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एयरटेल और जियो के बाद भारत में अब Vi भी अपनी 5G सेवाएं लॉन्च करने को तैयार है। सामने आया है कि वोडाफोन आइडिया इसके लिए फंडिंग जुटा रही है और जून महीने से 5G सेवाओं का रोलआउट शुरू कर सकती है। भारत की तीन सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से दो भारती एयरटेल और रिलायंस जियो की ओर से पिछले साल अक्टूबर में ही 5G सेवाएं लॉन्च कर दी गई थीं और इनका फायदा यूजर्स को मिल रहा है। अब तीसरी बड़ी कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) भी 5G लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है। बीते दिनों सामने आया था कि वोडाफोन आइडिया अपनी 5G सेवाएं रोलआउट करने के लिए फंडिंग जुटा रहा है और जल्द ही कंपनी की 5G कनेक्टिविटी का फायदा यूजर्स को मिलेगा। दूरसंचार विभाग (DoT) के एक सीनियर अधिकारी की मानें तो टेलिकॉम कंपनी जून महीने तक फंडिंग जुटा सकती है, जिसके बाद इसकी 5G सेवाएं लॉन्च कर दी गई हैं। यानी कि Vi सब्सक्राइबर्स इस साल जून महीने में 5G सेवाएं मिलनी की उम्मीद कर सकते हैं। सामने आया है कि कंपनी ने पहले ही तीसरी तिमाही के लिए लाइसेंसिंग फीस क्लियर कर दी है और चौथी तिमाही के लिए भी आंशिक भुगतान कर दिया है। 5G स्पेस में Vi की सीधी टक्कर एयरटेल और जियो के साथ होगी। एक अन्य रिपोर्ट में सामने आया है कि फिनलैंड की टेक कंपनी Nokia के साथ 5G उपकरणों के लिए Vi की बात चल रही है और 5G नेटवर्क से जुड़ा ढांचा तैयार करने में Vi को नोकिया की मदद मिल सकती है। बता दें, रिलायंस जियो और एयरटेल दोनों के लिए भी नोकिया ही सप्लायर है। Vi की ओर से 5G टेस्टिंग का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। यानी कि 5G सेवाएं लॉन्च होते ही इनका रोलआउट तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। कौन सा 5G टेक इस्तेमाल करेगी Vi? भारतीय मार्केट में रिलायंस जियो अपने यूजर्स को स्टैंडअलोन 5G टेक्नोलॉजी (SA) का फायदा दे रही है, वहीं एयरटेल ने नॉन-स्टैंडअलोन टेक्नोलॉजी (NSA) का विकल्प चुना है। अब तक साफ नहीं है कि Vi इनसे से किस 5G टेक का इस्तेमाल करने वाली है। स्टैंडअलोन 5G में मौजूदा 4G ढांचे का इस्तेमाल नहीं किया जाता और नया नेटवर्क तैयार होता है, वहीं नॉन-स्टैंडअलोन टेक मौजूदा ढांचे को आधार बनाते हुए 5G सेवाओं का फायदा देती है। लंबे वक्त से जियो और एयरटेल के सब्सक्राइबर्स तो बढ़ रहे हैं लेकिन वोडाफोन-आइडिया (Vi) का यूजरबेस लगातार कम हो रहा है। यही बात 5G रोलआउट के वक्त भी लागू हुई जब बाकी दो कंपनियों से पिछड़ने का खामियाजा Vi को भुगतना पड़ा। दरअसल, जो यूजर्स 5G इंटरनेट स्पीड का फायदा उठाना चाहते थे उन्होंने अपना Vi नंबर पोर्ट करवा लिया। उम्मीद है कि 5G लॉन्च के बाद Vi अपना यूजरबेस बरकरार रखने में कामयाब होगी।
एयरटेल और जियो के बाद भारत में अब Vi भी अपनी पाँचG सेवाएं लॉन्च करने को तैयार है। सामने आया है कि वोडाफोन आइडिया इसके लिए फंडिंग जुटा रही है और जून महीने से पाँचG सेवाओं का रोलआउट शुरू कर सकती है। भारत की तीन सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से दो भारती एयरटेल और रिलायंस जियो की ओर से पिछले साल अक्टूबर में ही पाँचG सेवाएं लॉन्च कर दी गई थीं और इनका फायदा यूजर्स को मिल रहा है। अब तीसरी बड़ी कंपनी वोडाफोन आइडिया भी पाँचG लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है। बीते दिनों सामने आया था कि वोडाफोन आइडिया अपनी पाँचG सेवाएं रोलआउट करने के लिए फंडिंग जुटा रहा है और जल्द ही कंपनी की पाँचG कनेक्टिविटी का फायदा यूजर्स को मिलेगा। दूरसंचार विभाग के एक सीनियर अधिकारी की मानें तो टेलिकॉम कंपनी जून महीने तक फंडिंग जुटा सकती है, जिसके बाद इसकी पाँचG सेवाएं लॉन्च कर दी गई हैं। यानी कि Vi सब्सक्राइबर्स इस साल जून महीने में पाँचG सेवाएं मिलनी की उम्मीद कर सकते हैं। सामने आया है कि कंपनी ने पहले ही तीसरी तिमाही के लिए लाइसेंसिंग फीस क्लियर कर दी है और चौथी तिमाही के लिए भी आंशिक भुगतान कर दिया है। पाँचG स्पेस में Vi की सीधी टक्कर एयरटेल और जियो के साथ होगी। एक अन्य रिपोर्ट में सामने आया है कि फिनलैंड की टेक कंपनी Nokia के साथ पाँचG उपकरणों के लिए Vi की बात चल रही है और पाँचG नेटवर्क से जुड़ा ढांचा तैयार करने में Vi को नोकिया की मदद मिल सकती है। बता दें, रिलायंस जियो और एयरटेल दोनों के लिए भी नोकिया ही सप्लायर है। Vi की ओर से पाँचG टेस्टिंग का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। यानी कि पाँचG सेवाएं लॉन्च होते ही इनका रोलआउट तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। कौन सा पाँचG टेक इस्तेमाल करेगी Vi? भारतीय मार्केट में रिलायंस जियो अपने यूजर्स को स्टैंडअलोन पाँचG टेक्नोलॉजी का फायदा दे रही है, वहीं एयरटेल ने नॉन-स्टैंडअलोन टेक्नोलॉजी का विकल्प चुना है। अब तक साफ नहीं है कि Vi इनसे से किस पाँचG टेक का इस्तेमाल करने वाली है। स्टैंडअलोन पाँचG में मौजूदा चारG ढांचे का इस्तेमाल नहीं किया जाता और नया नेटवर्क तैयार होता है, वहीं नॉन-स्टैंडअलोन टेक मौजूदा ढांचे को आधार बनाते हुए पाँचG सेवाओं का फायदा देती है। लंबे वक्त से जियो और एयरटेल के सब्सक्राइबर्स तो बढ़ रहे हैं लेकिन वोडाफोन-आइडिया का यूजरबेस लगातार कम हो रहा है। यही बात पाँचG रोलआउट के वक्त भी लागू हुई जब बाकी दो कंपनियों से पिछड़ने का खामियाजा Vi को भुगतना पड़ा। दरअसल, जो यूजर्स पाँचG इंटरनेट स्पीड का फायदा उठाना चाहते थे उन्होंने अपना Vi नंबर पोर्ट करवा लिया। उम्मीद है कि पाँचG लॉन्च के बाद Vi अपना यूजरबेस बरकरार रखने में कामयाब होगी।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में शनिवार को आधी रात अचानक आग लग गई। गुदड़ी बाजार चौक के निकट इस आगजनी की घटना में कई दुकान आग की चपेट में आ गए। बाद में अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग लगने से लाखों रुपये के सामान जलकर राख हो गए। आग लगने कितने का नुकसान हुआ है, इसका अभी सही से आकलन नहीं हो सका है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस आगजनी में कम से कम 10लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग की वजह से उनकी रोजी-रोटी का साधन पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। दुकानदारों को अब भविष्य की चिंता सता रही है। इस संबंध में लोअर बाजार के थाना प्रभारी संजय कुमार ने रविवार को बताया कि चार-पांच दुकानों में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को मामले की जानकारी दी गई। फायर ब्रिगेड के दो वाहन मौके पर पहुंचे और लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया । उन्होंने बताया कि लोग आग ताप रहे थे, इसी दौरान उठी चिंगारी से आग लग गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए प्रयास किया। लेकिन फायर ब्रिगेड के आने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग लगी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक दुकान के संचालकों ने नुकसान का आकलन नहीं दिया है।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में शनिवार को आधी रात अचानक आग लग गई। गुदड़ी बाजार चौक के निकट इस आगजनी की घटना में कई दुकान आग की चपेट में आ गए। बाद में अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग लगने से लाखों रुपये के सामान जलकर राख हो गए। आग लगने कितने का नुकसान हुआ है, इसका अभी सही से आकलन नहीं हो सका है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस आगजनी में कम से कम दसलाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग की वजह से उनकी रोजी-रोटी का साधन पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। दुकानदारों को अब भविष्य की चिंता सता रही है। इस संबंध में लोअर बाजार के थाना प्रभारी संजय कुमार ने रविवार को बताया कि चार-पांच दुकानों में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को मामले की जानकारी दी गई। फायर ब्रिगेड के दो वाहन मौके पर पहुंचे और लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया । उन्होंने बताया कि लोग आग ताप रहे थे, इसी दौरान उठी चिंगारी से आग लग गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए प्रयास किया। लेकिन फायर ब्रिगेड के आने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग लगी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक दुकान के संचालकों ने नुकसान का आकलन नहीं दिया है।
कोरोना का डेल्टा वैरिएंट टीका लगवा चुके लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकता है इसकी पुष्टि हो गई है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने शुक्रवार को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में बताया है कि टीका लगवा चुके लोगों से भी वायरस दूसरों तक फैल सकता है। राहत की बात ये है कि टीका गंभीर तकलीफ और मौत से बचाने में सक्षम है। सीडीसी ने कहा है कि संक्रमण से बचने के लिए लोगों को मास्क पहनना होगा और सभी नियमों का पालन करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो वायरस दोबारा तबाही मचा सकता है। कनाडा की वैक्सीन और संक्रामक रोग विशेषज्ञ प्रो. एंजेला रासमुसेन का कहना है कि टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों का सुरक्षा कवच मजबूत होता है। मास्क अनिवार्य रूप से पहनना होगा क्योंकि ये वायरस को हमारे भीतर पहुंचने से रोकता है। हां जिन लोगों को अभी टीका नहीं लगा है उन्हें खतरा अधिक है। ऐसे में टीका लगवाएं और नियमों का पालन करें, संभव हो तो घर से बाहर न निकलें।
कोरोना का डेल्टा वैरिएंट टीका लगवा चुके लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकता है इसकी पुष्टि हो गई है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने शुक्रवार को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में बताया है कि टीका लगवा चुके लोगों से भी वायरस दूसरों तक फैल सकता है। राहत की बात ये है कि टीका गंभीर तकलीफ और मौत से बचाने में सक्षम है। सीडीसी ने कहा है कि संक्रमण से बचने के लिए लोगों को मास्क पहनना होगा और सभी नियमों का पालन करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो वायरस दोबारा तबाही मचा सकता है। कनाडा की वैक्सीन और संक्रामक रोग विशेषज्ञ प्रो. एंजेला रासमुसेन का कहना है कि टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों का सुरक्षा कवच मजबूत होता है। मास्क अनिवार्य रूप से पहनना होगा क्योंकि ये वायरस को हमारे भीतर पहुंचने से रोकता है। हां जिन लोगों को अभी टीका नहीं लगा है उन्हें खतरा अधिक है। ऐसे में टीका लगवाएं और नियमों का पालन करें, संभव हो तो घर से बाहर न निकलें।
कोहिमा : केन्द्रीय खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने नगालैंड स्थिति खेलों इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र (केआईएससीई) सहित कुल आठ केन्द्रों का मंगलवार को ऑनलाइन उद्घाटन किया। नगालैंड के अलावा केआईएससीई के ये केन्द्र कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, केरल, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा और तेलंगाना में हैं। इस मौके पर खेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार भारत में खेल संस्कृति विकसित करना चाहती है। खेलो इंडिया एक ऐसा 'ब्रांड' है, जिसका हिस्सा हर कोई बनना चाहता है। 'खेलो इंडिया खेल' देश का सबसे लोकप्रिय खेल कार्यक्रम बन गया है। भारत में खेलों को जीवन और संस्कृति का जरिया बनना चाहिए। भारत सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर युवा लड़कों और लड़कियों के लिए बुनियादी सुविधाएं बनाने में सहयोग किया है। भारत में खेलों में बहुत प्रतिभायें है, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण नहीं वे आगे नहीं बढ़ पाते हैं। केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में मौजूदा राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में केआईएससीई शुरू कर रही है। मंत्रालय बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। इसका मकसद भारत को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग और प्रशिक्षण के साथ खेलों में वैश्विक महाशक्ति बनाना है।
कोहिमा : केन्द्रीय खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने नगालैंड स्थिति खेलों इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र सहित कुल आठ केन्द्रों का मंगलवार को ऑनलाइन उद्घाटन किया। नगालैंड के अलावा केआईएससीई के ये केन्द्र कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, केरल, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा और तेलंगाना में हैं। इस मौके पर खेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार भारत में खेल संस्कृति विकसित करना चाहती है। खेलो इंडिया एक ऐसा 'ब्रांड' है, जिसका हिस्सा हर कोई बनना चाहता है। 'खेलो इंडिया खेल' देश का सबसे लोकप्रिय खेल कार्यक्रम बन गया है। भारत में खेलों को जीवन और संस्कृति का जरिया बनना चाहिए। भारत सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर युवा लड़कों और लड़कियों के लिए बुनियादी सुविधाएं बनाने में सहयोग किया है। भारत में खेलों में बहुत प्रतिभायें है, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण नहीं वे आगे नहीं बढ़ पाते हैं। केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में मौजूदा राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में केआईएससीई शुरू कर रही है। मंत्रालय बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। इसका मकसद भारत को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग और प्रशिक्षण के साथ खेलों में वैश्विक महाशक्ति बनाना है।
कोरोना महामारी के बीच बॉलीवुड जरूरत के इस समय में सक्रिय रूप से एक साथ आया है और हर कोई जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा है। एक्ट्रेस Neena Gupta की बेटी और लोकप्रिय फैशन डिजाइनर Masaba Gupta डिजाइनर रीयूजेबल मास्क बनाए हैं और उन्हें पुलिस अधिकारियों को डोनेट किया है, जो कोविड -19 के खिलाफ इस लड़ाई में सबसे आगे हैं। मसाबा ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं जिनमें लेडी पुलिस ऑफिसर्स डिजाइनर मास्क को पहने हुए नजर आ रही हैं। मसाबा गुप्ता की इस पहल पर फैंस और यहां तक की सेलिब्रिटीज के रिएक्शन भी आ रहे हैं। मसाबा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'मुझे इससे बहुत खुशी मिली है। मैंने कई जानीमानी महिलाओं के कपड़े तैयार किए हैं लेकिन यह पल मुझे मैं हमेशा याद रखुंगी। इन अविश्वसनीय पुलिस ऑफिसर्स की स्वार्थहीन सेवा के लिए हमने इन्हें अपने डिजाइन किए हुए नए मास्क तोहफे में दिए हैं। ' उन्होंने आगे लिखा, 'इन नॉन सर्जिकल रीयूजेबल मास्क को गिफ्ट करते हुए हम उनका आभार व्यक्त करना चाहते हैं। ये लोग बिना रुके देश के लोगों और भलाई के लिए काम कर रहे है। ' महिला पुलिस अफसर मसाबा के डिजाइन किए हुए मास्क पहने नजर आ रही हैं। मसाबा ने बताया है कि उनके ब्रांड के मास्क की बिक्री से जो भी रेवेन्यू आएगा उसे वो चैरिटी में इस्तेमाल करेंगी। ' Maskaba • this gives me SO MUCH JOY. I've dressed so many celebrated women but this moment I will remember forever. Gifted our newly designed masks to these incredible police officers in appreciation for their selfless service. By gifting these non-surgical reusable masks, we would like to express our gratitude towards them in a small way for working tirelessly for the safety & well-being of this country's citizens. While our donations and gifts will continue in whatever small way it can you can now shop our masks online & for each mask you buy,we donate one to charity. Link in Bio. वहीं मसाबा की मां नीना गुप्ता सोशल मीडिया फॉलोअर्स का मनोरंजन करने व्यस्त है और मुक्तेश्वर में लॉकडाउन लाइफ की झलकियां दिखा रही है। अपने लॉन में योगा करने से लेकर किचन में कुकिंग तक के वीडियो शेयर कर रही हैं।
कोरोना महामारी के बीच बॉलीवुड जरूरत के इस समय में सक्रिय रूप से एक साथ आया है और हर कोई जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा है। एक्ट्रेस Neena Gupta की बेटी और लोकप्रिय फैशन डिजाइनर Masaba Gupta डिजाइनर रीयूजेबल मास्क बनाए हैं और उन्हें पुलिस अधिकारियों को डोनेट किया है, जो कोविड -उन्नीस के खिलाफ इस लड़ाई में सबसे आगे हैं। मसाबा ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं जिनमें लेडी पुलिस ऑफिसर्स डिजाइनर मास्क को पहने हुए नजर आ रही हैं। मसाबा गुप्ता की इस पहल पर फैंस और यहां तक की सेलिब्रिटीज के रिएक्शन भी आ रहे हैं। मसाबा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'मुझे इससे बहुत खुशी मिली है। मैंने कई जानीमानी महिलाओं के कपड़े तैयार किए हैं लेकिन यह पल मुझे मैं हमेशा याद रखुंगी। इन अविश्वसनीय पुलिस ऑफिसर्स की स्वार्थहीन सेवा के लिए हमने इन्हें अपने डिजाइन किए हुए नए मास्क तोहफे में दिए हैं। ' उन्होंने आगे लिखा, 'इन नॉन सर्जिकल रीयूजेबल मास्क को गिफ्ट करते हुए हम उनका आभार व्यक्त करना चाहते हैं। ये लोग बिना रुके देश के लोगों और भलाई के लिए काम कर रहे है। ' महिला पुलिस अफसर मसाबा के डिजाइन किए हुए मास्क पहने नजर आ रही हैं। मसाबा ने बताया है कि उनके ब्रांड के मास्क की बिक्री से जो भी रेवेन्यू आएगा उसे वो चैरिटी में इस्तेमाल करेंगी। ' Maskaba • this gives me SO MUCH JOY. I've dressed so many celebrated women but this moment I will remember forever. Gifted our newly designed masks to these incredible police officers in appreciation for their selfless service. By gifting these non-surgical reusable masks, we would like to express our gratitude towards them in a small way for working tirelessly for the safety & well-being of this country's citizens. While our donations and gifts will continue in whatever small way it can you can now shop our masks online & for each mask you buy,we donate one to charity. Link in Bio. वहीं मसाबा की मां नीना गुप्ता सोशल मीडिया फॉलोअर्स का मनोरंजन करने व्यस्त है और मुक्तेश्वर में लॉकडाउन लाइफ की झलकियां दिखा रही है। अपने लॉन में योगा करने से लेकर किचन में कुकिंग तक के वीडियो शेयर कर रही हैं।
कुदरत ने ऐसी ऐसी चीजें बनाई है कि यकिन नहीं होता। विश्वास नहीं होती भगवान में क्या सोच कर इस चीज को बनाया है। कई तरह के सवाल आपके मन में इस प्रकृति को देखकर आते होंगे। इस तरह के एक सवाल निम्न वीडियो को देखकर आता है जो कि पंखों वाली मछली प्रतीत होती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पंखों वाली इस मछली के वीडियो को roamtheocean नाम की आईडी से शेयर किया गया है और लिखा है कि कभी आप इस तरह उड़ने वाली चीज से टकराए हैं? पक्षी, मेंढक, मछली? ? ? कौन जाने क्या है ये. . . . . इस वीडियो को अब तक 34 हजार से भी अधिक बार देखा जा चुका है, जबकि सैकड़ों लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है। वहीं, लोगों ने वीडियो देख कर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। एक यूजर ने इस जीव को उड़ने वाला मेंढक बताया है तो एक अन्य यूजर का कहना है कि वास्तव में यह एक अजीबोगरीब प्राणी है।
कुदरत ने ऐसी ऐसी चीजें बनाई है कि यकिन नहीं होता। विश्वास नहीं होती भगवान में क्या सोच कर इस चीज को बनाया है। कई तरह के सवाल आपके मन में इस प्रकृति को देखकर आते होंगे। इस तरह के एक सवाल निम्न वीडियो को देखकर आता है जो कि पंखों वाली मछली प्रतीत होती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पंखों वाली इस मछली के वीडियो को roamtheocean नाम की आईडी से शेयर किया गया है और लिखा है कि कभी आप इस तरह उड़ने वाली चीज से टकराए हैं? पक्षी, मेंढक, मछली? ? ? कौन जाने क्या है ये. . . . . इस वीडियो को अब तक चौंतीस हजार से भी अधिक बार देखा जा चुका है, जबकि सैकड़ों लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है। वहीं, लोगों ने वीडियो देख कर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। एक यूजर ने इस जीव को उड़ने वाला मेंढक बताया है तो एक अन्य यूजर का कहना है कि वास्तव में यह एक अजीबोगरीब प्राणी है।
झारखंड के कांग्रेस विधायकों का दल मंगलवार की शाम नई दिल्ली में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिला। राहुल गांधी के आवास पर हुई यह मुलाकात करीब 2 घंटे तक चली। झारखंड से दिल्ली पहुंचे दल में 17 विधायकों के अलावा पार्टी के को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सभी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता सहित कुल 33 लोग शामिल रहे। राहुल गांधी के साथ बैठक शाम साढ़े तीन बजे से साढ़े पांच बजे तक चली। इस दौरान विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष राज्य सरकार में पूरी भागीदारी का मुद्दा उठाया। कहा कि पार्टी को मजबूत बनाए रखने के लिए संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। वर्तमान में पाटी अलग-अलग गुटों में बंटी हुई नजर आ रही है। आपसी संवाद के जरिए इन दूरियों को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। यह पार्टी और सरकार दोनों के लिए फायदेमंद होगा। बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने सबकी जवाबदेही तय करने का मुद्दा भी उठाया। दरअसल, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह के भाजपा में जाने के बाद से पार्टी में ऊहापोह की स्थिति थी। पार्टी आलाकमान की ओर से अविनाश पांडेय को नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने राज्य का दौरा किया। 3 दिवसीय रांची प्रवास में वह पार्टी के तमाम विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले। इस दौरान शीर्ष नेतृत्व के साथ संवाद की कमी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि आरपीएन सिंह के कार्यकाल में पार्टी के अंदर से उठने वाली आवाज को दबाने की कोशिश की गई। इसे उचित मंच पर नहीं पहुंचा गया। इससे संगठन के कई नेताओं में नाराजगी पैदा हुई। इसे दूर करने की जरूरत है। प्रदेश प्रभारी ने दिल्ली पहुंचकर शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में संगठन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी तथा विधायकों की बैठक बुलाने का निर्णय हुआ। इसके आलोक में यह अहम बैठक हुई। बैठक के दौरान राहुल गांधी का पूरा जोर संगठन की एकता बनाए रखने पर रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी मां की तरह होती है। वह अपने हर बच्चे की शिकायत सुनती है। कभी डांटती है। कभी प्यार करती है। कभी पुरस्कार देती है। वह कभी अपने बच्चों में भेद नहीं करती। इस बात को सबको समझने की जरूरत है। सबको साथ मिलकर आगे बढ़ना है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि बैठक में शामिल लोगों ने अपनी-अपनी बात नेतृत्व के समक्ष रखी। इस दौरान राज्य में होने वाली नई नियुक्तियों से पहले पिछले वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण का लाभ देने, सरना धर्म कोड को लागू करने का प्रयास करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो आरपीएन के खेमा बदलने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि प्रदेश कांग्रेस के अंदर कुछ उथल-पुथल हो सकती है। आरपीएन के करीब रहे कुछ विधायक बगावत कर सकते हैं। लिहाजा पार्टी में बगावत रोकने के लिए बातचीत का रास्ता चुना गया। पूर्व में दूसरे राज्यों में हुए नुकसान से सबक लेते हुए पार्टी पहले ही सतर्क हो गई। यही कारण था कि नए प्रभारी की नियुक्ति में देरी नहीं की गई। इसके साथ ही जिले से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक संवाद के रास्ते खोल दिए गए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
झारखंड के कांग्रेस विधायकों का दल मंगलवार की शाम नई दिल्ली में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिला। राहुल गांधी के आवास पर हुई यह मुलाकात करीब दो घंटाटे तक चली। झारखंड से दिल्ली पहुंचे दल में सत्रह विधायकों के अलावा पार्टी के को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सभी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता सहित कुल तैंतीस लोग शामिल रहे। राहुल गांधी के साथ बैठक शाम साढ़े तीन बजे से साढ़े पांच बजे तक चली। इस दौरान विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष राज्य सरकार में पूरी भागीदारी का मुद्दा उठाया। कहा कि पार्टी को मजबूत बनाए रखने के लिए संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। वर्तमान में पाटी अलग-अलग गुटों में बंटी हुई नजर आ रही है। आपसी संवाद के जरिए इन दूरियों को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। यह पार्टी और सरकार दोनों के लिए फायदेमंद होगा। बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने सबकी जवाबदेही तय करने का मुद्दा भी उठाया। दरअसल, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह के भाजपा में जाने के बाद से पार्टी में ऊहापोह की स्थिति थी। पार्टी आलाकमान की ओर से अविनाश पांडेय को नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने राज्य का दौरा किया। तीन दिवसीय रांची प्रवास में वह पार्टी के तमाम विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले। इस दौरान शीर्ष नेतृत्व के साथ संवाद की कमी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि आरपीएन सिंह के कार्यकाल में पार्टी के अंदर से उठने वाली आवाज को दबाने की कोशिश की गई। इसे उचित मंच पर नहीं पहुंचा गया। इससे संगठन के कई नेताओं में नाराजगी पैदा हुई। इसे दूर करने की जरूरत है। प्रदेश प्रभारी ने दिल्ली पहुंचकर शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में संगठन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी तथा विधायकों की बैठक बुलाने का निर्णय हुआ। इसके आलोक में यह अहम बैठक हुई। बैठक के दौरान राहुल गांधी का पूरा जोर संगठन की एकता बनाए रखने पर रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी मां की तरह होती है। वह अपने हर बच्चे की शिकायत सुनती है। कभी डांटती है। कभी प्यार करती है। कभी पुरस्कार देती है। वह कभी अपने बच्चों में भेद नहीं करती। इस बात को सबको समझने की जरूरत है। सबको साथ मिलकर आगे बढ़ना है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि बैठक में शामिल लोगों ने अपनी-अपनी बात नेतृत्व के समक्ष रखी। इस दौरान राज्य में होने वाली नई नियुक्तियों से पहले पिछले वर्ग के लिए सत्ताईस फीसदी आरक्षण का लाभ देने, सरना धर्म कोड को लागू करने का प्रयास करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो आरपीएन के खेमा बदलने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि प्रदेश कांग्रेस के अंदर कुछ उथल-पुथल हो सकती है। आरपीएन के करीब रहे कुछ विधायक बगावत कर सकते हैं। लिहाजा पार्टी में बगावत रोकने के लिए बातचीत का रास्ता चुना गया। पूर्व में दूसरे राज्यों में हुए नुकसान से सबक लेते हुए पार्टी पहले ही सतर्क हो गई। यही कारण था कि नए प्रभारी की नियुक्ति में देरी नहीं की गई। इसके साथ ही जिले से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक संवाद के रास्ते खोल दिए गए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
कानपुर के बेकनगंज में हुई हिंसा से जुड़ा एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। 5 मिनट 39 सेकंड के इस फुटेज में लोग पत्थरबाजी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस इस वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर विजय मीणा ने कहा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वीडियो के शुरुआती 15 सेकंड में भीड़ चौराहे पर इकट्ठा होती नजर आ रही है। इसमें से दो लड़के हाथों में पत्थर लेकर फेंकते हैं और फिर से पीछे जाकर छिप जाते हैं। कुछ और लड़के दोबारा हाथों में पत्थर लेकर दूसरे पक्ष की तरफ फेंकते हैं। सड़क पर पहले से ही कुछ पत्थर पड़े हुए थे। पुलिस ने भीड़ को पीछे करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। भीड़ पीछे हटने के बजाय और आगे बढ़ने लगी। जिस जगह पर आंसू गैस के गोले आकर गिर रहे थे उससे 5 मीटर दूर लड़के पत्थर उठाकर पुलिस की तरफ फेंक रहे थे। उपद्रव के बीच लोग अपनी-अपनी दुकानें बंद करके भागने लग गए। वीडियो में दिख रहा है कि सड़क किनारे पान की एक दुकान थी, जिसका मालिक भी दुकान छोड़कर चला गया। भीड़ ने उस दुकान को पूरी तरह से तोड़ने के बाद उसके सामान को सड़क पर फेंका और कुछ अपनी जेब में भर लिया। देखते ही देखते उपद्रवियों की संख्या 100 के पार पहुंच गई। पत्थर लेकर वह आगे बढ़ने लगे तो पुलिस पीछे होने लगी। उपद्रवियों ने बंद पड़ी दुकानों के शटर पर पत्थर चलाना शुरू कर दिया। उनमें से कुछ ने घरों को निशाना बनाकर उस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने बताया कि उपद्रवियों के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने, बलवा, जानलेवा हमला करने, हिंसा फैलाने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उपद्रवियों की पहचान के लिए वायरल वीडियो और CCTV फुटेज की मदद ली जा रही है। 3 जून को सुबह से ही बेकनगंज में असहज करने वाला सन्नाटा था। इलाके में ज्यादातर दुकानें मुस्लिम समुदाय के लोगों की थी। जो बंद रखी गई थीं, लेकिन यतीमखाना के पास के बाजार में कुछ हिंदू दुकानदारों ने दुकान खोली थीं। दोपहर 1:45 बजे यतीमखाना के पास की मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की गई। 2. 30 बजे के करीब नमाज के बाद लोग बाहर निकले और सीधे बाजार में खुली हुई दुकानों को जबर्दस्ती बंद कराने लगे। हिंदू दुकानदारों ने दुकाने बंद करने से मना किया, तो लोगों के बीच शामिल कुछ अराजक तत्वों ने सबसे पहले चंद्रेश के हाता में घुसकर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद पूरे इलाके का माहौल बिगड़ गया। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने तमंचों से फायर किए। दोपहर 3 बजे तक बाजार से शुरू हुई घटना अब बवाल का रूप ले चुकी थी। देखते ही देखते परेड चौराहा पर करीब एक हजार लोग इकट्ठा हो गए। बवाल शुरू होने के बाद स्थितियां तेजी से बेकाबू हुईं। पुलिस तंग गलियों में घुसकर कार्रवाई नहीं कर पाई। कानपुर हिंसा की पूरी खबर यहां पढ़ सकते हैंः This website follows the DNPA Code of Ethics.
कानपुर के बेकनगंज में हुई हिंसा से जुड़ा एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। पाँच मिनट उनतालीस सेकंड के इस फुटेज में लोग पत्थरबाजी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस इस वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर विजय मीणा ने कहा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वीडियो के शुरुआती पंद्रह सेकंड में भीड़ चौराहे पर इकट्ठा होती नजर आ रही है। इसमें से दो लड़के हाथों में पत्थर लेकर फेंकते हैं और फिर से पीछे जाकर छिप जाते हैं। कुछ और लड़के दोबारा हाथों में पत्थर लेकर दूसरे पक्ष की तरफ फेंकते हैं। सड़क पर पहले से ही कुछ पत्थर पड़े हुए थे। पुलिस ने भीड़ को पीछे करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। भीड़ पीछे हटने के बजाय और आगे बढ़ने लगी। जिस जगह पर आंसू गैस के गोले आकर गिर रहे थे उससे पाँच मीटर दूर लड़के पत्थर उठाकर पुलिस की तरफ फेंक रहे थे। उपद्रव के बीच लोग अपनी-अपनी दुकानें बंद करके भागने लग गए। वीडियो में दिख रहा है कि सड़क किनारे पान की एक दुकान थी, जिसका मालिक भी दुकान छोड़कर चला गया। भीड़ ने उस दुकान को पूरी तरह से तोड़ने के बाद उसके सामान को सड़क पर फेंका और कुछ अपनी जेब में भर लिया। देखते ही देखते उपद्रवियों की संख्या एक सौ के पार पहुंच गई। पत्थर लेकर वह आगे बढ़ने लगे तो पुलिस पीछे होने लगी। उपद्रवियों ने बंद पड़ी दुकानों के शटर पर पत्थर चलाना शुरू कर दिया। उनमें से कुछ ने घरों को निशाना बनाकर उस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने बताया कि उपद्रवियों के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने, बलवा, जानलेवा हमला करने, हिंसा फैलाने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उपद्रवियों की पहचान के लिए वायरल वीडियो और CCTV फुटेज की मदद ली जा रही है। तीन जून को सुबह से ही बेकनगंज में असहज करने वाला सन्नाटा था। इलाके में ज्यादातर दुकानें मुस्लिम समुदाय के लोगों की थी। जो बंद रखी गई थीं, लेकिन यतीमखाना के पास के बाजार में कुछ हिंदू दुकानदारों ने दुकान खोली थीं। दोपहर एक:पैंतालीस बजे यतीमखाना के पास की मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की गई। दो. तीस बजे के करीब नमाज के बाद लोग बाहर निकले और सीधे बाजार में खुली हुई दुकानों को जबर्दस्ती बंद कराने लगे। हिंदू दुकानदारों ने दुकाने बंद करने से मना किया, तो लोगों के बीच शामिल कुछ अराजक तत्वों ने सबसे पहले चंद्रेश के हाता में घुसकर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद पूरे इलाके का माहौल बिगड़ गया। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने तमंचों से फायर किए। दोपहर तीन बजे तक बाजार से शुरू हुई घटना अब बवाल का रूप ले चुकी थी। देखते ही देखते परेड चौराहा पर करीब एक हजार लोग इकट्ठा हो गए। बवाल शुरू होने के बाद स्थितियां तेजी से बेकाबू हुईं। पुलिस तंग गलियों में घुसकर कार्रवाई नहीं कर पाई। कानपुर हिंसा की पूरी खबर यहां पढ़ सकते हैंः This website follows the DNPA Code of Ethics.
CISCE ISC, ICSE Board Result 2023: सीआईएससीई की परीक्षाएं मार्च महीने में खत्म हो गई थीं. ऐसे में आईसीएसई बोर्ड परीक्षा 2023 के कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजे मई के पहले सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं. सीआईएससीई (CISCE) यानी काउंसिल फॉर दे इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन ने इस साल फरवरी-मार्च में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया था. फिलहाल काउंसिल आंसर-शीट के काम को पूरा करने में लगा और इसके बाद रिजल्ट की घोषणा की जाएगी. रिजल्ट काउंसिल की साइट पर जारी की जाएगी. आईसीएसई बोर्ड परीक्षा 2023 की परीक्षाएं कक्षा 10वीं के लिए 27 फरवरी से 25 मार्च तक और कक्षा 12वीं के लिए 13 फरवरी से 31 मार्च तक आयोजित की गई थीं. जिन बच्चों ने साल 2023 की आईसीएसई बोर्ड परीक्षाओं में भाग लिया है, वे ऑफिशियल साइट www. cisce. org से अपने रिजल्ट की जांच कर सकते हैं. बोर्ड रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को लॉगिन क्रेडेंशियल की जरूरत होगी. आईसीएसई के स्टूडेंट को परीक्षा पास करने के लिए 33 प्रतिशत और आईएससी के स्टूडेंट को 35 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक होता है. बता दें कि काउंसिल ने आईसीएसई और आईएससी परीक्षा के लिए पास होने वाले प्रतिशत में साल 2017 में तीन से 5 प्रतिशत की कमी की थी. पिछले साल आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में लगभग 2,31,063 छात्रों ने भाग लिया था, जिनमें से 99. 98% स्टूडेंट ने परीक्षा पास की थी. जबकि आईएससी परीक्षा में लगभग 99. 75% स्टूडेंट पास हुए थे. 1. सीआईएससीई की आधिकारिक वेबसाइट- www. cisce. org पर जाएं. 2. रिजल्ट पेज पर जाएं और आईसीएसई बोर्ड परीक्षा रिजल्ट 2023 पर क्लिक करें. 3. आईसीएसई/आईएससी के रूप में पाठ्यक्रम कोड का चयन करें और अपना लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे आइडेंटिफिकेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ आदि दर्ज करें. 4. रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा और छात्र अपने मार्क्स चेक कर सकते हैं. 5. अब रिजल्ट को डाउनलोड कर उसका एक प्रिंट निकाल लें.
CISCE ISC, ICSE Board Result दो हज़ार तेईस: सीआईएससीई की परीक्षाएं मार्च महीने में खत्म हो गई थीं. ऐसे में आईसीएसई बोर्ड परीक्षा दो हज़ार तेईस के कक्षा दसवीं और बारहवीं के नतीजे मई के पहले सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं. सीआईएससीई यानी काउंसिल फॉर दे इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन ने इस साल फरवरी-मार्च में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया था. फिलहाल काउंसिल आंसर-शीट के काम को पूरा करने में लगा और इसके बाद रिजल्ट की घोषणा की जाएगी. रिजल्ट काउंसिल की साइट पर जारी की जाएगी. आईसीएसई बोर्ड परीक्षा दो हज़ार तेईस की परीक्षाएं कक्षा दसवीं के लिए सत्ताईस फरवरी से पच्चीस मार्च तक और कक्षा बारहवीं के लिए तेरह फरवरी से इकतीस मार्च तक आयोजित की गई थीं. जिन बच्चों ने साल दो हज़ार तेईस की आईसीएसई बोर्ड परीक्षाओं में भाग लिया है, वे ऑफिशियल साइट www. cisce. org से अपने रिजल्ट की जांच कर सकते हैं. बोर्ड रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को लॉगिन क्रेडेंशियल की जरूरत होगी. आईसीएसई के स्टूडेंट को परीक्षा पास करने के लिए तैंतीस प्रतिशत और आईएससी के स्टूडेंट को पैंतीस प्रतिशत अंक लाना आवश्यक होता है. बता दें कि काउंसिल ने आईसीएसई और आईएससी परीक्षा के लिए पास होने वाले प्रतिशत में साल दो हज़ार सत्रह में तीन से पाँच प्रतिशत की कमी की थी. पिछले साल आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में लगभग दो,इकतीस,तिरेसठ छात्रों ने भाग लिया था, जिनमें से निन्यानवे. अट्ठानवे% स्टूडेंट ने परीक्षा पास की थी. जबकि आईएससी परीक्षा में लगभग निन्यानवे. पचहत्तर% स्टूडेंट पास हुए थे. एक. सीआईएससीई की आधिकारिक वेबसाइट- www. cisce. org पर जाएं. दो. रिजल्ट पेज पर जाएं और आईसीएसई बोर्ड परीक्षा रिजल्ट दो हज़ार तेईस पर क्लिक करें. तीन. आईसीएसई/आईएससी के रूप में पाठ्यक्रम कोड का चयन करें और अपना लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे आइडेंटिफिकेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ आदि दर्ज करें. चार. रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा और छात्र अपने मार्क्स चेक कर सकते हैं. पाँच. अब रिजल्ट को डाउनलोड कर उसका एक प्रिंट निकाल लें.
भवभूति के नाटको में अतिप्राकृत तत्त्व ३२१ विदूषक की इस सूचना से राम को विश्वास हो जाता है कि उन्होंने जल मे जिसकी छाया देखी थी तथा जिसकी निकट उपस्थिति की कल्पना की थी, वह तिलोत्तमा ही रही होगी । बुन्दमाला के उक्त प्रसग की उत्तरगमचरित के तृतीय श्रम की घटनावली के साथ काफी समानता है। दोनो मे सीना अदृश्य रूप में उपस्थित होकर मूच्छित राम को अपने स्पर्श द्वारा सज्ञा प्रदान करती है। दोनो मे राम को सीता के सान्निध्य का भान होता है, पर अन्त मे वे इस निश्चय पर पहुचते हैं कि वह भान एक भ्रममात्र था। दोनो मे ही अदृश्य सोता राम की विरह-व्यथा को साक्षात् देखकर अपने परित्याग की क्टु वेदना को भूल जाती है और राम को अपना स्पर्श प्रदान कर होश मे लाती है । इस प्रकार सीता की अदृश्य उपस्थिति राम के साथ उसका हृदय सवाद पुन स्थापित कर देती है जिसके आधार पर दोनो ही नाटको के अंतिम प्रको मे उनका पुर्नामलन सभव होता है। यह स्पष्ट है कि उत्तररामचरित और कुन्दमाला मे परम्पर इतना साम्य है कि उनमे से एक पर दूसरे का प्रभाव मानना आवश्यक है । पर प्रश्न यह है कि दोनों में से कौन किससे प्रभावित हुआ ? कुदमाला उत्तररामचरित से पहले का नाटक है या बाद का इस विषय मे विद्वानों में अत्यधिक मतभेद है। उत्तररामचरित कवित्व व नाटकत्व की दृष्टि से नि सन्देह कुन्दमाता स श्रेष्ठतर कृति है । अत यही मानना अधिक सगत है कि दिङ्नाग ने ही उत्तर रामचरित से प्रभावित होकर अपने नाटक की रचना की होगी। उत्तररामचरित के तृतीय प्रककी पुष्पिका में इसे 'छाया अव' नाम दिया । पर हम देखते हैं कि इस अकम मीना अदृश्य रूप में उपस्थित हुई है, न कि छाया के रूप मे । हा, कुन्दमाला में अवश्य राम को दीर्घिका के जन में सोना की छाया दिखाई देती है, अत उसके चतुर्थ अकको 'छाया प्रक' कहा जा सकता है । किन्तु उत्तररामचरित के तृतीय ग्रक का यह नामकरण बहुत उपयुक्त नहीं है । डा० वालीकुमारदत्त का विचार है कि वतिन कुमाला की छाया सोना की कल्पना से प्रभावित होकर ही उपयुक्त न होने पर भी इस अंक का छाया होगा। पर यह मत तर्कसंगत नहीं है । कुन्दमाना मे छाया सीता को आई है, पर उसमे चतुर्थ अक को 'छाया अक नाम नहीं दिया गया । अत इस नामकरण पर कुन्दमाला का प्रभाव वैसे माना जा सकता है ? फिर राम - ( आमगनम) सवथा वचिनोऽस्मि पिया तिनोत्तमया । तपितेन मया मोहात प्रसन्नसलिलाशया । वजलिविहित पातु कान्तारमृगतृष्णाम् ।। कुदमाला ऑव् दिङ्नाग, खण्ड ०200
भवभूति के नाटको में अतिप्राकृत तत्त्व तीन सौ इक्कीस विदूषक की इस सूचना से राम को विश्वास हो जाता है कि उन्होंने जल मे जिसकी छाया देखी थी तथा जिसकी निकट उपस्थिति की कल्पना की थी, वह तिलोत्तमा ही रही होगी । बुन्दमाला के उक्त प्रसग की उत्तरगमचरित के तृतीय श्रम की घटनावली के साथ काफी समानता है। दोनो मे सीना अदृश्य रूप में उपस्थित होकर मूच्छित राम को अपने स्पर्श द्वारा सज्ञा प्रदान करती है। दोनो मे राम को सीता के सान्निध्य का भान होता है, पर अन्त मे वे इस निश्चय पर पहुचते हैं कि वह भान एक भ्रममात्र था। दोनो मे ही अदृश्य सोता राम की विरह-व्यथा को साक्षात् देखकर अपने परित्याग की क्टु वेदना को भूल जाती है और राम को अपना स्पर्श प्रदान कर होश मे लाती है । इस प्रकार सीता की अदृश्य उपस्थिति राम के साथ उसका हृदय सवाद पुन स्थापित कर देती है जिसके आधार पर दोनो ही नाटको के अंतिम प्रको मे उनका पुर्नामलन सभव होता है। यह स्पष्ट है कि उत्तररामचरित और कुन्दमाला मे परम्पर इतना साम्य है कि उनमे से एक पर दूसरे का प्रभाव मानना आवश्यक है । पर प्रश्न यह है कि दोनों में से कौन किससे प्रभावित हुआ ? कुदमाला उत्तररामचरित से पहले का नाटक है या बाद का इस विषय मे विद्वानों में अत्यधिक मतभेद है। उत्तररामचरित कवित्व व नाटकत्व की दृष्टि से नि सन्देह कुन्दमाता स श्रेष्ठतर कृति है । अत यही मानना अधिक सगत है कि दिङ्नाग ने ही उत्तर रामचरित से प्रभावित होकर अपने नाटक की रचना की होगी। उत्तररामचरित के तृतीय प्रककी पुष्पिका में इसे 'छाया अव' नाम दिया । पर हम देखते हैं कि इस अकम मीना अदृश्य रूप में उपस्थित हुई है, न कि छाया के रूप मे । हा, कुन्दमाला में अवश्य राम को दीर्घिका के जन में सोना की छाया दिखाई देती है, अत उसके चतुर्थ अकको 'छाया प्रक' कहा जा सकता है । किन्तु उत्तररामचरित के तृतीय ग्रक का यह नामकरण बहुत उपयुक्त नहीं है । डाशून्य वालीकुमारदत्त का विचार है कि वतिन कुमाला की छाया सोना की कल्पना से प्रभावित होकर ही उपयुक्त न होने पर भी इस अंक का छाया होगा। पर यह मत तर्कसंगत नहीं है । कुन्दमाना मे छाया सीता को आई है, पर उसमे चतुर्थ अक को 'छाया अक नाम नहीं दिया गया । अत इस नामकरण पर कुन्दमाला का प्रभाव वैसे माना जा सकता है ? फिर राम - सवथा वचिनोऽस्मि पिया तिनोत्तमया । तपितेन मया मोहात प्रसन्नसलिलाशया । वजलिविहित पातु कान्तारमृगतृष्णाम् ।। कुदमाला ऑव् दिङ्नाग, खण्ड दो सौ
बता दें इस नंबर के जरिए ही आपका सिलेंडर घर पर डिलीवर होता है. इस नंबर की जरूरत सिलेंडर को रिफिल कराने के लिए होती है. इस नंबर से आपको कई तरह के फायदे मिलते हैं. इस नंबर के बिना आपका सिलेंडर नहीं मिलता है तो यह एक बहुत ही जरूरी नंबर है. क्या है यह DAC कोड? DAC का पूरा नाम डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड है जब आप सिलेंडर की बुकिंग करते हैं तो आपको SMS के जरिए एक नंबर मिलता है. इस नंबर का इस्तेमाल ओटीपी की तरह किया जाता है. जब कोई आपके घर पर सिलेंडर देने आता है तो आपको यह कोड उस व्यक्ति को बताना होता है. यह 4 डिजिट का कोड होता है. इसको ग्राहकों के फोन पर एसएमएस के जरिए भेज दिया जाता है. आखिर क्या हैं इस कोड के फायदे? अगर ग्राहकों के पास यह कोड नहीं होगा तो आपको सिलेंडर नहीं मिल पाएगा. कोड मिलने के बाद ही आपको सिलेंडर मिलेगा. बता दें इस कोड की वजह से सप्लायर इसको ब्लैक में नहीं बेच पाते हैं. आपके सिलेंडर की डिलीवरी के समय यह कोड आपको मिल जाता है. .
बता दें इस नंबर के जरिए ही आपका सिलेंडर घर पर डिलीवर होता है. इस नंबर की जरूरत सिलेंडर को रिफिल कराने के लिए होती है. इस नंबर से आपको कई तरह के फायदे मिलते हैं. इस नंबर के बिना आपका सिलेंडर नहीं मिलता है तो यह एक बहुत ही जरूरी नंबर है. क्या है यह DAC कोड? DAC का पूरा नाम डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड है जब आप सिलेंडर की बुकिंग करते हैं तो आपको SMS के जरिए एक नंबर मिलता है. इस नंबर का इस्तेमाल ओटीपी की तरह किया जाता है. जब कोई आपके घर पर सिलेंडर देने आता है तो आपको यह कोड उस व्यक्ति को बताना होता है. यह चार डिजिट का कोड होता है. इसको ग्राहकों के फोन पर एसएमएस के जरिए भेज दिया जाता है. आखिर क्या हैं इस कोड के फायदे? अगर ग्राहकों के पास यह कोड नहीं होगा तो आपको सिलेंडर नहीं मिल पाएगा. कोड मिलने के बाद ही आपको सिलेंडर मिलेगा. बता दें इस कोड की वजह से सप्लायर इसको ब्लैक में नहीं बेच पाते हैं. आपके सिलेंडर की डिलीवरी के समय यह कोड आपको मिल जाता है. .
Born on 01 Jul 1956 (Age 67) *अस्वीकरणः इस पृष्ठ में प्रदर्शित तस्वीरें उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं और माना जाता है कि वे सार्वजनिक डोमेन से ली गयी हैं। इन तस्वीरों का कॉपीराइट उनके मूल प्रकाशक / फोटोग्राफर का है। यदि आपको लगता है कि ये फोटोज़ आपकी हैं या आपको लगता है कि आपके कॉपीराइट का उल्लंघन किया गया है, तो कृपया ([email protected]) पर हमें बतायें। हम तुरंत उन तस्वीरों को हटा देंगे।
Born on एक जुलाई एक हज़ार नौ सौ छप्पन *अस्वीकरणः इस पृष्ठ में प्रदर्शित तस्वीरें उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं और माना जाता है कि वे सार्वजनिक डोमेन से ली गयी हैं। इन तस्वीरों का कॉपीराइट उनके मूल प्रकाशक / फोटोग्राफर का है। यदि आपको लगता है कि ये फोटोज़ आपकी हैं या आपको लगता है कि आपके कॉपीराइट का उल्लंघन किया गया है, तो कृपया पर हमें बतायें। हम तुरंत उन तस्वीरों को हटा देंगे।
'प्यार की जीत' बड़ी बहन और दिल्लगी 1950 जैसी फिल्मों की कामयाबी के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री सुरैया शोहरत की बुलंदियो पर जा पहुंची. वर्ष 1950 से लेकर 1953 तक सुरैया के सिने कैरियर के लिये बुरा वक्त साबित हुआ लेकिन वर्ष 1954 मे प्रदर्शित फिल्म मिर्जा गालिब और वारिस की सफलता ने सुरैया एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने मे सफल हो गयी. फिल्म मिर्जा गालिब को राष्ट्रपति के गोल्ड मेडल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया. फिल्म को देख तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इतने भावुक हो गये कि उन्होंने सुरैया को कहा, तुमने मिर्जा गालिब की रूह को जिंदा कर दिया.
'प्यार की जीत' बड़ी बहन और दिल्लगी एक हज़ार नौ सौ पचास जैसी फिल्मों की कामयाबी के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री सुरैया शोहरत की बुलंदियो पर जा पहुंची. वर्ष एक हज़ार नौ सौ पचास से लेकर एक हज़ार नौ सौ तिरेपन तक सुरैया के सिने कैरियर के लिये बुरा वक्त साबित हुआ लेकिन वर्ष एक हज़ार नौ सौ चौवन मे प्रदर्शित फिल्म मिर्जा गालिब और वारिस की सफलता ने सुरैया एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने मे सफल हो गयी. फिल्म मिर्जा गालिब को राष्ट्रपति के गोल्ड मेडल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया. फिल्म को देख तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इतने भावुक हो गये कि उन्होंने सुरैया को कहा, तुमने मिर्जा गालिब की रूह को जिंदा कर दिया.
