारण चानकम्पनियों की विज्ञापनवाजी हे। कई डाक्टरों की सम्मति है कि चान एक हल्का उत्तेजक पदार्थ है, इसके द्वारा मनुष्य की कार्य क्षमता को बढाना ऐमा ही जैमा चाबुक या हन्टर से दुर्बल घोडे को तेज चलाना । लोगों को चाहिए कि मिया या अत्युक्ति-पुर्ण विज्ञापनो के धोख मे न आाये । यदि उन्हें अपनी शक्ति वालव मे बढ़ानी है तो वे दूध, घी, फल, मेवा ग्रादि पौष्टिक पदार्थों का सेवन करे, न कि चाय जैसे उत्तेजक पदार्थों का ।
APN Live Updates: IIT Kanpur के जानेमाने प्रोफेसर पद्मश्री मणीन्द्र अग्रवाल ने अपने गणितीय मॉडल के आधार पर दावा किया है कि आगामी जनवरी 2022 में कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave) आ सकती है। प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल का यह दावा ऐसे वक्त में आया है जब देश में कोरोना के नए वैरिएंट Omicron ने दस्तक दे दी है। APN news live updates:किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि आज बैठक में आंदोलन आगे कैसे बढ़ेगा और सरकार बातचीत करेगी तो कैसे बातचीत करनी है, इसपर चर्चा होगी। हरियाणा में मुख्यमंत्री, अधिकारियों और किसानों की कल बात हुई, जिसमें प्रदर्शन से संबंधित मामलों को वापस लेने पर सहमति बनी परन्तु मुआवजे पर सहमति नहीं बनी। APN News Live Updates: दुनिया भर में Omicron का खौफ देखने को मिल रहा है। साउथ अफ्रिका में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ओमिक्रोन वेरिएंट अब 25 देशों में फैल गया है। दरअसल कोविड के नए स्ट्रेन ने अब अमेरिका (US) और यूएई (UAE) में भी दस्तक दे दी है। APN News Live Updates: दुनिया भर में Omicron का खौफ देखने को मिल रहा है। साउथ अफ्रीका में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ओमिक्रोन वेरिएंट अब 25 देशों में फैल गया है। दरअसल कोविड के नए स्ट्रेन ने अब अमेरिका (US) और यूएई (UAE) में भी दस्तक दे दी है। भारत में भी कुछ मामले पाए जाने की संभावना है। भारत में भी हाई रिस्क वाले देशों से आए 6 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। APN News Live Updates: दिसंबर के पहले ही दिन आम लोगों को झटका लगा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (commercial cylinder) के दामों में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है। दामों में बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट का खाना-पीना महंगा हो सकता है। राहत की बात है कि घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम में पिछले 2 महीने से बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में अंतिम बार अक्टूबर में बढ़ोतरी हुई थी। APN News Live Updates: सांसदों के निलंबन को लेकर राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों की तरफ से आज जमकर हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने 12 सांसदों के निलंबन को रद्द करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है। APN News Live Updates:लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामा के कारण कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था। लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे के बाद शुरू हुई तो कृषि मंत्री ने कृषि कानून वापसी बिल को सदन में रखा जिसे पास कर दिया गया। Bihar के नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता Tejashwi Yadav ने NITI Aayog की रिपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार पर निशाना साधा है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने पटना में कहा, "16 साल बेमिसाल नहीं बदहाल 16 साल रहे हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री ने देखा है या नहीं। इस साल भी नीति आयोग के कई सूचकांक में बिहार पीछे से पहले नंबर पर है। जो व्यक्ति रिपोर्ट कार्ड पढ़ेगा ही नहीं वो क्या काम करेगा। " बता दें कि नीति आयोग की मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स में यह जानकारी दी गई है कि बिहार की 50 फ़ीसदी से अधिक आबादी गरीब है। APN Live Updates: नीती आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक Bihar कुपोषण के मामले देश में सबसे पहले पायदान पर हैं। उसके बाद कुपोषण के मामले में पड़ोसी राज्य झारखंड का नंबर आता है। कुपोषण के मामलों में मध्य प्रदेश तीसरे और उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर है।
APN Live Updates: IIT Kanpur के जानेमाने प्रोफेसर पद्मश्री मणीन्द्र अग्रवाल ने अपने गणितीय मॉडल के आधार पर दावा किया है कि आगामी जनवरी दो हज़ार बाईस में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल का यह दावा ऐसे वक्त में आया है जब देश में कोरोना के नए वैरिएंट Omicron ने दस्तक दे दी है। APN news live updates:किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि आज बैठक में आंदोलन आगे कैसे बढ़ेगा और सरकार बातचीत करेगी तो कैसे बातचीत करनी है, इसपर चर्चा होगी। हरियाणा में मुख्यमंत्री, अधिकारियों और किसानों की कल बात हुई, जिसमें प्रदर्शन से संबंधित मामलों को वापस लेने पर सहमति बनी परन्तु मुआवजे पर सहमति नहीं बनी। APN News Live Updates: दुनिया भर में Omicron का खौफ देखने को मिल रहा है। साउथ अफ्रिका में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ओमिक्रोन वेरिएंट अब पच्चीस देशों में फैल गया है। दरअसल कोविड के नए स्ट्रेन ने अब अमेरिका और यूएई में भी दस्तक दे दी है। APN News Live Updates: दुनिया भर में Omicron का खौफ देखने को मिल रहा है। साउथ अफ्रीका में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ओमिक्रोन वेरिएंट अब पच्चीस देशों में फैल गया है। दरअसल कोविड के नए स्ट्रेन ने अब अमेरिका और यूएई में भी दस्तक दे दी है। भारत में भी कुछ मामले पाए जाने की संभावना है। भारत में भी हाई रिस्क वाले देशों से आए छः लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। APN News Live Updates: दिसंबर के पहले ही दिन आम लोगों को झटका लगा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में एक सौ रुपयापये की बढ़ोतरी की गयी है। दामों में बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट का खाना-पीना महंगा हो सकता है। राहत की बात है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में पिछले दो महीने से बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में अंतिम बार अक्टूबर में बढ़ोतरी हुई थी। APN News Live Updates: सांसदों के निलंबन को लेकर राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों की तरफ से आज जमकर हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने बारह सांसदों के निलंबन को रद्द करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है। APN News Live Updates:लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामा के कारण कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था। लोकसभा की कार्यवाही बारह बजे के बाद शुरू हुई तो कृषि मंत्री ने कृषि कानून वापसी बिल को सदन में रखा जिसे पास कर दिया गया। Bihar के नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता Tejashwi Yadav ने NITI Aayog की रिपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार पर निशाना साधा है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने पटना में कहा, "सोलह साल बेमिसाल नहीं बदहाल सोलह साल रहे हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री ने देखा है या नहीं। इस साल भी नीति आयोग के कई सूचकांक में बिहार पीछे से पहले नंबर पर है। जो व्यक्ति रिपोर्ट कार्ड पढ़ेगा ही नहीं वो क्या काम करेगा। " बता दें कि नीति आयोग की मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स में यह जानकारी दी गई है कि बिहार की पचास फ़ीसदी से अधिक आबादी गरीब है। APN Live Updates: नीती आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक Bihar कुपोषण के मामले देश में सबसे पहले पायदान पर हैं। उसके बाद कुपोषण के मामले में पड़ोसी राज्य झारखंड का नंबर आता है। कुपोषण के मामलों में मध्य प्रदेश तीसरे और उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर है।
इस बार कार्तिक आर्यन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें वह एक बार फिर प्यार का पंचनामा वाले अंदाज में नजर आ रहे है। इस वीडियो में उन्होनें कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस बनाने की अपील की है, साथ ही बाहर ना जाने, रेसटोरेंट में खाना ना खाने, ऑफिस ना जाने और हाथ ना मिलाने को कहा है। इंटरनेट सेंसेशन ढिंचैक पूजा ने हाल ही में कोरोनावायरस को लेकर जागरूकता फैलाने वाला गाना रिलीज किया है। इसके साथ ही वह उन सेलिब्रिटियों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने इस महामारी को लेकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया है। कोरोनावायरस को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जहां 60 साल से ऊपर की आयु के लोगों को घरों में रहने के लिए कहा, तो इसके साथ ही उन्होंने रविवार के दिन यानी 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' की अपील की। तमिल स्टार धनुष की आगामी फिल्म 'कर्णन' में एक नहीं, बल्कि तीन अभिनेत्रियां नजर आएंगी। मारी सेल्वाराज द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मलयालयी अभिनेत्री राजिशा विजयन, '96' फेम गौरी जी. किशन और 'माया' फिल्म की अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया चंद्रमौली नजर आएंगी। खबरों की मानें तो रणबीर और आलिया के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इतना ही नहीं खबरें तो ये तक हैं कि दोनों का ब्रेकअप हो गया है, और ब्रेकअप की वजह बताई जा रही है रणबीर का व्यवहार। ये खबर वाकई फैंस को निराश कर सकती है। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक आलिया के लिए रणबीर का बर्ताव कुछ ठीक नहीं है इसलिए दोनों का ब्रेकअप होने की खबर है। 'स्पेशल ओप्स' वेब सीरीज में गुप्त एजेंट बनीं अभिनेत्री मेहर विज का कहना है कि बेहतर कास्टिंग और असामान्य किरदार ही ऐसी चीजें हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को साबित करने और स्टीरियोटाइप्स को तोड़ने में मदद कर सकती हैं। आयुष्मान खुराना ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर अपनी लिखी शायरी साझा की। इस शायरी के माध्यम से उन्होंने उन परिवारों की समस्याओं को उठाया है, जो कोरोनावायरस महामारी से प्रभावित हुए हैं। साल 1986 में आई फिल्म 'टॉप गन' केबहुप्रतीक्षित सीक्वल पर अभिनेता ने एम्पायर को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "जहां भी मैं जाता था, लोग कहते थे, टॉप गन (का सीक्वल) लेकर आएं और मैं कहता था, मुझे नहीं पता की यह आएगा या नहीं। " आर्यन खान की कुछ तस्वीरें उनके फैन ने सोशल मीडिया पर शेयर की है, जो इंटरनेट पर काफी वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में आर्यन का लुक बदला हुआ नजर आ रहा है।
इस बार कार्तिक आर्यन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें वह एक बार फिर प्यार का पंचनामा वाले अंदाज में नजर आ रहे है। इस वीडियो में उन्होनें कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस बनाने की अपील की है, साथ ही बाहर ना जाने, रेसटोरेंट में खाना ना खाने, ऑफिस ना जाने और हाथ ना मिलाने को कहा है। इंटरनेट सेंसेशन ढिंचैक पूजा ने हाल ही में कोरोनावायरस को लेकर जागरूकता फैलाने वाला गाना रिलीज किया है। इसके साथ ही वह उन सेलिब्रिटियों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने इस महामारी को लेकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया है। कोरोनावायरस को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जहां साठ साल से ऊपर की आयु के लोगों को घरों में रहने के लिए कहा, तो इसके साथ ही उन्होंने रविवार के दिन यानी बाईस मार्च को 'जनता कर्फ्यू' की अपील की। तमिल स्टार धनुष की आगामी फिल्म 'कर्णन' में एक नहीं, बल्कि तीन अभिनेत्रियां नजर आएंगी। मारी सेल्वाराज द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मलयालयी अभिनेत्री राजिशा विजयन, 'छियानवे' फेम गौरी जी. किशन और 'माया' फिल्म की अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया चंद्रमौली नजर आएंगी। खबरों की मानें तो रणबीर और आलिया के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इतना ही नहीं खबरें तो ये तक हैं कि दोनों का ब्रेकअप हो गया है, और ब्रेकअप की वजह बताई जा रही है रणबीर का व्यवहार। ये खबर वाकई फैंस को निराश कर सकती है। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक आलिया के लिए रणबीर का बर्ताव कुछ ठीक नहीं है इसलिए दोनों का ब्रेकअप होने की खबर है। 'स्पेशल ओप्स' वेब सीरीज में गुप्त एजेंट बनीं अभिनेत्री मेहर विज का कहना है कि बेहतर कास्टिंग और असामान्य किरदार ही ऐसी चीजें हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को साबित करने और स्टीरियोटाइप्स को तोड़ने में मदद कर सकती हैं। आयुष्मान खुराना ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर अपनी लिखी शायरी साझा की। इस शायरी के माध्यम से उन्होंने उन परिवारों की समस्याओं को उठाया है, जो कोरोनावायरस महामारी से प्रभावित हुए हैं। साल एक हज़ार नौ सौ छियासी में आई फिल्म 'टॉप गन' केबहुप्रतीक्षित सीक्वल पर अभिनेता ने एम्पायर को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "जहां भी मैं जाता था, लोग कहते थे, टॉप गन लेकर आएं और मैं कहता था, मुझे नहीं पता की यह आएगा या नहीं। " आर्यन खान की कुछ तस्वीरें उनके फैन ने सोशल मीडिया पर शेयर की है, जो इंटरनेट पर काफी वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में आर्यन का लुक बदला हुआ नजर आ रहा है।
गोरखपुर (ब्यूरो). सीएम योगी आदित्यनाथ, गुरुवार को हिन्दू सेवाश्रम में जनता दर्शन में आए फरियादियों की एक-एक कर पीड़ा सुन रहे थे। मुस्लिम समाज की महिला समेत 7 ऐसे मामले आए, जिसमें फरियादियों ने उपचार के लिए आर्थिक मदद की अपील की। सीएम ने मुस्लिम महिला से कहा कि वे अपना एस्टीमेट और आय प्रमाण पत्र बनवा कर आवेदन के साथ डीएम कार्यालय में जमा कराएं। जिला स्तर से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जल्द ही उपचार की राशि अस्पताल को उपचार के लिए भेज दी जाएगी। इसके बाद यात्री निवास में बैठे तकरीबन 150 फरियादियों से मिलने के लिए उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय के प्रभारी मोतीलाल सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा लालकक्ष में बैठकर भी सीएम ने करीब 100 लोगों से मुलाकात की। जनता दर्शन के दौरान कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीआईजी जे। रवींद्र गौड़, डीएम कृष्णा करुणेश, एसएसपी डॉ। गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई, एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। गोरखपुर विजिट के दौरान गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले जनता दर्शन कार्यक्रम में पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेरठ, बुलंदशहर आदि जिलों से लोगों के गोरखपुर आने को सीएम ने गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निराकरण न होने के कारण लोग यहां तक आने को मजबूर हैं। सीएम ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए स्थानीय स्तर पर मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। सीएम ने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निराकरण क्यों नहीं किया जा रहा? अब जनता दर्शन की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जिलों के डीएम को पत्र लिखने की तैयारी है।
गोरखपुर . सीएम योगी आदित्यनाथ, गुरुवार को हिन्दू सेवाश्रम में जनता दर्शन में आए फरियादियों की एक-एक कर पीड़ा सुन रहे थे। मुस्लिम समाज की महिला समेत सात ऐसे मामले आए, जिसमें फरियादियों ने उपचार के लिए आर्थिक मदद की अपील की। सीएम ने मुस्लिम महिला से कहा कि वे अपना एस्टीमेट और आय प्रमाण पत्र बनवा कर आवेदन के साथ डीएम कार्यालय में जमा कराएं। जिला स्तर से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जल्द ही उपचार की राशि अस्पताल को उपचार के लिए भेज दी जाएगी। इसके बाद यात्री निवास में बैठे तकरीबन एक सौ पचास फरियादियों से मिलने के लिए उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय के प्रभारी मोतीलाल सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा लालकक्ष में बैठकर भी सीएम ने करीब एक सौ लोगों से मुलाकात की। जनता दर्शन के दौरान कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीआईजी जे। रवींद्र गौड़, डीएम कृष्णा करुणेश, एसएसपी डॉ। गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई, एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। गोरखपुर विजिट के दौरान गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले जनता दर्शन कार्यक्रम में पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेरठ, बुलंदशहर आदि जिलों से लोगों के गोरखपुर आने को सीएम ने गंभीरता से लिया है। माना जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निराकरण न होने के कारण लोग यहां तक आने को मजबूर हैं। सीएम ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए स्थानीय स्तर पर मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। सीएम ने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निराकरण क्यों नहीं किया जा रहा? अब जनता दर्शन की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जिलों के डीएम को पत्र लिखने की तैयारी है।
भारतीय क्रिकेट की सनसनी विराट कोहली की लोकप्रियता मैदान के अंदर और बाहर इसलिए है क्योंकि वह कमाल के बल्लेबाज होने के साथ-साथ अन्य चीजों में भी सक्रिय रहते हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान में कई क्वालिटीज कूट-कूट के भरी हुई हैं। नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट की सनसनी विराट कोहली की लोकप्रियता मैदान के अंदर और बाहर इसलिए है क्योंकि वह कमाल के बल्लेबाज होने के साथ-साथ अन्य चीजों में भी सक्रिय रहते हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान में कई क्वालिटीज कूट-कूट के भरी हुई हैं। प्रशंसकों ने विराट को मैदान के अंदर और बाहर डांस करते और गीत गाते हुए देखा है, लेकिन इस बार भारतीय टेस्ट कप्तान ने अलग ही अवतार अपनाया। विराट ने कुकिंग में हाथ आजमाया और इसमें भी बल्लेबाजी के समान सबको प्रभावित किया। भारतीय बल्लेबाज ने 'पोच्ड ऐग' बनाया। मौजूदा आइपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) की कप्तानी कर रहे विराट ने एक नेटवर्क 18 चैनल के साथ इंटरव्यू में कुकिंग करते हुए पोच्ड ऐग बनाया। हालांकि वह शेफ मौजूद थे जो विराट को निर्देश दे रहे थे, लेकिन विराट की डिश का रंग शानदार था। दिल्ली के धाकड़ बल्लेबाज ने खुलासा किया कि उन्हें ऑमलेट बनाते आता है और वह फिश (मछली) बनाने की कोशिश भी कर चुके हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि ऐग को पैन से बाहर निकालने का दबाव उन्हें मैदान पर फील्डिंग करने से अधिक लगता है। कोहली की आरसीबी का टूर्नामेंट में अब तक का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। सितारों से सजी आरसीबी की टीम इस समय अंक तालिका में अंतिम स्थान पर है।
भारतीय क्रिकेट की सनसनी विराट कोहली की लोकप्रियता मैदान के अंदर और बाहर इसलिए है क्योंकि वह कमाल के बल्लेबाज होने के साथ-साथ अन्य चीजों में भी सक्रिय रहते हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान में कई क्वालिटीज कूट-कूट के भरी हुई हैं। नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट की सनसनी विराट कोहली की लोकप्रियता मैदान के अंदर और बाहर इसलिए है क्योंकि वह कमाल के बल्लेबाज होने के साथ-साथ अन्य चीजों में भी सक्रिय रहते हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान में कई क्वालिटीज कूट-कूट के भरी हुई हैं। प्रशंसकों ने विराट को मैदान के अंदर और बाहर डांस करते और गीत गाते हुए देखा है, लेकिन इस बार भारतीय टेस्ट कप्तान ने अलग ही अवतार अपनाया। विराट ने कुकिंग में हाथ आजमाया और इसमें भी बल्लेबाजी के समान सबको प्रभावित किया। भारतीय बल्लेबाज ने 'पोच्ड ऐग' बनाया। मौजूदा आइपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी कर रहे विराट ने एक नेटवर्क अट्ठारह चैनल के साथ इंटरव्यू में कुकिंग करते हुए पोच्ड ऐग बनाया। हालांकि वह शेफ मौजूद थे जो विराट को निर्देश दे रहे थे, लेकिन विराट की डिश का रंग शानदार था। दिल्ली के धाकड़ बल्लेबाज ने खुलासा किया कि उन्हें ऑमलेट बनाते आता है और वह फिश बनाने की कोशिश भी कर चुके हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि ऐग को पैन से बाहर निकालने का दबाव उन्हें मैदान पर फील्डिंग करने से अधिक लगता है। कोहली की आरसीबी का टूर्नामेंट में अब तक का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। सितारों से सजी आरसीबी की टीम इस समय अंक तालिका में अंतिम स्थान पर है।
बारिश की रिमझिम फुहारें जहां तपती गर्मी से निजात दिलाती हैं, वहीं यह मौसम अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है। इस मौसम में त्वचा संबंधी कई छोटी-मोटी तकलीफें हो सकती हैं। इनमें से एक आम समस्या है पैरों में संक्रमण होना। बरसात के मौसम में अपने पैरों को ठीक रखने के लिए एहतियात बरतनी जरूरी है। इस मौसम में थोड़ा सा समय अपने पैरों को देंगे, तो आपके पैर खूबसूरत बने रहेंगे। लंबे समय तक पानी में भीगना और पानी में रहने से सबसे ज्यादा नुकसान हमारे पैरों को होता है। बारिश के मौसम में शरीर के अन्य भाग से ज्यादा ख्याल हमें अपने पैरों का रखना चाहिए। अगर यह ज्यादा देर तक गीले रहेंगें और इनकी सफाई न की जाए, तो इनमें फंगस इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो पैरों के नाखूनों में सूजन और दर्द भी होने लगता है। आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे जो बारिश के मौसम में आपके बेहद काम आएंगे। सिरका- पैरों को फंगस से बचाने के लिए सबसे अच्छा और सबसे सस्ता तरीका है सिरका। यह पैरों में जमी गंदगी को अच्छे से साफ कर उन्हें संक्रमण से बचाता है। आप 50 प्रतिशत सिरका में 50 प्रतिशत पानी मिला लें, फिर 30 मिनट तक पैरों को उसमें डाल कर रखें, इसके बाद अच्छे से पैरों को साफ कर क्रीम लगा लें। विक्स वेपोरब -पैरों के नाखूनों के संक्रमण को खत्म करने का दूसरा सरल और आसान तरीका है विक्स वेपोरब और इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है। इसे आप दिन में दो बार लगा सकते हैं। नमक का पानी- पैरों में किसी भी प्रकार का संक्रमण है, तो उससे छुटकारा पाने के लिए नमक के पानी का इस्तेमाल करें। यह सबसे अच्छा एंटीसेप्टिक है। एक टब गुनगुने पानी में दो बड़े चम्मच नमक डाल दें, फिर उसमें 4 से 5 मिनट अपने पैर रखें। इसे तब तक करें संक्रमण ठीक न हो जाए। बेकिंग सोडा - बेकिंग सोडा पी एच को बैलेंस करने में मदद करता है, जिसकी वजह से फंगस पैरों में नहीं होता है। आप इसका पेस्ट बना कर भी लगा सकते हैं या फिर अपने जूतों में छिड़क सकते हैं, इससे जूतों से होने वाली फंगस से बचा जा सकता है। हल्दी- हल्दी और पानी को 1/3 के भाग में मिला लें, फिर रुई से इसे अपने संक्रमित पैर के नाखूनों में लगाए। इसे दिन में तीन बार लगाएं। इससे फंगस जल्दी ठीक होगा। नीम का तेल- एंटीफंगल होने की वजह से नीम का तेल फंगस को जल्दी ठीक करता और बढ़ने से रोकता है। इसे आप नाखूनों और उसके आसपास की जगह पर मालिश कर सकते हैं। नारियल का तेल- नारियल का तेल त्वचा को किसी भी प्रकार की होने वाली बीमारी से बचता है। इस तेल को फंगस की जगह पर लगाने से उससे होने वाले दर्द से आराम मिलता है साथ ही फंगस को बढ़ने से भी रोकता है।
बारिश की रिमझिम फुहारें जहां तपती गर्मी से निजात दिलाती हैं, वहीं यह मौसम अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है। इस मौसम में त्वचा संबंधी कई छोटी-मोटी तकलीफें हो सकती हैं। इनमें से एक आम समस्या है पैरों में संक्रमण होना। बरसात के मौसम में अपने पैरों को ठीक रखने के लिए एहतियात बरतनी जरूरी है। इस मौसम में थोड़ा सा समय अपने पैरों को देंगे, तो आपके पैर खूबसूरत बने रहेंगे। लंबे समय तक पानी में भीगना और पानी में रहने से सबसे ज्यादा नुकसान हमारे पैरों को होता है। बारिश के मौसम में शरीर के अन्य भाग से ज्यादा ख्याल हमें अपने पैरों का रखना चाहिए। अगर यह ज्यादा देर तक गीले रहेंगें और इनकी सफाई न की जाए, तो इनमें फंगस इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो पैरों के नाखूनों में सूजन और दर्द भी होने लगता है। आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे जो बारिश के मौसम में आपके बेहद काम आएंगे। सिरका- पैरों को फंगस से बचाने के लिए सबसे अच्छा और सबसे सस्ता तरीका है सिरका। यह पैरों में जमी गंदगी को अच्छे से साफ कर उन्हें संक्रमण से बचाता है। आप पचास प्रतिशत सिरका में पचास प्रतिशत पानी मिला लें, फिर तीस मिनट तक पैरों को उसमें डाल कर रखें, इसके बाद अच्छे से पैरों को साफ कर क्रीम लगा लें। विक्स वेपोरब -पैरों के नाखूनों के संक्रमण को खत्म करने का दूसरा सरल और आसान तरीका है विक्स वेपोरब और इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है। इसे आप दिन में दो बार लगा सकते हैं। नमक का पानी- पैरों में किसी भी प्रकार का संक्रमण है, तो उससे छुटकारा पाने के लिए नमक के पानी का इस्तेमाल करें। यह सबसे अच्छा एंटीसेप्टिक है। एक टब गुनगुने पानी में दो बड़े चम्मच नमक डाल दें, फिर उसमें चार से पाँच मिनट अपने पैर रखें। इसे तब तक करें संक्रमण ठीक न हो जाए। बेकिंग सोडा - बेकिंग सोडा पी एच को बैलेंस करने में मदद करता है, जिसकी वजह से फंगस पैरों में नहीं होता है। आप इसका पेस्ट बना कर भी लगा सकते हैं या फिर अपने जूतों में छिड़क सकते हैं, इससे जूतों से होने वाली फंगस से बचा जा सकता है। हल्दी- हल्दी और पानी को एक/तीन के भाग में मिला लें, फिर रुई से इसे अपने संक्रमित पैर के नाखूनों में लगाए। इसे दिन में तीन बार लगाएं। इससे फंगस जल्दी ठीक होगा। नीम का तेल- एंटीफंगल होने की वजह से नीम का तेल फंगस को जल्दी ठीक करता और बढ़ने से रोकता है। इसे आप नाखूनों और उसके आसपास की जगह पर मालिश कर सकते हैं। नारियल का तेल- नारियल का तेल त्वचा को किसी भी प्रकार की होने वाली बीमारी से बचता है। इस तेल को फंगस की जगह पर लगाने से उससे होने वाले दर्द से आराम मिलता है साथ ही फंगस को बढ़ने से भी रोकता है।
कोरोना नियमों में मिली ढील के बाद खुले स्कूलों में अब रौनक बढ़ती जा रही है। स्कूल के प्रांगण बच्चों के पहुंचने और उनकी चहलकदमी से गुलजार होने लगे हैं। उपस्थित भी 75 फीसदी तक पहुंच गई है। पठन पाठन के प्रति बच्चों में उत्साह देखा जा रहा है। 16 फरवरी से प्राथमिक स्तर के बच्चों के पठन पाठन कराने के लिए स्कूल खुल गए हैं। इस दौरान यहां पर शिक्षक सोशल डिस्टेंसिंग और बच्चों को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित करते देखे गए हैं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य माणकचंद कच्छवाह ने बताया कि कोरोना की तीहरी लहर के बाद पूर्ण रूप से स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूल खुलने से बच्चों के चेहरे पर मुस्कान जाहिर हो रही है। बच्चों ने खुशी-खुशी स्कूल आना प्रारंभ कर दिया है। अभी तक स्कूल तकरीबन 75 फीसदी बच्चे स्कूल आ रहा है। कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी छात्र-छात्राएं स्कूल आ रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
कोरोना नियमों में मिली ढील के बाद खुले स्कूलों में अब रौनक बढ़ती जा रही है। स्कूल के प्रांगण बच्चों के पहुंचने और उनकी चहलकदमी से गुलजार होने लगे हैं। उपस्थित भी पचहत्तर फीसदी तक पहुंच गई है। पठन पाठन के प्रति बच्चों में उत्साह देखा जा रहा है। सोलह फरवरी से प्राथमिक स्तर के बच्चों के पठन पाठन कराने के लिए स्कूल खुल गए हैं। इस दौरान यहां पर शिक्षक सोशल डिस्टेंसिंग और बच्चों को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित करते देखे गए हैं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य माणकचंद कच्छवाह ने बताया कि कोरोना की तीहरी लहर के बाद पूर्ण रूप से स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूल खुलने से बच्चों के चेहरे पर मुस्कान जाहिर हो रही है। बच्चों ने खुशी-खुशी स्कूल आना प्रारंभ कर दिया है। अभी तक स्कूल तकरीबन पचहत्तर फीसदी बच्चे स्कूल आ रहा है। कक्षा दसवीं और बारहवीं के सभी छात्र-छात्राएं स्कूल आ रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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मैं, एक यूक्रेनी के रूप में, रूसी चैनलों को नहीं देखता हूं, लेकिन आने वाली कॉलों को देखते हुए, मैं समझता हूं कि क्या हो रहा है। सबसे पहले, कब्जे वाले क्रीमिया के क्षेत्र में कोई गैस नहीं है, और वे हमारी मदद नहीं कर सकते। दूसरे, हमारी गैस की कमी कई हफ्तों तक बड़े ठंढों में हो सकती है। और यह केवल 30 ग्राहकों के लिए पर्याप्त नहीं होगा, जो केवल 6000 हैं, और 70 हजार नहीं हैं, क्योंकि रूसी प्रचारक झूठ बोलते हैं। एक दिलचस्प कथनः "केवल 30% ग्राहक पर्याप्त नहीं होंगे। " यही है, इन "ग्राहकों" की समस्याओं को विशेष रूप से शहर प्रशासन की चिंता नहीं है? खेरसॉन रीजनल स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ने क्रीमिया से उस गैस की घोषणा करने की कोशिश की, जो "नेटिफाज़ के समान बयानों की पृष्ठभूमि के खिलाफ" जेनिचेक में प्रवेश नहीं किया। क्रीमिया में, स्पष्ट तथ्यों को अस्वीकार करने के लिए यूक्रेनी अधिकारियों के बेतुके प्रयासों पर टिप्पणी की। क्रीमिया गणराज्य के उप प्रधान मंत्री दिमित्री पोलोनस्की ने कहा कि यदि कीव रूस से गैस की आपूर्ति को मान्यता देता है, तो यह यूक्रेनी लोगों को यूक्रेनियन अधिकारियों की असमर्थता के बारे में संदेश देगा, जिसमें यूक्रेनियन के सामने आने वाली समस्याओं को हल करने की संभावना होगी, जिसमें जेनिचेस के निवासी भी शामिल हैं। रिया नोवोस्ती दिमित्री पोलोनस्की के कथन के उद्धरणः यहां सब कुछ बिल्कुल स्पष्ट है। यदि वे क्रीमिया से गैस आपूर्ति के तथ्य को स्वीकार करते हैं, तो यह उनके लिए पूरी तरह से हार और नुकसान होगा। इसका मतलब यह होगा कि वे मुख्य रूप से दक्षिणी क्षेत्रों, विशेषकर खेरसॉन क्षेत्र में व्यवस्था बहाल करने के संदर्भ में अपनी पूरी शक्तिहीनता को स्वीकार करते हैं। इसका मतलब यह होगा कि वे आबादी के लिए एक स्थिर गैस आपूर्ति स्थापित करने में अपनी पूरी लाचारी और असमर्थता दिखाएंगे। उनके बाहरी उग्रवादी के पीछे, दुर्जेय बयानबाजी पूर्ण शून्यता है - स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, विशेष रूप से कठिन शरद ऋतु-सर्दियों की अवधि में, अपने क्षेत्र को नियंत्रित करने में एक पूर्ण अक्षमता।
मैं, एक यूक्रेनी के रूप में, रूसी चैनलों को नहीं देखता हूं, लेकिन आने वाली कॉलों को देखते हुए, मैं समझता हूं कि क्या हो रहा है। सबसे पहले, कब्जे वाले क्रीमिया के क्षेत्र में कोई गैस नहीं है, और वे हमारी मदद नहीं कर सकते। दूसरे, हमारी गैस की कमी कई हफ्तों तक बड़े ठंढों में हो सकती है। और यह केवल तीस ग्राहकों के लिए पर्याप्त नहीं होगा, जो केवल छः हज़ार हैं, और सत्तर हजार नहीं हैं, क्योंकि रूसी प्रचारक झूठ बोलते हैं। एक दिलचस्प कथनः "केवल तीस% ग्राहक पर्याप्त नहीं होंगे। " यही है, इन "ग्राहकों" की समस्याओं को विशेष रूप से शहर प्रशासन की चिंता नहीं है? खेरसॉन रीजनल स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ने क्रीमिया से उस गैस की घोषणा करने की कोशिश की, जो "नेटिफाज़ के समान बयानों की पृष्ठभूमि के खिलाफ" जेनिचेक में प्रवेश नहीं किया। क्रीमिया में, स्पष्ट तथ्यों को अस्वीकार करने के लिए यूक्रेनी अधिकारियों के बेतुके प्रयासों पर टिप्पणी की। क्रीमिया गणराज्य के उप प्रधान मंत्री दिमित्री पोलोनस्की ने कहा कि यदि कीव रूस से गैस की आपूर्ति को मान्यता देता है, तो यह यूक्रेनी लोगों को यूक्रेनियन अधिकारियों की असमर्थता के बारे में संदेश देगा, जिसमें यूक्रेनियन के सामने आने वाली समस्याओं को हल करने की संभावना होगी, जिसमें जेनिचेस के निवासी भी शामिल हैं। रिया नोवोस्ती दिमित्री पोलोनस्की के कथन के उद्धरणः यहां सब कुछ बिल्कुल स्पष्ट है। यदि वे क्रीमिया से गैस आपूर्ति के तथ्य को स्वीकार करते हैं, तो यह उनके लिए पूरी तरह से हार और नुकसान होगा। इसका मतलब यह होगा कि वे मुख्य रूप से दक्षिणी क्षेत्रों, विशेषकर खेरसॉन क्षेत्र में व्यवस्था बहाल करने के संदर्भ में अपनी पूरी शक्तिहीनता को स्वीकार करते हैं। इसका मतलब यह होगा कि वे आबादी के लिए एक स्थिर गैस आपूर्ति स्थापित करने में अपनी पूरी लाचारी और असमर्थता दिखाएंगे। उनके बाहरी उग्रवादी के पीछे, दुर्जेय बयानबाजी पूर्ण शून्यता है - स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, विशेष रूप से कठिन शरद ऋतु-सर्दियों की अवधि में, अपने क्षेत्र को नियंत्रित करने में एक पूर्ण अक्षमता।
चाहे वह अभी भी जीवन या किसी व्यक्ति या पालतू जानवर का चित्र हो, जिसमें अपेक्षाकृत सरल या अव्यवस्थित पृष्ठभूमि हो, फोकस पूरी तरह से विषय पर गिरने की अनुमति देता है। अक्सर, शुरुआत करने वाले कलाकार पहले विषय को पेंट करते हैं और फिर नहीं जानते कि पृष्ठभूमि के साथ क्या करना है। उस समस्या से बचने के लिए, पहले पृष्ठभूमि को पेंट करें। यदि आप ऐसा करते हैं, तो आप पृष्ठभूमि में पेंट करने के बारे में जानने के लिए संघर्ष नहीं करेंगे या आपके सावधानी से चित्रित विषय पर गलती से पेंटिंग के बारे में चिंता न करें। फिर जब आप विषय को पेंट करते हैं, तो यदि आवश्यक हो तो पेंटिंग को एकजुट करने में सहायता के लिए आप पृष्ठभूमि से थोड़ा रंग में काम कर सकते हैं। कलाकार जेफ वाट्स द्वारा तस्वीरों का यह अनुक्रम एक पृष्ठभूमि को पेंट करने का एक प्रभावी तरीका दिखाता है जो सरल है लेकिन इसमें दृश्य रुचि और प्रभाव है। कलात्मक लाइसेंस का मतलब है कि आप जो भी दिशा चाहते हैं उससे प्रकाश आ सकता है। आप बस यह तय करते हैं कि आप इसे कहां चाहते हैं, फिर रंगों में अपने सबसे संतृप्त निकटतम प्रकाश में प्रकाश डालें और प्रकाश से कमजोर दूर रहें। जेफ ने कहा, "सबसे पहले, अपना प्रकाश स्रोत ढूंढें। इस चित्रकला में, यह बाईं ओर से आ रहा है। इसलिए, जहां मैंने क्रिस्ट-क्रॉस स्ट्रोक का उपयोग करके सबसे गहरे रंग, काले और एलिज़ारिन किरमिजन के साथ शुरुआत की। " अधिक " यादृच्छिक ब्रशमार्क पेंट न करें, लेकिन प्रकाश में दिशा की भावना को बढ़ाने के लिए उनका उपयोग करें। आपके ब्रशस्ट्रोक को ब्रांड नई फेंसपोस्ट जैसी कठोर पंक्ति में लाइन करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कुछ तूफानों की तरह एक बाड़ की तरह थोड़ा higgledy-piggledy हो सकता है। मार्चिंग के बजाए उन्हें नृत्य के रूप में सोचें। जेफ ने कहा, "कैनवास में उसी दिशा में चल रहा है जैसे प्रकाश यात्रा कर रहा है, मैंने पेंट मिश्रण को कैडमियम लाल के साथ हल्का कर दिया। " याद रखें कि प्रकाश का प्रभाव निरंतर नहीं है, क्योंकि यह प्रकाश के स्रोत से आगे निकलता है। पृष्ठभूमि को पेंट करते समय इस बदलाव को थोड़ा बढ़ा देना बहुत प्रभावी हो सकता है क्योंकि यह स्वर में एक विपरीत प्रदान करता है। जेफ ने कहा, "मैं सफेद जोड़कर मिश्रण को हल्का कर रहा था क्योंकि मैं दूसरी तरफ जाता था। यह पृष्ठभूमि का सबसे हल्का हिस्सा है क्योंकि यह वह जगह है जहां प्रकाश चमक रहा है। 'अंधेरा जहां प्रकाश शुरू होता है, प्रकाश जहां प्रकाश चला जाता है 'यह याद रखने का एक अच्छा तरीका है। एक छाया जोड़ना विषय एंकर। इसके बिना, चीजें सभी आसानी से दिखती हैं जैसे वे अंतरिक्ष में तैर रहे हैं। पृष्ठभूमि की इस शैली के लिए आप विस्तृत छाया के बाद नहीं हैं, केवल एक गहरा स्वर है जहां विषय के बड़े आकार आपके द्वारा चुने गए प्रकाश की दिशा के अनुसार एक छाया डालेगा। जेफ ने कहा, "मैंने क्षितिज रेखा को धुंधला कर दिया और बिल्ली की कास्ट छाया जोड़ दी। मुझे लगता है कि क्षितिज रेखा का धुंधला इस प्रकार की पृष्ठभूमि का 'जादू' है। " अधिक " एक बार जब आप इसे अपनी संतुष्टि के लिए काम कर लेते हैं, तो अब इस विषय को चित्रित करने के लिए स्थानांतरित करने का समय है। पूरी तरह से "सही" होने के बारे में तनाव न करें, आप बाद में समायोजन और समायोजन कर सकते हैं। जेफ ने कहा, "एक पृष्ठभूमि चित्रकारी इस तरह से आपके चित्रकला में वातावरण और परिप्रेक्ष्य की भावना पैदा करती है। यह पृष्ठभूमि के अंधेरे तरफ के आगे विषय के प्रकाश पक्ष को भी रखती है, और हल्के के बगल में विषय के छाया पक्ष को भी रखती है पृष्ठभूमि के पक्ष में। अंधेरे के खिलाफ प्रकाश का यह विपरीत एक दिलचस्प चित्रकला के लिए बनाता है। जेफ ने कहा, "अगले दिन, मैं अलग-अलग रंगों के साथ फिर से पूरी पृष्ठभूमि में गया (मैंने अपना दिमाग बदल दिया है। ) जब मैं आखिरकार बिल्ली को चित्रित करना समाप्त करता हूं (यह अभी तक फोटो में नहीं है), तो मैं जाऊंगा पृष्ठभूमि फिर से। मैं कुछ रंगों को फिर से बदल सकता हूं। कभी-कभी मैं ऐसा करता हूं क्योंकि मैं पहली जगह में जो इस्तेमाल करता हूं उसे भूल जाता हूं, और कभी-कभी क्योंकि मैं गीले पृष्ठभूमि में फर को काम करना पसंद करता हूं। पृष्ठभूमि की यह शैली पोर्ट्रेट या अभी भी जीवन के लिए अच्छी तरह से काम करती है। आप इसे जितना चाहें उतना छोटा या जितना मिश्रण कर सकते हैं। मुझे लगता है कि छोटे ब्रशस्ट्रोक सबसे अच्छे काम करते हैं। आप जो भी रंग चाहते हैं उसका उपयोग कर सकते हैं, हालांकि मैं पृष्ठभूमि में कुछ विषय रंग प्राप्त करने का प्रयास करता हूं (और इसके विपरीत)। यह हमेशा ध्यान देने योग्य नहीं है क्योंकि यह मिश्रित हो जाता है, लेकिन यह वहां है। "
चाहे वह अभी भी जीवन या किसी व्यक्ति या पालतू जानवर का चित्र हो, जिसमें अपेक्षाकृत सरल या अव्यवस्थित पृष्ठभूमि हो, फोकस पूरी तरह से विषय पर गिरने की अनुमति देता है। अक्सर, शुरुआत करने वाले कलाकार पहले विषय को पेंट करते हैं और फिर नहीं जानते कि पृष्ठभूमि के साथ क्या करना है। उस समस्या से बचने के लिए, पहले पृष्ठभूमि को पेंट करें। यदि आप ऐसा करते हैं, तो आप पृष्ठभूमि में पेंट करने के बारे में जानने के लिए संघर्ष नहीं करेंगे या आपके सावधानी से चित्रित विषय पर गलती से पेंटिंग के बारे में चिंता न करें। फिर जब आप विषय को पेंट करते हैं, तो यदि आवश्यक हो तो पेंटिंग को एकजुट करने में सहायता के लिए आप पृष्ठभूमि से थोड़ा रंग में काम कर सकते हैं। कलाकार जेफ वाट्स द्वारा तस्वीरों का यह अनुक्रम एक पृष्ठभूमि को पेंट करने का एक प्रभावी तरीका दिखाता है जो सरल है लेकिन इसमें दृश्य रुचि और प्रभाव है। कलात्मक लाइसेंस का मतलब है कि आप जो भी दिशा चाहते हैं उससे प्रकाश आ सकता है। आप बस यह तय करते हैं कि आप इसे कहां चाहते हैं, फिर रंगों में अपने सबसे संतृप्त निकटतम प्रकाश में प्रकाश डालें और प्रकाश से कमजोर दूर रहें। जेफ ने कहा, "सबसे पहले, अपना प्रकाश स्रोत ढूंढें। इस चित्रकला में, यह बाईं ओर से आ रहा है। इसलिए, जहां मैंने क्रिस्ट-क्रॉस स्ट्रोक का उपयोग करके सबसे गहरे रंग, काले और एलिज़ारिन किरमिजन के साथ शुरुआत की। " अधिक " यादृच्छिक ब्रशमार्क पेंट न करें, लेकिन प्रकाश में दिशा की भावना को बढ़ाने के लिए उनका उपयोग करें। आपके ब्रशस्ट्रोक को ब्रांड नई फेंसपोस्ट जैसी कठोर पंक्ति में लाइन करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कुछ तूफानों की तरह एक बाड़ की तरह थोड़ा higgledy-piggledy हो सकता है। मार्चिंग के बजाए उन्हें नृत्य के रूप में सोचें। जेफ ने कहा, "कैनवास में उसी दिशा में चल रहा है जैसे प्रकाश यात्रा कर रहा है, मैंने पेंट मिश्रण को कैडमियम लाल के साथ हल्का कर दिया। " याद रखें कि प्रकाश का प्रभाव निरंतर नहीं है, क्योंकि यह प्रकाश के स्रोत से आगे निकलता है। पृष्ठभूमि को पेंट करते समय इस बदलाव को थोड़ा बढ़ा देना बहुत प्रभावी हो सकता है क्योंकि यह स्वर में एक विपरीत प्रदान करता है। जेफ ने कहा, "मैं सफेद जोड़कर मिश्रण को हल्का कर रहा था क्योंकि मैं दूसरी तरफ जाता था। यह पृष्ठभूमि का सबसे हल्का हिस्सा है क्योंकि यह वह जगह है जहां प्रकाश चमक रहा है। 'अंधेरा जहां प्रकाश शुरू होता है, प्रकाश जहां प्रकाश चला जाता है 'यह याद रखने का एक अच्छा तरीका है। एक छाया जोड़ना विषय एंकर। इसके बिना, चीजें सभी आसानी से दिखती हैं जैसे वे अंतरिक्ष में तैर रहे हैं। पृष्ठभूमि की इस शैली के लिए आप विस्तृत छाया के बाद नहीं हैं, केवल एक गहरा स्वर है जहां विषय के बड़े आकार आपके द्वारा चुने गए प्रकाश की दिशा के अनुसार एक छाया डालेगा। जेफ ने कहा, "मैंने क्षितिज रेखा को धुंधला कर दिया और बिल्ली की कास्ट छाया जोड़ दी। मुझे लगता है कि क्षितिज रेखा का धुंधला इस प्रकार की पृष्ठभूमि का 'जादू' है। " अधिक " एक बार जब आप इसे अपनी संतुष्टि के लिए काम कर लेते हैं, तो अब इस विषय को चित्रित करने के लिए स्थानांतरित करने का समय है। पूरी तरह से "सही" होने के बारे में तनाव न करें, आप बाद में समायोजन और समायोजन कर सकते हैं। जेफ ने कहा, "एक पृष्ठभूमि चित्रकारी इस तरह से आपके चित्रकला में वातावरण और परिप्रेक्ष्य की भावना पैदा करती है। यह पृष्ठभूमि के अंधेरे तरफ के आगे विषय के प्रकाश पक्ष को भी रखती है, और हल्के के बगल में विषय के छाया पक्ष को भी रखती है पृष्ठभूमि के पक्ष में। अंधेरे के खिलाफ प्रकाश का यह विपरीत एक दिलचस्प चित्रकला के लिए बनाता है। जेफ ने कहा, "अगले दिन, मैं अलग-अलग रंगों के साथ फिर से पूरी पृष्ठभूमि में गया जब मैं आखिरकार बिल्ली को चित्रित करना समाप्त करता हूं , तो मैं जाऊंगा पृष्ठभूमि फिर से। मैं कुछ रंगों को फिर से बदल सकता हूं। कभी-कभी मैं ऐसा करता हूं क्योंकि मैं पहली जगह में जो इस्तेमाल करता हूं उसे भूल जाता हूं, और कभी-कभी क्योंकि मैं गीले पृष्ठभूमि में फर को काम करना पसंद करता हूं। पृष्ठभूमि की यह शैली पोर्ट्रेट या अभी भी जीवन के लिए अच्छी तरह से काम करती है। आप इसे जितना चाहें उतना छोटा या जितना मिश्रण कर सकते हैं। मुझे लगता है कि छोटे ब्रशस्ट्रोक सबसे अच्छे काम करते हैं। आप जो भी रंग चाहते हैं उसका उपयोग कर सकते हैं, हालांकि मैं पृष्ठभूमि में कुछ विषय रंग प्राप्त करने का प्रयास करता हूं । यह हमेशा ध्यान देने योग्य नहीं है क्योंकि यह मिश्रित हो जाता है, लेकिन यह वहां है। "
Tamil Nadu: पुलिस उप महानिरीक्षक (Coimbatore Range) विजयकुमार ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी जांच की जा रही है। Tamil Nadu: पुलिस उप महानिरीक्षक (Coimbatore Range) विजयकुमार ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपने आवास पर पिस्टल से खुद को गोली मार ली। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया अभी इस बारे में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए भेज दिया है और तहकीकात में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। डीआईजी विजयकुमार (Vijaya Kumar) ने आज सुबह करीब 6. 15 बजे रेस कोर्स के पास रेड फील्ड्स स्थित अपने आधिकारिक आवास पर खुद को गोली मार ली। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विजयकुमार गंभीर अवसाद में थे और उन्होंने नींद न आने की शिकायत भी थी। साथ ही, बता दें कि उनकी काउंसलिंग (Counselling) भी चल रही थी व कुछ दिन पहले ही उनके परिवार को चेन्नई से कोयंबटूर लाया गया था। पुलिस ने बताया कि विजयकुमार (Vijaya Kumar) ने खुद को गोली मार ली। उनके आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को संपर्क किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए कोयंबटूर (Coimbatore) मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) विजयकुमार ने इस साल जनवरी में कोयंबटूर रेंज के डीआईजी के रूप में कार्यभार संभालना था और इससे पहले वे कांचीपुरम, कुड्डालोर, नागापट्टिनम और तिरुवरुर के पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्त के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। डीआईजी विजयकुमार की आत्महत्या पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि पुलिस अधिकारी विजयकुमार की असामयिक मृत्यु की खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी हूं। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न भूमिकाओं में प्रदेश की अच्छी सेवा की है। उनका निधन तमिलनाडु पुलिस विभाग के लिए एक दुखद घटना है। साथ ही, सीएम स्टालिन ने कहा कि पुलिस बल में उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
Tamil Nadu: पुलिस उप महानिरीक्षक विजयकुमार ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी जांच की जा रही है। Tamil Nadu: पुलिस उप महानिरीक्षक विजयकुमार ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपने आवास पर पिस्टल से खुद को गोली मार ली। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया अभी इस बारे में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और तहकीकात में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। डीआईजी विजयकुमार ने आज सुबह करीब छः. पंद्रह बजे रेस कोर्स के पास रेड फील्ड्स स्थित अपने आधिकारिक आवास पर खुद को गोली मार ली। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विजयकुमार गंभीर अवसाद में थे और उन्होंने नींद न आने की शिकायत भी थी। साथ ही, बता दें कि उनकी काउंसलिंग भी चल रही थी व कुछ दिन पहले ही उनके परिवार को चेन्नई से कोयंबटूर लाया गया था। पुलिस ने बताया कि विजयकुमार ने खुद को गोली मार ली। उनके आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को संपर्क किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। दो हज़ार नौ बैच के आईपीएस अधिकारी विजयकुमार ने इस साल जनवरी में कोयंबटूर रेंज के डीआईजी के रूप में कार्यभार संभालना था और इससे पहले वे कांचीपुरम, कुड्डालोर, नागापट्टिनम और तिरुवरुर के पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्त के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। डीआईजी विजयकुमार की आत्महत्या पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि पुलिस अधिकारी विजयकुमार की असामयिक मृत्यु की खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी हूं। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न भूमिकाओं में प्रदेश की अच्छी सेवा की है। उनका निधन तमिलनाडु पुलिस विभाग के लिए एक दुखद घटना है। साथ ही, सीएम स्टालिन ने कहा कि पुलिस बल में उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
तमिलनाडु में बीते कुछ दिनों के दौरान जिस तरह आयकर अधिकारियों ने एक साथ तीन कंपनियों पर छापेमारी की है। जनवरी के आखिरी हफ्ते में तमिलनाडु के मश्हूर सर्वणा स्टोर, लोटस ग्रुप व जी स्कॉवयर के करीब 72 कार्यालयों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की। यह छापेमारी चेन्नई व कोयंबटूर में की गई थी। पैसे, हीरे व जेवरात छुपाने के लिए इन तीनों कंपनियों के मालिकों ने काफी कुछ सामान एक कब्रिस्तान में छिपा दिया था। 28 जनवरी को मारे गए छापे में आयकर विभाग को ज्यादा कुछ नहीं मिला था। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों को छापा पड़ने की खबर कुछ पुलिस वालों से पहले ही लग गई थी। छापा पड़ने की सूचना मिलने के बाद तीनों कंपनियों के कर्मचारियों ने ज्यादातर पैसों, सोना व हीरों को एक एसयूवी में छुपाकर चेन्नई की सड़कों पर दौड़ाना शुरू कर दिया। इस गाड़ी में जो सामान था उसकी कुल कीमत 433 करोड़ रुपये के करीब थी। आयकर अधिकारियों को छापा मारने के बाद यह सूचना मिली कि एक गाड़ी चेन्नई की सड़कों पर लगातार चक्कर मार रही है और इसमें काफी काला धन व जेवरात हैं। इस गाड़ी को जब पुलिस की मदद से ढूंढ निकाला गया तो इसमें कुछ नहीं मिला। हालांकि सख्त पूछताछ के बाद एक कब्रिस्तान में कई सारे बोरे छुपाने की बात ड्राइवर ने बता दी। इसके बाद आयकर अधिकारियों ने ड्राइवर की निशानदेही पर उक्त कब्रिस्तान में खुदाई शुरू कराई। खुदाई में आयकर अधिकारियों को करीब 25 करोड़ रुपये नगद, 12 किलो सोना और 626 कैरेट की हीरे बरामद किए।
तमिलनाडु में बीते कुछ दिनों के दौरान जिस तरह आयकर अधिकारियों ने एक साथ तीन कंपनियों पर छापेमारी की है। जनवरी के आखिरी हफ्ते में तमिलनाडु के मश्हूर सर्वणा स्टोर, लोटस ग्रुप व जी स्कॉवयर के करीब बहत्तर कार्यालयों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की। यह छापेमारी चेन्नई व कोयंबटूर में की गई थी। पैसे, हीरे व जेवरात छुपाने के लिए इन तीनों कंपनियों के मालिकों ने काफी कुछ सामान एक कब्रिस्तान में छिपा दिया था। अट्ठाईस जनवरी को मारे गए छापे में आयकर विभाग को ज्यादा कुछ नहीं मिला था। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों को छापा पड़ने की खबर कुछ पुलिस वालों से पहले ही लग गई थी। छापा पड़ने की सूचना मिलने के बाद तीनों कंपनियों के कर्मचारियों ने ज्यादातर पैसों, सोना व हीरों को एक एसयूवी में छुपाकर चेन्नई की सड़कों पर दौड़ाना शुरू कर दिया। इस गाड़ी में जो सामान था उसकी कुल कीमत चार सौ तैंतीस करोड़ रुपये के करीब थी। आयकर अधिकारियों को छापा मारने के बाद यह सूचना मिली कि एक गाड़ी चेन्नई की सड़कों पर लगातार चक्कर मार रही है और इसमें काफी काला धन व जेवरात हैं। इस गाड़ी को जब पुलिस की मदद से ढूंढ निकाला गया तो इसमें कुछ नहीं मिला। हालांकि सख्त पूछताछ के बाद एक कब्रिस्तान में कई सारे बोरे छुपाने की बात ड्राइवर ने बता दी। इसके बाद आयकर अधिकारियों ने ड्राइवर की निशानदेही पर उक्त कब्रिस्तान में खुदाई शुरू कराई। खुदाई में आयकर अधिकारियों को करीब पच्चीस करोड़ रुपये नगद, बारह किलो सोना और छः सौ छब्बीस कैरेट की हीरे बरामद किए।
लखनऊ, 26 मई (आईएएनएस)। गंभीर रूप से बीमार जाने-माने शायर मुनव्वर राणा को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उनकी बेटी सुमैया राणा ने कहा कि 70 वर्षीय मुनव्वर राणा को पित्ताशय की पथरी की सर्जरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह गले के कैंसर से भी पीड़ित थे और उनका डायलिसिस चल रहा था। सुमैया राणा ने कहा कि उनके पिता का पिछले मंगलवार को अस्पताल में पित्ताशय का ऑपरेशन हुआ था। जब उन्हें डायलिसिस के लिए अस्पताल लाया गया, तो पता चला कि स्टोन की वजह से उनका गॉलब्लैडर डैमेज हो गया है। उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। गौरतलब है कि राणा देश के सबसे लोकप्रिय और प्रशंसित शायरों में से एक हैं, जो हिंदी और उर्दू दोनों में लिखते हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में एक मां है, इसमें उन्होंने गजल की शैली का उपयोग एक मां के गुणों का गुणगान करने के लिए किया है।
लखनऊ, छब्बीस मई । गंभीर रूप से बीमार जाने-माने शायर मुनव्वर राणा को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उनकी बेटी सुमैया राणा ने कहा कि सत्तर वर्षीय मुनव्वर राणा को पित्ताशय की पथरी की सर्जरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह गले के कैंसर से भी पीड़ित थे और उनका डायलिसिस चल रहा था। सुमैया राणा ने कहा कि उनके पिता का पिछले मंगलवार को अस्पताल में पित्ताशय का ऑपरेशन हुआ था। जब उन्हें डायलिसिस के लिए अस्पताल लाया गया, तो पता चला कि स्टोन की वजह से उनका गॉलब्लैडर डैमेज हो गया है। उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। गौरतलब है कि राणा देश के सबसे लोकप्रिय और प्रशंसित शायरों में से एक हैं, जो हिंदी और उर्दू दोनों में लिखते हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में एक मां है, इसमें उन्होंने गजल की शैली का उपयोग एक मां के गुणों का गुणगान करने के लिए किया है।
मंदसौर। शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तिरंगा यात्रा निकालना भारी पड़ गया. तिरंगा यात्रा निकालने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने यात्रा में शामिल 6 नामजद कांग्रेस नेताओं पर कोरोना काल में बिना अनुमति यात्रा निकालने पर धारा 188 के तहत अपराध दर्ज किया है. बता दें कि 20 मार्च 2020 को कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफा देने के एक साल पूरा होने पर कांग्रेस काला दिवस के रूप में मना रही थी. कांग्रेस ने संविधान की दुहाई देकर तिरंगा यात्रा निकाली थी. इस यात्रा में कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे. नामजद नेताओंं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवकृष्ण पाटिल का नाम भी शामिल है. मामला दर्ज होने के बाद सोमवार को कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंदसौर एसपी और कलेक्टर से मिला. पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी. इस दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नवकृष्ण पाटिल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के दौरान कांग्रेस की रैली में नियमों का पालन किया गया था. उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल सभी लोग मास्क पहने थे और सोशल डिस्टेंसिंग भी बरकरार थी. इसके बाद भी मामला दर्ज होना गलत है. उन्होंने इस कार्रवाई को सत्ताधारी पार्टी द्वारा दुर्भावना पूवर्क किया जाना बताया है. पुलिस ने आरोपी नेताओं को जल्द ही गिरफ्तार किए जाने की बात कही है.
