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मुंबईः बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह फुल एनर्जी से भरे अपने बेबाक़ी बयानबाज़ी से सुर्ख़ियों में आते रहते हैं। अभिनेता अपने न्यूड फोटोशूट के लिए सुर्ख़ियों में छाए हुए हैं, रणवीर ने एक मैगज़ीन के लिए न्यूड फोटोशूट कराया था। उसके बाद से सोशल मीडिया पर हर जगह उनके फोटोशूट की चर्चाएं हो रही हैं, मानो जैसा कि सोशल मीडिया पर कुछ ब्लास्ट हो गया हो। कोई रणवीर के पक्ष में हैं तो कई उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। वहीं फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने रणवीर सिंह के खिलाफ दर्ज हुई FIR के मामले पर अपना रिएक्शन दिया है। एक इंटरव्यू में फिल्ममेकर कहते हैं कि यह बहुत ही स्टूपिडिटी वाली बात है। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि रणवीर के फोटोशूट से कैसे महिलाओं की भावनाएं को आहत पहुंच सकती है।
विवेक अग्निहोत्री ने क्या कहा ?
विवेक अग्निहोत्री ने एक इंटरव्यू के दौरान कहते हैं, यह बहुत ही स्टूपिड FIR है। इस केस को बिना किसी कारण के इतना बढ़ाया जा रहा है। FIR में लिखा है कि रणवीर के फोटोशूट से महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। कोई मुझे बताओ, जब महिलाओं की बोल्ड तस्वीरें सामने आती हैं, तो क्या इससे पुरुषों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचती है? यह बहुत ही स्टूपिडिटी है।
स्वरा ने रणवीर को लेकर आ रहे लोगों के नेगेटिव कमेंट्स पर अपना रिएक्शन दिया था, भारत में अन्याय और उत्पीड़न के रोज मामले आते हैं, लेकिन हमारी नाराजगी तो सिर्फ अभिनेता की फोटोज पर है। मतलब सच में अगर आपको वो फोटोज पसंद नहीं आई है तो मत देखो। अगर आपको चाय पसंद नहीं हैं तो मत पियो। लेकिन अपनी राय किसी पर जबरदस्ती मत थोपो और हां ये कोई नैतिक मुद्दा नहीं है। स्वरा के इस ट्वीट पर रणवीर और उनके फैंस अभिनेत्री का फुल सपोर्ट कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि जब रणवीर अपने अलग आउटफिट्स पहनते थे तब भी लोगों को परेशानी होती थी।
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मुंबईः बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह फुल एनर्जी से भरे अपने बेबाक़ी बयानबाज़ी से सुर्ख़ियों में आते रहते हैं। अभिनेता अपने न्यूड फोटोशूट के लिए सुर्ख़ियों में छाए हुए हैं, रणवीर ने एक मैगज़ीन के लिए न्यूड फोटोशूट कराया था। उसके बाद से सोशल मीडिया पर हर जगह उनके फोटोशूट की चर्चाएं हो रही हैं, मानो जैसा कि सोशल मीडिया पर कुछ ब्लास्ट हो गया हो। कोई रणवीर के पक्ष में हैं तो कई उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। वहीं फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने रणवीर सिंह के खिलाफ दर्ज हुई FIR के मामले पर अपना रिएक्शन दिया है। एक इंटरव्यू में फिल्ममेकर कहते हैं कि यह बहुत ही स्टूपिडिटी वाली बात है। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि रणवीर के फोटोशूट से कैसे महिलाओं की भावनाएं को आहत पहुंच सकती है। विवेक अग्निहोत्री ने क्या कहा ? विवेक अग्निहोत्री ने एक इंटरव्यू के दौरान कहते हैं, यह बहुत ही स्टूपिड FIR है। इस केस को बिना किसी कारण के इतना बढ़ाया जा रहा है। FIR में लिखा है कि रणवीर के फोटोशूट से महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। कोई मुझे बताओ, जब महिलाओं की बोल्ड तस्वीरें सामने आती हैं, तो क्या इससे पुरुषों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचती है? यह बहुत ही स्टूपिडिटी है। स्वरा ने रणवीर को लेकर आ रहे लोगों के नेगेटिव कमेंट्स पर अपना रिएक्शन दिया था, भारत में अन्याय और उत्पीड़न के रोज मामले आते हैं, लेकिन हमारी नाराजगी तो सिर्फ अभिनेता की फोटोज पर है। मतलब सच में अगर आपको वो फोटोज पसंद नहीं आई है तो मत देखो। अगर आपको चाय पसंद नहीं हैं तो मत पियो। लेकिन अपनी राय किसी पर जबरदस्ती मत थोपो और हां ये कोई नैतिक मुद्दा नहीं है। स्वरा के इस ट्वीट पर रणवीर और उनके फैंस अभिनेत्री का फुल सपोर्ट कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि जब रणवीर अपने अलग आउटफिट्स पहनते थे तब भी लोगों को परेशानी होती थी।
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भोजन और पेय कार्यक्रम व्यवसाय प्रबंधन प्रथाओं का उपयोग करके एक सफल कंपनी बनाने के लिए छात्रों को शैक्षणिक सामग्री के साथ तैयार करने पर केंद्रित हो सकता है। नवाचार के एक उपाय के साथ, छात्र सीख सकते हैं कि एक खाद्य और पेय व्यवसाय कैसे चलता है, चाहे वह स्टार्टअप या कॉर्पोरेट पैमाने पर हो।
विश्वविद्यालय शिक्षा बेल्जियम की शिक्षा प्रणाली में सबसे अधिक स्तर ऊपरी जा रहा है, सरकार छात्रों के जीवन ऋण और अनुदान कार्यक्रमों के माध्यम से संभव के रूप में सरल रूप में किया जाता है कि सुनिश्चित करने के लिए अधिक जोर दिया गया है. वे इस देश में अध्ययन करना चाहते हैं जो गरीब और कमजोर पृष्ठभूमि के साथ अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए प्रायोजकों की पेशकश करते हैं.
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भोजन और पेय कार्यक्रम व्यवसाय प्रबंधन प्रथाओं का उपयोग करके एक सफल कंपनी बनाने के लिए छात्रों को शैक्षणिक सामग्री के साथ तैयार करने पर केंद्रित हो सकता है। नवाचार के एक उपाय के साथ, छात्र सीख सकते हैं कि एक खाद्य और पेय व्यवसाय कैसे चलता है, चाहे वह स्टार्टअप या कॉर्पोरेट पैमाने पर हो। विश्वविद्यालय शिक्षा बेल्जियम की शिक्षा प्रणाली में सबसे अधिक स्तर ऊपरी जा रहा है, सरकार छात्रों के जीवन ऋण और अनुदान कार्यक्रमों के माध्यम से संभव के रूप में सरल रूप में किया जाता है कि सुनिश्चित करने के लिए अधिक जोर दिया गया है. वे इस देश में अध्ययन करना चाहते हैं जो गरीब और कमजोर पृष्ठभूमि के साथ अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए प्रायोजकों की पेशकश करते हैं.
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पासाई आ पडिमा, लख्खा जुत्ता समत्त लंकरणा ।
जह पल्हाइमणं तह निज्जर गोवि आणाहि ॥ १ ॥ मनोहर रूप वाली देखने योग्य लक्षण युक्त समस्त अलंकार संयुक्त मनको आरहाद बस्ने शली प्रतिसे बड़ी निर्जरा होती है।
मन्दिर व प्रतिमा वगैरह कराने से महान फलकी प्राप्ति होती है। जहां तक वह मन्दिर रहे तब तक या असंख्य काल तक भी उससे उत्पन्न होने वाला पुण्य प्राप्त हो सकता । जैसे कि भरत चक्रघर्ती द्वारा कराये हुये अष्टापद परके मन्दिर, गिरनार पर ब्रह्मकेंद्र का कराया हुआ कंचनबलानक नामक मन्दिर ( गिरनार में कंचनवलानक नामको गुफामे ब्रह्मद्र ने नेमिनाथ स्वामो की प्रतिमा पधराई थी ) वगैरह भरत चक्रवर्ती की मुद्रिका मेंको कुल्यपाक 'नामक तीर्थ पर रही हुई माणिक्य स्वामी की प्रतिमा, थंमणा पार्श्वनाथ की प्रतिमा, वगैरह प्रतिमायें आज तक भी पूजी जाती हैं। सो ही कहते हैं कि
जल शीताशन भोजन नासिक वसनाब्द जीबिकादानं ।
सामायक पौरुप्या द्य पवासा भिग्रह व्रताद्यथा वा ॥ १ ॥ क्षणयाम दिवस यासायन हायन जीविताद्यवधि विविधं ।
पुण्यं चैयार्चा दे त्वनवधि तद्दशनादि भवं ॥ २ ॥
१ जल दान, २ शीनाशन, ( ठंडे भोजन का दान ) ३ भोजन दान, ४ सुगंधी पदार्थ का दान, ५ वस्त्रदान, ६ वर्षदान, ७ जन्म पर्यन्त देनेका दान, इन दोनोंसे होने वाले सात प्रकार के प्रत्याख्यान ।१ सामायिक २ पोरसी का प्रत्याख्यान, ३ एकाशन, ४ आंबिल, ५ उपवास, ६ अभिग्रह, ७ सर्वत्रत, इन सात प्रकार के दान और प्रत्याख्यान से उत्पन्न होते हुए सात प्रकार के अनुक्रमले पुण्य । १ पहले दान प्रत्याख्यान का पुण्य क्षण मात्र है। २ दूसरे का एक प्रहरका । तीसरे का एक दिनका । चौथेका एक मासकां। पांचवें का एक अयन याने ६ मासका छठेका एक वर्षका और सातवें का जीवन पर्यन्त फल है। इस प्रकार की अवधिवाला पुण्य प्राप्त होता है। परन्तु मन्दिर बनवाने या प्रतिमा घनवाने या उनके अर्चन दर्शनादिक भक्ति करने में पुण्यकी अवधि ही नहीं है याने अगणित पुण्य है।
" पूर्व कालमें महा पुरुषोंके बनवाए हुए मन्दिर"
इस चौवीसी में पहले भरत चक्रवर्ती ने शत्रुंजय पर रत्नमय, चतुष्मुख चौराशी मंडप सहित, एक कोस उंचा, तीन कोस लंबा, मन्दिर पांच करोड़ मुनियोंके साथ परिवरित, श्री पुंडरीक स्वामी के ज्ञान निर्वाण सहित कराया था। इसी प्रकार चाहुवलि मरुदेवो प्रमुख कोंमें गिरनार, आबू, वैभारगिरि, समेदशिखर और अष्टापद वगैरह पर्वक्षों पर पांच सौ धनुषादिक प्रमाण वाली सुवर्णमय प्रतिमायें और जिनप्रासाद कराए थे । दंडवीर्य राजा, सगर चक्रवत वगैरह ने उन मन्दिरोंके जीर्णोद्धार कराये थे। हरीषेण चक्रवर्ती ने जैन मन्दिरोंसे पृथ्वीको विभूषित किया था। संप्नति राजाने सवा लक्ष मन्दिर बनवाद थे। उसका सौ त्रपका आयुष्य
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होनेके कारण यदि उसकी दिन गणना की जाय तो प्रति दिनका एक गिनने पर छत्तीस हजार नये जिन प्रासाद कराए गिने जाते हैं और अन्य जीर्णोद्धार कराए हैं। सुना जाता है कि संप्रतिने सवा करोड़ सुवर्ण वगैरह के नये जिनविस्व वनवाये थे। आम राजाने गोपालगिरि पर याने ग्वालियर के पहाड़ पर एकसौ एक हाथ ऊंचा श्री सहाचोर भगवान का मन्दिर बनवाया था। जिसमें साढ़े तीन करोड़ सुवर्ण मोहरोंके खर्चसे निर्माण कराया हुआ सात हाथ ऊंचा जिनत्रिम्य स्थापित किया था। उसमें मूल मंडपमें सवा लाख और प्रेक्षा मंडपमें इक्कीस लाखका खर्च हुआ था।
कुमारपाल राजाने चौदहसौ चवालीस नये जिनमन्दिर और सोलह सौ जीर्णोद्धार कराए थे। उसने अपने पिताके नाम पर बनवाये हुए त्रिभुवन विहारमें छानवें करोड़ द्रव्य खर्च करके तय्यार कराई हुई सवा सौ अंगुली ऊंची रत्नमयी मुख्य प्रतिमा स्थापन कराई थी। वहत्तर देरियोंमे चौवीस प्रतिमा रत्नमयी, चौवीस सुवर्णमयी और चौवीस चांदी की स्थापन की थीं। मंत्री वस्तुपाल ने तेरह सौ और तेरह नये मन्दिर बनवाए थे, चाईसौ जीर्णोद्धार कराए और धातु पापाणके सवा लाख जिनविग्ध कराये थे।
पेथड़शाह ने चौरासी जिनप्रासाद बनवाये थे जिसमें एक सुरगिरि पर जो मन्दिर बनवाया था वहांके राजा वीरमदे के प्रधान ब्राह्मण हेमादे के नामसे मांधातापुर ( मांडवगढ़ ) में और ओंकारपुर में तीन वरस तक दानशाला की, इससे तुप्रमान हो कर हेमादे ने पेथड़शाह को सात महल बंध सके इतनी जमीन अर्पण की। वहां पर मन्दिर की नींव खोदते हुये जमीनमें से मीठा पानी निकला इससे किसीने राजाके पास जा कर उसके मन में यह ठसा दिया कि यहां मोठा पानी निकला है इससे यदि इस जगह मन्दिर न होने दे कर जलवापिका कराई जाय तो ठीक होगा। पेथड़शाह को यह बात मालूम पडनेसे रात्रिके समय हो उस जलके स्थानमें बारह हजार टकेका नमक डलवा दिया। वहां मन्दिर कराने के लिये चत्तोल ऊटणी सौनेस लदी हुई भेजी गयीं। चौरासी हजार रुपये मन्दिर का कोट वांधने में खर्च हुये थे । मन्दिर तथ्यार होनेकी बघावणी देने वाले को तीन लाख रुपये का तुष्टिदान दिया गया था। इस प्रकार पेथड़विहार मन्दिर बना था। पेथड़ शाहने शत्रुंजय पर इक्कोस घड़ी सुवर्णसे नूलनायक के चैत्यको मंढ कर मेरुशिखर के समान सुवर्णमय कलश चढ़ाया था।
गत चौवीसी में तीसरे सागर नामक तीर्थंकर जब पज्जेणीमें पधारे थे तब नरवाहन राजाने उनसे यह पूछा कि मैं केवलज्ञान कय प्राप्त करूंगा। तब उन्होंने उत्तर दिया था कि तुम आगामी चौवीसी में वाईसमें तीर्थंकर श्री नेमिनाथजी के तीर्थमें सिद्धिपद प्राप्त करोगे। तब उसने दीक्षा अंगीकार की और अनशन करके वह ब्रह्मदेव लोकमें इन्द्र हुआ। उसने वज्र, मिट्टीमय श्री नेमिनाथजी की प्रतिमा बना कर दस साग• नेपम तक वहां ही पूजी। फिर अपना आयुष्य पूर्ण होता देख वह प्रतिमा गिरनार पर ला कर मन्दिर के रत्नमय, मणि मय, सुवर्णमय, इस प्रकारके तीन गभारे जिनविम्व युक्त कर उसके सामने कंचनवलानुक ( एक प्रकार की गुफा ) बना कर उसमें उसने उस विम्बको स्थापन किया। इसके बाद बहुतसे काल पीछे रत्नोशाह संघपति एक बड़ा संघ ले कर गिरनार पर आया उसने बड़े हर्पसे मन्दिरमें मूलनायक की स्नात्रपूजा की। उस वक्त
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पासाई आ पडिमा, लख्खा जुत्ता समत्त लंकरणा । जह पल्हाइमणं तह निज्जर गोवि आणाहि ॥ एक ॥ मनोहर रूप वाली देखने योग्य लक्षण युक्त समस्त अलंकार संयुक्त मनको आरहाद बस्ने शली प्रतिसे बड़ी निर्जरा होती है। मन्दिर व प्रतिमा वगैरह कराने से महान फलकी प्राप्ति होती है। जहां तक वह मन्दिर रहे तब तक या असंख्य काल तक भी उससे उत्पन्न होने वाला पुण्य प्राप्त हो सकता । जैसे कि भरत चक्रघर्ती द्वारा कराये हुये अष्टापद परके मन्दिर, गिरनार पर ब्रह्मकेंद्र का कराया हुआ कंचनबलानक नामक मन्दिर वगैरह भरत चक्रवर्ती की मुद्रिका मेंको कुल्यपाक 'नामक तीर्थ पर रही हुई माणिक्य स्वामी की प्रतिमा, थंमणा पार्श्वनाथ की प्रतिमा, वगैरह प्रतिमायें आज तक भी पूजी जाती हैं। सो ही कहते हैं कि जल शीताशन भोजन नासिक वसनाब्द जीबिकादानं । सामायक पौरुप्या द्य पवासा भिग्रह व्रताद्यथा वा ॥ एक ॥ क्षणयाम दिवस यासायन हायन जीविताद्यवधि विविधं । पुण्यं चैयार्चा दे त्वनवधि तद्दशनादि भवं ॥ दो ॥ एक जल दान, दो शीनाशन, तीन भोजन दान, चार सुगंधी पदार्थ का दान, पाँच वस्त्रदान, छः वर्षदान, सात जन्म पर्यन्त देनेका दान, इन दोनोंसे होने वाले सात प्रकार के प्रत्याख्यान ।एक सामायिक दो पोरसी का प्रत्याख्यान, तीन एकाशन, चार आंबिल, पाँच उपवास, छः अभिग्रह, सात सर्वत्रत, इन सात प्रकार के दान और प्रत्याख्यान से उत्पन्न होते हुए सात प्रकार के अनुक्रमले पुण्य । एक पहले दान प्रत्याख्यान का पुण्य क्षण मात्र है। दो दूसरे का एक प्रहरका । तीसरे का एक दिनका । चौथेका एक मासकां। पांचवें का एक अयन याने छः मासका छठेका एक वर्षका और सातवें का जीवन पर्यन्त फल है। इस प्रकार की अवधिवाला पुण्य प्राप्त होता है। परन्तु मन्दिर बनवाने या प्रतिमा घनवाने या उनके अर्चन दर्शनादिक भक्ति करने में पुण्यकी अवधि ही नहीं है याने अगणित पुण्य है। " पूर्व कालमें महा पुरुषोंके बनवाए हुए मन्दिर" इस चौवीसी में पहले भरत चक्रवर्ती ने शत्रुंजय पर रत्नमय, चतुष्मुख चौराशी मंडप सहित, एक कोस उंचा, तीन कोस लंबा, मन्दिर पांच करोड़ मुनियोंके साथ परिवरित, श्री पुंडरीक स्वामी के ज्ञान निर्वाण सहित कराया था। इसी प्रकार चाहुवलि मरुदेवो प्रमुख कोंमें गिरनार, आबू, वैभारगिरि, समेदशिखर और अष्टापद वगैरह पर्वक्षों पर पांच सौ धनुषादिक प्रमाण वाली सुवर्णमय प्रतिमायें और जिनप्रासाद कराए थे । दंडवीर्य राजा, सगर चक्रवत वगैरह ने उन मन्दिरोंके जीर्णोद्धार कराये थे। हरीषेण चक्रवर्ती ने जैन मन्दिरोंसे पृथ्वीको विभूषित किया था। संप्नति राजाने सवा लक्ष मन्दिर बनवाद थे। उसका सौ त्रपका आयुष्य NMAAN VAANAMAANA Anan AAAAAAAA VIMA N AAPAANYAnnnnn An होनेके कारण यदि उसकी दिन गणना की जाय तो प्रति दिनका एक गिनने पर छत्तीस हजार नये जिन प्रासाद कराए गिने जाते हैं और अन्य जीर्णोद्धार कराए हैं। सुना जाता है कि संप्रतिने सवा करोड़ सुवर्ण वगैरह के नये जिनविस्व वनवाये थे। आम राजाने गोपालगिरि पर याने ग्वालियर के पहाड़ पर एकसौ एक हाथ ऊंचा श्री सहाचोर भगवान का मन्दिर बनवाया था। जिसमें साढ़े तीन करोड़ सुवर्ण मोहरोंके खर्चसे निर्माण कराया हुआ सात हाथ ऊंचा जिनत्रिम्य स्थापित किया था। उसमें मूल मंडपमें सवा लाख और प्रेक्षा मंडपमें इक्कीस लाखका खर्च हुआ था। कुमारपाल राजाने चौदहसौ चवालीस नये जिनमन्दिर और सोलह सौ जीर्णोद्धार कराए थे। उसने अपने पिताके नाम पर बनवाये हुए त्रिभुवन विहारमें छानवें करोड़ द्रव्य खर्च करके तय्यार कराई हुई सवा सौ अंगुली ऊंची रत्नमयी मुख्य प्रतिमा स्थापन कराई थी। वहत्तर देरियोंमे चौवीस प्रतिमा रत्नमयी, चौवीस सुवर्णमयी और चौवीस चांदी की स्थापन की थीं। मंत्री वस्तुपाल ने तेरह सौ और तेरह नये मन्दिर बनवाए थे, चाईसौ जीर्णोद्धार कराए और धातु पापाणके सवा लाख जिनविग्ध कराये थे। पेथड़शाह ने चौरासी जिनप्रासाद बनवाये थे जिसमें एक सुरगिरि पर जो मन्दिर बनवाया था वहांके राजा वीरमदे के प्रधान ब्राह्मण हेमादे के नामसे मांधातापुर में और ओंकारपुर में तीन वरस तक दानशाला की, इससे तुप्रमान हो कर हेमादे ने पेथड़शाह को सात महल बंध सके इतनी जमीन अर्पण की। वहां पर मन्दिर की नींव खोदते हुये जमीनमें से मीठा पानी निकला इससे किसीने राजाके पास जा कर उसके मन में यह ठसा दिया कि यहां मोठा पानी निकला है इससे यदि इस जगह मन्दिर न होने दे कर जलवापिका कराई जाय तो ठीक होगा। पेथड़शाह को यह बात मालूम पडनेसे रात्रिके समय हो उस जलके स्थानमें बारह हजार टकेका नमक डलवा दिया। वहां मन्दिर कराने के लिये चत्तोल ऊटणी सौनेस लदी हुई भेजी गयीं। चौरासी हजार रुपये मन्दिर का कोट वांधने में खर्च हुये थे । मन्दिर तथ्यार होनेकी बघावणी देने वाले को तीन लाख रुपये का तुष्टिदान दिया गया था। इस प्रकार पेथड़विहार मन्दिर बना था। पेथड़ शाहने शत्रुंजय पर इक्कोस घड़ी सुवर्णसे नूलनायक के चैत्यको मंढ कर मेरुशिखर के समान सुवर्णमय कलश चढ़ाया था। गत चौवीसी में तीसरे सागर नामक तीर्थंकर जब पज्जेणीमें पधारे थे तब नरवाहन राजाने उनसे यह पूछा कि मैं केवलज्ञान कय प्राप्त करूंगा। तब उन्होंने उत्तर दिया था कि तुम आगामी चौवीसी में वाईसमें तीर्थंकर श्री नेमिनाथजी के तीर्थमें सिद्धिपद प्राप्त करोगे। तब उसने दीक्षा अंगीकार की और अनशन करके वह ब्रह्मदेव लोकमें इन्द्र हुआ। उसने वज्र, मिट्टीमय श्री नेमिनाथजी की प्रतिमा बना कर दस साग• नेपम तक वहां ही पूजी। फिर अपना आयुष्य पूर्ण होता देख वह प्रतिमा गिरनार पर ला कर मन्दिर के रत्नमय, मणि मय, सुवर्णमय, इस प्रकारके तीन गभारे जिनविम्व युक्त कर उसके सामने कंचनवलानुक बना कर उसमें उसने उस विम्बको स्थापन किया। इसके बाद बहुतसे काल पीछे रत्नोशाह संघपति एक बड़ा संघ ले कर गिरनार पर आया उसने बड़े हर्पसे मन्दिरमें मूलनायक की स्नात्रपूजा की। उस वक्त
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ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत देहरादून एसओजी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26. 50 लाख रुपये की स्मैक के साथ दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दो भाई आटो चलाते हैं और बरेली से स्मैक लाकर छात्र-छात्राओं को बेचते थे।
एसपी क्राइम डा. विशाखा अशोक भडाणे ने बताया कि एसओजी की टीम ने 26. 50 लाख की 265 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम बबलू बेग और अफसर बेग पुत्रगण बाबू बेग निवासी चकशाहनगर नेहरू ग्राम देहरादून हैं। उनसे 265 ग्राम स्मैक मिली है। दोनों मूल रूप से बरेली के गांव मजनूपुर आंवला के निवासी हैं और देहरादून में ऑटो चलाने की आड़ में नशे का धंधा करते थे। पूछताछ में बताया कि वह 15 सालों से यहां रह रहे हैं। दून में काफी शिक्षण संस्थान होने के कारण यहां बाहरी राज्यों के छात्र-छात्राएं रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। दोनों भाई बरेली से स्मैक लाकर महंगे दामों पर बेचते थे। उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, हरिद्वार में भी पुलिस ने 5. 40 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीओ सिटी मनोज ठाकुर ने बताया कि रोडीबेलवाला चौकी प्रभारी अंशुल अग्रवाल पुलिस टीम के साथ गश्त करते हुए चंडी चौक से बैरागी कैंप की तरफ जा रहे थे। इस बीच लक्कड़ बस्ती के पास एक युवक आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 5. 40 ग्राम स्मैक बरामद हुई। वहीं आरोपी ने अपना नाम दीनानाथ निवासी ग्राम सुल्तानपुर थाना जौनपुर बताया। कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है।
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ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत देहरादून एसओजी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छब्बीस. पचास लाख रुपये की स्मैक के साथ दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दो भाई आटो चलाते हैं और बरेली से स्मैक लाकर छात्र-छात्राओं को बेचते थे। एसपी क्राइम डा. विशाखा अशोक भडाणे ने बताया कि एसओजी की टीम ने छब्बीस. पचास लाख की दो सौ पैंसठ ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम बबलू बेग और अफसर बेग पुत्रगण बाबू बेग निवासी चकशाहनगर नेहरू ग्राम देहरादून हैं। उनसे दो सौ पैंसठ ग्राम स्मैक मिली है। दोनों मूल रूप से बरेली के गांव मजनूपुर आंवला के निवासी हैं और देहरादून में ऑटो चलाने की आड़ में नशे का धंधा करते थे। पूछताछ में बताया कि वह पंद्रह सालों से यहां रह रहे हैं। दून में काफी शिक्षण संस्थान होने के कारण यहां बाहरी राज्यों के छात्र-छात्राएं रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। दोनों भाई बरेली से स्मैक लाकर महंगे दामों पर बेचते थे। उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं, हरिद्वार में भी पुलिस ने पाँच. चालीस ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीओ सिटी मनोज ठाकुर ने बताया कि रोडीबेलवाला चौकी प्रभारी अंशुल अग्रवाल पुलिस टीम के साथ गश्त करते हुए चंडी चौक से बैरागी कैंप की तरफ जा रहे थे। इस बीच लक्कड़ बस्ती के पास एक युवक आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से पाँच. चालीस ग्राम स्मैक बरामद हुई। वहीं आरोपी ने अपना नाम दीनानाथ निवासी ग्राम सुल्तानपुर थाना जौनपुर बताया। कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है।
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Bilaspur Crime News: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी को बैंक का क्रेडिट कार्ड देने का झांसा देकर दो लाख 40 हजार की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने रिटायर्ड कर्मचारी के मोबाइल पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा सनत नगर में रहने वाले मोहम्मद अली शेख रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वे किसी काम से 21 फरवरी की शाम सीपत एनटीपीसी जा रहे थे। रेलवे स्टेशन के पास वे सीपत जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को निजी बैंक का कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड के संबंध में पूछा। रिटायर्ड कर्मचारी ने क्रेडिट कार्ड लेने के लिए हामी भर दी।
इसके बाद जालसाजों ने उनके मोबाइल पर एनीडेस्क एप डाउनलोड कराया। एप में उनसे बैंक की गोपनीय और निजी जानकारी डालने के लिए कहा। साथ ही उनके मोबाइल पर आए ओटीपी को भी पूछ लिया। ओटीपी मिलते ही जालसाजों ने उनके खाते से दो लाख 40 हजार स्र्पये पार कर दिए। पीड़ित ने इसकी जानकारी साइबर सेल को दी। साथ ही तोरवा थाने में घटना की शिकायत की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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Bilaspur Crime News: बिलासपुर। रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी को बैंक का क्रेडिट कार्ड देने का झांसा देकर दो लाख चालीस हजार की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने रिटायर्ड कर्मचारी के मोबाइल पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा सनत नगर में रहने वाले मोहम्मद अली शेख रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वे किसी काम से इक्कीस फरवरी की शाम सीपत एनटीपीसी जा रहे थे। रेलवे स्टेशन के पास वे सीपत जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को निजी बैंक का कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड के संबंध में पूछा। रिटायर्ड कर्मचारी ने क्रेडिट कार्ड लेने के लिए हामी भर दी। इसके बाद जालसाजों ने उनके मोबाइल पर एनीडेस्क एप डाउनलोड कराया। एप में उनसे बैंक की गोपनीय और निजी जानकारी डालने के लिए कहा। साथ ही उनके मोबाइल पर आए ओटीपी को भी पूछ लिया। ओटीपी मिलते ही जालसाजों ने उनके खाते से दो लाख चालीस हजार स्र्पये पार कर दिए। पीड़ित ने इसकी जानकारी साइबर सेल को दी। साथ ही तोरवा थाने में घटना की शिकायत की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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Rajasthan politics : ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) की विसंगतियों के मुद्दा लगातार गर्माता जा रहा है। अब इस मुद्दे पर राजस्थान सरकार के सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने हरीश चौधरी की खिलाफत वाला बयान दिया है।
जयपुरः राजस्थान प्रदेश कांग्रेस में आपसी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। गहलोत और पायलट गुट की अंतर्कलह जगजाहिर है। अब प्रदेश सरकार के मंत्री और पूर्व मंत्री ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आमने सामने हो गए हैं। पूर्व मंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को सरकार जल्द दूर करे, वरना वे ओबीसी युवाओं के हक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उधर सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने भी कह दिया कि आरक्षण के नियमों छेड़छाड़ की तो वे सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।
ओबीसी युवाओं की पैरवी कर रहे हरीश चौधरी ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने के लिए कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी पिछले कई महीनों से प्रयासरत हैं। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से 10 बार मिलकर इस मुद्दे को समझा चुके। मुख्यमंत्री इस मसले पर सैद्धांतिक सहमति भी दे चुके लेकिन इस मसले का हल नहीं निकाला गया। 10 नवम्बर को हुई कैबिनेट में बैठक में यह विषय आया लेकिन इसे डैफर कर दिया गया। इससे पूर्व मंत्री हरीश चौधरी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से खासा नाराज हुए। जयपुर और बाड़मेर में हरीश चौधरी ने ओबीसी आरक्षण मुद्दे का हल नहीं होने सा सीधा जिम्मेदार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ठहरा दिया।
अब सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा हुए आक्रोशित ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों के मुद्दे पर छिड़ी बहस के बीच पूर्व सैनिकों ने जयपुर में प्रदर्शन किया और सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा से मिले। गुढ़ा ने उन्हें आरक्षण व्यवस्था में छेड़छाड़ नहीं होने देने का भरोसा दिलाया। गुढ़ा ने कहा कि ओबीसी आरक्षण नियमों में अब किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने देंगे। अगर छेड़छाड़ या नियम परिवर्तन की बात की गई तो सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। इस बयान से यह साफ हो गया है कि राज्य मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा अब हरीश चौधरी की मुहीम के खिलाफ उतर चुके हैं।
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Rajasthan politics : ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों के मुद्दा लगातार गर्माता जा रहा है। अब इस मुद्दे पर राजस्थान सरकार के सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने हरीश चौधरी की खिलाफत वाला बयान दिया है। जयपुरः राजस्थान प्रदेश कांग्रेस में आपसी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। गहलोत और पायलट गुट की अंतर्कलह जगजाहिर है। अब प्रदेश सरकार के मंत्री और पूर्व मंत्री ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आमने सामने हो गए हैं। पूर्व मंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को सरकार जल्द दूर करे, वरना वे ओबीसी युवाओं के हक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उधर सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने भी कह दिया कि आरक्षण के नियमों छेड़छाड़ की तो वे सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। ओबीसी युवाओं की पैरवी कर रहे हरीश चौधरी ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने के लिए कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी पिछले कई महीनों से प्रयासरत हैं। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से दस बार मिलकर इस मुद्दे को समझा चुके। मुख्यमंत्री इस मसले पर सैद्धांतिक सहमति भी दे चुके लेकिन इस मसले का हल नहीं निकाला गया। दस नवम्बर को हुई कैबिनेट में बैठक में यह विषय आया लेकिन इसे डैफर कर दिया गया। इससे पूर्व मंत्री हरीश चौधरी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से खासा नाराज हुए। जयपुर और बाड़मेर में हरीश चौधरी ने ओबीसी आरक्षण मुद्दे का हल नहीं होने सा सीधा जिम्मेदार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ठहरा दिया। अब सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा हुए आक्रोशित ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों के मुद्दे पर छिड़ी बहस के बीच पूर्व सैनिकों ने जयपुर में प्रदर्शन किया और सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा से मिले। गुढ़ा ने उन्हें आरक्षण व्यवस्था में छेड़छाड़ नहीं होने देने का भरोसा दिलाया। गुढ़ा ने कहा कि ओबीसी आरक्षण नियमों में अब किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने देंगे। अगर छेड़छाड़ या नियम परिवर्तन की बात की गई तो सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। इस बयान से यह साफ हो गया है कि राज्य मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा अब हरीश चौधरी की मुहीम के खिलाफ उतर चुके हैं।
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DELHI: शराब घोटाले की आंच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुंचने के बाद दिल्ली के साथ साथ पूरे देश में सियासत गर्म हो गई है। दिल्ली शराब घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को समन जारी कर 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसको लेकर आम आदमी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर बने हुए हैं। इसी बीच दिल्ली सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुला लिया है। 17 अप्रैल को केजरीवाल सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है।
दरअसल, दिल्ली में हुए शराब घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने पूछताछ के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल को समन जारी किया था। 16 अप्रैल को दिल्ली स्थित दफ्तर में सीबीआई की टीम केजरीवाल से पूछताछ करेगी। सीबीआई का समन मिलने के बाद आप सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार यानी 17 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इस मामले में सीबीआई दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और अब मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी पूछताछ के लिए समन जारी किया है।
उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह साफ कर दिया है कि वो सीबीआई और ईडी के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर चुके हैं। केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे जल्द ही सीबीआई और ईडी के खिलाफ केस दर्ज करवाएंगे। केजरीवाल ने अपने ट्वीटर एकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा कि, हम झूठी गवाही देने और अदालतों में झूठे सबूत पेश करने के लिए सीबीआई और ईडी के अधिकारियों के खिलाफ उचित मामले दर्ज कराएंगे। इसके आलावा उन्होंने यह भी कहा है कि, अगर केजरीवाल चोर है तो इस दुनिया में कोई ईमानदार नहीं' । अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि ED-CBI ने कोर्ट को गुमराह किया और कोर्ट में उनके खिलाफ गलत साक्ष्य पेश किए गए।
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DELHI: शराब घोटाले की आंच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुंचने के बाद दिल्ली के साथ साथ पूरे देश में सियासत गर्म हो गई है। दिल्ली शराब घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को समन जारी कर सोलह अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसको लेकर आम आदमी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर बने हुए हैं। इसी बीच दिल्ली सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुला लिया है। सत्रह अप्रैल को केजरीवाल सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है। दरअसल, दिल्ली में हुए शराब घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने पूछताछ के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल को समन जारी किया था। सोलह अप्रैल को दिल्ली स्थित दफ्तर में सीबीआई की टीम केजरीवाल से पूछताछ करेगी। सीबीआई का समन मिलने के बाद आप सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार यानी सत्रह अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इस मामले में सीबीआई दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और अब मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह साफ कर दिया है कि वो सीबीआई और ईडी के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर चुके हैं। केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे जल्द ही सीबीआई और ईडी के खिलाफ केस दर्ज करवाएंगे। केजरीवाल ने अपने ट्वीटर एकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा कि, हम झूठी गवाही देने और अदालतों में झूठे सबूत पेश करने के लिए सीबीआई और ईडी के अधिकारियों के खिलाफ उचित मामले दर्ज कराएंगे। इसके आलावा उन्होंने यह भी कहा है कि, अगर केजरीवाल चोर है तो इस दुनिया में कोई ईमानदार नहीं' । अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि ED-CBI ने कोर्ट को गुमराह किया और कोर्ट में उनके खिलाफ गलत साक्ष्य पेश किए गए।
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बिहार में सहरसा के नवहट्टा प्रखंड में स्थानीय थाने की पुलिस जीप ने युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक तारानंद सदा गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
हादसा मोहनपुर पंचायत के पीरगंज मुसहरी के पास हुआ। पुलिस जीप से महादलित युवक तारानंद सदा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद लोगों का आक्रोश फुट पड़ा।
आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी को क्षतिग्रस्त करते पुलिसकर्मियों संग मारपीट करते हुए उन्हें खदेड़ दिया। ग्रामीणों की पत्थरबाजी में एक सिपाही भी जख्मी हो गया है। मौके पर खबर लिखे जाने तक कोई वरीय अधिकारी नहीं पहुंचे थे।
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बिहार में सहरसा के नवहट्टा प्रखंड में स्थानीय थाने की पुलिस जीप ने युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक तारानंद सदा गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। हादसा मोहनपुर पंचायत के पीरगंज मुसहरी के पास हुआ। पुलिस जीप से महादलित युवक तारानंद सदा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद लोगों का आक्रोश फुट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी को क्षतिग्रस्त करते पुलिसकर्मियों संग मारपीट करते हुए उन्हें खदेड़ दिया। ग्रामीणों की पत्थरबाजी में एक सिपाही भी जख्मी हो गया है। मौके पर खबर लिखे जाने तक कोई वरीय अधिकारी नहीं पहुंचे थे।
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को सुना करता था।
कवियों, जैसे डॉ.हरिवंशराय बच्चन, पं.गोपाल प्रसाद व्यास,
किया है।
लेखक ने यादों की बदलियों से खूब रस वर्षा की है।
है 'क्या होती है थेथराई मलाई'। ये शब्द धूमिल जी के हैं,
थी, लेखक स्वयं भी उनमें से एक थे, कविसम्मेलनों से विमुख,
क्या कहा, ये भी भूख से मरा,
पलभर को हुए उतावले,
ये भूख से नहीं,
कुपोषण से मरा है,
शोषण से मरा है।
बटोर लेते हैं। स्थिति, टोटका-कथन, जनक एवं विस्तारक,
टोटकायु, कथन विस्तार, घोटका-मंथन और अंत में निष्कर्ष,
सभी विस्तार के साथ।
के बारे में आप पढ़ सकते हैं लेख 'चलता है पर इतना नहीं'
कंप्यूटर से जोड़ा है।
बड़ा उदाहरण है।
व्यक्ति इन्हें समझ सकता है।
चूकते हैं।
परंपरा के अनेक पहलुओं को दर्शाती पुस्तक 'मंचमचान'
रूचि रखता है इस पुस्तक को पढ़ कर आनांदित होगा।
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को सुना करता था। कवियों, जैसे डॉ.हरिवंशराय बच्चन, पं.गोपाल प्रसाद व्यास, किया है। लेखक ने यादों की बदलियों से खूब रस वर्षा की है। है 'क्या होती है थेथराई मलाई'। ये शब्द धूमिल जी के हैं, थी, लेखक स्वयं भी उनमें से एक थे, कविसम्मेलनों से विमुख, क्या कहा, ये भी भूख से मरा, पलभर को हुए उतावले, ये भूख से नहीं, कुपोषण से मरा है, शोषण से मरा है। बटोर लेते हैं। स्थिति, टोटका-कथन, जनक एवं विस्तारक, टोटकायु, कथन विस्तार, घोटका-मंथन और अंत में निष्कर्ष, सभी विस्तार के साथ। के बारे में आप पढ़ सकते हैं लेख 'चलता है पर इतना नहीं' कंप्यूटर से जोड़ा है। बड़ा उदाहरण है। व्यक्ति इन्हें समझ सकता है। चूकते हैं। परंपरा के अनेक पहलुओं को दर्शाती पुस्तक 'मंचमचान' रूचि रखता है इस पुस्तक को पढ़ कर आनांदित होगा।
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मैनपुरी जिले के एक ही परिवार के चार लोग डॉक्टर बनने के बाद हेलीकॉप्टर से अपने गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले गांव के मंदिरों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराई। इसके बाद हेलीकॉप्टर ने लैडिंग की। गांव के लोगों ने डॉक्टर परिवार का बैंडबाजों के साथ स्वागत किया। मंदिरों में पूजा-पाठ का आयोजन किया गया।
सत्यपाल के पुत्र डॉ. सत्यांश प्रताप, पुत्रवधु डॉ. आकाश दीप, पुत्री डॉ. रोहिणी सिंह चौहान और दामाद डॉ. अभिनव सिंह दिल्ली में विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। पहली बार रविवार को चारों दिल्ली से हेलीकॉप्टर से गांव पहुंचे। यहां संकट मोचन मंदिर, माता सती मंदिर, मां आशापुरा मंदिर, ठाकुर देवालय मंदिर, गोगाजी महाराज मंदिर, गमा देवी मंदिर और जर्मदा महाराज मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा कराई गई।
इसके बाद गांव के बाहर एक खेत में बने हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर उतरा। ग्रामीणों ने सभी का बैंडबाजों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद गांव के सभी मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा कराई गई। अखंड रामायण पाठ भी हुआ। डॉक्टर परिवार का गांव प्रति लगाव इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।
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मैनपुरी जिले के एक ही परिवार के चार लोग डॉक्टर बनने के बाद हेलीकॉप्टर से अपने गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले गांव के मंदिरों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराई। इसके बाद हेलीकॉप्टर ने लैडिंग की। गांव के लोगों ने डॉक्टर परिवार का बैंडबाजों के साथ स्वागत किया। मंदिरों में पूजा-पाठ का आयोजन किया गया। सत्यपाल के पुत्र डॉ. सत्यांश प्रताप, पुत्रवधु डॉ. आकाश दीप, पुत्री डॉ. रोहिणी सिंह चौहान और दामाद डॉ. अभिनव सिंह दिल्ली में विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। पहली बार रविवार को चारों दिल्ली से हेलीकॉप्टर से गांव पहुंचे। यहां संकट मोचन मंदिर, माता सती मंदिर, मां आशापुरा मंदिर, ठाकुर देवालय मंदिर, गोगाजी महाराज मंदिर, गमा देवी मंदिर और जर्मदा महाराज मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा कराई गई। इसके बाद गांव के बाहर एक खेत में बने हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर उतरा। ग्रामीणों ने सभी का बैंडबाजों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद गांव के सभी मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा कराई गई। अखंड रामायण पाठ भी हुआ। डॉक्टर परिवार का गांव प्रति लगाव इलाके में चर्चा का विषय बना रहा। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
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Galvus Tablet (30) डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली दवा है, जो टैबलेट के रूप में उपलब्ध है। शुगर के लिए मुख्य रूप से इस्तेमाल की जाती है।
मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी के आधार पर ही Galvus Tablet (30) की खुराक निर्धारित की जाती है। इसकी खुराक मरीज की समस्या और दवा देने के तरीके पर भी आधारित की जाती है। इस बारे में और अधिक जानने के लिए खुराक वाले खंड में पढ़ें।
Galvus Tablet (30) के कुछ दुष्परिणाम देखे जाते हैं, इसके साथ कुछ सामान्य नुकसान हैं जैसे चक्कर आना, कब्ज. Galvus Tablet (30) के कुछ अन्य नुकसान भी हैं जो साइड इफेक्ट के खंड में लिखे गए हैं। Galvus Tablet (30) के दुष्प्रभाव जल्दी ही खत्म हो जाते हैं और इलाज के बाद जारी नहीं रहते। अपने डॉक्टर से संपर्क करें अगर ये साइड इफेक्ट और ज्यादा बदतर हो जाते हैं या फिर लंबे समय तक रहते हैं।
इसके अलावा Galvus Tablet (30) को गर्भावस्था के दौरान लेने पर प्रभाव मध्यम होता है और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए इसका प्रभाव मध्यम है। इसके अतिरिक्त Galvus Tablet (30) का लिवर, हृदय और किडनी पर क्या असर होता है इस बारे में नीचे Galvus Tablet (30) से जुड़ी चेतावनी के सेक्शन में चर्चा की गई है।
यदि किसी व्यक्ति को डायबिटिक केटोएसिडोसिस, टाइप 1 मधुमेह, अग्नाशयशोथ जैसी कोई समस्या है, तो उसे Galvus Tablet (30) दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इनके आलावा कुछ अन्य समस्याएं भी हैं जिनमें Galvus Tablet (30) लेने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके बारे में जानकरी के लिए आगे पढ़ें।
इन उपरोक्त परिस्थितियों के अलावा Galvus Tablet (30) कुछ अन्य दवाओं के साथ लिए जाने पर गंभीर प्रतिक्रिया कर सकती है। ऐसी दवाओं की पूरी सूची आगे इस लेख में दी गयी है।
इन सभी सावधानियों के अलावा याद रखें कि वाहन चलाते समय Galvus Tablet (30) को लेना असुरक्षित है, साथ ही इस की लत लगने की संभावना नहीं है।
यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Galvus Tablet (30) की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Galvus Tablet (30) की खुराक अलग हो सकती है।
क्या Galvus Tablet (30) का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?
Galvus से प्रेग्नेंट महिला के शरीर पर कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसा आपके साथ भी हो तो आप दवा ना लें और आपने डॉक्टर से पूछने के बाद ही इसको फिर से शरू करें।
क्या Galvus Tablet (30) का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?
स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Galvus का सेवन करने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे ही विपरीत प्रभाव आप भी महसूस करें तो दवा का सेवन न करें और डॉक्टर से इस बारे में बात जरूर करें।
Galvus Tablet (30) का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है?
"Galvus को लेने के बाद दुष्प्रभाव महसूस हो सकते हैं। आपको भी दवा से कोई दुष्प्रभाव महसूस हो तो दवा न लें और इस बारे में डॉक्टर से पूछें। "
Galvus Tablet (30) का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है?
Galvus आपके लीवर पर बुरा प्रभाव डाल सकती है, हानिकारक प्रभाव अनुभव करने पर आप दवा को न लें और इसे लेने से पूर्व डॉक्टर से इसकी पूरी जानकारी लें।
क्या ह्रदय पर Galvus Tablet (30) का प्रभाव पड़ता है?
हृदय काफी हद तक Galvus सुरक्षित है, हालांकि लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेने से बेहतर परिणाम मिल सकता है। इसके खराब परिणाम बेहद कम होते है।
क्या Galvus Tablet (30) आदत या लत बन सकती है?
Galvus Tablet (30) की लत नहीं लगती, लेकिन फिर भी आपको इसे लेने से पहले सर्तकता बरतनी बेहद जरूरी है और इस विषय पर डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।
क्या Galvus Tablet (30) को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है?
नहींं, Galvus Tablet (30) को लने के बाद आप इस तरह का काम नहीं कर पाएंगे।
क्या Galvus Tablet (30) को लेना सुरखित है?
हां, लेकिन डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Galvus Tablet (30) इस्तेमाल की जा सकती है?
नहीं, Galvus Tablet (30) किसी भी तरह के दिमागी विकार का इलाज नहीं कर पाती है।
क्या Galvus Tablet (30) को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है?
खाने को Galvus Tablet (30) के साथ लेने से जो भी दुष्प्रभाव शरीर पर होते हैं, उस पर कोई शोध न हो पाने के चलते पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जब Galvus Tablet (30) ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या?
शराब और Galvus Tablet (30) से आपके शरीर में कई तरह के गंभीर प्रभाव होते हैं। इससे बचने के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेनी होगी।
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Galvus Tablet डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली दवा है, जो टैबलेट के रूप में उपलब्ध है। शुगर के लिए मुख्य रूप से इस्तेमाल की जाती है। मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी के आधार पर ही Galvus Tablet की खुराक निर्धारित की जाती है। इसकी खुराक मरीज की समस्या और दवा देने के तरीके पर भी आधारित की जाती है। इस बारे में और अधिक जानने के लिए खुराक वाले खंड में पढ़ें। Galvus Tablet के कुछ दुष्परिणाम देखे जाते हैं, इसके साथ कुछ सामान्य नुकसान हैं जैसे चक्कर आना, कब्ज. Galvus Tablet के कुछ अन्य नुकसान भी हैं जो साइड इफेक्ट के खंड में लिखे गए हैं। Galvus Tablet के दुष्प्रभाव जल्दी ही खत्म हो जाते हैं और इलाज के बाद जारी नहीं रहते। अपने डॉक्टर से संपर्क करें अगर ये साइड इफेक्ट और ज्यादा बदतर हो जाते हैं या फिर लंबे समय तक रहते हैं। इसके अलावा Galvus Tablet को गर्भावस्था के दौरान लेने पर प्रभाव मध्यम होता है और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए इसका प्रभाव मध्यम है। इसके अतिरिक्त Galvus Tablet का लिवर, हृदय और किडनी पर क्या असर होता है इस बारे में नीचे Galvus Tablet से जुड़ी चेतावनी के सेक्शन में चर्चा की गई है। यदि किसी व्यक्ति को डायबिटिक केटोएसिडोसिस, टाइप एक मधुमेह, अग्नाशयशोथ जैसी कोई समस्या है, तो उसे Galvus Tablet दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इनके आलावा कुछ अन्य समस्याएं भी हैं जिनमें Galvus Tablet लेने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके बारे में जानकरी के लिए आगे पढ़ें। इन उपरोक्त परिस्थितियों के अलावा Galvus Tablet कुछ अन्य दवाओं के साथ लिए जाने पर गंभीर प्रतिक्रिया कर सकती है। ऐसी दवाओं की पूरी सूची आगे इस लेख में दी गयी है। इन सभी सावधानियों के अलावा याद रखें कि वाहन चलाते समय Galvus Tablet को लेना असुरक्षित है, साथ ही इस की लत लगने की संभावना नहीं है। यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Galvus Tablet की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Galvus Tablet की खुराक अलग हो सकती है। क्या Galvus Tablet का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? Galvus से प्रेग्नेंट महिला के शरीर पर कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसा आपके साथ भी हो तो आप दवा ना लें और आपने डॉक्टर से पूछने के बाद ही इसको फिर से शरू करें। क्या Galvus Tablet का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Galvus का सेवन करने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे ही विपरीत प्रभाव आप भी महसूस करें तो दवा का सेवन न करें और डॉक्टर से इस बारे में बात जरूर करें। Galvus Tablet का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? "Galvus को लेने के बाद दुष्प्रभाव महसूस हो सकते हैं। आपको भी दवा से कोई दुष्प्रभाव महसूस हो तो दवा न लें और इस बारे में डॉक्टर से पूछें। " Galvus Tablet का जिगर पर क्या असर होता है? Galvus आपके लीवर पर बुरा प्रभाव डाल सकती है, हानिकारक प्रभाव अनुभव करने पर आप दवा को न लें और इसे लेने से पूर्व डॉक्टर से इसकी पूरी जानकारी लें। क्या ह्रदय पर Galvus Tablet का प्रभाव पड़ता है? हृदय काफी हद तक Galvus सुरक्षित है, हालांकि लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेने से बेहतर परिणाम मिल सकता है। इसके खराब परिणाम बेहद कम होते है। क्या Galvus Tablet आदत या लत बन सकती है? Galvus Tablet की लत नहीं लगती, लेकिन फिर भी आपको इसे लेने से पहले सर्तकता बरतनी बेहद जरूरी है और इस विषय पर डॉक्टरी सलाह अवश्य लें। क्या Galvus Tablet को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है? नहींं, Galvus Tablet को लने के बाद आप इस तरह का काम नहीं कर पाएंगे। क्या Galvus Tablet को लेना सुरखित है? हां, लेकिन डॉक्टर से सलाह जरूर लें। क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Galvus Tablet इस्तेमाल की जा सकती है? नहीं, Galvus Tablet किसी भी तरह के दिमागी विकार का इलाज नहीं कर पाती है। क्या Galvus Tablet को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? खाने को Galvus Tablet के साथ लेने से जो भी दुष्प्रभाव शरीर पर होते हैं, उस पर कोई शोध न हो पाने के चलते पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। जब Galvus Tablet ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? शराब और Galvus Tablet से आपके शरीर में कई तरह के गंभीर प्रभाव होते हैं। इससे बचने के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेनी होगी।
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पाकिस्तान पुलिस ने 68 वकीलों पर ईशनिंदा के आरोप के तहत मुक़दमा दर्ज किया है. माना जा रहा है है देश के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ईशनिंदा के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है.
हालांकि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में यह मामला तब सामने आया, जब वकील अपने एक साथी की गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे थे.
वकीलों पर आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के सहयोगी ख़लीफ़ा उमर का अपमान किया था. पुलिस के अनुसार उसने एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है.
आलोचकों का कहना है कि ईशनिंदा क़ानून का पाकिस्तान में अक्सर दुरुपयोग होता है.
पंजाब के झांग जिले में 8 वकीलों के ख़िलाफ़ नामज़द रूप से और 60 अज्ञात वकीलों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है.
ये वकील पिछले सप्ताह झांग में एक वकील को कथित तौर पर ग़ैरकानूनी रूप से हिरासत में लेने और उनको प्रताड़ित करने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे.
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने दूसरे ख़लीफ़ा उमर के हमनाम एक पुलिस वाले की खिल्ली उड़ाई थी, जिससे उसकी भावनाएं आहत हुईं.
उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी.
पाकिस्तान में ईशनिंदा के मामले में अधिकतम सज़ा के रूप मृत्युदंड का प्रावधान है.
इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता इलियास ख़ान ने बताया कि यदि इस मामले में मुक़दमा चलाया जाता है और आरोप सिद्ध होते हैं तो इऩ वकीलों को तीन वर्ष तक की कारावास होगी.
इलियास ख़ान ने बताया कि अधिकांश लोगों का मानना है कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे ईशनिंदा क़ानून का दुरुपयोग किया जा सकता है.
मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर आशिक हुसैन ने बीबीसी को बताया, "चूंकि, झांग शहर का पूरा न्यायिक समुदाय इसमें फंस गया है, इसलिए मामले को सुलझाने की कोशिशें हो रही हैं और हो सकता है कोई गिरफ़्तारी न हो. "
बीबीसी संवाददाता के अनुसार गिरफ़्तारी न होने के बावजूद, इस मामले में नामज़द लोग ऐसे देश में सुरक्षित नहीं महसूस कर सकते, जहां सांप्रदायिक हिंसा का पुराना इतिहास है.
पाकिस्तान में इस्लाम के ख़िलाफ़ की गई ईशनिंदा को बहुत ही गंभीर अपराध माना जाता है.
पिछले सप्ताह पंजाब के मुल्तान में ईशनिंदा के एक आरोपी के वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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पाकिस्तान पुलिस ने अड़सठ वकीलों पर ईशनिंदा के आरोप के तहत मुक़दमा दर्ज किया है. माना जा रहा है है देश के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ईशनिंदा के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है. हालांकि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में यह मामला तब सामने आया, जब वकील अपने एक साथी की गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे थे. वकीलों पर आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के सहयोगी ख़लीफ़ा उमर का अपमान किया था. पुलिस के अनुसार उसने एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है. आलोचकों का कहना है कि ईशनिंदा क़ानून का पाकिस्तान में अक्सर दुरुपयोग होता है. पंजाब के झांग जिले में आठ वकीलों के ख़िलाफ़ नामज़द रूप से और साठ अज्ञात वकीलों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है. ये वकील पिछले सप्ताह झांग में एक वकील को कथित तौर पर ग़ैरकानूनी रूप से हिरासत में लेने और उनको प्रताड़ित करने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे. शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने दूसरे ख़लीफ़ा उमर के हमनाम एक पुलिस वाले की खिल्ली उड़ाई थी, जिससे उसकी भावनाएं आहत हुईं. उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. पाकिस्तान में ईशनिंदा के मामले में अधिकतम सज़ा के रूप मृत्युदंड का प्रावधान है. इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता इलियास ख़ान ने बताया कि यदि इस मामले में मुक़दमा चलाया जाता है और आरोप सिद्ध होते हैं तो इऩ वकीलों को तीन वर्ष तक की कारावास होगी. इलियास ख़ान ने बताया कि अधिकांश लोगों का मानना है कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे ईशनिंदा क़ानून का दुरुपयोग किया जा सकता है. मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर आशिक हुसैन ने बीबीसी को बताया, "चूंकि, झांग शहर का पूरा न्यायिक समुदाय इसमें फंस गया है, इसलिए मामले को सुलझाने की कोशिशें हो रही हैं और हो सकता है कोई गिरफ़्तारी न हो. " बीबीसी संवाददाता के अनुसार गिरफ़्तारी न होने के बावजूद, इस मामले में नामज़द लोग ऐसे देश में सुरक्षित नहीं महसूस कर सकते, जहां सांप्रदायिक हिंसा का पुराना इतिहास है. पाकिस्तान में इस्लाम के ख़िलाफ़ की गई ईशनिंदा को बहुत ही गंभीर अपराध माना जाता है. पिछले सप्ताह पंजाब के मुल्तान में ईशनिंदा के एक आरोपी के वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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बिलासपुर। जनरल टिकट लेने के लिए अब यात्रियों को कतार लगने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने मोबाइल से जनरल टिकट ले सकते हैं। इस सुविधा की शुरुआत करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यूटीएस ऑन मोबाइल स्कीम लागू करने की तैयारी कर रही है।
इसके तहत एंडरायड व विंडो दोनों प्रकार के स्मार्ट फोन से यात्री अपना रेल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए यात्री फ्री में गूगल प्ले या विंडो स्टोर से एप डाउनलोड कर अनारक्षित रेलवे टिकट प्राप्त करने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। वे मोबाइल से पेपरलैस रेल टिकट ले सकेंगे। इस एप को डाउनलोड करते ही यात्री के मोबाइल पर स्वतः ही जियो फंक्शन एरिया के माध्यम आर वालेट एक जीरो बैलेंस का अकाउंट बन जाएगा। इसके जरिए टिकटों का भुगतान किया जा सकेगा। वर्तमान में पेपरलैस टिकट भी सीजन टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट इसके माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। रिचार्ज डेबिट कार्ड या बैंकिंग से भी किया जा सकेगा। टिकट का प्रिंट यात्री स्टेशन की एटीवीएम से ले सकते हैं।
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बिलासपुर। जनरल टिकट लेने के लिए अब यात्रियों को कतार लगने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने मोबाइल से जनरल टिकट ले सकते हैं। इस सुविधा की शुरुआत करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यूटीएस ऑन मोबाइल स्कीम लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत एंडरायड व विंडो दोनों प्रकार के स्मार्ट फोन से यात्री अपना रेल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए यात्री फ्री में गूगल प्ले या विंडो स्टोर से एप डाउनलोड कर अनारक्षित रेलवे टिकट प्राप्त करने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। वे मोबाइल से पेपरलैस रेल टिकट ले सकेंगे। इस एप को डाउनलोड करते ही यात्री के मोबाइल पर स्वतः ही जियो फंक्शन एरिया के माध्यम आर वालेट एक जीरो बैलेंस का अकाउंट बन जाएगा। इसके जरिए टिकटों का भुगतान किया जा सकेगा। वर्तमान में पेपरलैस टिकट भी सीजन टिकट एवं प्लेटफार्म टिकट इसके माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। रिचार्ज डेबिट कार्ड या बैंकिंग से भी किया जा सकेगा। टिकट का प्रिंट यात्री स्टेशन की एटीवीएम से ले सकते हैं।
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दिलजीत सिंह दोसांझ एक भारतीय फिल्म अभिनेताव् पार्श्व गायक हैं। जोकि मुख्यतः पंजाबी फिल्मों में नजर आते हैं। उन्हें मुख्यतः उनके मंच नाम 'दिलजीत' से ही जाना जाता है।
दिलजीत सिंह दोसांझ जन्म6 जनवरी 1984 को हुआ।
Nora Fatehi की हमशक्ल को देखकर चकराया लोगों का दिमाग, वीडियो देखकर बोले- 'कौन है असली?'