काहिरा, (भाषा)। मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के सत्ता छोड़ने की मांग करते हुए आज भी हजारों प्रदर्शनकारी काहिरा की सड़कों पर नजर आए। इस बीच सेना ने भी मुबारक की मुश्किलें बढ़ाते हुए कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी नहीं करेगी। चौतरफा दबाव के बीच मुबारक ने विपक्षी समूहों से तत्काल वार्ता की पेशकश की है। प्रदर्शनों का मुख्य गवाह बन रहे तहरीर स्क्वेयर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने के बीच मुबारक ने यह पेशकश की है। नव नियुक्त उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने कहा, राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने मुझे राजनीतिक बलों से तुरंत वार्ता शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी है ताकि संवैधानिक और विधायी सुधारों से जुड़े मसलों पर खुली बातचीत हो सके। अल अरबिया चैनल ने अपनी रिपोर्ट में सुलेमान के हवाले से बताया है कि अपीली अदालतों के फैसलों को लागू करने के लिए कदम उ"ाए जा रहे हैं।
काहिरा, । मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के सत्ता छोड़ने की मांग करते हुए आज भी हजारों प्रदर्शनकारी काहिरा की सड़कों पर नजर आए। इस बीच सेना ने भी मुबारक की मुश्किलें बढ़ाते हुए कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी नहीं करेगी। चौतरफा दबाव के बीच मुबारक ने विपक्षी समूहों से तत्काल वार्ता की पेशकश की है। प्रदर्शनों का मुख्य गवाह बन रहे तहरीर स्क्वेयर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने के बीच मुबारक ने यह पेशकश की है। नव नियुक्त उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने कहा, राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने मुझे राजनीतिक बलों से तुरंत वार्ता शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी है ताकि संवैधानिक और विधायी सुधारों से जुड़े मसलों पर खुली बातचीत हो सके। अल अरबिया चैनल ने अपनी रिपोर्ट में सुलेमान के हवाले से बताया है कि अपीली अदालतों के फैसलों को लागू करने के लिए कदम उ"ाए जा रहे हैं।
: उपन्यास - लोक कवि अब गाते नहीं (4) : कल परसों में तो जैसा कि पत्रकार ने लोक कवि को आश्वासन दिया था बात नहीं बनी लेकिन बरसों भी नहीं लगे। कुछ महीने लगे। लोक कवि को इसके लिए बाकायदा आवेदन देना पड़ा। फाइलबाजी और कई गैर जरूरी औपचारिकताओं की सुरंगों, खोहों और नदियों से लोक कवि को गुजरना पड़ा।
: उपन्यास - लोक कवि अब गाते नहीं : कल परसों में तो जैसा कि पत्रकार ने लोक कवि को आश्वासन दिया था बात नहीं बनी लेकिन बरसों भी नहीं लगे। कुछ महीने लगे। लोक कवि को इसके लिए बाकायदा आवेदन देना पड़ा। फाइलबाजी और कई गैर जरूरी औपचारिकताओं की सुरंगों, खोहों और नदियों से लोक कवि को गुजरना पड़ा।
मुंबई। शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान ने कुछ दिनों पहले ही अपना इंस्टाग्राम अकाउंट पब्लिक किया है और कुछ ही दिनों में उनके 50 हजार फ्लॉवर्स हो चुके हैं। सुहाना लॉकडाउन में अपने इंस्टाग्राम उकाउंट पर अपने हर मूवमेंट को शेयर करती है। वो अपने पल-पल की खबर अपने फौंस को देती रहती हैं। बता दें कि सुहाना ने अभी बॉलीवुड डेब्यू नहीं किया है, लेकिन फिर बी उनकी फैन फॉलोइंग किसी एक्ट्रेस से कम नहीं है। उनकी एक फोटो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो जाती है। अब सुहाना ने इस्टाग्राम स्टोरी पर अपना एक छोटा वीडियो शेयर किया है। वीडियो में सुहाना के एक्सप्रेशन से लग रहा है कि वह लॉकडाउन से परेशान हो गई हैं। हालांकि इस वक्त बेहद खूबसूरत लग रही हैं। कुछ दिनों पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जो सुहाना की पहली शॉर्ट फिल्म द ग्रे पार्ट ऑफ ब्लू की शूटिंग के दौरान का था। वीडियो में आप देखेंगे कि सुहाना शूट कर रही होती हैं, तभी उनका दोस्त कुछ बोलता है और सुहाना हंसने लगती हैं। शो माय नेक्स्ट गेस्ट नीड्स नो इंट्रोडक्शन विद डेविड लेटरमेन के दौरान शाहरुख से पूछा गया था कि उनकी बच्चों के साथ कैसी बॉन्डिंग है और क्या वह अपने बच्चों की डेटिंग लाइफ पर ध्यान रखते हैं तो शाहरुख ने बताया था कि वह बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के साथ उनके लिए खाना बनाने तक का काम करते हैं। इसके साथ ही शाहरुख ने ये भी बताया कि वह बच्चों की डेटिंग लाइफ पर भी ध्यान रखते हैं। शाहरुख ने कहा था कि उन्हें सुहाना की बॉयफ्रेंड प्रॉब्लम्स से डील करने से बहुत नफरत है। शाहरुख ने इस बात को माना की वह प्रोटेक्टिव पिता है और अपनी बेटी की जिंदगी में आने वाले लड़कों को खास पसंद नहीं करते।
मुंबई। शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान ने कुछ दिनों पहले ही अपना इंस्टाग्राम अकाउंट पब्लिक किया है और कुछ ही दिनों में उनके पचास हजार फ्लॉवर्स हो चुके हैं। सुहाना लॉकडाउन में अपने इंस्टाग्राम उकाउंट पर अपने हर मूवमेंट को शेयर करती है। वो अपने पल-पल की खबर अपने फौंस को देती रहती हैं। बता दें कि सुहाना ने अभी बॉलीवुड डेब्यू नहीं किया है, लेकिन फिर बी उनकी फैन फॉलोइंग किसी एक्ट्रेस से कम नहीं है। उनकी एक फोटो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो जाती है। अब सुहाना ने इस्टाग्राम स्टोरी पर अपना एक छोटा वीडियो शेयर किया है। वीडियो में सुहाना के एक्सप्रेशन से लग रहा है कि वह लॉकडाउन से परेशान हो गई हैं। हालांकि इस वक्त बेहद खूबसूरत लग रही हैं। कुछ दिनों पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जो सुहाना की पहली शॉर्ट फिल्म द ग्रे पार्ट ऑफ ब्लू की शूटिंग के दौरान का था। वीडियो में आप देखेंगे कि सुहाना शूट कर रही होती हैं, तभी उनका दोस्त कुछ बोलता है और सुहाना हंसने लगती हैं। शो माय नेक्स्ट गेस्ट नीड्स नो इंट्रोडक्शन विद डेविड लेटरमेन के दौरान शाहरुख से पूछा गया था कि उनकी बच्चों के साथ कैसी बॉन्डिंग है और क्या वह अपने बच्चों की डेटिंग लाइफ पर ध्यान रखते हैं तो शाहरुख ने बताया था कि वह बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के साथ उनके लिए खाना बनाने तक का काम करते हैं। इसके साथ ही शाहरुख ने ये भी बताया कि वह बच्चों की डेटिंग लाइफ पर भी ध्यान रखते हैं। शाहरुख ने कहा था कि उन्हें सुहाना की बॉयफ्रेंड प्रॉब्लम्स से डील करने से बहुत नफरत है। शाहरुख ने इस बात को माना की वह प्रोटेक्टिव पिता है और अपनी बेटी की जिंदगी में आने वाले लड़कों को खास पसंद नहीं करते।
लग्जरी इलेक्ट्रिक बसें शुरू हुए एक महीना गुजरा है और इनमें सफर करने वालों की संख्या आधी रह गई है। ऐसे में अफसर भी चिंतित हैं। इसके लिए मौसम को जिम्मेदार बता रहे हैं पर कुछ यात्री किराया अधिक होने की बात कह रहे हैं। रोडवेज की 60 ई-बसें शहर के कई रूटों पर चल रही हैं। इनमें 15 जनवरी तक रोजाना 13800 से 14200 यी रोज सफर करते थे पर 16 से यात्री लोड निरंतर घटकर 7000 ही बचा है। आमदनी जहां पौने दो लाख रुपये रोज हो गई थी, वह घटकर डेढ़ लाख से भी कम रह गई है। शादी, पार्टी बुकिंग पर जोर : रोडवेज प्रबंधन शादी, पार्टी बुकिंग के लिए खाका तैयार कर लिया है। इसके किराए को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रबंधन का मानना है कि लग्जरी बसों को लोग बुकिंग कराने में रुचि लेने लगेंगे तो कई फायदे होंगे। एक तो बसों की आमदनी बढ़ेगी तो लोगों को लग्जरी सफर का लाभ कम पैसे में मिलेगा।
लग्जरी इलेक्ट्रिक बसें शुरू हुए एक महीना गुजरा है और इनमें सफर करने वालों की संख्या आधी रह गई है। ऐसे में अफसर भी चिंतित हैं। इसके लिए मौसम को जिम्मेदार बता रहे हैं पर कुछ यात्री किराया अधिक होने की बात कह रहे हैं। रोडवेज की साठ ई-बसें शहर के कई रूटों पर चल रही हैं। इनमें पंद्रह जनवरी तक रोजाना तेरह हज़ार आठ सौ से चौदह हज़ार दो सौ यी रोज सफर करते थे पर सोलह से यात्री लोड निरंतर घटकर सात हज़ार ही बचा है। आमदनी जहां पौने दो लाख रुपये रोज हो गई थी, वह घटकर डेढ़ लाख से भी कम रह गई है। शादी, पार्टी बुकिंग पर जोर : रोडवेज प्रबंधन शादी, पार्टी बुकिंग के लिए खाका तैयार कर लिया है। इसके किराए को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रबंधन का मानना है कि लग्जरी बसों को लोग बुकिंग कराने में रुचि लेने लगेंगे तो कई फायदे होंगे। एक तो बसों की आमदनी बढ़ेगी तो लोगों को लग्जरी सफर का लाभ कम पैसे में मिलेगा।
सर्बिया, मिस्र, हंगरी, कज़ाकस्तान और बांग्लादेश के राजदूतों ने आज (9 दिसम्बर, 2014) राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को अपने परिचय पत्र पेश किये। 1. माननीय श्री व्लादिमीर मेरिक, सर्बिया के राजदूत। 2. माननीय श्री हातेम अल सैयद तागेलदिन, मिस्र के राजदूत। 3. माननीय श्री स्जिलवेस्जटर बुस, हंगरी के राजदूत। 4. माननीय श्री बुलत सर्गेज्यूली सर्सेनबेयेव, कजाकस्तान के राजदूत। 5. माननीय श्री सैयद मुआज़ीम अली, बांग्लादेश के उच्चायुक्त।
सर्बिया, मिस्र, हंगरी, कज़ाकस्तान और बांग्लादेश के राजदूतों ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को अपने परिचय पत्र पेश किये। एक. माननीय श्री व्लादिमीर मेरिक, सर्बिया के राजदूत। दो. माननीय श्री हातेम अल सैयद तागेलदिन, मिस्र के राजदूत। तीन. माननीय श्री स्जिलवेस्जटर बुस, हंगरी के राजदूत। चार. माननीय श्री बुलत सर्गेज्यूली सर्सेनबेयेव, कजाकस्तान के राजदूत। पाँच. माननीय श्री सैयद मुआज़ीम अली, बांग्लादेश के उच्चायुक्त।
टेलीविज़न रेटिंग प्वॉइंट्स (टीआरपी) के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में सीबीआई ने जाँच करने का फ़ैसला किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सीबीआई ने लखनऊ पुलिस से केस को अपने हाथों में लेने के बाद एफ़आईआर दर्ज कर ली है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि सबसे पहले आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके दावा किया था कि मुंबई में कुछ न्यूज़ चैनल लोगों को पैसे देकर अपने चैनल की टीआरपी बढ़ा रहे हैं. उन्होंने इस मामले में रिपब्लिक टीवी समेत महाराष्ट्र के दो छोटे चैनलों का नाम लिया था और कहा था कि चार लोग गिरफ़्तार भी किए गए हैं. मुंबई पुलिस ने इस मामले में अबतक पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया है और कई लोगों को समन भेजकर पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया है ताकि उनसे पूछताछ हो सके. अब ख़बर आ रही है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस ने भी इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की है. लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश कर दी जिसके बाद सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली में केस दर्ज कर इस मामले में जाँच की ज़िम्मेदारी ख़ुद ले ली है. उधर, मुंबई पुलिस की जाँच को बदले की कार्रवाई बताते हुए रिपब्लिक टीवी के मालिक और एडिटर इन चीफ़ अर्णब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट जाने के लिए कहा. सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई है जिसमें अदालत ने मुंबई पुलिस से कहा कि अगर वो अर्णब गोस्वामी से पूछताछ करना चाहती है तो पुलिस को पहले समन जारी करना होगा. अदालत ने अर्णब से कहा कि समन मिलने पर उन्हें पुलिस से जाँच में सहयोग करना होगा. अर्णब ने अदालत से मुंबई पुलिस की एफ़आईआर को रद्द करने की माँग की है और साथ ही इस केस को सीबीआई के हवाले करने की माँग की है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाँच नवंबर को अगली सुनवाई करने का फ़ैसला किया है और उसी समय मुंबई पुलिस से जाँच से जुड़े सभी दस्तावेज़ अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया है. मध्य प्रदेश उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर लड़ रही इमरती देवी पर कांग्रेस नेता कमलनाथ के टिप्पणी को राहुल गांधी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा, "कमलनाथ जी मेरी पार्टी से हैं लेकिन उन्होंने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया वो मुझे निजी तौर पर पसंद नहीं आया. मैं इसे पसंद नहीं करता और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कौन हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं. " मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर कमलनाथ ने 'आइटम' कहा था जिसे लेकर राज्य की राजनीति में विवाद छिड़ गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने और खुद भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी ने कमलनाथ की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया. हालांकि कमलनाथ ने अपनी सफ़ाई में ये कहा है कि उन्हें इस बात के लिए खेद और वे इसे जाहिर कर चुके हैं. उनका इरादा किसी को आहत करने का नहीं था. लेकिन राजनीतिक तौर पर ये मुद्दा थमता हुआ नहीं दिख रहा है. शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ के बयान के बाद कहा, "बहन इमरती देवी के आंसू पूरे देश ने देखे हैं. इसलिए वे किंतु-परंतु करने पर विवश हुए हैं. लेकिन यह माफी नहीं, उससे भी बड़ा पाप है. यह कमलनाथ जी का अहंकार है. वे अपने से श्रेष्ठ किसी को नहीं मानते हैं. आखिर वे सीधे-सीधे माफी क्यों नहीं मांगते हैं? " प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल से इसकी जानकारी साझा की. कोरोना वायरस के संकट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार देश के नाम संदेश दे चुके हैं. इसकी शुरुआत जनता कर्फ़्यू से हुई थी. तब उन्होंने अपने संदेश में कहा था, "इस रविवार, यानी 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, सभी देशवासियों को, जनता-कर्फ़्यू का पालन करना है. ज़रूरी ना हो तो घरों से बाहर ना निकलें. हमारा ये प्रयास, हमारे आत्म-संयम, देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा. 22 मार्च को जनता-कर्फ़्यू की सफलता, इसके अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगे. " इसके बाद ऐसे ही एक संदेश में 25 मार्च से देश भर में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई थी. तीन अप्रैल को अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने जनता से अपील की थी कि वो 5 अप्रैल को रात को 9 बजे 9 मिनट तक घर की लाइटें बंद करके घर के दरवाज़े पर या बालकनी में मोमबत्ती, दिया, टॉर्च या मोबाइल फ़्लैशलाइट जलाएं. तब अपने संदेश में उन्होंने कहा था, "इस संकट से अंधकार और अनिश्चितता जो पैदा हुई है उससे उजाले की ओर बढ़ना है. इसे पराजित करने के लिए प्रकाश के तेज को चारों दिशाओं में फैलाना है इसलिए इस रविवार को 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है. " तब उन्होंने कहा था, "इस दौरान किसी भी हालत में सोशल डिस्टेंसिग की लक्ष्मण रेखा को लांघना नहीं है. सोशल डिस्टेंसिग ही कोरोना की बीमारी का रामबाण इलाज है. " (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं. )
टेलीविज़न रेटिंग प्वॉइंट्स के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में सीबीआई ने जाँच करने का फ़ैसला किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सीबीआई ने लखनऊ पुलिस से केस को अपने हाथों में लेने के बाद एफ़आईआर दर्ज कर ली है. यहां यह बताना ज़रूरी है कि सबसे पहले आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके दावा किया था कि मुंबई में कुछ न्यूज़ चैनल लोगों को पैसे देकर अपने चैनल की टीआरपी बढ़ा रहे हैं. उन्होंने इस मामले में रिपब्लिक टीवी समेत महाराष्ट्र के दो छोटे चैनलों का नाम लिया था और कहा था कि चार लोग गिरफ़्तार भी किए गए हैं. मुंबई पुलिस ने इस मामले में अबतक पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया है और कई लोगों को समन भेजकर पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया है ताकि उनसे पूछताछ हो सके. अब ख़बर आ रही है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस ने भी इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की है. लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश कर दी जिसके बाद सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली में केस दर्ज कर इस मामले में जाँच की ज़िम्मेदारी ख़ुद ले ली है. उधर, मुंबई पुलिस की जाँच को बदले की कार्रवाई बताते हुए रिपब्लिक टीवी के मालिक और एडिटर इन चीफ़ अर्णब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट जाने के लिए कहा. सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई है जिसमें अदालत ने मुंबई पुलिस से कहा कि अगर वो अर्णब गोस्वामी से पूछताछ करना चाहती है तो पुलिस को पहले समन जारी करना होगा. अदालत ने अर्णब से कहा कि समन मिलने पर उन्हें पुलिस से जाँच में सहयोग करना होगा. अर्णब ने अदालत से मुंबई पुलिस की एफ़आईआर को रद्द करने की माँग की है और साथ ही इस केस को सीबीआई के हवाले करने की माँग की है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाँच नवंबर को अगली सुनवाई करने का फ़ैसला किया है और उसी समय मुंबई पुलिस से जाँच से जुड़े सभी दस्तावेज़ अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया है. मध्य प्रदेश उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर लड़ रही इमरती देवी पर कांग्रेस नेता कमलनाथ के टिप्पणी को राहुल गांधी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा, "कमलनाथ जी मेरी पार्टी से हैं लेकिन उन्होंने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया वो मुझे निजी तौर पर पसंद नहीं आया. मैं इसे पसंद नहीं करता और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कौन हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं. " मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर कमलनाथ ने 'आइटम' कहा था जिसे लेकर राज्य की राजनीति में विवाद छिड़ गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने और खुद भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी ने कमलनाथ की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया. हालांकि कमलनाथ ने अपनी सफ़ाई में ये कहा है कि उन्हें इस बात के लिए खेद और वे इसे जाहिर कर चुके हैं. उनका इरादा किसी को आहत करने का नहीं था. लेकिन राजनीतिक तौर पर ये मुद्दा थमता हुआ नहीं दिख रहा है. शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ के बयान के बाद कहा, "बहन इमरती देवी के आंसू पूरे देश ने देखे हैं. इसलिए वे किंतु-परंतु करने पर विवश हुए हैं. लेकिन यह माफी नहीं, उससे भी बड़ा पाप है. यह कमलनाथ जी का अहंकार है. वे अपने से श्रेष्ठ किसी को नहीं मानते हैं. आखिर वे सीधे-सीधे माफी क्यों नहीं मांगते हैं? " प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम छः बजे राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल से इसकी जानकारी साझा की. कोरोना वायरस के संकट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार देश के नाम संदेश दे चुके हैं. इसकी शुरुआत जनता कर्फ़्यू से हुई थी. तब उन्होंने अपने संदेश में कहा था, "इस रविवार, यानी बाईस मार्च को, सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक, सभी देशवासियों को, जनता-कर्फ़्यू का पालन करना है. ज़रूरी ना हो तो घरों से बाहर ना निकलें. हमारा ये प्रयास, हमारे आत्म-संयम, देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा. बाईस मार्च को जनता-कर्फ़्यू की सफलता, इसके अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगे. " इसके बाद ऐसे ही एक संदेश में पच्चीस मार्च से देश भर में इक्कीस दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई थी. तीन अप्रैल को अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने जनता से अपील की थी कि वो पाँच अप्रैल को रात को नौ बजे नौ मिनट तक घर की लाइटें बंद करके घर के दरवाज़े पर या बालकनी में मोमबत्ती, दिया, टॉर्च या मोबाइल फ़्लैशलाइट जलाएं. तब अपने संदेश में उन्होंने कहा था, "इस संकट से अंधकार और अनिश्चितता जो पैदा हुई है उससे उजाले की ओर बढ़ना है. इसे पराजित करने के लिए प्रकाश के तेज को चारों दिशाओं में फैलाना है इसलिए इस रविवार को पाँच अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है. " तब उन्होंने कहा था, "इस दौरान किसी भी हालत में सोशल डिस्टेंसिग की लक्ष्मण रेखा को लांघना नहीं है. सोशल डिस्टेंसिग ही कोरोना की बीमारी का रामबाण इलाज है. "
नयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार के कोविड प्रबंधन को लेकर मंगलवार को पार्टी की ओर से एक 'श्वेत पत्र' जारी किया और केंद्र से आग्रह किया कि इस महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अभी से पूरी तैयारी की जाए तथा युद्धस्तर पर टीकाकरण किया जाए। नयी दिल्ली, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल समेत अनेक विपक्षी दलों तथा वाम दलों के नेता मंगलवार को एक बैठक के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के आवास पर जमा हुए। सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ तीसरे मोर्चे को लेकर अटकलों के बीच बैठक हो रही है। श्रीनगर, गुपकर गठबंधन (पीएजीडी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को बताया कि गठबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नयी दिल्ली में बृहस्पतिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होगा। चंडीगढ़, पंजाब के कोटकपूरा में 2015 में हुई पुलिस गोलीबारी घटना की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पूछताछ की। नयी दिल्ली, अपनी ही पार्टी में चुनौतियों का सामना कर रहे लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा कि भाजपा के साथ उनके संबंध "एकतरफा" नहीं रह सकते हैं। नयी दिल्ली : भारत में 91 दिन बाद, बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 50 हजार से कम 42,640 नए मामले सामने आए जिन्हें मिला कर बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,99,77,861 हो गई। वहीं, 79 दिन बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या सात लाख से कम हो गई है। नयी दिल्ली, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत ने 21 जून को एक दिन में कोरोना वायरस के 88. 09 लाख टीके लगाने की 'ऐतिहासिक उपलब्धि' हासिल की है और करीब 64 प्रतिशत खुराकें ग्रामीण इलाकों में दी गई हैं। मुंबई, मुंबई पुलिस ने मंगलवार को यहां एक अदालत के समक्ष दायर अपने दूसरे आरोप पत्र में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को कथित टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) में हेरफेर मामले में आरोपी के रूप में नामित किया है। मुंबई, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने मंगलवार को जेट एयरवेज के लिए जालान कलरॉक गठजोड़ की दिवाला समाधान योजना को मंजूरी दे दी। गांधीनगर, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार को 'गुजरात इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2021' की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस नीति का लक्ष्य अगले चार साल के दौरान राज्य की सड़कों पर कम से कम दो लाख बिजलीचालित (इलेक्ट्रिक) वाहन लाना है। नयी दिल्ली : मिडफील्डर मनप्रीत सिंह तोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान होंगे जबकि अनुभवी डिफेंडर बीरेंद्र लाकड़ा और हरमनप्रीत सिंह उपकप्तान बनाये गए हैं । 'द कन्वरसेशन' के साथ विशेष अनुबंध के तहत जारी समाचार : ऑक्सफोर्ड (ब्रिटेन), मैं आज भी उस मधुर स्वर को नहीं भूला, जब मैंने पहली बार बुलबुल का गीत सुना था। यह 8 मई 1980 का दिन था, और एक पर्यावरण जीव विज्ञान के एक नव स्नातक के तौर पर, मैं ऑक्सफोर्ड चला आया था। क्राइस्टचर्च (न्यूजीलैंड), न्यूजीलैंड के दवा नियामक मेडसेफ ने 12 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए फाइजर वैक्सीन को तात्कालिक मंजूरी दे दी है, और प्रधान मंत्री जैसिंडा अर्डर्न को अगले सप्ताह इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद 12-15 वर्ष के बच्चे अपनी बारी आने पर टीका लगवा सकेंगे। क्वींसलैंड (ऑस्ट्रेलिया), वैक्सीन आपूर्ति और इसके प्रबंधन से जुड़े मुद्दों के अलावा, वैक्सीन लेने में हिचकिचाहट भी ऑस्ट्रेलिया के टीकाकरण अभियान में एक बड़ी बाधा रही है।
नयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार के कोविड प्रबंधन को लेकर मंगलवार को पार्टी की ओर से एक 'श्वेत पत्र' जारी किया और केंद्र से आग्रह किया कि इस महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अभी से पूरी तैयारी की जाए तथा युद्धस्तर पर टीकाकरण किया जाए। नयी दिल्ली, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल समेत अनेक विपक्षी दलों तथा वाम दलों के नेता मंगलवार को एक बैठक के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के आवास पर जमा हुए। सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ तीसरे मोर्चे को लेकर अटकलों के बीच बैठक हो रही है। श्रीनगर, गुपकर गठबंधन के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को बताया कि गठबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नयी दिल्ली में बृहस्पतिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होगा। चंडीगढ़, पंजाब के कोटकपूरा में दो हज़ार पंद्रह में हुई पुलिस गोलीबारी घटना की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पूछताछ की। नयी दिल्ली, अपनी ही पार्टी में चुनौतियों का सामना कर रहे लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा कि भाजपा के साथ उनके संबंध "एकतरफा" नहीं रह सकते हैं। नयी दिल्ली : भारत में इक्यानवे दिन बाद, बीते चौबीस घंटाटे में कोविड-उन्नीस के पचास हजार से कम बयालीस,छः सौ चालीस नए मामले सामने आए जिन्हें मिला कर बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर दो,निन्यानवे,सतहत्तर,आठ सौ इकसठ हो गई। वहीं, उन्यासी दिन बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या सात लाख से कम हो गई है। नयी दिल्ली, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत ने इक्कीस जून को एक दिन में कोरोना वायरस के अठासी. नौ लाख टीके लगाने की 'ऐतिहासिक उपलब्धि' हासिल की है और करीब चौंसठ प्रतिशत खुराकें ग्रामीण इलाकों में दी गई हैं। मुंबई, मुंबई पुलिस ने मंगलवार को यहां एक अदालत के समक्ष दायर अपने दूसरे आरोप पत्र में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को कथित टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स में हेरफेर मामले में आरोपी के रूप में नामित किया है। मुंबई, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने मंगलवार को जेट एयरवेज के लिए जालान कलरॉक गठजोड़ की दिवाला समाधान योजना को मंजूरी दे दी। गांधीनगर, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार को 'गुजरात इलेक्ट्रिक वाहन नीति-दो हज़ार इक्कीस' की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस नीति का लक्ष्य अगले चार साल के दौरान राज्य की सड़कों पर कम से कम दो लाख बिजलीचालित वाहन लाना है। नयी दिल्ली : मिडफील्डर मनप्रीत सिंह तोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान होंगे जबकि अनुभवी डिफेंडर बीरेंद्र लाकड़ा और हरमनप्रीत सिंह उपकप्तान बनाये गए हैं । 'द कन्वरसेशन' के साथ विशेष अनुबंध के तहत जारी समाचार : ऑक्सफोर्ड , मैं आज भी उस मधुर स्वर को नहीं भूला, जब मैंने पहली बार बुलबुल का गीत सुना था। यह आठ मई एक हज़ार नौ सौ अस्सी का दिन था, और एक पर्यावरण जीव विज्ञान के एक नव स्नातक के तौर पर, मैं ऑक्सफोर्ड चला आया था। क्राइस्टचर्च , न्यूजीलैंड के दवा नियामक मेडसेफ ने बारह से पंद्रह वर्ष की आयु के बच्चों के लिए फाइजर वैक्सीन को तात्कालिक मंजूरी दे दी है, और प्रधान मंत्री जैसिंडा अर्डर्न को अगले सप्ताह इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद बारह-पंद्रह वर्ष के बच्चे अपनी बारी आने पर टीका लगवा सकेंगे। क्वींसलैंड , वैक्सीन आपूर्ति और इसके प्रबंधन से जुड़े मुद्दों के अलावा, वैक्सीन लेने में हिचकिचाहट भी ऑस्ट्रेलिया के टीकाकरण अभियान में एक बड़ी बाधा रही है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने 13 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है. जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं. ये लोग बलदेव क्षेत्र में सड़क के किनारे झोपड़ियां डालकर रह रहे थे और कूड़ा-कबाड़ा बीनने का काम करते थे. अधिकारी ने बताया, 'इनमें पांच पुरुष, तीन महिलाएं एवं दो से आठ साल तक के पांच बच्चे शामिल हैं. ये लोग करीब डेढ़ साल से यहां रह रहे थे. सभी को अदालत में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया है तथा उनके संबंध में दूतावास को भी वांछित सूचना भेज दी गई है. ' गौरतलब है कि इससे पहले भी मथुरा के रिफाइनरी एवं कोसीकलां थाना क्षेत्र में कई बांग्लादेशी अवैध रूप से रहते हुए पकड़े जा चुके हैं. इस बीच आम जनता से भी अपील की गई है कि वे इस बारे में कई भी कोई भी जानकारी मिलने पर इलाके की पुलिस को अवश्य सूचित करें. .
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने तेरह बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है. जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं. ये लोग बलदेव क्षेत्र में सड़क के किनारे झोपड़ियां डालकर रह रहे थे और कूड़ा-कबाड़ा बीनने का काम करते थे. अधिकारी ने बताया, 'इनमें पांच पुरुष, तीन महिलाएं एवं दो से आठ साल तक के पांच बच्चे शामिल हैं. ये लोग करीब डेढ़ साल से यहां रह रहे थे. सभी को अदालत में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया है तथा उनके संबंध में दूतावास को भी वांछित सूचना भेज दी गई है. ' गौरतलब है कि इससे पहले भी मथुरा के रिफाइनरी एवं कोसीकलां थाना क्षेत्र में कई बांग्लादेशी अवैध रूप से रहते हुए पकड़े जा चुके हैं. इस बीच आम जनता से भी अपील की गई है कि वे इस बारे में कई भी कोई भी जानकारी मिलने पर इलाके की पुलिस को अवश्य सूचित करें. .
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में डायरेक्टर जनरल (DG) और इंस्पेक्टर जनरल (IG) ऑफ पुलिस की 57वीं ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। मोदी ने पुराने हो चुके आपराधिक कानूनों को खत्म करने और राज्यों में पुलिस संगठनों के लिए मानक तय करने को कहा। PM ने पुलिस बलों को अधिक संवेदनशील बनाने और उन्हें नई तकनीकों में ट्रेंड करने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिसिंग तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। मोदी ने क्षमताओं का लाभ उठाने और बेस्ट प्रेक्टिस को शेयर करने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के बार-बार दौरों से सीमा के साथ-साथ तटीय सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में नेशनल सिक्योरिटी के लिए फ्यूचर स्ट्रैटजी तैयार की गई। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के DGP, IG लेवल के देश के करीब 350 सीनियर पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया। तीन दिन का ये सम्मेलन दिल्ली के नेशनल एग्रीकल्चर साइंस कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को हाइब्रिड फॉर्मेट में हुआ। सम्मेलन के पहले दिन गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत PM मोदी के नेतृत्व में और ज्यादा मजबूत, सुरक्षित और अच्छी स्थिति में है। इससे पहले 2021 में इस सम्मेलन को लखनऊ में हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया था, जबकि 2020 में कोविड-19 के दौरान इसे वर्चुअली आयोजित किया गया था। इसके अलावा 2019 में पुणे में, 2017 में टेकनपुर में BSF एकेडमी में, 2016 में हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस एकेडमी में, 2015 में कच्छ के रण में, 2014 में गुवाहाटी में में इसका आयोजन हो चुका है। बता दें कि 2013 तक इस सम्मेलन की वार्षिक बैठक दिल्ली में होती थी। 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई, तो गृह मंत्रालय और खुफिया ब्यूरो ने इसे राजधानी के बाहर इस कार्यक्रम का आयोजन करने का फैसला लिया। 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी DGP और IGP के सम्मेलन में गहरी रूचि लेते रहे है। मोदी सरकार से पहले विचार-विमर्श काफी हद तक केवल नेशनल सिक्योरिटी के मामलों पर केंद्रित था। एक अधिकारी ने बताया कि 2014 से इन सम्मेलनों में नेशनल सिक्योरिटी के साथ-साथ क्राइम पर कंट्रोल और अपराधियों की पहचान, कम्युनिटी पुलिसिंग, लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस की छवि में सुधार जैसे मुद्दों पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में डायरेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की सत्तावनवीं ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। मोदी ने पुराने हो चुके आपराधिक कानूनों को खत्म करने और राज्यों में पुलिस संगठनों के लिए मानक तय करने को कहा। PM ने पुलिस बलों को अधिक संवेदनशील बनाने और उन्हें नई तकनीकों में ट्रेंड करने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिसिंग तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। मोदी ने क्षमताओं का लाभ उठाने और बेस्ट प्रेक्टिस को शेयर करने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के बार-बार दौरों से सीमा के साथ-साथ तटीय सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में नेशनल सिक्योरिटी के लिए फ्यूचर स्ट्रैटजी तैयार की गई। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के DGP, IG लेवल के देश के करीब तीन सौ पचास सीनियर पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया। तीन दिन का ये सम्मेलन दिल्ली के नेशनल एग्रीकल्चर साइंस कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को हाइब्रिड फॉर्मेट में हुआ। सम्मेलन के पहले दिन गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत PM मोदी के नेतृत्व में और ज्यादा मजबूत, सुरक्षित और अच्छी स्थिति में है। इससे पहले दो हज़ार इक्कीस में इस सम्मेलन को लखनऊ में हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया था, जबकि दो हज़ार बीस में कोविड-उन्नीस के दौरान इसे वर्चुअली आयोजित किया गया था। इसके अलावा दो हज़ार उन्नीस में पुणे में, दो हज़ार सत्रह में टेकनपुर में BSF एकेडमी में, दो हज़ार सोलह में हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस एकेडमी में, दो हज़ार पंद्रह में कच्छ के रण में, दो हज़ार चौदह में गुवाहाटी में में इसका आयोजन हो चुका है। बता दें कि दो हज़ार तेरह तक इस सम्मेलन की वार्षिक बैठक दिल्ली में होती थी। दो हज़ार चौदह में जब मोदी सरकार सत्ता में आई, तो गृह मंत्रालय और खुफिया ब्यूरो ने इसे राजधानी के बाहर इस कार्यक्रम का आयोजन करने का फैसला लिया। दो हज़ार चौदह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी DGP और IGP के सम्मेलन में गहरी रूचि लेते रहे है। मोदी सरकार से पहले विचार-विमर्श काफी हद तक केवल नेशनल सिक्योरिटी के मामलों पर केंद्रित था। एक अधिकारी ने बताया कि दो हज़ार चौदह से इन सम्मेलनों में नेशनल सिक्योरिटी के साथ-साथ क्राइम पर कंट्रोल और अपराधियों की पहचान, कम्युनिटी पुलिसिंग, लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस की छवि में सुधार जैसे मुद्दों पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
लाहौर/लंदनः बीमार चल रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की प्लेटलेट संख्या में कोई सुधार नहीं हुआ है और डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें अमेरिका ले जाने की सलाह दी है। शरीफ का इलाज अभी लंदन में चल रहा है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने औरंगजेब को यह कहते हुए उद्धृत किया, "स्टेरॉयड की भारी खुराक के बाद भी प्लेटलेट संख्या में कोई सुधार नहीं है और स्टेरॉयड की वजह से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ रहा है। " प्रवक्ता ने कहा कि प्लेटलेट की गिरती संख्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शरीफ को 19 नवंबर को इलाज के लिए एक एयर एंबुलेंस के माध्यम से पाकिस्तान से लंदन ले जाया गया था। लाहौर उच्च न्यायालय ने उन्हें इलाज के लिए चार सप्ताह विदेश जाने की अनुमति दी थी। इस चार सप्ताह की अवधि डॉक्टरों की सिफारिश पर बढ़ाई जा सकती है।
लाहौर/लंदनः बीमार चल रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की प्लेटलेट संख्या में कोई सुधार नहीं हुआ है और डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें अमेरिका ले जाने की सलाह दी है। शरीफ का इलाज अभी लंदन में चल रहा है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने औरंगजेब को यह कहते हुए उद्धृत किया, "स्टेरॉयड की भारी खुराक के बाद भी प्लेटलेट संख्या में कोई सुधार नहीं है और स्टेरॉयड की वजह से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ रहा है। " प्रवक्ता ने कहा कि प्लेटलेट की गिरती संख्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शरीफ को उन्नीस नवंबर को इलाज के लिए एक एयर एंबुलेंस के माध्यम से पाकिस्तान से लंदन ले जाया गया था। लाहौर उच्च न्यायालय ने उन्हें इलाज के लिए चार सप्ताह विदेश जाने की अनुमति दी थी। इस चार सप्ताह की अवधि डॉक्टरों की सिफारिश पर बढ़ाई जा सकती है।
मेरी कुछ ऐसी धारणा थी कि वह वडे ही सुन्दर र सुकुमार थे, उनका लालन-पालन वडे प्यार से हुआ था । सबसे विचित्र बात यह थी कि तब मेरे मन मे न जाने कंसे यह बात जम गई थी कि 'मे सुकुमार नाथ वन योगू' लक्ष्मरणजी ने कहा है । 'स्वर्ण-धूलि' मे 'लक्ष्मरण के प्रति ' शीर्षक एक कविता है, उसमे भी मैने उन्हे 'मेरे मन के मानव लक्ष्मरण' कहा है। अपने व्यक्तित्व का छुटपन मे मेने उनके साथ तादात्म्य कर लिया था। यह भी, मेरी समझ मे, मेरा अपने लिए सुमित्रानंदन नाम चुनने का कारण रहा है । पीछे जब मै कभी स्कूल के लडको से डरता था तो मुझे विश्वास रहता था कि मेरा कोई कुछ नही कर सकता, लक्ष्मरणजी उन्हें अपने तीर से गिरा देगे । अल्मोडे मे दूसरा ध्यान मेरा अपनी वेश-भूषा की प्रोर गया । मेरा सुन्दर वस्त्र पहनने का शौक वढना गया । हाईस्कूल तक और पीछे भी, मेने इतने सुन्दर गौर गपने मन के इतने नमूनो के कपड़े पहने है कि अपने को किसी प्रकार भी सुन्दर देखने की कल्पना तव मेरा मन नही सहन कर सकता था । छठी कक्षा मे मेने अपने भाई की ताइ ब्रेरी भे, जिसका नाम पीछे मेने 'नन्दन पुस्तकालय' रख दिया था, नपोलियन का युवावस्था का सुन्दर चित्र देखकर स्वयं भी लम्बे घुँघराते बात किए। पति-कर्म को पातवी-आठवी कक्षा मे सम्बन्ध में पीछे टैगोर वे चित्र जोट नए । हने से जो मुवान मेरे मन में पैदा किन्तु बहर से हुई वही व्यक्ति नगरानभवन तथा प्रतिष्ठामा जीवन देशवर सीधे-सादे ढंग से हने या अपनी ही भावनाओं से मार्य में रहने से
मेरी कुछ ऐसी धारणा थी कि वह वडे ही सुन्दर र सुकुमार थे, उनका लालन-पालन वडे प्यार से हुआ था । सबसे विचित्र बात यह थी कि तब मेरे मन मे न जाने कंसे यह बात जम गई थी कि 'मे सुकुमार नाथ वन योगू' लक्ष्मरणजी ने कहा है । 'स्वर्ण-धूलि' मे 'लक्ष्मरण के प्रति ' शीर्षक एक कविता है, उसमे भी मैने उन्हे 'मेरे मन के मानव लक्ष्मरण' कहा है। अपने व्यक्तित्व का छुटपन मे मेने उनके साथ तादात्म्य कर लिया था। यह भी, मेरी समझ मे, मेरा अपने लिए सुमित्रानंदन नाम चुनने का कारण रहा है । पीछे जब मै कभी स्कूल के लडको से डरता था तो मुझे विश्वास रहता था कि मेरा कोई कुछ नही कर सकता, लक्ष्मरणजी उन्हें अपने तीर से गिरा देगे । अल्मोडे मे दूसरा ध्यान मेरा अपनी वेश-भूषा की प्रोर गया । मेरा सुन्दर वस्त्र पहनने का शौक वढना गया । हाईस्कूल तक और पीछे भी, मेने इतने सुन्दर गौर गपने मन के इतने नमूनो के कपड़े पहने है कि अपने को किसी प्रकार भी सुन्दर देखने की कल्पना तव मेरा मन नही सहन कर सकता था । छठी कक्षा मे मेने अपने भाई की ताइ ब्रेरी भे, जिसका नाम पीछे मेने 'नन्दन पुस्तकालय' रख दिया था, नपोलियन का युवावस्था का सुन्दर चित्र देखकर स्वयं भी लम्बे घुँघराते बात किए। पति-कर्म को पातवी-आठवी कक्षा मे सम्बन्ध में पीछे टैगोर वे चित्र जोट नए । हने से जो मुवान मेरे मन में पैदा किन्तु बहर से हुई वही व्यक्ति नगरानभवन तथा प्रतिष्ठामा जीवन देशवर सीधे-सादे ढंग से हने या अपनी ही भावनाओं से मार्य में रहने से
नई दिल्ली - सऊदी अरब के जेद्दा शहर घूमने गए 27 भारतीय तीर्थयात्री लापता हो गए हैं। लापता होने की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र एटीएस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ये सभी तीर्थयात्री पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे जो टूअर आपरेटर से 45 दिन का वीजा लेकर जेद्दा घूमने गए थे। बता दें कि तीर्थयात्रियों के गुम होने की जानकारी खुद टूअर आपरेटर ने एटीएस दी। उन्होंने कहा कि घूमने गए 27 तीर्थयात्री अभी तक जेद्दा स्थित होटल नहीं पहुंच सके हैं। एजेंट ने कहा कि सभी के पासपोर्ट भुवनेश्वर से जारी किए गए थे। वहीं इस मामले पर मुंबई के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुंबई के डोंगरी से एक एजेंट ने फोन कर बताया कि उसे कोलकाता के एजेंट ने फोन कर बताया कि जेद्दा घूमने निकले 27 तीर्थयात्री तीन दिन बीत जाने के बाद भी होटल नहीं पहुंचे। अधिकारी बताया कि उन्होंने एजेंट से कहा कि वह लापता हुए 27 तीर्थयात्रियों से जुड़ी शिकायत मुंबई पुलिस में दर्ज कराए, लेकिन उसके बाद से वह एजेंट अभी तक नहीं आया। वहीं इस मामले को लेकर एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि डोंगरी स्थित एजेंट के जरिए ही पूर्व में पश्चिम एशिया गया एक शख्य लापता हो गया था। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल से दो लोग बगदाद तीर्थ यात्रा पर गए थे और वह लापता हो गए। गौरतलब है कि एक ऐसा ही मामला 2014 में सामने आया था जब मुंबई के कल्याण इलाके के चार लोग बगदाद यात्रा पर गए और फिर लापता हो गए। बाद में वे सभी लोग बगदाद से सीरिया जा पहुंचे और आईएस में शामिल हो गए।
नई दिल्ली - सऊदी अरब के जेद्दा शहर घूमने गए सत्ताईस भारतीय तीर्थयात्री लापता हो गए हैं। लापता होने की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र एटीएस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ये सभी तीर्थयात्री पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे जो टूअर आपरेटर से पैंतालीस दिन का वीजा लेकर जेद्दा घूमने गए थे। बता दें कि तीर्थयात्रियों के गुम होने की जानकारी खुद टूअर आपरेटर ने एटीएस दी। उन्होंने कहा कि घूमने गए सत्ताईस तीर्थयात्री अभी तक जेद्दा स्थित होटल नहीं पहुंच सके हैं। एजेंट ने कहा कि सभी के पासपोर्ट भुवनेश्वर से जारी किए गए थे। वहीं इस मामले पर मुंबई के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुंबई के डोंगरी से एक एजेंट ने फोन कर बताया कि उसे कोलकाता के एजेंट ने फोन कर बताया कि जेद्दा घूमने निकले सत्ताईस तीर्थयात्री तीन दिन बीत जाने के बाद भी होटल नहीं पहुंचे। अधिकारी बताया कि उन्होंने एजेंट से कहा कि वह लापता हुए सत्ताईस तीर्थयात्रियों से जुड़ी शिकायत मुंबई पुलिस में दर्ज कराए, लेकिन उसके बाद से वह एजेंट अभी तक नहीं आया। वहीं इस मामले को लेकर एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि डोंगरी स्थित एजेंट के जरिए ही पूर्व में पश्चिम एशिया गया एक शख्य लापता हो गया था। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल से दो लोग बगदाद तीर्थ यात्रा पर गए थे और वह लापता हो गए। गौरतलब है कि एक ऐसा ही मामला दो हज़ार चौदह में सामने आया था जब मुंबई के कल्याण इलाके के चार लोग बगदाद यात्रा पर गए और फिर लापता हो गए। बाद में वे सभी लोग बगदाद से सीरिया जा पहुंचे और आईएस में शामिल हो गए।
Coronavirus affect कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए साउथ अफ्रीका की टीम ने इस दौरे पर भारतीय टीम के खिलाड़ियों से हाथ ना मिलाने से बचना चाहेगी। नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज की शुरुआत गुरुवार से होगी। प्रटियोज टीम इस सीरीज के लिए भारत पहुंच चुकी है और पहला मैच खेलने के लिए धर्मशाला पहुंचेगी। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए साउथ अफ्रीका की टीम ने इस दौरे पर भारतीय टीम के खिलाड़ियों से हाथ ना मिलाने से बचना चाहेगी। दुनियाभर में कोरोना वायरस से बीमार होने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसके खतरे को देखते हुए इंग्लैंड की टीम ने श्रीलंका के दौरे पर हाथ खिलाड़ियों के साथ हाथ ना मिलाने का फैसला लिया है। अब भारत दौरे पर आई साउथ अफ्रीकी टीम भी इसी पहल को आगे बढ़ाती नजर आ सकती है। सोमवार को प्रोटियाज टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने के लिए भारत पहुंची। साउथ अफ्रीका के नए कोच मार्क बाउचर ने इस बात की तरफ इशारा किया है कि वो इस दौरे पर भारतीय खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने से बचना चाहेंगे। भारत में कोरोना वायरस के पोजिटिव पाए जाने वाले केस की संख्या सोमवार को 40 के पार तक पहुंच गई। सीरीज खेलने पहुंची टीम के कोच बाउचर ने मैच से पहले मीडिया से बात की और सीरीज पर स्वास्थय को प्राथमिकता देने की बात कही। "हाथ मिलाने और इस तरह की चीजों को लेकर अगर बात करें तो हम इन सभी से जहां तक हो सके दूर रहने की कोशिश करेंगे। मुझे लगता है यह एक तरीका है जिससे की अपनी टीम के खिलाड़ियों को इस वायरस की चपेट में आने से संभवतः कुछ हद तक दूर रख सकते हैं। " आगे बाउचर ने कहा, "मुझे लगता है यह हमारा सम्मान है मैदान पर मौजूद बाकी के खिलाड़ियों के लिए और सोच यह है कि हम उस चीज को किसी और खिलाड़ी में ना जाने दें जो शायद हमारे अंदर हो सकता है। देखिए हमारे साथ सुरक्षा स्टाफ है और अगर यह स्वास्थय संबंधी बात हुई तो हम उनपर ही सबकुछ छोड़ देंगे। यह टीम ही हमारे पास अपनी सिफारिश के साथ आएगी जिसपर हम अमल करेंगे। अगर यह इतना ही खतरनाक हुआ तो फिर हमें इससे बाहर निकलने को कहेंगे जो कि कोई अलग बात नहीं है। "
Coronavirus affect कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए साउथ अफ्रीका की टीम ने इस दौरे पर भारतीय टीम के खिलाड़ियों से हाथ ना मिलाने से बचना चाहेगी। नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज की शुरुआत गुरुवार से होगी। प्रटियोज टीम इस सीरीज के लिए भारत पहुंच चुकी है और पहला मैच खेलने के लिए धर्मशाला पहुंचेगी। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए साउथ अफ्रीका की टीम ने इस दौरे पर भारतीय टीम के खिलाड़ियों से हाथ ना मिलाने से बचना चाहेगी। दुनियाभर में कोरोना वायरस से बीमार होने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसके खतरे को देखते हुए इंग्लैंड की टीम ने श्रीलंका के दौरे पर हाथ खिलाड़ियों के साथ हाथ ना मिलाने का फैसला लिया है। अब भारत दौरे पर आई साउथ अफ्रीकी टीम भी इसी पहल को आगे बढ़ाती नजर आ सकती है। सोमवार को प्रोटियाज टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने के लिए भारत पहुंची। साउथ अफ्रीका के नए कोच मार्क बाउचर ने इस बात की तरफ इशारा किया है कि वो इस दौरे पर भारतीय खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने से बचना चाहेंगे। भारत में कोरोना वायरस के पोजिटिव पाए जाने वाले केस की संख्या सोमवार को चालीस के पार तक पहुंच गई। सीरीज खेलने पहुंची टीम के कोच बाउचर ने मैच से पहले मीडिया से बात की और सीरीज पर स्वास्थय को प्राथमिकता देने की बात कही। "हाथ मिलाने और इस तरह की चीजों को लेकर अगर बात करें तो हम इन सभी से जहां तक हो सके दूर रहने की कोशिश करेंगे। मुझे लगता है यह एक तरीका है जिससे की अपनी टीम के खिलाड़ियों को इस वायरस की चपेट में आने से संभवतः कुछ हद तक दूर रख सकते हैं। " आगे बाउचर ने कहा, "मुझे लगता है यह हमारा सम्मान है मैदान पर मौजूद बाकी के खिलाड़ियों के लिए और सोच यह है कि हम उस चीज को किसी और खिलाड़ी में ना जाने दें जो शायद हमारे अंदर हो सकता है। देखिए हमारे साथ सुरक्षा स्टाफ है और अगर यह स्वास्थय संबंधी बात हुई तो हम उनपर ही सबकुछ छोड़ देंगे। यह टीम ही हमारे पास अपनी सिफारिश के साथ आएगी जिसपर हम अमल करेंगे। अगर यह इतना ही खतरनाक हुआ तो फिर हमें इससे बाहर निकलने को कहेंगे जो कि कोई अलग बात नहीं है। "
जानवरों से वेश्यावृति के ऐसे मामले हमारे लिए खतरे के संकेत की तरह हैं। साल 2003 में मादा वनमानुष को बॉर्नियो की जंगल से चुरा लिया गया था। उस वक्त मादा वनमानुष बहुत छोटी थी। वहां से चुराकर उसे एक वेश्यालय में ले जाया गया। जहां पोनी को एक ताड़ के पेड़ से बांधकर रखा जाता था। इस जानवर के साथ इंसान दो पौंड की राशि चुकाकर अपने हैवान होने का सबूत देते थे। उसे चेन से बांधकर उसके साथ जबरन संबंध बनाते थे। यह सिलसिला कई सालों तक चलता रहा लेकिन किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। इंसानों की मानसिकता कितनी कुंठित हो सकती है आप इसका अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। दुनिया में कई ऐसे मामले मिल जाएंगे जो बता रहा है कि इंसान आधुनिकता की दौड़ में मानवीय संवेदनाओं को पीछे छोड़ता जा रहा है। इसकी बानगी है दुनिया भर की सुर्खियों में जगह पाने वाली मादा वनमानुष 'पोनी' की कहानी। इंडोनेशिया में एक ऐसी घटना हुई जिसे जानने के बाद आपको शर्म आ जाएगी। इंडोनेशिया में एक गांव मादा वनमानुष को वेश्यावृति के धंधे में धकेल दिया गया। कई सालों बाद जब उसे बचाया गया था तो राहतकर्मियों ने ऐसी सच्चाई बताई जिसे जानकर आप हिल जाएंगे। वेश्यालय में पोनी को किसी महिला की तरह पेश किया जाता था। उसके शरीर से बालों को हटा दिया गया था। वह खूबसूरत दिखे, इसलिए उसे गहने पहना दिए जाते थे। और तो और, मादा वनमानुष को इस तरह से ट्रेन किया गया था ताकि उसके पास आने वाले ग्राहक खुश हो सकें। लेकिन अपने साथ होने वाली हैवानियत का अंदाजा है उसे। जैसे ही उसे दरवाजे पर कोई पुरुष नजर आता वह डर से सहम जाती। आस-पास किसी को मर्द को देखने के बाद वह दूर भागने की कोशिश करने लगती है।
जानवरों से वेश्यावृति के ऐसे मामले हमारे लिए खतरे के संकेत की तरह हैं। साल दो हज़ार तीन में मादा वनमानुष को बॉर्नियो की जंगल से चुरा लिया गया था। उस वक्त मादा वनमानुष बहुत छोटी थी। वहां से चुराकर उसे एक वेश्यालय में ले जाया गया। जहां पोनी को एक ताड़ के पेड़ से बांधकर रखा जाता था। इस जानवर के साथ इंसान दो पौंड की राशि चुकाकर अपने हैवान होने का सबूत देते थे। उसे चेन से बांधकर उसके साथ जबरन संबंध बनाते थे। यह सिलसिला कई सालों तक चलता रहा लेकिन किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। इंसानों की मानसिकता कितनी कुंठित हो सकती है आप इसका अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। दुनिया में कई ऐसे मामले मिल जाएंगे जो बता रहा है कि इंसान आधुनिकता की दौड़ में मानवीय संवेदनाओं को पीछे छोड़ता जा रहा है। इसकी बानगी है दुनिया भर की सुर्खियों में जगह पाने वाली मादा वनमानुष 'पोनी' की कहानी। इंडोनेशिया में एक ऐसी घटना हुई जिसे जानने के बाद आपको शर्म आ जाएगी। इंडोनेशिया में एक गांव मादा वनमानुष को वेश्यावृति के धंधे में धकेल दिया गया। कई सालों बाद जब उसे बचाया गया था तो राहतकर्मियों ने ऐसी सच्चाई बताई जिसे जानकर आप हिल जाएंगे। वेश्यालय में पोनी को किसी महिला की तरह पेश किया जाता था। उसके शरीर से बालों को हटा दिया गया था। वह खूबसूरत दिखे, इसलिए उसे गहने पहना दिए जाते थे। और तो और, मादा वनमानुष को इस तरह से ट्रेन किया गया था ताकि उसके पास आने वाले ग्राहक खुश हो सकें। लेकिन अपने साथ होने वाली हैवानियत का अंदाजा है उसे। जैसे ही उसे दरवाजे पर कोई पुरुष नजर आता वह डर से सहम जाती। आस-पास किसी को मर्द को देखने के बाद वह दूर भागने की कोशिश करने लगती है।
कैटरीना कैफ बॉलीवुड की फिट एक्ट्रेस में से हैं। फिट रहने के लिए वह ना सिर्फ हैल्दी डाइट फॉलो करती हैं बल्कि फिटनेस ट्रेनर यास्मीन कराचीवाला से ट्रेनिंग भी लेती हैं। वहीं, उनके फिटनेस रिजीम में कुछ खास तरह की एक्सरसाइज भी शामिल है, जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे। अगर आप भी फिट दिखना चाहते हैं तो उनकी तरह से 5 बेसिक रूल्स को फॉलो कर सकते हैं। कैट हर वर्कआउट सेशन में 20 रेप्स के 3 सेट करती हैं, जो उन्हें फिट रखने के साथ फिगर को भी परफेक्ट शेप देता है। अगर आप वर्कआउट की शुरूआत कर रहे हैं तो यह आपके लिए बेहतरीन हो सकती है। वह हर सेशन में 15 रेप्स के 3 सेट करती हैं, जिसमें वॉल पुशअप्स, इनक्लाइन पुशअप्स और नी पुशअप्स शामिल है। वह इन्हें बदल-बदल कर करती हैं, ताकि एक्सरसाइज से बोर ना हो। यह काफी मुश्किल हो सकता है लेकिन कैटरीना इसे बड़ी ही आसानी से कर लेती हैं। हर 15 रेप्स के 3 सेट करके आप उनकी तरह टोन्ड बॉडी पा सकते हैं। टोन्ड फिगर के लिए वह हर 15 रेप्स में 3 सेट किक के साथ रिवर्स लंज के करती हैं। सिट-अप्स शरीर के फैट को जलाने में काफी मददगार है इसलिए वह सिट-अप्स के हर सेशन में 20 रेप्स के साथ 3 सेट करके खत्म करती हैं। इसके अलावा वह कोर या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करके भी खुद को फिट रखती हैं। हालांकि इसे वो जरूरत पड़ने पर करती हैं। इसके अलावा वह वर्कआउट को मजेदार बनाने के लिए अक्सर चीजों को मिक्स करती रहती हैं।
कैटरीना कैफ बॉलीवुड की फिट एक्ट्रेस में से हैं। फिट रहने के लिए वह ना सिर्फ हैल्दी डाइट फॉलो करती हैं बल्कि फिटनेस ट्रेनर यास्मीन कराचीवाला से ट्रेनिंग भी लेती हैं। वहीं, उनके फिटनेस रिजीम में कुछ खास तरह की एक्सरसाइज भी शामिल है, जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे। अगर आप भी फिट दिखना चाहते हैं तो उनकी तरह से पाँच बेसिक रूल्स को फॉलो कर सकते हैं। कैट हर वर्कआउट सेशन में बीस रेप्स के तीन सेट करती हैं, जो उन्हें फिट रखने के साथ फिगर को भी परफेक्ट शेप देता है। अगर आप वर्कआउट की शुरूआत कर रहे हैं तो यह आपके लिए बेहतरीन हो सकती है। वह हर सेशन में पंद्रह रेप्स के तीन सेट करती हैं, जिसमें वॉल पुशअप्स, इनक्लाइन पुशअप्स और नी पुशअप्स शामिल है। वह इन्हें बदल-बदल कर करती हैं, ताकि एक्सरसाइज से बोर ना हो। यह काफी मुश्किल हो सकता है लेकिन कैटरीना इसे बड़ी ही आसानी से कर लेती हैं। हर पंद्रह रेप्स के तीन सेट करके आप उनकी तरह टोन्ड बॉडी पा सकते हैं। टोन्ड फिगर के लिए वह हर पंद्रह रेप्स में तीन सेट किक के साथ रिवर्स लंज के करती हैं। सिट-अप्स शरीर के फैट को जलाने में काफी मददगार है इसलिए वह सिट-अप्स के हर सेशन में बीस रेप्स के साथ तीन सेट करके खत्म करती हैं। इसके अलावा वह कोर या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करके भी खुद को फिट रखती हैं। हालांकि इसे वो जरूरत पड़ने पर करती हैं। इसके अलावा वह वर्कआउट को मजेदार बनाने के लिए अक्सर चीजों को मिक्स करती रहती हैं।
अनिल नायडू एक भारतीय संपादक और निर्माता थे, जो मुख्य रूप से हिंदी सिनेमा में अपने काम के लिए जानें जाते थे। अनिल नायडू ने विज्ञापन की दुनिया में लंबा समय बिताया और अमिताभ बच्चन की फिल्म पा और अक्षय कुमार की फिल्मों 'मिशन मंगल' और 'पैडमैन' के सह-निर्माण किया। अरबाज खान के दुल्हा बनते ही मलाइका अरोड़ा ने किया शादी का ऐलान? बोलीं- मैं जरूर शादी करूंगी.. Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...' पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है' Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल! Nora Fatehi की हमशक्ल को देखकर चकराया लोगों का दिमाग, वीडियो देखकर बोले- 'कौन है असली?'
