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हरिद्वार। चार धाम यात्रा की मई से शुरुआत होने जा रही है। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लिए है। धर्मनगरी हरिद्वार से चार धाम यात्रा के लिए गुजरात से आए श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार को माया देवी प्रांगण से रवाना हुआ। यात्रियों को चारधाम रवाना करने के लिए प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद मौजूद रहे। चार धाम यात्रा को लेकर व्यापारी खासे उत्साहित हैं। कारण की दो वर्षों बाद यात्रा का कोरोना के बाद पुनः उत्साह नजर आ रहा है।
बता दें की 03 मई से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसके लिए गुजरात से आए यात्रियों का पहला जत्था आज हरिद्वार के माया देवी मंदिर प्रांगण से रवाना हुआ। पहले जत्थे में गुजरात से आए लगभग 40 लोग शामिल हैं।
सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि चार धाम यात्रा को जाने वाले यात्रियों का पहला जत्था हरिद्वार के माया देवी प्रांगण से रवाना किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री चारधाम यात्रा को लेकर लगातार बैठक ले रहे हैं। उनके द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रदेश सरकार चारधाम यात्रा में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेगी और यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसका ख्याल रखेगी।
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हरिद्वार। चार धाम यात्रा की मई से शुरुआत होने जा रही है। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लिए है। धर्मनगरी हरिद्वार से चार धाम यात्रा के लिए गुजरात से आए श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार को माया देवी प्रांगण से रवाना हुआ। यात्रियों को चारधाम रवाना करने के लिए प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद मौजूद रहे। चार धाम यात्रा को लेकर व्यापारी खासे उत्साहित हैं। कारण की दो वर्षों बाद यात्रा का कोरोना के बाद पुनः उत्साह नजर आ रहा है। बता दें की तीन मई से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसके लिए गुजरात से आए यात्रियों का पहला जत्था आज हरिद्वार के माया देवी मंदिर प्रांगण से रवाना हुआ। पहले जत्थे में गुजरात से आए लगभग चालीस लोग शामिल हैं। सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि चार धाम यात्रा को जाने वाले यात्रियों का पहला जत्था हरिद्वार के माया देवी प्रांगण से रवाना किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री चारधाम यात्रा को लेकर लगातार बैठक ले रहे हैं। उनके द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रदेश सरकार चारधाम यात्रा में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेगी और यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसका ख्याल रखेगी।
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अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से एक अन्य तलाशी अभियान सीमावर्ती चक मंगू इलाके में चलाया. उन्होंने बताया कि इस तलाशी अभियान में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान में जंग लगा ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किया है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और पुलिस पार्टी ने बड़ी ब्रहमना इलाके के खिडिया गांव में तलाशी अभियान चलाया और बुधवार रात को एक जंग लगा ग्रेनेड, 191 राउंड गोली और 20 चार्जर क्लिप बरामद किया.
अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से एक अन्य तलाशी अभियान सीमावर्ती चक मंगू इलाके में चलाया. उन्होंने बताया कि इस तलाशी अभियान में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
वहीं, शोपियां जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर जिले के जीपोरा इलाके में तलाश और घेराबंदी अभियान चलाया.
उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलाईं और जवानों ने इसका जवाब दिया जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए.
पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की शिनाख्त कुलगाम निवासी सब्जार अहमद और शोपियां निवासी आमिर भट्ट के रूप में हुई थी. उन्होंने बताया कि दोनों आतंकी हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े थे और आतंकवाद के कई मामलों में शामिल थे.
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अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से एक अन्य तलाशी अभियान सीमावर्ती चक मंगू इलाके में चलाया. उन्होंने बताया कि इस तलाशी अभियान में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान में जंग लगा ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किया है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और पुलिस पार्टी ने बड़ी ब्रहमना इलाके के खिडिया गांव में तलाशी अभियान चलाया और बुधवार रात को एक जंग लगा ग्रेनेड, एक सौ इक्यानवे राउंड गोली और बीस चार्जर क्लिप बरामद किया. अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से एक अन्य तलाशी अभियान सीमावर्ती चक मंगू इलाके में चलाया. उन्होंने बताया कि इस तलाशी अभियान में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. वहीं, शोपियां जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर जिले के जीपोरा इलाके में तलाश और घेराबंदी अभियान चलाया. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलाईं और जवानों ने इसका जवाब दिया जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए. पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की शिनाख्त कुलगाम निवासी सब्जार अहमद और शोपियां निवासी आमिर भट्ट के रूप में हुई थी. उन्होंने बताया कि दोनों आतंकी हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े थे और आतंकवाद के कई मामलों में शामिल थे.
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एसपी मुखर्जी पार्क का शुमार भुवनेश्वर के सबसे खूबसूरत पार्कों में होता है। पार्क बेहद उत्कृष्ट तरीके से सजाया गया है ताकि लोग यहां आराम के कुछ पल बिता सकें। सुंदर पगडंडी, विशाल बेंच और जॉगिंग ट्रेक पार्क को और भी खूबसूरत बना देते हैं।
यहां की हरियाली को देखकर कोई भी पार्क के वातावरण का मुरीद हुए बिना नहीं रह सकता है। आप जब एक बार पार्क में प्रवेश कर जाएंगे तो यहां से जाने का मन नहीं करेगा। पार्क में फूलों की क्यारियां, हरी-भरी झाड़ियां और जलाशय इसे और भी समृद्ध बना देते हैं।
पार्क में सुबह 5 बजे से 8 बजे तक और शाम में 4 बजे से रात 8 बने तक लोगों के प्रवेश की अनुमति रहती है।
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एसपी मुखर्जी पार्क का शुमार भुवनेश्वर के सबसे खूबसूरत पार्कों में होता है। पार्क बेहद उत्कृष्ट तरीके से सजाया गया है ताकि लोग यहां आराम के कुछ पल बिता सकें। सुंदर पगडंडी, विशाल बेंच और जॉगिंग ट्रेक पार्क को और भी खूबसूरत बना देते हैं। यहां की हरियाली को देखकर कोई भी पार्क के वातावरण का मुरीद हुए बिना नहीं रह सकता है। आप जब एक बार पार्क में प्रवेश कर जाएंगे तो यहां से जाने का मन नहीं करेगा। पार्क में फूलों की क्यारियां, हरी-भरी झाड़ियां और जलाशय इसे और भी समृद्ध बना देते हैं। पार्क में सुबह पाँच बजे से आठ बजे तक और शाम में चार बजे से रात आठ बने तक लोगों के प्रवेश की अनुमति रहती है।
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- #BhopalMP मानसून सत्र के पहले दिन अमित शाह का तय हुआ अचानक दौरा, भोपाल की शाम को क्या होगा 'मंगल'?
भोपाल, 18 फरवरी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है। दो शादीशुदा महिलाएं एक दूसरे को दिल दे बैठी और पति व बच्चों को छोड़ककर शादी तक रचा ली।
नेपाली महिला के दो बच्चे हैं, जबकि भोपाल में रहने वाली महिला का एक बच्चा है। भोपाल में रहने वाली महिला अपने पति से अलग रह रही थी। शिमला में रहने वाली महिला अपने पति को छोड़कर आई थी। शिमला में महिला के पति ने पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इधर, जब इस बात की जानकारी नेपाली संगठन को लगी उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने महिला अपराध शाखा देखने वाली एडीसीपी रिचा चौबे को पूरी बात बताई। चौबे ने मामले की गंभीरता देख तुरंत कार्रवाई की। पता चला कि नेपाली महिला निशातपुरा थाना इलाके में रह रही है। इस बीच महिला का पति भी नेपाली संगठन के जरिए शिमला से भोपाल आ गया।
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- #BhopalMP मानसून सत्र के पहले दिन अमित शाह का तय हुआ अचानक दौरा, भोपाल की शाम को क्या होगा 'मंगल'? भोपाल, अट्ठारह फरवरी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है। दो शादीशुदा महिलाएं एक दूसरे को दिल दे बैठी और पति व बच्चों को छोड़ककर शादी तक रचा ली। नेपाली महिला के दो बच्चे हैं, जबकि भोपाल में रहने वाली महिला का एक बच्चा है। भोपाल में रहने वाली महिला अपने पति से अलग रह रही थी। शिमला में रहने वाली महिला अपने पति को छोड़कर आई थी। शिमला में महिला के पति ने पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इधर, जब इस बात की जानकारी नेपाली संगठन को लगी उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने महिला अपराध शाखा देखने वाली एडीसीपी रिचा चौबे को पूरी बात बताई। चौबे ने मामले की गंभीरता देख तुरंत कार्रवाई की। पता चला कि नेपाली महिला निशातपुरा थाना इलाके में रह रही है। इस बीच महिला का पति भी नेपाली संगठन के जरिए शिमला से भोपाल आ गया।
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Bhopal शहर के बागसेवनियां के अंजलि विहार फेस-2 में तीन साल की एक मासूम बच्ची पर पांच आवारा कुत्तों द्वारा घेरकर हमला करने और नोंचने की घटना प्रकाश मे आई है।
Ashes Series 2021-2022 को Australia ने अपने नाम कर लिया है। पांच मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड से 3-0 की बढ़त बना ली है। लेकिन एशेज सीरीज के चौथे मैच पर कोरोना का साया पड़ता दिख रहा है। 5 जनवरी से शुरू होने वाले टेस्ट मुकाबले से पहले England को बड़ा झटका लगा है। इंग्लैंड टीम का नेट बॉलर और सपोर्ट स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इंग्लैंड के कैंप में अबतक 9 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। उसके अलावा मैच रेफरी डेविड बून, ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी ट्रेविस हेड और कमेंट्री पैनल में शामिल पूर्व दिग्गज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा भी शामिल हैं।
Omicron के बढ़ते मामलों को देखते हुए Cyber Fraud भी सक्रिय हो गए हैं। लोगों से मुफ्त टेस्टिंग के नाम पर ठगी कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है।
Bulli Bai Controversy: एक Online App के खिलाफ कई लोगों की शिकायत मिली है कि उसके द्वारा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का उपयोग बिना उनकी अनुमति के किया जा रहा है।
देश में कोरोना के नए वैरिएंट Omicron का प्रसार देश में तेजी से हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पूरे देश में बीते 24 घंटे में ओमिक्रॉन के 1525 मामले सामने आ चुके हैं।
Vaccine: देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रहा है।
Omicron के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार तैयारियों में लग गई है। देशभर में कोरोना के मामले 1500 के पार पहुंच गए हैं।
APN News Live Updates: जम्मू के माता वैष्णो देवी भवन में देर रात मची भगदड़ में 12 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई है। भगदड़ में मरने वालों की संख्या का अभी ठीक से अंदाजा लगाना मुश्किल है, अभी यह संख्या बढ़ सकती है।
Bollywood News Updates अभिनेत्री नोरा फतेही के कोरोना होने के बाद अब एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) भी कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) आई है।
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Bhopal शहर के बागसेवनियां के अंजलि विहार फेस-दो में तीन साल की एक मासूम बच्ची पर पांच आवारा कुत्तों द्वारा घेरकर हमला करने और नोंचने की घटना प्रकाश मे आई है। Ashes Series दो हज़ार इक्कीस-दो हज़ार बाईस को Australia ने अपने नाम कर लिया है। पांच मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड से तीन-शून्य की बढ़त बना ली है। लेकिन एशेज सीरीज के चौथे मैच पर कोरोना का साया पड़ता दिख रहा है। पाँच जनवरी से शुरू होने वाले टेस्ट मुकाबले से पहले England को बड़ा झटका लगा है। इंग्लैंड टीम का नेट बॉलर और सपोर्ट स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इंग्लैंड के कैंप में अबतक नौ लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। उसके अलावा मैच रेफरी डेविड बून, ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी ट्रेविस हेड और कमेंट्री पैनल में शामिल पूर्व दिग्गज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा भी शामिल हैं। Omicron के बढ़ते मामलों को देखते हुए Cyber Fraud भी सक्रिय हो गए हैं। लोगों से मुफ्त टेस्टिंग के नाम पर ठगी कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है। Bulli Bai Controversy: एक Online App के खिलाफ कई लोगों की शिकायत मिली है कि उसके द्वारा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का उपयोग बिना उनकी अनुमति के किया जा रहा है। देश में कोरोना के नए वैरिएंट Omicron का प्रसार देश में तेजी से हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पूरे देश में बीते चौबीस घंटाटे में ओमिक्रॉन के एक हज़ार पाँच सौ पच्चीस मामले सामने आ चुके हैं। Vaccine: देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रहा है। Omicron के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार तैयारियों में लग गई है। देशभर में कोरोना के मामले एक हज़ार पाँच सौ के पार पहुंच गए हैं। APN News Live Updates: जम्मू के माता वैष्णो देवी भवन में देर रात मची भगदड़ में बारह श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई है। भगदड़ में मरने वालों की संख्या का अभी ठीक से अंदाजा लगाना मुश्किल है, अभी यह संख्या बढ़ सकती है। Bollywood News Updates अभिनेत्री नोरा फतेही के कोरोना होने के बाद अब एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर भी कोरोना पॉजिटिव आई है।
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दसवां अध्याय
शाम के पांच बज रहे थे । फिर गंगा किनारे की उसी बड़ी इवेली की
छत पर पंच लोग जमा हुए। स्वामी मुखपात्री के चेहरे को देखने ही से मालूम होता था, कि गोष्ठी उन्हें बहुत पसंद आई और पहले दिन जो अजनबीपन प्रकट होता था, उसका अब कहीं पता नहीं था। आज बल्कि उन्होंने ही बात ग्रारंभ की - मैं गोष्ठी के बारे में सुनकर कौतूहलवश यहां आया था। मैं जानता हूँ, कितने ही लोग मेरे यहां आने को पसंद नहीं करेंगे । इसे वे आवश्यकता से अधिक सांसारिक समझते थे। मुझे पता लगा कि यहां इस गोष्ठी में सभी सत्य के खोजी हैं। महीप की कड़वी-मीठी बातें भी एकाधबार कुछ मधुर-सी मालूम हुई, लेकिन मैं समझ गया कि इस तरुण में भी बड़े निःस्वार्थ भाव से सत्य की जिज्ञासा मौजूद है। यदि कभी वह गरम हो उठते हैं, तो इसका अर्थ किसी के प्रति द्वेष-भाव नहीं है, बल्कि खतरे से भरी परिस्थिति को देखकर भी संरक्षकों की उपेक्षा उन्हें असह्य मालूम होती है। मैं बाहर की बातों में समय नहीं लेना चाहता । जिज्ञासा के कारण मैं कुछ अधिक बोल देता हूँ, नहीं तो मैं उसकी श्रावश्यकता नहीं समझता । जन वृद्धि भयंकर गति से हो रही है, अन्न की समस्या का हल भी तक दीख नहीं पढ़ रहा है। मैं यही चाहता हूं कि आप सब अन्न ब्रह्म को प्रसन्न करने का कोई रास्ता निकाल ।
युधिष्ठिर - कोई नया रास्ता निकालने का सवाल नहीं है। रास्ते
निकले हुए हैं। दूसरे देशों में कैसे लोगों ने इस समस्या को हल किया ? हमारे देश में सात मन एकड़ श्रीमत तरीके से गेहूं होना बहुत समझा जाता है, शायद जिले का हिसाब लेने पर इतना भी नहीं पहुँचेगा। अर्थात् एक टन के लिए चार एकड़ की हमें आवश्यकता है। चार एकड़ की पैदावार में पांच आदमी किसी तरह खा सकते हैं । पाँचीका पतार से परिवार होता है। गांव में देखें तो मुश्किल से दस घर होगे, जिनके पास चार एकड़ से अधिक जमीन होगी। उनके चारों एकड़ सात मन पैदा नहीं कर सकते; ६० फीसदी परिवार अपनी जमीन से पेट भरने के लिए अन्न नहीं पैदा कर सकते ।
मुखपात्री - यह सच बात है, मैं अपने अनुभव से समझता हूँ । सौ में से तीस घर तो ऐसे मिलेंगे, जिनके पास कोई खेत है ही नहीं, परिवारपने खेत से पेट नहीं भर सकते । इस पर से हम हर गांव में देखते हैं, कि आज से साठ बरस पहले जहां एक घर था, वहां पांच' घर होगए, और कितने तो सात-सात आठ-आठ भी हो गए । जिन गांवों में परती, ऊपर या जंगल था, वहां काट के कुछ स्वेत बना लिया गया, लोगों को कुछ आसरा मिला। लेकिन, जिन गांवों में पिछली सदी के अंत तक सारे ऊस्वर या जंगल कटके श्राबाद हो चुके थे, उनकी हालत बहुत बुरी है। मुझे तो दिखाई पड़ता है, कि हमारे लोग दलदल में धँसते ही चले जा रहे हैं । सवाल इतना ही है, जितने मुँह हैं, उनको अन्न कैसे दिया जाय ।
महीप - "जिन पेट दियो, तिन अन्न न देहैं । "
मुखपात्री - तुम्हारे परिहास को मैं बुरा नहीं मान सकता । तुम भगवान् को नहीं मानते, तो मैं किसी को जबर्दस्ती भगवान् मनवाने की बात भी पसंद नहीं करता । अपनी-अपनी श्रद्धा होती है। तुम्हारा
१ कलिम्पो में साधारण परिवार प्रागाधर परिवार को ले लीजिये । उनके पांच लड़के और दो लड़कियां थी, आज पोते २१ और पोनियां १६ हैं । तीसरी पीढ़ी में दो से ४० हो गए ।
कहना है, भगवान् ने मुँह तो चीर दिया है, फिर खाना भी देंगे। लेकिन मैं समझता हूँ, भगवान् ने श्रादमी को बुद्धि और हाथ-पैर भी दिये हैं, इसलिए स्वयं रास्ता निकालना चाहिए । युधिष्ठिर जी बतलायें कि कैसे वृद्धि को रोका जाय और कैसे खाना दिया जाय । बाढ़ आँखों के सामने ही बढ़ती श्रा रही है ।
भगवानदास --- हां धर्मावतार ! कल की बात सुनकर मैं भी भयभीत हो चला । मेरे कोई संतान नहीं है, अभी मेरी पत्नी २४ बरस की है । माँ और सब लोग तंग कर रहे हैं, कोई कहते हैं दूसरा ब्याह कर लो । और तो और, पत्नी भी कहती है कि निर्वंश होना अच्छा नहीं है। । लेकिन कल की बात सुनकर मैंने अपने भाग्य को सराहा। मैं अब कोशिश करूँगा कि कोई संतान हो ही नहीं। किसी भी बिना माँ-बाप के होनहार बच्चे को लेकर अपना बना लेंगे ।
खोजीराम - चिकित्सा-विज्ञान में ऐसे साधन मौजूद हैं जिससे संतान को रोका जा सकता है । इंगलेंड में भी पांच साल तक गवेषण कर के राजकीय- कमीशन ने रिपोर्ट दी है, बतलाया है कि २.२% ही संख्या की वृद्धि है ।
भगवानदास - दो तो माँ-बाप ही हुए, उसका मतलब हुआ कि पांचमी पर एक की वृद्धि, सो भी कितने सालों के बाद हुई है ?
खोजीराम - इस शताब्दी में इंगलैंड की जनसंख्या में बहुत कम वृद्धि हुई है, वहां बढ़ाने की कोशिश हो रही है । लेकिन मैं यह इसलिए कहना चाहता था, कि चूंकि सभी साक्षर और शिक्षित हैं, वह अच्छे खाते-पीते हैं, यदि दो से चार बच्चे पैदा होते हैं, तो उनकी श्रामदनी प्रति व्यक्ति कम हो जाती है, जिससे जीवन-तल को ऊपर नहीं रख सकते । इसीलिए वह प्रयत्न करते हैं, कि संतान सीमा से अधिक न होने पाये ।
महीप - अर्थात् मनुष्य के सामने भगवान् की एक भी नहीं चलती। यदि मनुष्य साक्षर और शिक्षित हो जाय, खाने-पीने का तल ऊँचा हो,
तो वह भी अधिक संतान पसंद नहीं करेगा। बहुत तो एक लड़का और एक लड़की काफी समझेगा ।
युधिष्ठिर - मैं समझता हूं कि अभी इतनी जनवृद्धि के बाद भी यदि हम अकल से काम लें, तो हम अपने यहां श्रच्छे खाने-पीने, रहनसहन के जीवन तल के साथ रह सकते हैं । जिसकी इच्छा हो, वह संतति निरोध करे, किन्तु इस शताब्दी तक जितनी हमारी संख्या बढ सकती है, उसके लिए हम सभी चीजें पर्याप्त पैदा कर परिमाण से सकते हैं ।
का संबंध में उसके बारे में संदेह नहीं है। हम अपनी आवश्यकता से अधिक कपड़ा बना सकते हैं, कपास की उपज बढ़ाई जा सकती है और काम करने वालों की संख्या को भी । किंतु ग्रन्न बड़ी समस्या रह जाती है ।
युधिष्ठिर - अन्न की कमी का एक कारण तो यह है, कि खेतों की उपज दूसरे देशों से छठे पांचवें और चौथे ही हिम्से-भर है ।
भगवानदास - अर्थात् जहां दूसरे ४२ मन गेहूं पैदा करते हैं, वहां हम सात मन श्रौत गेहूं घर लाते हैं; जहाँ दूसरे ३५ मन चावल पैदा करते हैं, वहीं हमारी श्रौत पाँच मन की होती है। हमारे यहाँ भी ४००० पौंड अर्थात् ५० मन के करीब धान एक एकड़ में पैदा किया गया है युधिष्ठिर - दूसरे लोग जादू-मंतर नहीं करते। बस, खेती में खाद, पानी, जोताई और अच्छे बीज का प्रबन्ध करते हैं, साइंस ( विज्ञान ) की सहायता लेते हैं, हाथ और बुद्धि दोनों चलाते हैं, उसीका परिणाम है, कि हमसे पांच गुना से सात गुना तक श्रन्न पैदा करते हैं। खाद्यविभाग के सचिव पंजाबी ने कहा है, कि यदि हम केवल १० प्रतिशत पैदावार बढ़ा दें, तो हमारे ही नहीं बढ़ने वाले मुखों के लिए भी देश में अन्न पर्याप्त हो जायगा । यदि हम सिंचाई का इन्तजाम करें, खाद का इन्तजाम करें, तो पाँच गुना अधिक ग्रन्न पैदा हो सकता है । फिर अनाज का क्यों घाटा रहेगा ?
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दसवां अध्याय शाम के पांच बज रहे थे । फिर गंगा किनारे की उसी बड़ी इवेली की छत पर पंच लोग जमा हुए। स्वामी मुखपात्री के चेहरे को देखने ही से मालूम होता था, कि गोष्ठी उन्हें बहुत पसंद आई और पहले दिन जो अजनबीपन प्रकट होता था, उसका अब कहीं पता नहीं था। आज बल्कि उन्होंने ही बात ग्रारंभ की - मैं गोष्ठी के बारे में सुनकर कौतूहलवश यहां आया था। मैं जानता हूँ, कितने ही लोग मेरे यहां आने को पसंद नहीं करेंगे । इसे वे आवश्यकता से अधिक सांसारिक समझते थे। मुझे पता लगा कि यहां इस गोष्ठी में सभी सत्य के खोजी हैं। महीप की कड़वी-मीठी बातें भी एकाधबार कुछ मधुर-सी मालूम हुई, लेकिन मैं समझ गया कि इस तरुण में भी बड़े निःस्वार्थ भाव से सत्य की जिज्ञासा मौजूद है। यदि कभी वह गरम हो उठते हैं, तो इसका अर्थ किसी के प्रति द्वेष-भाव नहीं है, बल्कि खतरे से भरी परिस्थिति को देखकर भी संरक्षकों की उपेक्षा उन्हें असह्य मालूम होती है। मैं बाहर की बातों में समय नहीं लेना चाहता । जिज्ञासा के कारण मैं कुछ अधिक बोल देता हूँ, नहीं तो मैं उसकी श्रावश्यकता नहीं समझता । जन वृद्धि भयंकर गति से हो रही है, अन्न की समस्या का हल भी तक दीख नहीं पढ़ रहा है। मैं यही चाहता हूं कि आप सब अन्न ब्रह्म को प्रसन्न करने का कोई रास्ता निकाल । युधिष्ठिर - कोई नया रास्ता निकालने का सवाल नहीं है। रास्ते निकले हुए हैं। दूसरे देशों में कैसे लोगों ने इस समस्या को हल किया ? हमारे देश में सात मन एकड़ श्रीमत तरीके से गेहूं होना बहुत समझा जाता है, शायद जिले का हिसाब लेने पर इतना भी नहीं पहुँचेगा। अर्थात् एक टन के लिए चार एकड़ की हमें आवश्यकता है। चार एकड़ की पैदावार में पांच आदमी किसी तरह खा सकते हैं । पाँचीका पतार से परिवार होता है। गांव में देखें तो मुश्किल से दस घर होगे, जिनके पास चार एकड़ से अधिक जमीन होगी। उनके चारों एकड़ सात मन पैदा नहीं कर सकते; साठ फीसदी परिवार अपनी जमीन से पेट भरने के लिए अन्न नहीं पैदा कर सकते । मुखपात्री - यह सच बात है, मैं अपने अनुभव से समझता हूँ । सौ में से तीस घर तो ऐसे मिलेंगे, जिनके पास कोई खेत है ही नहीं, परिवारपने खेत से पेट नहीं भर सकते । इस पर से हम हर गांव में देखते हैं, कि आज से साठ बरस पहले जहां एक घर था, वहां पांच' घर होगए, और कितने तो सात-सात आठ-आठ भी हो गए । जिन गांवों में परती, ऊपर या जंगल था, वहां काट के कुछ स्वेत बना लिया गया, लोगों को कुछ आसरा मिला। लेकिन, जिन गांवों में पिछली सदी के अंत तक सारे ऊस्वर या जंगल कटके श्राबाद हो चुके थे, उनकी हालत बहुत बुरी है। मुझे तो दिखाई पड़ता है, कि हमारे लोग दलदल में धँसते ही चले जा रहे हैं । सवाल इतना ही है, जितने मुँह हैं, उनको अन्न कैसे दिया जाय । महीप - "जिन पेट दियो, तिन अन्न न देहैं । " मुखपात्री - तुम्हारे परिहास को मैं बुरा नहीं मान सकता । तुम भगवान् को नहीं मानते, तो मैं किसी को जबर्दस्ती भगवान् मनवाने की बात भी पसंद नहीं करता । अपनी-अपनी श्रद्धा होती है। तुम्हारा एक कलिम्पो में साधारण परिवार प्रागाधर परिवार को ले लीजिये । उनके पांच लड़के और दो लड़कियां थी, आज पोते इक्कीस और पोनियां सोलह हैं । तीसरी पीढ़ी में दो से चालीस हो गए । कहना है, भगवान् ने मुँह तो चीर दिया है, फिर खाना भी देंगे। लेकिन मैं समझता हूँ, भगवान् ने श्रादमी को बुद्धि और हाथ-पैर भी दिये हैं, इसलिए स्वयं रास्ता निकालना चाहिए । युधिष्ठिर जी बतलायें कि कैसे वृद्धि को रोका जाय और कैसे खाना दिया जाय । बाढ़ आँखों के सामने ही बढ़ती श्रा रही है । भगवानदास --- हां धर्मावतार ! कल की बात सुनकर मैं भी भयभीत हो चला । मेरे कोई संतान नहीं है, अभी मेरी पत्नी चौबीस बरस की है । माँ और सब लोग तंग कर रहे हैं, कोई कहते हैं दूसरा ब्याह कर लो । और तो और, पत्नी भी कहती है कि निर्वंश होना अच्छा नहीं है। । लेकिन कल की बात सुनकर मैंने अपने भाग्य को सराहा। मैं अब कोशिश करूँगा कि कोई संतान हो ही नहीं। किसी भी बिना माँ-बाप के होनहार बच्चे को लेकर अपना बना लेंगे । खोजीराम - चिकित्सा-विज्ञान में ऐसे साधन मौजूद हैं जिससे संतान को रोका जा सकता है । इंगलेंड में भी पांच साल तक गवेषण कर के राजकीय- कमीशन ने रिपोर्ट दी है, बतलाया है कि दो.दो% ही संख्या की वृद्धि है । भगवानदास - दो तो माँ-बाप ही हुए, उसका मतलब हुआ कि पांचमी पर एक की वृद्धि, सो भी कितने सालों के बाद हुई है ? खोजीराम - इस शताब्दी में इंगलैंड की जनसंख्या में बहुत कम वृद्धि हुई है, वहां बढ़ाने की कोशिश हो रही है । लेकिन मैं यह इसलिए कहना चाहता था, कि चूंकि सभी साक्षर और शिक्षित हैं, वह अच्छे खाते-पीते हैं, यदि दो से चार बच्चे पैदा होते हैं, तो उनकी श्रामदनी प्रति व्यक्ति कम हो जाती है, जिससे जीवन-तल को ऊपर नहीं रख सकते । इसीलिए वह प्रयत्न करते हैं, कि संतान सीमा से अधिक न होने पाये । महीप - अर्थात् मनुष्य के सामने भगवान् की एक भी नहीं चलती। यदि मनुष्य साक्षर और शिक्षित हो जाय, खाने-पीने का तल ऊँचा हो, तो वह भी अधिक संतान पसंद नहीं करेगा। बहुत तो एक लड़का और एक लड़की काफी समझेगा । युधिष्ठिर - मैं समझता हूं कि अभी इतनी जनवृद्धि के बाद भी यदि हम अकल से काम लें, तो हम अपने यहां श्रच्छे खाने-पीने, रहनसहन के जीवन तल के साथ रह सकते हैं । जिसकी इच्छा हो, वह संतति निरोध करे, किन्तु इस शताब्दी तक जितनी हमारी संख्या बढ सकती है, उसके लिए हम सभी चीजें पर्याप्त पैदा कर परिमाण से सकते हैं । का संबंध में उसके बारे में संदेह नहीं है। हम अपनी आवश्यकता से अधिक कपड़ा बना सकते हैं, कपास की उपज बढ़ाई जा सकती है और काम करने वालों की संख्या को भी । किंतु ग्रन्न बड़ी समस्या रह जाती है । युधिष्ठिर - अन्न की कमी का एक कारण तो यह है, कि खेतों की उपज दूसरे देशों से छठे पांचवें और चौथे ही हिम्से-भर है । भगवानदास - अर्थात् जहां दूसरे बयालीस मन गेहूं पैदा करते हैं, वहां हम सात मन श्रौत गेहूं घर लाते हैं; जहाँ दूसरे पैंतीस मन चावल पैदा करते हैं, वहीं हमारी श्रौत पाँच मन की होती है। हमारे यहाँ भी चार हज़ार पौंड अर्थात् पचास मन के करीब धान एक एकड़ में पैदा किया गया है युधिष्ठिर - दूसरे लोग जादू-मंतर नहीं करते। बस, खेती में खाद, पानी, जोताई और अच्छे बीज का प्रबन्ध करते हैं, साइंस की सहायता लेते हैं, हाथ और बुद्धि दोनों चलाते हैं, उसीका परिणाम है, कि हमसे पांच गुना से सात गुना तक श्रन्न पैदा करते हैं। खाद्यविभाग के सचिव पंजाबी ने कहा है, कि यदि हम केवल दस प्रतिशत पैदावार बढ़ा दें, तो हमारे ही नहीं बढ़ने वाले मुखों के लिए भी देश में अन्न पर्याप्त हो जायगा । यदि हम सिंचाई का इन्तजाम करें, खाद का इन्तजाम करें, तो पाँच गुना अधिक ग्रन्न पैदा हो सकता है । फिर अनाज का क्यों घाटा रहेगा ?
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लखनऊ। माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए पिस्टल को बरामद कर लिया गया है। पिस्टल के साथ 22 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन भी बरामद की गई हैं। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम को 10 खोखे मिले थे। हत्या में . 32 बोर को तमंचे का इस्तेमाल कर उसे गटर में फेंक दिया गया था।
इसके साथ ही मुन्ना बजरंगी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। जिसके अनुसार, माफिया को 10 गोलियां मारी गई थीं, जो कि शरीर को छेदते हुए पार निकल गईं। मुन्ना के शरीर में 20 साल पुरानी मुठभेड़ की एक गोली ही मिली है। गौरतलब है कि सोमवार सुबह बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। उसे रविवार को ही झांसी की जेल से बागपत शिफ्त किया गया था।
इस घटना के बाद से यूपी की जेलों में कैदियों की सुरक्षा फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं, मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने हत्या को सियासी षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमें इंसाफ चाहिए। इसके लिए वे लखनऊ में मुख्यमंत्री के यहां धरना देंगे।
मुन्ना बजरंगी के साले हेमंत सिंह ने बताया कि शासन-प्रशासन ने बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में दाखिल किया। जबकि उसे पुलिस लाइन लेकर आना था। वह बीमार था और न्यायालय में अर्जी भी लगाई थी कि बीमारी के कारण नहीं आ सकता है। वह बीपी, न्यूरो, आर्थो की बीमारी से पीड़ित थे। उन्हेें षड्यंत्र के तहत जबरन बागपत लाया गया।
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लखनऊ। माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए पिस्टल को बरामद कर लिया गया है। पिस्टल के साथ बाईस जिंदा कारतूस और दो मैगजीन भी बरामद की गई हैं। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम को दस खोखे मिले थे। हत्या में . बत्तीस बोर को तमंचे का इस्तेमाल कर उसे गटर में फेंक दिया गया था। इसके साथ ही मुन्ना बजरंगी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। जिसके अनुसार, माफिया को दस गोलियां मारी गई थीं, जो कि शरीर को छेदते हुए पार निकल गईं। मुन्ना के शरीर में बीस साल पुरानी मुठभेड़ की एक गोली ही मिली है। गौरतलब है कि सोमवार सुबह बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। उसे रविवार को ही झांसी की जेल से बागपत शिफ्त किया गया था। इस घटना के बाद से यूपी की जेलों में कैदियों की सुरक्षा फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं, मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने हत्या को सियासी षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमें इंसाफ चाहिए। इसके लिए वे लखनऊ में मुख्यमंत्री के यहां धरना देंगे। मुन्ना बजरंगी के साले हेमंत सिंह ने बताया कि शासन-प्रशासन ने बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में दाखिल किया। जबकि उसे पुलिस लाइन लेकर आना था। वह बीमार था और न्यायालय में अर्जी भी लगाई थी कि बीमारी के कारण नहीं आ सकता है। वह बीपी, न्यूरो, आर्थो की बीमारी से पीड़ित थे। उन्हेें षड्यंत्र के तहत जबरन बागपत लाया गया।
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कल दोपहर में मैं बैंक में गया था । वहाँ एक बुजुर्ग भी उनके काम से आये थे । वहाँ वह कुछ काम की बात ढूंढ रहे थे । मुझे लगा शायद उन्हें पेन चाहिये । इसलिये उनसे पुछा तो, वह बोले " बिमारी के कारण मेरे हाथ कांप रहे हैं और मुझे पैसे निकालने की स्लीप भरनी हैं। उसके लिये मैं देख रहा हूँ कि किसी की मदद मिल जाये तो अच्छा रहता । "
मैं बोला " आपको कोई हर्ज न हो तो मैं आपकी स्लीप भर दूँ क्या ? "
उनकी परेशानी दूर होती देखकर उन्होंने मुझे स्लीप भरने की अनुमति दे दी । मैंने उनसे पुछकर स्लीप भर दी ।
रकम निकाल कर उन्होंने मुझसे पैसे गिनने को कहा । मैंने पैसे गिनकर उन्हें वापस कर दिये।
मेरा और उनका काम लगभग साथ ही समाप्त हुआ तो, हम दोनों एक साथ ही बैंक से बाहर आ गये तो , वह बोले " साॅरी तुम्हें थोडा कष्ट तो होगा । परन्तु मुझे रिक्षा करवा दोगे क्या ? भरी दोपहरिया में रिक्षा मिलना कष्टकारी होता हैं।"
मैं बोला " मुझे भी उसी तरफ जाना हैं । मैं तुम्हें कार से घर छोड दूँ तो चलेगा क्या ? "
वह तैयार हो गये। हम उनके घर पहूँचे । घर क्या बंगला कह सकते हो । 60' × 100' के प्लाट पर बना हुआ । घर में उनकी वृद्ध पत्नी थी । वह थोडी डर गई कि इनको कुछ हो तो नहीं गया जिससे उन्हें छोडने एक अपरिचित व्यक्ति घर तक आया हैं । फिर उन्होंने पत्नी के चेहरे पर आये भावों को पढकर कहा कि " चिंता की कोई बात नहीं । यह मुझे छोडने आये हैं । "
फिर हमारी थोडी बातचीत हुई। उनसे बातचीत में वह बोले " इस *भगवान के घर* में हम दोनों पति - पत्नी ही रहते हैं । हमारे बच्चे विदेश में रहते हैं । "
"हमारे घर में *भगवान का घर* कहने की पुरानी परंपरा हैं । इसके पीछे की भावना हैं कि यह घर भगवान का हैं और हम उस घर में रहते हैं। लोग कहते हैं कि *घर हमारा और भगवान हमारे घर में रहते हैं ।*"
" भगवान का घर बोला तो अपने से कोई नकारात्मक कार्य नहीं होते हमेशा सदविचारों से ओत प्रेत रहते हैं।"
" लोग मृत्यु उपरान्त भगवान के घर जाते हैं परन्तु हम तो जीते जी ही भगवान के घर का आनंद ले रहे हैं।"
यह वाक्य अर्थात ही जैसे भगवान ने दिया कोई प्रसाद ही हैं। उन बुजुर्ग को घर छोडने की बुद्धि शायद भगवान ने ही मुझे दी होगी।
यह वाक्य बहुत देर तक मेरे दिमाग में घूमता रहा। सही में कितने अलग विचार थे यह। जैसे विचार वैसा आचार। इसलिये वह उत्तम होगा ही इसमें कोई शंका नहीं,।
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कल दोपहर में मैं बैंक में गया था । वहाँ एक बुजुर्ग भी उनके काम से आये थे । वहाँ वह कुछ काम की बात ढूंढ रहे थे । मुझे लगा शायद उन्हें पेन चाहिये । इसलिये उनसे पुछा तो, वह बोले " बिमारी के कारण मेरे हाथ कांप रहे हैं और मुझे पैसे निकालने की स्लीप भरनी हैं। उसके लिये मैं देख रहा हूँ कि किसी की मदद मिल जाये तो अच्छा रहता । " मैं बोला " आपको कोई हर्ज न हो तो मैं आपकी स्लीप भर दूँ क्या ? " उनकी परेशानी दूर होती देखकर उन्होंने मुझे स्लीप भरने की अनुमति दे दी । मैंने उनसे पुछकर स्लीप भर दी । रकम निकाल कर उन्होंने मुझसे पैसे गिनने को कहा । मैंने पैसे गिनकर उन्हें वापस कर दिये। मेरा और उनका काम लगभग साथ ही समाप्त हुआ तो, हम दोनों एक साथ ही बैंक से बाहर आ गये तो , वह बोले " साॅरी तुम्हें थोडा कष्ट तो होगा । परन्तु मुझे रिक्षा करवा दोगे क्या ? भरी दोपहरिया में रिक्षा मिलना कष्टकारी होता हैं।" मैं बोला " मुझे भी उसी तरफ जाना हैं । मैं तुम्हें कार से घर छोड दूँ तो चलेगा क्या ? " वह तैयार हो गये। हम उनके घर पहूँचे । घर क्या बंगला कह सकते हो । साठ' × एक सौ' के प्लाट पर बना हुआ । घर में उनकी वृद्ध पत्नी थी । वह थोडी डर गई कि इनको कुछ हो तो नहीं गया जिससे उन्हें छोडने एक अपरिचित व्यक्ति घर तक आया हैं । फिर उन्होंने पत्नी के चेहरे पर आये भावों को पढकर कहा कि " चिंता की कोई बात नहीं । यह मुझे छोडने आये हैं । " फिर हमारी थोडी बातचीत हुई। उनसे बातचीत में वह बोले " इस *भगवान के घर* में हम दोनों पति - पत्नी ही रहते हैं । हमारे बच्चे विदेश में रहते हैं । " "हमारे घर में *भगवान का घर* कहने की पुरानी परंपरा हैं । इसके पीछे की भावना हैं कि यह घर भगवान का हैं और हम उस घर में रहते हैं। लोग कहते हैं कि *घर हमारा और भगवान हमारे घर में रहते हैं ।*" " भगवान का घर बोला तो अपने से कोई नकारात्मक कार्य नहीं होते हमेशा सदविचारों से ओत प्रेत रहते हैं।" " लोग मृत्यु उपरान्त भगवान के घर जाते हैं परन्तु हम तो जीते जी ही भगवान के घर का आनंद ले रहे हैं।" यह वाक्य अर्थात ही जैसे भगवान ने दिया कोई प्रसाद ही हैं। उन बुजुर्ग को घर छोडने की बुद्धि शायद भगवान ने ही मुझे दी होगी। यह वाक्य बहुत देर तक मेरे दिमाग में घूमता रहा। सही में कितने अलग विचार थे यह। जैसे विचार वैसा आचार। इसलिये वह उत्तम होगा ही इसमें कोई शंका नहीं,।
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ऊना - मैसर्ज ऐसरी इंडिया टेक्नोलॉजी लिमिटेड पार्वती भवन गांव कामली डाकघर परवाणू तहसील कसौली जिला सोलन हिमाचल प्रदेश द्वारा रिटेनर के 20 पद अधिसूचित किए हैं। इन पदों के लिए साक्षात्कार छह जनवरी को प्रातः दस बजे जिला रोजगार कार्यालय ऊना में लिया जाएगा। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी ऊना आरसी कटोच ने दी। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में चयनित उम्मीदवारों को 9000 रुपए प्रतिमाह देय होगा। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए योग्य तथा इच्छुक पुरुष आवेदक अपना रोजगार कार्यालय पंजीकरण व जन्म का प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाणपत्र, शैक्षणिक योग्यताओं के मूल प्रमाणपत्र एवं उनकी छाया प्रतियों के साथ साक्षात्कार के लिए छह जनवरी को प्रातः दस बजे जिला रोजगार कार्यालय ऊना में पहुंचना सुनिश्चित करें। साक्षात्कार में भाग लेने वाले उम्मीदवार को दैनिक भत्तायात्रा भत्ता देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01792-233201 पर संपर्क कर सकते हैं।
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ऊना - मैसर्ज ऐसरी इंडिया टेक्नोलॉजी लिमिटेड पार्वती भवन गांव कामली डाकघर परवाणू तहसील कसौली जिला सोलन हिमाचल प्रदेश द्वारा रिटेनर के बीस पद अधिसूचित किए हैं। इन पदों के लिए साक्षात्कार छह जनवरी को प्रातः दस बजे जिला रोजगार कार्यालय ऊना में लिया जाएगा। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी ऊना आरसी कटोच ने दी। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में चयनित उम्मीदवारों को नौ हज़ार रुपयापए प्रतिमाह देय होगा। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए योग्य तथा इच्छुक पुरुष आवेदक अपना रोजगार कार्यालय पंजीकरण व जन्म का प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाणपत्र, शैक्षणिक योग्यताओं के मूल प्रमाणपत्र एवं उनकी छाया प्रतियों के साथ साक्षात्कार के लिए छह जनवरी को प्रातः दस बजे जिला रोजगार कार्यालय ऊना में पहुंचना सुनिश्चित करें। साक्षात्कार में भाग लेने वाले उम्मीदवार को दैनिक भत्तायात्रा भत्ता देय नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर एक हज़ार सात सौ बानवे-दो लाख तैंतीस हज़ार दो सौ एक पर संपर्क कर सकते हैं।
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" आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया के शताब्दी समारोह के अवसर पर उपस्थित इस विशिष्ट जनसमूह के बीच आकर मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है। मुझे लगभग पांच दशक पहले के वे दिन याद आते हैं जब मैंने यह खुशी की खबर सुनी थी कि ओयूपी ने प्रकाशन के लिए मेरा डॉक्टोरल शोध निबंध स्वीकार कर लिया है। मैं सौभाग्यशाली था कि प्रसिद्ध जॉन हिक्स मेरे परीक्षक थे। वे ओयूपी के न्यासी भी थे। इसने अपने शोध निबंध को प्रकाशित कराने के मेरे कार्य को ज्यादा आसान बना दिया था। मैं यह कहने का साहस कर सकता हूं कि आज यहा उपस्थित अनेक विशिष्ट व्यक्तियों का भी लेखक और पाठक के रूप में ओयूपी से ताल्लुक रहा होगा।
एक सदी से आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया ने हमारे बौद्धिक जीवन में सशक्त और विविधतापूर्ण योगदान दिया है तथा भारत में बौद्धिक विचारों की सम्पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराई है। प्रारंभिक वर्षों में इसने सुरेंद्रनाथ बनर्जी और डी आर गाडगिल जैसे राजनीतिक एवं आर्थिक विद्वानों के लेख प्रकाशित किए। इसने 1940 के दशक में सलीम अली और जिम कार्बेट की पुस्तकें भी प्रकाशित कीं। 1980 के दशक में इसने सुबाल्टर्न सीरीज में उपनिवेशकालीन और उपनिवेशकाल के बाद के इतिहास के बहुत प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकें प्रकाशित कीं। मैं समझता हूं कि इस वर्ष बाद में समकालीन भारतीय व्यवसाय का आक्सफोर्ड इतिहास प्रकाशित किया जाएगा।
इन दिनों माता-पिता प्रायः अपने बच्चों में पढ़ने की आदत में कमी होने का विलाप करते हैं। लेकिन हमारे पुस्तक मेलों में दिखाई देने वाली भीड़ और भारत में प्रकाशन उद्योग की वृद्धि के मद्देनजर मुझे यकीन है कि हम इस भय को बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं। उदाहरण के लिए मैं समझता हूं कि ओयूपी इंडिया की बिक्री पिछले दस वर्ष में तीन गुणा हो चुकी है।
मुझे अपने देश में ज्ञान की बहुत भूख दिखाई देती है। हमें अपनी जनता को खासतौर से युवकों को अच्छी पुस्तकें सुलभ करानी चाहिए। प्रकाशन घराने बिकने वाली पुस्तकों की संख्या के बारे में चिंतित हो सकते हैं लेकिन सरकार में हमें पढ़ी जाने वाली पुस्तकों की संख्या पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए । हमारे सामने पाठकों की बढ़ती आबादी है सिर्फ पुस्तकों के लिए बाजार नहीं।
इस उद्देश्य के मद्देनजर हमने हाल ही में अपने संस्कृति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन शुरू किया है। यह मिशन देश में खासतौर से ऐसे राज्यों की सार्वजनिक पुस्तकालय व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देगा जहां पुस्तकालय विकास पीछे छूट गया है। राष्ट्रीय मिशन के तहत तीन वर्ष में करीब 9,000 पुस्तकालयों को लाने की आशा है। इसके तहत पुस्तकालयों की राष्ट्रीय गणना की जाएगी तथा यह पठन-पाठन के संसाधनों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन की दिशा में कार्य करेगा और पुस्तकालयों के नेटवर्क के आधुनिकीकरण एवं प्रोत्साहन के लिए काम करेगा।
मैं इस अवसर पर प्रत्येक राज्य सरकार और हर नगर पालिका तथा पंचायत से समुदाय, स्थानीय और ग्रामीण पुस्तकालयों सहित सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना और अनुरक्षण पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध करता हूं।
जिस मिशन की मैं बात कर रहा हूं वह मिशन सिर्फ सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकता। हमें समुदाय, निजी क्षेत्र और स्वयं सेवी संगठनों में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करना होगा। किफायती आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी आज अपने पुस्तकालयों के संसाधनों के विस्तार के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। अपने ग्रामीण सार्वजनिक पुस्तकालय में बैठे युवा पाठक को दुनिया भर की पुस्तकें और जानकारी सुलभ होनी चाहिए।
दशकों से विकास अर्थशास्त्री कहते रहे हैं कि भारत की आबादी शापित है। आज जब अनेक विकसित देश बड़ी उम्र के लोगों की आबादी की चुनौती का सामना कर रहे हैं तब दुनिया स्वीकार कर रही है कि भारत में युवा आबादी और कुशल श्रमशक्ति के पास वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में मानव संसाधनों की कमी को पूरा करने की क्षमता है।
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" आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया के शताब्दी समारोह के अवसर पर उपस्थित इस विशिष्ट जनसमूह के बीच आकर मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है। मुझे लगभग पांच दशक पहले के वे दिन याद आते हैं जब मैंने यह खुशी की खबर सुनी थी कि ओयूपी ने प्रकाशन के लिए मेरा डॉक्टोरल शोध निबंध स्वीकार कर लिया है। मैं सौभाग्यशाली था कि प्रसिद्ध जॉन हिक्स मेरे परीक्षक थे। वे ओयूपी के न्यासी भी थे। इसने अपने शोध निबंध को प्रकाशित कराने के मेरे कार्य को ज्यादा आसान बना दिया था। मैं यह कहने का साहस कर सकता हूं कि आज यहा उपस्थित अनेक विशिष्ट व्यक्तियों का भी लेखक और पाठक के रूप में ओयूपी से ताल्लुक रहा होगा। एक सदी से आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया ने हमारे बौद्धिक जीवन में सशक्त और विविधतापूर्ण योगदान दिया है तथा भारत में बौद्धिक विचारों की सम्पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराई है। प्रारंभिक वर्षों में इसने सुरेंद्रनाथ बनर्जी और डी आर गाडगिल जैसे राजनीतिक एवं आर्थिक विद्वानों के लेख प्रकाशित किए। इसने एक हज़ार नौ सौ चालीस के दशक में सलीम अली और जिम कार्बेट की पुस्तकें भी प्रकाशित कीं। एक हज़ार नौ सौ अस्सी के दशक में इसने सुबाल्टर्न सीरीज में उपनिवेशकालीन और उपनिवेशकाल के बाद के इतिहास के बहुत प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकें प्रकाशित कीं। मैं समझता हूं कि इस वर्ष बाद में समकालीन भारतीय व्यवसाय का आक्सफोर्ड इतिहास प्रकाशित किया जाएगा। इन दिनों माता-पिता प्रायः अपने बच्चों में पढ़ने की आदत में कमी होने का विलाप करते हैं। लेकिन हमारे पुस्तक मेलों में दिखाई देने वाली भीड़ और भारत में प्रकाशन उद्योग की वृद्धि के मद्देनजर मुझे यकीन है कि हम इस भय को बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं। उदाहरण के लिए मैं समझता हूं कि ओयूपी इंडिया की बिक्री पिछले दस वर्ष में तीन गुणा हो चुकी है। मुझे अपने देश में ज्ञान की बहुत भूख दिखाई देती है। हमें अपनी जनता को खासतौर से युवकों को अच्छी पुस्तकें सुलभ करानी चाहिए। प्रकाशन घराने बिकने वाली पुस्तकों की संख्या के बारे में चिंतित हो सकते हैं लेकिन सरकार में हमें पढ़ी जाने वाली पुस्तकों की संख्या पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए । हमारे सामने पाठकों की बढ़ती आबादी है सिर्फ पुस्तकों के लिए बाजार नहीं। इस उद्देश्य के मद्देनजर हमने हाल ही में अपने संस्कृति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन शुरू किया है। यह मिशन देश में खासतौर से ऐसे राज्यों की सार्वजनिक पुस्तकालय व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देगा जहां पुस्तकालय विकास पीछे छूट गया है। राष्ट्रीय मिशन के तहत तीन वर्ष में करीब नौ,शून्य पुस्तकालयों को लाने की आशा है। इसके तहत पुस्तकालयों की राष्ट्रीय गणना की जाएगी तथा यह पठन-पाठन के संसाधनों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन की दिशा में कार्य करेगा और पुस्तकालयों के नेटवर्क के आधुनिकीकरण एवं प्रोत्साहन के लिए काम करेगा। मैं इस अवसर पर प्रत्येक राज्य सरकार और हर नगर पालिका तथा पंचायत से समुदाय, स्थानीय और ग्रामीण पुस्तकालयों सहित सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना और अनुरक्षण पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध करता हूं। जिस मिशन की मैं बात कर रहा हूं वह मिशन सिर्फ सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकता। हमें समुदाय, निजी क्षेत्र और स्वयं सेवी संगठनों में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करना होगा। किफायती आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी आज अपने पुस्तकालयों के संसाधनों के विस्तार के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। अपने ग्रामीण सार्वजनिक पुस्तकालय में बैठे युवा पाठक को दुनिया भर की पुस्तकें और जानकारी सुलभ होनी चाहिए। दशकों से विकास अर्थशास्त्री कहते रहे हैं कि भारत की आबादी शापित है। आज जब अनेक विकसित देश बड़ी उम्र के लोगों की आबादी की चुनौती का सामना कर रहे हैं तब दुनिया स्वीकार कर रही है कि भारत में युवा आबादी और कुशल श्रमशक्ति के पास वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में मानव संसाधनों की कमी को पूरा करने की क्षमता है।
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सोते समय ब्रा पहननी चाहिये या नहीं ?
एजेंसी/ रात के समय सोते वक्त कई महिलाएं ब्रा पहनकर नहीं सोती हैं, जिसका एक ही कारण है आराम की सांस. मगर कुछ ऐसी भी महिलाएं होती है जिन्हें रात में सोते वक्त ब्रा पहने बिना नींद नहीं आती. डॉक्टरों के मुताबिक, रात में सोते वक्त आप ब्रा पहने या नहीं, इससे किसी बात का कोई फर्क नहीं होता. मतलब यह है की रात में ब्रा पहनकर सोने का किसी तरह का कोई फायदा या नुकसान नहीं है. परन्तु यह निर्भर आप पर रहता है कि रात में सोते समय ब्रा पहनकर आप कितना सहज महसूस करती हैं. परन्तु इस बात का ध्यान दे की आप रात में सोते समय ब्रा पहन कर सोना चाहती हैं, तो एक लाइट वेट और ढीली ब्रा पहने.
टाइट ब्रा आपको रात में सोते वक्त परेशान कर सकती है, इसके अलावा यदि आपके ब्रेस्ट बड़े आकार के हैं तो भी रात को ब्रा पहन कर सो सकती हैं, जिससे वह ढीले ना पड़ें. सोते समय ब्रा पहनने से रक्त के परिसंचरण में रूकावट आती है, आप इलास्टिक वाली टाइट फिट ब्रा पहनती हैं, तो ऐसा होने की संभावना होती है. इसकी जगह पर आप स्पोर्ट्स ब्रा का विकल्प चुनें जो अधिक आरामदायक होगा. वैसे आपको रात में ब्रा उतार कर ही सोना चाहिये क्योंकि दिनभर और रातभर ब्रा पहनने से उस स्थान पर पिगमेंटेशन बढ़ जाता है जहां कि इलास्टिक टाइट होती है. इसलिये अगर आप ब्रा पहन रही हैं, तो ढीली पहनें.
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सोते समय ब्रा पहननी चाहिये या नहीं ? एजेंसी/ रात के समय सोते वक्त कई महिलाएं ब्रा पहनकर नहीं सोती हैं, जिसका एक ही कारण है आराम की सांस. मगर कुछ ऐसी भी महिलाएं होती है जिन्हें रात में सोते वक्त ब्रा पहने बिना नींद नहीं आती. डॉक्टरों के मुताबिक, रात में सोते वक्त आप ब्रा पहने या नहीं, इससे किसी बात का कोई फर्क नहीं होता. मतलब यह है की रात में ब्रा पहनकर सोने का किसी तरह का कोई फायदा या नुकसान नहीं है. परन्तु यह निर्भर आप पर रहता है कि रात में सोते समय ब्रा पहनकर आप कितना सहज महसूस करती हैं. परन्तु इस बात का ध्यान दे की आप रात में सोते समय ब्रा पहन कर सोना चाहती हैं, तो एक लाइट वेट और ढीली ब्रा पहने. टाइट ब्रा आपको रात में सोते वक्त परेशान कर सकती है, इसके अलावा यदि आपके ब्रेस्ट बड़े आकार के हैं तो भी रात को ब्रा पहन कर सो सकती हैं, जिससे वह ढीले ना पड़ें. सोते समय ब्रा पहनने से रक्त के परिसंचरण में रूकावट आती है, आप इलास्टिक वाली टाइट फिट ब्रा पहनती हैं, तो ऐसा होने की संभावना होती है. इसकी जगह पर आप स्पोर्ट्स ब्रा का विकल्प चुनें जो अधिक आरामदायक होगा. वैसे आपको रात में ब्रा उतार कर ही सोना चाहिये क्योंकि दिनभर और रातभर ब्रा पहनने से उस स्थान पर पिगमेंटेशन बढ़ जाता है जहां कि इलास्टिक टाइट होती है. इसलिये अगर आप ब्रा पहन रही हैं, तो ढीली पहनें.
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हॉनर 8एक्स और हॉनर 8सी के साथ-साथ हॉनर 9 लाइट की अपार सफलता के बाद अब चीन की स्मार्टफोन कंपनी हॉनर 10 lite स्मार्टफोन को इसी माह भारत में लाने जा रही है. इसे लेकर फिलहाल कंपनी तैयारियों में जुटी हुई है. बता दें कि हुवावे की सब-ब्रांड हॉनर 24 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा के साथ हॉनर 10 लाइट को लॉन्च करेगी. साथ ही इसमें कई अहम फीचर भी मिलेंगे.
बताया जा रहा है कि यह फ़ोन आपको किरिन 710 प्रोसेसर और एक ड्यूड्रॉप नॉच डिस्प्ले के साथ मिलेगा. इससे पहले कंपनी अपनी घरेलू बाजार में यानी कि चीन इसे नवंबर में पेश कर चुकी है. इस नए स्मार्टफोन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) संचालित फीचर्स और एक अपडेटेड ईएमयूआई 9. 0 ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) होने की बात कही जा रही है.
हॉनर 9 लाइट को भारत में बहुत अधिक सफलता मिली है और यह पहला ऐसा हॉनर फोन है जिसने भारत में 10 लाख बिक्री का आंकड़ा भी पार किया है. वहीं अब इसका अपग्रेडेड वर्जन यानी कि हॉनर 10 lite आएगा. 10 लाइट में 6. 21 इंच की फुल एचडी प्लस मिलेगी. वहीं इसमें कंपनी ने 3जीबी/4जीबी रैम और 32जीबी/64जीबी इंटरनल स्टोरेज उपलब्ध कराई है. पवार के लिए इस फ़ोन में 3400 एमएएच की बैटरी होगी और इसका वजन 162 ग्राम है.
रियर में दो कैमरा 13 मेगापिक्सल और 2 मेगापिक्सल के मिलेंगे.
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हॉनर आठएक्स और हॉनर आठसी के साथ-साथ हॉनर नौ लाइट की अपार सफलता के बाद अब चीन की स्मार्टफोन कंपनी हॉनर दस lite स्मार्टफोन को इसी माह भारत में लाने जा रही है. इसे लेकर फिलहाल कंपनी तैयारियों में जुटी हुई है. बता दें कि हुवावे की सब-ब्रांड हॉनर चौबीस मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा के साथ हॉनर दस लाइट को लॉन्च करेगी. साथ ही इसमें कई अहम फीचर भी मिलेंगे. बताया जा रहा है कि यह फ़ोन आपको किरिन सात सौ दस प्रोसेसर और एक ड्यूड्रॉप नॉच डिस्प्ले के साथ मिलेगा. इससे पहले कंपनी अपनी घरेलू बाजार में यानी कि चीन इसे नवंबर में पेश कर चुकी है. इस नए स्मार्टफोन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस संचालित फीचर्स और एक अपडेटेड ईएमयूआई नौ. शून्य ऑपरेटिंग सिस्टम होने की बात कही जा रही है. हॉनर नौ लाइट को भारत में बहुत अधिक सफलता मिली है और यह पहला ऐसा हॉनर फोन है जिसने भारत में दस लाख बिक्री का आंकड़ा भी पार किया है. वहीं अब इसका अपग्रेडेड वर्जन यानी कि हॉनर दस lite आएगा. दस लाइट में छः. इक्कीस इंच की फुल एचडी प्लस मिलेगी. वहीं इसमें कंपनी ने तीनजीबी/चारजीबी रैम और बत्तीसजीबी/चौंसठजीबी इंटरनल स्टोरेज उपलब्ध कराई है. पवार के लिए इस फ़ोन में तीन हज़ार चार सौ एमएएच की बैटरी होगी और इसका वजन एक सौ बासठ ग्राम है. रियर में दो कैमरा तेरह मेगापिक्सल और दो मेगापिक्सल के मिलेंगे.
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पणजीः गोवा में परनेम तालुका के एक गांव के लोग 30 वर्षीय अमेरिकी सैलानी को चोर समझकर उसके पीछ पड़ गए और भागने के दौरान वह एक धान के खेत में गिर गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक (उत्तर) उमेश गांवकर ने कहा कि घटना मंगलवार रात कोरगाओ गांव की है और मृतक की पहचान कैटन व्होल्टे के तौर पर हुई है, जो अमेरिकी नागरिक था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण चोर समझकर उसके पीछे भागने लगे। इससे वह डर गया और उसने भी भागना शुरू कर दिया, लेकिन वह धान के खेत में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। ऐसा आरोप है कि उसकी मौत धान के खेत में कीचड़ और गंदगी सूंघने की वजह से हुई है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
एसपी ने कहा, हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही हम मौत की सही वजहों के बारे में जान पाएंगे। उधर मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने बुधवार को गोवा विधानसभा में बताया कि उन्होंने अमेरिकी सैलानी की मौत के बाबत पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने कहा, मुझे बताया गया है कि लोगों और पुलिस ने उसका पीछा किया। इस वजह से वह डर कर भागने लगा। वह एक धान के खेत में गिर पड़ा और कीचड़ और गंध की वजह से उसकी मौत हो गई।
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पणजीः गोवा में परनेम तालुका के एक गांव के लोग तीस वर्षीय अमेरिकी सैलानी को चोर समझकर उसके पीछ पड़ गए और भागने के दौरान वह एक धान के खेत में गिर गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक उमेश गांवकर ने कहा कि घटना मंगलवार रात कोरगाओ गांव की है और मृतक की पहचान कैटन व्होल्टे के तौर पर हुई है, जो अमेरिकी नागरिक था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण चोर समझकर उसके पीछे भागने लगे। इससे वह डर गया और उसने भी भागना शुरू कर दिया, लेकिन वह धान के खेत में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। ऐसा आरोप है कि उसकी मौत धान के खेत में कीचड़ और गंदगी सूंघने की वजह से हुई है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। एसपी ने कहा, हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही हम मौत की सही वजहों के बारे में जान पाएंगे। उधर मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने बुधवार को गोवा विधानसभा में बताया कि उन्होंने अमेरिकी सैलानी की मौत के बाबत पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा, मुझे बताया गया है कि लोगों और पुलिस ने उसका पीछा किया। इस वजह से वह डर कर भागने लगा। वह एक धान के खेत में गिर पड़ा और कीचड़ और गंध की वजह से उसकी मौत हो गई।
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उन्होंने कहा कि बादशाह के साथ शूटिंग करने में काफी मजा आया। वास्तव में, सेट से कई वास्तविक जीवन की मजेदार घटनाओं को वीडियो में जोड़ा गया है। बादशाह के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए वे आगे कहती हैं, 'बादशाह अद्भुत हैं। उनके पास जो धैर्य और आत्मविश्वास है वह प्रेरणादायक है। जिस तरह से वे लोगों से बात करते हैं, उससे उनकी विनम्रता और दयालुता का पता चलता है। हमने शूटिंग के दौरान हर एक पल का काफी आनंद लिया है और यह स्क्रीन पर साफ नजर आएगा।' गौर हो कि समरीन ने कई पंजाबी वीडियोज़ में काम किया है।
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उन्होंने कहा कि बादशाह के साथ शूटिंग करने में काफी मजा आया। वास्तव में, सेट से कई वास्तविक जीवन की मजेदार घटनाओं को वीडियो में जोड़ा गया है। बादशाह के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए वे आगे कहती हैं, 'बादशाह अद्भुत हैं। उनके पास जो धैर्य और आत्मविश्वास है वह प्रेरणादायक है। जिस तरह से वे लोगों से बात करते हैं, उससे उनकी विनम्रता और दयालुता का पता चलता है। हमने शूटिंग के दौरान हर एक पल का काफी आनंद लिया है और यह स्क्रीन पर साफ नजर आएगा।' गौर हो कि समरीन ने कई पंजाबी वीडियोज़ में काम किया है।
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ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शनिवार अपराह्न उल्हासनगर में चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिरने से कम से कम पांच लोगों की फंसे होने की आशंका है जबकि 11 लोगों को बचा लिया गया है।
ठाणे नगर निगम के आरडीएमसी प्रमुख संतोष कदम ने कहा कि यह दुर्घटना अपराह्न एक बजकर 40 मिनट पर हुई जब कैंप नंबर 1 में 'मनोरमा' बिल्डिंग का एक हिस्सा गिर गया।
इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और कम से कम 11 लोगों को उन्होंने सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ठाणे आपदा राहत बल की एक टीम को भी घटनास्थल पर भेजा गया ताकि स्थानीय दमकल कर्मियों की मदद कर मलबे को हटाने और नीचे फंसे अन्य लोगों को बचाने में मदद की जा सके।
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ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शनिवार अपराह्न उल्हासनगर में चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिरने से कम से कम पांच लोगों की फंसे होने की आशंका है जबकि ग्यारह लोगों को बचा लिया गया है। ठाणे नगर निगम के आरडीएमसी प्रमुख संतोष कदम ने कहा कि यह दुर्घटना अपराह्न एक बजकर चालीस मिनट पर हुई जब कैंप नंबर एक में 'मनोरमा' बिल्डिंग का एक हिस्सा गिर गया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और कम से कम ग्यारह लोगों को उन्होंने सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ठाणे आपदा राहत बल की एक टीम को भी घटनास्थल पर भेजा गया ताकि स्थानीय दमकल कर्मियों की मदद कर मलबे को हटाने और नीचे फंसे अन्य लोगों को बचाने में मदद की जा सके।
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समर-भूमि में इन कवियों ने गुरु के माह में उत्पन्न तनाको सिसकियों, खोकनाक हादों से उनके रलिज मिजे दर्द को पीया नहीं क्यों कि कवियों में वह शिवत्र कहो या
पापाजका कविको सवेदनमोल कहता है, परन्तु बढ़ उस समय महो गई, जब मयः विवाहितायों की माँगों का सिन्दूर मिट गया, ६ प्रबोध शिशु का जाप, उम भरे-पूरे परिवार को छोड़कर शहीद हो र जब वृद्ध लोकेर में करुण कम्वन कर रही थी, परकटोसी पोर पक्षी को तरह निकलकी चौरकारों से प्रकाश को गुजा दी थी, जब नशमता का बोभाय विभुगल चुन चुन अपशब्द कर रहा था । यदि यह सवेदनानुमति
- मवाय प्रभिव्यक्ति पाती ।
यह मुगालता भी व्यथ है कि उनको नारेबाजो घिसे-पिटे और निवाएं. उत्प्रेरणा से सैनिकों का और जनता का मनोबल जागता है। जब बोरता इस की दर्प स्वतः प्रबुद्ध होता है, तब शाब्दिक ललकारों की कोई महत्ता । उस समय चाम्रो माम्रो के कान खींचने और भुट्टो पर नकली, भाजने से काम नहीं चलना। गदनकर' के स्वरों में यह भाव हैःa
मुझे कविता के लिए क्यों वोदते हो ?