बीच पर बेड डालकर बैठी हसीना ने दिखाई हॉटनेस, लोग बोले- 'हर चीज की एक सीमा होती है यार'
सैफ अली खान के बारे में बात करते हुए ये क्या बोल गई करीना कपूर खान- मेरी आंखें भर आती हैं क्योंकि..
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दिलजीत सिंह दोसांझ एक भारतीय फिल्म अभिनेताव् पार्श्व गायक हैं। जोकि मुख्यतः पंजाबी फिल्मों में नजर आते हैं। उन्हें मुख्यतः उनके मंच नाम 'दिलजीत' से ही जाना जाता है। दिलजीत सिंह दोसांझ जन्मछः जनवरी एक हज़ार नौ सौ चौरासी को हुआ। Nora Fatehi की हमशक्ल को देखकर चकराया लोगों का दिमाग, वीडियो देखकर बोले- 'कौन है असली?' बीच पर बेड डालकर बैठी हसीना ने दिखाई हॉटनेस, लोग बोले- 'हर चीज की एक सीमा होती है यार' सैफ अली खान के बारे में बात करते हुए ये क्या बोल गई करीना कपूर खान- मेरी आंखें भर आती हैं क्योंकि..
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का औचित्य-प्रतिपादन । इस सोच के आंतरिकीरण का भी एक मनोवैज्ञानिक तंत्र है। सांस्कृतिक हिंसा के अध्ययन यह बताते हैं कि किस तरह प्रत्यक्ष हिंसा की कार्रवाई और संरचनागत हिंसा के तथ्य को उचित साबित किया गया और उसे सामाजिक स्वीकृति हासिल हुई । सांस्कृतिक हिंसा एक तरह से किसी कृत्य के रंग को बदलने का काम करती है, वह इसे लाल (गलत) से हरा (सही) अथवा कम-से-कम सहज नैतिक स्वीकार्य रंगने का काम करती है।
उदाहरण के लिए, सांस्कृतिक हिंसा में एक हत्या को एक हिंसक कृत्य के तथ्य के रूप में नहीं देखते, कम-सेकम उसकी को तो नजर अंदाज क्रूरता कर ही देते हैं। हिंसा के दूसरे रूपों के बारे में भी ऐसी ही धारणा पायी जा सकती है। ऐसी स्थिति में इस तरह की हिंसा के संदर्भों को समझना जरूरी है।
हिंसा में मनुष्य के अपमान से लेकर उसे बुनियादी जरूरतों से वंचित कर देना तक अनेक चीजें शामिल है। इसमें व्यक्ति को उसकी वास्तविक और संभावित आवश्यकताओं को पूरा करने में अवरोध पैदा किया जाता है। उसके जीवन को किसी भी तरह की आशंका अथवा भय उत्पन्न करनातो हिंसा है ही। दुनिया भर में मनुष्य की आवश्यकताओं को चार भागों में बांटा गया है और उनसे हिंसक कार्रवाइयां भी जुड़ी हुई हैं। ये है जीवन की आवश्यकताएं (निषेधः मृत्यु, हत्या), स्वस्थ रहने की आवश्यकताएं (निषेधः कष्ट, रुग्णता ) अस्मिता के अर्थ से संबंधित
आवश्यकताएं (निषेधः अलगाव) और स्वतंत्रता से जुड़ी आवश्यकताएं ( निषेध : दमन ) । इस तरह हम देखते हैं कि मनुष्य की स्वाभाविक जरूरतों को हिंसक कार्रवाइयां बाधित कर सकती हैं। इनमें मनुष्येतर चीजें शामिल नहीं है। प्रकृति - चक्र में गड़बड़ी भी इनमें से किसी भी आवश्यकता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए, पर्यावरण की अनुकूलता भी मनुष्य के जीवन के लिए अनिवार्यता है तो प्रकृति को भी हिंसा से बचाना होगा । इन क्षेत्रों को हिंसा से सुरक्षित करने के बाद ही हम कह सकते
हैं कि हमने 'शांति' कायम कर ली है। यदि हम पर्यावरण-संतुलन को शांति में
शामिल मानकर चलें तो इसके व्यापक क्षेत्र में सभी जीवित प्राणी और निर्जीव वस्तुएं आएंगी।
अभी तक हम हिंसा को जीवन, और वह भी मानव-जीवन, के संदर्भ में ही देखते रहे हैं। इसी के साथ यह सवाल भी उठता है कि आखिर पर्यावरण का संतुलन किससे है ? आर्थिक गतिविधियां किस स्तर तक और कितनी संख्या में हों ? किसके लिए पर्यावरण का पुनरुत्थान हो ? यदि प्रकृति के सभी हिस्से बराबर हैं, तो किस स्तर तक और कितनी संख्या में बराबर होंगे ? और क्या फिर ये दोनों के लिए नहीं होंगे ?
धीमी मौन हत्या की तरह समझा जाना चाहिए। किसी को अलगा देने का मतलब उसकी आत्मा को मार देना है। दमन का मतलब अत्याचार है। इसी तरह, जिसे पर्यावरण में गिरावट कहा जाता है, उसका मतलब प्रकृति का संहार है। इन सबके लिए कोई एक शब्द देना मुश्किल है, यह व्यापक विनिष्ट है। हमने पिछले ५० वर्षों की व्यापक हिंसक घटनाओं को ही शब्दों के दायरे में में बांधने की कोशिश की है। अक्सर हिंसा के अध्ययन भी शांति अध्ययनों के साथ ही किए जाते हैं, वहां
भयावह यथार्थ को गहराई से जाननेसमझने की जरूरत है। →
( प्राकृत भारती अकादमी की तरफ से प्रकाशित पुस्तक 'सांस्कृतिक हिंसा' का एक अंश ।) ८६, मानसागर कॉलोनी, श्योपुर रोड् प्रताप नगर, जयपुर - ३०२०३३ मो. ६८२८१६६२७७
अनौपचारिका मंगवाने के लिए जरूरी जानकारी
सद्भावना सहयोग : व्यक्तिगत ५०० /- रुपये वार्षिक संस्थागत १००० /- रुपये वार्षिक मैत्री समुदाय ५०००/- रुपये
ऑन लाईन सहयोग राशि के लिए बैंक का विवरण
असल में, हिंसा के लिए जो शब्द प्रायः प्रयुक्त किए जाते हैं, वे अपना निहितार्थ खो चुके हैं। स्थिति को सही से दर्शाने के लिए हत्या करने के मायने लोगों को खत्म कर देना अथवा जनसंहार है। इसी तरह उत्पीड़न को
अनौपचारिका । १२ । मई-जून, २०२२ (संयुक्तांक)
BANK OF BARODA Rajasthan Adult Education Association Branch Name : IDS Ext. Jhalana Jaipur
I.F.S.C.Code : BARB0EXTNEH (fifth Character is zero) Micr Code : 302012030 Acct, No. 9815010002077
भावना भट्ट
भावनगर की बाल चिंतक भावना भट्ट आज की शिक्षा प्रणाली से प्रभावित बालकों की चिंता जताते हुए उन्हें ऐसी शिक्षा देने की मांग करती हैं जिनमें बालाकें की रूचि हो, ऐसी शिक्षा जो कला से, संस्कृति से जुड़ी हो । भावना भट्ट का यह लेख हमें एक बार फिर जड़ों की ओर देखने, समझने का अवसर देता है। →सं.
जड़ों को फिर से टटोलना होगा
जकल समाज में हो रही घटनाएँ मन को झकझोरती हैं। हर जगह दंगे, फसाद, बलात्कार, चोरी, भ्रष्टाचार .. कौन कौन से नाम लें और किसे छोड़े ?
उन के मनोबल को दृढ़ करता है। अगर शासन करना है तो उनके मन को गुलाम बनाएं ऐसी शिक्षा प्रणाली बनानी होंगी। यही सोच के साथ मैकोले ने जो दी वो शिक्षा प्रणाली में एक छोर से घुसता बच्चा जब दूसरे छोर से बाहर आता था तब उनका ज़मीर मर जाता था और वो एक गुलाम होकर खड़ा रहता था अंग्रेजी अमलदारों के सामने। उन्हें तो चाहिये थी, कारकूनों की फ़ौज !
अंग्रेज़ो के अत्याचारों ने और उनकी ही शिक्षा प्रणाली से त्रस्त लोगों के समूह ने उन्हें तो मार भगाया मगर अब भी हमारें भारत की मनोदशा में गुलामी की वो जड़ें मौजूद है।
सिर्फ़ कारकुन बनाने वाली उस शिक्षा प्रणाली को आज भी हमने ज्यों की त्यों बरकरार रखा है। आज भी हमारे बच्चे ऐसी स्कूलों में दाखिल होते है जहाँ यूनिफॉर्म में सज, टाई, शूज़ की कैद में जब अपने दोनों हाथ पीछे रखकर कतारों में सर झुकाकर चलते है, तब हम उसकी डिसिप्लिन की बात का गर्व करते हुए सब को ये कहते हुए फूले नहीं समाते कि हमने हमारे बच्चों को शहर की सब से महँगी स्कूलों में दाख़िल किया है। एक ही पाठ को सौ बार लिखने वाले बच्चे स्कूल से निकल कर ट्यूशन की कैद में और फिर ?
क्या हालत हुई है हमारें भारत की ? किस ने की है? कौन है आखिर जिम्मेदार? सब का जवाब मेरे विचारों से एक ही है और वो है हमारी शिक्षा प्रणाली।
बचपन में सुनी थी वो पंचतंत्र की बातें । और पंचतंत्र की कहानियों के जन्म की बातें। एक राजा के पुत्र को सुधारने के लिए लगातार कही गई कहानियों का समूह है पंचतंत्र की कथाएँ।
आज भी हर बच्चे को कहानी सुनना पसंद है। कहानियां जो उसके भाव विश्व को पोषित करती हैं मगर आज कहानियां है कहाँ ? कौन कहेगा उसे कहानी ? माता-पिता को फुरसत नहीं है और घर की दादी 'ओल्ड एज होम' में रहने को मजबूर हुई है।
जब अंग्रेजों ने भारत में कदम रखा तब देखा कि भारत की जड़ें मजबूत है क्योंकि संस्कारों से सींची हुई है। यहाँ का हर बच्चा संस्कृत और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यहाँ हर घर में हो रहा है भगवद गीता का अभ्यास जो
अनौपचारिका । १३ । मई-जून, २०२२ (संयुक्तांक)
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का औचित्य-प्रतिपादन । इस सोच के आंतरिकीरण का भी एक मनोवैज्ञानिक तंत्र है। सांस्कृतिक हिंसा के अध्ययन यह बताते हैं कि किस तरह प्रत्यक्ष हिंसा की कार्रवाई और संरचनागत हिंसा के तथ्य को उचित साबित किया गया और उसे सामाजिक स्वीकृति हासिल हुई । सांस्कृतिक हिंसा एक तरह से किसी कृत्य के रंग को बदलने का काम करती है, वह इसे लाल से हरा अथवा कम-से-कम सहज नैतिक स्वीकार्य रंगने का काम करती है। उदाहरण के लिए, सांस्कृतिक हिंसा में एक हत्या को एक हिंसक कृत्य के तथ्य के रूप में नहीं देखते, कम-सेकम उसकी को तो नजर अंदाज क्रूरता कर ही देते हैं। हिंसा के दूसरे रूपों के बारे में भी ऐसी ही धारणा पायी जा सकती है। ऐसी स्थिति में इस तरह की हिंसा के संदर्भों को समझना जरूरी है। हिंसा में मनुष्य के अपमान से लेकर उसे बुनियादी जरूरतों से वंचित कर देना तक अनेक चीजें शामिल है। इसमें व्यक्ति को उसकी वास्तविक और संभावित आवश्यकताओं को पूरा करने में अवरोध पैदा किया जाता है। उसके जीवन को किसी भी तरह की आशंका अथवा भय उत्पन्न करनातो हिंसा है ही। दुनिया भर में मनुष्य की आवश्यकताओं को चार भागों में बांटा गया है और उनसे हिंसक कार्रवाइयां भी जुड़ी हुई हैं। ये है जीवन की आवश्यकताएं , स्वस्थ रहने की आवश्यकताएं अस्मिता के अर्थ से संबंधित आवश्यकताएं और स्वतंत्रता से जुड़ी आवश्यकताएं । इस तरह हम देखते हैं कि मनुष्य की स्वाभाविक जरूरतों को हिंसक कार्रवाइयां बाधित कर सकती हैं। इनमें मनुष्येतर चीजें शामिल नहीं है। प्रकृति - चक्र में गड़बड़ी भी इनमें से किसी भी आवश्यकता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए, पर्यावरण की अनुकूलता भी मनुष्य के जीवन के लिए अनिवार्यता है तो प्रकृति को भी हिंसा से बचाना होगा । इन क्षेत्रों को हिंसा से सुरक्षित करने के बाद ही हम कह सकते हैं कि हमने 'शांति' कायम कर ली है। यदि हम पर्यावरण-संतुलन को शांति में शामिल मानकर चलें तो इसके व्यापक क्षेत्र में सभी जीवित प्राणी और निर्जीव वस्तुएं आएंगी। अभी तक हम हिंसा को जीवन, और वह भी मानव-जीवन, के संदर्भ में ही देखते रहे हैं। इसी के साथ यह सवाल भी उठता है कि आखिर पर्यावरण का संतुलन किससे है ? आर्थिक गतिविधियां किस स्तर तक और कितनी संख्या में हों ? किसके लिए पर्यावरण का पुनरुत्थान हो ? यदि प्रकृति के सभी हिस्से बराबर हैं, तो किस स्तर तक और कितनी संख्या में बराबर होंगे ? और क्या फिर ये दोनों के लिए नहीं होंगे ? धीमी मौन हत्या की तरह समझा जाना चाहिए। किसी को अलगा देने का मतलब उसकी आत्मा को मार देना है। दमन का मतलब अत्याचार है। इसी तरह, जिसे पर्यावरण में गिरावट कहा जाता है, उसका मतलब प्रकृति का संहार है। इन सबके लिए कोई एक शब्द देना मुश्किल है, यह व्यापक विनिष्ट है। हमने पिछले पचास वर्षों की व्यापक हिंसक घटनाओं को ही शब्दों के दायरे में में बांधने की कोशिश की है। अक्सर हिंसा के अध्ययन भी शांति अध्ययनों के साथ ही किए जाते हैं, वहां भयावह यथार्थ को गहराई से जाननेसमझने की जरूरत है। → छियासी, मानसागर कॉलोनी, श्योपुर रोड् प्रताप नगर, जयपुर - तीन लाख दो हज़ार तैंतीस मो. छः आठ दो आठ एक छः छः दो सात सात अनौपचारिका मंगवाने के लिए जरूरी जानकारी सद्भावना सहयोग : व्यक्तिगत पाँच सौ /- रुपये वार्षिक संस्थागत एक हज़ार /- रुपये वार्षिक मैत्री समुदाय पाँच हज़ार/- रुपये ऑन लाईन सहयोग राशि के लिए बैंक का विवरण असल में, हिंसा के लिए जो शब्द प्रायः प्रयुक्त किए जाते हैं, वे अपना निहितार्थ खो चुके हैं। स्थिति को सही से दर्शाने के लिए हत्या करने के मायने लोगों को खत्म कर देना अथवा जनसंहार है। इसी तरह उत्पीड़न को अनौपचारिका । बारह । मई-जून, दो हज़ार बाईस BANK OF BARODA Rajasthan Adult Education Association Branch Name : IDS Ext. Jhalana Jaipur I.F.S.C.Code : BARBशून्यEXTNEH Micr Code : तीस करोड़ बीस लाख बारह हज़ार तीस Acct, No. नौ आठ एक पाँच शून्य एक शून्य शून्य शून्य दो शून्य सात सात भावना भट्ट भावनगर की बाल चिंतक भावना भट्ट आज की शिक्षा प्रणाली से प्रभावित बालकों की चिंता जताते हुए उन्हें ऐसी शिक्षा देने की मांग करती हैं जिनमें बालाकें की रूचि हो, ऐसी शिक्षा जो कला से, संस्कृति से जुड़ी हो । भावना भट्ट का यह लेख हमें एक बार फिर जड़ों की ओर देखने, समझने का अवसर देता है। →सं. जड़ों को फिर से टटोलना होगा जकल समाज में हो रही घटनाएँ मन को झकझोरती हैं। हर जगह दंगे, फसाद, बलात्कार, चोरी, भ्रष्टाचार .. कौन कौन से नाम लें और किसे छोड़े ? उन के मनोबल को दृढ़ करता है। अगर शासन करना है तो उनके मन को गुलाम बनाएं ऐसी शिक्षा प्रणाली बनानी होंगी। यही सोच के साथ मैकोले ने जो दी वो शिक्षा प्रणाली में एक छोर से घुसता बच्चा जब दूसरे छोर से बाहर आता था तब उनका ज़मीर मर जाता था और वो एक गुलाम होकर खड़ा रहता था अंग्रेजी अमलदारों के सामने। उन्हें तो चाहिये थी, कारकूनों की फ़ौज ! अंग्रेज़ो के अत्याचारों ने और उनकी ही शिक्षा प्रणाली से त्रस्त लोगों के समूह ने उन्हें तो मार भगाया मगर अब भी हमारें भारत की मनोदशा में गुलामी की वो जड़ें मौजूद है। सिर्फ़ कारकुन बनाने वाली उस शिक्षा प्रणाली को आज भी हमने ज्यों की त्यों बरकरार रखा है। आज भी हमारे बच्चे ऐसी स्कूलों में दाखिल होते है जहाँ यूनिफॉर्म में सज, टाई, शूज़ की कैद में जब अपने दोनों हाथ पीछे रखकर कतारों में सर झुकाकर चलते है, तब हम उसकी डिसिप्लिन की बात का गर्व करते हुए सब को ये कहते हुए फूले नहीं समाते कि हमने हमारे बच्चों को शहर की सब से महँगी स्कूलों में दाख़िल किया है। एक ही पाठ को सौ बार लिखने वाले बच्चे स्कूल से निकल कर ट्यूशन की कैद में और फिर ? क्या हालत हुई है हमारें भारत की ? किस ने की है? कौन है आखिर जिम्मेदार? सब का जवाब मेरे विचारों से एक ही है और वो है हमारी शिक्षा प्रणाली। बचपन में सुनी थी वो पंचतंत्र की बातें । और पंचतंत्र की कहानियों के जन्म की बातें। एक राजा के पुत्र को सुधारने के लिए लगातार कही गई कहानियों का समूह है पंचतंत्र की कथाएँ। आज भी हर बच्चे को कहानी सुनना पसंद है। कहानियां जो उसके भाव विश्व को पोषित करती हैं मगर आज कहानियां है कहाँ ? कौन कहेगा उसे कहानी ? माता-पिता को फुरसत नहीं है और घर की दादी 'ओल्ड एज होम' में रहने को मजबूर हुई है। जब अंग्रेजों ने भारत में कदम रखा तब देखा कि भारत की जड़ें मजबूत है क्योंकि संस्कारों से सींची हुई है। यहाँ का हर बच्चा संस्कृत और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यहाँ हर घर में हो रहा है भगवद गीता का अभ्यास जो अनौपचारिका । तेरह । मई-जून, दो हज़ार बाईस
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शव' नहाता था जो वोह रश्के कमर पानी में । गुथी महतावसे उठती थी लहर पानी में ॥ साथ उस हुस्तके देता था दिखाई वोह बदन । जैसे झमके है पड़ा गोहरे तर पानी ॥
यह चाँदके-से टुकडे छुपते नही छुपाये । हरचन्द अपने मुँहको बुर्के तुम छुपाओ ॥
यूसुफसे कोई क्योंकर उस माहको मिला दे ? है फ़र्क रात-दिनका अज़दीदा-ता-सुनीदा ॥
आँखोसें ही रहे हो, दिलसे नहीं गये हो । हैरान हूँ यह शोखी आई तुम्हे कहाँसे ?
शम्सो-कमरके देखे जी उसमें जा रहे है । उस दिल-फरोजके भी रुखसार ऐसे ही थे ।
गुल भी है महबूब लेकिन कब है उस महबूद-सा । आगे उस क़दके है सरो-बारा वेडसूल वसा ॥
रश्के-खूबीका उसीके, जिगरे-सहमें है दाग । दोह जो एक खाल" पड़ा है तेरे रुखसारके" बीच ॥
देख उसे हो, मलिकसे" भी लगजिश । हम तो दिलको सम्भाल लेते है ।।
'रातको; सौन्दर्य्यमे जिससे चन्द्रमा भी ईर्ष्या करे, चन्द्रमासे; 'मोती; 'चन्द्रमुखीको; 'देखने और सुनने; सूर्य-चन्द्रमाके; 'सोन्दर्यको ईर्ष्याके कारण, 'चन्द्रमामे कालिमाका; १" तिल; "कपोलके; १ देवतासे ।
लुत्फ़ कहाँ, वोह बात कहेपर, फूलसे झड़ने लग जावें सुर्ख कली भी गुलकी अगर्चे यारके लाले लब-सी है ।।
जी ही मला जाता है अपना 'मोर' समाँ यह देखेसे । आँखें मलते उठते हैं, बिस्तरसे दिलबर जब सोकर ॥
देखी थी एक रोज तेरी मस्त एखड़ियाँ । अँगड़ाइयाँ ही लेते है अब तक खुमारमें ।।
खिलना कम-कम कलीने सीखा है । उसकी आँखोंकी नीमख्वाबीसे ॥
पिछले ज़मानेमे जब इश्क जी का रोग समझा जाता था, तब इश्कका रोगी शवे-हिज्रमे रोता- बिसूरता था, हो-नाले करता था और अपने रजोगमकी दास्तान
बड़-बड़ाता रहता था । बकौल मीर ---
कभू 'मीर' उस तरफ़ आकर जो छाती कूट जाता है। खुदा शाहिद' है, अपना तो कलेजा टूट जाता है ।
रोते फिरते है सारी-सारी रात । अब यही रोजगार है अपना ॥
वर्त्तमानमे इश्क इन्सानके लिए जरूरी चीज बन गया है । रोनेधोनेसे दामने - इश्कमे धब्बा लगता है --
जिगर मुरादाबादी - इश्ककी अजमत न हरगिज जीते जी कम कीजिए । जान दे दीजे मगर आँखें न पुरनम
साक्षी; प्रतिष्ठा, महानता;
"अश्रुपूर्ण ।
दिल - / मुहब्बत बेअसर उसकी, मुहब्बत रायगाँ' उसकी । कि जिसने उम्म्रभर पूँछे है आँसू अपने दामासे ॥
रंजो-गममे रोने-धोने के क्या मानी ? मर्द वह है जो इनका हँसते हुए स्वागत करता है । चन्द नमूने मुलाहिजा फर्मायसाकिबरियाज़ - असर बढ़ जाय या रब ! इस कदर सोजे-मुहव्दतमं । जहनुममें हर अंगारेको समभूं फूल जन्नतका ।।
जवाब जख्मे-जिगर दे रहा है हँस-हँसकर । "वही तो दिल है कि जो खुत्र रहे मुसीवत " ।।
• गम नहीं तो लज्जते - शादी नहीं । वे असीरी लुत्फे-आजादी नहीं ॥
जिन्दगी यादे-दोस्त है, यानी -
जिन्दगी है तो गममें गुजरेगी ॥
मौजोंकी सयासतसे मायूस' न हो 'फानी' । गिरदावकी' हर तहमें साहिल' नजर आता है।
रस्से-वेदाद-दोस्त आम हुई। तल्खिये-जीत भी हराम हुई ।
यगाना चंगेजी- जीस्तके है यही मजे वल्लाह । चार दिन - शाद' चार दिन नाशाद ।।
'बन्धनके दु.ख देखे विना; 'लहरोके बढनेसे, वेगसे; 'निराश; "भँवरकी; 'तट, किनारा; "प्रियतमाके अत्याचार करनेकी प्रथा; 'जिन्दगीकी कडवाहट, खुग।
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शव' नहाता था जो वोह रश्के कमर पानी में । गुथी महतावसे उठती थी लहर पानी में ॥ साथ उस हुस्तके देता था दिखाई वोह बदन । जैसे झमके है पड़ा गोहरे तर पानी ॥ यह चाँदके-से टुकडे छुपते नही छुपाये । हरचन्द अपने मुँहको बुर्के तुम छुपाओ ॥ यूसुफसे कोई क्योंकर उस माहको मिला दे ? है फ़र्क रात-दिनका अज़दीदा-ता-सुनीदा ॥ आँखोसें ही रहे हो, दिलसे नहीं गये हो । हैरान हूँ यह शोखी आई तुम्हे कहाँसे ? शम्सो-कमरके देखे जी उसमें जा रहे है । उस दिल-फरोजके भी रुखसार ऐसे ही थे । गुल भी है महबूब लेकिन कब है उस महबूद-सा । आगे उस क़दके है सरो-बारा वेडसूल वसा ॥ रश्के-खूबीका उसीके, जिगरे-सहमें है दाग । दोह जो एक खाल" पड़ा है तेरे रुखसारके" बीच ॥ देख उसे हो, मलिकसे" भी लगजिश । हम तो दिलको सम्भाल लेते है ।। 'रातको; सौन्दर्य्यमे जिससे चन्द्रमा भी ईर्ष्या करे, चन्द्रमासे; 'मोती; 'चन्द्रमुखीको; 'देखने और सुनने; सूर्य-चन्द्रमाके; 'सोन्दर्यको ईर्ष्याके कारण, 'चन्द्रमामे कालिमाका; एक" तिल; "कपोलके; एक देवतासे । लुत्फ़ कहाँ, वोह बात कहेपर, फूलसे झड़ने लग जावें सुर्ख कली भी गुलकी अगर्चे यारके लाले लब-सी है ।। जी ही मला जाता है अपना 'मोर' समाँ यह देखेसे । आँखें मलते उठते हैं, बिस्तरसे दिलबर जब सोकर ॥ देखी थी एक रोज तेरी मस्त एखड़ियाँ । अँगड़ाइयाँ ही लेते है अब तक खुमारमें ।। खिलना कम-कम कलीने सीखा है । उसकी आँखोंकी नीमख्वाबीसे ॥ पिछले ज़मानेमे जब इश्क जी का रोग समझा जाता था, तब इश्कका रोगी शवे-हिज्रमे रोता- बिसूरता था, हो-नाले करता था और अपने रजोगमकी दास्तान बड़-बड़ाता रहता था । बकौल मीर --- कभू 'मीर' उस तरफ़ आकर जो छाती कूट जाता है। खुदा शाहिद' है, अपना तो कलेजा टूट जाता है । रोते फिरते है सारी-सारी रात । अब यही रोजगार है अपना ॥ वर्त्तमानमे इश्क इन्सानके लिए जरूरी चीज बन गया है । रोनेधोनेसे दामने - इश्कमे धब्बा लगता है -- जिगर मुरादाबादी - इश्ककी अजमत न हरगिज जीते जी कम कीजिए । जान दे दीजे मगर आँखें न पुरनम साक्षी; प्रतिष्ठा, महानता; "अश्रुपूर्ण । दिल - / मुहब्बत बेअसर उसकी, मुहब्बत रायगाँ' उसकी । कि जिसने उम्म्रभर पूँछे है आँसू अपने दामासे ॥ रंजो-गममे रोने-धोने के क्या मानी ? मर्द वह है जो इनका हँसते हुए स्वागत करता है । चन्द नमूने मुलाहिजा फर्मायसाकिबरियाज़ - असर बढ़ जाय या रब ! इस कदर सोजे-मुहव्दतमं । जहनुममें हर अंगारेको समभूं फूल जन्नतका ।। जवाब जख्मे-जिगर दे रहा है हँस-हँसकर । "वही तो दिल है कि जो खुत्र रहे मुसीवत " ।। • गम नहीं तो लज्जते - शादी नहीं । वे असीरी लुत्फे-आजादी नहीं ॥ जिन्दगी यादे-दोस्त है, यानी - जिन्दगी है तो गममें गुजरेगी ॥ मौजोंकी सयासतसे मायूस' न हो 'फानी' । गिरदावकी' हर तहमें साहिल' नजर आता है। रस्से-वेदाद-दोस्त आम हुई। तल्खिये-जीत भी हराम हुई । यगाना चंगेजी- जीस्तके है यही मजे वल्लाह । चार दिन - शाद' चार दिन नाशाद ।। 'बन्धनके दु.ख देखे विना; 'लहरोके बढनेसे, वेगसे; 'निराश; "भँवरकी; 'तट, किनारा; "प्रियतमाके अत्याचार करनेकी प्रथा; 'जिन्दगीकी कडवाहट, खुग।
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वही मित्र है ।
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माँ तुम फिर से आ जाओ, अपना स्नेह बरसा जाओ,
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क्या सच में है हमारा देश महान?
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पेड़ की आत्मकथा - चतुर्थ भाग (पेड़-पौधे और पोषक तत्वों का चक्रण)
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चलो आज फिर से शहीदों को याद कर लें!
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Author: वही मित्र है । votes, average: out of पाँच) माँ तुम फिर से आ जाओ, अपना स्नेह बरसा जाओ, votes, average: out of पाँच) क्या सच में है हमारा देश महान? votes, average: out of पाँच) पेड़ की आत्मकथा - चतुर्थ भाग votes, average: out of पाँच) चलो आज फिर से शहीदों को याद कर लें! votes, average: out of पाँच) .
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रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में ईडी ने दिनभर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से पूछताछ की। पीएमएलए के तहत दर्ज बयान में दिनेश गोप ने स्वीकार किया है कि सहयोगियों के जरिए पैसे निवेश किए थे।
रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में ईडी ने दिनभर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से पूछताछ की। पीएमएलए के तहत दर्ज बयान में दिनेश गोप ने स्वीकार किया है कि सहयोगियों के जरिए पैसे निवेश किए थे। उसने लेवी की राशि का निवेश अपनी दोनों पत्नियों व सहयोगियों के जरिए किया। दिनेश गोप ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया है कि सुमंत कुमार के डायरेक्टरशिप में बनी कंपनी में भी उसने निवेश किया। वहीं नोटबंदी के दौरान पुराने नोट को बैंक में जमा कराने के लिए बेड़ो में पेट्रोल पंप मालिक के इस्तेमाल की बात भी स्वीकारी।
ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में टीम दिन के 11 बजे रांची केंद्रीय कारा पहुंची थी। वहां अधिकारियों ने शेल कंपनियों व लेवी की राशि के निवेश के पहलुओं पर पूछताछ की। इससे पहले केंद्रीय एजेंसी एनआईए भी दिनेश गोप से लंबी पूछताछ कर चुकी है। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को भी ईडी रांची जेल में दूसरे दिन की पूछताछ करेगी।
ईडी ने दिनेश गोप से उसके पूरे नेटवर्क, लेवी के पैसों के स्रोत, पैसों का निवेश करने वाले सहयोगी कारोबारियों के बारे में पूछताछ की। ईडी को पूर्व में राज्य सरकार ने दिनेश गोप व उसके परिजनों की संपत्ति का विवरण भेजा था। उन संपत्तियों के विषय में भी दिनेश गोप से ईडी ने पूछताछ की। हालांकि पूछताछ में ईडी के समक्ष दिनेश गोप ने इन पहलुओं पर क्या खुलासा किया, यह स्पष्ट नहीं है। गौरतलब है कि दिनेश गोप को एनआईए ने नेपाल से गिरफ्तार किया था। फिर उसे भारत लाया गया। पहले एनआईए ने पूछताछ की।
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रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में ईडी ने दिनभर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से पूछताछ की। पीएमएलए के तहत दर्ज बयान में दिनेश गोप ने स्वीकार किया है कि सहयोगियों के जरिए पैसे निवेश किए थे। रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में ईडी ने दिनभर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से पूछताछ की। पीएमएलए के तहत दर्ज बयान में दिनेश गोप ने स्वीकार किया है कि सहयोगियों के जरिए पैसे निवेश किए थे। उसने लेवी की राशि का निवेश अपनी दोनों पत्नियों व सहयोगियों के जरिए किया। दिनेश गोप ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया है कि सुमंत कुमार के डायरेक्टरशिप में बनी कंपनी में भी उसने निवेश किया। वहीं नोटबंदी के दौरान पुराने नोट को बैंक में जमा कराने के लिए बेड़ो में पेट्रोल पंप मालिक के इस्तेमाल की बात भी स्वीकारी। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में टीम दिन के ग्यारह बजे रांची केंद्रीय कारा पहुंची थी। वहां अधिकारियों ने शेल कंपनियों व लेवी की राशि के निवेश के पहलुओं पर पूछताछ की। इससे पहले केंद्रीय एजेंसी एनआईए भी दिनेश गोप से लंबी पूछताछ कर चुकी है। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को भी ईडी रांची जेल में दूसरे दिन की पूछताछ करेगी। ईडी ने दिनेश गोप से उसके पूरे नेटवर्क, लेवी के पैसों के स्रोत, पैसों का निवेश करने वाले सहयोगी कारोबारियों के बारे में पूछताछ की। ईडी को पूर्व में राज्य सरकार ने दिनेश गोप व उसके परिजनों की संपत्ति का विवरण भेजा था। उन संपत्तियों के विषय में भी दिनेश गोप से ईडी ने पूछताछ की। हालांकि पूछताछ में ईडी के समक्ष दिनेश गोप ने इन पहलुओं पर क्या खुलासा किया, यह स्पष्ट नहीं है। गौरतलब है कि दिनेश गोप को एनआईए ने नेपाल से गिरफ्तार किया था। फिर उसे भारत लाया गया। पहले एनआईए ने पूछताछ की।
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Faridabad/Alive News: महिला थाना सेंट्रल प्रभारी इंस्पेक्टर गीता ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड में शिक्षकगण व छात्राओं को विभिन्न सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूक किया।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि सामाजिक बुराइयों से लड़ने के लिए नागरिकों को एकजुट होने की आवश्यकता है, ताकि सामाजिक एकता के सामने सामाजिक बुराई अपने घुटने टेकने को मजबूर हो जाए और बुराई पर अच्छाई की हमेशा विजय प्राप्त होती रहे। आवश्यक है कि समाज के उन नागरिकों को सामाजिक बुराइयों के बारे में जागरूक करके उनसे लड़ने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।
इसी की तहत आज सेंट्रल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गीता व उनकी टीम ओल्ड फरीदाबाद में स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंची। जहां पर स्कूल प्रिंसिपल ने उनका भव्य स्वागत करते हुए उन्हें छात्राओं को इसके बारे में जागरूक करने के लिए आमंत्रित किया। इंस्पेक्टर गीता ने वहां पर मौजूद शिक्षकों और छात्राओं को महिला विरुद्ध अपराध के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि कुछ विकिर्ण मानसिकता के व्यक्ति महिलाओं का शोषण करते हैं और नशे में धुत होकर महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं।
कई बार ससुराल पक्ष के दबाव में महिलाएं गर्भावस्था में लिंग जांच करवाती तथा भ्रूण के कन्या होने का पता चलने पर उसके ससुराल पक्ष गर्भ को गिराने का दबाव बनाते हैं। जो महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं। वह इसका विरोध करती हैं। परंतु कुछ महिलाएं दबाव के चलते उस भ्रूण हत्या करवा देती हैं।
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Faridabad/Alive News: महिला थाना सेंट्रल प्रभारी इंस्पेक्टर गीता ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड में शिक्षकगण व छात्राओं को विभिन्न सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूक किया। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि सामाजिक बुराइयों से लड़ने के लिए नागरिकों को एकजुट होने की आवश्यकता है, ताकि सामाजिक एकता के सामने सामाजिक बुराई अपने घुटने टेकने को मजबूर हो जाए और बुराई पर अच्छाई की हमेशा विजय प्राप्त होती रहे। आवश्यक है कि समाज के उन नागरिकों को सामाजिक बुराइयों के बारे में जागरूक करके उनसे लड़ने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। इसी की तहत आज सेंट्रल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गीता व उनकी टीम ओल्ड फरीदाबाद में स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंची। जहां पर स्कूल प्रिंसिपल ने उनका भव्य स्वागत करते हुए उन्हें छात्राओं को इसके बारे में जागरूक करने के लिए आमंत्रित किया। इंस्पेक्टर गीता ने वहां पर मौजूद शिक्षकों और छात्राओं को महिला विरुद्ध अपराध के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि कुछ विकिर्ण मानसिकता के व्यक्ति महिलाओं का शोषण करते हैं और नशे में धुत होकर महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं। कई बार ससुराल पक्ष के दबाव में महिलाएं गर्भावस्था में लिंग जांच करवाती तथा भ्रूण के कन्या होने का पता चलने पर उसके ससुराल पक्ष गर्भ को गिराने का दबाव बनाते हैं। जो महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं। वह इसका विरोध करती हैं। परंतु कुछ महिलाएं दबाव के चलते उस भ्रूण हत्या करवा देती हैं।
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ALLAHABAD: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी में तीन दिनी तकनीकी उत्सव अपरोक्ष का समापन हो गया। इस दौरान एमआईटी मीडिया लैब इंडिया के सह अध्यक्ष अनिरुद्ध शर्मा ने अपने व्याख्यान में नवीनतम परिस्थितिकी तंत्र विधि के बारे में जानकारी दी। उनका व्याख्यान वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डिजाइनरों एवं कलाकारों को एक साथ लाने एवं आविष्कार के क्षेत्र में कुछ नया करने की कोशिश के लिए अनुशासनात्मक अनुसंधान पर केन्द्रित रहा।
कार्यशाला में गूगल डेवलपर्स के विक्रम तिवारी एवं निशांत श्रीवास्तव ने क्लाउड कम्यूटिंग की इम्पार्टेस एवं गूगल की विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर फ्लेगशिप कोडिंग तथा साहित्यिक चोरी की जांच के लिए हुई प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की गई। इसमें गौथम, आशुतोष, सिंगला, अमित सहरान, अभय, मंगल एवं करन अग्रवाल ने ख्म् हजार रुपए का पुरस्कार जीता।
इलेक्ट्रानिक्स प्रतियोगिता वुल्फ-ख्फ्क्क् में मनीषा, श्रेया एवं जगराती तोमर को प्रथम, मेधावी, पंकज एवं यश को द्वितीय तथा अनमोल, जीशन एवं दीप प्रकाश को तृतीय पुरस्कार मिला। प्लेटजेन के विजेता नलिन तथा बायोमेडा के विजेता हिमांशु कुमार रहे। वहीं क्विज प्रतियोगिता रिड्डलोनिक्स में विभोर, दिनेश, वेदप्रकाश, दिपांशु, संजय, मीना एवं अनुपम विजेता बनें। इस दौरान रोबोट रेसिंग एवं वैकबोन वेब विकास के विजेताओं की भी घोषणा की गई।
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ALLAHABAD: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी में तीन दिनी तकनीकी उत्सव अपरोक्ष का समापन हो गया। इस दौरान एमआईटी मीडिया लैब इंडिया के सह अध्यक्ष अनिरुद्ध शर्मा ने अपने व्याख्यान में नवीनतम परिस्थितिकी तंत्र विधि के बारे में जानकारी दी। उनका व्याख्यान वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डिजाइनरों एवं कलाकारों को एक साथ लाने एवं आविष्कार के क्षेत्र में कुछ नया करने की कोशिश के लिए अनुशासनात्मक अनुसंधान पर केन्द्रित रहा। कार्यशाला में गूगल डेवलपर्स के विक्रम तिवारी एवं निशांत श्रीवास्तव ने क्लाउड कम्यूटिंग की इम्पार्टेस एवं गूगल की विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर फ्लेगशिप कोडिंग तथा साहित्यिक चोरी की जांच के लिए हुई प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की गई। इसमें गौथम, आशुतोष, सिंगला, अमित सहरान, अभय, मंगल एवं करन अग्रवाल ने ख्म् हजार रुपए का पुरस्कार जीता। इलेक्ट्रानिक्स प्रतियोगिता वुल्फ-ख्फ्क्क् में मनीषा, श्रेया एवं जगराती तोमर को प्रथम, मेधावी, पंकज एवं यश को द्वितीय तथा अनमोल, जीशन एवं दीप प्रकाश को तृतीय पुरस्कार मिला। प्लेटजेन के विजेता नलिन तथा बायोमेडा के विजेता हिमांशु कुमार रहे। वहीं क्विज प्रतियोगिता रिड्डलोनिक्स में विभोर, दिनेश, वेदप्रकाश, दिपांशु, संजय, मीना एवं अनुपम विजेता बनें। इस दौरान रोबोट रेसिंग एवं वैकबोन वेब विकास के विजेताओं की भी घोषणा की गई।
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Ghatshila (Rajesh Chowbey) : सार्वजनिक कीर्तन समिति श्रीकृष्ण पल्ली धरमबहाल की ओर से श्रीकृष्ण पल्ली कीर्तन मंडप में रविवार से अष्टम प्रहर हरिनाम संकीर्तन शुरू किया गया. कीर्तन का शुभारंभ गालूडीह रंकिनी मंदिर के बाबा विनय दास महाराज ने पूजा अर्चना कर कराया. इस संबंध में जानकारी देते हुए शंभूनाथ नामाता ने बताया कि कुल 5 कीर्तन मंडली शामिल हुई है. इसमें सुखदेव दास कीर्तन मंडली खड़ियाकॉलोनी, सुखलाल दास कीर्तन मंडली, कापागोड़ा, शिवनाथ दास कीर्तन मंडली कदमा, इंदु गोप कीर्तन मंडली पानीजिया, भारत सिंह बालिका कीर्तन मंडली एवं राधारानी बालिका कीर्तन मंडली के द्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया जा रहा है. कीर्तन सुनने व देखने के लिए आसपास के गांव से काफी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कीर्तन को सफल बनाने में मुख्य रूप से अनिल पाल, काली पद पाल, हीरालाल दंडपात, विश्वनाथ दंडपात, पायल नामाता, कमला नामाता, शंभूनाथ नामाता, रंजीत गोप, अशोक गोप, कमल नामाता, तनु नामाता, नयन नामाता सहित अन्य लोग का सराहनीय योगदान है.
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Ghatshila : सार्वजनिक कीर्तन समिति श्रीकृष्ण पल्ली धरमबहाल की ओर से श्रीकृष्ण पल्ली कीर्तन मंडप में रविवार से अष्टम प्रहर हरिनाम संकीर्तन शुरू किया गया. कीर्तन का शुभारंभ गालूडीह रंकिनी मंदिर के बाबा विनय दास महाराज ने पूजा अर्चना कर कराया. इस संबंध में जानकारी देते हुए शंभूनाथ नामाता ने बताया कि कुल पाँच कीर्तन मंडली शामिल हुई है. इसमें सुखदेव दास कीर्तन मंडली खड़ियाकॉलोनी, सुखलाल दास कीर्तन मंडली, कापागोड़ा, शिवनाथ दास कीर्तन मंडली कदमा, इंदु गोप कीर्तन मंडली पानीजिया, भारत सिंह बालिका कीर्तन मंडली एवं राधारानी बालिका कीर्तन मंडली के द्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया जा रहा है. कीर्तन सुनने व देखने के लिए आसपास के गांव से काफी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि कीर्तन को सफल बनाने में मुख्य रूप से अनिल पाल, काली पद पाल, हीरालाल दंडपात, विश्वनाथ दंडपात, पायल नामाता, कमला नामाता, शंभूनाथ नामाता, रंजीत गोप, अशोक गोप, कमल नामाता, तनु नामाता, नयन नामाता सहित अन्य लोग का सराहनीय योगदान है.
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गत दिन शुक्रवार को मोगा के गांव रोडे में सभा को संबोधित करते हुए अमृतपाल सिंह ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के हमले का जवाब दिया।
मोगा : गत दिन शुक्रवार को मोगा के गांव रोडे में सभा को संबोधित करते हुए अमृतपाल सिंह ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के हमले का जवाब दिया। बंदी सिंहों की रिहाई के बारे में बात करते हुए अमृतपाल ने कहा कि सरकार को बंदी सिंहों ऐसे रिहा नहीं करना, अगर ऐसे ही हम लोग अपने-अपने राग गाते रहे तो बंदी सिंहों की रिहाई को भूल जाना चाहिए। सरकार ने और कैदी बनाने की तैयारी की है।
पिछले दिनों मजीठिया ने अमृतपाल सिंह के बारे में कुछ ऐसी बातें कही थीं। इस पर अमृतपाल सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके बारे में कई लोग बहुत कुछ कहते फिरते हैं कि यह हिंदू-सिखों के रिश्ते को तोड़ रहा है। अमृतपाल ने साफ तौर पर कहा कि हिंदू-सिखों का रिश्ता कभी नहीं टूटेगा।
गौरतलब है कि पिछले दिनों अमृतपाल सिंह द्वारा की जा रही बयानबाजी के खिलाफ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा था कि वह पंजाब के माहौल को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देंगे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़े। अमृतसर में मजीठिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि अमृतपाल कभी किसी को बुरा कह रहे हैं तो कभी किसी और को, एजेंसियां भी इसे रोक नहीं रही हैं और सरकार भी इस मामले पर खामोश है। ये लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
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गत दिन शुक्रवार को मोगा के गांव रोडे में सभा को संबोधित करते हुए अमृतपाल सिंह ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के हमले का जवाब दिया। मोगा : गत दिन शुक्रवार को मोगा के गांव रोडे में सभा को संबोधित करते हुए अमृतपाल सिंह ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के हमले का जवाब दिया। बंदी सिंहों की रिहाई के बारे में बात करते हुए अमृतपाल ने कहा कि सरकार को बंदी सिंहों ऐसे रिहा नहीं करना, अगर ऐसे ही हम लोग अपने-अपने राग गाते रहे तो बंदी सिंहों की रिहाई को भूल जाना चाहिए। सरकार ने और कैदी बनाने की तैयारी की है। पिछले दिनों मजीठिया ने अमृतपाल सिंह के बारे में कुछ ऐसी बातें कही थीं। इस पर अमृतपाल सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके बारे में कई लोग बहुत कुछ कहते फिरते हैं कि यह हिंदू-सिखों के रिश्ते को तोड़ रहा है। अमृतपाल ने साफ तौर पर कहा कि हिंदू-सिखों का रिश्ता कभी नहीं टूटेगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों अमृतपाल सिंह द्वारा की जा रही बयानबाजी के खिलाफ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा था कि वह पंजाब के माहौल को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देंगे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़े। अमृतसर में मजीठिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि अमृतपाल कभी किसी को बुरा कह रहे हैं तो कभी किसी और को, एजेंसियां भी इसे रोक नहीं रही हैं और सरकार भी इस मामले पर खामोश है। ये लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
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यह दूसरा अफ्रीकी देश है जिसे पूरे साल तेज गर्मी का सामना करना पड़ता है। यहां बारिशों के दिनों में भी 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रहता है। रेगिस्तान यहां की गर्मी का मुख्य कारण है। इस देश में सूखा और अकाल जैसी परिस्थितियां भी रहती हैं जिसकी वजह से न सिर्फ आम व्यक्ति पर बल्कि यहां के पशु और पौधों पर भी असर डालता है।
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यह दूसरा अफ्रीकी देश है जिसे पूरे साल तेज गर्मी का सामना करना पड़ता है। यहां बारिशों के दिनों में भी पैंतालीस डिग्री सेल्सियस तापमान रहता है। रेगिस्तान यहां की गर्मी का मुख्य कारण है। इस देश में सूखा और अकाल जैसी परिस्थितियां भी रहती हैं जिसकी वजह से न सिर्फ आम व्यक्ति पर बल्कि यहां के पशु और पौधों पर भी असर डालता है।
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नई दिल्लीः देश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना का लगातार ग्राफ बढ़ता जा रहा था। हालांकि सोमवार को नए मामलों में मामूली सी गिरावट दर्ज की गई है। देश में पांचवें दिन 16 हजार से कम मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 24 घंटे में 15 हजार 510 नए मामले सामने आए हैं। और 11 हजार 288 लोग कोरोना का मात देकर ठीक भी हुए है। हालांकि इस बीच 106 लोगों की कोरोना से मौत भी हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर एक करोड़ 10 लाख 96 हजार 731 पहुंच गई है। तो वहीं एक करोड़ 7 लाख 86 हजार 457 लोग कोरोना को मात देकर ठीक भी हुए हैं। देश में अब तक कुल 1 लाख 57 हजार 157 लोगों की जान भी जा चुकी है। एक्टिव केस में भी इजाफा देखा जा रहा है। डेढ लाख के पार पहुंच गए हैं। देश में अब एक्टिव केस एक लाख 68 हजार 627 पहुंच गई है।
भारतीय अनुसंधान आयुर्विज्ञान परिषद के ताजा जारी आंकड़ों के अनुसार देश 21 करोड़ 68 लाख 58 हजार 774 लोगों को सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। जिसमें से 28 फरवरी को 6 लाख 27 हजार 668 लोगों के सैंपल टेस्ट किए गए हैं।
भारत एक्टिव केस के मामले में 13वें नंबर पर आ चुका है। तो वहीं संक्रमितों के मामले में अमेरिका ब्राजील के बाद भारत तीसरे नबंर पर है। हालांकि मौत के मामले में भारत अमेरिका, ब्राजील और मैक्सिको के बाद चौथे स्थान पर है। दुनिया में रिकवरी रेट के मामले में अमेरिका पहले नंबर पर है तो भारत दूसरे नंबर पर है। देश में 97 फीसदी से ऊपर रिकवरी रेट है।
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नई दिल्लीः देश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना का लगातार ग्राफ बढ़ता जा रहा था। हालांकि सोमवार को नए मामलों में मामूली सी गिरावट दर्ज की गई है। देश में पांचवें दिन सोलह हजार से कम मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले चौबीस घंटाटे में पंद्रह हजार पाँच सौ दस नए मामले सामने आए हैं। और ग्यारह हजार दो सौ अठासी लोग कोरोना का मात देकर ठीक भी हुए है। हालांकि इस बीच एक सौ छः लोगों की कोरोना से मौत भी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर एक करोड़ दस लाख छियानवे हजार सात सौ इकतीस पहुंच गई है। तो वहीं एक करोड़ सात लाख छियासी हजार चार सौ सत्तावन लोग कोरोना को मात देकर ठीक भी हुए हैं। देश में अब तक कुल एक लाख सत्तावन हजार एक सौ सत्तावन लोगों की जान भी जा चुकी है। एक्टिव केस में भी इजाफा देखा जा रहा है। डेढ लाख के पार पहुंच गए हैं। देश में अब एक्टिव केस एक लाख अड़सठ हजार छः सौ सत्ताईस पहुंच गई है। भारतीय अनुसंधान आयुर्विज्ञान परिषद के ताजा जारी आंकड़ों के अनुसार देश इक्कीस करोड़ अड़सठ लाख अट्ठावन हजार सात सौ चौहत्तर लोगों को सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। जिसमें से अट्ठाईस फरवरी को छः लाख सत्ताईस हजार छः सौ अड़सठ लोगों के सैंपल टेस्ट किए गए हैं। भारत एक्टिव केस के मामले में तेरहवें नंबर पर आ चुका है। तो वहीं संक्रमितों के मामले में अमेरिका ब्राजील के बाद भारत तीसरे नबंर पर है। हालांकि मौत के मामले में भारत अमेरिका, ब्राजील और मैक्सिको के बाद चौथे स्थान पर है। दुनिया में रिकवरी रेट के मामले में अमेरिका पहले नंबर पर है तो भारत दूसरे नंबर पर है। देश में सत्तानवे फीसदी से ऊपर रिकवरी रेट है।
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बॉलीवुड के दबंग खान सलमान के लिए आज का दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन साबित हो सकता हैं. तक़रीबन 19 साल पुराने मामले में सलमान को आज जेल भी हो सकती हैं. सिर्फ सलमान ही नहीं बल्कि उनके साथ सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम भी मुसीबत के घेरे में फंस सकते हैं. काला हिरण शिकार केस में सलमान खान मुख्य आरोपी हैं और बाकी सभी सह-आरोपी हैं. इस मामले में सलमान पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं.
साल 1998 में सितम्बर में सलमान खान जोधपुर में सूरज बड़जात्या की फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के लिए गए थे. इस दौरान उन्होंने काले हिरण का शिकार किया था. शिकार के समय सलमान के साथ सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम भी मौजूद थे. शिकार के बाद विश्नोई समाज के लोगों ने इन सभी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें सलमान और उनके साथी दोषी पाए गए थे.
13 अक्टूबर 1998 को जोधपुर के वन्य विभाग के दफ्तर में जांच अधिकारियों ने सलमान खान और गवाहों के बयान लिए थे. उस समय सलमान खान को 5 दिनों तक जेल में भी रखा गया था. 17 अक्टूबर को सलमान को जमानत मिलने के बाद उन्हें जोधपुर जेल से रिहा कर दिया गया था. लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं गिरफ़्तारी के वक्त सलमान के कमरे से पुलिस ने पिस्टल और राइफल भी बरामद किये थे और इन हथियारों के लाइसेंस की अवधि भी खत्म हो चुकी थी. इसलिए सलमान पर आर्म एक्ट के तहत चौथा केस भी दर्ज हो गया था. अब तो बस सभी को आज कोर्ट के फैसले के आने का इंतजार हैं.
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बॉलीवुड के दबंग खान सलमान के लिए आज का दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन साबित हो सकता हैं. तक़रीबन उन्नीस साल पुराने मामले में सलमान को आज जेल भी हो सकती हैं. सिर्फ सलमान ही नहीं बल्कि उनके साथ सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम भी मुसीबत के घेरे में फंस सकते हैं. काला हिरण शिकार केस में सलमान खान मुख्य आरोपी हैं और बाकी सभी सह-आरोपी हैं. इस मामले में सलमान पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं. साल एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में सितम्बर में सलमान खान जोधपुर में सूरज बड़जात्या की फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के लिए गए थे. इस दौरान उन्होंने काले हिरण का शिकार किया था. शिकार के समय सलमान के साथ सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम भी मौजूद थे. शिकार के बाद विश्नोई समाज के लोगों ने इन सभी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें सलमान और उनके साथी दोषी पाए गए थे. तेरह अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे को जोधपुर के वन्य विभाग के दफ्तर में जांच अधिकारियों ने सलमान खान और गवाहों के बयान लिए थे. उस समय सलमान खान को पाँच दिनों तक जेल में भी रखा गया था. सत्रह अक्टूबर को सलमान को जमानत मिलने के बाद उन्हें जोधपुर जेल से रिहा कर दिया गया था. लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं गिरफ़्तारी के वक्त सलमान के कमरे से पुलिस ने पिस्टल और राइफल भी बरामद किये थे और इन हथियारों के लाइसेंस की अवधि भी खत्म हो चुकी थी. इसलिए सलमान पर आर्म एक्ट के तहत चौथा केस भी दर्ज हो गया था. अब तो बस सभी को आज कोर्ट के फैसले के आने का इंतजार हैं.
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क्या Russia Ukraine पर Nuclear Attack करेगा? अगर Nuclear War हुआ तो क्या होगा? जब भी Nuclear War की बात होती है तो Second World War में Japan का खौफनाक मंजर याद आ जाता है. 21st century में Nuclear Bomb कई गुना ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि एक परमाणु बम कितना खतरनाक होता है और अगर आज परमाणु युद्ध हो गया तो क्या होगा.
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क्या Russia Ukraine पर Nuclear Attack करेगा? अगर Nuclear War हुआ तो क्या होगा? जब भी Nuclear War की बात होती है तो Second World War में Japan का खौफनाक मंजर याद आ जाता है. इक्कीसst century में Nuclear Bomb कई गुना ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि एक परमाणु बम कितना खतरनाक होता है और अगर आज परमाणु युद्ध हो गया तो क्या होगा.
