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असली वजह के बारे में अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.
नई दिल्लीः मेक्सिको (Mexico) में 'प्रेत आत्माओं' से इलाज के नाम पर एक महिला को मेंढक का धुआं दिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. हालांकि, उसकी मौत की असली वजह के बारे में अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.
डेली स्टार के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने मेक्सिको के सोनोरा में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान 41 साल के Juan Pablo और 30 साल के 41, Juan Diego के तौर पर हुई है. जो 'प्रेत आत्माओं' से इलाज करवाने का दावा करते थे. वहीं मरने वाली महिला की पहचान 31 साल की Perla N के तौर पर हुई है.
खबर के मुताबिक, इस महिला के साथ इस अजीबोगरीब पारंपरिक इलाज में 6 और लोग भी शामिल थे. दरअसल, मेक्सिको में इस पारंपरिक इलाज में लोगों को पेरुवियन मेंढक (Peruvian frog) के जहर का धुआं दिया जाता है.
मेक्सिको की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला को उसके परिजन ही इलाज के लिए ले गए थे. जहां गिरफ्त में इन दो लोगों ने दावा कि वह पारंपरिक तौर पर इलाज करते हैं. दरअसल, लैटिन अमेरिका के कई देशों में इस तरह से कई जहरीले मेंढक से लोगों का इलाज करने का दावा किया जाता है.
पोर्न स्टार ने की थी ऐसे ही हत्या !
पोर्न स्टार नाको विडल (Porn actor Nacho Vidal ) ने भी इसससे पहले फैशन फोटोग्राफर जोश लुइस (Jose Luis) को साल 2019 में कोलोराडो नदी में पाए जाने वाले टोड का जहर पारंपरिक इलाज के नाम पर दिलवाया था. फोटोग्राफर कोकीन लेने के लती थे. इसके बाद फोटोग्राफर की मौत हो गई थी.
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असली वजह के बारे में अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है. नई दिल्लीः मेक्सिको में 'प्रेत आत्माओं' से इलाज के नाम पर एक महिला को मेंढक का धुआं दिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. हालांकि, उसकी मौत की असली वजह के बारे में अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है. डेली स्टार के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने मेक्सिको के सोनोरा में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान इकतालीस साल के Juan Pablo और तीस साल के इकतालीस, Juan Diego के तौर पर हुई है. जो 'प्रेत आत्माओं' से इलाज करवाने का दावा करते थे. वहीं मरने वाली महिला की पहचान इकतीस साल की Perla N के तौर पर हुई है. खबर के मुताबिक, इस महिला के साथ इस अजीबोगरीब पारंपरिक इलाज में छः और लोग भी शामिल थे. दरअसल, मेक्सिको में इस पारंपरिक इलाज में लोगों को पेरुवियन मेंढक के जहर का धुआं दिया जाता है. मेक्सिको की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला को उसके परिजन ही इलाज के लिए ले गए थे. जहां गिरफ्त में इन दो लोगों ने दावा कि वह पारंपरिक तौर पर इलाज करते हैं. दरअसल, लैटिन अमेरिका के कई देशों में इस तरह से कई जहरीले मेंढक से लोगों का इलाज करने का दावा किया जाता है. पोर्न स्टार ने की थी ऐसे ही हत्या ! पोर्न स्टार नाको विडल ने भी इसससे पहले फैशन फोटोग्राफर जोश लुइस को साल दो हज़ार उन्नीस में कोलोराडो नदी में पाए जाने वाले टोड का जहर पारंपरिक इलाज के नाम पर दिलवाया था. फोटोग्राफर कोकीन लेने के लती थे. इसके बाद फोटोग्राफर की मौत हो गई थी.
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रांचीः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 28 और 29 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर झारखंड आ रहे हैं. इस दो दिवसीय दौरे के दौरान रांची, गुमला सहित देवघर में उनका कार्यक्रम होगा.
राष्ट्रपति 28 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर रांची के बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट पंहुचेंगे. उसी दिन अपराह्न 4.40 बजे से 5.30 बजे तक रांची के चेरी मनातू स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी, झारखंड के कार्यक्रम में भाग लेंगे. वे यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे और उसके नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करेंगे.
अगले दिन 29 फरवरी को राष्ट्रपति गुमला जिले के बिशुनपुर में 10.20 बजे से 11.30 बजे तक विकास भारती के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. उसी दिन दोपहर एक बजे वे देवघर पहुंच कर बाबा वैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे.
राष्ट्रपति 1 मार्च को पूर्वाह्न 10 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे.
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रांचीः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अट्ठाईस और उनतीस फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर झारखंड आ रहे हैं. इस दो दिवसीय दौरे के दौरान रांची, गुमला सहित देवघर में उनका कार्यक्रम होगा. राष्ट्रपति अट्ठाईस फरवरी को दोपहर एक बजकर पैंतीस मिनट पर रांची के बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट पंहुचेंगे. उसी दिन अपराह्न चार.चालीस बजे से पाँच.तीस बजे तक रांची के चेरी मनातू स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी, झारखंड के कार्यक्रम में भाग लेंगे. वे यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे और उसके नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करेंगे. अगले दिन उनतीस फरवरी को राष्ट्रपति गुमला जिले के बिशुनपुर में दस.बीस बजे से ग्यारह.तीस बजे तक विकास भारती के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. उसी दिन दोपहर एक बजे वे देवघर पहुंच कर बाबा वैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे. राष्ट्रपति एक मार्च को पूर्वाह्न दस बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे.
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हिन्दू कैलंडर के हिसाब से पहला महिना चैत्र का होता है. इसलिए साल के पहले दिन से नौ दिनों तक देवी माँ की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि को वसन्त या वासंतिक नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है और इसी माह के अंतिम दिन को भगवन राम के जन्मदिन के तौर पर भी मनाया जाता है इसीलिए इनको राम नवरात्रि भी कहा जाता है.
इस वर्ष मां दुर्गा की पूजा का ये पर्व इस बार 6 अप्रैल 2019 शनिवार से शुरू हो रहा है, जो 14 अप्रैल को राम नवमी के त्योहार के साथ सम्पन्न पूर्ण होगा. इस बार नवरात्रि 8 दिनों की हैं और देवी मां इस वर्ष घोड़े पर सवार होकर आयेंगी. नवरात्रि के पर्व पर देवी के नौ शक्ति रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, और सिद्धिदात्री की पूजा होती है.
आपको बता दें कि उत्तरी भारत में जहां चैत्र नवरात्रि प्रचलित है, वहीं महाराष्ट्र में इसकी शुरुआत गुड़ी पड़वा के तौर पर और आन्ध्र प्रदेश व कर्नाटक में उगादी के नाम से होती है. माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि के समय मां दुर्गा स्वयं धरती पर आती हैं, इसलिए उनकी पूजा से इच्छित फल की प्राप्ति होती है.
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हिन्दू कैलंडर के हिसाब से पहला महिना चैत्र का होता है. इसलिए साल के पहले दिन से नौ दिनों तक देवी माँ की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि को वसन्त या वासंतिक नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है और इसी माह के अंतिम दिन को भगवन राम के जन्मदिन के तौर पर भी मनाया जाता है इसीलिए इनको राम नवरात्रि भी कहा जाता है. इस वर्ष मां दुर्गा की पूजा का ये पर्व इस बार छः अप्रैल दो हज़ार उन्नीस शनिवार से शुरू हो रहा है, जो चौदह अप्रैल को राम नवमी के त्योहार के साथ सम्पन्न पूर्ण होगा. इस बार नवरात्रि आठ दिनों की हैं और देवी मां इस वर्ष घोड़े पर सवार होकर आयेंगी. नवरात्रि के पर्व पर देवी के नौ शक्ति रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, और सिद्धिदात्री की पूजा होती है. आपको बता दें कि उत्तरी भारत में जहां चैत्र नवरात्रि प्रचलित है, वहीं महाराष्ट्र में इसकी शुरुआत गुड़ी पड़वा के तौर पर और आन्ध्र प्रदेश व कर्नाटक में उगादी के नाम से होती है. माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि के समय मां दुर्गा स्वयं धरती पर आती हैं, इसलिए उनकी पूजा से इच्छित फल की प्राप्ति होती है.
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चाय के साथ। हमेशा कुछ नमकीन खाने का दिल करता है, तो अगर आप पकौड़े, समोसे नहीं खाना चाहते, तो चावल की पापड़ी एक अच्छा कॉम्बिनेशन हो सकता है। जान लें इसे बनाने का तरीका।
विधि :
- एक बड़े बाउल में चावल का आटा, जीरा, तिल, काली मिर्च और नमक मिक्स करें।
- पहले इन्हें सूखे हाथों से ही मिला लें फिर इसमें घी डालकर एक बार और अच्छे से मिक्स करें। अब इसमें उड़द दाल और मूंग दाल मिक्स करना है। इसके साथ ही करी पत्ते, धनिया, अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च भी मिला दें।
- सारी चीज़ों को डालने के बाद पानी की मदद से आटा गूंथना है। ध्यान रहे आटा गूंथने के लिए हल्का गुनगुना पानी यूज करना है।
- थोड़ी देर के लिए ढककर रख दें जिससे ये अच्छी तरह सेट हो जाए।
- अब हाथों में तेल लगाकर इसकी छोटी-छोटी लोइयां बना लें और उसे हाथों की ही मदद से किनारों औऱ बीच से एकदम पतला कर लें जिससे ये एकदम क्रिस्पी और करारी बनेगी।
- कड़ाही में तेल गर्म होने के लिए रख दें। उसमें इन पापड़ियों को हल्का सुनहरा होने तक दोनों तरफ से फ्राई कर लें।
- हल्का ठंडा होने के बाद इन्हें किसी एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख दें। एंजॉय करें चाय के साथ।
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चाय के साथ। हमेशा कुछ नमकीन खाने का दिल करता है, तो अगर आप पकौड़े, समोसे नहीं खाना चाहते, तो चावल की पापड़ी एक अच्छा कॉम्बिनेशन हो सकता है। जान लें इसे बनाने का तरीका। विधि : - एक बड़े बाउल में चावल का आटा, जीरा, तिल, काली मिर्च और नमक मिक्स करें। - पहले इन्हें सूखे हाथों से ही मिला लें फिर इसमें घी डालकर एक बार और अच्छे से मिक्स करें। अब इसमें उड़द दाल और मूंग दाल मिक्स करना है। इसके साथ ही करी पत्ते, धनिया, अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च भी मिला दें। - सारी चीज़ों को डालने के बाद पानी की मदद से आटा गूंथना है। ध्यान रहे आटा गूंथने के लिए हल्का गुनगुना पानी यूज करना है। - थोड़ी देर के लिए ढककर रख दें जिससे ये अच्छी तरह सेट हो जाए। - अब हाथों में तेल लगाकर इसकी छोटी-छोटी लोइयां बना लें और उसे हाथों की ही मदद से किनारों औऱ बीच से एकदम पतला कर लें जिससे ये एकदम क्रिस्पी और करारी बनेगी। - कड़ाही में तेल गर्म होने के लिए रख दें। उसमें इन पापड़ियों को हल्का सुनहरा होने तक दोनों तरफ से फ्राई कर लें। - हल्का ठंडा होने के बाद इन्हें किसी एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख दें। एंजॉय करें चाय के साथ।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शनिवार को अपना 66वां जन्मदिन मनाया है। दुनियाभर की हस्तियों ने मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है। इस मौके पर वे गुजरात गए थे, जहां उन्होंने सबसे पहले मां हीराबा का आशीर्वाद लिया। मां से मिलने के लिए बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांगों को उपकरण बाटें और सभा को संबोधित किया। सभा में पीएम मोदी एक दिव्यांग बच्ची को गोद में उठाकर मंच तक पहुंचे। बच्ची ने माइक पर रामायण सुनाई, जिसके बाद पूरी सभा तालियों की आवाज से गूंज उठी।
दरअसल छोटी बच्ची गौरी शार्दुल देख नहीं सकती, लेकिन उसे रामायण मुह जुबानी याद है। कार्यक्रम के दौरान वह पीएम मोदी से बात करने और उनसे स्पेशल किट लेने के लिए स्टेज पर आई थी। सफेद फ्रॉक और लाल रंग का हेयरबैंड लगाकर आई गौरी को ब्रेल किट देने के बाद पीएम मोदी ने उससे थोड़ी बात की। बच्ची ने पहले तो वहीं पर पीएम को रामायण सुनाई, जिसे सुन पीएम मोदी को लगा कि माइक पर गौरी की आवाज ज्यादा बेहतर रहेगी।
इसके बाद प्रधानमंत्री उस बच्ची का हाथ पकड़कर उसे माइक तक ले गए। उन्होंने गौरी को गोद में उठा लिया और माइक सौंपते हुए उसे रामायण सुनाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा, 'बोलो बेटा. ' बच्ची थोड़ी घबराई सी लग रही थी, मगर वह शुरू हो जाती है। पहले वह अपना परिचय देते हुए कहती है, "मैं गौरी हूं। पूजा और योगी राज शार्दुल जी की दिव्यांग बेटी। मैं कक्षा 1 में पढ़ती हूं। " तभी प्रधानमंत्री उसे रामायण सुनाने को कहते हैं और बच्ची सुनाने लगती है। बच्ची से रामायण सुनकर सभी ने उसके लिए तालियां बजाईं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उसके सिर पर हाथ रखा। प्रधानमंत्री ने इसे अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शनिवार को अपना छयासठवां जन्मदिन मनाया है। दुनियाभर की हस्तियों ने मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है। इस मौके पर वे गुजरात गए थे, जहां उन्होंने सबसे पहले मां हीराबा का आशीर्वाद लिया। मां से मिलने के लिए बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांगों को उपकरण बाटें और सभा को संबोधित किया। सभा में पीएम मोदी एक दिव्यांग बच्ची को गोद में उठाकर मंच तक पहुंचे। बच्ची ने माइक पर रामायण सुनाई, जिसके बाद पूरी सभा तालियों की आवाज से गूंज उठी। दरअसल छोटी बच्ची गौरी शार्दुल देख नहीं सकती, लेकिन उसे रामायण मुह जुबानी याद है। कार्यक्रम के दौरान वह पीएम मोदी से बात करने और उनसे स्पेशल किट लेने के लिए स्टेज पर आई थी। सफेद फ्रॉक और लाल रंग का हेयरबैंड लगाकर आई गौरी को ब्रेल किट देने के बाद पीएम मोदी ने उससे थोड़ी बात की। बच्ची ने पहले तो वहीं पर पीएम को रामायण सुनाई, जिसे सुन पीएम मोदी को लगा कि माइक पर गौरी की आवाज ज्यादा बेहतर रहेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री उस बच्ची का हाथ पकड़कर उसे माइक तक ले गए। उन्होंने गौरी को गोद में उठा लिया और माइक सौंपते हुए उसे रामायण सुनाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा, 'बोलो बेटा. ' बच्ची थोड़ी घबराई सी लग रही थी, मगर वह शुरू हो जाती है। पहले वह अपना परिचय देते हुए कहती है, "मैं गौरी हूं। पूजा और योगी राज शार्दुल जी की दिव्यांग बेटी। मैं कक्षा एक में पढ़ती हूं। " तभी प्रधानमंत्री उसे रामायण सुनाने को कहते हैं और बच्ची सुनाने लगती है। बच्ची से रामायण सुनकर सभी ने उसके लिए तालियां बजाईं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उसके सिर पर हाथ रखा। प्रधानमंत्री ने इसे अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया।
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मीरा नायर की एल्डट फ़िल्म कामसूत्र जो भारत में बैन कर दी गई थी पूरी तरह प्राचीनकालिन भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित थी.
इस फ़िल्म में सरिता चौधरी ने रानी का रोल किया था जो ब्रिटिश इंडियन है यानि आधी बंगाली और आधी ब्रिटिश. इसके अलावा मिसीसिपी मसाला, द एक्सीडेंटल हसबंड और 3 एम जैसी फ़िल्मों में वो नजर आ चुकी है.
सरिता के अलावा इंदिरा वर्मा ने फ़िल्म कामसूत्र में माया नाम का बेहद बोल्ड रोल किया था.
आपको बता दे कि माया की मम्मी स्वीस और पिता भारतीय है माया इंग्लैड में ही पली बढ़ी है. ऐश्वर्या रॉय की फ़िल्म ब्राईड एंड प्रिज्यूडियस में भी सरिता बहन के किरदार में नजर आई थी.
मीरा नायर की ही फ़िल्म कामसूत्र में लंदन में जन्मे एंड्रयू ने एक राजा का महत्वपूर्ण रोल किया था. इसके बाद वो ब्राईड एंड प्रिज्यूडियस जैसी फ़िल्म में नज़र आए.
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मीरा नायर की एल्डट फ़िल्म कामसूत्र जो भारत में बैन कर दी गई थी पूरी तरह प्राचीनकालिन भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित थी. इस फ़िल्म में सरिता चौधरी ने रानी का रोल किया था जो ब्रिटिश इंडियन है यानि आधी बंगाली और आधी ब्रिटिश. इसके अलावा मिसीसिपी मसाला, द एक्सीडेंटल हसबंड और तीन एम जैसी फ़िल्मों में वो नजर आ चुकी है. सरिता के अलावा इंदिरा वर्मा ने फ़िल्म कामसूत्र में माया नाम का बेहद बोल्ड रोल किया था. आपको बता दे कि माया की मम्मी स्वीस और पिता भारतीय है माया इंग्लैड में ही पली बढ़ी है. ऐश्वर्या रॉय की फ़िल्म ब्राईड एंड प्रिज्यूडियस में भी सरिता बहन के किरदार में नजर आई थी. मीरा नायर की ही फ़िल्म कामसूत्र में लंदन में जन्मे एंड्रयू ने एक राजा का महत्वपूर्ण रोल किया था. इसके बाद वो ब्राईड एंड प्रिज्यूडियस जैसी फ़िल्म में नज़र आए.
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एक तरफ जहां देश व दुनिया भर में महामारी कोरोना की संक्रमण ने हाहाकार मचा रखा है। वहीं दूसरी तरफ देश के किसी न किसी राज्य में आगजनी जैसी घटनाएं भी तहलका मचाई हुई हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के कोल्हापुर के एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की खबर सामने आई है। खबर है कि, महाराष्ट्र के कोल्हापुर (Maharashtra Kolhapur) में आज सोमवार को एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आज सोमवार को कोल्हापुर की केमिकल फैक्ट्री में आग लग गई। आग इतनी भीषण है कि, घटनास्थल से भयानक लपटें और काला धुंआ उठता हुआ दिखाई दे रहा है। आग लगने के सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं। फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है। हालांकि, अभी तक घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों ने बाताया कि, सुबह-सुबह अचानक फैक्ट्री से धुंआ निकला, तो इलाके में अफरा-तफरी मच गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। फिर कुछ ही देर बाद काफी दूर से आग के धुएं का गुब्बार आसमान में दिखने लगा। इस आग को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
वहीं केमिकल फैक्ट्री में लगी आग का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि, आग की भयानक लपटें और काला धुंआ उठता दिख रहा है। आग लगने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है।
बता दें कि, इससे पहले शनिवार को मुंबई के तारदेव इलाके में 20 मंजिला इमारत में आग लग गई थी। आग 18वीं मंजिल पर लगी थी, जिसे बुझाने के लिए 13 दमकल की गाड़ियों को लगाया गया था। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई बुरी तरह झुलस गए थे। नगर निगम के अधिकारी ने डॉक्टरों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि, बीवाईएल नायर अस्पताल में भर्ती 38 वर्षीय मरीज को सुबह सात बजे मृत घोषित कर दिया गया।
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एक तरफ जहां देश व दुनिया भर में महामारी कोरोना की संक्रमण ने हाहाकार मचा रखा है। वहीं दूसरी तरफ देश के किसी न किसी राज्य में आगजनी जैसी घटनाएं भी तहलका मचाई हुई हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के कोल्हापुर के एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की खबर सामने आई है। खबर है कि, महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आज सोमवार को एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आज सोमवार को कोल्हापुर की केमिकल फैक्ट्री में आग लग गई। आग इतनी भीषण है कि, घटनास्थल से भयानक लपटें और काला धुंआ उठता हुआ दिखाई दे रहा है। आग लगने के सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं। फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है। हालांकि, अभी तक घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों ने बाताया कि, सुबह-सुबह अचानक फैक्ट्री से धुंआ निकला, तो इलाके में अफरा-तफरी मच गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। फिर कुछ ही देर बाद काफी दूर से आग के धुएं का गुब्बार आसमान में दिखने लगा। इस आग को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं केमिकल फैक्ट्री में लगी आग का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि, आग की भयानक लपटें और काला धुंआ उठता दिख रहा है। आग लगने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। बता दें कि, इससे पहले शनिवार को मुंबई के तारदेव इलाके में बीस मंजिला इमारत में आग लग गई थी। आग अट्ठारहवीं मंजिल पर लगी थी, जिसे बुझाने के लिए तेरह दमकल की गाड़ियों को लगाया गया था। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई बुरी तरह झुलस गए थे। नगर निगम के अधिकारी ने डॉक्टरों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि, बीवाईएल नायर अस्पताल में भर्ती अड़तीस वर्षीय मरीज को सुबह सात बजे मृत घोषित कर दिया गया। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
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Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय कार्य समिति की बैठक राजधानी रांची के हरमू स्थित स्थानीय सोहराय भवन में शुरू हो गई. बैठक में पार्टी सुप्रीमो और केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष सह सीएम हेमंत सोरेन सहित झामुमो के एमपी, एमएलए और जिला अध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्ष मौजूद हैं. बैठक में संगठन मजबूती,सदस्यता अभियान पर चर्चा हुई है. इसके अलावा हेमंत सोरेन सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकार द्वारा विकास योजनाओं की प्रगति और आगे की योजना पर भी चर्चा हुई. साथ ही नेताओं को विपक्षी दल भाजपा के सवालों का कैसे जवाब देना है,पार्टी की आगे की क्या रणनीति होगी,आने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति कैसे और भी मजबूत होगी, इन सभी विषयों पर चर्चा हुई है. साथ ही नेताओं को कई टास्क भी दिए जाने पर सहमति बनी है.
बैठक में केंद्रीय महासचिव विनोद पाण्डेय,राज्यसभा सांसद महुआ मांजी, विधायक नलिन सोरेन, विधायक सीता सोरेन, बैजनाथ राम, लोबिन हेंब्रम, सभी जिलाध्यक्ष व प्रखंड अध्यक्ष सहित कई नेता मौजूद थे.
आज की केंद्रीय समिति की बैठक में जिलाध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों को शामिल होना था लेकिन धनबाद के प्रखंड अध्यक्षों का हुजूम गेट के बाहर खड़ा था. उनलोगों को गेट के बाहर ही खड़ा रखा गया था. गेट के बाहर खड़ा होकर वे लोग लगातार विरोध कर रहे थे.
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Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय कार्य समिति की बैठक राजधानी रांची के हरमू स्थित स्थानीय सोहराय भवन में शुरू हो गई. बैठक में पार्टी सुप्रीमो और केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष सह सीएम हेमंत सोरेन सहित झामुमो के एमपी, एमएलए और जिला अध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्ष मौजूद हैं. बैठक में संगठन मजबूती,सदस्यता अभियान पर चर्चा हुई है. इसके अलावा हेमंत सोरेन सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकार द्वारा विकास योजनाओं की प्रगति और आगे की योजना पर भी चर्चा हुई. साथ ही नेताओं को विपक्षी दल भाजपा के सवालों का कैसे जवाब देना है,पार्टी की आगे की क्या रणनीति होगी,आने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति कैसे और भी मजबूत होगी, इन सभी विषयों पर चर्चा हुई है. साथ ही नेताओं को कई टास्क भी दिए जाने पर सहमति बनी है. बैठक में केंद्रीय महासचिव विनोद पाण्डेय,राज्यसभा सांसद महुआ मांजी, विधायक नलिन सोरेन, विधायक सीता सोरेन, बैजनाथ राम, लोबिन हेंब्रम, सभी जिलाध्यक्ष व प्रखंड अध्यक्ष सहित कई नेता मौजूद थे. आज की केंद्रीय समिति की बैठक में जिलाध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों को शामिल होना था लेकिन धनबाद के प्रखंड अध्यक्षों का हुजूम गेट के बाहर खड़ा था. उनलोगों को गेट के बाहर ही खड़ा रखा गया था. गेट के बाहर खड़ा होकर वे लोग लगातार विरोध कर रहे थे.
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उन्नाव। एक सप्ताह के अंदर सब्जियों के दाम आसमान पर जा पहुंचे हैं। बाजार में सब्जियों की आवक कम होने के साथ ही दाम बढ़ते जा रहे हैं। जिसमें सबसे अधिक तेजी टमाटर के दामों ने पकड़ रखी है। टमाटर के दाम बीते सात दिनों में आसमान छू रहे हैं। लगातार बढ़ते सब्जियों के दाम से रसोई का बजट भी बिगड़ने लगा है।
शहर के सब्जी मंडी में दुकान करने वाले संतोष ने बताया कि जुलाई की माह में सब्जियों की आवक कम होने लगती है। टमाटर की पैदावार भी कम होती है। इसकी वजह से उसके रेट लगातार बढ़ रहे हैं। एक सप्ताह पहले जहां टमाटर के दाम 60 रुपये थे वहीं अब टमाटर के रेट 80 रुपये किलो तक जा पहुंचे हैं।
सब्जी व्यापारियों का कहना है कि मंडी में माल कम आने से सब्जियों के रेट बढ़ रहे हैं। वहीं बड़ी मंडियों में मौसम खराब होने से ट्रक भी नहीं पहुंच रहे। रास्तों में ट्रक फंस रहे हैं। वहीं जीएसटी ने भी ट्रांसपोर्ट को प्रभावित किया है। सब्जियों के दाम बढऩे की एक वजह यह भी है। इससे सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं।
शुक्रवार को सब्जी खरीदने पहुंची गृहणी रेशमी त्रिवेदी ने बताया कि टमाटर के रेट बढ़ते ही जा रहे हैं। शुक्रवार को बाजार में टमाटर 80 रुपये किला था। जबकि बैंगन के रेट 30 से 40 रुपए, कद्दू 40 रुपये, प्याज 15 रुपये और भिंडी 48 रुपये किलो थी। रेशमी ने बताया कि सब्जियों को लेकर जो बजट वह बनाती थी अब उससे कहीं अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। सब्जियों पर अब दोगुना खर्च आ रहा है।
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उन्नाव। एक सप्ताह के अंदर सब्जियों के दाम आसमान पर जा पहुंचे हैं। बाजार में सब्जियों की आवक कम होने के साथ ही दाम बढ़ते जा रहे हैं। जिसमें सबसे अधिक तेजी टमाटर के दामों ने पकड़ रखी है। टमाटर के दाम बीते सात दिनों में आसमान छू रहे हैं। लगातार बढ़ते सब्जियों के दाम से रसोई का बजट भी बिगड़ने लगा है। शहर के सब्जी मंडी में दुकान करने वाले संतोष ने बताया कि जुलाई की माह में सब्जियों की आवक कम होने लगती है। टमाटर की पैदावार भी कम होती है। इसकी वजह से उसके रेट लगातार बढ़ रहे हैं। एक सप्ताह पहले जहां टमाटर के दाम साठ रुपयापये थे वहीं अब टमाटर के रेट अस्सी रुपयापये किलो तक जा पहुंचे हैं। सब्जी व्यापारियों का कहना है कि मंडी में माल कम आने से सब्जियों के रेट बढ़ रहे हैं। वहीं बड़ी मंडियों में मौसम खराब होने से ट्रक भी नहीं पहुंच रहे। रास्तों में ट्रक फंस रहे हैं। वहीं जीएसटी ने भी ट्रांसपोर्ट को प्रभावित किया है। सब्जियों के दाम बढऩे की एक वजह यह भी है। इससे सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को सब्जी खरीदने पहुंची गृहणी रेशमी त्रिवेदी ने बताया कि टमाटर के रेट बढ़ते ही जा रहे हैं। शुक्रवार को बाजार में टमाटर अस्सी रुपयापये किला था। जबकि बैंगन के रेट तीस से चालीस रुपयापए, कद्दू चालीस रुपयापये, प्याज पंद्रह रुपयापये और भिंडी अड़तालीस रुपयापये किलो थी। रेशमी ने बताया कि सब्जियों को लेकर जो बजट वह बनाती थी अब उससे कहीं अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। सब्जियों पर अब दोगुना खर्च आ रहा है। ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।
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१.१. अन्यमनस्कता
प्रान्तके लिये एक ही तरह के प्रश्नपत्र छपकर आते थे । हम उर्दूवालोंके पर्चे नस्तालोकमें नहीं बल्कि कांटेवाले टाइपमें छपे होते थे। देखनेमें तो खैर वे भद्दे होते ही है, साथ ही उनके पढ़नेमे विद्यार्थियोंको दिक्कत भी होती है। हम लोगोंको प्रायः सारी ही पुस्तकें नस्तालीकमें छपी थीं, इसलिये हमारे वास्ते और भी दिक्कत थी । और मुझे तो इन कँटीले टाइपोंका गुन और भी नही भूल सकता, क्योंकि मेरे जीवन प्रवाहको एक दूसरी धारामें बहानेमें उनका भी खास हाथ था। मेरे फेल होनेकी तो कोई सम्भावना थी नही; हा, सवा साल पढाई छोड़कर पहिलेके पढ़ेको भुलवा देने तथा पाठ्य पुस्तकोके परिवर्तन के बाद भी लोगोंकी राय थी, कि मुझे सरकारी छात्रवृत्ति मिलेगी। लेकिन जब इन कटीले टाइपोंमें छपे अनुवादके पर्चेमें 'इलाहाबाद' या 'अल्लाह अल्लाह' मेसे एककी जगह दूसरा पढ़कर मैने सारे अनुवाद हीको उल्टा कर डाला, तो मुझे तो पूरा सन्देह हो गया ।
परीक्षा देकर में कर्नला चला आया । अबको एकसे अधिक बार उमरपुरके परमहंस बाबाकी कुटीपर गया। परमहस बाबाके बारेमें चारों ओर ख्याति थी, कि वे १२० वर्षके है । आसपासके कितने ही बूढ़े आदमी गंगा-तुलसी उठानेके लिये तैयार थे, कि पिछले पचास सालोंसे वे उन्हें उसी सूरतमें देख रहे हैं। परमहंस बाबा अपने जन्मस्थान पोखरा (नेपाल) से काशी विद्या पढ़ने आये थे । वहीं वैराग्य हुआ, और सन्यासी हो गये । बनारसमें जब रेल आयो, तो वे राजघाटको एक गुफामें योगाभ्यास करते थे। किसी अपने भक्तसे उन्होने रेलसे दूर ले चलनेके लिये कहा, जिसपर वह उन्हें कटहनसे दक्खिनके अपने गांवमें ले आया । एकाध जगह कुटी बदलनेके बाद आसपास के गांवोसे मोल-मील पोन-पौन मील दूर मँगई नदीके दाहिने तटको अपने लिए पसन्द किया। जल्दी ही वहां उनके लिए कुटी बन गई । एक दो कोठरी ओर बरांडेवाली खपड़ैलसे छाई मूल कुटी थी। इसके चारो ओर खपड़लसे छाई कच्ची चहारदीवारी । इस चहारदीवारीके बाहर एक और बड़ा हाता-मिट्टीके ऊंचे 'खावें' (परिखा) से घिरा था, जिसके भीतर दो पोखरियाँ, एक झोंपड़ी और बहुतसी खाली जगह थी । उत्तरवाली पोखरीमें पक्की सीढ़ियां थी; और इसमें परमहंस बाबाको छोड़कर कोई दूसरा, नहाने-धोनेकी तो बात ही क्या आचमन भी नहीं कर सकता था। पूरबवाली पोखरी सार्वजनिक सम्पत्ति थी। भीतरी चहारदीवारीके दरवाजेके बाहर पूरवमुंहकी एक फूसकी झोपड़ी थी, जिसमें सहय भक्त लोग बैठा करते थे। हां, सहय भक्त इसलिए कहता हूँ, कि परमहंस बाबा भक्तोंको भी असह्य समझते थे। कुटीके बाहरी हातेके भीतर घुसनेपर भी कितनोपर मार पड़ती थी। चरवाहे हरके मारे अपने पशुओंको दूर रखते थे। यह डर मारका उतना नही था, जितना परमहंस बाबाके सिद्धबलका । आसपासके साधारण लोग ही नहीं, फूफा महादेव
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एक.एक. अन्यमनस्कता प्रान्तके लिये एक ही तरह के प्रश्नपत्र छपकर आते थे । हम उर्दूवालोंके पर्चे नस्तालोकमें नहीं बल्कि कांटेवाले टाइपमें छपे होते थे। देखनेमें तो खैर वे भद्दे होते ही है, साथ ही उनके पढ़नेमे विद्यार्थियोंको दिक्कत भी होती है। हम लोगोंको प्रायः सारी ही पुस्तकें नस्तालीकमें छपी थीं, इसलिये हमारे वास्ते और भी दिक्कत थी । और मुझे तो इन कँटीले टाइपोंका गुन और भी नही भूल सकता, क्योंकि मेरे जीवन प्रवाहको एक दूसरी धारामें बहानेमें उनका भी खास हाथ था। मेरे फेल होनेकी तो कोई सम्भावना थी नही; हा, सवा साल पढाई छोड़कर पहिलेके पढ़ेको भुलवा देने तथा पाठ्य पुस्तकोके परिवर्तन के बाद भी लोगोंकी राय थी, कि मुझे सरकारी छात्रवृत्ति मिलेगी। लेकिन जब इन कटीले टाइपोंमें छपे अनुवादके पर्चेमें 'इलाहाबाद' या 'अल्लाह अल्लाह' मेसे एककी जगह दूसरा पढ़कर मैने सारे अनुवाद हीको उल्टा कर डाला, तो मुझे तो पूरा सन्देह हो गया । परीक्षा देकर में कर्नला चला आया । अबको एकसे अधिक बार उमरपुरके परमहंस बाबाकी कुटीपर गया। परमहस बाबाके बारेमें चारों ओर ख्याति थी, कि वे एक सौ बीस वर्षके है । आसपासके कितने ही बूढ़े आदमी गंगा-तुलसी उठानेके लिये तैयार थे, कि पिछले पचास सालोंसे वे उन्हें उसी सूरतमें देख रहे हैं। परमहंस बाबा अपने जन्मस्थान पोखरा से काशी विद्या पढ़ने आये थे । वहीं वैराग्य हुआ, और सन्यासी हो गये । बनारसमें जब रेल आयो, तो वे राजघाटको एक गुफामें योगाभ्यास करते थे। किसी अपने भक्तसे उन्होने रेलसे दूर ले चलनेके लिये कहा, जिसपर वह उन्हें कटहनसे दक्खिनके अपने गांवमें ले आया । एकाध जगह कुटी बदलनेके बाद आसपास के गांवोसे मोल-मील पोन-पौन मील दूर मँगई नदीके दाहिने तटको अपने लिए पसन्द किया। जल्दी ही वहां उनके लिए कुटी बन गई । एक दो कोठरी ओर बरांडेवाली खपड़ैलसे छाई मूल कुटी थी। इसके चारो ओर खपड़लसे छाई कच्ची चहारदीवारी । इस चहारदीवारीके बाहर एक और बड़ा हाता-मिट्टीके ऊंचे 'खावें' से घिरा था, जिसके भीतर दो पोखरियाँ, एक झोंपड़ी और बहुतसी खाली जगह थी । उत्तरवाली पोखरीमें पक्की सीढ़ियां थी; और इसमें परमहंस बाबाको छोड़कर कोई दूसरा, नहाने-धोनेकी तो बात ही क्या आचमन भी नहीं कर सकता था। पूरबवाली पोखरी सार्वजनिक सम्पत्ति थी। भीतरी चहारदीवारीके दरवाजेके बाहर पूरवमुंहकी एक फूसकी झोपड़ी थी, जिसमें सहय भक्त लोग बैठा करते थे। हां, सहय भक्त इसलिए कहता हूँ, कि परमहंस बाबा भक्तोंको भी असह्य समझते थे। कुटीके बाहरी हातेके भीतर घुसनेपर भी कितनोपर मार पड़ती थी। चरवाहे हरके मारे अपने पशुओंको दूर रखते थे। यह डर मारका उतना नही था, जितना परमहंस बाबाके सिद्धबलका । आसपासके साधारण लोग ही नहीं, फूफा महादेव
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कौन सा माली अपने बगीचे को सजाने नहीं चाहता हैकम से कम एक गुलाब झाड़ी? ये फूल अद्भुत सौंदर्य, सुखद सुगंध और विभिन्न प्रकार के किस्मों से विस्मित हैं, जिनमें से ग्रैंडफ्लोरा का गुलाब बाहर खड़ा है।
समय-समय पर, यह ट्रिम करने के लिए आवश्यक हैपौधे एक झाड़ी बनाने के लिए अन्यथा, ग्रैंडफ्लोरा गुलाब को अधिकांश बगीचों की फसलों के समान देखभाल की आवश्यकता होती हैः जल, निषेचन, मिट्टी की ढीली, तलछट को हटाने और ठंढ से आश्रय।
झाड़ी को पानी भरना, प्रचुर होना चाहिए, इसके आधार पर होना चाहिएमौसम, औसतन 1 बार एक सप्ताह। संयंत्र के चारों ओर जमीन को अच्छी तरह से और अच्छी तरह से ढकने के बाद। एक शीर्ष ड्रेसिंग के रूप में विशेष खनिज और जैविक उर्वरक लागू होते हैं। उनमें से बल्क वसंत में लाए जाते हैं, जब वनस्पति अवधि आती है, और फूलों के दौरान। शीतकालीन आश्रय के लिए सुइयों और फिल्म का उपयोग, पृथ्वी के साथ हल्के ढंग से इसे छिड़काते हुए।
इस समूह में पौधों को शामिल किया गया है जो बहुत विविध हैं। प्रत्येक के अपने गुण हैं, लेकिन वे माली और असली पालतू जानवरों के साथ मिलते हैं।
गुलाब के सजावटी गुणों के लिए धन्यवादग्रैंडिफ्लोरा समूह रोपण और कटौती के लिए दोनों का उपयोग किया जाता है। यह एक वास्तविक उद्यान सजावट है, जो सफलतापूर्वक जड़ी-बूटियों के बारहमासी के साथ मिलती है। इसका उपयोग एक कब्र, हेज और साइट डिज़ाइन के किसी भी अन्य रूप के रूप में किया जाता है, जिसे इस पौधे की लंबी फूल अवधि के साथ-साथ समृद्ध हरी द्रव्यमान की उपस्थिति से बढ़ावा दिया जाता है।
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कौन सा माली अपने बगीचे को सजाने नहीं चाहता हैकम से कम एक गुलाब झाड़ी? ये फूल अद्भुत सौंदर्य, सुखद सुगंध और विभिन्न प्रकार के किस्मों से विस्मित हैं, जिनमें से ग्रैंडफ्लोरा का गुलाब बाहर खड़ा है। समय-समय पर, यह ट्रिम करने के लिए आवश्यक हैपौधे एक झाड़ी बनाने के लिए अन्यथा, ग्रैंडफ्लोरा गुलाब को अधिकांश बगीचों की फसलों के समान देखभाल की आवश्यकता होती हैः जल, निषेचन, मिट्टी की ढीली, तलछट को हटाने और ठंढ से आश्रय। झाड़ी को पानी भरना, प्रचुर होना चाहिए, इसके आधार पर होना चाहिएमौसम, औसतन एक बार एक सप्ताह। संयंत्र के चारों ओर जमीन को अच्छी तरह से और अच्छी तरह से ढकने के बाद। एक शीर्ष ड्रेसिंग के रूप में विशेष खनिज और जैविक उर्वरक लागू होते हैं। उनमें से बल्क वसंत में लाए जाते हैं, जब वनस्पति अवधि आती है, और फूलों के दौरान। शीतकालीन आश्रय के लिए सुइयों और फिल्म का उपयोग, पृथ्वी के साथ हल्के ढंग से इसे छिड़काते हुए। इस समूह में पौधों को शामिल किया गया है जो बहुत विविध हैं। प्रत्येक के अपने गुण हैं, लेकिन वे माली और असली पालतू जानवरों के साथ मिलते हैं। गुलाब के सजावटी गुणों के लिए धन्यवादग्रैंडिफ्लोरा समूह रोपण और कटौती के लिए दोनों का उपयोग किया जाता है। यह एक वास्तविक उद्यान सजावट है, जो सफलतापूर्वक जड़ी-बूटियों के बारहमासी के साथ मिलती है। इसका उपयोग एक कब्र, हेज और साइट डिज़ाइन के किसी भी अन्य रूप के रूप में किया जाता है, जिसे इस पौधे की लंबी फूल अवधि के साथ-साथ समृद्ध हरी द्रव्यमान की उपस्थिति से बढ़ावा दिया जाता है।
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Israel air strikes on Gaza Strip : गाजा में हवाई हमले शुरू होने के बाद इजरायल के शहरों एवं कस्बों में चेतावनी भरे सायरन बजाए गए। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) का कहना है कि उसने लेबनान में भी हमले किए हैं। एएफपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि लेबनान के दक्षिणी इलाके तयार में विस्फोट हुए हैं। राकेट हमलों में दो इजरायली नागरिकों के घायल होने की खबर है।
गाजा पट्टी पर इजरायल ने हवाई हमले किए हैं।
Optical Illusion: 7 सेकंड में खोजना है Look, ढूंढ लिया तो कहलाएंगे 'रॉबिनहुड'
India-Nepal के बीच द्विपक्षीय वार्ता, PM Modi बोले, 'भारत-नेपाल के रिश्ते और मजबूत हुए'
Muslim Scholar ने मीडिया पर लगाया जबरन Love Jihad का मुद्दा बनाने का आरोप, एंकर ने लगा दी फटकार!
#IEC2023: 'नौकरी का मुद्दा बनेगा सिरदर्द' Padmaja के इस बड़े सवाल पर क्या बोले Bhupendra Yadav ?
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Israel air strikes on Gaza Strip : गाजा में हवाई हमले शुरू होने के बाद इजरायल के शहरों एवं कस्बों में चेतावनी भरे सायरन बजाए गए। इजरायल डिफेंस फोर्सेज का कहना है कि उसने लेबनान में भी हमले किए हैं। एएफपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि लेबनान के दक्षिणी इलाके तयार में विस्फोट हुए हैं। राकेट हमलों में दो इजरायली नागरिकों के घायल होने की खबर है। गाजा पट्टी पर इजरायल ने हवाई हमले किए हैं। Optical Illusion: सात सेकंड में खोजना है Look, ढूंढ लिया तो कहलाएंगे 'रॉबिनहुड' India-Nepal के बीच द्विपक्षीय वार्ता, PM Modi बोले, 'भारत-नेपाल के रिश्ते और मजबूत हुए' Muslim Scholar ने मीडिया पर लगाया जबरन Love Jihad का मुद्दा बनाने का आरोप, एंकर ने लगा दी फटकार! #IECदो हज़ार तेईस: 'नौकरी का मुद्दा बनेगा सिरदर्द' Padmaja के इस बड़े सवाल पर क्या बोले Bhupendra Yadav ?
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नयी दिल्लीः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पहले दौर की वोटिंग कल होनेवाली है। इससे पहले मंगलवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र को जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र में दोनों दलों ने मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की है। बिजली से लेकर स्कूटी तक मुफ्त देने के वादे किए गए हैं। आइये सबसे पहले एक नजर डालते हैं कि दोनों दलों ने क्या-क्या मुफ्त देने का ऐलान किया है।
बीजेपी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में अगले पांच वर्षों तक किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। इसके साथ ही मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी देने की भी घोषणा की गई है। इसके साध ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को होली और दीपावली पर दो मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा किया है। वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का भी ऐलान किया है। वहीं बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत दो करोड़ टेबलेट और स्मार्टफोन वितरित करने का भी ऐलान किया है।
वहीं समाजवादी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में भी कई चीजें मुफ्त मुहैया कराने का ऐलान किया है। समाजवादी पार्टी सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और ब्याज़ मुक्त ऋण देने का वादा किया है। इसके साथ ही समाजवादी पेंशन शुरू कर दिव्यांगों और वृद्धों को 18 हजार रुपये महीने तक की राशि देने का भी ऐलान किया है। 12 वीं पास सभी छात्रों को मुफ्त में लैपटॉप देने का वादा किया गया है। साथ ही हर गांव और शहर में मुफ्त वाई-फाई का भी ऐलान किया है। इसके साथ ही सपा ने अपने घोषणा पत्र में यह भी वादा किया है कि दोपहिया वाहन मालिकों को हर महीने एक लीटर पेट्रोल मुफ्त दिया जाएगा।
इसके अलावा बीजेपी ने नए संकल्प पत्र में मुख्य रूप से कथित 'लव जिहाद' के दोषी लोगों को कम से कम 10 वर्षों की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान करने, अयोध्या में भगवान राम से संबंधित संस्कृति शास्त्रों तथा धार्मिक तथ्यों पर शोध के लिए रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना करने, बुजुर्ग संतो पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण की योजनाएं संचालित करने के लिए एक विशेष बोर्ड बनाने का वादा किया है।
गन्ना किसानों को 14 दिन के अंदर भुगतान करने और देर से होने वाले भुगतान के लिए मिलों से ब्याज वसूल करके किसानों को ब्याज समेत भुगतान कराने, 5000 करोड़ की लागत से गन्ना मिलों के नवीनीकरण मिशन के तहत चीनी मिलों का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण करने, प्रदेश में छह मेगा फूड पार्क और छह औद्योगिक पार्क विकसित करने और निषाद राज बोर्ड सब्सिडी योजना शुरू करके मछुआरों को एक लाख रुपये तक की नाव 40 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का वादा किया गया है।
सरकारी विभागों में खाली पदों को जल्द से जल्द भरने और आत्मनिर्भर युवा स्टार्टअप मिशन बनाकर रोजगार एवं स्वरोजगार के 10 लाख अवसर का प्रदान करने और राज्य में 6000 डॉक्टरों और 10,000 पैरामेडिकल स्टाफ की जल्द नियुक्ति करने का वादा भी किया गया है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट विद्यालय के तौर पर विकसित करने, हर मंडल में कम से कम एक विश्वविद्यालय की स्थापना करने और सभी महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जीवन गाथा को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने का वादा भी किया गया है।
उधर, समाजवादी पार्टी ने गन्ना किसानों को 15 दिन में भुगतान के अलावा किसान आयोग के गठन का वादा किया है। किसानों को 2025 तक कर्जमुक्त किया जाएगा। ऋणमुक्त कानून बनाकर गरीब किसानों को लाभ पहुंचाने का वादा किया गया है। वहीं किसान बीमा योजना राशि बढ़ाकर 10 लाख करने का वादा किया गया है।
महिलाओं को सरकारी नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। पुलिस में महिलाओँ की अलग विंग होगी वहीं वूमेन पॉवर लाइन 1090 का सुदृढीकरण करने का वादा किया गया है। इसके साथ ही ई मेल, ह्वाट्अप के जरिए भी एफआईआर की व्यवस्था का वादा किया गया है।
समाजवादी पार्टी ने वादा किया है कि उसकी सरकार आने पर राज्य स्वास्थ्य नीति 2022 लाई जाएगी। राज्य में महामारी राहत एजेंसी की स्थापना की जाएगी और कैशलेस स्वास्थ्य सर्विस शुरू की जाएगी। पुराने जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
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नयी दिल्लीः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पहले दौर की वोटिंग कल होनेवाली है। इससे पहले मंगलवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र को जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र में दोनों दलों ने मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की है। बिजली से लेकर स्कूटी तक मुफ्त देने के वादे किए गए हैं। आइये सबसे पहले एक नजर डालते हैं कि दोनों दलों ने क्या-क्या मुफ्त देने का ऐलान किया है। बीजेपी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में अगले पांच वर्षों तक किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। इसके साथ ही मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी देने की भी घोषणा की गई है। इसके साध ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को होली और दीपावली पर दो मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा किया है। वहीं साठ वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का भी ऐलान किया है। वहीं बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत दो करोड़ टेबलेट और स्मार्टफोन वितरित करने का भी ऐलान किया है। वहीं समाजवादी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में भी कई चीजें मुफ्त मुहैया कराने का ऐलान किया है। समाजवादी पार्टी सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और ब्याज़ मुक्त ऋण देने का वादा किया है। इसके साथ ही समाजवादी पेंशन शुरू कर दिव्यांगों और वृद्धों को अट्ठारह हजार रुपये महीने तक की राशि देने का भी ऐलान किया है। बारह वीं पास सभी छात्रों को मुफ्त में लैपटॉप देने का वादा किया गया है। साथ ही हर गांव और शहर में मुफ्त वाई-फाई का भी ऐलान किया है। इसके साथ ही सपा ने अपने घोषणा पत्र में यह भी वादा किया है कि दोपहिया वाहन मालिकों को हर महीने एक लीटर पेट्रोल मुफ्त दिया जाएगा। इसके अलावा बीजेपी ने नए संकल्प पत्र में मुख्य रूप से कथित 'लव जिहाद' के दोषी लोगों को कम से कम दस वर्षों की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान करने, अयोध्या में भगवान राम से संबंधित संस्कृति शास्त्रों तथा धार्मिक तथ्यों पर शोध के लिए रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना करने, बुजुर्ग संतो पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण की योजनाएं संचालित करने के लिए एक विशेष बोर्ड बनाने का वादा किया है। गन्ना किसानों को चौदह दिन के अंदर भुगतान करने और देर से होने वाले भुगतान के लिए मिलों से ब्याज वसूल करके किसानों को ब्याज समेत भुगतान कराने, पाँच हज़ार करोड़ की लागत से गन्ना मिलों के नवीनीकरण मिशन के तहत चीनी मिलों का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण करने, प्रदेश में छह मेगा फूड पार्क और छह औद्योगिक पार्क विकसित करने और निषाद राज बोर्ड सब्सिडी योजना शुरू करके मछुआरों को एक लाख रुपये तक की नाव चालीस प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। सरकारी विभागों में खाली पदों को जल्द से जल्द भरने और आत्मनिर्भर युवा स्टार्टअप मिशन बनाकर रोजगार एवं स्वरोजगार के दस लाख अवसर का प्रदान करने और राज्य में छः हज़ार डॉक्टरों और दस,शून्य पैरामेडिकल स्टाफ की जल्द नियुक्ति करने का वादा भी किया गया है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट विद्यालय के तौर पर विकसित करने, हर मंडल में कम से कम एक विश्वविद्यालय की स्थापना करने और सभी महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जीवन गाथा को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने का वादा भी किया गया है। उधर, समाजवादी पार्टी ने गन्ना किसानों को पंद्रह दिन में भुगतान के अलावा किसान आयोग के गठन का वादा किया है। किसानों को दो हज़ार पच्चीस तक कर्जमुक्त किया जाएगा। ऋणमुक्त कानून बनाकर गरीब किसानों को लाभ पहुंचाने का वादा किया गया है। वहीं किसान बीमा योजना राशि बढ़ाकर दस लाख करने का वादा किया गया है। महिलाओं को सरकारी नौकरी में तैंतीस फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। पुलिस में महिलाओँ की अलग विंग होगी वहीं वूमेन पॉवर लाइन एक हज़ार नब्बे का सुदृढीकरण करने का वादा किया गया है। इसके साथ ही ई मेल, ह्वाट्अप के जरिए भी एफआईआर की व्यवस्था का वादा किया गया है। समाजवादी पार्टी ने वादा किया है कि उसकी सरकार आने पर राज्य स्वास्थ्य नीति दो हज़ार बाईस लाई जाएगी। राज्य में महामारी राहत एजेंसी की स्थापना की जाएगी और कैशलेस स्वास्थ्य सर्विस शुरू की जाएगी। पुराने जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
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रणवीर शौरी इन दिनों नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज सेक्रेड गेम्स 2 को लेकर सुर्खियों में हैं। 18 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रहे रणवीर शौरी 47 साल के हो गए हैं। रणवीर अपने अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं। आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी खास बातें।
रणवीर शौरी का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था। उन्होंने अपनी पढ़ाई भी यही से की। फिल्मों की बात करें तो रणवीर ने मनीषा कोइराला के साथ फिल्म एक छोटी सी लव स्टोरी से डेब्यू किया। इसके बाद वो जिस्म, लक्ष्य, प्यार के साइड इफेक्ट्स, खोसला का घोसला, सिंह इज किंग, चांदनी चौक टू चाइना और एक था टाइगर जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।
पूजा भट्ट ने बताया था कि 'रणवीर मेरे घर आए, उन्होंने शराब पी रखी थी और बिना किसी वजह के उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया। उस वक्त मेरी एक सर्जरी भी हुई थी। रणवीर ने उसी पर इतनी जोर से मारा कि खून निकलने लगा। ' पूजा भट्ट ने इसके बाद रणवीर शौरी के खिलाफ एफआईआर तक करवाई। दूसरी ओर रणवीर शौरी ने कहा कि 'पूजा खूब शराब पीती थीं और काफी हिंसक हो जाती थीं। '
पूजा भट्ट से अलग होने के बाद रणवीर ने अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा को डेट करना शुरू किया। 3 सितंबर 2010 को रणवीर और कोंकणा शादी के बंधन में बंधे। कोंकणा और रणवीर का बेटा हुआ जिसका नाम हारून शौरी है। रणवीर और कोंकणा के बीच भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। साल 2015 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया।
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रणवीर शौरी इन दिनों नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज सेक्रेड गेम्स दो को लेकर सुर्खियों में हैं। अट्ठारह अगस्त को अपना जन्मदिन मना रहे रणवीर शौरी सैंतालीस साल के हो गए हैं। रणवीर अपने अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते हैं। आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी खास बातें। रणवीर शौरी का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था। उन्होंने अपनी पढ़ाई भी यही से की। फिल्मों की बात करें तो रणवीर ने मनीषा कोइराला के साथ फिल्म एक छोटी सी लव स्टोरी से डेब्यू किया। इसके बाद वो जिस्म, लक्ष्य, प्यार के साइड इफेक्ट्स, खोसला का घोसला, सिंह इज किंग, चांदनी चौक टू चाइना और एक था टाइगर जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। पूजा भट्ट ने बताया था कि 'रणवीर मेरे घर आए, उन्होंने शराब पी रखी थी और बिना किसी वजह के उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया। उस वक्त मेरी एक सर्जरी भी हुई थी। रणवीर ने उसी पर इतनी जोर से मारा कि खून निकलने लगा। ' पूजा भट्ट ने इसके बाद रणवीर शौरी के खिलाफ एफआईआर तक करवाई। दूसरी ओर रणवीर शौरी ने कहा कि 'पूजा खूब शराब पीती थीं और काफी हिंसक हो जाती थीं। ' पूजा भट्ट से अलग होने के बाद रणवीर ने अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा को डेट करना शुरू किया। तीन सितंबर दो हज़ार दस को रणवीर और कोंकणा शादी के बंधन में बंधे। कोंकणा और रणवीर का बेटा हुआ जिसका नाम हारून शौरी है। रणवीर और कोंकणा के बीच भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। साल दो हज़ार पंद्रह में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया।
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने तत्काल प्रभाव से राज्य की 472 गौशालाओं को मुफ्त बिजली की आपूर्ति करने के आदेश दिए हैं। यह जानकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में दी। आज गौवंश से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री से बैठक की और उन्हें विभिन्न मांगों से अवगत करवाया गया।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल शर्मा ने बताया कि उनके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार श्री तीक्षण सूद, गौ-सेवा आयोग के चेयरमैन श्री कीमती भगत, पार्टी के प्रदेश सचिव डा. सुभाष शर्मा ने गौवंश की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल से बैठक की। बैठक के दौरान उन्हें अवगत करवाया गया कि राज्य सरकार गौशालाओं को निशुल्क बिजली आपूर्ति की मांग को स्वीकार कर चुकी है परंतु अभी तक इस घोषणा को मूर्त रूप प्रदान नहीं किया जा सका। इससे पहले ही कई तरह की परेशानियों का सामना करती आ रही गौशालाओं को आर्थिक बोझ वहन करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य में गौशालाओं की हजारों एकड़ गौचर भूमि व चारागाहों पर लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। अगर इस जमीन को कब्जों से मुक्त करवा कर गौशालाओं को सुपुर्द कर दिया जाए तो राज्य को बेसहारा पशुओं की समस्या से मुक्त किया जा सकता है और गौशालाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सकता है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को मानसा जिले के जोगा कस्बे में गौ-स्मारक बनाने की मांग का भी स्मरण करवाया। इन मांगों पर गौर करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन के डायरेक्टर इंजीनियर के. डी. चौधरी को निर्देश दिए कि राज्य की सभी 472 गौशालाओं को निःशुल्क बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गौचर भूमि व चारागाहों से अवैध कब्जे छुड़वाने के लिए कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का स्वागत करते हुए गौ-सेवा आयोग के चेयरमैन श्री कीमती भगत ने कहा कि सरकार के इन फैसलों से जहां गौशालाओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी वहीं बेसहारा पशुओं की समस्या से छुटकारा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने तत्काल प्रभाव से राज्य की चार सौ बहत्तर गौशालाओं को मुफ्त बिजली की आपूर्ति करने के आदेश दिए हैं। यह जानकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में दी। आज गौवंश से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री से बैठक की और उन्हें विभिन्न मांगों से अवगत करवाया गया। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल शर्मा ने बताया कि उनके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार श्री तीक्षण सूद, गौ-सेवा आयोग के चेयरमैन श्री कीमती भगत, पार्टी के प्रदेश सचिव डा. सुभाष शर्मा ने गौवंश की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल से बैठक की। बैठक के दौरान उन्हें अवगत करवाया गया कि राज्य सरकार गौशालाओं को निशुल्क बिजली आपूर्ति की मांग को स्वीकार कर चुकी है परंतु अभी तक इस घोषणा को मूर्त रूप प्रदान नहीं किया जा सका। इससे पहले ही कई तरह की परेशानियों का सामना करती आ रही गौशालाओं को आर्थिक बोझ वहन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य में गौशालाओं की हजारों एकड़ गौचर भूमि व चारागाहों पर लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। अगर इस जमीन को कब्जों से मुक्त करवा कर गौशालाओं को सुपुर्द कर दिया जाए तो राज्य को बेसहारा पशुओं की समस्या से मुक्त किया जा सकता है और गौशालाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सकता है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को मानसा जिले के जोगा कस्बे में गौ-स्मारक बनाने की मांग का भी स्मरण करवाया। इन मांगों पर गौर करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन के डायरेक्टर इंजीनियर के. डी. चौधरी को निर्देश दिए कि राज्य की सभी चार सौ बहत्तर गौशालाओं को निःशुल्क बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गौचर भूमि व चारागाहों से अवैध कब्जे छुड़वाने के लिए कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का स्वागत करते हुए गौ-सेवा आयोग के चेयरमैन श्री कीमती भगत ने कहा कि सरकार के इन फैसलों से जहां गौशालाओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी वहीं बेसहारा पशुओं की समस्या से छुटकारा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के एक गांव में रहने वाले दलित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि जब सरकार द्वारा लगाए गए हैंड पंप से वह पानी लेने के लिए गया, तो उसकी पिटाई कर दी गई। 45 वर्षीय इस शख्स ने कहा है कि तेंदुरा गांव के लोगों ने उसके द्वारा हैंड पंप के इस्तेमाल किए जाने को लेकर आपत्ति जताते हुए उसकी पिटाई कर दी।
रामचंद्र रैदास ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि राम दयाल यादव नामक एक शख्स के परिवार के सदस्यों ने उस वक्त उस पर लाठी से हमला किया, जब शुक्रवार की सुबह वह हैंड पंप से पानी लेने के लिए जा रहा था। इस हमले में रैदास को चोटें आई हैं। इसके बाद उसे प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, रैदास ने यह भी आरोप लगाया है कि राम दयाल यादव ने कुछ दो महीने पहले दलित परिवार को हैंड पंप से पानी लाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने आगे कहा, हालांकि अतर्रा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट द्वारा मामले में हस्तक्षेप किए जाने के बाद इसे सुलझा लिया गया है। आगे की जांच जारी है।
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बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के एक गांव में रहने वाले दलित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि जब सरकार द्वारा लगाए गए हैंड पंप से वह पानी लेने के लिए गया, तो उसकी पिटाई कर दी गई। पैंतालीस वर्षीय इस शख्स ने कहा है कि तेंदुरा गांव के लोगों ने उसके द्वारा हैंड पंप के इस्तेमाल किए जाने को लेकर आपत्ति जताते हुए उसकी पिटाई कर दी। रामचंद्र रैदास ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि राम दयाल यादव नामक एक शख्स के परिवार के सदस्यों ने उस वक्त उस पर लाठी से हमला किया, जब शुक्रवार की सुबह वह हैंड पंप से पानी लेने के लिए जा रहा था। इस हमले में रैदास को चोटें आई हैं। इसके बाद उसे प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। स्टेशन हाउस ऑफिसर नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, रैदास ने यह भी आरोप लगाया है कि राम दयाल यादव ने कुछ दो महीने पहले दलित परिवार को हैंड पंप से पानी लाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने आगे कहा, हालांकि अतर्रा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट द्वारा मामले में हस्तक्षेप किए जाने के बाद इसे सुलझा लिया गया है। आगे की जांच जारी है।
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अजय देवगन और काजोल की बेटी निसा काफी ज्यादा ग्लैमरस हैं. फाइल फोटो.
नई दिल्ली. दर्शकों में जितना क्रेज बॉलीवुड स्टार्स के बारे में जानने का होता है उतना ही पॉपुलर स्टार किड्स भी होते हैं. शाहरुख खान के बेटे आर्यन की बात हो या सैफ अली खान के बेटे तैमूर की. अक्सर सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें और वीडियो छाए रहते हैं. पैप्स भी अक्सर इन्हें अपने कैमरों में कैद करते हुए दिखाई देते हैं, अब हो भी क्यों ना. सोशल मीडिया पर इनकी फैन फॉलोइंग किसी सुपर स्टार से कम थोड़ी होती है. हाल ही में जब एक स्टारकिड को पेप्स जब अपने कैमरे में कैद कर रहे थे तब उस स्टार किडनी पैप्स को न सिर्फ करेक्ट किया बल्कि अपना सही नाम भी बताया हम बात कर रहे हैं अजय देवगन और काजोल की लाडली बेटी निसा देवगन की.