तलवार जब निकल पड़ती है, वह लेखनी का मुह नहीं जोड़ती । और युद्ध के समय साहित्यिक कोष छूछा मौर साहित्यिक मांगू अर्थहीन है ।
युद्ध-सैनिको को इतना अवकाश नहीं होता कि वे कवियों का संप्रष्य को कर सकें । श्रावश्यकता जनता के मनोबल को जागृत करने की है। उसके लिए कों का क्या होगा, यह विषय सामूहिक बक्तब्ध देने और परिचर्चा
नहीं है, कार्यान्वित करने का है। एक बारगी तो लगा केलेपन के - से मुक्त होकर साहित्यकार, जिसमें कवि भी सम्मिलित हैं ही, सामूहिक, द फूंक कर कुछ करने पर उतारू हैं। पर यह हिमाकत परिचम मोर युद्धकालीन के प्रायोजनों से बढ़कर कुछ ठोस करने में असमर्थं रही । उस में परिचर्चामों के विषय, आधुनिकता, 'बीटनिकों का फलसफा, बंगाल की पोदो र नयो का पुरानों के प्रति भाक्रोश रहा। बीच बीच में मूल्यों के
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समर-भूमि में इन कवियों ने गुरु के माह में उत्पन्न तनाको सिसकियों, खोकनाक हादों से उनके रलिज मिजे दर्द को पीया नहीं क्यों कि कवियों में वह शिवत्र कहो या पापाजका कविको सवेदनमोल कहता है, परन्तु बढ़ उस समय महो गई, जब मयः विवाहितायों की माँगों का सिन्दूर मिट गया, छः प्रबोध शिशु का जाप, उम भरे-पूरे परिवार को छोड़कर शहीद हो र जब वृद्ध लोकेर में करुण कम्वन कर रही थी, परकटोसी पोर पक्षी को तरह निकलकी चौरकारों से प्रकाश को गुजा दी थी, जब नशमता का बोभाय विभुगल चुन चुन अपशब्द कर रहा था । यदि यह सवेदनानुमति - मवाय प्रभिव्यक्ति पाती । यह मुगालता भी व्यथ है कि उनको नारेबाजो घिसे-पिटे और निवाएं. उत्प्रेरणा से सैनिकों का और जनता का मनोबल जागता है। जब बोरता इस की दर्प स्वतः प्रबुद्ध होता है, तब शाब्दिक ललकारों की कोई महत्ता । उस समय चाम्रो माम्रो के कान खींचने और भुट्टो पर नकली, भाजने से काम नहीं चलना। गदनकर' के स्वरों में यह भाव हैःa मुझे कविता के लिए क्यों वोदते हो ? तलवार जब निकल पड़ती है, वह लेखनी का मुह नहीं जोड़ती । और युद्ध के समय साहित्यिक कोष छूछा मौर साहित्यिक मांगू अर्थहीन है । युद्ध-सैनिको को इतना अवकाश नहीं होता कि वे कवियों का संप्रष्य को कर सकें । श्रावश्यकता जनता के मनोबल को जागृत करने की है। उसके लिए कों का क्या होगा, यह विषय सामूहिक बक्तब्ध देने और परिचर्चा नहीं है, कार्यान्वित करने का है। एक बारगी तो लगा केलेपन के - से मुक्त होकर साहित्यकार, जिसमें कवि भी सम्मिलित हैं ही, सामूहिक, द फूंक कर कुछ करने पर उतारू हैं। पर यह हिमाकत परिचम मोर युद्धकालीन के प्रायोजनों से बढ़कर कुछ ठोस करने में असमर्थं रही । उस में परिचर्चामों के विषय, आधुनिकता, 'बीटनिकों का फलसफा, बंगाल की पोदो र नयो का पुरानों के प्रति भाक्रोश रहा। बीच बीच में मूल्यों के
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चीनी नागरिकों को आतंकवादी हमलों से बचाने के लिए पाकिस्तान और चीन बुलेट प्रूफ वाहनों का इस्तेमाल करने पर सहमत हो गए हैं। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) अरब सागर पर पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को उत्तर-पश्चिम चीन के झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में काशगर से जोड़ता है।
इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान में सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों को आतंकवादी हमलों से बचाने के लिए पाकिस्तान और चीन बुलेट प्रूफ वाहनों का इस्तेमाल करने पर सहमत हो गए हैं। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) अरब सागर पर पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को उत्तर-पश्चिम चीन के झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में काशगर से जोड़ता है।
बता दें कि 60 अरब डॉलर का सीपीईसी चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा है, जो राष्ट्रपति शी चिनफिंग की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। बता दें कि पाकिस्तान में चीनी कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में एक बड़ी बाधा बन रही थी।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा कि सीपीईसी की 11वीं संयुक्त सहयोग समिति (जेसीसी) के मसौदे के अनुसार, दोनों पक्ष कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और जांचकर्ताओं की क्षमताओं को मजबूत करने पर भी सहमत हुए हैं। 11वें जेसीसी के ड्राफ्ट मिनट्स में कहा गया है कि परियोजनाओं में लगे चीनियों की सभी बाहरी गतिविधियों के लिए बुलेट प्रूफ वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
राष्ट्रपति शी ने पिछले हफ्ते सीपीईसी परियोजनाओं पर पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की थी और प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ के साथ अपनी पहली बीजिंग यात्रा के दौरान बातचीत में उनके लिए विश्वसनीय और सुरक्षित वातावरण की मांग की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्णय चीनी सरकार की चिंताओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, अपने कर्मचारियों पर बार-बार होने वाले हमलों के साथ, चीन ने पाकिस्तान से अपने सुरक्षा कर्मियों को चीनी नागरिकों की सुरक्षा करने के लिए कहा था। गैर-गलियारा परियोजनाओं में शामिल आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, पाकिस्तान ने सुरक्षा प्रयासों पर समन्वय के लिए एक अलग संयुक्त कार्य समूह की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।
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चीनी नागरिकों को आतंकवादी हमलों से बचाने के लिए पाकिस्तान और चीन बुलेट प्रूफ वाहनों का इस्तेमाल करने पर सहमत हो गए हैं। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा अरब सागर पर पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को उत्तर-पश्चिम चीन के झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में काशगर से जोड़ता है। इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान में सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों को आतंकवादी हमलों से बचाने के लिए पाकिस्तान और चीन बुलेट प्रूफ वाहनों का इस्तेमाल करने पर सहमत हो गए हैं। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा अरब सागर पर पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को उत्तर-पश्चिम चीन के झिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में काशगर से जोड़ता है। बता दें कि साठ अरब डॉलर का सीपीईसी चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है, जो राष्ट्रपति शी चिनफिंग की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। बता दें कि पाकिस्तान में चीनी कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में एक बड़ी बाधा बन रही थी। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा कि सीपीईसी की ग्यारहवीं संयुक्त सहयोग समिति के मसौदे के अनुसार, दोनों पक्ष कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और जांचकर्ताओं की क्षमताओं को मजबूत करने पर भी सहमत हुए हैं। ग्यारहवें जेसीसी के ड्राफ्ट मिनट्स में कहा गया है कि परियोजनाओं में लगे चीनियों की सभी बाहरी गतिविधियों के लिए बुलेट प्रूफ वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। राष्ट्रपति शी ने पिछले हफ्ते सीपीईसी परियोजनाओं पर पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की थी और प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ के साथ अपनी पहली बीजिंग यात्रा के दौरान बातचीत में उनके लिए विश्वसनीय और सुरक्षित वातावरण की मांग की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्णय चीनी सरकार की चिंताओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अपने कर्मचारियों पर बार-बार होने वाले हमलों के साथ, चीन ने पाकिस्तान से अपने सुरक्षा कर्मियों को चीनी नागरिकों की सुरक्षा करने के लिए कहा था। गैर-गलियारा परियोजनाओं में शामिल आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, पाकिस्तान ने सुरक्षा प्रयासों पर समन्वय के लिए एक अलग संयुक्त कार्य समूह की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।
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67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन सोमवार को विज्ञान भवन में किया गया। इसी दौरान सुपरस्टार रजनीकांत को 51वें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विज्ञान भवन में मौजूद सभी लोगों ने रजनीकांत के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाईं।
दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद रजनीकांत ने इसके लिए भारत सरकार का धन्यवाद कहा। उन्होंने संबोधन में कहा- मुझे इस पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए मैं भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मैं यह पुरस्कार अपने गुरू के. बालचंदर, अपने भाई सत्यनारायण राव और अपने ट्रांसपोर्ट ड्राइवर दोस्त राजबहादुर को समर्पित करता हूं।
रजनीकांत बीते पांच दशक से सिनेमा पर राज कर रहे हैं। वह अभी भी सिनेमा में एक्टिव हैं। रजनीकांत की असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ था। रजनीकांत पांच साल के थे तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधे पर आ गई। रजनीकांत के लिए भी घर चलाना इतना आसान नहीं था। उन्होंने घर चलाने के लिए कुली तक का काम किया।
रजनीकांत फिल्मों में आने से पहले बस कंडक्टर की नौकरी करते थे। रजनीकांत ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में बालचंदर की फिल्म 'अपूर्वा रागनगाल' से एंट्री ली थी। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत की हीरो बनाने का श्रेय बालाचंदर को ही जाता है। दादा साहब पुरस्कार लेते हुए रजनीकांत ने कहा कि उन्हें दुख है कि बालाचंदर इस पल को देखने के लिए उनके साथ नहीं है। रजनीकांत बालाचंदर को अपना गुरु मानते हैं।
रजनीकांत ने अपने अभिनय की शुरुआत कन्नड़ नाटकों से की थी। दुर्योधन की भूमिका में रजनीकांत घर-घर में लोकप्रिय हुए थे।
रजनीकांत की फिल्में सुबह साढ़े तीन बजे तक रिलीज हो जाती हैं। कुली से सुपरस्टार बनने वाले रजनीकांत कभी यहां तक नहीं पहुंच पाते अगर उनके दोस्त राज बहादुर ने उनके अभिनेता बनने के सपने को जिंदा न रखा होता। और उन्होंने ही रजनीकांत को मद्रास फिल्म इंस्टिट्यूट में दाखिला लेने के लिए कहा। दोस्त की बदौलत ही रजनीकांत आगे बढ़ते गए और फिर फिल्मों में काम करने लगे।
साल 1983 में उन्होंने बॉलीवुड में कदम रख दिया। उनकी पहली हिंदी फिल्म अंधा कानून थी। रजनीकांत ने इसके बाद सिर्फ तरक्की की सीढ़ियां चढ़ीं। आज वे दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े स्टार कहे जाते हैं। रजनीकांत के दामाद और एक्टर धनुष को भी बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है।
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सरसठवें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन सोमवार को विज्ञान भवन में किया गया। इसी दौरान सुपरस्टार रजनीकांत को इक्यावनवें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विज्ञान भवन में मौजूद सभी लोगों ने रजनीकांत के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाईं। दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद रजनीकांत ने इसके लिए भारत सरकार का धन्यवाद कहा। उन्होंने संबोधन में कहा- मुझे इस पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए मैं भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मैं यह पुरस्कार अपने गुरू के. बालचंदर, अपने भाई सत्यनारायण राव और अपने ट्रांसपोर्ट ड्राइवर दोस्त राजबहादुर को समर्पित करता हूं। रजनीकांत बीते पांच दशक से सिनेमा पर राज कर रहे हैं। वह अभी भी सिनेमा में एक्टिव हैं। रजनीकांत की असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ था। रजनीकांत पांच साल के थे तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधे पर आ गई। रजनीकांत के लिए भी घर चलाना इतना आसान नहीं था। उन्होंने घर चलाने के लिए कुली तक का काम किया। रजनीकांत फिल्मों में आने से पहले बस कंडक्टर की नौकरी करते थे। रजनीकांत ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में बालचंदर की फिल्म 'अपूर्वा रागनगाल' से एंट्री ली थी। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत की हीरो बनाने का श्रेय बालाचंदर को ही जाता है। दादा साहब पुरस्कार लेते हुए रजनीकांत ने कहा कि उन्हें दुख है कि बालाचंदर इस पल को देखने के लिए उनके साथ नहीं है। रजनीकांत बालाचंदर को अपना गुरु मानते हैं। रजनीकांत ने अपने अभिनय की शुरुआत कन्नड़ नाटकों से की थी। दुर्योधन की भूमिका में रजनीकांत घर-घर में लोकप्रिय हुए थे। रजनीकांत की फिल्में सुबह साढ़े तीन बजे तक रिलीज हो जाती हैं। कुली से सुपरस्टार बनने वाले रजनीकांत कभी यहां तक नहीं पहुंच पाते अगर उनके दोस्त राज बहादुर ने उनके अभिनेता बनने के सपने को जिंदा न रखा होता। और उन्होंने ही रजनीकांत को मद्रास फिल्म इंस्टिट्यूट में दाखिला लेने के लिए कहा। दोस्त की बदौलत ही रजनीकांत आगे बढ़ते गए और फिर फिल्मों में काम करने लगे। साल एक हज़ार नौ सौ तिरासी में उन्होंने बॉलीवुड में कदम रख दिया। उनकी पहली हिंदी फिल्म अंधा कानून थी। रजनीकांत ने इसके बाद सिर्फ तरक्की की सीढ़ियां चढ़ीं। आज वे दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े स्टार कहे जाते हैं। रजनीकांत के दामाद और एक्टर धनुष को भी बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है।
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न्यूज डेस्कः कोरोना वायरस ( coronavirus ) द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह कहने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि कोरोना वायरस की वजह से ऐसी भयंकर मंदी आ सकती है, जैसी दुनिया ने पिछले कुछ दशकों में नहीं देखी।
कोरोना वायरस ने दुनिया भर में 42 हज़ार से ज्यादा की जान।
महामारी के प्रकोप के समाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के लॉन्च के अवसर पर गुटेरेस ये विचार प्रकट किए। कोरोना वायरस से दुनिया भर में करीब 860,000 लोग संक्रमित हो चुके है और 42,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
सुपर पॉवर अमरीका पर भी कोरोना का क़हर।
दुनिया की एकमात्र सुपर पॉवर अमरीका में कोरोना वायरस ने 4,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जो चीन में इस महामारी से मरने वालों की संख्या से भी ज्यादा है। अमरीका में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल हैं, चिकित्सा सुविधाएं सबसे बेहतर हैं, सुरक्षा के उपाय में अचूक बताए जाते हैं, लेकिन जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार वहां 189,000 से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।
दुनिया का हर पांचवां कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति अब अमरीकी।
कोरोना वायरस चीन के वुहान से दुनिया भर में फैला, लेकिन अपने जन्म स्थान में उसका क़हर शांत हो रहा है। यहां तक कि वुहान में सार्वजनिक परिवहन को दोबारा चालू करने के समाचार भी हैं। लेकिन चीनी लापरवाही की वजह से कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर क़हर बनकर टूट पड़ा है। यहां तक कि दुनिया के सबसे विकसित देश अमरीका को अपनी 75 फीसदी जनसंख्या को किसी न किसी तरह के लॉकडाउन में रखना पड़ रहा है। वजह यह है कि दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित हर पांचवां व्यक्ति अमरीका का नागरिक है।
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न्यूज डेस्कः कोरोना वायरस द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह कहने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि कोरोना वायरस की वजह से ऐसी भयंकर मंदी आ सकती है, जैसी दुनिया ने पिछले कुछ दशकों में नहीं देखी। कोरोना वायरस ने दुनिया भर में बयालीस हज़ार से ज्यादा की जान। महामारी के प्रकोप के समाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के लॉन्च के अवसर पर गुटेरेस ये विचार प्रकट किए। कोरोना वायरस से दुनिया भर में करीब आठ सौ साठ,शून्य लोग संक्रमित हो चुके है और बयालीस,शून्य से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। सुपर पॉवर अमरीका पर भी कोरोना का क़हर। दुनिया की एकमात्र सुपर पॉवर अमरीका में कोरोना वायरस ने चार,शून्य से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जो चीन में इस महामारी से मरने वालों की संख्या से भी ज्यादा है। अमरीका में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल हैं, चिकित्सा सुविधाएं सबसे बेहतर हैं, सुरक्षा के उपाय में अचूक बताए जाते हैं, लेकिन जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार वहां एक सौ नवासी,शून्य से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। दुनिया का हर पांचवां कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति अब अमरीकी। कोरोना वायरस चीन के वुहान से दुनिया भर में फैला, लेकिन अपने जन्म स्थान में उसका क़हर शांत हो रहा है। यहां तक कि वुहान में सार्वजनिक परिवहन को दोबारा चालू करने के समाचार भी हैं। लेकिन चीनी लापरवाही की वजह से कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर क़हर बनकर टूट पड़ा है। यहां तक कि दुनिया के सबसे विकसित देश अमरीका को अपनी पचहत्तर फीसदी जनसंख्या को किसी न किसी तरह के लॉकडाउन में रखना पड़ रहा है। वजह यह है कि दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित हर पांचवां व्यक्ति अमरीका का नागरिक है।
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Yamuna Authority Village Tourism: यमुना अथॉरिटी अपने एरिया के 96 गांवों में विलेज टूरिज्म डेवलप करने जा रही है। इसके लिए कई प्राइवेट संगठनों से करार किया गया है। इसके साथ ही आईआईटी मुंबई इन गांवों के लोगों के स्किल डेवलपमेंट का काम करेगी। गांव वालों को अंग्रेजी सिखाई जाएगी। 15 जनवरी 2023 से इन गांवों में काम शुरू हो जाएगा।
Yamuna Authority Plan : यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में बसने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में भविष्य में पीने के पानी की समस्या आड़े नहीं आएगी। यमुना अथॉरिटी की योजना के पहले चरण में गौतमबुद्धनगर जिले के 96 गांवों के तालाब और वाटर बॉडी आ रहे हैं। इन सभी गावों को पर्यटन स्थल बनाने के लिए प्राइवेट संगठनों के साथ गठबंधन किया गया है। इतना ही नहीं आईआईटी मुंबई गांव वालों को अंग्रेजी भाषा सिखाने का काम भी करेगी।
बता दें कि, यमुना अथॉरिटी ने दो प्राइवेट संगठनों और आईआईटी मुंबई के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों प्राइवेट संगठन तालाबों का पानी पीने योग्य बनाएंगे। तालाब के गिरते जल स्तर को संवारा जाएगा। वहीं, आईआईटी मुंबई ग्रामीणों को अंग्रेजी भाषा सिखाने का काम करेगी। प्राइवेट संगठन यमुना अथॉरिटी एरिया के मास्टर प्लान के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र के 96 तालाब और अन्य वाटर बॉडी का सुंदरीकरण करेंगे।
यमुना प्राधिकरण की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इन गांवों में काम की शुरूआत 15 जनवरी से की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में प्राइवेट संगठनों के साथ आईआईटी मुंबई भी शामिल हैं। यह प्राइवेट संगठन आईआईटी मुंबई के साथ मिलकर हिमाचल समेत देश के 7 शहरों में पहले भी काम कर चुके हैं। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस तरह तेजी के साथ विकास चल रहा है, उसी गति से भूजल का भी प्रयोग अधिक किया जा रहा है। भूजल दोहन को बचाना बेहद जरूरी हो गया है।
यमुना प्राधिकरण के अनुसार, 15 जनवरी से गांवों के तालाबों की गाद साफ की जाएगी। तालाबों की पटरी पर पौधे लगाए जाएंगे। पर्यटन स्थल के रूप में तालाबों को विकसित करने का काम किया जाएगा। तालाब के चारों तरफ मखमली घास लगाई जाएगी। गांव का पानी और बरसात का पानी छनके आए, इसके लिए कई हाईटेक उपाय किए जाएंगे। कई तरह की मछलियों को तालाबों में छोड़ दिया जाएगा। आईआईटी मुंबई गांवों में स्किल डेवलपमेंट का काम किया करेगी। आईआईटी मुंबई की ओर से गांव वालों को अंग्रेजी की शिक्षा दी जाएगी।
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Yamuna Authority Village Tourism: यमुना अथॉरिटी अपने एरिया के छियानवे गांवों में विलेज टूरिज्म डेवलप करने जा रही है। इसके लिए कई प्राइवेट संगठनों से करार किया गया है। इसके साथ ही आईआईटी मुंबई इन गांवों के लोगों के स्किल डेवलपमेंट का काम करेगी। गांव वालों को अंग्रेजी सिखाई जाएगी। पंद्रह जनवरी दो हज़ार तेईस से इन गांवों में काम शुरू हो जाएगा। Yamuna Authority Plan : यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में बसने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में भविष्य में पीने के पानी की समस्या आड़े नहीं आएगी। यमुना अथॉरिटी की योजना के पहले चरण में गौतमबुद्धनगर जिले के छियानवे गांवों के तालाब और वाटर बॉडी आ रहे हैं। इन सभी गावों को पर्यटन स्थल बनाने के लिए प्राइवेट संगठनों के साथ गठबंधन किया गया है। इतना ही नहीं आईआईटी मुंबई गांव वालों को अंग्रेजी भाषा सिखाने का काम भी करेगी। बता दें कि, यमुना अथॉरिटी ने दो प्राइवेट संगठनों और आईआईटी मुंबई के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों प्राइवेट संगठन तालाबों का पानी पीने योग्य बनाएंगे। तालाब के गिरते जल स्तर को संवारा जाएगा। वहीं, आईआईटी मुंबई ग्रामीणों को अंग्रेजी भाषा सिखाने का काम करेगी। प्राइवेट संगठन यमुना अथॉरिटी एरिया के मास्टर प्लान के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र के छियानवे तालाब और अन्य वाटर बॉडी का सुंदरीकरण करेंगे। यमुना प्राधिकरण की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इन गांवों में काम की शुरूआत पंद्रह जनवरी से की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में प्राइवेट संगठनों के साथ आईआईटी मुंबई भी शामिल हैं। यह प्राइवेट संगठन आईआईटी मुंबई के साथ मिलकर हिमाचल समेत देश के सात शहरों में पहले भी काम कर चुके हैं। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस तरह तेजी के साथ विकास चल रहा है, उसी गति से भूजल का भी प्रयोग अधिक किया जा रहा है। भूजल दोहन को बचाना बेहद जरूरी हो गया है। यमुना प्राधिकरण के अनुसार, पंद्रह जनवरी से गांवों के तालाबों की गाद साफ की जाएगी। तालाबों की पटरी पर पौधे लगाए जाएंगे। पर्यटन स्थल के रूप में तालाबों को विकसित करने का काम किया जाएगा। तालाब के चारों तरफ मखमली घास लगाई जाएगी। गांव का पानी और बरसात का पानी छनके आए, इसके लिए कई हाईटेक उपाय किए जाएंगे। कई तरह की मछलियों को तालाबों में छोड़ दिया जाएगा। आईआईटी मुंबई गांवों में स्किल डेवलपमेंट का काम किया करेगी। आईआईटी मुंबई की ओर से गांव वालों को अंग्रेजी की शिक्षा दी जाएगी। ट्रेंडिंगः
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कोरोना भले ही देश व प्रदेश में अपने पांव फिर से पसार रहा है लेकिन ये महामारी रामपुर में आयोजित होने वाले आस्था के प्रतीक फाग मेले को नहीं रोक पाएगी। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ये मेला धूमधाम से मनाया जाएगा। वहीं कोविड 19 के सभी नियमों का पालन भी सख्ती से किया जाएगा। इस मेले के आयोजन को लेकर गुरुवार को एसडीएम सुरेंद्र मोहन की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी विभागों के अध्यक्ष व व्यापार मंडल के पदाधिकारी, नगर परिषद की अध्यक्षा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में कहा गया कि ये मेला स्थानीय देवी देवताओं की आस्था से जुड़ा हुआ मेला है। ऐसे में इस मेले को नहीं रोका जा सकता। लेकिन कोरोना के सभी नियमों की पालना करना जरूरी है। मेले में बाहर से व्यापार करने आने वाले व्यापारियों को स्टाल न देकर लोकल लोगों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं मेले के दौरान बड़े वाहनों को वाया बजीर बावड़ी होकर भेजने का निर्णय लिया गया।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी विशेष निर्देश दिए गए। फाग मेला देव आस्था से जुड़ा है जो कि होली के अगले दिन से आयोजित किया जाता है। मेले में आने वाले देवलुओं को दी जाने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा की गई और जहां जहां कैमरे खराब हैं उन्हें ठीक करवाने के लिए निर्देश दिए गए। सफाई व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी हरी शर्मा को निर्देश दिए गए। मेले के लिए राष्ट्रीय राज मार्ग पर पुराने अस्पताल से लेकर पुराने बस स्टैंड तक अस्थाई दुकाने लगाई जाती है। इस बार मेले में दुकानोंं को कोविड के चलते कम किया सकता है। जिस कारण सड़क संकरी हो जाती है और देव यात्रा के दौरान जाम लग जाता है। उन्होंने कहा कि चाटी, ब्रौ और जगातखाना पुल पर भी पुलिस द्वारा मेले के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। इस मौके पर एसडीपीओ रामपुर चंद्र शेखर, बीडीओ केआर कपूर, मंदिर अधिकारी बीआर नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप, आईपीएच के पर्यवेक्षक प्रेम चौहान, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक धनवीर ठाकुर, बिजली बोर्ड के जेई अरूण शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष प्रीति कश्यप, समिति अध्यक्ष आशीष कायथ, पार्षद विशेषर लाल, स्वाति तनमय शर्मा, बंसल सहित निशु बंसल, विनय शर्मा, विष्णु शर्मा, रोहित घागटा आदि उपस्थित रहे।
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कोरोना भले ही देश व प्रदेश में अपने पांव फिर से पसार रहा है लेकिन ये महामारी रामपुर में आयोजित होने वाले आस्था के प्रतीक फाग मेले को नहीं रोक पाएगी। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ये मेला धूमधाम से मनाया जाएगा। वहीं कोविड उन्नीस के सभी नियमों का पालन भी सख्ती से किया जाएगा। इस मेले के आयोजन को लेकर गुरुवार को एसडीएम सुरेंद्र मोहन की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी विभागों के अध्यक्ष व व्यापार मंडल के पदाधिकारी, नगर परिषद की अध्यक्षा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में कहा गया कि ये मेला स्थानीय देवी देवताओं की आस्था से जुड़ा हुआ मेला है। ऐसे में इस मेले को नहीं रोका जा सकता। लेकिन कोरोना के सभी नियमों की पालना करना जरूरी है। मेले में बाहर से व्यापार करने आने वाले व्यापारियों को स्टाल न देकर लोकल लोगों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं मेले के दौरान बड़े वाहनों को वाया बजीर बावड़ी होकर भेजने का निर्णय लिया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी विशेष निर्देश दिए गए। फाग मेला देव आस्था से जुड़ा है जो कि होली के अगले दिन से आयोजित किया जाता है। मेले में आने वाले देवलुओं को दी जाने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा की गई और जहां जहां कैमरे खराब हैं उन्हें ठीक करवाने के लिए निर्देश दिए गए। सफाई व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी हरी शर्मा को निर्देश दिए गए। मेले के लिए राष्ट्रीय राज मार्ग पर पुराने अस्पताल से लेकर पुराने बस स्टैंड तक अस्थाई दुकाने लगाई जाती है। इस बार मेले में दुकानोंं को कोविड के चलते कम किया सकता है। जिस कारण सड़क संकरी हो जाती है और देव यात्रा के दौरान जाम लग जाता है। उन्होंने कहा कि चाटी, ब्रौ और जगातखाना पुल पर भी पुलिस द्वारा मेले के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। इस मौके पर एसडीपीओ रामपुर चंद्र शेखर, बीडीओ केआर कपूर, मंदिर अधिकारी बीआर नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप, आईपीएच के पर्यवेक्षक प्रेम चौहान, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक धनवीर ठाकुर, बिजली बोर्ड के जेई अरूण शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष प्रीति कश्यप, समिति अध्यक्ष आशीष कायथ, पार्षद विशेषर लाल, स्वाति तनमय शर्मा, बंसल सहित निशु बंसल, विनय शर्मा, विष्णु शर्मा, रोहित घागटा आदि उपस्थित रहे।
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न्यूयॉर्कः दुनिया के बड़े देशों के बीच जब युद्ध या टकराव होता है तो नई-नई तकनीकों के इस्तेमाल की बात सामने आती है. ऐसी ही एक तकनीक है अंतरिक्ष के जरिये जासूसी करना. इस तरह की जासूसी में आप युद्ध के मैदान की परिस्थितियों को कैमरे की नजर से देखकर उसी के हिसाब से अपनी रणनीति बनाते हैं या फिर उनमें बदलाव कर सकते हैं.
कहा जा सकता है कि कुछ ऐसा ही यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के दौरान हुआ है.
अंतरिक्ष में लगे कैमरे युद्ध की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहे हैं. रूसी सेना की गतिविधियों को हम सभी के साथ साझा कर रहे हैं और उनके युद्ध अपराधों को दर्ज किया जा रहा है.
साल 2021 में एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि टोही उपग्रह रखने वाले देशों पर अन्य देशों की तुलना में हमले की कम संभावना होती है. माना जाता है कि युद्ध या फिर किसी बड़े विवाद के दौरान अघोषित रूप से हमला करने वाले हमलावर की जीत की संभावना अधिक रहती है.
उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग करके अंतरिक्ष से जासूसी होने पर किसी राष्ट्र के लिए रणनीतिक रूप से सतर्क होना बहुत कठिन हो जाता है, खासकर जब एक बड़ा, अधिक भीषण हमला करने का प्रयास किया जाता है. अपने खुद टोही उपग्रह रखने वाली सरकारों की संख्या सीमित रही है, लेकिन खासकर पिछले दो दशकों में इनकी संख्या में इजाफा हुआ है.
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.
उपग्रह के जरिये तस्वीरें लेना अब आम बात हो गई है. साल 2000 में इसकी शुरुआत हुई थी. उपग्रह से ली गईं तस्वीरों की गुणवत्ता में भी नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2021 के अंत में गुपचुप तरीके से यूक्रेन और उसके आसपास रूसी सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी थी, जिसके बाद से इस बात को लेकर चिंता पैदा हो गई कि अब रूस का अगला कदम क्या होगा. हालांकि इस दौरान उपग्रह से ली गईं तस्वीरों से यह पता चल गया कि पुतिन क्या करने वाले हैं और पश्चिमी देशों ने इसकी घोषणा की कि रूस, यूक्रेन पर हमला करने वाला है.
इसलिए पुतिन ने आक्रमण की संभावना को छिपाने की कोशिश नहीं की. इसके बजाय, रूसी अधिकारियों ने हमले की आशंका को भुनाया. हालांकि इससे पहले तक कई पर्यवेक्षकों का कहना था कि पुतिन नाटो और पश्चिमी देशों पर दबाव बनाने के लिये ऐसा कर रहे हैं.
पश्चिमी देशों ने रूस के गुपचुप हमले की योजना को इस तकनीक के सहारे बेनकाब कर दिया. रूसी टैंक जब पश्चिम की तरफ से यूक्रेन में घुसे तो उपग्रह से ली गईं तस्वीरों ने रूस की योजना को उजागर कर दिया और तभी से रूस पर प्रतिबंधों की शुरुआत होने लगी. इसके अलावा युद्ध शुरू होने से पहले ही रूस की दुनियाभर में निंदा शुरू हो गई. लिहाजा यह कहा जा सकता है कि उपग्रह से की जाने वाली जासूसी के मामले में पश्चिमी देशों ने रूस को पछाड़ दिया.
(एरिक गार्ट्जके, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, सैन डियागो/ब्रायन अर्ली, यूनिवर्सिटी ऑफ एल्बनी, न्यूयॉर्क स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका)
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न्यूयॉर्कः दुनिया के बड़े देशों के बीच जब युद्ध या टकराव होता है तो नई-नई तकनीकों के इस्तेमाल की बात सामने आती है. ऐसी ही एक तकनीक है अंतरिक्ष के जरिये जासूसी करना. इस तरह की जासूसी में आप युद्ध के मैदान की परिस्थितियों को कैमरे की नजर से देखकर उसी के हिसाब से अपनी रणनीति बनाते हैं या फिर उनमें बदलाव कर सकते हैं. कहा जा सकता है कि कुछ ऐसा ही यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के दौरान हुआ है. अंतरिक्ष में लगे कैमरे युद्ध की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहे हैं. रूसी सेना की गतिविधियों को हम सभी के साथ साझा कर रहे हैं और उनके युद्ध अपराधों को दर्ज किया जा रहा है. साल दो हज़ार इक्कीस में एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि टोही उपग्रह रखने वाले देशों पर अन्य देशों की तुलना में हमले की कम संभावना होती है. माना जाता है कि युद्ध या फिर किसी बड़े विवाद के दौरान अघोषित रूप से हमला करने वाले हमलावर की जीत की संभावना अधिक रहती है. उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग करके अंतरिक्ष से जासूसी होने पर किसी राष्ट्र के लिए रणनीतिक रूप से सतर्क होना बहुत कठिन हो जाता है, खासकर जब एक बड़ा, अधिक भीषण हमला करने का प्रयास किया जाता है. अपने खुद टोही उपग्रह रखने वाली सरकारों की संख्या सीमित रही है, लेकिन खासकर पिछले दो दशकों में इनकी संख्या में इजाफा हुआ है. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. उपग्रह के जरिये तस्वीरें लेना अब आम बात हो गई है. साल दो हज़ार में इसकी शुरुआत हुई थी. उपग्रह से ली गईं तस्वीरों की गुणवत्ता में भी नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दो हज़ार इक्कीस के अंत में गुपचुप तरीके से यूक्रेन और उसके आसपास रूसी सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी थी, जिसके बाद से इस बात को लेकर चिंता पैदा हो गई कि अब रूस का अगला कदम क्या होगा. हालांकि इस दौरान उपग्रह से ली गईं तस्वीरों से यह पता चल गया कि पुतिन क्या करने वाले हैं और पश्चिमी देशों ने इसकी घोषणा की कि रूस, यूक्रेन पर हमला करने वाला है. इसलिए पुतिन ने आक्रमण की संभावना को छिपाने की कोशिश नहीं की. इसके बजाय, रूसी अधिकारियों ने हमले की आशंका को भुनाया. हालांकि इससे पहले तक कई पर्यवेक्षकों का कहना था कि पुतिन नाटो और पश्चिमी देशों पर दबाव बनाने के लिये ऐसा कर रहे हैं. पश्चिमी देशों ने रूस के गुपचुप हमले की योजना को इस तकनीक के सहारे बेनकाब कर दिया. रूसी टैंक जब पश्चिम की तरफ से यूक्रेन में घुसे तो उपग्रह से ली गईं तस्वीरों ने रूस की योजना को उजागर कर दिया और तभी से रूस पर प्रतिबंधों की शुरुआत होने लगी. इसके अलावा युद्ध शुरू होने से पहले ही रूस की दुनियाभर में निंदा शुरू हो गई. लिहाजा यह कहा जा सकता है कि उपग्रह से की जाने वाली जासूसी के मामले में पश्चिमी देशों ने रूस को पछाड़ दिया.
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महाराष्ट्र के ठाणे शहर में 37 वर्षीय व्यक्ति के क्रिप्टोकरंसी खाते को एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर हैक कर लिया और 15,097 अमेरिकी डॉलर (करीब 12 लाख रुपये) गायब कर दिए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
श्रीनगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि घटना एक नवंबर, 2022 की है, लेकिन व्यक्ति ने पिछले सप्ताह पुलिस में शिकायत की। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर श्रीनगर पुलिस ने शनिवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी मुंबई के कांदिवली का रहने वाला पीड़ित एक नवंबर को किसी काम के लिए ठाणे आया था। उसी दौरान किसी ने उसके क्रिप्टो खाते को कथित तौर पर ऑनलाइन हैक कर लिया और उससे करीब 12 लाख रुपये निकाल लिए। बाद में पता चला कि इस रकम को सीधे एक कंपनी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने दो महीने बाद शिकायत दर्ज कराने का कोई कारण नहीं बताया और मामले की जांच की जा रही है।
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Quick links: महाराष्ट्र के ठाणे शहर में सैंतीस वर्षीय व्यक्ति के क्रिप्टोकरंसी खाते को एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर हैक कर लिया और पंद्रह,सत्तानवे अमेरिकी डॉलर गायब कर दिए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। श्रीनगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि घटना एक नवंबर, दो हज़ार बाईस की है, लेकिन व्यक्ति ने पिछले सप्ताह पुलिस में शिकायत की। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर श्रीनगर पुलिस ने शनिवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा चार सौ बीस और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी मुंबई के कांदिवली का रहने वाला पीड़ित एक नवंबर को किसी काम के लिए ठाणे आया था। उसी दौरान किसी ने उसके क्रिप्टो खाते को कथित तौर पर ऑनलाइन हैक कर लिया और उससे करीब बारह लाख रुपये निकाल लिए। बाद में पता चला कि इस रकम को सीधे एक कंपनी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने दो महीने बाद शिकायत दर्ज कराने का कोई कारण नहीं बताया और मामले की जांच की जा रही है।
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यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज बताये जा रहे हैं। गौरतलब है कि इस नाराजगी के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवपाल यादव भाजपा के साथ जा सकते हैं। हालांकि इसपर खुद शिवपाल यादव भी खुलकर कुछ बोलने से किनारा कर रहे हैं।
बता दें कि शिवपाल यादव के भाजपा में जाने की अटकलों के बीच उनका कहना है कि जो भी कुछ होगा वो सबको बताएंगे। इस बीच भाजपा के एक खेमे ने भी साफ कर दिया कि भाजपा में शिवपाल के आने को लेकर कोई बात नहीं हुई है। योगी सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी कह चुके हैं कि भाजपा में शिवपाल के लिए कोई वैकेंसी नहीं है।
इन सब खबरों के बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा शिवपाल यादव को आजमगढ़ लोकसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में साथ ला सकती है। दरअसल आजमगढ़ सीट से अखिलेश यादव 2019 में सांसद चुने गये थे। लेकिन 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में उन्होंने करहल विधानसभा सीट से ताल ठोका और जीत भी गये। ऐसे में अब उन्हें आजमगढ़ सीट छोड़नी पड़ी है।
वहीं आजमगढ़ सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर खबर है कि भाजपा शिवपाल को अपने साथ ला सकती है। माना जा रहा है कि इस सीट से भाजपा शिवपाल या फिर उनके बेटे को चुनाव लड़वा सकती है। राजनीति विश्लेषकों की मानें तो अगर शिवपाल को साथ लाने से भाजपा को कोई बड़ा फायदा होगा तभी बीजेपी शिवपाल को अपने साथ ला सकती है।
शिवपाल की नाराजगी के बीच चर्चा यह भी है भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। लेकिन यह तभी संभव है जब भाजपा को शिवपाल से अधिक फायदा मिलता दिखेगा। बता दें कि बीते दिनों सपा के विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाए जाने पर शिवपाल यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज हैं।
इस ट्वीट के बाद से शिवपाल यादव का झुकाव भाजपा के प्रति माना जा रहा है। वहीं इससे पहले उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात भी की थी। जिसे महज शिष्टाचार भेंट बताया गया था।
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यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज बताये जा रहे हैं। गौरतलब है कि इस नाराजगी के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवपाल यादव भाजपा के साथ जा सकते हैं। हालांकि इसपर खुद शिवपाल यादव भी खुलकर कुछ बोलने से किनारा कर रहे हैं। बता दें कि शिवपाल यादव के भाजपा में जाने की अटकलों के बीच उनका कहना है कि जो भी कुछ होगा वो सबको बताएंगे। इस बीच भाजपा के एक खेमे ने भी साफ कर दिया कि भाजपा में शिवपाल के आने को लेकर कोई बात नहीं हुई है। योगी सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी कह चुके हैं कि भाजपा में शिवपाल के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। इन सब खबरों के बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा शिवपाल यादव को आजमगढ़ लोकसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में साथ ला सकती है। दरअसल आजमगढ़ सीट से अखिलेश यादव दो हज़ार उन्नीस में सांसद चुने गये थे। लेकिन दो हज़ार बाईस यूपी विधानसभा चुनाव में उन्होंने करहल विधानसभा सीट से ताल ठोका और जीत भी गये। ऐसे में अब उन्हें आजमगढ़ सीट छोड़नी पड़ी है। वहीं आजमगढ़ सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर खबर है कि भाजपा शिवपाल को अपने साथ ला सकती है। माना जा रहा है कि इस सीट से भाजपा शिवपाल या फिर उनके बेटे को चुनाव लड़वा सकती है। राजनीति विश्लेषकों की मानें तो अगर शिवपाल को साथ लाने से भाजपा को कोई बड़ा फायदा होगा तभी बीजेपी शिवपाल को अपने साथ ला सकती है। शिवपाल की नाराजगी के बीच चर्चा यह भी है भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। लेकिन यह तभी संभव है जब भाजपा को शिवपाल से अधिक फायदा मिलता दिखेगा। बता दें कि बीते दिनों सपा के विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाए जाने पर शिवपाल यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज हैं। इस ट्वीट के बाद से शिवपाल यादव का झुकाव भाजपा के प्रति माना जा रहा है। वहीं इससे पहले उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात भी की थी। जिसे महज शिष्टाचार भेंट बताया गया था।
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रांचीः झारखंड हाई कोर्ट में सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो मामले में शनिवार को सुनवाई हुई।
अदालत ने मामले में शपथ पत्र दाखिल नहीं किये जाने पर नाराजगी जतायी। अदालत ने मामले को लेकर डीजीपी को हाजिर होने का आदेश दिया। साथ ही, दो दिसंबर तक शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई। अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में दो दिसंबर को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गयी है।
उल्लेखनीय है कि छात्र विनय महतो के पिता मनबहाल महतो की ओर से याचिका दायर की गयी थी। इसमें छात्र की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गयी थी।
सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो की हत्या पांच फरवरी 2016 की रात को सफायर इंटरनेशनल स्कूल परिसर में हुई थी।
इस दौरान परिजनों को छात्र की तबीयत बिगड़ने की बात बतायी गयी थी और रिम्स में भर्ती करने की बात की गयी। लेकिन, जब तक परिजन विनय के पास पहुंचते, छात्र की मौत हो चुकी थी।
पूर्व की सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने पुलिस प्रशासन और सरकार पर नाराजगी व्यक्त की थी। इस दौरान टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि राज्य के सभी मामलों की जांच सीबीआई से करानी चाहिए।
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रांचीः झारखंड हाई कोर्ट में सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में शपथ पत्र दाखिल नहीं किये जाने पर नाराजगी जतायी। अदालत ने मामले को लेकर डीजीपी को हाजिर होने का आदेश दिया। साथ ही, दो दिसंबर तक शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई। अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में दो दिसंबर को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गयी है। उल्लेखनीय है कि छात्र विनय महतो के पिता मनबहाल महतो की ओर से याचिका दायर की गयी थी। इसमें छात्र की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गयी थी। सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो की हत्या पांच फरवरी दो हज़ार सोलह की रात को सफायर इंटरनेशनल स्कूल परिसर में हुई थी। इस दौरान परिजनों को छात्र की तबीयत बिगड़ने की बात बतायी गयी थी और रिम्स में भर्ती करने की बात की गयी। लेकिन, जब तक परिजन विनय के पास पहुंचते, छात्र की मौत हो चुकी थी। पूर्व की सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने पुलिस प्रशासन और सरकार पर नाराजगी व्यक्त की थी। इस दौरान टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि राज्य के सभी मामलों की जांच सीबीआई से करानी चाहिए।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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मई की शुरुआत में शालिका मदान को उनके दफ्तर से एक कॉल आया और उनसे कहा गया कि उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। शालिका दिल्ली के एक लॉ फर्म में काम करती थीं।
38 साल की शालिका सिंगल मदर हैं। उनका एक बेटा है। उन्होंने इस कंपनी को अपनी जिंदगी के दो साल से भी ज्यादा का समय दिया लेकिन कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन ने उनकी जिंदगी और नौकरी दोनों पर लगाम दी।
शालिका कहती हैं, "मैंने नौकरी से नहीं निकाले जाने को लेकर उनसे गुहार लगाई। मैंने उनसे कहा कि मैं बिना सैलरी के भी काम कर लूंगी लेकिन मुझे नौकरी से ना निकालें। लेकिन मेरे बॉस ने कहा कि उनका धंधा और पैसा सब ख़त्म हो चुका है। वो मेरी हालत समझते हैं लेकिन वो असहाय हैं। "
शालिका के पास एक दशक से अधिक का अनुभव है। सिर्फ शालिका ही नहीं महामारी की वजह से लाखों भारतीयों की नौकरी चली गई है।
सेंटर फॉर इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आकड़ों के मुताबिक, लॉकडाउन लगने के एक महीने के बाद से करीब 12 करोड़ लोग अपने काम से हाथ गंवा चुके हैं। अधिकतर लोग असंगठित और ग्रामीण क्षेत्र से हैं।
भारत की चालीस करोड़ नौकरियों में से अधिकांश असंगठित क्षेत्रों में ही हैं। सीएमआईई के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान अप्रैल के महीने में ऐसे सात करोड़ लोगों ने जिन्होंने अपना काम-धंधा गंवाया था, वो वापस काम पर लौट चुके हैं।
दोबारा आर्थिक गतिविधियों के शुरू होने और फसल की अच्छी पैदावर की वजह से ऐसा हो पाया है क्योंकि इससे ना सिर्फ बड़े पैमाने पर लोगों को काम मिला है बल्कि कृषि क्षेत्र में भी लोगों को अतिरिक्त काम मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाली जॉब गारंटी योजना ने भी इसमें मदद की है लेकिन यह ख़ुशख़बरी यहीं तक सीमित है।
सीएमआईई के आकलन के मुताबिक, वेतन पर काम करने वाले संगठित क्षेत्र में 1। 9 करोड़ लोगों ने अपनी नौकरियां लॉकडाउन के दौरान खोई हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और एशियन डेवलपमेंट बैंक की एक अन्य रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है कि 30 की उम्र के नीचे के करीब चालीस लाख से अधिक भारतीयों ने अपनी नौकरियाँ महामारी की वजह से गंवाई हैं। 15 से 24 साल के लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ा है।
सीएमआईई के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश व्यास का कहना है, "ज्यादातर 30 साल से कम उम्र वाले प्रभावित हुए हैं। कंपनियां अनुभवी लोगों को रख रही हैं और नौजवानों पर इसकी मार पड़ रही है। " कई लोग मानते हैं कि यह भारत की धीमी होती अर्थव्यवस्था का सबसे चिंताजनक पहलू है।
महेश व्यास बताते हैं, "ट्रेनी और प्रोबेशन पर काम करने वाले अपनी नौकरियां गंवा चुके हैं। कंपनियां कैंपस में जाकर नौकरियां नहीं दे रही हैं। किसी भी तरह की कोई नियुक्ति नहीं हो रही है। जब 2021 में काम की तलाश करने वाले युवाओं का अगला बैच ग्रेजुएट होगा तो वो बेरोजगारों की फौज में शामिल होंगे। "
नए ग्रेजुएट हुए लोगों को नौकरी नहीं देने का मतलब होगा आमदनी, शिक्षा और बचत पर विपरित प्रभाव पड़ना। महेश व्यास कहते हैं, "इससे नौकरी की तलाश करने वालों, उनके परिवार, अर्थव्यवस्था सब पर असर होगा। "
सैलरी में कटौती और मांग में सुस्ती आने से घरेलू आय पर भी नकारात्मक असर होगा। पिछले साल के सीएमआईई के सर्वे में पाया गया था कि करीब 35 प्रतिशत लोग मानते थे कि उनकी आय पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है जबकि इस साल सिर्फ दो फीसद लोगों का ऐसा मानना है।
निम्न वर्ग से लेकर उच्च मध्यम वर्ग तक के लोगों की आमदनी में कटौती हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेतनभोगी लोगों ने लॉकडाउन के चार महीनों में करीब चार अरब डॉलर अपने जरूरी बचत से निकाला ताकि वो नौकरी जाने और सैलरी में हुई कटौती की भारपाई कर सकें।
महेश व्यास कहते हैं, "आय में आई कमी की ख़ासतौर पर मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग पर मार पड़ी है। " नौकरी नहीं रहने की वजह से ज्यादा से ज्यादा लोगों के हाथ से काम-धंधा छीन रहा है। लेकिन यह कोई अचानक से आयी तब्दीली नहीं है।
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मई की शुरुआत में शालिका मदान को उनके दफ्तर से एक कॉल आया और उनसे कहा गया कि उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। शालिका दिल्ली के एक लॉ फर्म में काम करती थीं। अड़तीस साल की शालिका सिंगल मदर हैं। उनका एक बेटा है। उन्होंने इस कंपनी को अपनी जिंदगी के दो साल से भी ज्यादा का समय दिया लेकिन कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन ने उनकी जिंदगी और नौकरी दोनों पर लगाम दी। शालिका कहती हैं, "मैंने नौकरी से नहीं निकाले जाने को लेकर उनसे गुहार लगाई। मैंने उनसे कहा कि मैं बिना सैलरी के भी काम कर लूंगी लेकिन मुझे नौकरी से ना निकालें। लेकिन मेरे बॉस ने कहा कि उनका धंधा और पैसा सब ख़त्म हो चुका है। वो मेरी हालत समझते हैं लेकिन वो असहाय हैं। " शालिका के पास एक दशक से अधिक का अनुभव है। सिर्फ शालिका ही नहीं महामारी की वजह से लाखों भारतीयों की नौकरी चली गई है। सेंटर फॉर इंडियन इकोनॉमी के आकड़ों के मुताबिक, लॉकडाउन लगने के एक महीने के बाद से करीब बारह करोड़ लोग अपने काम से हाथ गंवा चुके हैं। अधिकतर लोग असंगठित और ग्रामीण क्षेत्र से हैं। भारत की चालीस करोड़ नौकरियों में से अधिकांश असंगठित क्षेत्रों में ही हैं। सीएमआईई के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान अप्रैल के महीने में ऐसे सात करोड़ लोगों ने जिन्होंने अपना काम-धंधा गंवाया था, वो वापस काम पर लौट चुके हैं। दोबारा आर्थिक गतिविधियों के शुरू होने और फसल की अच्छी पैदावर की वजह से ऐसा हो पाया है क्योंकि इससे ना सिर्फ बड़े पैमाने पर लोगों को काम मिला है बल्कि कृषि क्षेत्र में भी लोगों को अतिरिक्त काम मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाली जॉब गारंटी योजना ने भी इसमें मदद की है लेकिन यह ख़ुशख़बरी यहीं तक सीमित है। सीएमआईई के आकलन के मुताबिक, वेतन पर काम करने वाले संगठित क्षेत्र में एक। नौ करोड़ लोगों ने अपनी नौकरियां लॉकडाउन के दौरान खोई हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और एशियन डेवलपमेंट बैंक की एक अन्य रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है कि तीस की उम्र के नीचे के करीब चालीस लाख से अधिक भारतीयों ने अपनी नौकरियाँ महामारी की वजह से गंवाई हैं। पंद्रह से चौबीस साल के लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। सीएमआईई के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश व्यास का कहना है, "ज्यादातर तीस साल से कम उम्र वाले प्रभावित हुए हैं। कंपनियां अनुभवी लोगों को रख रही हैं और नौजवानों पर इसकी मार पड़ रही है। " कई लोग मानते हैं कि यह भारत की धीमी होती अर्थव्यवस्था का सबसे चिंताजनक पहलू है। महेश व्यास बताते हैं, "ट्रेनी और प्रोबेशन पर काम करने वाले अपनी नौकरियां गंवा चुके हैं। कंपनियां कैंपस में जाकर नौकरियां नहीं दे रही हैं। किसी भी तरह की कोई नियुक्ति नहीं हो रही है। जब दो हज़ार इक्कीस में काम की तलाश करने वाले युवाओं का अगला बैच ग्रेजुएट होगा तो वो बेरोजगारों की फौज में शामिल होंगे। " नए ग्रेजुएट हुए लोगों को नौकरी नहीं देने का मतलब होगा आमदनी, शिक्षा और बचत पर विपरित प्रभाव पड़ना। महेश व्यास कहते हैं, "इससे नौकरी की तलाश करने वालों, उनके परिवार, अर्थव्यवस्था सब पर असर होगा। " सैलरी में कटौती और मांग में सुस्ती आने से घरेलू आय पर भी नकारात्मक असर होगा। पिछले साल के सीएमआईई के सर्वे में पाया गया था कि करीब पैंतीस प्रतिशत लोग मानते थे कि उनकी आय पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है जबकि इस साल सिर्फ दो फीसद लोगों का ऐसा मानना है। निम्न वर्ग से लेकर उच्च मध्यम वर्ग तक के लोगों की आमदनी में कटौती हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेतनभोगी लोगों ने लॉकडाउन के चार महीनों में करीब चार अरब डॉलर अपने जरूरी बचत से निकाला ताकि वो नौकरी जाने और सैलरी में हुई कटौती की भारपाई कर सकें। महेश व्यास कहते हैं, "आय में आई कमी की ख़ासतौर पर मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग पर मार पड़ी है। " नौकरी नहीं रहने की वजह से ज्यादा से ज्यादा लोगों के हाथ से काम-धंधा छीन रहा है। लेकिन यह कोई अचानक से आयी तब्दीली नहीं है।
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आज के वर्तमान समय में ज्यादा तर बीमारियां खून में गंदगी जमा होने के कारण होती हैं। इससे इंसान की सेहत ख़राब हो जाती हैं और इंसान बीमार पड़ जाता हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे कुछ ऐसे चीजों के सेवन के बारे में जिसके सेवन से इंसान का खून साफ रहता हैं तथा उनके शरीर में बीमारी होने के चांस कम जाते हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार हैं।
1 . करेला का सेवन : अगर आप अपने खून को साफ रखना चाहते हैं तो आप रोजाना करेला की सब्जी का सेवन करें। क्यों की करेला की सब्जी में कई तरह के ऐसे तत्व मौजूद होते हैं। जो खून में मौजूद गंदगी को तुरंत दूर कर देते हैं। इससे इंसान का शरीर स्वस्थ रहता हैं। साथ ही साथ शरीर की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इसलिए आप इसका सेवन कर सकते हैं।
2 . चुकंदर का सेवन : खून को साफ रखने के लिए चुकंदर का सेवन बहुत लाभकारी माना जाता हैं। इसके सेवन से शरीर में नए ब्लड सेल्स का निर्माण होता हैं। जिससे खून की गंदगी दूर हो जाती हैं और इंसान का शरीर ऊर्जावान रहता हैं। इससे सभी प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को रोजाना इस चीज का सेवन करना चाहिए। ये हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हैं।
3 . पालक का सेवन : दरअसल पालक में कई तरह के ऐसे विटामिन और मिनरल्स होते हैं। जो खून की गंदगी को साफ रखते हैं। इससे शरीर में खून की भी कमी नहीं होती हैं। साथ ही साथ इंसान का शरीर स्वस्थ और बीमारियों से मुक्त रहता हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को रोजाना पालक की सब्जी का सेवन करना चाहिए। ये बहुत फायदेमंद हैं।
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आज के वर्तमान समय में ज्यादा तर बीमारियां खून में गंदगी जमा होने के कारण होती हैं। इससे इंसान की सेहत ख़राब हो जाती हैं और इंसान बीमार पड़ जाता हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे कुछ ऐसे चीजों के सेवन के बारे में जिसके सेवन से इंसान का खून साफ रहता हैं तथा उनके शरीर में बीमारी होने के चांस कम जाते हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार हैं। एक . करेला का सेवन : अगर आप अपने खून को साफ रखना चाहते हैं तो आप रोजाना करेला की सब्जी का सेवन करें। क्यों की करेला की सब्जी में कई तरह के ऐसे तत्व मौजूद होते हैं। जो खून में मौजूद गंदगी को तुरंत दूर कर देते हैं। इससे इंसान का शरीर स्वस्थ रहता हैं। साथ ही साथ शरीर की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इसलिए आप इसका सेवन कर सकते हैं। दो . चुकंदर का सेवन : खून को साफ रखने के लिए चुकंदर का सेवन बहुत लाभकारी माना जाता हैं। इसके सेवन से शरीर में नए ब्लड सेल्स का निर्माण होता हैं। जिससे खून की गंदगी दूर हो जाती हैं और इंसान का शरीर ऊर्जावान रहता हैं। इससे सभी प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को रोजाना इस चीज का सेवन करना चाहिए। ये हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हैं। तीन . पालक का सेवन : दरअसल पालक में कई तरह के ऐसे विटामिन और मिनरल्स होते हैं। जो खून की गंदगी को साफ रखते हैं। इससे शरीर में खून की भी कमी नहीं होती हैं। साथ ही साथ इंसान का शरीर स्वस्थ और बीमारियों से मुक्त रहता हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को रोजाना पालक की सब्जी का सेवन करना चाहिए। ये बहुत फायदेमंद हैं।
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Tulsi Plant: रविवार को क्यों नहीं तोड़ने चाहिए तुलसी के पत्ते? इस दिन जल चढ़ाने का क्या कारण है?
क्या आपके पति या पत्नी हमेशा लड़ते-झगड़ते रहते हैं? ऐसा करना न भूलें!
ये 5 राशि वाले जोड़े एक दोस्त के लिए जान दे देंगे... आपके दोस्त की राशि क्या है?
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Tulsi Plant: रविवार को क्यों नहीं तोड़ने चाहिए तुलसी के पत्ते? इस दिन जल चढ़ाने का क्या कारण है? क्या आपके पति या पत्नी हमेशा लड़ते-झगड़ते रहते हैं? ऐसा करना न भूलें! ये पाँच राशि वाले जोड़े एक दोस्त के लिए जान दे देंगे... आपके दोस्त की राशि क्या है?