मंदसौर। शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तिरंगा यात्रा निकालना भारी पड़ गया. तिरंगा यात्रा निकालने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने यात्रा में शामिल छः नामजद कांग्रेस नेताओं पर कोरोना काल में बिना अनुमति यात्रा निकालने पर धारा एक सौ अठासी के तहत अपराध दर्ज किया है. बता दें कि बीस मार्च दो हज़ार बीस को कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफा देने के एक साल पूरा होने पर कांग्रेस काला दिवस के रूप में मना रही थी. कांग्रेस ने संविधान की दुहाई देकर तिरंगा यात्रा निकाली थी. इस यात्रा में कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे. नामजद नेताओंं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवकृष्ण पाटिल का नाम भी शामिल है. मामला दर्ज होने के बाद सोमवार को कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंदसौर एसपी और कलेक्टर से मिला. पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी. इस दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नवकृष्ण पाटिल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के दौरान कांग्रेस की रैली में नियमों का पालन किया गया था. उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल सभी लोग मास्क पहने थे और सोशल डिस्टेंसिंग भी बरकरार थी. इसके बाद भी मामला दर्ज होना गलत है. उन्होंने इस कार्रवाई को सत्ताधारी पार्टी द्वारा दुर्भावना पूवर्क किया जाना बताया है. पुलिस ने आरोपी नेताओं को जल्द ही गिरफ्तार किए जाने की बात कही है.
Nashik News: महाराष्ट्र के ठाणे से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है जिसमें नगर निगम आयुक्त के घर से लाखों की चोरी का मामला सामने आया है. नासिक नगर निगम आयुक्त कैलास जाधव के वसंत विहार स्थित रो हाउस बंगले में शुक्रवार व शनिवार की दरमियानी रात अज्ञात लुटेरों ने तोड़फोड़ की और 1. 6 लाख रुपये लेकर फरार हो गए. जिस समय इस चोरी की घटना घटी उस समय घर में केवल दो केयरटेकर मौजूद थे. हालांकि अभी तक उनकी संध्यास्पद उपस्थिति को लेकर पुलिस की ओर से कुछ नहीं कहा गया है. यह घटना उस समय घटी जब पूरा परिवार अपने नासिक वाले घर पर गए हुए थे. उनकी अनुपस्थिति में घर में केवल दो केयरटेकर मौजूद थे. शनिवार की सुबह जब कैलास जाधव का परिवार मौके पर पहुंचा तो चोरी की जानकारी प्राप्त हुआ और पुलिस पहले से ही वहां मौजूद थी. पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पहली मंजिल की खिड़की की ग्रिल काटकर घर के अंदर घुस गया था और अलमारी को तोड़ दिया था. आईपीसी की धारा 380 और 454 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है.
Nashik News: महाराष्ट्र के ठाणे से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है जिसमें नगर निगम आयुक्त के घर से लाखों की चोरी का मामला सामने आया है. नासिक नगर निगम आयुक्त कैलास जाधव के वसंत विहार स्थित रो हाउस बंगले में शुक्रवार व शनिवार की दरमियानी रात अज्ञात लुटेरों ने तोड़फोड़ की और एक. छः लाख रुपये लेकर फरार हो गए. जिस समय इस चोरी की घटना घटी उस समय घर में केवल दो केयरटेकर मौजूद थे. हालांकि अभी तक उनकी संध्यास्पद उपस्थिति को लेकर पुलिस की ओर से कुछ नहीं कहा गया है. यह घटना उस समय घटी जब पूरा परिवार अपने नासिक वाले घर पर गए हुए थे. उनकी अनुपस्थिति में घर में केवल दो केयरटेकर मौजूद थे. शनिवार की सुबह जब कैलास जाधव का परिवार मौके पर पहुंचा तो चोरी की जानकारी प्राप्त हुआ और पुलिस पहले से ही वहां मौजूद थी. पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पहली मंजिल की खिड़की की ग्रिल काटकर घर के अंदर घुस गया था और अलमारी को तोड़ दिया था. आईपीसी की धारा तीन सौ अस्सी और चार सौ चौवन के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है.
और प्रश्न ॥ दोहा। उत्तर ॥ दोहा। कहूँ कहूँ यौँ-हूँ बनत ता-हू की गहिबौ सुन्यौ कहौ सु क्यौँ करि जानिये कढै उही की सबलता तहाँ सु छूटे केस को कछु आकादन मुख नही न्हान समय बैंदी नही या तें यह जानी परति ग्रहन रीति यौँ राहु ढकि या तें शशि रवि ग्रहन नहिँ उक्तास्पदवस्तूत्प्रेक्षालंकार । दोहा । भाल लाल कच वस्तु में लहौ वस्तु उक्तास्पद मूल । मिलिचंदनवेंदौरही ज्योज्योंमदलालीचढे दोहा । उन्मीलित लखिये जहाँ मद लाली तैं लखि परी चढि आवतु रिपु कोइ । यह रीति जग जोइ ॥ गहे राहु कौ भाउ । मुख छादन सु जताउ ॥ समय सु वर्णन जानि । न्हान समय न बखानि ॥ होत ढक्यौ सो नाहिँ । बैंदी छबि मुख माहिँ ॥ लेत भाव सो नाहिँ । गह्यौ राहु कर माहिँ ॥ मूल । सो० । मंगलविंदुसुरंग शशि रवि तम की तर्क । उत्प्रेक्षा कुल-अर्क ॥ टीका । - मद-पान समें नायक वचन सखी से, कै सखी का वचन सखी से, के कवि की उक्ति । मिल कर चंदन को बैंदी रही है, गोरे मुख में नही दृष्टि आती। जिस भाँति मद की लाली चढती है मुख पर, तैसे तैसे उघडती जाती है ॥ उन्मीलितालंकार । गोरमुखनलखाय । त्यौत्यौँउघरतिजाय ॥ ४५० ॥ किहुँ विशेष करि भेद । मलय-बिंदु बिन खेद ॥ ससिमुखकेमरआडगुरु । रसमयकियलोचनजगत ॥ ४५१ ॥ टीका । -सखी का वचन सखी से, के कवि की उक्ति । लाल बैदी मंगल, मुख चंद्रमा, केसर को आड बृहस्पति । एक नारी (कहै स्त्री श्री राशिका) पाय के संग (रस, स्रेह औजल) रसमय किये नैन जगत के ॥ हेतु यह कि, जब मंगल चंद्रमा
और प्रश्न ॥ दोहा। उत्तर ॥ दोहा। कहूँ कहूँ यौँ-हूँ बनत ता-हू की गहिबौ सुन्यौ कहौ सु क्यौँ करि जानिये कढै उही की सबलता तहाँ सु छूटे केस को कछु आकादन मुख नही न्हान समय बैंदी नही या तें यह जानी परति ग्रहन रीति यौँ राहु ढकि या तें शशि रवि ग्रहन नहिँ उक्तास्पदवस्तूत्प्रेक्षालंकार । दोहा । भाल लाल कच वस्तु में लहौ वस्तु उक्तास्पद मूल । मिलिचंदनवेंदौरही ज्योज्योंमदलालीचढे दोहा । उन्मीलित लखिये जहाँ मद लाली तैं लखि परी चढि आवतु रिपु कोइ । यह रीति जग जोइ ॥ गहे राहु कौ भाउ । मुख छादन सु जताउ ॥ समय सु वर्णन जानि । न्हान समय न बखानि ॥ होत ढक्यौ सो नाहिँ । बैंदी छबि मुख माहिँ ॥ लेत भाव सो नाहिँ । गह्यौ राहु कर माहिँ ॥ मूल । सोशून्य । मंगलविंदुसुरंग शशि रवि तम की तर्क । उत्प्रेक्षा कुल-अर्क ॥ टीका । - मद-पान समें नायक वचन सखी से, कै सखी का वचन सखी से, के कवि की उक्ति । मिल कर चंदन को बैंदी रही है, गोरे मुख में नही दृष्टि आती। जिस भाँति मद की लाली चढती है मुख पर, तैसे तैसे उघडती जाती है ॥ उन्मीलितालंकार । गोरमुखनलखाय । त्यौत्यौँउघरतिजाय ॥ चार सौ पचास ॥ किहुँ विशेष करि भेद । मलय-बिंदु बिन खेद ॥ ससिमुखकेमरआडगुरु । रसमयकियलोचनजगत ॥ चार सौ इक्यावन ॥ टीका । -सखी का वचन सखी से, के कवि की उक्ति । लाल बैदी मंगल, मुख चंद्रमा, केसर को आड बृहस्पति । एक नारी पाय के संग रसमय किये नैन जगत के ॥ हेतु यह कि, जब मंगल चंद्रमा
टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक अक्सर अपनी हॉट लुक और सेक्सी फिगर की वजह से सुर्खियों में बनी रहती है। उनके लुक के लोग फैन है। उनकी फोटोज सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो जाती है।एक बार कविता की कुछ तस्वीरें सामने आई हैदरअसल, कविता इन दिनों अपने पति रोनित बिस्वास के साथ वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। इस वेकेशन एंजॉय के दौरान की कुछ तस्वीरें उन्होंने अपने इंस्टा अकाउंट पर अपने फैंस के साथ शेयर की है। तस्वीर में कविता बिकिनी पहन समंदर में रिलैक्स करती नजर आ रही हैं। तस्वीर को शेयर करते हुए कविता ने कैप्शन में लिखा- Submerge ! It's too hot to do anything else। कविता की इस तस्वीर को फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। तस्वीरों में वह बेहद बोल्ड अंदाज में दिख रही है। वह इस दौरान बेहद सेकसी अंदाज में पोज भी दे रही है। फैंस को उनका यह बोल्ड और सेक्सी अंदाज साफ नजर आ रहा है। तस्वीरें बेहद पसंद आ रही है। उनकी तस्वीरें पोस्ट होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। बता दें की कविता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर फैंस के साथ अपनी बोल्ड और हॉट तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। इसके अलावा वह 'FIR' सीरियल में चंद्रमुखी चौटाला के किरदार में नजर आई थी इस सीरियल में वह पुलिस इंस्पेक्टर बनी थीं। इस सीरियल में उनके बोलने और चलने का अंदाज लोगों को पसंद आया था।
टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक अक्सर अपनी हॉट लुक और सेक्सी फिगर की वजह से सुर्खियों में बनी रहती है। उनके लुक के लोग फैन है। उनकी फोटोज सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो जाती है।एक बार कविता की कुछ तस्वीरें सामने आई हैदरअसल, कविता इन दिनों अपने पति रोनित बिस्वास के साथ वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। इस वेकेशन एंजॉय के दौरान की कुछ तस्वीरें उन्होंने अपने इंस्टा अकाउंट पर अपने फैंस के साथ शेयर की है। तस्वीर में कविता बिकिनी पहन समंदर में रिलैक्स करती नजर आ रही हैं। तस्वीर को शेयर करते हुए कविता ने कैप्शन में लिखा- Submerge ! It's too hot to do anything else। कविता की इस तस्वीर को फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। तस्वीरों में वह बेहद बोल्ड अंदाज में दिख रही है। वह इस दौरान बेहद सेकसी अंदाज में पोज भी दे रही है। फैंस को उनका यह बोल्ड और सेक्सी अंदाज साफ नजर आ रहा है। तस्वीरें बेहद पसंद आ रही है। उनकी तस्वीरें पोस्ट होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। बता दें की कविता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर फैंस के साथ अपनी बोल्ड और हॉट तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। इसके अलावा वह 'FIR' सीरियल में चंद्रमुखी चौटाला के किरदार में नजर आई थी इस सीरियल में वह पुलिस इंस्पेक्टर बनी थीं। इस सीरियल में उनके बोलने और चलने का अंदाज लोगों को पसंद आया था।
प्रारूप अधिसूचना नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान पूर्व गारो पहाड़ी, पश्चिमी गारो पहाड़ी और दक्षिणी गारो पहाड़ी जिलों के त्रि-जंक्शन पर स्थित है और 47.48 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और यह अक्षांश 25° 30' 26.681" उ से 25° 24' 17.417" उ और देशांतर 90° 14' 35.600" पू से 90° 33' 55.695" पू के बीच स्थित है। यह संपूर्ण क्षेत्र पहाड़ी भू-भाग है जो मेघालय के पश्चिम भाग में तूरा पर्वत श्रृंखला पर स्थित है और इसके चारों ओर का क्षेत्र उक्त तीनों जिलों के लिए प्रमुख वाटर शेड है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान मुख्य नदी प्रणालियों का महत्त्वपूर्ण जलग्रहण क्षेत्र है जो गारों पहाड़ी के निम्न क्षेत्रों का पोषण करता है और इस क्षेत्र से तीन मुख्य नदियां सिमसंग, गनोल और दरेंग उत्पन्न होती हैं जिससे इस राष्ट्रीय उद्यान का महत्त्व बढ जाता है। निताई, भुगई, दिदारी, मंडल, रोमबोंग, कम्पील, सोबोक, चीबे आदि अन्य महत्त्वपूर्ण जल प्रणालियां है। इस क्षेत्र की मिट्टी लाल दुम्मटी है और यह उष्णकटिबंधीय जलवायु वाला क्षेत्र हैं जिसमें अधिक वर्षा होती है तथा उच्च आर्द्रता रहती है सर्दी में साधारण ठंड पडती है तथा ग्रीष्म ऋतु सुहावनी रहती है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान में निम्न ऊंचाई पर बांस के लट्ठों सहित चौंडी पत्तियों वाले सदाहरित और अर्ध सदाहरित वन पाए जाते हैं और यह क्षेत्र जैव-भौगोलिक प्रदेश, बर्मा मानसून वन (4.09.04) के अंतर्गत आता है और यह उत्तर-पूर्व भारत में जैव भौगोलिक इकाई 9बी मेघालय पहाड़ी का प्रतिनिधित्व करता है। यहां के वनों में उष्ण कटिबंधी अर्ध-सदाहरित वनों के अंतर्गत समूहित पूर्वी उप-पर्वतीय अर्द्ध-सदाहरित वन (उप-प्रकार 26/सी 16) प्रकार के वन पाए जाते हैं; और, राष्ट्रीय उद्यान और इसके चारों ओर (जैवमंडल रिजर्व के बफर और संक्रमण जोन) की वनस्पति को सरसरी तौर पर ऊंचाईयों के आधार पर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णटिबंधीय क्षेत्रों की वनस्पतियों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। उष्णकटिबंधीय वनस्पति समुद्र स्तर से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई तक के क्षेत्र में पायी जाती है। यहां की वनस्पति में सदाहरित, अर्ध सदाहरित, आर्द्र पर्णपाती प्रकार की वनस्पति और बांस की झाड़ियां सम्मिलित हैं; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान के साथ नोकरेक जैवमंडल रिज़र्व में गारो पहाड़ी के कुछ अद्वितीय क्षेत्रों के अंतर्गत कोर क्षेत्र शामिल हैं और यह जैव-विविधता का एक वैश्विक हॉटस्पाट है जो अछूते वन क्षेत्रों में प्राकृतिक सुंदरता, शांत विविधता पूर्ण वनस्पति, जीवजंतुओं और मानव संस्कृति के विविध रूपों का प्रतिनिधित्व करता है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान, वनस्पति और जीवजंतु जैवविविधता का संरक्षण करता है और यहां वनस्पति की लगभग 75 प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनमें सेचीमा वाल्लीचि, टर्मिनलिया बेलेरिका, टर्मिनलिया चेबुला, अल्बिजिया लेब्बक, सिजिगियम स्प, अलुकीडा स्प., ग्लायकोडियम स्प., कस्टानोपिस हायस्ट्रीक्स, लिट्सिया नापालेंसिस, अकरोकारपस फ्राक्सीनिफोलियस, रहुस जवानीका, फिकुस स्प., जिजिफुस रुगोसा, परेमना मल्टीफ्लोरा, मिटराफोरा टोमेंटोसा, अगलाटा रूक्बुरघि, ल्लेलिकिया रूबुस्टा, क्यूइरकुस सेमीसेराटा, इरयोबूटयरा बेंगलेसिस, बरेयनिया पटेंस, इंगेल हंदिया, दीलेनियापेंटगयना, क्ल्लेकापुस फ्लोरीबंडस, गिमेलीना अरबोरिया, गोरोइनिया अल्फिनिस, गलोचीदीओन स्प., किटसिया स्प., होलाराहाइना अंटीयसेंटरीका, लेगरसटोमिया स्प., कादिया कैलीसीना, सल्मालिया मालाबरिका, स्ट्रेकुलिया विलोसा, अपोरोसा दिओकिया, मैलोटस फीलीपेंसिस, बयहुनिया स्प., कलिकारपा अरबोरिया, इम्बिलिका ओफ्फिकिनालिस, सिन्नामोमुम स्प., हीबिस्कुस मक्रोफयलुस, आदि शामिल हैं। यहां की वानस्पतिक संरचना में मिचेलिया स्प., अपोरोसा वाल्लिचि, करयपटोकेरा अंदेर्सोनि, मेसुआ फेर्रा, कस्टनोपिस हायस्ट्रीक्स, केस्टनापोसिस अमाटा, बेटुला कुलींदरीस्टाचीस आदि शामिल है। इन क्षेत्रों का तल 1 से 2 मीटर की लम्बाई की कुछ झाड़ियां जैसे मुंरोनिया पिन्नाटा, इरयोबोटरा अंगुस्टीस्सिमा, अंटीस्ट्रोफे, ओक्सयंथा, स्ट्रराबिलांथुस गलोमेराटुस और इरिअंथुस स्प. से आच्छादित हैं। वन क्षेत्रों के बीच वन रहित क्षेत्रों में खरपतवार जैसे कि इयपथोरियम अडोराटीओन, मिचेनिया मिचरांटा, करोटो स्प. पाए जाते हैं। बांस प्रजातियों में दीनोचलोअ मैकेल्लोअंदी और मेलाकाना बेम्बोसोइदेस शामिल हैं। अधिजीविक विकास भी इन वनों में खूब हुआ है और लगभग प्रत्येक वृक्ष में अधिजीविक ऑर्किड, फर्न का और अन्य पौधों का घना विकास हुआ है। भू-वनस्पति के अंतर्गत अल्पिनिया स्प., अमोमुम स्प., कोलोकसिया स्प., कोस्टरूस स्प., हेडेयचीयम स्प., चीतरूस इंडिका, चीतरूस लेपटीस, सिटरूस रेटीक्यूलेट, सिटरूस अयरानटीफोलिया स्विंगले, सिटरूस ग्रांदीस, सिटरूस जामबिरी और सिटरूस लिमोन आदि जैसी प्रजातियां शामिल है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रमुखः जीवजंतु प्रजातियाँ रहती है जिनमें हूलॉक गिब्बन (हुलॉक हूलॉक), रेसुस बंदर (मकाका मुलाटा), स्टम्प टेल्ड मैकाक (मकाका आर्कटाइड्स), पिग टेल्ड मैकाक (मकाका लियोनिना), कैप्ड लंगूर (ट्रेचीपिथेकस पाइलेटस), हिमालयन ब्लैक बियर (उर्सस थिबेटनस लैनिगर), सन बियर (हेलारक्टोस मलायनस), साल (मैनिस क्रैसिकौडाटा), लजीला वानर (निक्टिसेबस एसपी.), बोनट मंकी (मकाका रेडियाटा), मलायन जायंट गिलहरी (रतुफा बाइकलर), हिमालयन गिलहरी (ड्रेमोमिस लोकरिया), उड़ने वाली गिलहरी (पेटौरिस्टा एसपी.), बिंदुरोंग (आर्कटिक्टिस बिंटुरोंग), लमचित्ता (नियोफेलिस नेबुलोसा), सांभर (रूसा यूनीकलर), मुंजक (मुंटियाकस मुंटजैक), सेरो (कैपरीकोर्निस एसपी.), जंगली हाथी (एलिफस मैक्सिमस), बनैला सूअर (सुस स्क्रोफा), भैसा (बॉस गौरस), भारतीय लोमडी (वुल्प्स बेंगालेंसिस), भारतीय भेड़िया (कैनिस ल्यूपस), साही (हिस्ट्रिक्स इंडिका), नेवला (हर्पेस्टेस एसपी.), गंधबिलाव (विवरा एसपी.) आदि शामिल है; और, यह राष्ट्रीय उद्यान पक्षियों में समृद्ध है तथा महत्त्वपूर्ण प्रजातियों जैसे कि कलिज तीतर (लोफुरा ल्यूकोमेलानोस), ग्रेट इंडियन पाइड हॉर्नबिल (बुसेरोस बाइकोर्निस), कॉमन हॉर्नबिल (बुसेरोस बाइकोर्निस), मोर तितर (पॉलीप्लेक्ट्रॉन बाइलकारटम), क्रेस्टेड सर्पेट ईगल (स्पिलोर्निस चीला), आदि को संरक्षण और सुरक्षा प्रदान करता है। क्षेत्र के सरीसृपों में सांपो, छिपकलियों और कछुओं की कई प्रजातियां शामिल है; और, इस राष्ट्रीय उद्यान में संकटापन्न और लुप्तप्राय वनस्पति और जीवजंतु प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनका यहां रक्षण, परिरक्षण होता हैं और उन्हें आश्रय मिलता है इनमें साइट्रस इंडिका, नेपेंथेस खासिअना, पैफियोपेडिलम वेनुस्टम, बिंटुरॉन्ग, हूलॉक गिब्बन, लमचित्ता, गौर, पिग-टेल्ड मैकाक, स्टंप - टेल्ड मैकाक, एशियाई हाथी, तेंदुआ, बृहत गिलहरी आदि शामिल हैं; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान के चारों ओर के क्षेत्र को, जिसका विस्तार और सीमाएं इस अधिसूचना के पैराग्राफ 1 में विनिर्दिष्ट हैं, पारिस्थितिकी, पर्यावरणीय और जैव-विविधता की दृष्टि से पारिस्थितिकी संवेदी जोन के रूप में सुरक्षित और संरक्षित करना तथा उक्त पारिस्थितिकी संवेदी जोन में उद्योगों या उद्योगों की श्रेणियों को और उनके प्रचालन तथा प्रसंस्करण को प्रतिषिद्ध करना आवश्यक है; अतः अब, केन्द्रीय सरकार, पर्यावरण (संरक्षण) नियमावली, 1986 के नियम 5 के उपनियम (3) के साथ पठित पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (1986 का 29) (जिसे इस अधिसूचना में इसके पश्चात् पर्यावरण अधिनियम कहा गया है) की उपधारा (1) तथा धारा 3 की उपधारा (2) के खंड (v) और खंड (xiv) एवं उपधारा (3) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मेघालय राज्य के पूर्व गारो हिल्स, पश्चिम गारो हिल्स और दक्षिण गारो हिल्स जिले में नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान की सीमा के चारों ओर 0.272 किलोमीटर से 6.976 किलोमीटर तक विस्तारित क्षेत्र को नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान पारिस्थितिकी संवेदी जोन (जिसे इसमें इसके पश्चात् पारिस्थितिकी संवेदी जोन कहा गया है) के रूप में अधिसूचित करती है, जिसका विवरण निम्नानुसार है, अर्थात् :1. पारिस्थितिकी संवेदी जोन का विस्तार और सीमा.-(1) पारिस्थितिकी संवेदी जोन का विस्तार नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान की सीमा के चारों ओर 0.272 किलोमीटर से 6.976 किलोमीटर तक विस्तृत है और पारिस्थितिकी संवेदी जोन का क्षेत्रफल 224 वर्ग किलोमीटर होगा। नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान और इसके पारिस्थितिकी संवेदी जोन की सीमा का विवरण अनुलग्नक-I के रुप में संलग्न है। सीमा रण और अक्षांश और देशांतर के साथ पारिस्थितिकी संवेदी मानचित्र अनुलग्नक-II के रूप में संलग्न है। सीमांकित हुए नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान का नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान और पारिस्थितिकी संवेदी जोन की सीमा के भू-निर्देशांकों की सूचियां अनुलग्नक -III की सारणी क और सारणी ख में दी गई हैं। मुख्य बिंदुओं के भू-निर्देशांकों के साथ पारिस्थितिकी संवेदी जोन के अंतर्गत आने वाले ग्रामों की सूची अनुलग्लक-IV के रुप में संलग्न है। 2. पारिस्थितिकी संवेदी जोन के लिए आंचलिक महायोजना.- (1) राज्य सरकार, द्वारा पारिस्थितिकी संवेदी जोन के प्रयोजन के लिए, राजपत्र में अंतिम अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर, स्थानीय व्यक्तियों के परामर्श से और इस अधिसूचना में दिए गए अनुबंधों का पालन करते हुए, राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदनार्थ एक आंचलिक महायोजना बनाई जायेगी।
प्रारूप अधिसूचना नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान पूर्व गारो पहाड़ी, पश्चिमी गारो पहाड़ी और दक्षिणी गारो पहाड़ी जिलों के त्रि-जंक्शन पर स्थित है और सैंतालीस.अड़तालीस वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और यह अक्षांश पच्चीस° तीस' छब्बीस.छः सौ इक्यासी" उ से पच्चीस° चौबीस' सत्रह.चार सौ सत्रह" उ और देशांतर नब्बे° चौदह' पैंतीस.छः सौ" पू से नब्बे° तैंतीस' पचपन.छः सौ पचानवे" पू के बीच स्थित है। यह संपूर्ण क्षेत्र पहाड़ी भू-भाग है जो मेघालय के पश्चिम भाग में तूरा पर्वत श्रृंखला पर स्थित है और इसके चारों ओर का क्षेत्र उक्त तीनों जिलों के लिए प्रमुख वाटर शेड है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान मुख्य नदी प्रणालियों का महत्त्वपूर्ण जलग्रहण क्षेत्र है जो गारों पहाड़ी के निम्न क्षेत्रों का पोषण करता है और इस क्षेत्र से तीन मुख्य नदियां सिमसंग, गनोल और दरेंग उत्पन्न होती हैं जिससे इस राष्ट्रीय उद्यान का महत्त्व बढ जाता है। निताई, भुगई, दिदारी, मंडल, रोमबोंग, कम्पील, सोबोक, चीबे आदि अन्य महत्त्वपूर्ण जल प्रणालियां है। इस क्षेत्र की मिट्टी लाल दुम्मटी है और यह उष्णकटिबंधीय जलवायु वाला क्षेत्र हैं जिसमें अधिक वर्षा होती है तथा उच्च आर्द्रता रहती है सर्दी में साधारण ठंड पडती है तथा ग्रीष्म ऋतु सुहावनी रहती है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान में निम्न ऊंचाई पर बांस के लट्ठों सहित चौंडी पत्तियों वाले सदाहरित और अर्ध सदाहरित वन पाए जाते हैं और यह क्षेत्र जैव-भौगोलिक प्रदेश, बर्मा मानसून वन के अंतर्गत आता है और यह उत्तर-पूर्व भारत में जैव भौगोलिक इकाई नौबी मेघालय पहाड़ी का प्रतिनिधित्व करता है। यहां के वनों में उष्ण कटिबंधी अर्ध-सदाहरित वनों के अंतर्गत समूहित पूर्वी उप-पर्वतीय अर्द्ध-सदाहरित वन प्रकार के वन पाए जाते हैं; और, राष्ट्रीय उद्यान और इसके चारों ओर की वनस्पति को सरसरी तौर पर ऊंचाईयों के आधार पर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णटिबंधीय क्षेत्रों की वनस्पतियों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। उष्णकटिबंधीय वनस्पति समुद्र स्तर से लगभग एक हज़ार मीटर की ऊंचाई तक के क्षेत्र में पायी जाती है। यहां की वनस्पति में सदाहरित, अर्ध सदाहरित, आर्द्र पर्णपाती प्रकार की वनस्पति और बांस की झाड़ियां सम्मिलित हैं; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान के साथ नोकरेक जैवमंडल रिज़र्व में गारो पहाड़ी के कुछ अद्वितीय क्षेत्रों के अंतर्गत कोर क्षेत्र शामिल हैं और यह जैव-विविधता का एक वैश्विक हॉटस्पाट है जो अछूते वन क्षेत्रों में प्राकृतिक सुंदरता, शांत विविधता पूर्ण वनस्पति, जीवजंतुओं और मानव संस्कृति के विविध रूपों का प्रतिनिधित्व करता है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान, वनस्पति और जीवजंतु जैवविविधता का संरक्षण करता है और यहां वनस्पति की लगभग पचहत्तर प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनमें सेचीमा वाल्लीचि, टर्मिनलिया बेलेरिका, टर्मिनलिया चेबुला, अल्बिजिया लेब्बक, सिजिगियम स्प, अलुकीडा स्प., ग्लायकोडियम स्प., कस्टानोपिस हायस्ट्रीक्स, लिट्सिया नापालेंसिस, अकरोकारपस फ्राक्सीनिफोलियस, रहुस जवानीका, फिकुस स्प., जिजिफुस रुगोसा, परेमना मल्टीफ्लोरा, मिटराफोरा टोमेंटोसा, अगलाटा रूक्बुरघि, ल्लेलिकिया रूबुस्टा, क्यूइरकुस सेमीसेराटा, इरयोबूटयरा बेंगलेसिस, बरेयनिया पटेंस, इंगेल हंदिया, दीलेनियापेंटगयना, क्ल्लेकापुस फ्लोरीबंडस, गिमेलीना अरबोरिया, गोरोइनिया अल्फिनिस, गलोचीदीओन स्प., किटसिया स्प., होलाराहाइना अंटीयसेंटरीका, लेगरसटोमिया स्प., कादिया कैलीसीना, सल्मालिया मालाबरिका, स्ट्रेकुलिया विलोसा, अपोरोसा दिओकिया, मैलोटस फीलीपेंसिस, बयहुनिया स्प., कलिकारपा अरबोरिया, इम्बिलिका ओफ्फिकिनालिस, सिन्नामोमुम स्प., हीबिस्कुस मक्रोफयलुस, आदि शामिल हैं। यहां की वानस्पतिक संरचना में मिचेलिया स्प., अपोरोसा वाल्लिचि, करयपटोकेरा अंदेर्सोनि, मेसुआ फेर्रा, कस्टनोपिस हायस्ट्रीक्स, केस्टनापोसिस अमाटा, बेटुला कुलींदरीस्टाचीस आदि शामिल है। इन क्षेत्रों का तल एक से दो मीटर की लम्बाई की कुछ झाड़ियां जैसे मुंरोनिया पिन्नाटा, इरयोबोटरा अंगुस्टीस्सिमा, अंटीस्ट्रोफे, ओक्सयंथा, स्ट्रराबिलांथुस गलोमेराटुस और इरिअंथुस स्प. से आच्छादित हैं। वन क्षेत्रों के बीच वन रहित क्षेत्रों में खरपतवार जैसे कि इयपथोरियम अडोराटीओन, मिचेनिया मिचरांटा, करोटो स्प. पाए जाते हैं। बांस प्रजातियों में दीनोचलोअ मैकेल्लोअंदी और मेलाकाना बेम्बोसोइदेस शामिल हैं। अधिजीविक विकास भी इन वनों में खूब हुआ है और लगभग प्रत्येक वृक्ष में अधिजीविक ऑर्किड, फर्न का और अन्य पौधों का घना विकास हुआ है। भू-वनस्पति के अंतर्गत अल्पिनिया स्प., अमोमुम स्प., कोलोकसिया स्प., कोस्टरूस स्प., हेडेयचीयम स्प., चीतरूस इंडिका, चीतरूस लेपटीस, सिटरूस रेटीक्यूलेट, सिटरूस अयरानटीफोलिया स्विंगले, सिटरूस ग्रांदीस, सिटरूस जामबिरी और सिटरूस लिमोन आदि जैसी प्रजातियां शामिल है; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान में कई प्रमुखः जीवजंतु प्रजातियाँ रहती है जिनमें हूलॉक गिब्बन , रेसुस बंदर , स्टम्प टेल्ड मैकाक , पिग टेल्ड मैकाक , कैप्ड लंगूर , हिमालयन ब्लैक बियर , सन बियर , साल , लजीला वानर , बोनट मंकी , मलायन जायंट गिलहरी , हिमालयन गिलहरी , उड़ने वाली गिलहरी , बिंदुरोंग , लमचित्ता , सांभर , मुंजक , सेरो , जंगली हाथी , बनैला सूअर , भैसा , भारतीय लोमडी , भारतीय भेड़िया , साही , नेवला , गंधबिलाव आदि शामिल है; और, यह राष्ट्रीय उद्यान पक्षियों में समृद्ध है तथा महत्त्वपूर्ण प्रजातियों जैसे कि कलिज तीतर , ग्रेट इंडियन पाइड हॉर्नबिल , कॉमन हॉर्नबिल , मोर तितर , क्रेस्टेड सर्पेट ईगल , आदि को संरक्षण और सुरक्षा प्रदान करता है। क्षेत्र के सरीसृपों में सांपो, छिपकलियों और कछुओं की कई प्रजातियां शामिल है; और, इस राष्ट्रीय उद्यान में संकटापन्न और लुप्तप्राय वनस्पति और जीवजंतु प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनका यहां रक्षण, परिरक्षण होता हैं और उन्हें आश्रय मिलता है इनमें साइट्रस इंडिका, नेपेंथेस खासिअना, पैफियोपेडिलम वेनुस्टम, बिंटुरॉन्ग, हूलॉक गिब्बन, लमचित्ता, गौर, पिग-टेल्ड मैकाक, स्टंप - टेल्ड मैकाक, एशियाई हाथी, तेंदुआ, बृहत गिलहरी आदि शामिल हैं; और, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान के चारों ओर के क्षेत्र को, जिसका विस्तार और सीमाएं इस अधिसूचना के पैराग्राफ एक में विनिर्दिष्ट हैं, पारिस्थितिकी, पर्यावरणीय और जैव-विविधता की दृष्टि से पारिस्थितिकी संवेदी जोन के रूप में सुरक्षित और संरक्षित करना तथा उक्त पारिस्थितिकी संवेदी जोन में उद्योगों या उद्योगों की श्रेणियों को और उनके प्रचालन तथा प्रसंस्करण को प्रतिषिद्ध करना आवश्यक है; अतः अब, केन्द्रीय सरकार, पर्यावरण नियमावली, एक हज़ार नौ सौ छियासी के नियम पाँच के उपनियम के साथ पठित पर्यावरण अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ छियासी की उपधारा तथा धारा तीन की उपधारा के खंड और खंड एवं उपधारा के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मेघालय राज्य के पूर्व गारो हिल्स, पश्चिम गारो हिल्स और दक्षिण गारो हिल्स जिले में नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान की सीमा के चारों ओर शून्य दशमलव दो सौ बहत्तर किलोग्राममीटर से छः दशमलव नौ सौ छिहत्तर किलोग्राममीटर तक विस्तारित क्षेत्र को नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान पारिस्थितिकी संवेदी जोन के रूप में अधिसूचित करती है, जिसका विवरण निम्नानुसार है, अर्थात् :एक. पारिस्थितिकी संवेदी जोन का विस्तार और सीमा.- पारिस्थितिकी संवेदी जोन का विस्तार नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान की सीमा के चारों ओर शून्य दशमलव दो सौ बहत्तर किलोग्राममीटर से छः दशमलव नौ सौ छिहत्तर किलोग्राममीटर तक विस्तृत है और पारिस्थितिकी संवेदी जोन का क्षेत्रफल दो सौ चौबीस वर्ग किलोमीटर होगा। नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान और इसके पारिस्थितिकी संवेदी जोन की सीमा का विवरण अनुलग्नक-I के रुप में संलग्न है। सीमा रण और अक्षांश और देशांतर के साथ पारिस्थितिकी संवेदी मानचित्र अनुलग्नक-II के रूप में संलग्न है। सीमांकित हुए नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान का नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान और पारिस्थितिकी संवेदी जोन की सीमा के भू-निर्देशांकों की सूचियां अनुलग्नक -III की सारणी क और सारणी ख में दी गई हैं। मुख्य बिंदुओं के भू-निर्देशांकों के साथ पारिस्थितिकी संवेदी जोन के अंतर्गत आने वाले ग्रामों की सूची अनुलग्लक-IV के रुप में संलग्न है। दो. पारिस्थितिकी संवेदी जोन के लिए आंचलिक महायोजना.- राज्य सरकार, द्वारा पारिस्थितिकी संवेदी जोन के प्रयोजन के लिए, राजपत्र में अंतिम अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर, स्थानीय व्यक्तियों के परामर्श से और इस अधिसूचना में दिए गए अनुबंधों का पालन करते हुए, राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदनार्थ एक आंचलिक महायोजना बनाई जायेगी।
समुद्री डाकू के खिलाफ लाइसेंस "मेनक्राफ्ट" हर गेम को उन लोगों द्वारा विकसित किया जाता है जो उस पर अपने प्रयासों को खर्च करते हैं, साथ ही साथ एक प्रभावशाली राशि भी पैसे कमाते हैं। और यह सब ताकि आप प्रक्रिया का आनंद ले सकें। हालांकि, प्रत्येक व्यक्ति डेवलपर्स को अपने काम के लिए धन्यवाद करने के लिए गेम के लाइसेंस वाले संस्करण खरीदना चाहता है, इसलिए वे पायरेट किए गए प्रतियां डाउनलोड करते हैं, जो वे मुफ्त में प्राप्त करते हैं। लेकिन आपको यह समझने की आवश्यकता है कि अधिकतर मामलों में लाइसेंस प्राप्त खेलों में अतिरिक्त लाभ होते हैं, जो समुद्री डाकू की बहुत कमी कर रहे हैं इस लेख में, यह समझने के लिए एक प्रयास किया जाता है कि क्या लाइसेंस प्राप्त "माइनक्राफ्ट" खरीद करने के लिए जरूरी पैसा खर्च करता है? या उसमें पर्याप्त फायदे नहीं हैं जो आपको सशुल्क संस्करण चुनने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। सर्वर "मेनक्राफ्ट" "मेन्नक्राफ्ट" में एक बहुत ही रोचक क्लासिक मोड है, जो "मेन क्राफ्ट" के प्रशंसकों में बहुत लोकप्रिय है। हालांकि, पायरेटेड संस्करण के मामले में एक बड़ी समस्या है - आप अपनी प्रगति नहीं रख सकते लाइसेंस प्राप्त संस्करण में आप जितना चाहें उतनी बचत कर सकते हैं।
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जब भारत में वाइन चुनने की बात आती है, तो सुला अक्सर सबकी शीर्ष पसंद होती है, क्योंकि वह अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। भारत का वाइन परिदृश्य विकसित हो रहा है, नए और उभरते ब्रांड अपनी पहचान बना रहे हैं। हालाँकि, क्या आपने कभी अंगूर से आगे बढ़ने का साहस किया है? पारंपरिक वाइनमेकिंग के समान प्रक्रिया का उपयोग करके तैयार की गई फल वाइन की एक आकर्षक दुनिया है। हैरानी की बात यह है कि मेघालय में फलों की वाइन की भी एक श्रृंखला है, जिसे अब स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। फलों की वाइन, अंगूर की वाइन के विपरीत, विभिन्न प्रकार के फलों जैसे सेब, नाशपाती, प्लम, चेरी और विभिन्न जामुन से बनाई जाती हैं। ये आनंददायक विकल्प पारंपरिक अंगूर वाइन के समान स्वाद प्रदान करते हैं। आमतौर पर घर पर तैयार की जाने वाली, मेघालय सरकार का लक्ष्य इन कलात्मक कृतियों को व्यावसायिक स्तर पर ले जाना है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने हाल ही में एक महत्वाकांक्षी योजना का अनावरण किया जिसमें पर्यटन, कृषि, उद्यमिता और नौकरी के अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है। इस पहल का केंद्र राज्य के भीतर स्थानीय फल वाइन निर्माताओं का समर्थन और प्रचार है। मेघालय बनेगा 'फ्रूट वाइन कैपिटल' मेघालय के मुख्यमंत्री, कॉनराड के. संगमा ने राज्य के लिए एक प्रेरक दृष्टिकोण निर्धारित किया है - 'भारत की फल वाइन राजधानी' बनने के लिए! इस रोमांचक संभावना ने मेरी जिज्ञासा बढ़ा दी है। क्या आप भी मेरी तरह मेघालयन फ्रूट वाइन का स्वाद चखने के मौके का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं? फ्रूट वाइन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए, सरकार शिलांग के बाहरी इलाके में स्थित मावडियांगडियांग में नॉर्थ ईस्ट वाइन इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सस्ती लाइसेंस फीस के साथ, सरकार सक्रिय रूप से वाइन निर्माताओं को अधिक फल वाइन का उत्पादन करने के लिए प्रेरित कर रही है। मेघालय पर्यटन की इस रोमांचक नई पहल पर आपके क्या विचार हैं? यदि आप मेघालय की अपनी यात्रा के दौरान कुछ फल वाइन का नमूना लेने के लिए उत्सुक हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के बताएं। पढ़ने के लिए धन्यवाद। अपने सुंदर विचारों और रचनात्मक प्रतिक्रिया को साझा करें अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो। क्या आपने हाल में कोई की यात्रा की है? अपने अनुभव को शेयर करने के लिए यहाँ क्लिक करें। बांग्ला और गुजराती में सफ़रनामे पढ़ने और साझा करने के लिए Tripoto বাংলা और Tripoto ગુજરાતી फॉलो करें।
जब भारत में वाइन चुनने की बात आती है, तो सुला अक्सर सबकी शीर्ष पसंद होती है, क्योंकि वह अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। भारत का वाइन परिदृश्य विकसित हो रहा है, नए और उभरते ब्रांड अपनी पहचान बना रहे हैं। हालाँकि, क्या आपने कभी अंगूर से आगे बढ़ने का साहस किया है? पारंपरिक वाइनमेकिंग के समान प्रक्रिया का उपयोग करके तैयार की गई फल वाइन की एक आकर्षक दुनिया है। हैरानी की बात यह है कि मेघालय में फलों की वाइन की भी एक श्रृंखला है, जिसे अब स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। फलों की वाइन, अंगूर की वाइन के विपरीत, विभिन्न प्रकार के फलों जैसे सेब, नाशपाती, प्लम, चेरी और विभिन्न जामुन से बनाई जाती हैं। ये आनंददायक विकल्प पारंपरिक अंगूर वाइन के समान स्वाद प्रदान करते हैं। आमतौर पर घर पर तैयार की जाने वाली, मेघालय सरकार का लक्ष्य इन कलात्मक कृतियों को व्यावसायिक स्तर पर ले जाना है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने हाल ही में एक महत्वाकांक्षी योजना का अनावरण किया जिसमें पर्यटन, कृषि, उद्यमिता और नौकरी के अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है। इस पहल का केंद्र राज्य के भीतर स्थानीय फल वाइन निर्माताओं का समर्थन और प्रचार है। मेघालय बनेगा 'फ्रूट वाइन कैपिटल' मेघालय के मुख्यमंत्री, कॉनराड के. संगमा ने राज्य के लिए एक प्रेरक दृष्टिकोण निर्धारित किया है - 'भारत की फल वाइन राजधानी' बनने के लिए! इस रोमांचक संभावना ने मेरी जिज्ञासा बढ़ा दी है। क्या आप भी मेरी तरह मेघालयन फ्रूट वाइन का स्वाद चखने के मौके का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं? फ्रूट वाइन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए, सरकार शिलांग के बाहरी इलाके में स्थित मावडियांगडियांग में नॉर्थ ईस्ट वाइन इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सस्ती लाइसेंस फीस के साथ, सरकार सक्रिय रूप से वाइन निर्माताओं को अधिक फल वाइन का उत्पादन करने के लिए प्रेरित कर रही है। मेघालय पर्यटन की इस रोमांचक नई पहल पर आपके क्या विचार हैं? यदि आप मेघालय की अपनी यात्रा के दौरान कुछ फल वाइन का नमूना लेने के लिए उत्सुक हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के बताएं। पढ़ने के लिए धन्यवाद। अपने सुंदर विचारों और रचनात्मक प्रतिक्रिया को साझा करें अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो। क्या आपने हाल में कोई की यात्रा की है? अपने अनुभव को शेयर करने के लिए यहाँ क्लिक करें। बांग्ला और गुजराती में सफ़रनामे पढ़ने और साझा करने के लिए Tripoto বাংলা और Tripoto ગુજરાતી फॉलो करें।