अजय देवगन और काजोल की बेटी निसा उन स्टार किड्स में से एक हैं, जिनके नाम को लेकर अक्सर लोगों में कन्फ्यूजन रहता है. अक्सर लोग उन्हें न्यासा नायशा और निशा कह कर बुलाते हैं. उनके नाम की स्पेलिंग है ही ऐसी कि लोग उन्हें गलत प्रोनाउंस करते हैं. हाल ही में जब पैप्स न्यासा-न्यासा चिल्ला रहे थे तो इससे इरिटेट होकर स्टार किड ने अपना सहीं नाम बता दिया.
दरअसल, निसा हाल ही में उनके बेस्ट फ्रेंड ओरहान अवात्रामणि उर्फ ऑरी, मोनी रॉय और कोरियोग्राफर तुषार कालिया के साथ बांद्रा स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर स्पॉट हुईं. निसा को देख पैप्स फोटो के लिए चिल्लाने लगे. बस तभी गाड़ी में बैठते हुए उन्होंने कहा कि मेरा नाम निसा है... ये वीडियो अब तेजी से वायरल हो रही है.
निसा के आउटफिट की बात करें तो वह इस दौरान कैजुअल नॉटेड टॉप और हाई राइज जींस में दिखाई दीं. इस दौरान उन्होंने बालों को खुला छोड़ा हुआ था, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं.
बीते कुछ वक्त से निशा और ओरहान अवात्रामणि को अक्सर साथ में देखा जाता है. बीते दिनों यह दोनों राजस्थान वेकेशन एन्जॉय करते हुए नजर आए थे. राजस्थान वेकेशन की तस्वीरों को ओरहान अवात्रामणि ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थीं. इन तस्वीरों में निशा देवगन और ओरहान अवात्रामणि के अलावा अन्य दोस्त भी नजर आए थे.
आपको बता दें कि निसा सिंगापुर से स्कूलिंग के बाद स्वीटजरलैंड मैं हायर स्टडीज कर रही हैं. निसा, अजय और काजोल की बड़ी बेटी हैं. उनका एक भाई भी है, जिसका नाम युग देवगन हैं.
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अजय देवगन और काजोल की बेटी निसा काफी ज्यादा ग्लैमरस हैं. फाइल फोटो. नई दिल्ली. दर्शकों में जितना क्रेज बॉलीवुड स्टार्स के बारे में जानने का होता है उतना ही पॉपुलर स्टार किड्स भी होते हैं. शाहरुख खान के बेटे आर्यन की बात हो या सैफ अली खान के बेटे तैमूर की. अक्सर सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें और वीडियो छाए रहते हैं. पैप्स भी अक्सर इन्हें अपने कैमरों में कैद करते हुए दिखाई देते हैं, अब हो भी क्यों ना. सोशल मीडिया पर इनकी फैन फॉलोइंग किसी सुपर स्टार से कम थोड़ी होती है. हाल ही में जब एक स्टारकिड को पेप्स जब अपने कैमरे में कैद कर रहे थे तब उस स्टार किडनी पैप्स को न सिर्फ करेक्ट किया बल्कि अपना सही नाम भी बताया हम बात कर रहे हैं अजय देवगन और काजोल की लाडली बेटी निसा देवगन की. अजय देवगन और काजोल की बेटी निसा उन स्टार किड्स में से एक हैं, जिनके नाम को लेकर अक्सर लोगों में कन्फ्यूजन रहता है. अक्सर लोग उन्हें न्यासा नायशा और निशा कह कर बुलाते हैं. उनके नाम की स्पेलिंग है ही ऐसी कि लोग उन्हें गलत प्रोनाउंस करते हैं. हाल ही में जब पैप्स न्यासा-न्यासा चिल्ला रहे थे तो इससे इरिटेट होकर स्टार किड ने अपना सहीं नाम बता दिया. दरअसल, निसा हाल ही में उनके बेस्ट फ्रेंड ओरहान अवात्रामणि उर्फ ऑरी, मोनी रॉय और कोरियोग्राफर तुषार कालिया के साथ बांद्रा स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर स्पॉट हुईं. निसा को देख पैप्स फोटो के लिए चिल्लाने लगे. बस तभी गाड़ी में बैठते हुए उन्होंने कहा कि मेरा नाम निसा है... ये वीडियो अब तेजी से वायरल हो रही है. निसा के आउटफिट की बात करें तो वह इस दौरान कैजुअल नॉटेड टॉप और हाई राइज जींस में दिखाई दीं. इस दौरान उन्होंने बालों को खुला छोड़ा हुआ था, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं. बीते कुछ वक्त से निशा और ओरहान अवात्रामणि को अक्सर साथ में देखा जाता है. बीते दिनों यह दोनों राजस्थान वेकेशन एन्जॉय करते हुए नजर आए थे. राजस्थान वेकेशन की तस्वीरों को ओरहान अवात्रामणि ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थीं. इन तस्वीरों में निशा देवगन और ओरहान अवात्रामणि के अलावा अन्य दोस्त भी नजर आए थे. आपको बता दें कि निसा सिंगापुर से स्कूलिंग के बाद स्वीटजरलैंड मैं हायर स्टडीज कर रही हैं. निसा, अजय और काजोल की बड़ी बेटी हैं. उनका एक भाई भी है, जिसका नाम युग देवगन हैं. .
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में एक बानी प्रदेश की धोनी एवं तत्यानपान में यह पन्नीर कपारी स्थायी दुक विमान का ि स्थापित की गई। विवान धाई
पढ़ती है।
भारतीय जन के बीकान ● संसदीय वरण (क) भारतीय कार्यसमिति एवं यकी किया ७ होनीवार निर्वाचित उमटा क्या विधायी कार्य के मान के फिर उसे वापस्या बांधकार देगी (स) कार्य समिति प्रवेश के के लिए रणनी अधिकार स्थानीय पैनी यो केन्द्रीय संसदीय धरण है प्राप्त निर्मल के बनुधार कार्य
किस स्थान पर सम्ममा मिति की बधा की प्रार्थ पति स्वामित
फनी । बधिवेन के उपरान्त चूर्ण बाय-व्यय
का देता कमाए के मीटर यार बोरीप्रति प्रादेशिक
तिघांना पाईपद
भारतीय कार्य समिति को मनी पाहिए। यदि
बुछ पन बना हो तो विनियोग हर प्रकार होगा कि को हुए पाका २० प्रचिन केन्द्र २० प्रदेश में तथा १० प्रतिशत स्वागत समतिम मिति जैग
को मिटे । पाँख्या विमान में विधान मा के चुनाव ७४ रामयबस्थायी नाथ साधन पनिति का गठन किनधि में किया था भी प्रकाराच में वालों से प्रवणयों का नियंत्रण की वो र प्रत्यासी को यावश्यक भी देती रही।
के बन्च भी की व्यवस्था हुई है, नाव न्यायाधिकरण ९ को कितना है देश फा प्रदेश एवं फिर पर जता है और मुख्य कार्य पीय पुराव विवायाँ भिवा
का सामान करना है, किन्तु पत्रिीय लोक स्तर पर मन को सोई व्यवस्था
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में एक बानी प्रदेश की धोनी एवं तत्यानपान में यह पन्नीर कपारी स्थायी दुक विमान का ि स्थापित की गई। विवान धाई पढ़ती है। भारतीय जन के बीकान ● संसदीय वरण भारतीय कार्यसमिति एवं यकी किया सात होनीवार निर्वाचित उमटा क्या विधायी कार्य के मान के फिर उसे वापस्या बांधकार देगी कार्य समिति प्रवेश के के लिए रणनी अधिकार स्थानीय पैनी यो केन्द्रीय संसदीय धरण है प्राप्त निर्मल के बनुधार कार्य किस स्थान पर सम्ममा मिति की बधा की प्रार्थ पति स्वामित फनी । बधिवेन के उपरान्त चूर्ण बाय-व्यय का देता कमाए के मीटर यार बोरीप्रति प्रादेशिक तिघांना पाईपद भारतीय कार्य समिति को मनी पाहिए। यदि बुछ पन बना हो तो विनियोग हर प्रकार होगा कि को हुए पाका बीस प्रचिन केन्द्र बीस प्रदेश में तथा दस प्रतिशत स्वागत समतिम मिति जैग को मिटे । पाँख्या विमान में विधान मा के चुनाव चौहत्तर रामयबस्थायी नाथ साधन पनिति का गठन किनधि में किया था भी प्रकाराच में वालों से प्रवणयों का नियंत्रण की वो र प्रत्यासी को यावश्यक भी देती रही। के बन्च भी की व्यवस्था हुई है, नाव न्यायाधिकरण नौ को कितना है देश फा प्रदेश एवं फिर पर जता है और मुख्य कार्य पीय पुराव विवायाँ भिवा का सामान करना है, किन्तु पत्रिीय लोक स्तर पर मन को सोई व्यवस्था
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इन दिनों मनोज बाजपेयी की फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' चर्चा में है। फिल्म आसाराम के खिलाफ नाबालिग से रेप के आरोप पर आधारित है।
गुजरात के गांधीनगर की एक अदालत ने मंगलवार को आसाराम बापू को रेप के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सोमवार को आसाराम को दोषी करार देते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आसाराम के बेटे नारायण साईं को महिला भक्त के साथ रेप करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
गुजरात की सूरत अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साई को रेप का दोषी पाया है। इस मामले में 30 अप्रैल को सजा का ऐलान किया जाएगा।
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इन दिनों मनोज बाजपेयी की फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' चर्चा में है। फिल्म आसाराम के खिलाफ नाबालिग से रेप के आरोप पर आधारित है। गुजरात के गांधीनगर की एक अदालत ने मंगलवार को आसाराम बापू को रेप के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सोमवार को आसाराम को दोषी करार देते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आसाराम के बेटे नारायण साईं को महिला भक्त के साथ रेप करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। गुजरात की सूरत अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साई को रेप का दोषी पाया है। इस मामले में तीस अप्रैल को सजा का ऐलान किया जाएगा।
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टीम इंडिया के डीसेंट क्रिक्रेटर्स में शामिल रोहित शर्मा को लेकर उनकी कथित गर्लफ्रेंड रहीं सोफिया हयात ने कुछ सनसनीखेज दावे किए हैं। 'बिग बॉस 7' की विवादित कंटेस्टेंट रहीं सोफिया हयात ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने और रोहित के रिश्ते को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। इसमें रोहित और सोफिया के अफेयर के अलावा और भी कई बाते हैं। अब सोफिया इस पर किताब भी लिख रही हैं।
सोफिया के किए गए ये दावे रोहित शर्मा की निजी जिंदगी में उथल पुछल मचा सकते हैं। रोहित शर्मा ने 2015 में रितिका सजदेह से शादी की थी। बीते दिनो ही रोहित शर्मा एक बेटी के पिता बने हैं।
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टीम इंडिया के डीसेंट क्रिक्रेटर्स में शामिल रोहित शर्मा को लेकर उनकी कथित गर्लफ्रेंड रहीं सोफिया हयात ने कुछ सनसनीखेज दावे किए हैं। 'बिग बॉस सात' की विवादित कंटेस्टेंट रहीं सोफिया हयात ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने और रोहित के रिश्ते को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। इसमें रोहित और सोफिया के अफेयर के अलावा और भी कई बाते हैं। अब सोफिया इस पर किताब भी लिख रही हैं। सोफिया के किए गए ये दावे रोहित शर्मा की निजी जिंदगी में उथल पुछल मचा सकते हैं। रोहित शर्मा ने दो हज़ार पंद्रह में रितिका सजदेह से शादी की थी। बीते दिनो ही रोहित शर्मा एक बेटी के पिता बने हैं।
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इतने बदलाव देख कई यूजर्स का गुस्सा चरम पर है। ऐसे में लोग अब Twitter डिएक्टिवेट करने के तरीके ढूंढने लगे हैं। अगर आप भी अपने Twitter अकाउंट को डिएक्टिवेट करना चाहते हैं तो यहां देखें हम आपको इसका स्टेप बाय स्टेप तरीका बता रहे हैं।
Twitter अकाउंट इस तरह करें डिएक्टिवेटः
- सबसे पहले आपको Twitter अकाउंट लॉगइन करना होगा फिर थ्री डॉट आइकन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद Settings and privacy पर क्लिक करना होगा।
- फिर Your account tab पर क्लिक कर Deactivate your account पर टैप करना होगा। इसके बाद आपको कुछ जानकारी दी जाएगी डिएक्टिवेशन से संबंधित, उसे पढ़कर Deactivate पर टैप कर दें।
- इसके बाद आप से आपका Twitter पासवर्ड पूछा जाएगा। पासवर्ड डालकर Deactivate account बटन पर क्लिक कर दें।
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इतने बदलाव देख कई यूजर्स का गुस्सा चरम पर है। ऐसे में लोग अब Twitter डिएक्टिवेट करने के तरीके ढूंढने लगे हैं। अगर आप भी अपने Twitter अकाउंट को डिएक्टिवेट करना चाहते हैं तो यहां देखें हम आपको इसका स्टेप बाय स्टेप तरीका बता रहे हैं। Twitter अकाउंट इस तरह करें डिएक्टिवेटः - सबसे पहले आपको Twitter अकाउंट लॉगइन करना होगा फिर थ्री डॉट आइकन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद Settings and privacy पर क्लिक करना होगा। - फिर Your account tab पर क्लिक कर Deactivate your account पर टैप करना होगा। इसके बाद आपको कुछ जानकारी दी जाएगी डिएक्टिवेशन से संबंधित, उसे पढ़कर Deactivate पर टैप कर दें। - इसके बाद आप से आपका Twitter पासवर्ड पूछा जाएगा। पासवर्ड डालकर Deactivate account बटन पर क्लिक कर दें।
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गया जिले के बेलागंज प्रखंड कार्यालय में दिनों भर चलें हाई वोल्टेज ड्रामा के साथ प्रखंड के भलुआ 2 और रौना पंचायत का शपथ ग्रहण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ संपन्न हुआ। एक ही पंचायत से दो मुखिया प्रत्याशी अपने जीत का दावा कर रहे थे। दोनों के ने निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी जीत का प्रमाण पत्र भी दिखाया जा रहा था। लगभग चार घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ कुंदन कुमार ने एक का प्रमाण पत्र को फर्जी करार देते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दूसरे को शपथ दिलाई।
प्रखंड कार्यालय में गहमागहमी का महौल देखा गया। जहां भलुआ 2 पंचायत के मुखिया, सरपंच सहित अन्य प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण होना था। भलुआ 2 पंचायत से दो प्रत्याशी जीत के प्रमाण पत्र के साथ शपथ ग्रहण का दावा करने प्रखंड कार्यालय पहुंची। कार्यालय के सभी कर्मचारी और अधिकारी असमंजस में थे। आखिर एक पद के लिया दो लोगों का प्रमाण पत्र कैसे। दोनों प्रत्याशी नीलम कुमारी और वैजन्ती कुमारी के प्रमाण पत्र की जांच की गई। जिसके बाद अधिकारियों ने वैजन्ती कुमारी का प्रमाण पत्र फर्जी घोषित कर दिया। उसके बाद शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा।
भलुआ 2 पंचायत के प्रतिनिधियों की घोषणा की गई। मुखिया पद के दो दावेदार सामने आ गई। गौरतलब बात तो यह है को दोनो के पास जीत का प्रमाण पत्र भी था। जहां पंचायत चुनाव के मतगणना के समय से हीं दो प्रत्याशियों के द्वारा जीत का दावा किया जा रहा था। शपथ ग्रहण के दौरान दोनों सामने आ गई। प्रमाण पत्र के जांचोपरांत वैजन्ती कुमारी का प्रमाण पत्र अधिकारियों ने फर्जी सावित कर दिया। मुखिया पद के जीते हुए प्रत्याशी नीलम देवी के निकटम प्रतिद्वंदी वैजन्ती कुमारी के द्वारा भी निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा जीत का प्रमाण पत्र जारी करने का दावा किया जा रहा है।
भारी संख्या में आए वैजन्ती कुमारी के समर्थकों द्वारा हंगामा किए जाने के डर से निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ कुंदन कुमार को पुलिस बल का मदद लेना पड़ा। शपथ ग्रहण से वंचित हुई वैजन्ती देवी के समर्थकों द्वारा हंगामा के मद्देनजर जिले के पांच थाना चंदौती, चाकंद, बेलागंज, पाई बिगहा और मेन थाना के महिला और पुरुष पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया। तब जाकर शांतिपूर्ण ढंग से शपथ ग्रहण संपन्न हो पाया। निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ कुंदन कुमार ने बताया कि वैजन्ती कुमारी एवं उनके पति द्वारा मतगणना के समय से ही प्रशासन को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, प्रखंड के भलुआ 2 पंचायत से जीत के बाद प्रशासनिक लापरवाही से हार का सामना करने का आरोप लगाने वाली मुखिया प्रत्याशी वैजन्ती कुमारी एवं उनके समर्थकों के द्वारा बेलागंज के पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। भारी संख्या में मुखिया के समर्थकों के द्वारा प्रखंड कार्यालय से टिकारी मोड़ तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आया। मुखिया और उनके समर्थक निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ को पूर्व मुखिया और जीते हुए प्रत्याशी नीलम कुमारी के साथ मिलीभगत कर पक्षपात करने का आरोप लगा रहे थे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाले मुखिया प्रत्याशी वैजन्ती कुमारी और उनके पति उपेंद्र कुमार निराला ने बताया कि एक माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव में मेरा जीत हो गया था।
मतगणना के दौरान हमारी जीत की घोषणा भी कर दी गई। मगर एन मौके पर बीडीओ द्वारा प्रपत्र को बदलकर हमारे प्रतिद्वंदी का जीत घोषित कर दिया गया। वैजन्ती कुमारी ने बताया कि बीडीओ द्वारा हमें प्रखंड कार्यालय बुलाकर जीत का प्रमाण पत्र भी दिया गया। मगर शपथ ग्रहण के लिए हमारे प्रतिद्वंदी और अधिकारियों के मिलीभगत से जीत दर्ज किए नीलम कुमारी को बुला लिया गया। विरोध करने पर पुलिस के डंडे के डर से हमें और हमारे समर्थकों को जलील कर भगा दिया गया। शपथ ग्रहण से वंचित हुई प्रत्याशी वैजन्ती कुमारी ने कहा कि इस मामले को लेकर हम हाई कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय का गुहार लगाऊंगी।
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गया जिले के बेलागंज प्रखंड कार्यालय में दिनों भर चलें हाई वोल्टेज ड्रामा के साथ प्रखंड के भलुआ दो और रौना पंचायत का शपथ ग्रहण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ संपन्न हुआ। एक ही पंचायत से दो मुखिया प्रत्याशी अपने जीत का दावा कर रहे थे। दोनों के ने निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी जीत का प्रमाण पत्र भी दिखाया जा रहा था। लगभग चार घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ कुंदन कुमार ने एक का प्रमाण पत्र को फर्जी करार देते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दूसरे को शपथ दिलाई। प्रखंड कार्यालय में गहमागहमी का महौल देखा गया। जहां भलुआ दो पंचायत के मुखिया, सरपंच सहित अन्य प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण होना था। भलुआ दो पंचायत से दो प्रत्याशी जीत के प्रमाण पत्र के साथ शपथ ग्रहण का दावा करने प्रखंड कार्यालय पहुंची। कार्यालय के सभी कर्मचारी और अधिकारी असमंजस में थे। आखिर एक पद के लिया दो लोगों का प्रमाण पत्र कैसे। दोनों प्रत्याशी नीलम कुमारी और वैजन्ती कुमारी के प्रमाण पत्र की जांच की गई। जिसके बाद अधिकारियों ने वैजन्ती कुमारी का प्रमाण पत्र फर्जी घोषित कर दिया। उसके बाद शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा। भलुआ दो पंचायत के प्रतिनिधियों की घोषणा की गई। मुखिया पद के दो दावेदार सामने आ गई। गौरतलब बात तो यह है को दोनो के पास जीत का प्रमाण पत्र भी था। जहां पंचायत चुनाव के मतगणना के समय से हीं दो प्रत्याशियों के द्वारा जीत का दावा किया जा रहा था। शपथ ग्रहण के दौरान दोनों सामने आ गई। प्रमाण पत्र के जांचोपरांत वैजन्ती कुमारी का प्रमाण पत्र अधिकारियों ने फर्जी सावित कर दिया। मुखिया पद के जीते हुए प्रत्याशी नीलम देवी के निकटम प्रतिद्वंदी वैजन्ती कुमारी के द्वारा भी निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा जीत का प्रमाण पत्र जारी करने का दावा किया जा रहा है। भारी संख्या में आए वैजन्ती कुमारी के समर्थकों द्वारा हंगामा किए जाने के डर से निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ कुंदन कुमार को पुलिस बल का मदद लेना पड़ा। शपथ ग्रहण से वंचित हुई वैजन्ती देवी के समर्थकों द्वारा हंगामा के मद्देनजर जिले के पांच थाना चंदौती, चाकंद, बेलागंज, पाई बिगहा और मेन थाना के महिला और पुरुष पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया। तब जाकर शांतिपूर्ण ढंग से शपथ ग्रहण संपन्न हो पाया। निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ कुंदन कुमार ने बताया कि वैजन्ती कुमारी एवं उनके पति द्वारा मतगणना के समय से ही प्रशासन को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, प्रखंड के भलुआ दो पंचायत से जीत के बाद प्रशासनिक लापरवाही से हार का सामना करने का आरोप लगाने वाली मुखिया प्रत्याशी वैजन्ती कुमारी एवं उनके समर्थकों के द्वारा बेलागंज के पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। भारी संख्या में मुखिया के समर्थकों के द्वारा प्रखंड कार्यालय से टिकारी मोड़ तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आया। मुखिया और उनके समर्थक निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ को पूर्व मुखिया और जीते हुए प्रत्याशी नीलम कुमारी के साथ मिलीभगत कर पक्षपात करने का आरोप लगा रहे थे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाले मुखिया प्रत्याशी वैजन्ती कुमारी और उनके पति उपेंद्र कुमार निराला ने बताया कि एक माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव में मेरा जीत हो गया था। मतगणना के दौरान हमारी जीत की घोषणा भी कर दी गई। मगर एन मौके पर बीडीओ द्वारा प्रपत्र को बदलकर हमारे प्रतिद्वंदी का जीत घोषित कर दिया गया। वैजन्ती कुमारी ने बताया कि बीडीओ द्वारा हमें प्रखंड कार्यालय बुलाकर जीत का प्रमाण पत्र भी दिया गया। मगर शपथ ग्रहण के लिए हमारे प्रतिद्वंदी और अधिकारियों के मिलीभगत से जीत दर्ज किए नीलम कुमारी को बुला लिया गया। विरोध करने पर पुलिस के डंडे के डर से हमें और हमारे समर्थकों को जलील कर भगा दिया गया। शपथ ग्रहण से वंचित हुई प्रत्याशी वैजन्ती कुमारी ने कहा कि इस मामले को लेकर हम हाई कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय का गुहार लगाऊंगी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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अमरावती प्रतिनिधि/दि. ६ -रेल सेवा में बेहतरीन कार्य करने पर मध्य रेल्वे की ओर से मध्य रेल महाप्रबंधक पुरस्कार दिया जाता है. यह पुरस्कार धामणगांव रेल्वे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रफुल्ल पिंजरकर को मध्य रेल के महाप्रबंधक संजीव मित्तल के हाथों प्रदान कर सम्मानित किया गया. अभियंता शाखा में प्राविण्यता प्राप्त डिग्री हासिल कर रेलसेवा द्बारा राष्ट्रसेवा करने का मौका प्राप्त करनेवाले प्रफुल्ल पिंजरकर को इंजीनियरिंग विभाग की मध्य रेल नागपुर मंडल क्षेत्र अंतर्गत धामणगांव रेल्वे की जिम्मेदारी मिली . यहां पर अपना पदभार संभालने के बाद कार्यक्षेत्र मेें आनेवाले टिमटाला से चांदुर रेलपथ मार्ग पर बेहतरीन रेलसेवा देने का काम किया. कोरोना काल में भी उन्होंने बेहतर काम किया. टिमटाला रेल्वे स्टेशन का भी चेहरा मोहरा बदल दिया. जिसके चलते मध्य रेल्वे नागपुर मंडल रेल प्रबंधक रिचा खरे और मध्य रेल्वे महाप्रबंधक संजीव मित्तल के हाथों सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रफुुल्ल पिंजरकर को सम्मानित किया गया.
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अमरावती प्रतिनिधि/दि. छः -रेल सेवा में बेहतरीन कार्य करने पर मध्य रेल्वे की ओर से मध्य रेल महाप्रबंधक पुरस्कार दिया जाता है. यह पुरस्कार धामणगांव रेल्वे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रफुल्ल पिंजरकर को मध्य रेल के महाप्रबंधक संजीव मित्तल के हाथों प्रदान कर सम्मानित किया गया. अभियंता शाखा में प्राविण्यता प्राप्त डिग्री हासिल कर रेलसेवा द्बारा राष्ट्रसेवा करने का मौका प्राप्त करनेवाले प्रफुल्ल पिंजरकर को इंजीनियरिंग विभाग की मध्य रेल नागपुर मंडल क्षेत्र अंतर्गत धामणगांव रेल्वे की जिम्मेदारी मिली . यहां पर अपना पदभार संभालने के बाद कार्यक्षेत्र मेें आनेवाले टिमटाला से चांदुर रेलपथ मार्ग पर बेहतरीन रेलसेवा देने का काम किया. कोरोना काल में भी उन्होंने बेहतर काम किया. टिमटाला रेल्वे स्टेशन का भी चेहरा मोहरा बदल दिया. जिसके चलते मध्य रेल्वे नागपुर मंडल रेल प्रबंधक रिचा खरे और मध्य रेल्वे महाप्रबंधक संजीव मित्तल के हाथों सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रफुुल्ल पिंजरकर को सम्मानित किया गया.
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मौका था स्पीकर्स कान्फ्रेंस के सांस्कृतिक कार्यक्रम का। जब रेखा भारद्वाज के अपनी मखमली आवाज का जादू बिखेरा तो अखिलेश यादव के सभी मंत्री खुश हो गए।
'तेरे बिन नहीं लग दा दिल मेरा रांझणा. . . '। पार्श्वगायिका रेखा भारद्वाज के सुरों से सजी स्पीकर्स मीट की शाम।
रेखा भारद्वाज की मखमली व दिल की गहराई में उतर जाने वाली आवाज का जादू शनिवार को होटल ताज के पूल साइड लॉन में बिखरा।
समारोह में स्वास्थय मंत्री अहमद हसन भी हंसी-मजाक के मूड में नजर आए।
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को मुख्यमंत्री सहित दूसरे सभी मंत्रियों और स्पीकर्स ने एंजॉय किया।
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मौका था स्पीकर्स कान्फ्रेंस के सांस्कृतिक कार्यक्रम का। जब रेखा भारद्वाज के अपनी मखमली आवाज का जादू बिखेरा तो अखिलेश यादव के सभी मंत्री खुश हो गए। 'तेरे बिन नहीं लग दा दिल मेरा रांझणा. . . '। पार्श्वगायिका रेखा भारद्वाज के सुरों से सजी स्पीकर्स मीट की शाम। रेखा भारद्वाज की मखमली व दिल की गहराई में उतर जाने वाली आवाज का जादू शनिवार को होटल ताज के पूल साइड लॉन में बिखरा। समारोह में स्वास्थय मंत्री अहमद हसन भी हंसी-मजाक के मूड में नजर आए। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को मुख्यमंत्री सहित दूसरे सभी मंत्रियों और स्पीकर्स ने एंजॉय किया।
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हॉर्टेंसिया एक झाड़ी का पौधा हैआंशिक छाया या धूप वाली जगह में बढ़ता है। यह उपजाऊ और जल निकासी भूमि, प्रचुर मात्रा में पानी, ठंढ से संरक्षण के लिए अच्छा जवाब देता है। अलगाव को दर्शाता है, हालांकि इसमें दो मीटर की ऊंचाई है। इसकी ओर इशारा करते हुए अंडाकार पत्तियां हैं, प्रत्येक पक्ष का अपना रंग होता हैः नीचे हल्का हरा होता है, शीर्ष गहरा हरा होता है। इन्फ्लोरेसेंस प्रचुर मात्रा में, बड़े - लंबाई में 35 सेमी तक, पिरामिड की तरह आकार दिया जाता है। रंग में एक सफेद पीला होता है, बाद में एक हल्का लाल रंग दिखाई देता है। बहुत खूबसूरत रूप से अपने फूल हाइड्रेंजिया उद्यान दिखाता है। वह उन्हें छतरी के रूप में 35 सेमी के अधिकतम व्यास के साथ फूलों में इकट्ठा करती है। यूक्रेन के दक्षिण में और काकेशस में, खुले मैदान में हाइड्रेंजिया विकसित करना बहुत आम है।
हाइड्रेंजस की खेती कई द्वारा उत्पादित की जाती हैतरीके। सबसे आम वसंत में बिना गरम गर्मियों या आश्रय वाले पके हुए बक्से में बीज बिखरे हुए होते हैं। पृथ्वी ऊपर से नहीं गिरती है। पानी के दौरान बीज को फिसलने से बचने के लिए, एक स्प्रेयर का उपयोग किया जाता है। अगले वर्ष के लिए तैयार बिस्तर पर ग्रीन हाउस में गोता लगाओ।
इस विधि से हाइड्रेंजस की खेती का तात्पर्य हैयुवा और मजबूत शूटिंग का उपयोग। शाखा लोड के लिए उपरोक्त से जमीन पर झुकती है, पत्थर या पृथ्वी दबाएं। भागने का शीर्ष कोला से बंधे हैं। अगले साल, मूल झाड़ी से जड़ वाली शाखा काट दिया जाता है।
कटिंग का उपयोग बढ़ने के लिए किया जाता हैएक घर के पौधे के रूप में hydrangeas। पत्तियों के दो जोड़े के साथ रूट कटिंग पीट और रेत के मिश्रण में जड़ें। लेकिन इससे पहले उन्हें जड़ बनाने के लिए उत्तेजक के साथ इलाज किया जाता है। रूटिंग में कुछ हफ्तों लगते हैं, पहले inflorescences दूसरे वर्ष में दिखाई देते हैं। बगीचे हाइड्रेंजिया के पहले वर्ष में खिलने के लिए, प्रजनन की विशेष रूप से विकसित तकनीक के अनुसार खेती की जाती है।
कटाई के rooting के बाद, hydrangeas की खेतीअगले चरण में चलता है। रोपण छोटे बर्तन में प्रत्यारोपित होते हैं। मिट्टी के बराबर अनुपात में पीट, रेत, पत्ता भूमि का उपयोग करें। चूंकि झाड़ियों बड़े हो जाते हैं, एक बड़े प्रत्यारोपण में एक दूसरा प्रत्यारोपण किया जाता है। आप जमीन पर डोलोमाइट आटा जोड़ सकते हैं - यह एक अद्भुत अतिरिक्त ड्रेसिंग है।
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हॉर्टेंसिया एक झाड़ी का पौधा हैआंशिक छाया या धूप वाली जगह में बढ़ता है। यह उपजाऊ और जल निकासी भूमि, प्रचुर मात्रा में पानी, ठंढ से संरक्षण के लिए अच्छा जवाब देता है। अलगाव को दर्शाता है, हालांकि इसमें दो मीटर की ऊंचाई है। इसकी ओर इशारा करते हुए अंडाकार पत्तियां हैं, प्रत्येक पक्ष का अपना रंग होता हैः नीचे हल्का हरा होता है, शीर्ष गहरा हरा होता है। इन्फ्लोरेसेंस प्रचुर मात्रा में, बड़े - लंबाई में पैंतीस सेमी तक, पिरामिड की तरह आकार दिया जाता है। रंग में एक सफेद पीला होता है, बाद में एक हल्का लाल रंग दिखाई देता है। बहुत खूबसूरत रूप से अपने फूल हाइड्रेंजिया उद्यान दिखाता है। वह उन्हें छतरी के रूप में पैंतीस सेमी के अधिकतम व्यास के साथ फूलों में इकट्ठा करती है। यूक्रेन के दक्षिण में और काकेशस में, खुले मैदान में हाइड्रेंजिया विकसित करना बहुत आम है। हाइड्रेंजस की खेती कई द्वारा उत्पादित की जाती हैतरीके। सबसे आम वसंत में बिना गरम गर्मियों या आश्रय वाले पके हुए बक्से में बीज बिखरे हुए होते हैं। पृथ्वी ऊपर से नहीं गिरती है। पानी के दौरान बीज को फिसलने से बचने के लिए, एक स्प्रेयर का उपयोग किया जाता है। अगले वर्ष के लिए तैयार बिस्तर पर ग्रीन हाउस में गोता लगाओ। इस विधि से हाइड्रेंजस की खेती का तात्पर्य हैयुवा और मजबूत शूटिंग का उपयोग। शाखा लोड के लिए उपरोक्त से जमीन पर झुकती है, पत्थर या पृथ्वी दबाएं। भागने का शीर्ष कोला से बंधे हैं। अगले साल, मूल झाड़ी से जड़ वाली शाखा काट दिया जाता है। कटिंग का उपयोग बढ़ने के लिए किया जाता हैएक घर के पौधे के रूप में hydrangeas। पत्तियों के दो जोड़े के साथ रूट कटिंग पीट और रेत के मिश्रण में जड़ें। लेकिन इससे पहले उन्हें जड़ बनाने के लिए उत्तेजक के साथ इलाज किया जाता है। रूटिंग में कुछ हफ्तों लगते हैं, पहले inflorescences दूसरे वर्ष में दिखाई देते हैं। बगीचे हाइड्रेंजिया के पहले वर्ष में खिलने के लिए, प्रजनन की विशेष रूप से विकसित तकनीक के अनुसार खेती की जाती है। कटाई के rooting के बाद, hydrangeas की खेतीअगले चरण में चलता है। रोपण छोटे बर्तन में प्रत्यारोपित होते हैं। मिट्टी के बराबर अनुपात में पीट, रेत, पत्ता भूमि का उपयोग करें। चूंकि झाड़ियों बड़े हो जाते हैं, एक बड़े प्रत्यारोपण में एक दूसरा प्रत्यारोपण किया जाता है। आप जमीन पर डोलोमाइट आटा जोड़ सकते हैं - यह एक अद्भुत अतिरिक्त ड्रेसिंग है।
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Weather Updates: मौसम विभाग ने अनुसार दिल्ली व आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा. इसके चलते मौसम में बदलाव देखा जाएगा.
नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर का क्षेत्र भीषण गर्मी से झुलस रहा है. रविवार को तेज धूप के चलते लोगों को घर से निकलना मुश्किल था. दिल्ली में यह गर्मी पिछले तीन-चार दिनों से ज्यादा पड़ रही है. इस बीच, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में चक्रवात तूफान मोचा के चलते बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर भारत में भी इसका असर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में देखने को मिल सकता है.
मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में दिल्ली व आसपास के राज्य के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार 16-17 मई के बीच दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहेंगे. इस दौरान हल्की बारिश भी हो सकती है.
मौसम विभाग ने अनुसार दिल्ली व आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा. इसके चलते मौसम में बदलाव देखा जाएगा. 16 मई यानी मंगलवार को राजधानी व एनसीआर क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है. दिल्ली-एनसीआर के लोगों गर्मी से राहत मिल सकती है. इस दौरान दिन के तापमान में भी गिरावट देखी जा सकती है.
मौसम में यह बदलाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, मेरठ, और मुजफ्फर नगर जिलों में बादल छाए रहने और हल्की आंधी आने के भी आसार हैं. कानपुर के चंद्रशेखर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि शहर में अगले हफ्ते तापमान में गिरावट देखी जाएगी. इस दौरान कानपुर नगर व देहात एरिया में बादल छाए रहेंगे. साथ ही हल्की बूंदाबांदी भी पड़ेगी.
बता दें कि इन दिनों उत्तर भारत का एरिया हीटवेव और भीषण गर्मी से जूझ रहा है. वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में चक्रवाती तूफान मोचा का असर देखा जा रहा है. मेघालय, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में 15 से 17 मई के बीच बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
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Weather Updates: मौसम विभाग ने अनुसार दिल्ली व आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा. इसके चलते मौसम में बदलाव देखा जाएगा. नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर का क्षेत्र भीषण गर्मी से झुलस रहा है. रविवार को तेज धूप के चलते लोगों को घर से निकलना मुश्किल था. दिल्ली में यह गर्मी पिछले तीन-चार दिनों से ज्यादा पड़ रही है. इस बीच, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में चक्रवात तूफान मोचा के चलते बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर भारत में भी इसका असर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में दिल्ली व आसपास के राज्य के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार सोलह-सत्रह मई के बीच दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहेंगे. इस दौरान हल्की बारिश भी हो सकती है. मौसम विभाग ने अनुसार दिल्ली व आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा. इसके चलते मौसम में बदलाव देखा जाएगा. सोलह मई यानी मंगलवार को राजधानी व एनसीआर क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है. दिल्ली-एनसीआर के लोगों गर्मी से राहत मिल सकती है. इस दौरान दिन के तापमान में भी गिरावट देखी जा सकती है. मौसम में यह बदलाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, मेरठ, और मुजफ्फर नगर जिलों में बादल छाए रहने और हल्की आंधी आने के भी आसार हैं. कानपुर के चंद्रशेखर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि शहर में अगले हफ्ते तापमान में गिरावट देखी जाएगी. इस दौरान कानपुर नगर व देहात एरिया में बादल छाए रहेंगे. साथ ही हल्की बूंदाबांदी भी पड़ेगी. बता दें कि इन दिनों उत्तर भारत का एरिया हीटवेव और भीषण गर्मी से जूझ रहा है. वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में चक्रवाती तूफान मोचा का असर देखा जा रहा है. मेघालय, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में पंद्रह से सत्रह मई के बीच बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
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नारनौल,3 जून,2020 (बी. एल. वर्मा ): जिला में बुधवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना पॉजिटिव की संख्या दहाई में आई। अब कोरोना पॉजिटिव की संख्या 70 पर पहुंच गई है जिसमे एक्टिव केस 49 हैं।
इस संबंध में सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने बताया कि जिला में आज कोरोना के 10 नए पॉजिटिव केस आए हैं। जिनमे कर्मचारी कॉलोनी नारनौल में एक, आदर्श कॉलोनी महेंद्रगढ़ में एक,गांव नांगल में एक,गांव खोड में एक, गांव ढ़ाणी जड़वा में एक, सतनाली में एक, छितरोली में एक, इसराना में एक, बड़ा बाग नारनौल में एक व नसीबपुर जेल में एक मरीज शामिल हैं।
अब जिला में कोरोना पॉजिटिव की कुल संख्या 70 हो गई है। इनमें से 21 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। जिला में कोरोना के 49 केस अभी भी एक्टिव है।
डॉ अशोक कुमार ने बताया कि आज 6 मोबाइल टीमों ने 401 लोगों की स्क्रीनिंग की है। इनमें से 303 मरीजों में सामान्य बीमारी मिली है। जिले में 3 जून तक 62448 नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से 36852 मरीजों में सामान्य बीमारी पाई गई है।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के लिए अब तक जिले से 3725 सैंपल भेजे गए हैं। इनमें 265 सैंपल की रिपोर्ट आनी शेष है। आज आये 10 कोरोना संक्रमितों में से 8 को वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज झज्जर में व 2 को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पटीकरा में शिफ्ट किया गया है।
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नारनौल,तीन जून,दो हज़ार बीस : जिला में बुधवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना पॉजिटिव की संख्या दहाई में आई। अब कोरोना पॉजिटिव की संख्या सत्तर पर पहुंच गई है जिसमे एक्टिव केस उनचास हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने बताया कि जिला में आज कोरोना के दस नए पॉजिटिव केस आए हैं। जिनमे कर्मचारी कॉलोनी नारनौल में एक, आदर्श कॉलोनी महेंद्रगढ़ में एक,गांव नांगल में एक,गांव खोड में एक, गांव ढ़ाणी जड़वा में एक, सतनाली में एक, छितरोली में एक, इसराना में एक, बड़ा बाग नारनौल में एक व नसीबपुर जेल में एक मरीज शामिल हैं। अब जिला में कोरोना पॉजिटिव की कुल संख्या सत्तर हो गई है। इनमें से इक्कीस मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। जिला में कोरोना के उनचास केस अभी भी एक्टिव है। डॉ अशोक कुमार ने बताया कि आज छः मोबाइल टीमों ने चार सौ एक लोगों की स्क्रीनिंग की है। इनमें से तीन सौ तीन मरीजों में सामान्य बीमारी मिली है। जिले में तीन जून तक बासठ हज़ार चार सौ अड़तालीस नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से छत्तीस हज़ार आठ सौ बावन मरीजों में सामान्य बीमारी पाई गई है। उन्होंने बताया कि कोविड-उन्नीस के लिए अब तक जिले से तीन हज़ार सात सौ पच्चीस सैंपल भेजे गए हैं। इनमें दो सौ पैंसठ सैंपल की रिपोर्ट आनी शेष है। आज आये दस कोरोना संक्रमितों में से आठ को वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज झज्जर में व दो को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पटीकरा में शिफ्ट किया गया है।
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दीपक परमार। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली से डीएड विद्यार्थी परीक्षा से वचिंत हुए। जुलाई 2014 में विद्यार्थियों ने प्रायवेट कालेजों में एडमिशन लिये जिसकी सूची माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी की। जिन विद्यार्थियों की अंकसूची राज्य ओपन की लगी थी उन विद्यार्थियों को डीएड परीक्षा देने से वंचित कर दिया। जिसके कारण उनको वर्ष भर की पढ़ाई का नुकसान हुआ। वे अपने लक्ष्य में पिछड़ गए। जिससे विद्यार्थियों को समय व आर्थिक रूप से नुकसान भुगतना पढ़ा और इसका जिम्मेदार माध्यमिक शिक्षा मंडल ही है।
यदि ऐसा था तो माध्यमिक शिक्षा मंडल को एडमिशन सूची जारी नही करनी थी। ताकि सभी विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नही होता। 5 अगस्त 2015 से डीएड की परिक्षा शुरू हो रही है लेकिन माध्यमिक शिक्षा मंडल के इस फैसले के कारण विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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दीपक परमार। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली से डीएड विद्यार्थी परीक्षा से वचिंत हुए। जुलाई दो हज़ार चौदह में विद्यार्थियों ने प्रायवेट कालेजों में एडमिशन लिये जिसकी सूची माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी की। जिन विद्यार्थियों की अंकसूची राज्य ओपन की लगी थी उन विद्यार्थियों को डीएड परीक्षा देने से वंचित कर दिया। जिसके कारण उनको वर्ष भर की पढ़ाई का नुकसान हुआ। वे अपने लक्ष्य में पिछड़ गए। जिससे विद्यार्थियों को समय व आर्थिक रूप से नुकसान भुगतना पढ़ा और इसका जिम्मेदार माध्यमिक शिक्षा मंडल ही है। यदि ऐसा था तो माध्यमिक शिक्षा मंडल को एडमिशन सूची जारी नही करनी थी। ताकि सभी विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नही होता। पाँच अगस्त दो हज़ार पंद्रह से डीएड की परिक्षा शुरू हो रही है लेकिन माध्यमिक शिक्षा मंडल के इस फैसले के कारण विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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अंधेरी आग हादसे में और भी कई लोगों की मौते हो सकती थी अगर एक डिलिवरी बॉय देवदूत बनकर सामने नहीं आया होता तो। स्विगी में काम करने वाले 20 साल के सिद्धू हुमानाबाड़े ने इस हादसे के दौरान 10 लोगों को रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई। चौकानें वाली बात यह है कि इस हादसे में सिद्धू खुद घायल हो गये और उनका इस समय इलाज चल रहा है। उनकी हालत इस समय स्थिर बताई जाती है।
सिद्धू बताते हैं कि वे फूड डिलीवरी करने मरोल जा रहे थे तभी उन्होंने ESIC अस्पताल में से लोगों को भागते और बिल्डिंग से धुआं निकलते देखा। सिद्धू कहते हैं कि बिना कुछ सोचे समझे वे भी लोगों को बचाने के काम में जुट गये। वे आगे कहते हैं कि फायर ब्रिगेड के बचाव कर्मियों के साथ मिलकर उन्होंने पांच मंजिला अस्पताल से मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला।
वे कहते हैं कि बिल्डिंग के अंदर इतना अधिक धुआं था कि लोगों को देख पाना मुश्किल हो रहा था। साथ ही धुएं के कारण सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। लगभग तीन घंटे तक मरीजों की जान बचाने में सिद्धू जुटे रहे। इसके बाद अचानक उनके सीने में दर्द होने लगा और उन्हें सेवन हिल्स अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा।
डॉक्टरों का कहना है कि सिद्धू की स्थिति अब ठीक है उन्हें जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। सिद्धू के भाई का कहना है कि बचाव कार्य के दौरान सिद्धू की बाइक, हेलमेट और खाने का सामान भी चोरी हो गया।
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अंधेरी आग हादसे में और भी कई लोगों की मौते हो सकती थी अगर एक डिलिवरी बॉय देवदूत बनकर सामने नहीं आया होता तो। स्विगी में काम करने वाले बीस साल के सिद्धू हुमानाबाड़े ने इस हादसे के दौरान दस लोगों को रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई। चौकानें वाली बात यह है कि इस हादसे में सिद्धू खुद घायल हो गये और उनका इस समय इलाज चल रहा है। उनकी हालत इस समय स्थिर बताई जाती है। सिद्धू बताते हैं कि वे फूड डिलीवरी करने मरोल जा रहे थे तभी उन्होंने ESIC अस्पताल में से लोगों को भागते और बिल्डिंग से धुआं निकलते देखा। सिद्धू कहते हैं कि बिना कुछ सोचे समझे वे भी लोगों को बचाने के काम में जुट गये। वे आगे कहते हैं कि फायर ब्रिगेड के बचाव कर्मियों के साथ मिलकर उन्होंने पांच मंजिला अस्पताल से मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। वे कहते हैं कि बिल्डिंग के अंदर इतना अधिक धुआं था कि लोगों को देख पाना मुश्किल हो रहा था। साथ ही धुएं के कारण सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। लगभग तीन घंटे तक मरीजों की जान बचाने में सिद्धू जुटे रहे। इसके बाद अचानक उनके सीने में दर्द होने लगा और उन्हें सेवन हिल्स अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि सिद्धू की स्थिति अब ठीक है उन्हें जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। सिद्धू के भाई का कहना है कि बचाव कार्य के दौरान सिद्धू की बाइक, हेलमेट और खाने का सामान भी चोरी हो गया।
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Congress Protest: कांग्रेस की ओर से निकाले गए मार्च में राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद कांग्रेस दफ्तर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठीं प्रियंका ने मोर्चा संभाला।
Congress Protest: कांग्रेस आज सुबह से ही देशभर में महंगाई, बेरोजगारी, केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग और जीएसटी जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर है। देश के अलग - अलग हिस्सों से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन (Congress Protest) की तस्वीरें आती रहीं। लेकिन सबसे त्रीव प्रदर्शन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नजर आया। कांग्रेस के इस देशव्यापी विरोध - प्रदर्शन में गांधी परिवार काफी एक्टिव दिखा। खासकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) ने जिस तरह से मोर्चा संभाला, वो चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रियंका गांधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) के प्रदर्शन की तस्वीरें खबरिया चैनलों, पोर्टलों और सोशल मीडिया पर छाई हुई है।
पीएम आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही प्रियंका गांधी को रोकतीं महिला पुलिस अधिकारी।
पुलिस ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को रोका तो वह सड़क पर ही बैठ गईं।
सड़क पर बैठीं प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस की महिला जवानों ने चारों तरफ से घेर लिया।
कांग्रेस नेताओं ने एलपीजी सिलेंडर के साथ किया मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन। तस्वीर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Congress General Secretary Priyanka Gandhi) और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan CM Ashok Gehlot) गैस सिलेंडर की ट्रॉली के साथ नजर आ रहे हैं।
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Congress Protest: कांग्रेस की ओर से निकाले गए मार्च में राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद कांग्रेस दफ्तर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठीं प्रियंका ने मोर्चा संभाला। Congress Protest: कांग्रेस आज सुबह से ही देशभर में महंगाई, बेरोजगारी, केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग और जीएसटी जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर है। देश के अलग - अलग हिस्सों से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की तस्वीरें आती रहीं। लेकिन सबसे त्रीव प्रदर्शन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नजर आया। कांग्रेस के इस देशव्यापी विरोध - प्रदर्शन में गांधी परिवार काफी एक्टिव दिखा। खासकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जिस तरह से मोर्चा संभाला, वो चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रियंका गांधी के प्रदर्शन की तस्वीरें खबरिया चैनलों, पोर्टलों और सोशल मीडिया पर छाई हुई है। पीएम आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही प्रियंका गांधी को रोकतीं महिला पुलिस अधिकारी। पुलिस ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को रोका तो वह सड़क पर ही बैठ गईं। सड़क पर बैठीं प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस की महिला जवानों ने चारों तरफ से घेर लिया। कांग्रेस नेताओं ने एलपीजी सिलेंडर के साथ किया मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन। तस्वीर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गैस सिलेंडर की ट्रॉली के साथ नजर आ रहे हैं।
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लखीमपुर हादसे में घायल हुए पीडितों को देखने के लिए अस्पताल पहुंची कमिश्नर रोशन जैकब पीडितों की दर्द पुकार पर कमिश्नर अपने आंसू नहीं रोक पायीं।
Lakhimpur Accident: ऐसा आईएएस अफसर कम ही देखने को मिलता है, जो आम आदमी से भावनात्मक रूप से जड़कर उसकी समस्या और पीड़ा को महसूस करे और दर्द को देखकर भावुक हो जाए। लखनऊ कमिश्नर रोशन जैकब एक ऐसी ही आईएएस हैं। जो अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बनाती जा रही हैं। लखीमपुर में बस हादसे में आज छह लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना की जानकारी मिलने पर कमिश्नर आज सुबह जब लखीमपुर हादसे में घायल हुए पीडितों को देखने के लिए अस्पताल पहुंची तो पीडितों की दर्द से गूंजती चीखों और परिजनों की पुकार पर कमिश्नर अपने आंसू नहीं रोक पायीं। रुंधे गले से उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। देखें वीडियो।
लखनऊ की कमिश्नर पहली बार भावुक हुई हैं ऐसा नहीं है। अभी हाल में बारिश से उत्पन्न भयावह स्थिति में वह रात तीन बजे उठकर उन बस्तियों में पहुंच गई थीं जहां जलभराव के लोगों की जिंदगी दुश्वार हो गई थी। कमिश्नर के इस एक्शन के बाद लखनऊ के आला अफसर सक्रिय हुए थे। इस दौरान कमिश्नर अपने सैंडिल उतारकर बरसात के भरे हुए पानी में उतर गई थीं। और लोगों की पीड़ा और कष्ट को शिद्दत से महसूस कर लोगों से आवश्यक कार्य के बगैर घरों से बाहर न निकलने की अपील की थी साथ ही बच्चों के स्कूलों में छुट्टी का एलान भी कर दिया था।
आज एक बार फिर लखीमपुर हादसे के पीडितों के बीच उनका ममतामय़ी रूप दिखायी दिया।
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लखीमपुर हादसे में घायल हुए पीडितों को देखने के लिए अस्पताल पहुंची कमिश्नर रोशन जैकब पीडितों की दर्द पुकार पर कमिश्नर अपने आंसू नहीं रोक पायीं। Lakhimpur Accident: ऐसा आईएएस अफसर कम ही देखने को मिलता है, जो आम आदमी से भावनात्मक रूप से जड़कर उसकी समस्या और पीड़ा को महसूस करे और दर्द को देखकर भावुक हो जाए। लखनऊ कमिश्नर रोशन जैकब एक ऐसी ही आईएएस हैं। जो अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बनाती जा रही हैं। लखीमपुर में बस हादसे में आज छह लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना की जानकारी मिलने पर कमिश्नर आज सुबह जब लखीमपुर हादसे में घायल हुए पीडितों को देखने के लिए अस्पताल पहुंची तो पीडितों की दर्द से गूंजती चीखों और परिजनों की पुकार पर कमिश्नर अपने आंसू नहीं रोक पायीं। रुंधे गले से उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। देखें वीडियो। लखनऊ की कमिश्नर पहली बार भावुक हुई हैं ऐसा नहीं है। अभी हाल में बारिश से उत्पन्न भयावह स्थिति में वह रात तीन बजे उठकर उन बस्तियों में पहुंच गई थीं जहां जलभराव के लोगों की जिंदगी दुश्वार हो गई थी। कमिश्नर के इस एक्शन के बाद लखनऊ के आला अफसर सक्रिय हुए थे। इस दौरान कमिश्नर अपने सैंडिल उतारकर बरसात के भरे हुए पानी में उतर गई थीं। और लोगों की पीड़ा और कष्ट को शिद्दत से महसूस कर लोगों से आवश्यक कार्य के बगैर घरों से बाहर न निकलने की अपील की थी साथ ही बच्चों के स्कूलों में छुट्टी का एलान भी कर दिया था। आज एक बार फिर लखीमपुर हादसे के पीडितों के बीच उनका ममतामय़ी रूप दिखायी दिया।
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कृषि उपनिदेशक राम प्रवेश ने बताया कि जून माह बारिश का मौसम नहीं था। इसके चलते औसतन 11 एमएम बारिश होने का अनुमान था मगर 63. 50 एमएम बारिश हुई थी जो औसत से 52. 50 एमएम अधिक थी। जुलाई माह में औसतन 300 एमएम बारिश होती है। मगर गुरुवार को पहली बार में ही करीब 80 एमएम बारिश हो गई है।
जागरण संवाददाता, अमरोहा : सावन में मानसून मतवाला हो गया। सुबह पांच बजे शुरू हुई बारिश की झड़ी शाम तीन बजे थमी। इससे उमस और गर्मी से राहत मिल गई। मगर शहर की गलियां और सड़कें डूब गईं। जलभराव से जीवन ठहर सा गया। उधर, किसानों के लिए यह बारिश अमृत बनकर बरसी। धान की रोपाई ने तेजी पकड़ ली।
सावन माह के तीसरे दिन गुरुवार सुबह से ही मानसून मेहरबान रहा। पांच बजे आसमान में बदली छा गई और देखते ही देखते बारिश होने लगी। उमस भरी गर्मी से बेचैन लोगों ने राहत की सांस ली। लगातार रिमझिम बारिश से शहर के नाले उफना गए। इससे सड़कें पानी में पूरी तरह डूब गईं। लकड़ा चौराहा, जामा मस्जिद चौराहा, जेएस हिन्दू इंटर कालेज, कोतवाली चौराहा, तहसील रोड, बगला बाजार, नगरपालिका रोड, छंगा दरवाजा, कोट चौराहा, नखासा रोड, दानिशमंदान रोड शाम तक जलभराव की गिरफ्त में रहा।
कुछ लोगों के घरों में भी पानी भर गया। नगर के नालों की तलीझाड़ सफाई कराने की पोल भी खुल गई। वहीं बारिश से खेत में खड़ी फसलें लबालब हो गई। खासकर खेतों में धान की रोपाई कर रहे किसानों के चेहरे खिल गए। मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
कृषि उपनिदेशक राम प्रवेश ने बताया कि जून माह बारिश का मौसम नहीं था। इसके चलते औसतन 11 एमएम बारिश होने का अनुमान था, मगर 63. 50 एमएम बारिश हुई थी, जो औसत से 52. 50 एमएम अधिक थी। जुलाई माह में औसतन 300 एमएम बारिश होती है। मगर गुरुवार को पहली बार में ही करीब 80 एमएम बारिश हो गई है।
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कृषि उपनिदेशक राम प्रवेश ने बताया कि जून माह बारिश का मौसम नहीं था। इसके चलते औसतन ग्यारह एमएम बारिश होने का अनुमान था मगर तिरेसठ. पचास एमएम बारिश हुई थी जो औसत से बावन. पचास एमएम अधिक थी। जुलाई माह में औसतन तीन सौ एमएम बारिश होती है। मगर गुरुवार को पहली बार में ही करीब अस्सी एमएम बारिश हो गई है। जागरण संवाददाता, अमरोहा : सावन में मानसून मतवाला हो गया। सुबह पांच बजे शुरू हुई बारिश की झड़ी शाम तीन बजे थमी। इससे उमस और गर्मी से राहत मिल गई। मगर शहर की गलियां और सड़कें डूब गईं। जलभराव से जीवन ठहर सा गया। उधर, किसानों के लिए यह बारिश अमृत बनकर बरसी। धान की रोपाई ने तेजी पकड़ ली। सावन माह के तीसरे दिन गुरुवार सुबह से ही मानसून मेहरबान रहा। पांच बजे आसमान में बदली छा गई और देखते ही देखते बारिश होने लगी। उमस भरी गर्मी से बेचैन लोगों ने राहत की सांस ली। लगातार रिमझिम बारिश से शहर के नाले उफना गए। इससे सड़कें पानी में पूरी तरह डूब गईं। लकड़ा चौराहा, जामा मस्जिद चौराहा, जेएस हिन्दू इंटर कालेज, कोतवाली चौराहा, तहसील रोड, बगला बाजार, नगरपालिका रोड, छंगा दरवाजा, कोट चौराहा, नखासा रोड, दानिशमंदान रोड शाम तक जलभराव की गिरफ्त में रहा। कुछ लोगों के घरों में भी पानी भर गया। नगर के नालों की तलीझाड़ सफाई कराने की पोल भी खुल गई। वहीं बारिश से खेत में खड़ी फसलें लबालब हो गई। खासकर खेतों में धान की रोपाई कर रहे किसानों के चेहरे खिल गए। मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। न्यूनतम तापमान पच्चीस डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कृषि उपनिदेशक राम प्रवेश ने बताया कि जून माह बारिश का मौसम नहीं था। इसके चलते औसतन ग्यारह एमएम बारिश होने का अनुमान था, मगर तिरेसठ. पचास एमएम बारिश हुई थी, जो औसत से बावन. पचास एमएम अधिक थी। जुलाई माह में औसतन तीन सौ एमएम बारिश होती है। मगर गुरुवार को पहली बार में ही करीब अस्सी एमएम बारिश हो गई है।
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ये भीषण हादसा बीकानेर जिले के देशनोक इलाके में हुआ है। जहां मंगलवार को एक बस और बोलेरो जीप की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि 7 लोगों ने घटनास्थल पर ही अपना दम तोड़ दिया। हादसे में मारे गए लोगों में 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं।
बीकानेर (राजस्थान). आए-दिन दर्दनाक हादसों की वजह से लोगों की जान जा रही है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाली घटना ने राजस्थान में सामने आई है। जहां भीषण एक्सीडेंट में 7 लोगों की मौके पर मौत हो गई। घटना के जानकारी लगते ही पूरे इलाके मे कोहराम मच गया।
दरअसल, ये भीषण हादसा बीकानेर जिले के देशनोक इलाके में हुआ है। जहां मंगलवार को एक बस और बोलेरो जीप की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि 7 लोगों ने घटनास्थल पर ही अपना दम तोड़ दिया। हादसे में मारे गए लोगों में 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। चश्मदीदों ने बताया हादसा इतना भीषण था कि हम लोग जब वहां पहुंचे तो हमारा दिल दहल गया।
जानाकी के मुताबिक, मारे गए सभी लोग रतनगढ़ के पास एक गांव के बताए जा रहे हैं। इस घटना में घायल हुए लोगों को बीकानेर के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जख्मी लोगों को देखने के लिए जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम हॉस्पिटल पहुंचे।
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ये भीषण हादसा बीकानेर जिले के देशनोक इलाके में हुआ है। जहां मंगलवार को एक बस और बोलेरो जीप की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि सात लोगों ने घटनास्थल पर ही अपना दम तोड़ दिया। हादसे में मारे गए लोगों में चार महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। बीकानेर . आए-दिन दर्दनाक हादसों की वजह से लोगों की जान जा रही है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाली घटना ने राजस्थान में सामने आई है। जहां भीषण एक्सीडेंट में सात लोगों की मौके पर मौत हो गई। घटना के जानकारी लगते ही पूरे इलाके मे कोहराम मच गया। दरअसल, ये भीषण हादसा बीकानेर जिले के देशनोक इलाके में हुआ है। जहां मंगलवार को एक बस और बोलेरो जीप की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि सात लोगों ने घटनास्थल पर ही अपना दम तोड़ दिया। हादसे में मारे गए लोगों में चार महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। चश्मदीदों ने बताया हादसा इतना भीषण था कि हम लोग जब वहां पहुंचे तो हमारा दिल दहल गया। जानाकी के मुताबिक, मारे गए सभी लोग रतनगढ़ के पास एक गांव के बताए जा रहे हैं। इस घटना में घायल हुए लोगों को बीकानेर के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जख्मी लोगों को देखने के लिए जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम हॉस्पिटल पहुंचे।
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ग्वालियर में शिक्षा के मंदिर MLB कॉलेज में B. COM सेकंड ईयर के छात्र पर 10 से 12 छात्रों ने हमला कर दिया। छात्र परीक्षा देने के बाद बाहर निकल रहा था। क्लास रूम के बाहर ही हमलावर खड़े थे। छात्र उनको देखकर वापस परीक्षा कक्ष में पहुंचा, लेकिन हमलावर वहां भी पहुंच गए। हमलावरों ने छात्र के गर्दन और कान पर चाकू से मारा है। उसके सिर पर कुर्सी तोड़ दी। बचाने आए एक प्रोफेसर के पीछे भी हमलावर चाकू लेकर दौड़े हैं।
हमलावरों के भागने के बाद घायल छात्र ने मदद के लिए पूरे परिसर में दौड़ लगा दी। इस दौरान पूरे परिसर में खून ही खून फैल गया। छात्र को गंभीर हालत में JAH के ट्रॉमा सेंटर मंे भर्ती कराया है। हमलावर छात्रों की पहचान नहीं हो पाई है। सभी मुंह पर साफी बांधे हुए थे। पुलिस इसे छात्रों के बीच पुरानी रंजिश बता रही है। फिलहाल घायल छात्र के होश में आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
शहर के कंपू स्थित आमखो निवासी 20 वर्षीय अमन सिंह तोमर MLB कॉलेज में B. COM सेकेंड ईयर का छात्र है। अभी उसकी परीक्षा चल रही है। मंगलवार को वह परीक्षा देने के लिए आया था। साथ में उसका दोस्त भोलू सिंह भदौरिया था। जब अमन तोमर पेपर हॉल से बाहर निकल रहा था तो उसने 10 से 12 लड़को को खड़े देखा। अमन को देखते ही सभी ने उसकी तरफ दौड़ लगा दी। बचने के लिए अमन वापस परीक्षा हॉल में भागा, लेकिन हमलावर उसे मारने का इरादा करके आए थे। परीक्षा हॉल में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने उसके गले, कान और जबड़ा पर चाकू से वार किया।
यही नहीं, कुर्सी उठाकर उसके सिर पर तोड़ दी। बेल्ट से पीटा। इस दौरान एक प्रोफेसर उसे बचाने भी आए तो बदमाश उनके पीछे चाकू लेकर दौड़े इसके बाद किसी की उनके सामने आने की हिम्मत नहीं हुई। हमलावर हाथ में चाकू लहराते हुए भाग गए।
घायल छात्र की हालत नाजुक थी। उसने हमले के बाद पूरे परिसर में अपनी जान बचाने के लिए मदद मांगी। जिस कुछ लोगों ने उसको अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को मामले की सूचना दी। पूरे कॉलेज परिवार में खून की खून फैला हुआ था। अमन का ट्रॉमा के ICU में इलाज चल रहा है। उसकी हालत नाजुक है।
अमन के दोस्त भोलू भदौरिया ने बताया कि कॉलेज में वर्चस्व की लड़ाई चलती रहती है। कॉलेज में एक गुट है मीत भदौरिया और शिवाजी तोमर का यह अमन से लगातार झगड़ा करते थे। इन्हांेने ही हमला किया है। यह छात्रों के बीच पुरानी रंजिश पर हमला किया गया है। हमलावर में और कौन-कौन थे यह अमन के होश में आने और बता पाने की स्थिति में आने के बाद ही पता चल सकेगा।
पुलिस को आशंका है कि यह खूनी संघर्ष छात्र राजनीति का झगड़ा भी हो सकता है। घायल छात्र काफी चर्चित है। वह लोगों के लिए मदद करता रहता है। किसी गुट को यह पसंद नहीं है। पहले भी यह कई बार भिड़ चुके हैं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।
- कॉलेज परिसर में परीक्षा भवन की तरफ कोई भी CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। जिससे हमलावरों की पहचान नहीं हो पा रही है। अब पुलिस को घायल के होश में आने और बयान देने लायक होने का इंतजार है।
टीआई कंपू रामनरेश यादव का कहना है कि छात्र पर कुछ अज्ञात छात्रा ने जानलेवा हमला किया है। घायल छात्र का इलाज चल रहा है। उसके बयान के बाद हमलावरों की पहचान हो सकेगी। मामला दर्ज कर लिया है हमलावरों की तलाश जारी है।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
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ग्वालियर में शिक्षा के मंदिर MLB कॉलेज में B. COM सेकंड ईयर के छात्र पर दस से बारह छात्रों ने हमला कर दिया। छात्र परीक्षा देने के बाद बाहर निकल रहा था। क्लास रूम के बाहर ही हमलावर खड़े थे। छात्र उनको देखकर वापस परीक्षा कक्ष में पहुंचा, लेकिन हमलावर वहां भी पहुंच गए। हमलावरों ने छात्र के गर्दन और कान पर चाकू से मारा है। उसके सिर पर कुर्सी तोड़ दी। बचाने आए एक प्रोफेसर के पीछे भी हमलावर चाकू लेकर दौड़े हैं। हमलावरों के भागने के बाद घायल छात्र ने मदद के लिए पूरे परिसर में दौड़ लगा दी। इस दौरान पूरे परिसर में खून ही खून फैल गया। छात्र को गंभीर हालत में JAH के ट्रॉमा सेंटर मंे भर्ती कराया है। हमलावर छात्रों की पहचान नहीं हो पाई है। सभी मुंह पर साफी बांधे हुए थे। पुलिस इसे छात्रों के बीच पुरानी रंजिश बता रही है। फिलहाल घायल छात्र के होश में आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। शहर के कंपू स्थित आमखो निवासी बीस वर्षीय अमन सिंह तोमर MLB कॉलेज में B. COM सेकेंड ईयर का छात्र है। अभी उसकी परीक्षा चल रही है। मंगलवार को वह परीक्षा देने के लिए आया था। साथ में उसका दोस्त भोलू सिंह भदौरिया था। जब अमन तोमर पेपर हॉल से बाहर निकल रहा था तो उसने दस से बारह लड़को को खड़े देखा। अमन को देखते ही सभी ने उसकी तरफ दौड़ लगा दी। बचने के लिए अमन वापस परीक्षा हॉल में भागा, लेकिन हमलावर उसे मारने का इरादा करके आए थे। परीक्षा हॉल में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने उसके गले, कान और जबड़ा पर चाकू से वार किया। यही नहीं, कुर्सी उठाकर उसके सिर पर तोड़ दी। बेल्ट से पीटा। इस दौरान एक प्रोफेसर उसे बचाने भी आए तो बदमाश उनके पीछे चाकू लेकर दौड़े इसके बाद किसी की उनके सामने आने की हिम्मत नहीं हुई। हमलावर हाथ में चाकू लहराते हुए भाग गए। घायल छात्र की हालत नाजुक थी। उसने हमले के बाद पूरे परिसर में अपनी जान बचाने के लिए मदद मांगी। जिस कुछ लोगों ने उसको अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को मामले की सूचना दी। पूरे कॉलेज परिवार में खून की खून फैला हुआ था। अमन का ट्रॉमा के ICU में इलाज चल रहा है। उसकी हालत नाजुक है। अमन के दोस्त भोलू भदौरिया ने बताया कि कॉलेज में वर्चस्व की लड़ाई चलती रहती है। कॉलेज में एक गुट है मीत भदौरिया और शिवाजी तोमर का यह अमन से लगातार झगड़ा करते थे। इन्हांेने ही हमला किया है। यह छात्रों के बीच पुरानी रंजिश पर हमला किया गया है। हमलावर में और कौन-कौन थे यह अमन के होश में आने और बता पाने की स्थिति में आने के बाद ही पता चल सकेगा। पुलिस को आशंका है कि यह खूनी संघर्ष छात्र राजनीति का झगड़ा भी हो सकता है। घायल छात्र काफी चर्चित है। वह लोगों के लिए मदद करता रहता है। किसी गुट को यह पसंद नहीं है। पहले भी यह कई बार भिड़ चुके हैं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। - कॉलेज परिसर में परीक्षा भवन की तरफ कोई भी CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। जिससे हमलावरों की पहचान नहीं हो पा रही है। अब पुलिस को घायल के होश में आने और बयान देने लायक होने का इंतजार है। टीआई कंपू रामनरेश यादव का कहना है कि छात्र पर कुछ अज्ञात छात्रा ने जानलेवा हमला किया है। घायल छात्र का इलाज चल रहा है। उसके बयान के बाद हमलावरों की पहचान हो सकेगी। मामला दर्ज कर लिया है हमलावरों की तलाश जारी है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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यूपी के रामपुर में आवारा कुत्तों ने कहर मचाया हुआ है. तीन दिन पहले जिन कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 78 भेड़ों को मारकर अपनी भूख मिटाई थी, उन्हीं आवारा कुत्तों ने शनिवार को एक 5 साल की बच्ची को गंभीर रूप से घायल कर दिया. (रामपुर से आमिर खान की रिपोर्ट)
रामपुर की तहसील टांडा में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक है. कुत्तों ने 5 साल की मासूम बच्ची पर हमला कर दिया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई. उसका दिल्ली के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
घर के बाहर खेल रही खुर्शीद की पांच साल की बच्ची सना पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई. चीख सुनकर चाचा नासिर बचाने आए. यह देख मोहल्ले के लोग डंडे आदि लेकर वहां पहुंचे, तब कुत्ते वहां से भागे. कुत्तों ने बच्ची के चेहरे पर काट लिया. उसे परिवार वाले दिल्ली ले गए.