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ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेली जा रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 की शुरुआत मेजबान टीम ने जबरदस्त जीत के साथ की। ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट मैच में कमाल का प्रदर्शन करते हुए मैच के तीसरे ही दिन जीत के अक्षर लिख दिए। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की टीम 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है।
एडिलेड ओवल में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच के दूसरे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत से पिछड़ रही थी, लेकिन मैच के तीसरे दिन शनिवार को पहले सेशन के पहले घंटे में ही ऑस्ट्रेलिया ने वापसी कर ली।
ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने उम्मीदों से बिल्कुल परे रहते हुए भारत की दूसरी पारी को केवल 36 रन पर निपटा कर मैच में अपनी जीत को तय कर दिया। जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य को 8 विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया।
भारतीय टीम को इस मैच में एक शर्मनाक हार के साथ ही अपने सबसे प्रमुख गेंदबाज मोहम्मद शमी को चोटिल करवा बैठा। ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी पारी में केवल 8 रन देकर 5 विकेट लेने वाले जोश हेजलवुड ने शमी की चोट को भारत के लिए एक बहुत ही बड़ा झटका करार दिया है।
आपको बता दें कि जोश हेजलवुड ने ये बयान मैच के बाद दिया था, लेकिन भारत में शनिवार की शाम होते-होते मोहम्मद शमी के पूरी सीरीज से बाहर होने की खबर आयी है। ऐसे में हेजलवुड जानते हैं कि शमी के ना होने से भारत को कितना बड़ा नुकसान होने जा रहा है।
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ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेली जा रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी दो हज़ार बीस-इक्कीस की शुरुआत मेजबान टीम ने जबरदस्त जीत के साथ की। ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट मैच में कमाल का प्रदर्शन करते हुए मैच के तीसरे ही दिन जीत के अक्षर लिख दिए। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की टीम चार मैचों की टेस्ट सीरीज में एक-शून्य से आगे हो गई है। एडिलेड ओवल में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच के दूसरे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत से पिछड़ रही थी, लेकिन मैच के तीसरे दिन शनिवार को पहले सेशन के पहले घंटे में ही ऑस्ट्रेलिया ने वापसी कर ली। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने उम्मीदों से बिल्कुल परे रहते हुए भारत की दूसरी पारी को केवल छत्तीस रन पर निपटा कर मैच में अपनी जीत को तय कर दिया। जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य को आठ विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया। भारतीय टीम को इस मैच में एक शर्मनाक हार के साथ ही अपने सबसे प्रमुख गेंदबाज मोहम्मद शमी को चोटिल करवा बैठा। ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी पारी में केवल आठ रन देकर पाँच विकेट लेने वाले जोश हेजलवुड ने शमी की चोट को भारत के लिए एक बहुत ही बड़ा झटका करार दिया है। आपको बता दें कि जोश हेजलवुड ने ये बयान मैच के बाद दिया था, लेकिन भारत में शनिवार की शाम होते-होते मोहम्मद शमी के पूरी सीरीज से बाहर होने की खबर आयी है। ऐसे में हेजलवुड जानते हैं कि शमी के ना होने से भारत को कितना बड़ा नुकसान होने जा रहा है।
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आकर्षक योजनाओं का सब्जबाग दिखाकर ठगी करने वाली रियल एस्टेट कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी नजरें गड़ा दी हैं। उसने जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा लेकर भाग जाने वाली इन फ्रॉड कंपनियों और उनके निदेशकों की परिसंपत्तियां जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल ऐसी चार कंपनियां उसके निशाने पर हैं।
पिछले दो महीने में ईडी ने इन सभी चार कंपनियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग की जांच शुरू की है। ईडी ने मेसर्स शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की कुल परिसंत्तियों के साथ ही उसके प्रबंध निदेशकों एवं प्रमुख अधिकारियों की निजी संपत्तियों का ब्योरा भी जुटाया है। निवेशकों के साथ हुई ठगी से संबंधित पूरी रकम एक हजार करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। कंपनी के निदेशकों एवं अधिकारियों के विरुद्ध लखनऊ व प्रयागराज जिले में 226 मुकदमे दर्ज हैं।
मुकदमों में कंपनी के कई अधिकारियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एमडी राशिद नसीम के बारे में बारे में बताया जाता है कि वह दुबई में है। पता चला है कि सस्ते दामों पर भूखंड देने के नाम पर ठगी करने के अलावा कंपनी ने सस्ते दरों में लक्जरी गाड़ियां उपलब्ध कराने और वर्चुअल करेंसी (बिटक्वाइन) के नाम पर भी निवेशकों को झांसा दिया है। लगभग 36. 54 करोड़ रुपये अवैध तरीके से देश से बाहर भेजने का मामला भी ईडी की जांच में शामिल है।
मेसर्स आर. संस इंफ्रालैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पीएमएलए के तहत मुकदमे की जांच भी तेजी से चल रही है। इस कंपनी के दो निदेशकों आशीष श्रीवास्तव व अंकुर श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा सैकड़ों करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। ईडी को पता चला कि कंपनी ने झांसा देकर लगभग 600 ग्राहकों से 24 करोड़ रुपये जुटाए हैं। अब कंपनी व उसके निदेशकों की चल-अचल संपत्तियों की पहचान की जा रही है।
हाल ही में ईडी ने आगरा की रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स कल्पतरु बिल्डटेक के निदेशकों जय किशन राणा, अशोक राणा, मंजीत कुमार, बिपिन सिंह यादव, राजकुमार यादव और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया। अब इनकी चल-अचल संपत्तियां को चिह्नित कर जब्त किया जाएगा। कंपनी ने मथुरा में एक आवासीय फ्लैट परिसर के निर्माण के नाम पर निवेशकों के 7. 39 करोड़ रुपये हड़प लिए हैं। इसी तरह पोंजी स्कीम के जरिए निवेशकों से करोड़ों की ठगी करने वाली मेसर्स गैब ग्राम विकास क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी और उसके सचिव गिरीश शर्मा भी ईडी के रडार पर हैं। इस सोसाइटी ने भी निवेशकों से भारी जमा स्वीकार करके करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।
प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) के पुलिस महानिदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि जांच के दौरान मिलने जानकारी और साक्ष्य ईडी के साथ शेयर किए जाते हैं। आर्थिक अपराध के मामलों में ईओडब्ल्यू को गिरफ्तार कर जेल भेजने और कोर्ट से सजा दिलाने का अधिकार तो है लेकिन संपत्तियां जब्त करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकारी ईडी के पास है।
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आकर्षक योजनाओं का सब्जबाग दिखाकर ठगी करने वाली रियल एस्टेट कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी नजरें गड़ा दी हैं। उसने जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा लेकर भाग जाने वाली इन फ्रॉड कंपनियों और उनके निदेशकों की परिसंपत्तियां जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल ऐसी चार कंपनियां उसके निशाने पर हैं। पिछले दो महीने में ईडी ने इन सभी चार कंपनियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग की जांच शुरू की है। ईडी ने मेसर्स शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की कुल परिसंत्तियों के साथ ही उसके प्रबंध निदेशकों एवं प्रमुख अधिकारियों की निजी संपत्तियों का ब्योरा भी जुटाया है। निवेशकों के साथ हुई ठगी से संबंधित पूरी रकम एक हजार करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। कंपनी के निदेशकों एवं अधिकारियों के विरुद्ध लखनऊ व प्रयागराज जिले में दो सौ छब्बीस मुकदमे दर्ज हैं। मुकदमों में कंपनी के कई अधिकारियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एमडी राशिद नसीम के बारे में बारे में बताया जाता है कि वह दुबई में है। पता चला है कि सस्ते दामों पर भूखंड देने के नाम पर ठगी करने के अलावा कंपनी ने सस्ते दरों में लक्जरी गाड़ियां उपलब्ध कराने और वर्चुअल करेंसी के नाम पर भी निवेशकों को झांसा दिया है। लगभग छत्तीस. चौवन करोड़ रुपये अवैध तरीके से देश से बाहर भेजने का मामला भी ईडी की जांच में शामिल है। मेसर्स आर. संस इंफ्रालैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पीएमएलए के तहत मुकदमे की जांच भी तेजी से चल रही है। इस कंपनी के दो निदेशकों आशीष श्रीवास्तव व अंकुर श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा सैकड़ों करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। ईडी को पता चला कि कंपनी ने झांसा देकर लगभग छः सौ ग्राहकों से चौबीस करोड़ रुपये जुटाए हैं। अब कंपनी व उसके निदेशकों की चल-अचल संपत्तियों की पहचान की जा रही है। हाल ही में ईडी ने आगरा की रियल एस्टेट कंपनी मेसर्स कल्पतरु बिल्डटेक के निदेशकों जय किशन राणा, अशोक राणा, मंजीत कुमार, बिपिन सिंह यादव, राजकुमार यादव और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया। अब इनकी चल-अचल संपत्तियां को चिह्नित कर जब्त किया जाएगा। कंपनी ने मथुरा में एक आवासीय फ्लैट परिसर के निर्माण के नाम पर निवेशकों के सात. उनतालीस करोड़ रुपये हड़प लिए हैं। इसी तरह पोंजी स्कीम के जरिए निवेशकों से करोड़ों की ठगी करने वाली मेसर्स गैब ग्राम विकास क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी और उसके सचिव गिरीश शर्मा भी ईडी के रडार पर हैं। इस सोसाइटी ने भी निवेशकों से भारी जमा स्वीकार करके करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के पुलिस महानिदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि जांच के दौरान मिलने जानकारी और साक्ष्य ईडी के साथ शेयर किए जाते हैं। आर्थिक अपराध के मामलों में ईओडब्ल्यू को गिरफ्तार कर जेल भेजने और कोर्ट से सजा दिलाने का अधिकार तो है लेकिन संपत्तियां जब्त करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकारी ईडी के पास है।
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भारत ने पहले सेमीफाइनल में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 148 रन बनाये और फिर थाईलैंड को नौ विकेट पर 74 रन पर रोककर एकतरफा जीत हासिल की।
युवा ओपनर शेफाली वर्मा (42 रन और नौ रन पर एक विकेट) के हरफनमौला खेल और दीप्ति शर्मा (सात रन पर तीन विकेट) की घातक गेंदबाजी से भारत ने थाईलैंड को गुरूवार को 74 रनों से रौंद कर महिला एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
भारत ने पहले सेमीफाइनल में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 148 रन बनाये और फिर थाईलैंड को नौ विकेट पर 74 रन पर रोककर एकतरफा जीत हासिल की। शेफाली को 28 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 42 रन बनाने और एक विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
पहली बार एशिया कप का सेमीफाइनल खेल रही थाईलैंड की टीम इस मैच में वह करिश्मा नहीं दोहरा पायी जो उसने लीग मैच में पाकिस्तान को हराने के दौरान किया था। थाईलैंड की तरफ से कप्तान नारूएमॉल चाईवाई और नत्ताया बूचाथम ने सर्वाधिक 21-21 रन बनाये लेकिन अन्य कोई बल्लेबाज दहाई की संख्या में नहीं पहुंच सकी।
भारत की तरफ से दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में मात्र सात रन देकर तीन विकेट झटके जबकि राजेश्वरी गायकवाड को 10 रन पर दो विकेट मिले। रेणुका सिंह, स्नेह राणा और शेफाली वर्मा को एक-एक विकेट मिला।
भारत की पारी में शेफाली के 42 रनों के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 30 गेंदों में 36, जेमिमाह रॉड्रिग्स ने 26 गेंदों में 27 रन, पूजा वस्त्रकर ने 13 गेंदों में नाबाद 17 रन और ओपनर स्मृति मंधाना ने 14 गेंदों में 13 रन बनाये।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, "हमने अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन उन्होंने गेंद से बहुत मेहनत की। हमने अच्छे साझेदारियां निभाईं। मेरे लिए वापसी करते हुए रन बनाना जरूरी था। कई अन्य बल्लेबाजों ने भी अच्छा किया। दीप्ति बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहीं हैं। यह एक अच्छा संकेत है। हमारा आत्म-विश्वास काफी ऊंचा है। हम इस मैच से काफी विश्वास लेंगे। "
प्लेयर ऑफ द मैच रहीं शेफाली वर्मा ने कहा, "यह अच्छा विकेट था। जेमी ने भी अच्छा किया। मेरे गेम में मैं थोड़ा आश्वस्त हूं लेकिन मुझे और अच्छा करना है और टीम के लिए निरंतर योगदान देना है। "
हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम फाइनल में शनिवार को सेमीफाइनल 2 की विजेता टीम से भिड़ेगी। यह मैच गुरुवार को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच होना है। भारत ने महिला एशिया कप इतिहास में लगातार 8वीं बार फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है।
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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भारत ने पहले सेमीफाइनल में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बीस ओवर में छह विकेट पर एक सौ अड़तालीस रन बनाये और फिर थाईलैंड को नौ विकेट पर चौहत्तर रन पर रोककर एकतरफा जीत हासिल की। युवा ओपनर शेफाली वर्मा के हरफनमौला खेल और दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी से भारत ने थाईलैंड को गुरूवार को चौहत्तर रनों से रौंद कर महिला एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारत ने पहले सेमीफाइनल में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बीस ओवर में छह विकेट पर एक सौ अड़तालीस रन बनाये और फिर थाईलैंड को नौ विकेट पर चौहत्तर रन पर रोककर एकतरफा जीत हासिल की। शेफाली को अट्ठाईस गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से बयालीस रन बनाने और एक विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। पहली बार एशिया कप का सेमीफाइनल खेल रही थाईलैंड की टीम इस मैच में वह करिश्मा नहीं दोहरा पायी जो उसने लीग मैच में पाकिस्तान को हराने के दौरान किया था। थाईलैंड की तरफ से कप्तान नारूएमॉल चाईवाई और नत्ताया बूचाथम ने सर्वाधिक इक्कीस-इक्कीस रन बनाये लेकिन अन्य कोई बल्लेबाज दहाई की संख्या में नहीं पहुंच सकी। भारत की तरफ से दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में मात्र सात रन देकर तीन विकेट झटके जबकि राजेश्वरी गायकवाड को दस रन पर दो विकेट मिले। रेणुका सिंह, स्नेह राणा और शेफाली वर्मा को एक-एक विकेट मिला। भारत की पारी में शेफाली के बयालीस रनों के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीस गेंदों में छत्तीस, जेमिमाह रॉड्रिग्स ने छब्बीस गेंदों में सत्ताईस रन, पूजा वस्त्रकर ने तेरह गेंदों में नाबाद सत्रह रन और ओपनर स्मृति मंधाना ने चौदह गेंदों में तेरह रन बनाये। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, "हमने अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन उन्होंने गेंद से बहुत मेहनत की। हमने अच्छे साझेदारियां निभाईं। मेरे लिए वापसी करते हुए रन बनाना जरूरी था। कई अन्य बल्लेबाजों ने भी अच्छा किया। दीप्ति बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहीं हैं। यह एक अच्छा संकेत है। हमारा आत्म-विश्वास काफी ऊंचा है। हम इस मैच से काफी विश्वास लेंगे। " प्लेयर ऑफ द मैच रहीं शेफाली वर्मा ने कहा, "यह अच्छा विकेट था। जेमी ने भी अच्छा किया। मेरे गेम में मैं थोड़ा आश्वस्त हूं लेकिन मुझे और अच्छा करना है और टीम के लिए निरंतर योगदान देना है। " हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम फाइनल में शनिवार को सेमीफाइनल दो की विजेता टीम से भिड़ेगी। यह मैच गुरुवार को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच होना है। भारत ने महिला एशिया कप इतिहास में लगातार आठवीं बार फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है।
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दिनाक 31 मार्च
सं० ए० 12022/1/81 स्था० - 2 - राष्ट्रपति, केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन, सांग्रिकी विभाग नई दिल्ली के वरिष्ठ अन्वेषक सर्वश्री एस० पलानीवेलू तथा बेमराज को दिनांक 26 मार्च, 1982 पूर्वाह्न से भागामी आदेश तक उसी सगठन में तदर्थ प्राधार पर महायक निवेशक नियुक्त करते हैं ।
वी० डी० श्राजा, अवर सचिव योजना आयोग
नई दिल्ली, दिनांक 8 अप्रैल 1982
सं० 1 / 128 / 82 - प्रशा० - 4 - राष्ट्रपति भारतीय आर्थिक सेवा के ग्रेड-4 अधिकारी और कम्पनी कार्य विभाग में अनुसंधान अधिकारी, श्री एम० मी० मिश्री को दि० 31 मार्च, 1982 के पूर्वाश से बम्बई में क्षेत्रीय मूल्यांकन अधिकारी (ग्रेड-3/ भारतीय आर्थिक सेवा का पद ) नियुक्त करते हैं।
सं० 1 / 129 / 82 - प्रशा०-4-- राष्ट्रपति, भारतीय आर्थिक सेवा के ग्रेड-3 अधिकारी और लघु उद्योग सेवा संस्थान, मद्रास में उप निदेशक श्री टी० बी० कस्तूरी रगन को दि० 31 मार्च, 1982 के अपरात से मद्रास में क्षेत्रीय मूल्यांकन अधिकारी ( ग्रेड 3 भारतीय आर्थिक सेवा का पद ) नियुक्त करते है।
एन० के० अग्रवाल, उप सचिव
नई दिल्ली, दिनांक 19 अप्रैल 1982 नोटिस
सं० सी०- 14013 / 1 /82- सतर्कता --योजना प्रायोग के नीचे दिए गए वि० 15 मार्च, 1982 के ज्ञापन संख्या सी०-14013/1/82-सतर्कता के संदर्भ में उपर्युक्त ज्ञापन योजना आयोग के अवर श्रेणी लिपिक श्री देवेन्द्र सिंह को उनके स्थानीय पते ( बी० - 36, डबल स्टोरी, रमेश नगर, नई दिल्ली) पर और उनके स्थाई पते पर गांव डंठौर, डाकखाना ईशरवाला जिला जालंधर, पंजाब में पंजीकृत रसीदी डाक द्वारा भेजा गया था, परंतु ये दोनों पत्र उनको दिए बगैर वापस श्रा गए है। नीचे दिया गया ज्ञापन रमेश नगर में उनके स्थानीय पते पर चिपकाने के प्रयास भी किए गए थे परंतु उस मकान में रहने वाले व्यक्तियों ने योजना आयोग के अधिकारियों को उक्त ज्ञापन को मकान की दीवार पर चिपकाने नहीं दिया। इससे यह स्पष्ट है कि श्री देवेन्द्र सिंह अपने स्थानीय और मूल पतों पर सरकारी पत्रादि लेने को टाल रहे हैं ।
इसलिए श्री देवेन्द्र सिंह को इस नोटिस के द्वारा यह निदेश दिया जाता है कि वे इस नोटिस के भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित होने के 15 दिन के अंदर नीचे फिर से दिए गए दि० 15-3-1982 के ज्ञापन के संदर्भ में अपने बचाव में लिखित बयान, यदि कोई हो, प्रस्तुत करें । यदि निर्धारित तारीख तक उनका अपने बचाव में कोई लिखित बयान प्राप्त नहीं होता तो यह समझ लिया जाएगा कि वे इस प्रकार का कोई बयान देना नहीं चाहते और मुझे इस मामले में एक तरफा कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा ।
[भाग I~-खण्ड 2
योजना आयोग रजिस्टर्ड ए० डी०
नई दिल्ली, दिनांक 15 मार्च 1982
मी०-14013/1/82-सतर्कता -- योजना आयोग के प्रवर श्रेणी लिपिक श्री देवेन्द्र सिंह के विरुद्ध केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के नियम 14 के अंतर्गत जांच करने का मेरा प्रस्ताव है । जिस दुराचरण या दुर्व्यवहार के आरोप के संबंध में जांच किए जाने का प्रस्ताव है उसका सारांश आरोप के अनुच्छेदों के संलग्न विवरण में दिया गया है (अनुलग्नक - 1 ) । लगाए गए आरोप के प्रत्येक अनुच्छेद के समर्थन में बुराचरण या दुर्व्यवहार के आरोपों का विवरण संलग्न है (अनुलग्नक-2 ) । जिन कागज-पत्नों और गवाहियों के जरिए प्रारोप के अनुच्छेदों को प्रमाणित किए जाने का प्रस्ताव है उनकी सूची भी संलग्न है ।
2. श्री देवेन्द्र सिंह को निदेश दिया जाता है कि वे इस ज्ञापन के मिलने के 10 दिन के अंदर अपने बचाव में लिखित बयान दें और यह भी बताएं कि क्या वे चाहते हैं कि व्यक्तिगत रूप में उनकी बात सुनी जाए ।
3. उन्हें यह सूचित किया जाता है कि आरोप के केवल उन अनुच्छेदों के संबंध में जांच की जाएगी जिन्हें स्वीकार नहीं किया गया हो । इसलिए वे विशेष रूप से श्रारोप के प्रत्येक अनुच्छेद को स्वीकार करें या अस्वीकार करें ।
4. श्री देवेन्द्र सिंह को यह भी सूचित किया जाता है कि यदि वे ऊपर पैरा 2 में बताई गई तारीख को या उससे पहले बचाव के लिए अपना लिखित बयान नहीं देते या जांच करने वाले प्राधिकारी के सामने खुद हाजिर नहीं होते या किसी दूसरी तरह से ऐसा नहीं करते या केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के नियम 14 के उपबंधों या उक्त नियम के अनुसरण में जारी किए गए आदेशों/ निर्देशों का अनुपालन करने को मना करते है तो जांच करने वाला प्राधिकरी उनके विरुद्ध एक तरफा जांच कर सकता है ।
5. श्री देवेन्द्र सिंह का ध्यान केन्द्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के नियम 20 की ओर दिलाया जाता है जिसके अंतर्गत कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकार के अधीन अपनी सेवा से संबंधित मामलों में अपने हितों को बढ़ाने के लिए किसी उच्च प्राधिकारी पर राजनीतिक या बाहरी प्रभाव नहीं डलवाएगा या डलवाने का प्रयास नहीं करेगा । यदि इन कार्यवाहियों से संबद्ध किसी मामले के संबंध में श्री देवेन्द्र सिंह की तरफ से किसी अन्य व्यक्ति से कोई प्रभ्यावेदन प्राप्त होता है तो यह समझ लिया जाएगा कि उन्हें इस प्रकार के अभ्यावेदन की जानकारी है और यह उनके कहने पर दिया गया है और केन्द्रीय
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दिनाक इकतीस मार्च संशून्य एशून्य एकइक्यासी जनवरी दो हज़ार बाईस स्थाशून्य - दो - राष्ट्रपति, केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन, सांग्रिकी विभाग नई दिल्ली के वरिष्ठ अन्वेषक सर्वश्री एसशून्य पलानीवेलू तथा बेमराज को दिनांक छब्बीस मार्च, एक हज़ार नौ सौ बयासी पूर्वाह्न से भागामी आदेश तक उसी सगठन में तदर्थ प्राधार पर महायक निवेशक नियुक्त करते हैं । वीशून्य डीशून्य श्राजा, अवर सचिव योजना आयोग नई दिल्ली, दिनांक आठ अप्रैल एक हज़ार नौ सौ बयासी संशून्य एक / एक सौ अट्ठाईस / बयासी - प्रशाशून्य - चार - राष्ट्रपति भारतीय आर्थिक सेवा के ग्रेड-चार अधिकारी और कम्पनी कार्य विभाग में अनुसंधान अधिकारी, श्री एमशून्य मीशून्य मिश्री को दिशून्य इकतीस मार्च, एक हज़ार नौ सौ बयासी के पूर्वाश से बम्बई में क्षेत्रीय मूल्यांकन अधिकारी नियुक्त करते हैं। संशून्य एक / एक सौ उनतीस / बयासी - प्रशाशून्य-चार-- राष्ट्रपति, भारतीय आर्थिक सेवा के ग्रेड-तीन अधिकारी और लघु उद्योग सेवा संस्थान, मद्रास में उप निदेशक श्री टीशून्य बीशून्य कस्तूरी रगन को दिशून्य इकतीस मार्च, एक हज़ार नौ सौ बयासी के अपरात से मद्रास में क्षेत्रीय मूल्यांकन अधिकारी नियुक्त करते है। एनशून्य केशून्य अग्रवाल, उप सचिव नई दिल्ली, दिनांक उन्नीस अप्रैल एक हज़ार नौ सौ बयासी नोटिस संशून्य सीशून्य- चौदह हज़ार तेरह / एक /बयासी- सतर्कता --योजना प्रायोग के नीचे दिए गए विशून्य पंद्रह मार्च, एक हज़ार नौ सौ बयासी के ज्ञापन संख्या सीशून्य-एकबयासी जनवरी चार हज़ार तेरह-सतर्कता के संदर्भ में उपर्युक्त ज्ञापन योजना आयोग के अवर श्रेणी लिपिक श्री देवेन्द्र सिंह को उनके स्थानीय पते पर और उनके स्थाई पते पर गांव डंठौर, डाकखाना ईशरवाला जिला जालंधर, पंजाब में पंजीकृत रसीदी डाक द्वारा भेजा गया था, परंतु ये दोनों पत्र उनको दिए बगैर वापस श्रा गए है। नीचे दिया गया ज्ञापन रमेश नगर में उनके स्थानीय पते पर चिपकाने के प्रयास भी किए गए थे परंतु उस मकान में रहने वाले व्यक्तियों ने योजना आयोग के अधिकारियों को उक्त ज्ञापन को मकान की दीवार पर चिपकाने नहीं दिया। इससे यह स्पष्ट है कि श्री देवेन्द्र सिंह अपने स्थानीय और मूल पतों पर सरकारी पत्रादि लेने को टाल रहे हैं । इसलिए श्री देवेन्द्र सिंह को इस नोटिस के द्वारा यह निदेश दिया जाता है कि वे इस नोटिस के भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित होने के पंद्रह दिन के अंदर नीचे फिर से दिए गए दिशून्य पंद्रह मार्च एक हज़ार नौ सौ बयासी के ज्ञापन के संदर्भ में अपने बचाव में लिखित बयान, यदि कोई हो, प्रस्तुत करें । यदि निर्धारित तारीख तक उनका अपने बचाव में कोई लिखित बयान प्राप्त नहीं होता तो यह समझ लिया जाएगा कि वे इस प्रकार का कोई बयान देना नहीं चाहते और मुझे इस मामले में एक तरफा कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा । [भाग I~-खण्ड दो योजना आयोग रजिस्टर्ड एशून्य डीशून्य नई दिल्ली, दिनांक पंद्रह मार्च एक हज़ार नौ सौ बयासी मीशून्य-एकबयासी जनवरी चार हज़ार तेरह-सतर्कता -- योजना आयोग के प्रवर श्रेणी लिपिक श्री देवेन्द्र सिंह के विरुद्ध केन्द्रीय सिविल सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ पैंसठ के नियम चौदह के अंतर्गत जांच करने का मेरा प्रस्ताव है । जिस दुराचरण या दुर्व्यवहार के आरोप के संबंध में जांच किए जाने का प्रस्ताव है उसका सारांश आरोप के अनुच्छेदों के संलग्न विवरण में दिया गया है । लगाए गए आरोप के प्रत्येक अनुच्छेद के समर्थन में बुराचरण या दुर्व्यवहार के आरोपों का विवरण संलग्न है । जिन कागज-पत्नों और गवाहियों के जरिए प्रारोप के अनुच्छेदों को प्रमाणित किए जाने का प्रस्ताव है उनकी सूची भी संलग्न है । दो. श्री देवेन्द्र सिंह को निदेश दिया जाता है कि वे इस ज्ञापन के मिलने के दस दिन के अंदर अपने बचाव में लिखित बयान दें और यह भी बताएं कि क्या वे चाहते हैं कि व्यक्तिगत रूप में उनकी बात सुनी जाए । तीन. उन्हें यह सूचित किया जाता है कि आरोप के केवल उन अनुच्छेदों के संबंध में जांच की जाएगी जिन्हें स्वीकार नहीं किया गया हो । इसलिए वे विशेष रूप से श्रारोप के प्रत्येक अनुच्छेद को स्वीकार करें या अस्वीकार करें । चार. श्री देवेन्द्र सिंह को यह भी सूचित किया जाता है कि यदि वे ऊपर पैरा दो में बताई गई तारीख को या उससे पहले बचाव के लिए अपना लिखित बयान नहीं देते या जांच करने वाले प्राधिकारी के सामने खुद हाजिर नहीं होते या किसी दूसरी तरह से ऐसा नहीं करते या केन्द्रीय सिविल सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ पैंसठ के नियम चौदह के उपबंधों या उक्त नियम के अनुसरण में जारी किए गए आदेशों/ निर्देशों का अनुपालन करने को मना करते है तो जांच करने वाला प्राधिकरी उनके विरुद्ध एक तरफा जांच कर सकता है । पाँच. श्री देवेन्द्र सिंह का ध्यान केन्द्रीय सिविल सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ चौंसठ के नियम बीस की ओर दिलाया जाता है जिसके अंतर्गत कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकार के अधीन अपनी सेवा से संबंधित मामलों में अपने हितों को बढ़ाने के लिए किसी उच्च प्राधिकारी पर राजनीतिक या बाहरी प्रभाव नहीं डलवाएगा या डलवाने का प्रयास नहीं करेगा । यदि इन कार्यवाहियों से संबद्ध किसी मामले के संबंध में श्री देवेन्द्र सिंह की तरफ से किसी अन्य व्यक्ति से कोई प्रभ्यावेदन प्राप्त होता है तो यह समझ लिया जाएगा कि उन्हें इस प्रकार के अभ्यावेदन की जानकारी है और यह उनके कहने पर दिया गया है और केन्द्रीय
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नयी दिल्ली। सीमा शुल्क विभाग ने चेन्नई हवाईअड्डे (Chennai Airport) पर एक बड़े अभियान में 100 करोड़ (100 crore) रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए। इथियोपिया के एक हवाई यात्री के पास से 100 किलो कोकीन (100 kg cocaine) और हेरोइन जब्त (heroin confiscated) की गई है। इन दवाओं की बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। शुक्रवार को इथियोपिया के अदीस अबाबा से चेन्नई पहुंचे इथोपियन एयरलाइंस के सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इस बीच ये नशीला पदार्थ 38 वर्षीय भारतीय यात्री इकबाल बी उरंदादी के पास से बरामद किया गया है। यह कार्रवाई एयर इंटेलिजेंस यूनिट के एक अधिकारी अनिल कुमार द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर की गई है। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि अफ्रीका से आ रहे किसी व्यक्ति के पास नशीला पदार्थ है। हालांकि, जब एक भारतीय यात्री इकबाल ने जांच की तो उसने अस्पष्ट जवाब देने की कोशिश की। इसलिए सीमा शुल्क विभाग ने जांच के बाद करीब 100 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ को जब्त किया है.
कितने किलो दवा मिली?
सीमा शुल्क विभाग द्वारा जांच के बाद अधिकारियों को करीब साढ़े नौ किलो कोकीन और हेरोइन मिली है। साथ ही गहन पूछताछ के बाद इकबाल को हिरासत में लिया गया। इन सभी सामानों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। इस बीच, जुलाई में चेन्नई हवाईअड्डे पर ही तंजानिया के एक यात्री के पास से 8. 86 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की गई थी। उसके बाद अगस्त में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है।
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नयी दिल्ली। सीमा शुल्क विभाग ने चेन्नई हवाईअड्डे पर एक बड़े अभियान में एक सौ करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए। इथियोपिया के एक हवाई यात्री के पास से एक सौ किलो कोकीन और हेरोइन जब्त की गई है। इन दवाओं की बाजार कीमत एक सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है। शुक्रवार को इथियोपिया के अदीस अबाबा से चेन्नई पहुंचे इथोपियन एयरलाइंस के सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इस बीच ये नशीला पदार्थ अड़तीस वर्षीय भारतीय यात्री इकबाल बी उरंदादी के पास से बरामद किया गया है। यह कार्रवाई एयर इंटेलिजेंस यूनिट के एक अधिकारी अनिल कुमार द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर की गई है। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि अफ्रीका से आ रहे किसी व्यक्ति के पास नशीला पदार्थ है। हालांकि, जब एक भारतीय यात्री इकबाल ने जांच की तो उसने अस्पष्ट जवाब देने की कोशिश की। इसलिए सीमा शुल्क विभाग ने जांच के बाद करीब एक सौ करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ को जब्त किया है. कितने किलो दवा मिली? सीमा शुल्क विभाग द्वारा जांच के बाद अधिकारियों को करीब साढ़े नौ किलो कोकीन और हेरोइन मिली है। साथ ही गहन पूछताछ के बाद इकबाल को हिरासत में लिया गया। इन सभी सामानों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। इस बीच, जुलाई में चेन्नई हवाईअड्डे पर ही तंजानिया के एक यात्री के पास से आठ. छियासी करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की गई थी। उसके बाद अगस्त में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है।
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त्रिपोली : एक बार फिर अमेरिका और रूस की कार्रवाईयों का असर लीबिया में देखने को मिला है। इस बार अमेरिकी सेना के विमानों ने इस क्षेत्र में बम बरसाए। बम बरसाकर इस्लामिक स्टेट आॅफ ईराक के समूहों के ठिकानों को धुल के गुबार और मलबे में बदल दिया गया। इस हमले में कई लोग मारे गए। दरअसल आईएस के आतंकी एक मकान में ठहरे थे जिसे ध्वस्त कर दिया गया।
इस मामले में न्यूयाॅर्क टाईम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि पश्चिमी देश के अधिकारी के हवाले से यह कहा गया कि अमेरिकी युद्धक विमान द्वारा हमला ट्यूनिशिया के आतंकवाद को निशाना बनाकर किया गया। ट्यूनिशिया में बड़े जेहादी हमले किए गए थे।
त्रिपोपी में अधिकारी हुसैन अल दाउदी ने कहा कि इस हमले में 41 लोग मारे गए हैं। यही नहीं हमलों को लेकर स्थानीय अधिकारी हुसैन अल दवानी ने कहा कि यह हमला त्रिपोली शहर से दूर ट्यूनीशिया में किया गया। इस हमले में सबराथा स्थित मकान पूरी तरह से नष्ट हो गया।
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त्रिपोली : एक बार फिर अमेरिका और रूस की कार्रवाईयों का असर लीबिया में देखने को मिला है। इस बार अमेरिकी सेना के विमानों ने इस क्षेत्र में बम बरसाए। बम बरसाकर इस्लामिक स्टेट आॅफ ईराक के समूहों के ठिकानों को धुल के गुबार और मलबे में बदल दिया गया। इस हमले में कई लोग मारे गए। दरअसल आईएस के आतंकी एक मकान में ठहरे थे जिसे ध्वस्त कर दिया गया। इस मामले में न्यूयाॅर्क टाईम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि पश्चिमी देश के अधिकारी के हवाले से यह कहा गया कि अमेरिकी युद्धक विमान द्वारा हमला ट्यूनिशिया के आतंकवाद को निशाना बनाकर किया गया। ट्यूनिशिया में बड़े जेहादी हमले किए गए थे। त्रिपोपी में अधिकारी हुसैन अल दाउदी ने कहा कि इस हमले में इकतालीस लोग मारे गए हैं। यही नहीं हमलों को लेकर स्थानीय अधिकारी हुसैन अल दवानी ने कहा कि यह हमला त्रिपोली शहर से दूर ट्यूनीशिया में किया गया। इस हमले में सबराथा स्थित मकान पूरी तरह से नष्ट हो गया।
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वर्षों से अपने बिल में छुपे रहे चोर बिल्डर अनिल शर्मा जब एक रोज जनता के सामने आया तो लुटे निवेशकों में से एक ने उसके मुंह पर पैसे लेने के बावजूद काम बंद करने का आरोप लगा दिया. इस महिला के आरोप सुनने के बाद जब अनिल शर्मा जवाब देने को तत्पर हुआ तो उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी.
सुप्रीम कोर्ट ने आज बेइमान और धोखेबाज बिल्डर कंपनी आम्रपाली के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. घर पाने से वंचित निवेशकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के निदेशकों से पूछा है कि बिना बहानेबाजी किए यह साफ साफ बताओ, घर कब दोगे. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा- बहानेबाजी मत करो. यह गंभीर मसला है. लोगों की जीवनभर की कमाई लगी है. साफ बताओ, घर कब दोगे. आपको उत्तरदायी बनना पड़ेगा. आम्रपाली को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि वो एक सप्ताह के अंदर अपने हर प्रोजेक्ट के प्लान से संबंधित रेसोल्यूशन जमा करें.
नोएडा : 88 लाख रुपये देने के बावजूद भी फ्लैट नहीं मिलने की शिकायत पर सेक्टर-58 पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित ने ग्रेटर नोएडा के जीटा-1 में आम्रपाली ग्रैंड प्रॉजेक्ट में फ्लैट बुक करवाया था। शिकायत के आधार पर एसएसपी ने एसपी देहात को जांच के आदेश दिए थे। शुरुआती जांच में मामला सही सामने आने पर एसपी देहात ने सेक्टर-58 पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा को 'एड्स' होने की खबर!
नोएडा के The hyde park के निवासियों ने बिल्डर की मनमानी के खिलाफ किया प्रदर्शन (देखें तस्वीरें)
Dear Press/ Media Guys, Please help 30,000 Flat owners of Jaypee Greens Noida to present there case... we will be oblige if you can contribute and help us to get our dream homes! ! ! we have paid 90% of flat cost & EMI are running but not getting possession as Builders are doing fraud & hiding behind LAW. Your family member or yourself would be affect directly or indirectly please help us! ! !
इटावा के रहने वाले अरविंद कुमार शोरावल ने जेपी ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है. ये एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें पहले कोर्ट जाना पड़ा और कोर्ट के आदेश बाद ही पुलिस ने जेपी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा लिखा. अरविंद ने जेपी ग्रुप में एक फ्लैट बुक कराया था, 19 अप्रैल 2014 को. उन्हें अमन थर्ड टावर में फ्लैट दिया गया. इसके लिए उन्होंने जरूरी भुगतान किए. बाद में पता चला कि जुलाई 2015 तक निर्माण ही नहीं शुरू हुआ.
रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली का भगोड़ा मालिक अनिल शर्मा वैसे तो हजारों निवेशकों का पैसा दाबे बैठा है और खुद के पास पैसा न होने का रोना रोते हुए लोगों को उनका घर नहीं दे रहा है लेकिन जब उसका दामाद, जो आम्रपाली का सीईओ भी है, और एक डायरेक्टर गिरफ्तार होता है तो फौरन वह चार करोड़ 29 लाख रुपये जमा करवा देता है. आखिरकार 4 करोड़ 29 लाख जमा करने के बाद छूट गए आम्रपाली ग्रुप के दोनों पदाधिकारी. पार्ट पेमेंट के लिए कंपनी के पदाधिकारी कर रहे थे प्रशासन से अनुरोध, लेकिन पूरी पेमेंट जमा करने पर अड़ गए एडीएम दादरी अमित कुमार. अंततः पूरी पेमेंट जमा करवा कर ही आम्रपाली के दोनों लोगों को रिहा किया गया.
दिवालिया हो चुकी रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली से खबर आ रही है कि इसके भगोड़े मालिक अनिल शर्मा के दामाद ऋतिक सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. यह कार्रवाई लेबर सेस नहीं चुकाने पर किया गया है. साथ ही साथ आम्रपाली का ऑफिस भी सील कर दिया गया है. आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा के दामाद के अलावा एक अन्य पदाधिकारी निशांत मुकुल को भी अरेस्ट कर जेल भेजे जाने की खबर है.
सेवा में,
श्रीमान उपायुक्त, दिल्ली पुलिस,
नई दिल्ली।
विषय - अवैध निर्माण पर चल रहे नगर निगम के डमोलिशन की खबर को ना करने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए ।
महोदय,
निवेदन यह है कि मैं पंकज चौहान S/O श्री राजाराम सिंह, पता- 14/ 202, दक्षिणपुरी एक्सटेंशन, डॉ. अंबेडकरनगर, नई दिल्ली -62 में रहता हूं। मैं दिल्ली से 'सनसनी इन्वेस्टीगेटर' नाम से अपना एक नेशनल साप्ताहिक अखबार चलाता हूं। मैंने अपने पिछले एडीशन में दक्षिणपुरी की डीडीए मार्केट नंबर-2 में स्थित दुकान नंबर- 11, 12, 13, 14 की उस समय खबर लगाई थी जब यहां पर एम. सी. डी. के बिल्डिंग विभाग के दस्ते ने तोड़फोड़ की थी। अब दिनांक- 29/03/2017 को एम. सी. डी. , ग्रीन पार्क ज़ोन से भवन विभाग के दस्ते ने दोबारा इसी अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ का कार्यक्रम किया जिसको मैं अपने साथी रिपोर्टर के साथ कवर करने के लिए पहुंचा।
हे भगवान, बिल्डरों ने 'राम' और 'लक्ष्मण' को भी ठगा!
मुंबई। बिल्डरों की ठगी के शिकार आम आदमी के साथ साथ ऐसे लोग भी हो रहे हैं जिनका नाम सुनकर शायद आप अचरज में पड़ जायें। घोर कलयुग की महिमा देखिए। बिल्डरों द्वारा टेलीविजन के मयार्दा पुरुषोत्तम राम और उनके भ्राता लक्ष्मण को भी यहां चूना लगा दिया जाता है। रामानंद सागर सृजित रामायण के राम यानि अरुण गोविल और लक्ष्मण यानि सुनील लहरी सहित कई जाने माने लोगों ने पेमेंट करने के सात साल बाद भी ओशिवरा में अपार्टमेंट ना मिलने की शिकायत ओशिवरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है।
ग्रेटर नोएडा में नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन के नाम से बन रहे अर्बटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट के सभी बायर्स बिल्डर और प्राधिकरण के बीच हुयी मिलीभगत से परेशान हैं. इसको लेकर आज सभी खरीदारों ने फ़ोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिह और बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू खान के साथ एक मीटिंग की. इसमें बिल्डर और प्राधिकरण के चलते हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई और आगे की रणनीत तय की गयी.
गुरबत के दिनों में किसी घिसी हुई पतलून की जेब से कभी लापरवाही से रख छोड़े पैसे हाथ लग जायें तो कैसा महसूस होगा? मेहदी हसन की इन अनसुनी ग़ज़लों का खजाना हाथ लग जाने के बाद मुझे कुछ ऐसा ही लग रहा है। सदा-ए-इश्क मेरी जानकारी में मेहदी हसन साहब का अंतिम एल्बम था जो म्यूजिक टूडे वालों ने वर्ष 2000 के आस-पास निकाला था। इसके बाद केवल एक ग़ज़ल "तेरा मिलना बहुत अच्छा लगे है, मुझे तू मेरे दुःख जैसा लगे है" सुनने में आयी थी जो उन्होंने लता मंगेशकर के साथ गायी थी। इस ग़ज़ल में दोनों गायकों ने अपना-अपना हिस्सा भारत और पाकिस्तान में रेकार्ड किया था और बाद में इसकी मिक्सिंग भारत में हुई। एक साथ इन दो बड़े कलाकारों की यह संभवतः इकलौती और ऐतिहासिक प्रस्तुति थी। ग़ज़ल उन्हीं दिनों में सुनने में आयी जब मेहदी हसन साहब बीमार चल रहे थे और अपन ने भी मान लिया था कि इस खूबसूरत ग़ज़ल को खाँ साहब की अंतिम सौगात समझ लेना चाहिये।
मिर्जापुर (यूपी) : रामपुर बांगर गांव के खसरा नम्बरान 62 और 70 पर उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाये रखने के आदेश पारित किये गये थे, उस जमीन पर गौड सिटी बिल्डर द्वारा कार्य शुरू कर दिये जाने से किसानों का आक्रोश सड़कों पर आ गया। किसान नेता धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 50 गांवों के किसानों की एक महापंचायत गौड सिटी बिल्डर की साइट पर हुई। पुलिस द्वारा धारा 144 का हवाला देकर किसानों को धमकाकर रोकने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी। पुलिस के रवैये से नाराज किसानों ने गौड सिटी बिल्डर की साईट पर ही बैठकर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान कर दिया तथा कब्जा लेने के लिए ट्रैक्टर मंगवा लिए।
(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)
भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.
(आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अपनी जनपक्षधरता और जनसक्रियता से उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में एक क्रांति ला दी है. आमतौर पर यूपी पुलिस विभाग के अफसर सत्ता के दबाव और सत्ता के इशारे पर संचालित होते हैं. लेकिन अमिताभ ठाकुर किसी भी जेनुइन मामले को बिना भय उठाते हैं भले ही उससे सीधे सीधे सत्ता के आका लोग निशाने पर आते हों. ऐसे ही एक मामले में आज अमिताभ ठाकुर ने पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए मुहिम शुरू की. पढ़िए इस नए प्रकरण की कहानी उन्हीं की जुबानी. -एडिटर, भड़ास4मीडिया)
आज मैंने एसएसपी, लखनऊ यशस्वी यादव से मुलाकात कर मिर्जापुर, थाना गोसाईंगंज में एमबीएससी ग्रुप के लोगों के आपराधिक कृत्यों तथा उस गांव के पोसलाल पुत्र परीदीन की जमीन को जबरदस्ती खरीदने के प्रयास के बारे में शिकायत दिया. एसएसपी ने एसओ गोसाईंगंज को तत्काल मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. शिकायत के अनुसार एमबीएससी ग्रुप ने बीएससी होम्स नाम से लगभग 170 लोगों से बुकिंग के नाम पर करोड़ो रूपये ले भी लिए हैं जबकि अभी उसके पास न तो आवश्यक जमीन है और न ही उसका नक्शा एलडीए से स्वीकृत है.
राजस्थान में साल भर पहले लांच हुए ज़ी ग्रुप के रीजनल न्यूज चैनल जी मरुधरा के खिलाफ बिल्डरों ने मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि चैनल बिल्डरों को ब्लैकमेल करता है. बिल्डर एसोसिएशन द्वारा सभी सदस्य बिल्डरों को संगठित कर ज़ी समूह के सभी चैनलों पर भविष्य के लिये विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला लिया गया है. क्रेडाई ने अपने संगठन के सभी सदस्य बिल्डरों से अपील की है की वे रेपोर्टरों की ब्लैकमेलिंग या निगेटिव न्यूज़ से डरकर उन्हें किसी प्रकार कोई नगद, फ्लैट, ज़मीन या गिफ्ट आदि देकर शोषण के कारोबार को बढ़ावा ना दें.
मथुरा : उत्तर प्रदेश में मथुरा के हाइवे थाने में पुष्पांजलि ग्रुप और 'पुष्प सवेरा' अखबार के मालिक बीडी अग्रवाल उनके बेटे मयंक और पुनीत अग्रवाल समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. इन फ्राड टाइप के बाप-बेटों ने किसी के नाम का प्लाट किसी दूसरे को बेच दिया. पुलिस के अनुसार पुष्पांजलि उपवन स्थित कालोनी राधा नगर निवासी महेंद्र खत्री की पत्नी सुषमा ने १२ सितंबर २००६ को २०० वर्ग गज के एक भूखण्ड का खरीदने के लिए अनुबंध कराया था.
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वर्षों से अपने बिल में छुपे रहे चोर बिल्डर अनिल शर्मा जब एक रोज जनता के सामने आया तो लुटे निवेशकों में से एक ने उसके मुंह पर पैसे लेने के बावजूद काम बंद करने का आरोप लगा दिया. इस महिला के आरोप सुनने के बाद जब अनिल शर्मा जवाब देने को तत्पर हुआ तो उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी. सुप्रीम कोर्ट ने आज बेइमान और धोखेबाज बिल्डर कंपनी आम्रपाली के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. घर पाने से वंचित निवेशकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के निदेशकों से पूछा है कि बिना बहानेबाजी किए यह साफ साफ बताओ, घर कब दोगे. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा- बहानेबाजी मत करो. यह गंभीर मसला है. लोगों की जीवनभर की कमाई लगी है. साफ बताओ, घर कब दोगे. आपको उत्तरदायी बनना पड़ेगा. आम्रपाली को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि वो एक सप्ताह के अंदर अपने हर प्रोजेक्ट के प्लान से संबंधित रेसोल्यूशन जमा करें. नोएडा : अठासी लाख रुपये देने के बावजूद भी फ्लैट नहीं मिलने की शिकायत पर सेक्टर-अट्ठावन पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित ने ग्रेटर नोएडा के जीटा-एक में आम्रपाली ग्रैंड प्रॉजेक्ट में फ्लैट बुक करवाया था। शिकायत के आधार पर एसएसपी ने एसपी देहात को जांच के आदेश दिए थे। शुरुआती जांच में मामला सही सामने आने पर एसपी देहात ने सेक्टर-अट्ठावन पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा को 'एड्स' होने की खबर! नोएडा के The hyde park के निवासियों ने बिल्डर की मनमानी के खिलाफ किया प्रदर्शन Dear Press/ Media Guys, Please help तीस,शून्य Flat owners of Jaypee Greens Noida to present there case... we will be oblige if you can contribute and help us to get our dream homes! ! ! we have paid नब्बे% of flat cost & EMI are running but not getting possession as Builders are doing fraud & hiding behind LAW. Your family member or yourself would be affect directly or indirectly please help us! ! ! इटावा के रहने वाले अरविंद कुमार शोरावल ने जेपी ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है. ये एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें पहले कोर्ट जाना पड़ा और कोर्ट के आदेश बाद ही पुलिस ने जेपी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा लिखा. अरविंद ने जेपी ग्रुप में एक फ्लैट बुक कराया था, उन्नीस अप्रैल दो हज़ार चौदह को. उन्हें अमन थर्ड टावर में फ्लैट दिया गया. इसके लिए उन्होंने जरूरी भुगतान किए. बाद में पता चला कि जुलाई दो हज़ार पंद्रह तक निर्माण ही नहीं शुरू हुआ. रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली का भगोड़ा मालिक अनिल शर्मा वैसे तो हजारों निवेशकों का पैसा दाबे बैठा है और खुद के पास पैसा न होने का रोना रोते हुए लोगों को उनका घर नहीं दे रहा है लेकिन जब उसका दामाद, जो आम्रपाली का सीईओ भी है, और एक डायरेक्टर गिरफ्तार होता है तो फौरन वह चार करोड़ उनतीस लाख रुपये जमा करवा देता है. आखिरकार चार करोड़ उनतीस लाख जमा करने के बाद छूट गए आम्रपाली ग्रुप के दोनों पदाधिकारी. पार्ट पेमेंट के लिए कंपनी के पदाधिकारी कर रहे थे प्रशासन से अनुरोध, लेकिन पूरी पेमेंट जमा करने पर अड़ गए एडीएम दादरी अमित कुमार. अंततः पूरी पेमेंट जमा करवा कर ही आम्रपाली के दोनों लोगों को रिहा किया गया. दिवालिया हो चुकी रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली से खबर आ रही है कि इसके भगोड़े मालिक अनिल शर्मा के दामाद ऋतिक सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. यह कार्रवाई लेबर सेस नहीं चुकाने पर किया गया है. साथ ही साथ आम्रपाली का ऑफिस भी सील कर दिया गया है. आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा के दामाद के अलावा एक अन्य पदाधिकारी निशांत मुकुल को भी अरेस्ट कर जेल भेजे जाने की खबर है. सेवा में, श्रीमान उपायुक्त, दिल्ली पुलिस, नई दिल्ली। विषय - अवैध निर्माण पर चल रहे नगर निगम के डमोलिशन की खबर को ना करने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए । महोदय, निवेदन यह है कि मैं पंकज चौहान S/O श्री राजाराम सिंह, पता- चौदह/ दो सौ दो, दक्षिणपुरी एक्सटेंशन, डॉ. अंबेडकरनगर, नई दिल्ली -बासठ में रहता हूं। मैं दिल्ली से 'सनसनी इन्वेस्टीगेटर' नाम से अपना एक नेशनल साप्ताहिक अखबार चलाता हूं। मैंने अपने पिछले एडीशन में दक्षिणपुरी की डीडीए मार्केट नंबर-दो में स्थित दुकान नंबर- ग्यारह, बारह, तेरह, चौदह की उस समय खबर लगाई थी जब यहां पर एम. सी. डी. के बिल्डिंग विभाग के दस्ते ने तोड़फोड़ की थी। अब दिनांक- उनतीस मार्च दो हज़ार सत्रह को एम. सी. डी. , ग्रीन पार्क ज़ोन से भवन विभाग के दस्ते ने दोबारा इसी अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ का कार्यक्रम किया जिसको मैं अपने साथी रिपोर्टर के साथ कवर करने के लिए पहुंचा। हे भगवान, बिल्डरों ने 'राम' और 'लक्ष्मण' को भी ठगा! मुंबई। बिल्डरों की ठगी के शिकार आम आदमी के साथ साथ ऐसे लोग भी हो रहे हैं जिनका नाम सुनकर शायद आप अचरज में पड़ जायें। घोर कलयुग की महिमा देखिए। बिल्डरों द्वारा टेलीविजन के मयार्दा पुरुषोत्तम राम और उनके भ्राता लक्ष्मण को भी यहां चूना लगा दिया जाता है। रामानंद सागर सृजित रामायण के राम यानि अरुण गोविल और लक्ष्मण यानि सुनील लहरी सहित कई जाने माने लोगों ने पेमेंट करने के सात साल बाद भी ओशिवरा में अपार्टमेंट ना मिलने की शिकायत ओशिवरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है। ग्रेटर नोएडा में नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन के नाम से बन रहे अर्बटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट के सभी बायर्स बिल्डर और प्राधिकरण के बीच हुयी मिलीभगत से परेशान हैं. इसको लेकर आज सभी खरीदारों ने फ़ोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिह और बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू खान के साथ एक मीटिंग की. इसमें बिल्डर और प्राधिकरण के चलते हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई और आगे की रणनीत तय की गयी. गुरबत के दिनों में किसी घिसी हुई पतलून की जेब से कभी लापरवाही से रख छोड़े पैसे हाथ लग जायें तो कैसा महसूस होगा? मेहदी हसन की इन अनसुनी ग़ज़लों का खजाना हाथ लग जाने के बाद मुझे कुछ ऐसा ही लग रहा है। सदा-ए-इश्क मेरी जानकारी में मेहदी हसन साहब का अंतिम एल्बम था जो म्यूजिक टूडे वालों ने वर्ष दो हज़ार के आस-पास निकाला था। इसके बाद केवल एक ग़ज़ल "तेरा मिलना बहुत अच्छा लगे है, मुझे तू मेरे दुःख जैसा लगे है" सुनने में आयी थी जो उन्होंने लता मंगेशकर के साथ गायी थी। इस ग़ज़ल में दोनों गायकों ने अपना-अपना हिस्सा भारत और पाकिस्तान में रेकार्ड किया था और बाद में इसकी मिक्सिंग भारत में हुई। एक साथ इन दो बड़े कलाकारों की यह संभवतः इकलौती और ऐतिहासिक प्रस्तुति थी। ग़ज़ल उन्हीं दिनों में सुनने में आयी जब मेहदी हसन साहब बीमार चल रहे थे और अपन ने भी मान लिया था कि इस खूबसूरत ग़ज़ल को खाँ साहब की अंतिम सौगात समझ लेना चाहिये। मिर्जापुर : रामपुर बांगर गांव के खसरा नम्बरान बासठ और सत्तर पर उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाये रखने के आदेश पारित किये गये थे, उस जमीन पर गौड सिटी बिल्डर द्वारा कार्य शुरू कर दिये जाने से किसानों का आक्रोश सड़कों पर आ गया। किसान नेता धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पचास गांवों के किसानों की एक महापंचायत गौड सिटी बिल्डर की साइट पर हुई। पुलिस द्वारा धारा एक सौ चौंतालीस का हवाला देकर किसानों को धमकाकर रोकने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी। पुलिस के रवैये से नाराज किसानों ने गौड सिटी बिल्डर की साईट पर ही बैठकर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान कर दिया तथा कब्जा लेने के लिए ट्रैक्टर मंगवा लिए। भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया. आज मैंने एसएसपी, लखनऊ यशस्वी यादव से मुलाकात कर मिर्जापुर, थाना गोसाईंगंज में एमबीएससी ग्रुप के लोगों के आपराधिक कृत्यों तथा उस गांव के पोसलाल पुत्र परीदीन की जमीन को जबरदस्ती खरीदने के प्रयास के बारे में शिकायत दिया. एसएसपी ने एसओ गोसाईंगंज को तत्काल मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. शिकायत के अनुसार एमबीएससी ग्रुप ने बीएससी होम्स नाम से लगभग एक सौ सत्तर लोगों से बुकिंग के नाम पर करोड़ो रूपये ले भी लिए हैं जबकि अभी उसके पास न तो आवश्यक जमीन है और न ही उसका नक्शा एलडीए से स्वीकृत है. राजस्थान में साल भर पहले लांच हुए ज़ी ग्रुप के रीजनल न्यूज चैनल जी मरुधरा के खिलाफ बिल्डरों ने मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि चैनल बिल्डरों को ब्लैकमेल करता है. बिल्डर एसोसिएशन द्वारा सभी सदस्य बिल्डरों को संगठित कर ज़ी समूह के सभी चैनलों पर भविष्य के लिये विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला लिया गया है. क्रेडाई ने अपने संगठन के सभी सदस्य बिल्डरों से अपील की है की वे रेपोर्टरों की ब्लैकमेलिंग या निगेटिव न्यूज़ से डरकर उन्हें किसी प्रकार कोई नगद, फ्लैट, ज़मीन या गिफ्ट आदि देकर शोषण के कारोबार को बढ़ावा ना दें. मथुरा : उत्तर प्रदेश में मथुरा के हाइवे थाने में पुष्पांजलि ग्रुप और 'पुष्प सवेरा' अखबार के मालिक बीडी अग्रवाल उनके बेटे मयंक और पुनीत अग्रवाल समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. इन फ्राड टाइप के बाप-बेटों ने किसी के नाम का प्लाट किसी दूसरे को बेच दिया. पुलिस के अनुसार पुष्पांजलि उपवन स्थित कालोनी राधा नगर निवासी महेंद्र खत्री की पत्नी सुषमा ने बारह सितंबर दो हज़ार छः को दो सौ वर्ग गज के एक भूखण्ड का खरीदने के लिए अनुबंध कराया था.
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मामला झारखण्ड-बिहार सीमा से 13 किलोमीटर दूर पठार और पहाड़ों के बीच स्थित उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय दनुआ का है.
झारखंड के हजारीबाग जिले का चौपारण प्रखंड एक बार फिर चर्चा में है. जहां एक स्कूल में लंगूर भी बच्चों के साथ पढ़ाई कर रहा है. मामला झारखण्ड-बिहार सीमा से 13 किलोमीटर दूर पठार और पहाड़ों के बीच स्थित उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय दनुआ का है. यहां पिछले कई दिनों से कक्षा में पढ़ने के लिए एक लंगूर पहुंच रहा है और बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई भी करता है.
स्कूल के प्रिंसिपल रतन कुमार वर्मा ने बताया कि लंगूर के स्कूल में यूं अचानक आने से बच्चे और शिक्षक घबरा जाते हैं. शनिवार को भी लंगूर आया और फिर नौंवी कक्षा में बैठकर क्लास में पढ़ा रहे शिक्षक की बात ध्यान से सुनता रहा. रविवार को छुट्टी थी और उसके बाद सोमवार को फिर स्कूल के समय पर क्लास में समय पहुंच गया. इसके बाद लंगूर बारी-बारी से सभी क्लास में गया.
बताया जा रहा है कि मंगलवार को सुबह 10 बजे आया और सातवीं क्लास में जाकर आगे वाली बेंच पर बैठ गया. बच्चे और शिक्षक भगाने का प्रयास करते हैं तो लंगूर गुस्सा करता है. स्कूल के प्रिसिंपल ने बताया कि उन्होंने छात्रों की सुरक्षा के लिए वन विभाग से पकड़ने का गुहार लगाई. गौतम बुद्धा वन्यप्राणी आश्रयणी के वनकर्मी विद्यालय पहुंचे. काफी कोशिश किया गया, पर लंगूर हाथ नहीं आया. बुधवार को भी वह समय से स्कूल पहुंच गया.
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YouTube से मालामाल बनने के लिए बस कुछ बातें हैं जरूरी, अगर नोट कर लिए ये टिप्स. . . तो आप भी खेलेंगे लाखों में!
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मामला झारखण्ड-बिहार सीमा से तेरह किलोग्राममीटर दूर पठार और पहाड़ों के बीच स्थित उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय दनुआ का है. झारखंड के हजारीबाग जिले का चौपारण प्रखंड एक बार फिर चर्चा में है. जहां एक स्कूल में लंगूर भी बच्चों के साथ पढ़ाई कर रहा है. मामला झारखण्ड-बिहार सीमा से तेरह किलोग्राममीटर दूर पठार और पहाड़ों के बीच स्थित उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय दनुआ का है. यहां पिछले कई दिनों से कक्षा में पढ़ने के लिए एक लंगूर पहुंच रहा है और बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई भी करता है. स्कूल के प्रिंसिपल रतन कुमार वर्मा ने बताया कि लंगूर के स्कूल में यूं अचानक आने से बच्चे और शिक्षक घबरा जाते हैं. शनिवार को भी लंगूर आया और फिर नौंवी कक्षा में बैठकर क्लास में पढ़ा रहे शिक्षक की बात ध्यान से सुनता रहा. रविवार को छुट्टी थी और उसके बाद सोमवार को फिर स्कूल के समय पर क्लास में समय पहुंच गया. इसके बाद लंगूर बारी-बारी से सभी क्लास में गया. बताया जा रहा है कि मंगलवार को सुबह दस बजे आया और सातवीं क्लास में जाकर आगे वाली बेंच पर बैठ गया. बच्चे और शिक्षक भगाने का प्रयास करते हैं तो लंगूर गुस्सा करता है. स्कूल के प्रिसिंपल ने बताया कि उन्होंने छात्रों की सुरक्षा के लिए वन विभाग से पकड़ने का गुहार लगाई. गौतम बुद्धा वन्यप्राणी आश्रयणी के वनकर्मी विद्यालय पहुंचे. काफी कोशिश किया गया, पर लंगूर हाथ नहीं आया. बुधवार को भी वह समय से स्कूल पहुंच गया. . YouTube से मालामाल बनने के लिए बस कुछ बातें हैं जरूरी, अगर नोट कर लिए ये टिप्स. . . तो आप भी खेलेंगे लाखों में!