अनिल नायडू एक भारतीय संपादक और निर्माता थे, जो मुख्य रूप से हिंदी सिनेमा में अपने काम के लिए जानें जाते थे। अनिल नायडू ने विज्ञापन की दुनिया में लंबा समय बिताया और अमिताभ बच्चन की फिल्म पा और अक्षय कुमार की फिल्मों 'मिशन मंगल' और 'पैडमैन' के सह-निर्माण किया। अरबाज खान के दुल्हा बनते ही मलाइका अरोड़ा ने किया शादी का ऐलान? बोलीं- मैं जरूर शादी करूंगी.. Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...' पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है' Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल! Nora Fatehi की हमशक्ल को देखकर चकराया लोगों का दिमाग, वीडियो देखकर बोले- 'कौन है असली?'
सोशल मीडिया पर एक बार फिर कुछ हिंदू देवी देवताओं की तस्वीरों को लेकर अपमानजनक पोस्ट सामने आए हैं। एथीस्ट रिपब्लिक के संस्थापक अर्मिन नवाबी द्वारा शेयर की गई माँ काली की अश्लील तस्वीर के बाद @AtheistRonnie नाम का एक ट्विटर अकॉउंट लोगों से इसे अपनी प्रोफाइल फोटो बनाने की अपील कर रहा है। शुभम बिस्वास नाम का यह युवक कोलकाता का निवासी है। Hate Patrol Squad के मुताबिक इस लड़के का नाम शुभम बिस्वास है। यह कल्याणी यूनिवर्सिटी में पढ़ता है और उसी समूह का सदस्य है, जिसके संस्थापक ने अभी हाल में माँ काली की अभद्र तस्वीर को शेयर करते हुए उनके लिए 'सेक्सी' शब्द का प्रयोग किया था। इसी शुभम बिस्वास ने लड़कियों के लिबास में अपने अकॉउंट पर कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं। इसके अलावा, उसके ट्विटर पर अधिकतर हिंदू देवी-देवताओं की ऐसी तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं, जिनमें उनका चित्रण बेहद आपत्तिजनक रूप से किया गया है। 'माँ काली' के सम्बन्ध में भी इस युवक की वॉल पर कई घटिया पोस्ट हैं। साथ ही, अभद्रता से चित्रित की गई भगवान गणेश की तस्वीरें भी शेयर की गई हैं। मगर यदि हम उसके ही 6 सितंबर के ट्वीट को देखें, तो 'एथिस्ट रिपब्लिक' ग्रुप के साथ शुभम बिस्वास वीडियो कॉल करता दिख रहा है। इस फोटो में उसके नाम पर शुभम के साथ ही 'पूर्व हिंदू' लिखा नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया पर एक बार फिर कुछ हिंदू देवी देवताओं की तस्वीरों को लेकर अपमानजनक पोस्ट सामने आए हैं। एथीस्ट रिपब्लिक के संस्थापक अर्मिन नवाबी द्वारा शेयर की गई माँ काली की अश्लील तस्वीर के बाद @AtheistRonnie नाम का एक ट्विटर अकॉउंट लोगों से इसे अपनी प्रोफाइल फोटो बनाने की अपील कर रहा है। शुभम बिस्वास नाम का यह युवक कोलकाता का निवासी है। Hate Patrol Squad के मुताबिक इस लड़के का नाम शुभम बिस्वास है। यह कल्याणी यूनिवर्सिटी में पढ़ता है और उसी समूह का सदस्य है, जिसके संस्थापक ने अभी हाल में माँ काली की अभद्र तस्वीर को शेयर करते हुए उनके लिए 'सेक्सी' शब्द का प्रयोग किया था। इसी शुभम बिस्वास ने लड़कियों के लिबास में अपने अकॉउंट पर कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं। इसके अलावा, उसके ट्विटर पर अधिकतर हिंदू देवी-देवताओं की ऐसी तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं, जिनमें उनका चित्रण बेहद आपत्तिजनक रूप से किया गया है। 'माँ काली' के सम्बन्ध में भी इस युवक की वॉल पर कई घटिया पोस्ट हैं। साथ ही, अभद्रता से चित्रित की गई भगवान गणेश की तस्वीरें भी शेयर की गई हैं। मगर यदि हम उसके ही छः सितंबर के ट्वीट को देखें, तो 'एथिस्ट रिपब्लिक' ग्रुप के साथ शुभम बिस्वास वीडियो कॉल करता दिख रहा है। इस फोटो में उसके नाम पर शुभम के साथ ही 'पूर्व हिंदू' लिखा नजर आ रहा है।
UPSSSC Recruitment : यूपीएसएसएससी में मोहर्रिर के कुल 92 पदों पर भर्ती निकाली है। जिस में के अनारक्षित वर्ग में 41, एससी 19, एसटी के लिए दो, ओबीसी के लिए 21 और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए नौ सीटें आरक्षित की गई हैं। इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं। UPSSSC Recruitment : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय में मोहर्रिर के पदों पर युवाओं को शानदार नौकरी का मौका दिया है। उम्मीदवार इन पद के लिए ऑनलाइन मोड में आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवारों आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc. gov. in पर जाकर अपना आवेदन सब्मित कर सकते हैं। आवेदन करने की शुरूआत 29 अक्टूबर 2022 से है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 नवंबर 2022 तक है। पदों से जुड़ी अधिक जानकारी नीचे दी गई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय में मोहर्रिर के कुल 92 पदों पर भर्ती निकली है। जिसमें अनारक्षित वर्ग में 41, एससी 19, एसटी के लिए दो, ओबीसी के लिए 21, और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए नौ सीटें आरक्षित की गई है। इन पदों पर आवेदन करने के वाले उम्मीदवारों की आयु सीमा भी नोटिस में जारी की गई। नोटिफिकेशन के मुताबिक, उम्मीदवार की आयु 18 से 40 साल के बीच में होनी चाहिए। अनुसूचित जाति/ जनजाति और सरकार की ओर से अधिसूचित अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में छूट दी जाएगी। पदों पर आवेदन करने से पहले उम्मीदवार अपनी योग्यता की जांच कर लें। आवेदन कर रहे उम्मीदवार 12वीं पास होने चाहिए साथ ही पीईटी पास सर्टिफिकेट होना चाहिए। पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन फीस का भुगतान करना होगा। सभी श्रेणियों के लिए ऑनलाइन आवेदन फीस 25 रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा मुख्य परीक्षा के लिए परीक्षा फीस का भुगतान केवल उन उम्मीदवारों को करना है जिनका नाम आयोग द्वारा शार्टलिस्ट किया जा चुका है। 1. ऑफिशियल वेबसाइट upsssc. gov. in पर जाएं। 2. वेबसाइट के होम पेज Career के लिंक को क्लिक करें। 3. अगले पेज पर UPSSSC Uttar Pradesh Moharir Recruitment 2022 Online Form के लिंक पर क्लिक करें। 4. अब Apply Online के लिंक पर क्लिक करें। 5. अगले पेज पर सबसे पहले रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी करें। 6. रजिस्ट्रेशन के बाद एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
UPSSSC Recruitment : यूपीएसएसएससी में मोहर्रिर के कुल बानवे पदों पर भर्ती निकाली है। जिस में के अनारक्षित वर्ग में इकतालीस, एससी उन्नीस, एसटी के लिए दो, ओबीसी के लिए इक्कीस और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए नौ सीटें आरक्षित की गई हैं। इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं। UPSSSC Recruitment : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय में मोहर्रिर के पदों पर युवाओं को शानदार नौकरी का मौका दिया है। उम्मीदवार इन पद के लिए ऑनलाइन मोड में आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवारों आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc. gov. in पर जाकर अपना आवेदन सब्मित कर सकते हैं। आवेदन करने की शुरूआत उनतीस अक्टूबर दो हज़ार बाईस से है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख अट्ठारह नवंबर दो हज़ार बाईस तक है। पदों से जुड़ी अधिक जानकारी नीचे दी गई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय में मोहर्रिर के कुल बानवे पदों पर भर्ती निकली है। जिसमें अनारक्षित वर्ग में इकतालीस, एससी उन्नीस, एसटी के लिए दो, ओबीसी के लिए इक्कीस, और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए नौ सीटें आरक्षित की गई है। इन पदों पर आवेदन करने के वाले उम्मीदवारों की आयु सीमा भी नोटिस में जारी की गई। नोटिफिकेशन के मुताबिक, उम्मीदवार की आयु अट्ठारह से चालीस साल के बीच में होनी चाहिए। अनुसूचित जाति/ जनजाति और सरकार की ओर से अधिसूचित अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में छूट दी जाएगी। पदों पर आवेदन करने से पहले उम्मीदवार अपनी योग्यता की जांच कर लें। आवेदन कर रहे उम्मीदवार बारहवीं पास होने चाहिए साथ ही पीईटी पास सर्टिफिकेट होना चाहिए। पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन फीस का भुगतान करना होगा। सभी श्रेणियों के लिए ऑनलाइन आवेदन फीस पच्चीस रुपयापये निर्धारित की गई है। इसके अलावा मुख्य परीक्षा के लिए परीक्षा फीस का भुगतान केवल उन उम्मीदवारों को करना है जिनका नाम आयोग द्वारा शार्टलिस्ट किया जा चुका है। एक. ऑफिशियल वेबसाइट upsssc. gov. in पर जाएं। दो. वेबसाइट के होम पेज Career के लिंक को क्लिक करें। तीन. अगले पेज पर UPSSSC Uttar Pradesh Moharir Recruitment दो हज़ार बाईस Online Form के लिंक पर क्लिक करें। चार. अब Apply Online के लिंक पर क्लिक करें। पाँच. अगले पेज पर सबसे पहले रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी करें। छः. रजिस्ट्रेशन के बाद एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
बीसीबी में उस वक्त खलबली मच गई, जब एक मनचले ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की। छात्रा ने बीसीबी में तैनात सुरक्षाकर्मी से उसकी शिकायत की। सुरक्षाकर्मी ने मनचले को दबोच लिया और पुलिस के हवाले किया। वहीं पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर मनचले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कालीबाड़ी निवासी बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा दूसरी पाली में फिजिकल एजुकेशन का पेपर देने बीसीबी पहुंची। यहां पहुंचकर उसे पता चला कि उसका पेपर नहीं है, तो वह घर लौटने लगी, इसी दौरान मनचले सूरज कुमार उर्फ गजनी ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। छात्रा ने इसका विरोध किया और बीसीबी में तैनात सुरक्षाकर्मी से उसकी शिकायत कर दी। सुरक्षाकर्मी जब उसके पीछे भागा, तो वह शौचालय में बंद हो गया। गार्ड गेट पर खड़े होकर उसका शौचालय से बाहर आने का इंतजार करने लगा। जैसे ही वह शौचालय से निकला तो सुरक्षाकर्मी ने उसे दबोच लिया। उसकी जमकर पिटाई की। फिर पुलिस बल को सौंप दिया। वहीं छात्रा ने बारादरी थाने पर मनचले के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। सैटरडे को बीसीबी में पहली पारी में एमए फर्स्ट ईयर और फाइनल ईयर उर्दू का पेपर था। सैंथल की छात्रा पेपर देने आई थी। कॉलेज कैंपस में स्थित स्टेट बैंक के पास जेबकतरे ने उसके पर्स पर हाथ साफ कर दिया। इस पर छात्रा फूट-फूटकर रोने लगी। बीसीबी के कर्मचारियों का दिल पसीजा। बीसीबी कर्मचारी यशपाल सिंह और संजीव ने छात्रा को किराए के पैसे दिए।
बीसीबी में उस वक्त खलबली मच गई, जब एक मनचले ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की। छात्रा ने बीसीबी में तैनात सुरक्षाकर्मी से उसकी शिकायत की। सुरक्षाकर्मी ने मनचले को दबोच लिया और पुलिस के हवाले किया। वहीं पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर मनचले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कालीबाड़ी निवासी बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा दूसरी पाली में फिजिकल एजुकेशन का पेपर देने बीसीबी पहुंची। यहां पहुंचकर उसे पता चला कि उसका पेपर नहीं है, तो वह घर लौटने लगी, इसी दौरान मनचले सूरज कुमार उर्फ गजनी ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। छात्रा ने इसका विरोध किया और बीसीबी में तैनात सुरक्षाकर्मी से उसकी शिकायत कर दी। सुरक्षाकर्मी जब उसके पीछे भागा, तो वह शौचालय में बंद हो गया। गार्ड गेट पर खड़े होकर उसका शौचालय से बाहर आने का इंतजार करने लगा। जैसे ही वह शौचालय से निकला तो सुरक्षाकर्मी ने उसे दबोच लिया। उसकी जमकर पिटाई की। फिर पुलिस बल को सौंप दिया। वहीं छात्रा ने बारादरी थाने पर मनचले के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। सैटरडे को बीसीबी में पहली पारी में एमए फर्स्ट ईयर और फाइनल ईयर उर्दू का पेपर था। सैंथल की छात्रा पेपर देने आई थी। कॉलेज कैंपस में स्थित स्टेट बैंक के पास जेबकतरे ने उसके पर्स पर हाथ साफ कर दिया। इस पर छात्रा फूट-फूटकर रोने लगी। बीसीबी के कर्मचारियों का दिल पसीजा। बीसीबी कर्मचारी यशपाल सिंह और संजीव ने छात्रा को किराए के पैसे दिए।
मुंबई - शिक्षा का जहां व्यवसायीकरण हो रहा है तो वही स्कूलों की फीस भी बढ़ती जा रही है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल सीबीएस बोर्ड आईसीएसई बोर्ड भी अच्छी शिक्षा के नाम पर लोगों की जेब खाली करने में लगे हैं। एक तरफ इन स्कूलों ने खुलेआम लूट मचा रखी है तो दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों की पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है। लोगों की मानसिकता भी यही है कि अगर हम अपने बच्चों को इंग्लिश स्कूल में नहीं डालेंगे तो बच्चे का भविष्य नहीं बनेगा। इसीलिए इंग्लिश स्कूलों में एडमिशन के लिए इतना लोग परेशान रहते हैं इसी का फायदा स्कूल उठाते हैं। वे अभिभावकों से ड्रेस, बैग, किताब के नाम पर उनसे जी भर कर उगाही करते हैं। 2003 में शिक्षा विभाग ने एक जीआर जारी कर कहा था कि स्कूल अभिभावकों को सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। बावजूद इसके स्कूल प्रशासन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नाम न बताने की शर्त पर एक अभीभावक ने मुंबई लाइव को बताया कि स्कूलों के इसी नियम को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि स्कूल नियम का पालन नहीं कर रहे हैं, हमें हर सामान स्कूल से महंगे रेट में खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। इनका कहना है कि ट्यूशन के नाम पर भी ये पैसे एंठते हैं। पैरेंट्स फोरम के अध्यक्ष जयंत जैन ने कहा कि फीस के नाम पर स्कूल मनमानी ढंग से फीस बढ़ाते हैं। इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कराएँगे।
मुंबई - शिक्षा का जहां व्यवसायीकरण हो रहा है तो वही स्कूलों की फीस भी बढ़ती जा रही है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल सीबीएस बोर्ड आईसीएसई बोर्ड भी अच्छी शिक्षा के नाम पर लोगों की जेब खाली करने में लगे हैं। एक तरफ इन स्कूलों ने खुलेआम लूट मचा रखी है तो दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों की पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है। लोगों की मानसिकता भी यही है कि अगर हम अपने बच्चों को इंग्लिश स्कूल में नहीं डालेंगे तो बच्चे का भविष्य नहीं बनेगा। इसीलिए इंग्लिश स्कूलों में एडमिशन के लिए इतना लोग परेशान रहते हैं इसी का फायदा स्कूल उठाते हैं। वे अभिभावकों से ड्रेस, बैग, किताब के नाम पर उनसे जी भर कर उगाही करते हैं। दो हज़ार तीन में शिक्षा विभाग ने एक जीआर जारी कर कहा था कि स्कूल अभिभावकों को सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। बावजूद इसके स्कूल प्रशासन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नाम न बताने की शर्त पर एक अभीभावक ने मुंबई लाइव को बताया कि स्कूलों के इसी नियम को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि स्कूल नियम का पालन नहीं कर रहे हैं, हमें हर सामान स्कूल से महंगे रेट में खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। इनका कहना है कि ट्यूशन के नाम पर भी ये पैसे एंठते हैं। पैरेंट्स फोरम के अध्यक्ष जयंत जैन ने कहा कि फीस के नाम पर स्कूल मनमानी ढंग से फीस बढ़ाते हैं। इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कराएँगे।
वास्तु शास्त्र में घर बनाने से लेकर घर में रखी हर एक चीज का विस्तार से बताया गया है। वास्तु के अनुसार, घर में रखी हर एक छोटी-बड़ी चीज आपके जीवन को प्रभावित कर सकती है। वास्तु के अुसार, चाबियां हों या अन्य वस्तुएं यदि इन्हे गलत जगह रखा जाता है तो कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किचन में मां अन्नपूर्णा का वास होता है, भूलकर चाबी को किचन में नहीं रखना चाहिए। चाबी बार-बार इस्तेमाल होने वाली चीज है। इसलिए इसमें अपवित्र होती है, अपवित्र चीजों को पूजा घर में नहीं रखना चाहिए। घर की लॉबी में चाबियों को रखना शुभ माना गया है। चाबी को एक साथ रखने के लिए लकड़ी के हैंगर का इस्तेमाल करें। साथ ही इसका मुख पश्चिम दिशा की ओर हो।
वास्तु शास्त्र में घर बनाने से लेकर घर में रखी हर एक चीज का विस्तार से बताया गया है। वास्तु के अनुसार, घर में रखी हर एक छोटी-बड़ी चीज आपके जीवन को प्रभावित कर सकती है। वास्तु के अुसार, चाबियां हों या अन्य वस्तुएं यदि इन्हे गलत जगह रखा जाता है तो कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किचन में मां अन्नपूर्णा का वास होता है, भूलकर चाबी को किचन में नहीं रखना चाहिए। चाबी बार-बार इस्तेमाल होने वाली चीज है। इसलिए इसमें अपवित्र होती है, अपवित्र चीजों को पूजा घर में नहीं रखना चाहिए। घर की लॉबी में चाबियों को रखना शुभ माना गया है। चाबी को एक साथ रखने के लिए लकड़ी के हैंगर का इस्तेमाल करें। साथ ही इसका मुख पश्चिम दिशा की ओर हो।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक शराबी ने जमकर उत्पात मचाया। थाना क्षेत्र की आशापुरी हंसराज कॉलोनी में स्कूली बच्चों को लेने गयी बस पर शराबी ने पथराव कर दिया जिसमें बस ड्राइवर सहित 3 लोग घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही शराबी मौके से भाग खड़ा हुआ। गुरुवार की सुबह बाबा पातीराम विद्या मंदिर की स्कूल बस बच्चों को लेने गई हुई थी । बस जब हंसराज कॉलोनी में पहुंची तो वहां उसी समय वहां उत्पात मचा रहे एक शराबी ने बस पर हमला कर दिया। इसका जब बस के ड्राइवर ने विरोध किया तो उसने बस चालक राजेन्द्र , सहायिका शशि व टीचर गीता पर हमला कर दिया। इस हमले में तीनों मामूली रूप से घायल हो गए। बस ड्राइवर, सहायिका व शिक्षिका पर हमला होते देख बच्चों को बस पर छोड़ने आये परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो शराबी ने ईट पत्थर भी बरसा दिए। पथराव की बजह से बस के शीशे टूट गए। जिस दौरान बस पर हमला हुआ उसमें 15 बच्चे बैठे थे। शराबी के उत्पात मचाने और स्कूली बस पर हमला करने की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधक अरविंद व पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही शराबी मौके से भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने स्कूल प्रबंधक और मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाते हुए शराबी की तलाश शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधक अरविंद ने बताया कि स्कूल बस जब बच्चों को लेने गयी तो किसी शराबी ने हमला कर दिया। थाना हाईवे पुलिस को तहरीर दे दी गई है पुलिस तहरीर लेकर घटना की जांच में जुट गई है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक शराबी ने जमकर उत्पात मचाया। थाना क्षेत्र की आशापुरी हंसराज कॉलोनी में स्कूली बच्चों को लेने गयी बस पर शराबी ने पथराव कर दिया जिसमें बस ड्राइवर सहित तीन लोग घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही शराबी मौके से भाग खड़ा हुआ। गुरुवार की सुबह बाबा पातीराम विद्या मंदिर की स्कूल बस बच्चों को लेने गई हुई थी । बस जब हंसराज कॉलोनी में पहुंची तो वहां उसी समय वहां उत्पात मचा रहे एक शराबी ने बस पर हमला कर दिया। इसका जब बस के ड्राइवर ने विरोध किया तो उसने बस चालक राजेन्द्र , सहायिका शशि व टीचर गीता पर हमला कर दिया। इस हमले में तीनों मामूली रूप से घायल हो गए। बस ड्राइवर, सहायिका व शिक्षिका पर हमला होते देख बच्चों को बस पर छोड़ने आये परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो शराबी ने ईट पत्थर भी बरसा दिए। पथराव की बजह से बस के शीशे टूट गए। जिस दौरान बस पर हमला हुआ उसमें पंद्रह बच्चे बैठे थे। शराबी के उत्पात मचाने और स्कूली बस पर हमला करने की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधक अरविंद व पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही शराबी मौके से भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने स्कूल प्रबंधक और मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाते हुए शराबी की तलाश शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधक अरविंद ने बताया कि स्कूल बस जब बच्चों को लेने गयी तो किसी शराबी ने हमला कर दिया। थाना हाईवे पुलिस को तहरीर दे दी गई है पुलिस तहरीर लेकर घटना की जांच में जुट गई है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
KANPUR: अब आईआईटी का अपना मेडिकल कॉलेज होगा। यहां इलाज की नई तकनीक, डायग्नोस्टिक मशीनें और सर्जिकल उपकरण पर काम होगा ताकि पेशेंट्स का बेहतर इलाज हो सके और उनकी देखभाल में मदद मिल सके। 247 एकड़ में इसे बनाया जाएगा। एशिया की होसमैक कंपनी स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी इस मेडिकल कॉलेज को डिजाइन करेगी। कंपनी के मैनेजिंग डॉयरेक्टर डॉ। विवेक देसाई के नेतृत्व में काम पूरा किया जाएगा। हेल्थ सेंटर होने के साथ यह अपनी तरह का पहला सुपर-स्पेशलिटी टीचिंग हॉस्ि1पटल होगा। यहां पर नई दवाओं पर रिसर्च वर्क किए जाने के साथ पेशेंट्स का ट्रीटमेंट भी होगा। परियोजना के फर्स्ट फेज में कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी व सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी व ऑन्कोलॉजी समेत अन्य पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस की पढ़ाई होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि न्यूरोलॉजी, आर्थोपैडिक, लिवर, किडनी व कैंसर जैसे रोगों के इलाज के लिए यहां पर इंजीनिय¨रग की मदद से नए-नए उपकरण व दवाएं विकसित की जाएंगी। ऑपरेशन के जरिए मरीजों को लगाए जाने वाले इंप्लांट व जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें बनाए जाने को लेकर यहां रिसर्च भी किया जाएगा। आईआईटी के जाने माने आर्किटेक्ट पद्मश्री अच्युत कान¨वडे ने एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में डिजाइन किया था। इसमें से 247 एकड़ में अस्पताल का डिजाइन तैयार ि1कया जाएगा। आईआईटी डायरेक्टर प्रो। अभय करंदीकर ने बताया कि हेल्थ और इंजीनिय¨रग में विलय करने की योजना के तहत स्कूल ऑफ रिसर्च एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी। मेडिकल ग्रेजुएट के स्टूडेंट्स को यहां इंजीनिय¨रग इन मेडिसिन सिलेबस में एडमिशन मिलेगा। इससे मेडिकल ग्रेजुएट स्टूडेंट इंजीनिय¨रग विषयों में भी ट्रेनिंग ले सकेंगे। बायोमेडिकल इंजीनिय¨रग विभाग के साथ मिलकर दवा व इंजीनिय¨रग दोनों में शोध कार्य होंगे। परियोजना के दूसरे चरण में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी। होसमैक के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ। विवेक देसाई ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज को इस प्रकार से डिजाइन किया जाएगा जिससे चिकित्सा प्रौद्योगिकी में इनोवेशन किया जा सके। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पेशेंट्स की स्थानीय आवश्यकताएं पूरी हो सकेंगी।
KANPUR: अब आईआईटी का अपना मेडिकल कॉलेज होगा। यहां इलाज की नई तकनीक, डायग्नोस्टिक मशीनें और सर्जिकल उपकरण पर काम होगा ताकि पेशेंट्स का बेहतर इलाज हो सके और उनकी देखभाल में मदद मिल सके। दो सौ सैंतालीस एकड़ में इसे बनाया जाएगा। एशिया की होसमैक कंपनी स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी इस मेडिकल कॉलेज को डिजाइन करेगी। कंपनी के मैनेजिंग डॉयरेक्टर डॉ। विवेक देसाई के नेतृत्व में काम पूरा किया जाएगा। हेल्थ सेंटर होने के साथ यह अपनी तरह का पहला सुपर-स्पेशलिटी टीचिंग हॉस्िएकपटल होगा। यहां पर नई दवाओं पर रिसर्च वर्क किए जाने के साथ पेशेंट्स का ट्रीटमेंट भी होगा। परियोजना के फर्स्ट फेज में कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी व सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी व ऑन्कोलॉजी समेत अन्य पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस की पढ़ाई होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि न्यूरोलॉजी, आर्थोपैडिक, लिवर, किडनी व कैंसर जैसे रोगों के इलाज के लिए यहां पर इंजीनिय¨रग की मदद से नए-नए उपकरण व दवाएं विकसित की जाएंगी। ऑपरेशन के जरिए मरीजों को लगाए जाने वाले इंप्लांट व जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें बनाए जाने को लेकर यहां रिसर्च भी किया जाएगा। आईआईटी के जाने माने आर्किटेक्ट पद्मश्री अच्युत कान¨वडे ने एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में डिजाइन किया था। इसमें से दो सौ सैंतालीस एकड़ में अस्पताल का डिजाइन तैयार िएककया जाएगा। आईआईटी डायरेक्टर प्रो। अभय करंदीकर ने बताया कि हेल्थ और इंजीनिय¨रग में विलय करने की योजना के तहत स्कूल ऑफ रिसर्च एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी। मेडिकल ग्रेजुएट के स्टूडेंट्स को यहां इंजीनिय¨रग इन मेडिसिन सिलेबस में एडमिशन मिलेगा। इससे मेडिकल ग्रेजुएट स्टूडेंट इंजीनिय¨रग विषयों में भी ट्रेनिंग ले सकेंगे। बायोमेडिकल इंजीनिय¨रग विभाग के साथ मिलकर दवा व इंजीनिय¨रग दोनों में शोध कार्य होंगे। परियोजना के दूसरे चरण में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी। होसमैक के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ। विवेक देसाई ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज को इस प्रकार से डिजाइन किया जाएगा जिससे चिकित्सा प्रौद्योगिकी में इनोवेशन किया जा सके। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पेशेंट्स की स्थानीय आवश्यकताएं पूरी हो सकेंगी।
यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों ने मआरिब में सऊदी- इमाराती गठबंधन के सैन्य कमान्डरों और सरग़नों की बैठक को निशाना बनाया जिसमें दर्जनों लोगों के मारे जाने और घायल होने की सूचना है। फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार यमनी सेना के एक जानकार सूत्र ने बताया कि मआरिब में सऊदी-इमाराती हमलावर गठबंधन के सैन्य कमान्डरों और सरग़नों की बैठक को मीज़ाइल से निशाना बनाया गया। इस सैन्य सूत्र ने अलमयादीन चैनल से बात करते हुए कहा कि सैन्य कमान्डरों की यह बैठक मआरिब के तीसरे सैन्य क्षेत्र में हो रही थी जिस पर मीज़ाइल हमला किया गया। सूत्र का कहना है कि यह मीज़ाइल हमला सटीक था और अपने लक्ष्य पर लगा जिसकी वजह से दर्जनों सैन्य कमान्डर और सरग़ने मारे गये हैं। अभी तक इस हमले में मारे गये लोगों की सही संख्या सामने नहीं आई है। इसी बीच यमनी सेना के एक सूत्र ने बताया कि देश की सेना और स्वयं सेवी बलों ने सरवाह प्रांत के ज़ूर क्षेत्र में यमन की त्यागपत्र दे चुकी सरकार के तत्वों के हमले को विफल बना दिया। इस सूत्र का कहना है कि इस झड़प में मंसूर हादी के सैनिकों की कई गाड़ियां तबाह हो गयीं जबकि बड़ी संख्या में लड़ाके मारे गये और घायल हुए हैं। (AK) हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!
यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों ने मआरिब में सऊदी- इमाराती गठबंधन के सैन्य कमान्डरों और सरग़नों की बैठक को निशाना बनाया जिसमें दर्जनों लोगों के मारे जाने और घायल होने की सूचना है। फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार यमनी सेना के एक जानकार सूत्र ने बताया कि मआरिब में सऊदी-इमाराती हमलावर गठबंधन के सैन्य कमान्डरों और सरग़नों की बैठक को मीज़ाइल से निशाना बनाया गया। इस सैन्य सूत्र ने अलमयादीन चैनल से बात करते हुए कहा कि सैन्य कमान्डरों की यह बैठक मआरिब के तीसरे सैन्य क्षेत्र में हो रही थी जिस पर मीज़ाइल हमला किया गया। सूत्र का कहना है कि यह मीज़ाइल हमला सटीक था और अपने लक्ष्य पर लगा जिसकी वजह से दर्जनों सैन्य कमान्डर और सरग़ने मारे गये हैं। अभी तक इस हमले में मारे गये लोगों की सही संख्या सामने नहीं आई है। इसी बीच यमनी सेना के एक सूत्र ने बताया कि देश की सेना और स्वयं सेवी बलों ने सरवाह प्रांत के ज़ूर क्षेत्र में यमन की त्यागपत्र दे चुकी सरकार के तत्वों के हमले को विफल बना दिया। इस सूत्र का कहना है कि इस झड़प में मंसूर हादी के सैनिकों की कई गाड़ियां तबाह हो गयीं जबकि बड़ी संख्या में लड़ाके मारे गये और घायल हुए हैं। हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!
मेरठ में महिला को जबरन KISS करने वाले आरोपी युवक को पुलिस ने अरेस्ट करके जेल भेज दिया है। रेप करने आए युवक से पीड़िता भिड़ गई और उसका होंठ काट लिया था। पीड़िता की तरफ से युवक के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को अरेस्ट कर उसे जेल भेज दिया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि एक युवक ने युवती के साथ छेड़खानी का प्रयास किया गया था। युवती ने उसका होंठ काट लिया था। इसके बाद युवती की तरफ से तहरीर मिली थी। तहरीर के आधार पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज करके उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मेरठ में एक महिला ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को बचा लिया। वह रेप करने आए युवक से भिड़ गई। आरोपी ने जबरन किस करने की कोशिश की तो महिला ने दांत से काटकर उसके होंठ अलग कर दिए। होंठ कटते ही उसके मुंह से खून बहने लगा। वो दर्द से तड़पकर चिल्लाने लगा। महिला ने भी चीख-पुकार मचाई। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके होंठ के टुकड़े को पैकेट में सील किया। घायल आरोपी को नजदीकी सीएचसी ले गए। वहां उसका ट्रीटमेंट किया। यह पूरा मामला दरौला थाना क्षेत्र के एक गांव का शनिवार दोपहर का है। महिला ने लावड़ गांव के मोहित सैनी पर रेप की कोशिश, छेड़खानी की एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता ने बताया कि शनिवार दोपहर वह अपने खेत में काम कर रही थी। सन्नाटा था। आसपास कोई नहीं था। तभी एक युवक ने अचानक पीछे से आकर उसे दबोच लिया। वह घबरा गई। समझ नहीं पाई कि उसे किसने पकड़ा। महिला ने चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसका मुंह दबा लिया। तभी युवक उसे खेत में घसीटने लगा। उसके कपड़े फाड़ने लगा। जोर-जबरदस्ती करने लगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
मेरठ में महिला को जबरन KISS करने वाले आरोपी युवक को पुलिस ने अरेस्ट करके जेल भेज दिया है। रेप करने आए युवक से पीड़िता भिड़ गई और उसका होंठ काट लिया था। पीड़िता की तरफ से युवक के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को अरेस्ट कर उसे जेल भेज दिया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि एक युवक ने युवती के साथ छेड़खानी का प्रयास किया गया था। युवती ने उसका होंठ काट लिया था। इसके बाद युवती की तरफ से तहरीर मिली थी। तहरीर के आधार पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज करके उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मेरठ में एक महिला ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को बचा लिया। वह रेप करने आए युवक से भिड़ गई। आरोपी ने जबरन किस करने की कोशिश की तो महिला ने दांत से काटकर उसके होंठ अलग कर दिए। होंठ कटते ही उसके मुंह से खून बहने लगा। वो दर्द से तड़पकर चिल्लाने लगा। महिला ने भी चीख-पुकार मचाई। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके होंठ के टुकड़े को पैकेट में सील किया। घायल आरोपी को नजदीकी सीएचसी ले गए। वहां उसका ट्रीटमेंट किया। यह पूरा मामला दरौला थाना क्षेत्र के एक गांव का शनिवार दोपहर का है। महिला ने लावड़ गांव के मोहित सैनी पर रेप की कोशिश, छेड़खानी की एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता ने बताया कि शनिवार दोपहर वह अपने खेत में काम कर रही थी। सन्नाटा था। आसपास कोई नहीं था। तभी एक युवक ने अचानक पीछे से आकर उसे दबोच लिया। वह घबरा गई। समझ नहीं पाई कि उसे किसने पकड़ा। महिला ने चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसका मुंह दबा लिया। तभी युवक उसे खेत में घसीटने लगा। उसके कपड़े फाड़ने लगा। जोर-जबरदस्ती करने लगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
भोजपुरी और बॉलीवुड अभिनेता से नेता बने गोरखपुर सदर सांसद रवि किशन अपने बेबाक बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं. मगर इसबार उनकी चर्चा एक खास वजह से हो रही है. रवि किशन अयोध्या की वर्चुअल रामलीला में प्रभु श्रीराम के छोटे भाई भरत का किरदार निभा रहे हैं. मंगलवार को रामलीला में जिस तरह से उन्होंने किरदार को निभाया उसके बाद से लोग हैरान रह गए. कुछ लोग को तो यही लगने लगा कि ये सच में भगवान राम के भाई भरत हैं. जिसके बाद से उन्होंने अपने इस अंदाज का लोगों को दिवाना बना लिया है. फिल्मों में विलेन के रोल करने वाले और संसद में गरजने वाले अपने सांसद को जब लोगों ने राम लीला के मंच पर सौम्य भरत के रोल में देखा तो वो यकीन ही नहीं कर पाए. रवि किशन ने अपने अभिनय से यहां भी लोगों को दीवाना बना दिया. आप भी देखिए कैसे रामलीला में रविकिशन भरत की भूमिका में अभिनय कर रहे थे. हर साल की तरह नवरात्रि के अवसर पर अयोध्या में रामलीला का रंगमंच होता है. इस बार भी ये रंगमंच 17 अक्टूबर से शुरू हुआ है और 25 अक्टूबर तक चलेगा. जिसमें मंगलवार को रवि किशन भरत की भूमिका में नजर आए. बता दें, कि अयोध्या की पहली वर्चुअल रामलीला उर्दू और भोजपुरी समेत 14 भाषाओं में टीवी के साथ-साथ डिजिटल माध्यम में भी दिखाई जा रही है. इसमें अभिनेता बिंदु दारा सिंह हनुमान की भूमिका में, रितु शिवपुरी कैकयी, असरानी नारद और शहबाज खान रावण की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं राकेश बेदी विभीषण, राकेश पुरी निषादराज, रजामुराद अहिरावण और अवतार गिल जनक का किरदार निभा रहें हैं. वहीं रामलीला से पहले सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए रवि किशन ने कहा है कि भोजपुरी फिल्मों के लिए भी अलग से सेंसर बोर्ड बनाने का मुद्दा संसद में उठाएंगे. ताकी इसके जरिए भोजपूरी फिल्मों के अश्लील गानों पर कानूनी कार्रवाई हो.
भोजपुरी और बॉलीवुड अभिनेता से नेता बने गोरखपुर सदर सांसद रवि किशन अपने बेबाक बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं. मगर इसबार उनकी चर्चा एक खास वजह से हो रही है. रवि किशन अयोध्या की वर्चुअल रामलीला में प्रभु श्रीराम के छोटे भाई भरत का किरदार निभा रहे हैं. मंगलवार को रामलीला में जिस तरह से उन्होंने किरदार को निभाया उसके बाद से लोग हैरान रह गए. कुछ लोग को तो यही लगने लगा कि ये सच में भगवान राम के भाई भरत हैं. जिसके बाद से उन्होंने अपने इस अंदाज का लोगों को दिवाना बना लिया है. फिल्मों में विलेन के रोल करने वाले और संसद में गरजने वाले अपने सांसद को जब लोगों ने राम लीला के मंच पर सौम्य भरत के रोल में देखा तो वो यकीन ही नहीं कर पाए. रवि किशन ने अपने अभिनय से यहां भी लोगों को दीवाना बना दिया. आप भी देखिए कैसे रामलीला में रविकिशन भरत की भूमिका में अभिनय कर रहे थे. हर साल की तरह नवरात्रि के अवसर पर अयोध्या में रामलीला का रंगमंच होता है. इस बार भी ये रंगमंच सत्रह अक्टूबर से शुरू हुआ है और पच्चीस अक्टूबर तक चलेगा. जिसमें मंगलवार को रवि किशन भरत की भूमिका में नजर आए. बता दें, कि अयोध्या की पहली वर्चुअल रामलीला उर्दू और भोजपुरी समेत चौदह भाषाओं में टीवी के साथ-साथ डिजिटल माध्यम में भी दिखाई जा रही है. इसमें अभिनेता बिंदु दारा सिंह हनुमान की भूमिका में, रितु शिवपुरी कैकयी, असरानी नारद और शहबाज खान रावण की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं राकेश बेदी विभीषण, राकेश पुरी निषादराज, रजामुराद अहिरावण और अवतार गिल जनक का किरदार निभा रहें हैं. वहीं रामलीला से पहले सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए रवि किशन ने कहा है कि भोजपुरी फिल्मों के लिए भी अलग से सेंसर बोर्ड बनाने का मुद्दा संसद में उठाएंगे. ताकी इसके जरिए भोजपूरी फिल्मों के अश्लील गानों पर कानूनी कार्रवाई हो.
देवनदि र उनका जैनेन्द्र व्याकरण इसके 'कर्त्ता प्रभाचन्द्राचार्य हैं और वे प्रमेयकमलमार्तण्ड और न्यायकुमुदचन्द्र के ही कर्त्ता मालूम होते हैं। क्योंकि इसके प्रारंभ में ही यह कहा गया है कि अनेकान्तकी चर्चा उक्त दोनों ग्रन्थोंमें की गई है, इसलिए यहाँ नहीं करते । अवश्य ही इसमें उन्होंने अपने ही ग्रन्थोंको देखने के लिए कहा है, " अथ कोऽयमनेकान्तो नामेत्याह - अस्तित्व नास्तित्व नित्यत्वानित्यत्वसामान्यासामान्याधिकरण्यविशेषणविशेष्यादिकोऽनेकान्तः स्वभावो यस्यार्थस्यासावनेकान्तः अनेकान्तात्मक इत्यर्थः । तत्र च प्रतिष्ठित मिथ्याविकल्पकल्पिताशेषविप्रतिपत्तिः प्रत्यक्षादिप्रमाणमेव प्रत्यस्तमयतीति (?) तद्धिततया तदात्मकत्वं चार्थस्य अध्यक्षतोनुमानादेश्व यथा सिद्ध्यति तथा प्रपंचतः प्रमेयक मलमार्तण्डे न्यायकुमुदचन्द्रे च प्रतिरूपितमिह दृष्टव्यम् । इसके मंगलाचरणमें पूज्यपाद और अकलंकको नमस्कार किया गया है । अन्तकी प्रशक्ति देखने को मिली नहीं। उससे शायद कुछ विशेष प्रकाश पड़े। ३ - पंचवस्तु । भांडारकर रिसर्च इन्स्टिटयूटमें इसकी दो प्रतियाँ मौजूद हैं, जिनमें एकं ३००-४०० वर्ष पहलेकी लिखी हुई है और बहुत शुद्ध है। x पत्रसंख्या १९ है। इसका लेखकका नाम और प्रति लिखनेका समय आदि नहीं है । इसके अन्त में केवल इतना लिखा हुआ है. कृतिरियं देवनंद्याचार्यस्य परवादिमथनस्य ।। छा । शुभं भवतु लेखकपाठकयोः ।। श्रीसंघस्य ।। दूसरी प्रति रत्नकरण्डश्रावकाचारवचनिका आदि अनेक भाषाग्रन्थोंके रचयिता सुप्रसिद्ध पण्डित सदासुखजीक हाथकी संवत् १९१० की लिखी हुई है । १ नं० १०५९ मन् १८८७ - ९१ की रिपोर्ट । २ नं० ५९० सन् १८७५-७६ की रिपोर्ट । इस ग्रन्थकी एक प्रति परताबगढ़ ( मालवा ) के पुराने दि० जैनमन्दिरके भंडारमें भी है । देखा जैनमित्र ता० २६ अगस्त १९१५ । ३ - अब्दे नभश्चन्द्रविधिस्थिरांके शुद्धेसहम (?) युक्चतुर्थ्याम् । सत्प्रक्रियाबन्धनिबन्धनेयं स्तुत्तीरदनात्समाप्ता ( ? ) ।। श्रीमन्नराणामधिवेशराशि श्रीरामसिंह विलसत्यलोखे । श्रीमद्बधेनेह सदासुखेन श्रीयुक्फतलालनिजात्मबुद्धयै ।। शाब्दीयशास्त्रं पठितं न यैस्तैः स्वदेहसंपालनभारवद्भिः । किं दर्शनीयं कथनीयमेतद् वृथांगसंधावपलापवद्भिः ॥ यह प्रति भी प्रायः शुद्ध है।
देवनदि र उनका जैनेन्द्र व्याकरण इसके 'कर्त्ता प्रभाचन्द्राचार्य हैं और वे प्रमेयकमलमार्तण्ड और न्यायकुमुदचन्द्र के ही कर्त्ता मालूम होते हैं। क्योंकि इसके प्रारंभ में ही यह कहा गया है कि अनेकान्तकी चर्चा उक्त दोनों ग्रन्थोंमें की गई है, इसलिए यहाँ नहीं करते । अवश्य ही इसमें उन्होंने अपने ही ग्रन्थोंको देखने के लिए कहा है, " अथ कोऽयमनेकान्तो नामेत्याह - अस्तित्व नास्तित्व नित्यत्वानित्यत्वसामान्यासामान्याधिकरण्यविशेषणविशेष्यादिकोऽनेकान्तः स्वभावो यस्यार्थस्यासावनेकान्तः अनेकान्तात्मक इत्यर्थः । तत्र च प्रतिष्ठित मिथ्याविकल्पकल्पिताशेषविप्रतिपत्तिः प्रत्यक्षादिप्रमाणमेव प्रत्यस्तमयतीति तद्धिततया तदात्मकत्वं चार्थस्य अध्यक्षतोनुमानादेश्व यथा सिद्ध्यति तथा प्रपंचतः प्रमेयक मलमार्तण्डे न्यायकुमुदचन्द्रे च प्रतिरूपितमिह दृष्टव्यम् । इसके मंगलाचरणमें पूज्यपाद और अकलंकको नमस्कार किया गया है । अन्तकी प्रशक्ति देखने को मिली नहीं। उससे शायद कुछ विशेष प्रकाश पड़े। तीन - पंचवस्तु । भांडारकर रिसर्च इन्स्टिटयूटमें इसकी दो प्रतियाँ मौजूद हैं, जिनमें एकं तीन सौ-चार सौ वर्ष पहलेकी लिखी हुई है और बहुत शुद्ध है। x पत्रसंख्या उन्नीस है। इसका लेखकका नाम और प्रति लिखनेका समय आदि नहीं है । इसके अन्त में केवल इतना लिखा हुआ है. कृतिरियं देवनंद्याचार्यस्य परवादिमथनस्य ।। छा । शुभं भवतु लेखकपाठकयोः ।। श्रीसंघस्य ।। दूसरी प्रति रत्नकरण्डश्रावकाचारवचनिका आदि अनेक भाषाग्रन्थोंके रचयिता सुप्रसिद्ध पण्डित सदासुखजीक हाथकी संवत् एक हज़ार नौ सौ दस की लिखी हुई है । एक नंशून्य एक हज़ार उनसठ मन् एक हज़ार आठ सौ सत्तासी - इक्यानवे की रिपोर्ट । दो नंशून्य पाँच सौ नब्बे सन् एक हज़ार आठ सौ पचहत्तर-छिहत्तर की रिपोर्ट । इस ग्रन्थकी एक प्रति परताबगढ़ के पुराने दिशून्य जैनमन्दिरके भंडारमें भी है । देखा जैनमित्र ताशून्य छब्बीस अगस्त एक हज़ार नौ सौ पंद्रह । तीन - अब्दे नभश्चन्द्रविधिस्थिरांके शुद्धेसहम युक्चतुर्थ्याम् । सत्प्रक्रियाबन्धनिबन्धनेयं स्तुत्तीरदनात्समाप्ता ।। श्रीमन्नराणामधिवेशराशि श्रीरामसिंह विलसत्यलोखे । श्रीमद्बधेनेह सदासुखेन श्रीयुक्फतलालनिजात्मबुद्धयै ।। शाब्दीयशास्त्रं पठितं न यैस्तैः स्वदेहसंपालनभारवद्भिः । किं दर्शनीयं कथनीयमेतद् वृथांगसंधावपलापवद्भिः ॥ यह प्रति भी प्रायः शुद्ध है।
MBOSE 12th Result 2023 on mpbse. in, megresults. nic. in: मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन कल यानी 9 मई को कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी करेगा। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट mpbse. in, megresults. nic. in पर जाकर छात्र अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। - मेघालय बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse. in, megresults. nic. in पर जाएं। - होमपेज पर जाकर MPBOSE 12th Result 2023 लिंक पर क्लिक करें। - यहां अपना रोल नंबर, स्कूल कोड व अन्य जानकारी दर्ज करें। - रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा। PM Modi के USA दौरे को लेकर राजदूत ने क्या कहा ? Exclusive Interview में Ashwini Vaishnaw ने कहा, 'पिछले 9 सालों में PM Modi ने रेलवे को ट्रांसफॉर्म किया' Sawal Public Ka : Navika से पहलवानों के प्रदर्शन पर क्या बोली स्मृति ईरानी ? Opinion India Ka : 'गॉडमदर' कहां फरार. . एक्सपोज हुए सारे मददगार !
