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नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की पहली बैठक में अपने कोटे की 121 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में इनमें से 90 फीसदी सीटों पर उम्मीदवार के नाम तय कर लिए गए हैं।
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित होगी। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर होने वाली इस बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लग सकती है।
प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार एक बार फिर एंटी-एयर पॉल्यूशन कैंपेन शुरू करने जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को इस अभियान की शुरुआत करेंगे। इसे लेकर पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई।
हाथरस मामले को लेकर देश में राजनीति चरम पर है, रोजाना किसी न किसी दल का जमावड़ा हाथरस की सड़कों पर होता है। पीड़िता के घरवालों से मिलने की होड़ में देश की हर पार्टी शामिल है। जगह-जगह पर राजनीतिक पार्टियों के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
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नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने केंद्रीय चुनाव समिति की पहली बैठक में अपने कोटे की एक सौ इक्कीस सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में इनमें से नब्बे फीसदी सीटों पर उम्मीदवार के नाम तय कर लिए गए हैं। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित होगी। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर होने वाली इस बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लग सकती है। प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार एक बार फिर एंटी-एयर पॉल्यूशन कैंपेन शुरू करने जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को इस अभियान की शुरुआत करेंगे। इसे लेकर पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई। हाथरस मामले को लेकर देश में राजनीति चरम पर है, रोजाना किसी न किसी दल का जमावड़ा हाथरस की सड़कों पर होता है। पीड़िता के घरवालों से मिलने की होड़ में देश की हर पार्टी शामिल है। जगह-जगह पर राजनीतिक पार्टियों के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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RSMSSB Lab Assistant Result 2019: आरएसएमएसएसबी लैब असिस्टेंट फाइनल रिजल्ट 2019 उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rsmssb. rajasthan. gov. in के माध्यम से चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
RSMSSB Lab Assistant Result 2019: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB), जयपुर ने लैब असिस्टेंट के पद के लिए भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। आरएसएमएसएसबी लैब असिस्टेंट फाइनल रिजल्ट 2019 ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है। उम्मीदवार जो परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे, वे अपना रिजल्ट rsmssb. rajasthan. gov. in पर जाकर चेक कर सकते हैं।
यह फाइनल रिजल्ट है और इसमें वे उम्मीदवार शामिल हैं जिन्होंने लिखित राउंड के साथ-साथ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) राउंड भी क्लियर किया है। इस भर्ती परीक्षा के माध्यम से कुल 1200 पद भरे जाने थे। खाली पदों की तुलना में कुल 1. 5 गुना अधिक उम्मीदवारों को डीवी के लिए बुलाया गया था।
चरण 2: वेबसाइट के होमपेज पर Latest News सेक्शन में दिख रहे 'LA 2018 : Final List of Selected Candidates' लिंक पर क्लिक करें।
चरण 4: उम्मीदवार इसमें रोल नंबर चेक कर लें और भविष्य के लिए उसे डाउनलोड कर प्रिंट आउट निकाल लें।
आरएसएमएसएसबी ने भर्ती परीक्षा के लिए कट-ऑफ भी जारी कर दी है। सामान्य श्रेणी के लिए, कट-ऑफ 138. 8889 अंक है और महिलाओं के लिए, कट-ऑफ 122. 5473 है। एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ क्रमशः 120. 2866 और 120. 1389 है। जो लोग कट-ऑफ से मिलते हैं और मेरिट सूची में हैं, उनका चयन किया जाएगा और चयनित उम्मीदवारों को लेवल -8 के पे ग्रेड पर काम पर रखा जाएगा।
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RSMSSB Lab Assistant Result दो हज़ार उन्नीस: आरएसएमएसएसबी लैब असिस्टेंट फाइनल रिजल्ट दो हज़ार उन्नीस उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rsmssb. rajasthan. gov. in के माध्यम से चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। RSMSSB Lab Assistant Result दो हज़ार उन्नीस: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड , जयपुर ने लैब असिस्टेंट के पद के लिए भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। आरएसएमएसएसबी लैब असिस्टेंट फाइनल रिजल्ट दो हज़ार उन्नीस ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है। उम्मीदवार जो परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे, वे अपना रिजल्ट rsmssb. rajasthan. gov. in पर जाकर चेक कर सकते हैं। यह फाइनल रिजल्ट है और इसमें वे उम्मीदवार शामिल हैं जिन्होंने लिखित राउंड के साथ-साथ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन राउंड भी क्लियर किया है। इस भर्ती परीक्षा के माध्यम से कुल एक हज़ार दो सौ पद भरे जाने थे। खाली पदों की तुलना में कुल एक. पाँच गुना अधिक उम्मीदवारों को डीवी के लिए बुलाया गया था। चरण दो: वेबसाइट के होमपेज पर Latest News सेक्शन में दिख रहे 'LA दो हज़ार अट्ठारह : Final List of Selected Candidates' लिंक पर क्लिक करें। चरण चार: उम्मीदवार इसमें रोल नंबर चेक कर लें और भविष्य के लिए उसे डाउनलोड कर प्रिंट आउट निकाल लें। आरएसएमएसएसबी ने भर्ती परीक्षा के लिए कट-ऑफ भी जारी कर दी है। सामान्य श्रेणी के लिए, कट-ऑफ एक सौ अड़तीस. आठ हज़ार आठ सौ नवासी अंक है और महिलाओं के लिए, कट-ऑफ एक सौ बाईस. पाँच हज़ार चार सौ तिहत्तर है। एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ क्रमशः एक सौ बीस. दो हज़ार आठ सौ छयासठ और एक सौ बीस. एक हज़ार तीन सौ नवासी है। जो लोग कट-ऑफ से मिलते हैं और मेरिट सूची में हैं, उनका चयन किया जाएगा और चयनित उम्मीदवारों को लेवल -आठ के पे ग्रेड पर काम पर रखा जाएगा।
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सीनियर भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री के कमाल के प्रदर्शन के दम पर भारत ने पाकिस्तान को सैफ चैंपियनशिप में 4-0 से हराया. भारत के कप्तान ने बेंगलुरु में सैफ चैंपियनशिप में हैट्रिक बनाकर अच्छा प्रदर्शन किया. ईरान के अली डेई के नाम 149 मैचों में 109 गोल का रिकॉर्ड है. छेत्री के नाम 90 गोल हैं. छेत्री ने एक ऐसा गोल दागा कि देखने वाले दंग रह गये. पाकिस्तानी गोलकीपर ने एक छोटी से चूक की और इसका नुकसान टीम को उठाना पड़ा.
पहले हाफ में 2-0 से बढ़त बनाकर भारत मजबूत स्थिति में था. पाकिस्तान की रक्षा पंक्ति ने बेहतर खेल दिखाया और भारत को और अधिक गोल करने से रोक दिया. पहले हाफ में एक मजेदार वाकया हुआ. पाकिस्तान के डिफेंडर ने गेंद को अपने गोलकीपर की ओर पास किया. इसी समय सुनील छेत्री गोलकीपर की और दौड़े. हड़बड़ी में गोलकीपर से एक हल्की चूक हुई और छेत्री ने बिना मौका गंवाए गोल दाग दिया. यह भारत के लिए पहला गोल था.
जब 10 मिनट से भी कम समय बचा था, तब उदांता सिंह ने अनवर अली की लाइन-ब्रेकिंग लॉन्ग बॉल का भरपूर फायदा उठाते हुए भारत का स्कोर 4-0 कर दिया. मैच में एक अप्रिय घटना भी घटी. भारत के मुख्य कोच इगोर स्टिमैक एक बार अपना आपा खो बैठे और पाकिस्तान से खिलाड़ी से गेंद छीन ली. उनके ऐसा करने के बाद मैच में कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी.
पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीय कोच से भिड़ गये. रेफरियों ने खिलाड़ियों को शांत किया. स्टिमैक की इस गलती के लिए उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया. इसके बाद मैच के दौरान स्टिमैक आउट लाइन के आसपास मौजूद नहीं थे. यहां तक कि उन्हें डगआउट भी खाली करना पड़ा. बाद में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टिमैक ने कहा कि मेरे खिलाड़ियों के साथ अन्याय होगा तो मैं भविष्य में भी इस प्रकार की हरकत कर सकता हूं.
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सीनियर भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री के कमाल के प्रदर्शन के दम पर भारत ने पाकिस्तान को सैफ चैंपियनशिप में चार-शून्य से हराया. भारत के कप्तान ने बेंगलुरु में सैफ चैंपियनशिप में हैट्रिक बनाकर अच्छा प्रदर्शन किया. ईरान के अली डेई के नाम एक सौ उनचास मैचों में एक सौ नौ गोल का रिकॉर्ड है. छेत्री के नाम नब्बे गोल हैं. छेत्री ने एक ऐसा गोल दागा कि देखने वाले दंग रह गये. पाकिस्तानी गोलकीपर ने एक छोटी से चूक की और इसका नुकसान टीम को उठाना पड़ा. पहले हाफ में दो-शून्य से बढ़त बनाकर भारत मजबूत स्थिति में था. पाकिस्तान की रक्षा पंक्ति ने बेहतर खेल दिखाया और भारत को और अधिक गोल करने से रोक दिया. पहले हाफ में एक मजेदार वाकया हुआ. पाकिस्तान के डिफेंडर ने गेंद को अपने गोलकीपर की ओर पास किया. इसी समय सुनील छेत्री गोलकीपर की और दौड़े. हड़बड़ी में गोलकीपर से एक हल्की चूक हुई और छेत्री ने बिना मौका गंवाए गोल दाग दिया. यह भारत के लिए पहला गोल था. जब दस मिनट से भी कम समय बचा था, तब उदांता सिंह ने अनवर अली की लाइन-ब्रेकिंग लॉन्ग बॉल का भरपूर फायदा उठाते हुए भारत का स्कोर चार-शून्य कर दिया. मैच में एक अप्रिय घटना भी घटी. भारत के मुख्य कोच इगोर स्टिमैक एक बार अपना आपा खो बैठे और पाकिस्तान से खिलाड़ी से गेंद छीन ली. उनके ऐसा करने के बाद मैच में कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी. पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीय कोच से भिड़ गये. रेफरियों ने खिलाड़ियों को शांत किया. स्टिमैक की इस गलती के लिए उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया. इसके बाद मैच के दौरान स्टिमैक आउट लाइन के आसपास मौजूद नहीं थे. यहां तक कि उन्हें डगआउट भी खाली करना पड़ा. बाद में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टिमैक ने कहा कि मेरे खिलाड़ियों के साथ अन्याय होगा तो मैं भविष्य में भी इस प्रकार की हरकत कर सकता हूं.
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आधुनिक निजी घरों के डिजाइन और वास्तुकला में नया - एक रसोईघर और रहने का कमरा, एक आम जगह में संयुक्त। यह समाधान न केवल खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कार्यक्षेत्र का विस्तार करने की अनुमति देता है, बल्कि गठित अंतरिक्ष की बहुआयामी सुनिश्चित करने के लिए, अधिक सुविधाजनक संचालन की संभावना को बढ़ाता है, जिसमें निर्विवाद सुविधाएं हैं।
एक आधुनिक डिजाइन के अनुसार बनाया गया एक निजी घर में, अधिकांश किचनों को एक बैठक कक्ष के साथ जोड़ा जाता है, जो परिचारिका को एक साथ भोजन तैयार करने और आराम और खाने के लिए लक्षित क्षेत्र में मौजूद बच्चों या मेहमानों पर ध्यान देने की अनुमति देता है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए कि इनमें से प्रत्येक जोन में कार्यात्मक और तकनीकी सुविधाएं होती हैं, जो एक कमरे में रहने वाले कमरे और रसोई को एकजुट करती हैं, ज़ोनिंग के नियमों को ध्यान में रखना आवश्यक है। डाइनिंग रूम-लिविंग रूम-रसोई डिज़ाइन वेरिएंट, जिसका उपयोग निजी घर में किया जाता है, पूरे आवास के लिए एकमात्र समाधान होना चाहिए, लेकिन खाना पकाने और मनोरंजन के लिए क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से चित्रित किया जाना चाहिए।
एक निजी घर में रहने वाले कमरे के साथ एक रसोईघर का संयोजन, आपको प्रत्येक क्षेत्र के इंटीरियर के डिजाइन पर ध्यान से विचार करने की आवश्यकता है, जिसके परिणामस्वरूप कोई कमरा नहीं है, आकार में बड़ा है।
एक निजी घर में रहने वाले कमरे की रसोई को सजाने के लिए, आपको कुछ बुनियादी नियमों को सीखने की आवश्यकता है। रसोईघर स्टूडियो की व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक इंटीरियर में एकता से बचने के लिए है।
विभिन्न प्रकार के रंग, सुसंगत रूप से संयुक्त, उज्ज्वल और संतृप्त रंग, खाना बनाने में उपयोग किए जाने वाले क्षेत्र के लिए अधिक उपयुक्त हैं। मनोरंजन के लिए उपयोग किए जाने वाले क्षेत्र में, शांत पेस्टल टोन का उपयोग करना बेहतर है, जिससे आप कुछ विश्राम और शांति महसूस कर सकते हैं।
तत्वों को एकजुट करना रसोईघर और रहने वाले कमरे की दीवारों पर स्थित एक ही रंग योजना में बने सजावटी सजावट के रूप में कार्य कर सकता है।
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आधुनिक निजी घरों के डिजाइन और वास्तुकला में नया - एक रसोईघर और रहने का कमरा, एक आम जगह में संयुक्त। यह समाधान न केवल खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कार्यक्षेत्र का विस्तार करने की अनुमति देता है, बल्कि गठित अंतरिक्ष की बहुआयामी सुनिश्चित करने के लिए, अधिक सुविधाजनक संचालन की संभावना को बढ़ाता है, जिसमें निर्विवाद सुविधाएं हैं। एक आधुनिक डिजाइन के अनुसार बनाया गया एक निजी घर में, अधिकांश किचनों को एक बैठक कक्ष के साथ जोड़ा जाता है, जो परिचारिका को एक साथ भोजन तैयार करने और आराम और खाने के लिए लक्षित क्षेत्र में मौजूद बच्चों या मेहमानों पर ध्यान देने की अनुमति देता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि इनमें से प्रत्येक जोन में कार्यात्मक और तकनीकी सुविधाएं होती हैं, जो एक कमरे में रहने वाले कमरे और रसोई को एकजुट करती हैं, ज़ोनिंग के नियमों को ध्यान में रखना आवश्यक है। डाइनिंग रूम-लिविंग रूम-रसोई डिज़ाइन वेरिएंट, जिसका उपयोग निजी घर में किया जाता है, पूरे आवास के लिए एकमात्र समाधान होना चाहिए, लेकिन खाना पकाने और मनोरंजन के लिए क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से चित्रित किया जाना चाहिए। एक निजी घर में रहने वाले कमरे के साथ एक रसोईघर का संयोजन, आपको प्रत्येक क्षेत्र के इंटीरियर के डिजाइन पर ध्यान से विचार करने की आवश्यकता है, जिसके परिणामस्वरूप कोई कमरा नहीं है, आकार में बड़ा है। एक निजी घर में रहने वाले कमरे की रसोई को सजाने के लिए, आपको कुछ बुनियादी नियमों को सीखने की आवश्यकता है। रसोईघर स्टूडियो की व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक इंटीरियर में एकता से बचने के लिए है। विभिन्न प्रकार के रंग, सुसंगत रूप से संयुक्त, उज्ज्वल और संतृप्त रंग, खाना बनाने में उपयोग किए जाने वाले क्षेत्र के लिए अधिक उपयुक्त हैं। मनोरंजन के लिए उपयोग किए जाने वाले क्षेत्र में, शांत पेस्टल टोन का उपयोग करना बेहतर है, जिससे आप कुछ विश्राम और शांति महसूस कर सकते हैं। तत्वों को एकजुट करना रसोईघर और रहने वाले कमरे की दीवारों पर स्थित एक ही रंग योजना में बने सजावटी सजावट के रूप में कार्य कर सकता है।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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एक्सीडेंटल चोटों के कारण अधिकांश मृत्यु हॉस्पिटल के बाहर होती है. भारत में एमरजेंसी केयर सिस्टम अभी भी बहुत ही धीरजपूर्ण चरण में है. देश के प्रीमियर हेल्थ इंस्टीट्यूट - एम्स, दिल्ली द्वारा आयोजित एक अध्ययन में पाया गया है कि देश में एमरजेंसी मेडिकल केयर सिस्टम पर्याप्त मात्रा से कहीं दूर है. यह अध्ययन इस तथ्य को भी सपोर्ट करता है कि देश के द्वितीयक और तृतीयक स्तर के केंद्रों में 91% हॉस्पिटल्स में एम्बुलेंस होते हैं, जबकि इनमें से 35% से कम के मेडिकल स्टाफ और पैरामेडिक्स ने रोगियों को आपातकालीन मेडिकल केयर प्रदान करने के लिए कुशल मेडिकल स्टाफ और पैरामेडिक्स प्रदान किए हैं. इसके अलावा, एमरजेंसी केयर सर्विसेज़ अधिकांशतः शहरी शहरों (टियर 1 या 2) तक सीमित हैं और वास्तविक भारत में उपलब्ध नहीं हैं, जहां 70-80% आबादी वास्तव में रहती है.
वैश्विक स्तर पर, सड़क यातायात दुर्घटनाओं के कारण हर साल 1. 3 मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती है और 20-50 मिलियन लोगों को गैर-घातक चोट लगती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, क्रैश की जगह पर या हॉस्पिटल में लगभग 50% सड़क ट्रैफिक घातकताएं होती हैं. चोट के कारण हॉस्पिटल में होने वाली हर मृत्यु के लिए, लगभग 15-20 गंभीर रूप से घायल मरीजों को हॉस्पिटलाइज़ेशन की आवश्यकता होती है और समुदाय में लगभग 30-50 घायल मरीजों को फर्स्ट-एड केयर की आवश्यकता होती है.
1 के भीतर लगभग आधी आघात मृत्यु हो जाती हैसेंट दुर्घटना का समय और अस्पताल पहुंचने के 24 घंटों के भीतर दूसरा 30%. द 1सेंट किसी दुर्घटना या चोट के बाद घंटे स्वर्ण घंटे माना जाता है. इस समय रोगी को सही जगह और सही समय पर सही उपचार प्राप्त करना होगा.
एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो) के अनुसार, 2020 में दुर्घटनाओं के कारण 3. 74 लाख से अधिक लोग अपना जीवन खो गए. सड़क दुर्घटनाओं में 35% अर्थात 1. 31 लाख पीड़ित व्यक्ति शामिल थे.
किसी भी सड़क दुर्घटना या चोट के लिए पहली सहायता महत्वपूर्ण है. यह हानिकारक स्थितियों को रोक सकता है. हालांकि, हम में से अधिकांश को CPR जैसी पहली सहायता में इस्तेमाल की जाने वाली बुनियादी प्रक्रियाएं नहीं पता है. पहली सहायता के बारे में जानना अपनी आपातकालीन स्थितियों में अन्य लोगों की मदद करने में वास्तव में मददगार हो सकता है. आप पहली सहायता तकनीक और प्रक्रियाओं को जानकर किसी के जीवन को बचा सकते हैं.
जीवन बचाने के लिए प्रथम सहायता प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, सितंबर की हर दूसरी शनिवार को विश्व का पहला सहायता दिवस मनाया जाता है और इस वर्ष इसे 10 पर देखा जा रहा हैटीएच सितंबर का. इस दिन, पहली सहायता के महत्व को हाइलाइट करने और जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न अभियान आयोजित किए जा रहे हैं. वर्ल्ड फर्स्ट एड डे के लिए इस वर्ष की थीम जीवनभर की पहली सहायता है. विश्व की पहली सहायता पहले रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति (आईसीआरसी) द्वारा देखी गई थी.
एम्बुलेंस सर्विसेज़ 108 भारत में प्रीहॉस्पिटल केयर की देखभाल कर रही हैं. लेकिन ट्रैफिक कंजेशन के कारण उनकी सेवाओं में मुख्य बाधा आ रही है. इस प्रकार, बाइक एम्बुलेंस पारंपरिक कार एम्बुलेंस सर्विस से बेहतर काम करता है. यह एक व्यस्त गली और ट्रैफिक जैम के माध्यम से आसानी से यात्रा कर सकता है. हालांकि, इसमें अपनी खुद की चुनौतियां हैं जैसे अपर्याप्त सार्वजनिक फंडिंग और कुशल कार्यबल की कमी. बाइक एम्बुलेंस सर्विसेज़ कुछ राज्यों के शहरों में शुरू की गई है और इसका लंबा तरीका है.
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एक्सीडेंटल चोटों के कारण अधिकांश मृत्यु हॉस्पिटल के बाहर होती है. भारत में एमरजेंसी केयर सिस्टम अभी भी बहुत ही धीरजपूर्ण चरण में है. देश के प्रीमियर हेल्थ इंस्टीट्यूट - एम्स, दिल्ली द्वारा आयोजित एक अध्ययन में पाया गया है कि देश में एमरजेंसी मेडिकल केयर सिस्टम पर्याप्त मात्रा से कहीं दूर है. यह अध्ययन इस तथ्य को भी सपोर्ट करता है कि देश के द्वितीयक और तृतीयक स्तर के केंद्रों में इक्यानवे% हॉस्पिटल्स में एम्बुलेंस होते हैं, जबकि इनमें से पैंतीस% से कम के मेडिकल स्टाफ और पैरामेडिक्स ने रोगियों को आपातकालीन मेडिकल केयर प्रदान करने के लिए कुशल मेडिकल स्टाफ और पैरामेडिक्स प्रदान किए हैं. इसके अलावा, एमरजेंसी केयर सर्विसेज़ अधिकांशतः शहरी शहरों तक सीमित हैं और वास्तविक भारत में उपलब्ध नहीं हैं, जहां सत्तर-अस्सी% आबादी वास्तव में रहती है. वैश्विक स्तर पर, सड़क यातायात दुर्घटनाओं के कारण हर साल एक. तीन मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती है और बीस-पचास मिलियन लोगों को गैर-घातक चोट लगती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, क्रैश की जगह पर या हॉस्पिटल में लगभग पचास% सड़क ट्रैफिक घातकताएं होती हैं. चोट के कारण हॉस्पिटल में होने वाली हर मृत्यु के लिए, लगभग पंद्रह-बीस गंभीर रूप से घायल मरीजों को हॉस्पिटलाइज़ेशन की आवश्यकता होती है और समुदाय में लगभग तीस-पचास घायल मरीजों को फर्स्ट-एड केयर की आवश्यकता होती है. एक के भीतर लगभग आधी आघात मृत्यु हो जाती हैसेंट दुर्घटना का समय और अस्पताल पहुंचने के चौबीस घंटाटों के भीतर दूसरा तीस%. द एकसेंट किसी दुर्घटना या चोट के बाद घंटे स्वर्ण घंटे माना जाता है. इस समय रोगी को सही जगह और सही समय पर सही उपचार प्राप्त करना होगा. एनसीआरबी के अनुसार, दो हज़ार बीस में दुर्घटनाओं के कारण तीन. चौहत्तर लाख से अधिक लोग अपना जीवन खो गए. सड़क दुर्घटनाओं में पैंतीस% अर्थात एक. इकतीस लाख पीड़ित व्यक्ति शामिल थे. किसी भी सड़क दुर्घटना या चोट के लिए पहली सहायता महत्वपूर्ण है. यह हानिकारक स्थितियों को रोक सकता है. हालांकि, हम में से अधिकांश को CPR जैसी पहली सहायता में इस्तेमाल की जाने वाली बुनियादी प्रक्रियाएं नहीं पता है. पहली सहायता के बारे में जानना अपनी आपातकालीन स्थितियों में अन्य लोगों की मदद करने में वास्तव में मददगार हो सकता है. आप पहली सहायता तकनीक और प्रक्रियाओं को जानकर किसी के जीवन को बचा सकते हैं. जीवन बचाने के लिए प्रथम सहायता प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, सितंबर की हर दूसरी शनिवार को विश्व का पहला सहायता दिवस मनाया जाता है और इस वर्ष इसे दस पर देखा जा रहा हैटीएच सितंबर का. इस दिन, पहली सहायता के महत्व को हाइलाइट करने और जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न अभियान आयोजित किए जा रहे हैं. वर्ल्ड फर्स्ट एड डे के लिए इस वर्ष की थीम जीवनभर की पहली सहायता है. विश्व की पहली सहायता पहले रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति द्वारा देखी गई थी. एम्बुलेंस सर्विसेज़ एक सौ आठ भारत में प्रीहॉस्पिटल केयर की देखभाल कर रही हैं. लेकिन ट्रैफिक कंजेशन के कारण उनकी सेवाओं में मुख्य बाधा आ रही है. इस प्रकार, बाइक एम्बुलेंस पारंपरिक कार एम्बुलेंस सर्विस से बेहतर काम करता है. यह एक व्यस्त गली और ट्रैफिक जैम के माध्यम से आसानी से यात्रा कर सकता है. हालांकि, इसमें अपनी खुद की चुनौतियां हैं जैसे अपर्याप्त सार्वजनिक फंडिंग और कुशल कार्यबल की कमी. बाइक एम्बुलेंस सर्विसेज़ कुछ राज्यों के शहरों में शुरू की गई है और इसका लंबा तरीका है.
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लगातार धूल मिट्टी और प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण चेहरे पर गंदगी जमा हो जाती है. जिसके कारण चेहरे पर पिंपल्स, दाग धब्बे, झुर्रियां, रोमछिद्रों का बंद होना आदि समस्याएं होने लगती हैं. इन समस्याओं के कारण चेहरे का नेचुरल निखार भी खो जाता है. रोम छिद्रों के बंद होने के कारण त्वचा पर धूल मिट्टी चिपकी रहती है, जिसके कारण ब्लैकहेड्स की समस्या हो जाती है. यह समस्याएं ज्यादातर 30 साल की उम्र के बाद दिखाई देती हैं. इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सबसे अच्छा उपाय है फेशियल. फेशियल करवाने से चेहरे की त्वचा में रक्त संचार तेज हो जाता है और त्वचा पर जमी गंदगी भी साफ हो जाती है.
1- 30 साल की उम्र के बाद स्किन में बदलाव होने लगते हैं. इन बदलावों को कम करने के लिए फेशियल सबसे अच्छा तरीका है. फेशियल करवाने से चेहरे पर दिखाई देने वाली फाइन लाइंस कम हो जाती है और त्वचा को फ्रेशनेस मिलती है जिससे त्वचा पर जमी गंदगी साफ हो जाती है.
2- 30 की उम्र के बाद महीने में एक बार फेशियल करवाने से त्वचा मॉश्चराइज होती है. और त्वचा में निखार आता है.
3- फेशियल करवाने से त्वचा पर जमी डेड स्किन भी आसानी से साफ हो जाती है. इसके अलावा चेहरे की मांसपेशियों को आराम मिलता है. इससे थकान दूर होती है और आपके चेहरे में ग्लो आता है.
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लगातार धूल मिट्टी और प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण चेहरे पर गंदगी जमा हो जाती है. जिसके कारण चेहरे पर पिंपल्स, दाग धब्बे, झुर्रियां, रोमछिद्रों का बंद होना आदि समस्याएं होने लगती हैं. इन समस्याओं के कारण चेहरे का नेचुरल निखार भी खो जाता है. रोम छिद्रों के बंद होने के कारण त्वचा पर धूल मिट्टी चिपकी रहती है, जिसके कारण ब्लैकहेड्स की समस्या हो जाती है. यह समस्याएं ज्यादातर तीस साल की उम्र के बाद दिखाई देती हैं. इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सबसे अच्छा उपाय है फेशियल. फेशियल करवाने से चेहरे की त्वचा में रक्त संचार तेज हो जाता है और त्वचा पर जमी गंदगी भी साफ हो जाती है. एक- तीस साल की उम्र के बाद स्किन में बदलाव होने लगते हैं. इन बदलावों को कम करने के लिए फेशियल सबसे अच्छा तरीका है. फेशियल करवाने से चेहरे पर दिखाई देने वाली फाइन लाइंस कम हो जाती है और त्वचा को फ्रेशनेस मिलती है जिससे त्वचा पर जमी गंदगी साफ हो जाती है. दो- तीस की उम्र के बाद महीने में एक बार फेशियल करवाने से त्वचा मॉश्चराइज होती है. और त्वचा में निखार आता है. तीन- फेशियल करवाने से त्वचा पर जमी डेड स्किन भी आसानी से साफ हो जाती है. इसके अलावा चेहरे की मांसपेशियों को आराम मिलता है. इससे थकान दूर होती है और आपके चेहरे में ग्लो आता है.
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शापूरजी पल्लोनजी समूह के वंशज और टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की 5 सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। व्यवसायी के एक दोस्त जहांगीर पंडोले की भी मौत हो गई थी, जब कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई थी।
Cyrus Mistry death case: साइरस मिस्त्री कार एक्सीडेंट केस में उनकी कार को ड्राइव कर रही डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक्सीडेंट के समय टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष मिस्त्री की कार को उनकी मित्र मशहूर गाइनो डॉ. अनहिता पंडोले चला रही थीं। शापूरजी पल्लोनजी समूह के वंशज और टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की 4 सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। व्यवसायी के एक दोस्त जहांगीर पंडोले की भी मौत हो गई थी, जब कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई थी।
मुंबई पुलिस ने बताया कि कार एक्सीडेंट लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से हुआ था। टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री के कार का जब एक्सीडेंट हुआ तो कार उनकी मित्र अनहिता पंडोले चला रही थीं। पुलिस ने बताया कि जांच में सारे तथ्य सामने आने के बाद डॉ. अनहिता पंडोले के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में अनाहिता के पति डेरियस पंडोले का बयान दर्ज कर मामला दर्ज किया है। अभी पुलिस ने डॉ. अनाहिता का बयान दर्ज नहीं किया है। फिलहाल वह अस्पताल में हैं।
टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री 4 सितंबर रविवार को दोपहर में अहमदाबाद से मुंबई वापस आ रहे थे। कार अहमदाबाद-मुंबई हाइवे पर पालघर के कासा के पास एक डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार में चार लोग सवार थे। इस हादसे में साइरस मिस्त्री व जहांगीर दिनशा पंडोले की मौत हो गई। जबकि उनकी महिला मित्र डॉ. अनाहिता पंडोले व पति दरियस पंडोले घायल हो गए। मिस्त्री जिस मर्सिडीज कार में थे उसका नंबर MH-47-AB-6705 है। पालघर के एसपी बालासाहेब पाटिल ने बताया कि साइरस मिस्त्री का एक्सीडेंट रविवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अहमदाबाद से मुंबई के रास्ते में सूर्या नदी पुल पर हुआ। दरअसल, साइरस मिस्त्री अपने तीन अन्य दोस्तों यानी पंडोले परिवार के सदस्यों के साथ गुजरात के उदवाड़ा गए थे। यहां पारसियों का प्रमुख अग्नि मंदिर है। बताया जा रहा है कि पंडोले भाइयों के पिता की मृत्यु के बाद सभी लोग उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने गए थे।
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शापूरजी पल्लोनजी समूह के वंशज और टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की पाँच सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। व्यवसायी के एक दोस्त जहांगीर पंडोले की भी मौत हो गई थी, जब कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई थी। Cyrus Mistry death case: साइरस मिस्त्री कार एक्सीडेंट केस में उनकी कार को ड्राइव कर रही डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक्सीडेंट के समय टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष मिस्त्री की कार को उनकी मित्र मशहूर गाइनो डॉ. अनहिता पंडोले चला रही थीं। शापूरजी पल्लोनजी समूह के वंशज और टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की चार सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। व्यवसायी के एक दोस्त जहांगीर पंडोले की भी मौत हो गई थी, जब कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई थी। मुंबई पुलिस ने बताया कि कार एक्सीडेंट लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से हुआ था। टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री के कार का जब एक्सीडेंट हुआ तो कार उनकी मित्र अनहिता पंडोले चला रही थीं। पुलिस ने बताया कि जांच में सारे तथ्य सामने आने के बाद डॉ. अनहिता पंडोले के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में अनाहिता के पति डेरियस पंडोले का बयान दर्ज कर मामला दर्ज किया है। अभी पुलिस ने डॉ. अनाहिता का बयान दर्ज नहीं किया है। फिलहाल वह अस्पताल में हैं। टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री चार सितंबर रविवार को दोपहर में अहमदाबाद से मुंबई वापस आ रहे थे। कार अहमदाबाद-मुंबई हाइवे पर पालघर के कासा के पास एक डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार में चार लोग सवार थे। इस हादसे में साइरस मिस्त्री व जहांगीर दिनशा पंडोले की मौत हो गई। जबकि उनकी महिला मित्र डॉ. अनाहिता पंडोले व पति दरियस पंडोले घायल हो गए। मिस्त्री जिस मर्सिडीज कार में थे उसका नंबर MH-सैंतालीस-AB-छः हज़ार सात सौ पाँच है। पालघर के एसपी बालासाहेब पाटिल ने बताया कि साइरस मिस्त्री का एक्सीडेंट रविवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अहमदाबाद से मुंबई के रास्ते में सूर्या नदी पुल पर हुआ। दरअसल, साइरस मिस्त्री अपने तीन अन्य दोस्तों यानी पंडोले परिवार के सदस्यों के साथ गुजरात के उदवाड़ा गए थे। यहां पारसियों का प्रमुख अग्नि मंदिर है। बताया जा रहा है कि पंडोले भाइयों के पिता की मृत्यु के बाद सभी लोग उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने गए थे। यह भी पढ़ेंः
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स्मार्टफोन कंपनी विक्डलीक ने भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में अब तक का सबसे सस्ता वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन वैमी पैशन एक्स लांच किया गया है जिसकी कीमत 22,500 रुपए है। ये विक्डलीक का पहला स्मार्टफोन है जिसमें ऑक्टा कोर प्रोसेसर और वॉटर रजिस्टेंट कैपेबिल्टी दी गई है। इसके अलावा फोन आईपी 57 सर्टिफिकेट द्वारा प्रमाणित भी है जिससे सोनी और सैमसंग के वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन प्रमाणित हैं। कंपनी के अनुसार फोन में सुपर हाईड्रोफोबिक तकनीक का प्रयोग किया गया है जिसकी मदद से डिवाइस किसी भी लिक्विड में 30 मिनट तक बिना किसी नुकसान के रह सकती है।
वैमी पैशन एक्स के फीचरों पर नजर डालें तो इसमें 5 इंच की 1920×1080 पिक्सल सपोर्ट फुल एचडी स्क्रीन दी गई है जिसकी पिक्सल डेंसिटी 443 पिक्सल पर इंच है साथ ही स्क्रीन में वन ग्लास सॉल्यूशन प्रोटेक्शन भी दिया गया है। विक्डलीक साइट के मुताबिक ये पहला ऑक्टाकोर पॉवर स्मार्टफोन है जिसमें मीडियाटेक MTK6592 ऑक्टाकोर 1. 7 गीगाहर्ट क्लॉक स्पीड प्रोसेसर लगा हुआ है। फोन में 2 जीबी की रैम दी गई है।
पढ़ेंः बिल गेट्स की बेटी के हाथ में ये कौन सा फोन है ?
दूसरे फीचरों पर नजर डालें वैमी पैशन एक्स में 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा, 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, 16 जीबी इंटरनल मैमोरी दी गई है जिसे 64 जीबी तक एक्पेंड कर सकते हैं। बेहतर बैटरी बैकप के लिए वैमी पैशन एक्स में 2,500 एमएएच की बैटरी लगी हई है। कनेक्टीविटी ऑप्शनों में ड्युल सिम कार्ड स्लॉट, 3 जी, वाईफाई, ब्लूटूथ, और एंड्रायड का जैलीबीन ओएस दिया गया है।
वैमी पैशन एक्स में सुपर हाईड्रोफोबिक तकनीक का प्रयोग किया गया है जो इसे वॉटर रजिस्टेंट स्मार्टफोन बनाता है। इसकी मदद से फोन किसी भी लिक्विड में 30 मिनट तक बिना किसी नुकसान के रह सकता है।
वैमी पैशन एक्स में 5 इंच की 1920×1080 पिक्सल सपोर्ट फुल एचडी स्क्रीन दी गई है जिसकी पिक्सल डेंसिटी 443 पिक्सल पर इंच है साथ ही स्क्रीन में वन ग्लास सॉल्यूशन प्रोटेक्शन भी दिया गया है।
फोन में 1. 7 गीगाहर्ट का ऑक्टाकोर मीडियाटेक एमटी 6592 प्रोसेसर दिया गया है साथ में 2 जीबी की रैम इनबिल्ड है। पैशन एक्स में 16 जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई है जिसे 64 जीबी तक एक्पेंड किया जा सकता है।
पैशन एक्स में 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा लगा हुआ है।
पैशन एक्स में कनेक्टीविटी के लिए ड्युल सिम कार्ड स्लॉट, 3 जी, वाईफाई, ब्लूटूथ, और एंड्रायड का जैलीबीन ओएस दिया गया है।
विक्डलीक साइट के मुताबिक ये पहला ऑक्टाकोर पॉवर स्मार्टफोन है जिसमें मीडियाटेक MTK6592 ऑक्टाकोर 1. 7 गीगाहर्ट क्लॉक स्पीड प्रोसेसर लगा हुआ है।
फोन आईपी 57 सर्टिफिकेट द्वारा प्रमाणित भी है जिससे सोनी और सैमसंग के वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन प्रमाणित हैं।
बाजार में वैमी पैशन एक्स की टक्कर इंटेक्स के एक्वा ऑक्टा से होगी क्योंकि दोनों में एक जैसी पॉवर के साथ एक जैसे रेज्यूलूशन वाला कैमरा, रैम और एक जैसी स्टोरेज कैपेसिटी दी गई है। सिर्फ दोनों की कीमत में अंतर है। एक्वा ऑक्टा की कीमत 19,700 रुपए है जबकि वैमी पैशन एक्स को 22,500 रुपए में लांच किया गया है।
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स्मार्टफोन कंपनी विक्डलीक ने भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में अब तक का सबसे सस्ता वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन वैमी पैशन एक्स लांच किया गया है जिसकी कीमत बाईस,पाँच सौ रुपयापए है। ये विक्डलीक का पहला स्मार्टफोन है जिसमें ऑक्टा कोर प्रोसेसर और वॉटर रजिस्टेंट कैपेबिल्टी दी गई है। इसके अलावा फोन आईपी सत्तावन सर्टिफिकेट द्वारा प्रमाणित भी है जिससे सोनी और सैमसंग के वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन प्रमाणित हैं। कंपनी के अनुसार फोन में सुपर हाईड्रोफोबिक तकनीक का प्रयोग किया गया है जिसकी मदद से डिवाइस किसी भी लिक्विड में तीस मिनट तक बिना किसी नुकसान के रह सकती है। वैमी पैशन एक्स के फीचरों पर नजर डालें तो इसमें पाँच इंच की एक हज़ार नौ सौ बीस×एक हज़ार अस्सी पिक्सल सपोर्ट फुल एचडी स्क्रीन दी गई है जिसकी पिक्सल डेंसिटी चार सौ तैंतालीस पिक्सल पर इंच है साथ ही स्क्रीन में वन ग्लास सॉल्यूशन प्रोटेक्शन भी दिया गया है। विक्डलीक साइट के मुताबिक ये पहला ऑक्टाकोर पॉवर स्मार्टफोन है जिसमें मीडियाटेक MTKछः हज़ार पाँच सौ बानवे ऑक्टाकोर एक. सात गीगाहर्ट क्लॉक स्पीड प्रोसेसर लगा हुआ है। फोन में दो जीबी की रैम दी गई है। पढ़ेंः बिल गेट्स की बेटी के हाथ में ये कौन सा फोन है ? दूसरे फीचरों पर नजर डालें वैमी पैशन एक्स में तेरह मेगापिक्सल का रियर कैमरा, पाँच मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, सोलह जीबी इंटरनल मैमोरी दी गई है जिसे चौंसठ जीबी तक एक्पेंड कर सकते हैं। बेहतर बैटरी बैकप के लिए वैमी पैशन एक्स में दो,पाँच सौ एमएएच की बैटरी लगी हई है। कनेक्टीविटी ऑप्शनों में ड्युल सिम कार्ड स्लॉट, तीन जी, वाईफाई, ब्लूटूथ, और एंड्रायड का जैलीबीन ओएस दिया गया है। वैमी पैशन एक्स में सुपर हाईड्रोफोबिक तकनीक का प्रयोग किया गया है जो इसे वॉटर रजिस्टेंट स्मार्टफोन बनाता है। इसकी मदद से फोन किसी भी लिक्विड में तीस मिनट तक बिना किसी नुकसान के रह सकता है। वैमी पैशन एक्स में पाँच इंच की एक हज़ार नौ सौ बीस×एक हज़ार अस्सी पिक्सल सपोर्ट फुल एचडी स्क्रीन दी गई है जिसकी पिक्सल डेंसिटी चार सौ तैंतालीस पिक्सल पर इंच है साथ ही स्क्रीन में वन ग्लास सॉल्यूशन प्रोटेक्शन भी दिया गया है। फोन में एक. सात गीगाहर्ट का ऑक्टाकोर मीडियाटेक एमटी छः हज़ार पाँच सौ बानवे प्रोसेसर दिया गया है साथ में दो जीबी की रैम इनबिल्ड है। पैशन एक्स में सोलह जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई है जिसे चौंसठ जीबी तक एक्पेंड किया जा सकता है। पैशन एक्स में तेरह मेगापिक्सल का रियर कैमरा और पाँच मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा लगा हुआ है। पैशन एक्स में कनेक्टीविटी के लिए ड्युल सिम कार्ड स्लॉट, तीन जी, वाईफाई, ब्लूटूथ, और एंड्रायड का जैलीबीन ओएस दिया गया है। विक्डलीक साइट के मुताबिक ये पहला ऑक्टाकोर पॉवर स्मार्टफोन है जिसमें मीडियाटेक MTKछः हज़ार पाँच सौ बानवे ऑक्टाकोर एक. सात गीगाहर्ट क्लॉक स्पीड प्रोसेसर लगा हुआ है। फोन आईपी सत्तावन सर्टिफिकेट द्वारा प्रमाणित भी है जिससे सोनी और सैमसंग के वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन प्रमाणित हैं। बाजार में वैमी पैशन एक्स की टक्कर इंटेक्स के एक्वा ऑक्टा से होगी क्योंकि दोनों में एक जैसी पॉवर के साथ एक जैसे रेज्यूलूशन वाला कैमरा, रैम और एक जैसी स्टोरेज कैपेसिटी दी गई है। सिर्फ दोनों की कीमत में अंतर है। एक्वा ऑक्टा की कीमत उन्नीस,सात सौ रुपयापए है जबकि वैमी पैशन एक्स को बाईस,पाँच सौ रुपयापए में लांच किया गया है।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। उसके बाद रामलखन वाटिका गए। वहां मां परमेश्वरी देवी की 13वीं पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नया साल 2023 के पहले दिन अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे। सीएम ने सबसे पहले देवी स्थान पहुंचकर पूजा-अर्चना की। सूबे में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। उसके बाद रामलखन वाटिका गए। वहां मां परमेश्वरी देवी की 13वीं पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उसके बाद उनके पिता रामलखन सिंह एवं पत्नी मंजू कुमारी सिन्हा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
सीएम नीतीश कुमार ने घंटों से इंतजार कर रहे लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके गांव आने की सूचना मिलने पर काफी भीड़ जुटी थी। फरियादियों की हुजूम जुट गई। समस्या लेकर पहुंचे लोगों से आवेदन लेकर नीतीश काफी देक तक फरियाद सुनते रहे। लगभग आधा घंटा तक फरियाद सुनकर जिलाधिकारी व राज्यस्तरीय अधिकारी को आवेदन बढ़ाते गए। उसके बाद पैतृक घर गए। वहां अपनों से मुलाकात कर हाल-समाचार पूछा। मां की याद में निर्गुण गायन का आयोजन किया जा रहा था। देवी स्थान पर सीएम द्वारा पूजा-अर्चना के बाद लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से जगह-जगह पुलिस तैनात थी। वाटिका के आसपास रस्सी तानकर घेराबंदी की गयी थी। ताकि कोई वाटिका के आसपास पुलिस की अनुमति के बिना नहीं पहुंच सके। सीएम वाटिका से बाहर निकले। उसके बाद फरियाद सुनाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों लोग आवेदन देने के लिए एक-दूसरे से आगे होने की होड़ में थे। बारी-बारी से उन्होंने सबका आवेदन लिया गया।
मौके पर सीएम के बड़े भाई सतीश कुमार, पुत्र निशांत कुमार, भांजा व जदयू के प्रदेश सचिव मनीष कुमार, मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार, कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, एमएलसी संजय सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी मनीष वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। उसके बाद रामलखन वाटिका गए। वहां मां परमेश्वरी देवी की तेरहवीं पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नया साल दो हज़ार तेईस के पहले दिन अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे। सीएम ने सबसे पहले देवी स्थान पहुंचकर पूजा-अर्चना की। सूबे में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। उसके बाद रामलखन वाटिका गए। वहां मां परमेश्वरी देवी की तेरहवीं पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उसके बाद उनके पिता रामलखन सिंह एवं पत्नी मंजू कुमारी सिन्हा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। सीएम नीतीश कुमार ने घंटों से इंतजार कर रहे लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके गांव आने की सूचना मिलने पर काफी भीड़ जुटी थी। फरियादियों की हुजूम जुट गई। समस्या लेकर पहुंचे लोगों से आवेदन लेकर नीतीश काफी देक तक फरियाद सुनते रहे। लगभग आधा घंटा तक फरियाद सुनकर जिलाधिकारी व राज्यस्तरीय अधिकारी को आवेदन बढ़ाते गए। उसके बाद पैतृक घर गए। वहां अपनों से मुलाकात कर हाल-समाचार पूछा। मां की याद में निर्गुण गायन का आयोजन किया जा रहा था। देवी स्थान पर सीएम द्वारा पूजा-अर्चना के बाद लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से जगह-जगह पुलिस तैनात थी। वाटिका के आसपास रस्सी तानकर घेराबंदी की गयी थी। ताकि कोई वाटिका के आसपास पुलिस की अनुमति के बिना नहीं पहुंच सके। सीएम वाटिका से बाहर निकले। उसके बाद फरियाद सुनाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों लोग आवेदन देने के लिए एक-दूसरे से आगे होने की होड़ में थे। बारी-बारी से उन्होंने सबका आवेदन लिया गया। मौके पर सीएम के बड़े भाई सतीश कुमार, पुत्र निशांत कुमार, भांजा व जदयू के प्रदेश सचिव मनीष कुमार, मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार, कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया, एमएलसी संजय सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी मनीष वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार आदि मौजूद रहे।
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बेंगलुरु शहरी जिले के अनेकल शहर की एक महिला द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति राजेंद्र बदामीकर ने कहा कि एक पत्नी जो पहले से कार्यरत थी, कानूनी रूप से अपनी आजीविका के लिए खर्चों को पूरा करने के लिए कुछ प्रयास करने के लिए बाध्य है और वह अपने पति से केवल सहायक रखरखाव की मांग कर सकती है। महिला और उसके अब 11 वर्षीय बेटे ने घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005 की धारा 12 के तहत एक आवेदन दायर करके गुजारा भत्ता की मांग करते हुए 2014 में मजिस्ट्रेट की अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने पति को निर्देश दिया, जो एक प्रोविजन स्टोर चलाता है। पत्नी को भरण-पोषण के रूप में प्रति माह 10,000 रुपये और उनके नाबालिग बेटे को 5,000 रुपये प्रति माह का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, पत्नी को हुई मानसिक पीड़ा के लिए 3 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। इसे भी पढ़ेंः कर्नाटक : कांग्रेस सरकार की 'विफलता' को लेकर भाजपा ने सदन के अंदर-बाहर प्रदर्शन कियापति की अपील के बाद 7 नवंबर, 2015 को एक सत्र अदालत ने महिला को दिए जाने वाले मासिक भरण-पोषण को घटाकर 5,000 रुपये कर दिया और मुआवजे की राशि को 3 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये कर दिया, जबकि बच्चे के लिए 5,000 रुपये के भरण-पोषण को बरकरार रखा। इस आदेश से व्यथित पत्नी अपने बेटे के साथ उच्च न्यायालय चली गई। अपनी याचिका में महिला ने तर्क दिया कि दिया गया मुआवजा कम था और सत्र अदालत ने बिना किसी उचित तर्क के गुजारा भत्ता और मुआवजा कम कर दिया था। यह तर्क दिया गया कि वह और उसका नाबालिग बेटा दोनों अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं और इसलिए मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश को बहाल किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ेंः Karnataka: कुमारस्वामी के बयान का येदियुरप्पा ने किया समर्थन, बोले- आने वाले दिनों में मिलकर लड़ेंगे चुनावरिकॉर्ड पर मौजूद सामग्रियों की जांच करने के बाद न्यायमूर्ति बदामीकर ने बताया कि शादी से पहले पत्नी कार्यरत थी। पत्नी ने यह भी स्वीकार किया था कि वह अपनी मां के साथ किराए के मकान में रहती थी क्योंकि उसे अपनी सास और अविवाहित ननद के साथ रहने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। अदालत ने कहा कि पति पर अपनी मां और अविवाहित बहन की जिम्मेदारी थी। बेशक, पत्नी अपनी शादी से पहले काम कर रही थी और यह दावा किया गया है कि शादी के बाद उसने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं है कि वह अब काम करने में असमर्थ क्यों हैं. उसे बेकार बैठकर अपने पति से पूरा भरण-पोषण नहीं मांगना चाहिए।
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बेंगलुरु शहरी जिले के अनेकल शहर की एक महिला द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति राजेंद्र बदामीकर ने कहा कि एक पत्नी जो पहले से कार्यरत थी, कानूनी रूप से अपनी आजीविका के लिए खर्चों को पूरा करने के लिए कुछ प्रयास करने के लिए बाध्य है और वह अपने पति से केवल सहायक रखरखाव की मांग कर सकती है। महिला और उसके अब ग्यारह वर्षीय बेटे ने घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम दो हज़ार पाँच की धारा बारह के तहत एक आवेदन दायर करके गुजारा भत्ता की मांग करते हुए दो हज़ार चौदह में मजिस्ट्रेट की अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने पति को निर्देश दिया, जो एक प्रोविजन स्टोर चलाता है। पत्नी को भरण-पोषण के रूप में प्रति माह दस,शून्य रुपयापये और उनके नाबालिग बेटे को पाँच,शून्य रुपयापये प्रति माह का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, पत्नी को हुई मानसिक पीड़ा के लिए तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। इसे भी पढ़ेंः कर्नाटक : कांग्रेस सरकार की 'विफलता' को लेकर भाजपा ने सदन के अंदर-बाहर प्रदर्शन कियापति की अपील के बाद सात नवंबर, दो हज़ार पंद्रह को एक सत्र अदालत ने महिला को दिए जाने वाले मासिक भरण-पोषण को घटाकर पाँच,शून्य रुपयापये कर दिया और मुआवजे की राशि को तीन लाख रुपये से घटाकर दो लाख रुपये कर दिया, जबकि बच्चे के लिए पाँच,शून्य रुपयापये के भरण-पोषण को बरकरार रखा। इस आदेश से व्यथित पत्नी अपने बेटे के साथ उच्च न्यायालय चली गई। अपनी याचिका में महिला ने तर्क दिया कि दिया गया मुआवजा कम था और सत्र अदालत ने बिना किसी उचित तर्क के गुजारा भत्ता और मुआवजा कम कर दिया था। यह तर्क दिया गया कि वह और उसका नाबालिग बेटा दोनों अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं और इसलिए मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश को बहाल किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ेंः Karnataka: कुमारस्वामी के बयान का येदियुरप्पा ने किया समर्थन, बोले- आने वाले दिनों में मिलकर लड़ेंगे चुनावरिकॉर्ड पर मौजूद सामग्रियों की जांच करने के बाद न्यायमूर्ति बदामीकर ने बताया कि शादी से पहले पत्नी कार्यरत थी। पत्नी ने यह भी स्वीकार किया था कि वह अपनी मां के साथ किराए के मकान में रहती थी क्योंकि उसे अपनी सास और अविवाहित ननद के साथ रहने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। अदालत ने कहा कि पति पर अपनी मां और अविवाहित बहन की जिम्मेदारी थी। बेशक, पत्नी अपनी शादी से पहले काम कर रही थी और यह दावा किया गया है कि शादी के बाद उसने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं है कि वह अब काम करने में असमर्थ क्यों हैं. उसे बेकार बैठकर अपने पति से पूरा भरण-पोषण नहीं मांगना चाहिए।
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ऊनाः एलएसी पर गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुई झड़प में घायल ऊना का सर्वजीत स्वस्थ होकर घर लौट आया है। सैनिक के चेहरे पर पूरी रौनक है और फिर से पूरी तरह फिट होते ही देश सेवा के लिए हर मोर्चे पर तैनात होने के लिए तत्पर है। सुरक्षा कारणों से वह खुद मीडिया से बात नहीं कर पाए, लेकिन उनके नज़दीकियों से मिली जानकारी में सैनिक का हौसला बुलंद है। शनिवार देर रात को वह घर पहुंचा तो स्वजनों व स्थानीय लोगों ने जवान का जोरदार स्वागत किया। उसके कुशल पूर्वक घर आने पर स्वजनों की और से मिठाई बांटी गई। जवान से मिलने और हाल जानने वालों की कतारें लगी हैं।
हिमाचल सरकार की ओर से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने इस सैनिक से मुलाकात की और उसकी बहादुरी की प्रशंसा की। सर्वजीत ग्लेशियर डयूटी पर अपनी यूनिट के साथ कुछ महीनों से तैनात थे। गलवन घाटी में तनाव के बाद उनकी यूनिट को भी बुला लिया गया था। इसके बाद वह अग्रिम पोस्ट पर ही अपने साथियों के साथ पहुंचा था और चाइना के सैनिकों ने उनकी टुकड़ी पर हमला कर दिया था। इस दौरान उसे भी गंभीर चोटें पहुंची थी। इस सैनिक के सिर पर चोट के निशान हैं और हाथों की अंगुलियों में भी गहरी चोट दिख रही थी।
ऊना के वार्ड एक के निवासी सतनाम सिंह जो स्वयं भी सेना की इसी पंजाब रेजिमेंट से सेवानिवृत हैं उनका छोटा बेटा 25 वर्षीय सर्वजीत सिंह भी इसी रेजिमेंट में सेवाएं दे रहा है। करीब एक साल से भी अधिक समय से सर्वजीत घर नहीं आ पाया था। ग्लेशियर डयूटी पूरी होने पर उसे घर आना था, लेकिन उससे पहले ही यह तनाव हो गया। घर में उसकी पत्नी, भाभी, माता और पिता हैं। बताया जा रहा है कि लेह लदाख के अस्पताल से छुट्टी मिलते ही वह घर पहुंचा है।
चीनी सैनिकों से झड़प में घायल हिमाचल का जवान स्वस्थ होकर पहुंचा घर, मिलने वालों की लगी कतारें Reviewed by Himachal Fast News on 19 July Rating:
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ऊनाः एलएसी पर गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुई झड़प में घायल ऊना का सर्वजीत स्वस्थ होकर घर लौट आया है। सैनिक के चेहरे पर पूरी रौनक है और फिर से पूरी तरह फिट होते ही देश सेवा के लिए हर मोर्चे पर तैनात होने के लिए तत्पर है। सुरक्षा कारणों से वह खुद मीडिया से बात नहीं कर पाए, लेकिन उनके नज़दीकियों से मिली जानकारी में सैनिक का हौसला बुलंद है। शनिवार देर रात को वह घर पहुंचा तो स्वजनों व स्थानीय लोगों ने जवान का जोरदार स्वागत किया। उसके कुशल पूर्वक घर आने पर स्वजनों की और से मिठाई बांटी गई। जवान से मिलने और हाल जानने वालों की कतारें लगी हैं। हिमाचल सरकार की ओर से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने इस सैनिक से मुलाकात की और उसकी बहादुरी की प्रशंसा की। सर्वजीत ग्लेशियर डयूटी पर अपनी यूनिट के साथ कुछ महीनों से तैनात थे। गलवन घाटी में तनाव के बाद उनकी यूनिट को भी बुला लिया गया था। इसके बाद वह अग्रिम पोस्ट पर ही अपने साथियों के साथ पहुंचा था और चाइना के सैनिकों ने उनकी टुकड़ी पर हमला कर दिया था। इस दौरान उसे भी गंभीर चोटें पहुंची थी। इस सैनिक के सिर पर चोट के निशान हैं और हाथों की अंगुलियों में भी गहरी चोट दिख रही थी। ऊना के वार्ड एक के निवासी सतनाम सिंह जो स्वयं भी सेना की इसी पंजाब रेजिमेंट से सेवानिवृत हैं उनका छोटा बेटा पच्चीस वर्षीय सर्वजीत सिंह भी इसी रेजिमेंट में सेवाएं दे रहा है। करीब एक साल से भी अधिक समय से सर्वजीत घर नहीं आ पाया था। ग्लेशियर डयूटी पूरी होने पर उसे घर आना था, लेकिन उससे पहले ही यह तनाव हो गया। घर में उसकी पत्नी, भाभी, माता और पिता हैं। बताया जा रहा है कि लेह लदाख के अस्पताल से छुट्टी मिलते ही वह घर पहुंचा है। चीनी सैनिकों से झड़प में घायल हिमाचल का जवान स्वस्थ होकर पहुंचा घर, मिलने वालों की लगी कतारें Reviewed by Himachal Fast News on उन्नीस जुलाईy Rating:
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अबकाज़िया आराम करने के लिए एक अच्छी जगह है। शुद्धतम झीलों, अद्वितीय पार्क, शांति का एक अवर्णनीय माहौल आपको कठोर कामकाजी दिनों से आराम करने की अनुमति देगा।
हॉलिडे होटल «किलासुरु» सुखम के हरे क्षेत्र में स्थित है यह मनोरंजन स्थल अबकाज़िया की राजधानी के अर्बोरेटम के बगल में स्थित है। अपने बंद क्षेत्र है और समुद्र तट पर खड़ा है पर्वत नदी के पास- कल्यासर शहर के केंद्र से दूरी लगभग छह किलोमीटर है।
आवश्यक मसाज प्रक्रियाओं की पूरी श्रृंखला सीधे बोर्डिंग हाउस "केलासुर" के क्षेत्र में ली जा सकती है। अबकाज़िया के रूप में शुद्धतम पर्वत नदियों और झीलों, अद्वितीय गुफाओं और जंगल के देश में दर्शनीय स्थलों की यात्रा कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला है।
समुद्र तट आवासीय से दस मीटर से कम हैक्षेत्र। यह एक रेत और कंकड़ मिश्रण है। समुद्र तट में सभी आवश्यक उपकरण, सूरज लाउंजर्स, छतरियां हैं। बोर्डिंग हाउस "कालग्स्वर" में स्कूटर, नौकाओं और कैमरानों का किराया है।
सभी आगंतुकों को एक सवारी के लिए जाने या खुले समुद्र में एक नाव यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया जाता है शाम के डिस्को में आयोजित किया जाता है।
बोर्डिंग हाउस के क्षेत्र में युवा अतिथियों के लिए एक खेल का मैदान है बच्चों को सैंडबॉक्स में खेलने के लिए खुशी होगी, एक inflatable स्लाइड के साथ सवारी, एक उथले पूल में तैरना।
जो लोग यहां मछली चाहेंगे उन्हें हमेशा सभी आवश्यक उपकरण (जाल, मछली पकड़ने वाली छड़ आदि) का किराया मिलेगा।
रेलगाड़ी से बोर्डिंग हाउस पर जाएं याएडलर के लिए हवाई जहाज द्वारा फिर, एक टैक्सी लेकर या बस ले जाकर, कोसैक मार्केट (हवाई अड्डे से लगभग 15 किलोमीटर और स्टेशन से लगभग आठ) तक ड्राइव करें। फिर सीमा के लिए पैर (रूस-अबकाज़िया) 500 मीटर की दूरी पर जारी रखें। सीमा पोस्ट पर सीमा शुल्क नियंत्रण पारित करने के बाद, आप किसी भी प्रकार के परिवहन (बस, टैक्सी) से जा सकते हैं।
वयस्कों के लिए पत्रों की सूचीः
नाबालिगों के लिए दस्तावेज़ (14 वर्ष तक):
14 साल से बच्चेः
सीमा पर, आपको बच्चे को छोड़ने के लिए वकील की शक्ति की आवश्यकता हो सकती है अगर वह अपने माता-पिता के समर्थन के बिना या उनमें से एक के साथ यात्रा करता है।
लोग यहां मुख्य रूप से परिवारों द्वारा आराम करने जाते हैं कई यात्रियों को गर्मियों में अबकाज़िया आने और इस बोर्डिंग हाउस पर रोकना पसंद है। यात्रियों को 14 घंटे से बसाया जाता है यदि आप पहले पहुंचें, तो आप समुद्र में तैर सकते हैं यह घरों से एक पत्थर फेंक रहा है यह बोर्डिंग हाउस का एक निश्चित लाभ है। यह कमरा 12:00 बजे से पहले रिलीज करना आवश्यक है।
एक आधुनिक 2 मंजिला घर में आवासयात्रियों की सुविधा के रूप में अधिकतम आराम प्रदान करता है बोर्डिंग हाउस "केलासुर" एक अच्छी तरह से संगठित खाद्य प्रणाली प्रदान करता है इसके क्षेत्र में एक भोजन कक्ष है यहां, समीक्षाओं के आधार पर, आप एक अच्छा रात का भोजन कर सकते हैं मनोरंजन, हालांकि, पर्याप्त नहीं है, आपको अन्य स्थानों की यात्रा करना पड़ता है। हालांकि, यह बहुत समय नहीं लेता है और बाकी को बादल नहीं करता है।
अनुभव वाले ट्रैवलर्स मनोरंजन के लिए चुनते हैंअगस्त से सितंबर तक की अवधि कई नकारात्मक समीक्षाओं से भयभीत होते हैं, लेकिन आगमन पर सतर्कता गायब हो जाती है। प्रशासन का काम किसी भी शिकायत के बिना आयोजित किया जाता है। पहले अनुरोध पर, कुटीर को बदल दिया जाएगा, अगर आपको लगता है कि यह समुद्र से दूर है घरों में सुखद, अच्छी तरह से रखा और रहने के लिए आरामदायक है।
कई लोग समुद्र यात्रा में रुचि रखते हैं,बोर्डिंग हाउस "केलासुर" द्वारा की पेशकश की अबकाज़िया प्रकृति की सुंदरता और नदियों की शुद्धता के साथ हमलों समुद्र तट क्षेत्र हमेशा समय पर साफ होता है बहुत से लोग यहाँ यात्रा की सिफारिश करते हैं।
पर्यटकों को आशीर्वाद के रूप में अबकाज़िया की बात करते हैंकिनारे, वे यहां आराम करना पसंद करते हैं। यात्री नोट करते हैं कि बोर्डिंग हाउस में घर छोटे हैं, लेकिन आरामदायक और वातानुकूलन से लैस है। सच है, वहाँ पानी की आपूर्ति के लिए रुकावट है, लेकिन यह छुट्टी पर रहने का समग्र प्रभाव खराब नहीं करता है।
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अबकाज़िया आराम करने के लिए एक अच्छी जगह है। शुद्धतम झीलों, अद्वितीय पार्क, शांति का एक अवर्णनीय माहौल आपको कठोर कामकाजी दिनों से आराम करने की अनुमति देगा। हॉलिडे होटल «किलासुरु» सुखम के हरे क्षेत्र में स्थित है यह मनोरंजन स्थल अबकाज़िया की राजधानी के अर्बोरेटम के बगल में स्थित है। अपने बंद क्षेत्र है और समुद्र तट पर खड़ा है पर्वत नदी के पास- कल्यासर शहर के केंद्र से दूरी लगभग छह किलोमीटर है। आवश्यक मसाज प्रक्रियाओं की पूरी श्रृंखला सीधे बोर्डिंग हाउस "केलासुर" के क्षेत्र में ली जा सकती है। अबकाज़िया के रूप में शुद्धतम पर्वत नदियों और झीलों, अद्वितीय गुफाओं और जंगल के देश में दर्शनीय स्थलों की यात्रा कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला है। समुद्र तट आवासीय से दस मीटर से कम हैक्षेत्र। यह एक रेत और कंकड़ मिश्रण है। समुद्र तट में सभी आवश्यक उपकरण, सूरज लाउंजर्स, छतरियां हैं। बोर्डिंग हाउस "कालग्स्वर" में स्कूटर, नौकाओं और कैमरानों का किराया है। सभी आगंतुकों को एक सवारी के लिए जाने या खुले समुद्र में एक नाव यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया जाता है शाम के डिस्को में आयोजित किया जाता है। बोर्डिंग हाउस के क्षेत्र में युवा अतिथियों के लिए एक खेल का मैदान है बच्चों को सैंडबॉक्स में खेलने के लिए खुशी होगी, एक inflatable स्लाइड के साथ सवारी, एक उथले पूल में तैरना। जो लोग यहां मछली चाहेंगे उन्हें हमेशा सभी आवश्यक उपकरण का किराया मिलेगा। रेलगाड़ी से बोर्डिंग हाउस पर जाएं याएडलर के लिए हवाई जहाज द्वारा फिर, एक टैक्सी लेकर या बस ले जाकर, कोसैक मार्केट तक ड्राइव करें। फिर सीमा के लिए पैर पाँच सौ मीटर की दूरी पर जारी रखें। सीमा पोस्ट पर सीमा शुल्क नियंत्रण पारित करने के बाद, आप किसी भी प्रकार के परिवहन से जा सकते हैं। वयस्कों के लिए पत्रों की सूचीः नाबालिगों के लिए दस्तावेज़ : चौदह साल से बच्चेः सीमा पर, आपको बच्चे को छोड़ने के लिए वकील की शक्ति की आवश्यकता हो सकती है अगर वह अपने माता-पिता के समर्थन के बिना या उनमें से एक के साथ यात्रा करता है। लोग यहां मुख्य रूप से परिवारों द्वारा आराम करने जाते हैं कई यात्रियों को गर्मियों में अबकाज़िया आने और इस बोर्डिंग हाउस पर रोकना पसंद है। यात्रियों को चौदह घंटाटे से बसाया जाता है यदि आप पहले पहुंचें, तो आप समुद्र में तैर सकते हैं यह घरों से एक पत्थर फेंक रहा है यह बोर्डिंग हाउस का एक निश्चित लाभ है। यह कमरा बारह:शून्य बजे से पहले रिलीज करना आवश्यक है। एक आधुनिक दो मंजिला घर में आवासयात्रियों की सुविधा के रूप में अधिकतम आराम प्रदान करता है बोर्डिंग हाउस "केलासुर" एक अच्छी तरह से संगठित खाद्य प्रणाली प्रदान करता है इसके क्षेत्र में एक भोजन कक्ष है यहां, समीक्षाओं के आधार पर, आप एक अच्छा रात का भोजन कर सकते हैं मनोरंजन, हालांकि, पर्याप्त नहीं है, आपको अन्य स्थानों की यात्रा करना पड़ता है। हालांकि, यह बहुत समय नहीं लेता है और बाकी को बादल नहीं करता है। अनुभव वाले ट्रैवलर्स मनोरंजन के लिए चुनते हैंअगस्त से सितंबर तक की अवधि कई नकारात्मक समीक्षाओं से भयभीत होते हैं, लेकिन आगमन पर सतर्कता गायब हो जाती है। प्रशासन का काम किसी भी शिकायत के बिना आयोजित किया जाता है। पहले अनुरोध पर, कुटीर को बदल दिया जाएगा, अगर आपको लगता है कि यह समुद्र से दूर है घरों में सुखद, अच्छी तरह से रखा और रहने के लिए आरामदायक है। कई लोग समुद्र यात्रा में रुचि रखते हैं,बोर्डिंग हाउस "केलासुर" द्वारा की पेशकश की अबकाज़िया प्रकृति की सुंदरता और नदियों की शुद्धता के साथ हमलों समुद्र तट क्षेत्र हमेशा समय पर साफ होता है बहुत से लोग यहाँ यात्रा की सिफारिश करते हैं। पर्यटकों को आशीर्वाद के रूप में अबकाज़िया की बात करते हैंकिनारे, वे यहां आराम करना पसंद करते हैं। यात्री नोट करते हैं कि बोर्डिंग हाउस में घर छोटे हैं, लेकिन आरामदायक और वातानुकूलन से लैस है। सच है, वहाँ पानी की आपूर्ति के लिए रुकावट है, लेकिन यह छुट्टी पर रहने का समग्र प्रभाव खराब नहीं करता है।
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Reliance Jio की 4जी इंटरनेट व वॉयस कॉलिंग सुविधाओं के लिए आपको रिलांयस का ही हैंडसेट खरीदने की जरूरत नहीं है। अब आप एप्पल के आईफोन और HP डिवाइसेस पर भी इसका लाभ ले सकते हैं। रिलायंस जियो अपने प्रिव्यू डेटा ऑफर की सुविधा के लिए अब आईफोन और HP डिवाइसेस यूजर्स को देने के लिए करार करने जा रही है। इसके तहत इन यूजर्स को तीन महीने के लिए अनलिमिटेड इंटरनेट डाटा, एचडी वॉयस कॉल और वीडियो कॉलिंग की सुविधा मिलेगी।
एक वेबसाइट के मुताबिक कंपनी इस ऑफर की घोषणा एक या दो हफ्ते में कर सकती है। ऑफर का लाभ उठाने के लिए आईफोन यूजर्स को अपने फोन में My Jio app को इंस्टॉल करना होगा।
इसके आलावा TelecomTalk वेबसाइट के मुताबिक रिलायंस जियो इस ऑफर को HP devices के लिए भी ला सकती है। इसके लिए HP इंडिया के ग्राहकों को Jio. com/Preview/hp पर जाकर कुछ डीटेल्स देनी होंगी। आपको बता दें इससे पहले सैमसंग ग्राहकों के लिए भी ऐसा ऑफर दिया जा रहा है। जिसमें सैमसंग के कुछ चुनिंदा हैंडसेट पर अनलिमिटेड 4जी और 4500 मिनट की वॉयस कॉलिंग का ऑफर दिया गया है।
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Reliance Jio की चारजी इंटरनेट व वॉयस कॉलिंग सुविधाओं के लिए आपको रिलांयस का ही हैंडसेट खरीदने की जरूरत नहीं है। अब आप एप्पल के आईफोन और HP डिवाइसेस पर भी इसका लाभ ले सकते हैं। रिलायंस जियो अपने प्रिव्यू डेटा ऑफर की सुविधा के लिए अब आईफोन और HP डिवाइसेस यूजर्स को देने के लिए करार करने जा रही है। इसके तहत इन यूजर्स को तीन महीने के लिए अनलिमिटेड इंटरनेट डाटा, एचडी वॉयस कॉल और वीडियो कॉलिंग की सुविधा मिलेगी। एक वेबसाइट के मुताबिक कंपनी इस ऑफर की घोषणा एक या दो हफ्ते में कर सकती है। ऑफर का लाभ उठाने के लिए आईफोन यूजर्स को अपने फोन में My Jio app को इंस्टॉल करना होगा। इसके आलावा TelecomTalk वेबसाइट के मुताबिक रिलायंस जियो इस ऑफर को HP devices के लिए भी ला सकती है। इसके लिए HP इंडिया के ग्राहकों को Jio. com/Preview/hp पर जाकर कुछ डीटेल्स देनी होंगी। आपको बता दें इससे पहले सैमसंग ग्राहकों के लिए भी ऐसा ऑफर दिया जा रहा है। जिसमें सैमसंग के कुछ चुनिंदा हैंडसेट पर अनलिमिटेड चारजी और चार हज़ार पाँच सौ मिनट की वॉयस कॉलिंग का ऑफर दिया गया है।
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गरियाबंद । होली एवं शबएबारात पर्व शांतिपूर्ण मनाने हेतु जिला के कलेक्ट नम्रता गांधी पुलिस अधीक्षक जे. आर ठाकुर पुलिस सैकड़ो जवानों के साथ फ्लैग मार्च निकाला। जिला में पहली बार जिलाधीश पुलिस अधीक्षक के साथ पुलिस बल की सक्रियता को देखकर लोगों में एक उत्साह का संचार हुआ। होली पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर के तिरंगा चौक, मस्जिद चौक, सुभाष चौक, शीतला चौक, बजरंग चौक, यादवपारा, भूतेश्वर चौक,पारागांव चौक, शारदा चौक, मजाकट्टा तिराहा, नए रेस्ट हाउस के पास एवं चार पेट्रोलिंग वाहन के साथ पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
गरियाबंद पुलिस कप्तान जे. आर. ठाकुर का जनता से होली एवं शबएबरात पर्व शांतिपूर्ण एवं भाईचारा के साथ मनाने की अपील की इससे पूर्व जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा जिला कार्यालय एवं सिटी कोतवाली में में शांति समिति की बैठक लेकर सभी समाज के लोगों को आमंत्रित कर होली और शबे बरात पवँ भाईचारा से मनाने की अपील की गई ।
फ्लैग मार्च के दौरान जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश सिंह ठाकुर, एसडीएम विश्वदीप, एडीएम जे. आर. चौरसिया, जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव, अनुविभागीय अधिकारी गरियाबंद पुष्पेंद्र नायक, उप पुलिस अधीक्षक निशा सिन्हा, रक्षित निरीक्षक उमेश राय, निरीक्षक सत्येंद्र श्याम एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे।
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गरियाबंद । होली एवं शबएबारात पर्व शांतिपूर्ण मनाने हेतु जिला के कलेक्ट नम्रता गांधी पुलिस अधीक्षक जे. आर ठाकुर पुलिस सैकड़ो जवानों के साथ फ्लैग मार्च निकाला। जिला में पहली बार जिलाधीश पुलिस अधीक्षक के साथ पुलिस बल की सक्रियता को देखकर लोगों में एक उत्साह का संचार हुआ। होली पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर के तिरंगा चौक, मस्जिद चौक, सुभाष चौक, शीतला चौक, बजरंग चौक, यादवपारा, भूतेश्वर चौक,पारागांव चौक, शारदा चौक, मजाकट्टा तिराहा, नए रेस्ट हाउस के पास एवं चार पेट्रोलिंग वाहन के साथ पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। गरियाबंद पुलिस कप्तान जे. आर. ठाकुर का जनता से होली एवं शबएबरात पर्व शांतिपूर्ण एवं भाईचारा के साथ मनाने की अपील की इससे पूर्व जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा जिला कार्यालय एवं सिटी कोतवाली में में शांति समिति की बैठक लेकर सभी समाज के लोगों को आमंत्रित कर होली और शबे बरात पवँ भाईचारा से मनाने की अपील की गई । फ्लैग मार्च के दौरान जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश सिंह ठाकुर, एसडीएम विश्वदीप, एडीएम जे. आर. चौरसिया, जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव, अनुविभागीय अधिकारी गरियाबंद पुष्पेंद्र नायक, उप पुलिस अधीक्षक निशा सिन्हा, रक्षित निरीक्षक उमेश राय, निरीक्षक सत्येंद्र श्याम एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे।
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बहुभुजों की विशाल संख्या में,जो वास्तव में बंद लाइन को एक अन्तर्निहित रेखा से अलग कर रहे हैं, एक त्रिभुज एक संख्या है जो कम से कम कोणों के साथ है। दूसरे शब्दों में, यह सबसे सरल बहुभुज है लेकिन, इसकी सभी सादगी के बावजूद, इस आंकड़े में कई रहस्य और दिलचस्प खोज शामिल हैं, जो गणित के एक विशेष खंड के अंतर्गत आते हैं - ज्यामिति स्कूलों में यह अनुशासन सातवीं कक्षा से पढ़ना शुरू कर देता है, और विषय "त्रिकोण" को विशेष ध्यान दिया गया है। बच्चे न केवल आंकड़े के बारे में नियमों को सीखते हैं, बल्कि त्रिकोण की समानता के 1, 2 और 3 लक्षणों का अध्ययन करते हैं।
पेश किए जाने वाले पहले नियमों में से एकस्कूलबॉय, लगभग इतने आवाज़ हैंः एक त्रिभुज के सभी कोणों के आकार का योग 180 डिग्री के बराबर है। इसकी पुष्टि करने के लिए, प्रत्येक चक्कर को मापने और सभी परिणामी मानों को जोड़ने के लिए, प्रक्षेपक की सहायता से, यह पर्याप्त है। इस से कार्य करना, दो ज्ञात मात्राओं के लिए, तीसरा निर्धारित करना आसान है। उदाहरण के लिएः त्रिभुज में, कोणों में से एक 70 डिग्री है और दूसरा - 85 डिग्री, तीसरा कोण का मान क्या है?