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तिरुवनंतपुरम। केरल में मंगलवार रात से मूसलाधार बारिश होने के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई और कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव, नदियों और बांधों में जल स्तर बढ़ने, पेड़ों के उखड़ने तथा मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण जनजीवन थम सा गया है।
बुधवार को भी भारी बारिश हो रही है और राज्य के 14 में से 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कोल्लम तथा तिरुवनंतपुरम के अलावा केरल के सभी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी के सुबह 10 बजे जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिन में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। मंगलवार रात से हो रही भारी बारिश से राज्य में व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। पथनमथिट्टा जिले में एक ऑटो रिक्शा पलटकर एक नाले में गिर गया जिससे एक व्यक्ति की जान चली गई।
कोझीकोड जिले के थमारासेरी तालुक में मंगलवार को खतरे के निशान से ऊपर बह रही एक नदी में 68 वर्षीय एक व्यक्ति बह गया और दमकल कर्मी तथा अन्य बचावकर्मी अभी तक उसे तलाश नहीं पाए हैं।
बारिश से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसके कारण लोग विस्थापित हुए और उन्हें राहत शिविरों में ले जाया गया है। कन्नूर में आज सुबह एक केंद्रीय कारागार की दीवार गिर गयी।
भारी बारिश के कारण आज विभिन्न जिलों में स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान भी बंद कर दिए गए हैं। राज्य में विभिन्न नदियों में जल स्तर बढ़ने के कारण कई बांधों से पानी छोड़ना पड़ा। जिला प्रशासन ने पेरियार और मुथिरापुझा नदियों के तट पर रह रहे लोगों को सतर्क रहने और पानी उनके घरों में घुसने की स्थिति में राहत शिविरों में जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
मंगलवार को राज्य में भारी बारिश के कारण जिला अधिकारियों समेत राजस्व अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा की गयी।
इसके बाद राजस्व मंत्री के. राजन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लोगों से सतर्क रहने की अपील की और साथ ही कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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तिरुवनंतपुरम। केरल में मंगलवार रात से मूसलाधार बारिश होने के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई और कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव, नदियों और बांधों में जल स्तर बढ़ने, पेड़ों के उखड़ने तथा मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण जनजीवन थम सा गया है। बुधवार को भी भारी बारिश हो रही है और राज्य के चौदह में से बारह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कोल्लम तथा तिरुवनंतपुरम के अलावा केरल के सभी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के सुबह दस बजे जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिन में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। मंगलवार रात से हो रही भारी बारिश से राज्य में व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। पथनमथिट्टा जिले में एक ऑटो रिक्शा पलटकर एक नाले में गिर गया जिससे एक व्यक्ति की जान चली गई। कोझीकोड जिले के थमारासेरी तालुक में मंगलवार को खतरे के निशान से ऊपर बह रही एक नदी में अड़सठ वर्षीय एक व्यक्ति बह गया और दमकल कर्मी तथा अन्य बचावकर्मी अभी तक उसे तलाश नहीं पाए हैं। बारिश से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसके कारण लोग विस्थापित हुए और उन्हें राहत शिविरों में ले जाया गया है। कन्नूर में आज सुबह एक केंद्रीय कारागार की दीवार गिर गयी। भारी बारिश के कारण आज विभिन्न जिलों में स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान भी बंद कर दिए गए हैं। राज्य में विभिन्न नदियों में जल स्तर बढ़ने के कारण कई बांधों से पानी छोड़ना पड़ा। जिला प्रशासन ने पेरियार और मुथिरापुझा नदियों के तट पर रह रहे लोगों को सतर्क रहने और पानी उनके घरों में घुसने की स्थिति में राहत शिविरों में जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। मंगलवार को राज्य में भारी बारिश के कारण जिला अधिकारियों समेत राजस्व अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा की गयी। इसके बाद राजस्व मंत्री के. राजन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लोगों से सतर्क रहने की अपील की और साथ ही कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। ये भी पढ़ें :
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दहेज न देने पर ससुरालियों ने विवाहिता की गला दबाकर हत्या का प्रयास किया। एसपी के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में पति समेत सात ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम नौगवां पकड़िया निवासी रीना देवी पुत्री लीलाधर ने एसपी के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में एफआईआर दर्ज कराई। जिसमे कहा गया कि उसका विवाह 15 अप्रैल 2017 को अरुण कुमार पुत्र रामसरन निवासी कस्बा बरखेड़ा से हुआ था।
आरोप है कि शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये नकद और चार पहिया गाड़ी की मांग करते थे। दहेज न देने पर उसको शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उसने इसकी शिकायत अपने परिजनों से की तो परिजनों ने समझाते हुए थोड़े दिन बाद सब कुछ ठीक हो जाने को कहा लेकिन ससुरालियों की आदत में कोई सुधार नहीं आया। एक फरवरी को उसके डिलीवरी हुई,जिसका खर्चा भी ससुरालियों ने नहीं किया। उसके परिजनों ने 10 हजार रुपये उधार लेकर खर्चा किया। उसके पुत्री होने पर ससुराल पक्ष के लोग और ज्यादा प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद उसको मारपीट कर ससुरालियों ने बच्ची सहित घर से निकाल दिया।
13 जून 2019 को ससुराल पक्ष के लोग मायके में आए और दहेज की मांग को लेकर गाली गलौच करने लगे। विरोध करने पर गला दबाकर हत्या का प्रयास भी किया। इतना ही नहीं उसके ऊपर तेजाब भी डालने का प्रयास किया। एसपी के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में पति अरुण कुमार,ससुर रामसरन,सास तारावती,जेठ गौरव कुमार,जिठानी नीरज,नंद बबली,ममता और नंदोई राजपाल के खिलाफ जानलेवा दहेज प्रताड़ना समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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दहेज न देने पर ससुरालियों ने विवाहिता की गला दबाकर हत्या का प्रयास किया। एसपी के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में पति समेत सात ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम नौगवां पकड़िया निवासी रीना देवी पुत्री लीलाधर ने एसपी के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में एफआईआर दर्ज कराई। जिसमे कहा गया कि उसका विवाह पंद्रह अप्रैल दो हज़ार सत्रह को अरुण कुमार पुत्र रामसरन निवासी कस्बा बरखेड़ा से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये नकद और चार पहिया गाड़ी की मांग करते थे। दहेज न देने पर उसको शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उसने इसकी शिकायत अपने परिजनों से की तो परिजनों ने समझाते हुए थोड़े दिन बाद सब कुछ ठीक हो जाने को कहा लेकिन ससुरालियों की आदत में कोई सुधार नहीं आया। एक फरवरी को उसके डिलीवरी हुई,जिसका खर्चा भी ससुरालियों ने नहीं किया। उसके परिजनों ने दस हजार रुपये उधार लेकर खर्चा किया। उसके पुत्री होने पर ससुराल पक्ष के लोग और ज्यादा प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद उसको मारपीट कर ससुरालियों ने बच्ची सहित घर से निकाल दिया। तेरह जून दो हज़ार उन्नीस को ससुराल पक्ष के लोग मायके में आए और दहेज की मांग को लेकर गाली गलौच करने लगे। विरोध करने पर गला दबाकर हत्या का प्रयास भी किया। इतना ही नहीं उसके ऊपर तेजाब भी डालने का प्रयास किया। एसपी के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में पति अरुण कुमार,ससुर रामसरन,सास तारावती,जेठ गौरव कुमार,जिठानी नीरज,नंद बबली,ममता और नंदोई राजपाल के खिलाफ जानलेवा दहेज प्रताड़ना समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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अशोक डिंडा ने अपनी पूर्व रणजी ट्रॉफी टीम बंगाल के साथ करियर के सुनहरे 15 साल बिताए हैं। अशोक डिंडा बंगाल के मैनेजमेंट से काफी निराश हैं और उन्होंने इस मामले पर खुलकर बातचीत की है।
अशोक डिंडा ने अपनी पूर्व रणजी ट्रॉफी टीम बंगाल के साथ करियर के सुनहरे 15 साल बिताए हैं। अशोक डिंडा बंगाल के मैनेजमेंट से काफी निराश हैं और उन्होंने इस मामले पर खुलकर बातचीत की है। डिंडा पिछले नौ सीजन से बंगाल के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी के रूप में उभरे थे, लेकिन रणजी ट्रॉफी के 2019-20 संस्करण में सिर्फ एक गेम के बाद वह अचानक टीम से ड्रॉप हो गए थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान डिंडा ने कहा, 'बेशक मुझे बंगाल की याद आती है। मैंने 15 साल तक टीम के लिए अपना खून और पसीना बहाया है। मुझे नहीं लगता कि किसी भी तेज गेंदबाज ने ऐसा किया है और मुझे इस पर गर्व है। मुझे पता है कि मेरे पास क्रिकेट के कुछ और दिन नहीं बचे हैं, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह इस तरह से खत्म होगा।'
अशोक डिंडा ने आगे कहा, 'पेशेवर खिलाड़ियों के रूप में, हम जानते हैं कि हमें कैसे आगे बढ़ना है। मेरे मन में बंगाल क्रिकेट के खिलाफ कुछ भी नहीं है। आखिरकार, मैंने बंगाल के लिए क्रिकेट में अच्छा करने के बाद ही टीम इंडिया की तरफ से खेलने में कामयाबी पाई थी। मेरी शिकायतें केवल टीम मैनेजमेंट के खिलाफ हैं।'
बता दें कि अशोक डिंडा ने दिसंबर 2019 से किसी भी प्रथम श्रेणी के खेल में हिस्सा नहीं लिया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 2021 सीजन के लिए डिंडा ने गोवा की टीम से खेलने का फैसला किया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 10 से 31 जनवरी तक 6 अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा को ध्यान में रखकर खेली जाएगी।
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अशोक डिंडा ने अपनी पूर्व रणजी ट्रॉफी टीम बंगाल के साथ करियर के सुनहरे पंद्रह साल बिताए हैं। अशोक डिंडा बंगाल के मैनेजमेंट से काफी निराश हैं और उन्होंने इस मामले पर खुलकर बातचीत की है। अशोक डिंडा ने अपनी पूर्व रणजी ट्रॉफी टीम बंगाल के साथ करियर के सुनहरे पंद्रह साल बिताए हैं। अशोक डिंडा बंगाल के मैनेजमेंट से काफी निराश हैं और उन्होंने इस मामले पर खुलकर बातचीत की है। डिंडा पिछले नौ सीजन से बंगाल के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी के रूप में उभरे थे, लेकिन रणजी ट्रॉफी के दो हज़ार उन्नीस-बीस संस्करण में सिर्फ एक गेम के बाद वह अचानक टीम से ड्रॉप हो गए थे। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान डिंडा ने कहा, 'बेशक मुझे बंगाल की याद आती है। मैंने पंद्रह साल तक टीम के लिए अपना खून और पसीना बहाया है। मुझे नहीं लगता कि किसी भी तेज गेंदबाज ने ऐसा किया है और मुझे इस पर गर्व है। मुझे पता है कि मेरे पास क्रिकेट के कुछ और दिन नहीं बचे हैं, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह इस तरह से खत्म होगा।' अशोक डिंडा ने आगे कहा, 'पेशेवर खिलाड़ियों के रूप में, हम जानते हैं कि हमें कैसे आगे बढ़ना है। मेरे मन में बंगाल क्रिकेट के खिलाफ कुछ भी नहीं है। आखिरकार, मैंने बंगाल के लिए क्रिकेट में अच्छा करने के बाद ही टीम इंडिया की तरफ से खेलने में कामयाबी पाई थी। मेरी शिकायतें केवल टीम मैनेजमेंट के खिलाफ हैं।' बता दें कि अशोक डिंडा ने दिसंबर दो हज़ार उन्नीस से किसी भी प्रथम श्रेणी के खेल में हिस्सा नहीं लिया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दो हज़ार इक्कीस सीजन के लिए डिंडा ने गोवा की टीम से खेलने का फैसला किया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी दस से इकतीस जनवरी तक छः अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा को ध्यान में रखकर खेली जाएगी।
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तेलुगू की जानी मशहूर अभिनेत्री और 'बिग बॉस' पूर्व प्रतियोगी हरी तेजा ने हाल ही में बेबी गर्ल को जन्म दिया है। हस्बैंड दीपक संग हरी तेजा ने एक भावुक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा है कि बेटी के जन्म से ठीक एक सप्ताह पहले उनके साथ एक घटना हुई। वीडियो में अभिनेत्री बताती दिखाई दे रही हैं कि आखिर क्यों उन्होंने सोशल मीडिया से ब्रेक लिया तथा प्रशंसकों की शुभकामनाओं का जवाब नहीं दिया? वीडियो में अभिनेत्री हरी तेजा रोती हुईं दिखाई दे रही हैं।
वही अभिनेत्री का यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हरी तेजा वीडियो में रोती भी दिखाई दे रही हैं। वह बता रही हैं कि घर में उपस्थित सभी लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। बेटी को जन्म देने के ठीक एक सप्ताह पहले पूरा परिवार कठिन घड़ी में आ खड़ा हुआ था। बेटी को जन्म देने के साथ ही उन्हें दूर रखना था, जिसके बारे में सोचकर वह बहुत परेशान हो रही थीं। वह इस हालात में नहीं थीं कि प्रशंसकों द्वारा दी गई बधाई का वह उत्तर दे सकें।
इस वीडियो के माध्यम से हरी तेजा प्रशंसकों का शुक्रिया अदा भी करती दिखाई दे रही हैं। हरी तेजा को समझ नहीं आ रहा था कि वह आखिर क्या करें, बेटी से कैसे मिलें। अभिनेत्री के लिए बेटी से दूर रहना कठिन हो रहा था, ऐसे में डॉक्टर्स और दोस्तों की सहायता से वह इससे बाहर आ सकीं। बता दें कि हरी तेजा ने अपने करियर का आरम्भ तेलुगू टीवी शोज से की थी। तत्पश्चात, यह कई फिल्मों का हिस्सा रहीं। हरी तेजी तेलुगू 'बिग बॉस' पहले सीजन की 16 प्रतियोगियों में से एक थीं। आखिर में हरी तेजा दूसरी रनरअप बनकर बाहर आई थीं।
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तेलुगू की जानी मशहूर अभिनेत्री और 'बिग बॉस' पूर्व प्रतियोगी हरी तेजा ने हाल ही में बेबी गर्ल को जन्म दिया है। हस्बैंड दीपक संग हरी तेजा ने एक भावुक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा है कि बेटी के जन्म से ठीक एक सप्ताह पहले उनके साथ एक घटना हुई। वीडियो में अभिनेत्री बताती दिखाई दे रही हैं कि आखिर क्यों उन्होंने सोशल मीडिया से ब्रेक लिया तथा प्रशंसकों की शुभकामनाओं का जवाब नहीं दिया? वीडियो में अभिनेत्री हरी तेजा रोती हुईं दिखाई दे रही हैं। वही अभिनेत्री का यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हरी तेजा वीडियो में रोती भी दिखाई दे रही हैं। वह बता रही हैं कि घर में उपस्थित सभी लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। बेटी को जन्म देने के ठीक एक सप्ताह पहले पूरा परिवार कठिन घड़ी में आ खड़ा हुआ था। बेटी को जन्म देने के साथ ही उन्हें दूर रखना था, जिसके बारे में सोचकर वह बहुत परेशान हो रही थीं। वह इस हालात में नहीं थीं कि प्रशंसकों द्वारा दी गई बधाई का वह उत्तर दे सकें। इस वीडियो के माध्यम से हरी तेजा प्रशंसकों का शुक्रिया अदा भी करती दिखाई दे रही हैं। हरी तेजा को समझ नहीं आ रहा था कि वह आखिर क्या करें, बेटी से कैसे मिलें। अभिनेत्री के लिए बेटी से दूर रहना कठिन हो रहा था, ऐसे में डॉक्टर्स और दोस्तों की सहायता से वह इससे बाहर आ सकीं। बता दें कि हरी तेजा ने अपने करियर का आरम्भ तेलुगू टीवी शोज से की थी। तत्पश्चात, यह कई फिल्मों का हिस्सा रहीं। हरी तेजी तेलुगू 'बिग बॉस' पहले सीजन की सोलह प्रतियोगियों में से एक थीं। आखिर में हरी तेजा दूसरी रनरअप बनकर बाहर आई थीं।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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यो नो दुरंवो वृकतिर्दभीतिस्तस्मिन्मिमाथामभिभूत्योजः ॥४ इन्द्रा युवं वरुणा भूतमस्या धियः प्रेतारा वृषभेव धेनोः । सा नो दुहीयद्यवसेव गत्वी सहस्रधारा पयसा मही गौः ॥ ५ ॥१५ हे इन्द्र ! है वरुण ! श्रमरत्व प्राप्त होता ! श्रग्नि के समान, हवियुक्त कौनसा स्वोत्र तुम दोनों की कृपा प्राप्त कर सकता है ? वह स्तोत्र हमारे द्वारा अर्पित हुआ हवियों से युक्त होकर तुम दोनों के अन्तःकरण में घुस जाय ॥१॥ हे इन्द्रावरुण ! तुम दोनों प्रसिद्ध हो । जो मनुष्य तुम्हारे निमित्त हविरन्न से युक्त वन्धुत्व प्रदर्शित करता है, वह मनुष्य पापों को नष्ट करने में समर्थ है। वह युद्ध में शत्रु का संहार करता है और विशाल रक्षा-साधनों द्वारा प्रसिद्धि प्राप्त करता है ॥ २ ॥ हे प्रख्यात इन्द्र और वरुण ! तुम दोनों देवता हम स्तोताओं को सुन्दर धन प्रदान करने वाले वनो । यदि तुम यजमान के सखा रूप हो तो मित्र-भाव के निमित्त सिद्ध किये गए इस सोम रस से पुष्टि को प्राप्त होश्रो और धन देने वाले वनो ॥ ३ ॥ हे इन्द्र और वरुण ! तुम दोनों विकराल कर्म वाले हो । इस शत्रु पर तुम दोनों ही अत्यन्त तेजवाले वत्र का प्रहार करो । जो शत्रु श्रदानशील, हिंसक तथा हमारे द्वारा दुसन किये जाने योग्य नहीं है, उस शत्रु के विरुद्ध तुम दोनों उसे हराने वाली शक्ति से हरायो ।। ४ ।। हे इन्द्र और वरुण ! जैसे बैल गौ को प्रोम करता है वैसे ही तुम दोनों स्तुतियों को प्रेम करने वाले हो । तृष्णादि को खाकर जैसे धेनु दूध देती है, वैसे ही तुम्हारी स्तुति रूप धेनु हमारी कामनाओं को सदा देती रहे ॥ ५ ॥
तोके हिते तनय उर्वरासु सूरो दृशीके वृपरणश्च पौंस्ये । इन्द्रा नो अत्र वरुणा स्यातामवोभिर्दस्मा परितक्म्यायाम् ॥६ युवामिद्धिऽयवसे पूर्व्याय परि प्रभूती गविपः स्वापी । वृणीमहे संख्याय प्रियाय शूरा मंहिष्ठा पितरेव शम्भू ॥७ ता वां धियोऽवसे वाजयन्तीराजि न जग्मुर्यु वयः सुदानू । येन गाव उप सोममस्थुरिन्द्रं गिरो वरुणं मे मनीपाः ॥८
इमा इन्द्र वरुणं मे मनीषा अग्मन्नुप द्रविणमिच्छमाना । उपेमस्युजष्टार इव वस्वो रध्वीरिक श्रम भिक्षमाणाः ॥ अव्यस्य त्मना नथ्यस्य पुष्टेनित्यस्य राय. पतयः स्याम । ता चक्रारणा ऊतिभिनंव्यसीभिरस्मना रायो नियुतः सचन्ताम् ।।१० श्रा नो बृहन्ता वृहतीभिरुती इन्द्र यातं वरुण वाजसातो । यद्द्धिव पृतनामु प्रक्रोळान्तस्य वा स्याम सनितार, आजे. ॥११ ११६
है इन्द्र और वरण । रात्रि काल में तुम दोनों अपने रक्षा-साधनों से पूर्ण होकर शत्रुओं का संहार करने के लिए चल दो, जिससे हम संतानादि धन एवं उर्वरा रथिनी को पा सकें और श्रायु पर्यंत सूर्य के दर्शन करते रहें ॥ ६ ॥ है इन्द्रचरण ! गाय की कामना करने वाले हम, तुमसे, हमारे प्राचीन काल से चले था रहे पोषण-सामथ्र्य की याचना करते हैं। तुम दोनों ही सब कार्यो के करने में समर्थ, मित्र रूप और यन्त पूजनीय हो। तुम दोनों से हम पुत्र को सुख देने वाले पिता के समान थप्यन्त स्नेह प्रदान करने की याचना करते
।। ७ । हे इन्द्रावरुण । तुम दोनों देवता सुन्दर फल प्रदान करने वाले हो । जैसे वीर पुरप युद्ध की इच्छा करते रहते हैं, वैसे ही हमारी स्तुतियाँ रत्नादि धन की अभिलाषा में रक्षा प्राप्ति के निमित्त तुम्हारे पास जाती है। जैसे गो दूध दही आदि सुन्दर पदार्थों के निमित्त सोमके पास रहती हैं, वैसे ही हमारी हार्दिक प्रार्थनाऐ इन्द्र के पास पहुँचती है ॥८॥ जैसे सेवकराय धन के निमित्त धनिकों की सेवा करने को जाते है, वैसे ही हमारी स्तुतियों धन की कामना करती हुई इन्द्र और वरुण के पास जानें। ये स्तुतियाँ धन्न की भीख माँगने वाली मिसारिनों के समान इन्द्र के पास पहुँचें ॥ १ ॥ से इन्द्रावरण दोनों देवता गमनशील है । अपने अभिनय रखा-साधनों महित हमारे सामने अश्वादि पशु एवं धन सम्पादित करें। सर हम बिना प्रयत्न किए ही घोड़ों, स्यों बलों और स्थिर धर्मों के प्रवीश्वर होंगे ॥ १०॥ है इन्द्रावरण ! तुम महान् हो । तुम अपने महान् रक्षा-साधनों सहित ग्रायो । घद्य-माप्ति वाले जिम संग्राम में शत्रु सेना के हथियार घात करते हैं, उस संग्राम में हम साधकमय तुम दोनों देवताओं की कृपा से विजय प्राप्त करें ॥ १३ ॥
४२ मुक्त
(ऋषि-सदस्युः पौरुकुत्स्यः । देवता- प्रात्माः, इन्द्रावरुणः । छन्द-~-त्रिष्टुप, पक्तिः )
मम द्विता राष्ट्र क्षत्रियस्य विश्वायोविश्व अमृता यथा नः । ऋतु सचन्ते वरुणस्य देवा राजामि कृष्ट रुपमस्य वव्रेोः ॥१ यहं राजा वरुणो मह्यं तान्यसुर्यारिण प्रथमा धारयन्त । ऋतु सचन्ते वरुणस्य देवा राजामि कृष्टेरुपमस्य वत्र : ॥२ अहमिन्द्रो वरुणस्ते महत्वोर्वी गभीरे रजसी सुमेके । त्वष्टेव विश्वा भुवनानि विद्वान्त्समैरयं रोदसी धारयं च । ३ मारणा धारयं दिवं सदन ऋतस्य ।
ऋऋतेन पुत्रो नदि तावोत त्रिधातु प्रथयद्वि भूम ॥४ मां नरः स्वश्वा वाजयन्तो मां वृताः समरणे हवन्ते । कृणोम्याजि मघवाहमिन्द्र इयम रेणुमभिभूत्योजाः ।।५ ११७
मनुष्यों के हम स्वामी हैं। हमारा राष्ट्र दो प्रकार का है। जैसे सब देवता हमारे हैं, वैसे ही सम्पूर्ण प्रजाजन भी हमारे ही हैं। हम सुन्दर रूप वाले एवं वरुण के समान यशस्वी हैं। देवता हमारे यज्ञ की रक्षा करते हैं ॥ १ ॥ हम वरुण तेजस्वी राजा हैं। देवता हमारे निमित्त ही राक्षसों का संहार करने वाला पराक्रम धारण करते हैं । हम सुन्दर रूप वाले वरुण श्रन्तकस्य हैं । हमारे यज्ञ की देवता रक्षा करते हैं और इस मनुष्यों के भी स्वामी हैं ॥ २ ॥ हम इन्द्र और वरुण हैं। महत्व के कारण विशालता को प्राप्त, सुन्दर रूप वाले श्राकाश और पृथिवी भी हम हैं। हम प्राणीमात्र को प्रजापति के समान प्रेरणा देने वाले हैं हम श्राकाश औौर पृथिवी के धारण करने वाले तथा प्रज्ञावान् हैं ।। ३ ।। हमने ही वृष्टिरूप जल को सींचा है। सूर्य के श्राश्रय स्थान श्राकाश को हमने ही धारण किया है। हम अदिति पुत्र जलके निमित्त यज्ञवान् हुए हैं। हमने ही व्यापक शाकाश को तीन लोकों के रूप
में परिवर्तित किया है ॥ १ ॥ युद्ध में नेतृत्व करने वाले, सुन्दर श्ववान् वीर हमारे ही पीछे चलते हैं। वे सब संकल्पान हुए युद्ध में इसको ही बुलावे है । हम ऐश्वर्यशाली इन्द्र के रूप में युद्ध करते हैं। हम शत्रु को हराने वाले • बल से परिपूर्ण हैं । हमारे प्रबल वेग से युद्धम्थल में धूल उदकर आकाश में छा जाती है ॥ १ ॥
ग्रहं ता विश्वा चवरं नकिर्मा दैव्यं सहो वरते श्रप्रतीतम् । यन्मा सोमासा ममदन्यदुक्थोमे भयेते रजसो अपारे ।।६ विदुष्टै विश्वा भुवनानि तस्य ता प्र वोषि वरुणाय वेध. । त्वं वृत्राणि शृष्विपे जघन्वात्वं वृत्त रिा इन्द्र सिन्धून् ॥७ अस्माकमन पितरस्त मन्त्सप्त ऋपयो दोगंहे बध्यमाने । त श्रायजन्त त्रसदस्युमस्या इन्द्र न वृत्रतुरमधंदेवम् ॥८ पुरुषुत्सानी हि वामदाशद्धव्येभिरिन्द्रावरणा नमोभिः । या राजानं त्रसदस्यमस्या वृत्रहरणं ददथुरधंदेवम् ॥६ राया वयं ससवासो मदेम हव्येन देवा यवसेन गाव । ता घेनुमिन्द्रावरुणा युवं नो विश्वाहा धत्तमनपस्फुरन्तीम् ॥१० ११८
हम दिव्य वल से परिपूर्ण हैं । हमको हमारे कार्यो से कोई नहीं रोक सकता। हमने उन सब कार्यों को पूर्ण किया है। जब सोम-रस और वो हमको पुष्ट करते है तब हमारे बल को देखकर विशाल आकाश और भूमंडल दोनों ही चलायमान हो जाते हैं ॥ ६ ॥ हे वरुप ! तुम्हारे कार्य को सभी प्राणी जानते हैं। हे स्तुति करने वालो ! चरण की स्तुति परो । हे इन्द्र ! तुमने शत्रुथी का संहार किया है तुम्हारे इस कर्म को सभी जानते है। तुमने रको हुई नदियों को भी छोड़ा-मराहित किया है ॥ ७ ॥ "पुस्कुरम" के बन्धन में पढ़ने पर सहर्षि ने इस पृथिवी का पालन किया था । उन्होंने इन्द्रावरण की कृपा से रस की पत्नी के निमित्त यज्ञ किया और "श्रमदस्यु" को प्राप्त किया था। वह वसदस्यु इन्द्र के समान शत्रुघ्रो का नाशक हुआ और वह थ देव का भी अधिकारी हुआ ॥८॥ इन्द्रा हे यस्य ! ऋऋषि के प्रेरणा से "पुस्कुरस" की भार्या ने तुम दोनों की हनिरसन
और स्तुतियों द्वारा प्रसन्न किया । फिर तुम दोनों ने उसे देवत्व प्राप्त शत्रुत्रों का नाश करने वाले त्रसदस्यु को प्रदान किया ॥ १ ॥ तुम दोनों की स्तुति करके हम धन प्राप्त कर संतुष्ट होंगे । देवता हविरन्न से तथा गायें तृणादि से तृप्ति को प्राप्त होती हैं । हे इन्द्रावरुण ! तुम दोनों विश्व के उत्पत्ति औौर संहारकर्ता हो । हमको स्थिर धन प्रदान करो ॥ १० ॥
४३ सूक्त
(ऋषि-पुरुमीहळाजमी हौ सौहोन्नो । देवता - अश्विनौ । छन्द - त्रिष्टुप्, पंति) क उ श्रवकतमो यज्ञियानां वन्दारु देवः कतमो जुषाते । कस्येमां देवीममृतेषु पेष्ठां हृदि श्रेपाम सुष्टुति सुहव्याम् ॥ १ को मृळाति कतम आगमिष्ठो देवानामु कतमः शम्भविष्ठः । । रथं कमाहुर्द्रवदश्वमाशुं यं सूर्यस्य दुहितावृरगीत ॥२ मक्षू हि ष्मा गच्छथ ईवतो यूनिन्द्रां न शक्ति परितक्म्यायाम् । दिव भ्राजाता दिव्या सुपरर्गा कया शचीनां भवथः शविष्ठा ।।३ का वां भूदुपमातिः कया न आश्विना गमथो हूयमाना । को वां महश्वित्त्यजसो अभीक उरुप्यतं माध्वी दस्रा न ऊती ॥४ उरु वां रथः परि न॑क्षति द्यामा यत्समुद्रादभि वर्तते वाम् । मध्वा माध्वी मधु वां प्रुषायन्यत्सीं वां वृक्षो भुरजन्त पत्रवाः ।।५सिन्धुर्ह वां रसया सिञ्चदश्वान्घृरणा वयोऽरुपासः परि ग्मन् । तदू षु वामंजिरं चेति यानं येन पती भवथः सूर्यायाः ॥६ इहेह यद्वां समना पक्षे सेयमस्मे सुमतिर्वाजरेत्ता । उरुष्यतं जरितागं युवं ह श्रितः कामो नासत्या युवद्रिक् ।। ७ ।१६
यज्ञ के देवताओं में कौनसे देवता इस स्तुति को सुनेंगे ? कौन से देवता इस पूजा के योग्य स्तोत्र को ग्रहण करेंगे ? देवताओंों में ऐसे किस देवता को हम अपनी स्नेहमयी, उज्ज्वल, हविरन वाली सुन्दर स्तुति को सुनायें जो इसके अधिकारी हों ।। १ ।। हमको कौनसे देवता सुख प्रदान
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यो नो दुरंवो वृकतिर्दभीतिस्तस्मिन्मिमाथामभिभूत्योजः ॥चार इन्द्रा युवं वरुणा भूतमस्या धियः प्रेतारा वृषभेव धेनोः । सा नो दुहीयद्यवसेव गत्वी सहस्रधारा पयसा मही गौः ॥ पाँच ॥पंद्रह हे इन्द्र ! है वरुण ! श्रमरत्व प्राप्त होता ! श्रग्नि के समान, हवियुक्त कौनसा स्वोत्र तुम दोनों की कृपा प्राप्त कर सकता है ? वह स्तोत्र हमारे द्वारा अर्पित हुआ हवियों से युक्त होकर तुम दोनों के अन्तःकरण में घुस जाय ॥एक॥ हे इन्द्रावरुण ! तुम दोनों प्रसिद्ध हो । जो मनुष्य तुम्हारे निमित्त हविरन्न से युक्त वन्धुत्व प्रदर्शित करता है, वह मनुष्य पापों को नष्ट करने में समर्थ है। वह युद्ध में शत्रु का संहार करता है और विशाल रक्षा-साधनों द्वारा प्रसिद्धि प्राप्त करता है ॥ दो ॥ हे प्रख्यात इन्द्र और वरुण ! तुम दोनों देवता हम स्तोताओं को सुन्दर धन प्रदान करने वाले वनो । यदि तुम यजमान के सखा रूप हो तो मित्र-भाव के निमित्त सिद्ध किये गए इस सोम रस से पुष्टि को प्राप्त होश्रो और धन देने वाले वनो ॥ तीन ॥ हे इन्द्र और वरुण ! तुम दोनों विकराल कर्म वाले हो । इस शत्रु पर तुम दोनों ही अत्यन्त तेजवाले वत्र का प्रहार करो । जो शत्रु श्रदानशील, हिंसक तथा हमारे द्वारा दुसन किये जाने योग्य नहीं है, उस शत्रु के विरुद्ध तुम दोनों उसे हराने वाली शक्ति से हरायो ।। चार ।। हे इन्द्र और वरुण ! जैसे बैल गौ को प्रोम करता है वैसे ही तुम दोनों स्तुतियों को प्रेम करने वाले हो । तृष्णादि को खाकर जैसे धेनु दूध देती है, वैसे ही तुम्हारी स्तुति रूप धेनु हमारी कामनाओं को सदा देती रहे ॥ पाँच ॥ तोके हिते तनय उर्वरासु सूरो दृशीके वृपरणश्च पौंस्ये । इन्द्रा नो अत्र वरुणा स्यातामवोभिर्दस्मा परितक्म्यायाम् ॥छः युवामिद्धिऽयवसे पूर्व्याय परि प्रभूती गविपः स्वापी । वृणीमहे संख्याय प्रियाय शूरा मंहिष्ठा पितरेव शम्भू ॥सात ता वां धियोऽवसे वाजयन्तीराजि न जग्मुर्यु वयः सुदानू । येन गाव उप सोममस्थुरिन्द्रं गिरो वरुणं मे मनीपाः ॥आठ इमा इन्द्र वरुणं मे मनीषा अग्मन्नुप द्रविणमिच्छमाना । उपेमस्युजष्टार इव वस्वो रध्वीरिक श्रम भिक्षमाणाः ॥ अव्यस्य त्मना नथ्यस्य पुष्टेनित्यस्य राय. पतयः स्याम । ता चक्रारणा ऊतिभिनंव्यसीभिरस्मना रायो नियुतः सचन्ताम् ।।दस श्रा नो बृहन्ता वृहतीभिरुती इन्द्र यातं वरुण वाजसातो । यद्द्धिव पृतनामु प्रक्रोळान्तस्य वा स्याम सनितार, आजे. ॥ग्यारह एक सौ सोलह है इन्द्र और वरण । रात्रि काल में तुम दोनों अपने रक्षा-साधनों से पूर्ण होकर शत्रुओं का संहार करने के लिए चल दो, जिससे हम संतानादि धन एवं उर्वरा रथिनी को पा सकें और श्रायु पर्यंत सूर्य के दर्शन करते रहें ॥ छः ॥ है इन्द्रचरण ! गाय की कामना करने वाले हम, तुमसे, हमारे प्राचीन काल से चले था रहे पोषण-सामथ्र्य की याचना करते हैं। तुम दोनों ही सब कार्यो के करने में समर्थ, मित्र रूप और यन्त पूजनीय हो। तुम दोनों से हम पुत्र को सुख देने वाले पिता के समान थप्यन्त स्नेह प्रदान करने की याचना करते ।। सात । हे इन्द्रावरुण । तुम दोनों देवता सुन्दर फल प्रदान करने वाले हो । जैसे वीर पुरप युद्ध की इच्छा करते रहते हैं, वैसे ही हमारी स्तुतियाँ रत्नादि धन की अभिलाषा में रक्षा प्राप्ति के निमित्त तुम्हारे पास जाती है। जैसे गो दूध दही आदि सुन्दर पदार्थों के निमित्त सोमके पास रहती हैं, वैसे ही हमारी हार्दिक प्रार्थनाऐ इन्द्र के पास पहुँचती है ॥आठ॥ जैसे सेवकराय धन के निमित्त धनिकों की सेवा करने को जाते है, वैसे ही हमारी स्तुतियों धन की कामना करती हुई इन्द्र और वरुण के पास जानें। ये स्तुतियाँ धन्न की भीख माँगने वाली मिसारिनों के समान इन्द्र के पास पहुँचें ॥ एक ॥ से इन्द्रावरण दोनों देवता गमनशील है । अपने अभिनय रखा-साधनों महित हमारे सामने अश्वादि पशु एवं धन सम्पादित करें। सर हम बिना प्रयत्न किए ही घोड़ों, स्यों बलों और स्थिर धर्मों के प्रवीश्वर होंगे ॥ दस॥ है इन्द्रावरण ! तुम महान् हो । तुम अपने महान् रक्षा-साधनों सहित ग्रायो । घद्य-माप्ति वाले जिम संग्राम में शत्रु सेना के हथियार घात करते हैं, उस संग्राम में हम साधकमय तुम दोनों देवताओं की कृपा से विजय प्राप्त करें ॥ तेरह ॥ बयालीस मुक्त मम द्विता राष्ट्र क्षत्रियस्य विश्वायोविश्व अमृता यथा नः । ऋतु सचन्ते वरुणस्य देवा राजामि कृष्ट रुपमस्य वव्रेोः ॥एक यहं राजा वरुणो मह्यं तान्यसुर्यारिण प्रथमा धारयन्त । ऋतु सचन्ते वरुणस्य देवा राजामि कृष्टेरुपमस्य वत्र : ॥दो अहमिन्द्रो वरुणस्ते महत्वोर्वी गभीरे रजसी सुमेके । त्वष्टेव विश्वा भुवनानि विद्वान्त्समैरयं रोदसी धारयं च । तीन मारणा धारयं दिवं सदन ऋतस्य । ऋऋतेन पुत्रो नदि तावोत त्रिधातु प्रथयद्वि भूम ॥चार मां नरः स्वश्वा वाजयन्तो मां वृताः समरणे हवन्ते । कृणोम्याजि मघवाहमिन्द्र इयम रेणुमभिभूत्योजाः ।।पाँच एक सौ सत्रह मनुष्यों के हम स्वामी हैं। हमारा राष्ट्र दो प्रकार का है। जैसे सब देवता हमारे हैं, वैसे ही सम्पूर्ण प्रजाजन भी हमारे ही हैं। हम सुन्दर रूप वाले एवं वरुण के समान यशस्वी हैं। देवता हमारे यज्ञ की रक्षा करते हैं ॥ एक ॥ हम वरुण तेजस्वी राजा हैं। देवता हमारे निमित्त ही राक्षसों का संहार करने वाला पराक्रम धारण करते हैं । हम सुन्दर रूप वाले वरुण श्रन्तकस्य हैं । हमारे यज्ञ की देवता रक्षा करते हैं और इस मनुष्यों के भी स्वामी हैं ॥ दो ॥ हम इन्द्र और वरुण हैं। महत्व के कारण विशालता को प्राप्त, सुन्दर रूप वाले श्राकाश और पृथिवी भी हम हैं। हम प्राणीमात्र को प्रजापति के समान प्रेरणा देने वाले हैं हम श्राकाश औौर पृथिवी के धारण करने वाले तथा प्रज्ञावान् हैं ।। तीन ।। हमने ही वृष्टिरूप जल को सींचा है। सूर्य के श्राश्रय स्थान श्राकाश को हमने ही धारण किया है। हम अदिति पुत्र जलके निमित्त यज्ञवान् हुए हैं। हमने ही व्यापक शाकाश को तीन लोकों के रूप में परिवर्तित किया है ॥ एक ॥ युद्ध में नेतृत्व करने वाले, सुन्दर श्ववान् वीर हमारे ही पीछे चलते हैं। वे सब संकल्पान हुए युद्ध में इसको ही बुलावे है । हम ऐश्वर्यशाली इन्द्र के रूप में युद्ध करते हैं। हम शत्रु को हराने वाले • बल से परिपूर्ण हैं । हमारे प्रबल वेग से युद्धम्थल में धूल उदकर आकाश में छा जाती है ॥ एक ॥ ग्रहं ता विश्वा चवरं नकिर्मा दैव्यं सहो वरते श्रप्रतीतम् । यन्मा सोमासा ममदन्यदुक्थोमे भयेते रजसो अपारे ।।छः विदुष्टै विश्वा भुवनानि तस्य ता प्र वोषि वरुणाय वेध. । त्वं वृत्राणि शृष्विपे जघन्वात्वं वृत्त रिा इन्द्र सिन्धून् ॥सात अस्माकमन पितरस्त मन्त्सप्त ऋपयो दोगंहे बध्यमाने । त श्रायजन्त त्रसदस्युमस्या इन्द्र न वृत्रतुरमधंदेवम् ॥आठ पुरुषुत्सानी हि वामदाशद्धव्येभिरिन्द्रावरणा नमोभिः । या राजानं त्रसदस्यमस्या वृत्रहरणं ददथुरधंदेवम् ॥छः राया वयं ससवासो मदेम हव्येन देवा यवसेन गाव । ता घेनुमिन्द्रावरुणा युवं नो विश्वाहा धत्तमनपस्फुरन्तीम् ॥दस एक सौ अट्ठारह हम दिव्य वल से परिपूर्ण हैं । हमको हमारे कार्यो से कोई नहीं रोक सकता। हमने उन सब कार्यों को पूर्ण किया है। जब सोम-रस और वो हमको पुष्ट करते है तब हमारे बल को देखकर विशाल आकाश और भूमंडल दोनों ही चलायमान हो जाते हैं ॥ छः ॥ हे वरुप ! तुम्हारे कार्य को सभी प्राणी जानते हैं। हे स्तुति करने वालो ! चरण की स्तुति परो । हे इन्द्र ! तुमने शत्रुथी का संहार किया है तुम्हारे इस कर्म को सभी जानते है। तुमने रको हुई नदियों को भी छोड़ा-मराहित किया है ॥ सात ॥ "पुस्कुरम" के बन्धन में पढ़ने पर सहर्षि ने इस पृथिवी का पालन किया था । उन्होंने इन्द्रावरण की कृपा से रस की पत्नी के निमित्त यज्ञ किया और "श्रमदस्यु" को प्राप्त किया था। वह वसदस्यु इन्द्र के समान शत्रुघ्रो का नाशक हुआ और वह थ देव का भी अधिकारी हुआ ॥आठ॥ इन्द्रा हे यस्य ! ऋऋषि के प्रेरणा से "पुस्कुरस" की भार्या ने तुम दोनों की हनिरसन और स्तुतियों द्वारा प्रसन्न किया । फिर तुम दोनों ने उसे देवत्व प्राप्त शत्रुत्रों का नाश करने वाले त्रसदस्यु को प्रदान किया ॥ एक ॥ तुम दोनों की स्तुति करके हम धन प्राप्त कर संतुष्ट होंगे । देवता हविरन्न से तथा गायें तृणादि से तृप्ति को प्राप्त होती हैं । हे इन्द्रावरुण ! तुम दोनों विश्व के उत्पत्ति औौर संहारकर्ता हो । हमको स्थिर धन प्रदान करो ॥ दस ॥ तैंतालीस सूक्त क उ श्रवकतमो यज्ञियानां वन्दारु देवः कतमो जुषाते । कस्येमां देवीममृतेषु पेष्ठां हृदि श्रेपाम सुष्टुति सुहव्याम् ॥ एक को मृळाति कतम आगमिष्ठो देवानामु कतमः शम्भविष्ठः । । रथं कमाहुर्द्रवदश्वमाशुं यं सूर्यस्य दुहितावृरगीत ॥दो मक्षू हि ष्मा गच्छथ ईवतो यूनिन्द्रां न शक्ति परितक्म्यायाम् । दिव भ्राजाता दिव्या सुपरर्गा कया शचीनां भवथः शविष्ठा ।।तीन का वां भूदुपमातिः कया न आश्विना गमथो हूयमाना । को वां महश्वित्त्यजसो अभीक उरुप्यतं माध्वी दस्रा न ऊती ॥चार उरु वां रथः परि न॑क्षति द्यामा यत्समुद्रादभि वर्तते वाम् । मध्वा माध्वी मधु वां प्रुषायन्यत्सीं वां वृक्षो भुरजन्त पत्रवाः ।।पाँचसिन्धुर्ह वां रसया सिञ्चदश्वान्घृरणा वयोऽरुपासः परि ग्मन् । तदू षु वामंजिरं चेति यानं येन पती भवथः सूर्यायाः ॥छः इहेह यद्वां समना पक्षे सेयमस्मे सुमतिर्वाजरेत्ता । उरुष्यतं जरितागं युवं ह श्रितः कामो नासत्या युवद्रिक् ।। सात ।सोलह यज्ञ के देवताओं में कौनसे देवता इस स्तुति को सुनेंगे ? कौन से देवता इस पूजा के योग्य स्तोत्र को ग्रहण करेंगे ? देवताओंों में ऐसे किस देवता को हम अपनी स्नेहमयी, उज्ज्वल, हविरन वाली सुन्दर स्तुति को सुनायें जो इसके अधिकारी हों ।। एक ।। हमको कौनसे देवता सुख प्रदान
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कार्तिक आर्यन की साल की सबसे बड़ी फैमिली एंटरटेनर 'शहजादा' का ट्रेलर लार्जर दैन लाइफ तरीके से हाल ही में लॉन्च किया गया। फैंस पागल हो गए और सोशल मीडिया पर लहरें पैदा कर दी कि ट्रेलर कितना शानदार है। इस बड़ी फिल्म का क्रेज इस कदर है कि ट्रेलर ने यूट्यूब पर 5 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है।
ट्रेलर सिर्फ दर्शकों के लिए एक पीस है। फिल्म की रिलीज से पहले ही, शहजादा को बॉक्स ऑफिस पर हिट घोषित कर दिया गया है और कार्तिक आर्यन को पहले ही बॉलीवुड का शहजादा घोषित कर दिया गया है। कार्तिक आर्यन और कृति सेनन की सुपरहिट जोड़ी दर्शकों के लिए आकर्षण का काम करती है।
ट्रेलर का जश्न अभी भी जोरों पर है, क्योंकि शहजादा, कार्तिक आर्यन और कृति सेनन जालंधर में प्रशंसकों के साथ लोहड़ी मना रहे हैं और कच्छ के रण में मकर संक्रांति, पतंग का त्योहार मनाएंगे।
शहजादा का निर्देशन रोहित धवन ने किया है, जिसमें कार्तिक आर्यन, कृति सेनन, मनीषा कोइराला, परेश रावल, रोनित रॉय, सचिन खेडेकर ने अभिनय किया है, प्रीतम द्वारा संगीत दिया गया है। भूषण कुमार, अल्लू अरविंद, अमन गिल और कार्तिक आर्यन द्वारा फिल्म का निर्माण किया गया है। यह फिल्म 10 फरवरी 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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कार्तिक आर्यन की साल की सबसे बड़ी फैमिली एंटरटेनर 'शहजादा' का ट्रेलर लार्जर दैन लाइफ तरीके से हाल ही में लॉन्च किया गया। फैंस पागल हो गए और सोशल मीडिया पर लहरें पैदा कर दी कि ट्रेलर कितना शानदार है। इस बड़ी फिल्म का क्रेज इस कदर है कि ट्रेलर ने यूट्यूब पर पाँच करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। ट्रेलर सिर्फ दर्शकों के लिए एक पीस है। फिल्म की रिलीज से पहले ही, शहजादा को बॉक्स ऑफिस पर हिट घोषित कर दिया गया है और कार्तिक आर्यन को पहले ही बॉलीवुड का शहजादा घोषित कर दिया गया है। कार्तिक आर्यन और कृति सेनन की सुपरहिट जोड़ी दर्शकों के लिए आकर्षण का काम करती है। ट्रेलर का जश्न अभी भी जोरों पर है, क्योंकि शहजादा, कार्तिक आर्यन और कृति सेनन जालंधर में प्रशंसकों के साथ लोहड़ी मना रहे हैं और कच्छ के रण में मकर संक्रांति, पतंग का त्योहार मनाएंगे। शहजादा का निर्देशन रोहित धवन ने किया है, जिसमें कार्तिक आर्यन, कृति सेनन, मनीषा कोइराला, परेश रावल, रोनित रॉय, सचिन खेडेकर ने अभिनय किया है, प्रीतम द्वारा संगीत दिया गया है। भूषण कुमार, अल्लू अरविंद, अमन गिल और कार्तिक आर्यन द्वारा फिल्म का निर्माण किया गया है। यह फिल्म दस फरवरी दो हज़ार तेईस को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। अग्निपथ योजना के विरोध को लेकर सागर पुलिस अलर्ट रही। इंटरनेट मीडिया पर भारत बंद को लेकर चलने वाले मैसेज पर भी सख्त नजर रखी। निगरानी के दौरान कोतवाली थाना पुलिस को मुखिबर से सूचना मिली की कुछ युवक इंटनरेट मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और मैसेज कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की गई भ्रामण पोस्टों की निगरानी की गई। चिंहित करने के बाद इस आईडी यूजर की साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर कार्रवाई के लिए रवाना हुई। टीम ने कार्रवाई करते हुए सूबेदार वार्ड भरका ईटभट्टा के पास से दो युवकों को मोबाइल के साथ पकड़ा। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने 20 वर्षीय ब्रजेश व दूसरे ने जयदीप बताया। पुलिस ने दोनों के मोबाइल जब्त किए और मोबाइलों की जांच की तो सामने आया कि ब्रजेश ने अपनी इंस्ट्राग्राम आईडी पर 20 जून को महा आंदोलन में आने की अपील और अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया का विरोध करने संबंधी पोस्ट डाली थी। वहीं जयदीप ने अपने वाट्सएप नंबर पर स्टेटस लगाया था। साथ ही अन्य लोगों को वाट्सएप पर मैसेज भेजा था। मामले में पुलिस दोनों युवकों को लेकर थाने पहुंची। जहां उनके खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
सागर नगर सहित जिले में सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं पर भी पुलिस की नजर रही। कैंट क्षेत्र के ग्राउंड में युवाओं को ट्रेनिंग देने वाले प्रशिक्षक को पुलिस ने थाने में दो से तीन बार बुलाया। इसके बाद भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं से संपर्क सााधा गया। जहां इन युवाओं ने किसी भी तरह से भारत बंद में समर्थन देने व आंदोलन से इनकार किया। पुलिस इनकी बात से सहमत नजर आई।
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सागर । अग्निपथ योजना के विरोध को लेकर सागर पुलिस अलर्ट रही। इंटरनेट मीडिया पर भारत बंद को लेकर चलने वाले मैसेज पर भी सख्त नजर रखी। निगरानी के दौरान कोतवाली थाना पुलिस को मुखिबर से सूचना मिली की कुछ युवक इंटनरेट मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और मैसेज कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की गई भ्रामण पोस्टों की निगरानी की गई। चिंहित करने के बाद इस आईडी यूजर की साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर कार्रवाई के लिए रवाना हुई। टीम ने कार्रवाई करते हुए सूबेदार वार्ड भरका ईटभट्टा के पास से दो युवकों को मोबाइल के साथ पकड़ा। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने बीस वर्षीय ब्रजेश व दूसरे ने जयदीप बताया। पुलिस ने दोनों के मोबाइल जब्त किए और मोबाइलों की जांच की तो सामने आया कि ब्रजेश ने अपनी इंस्ट्राग्राम आईडी पर बीस जून को महा आंदोलन में आने की अपील और अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया का विरोध करने संबंधी पोस्ट डाली थी। वहीं जयदीप ने अपने वाट्सएप नंबर पर स्टेटस लगाया था। साथ ही अन्य लोगों को वाट्सएप पर मैसेज भेजा था। मामले में पुलिस दोनों युवकों को लेकर थाने पहुंची। जहां उनके खिलाफ धारा एक सौ चौंतालीस का उल्लंघन करने पर धारा एक सौ अठासी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। सागर नगर सहित जिले में सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं पर भी पुलिस की नजर रही। कैंट क्षेत्र के ग्राउंड में युवाओं को ट्रेनिंग देने वाले प्रशिक्षक को पुलिस ने थाने में दो से तीन बार बुलाया। इसके बाद भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं से संपर्क सााधा गया। जहां इन युवाओं ने किसी भी तरह से भारत बंद में समर्थन देने व आंदोलन से इनकार किया। पुलिस इनकी बात से सहमत नजर आई।
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DEHRADUN : राजधानी में बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना कोई मुसीबत मोल लेने जैसा काम साबित हो रहा है। क्योंकि एक बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लोगों को कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई बार तो महीनों तक सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है। इस कारण लोगों के जरूरी काम अटके पड़े हैं।
देहराखास, टीएचडीसी कॉलोनी में रह रही वंदना को अपनी बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पिछले दिनों नगर निगम के कई चक्कर काटने पड़े। सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट फॉर्म लेने के लिए उन्हें दो दिन नगर निगम आना पड़ा। लंबी लाइन में लगकर फॉर्म तो मिला, लेकिन इसके बाद फॉर्म में क्या डॉक्यूमेंट सबमिट करने हैं इसकी जानकारी उन्हें किसी कर्मचारी ने नहीं दी। बेटी घर में पैदा हुई थी इस वजह से जन्म का कोई लिखित दस्तावेज उनके पास नहीं था। इस कारण सर्टिफिकेट बनवाने में उनके कुछ दिन ऐसे ही लटक गए।
इसके बाद ऐफीडेविट लगवा गया तो फॉर्म जमा हो पाया। तमाम दस्तावेज लगाने के बाद भी सर्टिफिकेट की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई, जिसके बाद आलाधिकारियों के चक्कर भी लगाने पड़े। बाद में समस्या को दस्तावेजों से अलग अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद प्रक्रिया को हवा मिली। इस दौरान उन्हें सर्टिफिकेट बनवाने में उन्हें दो महीने का समय लगा।
-बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले नगर निगम जाकर फॉर्म नंबर क् भरा जाता है।
-फॉर्म भरने के बाद उसमें जरूरी दस्तावेज संलग्न किए जाते हैं।
-दस्तावेज के तहत बच्चे के जन्म का लिखित प्रमाण देना होना है।
- इसके तहत जन्म के समय जिस हॉस्पिटल में बच्चा पैदा हुआ है वहां की कोई पर्ची।
-बच्चा घर पर पैदा हुआ है तो उस दौरान बच्चे को लगाए गए टीके के तहत डॉक्टर द्वारा दी गई पर्ची आदि।
-इसके अलावा एड्रेस प्रूफ के तौर पर राशन कार्ड, डीएल, बिजली का बिल, मतदाता पहचान पत्र आदि जरूरी दस्तावेज फॉर्म के साथ संलग्न किए जा सकते हैं।
फॉर्म भरने और उसके साथ मांगे गए जरूरी दस्तावेज संलग्न करने के साथ जन्म सर्टिफिकेट काउंटर पर जमा करना होता है। इसके बाद क्लर्क फॉर्म को नगर स्वास्थ्य अधिकारी तक पहुंचाता है। जरूरी जांच की कार्रवाई पूरी होने के बाद इसका डाटा वहां कंप्यूटर में फीड किया जाता है और फिर सर्टिफिकेट दे दिया जाता है। सर्टिफिकेट वैसे फ् दिन में बन जाता है, लेकिन अगर कई वर्षो बाद बर्थ सर्टिफिकेट बनवा रहे थे तो जांच आदि कार्रवाई में महीनों भी लग जाते हैं।
-जन्म के दौरान ख्क् दिन में आवेदन करने पर कोई फीस नहीं ली जाती है।
-फ्क् दिन से क् साल के बीच आवेदन करने पर म्भ् रुपए फीस और एफीडेविट और एसडीएम की रिपोर्ट साथ में लगती है।
डेथ सर्टिफिकेट का भी यही प्रॉसेस है। सिर्फ इसमें फॉर्म नंबर ख् भरना पड़ता है और फॉर्म में दी गई फॉर्मेलिटीज पूरी करनी होती है। राजधानी में नगर निगम में सिर्फ एक ही कंप्यूटर पर यहा डाटा फीड रहता है। हर महीने यहां ख्00 डेथ सर्टिफिकेट और करीब ख्फ्00 बर्थ सर्टिफिकेट के मामले पहुंचते हैं।
जो लोग ख्क् दिन के अंदर आवेदन कर देते हैं उनका सर्टिफिकेट आसानी से बन जाता है, लेकिन ज्यादातर लोग जरूरत पड़ने पर ही सर्टिफिकेट बनवाने आते हैं जिसके चलते जांच आदि कार्यो में समय लग जाता है। इसके कारण कई बार उन्हें चक्कर भी काटने पड़ते हैं। समय पर सर्टिफिकेट बनवा लेना चाहिए।
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DEHRADUN : राजधानी में बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना कोई मुसीबत मोल लेने जैसा काम साबित हो रहा है। क्योंकि एक बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लोगों को कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई बार तो महीनों तक सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है। इस कारण लोगों के जरूरी काम अटके पड़े हैं। देहराखास, टीएचडीसी कॉलोनी में रह रही वंदना को अपनी बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पिछले दिनों नगर निगम के कई चक्कर काटने पड़े। सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट फॉर्म लेने के लिए उन्हें दो दिन नगर निगम आना पड़ा। लंबी लाइन में लगकर फॉर्म तो मिला, लेकिन इसके बाद फॉर्म में क्या डॉक्यूमेंट सबमिट करने हैं इसकी जानकारी उन्हें किसी कर्मचारी ने नहीं दी। बेटी घर में पैदा हुई थी इस वजह से जन्म का कोई लिखित दस्तावेज उनके पास नहीं था। इस कारण सर्टिफिकेट बनवाने में उनके कुछ दिन ऐसे ही लटक गए। इसके बाद ऐफीडेविट लगवा गया तो फॉर्म जमा हो पाया। तमाम दस्तावेज लगाने के बाद भी सर्टिफिकेट की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई, जिसके बाद आलाधिकारियों के चक्कर भी लगाने पड़े। बाद में समस्या को दस्तावेजों से अलग अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद प्रक्रिया को हवा मिली। इस दौरान उन्हें सर्टिफिकेट बनवाने में उन्हें दो महीने का समय लगा। -बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले नगर निगम जाकर फॉर्म नंबर क् भरा जाता है। -फॉर्म भरने के बाद उसमें जरूरी दस्तावेज संलग्न किए जाते हैं। -दस्तावेज के तहत बच्चे के जन्म का लिखित प्रमाण देना होना है। - इसके तहत जन्म के समय जिस हॉस्पिटल में बच्चा पैदा हुआ है वहां की कोई पर्ची। -बच्चा घर पर पैदा हुआ है तो उस दौरान बच्चे को लगाए गए टीके के तहत डॉक्टर द्वारा दी गई पर्ची आदि। -इसके अलावा एड्रेस प्रूफ के तौर पर राशन कार्ड, डीएल, बिजली का बिल, मतदाता पहचान पत्र आदि जरूरी दस्तावेज फॉर्म के साथ संलग्न किए जा सकते हैं। फॉर्म भरने और उसके साथ मांगे गए जरूरी दस्तावेज संलग्न करने के साथ जन्म सर्टिफिकेट काउंटर पर जमा करना होता है। इसके बाद क्लर्क फॉर्म को नगर स्वास्थ्य अधिकारी तक पहुंचाता है। जरूरी जांच की कार्रवाई पूरी होने के बाद इसका डाटा वहां कंप्यूटर में फीड किया जाता है और फिर सर्टिफिकेट दे दिया जाता है। सर्टिफिकेट वैसे फ् दिन में बन जाता है, लेकिन अगर कई वर्षो बाद बर्थ सर्टिफिकेट बनवा रहे थे तो जांच आदि कार्रवाई में महीनों भी लग जाते हैं। -जन्म के दौरान ख्क् दिन में आवेदन करने पर कोई फीस नहीं ली जाती है। -फ्क् दिन से क् साल के बीच आवेदन करने पर म्भ् रुपए फीस और एफीडेविट और एसडीएम की रिपोर्ट साथ में लगती है। डेथ सर्टिफिकेट का भी यही प्रॉसेस है। सिर्फ इसमें फॉर्म नंबर ख् भरना पड़ता है और फॉर्म में दी गई फॉर्मेलिटीज पूरी करनी होती है। राजधानी में नगर निगम में सिर्फ एक ही कंप्यूटर पर यहा डाटा फीड रहता है। हर महीने यहां ख्शून्य डेथ सर्टिफिकेट और करीब ख्फ्शून्य बर्थ सर्टिफिकेट के मामले पहुंचते हैं। जो लोग ख्क् दिन के अंदर आवेदन कर देते हैं उनका सर्टिफिकेट आसानी से बन जाता है, लेकिन ज्यादातर लोग जरूरत पड़ने पर ही सर्टिफिकेट बनवाने आते हैं जिसके चलते जांच आदि कार्यो में समय लग जाता है। इसके कारण कई बार उन्हें चक्कर भी काटने पड़ते हैं। समय पर सर्टिफिकेट बनवा लेना चाहिए।
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लाहौर : लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद ने एक बार फिर भारत पर हमला बोला है. मुंबई हमलों और भारत में कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले हाफिज सईद ने शरीफ सरकार से कहा है कि वह भारत के साथ दोस्ती से परहेज करे. आतंकी सरगना ने भारत पर आरोप लगाया कि वहां की सेना कश्मीर में अत्याचार कर रही है.
हाफिज ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वह कश्मीरियों की समस्या का समाधान करे न कि भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाए. हाफिज ने कहा कि कश्मीर में मासूमों का खून बहाया जा रहा है इसलिए बेहतर होगा कि पाकिस्तान की सरकार उन लोगों का साथ दे. इस दौरान सईद ने कहा कि हम कश्मीरी लोगों के साथ खड़े हैं. हम कश्मीर की आजादी के मुहिम का पूरी तरह समर्थन करते हैं.
हाफिज सईद ने भारत की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए थे और कहा था कि बीजेपी वर्ष 1947 के नरसंहार की तर्ज पर जम्मू कश्मीर के नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है. हाजिफ सईद ने रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया और उनकी तुलना सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोरबाचेव से कर डाली थी.
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लाहौर : लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद ने एक बार फिर भारत पर हमला बोला है. मुंबई हमलों और भारत में कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले हाफिज सईद ने शरीफ सरकार से कहा है कि वह भारत के साथ दोस्ती से परहेज करे. आतंकी सरगना ने भारत पर आरोप लगाया कि वहां की सेना कश्मीर में अत्याचार कर रही है. हाफिज ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वह कश्मीरियों की समस्या का समाधान करे न कि भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाए. हाफिज ने कहा कि कश्मीर में मासूमों का खून बहाया जा रहा है इसलिए बेहतर होगा कि पाकिस्तान की सरकार उन लोगों का साथ दे. इस दौरान सईद ने कहा कि हम कश्मीरी लोगों के साथ खड़े हैं. हम कश्मीर की आजादी के मुहिम का पूरी तरह समर्थन करते हैं. हाफिज सईद ने भारत की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए थे और कहा था कि बीजेपी वर्ष एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस के नरसंहार की तर्ज पर जम्मू कश्मीर के नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है. हाजिफ सईद ने रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया और उनकी तुलना सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोरबाचेव से कर डाली थी.
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DEHRADUN : फर्स्ट प्रेसीडेंट कप ख्0क्भ् का फाइनल मैच एचसीए और यूके टाइगर के बीच खेला जाएगा। फ्राइडे को खेले गए सेमीफाइनल मैचों में दोनों टीमों ने जीत दर्ज की। कशिगा ग्राउंड पर पहले सेमीफाइनल मुकाबले में एचसीए ने हेल्थ इलेवन को क्7 रन से हराया। एचसीए ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए क्भ् ओवर में क्क्फ् रन बनाए। ओपनर विजय सिंह ने ब्ब् बॉल में भ्9 रन की कप्तानी पारी खेली। इसके अलावा वरुण ने नॉटआउट क्भ् रन बनाए। जवाब में हेल्थ इलेवन की टीम निर्धारित ओवर में 9म् रन पर सिमट गई।
दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला यूके टाइगर और जाखन इलेवन के बीच खेला गया। यूके टाइगर ने पहले बैटिंग करते हुए क्भ् ओवर में 8फ् रन बनाए। अरविंद ने क्क् बॉल में क्9 रन और दुर्गा ने क्8 रन बनाए। जबकि अंशुल ने 9वें स्थान पर बैटिंग करते हुए 8 बॉल में क्0 रन की नॉट आउट पारी खेली। इसके अलावा अभय ने नॉट आउट क् रन बनाए। जवाब में जाखन इलेवन की टीम निर्धारित ओवर में 78 रन ऑल आउट होकर महज भ् रन से मैच हार गई। जाखन इलेवन की ओर से गौरव ने क्8 और सुमित ने क्फ् रन बनाए। यूके टाइगर के लिए धर्मेन्द्र ने फ् ओवर में क्क् रन देकर फ् विकेट चटकाए। इसके अलावा अंकित, मुकेश और गोपाल ने एक-एक विकेट लिया।
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DEHRADUN : फर्स्ट प्रेसीडेंट कप ख्शून्यक्भ् का फाइनल मैच एचसीए और यूके टाइगर के बीच खेला जाएगा। फ्राइडे को खेले गए सेमीफाइनल मैचों में दोनों टीमों ने जीत दर्ज की। कशिगा ग्राउंड पर पहले सेमीफाइनल मुकाबले में एचसीए ने हेल्थ इलेवन को क्सात रन से हराया। एचसीए ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए क्भ् ओवर में क्क्फ् रन बनाए। ओपनर विजय सिंह ने ब्ब् बॉल में भ्नौ रन की कप्तानी पारी खेली। इसके अलावा वरुण ने नॉटआउट क्भ् रन बनाए। जवाब में हेल्थ इलेवन की टीम निर्धारित ओवर में नौम् रन पर सिमट गई। दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला यूके टाइगर और जाखन इलेवन के बीच खेला गया। यूके टाइगर ने पहले बैटिंग करते हुए क्भ् ओवर में आठफ् रन बनाए। अरविंद ने क्क् बॉल में क्नौ रन और दुर्गा ने क्आठ रन बनाए। जबकि अंशुल ने नौवें स्थान पर बैटिंग करते हुए आठ बॉल में क्शून्य रन की नॉट आउट पारी खेली। इसके अलावा अभय ने नॉट आउट क् रन बनाए। जवाब में जाखन इलेवन की टीम निर्धारित ओवर में अठहत्तर रन ऑल आउट होकर महज भ् रन से मैच हार गई। जाखन इलेवन की ओर से गौरव ने क्आठ और सुमित ने क्फ् रन बनाए। यूके टाइगर के लिए धर्मेन्द्र ने फ् ओवर में क्क् रन देकर फ् विकेट चटकाए। इसके अलावा अंकित, मुकेश और गोपाल ने एक-एक विकेट लिया।
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जाने लगे और समाज मेवा, सामुदायिक जीवन-नापन, सास्कृतिक और मनोरजन कार्यक्रम, आदि शुरू किए जाए, जिनमे न तो ज्यादा खर्च हो और न बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह प्रशिक्षित शिक्षको की आवश्यकता ही पडे। विद्यालयो को इस नई पद्धति के अनुकूल ढालने की प्रक्रिया तीसरी योजना के शुरू के दौर में ही पूरी करने के ख्याल से यह विचार किया गया है कि इस काम के लिए आवश्यक सरल उपकरण विद्यालयों को दिए जाए और जिन अध्यापको को बुनियादी शिक्षा का प्रशिक्षण नहीं मिला, उनके लिए सक्षिप्त विपयज्ञान-पाठ्यक्रमों की व्यवस्था की जाए।
बुनियादी और अन्य विद्यालयो के लिए प्रशिक्षित शिक्षक
20 बुनियादी शिक्षा के प्रसार के लिए जो उपाय किए जा रहे हैं, उनमे शायद सबसे महत्वपूर्ण यह है कि बुनियादी विद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए अधिक सुविधाए प्रदान की जाए और मौजूदा प्रशिक्षण केन्द्रो को बुनियादी पद्धति के अनुरूप पुनस्मगठित किया जाए। दूसरी योजना के अन्त में, 1,307 मस्याओं में प्रारम्भिक विद्यालय शिक्षको को प्रशिक्षण मिल रहा था। इन सस्थाओं में से लगभग 70 प्रतिशत बुनियादी पद्धति के अनुसार ढाली जा चुकी है। तीसरी योजना के अन्त तक प्रशिक्षण संस्थाओं की संख्या बढ़ कर 1, 424 हो जाएगी और ये सभी बुनियादी पद्धति के अनुसार प्रशिक्षण देंगी। इनमें लगभग 2 लाख शिक्षको को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि सन् 1960-61 में 1,35,000 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था। जिन शिक्षको को बुनियादी शिक्षा का प्रशिक्षण नहीं मिला है, उनके लिए बुनियादी शिक्षा के सरल पहलुओं के प्रशिक्षण के अल्पकालीन पाठ्यक्रमों को व्यवस्था की जाएगी ।
अधिकतर राज्यों में प्रारम्भिक विद्यालय - शिक्षको को प्रशिक्षण अवधि वढा कर दो साल कर देने का विचार है, ताकि पाठ्यक्रम और पद्धतियो, दोनो को ही दृष्टि में ज्यादा पुख्ता काम हो सके। आसपास के विद्यालयों में पढाई का स्तर ऊंचा करने के ख्याल से कई प्रशिक्षण विद्यालयो में विस्तार विभाग स्थापित किए जाएंगे। दूसरी योजना के अन्तिम दौर में 276 नई प्रशिक्षण संस्थाओं की स्थापना की गई, ताकि तीसरी योजना में सार्वजनिक प्राथमिक शिक्षा शुरू करने के लिए तैयारिया की जा सकें। राज्यों के कार्यक्रमो में इन और अन्य संस्थाओं के लिए साज-सामान, भवन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्थ की गई है ।
दुनियादी शिक्षा के प्रसार को मीमित रखनेवाला एक कारण यह है कि अधिकतर उसे देहाती क्षेत्रो में बाघ कर रखा गया है । अत विचार है कि नगरो में प्रयोग के तौर पर कुछ बुनियादी विद्यालय खोले जाए, ताकि नगरों में बुनियादी विद्यालयो की समस्याओ को भलोभाति समझा जा सके और प्रशिक्षण कालेजो के सहयोग से उनके लिए समाधान खोजे जा सके ।
सामुदायिक प्रयत्न
21 कुछ कार्यक्रमों के लिए यह आवश्यक है कि राज्यो की योजनाओ में जो व्यवस्था की गई हो, उसको परिपूर्ति स्थानीय सामुदायिक प्रयत्न द्वारा की जाए। मिनाल के तौर पर, ये कार्यक्रम लिए जा सकते है भरती-आन्दोलनो का श्रायोजन, लडकियो को
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जाने लगे और समाज मेवा, सामुदायिक जीवन-नापन, सास्कृतिक और मनोरजन कार्यक्रम, आदि शुरू किए जाए, जिनमे न तो ज्यादा खर्च हो और न बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह प्रशिक्षित शिक्षको की आवश्यकता ही पडे। विद्यालयो को इस नई पद्धति के अनुकूल ढालने की प्रक्रिया तीसरी योजना के शुरू के दौर में ही पूरी करने के ख्याल से यह विचार किया गया है कि इस काम के लिए आवश्यक सरल उपकरण विद्यालयों को दिए जाए और जिन अध्यापको को बुनियादी शिक्षा का प्रशिक्षण नहीं मिला, उनके लिए सक्षिप्त विपयज्ञान-पाठ्यक्रमों की व्यवस्था की जाए। बुनियादी और अन्य विद्यालयो के लिए प्रशिक्षित शिक्षक बीस बुनियादी शिक्षा के प्रसार के लिए जो उपाय किए जा रहे हैं, उनमे शायद सबसे महत्वपूर्ण यह है कि बुनियादी विद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए अधिक सुविधाए प्रदान की जाए और मौजूदा प्रशिक्षण केन्द्रो को बुनियादी पद्धति के अनुरूप पुनस्मगठित किया जाए। दूसरी योजना के अन्त में, एक,तीन सौ सात मस्याओं में प्रारम्भिक विद्यालय शिक्षको को प्रशिक्षण मिल रहा था। इन सस्थाओं में से लगभग सत्तर प्रतिशत बुनियादी पद्धति के अनुसार ढाली जा चुकी है। तीसरी योजना के अन्त तक प्रशिक्षण संस्थाओं की संख्या बढ़ कर एक, चार सौ चौबीस हो जाएगी और ये सभी बुनियादी पद्धति के अनुसार प्रशिक्षण देंगी। इनमें लगभग दो लाख शिक्षको को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि सन् एक हज़ार नौ सौ साठ-इकसठ में एक,पैंतीस,शून्य शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था। जिन शिक्षको को बुनियादी शिक्षा का प्रशिक्षण नहीं मिला है, उनके लिए बुनियादी शिक्षा के सरल पहलुओं के प्रशिक्षण के अल्पकालीन पाठ्यक्रमों को व्यवस्था की जाएगी । अधिकतर राज्यों में प्रारम्भिक विद्यालय - शिक्षको को प्रशिक्षण अवधि वढा कर दो साल कर देने का विचार है, ताकि पाठ्यक्रम और पद्धतियो, दोनो को ही दृष्टि में ज्यादा पुख्ता काम हो सके। आसपास के विद्यालयों में पढाई का स्तर ऊंचा करने के ख्याल से कई प्रशिक्षण विद्यालयो में विस्तार विभाग स्थापित किए जाएंगे। दूसरी योजना के अन्तिम दौर में दो सौ छिहत्तर नई प्रशिक्षण संस्थाओं की स्थापना की गई, ताकि तीसरी योजना में सार्वजनिक प्राथमिक शिक्षा शुरू करने के लिए तैयारिया की जा सकें। राज्यों के कार्यक्रमो में इन और अन्य संस्थाओं के लिए साज-सामान, भवन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्थ की गई है । दुनियादी शिक्षा के प्रसार को मीमित रखनेवाला एक कारण यह है कि अधिकतर उसे देहाती क्षेत्रो में बाघ कर रखा गया है । अत विचार है कि नगरो में प्रयोग के तौर पर कुछ बुनियादी विद्यालय खोले जाए, ताकि नगरों में बुनियादी विद्यालयो की समस्याओ को भलोभाति समझा जा सके और प्रशिक्षण कालेजो के सहयोग से उनके लिए समाधान खोजे जा सके । सामुदायिक प्रयत्न इक्कीस कुछ कार्यक्रमों के लिए यह आवश्यक है कि राज्यो की योजनाओ में जो व्यवस्था की गई हो, उसको परिपूर्ति स्थानीय सामुदायिक प्रयत्न द्वारा की जाए। मिनाल के तौर पर, ये कार्यक्रम लिए जा सकते है भरती-आन्दोलनो का श्रायोजन, लडकियो को
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UPSC Prelims 2023 Question Paper: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 28 मई, 2023 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) संपन्न कर ली. लाखों छात्र आज परीक्षा में शामिल हुए. कुल 1105 रिक्तियों को भरने के लिए परीक्षा (UPSC Prelims 2023) दो पालियों में आयोजित की गई थी. अब, उम्मीदवारों के लिए जल्द ही प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर की (UPSC Prelims Answer Key 2023) जारी किया जाएगा. अगर आप भी अगले साल UPSC Prelims की परीक्षा में शामिल होने की तैयार कर रहे हैं या शामिल होने का मन बना रहे हैं, तो यहां आप इस साल के प्रश्न पत्र चेक कर सकते हैं.
