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।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल (हे.) ।1 - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसे1950 ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा 117 - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ( नदारद ) ।1क(क) - रिक्त ( नदारद ) ।1-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ( नदारद ) ।2 - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ( नदारद ) ।3 - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ( नदारद ) ।4 - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ 4 में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ( नदारद ) ।4-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -(क)जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ( नदारद ) ।4-क(ख) - अन्य भूमि । ( नदारद ) ।5-1 - कृषि योग्य भूमि - नई परती (परतीजदीद) 1415फ. खाता स.224पर चकवन्दी अधिकारी बढपुरा मु.न.106+119/4.10.07 का आदेश दर्ज है।पालन किया जाये । ।5-2 - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती (परतीकदीम) ।5-3-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।5-3-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ( नदारद ) ।5-3-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।5-3-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ( नदारद ) ।5-3-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।5-क (क) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ( नदारद ) ।5-क (ख) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ( नदारद ) ।5-क (ग) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ( नदारद ) ।6-1 - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।6-2 - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। 1415फ. खाता स.224पर चकवन्दी अधिकारी बढपुरा मु.न.106+119/4.10.07 का आदेश दर्ज है।पालन किया जाये । ।6-3 - कब्रिस्तान और श्मशान (मरघट) , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।6-4 - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल ।एक - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसेएक हज़ार नौ सौ पचास ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा एक सौ सत्रह - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ।एकक - रिक्त ।एक-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ।दो - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।तीन - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ।चार - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ चार में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ।चार-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ।चार-क - अन्य भूमि । ।पाँच-एक - कृषि योग्य भूमि - नई परती एक हज़ार चार सौ पंद्रहफ. खाता स.दो सौ चौबीसपर चकवन्दी अधिकारी बढपुरा मु.न.एक सौ छः+एक सौ उन्नीस/चार.दस.सात का आदेश दर्ज है।पालन किया जाये । ।पाँच-दो - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती ।पाँच-तीन-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।पाँच-तीन-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ।पाँच-तीन-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।पाँच-तीन-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ।पाँच-तीन-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ।छः-एक - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।छः-दो - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। एक हज़ार चार सौ पंद्रहफ. खाता स.दो सौ चौबीसपर चकवन्दी अधिकारी बढपुरा मु.न.एक सौ छः+एक सौ उन्नीस/चार.दस.सात का आदेश दर्ज है।पालन किया जाये । ।छः-तीन - कब्रिस्तान और श्मशान , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।छः-चार - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
ताजगंज के गेस्ट हाउस में देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने यहां से तीन महिलाएं और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों पर देह व्यापार अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। आगराः यूपी के आगरा के एक गेस्ट हाउस में जिस्मफरोशी का कारोबारी पकड़ा गया है। हैरत की बात यह है कि सेक्स रैकेट थाने के बराबर में संचालित हो रहा था। गेस्ट हाउस से पुलिस ने तीन महिलाएं और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मौके पर आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिली है। वहीं गेस्ट हाउस संचालक पुलिस के आने से पूर्व ही फरार हो गया। थाना ताजगंज के ताजनगरी फेज टू में चित्रांश गेस्ट हाउस है। गेस्ट हाउस में ग्राउंडफ्लोर पर कैफे चलता है। जबकि फस्र्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस बना हुआ है। गेस्ट हाउस पर्यटन थाने के बराबर में बना हुआ है। एसीपी सदर सर्किल अर्चना सिंह ने बताया कि सूचना पर सोमवार दोपहर पुलिस ने गेस्ट हाउस पर छापा मारा। पुलिस गेस्ट हाउस के छत पर पहुंच गई। पुलिस ने तीन महिलाओं और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। गेस्ट हाउस के कमरों में आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिलीं। पकड़े गए युवकों में मोती कटरा का राजू वर्मा, लोहामंडी नौबस्ता का सुशील और गौरव है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। घंटों के हिसाब होती थी बुकिंग गेस्ट हाउस में पकड़ी गईं तीनों महिलाएं शादीशुदा हैं। जिनमें दो महिलाएं रामबाग और एक बालूगंज क्षेत्र की रहने वाली है। पुलिस की पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वे दिन में गेस्ट हाउस में आती थीं और ग्राहकों का इंतजार करती थीं। ग्राहकों को संचालक लोकेश उनके पास भेजता था। घंटों के हिसाब से कमरे का किराया देह व्यापार चलता था। पुलिस ने बताया कि बिल्डिंग मालिक किसी मामले में जेल में बंद है। पुलिस संचालक की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। नहीं होती प्रभावी कार्रवाई थाना ताजगंज, सदर, सिकंदरा, न्यू आगरा थाना क्षेत्र में कई बार सेक्स रैकेट पकड़े जा चुके हैं। सबसे ज्यादा ताजगंज क्षेत्र में देह व्यापार के केस सामने आए हैं। पिछले महीने एक स्पा सेंटर से छह युवतियों को गिरफ्तार किया था। जबकि तीन माह पूर्व एक होटल एम्पॉयर से विदेशी महिलाओं अरेस्ट किया था। सेक्स रैकेट संचालक मौके से फरार हो जाते हैं जबकि बिल्डिंगों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। यही वजह है कि देह व्यापार का धंधा लगातार संचालित रहता है।
ताजगंज के गेस्ट हाउस में देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने यहां से तीन महिलाएं और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों पर देह व्यापार अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। आगराः यूपी के आगरा के एक गेस्ट हाउस में जिस्मफरोशी का कारोबारी पकड़ा गया है। हैरत की बात यह है कि सेक्स रैकेट थाने के बराबर में संचालित हो रहा था। गेस्ट हाउस से पुलिस ने तीन महिलाएं और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मौके पर आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिली है। वहीं गेस्ट हाउस संचालक पुलिस के आने से पूर्व ही फरार हो गया। थाना ताजगंज के ताजनगरी फेज टू में चित्रांश गेस्ट हाउस है। गेस्ट हाउस में ग्राउंडफ्लोर पर कैफे चलता है। जबकि फस्र्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस बना हुआ है। गेस्ट हाउस पर्यटन थाने के बराबर में बना हुआ है। एसीपी सदर सर्किल अर्चना सिंह ने बताया कि सूचना पर सोमवार दोपहर पुलिस ने गेस्ट हाउस पर छापा मारा। पुलिस गेस्ट हाउस के छत पर पहुंच गई। पुलिस ने तीन महिलाओं और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। गेस्ट हाउस के कमरों में आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिलीं। पकड़े गए युवकों में मोती कटरा का राजू वर्मा, लोहामंडी नौबस्ता का सुशील और गौरव है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। घंटों के हिसाब होती थी बुकिंग गेस्ट हाउस में पकड़ी गईं तीनों महिलाएं शादीशुदा हैं। जिनमें दो महिलाएं रामबाग और एक बालूगंज क्षेत्र की रहने वाली है। पुलिस की पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वे दिन में गेस्ट हाउस में आती थीं और ग्राहकों का इंतजार करती थीं। ग्राहकों को संचालक लोकेश उनके पास भेजता था। घंटों के हिसाब से कमरे का किराया देह व्यापार चलता था। पुलिस ने बताया कि बिल्डिंग मालिक किसी मामले में जेल में बंद है। पुलिस संचालक की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। नहीं होती प्रभावी कार्रवाई थाना ताजगंज, सदर, सिकंदरा, न्यू आगरा थाना क्षेत्र में कई बार सेक्स रैकेट पकड़े जा चुके हैं। सबसे ज्यादा ताजगंज क्षेत्र में देह व्यापार के केस सामने आए हैं। पिछले महीने एक स्पा सेंटर से छह युवतियों को गिरफ्तार किया था। जबकि तीन माह पूर्व एक होटल एम्पॉयर से विदेशी महिलाओं अरेस्ट किया था। सेक्स रैकेट संचालक मौके से फरार हो जाते हैं जबकि बिल्डिंगों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। यही वजह है कि देह व्यापार का धंधा लगातार संचालित रहता है।
मुंबईः हिना खान ये रिश्ता क्या कहलाता है कि अक्षरा अब कलर्स टीवी के सीरियल में पर नजर आने वाली हैं। जब से सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है से अक्षरा की विदाई हुई है, उनको लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं कभी किसी फिल्म को लेकर तो कभी कोई नए सीरियल को लेकर । यहां तक लोगों का मानना है कि वे जल्द ही अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ शादी करने वाली है। क खबर के अनुसार, हिना खान जल्द ही कलर्स टीवी पर शुरू होने वाले सीरियल चंद्रकांता में बड़ी चंद्रकांता का रोल प्ले करने वाली हैं। इसके पहले हिना के के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि वे बिग बॉस के घर में भी एक दिन के लिए नजर आने वाली हैं। इसके लिए हिना ने शूटिंग पूरी कर ली है।
मुंबईः हिना खान ये रिश्ता क्या कहलाता है कि अक्षरा अब कलर्स टीवी के सीरियल में पर नजर आने वाली हैं। जब से सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है से अक्षरा की विदाई हुई है, उनको लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं कभी किसी फिल्म को लेकर तो कभी कोई नए सीरियल को लेकर । यहां तक लोगों का मानना है कि वे जल्द ही अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ शादी करने वाली है। क खबर के अनुसार, हिना खान जल्द ही कलर्स टीवी पर शुरू होने वाले सीरियल चंद्रकांता में बड़ी चंद्रकांता का रोल प्ले करने वाली हैं। इसके पहले हिना के के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि वे बिग बॉस के घर में भी एक दिन के लिए नजर आने वाली हैं। इसके लिए हिना ने शूटिंग पूरी कर ली है।
उन्नाव में गृहमंत्री अमित शाह ने सपा-बसपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा उत्तर प्रदेश को फिर से एक बार जंगलराज की ओर ले जाएगी। जबकि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सबसे आगे निकला है। एक और 5 वर्ष दे दीजिए, उत्तर प्रदेश देश का नंबर एक राज्य बन जाएगा। भाजपा की 'जन विश्वास यात्रा' में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्नाव पर कलम की और तलवार की भी कृपा है। उन्नाव में बड़े से बड़े वीर लोग भी हुए हैं और सरस्वती के पुत्र भी यहां से आगे बढ़े हैं। आजादी के लिए अंतिम सांस तक न्योछावर करने वाले उन्नाव की धरती के चंद्रशेखर आजाद जी को प्रणाम करता हूं। जनसभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आपके सामने दो विकल्प हैं। एक पीएम मोदी के नेतृत्व में समाज के सभी हिस्सों को साथ लेकर चलने वाली भाजपा और दूसरी और बुआ-बबुआ की बसपा और सपा। समाजवादी पार्टी आती थी तो एक जाति का विकास होता था। बहुजन समाज पार्टी आती थी तो दूसरी जाति का विकास होता था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सबका साथ, सबका विकास का काम किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सपा और बसपा ने कभी पूरे समाज का विकास नहीं किया। सपा-बसपा की सरकार 15 साल तक चली। कभी किसी गरीब के घर गैस आई क्या? किसी गरीब को घर मिला क्या? किसी गरीब को मुफ्त शौचालय मिला क्या? गरीब को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली थी क्या? समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा की राम सेवकों, कार सेवकों पर समाजवादी पार्टी ने गोली चलाई थी, डंडे चलाए थे। मैं कहना चाहता हूं अखिलेश यादव जितनी ताकत है लगा लो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब भूमि पूजन कर दिया है। कुछ ही महीनों में आकाश को छूता हुआ प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने वाला है। ये भाजपा की ही सरकार है, जो कहती है वही करती है। अमित शाह ने कहा कि इत्र कारोबारी के घर से जो करोड़ों के थैले निकल रहे हैं, उससे अखिलेश यादव को मचलन हो रही है। अरे भाई जब पैसा आपका नहीं है तो क्यों परेशान हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
उन्नाव में गृहमंत्री अमित शाह ने सपा-बसपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा उत्तर प्रदेश को फिर से एक बार जंगलराज की ओर ले जाएगी। जबकि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सबसे आगे निकला है। एक और पाँच वर्ष दे दीजिए, उत्तर प्रदेश देश का नंबर एक राज्य बन जाएगा। भाजपा की 'जन विश्वास यात्रा' में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्नाव पर कलम की और तलवार की भी कृपा है। उन्नाव में बड़े से बड़े वीर लोग भी हुए हैं और सरस्वती के पुत्र भी यहां से आगे बढ़े हैं। आजादी के लिए अंतिम सांस तक न्योछावर करने वाले उन्नाव की धरती के चंद्रशेखर आजाद जी को प्रणाम करता हूं। जनसभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आपके सामने दो विकल्प हैं। एक पीएम मोदी के नेतृत्व में समाज के सभी हिस्सों को साथ लेकर चलने वाली भाजपा और दूसरी और बुआ-बबुआ की बसपा और सपा। समाजवादी पार्टी आती थी तो एक जाति का विकास होता था। बहुजन समाज पार्टी आती थी तो दूसरी जाति का विकास होता था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सबका साथ, सबका विकास का काम किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सपा और बसपा ने कभी पूरे समाज का विकास नहीं किया। सपा-बसपा की सरकार पंद्रह साल तक चली। कभी किसी गरीब के घर गैस आई क्या? किसी गरीब को घर मिला क्या? किसी गरीब को मुफ्त शौचालय मिला क्या? गरीब को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली थी क्या? समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा की राम सेवकों, कार सेवकों पर समाजवादी पार्टी ने गोली चलाई थी, डंडे चलाए थे। मैं कहना चाहता हूं अखिलेश यादव जितनी ताकत है लगा लो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब भूमि पूजन कर दिया है। कुछ ही महीनों में आकाश को छूता हुआ प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने वाला है। ये भाजपा की ही सरकार है, जो कहती है वही करती है। अमित शाह ने कहा कि इत्र कारोबारी के घर से जो करोड़ों के थैले निकल रहे हैं, उससे अखिलेश यादव को मचलन हो रही है। अरे भाई जब पैसा आपका नहीं है तो क्यों परेशान हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