त्रिकोण में, अपनी विशेषताओं को निर्धारित करने के लिए, विशेष लाइनें तैयार की जा सकती हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना नाम हैः
- ऊँचाई - ऊपरी ओर से विपरीत दिशा में खींची गई एक लंब रेखा;
- आंकड़े के बीच में एक साथ एक साथ आयोजित सभी तीन हाइट्स, एक orthocenter बनाने, जो, त्रिकोण के प्रकार के आधार पर, या तो अंदर या बाहर हो सकता है;
- माध्य - विपरीत दिशा के मध्य के साथ शीर्ष को जोड़ने वाली रेखा;
- Medians के चौराहों गुरुत्वाकर्षण की बात है, इस आकृति के अंदर है;
- बिस्केट्रिक्स एक रेखा से गुजरने वाली विपरीत दिशा के साथ चौराहे के बिंदु तक है, तीन द्विभाजकों के चौराहण बिंदु अंतराल का केंद्र है।
त्रिकोण, वास्तव में, सभी आंकड़ों के अनुसार, उनकी अपनी विशेषताओं और गुण हैं। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, यह आंकड़ा सबसे सरल बहुभुज है, लेकिन इसकी अपनी विशेषताओं के साथः
- सबसे लंबे पक्ष के खिलाफ हमेशा एक बड़ा मूल्य वाला कोण होता है, और इसके विपरीत;
- समान कोण समान पक्षों पर झूठ, एक समद्विबाहु त्रिकोण एक उदाहरण है;
- आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180 डिग्री है, जो पहले से ही उदाहरण द्वारा प्रदर्शित किया गया है;
- जब त्रिभुज के एक तरफ अपनी सीमाओं से परे विस्तार किया जाता है, तो बाहरी कोण का गठन होता है, जो हमेशा उन कोणों के योग के बराबर होता है जो इसके निकट नहीं हैं;
- पार्टियों में से किसी भी अन्य दो पक्षों की राशि से हमेशा कम होता है, लेकिन उनके अंतर से ज्यादा।
परिचित के अगले चरण को समूह निर्धारित करना है जिसमें प्रतिनिधित्व त्रिकोण संबंधित है। एक या दूसरे प्रकार से संबंधित त्रिभुज के कोणों पर निर्भर करता है।
- बराबर - दो समान पक्षों के साथ,जिसे पार्श्व कहा जाता है, इस मामले में तीसरा आंकड़ा के आधार के रूप में कार्य करता है इस तरह के त्रिकोण के आधार पर कोण समान होते हैं, और ऊपर से खींचे जाने वाले औसत बिस्केट्रिक्स और ऊंचाई हैं।
- एक नियमित या समभुज त्रिकोण उसके सभी पक्षों के बराबर है।
- आयताकारः उसके कोणों में से एक 90 डिग्री है इस मामले में, इस कोने के सामने की तरफ को कर्ण कहा जाता है, और पैरों से दूसरे दो।
सीखने की प्रक्रिया में, न केवलअलग-अलग आंकड़ा लेते हैं, लेकिन दो त्रिभुज की तुलना भी करते हैं और यह प्रतीत होता है कि सरल विषय में बहुत सारे नियम और प्रमेयों हैं जिन पर यह साबित हो सकता है कि विचाराधीन आंकड़े समान त्रिकोण हैं। त्रिभुजों की समानता के संकेत निम्नलिखित परिभाषाएं हैंः त्रिकोण समान हैं यदि उनके संबंधित पक्ष और कोण एक समान हैं। इस समानता के साथ, यदि आप इन दोनों आंकड़ों को एक-दूसरे पर बिगाड़ते हैं, तो उनकी सभी पंक्तियां एकजुट हो जाएंगी। इसके अलावा, आंकड़े भी समान हो सकते हैं, विशेष रूप से, यह लगभग समान आंकड़े पर लागू होता है, केवल परिमाण में भिन्नता है प्रतिनिधित्व त्रिकोण के बारे में इस तरह के एक निष्कर्ष बनाने के लिए, निम्न स्थितियों में से एक अवश्य देखा जाना चाहिएः
- एक आकृति के दो कोनों दूसरे के दो कोणों के बराबर हैं;
- एक के दो पक्ष दूसरे त्रिकोण के दोनों पक्षों के समानुपातिक होते हैं, और पक्षों द्वारा गठित कोण समान होते हैं;
बेशक, निर्विवाद समानता के लिए, जो नहीं हैमामूली संदेह का कारण बनता है, दोनों आंकड़ों के सभी तत्वों के समान मूल्य होना जरूरी है, लेकिन प्रमेय का उपयोग करना समस्या बहुत सरल है, और त्रिकोणों की समानता साबित करने के लिए, केवल कुछ स्थितियों की अनुमति है।
इस विषय पर कार्य पर आधारित हैंप्रमेय के सबूत, जो इस तरह लगता हैः "यदि त्रिकोण के दोनों किनारे और कोण वे दोनों पक्षों के बराबर होते हैं और दूसरे त्रिकोण के कोने होते हैं, तो आंकड़े एक-दूसरे के बराबर होते हैं।"
पहली ध्वनि के बारे में प्रमेय का सबूत कैसे हैत्रिभुजों की समानता का संकेत? हर कोई जानता है कि यदि वे एक ही त्रिज्या हैं, तो दो सेगमेंट बराबर हैं, या सर्कल बराबर हैं। और त्रिभुज के मामले में कई संकेत हैं, जिनके साथ यह माना जा सकता है कि आंकड़े समान हैं, जो विभिन्न ज्यामितीय समस्याओं को हल करते समय उपयोग करना बहुत सुविधाजनक है।
प्रमेय के रूप में "त्रिकोणों की समानता का पहला संकेत" लगता है, ऊपर वर्णित है, और यहां इसका सबूत हैः
- मान लीजिए त्रिकोण एबीसी और ए1में1सी1 एबी और ए के समान पक्ष हैं1में1 और, तदनुसार, सूर्य और1सी1, और इन कोणों द्वारा बनाए गए कोणों का एक ही मूल्य होता है, यानी, वे बराबर होते हैं। फिर, △ एबी पर △ एबीसी लगाया1में1सी1, सभी लाइनों और शिखरों का संयोग प्राप्त करें। इसका तात्पर्य है कि ये त्रिभुज बिल्कुल समान हैं, और इसलिए एक-दूसरे के बराबर हैं।
प्रमेय "त्रिकोणों की समानता का पहला संकेत" भी "दो तरफ और एक कोने" कहा जाता है। असल में, यह इसका सार है।
समानता का दूसरा संकेत इसी तरह साबित होता है,सबूत इस तथ्य पर आधारित है कि जब आंकड़े एक दूसरे पर अतिसंवेदनशील होते हैं, तो वे पूरी तरह से सभी शीर्षकों और पक्षों पर मेल खाते हैं। और प्रमेय इस तरह लगता हैः "यदि एक तरफ और दो कोण, जिसके निर्माण में वह भाग लेता है, तो दूसरी त्रिकोण के पक्ष और दो कोनों से मेल खाता है, तो ये आंकड़े समान हैं, यानी, वे बराबर हैं।"
यदि दोनों 2 और 1 बराबर हैंत्रिकोण ने दोनों पक्षों और आकृति के कोनों को छुआ, फिर तीसरा केवल पक्षों पर लागू होता है। तो, प्रमेय में निम्नलिखित शब्द हैंः "यदि एक त्रिकोण के सभी पक्ष दूसरे त्रिकोण के तीन किनारों के बराबर होते हैं, तो आंकड़े समान होते हैं।"
इस प्रमेय को साबित करने के लिए, हमें अधिक जानकारी चाहिए।समानता की परिभाषा में डील करें। संक्षेप में, "त्रिकोण बराबर" अभिव्यक्ति का अर्थ क्या है? पहचान से पता चलता है कि यदि आप किसी दूसरे पर एक आकार लगाते हैं, तो उनके सभी तत्व मिलते हैं, यह केवल तभी हो सकता है जब उनके पक्ष और कोण बराबर हों। उसी समय, किनारों में से एक के विपरीत कोण, जो कि अन्य त्रिकोण के समान होता है, दूसरे आंकड़े के इसी कशेरुक के बराबर होगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस जगह में त्रिकोणों की समानता के 1 संकेत में अनुवाद करना आसान है। यदि ऐसा अनुक्रम नहीं देखा जाता है, त्रिकोणों की समानता केवल असंभव है, जब तक कि यह आंकड़ा पहले की दर्पण छवि न हो।
ऐसे त्रिकोणों की संरचना में 90 डिग्री के कोण के साथ हमेशा शिखर होते हैं। इसलिए, निम्नलिखित कथन सत्य हैंः
- दाएं कोण के साथ त्रिभुज बराबर होते हैं यदि एक के पैर दूसरे के पैरों के समान होते हैं;
- आंकड़े बराबर होते हैं यदि उनके hypotenuse और पैर में से एक बराबर हैं;
- ऐसे त्रिकोण बराबर होते हैं यदि उनके पैर और तीव्र कोण समान होते हैं।
यह संकेत आयताकार को संदर्भित करता हैत्रिकोण। प्रमेय के सबूत के लिए, आंकड़ों के एक दूसरे के लिए आवेदन का उपयोग किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप त्रिकोण पैरों को फोल्ड करते हैं ताकि एसए और एसए के किनारों के साथ दो सीधी रेखाओं का सीधा कोण1.
ज्यादातर मामलों में, अभ्यास में,त्रिभुजों की समानता का पहला संकेत। वास्तव में, ज्यामिति और प्लानिमेट्री पर कक्षा 7 का यह प्रतीत होता है कि यह सामान्य रूप से लम्बाई की गणना करने के लिए भी उपयोग किया जाता है, उदाहरण के लिए, उस टेलीफोन को मापने के बिना, जो उस क्षेत्र को मापने के बिना होगा। इस प्रमेय का उपयोग करके, नदी के बीच में स्थित एक द्वीप की लंबाई निर्धारित करने के लिए आवश्यक गणना करना आसान है, इसे पार किए बिना। या तो बाड़ को मजबूत करें, अवधि में बार डालें ताकि वह इसे दो बराबर त्रिकोणों में विभाजित कर सके, या जॉइनरी में काम के जटिल तत्वों की गणना कर सके, या निर्माण के दौरान छत ट्रस सिस्टम की गणना करते समय।
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बहुभुजों की विशाल संख्या में,जो वास्तव में बंद लाइन को एक अन्तर्निहित रेखा से अलग कर रहे हैं, एक त्रिभुज एक संख्या है जो कम से कम कोणों के साथ है। दूसरे शब्दों में, यह सबसे सरल बहुभुज है लेकिन, इसकी सभी सादगी के बावजूद, इस आंकड़े में कई रहस्य और दिलचस्प खोज शामिल हैं, जो गणित के एक विशेष खंड के अंतर्गत आते हैं - ज्यामिति स्कूलों में यह अनुशासन सातवीं कक्षा से पढ़ना शुरू कर देता है, और विषय "त्रिकोण" को विशेष ध्यान दिया गया है। बच्चे न केवल आंकड़े के बारे में नियमों को सीखते हैं, बल्कि त्रिकोण की समानता के एक, दो और तीन लक्षणों का अध्ययन करते हैं। पेश किए जाने वाले पहले नियमों में से एकस्कूलबॉय, लगभग इतने आवाज़ हैंः एक त्रिभुज के सभी कोणों के आकार का योग एक सौ अस्सी डिग्री के बराबर है। इसकी पुष्टि करने के लिए, प्रत्येक चक्कर को मापने और सभी परिणामी मानों को जोड़ने के लिए, प्रक्षेपक की सहायता से, यह पर्याप्त है। इस से कार्य करना, दो ज्ञात मात्राओं के लिए, तीसरा निर्धारित करना आसान है। उदाहरण के लिएः त्रिभुज में, कोणों में से एक सत्तर डिग्री है और दूसरा - पचासी डिग्री, तीसरा कोण का मान क्या है? त्रिकोण में, अपनी विशेषताओं को निर्धारित करने के लिए, विशेष लाइनें तैयार की जा सकती हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना नाम हैः - ऊँचाई - ऊपरी ओर से विपरीत दिशा में खींची गई एक लंब रेखा; - आंकड़े के बीच में एक साथ एक साथ आयोजित सभी तीन हाइट्स, एक orthocenter बनाने, जो, त्रिकोण के प्रकार के आधार पर, या तो अंदर या बाहर हो सकता है; - माध्य - विपरीत दिशा के मध्य के साथ शीर्ष को जोड़ने वाली रेखा; - Medians के चौराहों गुरुत्वाकर्षण की बात है, इस आकृति के अंदर है; - बिस्केट्रिक्स एक रेखा से गुजरने वाली विपरीत दिशा के साथ चौराहे के बिंदु तक है, तीन द्विभाजकों के चौराहण बिंदु अंतराल का केंद्र है। त्रिकोण, वास्तव में, सभी आंकड़ों के अनुसार, उनकी अपनी विशेषताओं और गुण हैं। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, यह आंकड़ा सबसे सरल बहुभुज है, लेकिन इसकी अपनी विशेषताओं के साथः - सबसे लंबे पक्ष के खिलाफ हमेशा एक बड़ा मूल्य वाला कोण होता है, और इसके विपरीत; - समान कोण समान पक्षों पर झूठ, एक समद्विबाहु त्रिकोण एक उदाहरण है; - आंतरिक कोणों का योग हमेशा एक सौ अस्सी डिग्री है, जो पहले से ही उदाहरण द्वारा प्रदर्शित किया गया है; - जब त्रिभुज के एक तरफ अपनी सीमाओं से परे विस्तार किया जाता है, तो बाहरी कोण का गठन होता है, जो हमेशा उन कोणों के योग के बराबर होता है जो इसके निकट नहीं हैं; - पार्टियों में से किसी भी अन्य दो पक्षों की राशि से हमेशा कम होता है, लेकिन उनके अंतर से ज्यादा। परिचित के अगले चरण को समूह निर्धारित करना है जिसमें प्रतिनिधित्व त्रिकोण संबंधित है। एक या दूसरे प्रकार से संबंधित त्रिभुज के कोणों पर निर्भर करता है। - बराबर - दो समान पक्षों के साथ,जिसे पार्श्व कहा जाता है, इस मामले में तीसरा आंकड़ा के आधार के रूप में कार्य करता है इस तरह के त्रिकोण के आधार पर कोण समान होते हैं, और ऊपर से खींचे जाने वाले औसत बिस्केट्रिक्स और ऊंचाई हैं। - एक नियमित या समभुज त्रिकोण उसके सभी पक्षों के बराबर है। - आयताकारः उसके कोणों में से एक नब्बे डिग्री है इस मामले में, इस कोने के सामने की तरफ को कर्ण कहा जाता है, और पैरों से दूसरे दो। सीखने की प्रक्रिया में, न केवलअलग-अलग आंकड़ा लेते हैं, लेकिन दो त्रिभुज की तुलना भी करते हैं और यह प्रतीत होता है कि सरल विषय में बहुत सारे नियम और प्रमेयों हैं जिन पर यह साबित हो सकता है कि विचाराधीन आंकड़े समान त्रिकोण हैं। त्रिभुजों की समानता के संकेत निम्नलिखित परिभाषाएं हैंः त्रिकोण समान हैं यदि उनके संबंधित पक्ष और कोण एक समान हैं। इस समानता के साथ, यदि आप इन दोनों आंकड़ों को एक-दूसरे पर बिगाड़ते हैं, तो उनकी सभी पंक्तियां एकजुट हो जाएंगी। इसके अलावा, आंकड़े भी समान हो सकते हैं, विशेष रूप से, यह लगभग समान आंकड़े पर लागू होता है, केवल परिमाण में भिन्नता है प्रतिनिधित्व त्रिकोण के बारे में इस तरह के एक निष्कर्ष बनाने के लिए, निम्न स्थितियों में से एक अवश्य देखा जाना चाहिएः - एक आकृति के दो कोनों दूसरे के दो कोणों के बराबर हैं; - एक के दो पक्ष दूसरे त्रिकोण के दोनों पक्षों के समानुपातिक होते हैं, और पक्षों द्वारा गठित कोण समान होते हैं; बेशक, निर्विवाद समानता के लिए, जो नहीं हैमामूली संदेह का कारण बनता है, दोनों आंकड़ों के सभी तत्वों के समान मूल्य होना जरूरी है, लेकिन प्रमेय का उपयोग करना समस्या बहुत सरल है, और त्रिकोणों की समानता साबित करने के लिए, केवल कुछ स्थितियों की अनुमति है। इस विषय पर कार्य पर आधारित हैंप्रमेय के सबूत, जो इस तरह लगता हैः "यदि त्रिकोण के दोनों किनारे और कोण वे दोनों पक्षों के बराबर होते हैं और दूसरे त्रिकोण के कोने होते हैं, तो आंकड़े एक-दूसरे के बराबर होते हैं।" पहली ध्वनि के बारे में प्रमेय का सबूत कैसे हैत्रिभुजों की समानता का संकेत? हर कोई जानता है कि यदि वे एक ही त्रिज्या हैं, तो दो सेगमेंट बराबर हैं, या सर्कल बराबर हैं। और त्रिभुज के मामले में कई संकेत हैं, जिनके साथ यह माना जा सकता है कि आंकड़े समान हैं, जो विभिन्न ज्यामितीय समस्याओं को हल करते समय उपयोग करना बहुत सुविधाजनक है। प्रमेय के रूप में "त्रिकोणों की समानता का पहला संकेत" लगता है, ऊपर वर्णित है, और यहां इसका सबूत हैः - मान लीजिए त्रिकोण एबीसी और एएकमेंएकसीएक एबी और ए के समान पक्ष हैंएकमेंएक और, तदनुसार, सूर्य औरएकसीएक, और इन कोणों द्वारा बनाए गए कोणों का एक ही मूल्य होता है, यानी, वे बराबर होते हैं। फिर, △ एबी पर △ एबीसी लगायाएकमेंएकसीएक, सभी लाइनों और शिखरों का संयोग प्राप्त करें। इसका तात्पर्य है कि ये त्रिभुज बिल्कुल समान हैं, और इसलिए एक-दूसरे के बराबर हैं। प्रमेय "त्रिकोणों की समानता का पहला संकेत" भी "दो तरफ और एक कोने" कहा जाता है। असल में, यह इसका सार है। समानता का दूसरा संकेत इसी तरह साबित होता है,सबूत इस तथ्य पर आधारित है कि जब आंकड़े एक दूसरे पर अतिसंवेदनशील होते हैं, तो वे पूरी तरह से सभी शीर्षकों और पक्षों पर मेल खाते हैं। और प्रमेय इस तरह लगता हैः "यदि एक तरफ और दो कोण, जिसके निर्माण में वह भाग लेता है, तो दूसरी त्रिकोण के पक्ष और दो कोनों से मेल खाता है, तो ये आंकड़े समान हैं, यानी, वे बराबर हैं।" यदि दोनों दो और एक बराबर हैंत्रिकोण ने दोनों पक्षों और आकृति के कोनों को छुआ, फिर तीसरा केवल पक्षों पर लागू होता है। तो, प्रमेय में निम्नलिखित शब्द हैंः "यदि एक त्रिकोण के सभी पक्ष दूसरे त्रिकोण के तीन किनारों के बराबर होते हैं, तो आंकड़े समान होते हैं।" इस प्रमेय को साबित करने के लिए, हमें अधिक जानकारी चाहिए।समानता की परिभाषा में डील करें। संक्षेप में, "त्रिकोण बराबर" अभिव्यक्ति का अर्थ क्या है? पहचान से पता चलता है कि यदि आप किसी दूसरे पर एक आकार लगाते हैं, तो उनके सभी तत्व मिलते हैं, यह केवल तभी हो सकता है जब उनके पक्ष और कोण बराबर हों। उसी समय, किनारों में से एक के विपरीत कोण, जो कि अन्य त्रिकोण के समान होता है, दूसरे आंकड़े के इसी कशेरुक के बराबर होगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस जगह में त्रिकोणों की समानता के एक संकेत में अनुवाद करना आसान है। यदि ऐसा अनुक्रम नहीं देखा जाता है, त्रिकोणों की समानता केवल असंभव है, जब तक कि यह आंकड़ा पहले की दर्पण छवि न हो। ऐसे त्रिकोणों की संरचना में नब्बे डिग्री के कोण के साथ हमेशा शिखर होते हैं। इसलिए, निम्नलिखित कथन सत्य हैंः - दाएं कोण के साथ त्रिभुज बराबर होते हैं यदि एक के पैर दूसरे के पैरों के समान होते हैं; - आंकड़े बराबर होते हैं यदि उनके hypotenuse और पैर में से एक बराबर हैं; - ऐसे त्रिकोण बराबर होते हैं यदि उनके पैर और तीव्र कोण समान होते हैं। यह संकेत आयताकार को संदर्भित करता हैत्रिकोण। प्रमेय के सबूत के लिए, आंकड़ों के एक दूसरे के लिए आवेदन का उपयोग किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप त्रिकोण पैरों को फोल्ड करते हैं ताकि एसए और एसए के किनारों के साथ दो सीधी रेखाओं का सीधा कोणएक. ज्यादातर मामलों में, अभ्यास में,त्रिभुजों की समानता का पहला संकेत। वास्तव में, ज्यामिति और प्लानिमेट्री पर कक्षा सात का यह प्रतीत होता है कि यह सामान्य रूप से लम्बाई की गणना करने के लिए भी उपयोग किया जाता है, उदाहरण के लिए, उस टेलीफोन को मापने के बिना, जो उस क्षेत्र को मापने के बिना होगा। इस प्रमेय का उपयोग करके, नदी के बीच में स्थित एक द्वीप की लंबाई निर्धारित करने के लिए आवश्यक गणना करना आसान है, इसे पार किए बिना। या तो बाड़ को मजबूत करें, अवधि में बार डालें ताकि वह इसे दो बराबर त्रिकोणों में विभाजित कर सके, या जॉइनरी में काम के जटिल तत्वों की गणना कर सके, या निर्माण के दौरान छत ट्रस सिस्टम की गणना करते समय।
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बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा ऊर्जामंत्री ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है. ऐसे में अभी तक दर्ज किए गए सभी केसों खत्म किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के हक की लड़ाई आगे भी लड़ते रहेंगे.
लखनऊः उत्तर प्रदेश में गुरुवार रात से जारी हड़ताल को बिजली संघर्ष समिति के कर्मचारियों ने आज को हड़ताल को वापस ले लिया है. बिजली कंपनियों में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के चयन, साथ ही अन्य मुद्दों को लेकर ये हड़ताल आज बातचीत के बाद वापस ले ली गई. बता दें कि, बिजली कर्मचारियों ने बीती रविवार रात 10 बजे तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की थी. जोकि तीन दिन बाद यानि कि 72 घंटे की हड़ताल आज द्विपक्षीय वार्ता के बाद वापस ले ली गई है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी सरकार के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने आज बिजली विभाग कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रमुख शैलेंद्र दुबे और अन्य कर्मचारी नेताओं के साथ बातचीत की, जिसके बाद शैलेन्द्र दुबे ने एक दिन पहले ही हड़ताल को खत्म करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सभी बिजली कर्मचारियों से अपील है कि वे जल्द से जल्द अपने-अपने काम पर वापस लौट जाएं.
इस दौरान बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा ऊर्जामंत्री ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है. ऐसे में अभी तक दर्ज किए गए सभी केसों खत्म किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के हक की लड़ाई आगे भी लड़ते रहेंगे. मगर, अभी सरकार की ओर से समझौते को लागू करने का आश्वासन दिया गया है. इसके कारण हड़ताल को वापस लिया जा रहा है.
ये भी पढ़ेंः 1332 कर्मी बर्खास्त, चौथे दिन भी हड़ताल जारी, ऊर्जा मंत्री के साथ बैठक बेनतीजा; अब आगे क्या?
बता दें कि, यूपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली आपूर्ति में बाधा हो रही थी. जिसके कारण बिजली विभाग ने 16 अधिशाषी अभियंता और एसडीओ को निलंबित कर दिया था. इसके साथ ही 3 हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया था. इसके साथ ही कई नेताओं के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज किए गए थे. हालांकि, बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते पूर्वांचल के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बधित रही. जिसके चलते आम जनता को काफी दिक्कत का सामना उठाना पड़ सकता है.
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बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा ऊर्जामंत्री ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है. ऐसे में अभी तक दर्ज किए गए सभी केसों खत्म किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के हक की लड़ाई आगे भी लड़ते रहेंगे. लखनऊः उत्तर प्रदेश में गुरुवार रात से जारी हड़ताल को बिजली संघर्ष समिति के कर्मचारियों ने आज को हड़ताल को वापस ले लिया है. बिजली कंपनियों में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के चयन, साथ ही अन्य मुद्दों को लेकर ये हड़ताल आज बातचीत के बाद वापस ले ली गई. बता दें कि, बिजली कर्मचारियों ने बीती रविवार रात दस बजे तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की थी. जोकि तीन दिन बाद यानि कि बहत्तर घंटाटे की हड़ताल आज द्विपक्षीय वार्ता के बाद वापस ले ली गई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी सरकार के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने आज बिजली विभाग कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रमुख शैलेंद्र दुबे और अन्य कर्मचारी नेताओं के साथ बातचीत की, जिसके बाद शैलेन्द्र दुबे ने एक दिन पहले ही हड़ताल को खत्म करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सभी बिजली कर्मचारियों से अपील है कि वे जल्द से जल्द अपने-अपने काम पर वापस लौट जाएं. इस दौरान बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा ऊर्जामंत्री ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है. ऐसे में अभी तक दर्ज किए गए सभी केसों खत्म किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के हक की लड़ाई आगे भी लड़ते रहेंगे. मगर, अभी सरकार की ओर से समझौते को लागू करने का आश्वासन दिया गया है. इसके कारण हड़ताल को वापस लिया जा रहा है. ये भी पढ़ेंः एक हज़ार तीन सौ बत्तीस कर्मी बर्खास्त, चौथे दिन भी हड़ताल जारी, ऊर्जा मंत्री के साथ बैठक बेनतीजा; अब आगे क्या? बता दें कि, यूपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली आपूर्ति में बाधा हो रही थी. जिसके कारण बिजली विभाग ने सोलह अधिशाषी अभियंता और एसडीओ को निलंबित कर दिया था. इसके साथ ही तीन हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया था. इसके साथ ही कई नेताओं के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज किए गए थे. हालांकि, बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते पूर्वांचल के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बधित रही. जिसके चलते आम जनता को काफी दिक्कत का सामना उठाना पड़ सकता है.
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कोरोना की तीसरी लहर और उत्तराखंड में कोरोना के हर दिन बढ़ते मामले। सरकार को चिंता हुई और नाइट कर्फ्यू का समय रात दस बजे से सुबह छह बजे कर दिया। हो गई औपचारिकता। दिन में चुनावी रैलियों की भरमार। रैलियों में ना ना मास्क, ना शारीरिक दूरी का पालन। वहीं, आमजन पर नियमों की मार। नेताओं को छूट और आमजन से लूट। ये ही चल रहा है उत्तराखंड में। उत्तरकाशी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भीड़ मचाते हैं। मंच में वह शारीरिक दूरी का पालन तक नहीं करते। भीड़ के सामने भी नियम हवा हैं। ये स्थिति बीजेपी की ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों की भी है। सहिया में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह की रैली में भी ऐसा ही नजाारा दिखा। वहीं, नियमों के नाम पर प्रशासन का चाबुक चल रहा है। देहरादून में लोगों के पलटन बाजार में चालान काटे गए। कारण उन्होंने कोरोना के नियमों का पालन नहीं किया। ये ही है नाइट कर्फ्यू का औचित्य। सिर्फ दिखावा। दिन में वोट बटोरने की राजनीति करो और रात को दिखाओ कि सरकार कोरोना को लेकर कितनी चिंतित है।
उत्तराखंड में कोरोना का हमला लगातार बढ़ता जा रहा है। एक बार फिर से नए संक्रमितों की संख्या में उछाल देखा गया और दैनिक आंकड़ा छह सौ के पार पहुंच गया। चिंताजनक बात ये है कि तीन लोगों की कोरोना से जान भी चली गई। वहीं दिल्ली में भी एक दिन में 15 हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिले। वहीं, छह लोगों की मौत हुई। अब मात्र रुद्रप्रयाग जिला ही कोरोनामुक्त हैं। उत्तराखंड में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू है। गुरुवार छह जनवरी की शाम को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के 630 नए संक्रमित मिले। 24 घंटे में तीन लोगों की कोरोना से मौत हुई। एक दिन पहले बुधवार पांच जनवरी को 505 नए संक्रमित मिले थे। उत्तराखंड में यदि टीकाकरण की बात की जाए तो गुरुवार को 1297 केंद्रों में 91505 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए।
उत्तराखंड में अब कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 347098 हो गई है। इनमें से 331756 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान 128 लोग स्वस्थ हुए। एक्टिव मरीजों की संख्या 1425 हो गई है। अब तक प्रदेश में कुल 7423 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। मौत की दर 2. 15 फीसद पर स्थिर है। रिकवरी रेट 95. 582 हो गया है। सात मई 2021 को सर्वाधिक 9642 नए कोरोना संक्रमित मिले थे। 15 मई 2021 को सर्वाधिक 197 मौत दर्ज की गई थी।
उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में भाजपा की विजय संकल्प यात्रा का समापन हो गया। यात्रा के समापन इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का मंच में जब स्वागत हुआ तो सीएम सहित अन्य सभी नेता मास्क मुंह से नीचे लटकाए नजर आए। वहीं, राजनाथ सिंह की भी यही स्थिति थी। मंच में शारीरिक दूरी का भी कोई पालन नहीं किया गया। जैसा कि तस्वीर में भी दिख रहा है।
चकराता विधानसभा के साहिया कृषि मंडी में कार्यकर्त्ता सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष भी बगैर मास्क के ही नजर आए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्हें सुनने वाली जनता ने भी कोरोना के नियमों का पालन नहीं किया।
जनपद में कोविड संक्रमण के बढ़ रहे मामलों को दृष्टिगत रखते हुए बाजारों में मास्क की अनिवार्यता एवं सामाजिक दूरी के नियमों के परिपालन के संबंध में जिलाधिकारी डॉ आर राजेश कुमार एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी ने संयुक्त रूप से घंटाघर से पल्टन बाजार, मोती बाजार, डिस्पेंसरी रोड, सब्जी मंडी, हनुमान चौक का औचक निरीक्षण किया और बिना मास्क के घूम रहे लोगों के चालान किए। साथ ही मास्क भी वितरित किए गए। इस दौरान कुल 167 दुकानदार और ग्राहकों के चालान किए गए। अब समझ लो कि ये नियम और कानून किसके लिए हैं।
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।
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कोरोना की तीसरी लहर और उत्तराखंड में कोरोना के हर दिन बढ़ते मामले। सरकार को चिंता हुई और नाइट कर्फ्यू का समय रात दस बजे से सुबह छह बजे कर दिया। हो गई औपचारिकता। दिन में चुनावी रैलियों की भरमार। रैलियों में ना ना मास्क, ना शारीरिक दूरी का पालन। वहीं, आमजन पर नियमों की मार। नेताओं को छूट और आमजन से लूट। ये ही चल रहा है उत्तराखंड में। उत्तरकाशी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भीड़ मचाते हैं। मंच में वह शारीरिक दूरी का पालन तक नहीं करते। भीड़ के सामने भी नियम हवा हैं। ये स्थिति बीजेपी की ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों की भी है। सहिया में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह की रैली में भी ऐसा ही नजाारा दिखा। वहीं, नियमों के नाम पर प्रशासन का चाबुक चल रहा है। देहरादून में लोगों के पलटन बाजार में चालान काटे गए। कारण उन्होंने कोरोना के नियमों का पालन नहीं किया। ये ही है नाइट कर्फ्यू का औचित्य। सिर्फ दिखावा। दिन में वोट बटोरने की राजनीति करो और रात को दिखाओ कि सरकार कोरोना को लेकर कितनी चिंतित है। उत्तराखंड में कोरोना का हमला लगातार बढ़ता जा रहा है। एक बार फिर से नए संक्रमितों की संख्या में उछाल देखा गया और दैनिक आंकड़ा छह सौ के पार पहुंच गया। चिंताजनक बात ये है कि तीन लोगों की कोरोना से जान भी चली गई। वहीं दिल्ली में भी एक दिन में पंद्रह हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिले। वहीं, छह लोगों की मौत हुई। अब मात्र रुद्रप्रयाग जिला ही कोरोनामुक्त हैं। उत्तराखंड में रात दस बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू है। गुरुवार छह जनवरी की शाम को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चौबीस घंटाटे में प्रदेश में कोरोना के छः सौ तीस नए संक्रमित मिले। चौबीस घंटाटे में तीन लोगों की कोरोना से मौत हुई। एक दिन पहले बुधवार पांच जनवरी को पाँच सौ पाँच नए संक्रमित मिले थे। उत्तराखंड में यदि टीकाकरण की बात की जाए तो गुरुवार को एक हज़ार दो सौ सत्तानवे केंद्रों में इक्यानवे हज़ार पाँच सौ पाँच लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। उत्तराखंड में अब कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या तीन लाख सैंतालीस हज़ार अट्ठानवे हो गई है। इनमें से तीन लाख इकतीस हज़ार सात सौ छप्पन लोग स्वस्थ हो चुके हैं। पिछले चौबीस घंटाटे के दौरान एक सौ अट्ठाईस लोग स्वस्थ हुए। एक्टिव मरीजों की संख्या एक हज़ार चार सौ पच्चीस हो गई है। अब तक प्रदेश में कुल सात हज़ार चार सौ तेईस लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। मौत की दर दो. पंद्रह फीसद पर स्थिर है। रिकवरी रेट पचानवे. पाँच सौ बयासी हो गया है। सात मई दो हज़ार इक्कीस को सर्वाधिक नौ हज़ार छः सौ बयालीस नए कोरोना संक्रमित मिले थे। पंद्रह मई दो हज़ार इक्कीस को सर्वाधिक एक सौ सत्तानवे मौत दर्ज की गई थी। उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में भाजपा की विजय संकल्प यात्रा का समापन हो गया। यात्रा के समापन इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का मंच में जब स्वागत हुआ तो सीएम सहित अन्य सभी नेता मास्क मुंह से नीचे लटकाए नजर आए। वहीं, राजनाथ सिंह की भी यही स्थिति थी। मंच में शारीरिक दूरी का भी कोई पालन नहीं किया गया। जैसा कि तस्वीर में भी दिख रहा है। चकराता विधानसभा के साहिया कृषि मंडी में कार्यकर्त्ता सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष भी बगैर मास्क के ही नजर आए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्हें सुनने वाली जनता ने भी कोरोना के नियमों का पालन नहीं किया। जनपद में कोविड संक्रमण के बढ़ रहे मामलों को दृष्टिगत रखते हुए बाजारों में मास्क की अनिवार्यता एवं सामाजिक दूरी के नियमों के परिपालन के संबंध में जिलाधिकारी डॉ आर राजेश कुमार एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी ने संयुक्त रूप से घंटाघर से पल्टन बाजार, मोती बाजार, डिस्पेंसरी रोड, सब्जी मंडी, हनुमान चौक का औचक निरीक्षण किया और बिना मास्क के घूम रहे लोगों के चालान किए। साथ ही मास्क भी वितरित किए गए। इस दौरान कुल एक सौ सरसठ दुकानदार और ग्राहकों के चालान किए गए। अब समझ लो कि ये नियम और कानून किसके लिए हैं। लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं। भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।
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आखिरकार लंबे इंतजार के बाद कानपुर रोड योजना के कई आवंटियों को राहत मिली है। एलडीए प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम के बाद अब आवंटी रजिस्ट्री करा सकेंगे। सोमवार को पीडि़त आवंटियों ने एलडीए वीसी पीएन सिंह से मुलाकात कर उन्हें बुके देकर थैंक्स बोला।
कानपुर रोड योजना सेक्टर जी में एसएस टाइप भूखंड संख्या 997 से 1027 तक आवंटी परेशान थे। लाख प्रयासों के बावजूद वे रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्हें एलडीए के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इसके बाद प्राधिकरण बोर्ड ने सभी आवंटियों की समस्या को समाप्त करते हुए रजिस्ट्री का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे आवंटियों को बड़ी राहत मिली।
एलडीए की बसंतकुंज योजना में भी लॉटरी की तस्वीर साफ हो गई है। एलडीए की ओर से लॉटरी को लेकर संशोधित तिथियों की लिस्ट जारी की गई है। पहले जहां 13 नवंबर से लॉटरी प्रक्रिया शुरू होनी थी, वहीं अब 18 नवंबर से इसकी शुरुआत होगी।
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आखिरकार लंबे इंतजार के बाद कानपुर रोड योजना के कई आवंटियों को राहत मिली है। एलडीए प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम के बाद अब आवंटी रजिस्ट्री करा सकेंगे। सोमवार को पीडि़त आवंटियों ने एलडीए वीसी पीएन सिंह से मुलाकात कर उन्हें बुके देकर थैंक्स बोला। कानपुर रोड योजना सेक्टर जी में एसएस टाइप भूखंड संख्या नौ सौ सत्तानवे से एक हज़ार सत्ताईस तक आवंटी परेशान थे। लाख प्रयासों के बावजूद वे रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्हें एलडीए के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इसके बाद प्राधिकरण बोर्ड ने सभी आवंटियों की समस्या को समाप्त करते हुए रजिस्ट्री का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे आवंटियों को बड़ी राहत मिली। एलडीए की बसंतकुंज योजना में भी लॉटरी की तस्वीर साफ हो गई है। एलडीए की ओर से लॉटरी को लेकर संशोधित तिथियों की लिस्ट जारी की गई है। पहले जहां तेरह नवंबर से लॉटरी प्रक्रिया शुरू होनी थी, वहीं अब अट्ठारह नवंबर से इसकी शुरुआत होगी।
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Don't Miss!
हॅालीवुड की लोकप्रिय जासूसी फिल्म जेम्स बॅाण्ड 007 में अभिनय कर चुकी इस एक्ट्रेस ने खुद के साथ हुए इस हादसे से सभी को चौंका दिया है। हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस नाओमी हैरिस की। उन्होंने एक बडे़ स्टार पर गंभीर आरोप लगाया है। नाओमी ने बताया कि जब वह 15 साल की थीं, तब उन्हें इसका सामना करना पड़ा था।
उन्होंने इसका जिक्र करते हुए कहा कि मैं एक ऑडिशन के लिए गई थी। तभी उसने मेरी स्कर्ट में हाथ डाल दिया। मैं इससे काफी घबराई हुई थी, लेकिन इसके साथ मेरे लिए सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि उस वक्त वहां पर कास्टिंग डायरेक्टर और एक मशहूर डायरेक्टर भी वहां पर मौजूद थे।
लेकिन किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा। मेरे ख्याल से वह लोग उस स्टार के बड़े ओहदे के कारण आज तक मुंह नहीं खोल पाए। दुख इस बात का है कि आज भी वह स्टार इस इंडस्ट्री में काफी रसूखदार है।
चलिए आपको बताते हैं कि बॅालीवुड के कौन से लोकप्रिय चेहरे हैं जो यौन शोषण का सामना कर चुकी हैं..यहां देखिए चौंकाने वाली जानकारी..
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Don't Miss! हॅालीवुड की लोकप्रिय जासूसी फिल्म जेम्स बॅाण्ड सात में अभिनय कर चुकी इस एक्ट्रेस ने खुद के साथ हुए इस हादसे से सभी को चौंका दिया है। हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस नाओमी हैरिस की। उन्होंने एक बडे़ स्टार पर गंभीर आरोप लगाया है। नाओमी ने बताया कि जब वह पंद्रह साल की थीं, तब उन्हें इसका सामना करना पड़ा था। उन्होंने इसका जिक्र करते हुए कहा कि मैं एक ऑडिशन के लिए गई थी। तभी उसने मेरी स्कर्ट में हाथ डाल दिया। मैं इससे काफी घबराई हुई थी, लेकिन इसके साथ मेरे लिए सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि उस वक्त वहां पर कास्टिंग डायरेक्टर और एक मशहूर डायरेक्टर भी वहां पर मौजूद थे। लेकिन किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा। मेरे ख्याल से वह लोग उस स्टार के बड़े ओहदे के कारण आज तक मुंह नहीं खोल पाए। दुख इस बात का है कि आज भी वह स्टार इस इंडस्ट्री में काफी रसूखदार है। चलिए आपको बताते हैं कि बॅालीवुड के कौन से लोकप्रिय चेहरे हैं जो यौन शोषण का सामना कर चुकी हैं..यहां देखिए चौंकाने वाली जानकारी..
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अन्ना के जनांदोलन के राजनितिक -समर में कूदने पर दिग्गी मियां बहुत खुश हैं ...मानों अन्ना ने उनकी नसीहत मान ली और कूद गए राजनीति के मैदान में ...कल तक राजनीति को मैली गंगा कहने वाले आज खुद 'गंगा' में डूबने को तैयार हो गए हैं. क्योंकि दिग्विजय सिंह से अधिक कौन जान सकता है कि राजनीति के हमाम में तो सब नंगे हैं .... अन्ना को सर से पाओं तक भ्रष्टाचार में लिप्त कहने पर अपनी किरकिरी करवा कर अलोप हो गए कांग्रेसी प्रवक्ता मनीष तिवारी फिर से अपने पूरे रंग में हैं ...अन्ना के आन्दोलन को राजनीति से प्रेरित बता कर अपनी खुन्नस निकाल रहे हैं.
यह वही अन्ना हैं जिन्हें हमारे 'चोरों के सरदार और फिर भी ईमानदार' .... . 'राजनैतिक चवन्नी' ने आज के महान गाँधी कह सलाम ठोका था . . और कांग्रेसी छुटभैयों के अपशब्दों के लिए 'सारी' फील किया था. उसी गाँधी वादी नेता के आमरण अनशन को इस प्रकार 'धिक्कार' दिया जैसे कोई जिद्दी-ढोंगी' बूढा सठिया गया हो.
लगभग ऐसे ही विचार हमारे आज के कांग्रेसियों के अन्ना जी के बारे में हैं. और हों भी क्यों न ...अन्ना उनके भ्रष्टाचार पर टिके सिंहासन की चूलें हिलाने पर जो तुले हैं. जिस प्रकार गाँधी जी ने सदियों से सो रहे दबे कुचले भारतियों को अपने जन आंदोलनों के ज़रिये जागृत कर दिया था वैसे ही पिछले छह दशक से भ्रष्टाचार से त्रस्त भारतियों को जगाने का काम कर रहे हैं अन्ना जी. फर्क सिर्फ इतना है कि गाँधी जी के वक्त लोग सो रहे थे मगर आज आधे से अधित लोग भ्रष्टाचार को जायज़ मानते हैं और भ्रष्ट नेताओं की भांति.... . अन्ना को ढोंगी बूढा मान हँसते हैं . कान्ग्रेसिओं कि ख़ुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं क्योंकि वे जानते हैं कि अन्ना के राजनीति में दाखिले से 'कांग्रेस' विरोधी वोट जो बी. जे. पी. की झोली में जाने का अंदेशा था अब बंट जाएगा . . राजनीति में अनजान दुश्मन अक्सर दोस्त ही होता है.
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अन्ना के जनांदोलन के राजनितिक -समर में कूदने पर दिग्गी मियां बहुत खुश हैं ...मानों अन्ना ने उनकी नसीहत मान ली और कूद गए राजनीति के मैदान में ...कल तक राजनीति को मैली गंगा कहने वाले आज खुद 'गंगा' में डूबने को तैयार हो गए हैं. क्योंकि दिग्विजय सिंह से अधिक कौन जान सकता है कि राजनीति के हमाम में तो सब नंगे हैं .... अन्ना को सर से पाओं तक भ्रष्टाचार में लिप्त कहने पर अपनी किरकिरी करवा कर अलोप हो गए कांग्रेसी प्रवक्ता मनीष तिवारी फिर से अपने पूरे रंग में हैं ...अन्ना के आन्दोलन को राजनीति से प्रेरित बता कर अपनी खुन्नस निकाल रहे हैं. यह वही अन्ना हैं जिन्हें हमारे 'चोरों के सरदार और फिर भी ईमानदार' .... . 'राजनैतिक चवन्नी' ने आज के महान गाँधी कह सलाम ठोका था . . और कांग्रेसी छुटभैयों के अपशब्दों के लिए 'सारी' फील किया था. उसी गाँधी वादी नेता के आमरण अनशन को इस प्रकार 'धिक्कार' दिया जैसे कोई जिद्दी-ढोंगी' बूढा सठिया गया हो. लगभग ऐसे ही विचार हमारे आज के कांग्रेसियों के अन्ना जी के बारे में हैं. और हों भी क्यों न ...अन्ना उनके भ्रष्टाचार पर टिके सिंहासन की चूलें हिलाने पर जो तुले हैं. जिस प्रकार गाँधी जी ने सदियों से सो रहे दबे कुचले भारतियों को अपने जन आंदोलनों के ज़रिये जागृत कर दिया था वैसे ही पिछले छह दशक से भ्रष्टाचार से त्रस्त भारतियों को जगाने का काम कर रहे हैं अन्ना जी. फर्क सिर्फ इतना है कि गाँधी जी के वक्त लोग सो रहे थे मगर आज आधे से अधित लोग भ्रष्टाचार को जायज़ मानते हैं और भ्रष्ट नेताओं की भांति.... . अन्ना को ढोंगी बूढा मान हँसते हैं . कान्ग्रेसिओं कि ख़ुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं क्योंकि वे जानते हैं कि अन्ना के राजनीति में दाखिले से 'कांग्रेस' विरोधी वोट जो बी. जे. पी. की झोली में जाने का अंदेशा था अब बंट जाएगा . . राजनीति में अनजान दुश्मन अक्सर दोस्त ही होता है.
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इससे पहले केंद्र की मोदी सरकार ने कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की बुराई से मुक्ति दिलाई थी। जिसका मुस्लिम महिलाओं ने काफी स्वागत भी किया था। अब उनको मस्जिदों में भी नमाज पढ़ने का हक पर्सनल लॉ बोर्ड ने दे दिया है। बोर्ड में मुस्लिम धर्मगुरु और अन्य लोग शामिल हैं।
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इससे पहले केंद्र की मोदी सरकार ने कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की बुराई से मुक्ति दिलाई थी। जिसका मुस्लिम महिलाओं ने काफी स्वागत भी किया था। अब उनको मस्जिदों में भी नमाज पढ़ने का हक पर्सनल लॉ बोर्ड ने दे दिया है। बोर्ड में मुस्लिम धर्मगुरु और अन्य लोग शामिल हैं।
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T20 World Cup 2021, Dinesh Karthik, Vijay Shankar: टीम इंडिया के स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) को एक बड़ा झटका लगा है। उनकी ऊंगली की चोट अब तक ठीक नहीं हुई है। इस कारण उन्हें सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट (Syed Mushtaq Ali) से भी बाहर होना पड़ा है। चोट के कारण वे इस साल आईपीएल फेज-2 और टी-20 वर्ल्ड कप भी नहीं खेल सके। नेशनल क्रिकेट एकेडमी के हेड राहुल द्रविड़ ने वॉशिंगटन को 4 हफ्तों के आराम की सलाह दी है।
Syed Mushtaq Ali: वहीं, भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) भी चोट से जूझ रहे हैं। उनके घुटने में दर्द की शिकायत है। इस कारण उन्हें भी इलाज के साथ 6 हफ्तों के लिए आराम करने को कहा गया है। ऐसे में उनकी जगह ऑलराउंडर विजय शंकर (Vijay Shankar) तमिलनाडु टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे।
T20 World Cup 2021, Syed Mushtaq Ali: तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के सचिन एस रामास्वामी ने क्रिकबज से कहा कि हमने वॉशिंगटन सुंदर और कार्तिक को लेकर राहुल द्रविड़ से बात की थी। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ी अभी फिट नहीं हैं। राहुल ने हमें सलाह दी है कि हम कोई जल्दबाजी न करें और हमने यह सुझाव माना है।
वॉशिंगटन सुंदर को इसी साल जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले चोट लगी थी। इसके बाद वे इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज, आईपीएल फेज-2 और टी-20 वर्ल्ड कप में भी नहीं खेले थे। हालांकि, अब वॉशिंगटन सुंदर की चोट ठीक हो गई है, वे हल्की-फुल्की बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। हालांकि, NCA एक्सपर्ट का मानना है कि वॉशिंगटन अभी बॉलिंग करने जितने ठीक नहीं हुए हैं। ऐसे में वॉशिंगटन को अब करीब 4 हफ्ते के लिए आराम की सलाह दी गई है।
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Tबीस World Cup दो हज़ार इक्कीस, Dinesh Karthik, Vijay Shankar: टीम इंडिया के स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को एक बड़ा झटका लगा है। उनकी ऊंगली की चोट अब तक ठीक नहीं हुई है। इस कारण उन्हें सैयद मुश्ताक अली टी-बीस टूर्नामेंट से भी बाहर होना पड़ा है। चोट के कारण वे इस साल आईपीएल फेज-दो और टी-बीस वर्ल्ड कप भी नहीं खेल सके। नेशनल क्रिकेट एकेडमी के हेड राहुल द्रविड़ ने वॉशिंगटन को चार हफ्तों के आराम की सलाह दी है। Syed Mushtaq Ali: वहीं, भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक भी चोट से जूझ रहे हैं। उनके घुटने में दर्द की शिकायत है। इस कारण उन्हें भी इलाज के साथ छः हफ्तों के लिए आराम करने को कहा गया है। ऐसे में उनकी जगह ऑलराउंडर विजय शंकर तमिलनाडु टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। Tबीस World Cup दो हज़ार इक्कीस, Syed Mushtaq Ali: तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के सचिन एस रामास्वामी ने क्रिकबज से कहा कि हमने वॉशिंगटन सुंदर और कार्तिक को लेकर राहुल द्रविड़ से बात की थी। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ी अभी फिट नहीं हैं। राहुल ने हमें सलाह दी है कि हम कोई जल्दबाजी न करें और हमने यह सुझाव माना है। वॉशिंगटन सुंदर को इसी साल जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले चोट लगी थी। इसके बाद वे इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज, आईपीएल फेज-दो और टी-बीस वर्ल्ड कप में भी नहीं खेले थे। हालांकि, अब वॉशिंगटन सुंदर की चोट ठीक हो गई है, वे हल्की-फुल्की बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। हालांकि, NCA एक्सपर्ट का मानना है कि वॉशिंगटन अभी बॉलिंग करने जितने ठीक नहीं हुए हैं। ऐसे में वॉशिंगटन को अब करीब चार हफ्ते के लिए आराम की सलाह दी गई है।
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नई दिल्ली। भगवान की पूजा-पाठ में अक्षत, चंदन, कुमकुम, फल-फूल, धूपबत्ती, अगरबत्ती, भोग आदि कई चीजों का उपयोग होता है। इन सभी चीजों का अपना महत्व है और अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा में सामग्री भी बदल जाती है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनका आमतौर पर ज्यादातर पूजा-पाठ, मांगलिक कामों में उपयोग होता है। इनमें से एक है अगरबत्ती। यदि आप भी अगरबत्ती जलाते हैं तो ऐसा करना बंद कर दें। क्योंकि अगरबत्ती जलाने से पितृ दोष लगता है और इससे कई नुकसान होते हैं।
वास्तु शास्त्र में बांस को बेहद शुभ माना गया है। घर-दफ्तर में इस पौधे का होना सकारात्मकता और उन्नति लाता है। कई तरह के वास्तु दोष दूर करने के लिए बांस का पौधा रखने की सलाह दी जाती है। ऐसी शुभ चीज को जलाना ठीक नहीं है। भारतीय परंपरा में भी बांस जलाने की मनाही की गई है। इसके पीछे कई कारण हैं। चूंकि अगरबत्ती बनाने में बांस की लकड़ी का उपयोग होता है, इसलिए अगरबत्ती जलाना भी अनुचित है।
- बांस को वंश का प्रतीक माना गया है। ऐसे में बांस को जलाना अपने हाथों से अपने पारिवारिक वंश को नुकसान पहुंचाने जैसा है।
- हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के लिए अर्थी तैयार करते समय बांस का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन चिता जलाते समय अन्य लकड़ियों का उपयोग होता है, कभी भी बांस को नहीं जलाया जाता है। बांस जलाने से पितृ दोष लगता है।
- बांस जलाने से खतरनाक टॉक्सिक हेवी मेटल भी जलते हैं, जो वातावरण को दूषित करते है। ऐसे में बांस की लकड़ी पर कई तरह की केमिकल लेयरिंग करके बनाई गई अगरबत्ती को जलाना तो और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
- जिस बांस की लकड़ी को जलाना शास्त्रों में वर्जित है उस बांस की लकड़ी को हमलोग रोज अगरबत्ती में जलाते हैं।
- फेंगशुई के मुताबिक बांस जलाने से व्यक्ति के भाग्य का नाश होता है। क्योंकि बांस का पौधा सौभाग्य लाने वाला है।
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नई दिल्ली। भगवान की पूजा-पाठ में अक्षत, चंदन, कुमकुम, फल-फूल, धूपबत्ती, अगरबत्ती, भोग आदि कई चीजों का उपयोग होता है। इन सभी चीजों का अपना महत्व है और अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा में सामग्री भी बदल जाती है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनका आमतौर पर ज्यादातर पूजा-पाठ, मांगलिक कामों में उपयोग होता है। इनमें से एक है अगरबत्ती। यदि आप भी अगरबत्ती जलाते हैं तो ऐसा करना बंद कर दें। क्योंकि अगरबत्ती जलाने से पितृ दोष लगता है और इससे कई नुकसान होते हैं। वास्तु शास्त्र में बांस को बेहद शुभ माना गया है। घर-दफ्तर में इस पौधे का होना सकारात्मकता और उन्नति लाता है। कई तरह के वास्तु दोष दूर करने के लिए बांस का पौधा रखने की सलाह दी जाती है। ऐसी शुभ चीज को जलाना ठीक नहीं है। भारतीय परंपरा में भी बांस जलाने की मनाही की गई है। इसके पीछे कई कारण हैं। चूंकि अगरबत्ती बनाने में बांस की लकड़ी का उपयोग होता है, इसलिए अगरबत्ती जलाना भी अनुचित है। - बांस को वंश का प्रतीक माना गया है। ऐसे में बांस को जलाना अपने हाथों से अपने पारिवारिक वंश को नुकसान पहुंचाने जैसा है। - हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के लिए अर्थी तैयार करते समय बांस का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन चिता जलाते समय अन्य लकड़ियों का उपयोग होता है, कभी भी बांस को नहीं जलाया जाता है। बांस जलाने से पितृ दोष लगता है। - बांस जलाने से खतरनाक टॉक्सिक हेवी मेटल भी जलते हैं, जो वातावरण को दूषित करते है। ऐसे में बांस की लकड़ी पर कई तरह की केमिकल लेयरिंग करके बनाई गई अगरबत्ती को जलाना तो और भी खतरनाक साबित हो सकता है। - जिस बांस की लकड़ी को जलाना शास्त्रों में वर्जित है उस बांस की लकड़ी को हमलोग रोज अगरबत्ती में जलाते हैं। - फेंगशुई के मुताबिक बांस जलाने से व्यक्ति के भाग्य का नाश होता है। क्योंकि बांस का पौधा सौभाग्य लाने वाला है।
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झाबुआः
रतलाम झाबुआ भाजपा सांसद गुमान सिंह डामोर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है. डामोर ने उमंग सिंघार के बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से नहीं बल्कि दिग्विजय सिंह ही सरकार चला रहे हैं. कांग्रेसी अवैध धंधे में संलिप्त हैं.
यह भी पढ़ें- स्मृति जी ध्यान दीजिए! UP पुलिस के सिपाही ने रिपोर्ट लगाने के नाम पर महिला से की 'गंदी बात'
उमंग सिंघार एक जिम्मेदार मंत्री हैं उन्होंने दिग्विजय को लेकर जो कुछ भी कहा सही कहा है. उमंग सिंघार के शराब और रेत के धंधे वाले बयान पर कहा मेरी पूरी लोकसभा क्षेत्र में भी कांग्रेसी यही काम कर रहे हैं. इसमें नया कुछ भी नहीं है.
जब भी कांग्रेस की सरकार आती है अवैध शराब और रेत का धन्धा कांग्रेसी खूब करते हैं. कांग्रेस (Congress) पर बीजेपी कई गुटों में बंटे होने का आरोप लगाती है लेकिन उमंग सिंघार (Umang Singhar) के बयान ने उनके दावों को सही साबित करने का काम किया है.
जब पत्रकारों ने उमंग सिंघार (Umang Singhar) से दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के द्वारा कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) के मंत्रियों को लिखी गई चिट्ठी से जुड़ा सवाल पूछा तो मंत्री उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने कहा कि माननीय दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) जी के बारे में सिर्फ यही कहूंगा कि पर्दे के पीछे से सरकार वही चला रहे हैं.
पार्टी में यह बात हर किसी को पता है. उमंग सिंघार यहीं नहीं रुके उन्होंने एक और हमला बोला और कहा कि दिग्विजय सिंह को चिट्ठी (Digvijay Singh Letter) लिखने की कोई जरूरत नहीं थी. जब सरकार वही चला रहे हैं तो चिट्ठी की क्या जरूरत?
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झाबुआः रतलाम झाबुआ भाजपा सांसद गुमान सिंह डामोर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है. डामोर ने उमंग सिंघार के बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से नहीं बल्कि दिग्विजय सिंह ही सरकार चला रहे हैं. कांग्रेसी अवैध धंधे में संलिप्त हैं. यह भी पढ़ें- स्मृति जी ध्यान दीजिए! UP पुलिस के सिपाही ने रिपोर्ट लगाने के नाम पर महिला से की 'गंदी बात' उमंग सिंघार एक जिम्मेदार मंत्री हैं उन्होंने दिग्विजय को लेकर जो कुछ भी कहा सही कहा है. उमंग सिंघार के शराब और रेत के धंधे वाले बयान पर कहा मेरी पूरी लोकसभा क्षेत्र में भी कांग्रेसी यही काम कर रहे हैं. इसमें नया कुछ भी नहीं है. जब भी कांग्रेस की सरकार आती है अवैध शराब और रेत का धन्धा कांग्रेसी खूब करते हैं. कांग्रेस पर बीजेपी कई गुटों में बंटे होने का आरोप लगाती है लेकिन उमंग सिंघार के बयान ने उनके दावों को सही साबित करने का काम किया है. जब पत्रकारों ने उमंग सिंघार से दिग्विजय सिंह के द्वारा कमलनाथ सरकार के मंत्रियों को लिखी गई चिट्ठी से जुड़ा सवाल पूछा तो मंत्री उमंग सिंघार ने कहा कि माननीय दिग्विजय सिंह जी के बारे में सिर्फ यही कहूंगा कि पर्दे के पीछे से सरकार वही चला रहे हैं. पार्टी में यह बात हर किसी को पता है. उमंग सिंघार यहीं नहीं रुके उन्होंने एक और हमला बोला और कहा कि दिग्विजय सिंह को चिट्ठी लिखने की कोई जरूरत नहीं थी. जब सरकार वही चला रहे हैं तो चिट्ठी की क्या जरूरत?
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इस साल मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) 25 दिसंबर को पड़ रही है। ये इस साल की आखिरी एकादशी है। ये मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को पड़ती है इसलिए इसे मोक्षदा एकादशी कहते हैं।
Mokshada Ekadashi 2020: हिंदू धर्म में एकादशी (Ekadashi) का महत्व काफी ज्यादा है। साल में कुल 24 एकादशियां होती है। हर एकादशी का अपना महत्व होता है। लेकिन जिस साल अधिकमास आता है उस साल 26 एकादशियां हो जाती है। इस साल की आखिरी एकादशी 25 दिसंबर को पड़ रही है। जो मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) है।
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इस साल मोक्षदा एकादशी पच्चीस दिसंबर को पड़ रही है। ये इस साल की आखिरी एकादशी है। ये मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को पड़ती है इसलिए इसे मोक्षदा एकादशी कहते हैं। Mokshada Ekadashi दो हज़ार बीस: हिंदू धर्म में एकादशी का महत्व काफी ज्यादा है। साल में कुल चौबीस एकादशियां होती है। हर एकादशी का अपना महत्व होता है। लेकिन जिस साल अधिकमास आता है उस साल छब्बीस एकादशियां हो जाती है। इस साल की आखिरी एकादशी पच्चीस दिसंबर को पड़ रही है। जो मोक्षदा एकादशी है।
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सम्मेलन का विषय है "डिजिटल इंडिया : सफलता से उत्कृष्टता"
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प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा मेघालय सरकार मिलकर 8-9 अगस्त, 2019 को शिलांग में ई-गवर्नेंस 2019 पर 22वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करे रहे हैं। इस सम्मेलन का पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहली बार आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन सभी तरह की डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने, समस्याओं के समाधान में अनुभव का आदान-प्रदान करने, जोखिम कम करने, मुद्दों को सुलझाने और सफलता की योजना उपलब्ध कराने के लिए स्थायी ई-गवर्नेंस पहलों को तैयार करने और उन्हें लागू करने के प्रभावी तरीकों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है। यह घोषणा मेघालय सरकार के मुख्य सचिव श्री पी.एस.थंगखिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने आज शिलोंग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की। शिलोंग में आयोजित 22वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन नई सरकार के डीएआरपीजी के 100 दिनों की पहल का एक हिस्सा है।
इस सम्मेलन का विषय "डिजिटल इंडिया : सफलता से उत्कृष्टता" है। सम्मेलन के दौरान पूर्ण सत्र में 5 उप-विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। ये उप-विषय हैं - इंडिया इंटरप्राइज आर्किटेक्चर (आईएनडीईए), डिजिटल बुनियादीढांचा, वन नेशन - वन प्लेटफॉर्म, पेशेवरों के लिए उभरती प्रौद्योगिकी, सचिवालय सुधार, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा आपूर्ति आकलन (एनईएसडीए), समावेश और क्षमता निर्माण, नवाचारियों और उद्योगों के साथ तालमेल, सभी तरह की डिजिटल सेवाएं, राज्य सरकारों की सूचना प्रौद्योगिकी पहल जैसे उप-विषयों के बारे में चार सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी सहमति दे दी है। इस सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का प्रदर्शन करने के लिए सम्मेलन के दौरान एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। मेघालय के मुख्य सचिव ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायतें और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह करेंगे। मेघालय के सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और शहरी मामलों के विभाग के मंत्री श्री हैमलेटसन डोहलिंग उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत और पेंशन विभाग के सचिव श्री के.वी.इपन और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव श्री अजय प्रकाश साहनी सहित भारत सरकार के वरिष्ठ सचिव भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे।
डीएआरपीजी में अतिरिक्त सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने कहा कि शिलांग में आयोजित 22वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन इस क्षेत्र में ई-गवर्नेंस पहलों को महत्वपूर्ण गति प्रदान करेगा। इससे पूर्वी क्षेत्र के नागरिक अधिकारियों और उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों को सभी तरह की सेवापूर्ति में सुधार लाने के लिए ई-गवर्नेंस में अपने सफल प्रयासों का प्रदर्शन करने का भी अवसर उपलब्ध होगा।
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सम्मेलन का विषय है "डिजिटल इंडिया : सफलता से उत्कृष्टता" Posted On: प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा मेघालय सरकार मिलकर आठ-नौ अगस्त, दो हज़ार उन्नीस को शिलांग में ई-गवर्नेंस दो हज़ार उन्नीस पर बाईसवें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करे रहे हैं। इस सम्मेलन का पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहली बार आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन सभी तरह की डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने, समस्याओं के समाधान में अनुभव का आदान-प्रदान करने, जोखिम कम करने, मुद्दों को सुलझाने और सफलता की योजना उपलब्ध कराने के लिए स्थायी ई-गवर्नेंस पहलों को तैयार करने और उन्हें लागू करने के प्रभावी तरीकों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है। यह घोषणा मेघालय सरकार के मुख्य सचिव श्री पी.एस.थंगखिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने आज शिलोंग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की। शिलोंग में आयोजित बाईसवां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन नई सरकार के डीएआरपीजी के एक सौ दिनों की पहल का एक हिस्सा है। इस सम्मेलन का विषय "डिजिटल इंडिया : सफलता से उत्कृष्टता" है। सम्मेलन के दौरान पूर्ण सत्र में पाँच उप-विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। ये उप-विषय हैं - इंडिया इंटरप्राइज आर्किटेक्चर , डिजिटल बुनियादीढांचा, वन नेशन - वन प्लेटफॉर्म, पेशेवरों के लिए उभरती प्रौद्योगिकी, सचिवालय सुधार, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा आपूर्ति आकलन , समावेश और क्षमता निर्माण, नवाचारियों और उद्योगों के साथ तालमेल, सभी तरह की डिजिटल सेवाएं, राज्य सरकारों की सूचना प्रौद्योगिकी पहल जैसे उप-विषयों के बारे में चार सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए अट्ठाईस राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी सहमति दे दी है। इस सम्मेलन में चार सौ पचास से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का प्रदर्शन करने के लिए सम्मेलन के दौरान एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। मेघालय के मुख्य सचिव ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास , प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायतें और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह करेंगे। मेघालय के सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और शहरी मामलों के विभाग के मंत्री श्री हैमलेटसन डोहलिंग उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत और पेंशन विभाग के सचिव श्री के.वी.इपन और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव श्री अजय प्रकाश साहनी सहित भारत सरकार के वरिष्ठ सचिव भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। डीएआरपीजी में अतिरिक्त सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने कहा कि शिलांग में आयोजित बाईसवां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन इस क्षेत्र में ई-गवर्नेंस पहलों को महत्वपूर्ण गति प्रदान करेगा। इससे पूर्वी क्षेत्र के नागरिक अधिकारियों और उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों को सभी तरह की सेवापूर्ति में सुधार लाने के लिए ई-गवर्नेंस में अपने सफल प्रयासों का प्रदर्शन करने का भी अवसर उपलब्ध होगा।
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India vs West Indies, Ind vs WI ODI Series 2018: टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली जब मैदान में उतरते हैं तो कोई न कोई कीर्तिमान उनके बल्ले से जरूर बन जाता है। वेस्टइंडीज के साथ खेले जा रही वनडे सीरीज की शुरुआती तीनों मुकाबले में कप्तान कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए तीनों ही मुकाबले में शतक जड़ा था, ऐसे में जब भारत चौथे मुकाबले में मेहमान टीम के सामने थी तो विराट कोहली के फैंस को उम्मीद थी एक बार फिर विराट कोहली के बल्ले से कोई बड़ी इंनिंग देखने को मिलेगी। हालांकि इस मुकाबले में विराट ने महज 16 रन की पारी खेली। हालांकि विराट कोहली के पास इस सीरीज में मौका है कि वो एक और रिकॉर्ड बना सकते हैं। कोहली ने इस सीरीज के चार मैचों में अब तक 420 रन बनाए हैं। पांच मैचों की एकदिवसीय सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का कीर्तिमान अभी पाकिस्तान के फखर जमां के नाम पर है। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी साल 5 मैचों में 515 रन बनाए थे। आखिरी मैच में कोहली को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सिर्फ 95 रन की जरूरत होगी। ऐसे में रन मशीन कोहली एक बार फिर क्रिकेट जगत में अपना एक और जलवा बिखेर सकते हैं, और ये खास रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।
हाशिम अमला को छोड़ा पीछेः मैदान में विराट कोहली बल्ला लेके पहुंचे और कोई कीर्तिमान न रचें ऐसा भला कहां हो सकता है। इस मुकाबले में भले ही कोहली के बल्ले से महज 16 रन की पारी खेली हो लेकिन उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। बता दें कि इससे पहले यह रिकॉर्ड हाशिम अमला के नाम था जिन्होंने विंडीज के खिलाफ 2014-15 में 413 रन बनाए थे। वहीं कप्तान कोहली ने अब उनको पीछे छोड़ते हुए 420 रन बना लिए हैं। वहीं अब एक मुकाबला उन्हें और खेलना है।
कमाल का सालः इस साल अगर विराट की बात करें तो उन्होंने अब तक कुल 13 पारियां खेली हैं लेकिन ये पहली मर्तबा हुआ जब विराट के बल्ले से 16 रन की पारी निकली हो, वरना इस बल्लेबाज ने बाकी सभी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी पिछली 13 पारियों में 112, 46, 160, 75, 36, 129, 75, 36, 129, 75, 45, 71, 140, 157, 107, 16 रनों की पारी खेली है।
इस खास लिस्ट में भी हुए शामिलः लगातार सबसे ज्यादा शतक की अगर बात करें तो इस लिस्ट में भी कप्तान कोहली का नाम अब दर्ज हो गया है। हालांकि इस लिस्ट में अब भी सबसे ऊपर पाकिस्तान के बाबर आजम का नाम है जिन्होंने 2016-17 में यूएई में 5 शतक जड़े थे। वहीं 4-4 शतक के साथ एबी डिविलियर्स और कोहली बराबरी पर आ गए हैं। ऐसे में आज उनके पास मौका था कि वो एक शतक जड़कर बाबर के रिकॉर्ड की बराबरी कर लें लेकिन वो ऐसा नहीं कर सके।
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India vs West Indies, Ind vs WI ODI Series दो हज़ार अट्ठारह: टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली जब मैदान में उतरते हैं तो कोई न कोई कीर्तिमान उनके बल्ले से जरूर बन जाता है। वेस्टइंडीज के साथ खेले जा रही वनडे सीरीज की शुरुआती तीनों मुकाबले में कप्तान कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए तीनों ही मुकाबले में शतक जड़ा था, ऐसे में जब भारत चौथे मुकाबले में मेहमान टीम के सामने थी तो विराट कोहली के फैंस को उम्मीद थी एक बार फिर विराट कोहली के बल्ले से कोई बड़ी इंनिंग देखने को मिलेगी। हालांकि इस मुकाबले में विराट ने महज सोलह रन की पारी खेली। हालांकि विराट कोहली के पास इस सीरीज में मौका है कि वो एक और रिकॉर्ड बना सकते हैं। कोहली ने इस सीरीज के चार मैचों में अब तक चार सौ बीस रन बनाए हैं। पांच मैचों की एकदिवसीय सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का कीर्तिमान अभी पाकिस्तान के फखर जमां के नाम पर है। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी साल पाँच मैचों में पाँच सौ पंद्रह रन बनाए थे। आखिरी मैच में कोहली को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सिर्फ पचानवे रन की जरूरत होगी। ऐसे में रन मशीन कोहली एक बार फिर क्रिकेट जगत में अपना एक और जलवा बिखेर सकते हैं, और ये खास रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। हाशिम अमला को छोड़ा पीछेः मैदान में विराट कोहली बल्ला लेके पहुंचे और कोई कीर्तिमान न रचें ऐसा भला कहां हो सकता है। इस मुकाबले में भले ही कोहली के बल्ले से महज सोलह रन की पारी खेली हो लेकिन उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। बता दें कि इससे पहले यह रिकॉर्ड हाशिम अमला के नाम था जिन्होंने विंडीज के खिलाफ दो हज़ार चौदह-पंद्रह में चार सौ तेरह रन बनाए थे। वहीं कप्तान कोहली ने अब उनको पीछे छोड़ते हुए चार सौ बीस रन बना लिए हैं। वहीं अब एक मुकाबला उन्हें और खेलना है। कमाल का सालः इस साल अगर विराट की बात करें तो उन्होंने अब तक कुल तेरह पारियां खेली हैं लेकिन ये पहली मर्तबा हुआ जब विराट के बल्ले से सोलह रन की पारी निकली हो, वरना इस बल्लेबाज ने बाकी सभी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी पिछली तेरह पारियों में एक सौ बारह, छियालीस, एक सौ साठ, पचहत्तर, छत्तीस, एक सौ उनतीस, पचहत्तर, छत्तीस, एक सौ उनतीस, पचहत्तर, पैंतालीस, इकहत्तर, एक सौ चालीस, एक सौ सत्तावन, एक सौ सात, सोलह रनों की पारी खेली है। इस खास लिस्ट में भी हुए शामिलः लगातार सबसे ज्यादा शतक की अगर बात करें तो इस लिस्ट में भी कप्तान कोहली का नाम अब दर्ज हो गया है। हालांकि इस लिस्ट में अब भी सबसे ऊपर पाकिस्तान के बाबर आजम का नाम है जिन्होंने दो हज़ार सोलह-सत्रह में यूएई में पाँच शतक जड़े थे। वहीं चार-चार शतक के साथ एबी डिविलियर्स और कोहली बराबरी पर आ गए हैं। ऐसे में आज उनके पास मौका था कि वो एक शतक जड़कर बाबर के रिकॉर्ड की बराबरी कर लें लेकिन वो ऐसा नहीं कर सके।
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सामना में लिखा है कि ट्रंप के भारत आने पर उन्हें सीधे गुजरात ले जाकर सरकार कौनसा सन्देश देना चाहती है. ट्रंप के अहमदाबाद दौरे के लिए बड़ी-बड़ी दीवारें बनाई जा रही है, जिससे गरीबी को छुपाया जा सके, झुग्गी झोपड़ियों पर ट्रंप की नजर ना पड़े.
शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के बारे में लिखा गया है. सामना में लिखा है कि ट्रंप के भारत आने पर उन्हें सीधे गुजरात ले जाकर सरकार कौनसा सन्देश देना चाहती है. ट्रंप के अहमदाबाद दौरे के लिए बड़ी-बड़ी दीवारें बनाई जा रही है, जिससे गरीबी को छुपाया जा सके, झुग्गी झोपड़ियों पर ट्रंप की नजर ना पड़े.
इसके साथ ही लिखा गया है कि ट्रम्प के दौरे के लिए सरकारी खजाने से करोड़ो रुपये खर्च हो रहा है और गरीबी हटाओ की घोषणा अब गरीबी छुपाओ में तब्दील होती दिख रही है. सामना में ट्रम्प के भारत दौरे को आजादी से पहले अंग्रेजों के आने से जोड़ा गया है. सामना ने लिखा है कि गुलाम हिंदुस्तान में इंग्लैंड के राजा या रानी आते थे, तब उनके स्वागत की ऐसी ही तैयारी होती थी और जनता की तिजोरी से बड़ा खर्च किया जाता था.
वहीं, अमेरिका के राजनीति पर सामना ने लिखा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने कार्यकाल में 'मजबूत'माने जाते हैं, उसी तरह ट्रंप भी हैं. ट्रंप ये कोई बड़े बुद्धिजीवी, प्रशासक, दुनिया का कल्याण करनेवाले विचारक हैं क्या? निश्चित ही नहीं लेकिन सत्ता पर बैठे व्यक्ति के पास होशियारी की गंगोत्री है. यह मानकर ही दुनिया में व्यवहार करना पड़ता है. सत्ता के सामने होशियारी चलती नहीं बाबा! 'मौका पड़े तो गधे को भी बाप कहना पड़ता है.