इन प्रश्नों के आधार पर अगले साल UPSC Prelims में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपनी तैयारी को और भी मुक्कमल कर सकते हैं. आइए नीचे दिए गए इन लिकों के जरिए UPSC Prelims 2023 के क्वेश्चन पेपर (UPSC Prelims 2023 Question Paper) को देख और डाउनलोड कर सकते हैं.
छात्रों के अनुसार पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र की तुलना में इस वर्ष प्रश्नपत्र का स्तर कठिन था. कटऑफ 85 से 90 के आसपास रहने की उम्मीद है. प्रश्न 'उन्मूलन पद्धति' (elimination method) पर आधारित हैं. अधिकांश प्रश्न करेंट अफेयर्स और राजनीति से थे. इतिहास में लगभग 10 प्रश्न थे और आसान थे. विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हाल के अनुसंधान और विकास पर प्रश्न हैं.
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UPSC Prelims दो हज़ार तेईस Question Paper: संघ लोक सेवा आयोग ने अट्ठाईस मई, दो हज़ार तेईस को सिविल सेवा परीक्षा संपन्न कर ली. लाखों छात्र आज परीक्षा में शामिल हुए. कुल एक हज़ार एक सौ पाँच रिक्तियों को भरने के लिए परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी. अब, उम्मीदवारों के लिए जल्द ही प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर की जारी किया जाएगा. अगर आप भी अगले साल UPSC Prelims की परीक्षा में शामिल होने की तैयार कर रहे हैं या शामिल होने का मन बना रहे हैं, तो यहां आप इस साल के प्रश्न पत्र चेक कर सकते हैं. इन प्रश्नों के आधार पर अगले साल UPSC Prelims में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपनी तैयारी को और भी मुक्कमल कर सकते हैं. आइए नीचे दिए गए इन लिकों के जरिए UPSC Prelims दो हज़ार तेईस के क्वेश्चन पेपर को देख और डाउनलोड कर सकते हैं. छात्रों के अनुसार पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र की तुलना में इस वर्ष प्रश्नपत्र का स्तर कठिन था. कटऑफ पचासी से नब्बे के आसपास रहने की उम्मीद है. प्रश्न 'उन्मूलन पद्धति' पर आधारित हैं. अधिकांश प्रश्न करेंट अफेयर्स और राजनीति से थे. इतिहास में लगभग दस प्रश्न थे और आसान थे. विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हाल के अनुसंधान और विकास पर प्रश्न हैं. .
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नई दिल्लीः नई आबकारी नीति लागू होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब की दुकानों से लेकर कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली में शराब के कई किस्म के नए ब्रांड भी रजिस्टर हुए हैं. वहीं, जाम छलकाने का शौक रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है. अब दिल्ली में फ्रूट जूस की तरह ट्रेटा पैक में भी शराब मिलेगी.
ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग ने हरी झंडी दे दी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में यह पहली दफा होगा, जब इस प्रकार के पैक में शराब मिलेगी. हालांकि, ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री 1 अप्रैल से आरंभ होगी, क्योंकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत दिल्ली में इसी माह से होती है. ऐसे में शराब का कारोबार करने वाली तमाम कंपनियां 1 अप्रैल से ही अपने ब्रांड को पंजीकृत कराएंगी. दरअसल, शराब की बोतलों के टूटने की आशंका बनी रहती है. कई बार हाथ से गिरने से कस्टमर को नुकसान होता है. ऐसे में शराब के शौकीनों के लिए ट्रेटा पैक एक अच्छा ऑप्शन है. एक फायदा यह भी है कि, ट्रैटा पैक में मिलने वाली शराब परंपरागत बोतलों से सस्ती भी होती है.
बता दें कि दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शराब के कारोबार का निजीकरण हो गया है. यहां सिर्फ प्राइवेट दुकानों पर ही शराब की बिक्री होती है. इसके लिए दिल्ली सरकार ने 849 दुकानों का आवंटन किया था, जिनमें से 552 दुकानें शुरू हो चुकी हैं. वहीं, अब तक शराब के विभिन्न 692 ब्रांड पंजीकृत हो चुके हैं. बता दें कि इससे पहले केजरीवाल सरकार ने शराब पीने की वैधानिक आयु भी 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष कर दी थी, और कल सोमवार को ही केजरीवाल सरकार ने शराब पर 30 से 40 फीसद की छूट देने का ऐलान किया है.
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नई दिल्लीः नई आबकारी नीति लागू होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब की दुकानों से लेकर कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली में शराब के कई किस्म के नए ब्रांड भी रजिस्टर हुए हैं. वहीं, जाम छलकाने का शौक रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है. अब दिल्ली में फ्रूट जूस की तरह ट्रेटा पैक में भी शराब मिलेगी. ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग ने हरी झंडी दे दी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में यह पहली दफा होगा, जब इस प्रकार के पैक में शराब मिलेगी. हालांकि, ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री एक अप्रैल से आरंभ होगी, क्योंकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत दिल्ली में इसी माह से होती है. ऐसे में शराब का कारोबार करने वाली तमाम कंपनियां एक अप्रैल से ही अपने ब्रांड को पंजीकृत कराएंगी. दरअसल, शराब की बोतलों के टूटने की आशंका बनी रहती है. कई बार हाथ से गिरने से कस्टमर को नुकसान होता है. ऐसे में शराब के शौकीनों के लिए ट्रेटा पैक एक अच्छा ऑप्शन है. एक फायदा यह भी है कि, ट्रैटा पैक में मिलने वाली शराब परंपरागत बोतलों से सस्ती भी होती है. बता दें कि दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शराब के कारोबार का निजीकरण हो गया है. यहां सिर्फ प्राइवेट दुकानों पर ही शराब की बिक्री होती है. इसके लिए दिल्ली सरकार ने आठ सौ उनचास दुकानों का आवंटन किया था, जिनमें से पाँच सौ बावन दुकानें शुरू हो चुकी हैं. वहीं, अब तक शराब के विभिन्न छः सौ बानवे ब्रांड पंजीकृत हो चुके हैं. बता दें कि इससे पहले केजरीवाल सरकार ने शराब पीने की वैधानिक आयु भी पच्चीस वर्ष से घटाकर इक्कीस वर्ष कर दी थी, और कल सोमवार को ही केजरीवाल सरकार ने शराब पर तीस से चालीस फीसद की छूट देने का ऐलान किया है.
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यूपी में लखनऊ के हुसैनगंज पुलिस ने दरोगा भर्ती 2020-2021 की ऑन लाइन परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस का इस्तेमाल कर सफल होने वाले एक और अभ्यर्थी शामली के अक्षय मलिक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
यूपी में लखनऊ के हुसैनगंज पुलिस ने दरोगा भर्ती 2020-2021 की ऑन लाइन परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस का इस्तेमाल कर सफल होने वाले एक और अभ्यर्थी शामली के अक्षय मलिक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़े में शामिल अन्य अभ्यर्थियों की तरह अक्षय ने भी बहुत कम समय में सवाल हल कर लिये थे। आगरा के यश इन्फोटेक ऑन लाइन सेन्टर पर डिवाइस से नकल की थी। परीक्षा में चयन होने पर उसका नाम आया। भर्ती बोर्ड के एसपी ने इस मामले में एक और रिपोर्ट दर्ज करवाई।
अक्षय ने यह परीक्षा आगरा के यश इन्फोटेक ऑन लाइन सेन्टर पर 12 नवम्बर से दो दिसम्बर के बीच दी थी। उसने इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद से साल्वर के जरिये महज नौ मिनट 37 सेकेण्ड में हर सवाल का सही जवाब दिया था। इस मामले में पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के एसपी हफीजुर रहमान ने एक दिन पहले ही इसमें दूसरा मुकदमा हुसैनगंज कोतवाली में दर्ज कराया था।
इंस्पेक्टर हुसैनगंज जितेन्द्र प्रताप सिंह के मुताबिक अक्षय मलिक शामली के बावरी का रहने वाला है। उसने 40 सवालों में 29 का सही जवाब सिर्फ चार मिनट 32 सेकेंड में दिया था। पुलिस ने बताया कि अक्षय के जवाब देने के समय की आन लाइन पड़ताल की गई तो पता चला कि उसने 9. 37 सेकेंड में हर सही सवाल का जवाब दिया था। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद से उसे सही जवाब मिलते गए और उसने 9 मिनट में ही सवालों के जवाब दे दिए।
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यूपी में लखनऊ के हुसैनगंज पुलिस ने दरोगा भर्ती दो हज़ार बीस-दो हज़ार इक्कीस की ऑन लाइन परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस का इस्तेमाल कर सफल होने वाले एक और अभ्यर्थी शामली के अक्षय मलिक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। यूपी में लखनऊ के हुसैनगंज पुलिस ने दरोगा भर्ती दो हज़ार बीस-दो हज़ार इक्कीस की ऑन लाइन परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस का इस्तेमाल कर सफल होने वाले एक और अभ्यर्थी शामली के अक्षय मलिक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़े में शामिल अन्य अभ्यर्थियों की तरह अक्षय ने भी बहुत कम समय में सवाल हल कर लिये थे। आगरा के यश इन्फोटेक ऑन लाइन सेन्टर पर डिवाइस से नकल की थी। परीक्षा में चयन होने पर उसका नाम आया। भर्ती बोर्ड के एसपी ने इस मामले में एक और रिपोर्ट दर्ज करवाई। अक्षय ने यह परीक्षा आगरा के यश इन्फोटेक ऑन लाइन सेन्टर पर बारह नवम्बर से दो दिसम्बर के बीच दी थी। उसने इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद से साल्वर के जरिये महज नौ मिनट सैंतीस सेकेण्ड में हर सवाल का सही जवाब दिया था। इस मामले में पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के एसपी हफीजुर रहमान ने एक दिन पहले ही इसमें दूसरा मुकदमा हुसैनगंज कोतवाली में दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर हुसैनगंज जितेन्द्र प्रताप सिंह के मुताबिक अक्षय मलिक शामली के बावरी का रहने वाला है। उसने चालीस सवालों में उनतीस का सही जवाब सिर्फ चार मिनट बत्तीस सेकेंड में दिया था। पुलिस ने बताया कि अक्षय के जवाब देने के समय की आन लाइन पड़ताल की गई तो पता चला कि उसने नौ. सैंतीस सेकेंड में हर सही सवाल का जवाब दिया था। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद से उसे सही जवाब मिलते गए और उसने नौ मिनट में ही सवालों के जवाब दे दिए।
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सुपरस्टार शाहरुख खान की फिल्म पठान बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई कर रही हैं। देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी इस फिल्म का डंका बज रहा है। इस बीच शाहरुख खान (Shahrukh Khan) ने शनिवार को ट्विटर पर आस्क एसआरके सेशन किया है। इस दौरान उन्होंने 'पठान' के ताबड़तोड़ कलेक्शन पर पहली बार अपना रिएक्शन दिया है।
शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' में जॉन अब्राहम और दीपिका पादुकोण ने लीड रोल प्ले किया है। जबकि, शाहरुख़ खान ने पठान नाम के एक रॉ एजेंट का किरदार निभाया है। वहीं, जॉन अब्राहम फिल्म में विलेन बने हैं दिलचस्प बात है कि शाहरुख की पठान में सलमान खान ने कैमियो किया है। फिल्म को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं।
आपको बता दें कि यह YRF स्पाई यूनिवर्स की चौथी फिल्म है।
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सुपरस्टार शाहरुख खान की फिल्म पठान बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई कर रही हैं। देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी इस फिल्म का डंका बज रहा है। इस बीच शाहरुख खान ने शनिवार को ट्विटर पर आस्क एसआरके सेशन किया है। इस दौरान उन्होंने 'पठान' के ताबड़तोड़ कलेक्शन पर पहली बार अपना रिएक्शन दिया है। शाहरुख खान की फिल्म 'पठान' में जॉन अब्राहम और दीपिका पादुकोण ने लीड रोल प्ले किया है। जबकि, शाहरुख़ खान ने पठान नाम के एक रॉ एजेंट का किरदार निभाया है। वहीं, जॉन अब्राहम फिल्म में विलेन बने हैं दिलचस्प बात है कि शाहरुख की पठान में सलमान खान ने कैमियो किया है। फिल्म को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं। आपको बता दें कि यह YRF स्पाई यूनिवर्स की चौथी फिल्म है। यहाँ देखे ट्वीट : This website uses cookies.
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हो परमानन्द को प्राप्त हों । बस, यही स्वामीजी का प्रयोजन है, जिसको आपकी अल्पबुद्धि समझने में असमर्थ रही है ।
( २५३ ) प्रश्न - आपने सत्यार्थप्रकाश में ईश्वर के चार कर्म बतलाये - सृष्टि का रचना, प्रलय का करना, जीव को उसके कर्मानुसार फलदेना, वेद का बनाना । क्या अब ये चारों काम आर्यसमाजी करने लगेंगे ? - पृ० २६५, पं० १७
उत्तर - आर्यसमाजी ही नहीं अपितु प्रत्येक मनुष्य ईश्वर के गुण-कर्म-स्वभाव से अपने गुण-कर्म-स्वभाव सुधार सकता है। जैसे ईश्वर के सृष्टिरचना-कर्म से मनुष्य यह शिक्षा ले सकता है कि जैसे ईश्वर ने अग्नि, पानी, मिट्टी, हवा, आकाश - इन पाँच ही तत्त्वों की न्यून- अधिकता के हेर-फेर से संसार की अनेक वस्तुएँ बनाकर अपनी कारीगरी का प्रमाण दिया है, वैसे ही मनुष्य को भी धातु, मिट्टी, पत्थर, लकड़ी, आग, पानी, हवा, आकाश आदि वस्तुओं के मेल से यान आदि अनेक प्रकार की वस्तुएँ बनाकर अपनी कारीगरी का प्रमाण देना चाहिए तथा परमात्मा के प्रलयकर्म से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि जैसे परमात्मा इस सृष्टि को पुरानी, शक्तिहीन देखकर इसकी प्रलय करके फिर से उसको नई और शक्तिशाली बनाता है, वैसे ही हम लोगों को भी अपने घर, पुल, चारपाई, रेल के इञ्ज, यन्त्र, कलाएँ इत्यादि सब वस्तुओं को पुरानी तथा शक्तिहीन देखकर उनके पुरज़ों को खोल, ठीक करके फिर से नई तथा शक्तिशाली बना लेना चाहिए। परमात्मा के न्यायपूर्वक सब जीवों को कर्मफल देने से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि जैसे परमात्मा निष्पक्षपात होकर न्याय से दुष्टों को दण्ड, श्रेष्ठों का पालन तथा कर्मों का फल देता है, ऐसे ही हमको भी अपने परिवार, माता, पिता, गुरु, आचार्य, पुत्र, पत्नी, भृत्य, प्रजा आदिकों के साथ निष्पक्ष होकर न्यायानुसार पालन, पोषण, शिक्षा, दण्ड आदि व्यवहार उनके कर्मों के अनुसार यथायोग्य करना चाहिए। परमात्मा के वेद - प्रकाश से हमें यह शिक्षा लेनी चाहिए कि जैसे परमात्मा ने सब मनुष्यों के ज्ञानार्थ अपनी कल्याणी वाणी वेद का मनुष्यमात्र के लिए प्रकाश किया है, वैसे ही हम भी वेदविद्या तथा अपनी अन्य भी हर प्रकार की विद्या को मनुष्यमात्र को पढ़ाकर संसार में विद्या तथा ज्ञान की वृद्धि करें। परमात्मा के इन चारों कर्मों से शिक्षा लेकर हम इस प्रकार से अपने गुण-कर्म-स्वभाव को सुधार सकते हैं।
( २५४ ) प्रश्न - स्वभाव नाम तो शरीर का है। 'स्वभवनं स्वभावः' जो साथ में पैदा हो उसका नाम स्वभाव है। क्या ईश्वर के भी शरीर है ? यदि स्वभाव नाम आप आदत का मानें तो ईश्वर- जैसी आदत जीवों की तो नहीं हो सकती, सम्भव है आर्यसमाजियों की हो जावे ।
बहुत-से अर्थ हैं। स्वभाव स्वयं किसी वस्तु के नित्य गुण का भी नाम है, जैसे जल में शीतता, पृथिवी में गन्ध, अग्नि में उष्णता । दूसरे, स्वभाव नाम आदत का है। स्वभाव नाम शरीर का तो हो ही नहीं सकता । स्वभाव की व्युत्पत्ति है - 'स्वयं भवतीति स्वभावः' जो स्वयं ही हो, पैदा हुआ न हो; वह स्वभाव है । जो पैदा होता है वह स्वभाव नहीं अपितु नैमित्तिक होता है। यदि शरीर स्वभाविक हो तो मोक्ष हो ही न सके, अतः शरीर स्वाभाविक नहीं, कर्मों के निमित्त से कर्म-फल- भोगार्थ मिलता है। ईश्वर के न पाप-पुण्यकर्म हैं न उनके भोगार्थ ईश्वर को शरीर धारना पड़ता है, अतः 'स्वभवनं स्वभावः' का अर्थ भी यही है कि 'स्वयं होना स्वभाव है'। 'साथ में पैदा होना' अर्थ ग़लत है। जब ईश्वर स्वयं पैदा नहीं होता तो उसके साथ पैदा होने के क्या माने [अर्थ] ? अतः स्वभाव शरीर का नाम तो है ही नहीं । जीव विषय में स्वभाव का नाम आदत भी हो सकता है, क्योंकि जीव में नैमित्तिक गुण भी होते हैं, किन्तु ईश्वर - विषय में स्वभाव के अर्थ हैं- ईश्वर के नित्य गुण, आदत अर्थ ईश्वर - विषय
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हो परमानन्द को प्राप्त हों । बस, यही स्वामीजी का प्रयोजन है, जिसको आपकी अल्पबुद्धि समझने में असमर्थ रही है । प्रश्न - आपने सत्यार्थप्रकाश में ईश्वर के चार कर्म बतलाये - सृष्टि का रचना, प्रलय का करना, जीव को उसके कर्मानुसार फलदेना, वेद का बनाना । क्या अब ये चारों काम आर्यसमाजी करने लगेंगे ? - पृशून्य दो सौ पैंसठ, पंशून्य सत्रह उत्तर - आर्यसमाजी ही नहीं अपितु प्रत्येक मनुष्य ईश्वर के गुण-कर्म-स्वभाव से अपने गुण-कर्म-स्वभाव सुधार सकता है। जैसे ईश्वर के सृष्टिरचना-कर्म से मनुष्य यह शिक्षा ले सकता है कि जैसे ईश्वर ने अग्नि, पानी, मिट्टी, हवा, आकाश - इन पाँच ही तत्त्वों की न्यून- अधिकता के हेर-फेर से संसार की अनेक वस्तुएँ बनाकर अपनी कारीगरी का प्रमाण दिया है, वैसे ही मनुष्य को भी धातु, मिट्टी, पत्थर, लकड़ी, आग, पानी, हवा, आकाश आदि वस्तुओं के मेल से यान आदि अनेक प्रकार की वस्तुएँ बनाकर अपनी कारीगरी का प्रमाण देना चाहिए तथा परमात्मा के प्रलयकर्म से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि जैसे परमात्मा इस सृष्टि को पुरानी, शक्तिहीन देखकर इसकी प्रलय करके फिर से उसको नई और शक्तिशाली बनाता है, वैसे ही हम लोगों को भी अपने घर, पुल, चारपाई, रेल के इञ्ज, यन्त्र, कलाएँ इत्यादि सब वस्तुओं को पुरानी तथा शक्तिहीन देखकर उनके पुरज़ों को खोल, ठीक करके फिर से नई तथा शक्तिशाली बना लेना चाहिए। परमात्मा के न्यायपूर्वक सब जीवों को कर्मफल देने से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि जैसे परमात्मा निष्पक्षपात होकर न्याय से दुष्टों को दण्ड, श्रेष्ठों का पालन तथा कर्मों का फल देता है, ऐसे ही हमको भी अपने परिवार, माता, पिता, गुरु, आचार्य, पुत्र, पत्नी, भृत्य, प्रजा आदिकों के साथ निष्पक्ष होकर न्यायानुसार पालन, पोषण, शिक्षा, दण्ड आदि व्यवहार उनके कर्मों के अनुसार यथायोग्य करना चाहिए। परमात्मा के वेद - प्रकाश से हमें यह शिक्षा लेनी चाहिए कि जैसे परमात्मा ने सब मनुष्यों के ज्ञानार्थ अपनी कल्याणी वाणी वेद का मनुष्यमात्र के लिए प्रकाश किया है, वैसे ही हम भी वेदविद्या तथा अपनी अन्य भी हर प्रकार की विद्या को मनुष्यमात्र को पढ़ाकर संसार में विद्या तथा ज्ञान की वृद्धि करें। परमात्मा के इन चारों कर्मों से शिक्षा लेकर हम इस प्रकार से अपने गुण-कर्म-स्वभाव को सुधार सकते हैं। प्रश्न - स्वभाव नाम तो शरीर का है। 'स्वभवनं स्वभावः' जो साथ में पैदा हो उसका नाम स्वभाव है। क्या ईश्वर के भी शरीर है ? यदि स्वभाव नाम आप आदत का मानें तो ईश्वर- जैसी आदत जीवों की तो नहीं हो सकती, सम्भव है आर्यसमाजियों की हो जावे । बहुत-से अर्थ हैं। स्वभाव स्वयं किसी वस्तु के नित्य गुण का भी नाम है, जैसे जल में शीतता, पृथिवी में गन्ध, अग्नि में उष्णता । दूसरे, स्वभाव नाम आदत का है। स्वभाव नाम शरीर का तो हो ही नहीं सकता । स्वभाव की व्युत्पत्ति है - 'स्वयं भवतीति स्वभावः' जो स्वयं ही हो, पैदा हुआ न हो; वह स्वभाव है । जो पैदा होता है वह स्वभाव नहीं अपितु नैमित्तिक होता है। यदि शरीर स्वभाविक हो तो मोक्ष हो ही न सके, अतः शरीर स्वाभाविक नहीं, कर्मों के निमित्त से कर्म-फल- भोगार्थ मिलता है। ईश्वर के न पाप-पुण्यकर्म हैं न उनके भोगार्थ ईश्वर को शरीर धारना पड़ता है, अतः 'स्वभवनं स्वभावः' का अर्थ भी यही है कि 'स्वयं होना स्वभाव है'। 'साथ में पैदा होना' अर्थ ग़लत है। जब ईश्वर स्वयं पैदा नहीं होता तो उसके साथ पैदा होने के क्या माने [अर्थ] ? अतः स्वभाव शरीर का नाम तो है ही नहीं । जीव विषय में स्वभाव का नाम आदत भी हो सकता है, क्योंकि जीव में नैमित्तिक गुण भी होते हैं, किन्तु ईश्वर - विषय में स्वभाव के अर्थ हैं- ईश्वर के नित्य गुण, आदत अर्थ ईश्वर - विषय
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(अच्छा, लीदा रोदिओनोवा, आप उस सोफे पर तशरीफ रखिए और जरा आराम कर लीजिए ।
"आराम करते-करते मे थक गयी हू, " लीदा ने कहा। " मे दो दिन से आराम कर रही हू - तभी से, जब से रेल से उतरी हू।"
"इसका इलाज हम लोग कर देंगे । तो आपको हमारा यह छोटा सा घरौदा कैसा लगा ?"
" बुरा नहीं है। सिर्फ वडी बुरी तरह भारी-भरकम जगह है। गिर तो नही पडेगी ?"
रत्ती भर मुमकिन नही । हम कोई चीज बनाते है, ता हमेशा के लिए बनाते है । "
"तो, इवान पावलोविच, उन लोगो की बाबत क्या सोचा ?" अर्सेन्तियेव ने फिर पूछा ।
लेकिन इसी क्षण लाउडस्पीकर फिर चालू हो गया और प्रधान इजीनियर की कर्कश आवाज सुनायी दी 'सम्मेलन शुरू हो रहा है। "यूनिट न० १ के फोरमैन ही सुन रहे है, न ?" "जी हा," यूनिट नम्बर १ के फोरमैन ने जवाब दिया और फिर अन्य स्त्री-पुरुषो के स्वरो ने भी इसी तरह के प्रश्नों के उत्तर में "सुन रहा हू," या "मौजूद हू," कहकर जवाब दिया। प्रधान इजीनियर ने
जब इवान पावलोविच के वारे में सवाल किया तो उसने जवाव दिया
" मै यहा मौजूद हू और नीना वासिलीयेवूना भी है, " और उसने चोगे मे फूक मार दी।
लीदा कितावो की आलमारी तक गयी और दरवाजे के शीशे में अपना प्रतिबिम्ब देख कर सिर से रूमाल को कस कर वॉधने लगी ।
" मै खाना खाने बैठ जाऊ, तो किसी को एतराज तो नही ?" उसने अर्सेन्तियेव से पूछा ।
"यहा किसी को किसी बात से एतराज होता है, तो अपना फैसला देने से," अर्सेन्तियेव ने उत्तेजित होकर कह डाला और सोफे पर लीदा की वगल में बैठ
लीदा ने अपने थैले से कुछ वन और पनीर निकाला, अपने घुटनो पर रूमाल विछाकर उन्हें रख लिया और खाने लगा।
" तुम साइवेरिया की हो ?" अर्सेन्तियेव ने पूछा 1 "तुमने कैसे ताड लिया ?"
"साइवेरिया के वन तो साफ झलकते है । साइवेरिया के किस भाग की हो ?"
"ओम्स्क क्षेत्र । मै इशिम के पास रहती हू। तुम कहा के हो ?"
नोवोसिबिर्स्क के पास का ।
नीना यह वार्तालाप सुनकर ईर्ष्या और जलन महसूस कर रही थी ।
यह लडकी कितनी जल्दी दोस्त बना लेती है, नीना सोचने लगी । " इस जमीन पर पैर रखते ही, वह यहा रम गयी। कल तक, शायद इसके दर्जनो दोस्त वन जायगे । काश, मे भी इस मनहूस काम से छुटकारा पा सकती और कोई असली काम शुरू कर सकती । "
"लोग बताते है कि नोवोसिबिक के लोग जरा भी सावले नही होते," लीदा कह रही थी, "लेकिन तुम तो अपने टोप की तरह काले हो । "
"क्यो न होऊ ? हम वेल्डर लोग, सभी की बनिस्बत धूप में ज्यादा रहते है। बिल्कुल चोटी पर काम करते हैं । तुमने क्या कोई शिक्षा समाप्त की है ?" "नही।"
" निर्माण के किसी काम को जानती हो ?" "नही।
" यानी कि तुम कुछ नही जानती।"
"कुछ भी नही
"चलो ठीक है। तुम इन लोगो से कहो कि वे तुम्हे मेरी सहायक बना दें। क्या तुम्हे यह काम पसद होगा "
" मे क्या जानू । जो भी कहा जायगा, मैं करूंगी। अगर मै तुम्हारी सहायक बना दी जाऊ, तो मुझे क्या करना होगा ?"
"कोई अधिक काम नहीं। अगर नीचे से हमें कोई चीज मगानी होगी तो हम लोग तुम्हे अपने अपने जिसे कहते है, अपने प्रतिनिधि की हैसियत से वह चीज लाने भेज देंगे, हमारे लिए चीजे लाने के लिए तुम्हे इधर-उधर भाग-दौड करनी पड़ेगी ताकि हमे बीच में अपना काम रोकना न पड़े। "
"तुम्हारी बात मेरी समझ में नही आयी। तुम्हारा मतलव है कि तुम्हे अपने काम के लिए नीचे-ऊपर दौडने के वास्ते एक दूत की जरूरत है ?" लीदा ने पूछा।
"क्यो, शुरू मे ही तुम नक्शो पर दस्तखत बनाने का काम चाहती हो क्या ?"
"वे लोग क्या मुझे जूते भी देंगे?"
"जूते और काम के वक्त पहनने के कपड़े भी । " "खैर, होगा। तुम कह रहे थे कि तुम्हें साया
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(अच्छा, लीदा रोदिओनोवा, आप उस सोफे पर तशरीफ रखिए और जरा आराम कर लीजिए । "आराम करते-करते मे थक गयी हू, " लीदा ने कहा। " मे दो दिन से आराम कर रही हू - तभी से, जब से रेल से उतरी हू।" "इसका इलाज हम लोग कर देंगे । तो आपको हमारा यह छोटा सा घरौदा कैसा लगा ?" " बुरा नहीं है। सिर्फ वडी बुरी तरह भारी-भरकम जगह है। गिर तो नही पडेगी ?" रत्ती भर मुमकिन नही । हम कोई चीज बनाते है, ता हमेशा के लिए बनाते है । " "तो, इवान पावलोविच, उन लोगो की बाबत क्या सोचा ?" अर्सेन्तियेव ने फिर पूछा । लेकिन इसी क्षण लाउडस्पीकर फिर चालू हो गया और प्रधान इजीनियर की कर्कश आवाज सुनायी दी 'सम्मेलन शुरू हो रहा है। "यूनिट नशून्य एक के फोरमैन ही सुन रहे है, न ?" "जी हा," यूनिट नम्बर एक के फोरमैन ने जवाब दिया और फिर अन्य स्त्री-पुरुषो के स्वरो ने भी इसी तरह के प्रश्नों के उत्तर में "सुन रहा हू," या "मौजूद हू," कहकर जवाब दिया। प्रधान इजीनियर ने जब इवान पावलोविच के वारे में सवाल किया तो उसने जवाव दिया " मै यहा मौजूद हू और नीना वासिलीयेवूना भी है, " और उसने चोगे मे फूक मार दी। लीदा कितावो की आलमारी तक गयी और दरवाजे के शीशे में अपना प्रतिबिम्ब देख कर सिर से रूमाल को कस कर वॉधने लगी । " मै खाना खाने बैठ जाऊ, तो किसी को एतराज तो नही ?" उसने अर्सेन्तियेव से पूछा । "यहा किसी को किसी बात से एतराज होता है, तो अपना फैसला देने से," अर्सेन्तियेव ने उत्तेजित होकर कह डाला और सोफे पर लीदा की वगल में बैठ लीदा ने अपने थैले से कुछ वन और पनीर निकाला, अपने घुटनो पर रूमाल विछाकर उन्हें रख लिया और खाने लगा। " तुम साइवेरिया की हो ?" अर्सेन्तियेव ने पूछा एक "तुमने कैसे ताड लिया ?" "साइवेरिया के वन तो साफ झलकते है । साइवेरिया के किस भाग की हो ?" "ओम्स्क क्षेत्र । मै इशिम के पास रहती हू। तुम कहा के हो ?" नोवोसिबिर्स्क के पास का । नीना यह वार्तालाप सुनकर ईर्ष्या और जलन महसूस कर रही थी । यह लडकी कितनी जल्दी दोस्त बना लेती है, नीना सोचने लगी । " इस जमीन पर पैर रखते ही, वह यहा रम गयी। कल तक, शायद इसके दर्जनो दोस्त वन जायगे । काश, मे भी इस मनहूस काम से छुटकारा पा सकती और कोई असली काम शुरू कर सकती । " "लोग बताते है कि नोवोसिबिक के लोग जरा भी सावले नही होते," लीदा कह रही थी, "लेकिन तुम तो अपने टोप की तरह काले हो । " "क्यो न होऊ ? हम वेल्डर लोग, सभी की बनिस्बत धूप में ज्यादा रहते है। बिल्कुल चोटी पर काम करते हैं । तुमने क्या कोई शिक्षा समाप्त की है ?" "नही।" " निर्माण के किसी काम को जानती हो ?" "नही। " यानी कि तुम कुछ नही जानती।" "कुछ भी नही "चलो ठीक है। तुम इन लोगो से कहो कि वे तुम्हे मेरी सहायक बना दें। क्या तुम्हे यह काम पसद होगा " " मे क्या जानू । जो भी कहा जायगा, मैं करूंगी। अगर मै तुम्हारी सहायक बना दी जाऊ, तो मुझे क्या करना होगा ?" "कोई अधिक काम नहीं। अगर नीचे से हमें कोई चीज मगानी होगी तो हम लोग तुम्हे अपने अपने जिसे कहते है, अपने प्रतिनिधि की हैसियत से वह चीज लाने भेज देंगे, हमारे लिए चीजे लाने के लिए तुम्हे इधर-उधर भाग-दौड करनी पड़ेगी ताकि हमे बीच में अपना काम रोकना न पड़े। " "तुम्हारी बात मेरी समझ में नही आयी। तुम्हारा मतलव है कि तुम्हे अपने काम के लिए नीचे-ऊपर दौडने के वास्ते एक दूत की जरूरत है ?" लीदा ने पूछा। "क्यो, शुरू मे ही तुम नक्शो पर दस्तखत बनाने का काम चाहती हो क्या ?" "वे लोग क्या मुझे जूते भी देंगे?" "जूते और काम के वक्त पहनने के कपड़े भी । " "खैर, होगा। तुम कह रहे थे कि तुम्हें साया
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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कोरोना कहर का दूसरा दौर शुरू हो चुका है। कोरोना को मार भगाने वाली वैक्सीन ले आने के दावों के बीच यह दूसरा दौर आया है। जनता दवाई पर पूरा विश्वास करती रही है चाहे वह वैक्सीन हो या फिर दवा के नाम पर रामदेव का दावा। तभी तो 16 जनवरी से 17 मार्च के बीच 3 करोड़ से ज्यादा लोग वैक्सीन ले चुके हैं मगर, आरोप जनता पर ही है कि वह ढिलाई कर रही है।
पीएम मोदी ने कोरोना के दूसरे कहर से निपटने के लिए 'दवाई भी, कड़ाई भी' का जो मंत्र दिया है उसमें दवा देने का श्रेय सरकार के लिए है तो ढिलाई की तोहमत जनता पर। प्रश्न यह है कि ढिलाई किसने की?
वैक्सीन के बाद आया है दूसरा कहर!
जनवरी 2021 में कोरोना की वैक्सीन जब आई तो संक्रमण के मामले काफी कम हो चुके थे। नये साल 2021 के पहले महीने में महज 4. 72 लाख कोरोना के मरीज मिले थे। फरवरी में यह संख्या और भी कम हो गयी- महज 3. 53 लाख। मगर, मार्च के पहले 17 दिन में ही 3. 62 लाख नये कोरोना मरीज आ चुके हैं। मतलब यह कि फरवरी के मुकाबले नये मरीजों की संख्या दुगुनी होने वाली है। आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्या आम लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं?
वैक्सीन आने के बाद नये मरीजों की संख्या घटनी चाहिए थी, लेकिन यह बढ़ रही है! क्या इसकी वजह यह है कि आम लोगों में कोरोना का खौफ कम हो गया है कि वे निश्चिंत हो गये हैं कि अब वैक्सीन आ चुकी है या यह कि मास्क लगाने से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग मानने को लेकर लोग लापरवाह हो गये हैं?
अगर बात मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग की ही है तो मोटेरा स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम करने से जुड़ा समारोह हो या फिर स्टेडियम में चल रहे क्रिकेट के मैच, पांच राज्यों में जारी चुनाव के दौरान हो रही रैलियां हों या फिर हरिद्वार में हो रहा महाकुंभ- किन जगहों पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है?
आम लोग गुनहगार जरूर हैं लेकिन गुनाह करा कौन रहा है? जिन राज्यों में संक्रमण तेजी से बढ़े हैं उनमें महाराष्ट्र और गुजरात के अलावा वे राज्य हैं जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।
टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट का मंत्र क्यों भूले?
प्रधानमंत्री ने टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट के मंत्र को दोहराया है। इस मंत्र को भूला कौन? भारत में कोविड-19 के सामुदायिक संक्रमण की बात से एक बार फिर आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने इनकार किया है। जबकि अक्टूबर में ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन मान चुके थे कि भारत कम्युनिटी ट्रांसमिशन के दौर में प्रवेश कर चुका है। अगर कम्युनिटी ट्रांसमिशन देश में नहीं है तब तो चुनौती कहीं आसान है कि कोविड के मरीज के चेन को पकड़कर टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट की राह पर बढ़ा जाए।
'मरकज से कोरोना विस्फोट' वाले दिनों में इस मंत्र का जितना हल्ला था, वह बाद में नहीं दिखा। ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट तो छोड़ दीजिए टेस्टिंग ही लगातार घटा दी गयी। इसे कहते हैं ढिलाई, जो जनता की तरफ़ से कतई नहीं हुई है।
एक महीने में 1 करोड़ से ज्यादा की टेस्टिंग की ऊंचाई हमने जुलाई में पा ली थी और यह सितंबर से दिसंबर तक प्रतिमाह 3 करोड़ से ज्यादा की टेस्टिंग के स्तर पर बना रहा। मगर, ढिलाई देखिए कि नया साल आते ही टेस्टिंग गिरकर जनवरी में 2 करोड़ 39 लाख रह गयी। फरवरी में यह 2 करोड़ से भी कम हो गयी। 17 मार्च तक का आंकड़ा 1 करोड़ 34 लाख टेस्टिंग का है।
अगर फरवरी के मुकाबले मार्च में दुगुना होते कोरोना मरीजों की संख्या पर गौर करें, जिसका जिक्र कोरोना का दूसरा कहर दर्शाते हुए ऊपर किया गया है तो इसकी वजह भी टेस्टिंग में आयी यही कमी है। क्या यह जनता की ओर से की गयी ढिलाई है?
आम जनता ने दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन झेला है। नौकरियां गंवाई हैं, तकलीफें सही हैं। जिन महीनों में लॉकडाउन सख्त था, टेस्टिंग तेज थी तब नये कोरोना मरीजों का आंकड़ा भी अधिकतम था। महीने के हिसाब से सबसे बुरा सितंबर 2020 रहा था, जब एक माह में अधिकतम 26. 2 लाख नये कोरोना मरीज मिले थे। फिर अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में क्रमशः 18. 73 लाख, 12. 79 लाख और 8. 23 लाख नये मरीज मिले।
बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान कोविड नियमों की धज्जियां उड़ीं। ये तसवीरें देशभर में आम लोगों को कोविड नियमों से दूर करने और लापरवाही के लिए प्रेरित करने वाली थीं। जिम्मेदार कौन?
कोरोना की दवा को लेकर भी सरेआम झूठ को प्रश्रय दिया गया। 'कोरोनिल' को कोरोना भगाने के लिए रामबाण बता रहे रामदेव ने ट्रायल से संबंधित दावे किए। बाद में इसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा करार दिया गया। अब तक रामदेव दो बार दवा बेचने के लिए बाजार में गोता लगा चुके हैं।
पहली बार सरकार ने रामदेव के दावों को परखा भी था लेकिन दूसरी बार खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रामदेव के साथ दवा के लांचिंग समारोह में दिखे। डब्ल्यूएचओ से प्रमाण मिलने का दावा किया गया।
जब जनता को 'कोरोना भगाने वाला रामबाण' मिल जाएगा तब क्यों वह डरे? प्रश्न यह है कि जब रामदेव की अचूक कोरोना निवारक दवाएं मौजूद हैं तो कोरोना भाग क्यों नहीं रहा है? अगर जनता पतंजलि की दवा खरीद नहीं पा रही है तो सरकार सब्सिडी देकर इन दवाओं को फ्री मे क्यों नहीं बंटवा देती? 'जान है तो जहान है'- यही नारा पीएम मोदी ने दिया था। मगर, यह सब व्यर्थ है क्योंकि वास्तव में अगर ये राम बाण दवाएं होतीं तो कोरोना का दूसरा कहर आता ही क्यों?
वैक्सीन के रहते क्यों बढ़ा कोरोना?
कोविशील्ड और कोवैक्सीन के रूप में दो किस्म की देसी कोरोना वैक्सीन भी देश में मौजूद हैं। जनवरी में 16 दिन में 31. 27 लाख से ज्यादा लोगों ने, फरवरी में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने और मार्च में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन ली है। अब तक 3. 37 करोड़ से ज्यादा लोग वैक्सीन ले चुके हैं।
भारत की 140 करोड़ की आबादी का यह महज 2. 4 प्रतिशत है। लेकिन प्रश्न यह है कि कितने लोगों के वैक्सीन ले चुकने के बाद यह सुनिश्चित हो सकेगा कि अब कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं है? इस बाबत सरकार कोई जवाब लेकर सामने नहीं आयी है।
ढिलाई सरकार की ओर से है। तब से है जब से गुजरात के अहमदाबाद में 'नमस्ते ट्रंप' का आयोजन हुआ और अब तक है जब उसी मैदान का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम किया गया है। दवा के नाम पर जब-जब जो परोसा गया, जनता ने उसे स्वीकार किया है। ताली-थाली भी बजाई है, वैक्सीन भी लगवाई है। ऐसे में अपनी कमियां छिपाने के लिए कड़ाई की बात और अपनी सफलता जताने के लिए दवाई की बात ही नरेंद्र मोदी के ताजा मंत्र में है- 'दवाई भी, कड़ाई भी'।
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कोरोना कहर का दूसरा दौर शुरू हो चुका है। कोरोना को मार भगाने वाली वैक्सीन ले आने के दावों के बीच यह दूसरा दौर आया है। जनता दवाई पर पूरा विश्वास करती रही है चाहे वह वैक्सीन हो या फिर दवा के नाम पर रामदेव का दावा। तभी तो सोलह जनवरी से सत्रह मार्च के बीच तीन करोड़ से ज्यादा लोग वैक्सीन ले चुके हैं मगर, आरोप जनता पर ही है कि वह ढिलाई कर रही है। पीएम मोदी ने कोरोना के दूसरे कहर से निपटने के लिए 'दवाई भी, कड़ाई भी' का जो मंत्र दिया है उसमें दवा देने का श्रेय सरकार के लिए है तो ढिलाई की तोहमत जनता पर। प्रश्न यह है कि ढिलाई किसने की? वैक्सीन के बाद आया है दूसरा कहर! जनवरी दो हज़ार इक्कीस में कोरोना की वैक्सीन जब आई तो संक्रमण के मामले काफी कम हो चुके थे। नये साल दो हज़ार इक्कीस के पहले महीने में महज चार. बहत्तर लाख कोरोना के मरीज मिले थे। फरवरी में यह संख्या और भी कम हो गयी- महज तीन. तिरेपन लाख। मगर, मार्च के पहले सत्रह दिन में ही तीन. बासठ लाख नये कोरोना मरीज आ चुके हैं। मतलब यह कि फरवरी के मुकाबले नये मरीजों की संख्या दुगुनी होने वाली है। आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्या आम लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं? वैक्सीन आने के बाद नये मरीजों की संख्या घटनी चाहिए थी, लेकिन यह बढ़ रही है! क्या इसकी वजह यह है कि आम लोगों में कोरोना का खौफ कम हो गया है कि वे निश्चिंत हो गये हैं कि अब वैक्सीन आ चुकी है या यह कि मास्क लगाने से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग मानने को लेकर लोग लापरवाह हो गये हैं? अगर बात मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग की ही है तो मोटेरा स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम करने से जुड़ा समारोह हो या फिर स्टेडियम में चल रहे क्रिकेट के मैच, पांच राज्यों में जारी चुनाव के दौरान हो रही रैलियां हों या फिर हरिद्वार में हो रहा महाकुंभ- किन जगहों पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है? आम लोग गुनहगार जरूर हैं लेकिन गुनाह करा कौन रहा है? जिन राज्यों में संक्रमण तेजी से बढ़े हैं उनमें महाराष्ट्र और गुजरात के अलावा वे राज्य हैं जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट का मंत्र क्यों भूले? प्रधानमंत्री ने टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट के मंत्र को दोहराया है। इस मंत्र को भूला कौन? भारत में कोविड-उन्नीस के सामुदायिक संक्रमण की बात से एक बार फिर आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने इनकार किया है। जबकि अक्टूबर में ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन मान चुके थे कि भारत कम्युनिटी ट्रांसमिशन के दौर में प्रवेश कर चुका है। अगर कम्युनिटी ट्रांसमिशन देश में नहीं है तब तो चुनौती कहीं आसान है कि कोविड के मरीज के चेन को पकड़कर टेस्टिंग-ट्रेसिंग-ट्रीटमेंट की राह पर बढ़ा जाए। 'मरकज से कोरोना विस्फोट' वाले दिनों में इस मंत्र का जितना हल्ला था, वह बाद में नहीं दिखा। ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट तो छोड़ दीजिए टेस्टिंग ही लगातार घटा दी गयी। इसे कहते हैं ढिलाई, जो जनता की तरफ़ से कतई नहीं हुई है। एक महीने में एक करोड़ से ज्यादा की टेस्टिंग की ऊंचाई हमने जुलाई में पा ली थी और यह सितंबर से दिसंबर तक प्रतिमाह तीन करोड़ से ज्यादा की टेस्टिंग के स्तर पर बना रहा। मगर, ढिलाई देखिए कि नया साल आते ही टेस्टिंग गिरकर जनवरी में दो करोड़ उनतालीस लाख रह गयी। फरवरी में यह दो करोड़ से भी कम हो गयी। सत्रह मार्च तक का आंकड़ा एक करोड़ चौंतीस लाख टेस्टिंग का है। अगर फरवरी के मुकाबले मार्च में दुगुना होते कोरोना मरीजों की संख्या पर गौर करें, जिसका जिक्र कोरोना का दूसरा कहर दर्शाते हुए ऊपर किया गया है तो इसकी वजह भी टेस्टिंग में आयी यही कमी है। क्या यह जनता की ओर से की गयी ढिलाई है? आम जनता ने दुनिया का सबसे सख्त लॉकडाउन झेला है। नौकरियां गंवाई हैं, तकलीफें सही हैं। जिन महीनों में लॉकडाउन सख्त था, टेस्टिंग तेज थी तब नये कोरोना मरीजों का आंकड़ा भी अधिकतम था। महीने के हिसाब से सबसे बुरा सितंबर दो हज़ार बीस रहा था, जब एक माह में अधिकतम छब्बीस. दो लाख नये कोरोना मरीज मिले थे। फिर अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में क्रमशः अट्ठारह. तिहत्तर लाख, बारह. उन्यासी लाख और आठ. तेईस लाख नये मरीज मिले। बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान कोविड नियमों की धज्जियां उड़ीं। ये तसवीरें देशभर में आम लोगों को कोविड नियमों से दूर करने और लापरवाही के लिए प्रेरित करने वाली थीं। जिम्मेदार कौन? कोरोना की दवा को लेकर भी सरेआम झूठ को प्रश्रय दिया गया। 'कोरोनिल' को कोरोना भगाने के लिए रामबाण बता रहे रामदेव ने ट्रायल से संबंधित दावे किए। बाद में इसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा करार दिया गया। अब तक रामदेव दो बार दवा बेचने के लिए बाजार में गोता लगा चुके हैं। पहली बार सरकार ने रामदेव के दावों को परखा भी था लेकिन दूसरी बार खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रामदेव के साथ दवा के लांचिंग समारोह में दिखे। डब्ल्यूएचओ से प्रमाण मिलने का दावा किया गया। जब जनता को 'कोरोना भगाने वाला रामबाण' मिल जाएगा तब क्यों वह डरे? प्रश्न यह है कि जब रामदेव की अचूक कोरोना निवारक दवाएं मौजूद हैं तो कोरोना भाग क्यों नहीं रहा है? अगर जनता पतंजलि की दवा खरीद नहीं पा रही है तो सरकार सब्सिडी देकर इन दवाओं को फ्री मे क्यों नहीं बंटवा देती? 'जान है तो जहान है'- यही नारा पीएम मोदी ने दिया था। मगर, यह सब व्यर्थ है क्योंकि वास्तव में अगर ये राम बाण दवाएं होतीं तो कोरोना का दूसरा कहर आता ही क्यों? वैक्सीन के रहते क्यों बढ़ा कोरोना? कोविशील्ड और कोवैक्सीन के रूप में दो किस्म की देसी कोरोना वैक्सीन भी देश में मौजूद हैं। जनवरी में सोलह दिन में इकतीस. सत्ताईस लाख से ज्यादा लोगों ने, फरवरी में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने और मार्च में दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन ली है। अब तक तीन. सैंतीस करोड़ से ज्यादा लोग वैक्सीन ले चुके हैं। भारत की एक सौ चालीस करोड़ की आबादी का यह महज दो. चार प्रतिशत है। लेकिन प्रश्न यह है कि कितने लोगों के वैक्सीन ले चुकने के बाद यह सुनिश्चित हो सकेगा कि अब कोरोना के संक्रमण का खतरा नहीं है? इस बाबत सरकार कोई जवाब लेकर सामने नहीं आयी है। ढिलाई सरकार की ओर से है। तब से है जब से गुजरात के अहमदाबाद में 'नमस्ते ट्रंप' का आयोजन हुआ और अब तक है जब उसी मैदान का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम किया गया है। दवा के नाम पर जब-जब जो परोसा गया, जनता ने उसे स्वीकार किया है। ताली-थाली भी बजाई है, वैक्सीन भी लगवाई है। ऐसे में अपनी कमियां छिपाने के लिए कड़ाई की बात और अपनी सफलता जताने के लिए दवाई की बात ही नरेंद्र मोदी के ताजा मंत्र में है- 'दवाई भी, कड़ाई भी'।
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मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत हासिल हुई है. मणिपुर की 60 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के हाथ में 32 सीटें लगी है. वहीं, कांग्रेस को महज 4 सीटे प्राप्त हुई है. वहीं, नेशनल पिपल्स पार्टी को बीजेपी के बाद सबसे ज्यादा 8 सीटें मिली है.
मणिपुर में विधानसभा चुनाव का फैसला हो चुका है. मणिपुर में बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी कर रही है. प्रदेश में बीजेपी को 32 सीट, नेशनल पिपल्स पार्टी को 8 सीट, जेडीयू को 6 सीट, नागा पिपल फ्रंट को 5 सीट, कांग्रेस को 4 सीट, कुकी पिपल्स अलाइंस को 2 सीट और अन्य को 3 सीटें मिली है.
बीजेपी के सीएम चेहरा एन बीरेन सिंह हिंगांग सीट से उम्मीदवार थे. उन्होंने जीत हासिल की है. उन्हें करीब 25 हजार वोट मिले. उनके खिलाफ कांग्रेस के पंगेईजम शरतचंद्र सिंह मैदान में थे उन्हें करीब 7 हजार वोट ही प्राप्त हुए हैं. अब बीरेन सिंह के अगुवाई में बीजेपी ने दूसरी बार मणिपुर में जीत हासिल की है.
मणिपुर के साथ-साथ पांच राज्यों में वोटों की गिनती शुरू हो गई है. मणिपुर में 60 सीटों पर चुनाव हुए थे.
पहले चरण में बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी के 38 निर्वाचन क्षेत्रों को शामिल किया गया था. मणिपुर सीईओ की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस चरण में 78. 03 फीसदी मतदान हुआ है.
मणिपुर चुनाव के दूसरे चरण में चंदेल, जिरीबाम, सेनापति, तामेंगलोंग, थौबल और उखरूल जिलों की 22 सीटों के लिए मतदान हुआ. मतदान के योग्य 76. 62 प्रतिशत लोगों ने इस दौर में मतदान किया.
2017 में, मणिपुर में 22 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण के मतदान में रिकॉर्ड 86 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो 2009 के आम चुनावों के बाद सबसे अधिक है. समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, 38 सीटों के लिए पहले चरण के मतदान में भी 86% मतदान हुआ था.
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में 60 विधानसभा सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को 31 सीटों की जरूरत होती है. 2017 के विधानसभा चुनावों में नोंगथोम्बम बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, उन्होंने नेशनल पीपुल्स पार्टी (4), नागा पीपुल्स फ्रंट (4) और लोक जनशक्ति पार्टी (1) के साथ गठबंधन किया. यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी (21) ने मणिपुर में सरकार बनाई है.
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मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत हासिल हुई है. मणिपुर की साठ विधानसभा सीटों पर बीजेपी के हाथ में बत्तीस सीटें लगी है. वहीं, कांग्रेस को महज चार सीटे प्राप्त हुई है. वहीं, नेशनल पिपल्स पार्टी को बीजेपी के बाद सबसे ज्यादा आठ सीटें मिली है. मणिपुर में विधानसभा चुनाव का फैसला हो चुका है. मणिपुर में बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी कर रही है. प्रदेश में बीजेपी को बत्तीस सीट, नेशनल पिपल्स पार्टी को आठ सीट, जेडीयू को छः सीट, नागा पिपल फ्रंट को पाँच सीट, कांग्रेस को चार सीट, कुकी पिपल्स अलाइंस को दो सीट और अन्य को तीन सीटें मिली है. बीजेपी के सीएम चेहरा एन बीरेन सिंह हिंगांग सीट से उम्मीदवार थे. उन्होंने जीत हासिल की है. उन्हें करीब पच्चीस हजार वोट मिले. उनके खिलाफ कांग्रेस के पंगेईजम शरतचंद्र सिंह मैदान में थे उन्हें करीब सात हजार वोट ही प्राप्त हुए हैं. अब बीरेन सिंह के अगुवाई में बीजेपी ने दूसरी बार मणिपुर में जीत हासिल की है. मणिपुर के साथ-साथ पांच राज्यों में वोटों की गिनती शुरू हो गई है. मणिपुर में साठ सीटों पर चुनाव हुए थे. पहले चरण में बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी के अड़तीस निर्वाचन क्षेत्रों को शामिल किया गया था. मणिपुर सीईओ की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस चरण में अठहत्तर. तीन फीसदी मतदान हुआ है. मणिपुर चुनाव के दूसरे चरण में चंदेल, जिरीबाम, सेनापति, तामेंगलोंग, थौबल और उखरूल जिलों की बाईस सीटों के लिए मतदान हुआ. मतदान के योग्य छिहत्तर. बासठ प्रतिशत लोगों ने इस दौर में मतदान किया. दो हज़ार सत्रह में, मणिपुर में बाईस विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण के मतदान में रिकॉर्ड छियासी प्रतिशत मतदान हुआ था, जो दो हज़ार नौ के आम चुनावों के बाद सबसे अधिक है. समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अड़तीस सीटों के लिए पहले चरण के मतदान में भी छियासी% मतदान हुआ था. पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में साठ विधानसभा सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को इकतीस सीटों की जरूरत होती है. दो हज़ार सत्रह के विधानसभा चुनावों में नोंगथोम्बम बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, उन्होंने नेशनल पीपुल्स पार्टी , नागा पीपुल्स फ्रंट और लोक जनशक्ति पार्टी के साथ गठबंधन किया. यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर में सरकार बनाई है.
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आरोपियों की पहचान लोनी निवासी महिला परवीन खातून, इसका साथी राजस्थान निवासी सतीश, मंगोलपुरी निवासी संतोष और मोहन गार्डन निवासी बच्ची की मां मधु सिंह के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में परवीन के मोबाइल से कई बच्चों के सौदा करने का पता चला है।
विशेष संवाददाता, सब्जी मंडीः मासूम बच्चों के सौदागरों का एक गैंग सब्जी मंडी पुलिस ने पकड़ा है। आरोपियों में एक बच्ची की मां भी शामिल है, जो अपनी ही बच्ची का सौदा कर रही थी। आरोपियों की पहचान लोनी निवासी महिला परवीन खातून, इसका साथी राजस्थान निवासी सतीश, मंगोलपुरी निवासी संतोष और मोहन गार्डन निवासी बच्ची की मां मधु सिंह के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में परवीन के मोबाइल से कई बच्चों के सौदा करने का पता चला है। वॉट्सऐप मेसेज में नवजात लड़कों के लिए कबूतर तो लड़कियों के लिए कबूतरी का शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था।
बिचौलियों के साथ मिलकर अपने बच्चे को बेच रही थी महिला, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार माना जा रहा है कि उनके गैंग के लोग दिल्ली-एनसीआर के अलावा आसपास के राज्यों में फैले हुए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर गैंग के बाकी साथियों का पता लगाने का कोशिश कर रही है। अब तक करीब छह बच्चों का सौदा किया गया है। पुलिस गैंग से जुड़े बाकी लोगों की जानकारी हासिल कर रही है। इसके लिए मधु को छोड़कर बाकी आरोपी रिमांड पर हैं। परवीन और सतीश के खिलाफ पहले से दुष्कर्म व अन्य धाराओं में मामला दर्ज मिला है।
डीसीपी सागर सिंह कलसी के मुताबिक, शनिवार को तीस हजारी पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि परवीन खातून नाम की एक महिला नवजात बच्चों का सौदा करती है। कॉन्स्टेबल राकेश और अंजू ने नकली ग्राहक बनकर परवीन से संपर्क किया। परवीन के साथ एक उसके साथी सतीश ने बताया कि मंगोलपुरी में रहने वाली संतोष नाम की महिला के पास कोई बच्चा है। नकली ग्राहक राकेश और अंजू परवीन और सतीश के साथ मंगोलपुरी संतोष के पास पहुंचे। बातचीत के बाद सौदा दो लाख रुपये में हुआ। इसके बाद मधु नाम की महिला को बुलाया गया। वह बच्ची की मां थी। एडवांस के रूप में परवीन को 50 हजार रुपये सौंप दिए गए। बाकी रुपये सब्जी मंडी इलाके से देने की बात की गई। रास्ते में परवीन ने 30 हजार मधु को, चार हजार सतीश और छह हतार संतोष को देकर बाकी 10 हजार खुद रख लिए।
KYC अपडेट के नाम पर ठगने वाला 'साइबर गैंग' पकड़ा गया सब्जी मंडी थाने में पूछताछ हुई। मधु ने बताया कि कि उसने 16 दिसंबर 2021 को ही बच्ची को जन्म दिया था। वह बच्ची नहीं चाहती थी। उसने संतोष से बच्ची का सौदा करवाने के लिए कहा था। परवीन के कुछ अस्पताल से भी संपर्क मिले हैं।
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आरोपियों की पहचान लोनी निवासी महिला परवीन खातून, इसका साथी राजस्थान निवासी सतीश, मंगोलपुरी निवासी संतोष और मोहन गार्डन निवासी बच्ची की मां मधु सिंह के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में परवीन के मोबाइल से कई बच्चों के सौदा करने का पता चला है। विशेष संवाददाता, सब्जी मंडीः मासूम बच्चों के सौदागरों का एक गैंग सब्जी मंडी पुलिस ने पकड़ा है। आरोपियों में एक बच्ची की मां भी शामिल है, जो अपनी ही बच्ची का सौदा कर रही थी। आरोपियों की पहचान लोनी निवासी महिला परवीन खातून, इसका साथी राजस्थान निवासी सतीश, मंगोलपुरी निवासी संतोष और मोहन गार्डन निवासी बच्ची की मां मधु सिंह के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में परवीन के मोबाइल से कई बच्चों के सौदा करने का पता चला है। वॉट्सऐप मेसेज में नवजात लड़कों के लिए कबूतर तो लड़कियों के लिए कबूतरी का शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। बिचौलियों के साथ मिलकर अपने बच्चे को बेच रही थी महिला, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार माना जा रहा है कि उनके गैंग के लोग दिल्ली-एनसीआर के अलावा आसपास के राज्यों में फैले हुए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर गैंग के बाकी साथियों का पता लगाने का कोशिश कर रही है। अब तक करीब छह बच्चों का सौदा किया गया है। पुलिस गैंग से जुड़े बाकी लोगों की जानकारी हासिल कर रही है। इसके लिए मधु को छोड़कर बाकी आरोपी रिमांड पर हैं। परवीन और सतीश के खिलाफ पहले से दुष्कर्म व अन्य धाराओं में मामला दर्ज मिला है। डीसीपी सागर सिंह कलसी के मुताबिक, शनिवार को तीस हजारी पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि परवीन खातून नाम की एक महिला नवजात बच्चों का सौदा करती है। कॉन्स्टेबल राकेश और अंजू ने नकली ग्राहक बनकर परवीन से संपर्क किया। परवीन के साथ एक उसके साथी सतीश ने बताया कि मंगोलपुरी में रहने वाली संतोष नाम की महिला के पास कोई बच्चा है। नकली ग्राहक राकेश और अंजू परवीन और सतीश के साथ मंगोलपुरी संतोष के पास पहुंचे। बातचीत के बाद सौदा दो लाख रुपये में हुआ। इसके बाद मधु नाम की महिला को बुलाया गया। वह बच्ची की मां थी। एडवांस के रूप में परवीन को पचास हजार रुपये सौंप दिए गए। बाकी रुपये सब्जी मंडी इलाके से देने की बात की गई। रास्ते में परवीन ने तीस हजार मधु को, चार हजार सतीश और छह हतार संतोष को देकर बाकी दस हजार खुद रख लिए। KYC अपडेट के नाम पर ठगने वाला 'साइबर गैंग' पकड़ा गया सब्जी मंडी थाने में पूछताछ हुई। मधु ने बताया कि कि उसने सोलह दिसंबर दो हज़ार इक्कीस को ही बच्ची को जन्म दिया था। वह बच्ची नहीं चाहती थी। उसने संतोष से बच्ची का सौदा करवाने के लिए कहा था। परवीन के कुछ अस्पताल से भी संपर्क मिले हैं।
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HDFC Loan Interest Rates लोनधारकों को एचडीएफसी बैंक ने दिया महंगी ईएमआई का बड़ा झटका जाने डिटेल्स आपको जानकरी के लिए यह बता देते है। की एचडीएफसी बैंक ने लोन की ब्याज दरों को बढ़ाने की घोषणा करते हुए अपने लोन ग्राहकों को बहुत बड़ा झटका दे दिया है, जी हां बैंक ने चुनिंदा टेन्योर पर फंड आधारित उधार दरों की बेंचमार्क सीमांत लागत में 15 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी भी कर दी है। जी हां ऐसे में होम लोन और पर्सनल लोन और ऑटो लोन सहित सभी तरह के फ्लोटिंग लोन की ईएमआई बढ़ जाएगी।
आपको जानकरी के लिए यह बता देते है, तो एमसीएलआर तय करते समय कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है। और उसमे डिपॉजिट रेट और रेपो रेट, परिचालन लागत और नकद रिजर्व रेशियो बनाए रखने की लागत को भी शामिल किया गया है। जी हां रेपो रेट में बदलाव का प्रभाव एमसीएलआर रेट पर पड़ता है। और एमसीएलआर में बदलाव लोन की ब्याज दर को प्रभावित करती है। जी हां जो लोनधारक की ईएमआई में बढ़ोत्तरी के रूप में सामने आता है। एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के मुताबित एमसीएलआर की नई दरें 7 जुलाई 2023 से प्रभावी की जा रही हैं।
- आपको बता देते है की एचडीएफसी बैंक का ओवरनाइट एमसीएलआर 15 बीपीएस बढ़ाकर 8. 10 फीसदी से 8. 25 फीसदी कर दिया गया है।
- और इसमें एक महीने का एमसीएलआर 10 बीपीएस बढ़ाकर 8. 20 फीसदी से 8. 30 फीसदी हो गया है।
- इसमें तीन महीने का एमसीएलआर भी पिछले 8. 50 प्रतिशत से 10 आधार अंक बढ़कर 8. 60 प्रतिशत किया गया है।
- और इसमें छह महीने का एमसीएलआर पहले के 8. 85 प्रतिशत से 5 बीपीएस बढ़कर 8. 90 प्रतिशत हो गई है।
- एक वर्ष से अधिक टेन्योर के लिए एमसीएलआर 9. 05 प्रतिशत है, जी हां इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आपको जानकरी के लिए यह बता देते है, की एमसीएलआर में बढ़ोत्तरी का विपरीत प्रभाव होम लोन और ऑटो लोन, पर्सनल लोन सहित इससे जुड़े सभी तरह के लोन की ब्याज दर देखने को मिलेगा। और इसमें मौजूद लोनग्राहकों को अधिक ईएमआई चुकानी होगी, और जबकि नए लोनधारकों को ऊंची ब्याज दर पर लोन दिया जायेगा।
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HDFC Loan Interest Rates लोनधारकों को एचडीएफसी बैंक ने दिया महंगी ईएमआई का बड़ा झटका जाने डिटेल्स आपको जानकरी के लिए यह बता देते है। की एचडीएफसी बैंक ने लोन की ब्याज दरों को बढ़ाने की घोषणा करते हुए अपने लोन ग्राहकों को बहुत बड़ा झटका दे दिया है, जी हां बैंक ने चुनिंदा टेन्योर पर फंड आधारित उधार दरों की बेंचमार्क सीमांत लागत में पंद्रह बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी भी कर दी है। जी हां ऐसे में होम लोन और पर्सनल लोन और ऑटो लोन सहित सभी तरह के फ्लोटिंग लोन की ईएमआई बढ़ जाएगी। आपको जानकरी के लिए यह बता देते है, तो एमसीएलआर तय करते समय कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है। और उसमे डिपॉजिट रेट और रेपो रेट, परिचालन लागत और नकद रिजर्व रेशियो बनाए रखने की लागत को भी शामिल किया गया है। जी हां रेपो रेट में बदलाव का प्रभाव एमसीएलआर रेट पर पड़ता है। और एमसीएलआर में बदलाव लोन की ब्याज दर को प्रभावित करती है। जी हां जो लोनधारक की ईएमआई में बढ़ोत्तरी के रूप में सामने आता है। एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के मुताबित एमसीएलआर की नई दरें सात जुलाई दो हज़ार तेईस से प्रभावी की जा रही हैं। - आपको बता देते है की एचडीएफसी बैंक का ओवरनाइट एमसीएलआर पंद्रह बीपीएस बढ़ाकर आठ. दस फीसदी से आठ. पच्चीस फीसदी कर दिया गया है। - और इसमें एक महीने का एमसीएलआर दस बीपीएस बढ़ाकर आठ. बीस फीसदी से आठ. तीस फीसदी हो गया है। - इसमें तीन महीने का एमसीएलआर भी पिछले आठ. पचास प्रतिशत से दस आधार अंक बढ़कर आठ. साठ प्रतिशत किया गया है। - और इसमें छह महीने का एमसीएलआर पहले के आठ. पचासी प्रतिशत से पाँच बीपीएस बढ़कर आठ. नब्बे प्रतिशत हो गई है। - एक वर्ष से अधिक टेन्योर के लिए एमसीएलआर नौ. पाँच प्रतिशत है, जी हां इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। आपको जानकरी के लिए यह बता देते है, की एमसीएलआर में बढ़ोत्तरी का विपरीत प्रभाव होम लोन और ऑटो लोन, पर्सनल लोन सहित इससे जुड़े सभी तरह के लोन की ब्याज दर देखने को मिलेगा। और इसमें मौजूद लोनग्राहकों को अधिक ईएमआई चुकानी होगी, और जबकि नए लोनधारकों को ऊंची ब्याज दर पर लोन दिया जायेगा।
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प्रसिद्ध अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञ लोरेन थॉम्पसन (लोरेन थॉम्पसन) ने "निर्माण" की आलोचना की कि कुछ मीडिया एफ-एक्सएनयूएमएक्स लड़ाकू कार्यक्रम के लिए स्वीकार करते हैं, फरवरी एक्सएनएक्सएक्स के लिए रिपोर्ट करते हैं।
थॉम्पसन, विशेष रूप से, प्रभावशाली RealClearDefense वेबसाइट के आकलन से पूरी तरह असहमत हैं कि F-35 "लड़ाई में अविश्वसनीय, रक्षाहीन, दांत रहित और कमजोर है। " यह कथन, उनकी राय में, आलोचकों के "अत्यधिक अज्ञान" को दर्शाता है जो कार्यक्रम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। "गैर-जिम्मेदार आलोचकों की आलोचना" उन शुरुआती मामलों को गूँजती है जहाँ समान "सबवेस्टर्स" ने ऐसे कार्यक्रमों की पूर्ण विफलता घोषित की जैसे कि एफ -15 लड़ाकू, टंका अब्राम्स और वी -22 ऑस्प्रे कन्वर्टिप्लेन, जो तब विश्व स्तरीय मुकाबला प्रणाली बन गए, लॉरेंस लिखते हैं।
इस तरह की आधारहीन आलोचना F-35 लड़ाकू कार्यक्रम में शामिल हजारों इंजीनियरों और श्रमिकों के काम का मनोबल गिराने के लिए बनाई गई है, जो सीनेटर जॉन मैक्केन के अनुसार, "सबसे बड़ा लड़ाकू विमान" बन सकता है। इतिहास दुनिया विमानन'.