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नई दिल्ली, राफेल विमान सौदा मामले में याचिकाकर्ता वकील प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को कहा कि इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला 'पूरी तरह गलत' है। उन्होंने कहा कि फैसला लोगों के हित के विरुद्ध है और वे मामले में लगातार अभियान चलाते रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने लड़ाकू विमान सौदे मामले में अदालत की निगरानी में जांच करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह 'दुर्भाग्यपूर्ण' है कि 'इस तरह का गलत फैसला' सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से आया है। यह फैसला तब दिया गया है जब सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि दसॉ ने अनिल अंबानी की कंपनी को कांट्रेक्ट दिया, जबकि रक्षा खरीद प्रक्रिया और रक्षा ऑफसेट दिशा-निर्देशों में वर्णित है कि बिना रक्षा मंत्री की स्वीकृति के ऑफसेट कांट्रेक्ट को किसी को नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से यह सौदा 8. 2 अरब यूरो में करने से देश को 20,000 करोड़ रुपये की हानि हुई है, जबकि भारतीय वायु सेना के विशेषज्ञों ने इसके लिए 5. 2 अरब यूरो के मूल्य तय किए थे।
उन्होंने कहा कि अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मामले में उसकी न्यायिक समीक्षा का अधिकार सीमित है।
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नई दिल्ली, राफेल विमान सौदा मामले में याचिकाकर्ता वकील प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को कहा कि इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला 'पूरी तरह गलत' है। उन्होंने कहा कि फैसला लोगों के हित के विरुद्ध है और वे मामले में लगातार अभियान चलाते रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने लड़ाकू विमान सौदे मामले में अदालत की निगरानी में जांच करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह 'दुर्भाग्यपूर्ण' है कि 'इस तरह का गलत फैसला' सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से आया है। यह फैसला तब दिया गया है जब सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि दसॉ ने अनिल अंबानी की कंपनी को कांट्रेक्ट दिया, जबकि रक्षा खरीद प्रक्रिया और रक्षा ऑफसेट दिशा-निर्देशों में वर्णित है कि बिना रक्षा मंत्री की स्वीकृति के ऑफसेट कांट्रेक्ट को किसी को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से यह सौदा आठ. दो अरब यूरो में करने से देश को बीस,शून्य करोड़ रुपये की हानि हुई है, जबकि भारतीय वायु सेना के विशेषज्ञों ने इसके लिए पाँच. दो अरब यूरो के मूल्य तय किए थे। उन्होंने कहा कि अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मामले में उसकी न्यायिक समीक्षा का अधिकार सीमित है।
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कंटेंट-संचालित फिल्मो के लिए मशहूर यूडली फिल्म्स ने अपनी अगली फिल्म 'बहुत हुआ सम्मान' की घोषणा की है। आशीष शुक्ला द्वारा निर्देशित फिल्म में दो प्रतिभाशाली अभिनेता संजय मिश्रा और राम कपूर नजर आएंगे। ये कोन-कॉमेडी फिल्म वाराणसी में सेट है और दो युवा इंजीनियरिंग के छात्रों की ज़िन्दगी पर आधारित है जो अपने कॉलेज सर्किट में अपनी बेईमानी और ठगी के लिए जाने जाते हैं।
अविनाश सिंह और विजय नारायण वर्मा द्वारा लिखित फिल्म में परमानेंट रूममेट्स फेम निधि सिंह, डांसर राघव जुयाल और डेब्यूटांट अभिषेक चौहान भी दिखाई देंगे। जुयाल और चौहान कॉलेज के छात्रों का किरदार निभाएंगे। फ़्लोरा सैनी और नमित दास भी फिल्म में अहम किरदार निभाने वाले हैं।
वीपी फिल्म्स और टीवी और यूडली फिल्म्स के निर्माता सिद्धार्थ आनंद कुमार ने कहा कि फिल्म एक दिलकश शरारतपूर्ण कॉमेडी है जो एक प्रासंगिक संदेश देती है। उन्होंने यह भी कहा कि शुक्ला के साथ, चीजों के पतवार पर, फिल्म एक रसिक, विचित्र और हास्यपूर्ण थ्रिल राइड होने का वादा करती है।
'बहुत हुआ सम्मान' की शूटिंग अगले कुछ महीनो में मुंबई में की जाएगी।
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कंटेंट-संचालित फिल्मो के लिए मशहूर यूडली फिल्म्स ने अपनी अगली फिल्म 'बहुत हुआ सम्मान' की घोषणा की है। आशीष शुक्ला द्वारा निर्देशित फिल्म में दो प्रतिभाशाली अभिनेता संजय मिश्रा और राम कपूर नजर आएंगे। ये कोन-कॉमेडी फिल्म वाराणसी में सेट है और दो युवा इंजीनियरिंग के छात्रों की ज़िन्दगी पर आधारित है जो अपने कॉलेज सर्किट में अपनी बेईमानी और ठगी के लिए जाने जाते हैं। अविनाश सिंह और विजय नारायण वर्मा द्वारा लिखित फिल्म में परमानेंट रूममेट्स फेम निधि सिंह, डांसर राघव जुयाल और डेब्यूटांट अभिषेक चौहान भी दिखाई देंगे। जुयाल और चौहान कॉलेज के छात्रों का किरदार निभाएंगे। फ़्लोरा सैनी और नमित दास भी फिल्म में अहम किरदार निभाने वाले हैं। वीपी फिल्म्स और टीवी और यूडली फिल्म्स के निर्माता सिद्धार्थ आनंद कुमार ने कहा कि फिल्म एक दिलकश शरारतपूर्ण कॉमेडी है जो एक प्रासंगिक संदेश देती है। उन्होंने यह भी कहा कि शुक्ला के साथ, चीजों के पतवार पर, फिल्म एक रसिक, विचित्र और हास्यपूर्ण थ्रिल राइड होने का वादा करती है। 'बहुत हुआ सम्मान' की शूटिंग अगले कुछ महीनो में मुंबई में की जाएगी।
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[ खख ४
कई रोमन सम्राटों ने अनेक बड़ी बड़ी सड़कों का निर्माण किया, पुरानी सड़कों को सुधरवाया, नदियों पर पुल बनवाये, • और इससे भी अधिक आश्चंयकारी काम यह किया कि नगरों में ठण्डे जल के प्रबन्ध के लिये कई ऐसी विशाल पानी की नालियों का प्रबन्ध किया जिनमे पहाड़ों में से जल एकत्रित होकर नगरी तक पहुंचता था ।
किन्तु समाज में पीड़ित किसान और गरीन लोगों की मख्या अत्याधिक थी और घनिक भूपति और व्यापारी गरीबों को नूसते रहते थे। विजित गुलाम लोगों का डेलफस ( द्वीप) नगर में बराबर एक बाजार लगता था जहा गुलामों की निक्री और खरीददारी होती थी। इस तरह से साम्राज्य पाहे ऊपर से फ्ला फूला मालूम होता था किन्तु अन्दर से वास्तुस गोखला था। साम्राज्य के नागरिकों में यह भावना नहीं रह पाई थी कि वे अपने राज्य (Stat) के वास्ते लड़े ।
इसी बीच में एक दूसरी आफत साम्राज्य पर आई जिसने रोमन साम्राज्य को समाप्त करके हो चैन लिया। यह आफ थी उत्तर से, उत्तर पूर्व से पढ़कर आते हुए नोर्डिक उपजाति के गोथ, फन्क, वेन्डल लोगों के निरन्तर हमले। ये ये ही लोग थे जिनके श्रादि घर मध्य एशिया में और उत्तर में स्केंन्डनेविया मथे। इन लोगों के अतिरिक्त ठेठ पूर्व में मंगोल से बढ़ कर
मानव इतिहास का प्राचीन युग (२००० ई.पू से ५०० ई. सक) हुए जंगली हू लोगों के भी हमले बराबर होने लगे। उस समय मारकस फोरेलियम ( १६११८० ई.) रोमन सम्राट था । यह सम्राट बहुत बुद्धिमान, अभ्ययनशील और दार्शनिक था । इसके अपने राज्य काल में सुदूर चीन से राजदूत भी आये थे । इसने तो किसी प्रकार शक्ति संग्रह करके गोथ और हुए लोगो के हमलों को रोके रखा। किंतु उनके इमले बराबर होते रहे । फिर घनेक छोटे मोटे सम्राटों के बाद एक सम्राट डायोको सियन हुआ जिसने सेना का पूर्ण संगठन किया और इस उद्देश्य से कि इतने विशाल साम्राज्य का प्रवन्ध उचित रीति से होता रहे उसने अपने साम्राज्य को दो भागों में विभक्त किया, पूर्वी और पच्छिमी और यह व्यवस्था की कि उनका प्रबन्ध हो साथी सन्नाट करें । हाक्क शियन के ही राज्यकाल में एक दूसरी महत्वपूर्ण घटना हो रही थी । इजराइल में ईसाई धर्म की स्थापना हो चुकी थी और अनेकों ईसाई धर्म प्रचारकों द्वारा धीरे धीरे एशिया माइनर मीस, स्पेन, इटली इत्यादि मान्तों के साधारण लोगों में ईसाई धर्म का प्रचार हो रहा था। इन देशों के पीड़ित लोगों के लिये यह धर्म एक नया आश्वासन था. और जो कोई भी ईसाई घन जाता था उसको यह अनुभव होता था कि मानों यह भ्रातृत्व के एक महान संगठन का सदस्य धन गया है। रोम के प्राचीन काल में एक भावना जो सब रोमन नागरिकों को एक सूत्र में बाधती थी, वह थी उनकी राज्य
[ खड ४
के प्रति अनुशासन और कर्तव्य की भावना, किन्तु भावना का यह सूत्र टूट चुका था। ऋ एक दूसरी शक्ति आई जो साधारण जन को राज्य के प्रति नहीं किन्तु एक दूसरे के प्रति भ्रातृत्व के
न्धन में बाधती थी। सम्राट डायोक्लेशियन ने इसको देखा, वह इसको सहन नहीं कर सका और इससे भी अधिक वह सहन नहीं कर सका कि रोमन साम्राज्य में कोई भी व्यक्ति सम्राट की मूर्ति के आगे और प्राचीन देवताओं के आगे नमन न करे। ईसाई किसी भी प्रकार की मूर्ति-पूरा के कट्टर विरोधी है अतएव सम्राट ने उन लोगों का जो अन तक ईसाई यन चुके थे बड़ी करता से दमन प्रारम्भ किया, किन्तु ईसाई धर्म का प्रभाव धीरे धीरे इतने लोगों में फैल चुका था कि उनका मूलत दमन नहीं हो सका । डायोक्लेसियन के वाह कोन्सटेनटाइन महान रोमन सम्राट बना। उसने कि यदि
वह ईसाई धर्म को ही राज्य धर्म बना दे तो एक बना बनाया मुसगठित समाज उसे मिल जायेगा और उससे साम्राज्य की
कता मजबूत होगी। इसलिये ३२३ ई में उसने एक आज्ञा पत्र द्वारा ईसाई धर्म को कानून सम्मन घोषित कर दिया और स्वय भी कुछ वर्षों में जाकर ईसाई बन गया। इस प्रकार ई पू चौथी शताब्दी के प्रारम्भ म ईसाई धर्म एक महान् साम्राज्य का राज्य-धर्म वन गया ।
डायोको शियन ने रोमन साम्राज्य को पूर्वी और पच्छिमी
मानव इतिहास का प्राचीन युग (२००० ई. पू से ५०० ई. तक) दो भागों में विभक्त किया था किन्तु सम्राट कोन्सटेनटाइन को यह विचार नहीं जचा कि एक ही साथ दो सम्राट रहे। उसने इस विचार को तो छोड़ा लेकिन रोम छोड़कर साम्राज्य के पूर्वी भाग में रहना उसने अधिक उचित समझा । श्रतएव अपने रहने के लिये उसने कालासागर के तट पर प्राचीन विजेन्टाइन नगर के समीप प्रसिद्ध कोन्सेटेटिनोपल नगर का निर्माण किया, और यहीं नगर उसने अपनी राजधानी बनाई । कोन्सटेन टिनोपल नगर की स्थिति प्रत्येक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। एक तो यह एशिया और यूरोप का संगम स्थान है और दूसरा यह भू-मध्यसागर और कालासागर का नियन्त्रण करता है। सम्राट कोन्सटेनटाइन के काल तक तो गोथ और बेन्डल लोगों के अनेक आक्रमण होते हुए भी रोमन साम्राज्य यों का यों बना रहा । किन्तु इस सम्राट के बाद फिर से रोमन साम्राज्य का पच्छिमी और पूर्वी भागों में विभाजन हुआ । गोथ लोगो के आक्रमणो का जोर बढ़ता हुआ जा रहा था और साम्राज्य के जन साधारण की स्थिति पुरी थी ( वे बड़े बड़े भूपनियों से दबे हुए थे, विशाल कर्ज का भार उन पर था, सेती के लिये स्वतन्त्र पर्याप्त भूमि उनके पास नहीं थी ); तक किसी भी प्रकार के परिवर्तन का स्वागत करने के लिये ये तैयार बैठे थे। इन कारणों से एक गोथ लोगों के निरन्तर याकमणों से सामाजिक संगठन दिन्न हो चुका था - अन्त मे
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[ खख चार कई रोमन सम्राटों ने अनेक बड़ी बड़ी सड़कों का निर्माण किया, पुरानी सड़कों को सुधरवाया, नदियों पर पुल बनवाये, • और इससे भी अधिक आश्चंयकारी काम यह किया कि नगरों में ठण्डे जल के प्रबन्ध के लिये कई ऐसी विशाल पानी की नालियों का प्रबन्ध किया जिनमे पहाड़ों में से जल एकत्रित होकर नगरी तक पहुंचता था । किन्तु समाज में पीड़ित किसान और गरीन लोगों की मख्या अत्याधिक थी और घनिक भूपति और व्यापारी गरीबों को नूसते रहते थे। विजित गुलाम लोगों का डेलफस नगर में बराबर एक बाजार लगता था जहा गुलामों की निक्री और खरीददारी होती थी। इस तरह से साम्राज्य पाहे ऊपर से फ्ला फूला मालूम होता था किन्तु अन्दर से वास्तुस गोखला था। साम्राज्य के नागरिकों में यह भावना नहीं रह पाई थी कि वे अपने राज्य के वास्ते लड़े । इसी बीच में एक दूसरी आफत साम्राज्य पर आई जिसने रोमन साम्राज्य को समाप्त करके हो चैन लिया। यह आफ थी उत्तर से, उत्तर पूर्व से पढ़कर आते हुए नोर्डिक उपजाति के गोथ, फन्क, वेन्डल लोगों के निरन्तर हमले। ये ये ही लोग थे जिनके श्रादि घर मध्य एशिया में और उत्तर में स्केंन्डनेविया मथे। इन लोगों के अतिरिक्त ठेठ पूर्व में मंगोल से बढ़ कर मानव इतिहास का प्राचीन युग हुए जंगली हू लोगों के भी हमले बराबर होने लगे। उस समय मारकस फोरेलियम रोमन सम्राट था । यह सम्राट बहुत बुद्धिमान, अभ्ययनशील और दार्शनिक था । इसके अपने राज्य काल में सुदूर चीन से राजदूत भी आये थे । इसने तो किसी प्रकार शक्ति संग्रह करके गोथ और हुए लोगो के हमलों को रोके रखा। किंतु उनके इमले बराबर होते रहे । फिर घनेक छोटे मोटे सम्राटों के बाद एक सम्राट डायोको सियन हुआ जिसने सेना का पूर्ण संगठन किया और इस उद्देश्य से कि इतने विशाल साम्राज्य का प्रवन्ध उचित रीति से होता रहे उसने अपने साम्राज्य को दो भागों में विभक्त किया, पूर्वी और पच्छिमी और यह व्यवस्था की कि उनका प्रबन्ध हो साथी सन्नाट करें । हाक्क शियन के ही राज्यकाल में एक दूसरी महत्वपूर्ण घटना हो रही थी । इजराइल में ईसाई धर्म की स्थापना हो चुकी थी और अनेकों ईसाई धर्म प्रचारकों द्वारा धीरे धीरे एशिया माइनर मीस, स्पेन, इटली इत्यादि मान्तों के साधारण लोगों में ईसाई धर्म का प्रचार हो रहा था। इन देशों के पीड़ित लोगों के लिये यह धर्म एक नया आश्वासन था. और जो कोई भी ईसाई घन जाता था उसको यह अनुभव होता था कि मानों यह भ्रातृत्व के एक महान संगठन का सदस्य धन गया है। रोम के प्राचीन काल में एक भावना जो सब रोमन नागरिकों को एक सूत्र में बाधती थी, वह थी उनकी राज्य [ खड चार के प्रति अनुशासन और कर्तव्य की भावना, किन्तु भावना का यह सूत्र टूट चुका था। ऋ एक दूसरी शक्ति आई जो साधारण जन को राज्य के प्रति नहीं किन्तु एक दूसरे के प्रति भ्रातृत्व के न्धन में बाधती थी। सम्राट डायोक्लेशियन ने इसको देखा, वह इसको सहन नहीं कर सका और इससे भी अधिक वह सहन नहीं कर सका कि रोमन साम्राज्य में कोई भी व्यक्ति सम्राट की मूर्ति के आगे और प्राचीन देवताओं के आगे नमन न करे। ईसाई किसी भी प्रकार की मूर्ति-पूरा के कट्टर विरोधी है अतएव सम्राट ने उन लोगों का जो अन तक ईसाई यन चुके थे बड़ी करता से दमन प्रारम्भ किया, किन्तु ईसाई धर्म का प्रभाव धीरे धीरे इतने लोगों में फैल चुका था कि उनका मूलत दमन नहीं हो सका । डायोक्लेसियन के वाह कोन्सटेनटाइन महान रोमन सम्राट बना। उसने कि यदि वह ईसाई धर्म को ही राज्य धर्म बना दे तो एक बना बनाया मुसगठित समाज उसे मिल जायेगा और उससे साम्राज्य की कता मजबूत होगी। इसलिये तीन सौ तेईस ई में उसने एक आज्ञा पत्र द्वारा ईसाई धर्म को कानून सम्मन घोषित कर दिया और स्वय भी कुछ वर्षों में जाकर ईसाई बन गया। इस प्रकार ई पू चौथी शताब्दी के प्रारम्भ म ईसाई धर्म एक महान् साम्राज्य का राज्य-धर्म वन गया । डायोको शियन ने रोमन साम्राज्य को पूर्वी और पच्छिमी मानव इतिहास का प्राचीन युग दो भागों में विभक्त किया था किन्तु सम्राट कोन्सटेनटाइन को यह विचार नहीं जचा कि एक ही साथ दो सम्राट रहे। उसने इस विचार को तो छोड़ा लेकिन रोम छोड़कर साम्राज्य के पूर्वी भाग में रहना उसने अधिक उचित समझा । श्रतएव अपने रहने के लिये उसने कालासागर के तट पर प्राचीन विजेन्टाइन नगर के समीप प्रसिद्ध कोन्सेटेटिनोपल नगर का निर्माण किया, और यहीं नगर उसने अपनी राजधानी बनाई । कोन्सटेन टिनोपल नगर की स्थिति प्रत्येक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। एक तो यह एशिया और यूरोप का संगम स्थान है और दूसरा यह भू-मध्यसागर और कालासागर का नियन्त्रण करता है। सम्राट कोन्सटेनटाइन के काल तक तो गोथ और बेन्डल लोगों के अनेक आक्रमण होते हुए भी रोमन साम्राज्य यों का यों बना रहा । किन्तु इस सम्राट के बाद फिर से रोमन साम्राज्य का पच्छिमी और पूर्वी भागों में विभाजन हुआ । गोथ लोगो के आक्रमणो का जोर बढ़ता हुआ जा रहा था और साम्राज्य के जन साधारण की स्थिति पुरी थी ; तक किसी भी प्रकार के परिवर्तन का स्वागत करने के लिये ये तैयार बैठे थे। इन कारणों से एक गोथ लोगों के निरन्तर याकमणों से सामाजिक संगठन दिन्न हो चुका था - अन्त मे
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आज पलामू जिला व्यवहार न्यायालय ने दहेज हत्या के मामलों में अहम फैसला सुनाया है। दोनों ही मामलों में दोषियों ने अपनी पत्नी की गलादबाकर हत्या कर दी थी। दहेज को लेकर दोनों ही पत्नी को प्रताड़ित करते थे और दहेज ना मिलने पर पत्नी की हत्या कर दी। दोनों ही मामलों में पतियों ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी।
पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के पंचम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने दोनों मामलों पर आज फैसला सुनाया। आरोपी पति रामजीत राम और राकेश को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। रामजीत की शादी 2017 में लक्ष्मी देवी के साथ हुई थी। पत्नी के साथ हमेशा रामजीत दहेज के लिए पत्नी को परेशान करता था। अक्सर दोनों के बीच झगड़ा होता था। शादी के चार साल बाद पति रामजीत ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। पत्नी के परिवार वालों ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई औऱ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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आज पलामू जिला व्यवहार न्यायालय ने दहेज हत्या के मामलों में अहम फैसला सुनाया है। दोनों ही मामलों में दोषियों ने अपनी पत्नी की गलादबाकर हत्या कर दी थी। दहेज को लेकर दोनों ही पत्नी को प्रताड़ित करते थे और दहेज ना मिलने पर पत्नी की हत्या कर दी। दोनों ही मामलों में पतियों ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के पंचम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने दोनों मामलों पर आज फैसला सुनाया। आरोपी पति रामजीत राम और राकेश को दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। रामजीत की शादी दो हज़ार सत्रह में लक्ष्मी देवी के साथ हुई थी। पत्नी के साथ हमेशा रामजीत दहेज के लिए पत्नी को परेशान करता था। अक्सर दोनों के बीच झगड़ा होता था। शादी के चार साल बाद पति रामजीत ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। पत्नी के परिवार वालों ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई औऱ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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लखनऊ, 7 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के विधि न्याय एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को कहा कि पूरे उप्र में 10 फरवरी को प्रत्येक जिले में लोक अदालतें लगाई जाएंगी जिससे ज्यादा से ज्यादा लंबित मामलों का निपटारा हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इस दिन पूरे देश में लोक अदालतें लगाई जा रही हैं। इसमें उप्र भी अपना पूरा सहयोग कर रहा है। लखनऊ स्थित लाल बहादुर शास्त्री भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाठक ने यह बातें कही। पाठक ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि बेकार हो चुके कानूनों को खत्म करने की जरूरत है। इसी दिशा में उप्र ने कदम बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में उप्र सरकार लगभग 1000 कानूनों को खत्म करने का काम करेगी।
पाठक ने कहा कि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी मंशा है कि गरीबों और वंचितों को न्याय मिलना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए उप्र के 71 जिलों में स्थाई लोक अदालतों का गठन कर दिया गया है। बाकी 4 जिलों में भी जल्द ही इसका गठन कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 10 फरवरी को एक अभियान के तौर पर लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा लेकिन इसके बाद भी उप्र में स्थाई लोक अदालतें काम करती रहेंगी। लोक अदालतों में दो पक्षों की सहमति से विवाद का निपटारा किया जाएगा और इसको किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।
पाठक ने कहा कि हम जनता से यह अपील करते हैं कि वह 10 फरवरी को अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालतों में जाकर अपने वादों का निपटारा करवाने का काम करें। इससे उन्हें अदालतों के चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी।
नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 154वीं जयंती से एक दिन पूर आज देशभर में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत श्रमदान किया जा रहा है। मंत्री, नेता सहित आम लोग सुबह से ही स्वच्छता अभियान में भाग लेने के लिए बढ़-चढ़कर आगे आ रहे।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत देश के लिए महत्वपूर्ण है। एक मन की बात कहूंगा कि देश जागता है, जगाने वाला चाहिए। आज पीएम मोदी ने एक आह्वान किया पूरा देश झाड़ू लेकर निकल गया, जो अच्छी बात है। इसी तरह देश को आगे बढ़ाना है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली में 'स्वच्छता अभियान' में भाग लिया।
मुंबई में BMC द्वारा आयोजित 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बच्चों से बातचीत की।
गौरतलब है, इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया था कि अभियान में भाग लेकर एक घंटे श्रमदान करें। उन्होंने कहा था कि स्वच्छ भारत साझी जिम्मेदारी है। इसलिए स्वच्छ भविष्य की शुरुआत के लिए उत्कृष्ट प्रयास में शामिल हों। उन्होंने अभियान के संबंध में 'एक तारीख, एक घंटा, एक साथ' का नारा दिया था। यह पहल स्वच्छता पखवाड़ा-स्वच्छता ही सेवा अभियान 2023 की एक कड़ी है।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था कि एक अक्तूबर को सुबह 10 बजे हम एक महत्वपूर्ण स्वच्छता पहल के लिए एक साथ आगे आएंगे। स्वच्छ भारत एक साझा जिम्मेदारी है और हर प्रयास अहमियत रखता है। स्वच्छ भविष्य की शुरुआत के लिए इस उत्कृष्ट प्रयास में शामिल हों। इससे पहले मन की बात के 105वें एपिसोड में पीएम मोदी ने लोगों से अपनी गली, मोहल्ले या किसी पार्क, नदी, झील या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर स्वच्छता अभियान से जुड़ने का आह्वान किया था।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, स्वच्छता अभियान के लिए देश भर में 6.4 लाख से अधिक स्थलों की पहचान की गई है। अभियान का उद्देश्य कचरा संवेदनशील बिंदुओं, रेलवे ट्रैक और स्टेशनों, हवाई अड्डों एवं उसके आसपास के क्षेत्रों, जल निकायों, घाटों, झुग्गियों, बाजार स्थानों, पूजा स्थलों और पर्यटन स्थलों को साफ करना है।
इसके लिए शहरी स्थानीय निकायों, कस्बों, ग्राम पंचायतों, विभिन्न मंत्रालयों ने 'स्वच्छता ही सेवा' नागरिक पोर्टल पर 'स्वच्छता श्रमदान' के लिए कार्यक्रम जोड़े हैं। इस पोर्टल पर सफाई वाले स्थल की पहचान कर सकते हैं और स्वच्छता में श्रमदान करने के दौरान अपनी तस्वीर खींच कर अपलोड कर सकते हैं।
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लखनऊ, सात फरवरी । उत्तर प्रदेश के विधि न्याय एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को कहा कि पूरे उप्र में दस फरवरी को प्रत्येक जिले में लोक अदालतें लगाई जाएंगी जिससे ज्यादा से ज्यादा लंबित मामलों का निपटारा हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इस दिन पूरे देश में लोक अदालतें लगाई जा रही हैं। इसमें उप्र भी अपना पूरा सहयोग कर रहा है। लखनऊ स्थित लाल बहादुर शास्त्री भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाठक ने यह बातें कही। पाठक ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि बेकार हो चुके कानूनों को खत्म करने की जरूरत है। इसी दिशा में उप्र ने कदम बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में उप्र सरकार लगभग एक हज़ार कानूनों को खत्म करने का काम करेगी। पाठक ने कहा कि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी मंशा है कि गरीबों और वंचितों को न्याय मिलना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए उप्र के इकहत्तर जिलों में स्थाई लोक अदालतों का गठन कर दिया गया है। बाकी चार जिलों में भी जल्द ही इसका गठन कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दस फरवरी को एक अभियान के तौर पर लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा लेकिन इसके बाद भी उप्र में स्थाई लोक अदालतें काम करती रहेंगी। लोक अदालतों में दो पक्षों की सहमति से विवाद का निपटारा किया जाएगा और इसको किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। पाठक ने कहा कि हम जनता से यह अपील करते हैं कि वह दस फरवरी को अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालतों में जाकर अपने वादों का निपटारा करवाने का काम करें। इससे उन्हें अदालतों के चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी। नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की एक सौ चौवनवीं जयंती से एक दिन पूर आज देशभर में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत श्रमदान किया जा रहा है। मंत्री, नेता सहित आम लोग सुबह से ही स्वच्छता अभियान में भाग लेने के लिए बढ़-चढ़कर आगे आ रहे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत देश के लिए महत्वपूर्ण है। एक मन की बात कहूंगा कि देश जागता है, जगाने वाला चाहिए। आज पीएम मोदी ने एक आह्वान किया पूरा देश झाड़ू लेकर निकल गया, जो अच्छी बात है। इसी तरह देश को आगे बढ़ाना है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली में 'स्वच्छता अभियान' में भाग लिया। मुंबई में BMC द्वारा आयोजित 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बच्चों से बातचीत की। गौरतलब है, इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया था कि अभियान में भाग लेकर एक घंटे श्रमदान करें। उन्होंने कहा था कि स्वच्छ भारत साझी जिम्मेदारी है। इसलिए स्वच्छ भविष्य की शुरुआत के लिए उत्कृष्ट प्रयास में शामिल हों। उन्होंने अभियान के संबंध में 'एक तारीख, एक घंटा, एक साथ' का नारा दिया था। यह पहल स्वच्छता पखवाड़ा-स्वच्छता ही सेवा अभियान दो हज़ार तेईस की एक कड़ी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था कि एक अक्तूबर को सुबह दस बजे हम एक महत्वपूर्ण स्वच्छता पहल के लिए एक साथ आगे आएंगे। स्वच्छ भारत एक साझा जिम्मेदारी है और हर प्रयास अहमियत रखता है। स्वच्छ भविष्य की शुरुआत के लिए इस उत्कृष्ट प्रयास में शामिल हों। इससे पहले मन की बात के एक सौ पाँचवें एपिसोड में पीएम मोदी ने लोगों से अपनी गली, मोहल्ले या किसी पार्क, नदी, झील या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर स्वच्छता अभियान से जुड़ने का आह्वान किया था। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, स्वच्छता अभियान के लिए देश भर में छः.चार लाख से अधिक स्थलों की पहचान की गई है। अभियान का उद्देश्य कचरा संवेदनशील बिंदुओं, रेलवे ट्रैक और स्टेशनों, हवाई अड्डों एवं उसके आसपास के क्षेत्रों, जल निकायों, घाटों, झुग्गियों, बाजार स्थानों, पूजा स्थलों और पर्यटन स्थलों को साफ करना है। इसके लिए शहरी स्थानीय निकायों, कस्बों, ग्राम पंचायतों, विभिन्न मंत्रालयों ने 'स्वच्छता ही सेवा' नागरिक पोर्टल पर 'स्वच्छता श्रमदान' के लिए कार्यक्रम जोड़े हैं। इस पोर्टल पर सफाई वाले स्थल की पहचान कर सकते हैं और स्वच्छता में श्रमदान करने के दौरान अपनी तस्वीर खींच कर अपलोड कर सकते हैं।
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उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की तरफ से दलित वर्ग के परिवारों को लाभ दिलाया जा रहा है। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के गरीब परिवारों को लाभान्वित करने के लिए राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे निवासरत परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु पर मृतक के आश्रित को 30 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
उत्तर प्रदेश में कोरोना की रफ्तार को कम करने के लिए जहां वैक्सीनेशन का काम बहुत ही तेजी के साथ में चल रहा है, तो वहीं सैम्पल की भी जांच बहुत ही तेजी के साथ में की जा रही है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि गत एक दिन में कुल 2,60,581 सैम्पल की जांच की गई है। प्रदेश में अब तक कुल 6,18,53,252 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 88 नये मामले आए हैं। प्रदेश में 1118 लोग होम आइसोलेशन में है।
यूपी सरकार के कामों की तारीफ करते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बीएचयू की एमसीएच विंग में कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर से बचाव के लिए चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए चिकित्सा और स्वास्थ्य की तैयारियों, आधुनिक मशीनों, लैब, ऑक्सीजन, बेड की उपलब्धता और कोरोना की दवाओं पर शोध के सम्बन्ध में विशेषज्ञों से बात की। प्रधानमंत्री ने कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के लिए की जा रही विशेष तैयारियों से भी अवगत हुए। उन्होंने मातृ शिशु स्वास्थ्य को समर्पित एमसीएच विंग की आधुनिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश के सभी निजी विद्यालय सूचना अधिकार अधिनियम के दायरे में माने जाएंगी। अब निजी विद्यालय सूचना अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत मांगी गयी सूचना देने के लिए बाध्य होंगे। राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी ने आज संजय शर्मा बनाम ज0सू0अधिकारी/मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन, लखनऊ के विषय में योजित अपील के निस्तारण में यह व्यवस्था दी है। उन्होंने मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन को यह संस्तुति की है कि जन सूचनाओं की महत्ता को देखते हुए निजी विद्यालयों प्रबन्धकों को भी जन सूचना अधिकारी घोषित करने की व्यवस्था करें।
उत्तर प्रदेश में कोरोना के केसों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में महज 90 नए केस ही सामने आए है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि गत एक दिन में कुल 2,56,975 सैम्पल की जांच की गई है। प्रदेश में अब तक कुल 6,13,38,782 सैम्पल की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 90 नए मामले आए हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के 1.54 लाख छात्र बिना परीक्षा के ही पास हो जाएंगे। शासन की मंशा के अनुसार 1.54 लाख छात्रों को आगे की कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा, बाकी के 2.65 लाख छात्रों की परीक्षा कराई जाएगी। विश्वविद्यालय की तरफ से प्रोन्नत किए जाने वाले छात्रों में स्नातक और परास्नातक के द्वितीय और अंतिम वर्ष के छात्र हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन इनकी परीक्षा 24 जुलाई से आयोजित कराएगा।
गन्ना किसानों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार एक के बाद एक कदम उठा रही है। सरकार की तरफ से गन्ना किसानों को तकनीकी खेती से जोड़कर अधिक से अधिक पैदावार करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग और चीनी मिल के सहयोग से चीनी मिल क्षेत्र में ट्रैश मल्चिंग की व्यवस्था को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बढ़ावा दिया जा रहा है।
फूलों का मानव जीवन से अटूट सम्बन्ध रहा हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी संस्कारों तथा उत्सवों में फूलों की उल्लेखनीय भूमिका रहती है। किसी भी धर्म, जाति, वर्ग, क्षेत्र विशेष के उत्सवों, विवाह व विभिन्न संस्कार, त्यौहारों में फूलों की आवश्यकता होती है। रंग बिरंगे सुगन्धित पुष्प जीवन में सुखद वातावरण का निर्माण करके प्रेरणा, स्फूर्ति तथा सृजनात्मक प्रवृतियों का विकास करते है। एक समय था जब फूलों की खेती करना तो दूर की बात, इसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती थी। समय के बदलाव के साथ-साथ परिस्थितियां भी बदली तथा फूलों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप मानव ने उगाना शुरू किया।
पूरे देश में अब कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने लगी है। अब देश में कोरोना के केसों में काफी कमी आई है। कोरोना के केसों में कमी आने के बाद अब कई राज्यों में स्कूल और कॉलेजों को खोलने का फैसला लिया गया है। अब कई राज्यों में अगले हफ्ते से स्कूल व कॉलेज खोले जाने की तैयारी है। बात अगर राज्यों की जाए तो हरियाणा में 16 जुलाई से स्कूल खुलने जा रहे हैं। वहीं, गुजरात में 15 जुलाई से स्कूल-कॉलेज खोलने की तैयारी सरकार ने कर ली है। हालांकि, फिलहाल इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई की स्कूलों से की जाएगी। यही नहीं, हरियाणा सरकार ने 16 जुलाई से बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोलने का भी फैसला किया है।
स्वच्छता का सम्बन्ध स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। जहां सफाई रहती है, वहां बीमारियों के कीटाणु नहीं आते और व्यक्ति, परिवार, समाज स्वस्थ रहता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में पंचायतीराज विभाग प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का अमलीजामा पहना रहा है। इन सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य है कि जिन लोगों के पास व्यक्तिगत शौचालय नहीं है, वे इसका उपयोग कर सकते हैं। इन सामुदायिक शौचालयों के निर्माण से गांवों में गन्दगी नहीं होगी और गांव स्वच्छ रहेंगे।
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उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की तरफ से दलित वर्ग के परिवारों को लाभ दिलाया जा रहा है। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के गरीब परिवारों को लाभान्वित करने के लिए राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे निवासरत परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु पर मृतक के आश्रित को तीस हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। उत्तर प्रदेश में कोरोना की रफ्तार को कम करने के लिए जहां वैक्सीनेशन का काम बहुत ही तेजी के साथ में चल रहा है, तो वहीं सैम्पल की भी जांच बहुत ही तेजी के साथ में की जा रही है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि गत एक दिन में कुल दो,साठ,पाँच सौ इक्यासी सैम्पल की जांच की गई है। प्रदेश में अब तक कुल छः,अट्ठारह,तिरेपन,दो सौ बावन सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले चौबीस घंटाटे में कोरोना संक्रमण के अठासी नये मामले आए हैं। प्रदेश में एक हज़ार एक सौ अट्ठारह लोग होम आइसोलेशन में है। यूपी सरकार के कामों की तारीफ करते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बीएचयू की एमसीएच विंग में कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर से बचाव के लिए चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए चिकित्सा और स्वास्थ्य की तैयारियों, आधुनिक मशीनों, लैब, ऑक्सीजन, बेड की उपलब्धता और कोरोना की दवाओं पर शोध के सम्बन्ध में विशेषज्ञों से बात की। प्रधानमंत्री ने कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के लिए की जा रही विशेष तैयारियों से भी अवगत हुए। उन्होंने मातृ शिशु स्वास्थ्य को समर्पित एमसीएच विंग की आधुनिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उत्तर प्रदेश के सभी निजी विद्यालय सूचना अधिकार अधिनियम के दायरे में माने जाएंगी। अब निजी विद्यालय सूचना अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत मांगी गयी सूचना देने के लिए बाध्य होंगे। राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी ने आज संजय शर्मा बनाम जशून्यसूशून्यअधिकारी/मुख्य सचिव उशून्यप्रशून्य शासन, लखनऊ के विषय में योजित अपील के निस्तारण में यह व्यवस्था दी है। उन्होंने मुख्य सचिव उशून्यप्रशून्य शासन को यह संस्तुति की है कि जन सूचनाओं की महत्ता को देखते हुए निजी विद्यालयों प्रबन्धकों को भी जन सूचना अधिकारी घोषित करने की व्यवस्था करें। उत्तर प्रदेश में कोरोना के केसों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश में पिछले चौबीस घंटाटे में महज नब्बे नए केस ही सामने आए है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि गत एक दिन में कुल दो,छप्पन,नौ सौ पचहत्तर सैम्पल की जांच की गई है। प्रदेश में अब तक कुल छः,तेरह,अड़तीस,सात सौ बयासी सैम्पल की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले चौबीस घंटाटे में कोरोना संक्रमण के नब्बे नए मामले आए हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के एक.चौवन लाख छात्र बिना परीक्षा के ही पास हो जाएंगे। शासन की मंशा के अनुसार एक.चौवन लाख छात्रों को आगे की कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा, बाकी के दो.पैंसठ लाख छात्रों की परीक्षा कराई जाएगी। विश्वविद्यालय की तरफ से प्रोन्नत किए जाने वाले छात्रों में स्नातक और परास्नातक के द्वितीय और अंतिम वर्ष के छात्र हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन इनकी परीक्षा चौबीस जुलाई से आयोजित कराएगा। गन्ना किसानों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार एक के बाद एक कदम उठा रही है। सरकार की तरफ से गन्ना किसानों को तकनीकी खेती से जोड़कर अधिक से अधिक पैदावार करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग और चीनी मिल के सहयोग से चीनी मिल क्षेत्र में ट्रैश मल्चिंग की व्यवस्था को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बढ़ावा दिया जा रहा है। फूलों का मानव जीवन से अटूट सम्बन्ध रहा हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी संस्कारों तथा उत्सवों में फूलों की उल्लेखनीय भूमिका रहती है। किसी भी धर्म, जाति, वर्ग, क्षेत्र विशेष के उत्सवों, विवाह व विभिन्न संस्कार, त्यौहारों में फूलों की आवश्यकता होती है। रंग बिरंगे सुगन्धित पुष्प जीवन में सुखद वातावरण का निर्माण करके प्रेरणा, स्फूर्ति तथा सृजनात्मक प्रवृतियों का विकास करते है। एक समय था जब फूलों की खेती करना तो दूर की बात, इसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती थी। समय के बदलाव के साथ-साथ परिस्थितियां भी बदली तथा फूलों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप मानव ने उगाना शुरू किया। पूरे देश में अब कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने लगी है। अब देश में कोरोना के केसों में काफी कमी आई है। कोरोना के केसों में कमी आने के बाद अब कई राज्यों में स्कूल और कॉलेजों को खोलने का फैसला लिया गया है। अब कई राज्यों में अगले हफ्ते से स्कूल व कॉलेज खोले जाने की तैयारी है। बात अगर राज्यों की जाए तो हरियाणा में सोलह जुलाई से स्कूल खुलने जा रहे हैं। वहीं, गुजरात में पंद्रह जुलाई से स्कूल-कॉलेज खोलने की तैयारी सरकार ने कर ली है। हालांकि, फिलहाल इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई की स्कूलों से की जाएगी। यही नहीं, हरियाणा सरकार ने सोलह जुलाई से बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोलने का भी फैसला किया है। स्वच्छता का सम्बन्ध स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। जहां सफाई रहती है, वहां बीमारियों के कीटाणु नहीं आते और व्यक्ति, परिवार, समाज स्वस्थ रहता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में पंचायतीराज विभाग प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का अमलीजामा पहना रहा है। इन सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य है कि जिन लोगों के पास व्यक्तिगत शौचालय नहीं है, वे इसका उपयोग कर सकते हैं। इन सामुदायिक शौचालयों के निर्माण से गांवों में गन्दगी नहीं होगी और गांव स्वच्छ रहेंगे।
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक महिला ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर 27 साल के एक व्यक्ति का निजी अंग काट दिया है। महिला का कहना है कि आरोपी व्यक्ति उसका उत्पीड़न कर रहा था। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना मानपाड़ा के नानदीवाली क्षेत्र में कल रात हुई। उन्होंने बताया कि पीड़ित और 42 वर्षीय महिला एक ही मोहल्ले में रहते हैं। हालांकि पुलिस ने दोनों की पहचान जाहिर नहीं की है।
महिला ने पुलिस को बताया कि युवक पिछले कुछ हफ्ते से उसका पीछा कर रहा था। अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले युवक का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि उसने महिला के पति से कह दिया- तुम्हारी पत्नी को पसंद करता हूं। जिसके बाद दंपति के बीच झगड़ा हुआ। महिला ने सबक सिखाने के लिए यह कदम उठाया है। पुलिस ने महिला और उसके दो सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है और स्थानीय अदालत ने तीनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, पीड़ित गंभीर रूप से घायल है। उसे स्थानीय लोग डोंबीवली अस्पताल लेकर गए जहां उसकी सर्जरी हुई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने म्हात्रे और केनिना सहित महिला को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को स्थानीय अदालत मे पेश किया गया जहां से उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक महिला ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर सत्ताईस साल के एक व्यक्ति का निजी अंग काट दिया है। महिला का कहना है कि आरोपी व्यक्ति उसका उत्पीड़न कर रहा था। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना मानपाड़ा के नानदीवाली क्षेत्र में कल रात हुई। उन्होंने बताया कि पीड़ित और बयालीस वर्षीय महिला एक ही मोहल्ले में रहते हैं। हालांकि पुलिस ने दोनों की पहचान जाहिर नहीं की है। महिला ने पुलिस को बताया कि युवक पिछले कुछ हफ्ते से उसका पीछा कर रहा था। अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले युवक का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि उसने महिला के पति से कह दिया- तुम्हारी पत्नी को पसंद करता हूं। जिसके बाद दंपति के बीच झगड़ा हुआ। महिला ने सबक सिखाने के लिए यह कदम उठाया है। पुलिस ने महिला और उसके दो सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है और स्थानीय अदालत ने तीनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, पीड़ित गंभीर रूप से घायल है। उसे स्थानीय लोग डोंबीवली अस्पताल लेकर गए जहां उसकी सर्जरी हुई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने म्हात्रे और केनिना सहित महिला को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को स्थानीय अदालत मे पेश किया गया जहां से उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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आजाद हिन्द फौज के बारें में : जब दुनिया में द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था तब वर्ष 1942 में भारत को अंग्रेजों के कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से आजाद हिन्द फौज या इंडियन नेशनल आर्मी (INA) नामक सशस्त्र सेना का संगठन किया गया।
आपको बता दे की इस फौज का गठन जापान में हुआ था। इसकी स्थापना भारत के एक क्रान्तिकारी नेता रासबिहारी बोस ने टोक्यो (जापान) में की थी। शुरुआत में इस सेना में 16,000 से अधिक सैनिक भर्ती हुए जिनकी संख्या बाद में तेजी से बढ़ी और 80,000 को पार कर गई थी। वैसे इसमें एक महिला यूनिट भी थी जिसकी "कैप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन" थी।
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आजाद हिन्द फौज के बारें में : जब दुनिया में द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था तब वर्ष एक हज़ार नौ सौ बयालीस में भारत को अंग्रेजों के कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से आजाद हिन्द फौज या इंडियन नेशनल आर्मी नामक सशस्त्र सेना का संगठन किया गया। आपको बता दे की इस फौज का गठन जापान में हुआ था। इसकी स्थापना भारत के एक क्रान्तिकारी नेता रासबिहारी बोस ने टोक्यो में की थी। शुरुआत में इस सेना में सोलह,शून्य से अधिक सैनिक भर्ती हुए जिनकी संख्या बाद में तेजी से बढ़ी और अस्सी,शून्य को पार कर गई थी। वैसे इसमें एक महिला यूनिट भी थी जिसकी "कैप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन" थी।
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नई दिल्लीः दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के दलित सफाईकर्मी हर्ष सोलंकी के साथ बैठकर अपने घर पर खाना खाया। केजरीवाल ने हर्ष सोलंकी को अपने घर लंच का न्योता दिया था। इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए हर्ष और उनका परिवार हवाई रास्ते गुजरात से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली एयरपोर्ट पर राघल चड्ढा ने उनका स्वागत किया।
लंच के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे पूरे परिवार को बहुत अच्छा लगा कि हर्ष सोलंकी उनकी माता जी और उनकी बहन मेरे आमंत्रण पर हमारे घर आए और मेरे पूरे परिवार के साथ लंच किया। मैं उनके पूरे परिवार का शुक्रिया अदा करता हूं कि वो इतनी दूर गुजरात से हमारे घर आए।
उन्होंने कहा, गुजरात से आए हर्ष सोलंकी के परिवार का अपने घर पर आदर सत्कार करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम दोनों के परिवारों ने साथ बैठकर खाना खाया। ईश्वर इनके पूरे परिवार को सुख-समृद्धि और ख़ूब तरक़्क़ी दें।
सीएम केजरीवाल से मिलकर हर्ष सोलंकी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि 75 साल में पहली बार दलित समाज के लड़के को कोई नेता बोला, पहले आप मेरे घर खाना खाने आएं, फिर मैं आपके घर आऊंगा। ये गौरव की बात है। ऐसा लग रहा है खुली आंखों से सपना देख रहा हूं।
75 साल में पहली बार दलित समाज के लड़के को कोई नेता बोला - पहले आप मेरे घर खाना खाने आएँ, फिर मैं आपके घर आऊँगा। ये गौरव की बात है।
बहुत फ़र्क है Delhi और Gujarat के स्कूलों में।
सोमवार को सफाई कर्मचारी और उनका पूरा परिवार सोमवार सुबह दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचा, जहां AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उनकी आगवानी की। पंजाब भवन में उनके ठहरने का प्रबंध किया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सफाई कर्मचारी और उनके परिवार के आने-जाने की व्यवस्था भी अपनी तरफ से की है।
गुजराता के अहमदाबाद में संवाद के दौरान एक सफाईकर्मी AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अपने घर खाना खाने का निमंत्रण दिया था। जिसपर केजरीवाल ने सोलंकी को न्योता देते हुए कहा कि आप पहले परिवार के साथ मेरे घर आकर भोजन कीजिए। मैं जब आगामी दौरे पर गुजरात आऊंगा तब मैं आपके घर जाकर भोजन करूंगा।
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नई दिल्लीः दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के दलित सफाईकर्मी हर्ष सोलंकी के साथ बैठकर अपने घर पर खाना खाया। केजरीवाल ने हर्ष सोलंकी को अपने घर लंच का न्योता दिया था। इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए हर्ष और उनका परिवार हवाई रास्ते गुजरात से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली एयरपोर्ट पर राघल चड्ढा ने उनका स्वागत किया। लंच के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे पूरे परिवार को बहुत अच्छा लगा कि हर्ष सोलंकी उनकी माता जी और उनकी बहन मेरे आमंत्रण पर हमारे घर आए और मेरे पूरे परिवार के साथ लंच किया। मैं उनके पूरे परिवार का शुक्रिया अदा करता हूं कि वो इतनी दूर गुजरात से हमारे घर आए। उन्होंने कहा, गुजरात से आए हर्ष सोलंकी के परिवार का अपने घर पर आदर सत्कार करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम दोनों के परिवारों ने साथ बैठकर खाना खाया। ईश्वर इनके पूरे परिवार को सुख-समृद्धि और ख़ूब तरक़्क़ी दें। सीएम केजरीवाल से मिलकर हर्ष सोलंकी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पचहत्तर साल में पहली बार दलित समाज के लड़के को कोई नेता बोला, पहले आप मेरे घर खाना खाने आएं, फिर मैं आपके घर आऊंगा। ये गौरव की बात है। ऐसा लग रहा है खुली आंखों से सपना देख रहा हूं। पचहत्तर साल में पहली बार दलित समाज के लड़के को कोई नेता बोला - पहले आप मेरे घर खाना खाने आएँ, फिर मैं आपके घर आऊँगा। ये गौरव की बात है। बहुत फ़र्क है Delhi और Gujarat के स्कूलों में। सोमवार को सफाई कर्मचारी और उनका पूरा परिवार सोमवार सुबह दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचा, जहां AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उनकी आगवानी की। पंजाब भवन में उनके ठहरने का प्रबंध किया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सफाई कर्मचारी और उनके परिवार के आने-जाने की व्यवस्था भी अपनी तरफ से की है। गुजराता के अहमदाबाद में संवाद के दौरान एक सफाईकर्मी AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अपने घर खाना खाने का निमंत्रण दिया था। जिसपर केजरीवाल ने सोलंकी को न्योता देते हुए कहा कि आप पहले परिवार के साथ मेरे घर आकर भोजन कीजिए। मैं जब आगामी दौरे पर गुजरात आऊंगा तब मैं आपके घर जाकर भोजन करूंगा।
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Jamshedpur : गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज में मंगलवार को इंटरमीडिएट प्रथम वर्ष के नव नामांकित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीटिंग आयोजित की गई. जिसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी शामिल हुए. परिचय सत्र की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ० मुदिता चंद्रा ने सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से कक्षा शुरू होने से पूर्व महाविद्यालय के नियम, कानून एवं शर्तों का बिंदुवार उल्लेख किया एवं इसे अनिवार्य रूप से पालन करने की बात कही.
इसके उपरांत इंटरमीडिएट इंचार्ज डॉ आरके चौधरी ने सभी को संबोधित करते हुए शिक्षा-दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला एवं विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम के संचालक भूगोल विभाग के प्राध्यापक भवेश कुमार ने सभी विषय विभाग के शिक्षकों का क्रमानुसार परिचय कराते हुए ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षा शुरू होने की जानकारी सहित इंटरमीडिएट की परीक्षा पैटर्न का उल्लेख किया . अंत में डॉ अंजुम आरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक शेख मसूद, प्रकाश कौर, नफीसा खातून, इंटरमीडिएट ऑफिस इंचार्ज राधेश्याम तिवारी आदि की अहम भूमिका रही.
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Jamshedpur : गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज में मंगलवार को इंटरमीडिएट प्रथम वर्ष के नव नामांकित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीटिंग आयोजित की गई. जिसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी शामिल हुए. परिचय सत्र की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉशून्य मुदिता चंद्रा ने सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से कक्षा शुरू होने से पूर्व महाविद्यालय के नियम, कानून एवं शर्तों का बिंदुवार उल्लेख किया एवं इसे अनिवार्य रूप से पालन करने की बात कही. इसके उपरांत इंटरमीडिएट इंचार्ज डॉ आरके चौधरी ने सभी को संबोधित करते हुए शिक्षा-दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला एवं विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम के संचालक भूगोल विभाग के प्राध्यापक भवेश कुमार ने सभी विषय विभाग के शिक्षकों का क्रमानुसार परिचय कराते हुए ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षा शुरू होने की जानकारी सहित इंटरमीडिएट की परीक्षा पैटर्न का उल्लेख किया . अंत में डॉ अंजुम आरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक शेख मसूद, प्रकाश कौर, नफीसा खातून, इंटरमीडिएट ऑफिस इंचार्ज राधेश्याम तिवारी आदि की अहम भूमिका रही.