बॉलीवुड और पॉलीवुड की जानी मानी सिंगर नेहा कक्कड़ अकसर अपने गानों से लोगों का दिल जीत लेती है। वह अपनी अवाज से फैंस को अपना दीवाना बना लेती है। लोगों को उनकी अवाज बेहद पसंद है। गाने ही नही बल्की फैंस को नेहा की डांस वीडियो तो कभी उनकी क्यूट तस्वीरों भी बेहद पसंद आती है। हाल ही में नेहा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इस वीडियो में वह कुछ ऐसा कर रही हैं, जिसे देख सब हैरान रह गए। इस वीडियो में नेहा के साथ सिंगर सोनू निगम भी नजर आ रहे है। दरअसल यह वीडियो नेहा और सोनू निगम के फोटोशूट का है। फोटोशूट के दौरान नेहा ब्लैक कलर की स्कर्ट में नजर आ रही है। फोटोशूट पूरा होते ही नेहा अपनी स्कर्ट वहीं उतार देती है। जिसे देखकर सोनू हैरत भरे एक्सप्रेशन देने लगते हैं। लेकिन नेहा ने अपनी इस स्कर्ट के निचे ब्लैक कलर की पेंट पहनी होती है। दोनों शूट के दौरान दोनों जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को नेहा कक्कड़ ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियो को शेयर करते हुए नेहा ने लिखा है- नेहू का फोटोशूट सोनू निगम के साथ। बता दें कि बिते दिनों नेहा, हिमांश के साथ अपने ब्रेकअप को लेकर भी चर्चा में थी। लेकिन नेहा ने इस अफवाह को सही बताते हुए स्वीकार किया था कि ब्रेकअप के बाद वह डिप्रेशन में थी। दोनों ने ब्रेकअप की वजह तो नहीं बताई लेकिन बताया जा रहा है कि इंडियन आइडल का एक कंटेस्टेंट दोनों के ब्रेकअप की वजह बना था।
बॉलीवुड और पॉलीवुड की जानी मानी सिंगर नेहा कक्कड़ अकसर अपने गानों से लोगों का दिल जीत लेती है। वह अपनी अवाज से फैंस को अपना दीवाना बना लेती है। लोगों को उनकी अवाज बेहद पसंद है। गाने ही नही बल्की फैंस को नेहा की डांस वीडियो तो कभी उनकी क्यूट तस्वीरों भी बेहद पसंद आती है। हाल ही में नेहा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इस वीडियो में वह कुछ ऐसा कर रही हैं, जिसे देख सब हैरान रह गए। इस वीडियो में नेहा के साथ सिंगर सोनू निगम भी नजर आ रहे है। दरअसल यह वीडियो नेहा और सोनू निगम के फोटोशूट का है। फोटोशूट के दौरान नेहा ब्लैक कलर की स्कर्ट में नजर आ रही है। फोटोशूट पूरा होते ही नेहा अपनी स्कर्ट वहीं उतार देती है। जिसे देखकर सोनू हैरत भरे एक्सप्रेशन देने लगते हैं। लेकिन नेहा ने अपनी इस स्कर्ट के निचे ब्लैक कलर की पेंट पहनी होती है। दोनों शूट के दौरान दोनों जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को नेहा कक्कड़ ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियो को शेयर करते हुए नेहा ने लिखा है- नेहू का फोटोशूट सोनू निगम के साथ। बता दें कि बिते दिनों नेहा, हिमांश के साथ अपने ब्रेकअप को लेकर भी चर्चा में थी। लेकिन नेहा ने इस अफवाह को सही बताते हुए स्वीकार किया था कि ब्रेकअप के बाद वह डिप्रेशन में थी। दोनों ने ब्रेकअप की वजह तो नहीं बताई लेकिन बताया जा रहा है कि इंडियन आइडल का एक कंटेस्टेंट दोनों के ब्रेकअप की वजह बना था।
नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के बीच फंसे प्रवासी मजदूरों को घर वापस पहुंचाने के क्रम में टिकट का पैसा लिए जाने पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में जिन मजदूरों के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं उनसे यात्रा का भाड़ा कैसा मांग सकती है मोदी सरकार, क्या केंद्र को इनकी मजबूरी नहीं दिखती। इस दौरान सोनिया गांधी ने घोषणा की कि सभी राज्यों की कांग्रेस कमेटी प्रवासी श्रमिकों एवं जरूरतमंद कामगारों की रेल यात्रा का खर्च वहन करेगी। सोनिया गांधी ने सोमवार बयान जारी कर कहा कि श्रमिक और कामगार देश के रीढ़ की हड्डी हैं, उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों श्रमिक और कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए, 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए। न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन, उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी। कांग्रेस अध्यक्ष ने मजदूरों से किराया लेने पर केंद्र सरकार से पूछा कि देश और सरकार का कर्तव्य क्या है? आज भी लाखों श्रमिक और कामगार पूरे देश के अलग अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा। दुख की बात यह है कि भारत सरकार और रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब विदेशों में फंसे भारतीयों को हवाई जहाजों से निःशुल्क वापस ला सकते हैं, गुजरात के केवल एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये ट्रांसपोर्ट और भोजन खर्च कर सकते हैं और रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में 151 करोड़ रुपये दे सकता है, तो फिर प्रवासी मजदूरों को निःशुल्क रेलयात्रा की सुविधा क्यों नहीं दी जा सकती। सोनिया ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के इन ध्वजवाहकों को उनके घर पहुंचाने के क्रम में कांग्रेस की ओर से ये एक विनम्र किस्म का सहयोग होगा, ताकि संकट के समय में हम अपने हमवतन लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो सकें। (एजेंसी, हि. स. )
नई दिल्ली। कोविड-उन्नीस महामारी और लॉकडाउन के बीच फंसे प्रवासी मजदूरों को घर वापस पहुंचाने के क्रम में टिकट का पैसा लिए जाने पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में जिन मजदूरों के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं उनसे यात्रा का भाड़ा कैसा मांग सकती है मोदी सरकार, क्या केंद्र को इनकी मजबूरी नहीं दिखती। इस दौरान सोनिया गांधी ने घोषणा की कि सभी राज्यों की कांग्रेस कमेटी प्रवासी श्रमिकों एवं जरूरतमंद कामगारों की रेल यात्रा का खर्च वहन करेगी। सोनिया गांधी ने सोमवार बयान जारी कर कहा कि श्रमिक और कामगार देश के रीढ़ की हड्डी हैं, उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों श्रमिक और कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए, एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए। न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन, उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी। कांग्रेस अध्यक्ष ने मजदूरों से किराया लेने पर केंद्र सरकार से पूछा कि देश और सरकार का कर्तव्य क्या है? आज भी लाखों श्रमिक और कामगार पूरे देश के अलग अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा। दुख की बात यह है कि भारत सरकार और रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब विदेशों में फंसे भारतीयों को हवाई जहाजों से निःशुल्क वापस ला सकते हैं, गुजरात के केवल एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से एक सौ करोड़ रुपये ट्रांसपोर्ट और भोजन खर्च कर सकते हैं और रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना फंड में एक सौ इक्यावन करोड़ रुपये दे सकता है, तो फिर प्रवासी मजदूरों को निःशुल्क रेलयात्रा की सुविधा क्यों नहीं दी जा सकती। सोनिया ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के इन ध्वजवाहकों को उनके घर पहुंचाने के क्रम में कांग्रेस की ओर से ये एक विनम्र किस्म का सहयोग होगा, ताकि संकट के समय में हम अपने हमवतन लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो सकें।
मिर्जापुर में कोरोना से युवक की मौत हो गई। मृतक चुनार थाना क्षेत्र के रुपौधा गांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि कि युवक 26 जनवरी को सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसकी हालत गंभीर होने पर वाराणसी बीएचयू में भर्ती कराया गया था। जांच में उसकी रिपोर्ट 28 जनवरी को कोरोना पॉजिटिव आई थी। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई युवक की मौत से जिले में कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या 120 तक पहुंच गई । डा. अजय कुमार ने बताया कि रविवार को 19 लोगों का पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। 15 लोग स्वस्थ हुए हैं। आज 1746 लोगों का सैंपल लिए गए। जिले में अब तक 11 लाख 83 हजार 15 लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है । जिले में सरकारी आंकड़े के अनुसार अबतक कोरोना से 120 लोगों की मौत हो चुकी है । This website follows the DNPA Code of Ethics.
मिर्जापुर में कोरोना से युवक की मौत हो गई। मृतक चुनार थाना क्षेत्र के रुपौधा गांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि कि युवक छब्बीस जनवरी को सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसकी हालत गंभीर होने पर वाराणसी बीएचयू में भर्ती कराया गया था। जांच में उसकी रिपोर्ट अट्ठाईस जनवरी को कोरोना पॉजिटिव आई थी। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई युवक की मौत से जिले में कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या एक सौ बीस तक पहुंच गई । डा. अजय कुमार ने बताया कि रविवार को उन्नीस लोगों का पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। पंद्रह लोग स्वस्थ हुए हैं। आज एक हज़ार सात सौ छियालीस लोगों का सैंपल लिए गए। जिले में अब तक ग्यारह लाख तिरासी हजार पंद्रह लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है । जिले में सरकारी आंकड़े के अनुसार अबतक कोरोना से एक सौ बीस लोगों की मौत हो चुकी है । This website follows the DNPA Code of Ethics.
वियतनाम के राष्ट्रपति महामहिम त्रान दाइ क्वांग को दिए गए अपने संदेश में श्री मुखर्जी ने कहा, "अपनी सरकार, भारत की जनता और अपनी ओर से मैं आपके 71 वें राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर वियतनाम के लोगों और आपको ढेरों शुभकामनाएं देता हूं। दोनों देश के बीच आपसी संबंध लंबे समय से पारम्परिक मैत्री और सहयोग वाले रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में हमारे सम्बंधों में विस्तार हुआ है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में ये संबंध और अधिक मजबूत होंगे। इस अवसर पर महामहिम आपके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली के साथ ही वियतनाम की मैत्रीपूर्ण जनता की प्रगति और खुशहाली के लिए भी अपनी ओर से शुभकामनाएं देते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है।"
वियतनाम के राष्ट्रपति महामहिम त्रान दाइ क्वांग को दिए गए अपने संदेश में श्री मुखर्जी ने कहा, "अपनी सरकार, भारत की जनता और अपनी ओर से मैं आपके इकहत्तर वें राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर वियतनाम के लोगों और आपको ढेरों शुभकामनाएं देता हूं। दोनों देश के बीच आपसी संबंध लंबे समय से पारम्परिक मैत्री और सहयोग वाले रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में हमारे सम्बंधों में विस्तार हुआ है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में ये संबंध और अधिक मजबूत होंगे। इस अवसर पर महामहिम आपके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली के साथ ही वियतनाम की मैत्रीपूर्ण जनता की प्रगति और खुशहाली के लिए भी अपनी ओर से शुभकामनाएं देते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है।"
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बुलंदशहर के सेठ सूरजमल जटिया कोविड चिकित्सालय, खुर्जा का निरीक्षण कर कोरोना उपचार व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के उपरान्त, मुख्यमंत्री ने मीडिया के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना से पूरी दुनिया प्रभावित हुई। भारत में बेहतर कोविड प्रबन्धन के माध्यम से लोगों का वन एवं विका बचाने के प्रयास बहुत प्रभावी सिद्ध हुए। देश में हुए कोविड प्रबंधन की सराहना पूरी दुनिया में हुई। भारत में बनी कोरोना रोधी वैक्सीन दुनिया की सबसे प्रभावी वैक्सीन में से एक है। देश में इसका प्रभावी और व्यापक उपयोग भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रबन्धन एक बड़ी चुनौती थी। भारत सरकार के साथ मिलकर प्रदेश में कोविड प्रबंधन का कार्य अत्यंत प्रभावी ढंग से किया गया। राज्य में कोविड प्रबंधन के क्रम में विकसित मॉडल की सराहना देश और दुनिया में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली वेव के बाद दूसरी वेव में ऑक्सीजन की क्राइसिस महसूस की गई। इस दौरान भारत सरकार के सहयोग से हर जनपद को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के प्रयास के साथ ही ऑक्सीजन प्लांट भी लगाए गए। वर्तमान में प्रदेश ऑक्सीजन में आत्मनिर्भरता प्राप्त कर चुका है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। प्रदेश में 551 ऑक्सीजन प्लॉण्ट लगाये गये। जनपद बुलंदशहर में 14 ऑक्सीजन प्लाण्ट स्थापित हुये हैं, इसमें से 13 क्रियाशील हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी दोनों इलाकों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कोविड प्रबंधन का कार्य निगरानी समितियों के माध्यम से किया गया। निगरानी समितियों ने डोर टू डोर जाकर संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित किया, उन्हें मेडिसिन किट उपलब्ध करायी, 24 घंटे के अंतर्गत रैपिड रिस्पांस टीम भेजकर कोरोना संक्रमण की जांच करायी। परिणामस्वरूप थर्ड वेव जिसके माह अगस्त-सितंबर, 2021 में आने की आशंका व्यक्त की जा रही थी, को नियंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश थर्ड वेव को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल हो चुका है। अनुमान है कि आगामी 8-10 दिनों में कोरोना संक्रमण की थर्ड वेव पूरी तरह नियंत्रित होगी। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले ते से कम हुए हैं। एक सप्ताह पहले प्रदेश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले 01 लाख 06 हजार थे। एक सप्ताह में इसमें लगभग 50 हजार की कमी आई है। राज्य में कुल एक्टिव मामलों के लगभग 01 प्रतिशत संक्रमित लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वैक्सीनेशन के लक्ष्य को भी बहुत प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है। आज सायंकाल तक उत्तर प्रदेश कोरोना वैक्सीन की लगभग 26 करोड़ डोज देने वाला देश का पहला राज्य होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश में 99 प्रतिशत से अधिक पात्र लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दे दी जाएगी। इसके साथ ही, दोनों डोज प्राप्त करने वाले पात्र लोगों की संख्या 70 प्रतिशत हो जाएगी। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक कोरोना टेस्ट करने वाला राज्य भी है। प्रदेश में अब तक 9 करोड़ 93 लाख से अधिक टेस्ट संपन्न हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद बुलंदशहर में अब तक 41 लाख 85 हजार से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इसमें से 24 लाख 37 हजार कोरोना वैक्सीन डोज 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पात्र लोगों को प्रथम डोज के रूप में दी गई है। 15 लाख 86 हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज प्रदान की गई है। जनपद में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 40 हजार नवयुवकों ने कोरोना वैक्सीन ले ली है। 22 हजार से अधिक लोगों ने प्रिकॉशन डोज भी प्राप्त कर ली है, जो लक्ष्य के 97 प्रतिशत से अधिक है। कोरोना वैक्सीनेशन के अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने से कोरोना संक्रमण की थर्ड वेव की आशंका को न्यूनतम करने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की थर्ड वेव से डरने और भागने की नहीं, बल्कि सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है। बुजुर्ग, बीमार, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कमजोर इम्युनिटी के लोग अनावश्यक घर से बाहर न निकलें, शेष लोगों को घर से बाहर निकलना आवश्यक हो तो मास्क जरूर लगायें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें, इससे संक्रमण पर नियंत्रण करने में सफलता मिलेगी। सतर्कता और सावधानी कोरोना को परास्त करने तथा लोगों के वन और विका को बचाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से कोरोना हारेगा और भारत तेगा।
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बुलंदशहर के सेठ सूरजमल जटिया कोविड चिकित्सालय, खुर्जा का निरीक्षण कर कोरोना उपचार व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के उपरान्त, मुख्यमंत्री ने मीडिया के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना से पूरी दुनिया प्रभावित हुई। भारत में बेहतर कोविड प्रबन्धन के माध्यम से लोगों का वन एवं विका बचाने के प्रयास बहुत प्रभावी सिद्ध हुए। देश में हुए कोविड प्रबंधन की सराहना पूरी दुनिया में हुई। भारत में बनी कोरोना रोधी वैक्सीन दुनिया की सबसे प्रभावी वैक्सीन में से एक है। देश में इसका प्रभावी और व्यापक उपयोग भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रबन्धन एक बड़ी चुनौती थी। भारत सरकार के साथ मिलकर प्रदेश में कोविड प्रबंधन का कार्य अत्यंत प्रभावी ढंग से किया गया। राज्य में कोविड प्रबंधन के क्रम में विकसित मॉडल की सराहना देश और दुनिया में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली वेव के बाद दूसरी वेव में ऑक्सीजन की क्राइसिस महसूस की गई। इस दौरान भारत सरकार के सहयोग से हर जनपद को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के प्रयास के साथ ही ऑक्सीजन प्लांट भी लगाए गए। वर्तमान में प्रदेश ऑक्सीजन में आत्मनिर्भरता प्राप्त कर चुका है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। प्रदेश में पाँच सौ इक्यावन ऑक्सीजन प्लॉण्ट लगाये गये। जनपद बुलंदशहर में चौदह ऑक्सीजन प्लाण्ट स्थापित हुये हैं, इसमें से तेरह क्रियाशील हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी दोनों इलाकों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कोविड प्रबंधन का कार्य निगरानी समितियों के माध्यम से किया गया। निगरानी समितियों ने डोर टू डोर जाकर संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित किया, उन्हें मेडिसिन किट उपलब्ध करायी, चौबीस घंटाटे के अंतर्गत रैपिड रिस्पांस टीम भेजकर कोरोना संक्रमण की जांच करायी। परिणामस्वरूप थर्ड वेव जिसके माह अगस्त-सितंबर, दो हज़ार इक्कीस में आने की आशंका व्यक्त की जा रही थी, को नियंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश थर्ड वेव को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल हो चुका है। अनुमान है कि आगामी आठ-दस दिनों में कोरोना संक्रमण की थर्ड वेव पूरी तरह नियंत्रित होगी। उन्होंने कहा कि पिछले दस दिनों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले ते से कम हुए हैं। एक सप्ताह पहले प्रदेश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले एक लाख छः हजार थे। एक सप्ताह में इसमें लगभग पचास हजार की कमी आई है। राज्य में कुल एक्टिव मामलों के लगभग एक प्रतिशत संक्रमित लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वैक्सीनेशन के लक्ष्य को भी बहुत प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है। आज सायंकाल तक उत्तर प्रदेश कोरोना वैक्सीन की लगभग छब्बीस करोड़ डोज देने वाला देश का पहला राज्य होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश में निन्यानवे प्रतिशत से अधिक पात्र लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दे दी जाएगी। इसके साथ ही, दोनों डोज प्राप्त करने वाले पात्र लोगों की संख्या सत्तर प्रतिशत हो जाएगी। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक कोरोना टेस्ट करने वाला राज्य भी है। प्रदेश में अब तक नौ करोड़ तिरानवे लाख से अधिक टेस्ट संपन्न हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद बुलंदशहर में अब तक इकतालीस लाख पचासी हजार से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इसमें से चौबीस लाख सैंतीस हजार कोरोना वैक्सीन डोज अट्ठारह वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पात्र लोगों को प्रथम डोज के रूप में दी गई है। पंद्रह लाख छियासी हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज प्रदान की गई है। जनपद में पंद्रह से अट्ठारह वर्ष आयु वर्ग के एक लाख चालीस हजार नवयुवकों ने कोरोना वैक्सीन ले ली है। बाईस हजार से अधिक लोगों ने प्रिकॉशन डोज भी प्राप्त कर ली है, जो लक्ष्य के सत्तानवे प्रतिशत से अधिक है। कोरोना वैक्सीनेशन के अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने से कोरोना संक्रमण की थर्ड वेव की आशंका को न्यूनतम करने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की थर्ड वेव से डरने और भागने की नहीं, बल्कि सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है। बुजुर्ग, बीमार, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कमजोर इम्युनिटी के लोग अनावश्यक घर से बाहर न निकलें, शेष लोगों को घर से बाहर निकलना आवश्यक हो तो मास्क जरूर लगायें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें, इससे संक्रमण पर नियंत्रण करने में सफलता मिलेगी। सतर्कता और सावधानी कोरोना को परास्त करने तथा लोगों के वन और विका को बचाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से कोरोना हारेगा और भारत तेगा।
पार रोलर दुनिया की सबसे बड़ी साप्ताहिक रोलर्सकटिंग घटना है, जो हर शुक्रवार की रात पेरिस में होती है। तीन घंटे के लिए, फ्रांसीसी राजधानी की सड़कों के माध्यम से रोलर स्केटिंगर्स पुराने और युवा ग्लाइड। पाठ्यक्रम को दिलचस्प रखने के लिए पाठ्यक्रम अक्सर बदलता है, और इसमें भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं है। आज, पार रोलर साल के समय के आधार पर प्रति सप्ताह 35,000 लोगों को आकर्षित करता है। लेकिन 1 99 4 में शुरू होने पर यह बहुत छोटा था। '9 0 के दशक की इनलाइन स्केटिंग पागल पूरी तरह से स्विंग में थी, और पेरिस में, स्केटिंग प्रशंसकों का ढीला संबद्धता समूह स्केट्स को व्यवस्थित करने के लिए एक साथ आया था। आधिकारिक पाड़ी रोलर वेबसाइट उन शुरुआती दिनों का वर्णन करती हैः "यह सड़क के पैदा हुए सिद्धांतों पर बनाया गया था। उस समय, स्केटिंगर्स का एक छोटा सा बैंड ग्लाइडिंग, मुठभेड़ों की खुशी, खोज की खुशी के एकमात्र उद्देश्य के साथ शहर में आगे बढ़ रहा था - संक्षेप में, आजादी। " पहली सभाओं ने केवल कुछ दर्जन प्रतिभागियों को आकर्षित किया, लेकिन जैसे ही शब्द फैल गया, उतने लोग शामिल हुए। 1 99 6 तक, सभाएं प्रति सप्ताह 200 से अधिक लोगों का औसत थीं। अगले कुछ वर्षों में, घटना भी बड़ी हो गई, और पेरिस पुलिस ने घटना के लिए सुरक्षा प्रदान करना शुरू कर दिया। चीजों को दिलचस्प रखने के लिए, आयोजकों ने साप्ताहिक मार्गों को बदलना शुरू कर दिया, प्रत्येक पारी रोलर सभा से पहले दिन की घोषणा की। आज, "शुक्रवार की रात बुखार" स्थानीय लोगों के रूप में इसे कॉल करते हैं, हर हफ्ते हजारों लोगों को मोंटपर्नेस पड़ोस में लहराते हैं जहां स्केटिंग शुरू होती है। पार रोलर प्रत्येक शुक्रवार की रात 10 बजे शुरू होता है, मौसम की अनुमति देता है। 14 वें व्यवस्था में प्लेस राउल डौट्री से मिलें, मोंटपर्नेस कार्यालय टावर और पेरिस-मोंटपर्नेस ट्रेन स्टेशन के बीच। मार्ग सप्ताह से सप्ताह तक थोड़ा बदलता है लेकिन आमतौर पर केंद्रीय पेरिस और सीन नदी के माध्यम से 18. 5 मील की सड़कों पर यात्रा करता है। पेरी रोलर में भाग लेने के लिए इसका कोई खर्च नहीं है, लेकिन साप्ताहिक कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले संगठन में कुछ आवश्यकताएं होती हैंः - सभी स्केटिंगर्स पैक के साथ बने रहने के लिए पर्याप्त तेज़ी से जाने में सक्षम होना चाहिए। - सभी प्रतिभागियों के लिए अच्छा हस्तक्षेप कौशल आवश्यक है। - प्रत्येक स्केटर में त्वरित और नियंत्रित स्टॉप आने की क्षमता होनी चाहिए। पार रोलर खर्चों को कवर करने के साथ-साथ साप्ताहिक स्केट्स के लिए दुर्घटना बीमा प्रदान करने के लिए योगदान (और नए सदस्यों) का स्वागत करता है। पेरिस में स्केटिंग प्रशंसकों के लिए पार रोलर एकमात्र आकर्षण नहीं है। रोलर्स और कोक्विलाज पेरिस के रविवार दोपहर रोलर्सकटिंग पर्यटन की ओर जाता है। समूह प्लेस डी ला बैस्टिल में अपने पर्यटन शुरू करता है और समाप्त करता है, और इसमें भाग लेने की कोई कीमत नहीं है। यदि आप हार्ड-कोर इनलाइन स्केटर हैं, तो आप वार्षिक पेरिस रोलर्स मैराथन पर विचार करना चाहेंगे, जो हर सितंबर में होता है।
पार रोलर दुनिया की सबसे बड़ी साप्ताहिक रोलर्सकटिंग घटना है, जो हर शुक्रवार की रात पेरिस में होती है। तीन घंटे के लिए, फ्रांसीसी राजधानी की सड़कों के माध्यम से रोलर स्केटिंगर्स पुराने और युवा ग्लाइड। पाठ्यक्रम को दिलचस्प रखने के लिए पाठ्यक्रम अक्सर बदलता है, और इसमें भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं है। आज, पार रोलर साल के समय के आधार पर प्रति सप्ताह पैंतीस,शून्य लोगों को आकर्षित करता है। लेकिन एक निन्यानवे चार में शुरू होने पर यह बहुत छोटा था। 'नौ शून्य के दशक की इनलाइन स्केटिंग पागल पूरी तरह से स्विंग में थी, और पेरिस में, स्केटिंग प्रशंसकों का ढीला संबद्धता समूह स्केट्स को व्यवस्थित करने के लिए एक साथ आया था। आधिकारिक पाड़ी रोलर वेबसाइट उन शुरुआती दिनों का वर्णन करती हैः "यह सड़क के पैदा हुए सिद्धांतों पर बनाया गया था। उस समय, स्केटिंगर्स का एक छोटा सा बैंड ग्लाइडिंग, मुठभेड़ों की खुशी, खोज की खुशी के एकमात्र उद्देश्य के साथ शहर में आगे बढ़ रहा था - संक्षेप में, आजादी। " पहली सभाओं ने केवल कुछ दर्जन प्रतिभागियों को आकर्षित किया, लेकिन जैसे ही शब्द फैल गया, उतने लोग शामिल हुए। एक निन्यानवे छः तक, सभाएं प्रति सप्ताह दो सौ से अधिक लोगों का औसत थीं। अगले कुछ वर्षों में, घटना भी बड़ी हो गई, और पेरिस पुलिस ने घटना के लिए सुरक्षा प्रदान करना शुरू कर दिया। चीजों को दिलचस्प रखने के लिए, आयोजकों ने साप्ताहिक मार्गों को बदलना शुरू कर दिया, प्रत्येक पारी रोलर सभा से पहले दिन की घोषणा की। आज, "शुक्रवार की रात बुखार" स्थानीय लोगों के रूप में इसे कॉल करते हैं, हर हफ्ते हजारों लोगों को मोंटपर्नेस पड़ोस में लहराते हैं जहां स्केटिंग शुरू होती है। पार रोलर प्रत्येक शुक्रवार की रात दस बजे शुरू होता है, मौसम की अनुमति देता है। चौदह वें व्यवस्था में प्लेस राउल डौट्री से मिलें, मोंटपर्नेस कार्यालय टावर और पेरिस-मोंटपर्नेस ट्रेन स्टेशन के बीच। मार्ग सप्ताह से सप्ताह तक थोड़ा बदलता है लेकिन आमतौर पर केंद्रीय पेरिस और सीन नदी के माध्यम से अट्ठारह. पाँच मील की सड़कों पर यात्रा करता है। पेरी रोलर में भाग लेने के लिए इसका कोई खर्च नहीं है, लेकिन साप्ताहिक कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले संगठन में कुछ आवश्यकताएं होती हैंः - सभी स्केटिंगर्स पैक के साथ बने रहने के लिए पर्याप्त तेज़ी से जाने में सक्षम होना चाहिए। - सभी प्रतिभागियों के लिए अच्छा हस्तक्षेप कौशल आवश्यक है। - प्रत्येक स्केटर में त्वरित और नियंत्रित स्टॉप आने की क्षमता होनी चाहिए। पार रोलर खर्चों को कवर करने के साथ-साथ साप्ताहिक स्केट्स के लिए दुर्घटना बीमा प्रदान करने के लिए योगदान का स्वागत करता है। पेरिस में स्केटिंग प्रशंसकों के लिए पार रोलर एकमात्र आकर्षण नहीं है। रोलर्स और कोक्विलाज पेरिस के रविवार दोपहर रोलर्सकटिंग पर्यटन की ओर जाता है। समूह प्लेस डी ला बैस्टिल में अपने पर्यटन शुरू करता है और समाप्त करता है, और इसमें भाग लेने की कोई कीमत नहीं है। यदि आप हार्ड-कोर इनलाइन स्केटर हैं, तो आप वार्षिक पेरिस रोलर्स मैराथन पर विचार करना चाहेंगे, जो हर सितंबर में होता है।
।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल (हे.) ।1 - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसे1950 ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा 117 - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ( नदारद ) ।1क(क) - रिक्त ( नदारद ) ।1-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ( नदारद ) ।2 - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।3 - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ( नदारद ) ।4 - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ 4 में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ( नदारद ) ।4-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -(क)जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ( नदारद ) ।4-क(ख) - अन्य भूमि । ( नदारद ) ।5-1 - कृषि योग्य भूमि - नई परती (परतीजदीद) ।5-2 - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती (परतीकदीम) ( नदारद ) ।5-3-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ( नदारद ) ।5-3-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ( नदारद ) ।5-3-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ( नदारद ) ।5-3-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ( नदारद ) ।5-3-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।5-क (क) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ( नदारद ) ।5-क (ख) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ( नदारद ) ।5-क (ग) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ( नदारद ) ।6-1 - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।6-2 - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।6-3 - कब्रिस्तान और श्मशान (मरघट) , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ( नदारद ) ।6-4 - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ( नदारद ) ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल ।एक - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसेएक हज़ार नौ सौ पचास ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा एक सौ सत्रह - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ।एकक - रिक्त ।एक-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ।दो - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।तीन - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ।चार - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ चार में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ।चार-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ।चार-क - अन्य भूमि । ।पाँच-एक - कृषि योग्य भूमि - नई परती ।पाँच-दो - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती ।पाँच-तीन-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।पाँच-तीन-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ।पाँच-तीन-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।पाँच-तीन-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ।पाँच-तीन-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ।छः-एक - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।छः-दो - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।छः-तीन - कब्रिस्तान और श्मशान , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।छः-चार - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
हेमंत शर्मा,रायपुर। भारत मैट्रीमोनी साइट पर युवती ठगी का शिकार हुई है. एक युवक शादी का झांसा देकर युवती से 5 लाख रुपए की ठगी की है. युवती शादी के उद्देश्य से भारत मैट्रीमोनी में अपना बायोडाटा डालकर ऐप में रजिस्ट्रेशन कराई थी. उसी साइट के जरिये आरोपी से संपर्क हुआ था. मामले में राजेन्द्र नगर पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार रायपुर के आम्रपाली सोसायटी निवासी एक युवती अपनी शादी के उद्देश्य से भारत मेट्रीमानी वेबसाइट पर अपना बायोडाटा डालकर रजिस्ट्रेशन कराई थी. 18 नवंबर 2020 को उसी साइट में रजिस्टर्ड एक डॉ. रिजुल आनंद से मैसेज पर बातचीत हुई. रिजुल ने अपने आप को डॉक्टर और गुजरात का रहना बताया था. फिर उसने पीड़िता के नंबर पर व्हाट्सएप के जरिये कॉल किया. दोनों की फोन पर बात होने बात होने लगी. बातचीत के दौरान आरोपी प्रार्थीया से शादी करने को तैयार था और वह रायपुर आकर उसके परिवार से मिलकर बात करने को कहता था. इन सब बातों की वजह से पीड़ित युवती उस पर विश्वास करने लगी. इसी दौरान 8 दिसम्बर 2020 को आरोपी ने प्रार्थीया को फोन कर बताया कि वह अपने डॉक्टरी पेशा की वजह से विदेश तुर्की जाने वाला है और अपना कुछ दस्तावेज एवं समान उसके पते पर भेज रहा है. जिसे विदेश से वापस आकर ले लेगा. इसके दो दिन बात पीड़िता के पास एक अन्य मोबाइल नंबर धारक ने फोनकर बताया कि उसका एक पार्सल आया है. उनके निकासी के लिए 26 हजार 800 रुपए देना पड़ेगा. इसके लिए उसने अपना खाता नम्बर भी दिया. उस अकाउंट नंबर पर युवती ने उसी दिन पैसे डाल दिया. उसके एक दिन बाद फिर प्रार्थीया के मेल आईडी पर एक मेल आया कि पार्सल में फॉरेन करेंसी पाई गई है. जिस वजह से उसके बीमा के लिए 76 हजार 800 रुपये देना पड़ेगा. इसके बाद पीड़िता ने ठग के खाते में 76 हजार 800 रुपए डाल दिया. इस तरह अलग-अलग झांसा देकर ठगों ने प्रार्थीया से 5 लाख रुपये अपने खातों में जमा करवाए गए हैं. लगातार पैसे की मांग किये जाने पर पीड़ित युवती को भी ठगे जाने का एहसास हुआ जिसके बाद उसने थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को लेकर साइबर सेल प्रभारी रमाकांत साहू का कहना है कि राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में एक मेट्रीमानी साइट के माध्यम से ठगी का मामला सामने आया है. महिला द्वारा शादी के लिए बायोडाटा डाला गया था. उसे देखने के बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क किया था और अपने आप को तुर्की जाना बताया था. तुर्की से लौटने के बाद इंडिया में शिफ्ट होना बताया. इसने पीड़िता से शादी करने की भी बात कही थी. इसी संबंध में उसने कुछ दिन बाद पीड़िता को फोनकर कहा कि उसका पार्सल दिल्ली एयरपोर्ट में रुका है. इसे छुड़ाने के लिए कस्टम चार्ज सहित कई अन्य चार्ज के नाम पर प्रार्थिया से 5 लाख रुपये खाते में जमा करवाए है.