MBOSE बारहth Result दो हज़ार तेईस on mpbse. in, megresults. nic. in: मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन कल यानी नौ मई को कक्षा बारहवीं का रिजल्ट जारी करेगा। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट mpbse. in, megresults. nic. in पर जाकर छात्र अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। - मेघालय बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse. in, megresults. nic. in पर जाएं। - होमपेज पर जाकर MPBOSE बारहth Result दो हज़ार तेईस लिंक पर क्लिक करें। - यहां अपना रोल नंबर, स्कूल कोड व अन्य जानकारी दर्ज करें। - रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा। PM Modi के USA दौरे को लेकर राजदूत ने क्या कहा ? Exclusive Interview में Ashwini Vaishnaw ने कहा, 'पिछले नौ सालों में PM Modi ने रेलवे को ट्रांसफॉर्म किया' Sawal Public Ka : Navika से पहलवानों के प्रदर्शन पर क्या बोली स्मृति ईरानी ? Opinion India Ka : 'गॉडमदर' कहां फरार. . एक्सपोज हुए सारे मददगार !
ताज महल पर चल रहे विवादों के बीच हरियाणा के विज्ञान और तकनीकी मंत्री ने भी इस एतिहासिक स्मारक पर अपनी राय दी है और इसके एक खूबसूरत कब्रिस्तान बताया है। अनिल विज ने ट्वीट कर लिखा, 'ताज महल एक खूबसूरत कब्रिस्तान है। ' अनिल विज का कहना है कि ताज महल चाहे कितना भी सुंदर क्यों ना हो लेकिन लोग ताज महल के मॉडल को घर में रखना अपशगुन मानते हैं क्योंकि यह एक कब्र है। अनिल विज पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। अनिल विज ने राम रहीम को सजा सुनाने के बाद हिंसा में मारे गये लोगों को मुआवजा देने की पैरवी की थी। इसके अलावा वो करेंसी से गांधी की तस्वीरों को हटाने के भी हिमायती हैं। बता दें कि यूपी से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने ताज महल को भारतीय संस्कृति और इतिहास पर एक 'धब्बा' करार दिया था। मेरठ के सधरना से विधायक संगीत सोम ने कहा था, "बहुत सारे लोग इसलिए निराश थे कि ताज महल को उत्तर प्रदेश की पर्यटन पुस्तिका से हटा दिया गया। हम किस इतिहास की बात कर रहे हैं? कौन सा इतिहास? ताज महल बनवाने वाले (शाहजहां) ने अपने पिता को जेल में डाल दिया था। वह भारत से सभी हिंदुओं को मिटा देना चाहता था। अगर ऐसे लोग हमारे इतिहास का हिस्सा हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। " उन्होंने यह भी बताया था कि उत्तर प्रदेश सरकार अकबर, बाबर और औरंगजेब जैसे कलंक कथा लिखने वाले बादशाहों को भी इतिहास से निकालने की तैयारी कर रही है। #ताजमहल एक खूबसूरत कब्रिस्तान है । ताज महल विवाद में दखल देते हुए फायर ब्रांड बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा था कि ताज महल हिन्दू देवता भगवान शिव का मंदिर है। इसे सैकड़ों साल पहले तेजो महल के नाम से जाना जाता था लेकिन मुगल राजा शाहजहां ने इसे ताज महल में बदल दिया था। विनय कटियार ने बताया, 'ताजमहल हिन्दू मंदिर है। जिसको तेजो महल कहा जाता था। इतिहासकार पीएन ओक की एक किताब भी ऐसा ही कहती है। शाहजहां ने इस जगह पर अपनी पत्नी को दफनाने के बाद इसे मकबरे में बदल लिया था। ताज महल पर इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे पर्यटन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया था। बता दें कि ताज महल पर बढ़ते विवाद को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ये स्मारक भारत माता के सपूतों की खून पसीने की कमाई से बना है और इसका संरक्षण किया जाना चाहिए।
ताज महल पर चल रहे विवादों के बीच हरियाणा के विज्ञान और तकनीकी मंत्री ने भी इस एतिहासिक स्मारक पर अपनी राय दी है और इसके एक खूबसूरत कब्रिस्तान बताया है। अनिल विज ने ट्वीट कर लिखा, 'ताज महल एक खूबसूरत कब्रिस्तान है। ' अनिल विज का कहना है कि ताज महल चाहे कितना भी सुंदर क्यों ना हो लेकिन लोग ताज महल के मॉडल को घर में रखना अपशगुन मानते हैं क्योंकि यह एक कब्र है। अनिल विज पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। अनिल विज ने राम रहीम को सजा सुनाने के बाद हिंसा में मारे गये लोगों को मुआवजा देने की पैरवी की थी। इसके अलावा वो करेंसी से गांधी की तस्वीरों को हटाने के भी हिमायती हैं। बता दें कि यूपी से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने ताज महल को भारतीय संस्कृति और इतिहास पर एक 'धब्बा' करार दिया था। मेरठ के सधरना से विधायक संगीत सोम ने कहा था, "बहुत सारे लोग इसलिए निराश थे कि ताज महल को उत्तर प्रदेश की पर्यटन पुस्तिका से हटा दिया गया। हम किस इतिहास की बात कर रहे हैं? कौन सा इतिहास? ताज महल बनवाने वाले ने अपने पिता को जेल में डाल दिया था। वह भारत से सभी हिंदुओं को मिटा देना चाहता था। अगर ऐसे लोग हमारे इतिहास का हिस्सा हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। " उन्होंने यह भी बताया था कि उत्तर प्रदेश सरकार अकबर, बाबर और औरंगजेब जैसे कलंक कथा लिखने वाले बादशाहों को भी इतिहास से निकालने की तैयारी कर रही है। #ताजमहल एक खूबसूरत कब्रिस्तान है । ताज महल विवाद में दखल देते हुए फायर ब्रांड बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा था कि ताज महल हिन्दू देवता भगवान शिव का मंदिर है। इसे सैकड़ों साल पहले तेजो महल के नाम से जाना जाता था लेकिन मुगल राजा शाहजहां ने इसे ताज महल में बदल दिया था। विनय कटियार ने बताया, 'ताजमहल हिन्दू मंदिर है। जिसको तेजो महल कहा जाता था। इतिहासकार पीएन ओक की एक किताब भी ऐसा ही कहती है। शाहजहां ने इस जगह पर अपनी पत्नी को दफनाने के बाद इसे मकबरे में बदल लिया था। ताज महल पर इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे पर्यटन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया था। बता दें कि ताज महल पर बढ़ते विवाद को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ये स्मारक भारत माता के सपूतों की खून पसीने की कमाई से बना है और इसका संरक्षण किया जाना चाहिए।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का तीसरा मैच 30 नवंबर को खेला जाना है। मौजूदा सीरीज में शिखर धवन की कप्तानी में भारतीय टीम फिलहाल 1-0 से पिछड़ रही है। ऐसे में क्राइस्टचर्च में खेला जाने वाला अगला वनडे भारत के लिए करो या मरो की वाला मुकाबला रहने वाला है। इस मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच रोचक बैटल्स देखने को मिल सकती हैं, उन पर नजर डालते हैं। शुभमन गिल ने पहले मैच में 50 रन बनाए थे। वहीं बारिश के बीच धुल जाने वाले दूसरे मैच में उन्होंने नाबाद 45 रन बना लिए थे। उन्होंने अब तक नई गेंद का बेहतरीन ढंग से सामना किया है। उन्होंने टिम साउथी के खिलाफ 23 गेंदों में 16 रन बनाए हैं और संभलकर बल्लेबाजी की है। अनुभवी तेज गेंदबाज साउथी आखिरी वनडे में उन्हें आउट करने का प्रयास करेंगे। पहले मैच में सिर्फ 4 रन बनाने के बाद दूसरे मैच में सूर्यकुमार यादव ने आक्रामक बल्लेबाजी की थी और खेल रद्द होने से पहले 25 गेंदों में नाबाद 34 रन बना लिए थे। उन्हें तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन से अच्छी चुनौती मिलने की उम्मीद है। सूर्यकुमार ने इस सीरीज में फर्ग्यूसन के खिलाफ 11 गेंदों में 17 रन बनाए हैं जबकि इस दौरान एक बार वह आउट भी हुए हैं। सीरीज के पहले मैच में ने उमरान मलिक ने 10 ओवर में 66 रन देकर दो विकेट लिए थे। वह लगातार तेज गति से गेंदबाजी करते हैं। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने इस युवा गेंदबाज का शानदार ढंग से सामना किया है। उन्होंने जम्मू और कश्मीर के इस तेज गेंदबाज के खिलाफ 22 गेंदों में 23 रन बनाए हैं। विलियमसन पहले वनडे में 98 गेंदों में 94 रन बनाकर नाबाद लौटे थे और जीत में अहम भूमिका निभाई थी। टॉम लैथम ने पहले मुकाबले में अपनी सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय पारी खेली। उन्होंने 104 गेंदों में नाबाद 145 रन बनाए थे। उन्होंने मिडिल ओवर्स में युजवेंद्र चहल के खिलाफ 25 गेंदों में 29 रन बनाए थे। लेग स्पिनर चहल महंगे साबित हुए थे। उन्होंने 10 ओवर्स में बिना विकेट लिए 67 रन दिए थे। हालांकि, चहल आखिरी वनडे में लैथम पर हावी हो सकते हैं। बता दें लैथम 41 वनडे पारियों में से 11 बार लेग स्पिनर्स का शिकार हुए हैं। कब और कहां देखें मैच?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का तीसरा मैच तीस नवंबर को खेला जाना है। मौजूदा सीरीज में शिखर धवन की कप्तानी में भारतीय टीम फिलहाल एक-शून्य से पिछड़ रही है। ऐसे में क्राइस्टचर्च में खेला जाने वाला अगला वनडे भारत के लिए करो या मरो की वाला मुकाबला रहने वाला है। इस मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच रोचक बैटल्स देखने को मिल सकती हैं, उन पर नजर डालते हैं। शुभमन गिल ने पहले मैच में पचास रन बनाए थे। वहीं बारिश के बीच धुल जाने वाले दूसरे मैच में उन्होंने नाबाद पैंतालीस रन बना लिए थे। उन्होंने अब तक नई गेंद का बेहतरीन ढंग से सामना किया है। उन्होंने टिम साउथी के खिलाफ तेईस गेंदों में सोलह रन बनाए हैं और संभलकर बल्लेबाजी की है। अनुभवी तेज गेंदबाज साउथी आखिरी वनडे में उन्हें आउट करने का प्रयास करेंगे। पहले मैच में सिर्फ चार रन बनाने के बाद दूसरे मैच में सूर्यकुमार यादव ने आक्रामक बल्लेबाजी की थी और खेल रद्द होने से पहले पच्चीस गेंदों में नाबाद चौंतीस रन बना लिए थे। उन्हें तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन से अच्छी चुनौती मिलने की उम्मीद है। सूर्यकुमार ने इस सीरीज में फर्ग्यूसन के खिलाफ ग्यारह गेंदों में सत्रह रन बनाए हैं जबकि इस दौरान एक बार वह आउट भी हुए हैं। सीरीज के पहले मैच में ने उमरान मलिक ने दस ओवर में छयासठ रन देकर दो विकेट लिए थे। वह लगातार तेज गति से गेंदबाजी करते हैं। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने इस युवा गेंदबाज का शानदार ढंग से सामना किया है। उन्होंने जम्मू और कश्मीर के इस तेज गेंदबाज के खिलाफ बाईस गेंदों में तेईस रन बनाए हैं। विलियमसन पहले वनडे में अट्ठानवे गेंदों में चौरानवे रन बनाकर नाबाद लौटे थे और जीत में अहम भूमिका निभाई थी। टॉम लैथम ने पहले मुकाबले में अपनी सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय पारी खेली। उन्होंने एक सौ चार गेंदों में नाबाद एक सौ पैंतालीस रन बनाए थे। उन्होंने मिडिल ओवर्स में युजवेंद्र चहल के खिलाफ पच्चीस गेंदों में उनतीस रन बनाए थे। लेग स्पिनर चहल महंगे साबित हुए थे। उन्होंने दस ओवर्स में बिना विकेट लिए सरसठ रन दिए थे। हालांकि, चहल आखिरी वनडे में लैथम पर हावी हो सकते हैं। बता दें लैथम इकतालीस वनडे पारियों में से ग्यारह बार लेग स्पिनर्स का शिकार हुए हैं। कब और कहां देखें मैच?
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने देश के विभिन्न राजमार्गों पर टोल नहीं वसूले जाने की अवधि बढ़ाकर 18 नवंबर कर दी है। जहाजरानी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने ट्वीट कर बताया, "सभी राष्ट्रीय राजमार्गो पर टोल नहीं वसूले जाने की अवधि 18 नवंबर की मध्यरात्रि तक के लिए बढ़ा दी गई है। " इससे पहले सरकार ने दो बार राष्ट्रीय राजमार्गो पर टोल नहीं वसूले जाने की घोषणा की थी। पहली घोषणा 11 नवंबर तक के लिए और दूसरी बार की घोषणा में 14 नवंबर तक टोल नहीं वसूले जाने की बात कही गई थी।
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने देश के विभिन्न राजमार्गों पर टोल नहीं वसूले जाने की अवधि बढ़ाकर अट्ठारह नवंबर कर दी है। जहाजरानी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने ट्वीट कर बताया, "सभी राष्ट्रीय राजमार्गो पर टोल नहीं वसूले जाने की अवधि अट्ठारह नवंबर की मध्यरात्रि तक के लिए बढ़ा दी गई है। " इससे पहले सरकार ने दो बार राष्ट्रीय राजमार्गो पर टोल नहीं वसूले जाने की घोषणा की थी। पहली घोषणा ग्यारह नवंबर तक के लिए और दूसरी बार की घोषणा में चौदह नवंबर तक टोल नहीं वसूले जाने की बात कही गई थी।
ताइवान के आसपास चीनी सेना की बढ़ती मौजूदगी के कारण प्रमुख ताइवानी कंपनियां अपने उत्पादन केंद्रों को चीन से यूरोप, अमेरिका और भारत जैसे देशों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं। India on The Way to Global Manufacturer: वैश्विक निर्माताओं ने भारत में तेज औद्योगिक विकास की बड़ी भविष्यवाणी करके चीन समेत दुनिया के तमाम देशों को हैरानी में डाल दिया है। साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट में सप्लाई चेन एनालिस्टों की प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक निर्माता भारत को बदलाव के ऐसे कगार पर खड़ा देख रहे हैं। France Keen to Participate in India's Defense Industries: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना ने रक्षा के क्षेत्र में भी भारत को गजब की स्पीड दे दी है। अब भारत डिफेंस कोरिडोर पर भी सैन्य साजो-सामान और युद्धक उपकरणों के निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ा चुका है। भारतीयों की विकसित बौद्धिक संपदा को अपने उत्पादों में आत्मसात करने वाले वी मैन्युफैक्चरर्स के लिए भी सरकार अलग से प्रोत्साहन देगी। kawasaki W175: कावासाकी कंपनी ने हाल ही में एक बाइक को लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक मेड इंडिया के तहत बनाई गई है। इसकी कीमत मात्र 1. 49 लाख रुपये है। Make In india: वार्षिक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) लगभग दोगुना होकर 83 बिलियन डॉलर हो गया है। मेक इन इंडिया कार्यक्रम एक ऐसी पहल है जो भारत को आयात (Import) करने की जगह निर्यात (Export) करने वाला देश बना रही है। ये देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए प्रभावी कदम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाशिंगटन डीसी पहुंचने के बाद अमेरिकी एयरोस्पेस और रक्षा प्रमुख बोइंग और रेथियॉन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कंपिनयों को भारत में नीतिगत पहलों का लाभ उठाने के लिए 'मेक इन इंडिया' से 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की ओर तेज़ी से बढ़ने का आह्वान किया। दिल्ली-मेरठ जाने वाली रैपिड रेल सिर्फ 55 मिनट में आपको मेरठ पहुंचा देगी. यह ट्रेन पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. यह ट्रेन मेट्रो और रेल का मिक्सचर है. इसका काम 2025 तक पूरा होगा. मोदी ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' अभियान 21वीं सदी के भारत की जरूरत है और यह हमें हमारी क्षमता दिखाने का अवसर देता है। निर्यात को बढ़ावा देने पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में वैश्विक 'चैंपियन' बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात सकल घरेलू उत्पाद का 20 प्रतिशत; इसे बढ़ाने की काफी संभावनाएं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले स्वदेश निर्मित एयरक्राफ्ट कैरियर 'विक्रांत' को 'मेक इन इंडिया' का बेहतरीन नमूना बताया और इसके समुद्री परीक्षण की ऐतिहासिक उपलब्धि पर नौसेना को बधाई दी। विक्रांत का समुद्र में बहुप्रतीक्षित परीक्षण बुधवार को शुरू हो गया। भारतीय रेलवे ने 'मेक इन इंडिया' अभियान को और मजबूत करते हुए जानकारी दी कि रेलगाड़ियों के इलेक्ट्रिक इंजनों में 95 फीसदी स्वदेशी कलपुर्जो का उपयोग हो रहा है। एप्पल ने अपने एक बयान में कहा कि हमें अपने स्थानीय ग्राहकों के लिए भारत में ही आईफोन 12 का उत्पादन शुरू करने पर गर्व होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को रेलवे के लिए बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट 2021 में रेलवे के लिए 1. 10 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा की, जिसमें से 1. 07 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं। इस महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में 44 ट्रेन का निर्माण किया जाएगा जिसमें हर ट्रेन में 16 कोच होंगे। प्रोजेक्ट में स्थानीय सामग्री का अनुपात न्यूनतम 75 फीसदी होगा। 29 सितंबर को निविदा पूर्व बैठक (प्री बिड मीटिंग) होगी, टेंडर 17 नवंबर, 2020 को खुलेगा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विभिन्न क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर 'ग्राउंड हैंडलिंग' सेवाएं प्रदान करने के लिए निविदाओं में हिस्सा लेने के लिए पात्रता मानदंड में बदलाव की बृहस्पतिवार को आलोचना की और कहा कि स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा देने को लेकर केंद्र सरकार का रवैया 'आडंबर वाला' है।
ताइवान के आसपास चीनी सेना की बढ़ती मौजूदगी के कारण प्रमुख ताइवानी कंपनियां अपने उत्पादन केंद्रों को चीन से यूरोप, अमेरिका और भारत जैसे देशों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं। India on The Way to Global Manufacturer: वैश्विक निर्माताओं ने भारत में तेज औद्योगिक विकास की बड़ी भविष्यवाणी करके चीन समेत दुनिया के तमाम देशों को हैरानी में डाल दिया है। साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट में सप्लाई चेन एनालिस्टों की प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक निर्माता भारत को बदलाव के ऐसे कगार पर खड़ा देख रहे हैं। France Keen to Participate in India's Defense Industries: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना ने रक्षा के क्षेत्र में भी भारत को गजब की स्पीड दे दी है। अब भारत डिफेंस कोरिडोर पर भी सैन्य साजो-सामान और युद्धक उपकरणों के निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ा चुका है। भारतीयों की विकसित बौद्धिक संपदा को अपने उत्पादों में आत्मसात करने वाले वी मैन्युफैक्चरर्स के लिए भी सरकार अलग से प्रोत्साहन देगी। kawasaki Wएक सौ पचहत्तर: कावासाकी कंपनी ने हाल ही में एक बाइक को लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक मेड इंडिया के तहत बनाई गई है। इसकी कीमत मात्र एक. उनचास लाख रुपये है। Make In india: वार्षिक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश लगभग दोगुना होकर तिरासी बिलियन डॉलर हो गया है। मेक इन इंडिया कार्यक्रम एक ऐसी पहल है जो भारत को आयात करने की जगह निर्यात करने वाला देश बना रही है। ये देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए प्रभावी कदम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाशिंगटन डीसी पहुंचने के बाद अमेरिकी एयरोस्पेस और रक्षा प्रमुख बोइंग और रेथियॉन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कंपिनयों को भारत में नीतिगत पहलों का लाभ उठाने के लिए 'मेक इन इंडिया' से 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की ओर तेज़ी से बढ़ने का आह्वान किया। दिल्ली-मेरठ जाने वाली रैपिड रेल सिर्फ पचपन मिनट में आपको मेरठ पहुंचा देगी. यह ट्रेन पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. यह ट्रेन मेट्रो और रेल का मिक्सचर है. इसका काम दो हज़ार पच्चीस तक पूरा होगा. मोदी ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' अभियान इक्कीसवीं सदी के भारत की जरूरत है और यह हमें हमारी क्षमता दिखाने का अवसर देता है। निर्यात को बढ़ावा देने पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में वैश्विक 'चैंपियन' बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात सकल घरेलू उत्पाद का बीस प्रतिशत; इसे बढ़ाने की काफी संभावनाएं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले स्वदेश निर्मित एयरक्राफ्ट कैरियर 'विक्रांत' को 'मेक इन इंडिया' का बेहतरीन नमूना बताया और इसके समुद्री परीक्षण की ऐतिहासिक उपलब्धि पर नौसेना को बधाई दी। विक्रांत का समुद्र में बहुप्रतीक्षित परीक्षण बुधवार को शुरू हो गया। भारतीय रेलवे ने 'मेक इन इंडिया' अभियान को और मजबूत करते हुए जानकारी दी कि रेलगाड़ियों के इलेक्ट्रिक इंजनों में पचानवे फीसदी स्वदेशी कलपुर्जो का उपयोग हो रहा है। एप्पल ने अपने एक बयान में कहा कि हमें अपने स्थानीय ग्राहकों के लिए भारत में ही आईफोन बारह का उत्पादन शुरू करने पर गर्व होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को रेलवे के लिए बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट दो हज़ार इक्कीस में रेलवे के लिए एक. दस लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा की, जिसमें से एक. सात लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं। इस महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में चौंतालीस ट्रेन का निर्माण किया जाएगा जिसमें हर ट्रेन में सोलह कोच होंगे। प्रोजेक्ट में स्थानीय सामग्री का अनुपात न्यूनतम पचहत्तर फीसदी होगा। उनतीस सितंबर को निविदा पूर्व बैठक होगी, टेंडर सत्रह नवंबर, दो हज़ार बीस को खुलेगा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विभिन्न क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर 'ग्राउंड हैंडलिंग' सेवाएं प्रदान करने के लिए निविदाओं में हिस्सा लेने के लिए पात्रता मानदंड में बदलाव की बृहस्पतिवार को आलोचना की और कहा कि स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा देने को लेकर केंद्र सरकार का रवैया 'आडंबर वाला' है।
नया साल आईआईटी में पढ़ रहे और इसमें पढ़ने का सपना देख रहे स्टूडेंट्स के लिए बुरी खबर ला सकता है. खबर यह आ रही है कि आईआईटी की सालाना फीस 50,000 रुपए से बढ़ाकर 90000 रुपए तक की जा सकती है. मंडे को इस पर काउंसिल की मीटिंग होना तय है जिसके बाद यह तय होगा कि फीस कितनी बढ़ाई जाएगी. पिछले साल नवंबर में आईआईटी स्टैंडिंग कमेटी ने आईआईटी अंडर ग्रेजुएट कोर्स की फीस 80 परसेंट बढ़ाने की सिफारिश की थी. जिसे गवर्नमेंट की तरफ से मंजूरी मिल गई थी. गवर्नमेंट पैनल ने आईआईटी की फीस 50,000 से बढ़ाकर 2. 5 लाख तक करने की सिफारिश की थी. 12वें 5 ईयर प्लान में इसका ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है. गवर्नमेंट पैनल ने कहा है कि टैक्िनकल एजुकेशन में पैसे की कमी न आए, इसलिए फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है. जिस पैनल ने आईआईटी की फीस बढ़ाने की सिफारिश की थी उसका कहना है कि आईआईटी की फीस भी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट आईआईएम की तरह बढ़ाई जानी चाहिए. आईआईएम हर साल स्टूडेंट्स से 2 लाख रुपए तक फीस वसूलता है.
नया साल आईआईटी में पढ़ रहे और इसमें पढ़ने का सपना देख रहे स्टूडेंट्स के लिए बुरी खबर ला सकता है. खबर यह आ रही है कि आईआईटी की सालाना फीस पचास,शून्य रुपयापए से बढ़ाकर नब्बे हज़ार रुपयापए तक की जा सकती है. मंडे को इस पर काउंसिल की मीटिंग होना तय है जिसके बाद यह तय होगा कि फीस कितनी बढ़ाई जाएगी. पिछले साल नवंबर में आईआईटी स्टैंडिंग कमेटी ने आईआईटी अंडर ग्रेजुएट कोर्स की फीस अस्सी परसेंट बढ़ाने की सिफारिश की थी. जिसे गवर्नमेंट की तरफ से मंजूरी मिल गई थी. गवर्नमेंट पैनल ने आईआईटी की फीस पचास,शून्य से बढ़ाकर दो. पाँच लाख तक करने की सिफारिश की थी. बारहवें पाँच ईयर प्लान में इसका ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है. गवर्नमेंट पैनल ने कहा है कि टैक्िनकल एजुकेशन में पैसे की कमी न आए, इसलिए फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है. जिस पैनल ने आईआईटी की फीस बढ़ाने की सिफारिश की थी उसका कहना है कि आईआईटी की फीस भी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट आईआईएम की तरह बढ़ाई जानी चाहिए. आईआईएम हर साल स्टूडेंट्स से दो लाख रुपए तक फीस वसूलता है.
Pawan Singh Bhojpuri Song:अभिनेता पवन सिंह और अभिनेत्री अक्षरा सिंह की पहचान भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में सफल कलाकारों के तौर पर है। इन दोनों ने इस इंडस्ट्री को अब तक कई सारी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। हाल ही में इन दोनों की फिल्म का एक गाना इंटरनेट पर काफी तेजी से वायरल हुआ है। इस गाने को लंदन में शूट किया गया है। लंदन की सड़कों पर पवन और अक्षरा का डांस धमाल लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यूट्यूब पर इस वीडियो को अब तक कई लोगों ने देखा है। वीडियो को देखने के बाद लोगों ने पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जमकर तारीफ की है। 'लॉकर में जवानी' गाना यूट्यूब पर यशी म्यूजिक नाम के चैनल पर बीते 1 अक्टूबर को अपलोड किया गया है। यह गाना अभी इंटरनेट पर छाया हुआ है। दरअसल 'लॉकर में जवानी' गाना दोनों कलाकारों की फिल्म 'मां तुझे सलाम' का है। देखें वीडियोः पहले इस गाने का ऑडियो भी ट्यूब पर शेयर किया गया था। उस वक्त भी सोशल मीडिया पर यह काफी वायरल हुआ था। इस गाने का वीडियो यूट्यूब पर आते ही लोगों की दीवानगी काफी बढ़ गई है। फिल्म इंडस्ट्री के इन दोनों कलाकारों की फैन फॉलोईंग काफी ज्यादा है। लंदन की सड़कों पर अपने चहेते स्टार के बेहतरीन डांस को देखकर इन कलाकारों के प्रशंसक काफी उत्साहित हो गए हैं। आपको बता दें कि फिल्म 'मां तुझे सलाम' के निर्देशक असलम शेख हैं और जबकि फिल्म को प्रोड्यूस किया है अभय सिन्हा और समीर अफताब ने। इस फिल्म को बीते 10 अगस्त को रिलीज किया गया था। यह फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आई थी।
Pawan Singh Bhojpuri Song:अभिनेता पवन सिंह और अभिनेत्री अक्षरा सिंह की पहचान भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में सफल कलाकारों के तौर पर है। इन दोनों ने इस इंडस्ट्री को अब तक कई सारी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। हाल ही में इन दोनों की फिल्म का एक गाना इंटरनेट पर काफी तेजी से वायरल हुआ है। इस गाने को लंदन में शूट किया गया है। लंदन की सड़कों पर पवन और अक्षरा का डांस धमाल लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यूट्यूब पर इस वीडियो को अब तक कई लोगों ने देखा है। वीडियो को देखने के बाद लोगों ने पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जमकर तारीफ की है। 'लॉकर में जवानी' गाना यूट्यूब पर यशी म्यूजिक नाम के चैनल पर बीते एक अक्टूबर को अपलोड किया गया है। यह गाना अभी इंटरनेट पर छाया हुआ है। दरअसल 'लॉकर में जवानी' गाना दोनों कलाकारों की फिल्म 'मां तुझे सलाम' का है। देखें वीडियोः पहले इस गाने का ऑडियो भी ट्यूब पर शेयर किया गया था। उस वक्त भी सोशल मीडिया पर यह काफी वायरल हुआ था। इस गाने का वीडियो यूट्यूब पर आते ही लोगों की दीवानगी काफी बढ़ गई है। फिल्म इंडस्ट्री के इन दोनों कलाकारों की फैन फॉलोईंग काफी ज्यादा है। लंदन की सड़कों पर अपने चहेते स्टार के बेहतरीन डांस को देखकर इन कलाकारों के प्रशंसक काफी उत्साहित हो गए हैं। आपको बता दें कि फिल्म 'मां तुझे सलाम' के निर्देशक असलम शेख हैं और जबकि फिल्म को प्रोड्यूस किया है अभय सिन्हा और समीर अफताब ने। इस फिल्म को बीते दस अगस्त को रिलीज किया गया था। यह फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आई थी।
ऊना के अंतर्गत पड़ते नंगडा में एक 62 साल के बुजुर्ग को बंदरों के झुंड ने हमला कर घायल कर दिया। स्थानीय लोगों की सहायता से व्यक्ति को क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार सोमवार को नंगडा निवासी अरुण कुमार अपने खेतों में काम करने के लिए गया हुआ था। खेतों से घर लौटते समय अचानक से बंदरों ने अरुण पर हमला कर दिया। बुजुर्ग के चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग एकत्रित हुए और उसे बंदरों के चंगुल से छुड़वाया। बंदरों के हमले से बुजुर्ग लहुलुहान हो गय़ा था और उसके कपड़े भी फट गए। लोगों ने घायल को उपचार के लिए क्षेत्रिय अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज जारी है। मएमओ ऊना डॉक्टर रामपाल ने बताया कि घायल को उपचार दिया गया है। हालत में सुधार आया है।
ऊना के अंतर्गत पड़ते नंगडा में एक बासठ साल के बुजुर्ग को बंदरों के झुंड ने हमला कर घायल कर दिया। स्थानीय लोगों की सहायता से व्यक्ति को क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार सोमवार को नंगडा निवासी अरुण कुमार अपने खेतों में काम करने के लिए गया हुआ था। खेतों से घर लौटते समय अचानक से बंदरों ने अरुण पर हमला कर दिया। बुजुर्ग के चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग एकत्रित हुए और उसे बंदरों के चंगुल से छुड़वाया। बंदरों के हमले से बुजुर्ग लहुलुहान हो गय़ा था और उसके कपड़े भी फट गए। लोगों ने घायल को उपचार के लिए क्षेत्रिय अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज जारी है। मएमओ ऊना डॉक्टर रामपाल ने बताया कि घायल को उपचार दिया गया है। हालत में सुधार आया है।
भुवनेश्वर (एएनआई)। ओडिशा सरकार ने राज्य में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के आवेदकों को मुफ्त परिवहन और आवास प्रदान करने का फैसला किया है। राज्य के मुख्य सचिव असित त्रिपाठी ने बताया कि जेईई मुख्य परीक्षा के लिए कुल 37,000 छात्र उपस्थित होंगे और उसके लिए, सात शहरों में कुल 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निर्देशानुसार, जो छात्र परीक्षा के लिए उपस्थित हो रहे हैं। उन्हें परिवहन और आवास की आवश्यकता है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा समान सुविधाएं मुफ्त में प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा, जिला प्रशासन को लॉक और शटडाउन के कारण किसी भी बाधा के बिना उम्मीदवारों और उनके माता-पिता को मूवमेंट को सुविधाजनक बनाने की सलाह दी गई है। राज्य के होटलों के बारे में बोलते हुए, ओडिशा के मुख्य सचिव ने कहा वर्तमान में कोविड-19 के कारण होटल एक्टिव नहीं हैं। इसलिए मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल / आईटीआई खोले जाएंगे और वे नीट और जेईई के आवेदकों को मुफ्त आवास प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्रों और उनके अभिभावकों की मदद के लिए हर जिले में नोडल केंद्र खोलने का भी निर्देश दिया है। उम्मीदवारों को अपने परिवहन और आवास आवश्यकताओं के बारे में नोडल केंद्रों को सूचित करना होगा। बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री को पत्र लिखा था और नीट और जेईई परीक्षा स्थगित करने के लिए प्रधानमंत्री से बात की थी। इसके अलावा शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी और इसकी छात्र शाखा - नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने सितंबर में जेईई और एनईईटी आयोजित करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन किया था और केंद्र से कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की थी। केंद्र सरकार के एग्जाम कराए जाने के निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन दिल्ली, तमिलनाडु, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, और गुजरात सहित देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कहा था कि कोविड-19 महामारी के बीच नीट और जेईई परीक्षा के संचालन के संबंध में छात्रों की सुरक्षा और भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा था कि परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने सहित कई कदम उठाए गए थे।
भुवनेश्वर । ओडिशा सरकार ने राज्य में संयुक्त प्रवेश परीक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के आवेदकों को मुफ्त परिवहन और आवास प्रदान करने का फैसला किया है। राज्य के मुख्य सचिव असित त्रिपाठी ने बताया कि जेईई मुख्य परीक्षा के लिए कुल सैंतीस,शून्य छात्र उपस्थित होंगे और उसके लिए, सात शहरों में कुल छब्बीस परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निर्देशानुसार, जो छात्र परीक्षा के लिए उपस्थित हो रहे हैं। उन्हें परिवहन और आवास की आवश्यकता है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा समान सुविधाएं मुफ्त में प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा, जिला प्रशासन को लॉक और शटडाउन के कारण किसी भी बाधा के बिना उम्मीदवारों और उनके माता-पिता को मूवमेंट को सुविधाजनक बनाने की सलाह दी गई है। राज्य के होटलों के बारे में बोलते हुए, ओडिशा के मुख्य सचिव ने कहा वर्तमान में कोविड-उन्नीस के कारण होटल एक्टिव नहीं हैं। इसलिए मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल / आईटीआई खोले जाएंगे और वे नीट और जेईई के आवेदकों को मुफ्त आवास प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्रों और उनके अभिभावकों की मदद के लिए हर जिले में नोडल केंद्र खोलने का भी निर्देश दिया है। उम्मीदवारों को अपने परिवहन और आवास आवश्यकताओं के बारे में नोडल केंद्रों को सूचित करना होगा। बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री को पत्र लिखा था और नीट और जेईई परीक्षा स्थगित करने के लिए प्रधानमंत्री से बात की थी। इसके अलावा शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी और इसकी छात्र शाखा - नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने सितंबर में जेईई और एनईईटी आयोजित करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन किया था और केंद्र से कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की थी। केंद्र सरकार के एग्जाम कराए जाने के निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन दिल्ली, तमिलनाडु, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, और गुजरात सहित देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कहा था कि कोविड-उन्नीस महामारी के बीच नीट और जेईई परीक्षा के संचालन के संबंध में छात्रों की सुरक्षा और भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा था कि परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने सहित कई कदम उठाए गए थे।
शराब के नशे में धुत्त बारातियों ने डी. जे. पर डांस करने को लेकर शादी के जश्न को भंग कर दिया। दोनों पक्षों में डीजे पर डांस करने को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी आगे बढ़ गई कि लड़के पक्ष के लोगों ने लड़की वालों से जमकर मारपीट की। जिसमे रपीट में दुल्हन पक्ष के कई लोग घायल हो गए। शामलीः शराब के नशे में धुत्त बारातियों ने डी. जे. पर डांस करने को लेकर शादी के जश्न को भंग कर दिया। दोनों पक्षों में डीजे पर डांस करने को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी आगे बढ़ गई कि लड़के पक्ष के लोगों ने लड़की वालों से जमकर मारपीट की। जिसमे रपीट में दुल्हन पक्ष के कई लोग घायल हो गए। इस पर गुस्से लड़की ने शादी से इनकार कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुलह की लाख कोशश की, मगर लड़की नहीं मानी। क्या है पूरा मामला? - जनपद शामली के सदर कोतवाल क्षेत्र के शुगर मिल निवासी राजकुमार जावला की पुत्री शिवानी की हरियाणा के सिम्भालखा कस्बे से बारात आई हुई थी। - शादी की तैयारी बड़ी धूमधाम से चल रही थी। तभी डी. जे. पर डांस कर रहे शराब के नशे में धुत्त बाराती की दुल्हन के बड़े भाई से किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई। - इस पर शराब के नशे में धुत्त आठ दस बरातियों के साथ दूल्हे ने दुल्हन के भाई को मारना शुरू कर दिया। - बीच बचाव करने आए दुल्हन के चाचा व अन्य घरातियों से भी दूल्हे पक्ष के लोगों ने जमकर मारपीट की। - इन सब से गुस्से में आई दुल्हन ने शादी करने से इनकार कर दिया। - लड़की ने कहा कि जब लड़का मेरे घरवालों की इज्जत नहीं कर सकता वो मुझे क्या खुश रखेगा। दुल्हन के भाई सचिन ने बताया कि मेरे और मेरे चाचा के साथ दुल्हे और उसके दोस्तों ने मारपीट की है। मेरी बहन ने शादी से साफ मना कर दिया।
शराब के नशे में धुत्त बारातियों ने डी. जे. पर डांस करने को लेकर शादी के जश्न को भंग कर दिया। दोनों पक्षों में डीजे पर डांस करने को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी आगे बढ़ गई कि लड़के पक्ष के लोगों ने लड़की वालों से जमकर मारपीट की। जिसमे रपीट में दुल्हन पक्ष के कई लोग घायल हो गए। शामलीः शराब के नशे में धुत्त बारातियों ने डी. जे. पर डांस करने को लेकर शादी के जश्न को भंग कर दिया। दोनों पक्षों में डीजे पर डांस करने को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी आगे बढ़ गई कि लड़के पक्ष के लोगों ने लड़की वालों से जमकर मारपीट की। जिसमे रपीट में दुल्हन पक्ष के कई लोग घायल हो गए। इस पर गुस्से लड़की ने शादी से इनकार कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुलह की लाख कोशश की, मगर लड़की नहीं मानी। क्या है पूरा मामला? - जनपद शामली के सदर कोतवाल क्षेत्र के शुगर मिल निवासी राजकुमार जावला की पुत्री शिवानी की हरियाणा के सिम्भालखा कस्बे से बारात आई हुई थी। - शादी की तैयारी बड़ी धूमधाम से चल रही थी। तभी डी. जे. पर डांस कर रहे शराब के नशे में धुत्त बाराती की दुल्हन के बड़े भाई से किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई। - इस पर शराब के नशे में धुत्त आठ दस बरातियों के साथ दूल्हे ने दुल्हन के भाई को मारना शुरू कर दिया। - बीच बचाव करने आए दुल्हन के चाचा व अन्य घरातियों से भी दूल्हे पक्ष के लोगों ने जमकर मारपीट की। - इन सब से गुस्से में आई दुल्हन ने शादी करने से इनकार कर दिया। - लड़की ने कहा कि जब लड़का मेरे घरवालों की इज्जत नहीं कर सकता वो मुझे क्या खुश रखेगा। दुल्हन के भाई सचिन ने बताया कि मेरे और मेरे चाचा के साथ दुल्हे और उसके दोस्तों ने मारपीट की है। मेरी बहन ने शादी से साफ मना कर दिया।
दो अलग-अलग मामलों में दो महिलाओं ने अपने पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। पहला मामला थाना सेक्टर-7 इलाके के सेक्टर-11 का है। यहां रहने वाली एक महिला गिरीश कुमारी ने मामला दर्ज कराया है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 23 दिसंबर 2008 को दिल्ली के आजादपुर मंडी निवासी प्रेमपाल से हुई थी। शादी के बाद से ही पति व ससुराल वाले उसे दहेज के लिए ताने देते थे। महिला का आरोप है कि कुछ दिनों पहले पति प्रेमपाल, सास अनीत, ससुर राम स्वरूप, देवर रजनीश, अनूप, रामबीर और चचिया ससुर शीशपाल व विशंभर ने उससे 50 गज का एक प्लॉट खरीद कर देने की मांग की। इसे पूरा न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। दूसरे मामले में बल्लभगढ़ की जगदीश कॉलोनी निवासी नेहा ने थाना सिटी बल्लभगढ़ में दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी पिछले साल 6 मई को डबुआ कॉलोनी निवासी गौरव से हुई थी। कुछ दिन ठीक रहने के बाद पति व ससुराल वाले दहेज की मांग करने लगे। नेहा का आरोप है कि ससुराल वाले उससे 5 लाख रुपए नगद और एक कार की मांग करते हैं। नेहा ने पति गौरव व ससुर श्याम गोयल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है।
दो अलग-अलग मामलों में दो महिलाओं ने अपने पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। पहला मामला थाना सेक्टर-सात इलाके के सेक्टर-ग्यारह का है। यहां रहने वाली एक महिला गिरीश कुमारी ने मामला दर्ज कराया है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी शादी तेईस दिसंबर दो हज़ार आठ को दिल्ली के आजादपुर मंडी निवासी प्रेमपाल से हुई थी। शादी के बाद से ही पति व ससुराल वाले उसे दहेज के लिए ताने देते थे। महिला का आरोप है कि कुछ दिनों पहले पति प्रेमपाल, सास अनीत, ससुर राम स्वरूप, देवर रजनीश, अनूप, रामबीर और चचिया ससुर शीशपाल व विशंभर ने उससे पचास गज का एक प्लॉट खरीद कर देने की मांग की। इसे पूरा न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। दूसरे मामले में बल्लभगढ़ की जगदीश कॉलोनी निवासी नेहा ने थाना सिटी बल्लभगढ़ में दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी पिछले साल छः मई को डबुआ कॉलोनी निवासी गौरव से हुई थी। कुछ दिन ठीक रहने के बाद पति व ससुराल वाले दहेज की मांग करने लगे। नेहा का आरोप है कि ससुराल वाले उससे पाँच लाख रुपए नगद और एक कार की मांग करते हैं। नेहा ने पति गौरव व ससुर श्याम गोयल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है।
बच्चे के लिए शायद ही मां से बढ़कर कोई रिश्ता होता होगा, इसी रिश्ते के प्रतिबिम्ब के तौर पर मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है, इस ख़ास दिन का ना सिर्फ आम लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया है बल्कि बॉलीवुड सितारों ने भी इस ख़ास दिन में अपनी ख़ुशी का इज़हार अपने ही अंदाज़ में किया है. आपको बता दें कि बॉलीवुड सितारों ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए मदर्स डे के दिन कुछ ख़ास पोस्ट शेयर किये हैं. सोहा अली खान, जाह्नवी कपूर,फरहान अख्तर,करण जौहर, तनीषा मुखर्जी, विवेक ओबेरॉय, कृति सेनन,एकता कपूर, श्रद्धा कपूर और विक्की कौशल. इसके साथ ही आपको अवगत करा दें कि सभी सितारों ने मां के साथ तस्वीर साझा करते हुए खूबसूरत संदेश से भी पोस्ट को नवाज़ा है, एक नज़र आपकी भी तो सितारों की इन पोस्ट पर पड़नी बनती है. Happy Mother's Day. ️ @irani. honey love you. (Source-Instagram)
बच्चे के लिए शायद ही मां से बढ़कर कोई रिश्ता होता होगा, इसी रिश्ते के प्रतिबिम्ब के तौर पर मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है, इस ख़ास दिन का ना सिर्फ आम लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया है बल्कि बॉलीवुड सितारों ने भी इस ख़ास दिन में अपनी ख़ुशी का इज़हार अपने ही अंदाज़ में किया है. आपको बता दें कि बॉलीवुड सितारों ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए मदर्स डे के दिन कुछ ख़ास पोस्ट शेयर किये हैं. सोहा अली खान, जाह्नवी कपूर,फरहान अख्तर,करण जौहर, तनीषा मुखर्जी, विवेक ओबेरॉय, कृति सेनन,एकता कपूर, श्रद्धा कपूर और विक्की कौशल. इसके साथ ही आपको अवगत करा दें कि सभी सितारों ने मां के साथ तस्वीर साझा करते हुए खूबसूरत संदेश से भी पोस्ट को नवाज़ा है, एक नज़र आपकी भी तो सितारों की इन पोस्ट पर पड़नी बनती है. Happy Mother's Day. ️ @irani. honey love you.