रायपुर। Tax Update: छत्तीसगढ़ के 10 हजार से अधिक उद्योगों को दोहरे कर से राहत मिलने वाली है। गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की है। अभी इन्हें छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआइडीसी) के साथ-साथ नगर निगमों को भी संपत्तिकर देना पड़ता है, जबकि जहां-जहां उद्योग लगे हैं, उन स्थानों को विकसित करने का काम सीएसआइडीसी ने किया है। राज्य सरकार की घोषणा के बाद अब इन्हें केवल एक ही संपत्तिकर देना होगा। उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार, सीएसआइडीसी द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्र में दोहरे टैक्स से उद्योगपति एक दशक से परेशान थे। राजधानी सहित अलग-अलग जिलों में नगर निगमों द्वारा सम्पत्ति कर की मांग की जाती थी, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में सभी सुविधाएं सीएसआइडीसी द्वारा विकसित की गई है। सीएसआइडीसी की यह जमीन लीज पर है, लिहाजा सीएसआइडीसी द्वारा उद्योगों से भू भाटक, जल-संधारण एवं संधारण शुल्क लिया जाता है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट आदि की मरम्मत भी सीएसआइडीसी करता है। ऐसे में नगर निगम के टैक्स को अनुचित बताकर इसका विरोध किया जा रहा था। नियमों के अनुसार, सीएसआइडीसी की ओर से कुल लीज राशि का ढाई प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। पिछले कई महीनों से इस मुद्दे को लेकर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज व उरला औद्योगिक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन समस्याओं किया था। उरला औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अश्विनी गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दोहरे टैक्स से राहत की घोषणा की है। यह उद्योगों के लिए बड़ी राहत है। उद्योगपतियों के अनुसार, वर्ष 1992 में संविधान संशोधन अधिनियम के तहत औद्योगिक विकास क्षेत्र को औद्योगिक टाउनशिप घोषित किए जाने पर सहमति बनी थी। इस नियम के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र से संपत्ति कर नहीं वसूल किया जा सकता, लेकिन नगरीय निकायों ने इस पर आपत्ति जताई थी। राज्य सरकार के इस फैसले से राजधानी में ही उद्योगों को हर वर्ष लगभग 20 करोड़ रुपये की राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, अन्य जिलों में भी इसका प्रभाव पड़ेगा। सीएसआइडीसी द्वारा प्रदेशभर में 3000 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में औद्योगिक अधोसंरचना विकसित किया गया है। एक उद्योग को न्यूनतम दो लाख रुपये से लेकर 80 लाख रुपये तक लीज रेंट देना होता है। वर्ष 2009 में बिरगांव नगर निगम के गठन के बाद से उद्योगों से कर वसूली का काम किया जा रहा है। वर्ष 2023 तक अर्थात लगभग 13 वर्षो से कर वसूली की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कई उद्योगपति लगातार टैक्स पटा रहे हैं जबकि जिनकी एसोसिएशन में दखल है, उन्हें निगम केवल नोटिस ही भेजता रहा। यहां उद्योगों को 10 लाख से लेकर 80 लाख तक संपत्तिकर वसूलने की नोटिस भेजी जा रही है। इस मामले को लेकर व्यापारी संगठन और नगर निगम के बीच लंबी बहस भी चली।
रायपुर। Tax Update: छत्तीसगढ़ के दस हजार से अधिक उद्योगों को दोहरे कर से राहत मिलने वाली है। गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की है। अभी इन्हें छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के साथ-साथ नगर निगमों को भी संपत्तिकर देना पड़ता है, जबकि जहां-जहां उद्योग लगे हैं, उन स्थानों को विकसित करने का काम सीएसआइडीसी ने किया है। राज्य सरकार की घोषणा के बाद अब इन्हें केवल एक ही संपत्तिकर देना होगा। उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार, सीएसआइडीसी द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्र में दोहरे टैक्स से उद्योगपति एक दशक से परेशान थे। राजधानी सहित अलग-अलग जिलों में नगर निगमों द्वारा सम्पत्ति कर की मांग की जाती थी, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में सभी सुविधाएं सीएसआइडीसी द्वारा विकसित की गई है। सीएसआइडीसी की यह जमीन लीज पर है, लिहाजा सीएसआइडीसी द्वारा उद्योगों से भू भाटक, जल-संधारण एवं संधारण शुल्क लिया जाता है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट आदि की मरम्मत भी सीएसआइडीसी करता है। ऐसे में नगर निगम के टैक्स को अनुचित बताकर इसका विरोध किया जा रहा था। नियमों के अनुसार, सीएसआइडीसी की ओर से कुल लीज राशि का ढाई प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। पिछले कई महीनों से इस मुद्दे को लेकर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज व उरला औद्योगिक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन समस्याओं किया था। उरला औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अश्विनी गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दोहरे टैक्स से राहत की घोषणा की है। यह उद्योगों के लिए बड़ी राहत है। उद्योगपतियों के अनुसार, वर्ष एक हज़ार नौ सौ बानवे में संविधान संशोधन अधिनियम के तहत औद्योगिक विकास क्षेत्र को औद्योगिक टाउनशिप घोषित किए जाने पर सहमति बनी थी। इस नियम के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र से संपत्ति कर नहीं वसूल किया जा सकता, लेकिन नगरीय निकायों ने इस पर आपत्ति जताई थी। राज्य सरकार के इस फैसले से राजधानी में ही उद्योगों को हर वर्ष लगभग बीस करोड़ रुपये की राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, अन्य जिलों में भी इसका प्रभाव पड़ेगा। सीएसआइडीसी द्वारा प्रदेशभर में तीन हज़ार एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में औद्योगिक अधोसंरचना विकसित किया गया है। एक उद्योग को न्यूनतम दो लाख रुपये से लेकर अस्सी लाख रुपये तक लीज रेंट देना होता है। वर्ष दो हज़ार नौ में बिरगांव नगर निगम के गठन के बाद से उद्योगों से कर वसूली का काम किया जा रहा है। वर्ष दो हज़ार तेईस तक अर्थात लगभग तेरह वर्षो से कर वसूली की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कई उद्योगपति लगातार टैक्स पटा रहे हैं जबकि जिनकी एसोसिएशन में दखल है, उन्हें निगम केवल नोटिस ही भेजता रहा। यहां उद्योगों को दस लाख से लेकर अस्सी लाख तक संपत्तिकर वसूलने की नोटिस भेजी जा रही है। इस मामले को लेकर व्यापारी संगठन और नगर निगम के बीच लंबी बहस भी चली।
भारत में आ रही हर दिन हत्याओं की ख़बरों में गाजियाबाद से एक महिला की हत्या की खबरें आ रही हैं। यह महिला 23 वर्ष की बताई जा रही है, लोगों का कहना है कि इस महिला को तालिबान सरकार की तरह सजा देकर हत्या कर दी गई है। महिला पर चोरी का आरोप था, हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए हैं। हैरानी की बात यह है इस दौरान उन्होंने डीजे बजा रखा था, जिससे किसी को शक ना हो। रमेश, उसकी पत्नी हिना और अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने 23 वर्ष की समीना की पीट-पीटकर हत्या कर दी और फिर फरार हो गए। समीना की हत्या से पहले उसको ब्लेड से काटा गया था यह मामला 19 जून 2023 का है। दो दिन पहले गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक के सिद्धार्थ विहार में रमेश और हिना के पुत्र का जन्मदिन था। इस दौरान उनके घर में रखे करीब पांच लाख के जेवरात चोरी हो गए। जिसके शक होने पर दावत में आई सबीना नाम की महिला को इन्होंने पकड़ लिया लाठी-डंडों से काफी पीटा। जेवरात की जानकारी जानने के लिए ब्लेड से काटा भी गया। जिसके बाद समीना इस दर्द को सहन नही कर पाई और उसकी सांसें बंद हो गई। इसके बाद आरोपी फरार हो गए पुलिस अब उनकी धरपकड़ में जुटी है। वहीं बताया जा रहा है कि समीना की चीख घर से बाहर ना जाए, इस वजह से डीजे तेज आवाज में बजाए रखा था। आसपास के लोगों को लग रहा था कि बर्थडे पार्टी है इसलिए डीजे बज रहा है, लेकिन जब डीजे लगातार दो दिन तक बता रहा तब लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी, पुलिस के आने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब इस मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है तथा फरार मुजरिमों की खोज में भी लगी है।
भारत में आ रही हर दिन हत्याओं की ख़बरों में गाजियाबाद से एक महिला की हत्या की खबरें आ रही हैं। यह महिला तेईस वर्ष की बताई जा रही है, लोगों का कहना है कि इस महिला को तालिबान सरकार की तरह सजा देकर हत्या कर दी गई है। महिला पर चोरी का आरोप था, हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए हैं। हैरानी की बात यह है इस दौरान उन्होंने डीजे बजा रखा था, जिससे किसी को शक ना हो। रमेश, उसकी पत्नी हिना और अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने तेईस वर्ष की समीना की पीट-पीटकर हत्या कर दी और फिर फरार हो गए। समीना की हत्या से पहले उसको ब्लेड से काटा गया था यह मामला उन्नीस जून दो हज़ार तेईस का है। दो दिन पहले गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक के सिद्धार्थ विहार में रमेश और हिना के पुत्र का जन्मदिन था। इस दौरान उनके घर में रखे करीब पांच लाख के जेवरात चोरी हो गए। जिसके शक होने पर दावत में आई सबीना नाम की महिला को इन्होंने पकड़ लिया लाठी-डंडों से काफी पीटा। जेवरात की जानकारी जानने के लिए ब्लेड से काटा भी गया। जिसके बाद समीना इस दर्द को सहन नही कर पाई और उसकी सांसें बंद हो गई। इसके बाद आरोपी फरार हो गए पुलिस अब उनकी धरपकड़ में जुटी है। वहीं बताया जा रहा है कि समीना की चीख घर से बाहर ना जाए, इस वजह से डीजे तेज आवाज में बजाए रखा था। आसपास के लोगों को लग रहा था कि बर्थडे पार्टी है इसलिए डीजे बज रहा है, लेकिन जब डीजे लगातार दो दिन तक बता रहा तब लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी, पुलिस के आने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब इस मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है तथा फरार मुजरिमों की खोज में भी लगी है।
मुंबई (एजेंसी/वार्ता): अमेरिका में महंगाई में नरमी आने से फेड रिजर्व के ब्याज दर में बढ़ोतरी की गति धीमी रखने की संभावना से दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के छह माह के निचले स्तर पर पहुंचने की बदौलत अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया पिछले दो दिन की गिरावट से उबरते हुए आज 11 पैसे मजबूत होकर 82. 49 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले कारोबारी दिवस रुपया नौ पैसे गिरकर 82. 60 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया था। दो दिन में रुपये में 32 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में रुपया 82. 60 रुपये प्रति डॉलर पर सपाट खुला। सत्र के दौरान लिवाली होने से जहां यह 82. 71 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक लुढ़का वहीं बिकवाली की बदौलत 82. 40 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले सत्र के 82. 60 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में 11 पैसे मजबूत होकर 82. 49 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
मुंबई : अमेरिका में महंगाई में नरमी आने से फेड रिजर्व के ब्याज दर में बढ़ोतरी की गति धीमी रखने की संभावना से दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के छह माह के निचले स्तर पर पहुंचने की बदौलत अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया पिछले दो दिन की गिरावट से उबरते हुए आज ग्यारह पैसे मजबूत होकर बयासी. उनचास रुपयापये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले कारोबारी दिवस रुपया नौ पैसे गिरकर बयासी. साठ रुपयापये प्रति डॉलर पर आ गया था। दो दिन में रुपये में बत्तीस पैसे की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में रुपया बयासी. साठ रुपयापये प्रति डॉलर पर सपाट खुला। सत्र के दौरान लिवाली होने से जहां यह बयासी. इकहत्तर रुपयापये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक लुढ़का वहीं बिकवाली की बदौलत बयासी. चालीस रुपयापये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले सत्र के बयासी. साठ रुपयापये प्रति डॉलर की तुलना में ग्यारह पैसे मजबूत होकर बयासी. उनचास रुपयापये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
पूर्वज तमिलनाडु से केरल गये, पिता महाराष्ट्र में, शिक्षा राजस्थान में, नौकरी पहले बिहार में शेष कर्नाटक में, निजी व्यवसाय अंग्रेजी में और ब्लॉगिंग हिन्दी में। पालक्काड तमिल, मलयालम, मराठी, कन्नड, हिन्दी और अंग्रेजी। कोई पहेली नहीं है पर आश्चर्य अवश्य है। आप सब उन्हें जानते भी हैं, श्री विश्वनाथजी। जहाँ भाषायी समस्या पर कोई भी चर्चा मात्र दस मिनट में धुँआ छोड़ देती हो, इस व्यक्तित्व को आप क्या नाम देंगे? निश्चय ही भारतीयता कहेंगे। पर कितने भारतीय ऐसे हैं, जो स्वतः ही श्री विश्वनाथजी जैसे भाषाविद बनना चाहेंगे? बिना परिस्थितियों के संभवतः कोई भी नहीं। दूसरी भाषा भी जबरिया सिखायी जाती है हम सबको। जब इस भारतीयता के भाषायी स्वरूप को काढ़ा बनाकर पिलाने की तैयारी की जाती है, आरोपित भाषा नीति के माध्यम से, देश के अधिनायकों द्वारा, राजनैतिक दल बन जाते हैं, विष वमन प्रारम्भ हो जाता है, भाषायी उत्पात मचता है और पूरी रोटी हजम कर जाता है, अंग्रेजी बंदर। पिछले एक वर्ष से कन्नड़ सीख रहा हूँ, गति बहुत धीमी है, कारण अंग्रेजी का पूर्व ज्ञान। दो दिन पहले बाल कटवाने गया था, एक युवक जो 2 माह पूर्व फैजाबाद से वहाँ आया था, कामचलाऊ कन्नड़ बोल रहा था। वहीं दूसरी ओर एक स्थानीय युवक जिसने मेरे बाल काटे, समझने योग्य हिन्दी में मुझसे बतिया रहा था। कार्यालय में प्रशासनिक कार्य तो अंग्रेजी में निपटाना पड़ता है पर आगन्तुक स्थानीय निवासियों से दो शब्द कन्नड़ के बोलते ही जो भाषायी और भावनात्मक सम्बन्ध स्थापित होता है, समस्याओं के समाधान में संजीवनी का कार्य करता है। अंग्रेजी में वह आत्मीयता कहाँ? सार्वजनिक सभाओं में मंत्री जी के व अन्य भाषणों में केवल शब्दों को पकड़ता हूँ, पूरा भाव स्पष्ट सा बिछ जाता है मस्तिष्क-पटल पर। एक प्रशासनिक सेवा के मित्र ने मेरी इस योग्यता की व्याख्या करते हुये बताया कि कन्नड़ और संस्कृत में लगभग 85% समानता है, कहीं कोई शब्द न सूझे तो संस्कृतनिष्ठ शब्दों का प्रयोग कर दें। किया भी, नीर, औषधि आदि। तेजाब फिल्म के एक गाने 'एक दो तीन चार....' ने पूरे दक्षिण भारत को 13 तक की गिनती सिखा दी। अमिताभ बच्चन की फिल्मों का चाव यहाँ सर चढ़कर बोलता है। यहाँ के मुस्लिमों की दक्खिणी हिन्दी बहुत लाभदायक होती है, नवागुन्तकों को। भाषायी वृक्ष भावानात्मक सम्बन्धों से पल्लवित होते दिखा हर ओर, धीरे धीरे। इस वृक्ष को पल्लवित होते रहने दें, बिना किसी सरकारी आरोपण के, भाषायी फल मधुरतम खिलेंगे। प्रश्न उठता है कि तब प्रशासनिक कार्य कैसे होंगे, विज्ञान कैसे बढ़ेगा? आईये गूगल का उदाहरण देखें, हर भाषा को समाहित कर रखा है अपने में, किसी भी साइट को आप अपनी भाषा में देख सकते हैं, भले ही टूटी फूटी क्यों न हो, अर्थ संप्रेषण तो हो ही जाता है। राज्यों को अपना सारा राजकीय कार्य स्थानीय भाषा में ही करने दिया जाये। इससे आमजन की पहुँच और विश्वास, दोनों ही बढ़ेगा, प्रशासन पर। प्रादेशिक सम्बन्धों के विषय जो कि कुल कार्य का 5% भी नहीं होता है, या तो कम्प्यूटरीकरण से अनुवाद कर किया जाये या अनुवादकों की सहायता से। तकनीक उपस्थित है तो जनमानस पर अंग्रेजी या अन्य किसी भाषा का बोझ क्यों लादा जाये। त्रिभाषायी समाधान का बौद्धिक अन्धापन, बच्चों पर लादी गयी अब तक की क्रूरतम विधा होगी। भाषा का माध्यम स्थानीय हो, सारा ज्ञान उसमें ही दिया जाये। अपने बच्चों को हिन्दी अंग्रेजी अनुवाद के दलदल में नित्य जूझते देखता हूँ तो कल्पना करता हूँ कि विषयों के मौलिक ज्ञान के समतल में कब तक आ पायेगें देश के कर्णधार। विश्व का ज्ञान उसके अंग्रेजी अर्थ तक सिमट कर रह गया है। एक बार समझ विकसित होने पर आवश्यकतानुसार अंग्रेजी सहित किसी भी भाषा का ज्ञान दिया जा सकता है। भविष्य में आवश्यकता उसकी भी नहीं पड़नी चाहिये यदि हम मात्र वैज्ञानिक शब्दकोष ही सर्वाधिक वैज्ञानिक भाषा संस्कृत में विकसित कर लें। भाषायी उत्पात पर व्यर्थ हुयी ऊर्जा को देश के विकास व अपनी भाषायी संस्कृति हेतु तो बचाकर रखना ही होगा। भाषा है तो हम हैं। भाषा है तो हम हैं।