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नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के विकास में वर्तमान दौर का विशेष महत्व है इसलिए संसद सत्र का अधिकतम इस्तेमाल राष्ट्रहित के कार्यों के लिए होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के आरंभ होने से पहले संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि वर्तमान अवधि देश के लिए महत्वपूर्ण है। यह आजादी के अमृत महोत्सव का दौर है और 15 अगस्त के बाद से आने वाले 25 वर्षों का देश के लिए विशेष महत्व है क्योंकि राष्ट्र 25 साल बाद आज़ादी की पहला शताब्दी वर्ष मनाएगा और देश के लिए यह हमारी यात्रा और नई मंजिल तय करने के संकल्प का समय होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून को विशेष महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस सत्र का राष्ट्रहित में ज्यादा उपयोग होना चाहिए। आजादी के लिए जिन देशभक्तों ने अपनी जवानी खपाई और जिंदगी जेलों में काटी उनके सपनों को याद रखते हुए सदन का सर्वाधिक इस्तेमाल देशहित के लिए करने की सख्त ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दौरान राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव हो रहे हैं। राष्ट्रपति पद के लिए आज मतदान हो रहा है। इसी कालखंड में नये राष्ट्रपति और नये उपराष्ट्रपति का देश को मार्गदर्शन मिलना प्रारंभ हो जाएगा।
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नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के विकास में वर्तमान दौर का विशेष महत्व है इसलिए संसद सत्र का अधिकतम इस्तेमाल राष्ट्रहित के कार्यों के लिए होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के आरंभ होने से पहले संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि वर्तमान अवधि देश के लिए महत्वपूर्ण है। यह आजादी के अमृत महोत्सव का दौर है और पंद्रह अगस्त के बाद से आने वाले पच्चीस वर्षों का देश के लिए विशेष महत्व है क्योंकि राष्ट्र पच्चीस साल बाद आज़ादी की पहला शताब्दी वर्ष मनाएगा और देश के लिए यह हमारी यात्रा और नई मंजिल तय करने के संकल्प का समय होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून को विशेष महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस सत्र का राष्ट्रहित में ज्यादा उपयोग होना चाहिए। आजादी के लिए जिन देशभक्तों ने अपनी जवानी खपाई और जिंदगी जेलों में काटी उनके सपनों को याद रखते हुए सदन का सर्वाधिक इस्तेमाल देशहित के लिए करने की सख्त ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दौरान राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव हो रहे हैं। राष्ट्रपति पद के लिए आज मतदान हो रहा है। इसी कालखंड में नये राष्ट्रपति और नये उपराष्ट्रपति का देश को मार्गदर्शन मिलना प्रारंभ हो जाएगा।
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पटियाला के घनौर की रहने वाली नाबालिग को शादी का झांसा देकर पहले बेटा मंडी गोबिंदगढ़ में भगा ले आया। घर लाकर पहले बेटे और फिर पिता ने रेप किया। इतना ही नहीं उसकी मां ने नाबालिग को सेक्स रैकेट में धकेल दिया। उसे चिट्टा पिलाकर सेक्स का धंधा करवाया गया। पुलिस में सुनवाई ना होने पर पीड़िता के परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के आर्डर पर दंपती, बेटे और एक अन्य महिला पर घनौर पुलिस ने केस दर्ज किया। लेकिन एक महीने बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बीच आरोपियों ने लड़की के परिवार से मारपीट की और लड़की को जबरन ले आए।
परिवार द्वारा दोबारा हाईकोर्ट जाने पर कोर्ट द्वारा तैनात वारंट आफिसर की अगुवाई में ट्रैप लगाकर सोमवार को पुलिस ने आरोपी दंपती को खन्ना कोर्ट के बाहर से काबू कर लिया है। आरोपियों की पहचान सोनी बाह्मणी उसके पति शिव कुमार, बेटा रोहित शर्मा और एक अन्य महिला सोम रानी निवासी विधी चंद कालोनी मंडी गोबिंदगढ के तौर पर हुई, जिनमें से सोनी बाह्मणी और शिव कुमार को काबू कर लिया है। घनौर थाना के पुलिस अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि सोनी बाह्मणी मंडी गोबिंदगढ़ में बड़ा सेक्स रैकेट चलाती है। पीड़ित लड़की को परिवार वालों के हवाले किया गया है।
पीड़िता के परिवार ने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ की विधि कॉलोनी में सोनी बाह्मणी बड़े स्तर पर सेक्स रैकेट चलाती थी। उनकी लड़की 13 साल की थी जब सोनी बाह्मणी, उसका पति और बेटा उसे शादी का झांसा देकर घर से भगा ले आए थे। चार साल तक नाबालिग लड़की को हवस का शिकार बनाया गया। सोनी का पति भी दुष्कर्म करता रहा। लड़की से देह व्यापार का धंधा कराया जाने लगा, चार साल तक यह घिनौना काम करा लाखों रुपए की काली कमाई की।
पुलिस ने साथ नहीं दिया तो हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। हाईकोर्ट के निर्देशों पर घनौर थाना में सामूहिक दुष्कर्म, किडनैपिंग और पोकसो एक्ट की धाराओं (कुल 16 गंभीर धाराओं) के तहत सोनी बाह्मणी, उसके बेटे रोहित शर्मा, पति शिव कुमार और सोमा रानी नामक महिला के खिलाफ 18 अप्रैल को केस दर्ज किया गया था।
परिवार ने बताया कि चारों पर केस दर्ज होने के बाद भी घनौर पुलिस ने आरोपियों की 27 दिनों में गिरफ्तारी नहीं की। इस बीच 14 मई को दोबारा इन लोगों ने गुंडागर्दी करते हुए हथियारों के बल पर पटियाला से दोबारा लड़की को किडनैप कर अपने साथ ले गए। वे दोबारा अदालत में गए, जहां से कोर्ट ने वॉरंट जारी करवाए। सोमवार को वॉरंट अफसर की मदद से खन्ना में कोर्ट कांप्लेक्स के बाहर पीड़ित लड़की को बरामद कर आरोपी दंपती को काबू किया है।
हाईकोर्ट के आदेशों पर घनौर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366 ए, 370, 376 डीए, 376 (2) एन, 323, 328, 342, 345, 346, 109, 506,120 बी, पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 17 के तहत केस दर्ज किया गया है। भारत में ऐसा पहला मामला है जिसमें 16 गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई हो।
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पटियाला के घनौर की रहने वाली नाबालिग को शादी का झांसा देकर पहले बेटा मंडी गोबिंदगढ़ में भगा ले आया। घर लाकर पहले बेटे और फिर पिता ने रेप किया। इतना ही नहीं उसकी मां ने नाबालिग को सेक्स रैकेट में धकेल दिया। उसे चिट्टा पिलाकर सेक्स का धंधा करवाया गया। पुलिस में सुनवाई ना होने पर पीड़िता के परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के आर्डर पर दंपती, बेटे और एक अन्य महिला पर घनौर पुलिस ने केस दर्ज किया। लेकिन एक महीने बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बीच आरोपियों ने लड़की के परिवार से मारपीट की और लड़की को जबरन ले आए। परिवार द्वारा दोबारा हाईकोर्ट जाने पर कोर्ट द्वारा तैनात वारंट आफिसर की अगुवाई में ट्रैप लगाकर सोमवार को पुलिस ने आरोपी दंपती को खन्ना कोर्ट के बाहर से काबू कर लिया है। आरोपियों की पहचान सोनी बाह्मणी उसके पति शिव कुमार, बेटा रोहित शर्मा और एक अन्य महिला सोम रानी निवासी विधी चंद कालोनी मंडी गोबिंदगढ के तौर पर हुई, जिनमें से सोनी बाह्मणी और शिव कुमार को काबू कर लिया है। घनौर थाना के पुलिस अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि सोनी बाह्मणी मंडी गोबिंदगढ़ में बड़ा सेक्स रैकेट चलाती है। पीड़ित लड़की को परिवार वालों के हवाले किया गया है। पीड़िता के परिवार ने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ की विधि कॉलोनी में सोनी बाह्मणी बड़े स्तर पर सेक्स रैकेट चलाती थी। उनकी लड़की तेरह साल की थी जब सोनी बाह्मणी, उसका पति और बेटा उसे शादी का झांसा देकर घर से भगा ले आए थे। चार साल तक नाबालिग लड़की को हवस का शिकार बनाया गया। सोनी का पति भी दुष्कर्म करता रहा। लड़की से देह व्यापार का धंधा कराया जाने लगा, चार साल तक यह घिनौना काम करा लाखों रुपए की काली कमाई की। पुलिस ने साथ नहीं दिया तो हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। हाईकोर्ट के निर्देशों पर घनौर थाना में सामूहिक दुष्कर्म, किडनैपिंग और पोकसो एक्ट की धाराओं के तहत सोनी बाह्मणी, उसके बेटे रोहित शर्मा, पति शिव कुमार और सोमा रानी नामक महिला के खिलाफ अट्ठारह अप्रैल को केस दर्ज किया गया था। परिवार ने बताया कि चारों पर केस दर्ज होने के बाद भी घनौर पुलिस ने आरोपियों की सत्ताईस दिनों में गिरफ्तारी नहीं की। इस बीच चौदह मई को दोबारा इन लोगों ने गुंडागर्दी करते हुए हथियारों के बल पर पटियाला से दोबारा लड़की को किडनैप कर अपने साथ ले गए। वे दोबारा अदालत में गए, जहां से कोर्ट ने वॉरंट जारी करवाए। सोमवार को वॉरंट अफसर की मदद से खन्ना में कोर्ट कांप्लेक्स के बाहर पीड़ित लड़की को बरामद कर आरोपी दंपती को काबू किया है। हाईकोर्ट के आदेशों पर घनौर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा तीन सौ तिरेसठ, तीन सौ छयासठ ए, तीन सौ सत्तर, तीन सौ छिहत्तर डीए, तीन सौ छिहत्तर एन, तीन सौ तेईस, तीन सौ अट्ठाईस, तीन सौ बयालीस, तीन सौ पैंतालीस, तीन सौ छियालीस, एक सौ नौ, पाँच सौ छः,एक सौ बीस बी, पोक्सो एक्ट की धारा चार, छः, सत्रह के तहत केस दर्ज किया गया है। भारत में ऐसा पहला मामला है जिसमें सोलह गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई हो। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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रामनवमी पर इंदौर के स्नेह नगर में गुरुवार सुबर 11 बजे हुए दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है। बताया जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। हादसे के बाद कई सवाल जहन में उठ रहे हैं कि हादसे के पीछे क्या वजह रही। हादसा इतना भयानक कैसे हो गया कि पल-पल में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता गया। प्रथमदृष्टया तीन प्रमुख कारण आपको बताते हैं कि कैसे इतने लोगों की मौत हो गई।
सबसे पहले जान लेते हैं कि हादसा क्या था और कैसे हुआ। इंदौर के स्नेह नगर के पास पटेल नगर में श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर पर रामनवमी पर कन्या पूजन का आयोजन चल रहा था। मंदिर में लोगों का जमावड़ा था। अचानक मंदिर परिसर में बावड़ी की छत ढह गई और भीड़ सीधे बावड़ी में जा गिरे। अचानक हुए हादसे से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जब तक प्रशासन की मदद उन तक पहुंचती, 13 लोगों की मौत हो चुकी थी।
हादसे के बाद अब जिम्मेदार अपना-अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। पता चला है कि यहां के रहवासी लंबे समय से निगम, कलेक्टर और अन्य विभागों को यहां चल रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई भी अधिकारी सुन नहीं रहा था। ये भी पता चला है कि प्रशासन को कहा गया था कि मंदिर में जीर्णोद्धार किया जा रहा है। नाक के नीचे बावड़ी को ढंक दिया गया और प्रशासन को पता ही नहीं चला। अब हादसे के बाद निगम ने मंदिर ट्रस्ट को निर्माण हटाने का आदेश दिया है। आदेश श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी के नाम पर जारी हुआ है।
मंदिर परिसर में बावड़ी को ढंका गया था। इसके ढंकने के लिए सरियों का जाल बनाया और उस पर टाइल्स बिछवा दी गईं। आरसीसी छत भी भरवाई गई होती तो हादसा नहीं होता। आयोजन के दिन इसी कमजोर निर्माण पर दरी बिछा दी गई और लोगों को एकत्र कर लिया गया। जैसे-जैसे वजन बढ़ता गया निर्माण भी धंसकने लगा। जब लोग आहुति देने आगे बढ़े और भार एक जगह आया तो निर्माण पूरी तरह धंस गया और लोग सीधे बावड़ी में जा गिरे।
मंदिर परिसर में जिस बावड़ी को ढंका गया था, उसमें पानी और गाद जमा था। हादसे के वक्त जैसे ही लोग गिरे। वे दबते चले गए। ऊपर वाले लोगों के बाहर निकलने की जद्दोजहद में पैरों तले नीचे मौजूद लोगों को रौंदा गया। पानी होने से वे डूबते गए और जान गंवा बैठे। पता चला है कि हादसे के करीब दो घंटे बाद प्रशासनिक मदद पहुंची थी, तब तक नीचे गिरे लोग खुद ही बाहर निकलने के लिए छटपटा रहे थे। और नीचे दबे लोग और नीचे दबते गए। अब तक 13 लोगों की मौत बताई जा रही है। पर बावड़ी के मलबे में भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
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रामनवमी पर इंदौर के स्नेह नगर में गुरुवार सुबर ग्यारह बजे हुए दर्दनाक हादसे में अब तक तेरह लोगों की जान जा चुकी है। बताया जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। हादसे के बाद कई सवाल जहन में उठ रहे हैं कि हादसे के पीछे क्या वजह रही। हादसा इतना भयानक कैसे हो गया कि पल-पल में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता गया। प्रथमदृष्टया तीन प्रमुख कारण आपको बताते हैं कि कैसे इतने लोगों की मौत हो गई। सबसे पहले जान लेते हैं कि हादसा क्या था और कैसे हुआ। इंदौर के स्नेह नगर के पास पटेल नगर में श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर पर रामनवमी पर कन्या पूजन का आयोजन चल रहा था। मंदिर में लोगों का जमावड़ा था। अचानक मंदिर परिसर में बावड़ी की छत ढह गई और भीड़ सीधे बावड़ी में जा गिरे। अचानक हुए हादसे से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जब तक प्रशासन की मदद उन तक पहुंचती, तेरह लोगों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद अब जिम्मेदार अपना-अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। पता चला है कि यहां के रहवासी लंबे समय से निगम, कलेक्टर और अन्य विभागों को यहां चल रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई भी अधिकारी सुन नहीं रहा था। ये भी पता चला है कि प्रशासन को कहा गया था कि मंदिर में जीर्णोद्धार किया जा रहा है। नाक के नीचे बावड़ी को ढंक दिया गया और प्रशासन को पता ही नहीं चला। अब हादसे के बाद निगम ने मंदिर ट्रस्ट को निर्माण हटाने का आदेश दिया है। आदेश श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी के नाम पर जारी हुआ है। मंदिर परिसर में बावड़ी को ढंका गया था। इसके ढंकने के लिए सरियों का जाल बनाया और उस पर टाइल्स बिछवा दी गईं। आरसीसी छत भी भरवाई गई होती तो हादसा नहीं होता। आयोजन के दिन इसी कमजोर निर्माण पर दरी बिछा दी गई और लोगों को एकत्र कर लिया गया। जैसे-जैसे वजन बढ़ता गया निर्माण भी धंसकने लगा। जब लोग आहुति देने आगे बढ़े और भार एक जगह आया तो निर्माण पूरी तरह धंस गया और लोग सीधे बावड़ी में जा गिरे। मंदिर परिसर में जिस बावड़ी को ढंका गया था, उसमें पानी और गाद जमा था। हादसे के वक्त जैसे ही लोग गिरे। वे दबते चले गए। ऊपर वाले लोगों के बाहर निकलने की जद्दोजहद में पैरों तले नीचे मौजूद लोगों को रौंदा गया। पानी होने से वे डूबते गए और जान गंवा बैठे। पता चला है कि हादसे के करीब दो घंटे बाद प्रशासनिक मदद पहुंची थी, तब तक नीचे गिरे लोग खुद ही बाहर निकलने के लिए छटपटा रहे थे। और नीचे दबे लोग और नीचे दबते गए। अब तक तेरह लोगों की मौत बताई जा रही है। पर बावड़ी के मलबे में भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
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हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने जिला ऊना में अनुसूचित जाति विकास योजना (एससीडीपी) के क्रियान्वयन तथा जिला में अनुसूचित जाति की स्थिति पर एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में चिंतपूर्णी से विधायक बलबीर सिंह, आयोग के सदस्य जगजीत बग्गा तथा अनीता धीमान के साथ-साथ अधिकारियों, अनुसूचित जाति वर्ग के चुने हुए जनप्रतिनिधियों और अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़ी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि जन प्रतिनिधियों तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बुलाने का उद्देश्य है कि आयोग को उनके विचारों और सुझावों से सही फीडबैक मिल सके।
वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि हिमाचल देवभूमि है तथा यहां पर आपसी भाईचारा मजबूत है। अन्य राज्यों की तुलना में लोग एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रहते हैं तथा अनुसूचित जाति वर्ग की स्थिति बेहतर है। बैठक में उन्होंने कहा कि शिक्षा ही आगे बढऩे का आधार है। संविधान निर्माता डा. भीम राव अंबेडकर ने भी अनुसूचित जाति वर्ग की शिक्षा पर विशेष जोर दिया है। बैठक में आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप कहा कि जिला ऊना में अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2015-2022 तक 108 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 47 अदालत में विचाराधीन हैं, 36 केस में सीआर दाखिल की गई तथा 8 मामलों में पुलिस जांच जारी है। इसके अतिरिक्त एक मामले में दोषी को सजा हुई है। जबकि 15 मामले में आरोपी बरी हुए हैं। उन्होंने अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस थानों में आने वाली शिकायतों तथा एफआईआर दर्ज होने के समय का रिकार्ड रखने के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि एफआईआर दर्ज होने में कितना समय लगा। अगर एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी होती है तो संबंधित पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। वहीं, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने बैंकों को अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता पर शिक्षा के लिए ऋण देना सुनिश्चित बनाने को कहा।
वीरेंद्र कश्यप ने बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित लोगों के कल्याण के लिए चलाई योजनाओं के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक और सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंति आश्रय योजना के तहत वर्ष 2015-2022 तक 943 परिवारों को 10. 92 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 118 परिवारों को 1. 22 करोड़ तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 380 परिवारों को 3. 83 करोड़ रुपए की मदद दी गई है। वहीं अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत 2311 व्यक्तियों को 41. 59 लाख रुपए के लाभ दिए गए हैं। अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत 321 मामलों में 1. 57 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं।
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हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने जिला ऊना में अनुसूचित जाति विकास योजना के क्रियान्वयन तथा जिला में अनुसूचित जाति की स्थिति पर एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में चिंतपूर्णी से विधायक बलबीर सिंह, आयोग के सदस्य जगजीत बग्गा तथा अनीता धीमान के साथ-साथ अधिकारियों, अनुसूचित जाति वर्ग के चुने हुए जनप्रतिनिधियों और अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़ी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि जन प्रतिनिधियों तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बुलाने का उद्देश्य है कि आयोग को उनके विचारों और सुझावों से सही फीडबैक मिल सके। वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि हिमाचल देवभूमि है तथा यहां पर आपसी भाईचारा मजबूत है। अन्य राज्यों की तुलना में लोग एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रहते हैं तथा अनुसूचित जाति वर्ग की स्थिति बेहतर है। बैठक में उन्होंने कहा कि शिक्षा ही आगे बढऩे का आधार है। संविधान निर्माता डा. भीम राव अंबेडकर ने भी अनुसूचित जाति वर्ग की शिक्षा पर विशेष जोर दिया है। बैठक में आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप कहा कि जिला ऊना में अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष दो हज़ार पंद्रह-दो हज़ार बाईस तक एक सौ आठ मामले दर्ज किए गए, जिनमें से सैंतालीस अदालत में विचाराधीन हैं, छत्तीस केस में सीआर दाखिल की गई तथा आठ मामलों में पुलिस जांच जारी है। इसके अतिरिक्त एक मामले में दोषी को सजा हुई है। जबकि पंद्रह मामले में आरोपी बरी हुए हैं। उन्होंने अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस थानों में आने वाली शिकायतों तथा एफआईआर दर्ज होने के समय का रिकार्ड रखने के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि एफआईआर दर्ज होने में कितना समय लगा। अगर एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी होती है तो संबंधित पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। वहीं, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने बैंकों को अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता पर शिक्षा के लिए ऋण देना सुनिश्चित बनाने को कहा। वीरेंद्र कश्यप ने बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित लोगों के कल्याण के लिए चलाई योजनाओं के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक और सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंति आश्रय योजना के तहत वर्ष दो हज़ार पंद्रह-दो हज़ार बाईस तक नौ सौ तैंतालीस परिवारों को दस. बानवे करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक सौ अट्ठारह परिवारों को एक. बाईस करोड़ तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन सौ अस्सी परिवारों को तीन. तिरासी करोड़ रुपए की मदद दी गई है। वहीं अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत दो हज़ार तीन सौ ग्यारह व्यक्तियों को इकतालीस. उनसठ लाख रुपए के लाभ दिए गए हैं। अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत तीन सौ इक्कीस मामलों में एक. सत्तावन करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं।
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धर मस्मावृत्त च्िग्यारी का शिखिर सप्राण-सा हो उसे अपनी ओर आह्वान कर रहा है । इस चित्र की भाव-गरिमा से मैं अवाक रह गया । चित्र क्या था कलाकार की कूँची से उसके जीवन की कहानी और उसके त्याग की महस्वाकांदा कला के प्रति उसका सगवे आत्म-समपंण । मैं अभिभूत रह गया उस महान उद्देश्य से परे लघु जीवन की बात क्या ? फिर भी शंकालु मस्तिष्क सें प्रश्न उठदी आता---कला की शक्ति जीवन में किस प्रकार चरितार्थ हो ? कलाकार ने अपना उत्तर रेखा के स्तरों में शिख चिवपट स्थिर कर दिया था । प्रश्न करने पर उसने कहा-- ँपेरे ऑंगन में एक दीपक जलता हैं । उस दीपक का आलोक बहुन दूर से भी दिखाई पढ़ता हे ओर समीप से भी । दीपक की लौ के समीप आते जाने से प्रकाश को उज्ज्वलता मिलती है और ध्ष्टि को सुस्पष्ट॒ता । परन्तु यह दीपक को श्राप कर लेना नहीं हैं । प्रकाश के इस केन्द्र में हूं झवल अध्े ।....जो तेल और बत्ती को जलाती है । दीपक की लो प्रकाश की श्रोर देखनेवाद् पथिकों की चिन्ता नहीं करती श्रोर दीपक जलता रहने के लिए तेल और बत्ती का जलते रहना आवश्यक है । कलाकार का शरीर दारिद्य ओर अवसाद से चीख होता गया। परन्तु उसके नघ्रों की प्रखरता बढ़ती गई । वह अपनी साधना में रत था । जितना ही गहरा मूल्य वह अपनी इस झाराघना के लिए अदा ऋर रहा था उसी अनुपात से उसकी निष्टा बढ़ती जा रही थी । जद शरद तर बहुत सुबह उठने का अभ्यास मुझे नहीं हैं विशेषकर माघ की सर्दी में । परन्तु पिछले दिन धकावट अधिक हो जाने के कारण समय से एक घंटे पूव सो गया था इसलिए उठा भी कुछ पहले । समय होने सं बरामद में सा सामने फुववाढ़ी की ओर देख रहा था माली कुछ करना भी ह या नहीं ।
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लेखक : पुस्तक का साइज़ : कुल पृष्ठ : श्रेणी : लेखक के बारे में अधिक जानकारी : पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश धर मस्मावृत्त च्िग्यारी का शिखिर सप्राण-सा हो उसे अपनी ओर आह्वान कर रहा है । इस चित्र की भाव-गरिमा से मैं अवाक रह गया । चित्र क्या था कलाकार की कूँची से उसके जीवन की कहानी और उसके त्याग की महस्वाकांदा कला के प्रति उसका सगवे आत्म-समपंण । मैं अभिभूत रह गया उस महान उद्देश्य से परे लघु जीवन की बात क्या ? फिर भी शंकालु मस्तिष्क सें प्रश्न उठदी आता---कला की शक्ति जीवन में किस प्रकार चरितार्थ हो ? कलाकार ने अपना उत्तर रेखा के स्तरों में शिख चिवपट स्थिर कर दिया था । प्रश्न करने पर उसने कहा-- ँपेरे ऑंगन में एक दीपक जलता हैं । उस दीपक का आलोक बहुन दूर से भी दिखाई पढ़ता हे ओर समीप से भी । दीपक की लौ के समीप आते जाने से प्रकाश को उज्ज्वलता मिलती है और ध्ष्टि को सुस्पष्ट॒ता । परन्तु यह दीपक को श्राप कर लेना नहीं हैं । प्रकाश के इस केन्द्र में हूं झवल अध्े ।....जो तेल और बत्ती को जलाती है । दीपक की लो प्रकाश की श्रोर देखनेवाद् पथिकों की चिन्ता नहीं करती श्रोर दीपक जलता रहने के लिए तेल और बत्ती का जलते रहना आवश्यक है । कलाकार का शरीर दारिद्य ओर अवसाद से चीख होता गया। परन्तु उसके नघ्रों की प्रखरता बढ़ती गई । वह अपनी साधना में रत था । जितना ही गहरा मूल्य वह अपनी इस झाराघना के लिए अदा ऋर रहा था उसी अनुपात से उसकी निष्टा बढ़ती जा रही थी । जद शरद तर बहुत सुबह उठने का अभ्यास मुझे नहीं हैं विशेषकर माघ की सर्दी में । परन्तु पिछले दिन धकावट अधिक हो जाने के कारण समय से एक घंटे पूव सो गया था इसलिए उठा भी कुछ पहले । समय होने सं बरामद में सा सामने फुववाढ़ी की ओर देख रहा था माली कुछ करना भी ह या नहीं ।
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आजमगढ़- पत्नी से अवैध संबधो को लेकर पति ने अपने दोस्त की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस आरोपी को एक साल बाद गिरफ्तार करने मंे कामयाबी हासिल की है। हत्यारोपी हत्या के बाद से ही फरार चल रहा था। मामला आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र का है।
बता दें कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के खरैला गांव निवासी बनविहारी मिश्रा की 10जून 2018 में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस घटना में धर्मेन्द्र मिश्रा मुख्य गवाह के रूप में था लेकिन गवाही से आनाकानी करने लगा।
यही नहीं इसके बाद वह फरार भी हो गया। विवेचना के दौरान पुलिस को साक्ष्य मिले कि आरोपी धर्मेन्द्र मिश्रा की पत्नी से मृतक वनबिहारी मिश्रा के अवैध सम्बन्ध थे। इसी से नाराज धर्मेन्द्र मिश्रा ने दस जून 2018 को वनबिहारी मिश्रा को बाइक पर बैठाकर ले गया ।
दोनों ने शराब पी और रामसुभग यादव के विद्यालय के पास तमंचे से बनबिहारी की गोली मारकर हत्या कर दिया लेकिन उस दौरान उसने दूसरी कहानी बताते हुए पुरानी रंजीश में दूसरे को फंसा दिया। घटना में चश्मदीद होने के चलते पुलिस ने उसे गवाह बनाया तो वह फरार हो गया था। तभी से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी।
क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह और गंभीरपुर थाने की पुलिस को इसी बीच सूचना मिली कि हत्या का आरोपी फरिहा तिराहे के पास सैनिक ढ़ाबे पर मौजूद है और कही भागने की फिराक में है। सूचना के बाद पुलिस की टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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आजमगढ़- पत्नी से अवैध संबधो को लेकर पति ने अपने दोस्त की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस आरोपी को एक साल बाद गिरफ्तार करने मंे कामयाबी हासिल की है। हत्यारोपी हत्या के बाद से ही फरार चल रहा था। मामला आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र का है। बता दें कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के खरैला गांव निवासी बनविहारी मिश्रा की दसजून दो हज़ार अट्ठारह में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस घटना में धर्मेन्द्र मिश्रा मुख्य गवाह के रूप में था लेकिन गवाही से आनाकानी करने लगा। यही नहीं इसके बाद वह फरार भी हो गया। विवेचना के दौरान पुलिस को साक्ष्य मिले कि आरोपी धर्मेन्द्र मिश्रा की पत्नी से मृतक वनबिहारी मिश्रा के अवैध सम्बन्ध थे। इसी से नाराज धर्मेन्द्र मिश्रा ने दस जून दो हज़ार अट्ठारह को वनबिहारी मिश्रा को बाइक पर बैठाकर ले गया । दोनों ने शराब पी और रामसुभग यादव के विद्यालय के पास तमंचे से बनबिहारी की गोली मारकर हत्या कर दिया लेकिन उस दौरान उसने दूसरी कहानी बताते हुए पुरानी रंजीश में दूसरे को फंसा दिया। घटना में चश्मदीद होने के चलते पुलिस ने उसे गवाह बनाया तो वह फरार हो गया था। तभी से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी। क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह और गंभीरपुर थाने की पुलिस को इसी बीच सूचना मिली कि हत्या का आरोपी फरिहा तिराहे के पास सैनिक ढ़ाबे पर मौजूद है और कही भागने की फिराक में है। सूचना के बाद पुलिस की टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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राहुल तिवारी, एएनएम न्यूज़, सालानपुर : सालानपुर थाना के कल्याणेश्वरी फाड़ी पुलिस ने दुर्गापूजा से पूर्व मंगलवार उपहार के रूप में क्षेत्र के करीब 200 गरीब महिलाओं को नये साड़ी भेंट किया। इस मौके पर एसीपी(कुल्टी) सुकांतो बनर्जी, सालानपुर थाना प्रभारी अमित हाटी, जिला परिषद कर्माध्यक्ष मोहम्मद अरमान, कल्याणेश्वरी फाड़ी प्रभारी उज्जल साहा, समाजसेवी भोला सिंह, मनोज तिवारी, देन्दुआ पंचायत उपप्रधान रंजन दत्ता, पंचायत सदस्य रेखा मल्लिक, मोबिन खान, रामचंद्र साव, विजय सिंह समेत अन्य मौजूद रहे। एसीपी(कुल्टी) सुकांतो बनर्जी ने कहा कि पुलिस हमेशा से सामाजिक कार्यो से जुड़ी रही है इसलिए आज गरीब महिलाओं को नये साड़ी भेंट कर एक छोटा सा प्रयास किया गया है। ताकि वे भी नये वस्त्र पहन कर दुर्गापूजा का आनन्द ले।
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राहुल तिवारी, एएनएम न्यूज़, सालानपुर : सालानपुर थाना के कल्याणेश्वरी फाड़ी पुलिस ने दुर्गापूजा से पूर्व मंगलवार उपहार के रूप में क्षेत्र के करीब दो सौ गरीब महिलाओं को नये साड़ी भेंट किया। इस मौके पर एसीपी सुकांतो बनर्जी, सालानपुर थाना प्रभारी अमित हाटी, जिला परिषद कर्माध्यक्ष मोहम्मद अरमान, कल्याणेश्वरी फाड़ी प्रभारी उज्जल साहा, समाजसेवी भोला सिंह, मनोज तिवारी, देन्दुआ पंचायत उपप्रधान रंजन दत्ता, पंचायत सदस्य रेखा मल्लिक, मोबिन खान, रामचंद्र साव, विजय सिंह समेत अन्य मौजूद रहे। एसीपी सुकांतो बनर्जी ने कहा कि पुलिस हमेशा से सामाजिक कार्यो से जुड़ी रही है इसलिए आज गरीब महिलाओं को नये साड़ी भेंट कर एक छोटा सा प्रयास किया गया है। ताकि वे भी नये वस्त्र पहन कर दुर्गापूजा का आनन्द ले।
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मैं आज देश के 130 करोड़ देशवासियों को आग्रह करता हूं। आने वाले दिनों में धनतेरस, दीवाली, छठ का त्योहार आ रहा है। मेरा आपसे आग्रह है कि जितना संभव हो सके, लोकल चीजें ही खरीदें। इससे दीवाली सिर्फ आपके घर ही नहीं, उस गरीब सामान बेचने वाले के घर भी होगी।
अब लोग शॉपिंग से पहले देखते हैं कि सामान कहां बना है, क्या भारत में बना है या नहीं है। स्थानीय लोगों का सामान जब बिकता है तो इसका फायदा देश को ही होता है। इसलिए वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाएं।
मैं खादी का उदाहरण देता हूं। ऐसा नहीं है कि जब एनडीए सरकार आई, तो कोई नई तरह की खादी का जन्म हुआ है। बीते वर्षों के प्रयासों से अब खादी का गौरव, हमारे बुनकरों का गौरव बढ़ गया है। अब लोगों में खादी के लिए क्रेज बढ़ा है, जिससे खादी की बिक्री बढ़ी है।
पहले जितनी खादी बिकती थी, उससे कई गुना ज्यादा खादी आज बिक रही है। लोग खरीद रहे हैं, दुनिया में भी मांग बढ़ रही है। 2014 से पहले 25 साल में जितने वर्ष की खादी हमारे देश में बिकी थी उससे ज्यादा की खादी सिर्फ पिछले 5 साल में बिक चुकी है।
एनडीए सरकार हमारे किसानों के उत्पादों को कितना संरक्षण दे रही है, इसका बहुत बड़ा उदाहरण है हमारा जूट से जुड़ा सेक्टर। आज जब देश सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति की तरफ तेजी से अपने कदम बढ़ा रहा है, तो इसका सीधा लाभ हमारे जूट किसानों को हो रहा है, जूट उद्योग को हो रहा है।
बिहार के हर जिले में कम से कम एक ऐसा उत्पाद है, जो देश-विदेश के बाजारों में धूम मचा सकता है। आत्मनिर्भर बिहार के लिए हर जिलों के ऐसे उत्पादों को निखारने, संवारने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है।
जब वो कर्ज तले दब जाते थे, उनके सामने बहुत बड़ा संकट आ जाता था। इसी संकट से उन्हें निकालने के लिए छोटे किसानों, पशुपालकों, मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा जा रहा है।
हमारे जो छोटे किसान हैं, पशुपालक हैं, मछली के कारोबार से जुड़े साथी हैं, वो भी लंबे समय तक बैंकों के बाहर से कर्ज लेने के लिए मजबूर थे। जरूरत पड़ने पर उन्हें बहुत ज्यादा ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज मिलता था।
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मैं आज देश के एक सौ तीस करोड़ देशवासियों को आग्रह करता हूं। आने वाले दिनों में धनतेरस, दीवाली, छठ का त्योहार आ रहा है। मेरा आपसे आग्रह है कि जितना संभव हो सके, लोकल चीजें ही खरीदें। इससे दीवाली सिर्फ आपके घर ही नहीं, उस गरीब सामान बेचने वाले के घर भी होगी। अब लोग शॉपिंग से पहले देखते हैं कि सामान कहां बना है, क्या भारत में बना है या नहीं है। स्थानीय लोगों का सामान जब बिकता है तो इसका फायदा देश को ही होता है। इसलिए वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाएं। मैं खादी का उदाहरण देता हूं। ऐसा नहीं है कि जब एनडीए सरकार आई, तो कोई नई तरह की खादी का जन्म हुआ है। बीते वर्षों के प्रयासों से अब खादी का गौरव, हमारे बुनकरों का गौरव बढ़ गया है। अब लोगों में खादी के लिए क्रेज बढ़ा है, जिससे खादी की बिक्री बढ़ी है। पहले जितनी खादी बिकती थी, उससे कई गुना ज्यादा खादी आज बिक रही है। लोग खरीद रहे हैं, दुनिया में भी मांग बढ़ रही है। दो हज़ार चौदह से पहले पच्चीस साल में जितने वर्ष की खादी हमारे देश में बिकी थी उससे ज्यादा की खादी सिर्फ पिछले पाँच साल में बिक चुकी है। एनडीए सरकार हमारे किसानों के उत्पादों को कितना संरक्षण दे रही है, इसका बहुत बड़ा उदाहरण है हमारा जूट से जुड़ा सेक्टर। आज जब देश सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति की तरफ तेजी से अपने कदम बढ़ा रहा है, तो इसका सीधा लाभ हमारे जूट किसानों को हो रहा है, जूट उद्योग को हो रहा है। बिहार के हर जिले में कम से कम एक ऐसा उत्पाद है, जो देश-विदेश के बाजारों में धूम मचा सकता है। आत्मनिर्भर बिहार के लिए हर जिलों के ऐसे उत्पादों को निखारने, संवारने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। जब वो कर्ज तले दब जाते थे, उनके सामने बहुत बड़ा संकट आ जाता था। इसी संकट से उन्हें निकालने के लिए छोटे किसानों, पशुपालकों, मछलीपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। हमारे जो छोटे किसान हैं, पशुपालक हैं, मछली के कारोबार से जुड़े साथी हैं, वो भी लंबे समय तक बैंकों के बाहर से कर्ज लेने के लिए मजबूर थे। जरूरत पड़ने पर उन्हें बहुत ज्यादा ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज मिलता था।
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पंजाब के अबोहर में स्थानीय ठाकर आबादी फाटक के पास बीती रात युवक की बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। सड़क पर गिरने की वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। युवक की पहचान विशाल के रूप में हुई है। मृतक चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी 8 महीने पहले ही शादी हुई थी।
विशाल अकाउंटेंट का काम करता था। बीती रात वह काम कर वापस घर लौट रहा था। जैसे ही वह आबादी फाटक के पास पहुंचा तो अचानक उसकी बाइक बेकाबू होकर फिसल गई। सड़क पर वह सिर के बल जा गिरा। ज्यादा चोट होने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही GRP के ASI जसवंत सिंह मौके पर पहुंचे और मृतक के शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
घटना के बाद मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके पिता ने बताया कि विशाल से ही उनके परिवार की पूरी उम्मीदें थी और वह उनका बुढ़ापे का सहारा भी था। उसने बताया कि विशाल की 8 महीने पहले ही शादी हुई थी। उसकी पत्नी भी गर्भवती थी।
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पंजाब के अबोहर में स्थानीय ठाकर आबादी फाटक के पास बीती रात युवक की बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। सड़क पर गिरने की वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। युवक की पहचान विशाल के रूप में हुई है। मृतक चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी आठ महीने पहले ही शादी हुई थी। विशाल अकाउंटेंट का काम करता था। बीती रात वह काम कर वापस घर लौट रहा था। जैसे ही वह आबादी फाटक के पास पहुंचा तो अचानक उसकी बाइक बेकाबू होकर फिसल गई। सड़क पर वह सिर के बल जा गिरा। ज्यादा चोट होने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही GRP के ASI जसवंत सिंह मौके पर पहुंचे और मृतक के शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। घटना के बाद मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके पिता ने बताया कि विशाल से ही उनके परिवार की पूरी उम्मीदें थी और वह उनका बुढ़ापे का सहारा भी था। उसने बताया कि विशाल की आठ महीने पहले ही शादी हुई थी। उसकी पत्नी भी गर्भवती थी।
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तीन माह पूर्व दिल्ली में हुए दंगों खासकर चांद बाग इलाके का मास्टरमाइंड आम आदमी पार्टी का पार्षद ताहिर हुसैन निकला। यही नहीं बल्कि चांद बाग इलाके में हिंसा भड़काने के मामले में ताहिर हुसैन ले 1 करोड़ 30 लाख रुपए खर्च किए। ध्यान रहे कि यह वही ताहिर हुसैन है जिस पर आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोप लगे थे। आम आदमी पार्टी के पूर्व में मुस्तफाबाद के नेहरू विहार वार्ड से पार्षद रहे ताहिर हुसैन को पार्टी द्वारा निलंबित किया जा चुका है। फिलहाल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ताहिर हुसैन के मामले को लेकर आरोप पत्र दाखिल किए हैं। जिसमें कई सनसनीखेज खुलासे किए गए है।
अभी तक लोग यह समझ रहे थे कि ताहिर हुसैन को राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में इन्वॉल्व किया जा रहा है। लेकिन अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के बाद कई चौकाने वाले मामले सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस की यह चार्ज सीट 1030 पन्नों की है। जिसमें ताहिर हुसैन सहित 15 के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए हैं। यह आरोप पत्र 16 जून को कड़कड़डूमा कोर्ट के समक्ष संज्ञान में लाए जाएंगे।
"ताहिर हुसैन निकला दिल्ली दंगों का साज़िश कर्ता।EDMC काउंसिलर,AAP नेता ताहिर ने दंगे से 1 दिन पहले पिस्टल खरीदी थी जो बरामद हुई।1 करोड़ रूपए बांटकर शाजिश रची थी,लेन के सभी घर जले,ताहिर का घर बचा।पुलिसकर्मी गवाह बनेंगे"- दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में खुलाशा।
गौरतलब है कि दिल्ली दंगे की अगली तारीख 16 जून को है। जिसमें ताहिर हुसैन का मामला कड़कड़डूमा कोर्ट में विचाराधीन है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के आरोप पत्र के अनुसार ताहिर के साथ ही उसका भाई शाह आलम समेत अन्य को भी इस मामले में संलिप्त पाया गया है। आरोपपत्र के अनुसार हिंसा के समय ताहिर हुसैन अपने घर की छत पर ही मौजूद था और उसी के कहने पर भीड़ ने हिंसा भड़काई।
यही नहीं बल्कि दंगों को भड़काने की पहले से ही साजिश रची गई थी। जिसका मास्टरमाइंड ताहिर हुसैन था। ताहिर ने लोगों से बात की और उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के समय दिल्ली में दंगे की योजना बनाई। इसके तहत ही दिल्ली में दंगे भड़क गए। फिलहाल दिल्ली पुलिस में आरोपपत्र में 75 गवाहों के नाम शामिल किए हैं। जो ताहिर हुसैन के खिलाफ सबूत पेश करेंगे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार ताहिर हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों को भी इस दंगे में शामिल करने के लिए बातचीत की थी। हालांकि, वह दंगे में शामिल हुए या नहीं इस पर क्राइम ब्रांच ने अभी कोई स्पष्ट नहीं किया है।
इसी के साथ क्राइम ब्रांच ने आरोप पत्र में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और खालिद सैफी का भी जिक्र किया है। इसके अनुसार ताहिर हुसैन इन दोनों के संपर्क में आया था और दोनों से ही बातचीत की थी। क्राइम ब्रांच ने यह खुलासा ताहिर हुसैन की कॉल डिटेल के आधार पर किया है। हालांकि, अभी दिल्ली पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंची है कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और खालिद सैफी की दंगों में क्या भूमिका थी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के पास 100 कारतूस थे। जिनमें से 64 कारतूस और 22 खोखे बरामद किए गए। हालांकि, पुलिस यह साबित नहीं कर पाई थी कि बरामद हुए 22 खोखे कहां प्रयोग किए गए, और बाकी कारतूस कहां गए। जब दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में ताहिर हुसैन से बात की तो वह कोई जवाब नहीं दे सका था। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि ताहिर हुसैन के रिश्तेदार गुलफाम ने 31 जनवरी को 100 कारतूस खरीदे थे। जिनमें से पुलिस ने सात कारतूस बरामद किए जो कारतूस बरामद नहीं हुए। उनका प्रयोग दंगे के दौरान किया गया।
गौरतलब है कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में चांद बाग़ और जाफराबाद में 23 और 24 फरवरी को सीएए और एनआरसी के विरोध में दंगे हुए थे। इन दंगों के दौरान चांद बाग में भारी हिंसा हुई थी। इन दंगों में दिल्ली के करीब 53 लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में पुलिस ने 700 से ज्यादा एफ आई आर दर्ज की थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। जिसमें ढाई हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
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तीन माह पूर्व दिल्ली में हुए दंगों खासकर चांद बाग इलाके का मास्टरमाइंड आम आदमी पार्टी का पार्षद ताहिर हुसैन निकला। यही नहीं बल्कि चांद बाग इलाके में हिंसा भड़काने के मामले में ताहिर हुसैन ले एक करोड़ तीस लाख रुपए खर्च किए। ध्यान रहे कि यह वही ताहिर हुसैन है जिस पर आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोप लगे थे। आम आदमी पार्टी के पूर्व में मुस्तफाबाद के नेहरू विहार वार्ड से पार्षद रहे ताहिर हुसैन को पार्टी द्वारा निलंबित किया जा चुका है। फिलहाल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ताहिर हुसैन के मामले को लेकर आरोप पत्र दाखिल किए हैं। जिसमें कई सनसनीखेज खुलासे किए गए है। अभी तक लोग यह समझ रहे थे कि ताहिर हुसैन को राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में इन्वॉल्व किया जा रहा है। लेकिन अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के बाद कई चौकाने वाले मामले सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस की यह चार्ज सीट एक हज़ार तीस पन्नों की है। जिसमें ताहिर हुसैन सहित पंद्रह के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए हैं। यह आरोप पत्र सोलह जून को कड़कड़डूमा कोर्ट के समक्ष संज्ञान में लाए जाएंगे। "ताहिर हुसैन निकला दिल्ली दंगों का साज़िश कर्ता।EDMC काउंसिलर,AAP नेता ताहिर ने दंगे से एक दिन पहले पिस्टल खरीदी थी जो बरामद हुई।एक करोड़ रूपए बांटकर शाजिश रची थी,लेन के सभी घर जले,ताहिर का घर बचा।पुलिसकर्मी गवाह बनेंगे"- दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में खुलाशा। गौरतलब है कि दिल्ली दंगे की अगली तारीख सोलह जून को है। जिसमें ताहिर हुसैन का मामला कड़कड़डूमा कोर्ट में विचाराधीन है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के आरोप पत्र के अनुसार ताहिर के साथ ही उसका भाई शाह आलम समेत अन्य को भी इस मामले में संलिप्त पाया गया है। आरोपपत्र के अनुसार हिंसा के समय ताहिर हुसैन अपने घर की छत पर ही मौजूद था और उसी के कहने पर भीड़ ने हिंसा भड़काई। यही नहीं बल्कि दंगों को भड़काने की पहले से ही साजिश रची गई थी। जिसका मास्टरमाइंड ताहिर हुसैन था। ताहिर ने लोगों से बात की और उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के समय दिल्ली में दंगे की योजना बनाई। इसके तहत ही दिल्ली में दंगे भड़क गए। फिलहाल दिल्ली पुलिस में आरोपपत्र में पचहत्तर गवाहों के नाम शामिल किए हैं। जो ताहिर हुसैन के खिलाफ सबूत पेश करेंगे। दिल्ली पुलिस के अनुसार ताहिर हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों को भी इस दंगे में शामिल करने के लिए बातचीत की थी। हालांकि, वह दंगे में शामिल हुए या नहीं इस पर क्राइम ब्रांच ने अभी कोई स्पष्ट नहीं किया है। इसी के साथ क्राइम ब्रांच ने आरोप पत्र में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और खालिद सैफी का भी जिक्र किया है। इसके अनुसार ताहिर हुसैन इन दोनों के संपर्क में आया था और दोनों से ही बातचीत की थी। क्राइम ब्रांच ने यह खुलासा ताहिर हुसैन की कॉल डिटेल के आधार पर किया है। हालांकि, अभी दिल्ली पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंची है कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और खालिद सैफी की दंगों में क्या भूमिका थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के पास एक सौ कारतूस थे। जिनमें से चौंसठ कारतूस और बाईस खोखे बरामद किए गए। हालांकि, पुलिस यह साबित नहीं कर पाई थी कि बरामद हुए बाईस खोखे कहां प्रयोग किए गए, और बाकी कारतूस कहां गए। जब दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में ताहिर हुसैन से बात की तो वह कोई जवाब नहीं दे सका था। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि ताहिर हुसैन के रिश्तेदार गुलफाम ने इकतीस जनवरी को एक सौ कारतूस खरीदे थे। जिनमें से पुलिस ने सात कारतूस बरामद किए जो कारतूस बरामद नहीं हुए। उनका प्रयोग दंगे के दौरान किया गया। गौरतलब है कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में चांद बाग़ और जाफराबाद में तेईस और चौबीस फरवरी को सीएए और एनआरसी के विरोध में दंगे हुए थे। इन दंगों के दौरान चांद बाग में भारी हिंसा हुई थी। इन दंगों में दिल्ली के करीब तिरेपन लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में पुलिस ने सात सौ से ज्यादा एफ आई आर दर्ज की थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। जिसमें ढाई हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
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हाल ही में वैक्यूम क्लीनर्स के मॉडलों को जारी किया गया है, जो HEPA फिल्टर से सुसज्जित है। ऐसे डिवाइस कणों से निपटते हैं, जो केवल माइक्रोस्कोप की मदद से देखा जा सकता है।
अत्यधिक प्रभावी कण प्रतिधारण - इस तरह HERA संक्षिप्त नाम अंग्रेजी में अनुवाद किया जाता है। इन फिल्टरों की युक्ति और सामग्री उन्हें ठीक से सफाई के उपकरणों के लिए जिम्मेदार ठहराती है।
उन्हें पिछली सदी में, चालीसवें वर्ष में विकसित किया गया थासाल, एक परमाणु बम परियोजना बनाने के दौरान इन फिल्टर का उद्देश्य रेडियोधर्मी अशुद्धियों को हटाने था। कुछ समय बाद, सफाई उपकरणों के आवेदन के क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ है। वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग और चिकित्सा संस्थानों में, फार्मास्यूटिकल और फूड इंडस्ट्रीज, साथ ही साथ घरेलू उपकरणों में भी इस्तेमाल करते थे।
एक HEPA फिल्टर क्या है? उच्च दक्षता वाले कण प्रतिधारण के लिए यह उपकरण ठीक सेलूलोज़ फाइबर से उत्पन्न होता है। जब वैक्यूम क्लीनर काम करता है, तो धूल छोटे से छिद्रों से गठित नेटवर्क पर स्थिर होता है। इस मामले में, यहां तक कि 0.3 माइक्रोन के आकार वाले सबसे छोटे कण भी बनाए गए हैं।
हेपा फ़िल्टर एक विशेष तकनीक का उपयोग कर निर्मित है। इसका मुख्य सिद्धांत सेल्युलोज की परतों का दबाव है और एक संकुचन के रूप में उनका संकलन है। इससे फिल्टर की सतह के क्षेत्र में काफी वृद्धि हुई है। सेलुलोज का एक गूदा एक मजबूत ग्रिड के माध्यम से तय किया गया है।
बहुत महीन सफाई के लिए फिल्टर का उपयोग किया जाता हैवैक्यूम सफाई। वे सूक्ष्मजीवों और एलर्जी को खत्म करते हैं। बहुत महीन कणों को भी पकड़ लिया जाता है। यह प्रक्रिया निम्नलिखित HEPA फिल्टर तंत्र की कार्रवाई से संभव हैः
- माइक्रोफिबर्स के लिए कणों के उलझाव का प्रभाव;
- जड़ता का प्रभाव, जो बड़े कणों के लिए व्यक्त किया जाता है;
- प्रसार प्रभाव, जो कम वायु प्रवाह दरों पर सबसे अधिक स्पष्ट होता है।
क्या HEPA फ़िल्टर को धोना संभव है?
वैक्यूम करते समय कई बार ऐसा होता हैवहाँ धूल की एक अप्रिय गंध है। इसका मतलब यह हो सकता है कि फिल्टर ने अपना जीवन पूरा कर लिया है और उन कणों को बरकरार रखना बंद कर दिया है जिनके लिए इसे डिजाइन किया गया था। स्थिति को ठीक करने के लिए, सेल्यूलोज हारमोनिका को एक नए के साथ बदल दिया जाना चाहिए। आप बस इसे धो सकते हैं। हालांकि, इस तरह की प्रक्रिया केवल तभी संभव है जब फ़िल्टर पानी प्रतिरोधी प्रकार का हो। वैक्यूम क्लीनर के निर्देशों में प्रतिस्थापन नियम और सफाई की स्थिति निर्दिष्ट है।
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हाल ही में वैक्यूम क्लीनर्स के मॉडलों को जारी किया गया है, जो HEPA फिल्टर से सुसज्जित है। ऐसे डिवाइस कणों से निपटते हैं, जो केवल माइक्रोस्कोप की मदद से देखा जा सकता है। अत्यधिक प्रभावी कण प्रतिधारण - इस तरह HERA संक्षिप्त नाम अंग्रेजी में अनुवाद किया जाता है। इन फिल्टरों की युक्ति और सामग्री उन्हें ठीक से सफाई के उपकरणों के लिए जिम्मेदार ठहराती है। उन्हें पिछली सदी में, चालीसवें वर्ष में विकसित किया गया थासाल, एक परमाणु बम परियोजना बनाने के दौरान इन फिल्टर का उद्देश्य रेडियोधर्मी अशुद्धियों को हटाने था। कुछ समय बाद, सफाई उपकरणों के आवेदन के क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ है। वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग और चिकित्सा संस्थानों में, फार्मास्यूटिकल और फूड इंडस्ट्रीज, साथ ही साथ घरेलू उपकरणों में भी इस्तेमाल करते थे। एक HEPA फिल्टर क्या है? उच्च दक्षता वाले कण प्रतिधारण के लिए यह उपकरण ठीक सेलूलोज़ फाइबर से उत्पन्न होता है। जब वैक्यूम क्लीनर काम करता है, तो धूल छोटे से छिद्रों से गठित नेटवर्क पर स्थिर होता है। इस मामले में, यहां तक कि शून्य.तीन माइक्रोन के आकार वाले सबसे छोटे कण भी बनाए गए हैं। हेपा फ़िल्टर एक विशेष तकनीक का उपयोग कर निर्मित है। इसका मुख्य सिद्धांत सेल्युलोज की परतों का दबाव है और एक संकुचन के रूप में उनका संकलन है। इससे फिल्टर की सतह के क्षेत्र में काफी वृद्धि हुई है। सेलुलोज का एक गूदा एक मजबूत ग्रिड के माध्यम से तय किया गया है। बहुत महीन सफाई के लिए फिल्टर का उपयोग किया जाता हैवैक्यूम सफाई। वे सूक्ष्मजीवों और एलर्जी को खत्म करते हैं। बहुत महीन कणों को भी पकड़ लिया जाता है। यह प्रक्रिया निम्नलिखित HEPA फिल्टर तंत्र की कार्रवाई से संभव हैः - माइक्रोफिबर्स के लिए कणों के उलझाव का प्रभाव; - जड़ता का प्रभाव, जो बड़े कणों के लिए व्यक्त किया जाता है; - प्रसार प्रभाव, जो कम वायु प्रवाह दरों पर सबसे अधिक स्पष्ट होता है। क्या HEPA फ़िल्टर को धोना संभव है? वैक्यूम करते समय कई बार ऐसा होता हैवहाँ धूल की एक अप्रिय गंध है। इसका मतलब यह हो सकता है कि फिल्टर ने अपना जीवन पूरा कर लिया है और उन कणों को बरकरार रखना बंद कर दिया है जिनके लिए इसे डिजाइन किया गया था। स्थिति को ठीक करने के लिए, सेल्यूलोज हारमोनिका को एक नए के साथ बदल दिया जाना चाहिए। आप बस इसे धो सकते हैं। हालांकि, इस तरह की प्रक्रिया केवल तभी संभव है जब फ़िल्टर पानी प्रतिरोधी प्रकार का हो। वैक्यूम क्लीनर के निर्देशों में प्रतिस्थापन नियम और सफाई की स्थिति निर्दिष्ट है।
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बाइक पर रोमांस कर रहा कपल ( Image Source : Twitter )
Stunt Viral Video: बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर लोगों को रील्स वीडियो बनाने और वायरल होने की सनक सवार होते देखी जा रही है. जिसके कारण आए दिन हम कई लोगों को हैरतअंगेज स्टंट करते या फिर सड़कों पर बाइक चलाते समय उस पर रोमांस करते देख रहे हैं. जिसके कारण ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते भी नजर आए. फिलहाल ज्यादाकर वीडियो के वायरल होने पर पुलिस को कार्रवाई करते भी देखा गया.
ऐसा ही एक नया मामला उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में देखने को मिला है. दरअसल एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर धमाल मचा रहा है. जिसमें एक शख्स अपनी प्रेमिका को बुलेट की टंकी पर बैठा कर रोमांस करते नजर आ रहा है. जिस दौरान वह सड़क पर बुलेट को फुल स्पीड में भी चलाते देखा जा सकता है. जिसे देख यूजर्स के रोंगटे खड़े हो गए हैं. वहीं यह वीडियो सोशल मीडिया पर हलचल पैदा कर चुका है.
वायरल हो रहे इस वीडियो को ट्विटर पर ममता त्रिपाठी नाम की प्रोफाइल से शेयर किया गया है. जिसमें जानकारी दी गई है कि लखनऊ के अलीगंज के पास निराला नगर पुल पर बुलट चला रहे शख्स को जान की बाज़ी लगाते हुए रोमांस करते देखा गया. वीडियो को पोस्ट करने के साथ ही यूपी पुलिस को टैग करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करने का इशारा भी किया गया है. ऐसे में यह वीडियो सोशल मीडिया पर यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.
फिलहाल खबर लिखे जाने तक वीडियो को 21 हजार से ज्यादा यूजर्स ने ट्विटर पर देख लिया है. वहीं ज्यादातर यूजर्स अपने रिएक्शन देते हुए कमेंट करते नजर आ रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट कर लिखा 'आने वाले ऐसे कल से, अच्छा है, ये एक बीता हुआ कल हो जाएं. ' एक अन्य ने लिखा 'रील्स का कीड़ा है, जवानी का बीड़ा है. इनको काउन्सलिंग की जरूरत है. मुहब्बत है तो प्रदर्शन की क्या जरुरत है. ' दूसरे यूजर ने कमेंट कर लिखा 'कैसे-कैसे नमूने हैं इस देश में. ' तीसरे यूजर ने लिखा 'कौन संभालेगा जब ये स्वयं नहीं संभालना चाहते. '
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बाइक पर रोमांस कर रहा कपल Stunt Viral Video: बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर लोगों को रील्स वीडियो बनाने और वायरल होने की सनक सवार होते देखी जा रही है. जिसके कारण आए दिन हम कई लोगों को हैरतअंगेज स्टंट करते या फिर सड़कों पर बाइक चलाते समय उस पर रोमांस करते देख रहे हैं. जिसके कारण ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते भी नजर आए. फिलहाल ज्यादाकर वीडियो के वायरल होने पर पुलिस को कार्रवाई करते भी देखा गया. ऐसा ही एक नया मामला उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में देखने को मिला है. दरअसल एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर धमाल मचा रहा है. जिसमें एक शख्स अपनी प्रेमिका को बुलेट की टंकी पर बैठा कर रोमांस करते नजर आ रहा है. जिस दौरान वह सड़क पर बुलेट को फुल स्पीड में भी चलाते देखा जा सकता है. जिसे देख यूजर्स के रोंगटे खड़े हो गए हैं. वहीं यह वीडियो सोशल मीडिया पर हलचल पैदा कर चुका है. वायरल हो रहे इस वीडियो को ट्विटर पर ममता त्रिपाठी नाम की प्रोफाइल से शेयर किया गया है. जिसमें जानकारी दी गई है कि लखनऊ के अलीगंज के पास निराला नगर पुल पर बुलट चला रहे शख्स को जान की बाज़ी लगाते हुए रोमांस करते देखा गया. वीडियो को पोस्ट करने के साथ ही यूपी पुलिस को टैग करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करने का इशारा भी किया गया है. ऐसे में यह वीडियो सोशल मीडिया पर यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. फिलहाल खबर लिखे जाने तक वीडियो को इक्कीस हजार से ज्यादा यूजर्स ने ट्विटर पर देख लिया है. वहीं ज्यादातर यूजर्स अपने रिएक्शन देते हुए कमेंट करते नजर आ रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट कर लिखा 'आने वाले ऐसे कल से, अच्छा है, ये एक बीता हुआ कल हो जाएं. ' एक अन्य ने लिखा 'रील्स का कीड़ा है, जवानी का बीड़ा है. इनको काउन्सलिंग की जरूरत है. मुहब्बत है तो प्रदर्शन की क्या जरुरत है. ' दूसरे यूजर ने कमेंट कर लिखा 'कैसे-कैसे नमूने हैं इस देश में. ' तीसरे यूजर ने लिखा 'कौन संभालेगा जब ये स्वयं नहीं संभालना चाहते. '
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लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को दूसरे वनडे में 52 रनों से हराकर तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गौरतलब हो कि पाकिस्तान को कार्डिफ में पहले वनडे के दौरान 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड के हाथों पाकिस्तान को मिली हार के बाद वर्ल्ड कप सुपर लीग के पॉइंट्स टेबल में टीमों के ताजा हाल क्या हैं, चलिए जानते हैं।
वर्ल्ड कप सुपर लीग में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 52 रन से मात देकर आठवीं जीत दर्ज की। इसके अलावा उनको 4 बार हार का सामना करना पड़ा और एक मैच रद्द हुआ। इस हिसाब से इंग्लैंड के खाते में 14 वनडे में कुल 85 अंक हो गए हैं। वे पहले पायदान पर चट्टान की तरह जमे हुए हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान 8 में से 4 जीत और 4 हार के बाद 40 अंकों के साथ चौथे पायदान पर बरकरार है। 50 पॉइंट्स के साथ बांग्लादेश दूसरे स्थान पर नजर आ रही है। जबकि ऑस्ट्रेलिया 40 अंक लेकर तीसरे स्थान पर कायम है।
30-30 अंकों के साथ न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज ने क्रमशः पांचवें, छठवें और सातवें स्थान पर कब्जा किया है। 29 पॉइंट के साथ टीम इंडिया नंबर 8 पर बनी हुई है। इसके बाद नीदरलैंड नौवें और आयरलैंड दसवें नंबर पर है। दोनों ही टीमों के खाते में 20-20 अंक हैं।
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरा वनडे लॉर्ड्स में खेला गया। जहां पाकिस्तान ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। 47 ओवर वाले इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 45. 2 ओवर में 247 रन बनाए। फिलिप साल्ट ने 60, जेम्स विंस ने 56 और लेविस ग्रेगरी ने 40 रनों की पारी खेली। तेज गेंदबाज हसन अली ने वनडे का चौथा फाइव विकेट हॉल किया।
248 रनों के लक्ष्य को पूरा करने उतरी पाकिस्तान टीम 41. 0 ओवर में 195 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मेहमानों के लिए साउद शकील ने सबसे ज्यादा 56 रन बनाए। जबकि हसन अली ने 31 रन साझा किए। इंग्लैंड की तरफ से तीन विकेट लेविस ग्रेगरी को मिले। ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उनको प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।
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लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को दूसरे वनडे में बावन रनों से हराकर तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में दो-शून्य की अजेय बढ़त बना ली है। गौरतलब हो कि पाकिस्तान को कार्डिफ में पहले वनडे के दौरान नौ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड के हाथों पाकिस्तान को मिली हार के बाद वर्ल्ड कप सुपर लीग के पॉइंट्स टेबल में टीमों के ताजा हाल क्या हैं, चलिए जानते हैं। वर्ल्ड कप सुपर लीग में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को बावन रन से मात देकर आठवीं जीत दर्ज की। इसके अलावा उनको चार बार हार का सामना करना पड़ा और एक मैच रद्द हुआ। इस हिसाब से इंग्लैंड के खाते में चौदह वनडे में कुल पचासी अंक हो गए हैं। वे पहले पायदान पर चट्टान की तरह जमे हुए हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान आठ में से चार जीत और चार हार के बाद चालीस अंकों के साथ चौथे पायदान पर बरकरार है। पचास पॉइंट्स के साथ बांग्लादेश दूसरे स्थान पर नजर आ रही है। जबकि ऑस्ट्रेलिया चालीस अंक लेकर तीसरे स्थान पर कायम है। तीस-तीस अंकों के साथ न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज ने क्रमशः पांचवें, छठवें और सातवें स्थान पर कब्जा किया है। उनतीस पॉइंट के साथ टीम इंडिया नंबर आठ पर बनी हुई है। इसके बाद नीदरलैंड नौवें और आयरलैंड दसवें नंबर पर है। दोनों ही टीमों के खाते में बीस-बीस अंक हैं। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरा वनडे लॉर्ड्स में खेला गया। जहां पाकिस्तान ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। सैंतालीस ओवर वाले इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने पैंतालीस. दो ओवर में दो सौ सैंतालीस रन बनाए। फिलिप साल्ट ने साठ, जेम्स विंस ने छप्पन और लेविस ग्रेगरी ने चालीस रनों की पारी खेली। तेज गेंदबाज हसन अली ने वनडे का चौथा फाइव विकेट हॉल किया। दो सौ अड़तालीस रनों के लक्ष्य को पूरा करने उतरी पाकिस्तान टीम इकतालीस. शून्य ओवर में एक सौ पचानवे रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मेहमानों के लिए साउद शकील ने सबसे ज्यादा छप्पन रन बनाए। जबकि हसन अली ने इकतीस रन साझा किए। इंग्लैंड की तरफ से तीन विकेट लेविस ग्रेगरी को मिले। ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उनको प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।
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उत्तर प्रदेश विधान सभा की 8 सीटें खाली, चुनाव आयोग जल्द कर सकता है उपचुनाव पर फैसला!
कर्नाटक में कांग्रेस को लगा दोहरा झटका, सरकार बनाने से 6 कदम दूर येदियुरप्पा!
राहुल के भ्रम से मंझधार में कांग्रेस, कामराज प्लान ही लगा सकेगा नैया पार?
यूपी में 17 जातियां अब OBC से बनेंगी दलित, किसके पक्ष में होगा सियासी समीकरण?
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उत्तर प्रदेश विधान सभा की आठ सीटें खाली, चुनाव आयोग जल्द कर सकता है उपचुनाव पर फैसला! कर्नाटक में कांग्रेस को लगा दोहरा झटका, सरकार बनाने से छः कदम दूर येदियुरप्पा! राहुल के भ्रम से मंझधार में कांग्रेस, कामराज प्लान ही लगा सकेगा नैया पार? यूपी में सत्रह जातियां अब OBC से बनेंगी दलित, किसके पक्ष में होगा सियासी समीकरण?