हेमंत शर्मा,रायपुर। भारत मैट्रीमोनी साइट पर युवती ठगी का शिकार हुई है. एक युवक शादी का झांसा देकर युवती से पाँच लाख रुपए की ठगी की है. युवती शादी के उद्देश्य से भारत मैट्रीमोनी में अपना बायोडाटा डालकर ऐप में रजिस्ट्रेशन कराई थी. उसी साइट के जरिये आरोपी से संपर्क हुआ था. मामले में राजेन्द्र नगर पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार रायपुर के आम्रपाली सोसायटी निवासी एक युवती अपनी शादी के उद्देश्य से भारत मेट्रीमानी वेबसाइट पर अपना बायोडाटा डालकर रजिस्ट्रेशन कराई थी. अट्ठारह नवंबर दो हज़ार बीस को उसी साइट में रजिस्टर्ड एक डॉ. रिजुल आनंद से मैसेज पर बातचीत हुई. रिजुल ने अपने आप को डॉक्टर और गुजरात का रहना बताया था. फिर उसने पीड़िता के नंबर पर व्हाट्सएप के जरिये कॉल किया. दोनों की फोन पर बात होने बात होने लगी. बातचीत के दौरान आरोपी प्रार्थीया से शादी करने को तैयार था और वह रायपुर आकर उसके परिवार से मिलकर बात करने को कहता था. इन सब बातों की वजह से पीड़ित युवती उस पर विश्वास करने लगी. इसी दौरान आठ दिसम्बर दो हज़ार बीस को आरोपी ने प्रार्थीया को फोन कर बताया कि वह अपने डॉक्टरी पेशा की वजह से विदेश तुर्की जाने वाला है और अपना कुछ दस्तावेज एवं समान उसके पते पर भेज रहा है. जिसे विदेश से वापस आकर ले लेगा. इसके दो दिन बात पीड़िता के पास एक अन्य मोबाइल नंबर धारक ने फोनकर बताया कि उसका एक पार्सल आया है. उनके निकासी के लिए छब्बीस हजार आठ सौ रुपयापए देना पड़ेगा. इसके लिए उसने अपना खाता नम्बर भी दिया. उस अकाउंट नंबर पर युवती ने उसी दिन पैसे डाल दिया. उसके एक दिन बाद फिर प्रार्थीया के मेल आईडी पर एक मेल आया कि पार्सल में फॉरेन करेंसी पाई गई है. जिस वजह से उसके बीमा के लिए छिहत्तर हजार आठ सौ रुपयापये देना पड़ेगा. इसके बाद पीड़िता ने ठग के खाते में छिहत्तर हजार आठ सौ रुपयापए डाल दिया. इस तरह अलग-अलग झांसा देकर ठगों ने प्रार्थीया से पाँच लाख रुपये अपने खातों में जमा करवाए गए हैं. लगातार पैसे की मांग किये जाने पर पीड़ित युवती को भी ठगे जाने का एहसास हुआ जिसके बाद उसने थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को लेकर साइबर सेल प्रभारी रमाकांत साहू का कहना है कि राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में एक मेट्रीमानी साइट के माध्यम से ठगी का मामला सामने आया है. महिला द्वारा शादी के लिए बायोडाटा डाला गया था. उसे देखने के बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क किया था और अपने आप को तुर्की जाना बताया था. तुर्की से लौटने के बाद इंडिया में शिफ्ट होना बताया. इसने पीड़िता से शादी करने की भी बात कही थी. इसी संबंध में उसने कुछ दिन बाद पीड़िता को फोनकर कहा कि उसका पार्सल दिल्ली एयरपोर्ट में रुका है. इसे छुड़ाने के लिए कस्टम चार्ज सहित कई अन्य चार्ज के नाम पर प्रार्थिया से पाँच लाख रुपये खाते में जमा करवाए है.
Dhanbad: धनबाद (Dhanbad) वर्ष 2018 की मिस इंडिया, मॉडलर और धनबाद नगर निगम की ब्रांड एंबेसेडर कुसुम विहार निवासी अनिता मजूमदार को सिंदरी निवासी मंकूर नन्दन नामक व्यक्ति धमकी दे रहा है. पूर्व मिस इंडिया ने वरीय पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. शिकायत में कहा गया है कि उनके साथ किसी तरह की अनहोनी के लिए जिम्मेवार मंकुर नन्दन होगा. अनीता मजूमदार ने मंकूर नन्दन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गालिब इंडिया नामक संस्था के डायरेक्टर हैं. उन्होंने इसी वर्ष विगत फरवरी माह में मेल से गालिब इंडिया का ब्रांड एंबेसेडर बनने का प्रस्ताव भेजा था. प्रस्ताव के अनुसार छोटे कपड़े पहनने थे. उसे मैंने स्वीकार नहीं किया. उसके बाद उसने म्यूजिक एलबम में एक्ट्रेस का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया. मंकुर नन्दन ने कहा कि आपकी पहचान काफी है. आप मुझे म्यूजिक एलबम लॉन्च करने में मदद करें. प्रलोभन भी दिया गया कि वह मुझे इस कंसर्ट के माध्यम से काफी ऊंचाई पर पहुंचा देंगे. बॉलीवुड में उनकी काफी पहचान भी है. पिछले माह जून में एक कंसर्ट के लिए मेरे माध्यम से टाउन हॉल बुक कराया. फिर 200 टिकट बुक करने के लिए दिया, जिसे मैंने वापस कर दिया. आरोप लगाया कि उन्हें भय व आशंका है कि इसी कारण वह नाराज है और बदला लेने के लिए हमला करा सकता है.
Dhanbad: धनबाद वर्ष दो हज़ार अट्ठारह की मिस इंडिया, मॉडलर और धनबाद नगर निगम की ब्रांड एंबेसेडर कुसुम विहार निवासी अनिता मजूमदार को सिंदरी निवासी मंकूर नन्दन नामक व्यक्ति धमकी दे रहा है. पूर्व मिस इंडिया ने वरीय पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. शिकायत में कहा गया है कि उनके साथ किसी तरह की अनहोनी के लिए जिम्मेवार मंकुर नन्दन होगा. अनीता मजूमदार ने मंकूर नन्दन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गालिब इंडिया नामक संस्था के डायरेक्टर हैं. उन्होंने इसी वर्ष विगत फरवरी माह में मेल से गालिब इंडिया का ब्रांड एंबेसेडर बनने का प्रस्ताव भेजा था. प्रस्ताव के अनुसार छोटे कपड़े पहनने थे. उसे मैंने स्वीकार नहीं किया. उसके बाद उसने म्यूजिक एलबम में एक्ट्रेस का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया. मंकुर नन्दन ने कहा कि आपकी पहचान काफी है. आप मुझे म्यूजिक एलबम लॉन्च करने में मदद करें. प्रलोभन भी दिया गया कि वह मुझे इस कंसर्ट के माध्यम से काफी ऊंचाई पर पहुंचा देंगे. बॉलीवुड में उनकी काफी पहचान भी है. पिछले माह जून में एक कंसर्ट के लिए मेरे माध्यम से टाउन हॉल बुक कराया. फिर दो सौ टिकट बुक करने के लिए दिया, जिसे मैंने वापस कर दिया. आरोप लगाया कि उन्हें भय व आशंका है कि इसी कारण वह नाराज है और बदला लेने के लिए हमला करा सकता है.
नई दिल्लीः यूपीए सरकार के दौरान एडिशनल सॉलीसिटर जनरल रहीं मशहूर वकील इंदिरा जयसिंह के एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव का लाइसेंस केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। एनजीओ पर विदेशी मुद्रा नियमन कानून (एफसीआरए) के उल्लंघन का आरोप है। इंदिरा ने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है। क्या है एनजीओ पर आरोप? -गृह मंत्रालय के मुताबिक एनजीओ ने विदेश से मिले धन का गलत इस्तेमाल किया। -राजनीतिक इरादे से धरने और प्रदर्शनों पर धन का इस्तेमाल किया, जो एफसीआरए का उल्लंघन है। -इंदिरा जुलाई 2009 से 5 मई 2014 तक एडिशनल सॉलीसिटर जनरल थीं। -इस दौरान एनजीओ से इंदिरा को 81 लाख से ज्यादा रकम दी गई। केंद्र ने उन्हें 96 लाख से ज्यादा दिए। -गृह मंत्रालय ने पूछा है कि इंदिरा को आखिर एनजीओ ने उस दौरान रकम क्यों दी थी। क्या कहना है एनजीओ और इंदिरा का? -एनजीओ ने कहा कि इंदिरा जयसिंह को 2009 में रकम दी गई थी। -उस दौरान एफसीआरए लागू न होने की दलील दी गई है। -इंदिरा जयसिंह ने इसे बदले की भावना से कार्रवाई करार दिया है। -वह इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकती हैं। -एनजीओ की ओर से पहले मिले जवाब को केंद्र सरकार ने मानने से इनकार कर दिया है।
नई दिल्लीः यूपीए सरकार के दौरान एडिशनल सॉलीसिटर जनरल रहीं मशहूर वकील इंदिरा जयसिंह के एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव का लाइसेंस केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। एनजीओ पर विदेशी मुद्रा नियमन कानून के उल्लंघन का आरोप है। इंदिरा ने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है। क्या है एनजीओ पर आरोप? -गृह मंत्रालय के मुताबिक एनजीओ ने विदेश से मिले धन का गलत इस्तेमाल किया। -राजनीतिक इरादे से धरने और प्रदर्शनों पर धन का इस्तेमाल किया, जो एफसीआरए का उल्लंघन है। -इंदिरा जुलाई दो हज़ार नौ से पाँच मई दो हज़ार चौदह तक एडिशनल सॉलीसिटर जनरल थीं। -इस दौरान एनजीओ से इंदिरा को इक्यासी लाख से ज्यादा रकम दी गई। केंद्र ने उन्हें छियानवे लाख से ज्यादा दिए। -गृह मंत्रालय ने पूछा है कि इंदिरा को आखिर एनजीओ ने उस दौरान रकम क्यों दी थी। क्या कहना है एनजीओ और इंदिरा का? -एनजीओ ने कहा कि इंदिरा जयसिंह को दो हज़ार नौ में रकम दी गई थी। -उस दौरान एफसीआरए लागू न होने की दलील दी गई है। -इंदिरा जयसिंह ने इसे बदले की भावना से कार्रवाई करार दिया है। -वह इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकती हैं। -एनजीओ की ओर से पहले मिले जवाब को केंद्र सरकार ने मानने से इनकार कर दिया है।
बैतूल में मंगलवार को संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। समिति ने बिना मापदंडों के बने स्पीड ब्रेकर हटाने, अतिक्रमण मुहिम चलाने, मैरिज गार्डनों की खुद की पार्किंग शुरू करने, प्रेशर हॉर्न के खिलाफ अभियान चलाने, ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगाने समेत कई फैसले किए गए हैं। सांसद डी डी उइके ने कहा कि जिले के सभी मार्गों पर आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि रात्रि में वाहन चालकों को परेशानी न हो। साथ ही शहरी क्षेत्र में जिन मार्गों पर नियम विरुद्ध और बिना मापदंड के स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, उन्हें चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में नियम विरूद्ध किए गए अतिक्रमण को मुहिम चलाकर हटाया जाए। बैठक में कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस, पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना सिंह कुशवाह सहित यातायात विभाग के अधिकारी और संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में प्रेशर हॉर्न लगे वाहनों के विरूद्ध अभियान चलाने, मैरिज गार्डन, स्कूल प्रबंधन एवं नर्सिंग होम्स को खुद की पार्किंग व्यवस्था रखने के निर्देश देने, इसके लिए तहसीलदार, नगरपालिका सीएमओ एवं राजस्व अधिकारी की एक कमेटी गठित करने का फैसला किया गया है। इसके लिए दस दिन का समय दिया गया है। बैठक में मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए गए कि मटन मार्केट के लिए स्थान चिन्हित किया जाए। शहर में ऐसे कई स्थान हैं जहां कैमरे लगे हैं, लेकिन स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण वाहन तेज गति से निकल जाते हैं। जिसके कारण किसी दुर्घटना की स्थिति में इन वाहनों को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। सांसद उइके द्वारा ऐसे स्थानों का चिन्हांकन कर शीघ्रता से मापदंडानुसार स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में शासकीय वाहन चालकों के लिए निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर लगाने का फैसला भी किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बैतूल में मंगलवार को संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। समिति ने बिना मापदंडों के बने स्पीड ब्रेकर हटाने, अतिक्रमण मुहिम चलाने, मैरिज गार्डनों की खुद की पार्किंग शुरू करने, प्रेशर हॉर्न के खिलाफ अभियान चलाने, ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगाने समेत कई फैसले किए गए हैं। सांसद डी डी उइके ने कहा कि जिले के सभी मार्गों पर आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि रात्रि में वाहन चालकों को परेशानी न हो। साथ ही शहरी क्षेत्र में जिन मार्गों पर नियम विरुद्ध और बिना मापदंड के स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, उन्हें चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में नियम विरूद्ध किए गए अतिक्रमण को मुहिम चलाकर हटाया जाए। बैठक में कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस, पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना सिंह कुशवाह सहित यातायात विभाग के अधिकारी और संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में प्रेशर हॉर्न लगे वाहनों के विरूद्ध अभियान चलाने, मैरिज गार्डन, स्कूल प्रबंधन एवं नर्सिंग होम्स को खुद की पार्किंग व्यवस्था रखने के निर्देश देने, इसके लिए तहसीलदार, नगरपालिका सीएमओ एवं राजस्व अधिकारी की एक कमेटी गठित करने का फैसला किया गया है। इसके लिए दस दिन का समय दिया गया है। बैठक में मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए गए कि मटन मार्केट के लिए स्थान चिन्हित किया जाए। शहर में ऐसे कई स्थान हैं जहां कैमरे लगे हैं, लेकिन स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण वाहन तेज गति से निकल जाते हैं। जिसके कारण किसी दुर्घटना की स्थिति में इन वाहनों को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। सांसद उइके द्वारा ऐसे स्थानों का चिन्हांकन कर शीघ्रता से मापदंडानुसार स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में शासकीय वाहन चालकों के लिए निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर लगाने का फैसला भी किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
लखनऊ। मीडिया समाज का दर्पण है। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। मीडिया ने समय-समय पर न सिर्फ समाज को आइना दिखाया है, बल्कि कई बार नई दिशा भी दी है। मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की सपा की मांग पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को सपा के चीफ व्हिप मनोज पांडेय की मीडिया पर अंकुश लगाने की मांग की चहुंओर निंदा हो रही है। भाजपा समेत आम जन का भी मानना है कि इसकी स्वतंत्रता पर कभी अंकुश नहीं लगाया जाना चाहिए। देश-प्रदेश में कई ऐसे मामले हैं, जिसमें मीडिया ने पीड़ित को न्याय दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। भाजपा प्रवक्ता ने इसकी भर्त्सना करते हुए कहा है कि सपा के नेता स्वयं कई गंभीर मामलों में फंसते दिख रहे हैं, इसलिए सपा के लोग मीडिया पर अंकुश की मांग कर रहे हैं। सपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने विधानमंडल दल के बजट सत्र के पहले दिन मीडिया पर अंकुश लगाने की मांग की थी। उनके बयान पर प्रदेश के वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। मीडिया पर रोक लगाना ठीक नहीं होगा, न तो मीडिया के लिए और न ही हमारे लिए। मीडिया पर अंकुश लगाने का कोई भी संदेश विधायिका के लिए उपयुक्त नहीं होगा। खन्ना ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह वक्तव्य किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया की खबरों से सपा परेशान है। चीफ व्हिप मनोज पांडेय सदन में मीडिया ट्रायल पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि सपा के कई विधायक, नेता, सांसद गंभीर आपराधिक मामलों में फंसते जा रहे हैं। सपा की छवि खराब न हो। उनके काले कारनामों पर मीडिया कुछ भी न बोले और न लिखे, इसलिए अंकुश की मांग कर रहे हैं। यह सपा का दोहरा रवैया है। एक तरफ मीडिया की आजादी के लिए जंग लड़ने की बात करते हैं और दूसरी तरफ अंकुश लगाने की मांग करते हैं। लेकिन मोदी-योगी सरकार में मीडिया की स्वतंत्रता पर कोई रोक नहीं लग सकती। सपा के लोग अपनों को सुधारने की बजाय मीडिया को कटघरे में खड़ा करना बंद करें। अमेठी। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री व अमेठी से भाजपा की सांसद स्मृति ईरानी को पाकिस्तानी बताने के मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व MLC दीपक सिंह पर FIR दर्ज की गई है। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में पथरी के आपरेशन के बाद चिकित्सकों की लापरवाही से रामशाहपुर निवासी विवाहिता दिव्या शुक्ला की मौत हो गई थी। मामले में पति अनुज शुक्ल ने चिकित्सक व अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। जांच में लापरवाही उजागर होने के बाद सीएमओ ने 18 सितंबर को अस्पताल सील कर दिया था। सोमवार से CMO कार्यालय पर अमेठी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पूर्व MLC एवं कांग्रेस नेता दीपक सिंह की अगुआई में अस्पताल की सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया था। सत्याग्रह के दौरान पूर्व MLC का एक कथित वीडियो प्रसारित हो रहा है। जिसमें एक चैनल के द्वारा पूर्व MLC से मृतका के दुधमुंहे बच्चे की देखभाल को लेकर प्रश्न किया गया। जवाब में पूर्व MLC ने कहा कि बच्चा अमेठी परिवार का हिस्सा है। किसी ईरानी पाकिस्तानी से उसका कोई मतलब नही है। इसी बयान से आहत होकर भाजपा जिला महामंत्री केशव प्रसाद सिंह ने कहा कि सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर इस तरह की आपत्तिजनक बयान देने से पार्टी कार्यकर्ताओं व मतदाताओं में रोष है। महामंत्री की तहरीर पर पुलिस ने NCR दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह ने FIR दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। FIR दर्ज होने के बाद गुरुवार को पूर्व MLC दीपक सिंह ने अपने एक्स प्लेटफार्म पर सदन का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि जब हमारे देश के सबसे बड़े राज्य की सरकार मेरी आवाज दबा नही पाई, तो किसी पाकिस्तानी और ईरानी की क्या औकात। इस पोस्ट के बाद अमेठी की सियासी जंग सोशल मीडिया पर दोबारा छिड़ गई है।
लखनऊ। मीडिया समाज का दर्पण है। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। मीडिया ने समय-समय पर न सिर्फ समाज को आइना दिखाया है, बल्कि कई बार नई दिशा भी दी है। मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की सपा की मांग पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को सपा के चीफ व्हिप मनोज पांडेय की मीडिया पर अंकुश लगाने की मांग की चहुंओर निंदा हो रही है। भाजपा समेत आम जन का भी मानना है कि इसकी स्वतंत्रता पर कभी अंकुश नहीं लगाया जाना चाहिए। देश-प्रदेश में कई ऐसे मामले हैं, जिसमें मीडिया ने पीड़ित को न्याय दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। भाजपा प्रवक्ता ने इसकी भर्त्सना करते हुए कहा है कि सपा के नेता स्वयं कई गंभीर मामलों में फंसते दिख रहे हैं, इसलिए सपा के लोग मीडिया पर अंकुश की मांग कर रहे हैं। सपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने विधानमंडल दल के बजट सत्र के पहले दिन मीडिया पर अंकुश लगाने की मांग की थी। उनके बयान पर प्रदेश के वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। मीडिया पर रोक लगाना ठीक नहीं होगा, न तो मीडिया के लिए और न ही हमारे लिए। मीडिया पर अंकुश लगाने का कोई भी संदेश विधायिका के लिए उपयुक्त नहीं होगा। खन्ना ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह वक्तव्य किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया की खबरों से सपा परेशान है। चीफ व्हिप मनोज पांडेय सदन में मीडिया ट्रायल पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि सपा के कई विधायक, नेता, सांसद गंभीर आपराधिक मामलों में फंसते जा रहे हैं। सपा की छवि खराब न हो। उनके काले कारनामों पर मीडिया कुछ भी न बोले और न लिखे, इसलिए अंकुश की मांग कर रहे हैं। यह सपा का दोहरा रवैया है। एक तरफ मीडिया की आजादी के लिए जंग लड़ने की बात करते हैं और दूसरी तरफ अंकुश लगाने की मांग करते हैं। लेकिन मोदी-योगी सरकार में मीडिया की स्वतंत्रता पर कोई रोक नहीं लग सकती। सपा के लोग अपनों को सुधारने की बजाय मीडिया को कटघरे में खड़ा करना बंद करें। अमेठी। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री व अमेठी से भाजपा की सांसद स्मृति ईरानी को पाकिस्तानी बताने के मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व MLC दीपक सिंह पर FIR दर्ज की गई है। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में पथरी के आपरेशन के बाद चिकित्सकों की लापरवाही से रामशाहपुर निवासी विवाहिता दिव्या शुक्ला की मौत हो गई थी। मामले में पति अनुज शुक्ल ने चिकित्सक व अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। जांच में लापरवाही उजागर होने के बाद सीएमओ ने अट्ठारह सितंबर को अस्पताल सील कर दिया था। सोमवार से CMO कार्यालय पर अमेठी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पूर्व MLC एवं कांग्रेस नेता दीपक सिंह की अगुआई में अस्पताल की सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया था। सत्याग्रह के दौरान पूर्व MLC का एक कथित वीडियो प्रसारित हो रहा है। जिसमें एक चैनल के द्वारा पूर्व MLC से मृतका के दुधमुंहे बच्चे की देखभाल को लेकर प्रश्न किया गया। जवाब में पूर्व MLC ने कहा कि बच्चा अमेठी परिवार का हिस्सा है। किसी ईरानी पाकिस्तानी से उसका कोई मतलब नही है। इसी बयान से आहत होकर भाजपा जिला महामंत्री केशव प्रसाद सिंह ने कहा कि सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर इस तरह की आपत्तिजनक बयान देने से पार्टी कार्यकर्ताओं व मतदाताओं में रोष है। महामंत्री की तहरीर पर पुलिस ने NCR दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह ने FIR दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। FIR दर्ज होने के बाद गुरुवार को पूर्व MLC दीपक सिंह ने अपने एक्स प्लेटफार्म पर सदन का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि जब हमारे देश के सबसे बड़े राज्य की सरकार मेरी आवाज दबा नही पाई, तो किसी पाकिस्तानी और ईरानी की क्या औकात। इस पोस्ट के बाद अमेठी की सियासी जंग सोशल मीडिया पर दोबारा छिड़ गई है।
मेमोरी मस्तिष्क का एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण कार्य है। अगर हम हर समय अपने व्यापार के बारे में भूल गए थे, जहां हम जा रहे थे, या इससे भी बदतर, हमारे निजी नाम और निवास के डेटा, यह हमारे जीवन को पूरी आपदा में बदल देगा। मेमोरी नुकसान विभिन्न कारकों के कारण होता हैः गंभीर तनाव, नियमित थकान, "बेरीबेरी" की वसंत अवधि, हानिकारक आदतों का अनुभव। एक स्वस्थ जीवन शैली (जिसका अर्थ है कि आप स्मृति के लिए विटामिन का उपयोग करते हैं) इस रोगविज्ञान का नेतृत्व नहीं करेंगे, सिवाय इसके कि यदि कोई दुर्घटना होती है जिसमें मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो जाता है। इसलिए, ज्यादातर स्थितियों में हम खुद को इस तथ्य के दोषी हैं कि हमारी स्मृति क्षमता कम हो रही है, और इसका मतलब है कि हमारे पास इसे बढ़ाने की शक्ति है। इस लेख में, आप न केवल स्मृति के लिए विटामिन की आवश्यकता है, बल्कि इसे सुधारने के तरीकों को भी सीखेंगे। एक अद्भुत वाक्यांश हैः "हम वही हैं जो हम खाते हैं।" यदि आप इसके बारे में सोचते हैं, तो यह पता चला है कि यह सच हैः भोजन का उपयोग करके, हमें शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक मात्रा में विटामिन, माइक्रोलेमेंट्स, एसिड, और अन्य "भवन सामग्री" मिलती है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो यह या वह अंग बीमार हो जाता है, गुणात्मक रूप से अपने कार्यों को निष्पादित करना बंद कर देता है और पैथोलॉजी होती है। उनमें से एक - स्मृति का उल्लंघन। मस्तिष्क को अच्छी तरह से जानकारी याद रखने के लिए, आप अपना आहार बदलने की कोशिश कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, स्मृति के लिए विटामिन ऐसे उत्पादों में निहित हैंः - मीठे आलू; - पालक; - गेहूं रोगाणु; - शहद; - मछली (विशेष रूप से सामन, हेरिंग, मैकेरल); - अंडे। यदि आप इन खाद्य पदार्थों के साथ अपना आहार समृद्ध करते हैं,तो समय के साथ स्मृति में सुधार होगा। इसी तरह के पोषण के 3 सप्ताह बाद परिणाम की उम्मीद की जानी चाहिए, क्योंकि सभी आवश्यक विटामिन पूरी तरह से पच जाएंगे। दरअसल, ऐसी दवाएं हैंजो स्मृति सुधार करने में सक्षम हैं; दवाएं डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाती हैं, लेकिन उनमें से कुछ स्वतंत्र रूप से केवल आत्मविश्वास से उपयोग की जा सकती हैं कि घटकों के लिए कोई एलर्जी नहीं है। आइए विटामिन कॉम्प्लेक्स से शुरू करें, जोविशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए बनाया गया है। इसने विटामिन की एक अच्छी रचना का चयन किया जो आश्चर्यजनक काम कर सकता है। बेशक, कृत्रिम संस्करण प्राकृतिक के रूप में उतना अच्छा नहीं है, लेकिन कभी-कभी यह आपके आहार को बनाना बेहद मुश्किल है ताकि इसमें संपूर्ण परिसर शामिल हो। स्मृति के लिए तैयारी में से एक विटमम "मेमोरी" है। जैसा कि निर्माता इंगित करता है, यह सेरेब्रल परिसंचरण को सामान्य करने के साथ-साथ न्यूरॉन्स में सिनैप्टिक ट्रांसमिशन को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह दवा रक्त के भौतिक गुणों को अनुकूलित करती है, और इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होता है। विटमम "मेमोरी" में 6 घटक जो आपको स्मृति पुनर्प्राप्त करने की अनुमति देते हैंः - इसमें जिंक होता है, जो हिप्पोकैम्पल न्यूरॉन्स के कनेक्शन को नियंत्रित करता है। - विटामिन बी 1, जो लैक्टिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करता है (यदि यह बहुत अधिक है, तो मस्तिष्क खराब काम करता है)। - बी 2 - ऊर्जा के साथ शरीर (मस्तिष्क सहित) की आपूर्ति करता है। - बी 6 - न्यूरोट्रांसमीटर को संश्लेषित करता है और मदद करता हैमस्तिष्क को आवश्यक अमीनो एसिड - मेथियोनीन, सिस्टीन, ट्रायप्टोफान को आत्मसात करने के लिए। शरीर में न्यूरोलेप्टिक्स के निर्माण को उत्तेजित करता है (नोरेपीनेफ्राइन और सेरोटोनिन), जिसके बिना पूर्ण मानसिक गतिविधि असंभव है। - सी - एक एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव है। - और गोलियों में सबसे बड़ी राशि में जिन्कगो बिलोबा होता है। याद रखने की क्षमता में सुधार करते समय यह घटक रक्त परिसंचरण को सामान्य करता है। अंतिम घटक अलग से इस्तेमाल किया जा सकता है,यह मस्तिष्क को बेहतर बनाने के लिए एक शक्तिशाली पर्याप्त उपकरण है, क्योंकि यह केवल स्मृति को पुनर्स्थापित करने के लिए बचे हुए लोगों को ही नहीं बल्कि पूरे अंग के काम को भी बहाल करने के लिए निर्धारित किया जाता है। एक और दवा जो न केवल मस्तिष्क पर लाभकारी प्रभाव डालती है, बल्कि तंत्रिका तंत्र पर भी न्यूरोविटन है, क्योंकि इसमें बी-कॉम्प्लेक्स होता है। इसलिए, लेख के इस हिस्से में हमने उन दवाओं को सूचीबद्ध किया है जिनमें स्मृति के लिए विटामिन शामिल हैं। वे दिमाग को "तेज" करते हैं और इसे पूर्ण कार्य क्षमता में वापस कर देते हैं। यह स्मृति में सुधार के तरीकों का वर्णन करता है, जो कार्यों की तरह दिखता है। - उनमें से सबसे सरल और सबसे प्रभावी हम स्कूल में पढ़ाए गए थेः छंद और गद्य पाठ के टुकड़े याद रखने के लिए। - अभ्यास का एक और संस्करण भी है, अधिक उपयोगी - एक नई भाषा सीखना शुरू करें। - तीसरा तरीका लेख को ज़ोर से पढ़ना है, और उसके बाद इसे फिर से लिखना है। - अपने दोस्तों की मोबाइल नंबरों को याद रखने का भी प्रयास करें। इस ढांचे से पहले सेट करें, उदाहरण के लिए, 1 दिन में तीन संख्याओं को याद रखें।
मेमोरी मस्तिष्क का एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण कार्य है। अगर हम हर समय अपने व्यापार के बारे में भूल गए थे, जहां हम जा रहे थे, या इससे भी बदतर, हमारे निजी नाम और निवास के डेटा, यह हमारे जीवन को पूरी आपदा में बदल देगा। मेमोरी नुकसान विभिन्न कारकों के कारण होता हैः गंभीर तनाव, नियमित थकान, "बेरीबेरी" की वसंत अवधि, हानिकारक आदतों का अनुभव। एक स्वस्थ जीवन शैली इस रोगविज्ञान का नेतृत्व नहीं करेंगे, सिवाय इसके कि यदि कोई दुर्घटना होती है जिसमें मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो जाता है। इसलिए, ज्यादातर स्थितियों में हम खुद को इस तथ्य के दोषी हैं कि हमारी स्मृति क्षमता कम हो रही है, और इसका मतलब है कि हमारे पास इसे बढ़ाने की शक्ति है। इस लेख में, आप न केवल स्मृति के लिए विटामिन की आवश्यकता है, बल्कि इसे सुधारने के तरीकों को भी सीखेंगे। एक अद्भुत वाक्यांश हैः "हम वही हैं जो हम खाते हैं।" यदि आप इसके बारे में सोचते हैं, तो यह पता चला है कि यह सच हैः भोजन का उपयोग करके, हमें शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक मात्रा में विटामिन, माइक्रोलेमेंट्स, एसिड, और अन्य "भवन सामग्री" मिलती है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो यह या वह अंग बीमार हो जाता है, गुणात्मक रूप से अपने कार्यों को निष्पादित करना बंद कर देता है और पैथोलॉजी होती है। उनमें से एक - स्मृति का उल्लंघन। मस्तिष्क को अच्छी तरह से जानकारी याद रखने के लिए, आप अपना आहार बदलने की कोशिश कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, स्मृति के लिए विटामिन ऐसे उत्पादों में निहित हैंः - मीठे आलू; - पालक; - गेहूं रोगाणु; - शहद; - मछली ; - अंडे। यदि आप इन खाद्य पदार्थों के साथ अपना आहार समृद्ध करते हैं,तो समय के साथ स्मृति में सुधार होगा। इसी तरह के पोषण के तीन सप्ताह बाद परिणाम की उम्मीद की जानी चाहिए, क्योंकि सभी आवश्यक विटामिन पूरी तरह से पच जाएंगे। दरअसल, ऐसी दवाएं हैंजो स्मृति सुधार करने में सक्षम हैं; दवाएं डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाती हैं, लेकिन उनमें से कुछ स्वतंत्र रूप से केवल आत्मविश्वास से उपयोग की जा सकती हैं कि घटकों के लिए कोई एलर्जी नहीं है। आइए विटामिन कॉम्प्लेक्स से शुरू करें, जोविशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए बनाया गया है। इसने विटामिन की एक अच्छी रचना का चयन किया जो आश्चर्यजनक काम कर सकता है। बेशक, कृत्रिम संस्करण प्राकृतिक के रूप में उतना अच्छा नहीं है, लेकिन कभी-कभी यह आपके आहार को बनाना बेहद मुश्किल है ताकि इसमें संपूर्ण परिसर शामिल हो। स्मृति के लिए तैयारी में से एक विटमम "मेमोरी" है। जैसा कि निर्माता इंगित करता है, यह सेरेब्रल परिसंचरण को सामान्य करने के साथ-साथ न्यूरॉन्स में सिनैप्टिक ट्रांसमिशन को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह दवा रक्त के भौतिक गुणों को अनुकूलित करती है, और इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होता है। विटमम "मेमोरी" में छः घटक जो आपको स्मृति पुनर्प्राप्त करने की अनुमति देते हैंः - इसमें जिंक होता है, जो हिप्पोकैम्पल न्यूरॉन्स के कनेक्शन को नियंत्रित करता है। - विटामिन बी एक, जो लैक्टिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करता है । - बी दो - ऊर्जा के साथ शरीर की आपूर्ति करता है। - बी छः - न्यूरोट्रांसमीटर को संश्लेषित करता है और मदद करता हैमस्तिष्क को आवश्यक अमीनो एसिड - मेथियोनीन, सिस्टीन, ट्रायप्टोफान को आत्मसात करने के लिए। शरीर में न्यूरोलेप्टिक्स के निर्माण को उत्तेजित करता है , जिसके बिना पूर्ण मानसिक गतिविधि असंभव है। - सी - एक एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव है। - और गोलियों में सबसे बड़ी राशि में जिन्कगो बिलोबा होता है। याद रखने की क्षमता में सुधार करते समय यह घटक रक्त परिसंचरण को सामान्य करता है। अंतिम घटक अलग से इस्तेमाल किया जा सकता है,यह मस्तिष्क को बेहतर बनाने के लिए एक शक्तिशाली पर्याप्त उपकरण है, क्योंकि यह केवल स्मृति को पुनर्स्थापित करने के लिए बचे हुए लोगों को ही नहीं बल्कि पूरे अंग के काम को भी बहाल करने के लिए निर्धारित किया जाता है। एक और दवा जो न केवल मस्तिष्क पर लाभकारी प्रभाव डालती है, बल्कि तंत्रिका तंत्र पर भी न्यूरोविटन है, क्योंकि इसमें बी-कॉम्प्लेक्स होता है। इसलिए, लेख के इस हिस्से में हमने उन दवाओं को सूचीबद्ध किया है जिनमें स्मृति के लिए विटामिन शामिल हैं। वे दिमाग को "तेज" करते हैं और इसे पूर्ण कार्य क्षमता में वापस कर देते हैं। यह स्मृति में सुधार के तरीकों का वर्णन करता है, जो कार्यों की तरह दिखता है। - उनमें से सबसे सरल और सबसे प्रभावी हम स्कूल में पढ़ाए गए थेः छंद और गद्य पाठ के टुकड़े याद रखने के लिए। - अभ्यास का एक और संस्करण भी है, अधिक उपयोगी - एक नई भाषा सीखना शुरू करें। - तीसरा तरीका लेख को ज़ोर से पढ़ना है, और उसके बाद इसे फिर से लिखना है। - अपने दोस्तों की मोबाइल नंबरों को याद रखने का भी प्रयास करें। इस ढांचे से पहले सेट करें, उदाहरण के लिए, एक दिन में तीन संख्याओं को याद रखें।
RANCHI: राजधानी में सिर्फ ब्ब् लोगों को ही मच्छर काट रहे हैं। इन वीआईपी इलाकों में रांची नगर निगम रेगुलर फॉगिंग भी करा रही है। इसके लिए तीन मशीनों को हमेशा दुरुस्त रखा गया है। लेकिन, बाकी 8 मशीनें जिनसे आम शहरी लोगों के इलाकों में फॉगिंग के लिए चिन्हित किया गया है, वो यार्ड में रिपेयरिंग का इंतजार कर रही हैं। लेकिन, ये मशीनें कब दुरुस्त होंगी, इसको लेकर नगर निगम को कोई चिंता नहीं है। इधर, बरसात शुरू होते ही सिटी के विभिन्न इलाकों में गंदगी के कारण मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। लेकिन, वीआइपी इलाकों को छोड़ अन्य किसी भी इलाके में फॉगिंग नहीं हो पा रही है। जबकि मच्छरों के काटने से लोगों को मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारी होने का डर सताने लगा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम को राजधानी में रहने वाले लाखों लोगों की कितनी चिंता है। फॉगिंग के लिए ख्0 आटो खरीदने की भी मंजूरी बोर्ड की बैठक में मिल चुकी है। इसके बावजूद नई मशीनों की खरीदारी नहीं की जा रही है। जबकि वार्डो में फागिंग के लिए रोस्टर भी तैयार किया गया था और इसके लिए वार्डो के हिसाब से नंबर भी जारी किए गए थे। ताकि जिन इलाकों में फागिंग नहीं हो, वहां के लोग फोन कर फागिंग के लिए बुला सकते हैं। लेकिन यहां तो मशीन ही ठप पड़ी हैं, तो फागिंग के नाम पर केवल आईवाश किया जा रहा है। रांची नगर निगम क्षेत्र की आबादी क्फ् लाख है। लेकिन नगर निगम को केवल सिटी के ब्ब् वीआइपी की चिंता है। इनके अलावा राजधानी के बाकी लोग तो खुद ही मच्छरों से दो-दो हाथ करते देखे जा रहे हैं। फागिंग के लिए जब शिड्यूल बनाया गया था तो लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उनके घरों में भी फागिंग की जाएंगी। लेकिन सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। कुछ महीने पहले हाइकोर्ट ने रांची नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई थी और सिटी में रेगुलर फागिंग कराने का आदेश दिया था। ऐसा नहीं करने पर अधिकारियों को मच्छरों वाले इलाकों में भेजने की भी बात कही गई थी। इसके बाद निगम रेस हो गया था और मशीनों को दुरुस्त कराया गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद ही निगम सुस्त पड़ गया। । । । राजधानी में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। दिन हो या रात मच्छर चैन से बैठने भी नहीं देते हैं। रात में तो अगर मच्छरों का बस चले तो उठाकर ले जाएं। स्प्रे और कॉयल तो सब बेकार साबित हो रहे हैं। और निगम की ओर से फागिंग भी नहीं कराई जा रही है। हमलोगों को मच्छर थोड़े न काटते हैं। अधिकारियों को ही सबसे ज्यादा मच्छरों से डर रहता है। जबकि उनके घरों में तो सारी सुविधाएं होती हैं। इसके बावजूद उनके घरों में ही फागिंग की जाती है। अगर दो दिन उन्हें हमारे घर में रहने को कहा जाए तब हमारी परेशानी उन्हें समझ में आए। फागिंग की मशीन तो आती भी है, यह याद नहीं है। लेकिन महीनों बीत गए है हमारे एरिया में फागिंग नहीं हुई है। कुछ जगहों पर देखा था तो थोड़ी देर फागिंग करने के बाद लौट गया। हमारे घर तक तो कभी आता ही नहीं है। टैक्स निगम लेता है तो सुविधाएं भी देनी चाहिए। बरसात के कारण परेशानी बढ़ गई है। गंदगी की वजह से काफी मच्छर हैं। हमलोगों का घर-बाहर कहीं भी रहना मुश्किल हो रहा है। दिन में आराम करने के लिए भी मच्छरदानी लगानी पड़ती है। कायल और मैट का तो मच्छरों पर असर ही नहीं होता है।
RANCHI: राजधानी में सिर्फ ब्ब् लोगों को ही मच्छर काट रहे हैं। इन वीआईपी इलाकों में रांची नगर निगम रेगुलर फॉगिंग भी करा रही है। इसके लिए तीन मशीनों को हमेशा दुरुस्त रखा गया है। लेकिन, बाकी आठ मशीनें जिनसे आम शहरी लोगों के इलाकों में फॉगिंग के लिए चिन्हित किया गया है, वो यार्ड में रिपेयरिंग का इंतजार कर रही हैं। लेकिन, ये मशीनें कब दुरुस्त होंगी, इसको लेकर नगर निगम को कोई चिंता नहीं है। इधर, बरसात शुरू होते ही सिटी के विभिन्न इलाकों में गंदगी के कारण मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। लेकिन, वीआइपी इलाकों को छोड़ अन्य किसी भी इलाके में फॉगिंग नहीं हो पा रही है। जबकि मच्छरों के काटने से लोगों को मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारी होने का डर सताने लगा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम को राजधानी में रहने वाले लाखों लोगों की कितनी चिंता है। फॉगिंग के लिए ख्शून्य आटो खरीदने की भी मंजूरी बोर्ड की बैठक में मिल चुकी है। इसके बावजूद नई मशीनों की खरीदारी नहीं की जा रही है। जबकि वार्डो में फागिंग के लिए रोस्टर भी तैयार किया गया था और इसके लिए वार्डो के हिसाब से नंबर भी जारी किए गए थे। ताकि जिन इलाकों में फागिंग नहीं हो, वहां के लोग फोन कर फागिंग के लिए बुला सकते हैं। लेकिन यहां तो मशीन ही ठप पड़ी हैं, तो फागिंग के नाम पर केवल आईवाश किया जा रहा है। रांची नगर निगम क्षेत्र की आबादी क्फ् लाख है। लेकिन नगर निगम को केवल सिटी के ब्ब् वीआइपी की चिंता है। इनके अलावा राजधानी के बाकी लोग तो खुद ही मच्छरों से दो-दो हाथ करते देखे जा रहे हैं। फागिंग के लिए जब शिड्यूल बनाया गया था तो लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उनके घरों में भी फागिंग की जाएंगी। लेकिन सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया। कुछ महीने पहले हाइकोर्ट ने रांची नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई थी और सिटी में रेगुलर फागिंग कराने का आदेश दिया था। ऐसा नहीं करने पर अधिकारियों को मच्छरों वाले इलाकों में भेजने की भी बात कही गई थी। इसके बाद निगम रेस हो गया था और मशीनों को दुरुस्त कराया गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद ही निगम सुस्त पड़ गया। । । । राजधानी में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। दिन हो या रात मच्छर चैन से बैठने भी नहीं देते हैं। रात में तो अगर मच्छरों का बस चले तो उठाकर ले जाएं। स्प्रे और कॉयल तो सब बेकार साबित हो रहे हैं। और निगम की ओर से फागिंग भी नहीं कराई जा रही है। हमलोगों को मच्छर थोड़े न काटते हैं। अधिकारियों को ही सबसे ज्यादा मच्छरों से डर रहता है। जबकि उनके घरों में तो सारी सुविधाएं होती हैं। इसके बावजूद उनके घरों में ही फागिंग की जाती है। अगर दो दिन उन्हें हमारे घर में रहने को कहा जाए तब हमारी परेशानी उन्हें समझ में आए। फागिंग की मशीन तो आती भी है, यह याद नहीं है। लेकिन महीनों बीत गए है हमारे एरिया में फागिंग नहीं हुई है। कुछ जगहों पर देखा था तो थोड़ी देर फागिंग करने के बाद लौट गया। हमारे घर तक तो कभी आता ही नहीं है। टैक्स निगम लेता है तो सुविधाएं भी देनी चाहिए। बरसात के कारण परेशानी बढ़ गई है। गंदगी की वजह से काफी मच्छर हैं। हमलोगों का घर-बाहर कहीं भी रहना मुश्किल हो रहा है। दिन में आराम करने के लिए भी मच्छरदानी लगानी पड़ती है। कायल और मैट का तो मच्छरों पर असर ही नहीं होता है।
समय हममें और मृत्यु में केवल एक इंच का अन्तर रह जाता था । यदि हममें से किसी का पैर ज़रा भी फिसलता तो उसका यथायोग्य स्वागत करने के लिये एक बड़ा गहरा गढ़ा यमुना की घाटी में बर्फ़ का शीतल बिस्तर विछाये हुए, क़वर की तरह मुंह खोले खड़ा था। नीचे से यमुना का कल कक्ष करता हुआ शब्द मन्द २ सुनाई देता था मानो ढकी हुई ढोलक से शोकगीत की ध्वनि श्रा रही है। इस तरह से पौन घंटे के लगभग हम को मौत के जावड़े में चलना पड़ा । सचमुच वह एक विलक्षण ही स्थिति थी । एक तरफ़ तो मृत्यु मुंह खोले खड़ी थी और दूसरी ओर प्रफुल्लित और उल्लसित करने वाली सुगंधयुक्त वायु थी । इस विकट और विचित्र साहस से हम अन्त में उस प्रचंड बर्फ़ के ढेर के पार पहुंचे। यहां से यमुना का साथ छूट गया और सारी मंडली ने एक सीधे पर्वत पर चढ़ाई की । न वहां कोई रास्ता था नं पगडन्डी । एक खूब घने वन से होकर निकले । वहां पर हम वृक्ष की लकड़ियों को भी नहीं देख सकते थे। राम की देह कई जगह खुरच गई । इस श्रोक और वर्च वृक्षों के बन में एक घंटा दौड़धूप करने के पश्चात् हम लोग खुले मैदान में पहुंचे, जहां छोटे २ वृक्ष उगे हुये थे । हवा बदली हुई थी परन्तु मधुर सुवास से भरी हुई थी। इस चढ़ाई से पहाड़ी लोग हांपने लग । राम के लिय भी वह एक अच्छा व्यायाम हो गया। अस्सी फुट या उससे भी अधिक उतार चढ़ाव चढ़ना पड़ा । ज़मीन बहुत करके फिसलनी थी । परन्तु चारों श्रोर के सुन्दर दृश्य, मनोहर पुष्प समूह और हरियाली कॉ भरमार ने मार्ग की कठिनता को भुला दिया । यूरोपियन बागवान, कम्पनी वाग़ों को सुशोभित करने के लिये यहां से फूलों के बीज ले जाते हैं। और अंग्रेजी बोलने वाले अज्ञान हिन्दुस्तानी तरुण इनको विलायती फूल कहते हैं । परन्तु अधिकांश फूलों में एक अद्भुत बात यह है कि जब यह किसी दूसरे स्थान पर लगाये जाते हैं, तो उनमें सुगन्ध नहीं रहती यद्यपि उनका रंग पूर्ववत् ही बना रहता है । यूरोपीय शिक्षा में चूर तरुण गण अपने यूरोपीय अध्यापकों के लिखे हुए ग्रन्थों में वेदान्त का प्रतिध्वनि मात्र पढ़ कर यह समझ लेते हैं कि ये पाश्चात्य कल्पना है । और उन पर हो जाते हैं परन्तु इन बेचारों को यह मालूम ही नहीं है कि वह कल्पनारूपी कुसुम जिन पर वे इतने मोहित हो गये हैं, उनकी ही मातृभूमि से ले जाकर वहां लगाये गये हैं । अन्तर केवल इतना है कि यूरोपीय अध्यापकों के हाथ में जाने से इन दिव्य फूलों में त्याग रूपी वैरागसुगंध नहीं रहती। यूरोपियन लोगों के प्रतिपादित किये हुए वेदान्त में तत्वज्ञान की बाहरी रंग और आकरतो अवश्य रहता है परन्तु अनुभव रूपी सुगंध नहीं रहती। "अक्से गुल में रंग है गुल का व लेकिन वू नहीं" राम की अस्वस्थता का क्या हाल हुआ ? राम उस दिन बिलकुल अच्छा हो गया । न कोई बीमारी थी, न थकावट थी, न और किसी प्रकार की शिकायत थी। उन पहाड़ियों में से कोई भी राम से आगे न जा सका । हम सब बगवर चढ़ते चले गये । और मंडली के प्रत्येक मनुष्य को खूब क्षुधा लगी । इस समय हम लोग ऐसे प्रदेश में पहुंच गये थे जहां मेघ जलरूप वृष्टि कभी नहीं करता, परन्तु यथेच्छ बर्फ रूप से गिरता है । इस ऊंचे, ठण्डे और रुक्ष पर्वत पर वनस्पति का नाम तक न था । हमारे आने के ज़रा पहले वहां पर नवीन बर्फ की वृष्टि हुई थी । राम के बैठने के लिये एक बड़ी शिला पर एक लाल कम्बल बिछाया गया, और रात्रि के उबाले हुए आलू उसको खाने के लिये दिये गये । संगी साथियों ने अपने सादे भोजन को बड़ी कृतज्ञता से खाया । बर्फ़ के (चम चमाते ) हुए और हलके हलके टुकड़ों ने खूब अच्छा ( ठोस) पानी का काम दिया । भोजन करने के पश्चात् हम लोग फिर चल पड़े । धीरे धीरे हम लोग आगे और ऊपर चढ़ते ही गये । हम में से एक जवान थक कर गिर पड़ा । उसका दम फूल गया और उसके पेरों ने उसे आगे ले जाने से इनकार किया । वह कहने लगा कि मुझे चक्कर आता है । उस समय उसे वहीं छोड़ दिया । थोड़ी ही दूर आगे गये थे कि एक साथी और मूर्छित होकर गिर पड़ा और कहने लगा कि मेरा सिर बड़े ज़ोर से घूमता है । कुछ काल के लिये उसे भी वहीं छोड़ा और शेप सब लोग आगे बढ़े । थोड़ी देर के पश्चात् तीसरा साथी भी घर रहा । उसकी नाक से खून निकलने लगा । दो बचे हुये साथियों को लेकर राम फिर आगे बढ़ा । तीन सुन्दर 'बरार' ( पहाड़ी हरिण ) हमारे सामने से जाते हुए दिखाई दिये। चौथा साथी किंचित् पीछे चलने लगा और अन्त में एक बर्फ से श्राच्छादित पत्थर पर गिर पड़ा। श्रास पास कहीं पतला (Flnid) पानी नहीं दिखाई देता था परन्तु जहां वह मनुष्य पड़ा था वहां पत्थरों के नीचे से वड़े ज़ोर की घड़घड़ाहट सुनाई देती थी । राम के साथ इस समय भी ब्राह्मण था । वह एक लाल कम्बल, एक दुर्बीन, एक हरा चश्मा और एक कुल्हाड़ी लिये हुए था । श्वासोच्छ्वास करने को वायु बहुत सूक्ष्म होगई थी। जिस समय यहां पर दो गरुड़ पक्षी हमारे सिर के ऊपर उड़ते हुए निकल गये तो हमें बड़ा आश्चर्य मालूम हुआ । अभी हमें एक गहरे नीले रंग की, पुरानी बर्फ से ढकी हुई, दुःखदायी शिला चढ़ना बाकी था । उस फिसलनी बर्फ़ में पांव टेकने का आधार मिलने के लिये मेरा साथी सीढ़ियां बनाने लगा । परन्तु वह पुरानी बर्फ़ इतनी कड़ी थी कि उस बेचारे की कुल्हाड़ी टूट गई। उसी समय हमें एक बर्फ के तूफ़ान ने श्रा घेरा । राम ने अपने साथी को यह कह कर धैर्य धराया कि 'इस बर्फ़ के गिरने से हमारा अहित होने की अपेक्षा हित होना ही ईश्वरीय उद्देश है' । और ऐसा ही हुआ भी । उस भयंकर बर्फ़ की वर्षा ने हमारे मार्ग को सुगम बना दिया । नोकदार जंगली लकड़ियों की सहायता से हम उस ढालू चट्टान पर चढ़ गये । और फिर जो कुछ हमने देखा उसका क्या कहना है । बस हमारे सामने एक खूब लम्बा चौड़ा सपाट और विस्तीर्ण मैदान बर्फ से ढका हुआ उपस्थित था, जिसे देख कर आंखें चौंधियाती थीं और चारों ओर रुपैहली बर्फ की शुभ्र ज्यौति जगमगाती थी । श्रानन्द ! श्रानन्द ! क्या यह ! देदीप्यमान भासवत् दिव्य और अद्भुत क्षीरसागर तो नहीं है ? राम के अद्भुत श्रानन्द की कुछ सीमा न रही । बस, कन्धे पर लाल कम्वल और पांव में कानविस का जूता पहने हुए राम बड़े बेग से वर्फ पर दौड़ने लगा । इस समय राम के साथ कोई भी नहीं है । ( "आखिर के तई हंस अकेला ही सिधारा " ) लगभग तीन मील के वह वर्फ पर बड़े वेग से चला गया । कभी कभी पांव फल जाते थे और विशेष कष्ट उठाये विना बाहर नहीं निकलते थे । अन्त में एक बर्फ के ढेर पर वह लाल कम्बल बिछाया और संसार के गड़बड़ व उत्पात से मुक्ल, जनसमूह के कोलाहल और क्षोभ से दूर 'अलिप्त' अकेला, राम उस पर विराजमान हुआ । वहां पर बिलकुल बन्नाटा था । पूर्ण शांति का वहां पर साम्राज्य था । घनघोर अनाहद ध्वनि के अतिरिक्त वहां पर कोई शब्द नहीं सुनाई देता था । धन्य है वह शान्ति और एकान्त ! मेघपटल कुछ कुछ खुल चले । महीन बादलों से छुन छन कर सूर्य की किरणे उस दृश्य पर पड़ने लगीं । और रुपैहली बर्फ अब तप्त सुवर्ण सी दिखाई देने लगी । इस स्थान का जो सुमेरुया हेमाद्रि नाम है वह बिलकुल यथार्थ है । ए सांसारिक मनुष्यो ! यह अच्छी तरह समझ लो कि तरुण युवतियों के कपोलों की आरक्क छटा, या दिव्य रत्नों और सुन्दर आभूषणों अथवा बड़े बड़े प्रासादों में सुमेरु की कल्पनातीत रमणीयता और मोहकता का यत्किचित् अंश भी नहीं मिल सकता । और जब तुम अपने आत्मस्वरूप का अनुभव कर लोगे तो ऐसे २ असंख्य सुमेरु तुम्हे अपने आप में दिखाई देंगे। सम्पूर्ण सृष्टि तुम्हारी सेवा करेगी । मेघों से लेकर एक साधारण कंकड़ तक, श्याम रंग श्राकाश से लेकर हरी भरी पृथ्वी पर्यन्त, और गरुड़ से लेकर छछूंदर तक, जितने जीव संसार में है सब तुम्हारी श्राज्ञा मानने को तत्पर रहेंगे। कोई देवता भी तुम्हारी आज्ञा का उल्लंघन न कर सकेगा । ए नभ ! अब तू निर्मल हो जा। ए भारतवर्ष पर अज्ञान के श्राच्छादित मेघो ! दूर हो जाओ । इस पवित्र भूमि पर अव अधिक मत मंडलाओ । ए हिमालय की बर्फ ! तुम्हारा स्वामी तुम्हें यह श्राज्ञा देता है कि तुम अपनी पवित्रता और सत्य निष्ठा (ज्ञानमिष्ठा) को क़ायम रक्खो । द्वैतभाव से कलुषित जल कभी इस क्षेत्र - मैदान में मत भेजो !