पूर्वज तमिलनाडु से केरल गये, पिता महाराष्ट्र में, शिक्षा राजस्थान में, नौकरी पहले बिहार में शेष कर्नाटक में, निजी व्यवसाय अंग्रेजी में और ब्लॉगिंग हिन्दी में। पालक्काड तमिल, मलयालम, मराठी, कन्नड, हिन्दी और अंग्रेजी। कोई पहेली नहीं है पर आश्चर्य अवश्य है। आप सब उन्हें जानते भी हैं, श्री विश्वनाथजी। जहाँ भाषायी समस्या पर कोई भी चर्चा मात्र दस मिनट में धुँआ छोड़ देती हो, इस व्यक्तित्व को आप क्या नाम देंगे? निश्चय ही भारतीयता कहेंगे। पर कितने भारतीय ऐसे हैं, जो स्वतः ही श्री विश्वनाथजी जैसे भाषाविद बनना चाहेंगे? बिना परिस्थितियों के संभवतः कोई भी नहीं। दूसरी भाषा भी जबरिया सिखायी जाती है हम सबको। जब इस भारतीयता के भाषायी स्वरूप को काढ़ा बनाकर पिलाने की तैयारी की जाती है, आरोपित भाषा नीति के माध्यम से, देश के अधिनायकों द्वारा, राजनैतिक दल बन जाते हैं, विष वमन प्रारम्भ हो जाता है, भाषायी उत्पात मचता है और पूरी रोटी हजम कर जाता है, अंग्रेजी बंदर। पिछले एक वर्ष से कन्नड़ सीख रहा हूँ, गति बहुत धीमी है, कारण अंग्रेजी का पूर्व ज्ञान। दो दिन पहले बाल कटवाने गया था, एक युवक जो दो माह पूर्व फैजाबाद से वहाँ आया था, कामचलाऊ कन्नड़ बोल रहा था। वहीं दूसरी ओर एक स्थानीय युवक जिसने मेरे बाल काटे, समझने योग्य हिन्दी में मुझसे बतिया रहा था। कार्यालय में प्रशासनिक कार्य तो अंग्रेजी में निपटाना पड़ता है पर आगन्तुक स्थानीय निवासियों से दो शब्द कन्नड़ के बोलते ही जो भाषायी और भावनात्मक सम्बन्ध स्थापित होता है, समस्याओं के समाधान में संजीवनी का कार्य करता है। अंग्रेजी में वह आत्मीयता कहाँ? सार्वजनिक सभाओं में मंत्री जी के व अन्य भाषणों में केवल शब्दों को पकड़ता हूँ, पूरा भाव स्पष्ट सा बिछ जाता है मस्तिष्क-पटल पर। एक प्रशासनिक सेवा के मित्र ने मेरी इस योग्यता की व्याख्या करते हुये बताया कि कन्नड़ और संस्कृत में लगभग पचासी% समानता है, कहीं कोई शब्द न सूझे तो संस्कृतनिष्ठ शब्दों का प्रयोग कर दें। किया भी, नीर, औषधि आदि। तेजाब फिल्म के एक गाने 'एक दो तीन चार....' ने पूरे दक्षिण भारत को तेरह तक की गिनती सिखा दी। अमिताभ बच्चन की फिल्मों का चाव यहाँ सर चढ़कर बोलता है। यहाँ के मुस्लिमों की दक्खिणी हिन्दी बहुत लाभदायक होती है, नवागुन्तकों को। भाषायी वृक्ष भावानात्मक सम्बन्धों से पल्लवित होते दिखा हर ओर, धीरे धीरे। इस वृक्ष को पल्लवित होते रहने दें, बिना किसी सरकारी आरोपण के, भाषायी फल मधुरतम खिलेंगे। प्रश्न उठता है कि तब प्रशासनिक कार्य कैसे होंगे, विज्ञान कैसे बढ़ेगा? आईये गूगल का उदाहरण देखें, हर भाषा को समाहित कर रखा है अपने में, किसी भी साइट को आप अपनी भाषा में देख सकते हैं, भले ही टूटी फूटी क्यों न हो, अर्थ संप्रेषण तो हो ही जाता है। राज्यों को अपना सारा राजकीय कार्य स्थानीय भाषा में ही करने दिया जाये। इससे आमजन की पहुँच और विश्वास, दोनों ही बढ़ेगा, प्रशासन पर। प्रादेशिक सम्बन्धों के विषय जो कि कुल कार्य का पाँच% भी नहीं होता है, या तो कम्प्यूटरीकरण से अनुवाद कर किया जाये या अनुवादकों की सहायता से। तकनीक उपस्थित है तो जनमानस पर अंग्रेजी या अन्य किसी भाषा का बोझ क्यों लादा जाये। त्रिभाषायी समाधान का बौद्धिक अन्धापन, बच्चों पर लादी गयी अब तक की क्रूरतम विधा होगी। भाषा का माध्यम स्थानीय हो, सारा ज्ञान उसमें ही दिया जाये। अपने बच्चों को हिन्दी अंग्रेजी अनुवाद के दलदल में नित्य जूझते देखता हूँ तो कल्पना करता हूँ कि विषयों के मौलिक ज्ञान के समतल में कब तक आ पायेगें देश के कर्णधार। विश्व का ज्ञान उसके अंग्रेजी अर्थ तक सिमट कर रह गया है। एक बार समझ विकसित होने पर आवश्यकतानुसार अंग्रेजी सहित किसी भी भाषा का ज्ञान दिया जा सकता है। भविष्य में आवश्यकता उसकी भी नहीं पड़नी चाहिये यदि हम मात्र वैज्ञानिक शब्दकोष ही सर्वाधिक वैज्ञानिक भाषा संस्कृत में विकसित कर लें। भाषायी उत्पात पर व्यर्थ हुयी ऊर्जा को देश के विकास व अपनी भाषायी संस्कृति हेतु तो बचाकर रखना ही होगा। भाषा है तो हम हैं। भाषा है तो हम हैं।
Haridwar Dharma Sansad: हरिद्वार धर्म संसद (Haridwar Dharma Sansad) में भड़काऊ भाषणों की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा हम मामले पर दस दिन के बाद सनवाई करेंगे। CJI ने मामले पर दाखिल याचिका और हस्तक्षेप याचिका पर पक्ष सुनने के बाद कहा कि सवाल यह है कि इस मुद्दे से जुड़े कोर्ट के फैसले हैं। जिनके अनुपालन की जरूरत है ऐसा याचिका में कहा जा रहा है। इस तरह के मुद्दों से जुड़े अन्य मामले कोर्ट में लंबित हैं यह भी संज्ञान में है। कोर्ट ने कहा कि हम देखेंगे कि इस मामले को अलग से सुना जाए या उनके साथ जोड़कर, उन्हीं मामलो के साथ सुना जाए। आज सुनवाई के दौरान भाषण का ट्रांसलेशन कोर्ट को सौप दिया। उन्होंने कहा कि भाषा ऐसी है कि वो पढ़ नहीं सकते। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार और केंद्र को नोटिस जारी कर उनका रुख जानने से पहले कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि वहां सरकारें भी देख रही हैं। कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर कहा राज्य के जवाब के बाद केन्द्र को नोटिस देने पर विचार करेंगे। हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि आगे होने वाली धर्म संसद के बारे में अपनी आपत्तियों को स्थानीय निकायों और प्रशासन को इसकी जानकारी दें। याचिककर्ताओ की ओर से वकील सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों के हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर एक्शन लेने के लिए नोडल ऑफिसर की बहाली भी करनी होती है, बावजूद इसके कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। CJI ने कहा की अन्य बेंच के पास भी ऐसे ही मामले की सुनवाई लंबित है। सिब्बल ने जवाब देते हुए कहा हमने इस मामले से जुड़ी कोई और अर्जी दाखिल नहीं की है। हालांकि यह जानकारी जरूर दी गई कि जस्टिस खानविलकर ने इस मामले पर सुनवाई की बात कही थी। साथ ही यह भी बताया गया कि जस्टिस चंद्रचूड़ सुदर्शन टीवी के एक कार्यक्रम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं। वहीं वकील शादान फरासत ने कहा कि वैसे तो हेट स्पीच के कई मामले हैं लेकिन धर्मसंसद में नफरत फैलाने वाले ऐसे भाषण का यह पहला मामला है। बता दें कि बुधवार को हरिद्वार में धर्म संसद में दिए गए भाषणों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI एनवी रमना और जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने मामले पर सुनवाई की। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस अंजना प्रकाश और पत्रकार कुर्बान अली द्वारा दायर याचिका में मुसलमानों को निशाना बनाने वाले नफरत भरे भाषणों का हवाला दिया गया है और एक विशेष जांच दल द्वारा एक स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस की निष्क्रियता से पता चलता है कि सांप्रदायिक नफरत फैलाने वालों के साथ पुलिस खड़ी है। धर्म संसद मामला क्या है? मालूम हो कि 17-19 दिसंबर को आयोजित धार्मिक सभा में, विभिन्न धर्मगुरुओं ने मुसलमानों के खिलाफ हथियारों के इस्तेमाल का आह्वान करते हुए अपमानजनक भाषण दिए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद, उत्तराखंड पुलिस ने वसीम रिज़वी के खिलाफ FIR दर्ज की। बाद में चार और नाम जोड़े गए- जिनमें सागर सिद्धू महाराज और यति नरसिम्हनन्द, धर्मदास और पूजा शकुन पांडे का नाम शामिल है।
Haridwar Dharma Sansad: हरिद्वार धर्म संसद में भड़काऊ भाषणों की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा हम मामले पर दस दिन के बाद सनवाई करेंगे। CJI ने मामले पर दाखिल याचिका और हस्तक्षेप याचिका पर पक्ष सुनने के बाद कहा कि सवाल यह है कि इस मुद्दे से जुड़े कोर्ट के फैसले हैं। जिनके अनुपालन की जरूरत है ऐसा याचिका में कहा जा रहा है। इस तरह के मुद्दों से जुड़े अन्य मामले कोर्ट में लंबित हैं यह भी संज्ञान में है। कोर्ट ने कहा कि हम देखेंगे कि इस मामले को अलग से सुना जाए या उनके साथ जोड़कर, उन्हीं मामलो के साथ सुना जाए। आज सुनवाई के दौरान भाषण का ट्रांसलेशन कोर्ट को सौप दिया। उन्होंने कहा कि भाषा ऐसी है कि वो पढ़ नहीं सकते। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार और केंद्र को नोटिस जारी कर उनका रुख जानने से पहले कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि वहां सरकारें भी देख रही हैं। कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर कहा राज्य के जवाब के बाद केन्द्र को नोटिस देने पर विचार करेंगे। हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि आगे होने वाली धर्म संसद के बारे में अपनी आपत्तियों को स्थानीय निकायों और प्रशासन को इसकी जानकारी दें। याचिककर्ताओ की ओर से वकील सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों के हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर एक्शन लेने के लिए नोडल ऑफिसर की बहाली भी करनी होती है, बावजूद इसके कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। CJI ने कहा की अन्य बेंच के पास भी ऐसे ही मामले की सुनवाई लंबित है। सिब्बल ने जवाब देते हुए कहा हमने इस मामले से जुड़ी कोई और अर्जी दाखिल नहीं की है। हालांकि यह जानकारी जरूर दी गई कि जस्टिस खानविलकर ने इस मामले पर सुनवाई की बात कही थी। साथ ही यह भी बताया गया कि जस्टिस चंद्रचूड़ सुदर्शन टीवी के एक कार्यक्रम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं। वहीं वकील शादान फरासत ने कहा कि वैसे तो हेट स्पीच के कई मामले हैं लेकिन धर्मसंसद में नफरत फैलाने वाले ऐसे भाषण का यह पहला मामला है। बता दें कि बुधवार को हरिद्वार में धर्म संसद में दिए गए भाषणों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI एनवी रमना और जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने मामले पर सुनवाई की। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस अंजना प्रकाश और पत्रकार कुर्बान अली द्वारा दायर याचिका में मुसलमानों को निशाना बनाने वाले नफरत भरे भाषणों का हवाला दिया गया है और एक विशेष जांच दल द्वारा एक स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस की निष्क्रियता से पता चलता है कि सांप्रदायिक नफरत फैलाने वालों के साथ पुलिस खड़ी है। धर्म संसद मामला क्या है? मालूम हो कि सत्रह-उन्नीस दिसंबर को आयोजित धार्मिक सभा में, विभिन्न धर्मगुरुओं ने मुसलमानों के खिलाफ हथियारों के इस्तेमाल का आह्वान करते हुए अपमानजनक भाषण दिए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद, उत्तराखंड पुलिस ने वसीम रिज़वी के खिलाफ FIR दर्ज की। बाद में चार और नाम जोड़े गए- जिनमें सागर सिद्धू महाराज और यति नरसिम्हनन्द, धर्मदास और पूजा शकुन पांडे का नाम शामिल है।
जामनगर. गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजें आने शुरू हो गए हैं, सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई. सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जा रही है, फ़िलहाल, रुझानों में भाजपा ने बड़ी बढ़त बनाई हुई है. जबकि कांग्रेस दूसरे नंबर पर दिख रही है, भाजपा के सामने जहां गुजरात और हिमाचल के अपना किला बचाने की बड़ी चुनौती है तो वहीं कांग्रेस ने चुनाव में दोनों राज्यों की सत्ता से भाजपा को बेदखल करने की पूरी कोशिश कर रही है, अब अगर हम आम आदमी पार्टी की बात करें तो आम आदमी पार्टी ने चुनाव में एंट्री कर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है. गुजरात की बात करें तो यहाँ 27 साल से भाजपा का राज है. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाई थी. ऐसे में, इस बार कांग्रेस के हौसले बुलंद है और पार्टी जीत का दावा कर रही है. अब अगर हम 2017 के आंदोलनकारियों की बात करें तो तब के आंदोलनकारी और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल वीरमगाम से आगे चल रहे हैं. अहमदाबाद जिले की ही एक और सीट है वीरमगाम, ये सीट भी बहुत अहम है क्योंकि यहां से बीजेपी से ज्यादा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की साख दांव पर लगी है. हार्दिक पटेल हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं और ऐसे में भाजपा ने उन्हें वीरमगाम सीट से उम्मीदवार बनाया है. वीरमगाम पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक लाखाभाई भरवाड़ को ही टिकट दिया है. वहीं, दूसरे पाटीदार नेता अल्पेश ठाकोर की बात करें तो अल्पेश ठाकोर गांधीनगर दक्षिण से आगे चल रहे हैं. गांधीनगर दक्षिण सीट साल 2008 में नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी, इस सीट का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है. ऐसे में, अस्तित्व में आने के बाद यहां दो बार चुनाव हुए और दोनों ही बार भाजपा ने यहाँ से जीत हासिल की. भाजपा ने यहां से ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस से डॉ. हिमांशु पटेल मैदान में हैं, वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से दोलत पटेल मैदान में हैं. वहीं, अगर आंदोलनकारी जिग्नेश मेवाणी की बात करें तो कांग्रेस प्रत्याशी जिग्नेश मेवाणी वडगाम से पीछे चल रहे हैं. वडगाम के मौजूदा विधायक जिग्नेश मेवाणी यहाँ से पीछे चल रहे हैं. बनासकांठा जिले की वडगाम सीट पर इस बार दलित युवा नेता जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जिग्नेश वडगाम से मौजूदा विधायक भी हैं. ऐसे में जिग्नेश को हारने के लिए भाजपा ने मणिलाल वाघेला को और आम आदमी पार्टी ने दलपत भाटिया को टिकट दिया है.
जामनगर. गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजें आने शुरू हो गए हैं, सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई. सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जा रही है, फ़िलहाल, रुझानों में भाजपा ने बड़ी बढ़त बनाई हुई है. जबकि कांग्रेस दूसरे नंबर पर दिख रही है, भाजपा के सामने जहां गुजरात और हिमाचल के अपना किला बचाने की बड़ी चुनौती है तो वहीं कांग्रेस ने चुनाव में दोनों राज्यों की सत्ता से भाजपा को बेदखल करने की पूरी कोशिश कर रही है, अब अगर हम आम आदमी पार्टी की बात करें तो आम आदमी पार्टी ने चुनाव में एंट्री कर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है. गुजरात की बात करें तो यहाँ सत्ताईस साल से भाजपा का राज है. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाई थी. ऐसे में, इस बार कांग्रेस के हौसले बुलंद है और पार्टी जीत का दावा कर रही है. अब अगर हम दो हज़ार सत्रह के आंदोलनकारियों की बात करें तो तब के आंदोलनकारी और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल वीरमगाम से आगे चल रहे हैं. अहमदाबाद जिले की ही एक और सीट है वीरमगाम, ये सीट भी बहुत अहम है क्योंकि यहां से बीजेपी से ज्यादा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की साख दांव पर लगी है. हार्दिक पटेल हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं और ऐसे में भाजपा ने उन्हें वीरमगाम सीट से उम्मीदवार बनाया है. वीरमगाम पर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक लाखाभाई भरवाड़ को ही टिकट दिया है. वहीं, दूसरे पाटीदार नेता अल्पेश ठाकोर की बात करें तो अल्पेश ठाकोर गांधीनगर दक्षिण से आगे चल रहे हैं. गांधीनगर दक्षिण सीट साल दो हज़ार आठ में नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी, इस सीट का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है. ऐसे में, अस्तित्व में आने के बाद यहां दो बार चुनाव हुए और दोनों ही बार भाजपा ने यहाँ से जीत हासिल की. भाजपा ने यहां से ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस से डॉ. हिमांशु पटेल मैदान में हैं, वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से दोलत पटेल मैदान में हैं. वहीं, अगर आंदोलनकारी जिग्नेश मेवाणी की बात करें तो कांग्रेस प्रत्याशी जिग्नेश मेवाणी वडगाम से पीछे चल रहे हैं. वडगाम के मौजूदा विधायक जिग्नेश मेवाणी यहाँ से पीछे चल रहे हैं. बनासकांठा जिले की वडगाम सीट पर इस बार दलित युवा नेता जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जिग्नेश वडगाम से मौजूदा विधायक भी हैं. ऐसे में जिग्नेश को हारने के लिए भाजपा ने मणिलाल वाघेला को और आम आदमी पार्टी ने दलपत भाटिया को टिकट दिया है.