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जयपुर न्यूज़ः भाजपा के केंद्रीय संगठन ने प्रदेश संगठन की कमान नई पीढ़ी काे साैंप दी है। हालांकि इसमें 35 प्रतिशत अनुभव का भी मिश्रण किया गया है। प्रदेशाध्यक्ष खुद 47 वर्ष के हैं, जबकि उनकी टीम में 35 प्रतिशत चेहरे अंडर 40 हैं और 65 प्रतिशत से अधिक चेहरे अंडर 50 के हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के दाैराें के बाद ही ये बड़े बदलाव हुए हैं। इस सूची में नंबर वन पर अलवर सांसद बालकनाथ हैं, जिनकी उम्र 39 वर्ष है। उनकाे लेकर चर्चा है कि पार्टी उन्हें प्रदेश की राजनीति में सक्रिय करना चाहती है। इनके अलावा अनंतराम विश्नाेई, नीलम गुर्जर आदि चेहरे अंडर 35 के हैं। इनमें से कई पदाधिकारियाें काे पार्टी विधानसभा चुनाव में टिकट देने पर दांव खेल सकती है। गाैरतलब है कि प्रदेश संगठन में आधा दर्जन ऐसे चेहरे हैं जाे प्रमाेट हाेकर प्रदेश कार्यकारिणी का हिस्सा बने हैं।
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जयपुर न्यूज़ः भाजपा के केंद्रीय संगठन ने प्रदेश संगठन की कमान नई पीढ़ी काे साैंप दी है। हालांकि इसमें पैंतीस प्रतिशत अनुभव का भी मिश्रण किया गया है। प्रदेशाध्यक्ष खुद सैंतालीस वर्ष के हैं, जबकि उनकी टीम में पैंतीस प्रतिशत चेहरे अंडर चालीस हैं और पैंसठ प्रतिशत से अधिक चेहरे अंडर पचास के हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के दाैराें के बाद ही ये बड़े बदलाव हुए हैं। इस सूची में नंबर वन पर अलवर सांसद बालकनाथ हैं, जिनकी उम्र उनतालीस वर्ष है। उनकाे लेकर चर्चा है कि पार्टी उन्हें प्रदेश की राजनीति में सक्रिय करना चाहती है। इनके अलावा अनंतराम विश्नाेई, नीलम गुर्जर आदि चेहरे अंडर पैंतीस के हैं। इनमें से कई पदाधिकारियाें काे पार्टी विधानसभा चुनाव में टिकट देने पर दांव खेल सकती है। गाैरतलब है कि प्रदेश संगठन में आधा दर्जन ऐसे चेहरे हैं जाे प्रमाेट हाेकर प्रदेश कार्यकारिणी का हिस्सा बने हैं।
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कैटरीना कैफ और विक्की कौशल को काफी दिनों बाद एक साथ बीते रात एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। इस दौरान दोनों ने ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग की थी। बता दें कि विक्की अपनी फिल्म जरा हटके जरा बचके को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं। लेकिन इस बीच वो अपनी खूबसूरत वाइफ के लिए टाइम नहीं निकाल पा रहे थे। अब जब फिल्म का प्रोमोशन खत्म हो गया है विक्की निकल पड़े हैं कैटरीना के साथ छुट्टियां मनाने।
इस वीडियो में दोनों मैंचिंग आउटफिट में दिखाई दे रहे हैं। नहीं एक्टट्रेस ने ट्रैवेलिंग के लिए आरामदायक कपड़े चुनें। उन्होंने मैचिंग ब्लैक स्वेटशर्ट के साथ ब्लैक पैंट पहनी थी। इस लुक को उन्होंने ब्लैक शूज और गॉगल्स के साथ कंम्पलीट किया, जबकि विक्की ब्लैक स्वेटशर्ट के साथ ब्लैक ट्राउजर और कैप पहने दिखाई दिए।
वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, 'Powerful कपल'।
वही दूसरे ने लिखा, 'आखिर दोनों इतने दिनों बाद एक साथ दिख ही गए'।
हाल ही में विक्की ने सोशल मीडिया पर कैटरीना के साथ एक रोमांटिक फोटो भी शेयर की थी। इसमें उनकी जबरदस्त केमिस्ट्री देखने को मिल रही है। ढलते सूरज के सामने पोज देते दोनों बड़े ही अच्छे लग रहे थे।
विक्की और कैटरीना के वर्कफ्रंट की बात की जाए तो एक्ट्रेस जल्द ही सलमान खान के साथ 'टाइगर 3' में नजर आएंगी। ये फिल्म ईद के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसके अलावा वह 'मैरी क्रिसमस' में भी नजर आएंगी। तो वहीं विक्की कौशल 'द ग्रेट इंडियन फैमिली', 'मेरे महबूब मेरे सनम', 'सैम बहादुर' जैसी फिल्मों में नजर आएंगे।
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कैटरीना कैफ और विक्की कौशल को काफी दिनों बाद एक साथ बीते रात एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। इस दौरान दोनों ने ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग की थी। बता दें कि विक्की अपनी फिल्म जरा हटके जरा बचके को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं। लेकिन इस बीच वो अपनी खूबसूरत वाइफ के लिए टाइम नहीं निकाल पा रहे थे। अब जब फिल्म का प्रोमोशन खत्म हो गया है विक्की निकल पड़े हैं कैटरीना के साथ छुट्टियां मनाने। इस वीडियो में दोनों मैंचिंग आउटफिट में दिखाई दे रहे हैं। नहीं एक्टट्रेस ने ट्रैवेलिंग के लिए आरामदायक कपड़े चुनें। उन्होंने मैचिंग ब्लैक स्वेटशर्ट के साथ ब्लैक पैंट पहनी थी। इस लुक को उन्होंने ब्लैक शूज और गॉगल्स के साथ कंम्पलीट किया, जबकि विक्की ब्लैक स्वेटशर्ट के साथ ब्लैक ट्राउजर और कैप पहने दिखाई दिए। वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, 'Powerful कपल'। वही दूसरे ने लिखा, 'आखिर दोनों इतने दिनों बाद एक साथ दिख ही गए'। हाल ही में विक्की ने सोशल मीडिया पर कैटरीना के साथ एक रोमांटिक फोटो भी शेयर की थी। इसमें उनकी जबरदस्त केमिस्ट्री देखने को मिल रही है। ढलते सूरज के सामने पोज देते दोनों बड़े ही अच्छे लग रहे थे। विक्की और कैटरीना के वर्कफ्रंट की बात की जाए तो एक्ट्रेस जल्द ही सलमान खान के साथ 'टाइगर तीन' में नजर आएंगी। ये फिल्म ईद के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसके अलावा वह 'मैरी क्रिसमस' में भी नजर आएंगी। तो वहीं विक्की कौशल 'द ग्रेट इंडियन फैमिली', 'मेरे महबूब मेरे सनम', 'सैम बहादुर' जैसी फिल्मों में नजर आएंगे।
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वीरवार को दिल्ली निवासी 62 वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति विजय मेनन अपने 5 अंगों को दान कर 5 लोगों की नई जिदंगी दी। गुडगांव के नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में बुधवार के दिन मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण विजय मेनन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था।
गुड़गांव, (ब्यूरो): वीरवार को दिल्ली निवासी 62 वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति विजय मेनन अपने 5 अंगों को दान कर 5 लोगों की नई जिदंगी दी। गुडगांव के नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में बुधवार के दिन मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण विजय मेनन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था।
गुड़गांव की खबरों के लिए इस लिंक https://www. facebook. com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
उनके निस्वार्थ भाव से जीवन जीने की भावना को देखते हुए उनके परिवार ने उनके जाने के बाद भी अन्य लोगों के जीवन को बचाने के लिए उनका अंगदान करने का निर्णय लिया। गहन जांच पडताल के बाद विशेषज्ञों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। परिवार से अंगदान के बारे में परामर्श व स्वीकृति मिलने के बाद 5 जरूरतमंदों को ट्रांसप्लांट के द्वारा नया जीवनदान मिला।
शिवानी की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें एक सप्ताह के अंदर अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है। दान किए गए अंगों में से किडनी, हृदय व कार्निया को नाटो के सहयोग से सरकारी व निजी अस्पतालों में प्रत्यारोपित किया गया। नाटो के माध्यम से ग्रीन कॉरिडोर द्वारा ट्रैफिक पुलिस, कानून व्यवस्था पुलिस व अन्य अधिकारियों के सहयोग से इन अंगों को स्थानांतरित किया गया। वही श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में किडनी ट्रांसप्लांट के प्रमुख डॉ. राजेश अग्रवाल ने बतासा कल रात 9. 30 बजे के करीब गुरुग्राम के एक सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक ब्रेन डेड अंग दाता से किडनी सफलतापूर्वक निकाली गई। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग कर बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में 20 साल की शिवानी युवा लड़की में प्रत्यारोपित किया गया जो बीते 5 साल से डायलिसिस पर थी।
नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल गुरुग्राम के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि भुवनेश्वर की रहने वाली 22 साल लड़की कंजेनिटल-क्रॉनिक लिवर डिजीज के कारण बचपन से पीड़ित थी जिसकी वजह से उसे घर से ही पढ़ाई करनी पड़ती थी।
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वीरवार को दिल्ली निवासी बासठ वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति विजय मेनन अपने पाँच अंगों को दान कर पाँच लोगों की नई जिदंगी दी। गुडगांव के नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में बुधवार के दिन मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण विजय मेनन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। गुड़गांव, : वीरवार को दिल्ली निवासी बासठ वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति विजय मेनन अपने पाँच अंगों को दान कर पाँच लोगों की नई जिदंगी दी। गुडगांव के नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में बुधवार के दिन मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण विजय मेनन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। गुड़गांव की खबरों के लिए इस लिंक https://www. facebook. com/KesariGurugram पर क्लिक करें। उनके निस्वार्थ भाव से जीवन जीने की भावना को देखते हुए उनके परिवार ने उनके जाने के बाद भी अन्य लोगों के जीवन को बचाने के लिए उनका अंगदान करने का निर्णय लिया। गहन जांच पडताल के बाद विशेषज्ञों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। परिवार से अंगदान के बारे में परामर्श व स्वीकृति मिलने के बाद पाँच जरूरतमंदों को ट्रांसप्लांट के द्वारा नया जीवनदान मिला। शिवानी की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें एक सप्ताह के अंदर अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है। दान किए गए अंगों में से किडनी, हृदय व कार्निया को नाटो के सहयोग से सरकारी व निजी अस्पतालों में प्रत्यारोपित किया गया। नाटो के माध्यम से ग्रीन कॉरिडोर द्वारा ट्रैफिक पुलिस, कानून व्यवस्था पुलिस व अन्य अधिकारियों के सहयोग से इन अंगों को स्थानांतरित किया गया। वही श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में किडनी ट्रांसप्लांट के प्रमुख डॉ. राजेश अग्रवाल ने बतासा कल रात नौ. तीस बजे के करीब गुरुग्राम के एक सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक ब्रेन डेड अंग दाता से किडनी सफलतापूर्वक निकाली गई। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग कर बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में बीस साल की शिवानी युवा लड़की में प्रत्यारोपित किया गया जो बीते पाँच साल से डायलिसिस पर थी। नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल गुरुग्राम के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि भुवनेश्वर की रहने वाली बाईस साल लड़की कंजेनिटल-क्रॉनिक लिवर डिजीज के कारण बचपन से पीड़ित थी जिसकी वजह से उसे घर से ही पढ़ाई करनी पड़ती थी।
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गुरुग्राम, 28 मई (निस)
ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने शनिवार को कहा कि सरकार और तेल कंपनियों की मनमानी से पम्प डीलर्स को करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। वर्ष 2017 के बाद अब तक पिछले पांच साल में पम्प डीलर्स का कमीशन तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाया है, जबकि नियम यह है कि हर छह महीने के बाद डीलर कमीशन बढ़ाया जाना चाहिए। यह तेल कंपनियों ने खुद भी लिखित में स्वीकार किया हुआ है। ऐसे में पंप डीलर्स ने निर्णय लिया है कि 31 मई 2022 को हरियाणा में कोई भी डीलर किसी भी तेल कंपनी की सप्लाई नहीं लेगा। यानी पेट्रोल, डीजल नहीं खरीदा जाएगा। जो पहले से स्टॉक में होगा, वही बेचा जाएगा। अगर सरकार ने तेल की खरीद पर से वैट कम नहीं किया तो आगामी समय में सरकारी वाहनों में उधार में तेल देना बंद किया जाएगा। जो भी समस्या उत्पन्न होगी, उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। क्योंकि अपनी मांगों को लेकर एसोसिएशन ने कई बार मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं मिल रहे।
एसोसिएशन के प्रधान अनिल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले पांच साल में पेट्रोल की कीमत 160 प्रतिशत और डीजल की 150 प्रतिशत बढ़ चुकी है, लेकिन इस समय अंतराल में पंप डीलर्स का कमीशन एक बार भी रिवाइज नहीं किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से गठित अपूर्व चंद्रा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पम्प डीलर्स को जो कमीशन मिलता है, उसका 90 फीसदी हिस्सा तो पम्प संचालित करने में ही खर्च हो जाता है। उनका जो खर्चा बढ़ा है, उसकी पूर्ति आज के दिन कमीशन से नहीं हो पा रही। यादव ने कहा कि नवंबर 2021 व मई 2022 में केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 15 से 20 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। रेट में बढ़ोतरी की है, लेकिन बढ़ोतरी को डीलर के बिक्री मूल्य में नहीं जोड़ा गया है, जबकि घटाई गई एक्साइज ड्यूटी की राशि दोनों बार ही डीलर के बिक्री मूल्य से घटा दी गई है।
एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि हरियाणा में डीजल पर वैट 16.80 फीसदी, चंडीगढ़ में 6.66 फीसदी, पंजाब में 10.912 फीसदी है। हिमाचल प्रदेश में डीजल पर वैट 4.40 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह पेट्रोल पर हरियाणा में वैट 19.11 फीसदी, चंडीगढ़ में 15.24 फीसदी, पंजाब में 15.147 फीसदी है। हिमाचल में 12.59 रुपये वैट प्रति लीटर पर लिया जाता है। उनकी मांग है कि हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर हरियाणा में वैट लिया जाए।
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गुरुग्राम, अट्ठाईस मई ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने शनिवार को कहा कि सरकार और तेल कंपनियों की मनमानी से पम्प डीलर्स को करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। वर्ष दो हज़ार सत्रह के बाद अब तक पिछले पांच साल में पम्प डीलर्स का कमीशन तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाया है, जबकि नियम यह है कि हर छह महीने के बाद डीलर कमीशन बढ़ाया जाना चाहिए। यह तेल कंपनियों ने खुद भी लिखित में स्वीकार किया हुआ है। ऐसे में पंप डीलर्स ने निर्णय लिया है कि इकतीस मई दो हज़ार बाईस को हरियाणा में कोई भी डीलर किसी भी तेल कंपनी की सप्लाई नहीं लेगा। यानी पेट्रोल, डीजल नहीं खरीदा जाएगा। जो पहले से स्टॉक में होगा, वही बेचा जाएगा। अगर सरकार ने तेल की खरीद पर से वैट कम नहीं किया तो आगामी समय में सरकारी वाहनों में उधार में तेल देना बंद किया जाएगा। जो भी समस्या उत्पन्न होगी, उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। क्योंकि अपनी मांगों को लेकर एसोसिएशन ने कई बार मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं मिल रहे। एसोसिएशन के प्रधान अनिल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले पांच साल में पेट्रोल की कीमत एक सौ साठ प्रतिशत और डीजल की एक सौ पचास प्रतिशत बढ़ चुकी है, लेकिन इस समय अंतराल में पंप डीलर्स का कमीशन एक बार भी रिवाइज नहीं किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से गठित अपूर्व चंद्रा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पम्प डीलर्स को जो कमीशन मिलता है, उसका नब्बे फीसदी हिस्सा तो पम्प संचालित करने में ही खर्च हो जाता है। उनका जो खर्चा बढ़ा है, उसकी पूर्ति आज के दिन कमीशन से नहीं हो पा रही। यादव ने कहा कि नवंबर दो हज़ार इक्कीस व मई दो हज़ार बाईस में केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पंद्रह से बीस रुपयापये प्रति लीटर की कटौती की है। रेट में बढ़ोतरी की है, लेकिन बढ़ोतरी को डीलर के बिक्री मूल्य में नहीं जोड़ा गया है, जबकि घटाई गई एक्साइज ड्यूटी की राशि दोनों बार ही डीलर के बिक्री मूल्य से घटा दी गई है। एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि हरियाणा में डीजल पर वैट सोलह.अस्सी फीसदी, चंडीगढ़ में छः.छयासठ फीसदी, पंजाब में दस.नौ सौ बारह फीसदी है। हिमाचल प्रदेश में डीजल पर वैट चार दशमलव चालीस रुपयापये प्रति लीटर है। इसी तरह पेट्रोल पर हरियाणा में वैट उन्नीस.ग्यारह फीसदी, चंडीगढ़ में पंद्रह.चौबीस फीसदी, पंजाब में पंद्रह.एक सौ सैंतालीस फीसदी है। हिमाचल में बारह दशमलव उनसठ रुपयापये वैट प्रति लीटर पर लिया जाता है। उनकी मांग है कि हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर हरियाणा में वैट लिया जाए।
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कुशाल के साथ जेनिफर ने इंटीमेट होने से पहले रखी शर्त. .
सदमे में पूरा बॉलीवुड, कार एक्सीडेंट में हुई थी एक मशहूर अभिनेत्री की मौत उसके बाद की रिपोर्ट आपको हिलाकर रख देगी. .
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कुशाल के साथ जेनिफर ने इंटीमेट होने से पहले रखी शर्त. . सदमे में पूरा बॉलीवुड, कार एक्सीडेंट में हुई थी एक मशहूर अभिनेत्री की मौत उसके बाद की रिपोर्ट आपको हिलाकर रख देगी. .
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 18वें स्थापना दिवस पर आज नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूपमें शामिल हुए और एनडीआरएफ को आपदा प्रबंधन की उल्लेखनीय सेवाओं केलिए अलंकरण प्रदान किए और विभिन्न खेल एवं प्रोफेशनल प्रतियोगिताओं के विजेता यूनिट्स को पुरस्कृत किया। नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। नित्यानंद राय ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ आपदा प्रबंधन के क्षेत्रमें अपनी निःस्वार्थ मानवीय सेवाओं के कारण आपदा प्रतिक्रिया और आपदा न्यूनीकरण के क्षेत्रमें अपनी एक उत्कृष्ट पहचान बना चुका है और निरंतर नई ऊंचाईयों को हासिल कररहा है। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ अबतक 8,500 से ज्यादा बचाव अभियानों के दौरान लगभग 1. 5 लाख से ज्यादा लोगों को बचा चुका है तथा 7. 5 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
गृह राज्यमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण निर्णयों के परिणामस्वरूप आज भारत आपदा प्रबंधन के क्षेत्रमें काफी प्रगति कर चुका है, इसीका परिणाम हैकि प्रारंभ में एनडीआरएफ में वाहिनियों की संख्या मात्र 8 थी, जो अब बढ़कर 16 हो गई है, इसके साथही एनडीआरएफ की टीमें देश के 28 शहरों में रीजनल रिस्पांस सेंटर के रूपमें किसीभी आपदा में त्वरित कार्रवाई केलिए तैनात हैं। नित्यानंद राय ने कहाकि एनडीआरएफ का गठन भारत सरकार ने प्राकृतिक एवं मानवनिर्मित आपदाओं से निपटने केलिए किया था और अपनी स्थापना से लेकर अबतक बल निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों में संलग्न रहते हुए आपदा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहाकि यह बल की कार्यकुशलता एवं अभ्यास काही परिणाम हैकि गत वर्षों में आई विभिन्न आपदाओं के दौरान होनेवाले जानमाल के नुकसान का प्रबंधन करने में हम औरभी ज्यादा सक्षम हुए हैं। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ देश का एकमात्र ऐसा बल है, जो देश में किसीभी क्षेत्रमें आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करने केलिए बहुकुशल बचावकर्मी, उच्च तकनीक तथा आधुनिक उपकरणों केसाथ कम से कम समय में पहुंचता है।
नित्यानंद राय ने कहाकि सभी प्रकार की आपदाओं केलिए प्रभावी समय में अपनी विशेष प्रतिक्रिया के कारण एनडीआरएफ आपदा प्रतिक्रिया का सबसे चर्चित नाम बन गया है, इमारत ढहने, बाढ़, बादल फटना, भूस्खलन और ट्रेन दुर्घटनाओं आदि जैसी दुर्घटनाओं के दौरान एनडीआरएफ की प्रदर्शित क्षमता को प्रत्येक स्तर पर सराहा गया है। गृह राज्यमंत्री ने कहाकि बीते वर्षों में देशमें विभिन्न आपदाओं जैसे चक्रवात और बाढ़ के समय प्रधानमंत्री ने स्वयं गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों केसाथ आपदा से निपटने केलिए तैयारियों का जायजा लिया एवं भौतिक रूपसे भी आपदा प्रभावित क्षेत्रका दौरा किया, जिससे इन आपदाओं पर काबू पाने में सफलता मिली। उन्होंने कहाकि गृहमंत्री अमित शाह ने भी आपदा प्रबंधन के कार्यों एवं योजनाओं की समय-समय पर गहन समीक्षा की और एनडीआरएफ को बहुमूल्य दिशा-निर्देश दिए हैं। नित्यानंद राय ने कहाकि एनडीआरएफ स्थानीय स्तरपर नागरिकों को बेहतर ढंग से तैयार करने हेतु विभिन्न जनजागरुकता अभियानों और विद्यालय सुरक्षा अभियानों के जरिए अपना योगदान दे रहा है।
एनडीआरएफ ने नेहरु युवा केंद्र संगठन के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करके डिजास्टर रिस्पांस टीम विकसित करने केलिए देश के मल्टी हेज़र्ड जिलों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शुरू किया है और अबतक अपनी सभी बटालियनों और रीजनल रिस्पांस सेंटर में 10 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर चुका है तथा वर्ष 2024 तक 70 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गृह राज्यमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री आपदा प्रबंधन को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और समय-समय पर इस विषय पर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं, इसी संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2016 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर एशियाई मंत्रियों के सम्मलेन में 10 सूत्रीय एजेंडा दिए थे, जो आपदा के क्षेत्र में हम सबका मार्गदर्शन कर रहे हैं। इसके साथही एनडीआरएफ ने शंघाई सहयोग संगठन संयुक्त अभ्यास-2019 तथा बिम्सटेक-2020 जैसे अंतर्राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अभ्यासों का आयोजन किया, जिससे किसीभी आपदा की स्थिति को आपसी सहयोग से निपटा जा सके। जनवरी 2020 में नागपुर में विश्वस्तरीय एनडीआरएफ अकादमी की आधारशिला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रखी थी, जो जल्द ही तैयार हो जाएगी और इसमें न केवल भारतीय, बल्कि अन्य मित्र देशों के प्रशिक्षुओं कोभी उच्चस्तरीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
नित्यानंद राय ने कहाकि इस वर्ष जी20 की अध्यक्षता भारत के पास है और इस बारेमें आज हर भारतीय गौरवांवित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ और परमाणु ऊर्जा विभाग के दिशा-निर्देशन में सभी हितधारकों को जागरुक करने का काम किया जाएगा, जो विभिन्न देशों से आनेवाले प्रतिनिधियों के आपदा-प्रबंधन की देख-रेख करेंगे। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ कर्मियों ने आपदा के समय नागरिकों के जीवन और संपत्ति को बचाने केलिए बहादुरी केसाथ कई चुनौतियों का सामना करते हुए कईबार अपने बहुमूल्य जीवन को खतरे मेभी डाला है। उन्होंने कहाकि यह देश उन सभी एनडीआरएफ शहीदों का ऋणी है, जिन्होंने आपदा के दौरान लोगों की जान बचाने का कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। एनडीआरएफ के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। स्थापना दिवस समारोह में एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवल, गृह मंत्रालय, केंद्रीय पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी, एनडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अट्ठारहवें स्थापना दिवस पर आज नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूपमें शामिल हुए और एनडीआरएफ को आपदा प्रबंधन की उल्लेखनीय सेवाओं केलिए अलंकरण प्रदान किए और विभिन्न खेल एवं प्रोफेशनल प्रतियोगिताओं के विजेता यूनिट्स को पुरस्कृत किया। नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। नित्यानंद राय ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ आपदा प्रबंधन के क्षेत्रमें अपनी निःस्वार्थ मानवीय सेवाओं के कारण आपदा प्रतिक्रिया और आपदा न्यूनीकरण के क्षेत्रमें अपनी एक उत्कृष्ट पहचान बना चुका है और निरंतर नई ऊंचाईयों को हासिल कररहा है। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ अबतक आठ,पाँच सौ से ज्यादा बचाव अभियानों के दौरान लगभग एक. पाँच लाख से ज्यादा लोगों को बचा चुका है तथा सात. पाँच लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। गृह राज्यमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण निर्णयों के परिणामस्वरूप आज भारत आपदा प्रबंधन के क्षेत्रमें काफी प्रगति कर चुका है, इसीका परिणाम हैकि प्रारंभ में एनडीआरएफ में वाहिनियों की संख्या मात्र आठ थी, जो अब बढ़कर सोलह हो गई है, इसके साथही एनडीआरएफ की टीमें देश के अट्ठाईस शहरों में रीजनल रिस्पांस सेंटर के रूपमें किसीभी आपदा में त्वरित कार्रवाई केलिए तैनात हैं। नित्यानंद राय ने कहाकि एनडीआरएफ का गठन भारत सरकार ने प्राकृतिक एवं मानवनिर्मित आपदाओं से निपटने केलिए किया था और अपनी स्थापना से लेकर अबतक बल निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों में संलग्न रहते हुए आपदा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहाकि यह बल की कार्यकुशलता एवं अभ्यास काही परिणाम हैकि गत वर्षों में आई विभिन्न आपदाओं के दौरान होनेवाले जानमाल के नुकसान का प्रबंधन करने में हम औरभी ज्यादा सक्षम हुए हैं। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ देश का एकमात्र ऐसा बल है, जो देश में किसीभी क्षेत्रमें आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करने केलिए बहुकुशल बचावकर्मी, उच्च तकनीक तथा आधुनिक उपकरणों केसाथ कम से कम समय में पहुंचता है। नित्यानंद राय ने कहाकि सभी प्रकार की आपदाओं केलिए प्रभावी समय में अपनी विशेष प्रतिक्रिया के कारण एनडीआरएफ आपदा प्रतिक्रिया का सबसे चर्चित नाम बन गया है, इमारत ढहने, बाढ़, बादल फटना, भूस्खलन और ट्रेन दुर्घटनाओं आदि जैसी दुर्घटनाओं के दौरान एनडीआरएफ की प्रदर्शित क्षमता को प्रत्येक स्तर पर सराहा गया है। गृह राज्यमंत्री ने कहाकि बीते वर्षों में देशमें विभिन्न आपदाओं जैसे चक्रवात और बाढ़ के समय प्रधानमंत्री ने स्वयं गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों केसाथ आपदा से निपटने केलिए तैयारियों का जायजा लिया एवं भौतिक रूपसे भी आपदा प्रभावित क्षेत्रका दौरा किया, जिससे इन आपदाओं पर काबू पाने में सफलता मिली। उन्होंने कहाकि गृहमंत्री अमित शाह ने भी आपदा प्रबंधन के कार्यों एवं योजनाओं की समय-समय पर गहन समीक्षा की और एनडीआरएफ को बहुमूल्य दिशा-निर्देश दिए हैं। नित्यानंद राय ने कहाकि एनडीआरएफ स्थानीय स्तरपर नागरिकों को बेहतर ढंग से तैयार करने हेतु विभिन्न जनजागरुकता अभियानों और विद्यालय सुरक्षा अभियानों के जरिए अपना योगदान दे रहा है। एनडीआरएफ ने नेहरु युवा केंद्र संगठन के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करके डिजास्टर रिस्पांस टीम विकसित करने केलिए देश के मल्टी हेज़र्ड जिलों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शुरू किया है और अबतक अपनी सभी बटालियनों और रीजनल रिस्पांस सेंटर में दस हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर चुका है तथा वर्ष दो हज़ार चौबीस तक सत्तर हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गृह राज्यमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री आपदा प्रबंधन को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और समय-समय पर इस विषय पर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं, इसी संदर्भ में उन्होंने वर्ष दो हज़ार सोलह में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर एशियाई मंत्रियों के सम्मलेन में दस सूत्रीय एजेंडा दिए थे, जो आपदा के क्षेत्र में हम सबका मार्गदर्शन कर रहे हैं। इसके साथही एनडीआरएफ ने शंघाई सहयोग संगठन संयुक्त अभ्यास-दो हज़ार उन्नीस तथा बिम्सटेक-दो हज़ार बीस जैसे अंतर्राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अभ्यासों का आयोजन किया, जिससे किसीभी आपदा की स्थिति को आपसी सहयोग से निपटा जा सके। जनवरी दो हज़ार बीस में नागपुर में विश्वस्तरीय एनडीआरएफ अकादमी की आधारशिला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रखी थी, जो जल्द ही तैयार हो जाएगी और इसमें न केवल भारतीय, बल्कि अन्य मित्र देशों के प्रशिक्षुओं कोभी उच्चस्तरीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। नित्यानंद राय ने कहाकि इस वर्ष जीबीस की अध्यक्षता भारत के पास है और इस बारेमें आज हर भारतीय गौरवांवित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ और परमाणु ऊर्जा विभाग के दिशा-निर्देशन में सभी हितधारकों को जागरुक करने का काम किया जाएगा, जो विभिन्न देशों से आनेवाले प्रतिनिधियों के आपदा-प्रबंधन की देख-रेख करेंगे। उन्होंने कहाकि एनडीआरएफ कर्मियों ने आपदा के समय नागरिकों के जीवन और संपत्ति को बचाने केलिए बहादुरी केसाथ कई चुनौतियों का सामना करते हुए कईबार अपने बहुमूल्य जीवन को खतरे मेभी डाला है। उन्होंने कहाकि यह देश उन सभी एनडीआरएफ शहीदों का ऋणी है, जिन्होंने आपदा के दौरान लोगों की जान बचाने का कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। एनडीआरएफ के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। स्थापना दिवस समारोह में एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवल, गृह मंत्रालय, केंद्रीय पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी, एनडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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परिवहन, समुद्री मामलों और संचार मंत्री अहमत अर्सलान ने कहा कि एसआरसी प्रमाणपत्र, जिसमें वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए कभी-कभी 45 दिन तक का समय लग सकता है, अब ई-गवर्नमेंट गेट से 5 मिनट में पूरा हो जाता है, और एसआरसी प्रमाणपत्र प्राप्त करने का शुल्क 40 टीएल से घटाकर 20 टीएल कर दिया गया है। कहा।
मंत्री अर्सलान ने अपने बयान में एसआरसी प्रमाणपत्र के संबंध में नए आवेदन के बारे में बताया, जिसे वाणिज्यिक वाहन चालकों को प्राप्त करना होगा।
यह कहते हुए कि 23 जुलाई, 2010 को मंत्रालय और गाजी विश्वविद्यालय के बीच हस्ताक्षरित प्रोटोकॉल को आपसी समझौते से रद्द कर दिया गया था, अर्सलान ने कहा कि एसआरसी प्रमाणपत्र और मौजूदा व्यावसायिक योग्यता प्रमाणपत्रों को जनवरी तक ई-गवर्नमेंट गेटवे के माध्यम से "सत्यापन योग्य दस्तावेजों" के रूप में विनियमित किया गया था। 8.
अर्सलान ने कहा कि जो नागरिक पहली बार आवेदन करेंगे, वे ई-गवर्नमेंट में प्रवेश करके एसआरसी के लिए आवेदन कर सकते हैं, और एसआरसी दस्तावेज़ शुल्क के भुगतान के बाद, जिसे 40 लीरा से घटाकर 20 लीरा कर दिया गया है, सिस्टम द्वारा तैयार किए गए दस्तावेज़ हो सकते हैं मुद्रित और उपयोग किया गया।
इस बात पर जोर देते हुए कि वर्तमान 3 मिलियन एसआरसी प्रमाणपत्र धारक भी जब चाहें ई-गवर्नमेंट से बारकोडेड दस्तावेज़ निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं, अर्सलान ने कहा, "जो लोग गाज़ी विश्वविद्यालय में आवेदन करते हैं लेकिन अपना एसआरसी कार्ड प्राप्त नहीं कर सकते हैं वे भी ई-गवर्नमेंट से आवेदन कर सकते हैं और उनके दस्तावेज़ प्राप्त करें।" उसने कहा।
"प्रति वर्ष 4 मिलियन लीरा की बचत"
यह कहते हुए कि उक्त आवेदन के साथ, उन्होंने अनुरोधित दस्तावेजों को केंद्र में भेजने, उनका मूल्यांकन करने, कार्ड प्रिंट करने और इसे नागरिकों को वापस भेजने के लिए प्रसंस्करण समय को कम कर दिया है, जिसमें 45 दिन तक का समय लग सकता है, अर्सलान ने कहा, "आवेदक 5 मिनट जैसे बहुत ही कम समय में लेनदेन पूरा करने, शुल्क का भुगतान करने और कार्ड का एक सत्यापन योग्य प्रिंटआउट प्राप्त करने में सक्षम होंगे।" वाक्यांश का प्रयोग किया।
इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित करते हुए कि वैध व्यावसायिक योग्यता प्रमाणपत्र (ODY-ÜDY) वाले लगभग 3 मिलियन लोग इस सेवा के साथ किसी भी समय एक सत्यापन योग्य कार्ड बना सकते हैं, अर्सलान ने कहा कि वार्षिक सहित कुल 3 मिलियन लीरा की बचत हासिल की जाएगी। 1 मिलियन लीरा डाक लागत और 4 मिलियन लीरा कार्ड मुद्रण लागत की सूचना दी गई।
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परिवहन, समुद्री मामलों और संचार मंत्री अहमत अर्सलान ने कहा कि एसआरसी प्रमाणपत्र, जिसमें वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए कभी-कभी पैंतालीस दिन तक का समय लग सकता है, अब ई-गवर्नमेंट गेट से पाँच मिनट में पूरा हो जाता है, और एसआरसी प्रमाणपत्र प्राप्त करने का शुल्क चालीस टीएल से घटाकर बीस टीएल कर दिया गया है। कहा। मंत्री अर्सलान ने अपने बयान में एसआरसी प्रमाणपत्र के संबंध में नए आवेदन के बारे में बताया, जिसे वाणिज्यिक वाहन चालकों को प्राप्त करना होगा। यह कहते हुए कि तेईस जुलाई, दो हज़ार दस को मंत्रालय और गाजी विश्वविद्यालय के बीच हस्ताक्षरित प्रोटोकॉल को आपसी समझौते से रद्द कर दिया गया था, अर्सलान ने कहा कि एसआरसी प्रमाणपत्र और मौजूदा व्यावसायिक योग्यता प्रमाणपत्रों को जनवरी तक ई-गवर्नमेंट गेटवे के माध्यम से "सत्यापन योग्य दस्तावेजों" के रूप में विनियमित किया गया था। आठ. अर्सलान ने कहा कि जो नागरिक पहली बार आवेदन करेंगे, वे ई-गवर्नमेंट में प्रवेश करके एसआरसी के लिए आवेदन कर सकते हैं, और एसआरसी दस्तावेज़ शुल्क के भुगतान के बाद, जिसे चालीस लीटररा से घटाकर बीस लीटररा कर दिया गया है, सिस्टम द्वारा तैयार किए गए दस्तावेज़ हो सकते हैं मुद्रित और उपयोग किया गया। इस बात पर जोर देते हुए कि वर्तमान तीन मिलियन एसआरसी प्रमाणपत्र धारक भी जब चाहें ई-गवर्नमेंट से बारकोडेड दस्तावेज़ निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं, अर्सलान ने कहा, "जो लोग गाज़ी विश्वविद्यालय में आवेदन करते हैं लेकिन अपना एसआरसी कार्ड प्राप्त नहीं कर सकते हैं वे भी ई-गवर्नमेंट से आवेदन कर सकते हैं और उनके दस्तावेज़ प्राप्त करें।" उसने कहा। "प्रति वर्ष चार मिलियन लीरा की बचत" यह कहते हुए कि उक्त आवेदन के साथ, उन्होंने अनुरोधित दस्तावेजों को केंद्र में भेजने, उनका मूल्यांकन करने, कार्ड प्रिंट करने और इसे नागरिकों को वापस भेजने के लिए प्रसंस्करण समय को कम कर दिया है, जिसमें पैंतालीस दिन तक का समय लग सकता है, अर्सलान ने कहा, "आवेदक पाँच मिनट जैसे बहुत ही कम समय में लेनदेन पूरा करने, शुल्क का भुगतान करने और कार्ड का एक सत्यापन योग्य प्रिंटआउट प्राप्त करने में सक्षम होंगे।" वाक्यांश का प्रयोग किया। इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित करते हुए कि वैध व्यावसायिक योग्यता प्रमाणपत्र वाले लगभग तीन मिलियन लोग इस सेवा के साथ किसी भी समय एक सत्यापन योग्य कार्ड बना सकते हैं, अर्सलान ने कहा कि वार्षिक सहित कुल तीन मिलियन लीरा की बचत हासिल की जाएगी। एक मिलियन लीरा डाक लागत और चार मिलियन लीरा कार्ड मुद्रण लागत की सूचना दी गई।
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अल्लू अर्जुन की 'पुष्पाः द राइज' 2021 की ब्लॉकबस्टर हिट रही। इसने पूरे बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. लोग इसके पार्ट 2 का इंतजार कर रहे थे. इसी बीच खबर आई कि शूटिंग शुरू हो गई है. कहानी कुछ इस प्रकार होगी. यह आज स्क्रीन पर आएगी। कुल मिलाकर लोग अनुमान लगा रहे थे. इसके बाद निर्माताओं ने फहाद फासिल और अल्लू अर्जुन के लुक की भी घोषणा की। अब इसकी रिलीज डेट सामने आ गई है. तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की पैन इंडिया फिल्म 'पुष्पा 2: द रूल' अगले साल 2024 में रिलीज होगी। अभी कौन सा दिन है? आइए हम आपको बताते हैं.
दरअसल, हाल ही में अल्लू अर्जुन ने 'पुष्पा' के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी जीता है। इस खबर से न सिर्फ एक्टर बल्कि उनके परिवार वाले भी सदमे में हैं. फैंस भी खुश थे. गर्व से उनका सीना भी 56 इंच का हो गया. तमाम तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे. अब एक नए अपडेट के अनुसार, यह पुष्टि हो गई है कि एक्शन-ड्रामा शैली पर आधारित फिल्म, जिसमें अल्लू अर्जुन मोलेटी पुष्पा राज की भूमिका में हैं, 22 मार्च, 2024 को रिलीज होने वाली है।
रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि निर्देशक सुकुमार और उनकी पूरी टीम 'पुष्पा 2: द रूल' की शूटिंग कुछ ही हफ्तों में पूरी करने की कोशिश कर रही है। टीम एक्शन फिल्म के लिए एक उचित पोस्ट-प्रोडक्शन शेड्यूल की भी योजना बना रही है, जिसके फिल्म खत्म होने के तुरंत बाद शुरू होने की उम्मीद है। इस फिल्म में चंदन की गर्ल ट्रैफिकिंग की पूरी कहानी को नाटकीय बनाने की कोशिश की गई थी और आखिरकार फहद फासिल की एंट्री ने कहानी में मसाला डाल दिया. अब पार्ट 2 की कहानी अल्लू अर्जुन और फहद फासिल की लड़ाई से शुरू होगी.
ऐसा कहा जा रहा है कि टीम द्वारा दूसरी किस्त की शूटिंग पूरी करने के बाद बहुप्रतीक्षित फिल्म 'पुष्पा 2' का आधिकारिक टीज़र भी जल्द ही रिलीज़ होने की उम्मीद है। इससे पहले, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता ने पुष्टि की थी कि 'पुष्पा' फ्रेंचाइजी की दूसरी किस्त पहले भाग से बड़ी और बेहतर होगी। जाहिर तौर पर, भाग 1 की भारी सफलता के बाद, बड़े दर्शकों को ध्यान में रखते हुए, निर्देशक सुकुमार ने स्क्रिप्ट पर कई बार काम किया है।
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अल्लू अर्जुन की 'पुष्पाः द राइज' दो हज़ार इक्कीस की ब्लॉकबस्टर हिट रही। इसने पूरे बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. लोग इसके पार्ट दो का इंतजार कर रहे थे. इसी बीच खबर आई कि शूटिंग शुरू हो गई है. कहानी कुछ इस प्रकार होगी. यह आज स्क्रीन पर आएगी। कुल मिलाकर लोग अनुमान लगा रहे थे. इसके बाद निर्माताओं ने फहाद फासिल और अल्लू अर्जुन के लुक की भी घोषणा की। अब इसकी रिलीज डेट सामने आ गई है. तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की पैन इंडिया फिल्म 'पुष्पा दो: द रूल' अगले साल दो हज़ार चौबीस में रिलीज होगी। अभी कौन सा दिन है? आइए हम आपको बताते हैं. दरअसल, हाल ही में अल्लू अर्जुन ने 'पुष्पा' के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी जीता है। इस खबर से न सिर्फ एक्टर बल्कि उनके परिवार वाले भी सदमे में हैं. फैंस भी खुश थे. गर्व से उनका सीना भी छप्पन इंच का हो गया. तमाम तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे. अब एक नए अपडेट के अनुसार, यह पुष्टि हो गई है कि एक्शन-ड्रामा शैली पर आधारित फिल्म, जिसमें अल्लू अर्जुन मोलेटी पुष्पा राज की भूमिका में हैं, बाईस मार्च, दो हज़ार चौबीस को रिलीज होने वाली है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि निर्देशक सुकुमार और उनकी पूरी टीम 'पुष्पा दो: द रूल' की शूटिंग कुछ ही हफ्तों में पूरी करने की कोशिश कर रही है। टीम एक्शन फिल्म के लिए एक उचित पोस्ट-प्रोडक्शन शेड्यूल की भी योजना बना रही है, जिसके फिल्म खत्म होने के तुरंत बाद शुरू होने की उम्मीद है। इस फिल्म में चंदन की गर्ल ट्रैफिकिंग की पूरी कहानी को नाटकीय बनाने की कोशिश की गई थी और आखिरकार फहद फासिल की एंट्री ने कहानी में मसाला डाल दिया. अब पार्ट दो की कहानी अल्लू अर्जुन और फहद फासिल की लड़ाई से शुरू होगी. ऐसा कहा जा रहा है कि टीम द्वारा दूसरी किस्त की शूटिंग पूरी करने के बाद बहुप्रतीक्षित फिल्म 'पुष्पा दो' का आधिकारिक टीज़र भी जल्द ही रिलीज़ होने की उम्मीद है। इससे पहले, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता ने पुष्टि की थी कि 'पुष्पा' फ्रेंचाइजी की दूसरी किस्त पहले भाग से बड़ी और बेहतर होगी। जाहिर तौर पर, भाग एक की भारी सफलता के बाद, बड़े दर्शकों को ध्यान में रखते हुए, निर्देशक सुकुमार ने स्क्रिप्ट पर कई बार काम किया है।
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Loot in Chakuliayaबैंक से रुपए निकालकर साइकिल से घर जा रही मुस्लिम बस्ती की एक युवती से काले रंग की बाइक पर सवार दो अपराधियों ने रुपयों से भरा बैग एवं मोबाइल लूट लिया। घटना दोपहर करीब 1200 बजे की है।
संवाद सूत्र, चाकुलिया। अनुमंडल क्षेत्र में बेलगाम हो चुके बाइक सवार अपराधियों ने शुक्रवार को एक बार फिर दुस्साहस का परिचय देते हुए चाकुलिया शहर के बीच दिनदहाड़े लूट की घटना को अंजाम दिया। बैंक से रुपए निकालकर साइकिल से घर जा रही मुस्लिम बस्ती की एक युवती से काले रंग की बाइक पर सवार दो अपराधियों ने रुपयों से भरा बैग एवं मोबाइल लूट लिया। घटना दोपहर करीब 12:00 बजे की है।
घटना के संबंध में पीड़ित युवती बुशरा परवीन ने बताया कि वह अपने पिता मोहम्मद कलाम के बैंक ऑफ इंडिया स्थित खाते से 40000 रुपए निकालकर घर लौट रही थी। रास्ते में वहां बैंक ऑफ बड़ौदा में भी कुछ काम के लिए थोड़ी देर रुकी थी। बैंक से निकलने के बाद उसने बैग साइकिल में लटका दिया तथा घर की ओर चल पड़ी। अमृत मेडिकल से मुस्लिम बस्ती जाने वाली सड़क पर पुराने अस्पताल के मेन गेट के समीप पीछे से एक काले रंग की बाइक तेजी से आई। उस पर हेलमेट लगाए दो युवक सवार थे। साइकिल के समीप आकर उन्होंने अपनी बाइक धीमी कर दी। एक युवक ने हैंडल में लटके रुपयों से भरा बैग पकड़ा जबकि दूसरे युवक ने लात से मारकर साइकिल गिरा दी। बैग झटक कर वे तेजी से साप्ताहिक हाट की और भाग निकले।
लूटे गए बैग में बैंक से निकाले गए 40 हजार रुपए नगद तथा 11,000 रुपए मूल्य का रियल मी मोबाइल हैंडसेट था। घटना की जानकारी मिलते ही घाटशिला एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो, पुलिस निरीक्षक एसपी गुप्ता व थाना प्रभारी रंजीत उरांव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौका मुआयना करने के बाद उन्होंने पीड़ित युवती से घटना के बाबत पूरी जानकारी प्राप्त की।
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Loot in Chakuliayaबैंक से रुपए निकालकर साइकिल से घर जा रही मुस्लिम बस्ती की एक युवती से काले रंग की बाइक पर सवार दो अपराधियों ने रुपयों से भरा बैग एवं मोबाइल लूट लिया। घटना दोपहर करीब एक हज़ार दो सौ बजे की है। संवाद सूत्र, चाकुलिया। अनुमंडल क्षेत्र में बेलगाम हो चुके बाइक सवार अपराधियों ने शुक्रवार को एक बार फिर दुस्साहस का परिचय देते हुए चाकुलिया शहर के बीच दिनदहाड़े लूट की घटना को अंजाम दिया। बैंक से रुपए निकालकर साइकिल से घर जा रही मुस्लिम बस्ती की एक युवती से काले रंग की बाइक पर सवार दो अपराधियों ने रुपयों से भरा बैग एवं मोबाइल लूट लिया। घटना दोपहर करीब बारह:शून्य बजे की है। घटना के संबंध में पीड़ित युवती बुशरा परवीन ने बताया कि वह अपने पिता मोहम्मद कलाम के बैंक ऑफ इंडिया स्थित खाते से चालीस हज़ार रुपयापए निकालकर घर लौट रही थी। रास्ते में वहां बैंक ऑफ बड़ौदा में भी कुछ काम के लिए थोड़ी देर रुकी थी। बैंक से निकलने के बाद उसने बैग साइकिल में लटका दिया तथा घर की ओर चल पड़ी। अमृत मेडिकल से मुस्लिम बस्ती जाने वाली सड़क पर पुराने अस्पताल के मेन गेट के समीप पीछे से एक काले रंग की बाइक तेजी से आई। उस पर हेलमेट लगाए दो युवक सवार थे। साइकिल के समीप आकर उन्होंने अपनी बाइक धीमी कर दी। एक युवक ने हैंडल में लटके रुपयों से भरा बैग पकड़ा जबकि दूसरे युवक ने लात से मारकर साइकिल गिरा दी। बैग झटक कर वे तेजी से साप्ताहिक हाट की और भाग निकले। लूटे गए बैग में बैंक से निकाले गए चालीस हजार रुपए नगद तथा ग्यारह,शून्य रुपयापए मूल्य का रियल मी मोबाइल हैंडसेट था। घटना की जानकारी मिलते ही घाटशिला एसडीपीओ कुलदीप टोप्पो, पुलिस निरीक्षक एसपी गुप्ता व थाना प्रभारी रंजीत उरांव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौका मुआयना करने के बाद उन्होंने पीड़ित युवती से घटना के बाबत पूरी जानकारी प्राप्त की।
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21 जून यानी कल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 दुनिया भर में मनाया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी इस दिवस का एक खास थीम रखा गया है। 2019 का थीम "क्लाइमेट एक्शन" (जैसा कि UN. org द्वारा बताया गया है) है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 के उपलक्ष पर इस थीम के जरिए ये बताने की कोशिश की जा रही है कि योग का अभ्यास करने से जलवायु परिवर्तन (climate change) का समाधान मिल सकता है। योग आसनों के अभ्यास से शरीर और मन के बीच एक आंतरिक संतुलन कायम होता है। यह अपने और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है।
इंसानों द्वारा किए गए गैर जिम्मेदाराना हरकतें या क्रियाएं पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप जलवायु परिस्थितियों में भारी बदलाव हो रहा है। इसलिए, संयुक्त राष्ट्र ने योगाभ्यास के जरिए जलवायु क्रियाओं (climate action) के बारे में जागरूकता बढ़ाने का फैसला किया है, जो हमारे शरीर की आत्मा को प्रकृति से जोड़ता है और पृथ्वी के बदलते जलवायु या क्लाइमेट के प्रति एक्शन लेने के लिए प्रेरित करता है।
21 जून 2019 को पूरी दुनिया पांचवें "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" मनाने के लिए तैयार है। योग के लिए इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस को दिसंबर, 2014 में यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (UNGA) द्वारा घोषित किया गया था। जैसा कि भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है- "योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है। विचार और एक्शन, संयम और पूर्णता, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है योग। अपनी जीवनशैली को बदलकर और चेतना पैदा करके यह समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है।
यह एक शारीरिक, मानसिक या आध्यात्मिक अभ्यास है, जो भारत की देन है, जो जीवन के पूर्ण तरीके को वर्णित करता है। योग सिर्फ एक्सरसाइज के बारे में नहीं है, बल्कि एक समझ को विकसित करते हुए खुद को पहचानने का जरिया है। "योग" शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है, जिसका अर्थ है शरीर से जुड़ना या एकजुट होना।
"अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" का विचार भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली में भाषण देने के दौरान प्रस्तावित किया गया था। 21 जून को उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विशेष महत्व रखता है। नरेंद्र मोदी ने ही 21 जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के रूप में मनाने का सुझाव दिया। योग दिवस का लोगो (Logo) मानवता के प्रति सद्भाव और शांति का प्रतिक है, जो योग की प्रकृति को दर्शाता है। योग दिवस के दिन दुनिया भर में कई कार्यक्रम होते हैं। इस दिन सभी देशों में योग, ध्यान, वाद-विवाद और विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आयोजन किया जाता है ताकि इसके जरिए योग दिवस के संदेश और अर्थ का पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार किया जा सके।
- हर दिन अपने दिन की शुरुआत सूर्यनमस्कार से करें। यदि आप एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं, तो अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय निकालकर कुछ सांस लेने के व्यायाम करें और रोजाना कुछ मिनट के लिए योग करें।
- रोजाना योग करने से आप अपनी ध्यान क्षमता बढ़ा सकते हैं। इससे याददाश्त और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है।
- योग के जरिए आपकी मांसपेशियों में होने वाला दर्द दूर होता है। आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में यह मदद करता है।
- यह आपके शरीर को मजबूत बनाने और रीढ़ को स्थिर करने में मदद करता है। इससे पीठ दर्द, तनाव और अवसाद को दूर कर सकते हैं।
- यह आपके मन, शरीर और आत्मा को स्थिर करता है और शांति और आनंद से आपको भर देता है।
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Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! इक्कीस जून यानी कल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दो हज़ार उन्नीस दुनिया भर में मनाया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी इस दिवस का एक खास थीम रखा गया है। दो हज़ार उन्नीस का थीम "क्लाइमेट एक्शन" है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दो हज़ार उन्नीस के उपलक्ष पर इस थीम के जरिए ये बताने की कोशिश की जा रही है कि योग का अभ्यास करने से जलवायु परिवर्तन का समाधान मिल सकता है। योग आसनों के अभ्यास से शरीर और मन के बीच एक आंतरिक संतुलन कायम होता है। यह अपने और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। इंसानों द्वारा किए गए गैर जिम्मेदाराना हरकतें या क्रियाएं पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप जलवायु परिस्थितियों में भारी बदलाव हो रहा है। इसलिए, संयुक्त राष्ट्र ने योगाभ्यास के जरिए जलवायु क्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का फैसला किया है, जो हमारे शरीर की आत्मा को प्रकृति से जोड़ता है और पृथ्वी के बदलते जलवायु या क्लाइमेट के प्रति एक्शन लेने के लिए प्रेरित करता है। इक्कीस जून दो हज़ार उन्नीस को पूरी दुनिया पांचवें "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" मनाने के लिए तैयार है। योग के लिए इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस को दिसंबर, दो हज़ार चौदह में यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली द्वारा घोषित किया गया था। जैसा कि भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है- "योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है। विचार और एक्शन, संयम और पूर्णता, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है योग। अपनी जीवनशैली को बदलकर और चेतना पैदा करके यह समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है। यह एक शारीरिक, मानसिक या आध्यात्मिक अभ्यास है, जो भारत की देन है, जो जीवन के पूर्ण तरीके को वर्णित करता है। योग सिर्फ एक्सरसाइज के बारे में नहीं है, बल्कि एक समझ को विकसित करते हुए खुद को पहचानने का जरिया है। "योग" शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है, जिसका अर्थ है शरीर से जुड़ना या एकजुट होना। "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" का विचार भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली में भाषण देने के दौरान प्रस्तावित किया गया था। इक्कीस जून को उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विशेष महत्व रखता है। नरेंद्र मोदी ने ही इक्कीस जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के रूप में मनाने का सुझाव दिया। योग दिवस का लोगो मानवता के प्रति सद्भाव और शांति का प्रतिक है, जो योग की प्रकृति को दर्शाता है। योग दिवस के दिन दुनिया भर में कई कार्यक्रम होते हैं। इस दिन सभी देशों में योग, ध्यान, वाद-विवाद और विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आयोजन किया जाता है ताकि इसके जरिए योग दिवस के संदेश और अर्थ का पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार किया जा सके। - हर दिन अपने दिन की शुरुआत सूर्यनमस्कार से करें। यदि आप एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं, तो अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय निकालकर कुछ सांस लेने के व्यायाम करें और रोजाना कुछ मिनट के लिए योग करें। - रोजाना योग करने से आप अपनी ध्यान क्षमता बढ़ा सकते हैं। इससे याददाश्त और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है। - योग के जरिए आपकी मांसपेशियों में होने वाला दर्द दूर होता है। आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में यह मदद करता है। - यह आपके शरीर को मजबूत बनाने और रीढ़ को स्थिर करने में मदद करता है। इससे पीठ दर्द, तनाव और अवसाद को दूर कर सकते हैं। - यह आपके मन, शरीर और आत्मा को स्थिर करता है और शांति और आनंद से आपको भर देता है।
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (Madhya Pradesh Public Service Commission) के उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आयोग (MPPSC) द्वारा हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट रजिस्ट्रार (Assistant Registrar) के 13 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 6 अगस्त से शुरू हो गई और 25 अगस्त तक चलेगी। उम्मीदवार 8 अगस्त से 27 अगस्त 2022 तक आवेदन में त्रुटि सुधार कर सकेंगे प्रति सुधार पत्र ₹50 शुल्क देय अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक साइट mppsc. mp. gov. in पर विजिट कर सकते है। वही सिस्टम एनालिस्ट तथा प्रोग्रामर के 3 पद पर भी भर्ती निकाली है।
- आयु सीमा- उम्मीदवारों की उम्र 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के उम्र की गणना 1 जनवरी 2023 से की जाएगी।
- योग्यता- इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय सेस्नातकोत्तर की डिग्री होनी चाहिए। अभ्यर्थी का 55 फीसदी नंबरों के साथ पास होना चाहिए।
- चयन प्रक्रिया- इन पदों पर आवेदकों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा। लिखित परीक्षा के लिए आवेदकों को एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा।
- वेतनमान- चयनित अभ्यर्थियों को 15600 से 39100 रूपये+5400 ग्रेड पे सहित समय-समय पर प्रसारित आदेश के अनुसार महंगाई भत्ता और अन्य भत्ता उपलब्ध होगा।
- परीक्षा 25 सितंबर 2022 को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
- इसके लिए उम्मीदवार परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम एमपीपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
- इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 19 सितंबर 2022 को जारी किए जाएंगे।
- सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट mppsc. mp. gov. in पर जाएं।
- होम पेज पर दिए गए Apply Online के पर क्लिक करें।
- अब संबंधित पद के लिए आवेदन की प्रक्रिया को शुरू करें।
- आवश्यक विवरण दर्ज करें और दस्तावेज को अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क का भुगतान करें और सबमिट करें।
आयु सीमा-उम्मीदवारों की आयु सीमा 21 से 40 वर्ष। आयु की गणना की तारीख 1 जनवरी 2023। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी गई है। छूट के लिए नोटिफिकेशन देख सकते है।
योग्यता- अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय कंप्यूटर साइंस से बीई या बीटे की डिग्री होनी चाहिए। शैक्षणिक अहर्ता में आवेदक को BE कंप्यूटर साइंस आईटी, B. Tech कंप्यूटर साइंस आईटी, M. Sc कंप्यूटर साइंस आईटी, MCA और समकक्ष डिग्री होना अनिवार्य है। प्रोग्रामिंग का पंजीकृत संस्थान शासक के संस्थान स्वशासी संस्थान से न्यूनतम 3 वर्ष के कार्य अनुभव । अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया- उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार के आधार पर पर किया जाएगा। इसकी अवधि एक 1 वर्ष निर्धारित की गई है। खास बात ये है कि इसमें मध्य प्रदेश के उम्मीदवारों को रोजगार पंजीयन अनिवार्य और बाहरी उम्मीदवारों को मुक्त रखा गया है।
वेतनमान- इसके लिए 30 हजार से 50 हजार तक होगी। इसमें सिस्टम एनालिस्ट INR 50490,प्रोग्रामर (PHP) INR 38430 और प्रोग्रामर (जावा) INR 38430 मिलेगा।
1. सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट mppsc. mp. gov. in पर जाएं।
2. होम पेज पर दिए गए Apply Online सेक्शन में जाएं।
3. अब संबंधित पद के लिए आवेदन के लिंक पर क्लिक करें।
4. आवश्यक विवरण और दस्तावेज को अपलोड करें।
5. आवेदन शुरू का भुगतान करें और सबमिट करें।
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आयोग द्वारा हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के तेरह पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया छः अगस्त से शुरू हो गई और पच्चीस अगस्त तक चलेगी। उम्मीदवार आठ अगस्त से सत्ताईस अगस्त दो हज़ार बाईस तक आवेदन में त्रुटि सुधार कर सकेंगे प्रति सुधार पत्र पचास रुपया शुल्क देय अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक साइट mppsc. mp. gov. in पर विजिट कर सकते है। वही सिस्टम एनालिस्ट तथा प्रोग्रामर के तीन पद पर भी भर्ती निकाली है। - आयु सीमा- उम्मीदवारों की उम्र इक्कीस वर्ष से चालीस वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के उम्र की गणना एक जनवरी दो हज़ार तेईस से की जाएगी। - योग्यता- इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय सेस्नातकोत्तर की डिग्री होनी चाहिए। अभ्यर्थी का पचपन फीसदी नंबरों के साथ पास होना चाहिए। - चयन प्रक्रिया- इन पदों पर आवेदकों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा। लिखित परीक्षा के लिए आवेदकों को एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। - वेतनमान- चयनित अभ्यर्थियों को पंद्रह हज़ार छः सौ से उनतालीस हज़ार एक सौ रूपये+पाँच हज़ार चार सौ ग्रेड पे सहित समय-समय पर प्रसारित आदेश के अनुसार महंगाई भत्ता और अन्य भत्ता उपलब्ध होगा। - परीक्षा पच्चीस सितंबर दो हज़ार बाईस को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। - इसके लिए उम्मीदवार परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम एमपीपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। - इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड उन्नीस सितंबर दो हज़ार बाईस को जारी किए जाएंगे। - सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट mppsc. mp. gov. in पर जाएं। - होम पेज पर दिए गए Apply Online के पर क्लिक करें। - अब संबंधित पद के लिए आवेदन की प्रक्रिया को शुरू करें। - आवश्यक विवरण दर्ज करें और दस्तावेज को अपलोड करें। - आवेदन शुल्क का भुगतान करें और सबमिट करें। आयु सीमा-उम्मीदवारों की आयु सीमा इक्कीस से चालीस वर्ष। आयु की गणना की तारीख एक जनवरी दो हज़ार तेईस। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी गई है। छूट के लिए नोटिफिकेशन देख सकते है। योग्यता- अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय कंप्यूटर साइंस से बीई या बीटे की डिग्री होनी चाहिए। शैक्षणिक अहर्ता में आवेदक को BE कंप्यूटर साइंस आईटी, B. Tech कंप्यूटर साइंस आईटी, M. Sc कंप्यूटर साइंस आईटी, MCA और समकक्ष डिग्री होना अनिवार्य है। प्रोग्रामिंग का पंजीकृत संस्थान शासक के संस्थान स्वशासी संस्थान से न्यूनतम तीन वर्ष के कार्य अनुभव । अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया- उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार के आधार पर पर किया जाएगा। इसकी अवधि एक एक वर्ष निर्धारित की गई है। खास बात ये है कि इसमें मध्य प्रदेश के उम्मीदवारों को रोजगार पंजीयन अनिवार्य और बाहरी उम्मीदवारों को मुक्त रखा गया है। वेतनमान- इसके लिए तीस हजार से पचास हजार तक होगी। इसमें सिस्टम एनालिस्ट INR पचास हज़ार चार सौ नब्बे,प्रोग्रामर INR अड़तीस हज़ार चार सौ तीस और प्रोग्रामर INR अड़तीस हज़ार चार सौ तीस मिलेगा। एक. सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट mppsc. mp. gov. in पर जाएं। दो. होम पेज पर दिए गए Apply Online सेक्शन में जाएं। तीन. अब संबंधित पद के लिए आवेदन के लिंक पर क्लिक करें। चार. आवश्यक विवरण और दस्तावेज को अपलोड करें। पाँच. आवेदन शुरू का भुगतान करें और सबमिट करें।
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उधर, पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पाक आर्मी चीफ को गले लगाने पर उठे विवाद पर भी अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी। अब्दुल्ला ने कहा, सिद्धू को इस मुद्दे पर जिस तरह से मीडिया ने टारगेट किया, वह दर्शाता है कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो भारत और पाक के रिश्ते को बेहतर नहीं होने देना चाहते। भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ कुछ निहित स्वार्थ वाले हैं जो नहीं चाहते कि दोनों देशों के बीच शांति हो। पर, जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए दोनों देशों के बीच दोस्ती जरूरी है।
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उधर, पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पाक आर्मी चीफ को गले लगाने पर उठे विवाद पर भी अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी। अब्दुल्ला ने कहा, सिद्धू को इस मुद्दे पर जिस तरह से मीडिया ने टारगेट किया, वह दर्शाता है कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो भारत और पाक के रिश्ते को बेहतर नहीं होने देना चाहते। भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ कुछ निहित स्वार्थ वाले हैं जो नहीं चाहते कि दोनों देशों के बीच शांति हो। पर, जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए दोनों देशों के बीच दोस्ती जरूरी है।
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हमें यह देखना चाहिए कि हार्डवेयर के प्रत्येक टुकड़े के लिए, यह क्या करेगा; इसका उद्देश्य क्या होगा; इसकी कार्यक्षमता क्या होगी इसकी पहचान करना आवश्यक है।
फिर, उस फंक्शनैलिटी (functionality) को प्राप्त करने के लिए उस फंक्शनैलिटी (functionality) को करने के लिए। हार्डवेयर के प्रत्येक टुकड़े के लिए, हमें यह निर्दिष्ट करना होगा कि इसे ठीक से काम करने के लिए इसकी क्या आवश्यकता है। उस फंक्शनैलिटी (functionality) को प्राप्त करने के लिए, उदाहरण के लिए इसकी क्या आवश्यकता है? हार्डवेयर चाहे, इसके लिए कुछ विशेष प्रकार के सॉफ़्टवेयर टूल की आवश्यकता होती है; इसमें इंटरकनेक्शन (interconnection) वगैरह के लिए कुछ केबलों की आवश्यकता होती है। इसलिए, हार्डवेयर के प्रत्येक टुकड़े के लिए, हम यह भी निर्दिष्ट करते हैं कि ठीक से काम करने के लिए इसे वास्तव में क्या चाहिए।
फिर, हमें यह निर्दिष्ट करना होगा कि उसके कार्य के लिए किस हार्डवेयर की आवश्यकता है। इसलिए, इस प्रोजेक्ट से मेन पावर (manpower) हैं। तो, किस व्यक्ति को अपना कार्य करने के लिए किस प्रकार के हार्डवेयर की आवश्यकता है। कृपया देखें हार्डवेयर के हर टुकड़े हर किसी को प्रदान न करें। इसलिए, हम सभी लोगों को एक परियोजना में विभिन्न प्रकार के हार्डवेयर दिखाई देंगे, उनकी आवश्यकता हो सकती है। इसलिए, यह निर्धारित न करें कि सभी विभिन्न व्यक्तियों को सभी प्रकार के हार्डवेयर क्या प्रदान करने हैं।
क्योंकि उन्हें इन सभी चीजों की आवश्यकता नहीं हो सकती है। उन्हें केवल एक वांछित डेस्कटॉप (dekstop) की आवश्यकता हो सकती है, उन्हें सर्वर (server) की आवश्यकता नहीं हो सकती है। इसी तरह, उन्हें केवल डिस्प्ले मॉनिटर (display monitor) की आवश्यकता हो सकती है, उन्हें टच स्क्रीन (touch screen) वगैरह की आवश्यकता नहीं है। तो, इसीलिए हर किसी को हार्डवेयर के हर टुकड़े के साथ प्रदान न करें, अगर उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं है और अंत में, निर्दिष्ट करें कि टीम को हार्डवेयर की आवश्यकता पहले से हो सकती है।
इसलिए, execution specifies बंद करने से पहले जब टीम, कब परियोजना को हार्डवेयर की आवश्यकता होती है; किस समय पर जरूरत होगी यदि आप थोड़ी सी अग्रिम की पहचान कर सकते हैं जो शीर्ष प्रबंधन से संसाधनों को पूछने में मदद करेगा। इसलिए, पहले से यह पता होना चाहिए की कब परियोजना की जरूरत होती है, कब टीम को हार्डवेयर की आवश्यकता होती है अगर हो सके तो पहले से निर्दिष्ट करें। ये आपकी परियोजना की हार्डवेयर आवश्यकताओं की पहचान करने के लिए आवश्यक विभिन्न चरण हैं।
(Refer Slide Time: 14:53)
Many other supporting software are needed to develop a software project.