वहीं, तीन दिन पहले इन कुत्तों ने एक व्यक्ति की कई भेड़ों को भी नोंच खाया था. कुत्तों ने लगभग 78 भेड़ों को मार दिया था. भेड़ों के मालिक बबलू पाल ने बताया 78 भेड़ें खत्म हो गईं और 16 घायल हैं.
बबलू पाल ने बताया कि रात के समय कुत्ते, भेड़ों के बाड़े में घुस गए थे. उस वक्त हम लोग सो रहे थे. हमें पता नहीं चला और जब हमने सुबह देखा तो हमारी काफी भेड़ें मरी पड़ी थीं.
इस इलाके में लावारिस 20 से 22 कुत्ते हैं, जिन्होंने भेड़ों पर हमला कर दिया था. कुत्तों को खाना नहीं मिला इसलिए वह इधर आ गए और उन्होंने भेड़ों पर हमला कर दिया. बबलू पाल ने बताया उसका लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ, एक भेड़ की कीमत लगभग 10 हजार रुपये है. हम इसी पर निर्भर हैं और हमारा कमाने का यही जरिया था.
वहीं, इस मामले पर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया, गुरुवार रात को एक सूचना प्राप्त हुई थी. उसके बाद फॉरेस्ट विभाग को अलर्ट कर दिया गया था. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भी वहां पर लगाया गया है. संबंधित उप जिला अधिकारी भी इस मामले को देख रहे हैं. सारे मामलों पर उचित कार्यवाही की जा रही है.
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यूपी के रामपुर में आवारा कुत्तों ने कहर मचाया हुआ है. तीन दिन पहले जिन कुत्तों ने बाड़े में घुसकर अठहत्तर भेड़ों को मारकर अपनी भूख मिटाई थी, उन्हीं आवारा कुत्तों ने शनिवार को एक पाँच साल की बच्ची को गंभीर रूप से घायल कर दिया. रामपुर की तहसील टांडा में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक है. कुत्तों ने पाँच साल की मासूम बच्ची पर हमला कर दिया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई. उसका दिल्ली के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. घर के बाहर खेल रही खुर्शीद की पांच साल की बच्ची सना पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई. चीख सुनकर चाचा नासिर बचाने आए. यह देख मोहल्ले के लोग डंडे आदि लेकर वहां पहुंचे, तब कुत्ते वहां से भागे. कुत्तों ने बच्ची के चेहरे पर काट लिया. उसे परिवार वाले दिल्ली ले गए. वहीं, तीन दिन पहले इन कुत्तों ने एक व्यक्ति की कई भेड़ों को भी नोंच खाया था. कुत्तों ने लगभग अठहत्तर भेड़ों को मार दिया था. भेड़ों के मालिक बबलू पाल ने बताया अठहत्तर भेड़ें खत्म हो गईं और सोलह घायल हैं. बबलू पाल ने बताया कि रात के समय कुत्ते, भेड़ों के बाड़े में घुस गए थे. उस वक्त हम लोग सो रहे थे. हमें पता नहीं चला और जब हमने सुबह देखा तो हमारी काफी भेड़ें मरी पड़ी थीं. इस इलाके में लावारिस बीस से बाईस कुत्ते हैं, जिन्होंने भेड़ों पर हमला कर दिया था. कुत्तों को खाना नहीं मिला इसलिए वह इधर आ गए और उन्होंने भेड़ों पर हमला कर दिया. बबलू पाल ने बताया उसका लगभग दस लाख रुपये का नुकसान हुआ, एक भेड़ की कीमत लगभग दस हजार रुपये है. हम इसी पर निर्भर हैं और हमारा कमाने का यही जरिया था. वहीं, इस मामले पर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया, गुरुवार रात को एक सूचना प्राप्त हुई थी. उसके बाद फॉरेस्ट विभाग को अलर्ट कर दिया गया था. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भी वहां पर लगाया गया है. संबंधित उप जिला अधिकारी भी इस मामले को देख रहे हैं. सारे मामलों पर उचित कार्यवाही की जा रही है.
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को कुचल डालना चाहा और इस प्रयास में चौंक कर आंखें खोल दी और गीता के फिरते हुए हाथों को कसकर पकड़ लिया और हांकते हुए सा बोला - 'बस बस, गीता । बहुत हो चुका !'
हाथ के इस प्रथम स्पर्श से ज़ोर का एक ज्वार उठा, जिसने सम्पूर्ण गीता को ही खंगाल डाला । दबे हुए हाथ को समेटती हुई, वह चुप-सी कुर्सी पर बैठ गई । फिर चांदनी-सी छिटकाती हुई बोली - 'अब कैसा जी है ?"
'तुम्हारे हाथों में सच, कोई जादू था.' उमा ने निःसंकोच स्वीकार करते हुए कहा - 'देखो न, मैं तो स्वस्थ हो गया !'
गीता के गालों में लाली खिंच गई - 'आप मुझे फ्लैटर कर रहे हैं ! 'नहीं । सच कह रहा हूँ । विश्वास करो मेरा ।' उमा ने एक-एक शब्द यों रुक-रुक कहा, मानो प्रत्येक शब्द पर ज़ोर देकर कह रहा हो । क्षणेक रुक कर वह मुस्कराता हुआ बोला - 'सच बताओ क्या तुमने यहां नहीं आने की कसम खाली थी ? "
गीता को लगा जैसे मारे हर्ष के वह अब रो पड़ेगी ।
और उमा ने देखा, जैसे उसकी आंखों की कोरों में कुछ चमक रहा है और होंठ कुछ कहने को कर रहे हैं । तो बोला - 'गलती मेरी ही थी । न जाने मुझे उस दिन क्या हो गया था । मुझे खेद है !'
और गीता ने एक ओर मुंह फेर लिया, जैसे आंसुओं को हेतु । इतने में डाक्टर आ गया ।
दोपहर को गीता आई तो मालकिन उमा के पास देर से बैठी इधरउधर की बातें कर रही थीं। आज छुट्टी का दिन था। नौकर जाकर डाक्टर से दवा ले आया था । गीता आई, तो अम्मा उठ गई । घर का काम काज पड़ा था। नौकर को वसूली के लिये भी भेजना था । उमा ने कृतज्ञ आंखों से मालकिन को देखा ।
कल की अपेक्षा उमा अब अधिक स्वस्थ था। इस बीच गीता कई बार आ चुकी थी ।
अधबुना स्वेटर लिये गीता सिरहाने पड़ी कुर्सी पर बैठ गई । थोड़ी देर बाद उमा ने हंस कर कहा - 'कितने दिन यों ही बर्बाद हो गये । अब कल से तो पढ़ने आओगी न ?"
'जी !' उंगलियों में सलाइयां घूमती रहीं ।
दूसरी खुराक का समय हो गया था, अतः उमा ने दवा पी और फिर दाहिनी ओर की दीवार का सहारा लेकर बैठ गया ।
मौन बना वह रात भर की अपनी परिस्थिति पर पुनर्वालोकन करने लगा । उसका मन कैसा उल्लसित था । उसके प्राणों में एक मधुर संगीत - सा थिरक रहा था। प्रत्येक स्पन्दन के साथ वह संगीत सारे शरीर में फैल रहा था। पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ था । यह प्रथम अवसर था, जब उसने 'नारी' को इतने निकट से देखा था । उसे ऐसा लगता रहा था जैसे जीवन में आशायें हैं सुस्वप्न हैं, उमंगें हैं, कामनायें हैं - अत्यन्त रोचक और प्रेरक । क्या वह ऐसे ही आलोक में सदा जीवित रह सकेगा ?
इस मोड़ पर आकर उसने जैसे अनुभव किया था कि बिना नारी के जीवन कुछ रसविहीन, शुष्क और अकिंचन है । नारी ही जीवन में सुन्दरता लाती है, अपनी मधुरिमा उडेलती है और रस टपकाती है ।
प्रथम बार वह 'प्रेम' जैसी संक्षिप्त, दो अक्षरों के योग से निर्मित वस्तु पर विवेचनात्मक ढंग से ― उसके प्रारूप पर गंभीरता से सोचता रहा था । वही प्रेम, जिसमें आंसू और हंसी साथ मिलकर जीवन का चित्र खींचते हैं। जिसमें विवशता का नाम आत्मसमर्पण हो जाता है और इच्छा ऐसे व्यूह में घूमकर बढ़ती है कि उसे प्रेम की संज्ञा दे दी जाती है । जहां से निर्विकार प्राण शरीरों के निकट स्पर्श की मादकता में फूल की सुगंध पर बैठ कर, कोकिल के कण्ठों में गा उठते हैं और तब शरीर के प्रत्येक रोम की नोक पर सुख या दुख ध्रुव लोक की भांति
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को कुचल डालना चाहा और इस प्रयास में चौंक कर आंखें खोल दी और गीता के फिरते हुए हाथों को कसकर पकड़ लिया और हांकते हुए सा बोला - 'बस बस, गीता । बहुत हो चुका !' हाथ के इस प्रथम स्पर्श से ज़ोर का एक ज्वार उठा, जिसने सम्पूर्ण गीता को ही खंगाल डाला । दबे हुए हाथ को समेटती हुई, वह चुप-सी कुर्सी पर बैठ गई । फिर चांदनी-सी छिटकाती हुई बोली - 'अब कैसा जी है ?" 'तुम्हारे हाथों में सच, कोई जादू था.' उमा ने निःसंकोच स्वीकार करते हुए कहा - 'देखो न, मैं तो स्वस्थ हो गया !' गीता के गालों में लाली खिंच गई - 'आप मुझे फ्लैटर कर रहे हैं ! 'नहीं । सच कह रहा हूँ । विश्वास करो मेरा ।' उमा ने एक-एक शब्द यों रुक-रुक कहा, मानो प्रत्येक शब्द पर ज़ोर देकर कह रहा हो । क्षणेक रुक कर वह मुस्कराता हुआ बोला - 'सच बताओ क्या तुमने यहां नहीं आने की कसम खाली थी ? " गीता को लगा जैसे मारे हर्ष के वह अब रो पड़ेगी । और उमा ने देखा, जैसे उसकी आंखों की कोरों में कुछ चमक रहा है और होंठ कुछ कहने को कर रहे हैं । तो बोला - 'गलती मेरी ही थी । न जाने मुझे उस दिन क्या हो गया था । मुझे खेद है !' और गीता ने एक ओर मुंह फेर लिया, जैसे आंसुओं को हेतु । इतने में डाक्टर आ गया । दोपहर को गीता आई तो मालकिन उमा के पास देर से बैठी इधरउधर की बातें कर रही थीं। आज छुट्टी का दिन था। नौकर जाकर डाक्टर से दवा ले आया था । गीता आई, तो अम्मा उठ गई । घर का काम काज पड़ा था। नौकर को वसूली के लिये भी भेजना था । उमा ने कृतज्ञ आंखों से मालकिन को देखा । कल की अपेक्षा उमा अब अधिक स्वस्थ था। इस बीच गीता कई बार आ चुकी थी । अधबुना स्वेटर लिये गीता सिरहाने पड़ी कुर्सी पर बैठ गई । थोड़ी देर बाद उमा ने हंस कर कहा - 'कितने दिन यों ही बर्बाद हो गये । अब कल से तो पढ़ने आओगी न ?" 'जी !' उंगलियों में सलाइयां घूमती रहीं । दूसरी खुराक का समय हो गया था, अतः उमा ने दवा पी और फिर दाहिनी ओर की दीवार का सहारा लेकर बैठ गया । मौन बना वह रात भर की अपनी परिस्थिति पर पुनर्वालोकन करने लगा । उसका मन कैसा उल्लसित था । उसके प्राणों में एक मधुर संगीत - सा थिरक रहा था। प्रत्येक स्पन्दन के साथ वह संगीत सारे शरीर में फैल रहा था। पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ था । यह प्रथम अवसर था, जब उसने 'नारी' को इतने निकट से देखा था । उसे ऐसा लगता रहा था जैसे जीवन में आशायें हैं सुस्वप्न हैं, उमंगें हैं, कामनायें हैं - अत्यन्त रोचक और प्रेरक । क्या वह ऐसे ही आलोक में सदा जीवित रह सकेगा ? इस मोड़ पर आकर उसने जैसे अनुभव किया था कि बिना नारी के जीवन कुछ रसविहीन, शुष्क और अकिंचन है । नारी ही जीवन में सुन्दरता लाती है, अपनी मधुरिमा उडेलती है और रस टपकाती है । प्रथम बार वह 'प्रेम' जैसी संक्षिप्त, दो अक्षरों के योग से निर्मित वस्तु पर विवेचनात्मक ढंग से ― उसके प्रारूप पर गंभीरता से सोचता रहा था । वही प्रेम, जिसमें आंसू और हंसी साथ मिलकर जीवन का चित्र खींचते हैं। जिसमें विवशता का नाम आत्मसमर्पण हो जाता है और इच्छा ऐसे व्यूह में घूमकर बढ़ती है कि उसे प्रेम की संज्ञा दे दी जाती है । जहां से निर्विकार प्राण शरीरों के निकट स्पर्श की मादकता में फूल की सुगंध पर बैठ कर, कोकिल के कण्ठों में गा उठते हैं और तब शरीर के प्रत्येक रोम की नोक पर सुख या दुख ध्रुव लोक की भांति
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Chanakya Niti:आचार्य चाणक्य ने अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में अनेक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। आचार्य चाणक्य अपने समय के कुशल अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी योजनाएं बहुत कम ही विफल होती थीं। वे हमेशा सतर्क रहते थे और अपनी योजनाओं को हमेशा गुप्त रखते थे।
Chanakya Niti:आचार्य चाणक्य ने अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में अनेक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। आचार्य चाणक्य अपने समय के कुशल अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी योजनाएं बहुत कम ही विफल होती थीं। वे हमेशा सतर्क रहते थे और अपनी योजनाओं को हमेशा गुप्त रखते थे। उनका कहना है कि, योजनाएं जितनी गुप्त रहेंगी, वे उतनी ही सफल होंगी और सफल होने पर उन योजनाओं का आनंद भी उतना ही अधिक मिलेगा। तो आइए जानते हैं योजनाओं के सफल होने के बारे में आचार्य चाणक्य के और क्या विचार हैं।
जीवन में आपने कितने लक्ष्य साधे हों, परन्तु प्रश्न ये है कि, आप विफल कितने में हुए हैं। विफल होने पर मन में यह विचार आता है कि, परिश्रम किया, दृढ़ निश्चय रखा तो फिर विफल क्यों हुआ। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए आप अपने आप से पूछिए कि, जिस योजना को लक्ष्य साधकर आगे बढ़े थे, उसका भान किस-किस को था।
पपीते के वृक्ष पर जब फल आते हैं, तो उसे कपड़े से ढक दिया जाता है। ऐसा इसीलिए करते हैं कि, कहीं उसके रंग और गंध से कीट और पतंगे आकर्षित होकर उसे खा न जाएं। इसीलिए अगर फल का आनंद लेना है तो उसे गुप्त रखना होगा।
सफल होने के लिए केवल परिश्रमी होना ही पर्याप्त नहीं है, यदि लक्ष्य की प्राप्ति करनी है तो उस योजना को गुप्त रखना होगा। जिससे आप लक्ष्य पाना चाहते हैं वह योजना जितनी गुप्त होगी, सफलता उतनी ही निश्चित होगी और आपको उस योजना के पूरा होने पर उतना ही अधिक आनंद मिलेगा।
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Chanakya Niti:आचार्य चाणक्य ने अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में अनेक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। आचार्य चाणक्य अपने समय के कुशल अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी योजनाएं बहुत कम ही विफल होती थीं। वे हमेशा सतर्क रहते थे और अपनी योजनाओं को हमेशा गुप्त रखते थे। Chanakya Niti:आचार्य चाणक्य ने अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में अनेक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। आचार्य चाणक्य अपने समय के कुशल अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी योजनाएं बहुत कम ही विफल होती थीं। वे हमेशा सतर्क रहते थे और अपनी योजनाओं को हमेशा गुप्त रखते थे। उनका कहना है कि, योजनाएं जितनी गुप्त रहेंगी, वे उतनी ही सफल होंगी और सफल होने पर उन योजनाओं का आनंद भी उतना ही अधिक मिलेगा। तो आइए जानते हैं योजनाओं के सफल होने के बारे में आचार्य चाणक्य के और क्या विचार हैं। जीवन में आपने कितने लक्ष्य साधे हों, परन्तु प्रश्न ये है कि, आप विफल कितने में हुए हैं। विफल होने पर मन में यह विचार आता है कि, परिश्रम किया, दृढ़ निश्चय रखा तो फिर विफल क्यों हुआ। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए आप अपने आप से पूछिए कि, जिस योजना को लक्ष्य साधकर आगे बढ़े थे, उसका भान किस-किस को था। पपीते के वृक्ष पर जब फल आते हैं, तो उसे कपड़े से ढक दिया जाता है। ऐसा इसीलिए करते हैं कि, कहीं उसके रंग और गंध से कीट और पतंगे आकर्षित होकर उसे खा न जाएं। इसीलिए अगर फल का आनंद लेना है तो उसे गुप्त रखना होगा। सफल होने के लिए केवल परिश्रमी होना ही पर्याप्त नहीं है, यदि लक्ष्य की प्राप्ति करनी है तो उस योजना को गुप्त रखना होगा। जिससे आप लक्ष्य पाना चाहते हैं वह योजना जितनी गुप्त होगी, सफलता उतनी ही निश्चित होगी और आपको उस योजना के पूरा होने पर उतना ही अधिक आनंद मिलेगा।
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आगरा में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन किशोरों के टीकाकरण की रफ्तार सुस्त है। तय लक्ष्य 3. 25 लाख किशोर-किशोरियों में से तीन दिन में 9260 को ही टीका लगा है। ऐसे ही टीकाकरण चला तो 100 दिन से अधिक समय में लक्ष्य पूरा हो पाएगा। जिले में 15 से 18 साल की उम्र के 3. 25 लाख किशोर-किशोरियों को टीका लगना है। इनके टीकाकरण के लिए 31 बूथ ही बनाए हैं। शहर में 13 केंद्र और देहात में 18 केंद्र ही बनाए हैं। इन तीन दिनों में 9260 किशोर-किशोरियों को टीका लगा है। औसतन एक दिन में तीन हजार को टीका लग रहा है। इस गति से टीकाकरण होने पर 100-150 दिन का समय लग जाएगा।
जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव बर्मन ने बताया कि शुरुआत के दो-तीन दिन में टीकाकरण कराने वालों की संख्या कम रही है, लेकिन अब बढ़ रही है। स्कूलों में भी शिविर लगाकर बच्चों को टीकाकरण शुरू करा दिया है। अभी बूथों पर भीड़ कम है, जरूरत पर बूथों की संख्या भी बढ़ाएंगे।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एक दिन का कोई लक्ष्य तय नहीं है, कितने भी किशोर-किशोरी टीका लगवा सकते हैं। मेरी अभिभावकों से अपील है कि वह जिम्मेदारी समझते हुए अपने 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं, इससे संक्रमण से बचाव होगा।
- आधार कार्ड-अंकतालिका लाओ टीका लगवाओ।
- पूर्व में ऑनलाइन पंजीकरण की नहीं है बाध्यता।
- मौके पर ही पंजीकरण कर लगवा सकते हैं टीका।
- पोर्टल पर भी ऑनलाइन पंजीकरण कराने की सुविधा है।
ताजनगरी में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है। तीन गुना रफ्तार से संक्रमित बढ़ रहे हैं। आठ महीने बाद बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 64 नए मरीज मिले हैं। कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या 177 पहुंच गई है। इधर, शासन के निर्देशों के बावजूद भीड़ नियंत्रण एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन का रवैया लचर है। जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 4254 लोगों की जांच में 64 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। चार दिन से कोई मरीज ठीक नहीं हुआ है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। नए मरीजों में सभी स्थानीय निवासी हैं। सिकंदरा, शाहगंज, दयालबाग, आवास विकास कॉलोनी, बुंदू कटरा, ताजगंज और कमला नगर क्षेत्र हॉटस्पॉट हैं। नए मरीजों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को इनकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग व सैंपलिंग कराई जाएगी।
बुधवार को 630 बूथों पर 28382 लोगों को टीका लगा है। इसमें से 15 से 18 साल के 4253 किशोर-किशोरियों ने टीका लगवाया है। बाकी के लाभार्थी 18 साल की उम्र से अधिक हैं। 28382 में से 14757 को पहला डोज और 13625 लोगों को टीके का दूसरा डोज लगा है। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव बर्मन ने बताया कि जिले में 33. 97 लाख वयस्कों को टीका लगना है, जिसमें से 29. 60 लाख को पहला डोज लग चुका है, बाकी के 4. 37 लाख लोगों को टीकाकरण करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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आगरा में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन किशोरों के टीकाकरण की रफ्तार सुस्त है। तय लक्ष्य तीन. पच्चीस लाख किशोर-किशोरियों में से तीन दिन में नौ हज़ार दो सौ साठ को ही टीका लगा है। ऐसे ही टीकाकरण चला तो एक सौ दिन से अधिक समय में लक्ष्य पूरा हो पाएगा। जिले में पंद्रह से अट्ठारह साल की उम्र के तीन. पच्चीस लाख किशोर-किशोरियों को टीका लगना है। इनके टीकाकरण के लिए इकतीस बूथ ही बनाए हैं। शहर में तेरह केंद्र और देहात में अट्ठारह केंद्र ही बनाए हैं। इन तीन दिनों में नौ हज़ार दो सौ साठ किशोर-किशोरियों को टीका लगा है। औसतन एक दिन में तीन हजार को टीका लग रहा है। इस गति से टीकाकरण होने पर एक सौ-एक सौ पचास दिन का समय लग जाएगा। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव बर्मन ने बताया कि शुरुआत के दो-तीन दिन में टीकाकरण कराने वालों की संख्या कम रही है, लेकिन अब बढ़ रही है। स्कूलों में भी शिविर लगाकर बच्चों को टीकाकरण शुरू करा दिया है। अभी बूथों पर भीड़ कम है, जरूरत पर बूथों की संख्या भी बढ़ाएंगे। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एक दिन का कोई लक्ष्य तय नहीं है, कितने भी किशोर-किशोरी टीका लगवा सकते हैं। मेरी अभिभावकों से अपील है कि वह जिम्मेदारी समझते हुए अपने पंद्रह से अट्ठारह साल के बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं, इससे संक्रमण से बचाव होगा। - आधार कार्ड-अंकतालिका लाओ टीका लगवाओ। - पूर्व में ऑनलाइन पंजीकरण की नहीं है बाध्यता। - मौके पर ही पंजीकरण कर लगवा सकते हैं टीका। - पोर्टल पर भी ऑनलाइन पंजीकरण कराने की सुविधा है। ताजनगरी में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है। तीन गुना रफ्तार से संक्रमित बढ़ रहे हैं। आठ महीने बाद बीते चौबीस घंटाटे में सबसे ज्यादा चौंसठ नए मरीज मिले हैं। कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या एक सौ सतहत्तर पहुंच गई है। इधर, शासन के निर्देशों के बावजूद भीड़ नियंत्रण एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन का रवैया लचर है। जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह के मुताबिक पिछले चौबीस घंटाटे में चार हज़ार दो सौ चौवन लोगों की जांच में चौंसठ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। चार दिन से कोई मरीज ठीक नहीं हुआ है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। नए मरीजों में सभी स्थानीय निवासी हैं। सिकंदरा, शाहगंज, दयालबाग, आवास विकास कॉलोनी, बुंदू कटरा, ताजगंज और कमला नगर क्षेत्र हॉटस्पॉट हैं। नए मरीजों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को इनकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग व सैंपलिंग कराई जाएगी। बुधवार को छः सौ तीस बूथों पर अट्ठाईस हज़ार तीन सौ बयासी लोगों को टीका लगा है। इसमें से पंद्रह से अट्ठारह साल के चार हज़ार दो सौ तिरेपन किशोर-किशोरियों ने टीका लगवाया है। बाकी के लाभार्थी अट्ठारह साल की उम्र से अधिक हैं। अट्ठाईस हज़ार तीन सौ बयासी में से चौदह हज़ार सात सौ सत्तावन को पहला डोज और तेरह हज़ार छः सौ पच्चीस लोगों को टीके का दूसरा डोज लगा है। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव बर्मन ने बताया कि जिले में तैंतीस. सत्तानवे लाख वयस्कों को टीका लगना है, जिसमें से उनतीस. साठ लाख को पहला डोज लग चुका है, बाकी के चार. सैंतीस लाख लोगों को टीकाकरण करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश में 10 मार्च को विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती होनी है। इसको लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को सतर्क रहने को कहा है। सूत्रों की मानें तो आईबी से यह जानकारी मिली है कि प्रदेश के 17 जिलों में उपद्रव, हिंसा, आगजनी की घटनाएं हो सकती हैं। मतगणना में पिछड़ने वाले उम्मीदवार अपने समर्थकों को उकसा कर इन घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
आईबी की इस रिपोर्ट को लेकर केन्द्र सरकार ने चुनाव आयोग और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी से बातचीत की है। इस दौरान मतगणना स्थलों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और मतगणना स्थलों पर भीड़ इकट्टठा नहीं होने देने का निर्देश दिया गया है।
आईबी से जो रिपोर्ट मिली है उसके अनुसार जनपद मुरादाबाद, संभल, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ, लखीमपुर-खीरी, अयोध्या आजमगढ़, जौनपुर, कानपुर जैसे जिले शामिल हैं। इसलिए चुनाव आयोग ने इन सभी जिलों में पुलिस और प्रशासन को और भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कानून एवं व्यवस्था अपर पुलिस महानिदेशक ने बुधवार को चुनाव आयोग को मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा की व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में 70 हजार सिविल पुलिस, 245 कंपनी अर्द्धसैनिक बल, 69 कंपनी पीएसी की तैनात है। सभी महत्वपूर्ण जगहों पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। सभी जनपदों में धारा 144 लागू की गई है। विदित हो कि मंगलवार की रात से वाराणसी समेत कई जिलों में ईवीएम की गड़बड़ी को लेकर हंगामा मचा है। ईवीएम की सुरक्षा के लिए स्ट्रांग रूम के बाहर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बैठे हैं। इसी हंगामे को लेकर आईबी की ओर से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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उत्तर प्रदेश में दस मार्च को विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती होनी है। इसको लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो ने उत्तर प्रदेश सरकार को सतर्क रहने को कहा है। सूत्रों की मानें तो आईबी से यह जानकारी मिली है कि प्रदेश के सत्रह जिलों में उपद्रव, हिंसा, आगजनी की घटनाएं हो सकती हैं। मतगणना में पिछड़ने वाले उम्मीदवार अपने समर्थकों को उकसा कर इन घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। आईबी की इस रिपोर्ट को लेकर केन्द्र सरकार ने चुनाव आयोग और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी से बातचीत की है। इस दौरान मतगणना स्थलों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और मतगणना स्थलों पर भीड़ इकट्टठा नहीं होने देने का निर्देश दिया गया है। आईबी से जो रिपोर्ट मिली है उसके अनुसार जनपद मुरादाबाद, संभल, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ, लखीमपुर-खीरी, अयोध्या आजमगढ़, जौनपुर, कानपुर जैसे जिले शामिल हैं। इसलिए चुनाव आयोग ने इन सभी जिलों में पुलिस और प्रशासन को और भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कानून एवं व्यवस्था अपर पुलिस महानिदेशक ने बुधवार को चुनाव आयोग को मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा की व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में सत्तर हजार सिविल पुलिस, दो सौ पैंतालीस कंपनी अर्द्धसैनिक बल, उनहत्तर कंपनी पीएसी की तैनात है। सभी महत्वपूर्ण जगहों पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। सभी जनपदों में धारा एक सौ चौंतालीस लागू की गई है। विदित हो कि मंगलवार की रात से वाराणसी समेत कई जिलों में ईवीएम की गड़बड़ी को लेकर हंगामा मचा है। ईवीएम की सुरक्षा के लिए स्ट्रांग रूम के बाहर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बैठे हैं। इसी हंगामे को लेकर आईबी की ओर से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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Ahmadabad : गुजरात के अहमदाबाद में दर्दनाक हादसा हो गया. निर्माणाधीन बिल्डिंग की लिफ्ट टूटने से 8 मजदूर की मौत हो गयी. वहीं दो की हालत गंभीर बतायी जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. घायल लोगों को अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटनास्थल पर पुलिस प्रशासन और अहमदाबाद फायर बिग्रेड के कर्मी पहुंचकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं.
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के निर्माण का कार्य चल रहा था. जानकारी के अनुसार, यह बिल्डिंग 13 मंजिला है. मरने वाले सभी मजदूर आठवीं मंजिल पर लिफ्ट में मौजूद थे. तभी अचानक लिफ्ट का केबल टूट गया और सभी सातवीं मंजिल से नीचे गिर गये. जिससे 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गयी.
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आज एक मिनी बस गहरी खाई में गियी. जिससे 11 यात्रियों की मौत हो गयी. जबकि 27 अन्य घायल हो गये. घायलों को मंडी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारी ने बताया कि बस से करीब 36 यात्री सफर कर रहे थे और यह गली मैदान से पुंछ की तरफ जा रही थी. हादसे पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दुख जताया और जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजे देने की घोषणा की.
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Ahmadabad : गुजरात के अहमदाबाद में दर्दनाक हादसा हो गया. निर्माणाधीन बिल्डिंग की लिफ्ट टूटने से आठ मजदूर की मौत हो गयी. वहीं दो की हालत गंभीर बतायी जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. घायल लोगों को अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटनास्थल पर पुलिस प्रशासन और अहमदाबाद फायर बिग्रेड के कर्मी पहुंचकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के निर्माण का कार्य चल रहा था. जानकारी के अनुसार, यह बिल्डिंग तेरह मंजिला है. मरने वाले सभी मजदूर आठवीं मंजिल पर लिफ्ट में मौजूद थे. तभी अचानक लिफ्ट का केबल टूट गया और सभी सातवीं मंजिल से नीचे गिर गये. जिससे आठ मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गयी. जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आज एक मिनी बस गहरी खाई में गियी. जिससे ग्यारह यात्रियों की मौत हो गयी. जबकि सत्ताईस अन्य घायल हो गये. घायलों को मंडी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारी ने बताया कि बस से करीब छत्तीस यात्री सफर कर रहे थे और यह गली मैदान से पुंछ की तरफ जा रही थी. हादसे पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दुख जताया और जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये का मुआवजे देने की घोषणा की.
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प्रशंसा नहीं की।
पिता की प्रतिक्रिया जानने के लिये स्वयं ओट में छिप गया।
और बनानेवाले मूर्तिकार को महान कलाकार भी घोषित किया।
एक महान कलाकार हूँ।"
बाधा आएगी। और अभिमान के कारण तुम आगे नहीं पढ़ पाओगे।"
माँगकर अपनी कला को और अधिक निखारने का संकल्प लिया।
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प्रशंसा नहीं की। पिता की प्रतिक्रिया जानने के लिये स्वयं ओट में छिप गया। और बनानेवाले मूर्तिकार को महान कलाकार भी घोषित किया। एक महान कलाकार हूँ।" बाधा आएगी। और अभिमान के कारण तुम आगे नहीं पढ़ पाओगे।" माँगकर अपनी कला को और अधिक निखारने का संकल्प लिया।
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बीजेपी MLA भीमा मंडावी के साथ चार जवानों की भी इस घटना में मौत हुई थी। NIA की चार्जशीट में 33 माओवादी आरोपित बनाए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए तीनों नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। एटीएस ने इनके पास से नक्सली प्रवृत्तियों को बढ़ाने वाली कई साहित्य सामग्रियों के साथ मोबाइल और एक लैपटॉप भी जब्त किया है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात कमांडो सुनैना पटेल ने बेटी को जन्म दिया है। युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताते हुए लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
गढ़चिरौली में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में एक सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल वीरगति को प्राप्त हो गए। इस मुठभेड़ में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
वीरगति को प्राप्त हुए मुन्ना यादव का पार्थिव शरीर मंगलवार को हेलिकॉप्टर से उनके पैतृक गाँव साहेबगंज भेजा जाएगा। इससे पहले उन्हें रायपुर एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।
मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अरविन्द यादव और उसके परिवार के सदस्यों की संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी हुआ। इसके तहत एक ट्रक और लगभग 14 एकड़ जमीन कुर्क किए गए। ट्रक की कीमत 11 लाख रुपए, जबकि जमीन की कीमत 11 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
सोशल मीडिया पर वामपंथी गिरोह के लोगों द्वारा रिपब्लिक टीवी को केंद्र सरकार का गुणगान करने वाले चैनल के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। ऐसे में इस चैनल के रिपोर्टर को देखकर जेएनयू प्रदर्शनकारी के द्वारा माँ की गाली देना वामपंथियों के विरोध से ज्यादा मोदी व हिंदू घृणा दर्शाती है।
". . . लेकिन 5 मिनट के अंदर ही ऐसा लगा कि हॉस्टल के शीशे टूट रहे हैं, मैं लॉबी में गया, देखा नकाबपोश लोग हाथों में लोहे का रॉड तथा डंडे लिए पेरियार हॉस्टल के हरेक कमरे में घुसते चले जा रहे हैं, और डंडों से बेतरतीब प्रहार करके दरवाजे और खिड़कियों को तोड़ रहे हैं। "
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बीजेपी MLA भीमा मंडावी के साथ चार जवानों की भी इस घटना में मौत हुई थी। NIA की चार्जशीट में तैंतीस माओवादी आरोपित बनाए गए हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। एटीएस ने इनके पास से नक्सली प्रवृत्तियों को बढ़ाने वाली कई साहित्य सामग्रियों के साथ मोबाइल और एक लैपटॉप भी जब्त किया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात कमांडो सुनैना पटेल ने बेटी को जन्म दिया है। युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताते हुए लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। गढ़चिरौली में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में एक सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल वीरगति को प्राप्त हो गए। इस मुठभेड़ में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वीरगति को प्राप्त हुए मुन्ना यादव का पार्थिव शरीर मंगलवार को हेलिकॉप्टर से उनके पैतृक गाँव साहेबगंज भेजा जाएगा। इससे पहले उन्हें रायपुर एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अरविन्द यादव और उसके परिवार के सदस्यों की संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी हुआ। इसके तहत एक ट्रक और लगभग चौदह एकड़ जमीन कुर्क किए गए। ट्रक की कीमत ग्यारह लाख रुपए, जबकि जमीन की कीमत ग्यारह करोड़ रुपए से ज्यादा है। सोशल मीडिया पर वामपंथी गिरोह के लोगों द्वारा रिपब्लिक टीवी को केंद्र सरकार का गुणगान करने वाले चैनल के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। ऐसे में इस चैनल के रिपोर्टर को देखकर जेएनयू प्रदर्शनकारी के द्वारा माँ की गाली देना वामपंथियों के विरोध से ज्यादा मोदी व हिंदू घृणा दर्शाती है। ". . . लेकिन पाँच मिनट के अंदर ही ऐसा लगा कि हॉस्टल के शीशे टूट रहे हैं, मैं लॉबी में गया, देखा नकाबपोश लोग हाथों में लोहे का रॉड तथा डंडे लिए पेरियार हॉस्टल के हरेक कमरे में घुसते चले जा रहे हैं, और डंडों से बेतरतीब प्रहार करके दरवाजे और खिड़कियों को तोड़ रहे हैं। "
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तेज रफ्तार शहर में बुधवार को हुई भारी बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मुंबईः बुधवार को भारी बारिश के कारण तेज रफ्तार शहर में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मुंबईवासियों को अपने कार्यस्थल तक पहुंचने और घर लौटने में कठिनाई का सामना करना पड़ा क्योंकि ट्रेनें देर से चल रही थीं, सड़कों और राजमार्गों पर यातायात जाम देखा गया।
मध्य और पश्चिमी (सीआर और डब्ल्यूआर) दोनों रेलवे पर ट्रेनें देरी से चलीं, हालांकि अधिकारियों ने इसे "सामान्य" बताया।
सूत्रों के मुताबिक, सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान मध्य रेलवे की मुख्य और हार्बर लाइनों पर ट्रेनें कम से कम 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही थीं। इसकी शुरुआत कर्जत यार्ड में तकनीकी खराबी से हुई।
इसके कारण 20-25 मिनट तक की गंभीर देरी हुई। भारी बारिश के कारण मोटरमैनों की दृश्यता प्रभावित हुई, जिससे ट्रेनों की गति भी धीमी हो गई। इस समस्या ने कर्जत-खोपोली खंड के साथ-साथ पुणे आने और जाने वाली ट्रेनों को प्रभावित किया था।
जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया,ठाणे में पटरियों पर पानी जमा होने के कारण देरी होती गई। एक अधिकारी ने कहा, बुधवार शाम तक कम से कम 25 सेवाएं रद्द कर दी गईं। हालाँकि, सीआर प्रवक्ता ने किसी भी रद्दीकरण या देरी से इनकार किया।
पश्चिम रेलवे पर ट्रेनें बहुत विलंबित थीं, हालांकि, मध्य रेलवे की तुलना में प्रवाह बेहतर था। ट्रेनें औसतन 10 मिनट की देरी से चल रही थीं।
शाम को बोइसर के पास तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन सेवाओं में देरी हुई। पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि बोइसर में सिग्नल फेल हो गया था, जिसके कारण ट्रेनें सावधानी से चल रही थीं। मोटर चालकों ने देरी के लिए कम दृश्यता को भी जिम्मेदार ठहराया।
22 मिनट की निराशाजनक देरी के कारण आज की ट्रेन यात्रा कठिन हो गई। काम के सिलसिले में मुंबई सेंट्रल की यात्रा करने वाली अंधेरी की रहने वाली रूबी राजावत ने कहा, भीगे हुए प्लेटफॉर्म और देरी के कारण खचाखच भरी ट्रेनों ने असुविधा को और बढ़ा दिया।
इस बीच, शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात बाधित होने की खबर है। अंधेरी सबवे को कम से कम दो बार यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। दहिसर, बोरीवली, कांदिवली, मलाड, अंधेरी सहित वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर कई हिस्सों में भारी ट्रैफिक जाम देखा गया।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस के एक ट्वीट के अनुसार, दक्षिण दिशा में दहिसर और वकोला के बीच वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सुबह करीब 10.50 बजे WEH जंक्शन से जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) तक जाम था।
बांद्रा में मुंबई पुलिस की एक गाड़ी और एक एसयूवी बांद्रा रिक्लेमेशन फ्लाईओवर पर पलट गई। इससे WEH के साथ दो लेन अवरुद्ध हो गईं, जिससे बड़े पैमाने पर जाम लग गया। ईस्टर्न फ्रीवे पर टायर फटने की घटना हुई और सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड पर एक अन्य वाहन खराब हो गया।
मगाथाने में मेट्रो स्टेशन के बगल में मिट्टी खिसकने के कारण सड़कों को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया गया। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी हुई।
3डी कलाकार और मलाड के निवासी कायोमर्ज़ कराई ने कहा,मुझे सुबह 10.15 बजे अंधेरी से मलाड पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लगा। मैं अपनी कक्षाओं के लिए सड़क मार्ग से यात्रा करता हूं क्योंकि मैं एनीमेशन का प्रशिक्षक हूं। आज ट्रैफिक इतना खराब था कि मैं कम से कम एक घंटा देर से घर पहुंचा।
सायन और ठाणे जैसे अन्य स्थानों पर भी यही स्थिति थी।
बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कुछ मार्गों पर बसों का मार्ग बदलना पड़ा। एक अधिकारी ने कहा,बारिश और यहां तक कि ईद अल-अजहा की तैयारी के कारण बोरीवली पूर्व, दहिसर पूर्व, गोवंडी में कम से कम 10-12 बस मार्गों को डायवर्ट किया गया था।
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तेज रफ्तार शहर में बुधवार को हुई भारी बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मुंबईः बुधवार को भारी बारिश के कारण तेज रफ्तार शहर में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मुंबईवासियों को अपने कार्यस्थल तक पहुंचने और घर लौटने में कठिनाई का सामना करना पड़ा क्योंकि ट्रेनें देर से चल रही थीं, सड़कों और राजमार्गों पर यातायात जाम देखा गया। मध्य और पश्चिमी दोनों रेलवे पर ट्रेनें देरी से चलीं, हालांकि अधिकारियों ने इसे "सामान्य" बताया। सूत्रों के मुताबिक, सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान मध्य रेलवे की मुख्य और हार्बर लाइनों पर ट्रेनें कम से कम पंद्रह से बीस मिनट की देरी से चल रही थीं। इसकी शुरुआत कर्जत यार्ड में तकनीकी खराबी से हुई। इसके कारण बीस-पच्चीस मिनट तक की गंभीर देरी हुई। भारी बारिश के कारण मोटरमैनों की दृश्यता प्रभावित हुई, जिससे ट्रेनों की गति भी धीमी हो गई। इस समस्या ने कर्जत-खोपोली खंड के साथ-साथ पुणे आने और जाने वाली ट्रेनों को प्रभावित किया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया,ठाणे में पटरियों पर पानी जमा होने के कारण देरी होती गई। एक अधिकारी ने कहा, बुधवार शाम तक कम से कम पच्चीस सेवाएं रद्द कर दी गईं। हालाँकि, सीआर प्रवक्ता ने किसी भी रद्दीकरण या देरी से इनकार किया। पश्चिम रेलवे पर ट्रेनें बहुत विलंबित थीं, हालांकि, मध्य रेलवे की तुलना में प्रवाह बेहतर था। ट्रेनें औसतन दस मिनट की देरी से चल रही थीं। शाम को बोइसर के पास तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन सेवाओं में देरी हुई। पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि बोइसर में सिग्नल फेल हो गया था, जिसके कारण ट्रेनें सावधानी से चल रही थीं। मोटर चालकों ने देरी के लिए कम दृश्यता को भी जिम्मेदार ठहराया। बाईस मिनट की निराशाजनक देरी के कारण आज की ट्रेन यात्रा कठिन हो गई। काम के सिलसिले में मुंबई सेंट्रल की यात्रा करने वाली अंधेरी की रहने वाली रूबी राजावत ने कहा, भीगे हुए प्लेटफॉर्म और देरी के कारण खचाखच भरी ट्रेनों ने असुविधा को और बढ़ा दिया। इस बीच, शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात बाधित होने की खबर है। अंधेरी सबवे को कम से कम दो बार यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। दहिसर, बोरीवली, कांदिवली, मलाड, अंधेरी सहित वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर कई हिस्सों में भारी ट्रैफिक जाम देखा गया। मुंबई ट्रैफिक पुलिस के एक ट्वीट के अनुसार, दक्षिण दिशा में दहिसर और वकोला के बीच वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सुबह करीब दस.पचास बजे WEH जंक्शन से जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड तक जाम था। बांद्रा में मुंबई पुलिस की एक गाड़ी और एक एसयूवी बांद्रा रिक्लेमेशन फ्लाईओवर पर पलट गई। इससे WEH के साथ दो लेन अवरुद्ध हो गईं, जिससे बड़े पैमाने पर जाम लग गया। ईस्टर्न फ्रीवे पर टायर फटने की घटना हुई और सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड पर एक अन्य वाहन खराब हो गया। मगाथाने में मेट्रो स्टेशन के बगल में मिट्टी खिसकने के कारण सड़कों को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया गया। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। तीनडी कलाकार और मलाड के निवासी कायोमर्ज़ कराई ने कहा,मुझे सुबह दस.पंद्रह बजे अंधेरी से मलाड पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लगा। मैं अपनी कक्षाओं के लिए सड़क मार्ग से यात्रा करता हूं क्योंकि मैं एनीमेशन का प्रशिक्षक हूं। आज ट्रैफिक इतना खराब था कि मैं कम से कम एक घंटा देर से घर पहुंचा। सायन और ठाणे जैसे अन्य स्थानों पर भी यही स्थिति थी। बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कुछ मार्गों पर बसों का मार्ग बदलना पड़ा। एक अधिकारी ने कहा,बारिश और यहां तक कि ईद अल-अजहा की तैयारी के कारण बोरीवली पूर्व, दहिसर पूर्व, गोवंडी में कम से कम दस-बारह बस मार्गों को डायवर्ट किया गया था।
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गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), दो नवंबर साहिबाबाद पुलिस ने हत्या के एक मामले में वांछित और पिछले चार से फरार एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान भंवर सिंह (54) के रूप में की गई है। उसे सोमवार को साहिबाबाद की करण गेट पुलिस चौकी के पीछे सर्विस रोड से गिरफ्तार किया गया। उसके 10 साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। चार बाइक सवार नौ नवंबर, 2017 को शालीमार गार्डन में एक शॉपिंग मॉल के नजदीक स्थित बिल्डर सुरेंद्रपाल सिंह के कार्यालय पहुंचे और उन्होंने कार्यालय में जाकर बिल्डर पर गोलियां चलाई तथा वहां से फरार हो गए।
पीड़ित को निकट के एक अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एच एन सिंह ने शालीमार गार्डन के थाना प्रभारी परविंदर चौहान को तत्काल निलंबित कर दिया था। बिल्डर द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए गनर (सुरक्षाकर्मी) के आग्रह पर कोई ध्यान नहीं देने के लिए थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए थे।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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गाजियाबाद , दो नवंबर साहिबाबाद पुलिस ने हत्या के एक मामले में वांछित और पिछले चार से फरार एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान भंवर सिंह के रूप में की गई है। उसे सोमवार को साहिबाबाद की करण गेट पुलिस चौकी के पीछे सर्विस रोड से गिरफ्तार किया गया। उसके दस साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। चार बाइक सवार नौ नवंबर, दो हज़ार सत्रह को शालीमार गार्डन में एक शॉपिंग मॉल के नजदीक स्थित बिल्डर सुरेंद्रपाल सिंह के कार्यालय पहुंचे और उन्होंने कार्यालय में जाकर बिल्डर पर गोलियां चलाई तथा वहां से फरार हो गए। पीड़ित को निकट के एक अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एच एन सिंह ने शालीमार गार्डन के थाना प्रभारी परविंदर चौहान को तत्काल निलंबित कर दिया था। बिल्डर द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए गनर के आग्रह पर कोई ध्यान नहीं देने के लिए थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए थे। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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मनीमाजरा (चंडीगढ़), 12 जुलाई (हप्र)
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए नेहरू पार्क सेक्टर 22 के सामने मौन व्रत सत्याग्रह किया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की के साथ पार्टी के पदाधिकारी, पार्षद, जिला अध्यक्ष, सभी संगठनों के प्रमुख जिनमें युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल, इंटक, एससी विभाग, अल्पसंख्यक विभाग और सैकड़ों अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर मौन व्रत पर बैठे थे। कार्यकर्ताओं ने अपने मुंह पर काला रिबन बांध रखा था। उनका कहना था कि यह इस बात का सूचक है कि विपक्ष की आवाज को किस तरह से दबाया जा रहा है।
सत्याग्रह के बाद लक्की ने कहा कि राहुल गांधी आम जनता के हितों के लिए लड़ रहे हैं और उनकी दुर्दशा को उजागर करने के लिए आवाज उठा रहे हैं। सच बोलने की वजह से उन्हें मोदी सरकार द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। आज आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था से त्रस्त है और उसके लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में राहुल गांधी लोगों के लिए बोल रहे हैं लेकिन उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
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मनीमाजरा , बारह जुलाई चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए नेहरू पार्क सेक्टर बाईस के सामने मौन व्रत सत्याग्रह किया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की के साथ पार्टी के पदाधिकारी, पार्षद, जिला अध्यक्ष, सभी संगठनों के प्रमुख जिनमें युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल, इंटक, एससी विभाग, अल्पसंख्यक विभाग और सैकड़ों अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर मौन व्रत पर बैठे थे। कार्यकर्ताओं ने अपने मुंह पर काला रिबन बांध रखा था। उनका कहना था कि यह इस बात का सूचक है कि विपक्ष की आवाज को किस तरह से दबाया जा रहा है। सत्याग्रह के बाद लक्की ने कहा कि राहुल गांधी आम जनता के हितों के लिए लड़ रहे हैं और उनकी दुर्दशा को उजागर करने के लिए आवाज उठा रहे हैं। सच बोलने की वजह से उन्हें मोदी सरकार द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। आज आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था से त्रस्त है और उसके लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में राहुल गांधी लोगों के लिए बोल रहे हैं लेकिन उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
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टॉलीवुड सुपरस्टार महेश बाबू और कीर्थि सुरेश स्टारर निर्देशक परशुराम की फिल्म सरकारू वारी पाटा बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने में सफल हुई है। इस फिल्म ने पहले दिन ही तेलुगु सिनेमाघरों से बंपर ओपनिंग हासिल की।
टॉलीवुड सुपरस्टार महेश बाबू की मचअवेटेड फिल्म सरकारू वारी पाटा आखिरकार थियेटर्स पर पहुंच चुकी है। फिल्म को रिलीज हुए एक दिन पूरा हो चुका है और फिल्म की पहले दिन की कमाई के ताजा आंकड़ें सामने आने लगे हैं। इस फिल्म ने पहले दिन उम्मीद के मुताबिक ही तेलुगु सिनेमाघरों पर बंपर कमाई की है। इतना ही नहीं, इसी के साथ ये फिल्म महेश बाबू के करियर की हाईएस्ट ओपनर फिल्म बन चुकी है। सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने अकेले तेलुगु सिनेमाघरों से पहले दिन ही 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हासिल की है।
फिल्म के पहले दिन के कारोबारिक आंकड़े सामने आ चुके हैं। सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक महेश बाबू और कीर्थि सुरेश स्टारर निर्देशक परशुराम की फिल्म सरकारू वारी पाटा ने पहले दिन अकेले आंध्रप्रदेश और तेलंगाना सर्किट से कुल 52.18 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की है। ये अभी तक महेश बाबू के फिल्मी करियर का सबसे बेहतरीन आंकड़ा है। दिलचस्प बात ये है कि इतनी बड़ी कमाई दर्ज कराकर बॉक्स ऑफिस पर ओपनिंग करने वाली ये फिल्म पहली नॉन एसएस राजामौली की फिल्म बनी है।
बता दें कि इस फिल्म में सुपरस्टार महेश बाबू और कीर्थि सुरेश पहली बार ऑन स्क्रीन साथ दिखे हैं। दोनों के बीच जबरदस्त रोमांटिक केमिस्ट्री भी साफ दिखी है। जिसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। फिल्म में महेश बाबू के एक्शन सीन्स भी लोगों ने काफी पसंद किए हैं।
बता दें कि इससे पहले सुपरस्टार महेश बाबू बीती दफा साल 2020 में अपनी फिल्म सरिलारु नीकेवरू में नजर आए थे। रश्मिका मंदाना स्टारर ये फिल्म भी ब्लॉकबस्टर रही थी। जिसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर करीब 260 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इसके बाद से ही फैंस को महेश बाबू की अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार था।
बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज,
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टॉलीवुड सुपरस्टार महेश बाबू और कीर्थि सुरेश स्टारर निर्देशक परशुराम की फिल्म सरकारू वारी पाटा बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने में सफल हुई है। इस फिल्म ने पहले दिन ही तेलुगु सिनेमाघरों से बंपर ओपनिंग हासिल की। टॉलीवुड सुपरस्टार महेश बाबू की मचअवेटेड फिल्म सरकारू वारी पाटा आखिरकार थियेटर्स पर पहुंच चुकी है। फिल्म को रिलीज हुए एक दिन पूरा हो चुका है और फिल्म की पहले दिन की कमाई के ताजा आंकड़ें सामने आने लगे हैं। इस फिल्म ने पहले दिन उम्मीद के मुताबिक ही तेलुगु सिनेमाघरों पर बंपर कमाई की है। इतना ही नहीं, इसी के साथ ये फिल्म महेश बाबू के करियर की हाईएस्ट ओपनर फिल्म बन चुकी है। सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने अकेले तेलुगु सिनेमाघरों से पहले दिन ही पचास करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हासिल की है। फिल्म के पहले दिन के कारोबारिक आंकड़े सामने आ चुके हैं। सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक महेश बाबू और कीर्थि सुरेश स्टारर निर्देशक परशुराम की फिल्म सरकारू वारी पाटा ने पहले दिन अकेले आंध्रप्रदेश और तेलंगाना सर्किट से कुल बावन.अट्ठारह करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की है। ये अभी तक महेश बाबू के फिल्मी करियर का सबसे बेहतरीन आंकड़ा है। दिलचस्प बात ये है कि इतनी बड़ी कमाई दर्ज कराकर बॉक्स ऑफिस पर ओपनिंग करने वाली ये फिल्म पहली नॉन एसएस राजामौली की फिल्म बनी है। बता दें कि इस फिल्म में सुपरस्टार महेश बाबू और कीर्थि सुरेश पहली बार ऑन स्क्रीन साथ दिखे हैं। दोनों के बीच जबरदस्त रोमांटिक केमिस्ट्री भी साफ दिखी है। जिसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। फिल्म में महेश बाबू के एक्शन सीन्स भी लोगों ने काफी पसंद किए हैं। बता दें कि इससे पहले सुपरस्टार महेश बाबू बीती दफा साल दो हज़ार बीस में अपनी फिल्म सरिलारु नीकेवरू में नजर आए थे। रश्मिका मंदाना स्टारर ये फिल्म भी ब्लॉकबस्टर रही थी। जिसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर करीब दो सौ साठ करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इसके बाद से ही फैंस को महेश बाबू की अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार था। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
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नई दिल्लीः आपने शादी के मौके पर होने वाली फायरिंग भी देखी होगी और फायरिंग में होने वाली मौतें भी. लेकिन सोशल मीडिया पर शादी के मौके पर एक ऐसी फायरिंग का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आप भौंचक्के रह जाएंगे.
गोली चलाना बच्चों का खेल नहीं है. ऐसी मिसाल आपने कई बार सुनी होगी, लेकिन वॉट्सऐप पर घूम रहे एक वीडियो ने ऐसी हर मिसाल का धुआं कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल ये वीडियो कहावत की धज्जियां इसलिए उड़ा रहा है, क्योंकि हमारे देश में जब एक साध्वी शादी के जश्न में फायरिंग करती है तो मौत की खबर आती है.
हमारे देश में हर्ष फायरिंग में चली एक गोली कुछ ही सेकेंड के भीतर जश्न की जगह मातम मचा देती है, लेकिन यहां चंद सेकेंड के भीतर सैकड़ों फायर हो रहे हैं, लेकिन किसी का बाल तक बांका नहीं हो रहा.
बाल क्यों नहीं बांका हो रहा ? किसी को डर क्यों नहीं लग रहा? यहां गोली चलाना बच्चों का खेल क्यों है?
वीडियो में दिखाया गया है कि शादी के मौकों पर दिखने वाली बिल्कुल सजी धजी एक गाड़ी दरवाजे पर खड़ी है और धड़ाधड़ गोलियां चलाई जा रही हैं. एक आदमी दो-दो बंदूके लेकर ऐसे गोलियां चला रहा है, मानों जमीन को छेद डालना चाहता हो. थोड़ी देर में दरवाजे के आगे से गाड़ी तो चली जाती है. लेकिन, बंदूकों के साथ गोलियां बरसाने का खेल शुरू हो जाता है.
कोई बंदूक वैसे नहीं पकड़ता जैसे पकड़ी जाती है. बंदूक को रस्सी की तरह नचाकर-नचाकर चलाया जा रहा है, ना तो बंदूक चलाने वालों को कोई खौफ है और ना ही वहां मौजूद लोगों को किसी तरह के जोखिम का डर.