समय हममें और मृत्यु में केवल एक इंच का अन्तर रह जाता था । यदि हममें से किसी का पैर ज़रा भी फिसलता तो उसका यथायोग्य स्वागत करने के लिये एक बड़ा गहरा गढ़ा यमुना की घाटी में बर्फ़ का शीतल बिस्तर विछाये हुए, क़वर की तरह मुंह खोले खड़ा था। नीचे से यमुना का कल कक्ष करता हुआ शब्द मन्द दो सुनाई देता था मानो ढकी हुई ढोलक से शोकगीत की ध्वनि श्रा रही है। इस तरह से पौन घंटे के लगभग हम को मौत के जावड़े में चलना पड़ा । सचमुच वह एक विलक्षण ही स्थिति थी । एक तरफ़ तो मृत्यु मुंह खोले खड़ी थी और दूसरी ओर प्रफुल्लित और उल्लसित करने वाली सुगंधयुक्त वायु थी । इस विकट और विचित्र साहस से हम अन्त में उस प्रचंड बर्फ़ के ढेर के पार पहुंचे। यहां से यमुना का साथ छूट गया और सारी मंडली ने एक सीधे पर्वत पर चढ़ाई की । न वहां कोई रास्ता था नं पगडन्डी । एक खूब घने वन से होकर निकले । वहां पर हम वृक्ष की लकड़ियों को भी नहीं देख सकते थे। राम की देह कई जगह खुरच गई । इस श्रोक और वर्च वृक्षों के बन में एक घंटा दौड़धूप करने के पश्चात् हम लोग खुले मैदान में पहुंचे, जहां छोटे दो वृक्ष उगे हुये थे । हवा बदली हुई थी परन्तु मधुर सुवास से भरी हुई थी। इस चढ़ाई से पहाड़ी लोग हांपने लग । राम के लिय भी वह एक अच्छा व्यायाम हो गया। अस्सी फुट या उससे भी अधिक उतार चढ़ाव चढ़ना पड़ा । ज़मीन बहुत करके फिसलनी थी । परन्तु चारों श्रोर के सुन्दर दृश्य, मनोहर पुष्प समूह और हरियाली कॉ भरमार ने मार्ग की कठिनता को भुला दिया । यूरोपियन बागवान, कम्पनी वाग़ों को सुशोभित करने के लिये यहां से फूलों के बीज ले जाते हैं। और अंग्रेजी बोलने वाले अज्ञान हिन्दुस्तानी तरुण इनको विलायती फूल कहते हैं । परन्तु अधिकांश फूलों में एक अद्भुत बात यह है कि जब यह किसी दूसरे स्थान पर लगाये जाते हैं, तो उनमें सुगन्ध नहीं रहती यद्यपि उनका रंग पूर्ववत् ही बना रहता है । यूरोपीय शिक्षा में चूर तरुण गण अपने यूरोपीय अध्यापकों के लिखे हुए ग्रन्थों में वेदान्त का प्रतिध्वनि मात्र पढ़ कर यह समझ लेते हैं कि ये पाश्चात्य कल्पना है । और उन पर हो जाते हैं परन्तु इन बेचारों को यह मालूम ही नहीं है कि वह कल्पनारूपी कुसुम जिन पर वे इतने मोहित हो गये हैं, उनकी ही मातृभूमि से ले जाकर वहां लगाये गये हैं । अन्तर केवल इतना है कि यूरोपीय अध्यापकों के हाथ में जाने से इन दिव्य फूलों में त्याग रूपी वैरागसुगंध नहीं रहती। यूरोपियन लोगों के प्रतिपादित किये हुए वेदान्त में तत्वज्ञान की बाहरी रंग और आकरतो अवश्य रहता है परन्तु अनुभव रूपी सुगंध नहीं रहती। "अक्से गुल में रंग है गुल का व लेकिन वू नहीं" राम की अस्वस्थता का क्या हाल हुआ ? राम उस दिन बिलकुल अच्छा हो गया । न कोई बीमारी थी, न थकावट थी, न और किसी प्रकार की शिकायत थी। उन पहाड़ियों में से कोई भी राम से आगे न जा सका । हम सब बगवर चढ़ते चले गये । और मंडली के प्रत्येक मनुष्य को खूब क्षुधा लगी । इस समय हम लोग ऐसे प्रदेश में पहुंच गये थे जहां मेघ जलरूप वृष्टि कभी नहीं करता, परन्तु यथेच्छ बर्फ रूप से गिरता है । इस ऊंचे, ठण्डे और रुक्ष पर्वत पर वनस्पति का नाम तक न था । हमारे आने के ज़रा पहले वहां पर नवीन बर्फ की वृष्टि हुई थी । राम के बैठने के लिये एक बड़ी शिला पर एक लाल कम्बल बिछाया गया, और रात्रि के उबाले हुए आलू उसको खाने के लिये दिये गये । संगी साथियों ने अपने सादे भोजन को बड़ी कृतज्ञता से खाया । बर्फ़ के हुए और हलके हलके टुकड़ों ने खूब अच्छा पानी का काम दिया । भोजन करने के पश्चात् हम लोग फिर चल पड़े । धीरे धीरे हम लोग आगे और ऊपर चढ़ते ही गये । हम में से एक जवान थक कर गिर पड़ा । उसका दम फूल गया और उसके पेरों ने उसे आगे ले जाने से इनकार किया । वह कहने लगा कि मुझे चक्कर आता है । उस समय उसे वहीं छोड़ दिया । थोड़ी ही दूर आगे गये थे कि एक साथी और मूर्छित होकर गिर पड़ा और कहने लगा कि मेरा सिर बड़े ज़ोर से घूमता है । कुछ काल के लिये उसे भी वहीं छोड़ा और शेप सब लोग आगे बढ़े । थोड़ी देर के पश्चात् तीसरा साथी भी घर रहा । उसकी नाक से खून निकलने लगा । दो बचे हुये साथियों को लेकर राम फिर आगे बढ़ा । तीन सुन्दर 'बरार' हमारे सामने से जाते हुए दिखाई दिये। चौथा साथी किंचित् पीछे चलने लगा और अन्त में एक बर्फ से श्राच्छादित पत्थर पर गिर पड़ा। श्रास पास कहीं पतला पानी नहीं दिखाई देता था परन्तु जहां वह मनुष्य पड़ा था वहां पत्थरों के नीचे से वड़े ज़ोर की घड़घड़ाहट सुनाई देती थी । राम के साथ इस समय भी ब्राह्मण था । वह एक लाल कम्बल, एक दुर्बीन, एक हरा चश्मा और एक कुल्हाड़ी लिये हुए था । श्वासोच्छ्वास करने को वायु बहुत सूक्ष्म होगई थी। जिस समय यहां पर दो गरुड़ पक्षी हमारे सिर के ऊपर उड़ते हुए निकल गये तो हमें बड़ा आश्चर्य मालूम हुआ । अभी हमें एक गहरे नीले रंग की, पुरानी बर्फ से ढकी हुई, दुःखदायी शिला चढ़ना बाकी था । उस फिसलनी बर्फ़ में पांव टेकने का आधार मिलने के लिये मेरा साथी सीढ़ियां बनाने लगा । परन्तु वह पुरानी बर्फ़ इतनी कड़ी थी कि उस बेचारे की कुल्हाड़ी टूट गई। उसी समय हमें एक बर्फ के तूफ़ान ने श्रा घेरा । राम ने अपने साथी को यह कह कर धैर्य धराया कि 'इस बर्फ़ के गिरने से हमारा अहित होने की अपेक्षा हित होना ही ईश्वरीय उद्देश है' । और ऐसा ही हुआ भी । उस भयंकर बर्फ़ की वर्षा ने हमारे मार्ग को सुगम बना दिया । नोकदार जंगली लकड़ियों की सहायता से हम उस ढालू चट्टान पर चढ़ गये । और फिर जो कुछ हमने देखा उसका क्या कहना है । बस हमारे सामने एक खूब लम्बा चौड़ा सपाट और विस्तीर्ण मैदान बर्फ से ढका हुआ उपस्थित था, जिसे देख कर आंखें चौंधियाती थीं और चारों ओर रुपैहली बर्फ की शुभ्र ज्यौति जगमगाती थी । श्रानन्द ! श्रानन्द ! क्या यह ! देदीप्यमान भासवत् दिव्य और अद्भुत क्षीरसागर तो नहीं है ? राम के अद्भुत श्रानन्द की कुछ सीमा न रही । बस, कन्धे पर लाल कम्वल और पांव में कानविस का जूता पहने हुए राम बड़े बेग से वर्फ पर दौड़ने लगा । इस समय राम के साथ कोई भी नहीं है । लगभग तीन मील के वह वर्फ पर बड़े वेग से चला गया । कभी कभी पांव फल जाते थे और विशेष कष्ट उठाये विना बाहर नहीं निकलते थे । अन्त में एक बर्फ के ढेर पर वह लाल कम्बल बिछाया और संसार के गड़बड़ व उत्पात से मुक्ल, जनसमूह के कोलाहल और क्षोभ से दूर 'अलिप्त' अकेला, राम उस पर विराजमान हुआ । वहां पर बिलकुल बन्नाटा था । पूर्ण शांति का वहां पर साम्राज्य था । घनघोर अनाहद ध्वनि के अतिरिक्त वहां पर कोई शब्द नहीं सुनाई देता था । धन्य है वह शान्ति और एकान्त ! मेघपटल कुछ कुछ खुल चले । महीन बादलों से छुन छन कर सूर्य की किरणे उस दृश्य पर पड़ने लगीं । और रुपैहली बर्फ अब तप्त सुवर्ण सी दिखाई देने लगी । इस स्थान का जो सुमेरुया हेमाद्रि नाम है वह बिलकुल यथार्थ है । ए सांसारिक मनुष्यो ! यह अच्छी तरह समझ लो कि तरुण युवतियों के कपोलों की आरक्क छटा, या दिव्य रत्नों और सुन्दर आभूषणों अथवा बड़े बड़े प्रासादों में सुमेरु की कल्पनातीत रमणीयता और मोहकता का यत्किचित् अंश भी नहीं मिल सकता । और जब तुम अपने आत्मस्वरूप का अनुभव कर लोगे तो ऐसे दो असंख्य सुमेरु तुम्हे अपने आप में दिखाई देंगे। सम्पूर्ण सृष्टि तुम्हारी सेवा करेगी । मेघों से लेकर एक साधारण कंकड़ तक, श्याम रंग श्राकाश से लेकर हरी भरी पृथ्वी पर्यन्त, और गरुड़ से लेकर छछूंदर तक, जितने जीव संसार में है सब तुम्हारी श्राज्ञा मानने को तत्पर रहेंगे। कोई देवता भी तुम्हारी आज्ञा का उल्लंघन न कर सकेगा । ए नभ ! अब तू निर्मल हो जा। ए भारतवर्ष पर अज्ञान के श्राच्छादित मेघो ! दूर हो जाओ । इस पवित्र भूमि पर अव अधिक मत मंडलाओ । ए हिमालय की बर्फ ! तुम्हारा स्वामी तुम्हें यह श्राज्ञा देता है कि तुम अपनी पवित्रता और सत्य निष्ठा को क़ायम रक्खो । द्वैतभाव से कलुषित जल कभी इस क्षेत्र - मैदान में मत भेजो !
राम जन्मभूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक, विवादित जगह ट्रस्ट को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही मुसलमानों को मस्जिद के लिए अलग से पांच एकड़ जमीन दी जाएगी। विवादित ढांचे की जगह पर ट्रस्ट की देखरेख में मंदिर बनाई जाएगी। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में पांच एकड़ जमीन दी जाएगी। यह फैसला राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर लेंगे। अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। ये हैं बड़ी बातेंः
राम जन्मभूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक, विवादित जगह ट्रस्ट को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही मुसलमानों को मस्जिद के लिए अलग से पांच एकड़ जमीन दी जाएगी। विवादित ढांचे की जगह पर ट्रस्ट की देखरेख में मंदिर बनाई जाएगी। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में पांच एकड़ जमीन दी जाएगी। यह फैसला राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर लेंगे। अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। ये हैं बड़ी बातेंः
अधिशेष मिनी बसों और टैक्सी मिनी बसों को टैक्सी में बदलने और 500 बैरियर-मुक्त टैक्सी व्यवस्था प्रस्तावों को आईएमएम द्वारा यूकेओएमई एजेंडा में लाया गया था। दोनों प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए उपसमिति को भेजा गया था। 1 नवंबर से शुरू होने वाली 7 समुद्री लाइनों के लिए टैरिफ भी निर्धारित किए गए हैं। आईएमएम द्वारा अक्टूबर यूकेओएमई (आईएमएम ट्रांसपोर्टेशन कोऑर्डिनेशन सेंटर) की बैठक में; विकलांग और वंचित नागरिकों के प्रस्तावों को 'इस्तांबुल में काम कर रहे मिनीबस और टैक्सी-गुड़िया मार्गों का संगठन - अधिशेष मिनी बसों और टैक्सी मिनी बसों को टैक्सी में बदलना' और '500 बैरियर-मुक्त टैक्सी परिवहन' के साथ एजेंडा पर रखा गया था। बैठक BB उप महासचिव सेमल उफुक कराकाया के प्रबंधन के तहत BB rpıcı सामाजिक सुविधाओं में आयोजित की गई थी। आईएमएम ने 5599 मिनी बसों और 322 मिनी बसों को बदलने के लिए यूकेओएमई के एजेंडे में इस मुद्दे को लाया, जो हाल के वर्षों में निवेश के साथ रेल सिस्टम के साथ प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ हो गए हैं। मौजूदा महानगरों को ध्यान में रखते हुए, यह निर्धारित किया गया था कि पूरे इस्तांबुल में 3300 मिनीबस पर्याप्त होंगी। यह इंगित करते हुए कि मिनीबस और मिनीबस के मालिक जो टैक्सियों में बदल जाएंगे, वाहनों और ड्राइवरों के संबंध में IMM की शर्तों को स्वीकार करने की प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर करेंगे, IMM के उप महासचिव डॉ। Buğra Gökçe ने कहा, "जिन ड्राइवरों को यात्री / मार्ग चुनने, अशिष्ट व्यवहार और अधिक भुगतान के लिए दंडित नहीं किया जाता है, उन्हें नियोजित नहीं किया जाएगा। IMM द्वारा निर्धारित किए जाने वाले ड्रेस कोड का अनुपालन किया जाएगा। परिवहन अकादमी के प्रशिक्षण में सफल होने वाले ही चालक बनेंगे। वाहनों में आईएमएम द्वारा निर्धारित गुणवत्ता, आराम और तकनीकी विशेषताएं भी होंगी। Buğra Gökçe ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सभी सार्वजनिक परिवहन वाहन विकलांग और वंचित समूहों के उपयोग के लिए उपयुक्त हों और कहा, "जनता को ऐसी व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए कि विकलांग और वंचित समूहों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकलांगों की टैक्सी तक पहुंच और टैक्सी की समस्याओं के समाधान के बारे में आईएमएम समाधान केंद्र में बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त होती हैं। यह याद दिलाते हुए कि उन्होंने नवंबर 2021 में 750 मिनी बसों और 250 मिनी बसों को टैक्सियों में बदल दिया, ओबीबी परिवहन विभाग के प्रमुख उत्कु सिहान ने कहा कि उन्होंने यूकेओएमई को 5.000 नए टैक्सी ऑफर प्रस्तुत किए, शहर में टैक्सियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। सिहान ने बताया कि पुराने ओबीबी प्रशासन के दौरान 2018 में एक टैक्सी में परिवर्तन शुरू किया गया था और कहा, "हम नए टैक्सी वाहनों और सिस्टम में कई सुधार करेंगे।" मूल्यांकन के बाद, वोट के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को बहुमत के साथ पुनर्मूल्यांकन के लिए उपसमिति को स्थानांतरित कर दिया गया था। आईएमएम द्वारा तैयार किया गया '500 एक्सेसिबल टैक्सी सिस्टम' प्रस्ताव भी यूकेओएमई एजेंडा में प्रस्तुत किया गया था। उत्कू सिहान ने कहा कि इस्तांबुल में 370 विकलांग हैं और वंचितों के साथ यह संख्या 1 लाख तक पहुंचती है। यह कहते हुए कि उन्होंने निर्धारित किया है कि इस्तांबुल में कम से कम 500 वाहनों की सेवा की जानी चाहिए, सिहान ने नई टैक्सी प्रणाली के बारे में निम्नलिखित जानकारी साझा कीः "एक ऐसे एप्लिकेशन के साथ जो विकलांग और वंचित व्यक्तियों को प्राथमिकता देगा, बड़ी मात्रा में वाहनों में दृष्टिहीन और श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए विशेष उपकरण होते हैं। यह ब्रेल और वॉयस अनाउंसमेंट, स्मार्ट इंटीरियर इंफॉर्मेशन सिस्टम और स्मार्ट हेडलैम्प्स दोनों से लैस होगा। टैक्सी, जिसे सार्वजनिक परिवहन में सबसे बुनियादी एकीकरण केंद्र में पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, में क्रेडिट कार्ड और इस्तांबुलकार्ट जैसे भुगतान विकल्प होंगे। विकलांगों के लिए वाहन पर चढ़ने और उतरने के लिए रैंप सिस्टम होगा। वाहनों में चालकों के पास सार्वजनिक परिवहन वाहन उपयोग प्रमाण पत्र होगा। यदि टैक्सियाँ सीधे IMM या IMM द्वारा संचालित की जाती हैं, तो ड्राइवरों के पास वेतन और SSI अवकाश जैसी व्यक्तिगत सुरक्षा भी होगी। जब एक वंचित नागरिक इस वाहन का उपयोग करता है, तो वह सामान्य टैक्सी टैरिफ पर भुगतान करेगा। अन्य नागरिक 30 प्रतिशत की बढ़ी हुई फीस के साथ इन टैक्सियों का उपयोग कर सकेंगे। भाषणों के बाद, वोट के लिए प्रस्तुत किए गए 500 बैरियर-फ्री टैक्सी प्रस्ताव को उप-समिति में स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसमें अधिकांश वोटों का विस्तार से पुनर्मूल्यांकन किया गया था। सितंबर 2022 में लिए गए यूकेओएमई निर्णय के साथ स्थापित समुद्री लाइनों के टैरिफ को विनियमित करने के प्रस्ताव के दायरे में, 7 लाइनों के लिए शुल्क निर्धारित किया गया था। 1 नवंबर से शुरू होने वाली समुद्री लाइनों का टैरिफ इस प्रकार होगाः 2,80 मील engelköy - Kabataş लाइन 9,47 टीएल, 5,10 मील बेसिकटास - आईयूप लाइन 11,50 टीएल, 6,07 मील Kadıköy - आईयूप लाइन 11,50 लीरा, 14,40 मील अविकलर - Kadıköy लाइन 28,74 लीरा, 17,51 मील अवकलर-बोस्टानसी 31,85 लीरस, 7,60 मील माल्टेपे-द्वीप रेखा 21,90 लीरा, 8 मील बोस्टान्का- Kabataş रेखा 11,50 लीरा है। समुद्री परिवहन का समर्थन करने के लिए, इस्तांबुलकार्ट के राजस्व के लागत कवरेज अनुपात में 25 प्रतिशत तक की कमी आई है; उन्होंने "एक मील के आधार पर समुद्री परिवहन लाइन किराया टैरिफ का विनियमन" प्रस्तावित किया। निर्णय सर्वसम्मति से अपनाया गया था। समुद्री परिवहन में, एक ही टिकट शुल्क लिया जाता है, भले ही लाइनों पर दूरी कितनी भी हो, जो रुकनी चाहिए। 2 पियर और 10 पियर के लिए शुल्क 7.67 TL है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, परिचालन लागत और यात्रा के समय में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, मील पर नया किराया कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इसके तहत; 1 मील के बाद, प्रति मील लागत में 1 लीरा जोड़ा जाएगा। व्यक्तिगत इस्तांबुलकार्ट के साथ समुद्र से जमीन और जमीन से समुद्र तक की यात्रा के लिए, वर्तमान हस्तांतरण शुल्क का 50 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। पांच मील के बाद किराया तय किया जाएगा।
अधिशेष मिनी बसों और टैक्सी मिनी बसों को टैक्सी में बदलने और पाँच सौ बैरियर-मुक्त टैक्सी व्यवस्था प्रस्तावों को आईएमएम द्वारा यूकेओएमई एजेंडा में लाया गया था। दोनों प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए उपसमिति को भेजा गया था। एक नवंबर से शुरू होने वाली सात समुद्री लाइनों के लिए टैरिफ भी निर्धारित किए गए हैं। आईएमएम द्वारा अक्टूबर यूकेओएमई की बैठक में; विकलांग और वंचित नागरिकों के प्रस्तावों को 'इस्तांबुल में काम कर रहे मिनीबस और टैक्सी-गुड़िया मार्गों का संगठन - अधिशेष मिनी बसों और टैक्सी मिनी बसों को टैक्सी में बदलना' और 'पाँच सौ बैरियर-मुक्त टैक्सी परिवहन' के साथ एजेंडा पर रखा गया था। बैठक BB उप महासचिव सेमल उफुक कराकाया के प्रबंधन के तहत BB rpıcı सामाजिक सुविधाओं में आयोजित की गई थी। आईएमएम ने पाँच हज़ार पाँच सौ निन्यानवे मिनी बसों और तीन सौ बाईस मिनी बसों को बदलने के लिए यूकेओएमई के एजेंडे में इस मुद्दे को लाया, जो हाल के वर्षों में निवेश के साथ रेल सिस्टम के साथ प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ हो गए हैं। मौजूदा महानगरों को ध्यान में रखते हुए, यह निर्धारित किया गया था कि पूरे इस्तांबुल में तीन हज़ार तीन सौ मिनीबस पर्याप्त होंगी। यह इंगित करते हुए कि मिनीबस और मिनीबस के मालिक जो टैक्सियों में बदल जाएंगे, वाहनों और ड्राइवरों के संबंध में IMM की शर्तों को स्वीकार करने की प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर करेंगे, IMM के उप महासचिव डॉ। Buğra Gökçe ने कहा, "जिन ड्राइवरों को यात्री / मार्ग चुनने, अशिष्ट व्यवहार और अधिक भुगतान के लिए दंडित नहीं किया जाता है, उन्हें नियोजित नहीं किया जाएगा। IMM द्वारा निर्धारित किए जाने वाले ड्रेस कोड का अनुपालन किया जाएगा। परिवहन अकादमी के प्रशिक्षण में सफल होने वाले ही चालक बनेंगे। वाहनों में आईएमएम द्वारा निर्धारित गुणवत्ता, आराम और तकनीकी विशेषताएं भी होंगी। Buğra Gökçe ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सभी सार्वजनिक परिवहन वाहन विकलांग और वंचित समूहों के उपयोग के लिए उपयुक्त हों और कहा, "जनता को ऐसी व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए कि विकलांग और वंचित समूहों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकलांगों की टैक्सी तक पहुंच और टैक्सी की समस्याओं के समाधान के बारे में आईएमएम समाधान केंद्र में बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त होती हैं। यह याद दिलाते हुए कि उन्होंने नवंबर दो हज़ार इक्कीस में सात सौ पचास मिनी बसों और दो सौ पचास मिनी बसों को टैक्सियों में बदल दिया, ओबीबी परिवहन विभाग के प्रमुख उत्कु सिहान ने कहा कि उन्होंने यूकेओएमई को पाँच.शून्य नए टैक्सी ऑफर प्रस्तुत किए, शहर में टैक्सियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। सिहान ने बताया कि पुराने ओबीबी प्रशासन के दौरान दो हज़ार अट्ठारह में एक टैक्सी में परिवर्तन शुरू किया गया था और कहा, "हम नए टैक्सी वाहनों और सिस्टम में कई सुधार करेंगे।" मूल्यांकन के बाद, वोट के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को बहुमत के साथ पुनर्मूल्यांकन के लिए उपसमिति को स्थानांतरित कर दिया गया था। आईएमएम द्वारा तैयार किया गया 'पाँच सौ एक्सेसिबल टैक्सी सिस्टम' प्रस्ताव भी यूकेओएमई एजेंडा में प्रस्तुत किया गया था। उत्कू सिहान ने कहा कि इस्तांबुल में तीन सौ सत्तर विकलांग हैं और वंचितों के साथ यह संख्या एक लाख तक पहुंचती है। यह कहते हुए कि उन्होंने निर्धारित किया है कि इस्तांबुल में कम से कम पाँच सौ वाहनों की सेवा की जानी चाहिए, सिहान ने नई टैक्सी प्रणाली के बारे में निम्नलिखित जानकारी साझा कीः "एक ऐसे एप्लिकेशन के साथ जो विकलांग और वंचित व्यक्तियों को प्राथमिकता देगा, बड़ी मात्रा में वाहनों में दृष्टिहीन और श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए विशेष उपकरण होते हैं। यह ब्रेल और वॉयस अनाउंसमेंट, स्मार्ट इंटीरियर इंफॉर्मेशन सिस्टम और स्मार्ट हेडलैम्प्स दोनों से लैस होगा। टैक्सी, जिसे सार्वजनिक परिवहन में सबसे बुनियादी एकीकरण केंद्र में पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, में क्रेडिट कार्ड और इस्तांबुलकार्ट जैसे भुगतान विकल्प होंगे। विकलांगों के लिए वाहन पर चढ़ने और उतरने के लिए रैंप सिस्टम होगा। वाहनों में चालकों के पास सार्वजनिक परिवहन वाहन उपयोग प्रमाण पत्र होगा। यदि टैक्सियाँ सीधे IMM या IMM द्वारा संचालित की जाती हैं, तो ड्राइवरों के पास वेतन और SSI अवकाश जैसी व्यक्तिगत सुरक्षा भी होगी। जब एक वंचित नागरिक इस वाहन का उपयोग करता है, तो वह सामान्य टैक्सी टैरिफ पर भुगतान करेगा। अन्य नागरिक तीस प्रतिशत की बढ़ी हुई फीस के साथ इन टैक्सियों का उपयोग कर सकेंगे। भाषणों के बाद, वोट के लिए प्रस्तुत किए गए पाँच सौ बैरियर-फ्री टैक्सी प्रस्ताव को उप-समिति में स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसमें अधिकांश वोटों का विस्तार से पुनर्मूल्यांकन किया गया था। सितंबर दो हज़ार बाईस में लिए गए यूकेओएमई निर्णय के साथ स्थापित समुद्री लाइनों के टैरिफ को विनियमित करने के प्रस्ताव के दायरे में, सात लाइनों के लिए शुल्क निर्धारित किया गया था। एक नवंबर से शुरू होने वाली समुद्री लाइनों का टैरिफ इस प्रकार होगाः दो,अस्सी मील engelköy - Kabataş लाइन नौ,सैंतालीस टीएल, पाँच,दस मील बेसिकटास - आईयूप लाइन ग्यारह,पचास टीएल, छः,सात मील Kadıköy - आईयूप लाइन ग्यारह,पचास लीटररा, चौदह,चालीस मील अविकलर - Kadıköy लाइन अट्ठाईस,चौहत्तर लीटररा, सत्रह,इक्यावन मील अवकलर-बोस्टानसी इकतीस,पचासी लीटररस, सात,साठ मील माल्टेपे-द्वीप रेखा इक्कीस,नब्बे लीटररा, आठ मील बोस्टान्का- Kabataş रेखा ग्यारह,पचास लीटररा है। समुद्री परिवहन का समर्थन करने के लिए, इस्तांबुलकार्ट के राजस्व के लागत कवरेज अनुपात में पच्चीस प्रतिशत तक की कमी आई है; उन्होंने "एक मील के आधार पर समुद्री परिवहन लाइन किराया टैरिफ का विनियमन" प्रस्तावित किया। निर्णय सर्वसम्मति से अपनाया गया था। समुद्री परिवहन में, एक ही टिकट शुल्क लिया जाता है, भले ही लाइनों पर दूरी कितनी भी हो, जो रुकनी चाहिए। दो पियर और दस पियर के लिए शुल्क सात.सरसठ TL है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, परिचालन लागत और यात्रा के समय में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, मील पर नया किराया कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इसके तहत; एक मील के बाद, प्रति मील लागत में एक लीटररा जोड़ा जाएगा। व्यक्तिगत इस्तांबुलकार्ट के साथ समुद्र से जमीन और जमीन से समुद्र तक की यात्रा के लिए, वर्तमान हस्तांतरण शुल्क का पचास प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। पांच मील के बाद किराया तय किया जाएगा।
हिमाचल के कुल्लू जिले के आनी उपमंडल के तहत मंगलवार रात करीब आठ बजे च्वाई के नजदीक बुआंदा में एक छह साल के बच्चे को तेंदुए ने उठा लिया। बच्चे के चिल्लाने पर वह तेंदुए के जबड़े से छूट गया। बताया जा रहा है कि तेंदुए के हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे तुरंत आनी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उसका इलाज किया जा रहा है। बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक बच्चे की मां गाय को घास डालने गोशाला गई थीं और बेटा गोशाला के दरवाजे के पास मोबाइल से खेल रहा था। उसी समय घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने उस पर अचानक हमला बोल दिया। हालांकि, बच्चे के चिल्लाने और उसकी मां के शोर मचाने पर तेंदुए ने बच्चे को छोड़ दिया और उसकी जान बच गई। गौरतलब है कि बीते कुछ माह पहले भी च्वाई क्षेत्र में ही तेंदुए ने एक तीन साल की बच्ची को उठा कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद क्षेत्र के लोग खौफ में हैं। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की गुहार लगाई है। उधर, आनी के डीएफओ चंद्रभूषण ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। तेंदुए के हमलों के बाद ग्रामीण सहम गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने वन विभाग से जल्द खूंखार तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। तेंदुए ने बच्चा गोशाला के दरवाजे से उठा लिया , चिल्लाने पर जबड़े से छूटा Reviewed by Himachal Fast News on 15 July Rating:
हिमाचल के कुल्लू जिले के आनी उपमंडल के तहत मंगलवार रात करीब आठ बजे च्वाई के नजदीक बुआंदा में एक छह साल के बच्चे को तेंदुए ने उठा लिया। बच्चे के चिल्लाने पर वह तेंदुए के जबड़े से छूट गया। बताया जा रहा है कि तेंदुए के हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे तुरंत आनी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उसका इलाज किया जा रहा है। बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक बच्चे की मां गाय को घास डालने गोशाला गई थीं और बेटा गोशाला के दरवाजे के पास मोबाइल से खेल रहा था। उसी समय घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने उस पर अचानक हमला बोल दिया। हालांकि, बच्चे के चिल्लाने और उसकी मां के शोर मचाने पर तेंदुए ने बच्चे को छोड़ दिया और उसकी जान बच गई। गौरतलब है कि बीते कुछ माह पहले भी च्वाई क्षेत्र में ही तेंदुए ने एक तीन साल की बच्ची को उठा कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद क्षेत्र के लोग खौफ में हैं। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की गुहार लगाई है। उधर, आनी के डीएफओ चंद्रभूषण ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। तेंदुए के हमलों के बाद ग्रामीण सहम गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने वन विभाग से जल्द खूंखार तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। तेंदुए ने बच्चा गोशाला के दरवाजे से उठा लिया , चिल्लाने पर जबड़े से छूटा Reviewed by Himachal Fast News on पंद्रह जुलाईy Rating:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर किया गया है और कैप्शन में लिखा है, 'मुझे बिल्लियों से प्यार है, वे बहुत बहादुर होती हैं और उनके स्वभाव में एक चैलेंज होता है'. महज 59 सेकेंड के इस वीडियो को अब तक 4 लाख 42 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है. बिल्लियां वैसे तो छोटी सी होती हैं, लेकिन ये दुनिया में सबसे अधिक पाली जाने वाली जानवरों में से एक हैं. भारत में तो उतना नहीं, लेकिन विदेशों में अधिकतर लोग अन्य जानवरों के साथ बिल्लियों को भी पालना पसंद करते हैं. वैसे ये दिखने में भले ही छोटी होती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर शेर और बाघ जितनी खतरनाक भी हो जाती हैं. आखिर हैं तो ये उन्हीं की प्रजाति की. हालांकि आमतौर पर ऐसा देखने को मिलता है कि बिल्लियां किसी को देखते ही तुरंत ही वहां से भाग चलती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर आजकल बिल्लियों से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो काफी हैरान करने वाला है. इसमें कुछ बिल्लियां खतरनाक जानवरों को डराकर भागने पर मजबूर करती दिखाई दे रही हैं. दरअसल, इस एक वीडियो में कई अलग-अलग सीन जोड़े गए हैं. किसी सीन में बिल्ली एक बाघ को डराते नजर आती है तो किसी में 'पानी के दैत्य' यानी मगरमच्छ से ही भिड़ जाती है और उसे पानी के अंदर भगा देती है. वहीं, एक सीन में बिल्ली खतरनाक सांप से ही भिड़ती नजर आ रही है. हालांकि अपने खतरनाक छोटे पंजों से वह सांप को यूं मारती है कि वह भागने पर मजबूर हो जाता है. इसके बाद अगले सीन में देखने को मिलता है कि वह एक शेर के साथ खेलती नजर आती है. हालांकि शेर पिंजरे में कैद होता है. फिर एक और सीन में वह भालू जैसे खतरनाक जानवर को भी दुम दबाकर भागने पर मजबूर करती नजर आती है और उसे भगाने के लिए उसके पीछे दौड़ भी लगा देती है. यह वीडियो काफी हैरान करने वाला है. I love cats, they are very brave and there is a challenge in their nature! ❤️?? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर इस वीडियो को @TheFigen नाम की आईडी से शेयर किया गया है और कैप्शन में लिखा है, 'मुझे बिल्लियों से प्यार है, वे बहुत बहादुर होती हैं और उनके स्वभाव में एक चैलेंज होता है'. महज 59 सेकेंड के इस वीडियो को अब तक 4 लाख 42 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है, जबकि 23 हजार से अधिक लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दी हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर किया गया है और कैप्शन में लिखा है, 'मुझे बिल्लियों से प्यार है, वे बहुत बहादुर होती हैं और उनके स्वभाव में एक चैलेंज होता है'. महज उनसठ सेकेंड के इस वीडियो को अब तक चार लाख बयालीस हजार से अधिक बार देखा जा चुका है. बिल्लियां वैसे तो छोटी सी होती हैं, लेकिन ये दुनिया में सबसे अधिक पाली जाने वाली जानवरों में से एक हैं. भारत में तो उतना नहीं, लेकिन विदेशों में अधिकतर लोग अन्य जानवरों के साथ बिल्लियों को भी पालना पसंद करते हैं. वैसे ये दिखने में भले ही छोटी होती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर शेर और बाघ जितनी खतरनाक भी हो जाती हैं. आखिर हैं तो ये उन्हीं की प्रजाति की. हालांकि आमतौर पर ऐसा देखने को मिलता है कि बिल्लियां किसी को देखते ही तुरंत ही वहां से भाग चलती हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर आजकल बिल्लियों से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो काफी हैरान करने वाला है. इसमें कुछ बिल्लियां खतरनाक जानवरों को डराकर भागने पर मजबूर करती दिखाई दे रही हैं. दरअसल, इस एक वीडियो में कई अलग-अलग सीन जोड़े गए हैं. किसी सीन में बिल्ली एक बाघ को डराते नजर आती है तो किसी में 'पानी के दैत्य' यानी मगरमच्छ से ही भिड़ जाती है और उसे पानी के अंदर भगा देती है. वहीं, एक सीन में बिल्ली खतरनाक सांप से ही भिड़ती नजर आ रही है. हालांकि अपने खतरनाक छोटे पंजों से वह सांप को यूं मारती है कि वह भागने पर मजबूर हो जाता है. इसके बाद अगले सीन में देखने को मिलता है कि वह एक शेर के साथ खेलती नजर आती है. हालांकि शेर पिंजरे में कैद होता है. फिर एक और सीन में वह भालू जैसे खतरनाक जानवर को भी दुम दबाकर भागने पर मजबूर करती नजर आती है और उसे भगाने के लिए उसके पीछे दौड़ भी लगा देती है. यह वीडियो काफी हैरान करने वाला है. I love cats, they are very brave and there is a challenge in their nature! ❤️?? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर इस वीडियो को @TheFigen नाम की आईडी से शेयर किया गया है और कैप्शन में लिखा है, 'मुझे बिल्लियों से प्यार है, वे बहुत बहादुर होती हैं और उनके स्वभाव में एक चैलेंज होता है'. महज उनसठ सेकेंड के इस वीडियो को अब तक चार लाख बयालीस हजार से अधिक बार देखा जा चुका है, जबकि तेईस हजार से अधिक लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दी हैं.
तीसरी मंजिल से नीचे गिरा डिलीवरी बॉयः हैदराबाद के मणिकोंडा में एक डिलवेरी बॉय को कस्टमर के खूंखार कुत्ते ने दौड़ा लिया, अपनी जान बचाने के चक्कर में डिलवेरी बॉय भागा और तीसरी मंजिल ने नीचे गिर गया. डिलवेरी बॉय तीन मंजिल नीचे गिरकर अधमरा हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती किया गया. मामला मणिकोंडा के श्रीनिधि हाइट्स अपार्टमेंट का बताया जा रहा है. जहां एक डिलेवरी बॉय कस्टमर को गद्दे की डिलेवरी देने आया था. बताया गया है कि डिलवेरी बॉय मोहम्मद इलियास (30) ऐमज़ॉन कंपनी के प्रोडक्ट्स की डिलवेरी का काम करता है. जब वह मणिकोंडा के श्रीनिधि हाइट्स अपार्टमेंट में गद्दे की डिलवेरी देने के लिए पहुंचा तो कस्टमर का पालतू डॉबरमैन ने उसपर हमला कर दिया। इलियास अपनी जान बचाने के लिए दौड़ा और रेलिंग पर चढ़ गया. उसका पैर फिसल गया और वह सीधा तीन मंजिल नीचे गिरा। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया. डिलेवरी बॉय के शरीर की हड्डियां कई जगहों से टूट गई है, वह बुरी तरह घायल हुआ है. रायदुर्गम पुलिस ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ IPC की धारा 289 (जानवर के संबंध में लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया है. तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने प्रेस नोट जारी करते हुए मांग की है कि कुत्ते का मालिक, इलियास के इलाज का पूरा खर्चा उठाए. TGPWU ने लिखा है कि इलियास ड्यूटी के वक्त घायल हुआ है और तुरंत काम पर नहीं जा पाएगा इसलिए एमेजॉन की तरफ से उसे हर रोज हजार रुपये मिलने चाहिए.