Basic software like operating systems, compilers etc. may cause project delays if installed incorrectly or upgraded randomly.
Different versions of software, mismatched service packs, and differing releases of libraries may also create problems.
Ignoring these issues may lead to problems.
फिर, अगला यह है कि सॉफ्टवेयर की पहचान कैसे की जाए। तो, हम जानते हैं कि एक सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए कई अन्य सहायक सॉफ्टवेयर की भी आवश्यकता होती है। इसलिए, कुछ उदाहरण बुनियादी सॉफ्टवेयर जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम (operating system), कंपाइलर (compiler), लिंकर्स (linker), लोडर (loader) वगैरह हैं जो उन्हें किसी प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए आवश्यक हो सकते हैं और यदि ये बेसिक सॉफ्टवेयर जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम (operating system), कंपाइलर (compiler) वगैरह, वे गलत तरीके से इंस्टॉल किए गए हैं या आप उनका सही वर्ज़न उपयोग नहीं कर रहे हैं उचित लेटेस्ट वर्ज़न (latest version), अपग्रेडेड वर्ज़न (upgraded version); फिर, वे परियोजनाओं का पुराना होने का कारण बन सकते हैं।
इसलिए, सॉफ़्टवेयर के विभिन्न संस्करण mismatched सर्विस पैक (service pack) और लाइब्रेरीज़ (libraries) के अलग-अलग रिलीज़ होने से समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। यदि हम उन मुद्दों की अनदेखी करेंगे, जो सॉफ्टवेयर विकास के दौरान गंभीर समस्याओं को जन्म देंगे।
(Refer Slide Time: 15:42)
Experienced project managers know that software upgrades. during a project cost the team productivity and may create serious problems.
• So, there is a need to plan for upgrades and schedule them, when the impact on the team and the project can be minimized.
• Project managers can get a handle on software support by following below steps.
अनुभवी प्रोजेक्ट मैनेजर को पता है कि परियोजना के दौरान सॉफ्टवेयर अपग्रेड (software upgrade), वे टीम प्रोडक्टिविटी का खर्च उठाते हैं और गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसलिए, वे उचित देखभाल करते हैं कि कब समुचित उपयोग करना है कब अपग्रेड के लिए जाना है, कब विभिन्न वर्ज़न का उपयोग वे विवेकपूर्ण तरीके से करना है। इसलिए, अपग्रेड (upgrade) के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है, हमें रेंडमली (randomly) रूप से अपग्रेड (upgrade) के लिए नहीं जाना चाहिए। प्रोजेक्ट मैनेजर को उचित समय पर अपग्रेड (upgrade) के लिए योजना बनाना चाहिए, ठीक से और वे उन्हें शेड्यूल करते हैं और टीम और परियोजना पर प्रभाव को कम से कम किया जा सकता है।
इसलिए, प्रोजेक्ट मैनेजर देखता है कि जब टीम और प्रोजेक्ट पर इस का प्रभाव अपग्रेड किया गया था, तो इसे कम से कम किया जा सकता है, फिर वह अपग्रेड और शेड्यूलिंग की योजना के लिए जा सकता है। प्रोजेक्ट मैनेजर नीचे दिए गए चरणों का पालन करके सॉफ़्टवेयर समर्थन पर एक हैंडल प्राप्त कर सकते हैं, आइए देखें कि चरण क्या हैं।
(Refer Slide Time: 16:45)
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हमें यह देखना चाहिए कि हार्डवेयर के प्रत्येक टुकड़े के लिए, यह क्या करेगा; इसका उद्देश्य क्या होगा; इसकी कार्यक्षमता क्या होगी इसकी पहचान करना आवश्यक है। फिर, उस फंक्शनैलिटी को प्राप्त करने के लिए उस फंक्शनैलिटी को करने के लिए। हार्डवेयर के प्रत्येक टुकड़े के लिए, हमें यह निर्दिष्ट करना होगा कि इसे ठीक से काम करने के लिए इसकी क्या आवश्यकता है। उस फंक्शनैलिटी को प्राप्त करने के लिए, उदाहरण के लिए इसकी क्या आवश्यकता है? हार्डवेयर चाहे, इसके लिए कुछ विशेष प्रकार के सॉफ़्टवेयर टूल की आवश्यकता होती है; इसमें इंटरकनेक्शन वगैरह के लिए कुछ केबलों की आवश्यकता होती है। इसलिए, हार्डवेयर के प्रत्येक टुकड़े के लिए, हम यह भी निर्दिष्ट करते हैं कि ठीक से काम करने के लिए इसे वास्तव में क्या चाहिए। फिर, हमें यह निर्दिष्ट करना होगा कि उसके कार्य के लिए किस हार्डवेयर की आवश्यकता है। इसलिए, इस प्रोजेक्ट से मेन पावर हैं। तो, किस व्यक्ति को अपना कार्य करने के लिए किस प्रकार के हार्डवेयर की आवश्यकता है। कृपया देखें हार्डवेयर के हर टुकड़े हर किसी को प्रदान न करें। इसलिए, हम सभी लोगों को एक परियोजना में विभिन्न प्रकार के हार्डवेयर दिखाई देंगे, उनकी आवश्यकता हो सकती है। इसलिए, यह निर्धारित न करें कि सभी विभिन्न व्यक्तियों को सभी प्रकार के हार्डवेयर क्या प्रदान करने हैं। क्योंकि उन्हें इन सभी चीजों की आवश्यकता नहीं हो सकती है। उन्हें केवल एक वांछित डेस्कटॉप की आवश्यकता हो सकती है, उन्हें सर्वर की आवश्यकता नहीं हो सकती है। इसी तरह, उन्हें केवल डिस्प्ले मॉनिटर की आवश्यकता हो सकती है, उन्हें टच स्क्रीन वगैरह की आवश्यकता नहीं है। तो, इसीलिए हर किसी को हार्डवेयर के हर टुकड़े के साथ प्रदान न करें, अगर उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं है और अंत में, निर्दिष्ट करें कि टीम को हार्डवेयर की आवश्यकता पहले से हो सकती है। इसलिए, execution specifies बंद करने से पहले जब टीम, कब परियोजना को हार्डवेयर की आवश्यकता होती है; किस समय पर जरूरत होगी यदि आप थोड़ी सी अग्रिम की पहचान कर सकते हैं जो शीर्ष प्रबंधन से संसाधनों को पूछने में मदद करेगा। इसलिए, पहले से यह पता होना चाहिए की कब परियोजना की जरूरत होती है, कब टीम को हार्डवेयर की आवश्यकता होती है अगर हो सके तो पहले से निर्दिष्ट करें। ये आपकी परियोजना की हार्डवेयर आवश्यकताओं की पहचान करने के लिए आवश्यक विभिन्न चरण हैं। Many other supporting software are needed to develop a software project. Basic software like operating systems, compilers etc. may cause project delays if installed incorrectly or upgraded randomly. Different versions of software, mismatched service packs, and differing releases of libraries may also create problems. Ignoring these issues may lead to problems. फिर, अगला यह है कि सॉफ्टवेयर की पहचान कैसे की जाए। तो, हम जानते हैं कि एक सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए कई अन्य सहायक सॉफ्टवेयर की भी आवश्यकता होती है। इसलिए, कुछ उदाहरण बुनियादी सॉफ्टवेयर जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम , कंपाइलर , लिंकर्स , लोडर वगैरह हैं जो उन्हें किसी प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए आवश्यक हो सकते हैं और यदि ये बेसिक सॉफ्टवेयर जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम , कंपाइलर वगैरह, वे गलत तरीके से इंस्टॉल किए गए हैं या आप उनका सही वर्ज़न उपयोग नहीं कर रहे हैं उचित लेटेस्ट वर्ज़न , अपग्रेडेड वर्ज़न ; फिर, वे परियोजनाओं का पुराना होने का कारण बन सकते हैं। इसलिए, सॉफ़्टवेयर के विभिन्न संस्करण mismatched सर्विस पैक और लाइब्रेरीज़ के अलग-अलग रिलीज़ होने से समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। यदि हम उन मुद्दों की अनदेखी करेंगे, जो सॉफ्टवेयर विकास के दौरान गंभीर समस्याओं को जन्म देंगे। Experienced project managers know that software upgrades. during a project cost the team productivity and may create serious problems. • So, there is a need to plan for upgrades and schedule them, when the impact on the team and the project can be minimized. • Project managers can get a handle on software support by following below steps. अनुभवी प्रोजेक्ट मैनेजर को पता है कि परियोजना के दौरान सॉफ्टवेयर अपग्रेड , वे टीम प्रोडक्टिविटी का खर्च उठाते हैं और गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसलिए, वे उचित देखभाल करते हैं कि कब समुचित उपयोग करना है कब अपग्रेड के लिए जाना है, कब विभिन्न वर्ज़न का उपयोग वे विवेकपूर्ण तरीके से करना है। इसलिए, अपग्रेड के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है, हमें रेंडमली रूप से अपग्रेड के लिए नहीं जाना चाहिए। प्रोजेक्ट मैनेजर को उचित समय पर अपग्रेड के लिए योजना बनाना चाहिए, ठीक से और वे उन्हें शेड्यूल करते हैं और टीम और परियोजना पर प्रभाव को कम से कम किया जा सकता है। इसलिए, प्रोजेक्ट मैनेजर देखता है कि जब टीम और प्रोजेक्ट पर इस का प्रभाव अपग्रेड किया गया था, तो इसे कम से कम किया जा सकता है, फिर वह अपग्रेड और शेड्यूलिंग की योजना के लिए जा सकता है। प्रोजेक्ट मैनेजर नीचे दिए गए चरणों का पालन करके सॉफ़्टवेयर समर्थन पर एक हैंडल प्राप्त कर सकते हैं, आइए देखें कि चरण क्या हैं।
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मुस्लिम नेता ने कहा कि हमारा मानना है कि बाबरी मस्जिद वहां थी और वह हमेशा मस्जिद के रूप में वहां रहेगी। मंदिर को गिराकर वहां मस्जिद नहीं बनाई गई थी लेकिन अब ऐसा हो सकता है।
हर तरफ श्री राम के नारे लगाए जा रहे हैं। दुकानों, घरों और चौराहों पर श्री राम के झंडे लगाए गए हैं। पूरी अयोध्या (Ayodhya) रामधुन में लीन है।
पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां शहर के हर होटल, धर्मशाला और सार्वजनिक स्थानों पर गोपनीय तरीके से जांच कर रही हैं। 3 अगस्त से किसी भी बाहरी श्रद्धालु, व्यक्ति, समूह या फिर आमजन को अयोध्या में एंट्री की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
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मुस्लिम नेता ने कहा कि हमारा मानना है कि बाबरी मस्जिद वहां थी और वह हमेशा मस्जिद के रूप में वहां रहेगी। मंदिर को गिराकर वहां मस्जिद नहीं बनाई गई थी लेकिन अब ऐसा हो सकता है। हर तरफ श्री राम के नारे लगाए जा रहे हैं। दुकानों, घरों और चौराहों पर श्री राम के झंडे लगाए गए हैं। पूरी अयोध्या रामधुन में लीन है। पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां शहर के हर होटल, धर्मशाला और सार्वजनिक स्थानों पर गोपनीय तरीके से जांच कर रही हैं। तीन अगस्त से किसी भी बाहरी श्रद्धालु, व्यक्ति, समूह या फिर आमजन को अयोध्या में एंट्री की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
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औरंगाबाद : छत्रपति शाहू महाराज शिक्षण संस्थान (Chhatrapati Shahu Maharaj Educational Institute), औरंगाबाद द्वारा संचालित छत्रपति शाहू इंजीनियरिंग कॉलेज (Chhatrapati Shahu Engineering College) के छात्रों ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन- 2022 (Smart India Hackathon- 2022) राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और देश में पहला स्थान हासिल किया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के कम्प्यूटर साईन्स एंड इंजीनियरिंग विभाग के तृतिय वर्ष की छात्रों ने जिनिअस नूबस इस टीम के अंतर्गत ओडिशा के जीआईईटी, विश्वविद्यालय गुणुपुर में हिस्सा लिया। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन भारत सरकार, मंत्रालय, विभिन्न विभागों, उद्योगों और अन्य संगठनों की समस्याओं को हल करने के लिए छात्रों को एक मंच प्रदान करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल की एक राष्ट्रव्यापी पहल है। इस प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न कॉलेजों की 2033 टीमों ने भाग लिया। "जिनिअस नूबस " टीम ने "साइबर सुरक्षा" विषय के तहत सॉफ्टवेयर "नेटवर्क ट्रैफिक एनालाइजर" विकसित किया। छात्रों ने दिन-रात काम किया और लगातार 36 घंटे तक कोड किया और तीन राउंड में हुई इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। सॉफ्टवेयर बनाने वाली टीम में शिवराज पाटिल (टीम लीडर), आशीष सोलंकी, सुमेध पवार, समृद्धि कुलकर्णी, विशाल मुरहाड़े, विजय कागड़े इन 6 छात्रों के अलावा प्रो. वैशाली गायकवाड, प्रा. मिनाक्षी पाचपाटिल यह दो फैकल्टी मैटार ने परिश्रम किया।
जिनिअस नूबस इस टीम की सफलता पर छत्रपति शाहू महाराज शिक्षण संस्था के सचिव पदमाकर मुले, अध्यक्ष रणजीत मुले, प्रशासकीय अधिकारी डॉ. श्रीकांत देशमुख, छत्रपति शाहू महाराज इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उल्हास शिंदे, कम्प्यूटर साईन्स एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. संदिप अभंग ने बधाई दी और सराहना की।
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औरंगाबाद : छत्रपति शाहू महाराज शिक्षण संस्थान , औरंगाबाद द्वारा संचालित छत्रपति शाहू इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन- दो हज़ार बाईस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और देश में पहला स्थान हासिल किया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के कम्प्यूटर साईन्स एंड इंजीनियरिंग विभाग के तृतिय वर्ष की छात्रों ने जिनिअस नूबस इस टीम के अंतर्गत ओडिशा के जीआईईटी, विश्वविद्यालय गुणुपुर में हिस्सा लिया। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन भारत सरकार, मंत्रालय, विभिन्न विभागों, उद्योगों और अन्य संगठनों की समस्याओं को हल करने के लिए छात्रों को एक मंच प्रदान करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल की एक राष्ट्रव्यापी पहल है। इस प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न कॉलेजों की दो हज़ार तैंतीस टीमों ने भाग लिया। "जिनिअस नूबस " टीम ने "साइबर सुरक्षा" विषय के तहत सॉफ्टवेयर "नेटवर्क ट्रैफिक एनालाइजर" विकसित किया। छात्रों ने दिन-रात काम किया और लगातार छत्तीस घंटाटे तक कोड किया और तीन राउंड में हुई इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। सॉफ्टवेयर बनाने वाली टीम में शिवराज पाटिल , आशीष सोलंकी, सुमेध पवार, समृद्धि कुलकर्णी, विशाल मुरहाड़े, विजय कागड़े इन छः छात्रों के अलावा प्रो. वैशाली गायकवाड, प्रा. मिनाक्षी पाचपाटिल यह दो फैकल्टी मैटार ने परिश्रम किया। जिनिअस नूबस इस टीम की सफलता पर छत्रपति शाहू महाराज शिक्षण संस्था के सचिव पदमाकर मुले, अध्यक्ष रणजीत मुले, प्रशासकीय अधिकारी डॉ. श्रीकांत देशमुख, छत्रपति शाहू महाराज इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उल्हास शिंदे, कम्प्यूटर साईन्स एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. संदिप अभंग ने बधाई दी और सराहना की।
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Google Map News: गूगल मैप कई बार रास्ता सही बताता है तो कई बार लोगों को गलत रास्ता बता कर मुश्किम में डाल देता है. हाल ही में एक ड्राइवर को गूगल मैप ने सीधे चलते रहने को कहा लेकिन उसके साथ ऐसा कि लोग हैरान हैं.
Google Map News: Google Map के बारे में लोगों की राय काफी अलग है. कुछ लोग कहते हैं कि गूगल मैप सही रास्ता बतााता है तो कुछ लोग कहते हैं कि गूगल रास्ता भटका देता है. फिर भी आज कल ज्यादातर लोग नए रास्ते पर चलने से पहले गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं. सोचिए क्या हो अगर आप गूगल से रास्ता पूछें और वह ऐसा रास्ता बता दे जो आपकी मंजिल तक जाता ही न हो?
हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें यूजर के साथ ऐसा हुआ कि उसका गूगल मैप से भरोसा ही उठ गया. दरअसल चार लोगों का एक परिवार गूगल मैप की मदद से रास्ता तलाशते हुए कहीं जा रहा था. तभी कुछ ऐसा हुआ जिसे परिवार ने सोचा ही नहीं था. परिवार कार पर बैठ कर केरल में कुम्बनाड जा रहा था कि अचानक कार नहर में जा गिरी.
कार में एक तीन महीने की बच्ची भी सवार थी. वक्त रहते सभी लोग कार से बाहर आ गए. नहर के पास मौजूद लोगों ने कार से लोगों को बाहर निकलने में मदद की. इसके बाद लोगों की जान बची.
यह भी पढ़ेंः Watch: मेस का खाना दिखा कर फूट-फूटकर रोया पुलिस वाला, कहा- 'ये रोटियां कुत्तों को डाल दो...'
एक खबर के मुताबिक ड्राइवर Googl Map का बताया हुआ रास्ता फॉलो कर रहा था. गूगल ने नहर सामने आने के बावजूद ड्राइवर से सीधे चलते रहने को कहा. ड्राइवर ने गूगल मैप को फॉलो किया और कार नहर में गिर गई. ड्राइवर को लगा था कि आगे रास्ता साफ होगा लेकिन उनके साथ धोका हो गया.
इससे पहले अमेरिका में एक ड्राइवर को Google Map ने नदी में जमी बर्फ पर चलते रहने को कहा था. गूगल मैप के जरिए गलत रास्ता बताए जाने की कई वारदातें आती रही हैं. गूगल मैप ने कई बार लोगों को मंजिल पर पहुंचाने के बजाए मुश्किल में डाल दिया.
इसी तरह की और खबरों को पढ़ने के लिए Zeesalaam.in पर विजिट करें.
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Google Map News: गूगल मैप कई बार रास्ता सही बताता है तो कई बार लोगों को गलत रास्ता बता कर मुश्किम में डाल देता है. हाल ही में एक ड्राइवर को गूगल मैप ने सीधे चलते रहने को कहा लेकिन उसके साथ ऐसा कि लोग हैरान हैं. Google Map News: Google Map के बारे में लोगों की राय काफी अलग है. कुछ लोग कहते हैं कि गूगल मैप सही रास्ता बतााता है तो कुछ लोग कहते हैं कि गूगल रास्ता भटका देता है. फिर भी आज कल ज्यादातर लोग नए रास्ते पर चलने से पहले गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं. सोचिए क्या हो अगर आप गूगल से रास्ता पूछें और वह ऐसा रास्ता बता दे जो आपकी मंजिल तक जाता ही न हो? हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें यूजर के साथ ऐसा हुआ कि उसका गूगल मैप से भरोसा ही उठ गया. दरअसल चार लोगों का एक परिवार गूगल मैप की मदद से रास्ता तलाशते हुए कहीं जा रहा था. तभी कुछ ऐसा हुआ जिसे परिवार ने सोचा ही नहीं था. परिवार कार पर बैठ कर केरल में कुम्बनाड जा रहा था कि अचानक कार नहर में जा गिरी. कार में एक तीन महीने की बच्ची भी सवार थी. वक्त रहते सभी लोग कार से बाहर आ गए. नहर के पास मौजूद लोगों ने कार से लोगों को बाहर निकलने में मदद की. इसके बाद लोगों की जान बची. यह भी पढ़ेंः Watch: मेस का खाना दिखा कर फूट-फूटकर रोया पुलिस वाला, कहा- 'ये रोटियां कुत्तों को डाल दो...' एक खबर के मुताबिक ड्राइवर Googl Map का बताया हुआ रास्ता फॉलो कर रहा था. गूगल ने नहर सामने आने के बावजूद ड्राइवर से सीधे चलते रहने को कहा. ड्राइवर ने गूगल मैप को फॉलो किया और कार नहर में गिर गई. ड्राइवर को लगा था कि आगे रास्ता साफ होगा लेकिन उनके साथ धोका हो गया. इससे पहले अमेरिका में एक ड्राइवर को Google Map ने नदी में जमी बर्फ पर चलते रहने को कहा था. गूगल मैप के जरिए गलत रास्ता बताए जाने की कई वारदातें आती रही हैं. गूगल मैप ने कई बार लोगों को मंजिल पर पहुंचाने के बजाए मुश्किल में डाल दिया. इसी तरह की और खबरों को पढ़ने के लिए Zeesalaam.in पर विजिट करें.
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नई दिल्ली, टेक डेस्क। Mivi Octave 3 Review : Mivi ने कुछ वक्त पहले ब्लूटूथ स्पीकर Mivi Octave 3 लॉन्च किया था। इसकी कीमत 1,999 रुपये है। इसे Mivi वेबसाइट, अमेजन और फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा। Mivi Octave 3 में क्या खास है? क्या इसे खरीदना एक अच्छा फैसला होगा। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से. .
Mivi Octave 3 स्पीकर को सिलेंड्रिकल डिजाइन में पेश किया गया है। इसमें मेटल फ्रेम का इस्तेमाल किया गया है। जबकि स्पीकर के टॉप और बॉटम में प्लास्टिक का यूज किया गया है। स्पीकर के किनारों पर रबर पैड का यूज किया गया है। ऐसे में जब आप म्यूजिक प्ले करते हैं, तो स्पीकर अपनी जगह पर स्टेबल रहता है। स्पीकर पर ही कई सारे कंट्रोल्स दिए गए हैं। इसमें पावर बटन के साथ, प्ले-पॉज, वॉल्यूम बटन और AUX केबल के साथ USB Type C पोर्ट चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। स्पीकर को हैंग करने के लिए एक स्ट्रैप दिया गया है। इसकी मदद से स्पीकर को आसानी से यहां से वहां कैरी कर सकते हैं। इसके फ्रंट में LED बटन दिया गया है। जब स्पीकर टर्न ऑन करते हैं या फिर पेयरिंग करते हैं, तो स्पीकर की LED लाइट ब्लू हो जाती है। वहीं जब बैटरी लो जाती है, तो स्पीकर की बैटरी लो जाती है। वही अगर स्पीकर की बैटरी खत्म हो जाती है, तो AUX केबल की मदद से स्पीकर म्यूजिक सुना जा सकेगा।
Mivi Octave 3 ब्लूटूथ स्पीकर में 16W का साउंड आउटपुट दिया गया है। यह ब्लूटूथ 5. 0 का उपयोग करके वायरलेस तरीके से उपकरणों से जुड़ता है। ध्वनि की गुणवत्ता के लिए, हमारी समीक्षा के दौरान, Mivi का ऑक्टेव 3 प्रभावशाली लग रहा है। इसकी साउंड काफी लाउड है। लेकिन फुल वॉल्यूम करने पर स्पीकर में हल्की वॉइस फटने की दिक्कत महसूस हुई। लेकिन वॉल्यूम फुल नहीं करने पर शानदार म्यूजिक का लुत्फ उठाया जा सकता है। इसकी 360-डिग्री साउंड के साथ एक बड़े कमरे या हाल में म्यूजिक का लुत्फ उठाया जा सकता है। स्पीकर में एक शानदार बेस सपोर्ट दिया गया है। ऐसे में जब आप स्पीकर को वॉइस को तेज करते हैं, तो पैसिव रेडिएटर वाइब्रेट करने लगता है।
साउंड क्वॉलिटी के मामले में Mivi Octave 3 स्पीकर काफी अच्छे से परफॉर्म करता है। Mivi ने एक TWS फीचर भी दिया है, जिससे आप एक दूसरे ऑक्टेव 3 स्पीकर को अपने मौजूदा स्पीकर के साथ जोड़ सकते हैं। स्पीकर कमाले के सराउंड साउंड के साथ आता है। Mivi Octave 3 स्पीकर में लंबी बैटरी लाइफ मिलती है। इसे सिंगल बार चार्ज करने पर आसानी से 8 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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नई दिल्ली, टेक डेस्क। Mivi Octave तीन Review : Mivi ने कुछ वक्त पहले ब्लूटूथ स्पीकर Mivi Octave तीन लॉन्च किया था। इसकी कीमत एक,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये है। इसे Mivi वेबसाइट, अमेजन और फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा। Mivi Octave तीन में क्या खास है? क्या इसे खरीदना एक अच्छा फैसला होगा। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से. . Mivi Octave तीन स्पीकर को सिलेंड्रिकल डिजाइन में पेश किया गया है। इसमें मेटल फ्रेम का इस्तेमाल किया गया है। जबकि स्पीकर के टॉप और बॉटम में प्लास्टिक का यूज किया गया है। स्पीकर के किनारों पर रबर पैड का यूज किया गया है। ऐसे में जब आप म्यूजिक प्ले करते हैं, तो स्पीकर अपनी जगह पर स्टेबल रहता है। स्पीकर पर ही कई सारे कंट्रोल्स दिए गए हैं। इसमें पावर बटन के साथ, प्ले-पॉज, वॉल्यूम बटन और AUX केबल के साथ USB Type C पोर्ट चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। स्पीकर को हैंग करने के लिए एक स्ट्रैप दिया गया है। इसकी मदद से स्पीकर को आसानी से यहां से वहां कैरी कर सकते हैं। इसके फ्रंट में LED बटन दिया गया है। जब स्पीकर टर्न ऑन करते हैं या फिर पेयरिंग करते हैं, तो स्पीकर की LED लाइट ब्लू हो जाती है। वहीं जब बैटरी लो जाती है, तो स्पीकर की बैटरी लो जाती है। वही अगर स्पीकर की बैटरी खत्म हो जाती है, तो AUX केबल की मदद से स्पीकर म्यूजिक सुना जा सकेगा। Mivi Octave तीन ब्लूटूथ स्पीकर में सोलह वाट का साउंड आउटपुट दिया गया है। यह ब्लूटूथ पाँच. शून्य का उपयोग करके वायरलेस तरीके से उपकरणों से जुड़ता है। ध्वनि की गुणवत्ता के लिए, हमारी समीक्षा के दौरान, Mivi का ऑक्टेव तीन प्रभावशाली लग रहा है। इसकी साउंड काफी लाउड है। लेकिन फुल वॉल्यूम करने पर स्पीकर में हल्की वॉइस फटने की दिक्कत महसूस हुई। लेकिन वॉल्यूम फुल नहीं करने पर शानदार म्यूजिक का लुत्फ उठाया जा सकता है। इसकी तीन सौ साठ-डिग्री साउंड के साथ एक बड़े कमरे या हाल में म्यूजिक का लुत्फ उठाया जा सकता है। स्पीकर में एक शानदार बेस सपोर्ट दिया गया है। ऐसे में जब आप स्पीकर को वॉइस को तेज करते हैं, तो पैसिव रेडिएटर वाइब्रेट करने लगता है। साउंड क्वॉलिटी के मामले में Mivi Octave तीन स्पीकर काफी अच्छे से परफॉर्म करता है। Mivi ने एक TWS फीचर भी दिया है, जिससे आप एक दूसरे ऑक्टेव तीन स्पीकर को अपने मौजूदा स्पीकर के साथ जोड़ सकते हैं। स्पीकर कमाले के सराउंड साउंड के साथ आता है। Mivi Octave तीन स्पीकर में लंबी बैटरी लाइफ मिलती है। इसे सिंगल बार चार्ज करने पर आसानी से आठ घंटाटे तक इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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DEHRADUN : चारधाम यात्रा की शुरुआत आज अक्षय तृतीया के पावन पर्व से होगी। मां श्रद्धालुओं के लिए गंगा व यमुना के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। मंडे को गंगा की डोली शीतकालीन प्रवास मुखबा से गंगोत्री के लिए रवाना हो गई, जबकि मां यमुनोत्री की डोली ख्क् अप्रैल की सुबह खरसाली गांव से रवाना होगी। रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की उत्सव डोली ने केदारनाथ के लिए प्रस्थान कर लिया।
मंडे को मुखबा स्थित गंगा मंदिर में विशेष पूजा अर्चना व श्रृंगार के बाद डोली में भोगमूर्ति को स्थापित किया गया। गंगा स्नान व भोग लगाने के उपरांत दोपहर क्. फ्0 बजे डोली मुखबा से विदा हुई। विधि-विधान व मंत्रोच्चारण के साथ तीर्थपुरोहितों ने गंगोत्री धाम का रुख किया। इस दौरान यात्रा मार्गो पर कई स्थानों पर डोली का भव्य स्वागत किया गया। देर शाम डोली रात्रि विश्राम के लिए भैरोघाटी पहुंची। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष भागेश्वर सेमवाल के अनुसार मां गंगा मंदिर के कपाट दोपहर बाद क्ख्. फ्0 बजे खुलेंगे। मुखबा से डोली की विदाई के दौरान चीफ सेक्रेट्री एन रविशंकर, डीएम इंदूधर बौड़ाई व एसपी जगतराम जोशी माैजूद थे।
यमुनोत्री टेंपल कमेटी के सेक्रेट्री पुरुषोत्तम उनियाल के अनुसार ट्यूजडे सुबह 8 बजे यमुना की डोली आराध्य शनिदेव की अगुवाई में खरसाली गांव से यमुनोत्री के लिए रवाना होगी। इसके उपरांत धाम के कपाट पूर्वाह्न क्क्. फ्0 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जबकि मंडे को भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली भी ओंकारेश्वर मंदिर से केदारधाम के लिए रवाना हुई। सुबह तड़के पांच बजे मंत्रोच्चार के बीच डोली को गर्भगृह से निकाल सभा मंडप में लाया गया। इसके बाद दस बजे जयकारों के साथ डोली अपने पहले पड़ाव स्थल गुप्तकाशी के लिए रवाना हो गई। इस मौके पर केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग व मंदिर समिति के पदाधिकारी के अलावा बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।
चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ यात्रा के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मंडे को ऋषिकेश से ख्90 भक्तों का जत्था चारधाम यात्रा पर रवाना हुआ। गंगोत्री-यमुनोत्री कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम के कपाट ख्ब् अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खुलेंगे, जबकि बदरीनाथ धाम के ख्म् अप्रैल को खोले जाएंगे।
इस बार चारधाम के कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर देश-दुनिया के पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क भंडारे मिल सकेगा। यह पहला मौका है, जब चारधाम यात्रा की पूर्व संध्या पर ऐसा आयोजन सरकार की तरफ से किया जा रहा है। जानकारी देते हुए पर्यटन सचिव डा। उमाकांत पंवार ने बताया कि चारधामों के कपाट खुलने के मौके के पूर्व संध्या पर सरकार निशुल्क भंडारे का आयोजन कर रही है। ख्0 व ख्क् को गंगोत्री व यमुनोत्री, ख्फ् व ख्ब् को केदारनाथ धाम में और ख्भ् व ख्म् को बद्रीनाथ धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालु भंडारे में शामिल हो सकेंगे। भंडारे के लिए जीएमवीएन को आयोजन संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केदारनाथ के बाद सीएम हरीश रावत मंडे को बद्रीनाथ पहुंचे। जहां उन्होंने यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। चारधाम यात्रा की सफलता व उत्तराखंड की खुशहाली की कामना करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिए। कहा कि बद्रीनाथ में बर्फ हटाकर यात्रा मार्ग खोल दिया गया है। टनल बनाकर दो वर्ष में लामबगड़ लैंड स्लाइड क्षेत्र का परमानेंट उपचार कर दिया जाएगा। बामणीगांव के लिए सिक्योरिटी वाल के लिए प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्गो पर एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद करा दी गई है।
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DEHRADUN : चारधाम यात्रा की शुरुआत आज अक्षय तृतीया के पावन पर्व से होगी। मां श्रद्धालुओं के लिए गंगा व यमुना के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। मंडे को गंगा की डोली शीतकालीन प्रवास मुखबा से गंगोत्री के लिए रवाना हो गई, जबकि मां यमुनोत्री की डोली ख्क् अप्रैल की सुबह खरसाली गांव से रवाना होगी। रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की उत्सव डोली ने केदारनाथ के लिए प्रस्थान कर लिया। मंडे को मुखबा स्थित गंगा मंदिर में विशेष पूजा अर्चना व श्रृंगार के बाद डोली में भोगमूर्ति को स्थापित किया गया। गंगा स्नान व भोग लगाने के उपरांत दोपहर क्. फ्शून्य बजे डोली मुखबा से विदा हुई। विधि-विधान व मंत्रोच्चारण के साथ तीर्थपुरोहितों ने गंगोत्री धाम का रुख किया। इस दौरान यात्रा मार्गो पर कई स्थानों पर डोली का भव्य स्वागत किया गया। देर शाम डोली रात्रि विश्राम के लिए भैरोघाटी पहुंची। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष भागेश्वर सेमवाल के अनुसार मां गंगा मंदिर के कपाट दोपहर बाद क्ख्. फ्शून्य बजे खुलेंगे। मुखबा से डोली की विदाई के दौरान चीफ सेक्रेट्री एन रविशंकर, डीएम इंदूधर बौड़ाई व एसपी जगतराम जोशी माैजूद थे। यमुनोत्री टेंपल कमेटी के सेक्रेट्री पुरुषोत्तम उनियाल के अनुसार ट्यूजडे सुबह आठ बजे यमुना की डोली आराध्य शनिदेव की अगुवाई में खरसाली गांव से यमुनोत्री के लिए रवाना होगी। इसके उपरांत धाम के कपाट पूर्वाह्न क्क्. फ्शून्य बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जबकि मंडे को भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली भी ओंकारेश्वर मंदिर से केदारधाम के लिए रवाना हुई। सुबह तड़के पांच बजे मंत्रोच्चार के बीच डोली को गर्भगृह से निकाल सभा मंडप में लाया गया। इसके बाद दस बजे जयकारों के साथ डोली अपने पहले पड़ाव स्थल गुप्तकाशी के लिए रवाना हो गई। इस मौके पर केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग व मंदिर समिति के पदाधिकारी के अलावा बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ यात्रा के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मंडे को ऋषिकेश से ख्नब्बे भक्तों का जत्था चारधाम यात्रा पर रवाना हुआ। गंगोत्री-यमुनोत्री कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम के कपाट ख्ब् अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खुलेंगे, जबकि बदरीनाथ धाम के ख्म् अप्रैल को खोले जाएंगे। इस बार चारधाम के कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर देश-दुनिया के पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क भंडारे मिल सकेगा। यह पहला मौका है, जब चारधाम यात्रा की पूर्व संध्या पर ऐसा आयोजन सरकार की तरफ से किया जा रहा है। जानकारी देते हुए पर्यटन सचिव डा। उमाकांत पंवार ने बताया कि चारधामों के कपाट खुलने के मौके के पूर्व संध्या पर सरकार निशुल्क भंडारे का आयोजन कर रही है। ख्शून्य व ख्क् को गंगोत्री व यमुनोत्री, ख्फ् व ख्ब् को केदारनाथ धाम में और ख्भ् व ख्म् को बद्रीनाथ धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालु भंडारे में शामिल हो सकेंगे। भंडारे के लिए जीएमवीएन को आयोजन संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। केदारनाथ के बाद सीएम हरीश रावत मंडे को बद्रीनाथ पहुंचे। जहां उन्होंने यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। चारधाम यात्रा की सफलता व उत्तराखंड की खुशहाली की कामना करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिए। कहा कि बद्रीनाथ में बर्फ हटाकर यात्रा मार्ग खोल दिया गया है। टनल बनाकर दो वर्ष में लामबगड़ लैंड स्लाइड क्षेत्र का परमानेंट उपचार कर दिया जाएगा। बामणीगांव के लिए सिक्योरिटी वाल के लिए प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्गो पर एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद करा दी गई है।
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Ranchi : तीन मई को साहेबगंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की संदेहास्पद स्थिति में मौत पर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच झारखंड जनाधिकार महासभा ने मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
संघ ने कहा है कि शुरुआती दौर में मौत को आत्महत्या कहा गया, लेकिन शव जिन परिस्थितियों में पाया गया, उससे कई सवाल उठते हैं जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं.
साथ ही, परिवार के सदस्यों की बातों से यह भी स्पष्ट है कि रूपा तिर्की स्थानीय स्तर पर व्यवस्थागत गैर-आदिवासी शोषण का शिकार भी थी. परिवार के अनुसार शोषण में उनके साथ काम करने वाली दो पुलिस कर्मी व झामुमो के स्थानीय नेता आरोपित हैं. संघ ने इस मामले पर राज्य सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है.
संघ ने कहा कि सरकार तुरंत उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में रूपा तिर्की की मौत की न्यायिक जांच गठन करे. जांच दल में महिला संगठनों, मानवाधिकार संगठनों आदि के प्रतिनिधि भी शामिल हों. साथ ही, आरोपियों को तत्काल सभी पदों से हटाया जाये.
दिसंबर 2020 में बोकारों के आदिवासी बंशी हंसदा को स्थानीय गैर-आदिवासी पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटा गया लेकिन आज तक न आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज हुई और न ही बंशी को मुआवज़ा मिला.
कुछ दिनों पहले हजारीबाग के चौपारण में दलित छक्कन भुइयां की पुलिस की पिटाई से मौत हो गयी लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई. और अब रूपा तिर्की की हत्या हो गयी.
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Ranchi : तीन मई को साहेबगंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की संदेहास्पद स्थिति में मौत पर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच झारखंड जनाधिकार महासभा ने मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. संघ ने कहा है कि शुरुआती दौर में मौत को आत्महत्या कहा गया, लेकिन शव जिन परिस्थितियों में पाया गया, उससे कई सवाल उठते हैं जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं. साथ ही, परिवार के सदस्यों की बातों से यह भी स्पष्ट है कि रूपा तिर्की स्थानीय स्तर पर व्यवस्थागत गैर-आदिवासी शोषण का शिकार भी थी. परिवार के अनुसार शोषण में उनके साथ काम करने वाली दो पुलिस कर्मी व झामुमो के स्थानीय नेता आरोपित हैं. संघ ने इस मामले पर राज्य सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है. संघ ने कहा कि सरकार तुरंत उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में रूपा तिर्की की मौत की न्यायिक जांच गठन करे. जांच दल में महिला संगठनों, मानवाधिकार संगठनों आदि के प्रतिनिधि भी शामिल हों. साथ ही, आरोपियों को तत्काल सभी पदों से हटाया जाये. दिसंबर दो हज़ार बीस में बोकारों के आदिवासी बंशी हंसदा को स्थानीय गैर-आदिवासी पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटा गया लेकिन आज तक न आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज हुई और न ही बंशी को मुआवज़ा मिला. कुछ दिनों पहले हजारीबाग के चौपारण में दलित छक्कन भुइयां की पुलिस की पिटाई से मौत हो गयी लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई. और अब रूपा तिर्की की हत्या हो गयी.
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कठुआ। जिला उपायुक्त कठुआ राहुल पांडेय ने सोमवार को शिक्षा क्षेत्र में जारी कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जहां स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए मशीनें लगाने के निर्देश दिए। वहीं बिना चहारदीवारी वाले स्कूलों में सुरक्षा के लिए कंटीली तार लगाने के लिए भी कहा है। उन्होंने जोनल शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जारी विकास कार्यों की समीक्षा नियमित करें ताकि बेहतर शिक्षण संसाधन तैयार हो सकें।
जिला सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान डीसी ने स्कूलों के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान बिना विद्युत कनेक्शन वाले विद्यालयों, चहारदीवारी, शौचालय सुविधा, पेयजल सुविधा आदि के संबंध में जांच के संबंध में भी जानकारी ली गई। डीसी ने पीडब्ल्यूडी (आर एंड बी), पीडीडी, आरईडब्ल्यू, समग्र द्वारा कैपेक्स के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित निष्पादन एजेंसियों को निश्चित समय सीमा में काम पूरा करने का निर्देश दिया।
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कठुआ। जिला उपायुक्त कठुआ राहुल पांडेय ने सोमवार को शिक्षा क्षेत्र में जारी कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जहां स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए मशीनें लगाने के निर्देश दिए। वहीं बिना चहारदीवारी वाले स्कूलों में सुरक्षा के लिए कंटीली तार लगाने के लिए भी कहा है। उन्होंने जोनल शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जारी विकास कार्यों की समीक्षा नियमित करें ताकि बेहतर शिक्षण संसाधन तैयार हो सकें। जिला सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान डीसी ने स्कूलों के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान बिना विद्युत कनेक्शन वाले विद्यालयों, चहारदीवारी, शौचालय सुविधा, पेयजल सुविधा आदि के संबंध में जांच के संबंध में भी जानकारी ली गई। डीसी ने पीडब्ल्यूडी , पीडीडी, आरईडब्ल्यू, समग्र द्वारा कैपेक्स के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित निष्पादन एजेंसियों को निश्चित समय सीमा में काम पूरा करने का निर्देश दिया।
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नई दिल्ली। वैसे तो एसिडिटी Acidity In Summer:की समस्या आम हो गई है। लेकिन गर्मी में ये कुछ ज्यादा ही परेशानी का सबब बन जाती है। इस दौरान लूज मोशन और उल्टी की समस्या आने लगती है। गर्मी की दस्तक हो चुकी है ऐसे में यदि आप भी कब्ज यानि एसिडिटी से परेशान हैं तो आपको बता दें ऐसे में एसिडिटी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खों (Home Remedies) को अपनाया जा सकता है। गर्मियों में कुछ चीजों का सेवन कर एसिडिटी की समस्या को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो खास चीजें।
आपको बता दें एसिडिटी से पीड़ितों के लिए नारियल पानी अच्छा उपाय माना जाता है। गर्मियों में नारियल पानी के सेवन से एसिडिटी की समस्या में राहत मिलती है। ये एक ऐसी नैचुरल ड्रिंक है जो बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने में बेहद कारगार साबित होती है। इसमें मौजूद फाइबर पेट की समस्याओं को दूर करता है।
छाछ एक ऐसी ड्रिंक है जो शरीर को तरोताजा रखने में काफी मददगार होती है। छाछ गर्मी में पेट को ठंडा रखती है। इसमें उपस्थित नेचुरल बैक्टीरिया पेट में ज्यादा मात्रा में बनने वाले एसिड को रोकता है। इसके सेवन से पाचन भी ठीक होता है।
आयुर्वेद में केले को एसिडिटी के लिए बेहद कारगार माना गया है। विशेषज्ञों भी इस दौरान केला का उपयोग सबसे अच्छा होता है। कहते है। एसिडिटी की प्रकृति ड्राय होती है जबकि केला इसका तोड़ है। इसमें मौजूद पोटेशियम पेट में अधिक मात्रा में एसिड बनने से रोकता है। जिससे शरीर का पीएच लेवल कम होता है। ये फाइबर से भरपूर होने के कारण फायदेमंद साबित होता है।
आपको बता दें खरबूजे में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट और फाइबर, एसिड रिफ्लक्स मौजूद होते है। जो पेट संबंधी बीमारियों से बचाता है। ये पेट को ठंडा करता है। आपको बता दें इसमें पानी की मौजूदगी प्रचुर मात्रा में होती है जो आपकी बॉडी को डिहाईड्रेट होने से रोकता है।
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नई दिल्ली। वैसे तो एसिडिटी Acidity In Summer:की समस्या आम हो गई है। लेकिन गर्मी में ये कुछ ज्यादा ही परेशानी का सबब बन जाती है। इस दौरान लूज मोशन और उल्टी की समस्या आने लगती है। गर्मी की दस्तक हो चुकी है ऐसे में यदि आप भी कब्ज यानि एसिडिटी से परेशान हैं तो आपको बता दें ऐसे में एसिडिटी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खों को अपनाया जा सकता है। गर्मियों में कुछ चीजों का सेवन कर एसिडिटी की समस्या को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो खास चीजें। आपको बता दें एसिडिटी से पीड़ितों के लिए नारियल पानी अच्छा उपाय माना जाता है। गर्मियों में नारियल पानी के सेवन से एसिडिटी की समस्या में राहत मिलती है। ये एक ऐसी नैचुरल ड्रिंक है जो बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने में बेहद कारगार साबित होती है। इसमें मौजूद फाइबर पेट की समस्याओं को दूर करता है। छाछ एक ऐसी ड्रिंक है जो शरीर को तरोताजा रखने में काफी मददगार होती है। छाछ गर्मी में पेट को ठंडा रखती है। इसमें उपस्थित नेचुरल बैक्टीरिया पेट में ज्यादा मात्रा में बनने वाले एसिड को रोकता है। इसके सेवन से पाचन भी ठीक होता है। आयुर्वेद में केले को एसिडिटी के लिए बेहद कारगार माना गया है। विशेषज्ञों भी इस दौरान केला का उपयोग सबसे अच्छा होता है। कहते है। एसिडिटी की प्रकृति ड्राय होती है जबकि केला इसका तोड़ है। इसमें मौजूद पोटेशियम पेट में अधिक मात्रा में एसिड बनने से रोकता है। जिससे शरीर का पीएच लेवल कम होता है। ये फाइबर से भरपूर होने के कारण फायदेमंद साबित होता है। आपको बता दें खरबूजे में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट और फाइबर, एसिड रिफ्लक्स मौजूद होते है। जो पेट संबंधी बीमारियों से बचाता है। ये पेट को ठंडा करता है। आपको बता दें इसमें पानी की मौजूदगी प्रचुर मात्रा में होती है जो आपकी बॉडी को डिहाईड्रेट होने से रोकता है।
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हिन्दुस्तान में हिन्दुत्व के नाम पर नफरत के जो बीज बोए जा रहे हैं, उसकी जड़ें तलाशना अब बहुत ज़रूरी हो गया है। पोस्टरों, भाषणों, आयोजनों के जरिए जिस तरह से लोगों के भीतर एक-दूसरे के प्रति घृणा पैदा की जा रही है, ये आने वाले वक्त में कितना ख़तरनाक साबित हो सकता है इसकी आहट भी शायद ही किसी को हो। हालांकि ज़रूरत है इन विषयों को गंभीरता से विचारने की, इन पर शांति से चर्चा करने की और इनका हल ढूंढ निकालने की। एक तबका जहां इन नफरती आयोजनों को और ज्यादा विस्तार देने में सराबोर है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बरेली में इसके खिलाफ लड़ाई की एक पहल भी की जा चुकी है।
बरेली में शुक्रवार 7 जनवरी यानी जुमे के दिन आईएमसी के बुलावे पर इस्लामिया मैदान में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, कहने को तो ये हुजूम भी धर्म संसद में इकट्ठा हुआ था, लेकिन और धर्म संसदों की तरह यहां से नफरती भाषण नहीं परोसे गए, बल्कि लोगों से नफरत के खिलाफ एकजुट होने की अपील की गई। दरअसल मुस्लिमों की इस धर्म संसद को हरिद्वार समेत बाकी राज्यों और शहरों में हो रही हिन्दुत्व के नाम पर धर्म संसदों में बोई जा रही नफरत के खिलाफ आयोजित किया गया था, इसमें आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा ने हिन्दुओं से अधर्म के खिलाफ जंग में मुसलमानों का साथ देने की अपील की।
मौलाना तौकीर रज़ा के भाषणों में बोले गए कुछ वक्तव्य भले ही एक समूह विशेष को नागवार गुज़रे, लेकिन इनमें जो तार्किकता थी उसे ज़हन में उतारना और समझना बेहद ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में हुई धर्म संसदों में जहां महात्मा गांधी के खिलाफ अपशब्द कहे गए, हरिद्वार में जैसे मुसलमानों के खिलाफ आग उगली गई, उससे इतर बरेली में हुई धर्म संसद समाज में एक शांतिपूर्ण सौहार्द पैदा करने के लिए अच्छी पहल है।
अगर आप ग़ौर करेंगे तो पिछले कुछ वक्त में हिन्दू युवा वाहिनी, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद समेत तमाम हिंदुत्ववादी संगठन, कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गए हैं, खुद को जबरन देशभक्त का तमगा दिए घूमने वाले इन संगठनों की सक्रियता समाज के लिए कितनी घातक साबित हो सकती है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं, कि इन लोगों ने काशी की गलियों में मुसलमान विरोधी पोस्टर लगा दिए हैं।
हरिद्वार की धर्म संसद में क्या हुआ था?
आपको याद दिलाते चलें कि अभी बीते महीने 17 से 19 दिसंबर के बीच हरिद्वार में एक धर्म संसद का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल हुए साधु-संतों के विवादित भाषण खूब वायरल हुए, इन वायरल वीडियोज़ में धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने, मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने से रोकने, मुस्लिम आबादी न बढ़ने देने समेत धर्म की रक्षा के नाम पर तमाम विवादित बयान दिए गए थे। हद तो वहां हो गई जब एक महिला संत ने कॉपी-किताबें रखकर हाथ में शस्त्र उठाने की अपील की। इस तरह के ख़तरनाक वीडियो वायरल होने के कई बाद तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई, हालांकि बाद में उत्तराखंड पुलिस ने यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी समेत अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इसके बाद भड़काऊ भाषण देने के खिलाफ संत धर्मदास और साध्वी अन्नपूर्णा के खिलाफ भी मुकदमा लिखा गया।
छत्तीसगढ़ की धर्म संसद में क्या हुआ था?
हरिद्वार के बाद छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई धर्म संसद की चर्चा शुरू हो गई जहां एक कालीचरण नाम के संत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, हालांकि यहां आयोजनकर्ताओं में से ही एक रायपुर नगर निगम के सभापति और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कालीचरण महाराज को जेल भेज दिया था।
ख़ैर... ऐसी ओछी टिप्पणियों और बयानों पर कार्रवाई तो होनी ही चाहिए, लेकिन सवाल ये हैं कि भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले राज्य यानी उत्तराखंड के हरिद्वार में हुई धर्म संसद पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यानी साफ है कि कहीं न कहीं ऐसे विवादित बयानों, देश में नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों को बढ़ावा देने वालों पर भारतीय जनता पार्टी का भी हाथ है।
बात सिर्फ धर्म संसदों तक सीमित नहीं है, पिछले कुछ वक्त में देखा गया है कि कैसे स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चों को शस्त्र उठाने की शपथ दिलवाई जा रही है, कैसे काशी की सड़कों, घाटों पर पोस्टर लगातार गैर हिन्दुओं को धमकाया जा रहा है। पिछले दिनों हमने देखा कि क्रिसमस के दिन ईसाइयों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया, कई जगहों पर संता बनने वालों की पिटाई तक कर दी गई, साथ ही आरोप लगाया गया कि ये पश्चिमी सभ्यता हमारे बच्चों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाती है। इतना ही नहीं बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने नया साल मनाने वालों को भी चेतावनी दी।
मुसलमानों के खिलाफ हिन्दुओं ने ली शपथ!
हिन्दुओं को उकसाने और नफरत भरा एक और वीडियो अब छत्तीसगढ़ के सरगुजा से वायरल हो रहा है, इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हजारों ग्रामीण मुस्लिमों का बहिष्कार करने की शपथ ले रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये घटना 5 जनवरी की है, जहां लुंड्रा थाना क्षेत्र कुंदीकला गांव के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से किसी तरह का संबंध नहीं रखने की कसम खाई है।
सरगुजा के जिलाधिकारी संजीव झा का कहना है कि इस घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने इलाके का दौरा किया, जिससे ये पता चला कि नए साल के दौरान पड़ोसी राज्य के बलरामपुर से कुछ लोग यहां नए साल का जश्न मनाने आए थे, उन्हीं के साथ झगड़े के बाद ये सारा मामला सामने है, हालांकि मामले की जांच वीडियो के आधार पर की जा रही है।
आज के दौर में ऐसे वीडियो, धर्म संसद में विवादित बयान, राष्ट्रपिता के लिए अपशब्द या किसी धर्म के प्रति नफरत भरे भाषण सुनने को मिल ही जाते हैं, लेकिन इसके पीछे आख़िर क्या कारण हो सकता है?