महावीर वाणी में मुख्य रूप में दो प्रकार के तपों का उल्लेख हुआ है- अवमौदर्य तप और अनशन तप । अवमौदर्य तप के सम्बन्ध में उन्होंने कहा है कि पुरुष का स्वाभाविक आहार बत्तीस कवल ग्रास प्रमाण होता है। उनमें से एक कवल का कम करना अवमौदर्य तप है। तथा मन और इन्द्रियों को जीत कर, इहलोक और परलोकके सुखों की उपेक्षा कर, आत्म स्वरूप में वास करना एवं स्वाध्याय में तत्पर होना अनशन तप है । महावीर ने तप रूपी लोहबाण से कर्म रूपी कवच को भेदने की प्रेरणा दी है । उन्होंने कहा है कि आत्मा को शरीर से विलग जानकर भोग-लिप्त शरीर को तप द्वारा धुन डालना चाहिये 14 तप के द्वारा अपने आपको कृश अर्थात् जीर्ण कर भोग वृत्ति को जर्जर कर देना चाहिये । विभिन्न उदाहरण द्वारा महावीर ने देह दमन को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि जैसे शकुनिका पक्षिणी अपने शरीर में लगी हुई रज को अपना शरीर कंपाकर झाड़ देती है, उसी प्रकार तपस्वी अनशन तप आदि से अपनी आत्मा से कर्म रज कणों को झाड़ देता है । जिस प्रकार जल आने के रास्तों को रोककर, रोककर, तालाब का पानी उलीचने तथा सूर्य के ताप से बड़े से बड़ा सरोवर भी सूख जाता है, उसी प्रकार आस्रव पाप कर्म की जलधारा के आने के मार्ग को रोक देने तथा संयम द्वारा करोड़ों भवों के संचित कर्म तप की अग्नि में सूख जाते हैं अर्थात् जीर्ण होकर झड़ जाते हैं । जिस प्रकार स्वर्ण घमाने और अग्नि द्वारा तपाने से मलरहित होकर शुद्ध हो जाता है, उसी प्रकार मनुष्य भी तपरूपी अग्नि में तप कर कर्म रहित होकर शुद्ध बत्तीसा किर कवलापुरिसस्सदु होदि पयदि आहारो । एगकवल दिहिं ततो ऊणियगहणं उमोदरियं ।। जो मण-इंदिय-विजई इह-भव-परलोय-सोक्ख-णिखेक्लो । अप्पाणे विय णिवसइ सज्झाय-परायणो होदि ॥ - द्वा०अ० 440 3. तवनारायजुत्तेण, मित्तूणं कम्मकंचुयं । - उत्तरा० 9 / 22 4. एगमप्पाणं संपेहाए धुणे सरीरंग । -आचा० 1/4/2 5. कसेहि अप्पाणं जरेहि अप्पपणं । - आचा० 1 /4/3/5 6. सउणी जह पंसु गुडिया विहुणिया धंसयई सियं रंय । एवं दविओवहाणवं कम्भं खवइ सवस्सि माहणे ॥ - सू० 1, 2 ( 1 ) : 15 जहा महातलायस्स सन्निरुद्धे जलागमे । उस्सिचणाए तवणाए कमेणं सोसणा भवे ॥ एवं तु संजयस्सादि यावकम्म निरासवे । भवकीडीसंवियं कम्मं तवसा निजरिजजइ ॥ - उ० 30:56
महावीर वाणी में मुख्य रूप में दो प्रकार के तपों का उल्लेख हुआ है- अवमौदर्य तप और अनशन तप । अवमौदर्य तप के सम्बन्ध में उन्होंने कहा है कि पुरुष का स्वाभाविक आहार बत्तीस कवल ग्रास प्रमाण होता है। उनमें से एक कवल का कम करना अवमौदर्य तप है। तथा मन और इन्द्रियों को जीत कर, इहलोक और परलोकके सुखों की उपेक्षा कर, आत्म स्वरूप में वास करना एवं स्वाध्याय में तत्पर होना अनशन तप है । महावीर ने तप रूपी लोहबाण से कर्म रूपी कवच को भेदने की प्रेरणा दी है । उन्होंने कहा है कि आत्मा को शरीर से विलग जानकर भोग-लिप्त शरीर को तप द्वारा धुन डालना चाहिये चौदह तप के द्वारा अपने आपको कृश अर्थात् जीर्ण कर भोग वृत्ति को जर्जर कर देना चाहिये । विभिन्न उदाहरण द्वारा महावीर ने देह दमन को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि जैसे शकुनिका पक्षिणी अपने शरीर में लगी हुई रज को अपना शरीर कंपाकर झाड़ देती है, उसी प्रकार तपस्वी अनशन तप आदि से अपनी आत्मा से कर्म रज कणों को झाड़ देता है । जिस प्रकार जल आने के रास्तों को रोककर, रोककर, तालाब का पानी उलीचने तथा सूर्य के ताप से बड़े से बड़ा सरोवर भी सूख जाता है, उसी प्रकार आस्रव पाप कर्म की जलधारा के आने के मार्ग को रोक देने तथा संयम द्वारा करोड़ों भवों के संचित कर्म तप की अग्नि में सूख जाते हैं अर्थात् जीर्ण होकर झड़ जाते हैं । जिस प्रकार स्वर्ण घमाने और अग्नि द्वारा तपाने से मलरहित होकर शुद्ध हो जाता है, उसी प्रकार मनुष्य भी तपरूपी अग्नि में तप कर कर्म रहित होकर शुद्ध बत्तीसा किर कवलापुरिसस्सदु होदि पयदि आहारो । एगकवल दिहिं ततो ऊणियगहणं उमोदरियं ।। जो मण-इंदिय-विजई इह-भव-परलोय-सोक्ख-णिखेक्लो । अप्पाणे विय णिवसइ सज्झाय-परायणो होदि ॥ - द्वाशून्यअशून्य चार सौ चालीस तीन. तवनारायजुत्तेण, मित्तूणं कम्मकंचुयं । - उत्तराशून्य नौ / बाईस चार. एगमप्पाणं संपेहाए धुणे सरीरंग । -आचाशून्य एक/चार/दो पाँच. कसेहि अप्पाणं जरेहि अप्पपणं । - आचाशून्य एक /चार/तीन/पाँच छः. सउणी जह पंसु गुडिया विहुणिया धंसयई सियं रंय । एवं दविओवहाणवं कम्भं खवइ सवस्सि माहणे ॥ - सूशून्य एक, दो : पंद्रह जहा महातलायस्स सन्निरुद्धे जलागमे । उस्सिचणाए तवणाए कमेणं सोसणा भवे ॥ एवं तु संजयस्सादि यावकम्म निरासवे । भवकीडीसंवियं कम्मं तवसा निजरिजजइ ॥ - उशून्य तीस:छप्पन
है । अर्थात् आत्मा इन कोपों से भिन्न है' ऐसा जानते है, ऐसा ज्ञान होने के पश्चात् ही, वे सच्चिदानन्दरूप परब्रह्म को प्राप्त होते है । ८२ प्रश्नः - पंचकोप किसे कहते है ? उत्तर :- देहादभ्यंतरः प्राणः, प्राणादभ्यंतरं मनः । ततः कर्ता ततो भोक्ता, गुहा सेयं परंपरा ।। अर्थ :- देह से ( अन्न से) अभ्यन्तर ( दुशय) प्राण, प्राण से अभ्यन्तर मन, उस ( मन ) से अभ्यन्तर- कर्ता (विज्ञान), विज्ञान से अभ्यन्तर भोक्ता (आनंद) है वे इस परम्परा गुहा के नाम से कहे जाते हैं । अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष, और पांचवा श्रानन्दमयकोष, है। ८३ प्रश्नः बाबा बनने ही से क्या कल्याम्म होता है या गृहस्थ भी कल्याण पा सकता है ? उत्तरः- हातुमिच्छति संसारं, रागी दुःखजिहासया । बीतगगो हि निर्मुक्तस्तस्मिन्नपि न खिद्यति ॥ अर्थः- जो विषयासक्त पुरुष है, वह अत्यन्त दुःख भोगने के अनन्तर दुःखों के दूर होने की इच्छा करके ससार को त्याग करने की इच्छा करता है और जो वैराग्यवान् पुरुष है वह दुःखों से रहित हुआ ससार (गृहस्थी) में रह कर भी खेद को नहीं प्राप्त होता है ।
है । अर्थात् आत्मा इन कोपों से भिन्न है' ऐसा जानते है, ऐसा ज्ञान होने के पश्चात् ही, वे सच्चिदानन्दरूप परब्रह्म को प्राप्त होते है । बयासी प्रश्नः - पंचकोप किसे कहते है ? उत्तर :- देहादभ्यंतरः प्राणः, प्राणादभ्यंतरं मनः । ततः कर्ता ततो भोक्ता, गुहा सेयं परंपरा ।। अर्थ :- देह से अभ्यन्तर प्राण, प्राण से अभ्यन्तर मन, उस से अभ्यन्तर- कर्ता , विज्ञान से अभ्यन्तर भोक्ता है वे इस परम्परा गुहा के नाम से कहे जाते हैं । अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष, और पांचवा श्रानन्दमयकोष, है। तिरासी प्रश्नः बाबा बनने ही से क्या कल्याम्म होता है या गृहस्थ भी कल्याण पा सकता है ? उत्तरः- हातुमिच्छति संसारं, रागी दुःखजिहासया । बीतगगो हि निर्मुक्तस्तस्मिन्नपि न खिद्यति ॥ अर्थः- जो विषयासक्त पुरुष है, वह अत्यन्त दुःख भोगने के अनन्तर दुःखों के दूर होने की इच्छा करके ससार को त्याग करने की इच्छा करता है और जो वैराग्यवान् पुरुष है वह दुःखों से रहित हुआ ससार में रह कर भी खेद को नहीं प्राप्त होता है ।
'बेबी' हाई आॅक्टेन दृश्यों से भरपूर होगी और गति के एक्शन दृश्यों से लैस होगी। अक्षय कुमार फिल्म में अजय के किरदार में दिखाई देगें जो कि भारत की न्यूमरो काउंटर एंटेलिजैंस के एजेंट बने हैं। वहीं अनुपम खेर शुक्ला जी के किरदार में दिखाई देगें जो कि अंडरकवर यूनिट में तकनीक के कार्यों में सहयोग देगें। राना डग्गुबत्ती जय के किरदार में दिखाई देगें जो कि इस टीम में सबसे शक्तिशाली आदमी के रूप में दिखाई देगें। इस विशेष किरदार को निभाने के लिए उन्हें काफी मांसाहारी होना पड़ा है। इस भूमिका को निभाने के लिए अच्छी शारीरिक स्थिति की जरूरत थी क्योंकि इसमें तमाम प्रकार के एक्शन दृश्य हैं। Hindi.filmibeat.comबेबी एक ऐसी फिल्म है जो आप अपने परिवार, दोस्तों किसी के साथ भी देख सकते हैं। फिल्म में एंटरटेनमेंट कूट कूट कर भरा है और सबसे खास बात ये है कि फिल्म के अत तक काफी सस्पेंस बरकरार रखा गया है। तो कुल मिलाकर बेबी देखने लायक फिल्म है और खासतौर पर अक्षय कुमार के फैंस के लिए तो बेबी साल की शुरुआत में किसी ट्रीट से कम न�.. अरबाज खान के दुल्हा बनते ही मलाइका अरोड़ा ने किया शादी का ऐलान? बोलीं- मैं जरूर शादी करूंगी.. Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...' पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है' Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल!
'बेबी' हाई आॅक्टेन दृश्यों से भरपूर होगी और गति के एक्शन दृश्यों से लैस होगी। अक्षय कुमार फिल्म में अजय के किरदार में दिखाई देगें जो कि भारत की न्यूमरो काउंटर एंटेलिजैंस के एजेंट बने हैं। वहीं अनुपम खेर शुक्ला जी के किरदार में दिखाई देगें जो कि अंडरकवर यूनिट में तकनीक के कार्यों में सहयोग देगें। राना डग्गुबत्ती जय के किरदार में दिखाई देगें जो कि इस टीम में सबसे शक्तिशाली आदमी के रूप में दिखाई देगें। इस विशेष किरदार को निभाने के लिए उन्हें काफी मांसाहारी होना पड़ा है। इस भूमिका को निभाने के लिए अच्छी शारीरिक स्थिति की जरूरत थी क्योंकि इसमें तमाम प्रकार के एक्शन दृश्य हैं। Hindi.filmibeat.comबेबी एक ऐसी फिल्म है जो आप अपने परिवार, दोस्तों किसी के साथ भी देख सकते हैं। फिल्म में एंटरटेनमेंट कूट कूट कर भरा है और सबसे खास बात ये है कि फिल्म के अत तक काफी सस्पेंस बरकरार रखा गया है। तो कुल मिलाकर बेबी देखने लायक फिल्म है और खासतौर पर अक्षय कुमार के फैंस के लिए तो बेबी साल की शुरुआत में किसी ट्रीट से कम न�.. अरबाज खान के दुल्हा बनते ही मलाइका अरोड़ा ने किया शादी का ऐलान? बोलीं- मैं जरूर शादी करूंगी.. Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...' पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है' Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल!
वीडियो डेस्क। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल 9 दिसंबर को शादी के बंधन में बंधेंगे। दोनों की शादी की खूब चर्चा हो रही है। ओमिक्रोन वैरिएंट के बढ़ते संक्रमण के बीच शादी में हर चीज का ख्याल रखा जा रहा है। शादी को शाही बनाने के लिए ईवेंट कंपनिया कई दिनों से काम कर रही हैं। कैटरीना कैफ और विकी कौशल राजस्थान के सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा के 6 सेंस होटल से शादी रचाने जा रहे हैं। Vicky Kaushal-Katrina Kaif Wedding में बॉलीवुड से जुड़े कई सेलेब्स शामिल होंगे। जानकारी की मानें तो नेहा कक्कड़ अपने पति रोहनप्रीत सिंह संग शादी के फंक्शन में शामिल होंगे। उन्हें हाल ही में जोधपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया है। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी शामिल होने परिवारवाले भी जयपुर के लिए निकल रहे हैं। इसी बीच मुंबई एयरपोर्ट से कुछ फोटोज सामने आई, जिसमें देखा जा सकता है कि होने वाली दुल्हनिया के भाई-बहन शादी में शामिल होने के लिए जयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं। एक्ट्रेस कियारा आडवाणी भी विक्की कौशल की शादी में जाएंगी या नहीं इसपर चुप्पी साधी हुई थी। लेकिन आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें न्योता नहीं मिला है। । शाहरुख खान (Shah Rukh Khan)और उनका बेटा आर्यन खान (Aryan Khan) शादी वाले दिन वहां जा सकते हैं। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी के लिए सवाई माधोपुर के सिक्स सेंसेस फोर्ट बरवाड़ा में सजावट का काम जोरों पर चल रहा है। किले के बाहर एक बड़ा सा स्वागत द्वार बनाया गया है, जिसे क्रीम कलर की झालर से सजाया जा रहा है। कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) और विक्की कौशल (Vicky Kaushal) 7 से 9 दिसंबर के बीच शादी करने जा रहे हैं। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी से जुड़ी हर एक अपडेट सामने आ रही है। हालांकि विक्की कौशल और कैटरीना कैफ अपनी शादी को मीडिया से दूर ही रखना चाहते हैं। वीडियो डेस्क। बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ और एक्टर विक्की कौशल की शादी की हर तरफ चर्चा है। दोनों की शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही है। सोशल मीडिया पर विक्की और कैट की शादी की खबरें और अपडेट्स छाई हुई हैं। शादी के वेन्यू से लेकर, दूल्हा दुल्हन की ड्रेस, रस्में मेंहंदी संगीत और हल्दी में शामिल होने वाले रिश्तेदारों से लेकर हर एक चीज का जिक्र किया जा रहा है। सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) के चौथ का बरवाड़ा स्थित सिक्स सेंस फोर्ट (Six Senses Fort) में रौनक बढ़ गई है। यहां पहले की अपेक्षा ट्रांसपोर्ट के जरिए कैटरिंग का सामान आना शुरू हो गया है। मुंबई से भी खास टेंट हाउस भेजा गया है। बॉलीवुड का ये फेमस कपल (Katrina Kaif Vicky Kaushal marriage) होटल सिक्स सेंसेस फोर्ट में 9 दिसंबर को सात फेरे लेगा। ये होटल 6 दिसंबर से 10 दिसंबर तक बुक किया गया है। सोमवार को कैटरीना के परिवार के 32 सदस्य और सेलिब्रिटी जयपुर पहुंच रहे हैं। कैटरीना की शादी में आने वाले मेहमानों की लिस्ट में सलमान खान का नाम शामिल नहीं है। भले ही कैटरीना ने सलमान (Salman Khan) को वेडिंग इन्विटेशन नहीं भेजा हो, लेकिन उनके पर्सनल बॉडीगार्ड शेरा (Shera) कैटरीना की शादी में सिक्योरिटी का जिम्मा संभालेंगे।
वीडियो डेस्क। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल नौ दिसंबर को शादी के बंधन में बंधेंगे। दोनों की शादी की खूब चर्चा हो रही है। ओमिक्रोन वैरिएंट के बढ़ते संक्रमण के बीच शादी में हर चीज का ख्याल रखा जा रहा है। शादी को शाही बनाने के लिए ईवेंट कंपनिया कई दिनों से काम कर रही हैं। कैटरीना कैफ और विकी कौशल राजस्थान के सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा के छः सेंस होटल से शादी रचाने जा रहे हैं। Vicky Kaushal-Katrina Kaif Wedding में बॉलीवुड से जुड़े कई सेलेब्स शामिल होंगे। जानकारी की मानें तो नेहा कक्कड़ अपने पति रोहनप्रीत सिंह संग शादी के फंक्शन में शामिल होंगे। उन्हें हाल ही में जोधपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया है। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी शामिल होने परिवारवाले भी जयपुर के लिए निकल रहे हैं। इसी बीच मुंबई एयरपोर्ट से कुछ फोटोज सामने आई, जिसमें देखा जा सकता है कि होने वाली दुल्हनिया के भाई-बहन शादी में शामिल होने के लिए जयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं। एक्ट्रेस कियारा आडवाणी भी विक्की कौशल की शादी में जाएंगी या नहीं इसपर चुप्पी साधी हुई थी। लेकिन आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें न्योता नहीं मिला है। । शाहरुख खान और उनका बेटा आर्यन खान शादी वाले दिन वहां जा सकते हैं। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी के लिए सवाई माधोपुर के सिक्स सेंसेस फोर्ट बरवाड़ा में सजावट का काम जोरों पर चल रहा है। किले के बाहर एक बड़ा सा स्वागत द्वार बनाया गया है, जिसे क्रीम कलर की झालर से सजाया जा रहा है। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल सात से नौ दिसंबर के बीच शादी करने जा रहे हैं। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी से जुड़ी हर एक अपडेट सामने आ रही है। हालांकि विक्की कौशल और कैटरीना कैफ अपनी शादी को मीडिया से दूर ही रखना चाहते हैं। वीडियो डेस्क। बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ और एक्टर विक्की कौशल की शादी की हर तरफ चर्चा है। दोनों की शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही है। सोशल मीडिया पर विक्की और कैट की शादी की खबरें और अपडेट्स छाई हुई हैं। शादी के वेन्यू से लेकर, दूल्हा दुल्हन की ड्रेस, रस्में मेंहंदी संगीत और हल्दी में शामिल होने वाले रिश्तेदारों से लेकर हर एक चीज का जिक्र किया जा रहा है। सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा स्थित सिक्स सेंस फोर्ट में रौनक बढ़ गई है। यहां पहले की अपेक्षा ट्रांसपोर्ट के जरिए कैटरिंग का सामान आना शुरू हो गया है। मुंबई से भी खास टेंट हाउस भेजा गया है। बॉलीवुड का ये फेमस कपल होटल सिक्स सेंसेस फोर्ट में नौ दिसंबर को सात फेरे लेगा। ये होटल छः दिसंबर से दस दिसंबर तक बुक किया गया है। सोमवार को कैटरीना के परिवार के बत्तीस सदस्य और सेलिब्रिटी जयपुर पहुंच रहे हैं। कैटरीना की शादी में आने वाले मेहमानों की लिस्ट में सलमान खान का नाम शामिल नहीं है। भले ही कैटरीना ने सलमान को वेडिंग इन्विटेशन नहीं भेजा हो, लेकिन उनके पर्सनल बॉडीगार्ड शेरा कैटरीना की शादी में सिक्योरिटी का जिम्मा संभालेंगे।
LUCKNOW : इटौंजा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय (कन्या) में प्रधान अध्यापिका नरजिस सुल्तान व शिक्षिकाओं की लापरवाही से पांच घंटे स्कूल में बंद रही क्लास आठ की छात्रा खुशबू यादव के मामले को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रवीण मणि त्रिपाठी ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने प्रधान अध्यापिका नरजिस सुल्तान को निलंबित कर दिया है। वहीं चार शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। बीएसए का कहना है कि यह घोर लापरवाही की गई अगर कोई हादसा हो जाता तो क्या होता? फिलहाल उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार त्रिपाठी से पूरी रिपोर्ट ली है। इसके बाद ही कार्रवाई की गई। इस मामले पर शिक्षिकाओं का कहना है कि संभवतः यह छात्रा डेस्क के नीचे बैठ गई थी इसलिए नहीं दिखी। फिलहाल खुशबू यादव कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। वह स्कूल जरूर आई लेकिन उसके चेहरे पर घटना का खौफ साफ दिखाई दे रहा था। मालूम हो कि बुधवार को स्कूल में प्रधान अध्यापिका व शिक्षिकाओं की लापरवाही से यह छात्रा दोपहर तीन बजे से लेकर रात आठ बजे तक स्कूल में ही बंद रही।
LUCKNOW : इटौंजा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधान अध्यापिका नरजिस सुल्तान व शिक्षिकाओं की लापरवाही से पांच घंटे स्कूल में बंद रही क्लास आठ की छात्रा खुशबू यादव के मामले को बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने प्रधान अध्यापिका नरजिस सुल्तान को निलंबित कर दिया है। वहीं चार शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। बीएसए का कहना है कि यह घोर लापरवाही की गई अगर कोई हादसा हो जाता तो क्या होता? फिलहाल उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार त्रिपाठी से पूरी रिपोर्ट ली है। इसके बाद ही कार्रवाई की गई। इस मामले पर शिक्षिकाओं का कहना है कि संभवतः यह छात्रा डेस्क के नीचे बैठ गई थी इसलिए नहीं दिखी। फिलहाल खुशबू यादव कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। वह स्कूल जरूर आई लेकिन उसके चेहरे पर घटना का खौफ साफ दिखाई दे रहा था। मालूम हो कि बुधवार को स्कूल में प्रधान अध्यापिका व शिक्षिकाओं की लापरवाही से यह छात्रा दोपहर तीन बजे से लेकर रात आठ बजे तक स्कूल में ही बंद रही।
शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह पर निशाना साधते हुए उनसे कहा कि वे विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया के उनकी हत्या की साजिश रचे जाने संबंधी दावे पर स्पष्टीकरण दे। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में कहा, "जब भारत में हिंदुत्व समर्थक लोगों को अपनी जान का भय हो, तो मोदी और अमित शाह को सामने आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। नई (भाजपा के नेतृत्व वाली) सरकार के सत्ता में आने के बाद एल के आडवाणी समेत कई लोगों की आवाज बंद हो गई है। " उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल ने कहा कि अब यह देखा जाना बाकी है कि जब विहिप नेता ने आरोप लगाया है कि उन्हें चुप करने की साजिश रची गई थी, तो अब उन्हें क्या 'उपाधि' दी जाएगी। तोगड़िया को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। वह 15 जनवरी को उस समय लापता हो गए थे जब राजस्थान पुलिस की एक टीम सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर में दर्ज एक मामले में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अहमदाबाद गई थी। वह बाद में एक पार्क में बेहोश मिले थे और उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्होंने अस्पताल में एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि हिंदू समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण उन्हें चुप कराने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कुछ लोगों ने संदेश दिए थे कि उन्हें (फर्जी) 'मुठभेड़' में मारा जा सकता है।
शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह पर निशाना साधते हुए उनसे कहा कि वे विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया के उनकी हत्या की साजिश रचे जाने संबंधी दावे पर स्पष्टीकरण दे। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में कहा, "जब भारत में हिंदुत्व समर्थक लोगों को अपनी जान का भय हो, तो मोदी और अमित शाह को सामने आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। नई सरकार के सत्ता में आने के बाद एल के आडवाणी समेत कई लोगों की आवाज बंद हो गई है। " उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल ने कहा कि अब यह देखा जाना बाकी है कि जब विहिप नेता ने आरोप लगाया है कि उन्हें चुप करने की साजिश रची गई थी, तो अब उन्हें क्या 'उपाधि' दी जाएगी। तोगड़िया को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। वह पंद्रह जनवरी को उस समय लापता हो गए थे जब राजस्थान पुलिस की एक टीम सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर में दर्ज एक मामले में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अहमदाबाद गई थी। वह बाद में एक पार्क में बेहोश मिले थे और उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्होंने अस्पताल में एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि हिंदू समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण उन्हें चुप कराने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कुछ लोगों ने संदेश दिए थे कि उन्हें 'मुठभेड़' में मारा जा सकता है।
सैन फ्रांसिस्को, 1 मई (आईएएनएस) वार्नरमीडिया ने पुष्टि की है कि गूगल के साथ एक सौदा होने के बाद एचबीओ मैक्स अब एंड्रॉइड फोन, क्रोमकास्ट और एंड्रॉइड टीवी पर भी उपलब्ध होगा। गूगल पे पर वर्तमान एचबीओ नाउ के सब्सक्राइबर अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एचबीओ मैक्स ऐप में लॉग इन और एक्सेस कर सकेंगे। वहीं नए एचबीओ मैक्स ग्राहक सीधे ऐप में सदस्यता ले पाएंगे। नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो और डिजनी प्लस आदि से सदस्यों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए डिजाइन की गई वार्नरमीडिया की नई स्ट्रीमिंग सेवा 27 मई को शुरू होने वाली है और इस नई सेवा के लिए ग्राहक को प्रति माह 14. 99 डॉलर खर्च करने होंगे। इससे पहल कंपनी ने घोषणा की थी कि एचबीओ मैक्स ऐप्पल डिवाइस पर उपलब्ध होगा, जो पूरी तरह से आईफोन, आईपैड, आईपॉड टच और ऐप्पल टीवी पर ऐप्पल टीवी ऐप के साथ एकीकृत होगा। एचबीओ मैक्स 10,000 घंटे की प्रीमियम सामग्री के साथ एक प्रभावशाली उपभोक्ता अनुभव देगा।
सैन फ्रांसिस्को, एक मई वार्नरमीडिया ने पुष्टि की है कि गूगल के साथ एक सौदा होने के बाद एचबीओ मैक्स अब एंड्रॉइड फोन, क्रोमकास्ट और एंड्रॉइड टीवी पर भी उपलब्ध होगा। गूगल पे पर वर्तमान एचबीओ नाउ के सब्सक्राइबर अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एचबीओ मैक्स ऐप में लॉग इन और एक्सेस कर सकेंगे। वहीं नए एचबीओ मैक्स ग्राहक सीधे ऐप में सदस्यता ले पाएंगे। नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो और डिजनी प्लस आदि से सदस्यों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए डिजाइन की गई वार्नरमीडिया की नई स्ट्रीमिंग सेवा सत्ताईस मई को शुरू होने वाली है और इस नई सेवा के लिए ग्राहक को प्रति माह चौदह. निन्यानवे डॉलर खर्च करने होंगे। इससे पहल कंपनी ने घोषणा की थी कि एचबीओ मैक्स ऐप्पल डिवाइस पर उपलब्ध होगा, जो पूरी तरह से आईफोन, आईपैड, आईपॉड टच और ऐप्पल टीवी पर ऐप्पल टीवी ऐप के साथ एकीकृत होगा। एचबीओ मैक्स दस,शून्य घंटाटे की प्रीमियम सामग्री के साथ एक प्रभावशाली उपभोक्ता अनुभव देगा।
कहा, "तुम बहुत ही फुर्तीले और होशियार हो। अब तुम किसी गुरुकुल में प्रवेश करो और बड़ेबड़े शास्त्रों का अध्ययन करो, ताकि संसार को तुमसे लाभ हो ।" "साधुवर, अधिक समय तक जागते रहना मेरे लिए संभव नहीं। आप तो महान हैं, आपके पास महान शक्तियाँ हैं। आप क्यों न मेरे सपनों में आयें और पाठ पढ़ायें?" कुंभ ने साधु से प्रार्थना की। "ठीक है, ऐसा ही करूँगा, पर एक शर्त है, तुम्हें भोजन भी सपनों में ही करना होगा," साधु ने कहा। कुंभ ने साधु की शर्त मान ली। साधु कुंभ के सपनों में ही उसे पढ़ाने लगे। कुंभ सपनों में ही खाने लगा। पर उसका पेट भरता नहीं था, इसलिए वह पाठ भी ठीक तरह से सीख नहीं पाता था। चार दिनों के अंदर कुंभ समझ गया कि यह संभव नहीं है। कमज़ोरी के कारण वह सो भी नहीं पाता था। समय बिताने के उद्देश्य से वह गाँव भर में घूमता-फिरता रहा। तब उसे गाँव बहुत ही सुंदर लगने लगा। उससे भूख सही नहीं जाती थी, इसलिए वह गाँव के भोजनालयों में खाने-पीने लगा। वह खाना उसे बड़ा स्वादिष्ट लगने लगा। 'मेरे चारों ओर इतनी बड़ी दुनिया है। उसे देखे बिना मैं सो रहा हूँ। आँखें बंद करके जो सपना देखते हैं, उससे महान है, आँखें खोलने पर दिखाई देनेवाला यह सत्य।" उसने सत्य पर विश्वास किया और यह बात साधु से भी बतायी। "मनुष्य बनकर जो जन्मा है, उसे चाहिए कि वह सपने देखने के लिए कम समय व्यतीत करे और सच्चाई जानने के लिए ज्यादा समय । निद्रा में जो सपने देखे जाते हैं, वे जागने पर ही सच बन सकते हैं। पर परिश्रमहीन जागरण भी निद्रा के समान है, इसलिए हर मनुष्य को अपार परिश्रम करना चाहिए और तद्वारा दुनिया की भलाई करनी चाहिए, " यो साधु ने कुंभ को हितबोध किया। अब कुंभ की विचार शैली में कायापलट हो गयी। क्रमशः उसने सकल शास्त्रों का गंभीर अध्ययन किया और बड़ा आदमी बना।
कहा, "तुम बहुत ही फुर्तीले और होशियार हो। अब तुम किसी गुरुकुल में प्रवेश करो और बड़ेबड़े शास्त्रों का अध्ययन करो, ताकि संसार को तुमसे लाभ हो ।" "साधुवर, अधिक समय तक जागते रहना मेरे लिए संभव नहीं। आप तो महान हैं, आपके पास महान शक्तियाँ हैं। आप क्यों न मेरे सपनों में आयें और पाठ पढ़ायें?" कुंभ ने साधु से प्रार्थना की। "ठीक है, ऐसा ही करूँगा, पर एक शर्त है, तुम्हें भोजन भी सपनों में ही करना होगा," साधु ने कहा। कुंभ ने साधु की शर्त मान ली। साधु कुंभ के सपनों में ही उसे पढ़ाने लगे। कुंभ सपनों में ही खाने लगा। पर उसका पेट भरता नहीं था, इसलिए वह पाठ भी ठीक तरह से सीख नहीं पाता था। चार दिनों के अंदर कुंभ समझ गया कि यह संभव नहीं है। कमज़ोरी के कारण वह सो भी नहीं पाता था। समय बिताने के उद्देश्य से वह गाँव भर में घूमता-फिरता रहा। तब उसे गाँव बहुत ही सुंदर लगने लगा। उससे भूख सही नहीं जाती थी, इसलिए वह गाँव के भोजनालयों में खाने-पीने लगा। वह खाना उसे बड़ा स्वादिष्ट लगने लगा। 'मेरे चारों ओर इतनी बड़ी दुनिया है। उसे देखे बिना मैं सो रहा हूँ। आँखें बंद करके जो सपना देखते हैं, उससे महान है, आँखें खोलने पर दिखाई देनेवाला यह सत्य।" उसने सत्य पर विश्वास किया और यह बात साधु से भी बतायी। "मनुष्य बनकर जो जन्मा है, उसे चाहिए कि वह सपने देखने के लिए कम समय व्यतीत करे और सच्चाई जानने के लिए ज्यादा समय । निद्रा में जो सपने देखे जाते हैं, वे जागने पर ही सच बन सकते हैं। पर परिश्रमहीन जागरण भी निद्रा के समान है, इसलिए हर मनुष्य को अपार परिश्रम करना चाहिए और तद्वारा दुनिया की भलाई करनी चाहिए, " यो साधु ने कुंभ को हितबोध किया। अब कुंभ की विचार शैली में कायापलट हो गयी। क्रमशः उसने सकल शास्त्रों का गंभीर अध्ययन किया और बड़ा आदमी बना।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज लुधियाना में संकल्प संस्था द्वारा आयोजित प्रशासनिक सेवा परीक्षा में चयनित प्रतिभागियों के अभिन्नदन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दृढ इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ साधा गया लक्ष्य सदा सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि भारत में अनेक महापुरूष अपने मनोबल और दृढ संकल्प से कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता के शिखर पर पहुंचे जिनमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री आज भी सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के संकल्प संस्था के सफल युवा अधिकारियों से कहा कि सदा ज्ञान और पुस्तकों से जुड़े रहें। कभी आलसी न बने और सच्चाई के मार्ग पर चल कर राष्ट्र की सेवा करें। उन्होंने कहा कि गरीबों, कमज़ोर वर्गों के लोगों की सेवा ही मानवता की सेवा है। केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी सेवा की भावना से कार्य करते हैं तो वे सरकारी सेवा में भी सफल रहते हैं और देश के विकास में भी अपनी अह्म भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में भी शिक्षा के स्तर को बेहतर करने की आश्यकता है ताकि समाज के सभी वर्गों को प्रशासनिक सेवा में समुचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी सेवा की भावना से कार्य करते हैं, लोग उनके कार्यों को सदैव याद रखते हैं। संकल्प संस्था के संस्थापक सन्तोष तनेजा ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासनिक सेवा परीक्षा में हिन्दी भाषा के माध्यम से विद्यार्थी अच्छा परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें अच्छी कोचिंग की आवश्यकता रहती है। इस अवसर पर संकल्प संस्था के प्रधान नरेन्द्र मित्तल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और संस्था के सफल हुए प्रतिभागियों के बारे में भी जानकारी दी।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज लुधियाना में संकल्प संस्था द्वारा आयोजित प्रशासनिक सेवा परीक्षा में चयनित प्रतिभागियों के अभिन्नदन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दृढ इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ साधा गया लक्ष्य सदा सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि भारत में अनेक महापुरूष अपने मनोबल और दृढ संकल्प से कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता के शिखर पर पहुंचे जिनमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री आज भी सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के संकल्प संस्था के सफल युवा अधिकारियों से कहा कि सदा ज्ञान और पुस्तकों से जुड़े रहें। कभी आलसी न बने और सच्चाई के मार्ग पर चल कर राष्ट्र की सेवा करें। उन्होंने कहा कि गरीबों, कमज़ोर वर्गों के लोगों की सेवा ही मानवता की सेवा है। केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी सेवा की भावना से कार्य करते हैं तो वे सरकारी सेवा में भी सफल रहते हैं और देश के विकास में भी अपनी अह्म भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में भी शिक्षा के स्तर को बेहतर करने की आश्यकता है ताकि समाज के सभी वर्गों को प्रशासनिक सेवा में समुचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी सेवा की भावना से कार्य करते हैं, लोग उनके कार्यों को सदैव याद रखते हैं। संकल्प संस्था के संस्थापक सन्तोष तनेजा ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासनिक सेवा परीक्षा में हिन्दी भाषा के माध्यम से विद्यार्थी अच्छा परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें अच्छी कोचिंग की आवश्यकता रहती है। इस अवसर पर संकल्प संस्था के प्रधान नरेन्द्र मित्तल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और संस्था के सफल हुए प्रतिभागियों के बारे में भी जानकारी दी।
हिंदू धर्म एक एेसा धर्म है जहां बहुत सी मान्यताएं और परंपराएं प्रचलित हैं। इन सभी मान्यताओं का अपना अलग महत्व होता है। हम में से बहुत से लोगों ने सुना होगा कि किसी भी शुभ काम की शुरुआत किसी खास दिन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही ये भी सुना होगा कि शुभ कार्य की शुरुआत किसी स्पेश्ल दिन नहीं की जाती। असल में ये मान्यता ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी हुई हैं। इसमें बताए गए विस्तार के अनुसार हर काम को शुरू करने का एक शुभ दिन बताया गया है। कहा जाता है कि अगर किसी काम की शुरुआत शुभ दिन के हिसाब से न की जाए तो उसमें सफलता की जगह असफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। ज्योतिष शास्त्र में हफ्ते के सातों दिनों को अलग-अलग कामों की शुरुआत के लिए शुभ माना गया है। माना जाता है कि इसका ध्यान रखने से पाॅज़िटिव रिजल्ट मिलने के आसार बढ़ जाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि कौन से काम की शुरुआत किस दिन करनी चाहिए। रविवारः ज्योतिष का मानना है कि औषधि, वाहन, पशु, नौकरी, अस्त्र-शस्त्र, धातु, वाद-विवाद आदि काम की शुरुआत हमेशा रविवार को करनी चाहिए। सोमवारः माना जाता है कि कृषि कार्य, वस्त्र धारण, क्रय-विक्रय, यात्रा, आभूषण धारण इत्यादि। मंगलवारः किसी भी तरह की जासूसी, गवाही, युद्ध नीति, सेना या कोई बड़ा फैसला लेने के लिए मंगलवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। बुधवारः बुधवार के दिन ऋण देना, शिक्षा-दिक्षा, बही खाता, शिल्प कार्य, राजनीति, गृह प्रवेश आदि का शुरू करना चाहिए। गुरुवारः ज्ञान-विज्ञान, कला, यक्ष, धर्म कार्य इत्यादि। शुक्रवारः पारंपरिक कार्य, गुप्त बात, प्रेम-व्यवहार, मित्रता, नाटक, संगीत इत्यादि। शनिवारः ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गृह प्रवेश, नौकर रखना, नया व्यापार, बीज बोना, वाहन खरीदना इत्यादि।
हिंदू धर्म एक एेसा धर्म है जहां बहुत सी मान्यताएं और परंपराएं प्रचलित हैं। इन सभी मान्यताओं का अपना अलग महत्व होता है। हम में से बहुत से लोगों ने सुना होगा कि किसी भी शुभ काम की शुरुआत किसी खास दिन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही ये भी सुना होगा कि शुभ कार्य की शुरुआत किसी स्पेश्ल दिन नहीं की जाती। असल में ये मान्यता ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी हुई हैं। इसमें बताए गए विस्तार के अनुसार हर काम को शुरू करने का एक शुभ दिन बताया गया है। कहा जाता है कि अगर किसी काम की शुरुआत शुभ दिन के हिसाब से न की जाए तो उसमें सफलता की जगह असफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। ज्योतिष शास्त्र में हफ्ते के सातों दिनों को अलग-अलग कामों की शुरुआत के लिए शुभ माना गया है। माना जाता है कि इसका ध्यान रखने से पाॅज़िटिव रिजल्ट मिलने के आसार बढ़ जाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि कौन से काम की शुरुआत किस दिन करनी चाहिए। रविवारः ज्योतिष का मानना है कि औषधि, वाहन, पशु, नौकरी, अस्त्र-शस्त्र, धातु, वाद-विवाद आदि काम की शुरुआत हमेशा रविवार को करनी चाहिए। सोमवारः माना जाता है कि कृषि कार्य, वस्त्र धारण, क्रय-विक्रय, यात्रा, आभूषण धारण इत्यादि। मंगलवारः किसी भी तरह की जासूसी, गवाही, युद्ध नीति, सेना या कोई बड़ा फैसला लेने के लिए मंगलवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। बुधवारः बुधवार के दिन ऋण देना, शिक्षा-दिक्षा, बही खाता, शिल्प कार्य, राजनीति, गृह प्रवेश आदि का शुरू करना चाहिए। गुरुवारः ज्ञान-विज्ञान, कला, यक्ष, धर्म कार्य इत्यादि। शुक्रवारः पारंपरिक कार्य, गुप्त बात, प्रेम-व्यवहार, मित्रता, नाटक, संगीत इत्यादि। शनिवारः ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गृह प्रवेश, नौकर रखना, नया व्यापार, बीज बोना, वाहन खरीदना इत्यादि।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से सदन के नियमों का उल्लंघन होता है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के सदस्य पोस्टर लेकर सदन में पहुंच गए थे जिसके कारण हंगामा खड़ा हो गया था। इस साल की शुरूआत से अभी तक बंगाल विधानसभा में कई बार हंगामा हुआ है। मार्च में बजट सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के बीच आपसी विरोध आश्चर्यजनक ढंग से धक्का मुक्की और हाथापाई में परिवर्तित हो गया। उसके कारण कुछ विधायकों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से सदन के नियमों का उल्लंघन होता है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के सदस्य पोस्टर लेकर सदन में पहुंच गए थे जिसके कारण हंगामा खड़ा हो गया था। इस साल की शुरूआत से अभी तक बंगाल विधानसभा में कई बार हंगामा हुआ है। मार्च में बजट सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के बीच आपसी विरोध आश्चर्यजनक ढंग से धक्का मुक्की और हाथापाई में परिवर्तित हो गया। उसके कारण कुछ विधायकों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा था।
बाड़मेर 7 नवम्बर 2017। आज भाजपा एसटी मोर्चा की सदस्य अभियान के तहत महावीर पार्क में बैठक रखी जिसमें जिलाध्यक्ष सोनाराम भील पोषाल, महामंत्री मंहत राजुदास, उगराराम छीतर का पार, अर्जुन भील भेडाणा, तालबराम गडरा सिणधरी मंडल अध्यक्ष चैनाराम भील होडू भील राणा पुजा युवा सेना के जिला अध्यक्ष अषोक वाघेला, भोमाराम विषाला और कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह जानकारी सुनिल वागेला ने दी। बाड़मेर 7 नवम्बर 2017।
बाड़मेर सात नवम्बर दो हज़ार सत्रह। आज भाजपा एसटी मोर्चा की सदस्य अभियान के तहत महावीर पार्क में बैठक रखी जिसमें जिलाध्यक्ष सोनाराम भील पोषाल, महामंत्री मंहत राजुदास, उगराराम छीतर का पार, अर्जुन भील भेडाणा, तालबराम गडरा सिणधरी मंडल अध्यक्ष चैनाराम भील होडू भील राणा पुजा युवा सेना के जिला अध्यक्ष अषोक वाघेला, भोमाराम विषाला और कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह जानकारी सुनिल वागेला ने दी। बाड़मेर सात नवम्बर दो हज़ार सत्रह।
DEHRADUN: एसटीएफ और दून पुलिस ने ख्00 पेटी देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। दून एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक वाहन में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ और कोतवाली पुलिस ने धारा चौकी में डंगवाल मार्ग पर एक यूटिलिटी जीप से ख्00 पेटी देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को दून एसटीएफ को मुखबिर ने सूचना दी कि एक वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ ने टीम का गठन किया। टीम ने सूचना के आधार पर एक वाहन का पीछा किया और इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। इसके बाद एसटीएफ और धारा चौकी पुलिस ने डंगवाल मार्ग में एक यूटिलिटी जीप को रोका। इस जीप की चेकिंग करने पर इससे पुलिस ने ख्00 पेटी देशी शराब की बरामद की। साथ ही इस जीप के चालक को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में इस आरोपी ने अपना नाम गजेंद्र उर्फ गोल्डी बताया, जो करनपुर का रहने वाला है। साथ ही छानबीन में उसने बताया कि वह शराब को तस्कर सन्नी गांधी से लेकर आ रहा था और इसे अजय सोनकर को चक्खू मोहल्ले में देने जा रहा था। पुलिस ने इस आरोपी पर आबकारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही इससे मिली जानकारी पर भी छानबीन शुरू कर दी है।
DEHRADUN: एसटीएफ और दून पुलिस ने ख्शून्य पेटी देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। दून एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक वाहन में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ और कोतवाली पुलिस ने धारा चौकी में डंगवाल मार्ग पर एक यूटिलिटी जीप से ख्शून्य पेटी देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को दून एसटीएफ को मुखबिर ने सूचना दी कि एक वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ ने टीम का गठन किया। टीम ने सूचना के आधार पर एक वाहन का पीछा किया और इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। इसके बाद एसटीएफ और धारा चौकी पुलिस ने डंगवाल मार्ग में एक यूटिलिटी जीप को रोका। इस जीप की चेकिंग करने पर इससे पुलिस ने ख्शून्य पेटी देशी शराब की बरामद की। साथ ही इस जीप के चालक को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में इस आरोपी ने अपना नाम गजेंद्र उर्फ गोल्डी बताया, जो करनपुर का रहने वाला है। साथ ही छानबीन में उसने बताया कि वह शराब को तस्कर सन्नी गांधी से लेकर आ रहा था और इसे अजय सोनकर को चक्खू मोहल्ले में देने जा रहा था। पुलिस ने इस आरोपी पर आबकारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही इससे मिली जानकारी पर भी छानबीन शुरू कर दी है।
सीएम जयराम ठाकुर (Photo Credit: File Photo) नई दिल्लीः हिमाचल प्रदेश की सत्ता में लौटने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. और हिमाचल के चुनावी इतिहास को बदलने के लिए भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने में बहुत पहले से ही जुटी हुई है. पार्टी को सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर भरोसा है और मोदी भी मोर्चा संभाल चुके हैं. पीएम मोदी हिमाचल का कई बार दौरा कर चुके हैं और आगे भी चुनावी सभा एवं रैली करेंगे. लेकिन, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की छवि की वजह से पार्टी के अधिकांश नेताओं और विधयकों को हार का अंदेशा सता रहा है. विधायकों और पार्टी के नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की एक कमजोर और निर्णय न लेने वाले मुख्यमंत्री की वाली छवि से चुनाव में बड़ा नुकसान होने जा रहा है. पार्टी सूत्रों की मानें तो ज्यातादर विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और प्रदेश चुनाव प्रभारी सौदान सिंह के सामने चेहरा बदलने की मांग भी रख दी है. पार्टी के जानकारों का कहना है कि जयराम ठाकुर का अक्षम मुख्यमंत्री की बनी छवि का सीधा लाभ विपक्ष को हो रहा है. गौरतलब है कि जयराम ठाकुर पर भ्रष्टाचार पर लगाम न लगाने और मंत्रियों की मनमानी न रोक पाने का आरोप पहले से ही लग रहा है. विपक्ष अब इसी का फायदा उठाना चाहता है, क्योंकि उसे मालूम है कि मोदी पर हमला कर उसे कोई लाभ नहीं मिलने वाला है. लिहाजा, विपक्ष ने जयराम ठाकुर को निशाने पर लेकर अभियान शुरू कर दिया है. खासतौर पर आम आदमी पार्टी लगातार नकारा मुख्यमंत्री का नारा दे रही है. लेकिन, बीजेपी का साफ कहना है कि राज्य के चेहरे से कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि चेहरा तो प्रधानमंत्री का है और जनता को भरोसा उन्हीं पर है. वहीं, राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि जयराम ठाकुर की नकार छवि से बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि, इस मुद्दे पर बीजेपी के नेता बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन जयराम ठाकुर के विकल्प के रूप में इंदु गोस्वामी और अनुराग ठाकुर का नाम जरूर लेते हैं. इस बार बीजेपी ने अपनी रणनीति के तहत राज्यों में चेहरा नहीं बदले की नीति अपनाई है, लेकिन हिमाचल में पार्टी को अभी से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
सीएम जयराम ठाकुर नई दिल्लीः हिमाचल प्रदेश की सत्ता में लौटने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. और हिमाचल के चुनावी इतिहास को बदलने के लिए भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने में बहुत पहले से ही जुटी हुई है. पार्टी को सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर भरोसा है और मोदी भी मोर्चा संभाल चुके हैं. पीएम मोदी हिमाचल का कई बार दौरा कर चुके हैं और आगे भी चुनावी सभा एवं रैली करेंगे. लेकिन, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की छवि की वजह से पार्टी के अधिकांश नेताओं और विधयकों को हार का अंदेशा सता रहा है. विधायकों और पार्टी के नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की एक कमजोर और निर्णय न लेने वाले मुख्यमंत्री की वाली छवि से चुनाव में बड़ा नुकसान होने जा रहा है. पार्टी सूत्रों की मानें तो ज्यातादर विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और प्रदेश चुनाव प्रभारी सौदान सिंह के सामने चेहरा बदलने की मांग भी रख दी है. पार्टी के जानकारों का कहना है कि जयराम ठाकुर का अक्षम मुख्यमंत्री की बनी छवि का सीधा लाभ विपक्ष को हो रहा है. गौरतलब है कि जयराम ठाकुर पर भ्रष्टाचार पर लगाम न लगाने और मंत्रियों की मनमानी न रोक पाने का आरोप पहले से ही लग रहा है. विपक्ष अब इसी का फायदा उठाना चाहता है, क्योंकि उसे मालूम है कि मोदी पर हमला कर उसे कोई लाभ नहीं मिलने वाला है. लिहाजा, विपक्ष ने जयराम ठाकुर को निशाने पर लेकर अभियान शुरू कर दिया है. खासतौर पर आम आदमी पार्टी लगातार नकारा मुख्यमंत्री का नारा दे रही है. लेकिन, बीजेपी का साफ कहना है कि राज्य के चेहरे से कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि चेहरा तो प्रधानमंत्री का है और जनता को भरोसा उन्हीं पर है. वहीं, राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि जयराम ठाकुर की नकार छवि से बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि, इस मुद्दे पर बीजेपी के नेता बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन जयराम ठाकुर के विकल्प के रूप में इंदु गोस्वामी और अनुराग ठाकुर का नाम जरूर लेते हैं. इस बार बीजेपी ने अपनी रणनीति के तहत राज्यों में चेहरा नहीं बदले की नीति अपनाई है, लेकिन हिमाचल में पार्टी को अभी से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
- 1 hr ago मारुति सुजुकी इन्विक्टो रिव्यूः एमपीवी सेगमेंट को मिलेगा नया किंग? Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? आप सभी दुनिया भर में मशहूर मिनी कार से परीचित तो होंगे ही। भारतीय बाजार में एक से बढ़कर एक शानदार कारों को पेश करने वाली जर्मनी की प्रमुख कार निर्माता कंपनी बीएमडब्लू की छोटी कार ब्रांड मिनी। मिनी का आकार हमारे देश में उपलब्ध छोटी कारों जैसे ह्युंडई आई20 आदि के बराबर ही है। यह देश की एक प्रीमियम हैचबैक कार है। यदि इस कार में आपको ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैठाने की बात कही जाये तो, शायद आप पांच लोगों से ज्यादा नहीं बैठा पायेंगे। लेकिन यदि आप ब्रिटेन की सुंदर बालाओं के कारनामें पर गौर करेंगे तो बेशक वो आपसे आगे निकलेंगी। जी हां लंदन के इस्टबर्न की रहने वाली 28 ब्रिटीश लड़कियों के एक दल ने एक मिनी कार में बैठकर दुनिया के सामने एक रिकार्ड कायम कर दिया है। ये सभी 28 लड़कियां एक साथ इस छोटी से कार में बैठीं हैं। इसके लिए इनका यह रिकार्ड गीनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी शामिल किया गया है। आइये आपको तस्वीरों के माध्यम से बतातें हैं कि आखिर इन लड़कियों ने यह कारनाम कैसे कर दिखाया। 28 लड़कियों ने एक साथ इस छोटी सी कार में बैठकर नया वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है। इसके पूर्व का रिकार्ड एक साथ 27 लड़कियों ने मिनी कार में बैठकर बनाया था। आपको बता दें कि लड़कियों के इस दल का नेतृत्व दानी मैनार्ड ने किया था और उन्होनें बहुत ही सलीके से एक साथ 28 लड़़कियों को कार के भीतर बैठाया था। आपको बता दें कि 28 लड़कियों में से 23 लड़कियां ऐसी थी जो कि कार के बिलकुल भीतर थी, और उनके शरीर का कोई भी अंग कार के बाहर नहीं था। गौरतलब हो कि तस्वीरों में आप जिन लड़कियों को देख रहें हैं वो कोई सामान्य लड़कियां नहीं हैं। इन खुबसूरत बालाओं को विशेष प्रशिक्षण के बाद तैयार किया गया है। कार में प्रवेश करने के बाद ये सभी लड़कियां लगभग 18 मिनट तक कार के भीतर ही मौजूद थी। कार में सभी लड़कियों को एक साथ बैठाने के दौरान खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि किसी भी लड़की को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। जैसा कि आप तस्वीर में देख सकतें हैं कि कार के विंडे से तीन लड़कियां बाहर की तरफ देख रहीं हैं साथ ही कार के भीतर मौजूद लड़कियों के पैर भी बाहर की तरफ निकल रहें हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकतें हैं कि ऐसे रिकार्ड बनाना कितना मुश्किल भरा होगा। लेकिन इन लड़कियों ने अपने हौसले के दम पर एक नया वर्ल्ड रिकार्ड बना दिया है।
- एक hr ago मारुति सुजुकी इन्विक्टो रिव्यूः एमपीवी सेगमेंट को मिलेगा नया किंग? Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? आप सभी दुनिया भर में मशहूर मिनी कार से परीचित तो होंगे ही। भारतीय बाजार में एक से बढ़कर एक शानदार कारों को पेश करने वाली जर्मनी की प्रमुख कार निर्माता कंपनी बीएमडब्लू की छोटी कार ब्रांड मिनी। मिनी का आकार हमारे देश में उपलब्ध छोटी कारों जैसे ह्युंडई आईबीस आदि के बराबर ही है। यह देश की एक प्रीमियम हैचबैक कार है। यदि इस कार में आपको ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैठाने की बात कही जाये तो, शायद आप पांच लोगों से ज्यादा नहीं बैठा पायेंगे। लेकिन यदि आप ब्रिटेन की सुंदर बालाओं के कारनामें पर गौर करेंगे तो बेशक वो आपसे आगे निकलेंगी। जी हां लंदन के इस्टबर्न की रहने वाली अट्ठाईस ब्रिटीश लड़कियों के एक दल ने एक मिनी कार में बैठकर दुनिया के सामने एक रिकार्ड कायम कर दिया है। ये सभी अट्ठाईस लड़कियां एक साथ इस छोटी से कार में बैठीं हैं। इसके लिए इनका यह रिकार्ड गीनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी शामिल किया गया है। आइये आपको तस्वीरों के माध्यम से बतातें हैं कि आखिर इन लड़कियों ने यह कारनाम कैसे कर दिखाया। अट्ठाईस लड़कियों ने एक साथ इस छोटी सी कार में बैठकर नया वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है। इसके पूर्व का रिकार्ड एक साथ सत्ताईस लड़कियों ने मिनी कार में बैठकर बनाया था। आपको बता दें कि लड़कियों के इस दल का नेतृत्व दानी मैनार्ड ने किया था और उन्होनें बहुत ही सलीके से एक साथ अट्ठाईस लड़़कियों को कार के भीतर बैठाया था। आपको बता दें कि अट्ठाईस लड़कियों में से तेईस लड़कियां ऐसी थी जो कि कार के बिलकुल भीतर थी, और उनके शरीर का कोई भी अंग कार के बाहर नहीं था। गौरतलब हो कि तस्वीरों में आप जिन लड़कियों को देख रहें हैं वो कोई सामान्य लड़कियां नहीं हैं। इन खुबसूरत बालाओं को विशेष प्रशिक्षण के बाद तैयार किया गया है। कार में प्रवेश करने के बाद ये सभी लड़कियां लगभग अट्ठारह मिनट तक कार के भीतर ही मौजूद थी। कार में सभी लड़कियों को एक साथ बैठाने के दौरान खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि किसी भी लड़की को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। जैसा कि आप तस्वीर में देख सकतें हैं कि कार के विंडे से तीन लड़कियां बाहर की तरफ देख रहीं हैं साथ ही कार के भीतर मौजूद लड़कियों के पैर भी बाहर की तरफ निकल रहें हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकतें हैं कि ऐसे रिकार्ड बनाना कितना मुश्किल भरा होगा। लेकिन इन लड़कियों ने अपने हौसले के दम पर एक नया वर्ल्ड रिकार्ड बना दिया है।
नाग अश्विन और प्रभास की 'प्रोजेक्ट के' टाइटल आया सामने. मुंबई. प्रभास (Prabhas) की फिल्म 'प्रोजेक्ट के' (Project K) की डिटेल्स का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. फाइनली नाग अश्विन की फिल्म 'प्रोजेक्ट के' की पहली झलक दुनिया भर के सामने आ चुकी है. प्रभास की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म को 'कल्कि 2898 एडी' (Kalki 2898 AD) टाइटल दिया गया है. साइंस फिक्शन फैंटेसी ड्रामा में नया इंडियन सुपरहीरो क्रिएट किया गया है. कॉमिक कॉन 2023 में फिल्म को इंट्रोड्यूस किया गया है. पहली झलक का वीडियो सभी सोशल प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया गया है और ये तेजी से वायरल हो रहा है. मार्वल मूवीज की तरह नाग अश्विन का यह एक्शन ड्रामा बुरी ताकतों से लड़ता जाएगा. इसमें सुपरहीरो कल्कि की कहानी बताई जाएगी और यह भूमिका प्रभास निभा रहे हैं. वहीं, टीजर में दीपिका पादुकोण भी अलग अंदाज में नजर आ रही हैं. फिलहाल टीजर में कमल हासन और अमिताभ बच्चन की झलक नजर नहीं आई है. फिल्म की रिलीज डेट जारी नहीं की गई है. नाग अश्विन ने 'प्रोजेक्ट के' बेहद अलग अंदाज में सबके सामने पेश किया है. सेन डिआगो कॉमिक कॉन 2023 में 'प्रोजेक्ट के' को बड़े आकर्षक तरीके से पेश किया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा. इसे 'This is Project K: First Glimpse of India's Mytho-Sci-fi Epic' टाइटल दिया गया था. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, 'कल्कि' भगवान विष्णु के दसवें या अंतिम अवतार माने जाते हैं. जब कलयुग का अंत होगा, धर्म को नुकसान होगा और बुरी शक्तियां हावी होने लगेंगी, तब 'कल्कि' आएंगे. बुरी ताकतों से लड़कर वे नए युग की शुरुआत करेंगे. फिल्म में एक जगह नकाब पहले बूढ़ा शख्स नजर आता रहा है. आंखों को देखकर बताया जा रहा है कि वे अमिताभ बच्चन हैं. वहीं, फिल्म में कमल हासन का नेगेटिव किरदार बताया जा रहा है. फिल्म अगले साल 2024 में रिलीज होगी. .