इन तस्वीरों को देखकर लगता है कि बंदूक से गोली नहीं पटाखे छूट रहे हैं. और थोड़ा डर तो पटाखे छूटने पर भी होता है, लेकिन यहां गोलियों के बीच बेफिक्री का आलम ये है कि गोलियां नहीं फुलझड़ियां हैं.
दो मिनट का ये वायरल वीडियो आगे बढ़ता है तो लड़कियां और बच्चे भी बंदूक से गोलियों का कारनामा करते दिखाई देते हैं. कुछ सेकेंड तक तो अंदाजा लगाना ही मुश्किल होता है कि गोली किस तरफ चलने वाली है.
दो मिनट का ये वीडियो अपने साथ कई सवाल छोड़ जाता है. ये कौन सी जगह है जहां गोलियां चलाना बच्चों का खेल है ? क्या इस तरह गोली चलाने की कोई ट्रेनिंग ली या दी जाती है. यहां गोली चलाने वालों को कोई डर क्यों नहीं लगता ?
इन सवालों का जवाब जानने के लिए एबीपी न्यूज ने वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की.
हमने सबसे पहले इस वीडियो के बारे में इंटरनेट पर तहकीकात की. जांच में पता चला कि ये वीडियो उत्तरी अफ्रीका में अल्जीरिया देश का है. जहां जश्न के मौके पर इस तरह से फायरिंग की जाती है. लेकिन, ये फायरिंग इतनी बेखौफ क्यों होती है इसका पता लगाना जरूरी था.
वीडियो का सच जानने के लिए हम दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी और अब आपराधिक मामलों के वकील एलएन राव के पास पहुंचे. हमने उन्हें वीडियो दिखाया और उसका सच समझने की कोशिश की. हमारे एक्सपर्ट ने सबसे पहले फायरिंग में इतना ज्यादा धुआं उठने पर सवाल उठाया कि ये गोली है ही नहीं.
आप सोच रहे होंगे कि अगर ये गोली है नहीं तो क्या है. दरअसल जिस तरह की बंदूक से वीडियो में फायरिंग की जा रही है उसे दुनाली यानि डबर बैरल बंदूक कहते हैं. दुनाली बंदूक 12 बोर की होती है. बोर यानि बंदूक का गोल हिस्सा, जहां से बुलेट डाली जाती है. बोर का जो डायमीटर होता है उतनी ही बड़ी या यू कहें मोटी और गोल गोली होती है.
इस गोली में लोहे की कील और छर्रे होते हैं जो गोली को ठोस बनाती है. बंदूक से जब फायर होता है तो ये गोली रॉकेट की रफ्तार से निकलती है और शरीर को चीरते हुए निकल जाती है ये छर्रे शरीर में घुस जाते हैं.
इस वीडियो में बुलेट आनि गोली तो है लेकिन उसमें छर्रे नहीं है. उसमें गन पाउडर और कागज का मिश्रण है, इसलिए जब फायर होता है तो कुछ पटाखे की तरह फूटता है, लेकिन कहीं कुछ छेद कर दे ऐसा नहीं होता.
हमने सबसे पहले इस वीडियो के बारे में इंटरनेट पर तहकीकात की. जांच में पता चला कि ये वीडियो उत्तरी अफ्रीका में अल्जीरिया देश का है. जहां जश्न के मौके पर इस तरह से फायरिंग की जाती है. लेकिन ये फायरिंग इतनी बेखौफ क्यों होती है इसका पता लगाना जरूरी था.
वीडियो का सच जानने के लिए हम दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी और अब आपराधिक मामलों के वकील एलएन राव के पास पहुंचे. हमने उन्हें वीडियो दिखाया और उसका सच समझने की कोशिश की. हमारे एक्सपर्ट ने सबसे पहले फायरिंग में इतना ज्यादा धुआं उठने पर सवाल उठाया कि ये गोली है ही नहीं.
आप सोच रहे होंगे कि अगर ये गोली है नहीं तो क्या है. दरअसल जिस तरह की बंदूक से वीडियो में फायरिंग की जा रही है उसे दुनाली यानि डबर बैरल बंदूक कहते हैं.
दुनाली बंदूक 12 बोर की होती है. बोर यानि बंदूक का गोल हिस्सा, जहां से बुलेट डाली जाती है. बोर का जो डायमीटर होता है उतनी ही बड़ी या यू कहें मोटी और गोल गोली होती है.
इस गोली में लोहे की कील और छर्रे होते हैं जो गोली को ठोस बनाती है. बंदूक से जब फायर होता है तो ये गोली रॉकेट की रफ्तार से निकलती है और शरीर को चीरते हुए निकल जाती है. ये छर्रे शरीर में घुस जाते हैं.
इस वीडियो में बुलेट आनि गोली तो है लेकिन उसमें छर्रे नहीं है. उसमें गन पाउडर और कागज का मिश्रण है, इसलिए जब फायर होता है तो कुछ पटाखे की तरह फूटता है, लेकिन कहीं कुछ छेद कर दे ऐसा नहीं होता.
वीडियो में नजर आ रहे बुलेट नहीं कारट्रिज है. बुलेट पूरी लोहे की होती है. कारट्रिंज के आगे गन पाउडर लगा दिया जाए तो ऐसी आग और धुंआ निकलेगा. ये डबल बैरेल गन है, क्योंकि किसी भी वीडियो में दो से ज्यादा बार नहीं हो रहा है.
इसलिए इस वीडियो में कारतूस के आगे के हिस्से में बुलेट पाउडर और कागज का मिश्रण लगाया गया है, ऐसी बुलेट से फायरिंग करने पर आगे के हिस्से से बहुत ज्यादा धुआं और रोशनी निकलती है. नॉर्मल बुलेट की तरह धातु नहीं निकलती.
शादी फंक्शन में ऐसे कारतूस लोग एंटरटेनमेंट के लिए इस्तेमाल करते है और इसीलिए जब ऐसी राइफल से फायरिंग की जाती है तो ना तो देखने वालों के चेहरों पर खौफ दिखता है और ना गोली चलाने वालों के चेहरे पर.
एबीपी न्यूज की पड़ताल में वायरल हो रहा ये वीडियो सच साबित हुआ है.
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नई दिल्लीः आपने शादी के मौके पर होने वाली फायरिंग भी देखी होगी और फायरिंग में होने वाली मौतें भी. लेकिन सोशल मीडिया पर शादी के मौके पर एक ऐसी फायरिंग का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आप भौंचक्के रह जाएंगे. गोली चलाना बच्चों का खेल नहीं है. ऐसी मिसाल आपने कई बार सुनी होगी, लेकिन वॉट्सऐप पर घूम रहे एक वीडियो ने ऐसी हर मिसाल का धुआं कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल ये वीडियो कहावत की धज्जियां इसलिए उड़ा रहा है, क्योंकि हमारे देश में जब एक साध्वी शादी के जश्न में फायरिंग करती है तो मौत की खबर आती है. हमारे देश में हर्ष फायरिंग में चली एक गोली कुछ ही सेकेंड के भीतर जश्न की जगह मातम मचा देती है, लेकिन यहां चंद सेकेंड के भीतर सैकड़ों फायर हो रहे हैं, लेकिन किसी का बाल तक बांका नहीं हो रहा. बाल क्यों नहीं बांका हो रहा ? किसी को डर क्यों नहीं लग रहा? यहां गोली चलाना बच्चों का खेल क्यों है? वीडियो में दिखाया गया है कि शादी के मौकों पर दिखने वाली बिल्कुल सजी धजी एक गाड़ी दरवाजे पर खड़ी है और धड़ाधड़ गोलियां चलाई जा रही हैं. एक आदमी दो-दो बंदूके लेकर ऐसे गोलियां चला रहा है, मानों जमीन को छेद डालना चाहता हो. थोड़ी देर में दरवाजे के आगे से गाड़ी तो चली जाती है. लेकिन, बंदूकों के साथ गोलियां बरसाने का खेल शुरू हो जाता है. कोई बंदूक वैसे नहीं पकड़ता जैसे पकड़ी जाती है. बंदूक को रस्सी की तरह नचाकर-नचाकर चलाया जा रहा है, ना तो बंदूक चलाने वालों को कोई खौफ है और ना ही वहां मौजूद लोगों को किसी तरह के जोखिम का डर. इन तस्वीरों को देखकर लगता है कि बंदूक से गोली नहीं पटाखे छूट रहे हैं. और थोड़ा डर तो पटाखे छूटने पर भी होता है, लेकिन यहां गोलियों के बीच बेफिक्री का आलम ये है कि गोलियां नहीं फुलझड़ियां हैं. दो मिनट का ये वायरल वीडियो आगे बढ़ता है तो लड़कियां और बच्चे भी बंदूक से गोलियों का कारनामा करते दिखाई देते हैं. कुछ सेकेंड तक तो अंदाजा लगाना ही मुश्किल होता है कि गोली किस तरफ चलने वाली है. दो मिनट का ये वीडियो अपने साथ कई सवाल छोड़ जाता है. ये कौन सी जगह है जहां गोलियां चलाना बच्चों का खेल है ? क्या इस तरह गोली चलाने की कोई ट्रेनिंग ली या दी जाती है. यहां गोली चलाने वालों को कोई डर क्यों नहीं लगता ? इन सवालों का जवाब जानने के लिए एबीपी न्यूज ने वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की. हमने सबसे पहले इस वीडियो के बारे में इंटरनेट पर तहकीकात की. जांच में पता चला कि ये वीडियो उत्तरी अफ्रीका में अल्जीरिया देश का है. जहां जश्न के मौके पर इस तरह से फायरिंग की जाती है. लेकिन, ये फायरिंग इतनी बेखौफ क्यों होती है इसका पता लगाना जरूरी था. वीडियो का सच जानने के लिए हम दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी और अब आपराधिक मामलों के वकील एलएन राव के पास पहुंचे. हमने उन्हें वीडियो दिखाया और उसका सच समझने की कोशिश की. हमारे एक्सपर्ट ने सबसे पहले फायरिंग में इतना ज्यादा धुआं उठने पर सवाल उठाया कि ये गोली है ही नहीं. आप सोच रहे होंगे कि अगर ये गोली है नहीं तो क्या है. दरअसल जिस तरह की बंदूक से वीडियो में फायरिंग की जा रही है उसे दुनाली यानि डबर बैरल बंदूक कहते हैं. दुनाली बंदूक बारह बोर की होती है. बोर यानि बंदूक का गोल हिस्सा, जहां से बुलेट डाली जाती है. बोर का जो डायमीटर होता है उतनी ही बड़ी या यू कहें मोटी और गोल गोली होती है. इस गोली में लोहे की कील और छर्रे होते हैं जो गोली को ठोस बनाती है. बंदूक से जब फायर होता है तो ये गोली रॉकेट की रफ्तार से निकलती है और शरीर को चीरते हुए निकल जाती है ये छर्रे शरीर में घुस जाते हैं. इस वीडियो में बुलेट आनि गोली तो है लेकिन उसमें छर्रे नहीं है. उसमें गन पाउडर और कागज का मिश्रण है, इसलिए जब फायर होता है तो कुछ पटाखे की तरह फूटता है, लेकिन कहीं कुछ छेद कर दे ऐसा नहीं होता. हमने सबसे पहले इस वीडियो के बारे में इंटरनेट पर तहकीकात की. जांच में पता चला कि ये वीडियो उत्तरी अफ्रीका में अल्जीरिया देश का है. जहां जश्न के मौके पर इस तरह से फायरिंग की जाती है. लेकिन ये फायरिंग इतनी बेखौफ क्यों होती है इसका पता लगाना जरूरी था. वीडियो का सच जानने के लिए हम दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी और अब आपराधिक मामलों के वकील एलएन राव के पास पहुंचे. हमने उन्हें वीडियो दिखाया और उसका सच समझने की कोशिश की. हमारे एक्सपर्ट ने सबसे पहले फायरिंग में इतना ज्यादा धुआं उठने पर सवाल उठाया कि ये गोली है ही नहीं. आप सोच रहे होंगे कि अगर ये गोली है नहीं तो क्या है. दरअसल जिस तरह की बंदूक से वीडियो में फायरिंग की जा रही है उसे दुनाली यानि डबर बैरल बंदूक कहते हैं. दुनाली बंदूक बारह बोर की होती है. बोर यानि बंदूक का गोल हिस्सा, जहां से बुलेट डाली जाती है. बोर का जो डायमीटर होता है उतनी ही बड़ी या यू कहें मोटी और गोल गोली होती है. इस गोली में लोहे की कील और छर्रे होते हैं जो गोली को ठोस बनाती है. बंदूक से जब फायर होता है तो ये गोली रॉकेट की रफ्तार से निकलती है और शरीर को चीरते हुए निकल जाती है. ये छर्रे शरीर में घुस जाते हैं. इस वीडियो में बुलेट आनि गोली तो है लेकिन उसमें छर्रे नहीं है. उसमें गन पाउडर और कागज का मिश्रण है, इसलिए जब फायर होता है तो कुछ पटाखे की तरह फूटता है, लेकिन कहीं कुछ छेद कर दे ऐसा नहीं होता. वीडियो में नजर आ रहे बुलेट नहीं कारट्रिज है. बुलेट पूरी लोहे की होती है. कारट्रिंज के आगे गन पाउडर लगा दिया जाए तो ऐसी आग और धुंआ निकलेगा. ये डबल बैरेल गन है, क्योंकि किसी भी वीडियो में दो से ज्यादा बार नहीं हो रहा है. इसलिए इस वीडियो में कारतूस के आगे के हिस्से में बुलेट पाउडर और कागज का मिश्रण लगाया गया है, ऐसी बुलेट से फायरिंग करने पर आगे के हिस्से से बहुत ज्यादा धुआं और रोशनी निकलती है. नॉर्मल बुलेट की तरह धातु नहीं निकलती. शादी फंक्शन में ऐसे कारतूस लोग एंटरटेनमेंट के लिए इस्तेमाल करते है और इसीलिए जब ऐसी राइफल से फायरिंग की जाती है तो ना तो देखने वालों के चेहरों पर खौफ दिखता है और ना गोली चलाने वालों के चेहरे पर. एबीपी न्यूज की पड़ताल में वायरल हो रहा ये वीडियो सच साबित हुआ है.
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लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश खतरे में है और सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है।
केंद्र सरकार और उसके नेताओं को कायर बताते हुए उन्होंने कहा कि कायरों के दो ट्रेडमार्क हैं- एक वे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बल का उपयोग करते हैं और उसके बाद वे फिर निर्णय वापस लेते हैं।
वाड्रा ने शनिवार को 135वें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार कायर है। वे पहले प्रदर्शनकारियों पर हमला करते हैं और फिर उन्हें उग्र प्रदर्शनकारियों में शामिल करते है। उन्होंने कहा कि देश खतरे में है और सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र और युवा देश के खिलाफ बने कानूनों के विरोध में आवाज उठा रहे हैं। सरकार बल द्वारा उनकी आवाज़ पर अंकुश लगाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोगों की आवाज़ का नेतृत्व करने के लिए संघर्ष की इस चुनौती को स्वीकार किया है।
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी संविधान विरोधी बताते हुए वाड्रा ने कहा कि ऐसा कानून देश को विभाजित करने वाला है। मौजूदा सरकार हिंसा और बल के माध्यम से नागरिकों और छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध पर अंकुश लगा रही है। ये लोग स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल नहीं थे, उन्हें पता नहीं है कि संविधान और स्वतंत्रता का अर्थ क्या है।
उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध के दौरान मासूम की हत्या के बारे में उन्होंने कहा कि बिजनौर में एक 21 वर्षीय युवक की हत्या उस समय की गई जब वह दूध खरीदने जा रहा था। वह कोई प्रदर्शनकारी नहीं था। उनकी तरह कई अन्य लोग मारे गए या जेल गए क्योंकि वे सरकार के गलत फैसले के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा अगर हम आज आवाज नहीं उठाते हैं तो हम कायर कहलाएंगे।
इससे पहले वाड्रा ने पार्टी नेताओं को संविधान की रक्षा, देश को बचाने और चुनौतियों से लड़ने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को महिला सुरक्षा की चिंता नही है। कोई भी सरकारी अधिकारी उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने नहीं गया।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 135 साल पहले अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए बनी थी। अब स्थिति फिर से उसी तरह बदल गई है अब पार्टी को सांप्रदायिक भाजपा और भ्रष्ट सरकार के खिलाफ लड़ना है।
लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गरीबों को निशाना बना रही है और राज्य में आतंक का राज कायम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी तो लोगों को राहत मिलेगी।
कांग्रेस स्थापना दिवस के कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में सलमान खुर्शीद, प्रमोद तिवारी, जितिन प्रसाद, पीएल पुनिया के साथ-साथ राज्य भर के हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बाद में, प्रियंका वाड्रा ने कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। राष्ट्रीय राजधानी लौटने से पहले प्रदेश कांग्रेस समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
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लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश खतरे में है और सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है। केंद्र सरकार और उसके नेताओं को कायर बताते हुए उन्होंने कहा कि कायरों के दो ट्रेडमार्क हैं- एक वे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बल का उपयोग करते हैं और उसके बाद वे फिर निर्णय वापस लेते हैं। वाड्रा ने शनिवार को एक सौ पैंतीसवें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार कायर है। वे पहले प्रदर्शनकारियों पर हमला करते हैं और फिर उन्हें उग्र प्रदर्शनकारियों में शामिल करते है। उन्होंने कहा कि देश खतरे में है और सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र और युवा देश के खिलाफ बने कानूनों के विरोध में आवाज उठा रहे हैं। सरकार बल द्वारा उनकी आवाज़ पर अंकुश लगाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोगों की आवाज़ का नेतृत्व करने के लिए संघर्ष की इस चुनौती को स्वीकार किया है। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी संविधान विरोधी बताते हुए वाड्रा ने कहा कि ऐसा कानून देश को विभाजित करने वाला है। मौजूदा सरकार हिंसा और बल के माध्यम से नागरिकों और छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध पर अंकुश लगा रही है। ये लोग स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल नहीं थे, उन्हें पता नहीं है कि संविधान और स्वतंत्रता का अर्थ क्या है। उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध के दौरान मासूम की हत्या के बारे में उन्होंने कहा कि बिजनौर में एक इक्कीस वर्षीय युवक की हत्या उस समय की गई जब वह दूध खरीदने जा रहा था। वह कोई प्रदर्शनकारी नहीं था। उनकी तरह कई अन्य लोग मारे गए या जेल गए क्योंकि वे सरकार के गलत फैसले के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा अगर हम आज आवाज नहीं उठाते हैं तो हम कायर कहलाएंगे। इससे पहले वाड्रा ने पार्टी नेताओं को संविधान की रक्षा, देश को बचाने और चुनौतियों से लड़ने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को महिला सुरक्षा की चिंता नही है। कोई भी सरकारी अधिकारी उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने नहीं गया। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक सौ पैंतीस साल पहले अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए बनी थी। अब स्थिति फिर से उसी तरह बदल गई है अब पार्टी को सांप्रदायिक भाजपा और भ्रष्ट सरकार के खिलाफ लड़ना है। लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गरीबों को निशाना बना रही है और राज्य में आतंक का राज कायम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी तो लोगों को राहत मिलेगी। कांग्रेस स्थापना दिवस के कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में सलमान खुर्शीद, प्रमोद तिवारी, जितिन प्रसाद, पीएल पुनिया के साथ-साथ राज्य भर के हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बाद में, प्रियंका वाड्रा ने कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। राष्ट्रीय राजधानी लौटने से पहले प्रदेश कांग्रेस समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
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GORAKHPUR: छोटे नोटों की किल्लत से जूझ रही पब्लिक के लिए बदमाश भी मुसीबत बने हैं। गुरुवार की सुबह सहजनवां एरिया में बाइक सवार बदमाशों ने राहगीर की बाइक में धक्का मारकर 16 हजार नकदी लूट ली। सौ-सौ रुपए की नोट लेकर बदमाश फरार हो गए। बदमाशों के हमले में राहगीर का पैर टूट गया। सहजनवां पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सीओ का कहना है कि तहरीर मिलने पर केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
कैंट एरिया के कूड़ाघाट निवासी जंग बहादुर का बेटा प्रमोद कुमार खलीलाबाद में पेंट पालिश ठेकेदार हैं। गुरुवार को मजदूरों को पैसे का भुगतान करना था। इसलिए फुटकर 16 हजार रुपए लेकर उसका फुटकर कराया। सौ-सौ रुपए की नोट लेकर बैग में रखकर खलीलाबाद जा रहे थे। गीडा में पहुंचे तभी पीछे से बाइक सवार दो युवकों ने ओवरटेक किया।
बदमाशों ने प्रमोद की बाइक रोकने की कोशिश की। बाइक न रोकने पर धक्का मारकर गिरा दिया। बेकाबू बाइक गिरने से प्रमोद के पैरों में चोट लग गई। प्रमोद को तमंचा दिखाकर बदमाश 16 हजार नकदी लेकर फरार हो गए। राहगीरों ने एंबुलेंस बुलाकर पीडि़त को जिला अस्पताल भेज दिया। लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी। दो घंटे बाद लूटपाट की जानकारी होने पर पुलिस हरकत में आई।
इस संबंध में कोई सूचना नहीं है। पीडि़त की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
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GORAKHPUR: छोटे नोटों की किल्लत से जूझ रही पब्लिक के लिए बदमाश भी मुसीबत बने हैं। गुरुवार की सुबह सहजनवां एरिया में बाइक सवार बदमाशों ने राहगीर की बाइक में धक्का मारकर सोलह हजार नकदी लूट ली। सौ-सौ रुपए की नोट लेकर बदमाश फरार हो गए। बदमाशों के हमले में राहगीर का पैर टूट गया। सहजनवां पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सीओ का कहना है कि तहरीर मिलने पर केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। कैंट एरिया के कूड़ाघाट निवासी जंग बहादुर का बेटा प्रमोद कुमार खलीलाबाद में पेंट पालिश ठेकेदार हैं। गुरुवार को मजदूरों को पैसे का भुगतान करना था। इसलिए फुटकर सोलह हजार रुपए लेकर उसका फुटकर कराया। सौ-सौ रुपए की नोट लेकर बैग में रखकर खलीलाबाद जा रहे थे। गीडा में पहुंचे तभी पीछे से बाइक सवार दो युवकों ने ओवरटेक किया। बदमाशों ने प्रमोद की बाइक रोकने की कोशिश की। बाइक न रोकने पर धक्का मारकर गिरा दिया। बेकाबू बाइक गिरने से प्रमोद के पैरों में चोट लग गई। प्रमोद को तमंचा दिखाकर बदमाश सोलह हजार नकदी लेकर फरार हो गए। राहगीरों ने एंबुलेंस बुलाकर पीडि़त को जिला अस्पताल भेज दिया। लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी। दो घंटे बाद लूटपाट की जानकारी होने पर पुलिस हरकत में आई। इस संबंध में कोई सूचना नहीं है। पीडि़त की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
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अपने आप को बचाने के लिए कुछ करें क्योंकि आज, आपका गला आपका कमजोर स्थान होगा भले ही आप यात्रा करना पसंद करते हों, लेकिन आज यात्रा करने का सबसे अच्छा दिन नहीं है। दोस्तों या प्रिय परिवार के सदस्यों के साथ एक दिन का आनंद लें। कार्यालय में आपके सहकर्मी आपका विशेष रूप से समर्थन और सहायता करेंगें। आपके वरिष्ठ अधिकारी आपकी क्षमता से प्रभावित हो जायेंगें। व्यवसायी और व्यापारी समुदाय अपने कार्य का विस्तार करने में सक्षम रहेंगें। आप नए लोगों के साथ पारस्परिक विचार-विमर्श करेंगें और नए ठेके हासिल करेंगे।
आज कुछ मध्यम आर्थिक भाग्य की प्राप्ति होगी। हालांकि, जुआ खेलने या अचल संपत्ति या किसी अन्य प्रकार की संपत्ति में निवेश करने का सबसे अच्छा दिन नहीं है जितना हो सके उतना प्यार बांटने की कोशिश करें। आज का दिन बड़े, या संभावित जीवन बदलने वाले निर्णय लेने का सबसे अच्छा दिन नहीं है। आज आप का स्वास्थ्य बढिया रहेगा। जिस कठोर व्ययाम पद्धति का आप पालन करते आ रहे है, उसके परिणाम अब दिखने शुरू हो जायेंगे. सामूहिक गतिविधियाँ आपके लिये कल्यानकारी साबित होगी। परिवार और मित्रों के साथ की गयी यात्रायें आप को अधिक ऊर्जावान और जीवंत बनाएंगी. आप अपने साथी के साथ सैरसपाटे के लिये जा सकते हैं।
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अपने आप को बचाने के लिए कुछ करें क्योंकि आज, आपका गला आपका कमजोर स्थान होगा भले ही आप यात्रा करना पसंद करते हों, लेकिन आज यात्रा करने का सबसे अच्छा दिन नहीं है। दोस्तों या प्रिय परिवार के सदस्यों के साथ एक दिन का आनंद लें। कार्यालय में आपके सहकर्मी आपका विशेष रूप से समर्थन और सहायता करेंगें। आपके वरिष्ठ अधिकारी आपकी क्षमता से प्रभावित हो जायेंगें। व्यवसायी और व्यापारी समुदाय अपने कार्य का विस्तार करने में सक्षम रहेंगें। आप नए लोगों के साथ पारस्परिक विचार-विमर्श करेंगें और नए ठेके हासिल करेंगे। आज कुछ मध्यम आर्थिक भाग्य की प्राप्ति होगी। हालांकि, जुआ खेलने या अचल संपत्ति या किसी अन्य प्रकार की संपत्ति में निवेश करने का सबसे अच्छा दिन नहीं है जितना हो सके उतना प्यार बांटने की कोशिश करें। आज का दिन बड़े, या संभावित जीवन बदलने वाले निर्णय लेने का सबसे अच्छा दिन नहीं है। आज आप का स्वास्थ्य बढिया रहेगा। जिस कठोर व्ययाम पद्धति का आप पालन करते आ रहे है, उसके परिणाम अब दिखने शुरू हो जायेंगे. सामूहिक गतिविधियाँ आपके लिये कल्यानकारी साबित होगी। परिवार और मित्रों के साथ की गयी यात्रायें आप को अधिक ऊर्जावान और जीवंत बनाएंगी. आप अपने साथी के साथ सैरसपाटे के लिये जा सकते हैं।
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माग्जनलाल चतुर्वेदी : शैशन और कैशोर
फल निकाला करती, या सोचा करती । जितने भी समझदार, चुस्त, मौजी, उरकन-पसन्ड बालक थे, व स्वभावतः उसको थे और उसके दलने बैठकर गप्प लड़ाना पसन्द करते थे। ऐसे ही क्षणों में कुछ बंगाली विद्यार्थियोंने उसे अपने यहाँके एक क्लबमें ले जाकर बैठाना शुरू किया । प्रारम्भमें यहाँ क्या होता है, यह ठीक समझ में नया पर धीरे-धीरे वहाँ के गुप्त कार्यक्रमको नाग्वनलालने अपने कन्धोंपर लेना शुरू कर दिया । एक दिन वहाँ ऐसा ही प्रश्न उठा था जिसे करना जोखिमसे खाली न था। पर माम्वनलालने कहा कि यह काम मेरे जिम्मे कर दिया जाये । कुल्ल पाँच या छः बमके गोले थे । माखनलालने पूछने पर बताया कि मैं इन्हें स्कूलमें रख लूँगा । यह तो किसी भी रूपमें गोपनीय नहीं रह सकता था, पर माग्वनलालने अपनी जिम्मेदारीपर उन गोलोंको एक थैलेमें उठाया, साथ में एक साथी लिया और अपने होस्टलमें ले उसी आया । दिन मालीने हॉस्टल के उद्यान में कुछ गड्ढे खोदकर रख छोड़े थे। उनमें वह कुछ नये पाँधे लगानेकी तैयारीमें था। कुछ पौधे वह लगा चुका था । दोनोने सम्हालकर वे गोले एक ऐसे ही गड्ड में दबा दिये, उसमें मिट्टी भरी और ऊपर से एक पेड़ जमाकर उसमें पानी भी दे दिया, ताकि माली यही समझे कि वह यहाँ भी पेड़ जमा चुका है।
ये गोले इसमें दो महीने रहे । बादमें जब इसकी माँग आई तो विना किसी साथीकी सहायताके, वह इन सभी गोलोको सुरक्षित अवस्थामें निरापद स्थान तक पहुँचा भी
जबलपुरका शिक्षा क्रम अपने उचित रूप में चल रहा था, पर माखनलालकी शैतानी व गुप्त दिशाओं में अपनी जड़ें पकड़ रही थीं। जो ग्रामीण बालक अपने शैशवसे लेकर आज तक केवल ग्रामीण तर्जकी शैतानी ही कर गुजरनेका अभ्यासी था, जबलपुरकी शहरी हवामें उसे नई सूझ-बूझका आकर्षण प्रिय लग रहा था । जो तरुण गुप्त कार्यवाहियाँ कर रहे थे, उसके लिए शैतानी रोमांचक ही थी । यद्यपि यह दूसरी बात
मिडिल परीक्षा की तैयारी और क्रांतिकारियोंसे परिचय १७७
थी कि इन कारगुजारियोंमें उसे उसी दम कोई स्नास आनन्द हामिल न हो पाता था । फिर भी इन तरुणांकी बातोंने उसे कसकर अपनी गिरफ्त में ले लिया। उसकी विश्वसनीयताकी यह खबर जब काशी में जहाँ इन तरुणांका केन्द्रीय स्थल था, पहुँची तो वहाँसे माँग आई कि किमी तरहसे इस मेधावी ग्रामीण तरुणको भी काशी लाया जाय, जहाँ उसे गुप्त कार्यवाहियों की शिक्षा-दीक्षा दी जाय और उसे भी नियमित सदस्य
बनाया जाय ।
इस अवस्था तक माखनलालके जीवनमं नित्य नई यात्राओंके प्रति ऐसी प्रगाढ़ आसक्ति थी कि यात्राके उद्देश्योंको वह गौण मानने लग जाता था। यात्रा अपने आपमें जिस चरम आह्वाट और मनोरंजनको गोटियों ग्विलाती है, उसोकी मोहिनी माखनलालको स्वींचती रही। पहाड़, नदियाँ और निर्जन स्थानोंका विचरण वह अपने गाँवके दायरेसे बाहर करनेके बाद कुछ अधिक विस्तृत दायरे में आगे बढ़ने की उतावली लिये बैठा रहता था। भाग्यसे उसे वैसा ही कार्यक्रम मिलता जा रहा था। और आज दिन वह जबलपुर आ गया था। अब काशीका निमन्त्रण मिला था, उसे । वह काशी अवश्य जायगा। पिताजीको विना सूचना ढिये । जबलपुर के संरक्षकोंसे छिपकर ही वह काशी जायगा । यात्रा उसे निस्सीम उछाह दिया है। नई दिशाओंकी यात्रा जैसे उसे प्रथम कार्य-सी अनिवार्य थी ।
बुन्देलखण्डसे बाहर यात्राओं के अन्य प्रसंग
आखिर वह अपने कुछ नवपरिचितोंके साथ काशी गया। ये नवये परिचित उसके शेष सभी साथियोंसे कहीं अधिक सभ्य, सुसंस्कृत, रोजाना की न्चखन्चखसे दूर, देशकी बात करते थे। कोई छुट्टी कर पड़ी थी। ये उसके नवमित्र जब अपनी बँगला में बातें करते, तो इसके कुछ पल्ले न पड़ता । पर जब वे झटके दे-देकर हिन्दी बोलते, तो इसको समझमें कुछ
आने लगता । एक पे असितनाबू । वे ही उसे काशी ले जा रहे थे । मार्गनें इसको लेकर वे एक दिन प्रयाग भी ठहरे। "जब दूसरे दिन हम काशी हुॅचेसुबह ग्यारह बजे, तो वहाँसे सीधे पत्थरगलीके एक अँधेरे मकान में गये, जहा केवल छतपर ही सूर्य किरणं आती थीं । वहाँ लगभग १३ व्यक्ति उपस्थित थे। मेरा परिचय देवरकरजी नामक एक व्यक्तिसे कराया गया। और भी दो-तीन व्यक्तियों से कराया गया। देवस्करजीने अंग्रेजी राज्यका इतिहास तथा भारतीय क्रान्तिकी आवश्यकतापर ज़ोर ढिगा। कहना नहीं होगा, कि एक ग्रामीण चालक होने के कारण, मुझे सत्र बातोपर शीघ्र ही विश्वास हो जाता था, मैं ऐसी बातों को सुनने नहीं लगा था, पीने लगा था । यह घटना १९०५ के फरवरी महीनेकी है। "
इस समय देश में कुछ तरुणीने, जिनमें बंगालके तरुणकी संख्या अधिक थी, यह व्रत लिया था कि वे देशसे अंग्रेजोको बाहर कर देंगे । उनकी पाठ्य पुस्तक बंकिमचन्द्र चटजीकी 'आम' नामक पुस्तक थी । ये तरुण एक हाथ में पित्तौल और दूसरे हाथ में गीता लेकर इस कर्म-पथपर आ रहे थे । गीता उन्हें कर्मकी भाषा और वाणी दे रही थी । 'आनन्दमठ' उस वाणी और कर्मको दिशा दिग्खानेका काम कर रही थी । इन तरुणांके गुरु एक महाराष्ट्रीय सजन थे, जिनका संक्षिप्त नाम देवस्करजी था। वे बँगला खूत्र बील लेते थे और उनका केन्द्रीय निवाग काशी में था। अपनी और अपने दलीय तरुणांकी कार्यवाही बहुत गुप्त रखते थे । उनकी अधिकांश शक्ति हर कार्यवाहीको गुप्त रखनेमें ही व्यय हो रही थी। पर उनका सबसे बड़ा सन्तोष यह था कि वे एक बड़ी संख्या में तरुणीको क्रान्तिकी दीक्षा दे चुके थे और दिये जा रहे थे। जब बाहरसे उनके आदेशपर नये तरुगा लाये जाते, तो सबको एकदम ही आपसमें परिचित नहीं करा दिया जाता था। अलग-अलग ढलोमें बाँटकर वे उनसे बातें करते और सबको सबसे परिचित नहीं कराया जाता । वे उचित समयकी प्रतीक्षा ही इस कार्यके लिए सर्वमान्य समझते थे ।
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माग्जनलाल चतुर्वेदी : शैशन और कैशोर फल निकाला करती, या सोचा करती । जितने भी समझदार, चुस्त, मौजी, उरकन-पसन्ड बालक थे, व स्वभावतः उसको थे और उसके दलने बैठकर गप्प लड़ाना पसन्द करते थे। ऐसे ही क्षणों में कुछ बंगाली विद्यार्थियोंने उसे अपने यहाँके एक क्लबमें ले जाकर बैठाना शुरू किया । प्रारम्भमें यहाँ क्या होता है, यह ठीक समझ में नया पर धीरे-धीरे वहाँ के गुप्त कार्यक्रमको नाग्वनलालने अपने कन्धोंपर लेना शुरू कर दिया । एक दिन वहाँ ऐसा ही प्रश्न उठा था जिसे करना जोखिमसे खाली न था। पर माम्वनलालने कहा कि यह काम मेरे जिम्मे कर दिया जाये । कुल्ल पाँच या छः बमके गोले थे । माखनलालने पूछने पर बताया कि मैं इन्हें स्कूलमें रख लूँगा । यह तो किसी भी रूपमें गोपनीय नहीं रह सकता था, पर माग्वनलालने अपनी जिम्मेदारीपर उन गोलोंको एक थैलेमें उठाया, साथ में एक साथी लिया और अपने होस्टलमें ले उसी आया । दिन मालीने हॉस्टल के उद्यान में कुछ गड्ढे खोदकर रख छोड़े थे। उनमें वह कुछ नये पाँधे लगानेकी तैयारीमें था। कुछ पौधे वह लगा चुका था । दोनोने सम्हालकर वे गोले एक ऐसे ही गड्ड में दबा दिये, उसमें मिट्टी भरी और ऊपर से एक पेड़ जमाकर उसमें पानी भी दे दिया, ताकि माली यही समझे कि वह यहाँ भी पेड़ जमा चुका है। ये गोले इसमें दो महीने रहे । बादमें जब इसकी माँग आई तो विना किसी साथीकी सहायताके, वह इन सभी गोलोको सुरक्षित अवस्थामें निरापद स्थान तक पहुँचा भी जबलपुरका शिक्षा क्रम अपने उचित रूप में चल रहा था, पर माखनलालकी शैतानी व गुप्त दिशाओं में अपनी जड़ें पकड़ रही थीं। जो ग्रामीण बालक अपने शैशवसे लेकर आज तक केवल ग्रामीण तर्जकी शैतानी ही कर गुजरनेका अभ्यासी था, जबलपुरकी शहरी हवामें उसे नई सूझ-बूझका आकर्षण प्रिय लग रहा था । जो तरुण गुप्त कार्यवाहियाँ कर रहे थे, उसके लिए शैतानी रोमांचक ही थी । यद्यपि यह दूसरी बात मिडिल परीक्षा की तैयारी और क्रांतिकारियोंसे परिचय एक सौ सतहत्तर थी कि इन कारगुजारियोंमें उसे उसी दम कोई स्नास आनन्द हामिल न हो पाता था । फिर भी इन तरुणांकी बातोंने उसे कसकर अपनी गिरफ्त में ले लिया। उसकी विश्वसनीयताकी यह खबर जब काशी में जहाँ इन तरुणांका केन्द्रीय स्थल था, पहुँची तो वहाँसे माँग आई कि किमी तरहसे इस मेधावी ग्रामीण तरुणको भी काशी लाया जाय, जहाँ उसे गुप्त कार्यवाहियों की शिक्षा-दीक्षा दी जाय और उसे भी नियमित सदस्य बनाया जाय । इस अवस्था तक माखनलालके जीवनमं नित्य नई यात्राओंके प्रति ऐसी प्रगाढ़ आसक्ति थी कि यात्राके उद्देश्योंको वह गौण मानने लग जाता था। यात्रा अपने आपमें जिस चरम आह्वाट और मनोरंजनको गोटियों ग्विलाती है, उसोकी मोहिनी माखनलालको स्वींचती रही। पहाड़, नदियाँ और निर्जन स्थानोंका विचरण वह अपने गाँवके दायरेसे बाहर करनेके बाद कुछ अधिक विस्तृत दायरे में आगे बढ़ने की उतावली लिये बैठा रहता था। भाग्यसे उसे वैसा ही कार्यक्रम मिलता जा रहा था। और आज दिन वह जबलपुर आ गया था। अब काशीका निमन्त्रण मिला था, उसे । वह काशी अवश्य जायगा। पिताजीको विना सूचना ढिये । जबलपुर के संरक्षकोंसे छिपकर ही वह काशी जायगा । यात्रा उसे निस्सीम उछाह दिया है। नई दिशाओंकी यात्रा जैसे उसे प्रथम कार्य-सी अनिवार्य थी । बुन्देलखण्डसे बाहर यात्राओं के अन्य प्रसंग आखिर वह अपने कुछ नवपरिचितोंके साथ काशी गया। ये नवये परिचित उसके शेष सभी साथियोंसे कहीं अधिक सभ्य, सुसंस्कृत, रोजाना की न्चखन्चखसे दूर, देशकी बात करते थे। कोई छुट्टी कर पड़ी थी। ये उसके नवमित्र जब अपनी बँगला में बातें करते, तो इसके कुछ पल्ले न पड़ता । पर जब वे झटके दे-देकर हिन्दी बोलते, तो इसको समझमें कुछ आने लगता । एक पे असितनाबू । वे ही उसे काशी ले जा रहे थे । मार्गनें इसको लेकर वे एक दिन प्रयाग भी ठहरे। "जब दूसरे दिन हम काशी हुॅचेसुबह ग्यारह बजे, तो वहाँसे सीधे पत्थरगलीके एक अँधेरे मकान में गये, जहा केवल छतपर ही सूर्य किरणं आती थीं । वहाँ लगभग तेरह व्यक्ति उपस्थित थे। मेरा परिचय देवरकरजी नामक एक व्यक्तिसे कराया गया। और भी दो-तीन व्यक्तियों से कराया गया। देवस्करजीने अंग्रेजी राज्यका इतिहास तथा भारतीय क्रान्तिकी आवश्यकतापर ज़ोर ढिगा। कहना नहीं होगा, कि एक ग्रामीण चालक होने के कारण, मुझे सत्र बातोपर शीघ्र ही विश्वास हो जाता था, मैं ऐसी बातों को सुनने नहीं लगा था, पीने लगा था । यह घटना एक हज़ार नौ सौ पाँच के फरवरी महीनेकी है। " इस समय देश में कुछ तरुणीने, जिनमें बंगालके तरुणकी संख्या अधिक थी, यह व्रत लिया था कि वे देशसे अंग्रेजोको बाहर कर देंगे । उनकी पाठ्य पुस्तक बंकिमचन्द्र चटजीकी 'आम' नामक पुस्तक थी । ये तरुण एक हाथ में पित्तौल और दूसरे हाथ में गीता लेकर इस कर्म-पथपर आ रहे थे । गीता उन्हें कर्मकी भाषा और वाणी दे रही थी । 'आनन्दमठ' उस वाणी और कर्मको दिशा दिग्खानेका काम कर रही थी । इन तरुणांके गुरु एक महाराष्ट्रीय सजन थे, जिनका संक्षिप्त नाम देवस्करजी था। वे बँगला खूत्र बील लेते थे और उनका केन्द्रीय निवाग काशी में था। अपनी और अपने दलीय तरुणांकी कार्यवाही बहुत गुप्त रखते थे । उनकी अधिकांश शक्ति हर कार्यवाहीको गुप्त रखनेमें ही व्यय हो रही थी। पर उनका सबसे बड़ा सन्तोष यह था कि वे एक बड़ी संख्या में तरुणीको क्रान्तिकी दीक्षा दे चुके थे और दिये जा रहे थे। जब बाहरसे उनके आदेशपर नये तरुगा लाये जाते, तो सबको एकदम ही आपसमें परिचित नहीं करा दिया जाता था। अलग-अलग ढलोमें बाँटकर वे उनसे बातें करते और सबको सबसे परिचित नहीं कराया जाता । वे उचित समयकी प्रतीक्षा ही इस कार्यके लिए सर्वमान्य समझते थे ।
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DMK, AIADMK की श्रीलंका में हस्तक्षेप की मांग (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. पड़ोसी देश श्रीलंका के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक संकट के मुद्दे पर पर चर्चा करने के लिए भारत सरकार ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का फैसला किया है. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सर्वदलीय बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को श्रीलंका संकट के ताजा हालात के बारे में जानकारी देंगे.
इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सभी पार्टियों की एक बैठक में तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने मांग की कि भारत श्रीलंका के संकट में हस्तक्षेप करे. DMK और AIADMK दोनों ने श्रीलंका के संकट खासकर देश की तमिल आबादी की स्थिति का मुद्दा उठाया. श्रीलंका के उत्तरी हिस्से में तमिलों की आबादी बहुत ज्यादा है.
सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए द्रमुक नेता टी. आर. बालू और अन्नाद्रमुक नेता एम. थंबीदुरई ने अपने-अपने दलों की मांग दोहराई. जबकि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि वित्त और विदेश मंत्रालयों द्वारा 19 जुलाई की शाम को संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन इस मामले पर एक ब्रीफिंग तय की गई है. इस ब्रीफिंग में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदनों के नेता शामिल होंगे.
गौरतलब है कि भारत ने पहले ही श्रीलंका को आश्वासन दिया है कि वह अभूतपूर्व राजनीतिक संकट और आर्थिक उथल-पुथल के बीच देश में लोकतंत्र, स्थिरता और आर्थिक सुधार का समर्थन करना जारी रखेगा. भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने शनिवार को मुलाकात के दौरान श्रीलंका की संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने को यह आश्वासन दिया. ये मुलाकात अध्यक्ष अभयवर्धने द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे को स्वीकार करने के एक दिन बाद हुई.
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'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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DMK, AIADMK की श्रीलंका में हस्तक्षेप की मांग नई दिल्ली. पड़ोसी देश श्रीलंका के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक संकट के मुद्दे पर पर चर्चा करने के लिए भारत सरकार ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का फैसला किया है. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सर्वदलीय बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को श्रीलंका संकट के ताजा हालात के बारे में जानकारी देंगे. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सभी पार्टियों की एक बैठक में तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने मांग की कि भारत श्रीलंका के संकट में हस्तक्षेप करे. DMK और AIADMK दोनों ने श्रीलंका के संकट खासकर देश की तमिल आबादी की स्थिति का मुद्दा उठाया. श्रीलंका के उत्तरी हिस्से में तमिलों की आबादी बहुत ज्यादा है. सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए द्रमुक नेता टी. आर. बालू और अन्नाद्रमुक नेता एम. थंबीदुरई ने अपने-अपने दलों की मांग दोहराई. जबकि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि वित्त और विदेश मंत्रालयों द्वारा उन्नीस जुलाई की शाम को संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन इस मामले पर एक ब्रीफिंग तय की गई है. इस ब्रीफिंग में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदनों के नेता शामिल होंगे. गौरतलब है कि भारत ने पहले ही श्रीलंका को आश्वासन दिया है कि वह अभूतपूर्व राजनीतिक संकट और आर्थिक उथल-पुथल के बीच देश में लोकतंत्र, स्थिरता और आर्थिक सुधार का समर्थन करना जारी रखेगा. भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने शनिवार को मुलाकात के दौरान श्रीलंका की संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने को यह आश्वासन दिया. ये मुलाकात अध्यक्ष अभयवर्धने द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे को स्वीकार करने के एक दिन बाद हुई. . 'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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गगरेट - वन माफिया के निशाने पर आए गगरेट क्षेत्र के सरकारी जंगलों से बहुमूल्य खैर के पेड़ों के कटान का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंबोटा गांव के साथ सटे सरकारी जंगल से खैर के पेड़ों के कटान के बाद अब टटेहड़ा गांव के साथ सटे सरकारी जंगल से वन माफिया द्वारा सात खैर के पेड़ काटकर कीमती लकड़ी खुर्दबुर्द कर दी गई है। मामला उजागर होने के बाद वन विभाग के भी हाथ-पांव फूलने लगे हैं। विभाग द्वारा इसकी लिखित शिकायत गगरेट पुलिस थाना में करने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संभावित संदिग्धों की तलाश आरंभ कर दी है। इस प्रकार वन माफिया दिन प्रतिदिन सरकारी जंगलों में खैर के पेड़ों को निशाना बना रहा है उससे साफ झलक रहा है कि वन माफिया को विभाग का जरा भी डर नहीं रहा है। अभी अंबोटा गांव के सरकारी जंगल से खैर के पेड़ काटने का मामला सुलझा भी नहीं था कि अब वन माफिया द्वारा टटेहड़ा गांव के साथ सटे सरकारी जंगल से सात खैर के बहुमूल्य पेड़ काट लिए गए हैं। वन विभाग को इसकी जानकारी मिलने पर डिप्टी रेंजर जब विभागीय कर्मचारियों के साथ मौका पर पहुंचे तो विभाग ने भी खैर के सात पेड़ काट लेने की पुष्टि करते हुए इसकी लिखित शिकायत गगरेट पुलिस थाना में दी है। वन विभाग ने इस मामले को अंजाम देने वाले कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी पुलिस को दिए हैं। इसके बाद पुलिस भी मामला दर्ज कर मामले की तहकीकात में जुट गई है। हैरत की बात है कि दिन प्रतिदिन वन माफिया निजी व सरकारी जंगलों को निशाना बना रहा है, लेकिन विभाग भी वन माफिया को रोकने में असफल ही सिद्ध हो रहा है। स्थानीय जनता की मानें तो क्षेत्र में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो दिन के समय जंगलों में जाकर उन स्थानों को चिन्हित करता है जहां बहुमूल्य खैर के पेड़ हैं और रात के समय इन खैर के पेड़ों का कटान कर रातों-रात लकड़ी लेकर रफूचक्कर हो रहा है। खैर के पेड़ की लकड़ी अधिक कीमत में बिकती है। यहीं वजह है कि खैर के पेड़ वन माफिया के निशाने पर हैं। उधर, डीएसपी मनोज जंबाल का कहना है कि वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं वन विभाग के रेंज आफिसर अशोक धीमान का कहना है कि शामलात भूमि से चार पेड़ चिन्हित हुए हैं। गगरेट पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया गया है।
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गगरेट - वन माफिया के निशाने पर आए गगरेट क्षेत्र के सरकारी जंगलों से बहुमूल्य खैर के पेड़ों के कटान का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंबोटा गांव के साथ सटे सरकारी जंगल से खैर के पेड़ों के कटान के बाद अब टटेहड़ा गांव के साथ सटे सरकारी जंगल से वन माफिया द्वारा सात खैर के पेड़ काटकर कीमती लकड़ी खुर्दबुर्द कर दी गई है। मामला उजागर होने के बाद वन विभाग के भी हाथ-पांव फूलने लगे हैं। विभाग द्वारा इसकी लिखित शिकायत गगरेट पुलिस थाना में करने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संभावित संदिग्धों की तलाश आरंभ कर दी है। इस प्रकार वन माफिया दिन प्रतिदिन सरकारी जंगलों में खैर के पेड़ों को निशाना बना रहा है उससे साफ झलक रहा है कि वन माफिया को विभाग का जरा भी डर नहीं रहा है। अभी अंबोटा गांव के सरकारी जंगल से खैर के पेड़ काटने का मामला सुलझा भी नहीं था कि अब वन माफिया द्वारा टटेहड़ा गांव के साथ सटे सरकारी जंगल से सात खैर के बहुमूल्य पेड़ काट लिए गए हैं। वन विभाग को इसकी जानकारी मिलने पर डिप्टी रेंजर जब विभागीय कर्मचारियों के साथ मौका पर पहुंचे तो विभाग ने भी खैर के सात पेड़ काट लेने की पुष्टि करते हुए इसकी लिखित शिकायत गगरेट पुलिस थाना में दी है। वन विभाग ने इस मामले को अंजाम देने वाले कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी पुलिस को दिए हैं। इसके बाद पुलिस भी मामला दर्ज कर मामले की तहकीकात में जुट गई है। हैरत की बात है कि दिन प्रतिदिन वन माफिया निजी व सरकारी जंगलों को निशाना बना रहा है, लेकिन विभाग भी वन माफिया को रोकने में असफल ही सिद्ध हो रहा है। स्थानीय जनता की मानें तो क्षेत्र में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो दिन के समय जंगलों में जाकर उन स्थानों को चिन्हित करता है जहां बहुमूल्य खैर के पेड़ हैं और रात के समय इन खैर के पेड़ों का कटान कर रातों-रात लकड़ी लेकर रफूचक्कर हो रहा है। खैर के पेड़ की लकड़ी अधिक कीमत में बिकती है। यहीं वजह है कि खैर के पेड़ वन माफिया के निशाने पर हैं। उधर, डीएसपी मनोज जंबाल का कहना है कि वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं वन विभाग के रेंज आफिसर अशोक धीमान का कहना है कि शामलात भूमि से चार पेड़ चिन्हित हुए हैं। गगरेट पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया गया है। जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
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खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) के दूसरे दिन सबसे ज्यादा मेडल स्विमिंग में मिले. गेम्स में अभी तक 17 यूनिवर्सिटी ने गोल्ड मेडल जीत लिए हैं, जबकि 41 यूनिवर्सिटी ने कोई न कोई मेडल हासिल कर लिया है.
(Khelo India University Games 2021) में उद्घाटन का दिन गुजरने के बाद अब एक्शन तेज हो गया है और कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ही युवा भारतीय खिलाड़ी भी अपना दम दिखा रहे हैं. खेलों के दूसरे दिन भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां टोक्यो ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके स्विमर श्रीहरि नटराज (Sri Hari Nataraj) का जलवा दिखा. वहीं इन खेलों के जरिए अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे कई नए खिलाड़ियों ने भी प्रभावित किया. दिन की सबसे बड़ी हाईलाइट नटराज के नाम ही रही, जिन्होंने 23.23 सेकंड का समय निकालकर 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता. दूसरे दिन बेंगलुरू की जैन यूनिवर्सिटी (Jain University) मेडल टेबल में सबसे ऊपर रही.
सोमवार 25 अप्रैल को इवेंट्स के दूसरे दिन के आखिर में 17 यूनिवर्सिटी ने स्वर्ण जीत लिये थे और 41 ने पदक तालिका में नाम दर्ज करा लिया. मेडलों में स्विमिंग इवेंट्स की हिस्सेदारी सबसे बड़ी थी. मेजबान जैन यूनिवर्सिटी ने तैराकी में चार स्वर्ण जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया. तैराकी में खेलों के पांच नये रिकॉर्ड भी बने.
पुरुषों के स्विमिंग इवेंट में सबकी नजरें ओलिंपियन श्रीहरि नटराज पर थीं और 21 वर्ष के इस तैराक ने मिहिर आंब्रे का 23.78 सेकंड का खेलो इंडिया का रिकॉर्ड तोड़ा. उन्होंने व्यक्तिगत रेस में सर्वश्रेष्ठ समय निकाला. तैराकी में 10 पदक दाव पर थे जिनमें पहला पुणे की सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी के शुभम धायगुड़े ने पुरूषों के 400 मीटर फ्रीस्टाइल में जीता. इसके बाद जैन यूनिवर्सिटी के शिवा श्रीधर ने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले में 2 . 05.43 का समय निकालकर नये रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता. श्रीधर ने बाद में 100 मीटर बैकस्ट्रोक में भी स्वर्ण हासिल किया .
महिलाओं की 50 मीटर फ्रीस्टाइल में शिवाजी यूनिवर्सिटी की रूतुजा खाड़े ने 27.38 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने भुवनेश्वर की साध्वी धुरी का रिकॉर्ड तोड़ा. शिवाजी यूनिवर्सिटी पदक तालिका में दूसरे स्थान पर है. पिछली चैम्पियन पंजाबी यूनिवर्सिटी ने महिलाओं की 25 मीटर व्यक्तिगत पिस्टल स्पर्धा में इशनीत औलख के स्वर्ण के साथ पहला पीला तमगा अपने नाम किया. टीम स्पर्धा में पंजाब यूनिवर्सिटी ने उन्हें हराया.
वहीं महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी की स्नेहा ने भारोत्तोलन में महिलाओं की 59 किलो स्पर्धा में स्वर्ण हासिल किया. महिलाओं के 73 किलो वर्ग में कृष्णा यूनिवर्सिटी की जुतुरी कोटेश्वर राव ने स्वर्ण जीता.महिलाओं के वॉलीबॉल सेमीफाइनल में भरतियार यूनिवर्सिटी ने एसआरएम यूनिवर्सिटी को 3-0 से हराकर उलटफेर कर दिया. कल तैराकी, भारोत्तोलन और वॉलीबॉल में 22 पदक दांव पर होंगे.
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खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दूसरे दिन सबसे ज्यादा मेडल स्विमिंग में मिले. गेम्स में अभी तक सत्रह यूनिवर्सिटी ने गोल्ड मेडल जीत लिए हैं, जबकि इकतालीस यूनिवर्सिटी ने कोई न कोई मेडल हासिल कर लिया है. में उद्घाटन का दिन गुजरने के बाद अब एक्शन तेज हो गया है और कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ही युवा भारतीय खिलाड़ी भी अपना दम दिखा रहे हैं. खेलों के दूसरे दिन भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां टोक्यो ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके स्विमर श्रीहरि नटराज का जलवा दिखा. वहीं इन खेलों के जरिए अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे कई नए खिलाड़ियों ने भी प्रभावित किया. दिन की सबसे बड़ी हाईलाइट नटराज के नाम ही रही, जिन्होंने तेईस दशमलव तेईस सेकंड का समय निकालकर पचास मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता. दूसरे दिन बेंगलुरू की जैन यूनिवर्सिटी मेडल टेबल में सबसे ऊपर रही. सोमवार पच्चीस अप्रैल को इवेंट्स के दूसरे दिन के आखिर में सत्रह यूनिवर्सिटी ने स्वर्ण जीत लिये थे और इकतालीस ने पदक तालिका में नाम दर्ज करा लिया. मेडलों में स्विमिंग इवेंट्स की हिस्सेदारी सबसे बड़ी थी. मेजबान जैन यूनिवर्सिटी ने तैराकी में चार स्वर्ण जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया. तैराकी में खेलों के पांच नये रिकॉर्ड भी बने. पुरुषों के स्विमिंग इवेंट में सबकी नजरें ओलिंपियन श्रीहरि नटराज पर थीं और इक्कीस वर्ष के इस तैराक ने मिहिर आंब्रे का तेईस दशमलव अठहत्तर सेकंड का खेलो इंडिया का रिकॉर्ड तोड़ा. उन्होंने व्यक्तिगत रेस में सर्वश्रेष्ठ समय निकाला. तैराकी में दस पदक दाव पर थे जिनमें पहला पुणे की सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी के शुभम धायगुड़े ने पुरूषों के चार सौ मीटर फ्रीस्टाइल में जीता. इसके बाद जैन यूनिवर्सिटी के शिवा श्रीधर ने दो सौ मीटर व्यक्तिगत मेडले में दो . पाँच.तैंतालीस का समय निकालकर नये रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता. श्रीधर ने बाद में एक सौ मीटर बैकस्ट्रोक में भी स्वर्ण हासिल किया . महिलाओं की पचास मीटर फ्रीस्टाइल में शिवाजी यूनिवर्सिटी की रूतुजा खाड़े ने सत्ताईस दशमलव अड़तीस सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने भुवनेश्वर की साध्वी धुरी का रिकॉर्ड तोड़ा. शिवाजी यूनिवर्सिटी पदक तालिका में दूसरे स्थान पर है. पिछली चैम्पियन पंजाबी यूनिवर्सिटी ने महिलाओं की पच्चीस मीटर व्यक्तिगत पिस्टल स्पर्धा में इशनीत औलख के स्वर्ण के साथ पहला पीला तमगा अपने नाम किया. टीम स्पर्धा में पंजाब यूनिवर्सिटी ने उन्हें हराया. वहीं महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी की स्नेहा ने भारोत्तोलन में महिलाओं की उनसठ किलो स्पर्धा में स्वर्ण हासिल किया. महिलाओं के तिहत्तर किलो वर्ग में कृष्णा यूनिवर्सिटी की जुतुरी कोटेश्वर राव ने स्वर्ण जीता.महिलाओं के वॉलीबॉल सेमीफाइनल में भरतियार यूनिवर्सिटी ने एसआरएम यूनिवर्सिटी को तीन-शून्य से हराकर उलटफेर कर दिया. कल तैराकी, भारोत्तोलन और वॉलीबॉल में बाईस पदक दांव पर होंगे.
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केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा पर जा रहे तीर्थ-यात्रियों को राहत देते हुए उत्तराखंड सरकार ने कोरोना जांच पर बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड में बाहर से आने वाले पर्यटकों और चारधाम यात्रियों की कोविड जांच नहीं होगी। उन्हें सिर्फ पर्यटन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
चारधाम यात्रा के दौरान बॉर्डर पर जांच को लेकर भ्रम के बीच मुख्य सचिव ने स्थिति साफ की। चारधाम यात्रियों की बॉर्डर पर जांच और वैक्सीनेशन का प्रमाण दिखाने की अनिवार्यता को लेकर भ्रम की स्थिति के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु को मामले में स्थिति साफ करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य सचिव ने अधिकारियों की बैठक ली थी।
मुख्य सचिव ने कहा कि अगले आदेश तक यात्रियों की राज्य की सीमा पर कोरोना की जांच और वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र की जांच नहीं होगी। लेकिन यात्रियों को चारधाम यात्रा के लिए पर्यटन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। मुख्य सचिव ने बैठक में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा भी की।
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केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा पर जा रहे तीर्थ-यात्रियों को राहत देते हुए उत्तराखंड सरकार ने कोरोना जांच पर बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड में बाहर से आने वाले पर्यटकों और चारधाम यात्रियों की कोविड जांच नहीं होगी। उन्हें सिर्फ पर्यटन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। चारधाम यात्रा के दौरान बॉर्डर पर जांच को लेकर भ्रम के बीच मुख्य सचिव ने स्थिति साफ की। चारधाम यात्रियों की बॉर्डर पर जांच और वैक्सीनेशन का प्रमाण दिखाने की अनिवार्यता को लेकर भ्रम की स्थिति के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु को मामले में स्थिति साफ करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य सचिव ने अधिकारियों की बैठक ली थी। मुख्य सचिव ने कहा कि अगले आदेश तक यात्रियों की राज्य की सीमा पर कोरोना की जांच और वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र की जांच नहीं होगी। लेकिन यात्रियों को चारधाम यात्रा के लिए पर्यटन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। मुख्य सचिव ने बैठक में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा भी की।
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पेरिस (4 अक्टूबर): हमेशा से अपनी अजीब हरकतों के कारण सुर्खियों में रहने वाली पॉप सिंगर लेडी गागा ने एक बार फिर कुछ ऐसा ही किया है। इस बार लेडी गागा ने एक पेरिस फैशन वीक में एक डिजाइनर के लिए कपड़े उतारे।
गागा ने लंदन में फोर्ड के साश मिलकर एक फैशन डिजाइनर के कपड़ो के लांच पर ऐसा किया। डेलीमेल के मुताबिक गागा ने लांच के लिए एक म्यूजिक वीडियों में डांस किया जिसमें उन्होंने कपड़े उतारें।
गागा ने एक बताया कि पारंपरिक तरीके से किसी डिजाइनर के कपड़े लांच करने के लिए एक नया तरीका अपनाया। इसलिए उन्होनें एक वीडियों में नाच कर कपड़ो को शोकेस किया।
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पेरिस : हमेशा से अपनी अजीब हरकतों के कारण सुर्खियों में रहने वाली पॉप सिंगर लेडी गागा ने एक बार फिर कुछ ऐसा ही किया है। इस बार लेडी गागा ने एक पेरिस फैशन वीक में एक डिजाइनर के लिए कपड़े उतारे। गागा ने लंदन में फोर्ड के साश मिलकर एक फैशन डिजाइनर के कपड़ो के लांच पर ऐसा किया। डेलीमेल के मुताबिक गागा ने लांच के लिए एक म्यूजिक वीडियों में डांस किया जिसमें उन्होंने कपड़े उतारें। गागा ने एक बताया कि पारंपरिक तरीके से किसी डिजाइनर के कपड़े लांच करने के लिए एक नया तरीका अपनाया। इसलिए उन्होनें एक वीडियों में नाच कर कपड़ो को शोकेस किया।
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छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में शुक्रवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. इस हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई. युवकों की बाइक अनबैलेंस होकर खंबे से टकरा गई, जिसके चलते हादसा हुआ. युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक तीन में से दो युवक कांकेर व एक कौदकेरा राजिम का रहने वाला बताया जा रहा है. तीनों रायपुर में रहकर पढ़ाई करते थे.