-प्रमाण१ सत् की सद् से सपमा देना-जसे भागामी प्रथम तीर्थंकर भगवान् महावीर के समान होंगे या भगवान् की भुजा अर्गला के समान है। २ सद् की प्रसत् से-जैसे मारकों और देवों की प्रामु पस्योपम सागरोपम की है यह बात सत्य छ किन्तु पयोषम व सागरापम का जो प्रमाण है वह प्रसस्कल्पना है क्योंकि बसा किसो में किया नहीं करता नहीं भोर करेगा नहीं। ३ भसत् की सत् से असे जुवार को मोसो के दाने जसी, किसी बड़ी भारी नगरी को देवपुरी जैसो कहना । अथवा यह कल्पित बार्तामाप-पककर खिरा हुआ पत्ता मम पत्ते से कहता ह कि कभी हम भो तुम्हारे बसे थ' या ठाकर खाई हुई हड्डी ठोकर मारनवाले का कहती है कि में भी कभी तेरे जैसो भो यह प्रसत् को सद् से उपमा है। जो प्रवस्था नष्ट होकर असत् हो चुकी उसको विद्यमान सत् वस्तु से उपमा बैना । ४ प्रसतू की पसत् से जैसे यह कहना कि 'गधे के सींग कैसे होते हैं, तो कहे कि घोड़े के सींग जैसे फिर पूछा कि घाड़े के सोंग कसे ? तो उत्तर दिया कि गम के सींग जैसे । ये दोनों बातें के झूठी है । इस प्रकार प्रत्यक्षादि चार प्रमाणों से वस्तु को जानकर सम्यग् उपयाम करना चाहिए । (भगवती १४ मनुयोगद्वार)
-प्रमाणएक सत् की सद् से सपमा देना-जसे भागामी प्रथम तीर्थंकर भगवान् महावीर के समान होंगे या भगवान् की भुजा अर्गला के समान है। दो सद् की प्रसत् से-जैसे मारकों और देवों की प्रामु पस्योपम सागरोपम की है यह बात सत्य छ किन्तु पयोषम व सागरापम का जो प्रमाण है वह प्रसस्कल्पना है क्योंकि बसा किसो में किया नहीं करता नहीं भोर करेगा नहीं। तीन भसत् की सत् से असे जुवार को मोसो के दाने जसी, किसी बड़ी भारी नगरी को देवपुरी जैसो कहना । अथवा यह कल्पित बार्तामाप-पककर खिरा हुआ पत्ता मम पत्ते से कहता ह कि कभी हम भो तुम्हारे बसे थ' या ठाकर खाई हुई हड्डी ठोकर मारनवाले का कहती है कि में भी कभी तेरे जैसो भो यह प्रसत् को सद् से उपमा है। जो प्रवस्था नष्ट होकर असत् हो चुकी उसको विद्यमान सत् वस्तु से उपमा बैना । चार प्रसतू की पसत् से जैसे यह कहना कि 'गधे के सींग कैसे होते हैं, तो कहे कि घोड़े के सींग जैसे फिर पूछा कि घाड़े के सोंग कसे ? तो उत्तर दिया कि गम के सींग जैसे । ये दोनों बातें के झूठी है । इस प्रकार प्रत्यक्षादि चार प्रमाणों से वस्तु को जानकर सम्यग् उपयाम करना चाहिए ।
उत्तर प्रदेश के हरदोई (Hardoi) में दो दोस्तों ने अपने ही 13 वर्षीय दोस्त की गला रेतकर हत्या (Murder) कर दी। शव मिलने पर लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव (Dead Body) को पोस्टमार्टम (Post Mortem) के लिए भेजा और दोनों आरोपियों को अरेस्ट (Arrest) कर लिया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक कि जांच में आरोपियों ने हत्या की जो वजह बताई है, बेहद चौंकाने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाली कस्बा के मुहल्ला शेख सराय निवासी फैयाज का 13 वर्षीय बेटा हस्सान कक्षा सात में पढ़ाई करता था। पढ़ाई करने के साथ ही वो बाइक रिपेयरिंग की दुकान पर काम सीख रहा था। मोहल्ले के रहने वाले दो युवकों से उसकी दोस्ती थी। यह दोनों भी नाबालिग बताए जा रहे हैं। दोनों ने हस्सान से कुछ दिन पहले पांच हजार रुपये मांगे थे। हस्सान ने पांच हजार रुपये का इंतजाम कर दोनों दोस्तों को दे दिया। दोनों ने कहा था कि जल्द यह राशि लौटा देंगे। इसके बाद जब भी हस्सान ने रुपये मांगे तो वो आनाकानी करने लगे। साथ ही दबाव बनाने लगे कि दुकान से कुछ रुपये चोरी करके वो तीनों मजा कर सकते हैं। शुक्रवार की रात को तीनों दोस्त साथ थे। इस दौरान रुपयों को लेकर विवाद हो गया। दोनों दोस्त हस्सान को सुनसान जगह ले गए और गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। हालांकि बताया जा रहा है कि देर रात को दोनों आरोपी थाने पहुंचे और पूरी वारदात की जानकारी दी। यह सुनते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी का कहना है कि घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच कराई गई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के हरदोई में दो दोस्तों ने अपने ही तेरह वर्षीय दोस्त की गला रेतकर हत्या कर दी। शव मिलने पर लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक कि जांच में आरोपियों ने हत्या की जो वजह बताई है, बेहद चौंकाने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाली कस्बा के मुहल्ला शेख सराय निवासी फैयाज का तेरह वर्षीय बेटा हस्सान कक्षा सात में पढ़ाई करता था। पढ़ाई करने के साथ ही वो बाइक रिपेयरिंग की दुकान पर काम सीख रहा था। मोहल्ले के रहने वाले दो युवकों से उसकी दोस्ती थी। यह दोनों भी नाबालिग बताए जा रहे हैं। दोनों ने हस्सान से कुछ दिन पहले पांच हजार रुपये मांगे थे। हस्सान ने पांच हजार रुपये का इंतजाम कर दोनों दोस्तों को दे दिया। दोनों ने कहा था कि जल्द यह राशि लौटा देंगे। इसके बाद जब भी हस्सान ने रुपये मांगे तो वो आनाकानी करने लगे। साथ ही दबाव बनाने लगे कि दुकान से कुछ रुपये चोरी करके वो तीनों मजा कर सकते हैं। शुक्रवार की रात को तीनों दोस्त साथ थे। इस दौरान रुपयों को लेकर विवाद हो गया। दोनों दोस्त हस्सान को सुनसान जगह ले गए और गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। हालांकि बताया जा रहा है कि देर रात को दोनों आरोपी थाने पहुंचे और पूरी वारदात की जानकारी दी। यह सुनते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी का कहना है कि घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच कराई गई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
चुराह - उपमंडल की दूरस्थ पंचायत में प्रस्तावित 17 मैगावाट के पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ ग्रामीणों के स्वर मुखर हो गए हैं। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रोजेक्ट में अस्सी फीसदी रोजगार स्थानीय लोगों की लिखित शर्त के बाद ही काम आरंभ करने दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को विश्वास में लिए वगैर प्रोजेक्ट का काम आरंभ करने पर प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई। रविवार को चांजू व देहरा पंचायत के लोगों ने संयुक्त बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की। ग्रामीणों का कहना है कि चांजू- दो पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य करने वाली कंपनी आरंभिक दौर में ही लोगों के हकों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित पंचायतों के लोगों के साथ आम सहमति बनाने के लिए बैठक करने की बजाय जबरन काम आरंभ करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की दंबगगिरि कतई सहन नहीं की जाएगी। और ग्रामीण अपने हित सुरक्षित होने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही काम आरंभ होने देंगे। उल्लेखनीय है कि गत दिनों कंपनी के ठेकेदार ने प्रोजेक्ट साइट पर बिना किसी पूर्व सूचना के काम आरंभ कर दिया था। ग्रामीणों को भनक लगते ही मौके पर पहुंचकर काम बंद करवाते हुए ठेकेदार को मशीनरी सहित बैरंग लौटा दिया था। जिसके बाद ही प्रभावित पंचायतों के लोग हक पाने के लिए एकजुट हो गए हैं। बैठक में चांजू पंचायत की प्रधान देवकी देवी, उपप्रधान योगराज के अलावा तनु चौफल्ला, हरीश, पवन, खेतीराम, त्रिलोक, सुरिंद्र, महिंद्र व प्रमोद सहित काफी तादाद में ग्रामीण मौजूद रहे। भारत मैट्रीमोनी पर अपना सही संगी चुनें - निःशुल्क रजिस्टर करें !
चुराह - उपमंडल की दूरस्थ पंचायत में प्रस्तावित सत्रह मैगावाट के पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ ग्रामीणों के स्वर मुखर हो गए हैं। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रोजेक्ट में अस्सी फीसदी रोजगार स्थानीय लोगों की लिखित शर्त के बाद ही काम आरंभ करने दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को विश्वास में लिए वगैर प्रोजेक्ट का काम आरंभ करने पर प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई। रविवार को चांजू व देहरा पंचायत के लोगों ने संयुक्त बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की। ग्रामीणों का कहना है कि चांजू- दो पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य करने वाली कंपनी आरंभिक दौर में ही लोगों के हकों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित पंचायतों के लोगों के साथ आम सहमति बनाने के लिए बैठक करने की बजाय जबरन काम आरंभ करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की दंबगगिरि कतई सहन नहीं की जाएगी। और ग्रामीण अपने हित सुरक्षित होने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही काम आरंभ होने देंगे। उल्लेखनीय है कि गत दिनों कंपनी के ठेकेदार ने प्रोजेक्ट साइट पर बिना किसी पूर्व सूचना के काम आरंभ कर दिया था। ग्रामीणों को भनक लगते ही मौके पर पहुंचकर काम बंद करवाते हुए ठेकेदार को मशीनरी सहित बैरंग लौटा दिया था। जिसके बाद ही प्रभावित पंचायतों के लोग हक पाने के लिए एकजुट हो गए हैं। बैठक में चांजू पंचायत की प्रधान देवकी देवी, उपप्रधान योगराज के अलावा तनु चौफल्ला, हरीश, पवन, खेतीराम, त्रिलोक, सुरिंद्र, महिंद्र व प्रमोद सहित काफी तादाद में ग्रामीण मौजूद रहे। भारत मैट्रीमोनी पर अपना सही संगी चुनें - निःशुल्क रजिस्टर करें !
2 फरवरी, नई दिल्ली (CRICKETNMORE)। साउथ अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज डेविड मिलर श्रीलंका के खिलाफ पांच वन डे मैचों की सीरीज के शेष मैचों से बाहर हो गए हैं। डरबन में खेले गए दूसरे वन डे मैच में मिलर के दाएं हाथ की उंगली में चोट लग गई थी। हालांकि क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने उनकी जगह किसी और खिलाड़ी टीम में शामिल ना करने का फैसला किया है। मिलर ने दूसरे वन डे मैच में 98 गेंदों में नाबाद 117 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। इसके बाद फिल्डिंग के दौरान निरोशन डिकवेला के एक शॉट को कैच में तबदील करने के चक्कर में उनकी उंगली में एक कट आ गया। जिसके बाद उन्हें तुरंत मैदान के बाहर जाना पड़ा और वह बाकी मैच के दौरान वापस नहीं लौटे। साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम के मैनेजर मेनेजर मुहम्मद मूसाजी ने कहा कि " मिलर की चोट को ठीक होने में कम से कम 7 से दिन का समय लगेगा। जिसके कारण वह श्रीलंका के खिलाफ बाकी बचे तीन वन डे मैचों से बाहर हो गए हैं। वह न्यूजीलैड दौरे के टीम चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। पांच वन डे मैचों की सीरीज के पहले दो मुकाबलों में जीत हासिल कर सीरीज में 2-0 की अहम बढ़त बना ली है। सीरीज की तीसरा मुकाबला 4 फरवरी को वांडरर्स में खेला जाएगा। तीसरे टी- 20 में वाले रैना के एक छक्के से स्टेडियम में बैठे एक बच्चे को लगी चोट..
दो फरवरी, नई दिल्ली । साउथ अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज डेविड मिलर श्रीलंका के खिलाफ पांच वन डे मैचों की सीरीज के शेष मैचों से बाहर हो गए हैं। डरबन में खेले गए दूसरे वन डे मैच में मिलर के दाएं हाथ की उंगली में चोट लग गई थी। हालांकि क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने उनकी जगह किसी और खिलाड़ी टीम में शामिल ना करने का फैसला किया है। मिलर ने दूसरे वन डे मैच में अट्ठानवे गेंदों में नाबाद एक सौ सत्रह रन की बेहतरीन पारी खेली थी। इसके बाद फिल्डिंग के दौरान निरोशन डिकवेला के एक शॉट को कैच में तबदील करने के चक्कर में उनकी उंगली में एक कट आ गया। जिसके बाद उन्हें तुरंत मैदान के बाहर जाना पड़ा और वह बाकी मैच के दौरान वापस नहीं लौटे। साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम के मैनेजर मेनेजर मुहम्मद मूसाजी ने कहा कि " मिलर की चोट को ठीक होने में कम से कम सात से दिन का समय लगेगा। जिसके कारण वह श्रीलंका के खिलाफ बाकी बचे तीन वन डे मैचों से बाहर हो गए हैं। वह न्यूजीलैड दौरे के टीम चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। पांच वन डे मैचों की सीरीज के पहले दो मुकाबलों में जीत हासिल कर सीरीज में दो-शून्य की अहम बढ़त बना ली है। सीरीज की तीसरा मुकाबला चार फरवरी को वांडरर्स में खेला जाएगा। तीसरे टी- बीस में वाले रैना के एक छक्के से स्टेडियम में बैठे एक बच्चे को लगी चोट..