नाग अश्विन और प्रभास की 'प्रोजेक्ट के' टाइटल आया सामने. मुंबई. प्रभास की फिल्म 'प्रोजेक्ट के' की डिटेल्स का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. फाइनली नाग अश्विन की फिल्म 'प्रोजेक्ट के' की पहली झलक दुनिया भर के सामने आ चुकी है. प्रभास की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म को 'कल्कि दो हज़ार आठ सौ अट्ठानवे एडी' टाइटल दिया गया है. साइंस फिक्शन फैंटेसी ड्रामा में नया इंडियन सुपरहीरो क्रिएट किया गया है. कॉमिक कॉन दो हज़ार तेईस में फिल्म को इंट्रोड्यूस किया गया है. पहली झलक का वीडियो सभी सोशल प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया गया है और ये तेजी से वायरल हो रहा है. मार्वल मूवीज की तरह नाग अश्विन का यह एक्शन ड्रामा बुरी ताकतों से लड़ता जाएगा. इसमें सुपरहीरो कल्कि की कहानी बताई जाएगी और यह भूमिका प्रभास निभा रहे हैं. वहीं, टीजर में दीपिका पादुकोण भी अलग अंदाज में नजर आ रही हैं. फिलहाल टीजर में कमल हासन और अमिताभ बच्चन की झलक नजर नहीं आई है. फिल्म की रिलीज डेट जारी नहीं की गई है. नाग अश्विन ने 'प्रोजेक्ट के' बेहद अलग अंदाज में सबके सामने पेश किया है. सेन डिआगो कॉमिक कॉन दो हज़ार तेईस में 'प्रोजेक्ट के' को बड़े आकर्षक तरीके से पेश किया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा. इसे 'This is Project K: First Glimpse of India's Mytho-Sci-fi Epic' टाइटल दिया गया था. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, 'कल्कि' भगवान विष्णु के दसवें या अंतिम अवतार माने जाते हैं. जब कलयुग का अंत होगा, धर्म को नुकसान होगा और बुरी शक्तियां हावी होने लगेंगी, तब 'कल्कि' आएंगे. बुरी ताकतों से लड़कर वे नए युग की शुरुआत करेंगे. फिल्म में एक जगह नकाब पहले बूढ़ा शख्स नजर आता रहा है. आंखों को देखकर बताया जा रहा है कि वे अमिताभ बच्चन हैं. वहीं, फिल्म में कमल हासन का नेगेटिव किरदार बताया जा रहा है. फिल्म अगले साल दो हज़ार चौबीस में रिलीज होगी. .
1 यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के नौवें वर्ष के दसवें महीने में, बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी सारी सेना समेत यरूशलेम पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया। 2 और सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के चौथे महीने के नौवें दिन को उस नगर की शहरपनाह तोड़ी गई। 3 जब यरूशलेम ले लिया गया, तब नेर्गलसरेसेर, और समगर्नबो, और खोजों का प्रधान सर्सकीम, और मगों का प्रधान नेर्गलसरेसेर आदि, बाबेल के राजा के सब हाकिम बीच के फाटक* 39:3 बीच के फाटकः सम्भवतः सिय्योन नगर को निचले नगर से पृथक करनेवाला फाटक। में प्रवेश करके बैठ गए। 4 जब यहूदा के राजा सिदकिय्याह और सब योद्धाओं ने उन्हें देखा तब रात ही रात राजा की बारी के मार्ग से दोनों दीवारों के बीच के फाटक से होकर नगर से निकलकर भाग चले और अराबा का मार्ग लिया। 5 परन्तु कसदियों की सेना ने उनको खदेड़कर सिदकिय्याह को यरीहो के अराबा में जा लिया और उनको बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर के पास हमात देश के रिबला में ले गए; और उसने वहाँ उसके दण्ड की आज्ञा दी। 6 तब बाबेल के राजा ने सिदकिय्याह के पुत्रों को उसकी आँखों के सामने रिबला में घात किया; और सब कुलीन यहूदियों को भी घात किया। 7 उसने सिदकिय्याह की आँखों को निकाल डाला और उसको बाबेल ले जाने के लिये बेड़ियों से जकड़वा रखा। 8 कसदियों ने राजभवन और प्रजा के घरों को आग लगाकर फूँक दिया, ओर यरूशलेम की शहरपनाह को ढा दिया। 9 तब अंगरक्षकों का प्रधान नबूजरदान प्रजा के बचे हुओं को जो नगर में रह गए थे, और जो लोग उसके पास भाग आए थे उनको अर्थात् प्रजा में से जितने रह गए उन सब को बँधुआ करके बाबेल को ले गया। 10 परन्तु प्रजा में से जो ऐसे कंगाल थे जिनके पास कुछ न था, उनको अंगरक्षकों का प्रधान नबूजरदान यहूदा देश में छोड़ गया, और जाते समय उनको दाख की बारियाँ और खेत दे दिए। 11 बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान को यिर्मयाह के विषय में यह आज्ञा दी, 12 "उसको लेकर उस पर कृपादृष्टि बनाए रखना और उसकी कुछ हानि न करना; जैसा वह तुझ से कहे वैसा ही उससे व्यवहार करना।" 13 अतः अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान और खोजों के प्रधान नबूसजबान और मगों के प्रधान नेर्गलसरेसेर ज्योतिषियों के सरदार, 14 और बाबेल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आँगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुँचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा। *39:3 39:3 बीच के फाटकः सम्भवतः सिय्योन नगर को निचले नगर से पृथक करनेवाला फाटक। †39:18 39:18 तुझे, निश्चय बचाऊँगाः अनापेक्षित एवं स्वार्थ रहित उसने परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता को निर्भीकता पूर्वक बचाकर विश्वास का प्रमाण प्रस्तुत किया।
एक यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के नौवें वर्ष के दसवें महीने में, बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी सारी सेना समेत यरूशलेम पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया। दो और सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के चौथे महीने के नौवें दिन को उस नगर की शहरपनाह तोड़ी गई। तीन जब यरूशलेम ले लिया गया, तब नेर्गलसरेसेर, और समगर्नबो, और खोजों का प्रधान सर्सकीम, और मगों का प्रधान नेर्गलसरेसेर आदि, बाबेल के राजा के सब हाकिम बीच के फाटक* उनतालीस:तीन बीच के फाटकः सम्भवतः सिय्योन नगर को निचले नगर से पृथक करनेवाला फाटक। में प्रवेश करके बैठ गए। चार जब यहूदा के राजा सिदकिय्याह और सब योद्धाओं ने उन्हें देखा तब रात ही रात राजा की बारी के मार्ग से दोनों दीवारों के बीच के फाटक से होकर नगर से निकलकर भाग चले और अराबा का मार्ग लिया। पाँच परन्तु कसदियों की सेना ने उनको खदेड़कर सिदकिय्याह को यरीहो के अराबा में जा लिया और उनको बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर के पास हमात देश के रिबला में ले गए; और उसने वहाँ उसके दण्ड की आज्ञा दी। छः तब बाबेल के राजा ने सिदकिय्याह के पुत्रों को उसकी आँखों के सामने रिबला में घात किया; और सब कुलीन यहूदियों को भी घात किया। सात उसने सिदकिय्याह की आँखों को निकाल डाला और उसको बाबेल ले जाने के लिये बेड़ियों से जकड़वा रखा। आठ कसदियों ने राजभवन और प्रजा के घरों को आग लगाकर फूँक दिया, ओर यरूशलेम की शहरपनाह को ढा दिया। नौ तब अंगरक्षकों का प्रधान नबूजरदान प्रजा के बचे हुओं को जो नगर में रह गए थे, और जो लोग उसके पास भाग आए थे उनको अर्थात् प्रजा में से जितने रह गए उन सब को बँधुआ करके बाबेल को ले गया। दस परन्तु प्रजा में से जो ऐसे कंगाल थे जिनके पास कुछ न था, उनको अंगरक्षकों का प्रधान नबूजरदान यहूदा देश में छोड़ गया, और जाते समय उनको दाख की बारियाँ और खेत दे दिए। ग्यारह बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान को यिर्मयाह के विषय में यह आज्ञा दी, बारह "उसको लेकर उस पर कृपादृष्टि बनाए रखना और उसकी कुछ हानि न करना; जैसा वह तुझ से कहे वैसा ही उससे व्यवहार करना।" तेरह अतः अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान और खोजों के प्रधान नबूसजबान और मगों के प्रधान नेर्गलसरेसेर ज्योतिषियों के सरदार, चौदह और बाबेल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आँगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुँचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा। *उनतालीस:तीन उनतालीस:तीन बीच के फाटकः सम्भवतः सिय्योन नगर को निचले नगर से पृथक करनेवाला फाटक। †उनतालीस:अट्ठारह उनतालीस:अट्ठारह तुझे, निश्चय बचाऊँगाः अनापेक्षित एवं स्वार्थ रहित उसने परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता को निर्भीकता पूर्वक बचाकर विश्वास का प्रमाण प्रस्तुत किया।
Rakshit Shetty 777 Charlie: एक्टर और फ़िल्म प्रोड्यूसर रक्षित शेट्टी कन्नड़ सिनेमा का जाना-माना नाम है. इन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत एक शॉर्ट फ़िल्म निर्माता के तौर पर की थी, जिसका नाम 'लेट्स किल गांधी' (Let's Kill Gandhi) था और इसके अलावा कई ऐसी फ़िल्में थी, जो रिलीज़ ही नहीं हुईं. इसके बाद, इन्होंने अरविंद कौशिक द्वारा निर्देशित Nam Areal Ond Dina और तुगलक़ से फ़िल्मों में एंट्री की. रक्षित की मेनस्ट्रीम फ़िल्म 2013 की Simple Agi Ondh Love Story थी, जो बहुत सफल हुई थी. रक्षित शेट्टी कन्नड़ इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर हैं, जिनकी फ़िल्मों का इंतज़ार फ़ैंस बेसब्री से करते हैं. सोर्स की मानें तो, रक्षित एक फ़िल्म के लिए लगभग 2. 75 करोड़ रुपये चार्ज करते हैं. इनकी नेटवर्थ लगभग 3. 5 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है. रक्षित शेट्टी की मच अवेटेड फ़िल्म 777 चार्ली (Rakshit Shetty 777 Charlie) आज यानी 10 जून को रिलीज हो चुकी है. इस फ़िल्म की कहानी कुत्ते और इंसान की दोस्ती पर बेस्ड है, जिसे लोगों की ख़ूब सरहाना मिल रही है. इस फ़िल्म को कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में रिलीज़ किया गया है. इस फ़िल्म में अडॉप्टेड डॉग्स को लिया गया है. चार्ली की उम्र सिर्फ़ 4 महीने है और इसमें 2 नहीं, बल्कि 4 चार्ली हैं. फ़िल्म के बारे में बात करते हुए एक इंटरव्यू के दौरान रक्षित ने कहा, '777 चार्ली' मेरे लाइफ़ की सबसे मुश्किल फ़िल्म है क्योंकि फ़िल्म में मुझे एक्टिंग के साथ-साथ एक डॉगी को कमांड करना था. इसके लिए हमने बर शूटिंग शेड्यूल के बाद वर्कशॉप की, जिसमें ट्रेनर डॉग को ट्रेंड करते थे फिर मैं उनसे वो कमांड सीखता था. इस वजह से एक शॉट को 50-60 टेक में पूरा कर पाते थे. फ़िल्म में 4 चार्ली हैं, जिसमें मैं एक को ख़ुद अडॉप्ट करूंगा. फ़िल्म के ट्रेलर को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके बाद लोगों को फ़िल्म का इंतज़ार करना मुश्किल हो गया था. आज वो दिन आ गया है और ये कहानी दर्शकों को रुला रही है. इस फ़िल्म को देखने के बाद ट्विटर पर #777CharlieInCinema ख़ूब ट्रेंड कर रहा है, जिस पर लोग जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. ट्विटर पर आ रही प्रतिक्रियाओं में कुछ दर्शक थियेटर में आंसू पोंछने के लिए कुछ लेकर जाने की सलाह दे रहे हैं तो कुछ ने इस कहानी को इमोंशंस और क्यूटनेस का सही मिक्सचर बताया है. फ़ैंस ने रक्षित की एक्टिंग की भी ख़ूब तारीफ़ की है. धर्म के किरदार में रक्षित को ख़ूब पसंद किया जा रहा है. चलिए लोगों की प्रतिक्रियाएं देख लेते हैंः 1st half is with funny and naughtiness of Charlie which later take us to Emotional ride with Dharma in the 2nd half. A heart-warming movie. . About the bond between a Man and his dog. . A journey of self-discovery. . 777 चार्ली के अलावा अगर आपको रक्षित की बेस्ट मूवीज़ देखनी हैं तो आपको ये 5 मूवीज़ Simple Agi Ondh Love Story, किरिक पार्टी (Kirik Party), Ulidavaru Kandanthe, रिकी (Ricky) और Avane Srimannarayana ज़रूर देखनी चाहिए. आपको बता दें, Pinkvilla की रिपोटर्स के अनुसार, नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना और रक्षित शेट्टी ने फ़िल्म किरिक पार्टी में साथ काम किया था, तभी से दोनों की केमेस्ट्री को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं क्योंकि इसी फ़िल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे को डेट करने लगे थे. डेट करते हुए साल 2017 में दोनों ने सगाई कर ली थी, लेकिन एक साल बाद ही दोनों अलग हो गए, जिससे इनके फ़ैंस को बड़ा झटका लगा था. रक्षित शेट्टी की फ़िल्म 777 चार्ली (Rakshit Shetty 777 Charlie) हर Pet Lover और Dog Lovers को ज़रूर देखनी चाहिए.
Rakshit Shetty सात सौ सतहत्तर Charlie: एक्टर और फ़िल्म प्रोड्यूसर रक्षित शेट्टी कन्नड़ सिनेमा का जाना-माना नाम है. इन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत एक शॉर्ट फ़िल्म निर्माता के तौर पर की थी, जिसका नाम 'लेट्स किल गांधी' था और इसके अलावा कई ऐसी फ़िल्में थी, जो रिलीज़ ही नहीं हुईं. इसके बाद, इन्होंने अरविंद कौशिक द्वारा निर्देशित Nam Areal Ond Dina और तुगलक़ से फ़िल्मों में एंट्री की. रक्षित की मेनस्ट्रीम फ़िल्म दो हज़ार तेरह की Simple Agi Ondh Love Story थी, जो बहुत सफल हुई थी. रक्षित शेट्टी कन्नड़ इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर हैं, जिनकी फ़िल्मों का इंतज़ार फ़ैंस बेसब्री से करते हैं. सोर्स की मानें तो, रक्षित एक फ़िल्म के लिए लगभग दो. पचहत्तर करोड़ रुपये चार्ज करते हैं. इनकी नेटवर्थ लगभग तीन. पाँच करोड़ रुपये होने की उम्मीद है. रक्षित शेट्टी की मच अवेटेड फ़िल्म सात सौ सतहत्तर चार्ली आज यानी दस जून को रिलीज हो चुकी है. इस फ़िल्म की कहानी कुत्ते और इंसान की दोस्ती पर बेस्ड है, जिसे लोगों की ख़ूब सरहाना मिल रही है. इस फ़िल्म को कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में रिलीज़ किया गया है. इस फ़िल्म में अडॉप्टेड डॉग्स को लिया गया है. चार्ली की उम्र सिर्फ़ चार महीने है और इसमें दो नहीं, बल्कि चार चार्ली हैं. फ़िल्म के बारे में बात करते हुए एक इंटरव्यू के दौरान रक्षित ने कहा, 'सात सौ सतहत्तर चार्ली' मेरे लाइफ़ की सबसे मुश्किल फ़िल्म है क्योंकि फ़िल्म में मुझे एक्टिंग के साथ-साथ एक डॉगी को कमांड करना था. इसके लिए हमने बर शूटिंग शेड्यूल के बाद वर्कशॉप की, जिसमें ट्रेनर डॉग को ट्रेंड करते थे फिर मैं उनसे वो कमांड सीखता था. इस वजह से एक शॉट को पचास-साठ टेक में पूरा कर पाते थे. फ़िल्म में चार चार्ली हैं, जिसमें मैं एक को ख़ुद अडॉप्ट करूंगा. फ़िल्म के ट्रेलर को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके बाद लोगों को फ़िल्म का इंतज़ार करना मुश्किल हो गया था. आज वो दिन आ गया है और ये कहानी दर्शकों को रुला रही है. इस फ़िल्म को देखने के बाद ट्विटर पर #सात सौ सतहत्तरCharlieInCinema ख़ूब ट्रेंड कर रहा है, जिस पर लोग जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. ट्विटर पर आ रही प्रतिक्रियाओं में कुछ दर्शक थियेटर में आंसू पोंछने के लिए कुछ लेकर जाने की सलाह दे रहे हैं तो कुछ ने इस कहानी को इमोंशंस और क्यूटनेस का सही मिक्सचर बताया है. फ़ैंस ने रक्षित की एक्टिंग की भी ख़ूब तारीफ़ की है. धर्म के किरदार में रक्षित को ख़ूब पसंद किया जा रहा है. चलिए लोगों की प्रतिक्रियाएं देख लेते हैंः एकst half is with funny and naughtiness of Charlie which later take us to Emotional ride with Dharma in the दोnd half. A heart-warming movie. . About the bond between a Man and his dog. . A journey of self-discovery. . सात सौ सतहत्तर चार्ली के अलावा अगर आपको रक्षित की बेस्ट मूवीज़ देखनी हैं तो आपको ये पाँच मूवीज़ Simple Agi Ondh Love Story, किरिक पार्टी , Ulidavaru Kandanthe, रिकी और Avane Srimannarayana ज़रूर देखनी चाहिए. आपको बता दें, Pinkvilla की रिपोटर्स के अनुसार, नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना और रक्षित शेट्टी ने फ़िल्म किरिक पार्टी में साथ काम किया था, तभी से दोनों की केमेस्ट्री को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं क्योंकि इसी फ़िल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे को डेट करने लगे थे. डेट करते हुए साल दो हज़ार सत्रह में दोनों ने सगाई कर ली थी, लेकिन एक साल बाद ही दोनों अलग हो गए, जिससे इनके फ़ैंस को बड़ा झटका लगा था. रक्षित शेट्टी की फ़िल्म सात सौ सतहत्तर चार्ली हर Pet Lover और Dog Lovers को ज़रूर देखनी चाहिए.
शाहबाद डेयरी हत्याकांड में आरोपी साहिल ने 16 साल की नाबालिग लड़की की हत्या करने की बात कबूल कर ली है. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि चाकू उसने करीब 15 दिन पहले उत्तराखंड के हरिद्वार से खरीदा था और हत्या के बाद उसे रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास फेंक दिया था. हालांकि पुलिस अभी तक हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद नहीं कर पाई है. पुलिस ने बताया कि आरोपी साहिल ने दो दिन पहले हत्या की साजिश रची थी, जब नाबालिग लड़की ने अपने दोस्तों के सामने उसे डांटा और उसके साथ रिश्ते सुधारने से इनकार कर दिया. प्राथमिकी में दर्ज कराए बयान में पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी साहिल को जानती थी और वह अक्सर उसका नाम लेती थी. आरोपी साहिल (20) ने नाबालिग लड़की पर चाकू से 20 से ज्यादा वार किए और उसके बाद सीमेंट के स्लैब से भी उस पर कई बार वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. उसके शरीर पर चोट के 34 निशान थे और उसकी खोपड़ी फट गई थी. आरोपी साहिल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने गुस्से में आकर लड़की को मार डाला क्योंकि वह उसकी अनदेखी कर रही थी. साहिल को यह भी शक था कि वह अपने पूर्व प्रेमी के साथ संपर्क में थी. पुलिस के अनुसार, साहिल ने संभवतः लड़की पर हमला इसलिए किया क्योंकि उसने अपने पूर्व प्रेमी प्रवीण से मिलना शुरू कर दिया था. आरोपी ने बताया कि नाबालिग लड़की ने उससे दूर रहने की चेतावनी दी क्योंकि वह उसके साथ अपने रिश्ते को जारी नहीं रखना चाहती थी. उस वक्त वह अपनी दोस्त भावना और उसके प्रेमी झबरू के साथ थी. पुलिस ने बताया कि झबरू ने भी साक्षी के पास आने पर साहिल को पीटने की धमकी दी थी. पुलिस ने यह भी कहा कि साहिल को धमकाने के लिए साक्षी ने अपनी दोस्त नीतू के पति के नाम का इस्तेमाल किया, जो इलाके का कुख्यात अपराधी है. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की और साहिल जून 2021 से साथ थे, लेकिन पिछले तीन-चार महीने से जैसे-जैसे साहिल उसके करीब आने की कोशिश करता, नाबालिग लड़की उससे दूरियां बढ़ा रही थी. पुलिस ने कहा कि साहिल ने रविवार दोपहर शराब पी और नाबालिग लड़की से झगड़ा किया, जो अपने दोस्त के बच्चे की बर्थडे पार्टी में जा रही थी. उसने नाबालिग लड़की पर हमला कर उसकी जान ले ली. इसके बाद साहिल पास के एक पार्क में गया और कुछ देर वहां बैठा रहा. बाद में, वह रिठाला मेट्रो स्टेशन गया. उसने दावा किया कि कि उसने चाकू को वहीं झाड़ियों में फेंक दिया और आनंद विहार बस अड्डा चला गया, जहां से उसने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के लिए बस पकड़ी. शाहबाद डेरी हत्याकांड में अबतक दो सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सामने आ चुका है. पहले वाले फुटेज में साहिल को लड़की पर चाकू से वार करते साफ देखा जा सकता है. उसके बाद दूसरा फुटेज जो सामने आया है, उसमें हत्या से ठीक पहले नाबालिग लड़की को सड़क पर अकेले चलते हुए देखा जा सकता है. बताया जा रहा है, फुटेज हत्या से ठीक दो मिनट पहले की है. साहिल को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने दिल्ली की एक अदालत में पेश किया. जहां से अदालत के आदेश के बाद उसे दो दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया गया. पुलिस लगातार साहिल से पूछताछ कर रही है. उसे घटनास्थल पर भी ले जाया गया था. साहिल को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया.
शाहबाद डेयरी हत्याकांड में आरोपी साहिल ने सोलह साल की नाबालिग लड़की की हत्या करने की बात कबूल कर ली है. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि चाकू उसने करीब पंद्रह दिन पहले उत्तराखंड के हरिद्वार से खरीदा था और हत्या के बाद उसे रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास फेंक दिया था. हालांकि पुलिस अभी तक हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद नहीं कर पाई है. पुलिस ने बताया कि आरोपी साहिल ने दो दिन पहले हत्या की साजिश रची थी, जब नाबालिग लड़की ने अपने दोस्तों के सामने उसे डांटा और उसके साथ रिश्ते सुधारने से इनकार कर दिया. प्राथमिकी में दर्ज कराए बयान में पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी साहिल को जानती थी और वह अक्सर उसका नाम लेती थी. आरोपी साहिल ने नाबालिग लड़की पर चाकू से बीस से ज्यादा वार किए और उसके बाद सीमेंट के स्लैब से भी उस पर कई बार वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. उसके शरीर पर चोट के चौंतीस निशान थे और उसकी खोपड़ी फट गई थी. आरोपी साहिल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने गुस्से में आकर लड़की को मार डाला क्योंकि वह उसकी अनदेखी कर रही थी. साहिल को यह भी शक था कि वह अपने पूर्व प्रेमी के साथ संपर्क में थी. पुलिस के अनुसार, साहिल ने संभवतः लड़की पर हमला इसलिए किया क्योंकि उसने अपने पूर्व प्रेमी प्रवीण से मिलना शुरू कर दिया था. आरोपी ने बताया कि नाबालिग लड़की ने उससे दूर रहने की चेतावनी दी क्योंकि वह उसके साथ अपने रिश्ते को जारी नहीं रखना चाहती थी. उस वक्त वह अपनी दोस्त भावना और उसके प्रेमी झबरू के साथ थी. पुलिस ने बताया कि झबरू ने भी साक्षी के पास आने पर साहिल को पीटने की धमकी दी थी. पुलिस ने यह भी कहा कि साहिल को धमकाने के लिए साक्षी ने अपनी दोस्त नीतू के पति के नाम का इस्तेमाल किया, जो इलाके का कुख्यात अपराधी है. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की और साहिल जून दो हज़ार इक्कीस से साथ थे, लेकिन पिछले तीन-चार महीने से जैसे-जैसे साहिल उसके करीब आने की कोशिश करता, नाबालिग लड़की उससे दूरियां बढ़ा रही थी. पुलिस ने कहा कि साहिल ने रविवार दोपहर शराब पी और नाबालिग लड़की से झगड़ा किया, जो अपने दोस्त के बच्चे की बर्थडे पार्टी में जा रही थी. उसने नाबालिग लड़की पर हमला कर उसकी जान ले ली. इसके बाद साहिल पास के एक पार्क में गया और कुछ देर वहां बैठा रहा. बाद में, वह रिठाला मेट्रो स्टेशन गया. उसने दावा किया कि कि उसने चाकू को वहीं झाड़ियों में फेंक दिया और आनंद विहार बस अड्डा चला गया, जहां से उसने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के लिए बस पकड़ी. शाहबाद डेरी हत्याकांड में अबतक दो सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सामने आ चुका है. पहले वाले फुटेज में साहिल को लड़की पर चाकू से वार करते साफ देखा जा सकता है. उसके बाद दूसरा फुटेज जो सामने आया है, उसमें हत्या से ठीक पहले नाबालिग लड़की को सड़क पर अकेले चलते हुए देखा जा सकता है. बताया जा रहा है, फुटेज हत्या से ठीक दो मिनट पहले की है. साहिल को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने दिल्ली की एक अदालत में पेश किया. जहां से अदालत के आदेश के बाद उसे दो दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया गया. पुलिस लगातार साहिल से पूछताछ कर रही है. उसे घटनास्थल पर भी ले जाया गया था. साहिल को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया.
डायबिटीज और हार्ट अटैकः अरबी या केसू की सब्जी स्वाद और सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. अंग्रेजी में इसे टैरो रूट कहा जाता है। इसे खाने से कई बीमारियाँ दूर हो जाती हैं। यह फाइबर और प्रतिरोधी स्टार्च से भरपूर है और रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में बहुत प्रभावी है। दही का सेवन पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं इसका सेवन क्यों और कैसे करना चाहिए, तारो जड़ में एंटीऑक्सीडेंट, पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन सी, ई होता है। इसे डाइट में शामिल करके आप हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं। टैरो रूट यानी अरबी में काफी मात्रा में स्टार्च होता है और इसमें दो तरह के कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखते हैं। अरबी का सेवन कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा कर देता है और भोजन के तुरंत बाद रक्त शर्करा को बढ़ने से रोकता है। पोषक तत्वों से भरपूर अरबी का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसमें मौजूद विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है, जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है। तारो जड़ वजन घटाने में कारगर है। इसे खाने से आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे दिन भर में कैलोरी की मात्रा कम करने में मदद मिलती है। अरबी में कैलोरी की मात्रा कम होती है इसलिए अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो इस क्रूस वाली सब्जी को अपने आहार में शामिल करें। तारो जड़ फाइबर से भरपूर होती है। यह पाचन क्रिया को सही रखता है। इसके साथ ही गैस, कब्ज, डायरिया की भी शिकायत हो जाती है। तारो की जड़ का सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ विटामिन ए और सी जैसे तत्व होते हैं, जो दृष्टि को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
डायबिटीज और हार्ट अटैकः अरबी या केसू की सब्जी स्वाद और सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. अंग्रेजी में इसे टैरो रूट कहा जाता है। इसे खाने से कई बीमारियाँ दूर हो जाती हैं। यह फाइबर और प्रतिरोधी स्टार्च से भरपूर है और रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में बहुत प्रभावी है। दही का सेवन पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं इसका सेवन क्यों और कैसे करना चाहिए, तारो जड़ में एंटीऑक्सीडेंट, पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन सी, ई होता है। इसे डाइट में शामिल करके आप हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं। टैरो रूट यानी अरबी में काफी मात्रा में स्टार्च होता है और इसमें दो तरह के कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखते हैं। अरबी का सेवन कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा कर देता है और भोजन के तुरंत बाद रक्त शर्करा को बढ़ने से रोकता है। पोषक तत्वों से भरपूर अरबी का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसमें मौजूद विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है, जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है। तारो जड़ वजन घटाने में कारगर है। इसे खाने से आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे दिन भर में कैलोरी की मात्रा कम करने में मदद मिलती है। अरबी में कैलोरी की मात्रा कम होती है इसलिए अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो इस क्रूस वाली सब्जी को अपने आहार में शामिल करें। तारो जड़ फाइबर से भरपूर होती है। यह पाचन क्रिया को सही रखता है। इसके साथ ही गैस, कब्ज, डायरिया की भी शिकायत हो जाती है। तारो की जड़ का सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ विटामिन ए और सी जैसे तत्व होते हैं, जो दृष्टि को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में वीआईपी श्रद्धालुओं से अब तक बीकेटीसी ने 24 लाख रुपये कमाए हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पहली बार दोनों धामों में वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत आने वाले अतिथियों से दर्शन के लिए 300 रुपये शुल्क की व्यवस्था शुरू की है। 8241 वीआईपी अतिथि केदारनाथ व बदरीनाथ में दर्शन कर चुके हैं। बीकेटीसी ने देश के प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर वीआईपी अतिथियों से दर्शन के लिए शुल्क की व्यवस्था शुरू की है। 25 अप्रैल को केदारनाथ और 27 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से 26 मई तक बीकेटीसी को नई व्यवस्था से 24,72, 300 लाख की आय प्राप्त हुई है। इसमें केदारनाथ धाम में 2922 वीआईपी ने दर्शन किए। जिनसे 8,76,600 रुपये और बदरीनाथ धाम में 5319 वीआईपी से 15,95,700 रुपये की आय हुई है। शुल्क व्यवस्था के लिए बीकेटीसी ने चारधाम यात्रा से पहले तिरुपति बाला जी, वैष्णों देवी, महाकाल व सोमनाथ धाम में पूजा व मंदिर प्रबंधन व्यवस्था के अध्ययन किया था। रिपोर्ट के आधार पर पहली बार बीकेटीसी ने बोर्ड बैठक में 300 रुपये प्रति वीआईपी से शुल्क लेने का निर्णय लिया था। बीकेटीसी की ओर से वीआईपी श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन कराने के साथ प्रसाद भी देती है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी 300 रुपये चुका कर दर्शन किए। इसके बाद केदारनाथ मंदिर में अभिनेता अक्षय कुमार, अभिनेत्री कंगना रणौत समेत कई वीआईपी भी दर्शन करने पहुंचे हैं।
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में वीआईपी श्रद्धालुओं से अब तक बीकेटीसी ने चौबीस लाख रुपये कमाए हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने पहली बार दोनों धामों में वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत आने वाले अतिथियों से दर्शन के लिए तीन सौ रुपयापये शुल्क की व्यवस्था शुरू की है। आठ हज़ार दो सौ इकतालीस वीआईपी अतिथि केदारनाथ व बदरीनाथ में दर्शन कर चुके हैं। बीकेटीसी ने देश के प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर वीआईपी अतिथियों से दर्शन के लिए शुल्क की व्यवस्था शुरू की है। पच्चीस अप्रैल को केदारनाथ और सत्ताईस अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से छब्बीस मई तक बीकेटीसी को नई व्यवस्था से चौबीस,बहत्तर, तीन सौ लाख की आय प्राप्त हुई है। इसमें केदारनाथ धाम में दो हज़ार नौ सौ बाईस वीआईपी ने दर्शन किए। जिनसे आठ,छिहत्तर,छः सौ रुपयापये और बदरीनाथ धाम में पाँच हज़ार तीन सौ उन्नीस वीआईपी से पंद्रह,पचानवे,सात सौ रुपयापये की आय हुई है। शुल्क व्यवस्था के लिए बीकेटीसी ने चारधाम यात्रा से पहले तिरुपति बाला जी, वैष्णों देवी, महाकाल व सोमनाथ धाम में पूजा व मंदिर प्रबंधन व्यवस्था के अध्ययन किया था। रिपोर्ट के आधार पर पहली बार बीकेटीसी ने बोर्ड बैठक में तीन सौ रुपयापये प्रति वीआईपी से शुल्क लेने का निर्णय लिया था। बीकेटीसी की ओर से वीआईपी श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन कराने के साथ प्रसाद भी देती है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी तीन सौ रुपयापये चुका कर दर्शन किए। इसके बाद केदारनाथ मंदिर में अभिनेता अक्षय कुमार, अभिनेत्री कंगना रणौत समेत कई वीआईपी भी दर्शन करने पहुंचे हैं।
IIND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच से पहले शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर लिखा, 'गब्बर और उसके शेर', भारत और श्रीलंका के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 18 जुलाई को खेला जाएगा। इस दौरे में शिखर धवन को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई है। धवन अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर काफी उत्साहित हैं। रविवार को श्रीलंका के खिलाफ होने वाले पहले वनडे मैच से पहले शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की है। धवन की इस तस्वीर को खूब पसंद किया जा रहा है। शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर जो तस्वीर शेयर की है। उस तस्वीर में उनके साथ पृथ्वी शॉ, युजवेंद्र चहल, इशान किशन और कुलदीप यादव नजर आ रहे हैं। उन्होंने तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा कि गब्बर के शेर। लड़के उत्साहित हैं कुछ करने के लिए। काफी समय बाद युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव एक साथ गेंदबाजी कर सकते हैं। आईपीएल में पृथ्वी शॉ का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन पर भी सबकी नजरें रहेंगी। टी20 वर्ल्ड कप से पहले इन खिलाड़ियों की कोशिश होगी कि वो दमदार प्रदर्शन करके टीम में जगह बनाएं। श्रीलंका दौरे में राहुल द्रविड़ को हेड कोच बनाया गया है और भुवनेश्वर कुमार को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। भारतीय टीम के रेगुलर कप्तान विराट कोहली उप कप्तान रोहित शर्मा समेत कई खिलाड़ी श्रीलंका के खिलाफ सीरीज नहीं खेल रहे हैं। इसकी वजह इन सभी का इंग्लैंड दौरे पर होना है। इंग्लैंड के खिलाफ विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया 4 अगस्त से पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। । श्रीलंका और भारत के खिलाफ सीरीज का आगाज 13 जुलाई से होना था लेकिन श्रीलंकाई दल में कोविड-19 संक्रमण का मामला आने के बाद इसे 18 जुलाई तक टाल दिया गया था।
IIND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच से पहले शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर लिखा, 'गब्बर और उसके शेर', भारत और श्रीलंका के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला अट्ठारह जुलाई को खेला जाएगा। इस दौरे में शिखर धवन को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई है। धवन अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर काफी उत्साहित हैं। रविवार को श्रीलंका के खिलाफ होने वाले पहले वनडे मैच से पहले शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की है। धवन की इस तस्वीर को खूब पसंद किया जा रहा है। शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर जो तस्वीर शेयर की है। उस तस्वीर में उनके साथ पृथ्वी शॉ, युजवेंद्र चहल, इशान किशन और कुलदीप यादव नजर आ रहे हैं। उन्होंने तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा कि गब्बर के शेर। लड़के उत्साहित हैं कुछ करने के लिए। काफी समय बाद युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव एक साथ गेंदबाजी कर सकते हैं। आईपीएल में पृथ्वी शॉ का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन पर भी सबकी नजरें रहेंगी। टीबीस वर्ल्ड कप से पहले इन खिलाड़ियों की कोशिश होगी कि वो दमदार प्रदर्शन करके टीम में जगह बनाएं। श्रीलंका दौरे में राहुल द्रविड़ को हेड कोच बनाया गया है और भुवनेश्वर कुमार को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। भारतीय टीम के रेगुलर कप्तान विराट कोहली उप कप्तान रोहित शर्मा समेत कई खिलाड़ी श्रीलंका के खिलाफ सीरीज नहीं खेल रहे हैं। इसकी वजह इन सभी का इंग्लैंड दौरे पर होना है। इंग्लैंड के खिलाफ विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया चार अगस्त से पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। । श्रीलंका और भारत के खिलाफ सीरीज का आगाज तेरह जुलाई से होना था लेकिन श्रीलंकाई दल में कोविड-उन्नीस संक्रमण का मामला आने के बाद इसे अट्ठारह जुलाई तक टाल दिया गया था।
(current) Asian Games 2023 में नहीं दिखेंगे रोहित-कोहली समेत कुछ स्टार प्लेयर्स, BCCI का ऐलान, जानें क्या है वजह? Team India के ये तीन बड़े खिलाड़ी जल्द ले सकते हैं संन्यास, कोहली और रोहित का है नाम! IND vs SA ODI Series: South Africa के खिलाफ Rohit Sharma की जगह Shikhar Dhawan होंगे कप्तान! IND vs ZIM 3rd ODI: आज ये नया प्लेयर करेगा डेब्यू! IND vs Zim 3rd ODI: अब करो या मरो की है बात! Varun Dhawan को Bhediya से हैं काफी उम्मीदें, क्या हो पाएंगे सफल? Varun Dhawan के अरमानों पर Alia Bhatt ने फेरा पानी! Rohit Sharma बने अपने ही जिगरी दोस्त के लिए सबसे बड़े विलेन, खत्म कर दिया टेस्ट करियर!
Asian Games दो हज़ार तेईस में नहीं दिखेंगे रोहित-कोहली समेत कुछ स्टार प्लेयर्स, BCCI का ऐलान, जानें क्या है वजह? Team India के ये तीन बड़े खिलाड़ी जल्द ले सकते हैं संन्यास, कोहली और रोहित का है नाम! IND vs SA ODI Series: South Africa के खिलाफ Rohit Sharma की जगह Shikhar Dhawan होंगे कप्तान! IND vs ZIM तीनrd ODI: आज ये नया प्लेयर करेगा डेब्यू! IND vs Zim तीनrd ODI: अब करो या मरो की है बात! Varun Dhawan को Bhediya से हैं काफी उम्मीदें, क्या हो पाएंगे सफल? Varun Dhawan के अरमानों पर Alia Bhatt ने फेरा पानी! Rohit Sharma बने अपने ही जिगरी दोस्त के लिए सबसे बड़े विलेन, खत्म कर दिया टेस्ट करियर!
पश्चिमी अफ्रीका के किसी देश में पहली बार इस वायरस का पता चला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इसे इबोला (इबोला) के रूप में वर्णित किया गया है। इबोला) हो गया है। आपको बता दें, यह वायरस चमगादड़ जैसे जानवरों से आता है (चमगादड़) फैलता है। COVID-19 (कोविड 19) इस वायरस की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। मारबर्ग वायरस के लक्षण क्या हैं? आपको बता दें, इस मारबर्ग वायरस की ऊष्मायन अवधि यानी संक्रमण से लक्षणों के शुरू होने तक की अवधि 2 से 21 दिन है। अगर हम मारबर्ग वायरस के लक्षणों की बात करें तो इसमें शामिल हैंः - बिना खुजली वाले रैशेज भी हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कई रोगियों के शरीर के विभिन्न हिस्सों से 5 से 7 दिनों के बीच रक्तस्राव हो सकता है। उदाहरण के लिए, उल्टी में खून, मल में खून, नाक, मसूड़ों और योनि से खून आ सकता है। कई बार ऑर्काइटिस की शिकायत बीमारी के 15वें दिन भी हो जाती है। साथ ही, गंभीर मामलों में, लक्षण शुरू होने के 8 से 9 दिनों के बीच रोगी की मृत्यु हो जाती है। क्या कोई टीका मौजूद है? बैट-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन को कम करना। स्वस्थ लोगों को मारबर्ग वायरस से संक्रमित मरीजों से दूर रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त, यदि आप घर पर किसी बीमार रोगी की देखभाल कर रहे हैं, तो दस्ताने और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहनकर सावधान रहें। बाद में नियमित रूप से हाथ धोएं। यदि वायरस व्यापक रूप से फैलता है, तो लोगों को इसके बारे में बताना और जागरूकता फैलाना याद रखें। - विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यौन संचारित संक्रमणों से बचें।
पश्चिमी अफ्रीका के किसी देश में पहली बार इस वायरस का पता चला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इसे इबोला के रूप में वर्णित किया गया है। इबोला) हो गया है। आपको बता दें, यह वायरस चमगादड़ जैसे जानवरों से आता है फैलता है। COVID-उन्नीस इस वायरस की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। मारबर्ग वायरस के लक्षण क्या हैं? आपको बता दें, इस मारबर्ग वायरस की ऊष्मायन अवधि यानी संक्रमण से लक्षणों के शुरू होने तक की अवधि दो से इक्कीस दिन है। अगर हम मारबर्ग वायरस के लक्षणों की बात करें तो इसमें शामिल हैंः - बिना खुजली वाले रैशेज भी हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कई रोगियों के शरीर के विभिन्न हिस्सों से पाँच से सात दिनों के बीच रक्तस्राव हो सकता है। उदाहरण के लिए, उल्टी में खून, मल में खून, नाक, मसूड़ों और योनि से खून आ सकता है। कई बार ऑर्काइटिस की शिकायत बीमारी के पंद्रहवें दिन भी हो जाती है। साथ ही, गंभीर मामलों में, लक्षण शुरू होने के आठ से नौ दिनों के बीच रोगी की मृत्यु हो जाती है। क्या कोई टीका मौजूद है? बैट-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन को कम करना। स्वस्थ लोगों को मारबर्ग वायरस से संक्रमित मरीजों से दूर रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त, यदि आप घर पर किसी बीमार रोगी की देखभाल कर रहे हैं, तो दस्ताने और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहनकर सावधान रहें। बाद में नियमित रूप से हाथ धोएं। यदि वायरस व्यापक रूप से फैलता है, तो लोगों को इसके बारे में बताना और जागरूकता फैलाना याद रखें। - विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यौन संचारित संक्रमणों से बचें।
आर्थिक सुस्ती के दौर में उद्योग जगत की जीएसटी घटने की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगने वाला है। बढ़ते जीएसटी घाटे के आंकलन के चलते जीएसटी काउंसिल की बैठक में दरें घटाने के प्रस्ताव को खारिज किया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल के सदस्य और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने हिन्दुस्तान को बताया कि दरों में कटौती की गुंजाइश ही नहीं है। उन्होंने कई राज्यों के वित्त मंत्रियों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों के विरोध के चलते ऑटो, एफएमसीजी, बिस्किट जैसे आइटम्स पर जीएसटी घटने के आसार नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि सिर्फ जीएसटी दरें घटाने से ही आर्थिक हालात नहीं बदलेंगे और न ही बिक्री बढ़ेगी। इसी महीने की शुरुआत में जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी की दो दिन तक बैठक हुई थी। बैठक में इस बात का आंकलन किया गया था कि अगर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर जीएसटी की दरें 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी की जाती है तो सरकारी खजाने पर कितना असर होगा। उसी बैठक में कमेट ने 45 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घाटा होने की आशंका जाहिर की थी। ऐसे में राज्य कतई जीएसटी घटाने के बाद होने वाले 45-50 हजार करोड़ रुपए के राजस्व के नुकसान का बोझ नहीं उठाना नहीं चाहेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले कई महीनों से लगातार गिरती ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री के बाद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की थी कि जीएसटी को घटाया जाए। वित्त मंत्री के साथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और भारी उद्योग मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी भरोसा दिया था कि सरकार मांगों पर विचार करेगी। जीएसटी चोरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रही माल की आवाजाही पर सख्त नजर रखेगी। इसले लिए ई-वे बिल के तहत आरएफआईडी यानी फास्ट टैग को अनिवार्य बनाया जाएगा। 20 सितंबर को गोवा में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव पर हरी झंडी दी जा सकती है। सूत्रों ने 'हिन्दुस्तान' को बताया है कि इस प्रस्ताव को काउंसिल अगले साल 1 अप्रैल से देशभर में लागू करने की मंजूरी दे सकती है।
आर्थिक सुस्ती के दौर में उद्योग जगत की जीएसटी घटने की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगने वाला है। बढ़ते जीएसटी घाटे के आंकलन के चलते जीएसटी काउंसिल की बैठक में दरें घटाने के प्रस्ताव को खारिज किया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल के सदस्य और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने हिन्दुस्तान को बताया कि दरों में कटौती की गुंजाइश ही नहीं है। उन्होंने कई राज्यों के वित्त मंत्रियों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों के विरोध के चलते ऑटो, एफएमसीजी, बिस्किट जैसे आइटम्स पर जीएसटी घटने के आसार नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि सिर्फ जीएसटी दरें घटाने से ही आर्थिक हालात नहीं बदलेंगे और न ही बिक्री बढ़ेगी। इसी महीने की शुरुआत में जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी की दो दिन तक बैठक हुई थी। बैठक में इस बात का आंकलन किया गया था कि अगर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर जीएसटी की दरें अट्ठाईस फीसदी से घटाकर अट्ठारह फीसदी की जाती है तो सरकारी खजाने पर कितना असर होगा। उसी बैठक में कमेट ने पैंतालीस हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घाटा होने की आशंका जाहिर की थी। ऐसे में राज्य कतई जीएसटी घटाने के बाद होने वाले पैंतालीस-पचास हजार करोड़ रुपए के राजस्व के नुकसान का बोझ नहीं उठाना नहीं चाहेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले कई महीनों से लगातार गिरती ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री के बाद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की थी कि जीएसटी को घटाया जाए। वित्त मंत्री के साथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और भारी उद्योग मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी भरोसा दिया था कि सरकार मांगों पर विचार करेगी। जीएसटी चोरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रही माल की आवाजाही पर सख्त नजर रखेगी। इसले लिए ई-वे बिल के तहत आरएफआईडी यानी फास्ट टैग को अनिवार्य बनाया जाएगा। बीस सितंबर को गोवा में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव पर हरी झंडी दी जा सकती है। सूत्रों ने 'हिन्दुस्तान' को बताया है कि इस प्रस्ताव को काउंसिल अगले साल एक अप्रैल से देशभर में लागू करने की मंजूरी दे सकती है।
क्या आप जानते हैं डेयरी वाला दूध कितनी लंबी प्रोसेस के बाद आपके घर तक आता है? मीन राशि वालों का क्या मिलेगा रोजगार, कहां बरतें सावधानी? मेष राशि वाले कैसे लोगों से बचें, कहां से मिलने वाला है धन? वृष राशि वालों के कारोबार का कैसे होगा विकास, क्या मिलेगा रोजगार?
क्या आप जानते हैं डेयरी वाला दूध कितनी लंबी प्रोसेस के बाद आपके घर तक आता है? मीन राशि वालों का क्या मिलेगा रोजगार, कहां बरतें सावधानी? मेष राशि वाले कैसे लोगों से बचें, कहां से मिलने वाला है धन? वृष राशि वालों के कारोबार का कैसे होगा विकास, क्या मिलेगा रोजगार?