मिली जानकारी के मुताबिक युवक काफी रफ्तार में बाइक चला रहे थे. इसके चलते ही अनियंत्रित होकर बाइक खंभे से टकरा गई. मृतका रायपुर के रावतपुरा सरकार कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं. मृतकों का नाम परमांनद साहू, प्रवीण गर्ग और अर्पित नाथ है. पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेज दिया है. मृतकों के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है. हादसे की खबर के बाद मृतकों के परिजन रायपुर आने के लिए रवाना हो गए हैं.
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छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में शुक्रवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. इस हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई. युवकों की बाइक अनबैलेंस होकर खंबे से टकरा गई, जिसके चलते हादसा हुआ. युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक तीन में से दो युवक कांकेर व एक कौदकेरा राजिम का रहने वाला बताया जा रहा है. तीनों रायपुर में रहकर पढ़ाई करते थे. मिली जानकारी के मुताबिक युवक काफी रफ्तार में बाइक चला रहे थे. इसके चलते ही अनियंत्रित होकर बाइक खंभे से टकरा गई. मृतका रायपुर के रावतपुरा सरकार कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं. मृतकों का नाम परमांनद साहू, प्रवीण गर्ग और अर्पित नाथ है. पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा रायपुर भेज दिया है. मृतकों के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है. हादसे की खबर के बाद मृतकों के परिजन रायपुर आने के लिए रवाना हो गए हैं. .
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मजदूरी और उत्पादकता 49
इस प्रकार टेलर पद्धति कुशल श्रमिकों के लिए विशेष रूप से प्रेरणात्मक है, क्योकि ऊंची दर के द्वारा उनको अपने परिश्रम का पुरस्कार मिलता है, परन्तु अकुशल श्रमिको को यह पद्धति दण्डित करती है। यह आय मे असमानता को बढावा देती है। वर्तमान समय में इस पद्धति का एक ऐतिहासिक महत्व रह गया है क्योकि साय की असमानता के स्थान पर 'आय की समानता पर अधिक जोर दिया जाने लगा है ।
2. हैल्से प्रीमियम पद्धति ( Halsey Premium System ) - इस पद्धति का प्रतिपादन प्रो एफ ए हैल्से द्वारा किया गया था । इस पद्धति मे कार्यानुसार तथा समयानुसार मजदूरी भुगतान की रीतियों के लाभो का मिश्ररण है तथा इनके दोषो को छोड दिया गया है । इसमें एक प्रमाप उत्पादन निश्चित समय में पूरा करना होता है । यदि कोई श्रमिक दिए हुए कार्य को निश्चित अवधि से पूर्व ही समाप्त कर लेता है तो उसे बचाए हुए समय ( Time Saved) के लिए अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाता है । यदि किसी कार्य हेतु 10 घण्टे निश्चित किए गए हैं और कार्य 8 घण्टे मे पूरा कर लिया जाता है तो श्रमिक को 8 घण्टे के पारिश्रमिक के अतिरिक्त बचाए गए समय ( 2 घण्टे ) के लिए दर का 50% भुगतान किया जाएगा । यदि 10 रु. प्रति घण्टा समय मजदूरी है तो प्रीमियम है ( दर X बचाया गया समय ) के बराबर अर्थात् ( 10 × 2 ) = 10 रु होगा तथा मजदूरी 8x10 .80 रु. अर्थात् कुल भुगतान 80+10 - 90 रु. किया जाएगा ।
इस पद्धति के अन्तर्गत बचाए गए समय के लिए निश्चित दर पर प्रीमियम दिया जाता है तथा मजदूर को समयानुसार मजदूरी की भी गारण्टी रहती है जिससे नियोक्ताओं को भी अधिक मजदूरी का भुगतान नहीं करना पड़ता है ।
इस पद्धति की सबसे बडी कमजोरी यह है कि मालिक किसी कार्य के करने का प्रमाप (Standard ) अधिक रख देता है जो कि पूरा करना सम्भव नही हो । उस स्थिति मे श्रमिकों को हानि उठानी पड़ती है। इसलिए कार्य का प्रमाप उचित एवं वैज्ञानिक प्रवन्धको द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए ।
3. शत-प्रतिशत समय प्रोमियन योजना ( The 100 Percent Time Premium Plan) -जहां समय अथवा कार्य प्रध्ययन द्वारा समय प्रमाण (Time Standards) निर्धारित किए जा सकते हैं वहाँ श्रमिकों को उनके द्वारा बचाए गए समय ( Time Saved) के लिए शत-प्रतिशत दर पर प्रीमियम दिया जाता है ।
उदाहरण के लिए 10 घण्टे किसी कार्य हेतु निश्चित किए जाते तथा समय दर ( Time Rate) 10 रु प्रति घण्टा है। कार्य 8 घण्टे मे पूरा किया जाता है तथा समय 2 घण्टे बचाता है तो उसको 8 घण्टो के 80 रु. मजदूरी तथा 2 घण्टे बचाने के कारण 20 रु प्रीमियम के रूप मे अर्थात् कुल भुगतान 100 रुपये किया जाएगा।
इस योजना में भी समयानुसार मजदूरी की गारण्टी दी जाती है तथा बचाए गए समय (Time Saved ) हेतु भी दर वही रखी जाती है । कुशलना को इससे अधिकती है ।
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मजदूरी और उत्पादकता उनचास इस प्रकार टेलर पद्धति कुशल श्रमिकों के लिए विशेष रूप से प्रेरणात्मक है, क्योकि ऊंची दर के द्वारा उनको अपने परिश्रम का पुरस्कार मिलता है, परन्तु अकुशल श्रमिको को यह पद्धति दण्डित करती है। यह आय मे असमानता को बढावा देती है। वर्तमान समय में इस पद्धति का एक ऐतिहासिक महत्व रह गया है क्योकि साय की असमानता के स्थान पर 'आय की समानता पर अधिक जोर दिया जाने लगा है । दो. हैल्से प्रीमियम पद्धति - इस पद्धति का प्रतिपादन प्रो एफ ए हैल्से द्वारा किया गया था । इस पद्धति मे कार्यानुसार तथा समयानुसार मजदूरी भुगतान की रीतियों के लाभो का मिश्ररण है तथा इनके दोषो को छोड दिया गया है । इसमें एक प्रमाप उत्पादन निश्चित समय में पूरा करना होता है । यदि कोई श्रमिक दिए हुए कार्य को निश्चित अवधि से पूर्व ही समाप्त कर लेता है तो उसे बचाए हुए समय के लिए अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाता है । यदि किसी कार्य हेतु दस घण्टे निश्चित किए गए हैं और कार्य आठ घण्टे मे पूरा कर लिया जाता है तो श्रमिक को आठ घण्टे के पारिश्रमिक के अतिरिक्त बचाए गए समय के लिए दर का पचास% भुगतान किया जाएगा । यदि दस रुपया. प्रति घण्टा समय मजदूरी है तो प्रीमियम है के बराबर अर्थात् = दस रुपया होगा तथा मजदूरी आठxदस .अस्सी रुपया. अर्थात् कुल भुगतान अस्सी+दस - नब्बे रुपया. किया जाएगा । इस पद्धति के अन्तर्गत बचाए गए समय के लिए निश्चित दर पर प्रीमियम दिया जाता है तथा मजदूर को समयानुसार मजदूरी की भी गारण्टी रहती है जिससे नियोक्ताओं को भी अधिक मजदूरी का भुगतान नहीं करना पड़ता है । इस पद्धति की सबसे बडी कमजोरी यह है कि मालिक किसी कार्य के करने का प्रमाप अधिक रख देता है जो कि पूरा करना सम्भव नही हो । उस स्थिति मे श्रमिकों को हानि उठानी पड़ती है। इसलिए कार्य का प्रमाप उचित एवं वैज्ञानिक प्रवन्धको द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए । तीन. शत-प्रतिशत समय प्रोमियन योजना -जहां समय अथवा कार्य प्रध्ययन द्वारा समय प्रमाण निर्धारित किए जा सकते हैं वहाँ श्रमिकों को उनके द्वारा बचाए गए समय के लिए शत-प्रतिशत दर पर प्रीमियम दिया जाता है । उदाहरण के लिए दस घण्टे किसी कार्य हेतु निश्चित किए जाते तथा समय दर दस रुपया प्रति घण्टा है। कार्य आठ घण्टे मे पूरा किया जाता है तथा समय दो घण्टे बचाता है तो उसको आठ घण्टो के अस्सी रुपया. मजदूरी तथा दो घण्टे बचाने के कारण बीस रुपया प्रीमियम के रूप मे अर्थात् कुल भुगतान एक सौ रुपयापये किया जाएगा। इस योजना में भी समयानुसार मजदूरी की गारण्टी दी जाती है तथा बचाए गए समय हेतु भी दर वही रखी जाती है । कुशलना को इससे अधिकती है ।
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Salaar Trailer OUT: साउथ सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) की अपकमिंग मूवी को लेकर फैंस के बीच भारी बज है। इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच भारी उत्साह है। इस बीच मेकर्स ने मूवी को लेकर नया ट्रेलर जारी किया है।
Salaar New Trailer OUT: साउथ सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) और श्रुति हासन (Shruti Haasan) स्टारर निर्देशक प्रशांत नील (Prashanth Neel) की अपकमिंग मूवी 'सालार' सिनेमाघरों में तहलका मचाने की तैयारी में है। सुपरस्टार प्रभास और श्रुति हासन स्टारर निर्देशक प्रशांत नील की फिल्म 'सालार' को मेकर्स 22 दिसंबर के दिन सिल्वर स्क्रीन पहुंचाने की तैयारी में हैं। इस बीच मूवी को लेकर फैंस के बीच भारी उत्साह है। इस उत्साह को कई गुणा और बढ़ाने के लिए मेकर्स ने मूवी का एक और ट्रेलर जारी किया है। जो काफी जबरदस्त है। सामने आए इस ट्रेलर वीडियो में सुपरस्टार प्रभास जबरदस्त फॉर्म में नजर आए हैं। ये ट्रेलर दावा करता है कि मूवी रिलीज होते ही सिनेमाघरों में तहलका मचा देगी। यहां देखें सामने आया प्रभास की फिल्म 'सालार' का नया ट्रेलर।
सुपरस्टार प्रभास और श्रुति हासन स्टारर इस फिल्म की रिलीज में अभी 4 दिन का वक्त बाकी है। एंटरटेनमेंट न्यूज की मानें इन 4 दिनों में प्रभास की मूवी 'सालार' ने धांसू एडवांस बुकिंग हासिल की है। फिल्म ने अभी तक करीब 1, 53, 705 टिकट्स बेच डाले हैं। जिसके जरिए फिल्म करीब 3 करोड़ रुपये की कमाई एडवांस बुकिंग के जरिए हासिल कर चुकी है। आने वाले दिनों में ये रकम अभी और तेजी से बढ़ेगी। जिससे साफ होता है कि सिर्फ साउथ ही नहीं, नॉर्थ इंडिया में भी मूवी को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है।
इतनी स्क्रीन्स पर रिलीज होगी 'सालार'
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक सुपरस्टार प्रभास की फिल्म को मेकर्स करीब 7,000 स्क्रीन्स पर रिलीज करने वाले हैं। सैक्निल्क.कॉम की एक रिपोर्ट की मानें तो देश में 'सालार' को 6,000 स्क्रीन्स पर रिलीज किया जाएगा। जबकि, 1,000 स्क्रीन्स विदेशों में बुक की गई हैं। वहीं, हिंदी भाषा में इस मूवी को मेकर्स 30% मल्टीप्लेक्सेस की स्क्रीन्स मिली है। 46% स्क्रीन्स 'डंकी' के लिए एलॉटेड हैं। तो 15% हॉलीवुड मूवी 'एक्वामैन' के लिए बुक की गई हैं। तो क्या आप इस मूवी को लेकर एक्साइटेड हैं। अपनी राय हमें कमेंट कर बता सकते हैं।
बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज,
ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
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Salaar Trailer OUT: साउथ सुपरस्टार प्रभास की अपकमिंग मूवी को लेकर फैंस के बीच भारी बज है। इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच भारी उत्साह है। इस बीच मेकर्स ने मूवी को लेकर नया ट्रेलर जारी किया है। Salaar New Trailer OUT: साउथ सुपरस्टार प्रभास और श्रुति हासन स्टारर निर्देशक प्रशांत नील की अपकमिंग मूवी 'सालार' सिनेमाघरों में तहलका मचाने की तैयारी में है। सुपरस्टार प्रभास और श्रुति हासन स्टारर निर्देशक प्रशांत नील की फिल्म 'सालार' को मेकर्स बाईस दिसंबर के दिन सिल्वर स्क्रीन पहुंचाने की तैयारी में हैं। इस बीच मूवी को लेकर फैंस के बीच भारी उत्साह है। इस उत्साह को कई गुणा और बढ़ाने के लिए मेकर्स ने मूवी का एक और ट्रेलर जारी किया है। जो काफी जबरदस्त है। सामने आए इस ट्रेलर वीडियो में सुपरस्टार प्रभास जबरदस्त फॉर्म में नजर आए हैं। ये ट्रेलर दावा करता है कि मूवी रिलीज होते ही सिनेमाघरों में तहलका मचा देगी। यहां देखें सामने आया प्रभास की फिल्म 'सालार' का नया ट्रेलर। सुपरस्टार प्रभास और श्रुति हासन स्टारर इस फिल्म की रिलीज में अभी चार दिन का वक्त बाकी है। एंटरटेनमेंट न्यूज की मानें इन चार दिनों में प्रभास की मूवी 'सालार' ने धांसू एडवांस बुकिंग हासिल की है। फिल्म ने अभी तक करीब एक, तिरेपन, सात सौ पाँच टिकट्स बेच डाले हैं। जिसके जरिए फिल्म करीब तीन करोड़ रुपये की कमाई एडवांस बुकिंग के जरिए हासिल कर चुकी है। आने वाले दिनों में ये रकम अभी और तेजी से बढ़ेगी। जिससे साफ होता है कि सिर्फ साउथ ही नहीं, नॉर्थ इंडिया में भी मूवी को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है। इतनी स्क्रीन्स पर रिलीज होगी 'सालार' अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक सुपरस्टार प्रभास की फिल्म को मेकर्स करीब सात,शून्य स्क्रीन्स पर रिलीज करने वाले हैं। सैक्निल्क.कॉम की एक रिपोर्ट की मानें तो देश में 'सालार' को छः,शून्य स्क्रीन्स पर रिलीज किया जाएगा। जबकि, एक,शून्य स्क्रीन्स विदेशों में बुक की गई हैं। वहीं, हिंदी भाषा में इस मूवी को मेकर्स तीस% मल्टीप्लेक्सेस की स्क्रीन्स मिली है। छियालीस% स्क्रीन्स 'डंकी' के लिए एलॉटेड हैं। तो पंद्रह% हॉलीवुड मूवी 'एक्वामैन' के लिए बुक की गई हैं। तो क्या आप इस मूवी को लेकर एक्साइटेड हैं। अपनी राय हमें कमेंट कर बता सकते हैं। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
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श्री चन्द्र प्रकाश जोशी ( चित्तौड़गढ़) : महोदय, आपने मुझे इस महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का अवसर दिया, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूँ।... ( व्यवधान) हिन्दुस्तान के यशस्वी प्रधान मंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आदरणीय सुरेश प्रभु जी और मनोज सिन्हा साहब ने जो जानदार और शानदार बजट पेश किया है, उसका मैं समर्थन करने के लिए खड़ा हुआ हूँ।... ( व्यवधान)
HON. CHAIRPERSON: The time is already over.
श्री चन्द्र प्रकाश जोशी : कुछ लोग हैं, जो इस देश में चाहे तो स्क्रैप बेचकर बजट लाए होंगे या फिर इस देश के हजार फीट... ( व्यवधान) कांति लाल जी यह भूल गए कि सारा बजट इनका पवन बंसल जी ले गए।...(व्यवधान)अभी तक जितने बजट पेश हुए, उसमें या तो स्क्रैप बेचकर बजट लाया गया या फिर कोई आधारभूत ढाँचे का निर्माण नहीं किया गया । हिन्दुस्तान आज़ाद होने के बाद यह पहला बजट होगा जिसमें न तो यात्री किराया बढ़ाया गया, न ही मालभाड़ा बढ़ाया गया, बल्कि आधारभूत संरचना में इतना काम किया गया जितना हिन्दुस्तान आज़ाद होने के बाद पहले कभी नहीं हुआ। मैंने भी अभी तक के इतिहास में चाहे डबलिंग हो या ट्रिपलिंग हो या इलैक्ट्रिफिकेशन करना हो, चाहे नई रेल लाईन डालनी हो या ब्रॉडगेज का निर्माण हो, इस प्रकार का काम मैंने भी पहले कभी नहीं देखा। आपने देखा होगा कि इस बजट में पहली बार चाहे आर.ओ.बी. और आर.यू.बी. हो, मैंने देखा कि पिछले दो वर्षों में जितने आर. ओ. बी. और आर.यू.बी. पिछले दो वर्षों में बने, पिछले साठ वर्ष इनकी सरकार रही लेकिन पहले कभी इतने आर.ओ. बी. या आर.यू.बी नहीं बने। चाहे रेलवे स्टेशनों के मॉडिफिकेशन का काम हो या स्वच्छता का काम हो, चाहे सिगनल लाइन का मॉडिफिकेशन का काम हो, चाहे लिफ्ट लगाने या एस्केलेटर लगाने का काम हो, इतना काम पहले कभी नहीं हुआ। मैं इतना ज़रूर कहना चाहता हूँ कि जिस प्रकार से माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने नेशनल हाईवेज़ बनाने की सोची थी, जिसकी पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने 2001 में इसका निर्माण किया और 2004 में इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया। वे इस देश की वर्तमान पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक उदाहरण पेश करके गए और ऐसा ही काम रेल मंत्रालय ने किया और वह काम अभी शुरू हुआ है। इस कार्यकाल में उस काम को भी अंजाम देने का काम यह सरकार कर रही है।
मैं ज्यादा पुरानी बातों में नहीं जाना चाहता। मैं तो इतना ही कहना चाहता हूँ कि मेरे संसदीय क्षेत्र के अंदर एक रेलवे लाईन है जिसकी आज़ादी के बाद से ही माहोली बड़ी सादरी के निर्माण की मांग हो रही थी। इस सरकार ने न केवल उसकी स्वीकृति दी बल्कि दो माह में उस काम को पूरा करने का टैंडर भी दे दिया। वह काम कोई कर सकता है तो नरेन्द्र मोदी जी की सरकार कर सकती है। मैं इतना ज़रूर कहना
चाहता हूँ कि आज रेल ऐसा साधन है कि जो पूरी दुनिया को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बाँधता है। उसमें आगरा से लेकर मगध और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लोग यात्रा करते हैं क्योंकि आम आदमी के लिए यात्रा करने का सबसे सस्ता साधन यदि कोई है तो वह रेलवे है। आज चाहे कश्मीर में, हमारी वादियों में रेल ले जाने का काम हो, चाहे पूर्व में त्रिपुरा में बड़ी लाईन ले जाने का काम हो, चाहे गुजरात के रेगिस्तान में रेल लाईन ले जाने का काम हो, यह काम अगर किसी ने शुरू किया तो एनडीए की सरकार और नरेन्द्र मोदी जी की सरकार में यह काम शुरू हुआ।
मैं एक दो बातें और कहकर अपनी बात समाप्त करना चाहता हूँ। आपने मुझे यहाँ बोलने का अवसर दिया है तो मैं अपने संसदीय क्षेत्र की बात करना चाहता हूँ। मेरे संसदीय क्षेत्र में भी एक नहीं, अनेक काम ऐसे हुए हैं। अभी कांतिलाल जी बोल रहे थे कि इनकी सरकार में 2008 में अहमदाबाद से उदयपुर का काम शुरू हुआ और आठ सालों में इन्होंने सिर्फ 80 लाख दिये और हमारी सरकार ने सिर्फ एक साल में सवा तीन सौ करोड़ रुपये का बजट देकर उस काम को अंजाम तक पहुँचाने का काम किया है। छोटेमोटे काम तो इतने किये हैं कि उनकी कल्पना नहीं कर सकते। आदरणीय मनोहर पर्रिकर साहब चले गए। आपने माहोली से बड़ी सादरी आपने आमान परिवर्तन का कार्य कर दिया। मैं आदरणीय मनोज सिन्हा साहब से कहना चाहता हूँ कि मेरे संसदीय क्षेत्र का सिर्फ एक काम है जिसको मैं करने के लिए कहता हूँ। बड़ी सादरी से छोटी साजड़ी होकर नीमच और नीमच से जोधपुर कैन्ट, जो सेना की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण काम है, उसको पूरा कराने का मैं आपसे हाथ जोड़कर आग्रह करता हूँ। एक काम और है। जो हमारी बांद्रा गाड़ी जयपुर, अजमेर और उदयपुर से चलती है जो तीन दिन वहाँ से और तीन दिन यहाँ से चलती है, उसको रेगुलर चलाया जाए। साथ ही कुछ दिनों में लोग कभी अफ़ज़ल की बरसी मनाते हैं कभी मकबूल बट्ट की मनाते हैं। रेल में चूँकि राष्ट्रीय एकता का एकमात्र सूत्र दिखता है, देश भर के लोग उससे आते हैं, रेलवे स्टेशन पर या रेल के डिब्बों में हमारे शहीद, जिन्होंने इस देश की आज़ादी के लिए शहादत दी, ऐसे शहीदों के चित्र और उनकी जीवनी इसमें अंकित कराने का काम करें ताकि जो लोग दिग्भ्रमित हो गए हैं, उनको भी कुछ सद्बुद्धि आए। जिन लोगों ने भारतमाता के टुकड़े कराकर प्रधान मंत्री की कुर्सी हासिल की, उन लोगों को भी कोई सद्बुद्धि मिलेगी।
सभापति जी, मैं एक और निवेदन करना चाहता हूँ। चूँकि मेरा संसदीय क्षेत्र बहुत बड़ा है, मेरे संसदीय क्षेत्र में तीन डीआरएम और तीन ज़ोन लगते हैं जबलपुर, जयपुर और मुम्बई । मैं चाहता हूँ कि मेरा जो चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र है, वह एक ही क्षेत्र में आ जाए, एक ही ज़ोन और एक डीआरएम ऑफिस वहाँ हो जाए ताकि सारी समस्याओं का समाधान वहाँ हो सके। मैं चाहता हूँ कि उज्जैन में बहुत बड़ा
महाकुंभ भी हो रहा है। वहाँ ऐसी कई ट्रेनें लगाई जाएँ ताकि लोगों को सुविधा हो सके। साथ ही वहाँ बहुत बड़ी सीमेन्ट इंडस्ट्री भी है, मार्बल उद्योग भी है, वेदान्ता का हिन्दुस्तान ज़िन्क का बहुत बड़ा प्लान्ट भी है। वहां एक कंटेनर डिपो भी बनाया जाये, ताकि व्यावसायिक दृष्टि से भी वहां के लोगों को लाभ मिल सके। मैं इतना और निवेदन करना चाहता हूं कि आज उदयपुर में हो, चाहे चित्तौड़गढ़ में हो, सैकिण्ड एंट्री हो, चाहे अन्य काम हो, इन कामों को तो आपने किया ही। ... ( व्यवधान)
मैं एक मिनट में अपनी बात खत्म कर रहा हूं। मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि यह जितनी योजनाएं हैं, चाहे आप रतलाम से हमारी डूंगरपुर बांसवाड़ा हो, राजस्थान में हिन्दुस्तान के आजाद होने के बाद जितना बजट नही मिला, उतना आपने अभी दिया है और पिछले बजट से 550 करोड़ इस रेल बजट में आपने राजस्थान को दिया है, चूंकि राजस्थान पर्यटन की दृष्टि से, चाहे हैरीटेज की दृष्टि से, चाहे हमारे सैंक्चुरी की दृष्टि से, और कई दृष्टि से राजस्थान एक ऐसा प्रदेश है, जो आगे बढ़ रहा है और पर्यटन के मामले में बहुत आगे है तो ऐसे में आपने रेलवे लाइन में बहुत पैसा दिया है तो आने वाले समय में भी हमने जिस प्रकार से जितनी रेल लाइनें मांगी हैं और कुछ आपने आशा केन्द्र बनाने का काम शुरू किया है, टूरिज्म सर्किट के नाम से, अजमेर को तो आपने उसमें शामिल कर लिया। अब उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और उज्जैन को आप एक टूरिज्म सर्किट के नाम से उसमें जोड़ने का काम करें, ताकि उस क्षेत्र के लोगों को उससे लाभ मिल सके।
एक अन्तिम बात कहकर मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। कल हमने शिव की आराधना कर ली, आज शक्ति की आराधना कर ली और आज प्रभु से और आदरणीय मनोज सिन्हा साहब से और पर्रिकर साहब से अन्तिम बार मैं कहता हूं कि नीमच से बड़ी सादड़ी और फिर मावली से हमारी राई मारवाड़ तक जोड़ दी जाये, ताकि एक बहुत बड़ा काम से वहां की जनता को एक राहत मिलेगी। यही बात कहकर मैं इस बजट पर सहमत हूं और इसका समर्थन करता हूं।
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श्री चन्द्र प्रकाश जोशी : महोदय, आपने मुझे इस महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का अवसर दिया, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूँ।... हिन्दुस्तान के यशस्वी प्रधान मंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आदरणीय सुरेश प्रभु जी और मनोज सिन्हा साहब ने जो जानदार और शानदार बजट पेश किया है, उसका मैं समर्थन करने के लिए खड़ा हुआ हूँ।... HON. CHAIRPERSON: The time is already over. श्री चन्द्र प्रकाश जोशी : कुछ लोग हैं, जो इस देश में चाहे तो स्क्रैप बेचकर बजट लाए होंगे या फिर इस देश के हजार फीट... कांति लाल जी यह भूल गए कि सारा बजट इनका पवन बंसल जी ले गए।...अभी तक जितने बजट पेश हुए, उसमें या तो स्क्रैप बेचकर बजट लाया गया या फिर कोई आधारभूत ढाँचे का निर्माण नहीं किया गया । हिन्दुस्तान आज़ाद होने के बाद यह पहला बजट होगा जिसमें न तो यात्री किराया बढ़ाया गया, न ही मालभाड़ा बढ़ाया गया, बल्कि आधारभूत संरचना में इतना काम किया गया जितना हिन्दुस्तान आज़ाद होने के बाद पहले कभी नहीं हुआ। मैंने भी अभी तक के इतिहास में चाहे डबलिंग हो या ट्रिपलिंग हो या इलैक्ट्रिफिकेशन करना हो, चाहे नई रेल लाईन डालनी हो या ब्रॉडगेज का निर्माण हो, इस प्रकार का काम मैंने भी पहले कभी नहीं देखा। आपने देखा होगा कि इस बजट में पहली बार चाहे आर.ओ.बी. और आर.यू.बी. हो, मैंने देखा कि पिछले दो वर्षों में जितने आर. ओ. बी. और आर.यू.बी. पिछले दो वर्षों में बने, पिछले साठ वर्ष इनकी सरकार रही लेकिन पहले कभी इतने आर.ओ. बी. या आर.यू.बी नहीं बने। चाहे रेलवे स्टेशनों के मॉडिफिकेशन का काम हो या स्वच्छता का काम हो, चाहे सिगनल लाइन का मॉडिफिकेशन का काम हो, चाहे लिफ्ट लगाने या एस्केलेटर लगाने का काम हो, इतना काम पहले कभी नहीं हुआ। मैं इतना ज़रूर कहना चाहता हूँ कि जिस प्रकार से माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने नेशनल हाईवेज़ बनाने की सोची थी, जिसकी पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने दो हज़ार एक में इसका निर्माण किया और दो हज़ार चार में इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया। वे इस देश की वर्तमान पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक उदाहरण पेश करके गए और ऐसा ही काम रेल मंत्रालय ने किया और वह काम अभी शुरू हुआ है। इस कार्यकाल में उस काम को भी अंजाम देने का काम यह सरकार कर रही है। मैं ज्यादा पुरानी बातों में नहीं जाना चाहता। मैं तो इतना ही कहना चाहता हूँ कि मेरे संसदीय क्षेत्र के अंदर एक रेलवे लाईन है जिसकी आज़ादी के बाद से ही माहोली बड़ी सादरी के निर्माण की मांग हो रही थी। इस सरकार ने न केवल उसकी स्वीकृति दी बल्कि दो माह में उस काम को पूरा करने का टैंडर भी दे दिया। वह काम कोई कर सकता है तो नरेन्द्र मोदी जी की सरकार कर सकती है। मैं इतना ज़रूर कहना चाहता हूँ कि आज रेल ऐसा साधन है कि जो पूरी दुनिया को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बाँधता है। उसमें आगरा से लेकर मगध और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लोग यात्रा करते हैं क्योंकि आम आदमी के लिए यात्रा करने का सबसे सस्ता साधन यदि कोई है तो वह रेलवे है। आज चाहे कश्मीर में, हमारी वादियों में रेल ले जाने का काम हो, चाहे पूर्व में त्रिपुरा में बड़ी लाईन ले जाने का काम हो, चाहे गुजरात के रेगिस्तान में रेल लाईन ले जाने का काम हो, यह काम अगर किसी ने शुरू किया तो एनडीए की सरकार और नरेन्द्र मोदी जी की सरकार में यह काम शुरू हुआ। मैं एक दो बातें और कहकर अपनी बात समाप्त करना चाहता हूँ। आपने मुझे यहाँ बोलने का अवसर दिया है तो मैं अपने संसदीय क्षेत्र की बात करना चाहता हूँ। मेरे संसदीय क्षेत्र में भी एक नहीं, अनेक काम ऐसे हुए हैं। अभी कांतिलाल जी बोल रहे थे कि इनकी सरकार में दो हज़ार आठ में अहमदाबाद से उदयपुर का काम शुरू हुआ और आठ सालों में इन्होंने सिर्फ अस्सी लाख दिये और हमारी सरकार ने सिर्फ एक साल में सवा तीन सौ करोड़ रुपये का बजट देकर उस काम को अंजाम तक पहुँचाने का काम किया है। छोटेमोटे काम तो इतने किये हैं कि उनकी कल्पना नहीं कर सकते। आदरणीय मनोहर पर्रिकर साहब चले गए। आपने माहोली से बड़ी सादरी आपने आमान परिवर्तन का कार्य कर दिया। मैं आदरणीय मनोज सिन्हा साहब से कहना चाहता हूँ कि मेरे संसदीय क्षेत्र का सिर्फ एक काम है जिसको मैं करने के लिए कहता हूँ। बड़ी सादरी से छोटी साजड़ी होकर नीमच और नीमच से जोधपुर कैन्ट, जो सेना की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण काम है, उसको पूरा कराने का मैं आपसे हाथ जोड़कर आग्रह करता हूँ। एक काम और है। जो हमारी बांद्रा गाड़ी जयपुर, अजमेर और उदयपुर से चलती है जो तीन दिन वहाँ से और तीन दिन यहाँ से चलती है, उसको रेगुलर चलाया जाए। साथ ही कुछ दिनों में लोग कभी अफ़ज़ल की बरसी मनाते हैं कभी मकबूल बट्ट की मनाते हैं। रेल में चूँकि राष्ट्रीय एकता का एकमात्र सूत्र दिखता है, देश भर के लोग उससे आते हैं, रेलवे स्टेशन पर या रेल के डिब्बों में हमारे शहीद, जिन्होंने इस देश की आज़ादी के लिए शहादत दी, ऐसे शहीदों के चित्र और उनकी जीवनी इसमें अंकित कराने का काम करें ताकि जो लोग दिग्भ्रमित हो गए हैं, उनको भी कुछ सद्बुद्धि आए। जिन लोगों ने भारतमाता के टुकड़े कराकर प्रधान मंत्री की कुर्सी हासिल की, उन लोगों को भी कोई सद्बुद्धि मिलेगी। सभापति जी, मैं एक और निवेदन करना चाहता हूँ। चूँकि मेरा संसदीय क्षेत्र बहुत बड़ा है, मेरे संसदीय क्षेत्र में तीन डीआरएम और तीन ज़ोन लगते हैं जबलपुर, जयपुर और मुम्बई । मैं चाहता हूँ कि मेरा जो चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र है, वह एक ही क्षेत्र में आ जाए, एक ही ज़ोन और एक डीआरएम ऑफिस वहाँ हो जाए ताकि सारी समस्याओं का समाधान वहाँ हो सके। मैं चाहता हूँ कि उज्जैन में बहुत बड़ा महाकुंभ भी हो रहा है। वहाँ ऐसी कई ट्रेनें लगाई जाएँ ताकि लोगों को सुविधा हो सके। साथ ही वहाँ बहुत बड़ी सीमेन्ट इंडस्ट्री भी है, मार्बल उद्योग भी है, वेदान्ता का हिन्दुस्तान ज़िन्क का बहुत बड़ा प्लान्ट भी है। वहां एक कंटेनर डिपो भी बनाया जाये, ताकि व्यावसायिक दृष्टि से भी वहां के लोगों को लाभ मिल सके। मैं इतना और निवेदन करना चाहता हूं कि आज उदयपुर में हो, चाहे चित्तौड़गढ़ में हो, सैकिण्ड एंट्री हो, चाहे अन्य काम हो, इन कामों को तो आपने किया ही। ... मैं एक मिनट में अपनी बात खत्म कर रहा हूं। मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि यह जितनी योजनाएं हैं, चाहे आप रतलाम से हमारी डूंगरपुर बांसवाड़ा हो, राजस्थान में हिन्दुस्तान के आजाद होने के बाद जितना बजट नही मिला, उतना आपने अभी दिया है और पिछले बजट से पाँच सौ पचास करोड़ इस रेल बजट में आपने राजस्थान को दिया है, चूंकि राजस्थान पर्यटन की दृष्टि से, चाहे हैरीटेज की दृष्टि से, चाहे हमारे सैंक्चुरी की दृष्टि से, और कई दृष्टि से राजस्थान एक ऐसा प्रदेश है, जो आगे बढ़ रहा है और पर्यटन के मामले में बहुत आगे है तो ऐसे में आपने रेलवे लाइन में बहुत पैसा दिया है तो आने वाले समय में भी हमने जिस प्रकार से जितनी रेल लाइनें मांगी हैं और कुछ आपने आशा केन्द्र बनाने का काम शुरू किया है, टूरिज्म सर्किट के नाम से, अजमेर को तो आपने उसमें शामिल कर लिया। अब उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और उज्जैन को आप एक टूरिज्म सर्किट के नाम से उसमें जोड़ने का काम करें, ताकि उस क्षेत्र के लोगों को उससे लाभ मिल सके। एक अन्तिम बात कहकर मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। कल हमने शिव की आराधना कर ली, आज शक्ति की आराधना कर ली और आज प्रभु से और आदरणीय मनोज सिन्हा साहब से और पर्रिकर साहब से अन्तिम बार मैं कहता हूं कि नीमच से बड़ी सादड़ी और फिर मावली से हमारी राई मारवाड़ तक जोड़ दी जाये, ताकि एक बहुत बड़ा काम से वहां की जनता को एक राहत मिलेगी। यही बात कहकर मैं इस बजट पर सहमत हूं और इसका समर्थन करता हूं।
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काजल अग्रवाल के कपड़ो ने दिया फिर से एक बार धोखा, उनकी स्कर्ट जब खुली ....
बॉलीवुड एक्ट्रेस कही भी जाती हैं तो अपनी खूबसूरती को दिखाने के लिए वह बेहतरीन ड्रेसिंग किया करती हैं, लेकिन कभी उनके कपडे उन्हें धोखा भी दे देते हैं। आपने काफी बार बॉलीवुड की एक्ट्रेस ऊप्स मोमेंट का शिकार हुई हो। आज हम एक ऐसी एक्ट्रेस के बारे मे बात कर रहे हैं जो कि काफी बार अपनी ड्रेसिंग को लेकर चर्चाओं मे विषय बनाई हैं। जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे हैं काजल अग्रवाल की जो आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। कई बार सेलेब्स भी किसी पब्लिक प्लेस पर जाने से पहले ऐसी ड्रेस पहन लेते हैं कि वो ही उनकी मुसीबत के तौर पर सामने आ जाती है। काजल अग्रवाल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वो भी एक बार नहीं अनेक बार। तो आज हम आप को काजल की उन मौके की तस्वीरें दिखाएंगे जिन्हे देखने के बाद काजल खुद शर्म के मारे लाल हो जाएगी ।
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काजल अग्रवाल के कपड़ो ने दिया फिर से एक बार धोखा, उनकी स्कर्ट जब खुली .... बॉलीवुड एक्ट्रेस कही भी जाती हैं तो अपनी खूबसूरती को दिखाने के लिए वह बेहतरीन ड्रेसिंग किया करती हैं, लेकिन कभी उनके कपडे उन्हें धोखा भी दे देते हैं। आपने काफी बार बॉलीवुड की एक्ट्रेस ऊप्स मोमेंट का शिकार हुई हो। आज हम एक ऐसी एक्ट्रेस के बारे मे बात कर रहे हैं जो कि काफी बार अपनी ड्रेसिंग को लेकर चर्चाओं मे विषय बनाई हैं। जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे हैं काजल अग्रवाल की जो आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। कई बार सेलेब्स भी किसी पब्लिक प्लेस पर जाने से पहले ऐसी ड्रेस पहन लेते हैं कि वो ही उनकी मुसीबत के तौर पर सामने आ जाती है। काजल अग्रवाल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वो भी एक बार नहीं अनेक बार। तो आज हम आप को काजल की उन मौके की तस्वीरें दिखाएंगे जिन्हे देखने के बाद काजल खुद शर्म के मारे लाल हो जाएगी ।
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यूक्रेन के सैन्य बलों ने एक बार फिर एनरगोडार शहर पर गोलीबारी की, जिसमें एक स्थानीय निवासी की मौत हो गई। शहर के सैन्य-नागरिक प्रशासन ने अपने टीजी चैनल में इसकी सूचना दी।
क्षेत्रीय सीएए के एक सदस्य व्लादिमीर रोगोव के अनुसार, यूक्रेन के सशस्त्र बलों की गोलाबारी के परिणामस्वरूप, एक स्थानीय निवासी घर के आंगन में अपने कुत्ते को टहलाते हुए मारा गया, एक लड़की को भी छर्रे घाव मिले, उसे ले जाया गया Energodar में एक चिकित्सा सुविधा के लिए, जहां उसका इलाज किया गया। इसके अलावा, Zaporizhzhya थर्मल पावर प्लांट के क्षेत्र में एक तोपखाने की हड़ताल गिर गई, वहां घास में आग लग गई, और फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया।
रोगोव ने कहा।
यूक्रेनी राष्ट्रवादियों ने शहर के क्षेत्र में स्थित Zaporizhzhya परमाणु ऊर्जा संयंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हुए, Energodar पर गहरी स्थिरता के साथ हमला किया। लगातार गोलाबारी के कारण स्टेशन प्रबंधन ने रूसी सेना की ओर रुख किया, जिसके बाद स्टेशन क्षेत्र में वायु रक्षा को मजबूत किया गया। हालांकि, इसने कीव को नहीं रोका, अब यूक्रेन के सशस्त्र बल शहर के ज़ापोरोज़े टीपीपी और आवासीय क्षेत्रों में हड़ताल कर रहे हैं। दूसरा लक्ष्य काखोवस्काया एचपीपी है, जो परमाणु ऊर्जा संयंत्र रिएक्टरों के लिए शीतलन प्रणाली के संचालन को सुनिश्चित करता है।
जैसा कि पहले ही बताया गया है, हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन के बांध को नुकसान होने के कारण, एक टर्बाइन को बंद करना पड़ा, हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन पूर्व-आपातकालीन स्थिति में चल रहा है।
इस बीच, कीव में, उन्होंने कहा कि रूसी सेना द्वारा Energodar पर गोली चलाई गई थी, यूक्रेन के सशस्त्र बलों का इससे कोई लेना-देना नहीं था, और रूसियों ने खुद यूक्रेन को दोष देने के लिए HIMARS MLRS गोला-बारूद से टुकड़े बिखेर दिए।
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यूक्रेन के सैन्य बलों ने एक बार फिर एनरगोडार शहर पर गोलीबारी की, जिसमें एक स्थानीय निवासी की मौत हो गई। शहर के सैन्य-नागरिक प्रशासन ने अपने टीजी चैनल में इसकी सूचना दी। क्षेत्रीय सीएए के एक सदस्य व्लादिमीर रोगोव के अनुसार, यूक्रेन के सशस्त्र बलों की गोलाबारी के परिणामस्वरूप, एक स्थानीय निवासी घर के आंगन में अपने कुत्ते को टहलाते हुए मारा गया, एक लड़की को भी छर्रे घाव मिले, उसे ले जाया गया Energodar में एक चिकित्सा सुविधा के लिए, जहां उसका इलाज किया गया। इसके अलावा, Zaporizhzhya थर्मल पावर प्लांट के क्षेत्र में एक तोपखाने की हड़ताल गिर गई, वहां घास में आग लग गई, और फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया। रोगोव ने कहा। यूक्रेनी राष्ट्रवादियों ने शहर के क्षेत्र में स्थित Zaporizhzhya परमाणु ऊर्जा संयंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हुए, Energodar पर गहरी स्थिरता के साथ हमला किया। लगातार गोलाबारी के कारण स्टेशन प्रबंधन ने रूसी सेना की ओर रुख किया, जिसके बाद स्टेशन क्षेत्र में वायु रक्षा को मजबूत किया गया। हालांकि, इसने कीव को नहीं रोका, अब यूक्रेन के सशस्त्र बल शहर के ज़ापोरोज़े टीपीपी और आवासीय क्षेत्रों में हड़ताल कर रहे हैं। दूसरा लक्ष्य काखोवस्काया एचपीपी है, जो परमाणु ऊर्जा संयंत्र रिएक्टरों के लिए शीतलन प्रणाली के संचालन को सुनिश्चित करता है। जैसा कि पहले ही बताया गया है, हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन के बांध को नुकसान होने के कारण, एक टर्बाइन को बंद करना पड़ा, हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन पूर्व-आपातकालीन स्थिति में चल रहा है। इस बीच, कीव में, उन्होंने कहा कि रूसी सेना द्वारा Energodar पर गोली चलाई गई थी, यूक्रेन के सशस्त्र बलों का इससे कोई लेना-देना नहीं था, और रूसियों ने खुद यूक्रेन को दोष देने के लिए HIMARS MLRS गोला-बारूद से टुकड़े बिखेर दिए।
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(तस्वीरों के साथ)
श्रीनगर, 23 मई (भाषा) पाकिस्तान को अपने लोगों पर ध्यान देने की नसीहत देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. के. रेड्डी ने मंगलवार को यहां पुरजोर शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और पड़ोसी देश को इस बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है।
रेड्डी ने कहा कि पाकिस्तान संकट से जूझ रहा है और उसे अपनी परेशानी पर ध्यान देना चाहिए। रेड्डी यहां शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में जी20 देशों की पर्यटन पर कार्यकारी समूह की तीसरी बैठक से इतर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
रेड्डी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग खुश हैं और केंद्र उनके लिए सब कुछ कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र के कदमों की चर्चा करते हुए रेड्डी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे लोकप्रिय पर्यटन राज्यों में निवेश पर चर्चा के लिए भारत एक पर्यटन सम्मेलन आयोजित करेगा।
रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार चाहती है कि दुनिया भर से लोग यहां आएं और पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए निवेश करें।
उन्होंने यहां आयोजित जी20 बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि सभी राज्यों की राजधानियों में ऐसी बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में 56 शहरों में 250 बैठकें होंगी।
मंत्री ने कहा, 'इस बैठक को श्रीनगर में आयोजित करने का फैसला किया गया था, जो एक ऐतिहासिक शहर है। हालांकि, कुछ सावधानियां बरतनी पड़ीं क्योंकि कई साल बाद यहां ऐसा आयोजन हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में कई घटनाएं हुई हैं, जम्मू-कश्मीर में विभिन्न समस्याएं थीं, लेकिन अब यहां का माहौल बहुत अच्छा है।
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती की इस टिप्पणी पर कि भाजपा ने जी20 बैठक पर "कब्जा जमा लिया है", रेड्डी ने कहा कि कुछ विपक्षी दल केंद्र शासित प्रदेश में शांति नहीं चाहते।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोई भी जम्मू-कश्मीर को शेष भारत से अलग नहीं कर सकता। उन्होंने विपक्षी दलों पर केंद्रशासित प्रदेश के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया।
यह खबर 'भाषा' न्यूज़ एजेंसी से 'ऑटो-फीड' द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
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श्रीनगर, तेईस मई पाकिस्तान को अपने लोगों पर ध्यान देने की नसीहत देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. के. रेड्डी ने मंगलवार को यहां पुरजोर शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और पड़ोसी देश को इस बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है। रेड्डी ने कहा कि पाकिस्तान संकट से जूझ रहा है और उसे अपनी परेशानी पर ध्यान देना चाहिए। रेड्डी यहां शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में जीबीस देशों की पर्यटन पर कार्यकारी समूह की तीसरी बैठक से इतर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। रेड्डी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग खुश हैं और केंद्र उनके लिए सब कुछ कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र के कदमों की चर्चा करते हुए रेड्डी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे लोकप्रिय पर्यटन राज्यों में निवेश पर चर्चा के लिए भारत एक पर्यटन सम्मेलन आयोजित करेगा। रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार चाहती है कि दुनिया भर से लोग यहां आएं और पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए निवेश करें। उन्होंने यहां आयोजित जीबीस बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि सभी राज्यों की राजधानियों में ऐसी बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में छप्पन शहरों में दो सौ पचास बैठकें होंगी। मंत्री ने कहा, 'इस बैठक को श्रीनगर में आयोजित करने का फैसला किया गया था, जो एक ऐतिहासिक शहर है। हालांकि, कुछ सावधानियां बरतनी पड़ीं क्योंकि कई साल बाद यहां ऐसा आयोजन हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में कई घटनाएं हुई हैं, जम्मू-कश्मीर में विभिन्न समस्याएं थीं, लेकिन अब यहां का माहौल बहुत अच्छा है। पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की इस टिप्पणी पर कि भाजपा ने जीबीस बैठक पर "कब्जा जमा लिया है", रेड्डी ने कहा कि कुछ विपक्षी दल केंद्र शासित प्रदेश में शांति नहीं चाहते। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोई भी जम्मू-कश्मीर को शेष भारत से अलग नहीं कर सकता। उन्होंने विपक्षी दलों पर केंद्रशासित प्रदेश के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया। यह खबर 'भाषा' न्यूज़ एजेंसी से 'ऑटो-फीड' द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
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इस बार नीरज चोपड़ा के रचे इतिहास का ठीकाना ज्यूरिख बना है और गवाह डायमंड लीग. नीरज चोपड़ा ने यहां अपना भाला गोल्ड पर फेंका.
नीरज चोपड़ा कहें या भारत का सबसे बड़ा एथलीट. अब ये मान लेने में भी गुरेज नहीं है. क्योंकि, वर्ल्ड जैवलिन के हर इवेंट में बस वही तो छाए हैं. दिन, महीन, साल बीत रहे हैं, इवेंट बदल रहे हैं, लेकिन विजेता अगर कोई बन रहा है तो वो हैं नीरज चोपड़ा. बेशक, नीरज 90 मीटर की दूरी को अपने भाले से अभी भी नहीं नाप सके हैं, लेकिन, जरा सोचिए जब उसके बगैर ही गोल्ड मेडल उनका हो रहा है तो फिर जिस दिन वो 90 मीटर का फासला तय कर लेंगे, उस दिन क्या होगा?
खैर, अभी हर हिंदुस्तानी को झुमा देने वाली खबर ये है कि नीरज चोपड़ा ने एक और इतिहास रच दिया है. इस बार इतिहास रचने का ठीकाना ज्यूरिख बना है और गवाह डायमंड लीग. नीरज चोपड़ा ने यहां अपना भाला गोल्ड पर फेंका. हालांकि ये गोल्डन जीत दर्ज करना उनके लिए आसान नहीं था. आईए एक नजर डालते हैं इस जीत से जुड़ी उनकी 5 बड़ी बातों पर.
- नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं. उन्होंने जैवलिन के फाइनल इवेंट में 88.44 मीटर भाला फेंका और गोल्ड मेडल पर कब्जा किया.
- नीरज चोपड़ा ने इस साल यानी 2022 में अब तक 6 इवेंट में हिस्सा लिया है और हरेक में मेडल जीते हैं. बड़ी बात ये है कि 5 इवेंट में उनके नाम गोल्ड रहे. जबकि एक वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता.
- नीरज चोपड़ा के साथ डायमंड लीग के फाइनल में कुल 6 थ्रोअर भाग ले रहे थे और उनमें से हरेक का सीजन बेस्ट प्रदर्शन उनका पर्सनल बेस्ट भी था. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नीरज चोपड़ा के लिए डायमंड लीग जीतने का चैलेंज कितना मुश्किल था.
- नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग पर कब्जा तब किया जब उनका पहला थ्रो फाउल चला गया था. पहले थ्रो के बाद उनके प्रतिद्वन्दी जैकब ने 84.15 मीटर दूर भाला फेंक बढ़त बना ली थी. लेकिन, नीरज चोपड़ा ने इस दबाव को बखूबी झेला और अपने दूसरे थ्रो से गोल्ड जीतने में कामयाब रहे.
- नीरज चोपड़ा की जीत में खास बात ये रही कि उन्होंने पहला थ्रो फाउल जाने के बाद भी तीन थ्रो ऐसे फेंके, जो बाकी के 5 एथलीटों से बेहतर रहे. यानी, कोई भी थ्रोअर डायमंड लीग के फाइनल में नीरज चोपड़ा के आसपास भी नहीं दिखा.
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इस बार नीरज चोपड़ा के रचे इतिहास का ठीकाना ज्यूरिख बना है और गवाह डायमंड लीग. नीरज चोपड़ा ने यहां अपना भाला गोल्ड पर फेंका. नीरज चोपड़ा कहें या भारत का सबसे बड़ा एथलीट. अब ये मान लेने में भी गुरेज नहीं है. क्योंकि, वर्ल्ड जैवलिन के हर इवेंट में बस वही तो छाए हैं. दिन, महीन, साल बीत रहे हैं, इवेंट बदल रहे हैं, लेकिन विजेता अगर कोई बन रहा है तो वो हैं नीरज चोपड़ा. बेशक, नीरज नब्बे मीटर की दूरी को अपने भाले से अभी भी नहीं नाप सके हैं, लेकिन, जरा सोचिए जब उसके बगैर ही गोल्ड मेडल उनका हो रहा है तो फिर जिस दिन वो नब्बे मीटर का फासला तय कर लेंगे, उस दिन क्या होगा? खैर, अभी हर हिंदुस्तानी को झुमा देने वाली खबर ये है कि नीरज चोपड़ा ने एक और इतिहास रच दिया है. इस बार इतिहास रचने का ठीकाना ज्यूरिख बना है और गवाह डायमंड लीग. नीरज चोपड़ा ने यहां अपना भाला गोल्ड पर फेंका. हालांकि ये गोल्डन जीत दर्ज करना उनके लिए आसान नहीं था. आईए एक नजर डालते हैं इस जीत से जुड़ी उनकी पाँच बड़ी बातों पर. - नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं. उन्होंने जैवलिन के फाइनल इवेंट में अठासी दशमलव चौंतालीस मीटर भाला फेंका और गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. - नीरज चोपड़ा ने इस साल यानी दो हज़ार बाईस में अब तक छः इवेंट में हिस्सा लिया है और हरेक में मेडल जीते हैं. बड़ी बात ये है कि पाँच इवेंट में उनके नाम गोल्ड रहे. जबकि एक वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता. - नीरज चोपड़ा के साथ डायमंड लीग के फाइनल में कुल छः थ्रोअर भाग ले रहे थे और उनमें से हरेक का सीजन बेस्ट प्रदर्शन उनका पर्सनल बेस्ट भी था. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नीरज चोपड़ा के लिए डायमंड लीग जीतने का चैलेंज कितना मुश्किल था. - नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग पर कब्जा तब किया जब उनका पहला थ्रो फाउल चला गया था. पहले थ्रो के बाद उनके प्रतिद्वन्दी जैकब ने चौरासी दशमलव पंद्रह मीटर दूर भाला फेंक बढ़त बना ली थी. लेकिन, नीरज चोपड़ा ने इस दबाव को बखूबी झेला और अपने दूसरे थ्रो से गोल्ड जीतने में कामयाब रहे. - नीरज चोपड़ा की जीत में खास बात ये रही कि उन्होंने पहला थ्रो फाउल जाने के बाद भी तीन थ्रो ऐसे फेंके, जो बाकी के पाँच एथलीटों से बेहतर रहे. यानी, कोई भी थ्रोअर डायमंड लीग के फाइनल में नीरज चोपड़ा के आसपास भी नहीं दिखा.
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बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा आयुष्मान खुराना की 'डॉक्टर जी' का पहला दिन?
आयुष्मान खुराना की कैंपस कॉमेडी ड्रामा फिल्म 'डॉक्टर जी' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक का मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म में आयुष्मान एक पुरुष गाइनोकॉलजिस्ट का किरदार निभा रहे हैं।
फिल्म के पहले दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन सामने आ चुका है। बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 'डॉक्टर जी' ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 3 से 3. 5 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है।
सुबह के शोज में 'डॉक्टर जी' को दर्शक थोड़े कम मिले, लेकिन धीरे-धीरे इस फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिलना शुरू हो गया था। कहा जा रहा है कि वीकेंड पर दर्शकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म की टक्कर साउथ की हिट फिल्म 'कांतारा' और परिणीति चोपड़ा की 'कोड नेम तिरंगा' से हो रही है।
फिल्म 'डॉक्टर जी' में आयुष्मान खुराना के साथ रकुल प्रीत सिंह और शेफाली शाह अहम किरदार में हैं। इस फिल्म को अनुभूति कश्यप ने निर्देशित किया है।
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बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा आयुष्मान खुराना की 'डॉक्टर जी' का पहला दिन? आयुष्मान खुराना की कैंपस कॉमेडी ड्रामा फिल्म 'डॉक्टर जी' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक का मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म में आयुष्मान एक पुरुष गाइनोकॉलजिस्ट का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के पहले दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन सामने आ चुका है। बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 'डॉक्टर जी' ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर तीन से तीन. पाँच करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है। सुबह के शोज में 'डॉक्टर जी' को दर्शक थोड़े कम मिले, लेकिन धीरे-धीरे इस फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिलना शुरू हो गया था। कहा जा रहा है कि वीकेंड पर दर्शकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म की टक्कर साउथ की हिट फिल्म 'कांतारा' और परिणीति चोपड़ा की 'कोड नेम तिरंगा' से हो रही है। फिल्म 'डॉक्टर जी' में आयुष्मान खुराना के साथ रकुल प्रीत सिंह और शेफाली शाह अहम किरदार में हैं। इस फिल्म को अनुभूति कश्यप ने निर्देशित किया है।
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गर्मी का यह मौसम आम के लिए जाना जाता है। आम के शौकीन लोगों के लिए रोजाना आम से बनी डिशेज बनाई जाती हैं. ऐसे में आज हम आपके लिए गुजराती आम की कढ़ी बनाने की विधि लेकर आए हैं, जो खट्टा-मीठा स्वाद देगी. इसका अनोखा अंदाज आपको पसंद आएगा और इसका स्वाद आपको अपनी उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देगा।
- 1 टुकड़ा अदरक (कद्दूकस किया हुआ)
- 2 हरी मिर्च (कटी हुई)
बनाने की विधिः
एक बाउल में बेसन, अदरक, हरी मिर्च और दही डालकर अच्छी तरह फेंट लें।
एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें मेथी दाना, राई, जीरा, साबुत लाल मिर्च, करी पत्ता और हींग डालें। हल्दी पाउडर डालकर भूनें।
दही-बेसन का मिश्रण, आम का गूदा, नमक और 3 कप पानी डालकर धीमी आंच पर 20-25 मिनट तक पकाएं.
गरमा गरम मैंगो कढ़ी को चावल के साथ परोसिये.
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गर्मी का यह मौसम आम के लिए जाना जाता है। आम के शौकीन लोगों के लिए रोजाना आम से बनी डिशेज बनाई जाती हैं. ऐसे में आज हम आपके लिए गुजराती आम की कढ़ी बनाने की विधि लेकर आए हैं, जो खट्टा-मीठा स्वाद देगी. इसका अनोखा अंदाज आपको पसंद आएगा और इसका स्वाद आपको अपनी उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देगा। - एक टुकड़ा अदरक - दो हरी मिर्च बनाने की विधिः एक बाउल में बेसन, अदरक, हरी मिर्च और दही डालकर अच्छी तरह फेंट लें। एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें मेथी दाना, राई, जीरा, साबुत लाल मिर्च, करी पत्ता और हींग डालें। हल्दी पाउडर डालकर भूनें। दही-बेसन का मिश्रण, आम का गूदा, नमक और तीन कप पानी डालकर धीमी आंच पर बीस-पच्चीस मिनट तक पकाएं. गरमा गरम मैंगो कढ़ी को चावल के साथ परोसिये.