RSS और BJP का क्या प्लान है?
आरएसएस की विचारधारा से ही भारतीय जनता पार्टी ने जन्म लिया है, ऐसे में आरएसएस के ज़हन में आने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव भी होंगे। ये बात इसलिए भी अहम है क्योंकि अब जनता मोदी जी और योगी जी से काम का हिसाब मांगने लगी है। इस सबके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ग्राफ भी पहले से नीचे आय़ा है। इसलिए अब सत्ता में कायम रहने के लिए एक बार फिर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को ही बढ़ावा दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्तान में हिन्दुत्व के नाम पर नफरत के जो बीज बोए जा रहे हैं, उसकी जड़ें तलाशना अब बहुत ज़रूरी हो गया है। पोस्टरों, भाषणों, आयोजनों के जरिए जिस तरह से लोगों के भीतर एक-दूसरे के प्रति घृणा पैदा की जा रही है, ये आने वाले वक्त में कितना ख़तरनाक साबित हो सकता है इसकी आहट भी शायद ही किसी को हो। हालांकि ज़रूरत है इन विषयों को गंभीरता से विचारने की, इन पर शांति से चर्चा करने की और इनका हल ढूंढ निकालने की। एक तबका जहां इन नफरती आयोजनों को और ज्यादा विस्तार देने में सराबोर है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बरेली में इसके खिलाफ लड़ाई की एक पहल भी की जा चुकी है। बरेली में शुक्रवार सात जनवरी यानी जुमे के दिन आईएमसी के बुलावे पर इस्लामिया मैदान में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, कहने को तो ये हुजूम भी धर्म संसद में इकट्ठा हुआ था, लेकिन और धर्म संसदों की तरह यहां से नफरती भाषण नहीं परोसे गए, बल्कि लोगों से नफरत के खिलाफ एकजुट होने की अपील की गई। दरअसल मुस्लिमों की इस धर्म संसद को हरिद्वार समेत बाकी राज्यों और शहरों में हो रही हिन्दुत्व के नाम पर धर्म संसदों में बोई जा रही नफरत के खिलाफ आयोजित किया गया था, इसमें आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा ने हिन्दुओं से अधर्म के खिलाफ जंग में मुसलमानों का साथ देने की अपील की। मौलाना तौकीर रज़ा के भाषणों में बोले गए कुछ वक्तव्य भले ही एक समूह विशेष को नागवार गुज़रे, लेकिन इनमें जो तार्किकता थी उसे ज़हन में उतारना और समझना बेहद ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में हुई धर्म संसदों में जहां महात्मा गांधी के खिलाफ अपशब्द कहे गए, हरिद्वार में जैसे मुसलमानों के खिलाफ आग उगली गई, उससे इतर बरेली में हुई धर्म संसद समाज में एक शांतिपूर्ण सौहार्द पैदा करने के लिए अच्छी पहल है। अगर आप ग़ौर करेंगे तो पिछले कुछ वक्त में हिन्दू युवा वाहिनी, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद समेत तमाम हिंदुत्ववादी संगठन, कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गए हैं, खुद को जबरन देशभक्त का तमगा दिए घूमने वाले इन संगठनों की सक्रियता समाज के लिए कितनी घातक साबित हो सकती है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं, कि इन लोगों ने काशी की गलियों में मुसलमान विरोधी पोस्टर लगा दिए हैं। हरिद्वार की धर्म संसद में क्या हुआ था? आपको याद दिलाते चलें कि अभी बीते महीने सत्रह से उन्नीस दिसंबर के बीच हरिद्वार में एक धर्म संसद का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल हुए साधु-संतों के विवादित भाषण खूब वायरल हुए, इन वायरल वीडियोज़ में धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने, मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने से रोकने, मुस्लिम आबादी न बढ़ने देने समेत धर्म की रक्षा के नाम पर तमाम विवादित बयान दिए गए थे। हद तो वहां हो गई जब एक महिला संत ने कॉपी-किताबें रखकर हाथ में शस्त्र उठाने की अपील की। इस तरह के ख़तरनाक वीडियो वायरल होने के कई बाद तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई, हालांकि बाद में उत्तराखंड पुलिस ने यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी समेत अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इसके बाद भड़काऊ भाषण देने के खिलाफ संत धर्मदास और साध्वी अन्नपूर्णा के खिलाफ भी मुकदमा लिखा गया। छत्तीसगढ़ की धर्म संसद में क्या हुआ था? हरिद्वार के बाद छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई धर्म संसद की चर्चा शुरू हो गई जहां एक कालीचरण नाम के संत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, हालांकि यहां आयोजनकर्ताओं में से ही एक रायपुर नगर निगम के सभापति और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कालीचरण महाराज को जेल भेज दिया था। ख़ैर... ऐसी ओछी टिप्पणियों और बयानों पर कार्रवाई तो होनी ही चाहिए, लेकिन सवाल ये हैं कि भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले राज्य यानी उत्तराखंड के हरिद्वार में हुई धर्म संसद पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यानी साफ है कि कहीं न कहीं ऐसे विवादित बयानों, देश में नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों को बढ़ावा देने वालों पर भारतीय जनता पार्टी का भी हाथ है। बात सिर्फ धर्म संसदों तक सीमित नहीं है, पिछले कुछ वक्त में देखा गया है कि कैसे स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चों को शस्त्र उठाने की शपथ दिलवाई जा रही है, कैसे काशी की सड़कों, घाटों पर पोस्टर लगातार गैर हिन्दुओं को धमकाया जा रहा है। पिछले दिनों हमने देखा कि क्रिसमस के दिन ईसाइयों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया, कई जगहों पर संता बनने वालों की पिटाई तक कर दी गई, साथ ही आरोप लगाया गया कि ये पश्चिमी सभ्यता हमारे बच्चों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाती है। इतना ही नहीं बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने नया साल मनाने वालों को भी चेतावनी दी। मुसलमानों के खिलाफ हिन्दुओं ने ली शपथ! हिन्दुओं को उकसाने और नफरत भरा एक और वीडियो अब छत्तीसगढ़ के सरगुजा से वायरल हो रहा है, इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हजारों ग्रामीण मुस्लिमों का बहिष्कार करने की शपथ ले रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये घटना पाँच जनवरी की है, जहां लुंड्रा थाना क्षेत्र कुंदीकला गांव के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से किसी तरह का संबंध नहीं रखने की कसम खाई है। सरगुजा के जिलाधिकारी संजीव झा का कहना है कि इस घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने इलाके का दौरा किया, जिससे ये पता चला कि नए साल के दौरान पड़ोसी राज्य के बलरामपुर से कुछ लोग यहां नए साल का जश्न मनाने आए थे, उन्हीं के साथ झगड़े के बाद ये सारा मामला सामने है, हालांकि मामले की जांच वीडियो के आधार पर की जा रही है। आज के दौर में ऐसे वीडियो, धर्म संसद में विवादित बयान, राष्ट्रपिता के लिए अपशब्द या किसी धर्म के प्रति नफरत भरे भाषण सुनने को मिल ही जाते हैं, लेकिन इसके पीछे आख़िर क्या कारण हो सकता है? RSS और BJP का क्या प्लान है? आरएसएस की विचारधारा से ही भारतीय जनता पार्टी ने जन्म लिया है, ऐसे में आरएसएस के ज़हन में आने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव भी होंगे। ये बात इसलिए भी अहम है क्योंकि अब जनता मोदी जी और योगी जी से काम का हिसाब मांगने लगी है। इस सबके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ग्राफ भी पहले से नीचे आय़ा है। इसलिए अब सत्ता में कायम रहने के लिए एक बार फिर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को ही बढ़ावा दिया जा रहा है। अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।
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आराेपितों ने जीटी रोड के पास एक मकान में गोदाम बनाया हुआ है जिसमें भारी मात्रा में चूरापोस्त, डोडा पोस्त व गांजा पत्ती रखी हुई है। जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आने-जाने वाले ट्रक चालकों को बेचते हैं।
जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों (Drugs) के धंधे में संलिप्त लोगों पर नकेल कसते हुए भारी मात्रा में चूरापोस्त, डोडा पोस्त व गांजा पत्ती बरामद करने में सफलता हासिल की है। जिला कुरुक्षेत्र की अपराध अन्वेषण शाखा-1 ने चूरापोस्त की तस्करी (Smuggling) करने के आरोप में रोशन पुत्र प्रीतम सिंह वासी गांव धन्तौड़ी कुरुक्षेत्र, फिरौज खान पुत्र खुर्शीद अहमद वासी गांव मलकपुर थाना छछरौली जिला यमुनानगर व सन्दीप पुत्र मदन वासी भगवानपुर कॉलोनी शाहबाद को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 10 क्विंटल 38 किलोग्राम चूरापोस्त व डोडापोस्त इसके साथ 34 किलोग्राम गांजा पत्ती बरामद करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि रोशन पुत्र प्रीतम सिंह वासी गांव धन्तौड़ी कुरुक्षेत्र, फिरौज खान पुत्र खुर्शिद अहमद वासी गांव मलकपुर थाना छछरौली जिला यमुनानगर व सन्दीप पुत्र मदन वासी भगवानपुर कॉलोनी शाहबाद नशीले पदार्थों की तस्करी करते हैं।
उन्होंने जीटी रोड के पास एक मकान में गोदाम बनाया हुआ है जिसमें भारी मात्रा में चूरापोस्त, डोडा पोस्त व गांजा पत्ती रखी हुई है। जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आने-जाने वाले ट्रक चालकों को बेचते हैं। उप पुलिस अधीक्षक रविन्द्र तोमर व नायब तहसीलदार जयवीर रंगा को बतौर मजिस्ट्रेट साथ लेकर मौके पर रेड करके आरोपियों को रंगे हाथों काबू किया।
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आराेपितों ने जीटी रोड के पास एक मकान में गोदाम बनाया हुआ है जिसमें भारी मात्रा में चूरापोस्त, डोडा पोस्त व गांजा पत्ती रखी हुई है। जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आने-जाने वाले ट्रक चालकों को बेचते हैं। जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों के धंधे में संलिप्त लोगों पर नकेल कसते हुए भारी मात्रा में चूरापोस्त, डोडा पोस्त व गांजा पत्ती बरामद करने में सफलता हासिल की है। जिला कुरुक्षेत्र की अपराध अन्वेषण शाखा-एक ने चूरापोस्त की तस्करी करने के आरोप में रोशन पुत्र प्रीतम सिंह वासी गांव धन्तौड़ी कुरुक्षेत्र, फिरौज खान पुत्र खुर्शीद अहमद वासी गांव मलकपुर थाना छछरौली जिला यमुनानगर व सन्दीप पुत्र मदन वासी भगवानपुर कॉलोनी शाहबाद को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से दस क्विंटल अड़तीस किलोग्रामग्राम चूरापोस्त व डोडापोस्त इसके साथ चौंतीस किलोग्रामग्राम गांजा पत्ती बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि रोशन पुत्र प्रीतम सिंह वासी गांव धन्तौड़ी कुरुक्षेत्र, फिरौज खान पुत्र खुर्शिद अहमद वासी गांव मलकपुर थाना छछरौली जिला यमुनानगर व सन्दीप पुत्र मदन वासी भगवानपुर कॉलोनी शाहबाद नशीले पदार्थों की तस्करी करते हैं। उन्होंने जीटी रोड के पास एक मकान में गोदाम बनाया हुआ है जिसमें भारी मात्रा में चूरापोस्त, डोडा पोस्त व गांजा पत्ती रखी हुई है। जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आने-जाने वाले ट्रक चालकों को बेचते हैं। उप पुलिस अधीक्षक रविन्द्र तोमर व नायब तहसीलदार जयवीर रंगा को बतौर मजिस्ट्रेट साथ लेकर मौके पर रेड करके आरोपियों को रंगे हाथों काबू किया।
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गिलास गिलास भारतीय खाना खाने में इस्तेमाल होनेवाला बर्तन है। यह लंबा या छोटा बेलनाकार होता है। लगभग ४ इंच से ८ इंच तक का हो सकता है। यह धातु, काँच, प्लास्टिक, इत्यादि का होता है। इसमें डालकर पेय पिए जाते हैं। स्टील का गिलास .
4 संबंधोंः फ़ज़ी लॉजिक, भारतीय खाना बनाने में इस्तेमाल होनेवाले बर्तन, आलूबालू, कोपेत दाग़।
फ़ज़ी लॉजिक, मल्टी-वैल्यूड लॉजिक का एक रूप है जिसकी उत्पत्ति फ़ज़ी सेट थ्यौरी से हुई है और जिसका संबंध उस रिज़निंग के साथ होता है जो प्रिसाइज़ होने की अपेक्षा एप्रोक्सिमेट होता है। "क्रिस्प लॉजिक" के विपरीत, जहां बाइनरी सेट्स में बाइनरी लॉजिक होता है, फ़ज़ी लॉजिक के वेरिएबल्स में केवल 0 या 1 का मेम्बरशिप वैल्यू (सदस्यता मान) नहीं हो सकता है - अर्थात्, किसी स्टेटमेंट (वक्तव्य) के ट्रुथ (truth या सत्यता) की डिग्री का रेंज 0 और 1 के बीच हो सकता है और यह क्लासिक प्रोपोज़िशनल लॉजिक (साध्यात्मक तर्क) के दो ट्रुथ वैल्यूज़ के निरूद्ध नहीं होता है। इसके अलावा जब भाषाई (भाषाविद्) वेरिएबल्स का प्रयोग किया जाता है तब इन डिग्रियों का प्रबंधन स्पेसिफिक फंक्शंस (विशिष्ट कार्यों) के द्वारा किया जा सकता है। फ़ज़ी लॉजिक का उद्भव, लोत्फी ज़ादेह (Lotfi Zadeh) द्वारा फ़ज़ी सेट थ्योरी के सन् 1965 के प्रस्ताव के एक परिणामस्वरूप हुआ। यद्यपि फ़ज़ी लॉजिक का कार्यान्वयन कंट्रोल थ्यौरी (नियंत्रण का सिद्धांत) से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धि) तक कई क्षेत्रों में किया जाता रहा है लेकिन यह अभी भी बायेसियन लॉजिक (Bayesian logic) को पसंद करने वाले कई सांख्यिकीविद् और परंपरागत टू-वैल्यूड लॉजिक को पसंद करने वाले कुछ कंट्रोल इंजीनियरों के बीच विवादास्पद बना हुआ है। .
यह सूची भारतीय खाना बनाने में प्रयोग होने वाले बर्तनों की है.
गिलास, जिसे आलूबालू या (अंग्रेज़ी में) चेरी भी कहा जाता है पतझड़ के मौसम में गिलास के पेड़ बसंत ऋतू में फूलों से लदे हुए गिलास के छोटे पेड़ आलूबालू, गिलास या चेरी एक खट्टा-मीठा गुठलीदार फल है। इसका रंग लाल, काला या पीला होता है और इसका अकार आधे से सवा इंच के व्यास (डायामीटर) का गोला होता है। .
आख़ाल मैदान से कोपेत दाग़ का नज़ारा कोपेत दाग़ ईरान और तुर्कमेनिस्तान की सीमा पर स्थित हैं कोपेत दाग़ या कोपे दाग़ (तुर्कमेनीः Köpetdag, फ़ारसीः, अंग्रेज़ीः Kopet Dag), जिसे तुर्कमेन-ख़ोरासान पर्वत-शृंखला भी कहा जाता है, तुर्कमेनिस्तान और ईरान की सरहद पर ६५० किमी तक चलने वाली एक पर्वत शृंखला है। यह कैस्पियन सागर से पूर्व में स्थित है और तुर्कमेनिस्तान में इस शृंखला का सबसे बुलंद शिखर २,९४० मीटर ऊंचा एक पहाड़ है जो तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्क़ाबाद के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। ईरान की ज़मीन पर इस पहाड़ी सिलसिले का सबसे ऊंचा शिखर ३,१९१ मीटर ऊंचा है। .
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गिलास गिलास भारतीय खाना खाने में इस्तेमाल होनेवाला बर्तन है। यह लंबा या छोटा बेलनाकार होता है। लगभग चार इंच से आठ इंच तक का हो सकता है। यह धातु, काँच, प्लास्टिक, इत्यादि का होता है। इसमें डालकर पेय पिए जाते हैं। स्टील का गिलास . चार संबंधोंः फ़ज़ी लॉजिक, भारतीय खाना बनाने में इस्तेमाल होनेवाले बर्तन, आलूबालू, कोपेत दाग़। फ़ज़ी लॉजिक, मल्टी-वैल्यूड लॉजिक का एक रूप है जिसकी उत्पत्ति फ़ज़ी सेट थ्यौरी से हुई है और जिसका संबंध उस रिज़निंग के साथ होता है जो प्रिसाइज़ होने की अपेक्षा एप्रोक्सिमेट होता है। "क्रिस्प लॉजिक" के विपरीत, जहां बाइनरी सेट्स में बाइनरी लॉजिक होता है, फ़ज़ी लॉजिक के वेरिएबल्स में केवल शून्य या एक का मेम्बरशिप वैल्यू नहीं हो सकता है - अर्थात्, किसी स्टेटमेंट के ट्रुथ की डिग्री का रेंज शून्य और एक के बीच हो सकता है और यह क्लासिक प्रोपोज़िशनल लॉजिक के दो ट्रुथ वैल्यूज़ के निरूद्ध नहीं होता है। इसके अलावा जब भाषाई वेरिएबल्स का प्रयोग किया जाता है तब इन डिग्रियों का प्रबंधन स्पेसिफिक फंक्शंस के द्वारा किया जा सकता है। फ़ज़ी लॉजिक का उद्भव, लोत्फी ज़ादेह द्वारा फ़ज़ी सेट थ्योरी के सन् एक हज़ार नौ सौ पैंसठ के प्रस्ताव के एक परिणामस्वरूप हुआ। यद्यपि फ़ज़ी लॉजिक का कार्यान्वयन कंट्रोल थ्यौरी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक कई क्षेत्रों में किया जाता रहा है लेकिन यह अभी भी बायेसियन लॉजिक को पसंद करने वाले कई सांख्यिकीविद् और परंपरागत टू-वैल्यूड लॉजिक को पसंद करने वाले कुछ कंट्रोल इंजीनियरों के बीच विवादास्पद बना हुआ है। . यह सूची भारतीय खाना बनाने में प्रयोग होने वाले बर्तनों की है. गिलास, जिसे आलूबालू या चेरी भी कहा जाता है पतझड़ के मौसम में गिलास के पेड़ बसंत ऋतू में फूलों से लदे हुए गिलास के छोटे पेड़ आलूबालू, गिलास या चेरी एक खट्टा-मीठा गुठलीदार फल है। इसका रंग लाल, काला या पीला होता है और इसका अकार आधे से सवा इंच के व्यास का गोला होता है। . आख़ाल मैदान से कोपेत दाग़ का नज़ारा कोपेत दाग़ ईरान और तुर्कमेनिस्तान की सीमा पर स्थित हैं कोपेत दाग़ या कोपे दाग़ , जिसे तुर्कमेन-ख़ोरासान पर्वत-शृंखला भी कहा जाता है, तुर्कमेनिस्तान और ईरान की सरहद पर छः सौ पचास किमी तक चलने वाली एक पर्वत शृंखला है। यह कैस्पियन सागर से पूर्व में स्थित है और तुर्कमेनिस्तान में इस शृंखला का सबसे बुलंद शिखर दो,नौ सौ चालीस मीटर ऊंचा एक पहाड़ है जो तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्क़ाबाद के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। ईरान की ज़मीन पर इस पहाड़ी सिलसिले का सबसे ऊंचा शिखर तीन,एक सौ इक्यानवे मीटर ऊंचा है। .
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रायपुर। कांग्रेस ने घोषणा-पत्र में राजद्रोह की धारा को हटाने की बातकर राष्ट्रद्रोह की सीमा तक चली गई है. जो काम पं. जवाहर लाल नेहरू ने नहीं किया वो अब की कांग्रेस कर रही है है. वोटों की लालच में कांग्रेस कितना नीचे गिरेगी. कांग्रेस आखिर किस दिशा में देश को ले जाना चाहती है. ये तमाम बातें आज छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में चुनावी रैली को संबोधन के बाद पत्रकारों से चर्चा में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नहीं कही.
शिवराज सिंह ने चौहान ने कांग्रेस के घोषणा-पत्र पर हैरानी जताते हुए कहा कि कांग्रेस आखिर ये किस तरह का वादा जनता से कर रही है. कांग्रेस देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना चाहती है. राजद्रोह की धारा तो राष्ट्र के खिलाफ काम करने वाले लोगों के लिए. आज कांग्रेस इसे हटाने की बात कर रही है. वोटों की लालच में कांग्रेस न जाने कितना नीचे गिरेगी . कांग्रेस जनता में भ्रम फैलाने का काम कर रही है. कांग्रेस का घोषणा-पत्र पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा है.
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रायपुर। कांग्रेस ने घोषणा-पत्र में राजद्रोह की धारा को हटाने की बातकर राष्ट्रद्रोह की सीमा तक चली गई है. जो काम पं. जवाहर लाल नेहरू ने नहीं किया वो अब की कांग्रेस कर रही है है. वोटों की लालच में कांग्रेस कितना नीचे गिरेगी. कांग्रेस आखिर किस दिशा में देश को ले जाना चाहती है. ये तमाम बातें आज छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में चुनावी रैली को संबोधन के बाद पत्रकारों से चर्चा में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नहीं कही. शिवराज सिंह ने चौहान ने कांग्रेस के घोषणा-पत्र पर हैरानी जताते हुए कहा कि कांग्रेस आखिर ये किस तरह का वादा जनता से कर रही है. कांग्रेस देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना चाहती है. राजद्रोह की धारा तो राष्ट्र के खिलाफ काम करने वाले लोगों के लिए. आज कांग्रेस इसे हटाने की बात कर रही है. वोटों की लालच में कांग्रेस न जाने कितना नीचे गिरेगी . कांग्रेस जनता में भ्रम फैलाने का काम कर रही है. कांग्रेस का घोषणा-पत्र पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा है.
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BHU की एक महिला प्रोफेसर के मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजने और छेड़खानी करने के मामले को महिला आयोग ने संज्ञान में लिया है। रविवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम जांच हेतु वाराणसी पहुंची और पीड़ित प्रोफ़ेसर से घटना के बारे में जानकारी ली। ऐसा कहा जा रहा है कि आरोपी छात्र के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है और उसका वीजा रद्द करते हुए उसे मॉरीशस वापस भेजा जा सकता है। हालांकि अभी इस बारे में अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
मॉरीशस का रहने वाला प्रशांत शर्मा नामक एक छात्र काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग में एमए प्रथम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है। छात्र के खिलाफ बीते 16 फरवरी को लंका थाने में महिला प्रोफेसर द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। महिला प्रोफेसर का आरोप है कि प्रशांत शर्मा बीते दिसंबर माह से उनको परेशान कर रहा है। दिसंबर माह में एक दिन आरोपी छात्र द्वारा 100 से अधिक अश्लील मैसेज प्रोफेसर के मोबाइल पर भेजे गए थे। शिकायत में प्रोफेसर द्वारा यह भी कहा गया था कि मना करने के बावजूद भी छात्र अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था।
महिला प्रोफेसर द्वारा पुलिस से की गई शिकायत में यह भी कहा गया कि डिपार्टमेंट हेड द्वारा छात्र को फटकार लगाई गई थी। फटकार लगाए जाने के बाद भी आरोपी प्रशांत शर्मा पर उसका कोई असर नहीं पड़ा। प्रोफेसर द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि प्रशांत शर्मा क्लास में गुलाब का फूल लेकर आता था और एक दिन उसने उनके बैग में गुलाब का फूल रख दिया था। इसके अलावा सीढ़ियों पर बैठकर वह प्रोफ़ेसर के आने-जाने का इंतजार करता था तथा अकेला पाकर उन्हें छूने तथा छेड़खानी करने की कोशिश करता था। प्रोफ़ेसर ने आरोप लगाया कि 1 दिन उसने उन्हें गलत तरीके से टच भी किया था। वही उनकी स्कूटी पर वह पहले से ही बैठा रहता था और जब अपनी स्कूटी के पास व पहुंचती थीं तो प्रशांत शर्मा द्वारा गंदी हरकत किया जाता था।
रविवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम द्वारा प्रोफेसर से पूछताछ की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम का नेतृत्व प्रवीण सिंह द्वारा किया गया। यह अभी बात सामने आ रही है कि पूछताछ के दौरान महिला पुरुष द्वारा कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी टीम को सौंपे गए हैं। महिला प्रोफ़ेसर से पूछताछ करने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम द्वारा प्रोफेसर को छात्र के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया है।
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BHU की एक महिला प्रोफेसर के मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजने और छेड़खानी करने के मामले को महिला आयोग ने संज्ञान में लिया है। रविवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम जांच हेतु वाराणसी पहुंची और पीड़ित प्रोफ़ेसर से घटना के बारे में जानकारी ली। ऐसा कहा जा रहा है कि आरोपी छात्र के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है और उसका वीजा रद्द करते हुए उसे मॉरीशस वापस भेजा जा सकता है। हालांकि अभी इस बारे में अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। मॉरीशस का रहने वाला प्रशांत शर्मा नामक एक छात्र काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग में एमए प्रथम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है। छात्र के खिलाफ बीते सोलह फरवरी को लंका थाने में महिला प्रोफेसर द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। महिला प्रोफेसर का आरोप है कि प्रशांत शर्मा बीते दिसंबर माह से उनको परेशान कर रहा है। दिसंबर माह में एक दिन आरोपी छात्र द्वारा एक सौ से अधिक अश्लील मैसेज प्रोफेसर के मोबाइल पर भेजे गए थे। शिकायत में प्रोफेसर द्वारा यह भी कहा गया था कि मना करने के बावजूद भी छात्र अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। महिला प्रोफेसर द्वारा पुलिस से की गई शिकायत में यह भी कहा गया कि डिपार्टमेंट हेड द्वारा छात्र को फटकार लगाई गई थी। फटकार लगाए जाने के बाद भी आरोपी प्रशांत शर्मा पर उसका कोई असर नहीं पड़ा। प्रोफेसर द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि प्रशांत शर्मा क्लास में गुलाब का फूल लेकर आता था और एक दिन उसने उनके बैग में गुलाब का फूल रख दिया था। इसके अलावा सीढ़ियों पर बैठकर वह प्रोफ़ेसर के आने-जाने का इंतजार करता था तथा अकेला पाकर उन्हें छूने तथा छेड़खानी करने की कोशिश करता था। प्रोफ़ेसर ने आरोप लगाया कि एक दिन उसने उन्हें गलत तरीके से टच भी किया था। वही उनकी स्कूटी पर वह पहले से ही बैठा रहता था और जब अपनी स्कूटी के पास व पहुंचती थीं तो प्रशांत शर्मा द्वारा गंदी हरकत किया जाता था। रविवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम द्वारा प्रोफेसर से पूछताछ की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम का नेतृत्व प्रवीण सिंह द्वारा किया गया। यह अभी बात सामने आ रही है कि पूछताछ के दौरान महिला पुरुष द्वारा कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी टीम को सौंपे गए हैं। महिला प्रोफ़ेसर से पूछताछ करने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम द्वारा प्रोफेसर को छात्र के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया है।
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आर माधवन 'रॉकेट्रीः द नांबी इफेक्ट' को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। वह इस फिल्म के प्रमोशन में जोर-शोर से लगे हैं। फिल्म 1 जुलाई को दर्शकों के बीच आएगी। उनकी फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' ने बॉलीवुड में धूम मचा दी थी। इस फिल्म को दर्शकों से लेकर फिल्म समीक्षकों ने सराहा था। काफी समय से फिल्म की रीमेक बनने की खबरें आ रही थीं। अब माधवन ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेवकूफी बताया है।
पिंकविला को दिए इंटरव्यू में माधवन ने फिल्म को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने फिल्म की रीमेक को लेकर कहा, "मुझे लगता है कि यह बेवकूफी है और यही मेरी राय है। मैं इसे छूना नहीं चाहूंगा। मैं इस फिल्म को एक प्रोड्यूसर के रूप में नहीं करूंगा। मैं दिल की गहराइयों से उन सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मुझे आशा है कि वे सरप्राइज देंगे, क्योंकि इंडस्ट्री में किसी भी चीज की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। "
"रीमेक बनाना समझदारी भरा फैसला नहीं लगता"
अभिनेता माधवन का कहना है कि इस फिल्म से कई लोगों की यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि दर्शकों के लिए यह एक फिल्म से बढ़कर है। माधवन ने अपने बयान में बताया, "यह कुछ मायनों में एक एंथम की तरह है। यह करीब यही कहने जैसा है कि अब से 15 साल बाद आप '3 इडियट्स' की रीमेक बनाना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि यह एक समझदारी भरा फैसला है। "
पिछले साल बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 'रहना है तेरे दिल में' के सीक्वल में कृति सैनन और विक्की कौशल नजर आएंगे। बताया गया था कि फिल्म का निर्देशन रवि उदयावर करेंगे। रवि इससे पहले श्रीदेवी अभिनीत 'मॉम' का निर्देशन कर चुके हैं। ऐसी भी चर्चा थी कि ऑरिजनल फिल्म के कलाकार दीया मिर्जा और माधवन इस फिल्म में कैमियो की भूमिका में दिखाई देंगे।
ऐसी थी फिल्म 'रहना है तेरे दिल में'
'रहना है तेरे दिल में' 2001 में रिलीज हुई एक हिट फिल्म थी। इसमें सैफ अली खान भी नजर आए थे। फिल्म में एक लव ट्राएंगल की कहानी को फिल्माया गया था, जिससे अधिकांश युवा अपना जुड़ाव स्थापित करते हैं। यह फिल्म साउथ की फिल्म 'मिनाले' की हिंदी रीमेक थी। फिल्म में माधवन ने मैडी नामक एक लड़के का किरदार निभाया था। इसमें मैडी अपने मासूमियत से सभी को प्रभावित करते हैं। गौतम वासुदेव मेनन ने इसका निर्देशन किया था।
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आर माधवन 'रॉकेट्रीः द नांबी इफेक्ट' को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। वह इस फिल्म के प्रमोशन में जोर-शोर से लगे हैं। फिल्म एक जुलाई को दर्शकों के बीच आएगी। उनकी फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' ने बॉलीवुड में धूम मचा दी थी। इस फिल्म को दर्शकों से लेकर फिल्म समीक्षकों ने सराहा था। काफी समय से फिल्म की रीमेक बनने की खबरें आ रही थीं। अब माधवन ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेवकूफी बताया है। पिंकविला को दिए इंटरव्यू में माधवन ने फिल्म को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने फिल्म की रीमेक को लेकर कहा, "मुझे लगता है कि यह बेवकूफी है और यही मेरी राय है। मैं इसे छूना नहीं चाहूंगा। मैं इस फिल्म को एक प्रोड्यूसर के रूप में नहीं करूंगा। मैं दिल की गहराइयों से उन सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मुझे आशा है कि वे सरप्राइज देंगे, क्योंकि इंडस्ट्री में किसी भी चीज की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। " "रीमेक बनाना समझदारी भरा फैसला नहीं लगता" अभिनेता माधवन का कहना है कि इस फिल्म से कई लोगों की यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि दर्शकों के लिए यह एक फिल्म से बढ़कर है। माधवन ने अपने बयान में बताया, "यह कुछ मायनों में एक एंथम की तरह है। यह करीब यही कहने जैसा है कि अब से पंद्रह साल बाद आप 'तीन इडियट्स' की रीमेक बनाना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि यह एक समझदारी भरा फैसला है। " पिछले साल बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 'रहना है तेरे दिल में' के सीक्वल में कृति सैनन और विक्की कौशल नजर आएंगे। बताया गया था कि फिल्म का निर्देशन रवि उदयावर करेंगे। रवि इससे पहले श्रीदेवी अभिनीत 'मॉम' का निर्देशन कर चुके हैं। ऐसी भी चर्चा थी कि ऑरिजनल फिल्म के कलाकार दीया मिर्जा और माधवन इस फिल्म में कैमियो की भूमिका में दिखाई देंगे। ऐसी थी फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' 'रहना है तेरे दिल में' दो हज़ार एक में रिलीज हुई एक हिट फिल्म थी। इसमें सैफ अली खान भी नजर आए थे। फिल्म में एक लव ट्राएंगल की कहानी को फिल्माया गया था, जिससे अधिकांश युवा अपना जुड़ाव स्थापित करते हैं। यह फिल्म साउथ की फिल्म 'मिनाले' की हिंदी रीमेक थी। फिल्म में माधवन ने मैडी नामक एक लड़के का किरदार निभाया था। इसमें मैडी अपने मासूमियत से सभी को प्रभावित करते हैं। गौतम वासुदेव मेनन ने इसका निर्देशन किया था।
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आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि थी जो 9:09 PM तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। आज का दिन सभी प्रकार के शुभ एवं महत्वपूर्ण व्यवसायों के आरंभ के लिए, इसके अलावा विवाह आदि कार्यों के लिए भी आज का दिन शुभ रहेगा। आज सावन मास का आखिरी सोमवार है। ऐसे में आज का दिन पूजन, व्रत, तीर्थ आदि के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। तो आइये जानते हैं राशि के अनुसार 8अगस्त को आपका दिन कैसा रहेगा और किन उपायों को करके आप अपना दिन बेहतर कर सकते हैं ।
मेष-एक और दिन थोड़ा जोखिम भरा है। बहुत सावधानी पूर्वक इस दिन को पार करें। आने वाला समय बेहतर होगा। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी है। व्यापारिक दृष्टिकोण से सही चल रहे हैं। सूर्यदेव को जल अर्पित करते रहें। काली वस्तु का दान करें। शुभ होगा।
वृषभ-रंगीन बने रहेंगे। छुट्टी सा महसूस करेंगे। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात संभव है। स्वास्थ्य अच्छा है। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार अद्भुत है। बहुत अच्छा है। लाल वस्तु का दान करें।
मिथुन-रुका हुआ काम चल पड़ेगा। विद्यार्थियों के लिए मध्यम समय है। शत्रुओं के लिए दबदबा बना रहेगा। स्वयं नतमस्तक भी होंगे। स्वास्थ्य अच्छा है। सरकारी तंत्र से काम बनेंगे आपके। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी है। व्यापार भी अच्छा चल रहा है। बजरंग बली की अराधना करते रहें।
कर्क-शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों का आशीर्वाद रहेगा। मानसिक चंचलता पर नियंत्रण रखें। यूरिन से सम्बन्धित कोई परेशानी है तो ध्यान रखें। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है। भावुक होकर कोई निर्णय न लें अन्यथा नुकसान होगा। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम है। व्यापार भी मध्यम चल रहा है। काली वस्तु का दान करें।
सिंह-शारीरिक स्थिति में कमजोरी का अनुभव करेंगे। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी है। भूमि, भवन, वाहन की खरीदारी सम्भव है। फिर भी घरेलू सुख बाधित रहेगा। घर में थोड़ा कलहकारी सृष्टि का सृजन हो रहा है। लाल वस्तु पास रखें।
कन्या-स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी है। व्यापारिक दृष्टिकोण से अच्छा समय है। अपनों के साथ की वजह से आप कुछ नए व्यापार की शुरुआत कर सकते हैं या जो चल रहा है वो व्यापार अच्छा होगा। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा है। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। शनिदेव की अराधना करते रहें।
तुला-धन का आगमन बढ़ेगा। कुटुम्बीजनों से थोड़ी अनबन हो सकती है। धन का निवेश अभी न करें। स्वास्थ्य अच्छा है। प्रेम- व्यापार अच्छा है। रुक-रुक कर व्यापार चलेगा। फिर भी अच्छा रहेगा। लाल वस्तु का दान करें।
वृश्चिक-समाज में आपका कद बढ़ेगा। शारीरिक स्थिति पहले से बेहतर है। प्रेम और संतान मध्यम है। ओजस्वी-तेजस्वी बने रहेंगे। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती दिख रही है। लाल वस्तु का पास होना और काली वस्तु का दान करना आपके लिए शुभ होगा।
धनु-अज्ञात भय सताएगा। साझेदारी में थोड़ी समस्या हो सकती है। खर्च की अधिकता मन को परेशान करेगी। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम है। व्यापारिक दृष्टिकोण से करीब-करीब ठीक रहेंगे आप। बजरंग बाण का पाठ करें। शुभ होगा।
मकर-आय में आशातीत बढ़ोत्तरी होगी। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य, प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी और व्यापार बहुत अच्छा है। बजरंग बली की अराधना करते रहें। लाल वस्तु का दान करें।
मीन-भाग्यवश कुछ काम बनेंगे। यात्रा में लाभ होगा। धार्मिक बने रहेंगे। धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले सकते हैं। स्वास्थ्य नरम-गरम, प्रेम और संतान की स्थिति बहुत अच्छी है। व्यापार पहले से बेहतर दिख रहा है। बजरंग बली की अराधना करें। लाल वस्तु पास रखें।
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आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि थी जो नौ:नौ PM तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। आज का दिन सभी प्रकार के शुभ एवं महत्वपूर्ण व्यवसायों के आरंभ के लिए, इसके अलावा विवाह आदि कार्यों के लिए भी आज का दिन शुभ रहेगा। आज सावन मास का आखिरी सोमवार है। ऐसे में आज का दिन पूजन, व्रत, तीर्थ आदि के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। तो आइये जानते हैं राशि के अनुसार आठअगस्त को आपका दिन कैसा रहेगा और किन उपायों को करके आप अपना दिन बेहतर कर सकते हैं । मेष-एक और दिन थोड़ा जोखिम भरा है। बहुत सावधानी पूर्वक इस दिन को पार करें। आने वाला समय बेहतर होगा। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी है। व्यापारिक दृष्टिकोण से सही चल रहे हैं। सूर्यदेव को जल अर्पित करते रहें। काली वस्तु का दान करें। शुभ होगा। वृषभ-रंगीन बने रहेंगे। छुट्टी सा महसूस करेंगे। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात संभव है। स्वास्थ्य अच्छा है। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार अद्भुत है। बहुत अच्छा है। लाल वस्तु का दान करें। मिथुन-रुका हुआ काम चल पड़ेगा। विद्यार्थियों के लिए मध्यम समय है। शत्रुओं के लिए दबदबा बना रहेगा। स्वयं नतमस्तक भी होंगे। स्वास्थ्य अच्छा है। सरकारी तंत्र से काम बनेंगे आपके। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी है। व्यापार भी अच्छा चल रहा है। बजरंग बली की अराधना करते रहें। कर्क-शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों का आशीर्वाद रहेगा। मानसिक चंचलता पर नियंत्रण रखें। यूरिन से सम्बन्धित कोई परेशानी है तो ध्यान रखें। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है। भावुक होकर कोई निर्णय न लें अन्यथा नुकसान होगा। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम है। व्यापार भी मध्यम चल रहा है। काली वस्तु का दान करें। सिंह-शारीरिक स्थिति में कमजोरी का अनुभव करेंगे। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी है। भूमि, भवन, वाहन की खरीदारी सम्भव है। फिर भी घरेलू सुख बाधित रहेगा। घर में थोड़ा कलहकारी सृष्टि का सृजन हो रहा है। लाल वस्तु पास रखें। कन्या-स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी है। व्यापारिक दृष्टिकोण से अच्छा समय है। अपनों के साथ की वजह से आप कुछ नए व्यापार की शुरुआत कर सकते हैं या जो चल रहा है वो व्यापार अच्छा होगा। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा है। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। शनिदेव की अराधना करते रहें। तुला-धन का आगमन बढ़ेगा। कुटुम्बीजनों से थोड़ी अनबन हो सकती है। धन का निवेश अभी न करें। स्वास्थ्य अच्छा है। प्रेम- व्यापार अच्छा है। रुक-रुक कर व्यापार चलेगा। फिर भी अच्छा रहेगा। लाल वस्तु का दान करें। वृश्चिक-समाज में आपका कद बढ़ेगा। शारीरिक स्थिति पहले से बेहतर है। प्रेम और संतान मध्यम है। ओजस्वी-तेजस्वी बने रहेंगे। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती दिख रही है। लाल वस्तु का पास होना और काली वस्तु का दान करना आपके लिए शुभ होगा। धनु-अज्ञात भय सताएगा। साझेदारी में थोड़ी समस्या हो सकती है। खर्च की अधिकता मन को परेशान करेगी। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम है। व्यापारिक दृष्टिकोण से करीब-करीब ठीक रहेंगे आप। बजरंग बाण का पाठ करें। शुभ होगा। मकर-आय में आशातीत बढ़ोत्तरी होगी। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य, प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी और व्यापार बहुत अच्छा है। बजरंग बली की अराधना करते रहें। लाल वस्तु का दान करें। मीन-भाग्यवश कुछ काम बनेंगे। यात्रा में लाभ होगा। धार्मिक बने रहेंगे। धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले सकते हैं। स्वास्थ्य नरम-गरम, प्रेम और संतान की स्थिति बहुत अच्छी है। व्यापार पहले से बेहतर दिख रहा है। बजरंग बली की अराधना करें। लाल वस्तु पास रखें।
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Ranchi: बंगाली युवा मंच चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा तीन दिवसीय (5 मई से 7 मई) तक बांग्ला सांस्कृतिक मेले का आगाज होने जा रहा है. मेले का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन करेंगे. इसे लेकर आयोजन समिति के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. कहा कि मेले के मुख्य मंच का नामकरण बांग्ला कविता और नाटक के प्रथम रचयिता माइकल मधुसूदन दत्त के नाम पर किया गया है. उनके 200वें साल के जश्न का साक्षी रामदयाल मुंडा फुटबॉल स्टेडियम बनेगा. सुप्रियो ने कहा कि माइकल को पायोनियर ऑफ बंगाल लिटरेचर के नाम से जाना जाता है. संध्या 7:00 बजे आयोजन स्थल पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. मेले के पहले दिन कोलकाता के डांस बाय डांसर गिल्ड के द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी. वहीं कोलकाता की मौलाली रंगशिल्पी के द्वारा ड्रामा की प्रस्तुति होगी और संत कबीर का गान श्रोता सुन सकेंगे.
6 मई को विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो का आगमन बांग्ला सांस्कृतिक मेले में होगा. वहीं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश भी मौजूद रहेंगे. इस दिन कोलकाता के पंचम म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा बांग्ला आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति होगी. जबकि समापन कार्यक्रम में सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम मौजूद रहेंगे. इस दिन कोलकाता के पंकज नाटा के द्वारा कीर्तन, कार्तिक दास बाउल के द्वारा बाउल संगीत, नूर आलम के द्वारा बांग्ला सूफी और कोलकाता के डोहार बैंड की प्रस्तुति से मेले का समापन किया जाएगा.
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Ranchi: बंगाली युवा मंच चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा तीन दिवसीय तक बांग्ला सांस्कृतिक मेले का आगाज होने जा रहा है. मेले का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन करेंगे. इसे लेकर आयोजन समिति के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. कहा कि मेले के मुख्य मंच का नामकरण बांग्ला कविता और नाटक के प्रथम रचयिता माइकल मधुसूदन दत्त के नाम पर किया गया है. उनके दो सौवें साल के जश्न का साक्षी रामदयाल मुंडा फुटबॉल स्टेडियम बनेगा. सुप्रियो ने कहा कि माइकल को पायोनियर ऑफ बंगाल लिटरेचर के नाम से जाना जाता है. संध्या सात:शून्य बजे आयोजन स्थल पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. मेले के पहले दिन कोलकाता के डांस बाय डांसर गिल्ड के द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी. वहीं कोलकाता की मौलाली रंगशिल्पी के द्वारा ड्रामा की प्रस्तुति होगी और संत कबीर का गान श्रोता सुन सकेंगे. छः मई को विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो का आगमन बांग्ला सांस्कृतिक मेले में होगा. वहीं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश भी मौजूद रहेंगे. इस दिन कोलकाता के पंचम म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा बांग्ला आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति होगी. जबकि समापन कार्यक्रम में सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम मौजूद रहेंगे. इस दिन कोलकाता के पंकज नाटा के द्वारा कीर्तन, कार्तिक दास बाउल के द्वारा बाउल संगीत, नूर आलम के द्वारा बांग्ला सूफी और कोलकाता के डोहार बैंड की प्रस्तुति से मेले का समापन किया जाएगा.
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सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक झा का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस ट्वीट को उन्होंने तमिलनाडु पुलिस को भी टैग किया है, साथ ही ये सवाल किया है कि क्या उन्होंने प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज किया? FIR की? इस पोस्ट में प्रकाश राज की एक फोटो भी लगी हुई जिसमें एक्टर ब्लैक टीशर्ट में नजर आ रहे हैं. फोटो के साथ कन्नड़ भाषा में लिखा है, 'मैं हिंदी नहीं जानता हूं, जाओ! '. इस ट्वीट पर प्रकाश राज ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी हैं.
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सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक झा का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस ट्वीट को उन्होंने तमिलनाडु पुलिस को भी टैग किया है, साथ ही ये सवाल किया है कि क्या उन्होंने प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज किया? FIR की? इस पोस्ट में प्रकाश राज की एक फोटो भी लगी हुई जिसमें एक्टर ब्लैक टीशर्ट में नजर आ रहे हैं. फोटो के साथ कन्नड़ भाषा में लिखा है, 'मैं हिंदी नहीं जानता हूं, जाओ! '. इस ट्वीट पर प्रकाश राज ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी हैं.
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बिलासपुर, बिलासपुर एम्स की ओपीडी के शुभारंभ पर पहुंचे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पूर्ण वैक्सीनेट राज्य बन गया है। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मचारी और हिमाचल सरकार बधाई के पात्र हैं। मंडाविया ने कहा कि देश में ब्रेन व मैन पावर की कभी कोई कमी नहीं रही है। दुनिया के किसी भी स्थान में चले जाओ तो दस में से तीन लोग भारत के हैं। विश्व की बंडी कंपनियों में दस में से सात व्यक्ति भारत के हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की शक्ति को पहचाना है। मोदी ने कोरोनाकाल का सामना किया। कोविड काल में विश्व ने भारत की शक्ति देखी है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में भारत ने विश्व के 150 देशों में दवाइयां भेजी।
मंडाविया ने कहा कि पहले कई वैक्सीन कई सालों के बाद भारत में आती थी। जबकि कोरोना के समय वैक्सीन बनाने के लिए मोदी ने देश के वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन दिया। मोदी ने देश की कंपनीयों पर भरोसा किया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज एक महीने में देश में तीस करोड़ से अधिक कोविड का टीका बन रहा है। जबकि देश में 21 से 22 करोड़ के बीच लग रहा है। मोदी ने कोरोना योद्वाओं को हौसला बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने कोरोना वैक्सीनेशन में तो कमाल करके दिखाया है। इकसे लिए जेपी नड्डा ने भी दिशा दिखाई है। अब मैं हिमाचल प्रदेश का संदेश पूरे देश में लेकर जाऊंगा।
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बिलासपुर, बिलासपुर एम्स की ओपीडी के शुभारंभ पर पहुंचे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पूर्ण वैक्सीनेट राज्य बन गया है। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मचारी और हिमाचल सरकार बधाई के पात्र हैं। मंडाविया ने कहा कि देश में ब्रेन व मैन पावर की कभी कोई कमी नहीं रही है। दुनिया के किसी भी स्थान में चले जाओ तो दस में से तीन लोग भारत के हैं। विश्व की बंडी कंपनियों में दस में से सात व्यक्ति भारत के हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की शक्ति को पहचाना है। मोदी ने कोरोनाकाल का सामना किया। कोविड काल में विश्व ने भारत की शक्ति देखी है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में भारत ने विश्व के एक सौ पचास देशों में दवाइयां भेजी। मंडाविया ने कहा कि पहले कई वैक्सीन कई सालों के बाद भारत में आती थी। जबकि कोरोना के समय वैक्सीन बनाने के लिए मोदी ने देश के वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन दिया। मोदी ने देश की कंपनीयों पर भरोसा किया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज एक महीने में देश में तीस करोड़ से अधिक कोविड का टीका बन रहा है। जबकि देश में इक्कीस से बाईस करोड़ के बीच लग रहा है। मोदी ने कोरोना योद्वाओं को हौसला बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने कोरोना वैक्सीनेशन में तो कमाल करके दिखाया है। इकसे लिए जेपी नड्डा ने भी दिशा दिखाई है। अब मैं हिमाचल प्रदेश का संदेश पूरे देश में लेकर जाऊंगा।
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हैं । यहो भगवान् ! इसका क्या कारण? हे गौतमं । मलीन चर्खे को शुद्ध पानी से धोने से मेल कंट उजला सफेद हो जाता है यावत् सुरुपं सुवर्णादि १७ शुमपने परिणमते हैं। इसी तरह जीव तंप संयम ध्यानादि । कर्मों को छेदते मेदते क्षय करते हैं, यावत् सुरूप सुबर्यादि बोल शुभपने परिथमते हैं ।
३ - यहो भगवान् ? वस्त्र के पुद्गलों का जो उपच होता है क्या यह प्रयोग से ( पुरुष के प्रपत्न से ) होना है प स्वाभाविक रीति से होता है ? हे गौतम ! प्रयोग से भी दोर है और स्वाभाविक रीति से भी होता है ।
४- यही भगवान् ! जिस तरह वस्त्र के प्रयोग से और स्वामाशि रीति से पुद्गलों का जो उपचय होता है यानी मैल लगता है क्या उसी तरह से जीवों के जो कमों का उपचय होता है या प्रयोग से और स्वाभाविक रीति से दोनों तरह से होता है। गौतम । जीव के कर्मों का उपनय प्रयोग से होता है किन्तु स्वाभाविक रीति से नहीं होता अर्थात् नोव के कर्म प्रयोग से लगते हैं, स्वाभाविक रूप से नहीं लगते । अहो भगवान् इसका क्या काग्मा ? हे गौतम ! जीवों के तीन प्रकार के प्रयोग कहे गये हैं-१ मन प्रयोग २ वचन प्रयोग ३ का प्रयोग ! इन प्रयोगों से जीव कमों का वन्य करता है । एकेन्द्रिय में प्रयोग पाये एक कापा प्रयोग । रिलेन्द्रिय में प्रयोग पा
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हैं । यहो भगवान् ! इसका क्या कारण? हे गौतमं । मलीन चर्खे को शुद्ध पानी से धोने से मेल कंट उजला सफेद हो जाता है यावत् सुरुपं सुवर्णादि सत्रह शुमपने परिणमते हैं। इसी तरह जीव तंप संयम ध्यानादि । कर्मों को छेदते मेदते क्षय करते हैं, यावत् सुरूप सुबर्यादि बोल शुभपने परिथमते हैं । तीन - यहो भगवान् ? वस्त्र के पुद्गलों का जो उपच होता है क्या यह प्रयोग से होना है प स्वाभाविक रीति से होता है ? हे गौतम ! प्रयोग से भी दोर है और स्वाभाविक रीति से भी होता है । चार- यही भगवान् ! जिस तरह वस्त्र के प्रयोग से और स्वामाशि रीति से पुद्गलों का जो उपचय होता है यानी मैल लगता है क्या उसी तरह से जीवों के जो कमों का उपचय होता है या प्रयोग से और स्वाभाविक रीति से दोनों तरह से होता है। गौतम । जीव के कर्मों का उपनय प्रयोग से होता है किन्तु स्वाभाविक रीति से नहीं होता अर्थात् नोव के कर्म प्रयोग से लगते हैं, स्वाभाविक रूप से नहीं लगते । अहो भगवान् इसका क्या काग्मा ? हे गौतम ! जीवों के तीन प्रकार के प्रयोग कहे गये हैं-एक मन प्रयोग दो वचन प्रयोग तीन का प्रयोग ! इन प्रयोगों से जीव कमों का वन्य करता है । एकेन्द्रिय में प्रयोग पाये एक कापा प्रयोग । रिलेन्द्रिय में प्रयोग पा
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पीलीभीत में रहस्यम ढंग से सास और गर्भवती बहू की मौत होने और कई लोग बीमार होने से गांव में हड़कंप मच गया है। जिसके बाद बीमारों को अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया जिनकी हालत ठीक बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर गहनता से जांच पड़ताल की। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है दोनों नेचुरल मौतें हुई हैं। मामला थाना बिलसंडा क्षेत्र के मरेना गांव का है।
आपको बता दें मामला जनपद पीलीभीत थाना बिलसंडा क्षेत्र में पड़ने वाले मरेना गांव का है। जहां के रहने वाले रामकिशन की पत्नी सदा प्यारी 50 वर्ष को बताया जा रहा है 15 मई को ठंड लगने के बाद बुखार आया जिसके बाद हालत बिगड़ गई परिजन डॉक्टर के पास लेकर गए जहां उनकी मौत हो गई। इसी तरह से 16 मई को सदा प्यारी की बहू सीमा पत्नी लाल मुनि 30 वर्ष को भी बताया जा रहा ठंड लगने के बाद फीवर आया आनन-फानन में परिजन सीमा को डॉक्टर के पास ले कर गए जहां उसकी मौत हो गई।
वहीं बताया जा रहा है पड़ोस की रहने वाली निशा पत्नी वेदपाल,आदर्श पुत्र विमलेश 8 वर्ष, सीमा की जेठानी सीमा पत्नी बग्गा सिंह इसी तरह से बुखार आ रहा है जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं सूचना पर पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक ठाकुरदास ने टीम के साथ गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मौतों में मामले में जानकारी जुटाई। वहीं चिकित्सा अधीक्षक का कहना है रामप्यारी बुजुर्ग 70 साल की महिला थी। जो कि 5 साल से बीमार चल रही थी। जिसने 2 महीने से कुछ भी खाया पिया नहीं था।
बुजुर्ग महिला की बहू सीमा 5 महीने की गर्भवती थी जिसका यह छठा बच्चा था। रोने धोने से सीमा को दौरा पड़ गया था जिस पर उसके परिजनों ने मुंह में पानी डाल दिया था जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई। वहीं 8 साल के आदर्श कुमार को फीवर आना बताया है दूसरी महिला सीमा देवी पत्नी बग्गा सिंह बीपी बढ़ाना बताया है। वहीं डॉक्टर ने दोनों मौतों को नेचुरल बताया है। साथ ही किसी तरह की कोई संक्रामक या छुआ छूत की बीमारी का होना नहीं बताया है।
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पीलीभीत में रहस्यम ढंग से सास और गर्भवती बहू की मौत होने और कई लोग बीमार होने से गांव में हड़कंप मच गया है। जिसके बाद बीमारों को अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया जिनकी हालत ठीक बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर गहनता से जांच पड़ताल की। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है दोनों नेचुरल मौतें हुई हैं। मामला थाना बिलसंडा क्षेत्र के मरेना गांव का है। आपको बता दें मामला जनपद पीलीभीत थाना बिलसंडा क्षेत्र में पड़ने वाले मरेना गांव का है। जहां के रहने वाले रामकिशन की पत्नी सदा प्यारी पचास वर्ष को बताया जा रहा है पंद्रह मई को ठंड लगने के बाद बुखार आया जिसके बाद हालत बिगड़ गई परिजन डॉक्टर के पास लेकर गए जहां उनकी मौत हो गई। इसी तरह से सोलह मई को सदा प्यारी की बहू सीमा पत्नी लाल मुनि तीस वर्ष को भी बताया जा रहा ठंड लगने के बाद फीवर आया आनन-फानन में परिजन सीमा को डॉक्टर के पास ले कर गए जहां उसकी मौत हो गई। वहीं बताया जा रहा है पड़ोस की रहने वाली निशा पत्नी वेदपाल,आदर्श पुत्र विमलेश आठ वर्ष, सीमा की जेठानी सीमा पत्नी बग्गा सिंह इसी तरह से बुखार आ रहा है जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं सूचना पर पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक ठाकुरदास ने टीम के साथ गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मौतों में मामले में जानकारी जुटाई। वहीं चिकित्सा अधीक्षक का कहना है रामप्यारी बुजुर्ग सत्तर साल की महिला थी। जो कि पाँच साल से बीमार चल रही थी। जिसने दो महीने से कुछ भी खाया पिया नहीं था। बुजुर्ग महिला की बहू सीमा पाँच महीने की गर्भवती थी जिसका यह छठा बच्चा था। रोने धोने से सीमा को दौरा पड़ गया था जिस पर उसके परिजनों ने मुंह में पानी डाल दिया था जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई। वहीं आठ साल के आदर्श कुमार को फीवर आना बताया है दूसरी महिला सीमा देवी पत्नी बग्गा सिंह बीपी बढ़ाना बताया है। वहीं डॉक्टर ने दोनों मौतों को नेचुरल बताया है। साथ ही किसी तरह की कोई संक्रामक या छुआ छूत की बीमारी का होना नहीं बताया है।
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नई दिल्लीः केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर में 1. 6 लाख करोड़ रुपये की आगामी नई परियोजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की। मंत्री गडकरी ने गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में सड़कें, रोपवे, आरओबी और ब्रह्मपुत्र नदी पर बड़े पुल और अन्य जल निकाय शामिल हैं।
गडकरी ने कहा कि त्रिपुरा के उदयपुर और असम के सिलचर में भी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क प्रस्तावित किए गए हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में कहा, "हम पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी की खाई को पाटने और क्षेत्र में परिवहन बुनियादी ढांचे को गति देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, लगभग 50 वे साइड सुविधाएं और 50 दृष्टिकोण भी विकसित किए जा रहे हैं। एक बार पूरा हो जाने पर यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन क्षेत्र और अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा।
गडकरी बुधवार से शुरू हो रहे पूर्वोत्तर और सिक्किम में एनएच परियोजनाओं के तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम में थे।
समीक्षा बैठकों के दौरान भूमि अधिग्रहण के मुद्दों, चल रही परियोजनाओं की प्रगति, प्रस्तावित परियोजनाओं, नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग, विवादों और मध्यस्थता और संभावित वित्तीय हस्तक्षेपों से संबंधित चर्चाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने देरी के कारणों को समझने के लिए चार राज्यों में देरी से चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की और उन्हें पटरी पर लाने के लिए विशेष निर्देश जारी किए और अधिकारियों को परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया।
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नई दिल्लीः केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर में एक. छः लाख करोड़ रुपये की आगामी नई परियोजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की। मंत्री गडकरी ने गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में सड़कें, रोपवे, आरओबी और ब्रह्मपुत्र नदी पर बड़े पुल और अन्य जल निकाय शामिल हैं। गडकरी ने कहा कि त्रिपुरा के उदयपुर और असम के सिलचर में भी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में कहा, "हम पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी की खाई को पाटने और क्षेत्र में परिवहन बुनियादी ढांचे को गति देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, लगभग पचास वे साइड सुविधाएं और पचास दृष्टिकोण भी विकसित किए जा रहे हैं। एक बार पूरा हो जाने पर यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन क्षेत्र और अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा। गडकरी बुधवार से शुरू हो रहे पूर्वोत्तर और सिक्किम में एनएच परियोजनाओं के तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम में थे। समीक्षा बैठकों के दौरान भूमि अधिग्रहण के मुद्दों, चल रही परियोजनाओं की प्रगति, प्रस्तावित परियोजनाओं, नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग, विवादों और मध्यस्थता और संभावित वित्तीय हस्तक्षेपों से संबंधित चर्चाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने देरी के कारणों को समझने के लिए चार राज्यों में देरी से चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की और उन्हें पटरी पर लाने के लिए विशेष निर्देश जारी किए और अधिकारियों को परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया।
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त्रिपोली, (आईएएनएस)। लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी ने कहा है कि उनका अपना वतन छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती के अनुसार गद्दाफी ने यह बात विश्व शतरंज संघ (एफआईडीई) के अध्यक्ष किसान इलियम्झिनोव से कही। इलियम्झिनोव अफीकी देशों में शतरंज को ब़देने के लिए ईयर ऑफ अफीका कार्यकम के तहत रविवार को लीबिया आए थे। एक रूसी अधिकारी ने बताया, लीबियाई शासक मुअम्मार गद्दाफी ने कहा कि भारी दबाव के बावजूद वह लीबिया छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। इस मुलाकात के दौरान इलियम्झिनोव ने गद्दाफी को रूसी कारीगरों का बनाया शतरंज का एक सैट भेंट किया। अधिकारी ने बताया, इलियम्झिनोव और गद्दाफी में 2004 में विश्व शतरंज पतियोगिता के दौरान करीबी आई थी और उनमें अच्छे रिश्ते रिश्ते हैं। लीबिया के सरकारी टेलीविजन ने उनकी मुलाकात का वीडियो जारी किया है। लीबिया पर 40 बरस से ज्यादा अर्से से शासन करते आ रहे गद्दाफी नाटो हमलों के बावजूद पद न छोड़ने पर अडिग हैं।
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त्रिपोली, । लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी ने कहा है कि उनका अपना वतन छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती के अनुसार गद्दाफी ने यह बात विश्व शतरंज संघ के अध्यक्ष किसान इलियम्झिनोव से कही। इलियम्झिनोव अफीकी देशों में शतरंज को ब़देने के लिए ईयर ऑफ अफीका कार्यकम के तहत रविवार को लीबिया आए थे। एक रूसी अधिकारी ने बताया, लीबियाई शासक मुअम्मार गद्दाफी ने कहा कि भारी दबाव के बावजूद वह लीबिया छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। इस मुलाकात के दौरान इलियम्झिनोव ने गद्दाफी को रूसी कारीगरों का बनाया शतरंज का एक सैट भेंट किया। अधिकारी ने बताया, इलियम्झिनोव और गद्दाफी में दो हज़ार चार में विश्व शतरंज पतियोगिता के दौरान करीबी आई थी और उनमें अच्छे रिश्ते रिश्ते हैं। लीबिया के सरकारी टेलीविजन ने उनकी मुलाकात का वीडियो जारी किया है। लीबिया पर चालीस बरस से ज्यादा अर्से से शासन करते आ रहे गद्दाफी नाटो हमलों के बावजूद पद न छोड़ने पर अडिग हैं।
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New Labour Codes Implementation Date : नए लेबर कोड्स लागू होने के बाद कर्मचारियों के हफ्ते में काम के दिन घट जाएंगे। नए नियम से कर्मचारियों के हफ्ते में काम के दिन पांच से घटकर चार रह सकते हैं। अर्थात कर्मचारियों को हफ्ते में तीन दिन छुट्टी मिलेगी। लेकिन कर्मचारियों के रोजाना के काम के घंटे बढ़ जाएंगे।
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New Labour Codes Implementation Date : नए लेबर कोड्स लागू होने के बाद कर्मचारियों के हफ्ते में काम के दिन घट जाएंगे। नए नियम से कर्मचारियों के हफ्ते में काम के दिन पांच से घटकर चार रह सकते हैं। अर्थात कर्मचारियों को हफ्ते में तीन दिन छुट्टी मिलेगी। लेकिन कर्मचारियों के रोजाना के काम के घंटे बढ़ जाएंगे।
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Jharkhand news, Latehare news : लातेहार : मनरेगा के कार्यो में अनियमितता करने वालों के खिलाफ डीसी अबु इमरान ने बड़ी कार्रवाई की है. डीसी ने मनरेगा नियम के विरूद्ध कार्य करने वाले गारू प्रखंड के सभी 8 मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, 2 कंप्यूटर आपरेटर, सभी योजनाओं के मेठ एवं 4 वेंडरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है.