मुंबई/दि. १६- कोविड महामारी से निपटने के लिए घोषित किए गए लॉकडाउन में राज्यभर के सभी धार्मिक स्थलों के दरवाजों पर ताले लग गए थे. सोमवार १६ नवंबर यानी आज से सभी धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए है. राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, दरगाह सबको खोलने की इजाजत दे दी है. लेकिन आस्था के लिए धार्मिक स्थलों में जाने से पहले कोविड के नियमों का पालन करना होगा. मास्क पहनना भी जरूरी होगा, और सोशल डिस्टेंसिंग भी. महाराष्ट्र में कोरोना संकट के चलते 18 मार्च से मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, गिरिजाघर सभी धार्मिक स्थल बंद कर दिए गए थे. लेकिन मंदिरों को खोलने के लिए बीजेपी ने जैसे एक अंदोलन सा छेड़ दिया. अनशन हुआ, और तो और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने उद्धव सरकार को इसके लिए चि_ी तक लिख दी, और बात हिंदुत्व तक पहुंच गई थी. फिलहाल जब सोमवार को मंदिर खुले तो श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. महाराष्ट्र में ये उस आंदोलन का शोर था, जहां भक्ति से लेकर सियासी शक्ति तक की गूंज थीं. मंदिरों से लेकर तमाम धार्मिक स्थलों पर ताले पड़े थे. मुंबई से लेकर महाराष्ट्र के तमाम शहरों तक में संत समाज मंदिर खोलने की मांग पर अड़ गया. उधर सियासत भी भक्ति में भाव विभोर हो रही थी. राजभवन से लेकर सीएम निवास तक के बीच चि_ी पतरी की शक्ल में धर्म और धर्मनिरपेक्षता पर लिखा पढ़ी होने लगी. राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने सीएम उद्धव को खत लिखकर उनकी हिंदूत्व से लेकर धर्मनिपरेक्षता तक पर कलम चलाई तो सीएम और शिवसेना ने जमकर पलटवार किया. जवाबी खत में राज्यपाल से पूछा गया कि हिंदुत्व को लेकर उनके सर्टिफिकेट की आखिर जरूरत क्यों? एक तरफ साधु संत और बीजेपी मंदिर खोलने की मांग के साथ मोर्चे पर अड़े थे तो कोरोना के मामलों को लेकर सरकार अपने फैसले पर डटी थी. सीएम और राज्यपाल में खतोकिताबत के शब्द सियासी मर्यादा से बाहर जा रहे थे. मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर के अंदर हर दिन केवल 1,000 भक्तों को जाने की अनुमति होगी. श्रद्धालुओं को अपने विवरण भरने और मंदिर ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करने की जरूरत होगी. इसके बाद टाइम स्लॉट के साथ एक क्यूआर कोड जेनरेट होगा. 1,000 श्रद्धालुओं के लिए क्यूआर कोड जनरेट किए जाएंगे. वरिष्ठ नागरिकों दर्शन से बचने और ऐप पर वर्चुअल दर्शन करने को कहा गया है.
मुंबई/दि. सोलह- कोविड महामारी से निपटने के लिए घोषित किए गए लॉकडाउन में राज्यभर के सभी धार्मिक स्थलों के दरवाजों पर ताले लग गए थे. सोमवार सोलह नवंबर यानी आज से सभी धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए है. राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, दरगाह सबको खोलने की इजाजत दे दी है. लेकिन आस्था के लिए धार्मिक स्थलों में जाने से पहले कोविड के नियमों का पालन करना होगा. मास्क पहनना भी जरूरी होगा, और सोशल डिस्टेंसिंग भी. महाराष्ट्र में कोरोना संकट के चलते अट्ठारह मार्च से मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, गिरिजाघर सभी धार्मिक स्थल बंद कर दिए गए थे. लेकिन मंदिरों को खोलने के लिए बीजेपी ने जैसे एक अंदोलन सा छेड़ दिया. अनशन हुआ, और तो और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने उद्धव सरकार को इसके लिए चि_ी तक लिख दी, और बात हिंदुत्व तक पहुंच गई थी. फिलहाल जब सोमवार को मंदिर खुले तो श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. महाराष्ट्र में ये उस आंदोलन का शोर था, जहां भक्ति से लेकर सियासी शक्ति तक की गूंज थीं. मंदिरों से लेकर तमाम धार्मिक स्थलों पर ताले पड़े थे. मुंबई से लेकर महाराष्ट्र के तमाम शहरों तक में संत समाज मंदिर खोलने की मांग पर अड़ गया. उधर सियासत भी भक्ति में भाव विभोर हो रही थी. राजभवन से लेकर सीएम निवास तक के बीच चि_ी पतरी की शक्ल में धर्म और धर्मनिरपेक्षता पर लिखा पढ़ी होने लगी. राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने सीएम उद्धव को खत लिखकर उनकी हिंदूत्व से लेकर धर्मनिपरेक्षता तक पर कलम चलाई तो सीएम और शिवसेना ने जमकर पलटवार किया. जवाबी खत में राज्यपाल से पूछा गया कि हिंदुत्व को लेकर उनके सर्टिफिकेट की आखिर जरूरत क्यों? एक तरफ साधु संत और बीजेपी मंदिर खोलने की मांग के साथ मोर्चे पर अड़े थे तो कोरोना के मामलों को लेकर सरकार अपने फैसले पर डटी थी. सीएम और राज्यपाल में खतोकिताबत के शब्द सियासी मर्यादा से बाहर जा रहे थे. मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर के अंदर हर दिन केवल एक,शून्य भक्तों को जाने की अनुमति होगी. श्रद्धालुओं को अपने विवरण भरने और मंदिर ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करने की जरूरत होगी. इसके बाद टाइम स्लॉट के साथ एक क्यूआर कोड जेनरेट होगा. एक,शून्य श्रद्धालुओं के लिए क्यूआर कोड जनरेट किए जाएंगे. वरिष्ठ नागरिकों दर्शन से बचने और ऐप पर वर्चुअल दर्शन करने को कहा गया है.
दुर्ग। Transfer News : जिले के पुलिस विभाग में तबादला किया गया हैं। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने दो थानों के थाना प्रभारी और तीन आरक्षकों का तबादला आदेश जारी किया है। एसपी ने अमलेश्वर थाने के टीआई राजेंद्र यादव का तबादला जिविशा थाने कर दिया है। इसके साथ ही अमलेश्वर थाने में ही पदस्थ निरीक्षक जगदीश सिंह सिदार को अमलेश्वर थाना प्रभारी बनाया गया है। रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ प्रधान आरक्षक सतीश कुमार को थाना जामगांव आर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही पाटन थाने में पदस्थ सिपाही दिलेश्वर पठारे को अमलेश्वर और दुष्यंत बारती को थाना अमलेश्वर से थाना पाटन किया गया है।
दुर्ग। Transfer News : जिले के पुलिस विभाग में तबादला किया गया हैं। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने दो थानों के थाना प्रभारी और तीन आरक्षकों का तबादला आदेश जारी किया है। एसपी ने अमलेश्वर थाने के टीआई राजेंद्र यादव का तबादला जिविशा थाने कर दिया है। इसके साथ ही अमलेश्वर थाने में ही पदस्थ निरीक्षक जगदीश सिंह सिदार को अमलेश्वर थाना प्रभारी बनाया गया है। रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ प्रधान आरक्षक सतीश कुमार को थाना जामगांव आर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही पाटन थाने में पदस्थ सिपाही दिलेश्वर पठारे को अमलेश्वर और दुष्यंत बारती को थाना अमलेश्वर से थाना पाटन किया गया है।
श्री. सुदर्शन, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में कार्यरत अत्यधिक सक्षम और अनुभवी सिविल इंजीनियर हैं। उन्हें राज्य में एक प्रमुख सड़क परियोजना निर्माण की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस परियोजना को पूरा करने का ठेका एक निजी कंपनी रूद्र इंक को दिया गया है। इस परियोजना में रुद्र इंक द्वारा की जा रही कुछ अनियमितताओं के बारे में सुदर्शन को जानकारी है। जिसमें निम्न-मानक सामग्री का उपयोग करना, किये गए कार्य हेतु अधिक शुल्क लेना और परियोजना अनुबंध को बनाये रखने के लिये सरकारी अधिकारियों जैसे श्री. भूषण (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव) को रिश्वत देना शामिल है।
श्री. सुदर्शन, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में कार्यरत अत्यधिक सक्षम और अनुभवी सिविल इंजीनियर हैं। उन्हें राज्य में एक प्रमुख सड़क परियोजना निर्माण की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस परियोजना को पूरा करने का ठेका एक निजी कंपनी रूद्र इंक को दिया गया है। इस परियोजना में रुद्र इंक द्वारा की जा रही कुछ अनियमितताओं के बारे में सुदर्शन को जानकारी है। जिसमें निम्न-मानक सामग्री का उपयोग करना, किये गए कार्य हेतु अधिक शुल्क लेना और परियोजना अनुबंध को बनाये रखने के लिये सरकारी अधिकारियों जैसे श्री. भूषण को रिश्वत देना शामिल है।
इंग्लैंड के पूर्व अंपायर जॉन होल्डर (John Holder) ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के उस बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें कहा गया है कि होल्डर और उनके साथी अंपायर-इस्माइल दाऊद ने ईसीबी पर लगाए गए संस्थागत नस्लवाद के आरोपों को वापस ले लिया है। अंपायर होल्डर ने क्रिकइंफो से कहा, " ईसीबी के खिलाफ हमारे मामले को कानूनी तकनीकी आधार पर खारिज किया गया। मैंने अपने द्वारा किए गए किसी भी दावे को वापस नहीं लिया है। ईसीबी के बयान के लहजे से असंबद्ध पाठक को यह आभास होगा कि हमने घटनाओं के उनके संस्करण को स्वीकार कर लिया है और पीछे हट गए हैं। यह बिल्कुल ऐसा नहीं है। हम आश्वस्त हैं कि ईसीबी संस्थागत रूप से नस्लवादी है।"
इंग्लैंड के पूर्व अंपायर जॉन होल्डर ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के उस बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें कहा गया है कि होल्डर और उनके साथी अंपायर-इस्माइल दाऊद ने ईसीबी पर लगाए गए संस्थागत नस्लवाद के आरोपों को वापस ले लिया है। अंपायर होल्डर ने क्रिकइंफो से कहा, " ईसीबी के खिलाफ हमारे मामले को कानूनी तकनीकी आधार पर खारिज किया गया। मैंने अपने द्वारा किए गए किसी भी दावे को वापस नहीं लिया है। ईसीबी के बयान के लहजे से असंबद्ध पाठक को यह आभास होगा कि हमने घटनाओं के उनके संस्करण को स्वीकार कर लिया है और पीछे हट गए हैं। यह बिल्कुल ऐसा नहीं है। हम आश्वस्त हैं कि ईसीबी संस्थागत रूप से नस्लवादी है।"
कमेटी बीएचयू में संचालित विशेष पाठ्यक्रमों के नियमों को तय करने के अलावा विश्वविद्यालय के रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट की विषयवस्तु में सुधार बदलाव और नए-नए विषयों को जोड़ने संबंधी सुझाव भी देगी। यह कमेटी बीएचयू की सबसे बड़ी कमेटियों में से एक है। वाराणसी, जागरण संवाददाता। बीएचयू में स्पेशल कोर्स और रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट के लिए एक कमेटी पुनर्गठित कर दी गई है। बीएचयू में विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. ए के त्रिपाठी को कमेटी का चेयरमेन नियुक्त किया गया है। वहीं उनके अलावा बीएचयू के सभी संकायों और अधिकारियों को मिलाकर 21 लोगों को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी बीएचयू में संचालित विशेष पाठ्यक्रमों के नियमों को तय करने के अलावा विश्वविद्यालय के रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट की विषयवस्तु में सुधार, बदलाव और नए-नए विषयों को जोड़ने संबंधी सुझाव भी देगी। यह कमेटी बीएचयू की सबसे बड़ी कमेटियों में से एक है। कुलसचिव कार्यालय (शिक्षण) से जारी हुई एक अधिसूचना में बताया गया है कि यह कमेटी समय-समय पर अपने सुझावों को रखेगी, जिसके आधार पर निर्णय किया जाएगा। इस कमेटी में सदस्य के तौर पर कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक, विज्ञान संकाय की डीन, कृषि विज्ञान के संकाय प्रमुख, कला संकाय के डीन शामिल हैं। इनके अलावा वाणिज्य संकाय, आयुर्वेद संकाय, दंत चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा संकाय, विधि संकाय, प्रबंध संकाय, मेडिसिन फ़ैकल्टी, सामाजिक विज्ञान संकाय, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय, दृश्य कला संकाय, संगीत एवं मंच कला, वेटनरी एंड एनिमल साइंस, पर्यावरण एवं संपोश्य संकाय के प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल होंगे। वहीं दक्षिणी परिसर बरकछा के प्रोफेसर इंचार्ज, परीक्षा नियंत्रक, संयुक्त सचिव डेवलपमेंट और संयुक्त सचिव एकेडमिक को इस कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
कमेटी बीएचयू में संचालित विशेष पाठ्यक्रमों के नियमों को तय करने के अलावा विश्वविद्यालय के रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट की विषयवस्तु में सुधार बदलाव और नए-नए विषयों को जोड़ने संबंधी सुझाव भी देगी। यह कमेटी बीएचयू की सबसे बड़ी कमेटियों में से एक है। वाराणसी, जागरण संवाददाता। बीएचयू में स्पेशल कोर्स और रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट के लिए एक कमेटी पुनर्गठित कर दी गई है। बीएचयू में विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. ए के त्रिपाठी को कमेटी का चेयरमेन नियुक्त किया गया है। वहीं उनके अलावा बीएचयू के सभी संकायों और अधिकारियों को मिलाकर इक्कीस लोगों को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी बीएचयू में संचालित विशेष पाठ्यक्रमों के नियमों को तय करने के अलावा विश्वविद्यालय के रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट की विषयवस्तु में सुधार, बदलाव और नए-नए विषयों को जोड़ने संबंधी सुझाव भी देगी। यह कमेटी बीएचयू की सबसे बड़ी कमेटियों में से एक है। कुलसचिव कार्यालय से जारी हुई एक अधिसूचना में बताया गया है कि यह कमेटी समय-समय पर अपने सुझावों को रखेगी, जिसके आधार पर निर्णय किया जाएगा। इस कमेटी में सदस्य के तौर पर कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक, विज्ञान संकाय की डीन, कृषि विज्ञान के संकाय प्रमुख, कला संकाय के डीन शामिल हैं। इनके अलावा वाणिज्य संकाय, आयुर्वेद संकाय, दंत चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा संकाय, विधि संकाय, प्रबंध संकाय, मेडिसिन फ़ैकल्टी, सामाजिक विज्ञान संकाय, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय, दृश्य कला संकाय, संगीत एवं मंच कला, वेटनरी एंड एनिमल साइंस, पर्यावरण एवं संपोश्य संकाय के प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल होंगे। वहीं दक्षिणी परिसर बरकछा के प्रोफेसर इंचार्ज, परीक्षा नियंत्रक, संयुक्त सचिव डेवलपमेंट और संयुक्त सचिव एकेडमिक को इस कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
Giridih : मुफस्सिल थाना अंतर्गत कोलीमारण गांव में 1 फरवरी की रात एक नवविवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई. नवविवाहिता का नाम प्रीति कुमारी (19) है. पुलिस ने उसके पति डब्लू सिंह यादव को हिरासत में लिया है. विगत वर्ष 30 अक्टूबर को प्रीति कुमारी अपने घर से भागकर डब्लू सिंह यादव से प्रेम विवाह किया था. मृतका के पिता बबलू सिंह ने मुफस्सिल थाना में लिखायत शिकायत की. शिकायत के बाद पुलिस ने 1 नवंबर को अहिल्यापुर से दोनों को बरामद किया. वर और वधू के माता-पिता के बीच आपसी सहमति के बाद प्रीति कुमारी ससुराल में रहने लगी. मृतका के पिता बबलू सिंह का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल में सास सुनीता देवी मेरी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगी. वह हमेशा कटाक्ष करती थी. 1 फरवरी की रात अचानक सूचना मिली की प्रीति ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली है. गांव जाने पर उसका शव चौकी पर पड़ा देखा. शव का अगला हिस्सा फूला हुआ था. तब तक पुलिस भी घटनास्थल पर पुहंच चुकी थी. घर के सभी लोग फरार थे. बबलू सिंह ने थाने में लिखित आवेदन देकर मृतका के पति डब्लू सिंह यादव, सास सुनीता देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों प्रदीप यादव, संदीप यादव और चंद्रिका देवी पर हत्या का आरोप लगाया है. वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर मुफस्सिल थाना प्रभारी विनय राम ने बताया कि पुलिस आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. अन्य आरोपी फरार हैं. पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
Giridih : मुफस्सिल थाना अंतर्गत कोलीमारण गांव में एक फरवरी की रात एक नवविवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई. नवविवाहिता का नाम प्रीति कुमारी है. पुलिस ने उसके पति डब्लू सिंह यादव को हिरासत में लिया है. विगत वर्ष तीस अक्टूबर को प्रीति कुमारी अपने घर से भागकर डब्लू सिंह यादव से प्रेम विवाह किया था. मृतका के पिता बबलू सिंह ने मुफस्सिल थाना में लिखायत शिकायत की. शिकायत के बाद पुलिस ने एक नवंबर को अहिल्यापुर से दोनों को बरामद किया. वर और वधू के माता-पिता के बीच आपसी सहमति के बाद प्रीति कुमारी ससुराल में रहने लगी. मृतका के पिता बबलू सिंह का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल में सास सुनीता देवी मेरी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगी. वह हमेशा कटाक्ष करती थी. एक फरवरी की रात अचानक सूचना मिली की प्रीति ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली है. गांव जाने पर उसका शव चौकी पर पड़ा देखा. शव का अगला हिस्सा फूला हुआ था. तब तक पुलिस भी घटनास्थल पर पुहंच चुकी थी. घर के सभी लोग फरार थे. बबलू सिंह ने थाने में लिखित आवेदन देकर मृतका के पति डब्लू सिंह यादव, सास सुनीता देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों प्रदीप यादव, संदीप यादव और चंद्रिका देवी पर हत्या का आरोप लगाया है. वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर मुफस्सिल थाना प्रभारी विनय राम ने बताया कि पुलिस आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. अन्य आरोपी फरार हैं. पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) को एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट मामले से संबंधित एक मामले में जमानत दे दी, जिसमें उन्हें पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. अन्य मामले दर्ज होने के चलते वह अभी रिहा नहीं होंगे. यह भी पढ़ेंः कौन हैं बजरंग मुनि? एडिशनल सेशन के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जांगला ने शुक्रवार को मोहम्मद ज़ुबैर को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश सुनाया है. देवेंद्र कुमार जांगला ने कहा कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते. गुरुवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें खत्म होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली पुलिस के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव ने मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस स्तर पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि ये FCRA का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि बिना किसी पक्षपात के मामले में जांच तेज गति से चल रही है. मोहम्मद जुबैर के खिलाफ शिकायत 2018 के ट्वीट से संबंधित है, जिसमें उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी. हाल ही में मोहम्मद ज़ुबैर ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दर्ज FIR को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. साथ ही इन मामलों में अंतरिम जमानत के लिए भी अपील की है. सीतापुर और हाथरस की अदालत ने उन्हें अलग-अलग शिकायतों पर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट मामले से संबंधित एक मामले में जमानत दे दी, जिसमें उन्हें पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. अन्य मामले दर्ज होने के चलते वह अभी रिहा नहीं होंगे. यह भी पढ़ेंः कौन हैं बजरंग मुनि? एडिशनल सेशन के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जांगला ने शुक्रवार को मोहम्मद ज़ुबैर को पचास हजार के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश सुनाया है. देवेंद्र कुमार जांगला ने कहा कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते. गुरुवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें खत्म होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली पुलिस के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव ने मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस स्तर पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि ये FCRA का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि बिना किसी पक्षपात के मामले में जांच तेज गति से चल रही है. मोहम्मद जुबैर के खिलाफ शिकायत दो हज़ार अट्ठारह के ट्वीट से संबंधित है, जिसमें उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी. हाल ही में मोहम्मद ज़ुबैर ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दर्ज FIR को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. साथ ही इन मामलों में अंतरिम जमानत के लिए भी अपील की है. सीतापुर और हाथरस की अदालत ने उन्हें अलग-अलग शिकायतों पर चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था.
Shikhar Dhawan: सोनाक्षी सिन्हा और हुमा कुरैशी की अपकमिंग फिल्म 'डबल एक्सएल' जल्द ही रिलीज होने वाली है। ये फिल्म अभी से ही सुर्खियां बटोर रही है। लड़कियों के ओवरवेट को लेकर सामाजिक व्यवहार पर तमाचा कसती यह फिल्म रिलीज के पहले ही चर्चा में है। बता दें कि इस फिल्म के जरिए लड़कियों के फिगर और मोटापे को लेकर बने टैबू पर तंज कसा है। फिल्म में हुमा कुरैशी और सोनाक्षी सिन्हा ओवरवेट लड़कियों का किरदार निभा रही हैं। अब फिल्म को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। इस फिल्म के जरिए क्रिकेटर 'शिखर धवन' भी अपना बॉलीवुड डेब्यू करने जा रहे हैं। क्रिकेटर शिखर धवन ग्राउंड पर अपना जलवा दिखाने के बाद अब बॉलीवुड डेब्यू करने को तैयार हैं। शिखर धवन, सोनाक्षी और हुमा की इस फिल्म डबल एक्सएल के जरिए एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। डबल एक्स एल फिल्म में शिखर, हुमा कुरैशी के साथ रोमांस करते नजर आने वाले हैं। हुमा ने शिखर धवन के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। तस्वीर में शिखर और हुमा रोमांटिक डांस के पोज में खड़े हैं। वहीं एक और फोटो में दोनों पास में बैठे हैं। इन फोटोज को देखने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि शिखर धवन फिल्म में हुमा के साथ रोमांस करते नजर आएंगे। वहीं शिखर धवन ने भी फिल्म को लेकर मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म की कहानी ने उन पर अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी है। शिखर ने बताया है कि 'एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा जीवन काफी हेक्टिक रहा है। ऐसे में हमेशा मैं एंटरटेनमेंट के लिए अच्छी फिल्मों का सहारा लेता हूं। जब मेरे पास इस फिल्म का ऑफर आया तो मैंने इसकी कहानी सुनी। फिल्म की कहानी ने मेरे ऊपर गहरी छाप छोड़ी है। फिल्म के जरिए बन यह संदेश दे रहे हैं कि नौजवान लड़के-लड़कियों को अपने सपनों का पीछा नहीं छोड़ना चाहिए। फिर चाहे जो भी हो। '
Shikhar Dhawan: सोनाक्षी सिन्हा और हुमा कुरैशी की अपकमिंग फिल्म 'डबल एक्सएल' जल्द ही रिलीज होने वाली है। ये फिल्म अभी से ही सुर्खियां बटोर रही है। लड़कियों के ओवरवेट को लेकर सामाजिक व्यवहार पर तमाचा कसती यह फिल्म रिलीज के पहले ही चर्चा में है। बता दें कि इस फिल्म के जरिए लड़कियों के फिगर और मोटापे को लेकर बने टैबू पर तंज कसा है। फिल्म में हुमा कुरैशी और सोनाक्षी सिन्हा ओवरवेट लड़कियों का किरदार निभा रही हैं। अब फिल्म को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। इस फिल्म के जरिए क्रिकेटर 'शिखर धवन' भी अपना बॉलीवुड डेब्यू करने जा रहे हैं। क्रिकेटर शिखर धवन ग्राउंड पर अपना जलवा दिखाने के बाद अब बॉलीवुड डेब्यू करने को तैयार हैं। शिखर धवन, सोनाक्षी और हुमा की इस फिल्म डबल एक्सएल के जरिए एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। डबल एक्स एल फिल्म में शिखर, हुमा कुरैशी के साथ रोमांस करते नजर आने वाले हैं। हुमा ने शिखर धवन के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। तस्वीर में शिखर और हुमा रोमांटिक डांस के पोज में खड़े हैं। वहीं एक और फोटो में दोनों पास में बैठे हैं। इन फोटोज को देखने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि शिखर धवन फिल्म में हुमा के साथ रोमांस करते नजर आएंगे। वहीं शिखर धवन ने भी फिल्म को लेकर मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म की कहानी ने उन पर अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी है। शिखर ने बताया है कि 'एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा जीवन काफी हेक्टिक रहा है। ऐसे में हमेशा मैं एंटरटेनमेंट के लिए अच्छी फिल्मों का सहारा लेता हूं। जब मेरे पास इस फिल्म का ऑफर आया तो मैंने इसकी कहानी सुनी। फिल्म की कहानी ने मेरे ऊपर गहरी छाप छोड़ी है। फिल्म के जरिए बन यह संदेश दे रहे हैं कि नौजवान लड़के-लड़कियों को अपने सपनों का पीछा नहीं छोड़ना चाहिए। फिर चाहे जो भी हो। '
उत्तराखंड में छात्रा को जिंदा जलाने की घटना से हर कोई हैरान है। कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव की छात्रा को जिंदा जलाने के प्रयास की घटना को लेकर छात्र संगठनों व छात्राओं में उबाल है। आइसा व डीएसओ छात्र संगठन ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। युवती को जिंदा जलाने के प्रयास करने के आरोपी मनोज सिंह उर्फ बंटी ने अब खुद के लिए मौत मांगी है। आरोपी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उसका युवती से कक्षा नौ से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती के संपर्क तोड़ने से वह आक्रोशित हो गया। आग लगाए जाने की घटना को स्वीकार करते हुए आरोपी ने कहा कि वह भी खुदकुशी की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया। राजस्व और रेगुलर पुलिस की टीम के आरोपी को जिला चिकित्सालय पौड़ी लाने पर छात्र-छात्राओं ने जिला चिकित्सालय के आकस्मिक विभाग को घेर लिया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को पीछे के दरवाजे से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। ऋषिकेश एम्स में भर्ती पीड़ित युवती के इलाज का पूरा खर्च जिला प्रशासन उठाएगा। एडीएम रामजी शरण शर्मा ने यह जानकारी दी। वही इस घटना को लेकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत कहना है कि युवती को जिंदा जलाने के प्रयास की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। दुःख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। पीड़ित युवती और उसके परिवार की मदद के लिए प्रवासी ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। पट्टी के प्रवासी ग्रामीण रविंद्र नेगी व प्रदीप नौडियाल ने बताया कि युवती व परिवार की हरसंभव मदद के लिए एकजुट हो गए हैं।
उत्तराखंड में छात्रा को जिंदा जलाने की घटना से हर कोई हैरान है। कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव की छात्रा को जिंदा जलाने के प्रयास की घटना को लेकर छात्र संगठनों व छात्राओं में उबाल है। आइसा व डीएसओ छात्र संगठन ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। युवती को जिंदा जलाने के प्रयास करने के आरोपी मनोज सिंह उर्फ बंटी ने अब खुद के लिए मौत मांगी है। आरोपी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उसका युवती से कक्षा नौ से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती के संपर्क तोड़ने से वह आक्रोशित हो गया। आग लगाए जाने की घटना को स्वीकार करते हुए आरोपी ने कहा कि वह भी खुदकुशी की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया। राजस्व और रेगुलर पुलिस की टीम के आरोपी को जिला चिकित्सालय पौड़ी लाने पर छात्र-छात्राओं ने जिला चिकित्सालय के आकस्मिक विभाग को घेर लिया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को पीछे के दरवाजे से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। ऋषिकेश एम्स में भर्ती पीड़ित युवती के इलाज का पूरा खर्च जिला प्रशासन उठाएगा। एडीएम रामजी शरण शर्मा ने यह जानकारी दी। वही इस घटना को लेकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत कहना है कि युवती को जिंदा जलाने के प्रयास की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। दुःख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। पीड़ित युवती और उसके परिवार की मदद के लिए प्रवासी ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। पट्टी के प्रवासी ग्रामीण रविंद्र नेगी व प्रदीप नौडियाल ने बताया कि युवती व परिवार की हरसंभव मदद के लिए एकजुट हो गए हैं।
बिग बॉस 14 लगातार दर्शको को एंटरटेन करने में कामयाब हो रहा है। इस सीजन में कई कंटेस्टेंट्स लोगो का दिल जीतने में कामयाब हो रहे है। इन्ही में से एक है टीवी दुनिया की मशहूर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक। रुबीना की फैन फोल्लोविंग बाकी सदस्यों के मुकाबले कही ज़्यादा नज़र आ रही है। वही सोशल मीडिया पर भी बस रुबीना ही ट्रेंड करती रहती है। सभी चीज़ो को देखकर तो यही लगता है की इस सीजन की विनर तो रुबीना दिलैक ही बनेंगी। ऐसे में अब एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने भी रुबीना दिलैक का सपोर्ट किया है। इस समुदाय के कुछ लोगों ने रुबीना दिलैक की जीत के लिए पूजा की है। रुबीना दिलैक बिग बॉस 14 में अच्छा खेल रही हैं। वो हमेशा से ही एलजीबीटी समुदाय का समर्थन करती रही है। उन्होंने कई मौको पर उनका पक्ष मजबूती से लिया है। अब ताज़ा खबरों के मुताबिक एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने रुबीना दिलैक की जीत के लिए पूजा का आयोजन किया है। रुबीना अपने पुराने शो 'शक्ति-अस्तित्व के एहसास की' में एक ट्रांसजेंडर की भूमिका निभा रही थी। इसके चलते एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने उनकी प्रशंसा की है। ये पूजा उत्तर प्रदेश में की गई है। बता दे, रुबीना बिग बॉस में अपना पक्ष मजबूती से रख रही है और ट्रॉफी जीतने की बड़ी दावेदार है। बिग बॉस में भी उन्होंने शहजाद देओल से ट्रांसजेंडर के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने पर माफ़ी मंगवाई थी। ऐसे में इस कम्युनिटी का रुबीना दिलैक को सपोर्ट करना तो बनता ही है।
बिग बॉस चौदह लगातार दर्शको को एंटरटेन करने में कामयाब हो रहा है। इस सीजन में कई कंटेस्टेंट्स लोगो का दिल जीतने में कामयाब हो रहे है। इन्ही में से एक है टीवी दुनिया की मशहूर एक्ट्रेस रुबीना दिलैक। रुबीना की फैन फोल्लोविंग बाकी सदस्यों के मुकाबले कही ज़्यादा नज़र आ रही है। वही सोशल मीडिया पर भी बस रुबीना ही ट्रेंड करती रहती है। सभी चीज़ो को देखकर तो यही लगता है की इस सीजन की विनर तो रुबीना दिलैक ही बनेंगी। ऐसे में अब एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने भी रुबीना दिलैक का सपोर्ट किया है। इस समुदाय के कुछ लोगों ने रुबीना दिलैक की जीत के लिए पूजा की है। रुबीना दिलैक बिग बॉस चौदह में अच्छा खेल रही हैं। वो हमेशा से ही एलजीबीटी समुदाय का समर्थन करती रही है। उन्होंने कई मौको पर उनका पक्ष मजबूती से लिया है। अब ताज़ा खबरों के मुताबिक एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने रुबीना दिलैक की जीत के लिए पूजा का आयोजन किया है। रुबीना अपने पुराने शो 'शक्ति-अस्तित्व के एहसास की' में एक ट्रांसजेंडर की भूमिका निभा रही थी। इसके चलते एलजीबीटी समुदाय के लोगों ने उनकी प्रशंसा की है। ये पूजा उत्तर प्रदेश में की गई है। बता दे, रुबीना बिग बॉस में अपना पक्ष मजबूती से रख रही है और ट्रॉफी जीतने की बड़ी दावेदार है। बिग बॉस में भी उन्होंने शहजाद देओल से ट्रांसजेंडर के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने पर माफ़ी मंगवाई थी। ऐसे में इस कम्युनिटी का रुबीना दिलैक को सपोर्ट करना तो बनता ही है।
Kochi : केरल से एक दिल दहलाने वाली खबर आयी है. खबर यह है कि एक डॉक्टर दंपती ने अंधविश्वास के चलते दो महिलाओं की बलि चढ़वा दी. इस जघन्य अपराध के आरोप में महिलाओं की तस्करी करने वाले एजेंट और दंपती को गिरफ्तार कर लिये जाने की सूचना है. बताया जाता है कि पेरुम्बवूर के एक मानव तस्कर ने डॉक्टर दंपती के लिए कलाडी और कदवंतरा से इन महिलाओं की तस्करी की थी. पुलिस ने तिरुवल्ला के मूल निवासी डॉक्टर भागवत, उनकी पत्नी लीला और पेरुंबवूर के मूल निवासी मानव तस्कर शिहाब को मानव बलि के आरोप में गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार इन महिलाओं को तिरुवल्ला लाया गया और पेरुम्बवूर में एजेंट की मदद से बलि दी गयी. कहा जाता है कि डॉक्टर दंपती को विश्वास दिलाया गया था कि बलि देने से धन और समृद्धि प्राप्त होगी. सूत्रों के अनुसार कदवंतरा से लापता एक महिला की तलाश करते हुए पुलिस जब तिरुवल्ला पहुंची, तो पता चला कि कलाडी की एक अन्य महिला की भी बलि चढ़ा दी गयी है. बलि चढ़ाने के बाद दोनों महिलाओं की लाश दफना दी गयी थी. जानकारी के अनुसार पुलिस को अभी एक शव ही मिला है. बता दें कि केरल में आर्थिक लाभ और समृद्धि के लिए मानव बलि की घटना पहले कभी नहीं हुई है. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुले हैं. एक महिला को सबसे पहले कलाड़ी से लाया गया. बताया गया है पेरुंबवूर के रहने वाले एजेंट ने एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और फेसबुक के माध्यम से डॉक्टर को आश्वस्त किया कि बलि चढ़ाने से जीवन में बहुत लाभ मिलेगा. इसके बाद एक महिला को कलाडी से तिरुवल्ला ले जाया गया. इसके बाद महिला की गला रेत कर हत्या कर दी गयी. इस क्रम में 27 सितंबर को पोन्नुरुन्नी की रहने वाली दूसरी महिला को कदवंतरा से तिरुवल्ला ले जाया गया. वहां उसकी बलि दे दी गयी. जानकारी के अनुसार इसी महिला के मोबाइल टावर लोकेशन के बाद पुलिस तिरुवल्ला पहुंची थी.
Kochi : केरल से एक दिल दहलाने वाली खबर आयी है. खबर यह है कि एक डॉक्टर दंपती ने अंधविश्वास के चलते दो महिलाओं की बलि चढ़वा दी. इस जघन्य अपराध के आरोप में महिलाओं की तस्करी करने वाले एजेंट और दंपती को गिरफ्तार कर लिये जाने की सूचना है. बताया जाता है कि पेरुम्बवूर के एक मानव तस्कर ने डॉक्टर दंपती के लिए कलाडी और कदवंतरा से इन महिलाओं की तस्करी की थी. पुलिस ने तिरुवल्ला के मूल निवासी डॉक्टर भागवत, उनकी पत्नी लीला और पेरुंबवूर के मूल निवासी मानव तस्कर शिहाब को मानव बलि के आरोप में गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार इन महिलाओं को तिरुवल्ला लाया गया और पेरुम्बवूर में एजेंट की मदद से बलि दी गयी. कहा जाता है कि डॉक्टर दंपती को विश्वास दिलाया गया था कि बलि देने से धन और समृद्धि प्राप्त होगी. सूत्रों के अनुसार कदवंतरा से लापता एक महिला की तलाश करते हुए पुलिस जब तिरुवल्ला पहुंची, तो पता चला कि कलाडी की एक अन्य महिला की भी बलि चढ़ा दी गयी है. बलि चढ़ाने के बाद दोनों महिलाओं की लाश दफना दी गयी थी. जानकारी के अनुसार पुलिस को अभी एक शव ही मिला है. बता दें कि केरल में आर्थिक लाभ और समृद्धि के लिए मानव बलि की घटना पहले कभी नहीं हुई है. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुले हैं. एक महिला को सबसे पहले कलाड़ी से लाया गया. बताया गया है पेरुंबवूर के रहने वाले एजेंट ने एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया और फेसबुक के माध्यम से डॉक्टर को आश्वस्त किया कि बलि चढ़ाने से जीवन में बहुत लाभ मिलेगा. इसके बाद एक महिला को कलाडी से तिरुवल्ला ले जाया गया. इसके बाद महिला की गला रेत कर हत्या कर दी गयी. इस क्रम में सत्ताईस सितंबर को पोन्नुरुन्नी की रहने वाली दूसरी महिला को कदवंतरा से तिरुवल्ला ले जाया गया. वहां उसकी बलि दे दी गयी. जानकारी के अनुसार इसी महिला के मोबाइल टावर लोकेशन के बाद पुलिस तिरुवल्ला पहुंची थी.
कंगना रनौट की फिल्म 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' 25 जनवरी को रिलीज हुई है। इस फिल्म में कंगना रनौट ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का किरदार अदा किया है। झांसी की रानी के किरदार ने सदैव ही फिल्म निर्माता-निर्देशकों को आकर्षित किया है। भारत के बड़े फिल्मकारों में से एक सोहराब मोदी ने 1953 में झांसी की रानी नामक फिल्म बनाई थी। यह भारत की पहली टेक्नीकलर फिल्म थी। इस फिल्म में मोदी की पत्नी मेहताब ने टाइटल रोल निभाया था जबकि सोहराब मोदी राजगुरु की भूमिका में थे। इस फिल्म को 1956 में अंग्रेजी में डब कर 'द टाइगर एंड द फ्लेम' नाम से भी रिलीज किया गया था। झांसी की रानी बड़े बजट की फिल्म थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह फ्लॉप रही। इस फिल्म से सोहराब मोदी को जबरदस्त नुकसान हुआ। कहा गया कि मोदी ने अपनी 35 वर्षीय पत्नी को लीड रोल देकर गलती की क्योंकि फिल्म में उन्हें उम्र से आधा दिखाया गया था। यह फिल्म भारत की बड़ी फ्लॉप फिल्मों में से एक है। लगभग दस-बारह वर्ष बॉलीवुड की दो खूबसूरत हीरोइनों ने भी रानी झांसी की भूमिका निभाने की सोची थी। सुष्मिता सेन ने इस विषय पर काफी रिसर्च किया था और अपने रोल के लिए तैयारी भी शुरू कर दी थी। फिल्म का बजट बहुत ज्यादा था और महिला प्रधान फिल्म पर कोई भी इतना पैसा लगाने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसलिए सुष्मिता ने अपना इरादा बदल दिया। ऐश्वर्या राय को लेकर केतन मेहता ने झांसी की रानी पर फिल्म बनाने की योजना बनाई थी। ऐश्वर्या इस रोल को लेकर बेहद उत्सुक भी थी, लेकिन अंत में भारी भरकम बजट के कारण फिल्म को रद्द कर दिया गया। ऐश्वर्या और सुष्मिता सेन की इन फिल्मों की योजना साथ में बनी थी और तब खलबली मच गई थी कि इन दोनों सुंदरियों में से कौन बाजी मारता है। ऐश्वर्या और सुष्मिता का सपना तो पूरा नहीं हो पाया, लेकिन कंगना रनौट फिल्म में झांसी की रानी बनने में कामयाब हुईं। जो काम सुष्मिता और ऐश्वर्या नहीं कर पाईं वो कंगना ने कर दिखाया है। अब देखना है कि कंगना की यह फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आती है।
कंगना रनौट की फिल्म 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' पच्चीस जनवरी को रिलीज हुई है। इस फिल्म में कंगना रनौट ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का किरदार अदा किया है। झांसी की रानी के किरदार ने सदैव ही फिल्म निर्माता-निर्देशकों को आकर्षित किया है। भारत के बड़े फिल्मकारों में से एक सोहराब मोदी ने एक हज़ार नौ सौ तिरेपन में झांसी की रानी नामक फिल्म बनाई थी। यह भारत की पहली टेक्नीकलर फिल्म थी। इस फिल्म में मोदी की पत्नी मेहताब ने टाइटल रोल निभाया था जबकि सोहराब मोदी राजगुरु की भूमिका में थे। इस फिल्म को एक हज़ार नौ सौ छप्पन में अंग्रेजी में डब कर 'द टाइगर एंड द फ्लेम' नाम से भी रिलीज किया गया था। झांसी की रानी बड़े बजट की फिल्म थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह फ्लॉप रही। इस फिल्म से सोहराब मोदी को जबरदस्त नुकसान हुआ। कहा गया कि मोदी ने अपनी पैंतीस वर्षीय पत्नी को लीड रोल देकर गलती की क्योंकि फिल्म में उन्हें उम्र से आधा दिखाया गया था। यह फिल्म भारत की बड़ी फ्लॉप फिल्मों में से एक है। लगभग दस-बारह वर्ष बॉलीवुड की दो खूबसूरत हीरोइनों ने भी रानी झांसी की भूमिका निभाने की सोची थी। सुष्मिता सेन ने इस विषय पर काफी रिसर्च किया था और अपने रोल के लिए तैयारी भी शुरू कर दी थी। फिल्म का बजट बहुत ज्यादा था और महिला प्रधान फिल्म पर कोई भी इतना पैसा लगाने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसलिए सुष्मिता ने अपना इरादा बदल दिया। ऐश्वर्या राय को लेकर केतन मेहता ने झांसी की रानी पर फिल्म बनाने की योजना बनाई थी। ऐश्वर्या इस रोल को लेकर बेहद उत्सुक भी थी, लेकिन अंत में भारी भरकम बजट के कारण फिल्म को रद्द कर दिया गया। ऐश्वर्या और सुष्मिता सेन की इन फिल्मों की योजना साथ में बनी थी और तब खलबली मच गई थी कि इन दोनों सुंदरियों में से कौन बाजी मारता है। ऐश्वर्या और सुष्मिता का सपना तो पूरा नहीं हो पाया, लेकिन कंगना रनौट फिल्म में झांसी की रानी बनने में कामयाब हुईं। जो काम सुष्मिता और ऐश्वर्या नहीं कर पाईं वो कंगना ने कर दिखाया है। अब देखना है कि कंगना की यह फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आती है।
असाध्य रोग- एड्स-क्या वास्तव में असाध्य यौन रोग है? असाध्य रोग- एड्स-क्या वास्तव में असाध्य यौन रोग है? एलोपैथिक पद्धति से ग्रंथि रोगों के इलाज़ के बाद 95% रोगी जीवन भर के लिए स्थाई रोगी बन गये। जिनमें अस्सी प्रतिशत लोग तड़प कर प्राण त्याग किये। होम्योपैथिक पद्धति से तीस प्रतिशत लोग स्थाई ग्रंथि रोगों से मुक्ति नहीं पा सके। तथा वे स्थाई रोगी बन गये. जिनमें चालीस प्रतिशत लोग तड़प कर मरे। बायोकेमिक पद्धति से ग्रंथि रोगों के इलाज़ में मात्र तेरह प्रतिशत लोगो का इलाज़ हुआ. जिनमें तीस प्रतिशत बड़े कष्ट में मरे। प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा इन ग्रंथि रोगों का कोई इलाज़ नहीं हो सका। यूनानी पद्धति से चौवन प्रतिशत लोग इलाज़ कराये। किन्तु स्थाई इलाज़ नहीं मिल पाया। यह अवश्य रहा कि किसी को तड़प कर प्राण नहीं त्यागने पड़े। आयुर्वेदिक पद्धति से ग्रंथि रोगों का जितने भी लोगो ने इलाज़ कराया उनमें शत प्रतिशत लोग सफल हुए। और पूरी जिंदगी जीये। एड्स- आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे इम्यून डेफिशियेंसी सीरम को एड्स कहा जाता है। इस रोग में कोशिकीय द्रव्य (Cellulozyme) में जीव द्रव्य या नाभिकीय द्रव्य (Nucleic Acid) अपने घनत्व को 1900 से घटाकर 80 से कम कर देता है। तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता (Metabolization Efficiency) समाप्त हो जाती है। शास्त्रीय भाषा में इसे दो नामो से जाना जाता है। प्रथम कोशिकाघात तथा दूसरा पुन्सार्बुद। यदि जीवमूल के अभिद्रव्य का क्षरण अधोगामी होकर त्रिनाड़ी चक्र के विपरीत दिशा में निकल जाता है तो कोशिकाघात होता है। ज्योतिषीय मतानुसार जब कोई कुंडली का कारक शुभ ग्रह किसी बलवान अशुभ भावेश के साथ छठे, आठवें या द्वादश भाव में बैठ जाय, तथा द्विस्वभाव राशि का लग्न या चर राशि का छठा भाव या चर राशि का आठवाँ भाव या चर राशि का बारहवाँ भाव परस्पर कोई एक दूसरे से किसी केंद्र में युति बना ले तो कोशिकाघात होता है। जब श्वेत रक्त कणिका (WBC) को जीव द्रव्य या RNA या Ribo Nucleic एसिड स्वयं पचाना शुरू कर देता है (Delusion of WBC) तो पुन्शार्बुद होता है। ज्योतिषीय मतानुसार लग्नेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में तथा षष्ठेश, अष्टमेश या व्ययेश में से कोई दो लग्न में युति करें, तथा मंगल, शनि या राहु से गुरु इन तीनो स्थानों में से किसी एक में हो तो पुन्सार्बुद होता है। ध्यान रहे यदि उपरोक्त स्थितियों में किसी तरह भी केंद्र या कोण में लग्नेश को त्रिषडायेष से चार बल ज्यादा मिलते हैं तो रोग नहीं होने देगा। चूंकि जीवमूल संचय-संरक्षण की यह अत्यंत धीमी एवं परारासायनिक प्रक्रिया है। अतः इससे मुक्ति में उतना समय लग जायेगा। जितना मूल नाभिकीय द्रव्य का घनत्व (Dense gravity of Nuclear Fusion) घट गया होगा। इसके सम्बन्ध में विद्रांकू, हर्यद्रथ, पुदुमलोचि आदि प्रसिद्द अरण्य साधको ने दिशा निर्देश दिये हैं। अर्थात खदिर, मजीठ, कुटकी, दारुहल्दी, सैलावर, प्राचिरंग, मरैता, धायफूल, किरौंची, नागकेशर, विडाल राग, माक्षिक भष्म, पन्नग भष्म, वज्र भष्म, रौप्य भष्म, हरिशंकरी का स्राव, नीमातकी, हर्यवर, कंकोल, दधिकेशर, नागकेशर एवम शुद्ध गन्धक का वर्धक क्रम परिपाक कोशिकाघात को समूल नष्ट करने में पूर्णतया सक्षम है। ऊपर के वर्णन में गुडूची, कज्जली, बंघोरा, सुर्खी एवं जानु रोचन मिला देने से पुन्शार्बुद को समूल नष्ट कर देता है। किन्तु ध्यान रहे, यदि पुन्शार्बुद न हो तो इन द्रव्यों को न मिलायें। अन्यथा विष्फोटक उपद्रव हो सकता है। बड़े अफसोस की बात है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इस रोग की उत्पत्ति अनधिकृत/अनियंत्रित/असुरक्षित यौन सम्बन्ध से घोषित कर दी है। दूसरी तरफ यह भी घोषित कर दिया है कि एड्स पीड़ित माता पिता के द्वारा गर्भस्थ शिशु को भी यह रोग हो जायेगा। तो फिर उस गर्भस्थ शिशु ने कौन सा असुराक्षित यौन सम्बन्ध बनाया जिससे उसे हो गया? इसके अलावा क्लोम से एक व्यक्ति की जीवित प्रतिकृति तैयार करने में सक्षम आधुनिक चिकित्सा विज्ञान कारण जानने के बावजूद भी आज तक इस रोग का इलाज़ क्यों नहीं ढूंढ लिया? बहुत घटिया बात है कि इस रोग को यौन जनित करार देकर आज का चिकित्सा विज्ञान इस रोग से पीड़ित रोगी को शर्म और घृणा के भयंकर मानसिक दबाव में मार रहा है। बेचारा रोगी समाज से मुँह छिपाते घुट घुट कर मर जाता है। जब की इन रोगियों में अस्सी प्रतिशत रोगी प्राकृतिक रूप से स्नायु मंडल के विकृत रक्त उत्सर्जन के कारण होते है। केवल बीस प्रतिशत ही असुरक्षित यौन संबंधो के कारण इस रोग के शिकार होते है। उपर्युक्त औषधि योग से नीरोग होकर सामान्य जीवन जी रहे एक सौ पचासी रोगियों में मात्र तीस रोगी ही यौन संबंधो के कारण इस रोग से पीड़ित हुए थे। चूंकि यह एक घृणित सामाजिक रोग के रूप में जाना जाता है। अतः ऐसे रोगी जो नीरोग हुए है वे अपना वास्तविक परिचय देने से भी कतराते है। तथा चिकित्सको से अपना नाम गुप्त ही रखने की प्रार्थना करते है। अन्यथा समाज में जान जाने पर लोग उसे तिरस्कृत कर देगें। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में चीन देश एवं भूटान के सीमावर्ती क्षेत्र जो ऋषि ब्रिज के पश्चिम में स्थित है, उस पूरे क्षेत्र को चिकित्सको ने समग्र रूप से एड्स पीड़ित घोषित कर रखा है। अर्थात सौ प्रतिशत लोग एड्स के मरीज है। दक्षिण-पश्चिम नागालैंड, पूर्वी आसाम एवं मणिपुर भी लगभग इसी श्रेणी में रखा गया है। दक्षिण अफ्रिका का रवान्डा, मोजाम्बिया, नामीबिया, सूडान का दक्षिण-पूर्वी भाग भी लगभग शत प्रतिशत इसी श्रेणी में रखा गया है। किन्तु ऊपर के वर्णित सारे देशो-प्रान्तों के निवासियों की औसत उम्र सत्तर वर्ष है। अफ्रिका में इस रोग को मुझे जहां तक याद है, स्थानीय भाषा में "र्ह्यामडीन" और भारत के ऊपर बताये पूर्वोत्तर राज्यों में इसे स्थानीय भाषा में "मिचांग" कहते है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे एड्स के नाम से जाना जाता है। भारत के उपरोक्त राज्यों में इस रोग के उपचार करने वाले चिकित्सक को स्थानीय भाषा में "आमची" कहा जाता है। अफ्रिका में पता नहीं क्या कहते है? हमारे भारत के "कुटजालता" की तरह अफ्रिका में एक पौधा होता है जिसे "वर्सिनिया" कहते है। "गुडूची" के सामान झाड वाले पौधे को वहाँ "सार्डिलोन" कहते है। ये दोनों वनस्पतियाँ अफ्रिका में नरभक्षी के रूप में जानी जाती हैं। प्राकृतिक पर्यावरण एवं जलवायु की भिन्नता के कारण इनकी बनावट एवं क्रिया शैली में थोड़ी बहुत भिन्नता नैसर्गिक रूप से आ जाती है। और यहाँ के स्थानीय चिकित्सक इनकी सहायता से ही "र्ह्यामडीन" की चिकित्सा करते है। पता नहीं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान इसके ऊपर क्यों नहीं खोज करा रहा है। या किसी सशक्त माफिया की प्रतीक्षा कर रहा है। साक्षात जीव निर्माण करने में अपने आप को सक्षम कहने वाला विज्ञान कारण जानने के बावजूद भी जीव के इस रोग का इलाज़ आज तक क्यों नहीं ढूँढ पाया? या केवल शेखी बघारने में ही अपनी पीठ थपथपा कर ज्ञान की शेष विधाओं को अपने नीचे पैरो तले रखना चाहता है। अस्तु, जो भी हो, उपरोक्त औषधियों के अन्दर निहित अति उग्र रासायनिक यौगिक इस वर्त्तमान असाध्य एड्स रोग को समूल नष्ट करने में सक्षम है। सहायता की दृष्टि से इस औषधि निर्माण की संक्षिप्त एवं सरल विधि जो हो सकती है, जन समुदाय के लाभार्थ यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ। उपरोक्त औषधि पदार्थों में तीन प्रकार की वस्तुएं हैं। काष्ठ, द्रव एवं शिला। काष्ठ औषधियों, द्रव एवं शिला में २ः५ः१० का अनुपात होना चाहिये. अर्थात यदि दो सेर काष्ठ है तो पांच सेर द्रव एवं दस सेर शिला या पाषाण द्रव्य होना चाहिए। काष्ठ औषधियों को पीतल या ताम्बे के खरल में इतना कूटें कि सब बारीक चूर्ण बन जाय। फिर बार बार छनकर आये मोटे अवशेष को पुनः कूटें। इतनी बार कूटें कि दो सेर में मोटा हिस्सा अंत में एक तोला से ज्यादा न बचे। इसके बाद द्रव पदार्थो को एक में मिलाकर तब तक हलकी आँच पर गर्म करें जब तक कि द्रव पदार्थ एक चौथाई न बच जाय। इसी प्रकार पाषाणीय औषधियों को खरल में खूब महीन कूट लें। अब तीनो को एक में मिलाकर मिटटी की हांडी में रख कर ऊपर मिटटी के ढक्कन को रख कर गीली मिटटी से मुंह बंद कर दें। पांच-पांच सेर भांगरा, अडुलसा और सहिजन की पत्ती लेकर पीड़ित व्यक्ति के पूरे हाथ की गहराई एवं उतनी ही चौड़ाई का गड्ढा खोद कर पत्तियों में हांडी को लपेट कर उस गड्ढे में रख कर साफ़ मिटटी से ढक दें। एक बड़े मिटटी के सकोरे में तिल का तेल भरकर उसमें खड़ी बत्ती जला दें। तथा उस ढके गड्ढे के ऊपर रख दें। सात दिन बाद रात के अँधेरे में उस हंडिया को गड्ढे से बाहर निकालें। उसमें के सारे पदार्थ को किसी बर्तन में निकाल कर छाया में तब तक सुखाएं जब तक वह गोली बनाने योग्य न हो जाय। उसके बाद दस-दस रत्ती की गोली बनाकर रख लें। एक-एक गोली त्रिभष्म (वज्र,प्रवाल एवं पन्नग भष्म) के साथ दिन रात मिल कर तीन बार लें। तीसरे सप्ताह परिणाम सामने होगा। इनमें कुछ औषधियों के अनेक नाम हैं। जो विविध स्थान पर विविध नाम से प्राप्त होती हैं। यथा मरैता -इसे भरोय, ग्रीष्म बेल, तिखदोहना, रौन्ठ, निमकाजू तथा बनशतावरि आदि नामो से जाना जाता है। इनके विविध नामो की सूची भैषज्य पार्थक्यम (स्वामी अनन्य वर्धन कृत), दिव्य वसुंधरा, भाव विभावरी, भैषज्य रत्नावली, भावार्थ रत्नाकर, भाव प्रकाश, शारंगधर संहिता, चरक संहिता तथा सुश्रुत उपाख्यानम आदि अनेक ऐसे ही ग्रंथो से प्राप्त किये जा सकते है। एक दैव प्रकोप अवश्य है कि जो बेचारा निर्धन होगा वह इसे नहीं कर पायेगा। कारण यह है की ये औषधियाँ बहुत ही मंहंगी मिल रही है। इसका कुछ कारण इन अमोघ प्राकृतिक वनस्पतियो की कालाबाजारी है। तथा दूसरा कुछ का विलुप्त प्राय हो जाना है।