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लागत वृद्धि के कारण, 1 अप्रैल से बर्सा में सार्वजनिक परिवहन की कीमतों में वृद्धि की गई है। जबकि मासिक छात्र सदस्यता कार्ड की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था, जिसे जनवरी में 90 लीरा से घटाकर 70 लीरा कर दिया गया था, नए विनियमन के बावजूद, तुर्की के शीर्ष 6 शहरों में सबसे किफायती सार्वजनिक परिवहन शुल्क बर्सा में लागू होता है।
हाल के महीनों में अनुभव की गई लागत में वृद्धि के कारण बर्सा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका परिवहन समन्वय केंद्र ने सार्वजनिक परिवहन शुल्क में व्यवस्था की है। टैरिफ के अनुसार, जो 1 अप्रैल, 2022 तक मान्य होगा, परिवहन शुल्क पर मूल्य वृद्धि लागू की गई थी, जो लाइन की लंबाई के आधार पर 17 प्रतिशत से 36 प्रतिशत के बीच भिन्न थी। तदनुसार, मेट्रो में फुल बोर्डिंग 4,20 TL से बढ़कर 5,25 TL, छूट के साथ 3,60 TL से 4,50 TL और छात्रों के लिए 1,80 TL से बढ़कर 2,25 TL हो गई। बस शॉर्ट लाइन 4,70 TL से बढ़कर 5,50 TL हो गई, और लंबी लाइन 5,30 TL से बढ़कर 6,25 TL हो गई।
इस साल की शुरुआत में बनाए गए नियम के साथ, मासिक छात्र सदस्यता कार्ड की कीमत, जो कि 90 लीरा थी, को घटाकर 70 लीरा कर दिया गया, जबकि नए नियम में मासिक छात्र सदस्यता कार्ड की कीमत नहीं बदली गई। इस प्रकार, तुर्की में सबसे सस्ता छात्र सदस्यता कार्ड आवेदन बर्सा में जारी रहा। छात्र सदस्यता, वीजा शुल्क और खाली बर्सा कार्ड शुल्क स्थिर रखा गया था। इस वर्ष की शुरुआत से लागू की गई वृद्धि की दर को कुल वार्षिक मुद्रास्फीति के आंकड़े से नीचे रखा गया है।
इस नई व्यवस्था के बावजूद, तुर्की के पहले 6 बड़े शहरों में सबसे किफायती सार्वजनिक परिवहन शुल्क बर्सा में लगाया जाता है। मेट्रो का पूरा टिकट मूल्य, जो अंकारा और इज़मिर में 6.50 TL, अंताल्या में 6,70 TL, अदाना में 5.50 TL और इस्तांबुल में 5,48 TL था, बर्सा में नए नियमन के साथ 5,25 TL हो गया।
इस दौरान शहर के मिनीबस और मिनीबस के टैरिफ में व्यवस्था की गई। तदनुसार, डोलमस लंबी लाइन, जो 5.25 TL थी, बढ़कर 7 TL हो गई, शॉर्ट लाइन और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ, जो 5 TL थी, बढ़कर 6,50 TL हो गई।
सिटी सेंटर पूर्वी मिनीबस लाइन फीस की व्यवस्था के साथ, पूर्ण बोर्डिंग दर, जो कि 5 TL है, 6,50 TL हो गई, और छात्र बोर्डिंग, जो कि 3,75 TL थी, 4.75 TL हो गई। उत्तरी मिनी बसों में, 4.75 TL से 6.25 TL तक पूर्ण बोर्डिंग, और 3.50 से 4,50 TL तक छात्र बोर्डिंग।
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लागत वृद्धि के कारण, एक अप्रैल से बर्सा में सार्वजनिक परिवहन की कीमतों में वृद्धि की गई है। जबकि मासिक छात्र सदस्यता कार्ड की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था, जिसे जनवरी में नब्बे लीटररा से घटाकर सत्तर लीटररा कर दिया गया था, नए विनियमन के बावजूद, तुर्की के शीर्ष छः शहरों में सबसे किफायती सार्वजनिक परिवहन शुल्क बर्सा में लागू होता है। हाल के महीनों में अनुभव की गई लागत में वृद्धि के कारण बर्सा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका परिवहन समन्वय केंद्र ने सार्वजनिक परिवहन शुल्क में व्यवस्था की है। टैरिफ के अनुसार, जो एक अप्रैल, दो हज़ार बाईस तक मान्य होगा, परिवहन शुल्क पर मूल्य वृद्धि लागू की गई थी, जो लाइन की लंबाई के आधार पर सत्रह प्रतिशत से छत्तीस प्रतिशत के बीच भिन्न थी। तदनुसार, मेट्रो में फुल बोर्डिंग चार,बीस TL से बढ़कर पाँच,पच्चीस TL, छूट के साथ तीन,साठ TL से चार,पचास TL और छात्रों के लिए एक,अस्सी TL से बढ़कर दो,पच्चीस TL हो गई। बस शॉर्ट लाइन चार,सत्तर TL से बढ़कर पाँच,पचास TL हो गई, और लंबी लाइन पाँच,तीस TL से बढ़कर छः,पच्चीस TL हो गई। इस साल की शुरुआत में बनाए गए नियम के साथ, मासिक छात्र सदस्यता कार्ड की कीमत, जो कि नब्बे लीटररा थी, को घटाकर सत्तर लीटररा कर दिया गया, जबकि नए नियम में मासिक छात्र सदस्यता कार्ड की कीमत नहीं बदली गई। इस प्रकार, तुर्की में सबसे सस्ता छात्र सदस्यता कार्ड आवेदन बर्सा में जारी रहा। छात्र सदस्यता, वीजा शुल्क और खाली बर्सा कार्ड शुल्क स्थिर रखा गया था। इस वर्ष की शुरुआत से लागू की गई वृद्धि की दर को कुल वार्षिक मुद्रास्फीति के आंकड़े से नीचे रखा गया है। इस नई व्यवस्था के बावजूद, तुर्की के पहले छः बड़े शहरों में सबसे किफायती सार्वजनिक परिवहन शुल्क बर्सा में लगाया जाता है। मेट्रो का पूरा टिकट मूल्य, जो अंकारा और इज़मिर में छः.पचास TL, अंताल्या में छः,सत्तर TL, अदाना में पाँच.पचास TL और इस्तांबुल में पाँच,अड़तालीस TL था, बर्सा में नए नियमन के साथ पाँच,पच्चीस TL हो गया। इस दौरान शहर के मिनीबस और मिनीबस के टैरिफ में व्यवस्था की गई। तदनुसार, डोलमस लंबी लाइन, जो पाँच.पच्चीस TL थी, बढ़कर सात TL हो गई, शॉर्ट लाइन और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ, जो पाँच TL थी, बढ़कर छः,पचास TL हो गई। सिटी सेंटर पूर्वी मिनीबस लाइन फीस की व्यवस्था के साथ, पूर्ण बोर्डिंग दर, जो कि पाँच TL है, छः,पचास TL हो गई, और छात्र बोर्डिंग, जो कि तीन,पचहत्तर TL थी, चार.पचहत्तर TL हो गई। उत्तरी मिनी बसों में, चार.पचहत्तर TL से छः.पच्चीस TL तक पूर्ण बोर्डिंग, और तीन.पचास से चार,पचास TL तक छात्र बोर्डिंग।
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Bigg Boss 13: Shenaz Gill की शक्ल भी नहीं देखना चाहते हैं Paras Chhabra, तिलमिला कर कहा- 'भाड़ में जा... '
बिग बॉस 13 (Bigg Boss 13) धीरे-धीरे अपने वीकेंड की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में सलमान खान के आने से पहले घर में काफी उथल पुछल देखने को मिल रही है। जैसा कि, बीते एपिसोड में आपने देखा कि, क्वीन टास्क के दौरान सभी सदस्य की असलियत दिखने लग गई थी। यही वजह है कि, घरवाले आपस में ही एक दूसरे को खरी खोटी सुनाते नजर आए थे। इन सदस्यों में से एक नाम था पारस छाबड़ा जो कि, इस सीजन के मास्टरमाइंड के तौर पर उभर कर सामने आए हैं।
क्वीन टास्क और नॉमिनेशन के दौरान पारस का एक अलग ही रुप देखने को मिला था, जिसके बाद हर कोई काफी हैरान नजर आया था। टास्क के दौरान पारस काफी प्लॉनिंग और प्लॉटिंग करते दिखे थे। इसी चक्कर में पारस और शेहनाज गिल की दोस्ती टूट चुकी है।
(इसे भी पढ़े-Bigg Boss 13: क्वीन बनने के चक्कर में दिखा हसीनाओं का विकराल रुप, एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप)
वह बात अलग है कि, भले ही पारस खुद को काफी शातिर समझ रहे हो लेकिन अब घरवालों को पारस की असलियत समझ आ चुकी है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि बिग बॉस 13 के नए प्रोमो में इस बात का खुलासा कर दिया गया है।
बिग बॉस 13 के प्रोमो में पारस की चाल उन पर ही उल्टी पड़ती दिखाई दे रही है क्योंकि, ज्यादातर लड़कियों ने पारस छाबड़ा को ही ब्लैक रिंग दे दी है। आरती सिंह, शेहनाज गिल ने पारस को ब्लैक रिंग के लिए चुना है।
(इसे भी पढ़े-Bigg Boss 13 highlights : इस हसीना के सिर सजा क्वीन का ताज, पारस संग रिश्ता टूटते देखकर तिलमिलाई Shehnaz Gill)
जिसके बाद पारस छाबड़ा प्रोमो में शेहनाज गिल भड़कते नजर आ रहे हैं। पारस शेहनाज से कहते नजर आ रहे है कि, तू भाड़ में जा... अगर मैं किसी के साथ बैठ जाता हूं तो तू चिढ़ जाती है।
बिग बॉस 13 का प्रोमो देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि, इस बार एक टास्क की वजह से पारस छाबड़ा और शेहनाज गिल के बीच का रिश्ता लगभग खत्म हो गया है। इसके अलावा बाकी लोगों को भी पारस का गेम अब समझ में आने लग गया है। ऐसे में आगामी एपिसोड काफी दिलचस्प होने वाला है। बहरहाल, आप बिग बॉस 13 का आगामी एपिसोड देखने के लिए कितने उत्सुक हैं कमेंट करके बताएं।
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Bigg Boss तेरह: Shenaz Gill की शक्ल भी नहीं देखना चाहते हैं Paras Chhabra, तिलमिला कर कहा- 'भाड़ में जा... ' बिग बॉस तेरह धीरे-धीरे अपने वीकेंड की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में सलमान खान के आने से पहले घर में काफी उथल पुछल देखने को मिल रही है। जैसा कि, बीते एपिसोड में आपने देखा कि, क्वीन टास्क के दौरान सभी सदस्य की असलियत दिखने लग गई थी। यही वजह है कि, घरवाले आपस में ही एक दूसरे को खरी खोटी सुनाते नजर आए थे। इन सदस्यों में से एक नाम था पारस छाबड़ा जो कि, इस सीजन के मास्टरमाइंड के तौर पर उभर कर सामने आए हैं। क्वीन टास्क और नॉमिनेशन के दौरान पारस का एक अलग ही रुप देखने को मिला था, जिसके बाद हर कोई काफी हैरान नजर आया था। टास्क के दौरान पारस काफी प्लॉनिंग और प्लॉटिंग करते दिखे थे। इसी चक्कर में पारस और शेहनाज गिल की दोस्ती टूट चुकी है। वह बात अलग है कि, भले ही पारस खुद को काफी शातिर समझ रहे हो लेकिन अब घरवालों को पारस की असलियत समझ आ चुकी है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि बिग बॉस तेरह के नए प्रोमो में इस बात का खुलासा कर दिया गया है। बिग बॉस तेरह के प्रोमो में पारस की चाल उन पर ही उल्टी पड़ती दिखाई दे रही है क्योंकि, ज्यादातर लड़कियों ने पारस छाबड़ा को ही ब्लैक रिंग दे दी है। आरती सिंह, शेहनाज गिल ने पारस को ब्लैक रिंग के लिए चुना है। जिसके बाद पारस छाबड़ा प्रोमो में शेहनाज गिल भड़कते नजर आ रहे हैं। पारस शेहनाज से कहते नजर आ रहे है कि, तू भाड़ में जा... अगर मैं किसी के साथ बैठ जाता हूं तो तू चिढ़ जाती है। बिग बॉस तेरह का प्रोमो देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि, इस बार एक टास्क की वजह से पारस छाबड़ा और शेहनाज गिल के बीच का रिश्ता लगभग खत्म हो गया है। इसके अलावा बाकी लोगों को भी पारस का गेम अब समझ में आने लग गया है। ऐसे में आगामी एपिसोड काफी दिलचस्प होने वाला है। बहरहाल, आप बिग बॉस तेरह का आगामी एपिसोड देखने के लिए कितने उत्सुक हैं कमेंट करके बताएं। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
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सुलतानपुर (उप्र) 14 फरवरी : सुलतानपुर की एक अदालत ने एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के जुर्म में दो सगे भाइयों को तथा उन दोनों का साथ देने के लिए उनके पिता को कड़ी सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट/एडीजे तृतीय) अभय श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी सगे भाइयों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी और उनपर 90,000-90,000 रुपये का जुर्माना लगाया. अदालत ने इन दोनों को अपराध के बाद भगाने में सहयोग करने के जुर्म में उनके पिता को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी एवं उसपर 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया . विशेष लोक अभियोजक अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि पीपरपुर थाना क्षेत्र में नेवढ़िया गांव के जितेंद्र शुक्ला के खिलाफ इसी थाना क्षेत्र के रहने वाले अभियोगी ने 24 मार्च 2015 की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था.
पीड़िता ने बताया कि जितेंद्र शुक्ला एव उसके भाई हरि प्रकाश शुक्ला ने उसे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया एवं आरोपी पिता सियाराम शुक्ला ने अपने आरोपी बेटों का घटना में सहयोग किया. पिता-पुत्रों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म एवं पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल की. अदालत ने अपराध के बाद दोनों ही अभियुक्तों को भगाने में सहयोग करने के अपराध में उनके पिता को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी एवं उसपर 10 हजार रूपये काजुर्माना लगाया. अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़ित पक्ष को देने का आदेश पारित किया .
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सुलतानपुर चौदह फरवरी : सुलतानपुर की एक अदालत ने एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के जुर्म में दो सगे भाइयों को तथा उन दोनों का साथ देने के लिए उनके पिता को कड़ी सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी सगे भाइयों को बीस-बीस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी और उनपर नब्बे,शून्य-नब्बे,शून्य रुपयापये का जुर्माना लगाया. अदालत ने इन दोनों को अपराध के बाद भगाने में सहयोग करने के जुर्म में उनके पिता को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी एवं उसपर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया . विशेष लोक अभियोजक अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि पीपरपुर थाना क्षेत्र में नेवढ़िया गांव के जितेंद्र शुक्ला के खिलाफ इसी थाना क्षेत्र के रहने वाले अभियोगी ने चौबीस मार्च दो हज़ार पंद्रह की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था. पीड़िता ने बताया कि जितेंद्र शुक्ला एव उसके भाई हरि प्रकाश शुक्ला ने उसे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया एवं आरोपी पिता सियाराम शुक्ला ने अपने आरोपी बेटों का घटना में सहयोग किया. पिता-पुत्रों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म एवं पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल की. अदालत ने अपराध के बाद दोनों ही अभियुक्तों को भगाने में सहयोग करने के अपराध में उनके पिता को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी एवं उसपर दस हजार रूपये काजुर्माना लगाया. अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़ित पक्ष को देने का आदेश पारित किया .
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भारतीय प्रबंधन संस्थान, IIM ने CAT परीक्षा 2020 की तारीख जारी कर दी है। यह परीक्षा 29 नवंबर, 2020 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा कार्यक्रम IIM CAT की आधिकारिक साइट iimcat. ac. in पर उपलब्ध होगा। । सभी प्रदर्शित उम्मीदवार आधिकारिक सूचना पर अनुसूची की जांच कर सकते हैं।
सभी एमबीए उम्मीदवार जो परीक्षा के लिए उपस्थित होना चाहते हैं, वे आधिकारिक सूचना और अन्य संबंधित विवरणों के अनुसार पूरा कार्यक्रम देख सकते हैं।
जो छात्र आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि परीक्षा दो सत्रों सुबह का स्लॉट और शाम का स्लॉट में आयोजित की जाएगी। कैट की परीक्षा में हर साल लगभग 2 लाख उम्मीदवार उपस्थित होते हैं। IIM या भारतीय प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश CAT के स्कोर के साथ-साथ संस्थान द्वारा निर्धारित अन्य मानदंडों के आधार पर किया जाता है।
कैट परीक्षा 2020 के लिए पंजीकरण शुल्क अन्य सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क के रूप में 2000 / - रुपये है। एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी श्रेणी के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 1000 / - रुपये का भुगतान करना होगा। अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार IIM कैट की आधिकारिक साइट पर जा सकते हैं।
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भारतीय प्रबंधन संस्थान, IIM ने CAT परीक्षा दो हज़ार बीस की तारीख जारी कर दी है। यह परीक्षा उनतीस नवंबर, दो हज़ार बीस को आयोजित की जाएगी। परीक्षा कार्यक्रम IIM CAT की आधिकारिक साइट iimcat. ac. in पर उपलब्ध होगा। । सभी प्रदर्शित उम्मीदवार आधिकारिक सूचना पर अनुसूची की जांच कर सकते हैं। सभी एमबीए उम्मीदवार जो परीक्षा के लिए उपस्थित होना चाहते हैं, वे आधिकारिक सूचना और अन्य संबंधित विवरणों के अनुसार पूरा कार्यक्रम देख सकते हैं। जो छात्र आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि परीक्षा दो सत्रों सुबह का स्लॉट और शाम का स्लॉट में आयोजित की जाएगी। कैट की परीक्षा में हर साल लगभग दो लाख उम्मीदवार उपस्थित होते हैं। IIM या भारतीय प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश CAT के स्कोर के साथ-साथ संस्थान द्वारा निर्धारित अन्य मानदंडों के आधार पर किया जाता है। कैट परीक्षा दो हज़ार बीस के लिए पंजीकरण शुल्क अन्य सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क के रूप में दो हज़ार / - रुपये है। एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी श्रेणी के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में एक हज़ार / - रुपये का भुगतान करना होगा। अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार IIM कैट की आधिकारिक साइट पर जा सकते हैं।
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Madhupur : मधुपुर उपचुनाव में प्रत्याशियों और दलों ने पूरा दम लगा दिया है. जीत का समीकरण बनाने की सभी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. संभावनाएं वैसे लोग भी तलाश रहे हैं, जिन्हें पता है कि चुनाव में उनकी जमानत तक नहीं बचने वाली. नामांकन के बाद बड़े दलों से बारगेनिंग कर बैठ जाने की मंशा बनाकर बैठे ऐसे नेताओं को निराशा हाथ लगी है.
बड़े दलों ने इस बार उन्हें घास नहीं डाली. अब मजबूरन या लालच में ऐसे प्रत्याशी जनसंपर्क तो कर रहे हैं, लेकिन वोट मांग रहे हैं एनडीए या यूपीए प्रत्याशी के लिए. इस बात की पुष्टि एनडीए प्रत्याशी गंगा नारायण सिंह के बयान से भी होती है. उन्होंने अपनी चुनावी सभा में एक प्रत्याशी का नाम लेकर साफ कहा था कि उन्होंने नाम वापस नहीं लिया, लेकिन हमारे पक्ष में वोट मांग रहे हैं. अगर हमारे लिये वोट नहीं मांगते तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता.
निर्दलियों के इस उपचुनाव में खड़े होने से एनडीए और यूपीए को कोई नुकसान होने वाला नहीं है. इसलिए दोनों निर्दलीयों को गंभीरता से नहीं ले रहे. हालांकि एक-दो फीसदी वोट काटने वाले इन निर्दलियों को अपने पाले में करने की कोशिशें जारी है. पिछले विधानसभा चुनाव में 10 निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवारों ने मिलकर सिर्फ 11. 41 फीसदी वोट हासिल किये थे. जबकि नोटा को 1. 97 फीसदी वोट मिले थे. इस लिहाज से इस बार निर्दलियों के खाते में सिर्फ 4 से 5 फीसदी वोट जाने के आसार हैं.
2019 के विधानसभा चुनाव में मधुपुर से 13 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था. इनमें से सबसे ज्यादा 38. 40 फीसदी वोट जेएमएम को मिले थे. बीजेपी को 38. 34 और आजसू को 19. 88 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे. 4. 30% वोट के साथ AIMIM चौथे नंबर पर रही थी. इसके बाद सबसे ज्यादा वोट के साथ पांचवें नंबर पर नोटा रहा था. निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों के 10 नेताओं की जमानत जब्त हो गयी थी. किसी प्रत्याशी को 5 हजार वोट भी नहीं मिला.
पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा, सपा, हम और बीएलएसपी ने भी मधुपुर में चुनाव लड़ा था. इन दलों के प्रत्याशियों को एक फीसदी वोट भी नहीं मिला. यही वजह है कि इस बार सिर्फ 4 नये निर्दलीय उम्मीदवार ही मैदान में हैं. 2019 में बसपा को सिर्फ 0. 89%, हम को 0. 70 फीसदी और सपा को 0. 46% वोट मधुपुर में मिले थे. बलिराजा पार्टी को 0. 70%, MCO को 0. 53%, BLSP को 0. 50%, JVMP को 1. 84%, निर्दलीय उम्मीदवार बुद्धदेव मुर्मू को 0. 98% और ATIC के प्रत्याशी को 0. 51 फीसदी वोट ही मिले थे. कोई भी क्षेत्रीय और निर्दलीय उम्मीदवार एक फीसदी से ज्यादा वोट नहीं ला पाया था.
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Madhupur : मधुपुर उपचुनाव में प्रत्याशियों और दलों ने पूरा दम लगा दिया है. जीत का समीकरण बनाने की सभी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. संभावनाएं वैसे लोग भी तलाश रहे हैं, जिन्हें पता है कि चुनाव में उनकी जमानत तक नहीं बचने वाली. नामांकन के बाद बड़े दलों से बारगेनिंग कर बैठ जाने की मंशा बनाकर बैठे ऐसे नेताओं को निराशा हाथ लगी है. बड़े दलों ने इस बार उन्हें घास नहीं डाली. अब मजबूरन या लालच में ऐसे प्रत्याशी जनसंपर्क तो कर रहे हैं, लेकिन वोट मांग रहे हैं एनडीए या यूपीए प्रत्याशी के लिए. इस बात की पुष्टि एनडीए प्रत्याशी गंगा नारायण सिंह के बयान से भी होती है. उन्होंने अपनी चुनावी सभा में एक प्रत्याशी का नाम लेकर साफ कहा था कि उन्होंने नाम वापस नहीं लिया, लेकिन हमारे पक्ष में वोट मांग रहे हैं. अगर हमारे लिये वोट नहीं मांगते तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता. निर्दलियों के इस उपचुनाव में खड़े होने से एनडीए और यूपीए को कोई नुकसान होने वाला नहीं है. इसलिए दोनों निर्दलीयों को गंभीरता से नहीं ले रहे. हालांकि एक-दो फीसदी वोट काटने वाले इन निर्दलियों को अपने पाले में करने की कोशिशें जारी है. पिछले विधानसभा चुनाव में दस निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवारों ने मिलकर सिर्फ ग्यारह. इकतालीस फीसदी वोट हासिल किये थे. जबकि नोटा को एक. सत्तानवे फीसदी वोट मिले थे. इस लिहाज से इस बार निर्दलियों के खाते में सिर्फ चार से पाँच फीसदी वोट जाने के आसार हैं. दो हज़ार उन्नीस के विधानसभा चुनाव में मधुपुर से तेरह प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था. इनमें से सबसे ज्यादा अड़तीस. चालीस फीसदी वोट जेएमएम को मिले थे. बीजेपी को अड़तीस. चौंतीस और आजसू को उन्नीस. अठासी प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे. चार. तीस% वोट के साथ AIMIM चौथे नंबर पर रही थी. इसके बाद सबसे ज्यादा वोट के साथ पांचवें नंबर पर नोटा रहा था. निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों के दस नेताओं की जमानत जब्त हो गयी थी. किसी प्रत्याशी को पाँच हजार वोट भी नहीं मिला. पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा, सपा, हम और बीएलएसपी ने भी मधुपुर में चुनाव लड़ा था. इन दलों के प्रत्याशियों को एक फीसदी वोट भी नहीं मिला. यही वजह है कि इस बार सिर्फ चार नये निर्दलीय उम्मीदवार ही मैदान में हैं. दो हज़ार उन्नीस में बसपा को सिर्फ शून्य. नवासी%, हम को शून्य. सत्तर फीसदी और सपा को शून्य. छियालीस% वोट मधुपुर में मिले थे. बलिराजा पार्टी को शून्य. सत्तर%, MCO को शून्य. तिरेपन%, BLSP को शून्य. पचास%, JVMP को एक. चौरासी%, निर्दलीय उम्मीदवार बुद्धदेव मुर्मू को शून्य. अट्ठानवे% और ATIC के प्रत्याशी को शून्य. इक्यावन फीसदी वोट ही मिले थे. कोई भी क्षेत्रीय और निर्दलीय उम्मीदवार एक फीसदी से ज्यादा वोट नहीं ला पाया था.
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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की आने वाली फिल्म 'दृश्यम 2' का रिकॉल टीजर रिलीज हो गया है। इस वीडियो में 'दृश्यम' फिल्म के कुछ सीन दिखाए गए हैं और आखिरी में दूसरे पार्ट की झलक है, जिसमें अजय अपना कबूलनामा रिकॉर्ड करते दिखाई दे रहे हैं। 'दृश्यम 2' के मेकर्स ने फिल्म का रिकॉल टीजर यूट्यूब पर शेयर किया है।
1 मिनट 22 सेकंड के इस वीडियो में अजय देवगन की 'दृश्यम' के कई पुराने छोटे-छोटे क्लिप ऑडियंस के सामने टीजर के तौर पर पेश किए गए हैं, जिसे देखने के बाद एक बार मर्डर मिस्ट्री सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की सारी पुरानी यादें ताजा कर दी है।
अजय देवगन ने भी अपने इंस्टाग्राम पर टीजर शेयर किया है और कैप्शन में लिखा है, 'विजय और उसके परिवार की कहानी तो याद होगी ना आपको? की याद दिलाएं। फिल्म दृश्यम 2 में अजय देवगन के अलावा तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता की भी अहम भूमिका है। यह फिल्म 18 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की आने वाली फिल्म 'दृश्यम दो' का रिकॉल टीजर रिलीज हो गया है। इस वीडियो में 'दृश्यम' फिल्म के कुछ सीन दिखाए गए हैं और आखिरी में दूसरे पार्ट की झलक है, जिसमें अजय अपना कबूलनामा रिकॉर्ड करते दिखाई दे रहे हैं। 'दृश्यम दो' के मेकर्स ने फिल्म का रिकॉल टीजर यूट्यूब पर शेयर किया है। एक मिनट बाईस सेकंड के इस वीडियो में अजय देवगन की 'दृश्यम' के कई पुराने छोटे-छोटे क्लिप ऑडियंस के सामने टीजर के तौर पर पेश किए गए हैं, जिसे देखने के बाद एक बार मर्डर मिस्ट्री सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की सारी पुरानी यादें ताजा कर दी है। अजय देवगन ने भी अपने इंस्टाग्राम पर टीजर शेयर किया है और कैप्शन में लिखा है, 'विजय और उसके परिवार की कहानी तो याद होगी ना आपको? की याद दिलाएं। फिल्म दृश्यम दो में अजय देवगन के अलावा तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता की भी अहम भूमिका है। यह फिल्म अट्ठारह नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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कोरोना काल में मरीजों के तीमारदारों से एंबुलेंस संचालक वास्तविक किराये के बदले दस गुणा ज्यादा तक वसूल रहे हैं (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. कोराेना (Corona) काल में कोविड मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक लाने ले जाने वाली एंबुलेंस के भारी-भरकम चार्ज को लेकर अब दिल्ली सरकार (Delhi Government) में रेट फिक्स किए हैं. लेकिन यह रेट भी साधारण दिनों में लगने वाले एंबुलेंस चार्ज से भी दोगुने तय किए गए हैं. विपक्ष ने निर्धारित किए गए एंबुलेंस चार्ज (Ambulance Charges) को कम करने की मांग की है.
दिल्ली भाजपा (BJP) के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली सरकार के द्वारा कल शाम घोषित एम्बुलेंस चार्ज से लोगों को कुछ राहत तो मिली है. लेकिन अधिकांश लोग इन्हे अभी भी ज्यादा मान रहे हैं.
प्रवक्ता ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को पत्र भी लिखा है. पत्र के जरिये मांग की है कि सरकार एम्बुलेंस चार्ज की कल घोषित कैपिंग पर पुनर्विचार विचार करके चार्ज को कम करके आधा करे.
पत्र में कहा गया है कि कोविड काल से पहले दिल्ली में 10 किलोमीटर तक साधारण एम्बुलेंस के 600 तो विशेष के 1,000 एवं अतिविशेष सेवा के 2,000 रूपए लगते थे जिन्हे सरकार ने कल दोगुना कर दिया है जो गलत है. इसको वापस लिया जाना चाहिए.
भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री का ध्यान शव एम्बुलेंस वालों द्वारा मचाई जा रही लूट की ओर आकर्षित किया है जो अलग-अलग मामलों अस्पताल से श्मशान घाट तक शव ले जाने के 10 से 20,000 रूपए तक ले रहे हैं, जो निंदनीय है.
कपूर ने मांग की है कि दिल्ली सरकार राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) का अनुसरण करे और अस्पताल से श्मशान घाट तक की एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क करे.
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कोरोना काल में मरीजों के तीमारदारों से एंबुलेंस संचालक वास्तविक किराये के बदले दस गुणा ज्यादा तक वसूल रहे हैं नई दिल्ली. कोराेना काल में कोविड मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक लाने ले जाने वाली एंबुलेंस के भारी-भरकम चार्ज को लेकर अब दिल्ली सरकार में रेट फिक्स किए हैं. लेकिन यह रेट भी साधारण दिनों में लगने वाले एंबुलेंस चार्ज से भी दोगुने तय किए गए हैं. विपक्ष ने निर्धारित किए गए एंबुलेंस चार्ज को कम करने की मांग की है. दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली सरकार के द्वारा कल शाम घोषित एम्बुलेंस चार्ज से लोगों को कुछ राहत तो मिली है. लेकिन अधिकांश लोग इन्हे अभी भी ज्यादा मान रहे हैं. प्रवक्ता ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र भी लिखा है. पत्र के जरिये मांग की है कि सरकार एम्बुलेंस चार्ज की कल घोषित कैपिंग पर पुनर्विचार विचार करके चार्ज को कम करके आधा करे. पत्र में कहा गया है कि कोविड काल से पहले दिल्ली में दस किलोग्राममीटर तक साधारण एम्बुलेंस के छः सौ तो विशेष के एक,शून्य एवं अतिविशेष सेवा के दो,शून्य रूपए लगते थे जिन्हे सरकार ने कल दोगुना कर दिया है जो गलत है. इसको वापस लिया जाना चाहिए. भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री का ध्यान शव एम्बुलेंस वालों द्वारा मचाई जा रही लूट की ओर आकर्षित किया है जो अलग-अलग मामलों अस्पताल से श्मशान घाट तक शव ले जाने के दस से बीस,शून्य रूपए तक ले रहे हैं, जो निंदनीय है. कपूर ने मांग की है कि दिल्ली सरकार राजस्थान सरकार का अनुसरण करे और अस्पताल से श्मशान घाट तक की एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क करे. .
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सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाली लहसुन की एक कली सेहत के लिए भी कई तरीकों से फायदेमंद है। जानिए यहां. .
भारत समेत विश्व के इतिहास में 24 जून का दिन काफी महत्व रखता है। तस्वीरों से जानिये, इस दिन की कई महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में. .
चीन के साथ कुछ दिनों से चल रही तनातनी के बीच डाइनामाइट न्यूज की टीम चीन सीमा पर स्थित देश के अंतिम गांव पहुंचा। जानिये, क्या है सीमा पर ताजा हालात. .
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सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाली लहसुन की एक कली सेहत के लिए भी कई तरीकों से फायदेमंद है। जानिए यहां. . भारत समेत विश्व के इतिहास में चौबीस जून का दिन काफी महत्व रखता है। तस्वीरों से जानिये, इस दिन की कई महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में. . चीन के साथ कुछ दिनों से चल रही तनातनी के बीच डाइनामाइट न्यूज की टीम चीन सीमा पर स्थित देश के अंतिम गांव पहुंचा। जानिये, क्या है सीमा पर ताजा हालात. .
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Don't Miss!
अजय देवगन और आलिया भट्ट, एसएस राजामौली की बहुभाषी और बहुप्रतीक्षित फिल्म RRR में एक साथ नज़र आएंगे। फिल्म में अजय देवगन और आलिया भट्ट सपोर्टिंग भूमिकाओं में हैं जबकि राम चरण तेजा और जूनियर NTR मुख्य भूमिकाओं में हैं। अब फिल्म के नए पोस्टर पर चारों स्टार्स एक साथ नज़र आ रहे हैं और फिल्म की रिलीज़ डेट का एलान कर दिया गया है - 7 जनवरी।
दिलचस्प है कि इससे पहले दशहरा पर RRR अजय देवगन की मैदान के साथ क्लैश करने वाली थी। RRR की तो करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से बन रही ये फिल्म भारत की सबसे महंगी फिल्म होगी। फिल्म को ओवरसीज में भी काफी बड़े स्तर पर रिलीज किया जाएगा। बता दें, राजामौली की पिछली फिल्म बाहुबली ने ओवरसीज में 1000 करोड़ से ऊपर की कमाई की थी। पहले खबरें थीं कि फिल्म में अजय देगवन राम चरण तेजा के पिता की भूमिका में दिखाई देंगे लेकिन फिर खबरें आईं कि वो फिल्म में एक स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका में हैं।
अजय देवगन के किरदार के बारे में अभी तक खुलकर बात नहीं हो रही है लेकिन फिल्म में उनका बेहद तगड़ा कैमियो है। अजय के साथ काम करने की बात पर एस एस राजामौली ने कहा, "अजय देवगन का किरदार फिल्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मुझे 'आर.आर.आर' के एक ऐसे एक्टर की जरूरत थी, जिसके चेहरा और हर शब्द में ईमानदारी और निष्ठा झलकती हो। जिस पर पूरे देश को विश्वास हो कि वह क्या कहता है या क्या करता है।"
RRR में आलिया भट्ट, राम चरण तेजा के अपोज़िट दिखाई देंगी। फिल्म में उनका कैमियो है। आलिया भट्ट पहले ही कह चुकी हैं कि राजामौली के साथ काम करना उनके लिए किसी सपने जैसा है। एस एस राजामौली की इस फिल्म में आलिया भट्ट को गेस्ट स्टार का क्रेडिट मिलना है। ये आलिया भट्ट का साउथ की इंडस्ट्री की तरफ पहला कदम होगा।
बात करें गंगूबाई काठियावाड़ी की तो हम दिल दे चुके सनम की रिलीज़ के बाद 22 साल के बाद अजय देवगन और संजय लीला भंसाली की जोड़ी वापस आ रही है। गंगूबाई में अजय देवगन मशहूर गैंगस्टर करीम लाला की भूमिका में दिखाई देंगे जो गंगूबाई काठियावाड़ी को अपनी बहन मानता था। जब सबने गंगूबाई को दबाने की कोशिश की थी तब करीम लाला गंगूबाई के साथ खड़ा था।
आलिया भट्ट इस फिल्म में गंगूबाई के किरदार के लिए पहली पसंद नहीं थीं। आलिया से पहले ये फिल्म दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा और रानी मुखर्जी को ऑफर हो चुकी है। सबसे पहले, संजय लीला भंसाली रानी मुखर्जी के साथ ये फिल्म बनाना चाहते थे। लेकिन दोनों के बीच वैचारिक मतभेद हुए और रानी ये फिल्म करने के लिए नहीं मानीं। इसके बाद ये फिल्म पहुंची दीपिका पादुकोण के पास। दीपिका उस समय, विशाल भारद्वाज की फिल्म सपना दीदी फाईनल कर चुकी थीं। सपना दीदी में दीपिका पादुकोण एक गैंग्सटर का किरदार निभाने वाली थीं और उन्होंने भंसाली को गंगूबाई के लिए ना कह दिया।
राम लीला में आईटम करने के बाद प्रियंका चोपड़ा, संजय लीला भंसाली के ज़ेहन में बस गईं। प्रियंका, गंगूबाई के लिए फाईनल थीं बस उनकी डेट्स मिलने का इंतज़ार था। वहीं दूसरी तरफ, भंसाली ने सलमान खान और आलिया भट्ट के साथ ईद 2020 में इंशाल्लाह की रिलीज़ अनाउंस कर दी। लेकिन हमेशा की तरह, सलमान खान और भंसाली के बीच फिल्म को लेकर मतभेद बढ़ते गए और सलमान खान ने ये फिल्म छोड़ दी।
लेकिन सलमान खान के साथ इंशाल्लाह करने के लिए आलिया ने अपनी सारी डेट्स भंसाली को दे दी थीं और आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा भी रिजेक्ट कर चुकी थीं। भंसाली भी आलिया की डेट्स को कहीं जाने नहीं देना चाहते थे क्योंकि वो आलिया के टैलेंट को तब से जानते हैं जब से आलिया ने रणबीर के साथ केवल 11 साल की उम्र में भंसाली के लिए बालिका वधू नाम की एक फिल्म का टेस्ट शूट किया था। उस समय रणबीर, 20 साल के थे। आखिरकार, आलिया के हिस्से गंगूबाई काठियावाड़ी आ ही गई। फिल्म में पहली बार भंसाली आलिया भट्ट को एक डार्क किरदार में पेश करते नज़र आएंगे।
सैफ अली खान के बारे में बात करते हुए ये क्या बोल गई करीना कपूर खान- मेरी आंखें भर आती हैं क्योंकि..
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Don't Miss! अजय देवगन और आलिया भट्ट, एसएस राजामौली की बहुभाषी और बहुप्रतीक्षित फिल्म RRR में एक साथ नज़र आएंगे। फिल्म में अजय देवगन और आलिया भट्ट सपोर्टिंग भूमिकाओं में हैं जबकि राम चरण तेजा और जूनियर NTR मुख्य भूमिकाओं में हैं। अब फिल्म के नए पोस्टर पर चारों स्टार्स एक साथ नज़र आ रहे हैं और फिल्म की रिलीज़ डेट का एलान कर दिया गया है - सात जनवरी। दिलचस्प है कि इससे पहले दशहरा पर RRR अजय देवगन की मैदान के साथ क्लैश करने वाली थी। RRR की तो करीब चार सौ करोड़ रुपए की लागत से बन रही ये फिल्म भारत की सबसे महंगी फिल्म होगी। फिल्म को ओवरसीज में भी काफी बड़े स्तर पर रिलीज किया जाएगा। बता दें, राजामौली की पिछली फिल्म बाहुबली ने ओवरसीज में एक हज़ार करोड़ से ऊपर की कमाई की थी। पहले खबरें थीं कि फिल्म में अजय देगवन राम चरण तेजा के पिता की भूमिका में दिखाई देंगे लेकिन फिर खबरें आईं कि वो फिल्म में एक स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका में हैं। अजय देवगन के किरदार के बारे में अभी तक खुलकर बात नहीं हो रही है लेकिन फिल्म में उनका बेहद तगड़ा कैमियो है। अजय के साथ काम करने की बात पर एस एस राजामौली ने कहा, "अजय देवगन का किरदार फिल्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मुझे 'आर.आर.आर' के एक ऐसे एक्टर की जरूरत थी, जिसके चेहरा और हर शब्द में ईमानदारी और निष्ठा झलकती हो। जिस पर पूरे देश को विश्वास हो कि वह क्या कहता है या क्या करता है।" RRR में आलिया भट्ट, राम चरण तेजा के अपोज़िट दिखाई देंगी। फिल्म में उनका कैमियो है। आलिया भट्ट पहले ही कह चुकी हैं कि राजामौली के साथ काम करना उनके लिए किसी सपने जैसा है। एस एस राजामौली की इस फिल्म में आलिया भट्ट को गेस्ट स्टार का क्रेडिट मिलना है। ये आलिया भट्ट का साउथ की इंडस्ट्री की तरफ पहला कदम होगा। बात करें गंगूबाई काठियावाड़ी की तो हम दिल दे चुके सनम की रिलीज़ के बाद बाईस साल के बाद अजय देवगन और संजय लीला भंसाली की जोड़ी वापस आ रही है। गंगूबाई में अजय देवगन मशहूर गैंगस्टर करीम लाला की भूमिका में दिखाई देंगे जो गंगूबाई काठियावाड़ी को अपनी बहन मानता था। जब सबने गंगूबाई को दबाने की कोशिश की थी तब करीम लाला गंगूबाई के साथ खड़ा था। आलिया भट्ट इस फिल्म में गंगूबाई के किरदार के लिए पहली पसंद नहीं थीं। आलिया से पहले ये फिल्म दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा और रानी मुखर्जी को ऑफर हो चुकी है। सबसे पहले, संजय लीला भंसाली रानी मुखर्जी के साथ ये फिल्म बनाना चाहते थे। लेकिन दोनों के बीच वैचारिक मतभेद हुए और रानी ये फिल्म करने के लिए नहीं मानीं। इसके बाद ये फिल्म पहुंची दीपिका पादुकोण के पास। दीपिका उस समय, विशाल भारद्वाज की फिल्म सपना दीदी फाईनल कर चुकी थीं। सपना दीदी में दीपिका पादुकोण एक गैंग्सटर का किरदार निभाने वाली थीं और उन्होंने भंसाली को गंगूबाई के लिए ना कह दिया। राम लीला में आईटम करने के बाद प्रियंका चोपड़ा, संजय लीला भंसाली के ज़ेहन में बस गईं। प्रियंका, गंगूबाई के लिए फाईनल थीं बस उनकी डेट्स मिलने का इंतज़ार था। वहीं दूसरी तरफ, भंसाली ने सलमान खान और आलिया भट्ट के साथ ईद दो हज़ार बीस में इंशाल्लाह की रिलीज़ अनाउंस कर दी। लेकिन हमेशा की तरह, सलमान खान और भंसाली के बीच फिल्म को लेकर मतभेद बढ़ते गए और सलमान खान ने ये फिल्म छोड़ दी। लेकिन सलमान खान के साथ इंशाल्लाह करने के लिए आलिया ने अपनी सारी डेट्स भंसाली को दे दी थीं और आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा भी रिजेक्ट कर चुकी थीं। भंसाली भी आलिया की डेट्स को कहीं जाने नहीं देना चाहते थे क्योंकि वो आलिया के टैलेंट को तब से जानते हैं जब से आलिया ने रणबीर के साथ केवल ग्यारह साल की उम्र में भंसाली के लिए बालिका वधू नाम की एक फिल्म का टेस्ट शूट किया था। उस समय रणबीर, बीस साल के थे। आखिरकार, आलिया के हिस्से गंगूबाई काठियावाड़ी आ ही गई। फिल्म में पहली बार भंसाली आलिया भट्ट को एक डार्क किरदार में पेश करते नज़र आएंगे। सैफ अली खान के बारे में बात करते हुए ये क्या बोल गई करीना कपूर खान- मेरी आंखें भर आती हैं क्योंकि..
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पुलिस जहरखुरानी गिरोह के एक सदस्य को बी वारंट पर रुड़की कोर्ट लेकर पहुंची। बिजनौर के तारानगर गंज निवासी रहीस ने भगवानपुर थाना क्षेत्र के दो लोगों को चाय में नशे की गोली खिलाकर लूटपाट की थी। उस पर 2013 में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। गाजियाबाद पुलिस ने कुछ समय पहले उसे गिरफ्तार किया था। थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी व्यक्ति पर चल रहे मुकदमे के चलते बी वारंट पर लेकर उसे रुड़की कोर्ट में पेश किया गया। बताया कि आरोपी पर 2500 रपये का इनाम घोषित है।
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पुलिस जहरखुरानी गिरोह के एक सदस्य को बी वारंट पर रुड़की कोर्ट लेकर पहुंची। बिजनौर के तारानगर गंज निवासी रहीस ने भगवानपुर थाना क्षेत्र के दो लोगों को चाय में नशे की गोली खिलाकर लूटपाट की थी। उस पर दो हज़ार तेरह में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। गाजियाबाद पुलिस ने कुछ समय पहले उसे गिरफ्तार किया था। थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी व्यक्ति पर चल रहे मुकदमे के चलते बी वारंट पर लेकर उसे रुड़की कोर्ट में पेश किया गया। बताया कि आरोपी पर दो हज़ार पाँच सौ रपये का इनाम घोषित है।
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मुजफ्फरनगर। शहर में हुए बवाल के बाद की गई पुलिस कार्रवाई में देर रात 11. 30 बजे तक करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें सबसे अधिक गिरफ्तारियां शहर के आर्य समाज रोड स्थित एक हॉस्टल से की गईं हैं। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि देर रात घर-घर में तलाशी लेकर उपद्रवियों को गिरफ्तार करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। देर रात में ही घटना के संबंध में आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली और सिविल लाईंस थाने में मुकदमे दर्ज कराने की भी तैयारी की जा रही है।
मुजफ्फरनगर। जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में एसपी सिटी सतपाल आंतिल को भी पैर में गोली लगी है। वहीं, एक अन्य युवक भी गोली लगने से घायल हुआ है, जिसे परिजनों ने बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है।
शुक्रवार को हुए उपद्रव के समय एसपी सिटी सतपाल आंतिल मोहल्ला खालापार के फक्करशाह चौक पर ड्यूटी पर थे। मीनाक्षी चौक, आर्य समाज रोड पर जब भीड़ बढ़नी शुरू हुई, तो अफसरों व पुलिस फोर्स पर भी पथराव किया गया।
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय पशुुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान शिवचौक पर दहशतजदा दुकानदारों को विश्वास दिलाया कि उनका कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। वह महावीर चौक और कच्ची सड़क पर भी पहुंचे।
शहर में बवाल होने की सूचना पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान दोपहर बाद दिल्ली से शहर में महावीर चौक पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी दुकानदार को कोई नुकसान हुआ है, तो इसके लिए वह जिम्मेदार होंगे।
डॉ बालियान के यहां से निकलते ही पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया और कुछ ही देर में सड़क खाली हो गई। इसके बाद डॉ बालियान शिवचौक पहुंचे और यहां एकत्र दुकानदारों से कहा कि वह चिंता न करें।
भाजपा सरकार में किसी दुकानदार का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने एसएसपी अभिषेक यादव से बात की और कहा कि उनकी व्यवस्था ठीक नहीं है, जो भीड़ को उपद्रव करने का मौका मिला।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कच्ची सड़क पहुंचकर यहां के लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी, जिन लोगों ने उपद्रव कर आगजनी की है और शहर की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
भोपा। क्षेत्र के गांव नंगला बुजुर्ग में कुछ युवाओं ने प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला फूंका। नंगला बुजुर्ग के पास रजबहे पर कुछ युवा एकत्र थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही प्रदर्शनकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला जला चुके थे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर पुतला फूंकने वालों को वहां से खदेड़ा।
मुजफ्फरनगर। शहर में पुलिस प्रशासन की विफलता के कारण माहौल बिगड़ गया। उपद्रवियों से दुकानों की सुरक्षा के लिए व्यापारियों की भीड़ को खुद सामने आना पड़ा। उग्र भीड़ ने मीनाक्षी चौक पर आगजनी शुरू की, तो शिवचौक, महावीर चौक और कच्ची सड़क पर दूसरा वर्ग सामने आ गया। दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ।
दोपहर दो बजे के बाद शहर का माहौल बिगड़ना शुरू हुआ। मीनाक्षी चौक पर सबसे पहले खालापार की भीड़ पहुंची। इसके बाद लद्दावाला, मल्हूपुरा, मदीना कालोनी आदि क्षेत्रों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। बेकाबू भीड़ के आगे पुलिस प्रशासन पीछे हटता जा रहा था। मीनाक्षी चौक पर एक वर्ग के कुछ जिम्मेदार लोगों ने उग्र भीड़ को समझाने का प्रयास भी किया।
भीड़ का कोई नेतृत्व नहीं होने की वजह से नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। यहां से भीड़ ने इस्लामियां इंटर कॉलेज के मैदान की तरफ रुख किया। कुछ देर बाद कुछ लोगों ने महावीर चौक और कुछ ने मीनाक्षी चौक की ओर चलना शुरू कर दिया। भीड़ इतनी थी कि सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी महावीर चौक तक आगे-आगे बढ़ते चले गए।
बवाल के दौरान नुकसान होने की आशंका से व्यापारियों की भीड़ एकत्र हो गई। दुकानदारों को देख पुलिस का हौसला भी बढ़ा और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। यहां आधा घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। यहां पड़ी सैकड़ों चप्पल-जूते और कपड़े यहां के मंजर की दास्तां को बयां कर रहे थे।
एक वर्ग की भीड़ यहां कुछ ही देर में तितर बितर हो गई। मीनाक्षी चौक से शिव चौक की तरफ जाने वाली भीड़ के सामने भी दुुकानदार सैकड़ों की संख्या में खड़े हो गए। यहां दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। शिवचौक पर एकत्र हुए दुकानदारों ने भीड़ को मीनाक्षी चौक से शिवचौक की तरफ नहीं आने दिया। यही हालात कच्ची सड़क पर पैदा हुए। यहां जब पुलिस पीछे हटी तो अपने घरों और दुकानों की सुरक्षा के लिए दूसरा वर्ग सड़क पर उतर आया। यहां भी दोनो पक्षों में संघर्ष हुआ और पथराव होने से अफरातफरी मच गई।
मुजफ्फरनगर। जुमे की नमाज के बाद शहर में हुए बवाल के बाद देर रात रैपिड एक्शन फोर्स को शहर में बुला लिया गया है। देर रात में ही रैपिड एक्शन फोर्स के साथ मिलकर अफसरों ने भारी पुलिस बल के साथ कच्ची सड़क में घर-घर तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है।
सबसे पहले शहर में बवाल मदीना चौक व कच्ची सड़क से ही शुरू हुआ।
यहां जबरदस्त पथराव व आगजनी के साथ ही फायरिंग किए जाने की सूचनाएं पुलिस को मिलीं थी। इसके चलते देर रात 10. 40 बजे रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी को शहर में बुला लिया गया है।
भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों के साथ डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव ने दो टुकड़ियों में फोर्स को बांटकर देर रात से ही कच्ची सड़क क्षेत्र की गलियों में घुसकर घर-घर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इनमें वे दोनों गलियां भी शामिल हैं, जहां से मल्हूपुरा की ओर से अचानक आई भीड़ ने कच्ची सड़क पुलिस चौकी पर हमला किया था और स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभालते हुए उन्हें खदेड़ा था।
मुजफ्फरनगर। शहर में हुए उपद्रव पर शासन गंभीर है। शासन ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर ली है और हालात का जायजा लिया है। देर रात शासन को पूरी रिपोर्ट भेजी गई।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन और उसके बाद बवाल पर शासन ने रिपोर्ट तलब कर ली है। शासन ने डीएम और एसएसपी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है।
शहर में हुई आगजनी, पुलिस पर हमले, पुलिस द्वारा उपद्रव को रोकने के लिए किए गए उपाय की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जिला प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या व्यवस्था की थी और कहां कमी रही गई, इसकी पूरी जानकारी शासन को दी गई है। रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग, कमिश्नर सहित आठ जगह भेजी गई है।
जिले में उपद्रव को लेकर देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंस भी की। इसमें प्रदेश के अन्य जनपदों के डीएम और एसएसपी भी शामिल रहे।
जानसठ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। दिन भर पुलिस गश्त करती रही। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान पुलिस सक्रिय हो गई थी।
नमाज के बाद अधिकारियों ने लोगों को समझा कर घर भेज दिया। एसडीएम कुलदीप मीणा, सीओ धनंजय कुशवाह, इंस्पेक्टर योगेश शर्मा पुलिस एवं पीएसी बल के साथ नगर में गश्त करते रहे। मुख्य चौराहों तथा धार्मिक स्थलों समेत मदरसों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस को किसी को भी सड़क पर नहीं आने दिया। प्रदर्शन की आशंका के चलते दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी।
मीरापुर। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की कस्बे के जिम्मेदार लोगों से वार्ता होने के बाद विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। एसपी क्राइम आरपी चौरसिया, एसडीएम कुलदीप मीणा, सीओ धनंजय कुशवाह, नायब तहसीलदार जसविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार पंकज त्यागी ने लोगों को समझाया और विरोध प्रदर्शन न करने के लिए कहा।
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मुजफ्फरनगर। शहर में हुए बवाल के बाद की गई पुलिस कार्रवाई में देर रात ग्यारह. तीस बजे तक करीब सत्तर लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें सबसे अधिक गिरफ्तारियां शहर के आर्य समाज रोड स्थित एक हॉस्टल से की गईं हैं। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि देर रात घर-घर में तलाशी लेकर उपद्रवियों को गिरफ्तार करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। देर रात में ही घटना के संबंध में आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली और सिविल लाईंस थाने में मुकदमे दर्ज कराने की भी तैयारी की जा रही है। मुजफ्फरनगर। जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में एसपी सिटी सतपाल आंतिल को भी पैर में गोली लगी है। वहीं, एक अन्य युवक भी गोली लगने से घायल हुआ है, जिसे परिजनों ने बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। शुक्रवार को हुए उपद्रव के समय एसपी सिटी सतपाल आंतिल मोहल्ला खालापार के फक्करशाह चौक पर ड्यूटी पर थे। मीनाक्षी चौक, आर्य समाज रोड पर जब भीड़ बढ़नी शुरू हुई, तो अफसरों व पुलिस फोर्स पर भी पथराव किया गया। मुजफ्फरनगर। केंद्रीय पशुुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान शिवचौक पर दहशतजदा दुकानदारों को विश्वास दिलाया कि उनका कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। वह महावीर चौक और कच्ची सड़क पर भी पहुंचे। शहर में बवाल होने की सूचना पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान दोपहर बाद दिल्ली से शहर में महावीर चौक पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी दुकानदार को कोई नुकसान हुआ है, तो इसके लिए वह जिम्मेदार होंगे। डॉ बालियान के यहां से निकलते ही पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया और कुछ ही देर में सड़क खाली हो गई। इसके बाद डॉ बालियान शिवचौक पहुंचे और यहां एकत्र दुकानदारों से कहा कि वह चिंता न करें। भाजपा सरकार में किसी दुकानदार का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने एसएसपी अभिषेक यादव से बात की और कहा कि उनकी व्यवस्था ठीक नहीं है, जो भीड़ को उपद्रव करने का मौका मिला। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कच्ची सड़क पहुंचकर यहां के लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी, जिन लोगों ने उपद्रव कर आगजनी की है और शहर की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। भोपा। क्षेत्र के गांव नंगला बुजुर्ग में कुछ युवाओं ने प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला फूंका। नंगला बुजुर्ग के पास रजबहे पर कुछ युवा एकत्र थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही प्रदर्शनकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला जला चुके थे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर पुतला फूंकने वालों को वहां से खदेड़ा। मुजफ्फरनगर। शहर में पुलिस प्रशासन की विफलता के कारण माहौल बिगड़ गया। उपद्रवियों से दुकानों की सुरक्षा के लिए व्यापारियों की भीड़ को खुद सामने आना पड़ा। उग्र भीड़ ने मीनाक्षी चौक पर आगजनी शुरू की, तो शिवचौक, महावीर चौक और कच्ची सड़क पर दूसरा वर्ग सामने आ गया। दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। दोपहर दो बजे के बाद शहर का माहौल बिगड़ना शुरू हुआ। मीनाक्षी चौक पर सबसे पहले खालापार की भीड़ पहुंची। इसके बाद लद्दावाला, मल्हूपुरा, मदीना कालोनी आदि क्षेत्रों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। बेकाबू भीड़ के आगे पुलिस प्रशासन पीछे हटता जा रहा था। मीनाक्षी चौक पर एक वर्ग के कुछ जिम्मेदार लोगों ने उग्र भीड़ को समझाने का प्रयास भी किया। भीड़ का कोई नेतृत्व नहीं होने की वजह से नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। यहां से भीड़ ने इस्लामियां इंटर कॉलेज के मैदान की तरफ रुख किया। कुछ देर बाद कुछ लोगों ने महावीर चौक और कुछ ने मीनाक्षी चौक की ओर चलना शुरू कर दिया। भीड़ इतनी थी कि सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी महावीर चौक तक आगे-आगे बढ़ते चले गए। बवाल के दौरान नुकसान होने की आशंका से व्यापारियों की भीड़ एकत्र हो गई। दुकानदारों को देख पुलिस का हौसला भी बढ़ा और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। यहां आधा घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। यहां पड़ी सैकड़ों चप्पल-जूते और कपड़े यहां के मंजर की दास्तां को बयां कर रहे थे। एक वर्ग की भीड़ यहां कुछ ही देर में तितर बितर हो गई। मीनाक्षी चौक से शिव चौक की तरफ जाने वाली भीड़ के सामने भी दुुकानदार सैकड़ों की संख्या में खड़े हो गए। यहां दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। शिवचौक पर एकत्र हुए दुकानदारों ने भीड़ को मीनाक्षी चौक से शिवचौक की तरफ नहीं आने दिया। यही हालात कच्ची सड़क पर पैदा हुए। यहां जब पुलिस पीछे हटी तो अपने घरों और दुकानों की सुरक्षा के लिए दूसरा वर्ग सड़क पर उतर आया। यहां भी दोनो पक्षों में संघर्ष हुआ और पथराव होने से अफरातफरी मच गई। मुजफ्फरनगर। जुमे की नमाज के बाद शहर में हुए बवाल के बाद देर रात रैपिड एक्शन फोर्स को शहर में बुला लिया गया है। देर रात में ही रैपिड एक्शन फोर्स के साथ मिलकर अफसरों ने भारी पुलिस बल के साथ कच्ची सड़क में घर-घर तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है। सबसे पहले शहर में बवाल मदीना चौक व कच्ची सड़क से ही शुरू हुआ। यहां जबरदस्त पथराव व आगजनी के साथ ही फायरिंग किए जाने की सूचनाएं पुलिस को मिलीं थी। इसके चलते देर रात दस. चालीस बजे रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी को शहर में बुला लिया गया है। भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों के साथ डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव ने दो टुकड़ियों में फोर्स को बांटकर देर रात से ही कच्ची सड़क क्षेत्र की गलियों में घुसकर घर-घर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इनमें वे दोनों गलियां भी शामिल हैं, जहां से मल्हूपुरा की ओर से अचानक आई भीड़ ने कच्ची सड़क पुलिस चौकी पर हमला किया था और स्थानीय लोगों ने मोर्चा संभालते हुए उन्हें खदेड़ा था। मुजफ्फरनगर। शहर में हुए उपद्रव पर शासन गंभीर है। शासन ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर ली है और हालात का जायजा लिया है। देर रात शासन को पूरी रिपोर्ट भेजी गई। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन और उसके बाद बवाल पर शासन ने रिपोर्ट तलब कर ली है। शासन ने डीएम और एसएसपी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है। शहर में हुई आगजनी, पुलिस पर हमले, पुलिस द्वारा उपद्रव को रोकने के लिए किए गए उपाय की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जिला प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या व्यवस्था की थी और कहां कमी रही गई, इसकी पूरी जानकारी शासन को दी गई है। रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग, कमिश्नर सहित आठ जगह भेजी गई है। जिले में उपद्रव को लेकर देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंस भी की। इसमें प्रदेश के अन्य जनपदों के डीएम और एसएसपी भी शामिल रहे। जानसठ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। दिन भर पुलिस गश्त करती रही। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान पुलिस सक्रिय हो गई थी। नमाज के बाद अधिकारियों ने लोगों को समझा कर घर भेज दिया। एसडीएम कुलदीप मीणा, सीओ धनंजय कुशवाह, इंस्पेक्टर योगेश शर्मा पुलिस एवं पीएसी बल के साथ नगर में गश्त करते रहे। मुख्य चौराहों तथा धार्मिक स्थलों समेत मदरसों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस को किसी को भी सड़क पर नहीं आने दिया। प्रदर्शन की आशंका के चलते दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी। मीरापुर। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की कस्बे के जिम्मेदार लोगों से वार्ता होने के बाद विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। एसपी क्राइम आरपी चौरसिया, एसडीएम कुलदीप मीणा, सीओ धनंजय कुशवाह, नायब तहसीलदार जसविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार पंकज त्यागी ने लोगों को समझाया और विरोध प्रदर्शन न करने के लिए कहा।
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छतरपुर। बिजावर तहसील के अंतर्गत ग्राम जैतपुर में पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कराके 80 पीएम आवास बनवा दिए हैं, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। खास बात. . . madhya pradeshFri, 19 Jun 2020 04:12 AM (IST)
पत्नी, भाई और दो बच्चों के साथ रहने आया है ससुराल छतरपुर। दिल्ली में रेस्टोरेंट चलाकर अपने परिवार की आजीविका चला रहा एक कोरोना पॉजीटिव मरीज अपनी ससुराल ग्राम बूदौर आया है। उसके साथ पत्नी, दो बच्चे, एक भाई लौटकर आए हैं। स. . . madhya pradeshFri, 19 Jun 2020 04:12 AM (IST)
छतरपुर। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारियों ने शहीद स्तंभ के सम्मुख हाल ही में दो मिनट का मौन रखकर व दीप प्रज्जवलित करके चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। विश. . . madhya pradeshFri, 19 Jun 2020 04:05 AM (IST)
छतरपुर। हितग्राहियों को समय पर पेंशन न मिलने के कारण सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न तरह की पेंशन जरुरतमंद पात्र हितग्राहियों को नियमित रुप से . . . madhya pradeshFri, 19 Jun 2020 04:05 AM (IST)
छतरपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि पर्यावरण दिवस के मौके पर शुक्रवार को कई जगह पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करके सभी को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है। इस कार्य में बड़ों के साथ बच्चों ने भी बराबर की हिस्सेदारी की है। संग. . . madhya pradeshSat, 06 Jun 2020 04:04 AM (IST)
दुकानें तो खुल गईं पर ग्राहकों के न आने से व्यापारी चिंतित छतरपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि लगातार जारी लॉकडाउन के बाद अनलॉक होते ही अब महंगाई के रुप में नया लॉकडाउन से लोगों का सामना शुरू हो गया है। बिगड़ी अर्थव्यवस्था के . . . madhya pradeshSat, 06 Jun 2020 04:04 AM (IST)
चंदला अंचल के टिकरी, घूरा और बंजारी में सामने आए तीन केस, कालापानी-पनागर में भी एक-एक विभिन्न प्रांतों से अंचल में आए प्रवासी मजदूर बन रहे कोरोना कैरियर छतरपुर। जिले में 5 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। बाहर से आए. . . madhya pradeshSat, 06 Jun 2020 04:04 AM (IST)
ग्राम बनगांय में मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद ग्रामीणों में भड़का आक्रोश छतरपुर। जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बनगांय में मासूम के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्ता. . . madhya pradeshFri, 05 Jun 2020 04:03 AM (IST)
छतरपुर। नगर पालिका के सीएमओ के खिलाफ हाथ ठेला व पथ विक्रेताओं ने मोर्चा खोल कर आरोप लगाया है कि वे बेवजह प्रताड़ित कर रहे हैं। गुरुवार को सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेन्. . . madhya pradeshFri, 05 Jun 2020 04:03 AM (IST)
महाराजपुर। गुरुवार को दोपहर के समय चौरसिया समाज के तत्वाधान में महाराजपुर बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में कि सान जमा हो गए। सड़क पर चक्काजाम करके प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते आंदोलनकारी पान की दुकानें खोलने की मांग पर . . . madhya pradeshFri, 05 Jun 2020 04:03 AM (IST)
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छतरपुर। बिजावर तहसील के अंतर्गत ग्राम जैतपुर में पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कराके अस्सी पीएम आवास बनवा दिए हैं, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। खास बात. . . madhya pradeshFri, उन्नीस जून दो हज़ार बीस चार:बारह AM पत्नी, भाई और दो बच्चों के साथ रहने आया है ससुराल छतरपुर। दिल्ली में रेस्टोरेंट चलाकर अपने परिवार की आजीविका चला रहा एक कोरोना पॉजीटिव मरीज अपनी ससुराल ग्राम बूदौर आया है। उसके साथ पत्नी, दो बच्चे, एक भाई लौटकर आए हैं। स. . . madhya pradeshFri, उन्नीस जून दो हज़ार बीस चार:बारह AM छतरपुर। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारियों ने शहीद स्तंभ के सम्मुख हाल ही में दो मिनट का मौन रखकर व दीप प्रज्जवलित करके चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। विश. . . madhya pradeshFri, उन्नीस जून दो हज़ार बीस चार:पाँच AM छतरपुर। हितग्राहियों को समय पर पेंशन न मिलने के कारण सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न तरह की पेंशन जरुरतमंद पात्र हितग्राहियों को नियमित रुप से . . . madhya pradeshFri, उन्नीस जून दो हज़ार बीस चार:पाँच AM छतरपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि पर्यावरण दिवस के मौके पर शुक्रवार को कई जगह पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करके सभी को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है। इस कार्य में बड़ों के साथ बच्चों ने भी बराबर की हिस्सेदारी की है। संग. . . madhya pradeshSat, छः जून दो हज़ार बीस चार:चार AM दुकानें तो खुल गईं पर ग्राहकों के न आने से व्यापारी चिंतित छतरपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि लगातार जारी लॉकडाउन के बाद अनलॉक होते ही अब महंगाई के रुप में नया लॉकडाउन से लोगों का सामना शुरू हो गया है। बिगड़ी अर्थव्यवस्था के . . . madhya pradeshSat, छः जून दो हज़ार बीस चार:चार AM चंदला अंचल के टिकरी, घूरा और बंजारी में सामने आए तीन केस, कालापानी-पनागर में भी एक-एक विभिन्न प्रांतों से अंचल में आए प्रवासी मजदूर बन रहे कोरोना कैरियर छतरपुर। जिले में पाँच नए कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। बाहर से आए. . . madhya pradeshSat, छः जून दो हज़ार बीस चार:चार AM ग्राम बनगांय में मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद ग्रामीणों में भड़का आक्रोश छतरपुर। जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बनगांय में मासूम के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्ता. . . madhya pradeshFri, पाँच जून दो हज़ार बीस चार:तीन AM छतरपुर। नगर पालिका के सीएमओ के खिलाफ हाथ ठेला व पथ विक्रेताओं ने मोर्चा खोल कर आरोप लगाया है कि वे बेवजह प्रताड़ित कर रहे हैं। गुरुवार को सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेन्. . . madhya pradeshFri, पाँच जून दो हज़ार बीस चार:तीन AM महाराजपुर। गुरुवार को दोपहर के समय चौरसिया समाज के तत्वाधान में महाराजपुर बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में कि सान जमा हो गए। सड़क पर चक्काजाम करके प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते आंदोलनकारी पान की दुकानें खोलने की मांग पर . . . madhya pradeshFri, पाँच जून दो हज़ार बीस चार:तीन AM
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मनोरम छत का क्या बुरा विचार है?