आज के समय में हर कोई अपनी लाइफ में सफलता पाना चाहता है। हर व्यक्ति चाहता है कि वे सफलता की उचाईयों को छु सके और इसके लिए वे दिन-रात मेहनत भी बहुत करता है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को मनचाही सफलता न मिले तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। ज्यादातार व्यक्ति की असफलता के पीछे वास्तु का योगदान होता है। कहते हैं कि जहां व्यक्ति दिन-रात बैठकर काम करता है, वहां का वातावरण उसे बहुत प्रभावित करता है और अगर वहीं सही न हो तो व्यक्ति को किसी काम में सफलता हासिल नहीं हो सकती है। इसलिए घर हो या दफ्तर उस जगह को वास्तु दोष से मुक्त रखना भी जरूरी होता है। आज हम इसी से जुड़े कुछ उपायों के बारे में बताते हैं। वास्तु के अनुसार कार्यालय में काम करते समय व्यक्ति को अपना मुंह हमेशा उत्तर की ओर रखना चाहिए। कई वास्तु सलाहकारों का मानना है कि उत्तर दिशा को सफलता का प्रतीक माना गया है और कहा है कि इस दिशा में बैठकर काम करने से सफलता जरूर मिलती है। कहते हैं कि घर में टीवी को भी इस जगह लगाएं कि जब कोई टीवी देखे तो उसका चेहरा उत्तर दिशा की ओर हो। वास्तु के अनुसार उत्तर और दक्षिण दिशा में घर का प्रवेश द्वार नहीं बनाना चाहिए और न ही इन दिशाओं में बालकनी होनी चाहिए। घर को ऐसा बनाएं की पूर्व और पश्चिम दिशा से आने वाला सूर्य का प्रकाश घर के अंदर पहुंचे। कहते हैं पूर्व और पश्चिम दिशा से सूर्य का प्रकाश आने से घर में सकरात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है।
आज के समय में हर कोई अपनी लाइफ में सफलता पाना चाहता है। हर व्यक्ति चाहता है कि वे सफलता की उचाईयों को छु सके और इसके लिए वे दिन-रात मेहनत भी बहुत करता है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को मनचाही सफलता न मिले तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। ज्यादातार व्यक्ति की असफलता के पीछे वास्तु का योगदान होता है। कहते हैं कि जहां व्यक्ति दिन-रात बैठकर काम करता है, वहां का वातावरण उसे बहुत प्रभावित करता है और अगर वहीं सही न हो तो व्यक्ति को किसी काम में सफलता हासिल नहीं हो सकती है। इसलिए घर हो या दफ्तर उस जगह को वास्तु दोष से मुक्त रखना भी जरूरी होता है। आज हम इसी से जुड़े कुछ उपायों के बारे में बताते हैं। वास्तु के अनुसार कार्यालय में काम करते समय व्यक्ति को अपना मुंह हमेशा उत्तर की ओर रखना चाहिए। कई वास्तु सलाहकारों का मानना है कि उत्तर दिशा को सफलता का प्रतीक माना गया है और कहा है कि इस दिशा में बैठकर काम करने से सफलता जरूर मिलती है। कहते हैं कि घर में टीवी को भी इस जगह लगाएं कि जब कोई टीवी देखे तो उसका चेहरा उत्तर दिशा की ओर हो। वास्तु के अनुसार उत्तर और दक्षिण दिशा में घर का प्रवेश द्वार नहीं बनाना चाहिए और न ही इन दिशाओं में बालकनी होनी चाहिए। घर को ऐसा बनाएं की पूर्व और पश्चिम दिशा से आने वाला सूर्य का प्रकाश घर के अंदर पहुंचे। कहते हैं पूर्व और पश्चिम दिशा से सूर्य का प्रकाश आने से घर में सकरात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है।
आदमी पार्टी की सूरत में एक रैली प्रस्तावित है और पार्टी पिछले एक महीने से इसके लिए अनुमति मांग रही है। यह रैली पिछले महीने ही आयोजित होनी थी, लेकिन राज्य सरकार से अनुमति न मिलने के चलते रैली रद्द करनी पड़ी। पार्टी सूत्रों के अनुसार अब यहां 16 अक्टूबर को रैली का प्रस्ताव है। नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि गुजरात की डरी हुई सरकार उन्हें राज्य में रैली करने की अनुमति नहीं दे रही है। केजरीवाल ने कहा कि वह पिछले एक महीने से सूरत में रैली करने की अनुमति मांग रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें ऐसा नहीं करने दे रही है। -केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सूरत में एक रैली प्रस्तावित है और पार्टी पिछले एक महीने से इसके लिए अनुमति मांग रही है। -यह रैली पिछले महीने ही आयोजित होनी थी, लेकिन राज्य सरकार से अनुमति न मिलने के चलते रैली रद्द करनी पड़ी। -पार्टी सूत्रों के अनुसार अब यहां 16 अक्टूबर को केजरीवाल की एक रैली का प्रस्ताव है। -अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके रैली की अनुमति न देने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। -अरविंद केजरीवाल को गुजरात के एक व्यापारिक संगठन ने आमंत्रित किया था। लेकिन बाद में संगठन ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। -आम आदमी पार्टी का आरोप है कि संगठन ने यह कदम राज्य सरकार के दबाव में उठाया है। -केजरीवाल ने आरोप लगाया कि गुजरात की भारतीय जनता पार्टी की सरकार डरी हुई है कि हमारी इस रैली से राज्य सरकार की अफलताएं उजागर हो जाएंगी। -उन्होंने कहा कि बीजेपी को डर है कि हम इस कार्यक्रम में राज्य के बहुप्रचारित विकास मॉडल की पोल खोल देंगे।
आदमी पार्टी की सूरत में एक रैली प्रस्तावित है और पार्टी पिछले एक महीने से इसके लिए अनुमति मांग रही है। यह रैली पिछले महीने ही आयोजित होनी थी, लेकिन राज्य सरकार से अनुमति न मिलने के चलते रैली रद्द करनी पड़ी। पार्टी सूत्रों के अनुसार अब यहां सोलह अक्टूबर को रैली का प्रस्ताव है। नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि गुजरात की डरी हुई सरकार उन्हें राज्य में रैली करने की अनुमति नहीं दे रही है। केजरीवाल ने कहा कि वह पिछले एक महीने से सूरत में रैली करने की अनुमति मांग रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें ऐसा नहीं करने दे रही है। -केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सूरत में एक रैली प्रस्तावित है और पार्टी पिछले एक महीने से इसके लिए अनुमति मांग रही है। -यह रैली पिछले महीने ही आयोजित होनी थी, लेकिन राज्य सरकार से अनुमति न मिलने के चलते रैली रद्द करनी पड़ी। -पार्टी सूत्रों के अनुसार अब यहां सोलह अक्टूबर को केजरीवाल की एक रैली का प्रस्ताव है। -अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके रैली की अनुमति न देने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। -अरविंद केजरीवाल को गुजरात के एक व्यापारिक संगठन ने आमंत्रित किया था। लेकिन बाद में संगठन ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। -आम आदमी पार्टी का आरोप है कि संगठन ने यह कदम राज्य सरकार के दबाव में उठाया है। -केजरीवाल ने आरोप लगाया कि गुजरात की भारतीय जनता पार्टी की सरकार डरी हुई है कि हमारी इस रैली से राज्य सरकार की अफलताएं उजागर हो जाएंगी। -उन्होंने कहा कि बीजेपी को डर है कि हम इस कार्यक्रम में राज्य के बहुप्रचारित विकास मॉडल की पोल खोल देंगे।
एक प्रकार से उत्तर हो चुरा -- नलदमयंती - दुष्यतशक्तला-राधाकृष्ण-विद्यासुदर - इत्यादि गाधर्व विवाह के अनेक उदाहरण मिलेंगे- द्वापर में जिप करने और यह भी तो द्वापरयुग है न जहाँ भगवान् यदुनाथ स्वय यादवों के सहित विराजमान हैं तो फिर अन क्या रहा--जय होगी यदुकुनचन्द्र से स्वयं पुछवा देंगे यह (इस ) ग्राम का नाम भी तो श्यामापुर किसी भले पुरुष ने धरा हैयहा की गली और सोरों में यहाँ के बना में यहां के आराम अभिराम में - यहाँ के शर पर्वतों में यहा के ग्राम और पुरातन ग्राम म यहाँ के बिलासी और जिलासिनियों के सहेट निकुज में यहाँ के नही ना और निर्झरों के बाद में-नन तक सूर्य चंद्र है श्यामा श्यामसुदर ऐ (को) प्रोति की कहानी चलेंगी, तो प्यारी इतनी दूर बढ़ा के अब क्यों हटती हो । वर्गों के संबंध में कुछ दोष नही, देवयानी और ययाति के पावन चरित अद्यापि भूमडल को पवित्र करते हैं यस यह सब समझ लो मुझ दीन के अनुराग और भक्ति को क्यों तुच्छ करती हो, यदि हमारी सेवा तुम्हें भलीन लगी हो तो उसकी बात ही निराली है- नहीं तो बस अव आज्ञा दो - इतना कह मेर घरणों पर शेट गया मैंने उसका सिर उठा कर दोना जावों के बीच में रख लिया. बहुत प्रबोध दिया उन्हें उठाय छाती से लगाया और बोली- "सुनो प्रान - तुम हमार जीवन धन ही इसमें सदेह नहीं - मेरे तुम और मै तुम्हारी हो चुकी तुम्हारी प्रीति की परीक्षा हो चुकी - पर शांधूता मत करो- मैं तुम्हे अवसर लिख भेजूंगी-सुलोचना और वृन्दा सहाय करेगी सत्यवती न जानै तब तक न जाने जब तक कार्य की सिद्धि न हो तो मुझे विदा ढो, सोचने का अवसर दो- ओर मेरे सुदर उत्तर का पथ जोहते रहो --अब मै जाती हूँ- ' इतना कह चलने को उद्यत हुई कि श्यामसुर ने मेर हाथ घर एक बाहु मेरे गले में डाल दिया, अधरों को मेरे अधरों के पास ला बोला "यदि आज्ञा हो तो एक बार सुधारस पीलें - मैं चुप रही श्यामसुदर मेरा चुम्बन ले योटे--"रो प्यारी हमारी तुम्हारी शुद्ध प्रोति का अन्तिम चुम्बन हैलो दार बारलो." मैंने बड़े प्रेम से चूमा लिया पर लाज के मार फिर सिर न उठा सनी- और चादर ओद मैनों को छिपा घर के (की) ओर चली. श्यामसुदर तब तक देखते थे जब तक मैं उनके नैनो के (की) ओट न हुई. अत्त को मोड़ के पास पहुंचते ही एक बार हाथ जोड़ कर उन्हें प्रशाम किया और वे ल्यचौहीं नजर से मुझे देखते रहे. अब तो सध्या हो गई थी गली चरती थी - दीप मलित थे-मुझे नाहक श्यामसुदर इतनी देर विमार रहे थे - पर यह तो प्रेम का झोरा था - प्रेम कथा की धारा कभी रक सकी है--ज्याँही मै मोह से अपने घर की ओर मुही विष्णुशर्मा आ पहुंचा, राल बनात का कानो को ढकनेवाला रोपा दिये, रगोन कौपेय का दोगा पहिने हाथ में कमडलु लटकार-श्वेत धोती पहिरे-गटर माला गले में -बनाती वस्ते में पाठ की पोथी कास में दबाए -- नगे पेर-त्रिपुडू धारन किए- भस्म चढ़ाए-लंबी लंबी छाती को छुनेवाली श्वेत डाड़ी फटकारे तानिक का रूप बनाए आ पहुंचा- इसे दे मैं ऐसी डरी जैसे बाज की झपेट में हवा लुक जाता है या सिंह को देस हरिनी सूस जाती है--रिपशु जैसे राजमान को देखें - सर्प के सन्मुख छट्दर सिचान के आगे मुनैया इनकी ऐसी गति मेरी भी उस समय हुई आगे पाँच न उटे -- कँपने लगी- करेजा धडक उठा-पीली हरदी के गोठ सी सूस गई - यद्यपि उन्होंने अभी तक कुछ भी नहीं कहा था तो भी भयभीत हो काँपती थी- सच पूछो तो चोर का जी स्तिना-विष्णुशर्मा मुझे देख उठके गृध्र दृष्टि से मुझे देखा और चीन्ह लिया. इनने मुझे श्यामसुंदर के कुटीर से निकलते देख लिया था या धनेश नाम के महाजन के द्वारे से देसा यह नहीं कह सक्ती पर जैसा मै अभी कह चुकी मै सूख तो गई थी विष्णुशर्मा से और मुझसे
एक प्रकार से उत्तर हो चुरा -- नलदमयंती - दुष्यतशक्तला-राधाकृष्ण-विद्यासुदर - इत्यादि गाधर्व विवाह के अनेक उदाहरण मिलेंगे- द्वापर में जिप करने और यह भी तो द्वापरयुग है न जहाँ भगवान् यदुनाथ स्वय यादवों के सहित विराजमान हैं तो फिर अन क्या रहा--जय होगी यदुकुनचन्द्र से स्वयं पुछवा देंगे यह ग्राम का नाम भी तो श्यामापुर किसी भले पुरुष ने धरा हैयहा की गली और सोरों में यहाँ के बना में यहां के आराम अभिराम में - यहाँ के शर पर्वतों में यहा के ग्राम और पुरातन ग्राम म यहाँ के बिलासी और जिलासिनियों के सहेट निकुज में यहाँ के नही ना और निर्झरों के बाद में-नन तक सूर्य चंद्र है श्यामा श्यामसुदर ऐ प्रोति की कहानी चलेंगी, तो प्यारी इतनी दूर बढ़ा के अब क्यों हटती हो । वर्गों के संबंध में कुछ दोष नही, देवयानी और ययाति के पावन चरित अद्यापि भूमडल को पवित्र करते हैं यस यह सब समझ लो मुझ दीन के अनुराग और भक्ति को क्यों तुच्छ करती हो, यदि हमारी सेवा तुम्हें भलीन लगी हो तो उसकी बात ही निराली है- नहीं तो बस अव आज्ञा दो - इतना कह मेर घरणों पर शेट गया मैंने उसका सिर उठा कर दोना जावों के बीच में रख लिया. बहुत प्रबोध दिया उन्हें उठाय छाती से लगाया और बोली- "सुनो प्रान - तुम हमार जीवन धन ही इसमें सदेह नहीं - मेरे तुम और मै तुम्हारी हो चुकी तुम्हारी प्रीति की परीक्षा हो चुकी - पर शांधूता मत करो- मैं तुम्हे अवसर लिख भेजूंगी-सुलोचना और वृन्दा सहाय करेगी सत्यवती न जानै तब तक न जाने जब तक कार्य की सिद्धि न हो तो मुझे विदा ढो, सोचने का अवसर दो- ओर मेरे सुदर उत्तर का पथ जोहते रहो --अब मै जाती हूँ- ' इतना कह चलने को उद्यत हुई कि श्यामसुर ने मेर हाथ घर एक बाहु मेरे गले में डाल दिया, अधरों को मेरे अधरों के पास ला बोला "यदि आज्ञा हो तो एक बार सुधारस पीलें - मैं चुप रही श्यामसुदर मेरा चुम्बन ले योटे--"रो प्यारी हमारी तुम्हारी शुद्ध प्रोति का अन्तिम चुम्बन हैलो दार बारलो." मैंने बड़े प्रेम से चूमा लिया पर लाज के मार फिर सिर न उठा सनी- और चादर ओद मैनों को छिपा घर के ओर चली. श्यामसुदर तब तक देखते थे जब तक मैं उनके नैनो के ओट न हुई. अत्त को मोड़ के पास पहुंचते ही एक बार हाथ जोड़ कर उन्हें प्रशाम किया और वे ल्यचौहीं नजर से मुझे देखते रहे. अब तो सध्या हो गई थी गली चरती थी - दीप मलित थे-मुझे नाहक श्यामसुदर इतनी देर विमार रहे थे - पर यह तो प्रेम का झोरा था - प्रेम कथा की धारा कभी रक सकी है--ज्याँही मै मोह से अपने घर की ओर मुही विष्णुशर्मा आ पहुंचा, राल बनात का कानो को ढकनेवाला रोपा दिये, रगोन कौपेय का दोगा पहिने हाथ में कमडलु लटकार-श्वेत धोती पहिरे-गटर माला गले में -बनाती वस्ते में पाठ की पोथी कास में दबाए -- नगे पेर-त्रिपुडू धारन किए- भस्म चढ़ाए-लंबी लंबी छाती को छुनेवाली श्वेत डाड़ी फटकारे तानिक का रूप बनाए आ पहुंचा- इसे दे मैं ऐसी डरी जैसे बाज की झपेट में हवा लुक जाता है या सिंह को देस हरिनी सूस जाती है--रिपशु जैसे राजमान को देखें - सर्प के सन्मुख छट्दर सिचान के आगे मुनैया इनकी ऐसी गति मेरी भी उस समय हुई आगे पाँच न उटे -- कँपने लगी- करेजा धडक उठा-पीली हरदी के गोठ सी सूस गई - यद्यपि उन्होंने अभी तक कुछ भी नहीं कहा था तो भी भयभीत हो काँपती थी- सच पूछो तो चोर का जी स्तिना-विष्णुशर्मा मुझे देख उठके गृध्र दृष्टि से मुझे देखा और चीन्ह लिया. इनने मुझे श्यामसुंदर के कुटीर से निकलते देख लिया था या धनेश नाम के महाजन के द्वारे से देसा यह नहीं कह सक्ती पर जैसा मै अभी कह चुकी मै सूख तो गई थी विष्णुशर्मा से और मुझसे