तीसरी मंजिल से नीचे गिरा डिलीवरी बॉयः हैदराबाद के मणिकोंडा में एक डिलवेरी बॉय को कस्टमर के खूंखार कुत्ते ने दौड़ा लिया, अपनी जान बचाने के चक्कर में डिलवेरी बॉय भागा और तीसरी मंजिल ने नीचे गिर गया. डिलवेरी बॉय तीन मंजिल नीचे गिरकर अधमरा हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती किया गया. मामला मणिकोंडा के श्रीनिधि हाइट्स अपार्टमेंट का बताया जा रहा है. जहां एक डिलेवरी बॉय कस्टमर को गद्दे की डिलेवरी देने आया था. बताया गया है कि डिलवेरी बॉय मोहम्मद इलियास ऐमज़ॉन कंपनी के प्रोडक्ट्स की डिलवेरी का काम करता है. जब वह मणिकोंडा के श्रीनिधि हाइट्स अपार्टमेंट में गद्दे की डिलवेरी देने के लिए पहुंचा तो कस्टमर का पालतू डॉबरमैन ने उसपर हमला कर दिया। इलियास अपनी जान बचाने के लिए दौड़ा और रेलिंग पर चढ़ गया. उसका पैर फिसल गया और वह सीधा तीन मंजिल नीचे गिरा। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया. डिलेवरी बॉय के शरीर की हड्डियां कई जगहों से टूट गई है, वह बुरी तरह घायल हुआ है. रायदुर्गम पुलिस ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ IPC की धारा दो सौ नवासी के तहत मामला दर्ज किया है. तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने प्रेस नोट जारी करते हुए मांग की है कि कुत्ते का मालिक, इलियास के इलाज का पूरा खर्चा उठाए. TGPWU ने लिखा है कि इलियास ड्यूटी के वक्त घायल हुआ है और तुरंत काम पर नहीं जा पाएगा इसलिए एमेजॉन की तरफ से उसे हर रोज हजार रुपये मिलने चाहिए.
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
यिष्यति, असंग्रामयत् इस प्रकार चलते हैं। इस धातु में सम उपसर्ग है। उसके पूर्व - अटू देखा जाता है यथा - असंग्रामयत में। अतः उपसर्ग क्रिया के ही रूप हैं। आधुनिक भाषाविज्ञान शास्त्र से इस तथ्य की पुष्टि और भी हो जाती है। उसके अनुसार - प्रकृति और प्रत्यय- - अलग-अलग अर्थों में स्वतन्त्र रूप से व्यवहृत होते माने जाते हैं । वेद में क्रियापदों से उपसर्गों का स्वतन्त्र रूप से अलग प्रयोग होता भी है । अतः लौकिक संस्कृत में यदि उपसर्ग धातु रूपों के साथ आत्यन्तिक रूप से मिलकर ही प्रयुक्त होने लगे हों - तब भी उनका अपना अर्थ माना जाना चाहिए और उन अर्थों में उनकी स्वतन्त्र शक्ति भी मानी जानी चाहिए। उन्हें द्योतक मानकर उनकी शक्ति का अपलाप नहीं किया जाना चाहिए । महिमभट्ट ने इतना कहने के बाद भी एक शंका का समाधान नहीं दिया । वह थी यङ् आदि प्रत्ययों के विधान की । इसका उत्तर दो प्रकारों से निकाला जा सकता है। एक तो - अडादीनां व्यवस्थार्थम् = इत्यादि वचन से । उसके अनुसार जैसे अड् की व्यवस्था के लिए धातु और उपसर्ग में रूप कृत भेद मान लिया जाता है वैसे ही यह् की व्यवस्था के लिए भी माना जा सकता है। दूसरे धातु और उपसर्ग दोनों को दो स्वतन्त्र वाचक मानकर पूर्ण क्रिया की शक्ति दोनों के अर्थों के सम्मिलित रूप में मान ली जानी चाहिए। न्याय और व्याकरण इस बातपर जोर करते भी हैं - वे पचति आदि में पच का विडित्यनुकूल व्यापार अर्थ मानते हैं और 'ति' का आश्रय तथा वर्तमानकाल, बाद दोनों का सम्बन्ध जोडते हैं। वैसे ही उपसर्ग और क्रिया पद का अन्तर मान लिया जाना चाहिये और अर्थावबोध में दोनों को स्वतन्त्र । चादीनां चोपाधीनां विशेष्येभ्यो निर्मलेभ्यः स्फटिकोपलेभ्य इव लाक्षादीनामव्यवधानमेव । तेन ते यदनन्तरमुपाधीयन्ते, तेष्वेव विशेषमाधातुमलं नान्यत्रेति यत्तेषां भिन्नक्रमतया क्वचिदुपादानं तद्नुपपन्नमेव अयथास्थानविनिवेशिनो हि तेऽर्थान्तरमनभिमतमेव स्वोपरागेणोपरञ्जयेयुः । ततश्च प्रस्तुतार्थस्यासामञ्जस्यप्रसङ्गः । कथञ्चिद् वा भिन्नक्रमतयाप्यभिमतार्थसम्बन्धोपकल्पने प्रस्तुतार्थप्रतीतेर्विघ्नितत्वात् तन्निबन्धने रसास्वादोऽपि विनितः स्यात् शब्ददोषाणामनौचित्योपगमात् तस्य च रसभङ्गहेतुत्वात् । यथाहुः - और ( इसी प्रकार ) 'च' आदि ( निपात रूप ) उपाधियों ( विशेषणों ) का भी ( अपने ) विशेष्यों से वैसे ही अव्यवधान होता है जैसे = लाह आदि का स्फटिक मणि आदि से । इस कारण - वे ( च आदि ) जिसके बाद प्रयुक्त किये जाते हैं उसमें विशेष्य का आधान करते हैं, और किसी में नहीं, इसलिये इनका कही कही जो ( इस क्रम से ) भिन्न क्रम से उपयोग होता है वह अनुपपन्न - अनुचित ही है। ठीक स्थान पर प्रयुक्त न किये जाने पर वे किसी दूसरे ही अर्थ को जो अभीष्ट न होगा अपने रङ्ग से रगेंगे ( अपनी विशेषता का उसमें आधान करेंगे । ) - और वैसा होने पर प्रस्तुत अर्थ की सङ्गति ठीक नहीं होगी। मान लीजिये जैसे तैसे क्रम तोडकर भी अभीष्ट अर्थ से सम्बन्ध जोड़ दिया जाय - तब भी प्रस्तुत अर्थ की प्रतीति में विघ्न पड जाने से - उस पर आश्रित रसास्वाद में भी विघ्न पड़ जाएगा, कारण कि शब्द के दोषों को अनौचित्य मान लिया गया है ( द्वितीय विमर्श के आरम्भ में ) और उसे ( अनौचित्य ) को रसभङ्ग का हेतु । जैसा कि कहा है
यिष्यति, असंग्रामयत् इस प्रकार चलते हैं। इस धातु में सम उपसर्ग है। उसके पूर्व - अटू देखा जाता है यथा - असंग्रामयत में। अतः उपसर्ग क्रिया के ही रूप हैं। आधुनिक भाषाविज्ञान शास्त्र से इस तथ्य की पुष्टि और भी हो जाती है। उसके अनुसार - प्रकृति और प्रत्यय- - अलग-अलग अर्थों में स्वतन्त्र रूप से व्यवहृत होते माने जाते हैं । वेद में क्रियापदों से उपसर्गों का स्वतन्त्र रूप से अलग प्रयोग होता भी है । अतः लौकिक संस्कृत में यदि उपसर्ग धातु रूपों के साथ आत्यन्तिक रूप से मिलकर ही प्रयुक्त होने लगे हों - तब भी उनका अपना अर्थ माना जाना चाहिए और उन अर्थों में उनकी स्वतन्त्र शक्ति भी मानी जानी चाहिए। उन्हें द्योतक मानकर उनकी शक्ति का अपलाप नहीं किया जाना चाहिए । महिमभट्ट ने इतना कहने के बाद भी एक शंका का समाधान नहीं दिया । वह थी यङ् आदि प्रत्ययों के विधान की । इसका उत्तर दो प्रकारों से निकाला जा सकता है। एक तो - अडादीनां व्यवस्थार्थम् = इत्यादि वचन से । उसके अनुसार जैसे अड् की व्यवस्था के लिए धातु और उपसर्ग में रूप कृत भेद मान लिया जाता है वैसे ही यह् की व्यवस्था के लिए भी माना जा सकता है। दूसरे धातु और उपसर्ग दोनों को दो स्वतन्त्र वाचक मानकर पूर्ण क्रिया की शक्ति दोनों के अर्थों के सम्मिलित रूप में मान ली जानी चाहिए। न्याय और व्याकरण इस बातपर जोर करते भी हैं - वे पचति आदि में पच का विडित्यनुकूल व्यापार अर्थ मानते हैं और 'ति' का आश्रय तथा वर्तमानकाल, बाद दोनों का सम्बन्ध जोडते हैं। वैसे ही उपसर्ग और क्रिया पद का अन्तर मान लिया जाना चाहिये और अर्थावबोध में दोनों को स्वतन्त्र । चादीनां चोपाधीनां विशेष्येभ्यो निर्मलेभ्यः स्फटिकोपलेभ्य इव लाक्षादीनामव्यवधानमेव । तेन ते यदनन्तरमुपाधीयन्ते, तेष्वेव विशेषमाधातुमलं नान्यत्रेति यत्तेषां भिन्नक्रमतया क्वचिदुपादानं तद्नुपपन्नमेव अयथास्थानविनिवेशिनो हि तेऽर्थान्तरमनभिमतमेव स्वोपरागेणोपरञ्जयेयुः । ततश्च प्रस्तुतार्थस्यासामञ्जस्यप्रसङ्गः । कथञ्चिद् वा भिन्नक्रमतयाप्यभिमतार्थसम्बन्धोपकल्पने प्रस्तुतार्थप्रतीतेर्विघ्नितत्वात् तन्निबन्धने रसास्वादोऽपि विनितः स्यात् शब्ददोषाणामनौचित्योपगमात् तस्य च रसभङ्गहेतुत्वात् । यथाहुः - और 'च' आदि उपाधियों का भी विशेष्यों से वैसे ही अव्यवधान होता है जैसे = लाह आदि का स्फटिक मणि आदि से । इस कारण - वे जिसके बाद प्रयुक्त किये जाते हैं उसमें विशेष्य का आधान करते हैं, और किसी में नहीं, इसलिये इनका कही कही जो भिन्न क्रम से उपयोग होता है वह अनुपपन्न - अनुचित ही है। ठीक स्थान पर प्रयुक्त न किये जाने पर वे किसी दूसरे ही अर्थ को जो अभीष्ट न होगा अपने रङ्ग से रगेंगे - और वैसा होने पर प्रस्तुत अर्थ की सङ्गति ठीक नहीं होगी। मान लीजिये जैसे तैसे क्रम तोडकर भी अभीष्ट अर्थ से सम्बन्ध जोड़ दिया जाय - तब भी प्रस्तुत अर्थ की प्रतीति में विघ्न पड जाने से - उस पर आश्रित रसास्वाद में भी विघ्न पड़ जाएगा, कारण कि शब्द के दोषों को अनौचित्य मान लिया गया है और उसे को रसभङ्ग का हेतु । जैसा कि कहा है
फरीदाबाद से रोजाना हजारों लोग गुड़गांव आते-जाते हैं। फिलहाल सड़क मार्ग ही एकमात्र विकल्प है। मेट्रो से गुड़गांव तक जाना है तो पहले दिल्ली जाना पड़ता है और फिर वहां से गुड़गांव पहुंचना पड़ता है। बेहतर सुविधा न होने के कारण लोग कैब व बसों में धक्के खाते हैं।
फरीदाबाद से रोजाना हजारों लोग गुड़गांव आते-जाते हैं। फिलहाल सड़क मार्ग ही एकमात्र विकल्प है। मेट्रो से गुड़गांव तक जाना है तो पहले दिल्ली जाना पड़ता है और फिर वहां से गुड़गांव पहुंचना पड़ता है। बेहतर सुविधा न होने के कारण लोग कैब व बसों में धक्के खाते हैं।
इस पुरस्कार की शुरुआत 1969 में हुई थी। इस साल दादा साहब फाल्के का जन्म शताब्दि वर्ष था। इस पुरस्कार के अंतर्गत विजेता को दस लाख रुपए नकद, एक गोल्ड मेडल व एक शॉल प्रदान की जाती है। मुंबई. बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले एक्टर अमिताभ बच्चन को सिनेमा जगत का सबसे बड़ा पुरस्कार दादा साहेब फाल्के से सरकार द्वारा नवाजा जाएगा। इस बात की जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने मंगलवार को दी। भारत सरकार की ओर से भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाता है। ये वार्षिक पुरस्कार है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1969 में हुई थी। इस साल दादा साहब फाल्के का जन्म शताब्दि वर्ष था। इस पुरस्कार के अंतर्गत विजेता को दस लाख रुपए नकद, एक गोल्ड मेडल व एक शॉल प्रदान की जाती है। ऐसे में इस 50 सालों में ये अवॉर्ड पाने वाले बिग बी बॉलीवुड के 12वें सितारे हैं। दादा साहेब फाल्के ने भारत की पहली साइलेंट फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' बनाई थी। फाल्के का जन्म अप्रैल 1870 में एक मराठी परिवार में हुआ था। उन्होंने नासिक में पढ़ाई की। इसके बाद वे मुंबई में सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट स्कूल में नाटक और ट्रेनिंग ली। इसके बाद वे जर्मनी चले गए। वहां उन्होंने फिल्म बनाना सीखा। वहां से लौटने के बाद उन्होंने पहली फिल्म हरिश्चंद्र बनाई।
इस पुरस्कार की शुरुआत एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में हुई थी। इस साल दादा साहब फाल्के का जन्म शताब्दि वर्ष था। इस पुरस्कार के अंतर्गत विजेता को दस लाख रुपए नकद, एक गोल्ड मेडल व एक शॉल प्रदान की जाती है। मुंबई. बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले एक्टर अमिताभ बच्चन को सिनेमा जगत का सबसे बड़ा पुरस्कार दादा साहेब फाल्के से सरकार द्वारा नवाजा जाएगा। इस बात की जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने मंगलवार को दी। भारत सरकार की ओर से भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाता है। ये वार्षिक पुरस्कार है। इस पुरस्कार की शुरुआत एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में हुई थी। इस साल दादा साहब फाल्के का जन्म शताब्दि वर्ष था। इस पुरस्कार के अंतर्गत विजेता को दस लाख रुपए नकद, एक गोल्ड मेडल व एक शॉल प्रदान की जाती है। ऐसे में इस पचास सालों में ये अवॉर्ड पाने वाले बिग बी बॉलीवुड के बारहवें सितारे हैं। दादा साहेब फाल्के ने भारत की पहली साइलेंट फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' बनाई थी। फाल्के का जन्म अप्रैल एक हज़ार आठ सौ सत्तर में एक मराठी परिवार में हुआ था। उन्होंने नासिक में पढ़ाई की। इसके बाद वे मुंबई में सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट स्कूल में नाटक और ट्रेनिंग ली। इसके बाद वे जर्मनी चले गए। वहां उन्होंने फिल्म बनाना सीखा। वहां से लौटने के बाद उन्होंने पहली फिल्म हरिश्चंद्र बनाई।
इस आर्टिकल के सहायक लेखक (co-author) हमारी बहुत ही अनुभवी एडिटर और रिसर्चर्स (researchers) टीम से हैं जो इस आर्टिकल में शामिल प्रत्येक जानकारी की सटीकता और व्यापकता की अच्छी तरह से जाँच करते हैं। wikiHow's Content Management Team बहुत ही सावधानी से हमारे एडिटोरियल स्टाफ (editorial staff) द्वारा किये गए कार्य को मॉनिटर करती है ये सुनिश्चित करने के लिए कि सभी आर्टिकल्स में दी गई जानकारी उच्च गुणवत्ता की है कि नहीं। यहाँ पर 9 रेफरेन्स दिए गए हैं जिन्हे आप आर्टिकल में नीचे देख सकते हैं। यह आर्टिकल ४६,७५७ बार देखा गया है।
इस आर्टिकल के सहायक लेखक हमारी बहुत ही अनुभवी एडिटर और रिसर्चर्स टीम से हैं जो इस आर्टिकल में शामिल प्रत्येक जानकारी की सटीकता और व्यापकता की अच्छी तरह से जाँच करते हैं। wikiHow's Content Management Team बहुत ही सावधानी से हमारे एडिटोरियल स्टाफ द्वारा किये गए कार्य को मॉनिटर करती है ये सुनिश्चित करने के लिए कि सभी आर्टिकल्स में दी गई जानकारी उच्च गुणवत्ता की है कि नहीं। यहाँ पर नौ रेफरेन्स दिए गए हैं जिन्हे आप आर्टिकल में नीचे देख सकते हैं। यह आर्टिकल छियालीस,सात सौ सत्तावन बार देखा गया है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज है. इसी बीच यहां से एक बड़ी खबर है. हुगली जिले के साहगंज मैदान में आयोजित जनसभा में जाने-माने क्रिकेटर ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हुए. इसके साथ ही फिल्मी जगत की हस्तियों ने भी पार्टी ज्वाइन किया. जनसभा में क्रिकेटर मनोज तिवारी ने अपनी नई पारी की शुरुआत की. इसके अलावा अभिनेत्री शाइनी घोष, निर्माता राज चक्रवर्ती, अभिनेत्री मोनाली दे, जून मालिया सहित अभिनेता कांजन मल्लिक ने टीएमसी की सदस्यता ली. इसे भी पढ़े-आखिर क्यों खास है दुनिया का ये सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, जानिए इसकी खासियत ? मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा कि आज से एक नई यात्रा शुरू होती है. आपके प्यार और समर्थन की जरूरत है. इसके साथ ही मनोज तिवारी राजनीति के लिए नए इंस्टाग्राम अकाउंट की भी जानकारी दी है. इसे भी पढ़े- रायपुरः क्रिकेट टूर्नामेंट 5 से, जाने क्या बायो-बबल जोन में जा पाएंगे सीएम भूपेश ? हावड़ा में जन्मे 35 वर्षीय मनोज तिवारी ने 2008 में टीम इंडिया में अपना डेब्यू किया था. उन्होंने आखिरी वनडे मैच जुलाई 2015 में खेला था. भारतीय टीम के लिए तीन टी-20 इंटरनेशनल मैच और 12 वनडे खेलने का मौका मिला. वनडे में तिवारी ने 287 रन बनाए है. जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं. 50 ओवर के फॉर्मेट में उनका सर्वाधिक स्कोर 104 और टी-20 इंटरनेशनल में 15 की औसत से 5 रन हैं. आईपीएल के 98 मैचों में 28. 72 की औसत से 1,695 रन बनाए हैं. इस टूर्नामेंट में वो कोलकाता नाइटराइडर्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट और किंग्स इलेवन पंजाब टीम का हिस्सा रहे. उनके नाम 7 अर्धशतक हैं, इस दौरान उनका सर्वाधिक निजी स्कोर 75 रहा.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज है. इसी बीच यहां से एक बड़ी खबर है. हुगली जिले के साहगंज मैदान में आयोजित जनसभा में जाने-माने क्रिकेटर ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए. इसके साथ ही फिल्मी जगत की हस्तियों ने भी पार्टी ज्वाइन किया. जनसभा में क्रिकेटर मनोज तिवारी ने अपनी नई पारी की शुरुआत की. इसके अलावा अभिनेत्री शाइनी घोष, निर्माता राज चक्रवर्ती, अभिनेत्री मोनाली दे, जून मालिया सहित अभिनेता कांजन मल्लिक ने टीएमसी की सदस्यता ली. इसे भी पढ़े-आखिर क्यों खास है दुनिया का ये सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, जानिए इसकी खासियत ? मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा कि आज से एक नई यात्रा शुरू होती है. आपके प्यार और समर्थन की जरूरत है. इसके साथ ही मनोज तिवारी राजनीति के लिए नए इंस्टाग्राम अकाउंट की भी जानकारी दी है. इसे भी पढ़े- रायपुरः क्रिकेट टूर्नामेंट पाँच से, जाने क्या बायो-बबल जोन में जा पाएंगे सीएम भूपेश ? हावड़ा में जन्मे पैंतीस वर्षीय मनोज तिवारी ने दो हज़ार आठ में टीम इंडिया में अपना डेब्यू किया था. उन्होंने आखिरी वनडे मैच जुलाई दो हज़ार पंद्रह में खेला था. भारतीय टीम के लिए तीन टी-बीस इंटरनेशनल मैच और बारह वनडे खेलने का मौका मिला. वनडे में तिवारी ने दो सौ सत्तासी रन बनाए है. जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं. पचास ओवर के फॉर्मेट में उनका सर्वाधिक स्कोर एक सौ चार और टी-बीस इंटरनेशनल में पंद्रह की औसत से पाँच रन हैं. आईपीएल के अट्ठानवे मैचों में अट्ठाईस. बहत्तर की औसत से एक,छः सौ पचानवे रन बनाए हैं. इस टूर्नामेंट में वो कोलकाता नाइटराइडर्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट और किंग्स इलेवन पंजाब टीम का हिस्सा रहे. उनके नाम सात अर्धशतक हैं, इस दौरान उनका सर्वाधिक निजी स्कोर पचहत्तर रहा.
अरथ नाश मन ताप अरु, दार चरित घर माहिं । अर्थ -- अपने धन का नाश, मन का सन्ताप, स्त्री का चरित्र, नीच मनुष्य की कही बात और अपना अपमान, इनको बुध्दिमान मनुष्य किसी के समक्ष ज़ाहिर न करे। अर्थ -- धन-धान्य के लेन-देन, विद्याध्ययन, भोजन, सांसारिक व्यवसाय, इन कामों में जो मनुष्य लज्जा नहीं करता, वही सुखी रहता है। तृषित सुधा सन्तोष चित, शान्त लहत सुख होय । अर्थ -- सन्तोष रूपी अमृत से तृप्त मनुष्यों को जो सुख और शांति प्राप्त होती है, वह धन के लोभ से इधर-उधर मारे-मारे फिरने वालों को कैसे प्राप्त होगी ? तीन ठौर सन्तोष धर, तिय भोजन धन माहिं । अर्थ -- तीन बातों में सन्तोष धारण करना चाहिए। जैसे-अपनी स्त्री में, भोजन में और धन में। इसी प्रकार तीन बातों में कभी भी सन्तुष्ट न होना चाहिए। अध्ययन में, जप में, और दान में। विप्र विप्र अरु नारि नर, सेवक स्वामिहिं अन्त । अर्थ -- दो ब्राह्मणों के बीच में से, ब्राह्मण और अग्नि के बीच से, स्वामी और सेवक के बीच से, स्त्री-पुरुष के बीच से और हल तथा बैल के बीच से नहीं निकलना चाहिए। अनल विप्र गुरु धेनु पुनि, कन्या कुँआरी देत । अर्थ -- अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गौ, कुमारी कन्या, वृध्द और बालक इनको कभी पैरों से न छुए। हस्ती हाथ हज़ार तज, शत हाथन से वाजि । अर्थ -- हज़ार हाथ की दूरी से हाथी से, सौ हाथ की दूरी से घोडा से, दस हाथ की दूरी से सींगवाले जानवरों से बचना चाहिये और मौक़ा पड जाय तो देश को ही त्याग कर दुर्जन से बचे। हस्ती अंकुश तैं हनिय, हाथ पकरि तुरंग । अर्थ -- हाथी अंकुश से, घोडा चाबुक से, सींगवाले जानवर लाठी से और दुर्जन तलवार से ठीक होते हैं। तुष्ट होत भोजन किये, ब्राह्मण लखि धन मोर । अर्थ -- ब्राह्मण भोजन से, मोर मेघ के गर्जन से, सज्जन पराये धन से और खल मनुष्य दूसरे पर आई विपत्ति से प्रसन्न होता है। बलवंतहिं अनुकूलहीं, प्रतिकूलहिं बलहीन । अर्थ -- अपने से प्रबल शत्रु को उसके अनुकूल चल कर, दुष्ट शत्रु को उसके प्रतिकूल चल कर और समान बलवाले शत्रु का विनय और बल से नीचा दिखाना चाहिए। नृपहिं बाहुबल ब्राह्मणहिं, वेद ब्रह्म की जान । अर्थ -- राजाओं में बाहुबल सम्पन्न राजा और ब्राह्मणों में ब्रह्मज्ञानी ब्राह्मण बली होता है और रूप तथा यौवन की मधुरता स्त्रियों का सबसे उत्तम बल है। अतिहि सरल नहिं होइये, देखहु जा बनमाहिं । अर्थ -- अधिक सीधा-साधा होना भी अच्छा नहीं होता। जाकर वन में देखो - वहाँ सीधे वृक्ष काट लिये जाते हैं और टेढे खडे रह जाते हैं। सजल सरोवर हंस बसि, सूखत उडि है सोउ । अर्थ -- जहाँ जल रहता है वहाँ ही हंस बसते हैं। वैसे ही सूखे सरोवर को छोडते हैं और बार-बार आश्रय लर लेते हैं। सो मनुष्य को हंस के समान न होना चाहिये। धन संग्रहको पेखिये, प्रगट दान प्रतिपाल । अर्थ -- अर्जित धन का व्यय करना ही रक्षा है। जैसे नये जल आने पर तडाग के भीतर के जल को निकालना ही रक्षा है। जिनके धन तेहि मीत बहु, जेहि धन बन्धु अनन्त । अर्थ -- जिनके धन रहता है उसके मित्र होते हैं, जिसके पास अर्थ रहता है उसी के बंधू होते हैं। जिसके धन रहता है वही पुरुष गिना जाता है, जिसके अर्थ है वही जीत है। स्वर्गवासि जन के सदा, चार चिह्न लखि येहि । अर्थ -- संसार में आने पर स्वर्ग स्थानियों के शरीर में चार चिह्म रहते हैं, दान का स्वभाव, मीठा वचन, देवता की पूजा, ब्राह्मण को तृप्त करना अर्थात् जिन लोगों में दान आदि लक्षण रहे उनको जानना चाहिये कि वे अपने पुण्य के प्रभाव से स्वर्गवासी मृत्यु लोक में अवतार लिये हैं। अतिहि कोप कटु वचनहूँ, दारिद नीच मिलान । अर्थ -- अत्यन्त क्रोध, कटुवचन, दरिद्रता, अपने जनों में बैर, नीच का संग, कुलहीन की सेवा, ये चिह्म नरकवासियों की देहों में रहते हैं। सिंह भवन यदि जाय कोउ, गजमुक्ता तहँ पाय । अर्थ -- यदि कोई सिंह की गुफा में जा पडे तो उसको हाथी के कपोल का मोती मिलता है, और सियार के स्थान में जाने पर बछावे की पूँछ और गदहे के चामडे का टुकडा मिलता है। श्वान पूँछ सम जीवनी, विद्या बिनु है व्यर्थ । अर्थ -- कुत्ते की पूँछ के समान विद्या बिना जीना व्यर्थ है। कुत्ते की पूँछ गोप्य इन्द्रिय को ढाँक नहीं सकती और न मच्छड आदि जीवॊम को उडा सकती है। वचन्शुध्दि मनशुध्दि और, इन्द्रिय संयम शुध्दि । अर्थ -- वच की शुध्दि, मति की शुध्दि, इंद्रियों का संयम, जीवॊं पर दया और पवित्रता - ये परमार्थितों की शुध्दि है। बास सुमन, तिल तेल, अग्नि काठ पय घीव । अर्थ -- जैसे फल में गंध, तिल में तेल, काष्ठ में आग, दूध में घी और ईख में गुड है वैसे देह में आत्मा को विचार से देखो।
अरथ नाश मन ताप अरु, दार चरित घर माहिं । अर्थ -- अपने धन का नाश, मन का सन्ताप, स्त्री का चरित्र, नीच मनुष्य की कही बात और अपना अपमान, इनको बुध्दिमान मनुष्य किसी के समक्ष ज़ाहिर न करे। अर्थ -- धन-धान्य के लेन-देन, विद्याध्ययन, भोजन, सांसारिक व्यवसाय, इन कामों में जो मनुष्य लज्जा नहीं करता, वही सुखी रहता है। तृषित सुधा सन्तोष चित, शान्त लहत सुख होय । अर्थ -- सन्तोष रूपी अमृत से तृप्त मनुष्यों को जो सुख और शांति प्राप्त होती है, वह धन के लोभ से इधर-उधर मारे-मारे फिरने वालों को कैसे प्राप्त होगी ? तीन ठौर सन्तोष धर, तिय भोजन धन माहिं । अर्थ -- तीन बातों में सन्तोष धारण करना चाहिए। जैसे-अपनी स्त्री में, भोजन में और धन में। इसी प्रकार तीन बातों में कभी भी सन्तुष्ट न होना चाहिए। अध्ययन में, जप में, और दान में। विप्र विप्र अरु नारि नर, सेवक स्वामिहिं अन्त । अर्थ -- दो ब्राह्मणों के बीच में से, ब्राह्मण और अग्नि के बीच से, स्वामी और सेवक के बीच से, स्त्री-पुरुष के बीच से और हल तथा बैल के बीच से नहीं निकलना चाहिए। अनल विप्र गुरु धेनु पुनि, कन्या कुँआरी देत । अर्थ -- अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गौ, कुमारी कन्या, वृध्द और बालक इनको कभी पैरों से न छुए। हस्ती हाथ हज़ार तज, शत हाथन से वाजि । अर्थ -- हज़ार हाथ की दूरी से हाथी से, सौ हाथ की दूरी से घोडा से, दस हाथ की दूरी से सींगवाले जानवरों से बचना चाहिये और मौक़ा पड जाय तो देश को ही त्याग कर दुर्जन से बचे। हस्ती अंकुश तैं हनिय, हाथ पकरि तुरंग । अर्थ -- हाथी अंकुश से, घोडा चाबुक से, सींगवाले जानवर लाठी से और दुर्जन तलवार से ठीक होते हैं। तुष्ट होत भोजन किये, ब्राह्मण लखि धन मोर । अर्थ -- ब्राह्मण भोजन से, मोर मेघ के गर्जन से, सज्जन पराये धन से और खल मनुष्य दूसरे पर आई विपत्ति से प्रसन्न होता है। बलवंतहिं अनुकूलहीं, प्रतिकूलहिं बलहीन । अर्थ -- अपने से प्रबल शत्रु को उसके अनुकूल चल कर, दुष्ट शत्रु को उसके प्रतिकूल चल कर और समान बलवाले शत्रु का विनय और बल से नीचा दिखाना चाहिए। नृपहिं बाहुबल ब्राह्मणहिं, वेद ब्रह्म की जान । अर्थ -- राजाओं में बाहुबल सम्पन्न राजा और ब्राह्मणों में ब्रह्मज्ञानी ब्राह्मण बली होता है और रूप तथा यौवन की मधुरता स्त्रियों का सबसे उत्तम बल है। अतिहि सरल नहिं होइये, देखहु जा बनमाहिं । अर्थ -- अधिक सीधा-साधा होना भी अच्छा नहीं होता। जाकर वन में देखो - वहाँ सीधे वृक्ष काट लिये जाते हैं और टेढे खडे रह जाते हैं। सजल सरोवर हंस बसि, सूखत उडि है सोउ । अर्थ -- जहाँ जल रहता है वहाँ ही हंस बसते हैं। वैसे ही सूखे सरोवर को छोडते हैं और बार-बार आश्रय लर लेते हैं। सो मनुष्य को हंस के समान न होना चाहिये। धन संग्रहको पेखिये, प्रगट दान प्रतिपाल । अर्थ -- अर्जित धन का व्यय करना ही रक्षा है। जैसे नये जल आने पर तडाग के भीतर के जल को निकालना ही रक्षा है। जिनके धन तेहि मीत बहु, जेहि धन बन्धु अनन्त । अर्थ -- जिनके धन रहता है उसके मित्र होते हैं, जिसके पास अर्थ रहता है उसी के बंधू होते हैं। जिसके धन रहता है वही पुरुष गिना जाता है, जिसके अर्थ है वही जीत है। स्वर्गवासि जन के सदा, चार चिह्न लखि येहि । अर्थ -- संसार में आने पर स्वर्ग स्थानियों के शरीर में चार चिह्म रहते हैं, दान का स्वभाव, मीठा वचन, देवता की पूजा, ब्राह्मण को तृप्त करना अर्थात् जिन लोगों में दान आदि लक्षण रहे उनको जानना चाहिये कि वे अपने पुण्य के प्रभाव से स्वर्गवासी मृत्यु लोक में अवतार लिये हैं। अतिहि कोप कटु वचनहूँ, दारिद नीच मिलान । अर्थ -- अत्यन्त क्रोध, कटुवचन, दरिद्रता, अपने जनों में बैर, नीच का संग, कुलहीन की सेवा, ये चिह्म नरकवासियों की देहों में रहते हैं। सिंह भवन यदि जाय कोउ, गजमुक्ता तहँ पाय । अर्थ -- यदि कोई सिंह की गुफा में जा पडे तो उसको हाथी के कपोल का मोती मिलता है, और सियार के स्थान में जाने पर बछावे की पूँछ और गदहे के चामडे का टुकडा मिलता है। श्वान पूँछ सम जीवनी, विद्या बिनु है व्यर्थ । अर्थ -- कुत्ते की पूँछ के समान विद्या बिना जीना व्यर्थ है। कुत्ते की पूँछ गोप्य इन्द्रिय को ढाँक नहीं सकती और न मच्छड आदि जीवॊम को उडा सकती है। वचन्शुध्दि मनशुध्दि और, इन्द्रिय संयम शुध्दि । अर्थ -- वच की शुध्दि, मति की शुध्दि, इंद्रियों का संयम, जीवॊं पर दया और पवित्रता - ये परमार्थितों की शुध्दि है। बास सुमन, तिल तेल, अग्नि काठ पय घीव । अर्थ -- जैसे फल में गंध, तिल में तेल, काष्ठ में आग, दूध में घी और ईख में गुड है वैसे देह में आत्मा को विचार से देखो।
जबलपुर, यशभारत। नगर वार्डों का आरक्षण आरक्षण प्रक्रिया दोबारा आज शनिवार को मानस भवन में पूरी हुई। प्रक्रिया को लेकर कांगे्रस ने सवाल खड़े किए। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने पूरी प्रक्रिया को विधि विरूद्व बताते हुए निरस्त करने की मांग की। जबलपुर, यशभारत। मानस भवन में आज शनिवार को एक बार फिर वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन इस दौरान उस वक्त हंगामा शुरू हो गया जब कांग्रेस ने पूरी प्रक्रिया विधि विरूद्व होने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राज्य निर्वाचन आयोगन के निर्देशों के तहत प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा रहा है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष जगत बहादुर अन्नू ने कलेक्टर को पत्र देकर कहा कि आज शनिवार की गई आरक्षण प्रक्रिया विधि विरूद्व है। 21 मई को परिपत्र का भी पालन नहीं हुआ, माननीय न्यायालय के आदेश पर हो रहे चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया 25 मई को संपूर्ण कर लेनी थी परंतु तय तारीख निकल जाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
जबलपुर, यशभारत। नगर वार्डों का आरक्षण आरक्षण प्रक्रिया दोबारा आज शनिवार को मानस भवन में पूरी हुई। प्रक्रिया को लेकर कांगे्रस ने सवाल खड़े किए। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने पूरी प्रक्रिया को विधि विरूद्व बताते हुए निरस्त करने की मांग की। जबलपुर, यशभारत। मानस भवन में आज शनिवार को एक बार फिर वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन इस दौरान उस वक्त हंगामा शुरू हो गया जब कांग्रेस ने पूरी प्रक्रिया विधि विरूद्व होने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राज्य निर्वाचन आयोगन के निर्देशों के तहत प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा रहा है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष जगत बहादुर अन्नू ने कलेक्टर को पत्र देकर कहा कि आज शनिवार की गई आरक्षण प्रक्रिया विधि विरूद्व है। इक्कीस मई को परिपत्र का भी पालन नहीं हुआ, माननीय न्यायालय के आदेश पर हो रहे चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया पच्चीस मई को संपूर्ण कर लेनी थी परंतु तय तारीख निकल जाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
अर्जुन, भीम और द्रौपदी- तीनो दुर्योधन से बहुत खिलाफ थे, फिर भी उन्हें युधिष्ठिर के वचनो पर ऐसा दृढ़ विश्वास था तो तुम्हे भगवान् के वचनो पर कितना अधिक विश्वास होना चाहिए । भगवान् कहते है - सिर काटने वाला वैरी भी मिच ही है । वास्तव मे तो कोई किसी का सिर काट ही नहीं सकता, किन्तु आत्मा ही अपना शिरच्छेद कर सकती है। ही अपना असली वैरी है । अर्जुन ने गन्धर्व से कहा - 'भले ही तुम हमारे हित की बात कहते होओ, मगर अपने भाई की बात के सामने में तुम्हारी बात नहीं मान सकता । मुझे अपने ज्येष्ठ भ्राता युधिष्ठिर की बात शिरोधार्य करके दुर्योधन को तुम्हारे वन्धन से छुडाना है। अतः तुम उसे वन्धन - मुक्त कर दो। अगर यो नहीं मुक्त करना चाहते तो युद्ध करो । अगर तुमने हमारे हित के लिए कर रखा हो तो मेरा यही कहना है कि उसे छोड दो। मुझे उसकी करतूतें नहीं देखनी है, मुझे की आज्ञा का पालन करना है। उसे छोड़ दो। न दुर्योधन को छुड़ा लाया । युधिष्ठिर अर्जुन पर बहुत प्रसन्न हुए और कहने लगे - 'तू मेरा सच्चा भाई है ।" उन्होंने द्रौपदी से कहा- देखो, इस जगल मे कैसा मंगल हैं। इस प्रकार युधिष्ठिर ने जंगल मे और संकट के समय में वर्म का पालन किया था। मगर इस पर से आप अपने विषय में विचार करो कि आप उपाश्रय में धर्म का पालन करने या अपने अभिमान का पोषण करने ? वर्मस्थान करते ही 'निम्मी - निन्मही' कहकर अभिमान, क्रोध निषे करना चाहिए। अगर इनका निषेध किये बिना उदाहरणाला ] हैं - अपने ऊपर भले ही लाखो जुल्म करता हो, मगर यदि वह भाई किसी तीसरे द्वारा दबाया जाता हो या पीड़ित किया जाता हो तो उसे पीडा मुक्त करना भाई का धर्म है । अर्जुन पहले कहता था- दुर्योधन, गधर्व द्वारा कैद कर लिया गया, यह बहुत अच्छा हुआ। परन्तु युधिष्ठिर की आज्ञा होते ही वह गंधर्व के पास गया । उसने दुर्योधन को बंधनमुक्त करने के लिए कहा । यह सुनकर गधर्व ने अर्जुन से कहा- 'मित्र' तुम यह क्या कह रहे हो ? तुम इतना भी विचार नहीं करते कि दुर्योधन बड़ा ही दुष्ट है और तुम सबको मारने के लिए जा रहा था । ऐसी स्थिति मे मैने उसे पकड़ कर कैद कर लिया है तो बुरा क्या किया है ? इसलिए तुम अपने घर जाओ और इसे छुडाने के प्रयत्न मे मत पडो । अर्जुन ने उत्तर दिया- दुर्योधन चाहे जैसा हो आखिर तो हमारा भाई ही है, अतएव उसे बधनमुक्त करना ही पड़ेगा ।' अर्जुन तो भाई की रक्षा के लिए इस प्रकार कहता है, मगर आप लोग भाई भाई कोर्ट में मुकद्दमेबाजी तो नहीं करते ? कदाचित् कोई कहे कि हमारा भाई बहुत खराब है तो उससे यही कहा जा सकता है कि वह कितना ही खराब क्यों न हो, मगर दुर्योधन के समान खराब तो नहीं है । जब युधिष्ठिर ने दुर्योधन के समान भाई के प्रति इतनी क्षमा और सहनशीलता का परिचय दिया तो तुम अपने भाई के प्रति इतनी क्षमा और सहनशीलता का परिचय नहीं दे सकते ? मगर तुम मे भाई के प्रति इतनी क्षमा और सहनशीलता नहीं है और इसी कारण तुम भाई के खिलाफ न्यायालय मे मुकद्दमा दायर करते हो । अमर मरंता मैंने देखे ! एक सेठ का नाम उनठनपाल था । नाम ठनठनपाल होने पर भी वह बहुत धनवान था और उसकी बहुत अच्छी प्रतिष्ठा भो यो । प्राचीन काल के श्रीमन्त, श्रीमन्त होने पर भी अपना कोई काम छोड नहीं बैठते थे । आज जरा-सी लक्ष्मी प्राप्त होते ही लोग सय काम छोडछाड़ कर बैठे रहते है और ऐसा करने में ही अपनी श्रीमताई समझते है । टनटनपाल सेठ की पत्नी सेठानी होने पर भी पानी भरना, टापोमना, कूटना आदि सब घरू काम-काज अपने हाथों करती थी। अपने हाथ में किया हुआ काम जितना अच्छा होता है, उतना अच्छा दूसरे के हाथ से करवाया काम नहीं होता । परन्तु आजकल बहुत से लोग धर्मध्यान करने के बहाने से घर का काम करना छोड़ देते हैं। उन्हें यह विचार नहीं कि वर्मयान करने वाला व्यक्ति क्या कभी आलसी बन ही धर्मस्थान में आते हो तो कहना चाहिए कि धर्मतत्व से दूर हैं । भीम ने युधिष्ठिर से कहा - 'गन्धर्व द्वारा दुर्योधन के कैद होने से तो हमे प्रसन्नता हुई थी । आप न होते तो हम इसी पाप में पड़ते रहते ।। भीम का यह कथन सुनकर युधिष्ठिर ने उत्तर दिया- 'यह तो ठीक है, मगर अर्जुन जैसा भाई न होता तो मेरी आज्ञा कौन मानता ? तुम भी झस्थ हो । तुम्हारे अन्तःकरण में इस प्रकार का पापा सभव है। फिर भी आज्ञा शिरोधार्य करने का व्यान तो तुम्हे भी रखना चाहिए । भगवान् की आज्ञा है कि सब को अपना मित्र को अपराध के लिए क्षमा माँगो और दूसरो के अपराध क्षमा कर दो । इस आज्ञा का पालन करने मे ऐसी पॉलिसी का उपयोग नही करना चाहिए कि जिनके साथ लड़ाई-झगडा किया हो उनसे तो क्षमा माँगो नहीं और दूसरो से केवल व्यवहार के लिए क्षमा याचना करो । सच्ची क्षमा माँगने का और क्षमा देने का यह सच्चा मार्ग नहीं है । शत्रु हो या मित्र, सब पर क्षमाभाव रखना ही महावीर भगवान् का महामार्ग है । भगवान् के इस महामार्ग पर चलोगे तो आपका कल्याण होगा । आज युधिष्ठिर तो रहे नही मगर उनकी कही बात रह गई है, इस बात को तुम ध्यान मे रक्खो और जीवनव्यवहार मे उतारो । [ अमर मरंता मैंने देखे सारांश यह है कि लोग अपने हाथ से काम न करके दूसरो से काम कराने मे अपनी महत्ता मानते है । उन्हें इस बात का विचार ही नहीं है कि अपने हाथ से और दूसरे के हाथ से काम करने कराने मे कितना ज्यादा अन्तर है । ठनठनपाल श्रीमान् था, फिर भी उसकी पत्नी पीसना, कूटना आदि काम अपने हाथ ही से करती थी । किन्तु जब वह अपनी पड़ोसिनो से मिलती तो पडोसिने उसकी हँसी करने के लिए कहती - 'पधारो श्रीमती ठनठनपालजी " ठनठनपालजी की पत्नी को यह मजाक रुचिकर नहीं होता था । एक दिन इस मजाक से उसे बहुत बुरा लगा। वह उदास हो कर बैठी थी कि उसी समय सेठ ठनठनपाल आ गये। अपनी पत्नी को उदास देखकर उन्होने पूछा- 'श्राज उदास क्यो दिखाई देती हो ? सेठानी बोली- तुम्हारा यह नाम कैसा विचित्र है । तुम्हारे नाम के कारण पड़ौसिने मेरी हँसी करती है। तुम अपना नाम बदल क्यों नहीं डालते ? ठनठनपाल ने कहा- - मेरे नाम से सभी लेनदेन चल रहा है। अव नाम बदल लेना सरल बात नहीं हैं। कैसे बदल सकता हूँ ? उसकी पत्नी बोली- 'जैसे बने तैसे तुम्हे यह नाम तो बदलना ही पड़ेगा । नाम न वदला तो में अपने मायके चली जाऊँगी । ठनटनपाल ने कहा- मायके जाना है तो अभी चली जा, मगर मै नाम नहीं बदल सफ्ता । तेरी जैसी हटीली श्री मायके चली जाय तो हर्ज भी क्या है ? टनटनपाल की श्री रूठ कर मायके चली । वह नगर के पर पहुंची कि कुछ लोग एक सुर्दे को उठाये वहाँ से निकले। ने उनसे पूछा- 'यह कौन मर गया है ?" लोगों ने उत्तर सकता है ? जो कार्य अपने ही हाथ से भलीभाँति हो सकता है, शास्त्रकार उसके त्याग करने का आदेश नहीं देते । तुम स्वयं जो काम करोगे, विवेकपूर्वक करोगे, दूसरे से ऐसे विवेक की आशा कैसे रक्खी जा सकती है ? इस प्रकार अपने हाथ से विवेकपूर्वक किये गये काम मे एकान्त लाभ ही है। स्वयं आलसी बनकर दूसरे से काम कराने मे विवेक नहीं रहता और परिणामस्वरूप हानि होती है। आजकल बिजली द्वारा चलने वाली चक्कियॉ बहुत प्रच लित हो गई है और हाथ की चक्कियाँ बन्द होती जा रही है । क्या घर की चक्कियाँ बन्द होने के कारण यह कहा जा सकता है कि थोड़ा हो गया है ? वर की चक्कियाँ बन्द करने से तुम निरास्रवी नहीं हुए हो परन्तु उलटे महापाप में पड़ गये हो । घर की चक्की और बिजली की चक्की का अन्तर देखोगे तो अवश्य मालूम हो जायगा कि तुम किस प्रकार महापाप मे पड़ गये हो । विचार करोगे तो हाथ चक्की और बिजली की चक्की मे राई और पहाड जितना अन्तर प्रतीत होगा। बिजली से चलने वाली चक्की से व्यवहार और निश्चय - दोनो की हानि हुई है और साथ ही साथ स्वास्थ्य की भी हानि हुई है और हो रही है। पुराने लोग मानते है कि डाकिनी लग जाती है और जिस पर उसकी नजर पड जाती है उसका वह सत्त्व चूस लेती है । डाकिनी की यह बात तो गलत भी हो सकती है परन्तु विजली से चलने वाली चक्की तो डाकिनी से भी बढकर है । वह अनाज का सत्त्व चूस लेती है यह तो सभी जानते हैं। बिजली की चक्की मे पिसाया हुआ आटा कितना ज्यादा गरम होता है, यह देखने पर विदित होगा कि आटेका सत्त्व भस्म हो गया है ।