सबसे पहले, मोटर चालक के लिए बड़ी परेशानी 30 डिग्री गर्मी पर होती है गली में, ऐसी छत वाला एक कार तुरन्त सीमित हो जाती है, इसलिए कार में दस मिनट में जाने में असंभव है। कार के मालिकों के अनुसार, यहां तक कि पर्दे सूरज की रोशनी के प्रवेश से बचाने में सक्षम नहीं हैं। सर्दियों में भी समस्याएं हैं I यह सीज़न अक्सर कारों के शवों पर बर्फ की परत बनाती है। और पैनोरमिक छत कोई अपवाद नहीं है। इसे वहां से निकाल देना मुश्किल है, और अपने सिर पर बर्फ पिघलने से निरंतर दुर्घटना के साथ चलना बहुत दिलचस्प नहीं है। वैसे, यहां तक कि शामिल स्टोव ऐसे "आक्रमण" से कांच को नहीं बचाएगा। ड्राइवरों के अनुसार, सर्दियों में छत की सतह हमेशा ठंड रहता है। एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए खुद के लिए , यहाँ पर बारीकियां भी हैं तथ्य यह है कि ऐसी कारें मानक वायु कंडीशनर और जलवायु नियंत्रण प्रणाली से लैस हैं, जो कि धातु में "टॉप" के साथ केबिन में हवा को गर्म करने के लिए पर्याप्त शक्ति देती है, जिसके अंदर इन्सुलेशन की एक मोटी परत होती है दुनिया में अभी भी कोई एकल ऑटोमेकर नहीं है जो एक मनोरम छत के साथ कारों के लिए एक स्टोव विकसित करेगा। इसलिए यह पता चला है कि हवा को गर्मी या ठंडा करने के लिए सिस्टम को अधिक समय और शक्ति की आवश्यकता होती है।
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मनोरम छत का क्या बुरा विचार है? सबसे पहले, मोटर चालक के लिए बड़ी परेशानी तीस डिग्री गर्मी पर होती है गली में, ऐसी छत वाला एक कार तुरन्त सीमित हो जाती है, इसलिए कार में दस मिनट में जाने में असंभव है। कार के मालिकों के अनुसार, यहां तक कि पर्दे सूरज की रोशनी के प्रवेश से बचाने में सक्षम नहीं हैं। सर्दियों में भी समस्याएं हैं I यह सीज़न अक्सर कारों के शवों पर बर्फ की परत बनाती है। और पैनोरमिक छत कोई अपवाद नहीं है। इसे वहां से निकाल देना मुश्किल है, और अपने सिर पर बर्फ पिघलने से निरंतर दुर्घटना के साथ चलना बहुत दिलचस्प नहीं है। वैसे, यहां तक कि शामिल स्टोव ऐसे "आक्रमण" से कांच को नहीं बचाएगा। ड्राइवरों के अनुसार, सर्दियों में छत की सतह हमेशा ठंड रहता है। एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए खुद के लिए , यहाँ पर बारीकियां भी हैं तथ्य यह है कि ऐसी कारें मानक वायु कंडीशनर और जलवायु नियंत्रण प्रणाली से लैस हैं, जो कि धातु में "टॉप" के साथ केबिन में हवा को गर्म करने के लिए पर्याप्त शक्ति देती है, जिसके अंदर इन्सुलेशन की एक मोटी परत होती है दुनिया में अभी भी कोई एकल ऑटोमेकर नहीं है जो एक मनोरम छत के साथ कारों के लिए एक स्टोव विकसित करेगा। इसलिए यह पता चला है कि हवा को गर्मी या ठंडा करने के लिए सिस्टम को अधिक समय और शक्ति की आवश्यकता होती है।
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ग्रेटर नोएडा के जिम्स में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्राइवेट रूम की सुविधा शुरू की गई है। 50 बेड वाले इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज को रोजाना 3000 रुपये चुकाने होंगे।
गौतमबुद्धनगर। ग्रेटर नोएडा के जिम्स में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्राइवेट रूम की सुविधा शुरू की गई है। 50 बेड वाले इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज को रोजाना 3000 रुपये चुकाने होंगे। इस वार्ड के एक कमरे में अगर 2 मरीज रहेंगे, तब रोजाना 2000 रुपये शुल्क देना होगा।
इस वार्ड के सभी कमरों में अटैच वाशरूम होगा। हालांकि उपचार और खानपान सामान्य ही रहेगा। अभी तक आईसीयू कमरों का शुल्क तय नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग 6 हजार रुपये रोजाना तय किया जाएगा। जिम्स में ये कमरे चौथे और तीसरे माले पर बनाए गए हैं।
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ग्रेटर नोएडा के जिम्स में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्राइवेट रूम की सुविधा शुरू की गई है। पचास बेड वाले इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज को रोजाना तीन हज़ार रुपयापये चुकाने होंगे। गौतमबुद्धनगर। ग्रेटर नोएडा के जिम्स में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्राइवेट रूम की सुविधा शुरू की गई है। पचास बेड वाले इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज को रोजाना तीन हज़ार रुपयापये चुकाने होंगे। इस वार्ड के एक कमरे में अगर दो मरीज रहेंगे, तब रोजाना दो हज़ार रुपयापये शुल्क देना होगा। इस वार्ड के सभी कमरों में अटैच वाशरूम होगा। हालांकि उपचार और खानपान सामान्य ही रहेगा। अभी तक आईसीयू कमरों का शुल्क तय नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग छः हजार रुपये रोजाना तय किया जाएगा। जिम्स में ये कमरे चौथे और तीसरे माले पर बनाए गए हैं।
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मुंबई। मुंबई महानगर पालिका के चुनाव के दौरान शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच तल्खी और बढ़ गई है। शिवसेना का कहना था कि यदि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थानीय निकाय के चुनाव में शिवसेना पर आरोप लगाए और उनके खिलाफ बात कही तो फिर उन्हें घर वापस भेज दिया जाएगा।
इतना ही नहीं शिवसेना ने मुखपत्र सामने के माध्यम से भाजपा पर हमला किया। इस मामले में भाजपा पर आरोप लगाए गए कि वह तो 28 वर्ष से राम मंदिर की बात कर रही है,
समान नागरिक संहिता की बात ही कर रही है लेकिन वह कर कुछ नहीें रही है और लोगों को धोखा दे रही है। शिवसेना ने मुखमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर कहा कि पार्टी द्वारा महानगर में किए गए काम जीत का आधार हैं। जीत के लिए गुंडों की जरूरत नहीं होती है।
संपादकीय में लिखा गया कि उत्तरप्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में गुंडों और अपराधियों को प्रवेश देने के लिए फडणवीस की पार्टी ने खिड़की खोल दी। हालात ये हैं कि आप बलात्कारी, भ्रष्ट, हत्यारे आदि होने चाहिए फिर क्या आपको पार्टी में स्थान मिल जाएगा।
भाजपा से अलगाव दो भाईयों को मिलाएगा!
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मुंबई। मुंबई महानगर पालिका के चुनाव के दौरान शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच तल्खी और बढ़ गई है। शिवसेना का कहना था कि यदि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थानीय निकाय के चुनाव में शिवसेना पर आरोप लगाए और उनके खिलाफ बात कही तो फिर उन्हें घर वापस भेज दिया जाएगा। इतना ही नहीं शिवसेना ने मुखपत्र सामने के माध्यम से भाजपा पर हमला किया। इस मामले में भाजपा पर आरोप लगाए गए कि वह तो अट्ठाईस वर्ष से राम मंदिर की बात कर रही है, समान नागरिक संहिता की बात ही कर रही है लेकिन वह कर कुछ नहीें रही है और लोगों को धोखा दे रही है। शिवसेना ने मुखमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर कहा कि पार्टी द्वारा महानगर में किए गए काम जीत का आधार हैं। जीत के लिए गुंडों की जरूरत नहीं होती है। संपादकीय में लिखा गया कि उत्तरप्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में गुंडों और अपराधियों को प्रवेश देने के लिए फडणवीस की पार्टी ने खिड़की खोल दी। हालात ये हैं कि आप बलात्कारी, भ्रष्ट, हत्यारे आदि होने चाहिए फिर क्या आपको पार्टी में स्थान मिल जाएगा। भाजपा से अलगाव दो भाईयों को मिलाएगा!
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आजमगढ़ जिले में समाजवादी पार्टी युवजन सभा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने तमसा नदी में जल सत्याग्रह कर बढ़ती महंगाई को लेकर प्रदर्शन किया। युवजन सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पूर्व इस सरकार ने जनता से बहुत से वायदे किए थे। पर सत्ता में आने के बाद एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया। आज प्रदेश की जनता अपने को ठगी महसूस कर रही है। लगातार डीजल, पेट्रोल के साथ गैस की कीमतें बढ़ रहीं हैं। गरीबों को अपना परिवार चलाने में समस्या हो रही है। जनता के मुद्दों से ध्यान हटाकर यह सरकार जाति, धर्म के मुद्दे पर जनता को बांटने का कार्य कर रही है। इससे जनता का भला नहीं होने वाला। यह सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। और गरीबों का शोषण कर रही है। जाति धर्म की राजनीति से गरीबों का पेट भरने वाला नहीं।
सपा युवजन सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश की योगी सरकार को 2022 में उखाड़ फेंकने का संकल्प लेते हुए कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई से परेशान है। और यह सरकार लगातार कीमतें बढ़ा रही है। ऐसे में प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है। और आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इसका हिसाब करने को तैयार बैठी है। छात्र-नौजवान को न तो रोजगार मिल रहा है और न ही किसी तरह की मदद। ऐसे में प्रदेश का युवा समाजवादी पार्टी के साथ है। और यह युवा प्रदेश की योगी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार बैठा है।
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आजमगढ़ जिले में समाजवादी पार्टी युवजन सभा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने तमसा नदी में जल सत्याग्रह कर बढ़ती महंगाई को लेकर प्रदर्शन किया। युवजन सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पूर्व इस सरकार ने जनता से बहुत से वायदे किए थे। पर सत्ता में आने के बाद एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया। आज प्रदेश की जनता अपने को ठगी महसूस कर रही है। लगातार डीजल, पेट्रोल के साथ गैस की कीमतें बढ़ रहीं हैं। गरीबों को अपना परिवार चलाने में समस्या हो रही है। जनता के मुद्दों से ध्यान हटाकर यह सरकार जाति, धर्म के मुद्दे पर जनता को बांटने का कार्य कर रही है। इससे जनता का भला नहीं होने वाला। यह सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। और गरीबों का शोषण कर रही है। जाति धर्म की राजनीति से गरीबों का पेट भरने वाला नहीं। सपा युवजन सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश की योगी सरकार को दो हज़ार बाईस में उखाड़ फेंकने का संकल्प लेते हुए कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई से परेशान है। और यह सरकार लगातार कीमतें बढ़ा रही है। ऐसे में प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है। और आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इसका हिसाब करने को तैयार बैठी है। छात्र-नौजवान को न तो रोजगार मिल रहा है और न ही किसी तरह की मदद। ऐसे में प्रदेश का युवा समाजवादी पार्टी के साथ है। और यह युवा प्रदेश की योगी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार बैठा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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बीते दिनों राजस्थान के सबसे बड़े गैंगस्टर की हत्या करने की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर रोहित गोदरा का भाई पहली बार मीडिया के सामने आया है। उसने वीडियो के जरिए उसके बारे में कई खुलासे किए हैं। साथ ही युवाओं से विनती करते हुए कहा-ऐसे अपराधियों को अपना आइकॉन नहीं मानें।
जयपुर पुलिस ने 7 महीने पहले हुए एक मर्डर के मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बुजुर्ग की हत्या किसी और ने नहीं उसके बेटे और बहू ने की थी। आरोपी पति-पत्नी ने प्रॉपर्टी और रुपयों के लालच में पिता की गला घोंटकर मार डाला था। अब दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं।
कांग्रेस की भारत जोड़ यात्रा दौसा जिले में एट्री कर चुकी है। राजस्थान में यात्रा का 11वां दिन है। राहुल गांधी आज प्रदेश के सिलेक्टेड किसानों से मुलाकत कर उनसे चर्चा करेंगे। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी दौर जारी है। लेकिन इसके बावजूद भी भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
जयपुर में एक दिसंबर को हुए गैंगवार में मारे गए एस्कॉर्ट सर्विस का किंग महेंद्र मीणा को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वहीं पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा का 10वां दिन है। यात्रा आज दौसा में एंट्री कर चुकी है। पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। वहीं इसी बीच सचिन पायलट ने बड़ा बयान देते हुए बताया कि राहुल गांधी ने यह भारत जोड़ यात्रा किस उद्देशय के लिए शुरू की है। साथ ही कहा इसका वोट की राजनीति से कोई मतलब नहीं है।
राजस्थान में क्राइम का ग्राफ बहुत जीते से बढ़ रहा है। खासकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गृह जिले जोधपुर से तो आए दिन अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब फिर ऐसा शॉकिंग मामला आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैलाकर रख दी। गुंडागर्दी का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
जयपुर (राजस्थान). राजधानी जयपुर क पुलिस ने जगतपुरा इलाके में फरारी काट रही करौली की अपराधी रेखा मीणा को गिरफ्तार किया है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 29 नवंबर को करौली में ही एक स्कूल से लौट रहे नाबालिग पर तमंचे से गोली मार दी थी। अब जल्द ही पुलिस रेखा मीणा को करौली पुलिस के हवाले करेगी। वह अपने आप को लेडी डॉन बताती है।
राजस्थान के कोटा जिले से दुखद मामला सामने आया हैं। जहां एक कारोबारी पति-पत्नी ने एक साथ सुसाइड कर लिया। मरने से पहले दोनों ने अपने इकलौते बेटे के लिए एक इमोशन ल मैसेज किया। लेकिन वह नहीं समझ पाया कि मम्मी-पापा कुछ ऐसा करने वाले हैं।
राजस्थान के जोधपुर में एक सप्ताह पहले जो अग्नि कांड हुआ उसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया। कैसे शादी वाले घर में एक-एक करके 23 लोगों की मौत हो गई। इसी हादसे में अपनी मां और छोटे भाई को गंवाने वाले 13 साल के रावल अब अकेला बचा है।
राजस्थान के भीलवाड़ा में अनोखा नजारा देखने को मिला। जहां बहन के घर शादी में भाई भात भरने के लिए बैलगाड़ी से पहुंचे हुए थे। इतना ही नहीं यहां से विधायक भी 2 किलोमीटर तक बैलगाड़ी को पकड़कर चलते रहे। यह नजारे देखकर करीब 100 साल पुराना दृश्य ताजा हो गए।
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बीते दिनों राजस्थान के सबसे बड़े गैंगस्टर की हत्या करने की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर रोहित गोदरा का भाई पहली बार मीडिया के सामने आया है। उसने वीडियो के जरिए उसके बारे में कई खुलासे किए हैं। साथ ही युवाओं से विनती करते हुए कहा-ऐसे अपराधियों को अपना आइकॉन नहीं मानें। जयपुर पुलिस ने सात महीने पहले हुए एक मर्डर के मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बुजुर्ग की हत्या किसी और ने नहीं उसके बेटे और बहू ने की थी। आरोपी पति-पत्नी ने प्रॉपर्टी और रुपयों के लालच में पिता की गला घोंटकर मार डाला था। अब दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं। कांग्रेस की भारत जोड़ यात्रा दौसा जिले में एट्री कर चुकी है। राजस्थान में यात्रा का ग्यारहवां दिन है। राहुल गांधी आज प्रदेश के सिलेक्टेड किसानों से मुलाकत कर उनसे चर्चा करेंगे। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी दौर जारी है। लेकिन इसके बावजूद भी भारी भीड़ देखने को मिल रही है। जयपुर में एक दिसंबर को हुए गैंगवार में मारे गए एस्कॉर्ट सर्विस का किंग महेंद्र मीणा को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वहीं पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा का दसवां दिन है। यात्रा आज दौसा में एंट्री कर चुकी है। पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। वहीं इसी बीच सचिन पायलट ने बड़ा बयान देते हुए बताया कि राहुल गांधी ने यह भारत जोड़ यात्रा किस उद्देशय के लिए शुरू की है। साथ ही कहा इसका वोट की राजनीति से कोई मतलब नहीं है। राजस्थान में क्राइम का ग्राफ बहुत जीते से बढ़ रहा है। खासकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गृह जिले जोधपुर से तो आए दिन अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब फिर ऐसा शॉकिंग मामला आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैलाकर रख दी। गुंडागर्दी का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जयपुर . राजधानी जयपुर क पुलिस ने जगतपुरा इलाके में फरारी काट रही करौली की अपराधी रेखा मीणा को गिरफ्तार किया है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उनतीस नवंबर को करौली में ही एक स्कूल से लौट रहे नाबालिग पर तमंचे से गोली मार दी थी। अब जल्द ही पुलिस रेखा मीणा को करौली पुलिस के हवाले करेगी। वह अपने आप को लेडी डॉन बताती है। राजस्थान के कोटा जिले से दुखद मामला सामने आया हैं। जहां एक कारोबारी पति-पत्नी ने एक साथ सुसाइड कर लिया। मरने से पहले दोनों ने अपने इकलौते बेटे के लिए एक इमोशन ल मैसेज किया। लेकिन वह नहीं समझ पाया कि मम्मी-पापा कुछ ऐसा करने वाले हैं। राजस्थान के जोधपुर में एक सप्ताह पहले जो अग्नि कांड हुआ उसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया। कैसे शादी वाले घर में एक-एक करके तेईस लोगों की मौत हो गई। इसी हादसे में अपनी मां और छोटे भाई को गंवाने वाले तेरह साल के रावल अब अकेला बचा है। राजस्थान के भीलवाड़ा में अनोखा नजारा देखने को मिला। जहां बहन के घर शादी में भाई भात भरने के लिए बैलगाड़ी से पहुंचे हुए थे। इतना ही नहीं यहां से विधायक भी दो किलोग्राममीटर तक बैलगाड़ी को पकड़कर चलते रहे। यह नजारे देखकर करीब एक सौ साल पुराना दृश्य ताजा हो गए।
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राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, बंगलूरू (NCBS-TIFR) के शोधकर्त्ताओं ने एक नया मार्ग खोजा है जो पौधों में नाइट्रेट अवशोषण को नियंत्रित करता है।
नई विधिः
- शोधकर्त्ताओं ने MADS27 नामक एक miR444 लक्ष्य जीन की जाँच की, जो एक प्रतिलेखन कारक है जिस पर पहले थोड़ा ध्यान दिया गया था।
- प्रतिलेखन कारक प्रोटीन होते हैं जो DNA को RNA में परिवर्तित करने या प्रतिलेखन करने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। प्रतिलेखन कारकों में RNA पोलीमरेज़ को छोड़कर बड़ी संख्या में प्रोटीन शामिल हैं, जो जीन के प्रतिलेखन को आरंभ और विनियमित करते हैं।
- माइक्रो-आरएनए, miR444, जीन MADS27 को सक्रिय करता है, जो नाइट्रेट अवशोषण, जड़ विकास और तनाव सहिष्णुता को नियंत्रित करता है तथा इस प्रकार इन पौधों के गुणों को नियंत्रित करने का एक तरीका प्रदान करता है।
- जीन MADS27 नाइट्रोजन उपयोग दक्षता में सुधार के लिये संशोधन हेतु एक उत्कृष्ट जीन प्रतीत होता है, जो पौधे को अधिक नाइट्रेट्स को अवशोषित करने में मदद करता है और अजैविक सहनशीलता को बढ़ाता है।
- शोधकर्त्ताओं द्वारा चावल (मोनोकॉट) और तंबाकू (डाइकॉट) दोनों पौधों में इस तंत्र का अध्ययन किया गया था। यह अध्ययन 'जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल बॉटनी' में प्रकाशित हुआ था।
नाइट्रोजन का महत्त्वः
- नाइट्रोजन एक पौधे के विकास के लिये आवश्यक सबसे महत्त्वपूर्ण पोषक तत्त्वों में से एक है हैं।
- हालाँकि उर्वरकों में नाइट्रेट के अत्यधिक उपयोग के कारण मिट्टी में नाइट्रेट संचयित हो सकता है, परिणामस्वरूप जल और मिट्टी में नाइट्रेट जमा हो सकता है। यह संचय मिट्टी व जल प्रदूषण को बढ़ा देता है, साथ ही ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि करता है।
- यह दूसरों के बीच क्लोरोफिल, अमीनो एसिड और न्यूक्लिक एसिड का एक हिस्सा है।
- यह ज़्यादातर मृदा से प्राप्त होता है जहाँ यह मुख्य रूप से जड़ों द्वारा नाइट्रेट्स और अमोनियम के रूप में अवशोषित होता है।
- नाइट्रेट्स जीनोम-वाइड ज़ीन अभिव्यक्ति को भी प्रभावित करते हैं, जो बदले में जड़ प्रणाली, पौधों के जैविक चक्र, की वृद्धि आदि को प्रभावित करते हैं।
विगत वर्षों के प्रश्नः
प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन मृदा में नाइट्रोजन मिलाता है? (2013)
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनियेः
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राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, बंगलूरू के शोधकर्त्ताओं ने एक नया मार्ग खोजा है जो पौधों में नाइट्रेट अवशोषण को नियंत्रित करता है। नई विधिः - शोधकर्त्ताओं ने MADSसत्ताईस नामक एक miRचार सौ चौंतालीस लक्ष्य जीन की जाँच की, जो एक प्रतिलेखन कारक है जिस पर पहले थोड़ा ध्यान दिया गया था। - प्रतिलेखन कारक प्रोटीन होते हैं जो DNA को RNA में परिवर्तित करने या प्रतिलेखन करने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। प्रतिलेखन कारकों में RNA पोलीमरेज़ को छोड़कर बड़ी संख्या में प्रोटीन शामिल हैं, जो जीन के प्रतिलेखन को आरंभ और विनियमित करते हैं। - माइक्रो-आरएनए, miRचार सौ चौंतालीस, जीन MADSसत्ताईस को सक्रिय करता है, जो नाइट्रेट अवशोषण, जड़ विकास और तनाव सहिष्णुता को नियंत्रित करता है तथा इस प्रकार इन पौधों के गुणों को नियंत्रित करने का एक तरीका प्रदान करता है। - जीन MADSसत्ताईस नाइट्रोजन उपयोग दक्षता में सुधार के लिये संशोधन हेतु एक उत्कृष्ट जीन प्रतीत होता है, जो पौधे को अधिक नाइट्रेट्स को अवशोषित करने में मदद करता है और अजैविक सहनशीलता को बढ़ाता है। - शोधकर्त्ताओं द्वारा चावल और तंबाकू दोनों पौधों में इस तंत्र का अध्ययन किया गया था। यह अध्ययन 'जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल बॉटनी' में प्रकाशित हुआ था। नाइट्रोजन का महत्त्वः - नाइट्रोजन एक पौधे के विकास के लिये आवश्यक सबसे महत्त्वपूर्ण पोषक तत्त्वों में से एक है हैं। - हालाँकि उर्वरकों में नाइट्रेट के अत्यधिक उपयोग के कारण मिट्टी में नाइट्रेट संचयित हो सकता है, परिणामस्वरूप जल और मिट्टी में नाइट्रेट जमा हो सकता है। यह संचय मिट्टी व जल प्रदूषण को बढ़ा देता है, साथ ही ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि करता है। - यह दूसरों के बीच क्लोरोफिल, अमीनो एसिड और न्यूक्लिक एसिड का एक हिस्सा है। - यह ज़्यादातर मृदा से प्राप्त होता है जहाँ यह मुख्य रूप से जड़ों द्वारा नाइट्रेट्स और अमोनियम के रूप में अवशोषित होता है। - नाइट्रेट्स जीनोम-वाइड ज़ीन अभिव्यक्ति को भी प्रभावित करते हैं, जो बदले में जड़ प्रणाली, पौधों के जैविक चक्र, की वृद्धि आदि को प्रभावित करते हैं। विगत वर्षों के प्रश्नः प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन मृदा में नाइट्रोजन मिलाता है? नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनियेः
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ऊपर के विवरण से पता चलता है कि ईसा की पहली सदी में भारतीय जहाजरानी की काफी उन्नति हुई। बहुत प्राचीन काल से भारतीय जहाजों का सम्बन्ध मलय, पूवा अफ्रिका और फारस की खाडी से था, पर, अरबों की रोक-थाम से वे उसके आगे नहीं चढ़ते थे। पहली सदी में छत्रपों की श्राज्ञा से कुछ बड़े जहाज फारस की खाड़ी की ओर जाते थे। भारत के उत्तरपरिचमी समुद्रतट से जहाज उत्तर-पूर्वी अफ्रिका के साथ गार्दाफुई तक घराबर व्यापार करते थे, लेकिन इसके लिए भी अरव और अक्षुभियों की आज्ञा लेनी पड़ती थी। इस सदी तक अरब पश्चिम के व्यापार के अधिकारी थे । इसलिए भारतीय व्यापारी ओसेलिस के आगे नहीं बढ़ते थे, गोकि अक्षु भी उन्हें प्रोसिजिस के बन्दरगाह का उपयोग कर लेने देते थे। भारतीय समुद्र तट पर तो उन्हें व्यापार करने की पूरी स्वतंत्रता थी। बेरिगाजा से कुछ बड़े जहाज अपोलोगोस और श्रोम्माना जाते थे और कुत्र सोमाली बन्दरगाहों और अब जिस तक पहुँच जाते थे। कोटिम्बा और टुप्पगा जहाजों के जहाजी भडोच के ऊपर जाकर वहाँ से विदेशी जहाजों का पथ-प्रदर्शन करके उन्हे भड़ोच लाते थे। सिन्ध में बार्बरिकोन बन्दर में जहाज अपना माल नावों पर लादते थे । तामिल का माल विदेशों के लिए कोचीन के बन्दरगाहों से लदता था, पर कुछ यूनानी जहाज नेल किएडा तक पहुँच जाते थे। सिंहल के समुद्र में तेतींस टन के जहाज चलते थे जिनकी वजह से गंगा के मुहाने से सिंहल तक की यात्रा में बड़ी कमी आ गई थी ( शिनी, ६१८२ ) । चोलमडल में जहाज बडी कसरत से चलते ये मालावार के समुद्र से जहाज कमरा, पोडुचे और सोपत्मा के बन्दरगाहों में पहुँचते थे। चोज्ञमण्डल के उत्तर में, सातवाहनों के राज्य में, दो मस्कूलबाले जहाज बनते थे। इसके उत्तर में तामलुक की जहाजरानी भी बहुत जोरों पर थी।
उस युग के यूनानी जहाज काफी बड़े होते थे और इनके साथ सशन रक्षकों के दल भी होते थे। एक समय ऐसा आया कि भारतीय राज्यों ने न केवल सशक्त विदेशी जहाजों का भारत के समुद्रतट पर आना रोक दिया; घटिक इस बात की आज्ञा भी जारी कर दी कि हर विदेशी व्यापारी केवल एक जहाज भारत भेज सकता है ? । इस आज्ञा के बाद मिस्रो व्यापारी अपने जहाज और भी बड़े बनाने लगे और उनमें सात पाल लगाने लगे। उनके जहाजों पर, जिनका वजन दो सौ से तीन सौ टन तक होना था, काफी यात्री भी सफर करते थे ।
मिस और भारत के व्यापारिक सम्बन्ध बढ़ने से भारत में बहुत से रोमन नागरिक बसने लगे। पहली सदी के एक रोपन पेपिरस में इरिडकन नामक एक स्त्री का पत्र है जो उसने अपनी सहेली को लिखा था। इण्डिकन शायद भारत में रहनेवाले किसी यूनानी की भारतीय पत्नी थी। तामिलकम् में रहनेवाले यूनानी असली रोमन न होकर रोमन प्रजा थे। रोम और भारत के व्यापारिक सम्बन्ध के बारे में हम इतना कह सकते हैं कि रोम और भारत के बीच का व्यापार यूनानी, शामी और यहूदी व्यापारी चलाते थे और उनमें से बहुत से भारत में रहते भी थे । पाण्डिचेरी के पास वीरमपटनम की खुदाई से यह पता चलता है कि वहाँ रोमन व्यापारियों का घड़ा अट्टा था।
मौसमी हवा का पता लग जाने पर भारतीय जहाजरानी ने क्या उन्नति की इसका ठीक पता नहीं चलता, पर इतना तो अवश्य हुआ कि भारतीय व्यापारी अधिका
१. फाइलोस्ट्राटोस, अपोलीनियस ऑफ टायना, ३, ३५ २. चार्मिंगटन, वही, पृ० ६६-६७
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ऊपर के विवरण से पता चलता है कि ईसा की पहली सदी में भारतीय जहाजरानी की काफी उन्नति हुई। बहुत प्राचीन काल से भारतीय जहाजों का सम्बन्ध मलय, पूवा अफ्रिका और फारस की खाडी से था, पर, अरबों की रोक-थाम से वे उसके आगे नहीं चढ़ते थे। पहली सदी में छत्रपों की श्राज्ञा से कुछ बड़े जहाज फारस की खाड़ी की ओर जाते थे। भारत के उत्तरपरिचमी समुद्रतट से जहाज उत्तर-पूर्वी अफ्रिका के साथ गार्दाफुई तक घराबर व्यापार करते थे, लेकिन इसके लिए भी अरव और अक्षुभियों की आज्ञा लेनी पड़ती थी। इस सदी तक अरब पश्चिम के व्यापार के अधिकारी थे । इसलिए भारतीय व्यापारी ओसेलिस के आगे नहीं बढ़ते थे, गोकि अक्षु भी उन्हें प्रोसिजिस के बन्दरगाह का उपयोग कर लेने देते थे। भारतीय समुद्र तट पर तो उन्हें व्यापार करने की पूरी स्वतंत्रता थी। बेरिगाजा से कुछ बड़े जहाज अपोलोगोस और श्रोम्माना जाते थे और कुत्र सोमाली बन्दरगाहों और अब जिस तक पहुँच जाते थे। कोटिम्बा और टुप्पगा जहाजों के जहाजी भडोच के ऊपर जाकर वहाँ से विदेशी जहाजों का पथ-प्रदर्शन करके उन्हे भड़ोच लाते थे। सिन्ध में बार्बरिकोन बन्दर में जहाज अपना माल नावों पर लादते थे । तामिल का माल विदेशों के लिए कोचीन के बन्दरगाहों से लदता था, पर कुछ यूनानी जहाज नेल किएडा तक पहुँच जाते थे। सिंहल के समुद्र में तेतींस टन के जहाज चलते थे जिनकी वजह से गंगा के मुहाने से सिंहल तक की यात्रा में बड़ी कमी आ गई थी । चोलमडल में जहाज बडी कसरत से चलते ये मालावार के समुद्र से जहाज कमरा, पोडुचे और सोपत्मा के बन्दरगाहों में पहुँचते थे। चोज्ञमण्डल के उत्तर में, सातवाहनों के राज्य में, दो मस्कूलबाले जहाज बनते थे। इसके उत्तर में तामलुक की जहाजरानी भी बहुत जोरों पर थी। उस युग के यूनानी जहाज काफी बड़े होते थे और इनके साथ सशन रक्षकों के दल भी होते थे। एक समय ऐसा आया कि भारतीय राज्यों ने न केवल सशक्त विदेशी जहाजों का भारत के समुद्रतट पर आना रोक दिया; घटिक इस बात की आज्ञा भी जारी कर दी कि हर विदेशी व्यापारी केवल एक जहाज भारत भेज सकता है ? । इस आज्ञा के बाद मिस्रो व्यापारी अपने जहाज और भी बड़े बनाने लगे और उनमें सात पाल लगाने लगे। उनके जहाजों पर, जिनका वजन दो सौ से तीन सौ टन तक होना था, काफी यात्री भी सफर करते थे । मिस और भारत के व्यापारिक सम्बन्ध बढ़ने से भारत में बहुत से रोमन नागरिक बसने लगे। पहली सदी के एक रोपन पेपिरस में इरिडकन नामक एक स्त्री का पत्र है जो उसने अपनी सहेली को लिखा था। इण्डिकन शायद भारत में रहनेवाले किसी यूनानी की भारतीय पत्नी थी। तामिलकम् में रहनेवाले यूनानी असली रोमन न होकर रोमन प्रजा थे। रोम और भारत के व्यापारिक सम्बन्ध के बारे में हम इतना कह सकते हैं कि रोम और भारत के बीच का व्यापार यूनानी, शामी और यहूदी व्यापारी चलाते थे और उनमें से बहुत से भारत में रहते भी थे । पाण्डिचेरी के पास वीरमपटनम की खुदाई से यह पता चलता है कि वहाँ रोमन व्यापारियों का घड़ा अट्टा था। मौसमी हवा का पता लग जाने पर भारतीय जहाजरानी ने क्या उन्नति की इसका ठीक पता नहीं चलता, पर इतना तो अवश्य हुआ कि भारतीय व्यापारी अधिका एक. फाइलोस्ट्राटोस, अपोलीनियस ऑफ टायना, तीन, पैंतीस दो. चार्मिंगटन, वही, पृशून्य छयासठ-सरसठ
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प्रमोशन मामला :
जैप-10 में महिला आरक्षियों को प्रोन्नति नहीं दिए जाने के मामले में डीएसपी रैंक के अधिकारी के शपथपत्र दाखिल किए जाने पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने आइजी स्तर के एक अधिकारी को शपथपत्र दाखिल कर यह बताने को कहा गया कि जैप-10 की महिला आरक्षी क्लोज कैडर की हैं या नहीं और इन्हें पदोन्नति क्यों नहीं दी जा रही है। चार सप्ताह बाद आइजी को शपथपत्र दाखिल कर जानकारी देने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है।
जैप-10 की महिला आरक्षियों की ओर से दाखिल याचिका में प्रार्थियों की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने अदालत को बताया कि महिला पुलिसकर्मियों की 2004 में नियुक्ति जैप-10 महिला बटालियन में हुई है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई प्रोन्नति नहीं दी गई है। जिस समय नियुक्ति हुई, उस समय पुरुष और महिला दोनों की वरीयता सूची एक साथ तैयार की गई थी। एडीजी के आदेश पर 2017 में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों की वरीयता सूची को अलग-अलग कर दिया गया। महिला कांस्टेबल को क्लोज कैडर में रख दिया गया। सोरेन ने बताया कि यह नियमों का उल्लंघन है। किस नियमावली के तहत महिला आरक्षियों को क्लोज कैडर में रखा गया है, यह नहीं बताया गया है। जैप-10 की कमांडेंट ने भी एक आदेश में कहा है कि महिलाओं को क्लोज कैडर में रखे जाने का कोई कानून नहीं है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जैप 10 के एक डीएसपी की ओर से शपथपत्र दाखिल कर बताया गया कि यह पद क्लोज कैडर का है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी और कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारी को इस मामले में शपथपत्र दाखिल नहीं करना चाहिए। अदालत ने आइजी स्तर के अधिकारी को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया और सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की।
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प्रमोशन मामला : जैप-दस में महिला आरक्षियों को प्रोन्नति नहीं दिए जाने के मामले में डीएसपी रैंक के अधिकारी के शपथपत्र दाखिल किए जाने पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने आइजी स्तर के एक अधिकारी को शपथपत्र दाखिल कर यह बताने को कहा गया कि जैप-दस की महिला आरक्षी क्लोज कैडर की हैं या नहीं और इन्हें पदोन्नति क्यों नहीं दी जा रही है। चार सप्ताह बाद आइजी को शपथपत्र दाखिल कर जानकारी देने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। जैप-दस की महिला आरक्षियों की ओर से दाखिल याचिका में प्रार्थियों की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने अदालत को बताया कि महिला पुलिसकर्मियों की दो हज़ार चार में नियुक्ति जैप-दस महिला बटालियन में हुई है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई प्रोन्नति नहीं दी गई है। जिस समय नियुक्ति हुई, उस समय पुरुष और महिला दोनों की वरीयता सूची एक साथ तैयार की गई थी। एडीजी के आदेश पर दो हज़ार सत्रह में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों की वरीयता सूची को अलग-अलग कर दिया गया। महिला कांस्टेबल को क्लोज कैडर में रख दिया गया। सोरेन ने बताया कि यह नियमों का उल्लंघन है। किस नियमावली के तहत महिला आरक्षियों को क्लोज कैडर में रखा गया है, यह नहीं बताया गया है। जैप-दस की कमांडेंट ने भी एक आदेश में कहा है कि महिलाओं को क्लोज कैडर में रखे जाने का कोई कानून नहीं है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जैप दस के एक डीएसपी की ओर से शपथपत्र दाखिल कर बताया गया कि यह पद क्लोज कैडर का है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी और कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारी को इस मामले में शपथपत्र दाखिल नहीं करना चाहिए। अदालत ने आइजी स्तर के अधिकारी को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया और सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की।
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उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों विभाग आपसी तालमेल से सभी आयु वर्ग के बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में शिशुओं और पात्र महिलाओं को दिए जाने वाले पोषित आहार को समय पर लाभार्थियों को उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। आरके गौतम बुधवार को नाहन में पोषण अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय सामिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला में वर्तमान में 1486 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और पात्र महिलाओं को पोषण अभियान के तहत पोषित आहार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिरमौर जिला में आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज 44707 बच्चों में से अति कुपोषित बच्चों की संख्या 114 तथा मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या 626 है। उन्होंने कहा कि इन दोनों वर्ग के बच्चों को पोषित आहार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की लगातार जांच भी स्वास्थ्य अधिकारी सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि अति कुपोषित बच्चों को उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए एनआरसी भेजा जाता है जिसके अंतर्गत मार्च, 2022 से अक्तूबर, 2022 तक कुल छह बच्चों को एनआरसी भेजा गया है, जिसमें एक बच्चा राजगढ़ और छह बच्चे शिलाई के शामिल हैं।
आरके गौतम ने बताया कि कुपोषण मुक्त भारत परियोजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला सिरमौर में जिंक और ओआरएस की आपूर्ति की जा रही है। इस योजना के तहत सिरमौर जिला के छह बाल विकास परियोजनाओं में दर्ज 0 से 5 वर्ष की आयु के 37619 बच्चों में से 26926 बच्चों को जिंक और ओआरएस वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना के तहत छह माह से 59 माह के 1500 बच्चों की खून की जांच (एचबी) गई, जिसमें 30 बच्चों में सीवियर एनिमिया, 106 बच्चों में मॉडरेट, 232 बच्चों में माइल्ड एनिमिया पाया गया। उपायुक्त ने जानकारी दी है कि सितंबर, 2022 में पोषण माह के अंतर्गत जिला स्तर पर दो, खंड स्तर पर पांच और आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर 1590 शिविर लगाए गए गए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत माह अप्रैल से माह नवंबर, 2022 तक 18715 लाभार्थी माताओं को 68. 90 लाख रुपए के लाभ प्रदान किए गए हैं। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल, नगर परिषद नाहन की अध्यक्षा श्यामा पुंडीर, नगर परिषद पांवटा की अध्यक्षा निर्मल कौर, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश कटारिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय पाठक के अलावा बाल विकास परियोजना, शिक्षा तथा अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने सभी नवजात शिशुओं के आधार कार्ड पंजीकरण सुनिश्चित बनाने के लिए बाल विकास विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माह जून से माह नवंबर, 2022 तक कुल 1508 बच्चों का आधार पंजीकरण किया गया तथा 653 बच्चों का आधार अपडेट किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी सिरमौर सुनील शर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए उपायुक्त को आश्वस्त किया कि जितने भी निर्णय आज की बैठक में लिए गए हैं बाल विकास विभाग उनकी अनुपालना करेगा।
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उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों विभाग आपसी तालमेल से सभी आयु वर्ग के बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में शिशुओं और पात्र महिलाओं को दिए जाने वाले पोषित आहार को समय पर लाभार्थियों को उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। आरके गौतम बुधवार को नाहन में पोषण अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय सामिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला में वर्तमान में एक हज़ार चार सौ छियासी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और पात्र महिलाओं को पोषण अभियान के तहत पोषित आहार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिरमौर जिला में आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज चौंतालीस हज़ार सात सौ सात बच्चों में से अति कुपोषित बच्चों की संख्या एक सौ चौदह तथा मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या छः सौ छब्बीस है। उन्होंने कहा कि इन दोनों वर्ग के बच्चों को पोषित आहार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की लगातार जांच भी स्वास्थ्य अधिकारी सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि अति कुपोषित बच्चों को उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए एनआरसी भेजा जाता है जिसके अंतर्गत मार्च, दो हज़ार बाईस से अक्तूबर, दो हज़ार बाईस तक कुल छह बच्चों को एनआरसी भेजा गया है, जिसमें एक बच्चा राजगढ़ और छह बच्चे शिलाई के शामिल हैं। आरके गौतम ने बताया कि कुपोषण मुक्त भारत परियोजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला सिरमौर में जिंक और ओआरएस की आपूर्ति की जा रही है। इस योजना के तहत सिरमौर जिला के छह बाल विकास परियोजनाओं में दर्ज शून्य से पाँच वर्ष की आयु के सैंतीस हज़ार छः सौ उन्नीस बच्चों में से छब्बीस हज़ार नौ सौ छब्बीस बच्चों को जिंक और ओआरएस वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना के तहत छह माह से उनसठ माह के एक हज़ार पाँच सौ बच्चों की खून की जांच गई, जिसमें तीस बच्चों में सीवियर एनिमिया, एक सौ छः बच्चों में मॉडरेट, दो सौ बत्तीस बच्चों में माइल्ड एनिमिया पाया गया। उपायुक्त ने जानकारी दी है कि सितंबर, दो हज़ार बाईस में पोषण माह के अंतर्गत जिला स्तर पर दो, खंड स्तर पर पांच और आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर एक हज़ार पाँच सौ नब्बे शिविर लगाए गए गए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत माह अप्रैल से माह नवंबर, दो हज़ार बाईस तक अट्ठारह हज़ार सात सौ पंद्रह लाभार्थी माताओं को अड़सठ. नब्बे लाख रुपए के लाभ प्रदान किए गए हैं। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल, नगर परिषद नाहन की अध्यक्षा श्यामा पुंडीर, नगर परिषद पांवटा की अध्यक्षा निर्मल कौर, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश कटारिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय पाठक के अलावा बाल विकास परियोजना, शिक्षा तथा अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने सभी नवजात शिशुओं के आधार कार्ड पंजीकरण सुनिश्चित बनाने के लिए बाल विकास विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माह जून से माह नवंबर, दो हज़ार बाईस तक कुल एक हज़ार पाँच सौ आठ बच्चों का आधार पंजीकरण किया गया तथा छः सौ तिरेपन बच्चों का आधार अपडेट किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी सिरमौर सुनील शर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए उपायुक्त को आश्वस्त किया कि जितने भी निर्णय आज की बैठक में लिए गए हैं बाल विकास विभाग उनकी अनुपालना करेगा।
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केन्द्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आगामी आम बजट 2019-20 के संबंध में आज विभिन्न हितधारकों के साथ बजट पूर्व विचार-विमर्श की शुरुआत की। उनकी दूसरी बैठक उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के हितधारकों के साथ आयोजित हुई।
अपने उद्घाटन संबोधन में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 2014 से ही उद्योग से संबंधित अनेक पहलों की शुरुआत की है जिससे समग्र व्यापार माहौल में महत्वपूर्ण सुधार आया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों को सरल और विवेकपूर्ण बनाने के बारे में ज्यादा जोर दिया गया है। शासन को अधिक प्रभावी और निपुण बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी की शुरुआत की गई है। इसके परिणामस्वरूप भारत 190 देशों में अपनी स्थिति सुधार कर 77वें पायदान पर आ गया है। भारत विश्व बैंक व्यापार रिपोर्ट 2019 के अनुसार 2018 की व्यापार रिपोर्ट में 23वें पायदान पर है। वित्त मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत के कुल कार्य बल का 24 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत है इसलिए जनसांख्यिकीय लाभांश का पूरा लाभ उठाने के लिए उद्योग को अधिक से अधिक कार्य बल को समायोजित करने में समर्थ होना चाहिए।
वित्त मंत्री के साथ इस बैठक में केन्द्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव श्री सुभाष सी गर्ग, व्यय सचिव श्री गिरीश चन्द्र मुर्मू, राजस्व सचिव श्री अजय नारायण पांडे, डीएफएस सचिव श्री राजीव कुमार, डीआईपीएएम सचिव श्री अतनू चक्रवर्ती, पर्यटन सचिव श्री योगेन्द्र त्रिपाठी, सूचना और प्रसारण मंत्रालय में सचिव श्री अमित खरे, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव श्री रमेश अभिषेक, वाणिज्य विभाग में सचिव श्री अनूप वधावन, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में सचिव श्री प्रमोद चन्द्र मोदी, सीबीडीटी के अध्यक्ष श्री पी के दास, सीबीआईसी के चेयरमैन डॉ. के वी सुब्रमनियन तथा सीईए और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने दृष्टिकोण से उद्योग सेवा और व्यापार क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्र, भूमि सुधार, विशेष आर्थिक क्षेत्र, औद्योगिक नीति, अनुसंधान और विकास में निवेश, कर शासन के सरलीकरण, पर्यटन क्षेत्र की संभवानाओं को बढ़ाने, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), वस्तु और सेवा कर (जीएसटी), पूंजी लाभ कर, कॉरपोरेट कर एमएसएमई क्षेत्र, ई कॉमर्स, कौशल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र, स्टार्टअप्स, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र तथा खाद्य विनिर्माण उद्योग के बारे अनेक सुझाव प्रस्तुत किए।
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केन्द्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आगामी आम बजट दो हज़ार उन्नीस-बीस के संबंध में आज विभिन्न हितधारकों के साथ बजट पूर्व विचार-विमर्श की शुरुआत की। उनकी दूसरी बैठक उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के हितधारकों के साथ आयोजित हुई। अपने उद्घाटन संबोधन में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि केन्द्र सरकार ने दो हज़ार चौदह से ही उद्योग से संबंधित अनेक पहलों की शुरुआत की है जिससे समग्र व्यापार माहौल में महत्वपूर्ण सुधार आया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों को सरल और विवेकपूर्ण बनाने के बारे में ज्यादा जोर दिया गया है। शासन को अधिक प्रभावी और निपुण बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी की शुरुआत की गई है। इसके परिणामस्वरूप भारत एक सौ नब्बे देशों में अपनी स्थिति सुधार कर सतहत्तरवें पायदान पर आ गया है। भारत विश्व बैंक व्यापार रिपोर्ट दो हज़ार उन्नीस के अनुसार दो हज़ार अट्ठारह की व्यापार रिपोर्ट में तेईसवें पायदान पर है। वित्त मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत के कुल कार्य बल का चौबीस प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत है इसलिए जनसांख्यिकीय लाभांश का पूरा लाभ उठाने के लिए उद्योग को अधिक से अधिक कार्य बल को समायोजित करने में समर्थ होना चाहिए। वित्त मंत्री के साथ इस बैठक में केन्द्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव श्री सुभाष सी गर्ग, व्यय सचिव श्री गिरीश चन्द्र मुर्मू, राजस्व सचिव श्री अजय नारायण पांडे, डीएफएस सचिव श्री राजीव कुमार, डीआईपीएएम सचिव श्री अतनू चक्रवर्ती, पर्यटन सचिव श्री योगेन्द्र त्रिपाठी, सूचना और प्रसारण मंत्रालय में सचिव श्री अमित खरे, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के सचिव श्री रमेश अभिषेक, वाणिज्य विभाग में सचिव श्री अनूप वधावन, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में सचिव श्री प्रमोद चन्द्र मोदी, सीबीडीटी के अध्यक्ष श्री पी के दास, सीबीआईसी के चेयरमैन डॉ. के वी सुब्रमनियन तथा सीईए और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने दृष्टिकोण से उद्योग सेवा और व्यापार क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्र, भूमि सुधार, विशेष आर्थिक क्षेत्र, औद्योगिक नीति, अनुसंधान और विकास में निवेश, कर शासन के सरलीकरण, पर्यटन क्षेत्र की संभवानाओं को बढ़ाने, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश , वस्तु और सेवा कर , पूंजी लाभ कर, कॉरपोरेट कर एमएसएमई क्षेत्र, ई कॉमर्स, कौशल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र, स्टार्टअप्स, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र तथा खाद्य विनिर्माण उद्योग के बारे अनेक सुझाव प्रस्तुत किए।
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- #Andhra Pradeshआंध्र प्रदेशः चंद्रबाबू नायडू का ऐलान, 'किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार है टीडीपी'
आंध्र प्रदेश सरकार ने 2022 में गोदावरी की बाढ़ में डूबे गांवों को ध्यान में रखते हुए पोलावरम सिंचाई परियोजना के तहत 36 गांवों को जलमग्न गांवों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है। गौरतलब हैं कि 36 गांवों में कुल 13,937 लोग विस्थापित हैं।
राज्य सरकार ने संबंधित जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर विस्थापितों को मुआवजा राशि स्वीकृत करने की सूची तैयार करने को कहा है। इन गांवों में वेलेरुपाडु मंडल के 10 और एलुरु जिले के कुक्कुनूर मंडल के नौ गांव, चिंटूर के पांच गांव, वीआर पुरम मंडल के पांच गांव और एएसआर जिले के कुनावरम मंडल के सात गांव शामिल हैं।
पुनर्वास और पुनर्स्थापन आयुक्त सी श्रीधर ने कहा कि समोच्च स्तरों के बावजूद, गांवों को जलमग्न गांवों की सूची में शामिल किया गया है, क्योंकि बाढ़ का पानी इन गांवों में प्रवेश कर गया था और पेरंतल्लापल्ली, तुरपुमेट्टा, टेकुरु, काकीनुरु, कचारम, येर्रामेट्टा में संपत्ति को भारी नुकसान हुआ था।
13 मार्च, 2023 को पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवीपी रामचंद्र राव ने पोलावरम राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना की दुर्दशा के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। रामचंद्र राव ने कहा कि पर्याप्त धन आवंटित करने में केंद्र की लापरवाही के कारण परियोजना के पूरा होने में अत्यधिक देरी हो रही है, जो समुद्र में बर्बाद हो रहे 300 टीएमसी से अधिक पानी को उपयोग में ला सकती है।
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- #Andhra Pradeshआंध्र प्रदेशः चंद्रबाबू नायडू का ऐलान, 'किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार है टीडीपी' आंध्र प्रदेश सरकार ने दो हज़ार बाईस में गोदावरी की बाढ़ में डूबे गांवों को ध्यान में रखते हुए पोलावरम सिंचाई परियोजना के तहत छत्तीस गांवों को जलमग्न गांवों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है। गौरतलब हैं कि छत्तीस गांवों में कुल तेरह,नौ सौ सैंतीस लोग विस्थापित हैं। राज्य सरकार ने संबंधित जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर विस्थापितों को मुआवजा राशि स्वीकृत करने की सूची तैयार करने को कहा है। इन गांवों में वेलेरुपाडु मंडल के दस और एलुरु जिले के कुक्कुनूर मंडल के नौ गांव, चिंटूर के पांच गांव, वीआर पुरम मंडल के पांच गांव और एएसआर जिले के कुनावरम मंडल के सात गांव शामिल हैं। पुनर्वास और पुनर्स्थापन आयुक्त सी श्रीधर ने कहा कि समोच्च स्तरों के बावजूद, गांवों को जलमग्न गांवों की सूची में शामिल किया गया है, क्योंकि बाढ़ का पानी इन गांवों में प्रवेश कर गया था और पेरंतल्लापल्ली, तुरपुमेट्टा, टेकुरु, काकीनुरु, कचारम, येर्रामेट्टा में संपत्ति को भारी नुकसान हुआ था। तेरह मार्च, दो हज़ार तेईस को पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवीपी रामचंद्र राव ने पोलावरम राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना की दुर्दशा के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। रामचंद्र राव ने कहा कि पर्याप्त धन आवंटित करने में केंद्र की लापरवाही के कारण परियोजना के पूरा होने में अत्यधिक देरी हो रही है, जो समुद्र में बर्बाद हो रहे तीन सौ टीएमसी से अधिक पानी को उपयोग में ला सकती है।
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम् सुनवाई में निर्भया गैंगरेप में दोषी साबित हुए और एक दिन पहले रिहा हुए नाबालिग की रिहाई के खिलाफ DCW की याचिका को ख़ारिज कर दिया. कोर्ट ने साफ़ कहा कि दोषी के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता. कानून में नाबालिग के लिए 3 साल से ज्यादा की जेल नहीं है इसलिए उसे और जेल में रखने या सजा देने का कोई आधार नहीं है.
कोर्ट ने DCW को फटकार लगाते हुए कहा कि महिला सुरक्षा के लिए कोई कुछ नहीं करना चाहता. किसी एक को सजा देकर इस पूरे मसले से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता.
इस फैसले के बाद दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, 'देश के इतिहास में यह महिलाओं के लिए काला दिन है. आधा घंटा चली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम आपकी चिंता से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन कानून इतना कमजोर है कि हम आपकी मदद नहीं कर सकते.
वह उस विधेयक का हवाला दे रही थीं जिसमें 16-18 साल की उम्र के नाबालिगों को गंभीर अपराधों में शामिल होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. यह विधेयक हंगामे की वजह से राज्यसभा में लंबित है.
हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने नम आंखों से कहा कि 'मुझे पता था यही होगा. भारत में कभी कानून नहीं बदलेगा और महिलाओं को कभी इंसाफ नहीं मिलेगा. महिला सुरक्षा के लिए कोई कुछ नहीं करेगा. लेकिन हमारी लड़ाई जारी रहेगी. अब हम कानून बदलवाने की लड़ाई लड़ेंगे.
निर्भया के पिता ने भी फैसले पर निराशा जताई. उन्होंने कहा कि कोर्ट अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर सकता था, पर नहीं किया. निर्भया केस से सबक न लेना दुर्भाग्य है.
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम् सुनवाई में निर्भया गैंगरेप में दोषी साबित हुए और एक दिन पहले रिहा हुए नाबालिग की रिहाई के खिलाफ DCW की याचिका को ख़ारिज कर दिया. कोर्ट ने साफ़ कहा कि दोषी के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता. कानून में नाबालिग के लिए तीन साल से ज्यादा की जेल नहीं है इसलिए उसे और जेल में रखने या सजा देने का कोई आधार नहीं है. कोर्ट ने DCW को फटकार लगाते हुए कहा कि महिला सुरक्षा के लिए कोई कुछ नहीं करना चाहता. किसी एक को सजा देकर इस पूरे मसले से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता. इस फैसले के बाद दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, 'देश के इतिहास में यह महिलाओं के लिए काला दिन है. आधा घंटा चली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम आपकी चिंता से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन कानून इतना कमजोर है कि हम आपकी मदद नहीं कर सकते. वह उस विधेयक का हवाला दे रही थीं जिसमें सोलह-अट्ठारह साल की उम्र के नाबालिगों को गंभीर अपराधों में शामिल होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. यह विधेयक हंगामे की वजह से राज्यसभा में लंबित है. हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने नम आंखों से कहा कि 'मुझे पता था यही होगा. भारत में कभी कानून नहीं बदलेगा और महिलाओं को कभी इंसाफ नहीं मिलेगा. महिला सुरक्षा के लिए कोई कुछ नहीं करेगा. लेकिन हमारी लड़ाई जारी रहेगी. अब हम कानून बदलवाने की लड़ाई लड़ेंगे. निर्भया के पिता ने भी फैसले पर निराशा जताई. उन्होंने कहा कि कोर्ट अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर सकता था, पर नहीं किया. निर्भया केस से सबक न लेना दुर्भाग्य है.
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C-Voter Survey: 5 राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों पर चुनावी रंग चढ़ चुका है. साल 2022 की शुरुआत में ही उत्तर पद्रेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनावी दंगल होने वाले हैं. आइए जानते हैं, क्या है इन राज्यों में जनता का मूड?
मणिपुर में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और एन बीरेन सिंह वहां के मुख्यमंत्री हैं. एबीपी-सीवोटर सर्वे के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनावों में 60 सीटों वाले मणिपुर विधानसभा में एक बार बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनती नजर आ रही है. सर्वे के मुताबिक आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 36 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, वहीं कांग्रेस भी ज्यादा पीछे नहीं है. उसे 34 प्रतिशत वोट प्राप्त हो सकते हैं. वहीं नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को 9 प्रतिशत और अन्य को 21 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं.
सर्वे के मुताबिक मणिपुर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खाते में 26 से 30 सीटें जाती दिख रही हैं. वहीं, कांग्रेस को 21 से 25 सीटों पर जीत मिल सकती है. इसके अलावा एनपीएफ के खाते में 4 से 8 सीटें जा सकती हैं. अगर बीजेपी की सीट संख्या 26 से 30 के बीच में रहती है तो एनपीएफ की भूमिका बढ़ जाएगी. यहां अन्य के खाते में 1 से 5 सीटें जा सकती हैं.
गोवा में वर्तमान में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार है और प्रमोद सावंत वहां के मुख्यमंत्री हैं. सर्वे के मुताबिक गोवा में बीजेपी को बहुमत हासिल हो सकता है. यहां उसे 38 प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं. वहीं, कांग्रेस को 18 प्रतिशत और आम आदमी पार्टी को 23 प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं. इसके अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में 21 प्रतिशत वोट जा सकते हैं.
सीटों की बात करें तो सर्वे के मुताबिक इस बार गोवा में बीजेपी आसानी से सरकार बनाती दिख रही है. उसे 24 से 28 सीटें मिल सकती हैं. जबकि पिछली बार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को 1 से 5 सीट ही मिलने के आसार हैं. वहीं आम आदमी पार्टी इस बार बढ़त पा सकती है जिसकी सीटों की संख्या 3 से 7 तक हो सकती हैं. अन्य के खाते में 4 से 8 सीटें जा सकती हैं.
40 सीटों वाले गोवा में साल 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 17 सीटों पर जीत मिली थी और सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद वो सरकार बनाने में विफल रही थी. वहीं, 13 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली बीजेपी ने रातों-रात खेल कर दिया था और कांग्रेस के जीते हुए विधायकों को अपने पाले में करके बहुमत हासिल कर लिया था.
उत्तराखंड में इस समय बीजेपी सत्ता में है लेकिन 2017 विधानसभा चुनाव से लेकर अभी तक पार्टी दो बार मुख्यमंत्री बदल चुकी है. 2017 में मुख्यमंत्री बने त्रिवेंद्र सिंह रावत को 5 साल से पहले ही पद छोड़ना पड़ा और उनकी जगह तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद की कमान दी गई. लेकिन वो भी ज्यादा दिन नहीं टिक सके और महज 3 महीने बाद ही सीएम पद से हट गए. वर्तमान में यहां पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री हैं.
हालांकि, इतनी उठापठक के बाद भी सर्वे में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती नजर आ रही है. 70 विधानसभा सीटों वाले उत्तराखंड में बीजेपी को 2022 विधानसभा चुनाव में 42 से 46 सीटों पर जीत मिल सकती है. वहीं, कांग्रेस 21 से 25 सीटों पर सिमट सकती है. आम आदमी पार्टी को उत्तराखंड में 0 से 4 सीटें मिल सकती हैं. वहीं अन्य के खाते में 2 सीटें जा सकती हैं.
वोट प्रतिशत की बात करें तो, बीजेपी को 45 प्रतिशत, कांग्रेस को 34 प्रतिशत, आम आदमी पार्टी को 15 प्रतिशत और अन्य को 6 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं.
पंजाब में सत्ता की कुर्सी पर काबिज कांग्रेस की अंदरुनी कलह जगजाहिर हो चुका है. कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के साथ-साथ खुद को पार्टी से अलग करने पर उतारू हैं. वहीं, नए कैबिनेट के नामों के चयन व अफसरों की नियुक्ति में सिद्धू को अनदेखा किया जाना भी पार्टी के लिए मुसीबत बन सकती है. हालांकि पार्टी सिद्धू को शांत रखने की कोशिश में लगी हुई है. कांग्रेस को पार्टी में मचे घमासान का खामियाजा चुनावी हार के रूप में भुगतनी पड़ सकती है.
सर्वे के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं कांग्रेस दूसरे पर और अकाली दल तीसरे नंबर पर रह सकते हैं. सर्वे के अनुसार आम आदमी पार्टी को 49 से 55 सीटें, कांग्रेस को 39 से 47 सीटें और अकाली दल को 17 से 25 सीटें मिल सकती हैं. वहीं बीजेपी को यहां 0 से 1 सीट मिलता नजर आ रहा है.
117 विधानसभा सीटों वाले पंजाब में सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी को 36 प्रतिशत, कांग्रेस को 32 प्रतिशत, अकाली दल को 22 प्रतिशत, बीजेपी को 4 प्रतिशत और अन्य को 6 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. पंजाब किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 59 सीटों पर जीत हासिल करना जरूरी है.
उत्तर प्रदेश का चुनावी माहौल गरम हो चुका है. लखीमपुर खीरी कांड के कारण सभी विपक्षी पार्टियां सक्रिय हो चुकी हैं और नेता जमीन पर पांव जमाने की पुरजोर कोशश कर रहे हैं. हालांकि, योगी आदित्यनाथ का जलवा अभी भी बरकरार नजर आ रहा है. सर्वे के मुताबिक प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ पहली पसंद हैं. वहीं इस मामले में अखिलेश यादव दूसरे और मायावती तीसरे नंबर पर हैं. हैरानी की बात ये है कि सर्वे में सीएम के रूप में जनता के पसंद के तौर पर प्रियंका गांधी चौथे नंबर पर हैं.
वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में भी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है, उसे 41.3 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी को 32.4 फीसदी, बहुजन समाज पार्टी को 14..7 फीसदी और कांग्रेस को 5.6 फीसदी वोट मिल सकते हैं. इसके अलावा अन्य के खाते में 6 फीसदी वोट जा सकते हैं.
सर्वे के मुताबिक 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 241 से 249 सीटें मिल सकती हैं. यानी बीजेपी एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सरकार बना सकती है. वहीं समाजवादी पार्टी को 130 से 138 सीटें, बसपा को 15 से 19 सीटें और सबसे ज्यादा जोर लगाती नजर आ रही कांग्रेस को 3 से 7 सीटें मिल सकती हैं. अन्य को 0 से 4 सीटें मिल सकती हैं.