276 : प्रेमचंद रचनावली - 12 भूमि गयी, धन गया, मान-मर्यादा गया लेकिन वह विवाद ज्यों का त्यों बना रहा। हाईकोर्ट के धुरंधर नीतिज्ञ एक मामूली-सा झगड़ा तय न कर सके । इन दोनों सज्जनों ने गाँव को दो विरोधी दलों में विभक्त कर दिया था। एक दल की भंग-बूटी चौधरी के द्वार पर छनती; तो दूसरे दल के चरस - गाँजे के दम भगत के द्वार पर लगते थे । स्त्रियों और बालकों के भी दो दल हो गये थे । यहाँ तक कि दोनों सज्जनों के सामाजिक और धार्मिक विचारों में भी विभाजक रेखा खिंची हुई थी। चौधरी कपड़े पहने सत्तू खा लेते और भगत को ढोंगी कहते। भगत बिना कपड़े उतारे पानी भी न पीते और चौधरी को भ्रष्ट बतलाते । भगत सनातनधर्मी बने तो चौधरी ने आर्यसमाज का आश्रय लिया । जिस बजाज, पन्सारी या कुंजड़े से चौधरी सौदे लेते उसकी ओर भगतजी ताकना भी पाप समझते थे। और भगतजी की हलवाई की मिठाइयाँ, उनके ग्वाले का दूध और तेली का तेल चौधरी के लिए त्याज्य थे। यहाँ तक कि उनके आरोग्यता के सिद्धांतों में भी भिन्नता थी। भगत जी वैद्यक के कायल थे, चौधरी यूनानी प्रथा के माननेवाले। दोनों चाहे रोग से मर जाते, पर अपने सिद्धांतों को न तोड़ते । जब देश में राजनैतिक आंदोलन शुरू हुआ तो उसकी भनक उस गाँव में आ पहुँची । चौधरी ने आंदोलन का पक्ष लिया, भगत उनके विपक्षी हो गये। एक सज्जन ने आ कर गाँव में किसान-सभा खोली। चौधरी उसमें शरीक हुए, भगत अलग रहे । जागृति और बढ़ी, स्वराज्य की चर्चा होने लगी । चौधरी स्वराज्यवादी हो गये, भगत ने राजभक्ति का पक्ष लिया। चौधरी का घर स्वराज्यवादियों का अड्डा हो गया, भगत का घर राजभक्तों का क्लब चौधरी जनता में स्वराज्यवाद का प्रचार करने लगे : "मित्रो, स्वराज्य का अर्थ है अपना राज। अपने देश में अपना राज हो वह अच्छा है कि किसी दूसरे का राज हो वह ?" जनता ने कहा- अपना राज हो, वह अच्छा है। चौधरीतो यह स्वराज्य कैसे मिलेगा ? आत्मबल से, पुरुषार्थ से, मेल से, एक दूसरे से द्वेष करना छोड़ दो। अपने झगड़े आप मिल कर निपटा लो । एक शंका - आप तो नित्य अदालत में खड़े रहते हैं । चौधरी - हाँ, पर आज से अदालत जाऊँ तो मुझे गऊहत्या का पाप लगे । तुम्हें चाहिए कि तुम अपनी गाढ़ी कमाई अपने बाल-बच्चों को खिलाओ, और बचे तो परोपकार में लगाओ, वकील-मुखतारों की जेब क्यों भरते हो, थानेदार को घूस क्यों देते हो, अमलों की चिरौरी क्यों करते हो ? पहले हमारे लड़के अपने धर्म की शिक्षा पाते थे; वह सदाचारी, त्यागी, पुरुषार्थी बनते थे। अब वह विदेशी मदरसों में पढ़ कर चाकरी करते हैं, घूस खाते हैं, शौक करते हैं, अपने देवताओं और पितरों की निंदा करते हैं, सिगरेट पीते हैं, साल बनाते हैं और हाकिमों की गोड़धरिया करते हैं। क्या यह हमारा कर्तव्य नहीं है कि हम अपने बालकों को धर्मानुसार शिक्षा दें ? जनता - चंदा करके पाठशाला खोलनी चाहिए। लाग-डांट : 277 चौधरी- हम पहले मदिरा का छूना पाप समझते थे। अब गाँव-गाँव और गली-गली में मदिरा की दूकानें हैं। हम अपनी गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये गाँजे-शराब में उड़ा देते हैं । जनता - जो दारू - भाँग पिये उसे डाँड लगाना चाहिए ! चौधरीहमारे दादा-बाबा, छोटे-बड़े सब गाढ़ा-गजी पहनते थे । हमारी दादियाँ-नानियाँ चरखा काता करती थीं । सब धन देश में रहता था, हमारे जुलाहे भाई चैन की वंशी बजाते थे । अब हम विदेश के बने हुए महीन रंगीन कपड़ों पर जान देते हैं। इस तरह दूसरे देश वाले हमारा धन ढो ले जाते हैं; बेचारे जुलाहे कंगाल हो गये । क्या हमारा यही धर्म है कि अपने भाइयों की थाली छीन कर दूसरों के सामने रख दें ? जनता - गाढ़ा कहीं मिलता ही नहीं । चौधरी - अपने घर का बना हुआ गाढ़ा पहनो, अदालतों को त्यागो, नशेबाजी छोड़ो, अपने लड़कों को धर्म-कर्म सिखाओ, मेल से रहो - बस, यही स्वराज्य है। जो लोग कहते हैं कि स्वराज्य के लिए खून की नदी बहेगी, वे पागल हैं - उनकी बातों पर ध्यान मत दो । जनता यह बातें चाव से सुनती थी । दिनोंदिन श्रोताओं की संख्या बढ़ती जाती थी । चौधरी के सब श्रद्धाभाजन बन गये । भगत जी भी राजभक्ति का उपदेश करने लगे"भाइयो, राजा का काम राज करना और प्रजा का काम उसकी आज्ञा का पालन करना है। इसी को राजभक्ति कहते हैं। और हमारे धार्मिक ग्रंथों में हमें इसी राजभक्ति की शिक्षा दी गई है। राजा ईश्वर का प्रतिनिधि है, उसकी आज्ञा के विरुद्ध चलना महान पातक है । राजविमुख प्राणी नरक का भागी होता है। एक शंका - राजा को भी तो अपने धर्म का पालन करना चाहिए ? दूसरी शंका- हमारे राजा तो नाम के हैं, असली राजा तो विलायत के बनिये-महाजन तीसरी शंका - बनिये धन कमाना जानते हैं, राज करना क्या जानें । भगत - लोग तुम्हें शिक्षा देते हैं कि अदालतों में मत जाओ, पंचायतों में मुकदमे ले जाओ; लेकिन ऐसे पंच कहाँ हैं, जो सच्चा न्याय करें दूध का दूध और पानी का पानी कर दें ! यहाँ मुँह-देखी बातें होंगी। जिनका कुछ दबाव है, उनकी जीत होगी, जिनका कुछ दबाव नहीं है, वह बेचारे मारे जायँगे । अदालतों में सब कारवाई कानून पर होती है, वहाँ छोटे-बड़े सब बराबर हैं, शेर-बकरी एक घाट पर पानी पीते हैं । दूसरी शंका - अदालतों का न्याय कहने ही को है, जिसके पास बने हुए गवाह और दाँव-पेंच खेले हुए वकील होते हैं, उसी की जीत होती है, झूठे-सच्चे की परख कौन करता है ? हाँ, हैरानी अलबत्ता होती है। भगत - कहा जाता है कि विदेशी चीजों का व्यवहार मत करो। यह गरीबों के साथ घोर अन्याय है। हमको बाजार में जो चीज सस्ती और अच्छी मिले, वह लेनी चाहिए । चाहे स्वेदशी हो या विदेशी । हमारा पैसा सेंत में नहीं आता है कि उसे रद्दी-भद्दी स्वदेशी चीजों पर 278 : प्रेमचंद रचनावली - 12 एक शंका - अपने देश में तो रहता है, दूसरों के हाथ में तो नहीं जाता। दूसरी शंका - अपने घर में अच्छा खाना न मिले तो क्या विजातियों के घर का अच्छा भोजन खाने लगेंगे ? भगत - लोग कहते हैं, लड़कों को सरकारी मदरसों में मत भेजो। सरकारी मदरसे में न पढ़ते तो आज हमारे भाई बड़ी-बड़ी नौकरियाँ कैसे पाते, बड़े-बड़े कारखाने कैसे बना लेते? बिना नयी विद्या पढ़े अब संसार में निबाह नहीं हो सकता, पुरानी विद्या पढ़ कर पत्रा देखने और कथा बाँचने के सिवाय और क्या आता है ? राज-काज क्या पट्टी-पोथी बाँचने वाले लोग करेंगे ? एक शंका- हमें राज-काज न चाहिए। हम अपनी खेती-बारी ही में मगन हैं, किसी के गुलाम तो नहीं । दूसरी शंका - जो विद्या घमंडी बना दे, उससे मूरख ही अच्छा, यही नयी विद्या पढ़कर तो लोग सूट-बूट, घड़ी-छड़ी, हैट- कैट लगाने लगते हैं और अपने शौक के पीछे देश का धन विदेशियों की जेब में भरते हैं । ये देश के द्रोही हैं । भगत - गाँजा- शराब की ओर आजकल लोगों की कड़ी निगाह है। नशा बुरी लत है, इसे सब जानते हैं। सरकार को नशे की दूकानों से करोड़ों रुपये साल की आमदनी होती है। अगर दूकानों में न जाने से लोगों की नशे की लत छूट जाय तो बड़ी अच्छी बात है । वह दूकान पर न जायगा तो चोरी-छिपे किसी न किसी तरह दूने-चौगुने दाम दे कर, सजा काटने पर तैयार हो कर, अपनी लत पूरी करेगा। तो ऐसा काम क्यों करो कि सरकार का नुकसान अलग हो, और गरीब रैयत का नुकसान अलग हो । और फिर किसी-किसी को नशा खाने से फायदा होता है। मैं ही एक दिन अफीम न खाऊँ तो गाँठों में दर्द होने लगे, दम उखड़ जाय और सरदी पकड़ ले । एक आवाज - शराब पीने से बदन में फुर्ती आ जाती है। एक शंका- सरकार अधर्म से रुपया कमाती है। उसे यह उचित नहीं । अधर्मी के राज में रह कर प्रजा का कल्याण कैसे हो सकता है ? दूसरी शंका- पहले दारू पिला कर पागल बना दिया। लत पड़ी तो पैसे की चाट हुई। इतनी मजूरी किसको मिलती है कि रोटी-कपड़ा भी चले और दारू-शराब भी उड़े ? या तो बाल-बच्चों को भूखों मारो या चोरी करो, जुआ खेलो और बेईमानी करो । शराब की दूकान क्या है ? हमारी गुलामी का अड्डा है । चौधरी के उपदेश सुनने के लिए जनता टूटती थी। लोगों को खड़े होने को जगह न मिलती । दिनोंदिन चौधरी का मान बढ़ने लगा। उनके यहाँ नित्य पंचायतों की राष्ट्रोन्नति की चर्चा रहती, जनता को इन बातों में बड़ा आनंद और उत्साह होता । उनके राजनैतिक ज्ञान की वृद्धि होती । वह अपना गौरव और महत्त्व समझने लगे, उन्हें अपनी सत्ता का अनुभव होने लगा । निरंकुशता और अन्याय पर जब उनकी तिउरियाँ चढ़ने लगीं। उन्हें स्वतंत्रता का स्वाद मिला। घर की रुई, घर का सूत, घर का कपड़ा, घर का भोजन, घर की अदालत, न पुलिस का भय, न अमला की खुशामद, सुख और शांति से जीवन व्यतीत लाग-डांट : 279 करने लगे। कितनों ही ने नशेबाजी छोड़ दी और सद्भावों की एक लहर-सी दौड़ने लगी । लेकिन भगत जी इतने भाग्यशाली न थे । जनता को दिनोंदिन उनके उपदेशों से अरुचि होती जाती थी । यहाँ तक कि बहुधा उनके श्रोताओं में पटवारी, चौकीदार, मुदर्रिस और इन्हीं कर्मचारियों के मित्रों के अतिरिक्त और कोई न होता था । कभी-कभी बड़े हाकिम भी आ निकलते और भगत जी का बड़ा आदर-सत्कार करते। जरा देर के लिए भगत जी के आँसू पुँछ जाते, लेकिन क्षण भर का सम्मान आठों पहर के अपमान की बराबरी कैसे करता ! जिधर निकल जाते उधर ही उँगलियाँ उठने लगतीं । कोई कहता, खुशामदी टट्टू है, कोई कहता, खुफिया पुलिस का भेदी है। भगत जी अपने प्रतिद्वंद्वी की बड़ाई और अपनी लोकनिंदा पर दाँत पीस-पीस कर रह जाते थे। जीवन में यह पहला ही अवसर था कि उन्हें सबके सामने नीचा देखना पड़ा । चिरकाल से जिस कुल- मर्यादा की रक्षा करते आये थे और जिस पर अपना सर्वस्व अर्पण कर चुके थे, वह धूल में मिल गयी। यह दाहमय चिंता उन्हें एक क्षण के लिए चैन न लेने देती । नित्य समस्या सामने रहती कि अपना खोया हुआ सम्मान क्योंकर पाऊँ, अपने प्रतिपक्षी को क्योंकर पददलित करूँ, कैसे उसका गरूर तोहूँ ? अंत में उन्होंने सिंह को उसी की माँद में पछाड़ने का निश्चय किया। संध्या का समय था । चौधरी के द्वार पर एक बड़ी सभा हो रही थी। आस-पास के गाँवों के किसान भी आ गये, हजारों आदमियों की भीड़ थी । चौधरी उन्हें स्वराज्य-विषयक उपदेश दे रहे थे। बार-बार भारतमाता की जय-जयकर की ध्वनि उठती थी। एक ओर स्त्रियों का जमाव था। चौधरी ने अपना उपदेश समाप्त किया और अपनी जगह पर बैठे। स्वयं सेवकों ने स्वराज्य फंड के लिए चंदा जमा करना शुरू किया कि इतने में भगत जी न जाने किधर से लपके हुए आये और श्रोताओं के सामने खड़े हो कर उच्च स्वर से बोले : 'भाइयो, मुझे यहाँ देखकर अचरज मत करो, मैं स्वराज्य का विरोधी नहीं हूँ। ऐसा पतित कौन प्राणी होगा जो स्वराज्य का निंदक हो; लेकिन इसके प्राप्त करने का वह उपाय नहीं है जो चौधरी ने बताया है और जिस पर तुम लोग लट्टू हो रहे हो। जब आपस में फूट और रार है, पंचायतों से क्या होगा ? जब विलासिता का भूत सिर पर सवार है तो नशा कैसे छूटेगा, मदिरा की दूकानों का बहिष्कार कैसे होगा ? सिगरेट, साबुन, मोजे, बनियान, अद्धी, तंजेब से कैसे पिंड छूटेगा ? जब रोब और हुकूमत की लालसा बनी हुई है तो सरकारी मदरसे कैसे छोड़ोगे, विधर्मी शिक्षा की बेड़ी से कैसे मुक्त हो सकोगे ? स्वराज्य लेने का केवल एक ही उपाय है और वह आत्म-संयम है । यही महौषधि तुम्हारे समस्त रोगों को समूल नष्ट करेगी। आत्मा को बलवान् बनाओ, इंद्रियों को साधो, मन को वश में करो, तुममें भातृभाव पैदा होगा, तभी वैमनस्य मिटेगा तभी ईर्ष्या और द्वेष का नाश होगा, तभी भोग-विलास से मन हटेगा, तभी नशेबाजी का दमन होगा। आत्मबल के बिना स्वराज्य कभी उपलब्ध न होगा। स्वयंसेवा सब पापों का मूल है, यही तुम्हें अदालतों में ले जाता है, यह तुम्हें विधर्मी शिक्षा का दास बनाये हुए है। इस पिशाच को आत्मबल से मारो और तुम्हारी कामना पूरी हो जायगी। सब जानते हैं, मैं 40 साल से अफीम का सेवन करता हूँ। आज से मैं अफीम को गऊ का रक्त समझता हूँ । चौधरी से मेरी तीन पीढ़ियों की अदावत
दो सौ छिहत्तर : प्रेमचंद रचनावली - बारह भूमि गयी, धन गया, मान-मर्यादा गया लेकिन वह विवाद ज्यों का त्यों बना रहा। हाईकोर्ट के धुरंधर नीतिज्ञ एक मामूली-सा झगड़ा तय न कर सके । इन दोनों सज्जनों ने गाँव को दो विरोधी दलों में विभक्त कर दिया था। एक दल की भंग-बूटी चौधरी के द्वार पर छनती; तो दूसरे दल के चरस - गाँजे के दम भगत के द्वार पर लगते थे । स्त्रियों और बालकों के भी दो दल हो गये थे । यहाँ तक कि दोनों सज्जनों के सामाजिक और धार्मिक विचारों में भी विभाजक रेखा खिंची हुई थी। चौधरी कपड़े पहने सत्तू खा लेते और भगत को ढोंगी कहते। भगत बिना कपड़े उतारे पानी भी न पीते और चौधरी को भ्रष्ट बतलाते । भगत सनातनधर्मी बने तो चौधरी ने आर्यसमाज का आश्रय लिया । जिस बजाज, पन्सारी या कुंजड़े से चौधरी सौदे लेते उसकी ओर भगतजी ताकना भी पाप समझते थे। और भगतजी की हलवाई की मिठाइयाँ, उनके ग्वाले का दूध और तेली का तेल चौधरी के लिए त्याज्य थे। यहाँ तक कि उनके आरोग्यता के सिद्धांतों में भी भिन्नता थी। भगत जी वैद्यक के कायल थे, चौधरी यूनानी प्रथा के माननेवाले। दोनों चाहे रोग से मर जाते, पर अपने सिद्धांतों को न तोड़ते । जब देश में राजनैतिक आंदोलन शुरू हुआ तो उसकी भनक उस गाँव में आ पहुँची । चौधरी ने आंदोलन का पक्ष लिया, भगत उनके विपक्षी हो गये। एक सज्जन ने आ कर गाँव में किसान-सभा खोली। चौधरी उसमें शरीक हुए, भगत अलग रहे । जागृति और बढ़ी, स्वराज्य की चर्चा होने लगी । चौधरी स्वराज्यवादी हो गये, भगत ने राजभक्ति का पक्ष लिया। चौधरी का घर स्वराज्यवादियों का अड्डा हो गया, भगत का घर राजभक्तों का क्लब चौधरी जनता में स्वराज्यवाद का प्रचार करने लगे : "मित्रो, स्वराज्य का अर्थ है अपना राज। अपने देश में अपना राज हो वह अच्छा है कि किसी दूसरे का राज हो वह ?" जनता ने कहा- अपना राज हो, वह अच्छा है। चौधरीतो यह स्वराज्य कैसे मिलेगा ? आत्मबल से, पुरुषार्थ से, मेल से, एक दूसरे से द्वेष करना छोड़ दो। अपने झगड़े आप मिल कर निपटा लो । एक शंका - आप तो नित्य अदालत में खड़े रहते हैं । चौधरी - हाँ, पर आज से अदालत जाऊँ तो मुझे गऊहत्या का पाप लगे । तुम्हें चाहिए कि तुम अपनी गाढ़ी कमाई अपने बाल-बच्चों को खिलाओ, और बचे तो परोपकार में लगाओ, वकील-मुखतारों की जेब क्यों भरते हो, थानेदार को घूस क्यों देते हो, अमलों की चिरौरी क्यों करते हो ? पहले हमारे लड़के अपने धर्म की शिक्षा पाते थे; वह सदाचारी, त्यागी, पुरुषार्थी बनते थे। अब वह विदेशी मदरसों में पढ़ कर चाकरी करते हैं, घूस खाते हैं, शौक करते हैं, अपने देवताओं और पितरों की निंदा करते हैं, सिगरेट पीते हैं, साल बनाते हैं और हाकिमों की गोड़धरिया करते हैं। क्या यह हमारा कर्तव्य नहीं है कि हम अपने बालकों को धर्मानुसार शिक्षा दें ? जनता - चंदा करके पाठशाला खोलनी चाहिए। लाग-डांट : दो सौ सतहत्तर चौधरी- हम पहले मदिरा का छूना पाप समझते थे। अब गाँव-गाँव और गली-गली में मदिरा की दूकानें हैं। हम अपनी गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये गाँजे-शराब में उड़ा देते हैं । जनता - जो दारू - भाँग पिये उसे डाँड लगाना चाहिए ! चौधरीहमारे दादा-बाबा, छोटे-बड़े सब गाढ़ा-गजी पहनते थे । हमारी दादियाँ-नानियाँ चरखा काता करती थीं । सब धन देश में रहता था, हमारे जुलाहे भाई चैन की वंशी बजाते थे । अब हम विदेश के बने हुए महीन रंगीन कपड़ों पर जान देते हैं। इस तरह दूसरे देश वाले हमारा धन ढो ले जाते हैं; बेचारे जुलाहे कंगाल हो गये । क्या हमारा यही धर्म है कि अपने भाइयों की थाली छीन कर दूसरों के सामने रख दें ? जनता - गाढ़ा कहीं मिलता ही नहीं । चौधरी - अपने घर का बना हुआ गाढ़ा पहनो, अदालतों को त्यागो, नशेबाजी छोड़ो, अपने लड़कों को धर्म-कर्म सिखाओ, मेल से रहो - बस, यही स्वराज्य है। जो लोग कहते हैं कि स्वराज्य के लिए खून की नदी बहेगी, वे पागल हैं - उनकी बातों पर ध्यान मत दो । जनता यह बातें चाव से सुनती थी । दिनोंदिन श्रोताओं की संख्या बढ़ती जाती थी । चौधरी के सब श्रद्धाभाजन बन गये । भगत जी भी राजभक्ति का उपदेश करने लगे"भाइयो, राजा का काम राज करना और प्रजा का काम उसकी आज्ञा का पालन करना है। इसी को राजभक्ति कहते हैं। और हमारे धार्मिक ग्रंथों में हमें इसी राजभक्ति की शिक्षा दी गई है। राजा ईश्वर का प्रतिनिधि है, उसकी आज्ञा के विरुद्ध चलना महान पातक है । राजविमुख प्राणी नरक का भागी होता है। एक