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सामना में लिखा है कि ट्रंप के भारत आने पर उन्हें सीधे गुजरात ले जाकर सरकार कौनसा सन्देश देना चाहती है. ट्रंप के अहमदाबाद दौरे के लिए बड़ी-बड़ी दीवारें बनाई जा रही है, जिससे गरीबी को छुपाया जा सके, झुग्गी झोपड़ियों पर ट्रंप की नजर ना पड़े. शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के बारे में लिखा गया है. सामना में लिखा है कि ट्रंप के भारत आने पर उन्हें सीधे गुजरात ले जाकर सरकार कौनसा सन्देश देना चाहती है. ट्रंप के अहमदाबाद दौरे के लिए बड़ी-बड़ी दीवारें बनाई जा रही है, जिससे गरीबी को छुपाया जा सके, झुग्गी झोपड़ियों पर ट्रंप की नजर ना पड़े. इसके साथ ही लिखा गया है कि ट्रम्प के दौरे के लिए सरकारी खजाने से करोड़ो रुपये खर्च हो रहा है और गरीबी हटाओ की घोषणा अब गरीबी छुपाओ में तब्दील होती दिख रही है. सामना में ट्रम्प के भारत दौरे को आजादी से पहले अंग्रेजों के आने से जोड़ा गया है. सामना ने लिखा है कि गुलाम हिंदुस्तान में इंग्लैंड के राजा या रानी आते थे, तब उनके स्वागत की ऐसी ही तैयारी होती थी और जनता की तिजोरी से बड़ा खर्च किया जाता था. वहीं, अमेरिका के राजनीति पर सामना ने लिखा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने कार्यकाल में 'मजबूत'माने जाते हैं, उसी तरह ट्रंप भी हैं. ट्रंप ये कोई बड़े बुद्धिजीवी, प्रशासक, दुनिया का कल्याण करनेवाले विचारक हैं क्या? निश्चित ही नहीं लेकिन सत्ता पर बैठे व्यक्ति के पास होशियारी की गंगोत्री है. यह मानकर ही दुनिया में व्यवहार करना पड़ता है. सत्ता के सामने होशियारी चलती नहीं बाबा! 'मौका पड़े तो गधे को भी बाप कहना पड़ता है.
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बताया गया है कि मुरैना जिले के टेंटरा थाना क्षेत्र के कैमारा गांव में पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो गया। पति ने एक साल के बेटे को अपने संग रख लिया और पत्नी बिना बच्चे के मायके आ गई। मुरैना पुलिस ने मदद नहीं की तो शिवपुरी की गोपालपुर थाना पुलिस ने सहयोग किया। मुरैना जाकर पति से एक साल का बेटा पत्नी को दिलवा दिया है।
मनीषा गोस्वामी ने अपने पिता रघुवीर गोस्वामी के संग गोपालपुर थाने में आवेदन दिया था। दरअसल उसका पति संजय गोस्वामी निवासी कैमारा थाना टेंटरा जिला मुरैना से चार-पांच दिन पहले झगड़ा हो गया। मनीषा अपने एक साल के बेटे कौशल गोस्वामी को मायके लेकर आना चाहती थी, लेकिन पति ने बेटे को नहीं दिया। मुरैना पुलिस से मदद मांगी तो कोई सहयोग नहीं मिला। गोपालपुर थाने में आवेदन देने पर पुलिस ने सहयोग किया और गुरुवार को एक साल का बेटा, मां को दिलवा दिया है।
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बताया गया है कि मुरैना जिले के टेंटरा थाना क्षेत्र के कैमारा गांव में पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो गया। पति ने एक साल के बेटे को अपने संग रख लिया और पत्नी बिना बच्चे के मायके आ गई। मुरैना पुलिस ने मदद नहीं की तो शिवपुरी की गोपालपुर थाना पुलिस ने सहयोग किया। मुरैना जाकर पति से एक साल का बेटा पत्नी को दिलवा दिया है। मनीषा गोस्वामी ने अपने पिता रघुवीर गोस्वामी के संग गोपालपुर थाने में आवेदन दिया था। दरअसल उसका पति संजय गोस्वामी निवासी कैमारा थाना टेंटरा जिला मुरैना से चार-पांच दिन पहले झगड़ा हो गया। मनीषा अपने एक साल के बेटे कौशल गोस्वामी को मायके लेकर आना चाहती थी, लेकिन पति ने बेटे को नहीं दिया। मुरैना पुलिस से मदद मांगी तो कोई सहयोग नहीं मिला। गोपालपुर थाने में आवेदन देने पर पुलिस ने सहयोग किया और गुरुवार को एक साल का बेटा, मां को दिलवा दिया है।
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कोरोना काल में एक ओर जहां नौकरियों के अवसर कम हुए हैं, वहां तकनीकी संस्थानों में कैंपस प्लेसमेंट की बहार आई हुई है। आईआईटी आईएसएम धनबाद में बंपर कैंपस प्लेसमेंट हुआ है। अभी तक लगभग 900 छात्र-छात्राओं का कैंपस प्लेसमेंट हो चुका है।
कोरोना के बावजूद आईआईटी में नौकरी में कमी नहीं आई है। आईआईटी में अभी तक 221 कंपनियों ने कैंपस के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बार ऑफ कैंपस में सर्वाधिक एक करोड़ और ऑन कैंपस के लिए 50 लाख रुपए का सालाना पैकेज मिला है। आईआईटी प्लेसमेंट डिपार्टमेंट की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार छात्रों को अभी तक औसतन 19. 25 लाख का पैकेज मिला है।
128 छात्रों को 30 लाख से अधिक का पैकेज मिला है। वहीं 10-30 लाख तक का पैकेज पाने वाले छात्रों की संख्या 489 रही। इसी तरह 5-10 लाख तक का पैकेज पाने वालों में 199 छात्र-छात्राएं शामिल रहे। वहीं प्री प्लेसमेंट ऑफर भी इस बार बेहतर रहा। आईआईटी के 137 छात्रों को प्री प्लेसमेंट ऑफर मिला।
आईआईटी धनबाद के बीटेक और पीजी प्रोग्राम के छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के तहत जॉब ऑफर मिल रहे हैं। बीटेक थर्ड ईयर के छात्रों को इंटर्नशिप का ऑफर दिया जा रहा है। अब तक 303 छात्रों को इंटर्नशिप का ऑफर मिल चुका है। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, टाटा स्टील जैसी कंपनियां शामिल हैं। इंटर्नशिप के दौरान इन कंपनियों द्वारा छात्रों को लाखों रुपए का स्टाइपेंड ऑफर किया जा रहा है।
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कोरोना काल में एक ओर जहां नौकरियों के अवसर कम हुए हैं, वहां तकनीकी संस्थानों में कैंपस प्लेसमेंट की बहार आई हुई है। आईआईटी आईएसएम धनबाद में बंपर कैंपस प्लेसमेंट हुआ है। अभी तक लगभग नौ सौ छात्र-छात्राओं का कैंपस प्लेसमेंट हो चुका है। कोरोना के बावजूद आईआईटी में नौकरी में कमी नहीं आई है। आईआईटी में अभी तक दो सौ इक्कीस कंपनियों ने कैंपस के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बार ऑफ कैंपस में सर्वाधिक एक करोड़ और ऑन कैंपस के लिए पचास लाख रुपए का सालाना पैकेज मिला है। आईआईटी प्लेसमेंट डिपार्टमेंट की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार छात्रों को अभी तक औसतन उन्नीस. पच्चीस लाख का पैकेज मिला है। एक सौ अट्ठाईस छात्रों को तीस लाख से अधिक का पैकेज मिला है। वहीं दस-तीस लाख तक का पैकेज पाने वाले छात्रों की संख्या चार सौ नवासी रही। इसी तरह पाँच-दस लाख तक का पैकेज पाने वालों में एक सौ निन्यानवे छात्र-छात्राएं शामिल रहे। वहीं प्री प्लेसमेंट ऑफर भी इस बार बेहतर रहा। आईआईटी के एक सौ सैंतीस छात्रों को प्री प्लेसमेंट ऑफर मिला। आईआईटी धनबाद के बीटेक और पीजी प्रोग्राम के छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के तहत जॉब ऑफर मिल रहे हैं। बीटेक थर्ड ईयर के छात्रों को इंटर्नशिप का ऑफर दिया जा रहा है। अब तक तीन सौ तीन छात्रों को इंटर्नशिप का ऑफर मिल चुका है। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, टाटा स्टील जैसी कंपनियां शामिल हैं। इंटर्नशिप के दौरान इन कंपनियों द्वारा छात्रों को लाखों रुपए का स्टाइपेंड ऑफर किया जा रहा है।
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बेतिया/ अवधेश कुमार शर्मा : प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण योजना अंतर्गत लगभग 80 करोड़ लोगों को लाभ पहुँचाया गया। हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत पूरे भारत को जोड़ने का कार्य किया गया, जिससे पूरे विश्व में भारत का नाम रौशन हुआ। उपर्युक्त विचार भारत सरकार में इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भाजपा कार्यकर्ताओं को गण्डक पार स्थित मधुबनी प्रखंड अंतर्गत तमकुहा में संबोधित करते हुए व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा रवीन्द्र श्रीवास्तव एवं संचालन ओमनिधि वत्स ने किया। केंद्रीय मंत्री के बिहार आगमन पर यूपी-बिहार की सीमा बांसी धाम में राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे, विधायक बगहा रामसिंह एवं कार्यकर्ताओ ने फूल माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री के मन की बात से हुआ। कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि जिनको हमलोग मुख्यमंत्री बनाए व पलटू राम हो गए।
हमारे कार्यकर्ता पूरी लगन के साथ मेहनत करेंगे व अपनी सरकार बनाएगें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहां का सांसद व विधायक का चुनाव भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता ही लड़ेगा व जीतेगा। इसमें किसी को शक नही होनी चाहिए। भाजपा कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र दुबे ने कहा कि चम्पारण का विकास एनडीए की सरकार में ही हुआ। जंगल राज से मुक्ति एनडीए सरकार ने दिलाई। हर घर बिजली, पानी, आवास, शौचालय पहुंचाने का कार्य मोदी सरकार के नेतृत्व में किया जा रहा है।
बगहा विधायक राम सिंह ने कहा कि पलटू राम के पलट जाने से पुनः जंगल राज वापस आ रहा है। सभी लोग डरे सहमे हुए हैं, लोगो की चिंता बढ़ गई हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष चन्द्रभूषण सिंह, वरिष्ट भाजपा कार्यकर्ता अचिन्त्य कुमार लल्ला, डॉ बीपी सिंह यादव, टीएन मिश्र, हरेंद्र राव, रवीन्द्र यादव, प्रमुख प्रतिनिधि विजय सिंह व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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बेतिया/ अवधेश कुमार शर्मा : प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण योजना अंतर्गत लगभग अस्सी करोड़ लोगों को लाभ पहुँचाया गया। हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत पूरे भारत को जोड़ने का कार्य किया गया, जिससे पूरे विश्व में भारत का नाम रौशन हुआ। उपर्युक्त विचार भारत सरकार में इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भाजपा कार्यकर्ताओं को गण्डक पार स्थित मधुबनी प्रखंड अंतर्गत तमकुहा में संबोधित करते हुए व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा रवीन्द्र श्रीवास्तव एवं संचालन ओमनिधि वत्स ने किया। केंद्रीय मंत्री के बिहार आगमन पर यूपी-बिहार की सीमा बांसी धाम में राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे, विधायक बगहा रामसिंह एवं कार्यकर्ताओ ने फूल माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री के मन की बात से हुआ। कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि जिनको हमलोग मुख्यमंत्री बनाए व पलटू राम हो गए। हमारे कार्यकर्ता पूरी लगन के साथ मेहनत करेंगे व अपनी सरकार बनाएगें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहां का सांसद व विधायक का चुनाव भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता ही लड़ेगा व जीतेगा। इसमें किसी को शक नही होनी चाहिए। भाजपा कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र दुबे ने कहा कि चम्पारण का विकास एनडीए की सरकार में ही हुआ। जंगल राज से मुक्ति एनडीए सरकार ने दिलाई। हर घर बिजली, पानी, आवास, शौचालय पहुंचाने का कार्य मोदी सरकार के नेतृत्व में किया जा रहा है। बगहा विधायक राम सिंह ने कहा कि पलटू राम के पलट जाने से पुनः जंगल राज वापस आ रहा है। सभी लोग डरे सहमे हुए हैं, लोगो की चिंता बढ़ गई हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष चन्द्रभूषण सिंह, वरिष्ट भाजपा कार्यकर्ता अचिन्त्य कुमार लल्ला, डॉ बीपी सिंह यादव, टीएन मिश्र, हरेंद्र राव, रवीन्द्र यादव, प्रमुख प्रतिनिधि विजय सिंह व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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कन्नौद। थाना क्षेत्र के ग्राम ओलंबा में शनिवार शाम को शर्मनाक घटना हुई। खेत पर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची के साथ 15 वर्षीय किशोर ने दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने पर उसकी मां पहुंची और आरोपी किशोर की जमकर धुनाई की। बाद में किशोर भाग गया। बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी फरार है।
एडिशनल एसपी राजेश रघुवंशी व कन्नाौद टीआई एनके सूर्यवंशी ने बताया कि घटना शनिवार देर शाम की है। कन्नाौद थाना क्षेत्र के ओलंबा गांव में एक परिवार किसान के खेत पर मजदूरी करता है। पड़ोस के खेत पर कोलारी निवासी आरोपी काम करता है। घटना वाले दिन बच्ची अपनी मां के साथ थीं। इसी दौरान आरोपी किशोर आया और बच्ची को उठाकर खेत में बनी टापरी में ले गया। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने पर उसकी मां पहुंची। आरोपी की धुनाई कर मां ने बच्ची को संभाला। बाद में आरोपी भाग निकला। बच्ची को लेकर मां कन्नाौद थाने पहुंची व घटना बताई। पुलिस ने बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल रैफर किया। यहां एक्सरे न हो पाने के कारण इंदौर से एक्सरे करवाया। आरोपी किशोर के खिलाफ केस दर्ज किया है। उसकी तलाश की जा रही है।
पीड़ित बच्ची का परिवार मूलतः बिच्छाखेड़ी थाना कांटाफोड़ का निवासी है। मजदूर तबके से जुड़ा होने के कारण वह कन्नाौद क्षेत्र के ओलंबा में पिछले कुछ समय पहले ही आया है। यहां खेत पर मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं। जिस समय घटना हुई उस वक्त बच्ची की मां खेत में काम कर रही थी। हमेशा की तरह बच्ची खेत पर ही खेल रही थी। इसी दौरान पास के खेत में काम करने वाला आरोपी आया और घिनौनी हरकत कर भाग गया।
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कन्नौद। थाना क्षेत्र के ग्राम ओलंबा में शनिवार शाम को शर्मनाक घटना हुई। खेत पर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची के साथ पंद्रह वर्षीय किशोर ने दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने पर उसकी मां पहुंची और आरोपी किशोर की जमकर धुनाई की। बाद में किशोर भाग गया। बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी फरार है। एडिशनल एसपी राजेश रघुवंशी व कन्नाौद टीआई एनके सूर्यवंशी ने बताया कि घटना शनिवार देर शाम की है। कन्नाौद थाना क्षेत्र के ओलंबा गांव में एक परिवार किसान के खेत पर मजदूरी करता है। पड़ोस के खेत पर कोलारी निवासी आरोपी काम करता है। घटना वाले दिन बच्ची अपनी मां के साथ थीं। इसी दौरान आरोपी किशोर आया और बच्ची को उठाकर खेत में बनी टापरी में ले गया। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने पर उसकी मां पहुंची। आरोपी की धुनाई कर मां ने बच्ची को संभाला। बाद में आरोपी भाग निकला। बच्ची को लेकर मां कन्नाौद थाने पहुंची व घटना बताई। पुलिस ने बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल रैफर किया। यहां एक्सरे न हो पाने के कारण इंदौर से एक्सरे करवाया। आरोपी किशोर के खिलाफ केस दर्ज किया है। उसकी तलाश की जा रही है। पीड़ित बच्ची का परिवार मूलतः बिच्छाखेड़ी थाना कांटाफोड़ का निवासी है। मजदूर तबके से जुड़ा होने के कारण वह कन्नाौद क्षेत्र के ओलंबा में पिछले कुछ समय पहले ही आया है। यहां खेत पर मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं। जिस समय घटना हुई उस वक्त बच्ची की मां खेत में काम कर रही थी। हमेशा की तरह बच्ची खेत पर ही खेल रही थी। इसी दौरान पास के खेत में काम करने वाला आरोपी आया और घिनौनी हरकत कर भाग गया।
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वह 2011-12 सीजन में सिडनी सिक्सर्स की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने पहली बार बीबीएल ट्रॉफी जीती थी। उन्होंने सिक्सर्स के लिए 10 मैचों में 20 विकेट लिए हैं।
स्टार्क ने कहा, " पांच सीजन के बाद फिर से वापसी करना शानदार है। मैंने बीबीएल के पहले सीजन से ही सिक्सर्स के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी और यह सफर चलता रहा। मेरी पत्नी एलिसी हीली भी सिक्सर्स की टीम का हिस्सा बनीं। "
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वह दो हज़ार ग्यारह-बारह सीजन में सिडनी सिक्सर्स की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने पहली बार बीबीएल ट्रॉफी जीती थी। उन्होंने सिक्सर्स के लिए दस मैचों में बीस विकेट लिए हैं। स्टार्क ने कहा, " पांच सीजन के बाद फिर से वापसी करना शानदार है। मैंने बीबीएल के पहले सीजन से ही सिक्सर्स के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी और यह सफर चलता रहा। मेरी पत्नी एलिसी हीली भी सिक्सर्स की टीम का हिस्सा बनीं। "
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आगरा जोन में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एडीजी राजीव कृष्ण ने ऑपरेशन पहचान की शुरूआत की है। इसके तहत पिछले दस साल में किसी न किसी अपराध में आरोपी बनाए गए अभियुक्तों का डाटा पहचान साफ्टवेयर और एप की मदद से फीड किया जाएगा। इससे सिपाही से लेकर अधिकारी तक को एक क्लिक पर अपराधी की जानकारी मिल जाएगी। उसने कहां और कब अपराध किया? कितने मुकदमे दर्ज हैं? कहां का रहने वाला है? सबसे ज्यादा अपराध किस जिले और थाना क्षेत्र में किए? अपराध का तरीका क्या है? अब हाल में कहां अपराध किया? यह सब पता चल जाएगा।
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आगरा जोन में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एडीजी राजीव कृष्ण ने ऑपरेशन पहचान की शुरूआत की है। इसके तहत पिछले दस साल में किसी न किसी अपराध में आरोपी बनाए गए अभियुक्तों का डाटा पहचान साफ्टवेयर और एप की मदद से फीड किया जाएगा। इससे सिपाही से लेकर अधिकारी तक को एक क्लिक पर अपराधी की जानकारी मिल जाएगी। उसने कहां और कब अपराध किया? कितने मुकदमे दर्ज हैं? कहां का रहने वाला है? सबसे ज्यादा अपराध किस जिले और थाना क्षेत्र में किए? अपराध का तरीका क्या है? अब हाल में कहां अपराध किया? यह सब पता चल जाएगा। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
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क्या होता है जब क्रॉसफिट गेम्स एनएफएल से मिलते हैं?
नारियल का पानी - चमत्कार पीना?
क्या मुझे अपने कोर को मजबूत करने के लिए अपनी रंप को मजबूत करने की ज़रूरत है?
क्या आपका कोर कमजोर है?
क्या आपका थायराइड आपको मोटा कर रहा है?
रोल्ड ओट्स (तत्काल और पुराने फैशन)
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क्या होता है जब क्रॉसफिट गेम्स एनएफएल से मिलते हैं? नारियल का पानी - चमत्कार पीना? क्या मुझे अपने कोर को मजबूत करने के लिए अपनी रंप को मजबूत करने की ज़रूरत है? क्या आपका कोर कमजोर है? क्या आपका थायराइड आपको मोटा कर रहा है? रोल्ड ओट्स
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अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गर्भपात अधिकार की रक्षा करने वाले दूसरे विधेयक पर भी हस्ताक्षर किए। बाइडेन ने गर्भपात अधिकार की रक्षा पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और रिपब्लिकन पार्टी को अमरीकी महिलाओं की शक्ति का आभास नहीं है। गुरुवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इस आदेश के लागू होने के बाद संघीय स्वास्थ्य विभाग को अधिकार होगा कि वह गर्भपात के लिए दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाली महिलाओं की मदद के लिए मेडिकल फंड का इस्तेमाल कर सकेगा। इससे पहले जुलाई में अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने पहले आदेश में हस्ताक्षर किए थे। इसका मकसद सुप्रीम कोर्ट के देशभर में गर्भपात के सांविधानिक अधिकार पर रोक लगाने से परेशान महिलाओं को राहत दिलाना था। इस दूसरे कानून का भी हालांकि ज्यादा असर होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि अमरीकी राज्यों में जहां रिपब्लिकन सत्ता में हैं, वे गर्भपात पर पाबंदियां और सख्त करते जा रहे हैं। इससे संबंधित दवाइयों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
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अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गर्भपात अधिकार की रक्षा करने वाले दूसरे विधेयक पर भी हस्ताक्षर किए। बाइडेन ने गर्भपात अधिकार की रक्षा पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और रिपब्लिकन पार्टी को अमरीकी महिलाओं की शक्ति का आभास नहीं है। गुरुवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इस आदेश के लागू होने के बाद संघीय स्वास्थ्य विभाग को अधिकार होगा कि वह गर्भपात के लिए दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाली महिलाओं की मदद के लिए मेडिकल फंड का इस्तेमाल कर सकेगा। इससे पहले जुलाई में अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने पहले आदेश में हस्ताक्षर किए थे। इसका मकसद सुप्रीम कोर्ट के देशभर में गर्भपात के सांविधानिक अधिकार पर रोक लगाने से परेशान महिलाओं को राहत दिलाना था। इस दूसरे कानून का भी हालांकि ज्यादा असर होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि अमरीकी राज्यों में जहां रिपब्लिकन सत्ता में हैं, वे गर्भपात पर पाबंदियां और सख्त करते जा रहे हैं। इससे संबंधित दवाइयों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
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पृथक्त्ववितर्क, एकस्ववितर्फ, सूक्ष्मक्रियाप्रतिपाल ओर व्युतस्तक्रिया निवृत्ति --ये चार शुक्लध्यान है।
वह ( शुक्लध्यान ) अनुक्रम से तीन योगवाले, किसी एक योगवाले, काययोगनाले और बोमरहित को होता है ।
पहले के दो एकावित एव सवितर्क होते हैं। इनमे से पहला सविचार है, दूसरा अविचार है। वितर्क अर्थात् श्रुत ।
विचार अर्थात् अर्थ, व्यञ्जन एव योग को सक्रान्ति ।
यहाँ शुषलध्यान से सम्बन्धित स्वामी, भेद और स्वरूप ये तीन बातें वर्णित हैं ।
स्वामी - स्वामी विषयक कथन यहाँ दो प्रकार से किया गया है- पहला गुणस्थान की दृष्टि से और दूसरा योग की दृष्टि से ।
गुणस्थान की दृष्टि से शुक्लध्यान के चार भेदों में से पहले दो भेदो के स्वामी ग्यारहवें और बारहवे गुणस्थानवाले ही होते हैं जो कि पूर्णचर भी हो । 'पूर्वघर' विशेषण से सामान्यत यह अभिप्राय है कि जो पूर्वधर न हो पर ग्यारह आदि अड्डा का धारक हो उसके ग्यारहवे- बारहवें गुणस्थान में शुक्लध्यान न होकर धमध्यान ही होगा। इस सामान्य विधान का एक अपवाद यह ह कि जो पूर्ववर न हो उन माषतुष मरुदवी आदि जैसी मात्माओ मे भी शुक्लध्यान सम्भव है । शुक्लध्यान के शेष दो भेदो के स्वामी केवली अर्थात तेरहवें और चौदहवें गुणस्थानवाले ही है ।
योग की दृष्टि से तीन योगवाला ही चार में से पहले शुक्लध्यान का स्वामो होता है । मन, वचन और काय मे से किसी भी एक योगवाला शुक्लध्यान के दूसरे भेद का स्वामी होता है । इस ध्यान के तीसरे भेद का स्वामी केवल काययोगवाला और चौथे भेद का स्वामी एकमात्र अयोगी होता है ।
भेद- - शुक्लध्यान के भी अन्य ध्यानो की भाँति चार भेद है, जो इसके चार पाये भी बहलाते हैं। उनके नाम इस प्रकार हैं- १ पृथक्त्ववितर्कमविचार, २ एकत्व वितर्क-निविचार ३ सूक्ष्मक्रियाप्रतिपाती ४ व्युपरतक्रियानिवृत्ति ( समुच्छिन्नक्रियानिवृत्ति ) ।
पहले दो शुक्लध्यानो का आश्रय एक है अर्थात् उन दोनो का आरम्भ पूर्वज्ञानघारी आत्मा द्वारा होता है। इसीलिए ये दोनों ध्यान वितर्क --- श्रुतज्ञान
सहित है। दोनों में वितर्क का समय होने पर भी यह वैषम्य है कि पहले में पृथक्त्व ( भेद ) है जब कि दूसरे में एकत्व ( अभेद ) है। इसी प्रकार पहले में विचार ( संक्रम) है, जब कि दूसरे में विचार नहीं है इसी कारण इन दोनों ध्यानों के नाम क्रमवा पुनस्ववितकं सविचार और एकस्ववितर्क-निविचार है।
पृथमत्ववितर्क सविचार - जब ध्यान करनेवाला पूर्वेपर हो तब वह पूर्वगत' के आधार पर और जंब पूर्वधर न हो तब अपने में सम्भावित घुस के आधार पर किसी भी परमाणु आदि जड में या आत्मरूप जेलम में - एक द्रव्य में उत्पत्ति, स्थिति, नाश, मूर्तस्व, अमूर्तस्थ आदि अनेक पर्यायो का द्रव्यास्तिक, पर्यायास्तिक आदि विविध नयो के द्वारा भेदप्रधान चिन्तन करता है और यथासम्भव भुतज्ञान के आधार पर किसी एक इम्परूप अर्थ पर से दूसरे द्रव्यरूप अर्थ पर या एक द्रव्यरूप अर्थ पर से पर्यायरूप अन्य अर्थ पर अथवा एक पर्यायरूप अर्थ पर से अन्य पर्यायरूप अर्थ पर या एक पर्यायरूप अर्थ पर से अन्य द्रव्यरूप अर्थ पर चिन्तन के लिए प्रवृत्त होता है। इसी प्रकार अर्थ पर से शब्द पर और शब्द पर से अर्थ पर चिन्तन के लिए प्रवृत्त होता है तथा मन आदि किसी भी एक योग को छोड़कर अन्म योग का अवलम्बन लेता है, तब वह ध्यान पृथक्त्ववितर्क सविचार कहलाता है। कारण यह है कि इसमें वितर्क ( श्रुतज्ञान ) का अबलम्बन लेकर किसी भी एक द्रव्य में उसके पर्याय के भेद ( पृथक्त्व ) का विविध दृष्टियो से चिन्तन किया जाता है और श्रुतज्ञान को अवलम्बित करके एक अर्थ पर से दूसरे अर्थ पर, एक शब्द पर से दूसरे शब्द पर, अर्थ पर से शब्द पर, शब्द पर से अर्थ पर तथा एक योग से दूसरे योग पर सक्रम ( सचार ) करना पडता है ।
एग्रवत्ववितर्क-निविचार-सक कथन के विपरीत जब ध्यान करनेवाला अपने में सम्भाव्य भूत के आधार पर किसी एक ही पर्यायरूप अर्थ को लेकर उस पर एकत्व ( अभेदप्रधान ) चिन्तन करता है और मन आदि तीन योगो में से किसी एक ही योग पर अटल रहकर शब्द और अर्थ के चिन्तन एवं भिन्नभिन्न योगो में सचार का परिवर्तन नहीं करता, तब यह ध्यान एकस्ववितकेंनिविचार कहलाता है, क्योंकि इसमें वितर्क ( श्रुतज्ञान ) का अवलम्बन होने पर भी एकत्व ( अभेद ) का चिन्तन प्रधान रहता है और अर्थ, शब्द अथवा योगो का परिवर्तन नही होता।
उक्त दोनों में से पहले मैदान का वन्यास दृढ़ हो जाने के बाद ही दूसरे अभेदप्रधान ध्यान को योग्यता प्राप्त होती है। जैसे समग्र शरीर में व्यास सर्पवि को मन्त्र आदि उपचारो से डक की जगह लाकर स्थापित किया जाता
वैसे ही सम्पूर्ण जगत् में भिन्न-भिन्न विषयों में अस्थिर रूप में भटकते हुए मन को ध्यान के द्वारा किसी भी एक विषय पर केन्द्रित करके स्थिर किया जाता है। स्थिरता दृढ हो जाने पर जैसे बहुत सा इंधन निकाल लेने और बचे हुए थोड़े से ईंधन को मुलगा देने से अथवा पूरे ईंधन को हटा देने से आग बुझ जाती है वैसे ही उपर्युक्त क्रम से एक विषय पर स्थिरता प्राप्त होते हो मन भी सर्वथा शान्त हो जाता है अर्थात चचलता मिट जाने से निष्कम्प बन जाता है। परिणामत ज्ञान के सकल आवरणो का विलय हो जाने पर सर्वज्ञता प्रकट होती है।
सूक्ष्म क्रियाप्रतिपाती- जब सवश भगवान योगनिरोध के क्रम में सूक्ष्मशरीर योग का आश्रय लेकर शेष योगो को रोक देते हैं तब वह सूक्ष्मक्रियाप्रतिपाती ध्यान कहलाता है क्योकि उसमें श्वास उच्छ्वास के समान सूक्ष्म क्रिया ही शेष रह जाती है और उससे पतन भी सम्भव नहीं है ।
समुच्छिन्नक्रिया निवृत्ति - जब शरीर की श्वास प्रश्वास आदि सूक्ष्म क्रियाएँ भी बन्द हो जाती हैं और आत्मप्रदेश सवथा निष्प्रकम्प हो जाते है तब वह समुच्छिन्नक्रियानिवृत्ति ध्यान कहलाता है क्योंकि इसमें स्थूल या सूक्ष्म किसी भी प्रकार की मानसिक, वाचिक, कायिक क्रिया नहीं होती और वह स्थिति बाद में नष्ट भी नही होती । इस चतुर्थ ध्यान के प्रभाव से समस्त मालव और बन्ध के निरोषपूर्वक शेष कर्मों के क्षीण हो जाने से मोक्ष प्राप्त होता है। तीसरे और चौथे शुक्र ध्यान में किसी भी प्रकार के श्रुतज्ञान का आलबन नही होता अत वे दोनो अनालबन भी कहलाते हैं । ३९४६ ।
सम्यग्दृत्रियों की कमनिजरा का तरतमभाव सम्यग्दृष्टिभावकविरतानन्तवियोजकदर्शनमोहक्षपकोपशमकोपशान्तमोहक्षपकक्षीणमोहजिमा क्रमशोऽसङ्ख्येयगुणनिर्जरा । ४७ ।
सम्यग्दृष्टि, श्रावक, विरत, अनन्तानुबन्धिवियोजक, दर्शनमोहक्षपक, उपशमक उपशान्तमोह, क्षपक क्षीणमोह और जिन- ये दस क्रमश असख्ययगुण निजरावाले होते है ।
१ यह क्रम यों है - स्थूल काययोग के आश्रय से वचन और मन के स्थूल योग को सूक्ष्म बनाया जाता है उसके बाद वचन और मन के सूक्ष्म योग को अवलम्बित करके शरीर के स्थूल योग को सूक्ष्म बनाया जाता है। फिर शरीर के सूक्ष्म योग को अवलम्बित करक वचन और मन क सूक्ष्म योग का निरोध किया जाता है और अन्त में सूक्ष्म शरीरयोग का भी निरोध किया जाता है ।
निर्वण्य के भेद
सर्व कर्मयों का सर्वथा क्षय ही मोल है और कमों का अंतः क्षय निर्जरा है। दोनों के लक्षणों पर विचार करने से स्पष्ट है कि निर्जरा मोक्ष का पूर्वगामी अंग है। प्रस्तुत शास्त्र में मोक्षतत्व का प्रतिपादन मुख्य है, बस उसकी तान्ह अंगभूत निर्जरा का विचार करना भी यहाँ उपयुक्त है। इसलिए यद्यपि सकल संसारी में कर्मनिर्जरा का क्रम जारी रहता है उपानि वहाँ विशिष्ट आत्माओं की ही कर्मनिर्जरा के कम का विचार किया गया है। वे विशिष्ट वर्थात् मोक्षाभिमुख आत्माएं है । यथार्थ मोक्षाभिमुखता सम्यग्दृष्टि की प्राप्ति से ही प्रारम्भ हो जाती है और वह जिम ( सर्वज्ञ ) अवस्था में पूरी होती है । स्थूलदृष्टि की प्राप्ति से लेकर सर्वशदशा तक मोक्षाभिमुखता के दस विभाग किए गए है, जिनमें पूर्व-पूर्व की अपेक्षा उत्तर-उत्तर विभाग में परिणाम की विशुद्धि सबिशेष होती है । परिणाम की विशुद्धि जितनी अधिक होगी, कर्म बिर्जरा भी उतनी ही विशेष होगी। अत प्रथम-प्रथम अवस्था में जितनी कर्मनिर्जरा होतो है उसकी अपेक्षा आगे-आगे की अवस्था में परिणामविशुद्धि की विशेषता के कारण कर्मनिजरा भी असख्यातगुनी बढती जाती है। इस प्रकार असते-बढ़ते अन्त मे सक्श-अवस्था मे निजरा का प्रमाण सबसे अधिक हो जाता है। कर्मनिजरा के इस सरतमभाव में सबसे कम निर्जरा सम्यग्दृष्टि की और सबसे अधिक निजरा सर्वज्ञ को होती है। इन दस अवस्थाओं का स्वरूप इस प्रकार है.
१ सम्यग्दृष्टि - जिस अवस्था में मिथ्यात्व दूर होकर सम्यक्त्व का आविर्भाव होता है । २ श्रावक - जिसमे अप्रत्याख्यानावरण कषाय के क्षयोपशम से अल्पाश म विरति ( त्याग ) प्रकट होती है । ३ विरत - जिसमें प्रत्याख्यानावरण कषाय के क्षयोपशम से सर्वांश में विरति प्रकट होती है । ४ अनन्तवियोजक- जिसमे अनन्तानुबन्धी कषाय का क्षय करने योग्य विशुद्धि प्रकट होती है। ५ निमोहक्षपक - जिसमें दशनमोह का क्षय करने योग्य विशुद्धि प्रकट होती है । ६. उपशमक - जिस अवस्था मे मोह की शेष प्रकृतियों का उपक्रम जारी हो । ७ उपशाम्तमोह - जिसमें उपशम पूर्ण हो चुका हो । ८ अपकजिसमेह की शेष प्रकृतियो का क्षय जारी हो । ९ क्षीणमोह --जिसमें मोह का क्षय पूर्ण शिद्ध हो चुका हो । १० जिन जिसमें सर्वशता प्रकट हो गई हो । ४७ ।
निग्रन्थ के भेद
पुलाकबकुशकुशीलनिग्रन्थस्नातका निन्याः । ४८ ।
पुलाक, बकुश, कुशील, निर्ग्रन्थ और स्नातक-ये निर्ग्रन्थ के पाँच प्रकार हैं ।
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पृथक्त्ववितर्क, एकस्ववितर्फ, सूक्ष्मक्रियाप्रतिपाल ओर व्युतस्तक्रिया निवृत्ति --ये चार शुक्लध्यान है। वह अनुक्रम से तीन योगवाले, किसी एक योगवाले, काययोगनाले और बोमरहित को होता है । पहले के दो एकावित एव सवितर्क होते हैं। इनमे से पहला सविचार है, दूसरा अविचार है। वितर्क अर्थात् श्रुत । विचार अर्थात् अर्थ, व्यञ्जन एव योग को सक्रान्ति । यहाँ शुषलध्यान से सम्बन्धित स्वामी, भेद और स्वरूप ये तीन बातें वर्णित हैं । स्वामी - स्वामी विषयक कथन यहाँ दो प्रकार से किया गया है- पहला गुणस्थान की दृष्टि से और दूसरा योग की दृष्टि से । गुणस्थान की दृष्टि से शुक्लध्यान के चार भेदों में से पहले दो भेदो के स्वामी ग्यारहवें और बारहवे गुणस्थानवाले ही होते हैं जो कि पूर्णचर भी हो । 'पूर्वघर' विशेषण से सामान्यत यह अभिप्राय है कि जो पूर्वधर न हो पर ग्यारह आदि अड्डा का धारक हो उसके ग्यारहवे- बारहवें गुणस्थान में शुक्लध्यान न होकर धमध्यान ही होगा। इस सामान्य विधान का एक अपवाद यह ह कि जो पूर्ववर न हो उन माषतुष मरुदवी आदि जैसी मात्माओ मे भी शुक्लध्यान सम्भव है । शुक्लध्यान के शेष दो भेदो के स्वामी केवली अर्थात तेरहवें और चौदहवें गुणस्थानवाले ही है । योग की दृष्टि से तीन योगवाला ही चार में से पहले शुक्लध्यान का स्वामो होता है । मन, वचन और काय मे से किसी भी एक योगवाला शुक्लध्यान के दूसरे भेद का स्वामी होता है । इस ध्यान के तीसरे भेद का स्वामी केवल काययोगवाला और चौथे भेद का स्वामी एकमात्र अयोगी होता है । भेद- - शुक्लध्यान के भी अन्य ध्यानो की भाँति चार भेद है, जो इसके चार पाये भी बहलाते हैं। उनके नाम इस प्रकार हैं- एक पृथक्त्ववितर्कमविचार, दो एकत्व वितर्क-निविचार तीन सूक्ष्मक्रियाप्रतिपाती चार व्युपरतक्रियानिवृत्ति । पहले दो शुक्लध्यानो का आश्रय एक है अर्थात् उन दोनो का आरम्भ पूर्वज्ञानघारी आत्मा द्वारा होता है। इसीलिए ये दोनों ध्यान वितर्क --- श्रुतज्ञान सहित है। दोनों में वितर्क का समय होने पर भी यह वैषम्य है कि पहले में पृथक्त्व है जब कि दूसरे में एकत्व है। इसी प्रकार पहले में विचार है, जब कि दूसरे में विचार नहीं है इसी कारण इन दोनों ध्यानों के नाम क्रमवा पुनस्ववितकं सविचार और एकस्ववितर्क-निविचार है। पृथमत्ववितर्क सविचार - जब ध्यान करनेवाला पूर्वेपर हो तब वह पूर्वगत' के आधार पर और जंब पूर्वधर न हो तब अपने में सम्भावित घुस के आधार पर किसी भी परमाणु आदि जड में या आत्मरूप जेलम में - एक द्रव्य में उत्पत्ति, स्थिति, नाश, मूर्तस्व, अमूर्तस्थ आदि अनेक पर्यायो का द्रव्यास्तिक, पर्यायास्तिक आदि विविध नयो के द्वारा भेदप्रधान चिन्तन करता है और यथासम्भव भुतज्ञान के आधार पर किसी एक इम्परूप अर्थ पर से दूसरे द्रव्यरूप अर्थ पर या एक द्रव्यरूप अर्थ पर से पर्यायरूप अन्य अर्थ पर अथवा एक पर्यायरूप अर्थ पर से अन्य पर्यायरूप अर्थ पर या एक पर्यायरूप अर्थ पर से अन्य द्रव्यरूप अर्थ पर चिन्तन के लिए प्रवृत्त होता है। इसी प्रकार अर्थ पर से शब्द पर और शब्द पर से अर्थ पर चिन्तन के लिए प्रवृत्त होता है तथा मन आदि किसी भी एक योग को छोड़कर अन्म योग का अवलम्बन लेता है, तब वह ध्यान पृथक्त्ववितर्क सविचार कहलाता है। कारण यह है कि इसमें वितर्क का अबलम्बन लेकर किसी भी एक द्रव्य में उसके पर्याय के भेद का विविध दृष्टियो से चिन्तन किया जाता है और श्रुतज्ञान को अवलम्बित करके एक अर्थ पर से दूसरे अर्थ पर, एक शब्द पर से दूसरे शब्द पर, अर्थ पर से शब्द पर, शब्द पर से अर्थ पर तथा एक योग से दूसरे योग पर सक्रम करना पडता है । एग्रवत्ववितर्क-निविचार-सक कथन के विपरीत जब ध्यान करनेवाला अपने में सम्भाव्य भूत के आधार पर किसी एक ही पर्यायरूप अर्थ को लेकर उस पर एकत्व चिन्तन करता है और मन आदि तीन योगो में से किसी एक ही योग पर अटल रहकर शब्द और अर्थ के चिन्तन एवं भिन्नभिन्न योगो में सचार का परिवर्तन नहीं करता, तब यह ध्यान एकस्ववितकेंनिविचार कहलाता है, क्योंकि इसमें वितर्क का अवलम्बन होने पर भी एकत्व का चिन्तन प्रधान रहता है और अर्थ, शब्द अथवा योगो का परिवर्तन नही होता। उक्त दोनों में से पहले मैदान का वन्यास दृढ़ हो जाने के बाद ही दूसरे अभेदप्रधान ध्यान को योग्यता प्राप्त होती है। जैसे समग्र शरीर में व्यास सर्पवि को मन्त्र आदि उपचारो से डक की जगह लाकर स्थापित किया जाता वैसे ही सम्पूर्ण जगत् में भिन्न-भिन्न विषयों में अस्थिर रूप में भटकते हुए मन को ध्यान के द्वारा किसी भी एक विषय पर केन्द्रित करके स्थिर किया जाता है। स्थिरता दृढ हो जाने पर जैसे बहुत सा इंधन निकाल लेने और बचे हुए थोड़े से ईंधन को मुलगा देने से अथवा पूरे ईंधन को हटा देने से आग बुझ जाती है वैसे ही उपर्युक्त क्रम से एक विषय पर स्थिरता प्राप्त होते हो मन भी सर्वथा शान्त हो जाता है अर्थात चचलता मिट जाने से निष्कम्प बन जाता है। परिणामत ज्ञान के सकल आवरणो का विलय हो जाने पर सर्वज्ञता प्रकट होती है। सूक्ष्म क्रियाप्रतिपाती- जब सवश भगवान योगनिरोध के क्रम में सूक्ष्मशरीर योग का आश्रय लेकर शेष योगो को रोक देते हैं तब वह सूक्ष्मक्रियाप्रतिपाती ध्यान कहलाता है क्योकि उसमें श्वास उच्छ्वास के समान सूक्ष्म क्रिया ही शेष रह जाती है और उससे पतन भी सम्भव नहीं है । समुच्छिन्नक्रिया निवृत्ति - जब शरीर की श्वास प्रश्वास आदि सूक्ष्म क्रियाएँ भी बन्द हो जाती हैं और आत्मप्रदेश सवथा निष्प्रकम्प हो जाते है तब वह समुच्छिन्नक्रियानिवृत्ति ध्यान कहलाता है क्योंकि इसमें स्थूल या सूक्ष्म किसी भी प्रकार की मानसिक, वाचिक, कायिक क्रिया नहीं होती और वह स्थिति बाद में नष्ट भी नही होती । इस चतुर्थ ध्यान के प्रभाव से समस्त मालव और बन्ध के निरोषपूर्वक शेष कर्मों के क्षीण हो जाने से मोक्ष प्राप्त होता है। तीसरे और चौथे शुक्र ध्यान में किसी भी प्रकार के श्रुतज्ञान का आलबन नही होता अत वे दोनो अनालबन भी कहलाते हैं । तीन हज़ार नौ सौ छियालीस । सम्यग्दृत्रियों की कमनिजरा का तरतमभाव सम्यग्दृष्टिभावकविरतानन्तवियोजकदर्शनमोहक्षपकोपशमकोपशान्तमोहक्षपकक्षीणमोहजिमा क्रमशोऽसङ्ख्येयगुणनिर्जरा । सैंतालीस । सम्यग्दृष्टि, श्रावक, विरत, अनन्तानुबन्धिवियोजक, दर्शनमोहक्षपक, उपशमक उपशान्तमोह, क्षपक क्षीणमोह और जिन- ये दस क्रमश असख्ययगुण निजरावाले होते है । एक यह क्रम यों है - स्थूल काययोग के आश्रय से वचन और मन के स्थूल योग को सूक्ष्म बनाया जाता है उसके बाद वचन और मन के सूक्ष्म योग को अवलम्बित करके शरीर के स्थूल योग को सूक्ष्म बनाया जाता है। फिर शरीर के सूक्ष्म योग को अवलम्बित करक वचन और मन क सूक्ष्म योग का निरोध किया जाता है और अन्त में सूक्ष्म शरीरयोग का भी निरोध किया जाता है । निर्वण्य के भेद सर्व कर्मयों का सर्वथा क्षय ही मोल है और कमों का अंतः क्षय निर्जरा है। दोनों के लक्षणों पर विचार करने से स्पष्ट है कि निर्जरा मोक्ष का पूर्वगामी अंग है। प्रस्तुत शास्त्र में मोक्षतत्व का प्रतिपादन मुख्य है, बस उसकी तान्ह अंगभूत निर्जरा का विचार करना भी यहाँ उपयुक्त है। इसलिए यद्यपि सकल संसारी में कर्मनिर्जरा का क्रम जारी रहता है उपानि वहाँ विशिष्ट आत्माओं की ही कर्मनिर्जरा के कम का विचार किया गया है। वे विशिष्ट वर्थात् मोक्षाभिमुख आत्माएं है । यथार्थ मोक्षाभिमुखता सम्यग्दृष्टि की प्राप्ति से ही प्रारम्भ हो जाती है और वह जिम अवस्था में पूरी होती है । स्थूलदृष्टि की प्राप्ति से लेकर सर्वशदशा तक मोक्षाभिमुखता के दस विभाग किए गए है, जिनमें पूर्व-पूर्व की अपेक्षा उत्तर-उत्तर विभाग में परिणाम की विशुद्धि सबिशेष होती है । परिणाम की विशुद्धि जितनी अधिक होगी, कर्म बिर्जरा भी उतनी ही विशेष होगी। अत प्रथम-प्रथम अवस्था में जितनी कर्मनिर्जरा होतो है उसकी अपेक्षा आगे-आगे की अवस्था में परिणामविशुद्धि की विशेषता के कारण कर्मनिजरा भी असख्यातगुनी बढती जाती है। इस प्रकार असते-बढ़ते अन्त मे सक्श-अवस्था मे निजरा का प्रमाण सबसे अधिक हो जाता है। कर्मनिजरा के इस सरतमभाव में सबसे कम निर्जरा सम्यग्दृष्टि की और सबसे अधिक निजरा सर्वज्ञ को होती है। इन दस अवस्थाओं का स्वरूप इस प्रकार है. एक सम्यग्दृष्टि - जिस अवस्था में मिथ्यात्व दूर होकर सम्यक्त्व का आविर्भाव होता है । दो श्रावक - जिसमे अप्रत्याख्यानावरण कषाय के क्षयोपशम से अल्पाश म विरति प्रकट होती है । तीन विरत - जिसमें प्रत्याख्यानावरण कषाय के क्षयोपशम से सर्वांश में विरति प्रकट होती है । चार अनन्तवियोजक- जिसमे अनन्तानुबन्धी कषाय का क्षय करने योग्य विशुद्धि प्रकट होती है। पाँच निमोहक्षपक - जिसमें दशनमोह का क्षय करने योग्य विशुद्धि प्रकट होती है । छः. उपशमक - जिस अवस्था मे मोह की शेष प्रकृतियों का उपक्रम जारी हो । सात उपशाम्तमोह - जिसमें उपशम पूर्ण हो चुका हो । आठ अपकजिसमेह की शेष प्रकृतियो का क्षय जारी हो । नौ क्षीणमोह --जिसमें मोह का क्षय पूर्ण शिद्ध हो चुका हो । दस जिन जिसमें सर्वशता प्रकट हो गई हो । सैंतालीस । निग्रन्थ के भेद पुलाकबकुशकुशीलनिग्रन्थस्नातका निन्याः । अड़तालीस । पुलाक, बकुश, कुशील, निर्ग्रन्थ और स्नातक-ये निर्ग्रन्थ के पाँच प्रकार हैं ।
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क्या आप अपने मेकअप को नज़रअंदाज़ कर रही हैं? हम तो ऐसा ही महसूस कर रहे हैं. निश्चित रूप से लॉकडाउन, आपको मेकअप के बारे में सोचने की बिल्कुल इजाज़त नहीं दे रहा है, पर आप इस बात से भी परेशान हैं कि बिना इस्तेमाल किए ही आपके सारे मेकअप प्रॉडक्ट्स की तारीख़ ख़त्म हो जाएगी. इसी सोच में आप अपने मेकअप पैलेट को सिर्फ़ देखने के लिए खोलती हैं कि आख़िर वह है कैसा और एक विस्फ़ोट होता है! आपके हाथ से गिरकर मेकअप पैलेट टूट जाता है, आप सोचते ही रह जाती हैं कि काश यह नहीं टूटता, क्योंकि वैसे ही ज़िंदगी में बहुत उथल-पुथल मची हुई है!
टूटे मेकअप पैलेट जैसे आईशैडो या ब्लश के सभी टुकड़ों को सावधानी से अलग कर लें. एक साफ़ स्पून लें और टूटे हुए टुकड़ों को उससे खुरच कर आराम से उसी में अच्छी तरह से क्रश कर दें. यह लूज़ पाउडर की तरह बन जाएगा. हालांकि ध्यान रखें कि जिस जगह पर जो कलर है वह उसी जगह पर रहे.
अब हैंड सैनिटाइज़र या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल लें. इसे क्रश्ड पाउडर में मिलाएं और स्पून की मदद से अच्छी तरह से मिलाएं. आप नोटिस करेंगी कि अल्कोहल और पाउडर एकसार हो जाते हैं. मिलाने के बाद एक बराबर फैलाएं. अब आपको बस इतना करना है कि आप उसे क्लिंग रैप से ढक दें और रात भर सूखने दें.
लीजिए आपका मेकअप पैलेट तैयार हो गया, पहले की तरह बिल्कुल नया.
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क्या आप अपने मेकअप को नज़रअंदाज़ कर रही हैं? हम तो ऐसा ही महसूस कर रहे हैं. निश्चित रूप से लॉकडाउन, आपको मेकअप के बारे में सोचने की बिल्कुल इजाज़त नहीं दे रहा है, पर आप इस बात से भी परेशान हैं कि बिना इस्तेमाल किए ही आपके सारे मेकअप प्रॉडक्ट्स की तारीख़ ख़त्म हो जाएगी. इसी सोच में आप अपने मेकअप पैलेट को सिर्फ़ देखने के लिए खोलती हैं कि आख़िर वह है कैसा और एक विस्फ़ोट होता है! आपके हाथ से गिरकर मेकअप पैलेट टूट जाता है, आप सोचते ही रह जाती हैं कि काश यह नहीं टूटता, क्योंकि वैसे ही ज़िंदगी में बहुत उथल-पुथल मची हुई है! टूटे मेकअप पैलेट जैसे आईशैडो या ब्लश के सभी टुकड़ों को सावधानी से अलग कर लें. एक साफ़ स्पून लें और टूटे हुए टुकड़ों को उससे खुरच कर आराम से उसी में अच्छी तरह से क्रश कर दें. यह लूज़ पाउडर की तरह बन जाएगा. हालांकि ध्यान रखें कि जिस जगह पर जो कलर है वह उसी जगह पर रहे. अब हैंड सैनिटाइज़र या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल लें. इसे क्रश्ड पाउडर में मिलाएं और स्पून की मदद से अच्छी तरह से मिलाएं. आप नोटिस करेंगी कि अल्कोहल और पाउडर एकसार हो जाते हैं. मिलाने के बाद एक बराबर फैलाएं. अब आपको बस इतना करना है कि आप उसे क्लिंग रैप से ढक दें और रात भर सूखने दें. लीजिए आपका मेकअप पैलेट तैयार हो गया, पहले की तरह बिल्कुल नया.
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देहरादून, जनज्वार। लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों के लिए आंदोलनरत प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं (Asha Workers) को बातों की गोलियों से टरका रही सरकार के खिलाफ बुधवार 29 सितंबर को आशा वर्कर्स ने निर्णायक मोर्चा खोलते हुए सचिवालय पर ही डेरा डाल दिया। सीटू से संबद्ध आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन ने नेतृत्व में आशा वर्कर्स ने मानदेय वृद्धि के संबंध में शासनादेश जारी करने की मांग कर रही थी।
राजपुर रोड स्थित सीटू कार्यालय पर आशाएं सुबह से एकत्र होने लगीं। दोपहर करीब एक बजे यहां से सचिवालय तक रैली निकाली गई। पुलिस ने सचिवालय से कुछ दूर पहले ही उन्हें रोक दिया। इस पर आशाओं ने सड़क पर ही धरना दिया। मुख्यमंत्री के ओएसडी राजेश सेठी धरनास्थल पर पहुंचकर आशा वर्कर्स को एक बार फिर मौखिक आश्वासन देने लगे, लेकिन पिछले अनुभवों के चलते Asha Workers ने उनसे लिखित आश्वासन मांगा। उन्होंने मांग की कि उन्हें लिखित में दे दिया जाए कि आशाओं का प्रकरण अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। इस पर वह वापस लौट गए।
स्वास्थ्य सचिव से भी आशाओं की वार्ता हुई, लेकिन वे भी लिखित में आश्वासन देने को तैयार नहीं हुए। ऐसे में आशाएं वहीं धरने पर बैठी रहीं। इस आंदोलन के कारण सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव को भी सचिवालय में ही बैठे रहना पड़ा। रात करीब सवा दस बजे आशाओं को फिर स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने वार्ता को बुलाया और उन्होंने लिखित में आश्वासन दिया कि आशा वर्कर्स का जो प्रस्ताव है, उसे आगामी कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा, इस पर आशाएं मानीं। साथ ही उन्होंने समस्त कार्य बहिष्कार और स्वास्थ्य केंद्रों के समक्ष धरने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
इस मौके पर आयोजित सभा को प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे, सुनीता चौहान, मीना जखमोला, आशा चौधरी, लोकेश देवी, मीनाक्षी, संत कुमार, लेखराज, भगवंत पयाल, रविन्द्र नौडियाल, अनंत आकाश, नीरज यादव, नीरा कंडारी आदि ने संबोधित किया। यूनियन की प्रान्तीय अध्यक्ष श्रीमती शिवा दुबे ने बताया कि स्वावस्थ्य महानिदेशक की ओर से मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव बना कर शासन को 9 अगस्त 2021 को ही भेज दिया गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने भी शीघ्र शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया था। कुमाऊँ की आशाओं ने हड़ताल समाप्त कर दी थी, लेकिन गढ़वाल मंडल की आशाएं लगातार आंदोलन कर रही हैं। कैबिनेट की बैठक में भी इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं होने से आशाएं खुद को ठगा महसूस कर रही हैं।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में आशा वर्कर्स आशाओं को सरकारी सेवक का दर्जा दिये जाने, न्यूनतम वेतन 21 हजार प्रतिमाह, वेतन निर्धारण से पहले स्कीम वर्कर की तरह मानदेय दिये जाने, सेवानिवृत्ति पर पेंशन सुविधा, कोविड कार्य में लगी सभी आशाओं को भत्ता दिये जाने, कोविड कार्य में लगी आशाओं 50 लाख का बीमा, 19 लाख स्वास्थ्य बीमा का लाभ, कोरोनाकाल में मृतक आशाओं के परिवारों को 50 लाख का मुआवजा, चार लाख की अनुग्रह राशि दी जाए।
ओडिशा की तरह ऐसी श्रेणी के मृतकों के परिवारों विशेष मासिक भुगतान, सेवा के दौरान दुर्घटना, हार्ट अटैक या बीमारी की स्थिति में नियम बनाए जाने, न्यूनतम 10 लाख का मुआवजा दिया जाए, सभी स्तर पर कमीशन खोरी पर रोक, अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो, आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, कोरोना ड्यूटी के लिये विशेष मासिक भत्ते का प्रावधान जैसी मांगों को लेकर लंबे समय से आशा वर्कर्स आंदोलनरत हैं।
इसके तहत दो अगस्त से कार्य बहिष्कार कर वे गढ़वाल मंडल के सभी जिलों में सीएमओ कार्यालय के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के समक्ष धरना दे रही हैं। सीटू से संबंद्ध आशा वर्कर्स यूनियन की बीती नौ अगस्त को स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी से यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी। इस पर शासन ने कुछ मांगों पर सहमति दी थी, लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया गया। इसके अगले दिन 10 अगस्त को आशाओं ने सीएम आवास कूच भी किया था। इसके बाद 27 अगस्त को आशा वर्कर्स ने विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन किया था। 21 अगस्त को सचिवालय समक्ष धरना दिया गया। इस दिन भी आशाओं के प्रतिनिधिमंडल को स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने वार्ता के लिए बुलाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों के संबंध में 24 सितंबर को कैबिनेट की मीटिंग में प्रस्ताव रखा जाएगा। इस आश्वासन पर आशाएं वापस लौटीं। इसके बाद 24 सितंबर को भी ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय आह्वान पर सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया, पर समस्या जस की तस रही।
इससे पहले शासन से वार्ता में आशाओं के संबंध में स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने आशाओं को छह हजार का मानदेय देने की पेशकश के साथ अन्य देय भी मिलते रहने, प्रत्येक केन्द्र में आशा रूम स्थापित किये जाने, अटल पेंशन योजना में उम्र की सीमा समाप्त करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाने, आशाओं के सभी प्रकार के उत्पीड़न एवं कमीशनखोरी पर कार्रवाई करने, अन्य सभी मांगों पर सौहार्दपूर्ण कार्यवाही करने, स्वास्थ्य बीमा की मांग पर समुचित कार्यवाही करने पर शासन द्वारा आवश्यक कार्यवाही के बाद अति जल्दी शासनादेश जारी किये जाने की बात कही थी। लेकिन शासनादेश जारी नहीं हो पाया था, जिसके चलते आशाएं आंदोलनरत थी।
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देहरादून, जनज्वार। लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों के लिए आंदोलनरत प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को बातों की गोलियों से टरका रही सरकार के खिलाफ बुधवार उनतीस सितंबर को आशा वर्कर्स ने निर्णायक मोर्चा खोलते हुए सचिवालय पर ही डेरा डाल दिया। सीटू से संबद्ध आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन ने नेतृत्व में आशा वर्कर्स ने मानदेय वृद्धि के संबंध में शासनादेश जारी करने की मांग कर रही थी। राजपुर रोड स्थित सीटू कार्यालय पर आशाएं सुबह से एकत्र होने लगीं। दोपहर करीब एक बजे यहां से सचिवालय तक रैली निकाली गई। पुलिस ने सचिवालय से कुछ दूर पहले ही उन्हें रोक दिया। इस पर आशाओं ने सड़क पर ही धरना दिया। मुख्यमंत्री के ओएसडी राजेश सेठी धरनास्थल पर पहुंचकर आशा वर्कर्स को एक बार फिर मौखिक आश्वासन देने लगे, लेकिन पिछले अनुभवों के चलते Asha Workers ने उनसे लिखित आश्वासन मांगा। उन्होंने मांग की कि उन्हें लिखित में दे दिया जाए कि आशाओं का प्रकरण अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। इस पर वह वापस लौट गए। स्वास्थ्य सचिव से भी आशाओं की वार्ता हुई, लेकिन वे भी लिखित में आश्वासन देने को तैयार नहीं हुए। ऐसे में आशाएं वहीं धरने पर बैठी रहीं। इस आंदोलन के कारण सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव को भी सचिवालय में ही बैठे रहना पड़ा। रात करीब सवा दस बजे आशाओं को फिर स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने वार्ता को बुलाया और उन्होंने लिखित में आश्वासन दिया कि आशा वर्कर्स का जो प्रस्ताव है, उसे आगामी कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा, इस पर आशाएं मानीं। साथ ही उन्होंने समस्त कार्य बहिष्कार और स्वास्थ्य केंद्रों के समक्ष धरने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। इस मौके पर आयोजित सभा को प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे, सुनीता चौहान, मीना जखमोला, आशा चौधरी, लोकेश देवी, मीनाक्षी, संत कुमार, लेखराज, भगवंत पयाल, रविन्द्र नौडियाल, अनंत आकाश, नीरज यादव, नीरा कंडारी आदि ने संबोधित किया। यूनियन की प्रान्तीय अध्यक्ष श्रीमती शिवा दुबे ने बताया कि स्वावस्थ्य महानिदेशक की ओर से मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव बना कर शासन को नौ अगस्त दो हज़ार इक्कीस को ही भेज दिया गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने भी शीघ्र शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया था। कुमाऊँ की आशाओं ने हड़ताल समाप्त कर दी थी, लेकिन गढ़वाल मंडल की आशाएं लगातार आंदोलन कर रही हैं। कैबिनेट की बैठक में भी इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं होने से आशाएं खुद को ठगा महसूस कर रही हैं। गौरतलब है कि उत्तराखंड में आशा वर्कर्स आशाओं को सरकारी सेवक का दर्जा दिये जाने, न्यूनतम वेतन इक्कीस हजार प्रतिमाह, वेतन निर्धारण से पहले स्कीम वर्कर की तरह मानदेय दिये जाने, सेवानिवृत्ति पर पेंशन सुविधा, कोविड कार्य में लगी सभी आशाओं को भत्ता दिये जाने, कोविड कार्य में लगी आशाओं पचास लाख का बीमा, उन्नीस लाख स्वास्थ्य बीमा का लाभ, कोरोनाकाल में मृतक आशाओं के परिवारों को पचास लाख का मुआवजा, चार लाख की अनुग्रह राशि दी जाए। ओडिशा की तरह ऐसी श्रेणी के मृतकों के परिवारों विशेष मासिक भुगतान, सेवा के दौरान दुर्घटना, हार्ट अटैक या बीमारी की स्थिति में नियम बनाए जाने, न्यूनतम दस लाख का मुआवजा दिया जाए, सभी स्तर पर कमीशन खोरी पर रोक, अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो, आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, कोरोना ड्यूटी के लिये विशेष मासिक भत्ते का प्रावधान जैसी मांगों को लेकर लंबे समय से आशा वर्कर्स आंदोलनरत हैं। इसके तहत दो अगस्त से कार्य बहिष्कार कर वे गढ़वाल मंडल के सभी जिलों में सीएमओ कार्यालय के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के समक्ष धरना दे रही हैं। सीटू से संबंद्ध आशा वर्कर्स यूनियन की बीती नौ अगस्त को स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी से यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी। इस पर शासन ने कुछ मांगों पर सहमति दी थी, लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया गया। इसके अगले दिन दस अगस्त को आशाओं ने सीएम आवास कूच भी किया था। इसके बाद सत्ताईस अगस्त को आशा वर्कर्स ने विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन किया था। इक्कीस अगस्त को सचिवालय समक्ष धरना दिया गया। इस दिन भी आशाओं के प्रतिनिधिमंडल को स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने वार्ता के लिए बुलाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों के संबंध में चौबीस सितंबर को कैबिनेट की मीटिंग में प्रस्ताव रखा जाएगा। इस आश्वासन पर आशाएं वापस लौटीं। इसके बाद चौबीस सितंबर को भी ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय आह्वान पर सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया, पर समस्या जस की तस रही। इससे पहले शासन से वार्ता में आशाओं के संबंध में स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने आशाओं को छह हजार का मानदेय देने की पेशकश के साथ अन्य देय भी मिलते रहने, प्रत्येक केन्द्र में आशा रूम स्थापित किये जाने, अटल पेंशन योजना में उम्र की सीमा समाप्त करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाने, आशाओं के सभी प्रकार के उत्पीड़न एवं कमीशनखोरी पर कार्रवाई करने, अन्य सभी मांगों पर सौहार्दपूर्ण कार्यवाही करने, स्वास्थ्य बीमा की मांग पर समुचित कार्यवाही करने पर शासन द्वारा आवश्यक कार्यवाही के बाद अति जल्दी शासनादेश जारी किये जाने की बात कही थी। लेकिन शासनादेश जारी नहीं हो पाया था, जिसके चलते आशाएं आंदोलनरत थी।
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मारुति सुजुकी ने अपनी पॉपुलर कॉम्पैक्ट एसयूवी विटारा ब्रेजा के नए अवतार को 30 जून के दिन लॉन्च करेगी लेकिन उससे पहले कंपनी ने इस एसयूवी के लिए प्री बुकिंग शुरू 20 जून से शुरू कर दी है।
मारुति विटारा ब्रेजा की बुकिंग के लिए ग्राहक कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट जाकर इसे बुक कर सकते हैं या अपने नजदीकी मारुति एरिना डीलरशिप पर जाकर भी बुकिंग कर सकते हैं। कंपनी ने इस एसयूवी की बुकिंग के लिए 11 हजार रुपये का टोकन अमाउंट तय किया है।
कंपनी 30 जून के दिन न्यू मारुति विटारा ब्रेजा को पेश करने के साथ ही इस एसयूवी की कीमत के बारे में भी घोषणा करने वाली है। अगर आप भी इस कॉम्पैक्ट एसयूवी के लॉन्च होने का इंतजार कर रहे हैं तो यहां जान लीजिए इस एसयूवी के फीचर्स, स्पेसिफिकेशन और संभावित कीमत की पूरी डिटेल।
न्यू मारुति विटारा ब्रेजा 2022 के इंजन और पावर की बात करें तो कंपनी इसमें 1. 5 लीटर K15C इंजन देने वाली है। यह इंजन 103 पीएस की पावर और 136. 8 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन के साथ 6 स्पीड मैनुअल और 6 स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया जाएगा।
इसके अलावा रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी इस कॉम्पैक्ट एसयूवी का सीएनजी वेरिएंट भी लॉन्च करेगी जिसकी पावर और टॉर्क कम हो सकती है लेकिन इसकी माइलेज 25 से 30 किलोमीटर प्रति लीटर तक हो सकती है।
फीचर्स की बात करें तो कंपनी इसमें हेड अप डिस्प्ले, इलेक्ट्रिक सनरूफ, 360 डिग्री व्यू कैमरा, एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले की कनेक्टिविटी वाला 9 इंच का फ्लोटिंग स्मार्टप्ले टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वॉयस असिस्टेंस, एलेक्सा और गूगल वॉइस कमांड सपोर्ट (10 स्थानीय भाषाओं के साथ), वेंटिलेटेड सीट, ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस चार्जिंग जैसे फीचर्स को देने वाली है।
न्यू मारुति विटारा ब्रेज़ा की कीमत को लेकर कंपनी 30 जून को खुलासा करेगी लेकिन जानकारों के मुताबिक, कंपनी इस विटारा ब्रेजा को 8 से 9 लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ लॉन्च कर सकती है।
लॉन्च होने के बाद न्यू मारुति विटारा ब्रेजा का मुकाबला इस सेगमेंट की पॉपुलर कॉम्पैक्ट एसयूवी टाटा नेक्सन, किआ सोनेट, निसान मैग्नाइट, रेनॉल्ट काइगर और हुंडई वेन्यू जैसी एसयूवी के साथ होना तय है।
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मारुति सुजुकी ने अपनी पॉपुलर कॉम्पैक्ट एसयूवी विटारा ब्रेजा के नए अवतार को तीस जून के दिन लॉन्च करेगी लेकिन उससे पहले कंपनी ने इस एसयूवी के लिए प्री बुकिंग शुरू बीस जून से शुरू कर दी है। मारुति विटारा ब्रेजा की बुकिंग के लिए ग्राहक कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट जाकर इसे बुक कर सकते हैं या अपने नजदीकी मारुति एरिना डीलरशिप पर जाकर भी बुकिंग कर सकते हैं। कंपनी ने इस एसयूवी की बुकिंग के लिए ग्यारह हजार रुपये का टोकन अमाउंट तय किया है। कंपनी तीस जून के दिन न्यू मारुति विटारा ब्रेजा को पेश करने के साथ ही इस एसयूवी की कीमत के बारे में भी घोषणा करने वाली है। अगर आप भी इस कॉम्पैक्ट एसयूवी के लॉन्च होने का इंतजार कर रहे हैं तो यहां जान लीजिए इस एसयूवी के फीचर्स, स्पेसिफिकेशन और संभावित कीमत की पूरी डिटेल। न्यू मारुति विटारा ब्रेजा दो हज़ार बाईस के इंजन और पावर की बात करें तो कंपनी इसमें एक. पाँच लीटरटर Kपंद्रह डिग्री सेल्सियस इंजन देने वाली है। यह इंजन एक सौ तीन पीएस की पावर और एक सौ छत्तीस. आठ एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन के साथ छः स्पीड मैनुअल और छः स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया जाएगा। इसके अलावा रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी इस कॉम्पैक्ट एसयूवी का सीएनजी वेरिएंट भी लॉन्च करेगी जिसकी पावर और टॉर्क कम हो सकती है लेकिन इसकी माइलेज पच्चीस से तीस किलोग्राममीटर प्रति लीटर तक हो सकती है। फीचर्स की बात करें तो कंपनी इसमें हेड अप डिस्प्ले, इलेक्ट्रिक सनरूफ, तीन सौ साठ डिग्री व्यू कैमरा, एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले की कनेक्टिविटी वाला नौ इंच का फ्लोटिंग स्मार्टप्ले टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वॉयस असिस्टेंस, एलेक्सा और गूगल वॉइस कमांड सपोर्ट , वेंटिलेटेड सीट, ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस चार्जिंग जैसे फीचर्स को देने वाली है। न्यू मारुति विटारा ब्रेज़ा की कीमत को लेकर कंपनी तीस जून को खुलासा करेगी लेकिन जानकारों के मुताबिक, कंपनी इस विटारा ब्रेजा को आठ से नौ लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ लॉन्च कर सकती है। लॉन्च होने के बाद न्यू मारुति विटारा ब्रेजा का मुकाबला इस सेगमेंट की पॉपुलर कॉम्पैक्ट एसयूवी टाटा नेक्सन, किआ सोनेट, निसान मैग्नाइट, रेनॉल्ट काइगर और हुंडई वेन्यू जैसी एसयूवी के साथ होना तय है।
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तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र को देश से अलग कराने के लिए आयोजित कराए गए जनमत संग्रह को विश्वासघात बताया है।
जुमे की नमाज़ में ख़ुतबा देते हुए आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने कहा, विश्व के समस्त देशों ने कुर्दिस्तान में होने वाले जनमत संग्रह को औपचारिकता प्रदान नहीं की है।
उन्होंने कहा कि ईरान, इराक़ और तुर्की कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह के आयोजन की साज़िश से एकजुट होकर प्रभावी रूप से निपट रहे हैं।
तेहरान के इमामे जुमा ने अमरीकी शहर लास वेगास में आतंकवादी हमले में दर्जनों लोगों की मौत की निंदा करते हुए कहा, ईरान दुनिया में कहीं भी निर्दोष लोगों के जनसंहार की निंदा करता है, लेकिन इसी के साथ उसका यह भी मानना है कि अमरीका और पश्चिम को यमन समेत दुनिया भर में निर्दोष लोगों की हत्याओं पर दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए।
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तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र को देश से अलग कराने के लिए आयोजित कराए गए जनमत संग्रह को विश्वासघात बताया है। जुमे की नमाज़ में ख़ुतबा देते हुए आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने कहा, विश्व के समस्त देशों ने कुर्दिस्तान में होने वाले जनमत संग्रह को औपचारिकता प्रदान नहीं की है। उन्होंने कहा कि ईरान, इराक़ और तुर्की कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह के आयोजन की साज़िश से एकजुट होकर प्रभावी रूप से निपट रहे हैं। तेहरान के इमामे जुमा ने अमरीकी शहर लास वेगास में आतंकवादी हमले में दर्जनों लोगों की मौत की निंदा करते हुए कहा, ईरान दुनिया में कहीं भी निर्दोष लोगों के जनसंहार की निंदा करता है, लेकिन इसी के साथ उसका यह भी मानना है कि अमरीका और पश्चिम को यमन समेत दुनिया भर में निर्दोष लोगों की हत्याओं पर दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए।
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लंबे इंतजार के बाद Amazon prime ने मिर्जापुर 2 की अनाउंसमेंट तारीख जारी कर दी है. पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल और विक्रांत मेसी स्टारर क्राइम थ्रिलर 23 अक्टूबर 2020 को प्राइम पर प्रीमियर होगी.
एक्सेल एंटरटेनमेंट के प्रोड्यूसर रितेश सिधवानीका कहना है, 'एक्सेल एंटरटेनमेंट को लगातार नए विचारों के लिए असीम प्यार मिला है. 'मिर्जापुर उस प्रयास में एक कदम था. यह केवल दर्शकों के लिए सोच की सीमाओं को तोड़ने के बारे में नहीं था बल्कि कंटेंट निर्माताओं के रूप में खुद के लिए भी था. प्रामाणिकता को खोए बिना भारत के भीतरी इलाकों से रोमांचकारी और अनकही कहानियों को लाना हमारी सबसे बड़ी जीत रही है. न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में से मिर्जापुर सीज़न 1 को प्रशंसा मिली है, जो कि सौभाग्य है. यह एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेज़ॅन प्राइम वीडियो को शो के दूसरे सीज़न के साथ गति को जारी रखने के लिए प्रेरित करता है. '
निर्माता पुनीत कृष्ण का कहना है, 'शो को शुरुआत से ही प्यार और सराहना मिलती रही है. इसे एक और उच्च स्तर पर ले जाते हुए हम निश्चित हैं कि दर्शकों को अगली कड़ी में कुछ देखने को मिलेगा. 'सीज़न 2' के लिए महीनों से उनके उत्साह को देखकर अब हम में से प्रत्येक को उस पैमाने से मेल खाते हुए जिस पर अब शो ने खुद को रखा है के समान प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है. हम प्रशंसकों को मिर्जापुर की एक और गतिशील दुनिया में ले जाने के लिए रोमांचित हैं, जिसका वे बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. '
इस वेब सीरीज को एक्सेल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित किया गया है, जिसे पुनीत कृष्णा द्वारा निर्मित और गुरमीत सिंह और मिहिर देसाई द्वारा निर्देशित किया गया है.
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लंबे इंतजार के बाद Amazon prime ने मिर्जापुर दो की अनाउंसमेंट तारीख जारी कर दी है. पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल और विक्रांत मेसी स्टारर क्राइम थ्रिलर तेईस अक्टूबर दो हज़ार बीस को प्राइम पर प्रीमियर होगी. एक्सेल एंटरटेनमेंट के प्रोड्यूसर रितेश सिधवानीका कहना है, 'एक्सेल एंटरटेनमेंट को लगातार नए विचारों के लिए असीम प्यार मिला है. 'मिर्जापुर उस प्रयास में एक कदम था. यह केवल दर्शकों के लिए सोच की सीमाओं को तोड़ने के बारे में नहीं था बल्कि कंटेंट निर्माताओं के रूप में खुद के लिए भी था. प्रामाणिकता को खोए बिना भारत के भीतरी इलाकों से रोमांचकारी और अनकही कहानियों को लाना हमारी सबसे बड़ी जीत रही है. न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में से मिर्जापुर सीज़न एक को प्रशंसा मिली है, जो कि सौभाग्य है. यह एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेज़ॅन प्राइम वीडियो को शो के दूसरे सीज़न के साथ गति को जारी रखने के लिए प्रेरित करता है. ' निर्माता पुनीत कृष्ण का कहना है, 'शो को शुरुआत से ही प्यार और सराहना मिलती रही है. इसे एक और उच्च स्तर पर ले जाते हुए हम निश्चित हैं कि दर्शकों को अगली कड़ी में कुछ देखने को मिलेगा. 'सीज़न दो' के लिए महीनों से उनके उत्साह को देखकर अब हम में से प्रत्येक को उस पैमाने से मेल खाते हुए जिस पर अब शो ने खुद को रखा है के समान प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है. हम प्रशंसकों को मिर्जापुर की एक और गतिशील दुनिया में ले जाने के लिए रोमांचित हैं, जिसका वे बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. ' इस वेब सीरीज को एक्सेल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित किया गया है, जिसे पुनीत कृष्णा द्वारा निर्मित और गुरमीत सिंह और मिहिर देसाई द्वारा निर्देशित किया गया है.