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C-Voter Survey: पाँच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों पर चुनावी रंग चढ़ चुका है. साल दो हज़ार बाईस की शुरुआत में ही उत्तर पद्रेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनावी दंगल होने वाले हैं. आइए जानते हैं, क्या है इन राज्यों में जनता का मूड? मणिपुर में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और एन बीरेन सिंह वहां के मुख्यमंत्री हैं. एबीपी-सीवोटर सर्वे के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनावों में साठ सीटों वाले मणिपुर विधानसभा में एक बार बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनती नजर आ रही है. सर्वे के मुताबिक आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को छत्तीस प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, वहीं कांग्रेस भी ज्यादा पीछे नहीं है. उसे चौंतीस प्रतिशत वोट प्राप्त हो सकते हैं. वहीं नागा पीपुल्स फ्रंट को नौ प्रतिशत और अन्य को इक्कीस प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. सर्वे के मुताबिक मणिपुर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खाते में छब्बीस से तीस सीटें जाती दिख रही हैं. वहीं, कांग्रेस को इक्कीस से पच्चीस सीटों पर जीत मिल सकती है. इसके अलावा एनपीएफ के खाते में चार से आठ सीटें जा सकती हैं. अगर बीजेपी की सीट संख्या छब्बीस से तीस के बीच में रहती है तो एनपीएफ की भूमिका बढ़ जाएगी. यहां अन्य के खाते में एक से पाँच सीटें जा सकती हैं. गोवा में वर्तमान में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार है और प्रमोद सावंत वहां के मुख्यमंत्री हैं. सर्वे के मुताबिक गोवा में बीजेपी को बहुमत हासिल हो सकता है. यहां उसे अड़तीस प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं. वहीं, कांग्रेस को अट्ठारह प्रतिशत और आम आदमी पार्टी को तेईस प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं. इसके अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में इक्कीस प्रतिशत वोट जा सकते हैं. सीटों की बात करें तो सर्वे के मुताबिक इस बार गोवा में बीजेपी आसानी से सरकार बनाती दिख रही है. उसे चौबीस से अट्ठाईस सीटें मिल सकती हैं. जबकि पिछली बार की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को एक से पाँच सीट ही मिलने के आसार हैं. वहीं आम आदमी पार्टी इस बार बढ़त पा सकती है जिसकी सीटों की संख्या तीन से सात तक हो सकती हैं. अन्य के खाते में चार से आठ सीटें जा सकती हैं. चालीस सीटों वाले गोवा में साल दो हज़ार सत्रह के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को सत्रह सीटों पर जीत मिली थी और सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद वो सरकार बनाने में विफल रही थी. वहीं, तेरह सीटों पर जीत दर्ज करने वाली बीजेपी ने रातों-रात खेल कर दिया था और कांग्रेस के जीते हुए विधायकों को अपने पाले में करके बहुमत हासिल कर लिया था. उत्तराखंड में इस समय बीजेपी सत्ता में है लेकिन दो हज़ार सत्रह विधानसभा चुनाव से लेकर अभी तक पार्टी दो बार मुख्यमंत्री बदल चुकी है. दो हज़ार सत्रह में मुख्यमंत्री बने त्रिवेंद्र सिंह रावत को पाँच साल से पहले ही पद छोड़ना पड़ा और उनकी जगह तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद की कमान दी गई. लेकिन वो भी ज्यादा दिन नहीं टिक सके और महज तीन महीने बाद ही सीएम पद से हट गए. वर्तमान में यहां पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री हैं. हालांकि, इतनी उठापठक के बाद भी सर्वे में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती नजर आ रही है. सत्तर विधानसभा सीटों वाले उत्तराखंड में बीजेपी को दो हज़ार बाईस विधानसभा चुनाव में बयालीस से छियालीस सीटों पर जीत मिल सकती है. वहीं, कांग्रेस इक्कीस से पच्चीस सीटों पर सिमट सकती है. आम आदमी पार्टी को उत्तराखंड में शून्य से चार सीटें मिल सकती हैं. वहीं अन्य के खाते में दो सीटें जा सकती हैं. वोट प्रतिशत की बात करें तो, बीजेपी को पैंतालीस प्रतिशत, कांग्रेस को चौंतीस प्रतिशत, आम आदमी पार्टी को पंद्रह प्रतिशत और अन्य को छः प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. पंजाब में सत्ता की कुर्सी पर काबिज कांग्रेस की अंदरुनी कलह जगजाहिर हो चुका है. कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के साथ-साथ खुद को पार्टी से अलग करने पर उतारू हैं. वहीं, नए कैबिनेट के नामों के चयन व अफसरों की नियुक्ति में सिद्धू को अनदेखा किया जाना भी पार्टी के लिए मुसीबत बन सकती है. हालांकि पार्टी सिद्धू को शांत रखने की कोशिश में लगी हुई है. कांग्रेस को पार्टी में मचे घमासान का खामियाजा चुनावी हार के रूप में भुगतनी पड़ सकती है. सर्वे के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं कांग्रेस दूसरे पर और अकाली दल तीसरे नंबर पर रह सकते हैं. सर्वे के अनुसार आम आदमी पार्टी को उनचास से पचपन सीटें, कांग्रेस को उनतालीस से सैंतालीस सीटें और अकाली दल को सत्रह से पच्चीस सीटें मिल सकती हैं. वहीं बीजेपी को यहां शून्य से एक सीट मिलता नजर आ रहा है. एक सौ सत्रह विधानसभा सीटों वाले पंजाब में सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी को छत्तीस प्रतिशत, कांग्रेस को बत्तीस प्रतिशत, अकाली दल को बाईस प्रतिशत, बीजेपी को चार प्रतिशत और अन्य को छः प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. पंजाब किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए उनसठ सीटों पर जीत हासिल करना जरूरी है. उत्तर प्रदेश का चुनावी माहौल गरम हो चुका है. लखीमपुर खीरी कांड के कारण सभी विपक्षी पार्टियां सक्रिय हो चुकी हैं और नेता जमीन पर पांव जमाने की पुरजोर कोशश कर रहे हैं. हालांकि, योगी आदित्यनाथ का जलवा अभी भी बरकरार नजर आ रहा है. सर्वे के मुताबिक प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ पहली पसंद हैं. वहीं इस मामले में अखिलेश यादव दूसरे और मायावती तीसरे नंबर पर हैं. हैरानी की बात ये है कि सर्वे में सीएम के रूप में जनता के पसंद के तौर पर प्रियंका गांधी चौथे नंबर पर हैं. वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में भी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है, उसे इकतालीस.तीन फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी को बत्तीस.चार फीसदी, बहुजन समाज पार्टी को चौदह..सात फीसदी और कांग्रेस को पाँच.छः फीसदी वोट मिल सकते हैं. इसके अलावा अन्य के खाते में छः फीसदी वोट जा सकते हैं. सर्वे के मुताबिक चार सौ तीन विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में बीजेपी को दो सौ इकतालीस से दो सौ उनचास सीटें मिल सकती हैं. यानी बीजेपी एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सरकार बना सकती है. वहीं समाजवादी पार्टी को एक सौ तीस से एक सौ अड़तीस सीटें, बसपा को पंद्रह से उन्नीस सीटें और सबसे ज्यादा जोर लगाती नजर आ रही कांग्रेस को तीन से सात सीटें मिल सकती हैं. अन्य को शून्य से चार सीटें मिल सकती हैं.
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Lucknow: यूपी कैडर के आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार को बर्खास्त कर दिया गया है. यूपी सरकार की संस्तुति पर गृह मंत्रालय ने ये कार्रवाई की है. इसके साथ ही पाटीदार का नाम पाटीदार का नाम आईपीएस अफसरों की लिस्ट से हटा दिया गया है. यूपी कैडर के 2014 बैच के आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार पर गंभीर आरोपों के कारण ये बड़ी कार्रवाई की गई है.
पाटीदार को काफी समय पहले ही निलंबित किया जा चुका है और वह इस समय जेल की सलाखों के पीछे हैं. यूपी में महोबा जिले के कबरई मंडी के क्रेशर व्यापारी इन्द्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले को लेकर पाटीदार विवादों के घेरे में आ गए थे.
लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट ने बीते दिनों पाटीदार की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी. सुनवाई के बाद जमानत के लिए दिए गए तर्कों को सुनकर कोर्ट सहमत नहीं हुआ था और जमानत अर्जी खारिज किर दिया. उन्होंने अपने आदेश में कहा कि पाटीदार पर लोक सेवक के पद पर रहते हुए गंभीर प्रकृति के अपराध को अंजाम देने का आरोप है, लिहाजा उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती.
यूपी के जनपद महोबा में कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी का सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ था. आठ सितंबर को उनके गले में गोली लगी थी और 13 सितंबर को मौत हो गई थी. परिजनों ने मामले में हत्या का आरोप लगाया था.
इसके बाद प्रदेश सरकार ने तीन आईपीएस अफसरों की एसआईटी गठित की थी. एसआईटी जांच में त्रिपाठी की मौत को आत्महत्या तो बताया गया. लेकिन, महोबा में थानेदारों की ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़े खेल की पुष्टि की गई. एसआईटी की जांच में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई समेत पांच लोग आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए.
इसके बाद शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए. पांचों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. वहीं मणिलाल पाटीदार को 9 सितंबर 2020 को निलंबित कर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया. लेकिन, वह डीजीपी मुख्यालय में आमद कराने के बजाय फरार हो गया था. जबकि चार आरोपी पहले से जेल में थे.
काफी तलाश के बाद भी मणिलाल पाटीदार का सुराग नहीं मिलने पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया. इसके बाद मणिलाल पाटीदार ने 15 अक्तूबर, 2022 को लखनऊ की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया. वहीं अब पाटीदार के खिलाफ बर्खास्तगी की बड़ी कार्रवाई की गई है.
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Lucknow: यूपी कैडर के आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार को बर्खास्त कर दिया गया है. यूपी सरकार की संस्तुति पर गृह मंत्रालय ने ये कार्रवाई की है. इसके साथ ही पाटीदार का नाम पाटीदार का नाम आईपीएस अफसरों की लिस्ट से हटा दिया गया है. यूपी कैडर के दो हज़ार चौदह बैच के आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार पर गंभीर आरोपों के कारण ये बड़ी कार्रवाई की गई है. पाटीदार को काफी समय पहले ही निलंबित किया जा चुका है और वह इस समय जेल की सलाखों के पीछे हैं. यूपी में महोबा जिले के कबरई मंडी के क्रेशर व्यापारी इन्द्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले को लेकर पाटीदार विवादों के घेरे में आ गए थे. लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट ने बीते दिनों पाटीदार की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी. सुनवाई के बाद जमानत के लिए दिए गए तर्कों को सुनकर कोर्ट सहमत नहीं हुआ था और जमानत अर्जी खारिज किर दिया. उन्होंने अपने आदेश में कहा कि पाटीदार पर लोक सेवक के पद पर रहते हुए गंभीर प्रकृति के अपराध को अंजाम देने का आरोप है, लिहाजा उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती. यूपी के जनपद महोबा में कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी का सात सितंबर दो हज़ार बीस को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ था. आठ सितंबर को उनके गले में गोली लगी थी और तेरह सितंबर को मौत हो गई थी. परिजनों ने मामले में हत्या का आरोप लगाया था. इसके बाद प्रदेश सरकार ने तीन आईपीएस अफसरों की एसआईटी गठित की थी. एसआईटी जांच में त्रिपाठी की मौत को आत्महत्या तो बताया गया. लेकिन, महोबा में थानेदारों की ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़े खेल की पुष्टि की गई. एसआईटी की जांच में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई समेत पांच लोग आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए. इसके बाद शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए. पांचों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. वहीं मणिलाल पाटीदार को नौ सितंबर दो हज़ार बीस को निलंबित कर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया. लेकिन, वह डीजीपी मुख्यालय में आमद कराने के बजाय फरार हो गया था. जबकि चार आरोपी पहले से जेल में थे. काफी तलाश के बाद भी मणिलाल पाटीदार का सुराग नहीं मिलने पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया. इसके बाद मणिलाल पाटीदार ने पंद्रह अक्तूबर, दो हज़ार बाईस को लखनऊ की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया. वहीं अब पाटीदार के खिलाफ बर्खास्तगी की बड़ी कार्रवाई की गई है.
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कारगिल विजय दिवस पर राजपूत रेजीमेंट सेंटर में कारगिल शहीदों को याद किया गया। शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राजपूत के यादगार स्थल पर ब्रिगेडियर राजीव पुरी ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा। ले. कर्नल एसएस विरदी , एके सिहाग, ले. कर्नल राकेश कुमार , कर्नल एके चांद ,सूबेदार मेजर पीएस भाटी आदि मौजूद रहे । शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित किए गए । शस्त्र टुकड़ी ने अपने शस्त्र झुकाकर सलामी दी। ब्रिगेडियर राजीव पुरी ने कहाकि यह 21 वां कारगिल विजय दिवस है। वर्ष 1999 में विजय प्राप्त की थी । आज के दिन हम अपने शहीदों को याद करते है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के स्थिति शहीद स्थल पर कारिगल विजय के 21 वें साल पर युद्ध में शहीद हुए जवानों की शहादत पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर और दीप जलाकर याद किया गया । इस मौके पर कोरोना काल को देखते हुए सोशल डिस्टेंशन का पूरा पालन किया गया । संगठन के संरक्षक ठाकुर वीरेंद्र सिंह राठौर के अलावा उदराज सिंह चौहान , आरके एस चौहान , सीपी सिंह , राकेश सिंह , आरडी कनौजिया , ओपी कटियार , फूल सिंह , विजय शुक्ला , सीपी मिश्रा आदि पूर्व सैनिक मौजूद रहे ।
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कारगिल विजय दिवस पर राजपूत रेजीमेंट सेंटर में कारगिल शहीदों को याद किया गया। शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राजपूत के यादगार स्थल पर ब्रिगेडियर राजीव पुरी ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा। ले. कर्नल एसएस विरदी , एके सिहाग, ले. कर्नल राकेश कुमार , कर्नल एके चांद ,सूबेदार मेजर पीएस भाटी आदि मौजूद रहे । शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित किए गए । शस्त्र टुकड़ी ने अपने शस्त्र झुकाकर सलामी दी। ब्रिगेडियर राजीव पुरी ने कहाकि यह इक्कीस वां कारगिल विजय दिवस है। वर्ष एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में विजय प्राप्त की थी । आज के दिन हम अपने शहीदों को याद करते है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के स्थिति शहीद स्थल पर कारिगल विजय के इक्कीस वें साल पर युद्ध में शहीद हुए जवानों की शहादत पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर और दीप जलाकर याद किया गया । इस मौके पर कोरोना काल को देखते हुए सोशल डिस्टेंशन का पूरा पालन किया गया । संगठन के संरक्षक ठाकुर वीरेंद्र सिंह राठौर के अलावा उदराज सिंह चौहान , आरके एस चौहान , सीपी सिंह , राकेश सिंह , आरडी कनौजिया , ओपी कटियार , फूल सिंह , विजय शुक्ला , सीपी मिश्रा आदि पूर्व सैनिक मौजूद रहे ।
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GORAKHPUR: जबरन शादी तय होने से दुखी एक छात्रा ने गुरुवार रात खुदकुशी कर ली। वह अपने कमरे में दपट्टे का फंदा लगाकर लटक गई। सुबह जब उठने में देरी हुई तो जगाने पहुंची मां को जानकारी हुई। दरवाजा तोड़ घरवालों ने उसका शव नीचे उतारा। गुरुवार को मंदिर में मुंह दिखाई की रस्म पूरी होने के बाद शादी तय हुई थी।
खोराबार गांव के वीरेन्द्र शर्मा ने अपनी 17 साल की बेटी सोनी शर्मा की शादी तय कर दी थी। गुरुवार को चौरीचौरा के एक मंदिर में मुंह दिखाई की रस्म भी पूरी की गई। वहां से घर लौटी सोनी रात में अपने कमरे में सोने गई। जबकि घर से सभी सदस्य छत पर सोने चले गए। रात में उसने कमरे में खुदकुशी कर ली। सुबह मां जगाने गईं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखा तो वह दुपट्टे के फंदे में पंखे से लटक रही थी। दरवाजा तोड़ परिजनों ने शव नीचे उतारा। इस बीच किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। परिजनों ने किसी तरह की जानकारी से इनकार कर दिया। सोनी कंप्यूटर कोर्स कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती थी। लेकिन माता-पिता अपनी जिम्मेदारी समझ कर जल्दी से उसकी शादी करना चाहते थे।
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GORAKHPUR: जबरन शादी तय होने से दुखी एक छात्रा ने गुरुवार रात खुदकुशी कर ली। वह अपने कमरे में दपट्टे का फंदा लगाकर लटक गई। सुबह जब उठने में देरी हुई तो जगाने पहुंची मां को जानकारी हुई। दरवाजा तोड़ घरवालों ने उसका शव नीचे उतारा। गुरुवार को मंदिर में मुंह दिखाई की रस्म पूरी होने के बाद शादी तय हुई थी। खोराबार गांव के वीरेन्द्र शर्मा ने अपनी सत्रह साल की बेटी सोनी शर्मा की शादी तय कर दी थी। गुरुवार को चौरीचौरा के एक मंदिर में मुंह दिखाई की रस्म भी पूरी की गई। वहां से घर लौटी सोनी रात में अपने कमरे में सोने गई। जबकि घर से सभी सदस्य छत पर सोने चले गए। रात में उसने कमरे में खुदकुशी कर ली। सुबह मां जगाने गईं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखा तो वह दुपट्टे के फंदे में पंखे से लटक रही थी। दरवाजा तोड़ परिजनों ने शव नीचे उतारा। इस बीच किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। परिजनों ने किसी तरह की जानकारी से इनकार कर दिया। सोनी कंप्यूटर कोर्स कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती थी। लेकिन माता-पिता अपनी जिम्मेदारी समझ कर जल्दी से उसकी शादी करना चाहते थे।
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*अस्वीकरणः इस पृष्ठ में प्रदर्शित तस्वीरें उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं और माना जाता है कि वे सार्वजनिक डोमेन से ली गयी हैं। इन तस्वीरों का कॉपीराइट उनके मूल प्रकाशक / फोटोग्राफर का है। यदि आपको लगता है कि ये फोटोज़ आपकी हैं या आपको लगता है कि आपके कॉपीराइट का उल्लंघन किया गया है, तो कृपया ([email protected]) पर हमें बतायें। हम तुरंत उन तस्वीरों को हटा देंगे।
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भाग III-~खण्ड 1]
2. श्री / श्रीमती / कुमारी*
मौर / या * उनका परिवार आमतौर से गांव / कस्बा *जिला / मंडल *
संथ * राज्य क्षेत्र
रहती हैं।
भारत का राजपत्न, जनवरी 15, 1983 ( पौष 25, 1904 )
स्थानतारीखहस्ताक्षर** पदनाम
-राज्य / मे रहते ।
( कार्यालय की मोहर महित )
राज्य/संघ * राज्य क्षेत्र
*ओ शब्द लागू न हो, उन्हें कृपया काट दें। टिप्पणी : - यहां प्रयुक्त "ग्राम तौर से रहते / रहती है" शब्दों का अर्थ यही होगा जो "रिप्रेजेंटेशम आफ दि पीपुल एक्ट, 1950" की धारा 20 में है ।
* जाति
/ जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सक्षम अधिकारी । जिला मैजिस्ट्रेट / अतिरिक्त मैजिस्ट्रेट / कलक्टर/डिप्टीकमिश्नर / एडीशनल डिप्टी कमिश्नर / डिप्टी कलैक्टर / प्रथम श्रेणी का स्टाइपेंडरी मैजिस्ट्रेट/सिटी मैजिस्ट्रेट / सब-डिवीजनल मैजिस्ट्रेट । ताल्लुक मैजिस्ट्रेट / एक्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट / एफस्ट्रा असिस्टेंट कमि
एनर ।
↑ ( प्रथम श्रेणी के स्टाईपेंडरी मंजिस्ट्रेट से कम मोहदे का नहीं । ) ( ii) चीफ प्रेसीडेंसी मैजिस्ट्रेट / एडीशनल चीफ प्रेसीडेंसी मैजिस्ट्रेट प्रेसीडेंसी मेजिस्ट्रेट ।
(iii) रेवेन्यू अफसर जिसका ओहवा तहसीलवार से कम न हो । (iv) उस इलाके का सब-डिवीजनल अफसर जहां उम्मीदवार और / या उसका परिवार आम तौर से रहता हो । (v) ऐडमिनिस्ट्रेटर / एडमिनिस्ट्रेटर का सचिव / डेवलपमेंट ( लक्षद्वीप ) ।
5 ( i ) नियम 5 ( ख ) (ii) या 3 ( ख ) (iii) के अंतर्गत निर्धारित आयु सीमा में छूट का दावा करने और या उक्त नोटिस के पैराग्राफ 7 के अधीन शुल्क से छूट का दावा करने वाले भूतपूर्व पूर्वी पाकिस्तान ( अब मंगला देश) से विस्थापित व्यक्ति को निम्नलिखित प्राधिकारियो में से किसी एक के लिए किए प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह विखलाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह भूतपूर्व पूर्वी पाकिस्तान ( अब बंगला वेश ) से माया हुआ वास्तविक विस्थापित व्यक्ति है और 1 जनवरी, 1964 और 25 मार्च, 1971 के बीच की अवधि के दौरान प्रव्रजन कर भारत आया है
दंडकारण्य परियोजना के ट्राजिट केन्द्रों अथवा विभिन्न राज्यो स्थित राहत शिविरों के कैम्प कमांडेंट ।
उस क्षेत्र का जिला मैजिस्ट्रेट, जहां वह इस समम निवास कर
अपने-अपने जिलो मे शरणार्थी पुनर्वास के प्रभारी अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट ।
स्वयं प्रभारित सब-डिवीजन का सब-डिवीजनल अफसर ।
उप- शरणार्थी पुनर्वास आयुक्त, पश्चिम बंगाल / निवेशक (पुन बस ), कलकत्ता ।
(ii) मियम 5 ( ख ) (iv) अथवा 5 ( ख ) (v) के अंतर्गत निर्धारित आयु में छूट का दावा करने वाले और / या उक्त नोटिस के पैराग्राफ 7 के अधीन शुल्क से छुट का दावा करने वाले श्रीलंका से प्रत्यावर्तित या प्रत्यावर्तित होने वाले मूलतः भारतीय व्यक्ति को श्रीलंका में भारत के उच्च आयुक्त के कार्यालय से लिए गए इस आशय के प्रमाणपत्र की एक अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह एक भारतीय नागरिक
है जो अक्तूबर, 1901 के भारत-श्रोमका समझौते के अधीन 1964 को या उसके बाद भारत आया है या आने वाला है ।
1 नवम्बर
(iii) नियम 5 ( ख ) (vi) या 5 ( ख ) (vii) के अंतर्गत आयु में छूट का वाया करने वाले वियतनाम से प्रत्यावर्तित भारत मूलक व्यक्ति को फिलहाल जिस क्षेत्र का वह निवासी है उसके जिला मैजिस्ट्रेट में लिए गए प्रमाण पत्र की एक अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह दिखावे के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह वियतनाम से आया हुआ वास्तविक प्रत्यावर्तित व्यक्ति और वियतनाम से जुलाई 1975 से पहले भारत नहीं आया है।
(iv) मियम 5 ( ख ) (viii) अथवा 5 ( ख ) ( ix ) के अन्तर्गत निर्धारित आयु सीमा में छूट का दावा करने वाले और / या उम्त नोटिस के पैराग्राफ 7 के अधीन शुल्क से छूट का दावा करने वाले बर्मा से प्रत्या वर्तित मूलतः भारतीय व्यक्ति को भारतीय राजदूतावास, रगून द्वारा दिए गए पहिचान प्रमाण पत्र की एक अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह दिखाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह एक भारतीय नागरिक है जो 1 जून, 1963 को या उसके बाद भारत आया है, अथवा उसे जिस क्षेत्र का यह निवासी है उसके जिला मैजिस्ट्रेट से लिए गए प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह दिखलाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह बर्मा से आया हुआ वास्तविक प्रस्यावर्तित व्यक्ति है और 1 जून, 1963 को या उसके बाद भारत आया है।
( 7 ) नियम 5 ( ख ) ( x ) अथवा 5 ( ब ) ( x i ) के अन्तर्गत आयुसीमा में छूट चाहने वाले ऐसे उम्मीदवार को जो रक्षा सेवा में कार्य करते हुए विकलांग हुआ है महानिदेशक, पुनस्थापन, रक्षा मंत्रालय, से निम्नलिखित निर्धारित फार्म पर इस आशय का एक प्रमाण-पत्न लेकर उसकी एक अभिप्रमाणित प्रमाणित प्रतिलिपि प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह रक्षा सेवा में कार्य करते हुए विदेशी शत्रु देश के साथ संघर्ष में अथवा अशांतिग्रस्त क्षेत्र में फौजी कार्यवाही के दौरान विकलांग हुआ और परिणामस्वरूप निर्मुक्त हुआ ।
उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमाणित किया जाता है कि यूनिट-प्रमाण पत्र का फार्म : के रैंक मं०.
- रक्षा सेवाओं में कार्य करते हुए विदेशी शत्रु देश के साथ संघर्ष / अशांतिग्रस्त क्षेत्र में फोजी कार्रवाई के दौरान विक लोग हुए और उस विकलांगता के परिणाम स्वरूप निर्मुक्त हुए ।
* जो शब्द लागू न हो उसे कृपया काट वें ।
(vi) नियम 5 (मूल) (xii ) या 5 ( ख ) (xiii ) के अंतर्गत आयु मे छट चाहने वाले कीनिया, उगाडा तथा सयुक्त गणराज्य तंजानिया, टंगानिका और अंजीबार से प्रव्रजम कर आए हुए या जाम्बिया, मलावी, जेरे तथा इथियोपिया से प्रत्यावर्तित हुए उम्मीदवार को उस क्षेत्र के जिला मैजिस्ट्रेट से जहां वह इस समय निवास कर रहा है लिए गए प्रमाण पत्र की एक अभिप्रमाणित प्रमाणित प्रतिलिपि यह विखलाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि यह वास्तव में उपर्युक्त देशों में प्रव्रजन कर आया है।
जो मूतपूर्व सैनिक तथा कमीशन प्राप्त अधिकारी (आपातकालीन सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों / अल्पकालीन सेवा कमीशन प्राप्त अधि कारियों सहित ) नियम 5 ( ख ) ( xiv ) अथवा 5 ( ख ) ( xv ) की शर्तों के अधीन मायु सीमाओं में छूट का दावा करते हैं उन्हें संबद्ध प्राधिकारियों से निम्नलिखित निर्धारित प्रपन में उन पर लागू होने वाले प्रमाण-पत्र की, एक प्रमाणित/ अभिप्रमाणित प्रतिलपि प्रस्तुत करनी चाहिए । (क) कार्य मुक्त / सेवा निवृत्त कार्मिको पर लागू प्रमाणित किया जाता है कि सं०.
जिनकी जन्म की तारीख-तक
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भाग III-~खण्ड एक] दो. श्री / श्रीमती / कुमारी* मौर / या * उनका परिवार आमतौर से गांव / कस्बा *जिला / मंडल * संथ * राज्य क्षेत्र रहती हैं। भारत का राजपत्न, जनवरी पंद्रह, एक हज़ार नौ सौ तिरासी स्थानतारीखहस्ताक्षर** पदनाम -राज्य / मे रहते । राज्य/संघ * राज्य क्षेत्र *ओ शब्द लागू न हो, उन्हें कृपया काट दें। टिप्पणी : - यहां प्रयुक्त "ग्राम तौर से रहते / रहती है" शब्दों का अर्थ यही होगा जो "रिप्रेजेंटेशम आफ दि पीपुल एक्ट, एक हज़ार नौ सौ पचास" की धारा बीस में है । * जाति / जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सक्षम अधिकारी । जिला मैजिस्ट्रेट / अतिरिक्त मैजिस्ट्रेट / कलक्टर/डिप्टीकमिश्नर / एडीशनल डिप्टी कमिश्नर / डिप्टी कलैक्टर / प्रथम श्रेणी का स्टाइपेंडरी मैजिस्ट्रेट/सिटी मैजिस्ट्रेट / सब-डिवीजनल मैजिस्ट्रेट । ताल्लुक मैजिस्ट्रेट / एक्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट / एफस्ट्रा असिस्टेंट कमि एनर । ↑ चीफ प्रेसीडेंसी मैजिस्ट्रेट / एडीशनल चीफ प्रेसीडेंसी मैजिस्ट्रेट प्रेसीडेंसी मेजिस्ट्रेट । रेवेन्यू अफसर जिसका ओहवा तहसीलवार से कम न हो । उस इलाके का सब-डिवीजनल अफसर जहां उम्मीदवार और / या उसका परिवार आम तौर से रहता हो । ऐडमिनिस्ट्रेटर / एडमिनिस्ट्रेटर का सचिव / डेवलपमेंट । पाँच नियम पाँच या तीन के अंतर्गत निर्धारित आयु सीमा में छूट का दावा करने और या उक्त नोटिस के पैराग्राफ सात के अधीन शुल्क से छूट का दावा करने वाले भूतपूर्व पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित व्यक्ति को निम्नलिखित प्राधिकारियो में से किसी एक के लिए किए प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह विखलाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह भूतपूर्व पूर्वी पाकिस्तान से माया हुआ वास्तविक विस्थापित व्यक्ति है और एक जनवरी, एक हज़ार नौ सौ चौंसठ और पच्चीस मार्च, एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर के बीच की अवधि के दौरान प्रव्रजन कर भारत आया है दंडकारण्य परियोजना के ट्राजिट केन्द्रों अथवा विभिन्न राज्यो स्थित राहत शिविरों के कैम्प कमांडेंट । उस क्षेत्र का जिला मैजिस्ट्रेट, जहां वह इस समम निवास कर अपने-अपने जिलो मे शरणार्थी पुनर्वास के प्रभारी अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट । स्वयं प्रभारित सब-डिवीजन का सब-डिवीजनल अफसर । उप- शरणार्थी पुनर्वास आयुक्त, पश्चिम बंगाल / निवेशक , कलकत्ता । मियम पाँच अथवा पाँच के अंतर्गत निर्धारित आयु में छूट का दावा करने वाले और / या उक्त नोटिस के पैराग्राफ सात के अधीन शुल्क से छुट का दावा करने वाले श्रीलंका से प्रत्यावर्तित या प्रत्यावर्तित होने वाले मूलतः भारतीय व्यक्ति को श्रीलंका में भारत के उच्च आयुक्त के कार्यालय से लिए गए इस आशय के प्रमाणपत्र की एक अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह एक भारतीय नागरिक है जो अक्तूबर, एक हज़ार नौ सौ एक के भारत-श्रोमका समझौते के अधीन एक हज़ार नौ सौ चौंसठ को या उसके बाद भारत आया है या आने वाला है । एक नवम्बर नियम पाँच या पाँच के अंतर्गत आयु में छूट का वाया करने वाले वियतनाम से प्रत्यावर्तित भारत मूलक व्यक्ति को फिलहाल जिस क्षेत्र का वह निवासी है उसके जिला मैजिस्ट्रेट में लिए गए प्रमाण पत्र की एक अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह दिखावे के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह वियतनाम से आया हुआ वास्तविक प्रत्यावर्तित व्यक्ति और वियतनाम से जुलाई एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर से पहले भारत नहीं आया है। मियम पाँच अथवा पाँच के अन्तर्गत निर्धारित आयु सीमा में छूट का दावा करने वाले और / या उम्त नोटिस के पैराग्राफ सात के अधीन शुल्क से छूट का दावा करने वाले बर्मा से प्रत्या वर्तित मूलतः भारतीय व्यक्ति को भारतीय राजदूतावास, रगून द्वारा दिए गए पहिचान प्रमाण पत्र की एक अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह दिखाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह एक भारतीय नागरिक है जो एक जून, एक हज़ार नौ सौ तिरेसठ को या उसके बाद भारत आया है, अथवा उसे जिस क्षेत्र का यह निवासी है उसके जिला मैजिस्ट्रेट से लिए गए प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित / प्रमाणित प्रतिलिपि यह दिखलाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह बर्मा से आया हुआ वास्तविक प्रस्यावर्तित व्यक्ति है और एक जून, एक हज़ार नौ सौ तिरेसठ को या उसके बाद भारत आया है। नियम पाँच अथवा पाँच के अन्तर्गत आयुसीमा में छूट चाहने वाले ऐसे उम्मीदवार को जो रक्षा सेवा में कार्य करते हुए विकलांग हुआ है महानिदेशक, पुनस्थापन, रक्षा मंत्रालय, से निम्नलिखित निर्धारित फार्म पर इस आशय का एक प्रमाण-पत्न लेकर उसकी एक अभिप्रमाणित प्रमाणित प्रतिलिपि प्रस्तुत करनी चाहिए कि वह रक्षा सेवा में कार्य करते हुए विदेशी शत्रु देश के साथ संघर्ष में अथवा अशांतिग्रस्त क्षेत्र में फौजी कार्यवाही के दौरान विकलांग हुआ और परिणामस्वरूप निर्मुक्त हुआ । उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमाणित किया जाता है कि यूनिट-प्रमाण पत्र का फार्म : के रैंक मंशून्य. - रक्षा सेवाओं में कार्य करते हुए विदेशी शत्रु देश के साथ संघर्ष / अशांतिग्रस्त क्षेत्र में फोजी कार्रवाई के दौरान विक लोग हुए और उस विकलांगता के परिणाम स्वरूप निर्मुक्त हुए । * जो शब्द लागू न हो उसे कृपया काट वें । नियम पाँच या पाँच के अंतर्गत आयु मे छट चाहने वाले कीनिया, उगाडा तथा सयुक्त गणराज्य तंजानिया, टंगानिका और अंजीबार से प्रव्रजम कर आए हुए या जाम्बिया, मलावी, जेरे तथा इथियोपिया से प्रत्यावर्तित हुए उम्मीदवार को उस क्षेत्र के जिला मैजिस्ट्रेट से जहां वह इस समय निवास कर रहा है लिए गए प्रमाण पत्र की एक अभिप्रमाणित प्रमाणित प्रतिलिपि यह विखलाने के लिए प्रस्तुत करनी चाहिए कि यह वास्तव में उपर्युक्त देशों में प्रव्रजन कर आया है। जो मूतपूर्व सैनिक तथा कमीशन प्राप्त अधिकारी नियम पाँच अथवा पाँच की शर्तों के अधीन मायु सीमाओं में छूट का दावा करते हैं उन्हें संबद्ध प्राधिकारियों से निम्नलिखित निर्धारित प्रपन में उन पर लागू होने वाले प्रमाण-पत्र की, एक प्रमाणित/ अभिप्रमाणित प्रतिलपि प्रस्तुत करनी चाहिए । कार्य मुक्त / सेवा निवृत्त कार्मिको पर लागू प्रमाणित किया जाता है कि संशून्य. जिनकी जन्म की तारीख-तक
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जक्ड़ है । सदियों के अपरिवर्तित जीवनक्रम की जड़ता ने उन्हें भाग्सवादी और अंधविश्वासी बना दिया है । कहने को वे हिन्दू हैं लेकिन उन्हें तो धार्मिक ग्रन्थों को पढ़ने की सुविधा है और न ही मन्दिरों में जाने की छूट । वे न अपने देवताओं को छू सकते है और न ही अपने हिन्दू भाइयो को। इस निराशा में वे प्रायः दूसरे समतापरक धर्मों की तरफ चले जाते हैं लेकिन भारतीय समाज की संरचना इतनी जड़ है कि इसमें इस्लाम और ईसाई धर्म अपनी तमाम रियायतों के बावजूद उन्हें इस घृणित रोग से मुक्ति नहीं दिला पाते । फिर भी दलितों के सामने धर्मातरण एक प्रलोभन बनकर मौजूद रहता है । काली के गाँव में एक पादरी हैं जो चमादड़ी के लोगों को ईसाई बनने के लिए प्रेरित करते रहते है । काली की माँ की मृत्यु के बाद वे अभी हाल ही में चमार से ईसाई बने नंद सिंह का कोठासाफ करवा देते हैं ताकि काली के यहाँ शोक प्रकट करने आने वाले लोग वहाँ आकर बैठ सकें क्योंकि काली का घर गिरा हुआ है। नंदसिंह के पास बैठकर और के उसकी बात सुनकर काली के अन्दर भी इसके प्रति आकर्षण जाग उठता है । "नंदसिंह काली को अपने पास बैठा जूते सीता हुआT
उसके साथ बातें करने लगा । उसकी बातें सुनकर काली की उदासी कुछ कम
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जक्ड़ है । सदियों के अपरिवर्तित जीवनक्रम की जड़ता ने उन्हें भाग्सवादी और अंधविश्वासी बना दिया है । कहने को वे हिन्दू हैं लेकिन उन्हें तो धार्मिक ग्रन्थों को पढ़ने की सुविधा है और न ही मन्दिरों में जाने की छूट । वे न अपने देवताओं को छू सकते है और न ही अपने हिन्दू भाइयो को। इस निराशा में वे प्रायः दूसरे समतापरक धर्मों की तरफ चले जाते हैं लेकिन भारतीय समाज की संरचना इतनी जड़ है कि इसमें इस्लाम और ईसाई धर्म अपनी तमाम रियायतों के बावजूद उन्हें इस घृणित रोग से मुक्ति नहीं दिला पाते । फिर भी दलितों के सामने धर्मातरण एक प्रलोभन बनकर मौजूद रहता है । काली के गाँव में एक पादरी हैं जो चमादड़ी के लोगों को ईसाई बनने के लिए प्रेरित करते रहते है । काली की माँ की मृत्यु के बाद वे अभी हाल ही में चमार से ईसाई बने नंद सिंह का कोठासाफ करवा देते हैं ताकि काली के यहाँ शोक प्रकट करने आने वाले लोग वहाँ आकर बैठ सकें क्योंकि काली का घर गिरा हुआ है। नंदसिंह के पास बैठकर और के उसकी बात सुनकर काली के अन्दर भी इसके प्रति आकर्षण जाग उठता है । "नंदसिंह काली को अपने पास बैठा जूते सीता हुआT उसके साथ बातें करने लगा । उसकी बातें सुनकर काली की उदासी कुछ कम
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इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप अपने डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है. इस फीचर के आ जाने के बाद पीसी या लैपटॉप पर यूज़ करते समय प्राइवेसी और बढ़ जाएगी. दरअसल व्हाट्सएप डेस्कटॉप ऐप के लिए एक नई स्क्रीन लॉक फीचर की टेस्टिंग कर रहा है. फिलहाल व्हाट्सएप अपने एंड्रॉइड और आईओएस यूज़र्स को यह सुविधा दे रहा है. जहां ऐप खोलने के लिए यूज़र्स पिन सेट कर सकते हैं.
डेस्कटॉप पर वॉट्सऐप लॉग इन करने वाले यूजर्स के लिए अभी तक ऐसा कोई सिक्यॉरिटी फीचर नहीं है. यहाँ आपको सिर्फ़ एक बार अपने मोबाइल से स्कैन करके लॉगिन करना होता है. उसके बाद आप इंटरनेट के कनेक्शन में रहेंगे तो मोबाईल फोन और डेस्कटॉप दोनों पर व्हाट्सएप को चला सकते हैं. हालांकि आप डेस्कटॉप या वेब लॉगिन को अपने मोबाईल फोन से मैनेज कर सकते हैं.
WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप डेस्कटॉप एप के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है, जो यूजर्स को सिस्टम से दूर अनधिकृत एक्सेस को प्रतिबंधित करने के लिए एक पासवर्ड सेट करने का ऑप्शन देगा. यह सुविधा अभी तक यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं है. अभी यह फीचर डवलप किया जा रहा है और आने वाले दिनों में बीटा यूज़र्स के लिए इसके शुरू होने की उम्मीद है.
इस रिपोर्ट में व्हाट्सएप डेस्कटॉप बीटा में इस फीचर के साथ एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया गया है. एक बार यह फीचर शुरू हो जाने के बाद यूज़र्स को अपने पीसी या लैपटॉप पर एप्लिकेशन खोलने के लिए एक पासवर्ड दर्ज करना होगा. अनुमान है कि यह फीचर यूज़र्स के लिए वैकल्पिक तौर पर उपलब्ध होगा. जिसे ऐप की सेटिंग में जाकर इनेबल किया जा सकता है.
इस फीचर के बारे में कहा जा रहा है कि यह ऐप को पासवर्ड शेयर करने के लिए ऑप्शन नहीं देगा कि जिससे उसको लोकल बैकअप में सेव कर सकें. जब कोई यूज़र अपना पासवर्ड भूल जाता है, तो उसे डेस्कटॉप सेशन को लॉगआउट करना होगा और फिर क्यूआर कोड को स्कैन करके फिर से लॉगिन करना होगा. यह फीचर डेस्कटॉप यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने में मदद करेगा.
इस बीच, व्हाट्सएप ने हाल ही में डेस्कटॉप बीटा यूजर्स के लिए इमेज ब्लरिंग कैपेबिलिटी टूल रोलआउट किया था. इस टूल को पहली बार इस साल जून में डेस्कटॉप बीटा यूज़र्स के लिए डेवेलप करने की सूचना मिली थी. यह फीचर यूज़र्स को पूरी इमेज को धुंधला करने देती है या किसी विशेष दानेदार क्षेत्र को चुनने देती है जिसे वे वैकल्पिक ब्लर टूल से छिपाना चाहते हैं. ब्लर बटन नए ड्राइंग टूल पर तब दिखाई देता है जब कोई यूज़र चैट में कोई इमेज भेजने की कोशिश करता है.
इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप अपने डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है. इस फीचर के आ जाने के बाद पीसी या लैपटॉप पर यूज़ करते समय प्राइवेसी और बढ़ जाएगी. दरअसल व्हाट्सएप डेस्कटॉप ऐप के लिए एक नई स्क्रीन लॉक फीचर की टेस्टिंग कर रहा है. फिलहाल व्हाट्सएप अपने एंड्रॉइड और आईओएस यूज़र्स को यह सुविधा दे रहा है. जहां ऐप खोलने के लिए यूज़र्स पिन सेट कर सकते हैं.
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इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप अपने डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है. इस फीचर के आ जाने के बाद पीसी या लैपटॉप पर यूज़ करते समय प्राइवेसी और बढ़ जाएगी. दरअसल व्हाट्सएप डेस्कटॉप ऐप के लिए एक नई स्क्रीन लॉक फीचर की टेस्टिंग कर रहा है. फिलहाल व्हाट्सएप अपने एंड्रॉइड और आईओएस यूज़र्स को यह सुविधा दे रहा है. जहां ऐप खोलने के लिए यूज़र्स पिन सेट कर सकते हैं. डेस्कटॉप पर वॉट्सऐप लॉग इन करने वाले यूजर्स के लिए अभी तक ऐसा कोई सिक्यॉरिटी फीचर नहीं है. यहाँ आपको सिर्फ़ एक बार अपने मोबाइल से स्कैन करके लॉगिन करना होता है. उसके बाद आप इंटरनेट के कनेक्शन में रहेंगे तो मोबाईल फोन और डेस्कटॉप दोनों पर व्हाट्सएप को चला सकते हैं. हालांकि आप डेस्कटॉप या वेब लॉगिन को अपने मोबाईल फोन से मैनेज कर सकते हैं. WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप डेस्कटॉप एप के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है, जो यूजर्स को सिस्टम से दूर अनधिकृत एक्सेस को प्रतिबंधित करने के लिए एक पासवर्ड सेट करने का ऑप्शन देगा. यह सुविधा अभी तक यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं है. अभी यह फीचर डवलप किया जा रहा है और आने वाले दिनों में बीटा यूज़र्स के लिए इसके शुरू होने की उम्मीद है. इस रिपोर्ट में व्हाट्सएप डेस्कटॉप बीटा में इस फीचर के साथ एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया गया है. एक बार यह फीचर शुरू हो जाने के बाद यूज़र्स को अपने पीसी या लैपटॉप पर एप्लिकेशन खोलने के लिए एक पासवर्ड दर्ज करना होगा. अनुमान है कि यह फीचर यूज़र्स के लिए वैकल्पिक तौर पर उपलब्ध होगा. जिसे ऐप की सेटिंग में जाकर इनेबल किया जा सकता है. इस फीचर के बारे में कहा जा रहा है कि यह ऐप को पासवर्ड शेयर करने के लिए ऑप्शन नहीं देगा कि जिससे उसको लोकल बैकअप में सेव कर सकें. जब कोई यूज़र अपना पासवर्ड भूल जाता है, तो उसे डेस्कटॉप सेशन को लॉगआउट करना होगा और फिर क्यूआर कोड को स्कैन करके फिर से लॉगिन करना होगा. यह फीचर डेस्कटॉप यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने में मदद करेगा. इस बीच, व्हाट्सएप ने हाल ही में डेस्कटॉप बीटा यूजर्स के लिए इमेज ब्लरिंग कैपेबिलिटी टूल रोलआउट किया था. इस टूल को पहली बार इस साल जून में डेस्कटॉप बीटा यूज़र्स के लिए डेवेलप करने की सूचना मिली थी. यह फीचर यूज़र्स को पूरी इमेज को धुंधला करने देती है या किसी विशेष दानेदार क्षेत्र को चुनने देती है जिसे वे वैकल्पिक ब्लर टूल से छिपाना चाहते हैं. ब्लर बटन नए ड्राइंग टूल पर तब दिखाई देता है जब कोई यूज़र चैट में कोई इमेज भेजने की कोशिश करता है. इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप अपने डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है. इस फीचर के आ जाने के बाद पीसी या लैपटॉप पर यूज़ करते समय प्राइवेसी और बढ़ जाएगी. दरअसल व्हाट्सएप डेस्कटॉप ऐप के लिए एक नई स्क्रीन लॉक फीचर की टेस्टिंग कर रहा है. फिलहाल व्हाट्सएप अपने एंड्रॉइड और आईओएस यूज़र्स को यह सुविधा दे रहा है. जहां ऐप खोलने के लिए यूज़र्स पिन सेट कर सकते हैं.
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Delhi Fire :- पश्चिमी दिल्ली के उद्योग नगर इलाके में स्थित एक फैक्टरी में रविवार सुबह आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सुबह करीब साढ़े नौ बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की 13 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। भाषा)
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Delhi Fire :- पश्चिमी दिल्ली के उद्योग नगर इलाके में स्थित एक फैक्टरी में रविवार सुबह आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सुबह करीब साढ़े नौ बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की तेरह गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। भाषा)
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22 मार्च, 2016 केंद्रीय टेलीविजनअपनी 65 वीं वर्षगांठ मनाई। आज कल्पना करना मुश्किल है कि कई बार प्रसारण किया गया था जब प्रसारण दो शहरों में किया गया थाः मॉस्को और लेनिनग्राद (सेंट पीटर्सबर्ग), यह काला और सफ़ेद था, और सभी कार्यक्रम लाइव प्रसारण किए गए थे। केवल 1 9 57 से, सोवियत संघ के यूरोपीय हिस्से पर प्रसारण शुरू हुआ, और 2 नवंबर, 1 9 67 से - देश के पूरे क्षेत्र में। जो लोग नीली स्क्रीन से जनता के साथ बात करते थे, समाचार पढ़ते थे, खेल प्रतियोगिताओं पर प्रसारित और टिप्पणी करते थे, सोवियत टेलीविजन के उद्घोषक थे। ये एक विशेष पेशे के प्रतिनिधियों और टीएसएसटी पर विशेष रूप से बनाए गए विभाग के प्रतिनिधि थे, जो 1 99 5 में अस्तित्व में रहे।
पेशे की आवश्यकता धीरे-धीरे बनाई गई थी,अर्धशतक के वक्ताओं के सर्वोत्तम उदाहरणों पर, जो लाखों दर्शकों की मूर्ति बन गए। उनकी प्रतिभा के लिए धन्यवाद, टेलीविज़न में भावी नौकरी तलाशने वालों की आवश्यकताओं को स्पष्ट कर दिया गयाः अच्छे डिक्शनरी, सक्षम भाषण, उपस्थिति और दर्शकों के साथ संवाद करने की क्षमता, भले ही केवल अदृश्य हो। भविष्य में, केवल तीन राउंड से प्रतिस्पर्धी परीक्षण पास करने वाले लोग काम के लिए स्वीकार किए जाएंगे, जो नाटकीय विश्वविद्यालय के चयन के समान है। सोवियत टेलीविजन के उद्घोषक, जो बराबर थे, सबसे पहले, विक्टर बालाशोव और इगोर किरिलोव, स्वेतलाना झिलत्सोवा और अन्ना शिलोवा, वैलेंटाइना लिन्टियेवा और अन्ना शातिलोवा थे।
आजकल विक्टर बालाशोव, 1 9 24जन्म, स्नातक मास्को आर्ट थियेटर स्कूल - नमूना उद्घोषक पढ़ें। महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध के अतीत, वह रेडियो, जहां उच्चारण और आवाज ध्वनि एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई में अपना कैरियर शुरू किया। उन्होंने कहा कि पौराणिक यूरी लेविटान साथ काम किया। जब वह 1947 में टेलीविजन के लिए आया था, वह आकाश बंधन से पहले बाहर काम किया, एक पेशेवर गायक के रूप में। उनकी अनूठी आवाज basovitym देश के महत्वपूर्ण खबर की घोषणा, कार्यक्रम "टाइम" के प्रस्तोता बन गया। उन्होंने कहा कि सम्मान, यूरी गगारिन की उड़ान के बारे में सूचित विदाई बीमार ब्रेजनेव अंतरिक्ष यात्री "अपोलो-सोयुज" स्टेशन, पहला अंतरराष्ट्रीय चालक दल को पढ़ने के लिए किया था। कौन टेलीविजन पर 1996 तक काम किया है, विक्टर Balashov में रूस के एक पीपुल्स कलाकार है।
वक्ताओं ने विभिन्न संस्करणों में काम किया, और नहींउन्होंने केवल पाठ को खूबसूरती से पढ़ा, लेकिन विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया, हमेशा उनके नाम को उनके इतिहास से जोड़ दिया। इसलिए, व्लादिमीर Ukhin "गुड नाइट, बच्चों" के बच्चों के मुद्दों के स्थायी नेता थे, एंजेलीना वोवक ने 18 साल तक अंतिम "गीत का वर्ष" का नेतृत्व किया, यूरी निकोलायेव "द मॉर्निंग स्टार" और स्वेतलाना झिलत्सोवा और अलेक्जेंडर मासालाकोव से जुड़े थे - केवीएन के साथ, जो शुरू हुआ गीत "हमारे हाथों में एक पेंसिल लो, हम अपनी शाम को शुरू करते हैं।"
विरोधाभासी रूप से, न तो अलेक्जेंडर और न ही स्वेतलानापहले प्रमुख केवीएन थे, लेकिन वे उनके प्रतीक बन गए। एक और मजेदार कार्यक्रम से पैदा हुआ कार्यक्रम, हवा पर, नियंत्रण से बाहर और अधिकारियों के नियंत्रण से बाहर एकमात्र था। औपचारिक कारण के लिए 1 9 71 में इसका बंद होना - ओडेसा टीम ने चिपकने वाले मूंछों और दाढ़ी के साथ खेल में प्रवेश किया - स्वतंत्रता-प्रेमियों 60 का अंत था।
स्वेतलाना ज़ील्ट्सोवा को टेलीविजन पर मिलाकाफी दुर्घटना से, लेकिन हाउस ऑफ़ पायनियर्स में कलात्मक शब्द के स्टूडियो में उसके दीर्घकालिक अध्ययन से पहले यह था। अंग्रेजी के ज्ञान के कारण उन्हें टेलीविजन पर आमंत्रित किया गया था। रोगग्रस्त अग्रणी बच्चों के खेल कार्यक्रम के अप्रत्याशित प्रतिस्थापन के बाद, जहां उसने 40 मिनट के हस्तांतरण में खुद को अच्छी तरह से दिखाया, लड़की को कर्मचारियों के लिए आमंत्रित किया गया था। वह मुस्कुराते हुए और सही भाषण द्वारा सही पहचाना गया। उन वर्षों में, रूसी भाषा के शिक्षक ने भाषण देखा, और सोवियत टेलीविजन के वक्ताओं ने उससे सबक प्राप्त किया। अलेक्जेंडर मास्सालाकोव 1964 में केवीएन में आया था, जबकि अभी भी एक छात्र था, और वर्तमान में इस खेल के प्रति वफादार रहा।
एक वाणिज्यिक घटक की अनुपस्थिति मेंटीवी, हवा पर उपस्थिति के लिए कपड़े अपने स्वयं के ऊपर उठाया। जब विदेश यात्रा करते हैं, फैशन देखते हैं और गुणवत्ता सामग्री खरीदने के अवसरों की तलाश करते हैं, तो यह सोवियत टेलीविजन प्रसारणकर्ता थे जो यूएसएसआर में वास्तविक शैली के प्रतीक थे। महिलाओं ने सबसे पहले अपंग सूट, मामूली लेकिन उत्तम गहने, मान्यता प्राप्त स्वामी से शानदार हेयर स्टाइल की सुंदरता और व्यावहारिकता का प्रदर्शन किया। एना शेटिलोवा, एंजेलिना वोव, स्वेतलाना मोर्गुनोवा, अब तक टेलीविजन पर काम करने के लिए आकर्षित हुए, बिना स्वाद के, और वयस्कता में, बड़बड़ाना समीक्षा करते हैं।
भर में स्त्रीत्व और सुंदरता का एक मॉडलदर्जनों वर्षों तक, वेलेंटीना लियोन्टीवा बनी रही, जिसने सबसे मानवीय कार्यक्रम "मेरे पूरे दिल से" का नेतृत्व किया, जिसके बिना टेलीविजन पर कोई रेटिंग कार्यक्रम की कल्पना नहीं की जा सकती थी। यूएसएसआर के पीपुल्स आर्टिस्ट ने 65 साल तक काम किया, और अपने पसंदीदा काम को बचाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराई।
उद्घोषक विभाग के समापन के साथ, अधिकांश दिग्गजटेलीविजन ने अपना पसंदीदा काम छोड़ दिया, अन्य दिशाओं में काम करना जारी रखा। 1992 में एक नैरेशन स्कूल के स्नातक, एकैटेमीना एंड्रीवा, जो अपने सहकर्मियों के बीच बुद्धिमत्ता और सम्मान के लिए खड़ा है, ने एक शानदार कैरियर बनाया। लेकिन पुरानी पीढ़ी के प्रतिनिधि, सोवियत टेलीविजन के उद्घोषक भी हैं। पुरुषों का प्रतिनिधित्व इगोर किरिलोव द्वारा किया जाता है, जिन्होंने 57 वें दशक में अपनी गतिविधि शुरू की। 30 वर्षों तक वह "समय" कार्यक्रम के स्थायी नेता थे। उनकी व्यावसायिकता और उनकी आवाज़ के महान समय के लिए धन्यवाद, उन्हें नए साल पर देश के निवासियों को बधाई देने के लिए सौंपा गया था, जो कि राजधानी के मुख्य चौक से उत्सव की घटनाओं पर टिप्पणी करते हैं, जो कि वह वर्तमान समय में भी करना चाहते हैं, अन्ना शातिलोवा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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बाईस मार्च, दो हज़ार सोलह केंद्रीय टेलीविजनअपनी पैंसठ वीं वर्षगांठ मनाई। आज कल्पना करना मुश्किल है कि कई बार प्रसारण किया गया था जब प्रसारण दो शहरों में किया गया थाः मॉस्को और लेनिनग्राद , यह काला और सफ़ेद था, और सभी कार्यक्रम लाइव प्रसारण किए गए थे। केवल एक नौ सत्तावन से, सोवियत संघ के यूरोपीय हिस्से पर प्रसारण शुरू हुआ, और दो नवंबर, एक नौ सरसठ से - देश के पूरे क्षेत्र में। जो लोग नीली स्क्रीन से जनता के साथ बात करते थे, समाचार पढ़ते थे, खेल प्रतियोगिताओं पर प्रसारित और टिप्पणी करते थे, सोवियत टेलीविजन के उद्घोषक थे। ये एक विशेष पेशे के प्रतिनिधियों और टीएसएसटी पर विशेष रूप से बनाए गए विभाग के प्रतिनिधि थे, जो एक निन्यानवे पाँच में अस्तित्व में रहे। पेशे की आवश्यकता धीरे-धीरे बनाई गई थी,अर्धशतक के वक्ताओं के सर्वोत्तम उदाहरणों पर, जो लाखों दर्शकों की मूर्ति बन गए। उनकी प्रतिभा के लिए धन्यवाद, टेलीविज़न में भावी नौकरी तलाशने वालों की आवश्यकताओं को स्पष्ट कर दिया गयाः अच्छे डिक्शनरी, सक्षम भाषण, उपस्थिति और दर्शकों के साथ संवाद करने की क्षमता, भले ही केवल अदृश्य हो। भविष्य में, केवल तीन राउंड से प्रतिस्पर्धी परीक्षण पास करने वाले लोग काम के लिए स्वीकार किए जाएंगे, जो नाटकीय विश्वविद्यालय के चयन के समान है। सोवियत टेलीविजन के उद्घोषक, जो बराबर थे, सबसे पहले, विक्टर बालाशोव और इगोर किरिलोव, स्वेतलाना झिलत्सोवा और अन्ना शिलोवा, वैलेंटाइना लिन्टियेवा और अन्ना शातिलोवा थे। आजकल विक्टर बालाशोव, एक नौ चौबीसजन्म, स्नातक मास्को आर्ट थियेटर स्कूल - नमूना उद्घोषक पढ़ें। महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध के अतीत, वह रेडियो, जहां उच्चारण और आवाज ध्वनि एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई में अपना कैरियर शुरू किया। उन्होंने कहा कि पौराणिक यूरी लेविटान साथ काम किया। जब वह एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में टेलीविजन के लिए आया था, वह आकाश बंधन से पहले बाहर काम किया, एक पेशेवर गायक के रूप में। उनकी अनूठी आवाज basovitym देश के महत्वपूर्ण खबर की घोषणा, कार्यक्रम "टाइम" के प्रस्तोता बन गया। उन्होंने कहा कि सम्मान, यूरी गगारिन की उड़ान के बारे में सूचित विदाई बीमार ब्रेजनेव अंतरिक्ष यात्री "अपोलो-सोयुज" स्टेशन, पहला अंतरराष्ट्रीय चालक दल को पढ़ने के लिए किया था। कौन टेलीविजन पर एक हज़ार नौ सौ छियानवे तक काम किया है, विक्टर Balashov में रूस के एक पीपुल्स कलाकार है। वक्ताओं ने विभिन्न संस्करणों में काम किया, और नहींउन्होंने केवल पाठ को खूबसूरती से पढ़ा, लेकिन विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया, हमेशा उनके नाम को उनके इतिहास से जोड़ दिया। इसलिए, व्लादिमीर Ukhin "गुड नाइट, बच्चों" के बच्चों के मुद्दों के स्थायी नेता थे, एंजेलीना वोवक ने अट्ठारह साल तक अंतिम "गीत का वर्ष" का नेतृत्व किया, यूरी निकोलायेव "द मॉर्निंग स्टार" और स्वेतलाना झिलत्सोवा और अलेक्जेंडर मासालाकोव से जुड़े थे - केवीएन के साथ, जो शुरू हुआ गीत "हमारे हाथों में एक पेंसिल लो, हम अपनी शाम को शुरू करते हैं।" विरोधाभासी रूप से, न तो अलेक्जेंडर और न ही स्वेतलानापहले प्रमुख केवीएन थे, लेकिन वे उनके प्रतीक बन गए। एक और मजेदार कार्यक्रम से पैदा हुआ कार्यक्रम, हवा पर, नियंत्रण से बाहर और अधिकारियों के नियंत्रण से बाहर एकमात्र था। औपचारिक कारण के लिए एक नौ इकहत्तर में इसका बंद होना - ओडेसा टीम ने चिपकने वाले मूंछों और दाढ़ी के साथ खेल में प्रवेश किया - स्वतंत्रता-प्रेमियों साठ का अंत था। स्वेतलाना ज़ील्ट्सोवा को टेलीविजन पर मिलाकाफी दुर्घटना से, लेकिन हाउस ऑफ़ पायनियर्स में कलात्मक शब्द के स्टूडियो में उसके दीर्घकालिक अध्ययन से पहले यह था। अंग्रेजी के ज्ञान के कारण उन्हें टेलीविजन पर आमंत्रित किया गया था। रोगग्रस्त अग्रणी बच्चों के खेल कार्यक्रम के अप्रत्याशित प्रतिस्थापन के बाद, जहां उसने चालीस मिनट के हस्तांतरण में खुद को अच्छी तरह से दिखाया, लड़की को कर्मचारियों के लिए आमंत्रित किया गया था। वह मुस्कुराते हुए और सही भाषण द्वारा सही पहचाना गया। उन वर्षों में, रूसी भाषा के शिक्षक ने भाषण देखा, और सोवियत टेलीविजन के वक्ताओं ने उससे सबक प्राप्त किया। अलेक्जेंडर मास्सालाकोव एक हज़ार नौ सौ चौंसठ में केवीएन में आया था, जबकि अभी भी एक छात्र था, और वर्तमान में इस खेल के प्रति वफादार रहा। एक वाणिज्यिक घटक की अनुपस्थिति मेंटीवी, हवा पर उपस्थिति के लिए कपड़े अपने स्वयं के ऊपर उठाया। जब विदेश यात्रा करते हैं, फैशन देखते हैं और गुणवत्ता सामग्री खरीदने के अवसरों की तलाश करते हैं, तो यह सोवियत टेलीविजन प्रसारणकर्ता थे जो यूएसएसआर में वास्तविक शैली के प्रतीक थे। महिलाओं ने सबसे पहले अपंग सूट, मामूली लेकिन उत्तम गहने, मान्यता प्राप्त स्वामी से शानदार हेयर स्टाइल की सुंदरता और व्यावहारिकता का प्रदर्शन किया। एना शेटिलोवा, एंजेलिना वोव, स्वेतलाना मोर्गुनोवा, अब तक टेलीविजन पर काम करने के लिए आकर्षित हुए, बिना स्वाद के, और वयस्कता में, बड़बड़ाना समीक्षा करते हैं। भर में स्त्रीत्व और सुंदरता का एक मॉडलदर्जनों वर्षों तक, वेलेंटीना लियोन्टीवा बनी रही, जिसने सबसे मानवीय कार्यक्रम "मेरे पूरे दिल से" का नेतृत्व किया, जिसके बिना टेलीविजन पर कोई रेटिंग कार्यक्रम की कल्पना नहीं की जा सकती थी। यूएसएसआर के पीपुल्स आर्टिस्ट ने पैंसठ साल तक काम किया, और अपने पसंदीदा काम को बचाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराई। उद्घोषक विभाग के समापन के साथ, अधिकांश दिग्गजटेलीविजन ने अपना पसंदीदा काम छोड़ दिया, अन्य दिशाओं में काम करना जारी रखा। एक हज़ार नौ सौ बानवे में एक नैरेशन स्कूल के स्नातक, एकैटेमीना एंड्रीवा, जो अपने सहकर्मियों के बीच बुद्धिमत्ता और सम्मान के लिए खड़ा है, ने एक शानदार कैरियर बनाया। लेकिन पुरानी पीढ़ी के प्रतिनिधि, सोवियत टेलीविजन के उद्घोषक भी हैं। पुरुषों का प्रतिनिधित्व इगोर किरिलोव द्वारा किया जाता है, जिन्होंने सत्तावन वें दशक में अपनी गतिविधि शुरू की। तीस वर्षों तक वह "समय" कार्यक्रम के स्थायी नेता थे। उनकी व्यावसायिकता और उनकी आवाज़ के महान समय के लिए धन्यवाद, उन्हें नए साल पर देश के निवासियों को बधाई देने के लिए सौंपा गया था, जो कि राजधानी के मुख्य चौक से उत्सव की घटनाओं पर टिप्पणी करते हैं, जो कि वह वर्तमान समय में भी करना चाहते हैं, अन्ना शातिलोवा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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