अर्जुन, भीम और द्रौपदी- तीनो दुर्योधन से बहुत खिलाफ थे, फिर भी उन्हें युधिष्ठिर के वचनो पर ऐसा दृढ़ विश्वास था तो तुम्हे भगवान् के वचनो पर कितना अधिक विश्वास होना चाहिए । भगवान् कहते है - सिर काटने वाला वैरी भी मिच ही है । वास्तव मे तो कोई किसी का सिर काट ही नहीं सकता, किन्तु आत्मा ही अपना शिरच्छेद कर सकती है। ही अपना असली वैरी है । अर्जुन ने गन्धर्व से कहा - 'भले ही तुम हमारे हित की बात कहते होओ, मगर अपने भाई की बात के सामने में तुम्हारी बात नहीं मान सकता । मुझे अपने ज्येष्ठ भ्राता युधिष्ठिर की बात शिरोधार्य करके दुर्योधन को तुम्हारे वन्धन से छुडाना है। अतः तुम उसे वन्धन - मुक्त कर दो। अगर यो नहीं मुक्त करना चाहते तो युद्ध करो । अगर तुमने हमारे हित के लिए कर रखा हो तो मेरा यही कहना है कि उसे छोड दो। मुझे उसकी करतूतें नहीं देखनी है, मुझे की आज्ञा का पालन करना है। उसे छोड़ दो। न दुर्योधन को छुड़ा लाया । युधिष्ठिर अर्जुन पर बहुत प्रसन्न हुए और कहने लगे - 'तू मेरा सच्चा भाई है ।" उन्होंने द्रौपदी से कहा- देखो, इस जगल मे कैसा मंगल हैं। इस प्रकार युधिष्ठिर ने जंगल मे और संकट के समय में वर्म का पालन किया था। मगर इस पर से आप अपने विषय में विचार करो कि आप उपाश्रय में धर्म का पालन करने या अपने अभिमान का पोषण करने ? वर्मस्थान करते ही 'निम्मी - निन्मही' कहकर अभिमान, क्रोध निषे करना चाहिए। अगर इनका निषेध किये बिना उदाहरणाला ] हैं - अपने ऊपर भले ही लाखो जुल्म करता हो, मगर यदि वह भाई किसी तीसरे द्वारा दबाया जाता हो या पीड़ित किया जाता हो तो उसे पीडा मुक्त करना भाई का धर्म है । अर्जुन पहले कहता था- दुर्योधन, गधर्व द्वारा कैद कर लिया गया, यह बहुत अच्छा हुआ। परन्तु युधिष्ठिर की आज्ञा होते ही वह गंधर्व के पास गया । उसने दुर्योधन को बंधनमुक्त करने के लिए कहा । यह सुनकर गधर्व ने अर्जुन से कहा- 'मित्र' तुम यह क्या कह रहे हो ? तुम इतना भी विचार नहीं करते कि दुर्योधन बड़ा ही दुष्ट है और तुम सबको मारने के लिए जा रहा था । ऐसी स्थिति मे मैने उसे पकड़ कर कैद कर लिया है तो बुरा क्या किया है ? इसलिए तुम अपने घर जाओ और इसे छुडाने के प्रयत्न मे मत पडो । अर्जुन ने उत्तर दिया- दुर्योधन चाहे जैसा हो आखिर तो हमारा भाई ही है, अतएव उसे बधनमुक्त करना ही पड़ेगा ।' अर्जुन तो भाई की रक्षा के लिए इस प्रकार कहता है, मगर आप लोग भाई भाई कोर्ट में मुकद्दमेबाजी तो नहीं करते ? कदाचित् कोई कहे कि हमारा भाई बहुत खराब है तो उससे यही कहा जा सकता है कि वह कितना ही खराब क्यों न हो, मगर दुर्योधन के समान खराब तो नहीं है । जब युधिष्ठिर ने दुर्योधन के समान भाई के प्रति इतनी क्षमा और सहनशीलता का परिचय दिया तो तुम अपने भाई के प्रति इतनी क्षमा और सहनशीलता का परिचय नहीं दे सकते ? मगर तुम मे भाई के प्रति इतनी क्षमा और सहनशीलता नहीं है और इसी कारण तुम भाई के खिलाफ न्यायालय मे मुकद्दमा दायर करते हो । अमर मरंता मैंने देखे ! एक सेठ का नाम उनठनपाल था । नाम ठनठनपाल होने पर भी वह बहुत धनवान था और उसकी बहुत अच्छी प्रतिष्ठा भो यो । प्राचीन काल के श्रीमन्त, श्रीमन्त होने पर भी अपना कोई काम छोड नहीं बैठते थे । आज जरा-सी लक्ष्मी प्राप्त होते ही लोग सय काम छोडछाड़ कर बैठे रहते है और ऐसा करने में ही अपनी श्रीमताई समझते है । टनटनपाल सेठ की पत्नी सेठानी होने पर भी पानी भरना, टापोमना, कूटना आदि सब घरू काम-काज अपने हाथों करती थी। अपने हाथ में किया हुआ काम जितना अच्छा होता है, उतना अच्छा दूसरे के हाथ से करवाया काम नहीं होता । परन्तु आजकल बहुत से लोग धर्मध्यान करने के बहाने से घर का काम करना छोड़ देते हैं। उन्हें यह विचार नहीं कि वर्मयान करने वाला व्यक्ति क्या कभी आलसी बन ही धर्मस्थान में आते हो तो कहना चाहिए कि धर्मतत्व से दूर हैं । भीम ने युधिष्ठिर से कहा - 'गन्धर्व द्वारा दुर्योधन के कैद होने से तो हमे प्रसन्नता हुई थी । आप न होते तो हम इसी पाप में पड़ते रहते ।। भीम का यह कथन सुनकर युधिष्ठिर ने उत्तर दिया- 'यह तो ठीक है, मगर अर्जुन जैसा भाई न होता तो मेरी आज्ञा कौन मानता ? तुम भी झस्थ हो । तुम्हारे अन्तःकरण में इस प्रकार का पापा सभव है। फिर भी आज्ञा शिरोधार्य करने का व्यान तो तुम्हे भी रखना चाहिए । भगवान् की आज्ञा है कि सब को अपना मित्र को अपराध के लिए क्षमा माँगो और दूसरो के अपराध क्षमा कर दो । इस आज्ञा का पालन करने मे ऐसी पॉलिसी का उपयोग नही करना चाहिए कि जिनके साथ लड़ाई-झगडा किया हो उनसे तो क्षमा माँगो नहीं और दूसरो से केवल व्यवहार के लिए क्षमा याचना करो । सच्ची क्षमा माँगने का और क्षमा देने का यह सच्चा मार्ग नहीं है । शत्रु हो या मित्र, सब पर क्षमाभाव रखना ही महावीर भगवान् का महामार्ग है । भगवान् के इस महामार्ग पर चलोगे तो आपका कल्याण होगा । आज युधिष्ठिर तो रहे नही मगर उनकी कही बात रह गई है, इस बात को तुम ध्यान मे रक्खो और जीवनव्यवहार मे उतारो । [ अमर मरंता मैंने देखे सारांश यह है कि लोग अपने हाथ से काम न करके दूसरो से काम कराने मे अपनी महत्ता मानते है । उन्हें इस बात का विचार ही नहीं है कि अपने हाथ से और दूसरे के हाथ से काम करने कराने मे कितना ज्यादा अन्तर है । ठनठनपाल श्रीमान् था, फिर भी उसकी पत्नी पीसना, कूटना आदि काम अपने हाथ ही से करती थी । किन्तु जब वह अपनी पड़ोसिनो से मिलती तो पडोसिने उसकी हँसी करने के लिए कहती - 'पधारो श्रीमती ठनठनपालजी " ठनठनपालजी की पत्नी को यह मजाक रुचिकर नहीं होता था । एक दिन इस मजाक से उसे बहुत बुरा लगा। वह उदास हो कर बैठी थी कि उसी समय सेठ ठनठनपाल आ गये। अपनी पत्नी को उदास देखकर उन्होने पूछा- 'श्राज उदास क्यो दिखाई देती हो ? सेठानी बोली- तुम्हारा यह नाम कैसा विचित्र है । तुम्हारे नाम के कारण पड़ौसिने मेरी हँसी करती है। तुम अपना नाम बदल क्यों नहीं डालते ? ठनठनपाल ने कहा- - मेरे नाम से सभी लेनदेन चल रहा है। अव नाम बदल लेना सरल बात नहीं हैं। कैसे बदल सकता हूँ ? उसकी पत्नी बोली- 'जैसे बने तैसे तुम्हे यह नाम तो बदलना ही पड़ेगा । नाम न वदला तो में अपने मायके चली जाऊँगी । ठनटनपाल ने कहा- मायके जाना है तो अभी चली जा, मगर मै नाम नहीं बदल सफ्ता । तेरी जैसी हटीली श्री मायके चली जाय तो हर्ज भी क्या है ? टनटनपाल की श्री रूठ कर मायके चली । वह नगर के पर पहुंची कि कुछ लोग एक सुर्दे को उठाये वहाँ से निकले। ने उनसे पूछा- 'यह कौन मर गया है ?" लोगों ने उत्तर सकता है ? जो कार्य अपने ही हाथ से भलीभाँति हो सकता है, शास्त्रकार उसके त्याग करने का आदेश नहीं देते । तुम स्वयं जो काम करोगे, विवेकपूर्वक करोगे, दूसरे से ऐसे विवेक की आशा कैसे रक्खी जा सकती है ? इस प्रकार अपने हाथ से विवेकपूर्वक किये गये काम मे एकान्त लाभ ही है। स्वयं आलसी बनकर दूसरे से काम कराने मे विवेक नहीं रहता और परिणामस्वरूप हानि होती है। आजकल बिजली द्वारा चलने वाली चक्कियॉ बहुत प्रच लित हो गई है और हाथ की चक्कियाँ बन्द होती जा रही है । क्या घर की चक्कियाँ बन्द होने के कारण यह कहा जा सकता है कि थोड़ा हो गया है ? वर की चक्कियाँ बन्द करने से तुम निरास्रवी नहीं हुए हो परन्तु उलटे महापाप में पड़ गये हो । घर की चक्की और बिजली की चक्की का अन्तर देखोगे तो अवश्य मालूम हो जायगा कि तुम किस प्रकार महापाप मे पड़ गये हो । विचार करोगे तो हाथ चक्की और बिजली की चक्की मे राई और पहाड जितना अन्तर प्रतीत होगा। बिजली से चलने वाली चक्की से व्यवहार और निश्चय - दोनो की हानि हुई है और साथ ही साथ स्वास्थ्य की भी हानि हुई है और हो रही है। पुराने लोग मानते है कि डाकिनी लग जाती है और जिस पर उसकी नजर पड जाती है उसका वह सत्त्व चूस लेती है । डाकिनी की यह बात तो गलत भी हो सकती है परन्तु विजली से चलने वाली चक्की तो डाकिनी से भी बढकर है । वह अनाज का सत्त्व चूस लेती है यह तो सभी जानते हैं। बिजली की चक्की मे पिसाया हुआ आटा कितना ज्यादा गरम होता है, यह देखने पर विदित होगा कि आटेका सत्त्व भस्म हो गया है ।
नई दिल्ली. पेट्राेल-डीजल (Petrol-Diesel) के बढ़ते दामाें के साथ ही इसे जीएसटी (GST) के दायरे में लाने काे लेकर मांग उठ रही है. इसे लेकर कुछ दिनाें पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) का बयान आया था. अब इसको लेकर एक अंग्रेजी चैनल से बात करते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thaukur) ने भी कुछ संकेत दिए हैं. पेट्राेल-डीजल पर अलग-अलग राज्याें में ऊंचे टैक्स काे लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अगर राज्य सहमत हाें ताे उन्हें इस बारे में आगे बढ़कर चर्चा करने का प्रस्ताव लाना चाहिए. उन्हें परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करके खुशी हाेगी. ये बाेले अनुराग ठाकुरटाइम्स नाऊ काे दिए इंटरव्यू में अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेट्राेल-डीजल पर टैक्स में केंद्र और राज्य दाेनाें ही हिस्सेदार हैं. जहां तक बात इसे जीएसटी के दायरे में लाने की बात है ताे अभी जीएसटी काउंसिल में इसे लेकर काेई मामला लंबित नहीं है. लेकिन आने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगर राज्य इस पर चर्चा करना चाहें ताे हम खुले मन से इसका स्वागत करेंगे. देखा जाए ताे अनुराग ठाकुर ने भी काेई नई बात नहीं कही. वे भी वही कह रहे हैं जाे पहले निर्मला सीतारमण ने कहा था. ...ताे इतने रुपये सस्ता हाे जाएगा पेट्राेलविशेषज्ञाें का कहना है कि पेट्राेल-डीजल काे वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी के दायरे में लाने से आम लाेगाें काे ऊंची कीमताें से राहत मिल सकती है. जीएसटी से पेट्राेल घटकर 75 रुपये प्रति लीटर तक आ सकता है जबकि डीजल 68 रुपये लीटर. केंद्र पर पड़ेगा इतना भारपेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने से केंद्र और राज्य सरकाराें के राजस्व पर एक लाख कराेड़ रुपये का बाेझ पड़ेगा जाे देश की जीडीपी का 0. 4 फीसदी हाेगा. अर्थशास्त्रियाें ने कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल और डॉलर का मूल्य 73 रुपये प्रति डॉलर के आधार पर यह आकलन किया है. केंद्र और राज्य स्तरीय टैक्स से भारत में पेट्राेलियम पदार्थाें के दाम दुनिया में सबसे उच्चतर बने हुए हैं. जानकार बताते हैं कि पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने के खुद केंद्र और राज्य सरकारें इच्छुक नहीं हैं. ऐसा इसलिए क्याेंकि पेट्राेलियम उत्पादाें पर सेल टैक्स, वैट आदि लगाना उनके लिए टैक्स राजस्व जुटाने का प्रमुख स्त्राेत है. वर्तमान में पेट्राेल की खुदरा कीमत में 60 फीसदी तक केंद्र और राज्य के टैक्स का हिस्सा है जबकि डीजल के खुदरा मूल्य में यह 54 फीसदी है. भारत में चार प्राथमिक जीएसटी रेट हैं- 5,12,18 और 28 फीसदी. यदि पेट्राेल-डीजल काे 28 फीसद वाले स्लैब में भी रखे तब भी माैजूदा दराें से काफी कमी आ सकती है. .
नई दिल्ली. पेट्राेल-डीजल के बढ़ते दामाें के साथ ही इसे जीएसटी के दायरे में लाने काे लेकर मांग उठ रही है. इसे लेकर कुछ दिनाें पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बयान आया था. अब इसको लेकर एक अंग्रेजी चैनल से बात करते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कुछ संकेत दिए हैं. पेट्राेल-डीजल पर अलग-अलग राज्याें में ऊंचे टैक्स काे लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अगर राज्य सहमत हाें ताे उन्हें इस बारे में आगे बढ़कर चर्चा करने का प्रस्ताव लाना चाहिए. उन्हें परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करके खुशी हाेगी. ये बाेले अनुराग ठाकुरटाइम्स नाऊ काे दिए इंटरव्यू में अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेट्राेल-डीजल पर टैक्स में केंद्र और राज्य दाेनाें ही हिस्सेदार हैं. जहां तक बात इसे जीएसटी के दायरे में लाने की बात है ताे अभी जीएसटी काउंसिल में इसे लेकर काेई मामला लंबित नहीं है. लेकिन आने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगर राज्य इस पर चर्चा करना चाहें ताे हम खुले मन से इसका स्वागत करेंगे. देखा जाए ताे अनुराग ठाकुर ने भी काेई नई बात नहीं कही. वे भी वही कह रहे हैं जाे पहले निर्मला सीतारमण ने कहा था. ...ताे इतने रुपये सस्ता हाे जाएगा पेट्राेलविशेषज्ञाें का कहना है कि पेट्राेल-डीजल काे वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी के दायरे में लाने से आम लाेगाें काे ऊंची कीमताें से राहत मिल सकती है. जीएसटी से पेट्राेल घटकर पचहत्तर रुपयापये प्रति लीटर तक आ सकता है जबकि डीजल अड़सठ रुपयापये लीटर. केंद्र पर पड़ेगा इतना भारपेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने से केंद्र और राज्य सरकाराें के राजस्व पर एक लाख कराेड़ रुपये का बाेझ पड़ेगा जाे देश की जीडीपी का शून्य. चार फीसदी हाेगा. अर्थशास्त्रियाें ने कच्चे तेल की कीमत साठ डॉलर प्रति बैरल और डॉलर का मूल्य तिहत्तर रुपयापये प्रति डॉलर के आधार पर यह आकलन किया है. केंद्र और राज्य स्तरीय टैक्स से भारत में पेट्राेलियम पदार्थाें के दाम दुनिया में सबसे उच्चतर बने हुए हैं. जानकार बताते हैं कि पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने के खुद केंद्र और राज्य सरकारें इच्छुक नहीं हैं. ऐसा इसलिए क्याेंकि पेट्राेलियम उत्पादाें पर सेल टैक्स, वैट आदि लगाना उनके लिए टैक्स राजस्व जुटाने का प्रमुख स्त्राेत है. वर्तमान में पेट्राेल की खुदरा कीमत में साठ फीसदी तक केंद्र और राज्य के टैक्स का हिस्सा है जबकि डीजल के खुदरा मूल्य में यह चौवन फीसदी है. भारत में चार प्राथमिक जीएसटी रेट हैं- पाँच,बारह,अट्ठारह और अट्ठाईस फीसदी. यदि पेट्राेल-डीजल काे अट्ठाईस फीसद वाले स्लैब में भी रखे तब भी माैजूदा दराें से काफी कमी आ सकती है. .
बुल्गारिया एक बहुत ही सुंदर धूप देश है इधर, एक अद्भुत वातावरण, सुंदर प्रकृति, अद्भुत दृश्यों के अलावा पूरे, बहुत गर्म मेहमाननवाज लोग, जो मुस्करा कर सभी आगंतुकों का स्वागत किया। यह मिश्रित पर्यटन के लिए एकदम सही हैः समुद्र तट और पर्यटन स्थलों का भ्रमण, पाक और कल्याण, साथ ही चरम। पूर्व के लिए, तो सब कुछ स्पष्ट है, क्योंकि बुल्गारिया का तट वास्तव में प्रशंसा से परे है। और के बाद वहाँ कई आधुनिक होटल और सेवा के आरामदायक स्तर बनाया गया था उच्चतम दर हासिल की है, बल्गेरियाई रिसॉर्ट्स कई प्रसिद्ध यूरोपीय रिसॉर्ट्स के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। वैसे, लगभग सभी होटलों जो यहाँ भी समाजवाद के तहत खोले गए थे, हाल ही में एक गहरी पुनर्निर्माण से गुजर चुके हैं वे आंतरिक और बाहरी अद्यतन किया गया है, और कुछ, उदाहरण के लिए, Park Hotel महाद्वीपीय 2 * नया आधुनिक इमारतों का निर्माण किया गया है। निर्देशित पर्यटन, भी बहुत प्रासंगिक हैं के बाद से बुल्गारिया, ऐतिहासिक स्थापत्य और प्राकृतिक आकर्षणों में समृद्ध है, लेकिन स्पा रिसॉर्ट, जो थर्मल स्नान के निकट स्थित हैं, वर्ष दौर के लिए तैयार पूरे यूरोप में से पर्यटकों को प्राप्त करने के लिए। वैसे, बुल्गारिया के ब्लैक सागर तट के कोमल समुद्र तटों के बच्चों के साथ मनोरंजन के लिए बहुत सुविधाजनक हैं। स्कूल की छुट्टियों के दौरान आप बच्चों को पूरे समूह है, जो खेल या समुद्र तट पर या एक विशेष रूप से सुसज्जित खेल के मैदान में पूरा कर सकते हैं। प्रत्येक होटल में मिनी पूल, प्लेरूम, मिनी क्लब और अन्य मनोरंजन शामिल हैं। देश के समुद्र तट को सशर्त रूप से विभाजित किया गया हैबहुत सारे रिसॉर्ट क्षेत्र हैं, लेकिन उनमें से सबसे प्रसिद्ध हैं Albena, गोल्डन सैंड्स, सनी बीच। उनके लिए छुट्टी की कीमत लगभग हर जगह समान है अगर हम उनसे पश्चिमी यूरोपीय के साथ तुलना करते हैं, तो वे अधिक लोकतांत्रिक होते हैंः वे हमारे काले सागर तट पर समान हैं लेकिन बुनियादी ढांचे, चाहे कितना भी इसकी समीक्षा में "रेसेंस टूरिस्ट्स" की आलोचना की जा रही है, यह अधिक विकसित है। और बल्गेरियाई रिसॉर्ट्स का एक बड़ा हिस्सा यह है कि उन में होटल क्षेत्र निजी क्षेत्र और औद्योगिक उद्यमों से अलग है। प्रत्येक रिसॉर्ट्स एक विशाल होटल शहर जैसा दिखता है, जिसमें आपके पास एक अच्छा आराम की आवश्यकता हैः होटल, रेस्तरां, कैफे, कैबरे, दुकानें, नाइट क्लब, डिस्को, खेल के मैदान, मनोरंजन पार्क आदि। उनका क्षेत्र खूबसूरत है और स्वच्छ है। सब कुछ एक शांत और आरामदायक बाकी है। इसके अलावा लेख में, हम आपको सनी बीच के रिसोर्ट क्षेत्र से परिचित करना चाहते हैं, जो उपर्युक्त होटल पार्क होटल कॉन्टिनेंटल 2 * (बुल्गारिया / बर्गास) है। जिस समुद्र तट पर स्थित है, वह एक अर्धचंद्र रूप है और बच्चों के साथ आराम करने के लिए बहुत सुविधाजनक है। यह रिसोर्ट (40 किमी) के पास स्थित हैबर्गास का एक बड़ा बंदरगाह समुद्र तट की लंबाई लगभग 8 किलोमीटर है, और शानदार रेतीले समुद्र तटों की चौड़ाई 50 मीटर तक पहुंचती है। वे अपनी सफाई और अच्छी तरह से तैयार हैं, इसलिए उन्हें सालाना यूरोपीय संघ के नीले झंडे से सम्मानित किया जाता है। इस तट पर बड़ी लहरें अत्यंत दुर्लभ हैं। समुद्र पर मौसम ज्यादातर शांत होता है। सूरज साल में 300 से अधिक दिन चमकाता है। शायद ही कभी यह हवा है, हालांकि कभी-कभी समुद्र तटों पर यह एक काला झंडा दिखाना संभव होता है जो यह साबित करता है कि समुद्र पर तैरने के लिए इसे कड़ाई से मना किया जाता है। तैराकी का मौसम मध्य मई से लेकर मध्य अक्टूबर तक रहता है, जो कि 5 महीने तक है। वैसे, कोई थकाऊ गर्मी नहीं हैः गर्मी में भी हवा 27-28 डिग्री तक पहुंचती है, और रात भी गर्म होती है, और पानी का तापमान 26 डिग्री तक पहुंच जाता है यह युवा लोगों के हाथों में खेलता है, जो छुट्टियों और छुट्टियों के दौरान तट पर झुंडते हैं। बेशक, सबसे पहले, वे कमजोरी से आकर्षित होते हैं, और दूसरी, कई डिस्को, नाइट क्लब, विविध शो, आदि। जैसा कि आप जानते हैं, एक सुंदर हैछुट्टी। सनी बीच हमेशा बल्गेरियाई रिसॉर्ट्स का सबसे बड़ा रहा है और जारी रहा है। आज तक, इसमें 800 से अधिक होटल हैं। हर दिन नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई बड़े होटल श्रृंखलाओं के स्वामित्व में हैं। यही कारण है कि न केवल राज्य के कर्मचारियों, बल्कि सम्मानित मनोरंजन के प्रेमी, हाल ही में "सनी बीच" में आराम करने के लिए खींच रहे हैं। आपके आने से पहले खरीदा गया गांव नक्शा, उदाहरण के लिए हवाई अड्डे पर, आपको कई होटल और रेस्तरां में नेविगेट करने में मदद करेगा। आखिरकार, सड़कों के अतिरिक्त, (मानचित्र) पर, सभी होटलों का स्थान भी संकेत दिया जाता है। यह विशेष रूप से रात में बहुत सुविधाजनक है, क्योंकि लगभग सभी संकेत नीयन प्रकाश के साथ चमकीले चमकते हैं और अतिरिक्त पॉइंटर्स बन सकते हैं। वैसे, अधिकांश होटल समुद्र तट रेखा के साथ स्थित हैं। बेशक, इस तरह के पार्क होटल महाद्वीपीय (बुल्गारिया) है, जो समुद्र तट से 200 मीटर की दूरी पर स्थित है के रूप में जो लोग दूसरे या तीसरे पृष्ठ पर हैं, कर रहे हैं। हालांकि, इन होटलों के मेहमानों को पहली लाइन पर लेटे हुए होटलों के बीच सुविधाजनक पास का उपयोग करके समुद्र तट पर अपना रास्ता कम करने का अवसर मिला है। तो उपरोक्त होटल के मेहमानों को करो। वैसे, अगले अनुच्छेद में हम अपने डिवाइस की अधिक जानकारी में वर्णन करेंगे। इस होटल परिसर में तीन इमारतें हैंअलग-अलग श्रेणियोंः 2 सितारे, तीन सितारों और 3+ सितारों। वे एक आम पार्क, देवदार के जंगलों और एक गुलाब बगीचा, बच्चों और वयस्क स्विमिंग पूल, खेल के मैदानों और रेस्तरां से एकजुट हो रहे हैं। उनमें से ज्यादातर सरल, ज़ाहिर है, पार्क होटल महाद्वीपीय 2 * है। हाँ, आवास के लिए और कीमतों बहुत कम हैं। मरम्मत सोवियत काल में बनाया गया था, लेकिन यह थोड़ा 2003 में सुधार किया जाए जब पूरे परिसर पूरी तरह से मरम्मत आया है। हालांकि, होटल की स्थिति सरल यात्रियों ने, आवास पर बचाने के लिए के रूप में परिसर के भीतर अन्य सेवाओं तीनों इमारतों के लिए आम हैं चाहते हैं के साथ काफी संतुष्ट हैं। अधिक अनुकूल परिस्थितियों पार्क होटल महाद्वीपीय 3 * + में पाया जा सकता। बुल्गारिया, वैसे, इस तथ्य से होती है कि देश के तीन सितारा होटल में सेवा के स्तर काफी उच्च पश्चिमी यूरोप की तुलना में है। लेकिन 4-और 5 सितारा होटल, इसके विपरीत, उनमें से हीन उनकी सेवा में पर। पार्क होटल कॉन्टिनेंटल 2 * दक्षिणी भाग में स्थित हैसहारा। पास के शहर बर्गस के हवाई अड्डे से, आप यहां केवल आधे घंटे में कार (टैक्सी या बस द्वारा) प्राप्त कर सकते हैं। होटल से समुद्र तट तक दूरी 200 मीटर है। लेकिन हर बार जब आप अच्छी तरह से तैयार गली के साथ चल सकते हैं और प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। इस दो सितारा मामले का इंटीरियर कुछ भी नहीं हैneprimechatelen। एक लंबा गलियारा, बहुत सारे लापरवाह दरवाजे और असबाबवाला फर्नीचर और एक टीवी के साथ एक लाउंज। वहां, फर्श व्यवस्थापक पर, आप क़ीमती सामान और मिनी फ्रिज को स्टोर करने के लिए एक सुरक्षित किराए पर ले सकते हैं। उनकी छुट्टियों में से कुछ छुट्टियों में लिखा है कि पार्क होटल कॉन्टिनेंटल 2 * की इमारत इसकी संरचना में एक अग्रणी शिविर जैसा दिखता है। कमरों में कुछ विशेष नहीं हैः बिस्तर, एक अतिरिक्त बिस्तर के रूप में एक क्लैमशेल, एक प्राथमिक सुसज्जित बाथरूम, प्लास्टिक कुर्सियों वाली एक छोटी बालकनी। यह सभी डिवाइस नंबर है। होटल में निर्धारित नियमों के अनुसार इस मामले में, लिनन बदल जाना चाहिए साप्ताहिक दौरा है, लेकिन पर्यटकों को जो यहाँ लंबे समय तक इस अवधि की तुलना में रह रहे हैं, यह कहा गया है कि कर्मचारियों को इस पर्चे के बारे में भूल गया था। कमरे की सफाई पर भी यही लागू होता है। यदि आप मांग नहीं करते हैं, तो कोई भी बाकी अवधि के दौरान कमरे में प्रवेश नहीं करेगा और इसे खाली नहीं करेगा। एक शब्द में, वे पर्यटक जो स्वच्छता के बारे में विनम्र हैं, यह बेहतर नहीं है कि यहां आएं। इस इमारत के विपरीत, अन्य दो में सब कुछ अधिक नागरिक है, और सेवा उच्चतम स्तर पर है। वे निश्चित रूप से अपने सितारों की संख्या के अनुरूप हैं। और इंटीरियर के साथ, और यहां कमरों की सेवा के साथ सब कुछ ठीक हैः इस तरह के होटल के पास होना चाहिए. सनी समुद्र तट, जैसा कि जाना जाता है, होटल के वर्गीकरण के मामले में सभी यूरोपीय मानदंडों का पालन करता है। जैसा कि पहले से ही उल्लेख किया गया है, सभी तीन कोर एकजुट हो जाते हैंकुल क्षेत्र। नतीजतन, अपनी यात्रा (2 *, 3 *, 3 * +), की परवाह किए बिना सभी कैम्पर सभी सेवाओं है कि होटल के परिसर के भीतर उपलब्ध हैं का उपयोग करने का अधिकार है। होटल के बुनियादी ढांचे में शामिल हैंः क्षेत्र में बाहरी गतिविधियों के प्रेमियों के लिएहोटल कॉम्प्लेक्स में स्पोर्ट्स ग्राउंड, टेनिस कोर्ट, बिलियर्ड्स, पिंग-पोंग, साइकिलें (किराए पर), डिस्को इत्यादि हैं। लेकिन विश्राम के प्रेमी मालिश और अन्य आराम प्रक्रियाओं का आनंद ले सकते हैं। नाश्ता, जो केंद्रीय में परोसा जाता हैहोटल के परिसर के रेस्तरां, कोई फर्क नहीं पड़ता जो इमारत में वे रह रहे थे सभी अतिथियों के लिए आम है। हालांकि, पर्यटकों दौरे के डिजाइन भोजन एचबी (आधा बोर्ड) या "सभी समावेशी" के प्रकार पर सहमत हो सकता है में अब भी कर रहे हैं। बाद के मामले में वे न केवल चरणों में होटल में खाने के लिए, लेकिन पूरे दिन सलाखों के सेवाओं का आनंद करने के लिए सक्षम हो जाएगा। इन पर्यटन मुख्य रूप से खरीदे जाते हैं आवास से मिलकर बनता है "3+"। कुछ समीक्षाएँ इस होटल और अल्प neraznoobraznoe में है कि भोजन में लिखा था। बहरहाल, यह सच नहीं है। शायद, तुर्की होटल के साथ तुलना में ऐसी कोई बहुतायत है, लेकिन स्थानीय शेफ महिमा के लिए काम कर रहे और मेहमानों के लिए तैयार करते हैं, केवल पौष्टिक नहीं, लेकिन यह भी दोनों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों का एक बहुत ही विविध मेनू। इस होटल में अपना निजी समुद्र तट नहीं है,इसलिए पर्यटकों को पास के सार्वजनिक समुद्र तट का उपयोग करना पड़ता है। इसका प्रवेश मुक्त है, लेकिन सूची (सनबेड और छतरियों) को किराए पर लिया जाना चाहिए। समुद्र तट, जहां "महाद्वीपीय" के मेहमान आराम करना पसंद करते हैं, अपने क्षेत्र से 200-300 मीटर की दूरी पर स्थित है। वह काफी व्यापक और अच्छी तरह से तैयार है। पानी मोटरसाइकिल (स्कूटर), पैरासेलिंग, कटमरैन, वाटर स्कीइंग, विंडसर्फिंग, आदिः वहाँ एक समुद्र तट वालीबाल कोर्ट, बच्चों के स्लाइड और झूलों, कैफे और बार, बिलियर्ड्स, साथ ही पानी की गतिविधियों की एक विस्तृत विविधता है वैसे, 2003 से, वयस्कों और बच्चों दोनों के लिए बहुत सारे पानी के आकर्षण के साथ एक अद्भुत जल पार्क रिसॉर्ट "सनी बीच" में खोला गया है।
बुल्गारिया एक बहुत ही सुंदर धूप देश है इधर, एक अद्भुत वातावरण, सुंदर प्रकृति, अद्भुत दृश्यों के अलावा पूरे, बहुत गर्म मेहमाननवाज लोग, जो मुस्करा कर सभी आगंतुकों का स्वागत किया। यह मिश्रित पर्यटन के लिए एकदम सही हैः समुद्र तट और पर्यटन स्थलों का भ्रमण, पाक और कल्याण, साथ ही चरम। पूर्व के लिए, तो सब कुछ स्पष्ट है, क्योंकि बुल्गारिया का तट वास्तव में प्रशंसा से परे है। और के बाद वहाँ कई आधुनिक होटल और सेवा के आरामदायक स्तर बनाया गया था उच्चतम दर हासिल की है, बल्गेरियाई रिसॉर्ट्स कई प्रसिद्ध यूरोपीय रिसॉर्ट्स के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। वैसे, लगभग सभी होटलों जो यहाँ भी समाजवाद के तहत खोले गए थे, हाल ही में एक गहरी पुनर्निर्माण से गुजर चुके हैं वे आंतरिक और बाहरी अद्यतन किया गया है, और कुछ, उदाहरण के लिए, Park Hotel महाद्वीपीय दो * नया आधुनिक इमारतों का निर्माण किया गया है। निर्देशित पर्यटन, भी बहुत प्रासंगिक हैं के बाद से बुल्गारिया, ऐतिहासिक स्थापत्य और प्राकृतिक आकर्षणों में समृद्ध है, लेकिन स्पा रिसॉर्ट, जो थर्मल स्नान के निकट स्थित हैं, वर्ष दौर के लिए तैयार पूरे यूरोप में से पर्यटकों को प्राप्त करने के लिए। वैसे, बुल्गारिया के ब्लैक सागर तट के कोमल समुद्र तटों के बच्चों के साथ मनोरंजन के लिए बहुत सुविधाजनक हैं। स्कूल की छुट्टियों के दौरान आप बच्चों को पूरे समूह है, जो खेल या समुद्र तट पर या एक विशेष रूप से सुसज्जित खेल के मैदान में पूरा कर सकते हैं। प्रत्येक होटल में मिनी पूल, प्लेरूम, मिनी क्लब और अन्य मनोरंजन शामिल हैं। देश के समुद्र तट को सशर्त रूप से विभाजित किया गया हैबहुत सारे रिसॉर्ट क्षेत्र हैं, लेकिन उनमें से सबसे प्रसिद्ध हैं Albena, गोल्डन सैंड्स, सनी बीच। उनके लिए छुट्टी की कीमत लगभग हर जगह समान है अगर हम उनसे पश्चिमी यूरोपीय के साथ तुलना करते हैं, तो वे अधिक लोकतांत्रिक होते हैंः वे हमारे काले सागर तट पर समान हैं लेकिन बुनियादी ढांचे, चाहे कितना भी इसकी समीक्षा में "रेसेंस टूरिस्ट्स" की आलोचना की जा रही है, यह अधिक विकसित है। और बल्गेरियाई रिसॉर्ट्स का एक बड़ा हिस्सा यह है कि उन में होटल क्षेत्र निजी क्षेत्र और औद्योगिक उद्यमों से अलग है। प्रत्येक रिसॉर्ट्स एक विशाल होटल शहर जैसा दिखता है, जिसमें आपके पास एक अच्छा आराम की आवश्यकता हैः होटल, रेस्तरां, कैफे, कैबरे, दुकानें, नाइट क्लब, डिस्को, खेल के मैदान, मनोरंजन पार्क आदि। उनका क्षेत्र खूबसूरत है और स्वच्छ है। सब कुछ एक शांत और आरामदायक बाकी है। इसके अलावा लेख में, हम आपको सनी बीच के रिसोर्ट क्षेत्र से परिचित करना चाहते हैं, जो उपर्युक्त होटल पार्क होटल कॉन्टिनेंटल दो * है। जिस समुद्र तट पर स्थित है, वह एक अर्धचंद्र रूप है और बच्चों के साथ आराम करने के लिए बहुत सुविधाजनक है। यह रिसोर्ट के पास स्थित हैबर्गास का एक बड़ा बंदरगाह समुद्र तट की लंबाई लगभग आठ किलोग्राममीटर है, और शानदार रेतीले समुद्र तटों की चौड़ाई पचास मीटर तक पहुंचती है। वे अपनी सफाई और अच्छी तरह से तैयार हैं, इसलिए उन्हें सालाना यूरोपीय संघ के नीले झंडे से सम्मानित किया जाता है। इस तट पर बड़ी लहरें अत्यंत दुर्लभ हैं। समुद्र पर मौसम ज्यादातर शांत होता है। सूरज साल में तीन सौ से अधिक दिन चमकाता है। शायद ही कभी यह हवा है, हालांकि कभी-कभी समुद्र तटों पर यह एक काला झंडा दिखाना संभव होता है जो यह साबित करता है कि समुद्र पर तैरने के लिए इसे कड़ाई से मना किया जाता है। तैराकी का मौसम मध्य मई से लेकर मध्य अक्टूबर तक रहता है, जो कि पाँच महीने तक है। वैसे, कोई थकाऊ गर्मी नहीं हैः गर्मी में भी हवा सत्ताईस-अट्ठाईस डिग्री तक पहुंचती है, और रात भी गर्म होती है, और पानी का तापमान छब्बीस डिग्री तक पहुंच जाता है यह युवा लोगों के हाथों में खेलता है, जो छुट्टियों और छुट्टियों के दौरान तट पर झुंडते हैं। बेशक, सबसे पहले, वे कमजोरी से आकर्षित होते हैं, और दूसरी, कई डिस्को, नाइट क्लब, विविध शो, आदि। जैसा कि आप जानते हैं, एक सुंदर हैछुट्टी। सनी बीच हमेशा बल्गेरियाई रिसॉर्ट्स का सबसे बड़ा रहा है और जारी रहा है। आज तक, इसमें आठ सौ से अधिक होटल हैं। हर दिन नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई बड़े होटल श्रृंखलाओं के स्वामित्व में हैं। यही कारण है कि न केवल राज्य के कर्मचारियों, बल्कि सम्मानित मनोरंजन के प्रेमी, हाल ही में "सनी बीच" में आराम करने के लिए खींच रहे हैं। आपके आने से पहले खरीदा गया गांव नक्शा, उदाहरण के लिए हवाई अड्डे पर, आपको कई होटल और रेस्तरां में नेविगेट करने में मदद करेगा। आखिरकार, सड़कों के अतिरिक्त, पर, सभी होटलों का स्थान भी संकेत दिया जाता है। यह विशेष रूप से रात में बहुत सुविधाजनक है, क्योंकि लगभग सभी संकेत नीयन प्रकाश के साथ चमकीले चमकते हैं और अतिरिक्त पॉइंटर्स बन सकते हैं। वैसे, अधिकांश होटल समुद्र तट रेखा के साथ स्थित हैं। बेशक, इस तरह के पार्क होटल महाद्वीपीय है, जो समुद्र तट से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है के रूप में जो लोग दूसरे या तीसरे पृष्ठ पर हैं, कर रहे हैं। हालांकि, इन होटलों के मेहमानों को पहली लाइन पर लेटे हुए होटलों के बीच सुविधाजनक पास का उपयोग करके समुद्र तट पर अपना रास्ता कम करने का अवसर मिला है। तो उपरोक्त होटल के मेहमानों को करो। वैसे, अगले अनुच्छेद में हम अपने डिवाइस की अधिक जानकारी में वर्णन करेंगे। इस होटल परिसर में तीन इमारतें हैंअलग-अलग श्रेणियोंः दो सितारे, तीन सितारों और तीन+ सितारों। वे एक आम पार्क, देवदार के जंगलों और एक गुलाब बगीचा, बच्चों और वयस्क स्विमिंग पूल, खेल के मैदानों और रेस्तरां से एकजुट हो रहे हैं। उनमें से ज्यादातर सरल, ज़ाहिर है, पार्क होटल महाद्वीपीय दो * है। हाँ, आवास के लिए और कीमतों बहुत कम हैं। मरम्मत सोवियत काल में बनाया गया था, लेकिन यह थोड़ा दो हज़ार तीन में सुधार किया जाए जब पूरे परिसर पूरी तरह से मरम्मत आया है। हालांकि, होटल की स्थिति सरल यात्रियों ने, आवास पर बचाने के लिए के रूप में परिसर के भीतर अन्य सेवाओं तीनों इमारतों के लिए आम हैं चाहते हैं के साथ काफी संतुष्ट हैं। अधिक अनुकूल परिस्थितियों पार्क होटल महाद्वीपीय तीन * + में पाया जा सकता। बुल्गारिया, वैसे, इस तथ्य से होती है कि देश के तीन सितारा होटल में सेवा के स्तर काफी उच्च पश्चिमी यूरोप की तुलना में है। लेकिन चार-और पाँच सितारा होटल, इसके विपरीत, उनमें से हीन उनकी सेवा में पर। पार्क होटल कॉन्टिनेंटल दो * दक्षिणी भाग में स्थित हैसहारा। पास के शहर बर्गस के हवाई अड्डे से, आप यहां केवल आधे घंटे में कार प्राप्त कर सकते हैं। होटल से समुद्र तट तक दूरी दो सौ मीटर है। लेकिन हर बार जब आप अच्छी तरह से तैयार गली के साथ चल सकते हैं और प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। इस दो सितारा मामले का इंटीरियर कुछ भी नहीं हैneprimechatelen। एक लंबा गलियारा, बहुत सारे लापरवाह दरवाजे और असबाबवाला फर्नीचर और एक टीवी के साथ एक लाउंज। वहां, फर्श व्यवस्थापक पर, आप क़ीमती सामान और मिनी फ्रिज को स्टोर करने के लिए एक सुरक्षित किराए पर ले सकते हैं। उनकी छुट्टियों में से कुछ छुट्टियों में लिखा है कि पार्क होटल कॉन्टिनेंटल दो * की इमारत इसकी संरचना में एक अग्रणी शिविर जैसा दिखता है। कमरों में कुछ विशेष नहीं हैः बिस्तर, एक अतिरिक्त बिस्तर के रूप में एक क्लैमशेल, एक प्राथमिक सुसज्जित बाथरूम, प्लास्टिक कुर्सियों वाली एक छोटी बालकनी। यह सभी डिवाइस नंबर है। होटल में निर्धारित नियमों के अनुसार इस मामले में, लिनन बदल जाना चाहिए साप्ताहिक दौरा है, लेकिन पर्यटकों को जो यहाँ लंबे समय तक इस अवधि की तुलना में रह रहे हैं, यह कहा गया है कि कर्मचारियों को इस पर्चे के बारे में भूल गया था। कमरे की सफाई पर भी यही लागू होता है। यदि आप मांग नहीं करते हैं, तो कोई भी बाकी अवधि के दौरान कमरे में प्रवेश नहीं करेगा और इसे खाली नहीं करेगा। एक शब्द में, वे पर्यटक जो स्वच्छता के बारे में विनम्र हैं, यह बेहतर नहीं है कि यहां आएं। इस इमारत के विपरीत, अन्य दो में सब कुछ अधिक नागरिक है, और सेवा उच्चतम स्तर पर है। वे निश्चित रूप से अपने सितारों की संख्या के अनुरूप हैं। और इंटीरियर के साथ, और यहां कमरों की सेवा के साथ सब कुछ ठीक हैः इस तरह के होटल के पास होना चाहिए. सनी समुद्र तट, जैसा कि जाना जाता है, होटल के वर्गीकरण के मामले में सभी यूरोपीय मानदंडों का पालन करता है। जैसा कि पहले से ही उल्लेख किया गया है, सभी तीन कोर एकजुट हो जाते हैंकुल क्षेत्र। नतीजतन, अपनी यात्रा , की परवाह किए बिना सभी कैम्पर सभी सेवाओं है कि होटल के परिसर के भीतर उपलब्ध हैं का उपयोग करने का अधिकार है। होटल के बुनियादी ढांचे में शामिल हैंः क्षेत्र में बाहरी गतिविधियों के प्रेमियों के लिएहोटल कॉम्प्लेक्स में स्पोर्ट्स ग्राउंड, टेनिस कोर्ट, बिलियर्ड्स, पिंग-पोंग, साइकिलें , डिस्को इत्यादि हैं। लेकिन विश्राम के प्रेमी मालिश और अन्य आराम प्रक्रियाओं का आनंद ले सकते हैं। नाश्ता, जो केंद्रीय में परोसा जाता हैहोटल के परिसर के रेस्तरां, कोई फर्क नहीं पड़ता जो इमारत में वे रह रहे थे सभी अतिथियों के लिए आम है। हालांकि, पर्यटकों दौरे के डिजाइन भोजन एचबी या "सभी समावेशी" के प्रकार पर सहमत हो सकता है में अब भी कर रहे हैं। बाद के मामले में वे न केवल चरणों में होटल में खाने के लिए, लेकिन पूरे दिन सलाखों के सेवाओं का आनंद करने के लिए सक्षम हो जाएगा। इन पर्यटन मुख्य रूप से खरीदे जाते हैं आवास से मिलकर बनता है "तीन+"। कुछ समीक्षाएँ इस होटल और अल्प neraznoobraznoe में है कि भोजन में लिखा था। बहरहाल, यह सच नहीं है। शायद, तुर्की होटल के साथ तुलना में ऐसी कोई बहुतायत है, लेकिन स्थानीय शेफ महिमा के लिए काम कर रहे और मेहमानों के लिए तैयार करते हैं, केवल पौष्टिक नहीं, लेकिन यह भी दोनों स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों का एक बहुत ही विविध मेनू। इस होटल में अपना निजी समुद्र तट नहीं है,इसलिए पर्यटकों को पास के सार्वजनिक समुद्र तट का उपयोग करना पड़ता है। इसका प्रवेश मुक्त है, लेकिन सूची को किराए पर लिया जाना चाहिए। समुद्र तट, जहां "महाद्वीपीय" के मेहमान आराम करना पसंद करते हैं, अपने क्षेत्र से दो सौ-तीन सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। वह काफी व्यापक और अच्छी तरह से तैयार है। पानी मोटरसाइकिल , पैरासेलिंग, कटमरैन, वाटर स्कीइंग, विंडसर्फिंग, आदिः वहाँ एक समुद्र तट वालीबाल कोर्ट, बच्चों के स्लाइड और झूलों, कैफे और बार, बिलियर्ड्स, साथ ही पानी की गतिविधियों की एक विस्तृत विविधता है वैसे, दो हज़ार तीन से, वयस्कों और बच्चों दोनों के लिए बहुत सारे पानी के आकर्षण के साथ एक अद्भुत जल पार्क रिसॉर्ट "सनी बीच" में खोला गया है।
नयी दिल्लीः सूत्रों का मानें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी के सबसे बड़े बेटे आकाश अंबानी की शादी इसी साल श्लोका मेहता से होने जा रही है। श्लोका हीरा कारोबारी रसेल मेहता की सबसे छोटी बेटी हैं। दोनों परिवारों ने हालांकि इस बारे में टिप्प्णी से इनकार किया है लेकिन सूत्रों की मानें तो सगाई की घोषणा अगले कुछ हफ्तों में हो सकती है और शादी दिसंबर में हो सकती है। आकाश और श्लोका धीरूभाई अंबानी इंटरनेशन स्कूल में एक साथ पढ़े हैं। अंबानी और मेहता परिवार भी एक दूसरे के अच्छी तरह से परिचित हैं।
नयी दिल्लीः सूत्रों का मानें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी के सबसे बड़े बेटे आकाश अंबानी की शादी इसी साल श्लोका मेहता से होने जा रही है। श्लोका हीरा कारोबारी रसेल मेहता की सबसे छोटी बेटी हैं। दोनों परिवारों ने हालांकि इस बारे में टिप्प्णी से इनकार किया है लेकिन सूत्रों की मानें तो सगाई की घोषणा अगले कुछ हफ्तों में हो सकती है और शादी दिसंबर में हो सकती है। आकाश और श्लोका धीरूभाई अंबानी इंटरनेशन स्कूल में एक साथ पढ़े हैं। अंबानी और मेहता परिवार भी एक दूसरे के अच्छी तरह से परिचित हैं।