पहले से ही 8000 उड़ान परीक्षणों (योजना के आधे से अधिक) को पूरा कर लिया है। जब एक समस्या का पता लगाया जाता है, तो प्रत्येक बाद के विमान में परिवर्तन जल्दी से होता है। कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टोफर बोगडान का तर्क है कि विमान के विकास के इस चरण में समस्याओं की पहचान करने की इच्छा विशिष्ट हैः "यह वह समय है जब हम उन्हें खत्म करने और एक अत्यंत प्रभावी लड़ाकू विमान बनाने के लिए परीक्षण के दौरान किसी भी समस्या को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे लड़ाकू पायलट। "
2013 में, 1153 उड़ान पूरी हो गई थी, 9000 नियंत्रण बिंदु (कार्य) पहुंच गए थे। सॉफ़्टवेयर समस्याएँ 35 में मरीन कॉर्प्स के लिए F-2015 संस्करण को पेश करने की पेंटागन की योजनाओं को प्रभावित नहीं करेंगी। वर्टिकल टेल असेंबली के स्टील्थ कोटिंग्स और पायलट लक्ष्य पदनाम के हेलमेट की विश्वसनीयता के साथ समस्याओं को सफलतापूर्वक हल करते हैं। पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि उड़ान परीक्षण कार्यक्रम शायद ही किसी को संतुष्ट करता है, लेकिन बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने से पहले कमियों की तेजी से पहचान के लिए यह आवश्यक है।
कार्यक्रम के बारे में लिखने वाले पत्रकारों के पास पर्याप्त ज्ञान नहीं है और वे उन आलोचकों को अधिक संदर्भित करते हैं जो मौजूदा समस्याओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं और "उनकी बहुत चिंता करते हैं"।
F-35 कार्यक्रम सैन्य उपकरणों के इतिहास में सबसे जटिल परियोजना हो सकती है। वायु सेना, नौसेना, मरीन कॉर्प्स और हमारे कई सहयोगियों के लिए तीन पूरी तरह से अलग विमानों का निर्माण, थॉम्पसन लिखते हैं। अधिकांश जहाज पर उपकरण और सॉफ्टवेयर की जानकारी गुप्त है, क्योंकि सदी के मध्य तक अमेरिकी सैन्य विमानों की वैश्विक श्रेष्ठता बनाए रखना आवश्यक है। एफ-एक्सएनयूएमएक्स के निर्माण से उत्पन्न होने वाली समस्याएं, एक-एक करके समाप्त हो जाएंगी, अगर अमेरिका वैश्विक सुरक्षा के गारंटर की भूमिका को संरक्षित करना चाहता है, तो लेख के लेखक आश्वस्त हैं।
- मूल स्रोतः
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प्रसिद्ध अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञ लोरेन थॉम्पसन ने "निर्माण" की आलोचना की कि कुछ मीडिया एफ-एक्सएनयूएमएक्स लड़ाकू कार्यक्रम के लिए स्वीकार करते हैं, फरवरी एक्सएनएक्सएक्स के लिए रिपोर्ट करते हैं। थॉम्पसन, विशेष रूप से, प्रभावशाली RealClearDefense वेबसाइट के आकलन से पूरी तरह असहमत हैं कि F-पैंतीस "लड़ाई में अविश्वसनीय, रक्षाहीन, दांत रहित और कमजोर है। " यह कथन, उनकी राय में, आलोचकों के "अत्यधिक अज्ञान" को दर्शाता है जो कार्यक्रम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। "गैर-जिम्मेदार आलोचकों की आलोचना" उन शुरुआती मामलों को गूँजती है जहाँ समान "सबवेस्टर्स" ने ऐसे कार्यक्रमों की पूर्ण विफलता घोषित की जैसे कि एफ -पंद्रह लड़ाकू, टंका अब्राम्स और वी -बाईस ऑस्प्रे कन्वर्टिप्लेन, जो तब विश्व स्तरीय मुकाबला प्रणाली बन गए, लॉरेंस लिखते हैं। इस तरह की आधारहीन आलोचना F-पैंतीस लड़ाकू कार्यक्रम में शामिल हजारों इंजीनियरों और श्रमिकों के काम का मनोबल गिराने के लिए बनाई गई है, जो सीनेटर जॉन मैक्केन के अनुसार, "सबसे बड़ा लड़ाकू विमान" बन सकता है। इतिहास दुनिया विमानन'. पहले से ही आठ हज़ार उड़ान परीक्षणों को पूरा कर लिया है। जब एक समस्या का पता लगाया जाता है, तो प्रत्येक बाद के विमान में परिवर्तन जल्दी से होता है। कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टोफर बोगडान का तर्क है कि विमान के विकास के इस चरण में समस्याओं की पहचान करने की इच्छा विशिष्ट हैः "यह वह समय है जब हम उन्हें खत्म करने और एक अत्यंत प्रभावी लड़ाकू विमान बनाने के लिए परीक्षण के दौरान किसी भी समस्या को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे लड़ाकू पायलट। " दो हज़ार तेरह में, एक हज़ार एक सौ तिरेपन उड़ान पूरी हो गई थी, नौ हज़ार नियंत्रण बिंदु पहुंच गए थे। सॉफ़्टवेयर समस्याएँ पैंतीस में मरीन कॉर्प्स के लिए F-दो हज़ार पंद्रह संस्करण को पेश करने की पेंटागन की योजनाओं को प्रभावित नहीं करेंगी। वर्टिकल टेल असेंबली के स्टील्थ कोटिंग्स और पायलट लक्ष्य पदनाम के हेलमेट की विश्वसनीयता के साथ समस्याओं को सफलतापूर्वक हल करते हैं। पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि उड़ान परीक्षण कार्यक्रम शायद ही किसी को संतुष्ट करता है, लेकिन बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने से पहले कमियों की तेजी से पहचान के लिए यह आवश्यक है। कार्यक्रम के बारे में लिखने वाले पत्रकारों के पास पर्याप्त ज्ञान नहीं है और वे उन आलोचकों को अधिक संदर्भित करते हैं जो मौजूदा समस्याओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं और "उनकी बहुत चिंता करते हैं"। F-पैंतीस कार्यक्रम सैन्य उपकरणों के इतिहास में सबसे जटिल परियोजना हो सकती है। वायु सेना, नौसेना, मरीन कॉर्प्स और हमारे कई सहयोगियों के लिए तीन पूरी तरह से अलग विमानों का निर्माण, थॉम्पसन लिखते हैं। अधिकांश जहाज पर उपकरण और सॉफ्टवेयर की जानकारी गुप्त है, क्योंकि सदी के मध्य तक अमेरिकी सैन्य विमानों की वैश्विक श्रेष्ठता बनाए रखना आवश्यक है। एफ-एक्सएनयूएमएक्स के निर्माण से उत्पन्न होने वाली समस्याएं, एक-एक करके समाप्त हो जाएंगी, अगर अमेरिका वैश्विक सुरक्षा के गारंटर की भूमिका को संरक्षित करना चाहता है, तो लेख के लेखक आश्वस्त हैं। - मूल स्रोतः
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You Searched For "of Pleasure"
चूकिए मात. . . एक संस्थापक के नाम पर शराब की बोतल, लिखा- 'इन द मेमोरी ऑफ द मैन ऑफ प्लेजर'
पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के नाम पर एक शराब का नाम रखा गया है.
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You Searched For "of Pleasure" चूकिए मात. . . एक संस्थापक के नाम पर शराब की बोतल, लिखा- 'इन द मेमोरी ऑफ द मैन ऑफ प्लेजर' पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के नाम पर एक शराब का नाम रखा गया है. Cookie Settings.
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India vs Australia: भारत ने 2013 में आखिरी बार आईसीसी ट्रॉफी जीती थी और वो फाइनल भी इंग्लैंड में ही खेला गया था. अब 10 साल बाद भारत के पास उसे दोहराने का मौका है.
नई दिल्लीः कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है. क्रिकेट में भी ऐसा होता ही है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 जून से लंदन के ओवल में शुरू होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भी ऐसे ही एक इतिहास के दोहराए जाने की उम्मीद भारतीय फैंस कर रहे होंगे. ये इतिहास पिछले 10 सालों का है, जहां अलग-अलग फाइनल खेले गए हैं. कुछ तस्वीरों के खेल से इन फाइनल के विजेताओं वाली कहानी भारतीय फैंस टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में दोहराने की उम्मीद कर रहे हैं.
भारत और ऑस्ट्रेलिया में कौन जीतेगा, कौन टेस्ट चैंपियनशिप पर कब्जा करेगा, इसका फैसला तो अगले 4-5 दिनों के अंदर ही हो पाएगा. जब तक खेल शुरू होकर पूरा नहीं होता, तब तक तो सभी फैंस कुछ संकेतों के जरिये ही अपनी-अपनी टीम को चैंपियन मानेंगे, भले ही ये खुद को दिलासा देने के लिए ही हो.
ये भी पढ़ेंः क्यों ओवल को लेकर कोहली ने दी टीम को चेतावनी?
ओवल में बुधवार से शुरू हो रहे फाइनल से पहले कुछ तस्वीरों का ऐसा ही एक कोलाज आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किया गया. इसमें रोहित शर्मा और पैट कमिंस की वो तस्वीर भी थी, जो फाइनल से पहले ट्रॉफी (टेस्ट की गदा) के साथ दोनों कप्तानों ने खिंचवाई थी.
इन तस्वीरों से ऊपर इंग्लैंड में हुए पिछले 3 अलग-अलग फाइनलों की कप्तानों वाली ऐसी ही तस्वीरें भी हैं. ये तस्वीरें चैंपियंस ट्रॉफी 2013, वनडे वर्ल्ड कप 2019 और टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2021 की हैं. इन सभी तस्वीरों में जो भी कप्तान ट्रॉफी के दाईं ओर (तस्वीर में बाईं ओर) खड़ा रहा, आखिर में उसकी ही टीम चैंपियन बनी.
अब रोहित और कमिंस वाली तस्वीर में भारतीय कप्तान ट्रॉफी के दाईं ओर ही खड़े हैं. ऐसे में ये उम्मीद लगाना स्वाभाविक है कि इतिहास खुद को दोहराएगा. अगर ऐसा हुआ तो भारत का 2013 से चला आ रहा खिताब का इंतजार खत्म हो सकता है.
वैसे ये तो सिर्फ संकेतों की बात है और खुद को तसल्ली देने और मसखरी करने भर के तरीके हैं. असल फैसला तो ओवल के मैदान पर ही होगा. दोनों टीमों के बीच टक्कर बराबरी की है. टीम इंडिया को अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की गैरहाजिरी का नुकसान हुआ है लेकिन फिर भी रोहित शर्मा की टीम का दावा ऑस्ट्रेलिया से कम नहीं है.
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India vs Australia: भारत ने दो हज़ार तेरह में आखिरी बार आईसीसी ट्रॉफी जीती थी और वो फाइनल भी इंग्लैंड में ही खेला गया था. अब दस साल बाद भारत के पास उसे दोहराने का मौका है. नई दिल्लीः कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है. क्रिकेट में भी ऐसा होता ही है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सात जून से लंदन के ओवल में शुरू होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भी ऐसे ही एक इतिहास के दोहराए जाने की उम्मीद भारतीय फैंस कर रहे होंगे. ये इतिहास पिछले दस सालों का है, जहां अलग-अलग फाइनल खेले गए हैं. कुछ तस्वीरों के खेल से इन फाइनल के विजेताओं वाली कहानी भारतीय फैंस टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में दोहराने की उम्मीद कर रहे हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया में कौन जीतेगा, कौन टेस्ट चैंपियनशिप पर कब्जा करेगा, इसका फैसला तो अगले चार-पाँच दिनों के अंदर ही हो पाएगा. जब तक खेल शुरू होकर पूरा नहीं होता, तब तक तो सभी फैंस कुछ संकेतों के जरिये ही अपनी-अपनी टीम को चैंपियन मानेंगे, भले ही ये खुद को दिलासा देने के लिए ही हो. ये भी पढ़ेंः क्यों ओवल को लेकर कोहली ने दी टीम को चेतावनी? ओवल में बुधवार से शुरू हो रहे फाइनल से पहले कुछ तस्वीरों का ऐसा ही एक कोलाज आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स के ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किया गया. इसमें रोहित शर्मा और पैट कमिंस की वो तस्वीर भी थी, जो फाइनल से पहले ट्रॉफी के साथ दोनों कप्तानों ने खिंचवाई थी. इन तस्वीरों से ऊपर इंग्लैंड में हुए पिछले तीन अलग-अलग फाइनलों की कप्तानों वाली ऐसी ही तस्वीरें भी हैं. ये तस्वीरें चैंपियंस ट्रॉफी दो हज़ार तेरह, वनडे वर्ल्ड कप दो हज़ार उन्नीस और टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल दो हज़ार इक्कीस की हैं. इन सभी तस्वीरों में जो भी कप्तान ट्रॉफी के दाईं ओर खड़ा रहा, आखिर में उसकी ही टीम चैंपियन बनी. अब रोहित और कमिंस वाली तस्वीर में भारतीय कप्तान ट्रॉफी के दाईं ओर ही खड़े हैं. ऐसे में ये उम्मीद लगाना स्वाभाविक है कि इतिहास खुद को दोहराएगा. अगर ऐसा हुआ तो भारत का दो हज़ार तेरह से चला आ रहा खिताब का इंतजार खत्म हो सकता है. वैसे ये तो सिर्फ संकेतों की बात है और खुद को तसल्ली देने और मसखरी करने भर के तरीके हैं. असल फैसला तो ओवल के मैदान पर ही होगा. दोनों टीमों के बीच टक्कर बराबरी की है. टीम इंडिया को अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की गैरहाजिरी का नुकसान हुआ है लेकिन फिर भी रोहित शर्मा की टीम का दावा ऑस्ट्रेलिया से कम नहीं है.
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आज के समय में व्यक्ति कई बीमारियों से घिरा हुआ हैं जिनमें से एक हैं अस्थमा जो कि फेफड़ों और श्वास से जुड़ी हुई है। अस्थमा की गंभीर बिमारी जान तक ले सकती हैं। अस्थ की बिमारी में श्वास नालियों में सूजन होने लगती हैं जिसकी वजह से फेफड़ों में हवा अच्छे से नहीं पहुंच पाती हैं। हांलाकि अस्थमा को पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता हैं। लेकिन इस पर नियंत्रण जरूर पाया जा सकता हैं। आज हम आपको अस्थमा से जुड़ी पूरी जानकारी इस लेख में देने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में।
धूल-मिट्टी के कण, धुआं, सांस की परेशानी और भावनात्मक रूप से आहत होने पर अस्थमा के अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा घास, लकड़ी आदि के पराग कण, गैस, पेंट, स्मोकिंग और रसायनिक चीज़ों की गंध से अस्थमा का अटैक पड़ सकता है।
मौसम में बदलाव की वजह से होने वाले वायरल इंफेक्शन की वजह से भी अस्थमा बढ़ जाता है। परफ्यूम, हेयर स्प्रे आदि चीज़ों की गंध से भी अस्थमा के अटैक का खतरा बढ़ जाता है। पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी अस्थमा बढ़ने की संभावना रहती हैं । कुछ खान-पान की चीज़ों से भी अस्थमा के बढ़ने के चांसेज रहते हैं।
लगातार छींक आना, सांस फूलना, छाती में खिंचाव महसूस होना अस्थमा के लक्षण होते हैं। ब्रेड, पास्ता, केक और पेस्ट्री के ज्यादा सेवन से अस्थमा बढ़ सकता है। इसके अलावा, मूंगफली, सोया, मछली और अंडे, दूध और दूध से बने उत्पाद से भी अस्थमा के बढ़ने की संभावना रहती है। अस्थमा से बचने के लिए खाने में ताजे फल, सब्ज़ियां, दलिया, ब्राउन राइस और साबुत अनाज शामिल करें। चुकुंदर, ठंडा पेय पदार्थ, डेरी उत्पाद, रेड मीट, सफेद आटा आदि को न खाएं। योगा, एक्यूपंक्चर और व्यायाम अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
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आज के समय में व्यक्ति कई बीमारियों से घिरा हुआ हैं जिनमें से एक हैं अस्थमा जो कि फेफड़ों और श्वास से जुड़ी हुई है। अस्थमा की गंभीर बिमारी जान तक ले सकती हैं। अस्थ की बिमारी में श्वास नालियों में सूजन होने लगती हैं जिसकी वजह से फेफड़ों में हवा अच्छे से नहीं पहुंच पाती हैं। हांलाकि अस्थमा को पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता हैं। लेकिन इस पर नियंत्रण जरूर पाया जा सकता हैं। आज हम आपको अस्थमा से जुड़ी पूरी जानकारी इस लेख में देने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में। धूल-मिट्टी के कण, धुआं, सांस की परेशानी और भावनात्मक रूप से आहत होने पर अस्थमा के अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा घास, लकड़ी आदि के पराग कण, गैस, पेंट, स्मोकिंग और रसायनिक चीज़ों की गंध से अस्थमा का अटैक पड़ सकता है। मौसम में बदलाव की वजह से होने वाले वायरल इंफेक्शन की वजह से भी अस्थमा बढ़ जाता है। परफ्यूम, हेयर स्प्रे आदि चीज़ों की गंध से भी अस्थमा के अटैक का खतरा बढ़ जाता है। पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी अस्थमा बढ़ने की संभावना रहती हैं । कुछ खान-पान की चीज़ों से भी अस्थमा के बढ़ने के चांसेज रहते हैं। लगातार छींक आना, सांस फूलना, छाती में खिंचाव महसूस होना अस्थमा के लक्षण होते हैं। ब्रेड, पास्ता, केक और पेस्ट्री के ज्यादा सेवन से अस्थमा बढ़ सकता है। इसके अलावा, मूंगफली, सोया, मछली और अंडे, दूध और दूध से बने उत्पाद से भी अस्थमा के बढ़ने की संभावना रहती है। अस्थमा से बचने के लिए खाने में ताजे फल, सब्ज़ियां, दलिया, ब्राउन राइस और साबुत अनाज शामिल करें। चुकुंदर, ठंडा पेय पदार्थ, डेरी उत्पाद, रेड मीट, सफेद आटा आदि को न खाएं। योगा, एक्यूपंक्चर और व्यायाम अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
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सहायक निदेशक प्रवीण सिन्हा की अगुवाई में एक टीम CBI के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला की सिफारिश के अनुसार CBI के अपराध नियमावली को अपग्रेड कर रही है.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के शीर्ष अधिकारियों के बीच लड़ाई के साल भर से ज्यादा समय बाद जांच एजेंसी कई वरिष्ठ अधिकारियों के फेरबदल के लिए तैयार हैं. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. घटनाक्रम से जुड़े एक वरिष्ठ CBI सूत्र ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारियों का फेरबदल एजेंसी में अगले दो हफ्तों में दिखाई देगा." उन्होंने कहा कि एजेंसी ने संयुक्त निदेशक और पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों की सूची तैयार की है, जो सालों से एजेंसी में एक ही पद पर हैं.
CBI के एक अन्य सूत्र ने कहा कि तबादले सरकार द्वारा निर्धारित 'रूटीन' कार्यक्रम का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि तबादले में किसी अधिकारी को 'निशाना' नहीं बनाया जा रहा है और यह पूरी तरह से 'निष्पक्ष' है. बीते कुछ हफ्तों में CBI ने पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षकों और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों का तबादला किया है, जो बीते कुछ सालों से एक ही पद पर थे. सूत्र ने यह भी कहा कि सहायक निदेशक प्रवीण सिन्हा की अगुवाई में एक टीम CBI के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला की सिफारिश के अनुसार CBI के अपराध नियमावली को अपग्रेड कर रही है.
सूत्र के अनुसार, नए अपराध नियमावली में अब महत्वपूर्ण बदलाव शामिल होंगे जैसे भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और आपराधिक प्रक्रिया संहिता, इन दोनों में 2018 में संशोधन किए गए हैं. इसमें साइबर अपराधों पर भी ज्यादा ध्यान केंद्रित होगा. एजेंसी ने कहा कि नियमावली को अंतिम बार 2005 में र्रिडाफ्ट किया गया था, उसके बाद से अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. नियमावली से एजेंसी को अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जुड़ने और अपनी जांच में किसी भी तरह की समस्याओं को दूर करने के लिए समन्वय करने की निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करने में मदद मिलेगी.
अक्टूबर 2018 में तत्कालीन निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच लड़ाई सार्वजनिक हो गई थी. इसकी वजह से सरकार को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों अधिकारियों का एजेंसी से बाहर तबादला करना पड़ा.
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सहायक निदेशक प्रवीण सिन्हा की अगुवाई में एक टीम CBI के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला की सिफारिश के अनुसार CBI के अपराध नियमावली को अपग्रेड कर रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो के शीर्ष अधिकारियों के बीच लड़ाई के साल भर से ज्यादा समय बाद जांच एजेंसी कई वरिष्ठ अधिकारियों के फेरबदल के लिए तैयार हैं. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. घटनाक्रम से जुड़े एक वरिष्ठ CBI सूत्र ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारियों का फेरबदल एजेंसी में अगले दो हफ्तों में दिखाई देगा." उन्होंने कहा कि एजेंसी ने संयुक्त निदेशक और पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों की सूची तैयार की है, जो सालों से एजेंसी में एक ही पद पर हैं. CBI के एक अन्य सूत्र ने कहा कि तबादले सरकार द्वारा निर्धारित 'रूटीन' कार्यक्रम का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि तबादले में किसी अधिकारी को 'निशाना' नहीं बनाया जा रहा है और यह पूरी तरह से 'निष्पक्ष' है. बीते कुछ हफ्तों में CBI ने पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षकों और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों का तबादला किया है, जो बीते कुछ सालों से एक ही पद पर थे. सूत्र ने यह भी कहा कि सहायक निदेशक प्रवीण सिन्हा की अगुवाई में एक टीम CBI के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला की सिफारिश के अनुसार CBI के अपराध नियमावली को अपग्रेड कर रही है. सूत्र के अनुसार, नए अपराध नियमावली में अब महत्वपूर्ण बदलाव शामिल होंगे जैसे भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और आपराधिक प्रक्रिया संहिता, इन दोनों में दो हज़ार अट्ठारह में संशोधन किए गए हैं. इसमें साइबर अपराधों पर भी ज्यादा ध्यान केंद्रित होगा. एजेंसी ने कहा कि नियमावली को अंतिम बार दो हज़ार पाँच में र्रिडाफ्ट किया गया था, उसके बाद से अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. नियमावली से एजेंसी को अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जुड़ने और अपनी जांच में किसी भी तरह की समस्याओं को दूर करने के लिए समन्वय करने की निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करने में मदद मिलेगी. अक्टूबर दो हज़ार अट्ठारह में तत्कालीन निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच लड़ाई सार्वजनिक हो गई थी. इसकी वजह से सरकार को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों अधिकारियों का एजेंसी से बाहर तबादला करना पड़ा.
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इंफाल : मणिपुर में संदिग्ध उग्रवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक और असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए। काकचिंग जिले के सेरौ में सोमवार रात तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की। रक्षा सूत्रों ने बताया कि असम राइफल्स के घायल जवानों को इम्फाल के मंत्रीपुखरी ले जाया गया। प्रारंभिक तलाशी के दौरान, क्षेत्र से दो एके राइफलें, एक 51 मिमी मोर्टार, दो कार्बाइन, भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध के सामान बरामद किए गए हैं।
सूत्रों ने कहा, असम राइफल्स, बीएसएफ और मणिपुर पुलिस द्वारा सुगनू और सेरोउ क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया। सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच रात भर रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। सुरक्षा बलों ने गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया।
इस बीच, एक रक्षा विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले 48 घंटों में सुगनू और सेरौ में हिंसा, आगजनी और गोलीबारी की कई घटनाओं के कारण अतिरिक्त सैनिकों की फिर से तैनाती की आवश्यकता है। सैनिकों को हिंसा को रोकने के उपायों को बढ़ाने का काम सौंपा गया था। सोमवार को मणिपुर में जातीय संघर्ष छिड़ने के बाद भी सुगनू तुलनात्मक रूप से शांतिपूर्ण था।
हालांकि 2 जून को, भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक के. रंजीत के घर के साथ-साथ कई अन्य आवासों में आग लगा दी। सेरौ के सभी घर पूरी तरह से जल गए हैं और लोग सुगनू में शरण ले रहे हैं। घरों में आग लगने के बाद इलाके के लोगों ने एक कुकी उग्रवादी समूह के शिविर पर हमला शुरू कर दिया।
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इंफाल : मणिपुर में संदिग्ध उग्रवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में सीमा सुरक्षा बल का एक और असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए। काकचिंग जिले के सेरौ में सोमवार रात तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की। रक्षा सूत्रों ने बताया कि असम राइफल्स के घायल जवानों को इम्फाल के मंत्रीपुखरी ले जाया गया। प्रारंभिक तलाशी के दौरान, क्षेत्र से दो एके राइफलें, एक इक्यावन मिमी मोर्टार, दो कार्बाइन, भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध के सामान बरामद किए गए हैं। सूत्रों ने कहा, असम राइफल्स, बीएसएफ और मणिपुर पुलिस द्वारा सुगनू और सेरोउ क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया। सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच रात भर रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। सुरक्षा बलों ने गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया। इस बीच, एक रक्षा विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले अड़तालीस घंटाटों में सुगनू और सेरौ में हिंसा, आगजनी और गोलीबारी की कई घटनाओं के कारण अतिरिक्त सैनिकों की फिर से तैनाती की आवश्यकता है। सैनिकों को हिंसा को रोकने के उपायों को बढ़ाने का काम सौंपा गया था। सोमवार को मणिपुर में जातीय संघर्ष छिड़ने के बाद भी सुगनू तुलनात्मक रूप से शांतिपूर्ण था। हालांकि दो जून को, भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक के. रंजीत के घर के साथ-साथ कई अन्य आवासों में आग लगा दी। सेरौ के सभी घर पूरी तरह से जल गए हैं और लोग सुगनू में शरण ले रहे हैं। घरों में आग लगने के बाद इलाके के लोगों ने एक कुकी उग्रवादी समूह के शिविर पर हमला शुरू कर दिया।
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पिछले महीने, नितिन-रश्मिका मंदाना की 'भीष्म' बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, जिसमें वेंकी कुदुमुला को हैट्रिक में रखा गया. दो साल पहले उनकी पहली फिल्म 'चलो' भी बहुत हिट रही थी.
हमारे सूत्र हमें सूचित करते हैं कि युवा फिल्म निर्माता अब सुपरस्टार महेश बाबू की अच्छी पुस्तकों में खुद है. 'सरिलरु नीकेवरु' अभिनेता को वेंकी से एक कहानी सुनने के लिए सीखा गया है. इससे प्रभावित होकर, उसने उसे एक लिपि में विकसित करने के लिए कहा है. अब तक, महेश को अपनी अगली फिल्म 'गीता गोविंदम' के निर्माता परशुराम द्वारा अभिनीत करने की प्रतीक्षा है.
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पिछले महीने, नितिन-रश्मिका मंदाना की 'भीष्म' बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, जिसमें वेंकी कुदुमुला को हैट्रिक में रखा गया. दो साल पहले उनकी पहली फिल्म 'चलो' भी बहुत हिट रही थी. हमारे सूत्र हमें सूचित करते हैं कि युवा फिल्म निर्माता अब सुपरस्टार महेश बाबू की अच्छी पुस्तकों में खुद है. 'सरिलरु नीकेवरु' अभिनेता को वेंकी से एक कहानी सुनने के लिए सीखा गया है. इससे प्रभावित होकर, उसने उसे एक लिपि में विकसित करने के लिए कहा है. अब तक, महेश को अपनी अगली फिल्म 'गीता गोविंदम' के निर्माता परशुराम द्वारा अभिनीत करने की प्रतीक्षा है.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को अपने तीन दिवसीय यात्रा पर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने मंगलवार को यहां रामकृष्ण मिशन गए और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें 'ग्लोबल यूथ आइकन' बताया. इस दौरान, सिंह चालीस करोड़ वर्ष पुरानी बाटु गुफा मंदिर परिसर में गए जहां भगवान मुरुगन स्वामी का दर्शन किया. चूना पत्थर की पहाड़ी पर स्थित बाटु गुफा तकरीबन 40 करोड़ साल पुरानी है. भगवान मुरुगन को समर्पित 272 सीढ़ियों वाला प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है. आइये जानते हैं इस मुस्लिम देश में इतने पुराने हिन्दू मंदिर का महत्त्व.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रविवार को मलेशिया के तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हुए हैं. इस दौरान उन्होंने रामकृष्ण मिशन गए और उन्होंने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें 'ग्लोबल यूथ आइकन' बताया. गृहमंत्री बाटु गुफा मंदिर परिसर भी गए, जहां भारतीय कारीगरों द्वारा बनाई गई भगवान मुरुगन की प्रतिमा है. बाटु गुफा मंदिर समिति के अध्यक्ष तान श्री नादराजा ने भारतीय प्रवासी सदस्यों के साथ उनका स्वागत किया. (@DefenceMinIndia)
चुना पत्थर से बने बाटु मंदिर मलेशिया के सबसे बड़े टूरिस्ट स्पॉट के लिए फेमस है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह गुफा तकरीबन 40 करोड़ साल पुरानी है. ये मंदिर तमिल हिन्दुओं के लिए काफी खास है. 1878 से पहले स्थानीय लोगों के अलावा इस गुफा मंदिर के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी. 1891 में मलाया में तमिल हिंदू समुदाय के नेता के. थंबूसामी पिल्लै ने गुफाओं में मंदिर का निर्माण कराया था. (World Heritage Site)
ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर के प्रवेश द्वार का निर्माण भगवान मुरुगन द्वारा उपयोग किये जाने वाले वेल की नोक या भाला से प्रेरित था. थाईपुसम, मुरुगन को समर्पित तमिल हिंदू त्योहार, पहली बार 1892 में इस स्थल पर मनाया गया था और अब यह एक प्रमुख कार्यक्रम है जो सालाना सैकड़ों हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. (malayasia tourism)
शुरुआत में इस मंदिर में मुरुगन स्वामी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को जानें के लिए लकड़ियों की सीढियां बनी हुई थी. लेकिन 1920 में एक बदलाव के साथ पक्की सीढ़ियों का निर्माण किया गया. इन सीढ़ियों का रंगाई पुताई साल 2018 में की गई. मंदिर में जाने के लिए लोगों को 272 सीढ़ियों पर चढ़ना पढता है. इस मंदिर गुफा के मुख्य द्वार पर सोने से रंगी भगवान मुरुगन की मूर्ति है. इसको बनाने में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च हुए थे. भारत से लगभग 15 मूर्तिकार भी भेजे गए थे. (PTI)
बाटु मंदिर की सीढ़ियों पर लंबी पूंछ वाले मकाक नाम के जानवर पाए जाते हैं. ये बाटु गुफा जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है. यहां, संवहनी पौधों की लगभग 269 प्रजातियों का घर है, जिनमें से 56 केवल चूना पत्थर पर पाए जाते हैं. यहां, चमगादड़ों की 20 से अधिक प्रजातियाँ हैं. (thesmartlocal. my)
मुरुगन स्वामी, दक्षिण भारत के प्राचीन तमिलों के प्रमुख देवता योद्धा देवी कोर्रावई के पुत्र माने जाते हैं. मुरुगन स्वामी की पहचान उतर भारत के युद्ध के देवता स्कंद के रूप में पहचान हुई. मुरुगन स्वामी का प्रतिक जंगली मुर्गा है. 7वीं सदी में मुरुगन स्वामी के पूजा के लिए लिखे गए 'मार्गदर्शिका' में उपासकों को उनके इस मंदिर में जाने के लिए प्रोत्साहित करता है. (PTI)
इस गुफा मंदिर में सीढ़ियों के अलावा 160 और भी जाने के रस्ते हैं. लेकिन इसके लिए आपको रॉक क्लाइम्बिंग करके जाना होगा. बाटु की गुफाओं में तीन दीवारें है जिनको दमाई दीवार, नानयांग दीवार और न्यामुक दीवार हैं. यहाँ से गुफा में जाने के लिए कई रास्ते खुलते हैं. (thesmartlocal. my)
बाटु गुफाओं को संक्षेप में 10वीं गुफा या मुरुगन की पहाड़ी भी कहा जाता है क्योंकि इसके भारत में छह और मलेशिया में चार महत्वपूर्ण पवित्र मंदिर हैं. मलेशिया में तीन अन्य जो मुरुगन स्वामी मंदिर हैं वह- इपोह में कल्लूमलाई मंदिर, पेनांग में तन्नीरमलई मंदिर और मलक्का में सन्नासिमलाई मंदिर हैं. (TemplePurohit)
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रविवार को मलेशिया के तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हुए हैं. इस दौरान उन्होंने रामकृष्ण मिशन गए और उन्होंने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें 'ग्लोबल यूथ आइकन' बताया. गृहमंत्री बाटु गुफा मंदिर परिसर भी गए, जहां भारतीय कारीगरों द्वारा बनाई गई भगवान मुरुगन की प्रतिमा है. बाटु गुफा मंदिर समिति के अध्यक्ष तान श्री नादराजा ने भारतीय प्रवासी सदस्यों के साथ उनका स्वागत किया. (@DefenceMinIndia)
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को अपने तीन दिवसीय यात्रा पर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने मंगलवार को यहां रामकृष्ण मिशन गए और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें 'ग्लोबल यूथ आइकन' बताया. इस दौरान, सिंह चालीस करोड़ वर्ष पुरानी बाटु गुफा मंदिर परिसर में गए जहां भगवान मुरुगन स्वामी का दर्शन किया. चूना पत्थर की पहाड़ी पर स्थित बाटु गुफा तकरीबन चालीस करोड़ साल पुरानी है. भगवान मुरुगन को समर्पित दो सौ बहत्तर सीढ़ियों वाला प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है. आइये जानते हैं इस मुस्लिम देश में इतने पुराने हिन्दू मंदिर का महत्त्व. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रविवार को मलेशिया के तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हुए हैं. इस दौरान उन्होंने रामकृष्ण मिशन गए और उन्होंने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें 'ग्लोबल यूथ आइकन' बताया. गृहमंत्री बाटु गुफा मंदिर परिसर भी गए, जहां भारतीय कारीगरों द्वारा बनाई गई भगवान मुरुगन की प्रतिमा है. बाटु गुफा मंदिर समिति के अध्यक्ष तान श्री नादराजा ने भारतीय प्रवासी सदस्यों के साथ उनका स्वागत किया. चुना पत्थर से बने बाटु मंदिर मलेशिया के सबसे बड़े टूरिस्ट स्पॉट के लिए फेमस है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह गुफा तकरीबन चालीस करोड़ साल पुरानी है. ये मंदिर तमिल हिन्दुओं के लिए काफी खास है. एक हज़ार आठ सौ अठहत्तर से पहले स्थानीय लोगों के अलावा इस गुफा मंदिर के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी. एक हज़ार आठ सौ इक्यानवे में मलाया में तमिल हिंदू समुदाय के नेता के. थंबूसामी पिल्लै ने गुफाओं में मंदिर का निर्माण कराया था. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर के प्रवेश द्वार का निर्माण भगवान मुरुगन द्वारा उपयोग किये जाने वाले वेल की नोक या भाला से प्रेरित था. थाईपुसम, मुरुगन को समर्पित तमिल हिंदू त्योहार, पहली बार एक हज़ार आठ सौ बानवे में इस स्थल पर मनाया गया था और अब यह एक प्रमुख कार्यक्रम है जो सालाना सैकड़ों हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. शुरुआत में इस मंदिर में मुरुगन स्वामी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को जानें के लिए लकड़ियों की सीढियां बनी हुई थी. लेकिन एक हज़ार नौ सौ बीस में एक बदलाव के साथ पक्की सीढ़ियों का निर्माण किया गया. इन सीढ़ियों का रंगाई पुताई साल दो हज़ार अट्ठारह में की गई. मंदिर में जाने के लिए लोगों को दो सौ बहत्तर सीढ़ियों पर चढ़ना पढता है. इस मंदिर गुफा के मुख्य द्वार पर सोने से रंगी भगवान मुरुगन की मूर्ति है. इसको बनाने में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च हुए थे. भारत से लगभग पंद्रह मूर्तिकार भी भेजे गए थे. बाटु मंदिर की सीढ़ियों पर लंबी पूंछ वाले मकाक नाम के जानवर पाए जाते हैं. ये बाटु गुफा जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है. यहां, संवहनी पौधों की लगभग दो सौ उनहत्तर प्रजातियों का घर है, जिनमें से छप्पन केवल चूना पत्थर पर पाए जाते हैं. यहां, चमगादड़ों की बीस से अधिक प्रजातियाँ हैं. मुरुगन स्वामी, दक्षिण भारत के प्राचीन तमिलों के प्रमुख देवता योद्धा देवी कोर्रावई के पुत्र माने जाते हैं. मुरुगन स्वामी की पहचान उतर भारत के युद्ध के देवता स्कंद के रूप में पहचान हुई. मुरुगन स्वामी का प्रतिक जंगली मुर्गा है. सातवीं सदी में मुरुगन स्वामी के पूजा के लिए लिखे गए 'मार्गदर्शिका' में उपासकों को उनके इस मंदिर में जाने के लिए प्रोत्साहित करता है. इस गुफा मंदिर में सीढ़ियों के अलावा एक सौ साठ और भी जाने के रस्ते हैं. लेकिन इसके लिए आपको रॉक क्लाइम्बिंग करके जाना होगा. बाटु की गुफाओं में तीन दीवारें है जिनको दमाई दीवार, नानयांग दीवार और न्यामुक दीवार हैं. यहाँ से गुफा में जाने के लिए कई रास्ते खुलते हैं. बाटु गुफाओं को संक्षेप में दसवीं गुफा या मुरुगन की पहाड़ी भी कहा जाता है क्योंकि इसके भारत में छह और मलेशिया में चार महत्वपूर्ण पवित्र मंदिर हैं. मलेशिया में तीन अन्य जो मुरुगन स्वामी मंदिर हैं वह- इपोह में कल्लूमलाई मंदिर, पेनांग में तन्नीरमलई मंदिर और मलक्का में सन्नासिमलाई मंदिर हैं. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रविवार को मलेशिया के तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हुए हैं. इस दौरान उन्होंने रामकृष्ण मिशन गए और उन्होंने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें 'ग्लोबल यूथ आइकन' बताया. गृहमंत्री बाटु गुफा मंदिर परिसर भी गए, जहां भारतीय कारीगरों द्वारा बनाई गई भगवान मुरुगन की प्रतिमा है. बाटु गुफा मंदिर समिति के अध्यक्ष तान श्री नादराजा ने भारतीय प्रवासी सदस्यों के साथ उनका स्वागत किया.
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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- 54 min ago सोनाक्षी सिन्हा के साथ रोमांस करने से रणबीर कपूर ने कर दिया था इंकार? वजह है चौकाने वाली!
Don't Miss!
- Travel क्या है पानीपुरी का इतिहास और क्यों सर्च इंजन गूगल कर रहा है इसे Celebrate?
हैं।
1. शक्ति कपूर : हिंदी फिल्मों के मशहूर खलनायक और कॉमेडियन में से एक है शक्ति कपूर। इन्होंने अपनी रंगारंग प्रस्तुति से रविवारो को लोगों का दिल चुरा लिया।
2. पूजा बेदी : जाने-माने अभिनेता कबीर बेदी की मॉडल बेटी हैं पूजा बेदी। जिन्होंने जो जीता वो ही सिंकदर से हिन्दी फिल्मों में कदम रखा था। हालांकि इन्हें फिल्मों में आशाजनक सफलता नहीं मिली। इसके बाद ये कई विज्ञापनों में भी नजर आयीं। कुछ विवादों से भी इनका नाम जुड़ा रहा। पिछले कुछ समय से ये टीवी के कुछ कार्यक्रमों में नजर आयी हैं। इससे पहले इन्हें रियलिटी शो मां एक्सेंचज में देखा गया था।
3.
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हैं।
हैं।
थी।
थीं।
4. सोनिका कालीरामन : महिला पहलवानी में विश्न स्तर पर 6ठीं पोजिशन रखने वाली सोनिका भी इस शो का हिस्सा है। खास बात ये है कि वो गर्भवती हैं। उन्हें 6 महीने का गर्भ है। लेकिन फिर भी वो इस शो के जरिये नाम और शोहरत कमाना चाहती हैं।
5.
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है।
है।
है।
6. शोनाली नागरानी : मॉडल शोनाली नागरानी भी इस शो का हिस्सा है। ये टीवी विज्ञापन का जाना-पहचाना नाम है। इन्हें लोग डिटॉल गर्ल कहते हैं।
7.
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हैं।
है।
मूलतः
है।
8. अफगानी सुंदरी विदा समदजई : विदा बहुत ही खूबसूरत मॉडल और एक समाजसेवी है। वो महिलाओं के हक के लिए लंबी लड़ाई रह रही हैं।
9.
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है।
है।
10. मंदीप बेल्वी : हेडलाइंस टूडे के ग्लैमर शो को प्रसारित करने वाली एंकर मंदीप बल्वी भी इस शो का हिस्सा बनीं हैं। इससे पहले इन्हें न्यूज चैनल पर क्राइम बुलेटिन पढ़ते देखा गया था। लेकिन अपन अश्वील हरकतों के कारण उन्हें क्राइम शो छोड़ना पड़ा था।
11.
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विस्वास,
है।
था।
12. पूजा मिश्रा : एम टीवी की वीजे और बिकनी गर्ल्स के नाम से मशहूर पूजा मिश्रा भी इस शो का हिस्सा है।
13. नर्तकी गुलाबो सपेरा : राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त नृत्यांगना गुलाबो सपेरा भी इस बार शो में आपको दिखायी पड़ेगीं। इन्हें कालबेलिया नृत्य पुरोधा माना जाता है।
14. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी : गोरखपुर के मूल निवासी और किन्नर समाज के महागुरु के रूप में स्थापित गोरखपुर गौरव सम्मान से विभूषित लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी भी बिग बास सीजन-5 के मेहमान बन गए हैं।
ये 14 प्रतिभागी अगले तीन महीने तक 55 कैमरों के बीच बिग बॉस के घर में बंद रहेंगे। शो सोमवार से शुक्रवार को रात नौ बजे कलर्स पर प्रसारित होगा।
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कलकत्ता जाने वाली इतवार की शाम की गाड़ी । मुसाफिर नहीं के बराबर । एक डिब्बे में वह अकेला ही था । गाड़ी खुल जाने के बाद तेज़ी से भागते हुए धुमैले प्रांत और गांव की ओर ताकते हुए उसका मन गहरी हताशा से भर गया । केवल मैदान और गांव ही नहीं, उसे लगा, उसके नए जीवन का सारा संचय, सब प्राश्रय उससे दूर खिसकता जा रहा है । और ये सब खिसक रहे हैं, उसकी कमज़ोरी से, इसलिए कि वह उन्हें पकड़कर रख नहीं सका, पकड़कर रखने की उसे हिम्मत नहीं है इसलिए । जो भी हो, उसकी निरुद्देश्य यात्रा फिर शुरू हुई, इसमें संदेह नहीं ।
मगर जाए कहां वह ! श्रंधेरे दिगंत में कोई राह ही तो वह नहीं देख पाता । कौन निर्दय देवता उसके जीवन का सूत्र बन रहा है, कौन जाने ! कौन समझे, उसकी नीयत क्या है । साधारण कोई रास्ता उसके लिए नहीं । सहज रूप में शांति के उपभोग का उसे अधिकार नहीं । हर का देवता भी शायद अलग होता है । कम से कम जिस देवता ने उसके जीवन की ज़िम्मेदारी ली है, उसके चेहरे पर तो अभय की उज्ज्वल ज्योति नहीं । जिस कारनेम आकाश के नक्षत्र लोक में व्यवधान की सृष्टि की है, उस देवता का प्रासन शायद उसी अंधकार में है, उसकी नीयत दुर्बोध है, पथ अज्ञेय । अपने ख्याल से उसने उसके जीवन में काली यवनिका खींची है । उस यवनिका को उसने हटाना चाहा था, नए जीवन में रुपहले जाल बुनकर उस अंधेरे को ढकना चाहा था, लेकिन फिर अपने बेरहम हाथों से उसने उसे फाड़ डाला, उलझन डालकर सब बेकार कर दिया ।
बाहर अंधेरा घना होता आ रहा था । अंदर की रोशनी साफ झलकने लगी । यह एकांत डिब्बा उसके मन-सा ही मानो एक अलग जगत् होता जा रहा था । जानी- चीन्ही दुनिया अंधकार में डूब गई । रह गया
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कलकत्ता जाने वाली इतवार की शाम की गाड़ी । मुसाफिर नहीं के बराबर । एक डिब्बे में वह अकेला ही था । गाड़ी खुल जाने के बाद तेज़ी से भागते हुए धुमैले प्रांत और गांव की ओर ताकते हुए उसका मन गहरी हताशा से भर गया । केवल मैदान और गांव ही नहीं, उसे लगा, उसके नए जीवन का सारा संचय, सब प्राश्रय उससे दूर खिसकता जा रहा है । और ये सब खिसक रहे हैं, उसकी कमज़ोरी से, इसलिए कि वह उन्हें पकड़कर रख नहीं सका, पकड़कर रखने की उसे हिम्मत नहीं है इसलिए । जो भी हो, उसकी निरुद्देश्य यात्रा फिर शुरू हुई, इसमें संदेह नहीं । मगर जाए कहां वह ! श्रंधेरे दिगंत में कोई राह ही तो वह नहीं देख पाता । कौन निर्दय देवता उसके जीवन का सूत्र बन रहा है, कौन जाने ! कौन समझे, उसकी नीयत क्या है । साधारण कोई रास्ता उसके लिए नहीं । सहज रूप में शांति के उपभोग का उसे अधिकार नहीं । हर का देवता भी शायद अलग होता है । कम से कम जिस देवता ने उसके जीवन की ज़िम्मेदारी ली है, उसके चेहरे पर तो अभय की उज्ज्वल ज्योति नहीं । जिस कारनेम आकाश के नक्षत्र लोक में व्यवधान की सृष्टि की है, उस देवता का प्रासन शायद उसी अंधकार में है, उसकी नीयत दुर्बोध है, पथ अज्ञेय । अपने ख्याल से उसने उसके जीवन में काली यवनिका खींची है । उस यवनिका को उसने हटाना चाहा था, नए जीवन में रुपहले जाल बुनकर उस अंधेरे को ढकना चाहा था, लेकिन फिर अपने बेरहम हाथों से उसने उसे फाड़ डाला, उलझन डालकर सब बेकार कर दिया । बाहर अंधेरा घना होता आ रहा था । अंदर की रोशनी साफ झलकने लगी । यह एकांत डिब्बा उसके मन-सा ही मानो एक अलग जगत् होता जा रहा था । जानी- चीन्ही दुनिया अंधकार में डूब गई । रह गया
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Dumka, 22 September: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दुमका में नक्सलियों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि नक्सली विकास कार्यों में अड़चन पैदा ना करें. वे आदिवासी, गरीबों के बच्चों को गुमराह नहीं करें. उनके हाथों में बंदूक न दें. सरकार उनके हाथों में कलम और कंप्यूटर देना चाहती है. राजनाथ ने कहा क्या नक्सली नेता यह बताएंगे कि वह अपने बच्चों के हाथों में बंदूक दे रहे हैं या कलम. उन्होंने कहा कि नक्सलियों का आधार सिकुड़ रहा है. नक्सल समाप्त हो कर रहेगा. इसे कोई ताकत रोक नहीं सकती. नक्सली आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करें. उन्हें अब हिंसा का रास्ता छोड़ना होगा. गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार को जन सहयोग की जरूरत है. रघुवर सरकार के 1000 दिन पूरे होने पर दुमका में आयोजित गरीब कल्याण मेला समापन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ बोल रहे थे. इस मौके पर उन्होंने 3184. 66 करोड़ की 274 योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया.
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनिया में तेजी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था का नाम है. अब भारत कमजोर भारत नहीं रहा, बल्कि भारत का मस्तक पूरी दुनिया में ऊंचा हुआ है. उन्होंने कहा कि इस ताकतवर भारत के खिलाफ सीमा पर पाकिस्तान कोई भी गलत हरकत करता है तो उसका भारत मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मानना है कि देश व राज्य का विकास हो, लेकिन इसके लिए किसानों का विकास बेहद जरुरी है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री रघुवर दास की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने 1000 दिनों में करिश्माई कार्य किया है. राज्य सरकार की जो जिम्मेदारी थी उसका निर्वहन सही ढंग से किया गया. अटल जी ने जिस सपने और सोच के साथ अलग झारखंड राज्य की परिकल्पना की थी वह अब साकार हो रहा है. झारखंड में मानव संसाधन, प्रकृति संसाधन की कोई कमी नहीं थी. कमी तो नियोजित ढंग से कार्य करने की, लेकिन जिस सुनियोजित ढंग से अब कार्य हो रहा है उससे यह प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में झारखंड देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा होगा.
राजनाथ ने कहा कि राज्य में अब पहले जैसी बात नहीं. यहां का सकल घरेलू उत्पाद दर 8. 6 है और इसी रफ्तार से अगर विकास के कार्य होते रहे तो 2019 तक 10% से ऊपर तक विकास दर जाएगा, यह मेरा यकीन है. राज्य में विदेशों से पूंजी लगाने वाले आ रहे हैं. उद्योग लगने और लगाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है. इस मार्ग में कई कठिनाइयां थी, जिसे राज्य के मुख्यमंत्री ने दूर किया है. यही वजह है कि व्यापार करने में सुगमता मामले में झारखंड जो पहले 29 वें स्थान पर था वह 7 वें स्थान पर आ गया है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 1000 दिन मेरा पराक्रम नहीं, बल्कि जनता के आशीर्वाद से यह प्राप्त हुआ है. जनता की अपेक्षाओं और उनकी कसौटी पर खरा उतरने से असीम आनंद की प्राप्ति होती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण मेला के आयोजन का उद्देश्य यही है कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को सीधे मिले. आजादी के बाद से यहां के लोग बिचौलियों द्वारा शोषित होते रहे हैं, लेकिन अब सरकार और जनता के बीच कोई दीवार नहीं रहेगी. राज्य सरकार ने तय किया है कि बजट का एक एक पैसा गरीब के घर में जाना चाहिए. सीएम ने कहा कि संथाल की जनता को मतपेटी भरने के लिए उपयोग किया गया और नेताओं ने अपना जेब भरा. जनता पीछे रह गई लेकिन वर्तमान सरकार ने तय किया है कि योजनाओं का लाभ लोगों को पारदर्शी ढंग से प्राप्त हो.
सीएम ने कहा कि 11 से 22 सितंबर तक आयोजित गरीब कल्याण मेला के जरिए 800 करोड़ रुपए की योजनाओं के लाभ से राज्य के लोगों को लाभांवित किया गया है. कुल 1 लाख 50 हजार लोग लाभान्वित हुए. आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु 8, 820 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले आधारभूत संरचनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण हुआ. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक राज्य के 8 लाख गरीब परिवारों के बीच गैस सिलेंडर और चूल्हा का वितरण हुआ है. 2018 मार्च तक 18 लाख परिवारों को इस योजना से आच्छादित करने का लक्ष्य तय किया गया है. महिलाओं को स्वालंबन की ओर अग्रसर करने के लिए 90% अनुदान पर दो-दो गाय उपलब्ध कराया जा रहा है.
कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत परिसंपत्तियों का वितरण किया. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अरविंद कुमार, स्वाइल हेल्थ कार्ड के तहत पीयूष कुमार व राज प्रसाद, वनाधिकार पट्टा के तहत रमणी हांसदा व बबलू किस्कू, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत धर्मी देवी, स्वयंसेवी संस्था को बैंक लिंकेज हेतु ज्योतसना सिंह व जमेली मुर्मू, बैंक सेवी संतोष सोरेन को ईपॉश मशीन सांकेतिक रूप से सौंपा. कार्यक्रम में दुमका समाहरणालय को आईएसओ सर्टिफिकेट दिया गया. बदलता दुमका, dazzling दुमका नामक पुस्तक का विमोचन और मयूराक्षी सिल्क ब्रांड का शुभारंभ किया गया.
कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री सीपी सिंह, अमर कुमार बाउरी, डॉ लुइस मरांडी, डॉ नीरा यादव, मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मंत्री राज पलिवार, मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, रणधीर कुमार सिंह, सांसद रवीन्द्र राय, लक्ष्मण गिलुआ और भाजपा के कई विधायक के अलावा मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और डीजीपी डीके पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
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Dumka, बाईस सितंबरtember: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दुमका में नक्सलियों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि नक्सली विकास कार्यों में अड़चन पैदा ना करें. वे आदिवासी, गरीबों के बच्चों को गुमराह नहीं करें. उनके हाथों में बंदूक न दें. सरकार उनके हाथों में कलम और कंप्यूटर देना चाहती है. राजनाथ ने कहा क्या नक्सली नेता यह बताएंगे कि वह अपने बच्चों के हाथों में बंदूक दे रहे हैं या कलम. उन्होंने कहा कि नक्सलियों का आधार सिकुड़ रहा है. नक्सल समाप्त हो कर रहेगा. इसे कोई ताकत रोक नहीं सकती. नक्सली आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करें. उन्हें अब हिंसा का रास्ता छोड़ना होगा. गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार को जन सहयोग की जरूरत है. रघुवर सरकार के एक हज़ार दिन पूरे होने पर दुमका में आयोजित गरीब कल्याण मेला समापन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ बोल रहे थे. इस मौके पर उन्होंने तीन हज़ार एक सौ चौरासी. छयासठ करोड़ की दो सौ चौहत्तर योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनिया में तेजी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था का नाम है. अब भारत कमजोर भारत नहीं रहा, बल्कि भारत का मस्तक पूरी दुनिया में ऊंचा हुआ है. उन्होंने कहा कि इस ताकतवर भारत के खिलाफ सीमा पर पाकिस्तान कोई भी गलत हरकत करता है तो उसका भारत मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मानना है कि देश व राज्य का विकास हो, लेकिन इसके लिए किसानों का विकास बेहद जरुरी है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने दो हज़ार बाईस तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री रघुवर दास की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक हज़ार दिनों में करिश्माई कार्य किया है. राज्य सरकार की जो जिम्मेदारी थी उसका निर्वहन सही ढंग से किया गया. अटल जी ने जिस सपने और सोच के साथ अलग झारखंड राज्य की परिकल्पना की थी वह अब साकार हो रहा है. झारखंड में मानव संसाधन, प्रकृति संसाधन की कोई कमी नहीं थी. कमी तो नियोजित ढंग से कार्य करने की, लेकिन जिस सुनियोजित ढंग से अब कार्य हो रहा है उससे यह प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में झारखंड देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा होगा. राजनाथ ने कहा कि राज्य में अब पहले जैसी बात नहीं. यहां का सकल घरेलू उत्पाद दर आठ. छः है और इसी रफ्तार से अगर विकास के कार्य होते रहे तो दो हज़ार उन्नीस तक दस% से ऊपर तक विकास दर जाएगा, यह मेरा यकीन है. राज्य में विदेशों से पूंजी लगाने वाले आ रहे हैं. उद्योग लगने और लगाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है. इस मार्ग में कई कठिनाइयां थी, जिसे राज्य के मुख्यमंत्री ने दूर किया है. यही वजह है कि व्यापार करने में सुगमता मामले में झारखंड जो पहले उनतीस वें स्थान पर था वह सात वें स्थान पर आ गया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि एक हज़ार दिन मेरा पराक्रम नहीं, बल्कि जनता के आशीर्वाद से यह प्राप्त हुआ है. जनता की अपेक्षाओं और उनकी कसौटी पर खरा उतरने से असीम आनंद की प्राप्ति होती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण मेला के आयोजन का उद्देश्य यही है कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को सीधे मिले. आजादी के बाद से यहां के लोग बिचौलियों द्वारा शोषित होते रहे हैं, लेकिन अब सरकार और जनता के बीच कोई दीवार नहीं रहेगी. राज्य सरकार ने तय किया है कि बजट का एक एक पैसा गरीब के घर में जाना चाहिए. सीएम ने कहा कि संथाल की जनता को मतपेटी भरने के लिए उपयोग किया गया और नेताओं ने अपना जेब भरा. जनता पीछे रह गई लेकिन वर्तमान सरकार ने तय किया है कि योजनाओं का लाभ लोगों को पारदर्शी ढंग से प्राप्त हो. सीएम ने कहा कि ग्यारह से बाईस सितंबर तक आयोजित गरीब कल्याण मेला के जरिए आठ सौ करोड़ रुपए की योजनाओं के लाभ से राज्य के लोगों को लाभांवित किया गया है. कुल एक लाख पचास हजार लोग लाभान्वित हुए. आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु आठ, आठ सौ बीस करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले आधारभूत संरचनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण हुआ. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक राज्य के आठ लाख गरीब परिवारों के बीच गैस सिलेंडर और चूल्हा का वितरण हुआ है. दो हज़ार अट्ठारह मार्च तक अट्ठारह लाख परिवारों को इस योजना से आच्छादित करने का लक्ष्य तय किया गया है. महिलाओं को स्वालंबन की ओर अग्रसर करने के लिए नब्बे% अनुदान पर दो-दो गाय उपलब्ध कराया जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत परिसंपत्तियों का वितरण किया. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अरविंद कुमार, स्वाइल हेल्थ कार्ड के तहत पीयूष कुमार व राज प्रसाद, वनाधिकार पट्टा के तहत रमणी हांसदा व बबलू किस्कू, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत धर्मी देवी, स्वयंसेवी संस्था को बैंक लिंकेज हेतु ज्योतसना सिंह व जमेली मुर्मू, बैंक सेवी संतोष सोरेन को ईपॉश मशीन सांकेतिक रूप से सौंपा. कार्यक्रम में दुमका समाहरणालय को आईएसओ सर्टिफिकेट दिया गया. बदलता दुमका, dazzling दुमका नामक पुस्तक का विमोचन और मयूराक्षी सिल्क ब्रांड का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री सीपी सिंह, अमर कुमार बाउरी, डॉ लुइस मरांडी, डॉ नीरा यादव, मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मंत्री राज पलिवार, मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, रणधीर कुमार सिंह, सांसद रवीन्द्र राय, लक्ष्मण गिलुआ और भाजपा के कई विधायक के अलावा मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और डीजीपी डीके पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब खुद बीरभूम जिले की बागडोर संभालेंगी। दरअसल बीरभूम के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल फिलहाल जेल में बंद में है। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस की बागडोर संभालने का बीड़ा खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उठाया। ममता बनर्जी ने कहा कि बीरभूम जिले की देखरेख वो खुद करेंगी।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब खुद बीरभूम जिले की बागडोर संभालेंगी। दरअसल बीरभूम के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल फिलहाल जेल में बंद में है। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस की बागडोर संभालने का बीड़ा खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उठाया। ममता बनर्जी ने कहा कि बीरभूम जिले की देखरेख वो खुद करेंगी।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर के तिरुवानतमपुरम वाले दफ्तर में हमलावरों ने तोड़फोड़ की साथ ही उनके पोस्टर पर कालिख पोती।
नई दिल्ली, 16 जुलाईः कांग्रेस सांसद शशि थरूर के तिरुवानतमपुरम वाले दफ्तर में पर सोमवार को हमला हुआ है। हमलावरों के उनके दफ्तर जाकर तोड़फोड़ की साथ ही उनके पोस्टर पर कालिख पोती। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शशि थरूर ने बताया कि लोग यहां अपनी मर्जी से आते हैं, लेकिन आप उन्हें डरा रहे हो। क्या हम अपने देश में यही चाहते हैं? और मैं यह सवाल एक सांसद होने के नाते नहीं बल्कि एक नागरिक होने के नाते पूछ रहा हूं। यह हिंदू धर्म नहीं है जिसे मैं जानता हूं।
शशि थरूर ने इस हमले का इल्जाम बीजेपी पर लगाया है। उनके इस के बाद सोशल मीडिया पर किसी ने उनसे एक सवाल किया कि वैज्ञानिक की सिद्धि के अनुसार हर एक्सन का रिएक्शन होता है, तो अगर बीजेपी ने यह हमला करवाया है तो तो उन्हें उकसाया किसने है। इस ट्वीट का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा 'कोई नहीं, एक विवादित भाषण की प्रतिक्रिया केवल एक विवादित भाषण है ना की बर्बरता। लेकिन इस मूल के आपको लोकतांत्रिक होने की जरूरत है। संघ परिवार के बहुत से लोगों को अभी यह स्पष्ट नहीं है।
बता दें कि कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कहा था कि 'अगर साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा जीतती है, तो हिंदुस्तान का संविधान खतरे में पड़ जाएगा। भारत 'हिंदू पाकिस्तान' बन जाएगा और भाजपा की जीत से लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में पड़ जाएंगे।
इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने शनिवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ समन जारी किया था। वकील सुमित चौधरी ने आरोप इनपर आरोप लगाते हुए कहा कि थरूर की टिप्पणियों से धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचा है। और साथ ही उनपर संविधान का अपमान करने का भी आरोप लगाया है। इसके बाद कोर्ट ने शशि थरूर को 14 अगस्त को अदालत में पेश होने को कहा है।
वहीं, इसपर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा था कि, शशि थरूर का यह कहना है कि अगर 2019 में बजेपी सरकार बनाती है तो भारत 'हिन्दू पाकिस्तान' बन जाएगा। इससे ज्यादा आपत्तिजनक विषय भारत के लिए और कोई नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि, 'हिन्दू पाकिस्तान' शब्द का प्रयोग करके कांग्रेस पार्टी ने हिन्दुस्तान के लोकतंत्र और देश के हिन्दुओं पर प्रहार किया है। संबित पात्रा ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी से नफरत करते-करते कांग्रेस पार्टी लक्ष्मण रेखा लांघ गई है और अब उन्होंने हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तान के लोकतंत्र के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। पात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि, कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी तुच्छ राजनीति के चलते भारत को नीचा दिखाने का काम करते हैं। कांग्रेस में शशि थरूर पहले नेता नहीं हैं। मणिशंकर अय्यर और राहुल गांधी भी पहले भारत के खिलाफ बयान दे चुके हैं।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर के तिरुवानतमपुरम वाले दफ्तर में हमलावरों ने तोड़फोड़ की साथ ही उनके पोस्टर पर कालिख पोती। नई दिल्ली, सोलह जुलाईः कांग्रेस सांसद शशि थरूर के तिरुवानतमपुरम वाले दफ्तर में पर सोमवार को हमला हुआ है। हमलावरों के उनके दफ्तर जाकर तोड़फोड़ की साथ ही उनके पोस्टर पर कालिख पोती। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शशि थरूर ने बताया कि लोग यहां अपनी मर्जी से आते हैं, लेकिन आप उन्हें डरा रहे हो। क्या हम अपने देश में यही चाहते हैं? और मैं यह सवाल एक सांसद होने के नाते नहीं बल्कि एक नागरिक होने के नाते पूछ रहा हूं। यह हिंदू धर्म नहीं है जिसे मैं जानता हूं। शशि थरूर ने इस हमले का इल्जाम बीजेपी पर लगाया है। उनके इस के बाद सोशल मीडिया पर किसी ने उनसे एक सवाल किया कि वैज्ञानिक की सिद्धि के अनुसार हर एक्सन का रिएक्शन होता है, तो अगर बीजेपी ने यह हमला करवाया है तो तो उन्हें उकसाया किसने है। इस ट्वीट का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा 'कोई नहीं, एक विवादित भाषण की प्रतिक्रिया केवल एक विवादित भाषण है ना की बर्बरता। लेकिन इस मूल के आपको लोकतांत्रिक होने की जरूरत है। संघ परिवार के बहुत से लोगों को अभी यह स्पष्ट नहीं है। बता दें कि कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने कहा था कि 'अगर साल दो हज़ार उन्नीस में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा जीतती है, तो हिंदुस्तान का संविधान खतरे में पड़ जाएगा। भारत 'हिंदू पाकिस्तान' बन जाएगा और भाजपा की जीत से लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में पड़ जाएंगे। इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने शनिवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ समन जारी किया था। वकील सुमित चौधरी ने आरोप इनपर आरोप लगाते हुए कहा कि थरूर की टिप्पणियों से धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचा है। और साथ ही उनपर संविधान का अपमान करने का भी आरोप लगाया है। इसके बाद कोर्ट ने शशि थरूर को चौदह अगस्त को अदालत में पेश होने को कहा है। वहीं, इसपर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा था कि, शशि थरूर का यह कहना है कि अगर दो हज़ार उन्नीस में बजेपी सरकार बनाती है तो भारत 'हिन्दू पाकिस्तान' बन जाएगा। इससे ज्यादा आपत्तिजनक विषय भारत के लिए और कोई नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि, 'हिन्दू पाकिस्तान' शब्द का प्रयोग करके कांग्रेस पार्टी ने हिन्दुस्तान के लोकतंत्र और देश के हिन्दुओं पर प्रहार किया है। संबित पात्रा ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी से नफरत करते-करते कांग्रेस पार्टी लक्ष्मण रेखा लांघ गई है और अब उन्होंने हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तान के लोकतंत्र के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। पात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि, कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी तुच्छ राजनीति के चलते भारत को नीचा दिखाने का काम करते हैं। कांग्रेस में शशि थरूर पहले नेता नहीं हैं। मणिशंकर अय्यर और राहुल गांधी भी पहले भारत के खिलाफ बयान दे चुके हैं। लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर सब्सक्राइब करें!