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जिन लोगों के पृष्ठों पर इस तरह के विश्लेषण का एक अजीबोगरीब प्रयास प्रकाशित किया गया है, वह Nziv वेबसाइट है, जो हिब्रू में लिखता है। पोर्टल News. co. il इज़राइली साइट को कॉल करता है, जिसके साथ हमारे कुछ पाठक सहमत नहीं हैं।
नाज़िव सीरिया में स्थिति को रूस और अमेरिका के बीच टकराव मानता है।
साइट ने उल्लेख किया कि अब तक स्थिति ऐसी है कि अन्य सहयोगियों के साथ रूसी सेना और बशर असद की सेनाएं सीरिया के उस हिस्से पर स्थित हैं, जो यूफ्रेट्स (लाल) के पश्चिम में स्थित है, जबकि अमेरिकी सेना और कुर्द संरचनाओं ने पूर्व में कब्जा कर लिया है यूफ्रेट्स क्षेत्र (पीला रंग)।
यह जोड़ा जाना चाहिए कि कई अन्य "अमेरिकी परिक्षेत्र" हैं - जिनमें से एक जॉर्डन के साथ सीमा पर स्थित है।
सामग्री से Nziv:
पेंटागन का दावा है कि यूफ्रेट्स नदी के पूर्व में काम कर रहे अमेरिकी बलों को रूसी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों द्वारा व्यापक विनाशकारी कार्यों के अधीन किया गया था।
इसने आगे कहा कि वॉशिंगटन के पास "वास्तव में" सीरिया से पूरी तरह से वापसी के विचार को छोड़ देना और आधुनिक अमेरिकी गैर-घातक हथियारों की मदद से रूसी सैन्य उपकरणों के उपयोग का विरोध करना शुरू करना था।
सामग्री सेः
अमेरिकी सेना को नए सैन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके रूसी सशस्त्र बलों के ईडब्ल्यू फंड से सीरिया में वापस लड़ना पड़ा।
यह जोड़ा गया है कि आज सीरिया एक सिद्ध मैदान बन गया है जहाँ महाशक्तियाँ आधुनिक हथियार प्रणालियों के उपयोग पर काम कर रही हैं।
सामग्री सेः
ऐसे हथियारों का उपयोग किया जाता है, जो पहले न केवल वास्तविक युद्ध की स्थितियों में परीक्षण किए गए थे, बल्कि उपयोग की गई प्रौद्योगिकियों की गोपनीयता के कारण सहयोगी दलों को स्थानांतरित भी नहीं किए गए थे।
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जिन लोगों के पृष्ठों पर इस तरह के विश्लेषण का एक अजीबोगरीब प्रयास प्रकाशित किया गया है, वह Nziv वेबसाइट है, जो हिब्रू में लिखता है। पोर्टल News. co. il इज़राइली साइट को कॉल करता है, जिसके साथ हमारे कुछ पाठक सहमत नहीं हैं। नाज़िव सीरिया में स्थिति को रूस और अमेरिका के बीच टकराव मानता है। साइट ने उल्लेख किया कि अब तक स्थिति ऐसी है कि अन्य सहयोगियों के साथ रूसी सेना और बशर असद की सेनाएं सीरिया के उस हिस्से पर स्थित हैं, जो यूफ्रेट्स के पश्चिम में स्थित है, जबकि अमेरिकी सेना और कुर्द संरचनाओं ने पूर्व में कब्जा कर लिया है यूफ्रेट्स क्षेत्र । यह जोड़ा जाना चाहिए कि कई अन्य "अमेरिकी परिक्षेत्र" हैं - जिनमें से एक जॉर्डन के साथ सीमा पर स्थित है। सामग्री से Nziv: पेंटागन का दावा है कि यूफ्रेट्स नदी के पूर्व में काम कर रहे अमेरिकी बलों को रूसी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों द्वारा व्यापक विनाशकारी कार्यों के अधीन किया गया था। इसने आगे कहा कि वॉशिंगटन के पास "वास्तव में" सीरिया से पूरी तरह से वापसी के विचार को छोड़ देना और आधुनिक अमेरिकी गैर-घातक हथियारों की मदद से रूसी सैन्य उपकरणों के उपयोग का विरोध करना शुरू करना था। सामग्री सेः अमेरिकी सेना को नए सैन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके रूसी सशस्त्र बलों के ईडब्ल्यू फंड से सीरिया में वापस लड़ना पड़ा। यह जोड़ा गया है कि आज सीरिया एक सिद्ध मैदान बन गया है जहाँ महाशक्तियाँ आधुनिक हथियार प्रणालियों के उपयोग पर काम कर रही हैं। सामग्री सेः ऐसे हथियारों का उपयोग किया जाता है, जो पहले न केवल वास्तविक युद्ध की स्थितियों में परीक्षण किए गए थे, बल्कि उपयोग की गई प्रौद्योगिकियों की गोपनीयता के कारण सहयोगी दलों को स्थानांतरित भी नहीं किए गए थे।
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प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी देवेंद्र चौहान आज मेरठ में कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी देवेंद्र चौहान आज यानी गुरुवार सुबह नौ बजे चार्टेड प्लेन से परतापुर हवाई पट्टी पहुंचे। यहां से वे कार द्वारा दिल्ली रोड होते हुए औघड़नाथ मंदिर पहुंचे। इसके बाद पल्लवपुरम तक रुड़की रोड का दौरा करेंगे और फिर मंडल के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कमिश्नरी सभागार में बैठक करेंगे।
इससे पहले डीएम दीपक मीणा ने बुधवार को शिविर संचालकों के साथ मीटिंग कर अनुमति के बाद ही कांवड़ सेवा शिविर लगाने को कहा है। डीएम ने कहा कि कांवड़िये या शिविर संचालक को कोई परेशानी है तो वह कंट्रोल रूम के नंबर 0121-2667080 पर कॉल कर सकते हैं। ये 24 घंटे कार्य करेगा। डीएम ने कहा कि मार्ग में निर्माण कार्य के चलते या अन्य कारणों से पहले से लगते आ रहे शिविर के स्था न पर कोई समस्या है तो संबंधित एसडीएम, एसीएम से संपर्क करके उसके आसपास भी शिविर लगा सकते हैं। प्लास्टिक का इस्तेमल न किया जाए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा के चलते शिविर संचालक से अपेक्षा है कि सुरक्षा की दृष्टिगत शिविर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए। अभी तक जिले में सिर्फ 109 शिविर संचालकों ने आवेदन किया है।
एडीजी राजीव सब्बरवाल, आईजी प्रवीण कुमार और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बुधवार को कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। औघड़नाथ मंदिर में भी सुरक्षा व्यवस्था देखी। औघड़नाथ मंदिर में बने कंट्रोल रूम को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एएसपी कैंट चंद्रकांत मीणा, एसपी सिटी विनीत भटनागर, एसपी यातायात जितेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहें।
नगर निगम ने बुधवार को कांवड़ मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया। साथ ही हैंडपंप, पथ प्रकाश और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की गई। सफाई कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त कर दी गई हैं। कांवड़ मार्गों की सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं। नगरायुक्त ने बेगमपुल से दिल्ली रोड और हापुड़ रोड की तरफ डिवाइडरों पर की जा रही बैरिकेडिंग का निरीक्षण किया।
कांवड मार्गों पर गुरुवार से 30 जुलाई तक मीट की दुकानें नहीं खुलेंगी। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने कहा कि नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम कार्यकारिणी की 14 जुलाई को होने वाली निगम कार्यकारिणी की बैठक स्थगित कर दी गई है। महापौर सुनीता वर्मा ने पत्र जारी करके कहा है कि कांवड़ यात्रा के कारण बैठक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अब कांवड़ यात्रा के बाद ही कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाएगी।
जमीयत उलमा-ए-हिंद महानगर इकाई ने कांवड़ 14 से 26 जुलाई तक कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों का विशेष ख्याल रखने की अपील की है। नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने कहा मुस्लिम समाज के लोग हर साल की तरह कांवड़ियों का ख्याल रखें। जिन मुस्लिम इलाकों से कांवड गुजरें उन इलाकों में उन्हें कोई तकलीफ न हो। कुछ लोग मुस्लिम इलाको में कांवड़ का स्वागत करते हैं।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
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प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी देवेंद्र चौहान आज मेरठ में कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी देवेंद्र चौहान आज यानी गुरुवार सुबह नौ बजे चार्टेड प्लेन से परतापुर हवाई पट्टी पहुंचे। यहां से वे कार द्वारा दिल्ली रोड होते हुए औघड़नाथ मंदिर पहुंचे। इसके बाद पल्लवपुरम तक रुड़की रोड का दौरा करेंगे और फिर मंडल के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कमिश्नरी सभागार में बैठक करेंगे। इससे पहले डीएम दीपक मीणा ने बुधवार को शिविर संचालकों के साथ मीटिंग कर अनुमति के बाद ही कांवड़ सेवा शिविर लगाने को कहा है। डीएम ने कहा कि कांवड़िये या शिविर संचालक को कोई परेशानी है तो वह कंट्रोल रूम के नंबर एक सौ इक्कीस-छब्बीस लाख सरसठ हज़ार अस्सी पर कॉल कर सकते हैं। ये चौबीस घंटाटे कार्य करेगा। डीएम ने कहा कि मार्ग में निर्माण कार्य के चलते या अन्य कारणों से पहले से लगते आ रहे शिविर के स्था न पर कोई समस्या है तो संबंधित एसडीएम, एसीएम से संपर्क करके उसके आसपास भी शिविर लगा सकते हैं। प्लास्टिक का इस्तेमल न किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के चलते शिविर संचालक से अपेक्षा है कि सुरक्षा की दृष्टिगत शिविर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए। अभी तक जिले में सिर्फ एक सौ नौ शिविर संचालकों ने आवेदन किया है। एडीजी राजीव सब्बरवाल, आईजी प्रवीण कुमार और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बुधवार को कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। औघड़नाथ मंदिर में भी सुरक्षा व्यवस्था देखी। औघड़नाथ मंदिर में बने कंट्रोल रूम को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एएसपी कैंट चंद्रकांत मीणा, एसपी सिटी विनीत भटनागर, एसपी यातायात जितेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहें। नगर निगम ने बुधवार को कांवड़ मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया। साथ ही हैंडपंप, पथ प्रकाश और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की गई। सफाई कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त कर दी गई हैं। कांवड़ मार्गों की सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं। नगरायुक्त ने बेगमपुल से दिल्ली रोड और हापुड़ रोड की तरफ डिवाइडरों पर की जा रही बैरिकेडिंग का निरीक्षण किया। कांवड मार्गों पर गुरुवार से तीस जुलाई तक मीट की दुकानें नहीं खुलेंगी। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने कहा कि नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम कार्यकारिणी की चौदह जुलाई को होने वाली निगम कार्यकारिणी की बैठक स्थगित कर दी गई है। महापौर सुनीता वर्मा ने पत्र जारी करके कहा है कि कांवड़ यात्रा के कारण बैठक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अब कांवड़ यात्रा के बाद ही कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाएगी। जमीयत उलमा-ए-हिंद महानगर इकाई ने कांवड़ चौदह से छब्बीस जुलाई तक कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों का विशेष ख्याल रखने की अपील की है। नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने कहा मुस्लिम समाज के लोग हर साल की तरह कांवड़ियों का ख्याल रखें। जिन मुस्लिम इलाकों से कांवड गुजरें उन इलाकों में उन्हें कोई तकलीफ न हो। कुछ लोग मुस्लिम इलाको में कांवड़ का स्वागत करते हैं। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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गद्गद् वाणी से यही कहा है, हे प्यारे उद्धब गोपियो का मन नित्य निरन्तर मुझ में हो लगा रहता है । उनके प्राण उनका जीवन उनका सर्वस्व में ही हूँ। मेरे लिए उन्होंने अपने पति पुत्रादि सभी सगे सम्बन्धियों को छोड़ दिया है। उन्होने बुद्धि से भी मुझको अपना प्यारा, अपना प्रियतम तथा अपना यात्मा मान रकवा है। मेरा यही त है कि जो लोग मेरे लिए लौकिक और पारलौकिक वर्मा को छोड़ देते है उनका भरण-पोषण मैं स्वय करता हूँ । वास्तव मे गोपियों का ऐसा ही अनन्य प्रेम था। मथुरा की कुलानाम्रो गोपियों की दशा को इसी प्रकार से वर्णन किया है, 'ब्रज को गोपियाँ धन्य है जो निरन्तर श्रीकृष्ण में ही चित्त लगा रहने के कारण प्रेम भरे हृदय से गद्गद् कण्ठ से भगवान् की हो लीलाओ का गान करनी है। वे दूध दुहते दही मथते, धान कूटने घर लोपते, वालाओ को झूला झुलाते रोते हुए बालकों को चुप कराते, उन्हें नहलाते धुलाते घरो को भाडते बुहारते हर समय श्रीकृष्ण के गुणों के गाल से ही मस्त रहती है ।
भागवत को गोपियाँ नारद जी के २२वे सूत्र में भी पूरी उतरती है, जिसका अर्थ कि भक्त परमावस्था में भी भागवन के माहात्म्य ज्ञान को नही भूलता, गोपियाँ भी इसमे अपवाद नही । भागवत की गोपियों कृष्ण को साक्षात् पुष्पोत्तम भगवान् जानती हुई अपना प्रियतम समझती थी। जैसा कि दशम स्कन्ध के २६३ अध्याय के ३१ से ४१ तक के श्लोको से स्पष्ट प्रकट होता है। इसी स्कन्ध के गोनिका-गीन मे गोतियाँ कहती है, "हे कृष्ण ! तुम केवल यचोदानन्दन ही नहीं हो, समस्त शरीर धारियों के हृदय में रहते वाले साक्षी हो, अन्तर्यामी हो । सखे । ब्रह्मा जी की प्रार्थना से विश्व की रक्षा करने के लिए यदुवश मे अवती हुए हो 13 माहात्म्य ज्ञान पिना किए हुए प्रेम को नारद जी ने जारी का सा प्रेम बताया है ।
'तद्विहीन जाराणामित्र' --- २३ ।
इसके अनन्तर नारद जी ने प्रेम रूपा भक्ति को कर्म ज्ञान और योग से भी श्रेष्ठतर बताया है और उसी को फलस्वरूप कहा है। श्रीमद्भागवत में कई स्थानों पर भक्ति का महत्त्व प्रदर्शित किया है जिसका विवेचन हम पीछे कर चुके है। ग्यारहवे स्कन्ध मे भगवान् कहते हैं;
न साधयति मां योगो न सांख्य धर्म उद्धव । न स्वाध्यायस्तपस्यागी यथा भक्तिर्ममोजिता । भक्त्याहनेकया ग्राह्य श्रद्धयात्म त्रिय सताम् । भक्ति पुनाति मन्निष्ठा श्वपाकानपि सम्भवात् ।
अर्थात् योग ज्ञान धर्म स्वाध्याय तर और त्याग मुझे उतना प्रसन्न नहीं कर सकते जितना मेरी दृढ भक्ति मुझे प्रसन्न करती है । सन्तो का प्रिय आत्मा रूप नै केवल श्रद्धायुक्त भक्ति के द्वारा ही वश में हो सकता हूँ। मेरी भक्ति चाण्डाल आदि को भी पवित्र कर देती है । भगवद्गीता में भी भगवान् कृष्ण ने अर्जुन मे इसी प्रकार कहा है;
भागवन १० ३१ ४
नाह वेदने तपसा न दानेन न वेज्यया शक्य एव विधो द्रष्टु दृष्टवानसि मां यथा ॥ ग्रहमवविधोऽर्जुन ।
जातु द्रष्टु च तत्त्वेन प्रवेष्टु च परंतप ।। १
अर्थानु- हे अर्जुन ! जैसा तुमने मुझे देखा है ऐसा मैं वेद तप दान यज्ञ श्रादि से भी नहीं देखा जा सकता । हे अर्जुन । अनन्य भक्ति के द्वारा ही मेरा इस प्रकार देखा जाना, मुझे तत्त्व से जानना और मुझमे प्रवेश पाना संभव है। इस प्रकार गीता और भागवत दोनो में ही भक्ति को साध्यरूपा माना है। भक्ति ही सावन भक्ति ही साध्य है । भक्त गण भक्ति के लिए ही भक्ति करते है। इसी लिए भागवत में कहा है ।
लव्धवत. साधो. किमन्यदवशिष्यते ।
ब्रह्मण्यानन्दानुभवात्मनि २
अर्थात् भगवान कहते है कि मुझ अनन्त गुण सम्पन्न सच्चिदानन्द स्वरूप ब्रह्म मे भक्ति हो जाने पर फिर उस साधु पुरुष को कौनसी वस्तु प्राप्त करनी बाकी रह जाती है । इसके अन्तर भक्ति सूत्र में प्रेमरूपा भक्ति के साधनों का उल्लेख है जिनका विवेचन हम पीछे कर चुके हैं। परन्तु प्रेम भक्ति की प्राप्ति का मुख्य साधन महापुरुषों की कृपा अथवा भगवत कृपा को ही बताया है । सत्सग की महिमा श्रीमद्भागवत में भी स्थान स्थान पर गाई गई है । भागवत के प्रथम स्कन्ध मे आया है, "भगवत सगी प्रेमियों के निमेष मात्र की तुलना स्वर्गादि को तो बात ही क्या पुनर्जन्म का नाश करने वाली मुक्ति के साथ भी नहीं की जा सकती। फिर मलोक के राज्यादि सम्पत्ति की तो बात ही क्या है 13 गोस्वामी तुलसीदास जी रामचरित मानस' में भी कहते है ।
भागवत के ग्यारह वे स्क्न्ध मे स्वयं भगवान् उद्धव जी से कहते है, "प्रिय उद्धव ! जगद की जितनी आसक्तियाँ है, उन्हें सन्मग नष्ट कर देता है। यही कारण है कि सत्मम जिम प्रकार मुझे वश ने कर लेता है वैना साधन न योग है न साख्य, धर्म पालन और न स्वाध्याय । तपस्या त्याग इष्टापूर्त और दक्षिणा से भी मैं वैसा प्रसन्न नहीं होता । कहाँ तक कहूँ- व्रत, वेद तीर्थ, और यम-नियम भी मत्सग के समान मुझे वश में करने में समर्थ नही हैं। इस सत्सग की प्राप्ति भगवान् कृपा से ही होती है और भगवानु और भगवान के भक्त में कोई भेद नहीं है जैसा कि भागवतकार ने कहा है । ने
तात स्वर्ग अपवर्ग सुख, धरिय तुला एक अग
तूल न ताहि सकल मिलि, जो सुख लव सतसंग ।।
४ मागनत ६ ४६८
साववो हृदय मह्य साधूना हृदय त्वहम् । मदन्यत् ते न जानन्ति नाह तेभ्यो मनागपि
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गद्गद् वाणी से यही कहा है, हे प्यारे उद्धब गोपियो का मन नित्य निरन्तर मुझ में हो लगा रहता है । उनके प्राण उनका जीवन उनका सर्वस्व में ही हूँ। मेरे लिए उन्होंने अपने पति पुत्रादि सभी सगे सम्बन्धियों को छोड़ दिया है। उन्होने बुद्धि से भी मुझको अपना प्यारा, अपना प्रियतम तथा अपना यात्मा मान रकवा है। मेरा यही त है कि जो लोग मेरे लिए लौकिक और पारलौकिक वर्मा को छोड़ देते है उनका भरण-पोषण मैं स्वय करता हूँ । वास्तव मे गोपियों का ऐसा ही अनन्य प्रेम था। मथुरा की कुलानाम्रो गोपियों की दशा को इसी प्रकार से वर्णन किया है, 'ब्रज को गोपियाँ धन्य है जो निरन्तर श्रीकृष्ण में ही चित्त लगा रहने के कारण प्रेम भरे हृदय से गद्गद् कण्ठ से भगवान् की हो लीलाओ का गान करनी है। वे दूध दुहते दही मथते, धान कूटने घर लोपते, वालाओ को झूला झुलाते रोते हुए बालकों को चुप कराते, उन्हें नहलाते धुलाते घरो को भाडते बुहारते हर समय श्रीकृष्ण के गुणों के गाल से ही मस्त रहती है । भागवत को गोपियाँ नारद जी के बाईसवे सूत्र में भी पूरी उतरती है, जिसका अर्थ कि भक्त परमावस्था में भी भागवन के माहात्म्य ज्ञान को नही भूलता, गोपियाँ भी इसमे अपवाद नही । भागवत की गोपियों कृष्ण को साक्षात् पुष्पोत्तम भगवान् जानती हुई अपना प्रियतम समझती थी। जैसा कि दशम स्कन्ध के दो सौ तिरेसठ अध्याय के इकतीस से इकतालीस तक के श्लोको से स्पष्ट प्रकट होता है। इसी स्कन्ध के गोनिका-गीन मे गोतियाँ कहती है, "हे कृष्ण ! तुम केवल यचोदानन्दन ही नहीं हो, समस्त शरीर धारियों के हृदय में रहते वाले साक्षी हो, अन्तर्यामी हो । सखे । ब्रह्मा जी की प्रार्थना से विश्व की रक्षा करने के लिए यदुवश मे अवती हुए हो तेरह माहात्म्य ज्ञान पिना किए हुए प्रेम को नारद जी ने जारी का सा प्रेम बताया है । 'तद्विहीन जाराणामित्र' --- तेईस । इसके अनन्तर नारद जी ने प्रेम रूपा भक्ति को कर्म ज्ञान और योग से भी श्रेष्ठतर बताया है और उसी को फलस्वरूप कहा है। श्रीमद्भागवत में कई स्थानों पर भक्ति का महत्त्व प्रदर्शित किया है जिसका विवेचन हम पीछे कर चुके है। ग्यारहवे स्कन्ध मे भगवान् कहते हैं; न साधयति मां योगो न सांख्य धर्म उद्धव । न स्वाध्यायस्तपस्यागी यथा भक्तिर्ममोजिता । भक्त्याहनेकया ग्राह्य श्रद्धयात्म त्रिय सताम् । भक्ति पुनाति मन्निष्ठा श्वपाकानपि सम्भवात् । अर्थात् योग ज्ञान धर्म स्वाध्याय तर और त्याग मुझे उतना प्रसन्न नहीं कर सकते जितना मेरी दृढ भक्ति मुझे प्रसन्न करती है । सन्तो का प्रिय आत्मा रूप नै केवल श्रद्धायुक्त भक्ति के द्वारा ही वश में हो सकता हूँ। मेरी भक्ति चाण्डाल आदि को भी पवित्र कर देती है । भगवद्गीता में भी भगवान् कृष्ण ने अर्जुन मे इसी प्रकार कहा है; भागवन दस इकतीस चार नाह वेदने तपसा न दानेन न वेज्यया शक्य एव विधो द्रष्टु दृष्टवानसि मां यथा ॥ ग्रहमवविधोऽर्जुन । जातु द्रष्टु च तत्त्वेन प्रवेष्टु च परंतप ।। एक अर्थानु- हे अर्जुन ! जैसा तुमने मुझे देखा है ऐसा मैं वेद तप दान यज्ञ श्रादि से भी नहीं देखा जा सकता । हे अर्जुन । अनन्य भक्ति के द्वारा ही मेरा इस प्रकार देखा जाना, मुझे तत्त्व से जानना और मुझमे प्रवेश पाना संभव है। इस प्रकार गीता और भागवत दोनो में ही भक्ति को साध्यरूपा माना है। भक्ति ही सावन भक्ति ही साध्य है । भक्त गण भक्ति के लिए ही भक्ति करते है। इसी लिए भागवत में कहा है । लव्धवत. साधो. किमन्यदवशिष्यते । ब्रह्मण्यानन्दानुभवात्मनि दो अर्थात् भगवान कहते है कि मुझ अनन्त गुण सम्पन्न सच्चिदानन्द स्वरूप ब्रह्म मे भक्ति हो जाने पर फिर उस साधु पुरुष को कौनसी वस्तु प्राप्त करनी बाकी रह जाती है । इसके अन्तर भक्ति सूत्र में प्रेमरूपा भक्ति के साधनों का उल्लेख है जिनका विवेचन हम पीछे कर चुके हैं। परन्तु प्रेम भक्ति की प्राप्ति का मुख्य साधन महापुरुषों की कृपा अथवा भगवत कृपा को ही बताया है । सत्सग की महिमा श्रीमद्भागवत में भी स्थान स्थान पर गाई गई है । भागवत के प्रथम स्कन्ध मे आया है, "भगवत सगी प्रेमियों के निमेष मात्र की तुलना स्वर्गादि को तो बात ही क्या पुनर्जन्म का नाश करने वाली मुक्ति के साथ भी नहीं की जा सकती। फिर मलोक के राज्यादि सम्पत्ति की तो बात ही क्या है तेरह गोस्वामी तुलसीदास जी रामचरित मानस' में भी कहते है । भागवत के ग्यारह वे स्क्न्ध मे स्वयं भगवान् उद्धव जी से कहते है, "प्रिय उद्धव ! जगद की जितनी आसक्तियाँ है, उन्हें सन्मग नष्ट कर देता है। यही कारण है कि सत्मम जिम प्रकार मुझे वश ने कर लेता है वैना साधन न योग है न साख्य, धर्म पालन और न स्वाध्याय । तपस्या त्याग इष्टापूर्त और दक्षिणा से भी मैं वैसा प्रसन्न नहीं होता । कहाँ तक कहूँ- व्रत, वेद तीर्थ, और यम-नियम भी मत्सग के समान मुझे वश में करने में समर्थ नही हैं। इस सत्सग की प्राप्ति भगवान् कृपा से ही होती है और भगवानु और भगवान के भक्त में कोई भेद नहीं है जैसा कि भागवतकार ने कहा है । ने तात स्वर्ग अपवर्ग सुख, धरिय तुला एक अग तूल न ताहि सकल मिलि, जो सुख लव सतसंग ।। चार मागनत छः चार सौ अड़सठ साववो हृदय मह्य साधूना हृदय त्वहम् । मदन्यत् ते न जानन्ति नाह तेभ्यो मनागपि
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तो, आज हम आपसे कैसे बात करेंगेखेल में एक पूर्ण स्क्रीन बनाओ। खिड़की में खेलना हमेशा सुविधाजनक नहीं होता है। विशेष रूप से यदि आप एक बड़े मॉनीटर का उपयोग करते हैं या किसी कंप्यूटर को प्लाज्मा से कनेक्ट करते हैं। तो, आइए जल्द से जल्द हमारे कार्य का अध्ययन शुरू करें।
तो, पूरा करने के तरीके का पहला विकल्पखेल में स्क्रीन - यह निश्चित रूप से, तथाकथित हॉट कुंजी के संयोजन की तरह कुछ भी नहीं है। आखिरकार, ऑपरेटिंग सिस्टम में बहुत सारे "छिपे हुए" कमांड शामिल हैं जिन्हें "क्लाउडिया" से आसानी से सक्रिय किया जाता है।
यह तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह विधि काम करता हैहमेशा नहीं उदाहरण के लिए, ब्राउज़र-आधारित खिलौनों में, यह आपको पूर्ण स्क्रीन को खोलने के तरीके के उत्तर देने में सहायता नहीं करता है। फिर भी सामान्य खेलों में यह सबसे तेज़ और सही विकल्प है। "पूर्ण पर" एप्लिकेशन को तैनात करने के लिए, बस Alt + Enter कुंजी संयोजन दबाएं। सच है, इस व्यवसाय से विराम पर निपटना सबसे अच्छा है। आम तौर पर, खिलौने थोड़ा "छोटी गाड़ी" होते हैं, जबकि वे अपना मोड बदलते हैं। अब आप जानते हैं कि कीबोर्ड का उपयोग करके गेम में पूर्ण स्क्रीन कैसे बनाएं। लेकिन अन्य तरीके भी हैं। चलो देखते हैं कि और क्या किया जा सकता है।
खैर, आइए जानें कि कैसे खोलेंजब आप ब्राउज़र के माध्यम से खेलते हैं तो पूर्ण स्क्रीन। यहां Alt + Enter का संयोजन मदद नहीं करता है। गेम को तैनात करने के बजाय, आप ब्राउज़र को "खिंचाव" करेंगे। इसलिए कार्य के लिए सिर तोड़ना जरूरी है।
वास्तव में, यदि आप इस बारे में सोच रहे हैं कि कैसे करेंगेम में एक पूर्ण स्क्रीन बनाएं, और यहां तक कि ब्राउज़र में भी, आपको यह सोचने की आवश्यकता नहीं है कि जवाब दर्दनाक रूप से गहराई से छिपा हुआ है। जब उपयोगकर्ता सिर्फ आवेदन में शामिल हो जाता है, तो उसे विशेष प्रशिक्षण देने की पेशकश की जाती है। वहाँ और बताया जाएगा कि खेल में एक पूर्ण स्क्रीन कैसे करें। आमतौर पर, बस एक बटन दबाएं। यह गेम सेटिंग्स में है। एक क्लिक - और आप अपने लक्ष्य तक पहुंच गए हैं। हालांकि, प्रत्येक ब्राउज़र खिलौना में उपस्थिति अलग हो सकती है। तो, माउस कर्सर को प्रत्येक "बटन" पर ले जाएं और युक्तियां पढ़ें। लेकिन अभी के लिए, हम आगे बढ़ेंगे।
खैर, चलो एक पूर्ण स्क्रीन बनाने के बारे में सोचेंखेल में, अगर गर्म चाबियों का संयोजन बेकार था। आखिरकार, यह दृष्टिकोण हमेशा मदद नहीं करता है। तो, अब हम आपके साथ एक विकल्प का प्रयास करेंगे जो पिछले एक जैसा है - यह वही सेटिंग्स के बारे में है।
बात यह है कि हर कंप्यूटर खिलौनाहमें सभी गेमिंग अवसरों को अनुकूलित करने की अनुमति देता है। सेटिंग्स - जब आप कोई विशेष प्रोग्राम चलाते हैं तो यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है। इसलिए, उदाहरण के लिए, यदि आपके पास एक कंप्यूटर है जो न्यूनतम सिस्टम आवश्यकताओं को पूरा करता है, तो आप सभी सेटिंग्स के लिए "न्यूनतम" चुन सकते हैं - फिर खिलौना "ब्रेक" नहीं करेगा। यहां आप उन वस्तुओं को पा सकते हैं जो गेम को प्रदर्शित करने के लिए ज़िम्मेदार हैं। "पूर्ण स्क्रीन" या "पूर्ण स्क्रीन" मोड ढूंढें और बॉक्स को चेक करें (या बस चुनें)। परिवर्तनों को सहेजें और थोड़ा इंतजार करें। परिवर्तन स्पष्ट है! अब आप जानते हैं कि गेम में पूर्ण स्क्रीन कैसे बनाएं। लेकिन ये सभी उपलब्ध तरीके नहीं हैं। आइए एक और से परिचित हो जाओ।
खैर, हम अभी भी एक और दिलचस्प हैविकल्प। हालांकि, गेम सेटिंग्स में शामिल पूर्ण-स्क्रीन मोड के विपरीत, यह हमेशा मदद नहीं करता है। यह विधि कहां काम नहीं करेगी? कहां, जब आप कर्सर को गेम स्पेस से बाहर लाने का प्रयास करते हैं, तो यह गायब हो जाता है। अब हम समझेंगे क्यों।
बात यह है कि यह विकल्प क्या नहीं हैकंप्यूटर में किसी भी खिड़की की क्षमताओं के अलावा। आपको या तो ऊपरी दाएं कोने तक पहुंचने की आवश्यकता होगी और वहां दूसरा बटन ढूंढें, या प्रदर्शित विंडो के बाहर "पकड़ लें"।
पहले मामले में, आप बस खेल खोलें। इसी तरह, दूसरे बटन पर क्लिक करें ("पतन" और "बंद" के बीच), आप विंडो को अपनी मूल उपस्थिति में वापस कर पाएंगे। लेकिन दूसरा विकल्प एक स्वतंत्र खींचने से ज्यादा कुछ नहीं है। खिड़की की निचली सीमा को समझें - सीमा तक नीचे खींचें। अब - शीर्ष के लिए। पक्षों पर वही करो।
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तो, आज हम आपसे कैसे बात करेंगेखेल में एक पूर्ण स्क्रीन बनाओ। खिड़की में खेलना हमेशा सुविधाजनक नहीं होता है। विशेष रूप से यदि आप एक बड़े मॉनीटर का उपयोग करते हैं या किसी कंप्यूटर को प्लाज्मा से कनेक्ट करते हैं। तो, आइए जल्द से जल्द हमारे कार्य का अध्ययन शुरू करें। तो, पूरा करने के तरीके का पहला विकल्पखेल में स्क्रीन - यह निश्चित रूप से, तथाकथित हॉट कुंजी के संयोजन की तरह कुछ भी नहीं है। आखिरकार, ऑपरेटिंग सिस्टम में बहुत सारे "छिपे हुए" कमांड शामिल हैं जिन्हें "क्लाउडिया" से आसानी से सक्रिय किया जाता है। यह तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह विधि काम करता हैहमेशा नहीं उदाहरण के लिए, ब्राउज़र-आधारित खिलौनों में, यह आपको पूर्ण स्क्रीन को खोलने के तरीके के उत्तर देने में सहायता नहीं करता है। फिर भी सामान्य खेलों में यह सबसे तेज़ और सही विकल्प है। "पूर्ण पर" एप्लिकेशन को तैनात करने के लिए, बस Alt + Enter कुंजी संयोजन दबाएं। सच है, इस व्यवसाय से विराम पर निपटना सबसे अच्छा है। आम तौर पर, खिलौने थोड़ा "छोटी गाड़ी" होते हैं, जबकि वे अपना मोड बदलते हैं। अब आप जानते हैं कि कीबोर्ड का उपयोग करके गेम में पूर्ण स्क्रीन कैसे बनाएं। लेकिन अन्य तरीके भी हैं। चलो देखते हैं कि और क्या किया जा सकता है। खैर, आइए जानें कि कैसे खोलेंजब आप ब्राउज़र के माध्यम से खेलते हैं तो पूर्ण स्क्रीन। यहां Alt + Enter का संयोजन मदद नहीं करता है। गेम को तैनात करने के बजाय, आप ब्राउज़र को "खिंचाव" करेंगे। इसलिए कार्य के लिए सिर तोड़ना जरूरी है। वास्तव में, यदि आप इस बारे में सोच रहे हैं कि कैसे करेंगेम में एक पूर्ण स्क्रीन बनाएं, और यहां तक कि ब्राउज़र में भी, आपको यह सोचने की आवश्यकता नहीं है कि जवाब दर्दनाक रूप से गहराई से छिपा हुआ है। जब उपयोगकर्ता सिर्फ आवेदन में शामिल हो जाता है, तो उसे विशेष प्रशिक्षण देने की पेशकश की जाती है। वहाँ और बताया जाएगा कि खेल में एक पूर्ण स्क्रीन कैसे करें। आमतौर पर, बस एक बटन दबाएं। यह गेम सेटिंग्स में है। एक क्लिक - और आप अपने लक्ष्य तक पहुंच गए हैं। हालांकि, प्रत्येक ब्राउज़र खिलौना में उपस्थिति अलग हो सकती है। तो, माउस कर्सर को प्रत्येक "बटन" पर ले जाएं और युक्तियां पढ़ें। लेकिन अभी के लिए, हम आगे बढ़ेंगे। खैर, चलो एक पूर्ण स्क्रीन बनाने के बारे में सोचेंखेल में, अगर गर्म चाबियों का संयोजन बेकार था। आखिरकार, यह दृष्टिकोण हमेशा मदद नहीं करता है। तो, अब हम आपके साथ एक विकल्प का प्रयास करेंगे जो पिछले एक जैसा है - यह वही सेटिंग्स के बारे में है। बात यह है कि हर कंप्यूटर खिलौनाहमें सभी गेमिंग अवसरों को अनुकूलित करने की अनुमति देता है। सेटिंग्स - जब आप कोई विशेष प्रोग्राम चलाते हैं तो यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है। इसलिए, उदाहरण के लिए, यदि आपके पास एक कंप्यूटर है जो न्यूनतम सिस्टम आवश्यकताओं को पूरा करता है, तो आप सभी सेटिंग्स के लिए "न्यूनतम" चुन सकते हैं - फिर खिलौना "ब्रेक" नहीं करेगा। यहां आप उन वस्तुओं को पा सकते हैं जो गेम को प्रदर्शित करने के लिए ज़िम्मेदार हैं। "पूर्ण स्क्रीन" या "पूर्ण स्क्रीन" मोड ढूंढें और बॉक्स को चेक करें । परिवर्तनों को सहेजें और थोड़ा इंतजार करें। परिवर्तन स्पष्ट है! अब आप जानते हैं कि गेम में पूर्ण स्क्रीन कैसे बनाएं। लेकिन ये सभी उपलब्ध तरीके नहीं हैं। आइए एक और से परिचित हो जाओ। खैर, हम अभी भी एक और दिलचस्प हैविकल्प। हालांकि, गेम सेटिंग्स में शामिल पूर्ण-स्क्रीन मोड के विपरीत, यह हमेशा मदद नहीं करता है। यह विधि कहां काम नहीं करेगी? कहां, जब आप कर्सर को गेम स्पेस से बाहर लाने का प्रयास करते हैं, तो यह गायब हो जाता है। अब हम समझेंगे क्यों। बात यह है कि यह विकल्प क्या नहीं हैकंप्यूटर में किसी भी खिड़की की क्षमताओं के अलावा। आपको या तो ऊपरी दाएं कोने तक पहुंचने की आवश्यकता होगी और वहां दूसरा बटन ढूंढें, या प्रदर्शित विंडो के बाहर "पकड़ लें"। पहले मामले में, आप बस खेल खोलें। इसी तरह, दूसरे बटन पर क्लिक करें , आप विंडो को अपनी मूल उपस्थिति में वापस कर पाएंगे। लेकिन दूसरा विकल्प एक स्वतंत्र खींचने से ज्यादा कुछ नहीं है। खिड़की की निचली सीमा को समझें - सीमा तक नीचे खींचें। अब - शीर्ष के लिए। पक्षों पर वही करो।
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नरेंद्र मोदी ने 'आएंगे तो योगी ही' का नारा लगाया था, तो पार्टी के भीतर और बाहर भी लोग चौंके थे। लेकिन, नतीजों से टूटे 37 साल के इतिहास ने नारों के निहितार्थ बता दिए थे। तीन महीने बाद ही हुए उपचुनाव के नतीजों ने इस निहितार्थ का और विस्तार किया है।
सरकार बनने के बाद माफियाओं से लेकर दंगे के आरोपियों तक की संपत्तियों पर चले बुलडोजर को विपक्ष ने मुद्दा बनाया था, लेकिन यह उनसे उलट भाजपा के लिए मुफीद साबित हुए। बुलडोजर को दूसरे भाजपा शासित राज्य भी अपना रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इसी साल होने वाले दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक के तौर पर योगी के 'बुलडोजर बाबा' की यह इमेज अहम साबित होगी।
योगी के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर जिले से सटे आजमगढ़ की जीत योगी के लिए सियासी उपलब्धि से इतर व्यक्तिगत तौर पर खास है। 2008 में मऊ की एक सभा में जाते हुए आजमगढ़ में ही योगी के काफिले पर हमला हुआ था। ऐसे में वहां मिली जीत और महत्वपूर्ण हो जाती है। अहम यह भी है कि रामपुर और आजमगढ़ दोनों ही जगह वोटों के समीकरण योगी के राजनीतिक स्टाइल के हिसाब से मुफीद नहीं हैं। बावजूद इसके सीएम ने वहां जनसभाओं में खुलकर अपना दांव खेला।
रामपुर में उन्होंने रामपुरी चाकू सज्जन हाथों में देने की अपील के साथ ही सिखों, दलितों और गरीबों मुस्लिमों को सुरक्षा और जीविका का भरोसा दिया। आजमगढ़ को 'आर्यमगढ़' बताकर अपने कोर वोटरों के ध्रुवीकरण से भी परहेज नहीं किया। इन प्रयोगों के बाद पक्ष में आए नतीजे ना केवल योगी के आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे बल्कि भाजपा के लिए रणनीति के नए विकल्प भी खोलेंगे।
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नरेंद्र मोदी ने 'आएंगे तो योगी ही' का नारा लगाया था, तो पार्टी के भीतर और बाहर भी लोग चौंके थे। लेकिन, नतीजों से टूटे सैंतीस साल के इतिहास ने नारों के निहितार्थ बता दिए थे। तीन महीने बाद ही हुए उपचुनाव के नतीजों ने इस निहितार्थ का और विस्तार किया है। सरकार बनने के बाद माफियाओं से लेकर दंगे के आरोपियों तक की संपत्तियों पर चले बुलडोजर को विपक्ष ने मुद्दा बनाया था, लेकिन यह उनसे उलट भाजपा के लिए मुफीद साबित हुए। बुलडोजर को दूसरे भाजपा शासित राज्य भी अपना रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इसी साल होने वाले दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक के तौर पर योगी के 'बुलडोजर बाबा' की यह इमेज अहम साबित होगी। योगी के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर जिले से सटे आजमगढ़ की जीत योगी के लिए सियासी उपलब्धि से इतर व्यक्तिगत तौर पर खास है। दो हज़ार आठ में मऊ की एक सभा में जाते हुए आजमगढ़ में ही योगी के काफिले पर हमला हुआ था। ऐसे में वहां मिली जीत और महत्वपूर्ण हो जाती है। अहम यह भी है कि रामपुर और आजमगढ़ दोनों ही जगह वोटों के समीकरण योगी के राजनीतिक स्टाइल के हिसाब से मुफीद नहीं हैं। बावजूद इसके सीएम ने वहां जनसभाओं में खुलकर अपना दांव खेला। रामपुर में उन्होंने रामपुरी चाकू सज्जन हाथों में देने की अपील के साथ ही सिखों, दलितों और गरीबों मुस्लिमों को सुरक्षा और जीविका का भरोसा दिया। आजमगढ़ को 'आर्यमगढ़' बताकर अपने कोर वोटरों के ध्रुवीकरण से भी परहेज नहीं किया। इन प्रयोगों के बाद पक्ष में आए नतीजे ना केवल योगी के आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे बल्कि भाजपा के लिए रणनीति के नए विकल्प भी खोलेंगे।
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उत्तर प्रदेश के हरदोई में तीन दिन पहले मिले मासूम की शव का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के ताई को गिरफ्तार किया है. ताई ने बच्चों के विवाद में मासूम का कत्ल किया था.
दरअसल, माधौगंज थाना क्षेत्र में 14 अक्टूबर की शाम को घर के बाहर खेलते हुए चार साल का कृष्णा गायब हो गया था. इसके बाद 18 अक्टूबर को घर के पीछे कृष्णा शव मिला था. पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने बताया कि कंचे खेलने को लेकर मृतक कृष्णा के चाचा कौशल और आरोपी महिला के पुत्र सचिन में विवाद हुआ था.
इस विवाद में कौशल ने सचिन का हाथ मरोड़ दिया. यह बात सचिन ने अपनी मां रामवती को बताई. इससे आहत उसकी मां ने कौशल के परिवार को सबक सिखाने की ठान ली. फिर रामवती को कौशल का 4 वर्षीय भतीजा कृष्णा चबूतरे पर खेलते दिखा गया. रामवती ने उसे अपने घर बुलाया और अपने घर के पिछले हिस्से में ले गई, जहां पर भूसा पड़ा हुआ था. वहां मासूम को जोर से धक्का मारा. इससे उसके सिर दीवार से टकरा गया और उसकी मौके पर मौत हो गई.
मासूम की हत्या के बाद ताई ने मृतक कृष्णा के मुंह में भूसा भर दिया और बोरी में डालकर दूसरे कमरे में रख दिया. इस पूरे घटना के बारे में आरोपी महिला ने घर में किसी को नहीं बताया. जब पुलिस ने मासूम की हत्या में डॉग स्क्वॉड के साथ जांच शुरू हुई तो, रामवती घबरा गई और पकड़े जाने के डर से मासूम के शव को पास झाड़ियों में छिपा दिया और प्लास्टिक की बोरी को अपने घर में छिपा दिया.
मामले में हरदोई के एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया, "14 अक्टूबर को थाना माधवगंज में मासूम के गायब होने की सूचना प्राप्त हुई थी. कई टीमें बनाकर तलाश की गई. फिर 18 अक्टूबर को सुबह गांव की झाड़ी में बच्चे का शव मिला. पुलिस जांच के दौरान प्लास्टिक की बोरी को बरामद किया और निशानदेही पर आरोपी रामवती को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस की कड़ी पूछताछ में वह टूट गई औरअपना गुनाह कबूल कर लिया. "
उन्होंने बताया, "रामवती ने स्वीकार की है कि एक पुराने विवाद को लेकर उसने हत्या की है. वह पुलिस की कार्रवाई से डरकर शव को झाड़ियों में छुपा दिया था. जिस प्लास्टिक की बोरी में शव छुपाई थी, वह उसके घर से बरामद हुआ है. फिलहाल आरोपी रामवती को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. "
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उत्तर प्रदेश के हरदोई में तीन दिन पहले मिले मासूम की शव का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के ताई को गिरफ्तार किया है. ताई ने बच्चों के विवाद में मासूम का कत्ल किया था. दरअसल, माधौगंज थाना क्षेत्र में चौदह अक्टूबर की शाम को घर के बाहर खेलते हुए चार साल का कृष्णा गायब हो गया था. इसके बाद अट्ठारह अक्टूबर को घर के पीछे कृष्णा शव मिला था. पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने बताया कि कंचे खेलने को लेकर मृतक कृष्णा के चाचा कौशल और आरोपी महिला के पुत्र सचिन में विवाद हुआ था. इस विवाद में कौशल ने सचिन का हाथ मरोड़ दिया. यह बात सचिन ने अपनी मां रामवती को बताई. इससे आहत उसकी मां ने कौशल के परिवार को सबक सिखाने की ठान ली. फिर रामवती को कौशल का चार वर्षीय भतीजा कृष्णा चबूतरे पर खेलते दिखा गया. रामवती ने उसे अपने घर बुलाया और अपने घर के पिछले हिस्से में ले गई, जहां पर भूसा पड़ा हुआ था. वहां मासूम को जोर से धक्का मारा. इससे उसके सिर दीवार से टकरा गया और उसकी मौके पर मौत हो गई. मासूम की हत्या के बाद ताई ने मृतक कृष्णा के मुंह में भूसा भर दिया और बोरी में डालकर दूसरे कमरे में रख दिया. इस पूरे घटना के बारे में आरोपी महिला ने घर में किसी को नहीं बताया. जब पुलिस ने मासूम की हत्या में डॉग स्क्वॉड के साथ जांच शुरू हुई तो, रामवती घबरा गई और पकड़े जाने के डर से मासूम के शव को पास झाड़ियों में छिपा दिया और प्लास्टिक की बोरी को अपने घर में छिपा दिया. मामले में हरदोई के एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया, "चौदह अक्टूबर को थाना माधवगंज में मासूम के गायब होने की सूचना प्राप्त हुई थी. कई टीमें बनाकर तलाश की गई. फिर अट्ठारह अक्टूबर को सुबह गांव की झाड़ी में बच्चे का शव मिला. पुलिस जांच के दौरान प्लास्टिक की बोरी को बरामद किया और निशानदेही पर आरोपी रामवती को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस की कड़ी पूछताछ में वह टूट गई औरअपना गुनाह कबूल कर लिया. " उन्होंने बताया, "रामवती ने स्वीकार की है कि एक पुराने विवाद को लेकर उसने हत्या की है. वह पुलिस की कार्रवाई से डरकर शव को झाड़ियों में छुपा दिया था. जिस प्लास्टिक की बोरी में शव छुपाई थी, वह उसके घर से बरामद हुआ है. फिलहाल आरोपी रामवती को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. "
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कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई बुधवार को गोआलपारा की जेल से रिहा हो गए। रिहाई के बाद गोगोई ने असम की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। गोगोई ने कहा कि सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार उनको मरवाना चाहती है।
आपको बता दें कि किसान नेता अखिल गोगोई 105 दिन बाद जेल से रिहा हुए हैं। अलग अलग पुलिस थानों में उनके खिलाफ देशद्रोह सहित कुल 12 मामले दर्ज किए गए थे। गोगोई पर एनएसए लगाया गया था। हाल ही में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गोगोई को एनएसए के तहत हिरासत में रखे जाने को अवैध करार दिया था। गोगोई ने कहा कि अगर कोई दुर्घटना में उनकी हत्या कर देता है तो इसके लिए सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार और आरएसएस जिम्मेदार होंगे। बकौल गोगोई, मौजूदा सरकार नहीं चाहती कि मैं या कृषक मुक्ति संग्राम समिति का कोई सदस्य जिंदा रहे।
आरटीआई एक्टिविस्ट और किसान नेता ने आरोप लगाया कि जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो पुलिस उन्हें हाईवे से लेकर नहीं गई बल्कि खाली रोड के जरिए उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया। बकौल गोगोई, मेरी हत्या की कोई योजना थी और कई लोगों ने उन्हें सुझाव दिया था कि खुद का वाहन इस्तेमाल ना करें क्योंकि किसी भी वक्त मेरी हत्या हो सकती है। आज की स्थिति वैसी ही है जैसी हितेश्वर सैकिया और प्रफुल्ल कुमार महंता के कार्यकाल के दौरान थी जहां लोगों की किसी भी क्षण हत्या हो जाती थी।
गोगोई ने आरोप लगाया कि उनकी किसी भी क्षण हत्या हो सकती है क्योंकि सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में आते ही तुरंत उनकी सुरक्षा हटा दी थी। कुछ मसलों को लेकर सरकार लगातार उन्हें परेशान कर रही है। सर्वानंद सोनोवाल ने राज्य में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है। किसान नेता ने कहा कि फिलहाल पुलिस उन्हें चिरांग व बारपेटा पुलिस थानों में दर्ज दो अन्य मामलों में गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।
आपको बता दें कि मोरान पुलिस थाने में दर्ज केस में जमानत मिलने के बाद शनिवार को गोआलपारा पुलिस ने दुधोनी पुलिस थाने में दर्ज दूसरे केस में गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में अखिल गोगोई को मंगलवार को जमानत मिली। दुधोनी पुलिस थाने में जो केस दर्ज किया गया था वह अज्ञात युवकों की ओर से दुधोनी में दीन दयाल उपाध्याय मॉडल कॉलेज की नेमप्लेट पर कथित रूप से कालिख पोतने से जुड़ा है।
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कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई बुधवार को गोआलपारा की जेल से रिहा हो गए। रिहाई के बाद गोगोई ने असम की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। गोगोई ने कहा कि सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार उनको मरवाना चाहती है। आपको बता दें कि किसान नेता अखिल गोगोई एक सौ पाँच दिन बाद जेल से रिहा हुए हैं। अलग अलग पुलिस थानों में उनके खिलाफ देशद्रोह सहित कुल बारह मामले दर्ज किए गए थे। गोगोई पर एनएसए लगाया गया था। हाल ही में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गोगोई को एनएसए के तहत हिरासत में रखे जाने को अवैध करार दिया था। गोगोई ने कहा कि अगर कोई दुर्घटना में उनकी हत्या कर देता है तो इसके लिए सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार और आरएसएस जिम्मेदार होंगे। बकौल गोगोई, मौजूदा सरकार नहीं चाहती कि मैं या कृषक मुक्ति संग्राम समिति का कोई सदस्य जिंदा रहे। आरटीआई एक्टिविस्ट और किसान नेता ने आरोप लगाया कि जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो पुलिस उन्हें हाईवे से लेकर नहीं गई बल्कि खाली रोड के जरिए उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया। बकौल गोगोई, मेरी हत्या की कोई योजना थी और कई लोगों ने उन्हें सुझाव दिया था कि खुद का वाहन इस्तेमाल ना करें क्योंकि किसी भी वक्त मेरी हत्या हो सकती है। आज की स्थिति वैसी ही है जैसी हितेश्वर सैकिया और प्रफुल्ल कुमार महंता के कार्यकाल के दौरान थी जहां लोगों की किसी भी क्षण हत्या हो जाती थी। गोगोई ने आरोप लगाया कि उनकी किसी भी क्षण हत्या हो सकती है क्योंकि सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में आते ही तुरंत उनकी सुरक्षा हटा दी थी। कुछ मसलों को लेकर सरकार लगातार उन्हें परेशान कर रही है। सर्वानंद सोनोवाल ने राज्य में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है। किसान नेता ने कहा कि फिलहाल पुलिस उन्हें चिरांग व बारपेटा पुलिस थानों में दर्ज दो अन्य मामलों में गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। आपको बता दें कि मोरान पुलिस थाने में दर्ज केस में जमानत मिलने के बाद शनिवार को गोआलपारा पुलिस ने दुधोनी पुलिस थाने में दर्ज दूसरे केस में गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में अखिल गोगोई को मंगलवार को जमानत मिली। दुधोनी पुलिस थाने में जो केस दर्ज किया गया था वह अज्ञात युवकों की ओर से दुधोनी में दीन दयाल उपाध्याय मॉडल कॉलेज की नेमप्लेट पर कथित रूप से कालिख पोतने से जुड़ा है।
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अगर आप एक नही जगह पर Reliance Jio, Airtel, Vi और BSNL के कुछ धांसू रिचार्ज प्लांस के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो आप हम आपको इन सभी प्लांस के बारे में एक ही जगह बताने वाले हैं। यहाँ आप इन कंपनियों के कुछ सबसे बेहतरीन प्लांस को देख सकते हैं। आइए जानते है कि आखिर Airtel, Reliance Jio, Vi और BSNL आपको कौन से और किस कीमत में प्लांस पेश करते हैं, जो आपके लिए एक आदर्श प्लान के तौर पर देखे जा सकते हैं।
Reliance Jio अपने 149 रुपये के प्रीपेड (Prepaid) प्लान (Plan) को 20 दिनों वैलिडिटी (Validity) ऑफर करता है। इस प्लान (Plan) के साथ, यूजर्स को सभी Jio ऐप्स के साथ कुल 20GB डेटा भी मिलता है। इस्कया मतलब है कि इस प्लान (Plan) में आपको डेली 1GB डेटा मिलता है। इतना ही नहीं इस प्लान (Plan) में आपको अनलिमिटेड (Unlimited) वॉयस कॉलिंग (Calling) और 100 SMS भी ऑफर किये जाते हैं।
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Reliance Jio अपने 179 रुपये के प्रीपेड (Prepaid) प्लान (Plan) के साथ यूजर्स को 24 दिनों की वैलिडिटी (Validity) मिलती है। इस प्लान (Plan) के बाकी बेनिफिट्स पूरी तरह से 149 रुपये वाले प्लान (Plan) के समान हैं। यहां भी यूजर्स को सभी Jio ऐप्स के साथ 1GB डेली डेटा, अनलिमिटेड (Unlimited) वॉयस कॉलिंग (Calling) और 100 SMS डेली भी मिलते हैं।
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रिलायंस (Reliance) जियो (Jio) का 209 रुपये का प्रीपेड (Prepaid) प्लान (Plan) 28 दिनों की वैलिडिटी (Validity) ऑफर करता है। इतना ही नहीं इस प्लान (Plan) में भी आपको 1GB डेली डेटा मिलता है। इस प्लान (Plan) के साथ, यूजर्स को अनलिमिटेड (Unlimited) वॉयस कॉलिंग (Calling), 100 SMS डेली भी ऑफर किये जा रहे हैं। हालांकि इस प्लान (Plan) में आपको सभी Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन भी बाकी प्लांस (Plans) की तरह ही मिलता है।
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Jio के पास इस श्रेणी में 4 रिचार्ज (Recharge) प्लांस (Plans) हैं। इसका मतलब है कि Jio 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) के साथ Airtel से ज्यादा प्लान (Plan) ऑफर करता है। अगर पहले प्लान (Plan) की चर्चा की जाए तो यह Jio का 666 रुपये की कीमत में आने वाला रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) है, इस रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) में 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) के साथ 1. 5GB डेली डेटा (Data), अनलिमिटेड (Unlimited) वॉयस कॉलिंग (Calling) और डेली 100 फ्री एसएमएस (SMS) मिलते हैं। अतिरिक्त लाभों में Jio TV, JioCinema, Jio Security और JioCloud की मुफ्त सदस्यता शामिल है।
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Jio के अगले प्लान (Plan) की चर्चा करें तो यह 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) के साथ आने वाला 719 रुपये वाला प्लान (Plan) है। इस प्लान (Plan) में आपको सभी कुछ ऊपर वाले प्लान (Plan) की तरह ही मिलता है, हालांकि इसमें आपको डेटा (Data) के तौर पर 1. 5GB के मुकाबले 2GB डेली डेली डेटा (Data) मिलता है, बाकी लाभ जैसे कि हमने आपको बताया है कि ऊपर वाले प्लान (Plan) के स समान ही हैं।
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इस श्रेणी में Jio का अगला प्लान (Plan) 1,066 रुपये की कीमत में आने वाला प्लान (Plan) है, इस प्लान (Plan) में भी आपको 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) मिलती है, हालांकि इस प्लान (Plan) में आपको 5GB एक्स्ट्रा डेटा (Data) के साथ डेली 2GB डेटा (Data) मिलता है। इतना ही नहीं, इस प्लान (Plan) में 1 साल के Disney+ Hotstar मोबाइल सब्सक्रिप्शन के अलावा सभी अन्य लाभ पिछले दो प्लांस (Plans) की तरह ही मिलते हैं।
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इस लिस्ट में अगर हम Jio के आखिरी प्लान (Plan) की चर्चा करें तो इस लिस्ट में 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) वाला प्रीपेड (Prepaid) प्लान (Plan) 1,199 रुपये में आता है। इस प्लान (Plan) में रोजाना 3GB डेटा (Data) मिलता है, जिसमें अनलिमिटेड (Unlimited) वॉयस कॉलिंग (Calling) और रोजाना 100 फ्री एसएमएस (SMS) शामिल हैं। अन्य लाभों में Jio TV, JioCinema, Jio Security और JioCloud की मुफ्त सदस्यता शामिल है।
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एयरटेल (Airtel) का यह प्लान Rs 2,999 में 365 दिन की वैधता ऑफर कर रहा है। इस तरह दिन का खर्च 8. 2 रूपये बैठता है। प्लान में हर दिन 2GB डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग (unlimited calling) और हर दिन 100 SMS का लाभ मिलता है। इसके साथ ही ग्राहक, डिज्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar), प्राइम विडियो मोबाइल एडिशन (Prime Video Mobile Edition), फ्री हैलोट्यून, विंक म्यूज़िक आदि सेवाओं का फ्री लाभ उठा सकते हैं।
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एयरटेल (Airtel) के पास तीन 84 दिन की वैलिडिटी (Validity) वाले प्लान (Plan) हैं। इन प्लान्स की शुरुआत 455 रुपये से होती है। इस रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) में यूजर्स को 6GB डेटा (Data), अनलिमिटेड (Unlimited) कॉलिंग (Calling) और 900 फ्री एसएमएस (SMS) मिलते हैं। हालांकि इतना ही नहीं, इस प्लान (Plan) में यूजर्स को प्राइम वीडियो मोबाइल एडिशन का 30 दिनों का फ्री ट्रायल, 3 महीने का अपोलो 27/7 सर्कल, शॉ अकादमी के साथ मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, फास्टैग पर 100 रुपये का कैशबैक, मुफ्त हेलोट्यून्स और मुफ्त विंक म्यूजिक शामिल हैं।
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एयरटेल (Airtel) का 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) के साथ आने वाला अगला प्लान (Plan) 719 रुपये का है। इस रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) के साथ यूजर्स को रोजाना 1. 5GB डेटा (Data), अनलिमिटेड (Unlimited) कॉलिंग (Calling) और रोजाना 100 फ्री एसएमएस (SMS) की सुविधा मिलती है। इस प्लान (Plan) के अन्य लाभों में प्राइम वीडियो मोबाइल एडिशन का 30 दिनों का फ्री ट्रायल, 3 महीने का अपोलो 27/7 सर्कल, शॉ अकादमी में मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, फास्टैग पर 100 रुपये का कैशबैक, मुफ्त हेलोट्यून्स और विंक म्यूजिक की मुफ्त पहुंच शामिल है।
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अगर एयरटेल (Airtel) के अगले प्लान (Plan) की चर्चा की जाए तो यह 839 रुपये की कीमत वाला रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) है। इस रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) यूजर्स को रोजाना 2GB डेटा (Data), अनलिमिटेड (Unlimited) कॉलिंग (Calling) और 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) के साथ 100 फ्री एसएमएस (SMS) डेली मिलेंगे। इसके साथ ग्राहकों को प्राइम वीडियो मोबाइल एडिशन पर 30 दिनों का फ्री ट्रायल, 3 महीने का अपोलो 27/7 सर्कल, शॉ एकेडमी में मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, फास्टैग पर 100 रुपये का कैशबैक, हेलोट्यून्स की मुफ्त एक्सेस और विंक म्यूजिक की मुफ्त सुविधा मिलेगी।
वोडाफोन आइडिया (Vi) की बात करें तो कंपनी Rs 539 में 56 दिन की वैधता के लिए हर रोज़ 2GB डाटा ऑफर कर रही है। इस तरह प्लान में कुल 112GB डाटा मिल रहा है। इसके अलावा, आप अनलिमिटेड कॉलिंग, प्रतिदिन 100SMS का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही प्लान में बिंज ऑल नाइट, वीकेंड डेटा रोलओवर, डेटा डिलाइट और Vi Movies & TV Classic का मुफ्त एक्सेस का फ्री एक्सेस मिलता है।
Vodafone Idea 84 दिनों की वैलिडिटी (Validity) के साथ 3 रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) पेश करता है। इन प्लान (Plan) की शुरुआत 459 रुपये से होती है। 459 रुपये में 6GB डेटा (Data), अनलिमिटेड (Unlimited) कॉलिंग (Calling) और 1000 फ्री एसएमएस (SMS) मिलते हैं। अतिरिक्त लाभों में वीआई (Vi) मूवीज और टीवी का एक्सेस शामिल है।
वीआई (Vi) का एक और 84 दिन का प्लान (Plan) 719 रुपये में मिलेगा। इस रिचार्ज (Recharge) प्लान (Plan) में रोजाना 1. 5GB डेटा (Data), अनलिमिटेड (Unlimited) कॉलिंग (Calling) और 1000 फ्री एसएमएस (SMS) मिलते हैं। ग्राहकों को वीआई (Vi) मूवीज और टीवी का बेसिक एक्सेस भी मिलेगा। इस प्लान (Plan) के साथ आपको वीकेंड डेटा (Data) रोलओवर के अलावा ऑल नाइट बिंज का एक्सेस मिलता है। यह प्रीपेड (Prepaid) प्लान (Plan) प्रति माह 2GB तक बैकअप डेटा (Data) भी प्रदान करता है।
एक अन्य प्लान (Plan) की चर्चा की जाए तो यह 839 रुपये वाला प्लान (Plan) है, इस वीआई (Vi) प्रीपेड (Prepaid) प्लान (Plan) में 2GB डेली डेटा (Data) के साथ-साथ अन्य सभी लाभ जैसे 719 रुपये प्रदान करता है, इस प्लान (Plan) में भी आपको मिलते हैं, इतना ही नहीं इस प्लान (Plan) की वैलिडिटी (Validity) भी पिछले प्लान (Plan) की तरह ही 84 दिनों की है।
बीएसएनएल (BSNL) 797 रुपये के प्लान (Plan) में 395 दिनों की वैलिडिटी ऑफर करता है। लॉन्च ऑफर के एक हिस्से के रूप में, टेलीकॉम ऑपरेटर ने अतिरिक्त 30 दिनों की वैलिडिटी की भी घोषणा अपने यूजर्स के लिए कर दी है। हालांकि यहाँ इस प्लान (Plan) के इस लाभ को समझना बेहद ही जरूरी है। असल में उपयोगकर्ता अतिरिक्त वैलिडिटी तभी प्राप्त कर पाएंगे जब वे 12 जून, 2022 तक इस प्लान (Plan) को अपने लिए एक विकल्प के रूप में चुनेंगे।
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यहाँ आपको जानकारी के लिए यह भी बता देते है कि आपको जो भी लाभ इस प्लान (Plan) के साथ दिए जाने वाले हैं, वह आपको मात्र पहले 60 दिनों के लिए ही मिलने वाले हैं। 60वें दिन के बाद, उपयोगकर्ताओं को कॉल करने या इंटरनेट ब्राउज़ करने के लिए या तो टॉकटाइम या डेटा प्लान (Plan) का अलग से कोई ऑप्शन चुनना होगा। ऐसा भी कह सकते है कि आपको अलग से एक प्लान (Plan) लेने की जरूरत होने वाली है। इसी कारण हम कह रहे थे कि इस प्लान (Plan) को अपने डिवाइस को चालू मात्र रखने के लिए यूजर्स इस्तेमाल कर सकते हैं।
जहां तक बेनिफिट्स का सवाल है, बीएसएनएल (BSNL) के 797 रुपये के प्लान (Plan) में पहले 60 दिनों के लिए 2GB डेली डेटा, अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और 100 SMS भी डेली दिए जा रहे हैं। हालांकि 60वें दिन के बाद डेटा स्पीड घटकर 80Kbps रह जाने वाली है। यहाँ आपको जानकारी के लिए यह भी बता देते है कि यह प्लान हमने कंपनी की वेबसाइट पर चेक किया है, यह सभी BSNL सर्कलों में उपलब्ध नहीं है!
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शुरुआत करें बीएसएनएल (BSNL) के Rs 49 वाले प्लान (Rs 49 Plan) से तो इस प्लान की वैधता 24 दिनों की है और यह 2GB हाई स्पीड इंटरनेट (High speed internet) के साथ आता है। कॉलिंग (calling) के लिए इस रिचार्ज प्लान (recharge plan) में कुल 100 फ्री मिनट दिए जा रहे हैं जिसे आप पूरी अवधि तक उपयोग कर सकते हैं।
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अब बात करें BSNL के Rs 99 वाले प्लान की तो इसमें 22 दिनों की अवधि के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग (unlimited calling) का लाभ मिलता है। यह एक वॉयस रिचार्ज (voice recharge) है इसलिए इसमें कोई डाटा बेनिफ़िट (data benefit) शामिल नहीं है।
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अब बात करने Rs 118 के रिचार्ज (recharge) की तो यह रिचार्ज (recharge) 26 दिनों की वैधता (validity) के साथ आता है जिसमें आपको अनलिमिटेड कॉलिंग (unlimited calling) और हर रोज़ 0,5GB डाटा का लाभ मिलता है।
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कंपनी एक और वॉइस वाउचर (voice voucher) ऑफर करती है जिसकी कीमत Rs 135 है। इस रिचार्ज प्लान (recharge plan) की अवधि 24 दिन है लेकिन इसमें आपको कुल 1,440 फ्री मिनट मिलते हैं। Rs 99 के प्लान की तरह इसमें भी कोई डाटा बेनिफ़िट नहीं मिलता है।
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बीएसएनएल (BSNL) Rs 100 से कम में 6 डाटा वाउचर (data voucher) ऑफर करता है। ये वाउचर (voucher) Rs 19, Rs 56, Rs 75, Rs 94, Rs 97, और Rs 98 की कीमत में आते हैं। Rs 19 में यूजर्स को 2GB डाटा और 1 दिन की सर्विस वैधता मिलती है। अगर आप अधिक डाटा चाहते हैं तो Rs 56 का रिचार्ज (recharge) कर सकते हैं जिसमें 10GB डाटा मिलता है और इसके साथ 10 दिनों के लिए फ्री ज़िंग सब्स्क्रिप्शन मिलता है।
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अब बात करें Rs 75 वाले वाउचर (voucher) की तो इसकी सर्विस वैधता 50 दिनों की है और प्लान में 2GB डाटा और 100 मिनट फ्री वॉयस कॉलिंग और 50 दिनों के लिए फ्री PRBT बेनिफ़िट मिलता है।
Rs 94 वाले वाउचर में बीएसएनएल (BSNL) 3GB डाटा मिलता है जिसे यूजर्स को 75 दिन में उपयोग करना होगा और साथ ही 100 मिनट फ्री वॉयस कॉलिंग का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा प्लान में 60 दिनों के लिए PRBT का बेनिफ़िट मिल रहा है।
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Rs 97 के प्लान में यूजर्स को प्रतिदिन 2GB डाटा मिल रहा है। इसके अलावा प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और लोकधुन का लाभ मिल रहा है और इसकी वैधता 18 दिन है।
आखिर में बात करें Rs 98 के प्लान की तो इसमें प्रतिदिन 2GB डाटा मिलता है लेकिन इसमें कोई अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग का लाभ नहीं मिलता है। प्लान फ्री Eros Now ओवर-द-टॉप (OTT) सब्स्क्रिप्शन के साथ आता है। इसकी वैधता 22 दिन की है।
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अगर आप एक नही जगह पर Reliance Jio, Airtel, Vi और BSNL के कुछ धांसू रिचार्ज प्लांस के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो आप हम आपको इन सभी प्लांस के बारे में एक ही जगह बताने वाले हैं। यहाँ आप इन कंपनियों के कुछ सबसे बेहतरीन प्लांस को देख सकते हैं। आइए जानते है कि आखिर Airtel, Reliance Jio, Vi और BSNL आपको कौन से और किस कीमत में प्लांस पेश करते हैं, जो आपके लिए एक आदर्श प्लान के तौर पर देखे जा सकते हैं। Reliance Jio अपने एक सौ उनचास रुपयापये के प्रीपेड प्लान को बीस दिनों वैलिडिटी ऑफर करता है। इस प्लान के साथ, यूजर्स को सभी Jio ऐप्स के साथ कुल बीसGB डेटा भी मिलता है। इस्कया मतलब है कि इस प्लान में आपको डेली एकGB डेटा मिलता है। इतना ही नहीं इस प्लान में आपको अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और एक सौ SMS भी ऑफर किये जाते हैं। नोटः Jio के रिचार्ज प्लान की जानकारी के लिए क्लिक करें! Reliance Jio अपने एक सौ उन्यासी रुपयापये के प्रीपेड प्लान के साथ यूजर्स को चौबीस दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान के बाकी बेनिफिट्स पूरी तरह से एक सौ उनचास रुपयापये वाले प्लान के समान हैं। यहां भी यूजर्स को सभी Jio ऐप्स के साथ एकGB डेली डेटा, अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और एक सौ SMS डेली भी मिलते हैं। नोटः Jio के रिचार्ज प्लान की जानकारी के लिए क्लिक करें! रिलायंस जियो का दो सौ नौ रुपयापये का प्रीपेड प्लान अट्ठाईस दिनों की वैलिडिटी ऑफर करता है। इतना ही नहीं इस प्लान में भी आपको एकGB डेली डेटा मिलता है। इस प्लान के साथ, यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग , एक सौ SMS डेली भी ऑफर किये जा रहे हैं। हालांकि इस प्लान में आपको सभी Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन भी बाकी प्लांस की तरह ही मिलता है। नोटः Jio के रिचार्ज प्लान की जानकारी के लिए क्लिक करें! Jio के पास इस श्रेणी में चार रिचार्ज प्लांस हैं। इसका मतलब है कि Jio चौरासी दिनों की वैलिडिटी के साथ Airtel से ज्यादा प्लान ऑफर करता है। अगर पहले प्लान की चर्चा की जाए तो यह Jio का छः सौ छयासठ रुपयापये की कीमत में आने वाला रिचार्ज प्लान है, इस रिचार्ज प्लान में चौरासी दिनों की वैलिडिटी के साथ एक. पाँचGB डेली डेटा , अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और डेली एक सौ फ्री एसएमएस मिलते हैं। अतिरिक्त लाभों में Jio TV, JioCinema, Jio Security और JioCloud की मुफ्त सदस्यता शामिल है। नोटः Jio के रिचार्ज प्लान की जानकारी के लिए क्लिक करें! Jio के अगले प्लान की चर्चा करें तो यह चौरासी दिनों की वैलिडिटी के साथ आने वाला सात सौ उन्नीस रुपयापये वाला प्लान है। इस प्लान में आपको सभी कुछ ऊपर वाले प्लान की तरह ही मिलता है, हालांकि इसमें आपको डेटा के तौर पर एक. पाँचGB के मुकाबले दोGB डेली डेली डेटा मिलता है, बाकी लाभ जैसे कि हमने आपको बताया है कि ऊपर वाले प्लान के स समान ही हैं। नोटः Jio के रिचार्ज प्लान की जानकारी के लिए क्लिक करें! इस श्रेणी में Jio का अगला प्लान एक,छयासठ रुपयापये की कीमत में आने वाला प्लान है, इस प्लान में भी आपको चौरासी दिनों की वैलिडिटी मिलती है, हालांकि इस प्लान में आपको पाँचGB एक्स्ट्रा डेटा के साथ डेली दोGB डेटा मिलता है। इतना ही नहीं, इस प्लान में एक साल के Disney+ Hotstar मोबाइल सब्सक्रिप्शन के अलावा सभी अन्य लाभ पिछले दो प्लांस की तरह ही मिलते हैं। नोटः Jio के रिचार्ज प्लान की जानकारी के लिए क्लिक करें! इस लिस्ट में अगर हम Jio के आखिरी प्लान की चर्चा करें तो इस लिस्ट में चौरासी दिनों की वैलिडिटी वाला प्रीपेड प्लान एक,एक सौ निन्यानवे रुपयापये में आता है। इस प्लान में रोजाना तीनGB डेटा मिलता है, जिसमें अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोजाना एक सौ फ्री एसएमएस शामिल हैं। अन्य लाभों में Jio TV, JioCinema, Jio Security और JioCloud की मुफ्त सदस्यता शामिल है। नोटः Jio के रिचार्ज प्लान की जानकारी के लिए क्लिक करें! एयरटेल का यह प्लान दो रुपया,नौ सौ निन्यानवे में तीन सौ पैंसठ दिन की वैधता ऑफर कर रहा है। इस तरह दिन का खर्च आठ. दो रूपये बैठता है। प्लान में हर दिन दोGB डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और हर दिन एक सौ SMS का लाभ मिलता है। इसके साथ ही ग्राहक, डिज्नी+ हॉटस्टार , प्राइम विडियो मोबाइल एडिशन , फ्री हैलोट्यून, विंक म्यूज़िक आदि सेवाओं का फ्री लाभ उठा सकते हैं। नोटः Airtel के रिचार्ज प्लान की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! एयरटेल के पास तीन चौरासी दिन की वैलिडिटी वाले प्लान हैं। इन प्लान्स की शुरुआत चार सौ पचपन रुपयापये से होती है। इस रिचार्ज प्लान में यूजर्स को छःGB डेटा , अनलिमिटेड कॉलिंग और नौ सौ फ्री एसएमएस मिलते हैं। हालांकि इतना ही नहीं, इस प्लान में यूजर्स को प्राइम वीडियो मोबाइल एडिशन का तीस दिनों का फ्री ट्रायल, तीन महीने का अपोलो सत्ताईस/सात सर्कल, शॉ अकादमी के साथ मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, फास्टैग पर एक सौ रुपयापये का कैशबैक, मुफ्त हेलोट्यून्स और मुफ्त विंक म्यूजिक शामिल हैं। नोटः Airtel के रिचार्ज प्लान की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! एयरटेल का चौरासी दिनों की वैलिडिटी के साथ आने वाला अगला प्लान सात सौ उन्नीस रुपयापये का है। इस रिचार्ज प्लान के साथ यूजर्स को रोजाना एक. पाँचGB डेटा , अनलिमिटेड कॉलिंग और रोजाना एक सौ फ्री एसएमएस की सुविधा मिलती है। इस प्लान के अन्य लाभों में प्राइम वीडियो मोबाइल एडिशन का तीस दिनों का फ्री ट्रायल, तीन महीने का अपोलो सत्ताईस/सात सर्कल, शॉ अकादमी में मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, फास्टैग पर एक सौ रुपयापये का कैशबैक, मुफ्त हेलोट्यून्स और विंक म्यूजिक की मुफ्त पहुंच शामिल है। नोटः Airtel के रिचार्ज प्लान की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! अगर एयरटेल के अगले प्लान की चर्चा की जाए तो यह आठ सौ उनतालीस रुपयापये की कीमत वाला रिचार्ज प्लान है। इस रिचार्ज प्लान यूजर्स को रोजाना दोGB डेटा , अनलिमिटेड कॉलिंग और चौरासी दिनों की वैलिडिटी के साथ एक सौ फ्री एसएमएस डेली मिलेंगे। इसके साथ ग्राहकों को प्राइम वीडियो मोबाइल एडिशन पर तीस दिनों का फ्री ट्रायल, तीन महीने का अपोलो सत्ताईस/सात सर्कल, शॉ एकेडमी में मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, फास्टैग पर एक सौ रुपयापये का कैशबैक, हेलोट्यून्स की मुफ्त एक्सेस और विंक म्यूजिक की मुफ्त सुविधा मिलेगी। वोडाफोन आइडिया की बात करें तो कंपनी पाँच सौ उनतालीस रुपया में छप्पन दिन की वैधता के लिए हर रोज़ दोGB डाटा ऑफर कर रही है। इस तरह प्लान में कुल एक सौ बारहGB डाटा मिल रहा है। इसके अलावा, आप अनलिमिटेड कॉलिंग, प्रतिदिन एक सौSMS का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही प्लान में बिंज ऑल नाइट, वीकेंड डेटा रोलओवर, डेटा डिलाइट और Vi Movies & TV Classic का मुफ्त एक्सेस का फ्री एक्सेस मिलता है। Vodafone Idea चौरासी दिनों की वैलिडिटी के साथ तीन रिचार्ज प्लान पेश करता है। इन प्लान की शुरुआत चार सौ उनसठ रुपयापये से होती है। चार सौ उनसठ रुपयापये में छःGB डेटा , अनलिमिटेड कॉलिंग और एक हज़ार फ्री एसएमएस मिलते हैं। अतिरिक्त लाभों में वीआई मूवीज और टीवी का एक्सेस शामिल है। वीआई का एक और चौरासी दिन का प्लान सात सौ उन्नीस रुपयापये में मिलेगा। इस रिचार्ज प्लान में रोजाना एक. पाँचGB डेटा , अनलिमिटेड कॉलिंग और एक हज़ार फ्री एसएमएस मिलते हैं। ग्राहकों को वीआई मूवीज और टीवी का बेसिक एक्सेस भी मिलेगा। इस प्लान के साथ आपको वीकेंड डेटा रोलओवर के अलावा ऑल नाइट बिंज का एक्सेस मिलता है। यह प्रीपेड प्लान प्रति माह दोGB तक बैकअप डेटा भी प्रदान करता है। एक अन्य प्लान की चर्चा की जाए तो यह आठ सौ उनतालीस रुपयापये वाला प्लान है, इस वीआई प्रीपेड प्लान में दोGB डेली डेटा के साथ-साथ अन्य सभी लाभ जैसे सात सौ उन्नीस रुपयापये प्रदान करता है, इस प्लान में भी आपको मिलते हैं, इतना ही नहीं इस प्लान की वैलिडिटी भी पिछले प्लान की तरह ही चौरासी दिनों की है। बीएसएनएल सात सौ सत्तानवे रुपयापये के प्लान में तीन सौ पचानवे दिनों की वैलिडिटी ऑफर करता है। लॉन्च ऑफर के एक हिस्से के रूप में, टेलीकॉम ऑपरेटर ने अतिरिक्त तीस दिनों की वैलिडिटी की भी घोषणा अपने यूजर्स के लिए कर दी है। हालांकि यहाँ इस प्लान के इस लाभ को समझना बेहद ही जरूरी है। असल में उपयोगकर्ता अतिरिक्त वैलिडिटी तभी प्राप्त कर पाएंगे जब वे बारह जून, दो हज़ार बाईस तक इस प्लान को अपने लिए एक विकल्प के रूप में चुनेंगे। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! यहाँ आपको जानकारी के लिए यह भी बता देते है कि आपको जो भी लाभ इस प्लान के साथ दिए जाने वाले हैं, वह आपको मात्र पहले साठ दिनों के लिए ही मिलने वाले हैं। साठवें दिन के बाद, उपयोगकर्ताओं को कॉल करने या इंटरनेट ब्राउज़ करने के लिए या तो टॉकटाइम या डेटा प्लान का अलग से कोई ऑप्शन चुनना होगा। ऐसा भी कह सकते है कि आपको अलग से एक प्लान लेने की जरूरत होने वाली है। इसी कारण हम कह रहे थे कि इस प्लान को अपने डिवाइस को चालू मात्र रखने के लिए यूजर्स इस्तेमाल कर सकते हैं। जहां तक बेनिफिट्स का सवाल है, बीएसएनएल के सात सौ सत्तानवे रुपयापये के प्लान में पहले साठ दिनों के लिए दोGB डेली डेटा, अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और एक सौ SMS भी डेली दिए जा रहे हैं। हालांकि साठवें दिन के बाद डेटा स्पीड घटकर अस्सीKbps रह जाने वाली है। यहाँ आपको जानकारी के लिए यह भी बता देते है कि यह प्लान हमने कंपनी की वेबसाइट पर चेक किया है, यह सभी BSNL सर्कलों में उपलब्ध नहीं है! नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! शुरुआत करें बीएसएनएल के उनचास रुपया वाले प्लान से तो इस प्लान की वैधता चौबीस दिनों की है और यह दोGB हाई स्पीड इंटरनेट के साथ आता है। कॉलिंग के लिए इस रिचार्ज प्लान में कुल एक सौ फ्री मिनट दिए जा रहे हैं जिसे आप पूरी अवधि तक उपयोग कर सकते हैं। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! अब बात करें BSNL के निन्यानवे रुपया वाले प्लान की तो इसमें बाईस दिनों की अवधि के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलता है। यह एक वॉयस रिचार्ज है इसलिए इसमें कोई डाटा बेनिफ़िट शामिल नहीं है। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! अब बात करने एक सौ अट्ठारह रुपया के रिचार्ज की तो यह रिचार्ज छब्बीस दिनों की वैधता के साथ आता है जिसमें आपको अनलिमिटेड कॉलिंग और हर रोज़ शून्य,पाँचGB डाटा का लाभ मिलता है। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! कंपनी एक और वॉइस वाउचर ऑफर करती है जिसकी कीमत एक सौ पैंतीस रुपया है। इस रिचार्ज प्लान की अवधि चौबीस दिन है लेकिन इसमें आपको कुल एक,चार सौ चालीस फ्री मिनट मिलते हैं। निन्यानवे रुपया के प्लान की तरह इसमें भी कोई डाटा बेनिफ़िट नहीं मिलता है। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! बीएसएनएल एक सौ रुपया से कम में छः डाटा वाउचर ऑफर करता है। ये वाउचर उन्नीस रुपया, छप्पन रुपया, पचहत्तर रुपया, चौरानवे रुपया, सत्तानवे रुपया, और अट्ठानवे रुपया की कीमत में आते हैं। उन्नीस रुपया में यूजर्स को दोGB डाटा और एक दिन की सर्विस वैधता मिलती है। अगर आप अधिक डाटा चाहते हैं तो छप्पन रुपया का रिचार्ज कर सकते हैं जिसमें दसGB डाटा मिलता है और इसके साथ दस दिनों के लिए फ्री ज़िंग सब्स्क्रिप्शन मिलता है। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! अब बात करें पचहत्तर रुपया वाले वाउचर की तो इसकी सर्विस वैधता पचास दिनों की है और प्लान में दोGB डाटा और एक सौ मिनट फ्री वॉयस कॉलिंग और पचास दिनों के लिए फ्री PRBT बेनिफ़िट मिलता है। चौरानवे रुपया वाले वाउचर में बीएसएनएल तीनGB डाटा मिलता है जिसे यूजर्स को पचहत्तर दिन में उपयोग करना होगा और साथ ही एक सौ मिनट फ्री वॉयस कॉलिंग का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा प्लान में साठ दिनों के लिए PRBT का बेनिफ़िट मिल रहा है। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें! सत्तानवे रुपया के प्लान में यूजर्स को प्रतिदिन दोGB डाटा मिल रहा है। इसके अलावा प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और लोकधुन का लाभ मिल रहा है और इसकी वैधता अट्ठारह दिन है। आखिर में बात करें अट्ठानवे रुपया के प्लान की तो इसमें प्रतिदिन दोGB डाटा मिलता है लेकिन इसमें कोई अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग का लाभ नहीं मिलता है। प्लान फ्री Eros Now ओवर-द-टॉप सब्स्क्रिप्शन के साथ आता है। इसकी वैधता बाईस दिन की है। नोटः BSNL के रिचार्ज प्लांस की अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें!