शंका - राजा को भी तो अपने धर्म का पालन करना चाहिए ? दूसरी शंका- हमारे राजा तो नाम के हैं, असली राजा तो विलायत के बनिये-महाजन तीसरी शंका - बनिये धन कमाना जानते हैं, राज करना क्या जानें । भगत - लोग तुम्हें शिक्षा देते हैं कि अदालतों में मत जाओ, पंचायतों में मुकदमे ले जाओ; लेकिन ऐसे पंच कहाँ हैं, जो सच्चा न्याय करें दूध का दूध और पानी का पानी कर दें ! यहाँ मुँह-देखी बातें होंगी। जिनका कुछ दबाव है, उनकी जीत होगी, जिनका कुछ दबाव नहीं है, वह बेचारे मारे जायँगे । अदालतों में सब कारवाई कानून पर होती है, वहाँ छोटे-बड़े सब बराबर हैं, शेर-बकरी एक घाट पर पानी पीते हैं । दूसरी शंका - अदालतों का न्याय कहने ही को है, जिसके पास बने हुए गवाह और दाँव-पेंच खेले हुए वकील होते हैं, उसी की जीत होती है, झूठे-सच्चे की परख कौन करता है ? हाँ, हैरानी अलबत्ता होती है। भगत - कहा जाता है कि विदेशी चीजों का व्यवहार मत करो। यह गरीबों के साथ घोर अन्याय है। हमको बाजार में जो चीज सस्ती और अच्छी मिले, वह लेनी चाहिए । चाहे स्वेदशी हो या विदेशी । हमारा पैसा सेंत में नहीं आता है कि उसे रद्दी-भद्दी स्वदेशी चीजों पर दो सौ अठहत्तर : प्रेमचंद रचनावली - बारह एक शंका - अपने देश में तो रहता है, दूसरों के हाथ में तो नहीं जाता। दूसरी शंका - अपने घर में अच्छा खाना न मिले तो क्या विजातियों के घर का अच्छा भोजन खाने लगेंगे ? भगत - लोग कहते हैं, लड़कों को सरकारी मदरसों में मत भेजो। सरकारी मदरसे में न पढ़ते तो आज हमारे भाई बड़ी-बड़ी नौकरियाँ कैसे पाते, बड़े-बड़े कारखाने कैसे बना लेते? बिना नयी विद्या पढ़े अब संसार में निबाह नहीं हो सकता, पुरानी विद्या पढ़ कर पत्रा देखने और कथा बाँचने के सिवाय और क्या आता है ? राज-काज क्या पट्टी-पोथी बाँचने वाले लोग करेंगे ? एक शंका- हमें राज-काज न चाहिए। हम अपनी खेती-बारी ही में मगन हैं, किसी के गुलाम तो नहीं । दूसरी शंका - जो विद्या घमंडी बना दे, उससे मूरख ही अच्छा, यही नयी विद्या पढ़कर तो लोग सूट-बूट, घड़ी-छड़ी, हैट- कैट लगाने लगते हैं और अपने शौक के पीछे देश का धन विदेशियों की जेब में भरते हैं । ये देश के द्रोही हैं । भगत - गाँजा- शराब की ओर आजकल लोगों की कड़ी निगाह है। नशा बुरी लत है, इसे सब जानते हैं। सरकार को नशे की दूकानों से करोड़ों रुपये साल की आमदनी होती है। अगर दूकानों में न जाने से लोगों की नशे की लत छूट जाय तो बड़ी अच्छी बात है । वह दूकान पर न जायगा तो चोरी-छिपे किसी न किसी तरह दूने-चौगुने दाम दे कर, सजा काटने पर तैयार हो कर, अपनी लत पूरी करेगा। तो ऐसा काम क्यों करो कि सरकार का नुकसान अलग हो, और गरीब रैयत का नुकसान अलग हो । और फिर किसी-किसी को नशा खाने से फायदा होता है। मैं ही एक दिन अफीम न खाऊँ तो गाँठों में दर्द होने लगे, दम उखड़ जाय और सरदी पकड़ ले । एक आवाज - शराब पीने से बदन में फुर्ती आ जाती है। एक शंका- सरकार अधर्म से रुपया कमाती है। उसे यह उचित नहीं । अधर्मी के राज में रह कर प्रजा का कल्याण कैसे हो सकता है ? दूसरी शंका- पहले दारू पिला कर पागल बना दिया। लत पड़ी तो पैसे की चाट हुई। इतनी मजूरी किसको मिलती है कि रोटी-कपड़ा भी चले और दारू-शराब भी उड़े ? या तो बाल-बच्चों को भूखों मारो या चोरी करो, जुआ खेलो और बेईमानी करो । शराब की दूकान क्या है ? हमारी गुलामी का अड्डा है । चौधरी के उपदेश सुनने के लिए जनता टूटती थी। लोगों को खड़े होने को जगह न मिलती । दिनोंदिन चौधरी का मान बढ़ने लगा। उनके यहाँ नित्य पंचायतों की राष्ट्रोन्नति की चर्चा रहती, जनता को इन बातों में बड़ा आनंद और उत्साह होता । उनके राजनैतिक ज्ञान की वृद्धि होती । वह अपना गौरव और महत्त्व समझने लगे, उन्हें अपनी सत्ता का अनुभव होने लगा । निरंकुशता और अन्याय पर जब उनकी तिउरियाँ चढ़ने लगीं। उन्हें स्वतंत्रता का स्वाद मिला। घर की रुई, घर का सूत, घर का कपड़ा, घर का भोजन, घर की अदालत, न पुलिस का भय, न अमला की खुशामद, सुख और शांति से जीवन व्यतीत लाग-डांट : दो सौ उन्यासी करने लगे। कितनों ही ने नशेबाजी छोड़ दी और सद्भावों की एक लहर-सी दौड़ने लगी । लेकिन भगत जी इतने भाग्यशाली न थे । जनता को दिनोंदिन उनके उपदेशों से अरुचि होती जाती थी । यहाँ तक कि बहुधा उनके श्रोताओं में पटवारी, चौकीदार, मुदर्रिस और इन्हीं कर्मचारियों के मित्रों के अतिरिक्त और कोई न होता था । कभी-कभी बड़े हाकिम भी आ निकलते और भगत जी का बड़ा आदर-सत्कार करते। जरा देर के लिए भगत जी के आँसू पुँछ जाते, लेकिन क्षण भर का सम्मान आठों पहर के अपमान की बराबरी कैसे करता ! जिधर निकल जाते उधर ही उँगलियाँ उठने लगतीं । कोई कहता, खुशामदी टट्टू है, कोई कहता, खुफिया पुलिस का भेदी है। भगत जी अपने प्रतिद्वंद्वी की बड़ाई और अपनी लोकनिंदा पर दाँत पीस-पीस कर रह जाते थे। जीवन में यह पहला ही अवसर था कि उन्हें सबके सामने नीचा देखना पड़ा । चिरकाल से जिस कुल- मर्यादा की रक्षा करते आये थे और जिस पर अपना सर्वस्व अर्पण कर चुके थे, वह धूल में मिल गयी। यह दाहमय चिंता उन्हें एक क्षण के लिए चैन न लेने देती । नित्य समस्या सामने रहती कि अपना खोया हुआ सम्मान क्योंकर पाऊँ, अपने प्रतिपक्षी को क्योंकर पददलित करूँ, कैसे उसका गरूर तोहूँ ? अंत में उन्होंने सिंह को उसी की माँद में पछाड़ने का निश्चय किया। संध्या का समय था । चौधरी के द्वार पर एक बड़ी सभा हो रही थी। आस-पास के गाँवों के किसान भी आ गये, हजारों आदमियों की भीड़ थी । चौधरी उन्हें स्वराज्य-विषयक उपदेश दे रहे थे। बार-बार भारतमाता की जय-जयकर की ध्वनि उठती थी। एक ओर स्त्रियों का जमाव था। चौधरी ने अपना उपदेश समाप्त किया और अपनी जगह पर बैठे। स्वयं सेवकों ने स्वराज्य फंड के लिए चंदा जमा करना शुरू किया कि इतने में भगत जी न जाने किधर से लपके हुए आये और श्रोताओं के सामने खड़े हो कर उच्च स्वर से बोले : 'भाइयो, मुझे यहाँ देखकर अचरज मत करो, मैं स्वराज्य का विरोधी नहीं हूँ। ऐसा पतित कौन प्राणी होगा जो स्वराज्य का निंदक हो; लेकिन इसके प्राप्त करने का वह उपाय नहीं है जो चौधरी ने बताया है और जिस पर तुम लोग लट्टू हो रहे हो। जब आपस में फूट और रार है, पंचायतों से क्या होगा ? जब विलासिता का भूत सिर पर सवार है तो नशा कैसे छूटेगा, मदिरा की दूकानों का बहिष्कार कैसे होगा ? सिगरेट, साबुन, मोजे, बनियान, अद्धी, तंजेब से कैसे पिंड छूटेगा ? जब रोब और हुकूमत की लालसा बनी हुई है तो सरकारी मदरसे कैसे छोड़ोगे, विधर्मी शिक्षा की बेड़ी से कैसे मुक्त हो सकोगे ? स्वराज्य लेने का केवल एक ही उपाय है और वह आत्म-संयम है । यही महौषधि तुम्हारे समस्त रोगों को समूल नष्ट करेगी। आत्मा को बलवान् बनाओ, इंद्रियों को साधो, मन को वश में करो, तुममें भातृभाव पैदा होगा, तभी वैमनस्य मिटेगा तभी ईर्ष्या और द्वेष का नाश होगा, तभी भोग-विलास से मन हटेगा, तभी नशेबाजी का दमन होगा। आत्मबल के बिना स्वराज्य कभी उपलब्ध न होगा। स्वयंसेवा सब पापों का मूल है, यही तुम्हें अदालतों में ले जाता है, यह तुम्हें विधर्मी शिक्षा का दास बनाये हुए है। इस पिशाच को आत्मबल से मारो और तुम्हारी कामना पूरी हो जायगी। सब जानते हैं, मैं चालीस साल से अफीम का सेवन करता हूँ। आज से मैं अफीम को गऊ का रक्त समझता हूँ । चौधरी से मेरी तीन पीढ़ियों की अदावत
THE GAZETTE OF INDIA, NOVEMBER 3, 1973 (KARTIKA 12, 1895 ) बम्बई - 1, दिनाँक 23 अक्तूबर 1973 सं० 5 / 3 ( 144 ) /73- टी० - ई-- राष्ट्रपति निम्नलिखित व्यक्तियों को इस विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में, अगस्त 1, 1973 के पूर्वाह्न से आगामी आदेश जारी होने तक, उनके नाम के सामने उल्लिखित पद पर अस्थायी रूप से नियुक्त करते हैं । 1. श्री मुरलीधर दास शेषाद्रि 2. श्री सुशील कुमार सिन्हा 3. श्री श्रीकुमार आप्टे 4. कुमारी परविन सोराब मदन 5. श्री तिरुमलाई गोपाल कृष्णा पद जिस पर नियुक्ति की गई है वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड " एस० सी० २" तदैव वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एस० सी० 1" सं० 5 / 4 ( 78 ) / 73 टी० ई : राष्ट्रपति इस विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र के एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी अभियंता ग्रेड एस०डी० 2 श्री चन्द्रकांत मूलचंद शाह का त्याग पत्र 14 मई 1973 के अपराह्न से स्वीकार करते हैं, श्री शाह को मई 15 से जुलाई 9, 1973 तक 56 दिन की अर्जित छुट्टी (सेवान्स ) दी गई । सं० 5 / 4 ( 79 ) / 73 टी० ई : - राष्ट्रपति, इस विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र की एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी अभियंता ग्रेड एस० सी० 2 डा० ( कुमारी ) राजकुमारी रामचन्द्र गाँधी का त्याग पत्र, अगस्त 4, 1973 के अपराह्न से स्वीकार करते हैं। एम० जी० नायर, अवर सचिव बम्बई- 1, दिनांक अक्तूबर 1972 सं० 1 / 8 ( 4 ) / 73-पी० : --भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र तुम बम्बई के सिविल इंजीनियर प्रभाग के एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एस० सी 1 " श्री ए० गोपालन ने उनका प्रतिनियुक्ति पर स्थानान्तरण हो जाने के फलस्वरूप, न्युक्लीय ईधन संमिश्र, में जून 28, 1973 के पूर्वाह्न से आगामी आदेश जारी होने तक, अपने पहले ही ग्रेड का कार्यभार अस्थायी रूप से ग्रहण कर लिया है । श्री गोपालन ने, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में जून 27, 1973 के अपराह्न को अपने पद ग्रेड "एस० सी० 1 " का कार्यभार छोड़ दिया । दिनाँक 12 अक्टूबर 1973 सं० 3/5 ( 2 ) / 13-पी० पी० : - - राष्ट्रपति, महानिदेशालय पूर्ति और निपटान कार्यालय के एक स्थायी भंडार परीक्षक श्री सी० [PART I- SEC. 2 एस० भार्ज, जो हाल में इस विभाग के पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एस० सी० 2" के रूप में, प्रतिनियुक्त हैं को, उसी प्रभाग में, अगस्त 1, 1973 के पूर्वाह्न से आगामी आदेश जारी होने तक, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एस० डी० 1 के रूप में अस्थायी रूप से नियुक्त करते हैं । श्री भार्ज ने अगस्त 1, 1973 के पूर्वाह्न को, अपने पद ग्रेड "एस० सी० 2" का कार्यभार छोड़ दिया । सं० 3 / 5 ( 2 ) /73-पी० पी : श्री एन० श्रीनिवास अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एस० सी० 2 " ने, उनका, राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना से पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में स्थानान्तरण होजाने के फलस्वरूप, सितम्बर 3, 1973 के अपराह्न को, राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना में, अपने पद का कार्यभार छोड़ दिया तथा पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, सितम्बर 12, 1973 के पूर्वाह्न से, अपने पहले ही ग्रेड का कार्यभार अस्थायी रूप से ग्रहण कर लिया । श्री श्रीनिवासन, पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, आगामी आदेश जारी होने तक, अपने पद का कार्यभार संभालते रहेंगे । सं० 3/5 ( 2 ) / 73-पी-पी :-राष्ट्रपति श्री वी० जे० जगदीसन को, इस विभाग के पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, सितम्बर 18, 1973 के पूर्वाह्न से, आगामी आदेश जारी होने तक, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड एस० सी० 2 के रूप में अस्थायी रूप से नियुक्त करते हैं । सं० 3/5 ( 2 ) /73-पी-पी : राष्ट्रपति, महानिदेशालय पूर्ति और निपटान कार्यालय के एक स्थायिवत् निरीक्षक अधिकारी ( इंजीनियरी), श्री एस• रघुनाथन जो, इस विभाग के पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एस० सी० 2 के रूप में, प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे हैं को उसी प्रभाग में अगस्त 1, 1973 के पूर्वाह्न से, आगामी आदेश जारी होने तक वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड " एस० डी०2 " के रूप में, नियुक्त करते हैं । श्री रघुनाथन ने अगस्त 1, 1973 के पूर्वाह्न को, अपने पद ग्रेड "एस सी० 2" का कार्यभार छोड़ दिया । सं० 13/5 (5) /73-पी-पी :- तारापुर परमाणु बिजलीघर के एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एस० सी०2 " श्री डी० बी० शिषे ने, उनका इस विभाग के परमाणु विद्युत प्राधि कार (केन्द्रीय कार्यालय) में स्थानान्तरण हो जाने के फलस्वरूप तारापुर परमाणु बिजलीघर में अपने पद का कार्यभार छोड़ दिया तथा सितम्बर 17, 1973 के पूर्वाह्न से, परमाणु विद्युत प्राधिकार (केन्द्रीय कार्यालय) में, अपने पहले ही ग्रेड का अस्थायी रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया । श्री शिंदे परमाणु विद्युत प्राधिकार में आगामी आदेश जारी होने तक, अपने पद का कार्यभार संभालते रहेंगे । दिनांक 13 अक्तूबर 1973 सं० 5 / 2 ( 3 ) / 71-पीः--इम विभाग की दिनाँक जून 1 1973 की इसी संख्या की अधिसूचना के अतिक्रमण में राष्ट्रपति,