साउथ अफ्रीका के साथ आज से सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम में शुरू होने जा रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के पास इतिहास रचने का मौका है। दोंनों टीमों के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट आज से शुरू हो रहा है। इस सीरीज में अनुभवी ऑफ स्पिनर अश्विन के पास कई उपलब्धियां और रिकॉर्ड बनाने के मौके होंगे। साथ ही उनके पास वर्ल्ड नंबर-1 गेंदबाज और ऑलराउंडर बनने का भी चांस है। रविंद्र जडेजा की गैर मौजूदगी में अश्विन एक बल्लेबाज के रूप में टीम में अपना योगदान देना चाहेंगे। 35 साल के अश्विन टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बनने से केवल आठ विकेट दूर हैं। अश्विन टेस्ट क्रिकेट में अबतक 427 विकेट हासिल कर चुके है। अश्विन अगर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में सिर्फ 8 विकेट और चटकाते हैं तो कपिल देव के 434 विकेट के रिकॉर्ड को वो पीछे छोड़ देंगे और भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन जाएंगे। अश्विन अभी तक 81 मैचों में 30 बार पांच विकेट हॉल और सात बार 10 विकेट हॉल ले चुके हैं। उनके नाम सबसे तेज 400 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड भी है। वैसे फ़िलहाल अनिल कुंबले के नाम टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड हैं। कुंबले ने 619 विकेट चटकाए हैं।
साउथ अफ्रीका के साथ आज से सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम में शुरू होने जा रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के पास इतिहास रचने का मौका है। दोंनों टीमों के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट आज से शुरू हो रहा है। इस सीरीज में अनुभवी ऑफ स्पिनर अश्विन के पास कई उपलब्धियां और रिकॉर्ड बनाने के मौके होंगे। साथ ही उनके पास वर्ल्ड नंबर-एक गेंदबाज और ऑलराउंडर बनने का भी चांस है। रविंद्र जडेजा की गैर मौजूदगी में अश्विन एक बल्लेबाज के रूप में टीम में अपना योगदान देना चाहेंगे। पैंतीस साल के अश्विन टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बनने से केवल आठ विकेट दूर हैं। अश्विन टेस्ट क्रिकेट में अबतक चार सौ सत्ताईस विकेट हासिल कर चुके है। अश्विन अगर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में सिर्फ आठ विकेट और चटकाते हैं तो कपिल देव के चार सौ चौंतीस विकेट के रिकॉर्ड को वो पीछे छोड़ देंगे और भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन जाएंगे। अश्विन अभी तक इक्यासी मैचों में तीस बार पांच विकेट हॉल और सात बार दस विकेट हॉल ले चुके हैं। उनके नाम सबसे तेज चार सौ टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड भी है। वैसे फ़िलहाल अनिल कुंबले के नाम टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड हैं। कुंबले ने छः सौ उन्नीस विकेट चटकाए हैं।
सवाई जयसिंह के सर्वोत्कृष्ट स्मारक के रूप मे आमेर की तीसरी व राजधानी जयपुर नगर है । इसने जयपुर के अतिरिक्त मथुरा, बनारस, दिल्ली उज्जैन में जप्तर मन्त्र का निर्माण करवाया जहा ज्योतिष के विद्वान सिनारी गतिविधियों का अध्ययन किया करते थे। सवाई जयसिंह ने राजपूत समाज दोपो को दूर करने का प्रयास भी किया था। इसके द्वारा बनवाए हुए कई कु बावडिया व धर्मशालाए भाज तक सुरक्षित हैं। वह एक अच्छा शासन प्रबन्धक था जिसका प्रमाण इसका न्याय के प्रति प्रेम है । Appendix 1 राजपूतों की उत्पत्ति के विभिन्न सिद्धान्तों का प्रालोचनात्मक विश्लेषण 'राजपूत' संस्कृत भाषा के राजपू' का अपहे। प्राय गताय से पहले किमो जाति विशेष के लिए प्रयोग में नहीं लिया जाता था । प्रतः भारत का इतिहास सिंगने याने एवं देशी विद्वानों ने राजपूत जाति की उत्पत्ति के सम्बन्ध में भिन्न-भिन्न व्याया दी है । राजपूतों का वैदिककालीन क्षत्रियों से सम्बन्ध स्थापित करने के उत्गुरु वारण और नाटों का कहना है कि पाठवीं शताब्दी के लगभग वैदिककालीन क्षत्रियों का लोप हो गया । बहु लौष परराम के द्वारा किया गया था । क्षत्रियों श्रीराम में से राजपूत नन्न हुए। ह्मण साहित्य में इस प्रकार का वर्णन प्रमिलता है। लेकिन यह निश्चय करना मुश्किल है कि वैदिककालीन क्षत्रियों और राजपूतों में कोई सम्बन्ध था या नहीं ? राजपूतों को श्रा के हवनकुड से उत्पत्ति बताते हुए पृथ्वीराज रामो का रचियता चन्द्र बरदाई लिगता है "जब विश्वामित्र, गौतम, अगस्त तथा अन्य ऋषि पर्वत पर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे उस समय दैत्यों ने गोरत, सून, हड्डियां तथा पेशाव डालकर उनके यज्ञ को अपवित्र कर दिया। उस समय वशिष्ठ ने यज्ञ कुंड को रक्षार्थ उसी कुंड से तीन योद्धा उत्पन्न किए (प्रतिहार, चालुक्य और परमार ), लेकिन जब यह तीनों रक्षा करने में समर्थ सिद्ध हुए तो चौथा योद्धा उत्पन्न किया जो हट्ठा-पट्ठा और हथियार हाथ में लिए प्रकटा था। इसका नाम ऋषियों ने चौहान रखा । इस योद्धा ने घ्राणापुरी को अपनो देवी मानकर दैत्यों को मार भगाया । परवर्ती चारण और भाटों ने क्षत्रियों को इस प्रकार उत्पत्ति को सत्य मानकर अपने ग्रंथों में कुछ अन्तर के साथ इसी कहानी को दोहरा दिया है । चूकि चन्द्र वरदाई ने तीन प्रमुख राजवंशों ( सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी और यादवव शी) का ही वर्णन किया है अतः यह कहानी अवश्य ही परवर्ती है । "रवि शशि याद्धव वंश ककुत्स परमार चौहान चार" "क्षत्रियों की अग्निकुड से उत्पत्ति का सिद्धान्त पन्द्रहवीं शताब्दी से अधिक पुराना नहीं है और इसे जान-बूझकर पुरातन सिद्ध करने का प्रयास किया गया है ।" ( डा० दशरथ शर्मा) यह कहानी इतनी अधिक वल पकड़ गई थी कि टॉड ने राजस्थान का इतिहास लिखते समय इसे स्वीकार कर लिया । टॉड को पुस्तक की व्याख्या करते हुए विलियम ऋक ने लिखा- "श्रग्नि कुण्ड से तात्पर्य श्रग्नि के द्वारा शुद्धि से है जो कि दक्षिणी राजस्थान में सम्पन्न किया गया था। हवन कु ड के द्वारा कु क्षत्रियो को शुद्ध किया गया ताकि ये पुन हिन्दू जाति व्यवस्था मे प्रविष्ट हो सकें।" भाधुनिक काल में कोई भी व्यक्ति यह मानने को तैयार नहीं होगा कि राजपूत योद्धाओ का अग्नि से जन्म हुआ था । चन्द बरदाई से पहले भी सूर्यवश अथवा चन्द्रव श से उत्पन्न चार जातियां मौजूद थी। इसका प्रमाण हम शिलालेखो तथा साहित्यिक कृतियों में मिलता है। दसवी शताब्दी में लिखा गया ग्रंथ Viddhas Hapa Manjik यह बतलाता कन्नौज के प्रतिहार चन्द्रव शी थे । इसी प्रकार चालुक्य को चद्रव शी सिद्ध करने के प्रमाण ( ताम्रपत्र ) छटो शताब्दी तक के उपलब्ध है। ग्यारहवी शताब्दी का Bihars शिलानेख बतलाता है कि चन्द्रव शी होण के चुल्लू भर पानी से चालुक्य उत्पन्न हुए थे। चालुक्यो की उत्पत्ति पाडवो से तथा प्रतिहारी की लक्षमण से भी बताई गई है । तीसरा वश परमारो का था जिसके सम्बन्ध मे दसवीं शताब्दी में लिखा गया 'पिंगल मूत्र कृत्रि' में लिखा हुमा मिलता है कि परमार पहले ब्राह्मण थे और फिर बाद में यह क्षत्रिय बन गए । आबू पर्वत म स्थित तेजपाल मंदिर से 1230 ई० का एक शिलालेख उपलब्ध हुआ है जिसमे घुम्रपाल परमार को सूर्यवशी बतलाया गया है। स्वर्गीय डा० गौरीशकर हीराचन्द योभा का कहना है कि सूर्यवशी ध्रुम से प्रेरणा प्राप्त करके व द्र बरदाई ने पृथ्वीराज रासो मे राजपूतों को उत्पत्ति भग्निकु ड से बतला दो होगी । सीकर जिले में स्थित हपनाथ मन्दिर को प्रशस्ति मे चौहानो के पूवज 'गावक' को सूयवशी बताया गया है। इसे रघुवशी लिखा भी गया है । चन्द्र बर दाई से पहले चौहानों के समकालीन दो लेखक और भी हो चुके हैं - (1) पृथ्वीराज विजय महाकाव्य का रचियता जयनक ( 11 ) हमोर महाकाव्य । इन दोनों ग्रंथों मे चौहानों को सूर्यवशी लिखा गया है। इसी काल का एक मौर शिलालेख प्रजमेर से प्राप्त हुआ है जिसमे उन्हें सूर्यवशी लिखा गया वरदाई इन सबसे प्रवश्य परिचित होगा । डा० दशरथ शर्मा का कहना है -- 'In fact it appears to be nothing more than the creation of the poetic or imaginative brains of bards who, in their bunt for a fine pedigree for their patrons, happened to light on the story of the fire born.... "This fire born theory is advice of instigating the slothtul Rajputs to guard their loins to meet the danger of muslim invaders in poetic manner
सवाई जयसिंह के सर्वोत्कृष्ट स्मारक के रूप मे आमेर की तीसरी व राजधानी जयपुर नगर है । इसने जयपुर के अतिरिक्त मथुरा, बनारस, दिल्ली उज्जैन में जप्तर मन्त्र का निर्माण करवाया जहा ज्योतिष के विद्वान सिनारी गतिविधियों का अध्ययन किया करते थे। सवाई जयसिंह ने राजपूत समाज दोपो को दूर करने का प्रयास भी किया था। इसके द्वारा बनवाए हुए कई कु बावडिया व धर्मशालाए भाज तक सुरक्षित हैं। वह एक अच्छा शासन प्रबन्धक था जिसका प्रमाण इसका न्याय के प्रति प्रेम है । Appendix एक राजपूतों की उत्पत्ति के विभिन्न सिद्धान्तों का प्रालोचनात्मक विश्लेषण 'राजपूत' संस्कृत भाषा के राजपू' का अपहे। प्राय गताय से पहले किमो जाति विशेष के लिए प्रयोग में नहीं लिया जाता था । प्रतः भारत का इतिहास सिंगने याने एवं देशी विद्वानों ने राजपूत जाति की उत्पत्ति के सम्बन्ध में भिन्न-भिन्न व्याया दी है । राजपूतों का वैदिककालीन क्षत्रियों से सम्बन्ध स्थापित करने के उत्गुरु वारण और नाटों का कहना है कि पाठवीं शताब्दी के लगभग वैदिककालीन क्षत्रियों का लोप हो गया । बहु लौष परराम के द्वारा किया गया था । क्षत्रियों श्रीराम में से राजपूत नन्न हुए। ह्मण साहित्य में इस प्रकार का वर्णन प्रमिलता है। लेकिन यह निश्चय करना मुश्किल है कि वैदिककालीन क्षत्रियों और राजपूतों में कोई सम्बन्ध था या नहीं ? राजपूतों को श्रा के हवनकुड से उत्पत्ति बताते हुए पृथ्वीराज रामो का रचियता चन्द्र बरदाई लिगता है "जब विश्वामित्र, गौतम, अगस्त तथा अन्य ऋषि पर्वत पर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे उस समय दैत्यों ने गोरत, सून, हड्डियां तथा पेशाव डालकर उनके यज्ञ को अपवित्र कर दिया। उस समय वशिष्ठ ने यज्ञ कुंड को रक्षार्थ उसी कुंड से तीन योद्धा उत्पन्न किए , लेकिन जब यह तीनों रक्षा करने में समर्थ सिद्ध हुए तो चौथा योद्धा उत्पन्न किया जो हट्ठा-पट्ठा और हथियार हाथ में लिए प्रकटा था। इसका नाम ऋषियों ने चौहान रखा । इस योद्धा ने घ्राणापुरी को अपनो देवी मानकर दैत्यों को मार भगाया । परवर्ती चारण और भाटों ने क्षत्रियों को इस प्रकार उत्पत्ति को सत्य मानकर अपने ग्रंथों में कुछ अन्तर के साथ इसी कहानी को दोहरा दिया है । चूकि चन्द्र वरदाई ने तीन प्रमुख राजवंशों का ही वर्णन किया है अतः यह कहानी अवश्य ही परवर्ती है । "रवि शशि याद्धव वंश ककुत्स परमार चौहान चार" "क्षत्रियों की अग्निकुड से उत्पत्ति का सिद्धान्त पन्द्रहवीं शताब्दी से अधिक पुराना नहीं है और इसे जान-बूझकर पुरातन सिद्ध करने का प्रयास किया गया है ।" यह कहानी इतनी अधिक वल पकड़ गई थी कि टॉड ने राजस्थान का इतिहास लिखते समय इसे स्वीकार कर लिया । टॉड को पुस्तक की व्याख्या करते हुए विलियम ऋक ने लिखा- "श्रग्नि कुण्ड से तात्पर्य श्रग्नि के द्वारा शुद्धि से है जो कि दक्षिणी राजस्थान में सम्पन्न किया गया था। हवन कु ड के द्वारा कु क्षत्रियो को शुद्ध किया गया ताकि ये पुन हिन्दू जाति व्यवस्था मे प्रविष्ट हो सकें।" भाधुनिक काल में कोई भी व्यक्ति यह मानने को तैयार नहीं होगा कि राजपूत योद्धाओ का अग्नि से जन्म हुआ था । चन्द बरदाई से पहले भी सूर्यवश अथवा चन्द्रव श से उत्पन्न चार जातियां मौजूद थी। इसका प्रमाण हम शिलालेखो तथा साहित्यिक कृतियों में मिलता है। दसवी शताब्दी में लिखा गया ग्रंथ Viddhas Hapa Manjik यह बतलाता कन्नौज के प्रतिहार चन्द्रव शी थे । इसी प्रकार चालुक्य को चद्रव शी सिद्ध करने के प्रमाण छटो शताब्दी तक के उपलब्ध है। ग्यारहवी शताब्दी का Bihars शिलानेख बतलाता है कि चन्द्रव शी होण के चुल्लू भर पानी से चालुक्य उत्पन्न हुए थे। चालुक्यो की उत्पत्ति पाडवो से तथा प्रतिहारी की लक्षमण से भी बताई गई है । तीसरा वश परमारो का था जिसके सम्बन्ध मे दसवीं शताब्दी में लिखा गया 'पिंगल मूत्र कृत्रि' में लिखा हुमा मिलता है कि परमार पहले ब्राह्मण थे और फिर बाद में यह क्षत्रिय बन गए । आबू पर्वत म स्थित तेजपाल मंदिर से एक हज़ार दो सौ तीस ईशून्य का एक शिलालेख उपलब्ध हुआ है जिसमे घुम्रपाल परमार को सूर्यवशी बतलाया गया है। स्वर्गीय डाशून्य गौरीशकर हीराचन्द योभा का कहना है कि सूर्यवशी ध्रुम से प्रेरणा प्राप्त करके व द्र बरदाई ने पृथ्वीराज रासो मे राजपूतों को उत्पत्ति भग्निकु ड से बतला दो होगी । सीकर जिले में स्थित हपनाथ मन्दिर को प्रशस्ति मे चौहानो के पूवज 'गावक' को सूयवशी बताया गया है। इसे रघुवशी लिखा भी गया है । चन्द्र बर दाई से पहले चौहानों के समकालीन दो लेखक और भी हो चुके हैं - पृथ्वीराज विजय महाकाव्य का रचियता जयनक हमोर महाकाव्य । इन दोनों ग्रंथों मे चौहानों को सूर्यवशी लिखा गया है। इसी काल का एक मौर शिलालेख प्रजमेर से प्राप्त हुआ है जिसमे उन्हें सूर्यवशी लिखा गया वरदाई इन सबसे प्रवश्य परिचित होगा । डाशून्य दशरथ शर्मा का कहना है -- 'In fact it appears to be nothing more than the creation of the poetic or imaginative brains of bards who, in their bunt for a fine pedigree for their patrons, happened to light on the story of the fire born.... "This fire born theory is advice of instigating the slothtul Rajputs to guard their loins to meet the danger of muslim invaders in poetic manner
बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (बीएमएसआईसीएल) के महाप्रबंधक इम्तियाज अहमद ने गुरूवार की शाम सुपौल सदर प्रखंड के सुखपुर स्थित एएनएम ट्रेनिंग कॉलेज एवं हॉस्टल का निरीक्षण किया. इस दौरान एएनएमटीसी एवं हॉस्टल में मौजूद सुविधाओं की जांच की. इस दौरान उन्होंने एएनएमटीसी में अध्ययरत एवं हॉस्टल में रह रही छात्राओं से समस्याओं की जानकारी ली. जिस दौरान छात्रा प्रियंका कुमारी, कोमल कुमारी, आकांक्षा प्रिया, रूपाली, वर्षा सहित अन्य ने बताया कि एएनएमटीसी के हॉस्टल में जब से यहां आए है, कई तरह की समस्याएं झेल रहे हैं. इसको लेकर हमलोग पूर्व में जिला पदाधिकारी से मिल कर उन्हें समस्याओं से अवगत कराया था. जिसके बाद कुछ हद तक समस्याओं का निदान किया गया है. लेकिन अब भी कई तरह की परेशानी है. छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में एक कमरे में पांच से छः छात्राएं रहती हैं. लेकिन कमरे में तीन बेड ही दिया गया है. जिससे सोने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में कैसे हमलोग रहे. नल में हमेशा कम पानी आने की परेशानी रहती है. कुछ नलों में पानी आता भी नही है. इसके अतिरिक्त पानी भी दूषित आता है. जिससे छात्राओं को त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो रही है. कहा कि हॉस्टल में कही भी ठीक ढंग से नल नही लगाया है. सभी नल ढ़ीला है. जिससे पानी फर्श पर फैला रहता है. जबकि फर्श में स्लोप भी नही दिया गया है. जिस कारण हमलोगों को स्वयं से पानी निकासी करना पड़ता है. हॉस्टल का फैन भी बार-बार खराब हो जाता है. जिसे हमलोग कई बार दुरूस्त करवा चुके हैं. वहीं निरीक्षण के बाद बीएमएसआईसीएल के महाप्रबंधक इम्तियाज अहमद ने बोला कि कुछ कमी थी. कमी को इन्होने बोला है कि एक हफ्ते में दूर कर देंगे. इसमें जो बेंच-डेस्क सप्लाई किया गया है, वह गुणवत्तापूर्ण नही है. उसको एक हफ्ते में रिप्लेस करेंगे. कुछ जगहों पर जो बाथरूम का सीपेज होता है, कुछ जगहों पर प्लास्टर नही पाया गया है. वो भी करना है. शुद्ध पानी के आरओ लगाया जाएगा. जो भी समस्याएं हैं, वो अभियंता एवं संवेदक को बताया गया है. वे एक हफ्ते में सभी समस्याओं का निवारण करेंगे. बता दें कि छात्राओं द्वारा समस्याओं से अवगत कराने के बाद जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने विभाग को पत्र लिखा था. जिसके बाद बीएमएसआईसीएल के महाप्रबंधक इम्तियाज अहमद जांच में पहुंचे थे.
बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना विकास निगम के महाप्रबंधक इम्तियाज अहमद ने गुरूवार की शाम सुपौल सदर प्रखंड के सुखपुर स्थित एएनएम ट्रेनिंग कॉलेज एवं हॉस्टल का निरीक्षण किया. इस दौरान एएनएमटीसी एवं हॉस्टल में मौजूद सुविधाओं की जांच की. इस दौरान उन्होंने एएनएमटीसी में अध्ययरत एवं हॉस्टल में रह रही छात्राओं से समस्याओं की जानकारी ली. जिस दौरान छात्रा प्रियंका कुमारी, कोमल कुमारी, आकांक्षा प्रिया, रूपाली, वर्षा सहित अन्य ने बताया कि एएनएमटीसी के हॉस्टल में जब से यहां आए है, कई तरह की समस्याएं झेल रहे हैं. इसको लेकर हमलोग पूर्व में जिला पदाधिकारी से मिल कर उन्हें समस्याओं से अवगत कराया था. जिसके बाद कुछ हद तक समस्याओं का निदान किया गया है. लेकिन अब भी कई तरह की परेशानी है. छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में एक कमरे में पांच से छः छात्राएं रहती हैं. लेकिन कमरे में तीन बेड ही दिया गया है. जिससे सोने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में कैसे हमलोग रहे. नल में हमेशा कम पानी आने की परेशानी रहती है. कुछ नलों में पानी आता भी नही है. इसके अतिरिक्त पानी भी दूषित आता है. जिससे छात्राओं को त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो रही है. कहा कि हॉस्टल में कही भी ठीक ढंग से नल नही लगाया है. सभी नल ढ़ीला है. जिससे पानी फर्श पर फैला रहता है. जबकि फर्श में स्लोप भी नही दिया गया है. जिस कारण हमलोगों को स्वयं से पानी निकासी करना पड़ता है. हॉस्टल का फैन भी बार-बार खराब हो जाता है. जिसे हमलोग कई बार दुरूस्त करवा चुके हैं. वहीं निरीक्षण के बाद बीएमएसआईसीएल के महाप्रबंधक इम्तियाज अहमद ने बोला कि कुछ कमी थी. कमी को इन्होने बोला है कि एक हफ्ते में दूर कर देंगे. इसमें जो बेंच-डेस्क सप्लाई किया गया है, वह गुणवत्तापूर्ण नही है. उसको एक हफ्ते में रिप्लेस करेंगे. कुछ जगहों पर जो बाथरूम का सीपेज होता है, कुछ जगहों पर प्लास्टर नही पाया गया है. वो भी करना है. शुद्ध पानी के आरओ लगाया जाएगा. जो भी समस्याएं हैं, वो अभियंता एवं संवेदक को बताया गया है. वे एक हफ्ते में सभी समस्याओं का निवारण करेंगे. बता दें कि छात्राओं द्वारा समस्याओं से अवगत कराने के बाद जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने विभाग को पत्र लिखा था. जिसके बाद बीएमएसआईसीएल के महाप्रबंधक इम्तियाज अहमद जांच में पहुंचे थे.
छत्तीसगढ़ में जिस्मफरोशी का नया मामला सामने आया है, मिली जानकारी के अनुसार महिला शिक्षाकर्मी की भी इस मामले में संलिप्तता मिली है। पुलिस ने महिला शिक्षाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। मिली सूचना के मुताबिक बालको पुलिस ने जिस्मफरोशी के मामले में एक महिला शिक्षाकर्मी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में कई सफेदपोश लोगों के नाम भी अब सामने आ रहे हैं। पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ में जिस्मफरोशी का नया मामला सामने आया है, मिली जानकारी के अनुसार महिला शिक्षाकर्मी की भी इस मामले में संलिप्तता मिली है। पुलिस ने महिला शिक्षाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। मिली सूचना के मुताबिक बालको पुलिस ने जिस्मफरोशी के मामले में एक महिला शिक्षाकर्मी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में कई सफेदपोश लोगों के नाम भी अब सामने आ रहे हैं। पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
बाँदा जनपद में अपराधों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है । ताजा मामला बिसंडा थाना क्षेत्र के बंडे पुरवा का है जहां मामूली विवाद के चलते भाई ने हीं भाई को गोली मार दी । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को बांदा जिला अस्पताल के लिए भेज दिया गया जहाँ युवक की हालत चलते उसे जिला अस्पताल से कानपुर के लिए रिफर कर दिया गया है । वही घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है । जिसके चलते आज रात बड़े भाई ने शराब के नशे में अपने ही सगे छोटे भाई को गोली मार दी और यह भी बताया कि जिस बंदूक से भाई को गोली मारी वह लाइसेंसी बंदूक थी, जब इस घटना की जानकारी पुलिस को हुई तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी और घायल को घटनास्थल से तत्काल बांदा जिला अस्पताल के लिए भेज दिया, वही घायल जिला अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने देखते ही उसे तुरंत कानपुर के लिए रिफर कर दिया है । बतादें कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई सत्यनारायण मौके से फरार हो गया है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है ।
बाँदा जनपद में अपराधों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है । ताजा मामला बिसंडा थाना क्षेत्र के बंडे पुरवा का है जहां मामूली विवाद के चलते भाई ने हीं भाई को गोली मार दी । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को बांदा जिला अस्पताल के लिए भेज दिया गया जहाँ युवक की हालत चलते उसे जिला अस्पताल से कानपुर के लिए रिफर कर दिया गया है । वही घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है । जिसके चलते आज रात बड़े भाई ने शराब के नशे में अपने ही सगे छोटे भाई को गोली मार दी और यह भी बताया कि जिस बंदूक से भाई को गोली मारी वह लाइसेंसी बंदूक थी, जब इस घटना की जानकारी पुलिस को हुई तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी और घायल को घटनास्थल से तत्काल बांदा जिला अस्पताल के लिए भेज दिया, वही घायल जिला अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने देखते ही उसे तुरंत कानपुर के लिए रिफर कर दिया है । बतादें कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई सत्यनारायण मौके से फरार हो गया है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है ।
Head injury सिर पर लगी हल्की चोट को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नहीं तो भविष्य में ये बड़ी समस्या का रूप ले लेती है। ये बातें मैं नहीं बल्कि लोहिया संस्थान और केजीएमयू के विशेषज्ञ कह रहे हैं। पैरालिसिस और कोमा तक का खतरा बढ़ सकता है। लखनऊ, जागरण संवाददाता। सड़क हादसे, ऊंचाई से गिरने व सिर में लगने वाली किसी भी चोट को हल्के में न लें। चोट लगने के तुरंत बाद घायल बेहोश हो सकता है। कई बार जान पर आ जाती है। कई बार लोग सिर में चोट लगने पर नजर अंदाज कर देते हैं। कोई खास दिक्कत न होने पर डाक्टर की सलाह तक नहीं लेते हैं। ऐसे लोगों में कुछ समय बाद इनके व्यक्तित्व और व्यवहार में बदलाव, चिड़चिड़ापन व भूलने की समस्या समेत कई दूसरी दिक्कतें हो जाती हैं। रविवार को विश्व सिर चोट जागरूकता दिवस पर संजय गांधी पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट (एसजीपीजीआइ) में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि विश्व में 2050 तक मृत्यु दर का प्रमुख कारण सिर की चोट होगा। लिहाजा सिर की चोट को हल्के में न लें। हर साल 20 मार्च को विश्व सिर चोट जागरूकता दिवस मनाया जाता है। ट्रामा सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर राजकुमार ने कहा कि देश में सड़क यातायात दुर्घटनाओं में हर साल लगभग 80 हजार लोग मारे जाते हैं। यह दुनिया भर में होने वाली मौतों का लगभग 13 प्रतिशत है। पीजीआई के ट्रामा सेंटर और न्यूरोलाजी विभाग की ओपीडी में सिर में चोट लगने से होने वाली समस्याओं के साथ लगभग 20 से 30 मरीज आते हैं। डा. राजकुमार ने कहा कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कर हादसों से बचा जा सकता है। निदेशक प्रो. आरके धीमन ने कहा कि सिर की चोट से इंसान जीवन भर के लिए दिव्यांग हो सकता है। ऐसे में सिर की चोट को नजरअंदाज न करें। - हमेशा सीट बेल्ट लगायें। - सड़क पर चलते समय मोबाइल पर बात न करें। लखनऊ, [रामांशी मिश्रा]। ब्रेन इंजरी नौजवानों की मौत और विकलांगता का सबसे आम कारण है। भारत में हर वर्ष लगभग 20 लाख लोग हेड इंजरी का शिकार होते हैं जिनमें से दो लाख अपनी जान गवां देते हैं। मरने वालों में सबसे ज्यादा 18 से 44 आयु वर्ग के पुरुष होते हैं। हेड इंजरी के सबसे ज्यादा मामले लगभग 50% सड़क दुर्घटना में, 25% गिरने के कारण और 20% किसी प्रकार की हिंसा में शामिल होने से आते हैं। जनमानस में सिर की चोट और ट्रामा से बचने की जानकारी देने के लिए प्रतिवर्ष 20 मार्च को विश्व हेड इंजरी जागरूकता दिवस और द ब्रेन इंजरी एसोसिएशन आफ अमेरिका द्वारा मार्च में ब्रेन इंजरी जागरूकता माह मनाया जाता है। सिर पर चोट लगने को लेकर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दीपक सिंह कहते हैं, अगर सिर में दर्द के साथ उल्टी हो, एक मिनट से ज्यादा की बेहोशी या फिर कान और नाक से खून आए तो उसे नजरअंदाज न करें। डा दीपक सिंह के मुताबिक, रात में सोत वक्त अगर झटके आएं तो इसे भी हल्के में न लें और संबंधित रोग के विशेषज्ञ को तत्काल दिखाएं। डाक्टर की सलाह पर सीटी स्कैन कराएं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से भविष्य में पैरालिसिस और कोमा का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, केजीएमयू के डिपार्टमेंट आफ इमरजेंसी मेडिसिन के अध्यक्ष प्रो. हैदर अब्बास कहते हैं कि हेड इंजरी के मामलों में पीड़ित को प्लेटिनम आवर (एक घंटे के भीतर) अगर सही उपचार दिया जा सके तो बचने की संभावना बढ़ जाती है। हेड इंजरी होने पर पीड़ित जल्द ही बेहोशी की हालत में जाने लगता है। ऐसे में गोल्डेन मिनट यानी जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाए जाने की आवश्यकता होती है। राम मनोहर लोहिया की जूनियर प्रोफेसर डा. ममता हरजाई ने बताया कि हेड इंजरी के 30 से 40 प्रतिशत मामलों में 18 से 25 साल आयु वर्ग के लोग शामिल होते हैं। हेलमेट का उपयोग न होने से ज्यादातर को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
Head injury सिर पर लगी हल्की चोट को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नहीं तो भविष्य में ये बड़ी समस्या का रूप ले लेती है। ये बातें मैं नहीं बल्कि लोहिया संस्थान और केजीएमयू के विशेषज्ञ कह रहे हैं। पैरालिसिस और कोमा तक का खतरा बढ़ सकता है। लखनऊ, जागरण संवाददाता। सड़क हादसे, ऊंचाई से गिरने व सिर में लगने वाली किसी भी चोट को हल्के में न लें। चोट लगने के तुरंत बाद घायल बेहोश हो सकता है। कई बार जान पर आ जाती है। कई बार लोग सिर में चोट लगने पर नजर अंदाज कर देते हैं। कोई खास दिक्कत न होने पर डाक्टर की सलाह तक नहीं लेते हैं। ऐसे लोगों में कुछ समय बाद इनके व्यक्तित्व और व्यवहार में बदलाव, चिड़चिड़ापन व भूलने की समस्या समेत कई दूसरी दिक्कतें हो जाती हैं। रविवार को विश्व सिर चोट जागरूकता दिवस पर संजय गांधी पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि विश्व में दो हज़ार पचास तक मृत्यु दर का प्रमुख कारण सिर की चोट होगा। लिहाजा सिर की चोट को हल्के में न लें। हर साल बीस मार्च को विश्व सिर चोट जागरूकता दिवस मनाया जाता है। ट्रामा सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर राजकुमार ने कहा कि देश में सड़क यातायात दुर्घटनाओं में हर साल लगभग अस्सी हजार लोग मारे जाते हैं। यह दुनिया भर में होने वाली मौतों का लगभग तेरह प्रतिशत है। पीजीआई के ट्रामा सेंटर और न्यूरोलाजी विभाग की ओपीडी में सिर में चोट लगने से होने वाली समस्याओं के साथ लगभग बीस से तीस मरीज आते हैं। डा. राजकुमार ने कहा कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कर हादसों से बचा जा सकता है। निदेशक प्रो. आरके धीमन ने कहा कि सिर की चोट से इंसान जीवन भर के लिए दिव्यांग हो सकता है। ऐसे में सिर की चोट को नजरअंदाज न करें। - हमेशा सीट बेल्ट लगायें। - सड़क पर चलते समय मोबाइल पर बात न करें। लखनऊ, [रामांशी मिश्रा]। ब्रेन इंजरी नौजवानों की मौत और विकलांगता का सबसे आम कारण है। भारत में हर वर्ष लगभग बीस लाख लोग हेड इंजरी का शिकार होते हैं जिनमें से दो लाख अपनी जान गवां देते हैं। मरने वालों में सबसे ज्यादा अट्ठारह से चौंतालीस आयु वर्ग के पुरुष होते हैं। हेड इंजरी के सबसे ज्यादा मामले लगभग पचास% सड़क दुर्घटना में, पच्चीस% गिरने के कारण और बीस% किसी प्रकार की हिंसा में शामिल होने से आते हैं। जनमानस में सिर की चोट और ट्रामा से बचने की जानकारी देने के लिए प्रतिवर्ष बीस मार्च को विश्व हेड इंजरी जागरूकता दिवस और द ब्रेन इंजरी एसोसिएशन आफ अमेरिका द्वारा मार्च में ब्रेन इंजरी जागरूकता माह मनाया जाता है। सिर पर चोट लगने को लेकर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दीपक सिंह कहते हैं, अगर सिर में दर्द के साथ उल्टी हो, एक मिनट से ज्यादा की बेहोशी या फिर कान और नाक से खून आए तो उसे नजरअंदाज न करें। डा दीपक सिंह के मुताबिक, रात में सोत वक्त अगर झटके आएं तो इसे भी हल्के में न लें और संबंधित रोग के विशेषज्ञ को तत्काल दिखाएं। डाक्टर की सलाह पर सीटी स्कैन कराएं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से भविष्य में पैरालिसिस और कोमा का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, केजीएमयू के डिपार्टमेंट आफ इमरजेंसी मेडिसिन के अध्यक्ष प्रो. हैदर अब्बास कहते हैं कि हेड इंजरी के मामलों में पीड़ित को प्लेटिनम आवर अगर सही उपचार दिया जा सके तो बचने की संभावना बढ़ जाती है। हेड इंजरी होने पर पीड़ित जल्द ही बेहोशी की हालत में जाने लगता है। ऐसे में गोल्डेन मिनट यानी जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाए जाने की आवश्यकता होती है। राम मनोहर लोहिया की जूनियर प्रोफेसर डा. ममता हरजाई ने बताया कि हेड इंजरी के तीस से चालीस प्रतिशत मामलों में अट्ठारह से पच्चीस साल आयु वर्ग के लोग शामिल होते हैं। हेलमेट का उपयोग न होने से ज्यादातर को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में दो दशक से भी ज्यादा समय से तक महत्वपूर्ण बने रहे शाहनवाज हुसैन अब बिहार भाजपा का महत्वपूर्ण चेहरा होंगे। भाजपा ने उन्हें विधान परिषद की सीट दे दी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि चुनावों में मुस्लिमों को एक अदद टिकट भी नहीं देने वाली भाजपा अचानक शाहनवाज हुसैन पर मेहरबान क्यों हो गई। राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा ने शाहनवाज की बिहार की राजनीति में एंट्री करवा कर विपक्ष और राजग दोनों की जमीन पर दावा ठोक दिया है। भाजपा के इस दांव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ऊपर एक दबाव के तौर पर भी माना जा रहा है। साथ ही एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी की बिहार में बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर भी शाहनवाज की एंट्री को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाहनवाज हुसैन 2014 का लोकसभा चुनाव हार गए थे। 2019 में भाजपा ने उन्हें टिकट तक नहीं दिया था। जानकारों का मानना है कांग्रेस की तरफ से तारिक अनवर और जदयू की तरफ से कमरे आलम को आगे करने के बाद भाजपा दबाव में है। शाहनवाज हुसैन, सीमांचल इलाके से आते हैं, जहां इस चुनाव में एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने पांच सीटें हासिल की हैं। एमआईएम की इलाके में बढ़त से न सिर्फ राजद और जदयू में हड़कंप मचा हुआ है, बल्कि भाजपा भी सतर्क हुई है। सीमांचल में ओवैसी की पार्टी का प्रभाव बढ़ने का नुकसान राजद और जदयू को ज्यादा दिखता है, वहीं इसके उलट भाजपा को इसका लाभ मिल सकता है। भाजपा इसी लाभ की ओर बढ़ना चाहती है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में दो दशक से भी ज्यादा समय से तक महत्वपूर्ण बने रहे शाहनवाज हुसैन अब बिहार भाजपा का महत्वपूर्ण चेहरा होंगे। भाजपा ने उन्हें विधान परिषद की सीट दे दी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि चुनावों में मुस्लिमों को एक अदद टिकट भी नहीं देने वाली भाजपा अचानक शाहनवाज हुसैन पर मेहरबान क्यों हो गई। राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा ने शाहनवाज की बिहार की राजनीति में एंट्री करवा कर विपक्ष और राजग दोनों की जमीन पर दावा ठोक दिया है। भाजपा के इस दांव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ऊपर एक दबाव के तौर पर भी माना जा रहा है। साथ ही एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी की बिहार में बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर भी शाहनवाज की एंट्री को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाहनवाज हुसैन दो हज़ार चौदह का लोकसभा चुनाव हार गए थे। दो हज़ार उन्नीस में भाजपा ने उन्हें टिकट तक नहीं दिया था। जानकारों का मानना है कांग्रेस की तरफ से तारिक अनवर और जदयू की तरफ से कमरे आलम को आगे करने के बाद भाजपा दबाव में है। शाहनवाज हुसैन, सीमांचल इलाके से आते हैं, जहां इस चुनाव में एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने पांच सीटें हासिल की हैं। एमआईएम की इलाके में बढ़त से न सिर्फ राजद और जदयू में हड़कंप मचा हुआ है, बल्कि भाजपा भी सतर्क हुई है। सीमांचल में ओवैसी की पार्टी का प्रभाव बढ़ने का नुकसान राजद और जदयू को ज्यादा दिखता है, वहीं इसके उलट भाजपा को इसका लाभ मिल सकता है। भाजपा इसी लाभ की ओर बढ़ना चाहती है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
1#पेट्रोल-#डीजल की कीमत में #लगातार #दसवें दिन #बढ़त के बाद #मंगलवार को #तेल #कंपनियों ने #एविएशन #टबाईन #फ्यूल (। ज्थ्) यानी #हवाई #ईंधन की कीमत में #16. 3 #फीसदी की #जबरदस्त #बढ़त की है. इससे #हवाई #यात्रियों को #किराये में #बढ़त की #मार #झेलनी पड़ #सकती है. 2#मंगलवार को #भारतीय #शेयर #बाजारों में भी #जबरदस्त #वापसी #हुई. सुबह #कारोबार की #शुरुआत में #सेंसेक्स #625 #अंक की #उछाल के #साथ #33,853. 72 पर खुला. #निफ्टी #उछाल के साथ #10,014. 80 पर #खुला. 3#मई #महीने के #दौरान #थोक #मूल्य #सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित #महंगाई #दर में #3. 21 #फीसदी की #गिरावट #देखी गई है. इस दौरान #ईंधन और #बिजली के #दाम #घटने से यह #गिरावट आई है, हालांकि #खाद्य #पदार्थों के #दाम बढ़े हैं. 4#रिलायंस #इंडस्ट्री के #राइट्स #इश्यू की #शेयर #बाजार में #अच्छी #कीमत पर #लिस्टिंग हुई है. #सोमवार को इसके #शेयरों की #एनएसई पर #लिस्टिंग #690 #रुपये #प्रति #शेयर की हुई, जबकि इसकी #बेस कीमत #646 #रुपये #प्रति #शेयर थी. 5#कोरोना #काल में #रेलवे द्वारा चलाई गई #श्रमिक #स्पेशल #ट्रेनों से #60 #लाख #यात्रियों को उनके #घरों तक #पहुंचाया गया. वहीं इससे #रेलवे को #360 #करोड़ #रुपये की #आय हुई, जहां #प्रत्येक #यात्री से #औसतन# #600 #रुपये का #किराया लिया गया.
एक#पेट्रोल-#डीजल की कीमत में #लगातार #दसवें दिन #बढ़त के बाद #मंगलवार को #तेल #कंपनियों ने #एविएशन #टबाईन #फ्यूल यानी #हवाई #ईंधन की कीमत में #सोलह. तीन #फीसदी की #जबरदस्त #बढ़त की है. इससे #हवाई #यात्रियों को #किराये में #बढ़त की #मार #झेलनी पड़ #सकती है. दो#मंगलवार को #भारतीय #शेयर #बाजारों में भी #जबरदस्त #वापसी #हुई. सुबह #कारोबार की #शुरुआत में #सेंसेक्स #छः सौ पच्चीस #अंक की #उछाल के #साथ #तैंतीस,आठ सौ तिरेपन. बहत्तर पर खुला. #निफ्टी #उछाल के साथ #दस,चौदह. अस्सी पर #खुला. तीन#मई #महीने के #दौरान #थोक #मूल्य #सूचकांक आधारित #महंगाई #दर में #तीन. इक्कीस #फीसदी की #गिरावट #देखी गई है. इस दौरान #ईंधन और #बिजली के #दाम #घटने से यह #गिरावट आई है, हालांकि #खाद्य #पदार्थों के #दाम बढ़े हैं. चार#रिलायंस #इंडस्ट्री के #राइट्स #इश्यू की #शेयर #बाजार में #अच्छी #कीमत पर #लिस्टिंग हुई है. #सोमवार को इसके #शेयरों की #एनएसई पर #लिस्टिंग #छः सौ नब्बे #रुपये #प्रति #शेयर की हुई, जबकि इसकी #बेस कीमत #छः सौ छियालीस #रुपये #प्रति #शेयर थी. पाँच#कोरोना #काल में #रेलवे द्वारा चलाई गई #श्रमिक #स्पेशल #ट्रेनों से #साठ #लाख #यात्रियों को उनके #घरों तक #पहुंचाया गया. वहीं इससे #रेलवे को #तीन सौ साठ #करोड़ #रुपये की #आय हुई, जहां #प्रत्येक #यात्री से #औसतन# #छः सौ #रुपये का #किराया लिया गया.