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पंचकूला, 22 दिसंबर (ट्रिन्यू)
आरडब्ल्यूए द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन के पांचवें दिन आज यहां सेक्टर 20 में पेड पार्किंग के खिलाफ दुकानदारों ने आज एकता दिखाते हुए तीन बजे तक पूरी मार्केट बंद रखी। दुकानदार सेक्टर 14 नगर निगम दफ़्तर के बाहर रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में समर्थकों सहित पहुंचे। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष एवं मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेड पार्किंग को वापस लेने की मांग की।
प्राप्त जानकारी अनुसार पूर्व उप मुख्यमंत्री चन्द्रमोहन भी समर्थकों के साथ सेक्टर 14 में नगर निगम दफ्तर के बाहर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम मांग करने नहीं आये हैं बल्कि बताने आये हैं कि किसी भी हालत में पेड पार्किंग नहीं चलने देंगे। न ही आशियाना कंपलेक्स बनाने के नाम पर पेड़ काटने देंगे। इसके लिये चाहे कितना भी संघर्ष करना पड़े। 15 दिन का समय देते हैं, यदि दोनों फ़ैसले वापस ले नहीं लिये तो इनको गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। पूर्व मेयर उपेंद्र आहलूवालिया ने कहा कि उनके समय नगर निगम के पास फंड की कोई कमी नहीं थी। दोनों निर्णयों को अविलंब वापस लिया जाना चाहिए। प्रधान केके जिंदल व योगेन्द्र क्वात्रा ने कहा कि अगला प्रदर्शन 5 व 6 जनवरी को सेक्टर 20 में व 7 जनवरी को नगर निगम का घेराव किया जायेगा।
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पंचकूला, बाईस दिसंबर आरडब्ल्यूए द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन के पांचवें दिन आज यहां सेक्टर बीस में पेड पार्किंग के खिलाफ दुकानदारों ने आज एकता दिखाते हुए तीन बजे तक पूरी मार्केट बंद रखी। दुकानदार सेक्टर चौदह नगर निगम दफ़्तर के बाहर रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में समर्थकों सहित पहुंचे। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष एवं मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेड पार्किंग को वापस लेने की मांग की। प्राप्त जानकारी अनुसार पूर्व उप मुख्यमंत्री चन्द्रमोहन भी समर्थकों के साथ सेक्टर चौदह में नगर निगम दफ्तर के बाहर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम मांग करने नहीं आये हैं बल्कि बताने आये हैं कि किसी भी हालत में पेड पार्किंग नहीं चलने देंगे। न ही आशियाना कंपलेक्स बनाने के नाम पर पेड़ काटने देंगे। इसके लिये चाहे कितना भी संघर्ष करना पड़े। पंद्रह दिन का समय देते हैं, यदि दोनों फ़ैसले वापस ले नहीं लिये तो इनको गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। पूर्व मेयर उपेंद्र आहलूवालिया ने कहा कि उनके समय नगर निगम के पास फंड की कोई कमी नहीं थी। दोनों निर्णयों को अविलंब वापस लिया जाना चाहिए। प्रधान केके जिंदल व योगेन्द्र क्वात्रा ने कहा कि अगला प्रदर्शन पाँच व छः जनवरी को सेक्टर बीस में व सात जनवरी को नगर निगम का घेराव किया जायेगा।
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जडेजा ने पोस्ट की धोनी की अनोखी तस्वीर, आपने शायद ही पहले देखी हो!
टीम इंडिया आजकल इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब बचाने के मिशन पर है। इस मिशन का टीम इंडिया ने अपने पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 124 रन से करारी मात देते हुए धमाकेदार आगाज भी कर दिया है। विराट सेना खिताब बचाने के लिए बेहद संजीदा है और इसके लिए मैदान पर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। लेकिन इस बीच खिलाड़ी मौज-मस्ती करने का कोई मौका भी हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं। ऐसे में वो साथी खिलाड़ियों की खिंचाई करने के साथ-साथ अपने प्रशंसकों को भी खुश होने का मौका दे रहे हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ी रिलैक्स दिख रहे हैं। इस मैच में जडेजा ने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों को वापस पवेलियन भेजा। फील्डिंग में भी जडेजा ने शोएब मलिक को धमाकेदार तरीके से रन आउट कर भारत-पाक मैचों के ऐतिहासिक पलों में अपना नाम दर्ज करा लिया। एमएस धोनी को इस मैच में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। अंतिम समय में धोनी से पहले बल्लेबाजी करने हार्दिक पांड्या को भेजा गया जिन्होंने लगातार तीन गेंद में तीन छक्के जड़कर धमाका कर दिया।
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जडेजा ने पोस्ट की धोनी की अनोखी तस्वीर, आपने शायद ही पहले देखी हो! टीम इंडिया आजकल इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब बचाने के मिशन पर है। इस मिशन का टीम इंडिया ने अपने पहले मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एक सौ चौबीस रन से करारी मात देते हुए धमाकेदार आगाज भी कर दिया है। विराट सेना खिताब बचाने के लिए बेहद संजीदा है और इसके लिए मैदान पर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। लेकिन इस बीच खिलाड़ी मौज-मस्ती करने का कोई मौका भी हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं। ऐसे में वो साथी खिलाड़ियों की खिंचाई करने के साथ-साथ अपने प्रशंसकों को भी खुश होने का मौका दे रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ी रिलैक्स दिख रहे हैं। इस मैच में जडेजा ने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों को वापस पवेलियन भेजा। फील्डिंग में भी जडेजा ने शोएब मलिक को धमाकेदार तरीके से रन आउट कर भारत-पाक मैचों के ऐतिहासिक पलों में अपना नाम दर्ज करा लिया। एमएस धोनी को इस मैच में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। अंतिम समय में धोनी से पहले बल्लेबाजी करने हार्दिक पांड्या को भेजा गया जिन्होंने लगातार तीन गेंद में तीन छक्के जड़कर धमाका कर दिया। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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लेकर वाईपर तक का सारा विवरण अंकित रहता।
देखी और वह एक बड़ी मुसीबत से बच गया।
हँसते थे और अब भी हँस रहे थे।
स्टेयरिंग को घुमाया हुआ दफ़तर के अहाते से बाहर निकल गया।
घमंडी समझ लें।
कार में हमें दिखलाई नहीं देती।" तो वह तमक कर उत्तर देता,
"आँख का इलाज करवाओ दिखलाई दे जाएगी।"
हो या नहीं?"
स्वर में उत्तर देता या फिर कभी स्वयं ही कहता।
करवानी पड़ेगी।"
था कि उसे पागल करार दिया जाता।
दिया तो उसने फॉग लाइट आन कर दी। अब कुछ दिखलाई देने लगा था।
चादर फट गई!
अगली सुबह!
रंगीन फूलों के हज़ारों खुशनुमा गुलदस्तों से लदा हुआ सूरज,
उसके क़रीब से गुज़रता हुआ शहर की तरफ़ बढ़ गया।
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लेकर वाईपर तक का सारा विवरण अंकित रहता। देखी और वह एक बड़ी मुसीबत से बच गया। हँसते थे और अब भी हँस रहे थे। स्टेयरिंग को घुमाया हुआ दफ़तर के अहाते से बाहर निकल गया। घमंडी समझ लें। कार में हमें दिखलाई नहीं देती।" तो वह तमक कर उत्तर देता, "आँख का इलाज करवाओ दिखलाई दे जाएगी।" हो या नहीं?" स्वर में उत्तर देता या फिर कभी स्वयं ही कहता। करवानी पड़ेगी।" था कि उसे पागल करार दिया जाता। दिया तो उसने फॉग लाइट आन कर दी। अब कुछ दिखलाई देने लगा था। चादर फट गई! अगली सुबह! रंगीन फूलों के हज़ारों खुशनुमा गुलदस्तों से लदा हुआ सूरज, उसके क़रीब से गुज़रता हुआ शहर की तरफ़ बढ़ गया।
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खाद्य संकट पर 2022 की वैश्विक रिपोर्ट हाल ही में प्रकाशित हुई थी, जिसमें विश्व स्तर पर तीव्र खाद्य असुरक्षा को उजागर किया गया था।
यह रिपोर्ट किसने प्रकाशित की?
Global Network Against Food Crises (GNAFC)।
यह रिपोर्ट किस पर केंद्रित है?
यह रिपोर्ट उन देशों और क्षेत्रों पर केंद्रित है जहां खाद्य संकट की भयावहता और गंभीरता स्थानीय संसाधनों और क्षमताओं से अधिक है।
कितने लोग तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं?
53 देशों या क्षेत्रों में लगभग 193 मिलियन लोगों ने 2021 में संकट या बदतर स्तर पर तीव्र खाद्य असुरक्षा का अनुभव किया।
क्या 2020 की तुलना में 2021 में खाद्य असुरक्षा खराब हुई?
2020 की तुलना में 2021 में वैश्विक स्तर पर लगभग 40 मिलियन अधिक लोगों ने संकट या बदतर स्तर पर तीव्र खाद्य असुरक्षा का अनुभव किया।
कौन से देश खाद्य असुरक्षा से सबसे अधिक पीड़ित हैं?
इथियोपिया, दक्षिणी मेडागास्कर, दक्षिण सूडान और यमन में लगभग 6 लाख लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा के सबसे गंभीर चरण में वर्गीकृत किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार खाद्य असुरक्षा के तीन मुख्य चालक कौन से हैं?
खाद्य असुरक्षा के तीन मुख्य चालक हैंः
- संघर्ष : संघर्ष ने 24 देशों में 139 मिलियन लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा के लिए मजबूर किया।
- चरम मौसम : चरम मौसम ने आठ देशों में 23 मिलियन से अधिक लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा के लिए मजबूर कर दिया।
- आर्थिक झटके : आर्थिक झटके के कारण, 2021 में 21 देशों / क्षेत्रों में लगभग 30 मिलियन लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ा।
ग्लोबल नेटवर्क अगेंस्ट फ़ूड क्राइसिस (GNAFC) क्या है?
यह संयुक्त राष्ट्र (UN), यूरोपीय संघ (EU), और सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों का एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन है जो एक साथ खाद्य संकट से निपटने के लिए काम कर रहे हैं।
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खाद्य संकट पर दो हज़ार बाईस की वैश्विक रिपोर्ट हाल ही में प्रकाशित हुई थी, जिसमें विश्व स्तर पर तीव्र खाद्य असुरक्षा को उजागर किया गया था। यह रिपोर्ट किसने प्रकाशित की? Global Network Against Food Crises । यह रिपोर्ट किस पर केंद्रित है? यह रिपोर्ट उन देशों और क्षेत्रों पर केंद्रित है जहां खाद्य संकट की भयावहता और गंभीरता स्थानीय संसाधनों और क्षमताओं से अधिक है। कितने लोग तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं? तिरेपन देशों या क्षेत्रों में लगभग एक सौ तिरानवे मिलियन लोगों ने दो हज़ार इक्कीस में संकट या बदतर स्तर पर तीव्र खाद्य असुरक्षा का अनुभव किया। क्या दो हज़ार बीस की तुलना में दो हज़ार इक्कीस में खाद्य असुरक्षा खराब हुई? दो हज़ार बीस की तुलना में दो हज़ार इक्कीस में वैश्विक स्तर पर लगभग चालीस मिलियन अधिक लोगों ने संकट या बदतर स्तर पर तीव्र खाद्य असुरक्षा का अनुभव किया। कौन से देश खाद्य असुरक्षा से सबसे अधिक पीड़ित हैं? इथियोपिया, दक्षिणी मेडागास्कर, दक्षिण सूडान और यमन में लगभग छः लाख लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा के सबसे गंभीर चरण में वर्गीकृत किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार खाद्य असुरक्षा के तीन मुख्य चालक कौन से हैं? खाद्य असुरक्षा के तीन मुख्य चालक हैंः - संघर्ष : संघर्ष ने चौबीस देशों में एक सौ उनतालीस मिलियन लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा के लिए मजबूर किया। - चरम मौसम : चरम मौसम ने आठ देशों में तेईस मिलियन से अधिक लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा के लिए मजबूर कर दिया। - आर्थिक झटके : आर्थिक झटके के कारण, दो हज़ार इक्कीस में इक्कीस देशों / क्षेत्रों में लगभग तीस मिलियन लोगों को तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ा। ग्लोबल नेटवर्क अगेंस्ट फ़ूड क्राइसिस क्या है? यह संयुक्त राष्ट्र , यूरोपीय संघ , और सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों का एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन है जो एक साथ खाद्य संकट से निपटने के लिए काम कर रहे हैं।
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भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट की बैठक शुक्रवार शाम 5 बजे मंत्रालय में होगी, कैबिनेट बैठक में 2021-22 के बजट पर भी चर्चा होगी। साथ ही अनुपूरक बजट पर भी चर्चा की जाएगी।
कैबिनेट की बैठक में आज बजट और विभागों में प्रावधानों को मंजूरी मिल सकती है, साथ ही 41 शराब ठेकों की मियाद बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है, वर्ष 2020-21 के शराब ठेकों की मियाद बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।
इसके अलावा CM शिवराज सिंह चौहान आज कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, सुबह 11 बजे स्मार्ट सिटी पार्क में पौधारोपण करेंगे, विधानसभा सत्र में CM शिवराज शामिल होंगे, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे । इसके अलावा मिंटो हॉल में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ करेंगे। मंत्रालय में सिंगल क्लिक के माध्यम से छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति वितरण करेंगे।
आज विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर CM शिवराज सिंह चौहान वक्तव्य देंगे, सदन में 7 विधानसभा समितियों का निर्वाचन भी होगा, 6 विधेयकों पर भी चर्चा होगी।
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भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट की बैठक शुक्रवार शाम पाँच बजे मंत्रालय में होगी, कैबिनेट बैठक में दो हज़ार इक्कीस-बाईस के बजट पर भी चर्चा होगी। साथ ही अनुपूरक बजट पर भी चर्चा की जाएगी। कैबिनेट की बैठक में आज बजट और विभागों में प्रावधानों को मंजूरी मिल सकती है, साथ ही इकतालीस शराब ठेकों की मियाद बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है, वर्ष दो हज़ार बीस-इक्कीस के शराब ठेकों की मियाद बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा CM शिवराज सिंह चौहान आज कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, सुबह ग्यारह बजे स्मार्ट सिटी पार्क में पौधारोपण करेंगे, विधानसभा सत्र में CM शिवराज शामिल होंगे, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे । इसके अलावा मिंटो हॉल में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ करेंगे। मंत्रालय में सिंगल क्लिक के माध्यम से छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति वितरण करेंगे। आज विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर CM शिवराज सिंह चौहान वक्तव्य देंगे, सदन में सात विधानसभा समितियों का निर्वाचन भी होगा, छः विधेयकों पर भी चर्चा होगी।
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विजय हजारे ट्रॉफी 2022 में तमिलनाडु के ओपनिंग बल्लेबाज नारायण जगदीशन (Narayan Jagadeesan) का बल्ला जमकर बोल रहा है। उन्होंने आज के मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक जड़कर एक नया ही रिकॉर्ड बना दिया है।
साई सुदर्शन के साथ मिलकर पारी की शुरूआत करते हुए उन्होंने पहले विकेट के लिए 416 रनों की साझेदारी बनाई। जहां साईसुदर्शन ने 102 गेंदों में 154 रन तो नारायण जगदीशन (Narayan Jagadeesan) ने दोहरा शतक जड़ते हुए टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया।
विजय हजारे ट्रॉफी में अबतक तमिलनाडु के ओपनिंग बल्लेबाज नारायण जगदीशन (Narayan Jagadeesan) ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में लगातार 5 शतक जड़ने में कामयाब रहे। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ आज के मुकाबले में उन्होंने गेंदबाजों को अपने निशाने पर लेते हुए दोहरा शतक भी जड़ा।
उनके पिछले 5 मुकाबलों के स्कोर पर ध्यान दें तो उन्होंने आंध्र प्रदेश के खिलाफ नाबाद 114, छत्तीसगढ़ के खिलाफ 107, गोवा के खिलाफ 168 हरियाणा के खिलाफ 128 और अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 277 रनो की पारी खेली है।
History: 5th consecutive hundred for Narayan Jagadeesan in Vijay Hazare Trophy.
अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में तमिलनाडु की तरफ से पारी की शुरूआत करते हुए नारायण जगदीशन (Narayan Jagadeesan) ने 141 गेंदों में 25 चौके और 15 छक्को की मदद से 277 रन बनाकर पवेलियन लौटे। देखा जाये तो वनडे फॉर्मेट में उन्होंने टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा के 264 रनों की पारी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है।
बता दें कि रोहित शर्मा ने साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 173 गेंदों में यह कारनामा कर दिखाया था। वहीं नारायण जगदीशन (Narayan Jagadeesan) ने वनडे फॉर्मेट में खेले जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी में 277 रनों की पारी खेलते हुए अपने नाम ये खास रिकॉर्ड दर्ज लिया है।
तमिलनाडु बनाम अरुणाचल प्रदेश के बीच खेले जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी के आज के मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तमिलनाडु के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन और नारायण जगदीशन ने तुफानी पारी खेलते हुए पहले विकेट के लिए 416 रनों की साझेदारी बनाई।
इस दौरान साई सुदर्शन के बल्ले से 19 चौके और 2 छक्को की मदद से 102 गेंदों में 154 रन तो वहीं जगदीशन ने 277 रनों की पारी खेली। नारायण जगदीशन के इस ताबड़तोड़ पारी ने फैंस का ही नहीं बल्कि सेलेक्टर्स का भी ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। खबरें हैं की उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ इंडिया A टीम में चुना जायेगा।
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विजय हजारे ट्रॉफी दो हज़ार बाईस में तमिलनाडु के ओपनिंग बल्लेबाज नारायण जगदीशन का बल्ला जमकर बोल रहा है। उन्होंने आज के मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक जड़कर एक नया ही रिकॉर्ड बना दिया है। साई सुदर्शन के साथ मिलकर पारी की शुरूआत करते हुए उन्होंने पहले विकेट के लिए चार सौ सोलह रनों की साझेदारी बनाई। जहां साईसुदर्शन ने एक सौ दो गेंदों में एक सौ चौवन रन तो नारायण जगदीशन ने दोहरा शतक जड़ते हुए टीम के स्कोर को चार सौ के पार पहुंचा दिया। विजय हजारे ट्रॉफी में अबतक तमिलनाडु के ओपनिंग बल्लेबाज नारायण जगदीशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में लगातार पाँच शतक जड़ने में कामयाब रहे। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ आज के मुकाबले में उन्होंने गेंदबाजों को अपने निशाने पर लेते हुए दोहरा शतक भी जड़ा। उनके पिछले पाँच मुकाबलों के स्कोर पर ध्यान दें तो उन्होंने आंध्र प्रदेश के खिलाफ नाबाद एक सौ चौदह, छत्तीसगढ़ के खिलाफ एक सौ सात, गोवा के खिलाफ एक सौ अड़सठ हरियाणा के खिलाफ एक सौ अट्ठाईस और अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ दो सौ सतहत्तर रनो की पारी खेली है। History: पाँचth consecutive hundred for Narayan Jagadeesan in Vijay Hazare Trophy. अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में तमिलनाडु की तरफ से पारी की शुरूआत करते हुए नारायण जगदीशन ने एक सौ इकतालीस गेंदों में पच्चीस चौके और पंद्रह छक्को की मदद से दो सौ सतहत्तर रन बनाकर पवेलियन लौटे। देखा जाये तो वनडे फॉर्मेट में उन्होंने टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा के दो सौ चौंसठ रनों की पारी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है। बता दें कि रोहित शर्मा ने साल दो हज़ार चौदह में श्रीलंका के खिलाफ एक सौ तिहत्तर गेंदों में यह कारनामा कर दिखाया था। वहीं नारायण जगदीशन ने वनडे फॉर्मेट में खेले जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी में दो सौ सतहत्तर रनों की पारी खेलते हुए अपने नाम ये खास रिकॉर्ड दर्ज लिया है। तमिलनाडु बनाम अरुणाचल प्रदेश के बीच खेले जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी के आज के मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तमिलनाडु के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन और नारायण जगदीशन ने तुफानी पारी खेलते हुए पहले विकेट के लिए चार सौ सोलह रनों की साझेदारी बनाई। इस दौरान साई सुदर्शन के बल्ले से उन्नीस चौके और दो छक्को की मदद से एक सौ दो गेंदों में एक सौ चौवन रन तो वहीं जगदीशन ने दो सौ सतहत्तर रनों की पारी खेली। नारायण जगदीशन के इस ताबड़तोड़ पारी ने फैंस का ही नहीं बल्कि सेलेक्टर्स का भी ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। खबरें हैं की उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ इंडिया A टीम में चुना जायेगा।
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झारखंड : बायोम इंस्टीट्यूट रांची की ओर से गुरुवार को नीट यूजी 2023 के झारखंड टॉपर विद्यार्थियों के संग सक्सेस रैली निकाली गई। टॉपर छात्र-छात्राओं को ओपेन जीप में लेकर यह रैली इंस्टीट्यूट कैंपस से लेकर लालपुर चौक और फिर वापस संस्थान कैंपस पहुंची। इस रैली में इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत अन्य विद्यार्थी भी शामिल हुए। रैली के बाद संस्थान में झारखंड टॉपर व संस्था के रैंकर विद्यार्थियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। बायोम इंस्टीट्यूट के एमडी सह निदेशक पंकज सिंह ने यूजीनीट-23 की झारखंड टॉपर छात्रा राखी कुमारी (ऑल इंडिया रैंक 149, कैटेगरी रैंक 26) को सम्मानित किया। इसके अलावा सफल छात्र-छात्राओं में शामिल माहिया महेश्वरी (691 अंक), आदित्य अस्थाना (686 अंक), प्रिया घोष (683 अंक), अभय कुमार (675 अंक), सुप्रिया (675 अंक), ज्योतिर्मय (670 अंक), श्रेयाराज (666 अंक), तंजील (663 अंक), हिमांशु रंजन (663 अंक), अमरेंद्र कुमार (662 अंक), अंजलि यादव (655 अंक), ऋतिक राज (655 अंक), सोनम (650 अंक), अमन कुमार (650 अंक) समेत अन्य सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। संस्थान के सदस्यों व विद्यार्थियों ने केक काटकर इस सफलता का जश्न मनाया।
इस वर्ष सात मई को आयोजित नीट यूजी 2023 प्रवेश परीक्षा में बायोम इंस्टीट्यूट से कुल 1125 विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिनमें से 984 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा में सफल हुए हैं। यह जानकारी देते हुए संस्थान के निदेशक पंकज सिंह ने सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार संस्थान के विद्यार्थियों ने एनटीए की ओर से जारी किए गए रिजल्ट में झारखंड टॉपर की सूची में 15 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई है। संस्थान से सफल हुए विद्यार्थियों में से 178 से अधिक विद्यार्थियों को आने वाले दिनों में सरकारी मेडिकल कॉलेज में नामांकन मिलेगा।
यूजी नीट प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर सके इसके लिए संस्था के शिक्षक लगातार प्रयासरत रहते हैं। स्टूडेंट्स को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। उनके बेहतर गाइडेंस के लिए उच्चस्तरीय स्टडीमटेरियल उपलब्ध कराया जाता है। समय-समय पर विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने के लिए क्लास रूम टेस्ट सीरीज और ऑल इंडिया लेवल टेस्ट सीरीज का आयोजन किया जाता है। इससे शिक्षक विद्यार्थियों का मूल्यांकन समय-समय पर करते रहते हैं। कमजोर विद्यार्थियों को भी चिह्नित कर उनकी विषय संबंधी परेशानी को डाउट क्लास से दूर किया जाता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को रैंकर और रेसर बैच में शामिल किया जाता है, जिनकी खास मॉनिटरिंग कर उन्हें प्रवेश परीक्षा में बेहतर अंक हासिल कैसे करें की प्रेरणा लगातार दी जाती है। संस्था से जुड़ने वाले विद्यार्थियों को फूडिंग एंड लॉजिंग की सुविधा दी जाती है, जिससे बच्चे लगातार शिक्षकों के संपर्क में रहकर अपनी तैयारी कर सकें।
विद्यार्थियों की बेहतर प्रदर्शन का श्रेय संस्थान की ओर से शिक्षकों को दिया गया है। शिक्षकों में प्रशांत कौशिक, पीके सौरभ, प्रिया कुमारी, डॉ सुशांत कुमार, रोशन कुमार, रजनीश कुमार, निर्भय सिंह, संतोष कुमार, अभिजीत प्रधान, तनवीर आलम, अनिल कुमार, विमल कुमार शुक्ला, कुमार राहुल, अभिषेक कुमार, डॉ. शशिकांत कुमार, अमिताभ मिश्रा, चंदन गुप्ता, गरिमा, सुनील, अरविंद, हेमंत, मनीष, अजिताभ, उदय, रूपक, आशुतोष आनंद, नवजीवन को सफलता का श्रेय दिया गया। वहीं, संस्था के सदस्य संजीव कुमार, पूजा, कामेंद्र प्रसाद, आरती, रोहित, लक्ष्मी स्नेहिल, पम्मी, पल्लवी, ओंकार सिंह, सुबोध, नरेश, विद्या सागर समेत अन्य लोग भी बेहतर कार्य के लिए इस सफलता में शामिल हैं। दूसरी ओर बायोम इंस्टीट्यूट के न्यू नगड़ा टोली और हीनू स्थित सेंटर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा यूजी नीट 2024 की तैयारी के लिए अंतिम बैच में नामांकन की प्रक्रिया जारी है।
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झारखंड : बायोम इंस्टीट्यूट रांची की ओर से गुरुवार को नीट यूजी दो हज़ार तेईस के झारखंड टॉपर विद्यार्थियों के संग सक्सेस रैली निकाली गई। टॉपर छात्र-छात्राओं को ओपेन जीप में लेकर यह रैली इंस्टीट्यूट कैंपस से लेकर लालपुर चौक और फिर वापस संस्थान कैंपस पहुंची। इस रैली में इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत अन्य विद्यार्थी भी शामिल हुए। रैली के बाद संस्थान में झारखंड टॉपर व संस्था के रैंकर विद्यार्थियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। बायोम इंस्टीट्यूट के एमडी सह निदेशक पंकज सिंह ने यूजीनीट-तेईस की झारखंड टॉपर छात्रा राखी कुमारी को सम्मानित किया। इसके अलावा सफल छात्र-छात्राओं में शामिल माहिया महेश्वरी , आदित्य अस्थाना , प्रिया घोष , अभय कुमार , सुप्रिया , ज्योतिर्मय , श्रेयाराज , तंजील , हिमांशु रंजन , अमरेंद्र कुमार , अंजलि यादव , ऋतिक राज , सोनम , अमन कुमार समेत अन्य सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। संस्थान के सदस्यों व विद्यार्थियों ने केक काटकर इस सफलता का जश्न मनाया। इस वर्ष सात मई को आयोजित नीट यूजी दो हज़ार तेईस प्रवेश परीक्षा में बायोम इंस्टीट्यूट से कुल एक हज़ार एक सौ पच्चीस विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिनमें से नौ सौ चौरासी से अधिक विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा में सफल हुए हैं। यह जानकारी देते हुए संस्थान के निदेशक पंकज सिंह ने सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार संस्थान के विद्यार्थियों ने एनटीए की ओर से जारी किए गए रिजल्ट में झारखंड टॉपर की सूची में पंद्रह से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई है। संस्थान से सफल हुए विद्यार्थियों में से एक सौ अठहत्तर से अधिक विद्यार्थियों को आने वाले दिनों में सरकारी मेडिकल कॉलेज में नामांकन मिलेगा। यूजी नीट प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर सके इसके लिए संस्था के शिक्षक लगातार प्रयासरत रहते हैं। स्टूडेंट्स को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। उनके बेहतर गाइडेंस के लिए उच्चस्तरीय स्टडीमटेरियल उपलब्ध कराया जाता है। समय-समय पर विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने के लिए क्लास रूम टेस्ट सीरीज और ऑल इंडिया लेवल टेस्ट सीरीज का आयोजन किया जाता है। इससे शिक्षक विद्यार्थियों का मूल्यांकन समय-समय पर करते रहते हैं। कमजोर विद्यार्थियों को भी चिह्नित कर उनकी विषय संबंधी परेशानी को डाउट क्लास से दूर किया जाता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को रैंकर और रेसर बैच में शामिल किया जाता है, जिनकी खास मॉनिटरिंग कर उन्हें प्रवेश परीक्षा में बेहतर अंक हासिल कैसे करें की प्रेरणा लगातार दी जाती है। संस्था से जुड़ने वाले विद्यार्थियों को फूडिंग एंड लॉजिंग की सुविधा दी जाती है, जिससे बच्चे लगातार शिक्षकों के संपर्क में रहकर अपनी तैयारी कर सकें। विद्यार्थियों की बेहतर प्रदर्शन का श्रेय संस्थान की ओर से शिक्षकों को दिया गया है। शिक्षकों में प्रशांत कौशिक, पीके सौरभ, प्रिया कुमारी, डॉ सुशांत कुमार, रोशन कुमार, रजनीश कुमार, निर्भय सिंह, संतोष कुमार, अभिजीत प्रधान, तनवीर आलम, अनिल कुमार, विमल कुमार शुक्ला, कुमार राहुल, अभिषेक कुमार, डॉ. शशिकांत कुमार, अमिताभ मिश्रा, चंदन गुप्ता, गरिमा, सुनील, अरविंद, हेमंत, मनीष, अजिताभ, उदय, रूपक, आशुतोष आनंद, नवजीवन को सफलता का श्रेय दिया गया। वहीं, संस्था के सदस्य संजीव कुमार, पूजा, कामेंद्र प्रसाद, आरती, रोहित, लक्ष्मी स्नेहिल, पम्मी, पल्लवी, ओंकार सिंह, सुबोध, नरेश, विद्या सागर समेत अन्य लोग भी बेहतर कार्य के लिए इस सफलता में शामिल हैं। दूसरी ओर बायोम इंस्टीट्यूट के न्यू नगड़ा टोली और हीनू स्थित सेंटर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा यूजी नीट दो हज़ार चौबीस की तैयारी के लिए अंतिम बैच में नामांकन की प्रक्रिया जारी है।
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खत्म हुई अजय देवगन की 'गोलमाल अगेन' की शूटिंग, देखें तस्वीर !!
फिल्म 'गोलमाल अगेन' इस साल दीवाली के मौके पर रिलीज होने वाली है।
आपको बता दें कि अजय देवगन की आने वाली यह फिल्म इस साल दीवाली के मौके पर रिलीज होगी। जिसकी सीधी टक्कर आमिर खान की आने वाली फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार से होगी। इस फिल्म में आमिर खान मुख्य भूमिका में नहीं हैं लेकिन फिल्म में उनका एक्सटेंडिड कैमियो होगा। आज ही इसका नया गाना रिलीज किया गया है। फिल्म में जायरा वसीम मुख्य किरदार निभा रही हैं। जो इससे पहले आमिर खान की ही दंगल में दिख चुकी हैं।
दोनों फिल्मों के बीच होन वाली इस टक्कर पर आमिर खान ने मीडिया को बताया है कि हम दोनों लोगों की फिल्में अलग-अलग जॉनर की हैं। इसलिए हम दोनों को ही हमारी ऑडियंस मिल जायेंगी। जिन्हें सीक्रेट सुपरस्टार देखनी होगी वो उसे देखेंगे और जिन्हें गोलमाल अगने देखनी होगी वो उसे देखेंगे। वैसे आपका क्या मानना है ? आप किस फिल्म को देखने के लिए जायेंगे ? कमेंट करके जरुर बतायें।
बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज,
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खत्म हुई अजय देवगन की 'गोलमाल अगेन' की शूटिंग, देखें तस्वीर !! फिल्म 'गोलमाल अगेन' इस साल दीवाली के मौके पर रिलीज होने वाली है। आपको बता दें कि अजय देवगन की आने वाली यह फिल्म इस साल दीवाली के मौके पर रिलीज होगी। जिसकी सीधी टक्कर आमिर खान की आने वाली फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार से होगी। इस फिल्म में आमिर खान मुख्य भूमिका में नहीं हैं लेकिन फिल्म में उनका एक्सटेंडिड कैमियो होगा। आज ही इसका नया गाना रिलीज किया गया है। फिल्म में जायरा वसीम मुख्य किरदार निभा रही हैं। जो इससे पहले आमिर खान की ही दंगल में दिख चुकी हैं। दोनों फिल्मों के बीच होन वाली इस टक्कर पर आमिर खान ने मीडिया को बताया है कि हम दोनों लोगों की फिल्में अलग-अलग जॉनर की हैं। इसलिए हम दोनों को ही हमारी ऑडियंस मिल जायेंगी। जिन्हें सीक्रेट सुपरस्टार देखनी होगी वो उसे देखेंगे और जिन्हें गोलमाल अगने देखनी होगी वो उसे देखेंगे। वैसे आपका क्या मानना है ? आप किस फिल्म को देखने के लिए जायेंगे ? कमेंट करके जरुर बतायें। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
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शिमलाः हिमाचल प्रदेश में 34 हजार लोगों का डिपुओं में मिल रहा सस्ता राशन बंद होने जा रहा है। स्टेट में 34 हजार ऐसे लोग हैं, जो प्रदेश के साथ बाहरी राज्यों में भी फर्जी राशनकार्ड बनवाकर सस्ता राशन लेने का लाभ भी उठा रहे है। डबल एंट्री होने से इन्हें ब्लॉक किया जाने वाला है। ये राशनकार्ड धारक बाहरी राज्यों के निवासी है। हिमाचल प्रदेश खाद्य आपूर्ति निगम ने बाहरी राज्यों को अवगत कराने के लिए विभागीय बेवसाइट पर पर फर्जी राशनकार्ड धारकों की लिस्ट डाल दी है। इसमें कहा गया है कि इन सदस्यों के नाम दूसरे राज्यों में बने राशनकार्ड में ही रखे जा रहे हैं या हटाया जा रहा है।
केंद्र सरकार की योजना के अनुसार क देश में एक ही राशनकार्ड होना जरुरी है। इसको लेकर राज्य सरकार ने खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता केस विभाग को आधार कार्ड के साथ राशनकार्ड के सत्यापन करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए है। सत्यापन के बाद ही 34 हजार फर्जी राशन कार्ड बनवाकर सस्ता राशन पाने वालों के नाम सामने आ चुके है।
यही नहीं, कई केस ऐसे हैं, जिनमें शादी होने के उपरांत भी महिलाओं के नाम को राशनकार्ड से नहीं काटे गए हैं, जबकि दूसरी जगह इन्हें जोड़ दिया गया है। प्रदेश में साढ़े 19 लाख राशनकार्ड धारक परिवार हैं। प्रदेश गवर्नमेंट उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर डिपो में सस्ता राशन उपलब्ध करा रही है, इसमें तीन दालें मलका, माश और दाल चना, दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), चीनी और एक किलो नमक शामिल है। जिसके साथ साथ आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर दे रही है। बाजार मूल्य की अपेक्षा लोगों को यह राशन आधे दाम पर मिल रहा है। ऐसे में लोगों ने दो-दो जगह अपने राशनकार्ड बनवा रखे हैं। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता केस विभाग के संयुक्त निदेशक रविंद्र ठाकुर ने कहा है कि जिलों से आए राशनकार्ड में डबल एंट्री का फाइनल आंकड़ा आ गया है। इनकी संख्या 34 हजार है। विभागीय बेवसाइट पर यह जानकारी भी शेयर कर दी है।
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शिमलाः हिमाचल प्रदेश में चौंतीस हजार लोगों का डिपुओं में मिल रहा सस्ता राशन बंद होने जा रहा है। स्टेट में चौंतीस हजार ऐसे लोग हैं, जो प्रदेश के साथ बाहरी राज्यों में भी फर्जी राशनकार्ड बनवाकर सस्ता राशन लेने का लाभ भी उठा रहे है। डबल एंट्री होने से इन्हें ब्लॉक किया जाने वाला है। ये राशनकार्ड धारक बाहरी राज्यों के निवासी है। हिमाचल प्रदेश खाद्य आपूर्ति निगम ने बाहरी राज्यों को अवगत कराने के लिए विभागीय बेवसाइट पर पर फर्जी राशनकार्ड धारकों की लिस्ट डाल दी है। इसमें कहा गया है कि इन सदस्यों के नाम दूसरे राज्यों में बने राशनकार्ड में ही रखे जा रहे हैं या हटाया जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार क देश में एक ही राशनकार्ड होना जरुरी है। इसको लेकर राज्य सरकार ने खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता केस विभाग को आधार कार्ड के साथ राशनकार्ड के सत्यापन करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए है। सत्यापन के बाद ही चौंतीस हजार फर्जी राशन कार्ड बनवाकर सस्ता राशन पाने वालों के नाम सामने आ चुके है। यही नहीं, कई केस ऐसे हैं, जिनमें शादी होने के उपरांत भी महिलाओं के नाम को राशनकार्ड से नहीं काटे गए हैं, जबकि दूसरी जगह इन्हें जोड़ दिया गया है। प्रदेश में साढ़े उन्नीस लाख राशनकार्ड धारक परिवार हैं। प्रदेश गवर्नमेंट उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर डिपो में सस्ता राशन उपलब्ध करा रही है, इसमें तीन दालें मलका, माश और दाल चना, दो लीटर तेल , चीनी और एक किलो नमक शामिल है। जिसके साथ साथ आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर दे रही है। बाजार मूल्य की अपेक्षा लोगों को यह राशन आधे दाम पर मिल रहा है। ऐसे में लोगों ने दो-दो जगह अपने राशनकार्ड बनवा रखे हैं। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता केस विभाग के संयुक्त निदेशक रविंद्र ठाकुर ने कहा है कि जिलों से आए राशनकार्ड में डबल एंट्री का फाइनल आंकड़ा आ गया है। इनकी संख्या चौंतीस हजार है। विभागीय बेवसाइट पर यह जानकारी भी शेयर कर दी है।
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पटना से सौरव कुमार की रिपोर्टः बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सम्राट चौधरी ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। सम्राट चौधरी से ना केवल पार्टी को बल्कि कार्यकर्ताओं को भी काफी उम्मीदें हैं। पार्टी को लगता है की चौधरी के आने से 2024 और 2025 की राह आसान हो जाएगी। वहीं, दूसरी तरफ कार्यकर्ताओ को सम्राट में योगी दिखाई दे रहें हैं।
बीजेपी ने जिस तरह से अपने नए प्रदेश अध्यक्ष का ग्रांड वेलकम किया उससे लग रहा है कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मान चुकी है। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से अभी उन्हें केवल प्रदेश अध्यक्ष ही बनाया गया है।
जिस तरह से कुशवाहा वोटरों का बीजेपी की ओर रुझान बढ़ा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि बीजेपी सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के मुकाबले के लिए उतार सकती है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद भी मानते हैं की सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के लिए सक्षम है।
मीडिया ने जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सम्राट चौधरी के प्रण के बारे में पूछा तो नीतीश कुमार ने तंज कसते हुए कहा की कौन क्या बोलता है उससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। इन लोगों को केवल प्रचार से मतलब है काम से नहीं।
बिहार में सम्राट चौधरी के लिए जो नए पोस्टर लगाए गए हैं उसमें यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सम्राट चौधरी बीजेपी के लिए प्रदेश के योगी आदित्यनाथ साबित हो सकते हैं। यह पोस्टर जाहिर है यूं ही नहीं लगाया गया है इस पोस्टर के पीछे कोई तो मंशा रही होगी।
एक पोस्टर तो बीजेपी कार्यालय के ठीक सामने लगाया गया था, जिसमें लिखा गया था बिहार का योगी आ गया सम्राट भैया 1 अणे मार्ग खाली करो। जेडीयू ने पलटवार करते हुए कहा की बीजेपी के लोगों को ठीक से लिखना भी नही आता है।
तो क्या हम यह मान लें कि बीजेपी सम्राट चौधरी को बिहार में योगी आदित्यनाथ की तरह प्रोजेक्ट करना चाहती है या प्रोजेक्ट करने की तैयारी कर रही है।
दरअसल, बिहार बीजेपी के साथ एक मजबूरी यह है कि नीतीश और तेजस्वी के बराबर उनके पास कोई नेता नहीं है जो अपने दम पर प्रदेश की राजनीति और जनता के दिलों में उतर सके। राजद की माने तो सम्राट चौधरी राजद के ही प्रॉडक्ट है। जिसे बीजेपी ने शीर्ष पद दिया है।
एक बात तो तय है कि बिहार में बीजेपी को एक नेता अरसे से चाहिए पर उसकी तलाश पूरी नहीं हो पा रही है, देखना यह है कि सम्राट चौधरी केवल पोस्टर में ही योगी बने हैं या फिर कुछ करके दिखाते भी हैं हालांकि, इस बारे में बिहार बीजेपी के नेताओं का कहना है कि अभी बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री के चेहरे पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
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पटना से सौरव कुमार की रिपोर्टः बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सम्राट चौधरी ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। सम्राट चौधरी से ना केवल पार्टी को बल्कि कार्यकर्ताओं को भी काफी उम्मीदें हैं। पार्टी को लगता है की चौधरी के आने से दो हज़ार चौबीस और दो हज़ार पच्चीस की राह आसान हो जाएगी। वहीं, दूसरी तरफ कार्यकर्ताओ को सम्राट में योगी दिखाई दे रहें हैं। बीजेपी ने जिस तरह से अपने नए प्रदेश अध्यक्ष का ग्रांड वेलकम किया उससे लग रहा है कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मान चुकी है। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से अभी उन्हें केवल प्रदेश अध्यक्ष ही बनाया गया है। जिस तरह से कुशवाहा वोटरों का बीजेपी की ओर रुझान बढ़ा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि बीजेपी सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के मुकाबले के लिए उतार सकती है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद भी मानते हैं की सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के लिए सक्षम है। मीडिया ने जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सम्राट चौधरी के प्रण के बारे में पूछा तो नीतीश कुमार ने तंज कसते हुए कहा की कौन क्या बोलता है उससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। इन लोगों को केवल प्रचार से मतलब है काम से नहीं। बिहार में सम्राट चौधरी के लिए जो नए पोस्टर लगाए गए हैं उसमें यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सम्राट चौधरी बीजेपी के लिए प्रदेश के योगी आदित्यनाथ साबित हो सकते हैं। यह पोस्टर जाहिर है यूं ही नहीं लगाया गया है इस पोस्टर के पीछे कोई तो मंशा रही होगी। एक पोस्टर तो बीजेपी कार्यालय के ठीक सामने लगाया गया था, जिसमें लिखा गया था बिहार का योगी आ गया सम्राट भैया एक अणे मार्ग खाली करो। जेडीयू ने पलटवार करते हुए कहा की बीजेपी के लोगों को ठीक से लिखना भी नही आता है। तो क्या हम यह मान लें कि बीजेपी सम्राट चौधरी को बिहार में योगी आदित्यनाथ की तरह प्रोजेक्ट करना चाहती है या प्रोजेक्ट करने की तैयारी कर रही है। दरअसल, बिहार बीजेपी के साथ एक मजबूरी यह है कि नीतीश और तेजस्वी के बराबर उनके पास कोई नेता नहीं है जो अपने दम पर प्रदेश की राजनीति और जनता के दिलों में उतर सके। राजद की माने तो सम्राट चौधरी राजद के ही प्रॉडक्ट है। जिसे बीजेपी ने शीर्ष पद दिया है। एक बात तो तय है कि बिहार में बीजेपी को एक नेता अरसे से चाहिए पर उसकी तलाश पूरी नहीं हो पा रही है, देखना यह है कि सम्राट चौधरी केवल पोस्टर में ही योगी बने हैं या फिर कुछ करके दिखाते भी हैं हालांकि, इस बारे में बिहार बीजेपी के नेताओं का कहना है कि अभी बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री के चेहरे पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
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Yash Johar Birth Anniversary : यश जौहर के परिवार की हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि वह बंबई जाकर आराम से जीवन गुजर बसर कर सकें. ऐसे में उनकी मां ने एक ऐसा कारनामा कर डाला, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.
यश जौहर (Yash Johar) बॉलीवुड के सबसे प्रमुख फिल्म निर्माताओं में से एक रहे, जिन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और हिट फिल्में दीं. कहानी कहने का अंदाज जो यश जौहर का था, वो अब उनके बेटे, निर्देशक-निर्माता-अभिनेता करण जौहर (Karan Johar) के साथ भी जारी है. आज यश जौहर की जयंती (Yash Johar Birth Anniversary) है. उनकी जयंती के खास मौके पर हम आज उन दिनों को याद करेंगे जब यश जौहर फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा भी नहीं बने थे और उनकी मां ने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए अपने ही घर में अपने ही गहने चोरी कर लिए थे.
यश जौहर का जन्म 6 सितंबर, 1929 को देश के बटवारे से पहले लाहौर में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है. जब देश का बटवारा हुआ तो वह भारत आ गए. उनका बचपन पहले शिमला और फिर दिल्ली में बीता. वह 9 बहन भाइयो में से एक थे. लल्लनटॉप की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यश जौहर के पिता की दिल्ली में एक मिठाई की दुकान थी. चूंकि, यश जौहर अपने सारे बहन भाइयों में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे थे, तो उनके पिता उन्हें ही दुकान पर बिठा दिया करते थे. यश जौहर को दुकान पर बैठना बिल्कुल भी पसंद नहीं था. वह अपनी जिंदगी में कुछ और करना चाहते थे.
यश जौहर अपनी मां के बहुत करीब थे और उनकी मां अपने बेटे के मन की हर बात समझ जाती थी. एक दिन यश जौहर दुकान पर बेमन से बैठे हुए थे, तो उनकी मां उनके पास आई और उनसे कहा कि तुम दुकान संभालने के लिए नहीं बने हो. बंबई जाओ और जो मन है वो काम करो. हालांकि, यश जौहर के परिवार की हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि वह बंबई जाकर आराम से जीवन गुजर बसर कर सकें. ऐसे में उनकी मां ने एक ऐसा कारनामा कर डाला, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.
एक दिन यश जौहर की मां ने सबसे पहले तो अपने गहने कहीं छिपा दिए. इसके एक हफ्ते बाद उन्होंने घर में हल्ला मचा दिया कि गहने चोरी हो गए हैं. यह चोरी यश जौहर की मां ने अपने बेटे के लिए की थी. इस झूठी चोरी के चक्कर में उनके यहां काम करने वाले लोग पिट गए, जो बिल्कुल निर्दोष थे. पर बेटे को बंबई भेजने की मां की जिद के आगे कुछ नहीं चल रहा था. फिर एक दिन यश जौहर की मां ने उन्हें पैसे दिए और कहा कि जाओ बंबई जाकर अपने सपनों को जी लो. चोरी वाली बात उस समय तक यश जौहर भी नहीं जानते थे. यह बात उन्हें कई सालों के बाद पता चली थी.
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Yash Johar Birth Anniversary : यश जौहर के परिवार की हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि वह बंबई जाकर आराम से जीवन गुजर बसर कर सकें. ऐसे में उनकी मां ने एक ऐसा कारनामा कर डाला, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. यश जौहर बॉलीवुड के सबसे प्रमुख फिल्म निर्माताओं में से एक रहे, जिन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और हिट फिल्में दीं. कहानी कहने का अंदाज जो यश जौहर का था, वो अब उनके बेटे, निर्देशक-निर्माता-अभिनेता करण जौहर के साथ भी जारी है. आज यश जौहर की जयंती है. उनकी जयंती के खास मौके पर हम आज उन दिनों को याद करेंगे जब यश जौहर फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा भी नहीं बने थे और उनकी मां ने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए अपने ही घर में अपने ही गहने चोरी कर लिए थे. यश जौहर का जन्म छः सितंबर, एक हज़ार नौ सौ उनतीस को देश के बटवारे से पहले लाहौर में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है. जब देश का बटवारा हुआ तो वह भारत आ गए. उनका बचपन पहले शिमला और फिर दिल्ली में बीता. वह नौ बहन भाइयो में से एक थे. लल्लनटॉप की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यश जौहर के पिता की दिल्ली में एक मिठाई की दुकान थी. चूंकि, यश जौहर अपने सारे बहन भाइयों में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे थे, तो उनके पिता उन्हें ही दुकान पर बिठा दिया करते थे. यश जौहर को दुकान पर बैठना बिल्कुल भी पसंद नहीं था. वह अपनी जिंदगी में कुछ और करना चाहते थे. यश जौहर अपनी मां के बहुत करीब थे और उनकी मां अपने बेटे के मन की हर बात समझ जाती थी. एक दिन यश जौहर दुकान पर बेमन से बैठे हुए थे, तो उनकी मां उनके पास आई और उनसे कहा कि तुम दुकान संभालने के लिए नहीं बने हो. बंबई जाओ और जो मन है वो काम करो. हालांकि, यश जौहर के परिवार की हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि वह बंबई जाकर आराम से जीवन गुजर बसर कर सकें. ऐसे में उनकी मां ने एक ऐसा कारनामा कर डाला, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. एक दिन यश जौहर की मां ने सबसे पहले तो अपने गहने कहीं छिपा दिए. इसके एक हफ्ते बाद उन्होंने घर में हल्ला मचा दिया कि गहने चोरी हो गए हैं. यह चोरी यश जौहर की मां ने अपने बेटे के लिए की थी. इस झूठी चोरी के चक्कर में उनके यहां काम करने वाले लोग पिट गए, जो बिल्कुल निर्दोष थे. पर बेटे को बंबई भेजने की मां की जिद के आगे कुछ नहीं चल रहा था. फिर एक दिन यश जौहर की मां ने उन्हें पैसे दिए और कहा कि जाओ बंबई जाकर अपने सपनों को जी लो. चोरी वाली बात उस समय तक यश जौहर भी नहीं जानते थे. यह बात उन्हें कई सालों के बाद पता चली थी.
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Makar Rashifal Today, Capricorn Daily Horoscope in Hindi 1 April 2023: मकर राशि वाले जातकों की बात करें तो आज का दिन आपका मिलाजुला रहने वाला है. जो लोग व्यवसाय कर रहे हैं, वह अपने कार्यों के प्रति कोई भी लापरवाही ना बरतें, नहीं तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है. आपको आज के कार्यों को आज ही करना होगा, कल पर डालना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. आइए जानते हैं आज का राशिफल (Aaj Ka Rashifal)
मकर राशि वाले जातकों की बात करें तो आज का दिन आपका मिलाजुला रहने वाला है. जो लोग व्यवसाय कर रहे हैं, वह अपने कार्यों के प्रति कोई भी लापरवाही ना बरतें, नहीं तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है. आपको आज के कार्यों को आज ही करना होगा, कल पर डालना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. आज आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. आप अपने पैतृक बिजनेस में तरक्की पाएंगे.
अपने जीवनसाथी के चलते आप महसूस करेंगे कि आप आप काफी खुशकिस्मत हैं. नौकरी कर रहे जातक नौकरी में स्थान परिवर्तन को लेकर कोई भी निर्णय करने में सफल रहेंगे, जिसमें वह अपने जीवनसाथी के साथ अपनी समस्याओं को साझा करेंगे. जीवन साथी के साथ कुछ समय अकेले में व्यतीत करेंगे. एक दूसरे को उपहार भी देंगे. ससुराल पक्ष से कोई शुभ समाचार सुनने को मिलेगा.