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दिल्ली में कोरोना वायरस (How many cases of coronavirus in Delhi) दिल्ली में बुधवार को कोरोना वायरस के 1,398 नए केस केस सामने आए हैं। वहीं, एक दिन में 9 लोगों को कोरोना की चपेट में आने से मौत हुई है।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को दिल्ली में कोरोना के 1,398 नए केस सामने आए हैं। वहीं, एक दिन में कोरोना वायरस की चपेट में आने से 9 लोगों की मौत हुई है। उधर, दिल्ली में पिछले 24 घंंटे में 1,320 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं।
दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल मामले 1,56,139 हो गए हैं। वहीं अब तक कोरोना के संक्रमण से ग्रसित 1,40,767 मरीज ठीक हो चुके हैं। दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 4,235 हो गई है। दिल्ली में अब भी कोरोना के 11,137 ऐक्टिव केस हैं।
दिल्ली में अब खुलेंगे होटल पर बंद रहेंगे जिम देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण (COVID-19) के खतरे के बीच अब अनलॉक 3 की प्रक्रिया को शुरू होने जा रही है। बुधवार को दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है। अब दिल्ली में होटल खोलने की मंजूरी मिल गई है। मगर जिम (Gym) में कसरत करने के लिए कुछ वक्त और इंतजार करना पड़ेगा। दिल्ली में जिम खोलने की इजाजत फिलहाल नहीं दी गई है।
ट्रायल बेसिस पर खुलेंगे साप्ताहिक बाजार फिलहाल ट्रायल बेसिस पर साप्ताहिक बाजारों को खोलने की मंजूरी दी गई है। बता दें कि दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट आथॉरिटी की बैठक में इस फैसलों पर मुहर लगाई गई है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट आथॉरिटी की बैठक बुधवार को हुई, इस बैठक में एलजी बैजल और सीएम अरविंद केजरीवाल समेत प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि बैठक में दिल्ली में कोरोना संक्रमण के ताजा हालातों पर चर्चा और समीक्षा के बाद होटल, जिम और बाजार खोलने पर फैसला लिया गया है।
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दिल्ली में कोरोना वायरस दिल्ली में बुधवार को कोरोना वायरस के एक,तीन सौ अट्ठानवे नए केस केस सामने आए हैं। वहीं, एक दिन में नौ लोगों को कोरोना की चपेट में आने से मौत हुई है। नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को दिल्ली में कोरोना के एक,तीन सौ अट्ठानवे नए केस सामने आए हैं। वहीं, एक दिन में कोरोना वायरस की चपेट में आने से नौ लोगों की मौत हुई है। उधर, दिल्ली में पिछले चौबीस घंंटे में एक,तीन सौ बीस कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल मामले एक,छप्पन,एक सौ उनतालीस हो गए हैं। वहीं अब तक कोरोना के संक्रमण से ग्रसित एक,चालीस,सात सौ सरसठ मरीज ठीक हो चुके हैं। दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या चार,दो सौ पैंतीस हो गई है। दिल्ली में अब भी कोरोना के ग्यारह,एक सौ सैंतीस ऐक्टिव केस हैं। दिल्ली में अब खुलेंगे होटल पर बंद रहेंगे जिम देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच अब अनलॉक तीन की प्रक्रिया को शुरू होने जा रही है। बुधवार को दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है। अब दिल्ली में होटल खोलने की मंजूरी मिल गई है। मगर जिम में कसरत करने के लिए कुछ वक्त और इंतजार करना पड़ेगा। दिल्ली में जिम खोलने की इजाजत फिलहाल नहीं दी गई है। ट्रायल बेसिस पर खुलेंगे साप्ताहिक बाजार फिलहाल ट्रायल बेसिस पर साप्ताहिक बाजारों को खोलने की मंजूरी दी गई है। बता दें कि दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट आथॉरिटी की बैठक में इस फैसलों पर मुहर लगाई गई है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट आथॉरिटी की बैठक बुधवार को हुई, इस बैठक में एलजी बैजल और सीएम अरविंद केजरीवाल समेत प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि बैठक में दिल्ली में कोरोना संक्रमण के ताजा हालातों पर चर्चा और समीक्षा के बाद होटल, जिम और बाजार खोलने पर फैसला लिया गया है।
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दिल्ली।
है।
सके।
है।
था।
गौरतलब है कि 11 जून, 1992 में वनडे करियर का डेब्यू करने वाले सौरव गांगुली को 2000 में उस वक्त लीडरशिप का मौका मिला, जब भारतीय क्रिकेट को मैच फिक्सिंग से दो-चार होना पड़ा था। गांगुली ने कप्तानी संभाली और फिर दुनिया को एक महान लीडरशिप से रूबरू करवाया।
सौरव गांगुली ने अपनी नई जिम्मेदारी को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि यह उनके लिए बड़ा मौका है।
उन्होंने कहा, 'यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है क्योंकि मैं ऐसे समय में कमान संभालने जा रहा हूं जब पिछले 3 साल से बोर्ड की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसकी छवि बहुत खराब हुई है। मेरे लिए यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है । '
घरेलू क्रिकेटरों की सही ट्रेनिंग पर जोर देते हुए गांगुली ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। पूर्व कप्तान और अब खेल प्रशासक का इरादा भारतीय क्रिकेट के सभी पक्षों से मिलने का और सारे काम करने का है जो पिछले 33 महीने में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी।
उन्होंने अपनी योजना स्पष्ट करते हुए कहा,'पहले मैं सभी से बात करूंगा और फिर फैसला लूंगा। मेरी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल करना होगा। मैं 3 साल से सीओए से भी यही कहता आया हूं, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। सबसे पहले मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति दुरुस्त करूंगा। '
आपको बता दें कि सौरव गांगुली ने अध्यक्ष पद की होड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ दिया है और अब इस पद के लिए अकेले उम्मीदवार हैं।
पूर्व कप्तान ने कहा,'आपको दोपहर 3 बजे तक इंतजार करना होगा। निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है क्योंकि मैंने देश के लिये खेला है और कप्तान रहा हूं । '
सौरव गांगुली ने बीसीसीआई अध्यक्ष पद की चुनौतियां और भविष्य पर अपनी सोच बताई।
सौरव गांगुली ने कहा,'यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है और जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने गए हों या नहीं। भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी। '
कूलिंग ऑफ अवधि के कारण उन्हें जुलाई में पद छोड़ना होगा। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
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दिल्ली। है। सके। है। था। गौरतलब है कि ग्यारह जून, एक हज़ार नौ सौ बानवे में वनडे करियर का डेब्यू करने वाले सौरव गांगुली को दो हज़ार में उस वक्त लीडरशिप का मौका मिला, जब भारतीय क्रिकेट को मैच फिक्सिंग से दो-चार होना पड़ा था। गांगुली ने कप्तानी संभाली और फिर दुनिया को एक महान लीडरशिप से रूबरू करवाया। सौरव गांगुली ने अपनी नई जिम्मेदारी को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि यह उनके लिए बड़ा मौका है। उन्होंने कहा, 'यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है क्योंकि मैं ऐसे समय में कमान संभालने जा रहा हूं जब पिछले तीन साल से बोर्ड की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसकी छवि बहुत खराब हुई है। मेरे लिए यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है । ' घरेलू क्रिकेटरों की सही ट्रेनिंग पर जोर देते हुए गांगुली ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। पूर्व कप्तान और अब खेल प्रशासक का इरादा भारतीय क्रिकेट के सभी पक्षों से मिलने का और सारे काम करने का है जो पिछले तैंतीस महीने में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी। उन्होंने अपनी योजना स्पष्ट करते हुए कहा,'पहले मैं सभी से बात करूंगा और फिर फैसला लूंगा। मेरी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल करना होगा। मैं तीन साल से सीओए से भी यही कहता आया हूं, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। सबसे पहले मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति दुरुस्त करूंगा। ' आपको बता दें कि सौरव गांगुली ने अध्यक्ष पद की होड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ दिया है और अब इस पद के लिए अकेले उम्मीदवार हैं। पूर्व कप्तान ने कहा,'आपको दोपहर तीन बजे तक इंतजार करना होगा। निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है क्योंकि मैंने देश के लिये खेला है और कप्तान रहा हूं । ' सौरव गांगुली ने बीसीसीआई अध्यक्ष पद की चुनौतियां और भविष्य पर अपनी सोच बताई। सौरव गांगुली ने कहा,'यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है और जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने गए हों या नहीं। भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी। ' कूलिंग ऑफ अवधि के कारण उन्हें जुलाई में पद छोड़ना होगा। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अट्ठारह हज़ार से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
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परिवार नें सोशल मिडीया में महिला को ढूँढ़ने के लिये मदद मांगी है । महिला के माता-पिता की तबीयत भी काफ़ी खराब बताई जा रही है । जिसके चलते जल्द से जल्द उक्त महिला को ढूँढ़ने की कोशिशों को तेज़ कर दिया गया है । आप सभी पाठकों से अनुरोध है यदि आपको मीरा देवी के बारे कोई जानकारी मिलती है तो कृपया निचे दिए गये नंबरों पर संपर्क करें ।
सुल्तानपुर से लापता मीरा देवी को ढूँढ़ने में परिवार का बनें सहारा, माता-पिता की बिगड़ी तबीयत Reviewed by News Himachali on November 10, 2019 Rating:
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परिवार नें सोशल मिडीया में महिला को ढूँढ़ने के लिये मदद मांगी है । महिला के माता-पिता की तबीयत भी काफ़ी खराब बताई जा रही है । जिसके चलते जल्द से जल्द उक्त महिला को ढूँढ़ने की कोशिशों को तेज़ कर दिया गया है । आप सभी पाठकों से अनुरोध है यदि आपको मीरा देवी के बारे कोई जानकारी मिलती है तो कृपया निचे दिए गये नंबरों पर संपर्क करें । सुल्तानपुर से लापता मीरा देवी को ढूँढ़ने में परिवार का बनें सहारा, माता-पिता की बिगड़ी तबीयत Reviewed by News Himachali on November दस, दो हज़ार उन्नीस Rating:
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रामपुर पुलिस पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से जुड़े मामलों में तह तक जाने के लिए कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में रामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजे गए अनवार और सालिम की रिमांड ली है। पुलिस को दोनों की करीब 9 घंटे की रिमांड मिली है। पुलिस को दोनों आरोपी 21 सितंबर की सुबह 8 बजे सौंपे जाएंगे।
आजम खान के करीबियों पर रामपुर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। रविवार रात आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला के करीबी अनवार और सालिम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सोमवार को ईडी ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर आजम की जौहर यूनिवर्सिटी कैंपस खुदाई शुरू की।
खुदाई के दौरान सफाई मशीन मिली। मंगलवार को फिर से खुदाई शुरू की गई। म्यूजियम की लिफ्ट के तहखाने की दीवार में हजारों की संख्या में किताबें मिली हैं। ये किताबें हथौड़े से दीवार तोड़कर निकाली गई हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. संसार सिंह ने बताया कि चोरी की किताबें बरामद की गई हैं। ये किताबें मदरसा आलिया यानी राजकीय ओरिएंटल कॉलेज की हैं। जो पांडुलिपियों में शुमार हैं। दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने इसे मंजूदर कर लिया है।
कोतवाली सदर प्रभारी गजेंद्र त्यागी ने बताया कि दोनों आरोपियों की कस्टडी कल के लिए मिली है। सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक फिर से पूछताछ की जाएगी।
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रामपुर पुलिस पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से जुड़े मामलों में तह तक जाने के लिए कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में रामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजे गए अनवार और सालिम की रिमांड ली है। पुलिस को दोनों की करीब नौ घंटाटे की रिमांड मिली है। पुलिस को दोनों आरोपी इक्कीस सितंबर की सुबह आठ बजे सौंपे जाएंगे। आजम खान के करीबियों पर रामपुर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। रविवार रात आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला के करीबी अनवार और सालिम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सोमवार को ईडी ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर आजम की जौहर यूनिवर्सिटी कैंपस खुदाई शुरू की। खुदाई के दौरान सफाई मशीन मिली। मंगलवार को फिर से खुदाई शुरू की गई। म्यूजियम की लिफ्ट के तहखाने की दीवार में हजारों की संख्या में किताबें मिली हैं। ये किताबें हथौड़े से दीवार तोड़कर निकाली गई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संसार सिंह ने बताया कि चोरी की किताबें बरामद की गई हैं। ये किताबें मदरसा आलिया यानी राजकीय ओरिएंटल कॉलेज की हैं। जो पांडुलिपियों में शुमार हैं। दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने इसे मंजूदर कर लिया है। कोतवाली सदर प्रभारी गजेंद्र त्यागी ने बताया कि दोनों आरोपियों की कस्टडी कल के लिए मिली है। सुबह आठ बजे से लेकर शाम पाँच बजे तक फिर से पूछताछ की जाएगी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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के दर्शन नहीं होंगे। बड़े-बड़े राजा बहुत दान करते थे पर उनको परमात्मा के दर्शन नहीं हुए। मन शुद्ध होने पर ही परमात्मा के दर्शन होते हैं और संसार के ध्यान से गन्दा बना हुआ मन भी परमात्मा के ध्यान से शुद्ध होता है।
परमात्मा ध्यान से मिलते हैं, दान से नहीं मिलते। अतः परमात्मा के मंगलमय स्वरूप के ध्यान की आदत डालिये । जो स्वरूप आपको प्रिय है, उस स्वरूप के दर्शन से तृप्ति नहीं होती, पर जिस स्वरूप के दर्शन से हृदय द्रवित होता है, प्रेम जाग्रत होता है, उस स्वरूप का ध्यान कीजिए। किसी को बालकृष्णलाल का, किसी को नारायण का, किसी को शिवजी का स्वरूप बहुत प्रिय है। अमुक स्वरूप का ही ध्यान करें, ऐसा व्यासजी नहीं कहते । अरे! शंख, गदा, चक्र, पद्म जिनके हाथ में हैं वे ही ईश्वर हैं? जिनके हाथ में त्रिशूल है, वे क्या ईश्वर नहीं है? जिनके हाथ में धनुष-बाण हैं वे क्या ईश्वर नहीं हैं? वस्तुतः ईश्वरं का कोई एक स्वरूप नहीं हैं। अमुक स्वरूप धारण करने वाला ही ईश्वर है। ऐसा नहीं है। जगत् में जितने रूप दिखाई पड़ते हैं, वे सब परमात्मा के ही स्वरूप हैं। आकार भिन्न हैं पर सभी भिन्न आकारों में एक ईश्वर - तत्त्व ही है । माला में फूल अनेक हैं, अनेक आकार के हैं, पर धागा तो एक ही है। गीताजी में भगवान् ने आज्ञा की हैमत्तः परतरं नान्यत्किचिदस्ति धनंजयः ।
मयि सर्वमिदं प्रोतं सूत्रे मणिगणा इव ॥
आकार भिन्न-भिन्न होने पर भी सर्व में ईश्वर - तत्त्व एक ही है। गाय काली हो, श्वेत हो या लाल रंग की हो, दूध तो एक रंग का ही होता है। रूप, रंग, आकार का महत्त्व नहीं है, आकार में निहित परमात्म-तत्व का महत्त्व है। नरसी मेहता कहते हैंअखिल ब्रह्माण्ड में एक तुम श्रीहरि विविध रूप से अनन्त दीखते हो!
आकार बना दिये फिर नाम-रूप वैविध्यपूर्ण हो, तो भी अन्त में हेम - हेम ही रहता है ! सुवर्ण के अलंकार अनेक आकार प्रकार के बनते हैं पर अलंकारों का सुवर्ण तो एक ही है । आप बाज़ार में चन्द्रहार लेकर जाइए। वहाँ क्या चन्द्रहार का मूल्य मिलता है ? नहीं। मूल्य तो सोने का ही मिलता है। सोना दस तोला है तो दस तोले का मूल्य मिलता है। चन्द्रहार का मूल्य नहीं मिलता। आकार का मूल्य नहीं है, सुवर्ण का मूल्य है।
हमारे सनातन धर्म में देव अनेक हैं, पर परमात्मा एक ही है । ईश्वर अनेक नहीं हैं। एक ही ईश्वर के अनेक स्वरूप हैं। वे अनेक रूप धारण करते हैं। हाथ में अगर धनुष- बाण है तो लोग कहते हैं कि ये श्रीरामजी हैं। वही परमात्मा हाथ में बाँसुरी धारण करते हैं तो लोग कहते हैं ये मुरलीमनोहर श्रीकृष्ण हैं। ठाकुरजी रोज पीताम्बर पहिन कर ऊब जाते हैं तो एक दिन वे यशोदा
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के दर्शन नहीं होंगे। बड़े-बड़े राजा बहुत दान करते थे पर उनको परमात्मा के दर्शन नहीं हुए। मन शुद्ध होने पर ही परमात्मा के दर्शन होते हैं और संसार के ध्यान से गन्दा बना हुआ मन भी परमात्मा के ध्यान से शुद्ध होता है। परमात्मा ध्यान से मिलते हैं, दान से नहीं मिलते। अतः परमात्मा के मंगलमय स्वरूप के ध्यान की आदत डालिये । जो स्वरूप आपको प्रिय है, उस स्वरूप के दर्शन से तृप्ति नहीं होती, पर जिस स्वरूप के दर्शन से हृदय द्रवित होता है, प्रेम जाग्रत होता है, उस स्वरूप का ध्यान कीजिए। किसी को बालकृष्णलाल का, किसी को नारायण का, किसी को शिवजी का स्वरूप बहुत प्रिय है। अमुक स्वरूप का ही ध्यान करें, ऐसा व्यासजी नहीं कहते । अरे! शंख, गदा, चक्र, पद्म जिनके हाथ में हैं वे ही ईश्वर हैं? जिनके हाथ में त्रिशूल है, वे क्या ईश्वर नहीं है? जिनके हाथ में धनुष-बाण हैं वे क्या ईश्वर नहीं हैं? वस्तुतः ईश्वरं का कोई एक स्वरूप नहीं हैं। अमुक स्वरूप धारण करने वाला ही ईश्वर है। ऐसा नहीं है। जगत् में जितने रूप दिखाई पड़ते हैं, वे सब परमात्मा के ही स्वरूप हैं। आकार भिन्न हैं पर सभी भिन्न आकारों में एक ईश्वर - तत्त्व ही है । माला में फूल अनेक हैं, अनेक आकार के हैं, पर धागा तो एक ही है। गीताजी में भगवान् ने आज्ञा की हैमत्तः परतरं नान्यत्किचिदस्ति धनंजयः । मयि सर्वमिदं प्रोतं सूत्रे मणिगणा इव ॥ आकार भिन्न-भिन्न होने पर भी सर्व में ईश्वर - तत्त्व एक ही है। गाय काली हो, श्वेत हो या लाल रंग की हो, दूध तो एक रंग का ही होता है। रूप, रंग, आकार का महत्त्व नहीं है, आकार में निहित परमात्म-तत्व का महत्त्व है। नरसी मेहता कहते हैंअखिल ब्रह्माण्ड में एक तुम श्रीहरि विविध रूप से अनन्त दीखते हो! आकार बना दिये फिर नाम-रूप वैविध्यपूर्ण हो, तो भी अन्त में हेम - हेम ही रहता है ! सुवर्ण के अलंकार अनेक आकार प्रकार के बनते हैं पर अलंकारों का सुवर्ण तो एक ही है । आप बाज़ार में चन्द्रहार लेकर जाइए। वहाँ क्या चन्द्रहार का मूल्य मिलता है ? नहीं। मूल्य तो सोने का ही मिलता है। सोना दस तोला है तो दस तोले का मूल्य मिलता है। चन्द्रहार का मूल्य नहीं मिलता। आकार का मूल्य नहीं है, सुवर्ण का मूल्य है। हमारे सनातन धर्म में देव अनेक हैं, पर परमात्मा एक ही है । ईश्वर अनेक नहीं हैं। एक ही ईश्वर के अनेक स्वरूप हैं। वे अनेक रूप धारण करते हैं। हाथ में अगर धनुष- बाण है तो लोग कहते हैं कि ये श्रीरामजी हैं। वही परमात्मा हाथ में बाँसुरी धारण करते हैं तो लोग कहते हैं ये मुरलीमनोहर श्रीकृष्ण हैं। ठाकुरजी रोज पीताम्बर पहिन कर ऊब जाते हैं तो एक दिन वे यशोदा
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नए साल की बारिश झील के लिए वरदान साबित हो रही है। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश, हिमकणों व ओलावृष्टि की वजह से झील का जलस्तर 23 वर्ष बाद अपने उच्च स्तर पर है। सोमवार को इसमें ढाई इंच की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बरसात खत्म होने के बाद झील के जलस्तर में लगातार गिरावट शुरू हो जाती है। शीतकाल खत्म होने और गर्मी शुरू होते ही झील सूखे की चपेट में आती है। मई-जून में अमूमन झील का जलस्तर सामान्य से भी नीचे चला जाता है। पिछले साल 18-19 अक्टूबर को हुई अतिवृष्टिï में झील का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों तक बहने लगा था, जो नवंबर में जाकर सामान्य हुआ था।
अब जनवरी में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। हिमपात भी हो रहा है। इसी कारण 23 वर्ष बाद जनवरी में झील का जलस्तर अपने उच्च स्तर पर है। झील नियंत्रण कक्ष प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि झील का जलस्तर 9. 6 फीट दर्ज किया गया है। इससे पहले 1999 में झील का जलस्तर 10. 5 फीट रहा था। 24 घंटे में शहर में 41 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है।
बीते साल अक्टूबर में नैनीताल में लगातार हुई बारिश के कारण नैनी झील के जलस्तर ने इतिहास के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले थे। नैनीताल में अक्टूबर महीने में हुई बारिश से नैनीझील इतनी उफना गई कि झील के सभी निकासी गेट खोलने पड़े थ। वह भी डेढ़ फीट की अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खोलने पड़े। इसके बावजूद रात तक माल रोड और नैना देवी मंदिर परिसर में झील का पानी हिलोरे मारता रहा। दो दिनों से झील अपने उच्चतम जलस्तर 12. 2 फीट पर बनी हुई है।
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नए साल की बारिश झील के लिए वरदान साबित हो रही है। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश, हिमकणों व ओलावृष्टि की वजह से झील का जलस्तर तेईस वर्ष बाद अपने उच्च स्तर पर है। सोमवार को इसमें ढाई इंच की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बरसात खत्म होने के बाद झील के जलस्तर में लगातार गिरावट शुरू हो जाती है। शीतकाल खत्म होने और गर्मी शुरू होते ही झील सूखे की चपेट में आती है। मई-जून में अमूमन झील का जलस्तर सामान्य से भी नीचे चला जाता है। पिछले साल अट्ठारह-उन्नीस अक्टूबर को हुई अतिवृष्टिï में झील का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों तक बहने लगा था, जो नवंबर में जाकर सामान्य हुआ था। अब जनवरी में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। हिमपात भी हो रहा है। इसी कारण तेईस वर्ष बाद जनवरी में झील का जलस्तर अपने उच्च स्तर पर है। झील नियंत्रण कक्ष प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि झील का जलस्तर नौ. छः फीट दर्ज किया गया है। इससे पहले एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में झील का जलस्तर दस. पाँच फीट रहा था। चौबीस घंटाटे में शहर में इकतालीस मिमी बारिश रिकार्ड हुई है। बीते साल अक्टूबर में नैनीताल में लगातार हुई बारिश के कारण नैनी झील के जलस्तर ने इतिहास के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले थे। नैनीताल में अक्टूबर महीने में हुई बारिश से नैनीझील इतनी उफना गई कि झील के सभी निकासी गेट खोलने पड़े थ। वह भी डेढ़ फीट की अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खोलने पड़े। इसके बावजूद रात तक माल रोड और नैना देवी मंदिर परिसर में झील का पानी हिलोरे मारता रहा। दो दिनों से झील अपने उच्चतम जलस्तर बारह. दो फीट पर बनी हुई है।
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हरिजन और शराब
यू० पी० में हाल में एक हरिजन कांप्रेस हुई थी । कहते हैं उसमें एक वजीर ने हरिजनों को उपदेश दिया कि आप गन्दे रहना, गन्दे कपड़े पहनना और शराब पीना छोड़ दें। इस पर कोई हरिजन बोल पड़ा कि जैसे सरकार ताड़ी के दरख्तों को उखाड़ कर फिंकवा सकती है, और शराब की सब दुकानें बन्द करवा सकती है, वैसे ही वह गन्दे कपड़े भी फुंकवा दे । हम नंगे रहेंगे, पर गन्दे नहीं। मैं उस हरिजन भाई की हिम्मत को सराहता हूं । मैं तो ताड़ी का गुड़ बना लेता में पर में हरिजन भाइयों से कहूंगा कि असली इलाज उनके अपने हाथों में है । शराब अगर दुकान पर बिकती भी हो, तब भी उन्हें जहर की तरह उससे बचना चाहिये। सच यह है कि शराब जहर से ज्यादा बुरी है। मजदूर लोग घर में आकर जो दुख देखते हैं, उसे भुलाने के लिये शराब पीते हैं। जहर से शरीर हो मरता है, शराब से तो प्रात्मा सो जाती है। खुद अपने ऊपर काबू पाने का गुण ही मिट जाता है। मैं सरकार को सलाह दूंगा कि शराब दुकानों को बन्द करके उनकी जगह इस तरह के भोजनालय खोल दे, जहां लोगों को शुद्ध और हल्का खाना मिल सके। जहां इस तरह की किताबें मिले, जिनसे लोग कुछ सीखें और जहां दूसरा दिल बहलाव का सामान हो। लेकिन सिनेमा को कोई स्थान न हो । इससे लोगों को शराब छूट सकेगी। मेरा यह कई देशों का तजुरबा हैं । यही मैंने हिन्दुस्तान में भी देखा और दक्षिण अफ्रीका में भी देखा था। मुझे इसका पूरा यकीन है कि शराब छोड़ देने से काम करने वालों का शारीरिक वल और नैतिक बल दोनों बहुत बढ़ जाते हैं, और उनकी कमाने की ताकत भी बढ़ जाती है । इसलिये सन् १९२० से शराबबन्दी भी कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल है। अब जब हम आजाद हो गए हैं, सरकार को अपना वायदा पूरा करना चाहिये और आबकारी को नापाक श्रामदानी को छोड़ने के लिये तैयार हो जाना चाहिये । आखिर में सचमुच आमदनी भी नहीं होगो, परन्तु लोगों का तो बहुत बड़ा लाभ होगा ही। हमारे लिये तरक्की का यही रास्ता है। यह हमें अपने प्राप अपने पुरुषार्थ से करना है।
नई दिल्ली, १ जनवरी, १९४८ ई०
जुलाहों को उपदेश
देश की स्थिति को, जिन्होंने इस समय अच्छी तरह देखने का अभ्यास किया है, उनसे यह बात छिपी नहीं है कि हमारे भाइयों में से तीन करोड़ ऐसा स्थिति के व्यक्ति हैं, जिनको दो समय खाना प्राप्त नहीं होता है। यदि इस समय भी वे अपने उद्योग धन्धों की वृद्धि का विचार नहीं करेंगे तो देश का उद्धार होना बड़ा कठिन है । इन उद्योग धन्धों में सबसे प्रधान कार्य अपने घरों में सूत तैयार करके अपने देशवासियों के हाथ से ही अपने पहनने के
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हरिजन और शराब यूशून्य पीशून्य में हाल में एक हरिजन कांप्रेस हुई थी । कहते हैं उसमें एक वजीर ने हरिजनों को उपदेश दिया कि आप गन्दे रहना, गन्दे कपड़े पहनना और शराब पीना छोड़ दें। इस पर कोई हरिजन बोल पड़ा कि जैसे सरकार ताड़ी के दरख्तों को उखाड़ कर फिंकवा सकती है, और शराब की सब दुकानें बन्द करवा सकती है, वैसे ही वह गन्दे कपड़े भी फुंकवा दे । हम नंगे रहेंगे, पर गन्दे नहीं। मैं उस हरिजन भाई की हिम्मत को सराहता हूं । मैं तो ताड़ी का गुड़ बना लेता में पर में हरिजन भाइयों से कहूंगा कि असली इलाज उनके अपने हाथों में है । शराब अगर दुकान पर बिकती भी हो, तब भी उन्हें जहर की तरह उससे बचना चाहिये। सच यह है कि शराब जहर से ज्यादा बुरी है। मजदूर लोग घर में आकर जो दुख देखते हैं, उसे भुलाने के लिये शराब पीते हैं। जहर से शरीर हो मरता है, शराब से तो प्रात्मा सो जाती है। खुद अपने ऊपर काबू पाने का गुण ही मिट जाता है। मैं सरकार को सलाह दूंगा कि शराब दुकानों को बन्द करके उनकी जगह इस तरह के भोजनालय खोल दे, जहां लोगों को शुद्ध और हल्का खाना मिल सके। जहां इस तरह की किताबें मिले, जिनसे लोग कुछ सीखें और जहां दूसरा दिल बहलाव का सामान हो। लेकिन सिनेमा को कोई स्थान न हो । इससे लोगों को शराब छूट सकेगी। मेरा यह कई देशों का तजुरबा हैं । यही मैंने हिन्दुस्तान में भी देखा और दक्षिण अफ्रीका में भी देखा था। मुझे इसका पूरा यकीन है कि शराब छोड़ देने से काम करने वालों का शारीरिक वल और नैतिक बल दोनों बहुत बढ़ जाते हैं, और उनकी कमाने की ताकत भी बढ़ जाती है । इसलिये सन् एक हज़ार नौ सौ बीस से शराबबन्दी भी कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल है। अब जब हम आजाद हो गए हैं, सरकार को अपना वायदा पूरा करना चाहिये और आबकारी को नापाक श्रामदानी को छोड़ने के लिये तैयार हो जाना चाहिये । आखिर में सचमुच आमदनी भी नहीं होगो, परन्तु लोगों का तो बहुत बड़ा लाभ होगा ही। हमारे लिये तरक्की का यही रास्ता है। यह हमें अपने प्राप अपने पुरुषार्थ से करना है। नई दिल्ली, एक जनवरी, एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस ईशून्य जुलाहों को उपदेश देश की स्थिति को, जिन्होंने इस समय अच्छी तरह देखने का अभ्यास किया है, उनसे यह बात छिपी नहीं है कि हमारे भाइयों में से तीन करोड़ ऐसा स्थिति के व्यक्ति हैं, जिनको दो समय खाना प्राप्त नहीं होता है। यदि इस समय भी वे अपने उद्योग धन्धों की वृद्धि का विचार नहीं करेंगे तो देश का उद्धार होना बड़ा कठिन है । इन उद्योग धन्धों में सबसे प्रधान कार्य अपने घरों में सूत तैयार करके अपने देशवासियों के हाथ से ही अपने पहनने के
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भारतीय कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज दौरे से पहले टीम के खिलाड़ियों को जीत का टिप्स दिया।
बेंगलुरु। टीम इंडिया नए कोच अनिल कुंबले की देखरेख में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तैयारी में जुटी हुई है। इस कठिन दौरे के लिए कप्तान विराट कोहली ने टीम के खिलाड़ियों (खासतौर पर बल्लेबाजों) को जीत का टिप्स दिया।
भारतीय टीम के ओपनर मुरली विजय, शिखर धवन समेत कप्तान विराट कोहली ने दूसरे दिन नेट्स पर बल्लेबाजी की थी। भारतीय क्रिकेट टीम के सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो साझा किया गया है जिसमें कप्तान विराट कोहली बल्लेबाजी का अभ्यास करते हुए नजर आ रहे हैं और कोच अनिल कुंबले उन पर नजर रखे हुए हैं।
कुंबले की तरह ही विराट कोहली ने भी इस कैंप में अपनी टीम के बल्लेबाजों को अगले दौरे के लिए जीत का मंत्र दिया। भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने फेसबुक पेज पर कप्तान कोहली के साथ टीम इंडिया के बल्लेबाजों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'ट्रेनिंग सेशन से पहले बल्लेबाजों से बात करते कप्तान विराट। ' इस पोस्ट को खुद कप्तान कोहली ने अपने पेज पर शेयर किया।
इस तस्वीर में कप्तान कोहली के साथ ओपनर रोहित शर्मा, अजिंक्ये रहाणे, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, शिखर धवन और रिद्धीमन साहा भी नजर आ रहे हैं. इन खिलाड़ियों के साथ टीम के बल्लेबाजी कोच संजय बांगर भी इस फोटो में नजर आ रहे हैं।
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भारतीय कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज दौरे से पहले टीम के खिलाड़ियों को जीत का टिप्स दिया। बेंगलुरु। टीम इंडिया नए कोच अनिल कुंबले की देखरेख में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तैयारी में जुटी हुई है। इस कठिन दौरे के लिए कप्तान विराट कोहली ने टीम के खिलाड़ियों को जीत का टिप्स दिया। भारतीय टीम के ओपनर मुरली विजय, शिखर धवन समेत कप्तान विराट कोहली ने दूसरे दिन नेट्स पर बल्लेबाजी की थी। भारतीय क्रिकेट टीम के सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो साझा किया गया है जिसमें कप्तान विराट कोहली बल्लेबाजी का अभ्यास करते हुए नजर आ रहे हैं और कोच अनिल कुंबले उन पर नजर रखे हुए हैं। कुंबले की तरह ही विराट कोहली ने भी इस कैंप में अपनी टीम के बल्लेबाजों को अगले दौरे के लिए जीत का मंत्र दिया। भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने फेसबुक पेज पर कप्तान कोहली के साथ टीम इंडिया के बल्लेबाजों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'ट्रेनिंग सेशन से पहले बल्लेबाजों से बात करते कप्तान विराट। ' इस पोस्ट को खुद कप्तान कोहली ने अपने पेज पर शेयर किया। इस तस्वीर में कप्तान कोहली के साथ ओपनर रोहित शर्मा, अजिंक्ये रहाणे, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, शिखर धवन और रिद्धीमन साहा भी नजर आ रहे हैं. इन खिलाड़ियों के साथ टीम के बल्लेबाजी कोच संजय बांगर भी इस फोटो में नजर आ रहे हैं।
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दाती महाराज दुष्कर्म मामले में अब आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। जहां एक ओर दाती महाराज ने नवीन गुप्ता व सचिन जैन पर जमकर आरोप लगाए। वहीं, पहली बार नवीन और सचिन जैन भी खुलकर सामने आए। दोनों ने महाराज पर हवाला कारोबार, हथियारों की बिक्री के साथ साथ बच्चियों को गायब करने जैसे गंभीर आरोप लगा डाले। इतना ही दोनों ने जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि दाती ने हमारी भावनाओं के साथ बलात्कार किया है पूरे मामले की जांच जरूरी है।
नवीन और सचिन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनका दाती महाराज से कोई व्यवसायिक विवाद नहीं है। वह अपने ऊपर लगे दुष्कर्म के आरोप से ध्यान भटकाने के मकसद से उन पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं। दाती महाराज ने उन्हें बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, वह उन्हें भगवान की तरह पूजते थे। लेकिन आश्रम में असामाजिक गतिविधियों पर विरोध जताने पर विवाद पैदा हो गया। दोनों ने कहा कि दुष्कर्म पीड़ित युवती ने जो शपथपत्र दिया है वह फर्जी है। दरअसल, दाती आश्रम में उनसे जुड़े हर व्यक्ति से सादे शपथपत्र पर अंगूठा लगवाने के अलावा हस्ताक्षर करवाता है। उनके द्वारा लिख गए कई शपथ पत्र दाती के पास हैं। वह उनका गलत इस्तेमाल कर सकता है।
अपना पक्ष रखते समय दोनों भावुक हो उठे। अपने आंसू पोंछते हुए दाती को बाउंसरों से धमकाने के आरोप को दोनों ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि हमने दाती को दिया ही है उससे कुछ लिया नहीं। नवीन ने बताया कि वह वर्ष 2001 से दाती के साथ जुड़े हैं। वह उनकी व्यवसायिक गतिविधियों को देखते हैं। हमने अभिषेक के जरिये पैसे लगाए। बाद में पता चला कि पूरे पैसे दाती ने रख लिये।
नवीन ने बताया कि 22 जनवरी को राजस्थान में दाती ने धमकी दी कि 'जिस प्रकार यहां का प्रशासन उनके आगे झुकता है। ठीक ऐसा ही दिल्ली में भी है। ऐसे में कुछ बोले तो बर्बाद कर दूंगा'। उन्होंने कहा शनि पर चढ़ाया हुआ तेल दाती लारेंस रोड़ की एक कंपनी को बेचता है। फिर वहीं तेल वापस शनिधाम पहुंच जाता है। उन्होंने कहा दाती से एक करोड़ रुपये से ज्यादा लेने है।
वहीं, सचिन ने आरोप लगाया कि महा निर्माणी अखाडे़ की महा मंडलेश्वर प्रज्ञा से मिलकर दाती ने बच्चियों को पीले कपड़े पहनवाएं। लेकिन आज उन बच्चियों का कहीं पता नहीं। बाल कल्याण विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए।
सचिन ने बताया कि दाती उन्हें हमेशा जगत पहलवान नामक एक नेता की धमकियां देकर डराता रहा है। हालांकि उनकी जानकारी में जगत पहलवान शरीफ आदमी है और उनकी ओर से कभी धमकी नहीं मिली। उन्होंने कहा दाती तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठग रहा है। कई श्रद्धालुओं के तलाक, उनकी पत्नी के गर्भपात करवा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई संत ऐसा कर सकता है।
संवाददाता सम्मेलन में नवीन ने कहा दाती की बहन का उनके चैनल में 60 प्रतिशत शेयर है। बहन के पास पैसे कहां से आएं। यह सब पैसे श्रद्धालुओं से ठगे गए है। मुझे भी दाती से 75 लाख रुपये लेने है। उन्होंने कहा हम पहली बार खुलकर सामने आ रहे हैं। दाती से उनको व परिवार को जान का खतरा है यदि हमें कुछ होता है तो दाती जिम्मेदार होगा।
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दाती महाराज दुष्कर्म मामले में अब आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। जहां एक ओर दाती महाराज ने नवीन गुप्ता व सचिन जैन पर जमकर आरोप लगाए। वहीं, पहली बार नवीन और सचिन जैन भी खुलकर सामने आए। दोनों ने महाराज पर हवाला कारोबार, हथियारों की बिक्री के साथ साथ बच्चियों को गायब करने जैसे गंभीर आरोप लगा डाले। इतना ही दोनों ने जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि दाती ने हमारी भावनाओं के साथ बलात्कार किया है पूरे मामले की जांच जरूरी है। नवीन और सचिन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनका दाती महाराज से कोई व्यवसायिक विवाद नहीं है। वह अपने ऊपर लगे दुष्कर्म के आरोप से ध्यान भटकाने के मकसद से उन पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं। दाती महाराज ने उन्हें बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, वह उन्हें भगवान की तरह पूजते थे। लेकिन आश्रम में असामाजिक गतिविधियों पर विरोध जताने पर विवाद पैदा हो गया। दोनों ने कहा कि दुष्कर्म पीड़ित युवती ने जो शपथपत्र दिया है वह फर्जी है। दरअसल, दाती आश्रम में उनसे जुड़े हर व्यक्ति से सादे शपथपत्र पर अंगूठा लगवाने के अलावा हस्ताक्षर करवाता है। उनके द्वारा लिख गए कई शपथ पत्र दाती के पास हैं। वह उनका गलत इस्तेमाल कर सकता है। अपना पक्ष रखते समय दोनों भावुक हो उठे। अपने आंसू पोंछते हुए दाती को बाउंसरों से धमकाने के आरोप को दोनों ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि हमने दाती को दिया ही है उससे कुछ लिया नहीं। नवीन ने बताया कि वह वर्ष दो हज़ार एक से दाती के साथ जुड़े हैं। वह उनकी व्यवसायिक गतिविधियों को देखते हैं। हमने अभिषेक के जरिये पैसे लगाए। बाद में पता चला कि पूरे पैसे दाती ने रख लिये। नवीन ने बताया कि बाईस जनवरी को राजस्थान में दाती ने धमकी दी कि 'जिस प्रकार यहां का प्रशासन उनके आगे झुकता है। ठीक ऐसा ही दिल्ली में भी है। ऐसे में कुछ बोले तो बर्बाद कर दूंगा'। उन्होंने कहा शनि पर चढ़ाया हुआ तेल दाती लारेंस रोड़ की एक कंपनी को बेचता है। फिर वहीं तेल वापस शनिधाम पहुंच जाता है। उन्होंने कहा दाती से एक करोड़ रुपये से ज्यादा लेने है। वहीं, सचिन ने आरोप लगाया कि महा निर्माणी अखाडे़ की महा मंडलेश्वर प्रज्ञा से मिलकर दाती ने बच्चियों को पीले कपड़े पहनवाएं। लेकिन आज उन बच्चियों का कहीं पता नहीं। बाल कल्याण विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए। सचिन ने बताया कि दाती उन्हें हमेशा जगत पहलवान नामक एक नेता की धमकियां देकर डराता रहा है। हालांकि उनकी जानकारी में जगत पहलवान शरीफ आदमी है और उनकी ओर से कभी धमकी नहीं मिली। उन्होंने कहा दाती तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठग रहा है। कई श्रद्धालुओं के तलाक, उनकी पत्नी के गर्भपात करवा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई संत ऐसा कर सकता है। संवाददाता सम्मेलन में नवीन ने कहा दाती की बहन का उनके चैनल में साठ प्रतिशत शेयर है। बहन के पास पैसे कहां से आएं। यह सब पैसे श्रद्धालुओं से ठगे गए है। मुझे भी दाती से पचहत्तर लाख रुपये लेने है। उन्होंने कहा हम पहली बार खुलकर सामने आ रहे हैं। दाती से उनको व परिवार को जान का खतरा है यदि हमें कुछ होता है तो दाती जिम्मेदार होगा।
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Kawasaki Ninja ZX-10R बाइक में BS6 कम्पलायंट इंजन के साथ कई कमाल के फीचर्स दिए गए हैं जो इसे अन्य बाइक्स से अलग बनाते हैं.
Kawasaki इंडिया ने हाल ही में भारत में Ninja ZX-10R बाइक को लॉन्च किया है. इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत 14.99 लाख रुपये हैं. कंपनी ने इस बाइक में बाहर से लेकर अंदर तक कई अपडेट्स दिए हैं. इसे कंपनी न सिर्फ बाहर से खूबसूरत बनाया है बल्कि कंपनी का दावा है कि इस बाइक की ओवरऑल परफॉर्मेंस बढ़ी है. चलिए जानते हैं नई Ninja ZX-10R के कुछ कमाल के फीचर्स के बारे में.
-सबसे पहले बात करते हैं इसके इंजन की जिसे कंपनी ने अपडेट किया है. नई 2021 Ninja ZX-10R में BS6 कम्प्लायंट 998 cc का इन-लाइन फोर-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है जो कि 13,200rpm पर 200 bhp का मैक्सिमम पावर और 11,400rpm पर 114 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके साथ आपको 6-स्पीड ट्रांसमिशन यूनिट मिलेगा. कंपनी ने इस नए इंजन में फिंगर-फॉलोवर वैल्यू एक्चुएशन सिस्टम के साथ नया एयर-कूल्ड ऑयल कूलर मिलेगा. कंपनी ने कहा है कि वर्ल्ड SBK रेसिंग टीम से इनपुट मिलने के बाद ये अपडेट्स दिए गए हैं.
- अपडेटेड इंजन के साथ कंपनी ने नई Ninja ZX-10R बाइक में कई फीचर्स को भी जोड़ा है. इसमें अब ऑल-LED लाइटिंग, 4.3 इंच का TFT कलर इंस्ट्रूमेंट पैनल दिया गया है जो कि ब्लूटूथ इनेबल्ड है और इसे कंपनी के RIDEOLOGY THE APP से पेयर किया जा सकता है. इसके अलावा इसमें आपको इलेक्ट्रॉनिक क्रूज कंट्रोल, कॉरनरिंग मैनेजमेंट फंक्शन, ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम, लॉन्च कंट्रोल, पावर मोड्स, इंटेलिजेंट ABS, Öhlins इलेक्ट्रॉनिक स्टीयरिंग डैम्पर, राइडिंग मोड्स, इंजन ब्रेक कंट्रोल और एक बाईडाईरेक्शनल क्विक-शिफ्टर दिया गया है.
- नई Ninja ZX-10R के डिजाइन की बात करें तो इसमें काफी शार्प फीचर्स दिए गए हैं. इसके अलावा इसमें ट्विन-पॉड हेडलैम्प्स दिए गए हैं. इसके साथ इसमें अपडेटेड हैंडलबार और फूटपेग पोजिशन के साथ फ्रेश टेल काउल दिया गया है. हैंडल बार और फूटपेग के रिवाइज्ड सेटअप को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह इसे और बेहतर बनाएगा. इस बाइक को लाइम ग्रीन और फ्लैट ईबोनी टाईप 2 कलर में खरीद सकते हैं.
- इसके हार्डवेयर की बात करें तो कंपनी ने इस बाइक में भी एल्युमीनियम ट्विन-स्पार फ्रेम और स्विनग्राम का इस्तेमाल किया है. इस बाइक की टक्कर Ducati Panigale V4, BMW S1000RR, Suzuki GSX-R1000R, और Yamaha YZF-R1 से होगी.
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Kawasaki Ninja ZX-दसR बाइक में BSछः कम्पलायंट इंजन के साथ कई कमाल के फीचर्स दिए गए हैं जो इसे अन्य बाइक्स से अलग बनाते हैं. Kawasaki इंडिया ने हाल ही में भारत में Ninja ZX-दसR बाइक को लॉन्च किया है. इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत चौदह.निन्यानवे लाख रुपये हैं. कंपनी ने इस बाइक में बाहर से लेकर अंदर तक कई अपडेट्स दिए हैं. इसे कंपनी न सिर्फ बाहर से खूबसूरत बनाया है बल्कि कंपनी का दावा है कि इस बाइक की ओवरऑल परफॉर्मेंस बढ़ी है. चलिए जानते हैं नई Ninja ZX-दसR के कुछ कमाल के फीचर्स के बारे में. -सबसे पहले बात करते हैं इसके इंजन की जिसे कंपनी ने अपडेट किया है. नई दो हज़ार इक्कीस Ninja ZX-दसR में BSछः कम्प्लायंट नौ सौ अट्ठानवे cc का इन-लाइन फोर-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है जो कि तेरह,दो सौrpm पर दो सौ bhp का मैक्सिमम पावर और ग्यारह,चार सौrpm पर एक सौ चौदह Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इसके साथ आपको छः-स्पीड ट्रांसमिशन यूनिट मिलेगा. कंपनी ने इस नए इंजन में फिंगर-फॉलोवर वैल्यू एक्चुएशन सिस्टम के साथ नया एयर-कूल्ड ऑयल कूलर मिलेगा. कंपनी ने कहा है कि वर्ल्ड SBK रेसिंग टीम से इनपुट मिलने के बाद ये अपडेट्स दिए गए हैं. - अपडेटेड इंजन के साथ कंपनी ने नई Ninja ZX-दसR बाइक में कई फीचर्स को भी जोड़ा है. इसमें अब ऑल-LED लाइटिंग, चार.तीन इंच का TFT कलर इंस्ट्रूमेंट पैनल दिया गया है जो कि ब्लूटूथ इनेबल्ड है और इसे कंपनी के RIDEOLOGY THE APP से पेयर किया जा सकता है. इसके अलावा इसमें आपको इलेक्ट्रॉनिक क्रूज कंट्रोल, कॉरनरिंग मैनेजमेंट फंक्शन, ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम, लॉन्च कंट्रोल, पावर मोड्स, इंटेलिजेंट ABS, Öhlins इलेक्ट्रॉनिक स्टीयरिंग डैम्पर, राइडिंग मोड्स, इंजन ब्रेक कंट्रोल और एक बाईडाईरेक्शनल क्विक-शिफ्टर दिया गया है. - नई Ninja ZX-दसR के डिजाइन की बात करें तो इसमें काफी शार्प फीचर्स दिए गए हैं. इसके अलावा इसमें ट्विन-पॉड हेडलैम्प्स दिए गए हैं. इसके साथ इसमें अपडेटेड हैंडलबार और फूटपेग पोजिशन के साथ फ्रेश टेल काउल दिया गया है. हैंडल बार और फूटपेग के रिवाइज्ड सेटअप को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह इसे और बेहतर बनाएगा. इस बाइक को लाइम ग्रीन और फ्लैट ईबोनी टाईप दो कलर में खरीद सकते हैं. - इसके हार्डवेयर की बात करें तो कंपनी ने इस बाइक में भी एल्युमीनियम ट्विन-स्पार फ्रेम और स्विनग्राम का इस्तेमाल किया है. इस बाइक की टक्कर Ducati Panigale Vचार, BMW Sएक हज़ारRR, Suzuki GSX-Rएक हज़ारR, और Yamaha YZF-Rएक से होगी.
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अनुपमा शो ( Image Source : Disney Plus Hotstar )
Anupamaa Big Twist: शो अनुपमा में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है, इसी के साथ ही करंट ट्रैक भी बदलने वाला है. शो में अनुपमा एक बार फिर से अनुज की धर्मपत्नी बनकर उसकी जिंदगी में वापसी कर सकती है. जी हां, यानी अनुपमा और अनुज फिर एक हो सकते हैं. शो में माया का ट्रैक खत्म होने वाला है.
मेकर्स ने शो में नए ट्रैक का आरंभ कर दिया है. ऐसे में माया इश्क में फना हो जाएगी. वहीं अनुज और अनुपमा एक हो जाएंगे, पर सवाल ये है कि अनुपमा अमेरिका जाएगी या नहीं? क्योंकि अनुज से दूर होने के बाद तो बड़ी मुश्किल से अनुपमा को एक आस मिली थी, और उसी के बाद से उसने अपनी जिंदगी सवारनी शुरू कर दी थी. जब अनुपमा दुखी थी तो उसने प्रण लिया था कि वह अब अपने सपनों को किसी के लिए भी नहीं छोड़ेगी. एक बार फिर से अनुपमा जिंदगी की उसी मोड़ पर आ गई है जहां वे बेबस और लाचार खड़ी थी. आज अनुपमा के पास ऑप्शन है. तो किसे चुनेगी अनुपमा? पुराना प्यार या नया सम्मान, अनुज या अमेरिका?
अनुपमा की जिंदगी में खलबली मचाएगी मालती देवी?
अभी तक अनुपमा की जिंदगी में मालती देवी एक सेवियर थी. लेकिन अब अचानक से मालती देवी का रूप बदलने वाला है. क्या वजह हो सकती है? अभी तक कयास लग रहे थे कि मालती और अनुज का कुछ रिश्ता है. कहा जा रहा था कि मालती अनुज की मां हो सकती है. लेकिन ऐसा नहीं है. मालती का जरूर कोई मकसद है इसी वजह से वह अनुपमा को अमेरिका भेज रही थी. क्या मकसद होगा वो तो शो में आगे पता चलेगा. लेकिन अब जब अनुपमा की जिंदगी में सब सॉर्ट हो गया है, ऐसे में मालती देवी का भी प्लान खराब हो जाएगा, तो जाहिर सी बात है कि मालती देवी को गुस्सा तो आएगा. इसके बाद मालती देवी शो में विलेन के रूप में उभर कर सामने आ सकती है.
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अनुपमा शो Anupamaa Big Twist: शो अनुपमा में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है, इसी के साथ ही करंट ट्रैक भी बदलने वाला है. शो में अनुपमा एक बार फिर से अनुज की धर्मपत्नी बनकर उसकी जिंदगी में वापसी कर सकती है. जी हां, यानी अनुपमा और अनुज फिर एक हो सकते हैं. शो में माया का ट्रैक खत्म होने वाला है. मेकर्स ने शो में नए ट्रैक का आरंभ कर दिया है. ऐसे में माया इश्क में फना हो जाएगी. वहीं अनुज और अनुपमा एक हो जाएंगे, पर सवाल ये है कि अनुपमा अमेरिका जाएगी या नहीं? क्योंकि अनुज से दूर होने के बाद तो बड़ी मुश्किल से अनुपमा को एक आस मिली थी, और उसी के बाद से उसने अपनी जिंदगी सवारनी शुरू कर दी थी. जब अनुपमा दुखी थी तो उसने प्रण लिया था कि वह अब अपने सपनों को किसी के लिए भी नहीं छोड़ेगी. एक बार फिर से अनुपमा जिंदगी की उसी मोड़ पर आ गई है जहां वे बेबस और लाचार खड़ी थी. आज अनुपमा के पास ऑप्शन है. तो किसे चुनेगी अनुपमा? पुराना प्यार या नया सम्मान, अनुज या अमेरिका? अनुपमा की जिंदगी में खलबली मचाएगी मालती देवी? अभी तक अनुपमा की जिंदगी में मालती देवी एक सेवियर थी. लेकिन अब अचानक से मालती देवी का रूप बदलने वाला है. क्या वजह हो सकती है? अभी तक कयास लग रहे थे कि मालती और अनुज का कुछ रिश्ता है. कहा जा रहा था कि मालती अनुज की मां हो सकती है. लेकिन ऐसा नहीं है. मालती का जरूर कोई मकसद है इसी वजह से वह अनुपमा को अमेरिका भेज रही थी. क्या मकसद होगा वो तो शो में आगे पता चलेगा. लेकिन अब जब अनुपमा की जिंदगी में सब सॉर्ट हो गया है, ऐसे में मालती देवी का भी प्लान खराब हो जाएगा, तो जाहिर सी बात है कि मालती देवी को गुस्सा तो आएगा. इसके बाद मालती देवी शो में विलेन के रूप में उभर कर सामने आ सकती है.
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सरकारी नौकरीः अगर आप पुलिस सब इंस्पेक्टर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं तो यह खबर आपको खुश कर सकता हैं। क्यों की कर्नाटक राज्य पुलिस में अनेक पदों पर भर्तियां होने जा रही हैं। पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI- सिविल) के विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। आप इसके आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं।
पद का नाम : पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI- सिविल)
आयु सीमा :
पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI- सिविल) के पदों पर आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गयी है।
चयन प्रक्रिया :
आपको बता दें की पुलिस सब इंस्पेक्टर (PSI- सिविल) के पदों पर उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और एंड्योरेंस टेस्ट पर आधारित होगा।
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सरकारी नौकरीः अगर आप पुलिस सब इंस्पेक्टर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं तो यह खबर आपको खुश कर सकता हैं। क्यों की कर्नाटक राज्य पुलिस में अनेक पदों पर भर्तियां होने जा रही हैं। पुलिस सब इंस्पेक्टर के विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। आप इसके आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं। पद का नाम : पुलिस सब इंस्पेक्टर आयु सीमा : पुलिस सब इंस्पेक्टर के पदों पर आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु इक्कीस वर्ष और अधिकतम आयु अट्ठाईस वर्ष निर्धारित की गयी है। चयन प्रक्रिया : आपको बता दें की पुलिस सब इंस्पेक्टर के पदों पर उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और एंड्योरेंस टेस्ट पर आधारित होगा।
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नियोजन एवं विकास तथा क्षेत्रीय असन्तुलन को दूर करने एवं समतावादी समाज की संरचना के लिए केवल राज्य स्तर पर विश्वसनीय सूचनायें एवं तथ्यों के संकलन की आवश्यकता नहीं है, वरन क्षेत्रीय स्तर एवं जनपदीय स्तर पर इस प्रकार की सूचनायें प्राप्त करना आवश्यक है। 62
अतः प्रस्तुत शोध प्रबन्ध में अध्ययन के क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड सम्भाग तक ही सीमित रखा गया है, जिसमें पाँच जिले- झाँसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बाँदा आते हैं। यह सम्भाग 24°20 एन अक्षांस से 26° 30 एन तक तथा 78° 10 बी से 81°31 देशान्तर तक फैला हुआ है। इसके उत्तर पूर्व में यमुना नदी बहती है और इटावा, कानपुर देहात, फतेहपुर, इलाहाबाद जनपदों के द्वारा इसकी उत्तरी सीमा निर्धारित होती है। पश्चिम में मध्य प्रदेश के भिण्ड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी और गुना जिले हैं। दक्षिण में मध्य प्रदेश के ही सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना एवं रीवा जिलों के द्वारा इसकी सीमा निर्धारित होती है।
अध्ययन विधि :प्रस्तुत शोध प्रबन्ध के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कृषकों की दशा एवं ऋण की आवश्यकता तथा पूर्ति के साधनों में केवल सहकारी संगठन द्वारा कृषि साख में योगदान का अध्ययन किया गया है। यह द्वितीयक समंकों पर आधारित अनुभवजन्य अध्ययन है। अध्ययन के लिए विस्तरीय ढाँचा प्राथमिक स्तर पर सहकारी कृषि ऋण समितियाँ, जिला स्तर पर केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं राज्य स्तर पर राज्य सहकारी बैंक, जोकि अल्पकालीन तथा मध्यकालीन की आपूर्ति करते हैं एवं दीर्घकालीन साख प्रदान करने के लिए भूमि विकास बैंक का अध्ययन किया गया है। कृषि साख की आवश्यकता, कृषि वित्त में
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नियोजन एवं विकास तथा क्षेत्रीय असन्तुलन को दूर करने एवं समतावादी समाज की संरचना के लिए केवल राज्य स्तर पर विश्वसनीय सूचनायें एवं तथ्यों के संकलन की आवश्यकता नहीं है, वरन क्षेत्रीय स्तर एवं जनपदीय स्तर पर इस प्रकार की सूचनायें प्राप्त करना आवश्यक है। बासठ अतः प्रस्तुत शोध प्रबन्ध में अध्ययन के क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड सम्भाग तक ही सीमित रखा गया है, जिसमें पाँच जिले- झाँसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बाँदा आते हैं। यह सम्भाग चौबीस°बीस एन अक्षांस से छब्बीस° तीस एन तक तथा अठहत्तर° दस बी से इक्यासी°इकतीस देशान्तर तक फैला हुआ है। इसके उत्तर पूर्व में यमुना नदी बहती है और इटावा, कानपुर देहात, फतेहपुर, इलाहाबाद जनपदों के द्वारा इसकी उत्तरी सीमा निर्धारित होती है। पश्चिम में मध्य प्रदेश के भिण्ड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी और गुना जिले हैं। दक्षिण में मध्य प्रदेश के ही सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना एवं रीवा जिलों के द्वारा इसकी सीमा निर्धारित होती है। अध्ययन विधि :प्रस्तुत शोध प्रबन्ध के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कृषकों की दशा एवं ऋण की आवश्यकता तथा पूर्ति के साधनों में केवल सहकारी संगठन द्वारा कृषि साख में योगदान का अध्ययन किया गया है। यह द्वितीयक समंकों पर आधारित अनुभवजन्य अध्ययन है। अध्ययन के लिए विस्तरीय ढाँचा प्राथमिक स्तर पर सहकारी कृषि ऋण समितियाँ, जिला स्तर पर केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं राज्य स्तर पर राज्य सहकारी बैंक, जोकि अल्पकालीन तथा मध्यकालीन की आपूर्ति करते हैं एवं दीर्घकालीन साख प्रदान करने के लिए भूमि विकास बैंक का अध्ययन किया गया है। कृषि साख की आवश्यकता, कृषि वित्त में
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शाहगंज जौनपुर। पारिवारिक कलह से छुब्ध युवक ने घर के अंदर गुरु वार की दोपहर पंखे के सहारे फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर युवक को फांसी के फंदे से उतारकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुटी। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव निवासी अरविंद कुमार बिंद (38) पुत्र सहदेव बिंद गुरु वार की दोपहर परिवार के लोग घर के बाहर गए थे। सुनसान मकान देखकर युवक ने घर का दरवाजा बंद कर पंखे की कुंडी मे बिजली के तार का फंदा बनाकर लटक गया। परिवार के लोग घर पहंुचे तो दरवाजा बंद देखकर आवाज लगाई। दरवाजा न खुलने पर परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर घर घुसे तो फंदे पर लटकता देख दंग रह गए। परिवार के लोगों ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दिया सूचना पाकर मौके पर पहुचें अपने हमराहियों के साथ प्रभारी निरिक्षक आदेश कुमार त्यागी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज कर जांच शुरू कर दी है।
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शाहगंज जौनपुर। पारिवारिक कलह से छुब्ध युवक ने घर के अंदर गुरु वार की दोपहर पंखे के सहारे फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर युवक को फांसी के फंदे से उतारकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुटी। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव निवासी अरविंद कुमार बिंद पुत्र सहदेव बिंद गुरु वार की दोपहर परिवार के लोग घर के बाहर गए थे। सुनसान मकान देखकर युवक ने घर का दरवाजा बंद कर पंखे की कुंडी मे बिजली के तार का फंदा बनाकर लटक गया। परिवार के लोग घर पहंुचे तो दरवाजा बंद देखकर आवाज लगाई। दरवाजा न खुलने पर परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर घर घुसे तो फंदे पर लटकता देख दंग रह गए। परिवार के लोगों ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दिया सूचना पाकर मौके पर पहुचें अपने हमराहियों के साथ प्रभारी निरिक्षक आदेश कुमार त्यागी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज कर जांच शुरू कर दी है।
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चीन के साथ भारत के रिश्ते पिछले कुछ सालों से काफी खराब हो गए हैं। ऐसे में भारत लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सर्विलांस को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। ईस्टर्न लद्दाख से लेकर सिक्किम तक एलएसी पर सर्विलांस को मजबूत करने के लिए नए ड्रोन यूनिट्स को तैनात किया जाएगा। ये अनमैन्ड एरियल वेहिकल्स 48 घंटे तक निगरानी रख सकते है। डिफेंस सूत्रों के मुताबिक ईस्टर्न लद्दाख सेक्टर और सिक्किम पर एलएसी पर चीनी सेना पर निगरानी रखने के लिए नई क्षमता वाले सर्विलांस सिस्टम ड्रोन को तैनात किया जा रहा है।
इसे भी पढ़ें- क्या Nirbhaya Fund SUV Y Plus श्रेणी की सुरक्षा वाले विधायकों के लिए भेजी गई ? कठघरे में CM एकनाथ शिंदे !