असाध्य रोग- एड्स-क्या वास्तव में असाध्य यौन रोग है? असाध्य रोग- एड्स-क्या वास्तव में असाध्य यौन रोग है? एलोपैथिक पद्धति से ग्रंथि रोगों के इलाज़ के बाद पचानवे% रोगी जीवन भर के लिए स्थाई रोगी बन गये। जिनमें अस्सी प्रतिशत लोग तड़प कर प्राण त्याग किये। होम्योपैथिक पद्धति से तीस प्रतिशत लोग स्थाई ग्रंथि रोगों से मुक्ति नहीं पा सके। तथा वे स्थाई रोगी बन गये. जिनमें चालीस प्रतिशत लोग तड़प कर मरे। बायोकेमिक पद्धति से ग्रंथि रोगों के इलाज़ में मात्र तेरह प्रतिशत लोगो का इलाज़ हुआ. जिनमें तीस प्रतिशत बड़े कष्ट में मरे। प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा इन ग्रंथि रोगों का कोई इलाज़ नहीं हो सका। यूनानी पद्धति से चौवन प्रतिशत लोग इलाज़ कराये। किन्तु स्थाई इलाज़ नहीं मिल पाया। यह अवश्य रहा कि किसी को तड़प कर प्राण नहीं त्यागने पड़े। आयुर्वेदिक पद्धति से ग्रंथि रोगों का जितने भी लोगो ने इलाज़ कराया उनमें शत प्रतिशत लोग सफल हुए। और पूरी जिंदगी जीये। एड्स- आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे इम्यून डेफिशियेंसी सीरम को एड्स कहा जाता है। इस रोग में कोशिकीय द्रव्य में जीव द्रव्य या नाभिकीय द्रव्य अपने घनत्व को एक हज़ार नौ सौ से घटाकर अस्सी से कम कर देता है। तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है। शास्त्रीय भाषा में इसे दो नामो से जाना जाता है। प्रथम कोशिकाघात तथा दूसरा पुन्सार्बुद। यदि जीवमूल के अभिद्रव्य का क्षरण अधोगामी होकर त्रिनाड़ी चक्र के विपरीत दिशा में निकल जाता है तो कोशिकाघात होता है। ज्योतिषीय मतानुसार जब कोई कुंडली का कारक शुभ ग्रह किसी बलवान अशुभ भावेश के साथ छठे, आठवें या द्वादश भाव में बैठ जाय, तथा द्विस्वभाव राशि का लग्न या चर राशि का छठा भाव या चर राशि का आठवाँ भाव या चर राशि का बारहवाँ भाव परस्पर कोई एक दूसरे से किसी केंद्र में युति बना ले तो कोशिकाघात होता है। जब श्वेत रक्त कणिका को जीव द्रव्य या RNA या Ribo Nucleic एसिड स्वयं पचाना शुरू कर देता है तो पुन्शार्बुद होता है। ज्योतिषीय मतानुसार लग्नेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में तथा षष्ठेश, अष्टमेश या व्ययेश में से कोई दो लग्न में युति करें, तथा मंगल, शनि या राहु से गुरु इन तीनो स्थानों में से किसी एक में हो तो पुन्सार्बुद होता है। ध्यान रहे यदि उपरोक्त स्थितियों में किसी तरह भी केंद्र या कोण में लग्नेश को त्रिषडायेष से चार बल ज्यादा मिलते हैं तो रोग नहीं होने देगा। चूंकि जीवमूल संचय-संरक्षण की यह अत्यंत धीमी एवं परारासायनिक प्रक्रिया है। अतः इससे मुक्ति में उतना समय लग जायेगा। जितना मूल नाभिकीय द्रव्य का घनत्व घट गया होगा। इसके सम्बन्ध में विद्रांकू, हर्यद्रथ, पुदुमलोचि आदि प्रसिद्द अरण्य साधको ने दिशा निर्देश दिये हैं। अर्थात खदिर, मजीठ, कुटकी, दारुहल्दी, सैलावर, प्राचिरंग, मरैता, धायफूल, किरौंची, नागकेशर, विडाल राग, माक्षिक भष्म, पन्नग भष्म, वज्र भष्म, रौप्य भष्म, हरिशंकरी का स्राव, नीमातकी, हर्यवर, कंकोल, दधिकेशर, नागकेशर एवम शुद्ध गन्धक का वर्धक क्रम परिपाक कोशिकाघात को समूल नष्ट करने में पूर्णतया सक्षम है। ऊपर के वर्णन में गुडूची, कज्जली, बंघोरा, सुर्खी एवं जानु रोचन मिला देने से पुन्शार्बुद को समूल नष्ट कर देता है। किन्तु ध्यान रहे, यदि पुन्शार्बुद न हो तो इन द्रव्यों को न मिलायें। अन्यथा विष्फोटक उपद्रव हो सकता है। बड़े अफसोस की बात है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इस रोग की उत्पत्ति अनधिकृत/अनियंत्रित/असुरक्षित यौन सम्बन्ध से घोषित कर दी है। दूसरी तरफ यह भी घोषित कर दिया है कि एड्स पीड़ित माता पिता के द्वारा गर्भस्थ शिशु को भी यह रोग हो जायेगा। तो फिर उस गर्भस्थ शिशु ने कौन सा असुराक्षित यौन सम्बन्ध बनाया जिससे उसे हो गया? इसके अलावा क्लोम से एक व्यक्ति की जीवित प्रतिकृति तैयार करने में सक्षम आधुनिक चिकित्सा विज्ञान कारण जानने के बावजूद भी आज तक इस रोग का इलाज़ क्यों नहीं ढूंढ लिया? बहुत घटिया बात है कि इस रोग को यौन जनित करार देकर आज का चिकित्सा विज्ञान इस रोग से पीड़ित रोगी को शर्म और घृणा के भयंकर मानसिक दबाव में मार रहा है। बेचारा रोगी समाज से मुँह छिपाते घुट घुट कर मर जाता है। जब की इन रोगियों में अस्सी प्रतिशत रोगी प्राकृतिक रूप से स्नायु मंडल के विकृत रक्त उत्सर्जन के कारण होते है। केवल बीस प्रतिशत ही असुरक्षित यौन संबंधो के कारण इस रोग के शिकार होते है। उपर्युक्त औषधि योग से नीरोग होकर सामान्य जीवन जी रहे एक सौ पचासी रोगियों में मात्र तीस रोगी ही यौन संबंधो के कारण इस रोग से पीड़ित हुए थे। चूंकि यह एक घृणित सामाजिक रोग के रूप में जाना जाता है। अतः ऐसे रोगी जो नीरोग हुए है वे अपना वास्तविक परिचय देने से भी कतराते है। तथा चिकित्सको से अपना नाम गुप्त ही रखने की प्रार्थना करते है। अन्यथा समाज में जान जाने पर लोग उसे तिरस्कृत कर देगें। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में चीन देश एवं भूटान के सीमावर्ती क्षेत्र जो ऋषि ब्रिज के पश्चिम में स्थित है, उस पूरे क्षेत्र को चिकित्सको ने समग्र रूप से एड्स पीड़ित घोषित कर रखा है। अर्थात सौ प्रतिशत लोग एड्स के मरीज है। दक्षिण-पश्चिम नागालैंड, पूर्वी आसाम एवं मणिपुर भी लगभग इसी श्रेणी में रखा गया है। दक्षिण अफ्रिका का रवान्डा, मोजाम्बिया, नामीबिया, सूडान का दक्षिण-पूर्वी भाग भी लगभग शत प्रतिशत इसी श्रेणी में रखा गया है। किन्तु ऊपर के वर्णित सारे देशो-प्रान्तों के निवासियों की औसत उम्र सत्तर वर्ष है। अफ्रिका में इस रोग को मुझे जहां तक याद है, स्थानीय भाषा में "र्ह्यामडीन" और भारत के ऊपर बताये पूर्वोत्तर राज्यों में इसे स्थानीय भाषा में "मिचांग" कहते है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे एड्स के नाम से जाना जाता है। भारत के उपरोक्त राज्यों में इस रोग के उपचार करने वाले चिकित्सक को स्थानीय भाषा में "आमची" कहा जाता है। अफ्रिका में पता नहीं क्या कहते है? हमारे भारत के "कुटजालता" की तरह अफ्रिका में एक पौधा होता है जिसे "वर्सिनिया" कहते है। "गुडूची" के सामान झाड वाले पौधे को वहाँ "सार्डिलोन" कहते है। ये दोनों वनस्पतियाँ अफ्रिका में नरभक्षी के रूप में जानी जाती हैं। प्राकृतिक पर्यावरण एवं जलवायु की भिन्नता के कारण इनकी बनावट एवं क्रिया शैली में थोड़ी बहुत भिन्नता नैसर्गिक रूप से आ जाती है। और यहाँ के स्थानीय चिकित्सक इनकी सहायता से ही "र्ह्यामडीन" की चिकित्सा करते है। पता नहीं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान इसके ऊपर क्यों नहीं खोज करा रहा है। या किसी सशक्त माफिया की प्रतीक्षा कर रहा है। साक्षात जीव निर्माण करने में अपने आप को सक्षम कहने वाला विज्ञान कारण जानने के बावजूद भी जीव के इस रोग का इलाज़ आज तक क्यों नहीं ढूँढ पाया? या केवल शेखी बघारने में ही अपनी पीठ थपथपा कर ज्ञान की शेष विधाओं को अपने नीचे पैरो तले रखना चाहता है। अस्तु, जो भी हो, उपरोक्त औषधियों के अन्दर निहित अति उग्र रासायनिक यौगिक इस वर्त्तमान असाध्य एड्स रोग को समूल नष्ट करने में सक्षम है। सहायता की दृष्टि से इस औषधि निर्माण की संक्षिप्त एवं सरल विधि जो हो सकती है, जन समुदाय के लाभार्थ यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ। उपरोक्त औषधि पदार्थों में तीन प्रकार की वस्तुएं हैं। काष्ठ, द्रव एवं शिला। काष्ठ औषधियों, द्रव एवं शिला में दोःपाँचःदस का अनुपात होना चाहिये. अर्थात यदि दो सेर काष्ठ है तो पांच सेर द्रव एवं दस सेर शिला या पाषाण द्रव्य होना चाहिए। काष्ठ औषधियों को पीतल या ताम्बे के खरल में इतना कूटें कि सब बारीक चूर्ण बन जाय। फिर बार बार छनकर आये मोटे अवशेष को पुनः कूटें। इतनी बार कूटें कि दो सेर में मोटा हिस्सा अंत में एक तोला से ज्यादा न बचे। इसके बाद द्रव पदार्थो को एक में मिलाकर तब तक हलकी आँच पर गर्म करें जब तक कि द्रव पदार्थ एक चौथाई न बच जाय। इसी प्रकार पाषाणीय औषधियों को खरल में खूब महीन कूट लें। अब तीनो को एक में मिलाकर मिटटी की हांडी में रख कर ऊपर मिटटी के ढक्कन को रख कर गीली मिटटी से मुंह बंद कर दें। पांच-पांच सेर भांगरा, अडुलसा और सहिजन की पत्ती लेकर पीड़ित व्यक्ति के पूरे हाथ की गहराई एवं उतनी ही चौड़ाई का गड्ढा खोद कर पत्तियों में हांडी को लपेट कर उस गड्ढे में रख कर साफ़ मिटटी से ढक दें। एक बड़े मिटटी के सकोरे में तिल का तेल भरकर उसमें खड़ी बत्ती जला दें। तथा उस ढके गड्ढे के ऊपर रख दें। सात दिन बाद रात के अँधेरे में उस हंडिया को गड्ढे से बाहर निकालें। उसमें के सारे पदार्थ को किसी बर्तन में निकाल कर छाया में तब तक सुखाएं जब तक वह गोली बनाने योग्य न हो जाय। उसके बाद दस-दस रत्ती की गोली बनाकर रख लें। एक-एक गोली त्रिभष्म के साथ दिन रात मिल कर तीन बार लें। तीसरे सप्ताह परिणाम सामने होगा। इनमें कुछ औषधियों के अनेक नाम हैं। जो विविध स्थान पर विविध नाम से प्राप्त होती हैं। यथा मरैता -इसे भरोय, ग्रीष्म बेल, तिखदोहना, रौन्ठ, निमकाजू तथा बनशतावरि आदि नामो से जाना जाता है। इनके विविध नामो की सूची भैषज्य पार्थक्यम , दिव्य वसुंधरा, भाव विभावरी, भैषज्य रत्नावली, भावार्थ रत्नाकर, भाव प्रकाश, शारंगधर संहिता, चरक संहिता तथा सुश्रुत उपाख्यानम आदि अनेक ऐसे ही ग्रंथो से प्राप्त किये जा सकते है। एक दैव प्रकोप अवश्य है कि जो बेचारा निर्धन होगा वह इसे नहीं कर पायेगा। कारण यह है की ये औषधियाँ बहुत ही मंहंगी मिल रही है। इसका कुछ कारण इन अमोघ प्राकृतिक वनस्पतियो की कालाबाजारी है। तथा दूसरा कुछ का विलुप्त प्राय हो जाना है।
सफेद चाय; चूंकि इसमें चाय की किस्मों जैसे कि काली या हरी चाय का मूल है, इसलिए यह अन्य किस्मों के साथ कई सामान्य विशेषताएं साझा करती है। सफेद चाय के मुख्य गुणों में से एक; यह पॉलीफेनोल्स में समृद्ध है, एक एंटीऑक्सिडेंट जो मुक्त कणों को बेअसर करता है, आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और सेलुलर उम्र बढ़ने को धीमा कर देता है। इसकी रासायनिक संरचना को ध्यान में रखते हुए, सफेद चाय, जो कि ग्रीन टी के समान है, इसकी पॉलीफेनोल और ऑक्सीडेंट की उच्च सामग्री की विशेषता है, लेकिन कम कैफीन एकाग्रता। एंटीऑक्सिडेंट शरीर को मुक्त कणों से बचाने में मदद करते हैं जो हमारे चयापचय को स्वतंत्र रूप से उत्पन्न करते हैं और डीएनए की क्षति और सेलुलर उम्र बढ़ने जैसी कई हानिकारक प्रक्रियाओं का कारण बनते हैं। एंटीऑक्सिडेंट टाइप II मधुमेह जैसी बीमारियों से हमें बचाने में भी महत्वपूर्ण हैं। सफेद चाय एंटीऑक्सिडेंट जैसे कैटेचिन और पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है। इसके ऑक्सीडेंट गुणों के कारण, त्वचा की उम्र बढ़ने से रोकने के लिए सफेद चाय फायदेमंद हो सकती है। त्वचा में कोलेजन के संतुलन का समर्थन करने के लिए विटामिन ई और सी से भरपूर व्हाइट टी का सेवन किया जा सकता है। आपकी त्वचा के लिए कोलेजन पूरक आप उन उत्पादों को खरीद सकते हैं जिन्हें आप ढूंढ रहे हैं दिन2दिनतुम इसमें पा सकते हो। विभिन्न प्रकार की चाय में एक प्रभाव होता है जो विभिन्न प्रकार के जीवाणुओं के खिलाफ कीटाणुरहित करने में मदद करता है, विशेष रूप से आंत और त्वचा या श्लेष्मा झिल्ली में पाए जाने वाले कुछ रोगजनकों। पॉलीफेनॉल्स भी इस प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं, और सफेद चाय उच्चतम पॉलीफेनोल एकाग्रता के साथ चाय में से एक है। दंत पट्टिका के कारण खराब सांस का मुकाबला करने में पॉलीफेनोल भी बहुत उपयोगी हो सकता है। वजन कम करने के लिए डाइटिंग करते समय अक्सर सभी चाय का उपयोग किया जाता है। चाय शरीर की तरल जरूरतों को पूरा करती है और मूत्रवर्धक की मदद कर सकती है। इस कारण से, वे चयापचय को उत्तेजित करके हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। वजन कम करने के लिए मेटाबॉलिज्म का स्टिम्युलेशन महत्वपूर्ण है। इस संबंध में सफेद चाय की एक और विशेषता यह है कि यह तृप्ति प्रदान करती है और कैलोरी में कम है। कई स्वस्थ फलों और सब्जियों की तरह, सफेद चाय फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर होती है जो उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करती है। सफेद चाय; रक्तचाप को कम करके विभिन्न हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करना फायदेमंद है।
सफेद चाय; चूंकि इसमें चाय की किस्मों जैसे कि काली या हरी चाय का मूल है, इसलिए यह अन्य किस्मों के साथ कई सामान्य विशेषताएं साझा करती है। सफेद चाय के मुख्य गुणों में से एक; यह पॉलीफेनोल्स में समृद्ध है, एक एंटीऑक्सिडेंट जो मुक्त कणों को बेअसर करता है, आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और सेलुलर उम्र बढ़ने को धीमा कर देता है। इसकी रासायनिक संरचना को ध्यान में रखते हुए, सफेद चाय, जो कि ग्रीन टी के समान है, इसकी पॉलीफेनोल और ऑक्सीडेंट की उच्च सामग्री की विशेषता है, लेकिन कम कैफीन एकाग्रता। एंटीऑक्सिडेंट शरीर को मुक्त कणों से बचाने में मदद करते हैं जो हमारे चयापचय को स्वतंत्र रूप से उत्पन्न करते हैं और डीएनए की क्षति और सेलुलर उम्र बढ़ने जैसी कई हानिकारक प्रक्रियाओं का कारण बनते हैं। एंटीऑक्सिडेंट टाइप II मधुमेह जैसी बीमारियों से हमें बचाने में भी महत्वपूर्ण हैं। सफेद चाय एंटीऑक्सिडेंट जैसे कैटेचिन और पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है। इसके ऑक्सीडेंट गुणों के कारण, त्वचा की उम्र बढ़ने से रोकने के लिए सफेद चाय फायदेमंद हो सकती है। त्वचा में कोलेजन के संतुलन का समर्थन करने के लिए विटामिन ई और सी से भरपूर व्हाइट टी का सेवन किया जा सकता है। आपकी त्वचा के लिए कोलेजन पूरक आप उन उत्पादों को खरीद सकते हैं जिन्हें आप ढूंढ रहे हैं दिनदोदिनतुम इसमें पा सकते हो। विभिन्न प्रकार की चाय में एक प्रभाव होता है जो विभिन्न प्रकार के जीवाणुओं के खिलाफ कीटाणुरहित करने में मदद करता है, विशेष रूप से आंत और त्वचा या श्लेष्मा झिल्ली में पाए जाने वाले कुछ रोगजनकों। पॉलीफेनॉल्स भी इस प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं, और सफेद चाय उच्चतम पॉलीफेनोल एकाग्रता के साथ चाय में से एक है। दंत पट्टिका के कारण खराब सांस का मुकाबला करने में पॉलीफेनोल भी बहुत उपयोगी हो सकता है। वजन कम करने के लिए डाइटिंग करते समय अक्सर सभी चाय का उपयोग किया जाता है। चाय शरीर की तरल जरूरतों को पूरा करती है और मूत्रवर्धक की मदद कर सकती है। इस कारण से, वे चयापचय को उत्तेजित करके हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। वजन कम करने के लिए मेटाबॉलिज्म का स्टिम्युलेशन महत्वपूर्ण है। इस संबंध में सफेद चाय की एक और विशेषता यह है कि यह तृप्ति प्रदान करती है और कैलोरी में कम है। कई स्वस्थ फलों और सब्जियों की तरह, सफेद चाय फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर होती है जो उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करती है। सफेद चाय; रक्तचाप को कम करके विभिन्न हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करना फायदेमंद है।
मुंबईः क्रिस ब्राड भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली विश्व टी20 सेमीफाइनल के मैच रेफरी जबकि रिचर्ड केटेलबोरोग और इयान गाउल्ड अंपार होंगे। आईसीसी ने अपने बयान में कहा, दो पूर्व चैंपियनों भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने मुकाबले में रिचर्ड कैटेलबोरोग और इयान गाउल्ड अंपायर जबकि मारियास इरासमुस तीसरे अंपायर और माइकल गॉ चौथे अंपायर होंगे। क्रिस ब्राड मैच रेफरी होंगे। दिल्ली में आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की महिला टीमों के सेमीफाइनल मैच में क्रिस गैफनी और एस रवि अंपायर, जोएल विल्सन तीसरे अंपायर और रेनमोर मार्टिनेज चौथे अंपायर होंगे। जैफ क्रो मैच रेफरी होंगे। दिल्ली में ही इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की पुरूष टीमों के बीच सेमीफाइनल में कुमार धर्मसेना और रोड टकर अंपायर, ब्रू्रस ओक्सनफोर्ड तीसरे और जोएल विल्सन चौथे अंपायर होंगें। डेविड बून मैच रेफरी की भूमिका निभाएंगे। महिलाओं का मुंबई में होने वाला दूसरा सेमीफाइनल न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला जाएगा जिसमें रिचर्ड इलिंगवर्थ और निजेल शार्ट अंपयर, पाल रीफेल तीसरे और साइमन फ्राय चौथे अंपायर होंगे। जवागल श्रीनाथ मैच रेफरी होंगे।
मुंबईः क्रिस ब्राड भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली विश्व टीबीस सेमीफाइनल के मैच रेफरी जबकि रिचर्ड केटेलबोरोग और इयान गाउल्ड अंपार होंगे। आईसीसी ने अपने बयान में कहा, दो पूर्व चैंपियनों भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने मुकाबले में रिचर्ड कैटेलबोरोग और इयान गाउल्ड अंपायर जबकि मारियास इरासमुस तीसरे अंपायर और माइकल गॉ चौथे अंपायर होंगे। क्रिस ब्राड मैच रेफरी होंगे। दिल्ली में आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की महिला टीमों के सेमीफाइनल मैच में क्रिस गैफनी और एस रवि अंपायर, जोएल विल्सन तीसरे अंपायर और रेनमोर मार्टिनेज चौथे अंपायर होंगे। जैफ क्रो मैच रेफरी होंगे। दिल्ली में ही इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की पुरूष टीमों के बीच सेमीफाइनल में कुमार धर्मसेना और रोड टकर अंपायर, ब्रू्रस ओक्सनफोर्ड तीसरे और जोएल विल्सन चौथे अंपायर होंगें। डेविड बून मैच रेफरी की भूमिका निभाएंगे। महिलाओं का मुंबई में होने वाला दूसरा सेमीफाइनल न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला जाएगा जिसमें रिचर्ड इलिंगवर्थ और निजेल शार्ट अंपयर, पाल रीफेल तीसरे और साइमन फ्राय चौथे अंपायर होंगे। जवागल श्रीनाथ मैच रेफरी होंगे।
Sennheiser से सीएक्स श्रृंखलासस्ती लेकिन गतिशील हेडफोन की युवा लाइन के रूप में कल्पना की गई थी। जोर कम आवृत्तियों पर है, जो एक शक्तिशाली ध्वनि प्रभाव पैदा करता है, लेकिन पूरी श्रेणी पर अच्छे अध्ययन के बारे में बात करने के लिए आवश्यक नहीं है। हालांकि, परिवार के प्रत्येक सदस्य के पास अपनी विशेषताओं और प्रजनन के चरित्र हैं। सामान्य तौर पर, हेडफोन Sennheiser सीएक्स 200 स्ट्रीट द्वितीय सभ्य दिखते हैं, 1000-1200 रूबल की मामूली कीमत को देखते हुए। यह परिवार का छोटा संस्करण नहीं है, बल्कि मध्यम वर्ग से भी संबंधित नहीं है। और क्या दिलचस्प हैः बशर्ते लाइनर का इष्टतम चयन सभ्य शोर इन्सुलेशन प्रदान कर सकता है, जो परिवेश की ध्वनियों के लिए प्रभावी बाधा बन जाता है। बेशक, अधिक महंगे मॉडल के लिए इस तरह के एक सेट को कम से कम या कम से कम बुनियादी माना जाता है, लेकिन Sennheiser सीएक्स 200 प्रवेश स्तर का प्रतिनिधित्व करता है, और इस स्थिति के लिए एक अच्छी छूट दी जानी चाहिए। जैसा कि ज्यादातर मॉडलों की विशिष्ट हैनिर्माता, एक महान प्रभाव का दावा किया गुणों का उत्पादन नहीं करते लेकिन आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि प्रत्येक पैरामीटर व्यवहार में अपने प्रदर्शन का भी अभ्यास करेगा, और कुछ मामलों में यह निर्दिष्ट मानों से अधिक हो जाएगा। इसलिए, मॉडल Sennheiser CX 200 की विशेषताएं इस तरह दिखेंगीः इस का एक दिलचस्प एर्गोनोमिक फीचरमॉडल उंगलियों के लिए एक आरामदायक पकड़ की उपस्थिति है। निर्धारण की पद्धति के लिए, इसका उपयोग करना इतना सुविधाजनक नहीं है वैसे भी, ऐसे सुधारों के ऐसे स्तर के निर्माता आम तौर पर बिल्कुल नहीं सोचते हैं, लेकिन ये छोटी चीजें जैसे उपयोगकर्ता अत्यधिक सराहना करते हैं अपेक्षाकृत सममित केबल, जो हेडफोन Sennheiser सीएक्स 200 के साथ आपूर्ति की जाती है, राय इतनी स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई प्रशंसक और इस तरह के समाधान हैं। हालांकि, इस प्रारूप में आधुनिक मॉडल कम और कम उत्पादित होते हैं। लेकिन कान के कुशन में सिलिकॉन नरम सामग्री का स्पष्ट फायदा हुआ है - बाहरी शोर के प्रति उत्कृष्ट संरक्षण प्रदान करने के अलावा, यह ध्यान दिया जाता है कि प्लग कानों में आराम से फिट होते हैं। नोटिंग के अलावा हेडफोन की बहुमुखी प्रतिभा है वे न केवल खिलाड़ियों के साथ, बल्कि डीवीडी, आईफोन और आइपॉड की संगीत विशेषताओं को भी उजागर करते हैं, और पारंपरिक मीडिया खिलाड़ियों के साथ काम करने के लिए भी उपयुक्त हैं। उपस्थिति में, विशेष रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है -यह स्पष्ट है कि डिजाइनरों, अतिसूक्ष्मवाद के सिद्धांतों द्वारा ही संचालित होते Sennheiser CX 200 समीक्षा एक ही समय में साफ बनाने विधानसभा आवास, जो नौच साथ क्वार्टर गोलाकार आकृति में है की सराहना की। कुल मिलाकर, डिजाइन सरल और विनीत लग रहा है। सममित तार एक अत्यंत छोटे मोटाई कई इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर शक बनाता है। लेकिन यह, क्योंकि निर्माता, केबल अंतरिक्ष के सभी संभावित कमजोरियों को ध्यान में रखा गया है इसके रबर आवरण को मजबूत बनाने व्यर्थ है। वहाँ एक और जिज्ञासु अति सूक्ष्म अंतर है तथ्य यह है कि कॉर्ड की बाहरी समाप्ति एक विशेष सामग्रियों द्वारा प्रस्तुत की जाती है, जो स्वेच्छा से धूल और मलबे के छोटे कणों से चिपक जाती है। इसलिए, Sennheiser सीएक्स 200 हेडफ़ोन अतिरिक्त देखभाल उपायों की आवश्यकता होती है, अन्यथा स्पीकर को पकड़ने का खतरा होता है। अन्य मामलों में, हेडफ़ोन की डिजाइन और डिज़ाइन की गुणवत्ता का विकास गंभीर शिकायतों का कारण नहीं है। परिवार के अन्य सदस्यों के मुकाबलेसीएक्स, बल्कि यह मॉडल ऊपरी आवृत्ति रेंज के साथ काम करने के लिए उन्मुख है। औसत स्तर भी अच्छी तरह से निर्धारित है, लेकिन बास के साथ कुछ कठिनाइयां हैं - जैसा कि श्रोताओं का ध्यान है, निचला स्पेक्ट्रम को लुप्त या अन्य आवृत्तियों से दब गया है। कम से कम, भारी संगीत का पूरा खुलासा सवाल से बाहर है हालांकि, Sennheiser सीएक्स 200 स्ट्रीट द्वितीय डिवाइस की आयाम-आवृत्ति विशेषताओं को समायोजित करने, तुल्यकारक सेटिंग्स के माध्यम से स्थिति को थोड़ा कम करना संभव है। समीक्षाएं भी वक्ताओं की उच्च संवेदनशीलता के बारे में बात करते हैं। यहां तक कि एक कमजोर संकेत के प्रजनन को लाउडनेस के अच्छे अंतर की भावना भी मिलती है। आप घर पर और सड़क पर इस मॉडल का उपयोग कर सकते हैं कमरे में, डिवाइस काफी सुस्पष्ट प्रदान करता है, जो कि कुछ जटिल हिस्सों का भी उचित प्रसंस्करण महसूस करता है। सड़क पर बहुत सारे ऑडीओफ़ाइल ध्वनि के ब्योरे के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन ऐसे परिस्थितियों में शोर अलगाव का मुख्य कार्य खुद को अप्रिय तरीके से प्रकट करता है।
Sennheiser से सीएक्स श्रृंखलासस्ती लेकिन गतिशील हेडफोन की युवा लाइन के रूप में कल्पना की गई थी। जोर कम आवृत्तियों पर है, जो एक शक्तिशाली ध्वनि प्रभाव पैदा करता है, लेकिन पूरी श्रेणी पर अच्छे अध्ययन के बारे में बात करने के लिए आवश्यक नहीं है। हालांकि, परिवार के प्रत्येक सदस्य के पास अपनी विशेषताओं और प्रजनन के चरित्र हैं। सामान्य तौर पर, हेडफोन Sennheiser सीएक्स दो सौ स्ट्रीट द्वितीय सभ्य दिखते हैं, एक हज़ार-एक हज़ार दो सौ रूबल की मामूली कीमत को देखते हुए। यह परिवार का छोटा संस्करण नहीं है, बल्कि मध्यम वर्ग से भी संबंधित नहीं है। और क्या दिलचस्प हैः बशर्ते लाइनर का इष्टतम चयन सभ्य शोर इन्सुलेशन प्रदान कर सकता है, जो परिवेश की ध्वनियों के लिए प्रभावी बाधा बन जाता है। बेशक, अधिक महंगे मॉडल के लिए इस तरह के एक सेट को कम से कम या कम से कम बुनियादी माना जाता है, लेकिन Sennheiser सीएक्स दो सौ प्रवेश स्तर का प्रतिनिधित्व करता है, और इस स्थिति के लिए एक अच्छी छूट दी जानी चाहिए। जैसा कि ज्यादातर मॉडलों की विशिष्ट हैनिर्माता, एक महान प्रभाव का दावा किया गुणों का उत्पादन नहीं करते लेकिन आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि प्रत्येक पैरामीटर व्यवहार में अपने प्रदर्शन का भी अभ्यास करेगा, और कुछ मामलों में यह निर्दिष्ट मानों से अधिक हो जाएगा। इसलिए, मॉडल Sennheiser CX दो सौ की विशेषताएं इस तरह दिखेंगीः इस का एक दिलचस्प एर्गोनोमिक फीचरमॉडल उंगलियों के लिए एक आरामदायक पकड़ की उपस्थिति है। निर्धारण की पद्धति के लिए, इसका उपयोग करना इतना सुविधाजनक नहीं है वैसे भी, ऐसे सुधारों के ऐसे स्तर के निर्माता आम तौर पर बिल्कुल नहीं सोचते हैं, लेकिन ये छोटी चीजें जैसे उपयोगकर्ता अत्यधिक सराहना करते हैं अपेक्षाकृत सममित केबल, जो हेडफोन Sennheiser सीएक्स दो सौ के साथ आपूर्ति की जाती है, राय इतनी स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई प्रशंसक और इस तरह के समाधान हैं। हालांकि, इस प्रारूप में आधुनिक मॉडल कम और कम उत्पादित होते हैं। लेकिन कान के कुशन में सिलिकॉन नरम सामग्री का स्पष्ट फायदा हुआ है - बाहरी शोर के प्रति उत्कृष्ट संरक्षण प्रदान करने के अलावा, यह ध्यान दिया जाता है कि प्लग कानों में आराम से फिट होते हैं। नोटिंग के अलावा हेडफोन की बहुमुखी प्रतिभा है वे न केवल खिलाड़ियों के साथ, बल्कि डीवीडी, आईफोन और आइपॉड की संगीत विशेषताओं को भी उजागर करते हैं, और पारंपरिक मीडिया खिलाड़ियों के साथ काम करने के लिए भी उपयुक्त हैं। उपस्थिति में, विशेष रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है -यह स्पष्ट है कि डिजाइनरों, अतिसूक्ष्मवाद के सिद्धांतों द्वारा ही संचालित होते Sennheiser CX दो सौ समीक्षा एक ही समय में साफ बनाने विधानसभा आवास, जो नौच साथ क्वार्टर गोलाकार आकृति में है की सराहना की। कुल मिलाकर, डिजाइन सरल और विनीत लग रहा है। सममित तार एक अत्यंत छोटे मोटाई कई इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर शक बनाता है। लेकिन यह, क्योंकि निर्माता, केबल अंतरिक्ष के सभी संभावित कमजोरियों को ध्यान में रखा गया है इसके रबर आवरण को मजबूत बनाने व्यर्थ है। वहाँ एक और जिज्ञासु अति सूक्ष्म अंतर है तथ्य यह है कि कॉर्ड की बाहरी समाप्ति एक विशेष सामग्रियों द्वारा प्रस्तुत की जाती है, जो स्वेच्छा से धूल और मलबे के छोटे कणों से चिपक जाती है। इसलिए, Sennheiser सीएक्स दो सौ हेडफ़ोन अतिरिक्त देखभाल उपायों की आवश्यकता होती है, अन्यथा स्पीकर को पकड़ने का खतरा होता है। अन्य मामलों में, हेडफ़ोन की डिजाइन और डिज़ाइन की गुणवत्ता का विकास गंभीर शिकायतों का कारण नहीं है। परिवार के अन्य सदस्यों के मुकाबलेसीएक्स, बल्कि यह मॉडल ऊपरी आवृत्ति रेंज के साथ काम करने के लिए उन्मुख है। औसत स्तर भी अच्छी तरह से निर्धारित है, लेकिन बास के साथ कुछ कठिनाइयां हैं - जैसा कि श्रोताओं का ध्यान है, निचला स्पेक्ट्रम को लुप्त या अन्य आवृत्तियों से दब गया है। कम से कम, भारी संगीत का पूरा खुलासा सवाल से बाहर है हालांकि, Sennheiser सीएक्स दो सौ स्ट्रीट द्वितीय डिवाइस की आयाम-आवृत्ति विशेषताओं को समायोजित करने, तुल्यकारक सेटिंग्स के माध्यम से स्थिति को थोड़ा कम करना संभव है। समीक्षाएं भी वक्ताओं की उच्च संवेदनशीलता के बारे में बात करते हैं। यहां तक कि एक कमजोर संकेत के प्रजनन को लाउडनेस के अच्छे अंतर की भावना भी मिलती है। आप घर पर और सड़क पर इस मॉडल का उपयोग कर सकते हैं कमरे में, डिवाइस काफी सुस्पष्ट प्रदान करता है, जो कि कुछ जटिल हिस्सों का भी उचित प्रसंस्करण महसूस करता है। सड़क पर बहुत सारे ऑडीओफ़ाइल ध्वनि के ब्योरे के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन ऐसे परिस्थितियों में शोर अलगाव का मुख्य कार्य खुद को अप्रिय तरीके से प्रकट करता है।
मुंबई, पांच फरवरी रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि तीन निवेशकों ने संकटग्रस्त पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक की पुनर्संरचना के लिये प्रस्ताव प्रस्तुत किये हैं। दास ने कहा कि इन प्रस्तावों का मूल्यांकन चल रहा है। पीएमसी बैंक के प्रशासक एके दीक्षित ने पिछले महीने बताया था कि तीन संभावित निवेशकों को उनके अंतिम प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिये एक फरवरी 2021 तक का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के बाद बैंक आरबीआई से संपर्क करेगा। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
मुंबई, पांच फरवरी रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि तीन निवेशकों ने संकटग्रस्त पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैंक की पुनर्संरचना के लिये प्रस्ताव प्रस्तुत किये हैं। दास ने कहा कि इन प्रस्तावों का मूल्यांकन चल रहा है। पीएमसी बैंक के प्रशासक एके दीक्षित ने पिछले महीने बताया था कि तीन संभावित निवेशकों को उनके अंतिम प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिये एक फरवरी दो हज़ार इक्कीस तक का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के बाद बैंक आरबीआई से संपर्क करेगा। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
राजकुमार हिरानी द्वारा निर्देशित फिल्म 'संजू' बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है। इस फिल्म ने कई फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और कई नए रिकॉर्ड भी बनाए हैं। रिलीज के आठ दिन में ही यह फिल्म लगभग 202.51 करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है। संजय दत्त की ये बायोपिक हिरानी की मास्टर पीस बताई जा रही है। वहीं अब इस फिल्म को लेकर चौंकाने वाली खबर आ रही है। खबरों के अनुसार संजू देखने के बाद और दर्शको के मिले रिस्पांस से संजय दत्त इतने ज्यादा खुश है की उन्होंने संजू 2 बनाने की डिमांड कर डाली है। संजय दत्त चाहते हैं कि उनकी जिंदगी पर एक और फिल्म बनें। आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि फिल्म के राइटर अभिजात जोशी भी उनकी बात से सहमत हैं। अभिजात के मुताबिक संजय दत्त की कहानी 800 से भी ज्यादा पन्नों पर लिखी थी। जिनमें से बमुश्किल 200 पेज यूज़ हुए हैं। अभी भी उनकी कहानी से इतना मैटर बचा है कि संजू 2 बन सकती है। लेकिन अगर आप सोच रहे है संजू की दूसरी पार्ट बॉक्स ऑफिस पर आएगी तो ऐसा होना फिलहाल मुमकिन नहीं है। क्योंकि राजकुमार हिरानी ने इसकी दूसरी पार्ट बनाने से साफ़ मन कर दिया है। क्योंकि उनका कहना है की एक व्यक्ति की कहानी एक बार ही और एक ही तरीके से बताई जाए तो अच्छा है। मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस वहीदा रहमान का नाम 53वें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इसकी जानकारी केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने एक्स हैंडल पर दी है। उन्होंने अदाकारा के काम की तारीफ की है और कहा कि वो इसका ऐलान करके खुद सम्मानजनक महसूस कर रहे हैं। पिछले साल यह सम्मान आशा पारेख को मिला था। अनुराग ठाकुर ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे यह ऐलान करते हुए बेहद खुशी और सम्मान महसूस हो रहा है कि वहीदा रहमान जी को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए इस साल प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है।
राजकुमार हिरानी द्वारा निर्देशित फिल्म 'संजू' बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है। इस फिल्म ने कई फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और कई नए रिकॉर्ड भी बनाए हैं। रिलीज के आठ दिन में ही यह फिल्म लगभग दो सौ दो.इक्यावन करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है। संजय दत्त की ये बायोपिक हिरानी की मास्टर पीस बताई जा रही है। वहीं अब इस फिल्म को लेकर चौंकाने वाली खबर आ रही है। खबरों के अनुसार संजू देखने के बाद और दर्शको के मिले रिस्पांस से संजय दत्त इतने ज्यादा खुश है की उन्होंने संजू दो बनाने की डिमांड कर डाली है। संजय दत्त चाहते हैं कि उनकी जिंदगी पर एक और फिल्म बनें। आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि फिल्म के राइटर अभिजात जोशी भी उनकी बात से सहमत हैं। अभिजात के मुताबिक संजय दत्त की कहानी आठ सौ से भी ज्यादा पन्नों पर लिखी थी। जिनमें से बमुश्किल दो सौ पेज यूज़ हुए हैं। अभी भी उनकी कहानी से इतना मैटर बचा है कि संजू दो बन सकती है। लेकिन अगर आप सोच रहे है संजू की दूसरी पार्ट बॉक्स ऑफिस पर आएगी तो ऐसा होना फिलहाल मुमकिन नहीं है। क्योंकि राजकुमार हिरानी ने इसकी दूसरी पार्ट बनाने से साफ़ मन कर दिया है। क्योंकि उनका कहना है की एक व्यक्ति की कहानी एक बार ही और एक ही तरीके से बताई जाए तो अच्छा है। मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस वहीदा रहमान का नाम तिरेपनवें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इसकी जानकारी केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने एक्स हैंडल पर दी है। उन्होंने अदाकारा के काम की तारीफ की है और कहा कि वो इसका ऐलान करके खुद सम्मानजनक महसूस कर रहे हैं। पिछले साल यह सम्मान आशा पारेख को मिला था। अनुराग ठाकुर ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे यह ऐलान करते हुए बेहद खुशी और सम्मान महसूस हो रहा है कि वहीदा रहमान जी को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए इस साल प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है।
चर्चा में क्यों? 13 दिसंबर, 2023 को हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि नरवाना के गैबी साहिब मंदिर तालाब को ऐतिहासिक धरोहर बनाया जाएगा। - उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस पर 5 करोड़ 63 लाख रुपए खर्च किये जाएंगे। इसके धरोहर बनने से नरवाना हल्का की अलग पहचान बनेगी। - उप-मुख्यमंत्रीने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नरवाना हल्के के विकास कार्यों के लिये अब तक 800 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। - उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गाँवों में व्यायामशाला, पार्क, तालाबों का सौंदर्यीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत घर, युवाओं के लिये जिम का सामान, लाईब्रेरी, गाँव की फिरनी, सामूहिक चौपाल, गलियों का निर्माण व अन्य कार्यों का निर्माण करवाया गया है। - उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1100 लाइब्रेरियाँ बनाई जा चुकी हैं, इन लाइब्रेरियों के बन जाने से प्रत्येक गाँवों का युवा शिक्षित तो होगा ही, साथ ही उनको रोज़गार के अवसर भी प्रदान होंगे।
चर्चा में क्यों? तेरह दिसंबर, दो हज़ार तेईस को हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि नरवाना के गैबी साहिब मंदिर तालाब को ऐतिहासिक धरोहर बनाया जाएगा। - उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस पर पाँच करोड़ तिरेसठ लाख रुपए खर्च किये जाएंगे। इसके धरोहर बनने से नरवाना हल्का की अलग पहचान बनेगी। - उप-मुख्यमंत्रीने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नरवाना हल्के के विकास कार्यों के लिये अब तक आठ सौ करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। - उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गाँवों में व्यायामशाला, पार्क, तालाबों का सौंदर्यीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत घर, युवाओं के लिये जिम का सामान, लाईब्रेरी, गाँव की फिरनी, सामूहिक चौपाल, गलियों का निर्माण व अन्य कार्यों का निर्माण करवाया गया है। - उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक हज़ार एक सौ लाइब्रेरियाँ बनाई जा चुकी हैं, इन लाइब्रेरियों के बन जाने से प्रत्येक गाँवों का युवा शिक्षित तो होगा ही, साथ ही उनको रोज़गार के अवसर भी प्रदान होंगे।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और नीति निर्माताओं को निशाना साधते हुए कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने की ओर अग्रसर है और इसकी देखरेख वे कर रहे हैं जो 'अक्षम डॉक्टर' हैं। भारतीय उद्योग जगत ने बजट का मोटे तौर पर स्वागत किया है और इसके कुछ उपायों की तारीफ की है। उद्योग ने सबसे ज़्यादा खुशी लाभांश पर दिए जाने वाले कर को हटाने पर जताई है। लेकिन कुछ दूसरी घोषणाओं पर आशंका भी जताई है।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और नीति निर्माताओं को निशाना साधते हुए कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने की ओर अग्रसर है और इसकी देखरेख वे कर रहे हैं जो 'अक्षम डॉक्टर' हैं। भारतीय उद्योग जगत ने बजट का मोटे तौर पर स्वागत किया है और इसके कुछ उपायों की तारीफ की है। उद्योग ने सबसे ज़्यादा खुशी लाभांश पर दिए जाने वाले कर को हटाने पर जताई है। लेकिन कुछ दूसरी घोषणाओं पर आशंका भी जताई है।
(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS)) बेनोनीः आईसीसी अंडर19 महिला टी20 विश्व कप 2023 की इवेंट टेक्निकल कमेटी ने भारत की टीम में चोटिल हर्ले गाला की जगह यशश्री सोपदांधी को टीम में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। यशश्री को प्रतिस्थापन के रूप में नामित किया गया था, जब हर्ले को अपने दाहिने अंगूठे में चोट लगने के बाद टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। मुंबई की 16 वर्षीय तेज गेंदबाज हर्ले भारत अंडर-19 के अब तक खेले गए दो मैचों में अंतिम एकादश में नहीं खेली थीं। आईसीसी ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में सूचित किया कि किसी खिलाड़ी की जगह लेने के लिए इवेंट तकनीकी समिति के अनुमोदन की आवश्यकता होती है, इससे पहले कि प्रतिस्थापन खिलाड़ी को आधिकारिक तौर पर टीम में जोड़ा जा सके। आईसीसी अंडर19 महिला टी20 विश्व कप 2023 की इवेंट तकनीकी समिति में सारा एडगर (चेयर), आईसीसी सीनियर मैनेजर इवेंट आपरेशंस, स्नेहल प्रधान, आईसीसी महिला क्रिकेट मैनेजर, सिवुयाइल मकिंगवाना, टूर्नामेंट निदेशक क्लेयर टेरब्लांच, (क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका) शामिल हैं। भारत ने अंडर19 महिला विश्व कप में अब तक अपने दोनों मैच जीते हैं, दक्षिण अफ्रीका अंडर19 को सात विकेट से और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 122 रनों से हराया था। डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
) बेनोनीः आईसीसी अंडरउन्नीस महिला टीबीस विश्व कप दो हज़ार तेईस की इवेंट टेक्निकल कमेटी ने भारत की टीम में चोटिल हर्ले गाला की जगह यशश्री सोपदांधी को टीम में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। यशश्री को प्रतिस्थापन के रूप में नामित किया गया था, जब हर्ले को अपने दाहिने अंगूठे में चोट लगने के बाद टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। मुंबई की सोलह वर्षीय तेज गेंदबाज हर्ले भारत अंडर-उन्नीस के अब तक खेले गए दो मैचों में अंतिम एकादश में नहीं खेली थीं। आईसीसी ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में सूचित किया कि किसी खिलाड़ी की जगह लेने के लिए इवेंट तकनीकी समिति के अनुमोदन की आवश्यकता होती है, इससे पहले कि प्रतिस्थापन खिलाड़ी को आधिकारिक तौर पर टीम में जोड़ा जा सके। आईसीसी अंडरउन्नीस महिला टीबीस विश्व कप दो हज़ार तेईस की इवेंट तकनीकी समिति में सारा एडगर , आईसीसी सीनियर मैनेजर इवेंट आपरेशंस, स्नेहल प्रधान, आईसीसी महिला क्रिकेट मैनेजर, सिवुयाइल मकिंगवाना, टूर्नामेंट निदेशक क्लेयर टेरब्लांच, शामिल हैं। भारत ने अंडरउन्नीस महिला विश्व कप में अब तक अपने दोनों मैच जीते हैं, दक्षिण अफ्रीका अंडरउन्नीस को सात विकेट से और संयुक्त अरब अमीरात को एक सौ बाईस रनों से हराया था। डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? आंखों में खुजली जलन जैसी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए आंवला की गुठली काफी फायदेमंद होती है। इसे पीस कर आंखों पर लगाने से काफी आराम मिलता है। पथरी की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। इस दिक्कत से छुटकारा पाने के लिए आंवले की गुठली के चूर्ण का सेवन करना चाहिए। पीलिया यानी जॉन्डिस (jaundice) में अगर आप आंवले का सेवन करते हैं, तो यह काफी लाभदायक है. आप इसका सेवन किसी भी रूप में कर सकते हैं. चूर्ण, चटनी, उबालकर खाने में, दाल में, या फिर इसके जूस का सेवन कर सकते हैं। ल्यूकोरिया महिलाओं में यह परेशानी काफी देखी जाती है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए आंवले की गुठली का सेवन किया जा सकता है। इसका सेवन करने के लिए 3 आंवले के बीज तो 6 ग्राम पानी के साथ पीस लें। फिर इसे एक गिलास पानी में ठीक तरीके से मिक्स कर लें। इसके बाद इसमें 1 चम्मच शहद और थोड़ी सी मिश्रा मिला कर पिएं। नकसीर फूटने पर आंवले की गुठली काफी लाभदायक होती है। इसके लिए आंवले के बीजों को घी में तल कर पीस लें। इस पेस्ट को माथे पर लगा लें।
- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? आंखों में खुजली जलन जैसी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए आंवला की गुठली काफी फायदेमंद होती है। इसे पीस कर आंखों पर लगाने से काफी आराम मिलता है। पथरी की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। इस दिक्कत से छुटकारा पाने के लिए आंवले की गुठली के चूर्ण का सेवन करना चाहिए। पीलिया यानी जॉन्डिस में अगर आप आंवले का सेवन करते हैं, तो यह काफी लाभदायक है. आप इसका सेवन किसी भी रूप में कर सकते हैं. चूर्ण, चटनी, उबालकर खाने में, दाल में, या फिर इसके जूस का सेवन कर सकते हैं। ल्यूकोरिया महिलाओं में यह परेशानी काफी देखी जाती है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए आंवले की गुठली का सेवन किया जा सकता है। इसका सेवन करने के लिए तीन आंवले के बीज तो छः ग्राम पानी के साथ पीस लें। फिर इसे एक गिलास पानी में ठीक तरीके से मिक्स कर लें। इसके बाद इसमें एक चम्मच शहद और थोड़ी सी मिश्रा मिला कर पिएं। नकसीर फूटने पर आंवले की गुठली काफी लाभदायक होती है। इसके लिए आंवले के बीजों को घी में तल कर पीस लें। इस पेस्ट को माथे पर लगा लें।