आज आपके मन की कोई इच्छा पूरी होगी. नए वाहन का भी सुख प्राप्त होगा. विद्यार्थी खूब मन लगाकर पढ़ाई करते हुए नजर आएंगे, लेकिन आपके कुछ मित्र आपका ध्यान भटकाने की कोशिश करेंगे. जो लोग विदेशों से आयात-निर्यात का कार्य करते हैं, उन्हें शुभ समाचार सुनने को मिलेगा. घर से कार्य कर रहे जातकों को ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतनी होगी. माता-पिता संतान को अच्छी नौकरी मिलने से काफी खुश नजर आएंगे. अपनी संतान पर गर्व महसूस होगा.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive. com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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Makar Rashifal Today, Capricorn Daily Horoscope in Hindi एक अप्रैलil दो हज़ार तेईस: मकर राशि वाले जातकों की बात करें तो आज का दिन आपका मिलाजुला रहने वाला है. जो लोग व्यवसाय कर रहे हैं, वह अपने कार्यों के प्रति कोई भी लापरवाही ना बरतें, नहीं तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है. आपको आज के कार्यों को आज ही करना होगा, कल पर डालना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. आइए जानते हैं आज का राशिफल मकर राशि वाले जातकों की बात करें तो आज का दिन आपका मिलाजुला रहने वाला है. जो लोग व्यवसाय कर रहे हैं, वह अपने कार्यों के प्रति कोई भी लापरवाही ना बरतें, नहीं तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है. आपको आज के कार्यों को आज ही करना होगा, कल पर डालना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. आज आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. आप अपने पैतृक बिजनेस में तरक्की पाएंगे. अपने जीवनसाथी के चलते आप महसूस करेंगे कि आप आप काफी खुशकिस्मत हैं. नौकरी कर रहे जातक नौकरी में स्थान परिवर्तन को लेकर कोई भी निर्णय करने में सफल रहेंगे, जिसमें वह अपने जीवनसाथी के साथ अपनी समस्याओं को साझा करेंगे. जीवन साथी के साथ कुछ समय अकेले में व्यतीत करेंगे. एक दूसरे को उपहार भी देंगे. ससुराल पक्ष से कोई शुभ समाचार सुनने को मिलेगा. आज आपके मन की कोई इच्छा पूरी होगी. नए वाहन का भी सुख प्राप्त होगा. विद्यार्थी खूब मन लगाकर पढ़ाई करते हुए नजर आएंगे, लेकिन आपके कुछ मित्र आपका ध्यान भटकाने की कोशिश करेंगे. जो लोग विदेशों से आयात-निर्यात का कार्य करते हैं, उन्हें शुभ समाचार सुनने को मिलेगा. घर से कार्य कर रहे जातकों को ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतनी होगी. माता-पिता संतान को अच्छी नौकरी मिलने से काफी खुश नजर आएंगे. अपनी संतान पर गर्व महसूस होगा. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive. com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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सर्गेई अक्सेनोव का नाम एक दिन में सचमुच ज्ञात हो गया, यह वह था जिसे क्रीमिया के मंत्रिपरिषद का नया प्रमुख चुना गया था। इससे पहले, सर्गेई को क्रीमिया में रूस समर्थक पार्टी के नेता और नेता के रूप में जाना जाता था। उनकी नियुक्ति ने तुरंत कई लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वह कौन है, किस तरह का व्यक्ति है, जो इस कठिन और मुश्किल क्षण में क्रीमिया के मुख्य पद पर आसीन हुआ इतिहास प्रायद्वीप? . . चलो सर्गेई Aksenov की जीवनी का पता लगाने की कोशिश करते हैं।
वह काफी युवा है, 41 एक वर्ष है, एक राजनेता के लिए यह एक युवा उम्र है, एक आदमी के लिए यह पहले से ही काफी अनुभवी है। सेर्गेई अक्सोनोव का जन्म, मालती के एसएसआर में, बलटी शहर में हुआ था, तब, जैसा कि कई के लिए सामान्य है, उन्होंने स्कूल से स्नातक किया, जबकि एक रजत पदक प्राप्त किया, फिर अगला अध्ययन, उन्होंने सिम्फ़रोपोल मिलिट्री-पॉलिटिकल कंस्ट्रक्शन स्कूल में दाखिला लिया, जो कि 1993 में समाप्त हुआ और पढ़ाई शुरू की। व्यापार। बाद के सभी समय, सर्गेई व्यावसायिक गतिविधियों में लगे हुए थे।
एक सैन्य कैरियर क्यों नहीं चुना? यह सरल है। 1993 वर्ष। मुझे रूस और अपने मूल क्रीमिया में सेवा के बीच चयन करना था। अक्सेनोव ने क्रीमिया को चुना। लगता है दोनों जीत गए।
1993-1998 में - सहकारी "हेलस" के उप निदेशक। वह भोजन, संरक्षण के क्षेत्र में निजी व्यवसाय में लगे थे। वर्ष के अक्टूबर 1998 से 2001 के मार्च तक, Asterix LLC के उप निदेशक। अप्रैल से, 2001, Firma Escada LLC के उप निदेशक।
फिर दो हज़ार के बीच में, वह राजनीति में भी शामिल हो गया। यह किसी भी व्यक्ति के लिए एक निश्चित सीमांत है, जब आप अपने व्यक्तिगत प्रश्नों को समाज के रूप में प्रभावित करने और अधिक सटीक रूप से प्रभावित करने और भाग लेने के लिए समाज के किन रूपों की दिशा में देखना शुरू करते हैं।
2008 के बाद से, वह क्रीमिया के रूसी समुदाय के सक्रिय सदस्य बन गए हैं, साथ ही साथ सार्वजनिक संगठन "क्रीमिया के नागरिक संपत्ति" के सदस्य भी हैं। वर्ष के 2009 से, वह पहले से ही "क्रीमिया के नागरिक संपत्ति" के बोर्ड का सदस्य है और समन्वय परिषद "क्रीमिया में रूसी एकता के लिए! ", अखिल-क्रीमियन सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन के नेता "रूसी एकता" के सदस्य हैं। 2010 के बाद से, क्रीमिया के Verkhovna Rada के डिप्टी। 27 फरवरी 2014 वर्ष की सुप्रीम काउंसिल ने सेर्गेई अक्सेनोव को मंत्रिपरिषद का प्रमुख नियुक्त किया।
27 फरवरी 2014, Crimea के सुप्रीम काउंसिल की इमारत को छलावरण वर्दी में अज्ञात हथियारबंद लोगों की टुकड़ी द्वारा जब्त कर लिया गया था। यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के अधिकारी, जो इमारत की रखवाली कर रहे थे, उन्हें निष्कासित कर दिया गया और इमारत के ऊपर रूसी संघ का झंडा बुलंद कर दिया गया। पूर्व में मोबाइल संचार के अपने साधनों का चयन करते हुए, विदेश मामलों के सर्वोच्च कमिश्ररिटी के कर्तव्यों के समूह के अंदर जब्त की गई अनुमति। डेप्युटी ने नई सरकार के प्रधान मंत्री (No. 1656-6 / 14) के रूप में अक्षोनोव की नियुक्ति के लिए मतदान किया और क्रीमिया की स्थिति पर जनमत संग्रह कराने का फैसला किया। VSK प्रेस सेवा के आधिकारिक बयान के अनुसार, 53 डिप्टी ने इस निर्णय के लिए मतदान किया। वीएसके के अध्यक्ष वी। ए। कॉन्स्टेंटिनोव के अनुसार, वीएफ यानुकोविच (जो यूक्रेन के राष्ट्रपति के रूप में संसद द्वारा माने जाते हैं) ने उन्हें फोन किया और टेलीफोन द्वारा अक्षोनोव की उम्मीदवारी का समन्वय किया। यूक्रेन के संविधान के आर्टिकल 136 द्वारा इस तरह के समन्वय की आवश्यकता है।
1 मार्च और। के बारे में। यूक्रेन के राष्ट्रपति ए. वी. तुरचिनोव ने चुनावों की अवैधता पर एक फरमान जारी किया, यह देखते हुए कि चुनाव यूक्रेन के संविधान, स्वायत्त गणराज्य के संविधान के उल्लंघन और यूक्रेन के कानूनों के तहत किया गया था।
यूक्रेन के आपराधिक संहिता के 1 के लेख 109 के भाग X में Aksyonov के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की शुरुआत की गई थी (हिंसक परिवर्तन या संवैधानिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकना या राज्य सत्ता की जब्ती)। मार्च 4 पर, कीव जिला प्रशासनिक न्यायालय ने सर्गेई अक्सेनोव की नियुक्ति पर क्रीमिया के Verkhovna Rada के फैसले को रद्द करने और याचिका को मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष के पद के लिए मंजूरी दे दी, और मार्च 5 पर, कीव Shevchenko जिला न्यायालय ने सर्गेई अक्सेनोव को हिरासत में लेने का फैसला किया।
रूसी महासंघ के अध्यक्ष वी. वी. पुतिन ने मार्च 3 पर एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए घोषणा की कि वह सर्गेई अक्सोनोव के चुनाव को वैध मानते हैं।
मार्च 1 Aksyonov ने क्रीमिया की सभी बिजली संरचनाओं को खुद को आश्वस्त करते हुए एक आदेश जारी किया। उस दिन से उन्होंने स्वायत्त गणराज्य क्रीमिया और सेवस्तोपोल के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर-इन-चीफ के कर्तव्यों को ग्रहण किया, जो उन्होंने क्रीमिया गणराज्य के रूस में प्रवेश से पहले किया था। उन्होंने क्रीमिया को सहायता के अनुरोध के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी अपील की, जिसमें उन्हें विक्टर Yanukovych द्वारा समर्थित किया गया था। एक्सएनयूएमएक्स मार्च ने क्रीमिया की नौसेना के निर्माण की घोषणा की।
मार्च 4 Aksyonov ने यूक्रेन के अन्य क्षेत्रों की कीमत पर क्रीमियन स्वायत्तता के विस्तार की संभावना के बारे में बयान दिए, अगर इन क्षेत्रों के निवासी ऐसी इच्छा व्यक्त करते हैं और क्रीमिया गणराज्य की रक्षा मंत्रालय बनाने की आवश्यकता है।
5 मार्च कीव के शेवचेंको जिला अदालत ने सर्गेई अक्सोनोव और व्लादिमीर कोंस्टेंटिनोव को हिरासत में लेने के लिए प्रारंभिक जांच अधिकारियों के अनुरोध को मंजूरी दे दी, जो कला के तहत एक आपराधिक अपराध के आरोपी हैं। 109, यूक्रेन की आपराधिक संहिता का हिस्सा 1 (संवैधानिक आदेश को जबरन बदलने या उखाड़ फेंकने या राज्य सत्ता को जब्त करने के उद्देश्य से कार्रवाई)।
एक्सएनयूएमएक्स मार्च अक्स्योनोव ने कहा कि क्रीमिया में तीन आधिकारिक भाषाएं होंगी - रूसी, यूक्रेनी और क्रीमियन तातार।
11 मार्च को यूक्रेनी के राष्ट्रीयकरण की घोषणा की बेड़ा सेवस्तोपोल में।
17 मार्च अक्षोनोव को उन लोगों की सूची में जोड़ा गया था जिनके लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगाए थे।
मार्च 18 क्रीमिया गणराज्य के मंत्री सेर्गेई अक्स्योनोव की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष, सेवस्तोपोल शहर प्रशासन के संगठन के लिए समन्वय परिषद के अध्यक्ष के साथ सेवस्तोपोल एलेक्सी चैली के जीवन समर्थन के लिए और क्रीमिया गणराज्य के स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष व्लादिमीर कोन्स्टेंटिनोव ने रूसी गणराज्य के प्रवेश पर समझौते पर हस्ताक्षर किए। क्रीमिया गणराज्य को संधि पर हस्ताक्षर करने की तिथि से रूसी संघ में अपनाया जाता है। क्रीमिया गणराज्य को रूसी संघ में अपनाने के दिन से, रूसी संघ के भीतर नए विषयों का गठन किया जा रहा है - क्रीमिया गणराज्य और संघीय महत्व के शहर सेवस्तोपोल।
22 मार्च अक्सोनोव ने यूक्रेन के लोगों को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने उनसे कीव में अधिकारियों के कार्यों का पालन न करने का आग्रह किया। एक्सएनयूएमएक्स मार्च अक्सियनोव को रूसी संघ के नागरिक का पासपोर्ट मिला।
मार्च 26 पर, क्रीमिया गणराज्य की राज्य परिषद ने प्रधान मंत्री सर्गेई अक्स्योनोव की अध्यक्षता वाले रूसी संघ के एक विषय के रूप में क्रीमिया गणराज्य के मंत्रियों की कैबिनेट को मंजूरी दी।
अप्रैल 9 के बाद से - रूसी संघ के राज्य परिषद के प्रेसिडियम के सदस्य।
अप्रैल 11 पर, क्रीमिया गणराज्य की राज्य परिषद ने रूसी संघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को क्रीमिया गणराज्य के कार्यवाहक प्रमुख के रूप में नियुक्ति के लिए अक्स्योनोव की उम्मीदवारी का प्रस्ताव दिया।
पुरस्कारः
- ऑर्डर "फादरलैंड के लिए सेवाओं के लिए" I डिग्री (2014 वर्ष) - रूसी राज्य के सुदृढ़ीकरण में उनके योगदान के लिए, क्रीमिया और सेवस्तोपोल के रूसी संघ में प्रवेश पर जनमत संग्रह की तैयारी और पकड़;
- मेडल "क्रीमिया की वापसी के लिए" (मार्च 25 2014, रूस के रक्षा मंत्रालय)।
स्वायत्तता में स्टेट टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के उप प्रमुख अक्सेनोव निकोले कोचानोव पर प्रतिक्रियाः
समय के साथ, हमने अपना स्वयं का सामाजिक दायरा विकसित किया है, हमें एक-दूसरे पर भरोसा है। उसके पास गुरुत्वाकर्षण का एक निश्चित केंद्र है, ऐसा श्रम विनिमयः कितने लोग उसे यह कहने के लिए धन्यवाद देते हैं कि उसने मुश्किल क्षण में मदद की और शांति से स्थायी नौकरी खोजने का अवसर दिया! वह जानता है कि लोगों को कैसे सुनना है। उसके लिए मुख्य बात खुद को साबित करना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि एक व्यक्ति क्या चाहता है। अगर आप क्या लेते हैं - इसका पूरी तरह से अध्ययन करें। एक स्पंज की तरह, सब कुछ अवशोषित होता है, हर समय सीखता है।
वह व्यवसाय में बिल्कुल भी शामिल नहीं होने वाला थाः स्कूल से मास्को में वितरण प्राप्त हुआ था। लेकिन देश अलग हो गया, यह चुनना जरूरी था कि कहां रहना है। क्रीमिया को चुना। मुझे लगता है कि पछतावा नहीं हुआ।
यह व्यापक रूप से विकसित है - बौद्धिक रूप से, शारीरिक रूप से। आइडिया जनरेटर। वह टीम के खेल - बास्केटबॉल, वॉलीबॉल पसंद करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसने रणनीतिक सोच विकसित की है, और यही वह विशेषता है जो लोगों को उसकी ओर आकर्षित करती है।
अगर वह कहता है कि - उसके हर शब्द के पीछे यही बात है। आप खाली नारे पर सर्गेई को नहीं पकड़ सकते। यदि वह राजनीति में चले गए, तो वे उसमें चले गए, जैसा कि वे कहते हैं, अपने सिर के साथः वह इसे अपनी सारी शक्ति, समय, ऊर्जा, संसाधन देता है, जिसमें वित्तीय भी शामिल हैं। और लोग उसका अनुसरण करते हैं।
व्यवसाय समुदाय में उनकी बहुत अच्छी प्रतिष्ठा है, और यह बहुत कुछ के लायक है। वह बहुत मदद करता है, और न केवल पैसे से। यानी वह पूरी तरह से आत्मनिर्भर व्यक्ति है।
राजनीति में, सर्गेई निश्चित रूप से अपने व्यवसाय की रक्षा के लिए गया था। राजनीति - एक केंद्रित अर्थव्यवस्था। और अर्थव्यवस्था में आज हमारे देश में अनुचित प्रतिस्पर्धा का शासन है - और वास्तव में एक सीमा है जब राज्य, कानून, को आर्थिक संबंधों में हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, यह हस्तक्षेप नहीं करता है, क्योंकि अधिकारी पूरी तरह से अलग चीजों में लगे हुए हैं, सरकार नहीं। इसलिए, आपको सभी को समान परिस्थितियों में रखने के लिए राज्य को मजबूर करने की आवश्यकता है।
क्रीमिया राज्य को सौतेला बेटा क्यों पसंद है? सर्गेई कई कीव अधिकारियों, यूक्रेन के लोगों के कर्तव्यों से परिचित है, क्रीमियन सांसदों का उल्लेख नहीं करने के लिए। उन्होंने गणना की कि क्रीमिया एक "आर्थिक स्वर्ग" बन सकता है, इसके लिए सब कुछ है लेकिन काम की पारदर्शी योजनाएं जो केवल राज्य प्रदान कर सकते हैं। उनका एक सामान्य सामान्य परिवार है।
लीना, पत्नी - एक मामूली आदमी, मेहनती, और बच्चों को यह सिखाती है। उन्होंने कुछ साल पहले एक सभ्य कार भी खरीदी थी और उसी समय घर का निर्माण किया था। यही है, उसका व्यवसाय केवल एक उपकरण है, एक समर्थन है।
मुझे नहीं लगता कि सर्गेई ने इस पृथ्वी पर अपने कार्य को स्पष्ट रूप से महसूस किया है। लेकिन मुझे पता है कि वह उन लोगों के जीवन को बनाने के लिए बहुत कुछ देगा जो उसके साथ एक ही समय में बेहतर और सुरक्षित रहते हैं। यह शब्द - "विश्वसनीयता", मेरी राय में, सर्गेई और फिट के लिए सबसे अच्छा है। और फिर भी - शालीनता . . . "
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सर्गेई अक्सेनोव का नाम एक दिन में सचमुच ज्ञात हो गया, यह वह था जिसे क्रीमिया के मंत्रिपरिषद का नया प्रमुख चुना गया था। इससे पहले, सर्गेई को क्रीमिया में रूस समर्थक पार्टी के नेता और नेता के रूप में जाना जाता था। उनकी नियुक्ति ने तुरंत कई लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वह कौन है, किस तरह का व्यक्ति है, जो इस कठिन और मुश्किल क्षण में क्रीमिया के मुख्य पद पर आसीन हुआ इतिहास प्रायद्वीप? . . चलो सर्गेई Aksenov की जीवनी का पता लगाने की कोशिश करते हैं। वह काफी युवा है, इकतालीस एक वर्ष है, एक राजनेता के लिए यह एक युवा उम्र है, एक आदमी के लिए यह पहले से ही काफी अनुभवी है। सेर्गेई अक्सोनोव का जन्म, मालती के एसएसआर में, बलटी शहर में हुआ था, तब, जैसा कि कई के लिए सामान्य है, उन्होंने स्कूल से स्नातक किया, जबकि एक रजत पदक प्राप्त किया, फिर अगला अध्ययन, उन्होंने सिम्फ़रोपोल मिलिट्री-पॉलिटिकल कंस्ट्रक्शन स्कूल में दाखिला लिया, जो कि एक हज़ार नौ सौ तिरानवे में समाप्त हुआ और पढ़ाई शुरू की। व्यापार। बाद के सभी समय, सर्गेई व्यावसायिक गतिविधियों में लगे हुए थे। एक सैन्य कैरियर क्यों नहीं चुना? यह सरल है। एक हज़ार नौ सौ तिरानवे वर्ष। मुझे रूस और अपने मूल क्रीमिया में सेवा के बीच चयन करना था। अक्सेनोव ने क्रीमिया को चुना। लगता है दोनों जीत गए। एक हज़ार नौ सौ तिरानवे-एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में - सहकारी "हेलस" के उप निदेशक। वह भोजन, संरक्षण के क्षेत्र में निजी व्यवसाय में लगे थे। वर्ष के अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे से दो हज़ार एक के मार्च तक, Asterix LLC के उप निदेशक। अप्रैल से, दो हज़ार एक, Firma Escada LLC के उप निदेशक। फिर दो हज़ार के बीच में, वह राजनीति में भी शामिल हो गया। यह किसी भी व्यक्ति के लिए एक निश्चित सीमांत है, जब आप अपने व्यक्तिगत प्रश्नों को समाज के रूप में प्रभावित करने और अधिक सटीक रूप से प्रभावित करने और भाग लेने के लिए समाज के किन रूपों की दिशा में देखना शुरू करते हैं। दो हज़ार आठ के बाद से, वह क्रीमिया के रूसी समुदाय के सक्रिय सदस्य बन गए हैं, साथ ही साथ सार्वजनिक संगठन "क्रीमिया के नागरिक संपत्ति" के सदस्य भी हैं। वर्ष के दो हज़ार नौ से, वह पहले से ही "क्रीमिया के नागरिक संपत्ति" के बोर्ड का सदस्य है और समन्वय परिषद "क्रीमिया में रूसी एकता के लिए! ", अखिल-क्रीमियन सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन के नेता "रूसी एकता" के सदस्य हैं। दो हज़ार दस के बाद से, क्रीमिया के Verkhovna Rada के डिप्टी। सत्ताईस फरवरी दो हज़ार चौदह वर्ष की सुप्रीम काउंसिल ने सेर्गेई अक्सेनोव को मंत्रिपरिषद का प्रमुख नियुक्त किया। सत्ताईस फरवरी दो हज़ार चौदह, Crimea के सुप्रीम काउंसिल की इमारत को छलावरण वर्दी में अज्ञात हथियारबंद लोगों की टुकड़ी द्वारा जब्त कर लिया गया था। यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के अधिकारी, जो इमारत की रखवाली कर रहे थे, उन्हें निष्कासित कर दिया गया और इमारत के ऊपर रूसी संघ का झंडा बुलंद कर दिया गया। पूर्व में मोबाइल संचार के अपने साधनों का चयन करते हुए, विदेश मामलों के सर्वोच्च कमिश्ररिटी के कर्तव्यों के समूह के अंदर जब्त की गई अनुमति। डेप्युटी ने नई सरकार के प्रधान मंत्री के रूप में अक्षोनोव की नियुक्ति के लिए मतदान किया और क्रीमिया की स्थिति पर जनमत संग्रह कराने का फैसला किया। VSK प्रेस सेवा के आधिकारिक बयान के अनुसार, तिरेपन डिप्टी ने इस निर्णय के लिए मतदान किया। वीएसके के अध्यक्ष वी। ए। कॉन्स्टेंटिनोव के अनुसार, वीएफ यानुकोविच ने उन्हें फोन किया और टेलीफोन द्वारा अक्षोनोव की उम्मीदवारी का समन्वय किया। यूक्रेन के संविधान के आर्टिकल एक सौ छत्तीस द्वारा इस तरह के समन्वय की आवश्यकता है। एक मार्च और। के बारे में। यूक्रेन के राष्ट्रपति ए. वी. तुरचिनोव ने चुनावों की अवैधता पर एक फरमान जारी किया, यह देखते हुए कि चुनाव यूक्रेन के संविधान, स्वायत्त गणराज्य के संविधान के उल्लंघन और यूक्रेन के कानूनों के तहत किया गया था। यूक्रेन के आपराधिक संहिता के एक के लेख एक सौ नौ के भाग X में Aksyonov के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की शुरुआत की गई थी । मार्च चार पर, कीव जिला प्रशासनिक न्यायालय ने सर्गेई अक्सेनोव की नियुक्ति पर क्रीमिया के Verkhovna Rada के फैसले को रद्द करने और याचिका को मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष के पद के लिए मंजूरी दे दी, और मार्च पाँच पर, कीव Shevchenko जिला न्यायालय ने सर्गेई अक्सेनोव को हिरासत में लेने का फैसला किया। रूसी महासंघ के अध्यक्ष वी. वी. पुतिन ने मार्च तीन पर एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए घोषणा की कि वह सर्गेई अक्सोनोव के चुनाव को वैध मानते हैं। मार्च एक Aksyonov ने क्रीमिया की सभी बिजली संरचनाओं को खुद को आश्वस्त करते हुए एक आदेश जारी किया। उस दिन से उन्होंने स्वायत्त गणराज्य क्रीमिया और सेवस्तोपोल के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर-इन-चीफ के कर्तव्यों को ग्रहण किया, जो उन्होंने क्रीमिया गणराज्य के रूस में प्रवेश से पहले किया था। उन्होंने क्रीमिया को सहायता के अनुरोध के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी अपील की, जिसमें उन्हें विक्टर Yanukovych द्वारा समर्थित किया गया था। एक्सएनयूएमएक्स मार्च ने क्रीमिया की नौसेना के निर्माण की घोषणा की। मार्च चार Aksyonov ने यूक्रेन के अन्य क्षेत्रों की कीमत पर क्रीमियन स्वायत्तता के विस्तार की संभावना के बारे में बयान दिए, अगर इन क्षेत्रों के निवासी ऐसी इच्छा व्यक्त करते हैं और क्रीमिया गणराज्य की रक्षा मंत्रालय बनाने की आवश्यकता है। पाँच मार्च कीव के शेवचेंको जिला अदालत ने सर्गेई अक्सोनोव और व्लादिमीर कोंस्टेंटिनोव को हिरासत में लेने के लिए प्रारंभिक जांच अधिकारियों के अनुरोध को मंजूरी दे दी, जो कला के तहत एक आपराधिक अपराध के आरोपी हैं। एक सौ नौ, यूक्रेन की आपराधिक संहिता का हिस्सा एक । एक्सएनयूएमएक्स मार्च अक्स्योनोव ने कहा कि क्रीमिया में तीन आधिकारिक भाषाएं होंगी - रूसी, यूक्रेनी और क्रीमियन तातार। ग्यारह मार्च को यूक्रेनी के राष्ट्रीयकरण की घोषणा की बेड़ा सेवस्तोपोल में। सत्रह मार्च अक्षोनोव को उन लोगों की सूची में जोड़ा गया था जिनके लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगाए थे। मार्च अट्ठारह क्रीमिया गणराज्य के मंत्री सेर्गेई अक्स्योनोव की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष, सेवस्तोपोल शहर प्रशासन के संगठन के लिए समन्वय परिषद के अध्यक्ष के साथ सेवस्तोपोल एलेक्सी चैली के जीवन समर्थन के लिए और क्रीमिया गणराज्य के स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष व्लादिमीर कोन्स्टेंटिनोव ने रूसी गणराज्य के प्रवेश पर समझौते पर हस्ताक्षर किए। क्रीमिया गणराज्य को संधि पर हस्ताक्षर करने की तिथि से रूसी संघ में अपनाया जाता है। क्रीमिया गणराज्य को रूसी संघ में अपनाने के दिन से, रूसी संघ के भीतर नए विषयों का गठन किया जा रहा है - क्रीमिया गणराज्य और संघीय महत्व के शहर सेवस्तोपोल। बाईस मार्च अक्सोनोव ने यूक्रेन के लोगों को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने उनसे कीव में अधिकारियों के कार्यों का पालन न करने का आग्रह किया। एक्सएनयूएमएक्स मार्च अक्सियनोव को रूसी संघ के नागरिक का पासपोर्ट मिला। मार्च छब्बीस पर, क्रीमिया गणराज्य की राज्य परिषद ने प्रधान मंत्री सर्गेई अक्स्योनोव की अध्यक्षता वाले रूसी संघ के एक विषय के रूप में क्रीमिया गणराज्य के मंत्रियों की कैबिनेट को मंजूरी दी। अप्रैल नौ के बाद से - रूसी संघ के राज्य परिषद के प्रेसिडियम के सदस्य। अप्रैल ग्यारह पर, क्रीमिया गणराज्य की राज्य परिषद ने रूसी संघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को क्रीमिया गणराज्य के कार्यवाहक प्रमुख के रूप में नियुक्ति के लिए अक्स्योनोव की उम्मीदवारी का प्रस्ताव दिया। पुरस्कारः - ऑर्डर "फादरलैंड के लिए सेवाओं के लिए" I डिग्री - रूसी राज्य के सुदृढ़ीकरण में उनके योगदान के लिए, क्रीमिया और सेवस्तोपोल के रूसी संघ में प्रवेश पर जनमत संग्रह की तैयारी और पकड़; - मेडल "क्रीमिया की वापसी के लिए" । स्वायत्तता में स्टेट टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के उप प्रमुख अक्सेनोव निकोले कोचानोव पर प्रतिक्रियाः समय के साथ, हमने अपना स्वयं का सामाजिक दायरा विकसित किया है, हमें एक-दूसरे पर भरोसा है। उसके पास गुरुत्वाकर्षण का एक निश्चित केंद्र है, ऐसा श्रम विनिमयः कितने लोग उसे यह कहने के लिए धन्यवाद देते हैं कि उसने मुश्किल क्षण में मदद की और शांति से स्थायी नौकरी खोजने का अवसर दिया! वह जानता है कि लोगों को कैसे सुनना है। उसके लिए मुख्य बात खुद को साबित करना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि एक व्यक्ति क्या चाहता है। अगर आप क्या लेते हैं - इसका पूरी तरह से अध्ययन करें। एक स्पंज की तरह, सब कुछ अवशोषित होता है, हर समय सीखता है। वह व्यवसाय में बिल्कुल भी शामिल नहीं होने वाला थाः स्कूल से मास्को में वितरण प्राप्त हुआ था। लेकिन देश अलग हो गया, यह चुनना जरूरी था कि कहां रहना है। क्रीमिया को चुना। मुझे लगता है कि पछतावा नहीं हुआ। यह व्यापक रूप से विकसित है - बौद्धिक रूप से, शारीरिक रूप से। आइडिया जनरेटर। वह टीम के खेल - बास्केटबॉल, वॉलीबॉल पसंद करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसने रणनीतिक सोच विकसित की है, और यही वह विशेषता है जो लोगों को उसकी ओर आकर्षित करती है। अगर वह कहता है कि - उसके हर शब्द के पीछे यही बात है। आप खाली नारे पर सर्गेई को नहीं पकड़ सकते। यदि वह राजनीति में चले गए, तो वे उसमें चले गए, जैसा कि वे कहते हैं, अपने सिर के साथः वह इसे अपनी सारी शक्ति, समय, ऊर्जा, संसाधन देता है, जिसमें वित्तीय भी शामिल हैं। और लोग उसका अनुसरण करते हैं। व्यवसाय समुदाय में उनकी बहुत अच्छी प्रतिष्ठा है, और यह बहुत कुछ के लायक है। वह बहुत मदद करता है, और न केवल पैसे से। यानी वह पूरी तरह से आत्मनिर्भर व्यक्ति है। राजनीति में, सर्गेई निश्चित रूप से अपने व्यवसाय की रक्षा के लिए गया था। राजनीति - एक केंद्रित अर्थव्यवस्था। और अर्थव्यवस्था में आज हमारे देश में अनुचित प्रतिस्पर्धा का शासन है - और वास्तव में एक सीमा है जब राज्य, कानून, को आर्थिक संबंधों में हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, यह हस्तक्षेप नहीं करता है, क्योंकि अधिकारी पूरी तरह से अलग चीजों में लगे हुए हैं, सरकार नहीं। इसलिए, आपको सभी को समान परिस्थितियों में रखने के लिए राज्य को मजबूर करने की आवश्यकता है। क्रीमिया राज्य को सौतेला बेटा क्यों पसंद है? सर्गेई कई कीव अधिकारियों, यूक्रेन के लोगों के कर्तव्यों से परिचित है, क्रीमियन सांसदों का उल्लेख नहीं करने के लिए। उन्होंने गणना की कि क्रीमिया एक "आर्थिक स्वर्ग" बन सकता है, इसके लिए सब कुछ है लेकिन काम की पारदर्शी योजनाएं जो केवल राज्य प्रदान कर सकते हैं। उनका एक सामान्य सामान्य परिवार है। लीना, पत्नी - एक मामूली आदमी, मेहनती, और बच्चों को यह सिखाती है। उन्होंने कुछ साल पहले एक सभ्य कार भी खरीदी थी और उसी समय घर का निर्माण किया था। यही है, उसका व्यवसाय केवल एक उपकरण है, एक समर्थन है। मुझे नहीं लगता कि सर्गेई ने इस पृथ्वी पर अपने कार्य को स्पष्ट रूप से महसूस किया है। लेकिन मुझे पता है कि वह उन लोगों के जीवन को बनाने के लिए बहुत कुछ देगा जो उसके साथ एक ही समय में बेहतर और सुरक्षित रहते हैं। यह शब्द - "विश्वसनीयता", मेरी राय में, सर्गेई और फिट के लिए सबसे अच्छा है। और फिर भी - शालीनता . . . 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स्टार प्लस के पॉपुलर टीवी सीरियल्स की लिस्ट में शामिल 'ये है मोहब्बतें' ने 1500 एपिसोड्स पूरे कर लिए हैं. 25 जुलाई को पूरी टीम ने मुंबई में इस खुशी का जश्न मनाया.
पार्टी में पहुंचे सभी सितारों ने ढोल पर जमकर डांस किया. शो में लीड एक्ट्रेस इशिता भल्ला की भूमिका निभा रही दिव्यांका त्रिपाठी ने भी खूब एन्जॉय किया. पार्टी के लिए दिव्यांका ने लाइट- डार्क ग्रीन कलर के ड्रेस को चुना, जिसमें वो बेहद खूबसूरत लग रही थीं.
शो की प्रोड्यूसर एकता कपूर भी पार्टी में शामिल हुई. एकता मरून कलर के टॉप और डेनिम जीन्स में दिखाई दीं. पार्टी के लिए एकता का यह ड्रेसिंग सेन्स देख सोशल मीडिया पर कई लोग उनका मजाक भी उड़ा रहे हैं.
दिव्यांका के ऑन स्क्रीन पति करण पटेल भी पार्टी में दिखाई दिए. करण व्हाइट टी-शर्ट विथ रेड जैकेट और डेनिम जीन्स में स्पॉट हुए. छोटी रुहानिका धवन भी पार्टी में ढोल नगाड़ों पर डांस करती नजर आईं.
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स्टार प्लस के पॉपुलर टीवी सीरियल्स की लिस्ट में शामिल 'ये है मोहब्बतें' ने एक हज़ार पाँच सौ एपिसोड्स पूरे कर लिए हैं. पच्चीस जुलाई को पूरी टीम ने मुंबई में इस खुशी का जश्न मनाया. पार्टी में पहुंचे सभी सितारों ने ढोल पर जमकर डांस किया. शो में लीड एक्ट्रेस इशिता भल्ला की भूमिका निभा रही दिव्यांका त्रिपाठी ने भी खूब एन्जॉय किया. पार्टी के लिए दिव्यांका ने लाइट- डार्क ग्रीन कलर के ड्रेस को चुना, जिसमें वो बेहद खूबसूरत लग रही थीं. शो की प्रोड्यूसर एकता कपूर भी पार्टी में शामिल हुई. एकता मरून कलर के टॉप और डेनिम जीन्स में दिखाई दीं. पार्टी के लिए एकता का यह ड्रेसिंग सेन्स देख सोशल मीडिया पर कई लोग उनका मजाक भी उड़ा रहे हैं. दिव्यांका के ऑन स्क्रीन पति करण पटेल भी पार्टी में दिखाई दिए. करण व्हाइट टी-शर्ट विथ रेड जैकेट और डेनिम जीन्स में स्पॉट हुए. छोटी रुहानिका धवन भी पार्टी में ढोल नगाड़ों पर डांस करती नजर आईं.
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गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत आजतक के कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भी शामिल हुए. चड्ढा ने बीजेपी-कांग्रेस पर हमला बोला और दिल्ली, पंजाब की तरह गुजरात में सरकार बनाने का दावा किया. इस दौरान राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल को अपना होरी और खुद को उनका फैन बताया. केजरीवाल को राघव चड्ढा ने अपना राजनीतिक गुरु बताया और कहा कि मैं उनकी उंगली पकड़कर राजनीति में आया हूं.
राघव चड्ढा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल हमारी पार्टी के संयोजक है. हम उनके नाम पर चुनाव लड़ते हैं और हमें उनके ही नाम पर वोट पड़ता है. हम उनका नाम इस्तेमाल करके गारंटी देंगे और हम उनके नाम पर ही वोट लेंगे. केजरीवाल के नाम बार-बार लेने के सवाल पर राघव चड्ढा ने कहा कि वो हमारे राजनीतिक गुरू हैं और मैं उनका चेला हूं. केजरीवाल की ही उंगली पकड़कर मैंने राजनीति में चलना सीखा है. वो मेरे हीरो हैं और मैं उनका फैन हूं.
केजरीवाल तक राजनीतिक सीमित होने के सवाल पर राघव चड्ढा ने कहा कि हम लोग कौन है. हम चार्टेड अकाउंट हैं. हम किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते हैं. हमारे घर में हमसे पहले कोई राजनीति में नहीं था और न ही हमारे बाद कोई राजनीति में आएगा. हम पढ़े लिखे युवा हैं, जिसके दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत है. इसी मिशन को लेकर केजरीवाल चल रहे हैं. आम आदमी पार्टी के विचार से हम लोग जुड़े हैं.
राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली और पंजाब में जिस तरह से बिजली-पानी के क्षेत्र में क्रांति हुई है, उसे गुजरात भी लोग चाहते हैं. बीजेपी हमारे वोटों को काटने के लिए सारी पार्टियां स्पोंसर करती है. कभी किसानों की पार्टी बना देती है. पंजाब में पानी, बिजली के क्षेत्र में क्रांति आई है. एक ही नेता है, जो कहता है, वो करके दिखाता है. एक ही शख्स है जो ईमानदार है. पंजाब के बारे में कहा जाता था कि वहां कर्ज है, कैसे वादे पूरे करेंगे. हम केजरीवाल के नाम पर चुनाव लड़ते हैं.
उन्होंने दीवार फिल्म का डायलॉग सुनाया. कहा- बीजेपी वाले आते हैं और कहते हैं कि हमारे पास ईडी है, सीबीआई, पुलिस, पावर, आईटी है तो हम कहते हैं कि हमारे पास केजरीवाल हैं. जिन्हें भगवान कृष्ण का आशीर्वाद है. चड्ढा ने आगे कहा कि वो आंदोलन में केजरीवाल से जुड़ गए. गोपाल पेशे से कांस्टेबल थे. हम पढ़े लिखे वो युवा हैं, जिनमें देश के लिए कर गुजरने की भावना है. देश की राजनीति को कीचड़ से निकालना है.
पंजाब में 50 साल से अकाली दल तो कभी कांग्रेस की सरकारें हुआ करती थीं. म्यूजिकल चेयर चलती थी. पंजाब के लोगों ने 50 साल के शासन को उखाड़ फेंका और आप को मौका दिया. इसी तरह तरह गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस की सरकारें रही हैं. गुजरात का निर्माण 1960 में हुआ था. 2022 तक 35 साल कांग्रेस, 27 साल बीजेपी की सरकार रही है. इसके बाद भी लोग बिजली, पानी और सड़कों की मांग कर रहे हैं. ये लोग बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दे पाए. अपने पुरानी पार्टियों को हटाकर पढ़ी लिखी ईमानदार पार्टी को मौका दे रहे हैं. केजरीवाल को चुन रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ये धारणा है कि हम उन्हीं राज्यों में अच्छा करते हैं, जहां कांग्रेस से टक्कर होती है. ये गलत है. 2015 का दिल्ली चुनाव सबसे बड़ा चुनाव था. तब कांग्रेस मैदान में नहीं थी. बीजेपी बनाम आप का चुनाव था. बीजेपी को हम वहां 32 सीटों से 3 सीटों पर ले आए. हम बीजेपी के सामने कमजोर नहीं पड़ते. ना घुटने टेकते हैं. आज देश में सिर्फ एक ही पार्टी है- वो आप है. कांग्रेस तो दूर तक नहीं है. हिमाचल में हम बहुत अच्छा करेंगे. देश की राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा बनाम आप के बीच चुनाव होने वाले हैं.
आप को वोट कटुआ पार्टी कहे जाने के सवाल पर कहा कि हमें बीजेपी, कांग्रेस के परंपरागत और साइलेंट वोट भी समर्थन दे रहे हैं. वोट दे रहे हैं. उन्होंने सर्वे के आंकड़े भी गिनाए. कहा- हम सबका वोट ले रहे हैं. आज कांग्रेस पार्टी की 2022 के चुनाव में 5 सीटों से ज्यादा नहीं आ रही हैं. कांग्रेस एनजीओ बन गई है. ये सिर्फ चुनाव में दिखते हैं.
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गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत आजतक के कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भी शामिल हुए. चड्ढा ने बीजेपी-कांग्रेस पर हमला बोला और दिल्ली, पंजाब की तरह गुजरात में सरकार बनाने का दावा किया. इस दौरान राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल को अपना होरी और खुद को उनका फैन बताया. केजरीवाल को राघव चड्ढा ने अपना राजनीतिक गुरु बताया और कहा कि मैं उनकी उंगली पकड़कर राजनीति में आया हूं. राघव चड्ढा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल हमारी पार्टी के संयोजक है. हम उनके नाम पर चुनाव लड़ते हैं और हमें उनके ही नाम पर वोट पड़ता है. हम उनका नाम इस्तेमाल करके गारंटी देंगे और हम उनके नाम पर ही वोट लेंगे. केजरीवाल के नाम बार-बार लेने के सवाल पर राघव चड्ढा ने कहा कि वो हमारे राजनीतिक गुरू हैं और मैं उनका चेला हूं. केजरीवाल की ही उंगली पकड़कर मैंने राजनीति में चलना सीखा है. वो मेरे हीरो हैं और मैं उनका फैन हूं. केजरीवाल तक राजनीतिक सीमित होने के सवाल पर राघव चड्ढा ने कहा कि हम लोग कौन है. हम चार्टेड अकाउंट हैं. हम किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते हैं. हमारे घर में हमसे पहले कोई राजनीति में नहीं था और न ही हमारे बाद कोई राजनीति में आएगा. हम पढ़े लिखे युवा हैं, जिसके दिल में कुछ कर गुजरने की चाहत है. इसी मिशन को लेकर केजरीवाल चल रहे हैं. आम आदमी पार्टी के विचार से हम लोग जुड़े हैं. राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली और पंजाब में जिस तरह से बिजली-पानी के क्षेत्र में क्रांति हुई है, उसे गुजरात भी लोग चाहते हैं. बीजेपी हमारे वोटों को काटने के लिए सारी पार्टियां स्पोंसर करती है. कभी किसानों की पार्टी बना देती है. पंजाब में पानी, बिजली के क्षेत्र में क्रांति आई है. एक ही नेता है, जो कहता है, वो करके दिखाता है. एक ही शख्स है जो ईमानदार है. पंजाब के बारे में कहा जाता था कि वहां कर्ज है, कैसे वादे पूरे करेंगे. हम केजरीवाल के नाम पर चुनाव लड़ते हैं. उन्होंने दीवार फिल्म का डायलॉग सुनाया. कहा- बीजेपी वाले आते हैं और कहते हैं कि हमारे पास ईडी है, सीबीआई, पुलिस, पावर, आईटी है तो हम कहते हैं कि हमारे पास केजरीवाल हैं. जिन्हें भगवान कृष्ण का आशीर्वाद है. चड्ढा ने आगे कहा कि वो आंदोलन में केजरीवाल से जुड़ गए. गोपाल पेशे से कांस्टेबल थे. हम पढ़े लिखे वो युवा हैं, जिनमें देश के लिए कर गुजरने की भावना है. देश की राजनीति को कीचड़ से निकालना है. पंजाब में पचास साल से अकाली दल तो कभी कांग्रेस की सरकारें हुआ करती थीं. म्यूजिकल चेयर चलती थी. पंजाब के लोगों ने पचास साल के शासन को उखाड़ फेंका और आप को मौका दिया. इसी तरह तरह गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस की सरकारें रही हैं. गुजरात का निर्माण एक हज़ार नौ सौ साठ में हुआ था. दो हज़ार बाईस तक पैंतीस साल कांग्रेस, सत्ताईस साल बीजेपी की सरकार रही है. इसके बाद भी लोग बिजली, पानी और सड़कों की मांग कर रहे हैं. ये लोग बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दे पाए. अपने पुरानी पार्टियों को हटाकर पढ़ी लिखी ईमानदार पार्टी को मौका दे रहे हैं. केजरीवाल को चुन रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये धारणा है कि हम उन्हीं राज्यों में अच्छा करते हैं, जहां कांग्रेस से टक्कर होती है. ये गलत है. दो हज़ार पंद्रह का दिल्ली चुनाव सबसे बड़ा चुनाव था. तब कांग्रेस मैदान में नहीं थी. बीजेपी बनाम आप का चुनाव था. बीजेपी को हम वहां बत्तीस सीटों से तीन सीटों पर ले आए. हम बीजेपी के सामने कमजोर नहीं पड़ते. ना घुटने टेकते हैं. आज देश में सिर्फ एक ही पार्टी है- वो आप है. कांग्रेस तो दूर तक नहीं है. हिमाचल में हम बहुत अच्छा करेंगे. देश की राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा बनाम आप के बीच चुनाव होने वाले हैं. आप को वोट कटुआ पार्टी कहे जाने के सवाल पर कहा कि हमें बीजेपी, कांग्रेस के परंपरागत और साइलेंट वोट भी समर्थन दे रहे हैं. वोट दे रहे हैं. उन्होंने सर्वे के आंकड़े भी गिनाए. कहा- हम सबका वोट ले रहे हैं. आज कांग्रेस पार्टी की दो हज़ार बाईस के चुनाव में पाँच सीटों से ज्यादा नहीं आ रही हैं. कांग्रेस एनजीओ बन गई है. ये सिर्फ चुनाव में दिखते हैं.
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Mahindra to Launch Kuv100: महिंद्रा की आने वाली इलेक्ट्रिक कार Mahindra eKUV100 में दमदार बैटरी लगी प्रदान की गई है, जिसकी सिंगल चार्ज पर बैटरी रेंज 200 किलोमीटर से ज्यादा की हो सकती है। इसमें 40 किलोवॉट का इलेक्ट्रिक मोटर हो सकता है, जो कि 40 बीएचपी की मैक्सिमम पावर और 120 न्यूटन मीटर का पिक टॉर्क जेनरेट कर सकेगा। इस इलेक्ट्रिक कार को आप अपने घर पर एसी चार्जर की मदद से 6 घंटे से ज्यादा समय में फुल चार्ज कर सकेंगे। इसमें डीसी फास्ट चार्जिंग सुविधा भी मिल सकती है, जिसके जरिये आप एक घंटे से 80 फीसदी तक आसानी से चार्ज भी कर पाएंगे।
MG Comet: अगर इस कार के एक्सटीरियर की बात करें तो इसमें आपको कनेक्टिड एलईडी डीआरएल, एलईडी हेडलाइट्स, एलईडी टेल लाइट्स दी गई हैं। इसके साथ ही इंटीरियर में एपल आईपॉड से प्रेरित स्टेयरिंग बटंस, 10. 25 इंच का इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 10. 25 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम, स्पीकर, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, ड्यूल कलर्ड इंटीरियर, एपल कार प्ले, एंड्राइड ऑटो भी इस कार में ग्राहकों को प्रदान किए जा रहे हैं। इस बजट में ये सभी फीचर्स वाकई कमाल के हैं।
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Mahindra to Launch Kuvएक सौ: महिंद्रा की आने वाली इलेक्ट्रिक कार Mahindra eKUVएक सौ में दमदार बैटरी लगी प्रदान की गई है, जिसकी सिंगल चार्ज पर बैटरी रेंज दो सौ किलोग्राममीटर से ज्यादा की हो सकती है। इसमें चालीस किलोग्रामवॉट का इलेक्ट्रिक मोटर हो सकता है, जो कि चालीस बीएचपी की मैक्सिमम पावर और एक सौ बीस न्यूटन मीटर का पिक टॉर्क जेनरेट कर सकेगा। इस इलेक्ट्रिक कार को आप अपने घर पर एसी चार्जर की मदद से छः घंटाटे से ज्यादा समय में फुल चार्ज कर सकेंगे। इसमें डीसी फास्ट चार्जिंग सुविधा भी मिल सकती है, जिसके जरिये आप एक घंटे से अस्सी फीसदी तक आसानी से चार्ज भी कर पाएंगे। MG Comet: अगर इस कार के एक्सटीरियर की बात करें तो इसमें आपको कनेक्टिड एलईडी डीआरएल, एलईडी हेडलाइट्स, एलईडी टेल लाइट्स दी गई हैं। इसके साथ ही इंटीरियर में एपल आईपॉड से प्रेरित स्टेयरिंग बटंस, दस. पच्चीस इंच का इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, दस. पच्चीस इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम, स्पीकर, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, ड्यूल कलर्ड इंटीरियर, एपल कार प्ले, एंड्राइड ऑटो भी इस कार में ग्राहकों को प्रदान किए जा रहे हैं। इस बजट में ये सभी फीचर्स वाकई कमाल के हैं।
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राजस्थान रॉयल्स के कप्तान स्टीव स्मिथ ने CSK के विरूद्ध बेहतरीन नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलने वाले जोस बटलर की तारीफ करते हुए उन्हें एक अविश्वसनीय खिलाड़ी बताया है।
राजस्थान रॉयल्स ने सोमवार को IPL (आईपीएल) में सीएसके को सात विकेट से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए, सीएसके ने निर्धारित बीस ओवरों में 5 विकेट पर 125 रन बनाए। राजस्थान ने 126 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 15 गेंदें शेष रहते सात विकेट से जीत दर्ज की। बटलर ने 70 रनों की नाबाद मैच विनिंग पारी खेली, जबकि स्मिथ ने भी 26 रनों की नाबाद पारी खेली।
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राजस्थान रॉयल्स के कप्तान स्टीव स्मिथ ने CSK के विरूद्ध बेहतरीन नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलने वाले जोस बटलर की तारीफ करते हुए उन्हें एक अविश्वसनीय खिलाड़ी बताया है। राजस्थान रॉयल्स ने सोमवार को IPL में सीएसके को सात विकेट से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए, सीएसके ने निर्धारित बीस ओवरों में पाँच विकेट पर एक सौ पच्चीस रन बनाए। राजस्थान ने एक सौ छब्बीस रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंद्रह गेंदें शेष रहते सात विकेट से जीत दर्ज की। बटलर ने सत्तर रनों की नाबाद मैच विनिंग पारी खेली, जबकि स्मिथ ने भी छब्बीस रनों की नाबाद पारी खेली।
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में इतनी ही तरक्की हो पाई उसकी वह अहिंसा हमारी लड़ाईके किस कामकी ? यदि आप ऐसा मानते हों तो आप उसे छोड़ दें। मेरे लिए तो उसे छोड़ने की बात नही है। मेरी तो श्रद्धा अचल है। मुझे यह अफसोस जरूर होगा कि ईश्वरने मुझे ऐसी स्पष्ट भाषा नहीं दी कि मैं अपने विचार दूसरोंको समझा सकूँ ।
मेरा मतलब यह है कि हमारी अहिंसा उन कायरोकी न हो कि जो लड़ाईसे डरते है, खून से डरते है, हत्यारोकी आवाजसे जिनका दिल काँपता है। हमारी अहिंसा तो पठानोंकी अहिंसा होनी चाहिए। मैं पठानोंके साथ रहा हूँ। वह मरनेमारनेसे नही डरता । मैंने अपना उदाहरण इसलिए दिया कि एक पठानके लड़केके साथ अपनी तुलना करूं । पठानका लड़का निडर होता है। कभी मारकाट हो जाये तो वह घरमें नहीं छिप जाता । उसे लड़ाईमें रस ( मजा ) आता है । वह यह खयाल नहीं करता कि कही मुझे चोट न आ जाये, कही मेरी हत्या न हो जाये । चोटका डर तो उसे छू भी नहीं गया है । मैंने तो यह देखा है कि उसके शरीर से खूनके फव्वारे बहने लगते है, लेकिन वह नहीं डिगता । मै यह नही कहता कि सारे पठान ऐसे हैं। पर ऐसे पठानोको मैने आँखोसे देखा है। मेरे दिलमें जो पड़ा है वह यह
कि अहिंसाका प्रयोग करना ऐसे बहादुर आदमियोका काम है। अभी तो मैं भी ऐसा नहीं हो पाया हूँ । मुझमें काफी भीरुता भरी हुई है । सत्याग्रहकी बात तो कहता हूँ, लेकिन मारकाटके मौकेपर पठानकी निर्भयता मेरे अन्दर नही होती । अगर ऐसे मौकेपर मुझे जाना पडे तो दिल कहता है जान बच जाये तो अच्छा ही है। जबरदस्ती चला भी जाता हूँ तो छाती घड़घडाने लगती है। और मन-हीमन मनाता हूँ कि कही मुझे कोई गोली या पत्थर नही लग जाये । बम्बईमें जब पहुँचा ( १९२१ में) तो वहाँ पर मारकाट चल रही थी। पत्थर मा रहे थे, मैं इस सारे अनर्थं से बचना तो चाहता था, लेकिन करूँ क्या ? असहयोग आन्दोलनका नेता था । विवश होकर चला गया। जी चाहता था कि कोई कहे कि 'घरमें बैठे रहो' तो क्या अच्छा हो ! वहाँ पहुँचा तो लोग हुल्लड मचा रहे थे । मेरे साथ अनसूयाबहन थी, वह तो बहादुर औरत है। मैं उसकी रक्षा क्या करूँ ? लोग दीवाने हो रहे थे । देखा सामने से घुडसवार आ रहे हैं। बहुत तो ४० होगे, लेकिन ऐसी लापरवाहीसे घोड़े दौडाते आ रहे थे, मानो रास्ते में एक भी आदमी न हो। उनके पीछे अफसरोकी मोटरें भी आ धमकी ।। मेरा तो कलेजा काँप रहा था । हम लोगो को फोर्ट जाना था। पायधुनी होकर, अब्दुल रहमान स्ट्रीट पहुॅचे। वहाँ तो खूव जोरकी मारकाट चल रही थी । मेरी तो छाती घाड़-घाड शब्द कर रही थी । ब्लडप्रेशर तो न मालूम कितना बढ़ गया होगा । घुड़सवार और फौजी अफसरोके आते ही जो लोग अवतक हुल्लड़ मचा रहे थे, बेतहाशा भागे । मै सारा किस्सा सुनाकर आपका समय लेना नहीं चाहता। मेरा मतलब यह है कि वह आप लोगोके विचार करने का प्रश्न है । मैंने अपने डरपोकपन की बात सुनाई । पर वे लोग जो लाठी और छुरियाँ चला रहे थे, वे भी आखिर डरपोक ही निकले 1 मैने तो अपनी छातीकी तुलना पठानके सीनेसे की । ऐसे निर्भय और वीरता से भरे हुए आदमियोका शस्त्र अहिंसा है।
इससे यह स्पष्ट हो जायेगा कि मुझे प्रयोग किस तरह करना चाहिए । यदि मेरे दिल में सचमुच प्रेम-भाव है, अद्वैतभाव है तो वहाँ जानेमें घबराहट क्यों होनी चाहिए ? छाती इस तरह क्यों घड़घड़ाने लगती है ? इसका साफ अर्थ यह है कि मुझमें भी अहिंसा-वृत्ति इतनी मात्रा में नहीं पैदा हुई है कि मैं निर्भय और निःशंक बन जाऊँ । प्रेम से पैदा हुई निर्भयता अहिंसाका एक सामान्य लक्षण है। अगर वह अबतक हमारे दिलोंमें नहीं आई है, तो उसे पैदा करने के लिए ही ये प्रयोग हैं। ऐसे प्रयोग करते-करते मृत्युका सामना हँसते हँसते करने की शक्ति हमारे अन्दर पैदा हो सकेगी। लेकिन हमारी आदत बिगड़ी हुई है। जब सब तरफ शान्ति रहती है, तब हम ऐसे मौकोंके लिए तैयारियाँ नहीं करते । और ऐन मौकेपर किंकर्तव्यविमूढ़ हो जाते हैं। यदि हम यह प्रयोग मनःपूर्वक और गम्भीरता से न करना चाहते हों तो मैं आपसे नम्रतापूर्वक प्रार्थना करता हूँ कि आप इसे फेंक दें। मैं आपको यह भी बता देना चाहता कि सिर्फ बहस करने से आप इस सवालका फैसला नहीं कर सकते। दिल खोलकर वार्तालाप करने से एक हदतक बुद्धि अवश्य साफ हो जाती है। यह सच है कि अहिंसा के मामले में भी हमको बुद्धिका प्रयोग अन्ततक करना होगा। लेकिन मैं आपसे कह दूं कि अहिंसा केवल बुद्धिका विषय नहीं है। यह श्रद्धा और भक्तिका विषय है। यदि आपका विश्वास अपनी आत्मापर नहीं है, ईश्वर और प्रार्थनापर नहीं है, तो अहिंसा आपके काम आनेवाली चीज नही है। यदि दरअसल अहिंसा परम धर्म है, जैसाकि हम उसे मानते है तब तो उसे हर मौकेपर हर जगह काम देना ही है। इतनी शक्ति उसमें भरी ही हुई है। हम उसकी उस शक्तिको न पहचान सकें तो वह दोष हमारा है। अहिंसाकी पूरी-पूरी शक्तिको पहचानना या अहिंसाकी सम्पूर्ण शक्तिका साक्षात्कार करना हमारी साधनापर निर्भर है। यदि इसको आप मानते हैं और १७ वर्षकी साधना के बाद आपमें अगर यह श्रद्धा पैदा हो गई कि स्वराज्य मिले या न मिले, दुनियाका चाहे कुछ भी हो, न हो, हमें तो यह एक चीज मिली है तो आप इसे ज्ञानपूर्वक आजमायें । साधना के साथ आपका ज्ञान भी बढ़ता जायेगा। लेकिन आप सर्वज्ञ नहीं होंगे। सर्वज्ञ तो अकेला ईश्वर ही है। ईश्वर ऐसा पागल नही है जो सबको सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान् बनने दे। हमारी अपूर्णताके कारण ही साधनाके लिए अवकाश है। ईश्वरने तो हमसे यह कहा है कि जब हम अपनी दुर्बलता को महसूस करते हैं और उसकी पनाह लेते तो ईश्वर हमारा हो जाता है । 'निर्बलके चल राम' किसी संगीताचार्यका पद्य नहीं है, किसी अनुभवीका वस्तुनिदर्शक वाक्य है ।
आपके दिलमें शंका या हिचकिचाहट हो तो आप इस प्रस्तावको मंजूर न करें । कमसे-कम एक रात्रि विचार करने के लिए लें। परमात्मासे अपनी बुद्धि प्रकाशित करने की प्रार्थना करें । यह प्रस्ताव बहुमत से पास करने की चीज नहीं है । आपमें से एक आदमी भी उठकर यह कह सकता है कि मेरे अन्दर यह श्रद्धा नहीं है। तब भी उसे अहिंसा के मार्गपर चलने का अधिकार तो है ही। आप इसे बहुमत से हरगिज पास न करें।
भाषणः गाधी सेवा संघ में
अब जमनालालजी का जो प्रश्न है कि अगर हम गांधी सेवा संघके सदस्य प्रधानपद स्वीकार करें तो क्या हम गोलीका हुक्म नही दे सकते ? आज इलाहाबाद में गोविन्दवल्लभ पंत प्रधान है । वह हमारा सदस्य नही है । लेकिन क्या इसलिए उसमें अहिंसा कम है ? मैं तो उसे खूब जानता हूँ। लेकिन वह बेचारा कर ही क्या सकता था ? मैं तो आपसे यह भी कहना चाहता हूँ कि अगर मैं उसकी जगह होता तो मैं भी ऐसा ही करता। मैं जब प्रधानपद लेता हूँ, तो अमन और नेकइन्तजामीके लिए मै जिम्मेदार हूँ । हाँ, प्रधानपद स्वीकारने से पहले मैं इस बातका विचार कर सकता हूँ । लेकिन गांधी सेवा संघके किसी सदस्यसे मैं तो यह नहीं कह सकता कि केवल इसीलिए वह प्रधान न बने। मैं जानता हूँ कि इसमें मेरी ध्वजा कुछ नीची होती है। लेकिन मेरी अहिंसा व्यवहार क्षेत्र से भाग थोड़े ही सकती है ? मै तो व्यावहारिक समस्याओको हल करते हुए अहिंसासे काम लेना चाहता हूँ। मेरे प्रधान होते हुए अगर हिन्दू-मुसलमान आपसमें लड़ने लगें और में यह समझैं कि फौजको बुलाकर सिर्फ पाँचसात आदमियोको मारकर में इस मारकाटको बन्द कर सकता हूँ तो मुझे व्यवस्थाके लिए यह करना पड़ेगा । कमसे कम हिंसा करके इस हत्याको रोकने का हुक्म मुझको देना ही होगा ।
यह सब आप ही को समझाने के लिए मैं अपना हृदय खोलकर कह रहा हूँ । इस रूप में बाहरके लोग इसको सुनेंगे तो न मालूम क्या-क्या अर्थ निकालेगे ? यहाँ पर पत्रकार तो होगे ही लेकिन वे अपने धन्धेको नही जानते । वे मुझपर नाराज न हों, मैं भी पत्रकार रहा हूँ। और मुझे भी रिपोटिंगका अनुभव है। लेकिन ये लोग तो केवल पेज भरने के लिए और सनसनी पैदा करने के लिए सच-झूठका विचार छोड़ देते है। इसलिए मैं साफ कह देना चाहता हूँ कि मेरी कोई चीज यहाँसे बाहर न जाये ।
तो यह वीचमें दूसरी बात आ गई। अब पन्तकी स्थितिको लीजिए। उसके शहरमें हिन्दू-मुसलमान पागल हो गये है। एक-दूसरेको काट रहे है। लोगोंकी जान और माल सुरक्षित नहीं है । तो वह क्या कहेगा? क्या सोचेगा कि 'मैं अहिंसा का पुजारी तो हूँ लेकिन इस परिस्थितिका मुकाबला करने के लिए अहिंसात्मक रास्ता मुझे नही दिखता । मै अहिंसा से पूछता हूँ । वह तो मौन लेकर बैठी है । पशु-शक्ति तो मुझमें भरी है । तो खैर, उसीसे काम लिया जाये। मै नपुंसक तो नही हूँ, जो चुपचाप बैठा रहूँ । दुबारा फिर अहिंसाकी शरण लूंगा, और पशुबलका प्रयोग नही करूंगा। लेकिन फिर मौका आनेपर अगर अहिंसक मार्ग न मिले तो दुबारा भी ऐसा ही करूंगा।' पन्तको जाहिरा तौरपर कहना चाहिए था कि 'अहिंसाने कुछ न कहा । आप लोगोंने कोई मदद नहीं की और मुझे प्रधान तो बनाकर रखा ही है, तो मुझे जो सुझता है करूंगा ।' आप मेरे मतलबको समझ तो गये होंगे। अब इस पहलूपर अधिक बहस करना बेकार है । और कोई सवाल आप पूछना चाहें तो पूछें।
१. यहाँ राजेन्द्रप्रसादने पूछा कि हिंसाके इस वातावरण में जबकि संघ के सदस्यों में भी आपसमें अहिंसाका भाव नहीं है, हम कहाँतक इस समस्याको हल करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
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में इतनी ही तरक्की हो पाई उसकी वह अहिंसा हमारी लड़ाईके किस कामकी ? यदि आप ऐसा मानते हों तो आप उसे छोड़ दें। मेरे लिए तो उसे छोड़ने की बात नही है। मेरी तो श्रद्धा अचल है। मुझे यह अफसोस जरूर होगा कि ईश्वरने मुझे ऐसी स्पष्ट भाषा नहीं दी कि मैं अपने विचार दूसरोंको समझा सकूँ । मेरा मतलब यह है कि हमारी अहिंसा उन कायरोकी न हो कि जो लड़ाईसे डरते है, खून से डरते है, हत्यारोकी आवाजसे जिनका दिल काँपता है। हमारी अहिंसा तो पठानोंकी अहिंसा होनी चाहिए। मैं पठानोंके साथ रहा हूँ। वह मरनेमारनेसे नही डरता । मैंने अपना उदाहरण इसलिए दिया कि एक पठानके लड़केके साथ अपनी तुलना करूं । पठानका लड़का निडर होता है। कभी मारकाट हो जाये तो वह घरमें नहीं छिप जाता । उसे लड़ाईमें रस आता है । वह यह खयाल नहीं करता कि कही मुझे चोट न आ जाये, कही मेरी हत्या न हो जाये । चोटका डर तो उसे छू भी नहीं गया है । मैंने तो यह देखा है कि उसके शरीर से खूनके फव्वारे बहने लगते है, लेकिन वह नहीं डिगता । मै यह नही कहता कि सारे पठान ऐसे हैं। पर ऐसे पठानोको मैने आँखोसे देखा है। मेरे दिलमें जो पड़ा है वह यह कि अहिंसाका प्रयोग करना ऐसे बहादुर आदमियोका काम है। अभी तो मैं भी ऐसा नहीं हो पाया हूँ । मुझमें काफी भीरुता भरी हुई है । सत्याग्रहकी बात तो कहता हूँ, लेकिन मारकाटके मौकेपर पठानकी निर्भयता मेरे अन्दर नही होती । अगर ऐसे मौकेपर मुझे जाना पडे तो दिल कहता है जान बच जाये तो अच्छा ही है। जबरदस्ती चला भी जाता हूँ तो छाती घड़घडाने लगती है। और मन-हीमन मनाता हूँ कि कही मुझे कोई गोली या पत्थर नही लग जाये । बम्बईमें जब पहुँचा तो वहाँ पर मारकाट चल रही थी। पत्थर मा रहे थे, मैं इस सारे अनर्थं से बचना तो चाहता था, लेकिन करूँ क्या ? असहयोग आन्दोलनका नेता था । विवश होकर चला गया। जी चाहता था कि कोई कहे कि 'घरमें बैठे रहो' तो क्या अच्छा हो ! वहाँ पहुँचा तो लोग हुल्लड मचा रहे थे । मेरे साथ अनसूयाबहन थी, वह तो बहादुर औरत है। मैं उसकी रक्षा क्या करूँ ? लोग दीवाने हो रहे थे । देखा सामने से घुडसवार आ रहे हैं। बहुत तो चालीस होगे, लेकिन ऐसी लापरवाहीसे घोड़े दौडाते आ रहे थे, मानो रास्ते में एक भी आदमी न हो। उनके पीछे अफसरोकी मोटरें भी आ धमकी ।। मेरा तो कलेजा काँप रहा था । हम लोगो को फोर्ट जाना था। पायधुनी होकर, अब्दुल रहमान स्ट्रीट पहुॅचे। वहाँ तो खूव जोरकी मारकाट चल रही थी । मेरी तो छाती घाड़-घाड शब्द कर रही थी । ब्लडप्रेशर तो न मालूम कितना बढ़ गया होगा । घुड़सवार और फौजी अफसरोके आते ही जो लोग अवतक हुल्लड़ मचा रहे थे, बेतहाशा भागे । मै सारा किस्सा सुनाकर आपका समय लेना नहीं चाहता। मेरा मतलब यह है कि वह आप लोगोके विचार करने का प्रश्न है । मैंने अपने डरपोकपन की बात सुनाई । पर वे लोग जो लाठी और छुरियाँ चला रहे थे, वे भी आखिर डरपोक ही निकले एक मैने तो अपनी छातीकी तुलना पठानके सीनेसे की । ऐसे निर्भय और वीरता से भरे हुए आदमियोका शस्त्र अहिंसा है। इससे यह स्पष्ट हो जायेगा कि मुझे प्रयोग किस तरह करना चाहिए । यदि मेरे दिल में सचमुच प्रेम-भाव है, अद्वैतभाव है तो वहाँ जानेमें घबराहट क्यों होनी चाहिए ? छाती इस तरह क्यों घड़घड़ाने लगती है ? इसका साफ अर्थ यह है कि मुझमें भी अहिंसा-वृत्ति इतनी मात्रा में नहीं पैदा हुई है कि मैं निर्भय और निःशंक बन जाऊँ । प्रेम से पैदा हुई निर्भयता अहिंसाका एक सामान्य लक्षण है। अगर वह अबतक हमारे दिलोंमें नहीं आई है, तो उसे पैदा करने के लिए ही ये प्रयोग हैं। ऐसे प्रयोग करते-करते मृत्युका सामना हँसते हँसते करने की शक्ति हमारे अन्दर पैदा हो सकेगी। लेकिन हमारी आदत बिगड़ी हुई है। जब सब तरफ शान्ति रहती है, तब हम ऐसे मौकोंके लिए तैयारियाँ नहीं करते । और ऐन मौकेपर किंकर्तव्यविमूढ़ हो जाते हैं। यदि हम यह प्रयोग मनःपूर्वक और गम्भीरता से न करना चाहते हों तो मैं आपसे नम्रतापूर्वक प्रार्थना करता हूँ कि आप इसे फेंक दें। मैं आपको यह भी बता देना चाहता कि सिर्फ बहस करने से आप इस सवालका फैसला नहीं कर सकते। दिल खोलकर वार्तालाप करने से एक हदतक बुद्धि अवश्य साफ हो जाती है। यह सच है कि अहिंसा के मामले में भी हमको बुद्धिका प्रयोग अन्ततक करना होगा। लेकिन मैं आपसे कह दूं कि अहिंसा केवल बुद्धिका विषय नहीं है। यह श्रद्धा और भक्तिका विषय है। यदि आपका विश्वास अपनी आत्मापर नहीं है, ईश्वर और प्रार्थनापर नहीं है, तो अहिंसा आपके काम आनेवाली चीज नही है। यदि दरअसल अहिंसा परम धर्म है, जैसाकि हम उसे मानते है तब तो उसे हर मौकेपर हर जगह काम देना ही है। इतनी शक्ति उसमें भरी ही हुई है। हम उसकी उस शक्तिको न पहचान सकें तो वह दोष हमारा है। अहिंसाकी पूरी-पूरी शक्तिको पहचानना या अहिंसाकी सम्पूर्ण शक्तिका साक्षात्कार करना हमारी साधनापर निर्भर है। यदि इसको आप मानते हैं और सत्रह वर्षकी साधना के बाद आपमें अगर यह श्रद्धा पैदा हो गई कि स्वराज्य मिले या न मिले, दुनियाका चाहे कुछ भी हो, न हो, हमें तो यह एक चीज मिली है तो आप इसे ज्ञानपूर्वक आजमायें । साधना के साथ आपका ज्ञान भी बढ़ता जायेगा। लेकिन आप सर्वज्ञ नहीं होंगे। सर्वज्ञ तो अकेला ईश्वर ही है। ईश्वर ऐसा पागल नही है जो सबको सर्वज्ञ और सर्वशक्तिमान् बनने दे। हमारी अपूर्णताके कारण ही साधनाके लिए अवकाश है। ईश्वरने तो हमसे यह कहा है कि जब हम अपनी दुर्बलता को महसूस करते हैं और उसकी पनाह लेते तो ईश्वर हमारा हो जाता है । 'निर्बलके चल राम' किसी संगीताचार्यका पद्य नहीं है, किसी अनुभवीका वस्तुनिदर्शक वाक्य है । आपके दिलमें शंका या हिचकिचाहट हो तो आप इस प्रस्तावको मंजूर न करें । कमसे-कम एक रात्रि विचार करने के लिए लें। परमात्मासे अपनी बुद्धि प्रकाशित करने की प्रार्थना करें । यह प्रस्ताव बहुमत से पास करने की चीज नहीं है । आपमें से एक आदमी भी उठकर यह कह सकता है कि मेरे अन्दर यह श्रद्धा नहीं है। तब भी उसे अहिंसा के मार्गपर चलने का अधिकार तो है ही। आप इसे बहुमत से हरगिज पास न करें। भाषणः गाधी सेवा संघ में अब जमनालालजी का जो प्रश्न है कि अगर हम गांधी सेवा संघके सदस्य प्रधानपद स्वीकार करें तो क्या हम गोलीका हुक्म नही दे सकते ? आज इलाहाबाद में गोविन्दवल्लभ पंत प्रधान है । वह हमारा सदस्य नही है । लेकिन क्या इसलिए उसमें अहिंसा कम है ? मैं तो उसे खूब जानता हूँ। लेकिन वह बेचारा कर ही क्या सकता था ? मैं तो आपसे यह भी कहना चाहता हूँ कि अगर मैं उसकी जगह होता तो मैं भी ऐसा ही करता। मैं जब प्रधानपद लेता हूँ, तो अमन और नेकइन्तजामीके लिए मै जिम्मेदार हूँ । हाँ, प्रधानपद स्वीकारने से पहले मैं इस बातका विचार कर सकता हूँ । लेकिन गांधी सेवा संघके किसी सदस्यसे मैं तो यह नहीं कह सकता कि केवल इसीलिए वह प्रधान न बने। मैं जानता हूँ कि इसमें मेरी ध्वजा कुछ नीची होती है। लेकिन मेरी अहिंसा व्यवहार क्षेत्र से भाग थोड़े ही सकती है ? मै तो व्यावहारिक समस्याओको हल करते हुए अहिंसासे काम लेना चाहता हूँ। मेरे प्रधान होते हुए अगर हिन्दू-मुसलमान आपसमें लड़ने लगें और में यह समझैं कि फौजको बुलाकर सिर्फ पाँचसात आदमियोको मारकर में इस मारकाटको बन्द कर सकता हूँ तो मुझे व्यवस्थाके लिए यह करना पड़ेगा । कमसे कम हिंसा करके इस हत्याको रोकने का हुक्म मुझको देना ही होगा । यह सब आप ही को समझाने के लिए मैं अपना हृदय खोलकर कह रहा हूँ । इस रूप में बाहरके लोग इसको सुनेंगे तो न मालूम क्या-क्या अर्थ निकालेगे ? यहाँ पर पत्रकार तो होगे ही लेकिन वे अपने धन्धेको नही जानते । वे मुझपर नाराज न हों, मैं भी पत्रकार रहा हूँ। और मुझे भी रिपोटिंगका अनुभव है। लेकिन ये लोग तो केवल पेज भरने के लिए और सनसनी पैदा करने के लिए सच-झूठका विचार छोड़ देते है। इसलिए मैं साफ कह देना चाहता हूँ कि मेरी कोई चीज यहाँसे बाहर न जाये । तो यह वीचमें दूसरी बात आ गई। अब पन्तकी स्थितिको लीजिए। उसके शहरमें हिन्दू-मुसलमान पागल हो गये है। एक-दूसरेको काट रहे है। लोगोंकी जान और माल सुरक्षित नहीं है । तो वह क्या कहेगा? क्या सोचेगा कि 'मैं अहिंसा का पुजारी तो हूँ लेकिन इस परिस्थितिका मुकाबला करने के लिए अहिंसात्मक रास्ता मुझे नही दिखता । मै अहिंसा से पूछता हूँ । वह तो मौन लेकर बैठी है । पशु-शक्ति तो मुझमें भरी है । तो खैर, उसीसे काम लिया जाये। मै नपुंसक तो नही हूँ, जो चुपचाप बैठा रहूँ । दुबारा फिर अहिंसाकी शरण लूंगा, और पशुबलका प्रयोग नही करूंगा। लेकिन फिर मौका आनेपर अगर अहिंसक मार्ग न मिले तो दुबारा भी ऐसा ही करूंगा।' पन्तको जाहिरा तौरपर कहना चाहिए था कि 'अहिंसाने कुछ न कहा । आप लोगोंने कोई मदद नहीं की और मुझे प्रधान तो बनाकर रखा ही है, तो मुझे जो सुझता है करूंगा ।' आप मेरे मतलबको समझ तो गये होंगे। अब इस पहलूपर अधिक बहस करना बेकार है । और कोई सवाल आप पूछना चाहें तो पूछें। एक. यहाँ राजेन्द्रप्रसादने पूछा कि हिंसाके इस वातावरण में जबकि संघ के सदस्यों में भी आपसमें अहिंसाका भाव नहीं है, हम कहाँतक इस समस्याको हल करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
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अगर किसी चालक ने आईएसआई मार्के का हेलमेट नहीं पहना है तो उससे भी 1000 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले जा सकते हैं. टूटे-फूटे या कामचलाऊ हेलमेट पहनने वालों की भी खैर नहीं क्योंकि सरकार ऐसे लोगों के लिए सख्त नियम अपना रही है.
बाइक चलाते हैं, लेकिन सही ढंग से हेलमेटन हीं लगाते? मोटरसाइकिल चलाते हैं, लेकिन हेलमेट माथे पर लगाने के बजाय हाथ में लटका कर चलते हैं? अगर ऐसा है तो सावधान हो जाएं. सरकार ऐसे लोगों के लिए सख्त नियम लेकर आई है. हेलमेट सही से नहीं लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा. यह नियम सड़क सुरक्षा (Road Safety) के मद्देनजर लाया गया है. नियम के मुताबिक, सही ढंग से हेलमेट नहीं पहनने वालों को 2000 रुपये तक का तत्काल जुर्माना देना पड़ सकता है. यानी कि सड़क पर ट्रैफिक पुलिस (Traffic Rules) ने पकड़ लिया तो कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी. तुरंत फाइन चुकाना होगा.
दरअसल, सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट, 1998 में बड़ा बदलाव किया है. इसमें हेलमेट का नियम लागू किया गया है. भारत में तमाम कोशिशों के बावजूद सड़क दुर्घटना में हो रहीं मौतें बड़ी चिंता बनती जा रही हैं. लोग सड़क सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेते. यही वजह है कि हेलमेट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों के साथ भी खिलवाड़ किया जाता है. लोगों को इसका अनुशासन सिखाने के लिए सरकार ने नए नियम जारी किए हैं. बाइक चलाते वक्त अगर आप हेलमेट सही से नहीं लगाते हैं तो आपके खिलाफ भारी जुर्माना हो सकता है.
नियम के मुताबिक, अगर किसी बाइक चालक ने हेलमेट पहना है, लेकिन उसकी पट्टी खुली है तो 1000 रुपये का जुर्माना लग सकता है. सरकार ने हेलमेट का भरोसेमंद ब्रांड भी तय किया है. अगर किसी चालक ने आईएसआई मार्के का हेलमेट नहीं पहना है तो उससे भी 1000 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले जा सकते हैं. टूटे-फूटे या कामचलाऊ हेलमेट पहनने वालों की भी खैर नहीं क्योंकि सरकार ऐसे लोगों के लिए सख्त नियम अपना रही है. कई बार लोग पुलिस को चकमा देने के लिए टूटे हेलमेंट पहन कर निकल जाते हैं. अगर पुलिस किसी व्यक्ति को इसमें दोषी पाती है तो 1000 रुपये का चालान हो सकता है.
सरकार इस तरह की किसी भी ढिलाई या हेलमेट में गड़बड़ी पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धराा 129 के तहत कार्रवाई कर सकती है. बाइक सवार ने भले ही हेलमेट पहना हो, लेकिन ट्रैफिक नियमों को भंग करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. भारी वाहनों के लिए भी कुछ नियम बनाए गए हैं. किसी गाड़ी को ओवरलोड पाया जाता तो ट्रैफिक पुलिस 20,000 रुपये का जुर्माना लगा सकती है. जुर्माने के तौर पर गाड़ी चालक को प्रति टन 2000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा. ऐसे में अगर आप भारी वाहन चला रहे हों या बाइक, तो सड़क सुरक्षा से नियमों का पूरा ध्यान रखें या जेब में इतना पैसा लेकर चलें कि जुर्माने की रकम भरी जा सके.
अभी हाल में सरकार ने बच्चों के लिए हेलमेट का नियम जारी किया था. अगर आप अपनी बाइक पर किसी बच्चे को लेकर जा रहे हैं, तो खुद हेलमेट पहनने के साथ ही बच्चे को भी हेलमेट पहनाना होगा. साथ ही हार्नेस बेल्ट का भी इस्तेमाल करना होगा. यह बेल्ट बच्चे को चालक के साथ बांध कर रखता है. इससे बच्चे के गिरने का डर नहीं होता.
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अगर किसी चालक ने आईएसआई मार्के का हेलमेट नहीं पहना है तो उससे भी एक हज़ार रुपयापये जुर्माने के तौर पर वसूले जा सकते हैं. टूटे-फूटे या कामचलाऊ हेलमेट पहनने वालों की भी खैर नहीं क्योंकि सरकार ऐसे लोगों के लिए सख्त नियम अपना रही है. बाइक चलाते हैं, लेकिन सही ढंग से हेलमेटन हीं लगाते? मोटरसाइकिल चलाते हैं, लेकिन हेलमेट माथे पर लगाने के बजाय हाथ में लटका कर चलते हैं? अगर ऐसा है तो सावधान हो जाएं. सरकार ऐसे लोगों के लिए सख्त नियम लेकर आई है. हेलमेट सही से नहीं लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा. यह नियम सड़क सुरक्षा के मद्देनजर लाया गया है. नियम के मुताबिक, सही ढंग से हेलमेट नहीं पहनने वालों को दो हज़ार रुपयापये तक का तत्काल जुर्माना देना पड़ सकता है. यानी कि सड़क पर ट्रैफिक पुलिस ने पकड़ लिया तो कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी. तुरंत फाइन चुकाना होगा. दरअसल, सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट, एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में बड़ा बदलाव किया है. इसमें हेलमेट का नियम लागू किया गया है. भारत में तमाम कोशिशों के बावजूद सड़क दुर्घटना में हो रहीं मौतें बड़ी चिंता बनती जा रही हैं. लोग सड़क सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेते. यही वजह है कि हेलमेट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों के साथ भी खिलवाड़ किया जाता है. लोगों को इसका अनुशासन सिखाने के लिए सरकार ने नए नियम जारी किए हैं. बाइक चलाते वक्त अगर आप हेलमेट सही से नहीं लगाते हैं तो आपके खिलाफ भारी जुर्माना हो सकता है. नियम के मुताबिक, अगर किसी बाइक चालक ने हेलमेट पहना है, लेकिन उसकी पट्टी खुली है तो एक हज़ार रुपयापये का जुर्माना लग सकता है. सरकार ने हेलमेट का भरोसेमंद ब्रांड भी तय किया है. अगर किसी चालक ने आईएसआई मार्के का हेलमेट नहीं पहना है तो उससे भी एक हज़ार रुपयापये जुर्माने के तौर पर वसूले जा सकते हैं. टूटे-फूटे या कामचलाऊ हेलमेट पहनने वालों की भी खैर नहीं क्योंकि सरकार ऐसे लोगों के लिए सख्त नियम अपना रही है. कई बार लोग पुलिस को चकमा देने के लिए टूटे हेलमेंट पहन कर निकल जाते हैं. अगर पुलिस किसी व्यक्ति को इसमें दोषी पाती है तो एक हज़ार रुपयापये का चालान हो सकता है. सरकार इस तरह की किसी भी ढिलाई या हेलमेट में गड़बड़ी पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धराा एक सौ उनतीस के तहत कार्रवाई कर सकती है. बाइक सवार ने भले ही हेलमेट पहना हो, लेकिन ट्रैफिक नियमों को भंग करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ दो,शून्य रुपयापये का जुर्माना लगेगा. भारी वाहनों के लिए भी कुछ नियम बनाए गए हैं. किसी गाड़ी को ओवरलोड पाया जाता तो ट्रैफिक पुलिस बीस,शून्य रुपयापये का जुर्माना लगा सकती है. जुर्माने के तौर पर गाड़ी चालक को प्रति टन दो हज़ार रुपयापये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा. ऐसे में अगर आप भारी वाहन चला रहे हों या बाइक, तो सड़क सुरक्षा से नियमों का पूरा ध्यान रखें या जेब में इतना पैसा लेकर चलें कि जुर्माने की रकम भरी जा सके. अभी हाल में सरकार ने बच्चों के लिए हेलमेट का नियम जारी किया था. अगर आप अपनी बाइक पर किसी बच्चे को लेकर जा रहे हैं, तो खुद हेलमेट पहनने के साथ ही बच्चे को भी हेलमेट पहनाना होगा. साथ ही हार्नेस बेल्ट का भी इस्तेमाल करना होगा. यह बेल्ट बच्चे को चालक के साथ बांध कर रखता है. इससे बच्चे के गिरने का डर नहीं होता.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दो दिन में दो बड़े झटके लगे हैं. एक दिन पहले सूरत कोर्ट ने मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाई थी और अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई है.
मानहानि के एक मामले में सूरत कोर्ट की ओर से गुरुवार को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद आज शुक्रवार को राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है. अब इस मसले पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गाधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है. प्रियंका ने पूछा है कि जब आपने संसद में नेहरू सरनेम रखने का जिक्र किया था तो फिर आपको तो किसी जज ने दो साल की सजा नहीं दी.
प्रियंका ने एक के बाद एक चार ट्वीट करते हुए कहा कि आपने (नरेंद्र मोदी) भरी संसद में कश्मीरी पंडित समाज का अपमान किया था और पूछा था कि वह नेहरू नाम क्यों नहीं रखते हैं. तब तो आपको तो संसद से डिस्क्वालिफाई नहीं किया गया. उन्होंने पूछा कि क्या आपका मित्र गौतम अडानी संसद और भारत की जनता से बड़ा हो गया है?
गांधी परिवार को परिवारवादी कहे जाने पर प्रियंका गांधी ने कहा है कि इस परिवार ने भारत के लोकतंत्र को अपने खून से सींचा है. गौतम अडानी पर सवाल उठाया गया तो आप बौखला गए? कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि आपके नेताओं ने शहीद प्रधानमंत्री के बेटे को देशद्रोही और मीर जाफर कहा, एक सीएम ने यहां तक सवाल उठाया था कि राहुल गांधी का पिता कौन है?
..@narendramodi जी आपके चमचों ने एक शहीद प्रधानमंत्री के बेटे को देशद्रोही, मीर जाफ़र कहा। आपके एक मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी का पिता कौन है?
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सच बोलने वालों को, जनता के हक की बात करने वाले का मुंह बंद करने के लिए सदन से बाहर किया गया है. ऐसा कौन सा बड़ा अपराध था कि मानहानि के मामले में जिस व्यक्ति का कोई संबंध नहीं है. राहुल जो सच्चाई देश के सामने रख रहे थे वो उनको पसंद नहीं है इसलिए राहुल को संसद से बाहर किया गया है.
राहुल गांधी पर एक्शन के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि ये राजनीतिक लड़ाई खत्म नहीं होगी ये आगे भी बरकरार रहेगी. हम पीछे हटने वाले नहीं है. बीजेपी भारत जोड़ो यात्रा से डरी और घबराई हुई है. वो ये जानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा ने कांग्रेस पार्टी के भीतर एक नई ऊर्जा लाई है, पूरे देश में नया उत्साह है.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दो दिन में दो बड़े झटके लगे हैं. एक दिन पहले सूरत कोर्ट ने मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाई थी और अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई है. मानहानि के एक मामले में सूरत कोर्ट की ओर से गुरुवार को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद आज शुक्रवार को राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है. अब इस मसले पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गाधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है. प्रियंका ने पूछा है कि जब आपने संसद में नेहरू सरनेम रखने का जिक्र किया था तो फिर आपको तो किसी जज ने दो साल की सजा नहीं दी. प्रियंका ने एक के बाद एक चार ट्वीट करते हुए कहा कि आपने भरी संसद में कश्मीरी पंडित समाज का अपमान किया था और पूछा था कि वह नेहरू नाम क्यों नहीं रखते हैं. तब तो आपको तो संसद से डिस्क्वालिफाई नहीं किया गया. उन्होंने पूछा कि क्या आपका मित्र गौतम अडानी संसद और भारत की जनता से बड़ा हो गया है? गांधी परिवार को परिवारवादी कहे जाने पर प्रियंका गांधी ने कहा है कि इस परिवार ने भारत के लोकतंत्र को अपने खून से सींचा है. गौतम अडानी पर सवाल उठाया गया तो आप बौखला गए? कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि आपके नेताओं ने शहीद प्रधानमंत्री के बेटे को देशद्रोही और मीर जाफर कहा, एक सीएम ने यहां तक सवाल उठाया था कि राहुल गांधी का पिता कौन है? ..@narendramodi जी आपके चमचों ने एक शहीद प्रधानमंत्री के बेटे को देशद्रोही, मीर जाफ़र कहा। आपके एक मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी का पिता कौन है? वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सच बोलने वालों को, जनता के हक की बात करने वाले का मुंह बंद करने के लिए सदन से बाहर किया गया है. ऐसा कौन सा बड़ा अपराध था कि मानहानि के मामले में जिस व्यक्ति का कोई संबंध नहीं है. राहुल जो सच्चाई देश के सामने रख रहे थे वो उनको पसंद नहीं है इसलिए राहुल को संसद से बाहर किया गया है. राहुल गांधी पर एक्शन के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि ये राजनीतिक लड़ाई खत्म नहीं होगी ये आगे भी बरकरार रहेगी. हम पीछे हटने वाले नहीं है. बीजेपी भारत जोड़ो यात्रा से डरी और घबराई हुई है. वो ये जानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा ने कांग्रेस पार्टी के भीतर एक नई ऊर्जा लाई है, पूरे देश में नया उत्साह है.