एक स्क्वाड्रन को ईस्टर्न लद्दाख सेक्टर के करीब तैनात किया गया है, जबकि दूसरे को चिकेन्स नेक सेक्टर पर तैनात किया गया है। भारतीय सेना ने इन ड्रोन को सैटेलाइट कम्युनिकेशन लिंक्स के जरिए हासिल किया है। इन ड्रोन के सेंसर मौजूदा ड्रोन से कहीं बेहतर हैं। भारतीय सेना लगातार चीनी सेना की एलएसी पर करीब से निगरानी रख रही है। ईस्टर्न लद्दाख और अरुणाचल प्रदेस में इन ड्रोन्स को तैनात किया गया है। दरअसल 2020 में गलवान में भारत और चीन की सेना के बीच टकराव हुआ था।
जो नए ड्रोन तैनात किए गए हैं उसमे हमला करने की क्षमता नहीं है, लेकिन इसमे इस सुविधा को अपग्रेड करने का विकल्प मौजूद है। सूत्रों का कहना है कि भारत प्रोजेक्ट चीता पर काम कर रहा है। इस ऑपरेशन के तहत सेना अपने मौजूदा उपकरणों को अपग्रेड करना चाहती है। मौजूदा उपकरणों को अपग्रेड करके दुश्मनों के ठिकानों को लॉन्ग रेंज से टार्गेट करने का लक्ष्य है। योजना के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में इजराइली हथियारों के निर्माता और भारती कंपनियों की भूमिका अहम होगी। भारतीय वायुसेना इस प्रोजेक्ट में मुख्य भूमिका में है। नौसेना और सेना इजराइली ड्रोन का इस्तेमाल करती हैं। जिस तरह से चीन से भारत के रिश्तों में खटास आई है उसके बाद से भारत अपनी सैन्य रणनीति को चीन के लिहाज से तैयार कर रहा है।
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चीन के साथ भारत के रिश्ते पिछले कुछ सालों से काफी खराब हो गए हैं। ऐसे में भारत लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर सर्विलांस को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। ईस्टर्न लद्दाख से लेकर सिक्किम तक एलएसी पर सर्विलांस को मजबूत करने के लिए नए ड्रोन यूनिट्स को तैनात किया जाएगा। ये अनमैन्ड एरियल वेहिकल्स अड़तालीस घंटाटे तक निगरानी रख सकते है। डिफेंस सूत्रों के मुताबिक ईस्टर्न लद्दाख सेक्टर और सिक्किम पर एलएसी पर चीनी सेना पर निगरानी रखने के लिए नई क्षमता वाले सर्विलांस सिस्टम ड्रोन को तैनात किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें- क्या Nirbhaya Fund SUV Y Plus श्रेणी की सुरक्षा वाले विधायकों के लिए भेजी गई ? कठघरे में CM एकनाथ शिंदे ! एक स्क्वाड्रन को ईस्टर्न लद्दाख सेक्टर के करीब तैनात किया गया है, जबकि दूसरे को चिकेन्स नेक सेक्टर पर तैनात किया गया है। भारतीय सेना ने इन ड्रोन को सैटेलाइट कम्युनिकेशन लिंक्स के जरिए हासिल किया है। इन ड्रोन के सेंसर मौजूदा ड्रोन से कहीं बेहतर हैं। भारतीय सेना लगातार चीनी सेना की एलएसी पर करीब से निगरानी रख रही है। ईस्टर्न लद्दाख और अरुणाचल प्रदेस में इन ड्रोन्स को तैनात किया गया है। दरअसल दो हज़ार बीस में गलवान में भारत और चीन की सेना के बीच टकराव हुआ था। जो नए ड्रोन तैनात किए गए हैं उसमे हमला करने की क्षमता नहीं है, लेकिन इसमे इस सुविधा को अपग्रेड करने का विकल्प मौजूद है। सूत्रों का कहना है कि भारत प्रोजेक्ट चीता पर काम कर रहा है। इस ऑपरेशन के तहत सेना अपने मौजूदा उपकरणों को अपग्रेड करना चाहती है। मौजूदा उपकरणों को अपग्रेड करके दुश्मनों के ठिकानों को लॉन्ग रेंज से टार्गेट करने का लक्ष्य है। योजना के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में इजराइली हथियारों के निर्माता और भारती कंपनियों की भूमिका अहम होगी। भारतीय वायुसेना इस प्रोजेक्ट में मुख्य भूमिका में है। नौसेना और सेना इजराइली ड्रोन का इस्तेमाल करती हैं। जिस तरह से चीन से भारत के रिश्तों में खटास आई है उसके बाद से भारत अपनी सैन्य रणनीति को चीन के लिहाज से तैयार कर रहा है।
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लुधियानाः पंजाबी टीवी चैनल पर ग्रामीण इलाकों पर आधारित शो को होस्ट करने वाले एक एंकर और राष्ट्रपति से अवॉर्ड प्राप्त गुरदीप सिंह के खिलाफ पुलिस ने एक केस दर्ज किया है. गुरदीप सिंह पर शहर की एक महिला को शादी का झांसा देकर आठ वर्ष तक शारीरिक संबंध स्थापित करने और फिर शादी से मना करने का आरोप है.
महिला ने सीपी सुखचैन सिंह गिल को दी तहरीर में बताया है कि, 2009 में उसके पति का निधन हो गया था. 2010 में वो अपने किसी दोस्त के माध्यम से गुरदीप से मिली थी. तभी से गुरदीप उसके पास आया करता था. महिला ने बताया है कि गुरदीप ने उसे शादी का झांसा देकर आठ साल तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. 2018 के फरवरी में गुरदीप उसके घर आया और शादी करने से मना कर दिया. थाना मोती नगर में धारा 376 (दुष्कर्म) के अंतर्गत गुरदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है.
महिला के मुताबिक जब उसने गुरदीप सिंह के विरुद्ध शिकायत की तो कई लोग उसे घर पर धमकाने भी आए थे. उल्लेखनीय है कि गुरदीप सिंह अमृतसर के खालसा कॉलेज में भी नौकरी कर चुका है, वो एक एनजीओ का संचालन भी करता था, जिस कारण उसे 2013 में उसे राष्ट्रपति से सम्मान मिला था, महिला भी उसके साथ सम्मान लेने गई थी.
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लुधियानाः पंजाबी टीवी चैनल पर ग्रामीण इलाकों पर आधारित शो को होस्ट करने वाले एक एंकर और राष्ट्रपति से अवॉर्ड प्राप्त गुरदीप सिंह के खिलाफ पुलिस ने एक केस दर्ज किया है. गुरदीप सिंह पर शहर की एक महिला को शादी का झांसा देकर आठ वर्ष तक शारीरिक संबंध स्थापित करने और फिर शादी से मना करने का आरोप है. महिला ने सीपी सुखचैन सिंह गिल को दी तहरीर में बताया है कि, दो हज़ार नौ में उसके पति का निधन हो गया था. दो हज़ार दस में वो अपने किसी दोस्त के माध्यम से गुरदीप से मिली थी. तभी से गुरदीप उसके पास आया करता था. महिला ने बताया है कि गुरदीप ने उसे शादी का झांसा देकर आठ साल तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. दो हज़ार अट्ठारह के फरवरी में गुरदीप उसके घर आया और शादी करने से मना कर दिया. थाना मोती नगर में धारा तीन सौ छिहत्तर के अंतर्गत गुरदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है. महिला के मुताबिक जब उसने गुरदीप सिंह के विरुद्ध शिकायत की तो कई लोग उसे घर पर धमकाने भी आए थे. उल्लेखनीय है कि गुरदीप सिंह अमृतसर के खालसा कॉलेज में भी नौकरी कर चुका है, वो एक एनजीओ का संचालन भी करता था, जिस कारण उसे दो हज़ार तेरह में उसे राष्ट्रपति से सम्मान मिला था, महिला भी उसके साथ सम्मान लेने गई थी.
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कोयला मंत्रालय ने विद्युत मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय और खान मंत्रालय के सहयोग से आज भुवनेश्वर में राष्ट्रीय खनिज कॉन्ग्रेस का आयोजन किया। वर्चुअल माध्यम से कॉन्ग्रेस को संबोधित करते हुए कोयला मंत्रालय में सचिव श्री अनिल कुमार जैन ने राष्ट्रीय खनिज कॉन्ग्रेस की सफलता की कामना की और हितधारकों के विचार-विमर्श के माध्यम से मूल्यवान परिणाम प्राप्त करने की आशा व्यक्त की। कोयला मंत्रालय ने वर्ष 2030 तक 100 मीट्रिक टन कोयला गैसीकरण प्राप्त करने के लिये एक राष्ट्रीय मिशन दस्तावेज़ तैयार किया है। कोयला गैसीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें 'फ्यूल गैस' बनाने के लिये कोयले को वायु, ऑक्सीजन, वाष्प या कार्बन डाइऑक्साइड के साथ आंशिक रूप से ऑक्सीकृत किया जाता है। इस गैस का उपयोग पाइप्ड प्राकृतिक गैस, मीथेन और अन्य के स्थान पर ऊर्जा प्राप्त करने हेतु किया जाता है। कोयले का 'इन-सीटू' गैसीकरण या भूमिगत कोयला गैसीकरण कोयले को गैस में परिवर्तित करने की तकनीक है, इसे कुओं के माध्यम से निकाला जाता है। कोयला गैसीकरण से प्राप्त हाइड्रोजन का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों हेतु किया जा सकता है, जैसे- अमोनिया का निर्माण, हाइड्रोजन इकॉनमी को मज़बूती प्रदान करने में। कोयले को जलाने की तुलना में कोयला गैसीकरण को स्वच्छ विकल्प माना जाता है। गैसीकरण कोयले के रासायनिक गुणों के उपयोग की सुविधा प्रदान करता है।
रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 27 मई, 2022 को कर्नाटक में कारवाड़ नौसेना बेस की यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के शक्तिशाली प्लेटफॉर्म में से एक 'आईएनएस खंडेरी' पर समुद्र की यात्रा की। ऑपरेशन सॉर्टी के साथ पश्चिमी बेड़े के जहाज़ों की तैनाती, पी-81 एमपीए द्वारा एंटीसबमरीन मिशन सॉर्टी और सी-किंग हेलीकॉप्टर, मिग 29-के युद्धक विमानों द्वार फ्लाइपास्ट तथा खोज और बचाव क्षमता का प्रदर्शन भी किया गया। रक्षामंत्री द्वारा 28 सितंबर, 2019 को आईएनएस खंडेरी को कमीशन किया गया था। INS खंडेरी गहरे समुद्र में बिना आवाज़ किये 12 हज़ार किमी. तक सफर कर सकती है। इसकी लंबाई लगभग 67.5 मीटर और चौड़ाई 12.3 मीटर है। 40 से 45 दिन तक पानी में रहने की क्षमता वाली यह पनडुब्बी 350 मीटर की गहराई तक उतर सकती है तथा इसमें सभी अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। प्रोजेक्ट 75 सबमरीन की इस दूसरी सबमरीन का निर्माण 'मेक इन इंडिया' पहल के अंतर्गत मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में 7 अप्रैल, 2009 को शुरू हुआ था। 12 जनवरी, 2017 को इसे लॉन्च किया गया और इसका नामकरण किया गया। इस पनडुब्बी में कुल 360 बैटरियाँ लगी हैं, जिनमें से प्रत्येक का वज़न 750 किग्रा. है। इसमें 6 टॉरपीडो ट्यूब लगे हैं। इसमें से 2 ट्यूब से मिसाइल भी दागी जा सकती है। इसके भीतर कुल 12 टॉरपीडो रखने की व्यवस्था है। इसे 'खंडेरी' नाम मराठा सेना के द्वीपीय किले के नाम पर दिया गया है। इसके अलावा खंडेरी को 'टाइगर शार्क ' भी कहते हैं। स्कॉर्पीन श्रेणी की बनी पहली पनडुब्बी INS कलवरी है। देश में वर्तमान में 49 जहाज़ों और पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।।
प्रतिवर्ष 28 मई को 'एमनेस्टी इंटरनेशनल दिवस' का आयोजन किया जाता है। 'एमनेस्टी इंटरनेशनल' (Amnesty International) लंदन स्थित एक गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 28 मई, 1961 को 'पीटर बेन्सन' नामक एक ब्रिटिश वकील द्वारा की गई थी। इस संगठन का प्राथमिक लक्ष्य मानवाधिकारों की रक्षा और उनकी वकालत करना है। पीटर बेन्सन ने एक जनांदोलन के रूप में इस संगठन की स्थापना मुख्य तौर पर दुनिया भर में उन कैदियों को रिहा कराने के उद्देश्य से की थी, जिन्हें अपनी राजनीतिक, धार्मिक या अन्य धर्मनिरपेक्ष मान्यताओं की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के लिये जेल में कैद किया गया हो, भले ही उन्होंने न कभी हिंसा का इस्तेमाल किया और न ही इसकी वकालत की। विश्व भर में इस संस्था के तीस लाख से अधिक सदस्य और समर्थक हैं। संगठन का उद्देश्य मानवाधिकारों के विरुद्ध हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाना तथा प्रताड़ित लोगों को न्याय दिलाना है। यह संगठन ऐसी दुनिया के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (UDHR) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संबंधी दस्तावेज़ों में निर्धारित अधिकारों का उपयोग करने में सक्षम हो। साथ ही यह संगठन मानवाधिकारों के मुद्दे पर शोधकार्य भी करता है। संगठन को वर्ष 1977 में शांति के लिये नोबेल पुरस्कार और वर्ष 1978 में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिये संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है।
प्रतिवर्ष 28 मई को विश्व भर में 'विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' का आयोजन किया जाता है। इस दिवस की शुरुआत जर्मनी स्थिति एक गैर-लाभकारी संगठन 'वाॅॅश यूनाइटेड' द्वारा वर्ष 2013 में की गई थी। 'मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' एक वैश्विक अभियान है, जो विश्व भर की महिलाओं और लड़कियों के लिये बेहतर मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिये गैर-लाभकारी संस्थाओं, सरकारी एजेंसियों, निजी क्षेत्र तथा मीडिया आदि को एक साथ- एक मंच पर लाता है। इस दिवस का प्राथमिक लक्ष्य मासिक धर्म स्वच्छता के संबंध में जागरूकता को बढ़ावा देना और मासिक धर्म से संबंधित नकारात्मक धारणाओं को समाप्त करना है। साथ ही यह दिवस वैश्विक, राष्ट्रीय व स्थानीय स्तरों पर नीति निर्माताओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित नीतियों के निर्माण के लिये भी प्रेरित करता है। मासिक धर्म एक महिला के शरीर की सबसे महत्त्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है, हालाँकि इस महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान प्रायः महिलाओं द्वारा विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में मासिक स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जाता है, जो कि फंगल या जीवाणु संक्रमण जैसी कई समस्याओं को जन्म दे सकता है। भारत में यूनिसेफ द्वारा किये गए एक अध्ययन के मुताबिक, मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में अपर्याप्त जागरूकता के कारण 23 प्रतिशत लड़कियाँ मासिक धर्म शुरू होने के बाद स्कूल छोड़ने के लिये मजबूर होती हैं।
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कोयला मंत्रालय ने विद्युत मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय और खान मंत्रालय के सहयोग से आज भुवनेश्वर में राष्ट्रीय खनिज कॉन्ग्रेस का आयोजन किया। वर्चुअल माध्यम से कॉन्ग्रेस को संबोधित करते हुए कोयला मंत्रालय में सचिव श्री अनिल कुमार जैन ने राष्ट्रीय खनिज कॉन्ग्रेस की सफलता की कामना की और हितधारकों के विचार-विमर्श के माध्यम से मूल्यवान परिणाम प्राप्त करने की आशा व्यक्त की। कोयला मंत्रालय ने वर्ष दो हज़ार तीस तक एक सौ मीट्रिक टन कोयला गैसीकरण प्राप्त करने के लिये एक राष्ट्रीय मिशन दस्तावेज़ तैयार किया है। कोयला गैसीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें 'फ्यूल गैस' बनाने के लिये कोयले को वायु, ऑक्सीजन, वाष्प या कार्बन डाइऑक्साइड के साथ आंशिक रूप से ऑक्सीकृत किया जाता है। इस गैस का उपयोग पाइप्ड प्राकृतिक गैस, मीथेन और अन्य के स्थान पर ऊर्जा प्राप्त करने हेतु किया जाता है। कोयले का 'इन-सीटू' गैसीकरण या भूमिगत कोयला गैसीकरण कोयले को गैस में परिवर्तित करने की तकनीक है, इसे कुओं के माध्यम से निकाला जाता है। कोयला गैसीकरण से प्राप्त हाइड्रोजन का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों हेतु किया जा सकता है, जैसे- अमोनिया का निर्माण, हाइड्रोजन इकॉनमी को मज़बूती प्रदान करने में। कोयले को जलाने की तुलना में कोयला गैसीकरण को स्वच्छ विकल्प माना जाता है। गैसीकरण कोयले के रासायनिक गुणों के उपयोग की सुविधा प्रदान करता है। रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सत्ताईस मई, दो हज़ार बाईस को कर्नाटक में कारवाड़ नौसेना बेस की यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के शक्तिशाली प्लेटफॉर्म में से एक 'आईएनएस खंडेरी' पर समुद्र की यात्रा की। ऑपरेशन सॉर्टी के साथ पश्चिमी बेड़े के जहाज़ों की तैनाती, पी-इक्यासी एमपीए द्वारा एंटीसबमरीन मिशन सॉर्टी और सी-किंग हेलीकॉप्टर, मिग उनतीस-के युद्धक विमानों द्वार फ्लाइपास्ट तथा खोज और बचाव क्षमता का प्रदर्शन भी किया गया। रक्षामंत्री द्वारा अट्ठाईस सितंबर, दो हज़ार उन्नीस को आईएनएस खंडेरी को कमीशन किया गया था। INS खंडेरी गहरे समुद्र में बिना आवाज़ किये बारह हज़ार किमी. तक सफर कर सकती है। इसकी लंबाई लगभग सरसठ दशमलव पाँच मीटर और चौड़ाई बारह दशमलव तीन मीटर है। चालीस से पैंतालीस दिन तक पानी में रहने की क्षमता वाली यह पनडुब्बी तीन सौ पचास मीटर की गहराई तक उतर सकती है तथा इसमें सभी अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। प्रोजेक्ट पचहत्तर सबमरीन की इस दूसरी सबमरीन का निर्माण 'मेक इन इंडिया' पहल के अंतर्गत मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में सात अप्रैल, दो हज़ार नौ को शुरू हुआ था। बारह जनवरी, दो हज़ार सत्रह को इसे लॉन्च किया गया और इसका नामकरण किया गया। इस पनडुब्बी में कुल तीन सौ साठ बैटरियाँ लगी हैं, जिनमें से प्रत्येक का वज़न सात सौ पचास किग्रा. है। इसमें छः टॉरपीडो ट्यूब लगे हैं। इसमें से दो ट्यूब से मिसाइल भी दागी जा सकती है। इसके भीतर कुल बारह टॉरपीडो रखने की व्यवस्था है। इसे 'खंडेरी' नाम मराठा सेना के द्वीपीय किले के नाम पर दिया गया है। इसके अलावा खंडेरी को 'टाइगर शार्क ' भी कहते हैं। स्कॉर्पीन श्रेणी की बनी पहली पनडुब्बी INS कलवरी है। देश में वर्तमान में उनचास जहाज़ों और पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।। प्रतिवर्ष अट्ठाईस मई को 'एमनेस्टी इंटरनेशनल दिवस' का आयोजन किया जाता है। 'एमनेस्टी इंटरनेशनल' लंदन स्थित एक गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना अट्ठाईस मई, एक हज़ार नौ सौ इकसठ को 'पीटर बेन्सन' नामक एक ब्रिटिश वकील द्वारा की गई थी। इस संगठन का प्राथमिक लक्ष्य मानवाधिकारों की रक्षा और उनकी वकालत करना है। पीटर बेन्सन ने एक जनांदोलन के रूप में इस संगठन की स्थापना मुख्य तौर पर दुनिया भर में उन कैदियों को रिहा कराने के उद्देश्य से की थी, जिन्हें अपनी राजनीतिक, धार्मिक या अन्य धर्मनिरपेक्ष मान्यताओं की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के लिये जेल में कैद किया गया हो, भले ही उन्होंने न कभी हिंसा का इस्तेमाल किया और न ही इसकी वकालत की। विश्व भर में इस संस्था के तीस लाख से अधिक सदस्य और समर्थक हैं। संगठन का उद्देश्य मानवाधिकारों के विरुद्ध हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाना तथा प्रताड़ित लोगों को न्याय दिलाना है। यह संगठन ऐसी दुनिया के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संबंधी दस्तावेज़ों में निर्धारित अधिकारों का उपयोग करने में सक्षम हो। साथ ही यह संगठन मानवाधिकारों के मुद्दे पर शोधकार्य भी करता है। संगठन को वर्ष एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर में शांति के लिये नोबेल पुरस्कार और वर्ष एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिये संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। प्रतिवर्ष अट्ठाईस मई को विश्व भर में 'विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' का आयोजन किया जाता है। इस दिवस की शुरुआत जर्मनी स्थिति एक गैर-लाभकारी संगठन 'वाॅॅश यूनाइटेड' द्वारा वर्ष दो हज़ार तेरह में की गई थी। 'मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' एक वैश्विक अभियान है, जो विश्व भर की महिलाओं और लड़कियों के लिये बेहतर मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिये गैर-लाभकारी संस्थाओं, सरकारी एजेंसियों, निजी क्षेत्र तथा मीडिया आदि को एक साथ- एक मंच पर लाता है। इस दिवस का प्राथमिक लक्ष्य मासिक धर्म स्वच्छता के संबंध में जागरूकता को बढ़ावा देना और मासिक धर्म से संबंधित नकारात्मक धारणाओं को समाप्त करना है। साथ ही यह दिवस वैश्विक, राष्ट्रीय व स्थानीय स्तरों पर नीति निर्माताओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित नीतियों के निर्माण के लिये भी प्रेरित करता है। मासिक धर्म एक महिला के शरीर की सबसे महत्त्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है, हालाँकि इस महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान प्रायः महिलाओं द्वारा विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में मासिक स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जाता है, जो कि फंगल या जीवाणु संक्रमण जैसी कई समस्याओं को जन्म दे सकता है। भारत में यूनिसेफ द्वारा किये गए एक अध्ययन के मुताबिक, मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में अपर्याप्त जागरूकता के कारण तेईस प्रतिशत लड़कियाँ मासिक धर्म शुरू होने के बाद स्कूल छोड़ने के लिये मजबूर होती हैं।
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Don't Miss!
अपने कभी न कभी हवाई जहाज में सफर तो किया ही होगा। फ्लाइट में सफर करते समय आपने ठंड से बचने के लिए स्वेटर या कंबल का भी इस्तेमाल किया होगा। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि फ्लाइट के अंदर का तापमान इतना ठंडा क्यों होता है? आपको बता दें कि ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं होता क्योंकि फ्लाइट के अंदर लोगों को गर्मी लगती है, बल्कि तापमान ठंडा रखने के कई और कारण भी हैं। यहां हम आपको बताएंगे उन्हीं कारणों के बारे में जिस वजह से फ्लाइट के केबिन को ठंडा रखा जाता है।
हवाई जहाज के केबिन को ठंडा रखने के कई वजह हैं। उनमें से ही एक वजह है गर्म तापमान से उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या, जिस वजह से फ्लाइट में यात्रियों की तबियत बिगड़ने की अधिक संभावना होती है। आपको बता दें कि उड़ान के दौरान हवाई जहाज के केबिन के अंदर हवा का दबाव कम हो जाता है। इससे केबिन में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। अगर केबिन के अंदर का तापमान अधिक हो तो यह ऑक्सीजन की कमी को और बढ़ा देता है।
अगर उड़ान के दौरान केबिन में ऑक्सीजन की कमी हो गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ऑक्सीजन की कमी से यात्री बेहोश हो सकते हैं और बुजुर्गों में यह खतरा और भी बढ़ जाता है। हवाई सफर करने वाले कई यात्रियों में हाइपोक्सिया के लक्षण देखे जाते हैं। ऐसे यात्री कम ऑक्सीजन और हवा के कम दबाव के कारण बेहोश हो जाते हैं।
इस स्थिति से बचने के लिए फ्लाइट अटेंडेंट यात्रा के दौरान केबिन के अंदर हवा के दबाव और ऑक्सीजन की मात्रा को लगातार नियंत्रित करते रहते हैं। नए हवाई जहाजों ऐसे कई आधुनिक तकनीक से लैस होते हैं जो हवा के दबाव और ऑक्सीजन की मात्रा को अपने आप नियंत्रित करते हैं।
हवाई जहाज के अंदर का तापमान जगह के अनुसार बदलता रहता है। ठंडे देशों में फ्लाइट केबिन का तापमान ज्यादा ठंडा नहीं रखा जाता, वहीं भारत जैसे गर्म देशों में यह आमतौर पर 22-24 डिग्री होता है। यह ज्यादा ठंडा नहीं है लेकिन उड़ान के दौरान शरीर में हलचल नहीं होती इसलिए ठंड ज्यादा लगती है।
क्या तापमान के लिए भी है कोई कानून?
दरअसल, फ्लाइट केबिन में तापमान के लिए कोई कानून नहीं है। जैसा की हमनें पहले ही बताया कि दुनिया भर की एयरलाइन कंपनियां अलग-अलग तामपान नियंत्रण के नियमों का पालन करती हैं। यह नियम एयरलाइन कंपनियां खुद बनाती हैं और फ्लाइट रूट के मौसम और तापमान के अनुसार बदलती रहती हैं। भारत में भी एयरलाइन कंपनियां इसी तरह के नियमों का पालन करती हैं।
आपको बता दें कि एयरप्लेन के वायुमंडल से बाहर जाने के बाद कुछ देर तक ऐसी बंद कर दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि वायुमंडल के ऊपर हवा के कम दबाव के कारण तापमान पहले से ही ठंडा होता है, इसलिए एयरप्लेन को ज्यादा ठंडा करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
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Don't Miss! अपने कभी न कभी हवाई जहाज में सफर तो किया ही होगा। फ्लाइट में सफर करते समय आपने ठंड से बचने के लिए स्वेटर या कंबल का भी इस्तेमाल किया होगा। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि फ्लाइट के अंदर का तापमान इतना ठंडा क्यों होता है? आपको बता दें कि ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं होता क्योंकि फ्लाइट के अंदर लोगों को गर्मी लगती है, बल्कि तापमान ठंडा रखने के कई और कारण भी हैं। यहां हम आपको बताएंगे उन्हीं कारणों के बारे में जिस वजह से फ्लाइट के केबिन को ठंडा रखा जाता है। हवाई जहाज के केबिन को ठंडा रखने के कई वजह हैं। उनमें से ही एक वजह है गर्म तापमान से उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या, जिस वजह से फ्लाइट में यात्रियों की तबियत बिगड़ने की अधिक संभावना होती है। आपको बता दें कि उड़ान के दौरान हवाई जहाज के केबिन के अंदर हवा का दबाव कम हो जाता है। इससे केबिन में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। अगर केबिन के अंदर का तापमान अधिक हो तो यह ऑक्सीजन की कमी को और बढ़ा देता है। अगर उड़ान के दौरान केबिन में ऑक्सीजन की कमी हो गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ऑक्सीजन की कमी से यात्री बेहोश हो सकते हैं और बुजुर्गों में यह खतरा और भी बढ़ जाता है। हवाई सफर करने वाले कई यात्रियों में हाइपोक्सिया के लक्षण देखे जाते हैं। ऐसे यात्री कम ऑक्सीजन और हवा के कम दबाव के कारण बेहोश हो जाते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए फ्लाइट अटेंडेंट यात्रा के दौरान केबिन के अंदर हवा के दबाव और ऑक्सीजन की मात्रा को लगातार नियंत्रित करते रहते हैं। नए हवाई जहाजों ऐसे कई आधुनिक तकनीक से लैस होते हैं जो हवा के दबाव और ऑक्सीजन की मात्रा को अपने आप नियंत्रित करते हैं। हवाई जहाज के अंदर का तापमान जगह के अनुसार बदलता रहता है। ठंडे देशों में फ्लाइट केबिन का तापमान ज्यादा ठंडा नहीं रखा जाता, वहीं भारत जैसे गर्म देशों में यह आमतौर पर बाईस-चौबीस डिग्री होता है। यह ज्यादा ठंडा नहीं है लेकिन उड़ान के दौरान शरीर में हलचल नहीं होती इसलिए ठंड ज्यादा लगती है। क्या तापमान के लिए भी है कोई कानून? दरअसल, फ्लाइट केबिन में तापमान के लिए कोई कानून नहीं है। जैसा की हमनें पहले ही बताया कि दुनिया भर की एयरलाइन कंपनियां अलग-अलग तामपान नियंत्रण के नियमों का पालन करती हैं। यह नियम एयरलाइन कंपनियां खुद बनाती हैं और फ्लाइट रूट के मौसम और तापमान के अनुसार बदलती रहती हैं। भारत में भी एयरलाइन कंपनियां इसी तरह के नियमों का पालन करती हैं। आपको बता दें कि एयरप्लेन के वायुमंडल से बाहर जाने के बाद कुछ देर तक ऐसी बंद कर दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि वायुमंडल के ऊपर हवा के कम दबाव के कारण तापमान पहले से ही ठंडा होता है, इसलिए एयरप्लेन को ज्यादा ठंडा करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी), विदेश मंत्रालय और भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत उत्तर पूर्वी राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में व्यापार समुदायों के बीच साझेदारी का पता लगाने के लिए भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में बी20 सम्मेलन आयोजित किये जा रहे हैं। सम्मेलन पूर्वोत्तर में अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विकास में सहायता करेंगे और आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाएंगे।
बी20, वैश्विक व्यापार समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाला आधिकारिक जी20 संवाद मंच है। यह जी20 के सबसे प्रमुख संवाद समूहों में से एक है, जिसमें कंपनियां और व्यावसायिक संगठन, प्रतिभागियों के रूप में मौजूद हैं।
भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र, बी20 भारत पहल के लिए महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, इस क्षेत्र की अपार क्षमता और अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए पूरे क्षेत्र में चार सम्मेलनों की योजना बनाई गई है। इंफाल, आइजोल और गंगटोक में आयोजित पहले तीन सम्मेलन, पूर्वोत्तर की अब तक प्रयोग में नहीं लाई गयी क्षमता को उजागर करने से जुड़े अपने उद्देश्य में सफल रहे हैं।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन तथा सूचना प्रौद्योगिकी में बहुपक्षीय व्यापार साझेदारी के अवसर, आगामी सम्मेलन का मुख्य विषय होंगे, जो 4-6 अप्रैल, 2023 तक कोहिमा, नागालैंड में आयोजित किया जाएगा। इस विषय पर, संबोधन और पूर्ण सत्र सम्मेलन में बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) और बिजनेस टू गवर्नमेंट (बी2जी) बैठकों के साथ सत्र आयोजित किए जाएंगे। राज्य प्रशासन निवेश के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए इन क्षेत्रों में प्रमुख विकास और गतिविधियों पर ध्यान देगा।
तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन प्रतिनिधियों के आने के बाद, कैपिटल कल्चरल हॉल में रात्रिभोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दूसरे दिन, बी20 सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद बी2बी और बी2जी बैठकें होंगी। राज्य सरकार भ्रमण और स्थल-केन्द्रित भ्रमण का भी आयोजन करेगी। इनमें मिनी-हॉर्नबिल उत्सव का भ्रमण, वर्ल्ड वार-II संग्रहालय का भ्रमण और एक हेरिटेज विलेज, किसामा विलेज का दौरा आदि शामिल हैं। तीसरे दिन कोहिमा वॉर सिमेट्री की यात्रा और कोहिमा से प्रतिभागियों के प्रस्थान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
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भारतीय उद्योग परिसंघ , उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग , विदेश मंत्रालय और भारत की जीबीस अध्यक्षता के तहत उत्तर पूर्वी राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में व्यापार समुदायों के बीच साझेदारी का पता लगाने के लिए भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में बीबीस सम्मेलन आयोजित किये जा रहे हैं। सम्मेलन पूर्वोत्तर में अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विकास में सहायता करेंगे और आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाएंगे। बीबीस, वैश्विक व्यापार समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाला आधिकारिक जीबीस संवाद मंच है। यह जीबीस के सबसे प्रमुख संवाद समूहों में से एक है, जिसमें कंपनियां और व्यावसायिक संगठन, प्रतिभागियों के रूप में मौजूद हैं। भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र, बीबीस भारत पहल के लिए महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, इस क्षेत्र की अपार क्षमता और अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए पूरे क्षेत्र में चार सम्मेलनों की योजना बनाई गई है। इंफाल, आइजोल और गंगटोक में आयोजित पहले तीन सम्मेलन, पूर्वोत्तर की अब तक प्रयोग में नहीं लाई गयी क्षमता को उजागर करने से जुड़े अपने उद्देश्य में सफल रहे हैं। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन तथा सूचना प्रौद्योगिकी में बहुपक्षीय व्यापार साझेदारी के अवसर, आगामी सम्मेलन का मुख्य विषय होंगे, जो चार-छः अप्रैल, दो हज़ार तेईस तक कोहिमा, नागालैंड में आयोजित किया जाएगा। इस विषय पर, संबोधन और पूर्ण सत्र सम्मेलन में बिजनेस टू बिजनेस और बिजनेस टू गवर्नमेंट बैठकों के साथ सत्र आयोजित किए जाएंगे। राज्य प्रशासन निवेश के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए इन क्षेत्रों में प्रमुख विकास और गतिविधियों पर ध्यान देगा। तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन प्रतिनिधियों के आने के बाद, कैपिटल कल्चरल हॉल में रात्रिभोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दूसरे दिन, बीबीस सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद बीदोबी और बीदोजी बैठकें होंगी। राज्य सरकार भ्रमण और स्थल-केन्द्रित भ्रमण का भी आयोजन करेगी। इनमें मिनी-हॉर्नबिल उत्सव का भ्रमण, वर्ल्ड वार-II संग्रहालय का भ्रमण और एक हेरिटेज विलेज, किसामा विलेज का दौरा आदि शामिल हैं। तीसरे दिन कोहिमा वॉर सिमेट्री की यात्रा और कोहिमा से प्रतिभागियों के प्रस्थान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
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Delhi News : इस परियोजना के लिए सरकारी स्कूलों को दिल्ली में दिए गए बजट में साल 2021-2022 में कुल 60 करोड़ आवंटित किए गए थे, जिसमें से स्कूलों को 56. 14 करोड़ रुपए दिए गए। इस्तेमाल ना होने के कारण इस रकम में से स्कूलों ने 26 करोड़ वापस कर दिए थे, यानि कि इस योजना पर महज 30 करोड रुपए ही खर्च किए गए थे।
Delhi News : जैसे ही किसी ने जोगिंद्र सिंह का ये वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, वह फौरन आग तरह हर तरफ फैल गया। उनके विपक्षियों ने इसे जमकर शेयर किया। जोगिंद्र सिंह बंटी स्वरूप नगर के वार्ड नंबर 19 से आम आदमी पार्टी के टिकट पर MCD का चुनाव लड़ रहा है।
MCD Elections Delhi 2022 : राज्य चुनाव आयोग एनसीटी दिल्ली आज शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। इस दौरान एमसीडी चुनावों की घोषणा की संभावना है।
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Delhi News : इस परियोजना के लिए सरकारी स्कूलों को दिल्ली में दिए गए बजट में साल दो हज़ार इक्कीस-दो हज़ार बाईस में कुल साठ करोड़ आवंटित किए गए थे, जिसमें से स्कूलों को छप्पन. चौदह करोड़ रुपए दिए गए। इस्तेमाल ना होने के कारण इस रकम में से स्कूलों ने छब्बीस करोड़ वापस कर दिए थे, यानि कि इस योजना पर महज तीस करोड रुपए ही खर्च किए गए थे। Delhi News : जैसे ही किसी ने जोगिंद्र सिंह का ये वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, वह फौरन आग तरह हर तरफ फैल गया। उनके विपक्षियों ने इसे जमकर शेयर किया। जोगिंद्र सिंह बंटी स्वरूप नगर के वार्ड नंबर उन्नीस से आम आदमी पार्टी के टिकट पर MCD का चुनाव लड़ रहा है। MCD Elections Delhi दो हज़ार बाईस : राज्य चुनाव आयोग एनसीटी दिल्ली आज शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। इस दौरान एमसीडी चुनावों की घोषणा की संभावना है।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज अब खत्म होने वाली है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में सीरीज का आखिरी मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया ने मेलबर्न टेस्ट को जीतकर सीरीज में 2-1 की अजय बढ़त हासिल कर ली है। इस सीरीज के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच नोक झोंक भी काफी चर्चा में रही। मैच के दौरान पंत ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन में जुबानी जंग चली थी, इस दौरान पेन ने पंत को कहा था कि वह उनके बच्चों को खिला (Baby Sitting) सकते हैं, लेकिन पेन की पत्नी ने इस बात को सच साबित कर दिया और इसका सबूत भी पेश किया है।
टीम पेन की पत्नी बॉनी पेन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी पोस्ट की है, जिसमें ऋषभ पंत उनके और बच्चों के साथ दिख रहे हैं। बॉनी ने स्टोरी पर हंसती हुई इमोजी के साथ कैप्शन लिखा है कि 'बेस्ट बेबीसिटर'। पेन की पत्नी ने मजाक में इस तस्वीर को पोस्ट किया है। ये तस्वीर एक बेहतर खेल भावना को भी दर्शाती है, क्योंकि मैदान पर खिलाड़ी भले ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हों, लेकिन बाहर वह सामान्य ही हैं।
दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम प्रधानमंत्री स्कॉट मारिसन के आवास पर आधिकारिक लंच के लिए पहुंची थी। जहां पर सभी खिलाड़ी मौजूद रहे, ये तस्वीर वहां की ही है। क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने भी इस तस्वीर को अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया। आईसीसी ने लिखा कि ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन का चैलेंज स्वीकार लिया है।
बॉक्सिंग डे टेस्ट के तीसरे दिन जब ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने आए तो विकेट के पीछे खड़े टिम पेन ने उन्हें चिढ़ाया था। पेन ने कहा कि ओडीआई सीरीज के लिए एमएस धोनी आ गए हैं। इस लड़के (पंत) को हरिकेंस (हॉबर्ट) की टीम में शामिल करना चाहिए। उन्हें एक बल्लेबाज की जरूरत है। इससे तुम्हारी (पंत) ऑस्ट्रेलिया में छुट्टियां बढ़ जाएंगी। हॉबर्ट खूबसूरत शहर है। इसे एक वॉटर फ्रंट अपार्टमेंट दिलाएंगे। इसके बाद टिम पेन ने ऋषभ को कहा, 'क्या वह उनके बच्चे खिला सकते हैं, वह अपनी पत्नी के साथ फिल्म देखने जाएंगे। तो पीछे से तुम उनके बच्चों का ध्यान रख लेना।' आखिरकार टिम पेन की ये बात सच ही हो गई।
ऋषभ पंत ने भी टिम पेन को करारा जवाब दिया था। अगले दिन जब पंत बल्लेबाजी करने आए तो उन्होंने विकेट के पीछे से कहा, 'आज हमारे पास एक स्पेशल गेस्ट है। मयंक क्या तुमने कभी टेंपरेरी कप्तान के बारे में सुना है। इस कप्तान को आउट करने की जरूरत नहीं है, बस ये बकबक करने में माहिर है।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज अब खत्म होने वाली है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में सीरीज का आखिरी मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया ने मेलबर्न टेस्ट को जीतकर सीरीज में दो-एक की अजय बढ़त हासिल कर ली है। इस सीरीज के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच नोक झोंक भी काफी चर्चा में रही। मैच के दौरान पंत ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन में जुबानी जंग चली थी, इस दौरान पेन ने पंत को कहा था कि वह उनके बच्चों को खिला सकते हैं, लेकिन पेन की पत्नी ने इस बात को सच साबित कर दिया और इसका सबूत भी पेश किया है। टीम पेन की पत्नी बॉनी पेन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी पोस्ट की है, जिसमें ऋषभ पंत उनके और बच्चों के साथ दिख रहे हैं। बॉनी ने स्टोरी पर हंसती हुई इमोजी के साथ कैप्शन लिखा है कि 'बेस्ट बेबीसिटर'। पेन की पत्नी ने मजाक में इस तस्वीर को पोस्ट किया है। ये तस्वीर एक बेहतर खेल भावना को भी दर्शाती है, क्योंकि मैदान पर खिलाड़ी भले ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हों, लेकिन बाहर वह सामान्य ही हैं। दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम प्रधानमंत्री स्कॉट मारिसन के आवास पर आधिकारिक लंच के लिए पहुंची थी। जहां पर सभी खिलाड़ी मौजूद रहे, ये तस्वीर वहां की ही है। क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने भी इस तस्वीर को अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया। आईसीसी ने लिखा कि ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन का चैलेंज स्वीकार लिया है। बॉक्सिंग डे टेस्ट के तीसरे दिन जब ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने आए तो विकेट के पीछे खड़े टिम पेन ने उन्हें चिढ़ाया था। पेन ने कहा कि ओडीआई सीरीज के लिए एमएस धोनी आ गए हैं। इस लड़के को हरिकेंस की टीम में शामिल करना चाहिए। उन्हें एक बल्लेबाज की जरूरत है। इससे तुम्हारी ऑस्ट्रेलिया में छुट्टियां बढ़ जाएंगी। हॉबर्ट खूबसूरत शहर है। इसे एक वॉटर फ्रंट अपार्टमेंट दिलाएंगे। इसके बाद टिम पेन ने ऋषभ को कहा, 'क्या वह उनके बच्चे खिला सकते हैं, वह अपनी पत्नी के साथ फिल्म देखने जाएंगे। तो पीछे से तुम उनके बच्चों का ध्यान रख लेना।' आखिरकार टिम पेन की ये बात सच ही हो गई। ऋषभ पंत ने भी टिम पेन को करारा जवाब दिया था। अगले दिन जब पंत बल्लेबाजी करने आए तो उन्होंने विकेट के पीछे से कहा, 'आज हमारे पास एक स्पेशल गेस्ट है। मयंक क्या तुमने कभी टेंपरेरी कप्तान के बारे में सुना है। इस कप्तान को आउट करने की जरूरत नहीं है, बस ये बकबक करने में माहिर है।
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MP Board Result 2023 Date: एमपी बोर्ड जल्द ही कक्षा 10वीं, 12वीं का रिजल्ट जारी कर सकता है.
MP Board Result 2023 Date: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, मध्य प्रदेश (MPBSE) जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट mpresults. nic. in या mpbse. nic. in पर MP Board Result 2023 जारी कर सकता है. इसके लिए बोर्ड (MP Board) ने रिजल्ट (MP Board Result 2023) की घोषणा से पहले एक अहम नोटिस जारी किया है. बोर्ड MP Board 10th, 12th Result 2023 की मेजबानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल से प्रस्ताव आमंत्रित कर रहा है. रिपोर्टों के अनुसार MP Board Result 2023 मई के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है. हालांकि अभी तक आधिकारिक डेट की जानकारी शेयर नहीं की गई है और बोर्ड जल्द ही आधिकारिक सूचना के माध्यम से तारीखों की घोषणा करेगा.
इसके अलावा रिजल्ट (MP Board 10th, 12th Result) जारी होने के बाद छात्र सीधे इस लिंक https://mpbse. nic. in/ के जरिए भी चेक कर सकते हैं. आधिकारिक नोटिस के अनुसार, "माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, मध्य प्रदेश वेब पोर्टल / SMS सुविधा पर अपने परीक्षा रिजल्ट (MP Board Result 2023) प्रकाशित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करता है. इच्छुक पोर्टल अपना प्रस्ताव 11/05/2023 तक डाक द्वारा सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, शिवाजी नगर, भोपाल के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं. कृपया ध्यान दें कि रिजल्टों के प्रकाशन के लिए एकमुश्त राशि रु. 90,000 (नब्बे हजार केवल) डीडी/एनईएफटी द्वारा बोर्ड को देय होंगे और बोर्ड के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे.
इस नोटिस के आधार पर छात्र 11 मई, 2023 के बाद रिजल्ट (MP Board Result 2023) घोषित होने की उम्मीद कर सकते हैं, हालांकि बोर्ड से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. MPBSE ने कक्षा 10वीं की परीक्षा 1 मार्च, 2023 से 27 मार्च, 2023 तक और 2 मार्च, 2023 से 5 अप्रैल, 2023 तक कक्षा 12वीं की परीक्षा आयोजित की गई थी. MP Board परीक्षा को पास करने के लिए छात्रों को कम से कम 33 प्रतिशत न्यूनतम अंक प्राप्त करने होंगे और वे जो असफल होते हैं, वे सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए उपस्थित होंगे. अधिक विवरण या रिजल्ट (MP Board 10th, 12th Result 2023) की नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें.
तहसीलदार और पटवारी में क्या होता है अंतर, किसके पास है अधिक पावर?
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PHOTOS: पहले प्यार से गुलाम संग जबरन शादी तक. . . पाक वाली सीमा की पूरी कुंडली, जिसने सचिन के लिए की सारी हदें पार!
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MP Board Result दो हज़ार तेईस Date: एमपी बोर्ड जल्द ही कक्षा दसवीं, बारहवीं का रिजल्ट जारी कर सकता है. MP Board Result दो हज़ार तेईस Date: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, मध्य प्रदेश जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट mpresults. nic. in या mpbse. nic. in पर MP Board Result दो हज़ार तेईस जारी कर सकता है. इसके लिए बोर्ड ने रिजल्ट की घोषणा से पहले एक अहम नोटिस जारी किया है. बोर्ड MP Board दसth, बारहth Result दो हज़ार तेईस की मेजबानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल से प्रस्ताव आमंत्रित कर रहा है. रिपोर्टों के अनुसार MP Board Result दो हज़ार तेईस मई के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है. हालांकि अभी तक आधिकारिक डेट की जानकारी शेयर नहीं की गई है और बोर्ड जल्द ही आधिकारिक सूचना के माध्यम से तारीखों की घोषणा करेगा. इसके अलावा रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र सीधे इस लिंक https://mpbse. nic. in/ के जरिए भी चेक कर सकते हैं. आधिकारिक नोटिस के अनुसार, "माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, मध्य प्रदेश वेब पोर्टल / SMS सुविधा पर अपने परीक्षा रिजल्ट प्रकाशित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करता है. इच्छुक पोर्टल अपना प्रस्ताव ग्यारह मई दो हज़ार तेईस तक डाक द्वारा सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, शिवाजी नगर, भोपाल के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं. कृपया ध्यान दें कि रिजल्टों के प्रकाशन के लिए एकमुश्त राशि रु. नब्बे,शून्य डीडी/एनईएफटी द्वारा बोर्ड को देय होंगे और बोर्ड के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे. इस नोटिस के आधार पर छात्र ग्यारह मई, दो हज़ार तेईस के बाद रिजल्ट घोषित होने की उम्मीद कर सकते हैं, हालांकि बोर्ड से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. MPBSE ने कक्षा दसवीं की परीक्षा एक मार्च, दो हज़ार तेईस से सत्ताईस मार्च, दो हज़ार तेईस तक और दो मार्च, दो हज़ार तेईस से पाँच अप्रैल, दो हज़ार तेईस तक कक्षा बारहवीं की परीक्षा आयोजित की गई थी. MP Board परीक्षा को पास करने के लिए छात्रों को कम से कम तैंतीस प्रतिशत न्यूनतम अंक प्राप्त करने होंगे और वे जो असफल होते हैं, वे सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए उपस्थित होंगे. अधिक विवरण या रिजल्ट की नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें. तहसीलदार और पटवारी में क्या होता है अंतर, किसके पास है अधिक पावर? . PHOTOS: पहले प्यार से गुलाम संग जबरन शादी तक. . . पाक वाली सीमा की पूरी कुंडली, जिसने सचिन के लिए की सारी हदें पार!
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देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक के बाद हर जगह सतर्कता बरती जा रही है। माता वैष्णो देवी धाम को लेकर भी कोरोना के नए नियम लागू किए गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने दर्शन को आने वाले यात्रियों से कोरोना नियमों का पूर्णतया पालन करने की अपील की है। उन्होंने 72 घंटों तक पुरानी कोरोना रिपोर्ट या दोनों खुराक ले चुके लोगों को ही यात्रा की अनुमति दी। इसके अलावा बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि अगर किसी यात्री के पास ये सब नहीं है, तो उसकी मौके पर ही जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट नकारात्मक आने पर ही उसे भवन की ओर प्रस्थान करने की अनुमति मिलेगी। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही दो गज की दूरी भी अनिवार्य कर दी है। कोविड-19 के मद्देनजर अपनाए जाने वाले विभिन्न एहतियाती उपायों के बारे में तीर्थयात्रियों को यात्रा मार्ग पर लगाए गए बहुउद्देश्यीय ऑडियो सिस्टम और हाई-टेक वीडियो वॉल से भी नियमित जागरूक किया जा रहा है।
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देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक के बाद हर जगह सतर्कता बरती जा रही है। माता वैष्णो देवी धाम को लेकर भी कोरोना के नए नियम लागू किए गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने दर्शन को आने वाले यात्रियों से कोरोना नियमों का पूर्णतया पालन करने की अपील की है। उन्होंने बहत्तर घंटाटों तक पुरानी कोरोना रिपोर्ट या दोनों खुराक ले चुके लोगों को ही यात्रा की अनुमति दी। इसके अलावा बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि अगर किसी यात्री के पास ये सब नहीं है, तो उसकी मौके पर ही जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट नकारात्मक आने पर ही उसे भवन की ओर प्रस्थान करने की अनुमति मिलेगी। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही दो गज की दूरी भी अनिवार्य कर दी है। कोविड-उन्नीस के मद्देनजर अपनाए जाने वाले विभिन्न एहतियाती उपायों के बारे में तीर्थयात्रियों को यात्रा मार्ग पर लगाए गए बहुउद्देश्यीय ऑडियो सिस्टम और हाई-टेक वीडियो वॉल से भी नियमित जागरूक किया जा रहा है।
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किसी भी मैच में आपने हल्की-फुल्की धक्का मुक्की तो देखी होगी। लेकिन पहली बार लड़ाई का दंगल आपने कभी नहीं देखा होगा। एशियन कप में मैच के दौरान फुटबाल के इतिहास में एक काला दिन रहा। एक फुटबॉल मैच एक दौरान जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग और स्पार्टक मास्को के बीच क्रेस्टोवस्की स्टेडियम में हुए मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के बीच सारे नियम और भावना को साइड कर जमकर मारपीट हुई।
Que loucura!
O pau quebrou em Zenit e Spartak pela Copa da Rússia hoje.
घटना उस समय हुई जब स्पार्टक मास्को फ्री-किक ले रहे थे, उसी समय टीम के फॉरवर्ड क्विंसी प्रॉम्स और जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग के मिडफील्डर विल्मर बैरियोस के आपस में कंधे टकरा गए और कुछ शब्दों का आदान-प्रदान किया। फिर क्या था, दोनों टीमों के खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ लड़ाई करने के लिए एकत्र हो हो गए।
जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग के रोड्रिगाओ प्राडो को रेफरी के सामने ही स्पार्टक के खिलाड़ियों पर लात मारने लगे। इसके साथ ही स्पार्टक के सब्स्टीट्यूट प्लेयर अलेक्जेंडर सोबोलेव भी मुक्केबाजी का मैच समझकर फुल एक्शन में आ गए। इसके अलावा भी बाकी खिलाड़ियों को रंग चढ़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
मैच रेफरी व्लादिमीर मोस्कलेव ने शुरू में तो मामले को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन मामला जब उनके नियंत्रण से बाहर चला गया तो रेफरी ने कुल 6 खिलाडियों को रेडकार्ड दिखा दिया। इसमें दोनों टीमों के 3-3 खिलाडी शामिल थे। सब जिन खिलाडियों को रेड कार्ड दिखाया गया उनमें सभी खिलाडी बेंच पर थे घटना के समय सक्रिय थे ही नहीं।
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किसी भी मैच में आपने हल्की-फुल्की धक्का मुक्की तो देखी होगी। लेकिन पहली बार लड़ाई का दंगल आपने कभी नहीं देखा होगा। एशियन कप में मैच के दौरान फुटबाल के इतिहास में एक काला दिन रहा। एक फुटबॉल मैच एक दौरान जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग और स्पार्टक मास्को के बीच क्रेस्टोवस्की स्टेडियम में हुए मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के बीच सारे नियम और भावना को साइड कर जमकर मारपीट हुई। Que loucura! O pau quebrou em Zenit e Spartak pela Copa da Rússia hoje. घटना उस समय हुई जब स्पार्टक मास्को फ्री-किक ले रहे थे, उसी समय टीम के फॉरवर्ड क्विंसी प्रॉम्स और जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग के मिडफील्डर विल्मर बैरियोस के आपस में कंधे टकरा गए और कुछ शब्दों का आदान-प्रदान किया। फिर क्या था, दोनों टीमों के खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ लड़ाई करने के लिए एकत्र हो हो गए। जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग के रोड्रिगाओ प्राडो को रेफरी के सामने ही स्पार्टक के खिलाड़ियों पर लात मारने लगे। इसके साथ ही स्पार्टक के सब्स्टीट्यूट प्लेयर अलेक्जेंडर सोबोलेव भी मुक्केबाजी का मैच समझकर फुल एक्शन में आ गए। इसके अलावा भी बाकी खिलाड़ियों को रंग चढ़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मैच रेफरी व्लादिमीर मोस्कलेव ने शुरू में तो मामले को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन मामला जब उनके नियंत्रण से बाहर चला गया तो रेफरी ने कुल छः खिलाडियों को रेडकार्ड दिखा दिया। इसमें दोनों टीमों के तीन-तीन खिलाडी शामिल थे। सब जिन खिलाडियों को रेड कार्ड दिखाया गया उनमें सभी खिलाडी बेंच पर थे घटना के समय सक्रिय थे ही नहीं।
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इंजन के अपहरणः कैसे पहचानने और समाप्त करने के लिए?
इसलिए, इंजन खराबी का पहला कारण ईंधन फ़ीड का उल्लंघन है। यह इस तथ्य के कारण हो सकता है कि इलेक्ट्रिक ईंधन पंप काम नहीं करता है या गैसोलीन दबाव नियामक में कुछ खराबी हैं। ईंधन फिल्टर भी भरा हो सकता है या ईंधन टैंक में बिल्कुल भी मौजूद नहीं है। इस मामले में, यह जांचना आवश्यक है कि फ्यूज सामान्य स्थिति में है, अगर ईबीसी के कनेक्टर्स, इसका रिले, और शुरू रिले काम कर रहे हैं। जब इग्निशन चालू होता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि इंजन एक विशिष्ट ध्वनि का उत्सर्जन करता है इसलिए, यदि यह समस्या वास्तव में मौजूद है, तो आपको ईंधन दबाव नियामक या फिल्टर को बदलने की जरूरत है, और फिर टैंक में गैसोलीन डालना। कनेक्टर्स की सेवा क्षमता की जांच करने के लिए यह ज़रूरत नहीं होगी।
यह डीजल इंजन का उल्लेख और दोष है। कई लोग, इस तंत्र को खरीदते हैं, केवल अपेक्षाकृत सस्ते ईंधन के एक छोटे व्यय के लिए ध्यान देते हैं। निस्संदेह, डीजल इंजन विश्वसनीय हैं I उनकी कमियां केवल उत्पादन की तकनीक के साथ जुड़ी हुई हैं, वे केवल उस मायलाइजेशन के साथ प्रकट होती हैं जो विशिष्ट संसाधन से अधिक या अनपढ़ उपयोग के साथ। वैश्विक समस्या संचालन नियमों का पालन करने में विफल रही है 7000 किलोमीटर की यात्रा में एक बार तेल बदलना पड़ता है, अन्यथा यह ऑक्सीकरण हो जाएगा, और यह नकारात्मक इंजन के प्रदर्शन को प्रभावित करेगा।
इंजेक्टर इंजन के अप्रिय भी उल्लेखनीय हैं। अक्सर, ये समस्याएं क्रैंकशाफ्ट स्थिति संवेदक से संबंधित होती हैं । यदि यह टूट जाता है, तो यह आपको पांच मीटर से अधिक ड्राइव करने की अनुमति नहीं देगा अगर पेट्रोल पंप से इनकार कर दिया जाता है, तो छोड़ना भी असंभव है। यहाँ, कारण गैसोलीन में पानी और कीचड़ की उपस्थिति में झूठ हो सकता है अगर कोई अन्य तंत्र या सेंसर दोषपूर्ण है, तो इंजन काम करेगा - इसकी स्थापना केवल आपातकालीन कार्यक्रम में जाएगी। अगर थ्रॉटल स्थिति संवेदक के साथ कोई समस्या हो तो ले जाना मुश्किल है हालांकि, एक पूर्ण विघटन की उम्मीद नहीं है। यदि कार महंगा है, तो आपको इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है।
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इंजन के अपहरणः कैसे पहचानने और समाप्त करने के लिए? इसलिए, इंजन खराबी का पहला कारण ईंधन फ़ीड का उल्लंघन है। यह इस तथ्य के कारण हो सकता है कि इलेक्ट्रिक ईंधन पंप काम नहीं करता है या गैसोलीन दबाव नियामक में कुछ खराबी हैं। ईंधन फिल्टर भी भरा हो सकता है या ईंधन टैंक में बिल्कुल भी मौजूद नहीं है। इस मामले में, यह जांचना आवश्यक है कि फ्यूज सामान्य स्थिति में है, अगर ईबीसी के कनेक्टर्स, इसका रिले, और शुरू रिले काम कर रहे हैं। जब इग्निशन चालू होता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि इंजन एक विशिष्ट ध्वनि का उत्सर्जन करता है इसलिए, यदि यह समस्या वास्तव में मौजूद है, तो आपको ईंधन दबाव नियामक या फिल्टर को बदलने की जरूरत है, और फिर टैंक में गैसोलीन डालना। कनेक्टर्स की सेवा क्षमता की जांच करने के लिए यह ज़रूरत नहीं होगी। यह डीजल इंजन का उल्लेख और दोष है। कई लोग, इस तंत्र को खरीदते हैं, केवल अपेक्षाकृत सस्ते ईंधन के एक छोटे व्यय के लिए ध्यान देते हैं। निस्संदेह, डीजल इंजन विश्वसनीय हैं I उनकी कमियां केवल उत्पादन की तकनीक के साथ जुड़ी हुई हैं, वे केवल उस मायलाइजेशन के साथ प्रकट होती हैं जो विशिष्ट संसाधन से अधिक या अनपढ़ उपयोग के साथ। वैश्विक समस्या संचालन नियमों का पालन करने में विफल रही है सात हज़ार किलोग्राममीटर की यात्रा में एक बार तेल बदलना पड़ता है, अन्यथा यह ऑक्सीकरण हो जाएगा, और यह नकारात्मक इंजन के प्रदर्शन को प्रभावित करेगा। इंजेक्टर इंजन के अप्रिय भी उल्लेखनीय हैं। अक्सर, ये समस्याएं क्रैंकशाफ्ट स्थिति संवेदक से संबंधित होती हैं । यदि यह टूट जाता है, तो यह आपको पांच मीटर से अधिक ड्राइव करने की अनुमति नहीं देगा अगर पेट्रोल पंप से इनकार कर दिया जाता है, तो छोड़ना भी असंभव है। यहाँ, कारण गैसोलीन में पानी और कीचड़ की उपस्थिति में झूठ हो सकता है अगर कोई अन्य तंत्र या सेंसर दोषपूर्ण है, तो इंजन काम करेगा - इसकी स्थापना केवल आपातकालीन कार्यक्रम में जाएगी। अगर थ्रॉटल स्थिति संवेदक के साथ कोई समस्या हो तो ले जाना मुश्किल है हालांकि, एक पूर्ण विघटन की उम्मीद नहीं है। यदि कार महंगा है, तो आपको इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है।
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दो साल पहले जब The Mooknayak की शुरूआत की थी तो सोचा नहीं था कि इतने कम समय में द न्यूयार्क टाइम्स में इसके सफलता की दास्ताँ छपेगी. दुनिया के सबसे बड़े अख़बारों में से एक में हमारे संघर्ष की कहानी छपी है.
कैसे पुरुषवादी-जातिवादी इस समाज से हर कदम पर लड़कर मैंने द मूकनायक को खड़ा किया. जब तक़रीबन सभी लोगों ने नकार दिया, अपमानित किया, नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी तब वंचित-शोषितों के लिए आवाज़ उठाने का रास्ता चुना. बेटी को गोद में लेकर भारत के सुदूर इलाक़ों से दबे-कुचले लोगों की कहानियाँ दिखानी शुरू की. जिन तक सदियों से माइक नहीं पहुँचा था वहाँ ना सिर्फ़ हम पहुँचे बल्कि उनकी समस्याओं को दिखाया और कोशिश की कि उसकी एक छाप छुटे.
चाहे दिल्ली कैंट का मामला हो या फिर हाथरस का मामला, इंद्र मेघवाल की दर्दनाक ख़बर हो या फिर जितेंद्र मेघवाल का मामला हमने कोशिश की कि अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया के ज़रिए हर छोटी-बड़ी अपडेट अपने दर्शकों तक पहुँचाए. जब-जब हमें आर्थिक मदद की ज़रूरत पड़ी आप सब लोगों ने दिल खोलकर मदद और समर्थन किया.
दोस्तों, बीबीसी में जब जातिवाद की पीड़ा झेली तभी सोच लिया था कि हाशिए पर खड़े लोगों का अपना मीडिया हाउस होना चाहिए. जिस जातिवादी-पुरूषवादी मीडिया में आजतक दलित-आदिवासी संपादक नहीं बन पाए वहाँ हमारा टिके रहना और उच्च पद पर पहुँचना बहुत मुश्किल है, उनके मुद्दे समझना इससे भी ज़्यादा मुश्किल है. इन्हीं सब बाधाओं की वजह से द मूकनायक की शुरूआत की जो अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है. शुक्रिया न्यूयॉर्क टाइम्स, शुक्रिया करन इस शानदार कहानी के लिए.
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दो साल पहले जब The Mooknayak की शुरूआत की थी तो सोचा नहीं था कि इतने कम समय में द न्यूयार्क टाइम्स में इसके सफलता की दास्ताँ छपेगी. दुनिया के सबसे बड़े अख़बारों में से एक में हमारे संघर्ष की कहानी छपी है. कैसे पुरुषवादी-जातिवादी इस समाज से हर कदम पर लड़कर मैंने द मूकनायक को खड़ा किया. जब तक़रीबन सभी लोगों ने नकार दिया, अपमानित किया, नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी तब वंचित-शोषितों के लिए आवाज़ उठाने का रास्ता चुना. बेटी को गोद में लेकर भारत के सुदूर इलाक़ों से दबे-कुचले लोगों की कहानियाँ दिखानी शुरू की. जिन तक सदियों से माइक नहीं पहुँचा था वहाँ ना सिर्फ़ हम पहुँचे बल्कि उनकी समस्याओं को दिखाया और कोशिश की कि उसकी एक छाप छुटे. चाहे दिल्ली कैंट का मामला हो या फिर हाथरस का मामला, इंद्र मेघवाल की दर्दनाक ख़बर हो या फिर जितेंद्र मेघवाल का मामला हमने कोशिश की कि अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया के ज़रिए हर छोटी-बड़ी अपडेट अपने दर्शकों तक पहुँचाए. जब-जब हमें आर्थिक मदद की ज़रूरत पड़ी आप सब लोगों ने दिल खोलकर मदद और समर्थन किया. दोस्तों, बीबीसी में जब जातिवाद की पीड़ा झेली तभी सोच लिया था कि हाशिए पर खड़े लोगों का अपना मीडिया हाउस होना चाहिए. जिस जातिवादी-पुरूषवादी मीडिया में आजतक दलित-आदिवासी संपादक नहीं बन पाए वहाँ हमारा टिके रहना और उच्च पद पर पहुँचना बहुत मुश्किल है, उनके मुद्दे समझना इससे भी ज़्यादा मुश्किल है. इन्हीं सब बाधाओं की वजह से द मूकनायक की शुरूआत की जो अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है. शुक्रिया न्यूयॉर्क टाइम्स, शुक्रिया करन इस शानदार कहानी के लिए.
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