गारू प्रखंड में मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2020-2021 तक वेंडर, मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं मेठ की मिलीभगत से प्रावधानों की अनदेखी कर मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं में कार्य कर रहे राज मिस्त्री एवं मजदूरों के भुगतान की राशि वेंडरों के खाते में डाला गया था. इसकी शिकायत मिलने पर डीसी श्री इमरान ने डीडीसी की अध्यक्षता में टीम गठित कर इसकी जांच करायी.
जांच में प्रखंड के सभी 8 पंचायतों के मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, 2 कंप्यूटर ऑपरेटर एवं सभी योजनाओं के मेठ दोषी पाये गये. जांच में कुल 48 लाख 24 हजार 499 रुपये की अनियमितता सामने आयी है. वेंडरों में मंजर काशमी आलम, मां भगवती इंटप्राइजेज, जय मां सीमाचंडी, मेसर्स सूरज इंटरप्राइजेज का नाम शामिल है. डीसी ने इन सभी पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश गारू प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया है.
गारू प्रखंड में मनरेगा कार्य में अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आने के बाद डीसी श्री इमरान ने डीडीसी सुरेंद्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गठित टीम के द्वारा इसकी जांच करायी थी. मालूम हो कि पूर्व में गठित टीम को डीसी ने निरस्त कर प्रखंड के वरीय पदाधिकारी डीडीसी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी.
Posted By : Samir Ranjan.
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Jharkhand news, Latehare news : लातेहार : मनरेगा के कार्यो में अनियमितता करने वालों के खिलाफ डीसी अबु इमरान ने बड़ी कार्रवाई की है. डीसी ने मनरेगा नियम के विरूद्ध कार्य करने वाले गारू प्रखंड के सभी आठ मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, दो कंप्यूटर आपरेटर, सभी योजनाओं के मेठ एवं चार वेंडरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. गारू प्रखंड में मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह से दो हज़ार बीस-दो हज़ार इक्कीस तक वेंडर, मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं मेठ की मिलीभगत से प्रावधानों की अनदेखी कर मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं में कार्य कर रहे राज मिस्त्री एवं मजदूरों के भुगतान की राशि वेंडरों के खाते में डाला गया था. इसकी शिकायत मिलने पर डीसी श्री इमरान ने डीडीसी की अध्यक्षता में टीम गठित कर इसकी जांच करायी. जांच में प्रखंड के सभी आठ पंचायतों के मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, दो कंप्यूटर ऑपरेटर एवं सभी योजनाओं के मेठ दोषी पाये गये. जांच में कुल अड़तालीस लाख चौबीस हजार चार सौ निन्यानवे रुपयापये की अनियमितता सामने आयी है. वेंडरों में मंजर काशमी आलम, मां भगवती इंटप्राइजेज, जय मां सीमाचंडी, मेसर्स सूरज इंटरप्राइजेज का नाम शामिल है. डीसी ने इन सभी पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश गारू प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया है. गारू प्रखंड में मनरेगा कार्य में अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आने के बाद डीसी श्री इमरान ने डीडीसी सुरेंद्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गठित टीम के द्वारा इसकी जांच करायी थी. मालूम हो कि पूर्व में गठित टीम को डीसी ने निरस्त कर प्रखंड के वरीय पदाधिकारी डीडीसी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी. Posted By : Samir Ranjan.
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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सोशल मीडिया पर शेयर हुए शादी के फोटो और वीडियो की लोग खूब प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो शादी में पटाखे फोड़े जाने के कारण प्रियंका की निंदा कर रहे हैं।
प्रियंका का एक वीडियो दिवाली के दौरान काफी वायरल हुआ था। जिसमें वह लोगों को नसीहत दे रही हैं कि पटाखे न फोड़ें और दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने में अपना योगदान दें। इसी वीडियो को शेयर करते हुए ट्वीटर पर लोग प्रियंका को ढोंगी और पाखंडी कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस काम को न करने की वह लोगों को नसीहत दे रही थीं, अपनी बारी आने पर वही काम कर रही हैं।
प्रियंका की शादी में चाहे संगीत की बात हो या मेहंदी की, सारी रस्मों में बॉलिवुड टच दिखा है। उन्होंने खुद को देसी लुक में दिखाने की पूरी कोशिश की। प्रियंका और निक के अलावा निक के भाई भी गाना गाया। वहीं उनकी भाभी और बहन परीनीती ने उनके लिए डांस किया।
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सोशल मीडिया पर शेयर हुए शादी के फोटो और वीडियो की लोग खूब प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो शादी में पटाखे फोड़े जाने के कारण प्रियंका की निंदा कर रहे हैं। प्रियंका का एक वीडियो दिवाली के दौरान काफी वायरल हुआ था। जिसमें वह लोगों को नसीहत दे रही हैं कि पटाखे न फोड़ें और दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने में अपना योगदान दें। इसी वीडियो को शेयर करते हुए ट्वीटर पर लोग प्रियंका को ढोंगी और पाखंडी कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस काम को न करने की वह लोगों को नसीहत दे रही थीं, अपनी बारी आने पर वही काम कर रही हैं। प्रियंका की शादी में चाहे संगीत की बात हो या मेहंदी की, सारी रस्मों में बॉलिवुड टच दिखा है। उन्होंने खुद को देसी लुक में दिखाने की पूरी कोशिश की। प्रियंका और निक के अलावा निक के भाई भी गाना गाया। वहीं उनकी भाभी और बहन परीनीती ने उनके लिए डांस किया।
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अंबिकापुर, 7 जनवरी। कोतवाली थाना क्षेत्र से 4 दिन पहले एक नाबालिग को बाइक में बैठाकर जबरन दोस्त के घर ले जाने और बलात्कार करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार 2 जनवरी को 19 वर्षीय युवक द्वारा क्षेत्र की 14 वर्षीय नाबालिग को जबरन बाइक में उठाकर अपने दोस्त के घर भगवानपुर ले जाया गया था। वहां उसने उसके साथ रेप किया। खोजबीन के दौरान पुलिस ने दूसरे दिन नाबालिग को वहां से बरामद कर लिया था। तब से आरोपी फरार था।
आज पुलिस ने उसे धारा 363, 366, 376, 5-6 पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
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अंबिकापुर, सात जनवरी। कोतवाली थाना क्षेत्र से चार दिन पहले एक नाबालिग को बाइक में बैठाकर जबरन दोस्त के घर ले जाने और बलात्कार करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दो जनवरी को उन्नीस वर्षीय युवक द्वारा क्षेत्र की चौदह वर्षीय नाबालिग को जबरन बाइक में उठाकर अपने दोस्त के घर भगवानपुर ले जाया गया था। वहां उसने उसके साथ रेप किया। खोजबीन के दौरान पुलिस ने दूसरे दिन नाबालिग को वहां से बरामद कर लिया था। तब से आरोपी फरार था। आज पुलिस ने उसे धारा तीन सौ तिरेसठ, तीन सौ छयासठ, तीन सौ छिहत्तर, पाँच-छः पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
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पंजाब और हिमाचल प्रदेश में बहने वाली ब्यास नदी को देश की पहली 'बी क्लास' नदी का खिताब मिला है। इसका मतलब है कि अब नदी का जल नहाने योग्य और पीने लायक हो चुका है। हालांकि पीने से पहले नदी के जल को छानने की प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी होगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 2019 में ब्यास को शुद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया था। पंजाब सरकार की भी ब्यास नदी के जल को स्वच्छ करने के लिए जिम्मेदारी तय की गई थी। कमेटी की निगरानी में नदी के जल को शुद्ध करने के लिए जनवरी 2020 में काम शुरू हुआ, जो अब पूरा हो चुका है। एक साल के प्रयास के बाद ब्यास नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार आया है। सेवानिवृत्त जस्टिस जसबीर सिंह को अध्यक्षता में बनी पूर्व मुख्य सचिव एससी अग्रवाल, पर्यावरण प्रेमी बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. बाबू राम की कमेटी के अनुसार ब्यास नदी के दो हिस्सों में पानी की गुणवत्ता में जरूरी स्तर (क्लास-बी) का सुधार आया है।
नदियों के जल स्तर को तीन वर्गों में विभाजित किया गया है। 'सी क्लास' की नदी का जल न तो नहाने योग्य और न ही पीने योग्य होता है। 'बी क्लास' की नदी के पानी में व्यक्ति नहा सकता है और छानकर पानी पी सकता है। 'ए क्लास' का दर्जा जिस नदी को मिलता है, उसका पानी बिना छाने भी पिया जा सकता है।
पंजाब सरकार के पर्यावरण विभाग की ओर से ब्यास को शुद्ध करने के लिए कई तकनीकों का प्रयोग किया गया। औद्योगिक प्रदूषण रोकने के साथ ही डेयरी अवशेष के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के इनलेट को बंद किया गया। पठानकोट आदि क्षेत्रों में लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू कराया गया। इसके साथ ही कुछ एसटीपी को अपग्रेड भी किया गया।
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पंजाब और हिमाचल प्रदेश में बहने वाली ब्यास नदी को देश की पहली 'बी क्लास' नदी का खिताब मिला है। इसका मतलब है कि अब नदी का जल नहाने योग्य और पीने लायक हो चुका है। हालांकि पीने से पहले नदी के जल को छानने की प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी होगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दो हज़ार उन्नीस में ब्यास को शुद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया था। पंजाब सरकार की भी ब्यास नदी के जल को स्वच्छ करने के लिए जिम्मेदारी तय की गई थी। कमेटी की निगरानी में नदी के जल को शुद्ध करने के लिए जनवरी दो हज़ार बीस में काम शुरू हुआ, जो अब पूरा हो चुका है। एक साल के प्रयास के बाद ब्यास नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार आया है। सेवानिवृत्त जस्टिस जसबीर सिंह को अध्यक्षता में बनी पूर्व मुख्य सचिव एससी अग्रवाल, पर्यावरण प्रेमी बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. बाबू राम की कमेटी के अनुसार ब्यास नदी के दो हिस्सों में पानी की गुणवत्ता में जरूरी स्तर का सुधार आया है। नदियों के जल स्तर को तीन वर्गों में विभाजित किया गया है। 'सी क्लास' की नदी का जल न तो नहाने योग्य और न ही पीने योग्य होता है। 'बी क्लास' की नदी के पानी में व्यक्ति नहा सकता है और छानकर पानी पी सकता है। 'ए क्लास' का दर्जा जिस नदी को मिलता है, उसका पानी बिना छाने भी पिया जा सकता है। पंजाब सरकार के पर्यावरण विभाग की ओर से ब्यास को शुद्ध करने के लिए कई तकनीकों का प्रयोग किया गया। औद्योगिक प्रदूषण रोकने के साथ ही डेयरी अवशेष के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के इनलेट को बंद किया गया। पठानकोट आदि क्षेत्रों में लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू कराया गया। इसके साथ ही कुछ एसटीपी को अपग्रेड भी किया गया।
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नई दिल्ली : मोदी सरकार खाद के दाम नहीं बढ़ाएगी और यूरिया के लिए 70 हजार करोड़ व 38 हजार करोड़ रुपये डी अमोनियम फॉसफेट (डीएपी) पर खर्च करेगी. केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को यह जानकारी दी.
केंद्रीय केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स की ओर से कहा गया है कि भारत में सालाना यूरिया की खपत 325-350 लाख मीट्रिक टन है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 17,000 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ आईटी हार्डवेयर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना को भी मंजूरी दी.
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नई दिल्ली : मोदी सरकार खाद के दाम नहीं बढ़ाएगी और यूरिया के लिए सत्तर हजार करोड़ व अड़तीस हजार करोड़ रुपये डी अमोनियम फॉसफेट पर खर्च करेगी. केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को यह जानकारी दी. केंद्रीय केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स की ओर से कहा गया है कि भारत में सालाना यूरिया की खपत तीन सौ पच्चीस-तीन सौ पचास लाख मीट्रिक टन है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सत्रह,शून्य करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ आईटी हार्डवेयर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना को भी मंजूरी दी.
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अभी अभी चुनाव ख़तम हुए है. नई सरकार आ चुकी है. मुझे कुछ दिनों पहले रिलीज़ हुई अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन की फिल्म बंटी और बबली याद आ रही है . इस फिल्म में अभिषेक बच्चन का किरदार ताजमहल को बेचने की कोशिश करता है . जब वो लोगों के सामने खड़ा होता है , और कोई मुद्दा नहीं मिलता है , तो वो जोर जोर से चिल्लाने लगता है , अंग्रेजों भारत छोड़ो ? अंग्रेजों भारत छोड़ो ? और आश्चर्य की बात ये थी कि लोग उसके पीछे पीछे ये नारा भी लगाने लगते हैं . एक ऐसा मुद्दा जिसका ताजमहल की चोरी से कोई लेना देना नहीं था.
बिल्कुल इसी तरह की घटना भारतीय जनतंत्र में घट रहीं है . जब चुनाव नजदीक आते हैं तो मंदिर -मस्जिद का नारा आकाश चुमने लगता है . नेता कान में जनेऊ लगाकर मंदिर जाने लगते हैं , तो कोई गुफा में जाकर ध्यान लगाने लगता है . मुझे बड़ा आश्चर्य होता है कि किसी नेता को जय श्री राम के नारे से चिढ़ होने लगती है . तो कोई ब्राह्मण पंडित पंजाब में जाकर गुरूद्वारे में माथा टेकने लगता है.
क्यों जनता का मत अली और बजरंग बली से प्रभावित होता है ? ये मेरी समझ में नहीं आता.
अभी भी सरकारी स्कुलों में पढाई की हालत खस्ता है . प्राइवेट स्कूल काकरोचों की तरह फैलते चले जा रहें हैं. प्राइवेट स्कूलों की फी बढ़ती जा रही है . जनता को ये दिखाई क्यूँ नहीं पड़ता. आखिर सरकारी होस्पिटलों में ईलाज की स्थिति आज कितनी खराब है , ये सब जानते हैं , और प्राइवेट होस्पिटलों में ईलाज करवाना आम जनता के बस की बात नहीं . पेट्रोल के दाम आसमान छु रहें है . लोग नेता से आखिर ये क्यूँ नहीं पूछते कि सरकारी स्कुलों में पढाई की हालत इतनी खस्ता क्यूँ है? लोग नेताओं से ये क्यूँ नहीं पूछते कि सरकारी होस्पिटलों में ईलाज सुलभ क्यूँ नहीं हैं ? आधे मरीज तो लाइन में हीं मर जाते हैं .
नेता हर साल महंगाई कम करने की बात करते हैं , पर चुनाव के समय ये मुद्दा नहीं बनते. वादों और वादों से जनता को फुसला कर सत्ता में आ तो जाते हैं , पर सत्ता में आ जाने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं . क्या इन नेताओं को भारतीय संविधान झूठ बोलने का मोलिक अधिकार प्रदान करता है . इन नेताओं के झूठे चुनावी वादे करने पे रोक क्यूँ नहीं है . क्यूँ इनकी जिम्मेदारी नहीं बनती . क्या झूठ बोलना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है ?
पिछड़ों की राजनीति करनेवाले नेता तो अमीर हो गए अलबत्ता पिछड़े और पिछड़े होते चले गए. अभी भी जाति और धर्म आम जनता के लिए अफीम का काम करती है , जिसे नेता बुरी तरीके से भुनाते हैं.
भारतीय जनतंत्र की बहुत बड़ी विडंबना है कि अली और बजरंग बली नौकरी तो प्रदान नहीं कर सकते , अलबत्ता भारतीय सरकार को बदलने की क्षमता रखते हैं . ये दुर्भाग्य है भारत का. आखिर लोग समझते क्यों नहीं , कि मंदिर मस्जिद आपके मुहल्ले में सड़क पक्की नहीं करवा सकते , पानी उपलब्ध नहीं करवा सकते , नौकरियां प्रदान नहीं कर सकते , स्कुल और होस्पिटलों की फी कम नहीं करवा सकते.
जबतक लोगो को अली और बजरंग बली दिखते रहेंगे , पर स्कूलों और होस्पिटलों की बढ़ी हुई फी दिखाई नहीं पड़ती रहेंगी तब तक भारतीय जनतंत्र इसी तरह घुटनों के बल रेंगता रहेगा. अपनी बदहाली के ये जनता की आँखों पर चढ़ी हुई धर्म और जाति की पट्टी जिम्मेदार है , जो इनको अँधा बना देती है . जब तक जनता को अली और बजरंग बली दिखाई पड़ना बंद न होगा और जब तक विकास , रोजगार , स्कूलों और होस्पिटलों की बढ़ी हुई फी चुनावी मुद्दे नहीं बनेगे तब नेताओं के लिए झूठ बोलना जन्मसिद्ध अधिकार बना रहेगा.
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अभी अभी चुनाव ख़तम हुए है. नई सरकार आ चुकी है. मुझे कुछ दिनों पहले रिलीज़ हुई अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन की फिल्म बंटी और बबली याद आ रही है . इस फिल्म में अभिषेक बच्चन का किरदार ताजमहल को बेचने की कोशिश करता है . जब वो लोगों के सामने खड़ा होता है , और कोई मुद्दा नहीं मिलता है , तो वो जोर जोर से चिल्लाने लगता है , अंग्रेजों भारत छोड़ो ? अंग्रेजों भारत छोड़ो ? और आश्चर्य की बात ये थी कि लोग उसके पीछे पीछे ये नारा भी लगाने लगते हैं . एक ऐसा मुद्दा जिसका ताजमहल की चोरी से कोई लेना देना नहीं था. बिल्कुल इसी तरह की घटना भारतीय जनतंत्र में घट रहीं है . जब चुनाव नजदीक आते हैं तो मंदिर -मस्जिद का नारा आकाश चुमने लगता है . नेता कान में जनेऊ लगाकर मंदिर जाने लगते हैं , तो कोई गुफा में जाकर ध्यान लगाने लगता है . मुझे बड़ा आश्चर्य होता है कि किसी नेता को जय श्री राम के नारे से चिढ़ होने लगती है . तो कोई ब्राह्मण पंडित पंजाब में जाकर गुरूद्वारे में माथा टेकने लगता है. क्यों जनता का मत अली और बजरंग बली से प्रभावित होता है ? ये मेरी समझ में नहीं आता. अभी भी सरकारी स्कुलों में पढाई की हालत खस्ता है . प्राइवेट स्कूल काकरोचों की तरह फैलते चले जा रहें हैं. प्राइवेट स्कूलों की फी बढ़ती जा रही है . जनता को ये दिखाई क्यूँ नहीं पड़ता. आखिर सरकारी होस्पिटलों में ईलाज की स्थिति आज कितनी खराब है , ये सब जानते हैं , और प्राइवेट होस्पिटलों में ईलाज करवाना आम जनता के बस की बात नहीं . पेट्रोल के दाम आसमान छु रहें है . लोग नेता से आखिर ये क्यूँ नहीं पूछते कि सरकारी स्कुलों में पढाई की हालत इतनी खस्ता क्यूँ है? लोग नेताओं से ये क्यूँ नहीं पूछते कि सरकारी होस्पिटलों में ईलाज सुलभ क्यूँ नहीं हैं ? आधे मरीज तो लाइन में हीं मर जाते हैं . नेता हर साल महंगाई कम करने की बात करते हैं , पर चुनाव के समय ये मुद्दा नहीं बनते. वादों और वादों से जनता को फुसला कर सत्ता में आ तो जाते हैं , पर सत्ता में आ जाने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं . क्या इन नेताओं को भारतीय संविधान झूठ बोलने का मोलिक अधिकार प्रदान करता है . इन नेताओं के झूठे चुनावी वादे करने पे रोक क्यूँ नहीं है . क्यूँ इनकी जिम्मेदारी नहीं बनती . क्या झूठ बोलना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है ? पिछड़ों की राजनीति करनेवाले नेता तो अमीर हो गए अलबत्ता पिछड़े और पिछड़े होते चले गए. अभी भी जाति और धर्म आम जनता के लिए अफीम का काम करती है , जिसे नेता बुरी तरीके से भुनाते हैं. भारतीय जनतंत्र की बहुत बड़ी विडंबना है कि अली और बजरंग बली नौकरी तो प्रदान नहीं कर सकते , अलबत्ता भारतीय सरकार को बदलने की क्षमता रखते हैं . ये दुर्भाग्य है भारत का. आखिर लोग समझते क्यों नहीं , कि मंदिर मस्जिद आपके मुहल्ले में सड़क पक्की नहीं करवा सकते , पानी उपलब्ध नहीं करवा सकते , नौकरियां प्रदान नहीं कर सकते , स्कुल और होस्पिटलों की फी कम नहीं करवा सकते. जबतक लोगो को अली और बजरंग बली दिखते रहेंगे , पर स्कूलों और होस्पिटलों की बढ़ी हुई फी दिखाई नहीं पड़ती रहेंगी तब तक भारतीय जनतंत्र इसी तरह घुटनों के बल रेंगता रहेगा. अपनी बदहाली के ये जनता की आँखों पर चढ़ी हुई धर्म और जाति की पट्टी जिम्मेदार है , जो इनको अँधा बना देती है . जब तक जनता को अली और बजरंग बली दिखाई पड़ना बंद न होगा और जब तक विकास , रोजगार , स्कूलों और होस्पिटलों की बढ़ी हुई फी चुनावी मुद्दे नहीं बनेगे तब नेताओं के लिए झूठ बोलना जन्मसिद्ध अधिकार बना रहेगा.
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काले दिन - दुनिया भले ही कितना भी तकनीकी विकास कर ले और साइंस अपने कारनामों को कितनी भी शाबाशी दे ले लेकिन प्रकृति के आगे दोनों को ही घुटने टेकने पड़ते हैं।
जी हां, आपने भी कई बार ऐसे प्राकृतिक हादसे देखे होंगें जिनमें प्रकृति के आगे हर कोई बेबस नज़र आता है।
भारत के इतिहास में भी ऐसे कई काले दिन आए हैं जिनमें उसे दर्दनाक हादसों का शिकार होना बड़ा। इनमें जान-माल की हानि भी हुई और ये देश के इतिहास में बस गए।
आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे प्राकृतिक हादसों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें काला दिन घोषित कर दिया गया।
जी हां, आप सोच भी नहीं सकते कि हमारे देश में भी अकाल की स्थित भी आई होगी। अब तो नहीं लेकिन ये बात 1876 से 1878 तक की है। इस दौरान अकाल की वजह से 3 करोड़ से भी ज्यादा लोग मौत के काल में समा गए थे। सबसे पहले इस काल की शुरुआत चीन में हुई थी और फिर ये वहां से चलते हुए भारत आ गया। भारत के इतिहास की सबसे भयंकर प्राकृतिक आपदाओं में इसे भी शामिल किया जाता है।
साल 2004 में एक तीव्र भूकंप के बाद हिंद महासागर में विनाशकारी सुनामी आई जिसने दक्षिण भारत के हिस्सों को तबाह कर दिया। इंडमान निकोबार, श्रीलंका, इंडोनशिया जैसे देश प्रभावित हुए। यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा भूकंप था जिसकी क्षमता हिरोशिमा में डाले गए बमों के प्रकार के 23000 परमाणु बमों की ऊर्जा के बराबर थी जिसमें 2 लाख से भी ज्यादा लोग मारे गए थे।
साल 2013 में आई बाढ़ तो हर भारतीय को याद होगी।
इसमें ना केवल उत्तराखंड के स्थानीय लोग मारे गए थे बल्कि देशभर से केदारनाथ के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु मारे गए थे। बादल फटने के कारण गंगा नदी उफान पर आ गई थी और इस वजह से गोविंदघाट, केदारधाम, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी नेपाल जैसी कई जगहों पर भारी बाढ़ आई थी जिसमें 5000 लोग मारे गए थे। इस हादसे में कई लोग लापता हो गए। ये घटना इतनी भयावह थी कि इसमें मानवता भी बहुत शर्मसार हुई।
जिंदा बचे हुए लोग मरी हुई लाशों के जेवर उतार-उतार कर ले जा रहे थे और पांच रुपए का बिस्कुट भी उस समय पांच हज़ार रुपए में बिक रहा था। उत्तराखंड में आई उस बाढ़ को विनाश का दिन कहा जाता है।
गुजरात में जिस दिन भयंकर भूकंप आया उस दिन देश में 51वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था। साल 2001 में 26 जनवरी के दिन परेड करते हुए ही भूकंप आ गया और परेड निकालते हुए बच्चे उसमें मर गए। इस भूकंप ने 20 हजार लोगों की जान ली थी। इसमें 167000 लोग घायल हुए थे और लगभग 400000 लोग बेघर हो गए थे। 2 मिनट तक आए इस भूकंप की तीव्रता 7.6 से 7.9 थी।
आज इतने तीव्र चक्रवात नहीं आते जिससे बहुत ज्यादा नुकसान हो लेकिन 1999 में उड़ीसा में ऐसा चक्रवात आया था कि इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस तूफानी चक्रवात को पांचवी के रूप में जाना जाता है। इसमें 10 हज़ार से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 275 हज़ार से ज्यादा घर टूट गए थे। 912 एंबी के चरम की तीव्रता से आया ये चक्रवात कई लोगों को बेघर कर गया था। इसे उत्तर भारतीय बेसिन का सबसे मजबूत उष्णकटिबंधीय चक्रवात कहा जाता है।
भारत के ये पांच काले दिन हर भारतीय को पता होने चाहिए।
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काले दिन - दुनिया भले ही कितना भी तकनीकी विकास कर ले और साइंस अपने कारनामों को कितनी भी शाबाशी दे ले लेकिन प्रकृति के आगे दोनों को ही घुटने टेकने पड़ते हैं। जी हां, आपने भी कई बार ऐसे प्राकृतिक हादसे देखे होंगें जिनमें प्रकृति के आगे हर कोई बेबस नज़र आता है। भारत के इतिहास में भी ऐसे कई काले दिन आए हैं जिनमें उसे दर्दनाक हादसों का शिकार होना बड़ा। इनमें जान-माल की हानि भी हुई और ये देश के इतिहास में बस गए। आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे प्राकृतिक हादसों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें काला दिन घोषित कर दिया गया। जी हां, आप सोच भी नहीं सकते कि हमारे देश में भी अकाल की स्थित भी आई होगी। अब तो नहीं लेकिन ये बात एक हज़ार आठ सौ छिहत्तर से एक हज़ार आठ सौ अठहत्तर तक की है। इस दौरान अकाल की वजह से तीन करोड़ से भी ज्यादा लोग मौत के काल में समा गए थे। सबसे पहले इस काल की शुरुआत चीन में हुई थी और फिर ये वहां से चलते हुए भारत आ गया। भारत के इतिहास की सबसे भयंकर प्राकृतिक आपदाओं में इसे भी शामिल किया जाता है। साल दो हज़ार चार में एक तीव्र भूकंप के बाद हिंद महासागर में विनाशकारी सुनामी आई जिसने दक्षिण भारत के हिस्सों को तबाह कर दिया। इंडमान निकोबार, श्रीलंका, इंडोनशिया जैसे देश प्रभावित हुए। यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा भूकंप था जिसकी क्षमता हिरोशिमा में डाले गए बमों के प्रकार के तेईस हज़ार परमाणु बमों की ऊर्जा के बराबर थी जिसमें दो लाख से भी ज्यादा लोग मारे गए थे। साल दो हज़ार तेरह में आई बाढ़ तो हर भारतीय को याद होगी। इसमें ना केवल उत्तराखंड के स्थानीय लोग मारे गए थे बल्कि देशभर से केदारनाथ के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु मारे गए थे। बादल फटने के कारण गंगा नदी उफान पर आ गई थी और इस वजह से गोविंदघाट, केदारधाम, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी नेपाल जैसी कई जगहों पर भारी बाढ़ आई थी जिसमें पाँच हज़ार लोग मारे गए थे। इस हादसे में कई लोग लापता हो गए। ये घटना इतनी भयावह थी कि इसमें मानवता भी बहुत शर्मसार हुई। जिंदा बचे हुए लोग मरी हुई लाशों के जेवर उतार-उतार कर ले जा रहे थे और पांच रुपए का बिस्कुट भी उस समय पांच हज़ार रुपए में बिक रहा था। उत्तराखंड में आई उस बाढ़ को विनाश का दिन कहा जाता है। गुजरात में जिस दिन भयंकर भूकंप आया उस दिन देश में इक्यावनवां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था। साल दो हज़ार एक में छब्बीस जनवरी के दिन परेड करते हुए ही भूकंप आ गया और परेड निकालते हुए बच्चे उसमें मर गए। इस भूकंप ने बीस हजार लोगों की जान ली थी। इसमें एक लाख सरसठ हज़ार लोग घायल हुए थे और लगभग चार लाख लोग बेघर हो गए थे। दो मिनट तक आए इस भूकंप की तीव्रता सात.छः से सात.नौ थी। आज इतने तीव्र चक्रवात नहीं आते जिससे बहुत ज्यादा नुकसान हो लेकिन एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में उड़ीसा में ऐसा चक्रवात आया था कि इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस तूफानी चक्रवात को पांचवी के रूप में जाना जाता है। इसमें दस हज़ार से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और दो सौ पचहत्तर हज़ार से ज्यादा घर टूट गए थे। नौ सौ बारह एंबी के चरम की तीव्रता से आया ये चक्रवात कई लोगों को बेघर कर गया था। इसे उत्तर भारतीय बेसिन का सबसे मजबूत उष्णकटिबंधीय चक्रवात कहा जाता है। भारत के ये पांच काले दिन हर भारतीय को पता होने चाहिए।
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नई दिल्ली : मानसून की गति अरब सागर के पास कमजोर पड़ने की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी इसे पहुंचने में कुछ और दिन लग सकते हैं। उधर झुलसाती गर्मी ने पूरे देश के लोगों का बुरा हाल कर रखा है। सबकी निगाहें अब मानसून के आगमन पर टिकी हुई हैं। दिल्ली-एनसीआर में मानसून कब दस्तक देने वाला है, इस बारे में भी मौसम विभाग ने अपडेट जारी किया है। दरअसल, शुरूआती मानसून के कमजोर होने के कारण गर्मी का दौर थोड़ा और बढ़ गया है। पश्चिमोत्तर भारत एवं मध्य भारत लगातार लू की चपेट में हैं। मंगलवार को भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भयंकर गर्मी पड़ी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक पश्चिमोत्तर और मध्य भारत के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की गुजाइंश नहीं है।
हालांकि उसके बाद एक पश्चिमी विक्षोभ आने से मौसम का पारा 2-3 डिग्री तक लुढक सकता है। जिससे लोगों को कुछ राहत महसूस होगी। जम्मू एरिया, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जून के दौरान अलग अलग स्थानों पर लू की आशंका है। विभाग ने चेताया कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम मध्यप्रदेश में बुधवार को लू का अहसास हो सकता है।
वहीं दक्षिण भारत की बात की जाए तो अरब सागर से दक्षिण प्रायद्वीप भारत की ओर पछुआ हवा चलने के कारण कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में अगले पांच दिनों तक गरज के साथ बारिश या आसमान में बिजली चमक सकती है। दक्षिण पश्चिम मानसून तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पश्चिम हिस्सों से आगे बढ़ा है। फिलहाल करीब 1 सप्ताह तक मानसून की स्थिति कमजोर रहेगी, उसके बाद 15 जून से यह तेजी पकड़ेगा और दक्षिणी राज्यों में अच्छी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर में भी मानसून 25 जून के आसपास पहुंच जाएगा और बारिशों का दौर शुरू हो जाएगा। विभाग का अनुमान है कि 11 जून को बारिश और आंधी आने की संभावना है। इससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि गुरुवार तक पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में लू चलने का अनुमान है। इसके अलावा अगले दो दिनों में ओडिशा, मध्य प्रदेश, जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और उत्तर झारखंड में भी लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में जबरदस्त गर्मी से किसी प्रकार की राहत नहीं मिली और सोमवार को कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण सप्ताहांत में इस गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
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नई दिल्ली : मानसून की गति अरब सागर के पास कमजोर पड़ने की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी इसे पहुंचने में कुछ और दिन लग सकते हैं। उधर झुलसाती गर्मी ने पूरे देश के लोगों का बुरा हाल कर रखा है। सबकी निगाहें अब मानसून के आगमन पर टिकी हुई हैं। दिल्ली-एनसीआर में मानसून कब दस्तक देने वाला है, इस बारे में भी मौसम विभाग ने अपडेट जारी किया है। दरअसल, शुरूआती मानसून के कमजोर होने के कारण गर्मी का दौर थोड़ा और बढ़ गया है। पश्चिमोत्तर भारत एवं मध्य भारत लगातार लू की चपेट में हैं। मंगलवार को भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भयंकर गर्मी पड़ी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक पश्चिमोत्तर और मध्य भारत के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की गुजाइंश नहीं है। हालांकि उसके बाद एक पश्चिमी विक्षोभ आने से मौसम का पारा दो-तीन डिग्री तक लुढक सकता है। जिससे लोगों को कुछ राहत महसूस होगी। जम्मू एरिया, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी मध्य प्रदेश में सात से नौ जून के दौरान अलग अलग स्थानों पर लू की आशंका है। विभाग ने चेताया कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम मध्यप्रदेश में बुधवार को लू का अहसास हो सकता है। वहीं दक्षिण भारत की बात की जाए तो अरब सागर से दक्षिण प्रायद्वीप भारत की ओर पछुआ हवा चलने के कारण कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में अगले पांच दिनों तक गरज के साथ बारिश या आसमान में बिजली चमक सकती है। दक्षिण पश्चिम मानसून तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पश्चिम हिस्सों से आगे बढ़ा है। फिलहाल करीब एक सप्ताह तक मानसून की स्थिति कमजोर रहेगी, उसके बाद पंद्रह जून से यह तेजी पकड़ेगा और दक्षिणी राज्यों में अच्छी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर में भी मानसून पच्चीस जून के आसपास पहुंच जाएगा और बारिशों का दौर शुरू हो जाएगा। विभाग का अनुमान है कि ग्यारह जून को बारिश और आंधी आने की संभावना है। इससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि गुरुवार तक पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में लू चलने का अनुमान है। इसके अलावा अगले दो दिनों में ओडिशा, मध्य प्रदेश, जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और उत्तर झारखंड में भी लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में जबरदस्त गर्मी से किसी प्रकार की राहत नहीं मिली और सोमवार को कई इलाकों में पारा पैंतालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण सप्ताहांत में इस गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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हॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन' में नजर आने वाले अभिनेता जॉनी डेप ने हाल ही में अपनी पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड पर मानहानि का मुकदमा किया है. जी हां. . . जानकारी के मुताबिक जॉनी डेप ने पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड पर 50 मिलियन डालर यानी भारतीय रुपयों में करीब 354 करोड़ का मुक़दमा ठोका है. सूत्रों की माने तो ऐंबर हर्ड ने साल 2018 दिसंबर में वॉशिंगटन पोस्ट को दिए इंटरव्यू में जॉनी डेप को लेकर कहा था कि वह उनसे मारपीट करते थे.
हाल ही में अभिनेता जॉनी डेप ने अब इस बारे में कहा है कि, 'उन्होंने कभी भी अपनी पत्नी के साथ घरेलू हिंसा नहीं की. ' आपको बता दें जॉनी ने अपनी पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड को जूठा बताते हुए ये भी कहा कि, 'ऐंबर हर्ड ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए मुझ पर इल्जाम लगाया था. इसलिए अब जाकर मैंने अपनी पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड पर मानहानि का आरोप लगाया है. ' जानकारी के लिए बता दें साल 2016 में कोर्ट ने जॉनी डेप को अपनी पत्नी ऐंबर हर्ड से दूर रहने का आदेश दिया था.
दरअसल, उनकी पूर्व पत्नी हर्ड ने ये आरोप लगाया था कि पूरे रिलेशनशिप के दौरान जॉनी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है. उन्होंने जॉनी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि, 'डेप शराब और ड्रग जैसी चीजों का काफी अधिक सेवन करते हैं और इसलिए उन्हें उनके गुस्से से डर लगने लगा है. ' बता दें जॉनी डेप और ऐंबर हर्ड कि साल 2011 में एक फिल्म (द रम डायरी) के सेट पर मुलाकात हुई थी और तभी वह एक फ्रेंच एक्ट्रेस के साथ रिलेशनशिप में भी थे. आपको बता दें ऐंबर हर्ड पहले से ही दो बच्चों की मां थीं लेकिन फिर भी साल 2015 में जॉनी डेप और हर्ड ने काफी धूम-धाम से शादी कर ली थी. जिसके दो साल बाद 2017 में दोनों का तलाक भी हो गया.
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हॉलीवुड की मशहूर फिल्म 'पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन' में नजर आने वाले अभिनेता जॉनी डेप ने हाल ही में अपनी पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड पर मानहानि का मुकदमा किया है. जी हां. . . जानकारी के मुताबिक जॉनी डेप ने पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड पर पचास मिलियन डालर यानी भारतीय रुपयों में करीब तीन सौ चौवन करोड़ का मुक़दमा ठोका है. सूत्रों की माने तो ऐंबर हर्ड ने साल दो हज़ार अट्ठारह दिसंबर में वॉशिंगटन पोस्ट को दिए इंटरव्यू में जॉनी डेप को लेकर कहा था कि वह उनसे मारपीट करते थे. हाल ही में अभिनेता जॉनी डेप ने अब इस बारे में कहा है कि, 'उन्होंने कभी भी अपनी पत्नी के साथ घरेलू हिंसा नहीं की. ' आपको बता दें जॉनी ने अपनी पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड को जूठा बताते हुए ये भी कहा कि, 'ऐंबर हर्ड ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए मुझ पर इल्जाम लगाया था. इसलिए अब जाकर मैंने अपनी पूर्व पत्नी ऐंबर हर्ड पर मानहानि का आरोप लगाया है. ' जानकारी के लिए बता दें साल दो हज़ार सोलह में कोर्ट ने जॉनी डेप को अपनी पत्नी ऐंबर हर्ड से दूर रहने का आदेश दिया था. दरअसल, उनकी पूर्व पत्नी हर्ड ने ये आरोप लगाया था कि पूरे रिलेशनशिप के दौरान जॉनी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है. उन्होंने जॉनी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि, 'डेप शराब और ड्रग जैसी चीजों का काफी अधिक सेवन करते हैं और इसलिए उन्हें उनके गुस्से से डर लगने लगा है. ' बता दें जॉनी डेप और ऐंबर हर्ड कि साल दो हज़ार ग्यारह में एक फिल्म के सेट पर मुलाकात हुई थी और तभी वह एक फ्रेंच एक्ट्रेस के साथ रिलेशनशिप में भी थे. आपको बता दें ऐंबर हर्ड पहले से ही दो बच्चों की मां थीं लेकिन फिर भी साल दो हज़ार पंद्रह में जॉनी डेप और हर्ड ने काफी धूम-धाम से शादी कर ली थी. जिसके दो साल बाद दो हज़ार सत्रह में दोनों का तलाक भी हो गया.
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लखनऊ। कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। दुनियाभर में वायरस के कारण 6500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख 64 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। भारत की बात करें तो यहां भी संक्रमित मामलों की संख्या 147 हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी संख्या बढ़ती जा रही है। राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के एक जूनियर डॉक्टर में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। जूनियर डॉक्टर को केजीएमयू में ही आइसोलेट किया गया है। इसी के साथ लखनऊ में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हो गई है, जबकि प्रदेश में यह संख्या 16 पहुंच गई है।
टोरंटो से आई एक महिला डॉक्टर में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आने वाले एक अन्य को भी संक्रमण हुआ था। दोनों का ही इलाज केजीएमयू में चल रहा है। बताया जा रहा है कि जूनियर डॉक्टर केजीएमयू में एडमिट कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने वाली टीम में शामिल था। जूनियर डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि होने के बाद केजीएमयू के डॉक्टरों में भी हड़कंप मच गया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बुधवार को कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि यूपी में 15 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं।
बता दें, आगरा में 8, नोएडा में 3 और लखनऊ व गाजियाबाद में दो-दो मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। मंगलवार को नोएडा में दो लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अभी तक प्रदेश में तीन कोरोना वायरस के मरीज रिकवर हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सूबे में कुल 762 लोगों के लैब टेस्ट निगेटिव पाए गए हैं। अभी भी 98 संदिग्ध लोगों के टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार है।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए। कोरोना को लेकर हुई बड़ी चर्चा के बाद कई गाइडलाइंस व निर्देश जारी किए गए। प्रदेश में सभी स्कूल व कॉलेज को दो अप्रैल तक बंद करने की घोषणा की है। पहले सरकार ने सभी स्कूल-कालेज को 22 मार्च तक बंद करने का आदेश जारी किया था। स्कूल व कॉलेज को दो अप्रैल तक बंद करने के साथ ही सरकार ने अगले आदेश तक सभी परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया है।
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लखनऊ। कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। दुनियाभर में वायरस के कारण छः हज़ार पाँच सौ से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख चौंसठ हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। भारत की बात करें तो यहां भी संक्रमित मामलों की संख्या एक सौ सैंतालीस हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी संख्या बढ़ती जा रही है। राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी के एक जूनियर डॉक्टर में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। जूनियर डॉक्टर को केजीएमयू में ही आइसोलेट किया गया है। इसी के साथ लखनऊ में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हो गई है, जबकि प्रदेश में यह संख्या सोलह पहुंच गई है। टोरंटो से आई एक महिला डॉक्टर में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आने वाले एक अन्य को भी संक्रमण हुआ था। दोनों का ही इलाज केजीएमयू में चल रहा है। बताया जा रहा है कि जूनियर डॉक्टर केजीएमयू में एडमिट कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने वाली टीम में शामिल था। जूनियर डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि होने के बाद केजीएमयू के डॉक्टरों में भी हड़कंप मच गया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बुधवार को कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि यूपी में पंद्रह मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। बता दें, आगरा में आठ, नोएडा में तीन और लखनऊ व गाजियाबाद में दो-दो मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। मंगलवार को नोएडा में दो लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अभी तक प्रदेश में तीन कोरोना वायरस के मरीज रिकवर हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सूबे में कुल सात सौ बासठ लोगों के लैब टेस्ट निगेटिव पाए गए हैं। अभी भी अट्ठानवे संदिग्ध लोगों के टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए। कोरोना को लेकर हुई बड़ी चर्चा के बाद कई गाइडलाइंस व निर्देश जारी किए गए। प्रदेश में सभी स्कूल व कॉलेज को दो अप्रैल तक बंद करने की घोषणा की है। पहले सरकार ने सभी स्कूल-कालेज को बाईस मार्च तक बंद करने का आदेश जारी किया था। स्कूल व कॉलेज को दो अप्रैल तक बंद करने के साथ ही सरकार ने अगले आदेश तक सभी परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया है।
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श्रीलंका के बाद अब बांग्लादेश भी चीन के कर्ज के जाल में फंसता जा रहा है. बांग्लादेश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के उपाध्यक्ष एडवोकेट निताई रॉय चौधरी ने इसे लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए कर्ज या अनुदान के नाम पर चीन की फंडिंग न तो शेख हसीना की सरकार के लिए अच्छी है और न ही भारत के लिए। चौधरी ने आरोप लगाया कि इस फंडिंग के जरिए चीन बांग्लादेश में अपना राजनीतिक दबदबा बढ़ाना चाहता है। उन्होंने कहा, 'मेगा प्रोजेक्ट्स में चीन का कर्ज देश की जनता के लिए दिन-ब-दिन बड़ा बोझ बनता जा रहा है. अगर कोई गलतफहमी हुई तो चीन श्रीलंका की तरह बांग्लादेश पर कब्जा कर लेगा।
इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में चौधरी ने कहा कि 2001 में बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की इक्का-दुक्का घटनाएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सांप्रदायिक हमले मुख्य रूप से आर्थिक कारणों से होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा की सभी घटनाओं में शामिल थी। बांग्लादेश में कई भारत विरोधी राजनीतिक दलों के बारे में चौधरी ने कहा कि वे देश में हमेशा मौजूद रहेंगे. भारत को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
बीएनपी नेता चौधरी ने कहा कि चीन की उधारी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की पुरानी सोच को दर्शाती है. शेख हसीना ने कहा कि चीन के साथ बांग्लादेश के संबंध आर्थिक हैं जबकि भारत के साथ संबंध राजनीतिक हैं। हालांकि, चौधरी कहते हैं कि ऐसा सोचने का कोई कारण नहीं है कि चीन बिना शर्त बांग्लादेश की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभुत्व के बिना आर्थिक सहायता या व्यापार की कोई गारंटी नहीं हो सकती।
चौधरी ने कहा, 'जो देश आर्थिक रूप से अविकसित या विकासशील देशों की मदद करते हैं, उनका उद्देश्य राजनीतिक वर्चस्व हासिल करना होता है। चीन अपना बाजार बढ़ाने के लिए बांग्लादेश को कर्ज दे रहा है। हसीना की सरकार इसे स्वीकार करती है और कहती है कि यह विकास की ओर ले जा रही है। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि इस विकास का आधार विदेशी कर्ज है। इन कर्जों का बोझ लोगों के कंधों पर भारी पड़ रहा है. इस विकास का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
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श्रीलंका के बाद अब बांग्लादेश भी चीन के कर्ज के जाल में फंसता जा रहा है. बांग्लादेश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के उपाध्यक्ष एडवोकेट निताई रॉय चौधरी ने इसे लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए कर्ज या अनुदान के नाम पर चीन की फंडिंग न तो शेख हसीना की सरकार के लिए अच्छी है और न ही भारत के लिए। चौधरी ने आरोप लगाया कि इस फंडिंग के जरिए चीन बांग्लादेश में अपना राजनीतिक दबदबा बढ़ाना चाहता है। उन्होंने कहा, 'मेगा प्रोजेक्ट्स में चीन का कर्ज देश की जनता के लिए दिन-ब-दिन बड़ा बोझ बनता जा रहा है. अगर कोई गलतफहमी हुई तो चीन श्रीलंका की तरह बांग्लादेश पर कब्जा कर लेगा। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में चौधरी ने कहा कि दो हज़ार एक में बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की इक्का-दुक्का घटनाएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सांप्रदायिक हमले मुख्य रूप से आर्थिक कारणों से होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा की सभी घटनाओं में शामिल थी। बांग्लादेश में कई भारत विरोधी राजनीतिक दलों के बारे में चौधरी ने कहा कि वे देश में हमेशा मौजूद रहेंगे. भारत को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बीएनपी नेता चौधरी ने कहा कि चीन की उधारी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की पुरानी सोच को दर्शाती है. शेख हसीना ने कहा कि चीन के साथ बांग्लादेश के संबंध आर्थिक हैं जबकि भारत के साथ संबंध राजनीतिक हैं। हालांकि, चौधरी कहते हैं कि ऐसा सोचने का कोई कारण नहीं है कि चीन बिना शर्त बांग्लादेश की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभुत्व के बिना आर्थिक सहायता या व्यापार की कोई गारंटी नहीं हो सकती। चौधरी ने कहा, 'जो देश आर्थिक रूप से अविकसित या विकासशील देशों की मदद करते हैं, उनका उद्देश्य राजनीतिक वर्चस्व हासिल करना होता है। चीन अपना बाजार बढ़ाने के लिए बांग्लादेश को कर्ज दे रहा है। हसीना की सरकार इसे स्वीकार करती है और कहती है कि यह विकास की ओर ले जा रही है। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि इस विकास का आधार विदेशी कर्ज है। इन कर्जों का बोझ लोगों के कंधों पर भारी पड़ रहा है. इस विकास का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
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लोग व्यवहार में अटक गये हैं। एकेन्द्रिय की दया पालना, छहकाय के जीवों की रक्षा करना आदि । अरे ! यह तो तेरी स्वयं की दया पालने की वात चलती है । वापू ! तू ज्ञान-दर्शनस्वभाव का पिण्ड परमात्मा है । यह तेरा चैतन्य जीवन है । निश्चय से त्रिकाल, एकरूप, शुद्ध, बुद्ध, स्वभाव चैतन्य प्रारणों से जीवे वह जीव है । पहले 'जीवो' शब्द है न ? यह जीव की व्याख्या चलती है। ऐसे शुद्ध जीव को यहाँ ध्येय बनाकर परिणमन करने की बात है। यह त्रिकाली निश्चय प्राणों की बात की है । अशुद्धनिश्चय से अशुद्धभाव - क्षायोपशमिकभावप्रारणों से जीवे वह जीव कहलाता है । अशुद्ध प्राणों से जीवे वह अज्ञानी है । तथा जड़, शरीर, इन्द्रिय, मन, वैचन, काया आदि से जीवे वह जीव है, ऐसा कहना वह अद्भुत व्यवहारनय का कथन है। क्योंकि स्वयं जड़स्वभाव नहीं है, तो भी जड़ से जीवे ऐसा कहना यह अद्भुत व्यवहार है, वह सत्यार्थ है ।
अमृतचन्द्राचार्य ने परिशिष्ट में 'जीवत्वशक्ति' कही है । यह जीवत्वशक्ति दर्शन-ज्ञानस्वभावरूप शुद्ध चैतन्यभाव-प्रारणरूप है । वह जीव का वास्तविक जीवपना है । शुद्ध दर्शन - ज्ञानस्वभाव जो जीवत्व - उसकी रुचि, ज्ञान व रमणता हुई वह स्वसमय है । अनादि से परघर में भ्रमरण करता था वह सम्यकुदर्शन-ज्ञान-चारित्ररूप स्वघर में आया वह स्वसमय है । इससे उल्टा राग-द्वेप, दया- दान, पुण्य-पाप आदि परघर में भ्रमरण करना वह परसमय है ।
यह सव समझना पड़ेगा भाई ! आवरू में, पैसा में, धूल में कुछ नहीं रखा है ।
अव परसमय किसे कहते हैं यह स्पष्ट करते हैं । आत्मा के अनादि से अविद्या या ज्ञान से मोह पुष्ट है । मोहकर्म उसमें निमित्त है । मोहकर्म जिसका निमित्त है ऐसे मोह के उदयानुसार अनादि से प्रवृत्ति करता है । राग-द्वेष, पुण्य-पाप, दया- दान आदि विकाररूप परिणमन करता है । इस विकारी परिरगमन के आधीन हुआ वह दर्शन - ज्ञानस्वभावरूप आत्मतत्त्व से छूट गया है। स्वसमय परिरणमन में दर्शन-ज्ञानस्वभाव में निश्चित प्रवृत्तिरूप जो एकता होती है वह यहाँ विकारी परिरगमन के अधीन होकर दर्शन - ज्ञानस्वभाव से - निज शुद्धात्मतत्त्व से छूट जाता है, ऐसा कहा है । परद्रव्य के निमित्त से उत्पन्न यह मोह-राग-द्वेषादिभावों के साथ एक ही साथ एकपने को प्राप्त करता और जानता हुआ पुद्गल कर्म के प्रदेशों में स्थित होने से परसमय है । पुण्य-पाप के विकारी भावों के साथ एकपना मानकर वर्तता है, वह मिथ्यादृष्टि परसमय है ।
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लोग व्यवहार में अटक गये हैं। एकेन्द्रिय की दया पालना, छहकाय के जीवों की रक्षा करना आदि । अरे ! यह तो तेरी स्वयं की दया पालने की वात चलती है । वापू ! तू ज्ञान-दर्शनस्वभाव का पिण्ड परमात्मा है । यह तेरा चैतन्य जीवन है । निश्चय से त्रिकाल, एकरूप, शुद्ध, बुद्ध, स्वभाव चैतन्य प्रारणों से जीवे वह जीव है । पहले 'जीवो' शब्द है न ? यह जीव की व्याख्या चलती है। ऐसे शुद्ध जीव को यहाँ ध्येय बनाकर परिणमन करने की बात है। यह त्रिकाली निश्चय प्राणों की बात की है । अशुद्धनिश्चय से अशुद्धभाव - क्षायोपशमिकभावप्रारणों से जीवे वह जीव कहलाता है । अशुद्ध प्राणों से जीवे वह अज्ञानी है । तथा जड़, शरीर, इन्द्रिय, मन, वैचन, काया आदि से जीवे वह जीव है, ऐसा कहना वह अद्भुत व्यवहारनय का कथन है। क्योंकि स्वयं जड़स्वभाव नहीं है, तो भी जड़ से जीवे ऐसा कहना यह अद्भुत व्यवहार है, वह सत्यार्थ है । अमृतचन्द्राचार्य ने परिशिष्ट में 'जीवत्वशक्ति' कही है । यह जीवत्वशक्ति दर्शन-ज्ञानस्वभावरूप शुद्ध चैतन्यभाव-प्रारणरूप है । वह जीव का वास्तविक जीवपना है । शुद्ध दर्शन - ज्ञानस्वभाव जो जीवत्व - उसकी रुचि, ज्ञान व रमणता हुई वह स्वसमय है । अनादि से परघर में भ्रमरण करता था वह सम्यकुदर्शन-ज्ञान-चारित्ररूप स्वघर में आया वह स्वसमय है । इससे उल्टा राग-द्वेप, दया- दान, पुण्य-पाप आदि परघर में भ्रमरण करना वह परसमय है । यह सव समझना पड़ेगा भाई ! आवरू में, पैसा में, धूल में कुछ नहीं रखा है । अव परसमय किसे कहते हैं यह स्पष्ट करते हैं । आत्मा के अनादि से अविद्या या ज्ञान से मोह पुष्ट है । मोहकर्म उसमें निमित्त है । मोहकर्म जिसका निमित्त है ऐसे मोह के उदयानुसार अनादि से प्रवृत्ति करता है । राग-द्वेष, पुण्य-पाप, दया- दान आदि विकाररूप परिणमन करता है । इस विकारी परिरगमन के आधीन हुआ वह दर्शन - ज्ञानस्वभावरूप आत्मतत्त्व से छूट गया है। स्वसमय परिरणमन में दर्शन-ज्ञानस्वभाव में निश्चित प्रवृत्तिरूप जो एकता होती है वह यहाँ विकारी परिरगमन के अधीन होकर दर्शन - ज्ञानस्वभाव से - निज शुद्धात्मतत्त्व से छूट जाता है, ऐसा कहा है । परद्रव्य के निमित्त से उत्पन्न यह मोह-राग-द्वेषादिभावों के साथ एक ही साथ एकपने को प्राप्त करता और जानता हुआ पुद्गल कर्म के प्रदेशों में स्थित होने से परसमय है । पुण्य-पाप के विकारी भावों के साथ एकपना मानकर वर्तता है, वह मिथ्यादृष्टि परसमय है ।
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