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लखनऊः उत्तर प्रदेश में 08 करोड़ लोगों का कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ मिल चुकी है, यह राज्य की कुल वयस्क आबादी का करीब 55 फीसद है। जबकि 91 फीसद से अधिक लोगों को वैक्सीन पहली खुराक दे दी गई है। स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर, कोरोना वॉरियर प्री-कॉशन डोज देने का काम भी युद्धस्तर पर चल रहा है और केवल दो दिन में लगभग 01 लाख लोगों को बूस्टर डोज मिल गई है।
सोमवार शाम तक राज्य में 29 लाख 40 हजार 15-17 आयु वर्ग के किशोरों को वैक्सीन लग चुकी थी, जिसमें से लगभग 40 फीसदी बस्ती जिले के हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनावों से पहले राज्य में 100 फीसदी टीकाकरण का टारगेट निर्धारित किया है। नई नीति के मुताबिक, मतदान तिथि के 10 दिन पहले तक संबंधित जनपद में सभी को टीके की दोनों खुराक दे दी जाएगी।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए गए निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक, जिस जिले में पहले मतदान होना है, वहां अतिरिक्त टीकाकरण केंद्र और वैक्सीनेटर लगाए जाएंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नई रणनीति के साथ टीकाकरण कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।
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लखनऊः उत्तर प्रदेश में आठ करोड़ लोगों का कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ मिल चुकी है, यह राज्य की कुल वयस्क आबादी का करीब पचपन फीसद है। जबकि इक्यानवे फीसद से अधिक लोगों को वैक्सीन पहली खुराक दे दी गई है। स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर, कोरोना वॉरियर प्री-कॉशन डोज देने का काम भी युद्धस्तर पर चल रहा है और केवल दो दिन में लगभग एक लाख लोगों को बूस्टर डोज मिल गई है। सोमवार शाम तक राज्य में उनतीस लाख चालीस हजार पंद्रह-सत्रह आयु वर्ग के किशोरों को वैक्सीन लग चुकी थी, जिसमें से लगभग चालीस फीसदी बस्ती जिले के हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनावों से पहले राज्य में एक सौ फीसदी टीकाकरण का टारगेट निर्धारित किया है। नई नीति के मुताबिक, मतदान तिथि के दस दिन पहले तक संबंधित जनपद में सभी को टीके की दोनों खुराक दे दी जाएगी। चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए गए निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक, जिस जिले में पहले मतदान होना है, वहां अतिरिक्त टीकाकरण केंद्र और वैक्सीनेटर लगाए जाएंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नई रणनीति के साथ टीकाकरण कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।
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पहले बात करते हैं केरल के पहले कम्यूनिस्ट मुख्यमंत्री ईएमएस नंबूदरीपाद के बारे में। इनका नाम इतिहास में शिक्षा सुधारों(Education reforms) और जमींदारी प्रथा को बंद कराने के लिए दर्ज है। नंबूदरीपाद 5 अप्रैल, 1957 को केरल के मुख्यमंत्री बने थे। देश के शीर्ष कम्यूनिस्ट नेताओं में शुमार एलमकुलम मनक्कल शंकरन यानी ईएमएस नंबूदरीपाद का जन्म 13 जून 1909 को केरल के वर्तमान मलाप्पुरम जिले में हुआ था।
कहने को नंबूदरीपाद ब्राह्मण थे, लेकिन वे जाति प्रथा के हमेशा खिलाफ रहे। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत ही जाति प्रथा के खिलाफ आंदोलन से की थी।
( यह तस्वीर 1979 की है, जब रोमानिया के तत्कालीन प्रेसिडेंट और नंबूदरीपाद मुलाकात हुई थी)
नंबूदरीपाद ने 1948 में 'केरला : मलयालीकालुडे मातृभूमि' नाम से एक किताब लिखी थी। इसमें उन्होंने उल्लेख किया था कि कैसे समाज में ऊंची जातियां हावी हैं। चीजों के उत्पादन-मार्केट पर कैसे ऊंची जाति के जमींदार बैठे हैं। उनकी नजर में केरल के पिछड़ेपन का यह प्रमुख कारण था।
नंबूदरीपाद ने 1952 में 'द नेशनल क्वेश्चन इन केरला' में भी जाति प्रथा का उल्लेख किया था। नंबूदरीपाद पहले ऐसा नेता थे, जिन्होंने भाषा को राष्ट्रीय एकता से जोड़कर देखा। भारत में भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन को लेकर जो आंदोलन शुरू हुए, उनमें नंबूदरीपाद की अहम भूमिका रही।
केरल में नंबूदरीपाद की सरकार देश की पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी। उनकी कार्यशैली से केंद्र की सरकार को डर लगने लगा था। नतीजा 1959 में उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि 1967 में वे फिर से केरल के मुख्यमंत्री बने।
नंबूदरीपाद किसान और समाजवादी आंदोलनों के सूत्रधार थे। जब वे बीए की पढ़ाई कर रहे थे, तब 1932 में 'सविनय अवज्ञा आन्दोलन' चल रहा था। वे उससे जुड़ गए। अंग्रेजों ने उन्हें तीन साल के लिए जेल पहुंचा दिया। हालांकि 1933 में रिहा कर दिया गया।
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पहले बात करते हैं केरल के पहले कम्यूनिस्ट मुख्यमंत्री ईएमएस नंबूदरीपाद के बारे में। इनका नाम इतिहास में शिक्षा सुधारों और जमींदारी प्रथा को बंद कराने के लिए दर्ज है। नंबूदरीपाद पाँच अप्रैल, एक हज़ार नौ सौ सत्तावन को केरल के मुख्यमंत्री बने थे। देश के शीर्ष कम्यूनिस्ट नेताओं में शुमार एलमकुलम मनक्कल शंकरन यानी ईएमएस नंबूदरीपाद का जन्म तेरह जून एक हज़ार नौ सौ नौ को केरल के वर्तमान मलाप्पुरम जिले में हुआ था। कहने को नंबूदरीपाद ब्राह्मण थे, लेकिन वे जाति प्रथा के हमेशा खिलाफ रहे। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत ही जाति प्रथा के खिलाफ आंदोलन से की थी। नंबूदरीपाद ने एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस में 'केरला : मलयालीकालुडे मातृभूमि' नाम से एक किताब लिखी थी। इसमें उन्होंने उल्लेख किया था कि कैसे समाज में ऊंची जातियां हावी हैं। चीजों के उत्पादन-मार्केट पर कैसे ऊंची जाति के जमींदार बैठे हैं। उनकी नजर में केरल के पिछड़ेपन का यह प्रमुख कारण था। नंबूदरीपाद ने एक हज़ार नौ सौ बावन में 'द नेशनल क्वेश्चन इन केरला' में भी जाति प्रथा का उल्लेख किया था। नंबूदरीपाद पहले ऐसा नेता थे, जिन्होंने भाषा को राष्ट्रीय एकता से जोड़कर देखा। भारत में भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन को लेकर जो आंदोलन शुरू हुए, उनमें नंबूदरीपाद की अहम भूमिका रही। केरल में नंबूदरीपाद की सरकार देश की पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी। उनकी कार्यशैली से केंद्र की सरकार को डर लगने लगा था। नतीजा एक हज़ार नौ सौ उनसठ में उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि एक हज़ार नौ सौ सरसठ में वे फिर से केरल के मुख्यमंत्री बने। नंबूदरीपाद किसान और समाजवादी आंदोलनों के सूत्रधार थे। जब वे बीए की पढ़ाई कर रहे थे, तब एक हज़ार नौ सौ बत्तीस में 'सविनय अवज्ञा आन्दोलन' चल रहा था। वे उससे जुड़ गए। अंग्रेजों ने उन्हें तीन साल के लिए जेल पहुंचा दिया। हालांकि एक हज़ार नौ सौ तैंतीस में रिहा कर दिया गया।
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न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्री एंड्रयू लिटिल ने घोषणा की कि उनका देश 2021 के अंत में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया द्वारा स्थापित एक त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन AUKUS के ढांचे के भीतर सहयोग करने का इरादा रखता है।
- न्यूजीलैंड के रक्षा विभाग के प्रमुख ने कहा।
यह ध्यान देने योग्य है कि एक सप्ताह पहले, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री नानाई महुता ने उच्च रैंकिंग वाले चीनी राजनयिकों के साथ बैठक की थी, जिसके दौरान उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग के बारे में अत्यधिक चिंता व्यक्त की थी, विशेष रूप से पृष्ठभूमि में अंतिम परमाणु पनडुब्बियों (एनपीएस) के प्रावधान के बारे में आधिकारिक लंदन और वाशिंगटन के बयान। जैसा कि उस समय न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रमुख ने दावा किया था, वह चीन के अपने सहयोगियों को आश्वस्त करने में कामयाब रही कि उनके देश का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हालाँकि, कुछ दिनों बाद, महुता ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य साझेदारी में शामिल होने के लिए वेलिंगटन की तत्परता की घोषणा की।
कैनबरा अपने सहयोगियों से सेना (क्वांटम सहित) के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक का उपयोग कर सकता है। इसके अलावा, AUKUS के ढांचे के भीतर सैन्य सहयोग 3 में शुरू होने वाली 5 से 2032 वर्जीनिया-श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों के हस्तांतरण के लिए प्रदान करता है।
हालाँकि, इस संबंध में वेलिंगटन की अपनी चिंताएँ भी हैं, क्योंकि उनकी राय में, ये राज्य अपने कार्यों से रारोटोंगा संधि को ख़तरे में डाल सकते हैं, जो दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में एक परमाणु-मुक्त क्षेत्र पर एक दस्तावेज़ है, जिस पर 6 अगस्त, 1985 को हस्ताक्षर किए गए थे।
फिर भी, जैसा कि न्यूजीलैंड की सरकार के पूर्व प्रमुख हेलेन क्लार्क ने कहा है, उनका देश AUKUS में दिलचस्पी नहीं होने के कारण परमाणु-मुक्त नीति का पालन करना जारी रखेगा। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि न्यूजीलैंड इस एंग्लो-सैक्सन सैन्य गठबंधन में शामिल हो सकता है।
- लेखकः
- इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
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न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्री एंड्रयू लिटिल ने घोषणा की कि उनका देश दो हज़ार इक्कीस के अंत में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया द्वारा स्थापित एक त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन AUKUS के ढांचे के भीतर सहयोग करने का इरादा रखता है। - न्यूजीलैंड के रक्षा विभाग के प्रमुख ने कहा। यह ध्यान देने योग्य है कि एक सप्ताह पहले, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री नानाई महुता ने उच्च रैंकिंग वाले चीनी राजनयिकों के साथ बैठक की थी, जिसके दौरान उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग के बारे में अत्यधिक चिंता व्यक्त की थी, विशेष रूप से पृष्ठभूमि में अंतिम परमाणु पनडुब्बियों के प्रावधान के बारे में आधिकारिक लंदन और वाशिंगटन के बयान। जैसा कि उस समय न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रमुख ने दावा किया था, वह चीन के अपने सहयोगियों को आश्वस्त करने में कामयाब रही कि उनके देश का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हालाँकि, कुछ दिनों बाद, महुता ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य साझेदारी में शामिल होने के लिए वेलिंगटन की तत्परता की घोषणा की। कैनबरा अपने सहयोगियों से सेना के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक का उपयोग कर सकता है। इसके अलावा, AUKUS के ढांचे के भीतर सैन्य सहयोग तीन में शुरू होने वाली पाँच से दो हज़ार बत्तीस वर्जीनिया-श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों के हस्तांतरण के लिए प्रदान करता है। हालाँकि, इस संबंध में वेलिंगटन की अपनी चिंताएँ भी हैं, क्योंकि उनकी राय में, ये राज्य अपने कार्यों से रारोटोंगा संधि को ख़तरे में डाल सकते हैं, जो दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में एक परमाणु-मुक्त क्षेत्र पर एक दस्तावेज़ है, जिस पर छः अगस्त, एक हज़ार नौ सौ पचासी को हस्ताक्षर किए गए थे। फिर भी, जैसा कि न्यूजीलैंड की सरकार के पूर्व प्रमुख हेलेन क्लार्क ने कहा है, उनका देश AUKUS में दिलचस्पी नहीं होने के कारण परमाणु-मुक्त नीति का पालन करना जारी रखेगा। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि न्यूजीलैंड इस एंग्लो-सैक्सन सैन्य गठबंधन में शामिल हो सकता है। - लेखकः - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
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मेहंदीपुर गांव में श्मशान घाट की चारदीवारी नहीं होने से सफाई कर्मचारी कचरे को गोचर भूमि पर डाल देते हैं। गायों के चारागाह पर कचरे का ढेर लगा गया है। पॉलीथिन सहित अन्य कचरा खाने से कई गोवंश व अन्य मवेशी मर चुके हैं।
मेहंदीपुर के सफाई कर्मचारी अपने वाहनों से कचरा लाकर उस भूमि में डाल देते हैं। मृत जानवरों को भी यहीं फेंका जा रहा है। इस पर आसपास रहने वाले व श्मशान आने वाले लोगों ने विरोध जताया। आज जब सफाई कर्मचारी काचरा फेंकने के लिए वाहन लेकर पहुंचे तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए सफाई कर्मचारी वाहनों को वापस ले गए।
ग्रामीण भरत लाल बैरवा, राजवीर सिंह, राम सिंह, विजय सिंह, बल्लू बेरवा, रोशन सिंह, भगवान सिंह, पप्पू सिंह, गुमान सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन श्मशान के पास कचरा नहीं डाले।
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मेहंदीपुर गांव में श्मशान घाट की चारदीवारी नहीं होने से सफाई कर्मचारी कचरे को गोचर भूमि पर डाल देते हैं। गायों के चारागाह पर कचरे का ढेर लगा गया है। पॉलीथिन सहित अन्य कचरा खाने से कई गोवंश व अन्य मवेशी मर चुके हैं। मेहंदीपुर के सफाई कर्मचारी अपने वाहनों से कचरा लाकर उस भूमि में डाल देते हैं। मृत जानवरों को भी यहीं फेंका जा रहा है। इस पर आसपास रहने वाले व श्मशान आने वाले लोगों ने विरोध जताया। आज जब सफाई कर्मचारी काचरा फेंकने के लिए वाहन लेकर पहुंचे तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए सफाई कर्मचारी वाहनों को वापस ले गए। ग्रामीण भरत लाल बैरवा, राजवीर सिंह, राम सिंह, विजय सिंह, बल्लू बेरवा, रोशन सिंह, भगवान सिंह, पप्पू सिंह, गुमान सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन श्मशान के पास कचरा नहीं डाले। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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देश में बुलेट ट्रेन दौड़ने का सपना जल्द पूरा होने वाला है। पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच दौड़ने वाली है। उस प्रोजेक्ट के भी एक चरण को शायद समय से पहले ही शुरू कर दिया जाए। बताया जा रहा है कि गुजरात में सूरत से बिलिमोरा तक के बीच बुलेट ट्रेन को जल्द ही शुरू किया जा सकता है। ऐसा होते ही 50 किलोमीटर की दूरी मात्र 15 मिनट में तय हो जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन सूरत से बिलिमोरा के बीच जल्द दौड़ेगी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट काफी तेजी से अब आगे बढ़ रहा है। इसकी डिजाइनिंग का काम अब खत्म हो चुका है।
उन्होंने बताया, 'हर महीने 50 पिलर बनाए जा रहे हैं। अब इसी तेजी को देखते हुए ऐसी उम्मीद है कि समय रहते बुलेट ट्रेन का काफी काम पूरा हो जाएगा।' बुलेट ट्रेन के लिए सरकार ने 2023 की डेडलाइन सेट कर रखी है। माना जा रहा है कि तय समय पर बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। इससे पहले भी जानकारी मिली थी कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए पहला सेगमेंट तैयार कर लिया गया। ये सेगमेंट गुजरात के नवसारी (चेनिज 245) स्थित एक कास्टिंग यार्ड में ढाला गया है। इस सेगमेंट की लंबाई 11.90 से 12.4 मीटर और चौड़ाई 2.1 से 2.5 मीटर और गहराई 3.40 मीटर बताई जा रही है। इसका वजन भी 60 मीट्रिक टन के आस-पास कहा जा रहा है।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के एक अधिकारी के मुताबिक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का किराया 3000 रुपए होगा। हालांकि इसपर अभी आधिकारिक मुहर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि बुलेट ट्रेन का किराया आम आदमी की जेब को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा। मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन के लिए कुल 12 स्टेशन बनाएं जाएंगे।
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन (एनएचआरसी) के चेयरमैन अचल खरे के मुताबिक बुलेट ट्रेन में आम नागरिकों के लिए किराया बिल्कुल सामान्य रखा जाएगा, लेकिन बिजनेस क्लास में इसके लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। हालांकि, अगर फ्लाइट के मुकाबले बात की जाए तो किराए के लिहाज से बुलेट ट्रेन यात्रियों के लिए फायदे वाला सौदा रहेगा।
एनएचएसआरसीएल का दावा है कि, यह दूरी महज 2:07 घंटे में तय की जा सकेगी। वहीं, जापानी अधिकारियों ने भी कहा कि, जो बुलेट ट्रेन भारत में दौड़ने वाली है उसकी रफ्तार 320 किमी प्रति घंटे होगी। 2 ट्रेनें होंगी, जिसमें तेज स्पीड वाली एक ट्रेन सीमित स्टेशनों पर ही रुकेगी। वहीं, स्लो बुलेट ट्रेन 508 किमी की दूरी 3 घंटे में तय करेगी। वह, सभी 12 स्टेशनों पर ठहरेगी।
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देश में बुलेट ट्रेन दौड़ने का सपना जल्द पूरा होने वाला है। पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच दौड़ने वाली है। उस प्रोजेक्ट के भी एक चरण को शायद समय से पहले ही शुरू कर दिया जाए। बताया जा रहा है कि गुजरात में सूरत से बिलिमोरा तक के बीच बुलेट ट्रेन को जल्द ही शुरू किया जा सकता है। ऐसा होते ही पचास किलोग्राममीटर की दूरी मात्र पंद्रह मिनट में तय हो जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन सूरत से बिलिमोरा के बीच जल्द दौड़ेगी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट काफी तेजी से अब आगे बढ़ रहा है। इसकी डिजाइनिंग का काम अब खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया, 'हर महीने पचास पिलर बनाए जा रहे हैं। अब इसी तेजी को देखते हुए ऐसी उम्मीद है कि समय रहते बुलेट ट्रेन का काफी काम पूरा हो जाएगा।' बुलेट ट्रेन के लिए सरकार ने दो हज़ार तेईस की डेडलाइन सेट कर रखी है। माना जा रहा है कि तय समय पर बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। इससे पहले भी जानकारी मिली थी कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए पहला सेगमेंट तैयार कर लिया गया। ये सेगमेंट गुजरात के नवसारी स्थित एक कास्टिंग यार्ड में ढाला गया है। इस सेगमेंट की लंबाई ग्यारह.नब्बे से बारह दशमलव चार मीटर और चौड़ाई दो.एक से दो दशमलव पाँच मीटर और गहराई तीन दशमलव चालीस मीटर बताई जा रही है। इसका वजन भी साठ मीट्रिक टन के आस-पास कहा जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एक अधिकारी के मुताबिक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का किराया तीन हज़ार रुपयापए होगा। हालांकि इसपर अभी आधिकारिक मुहर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि बुलेट ट्रेन का किराया आम आदमी की जेब को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा। मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन के लिए कुल बारह स्टेशन बनाएं जाएंगे। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन के चेयरमैन अचल खरे के मुताबिक बुलेट ट्रेन में आम नागरिकों के लिए किराया बिल्कुल सामान्य रखा जाएगा, लेकिन बिजनेस क्लास में इसके लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। हालांकि, अगर फ्लाइट के मुकाबले बात की जाए तो किराए के लिहाज से बुलेट ट्रेन यात्रियों के लिए फायदे वाला सौदा रहेगा। एनएचएसआरसीएल का दावा है कि, यह दूरी महज दो:सात घंटाटे में तय की जा सकेगी। वहीं, जापानी अधिकारियों ने भी कहा कि, जो बुलेट ट्रेन भारत में दौड़ने वाली है उसकी रफ्तार तीन सौ बीस किमी प्रति घंटे होगी। दो ट्रेनें होंगी, जिसमें तेज स्पीड वाली एक ट्रेन सीमित स्टेशनों पर ही रुकेगी। वहीं, स्लो बुलेट ट्रेन पाँच सौ आठ किमी की दूरी तीन घंटाटे में तय करेगी। वह, सभी बारह स्टेशनों पर ठहरेगी।
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अल्लाहुम-म इन्नी अस्आलुका ख़ैर-हा व ख़ैर मा फीहा व ख़ैर मा उर्सिलतु बिही व अऊजुबिक मिन शर्रि- हा व शर्रि मा फीहा व शर्रि मा उर्सिलतु बिही।
" ऐ अल्लाह मैं तुझसे माँगता हूँ वह भलाई (जो तिब्बी तौर पर) इसमें तूने रखी है, और वह भलाई जो इसमें पोशीदा है, यानी मुनाफ़ास, और ऐ अल्लाह मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इसकी बुराई से और उस चीज़ की बुराई से जो इसमें रखी गई है, और उस चीज़ की बुराई से जिसके लिए इसको भेजा गया है ।" (मिश्कात मज़ाहिरी )
हवा को बुरा मत कहो
हवा को बुरा-भला कहना और उसको लान-तान करना मना है । जनाब रसूलुल्लाह (सल्ल0) ने इससे मना किया है, चुनांचे इब्ने अब्बास (रज़ि०) से रिवायत है कि एक शख़्स ने आप (सल्ल०) की मौजूदगी में हवा को बुरा कहा और लानत भेजी । आप (सल्ल0) ने फ़रमाया कि इसको बुरा मत कहो, इसपर लानत मत भेजो इसलिए कि यह अल्लाह तआला की तरफ़ से मामूर है, और हुक्मे इलाही की बिना पर चल रही है। जिस चीज़ पर लानत की जाए और वह उसकी मुस्तहिक़ न हो तो वह लानत करने वाले पर लौट आती है। (तिर्मिज़ी शरीफ़)
नीज़ एक रिवायत में है जबकि एक औरत ने जब आप (सल्ल0) के क़ाफ़िले के साथ अपनी ऊंटनी को बुरा-भला कहा । आप (सल्ल0) ने उसको अपने लश्कर से अलग कर दिया, और फ़रमाया कि "ला यन्बग़ी मअ-न अल-मलऊ-न-त" लानत की हुई चीज़ हमारे साथ नहीं रहेगी । (हाशिया तिर्मिज़ी शरीफ़, सावी, दुर्रे मन्सूर, बग़वी, बयानुल क़ुरआन)
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अल्लाहुम-म इन्नी अस्आलुका ख़ैर-हा व ख़ैर मा फीहा व ख़ैर मा उर्सिलतु बिही व अऊजुबिक मिन शर्रि- हा व शर्रि मा फीहा व शर्रि मा उर्सिलतु बिही। " ऐ अल्लाह मैं तुझसे माँगता हूँ वह भलाई इसमें तूने रखी है, और वह भलाई जो इसमें पोशीदा है, यानी मुनाफ़ास, और ऐ अल्लाह मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इसकी बुराई से और उस चीज़ की बुराई से जो इसमें रखी गई है, और उस चीज़ की बुराई से जिसके लिए इसको भेजा गया है ।" हवा को बुरा मत कहो हवा को बुरा-भला कहना और उसको लान-तान करना मना है । जनाब रसूलुल्लाह ने इससे मना किया है, चुनांचे इब्ने अब्बास से रिवायत है कि एक शख़्स ने आप की मौजूदगी में हवा को बुरा कहा और लानत भेजी । आप ने फ़रमाया कि इसको बुरा मत कहो, इसपर लानत मत भेजो इसलिए कि यह अल्लाह तआला की तरफ़ से मामूर है, और हुक्मे इलाही की बिना पर चल रही है। जिस चीज़ पर लानत की जाए और वह उसकी मुस्तहिक़ न हो तो वह लानत करने वाले पर लौट आती है। नीज़ एक रिवायत में है जबकि एक औरत ने जब आप के क़ाफ़िले के साथ अपनी ऊंटनी को बुरा-भला कहा । आप ने उसको अपने लश्कर से अलग कर दिया, और फ़रमाया कि "ला यन्बग़ी मअ-न अल-मलऊ-न-त" लानत की हुई चीज़ हमारे साथ नहीं रहेगी ।
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बर्सा नाइफ, जिसका लगभग 700 वर्षों का इतिहास है और कुशल हाथों से आकार लेकर दुनिया भर में ख्याति प्राप्त की है, 16-17-18 जून को बर्सा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका द्वारा आयोजित होने वाले 'नाइफ फेस्टिवल' में अपने उत्साही लोगों से मिलता है।
बर्सा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका, जिसने बर्सा की सांस्कृतिक समृद्धि को भविष्य की पीढ़ियों को स्वास्थ्यप्रद तरीके से स्थानांतरित करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लागू किया है, ने अपनी आस्तीनें चढ़ा ली हैं ताकि 700 साल पुराने बर्सा चाकू को वह मूल्य मिल सके जिसका वह हकदार है। मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका, जिसने हाल ही में 'शार्प हेरिटेज' नामक प्रदर्शनी खोली, जिसमें ऐतिहासिक चाकू, तलवारें, वेजेज, खंजर और पॉकेटनाइफ का संग्रह शामिल है, अब ईद अल-अधा से पहले एक रंगीन कार्यक्रम के तहत अपना हस्ताक्षर कर रही है। बर्सा नाइफ, जो लोहार में निहित है और इसे पारंपरिक तरीकों से जीवित रखते हुए कुशल हाथों से आकार दिया गया है, 16-17-18 जून को अतातुर्क कांग्रेस कल्चर सेंटर फेयरग्राउंड में बर्सा नाइफ फेयर एंड फेस्टिवल में अपने उत्साही लोगों से मिलेंगे। त्योहार में, जहां चाकू बनाने वाले क्षेत्र के प्रमुख नाम एक छत के नीचे मिलेंगे, 100 से अधिक स्टैंड स्थापित किए जाएंगे और नागरिक ईद अल-अधा से पहले अपनी खरीदारी कर सकेंगे।
यह व्यक्त करते हुए कि वे बर्सा के सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने और उन्हें भविष्य की पीढ़ियों में स्थानांतरित करने के लिए महान प्रयास कर रहे हैं, राष्ट्रपति अक्तेस ने कहा, "इस संदर्भ में, हम प्रदर्शनियों, प्रतियोगिताओं और मेलों जैसे आयोजनों के साथ एक रंगीन त्योहार तैयार कर रहे हैं ताकि इसे फिर से हासिल किया जा सके। बर्सा कटलरी का गौरवशाली इतिहास और मान्यता, जो विश्व में प्रसिद्ध है। हम चाकू की बात से ग्रस्त हैं। उम्मीद है, हम इसे शहर में वास्तविक आर्थिक मूल्य में बदलने के लिए स्थायी गतिविधियों को अंजाम देंगे। 19-22 मई को फ्रांस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े चाकू मेले में हमारी आठ कंपनियों ने भाग लिया। हमारा उद्देश्य 8-16-17 जून को मेरिनोस फेयरग्राउंड में आयोजित होने वाले बर्सा नाइफ फेयर एंड फेस्टिवल में एक छत के नीचे चाकू पैदा करने वाले सेक्टर के प्रमुख नामों को एक साथ लाना है। मेले में जहां 18 से अधिक स्टैंड लगेंगे, हमारे नागरिक कुर्बानी से पहले अपनी खरीदारी कर सकेंगे। प्रतिभागी चाकुओं के शो देख सकेंगे, पारंपरिक तरीकों से चाकू बनाने के शिल्प के बारे में विशेषज्ञों से सीख सकेंगे और 100 विभिन्न कार्यशालाओं जैसे कि चाकू फेंकना, लोहे की फोर्जिंग, लकड़ी के चाकू बनाना और चाकू को तेज करना में भाग ले सकेंगे।
यह बताते हुए कि चाकू प्रतियोगिता, जिसे पिछले महीनों में घोषित किया गया था, ने बहुत ध्यान आकर्षित किया, राष्ट्रपति अकटास ने कहा कि विजेताओं का निर्धारण फ्रांस, जर्मनी और तुर्की के विभिन्न शहरों के विशेषज्ञ जूरी सदस्यों द्वारा किया जाएगा और उद्घाटन के अवसर पर घोषित किया जाएगा। त्योहार। यह देखते हुए कि भूकंप क्षेत्र के 8 चाकू निर्माता उत्सव में भाग लेंगे और इन कंपनियों के सभी खर्चों को स्वयं वहन करेंगे, राष्ट्रपति अक्तेस ने कहा, "यह तुर्की का पहला चाकू उत्सव है, जिसमें आश्चर्यजनक नाम शामिल होंगे जैसे CZN बुराक के रूप में, ई-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट जैसे रोमांचक आयोजनों के लिए धन्यवाद। मुझे आशा है कि हमारे आगंतुकों के पास सुखद समय होगा। मैं कामना करता हूं कि त्योहार, जिसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को चाकू की विरासत से परिचित कराना और उन्हें मजेदार गतिविधियों में एक साथ लाना है, एक अच्छा होगा। मैं हमारे त्योहार के प्रायोजकों में से एक, पिरगे बिकाकिसिली, बर्सा बिकाकिलर एसोसिएशन और योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं।
यह कहते हुए कि यदि त्योहार को सही मायने में गले लगाया जाता है, तो व्यापार का निर्यात आयाम और भी अधिक बढ़ सकता है, राष्ट्रपति अकटास ने कहा कि बर्सा चाकू को और अधिक मूल्यवान और अतिरिक्त मूल्य बनाया जाना चाहिए। यह कहते हुए कि त्योहार नए डिजाइनों के निर्माण के लिए एक बुनियादी ढांचा भी तैयार करेगा, राष्ट्रपति अक्तेस ने कहा, "नई चीजों का उत्पादन करने का अर्थ है क्षेत्र के केक को बढ़ाना। यह एक मशीन या ऑटोमोटिव क्षेत्र की तरह नहीं होगा, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि बर्सा का प्रतीक चाकू अधिक मूल्यवान हो जाए। मेरे बच्चों और विशेष रूप से युवाओं का ध्यान आकर्षित करना मेरी सबसे बड़ी इच्छा है। घर या काम पर हर कोई जरूरी चाकू का इस्तेमाल करता है। मैं अपने सभी नागरिकों को ईद अल-अधा से पहले त्योहार के लिए आमंत्रित करता हूं," उन्होंने कहा।
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बर्सा नाइफ, जिसका लगभग सात सौ वर्षों का इतिहास है और कुशल हाथों से आकार लेकर दुनिया भर में ख्याति प्राप्त की है, सोलह सत्रह अट्ठारह जून को बर्सा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका द्वारा आयोजित होने वाले 'नाइफ फेस्टिवल' में अपने उत्साही लोगों से मिलता है। बर्सा मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका, जिसने बर्सा की सांस्कृतिक समृद्धि को भविष्य की पीढ़ियों को स्वास्थ्यप्रद तरीके से स्थानांतरित करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लागू किया है, ने अपनी आस्तीनें चढ़ा ली हैं ताकि सात सौ साल पुराने बर्सा चाकू को वह मूल्य मिल सके जिसका वह हकदार है। मेट्रोपॉलिटन नगर पालिका, जिसने हाल ही में 'शार्प हेरिटेज' नामक प्रदर्शनी खोली, जिसमें ऐतिहासिक चाकू, तलवारें, वेजेज, खंजर और पॉकेटनाइफ का संग्रह शामिल है, अब ईद अल-अधा से पहले एक रंगीन कार्यक्रम के तहत अपना हस्ताक्षर कर रही है। बर्सा नाइफ, जो लोहार में निहित है और इसे पारंपरिक तरीकों से जीवित रखते हुए कुशल हाथों से आकार दिया गया है, सोलह सत्रह अट्ठारह जून को अतातुर्क कांग्रेस कल्चर सेंटर फेयरग्राउंड में बर्सा नाइफ फेयर एंड फेस्टिवल में अपने उत्साही लोगों से मिलेंगे। त्योहार में, जहां चाकू बनाने वाले क्षेत्र के प्रमुख नाम एक छत के नीचे मिलेंगे, एक सौ से अधिक स्टैंड स्थापित किए जाएंगे और नागरिक ईद अल-अधा से पहले अपनी खरीदारी कर सकेंगे। यह व्यक्त करते हुए कि वे बर्सा के सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने और उन्हें भविष्य की पीढ़ियों में स्थानांतरित करने के लिए महान प्रयास कर रहे हैं, राष्ट्रपति अक्तेस ने कहा, "इस संदर्भ में, हम प्रदर्शनियों, प्रतियोगिताओं और मेलों जैसे आयोजनों के साथ एक रंगीन त्योहार तैयार कर रहे हैं ताकि इसे फिर से हासिल किया जा सके। बर्सा कटलरी का गौरवशाली इतिहास और मान्यता, जो विश्व में प्रसिद्ध है। हम चाकू की बात से ग्रस्त हैं। उम्मीद है, हम इसे शहर में वास्तविक आर्थिक मूल्य में बदलने के लिए स्थायी गतिविधियों को अंजाम देंगे। उन्नीस-बाईस मई को फ्रांस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े चाकू मेले में हमारी आठ कंपनियों ने भाग लिया। हमारा उद्देश्य आठ सोलह सत्रह जून को मेरिनोस फेयरग्राउंड में आयोजित होने वाले बर्सा नाइफ फेयर एंड फेस्टिवल में एक छत के नीचे चाकू पैदा करने वाले सेक्टर के प्रमुख नामों को एक साथ लाना है। मेले में जहां अट्ठारह से अधिक स्टैंड लगेंगे, हमारे नागरिक कुर्बानी से पहले अपनी खरीदारी कर सकेंगे। प्रतिभागी चाकुओं के शो देख सकेंगे, पारंपरिक तरीकों से चाकू बनाने के शिल्प के बारे में विशेषज्ञों से सीख सकेंगे और एक सौ विभिन्न कार्यशालाओं जैसे कि चाकू फेंकना, लोहे की फोर्जिंग, लकड़ी के चाकू बनाना और चाकू को तेज करना में भाग ले सकेंगे। यह बताते हुए कि चाकू प्रतियोगिता, जिसे पिछले महीनों में घोषित किया गया था, ने बहुत ध्यान आकर्षित किया, राष्ट्रपति अकटास ने कहा कि विजेताओं का निर्धारण फ्रांस, जर्मनी और तुर्की के विभिन्न शहरों के विशेषज्ञ जूरी सदस्यों द्वारा किया जाएगा और उद्घाटन के अवसर पर घोषित किया जाएगा। त्योहार। यह देखते हुए कि भूकंप क्षेत्र के आठ चाकू निर्माता उत्सव में भाग लेंगे और इन कंपनियों के सभी खर्चों को स्वयं वहन करेंगे, राष्ट्रपति अक्तेस ने कहा, "यह तुर्की का पहला चाकू उत्सव है, जिसमें आश्चर्यजनक नाम शामिल होंगे जैसे CZN बुराक के रूप में, ई-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट जैसे रोमांचक आयोजनों के लिए धन्यवाद। मुझे आशा है कि हमारे आगंतुकों के पास सुखद समय होगा। मैं कामना करता हूं कि त्योहार, जिसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को चाकू की विरासत से परिचित कराना और उन्हें मजेदार गतिविधियों में एक साथ लाना है, एक अच्छा होगा। मैं हमारे त्योहार के प्रायोजकों में से एक, पिरगे बिकाकिसिली, बर्सा बिकाकिलर एसोसिएशन और योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह कहते हुए कि यदि त्योहार को सही मायने में गले लगाया जाता है, तो व्यापार का निर्यात आयाम और भी अधिक बढ़ सकता है, राष्ट्रपति अकटास ने कहा कि बर्सा चाकू को और अधिक मूल्यवान और अतिरिक्त मूल्य बनाया जाना चाहिए। यह कहते हुए कि त्योहार नए डिजाइनों के निर्माण के लिए एक बुनियादी ढांचा भी तैयार करेगा, राष्ट्रपति अक्तेस ने कहा, "नई चीजों का उत्पादन करने का अर्थ है क्षेत्र के केक को बढ़ाना। यह एक मशीन या ऑटोमोटिव क्षेत्र की तरह नहीं होगा, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि बर्सा का प्रतीक चाकू अधिक मूल्यवान हो जाए। मेरे बच्चों और विशेष रूप से युवाओं का ध्यान आकर्षित करना मेरी सबसे बड़ी इच्छा है। घर या काम पर हर कोई जरूरी चाकू का इस्तेमाल करता है। मैं अपने सभी नागरिकों को ईद अल-अधा से पहले त्योहार के लिए आमंत्रित करता हूं," उन्होंने कहा।
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ॐ जयपुरका इतिहास - अ० ७.
जिन राजपुतराजाओने सातसौ वर्ष तक यवन सम्राटांकी अधीनता स्वीकार की थी । इस समय वही राजपूत वृटिश गवर्नमेण्टके अधीनरूपसे गिने जाते है, उन्हें उस बृटिश गवर्नमेण्टके साथ सावकी रक्षा करना अवश्य ही कर्तव्य है । महाराज रामसिह बहादुर सामयिक राजनीतिकी विद्यामे विशेष पारदर्शी थे, इसी कारण से उन्होंने गवर्नमेण्टके परम प्रियपात्र होकर विशेष सम्मान प्राप्त किया था, वर्तमान महाराज माधोसिंह बहादुरने भी इसी प्रकारसे गवर्नमेण्टके साथ विशेष प्रीति करके अपने राज्यका मगल साधन किया है। हम सरलतासे ऐसी आशा कर सकते है कि " वृटिश रेसिडेण्टने लिखा है कि गवर्नमेण्टके साथ जो सम्पूर्ण सविका संबन्ध नियत हुआ था इस समय विश्वासके साथ उसका पालन किया जा रहा है, और महाराज भी उनके दरवार के साथ यूटिश रेसिडेण्टके सबन्धमे सम्पूर्ण प्रीति जनक है " । वृटिश रेसिडेण्टने जब कि स्वय उक्त मंतव्यको प्रकाश किया है तथ अवश्य ही यह मानना होगा कि महाराज माधोसिहने महाराज रामसिहकी अवलवित नीतिका अनुसरण किया है ।
भारतके पतनका कारण देशी राजाओमे अविश्वासका होना है, अनैक्यता, विवाद निसम्वाद और स्वजातिविद्वेप है । यदि देशीय समधर्मका अवलवन करनेवाले राजा परस्पर विश्वास स्थापनके साथ साथ एकताके सूत्रम वॅधे रहते तो भारतका वर्तमान मानचित्र अवश्य ही मिन्नवर्णसे रंगा जाता । वर्तमान वृटिश गवर्नमेण्टके शान्ति पूर्ण शासनसे देशीय राजा प्रतिवासी एक धर्मका अवलंबन करनेवाले राजाओके साथ जितनी अकृत्रिम मित्रताके सूत्रमे बंधेगे उतना ही भविष्यमे मगलदायकबीज बोया जायगा । अत्यत सतोपका विषय है कि आमेरराज माधोसिंह के साथ रजवाड़ेके अन्यान्य राजाओकी विशेष मित्रता विराजमान है। जयपुरके रेसिडेण्ट मि० स्टेटनने लिखा है, "कि निकटवर्ता देशोमे राजाओके साथ इस प्रकार से मैत्रीभाव साधारणत. विराजमान है । वास्तवमे उस मित्रतासे ही कितने राजाओने जयपुरकी प्रदर्शनी में बहुतमूल्य द्रव्यांको भेजा । यदि इनमे मित्रता न होती तो ऐसी आशा कहाँ थी " ।
वर्तमान महाराज माधोसिहके सम्बन्धमे राजपूताने के गवर्नर जनरलके एजण्ट कर्नल ब्राडफोर्डने लिखा है । हम इस स्थानपर उसको प्रकाश करनेके साथ जयपुरराज्यके इतिहासका उपसहार करनेको अभिलाषा करते हैं। कर्नल इफोन लिखा है कि " अभिषेकके पीछे महामान्य महाराजने स्वय शासन कार्यमे भट्टी भाँतिसे मन लगाया और उन्हें पहिले सम्पूर्ण विषयों में अभिज्ञता मात्र करने कोई सुअवसर नहीं मिला, वर्तमान समयमे शन्त्रितासे उन सपूर्ण विषयोमे अभिज्ञता प्रात करके वह विशेष आग्रहअन्वित हुए । जयपुरका भविष्य मंगढ़ किस प्रकारने सूचित होगा, उस संवन्धमे मन्तव्य प्रकाश जरना वर्तमान समय मे अनामविक है, परन्तु महाराज इस समय अपने राज्य शासन सबन्धमे जिस दृष्टि है, यदि इसी
Report of the political Administration of to: R jputan states for the 18-2-83
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ॐ जयपुरका इतिहास - अशून्य सात. जिन राजपुतराजाओने सातसौ वर्ष तक यवन सम्राटांकी अधीनता स्वीकार की थी । इस समय वही राजपूत वृटिश गवर्नमेण्टके अधीनरूपसे गिने जाते है, उन्हें उस बृटिश गवर्नमेण्टके साथ सावकी रक्षा करना अवश्य ही कर्तव्य है । महाराज रामसिह बहादुर सामयिक राजनीतिकी विद्यामे विशेष पारदर्शी थे, इसी कारण से उन्होंने गवर्नमेण्टके परम प्रियपात्र होकर विशेष सम्मान प्राप्त किया था, वर्तमान महाराज माधोसिंह बहादुरने भी इसी प्रकारसे गवर्नमेण्टके साथ विशेष प्रीति करके अपने राज्यका मगल साधन किया है। हम सरलतासे ऐसी आशा कर सकते है कि " वृटिश रेसिडेण्टने लिखा है कि गवर्नमेण्टके साथ जो सम्पूर्ण सविका संबन्ध नियत हुआ था इस समय विश्वासके साथ उसका पालन किया जा रहा है, और महाराज भी उनके दरवार के साथ यूटिश रेसिडेण्टके सबन्धमे सम्पूर्ण प्रीति जनक है " । वृटिश रेसिडेण्टने जब कि स्वय उक्त मंतव्यको प्रकाश किया है तथ अवश्य ही यह मानना होगा कि महाराज माधोसिहने महाराज रामसिहकी अवलवित नीतिका अनुसरण किया है । भारतके पतनका कारण देशी राजाओमे अविश्वासका होना है, अनैक्यता, विवाद निसम्वाद और स्वजातिविद्वेप है । यदि देशीय समधर्मका अवलवन करनेवाले राजा परस्पर विश्वास स्थापनके साथ साथ एकताके सूत्रम वॅधे रहते तो भारतका वर्तमान मानचित्र अवश्य ही मिन्नवर्णसे रंगा जाता । वर्तमान वृटिश गवर्नमेण्टके शान्ति पूर्ण शासनसे देशीय राजा प्रतिवासी एक धर्मका अवलंबन करनेवाले राजाओके साथ जितनी अकृत्रिम मित्रताके सूत्रमे बंधेगे उतना ही भविष्यमे मगलदायकबीज बोया जायगा । अत्यत सतोपका विषय है कि आमेरराज माधोसिंह के साथ रजवाड़ेके अन्यान्य राजाओकी विशेष मित्रता विराजमान है। जयपुरके रेसिडेण्ट मिशून्य स्टेटनने लिखा है, "कि निकटवर्ता देशोमे राजाओके साथ इस प्रकार से मैत्रीभाव साधारणत. विराजमान है । वास्तवमे उस मित्रतासे ही कितने राजाओने जयपुरकी प्रदर्शनी में बहुतमूल्य द्रव्यांको भेजा । यदि इनमे मित्रता न होती तो ऐसी आशा कहाँ थी " । वर्तमान महाराज माधोसिहके सम्बन्धमे राजपूताने के गवर्नर जनरलके एजण्ट कर्नल ब्राडफोर्डने लिखा है । हम इस स्थानपर उसको प्रकाश करनेके साथ जयपुरराज्यके इतिहासका उपसहार करनेको अभिलाषा करते हैं। कर्नल इफोन लिखा है कि " अभिषेकके पीछे महामान्य महाराजने स्वय शासन कार्यमे भट्टी भाँतिसे मन लगाया और उन्हें पहिले सम्पूर्ण विषयों में अभिज्ञता मात्र करने कोई सुअवसर नहीं मिला, वर्तमान समयमे शन्त्रितासे उन सपूर्ण विषयोमे अभिज्ञता प्रात करके वह विशेष आग्रहअन्वित हुए । जयपुरका भविष्य मंगढ़ किस प्रकारने सूचित होगा, उस संवन्धमे मन्तव्य प्रकाश जरना वर्तमान समय मे अनामविक है, परन्तु महाराज इस समय अपने राज्य शासन सबन्धमे जिस दृष्टि है, यदि इसी Report of the political Administration of to: R jputan states for the अट्ठारह फ़रवरी तिरासी
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कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण पिछला साल लोगों के साथ-साथ तमाम कंपनियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा है।
अपनी इस भूमिका में रूपा शर्मा सबस्क्रिप्शन बिजनेस के लिए सोशल मीडिया मार्केटिंग पर फोकस करेंगी।
अपनी नई भूमिका में उप्पल कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (टेलिविजन और रेडियो) राहुल कुमार शॉ को रिपोर्ट करेंगे।
सुधीर शुक्ला इस कंपनी के साथ चार साल से ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में इस कंपनी में बतौर वाइस प्रेजिडेंट और हेड (मार्केटिंग और ब्रैंड स्ट्रैटेजी) जॉइन किया था।
इस कार्यक्रम के चौथे एडिशन में इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गज और प्रतिष्ठित ब्रैड्स तमाम अहम पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे।
दुनियाभर के 88 नोबेल विजेताओं और वैश्विक नेताओं ने कोरोना महामारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए एक ट्रिलियन डॉलर की मदद का आह्वान किया है।
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कोरोनावायरस के कारण पिछला साल लोगों के साथ-साथ तमाम कंपनियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा है। अपनी इस भूमिका में रूपा शर्मा सबस्क्रिप्शन बिजनेस के लिए सोशल मीडिया मार्केटिंग पर फोकस करेंगी। अपनी नई भूमिका में उप्पल कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर राहुल कुमार शॉ को रिपोर्ट करेंगे। सुधीर शुक्ला इस कंपनी के साथ चार साल से ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने वर्ष दो हज़ार सोलह में इस कंपनी में बतौर वाइस प्रेजिडेंट और हेड जॉइन किया था। इस कार्यक्रम के चौथे एडिशन में इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गज और प्रतिष्ठित ब्रैड्स तमाम अहम पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे। दुनियाभर के अठासी नोबेल विजेताओं और वैश्विक नेताओं ने कोरोना महामारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए एक ट्रिलियन डॉलर की मदद का आह्वान किया है।
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Ranchi: राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे है. लेकिन कुछ उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाये जाने की प्रक्रिया से परेशान है. जानकारी के आभाव में उपभोक्ताओं को मीटर नहीं लगाने, मीटर के लिये पैसे की मांग जैसे अन्य विषयों पर परेशान होते देखा जा रहा है. झारखंड बिजली वितरण निगम की ओर से जारी दिशा निर्देश की मानें तो उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लिये किसी तरह के शुल्क देने की जरूरत नहीं है. विशेषकर पुराने बिजली उपभोक्ताओं को जिनका मीटर रिप्लेस कर नया मीटर लगाया जा रहा है. ऐसे उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति है. हालांकि कुछ मामलों में एजेंसी की ओर से भी पैसे मांगने की जानकारी मिली है. इन मामलों में निगम की मानें तो किसी भी स्थिति में स्मार्ट मीटर रिप्लेस करने के लिये उपभोक्ताओं को पैसा नहीं देना है. पैसे की मांग होने पर उपभोक्ता निगम की ओर से जारी टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सकते है. वहीं, जानकारी भी ले सकते है. ये नंबर है- 18003456570, 18001238745, 0651-2491510, 7184500 व 2402000 है.
स्मार्ट मीटर लगाये जाने के साथ ही तार को लेकर भी निर्देश जारी कर दिया गया है. कई मामलों में देखा गया है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी उपभोक्ताओं से तार मांग रही है. साथ ही इसके लिये एजेंसी को भी निर्देश दे दिया गया है. निगम की मानें तो जिन उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन में ही स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है, उन उपभोक्ताओं को अपना तार देना है. वहीं, जिन उपभोक्ताओं को पुराना कनेक्शन के तहत मीटर बदले जा रहे है. ऐसे स्थिति में उपभोक्ताओं का तार सही रहने पर अतिरिक्त तार की जरूरत नहीं होगी. वहीं, तार में अधिक कटे फटे या ज्वाइंट होने पर उपभोक्ताओं को खुद ही तार देना होगा. ऐसे में तार के अलावा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना है. यहां कटा फटा तार होने पर ही बदला जायेगा. तार सही रहने पर नहीं बदलेगी. जानकारी हो कि राजधानी में स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी एजेंसी जीनस सेक्योर को दी गयी है.
रांची में कुल साढ़े 3 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं. अभी 38 हजार मीटर अलग-अलग इलाकों में लगाये गये है. इनमें अपर बाजार, मेन रोड, अशोक नगर, कांके, रातु रोड, हरमू इलाका शामिल है. इन इलाकों में स्मार्ट मीटर पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगाया गया है. एजेंसी जीनस सेक्योर ने राजधानी रंाची के लिये 145 टीम बनाया है. जो स्मार्ट मीटर पर काम कर रही है.
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Ranchi: राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे है. लेकिन कुछ उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाये जाने की प्रक्रिया से परेशान है. जानकारी के आभाव में उपभोक्ताओं को मीटर नहीं लगाने, मीटर के लिये पैसे की मांग जैसे अन्य विषयों पर परेशान होते देखा जा रहा है. झारखंड बिजली वितरण निगम की ओर से जारी दिशा निर्देश की मानें तो उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लिये किसी तरह के शुल्क देने की जरूरत नहीं है. विशेषकर पुराने बिजली उपभोक्ताओं को जिनका मीटर रिप्लेस कर नया मीटर लगाया जा रहा है. ऐसे उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति है. हालांकि कुछ मामलों में एजेंसी की ओर से भी पैसे मांगने की जानकारी मिली है. इन मामलों में निगम की मानें तो किसी भी स्थिति में स्मार्ट मीटर रिप्लेस करने के लिये उपभोक्ताओं को पैसा नहीं देना है. पैसे की मांग होने पर उपभोक्ता निगम की ओर से जारी टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सकते है. वहीं, जानकारी भी ले सकते है. ये नंबर है- एक आठ शून्य शून्य तीन चार पाँच छः पाँच सात शून्य, एक आठ शून्य शून्य एक दो तीन आठ सात चार पाँच, छः सौ इक्यावन-चौबीस लाख इक्यानवे हज़ार पाँच सौ दस, इकहत्तर लाख चौरासी हज़ार पाँच सौ व चौबीस लाख दो हज़ार है. स्मार्ट मीटर लगाये जाने के साथ ही तार को लेकर भी निर्देश जारी कर दिया गया है. कई मामलों में देखा गया है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी उपभोक्ताओं से तार मांग रही है. साथ ही इसके लिये एजेंसी को भी निर्देश दे दिया गया है. निगम की मानें तो जिन उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन में ही स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है, उन उपभोक्ताओं को अपना तार देना है. वहीं, जिन उपभोक्ताओं को पुराना कनेक्शन के तहत मीटर बदले जा रहे है. ऐसे स्थिति में उपभोक्ताओं का तार सही रहने पर अतिरिक्त तार की जरूरत नहीं होगी. वहीं, तार में अधिक कटे फटे या ज्वाइंट होने पर उपभोक्ताओं को खुद ही तार देना होगा. ऐसे में तार के अलावा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना है. यहां कटा फटा तार होने पर ही बदला जायेगा. तार सही रहने पर नहीं बदलेगी. जानकारी हो कि राजधानी में स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी एजेंसी जीनस सेक्योर को दी गयी है. रांची में कुल साढ़े तीन लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं. अभी अड़तीस हजार मीटर अलग-अलग इलाकों में लगाये गये है. इनमें अपर बाजार, मेन रोड, अशोक नगर, कांके, रातु रोड, हरमू इलाका शामिल है. इन इलाकों में स्मार्ट मीटर पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगाया गया है. एजेंसी जीनस सेक्योर ने राजधानी रंाची के लिये एक सौ पैंतालीस टीम बनाया है. जो स्मार्ट मीटर पर काम कर रही है.
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करीना कपूर खान के लिए इस साल का जन्मदिन बेहद खास है। करीना कपूर खान एक बार फिर से मां बनी हैं। अपने दोनों बेटों के साथ करीना कपूर खान इस समय अपनी निजी जिंदगी को खास बना रही हैं। करीना कपूर खान हाल ही में मालदीव में सैफ अली खान के साथ खास वेकेशन का भी मजा उठा चुकी हैं।
करीना कपूर खान आज अपना 41 वां बर्थडे मना रही हैं। दूसरी बार मां बनने के बाद एक बार फिर से करीना कपूर खान ने अपनी फिटनेस को बरकरार रखा है। करीना कपूर खान की सबसे बड़ी खूबी ये है कि वह फिर से अपनी फिट बॅाडी के साथ लौट आयी हैं। आने वाले दिनों में करीना कपूर खान जल्द ही कई प्रोजेक्ट में दिखाई देने वाली हैं।
दो बच्चों को जन्म देने के बाद भी करीना कपूर खान की गिनती उन एक्ट्रेसेस में होती है जो कि अपनी बिकिनी बॅाडी के लिए जानी जाती हैं। मालदीव से करीना कपूर खान ने अपने हॅाट बिकिनी लुक की कई तस्वीरें शेयर की हैं।
आमिर खान के साथ लाल सिंह चड्डा में नजर आने वालीं करीना कपूर खान ने पर्दे पर बिकिनी में कम ही नजर आयी हैं। लेकिन परिवार के साथ अपने खास वेकेशन में करीना कपूर खान एक नहीं कई बार बिकिनी लुक से इंटरनेट पर छा गई हैं। करीना कपूर खान ने इस बॅाडी को पाने के लिए सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से लेकर पिलाटेस तक करती रहती हैं।
योगा और मेडिटेशन से भी करीना कपूर खान खुद को अंदर और बाहर से फिट रखती हैं। करीना कपूर खान ने चाय और कॅाफी से खुद को दूर रखा है। कई बार करीना कपूर खान के बिकिनी लुक की तुलना सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान से भी होती है। सारा अली खान की उम्र अभी केवल 26 साल की है।
करीना कपूर खान ने पहली दफा बिकिनी में पर्दे पर तब तबाही मचाई थी जब साल 2008 में टशन फिल्म के लिए उन्होंने साइज जीरो रखा था। छलिया गाने में करीना को साइज जीरो लुक के कारण बुरी तरह ट्रोल भी होना पड़ा था। टशन ही वो खास फिल्म रही है जहां पर सैफ अली खान और करीना कपूर खान की मुलाकात हुई थी।
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उत्तर प्रदेश के कौशांबी में रविवार रात एक महिला की जहर पिलाकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि बच्चा न पैदा होने से नाराज पति ने अपने तीन सगे भाइयों और भांजे के साथ मिलकर पत्नी को जहर पिला दिया. इसके बाद महिला ने इसकी जानकारी अपने भाई को फोन पर दी. सूचना पर पहुंची महिला के परिजन ने आनन-फानन में उसे पास के अस्पताल ले गए.
मगर, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं, मृतक के भाई के तहरीर पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला, कड़ा धाम कोतवाली के निजाम का पुरवा गांव का है. यहां के रहने वाले जुग्गन अहमद की शादी 15 साल पहले जफरपुर के रहने वाली शालिया बेगम के साथ हुई थी. मगर, उसके बच्चे नहीं हो रहे थे.
इसकी वजह से शालिया मानसिक तनाव में रहती थी. साथ ही परिवार के लोग भी ताना मारते थे. आरोप है कि इसको लेकर कई बार पति फिरोज उसके साथ मारपीट करता था. इसी बीच रविवार की रात करीब साढ़े दस बजे शालिया बेगम ने अपने भाई गौस अहमद को फोन किया. फिर उसने बताया कि उसके पति फिरोज, देवर रईस, नफीस, अनीस और भांजे महताब ने उसे जहर पिला दिया है. इससे उसकी हालत खराब हो रही है.
महिला ने मदद के लिए भाई से जल्दी आने के लिए कहा. इसके बाद गौस अपने परिजनों के साथ बहन के पास पहुंचा. बहन के घर जब पहुंचा, तो बहन चारपाई पर लेटी थी. घर में बूढ़े सास ससुर के अलावा सभी लोग फरार हो गए थे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के भेज दिया. मृतक के भाई ने तहरीर पर पुलिस ने पति, देवर और भांजे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मामले में अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने बताया कि कड़ा धाम थाना क्षेत्र में एक महिला की जहर खाकर मृत्यु होने की सूचना मिली है. परिजन आरोप लगा रहे हैं कि जहर देकर हत्या की गई है. मामले में केस दर्ज कर लिया गया है. डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. जांच के बाद जो साक्ष्य मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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उत्तर प्रदेश के कौशांबी में रविवार रात एक महिला की जहर पिलाकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि बच्चा न पैदा होने से नाराज पति ने अपने तीन सगे भाइयों और भांजे के साथ मिलकर पत्नी को जहर पिला दिया. इसके बाद महिला ने इसकी जानकारी अपने भाई को फोन पर दी. सूचना पर पहुंची महिला के परिजन ने आनन-फानन में उसे पास के अस्पताल ले गए. मगर, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं, मृतक के भाई के तहरीर पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला, कड़ा धाम कोतवाली के निजाम का पुरवा गांव का है. यहां के रहने वाले जुग्गन अहमद की शादी पंद्रह साल पहले जफरपुर के रहने वाली शालिया बेगम के साथ हुई थी. मगर, उसके बच्चे नहीं हो रहे थे. इसकी वजह से शालिया मानसिक तनाव में रहती थी. साथ ही परिवार के लोग भी ताना मारते थे. आरोप है कि इसको लेकर कई बार पति फिरोज उसके साथ मारपीट करता था. इसी बीच रविवार की रात करीब साढ़े दस बजे शालिया बेगम ने अपने भाई गौस अहमद को फोन किया. फिर उसने बताया कि उसके पति फिरोज, देवर रईस, नफीस, अनीस और भांजे महताब ने उसे जहर पिला दिया है. इससे उसकी हालत खराब हो रही है. महिला ने मदद के लिए भाई से जल्दी आने के लिए कहा. इसके बाद गौस अपने परिजनों के साथ बहन के पास पहुंचा. बहन के घर जब पहुंचा, तो बहन चारपाई पर लेटी थी. घर में बूढ़े सास ससुर के अलावा सभी लोग फरार हो गए थे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के भेज दिया. मृतक के भाई ने तहरीर पर पुलिस ने पति, देवर और भांजे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले में अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने बताया कि कड़ा धाम थाना क्षेत्र में एक महिला की जहर खाकर मृत्यु होने की सूचना मिली है. परिजन आरोप लगा रहे हैं कि जहर देकर हत्या की गई है. मामले में केस दर्ज कर लिया गया है. डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. जांच के बाद जो साक्ष्य मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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मुंबई, किंग कुमार के नाम से मशहूर लंदन के प्रसिद्ध उद्योगपति अभिषेक कुमार स्पेनिश, फ्रेंच,इंग्लिश और हिंदी समेत 11 फिल्मो का निर्माण करने जा रहे हैं।
ऑडबॉल मोशन पिक्चर्स बहुत जल्द अंतर्राष्ट्रीय (फ्रेंच, स्पेनिश और इंग्लिश),हिंदी समेत 11 फिल्मो का निर्माण करने जा रही है। किंग कुमार के नाम से मशहूर लंदन के प्रसिद्ध उद्योगपति अभिषेक कुमार इन फिल्मो की शूटिंग इंग्लैंड में करने वाले हैं। ऑडबॉल भोजपुरी फिल्मों का निर्माण भोजपुरी फिल्मों के अग्रणी निर्माण कंपनी आदि शक्ति इंटरटेनमेंट के साथ मिल कर करेगी और इसके लिए भोजपुरी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्माता-वितरक दुर्गा प्रसाद मजूमदार के साथ करार किया गया है।
बताया जा रहा है कि अभिषेक कुमार ने भोजपुरी फिल्मों के कई सितारों को साइन कर लिया है जिनमे जुबली स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ, अरविंद अकेला लल्लू,रितेश पांडे,प्रवेश लाल यादव,आम्रपाली दुबे,पूनम दुबे,सोनालिका प्रसाद समेत अन्य कलाकार शामिल हैं। धीरू यादव और चंदन उपाध्याय जैसे युवा निर्देशकों के साथ भी अनुबंध किया जा चुका है।
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मुंबई, किंग कुमार के नाम से मशहूर लंदन के प्रसिद्ध उद्योगपति अभिषेक कुमार स्पेनिश, फ्रेंच,इंग्लिश और हिंदी समेत ग्यारह फिल्मो का निर्माण करने जा रहे हैं। ऑडबॉल मोशन पिक्चर्स बहुत जल्द अंतर्राष्ट्रीय ,हिंदी समेत ग्यारह फिल्मो का निर्माण करने जा रही है। किंग कुमार के नाम से मशहूर लंदन के प्रसिद्ध उद्योगपति अभिषेक कुमार इन फिल्मो की शूटिंग इंग्लैंड में करने वाले हैं। ऑडबॉल भोजपुरी फिल्मों का निर्माण भोजपुरी फिल्मों के अग्रणी निर्माण कंपनी आदि शक्ति इंटरटेनमेंट के साथ मिल कर करेगी और इसके लिए भोजपुरी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्माता-वितरक दुर्गा प्रसाद मजूमदार के साथ करार किया गया है। बताया जा रहा है कि अभिषेक कुमार ने भोजपुरी फिल्मों के कई सितारों को साइन कर लिया है जिनमे जुबली स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ, अरविंद अकेला लल्लू,रितेश पांडे,प्रवेश लाल यादव,आम्रपाली दुबे,पूनम दुबे,सोनालिका प्रसाद समेत अन्य कलाकार शामिल हैं। धीरू यादव और चंदन उपाध्याय जैसे युवा निर्देशकों के साथ भी अनुबंध किया जा चुका है।
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द वायर बुलेटिनः आज की ज़रूरी ख़बरों का अपडेट.
वीडियोः मध्य प्रदेश के इंदौर में 13 वर्षीय स्कूली छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न और पहचान से जुड़े दस्तावेज़ों की जालसाज़ी के मामले में साढ़े तीन महीने तक जेल में रहने के बाद उत्तर प्रदेश के रहने वाले चूड़ी विक्रेता तसलीम अली को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है.
वीडियोः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मथुरा रैली में आए लोगों ने बताया कि उनके लिए चुनाव में असल मुद्दे क्या हैं और वो कौन से मुद्दे हैं जिन पर आने वाले विधानसभा चुनाव में यूपी की जनता वोट करेगी.
वीडियोः मध्य प्रदेश के विदिशा ज़िले के गंज बासोदा स्थित सेंट जोसेफ हाई स्कूल में बीते छह दिसंबर को जब 12वीं कक्षा के छात्र स्कूल में परीक्षा दे रहे थे, उसी समय बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े करीब 300 लोग परिसर में घुस आए. इन लोगों का आरोप था कि स्कूल में हिंदू बच्चों का जबरन धर्मांतरण कर उनसे ईसाई धर्म स्वीकार कराया जा रहा है.
केंद्र के साथ नगा राजनीतिक वार्ता में प्रमुख वार्ताकार एनएससीएन-आईएम ने कहा है कि आफ़स्पा के कारण नगाओं को कई मौकों पर कड़वा अनुभव मिला है. इसने काफ़ी ख़ून बहाया है. ख़ून और राजनीतिक बातचीत एक साथ नहीं चल सकती. वहीं मेघालय में भाजपा की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी ने भी बयान दिया है कि सेना की गोलीबारी में 14 नागरिकों के मौत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है.
केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एनएचआरसी द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बताया कि पिछले तीन वित्त वर्षों से 31 अक्टूबर 2021 तक आए मानवाधिकार उल्लंघन के कुल मामलों के तक़रीबन 40 फीसदी अकेले उत्तर प्रदेश से हैं.
उत्तर प्रदेश में अयोध्या ज़िले की गोसाईगंज सीट से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी के ख़िलाफ़ 1992 में अयोध्या के साकेत डिग्री कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य यदुवंश राम त्रिपाठी ने फ़र्ज़ी मार्कशीट जमा कर प्रवेश लेने के संबंध में मामला दर्ज कराया था. बीते अक्टूबर महीने में तक़रीबन 29 साल बाद फैसला सुनाते हुए अदालत ने उन्हें धोखाधड़ी को लेकर कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई थी.
मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर ज़िले का है, जहां के निवासी अक्षय भटनागर ने बताया कि मई महीने में कोरोना संक्रमण के चलते उनके भाई गुज़र गए थे, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिसंबर में आए एक मैसेज में कहा गया कि उनके भाई को कोविड रोधी टीके की दूसरी डोज़ लग गई है.
महिला सशक्तिकरण पर संसदीय समिति की लोकसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, 2016-2019 के दौरान योजना के तहत जारी कुल 446. 72 करोड़ रुपये में से 78. 91 फीसदी धनराशि सिर्फ मीडिया के ज़रिये प्रचार में ख़र्च की गई. समिति ने कहा कि सरकार को लड़कियों के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी निवेश करना चाहिए.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ने छह हफ़्ते के भीतर पश्चिम बंगाल सरकार को इस निर्धारित राशि का भुगतान पीड़ित पक्ष को करने का निर्देश दिया है. नेपाली शख़्स दीपक जैशी को हत्या के आरोप में साल 1980 में दार्जिलिंग से गिरफ़्तार किया गया था. जैशी को दमदम केंद्रीय सुधारगृह में रखा गया था, क्योंकि उन्हें सुनवाई के लिए अयोग्य पाया गया था और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर रिपोर्ट आनी बाकी थी, जो कभी पेश नहीं की गई.
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द वायर बुलेटिनः आज की ज़रूरी ख़बरों का अपडेट. वीडियोः मध्य प्रदेश के इंदौर में तेरह वर्षीय स्कूली छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न और पहचान से जुड़े दस्तावेज़ों की जालसाज़ी के मामले में साढ़े तीन महीने तक जेल में रहने के बाद उत्तर प्रदेश के रहने वाले चूड़ी विक्रेता तसलीम अली को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है. वीडियोः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मथुरा रैली में आए लोगों ने बताया कि उनके लिए चुनाव में असल मुद्दे क्या हैं और वो कौन से मुद्दे हैं जिन पर आने वाले विधानसभा चुनाव में यूपी की जनता वोट करेगी. वीडियोः मध्य प्रदेश के विदिशा ज़िले के गंज बासोदा स्थित सेंट जोसेफ हाई स्कूल में बीते छह दिसंबर को जब बारहवीं कक्षा के छात्र स्कूल में परीक्षा दे रहे थे, उसी समय बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े करीब तीन सौ लोग परिसर में घुस आए. इन लोगों का आरोप था कि स्कूल में हिंदू बच्चों का जबरन धर्मांतरण कर उनसे ईसाई धर्म स्वीकार कराया जा रहा है. केंद्र के साथ नगा राजनीतिक वार्ता में प्रमुख वार्ताकार एनएससीएन-आईएम ने कहा है कि आफ़स्पा के कारण नगाओं को कई मौकों पर कड़वा अनुभव मिला है. इसने काफ़ी ख़ून बहाया है. ख़ून और राजनीतिक बातचीत एक साथ नहीं चल सकती. वहीं मेघालय में भाजपा की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी ने भी बयान दिया है कि सेना की गोलीबारी में चौदह नागरिकों के मौत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एनएचआरसी द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बताया कि पिछले तीन वित्त वर्षों से इकतीस अक्टूबर दो हज़ार इक्कीस तक आए मानवाधिकार उल्लंघन के कुल मामलों के तक़रीबन चालीस फीसदी अकेले उत्तर प्रदेश से हैं. उत्तर प्रदेश में अयोध्या ज़िले की गोसाईगंज सीट से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी के ख़िलाफ़ एक हज़ार नौ सौ बानवे में अयोध्या के साकेत डिग्री कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य यदुवंश राम त्रिपाठी ने फ़र्ज़ी मार्कशीट जमा कर प्रवेश लेने के संबंध में मामला दर्ज कराया था. बीते अक्टूबर महीने में तक़रीबन उनतीस साल बाद फैसला सुनाते हुए अदालत ने उन्हें धोखाधड़ी को लेकर कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई थी. मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर ज़िले का है, जहां के निवासी अक्षय भटनागर ने बताया कि मई महीने में कोरोना संक्रमण के चलते उनके भाई गुज़र गए थे, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिसंबर में आए एक मैसेज में कहा गया कि उनके भाई को कोविड रोधी टीके की दूसरी डोज़ लग गई है. महिला सशक्तिकरण पर संसदीय समिति की लोकसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, दो हज़ार सोलह-दो हज़ार उन्नीस के दौरान योजना के तहत जारी कुल चार सौ छियालीस. बहत्तर करोड़ रुपये में से अठहत्तर. इक्यानवे फीसदी धनराशि सिर्फ मीडिया के ज़रिये प्रचार में ख़र्च की गई. समिति ने कहा कि सरकार को लड़कियों के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी निवेश करना चाहिए. कलकत्ता हाईकोर्ट ने ने छह हफ़्ते के भीतर पश्चिम बंगाल सरकार को इस निर्धारित राशि का भुगतान पीड़ित पक्ष को करने का निर्देश दिया है. नेपाली शख़्स दीपक जैशी को हत्या के आरोप में साल एक हज़ार नौ सौ अस्सी में दार्जिलिंग से गिरफ़्तार किया गया था. जैशी को दमदम केंद्रीय सुधारगृह में रखा गया था, क्योंकि उन्हें सुनवाई के लिए अयोग्य पाया गया था और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर रिपोर्ट आनी बाकी थी, जो कभी पेश नहीं की गई.
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प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर की फिल्म द स्काई इज पिंक हाल ही में पर्दे पर रिलीज हुई है। फिल्म ने तीन दिन की कमाई कर ली है।
प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर की द स्काई इज पिंक हाल ही में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो गई है। फिल्म फैंस को जमकर पसंद आ रही है। इस फिल्म से करीब 3 साल बाद प्रियंका चोपड़ा ने अपना कमबैक किया है। फिल्म में जायरा वसीम भी अहम रोल में नजर आ रही हैं। जायरा ने इसी फिल्म में काम करने के बाद फिल्मों से अलविदा कह दिया है।
फिल्म में प्रियंका चोपड़ा फरहान अख्तर, जायरा वसीम के अलावा रोहित सराफ लीड रोल में हैं। द स्काई इज पिंक एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। जो दिल को छू जाने वाली कहानी है। फिल्म हालांकि बाक्स ऑफिस पर वो कमाल नहीं कर पा रही जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
फिल्म की कमाई देखें तो अंदाजा लगाया जा रहा है कि तीसरे दिन द स्काई इज पिंक ने 5 करोड़ की कमाई कर ली है। इस हिसाब से फिल्म ने दो दिनों में11. 50 करोड़ रूपये की कमाई कर ली है। हालांकि अभी इसके आधिकारिक आंकडे़ सामने नहीं आए हैं। वहीं ऋतिक की वॉर फिल्म का अभी भी कड़ी टक्कर दे रही है।
इस फिल्म की मूल कहानी नीरेल और अदिति की है। दोनों के जीन में कुछ फॉल्ड है। जिसका भुगतान उनके बच्चों का उठाना पड़ता है। उनकी बेटी आयशा जन्म के साथ हीएक खतरनाक बीमारी के ग्रस्ति होती है। मां बाप किसी भी कीमत पर आयशा को खोना नहीं चाहते हैं। ऐसे में वह इलाज के लिए आयशा को लंदन ले जाते हैं। फिल्म का बाकी की कहानी की आयशा को बचाने के संघर्ष को पेश करती है।
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प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर की फिल्म द स्काई इज पिंक हाल ही में पर्दे पर रिलीज हुई है। फिल्म ने तीन दिन की कमाई कर ली है। प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर की द स्काई इज पिंक हाल ही में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो गई है। फिल्म फैंस को जमकर पसंद आ रही है। इस फिल्म से करीब तीन साल बाद प्रियंका चोपड़ा ने अपना कमबैक किया है। फिल्म में जायरा वसीम भी अहम रोल में नजर आ रही हैं। जायरा ने इसी फिल्म में काम करने के बाद फिल्मों से अलविदा कह दिया है। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा फरहान अख्तर, जायरा वसीम के अलावा रोहित सराफ लीड रोल में हैं। द स्काई इज पिंक एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। जो दिल को छू जाने वाली कहानी है। फिल्म हालांकि बाक्स ऑफिस पर वो कमाल नहीं कर पा रही जिसकी उम्मीद की जा रही थी। फिल्म की कमाई देखें तो अंदाजा लगाया जा रहा है कि तीसरे दिन द स्काई इज पिंक ने पाँच करोड़ की कमाई कर ली है। इस हिसाब से फिल्म ने दो दिनों मेंग्यारह. पचास करोड़ रूपये की कमाई कर ली है। हालांकि अभी इसके आधिकारिक आंकडे़ सामने नहीं आए हैं। वहीं ऋतिक की वॉर फिल्म का अभी भी कड़ी टक्कर दे रही है। इस फिल्म की मूल कहानी नीरेल और अदिति की है। दोनों के जीन में कुछ फॉल्ड है। जिसका भुगतान उनके बच्चों का उठाना पड़ता है। उनकी बेटी आयशा जन्म के साथ हीएक खतरनाक बीमारी के ग्रस्ति होती है। मां बाप किसी भी कीमत पर आयशा को खोना नहीं चाहते हैं। ऐसे में वह इलाज के लिए आयशा को लंदन ले जाते हैं। फिल्म का बाकी की कहानी की आयशा को बचाने के संघर्ष को पेश करती है।
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत और भी कई राष्ट्रीय स्तर के राजनेता चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत और भी कई राष्ट्रीय स्तर के कई राजनेता चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे।
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की 288 सीटों के लिए चुनाव 21 अक्टूबर को होना है। चुनाव नतीजे 24 अक्टूबर को जारी होंगे।
कांग्रेस के भी राष्ट्रीय स्तर के स्टार प्रचारकों की फेहरिस्त तैयार है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रचार की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे। दस से 19 अक्टूबर के बीच वह महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में जनसभा, रोड शो और जनसंपर्क अभियान चलाएगें।
पार्टी सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी दोनों राज्यों में मात्र एक-एक या दो-दो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगी, पार्टी की कोशिश है कि सोनिया गांधी की चुनावी सभाएं महाराष्ट्र में शरद पवार के साथ हों लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं हो सका है।
पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी भी महाराष्ट्र चुनाव अभियान में शामिल होने जा रही हैं। वह उन स्थानों पर चुनाव प्रचार करेंगी जहां राहुल और सोनिया नहीं पहुंच सकेंगे।
अभी तक मिली खबरों के अनुसार विदर्भ और नागपुर शहर में प्रियंका गांधी को चुनाव प्रचार के लिए भेजे जाने का सुझाव पार्टी के कुछ नेताओं ने शीर्ष नेत्वृत्व को दिया है जिस पर पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है।
चूंकि चुनाव में अब सीमिति समय बचा है। अतः पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं की कोशिश है कि दोनों राज्यों का क्षेत्रवार विभाजन कर ऐसी रणनीति बनाई जाए ताकि एक बड़ा नेता उस क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर सके।
मसलन महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम महाराष्ट्र, कोंकण, खानदेश और मुंबई में इन नेताओं की मौजूदगी सुनिश्चित करनी की कोशिश हो रही है। समझा जाता है कि अगले दो दिनों में सोनिया, राहुल और प्रियंका के चुनाव प्रचार कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा ताकि पार्टी की स्थानीय इकाई उस कार्यक्रम के अनुसार अपने क्षेत्र में तैयारियां शुरु कर सके।
इन तीन नेताओं के अलावा पार्टी के दूसरे नेताओं को भी चुनाव प्रचार में भेजे जाने की तैयारी है, जिनमें अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी, हरीश रावत सहित दूसरे नेताओं के नाम शामिल हैं।
(पीटीआई-भाषा इनपुट के साथ)
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत और भी कई राष्ट्रीय स्तर के राजनेता चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत और भी कई राष्ट्रीय स्तर के कई राजनेता चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की दो सौ अठासी सीटों के लिए चुनाव इक्कीस अक्टूबर को होना है। चुनाव नतीजे चौबीस अक्टूबर को जारी होंगे। कांग्रेस के भी राष्ट्रीय स्तर के स्टार प्रचारकों की फेहरिस्त तैयार है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रचार की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे। दस से उन्नीस अक्टूबर के बीच वह महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में जनसभा, रोड शो और जनसंपर्क अभियान चलाएगें। पार्टी सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी दोनों राज्यों में मात्र एक-एक या दो-दो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगी, पार्टी की कोशिश है कि सोनिया गांधी की चुनावी सभाएं महाराष्ट्र में शरद पवार के साथ हों लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं हो सका है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी भी महाराष्ट्र चुनाव अभियान में शामिल होने जा रही हैं। वह उन स्थानों पर चुनाव प्रचार करेंगी जहां राहुल और सोनिया नहीं पहुंच सकेंगे। अभी तक मिली खबरों के अनुसार विदर्भ और नागपुर शहर में प्रियंका गांधी को चुनाव प्रचार के लिए भेजे जाने का सुझाव पार्टी के कुछ नेताओं ने शीर्ष नेत्वृत्व को दिया है जिस पर पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है। चूंकि चुनाव में अब सीमिति समय बचा है। अतः पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं की कोशिश है कि दोनों राज्यों का क्षेत्रवार विभाजन कर ऐसी रणनीति बनाई जाए ताकि एक बड़ा नेता उस क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर सके। मसलन महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम महाराष्ट्र, कोंकण, खानदेश और मुंबई में इन नेताओं की मौजूदगी सुनिश्चित करनी की कोशिश हो रही है। समझा जाता है कि अगले दो दिनों में सोनिया, राहुल और प्रियंका के चुनाव प्रचार कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा ताकि पार्टी की स्थानीय इकाई उस कार्यक्रम के अनुसार अपने क्षेत्र में तैयारियां शुरु कर सके। इन तीन नेताओं के अलावा पार्टी के दूसरे नेताओं को भी चुनाव प्रचार में भेजे जाने की तैयारी है, जिनमें अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी, हरीश रावत सहित दूसरे नेताओं के नाम शामिल हैं।
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बॅटाया भी । पर माधुरी को भी तो पाक कला सिखानी थी । सयानी लडकी थी । विवाह के योग्य हो रही थी। उसका घर का काम-काज सीखना, जान्हवी की राय मे जरूरी था । इस तरह धीरे-धीरे रसोई का पूरा काम माधुरी पर ही आ पडा ।
माधुरी यह नही, कि नासमझ हो । एफ० ए० मे प्रवेश करते समय वह अज्ञात से ज्ञात में प्रवेश कर रही थी । माँ के मन को वह जानती थी । पिता के भाव को वह समझती थी । पर माँ की आज्ञा का उल्लघन वह कभी अपने से नहीं होने देती थी । माँ के प्रति जो शैशव मे मैत्री के साथ-साथ आदर की भावना उसके हृदय मे घर कर गयी थी, वह उसके अन्दर अब पुष्ट रूप से वर्तमान थी । वह माँ को प्रसन्न रखना अपना कर्तव्य समझती थी । उसने कालक्रम से अनायास ही यह भी जान लिया था कि किस बात से माँ प्रसन्न होती है और कौन सी बात उन्हें जरुचिकर लगती है ।
मॉ आज कुछ अप्रतिभ थी, माधुरी ने साफ-साफ देखा । माँ का मन हला करने के लिए उसने कहा "मॉ, सब्जी आज तुम्हे ही बनानी पडेगी । कह की सब्जी तुम इतनी अच्छी बनाती हो कि पिछली बार बाबूजी उसे खाते ही रह गये । न जाने क्या जादू है तुम्हारे हाथो मे ? और कोई उतना अच्छा कद्दू बना ही नही पाता । ताईजी ने भी एक बार अमिया डाल कर कद्दू बनाया था । लेकिन तुम्हारा वालो स्वाद उसमे नही आया । तुम्हारी बनायी सब्जी तो कितना भी खाते जाओ, जीभ से छूटती ही नही, मन ही नही भरता ।"
"अच्छा- अच्छा, बाते न बना । सब्जी काट कर रख दे । मैं ही वनाये देती । पर कद्द छोटे कटे ।" -- जान्हवी प्रसन्न मन बोली, उनके मन का भार काफी उतर चुका था ।
"अच्छा मॉ--- और रसेदार सब्जी के लिए मसाले बता दो ।"
"जब अपने घर जायेगी तो हमारी खिल्ली उडवायेगी । लोग कहेंगे कि सोतेली माँ थी, खाना बनाना भी नहीं सिखाया ।"
माधुरी क्रोध से चिढ कर बोली, "झूठ क्यो बोलनी हो ? तुम दद्दा के लिए जो समझो, मेरी तो सगी माँ हो । बाबूजी यही कहते है । "
"हॉ, री माधुरी, मैं तेरी और महेश की भी सगी माँ हूँ । जब नै आयी थी,
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बॅटाया भी । पर माधुरी को भी तो पाक कला सिखानी थी । सयानी लडकी थी । विवाह के योग्य हो रही थी। उसका घर का काम-काज सीखना, जान्हवी की राय मे जरूरी था । इस तरह धीरे-धीरे रसोई का पूरा काम माधुरी पर ही आ पडा । माधुरी यह नही, कि नासमझ हो । एफशून्य एशून्य मे प्रवेश करते समय वह अज्ञात से ज्ञात में प्रवेश कर रही थी । माँ के मन को वह जानती थी । पिता के भाव को वह समझती थी । पर माँ की आज्ञा का उल्लघन वह कभी अपने से नहीं होने देती थी । माँ के प्रति जो शैशव मे मैत्री के साथ-साथ आदर की भावना उसके हृदय मे घर कर गयी थी, वह उसके अन्दर अब पुष्ट रूप से वर्तमान थी । वह माँ को प्रसन्न रखना अपना कर्तव्य समझती थी । उसने कालक्रम से अनायास ही यह भी जान लिया था कि किस बात से माँ प्रसन्न होती है और कौन सी बात उन्हें जरुचिकर लगती है । मॉ आज कुछ अप्रतिभ थी, माधुरी ने साफ-साफ देखा । माँ का मन हला करने के लिए उसने कहा "मॉ, सब्जी आज तुम्हे ही बनानी पडेगी । कह की सब्जी तुम इतनी अच्छी बनाती हो कि पिछली बार बाबूजी उसे खाते ही रह गये । न जाने क्या जादू है तुम्हारे हाथो मे ? और कोई उतना अच्छा कद्दू बना ही नही पाता । ताईजी ने भी एक बार अमिया डाल कर कद्दू बनाया था । लेकिन तुम्हारा वालो स्वाद उसमे नही आया । तुम्हारी बनायी सब्जी तो कितना भी खाते जाओ, जीभ से छूटती ही नही, मन ही नही भरता ।" "अच्छा- अच्छा, बाते न बना । सब्जी काट कर रख दे । मैं ही वनाये देती । पर कद्द छोटे कटे ।" -- जान्हवी प्रसन्न मन बोली, उनके मन का भार काफी उतर चुका था । "अच्छा मॉ--- और रसेदार सब्जी के लिए मसाले बता दो ।" "जब अपने घर जायेगी तो हमारी खिल्ली उडवायेगी । लोग कहेंगे कि सोतेली माँ थी, खाना बनाना भी नहीं सिखाया ।" माधुरी क्रोध से चिढ कर बोली, "झूठ क्यो बोलनी हो ? तुम दद्दा के लिए जो समझो, मेरी तो सगी माँ हो । बाबूजी यही कहते है । " "हॉ, री माधुरी, मैं तेरी और महेश की भी सगी माँ हूँ । जब नै आयी थी,
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छत के बिना कोई इमारत नहीं कर सकती हैकवरेज। धातु टाइल "नॉर्मन", जिसे इसकी कीमत सीमा में सबसे अच्छा माना जाता है, आज लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। निर्माता द्वारा दावा की गई इसकी विशेषताएं सच हैं। इसलिए, इस कोटिंग को चुनते समय, आप कम कीमत पर एक सुंदर, भरोसेमंद और टिकाऊ छत प्राप्त कर सकते हैं।
मेटल टाइल "मोंटेरे नॉर्मन" ने अपने फायदे के कारण निर्माण में अपना आवेदन पाया हैः
- ताकत (सामग्री के निर्माण के लिए उच्च शक्ति स्टील का उपयोग किया जाता है);
- पराबैंगनी विकिरण के प्रतिरोध;
- मूल छाया को संरक्षित करने की क्षमता;
- पूरे भवन की उपस्थिति को सजाने और विभिन्न डिजाइन विचारों को लागू करने में मदद करने के लिए रंगों की एक विस्तृत श्रृंखला;
यह बहुलक कोटिंग बहुत समान हैपॉलिएस्टर, हालांकि यह उच्च शक्ति और संक्षारण संरक्षण द्वारा प्रतिष्ठित है। उत्पादन प्रक्रिया में सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और मुख्य विशेषताओं के सामान्यीकरण के कारण यह संभव हो गया।
1. धातु की मोटाई। धातु टाइल "नॉर्मन" 0.5 मिमी से अधिक की मोटाई के साथ स्टील से बना है। इसके समकक्ष बहुत पतले हैं।
2। कोटिंग में जस्ता की मात्रा को एक बहुत ही महत्वपूर्ण विशेषता माना जाता है, क्योंकि पदार्थ संक्षारण प्रतिरोध के लिए ज़िम्मेदार है। इसकी अपर्याप्त सामग्री इस तथ्य का कारण बन जाएगी कि सामग्री इसके सकारात्मक गुण खो देगी। वर्णित लेख जस्ता के साथ 140 ग्राम / मीटर की परत के साथ लेपित है2। इसी तरह के उत्पादों में या तो यह नहीं है, या कम से कम संरक्षित हैं।
3. वर्णित लेख का बहुलक कोटिंग 25 माइक्रोन से अधिक है। अधिक बजटीय सामग्री के लिए इस विशेषता के लिए कोई आवश्यकता नहीं है।
4. धातु "नॉर्मन" (तालिका में विशेषताओं को देखा जा सकता है) उच्च गुणवत्ता वाले स्टील से बना है, इसलिए यह कई दशकों तक टिकेगा (गारंटी - 10 साल)।
।धातु टाइल "नॉर्मन"
।0.5 मिमी तक (आमतौर पर 0.4 मिमी)
।140 ग्राम / मीटर से2 (जिंक की दूसरी कक्षा)
सामग्री की चादरों के अलग-अलग आकार हो सकते हैं, लेकिनअक्सर वे 500, 11 9 0, 2250, 3650 मिमी की लंबाई में निर्मित होते हैं। साथ ही, निर्माता अलग-अलग ऑर्डर (8 मीटर तक) उत्पादों को काटने के लिए तैयार हैं। हालांकि, 4 मीटर से अधिक सामग्री खरीदने की आवश्यकता नहीं है - परिवहन, भंडारण और स्थापना के साथ समस्याएं होंगी।
धातु टाइल "नॉर्मन" ढलान के लिए प्रयोग किया जाता है14 डिग्री के न्यूनतम ढाल वाले छत। यह प्रतिबंध हवा और बर्फ के भार से उजागर छतों पर लागू होता है। दक्षिणी क्षेत्रों में, आप अधिक कोमल कवरिंग पर सामग्री रख सकते हैं। माउंट यह किसी भी मौसम में हो सकता है, क्योंकि सुरक्षात्मक परत क्रैकिंग से बचाएगी। ये छत उत्पाद किसी भी सार्वजनिक, बहु मंजिला इमारत (बालकनी पर कैनोपी के लिए) और एक निजी घर के लिए उपयुक्त हैं।
धातु टाइल "नॉर्मन" में फिट बैठता हैcrate, जो छत से जुड़ा हुआ है (छत trusses)। क्लैडिंग में 25 x 100 मिमी, 32 x 100, 50 x 50 मिमी (राफ्टर्स की पिच पर निर्भर करता है) का एक अनुभाग हो सकता है, और 350 मिमी की पिच पर स्थित है (तरंगों की पिच के साथ मेल खाता है)।
क्रेट के ऊपर जलरोधक है,जो कम से कम 100 मिमी के ओवरलैप के साथ रखा जाता है। यह फिल्म एक स्टेपलर के साथ सलाखों से जुड़ी हुई है, जबकि नमी को निकालने के लिए एक छोटा सा शेड छोड़ रहा है। उस पर इसे बचाने के लिए जरूरी नहीं है, अन्यथा पानी नीचे छत की जगह में गिर जाएगा और लोड-बेयरिंग संरचनाओं और थर्मल इन्सुलेशन के क्षय का कारण बनता है।
पहली शीट अंत में गठबंधन है औरछत के लटकते हिस्से के किनारे से 40-50 मिमी गिरता है। स्थापना दाएं से बाएं से सबसे अच्छी तरह से किया जाता है। फिर दूसरी और प्रत्येक अनुवर्ती शीट पिछले एक के शीर्ष पर रखी जाएगी। प्रत्येक तत्व को ढेर करने के बाद अस्थायी रूप से कई शिकंजाओं के साथ लगाया जाता है।
सभी चादरों के लेआउट के बाद, फास्टनरों को प्रत्येक लहर के आधार पर खराब कर दिया जाता है। इमारत की लंबाई तक वे एक पंक्ति के माध्यम से स्थित हैं। यह ध्यान में रखना चाहिए कि 1 मीटर के लिए2 कोटिंग 8 शिकंजा की जरूरत है। स्केट जंक्शन, और सिरों के क्षेत्र में पवन तत्वों पर अंत रेल स्थापित होते हैं। फिर वे हर 400 मिमी शिकंजा द्वारा तय कर रहे हैं।
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छत के बिना कोई इमारत नहीं कर सकती हैकवरेज। धातु टाइल "नॉर्मन", जिसे इसकी कीमत सीमा में सबसे अच्छा माना जाता है, आज लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। निर्माता द्वारा दावा की गई इसकी विशेषताएं सच हैं। इसलिए, इस कोटिंग को चुनते समय, आप कम कीमत पर एक सुंदर, भरोसेमंद और टिकाऊ छत प्राप्त कर सकते हैं। मेटल टाइल "मोंटेरे नॉर्मन" ने अपने फायदे के कारण निर्माण में अपना आवेदन पाया हैः - ताकत ; - पराबैंगनी विकिरण के प्रतिरोध; - मूल छाया को संरक्षित करने की क्षमता; - पूरे भवन की उपस्थिति को सजाने और विभिन्न डिजाइन विचारों को लागू करने में मदद करने के लिए रंगों की एक विस्तृत श्रृंखला; यह बहुलक कोटिंग बहुत समान हैपॉलिएस्टर, हालांकि यह उच्च शक्ति और संक्षारण संरक्षण द्वारा प्रतिष्ठित है। उत्पादन प्रक्रिया में सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और मुख्य विशेषताओं के सामान्यीकरण के कारण यह संभव हो गया। एक. धातु की मोटाई। धातु टाइल "नॉर्मन" शून्य.पाँच मिमी से अधिक की मोटाई के साथ स्टील से बना है। इसके समकक्ष बहुत पतले हैं। दो। कोटिंग में जस्ता की मात्रा को एक बहुत ही महत्वपूर्ण विशेषता माना जाता है, क्योंकि पदार्थ संक्षारण प्रतिरोध के लिए ज़िम्मेदार है। इसकी अपर्याप्त सामग्री इस तथ्य का कारण बन जाएगी कि सामग्री इसके सकारात्मक गुण खो देगी। वर्णित लेख जस्ता के साथ एक सौ चालीस ग्राम / मीटर की परत के साथ लेपित हैदो। इसी तरह के उत्पादों में या तो यह नहीं है, या कम से कम संरक्षित हैं। तीन. वर्णित लेख का बहुलक कोटिंग पच्चीस माइक्रोन से अधिक है। अधिक बजटीय सामग्री के लिए इस विशेषता के लिए कोई आवश्यकता नहीं है। चार. धातु "नॉर्मन" उच्च गुणवत्ता वाले स्टील से बना है, इसलिए यह कई दशकों तक टिकेगा । ।धातु टाइल "नॉर्मन" ।शून्य.पाँच मिमी तक ।एक सौ चालीस ग्राम / मीटर सेदो सामग्री की चादरों के अलग-अलग आकार हो सकते हैं, लेकिनअक्सर वे पाँच सौ, ग्यारह नौ शून्य, दो हज़ार दो सौ पचास, तीन हज़ार छः सौ पचास मिमी की लंबाई में निर्मित होते हैं। साथ ही, निर्माता अलग-अलग ऑर्डर उत्पादों को काटने के लिए तैयार हैं। हालांकि, चार मीटर से अधिक सामग्री खरीदने की आवश्यकता नहीं है - परिवहन, भंडारण और स्थापना के साथ समस्याएं होंगी। धातु टाइल "नॉर्मन" ढलान के लिए प्रयोग किया जाता हैचौदह डिग्री के न्यूनतम ढाल वाले छत। यह प्रतिबंध हवा और बर्फ के भार से उजागर छतों पर लागू होता है। दक्षिणी क्षेत्रों में, आप अधिक कोमल कवरिंग पर सामग्री रख सकते हैं। माउंट यह किसी भी मौसम में हो सकता है, क्योंकि सुरक्षात्मक परत क्रैकिंग से बचाएगी। ये छत उत्पाद किसी भी सार्वजनिक, बहु मंजिला इमारत और एक निजी घर के लिए उपयुक्त हैं। धातु टाइल "नॉर्मन" में फिट बैठता हैcrate, जो छत से जुड़ा हुआ है । क्लैडिंग में पच्चीस x एक सौ मिमी, बत्तीस x एक सौ, पचास x पचास मिमी का एक अनुभाग हो सकता है, और तीन सौ पचास मिमी की पिच पर स्थित है । क्रेट के ऊपर जलरोधक है,जो कम से कम एक सौ मिमी के ओवरलैप के साथ रखा जाता है। यह फिल्म एक स्टेपलर के साथ सलाखों से जुड़ी हुई है, जबकि नमी को निकालने के लिए एक छोटा सा शेड छोड़ रहा है। उस पर इसे बचाने के लिए जरूरी नहीं है, अन्यथा पानी नीचे छत की जगह में गिर जाएगा और लोड-बेयरिंग संरचनाओं और थर्मल इन्सुलेशन के क्षय का कारण बनता है। पहली शीट अंत में गठबंधन है औरछत के लटकते हिस्से के किनारे से चालीस-पचास मिमी गिरता है। स्थापना दाएं से बाएं से सबसे अच्छी तरह से किया जाता है। फिर दूसरी और प्रत्येक अनुवर्ती शीट पिछले एक के शीर्ष पर रखी जाएगी। प्रत्येक तत्व को ढेर करने के बाद अस्थायी रूप से कई शिकंजाओं के साथ लगाया जाता है। सभी चादरों के लेआउट के बाद, फास्टनरों को प्रत्येक लहर के आधार पर खराब कर दिया जाता है। इमारत की लंबाई तक वे एक पंक्ति के माध्यम से स्थित हैं। यह ध्यान में रखना चाहिए कि एक मीटर के लिएदो कोटिंग आठ शिकंजा की जरूरत है। स्केट जंक्शन, और सिरों के क्षेत्र में पवन तत्वों पर अंत रेल स्थापित होते हैं। फिर वे हर चार सौ मिमी शिकंजा द्वारा तय कर रहे हैं।
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अधिक से अधिक हम ध्यान नहीं देना शुरू कर दियाकेवल सब्जियों पर ही, फलों को, लेकिन जो भी संसाधित और खिलाया जाता है, उन पर भी, जो कि उच्च पैदावार में योगदान देता है। इसलिए, इस तरह के उद्देश्यों के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग एक नए जीवन का अनुभव कर रहा है और पूरे देश में माली के द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। उनमें से एक एक उर्वरक के रूप में प्याज भूसी है इस उत्पाद का लाभ और लाभ, जिसे हम अक्सर बाल्टी पर भेजते हैं, न ही अस्वीकार्य होते हैं।
प्याज चिकित्सा में मनुष्य द्वारा इस्तेमाल किया गयाप्रयोजनों। तो क्यों ऐसा कुछ है जो लोगों के लिए उपयोगी है, पौधों के लिए उपयोगी नहीं हो सकता है? बेशक यह कर सकते हैं सब के बाद, इसमें सूक्ष्म और मैक्रो तत्वों का भी बगीचे और बगीचों की फसलों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, उन्हें बीमारियों से संरक्षण प्रदान करता है, उनकी घटना को रोकने और सामान्य स्वस्थ विकास सुनिश्चित करता है। प्याज की भूसी (पौधों के लिए उर्वरक के रूप में) खुले मैदान में रोपण करते समय यह पहले से कठोर, मजबूत और तनाव से बचने में मदद करेगा। ऐसा करने के लिए, बीज के साथ जमीन को भरने से पहले, व्यंजनों के नीचे सूखी हुप्स जोड़ें। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, पोटेशियम, फास्फोरस, सिलिकॉन, लोहा शामिल हैं। सिंचाई की प्रक्रिया में, यह इन उपयोगी रासायनिक तत्वों के साथ पृथ्वी को सड़ जाएगा और संतृप्त होगा। इस प्रकार उर्वरक की तरह प्याज के कुक्कुटों की मदद से पौधों की खेती और बाद में वृद्धि के दौरान, उन दोनों के जरिए संभवतः बीमार होने वाले संभावित रोगों से मजबूत और स्वस्थ, कठोर हो जाते हैं।
अगर हम प्याज की सफ़लता के बारे में बात करते हैं, तोयह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पौधे का यह हिस्सा इस तरह के तत्वों में समृद्ध होता है जैसे कि क्वैकेटिन, जो पौधे के फ्लेवोनोइड समूह के अंतर्गत आता है। यह बल्ब में ही नहीं की सबसे बड़ी मात्रा में पाया जाता है, लेकिन भूसी में, खासकर लाल रंग में प्याज के अलावा, यह एंटीऑक्सिडेंट एक प्रकार का अनाज, सेब, क्रैनबेरी, रास्पबेरी, ब्रोकोली, जैतून का तेल, हरी चाय और अन्य उत्पादों में पाया जाता है। एक व्यक्ति के लिए, यह घटक कार्डियोवस्कुलर रोगों की रोकथाम, अंतःस्रावी तंत्र के रोग, दृष्टि और आंतरिक अंगों के उपयोग के लिए उपयोगी है। पौधों पर प्याज के फूटेदार फायदेमंद होते हैं - यह जड़ प्रणाली को मजबूत करती है, कीटों को पीछे खींचती है, मिट्टी की संरचना में सुधार करता है और पर्याप्त पोषण प्रदान करता है।
संरचना में सुधार करने के लिए वैकल्पिक उत्पादभूमि, इसकी संरचना और पौधों के स्वस्थ विकास सुनिश्चित करने के लिए, प्याज को छोड़कर, अंडा के गोले, केले की खाल, चाय की पत्तियां, कॉफी ग्राउंड, संतरे के पेस्ट हो सकते हैं - जो कुछ भी आप कचरे में भेजते हैं लेकिन यह सब आपके पौधों, उद्यान और बगीचे दोनों में, और इनडोर पौधों के लिए उत्कृष्ट उर्वरक हो सकता है। यदि आप घरेलू भूखंडों के लिए बस खाद का निर्माण कर सकते हैं और सड़ांध के लिए इन सभी अपशिष्टों को भेज सकते हैं, जो वास्तव में ऐसा नहीं है, तो आप घरेलू प्याज के गोले में पका सकते हैं।
यह भूसी के 2 मुट्ठी, भाप 2 लेने के लिए आवश्यक हैउबलते पानी की लीटर, एक उबाल लाने और 2 घंटे के लिए जोर देते हैं। ठंडे तरीके सेः सामग्री की मात्रा एक समान है, लेकिन पानी के तापमान में कमरा है, आपको 1-2 दिनों पर जोर देने की आवश्यकता है। समाधान को फ़िल्टर किया जाता है, स्प्रे में (बिना किसी कमर के) डाला जाता है और पौधों को स्प्रे करता है।
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अधिक से अधिक हम ध्यान नहीं देना शुरू कर दियाकेवल सब्जियों पर ही, फलों को, लेकिन जो भी संसाधित और खिलाया जाता है, उन पर भी, जो कि उच्च पैदावार में योगदान देता है। इसलिए, इस तरह के उद्देश्यों के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग एक नए जीवन का अनुभव कर रहा है और पूरे देश में माली के द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। उनमें से एक एक उर्वरक के रूप में प्याज भूसी है इस उत्पाद का लाभ और लाभ, जिसे हम अक्सर बाल्टी पर भेजते हैं, न ही अस्वीकार्य होते हैं। प्याज चिकित्सा में मनुष्य द्वारा इस्तेमाल किया गयाप्रयोजनों। तो क्यों ऐसा कुछ है जो लोगों के लिए उपयोगी है, पौधों के लिए उपयोगी नहीं हो सकता है? बेशक यह कर सकते हैं सब के बाद, इसमें सूक्ष्म और मैक्रो तत्वों का भी बगीचे और बगीचों की फसलों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, उन्हें बीमारियों से संरक्षण प्रदान करता है, उनकी घटना को रोकने और सामान्य स्वस्थ विकास सुनिश्चित करता है। प्याज की भूसी खुले मैदान में रोपण करते समय यह पहले से कठोर, मजबूत और तनाव से बचने में मदद करेगा। ऐसा करने के लिए, बीज के साथ जमीन को भरने से पहले, व्यंजनों के नीचे सूखी हुप्स जोड़ें। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, पोटेशियम, फास्फोरस, सिलिकॉन, लोहा शामिल हैं। सिंचाई की प्रक्रिया में, यह इन उपयोगी रासायनिक तत्वों के साथ पृथ्वी को सड़ जाएगा और संतृप्त होगा। इस प्रकार उर्वरक की तरह प्याज के कुक्कुटों की मदद से पौधों की खेती और बाद में वृद्धि के दौरान, उन दोनों के जरिए संभवतः बीमार होने वाले संभावित रोगों से मजबूत और स्वस्थ, कठोर हो जाते हैं। अगर हम प्याज की सफ़लता के बारे में बात करते हैं, तोयह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पौधे का यह हिस्सा इस तरह के तत्वों में समृद्ध होता है जैसे कि क्वैकेटिन, जो पौधे के फ्लेवोनोइड समूह के अंतर्गत आता है। यह बल्ब में ही नहीं की सबसे बड़ी मात्रा में पाया जाता है, लेकिन भूसी में, खासकर लाल रंग में प्याज के अलावा, यह एंटीऑक्सिडेंट एक प्रकार का अनाज, सेब, क्रैनबेरी, रास्पबेरी, ब्रोकोली, जैतून का तेल, हरी चाय और अन्य उत्पादों में पाया जाता है। एक व्यक्ति के लिए, यह घटक कार्डियोवस्कुलर रोगों की रोकथाम, अंतःस्रावी तंत्र के रोग, दृष्टि और आंतरिक अंगों के उपयोग के लिए उपयोगी है। पौधों पर प्याज के फूटेदार फायदेमंद होते हैं - यह जड़ प्रणाली को मजबूत करती है, कीटों को पीछे खींचती है, मिट्टी की संरचना में सुधार करता है और पर्याप्त पोषण प्रदान करता है। संरचना में सुधार करने के लिए वैकल्पिक उत्पादभूमि, इसकी संरचना और पौधों के स्वस्थ विकास सुनिश्चित करने के लिए, प्याज को छोड़कर, अंडा के गोले, केले की खाल, चाय की पत्तियां, कॉफी ग्राउंड, संतरे के पेस्ट हो सकते हैं - जो कुछ भी आप कचरे में भेजते हैं लेकिन यह सब आपके पौधों, उद्यान और बगीचे दोनों में, और इनडोर पौधों के लिए उत्कृष्ट उर्वरक हो सकता है। यदि आप घरेलू भूखंडों के लिए बस खाद का निर्माण कर सकते हैं और सड़ांध के लिए इन सभी अपशिष्टों को भेज सकते हैं, जो वास्तव में ऐसा नहीं है, तो आप घरेलू प्याज के गोले में पका सकते हैं। यह भूसी के दो मुट्ठी, भाप दो लेने के लिए आवश्यक हैउबलते पानी की लीटर, एक उबाल लाने और दो घंटाटे के लिए जोर देते हैं। ठंडे तरीके सेः सामग्री की मात्रा एक समान है, लेकिन पानी के तापमान में कमरा है, आपको एक-दो दिनों पर जोर देने की आवश्यकता है। समाधान को फ़िल्टर किया जाता है, स्प्रे में डाला जाता है और पौधों को स्प्रे करता है।
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प्रोफेसर अमित के जीवन का एक और पहलू भी था। वह कुमन नाम की एक चित्रकार लड़की से प्रेम
करता था ।
उसी कॉलिज में एक अमीर और प्रभावशाली बाप का वेटा कुन्डन प्रवेश लेता है। उसे कॉलिज में राजू की दादागीरी अच्छी नहीं लगती। क्योंकि वह स्वयं भी अपना कैरियर बनाने का इच्छुक था उसे भी आगे चल कर नेता वनंना था, नौकरी मैं तो रखा ही कुछ नहीं है। ज्यादा से ज्यादा डिग्रियां प्राप्त करके लोहा कूटा जा सकता है। प्रोफेसर अमित ने राजू को साफ-साफ बता दिया कि वह कुन्डन से टक्कर न ले। परन्तु राजू नहीं माना और आखिर जो होना था वही हुआ। एक दिन राजू व कुन्डन में आमने-सामने टक्कर हो गयी। प्रोफेसर अमित उसी तरफ आ निकला। उसने दोनों दलों में वीचवचाव करने का यत्न किया और शांति पर भाषण देने लगे। इस बात से साफ जाहिर हो गया कि ग्रमित का भेजा सचमुच ही खराव था वर्ना कौन वेवकफ आजकल दो मारपीट पर उतार छात्र दलों के वीच, वीच वचाव करने की मूर्खता करता है। ऐसी स्थिति में तो पुलिस भी चुप रहती है। कुन्डन अमित को छुरा मार देता है। सभी छात्रों का मत था कि खराव भेजे वाले प्रोफेसर की छुट्टी करना ही ठीक है।
यूं तो अमित और कुमन एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे परन्तु अमित ने फिलहाल उससे शादी न करने का फैसला किया। क्योंकि उसने अपनी मरती हुयी मां को बारह रुपये के स्टाम्प लगे पेपर पर लिख कर वायदा किया था कि राजू को अपने टांगों पर खड़े होने लायक बना कर ही वह अपनी शादी करेगा। कुमन भी जरा समय चाहती थी यह परखने के लिये कि क्या सचमुच हो अमित का भेजा खराव था जैसे कि लोग कहा करते थे। कुमन हमेशा राजू का पक्ष लिया करती थी। वह प्रोफेसर को समझती थी कि आजकल के कोर्स की पुस्तकों का रट्टा मार कर परीक्षा पास कर डिग्री लेने में कोई तुक नहीं है। डिग्री वाले तो आजकल भैंसें चराते हैं। यूनियन और दादागीरी हो आजकल के जीवन को सफलता की कुंजी हैं। कालिज में हड़ताल व दंगा फसाद करवाने वाले के सामने भविष्य में नेता आदि बनने के सुनहरे अवसर खुले रहते हैं।
अमित की मृत्यु हो जाती है परन्तु मरने से पहले वह ग्राम फिल्मी हीरो की तरह शांति और व्यवस्था पर तीन घंटे लम्बा अनएडीटिड वक्तव्य दे देता है। सारे भारत के लोगों ने खुशी मनाई कि शुक्र है आल इण्डिया रेडियो ने उसके वक्तव्य की कमेंट्री प्रसारित नहीं की। अमित की मृत्यु के बाद राजू एकदम बदल जाता है। फिल्मी होरो रेडियो की तरह होता है। जब मर्जी बटन घुमा दो. मीटर बैंड बदल जाएगा और एकदम नया कार्यक्रम आने लगेगा और कुछ विपत्ति आये तो फिल्मी हीरो सीधे बम्बई जाता है जैसे गीदड़
की जब मौत आती है तो शहर की तरफ भागता है। वैसे तो कुमन की अमित से शादी नहीं हुई थी। फिर भी वह स्वयं 'को उसकी पत्नी मानती थी। अतः अमित की मृत्यु के बाद वह वगैर टिकट विधवापन का शो देखने लगी, उसने भी राजू के, साथ वम्बई जाने का फैसला कर लिया क्योंकि अमित के न होने पर वहीं कौन उसका कैंटीन का बिल दे देता।
नीतू कैरेज सर्विस
BOMBAY EXPRESS
राजू भी कुमन को साथ ले गया वेशक वह उसकी असली भाभी नहीं थी. मुफ्त में नकली भी मिले तो क्या हर्ज है। दूसरे भाभी होने का लाभ यह था कि उसे टिकटों की क्यू में खड़ा नहीं होना पड़ता था भाभी लेडीज वाली लाइन में आगे बढ़ कर फटाफट टिकट ले आती। होरो भाई लोगों को वम्बई पहुंचते ही नौकरी मिल जाती है। नौकरी तो जैसे पहले ही उनकी इंतजारी में पलकें बिछाये वहां बैठी रहती है। राजू को नीतू सिंह कैरियर सर्विस में कैसियर की नौकरी मिल गई। नौकरी भी कोई सख्त नहीं थी, आसान सा काम था नीतू नाम की मालकिन रोज ढेरों लव लेटर लिखा करती थी. राजू के जिम्मे वस यही काम था कि वह पत्र
फौरन दिन भर पत्र ग्राहक के पास पहुंचाता रहे। पत्रों पर अलग अलग एडरैस नहीं होते थे. एक हो एडरैस होता था चितू कपूर का ! अतः राजू का काम और भी आसान था. इधर पत्र खत्म हुआ और उधर वह उसे लेकर चिंतू के घर की और दौड़ पड़ा। कभी-कभी नीटू को जब प्रेम ज्वर अधिक चढ़ा होता था तो उन दिनों उसे ओवर टाइम के पैसे भी मिल जाते थे। चिट्ठियां लिखने का सिलसिला रात को एक बजे तक जारी रहता था।
टू चितू कपूर
चिट्ठी लिखो खून से स्याही न समझना चल-चल कबूतर इसे तू टेलीग्राम समझना।
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प्रोफेसर अमित के जीवन का एक और पहलू भी था। वह कुमन नाम की एक चित्रकार लड़की से प्रेम करता था । उसी कॉलिज में एक अमीर और प्रभावशाली बाप का वेटा कुन्डन प्रवेश लेता है। उसे कॉलिज में राजू की दादागीरी अच्छी नहीं लगती। क्योंकि वह स्वयं भी अपना कैरियर बनाने का इच्छुक था उसे भी आगे चल कर नेता वनंना था, नौकरी मैं तो रखा ही कुछ नहीं है। ज्यादा से ज्यादा डिग्रियां प्राप्त करके लोहा कूटा जा सकता है। प्रोफेसर अमित ने राजू को साफ-साफ बता दिया कि वह कुन्डन से टक्कर न ले। परन्तु राजू नहीं माना और आखिर जो होना था वही हुआ। एक दिन राजू व कुन्डन में आमने-सामने टक्कर हो गयी। प्रोफेसर अमित उसी तरफ आ निकला। उसने दोनों दलों में वीचवचाव करने का यत्न किया और शांति पर भाषण देने लगे। इस बात से साफ जाहिर हो गया कि ग्रमित का भेजा सचमुच ही खराव था वर्ना कौन वेवकफ आजकल दो मारपीट पर उतार छात्र दलों के वीच, वीच वचाव करने की मूर्खता करता है। ऐसी स्थिति में तो पुलिस भी चुप रहती है। कुन्डन अमित को छुरा मार देता है। सभी छात्रों का मत था कि खराव भेजे वाले प्रोफेसर की छुट्टी करना ही ठीक है। यूं तो अमित और कुमन एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे परन्तु अमित ने फिलहाल उससे शादी न करने का फैसला किया। क्योंकि उसने अपनी मरती हुयी मां को बारह रुपये के स्टाम्प लगे पेपर पर लिख कर वायदा किया था कि राजू को अपने टांगों पर खड़े होने लायक बना कर ही वह अपनी शादी करेगा। कुमन भी जरा समय चाहती थी यह परखने के लिये कि क्या सचमुच हो अमित का भेजा खराव था जैसे कि लोग कहा करते थे। कुमन हमेशा राजू का पक्ष लिया करती थी। वह प्रोफेसर को समझती थी कि आजकल के कोर्स की पुस्तकों का रट्टा मार कर परीक्षा पास कर डिग्री लेने में कोई तुक नहीं है। डिग्री वाले तो आजकल भैंसें चराते हैं। यूनियन और दादागीरी हो आजकल के जीवन को सफलता की कुंजी हैं। कालिज में हड़ताल व दंगा फसाद करवाने वाले के सामने भविष्य में नेता आदि बनने के सुनहरे अवसर खुले रहते हैं। अमित की मृत्यु हो जाती है परन्तु मरने से पहले वह ग्राम फिल्मी हीरो की तरह शांति और व्यवस्था पर तीन घंटे लम्बा अनएडीटिड वक्तव्य दे देता है। सारे भारत के लोगों ने खुशी मनाई कि शुक्र है आल इण्डिया रेडियो ने उसके वक्तव्य की कमेंट्री प्रसारित नहीं की। अमित की मृत्यु के बाद राजू एकदम बदल जाता है। फिल्मी होरो रेडियो की तरह होता है। जब मर्जी बटन घुमा दो. मीटर बैंड बदल जाएगा और एकदम नया कार्यक्रम आने लगेगा और कुछ विपत्ति आये तो फिल्मी हीरो सीधे बम्बई जाता है जैसे गीदड़ की जब मौत आती है तो शहर की तरफ भागता है। वैसे तो कुमन की अमित से शादी नहीं हुई थी। फिर भी वह स्वयं 'को उसकी पत्नी मानती थी। अतः अमित की मृत्यु के बाद वह वगैर टिकट विधवापन का शो देखने लगी, उसने भी राजू के, साथ वम्बई जाने का फैसला कर लिया क्योंकि अमित के न होने पर वहीं कौन उसका कैंटीन का बिल दे देता। नीतू कैरेज सर्विस BOMBAY EXPRESS राजू भी कुमन को साथ ले गया वेशक वह उसकी असली भाभी नहीं थी. मुफ्त में नकली भी मिले तो क्या हर्ज है। दूसरे भाभी होने का लाभ यह था कि उसे टिकटों की क्यू में खड़ा नहीं होना पड़ता था भाभी लेडीज वाली लाइन में आगे बढ़ कर फटाफट टिकट ले आती। होरो भाई लोगों को वम्बई पहुंचते ही नौकरी मिल जाती है। नौकरी तो जैसे पहले ही उनकी इंतजारी में पलकें बिछाये वहां बैठी रहती है। राजू को नीतू सिंह कैरियर सर्विस में कैसियर की नौकरी मिल गई। नौकरी भी कोई सख्त नहीं थी, आसान सा काम था नीतू नाम की मालकिन रोज ढेरों लव लेटर लिखा करती थी. राजू के जिम्मे वस यही काम था कि वह पत्र फौरन दिन भर पत्र ग्राहक के पास पहुंचाता रहे। पत्रों पर अलग अलग एडरैस नहीं होते थे. एक हो एडरैस होता था चितू कपूर का ! अतः राजू का काम और भी आसान था. इधर पत्र खत्म हुआ और उधर वह उसे लेकर चिंतू के घर की और दौड़ पड़ा। कभी-कभी नीटू को जब प्रेम ज्वर अधिक चढ़ा होता था तो उन दिनों उसे ओवर टाइम के पैसे भी मिल जाते थे। चिट्ठियां लिखने का सिलसिला रात को एक बजे तक जारी रहता था। टू चितू कपूर चिट्ठी लिखो खून से स्याही न समझना चल-चल कबूतर इसे तू टेलीग्राम समझना।
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अभी भी टिकी हुई है। चन्द्र-सूर्य चल रहे हैं। नहीं तो देखते, इंडिया ने कब का कम्युनिस्ट-ब्लॉक ज्वाइन कर लिया होता..."
शिवप्रसाद बाबू ठठाकर ज़ोर से हँसते। एकदम दिल सोलनेवाली हॅमी । कहते, "वह सब तो नही जानता, भाई, पूजा करके मन को तृप्ति होती है, इसी से करता हूँ। बचपन की आदत पड़ गयी है, छोड़ नहीं पाता
बात चौंकने जैसी ही थी। सभी पूछने, "आप क्या चचपन से ही पूजा करते आये हैं ?"
शिवप्रसाद बाबू कहते, "हां, दम - चारह साल की उम्र से ही करता हूँ। माँ ने करने को कहा था, इससे करता हूँ। आज भी माँ के आदेश के अनुसार ही चलता हूँ-वह देखिये न, मेरी माँ का फोटो.
कहकर, माँ के नाम पर दोनो हाथ जोडकर नमस्कार किया । सोने के फ्रेम मे मढा माँ का एक पोर्ट्रेट दीवार पर टंगा था। काफ़ी वडा ऑयल पेंटिंग । पूरी दीवार को ढके पोट्रेंट भूल रहा था । सब लोग उस ओर ही देखने लगे ।
शिवप्रसाद बाबू कहने लगे, "माँ के मन को कोई भी साथ पूरी नही कर पाया, इसी से आज दुख होता है। मैं माँ का नालायक लड़का हूँ भाई, अपनी माँ को जीवन में काफी दुख दिये है..." शिवप्रसाद बाबू का गला
भर आया ।
पडोसी लोग और नही रुकते । कहते, "नही नहीं, आप पूजा करने जाइये, आपको और नहीं रोकेंगे ।"
रात के नौ बजे से साढ़े नौ बजे तक शिवप्रसाद गुप्त का पूजा करने का समय है। उस समय कोई गोलमाल नहीं कर सकता। केवल इतना ही नहीं, मुबह से रात होने तक सारे दिन इस घर मे जैसे सुखपूर्ण शान्ति छायी रहती है। यहाँ सभी खुश है, इस युग के लिए शायद अजीब बात है। अगर कही कोई शिकायत है भी, तो वह किसी के कान में नहीं जाती। हरेक का मन जैसे खुशी से भरा था। सोकर उठने पर सभी कहते - वाह ! फिर रात को सोने जाते समय भी निश्चित होकर कहते - वाह ! इस युग मे यह कैसे सम्भव हो पाया, यह इस मुहल्ले के लोगों के लिए एक समस्या हैं। कुछ लोग सोचते, इसका कारण शायद पैसा है। जरूरत से ज्यादा पैसा होने पर शायद ऐमी शान्ति का साम्राज्य सम्भव हो सकता है। लेकिन पैगा क्या कलकत्ता शहर में अकेले शिवप्रसाद गुप्त के पास हो है ? और
किसी के पास नहीं है ? बकू बाबू के पास क्या पैसे की कमी है ? अविनाश बाबू को ही क्या पैसे का अभाव है ? अनाथ बाबू के तीनो लड़के दिग्पाल है ---- तीनों ही गजेटेड ऑफिसर है, रुपया चारो ओर विछा पड़ा है। सभी इस मुहल्ले को बडी-बड़ी बिल्डिगो के मालिक हैं। फ्लोरेमेंट लाइट, रेफ्रिजरेटर, रेडियोग्राम सभी कुछ तो बाहर से दिखलायी देते है। नज़र मे आनेवाली सभी चीजो का इन लोगो के यहाँ इन्तज़ाम है। लेकिन सभी यहाँ, शिवप्रसाद बाबू के घर आकर जैसे थोड़ी देर खुली हवा का सेवन कर जाते । शिवप्रसाद गुप्त के साथ दो बात करने पर जैसे सभी की उम्र वढ जाती । लेकिन ऐसा क्यों होता है, कोई भी नहीं समझ पाता ।
सुबह ऑफिस जाते समय मन्दा आकर खड़ी होती । शिवप्रसाद बाबू की चीजें सम्हालने के लिए नहीं। उस काम के लिए अलग आदमी है । वह काम वद्रीनाथ का है। उसकी नौकरी इसीलिए है।
शिवप्रसाद बाबू ने मन्दा की ओर देखकर कहा, "पता है, वद्रीनाथ आजकल गाना सीख रहा है, आर्टिस्ट बनेगा ।"
बद्रीनाथ शर्म से जैसे सिटपिटा गया ।
"क्यो रे, कलाकार बनेगा ? उस्ताद रखा है ? कितना लेता है ?" मन्दा को भी आश्चर्य हुआ। बोली, "क्या कह रहे हो ? वह और गायेगा, तब तो हो चुका !"
"अरे, नही, तुम्हे पता नहीं है, सुबह मैंने अपने कानो सुना। ठंड से ठिठुर रहा था और मुनता हूँ, खूब संगीत चल रहा है। पहले तो समझ ही नहीं पाया; मैंने सोचा, शायद सदाव्रत गा रहा है, फिर लगा कि यह सुरीला गला तो बद्रीनाथ को छोड़ और किसी का हो ही नहीं सकता।"
मन्दा ने कहा, "अच्छा, छोड़ो इन बेकार की बातो को ! फिर कहोगे, ऑफिस के लिए देर हो रही है।"
से "अरे, वेकार की बात नहीं है। उसी से पूछ लोन ! कौन-सा गाना गा रहा था, रे, बोल न ? 'मुहब्बत करके रुलाते हो क्यो ?" इसके बाद क्या है, रे ?"
मन्दा से न रहा गया। बोली, "देखती हूँ, तुम्हे किसी बात का होश ही नहीं है, मुंह मे कुछ रुकता ही नहीं है।"
"वाहं, उसके तो प्यार करने में भी कुछ नहीं बिगड़ा और मेरे कहने मे ही आफ़त हो गयी ?"
मन्दा ने कहा, "तू जा तो, बद्रीनाथ, भाग इस कमरे से ! "
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अभी भी टिकी हुई है। चन्द्र-सूर्य चल रहे हैं। नहीं तो देखते, इंडिया ने कब का कम्युनिस्ट-ब्लॉक ज्वाइन कर लिया होता..." शिवप्रसाद बाबू ठठाकर ज़ोर से हँसते। एकदम दिल सोलनेवाली हॅमी । कहते, "वह सब तो नही जानता, भाई, पूजा करके मन को तृप्ति होती है, इसी से करता हूँ। बचपन की आदत पड़ गयी है, छोड़ नहीं पाता बात चौंकने जैसी ही थी। सभी पूछने, "आप क्या चचपन से ही पूजा करते आये हैं ?" शिवप्रसाद बाबू कहते, "हां, दम - चारह साल की उम्र से ही करता हूँ। माँ ने करने को कहा था, इससे करता हूँ। आज भी माँ के आदेश के अनुसार ही चलता हूँ-वह देखिये न, मेरी माँ का फोटो. कहकर, माँ के नाम पर दोनो हाथ जोडकर नमस्कार किया । सोने के फ्रेम मे मढा माँ का एक पोर्ट्रेट दीवार पर टंगा था। काफ़ी वडा ऑयल पेंटिंग । पूरी दीवार को ढके पोट्रेंट भूल रहा था । सब लोग उस ओर ही देखने लगे । शिवप्रसाद बाबू कहने लगे, "माँ के मन को कोई भी साथ पूरी नही कर पाया, इसी से आज दुख होता है। मैं माँ का नालायक लड़का हूँ भाई, अपनी माँ को जीवन में काफी दुख दिये है..." शिवप्रसाद बाबू का गला भर आया । पडोसी लोग और नही रुकते । कहते, "नही नहीं, आप पूजा करने जाइये, आपको और नहीं रोकेंगे ।" रात के नौ बजे से साढ़े नौ बजे तक शिवप्रसाद गुप्त का पूजा करने का समय है। उस समय कोई गोलमाल नहीं कर सकता। केवल इतना ही नहीं, मुबह से रात होने तक सारे दिन इस घर मे जैसे सुखपूर्ण शान्ति छायी रहती है। यहाँ सभी खुश है, इस युग के लिए शायद अजीब बात है। अगर कही कोई शिकायत है भी, तो वह किसी के कान में नहीं जाती। हरेक का मन जैसे खुशी से भरा था। सोकर उठने पर सभी कहते - वाह ! फिर रात को सोने जाते समय भी निश्चित होकर कहते - वाह ! इस युग मे यह कैसे सम्भव हो पाया, यह इस मुहल्ले के लोगों के लिए एक समस्या हैं। कुछ लोग सोचते, इसका कारण शायद पैसा है। जरूरत से ज्यादा पैसा होने पर शायद ऐमी शान्ति का साम्राज्य सम्भव हो सकता है। लेकिन पैगा क्या कलकत्ता शहर में अकेले शिवप्रसाद गुप्त के पास हो है ? और किसी के पास नहीं है ? बकू बाबू के पास क्या पैसे की कमी है ? अविनाश बाबू को ही क्या पैसे का अभाव है ? अनाथ बाबू के तीनो लड़के दिग्पाल है ---- तीनों ही गजेटेड ऑफिसर है, रुपया चारो ओर विछा पड़ा है। सभी इस मुहल्ले को बडी-बड़ी बिल्डिगो के मालिक हैं। फ्लोरेमेंट लाइट, रेफ्रिजरेटर, रेडियोग्राम सभी कुछ तो बाहर से दिखलायी देते है। नज़र मे आनेवाली सभी चीजो का इन लोगो के यहाँ इन्तज़ाम है। लेकिन सभी यहाँ, शिवप्रसाद बाबू के घर आकर जैसे थोड़ी देर खुली हवा का सेवन कर जाते । शिवप्रसाद गुप्त के साथ दो बात करने पर जैसे सभी की उम्र वढ जाती । लेकिन ऐसा क्यों होता है, कोई भी नहीं समझ पाता । सुबह ऑफिस जाते समय मन्दा आकर खड़ी होती । शिवप्रसाद बाबू की चीजें सम्हालने के लिए नहीं। उस काम के लिए अलग आदमी है । वह काम वद्रीनाथ का है। उसकी नौकरी इसीलिए है। शिवप्रसाद बाबू ने मन्दा की ओर देखकर कहा, "पता है, वद्रीनाथ आजकल गाना सीख रहा है, आर्टिस्ट बनेगा ।" बद्रीनाथ शर्म से जैसे सिटपिटा गया । "क्यो रे, कलाकार बनेगा ? उस्ताद रखा है ? कितना लेता है ?" मन्दा को भी आश्चर्य हुआ। बोली, "क्या कह रहे हो ? वह और गायेगा, तब तो हो चुका !" "अरे, नही, तुम्हे पता नहीं है, सुबह मैंने अपने कानो सुना। ठंड से ठिठुर रहा था और मुनता हूँ, खूब संगीत चल रहा है। पहले तो समझ ही नहीं पाया; मैंने सोचा, शायद सदाव्रत गा रहा है, फिर लगा कि यह सुरीला गला तो बद्रीनाथ को छोड़ और किसी का हो ही नहीं सकता।" मन्दा ने कहा, "अच्छा, छोड़ो इन बेकार की बातो को ! फिर कहोगे, ऑफिस के लिए देर हो रही है।" से "अरे, वेकार की बात नहीं है। उसी से पूछ लोन ! कौन-सा गाना गा रहा था, रे, बोल न ? 'मुहब्बत करके रुलाते हो क्यो ?" इसके बाद क्या है, रे ?" मन्दा से न रहा गया। बोली, "देखती हूँ, तुम्हे किसी बात का होश ही नहीं है, मुंह मे कुछ रुकता ही नहीं है।" "वाहं, उसके तो प्यार करने में भी कुछ नहीं बिगड़ा और मेरे कहने मे ही आफ़त हो गयी ?" मन्दा ने कहा, "तू जा तो, बद्रीनाथ, भाग इस कमरे से ! "
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इंडियन मेडिकल एसोशिएशन (IMA) के चेहरे पर लगा मुखौटा दिल्ली की एक अदालत ने ऐसा उतार कर फेंका कि अब उन्हें मुंह छिपाने के लिए जगह ढूढ़नी पड़ रही है। साथ ही IMA अध्यक्ष डॉ. जॉनरोज ऑस्टिन जयालाल Dr Johnrose Austin Jayalal को कड़ी फटकार लगाते हुए अपने पद का इस्तेमाल 'किसी धर्म (इसाई) का प्रचार न करने' को भी स्पष्ट तौर पर कहा।
दिल्ली के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अजय गोयल डॉ. जयालाल के खिलाफ दायर एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। डॉक्टर जयालाल पर कोविड-19 रोगियों के उपचार में आयुर्वेद पर ऐलोपैथिक दवाओं की श्रेष्ठता साबित करने की आड़ में ईसाई धर्म का प्रचार करने और हिंदू धर्म के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक अभियान शुरू करने का आरोप लगाया गया था। वाद दायर करते हुए रोहित झा ने कहा कि जयालाल हिंदुओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए जोर देने के मकसद से इंडियन मेडिकल असोसिएशन की आड़ लेकर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और देश के नागरिकों को गुमराह कर रहे हैं।
आईएमए अध्यक्ष के रूप में जयालाल के लेखों और साक्षात्कारों का हवाला देते हुए रोहित झा ने अदालत से जयालाल के हिंदू धर्म या आयुर्वेद के लिए अपमानजनक सामग्री लिखने, मीडिया में बोलने औऱ उनके लेख प्रकाशित करने से रोकने का लिखित आदेश देने की गुजारिश भी की। अदालत ने कहा कि यह मुकदमा ऐलोपैथी बनाम आयुर्वेद के संबंध में एक मौखिक द्वंद्व का परिणाम प्रतीत होता है।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने 3 जून 2021 को पारित अपने आदेश में आईएमए अध्यक्ष को निर्देश दिया,
न्यायाधीश ने इकबाल के पंक्तियों का हवाला देते हुए कहा, "मज़हब नहीं सिखाता आपस मे बैर रखना,
वे IMA के माध्यम से संदेश देते थे कि जीसस ही सबका तारणहार व पालनहार है, वही सब रोगों से बचाएगा।
मेडिकल सेवा की आड़ में इस तरह का पाखंड लंबे समय से चल रहा है। इसी पखवाड़े के शुरू में मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आदिवासी विकासखंड बाजना में किल कोरोना अभियान के दौरान एक महिला नर्स संध्या को धर्म विशेष का प्रचार करने के मामले में लोगों ने पकड़ा था। वह लोगों से कह रही थी कि ईशा मसीह की शरण में आने से कोरोना कभी नहीं होगा तथा इसके लिए कौन कौन से धार्मिक चैनल देखने चाहिए, यह भी बता रही थी। तहसीलदार के अनुसार महिला नर्स द्वारा धर्म विशेष का प्रचार किए जाने की शिकायत मिलने की पुष्टि हो गई है और महिला नर्स के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। उसके पास से प्रचार के पर्चे भी मिले हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इसे बड़ी साजिश करार दिया है।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण आचार्य का कहना है कि आयुर्वेद एक संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है। भारत में प्राचीनकाल से आयुर्वेद के माध्यम से इलाज होता आ रहा है। भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन के बाद एलोपैथी का प्रवेश जबरन थोपा गया। अंग्रेजों से पहले भारत में आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से ही राजा-महाराजा और बादशाहों का इलाज किया जाता था। हमारे ऋषियों ने गहन शोध के आधार पर आयुर्वेद को विकसित किया।
इस पद्धति के साथ योग और प्राणायाम को जोड़ने का काम योगगुरू स्वामी रामदेव के नेतृत्व में पतंजलि योगपीठ में किया जा रहा है। आचार्य का कहना है कि देश के अनेक डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने पतंजलि अनुसंधान केंद्र आकर हमारा काम देखा। आईएमए यदि सबकुछ नकारना चाहेगी तो यह देश उसे स्वीकार नहीं करेगा।
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इंडियन मेडिकल एसोशिएशन के चेहरे पर लगा मुखौटा दिल्ली की एक अदालत ने ऐसा उतार कर फेंका कि अब उन्हें मुंह छिपाने के लिए जगह ढूढ़नी पड़ रही है। साथ ही IMA अध्यक्ष डॉ. जॉनरोज ऑस्टिन जयालाल Dr Johnrose Austin Jayalal को कड़ी फटकार लगाते हुए अपने पद का इस्तेमाल 'किसी धर्म का प्रचार न करने' को भी स्पष्ट तौर पर कहा। दिल्ली के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अजय गोयल डॉ. जयालाल के खिलाफ दायर एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। डॉक्टर जयालाल पर कोविड-उन्नीस रोगियों के उपचार में आयुर्वेद पर ऐलोपैथिक दवाओं की श्रेष्ठता साबित करने की आड़ में ईसाई धर्म का प्रचार करने और हिंदू धर्म के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक अभियान शुरू करने का आरोप लगाया गया था। वाद दायर करते हुए रोहित झा ने कहा कि जयालाल हिंदुओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए जोर देने के मकसद से इंडियन मेडिकल असोसिएशन की आड़ लेकर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और देश के नागरिकों को गुमराह कर रहे हैं। आईएमए अध्यक्ष के रूप में जयालाल के लेखों और साक्षात्कारों का हवाला देते हुए रोहित झा ने अदालत से जयालाल के हिंदू धर्म या आयुर्वेद के लिए अपमानजनक सामग्री लिखने, मीडिया में बोलने औऱ उनके लेख प्रकाशित करने से रोकने का लिखित आदेश देने की गुजारिश भी की। अदालत ने कहा कि यह मुकदमा ऐलोपैथी बनाम आयुर्वेद के संबंध में एक मौखिक द्वंद्व का परिणाम प्रतीत होता है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने तीन जून दो हज़ार इक्कीस को पारित अपने आदेश में आईएमए अध्यक्ष को निर्देश दिया, न्यायाधीश ने इकबाल के पंक्तियों का हवाला देते हुए कहा, "मज़हब नहीं सिखाता आपस मे बैर रखना, वे IMA के माध्यम से संदेश देते थे कि जीसस ही सबका तारणहार व पालनहार है, वही सब रोगों से बचाएगा। मेडिकल सेवा की आड़ में इस तरह का पाखंड लंबे समय से चल रहा है। इसी पखवाड़े के शुरू में मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आदिवासी विकासखंड बाजना में किल कोरोना अभियान के दौरान एक महिला नर्स संध्या को धर्म विशेष का प्रचार करने के मामले में लोगों ने पकड़ा था। वह लोगों से कह रही थी कि ईशा मसीह की शरण में आने से कोरोना कभी नहीं होगा तथा इसके लिए कौन कौन से धार्मिक चैनल देखने चाहिए, यह भी बता रही थी। तहसीलदार के अनुसार महिला नर्स द्वारा धर्म विशेष का प्रचार किए जाने की शिकायत मिलने की पुष्टि हो गई है और महिला नर्स के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। उसके पास से प्रचार के पर्चे भी मिले हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इसे बड़ी साजिश करार दिया है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण आचार्य का कहना है कि आयुर्वेद एक संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है। भारत में प्राचीनकाल से आयुर्वेद के माध्यम से इलाज होता आ रहा है। भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन के बाद एलोपैथी का प्रवेश जबरन थोपा गया। अंग्रेजों से पहले भारत में आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से ही राजा-महाराजा और बादशाहों का इलाज किया जाता था। हमारे ऋषियों ने गहन शोध के आधार पर आयुर्वेद को विकसित किया। इस पद्धति के साथ योग और प्राणायाम को जोड़ने का काम योगगुरू स्वामी रामदेव के नेतृत्व में पतंजलि योगपीठ में किया जा रहा है। आचार्य का कहना है कि देश के अनेक डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने पतंजलि अनुसंधान केंद्र आकर हमारा काम देखा। आईएमए यदि सबकुछ नकारना चाहेगी तो यह देश उसे स्वीकार नहीं करेगा।
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रक्षा मंत्रालय के तहत डीआरडीओ प्रयोगशाला, लेजर विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र (LASTEC) ने जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) के पदों के लिए वॉक- इन- इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया है. इंटरव्यू 11 से 12 दिसंबर को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे आयोजित किए जाएंगे. बता दें, इससे पहले जूनियर रिसर्च फेलो के 12 पदों पर नियुक्ति कर दी गई है.
जो उम्मीदवार इन पदों पर इंटरव्यू देने जा रहे हैं वह पहले ये जान लें उनके रिज्यूमे में ये बातें होनी चाहिए.
- कास्ट सर्टिफिकेट (यदि लागू हो)
इसी के साथ सभी ऑरिजनल सर्टिफिकेट्स को उम्मीदवार सेल्फ अटेस्टेड करें. वहीं उम्मीदवार अपने ऑरिजनल सर्टिफिकेट्स जरूर लेकर आएं. फिलहाल अभी वॉक इन इंटरव्यू कहां होगा इसका पता जल्द ही जारी किया जाएगा.
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रक्षा मंत्रालय के तहत डीआरडीओ प्रयोगशाला, लेजर विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र ने जूनियर रिसर्च फेलो के पदों के लिए वॉक- इन- इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया है. इंटरव्यू ग्यारह से बारह दिसंबर को सुबह नौ:तीस बजे से दोपहर ग्यारह:तीस बजे आयोजित किए जाएंगे. बता दें, इससे पहले जूनियर रिसर्च फेलो के बारह पदों पर नियुक्ति कर दी गई है. जो उम्मीदवार इन पदों पर इंटरव्यू देने जा रहे हैं वह पहले ये जान लें उनके रिज्यूमे में ये बातें होनी चाहिए. - कास्ट सर्टिफिकेट इसी के साथ सभी ऑरिजनल सर्टिफिकेट्स को उम्मीदवार सेल्फ अटेस्टेड करें. वहीं उम्मीदवार अपने ऑरिजनल सर्टिफिकेट्स जरूर लेकर आएं. फिलहाल अभी वॉक इन इंटरव्यू कहां होगा इसका पता जल्द ही जारी किया जाएगा.
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स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, पहले हवाई अड्डे पर तीन या चार दिनों में एक बार मामला आता था। लेकिन अब हवाई अड्डे से रोजाना एक से छह मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है और कहा कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोविड-19 के कारण राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कम से कम 18 मरीजों का इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि, सकारात्मक परीक्षण करने वाले 112 रोगियों में, चेन्नई ने 34 नए मामले दर्ज किए। (आईएएनएस)
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स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, पहले हवाई अड्डे पर तीन या चार दिनों में एक बार मामला आता था। लेकिन अब हवाई अड्डे से रोजाना एक से छह मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है और कहा कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोविड-उन्नीस के कारण राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कम से कम अट्ठारह मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि, सकारात्मक परीक्षण करने वाले एक सौ बारह रोगियों में, चेन्नई ने चौंतीस नए मामले दर्ज किए।
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Central Board of Secondary Education ने 10वीं, 12वीं कक्षा की आगामी बोर्ड परीक्षाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चैटजीपीटी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
चैटजीपीटी (चैट जनरेटिव प्री-ट्रेन्ड ट्रांसफॉर्मर) को नवंबर 2022 में लॉन्च किया गया था। यह दी गई सूचना के आधार पर भाषण, गाने, विपणन कॉपी, समाचार लेख और छात्र निबंध या मानव के समान पाठ उत्पन्न करने में सक्षम है।
नयी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणाली को एक बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) के रूप में जाना जाता है। इसे आगामी शब्द अनुक्रमों का अनुमान करके मानव-जैसा लेखन उत्पन्न करने के लिए डिजाइन किया गया है।
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Central Board of Secondary Education ने दसवीं, बारहवीं कक्षा की आगामी बोर्ड परीक्षाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चैटजीपीटी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। चैटजीपीटी को नवंबर दो हज़ार बाईस में लॉन्च किया गया था। यह दी गई सूचना के आधार पर भाषण, गाने, विपणन कॉपी, समाचार लेख और छात्र निबंध या मानव के समान पाठ उत्पन्न करने में सक्षम है। नयी कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली को एक बड़े भाषा मॉडल के रूप में जाना जाता है। इसे आगामी शब्द अनुक्रमों का अनुमान करके मानव-जैसा लेखन उत्पन्न करने के लिए डिजाइन किया गया है।
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टीवी शो 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' फेम एक्ट्रेस शिरीन सेवानी ने ब्वॉयफ्रेंड उदयन सचन से शादी कर ली है। उन्होंने 6 दिसंबर को दिल्ली में उदयन के साथ सात फेरे लिए।
खबरों की मानें तो बताया जाता है कि उदयन पेशे से एयरलाइन कैप्टन हैं। शिरीन सेवानी और उदयन ने कोर्ट मैरिज की थी और उसके बाद एक छोटी सी सेरेमनी ऑर्गनाइज की।
शिरीन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी उदयन से कैसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था कि 'वो दोनों एक कॉमन फ्रेंड की बर्थडे पार्टी में मिले थे। वो दोनों ही उस पार्टी को मिस करने वाले थे। '
'लेकिन, एक्ट्रेस का मानना है कि उस दिन उन दोनों की किस्मत में मिलना लिखा था। मिलते ही वो एक-दूसरे की ओर आकर्षित हो गए और उन्हें लगा कि हां बस यही है हमसफर। अब वो उदयन के साथ आगे की लाइफ को लेकर बहुत एक्साइटेड हैं। '
शिरीन की शादी में सिर्फ परिवार के लोग ही शामिल हुए थे। उन्होंने कहा खि वो हमेशा से ही ऐसी शादी चाहती थीं, जिसमें करीबी लोग ही शामिल हों।
एक्ट्रेस का कहना था कि अभी कोरोना महामारी चल रही है और जब चीजें सामान्य होंगी तब वो अपने फैन्स और दोस्तों के साथ शादी का जश्न मनाएंगी।
शिरीन और उदयन 7 दिसंबर को देहरादून गए हैं, जहां वो उदयन के परिवार के साथ रहेंगी। शिरीन ने कहा था कि वो लोग कुछ दिन देहरादून में रहेंगे और वक्त मिला तो आसपास की जगहों पर घूमने जाएंगे।
वहीं, इस इंटरव्यू में उनसे उनके हनीमून प्लान को लेकर भी पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वो हनीमून का प्लान तब बनाएंगे जब वक्त स्थिति दोनों सही होगी। फिलहाल, उन्होंने यह प्लान पोस्टपोन कर दिया है।
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टीवी शो 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' फेम एक्ट्रेस शिरीन सेवानी ने ब्वॉयफ्रेंड उदयन सचन से शादी कर ली है। उन्होंने छः दिसंबर को दिल्ली में उदयन के साथ सात फेरे लिए। खबरों की मानें तो बताया जाता है कि उदयन पेशे से एयरलाइन कैप्टन हैं। शिरीन सेवानी और उदयन ने कोर्ट मैरिज की थी और उसके बाद एक छोटी सी सेरेमनी ऑर्गनाइज की। शिरीन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी उदयन से कैसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था कि 'वो दोनों एक कॉमन फ्रेंड की बर्थडे पार्टी में मिले थे। वो दोनों ही उस पार्टी को मिस करने वाले थे। ' 'लेकिन, एक्ट्रेस का मानना है कि उस दिन उन दोनों की किस्मत में मिलना लिखा था। मिलते ही वो एक-दूसरे की ओर आकर्षित हो गए और उन्हें लगा कि हां बस यही है हमसफर। अब वो उदयन के साथ आगे की लाइफ को लेकर बहुत एक्साइटेड हैं। ' शिरीन की शादी में सिर्फ परिवार के लोग ही शामिल हुए थे। उन्होंने कहा खि वो हमेशा से ही ऐसी शादी चाहती थीं, जिसमें करीबी लोग ही शामिल हों। एक्ट्रेस का कहना था कि अभी कोरोना महामारी चल रही है और जब चीजें सामान्य होंगी तब वो अपने फैन्स और दोस्तों के साथ शादी का जश्न मनाएंगी। शिरीन और उदयन सात दिसंबर को देहरादून गए हैं, जहां वो उदयन के परिवार के साथ रहेंगी। शिरीन ने कहा था कि वो लोग कुछ दिन देहरादून में रहेंगे और वक्त मिला तो आसपास की जगहों पर घूमने जाएंगे। वहीं, इस इंटरव्यू में उनसे उनके हनीमून प्लान को लेकर भी पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वो हनीमून का प्लान तब बनाएंगे जब वक्त स्थिति दोनों सही होगी। फिलहाल, उन्होंने यह प्लान पोस्टपोन कर दिया है।
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प्रभावी रत्नों में से एक नीलम है.
जिन जातकों की कुंडली में नीलम रत्न शुभ माना गया है, उन्हें ये पहनते ही फर्क दिखाई देगा.
नीलम पहनने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि उस समय मणिक्य, मूंगा और पुखराज रत्न न पहनें. इन रत्नों का कॉम्बिनेशन नुकसानदेह होता है.
जिंदगी में आ रहे संकटों से बचने के लिए पन्ना रत्न बहुत प्रभावी है.
इतना ही नहीं, करियर में तरक्की करने और जीवन में धन-लाभ के लिए भी पन्ना रत्न पहनने की सलाह दी जाती है.
कहते हैं कि इस रत्न को पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास और बुद्धिमत्ता बढ़ जाती है. पन्ना के साथ मोती, मूंगा और पुखराज न पहनें.
नीलम की ही तरह ये रत्न भी बहुत जल्दी असर दिखाता है.
टाइगर रत्न को धारण करने से पैसों की तंगी दूर होती है और जल्दी ही धन लाभ होना शुरू हो जाता है.
साथ ही, जिंदगी की तमाम मुश्किलें भी दूर हो जाती हैं. इतना ही नहीं, यह रत्न करियर में तरक्की भी दिलाता है.
कहते हैं कि जेड स्टोन धन लाभ कराने के साथ-साथ एकाग्रता भी बढ़ाता है.
रत्नशास्त्र के अनुसार जॉब और बिजनेस में तरक्की के लिए हरे रंग का जेड स्टोन बहुत लाभदायक है.
कहते हैं कि यह पदोन्नति-सम्मान और पैसा सब कुछ दिलाता है.
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प्रभावी रत्नों में से एक नीलम है. जिन जातकों की कुंडली में नीलम रत्न शुभ माना गया है, उन्हें ये पहनते ही फर्क दिखाई देगा. नीलम पहनने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि उस समय मणिक्य, मूंगा और पुखराज रत्न न पहनें. इन रत्नों का कॉम्बिनेशन नुकसानदेह होता है. जिंदगी में आ रहे संकटों से बचने के लिए पन्ना रत्न बहुत प्रभावी है. इतना ही नहीं, करियर में तरक्की करने और जीवन में धन-लाभ के लिए भी पन्ना रत्न पहनने की सलाह दी जाती है. कहते हैं कि इस रत्न को पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास और बुद्धिमत्ता बढ़ जाती है. पन्ना के साथ मोती, मूंगा और पुखराज न पहनें. नीलम की ही तरह ये रत्न भी बहुत जल्दी असर दिखाता है. टाइगर रत्न को धारण करने से पैसों की तंगी दूर होती है और जल्दी ही धन लाभ होना शुरू हो जाता है. साथ ही, जिंदगी की तमाम मुश्किलें भी दूर हो जाती हैं. इतना ही नहीं, यह रत्न करियर में तरक्की भी दिलाता है. कहते हैं कि जेड स्टोन धन लाभ कराने के साथ-साथ एकाग्रता भी बढ़ाता है. रत्नशास्त्र के अनुसार जॉब और बिजनेस में तरक्की के लिए हरे रंग का जेड स्टोन बहुत लाभदायक है. कहते हैं कि यह पदोन्नति-सम्मान और पैसा सब कुछ दिलाता है.
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लखनऊः 1983 world Cup जीतना भारत के लिए एक सपने जैसा था, लेकिन इसे कपिल देव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने यह साकार कर दिया। उस समय की सबसे मजबूत टीम वेस्टइंडीज को हराकर लार्ड्स में भारतीय चैंपियन बन गए।
लॉर्ड्स में भारत और वेस्टइंडीज के बीच फाइनल मुकाबला 25 जून 1983 को खेला गया था। इसके पहले 1975 और 1978 का विश्व कप वेस्टइंडीज जीत चुकी थी। उनके इरादे बुलंद थे, भारतीय टीम को अभी भी इतना मजबूत नहीं माना जाता था। लेकिन कपिल देव ने अपनी करिश्माई कप्तानी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सभी को चौंका दिया। भारतीय टीम पहली बार विश्व विजेता बनी और उसके बाद जीत का सिलसिला शुरू हो गया।
पहले वनडे मैच 60 ओवर का खेला जाता था, 1983 के वर्ल्ड कप में भी भारत पहले बल्लेबाजी करने उतरा और 60 ओवर से पहले ही पूरी टीम 183 रन पर ऑल आउट हो गई। भारतीय बल्लेबाजों में सर्वाधिक रन श्रीकांत ने बनाए थे, उन्होंने 57 गेंदों में 38 रन बनाए। इसके अलावा संदीप पाटिल 27 रन, मोहिंदर अमरनाथ 26 रन और कप्तान कपिल देव सिर्फ 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 184 रन के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारतीय गेंदबाजों ने खूब हैरान परेशान किया। 52 ओवर खेलकर वेस्टइंडीज के बल्लेबाज सिर्फ 140 रन ही बना सके और 43 रनों से भारत ने फाइनल मुकाबला अपने नाम कर लिया।
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लखनऊः एक हज़ार नौ सौ तिरासी world Cup जीतना भारत के लिए एक सपने जैसा था, लेकिन इसे कपिल देव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने यह साकार कर दिया। उस समय की सबसे मजबूत टीम वेस्टइंडीज को हराकर लार्ड्स में भारतीय चैंपियन बन गए। लॉर्ड्स में भारत और वेस्टइंडीज के बीच फाइनल मुकाबला पच्चीस जून एक हज़ार नौ सौ तिरासी को खेला गया था। इसके पहले एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर और एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर का विश्व कप वेस्टइंडीज जीत चुकी थी। उनके इरादे बुलंद थे, भारतीय टीम को अभी भी इतना मजबूत नहीं माना जाता था। लेकिन कपिल देव ने अपनी करिश्माई कप्तानी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सभी को चौंका दिया। भारतीय टीम पहली बार विश्व विजेता बनी और उसके बाद जीत का सिलसिला शुरू हो गया। पहले वनडे मैच साठ ओवर का खेला जाता था, एक हज़ार नौ सौ तिरासी के वर्ल्ड कप में भी भारत पहले बल्लेबाजी करने उतरा और साठ ओवर से पहले ही पूरी टीम एक सौ तिरासी रन पर ऑल आउट हो गई। भारतीय बल्लेबाजों में सर्वाधिक रन श्रीकांत ने बनाए थे, उन्होंने सत्तावन गेंदों में अड़तीस रन बनाए। इसके अलावा संदीप पाटिल सत्ताईस रन, मोहिंदर अमरनाथ छब्बीस रन और कप्तान कपिल देव सिर्फ पंद्रह रन बनाकर पवेलियन लौटे। एक सौ चौरासी रन के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारतीय गेंदबाजों ने खूब हैरान परेशान किया। बावन ओवर खेलकर वेस्टइंडीज के बल्लेबाज सिर्फ एक सौ चालीस रन ही बना सके और तैंतालीस रनों से भारत ने फाइनल मुकाबला अपने नाम कर लिया।
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नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इलाज के लिए विदेश जा रही हैं। सोनिया गांधी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र के पहले चरण में भाग नहीं लेंगी। उनके साथ राहुल गांधी भी जा रहे हैं। राहुल गांधी अगले हफ्ते तक लौट आएंगे।बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने संसदीय रणनीति समूह के साथ बैठक की है, जिसमें उन मुख्य मुद्दों को उठाया है जो राष्ट्र को प्रभावित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों सदनों में बेहतर समन्वय के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं।इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया था। इस फेरबदल में सबसे बड़ा फायदा राहुल गांधी के वफादार रणदीप सिंह सुरजेवाला को हुआ है। सुरजेवाला अब कांग्रेस अध्यक्ष को सलाह देने वाली उच्च स्तरीय छह सदस्यीय विशेष समिति का हिस्सा हैं।साथ ही सुरजेवाला को कांग्रेस का महासचिव भी बनाया गया है। मधुसूदन मिस्त्री को केंद्रीय चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रियंका गांधी को यूपी का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है।सोनिया गांधी ने संगठनात्मक मामलों में सहायता के लिए एक छह सदस्यीय विशेष समिति का गठन भी किया है। एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला विशेष समिति के सदस्य होंगे। विशेष समिति के ये 6 सदस्य संगठनात्मक और संचालन मामलों में सोनिया गांधी की सहायता करेंगे।चुनौतीपूर्ण होने वाला है सत्रबता दें कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से होने वाली है। कोरोना महामारी के कारण संसद के सत्र में इस बार सब कुछ बदला-बदला सा नजर आने वाला है। इसके साथ ही ये चुनौतीपूर्ण भी होने वाला है। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला भी मानते हैं कि ये सत्र चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
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नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इलाज के लिए विदेश जा रही हैं। सोनिया गांधी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र के पहले चरण में भाग नहीं लेंगी। उनके साथ राहुल गांधी भी जा रहे हैं। राहुल गांधी अगले हफ्ते तक लौट आएंगे।बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने संसदीय रणनीति समूह के साथ बैठक की है, जिसमें उन मुख्य मुद्दों को उठाया है जो राष्ट्र को प्रभावित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों सदनों में बेहतर समन्वय के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं।इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया था। इस फेरबदल में सबसे बड़ा फायदा राहुल गांधी के वफादार रणदीप सिंह सुरजेवाला को हुआ है। सुरजेवाला अब कांग्रेस अध्यक्ष को सलाह देने वाली उच्च स्तरीय छह सदस्यीय विशेष समिति का हिस्सा हैं।साथ ही सुरजेवाला को कांग्रेस का महासचिव भी बनाया गया है। मधुसूदन मिस्त्री को केंद्रीय चुनाव समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रियंका गांधी को यूपी का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा केसी वेणुगोपाल को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है।सोनिया गांधी ने संगठनात्मक मामलों में सहायता के लिए एक छह सदस्यीय विशेष समिति का गठन भी किया है। एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला विशेष समिति के सदस्य होंगे। विशेष समिति के ये छः सदस्य संगठनात्मक और संचालन मामलों में सोनिया गांधी की सहायता करेंगे।चुनौतीपूर्ण होने वाला है सत्रबता दें कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से होने वाली है। कोरोना महामारी के कारण संसद के सत्र में इस बार सब कुछ बदला-बदला सा नजर आने वाला है। इसके साथ ही ये चुनौतीपूर्ण भी होने वाला है। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला भी मानते हैं कि ये सत्र चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
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