THE GAZETTE OF INDIA, NOVEMBER तीन, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर बम्बई - एक, दिनाँक तेईस अक्तूबर एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर संशून्य पाँच / तीन /तिहत्तर- टीशून्य - ई-- राष्ट्रपति निम्नलिखित व्यक्तियों को इस विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में, अगस्त एक, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न से आगामी आदेश जारी होने तक, उनके नाम के सामने उल्लिखित पद पर अस्थायी रूप से नियुक्त करते हैं । एक. श्री मुरलीधर दास शेषाद्रि दो. श्री सुशील कुमार सिन्हा तीन. श्री श्रीकुमार आप्टे चार. कुमारी परविन सोराब मदन पाँच. श्री तिरुमलाई गोपाल कृष्णा पद जिस पर नियुक्ति की गई है वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड " एसशून्य सीशून्य दो" तदैव वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एसशून्य सीशून्य एक" संशून्य पाँच / चार / तिहत्तर टीशून्य ई : राष्ट्रपति इस विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र के एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी अभियंता ग्रेड एसशून्यडीशून्य दो श्री चन्द्रकांत मूलचंद शाह का त्याग पत्र चौदह मई एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के अपराह्न से स्वीकार करते हैं, श्री शाह को मई पंद्रह से जुलाई नौ, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर तक छप्पन दिन की अर्जित छुट्टी दी गई । संशून्य पाँच / चार / तिहत्तर टीशून्य ई : - राष्ट्रपति, इस विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र की एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी अभियंता ग्रेड एसशून्य सीशून्य दो डाशून्य राजकुमारी रामचन्द्र गाँधी का त्याग पत्र, अगस्त चार, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के अपराह्न से स्वीकार करते हैं। एमशून्य जीशून्य नायर, अवर सचिव बम्बई- एक, दिनांक अक्तूबर एक हज़ार नौ सौ बहत्तर संशून्य एक / आठ / तिहत्तर-पीशून्य : --भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र तुम बम्बई के सिविल इंजीनियर प्रभाग के एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एसशून्य सी एक " श्री एशून्य गोपालन ने उनका प्रतिनियुक्ति पर स्थानान्तरण हो जाने के फलस्वरूप, न्युक्लीय ईधन संमिश्र, में जून अट्ठाईस, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न से आगामी आदेश जारी होने तक, अपने पहले ही ग्रेड का कार्यभार अस्थायी रूप से ग्रहण कर लिया है । श्री गोपालन ने, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में जून सत्ताईस, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के अपराह्न को अपने पद ग्रेड "एसशून्य सीशून्य एक " का कार्यभार छोड़ दिया । दिनाँक बारह अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर संशून्य तीन/पाँच / तेरह-पीशून्य पीशून्य : - - राष्ट्रपति, महानिदेशालय पूर्ति और निपटान कार्यालय के एक स्थायी भंडार परीक्षक श्री सीशून्य [PART I- SEC. दो एसशून्य भार्ज, जो हाल में इस विभाग के पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एसशून्य सीशून्य दो" के रूप में, प्रतिनियुक्त हैं को, उसी प्रभाग में, अगस्त एक, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न से आगामी आदेश जारी होने तक, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एसशून्य डीशून्य एक के रूप में अस्थायी रूप से नियुक्त करते हैं । श्री भार्ज ने अगस्त एक, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न को, अपने पद ग्रेड "एसशून्य सीशून्य दो" का कार्यभार छोड़ दिया । संशून्य तीन / पाँच /तिहत्तर-पीशून्य पी : श्री एनशून्य श्रीनिवास अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एसशून्य सीशून्य दो " ने, उनका, राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना से पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में स्थानान्तरण होजाने के फलस्वरूप, सितम्बर तीन, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के अपराह्न को, राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना में, अपने पद का कार्यभार छोड़ दिया तथा पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, सितम्बर बारह, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न से, अपने पहले ही ग्रेड का कार्यभार अस्थायी रूप से ग्रहण कर लिया । श्री श्रीनिवासन, पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, आगामी आदेश जारी होने तक, अपने पद का कार्यभार संभालते रहेंगे । संशून्य तीन/पाँच / तिहत्तर-पी-पी :-राष्ट्रपति श्री वीशून्य जेशून्य जगदीसन को, इस विभाग के पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, सितम्बर अट्ठारह, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न से, आगामी आदेश जारी होने तक, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड एसशून्य सीशून्य दो के रूप में अस्थायी रूप से नियुक्त करते हैं । संशून्य तीन/पाँच /तिहत्तर-पी-पी : राष्ट्रपति, महानिदेशालय पूर्ति और निपटान कार्यालय के एक स्थायिवत् निरीक्षक अधिकारी , श्री एस• रघुनाथन जो, इस विभाग के पावर प्रोजेक्ट इंजीनियरी प्रभाग में, वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एसशून्य सीशून्य दो के रूप में, प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे हैं को उसी प्रभाग में अगस्त एक, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न से, आगामी आदेश जारी होने तक वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड " एसशून्य डीदो " के रूप में, नियुक्त करते हैं । श्री रघुनाथन ने अगस्त एक, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न को, अपने पद ग्रेड "एस सीशून्य दो" का कार्यभार छोड़ दिया । संशून्य तेरह/पाँच /तिहत्तर-पी-पी :- तारापुर परमाणु बिजलीघर के एक अस्थायी वैज्ञानिक अधिकारी / अभियंता ग्रेड "एसशून्य सीदो " श्री डीशून्य बीशून्य शिषे ने, उनका इस विभाग के परमाणु विद्युत प्राधि कार में स्थानान्तरण हो जाने के फलस्वरूप तारापुर परमाणु बिजलीघर में अपने पद का कार्यभार छोड़ दिया तथा सितम्बर सत्रह, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर के पूर्वाह्न से, परमाणु विद्युत प्राधिकार में, अपने पहले ही ग्रेड का अस्थायी रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया । श्री शिंदे परमाणु विद्युत प्राधिकार में आगामी आदेश जारी होने तक, अपने पद का कार्यभार संभालते रहेंगे । दिनांक तेरह अक्तूबर एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर संशून्य पाँच / दो / इकहत्तर-पीः--इम विभाग की दिनाँक जून एक एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर की इसी संख्या की अधिसूचना के अतिक्रमण में राष्ट्रपति,
नई दिल्लीः दिल्ली आबकारी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व मामले में पहले आरोपी मनीष सिसोदिया को फिर नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए अब 26 फरवरी को बुलाया है. सीबीआई ने सिसोदिया को 19 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन मनीष सिसोदिया ने बजट बनाने का हवाला देकर समय मांगा था. सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को एक हफ्ते का समय दिया है. दिल्ली आबकारी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई द्वारा बुलावे पर सिसोदिया का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ केंद्र सरकार ने सीबीआई और ईडी की पूरी ताक़त लगा रखी है. घर पर रेड, बैंक लॉकर तलाशी, कहीं मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं मिला. दिल्ली के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा का इंतज़ाम किया है, ये उसे रोकना चाहते हैं. हालांकि उन्होंने कहा है कि उन्होंने जाँच में हमेशा सहयोग किया है और आगे भी करेंगे. सीबीआई ने दिल्ली आबकारी घोटाले में पिछले वर्ष 17 अगस्त को जो मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें मनीष सिसोदिया को आरोपी नंबर एक बनाया गया है. एफआईआर के बाद 19 अगस्त को सीबीआई की टीम मनीष सिसोदिया के सरकारी आवास पर गई थी. उसके बाद से लगातार अपने स्तर पर जांच कर रही है. बता दें, इससे पहले 14 जनवरी को भी सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए बुलाया था. मनीष सिसोदिया के खिलाफ आरोप है कि जब आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए तो इस दौरान मनीष सिसोदिया द्वारा कुल प्राइवेट वेंडर्स को 144 करोड़ 36 लाख रुपये का फायदा पहुंचाया गया. आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस फीस माफ करने में भी फायदा पहुंचाया. दिल्ली के शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई ने इस मामले में अभी तक 10 गिरफ्तारियां की हैं. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में कुल 14 आरोपियों के नाम दर्ज हैं. उधर, दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि यह वाकई आश्चर्यजनक है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया लंबे समय से कह रहे हैं कि मैं जांच के लिए हमेशा तैयार हूं और उनकी शराब नीति में कोई घोटाला नहीं हुआ है, लेकिन जैसे ही सीबीआई ने उन्हें जांच के लिए बुलाया, वे जांच से बचने के बहाने तलाशने लगे हैं. यह आश्चर्य की बात है कि शनिवार को मनीष सिसोदिया को भरोसा था कि उनके खिलाफ सीबीआई के पास कोई सबूत या मामला नहीं है और उन्होंने सहयोग की पेशकश की, लेकिन रविवार को वह जांच से बचते नजर आए. अब दोबारा बुलावे की नई तारीख पर सिसोदिया कोई नया बहाना लेकर सामने आएंगे.
नई दिल्लीः दिल्ली आबकारी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व मामले में पहले आरोपी मनीष सिसोदिया को फिर नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए अब छब्बीस फरवरी को बुलाया है. सीबीआई ने सिसोदिया को उन्नीस फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन मनीष सिसोदिया ने बजट बनाने का हवाला देकर समय मांगा था. सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को एक हफ्ते का समय दिया है. दिल्ली आबकारी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई द्वारा बुलावे पर सिसोदिया का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ केंद्र सरकार ने सीबीआई और ईडी की पूरी ताक़त लगा रखी है. घर पर रेड, बैंक लॉकर तलाशी, कहीं मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं मिला. दिल्ली के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा का इंतज़ाम किया है, ये उसे रोकना चाहते हैं. हालांकि उन्होंने कहा है कि उन्होंने जाँच में हमेशा सहयोग किया है और आगे भी करेंगे. सीबीआई ने दिल्ली आबकारी घोटाले में पिछले वर्ष सत्रह अगस्त को जो मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें मनीष सिसोदिया को आरोपी नंबर एक बनाया गया है. एफआईआर के बाद उन्नीस अगस्त को सीबीआई की टीम मनीष सिसोदिया के सरकारी आवास पर गई थी. उसके बाद से लगातार अपने स्तर पर जांच कर रही है. बता दें, इससे पहले चौदह जनवरी को भी सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए बुलाया था. मनीष सिसोदिया के खिलाफ आरोप है कि जब आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए तो इस दौरान मनीष सिसोदिया द्वारा कुल प्राइवेट वेंडर्स को एक सौ चौंतालीस करोड़ छत्तीस लाख रुपये का फायदा पहुंचाया गया. आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस फीस माफ करने में भी फायदा पहुंचाया. दिल्ली के शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई ने इस मामले में अभी तक दस गिरफ्तारियां की हैं. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में कुल चौदह आरोपियों के नाम दर्ज हैं. उधर, दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि यह वाकई आश्चर्यजनक है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया लंबे समय से कह रहे हैं कि मैं जांच के लिए हमेशा तैयार हूं और उनकी शराब नीति में कोई घोटाला नहीं हुआ है, लेकिन जैसे ही सीबीआई ने उन्हें जांच के लिए बुलाया, वे जांच से बचने के बहाने तलाशने लगे हैं. यह आश्चर्य की बात है कि शनिवार को मनीष सिसोदिया को भरोसा था कि उनके खिलाफ सीबीआई के पास कोई सबूत या मामला नहीं है और उन्होंने सहयोग की पेशकश की, लेकिन रविवार को वह जांच से बचते नजर आए. अब दोबारा बुलावे की नई तारीख पर सिसोदिया कोई नया बहाना लेकर सामने आएंगे.
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (consumer price index या CPI) घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे गये सामानों एवं सेवाओं (goods and services) के औसत मूल्य को मापने वाला एक सूचकांक है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की गणना वस्तुओं एवं सेवाओं के एक मानक समूह के औसत मूल्य की गणना करके की जाती है। वस्तुओं एवं सेवाओं का यह मानक समूह एक औसत शहरी उपभोक्ता द्वारा खरीदे जाने वाली वस्तुओ का समूह होता है। जनवरी २०१५ मेंआधार वर्ष में हुए सुधार के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का नवीनतम आधार वर्ष २०१२ को माना जाने लगा है। भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आँकड़े केन्द्र सरकार के सांिख्यकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा मासिक आधार पर प्रतिमाह जारी किए जाते हैं। इस सूचकांक हेतु वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य संबंधी आँकड़े राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन NSSO द्वारा चुनिंदा शहरों से संग्रहित किए जाते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आँकड़ों का संग्रहण डाक विभाग द्वारा किया जाता है। . मुद्रा स्फीति (en:inflation) गणितीय आकलन पर आधारित एक अर्थशास्त्रीय अवधारणा है जिससे बाज़ार में मुद्रा का प्रसार व वस्तुओ की कीमतों में वृद्धि या कमी की गणना की जाती है। उदाहरण के लिएः १९९० में एक सौ रुपए में जितना सामान आता था, अगर २००० में उसे ख़रीदने के लिए दो सौ रुपए व्यय करने पड़े है तो माना जाएगा कि मुद्रा स्फीति शत-प्रतिशत बढ़ गई। चीज़ों की क़ीमतों में बढ़ोतरी और मुद्रा की क़ीमत में कमी को वैज्ञानिक ढंग से सूचीबद्ध करना मुद्रा स्फीति का काम होता है। इससे ब्याज दरें भी तय होती हैं। मुद्रा स्फीति समस्त अर्थशास्त्रीय शब्दों में संभवतः सर्वाधिक लोकप्रिय है। किंतु इसे पारिभाषित करना एक कठिन कार्य है। विभिन्न विद्वानों ने इसकी भिन्न-भिन्न परिभाषा दी हैं. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और मुद्रा स्फीति आम में एक बात है (यूनियनपीडिया में): थोक मूल्य सूचकांक। थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) एक मूल्य सूचकांक है जो कुछ चुनी हुई वस्तुओं के सामूहिक औसत मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत और फिलीपिन्स आदि देश थोक मूल्य सूचकांक में परिवर्तन को महंगाई में परिवर्तन के सूचक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। किन्तु भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका अब उत्पादक मूल्य सूचकांक (producer price index) का प्रयोग करने लगे हैं। . उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 3 संबंध है और मुद्रा स्फीति 2 है। वे आम 1 में है, समानता सूचकांक 20.00% है = 1 / (3 + 2)। यह लेख उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और मुद्रा स्फीति के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे गये सामानों एवं सेवाओं के औसत मूल्य को मापने वाला एक सूचकांक है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की गणना वस्तुओं एवं सेवाओं के एक मानक समूह के औसत मूल्य की गणना करके की जाती है। वस्तुओं एवं सेवाओं का यह मानक समूह एक औसत शहरी उपभोक्ता द्वारा खरीदे जाने वाली वस्तुओ का समूह होता है। जनवरी दो हज़ार पंद्रह मेंआधार वर्ष में हुए सुधार के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का नवीनतम आधार वर्ष दो हज़ार बारह को माना जाने लगा है। भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आँकड़े केन्द्र सरकार के सांिख्यकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा मासिक आधार पर प्रतिमाह जारी किए जाते हैं। इस सूचकांक हेतु वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य संबंधी आँकड़े राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन NSSO द्वारा चुनिंदा शहरों से संग्रहित किए जाते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आँकड़ों का संग्रहण डाक विभाग द्वारा किया जाता है। . मुद्रा स्फीति गणितीय आकलन पर आधारित एक अर्थशास्त्रीय अवधारणा है जिससे बाज़ार में मुद्रा का प्रसार व वस्तुओ की कीमतों में वृद्धि या कमी की गणना की जाती है। उदाहरण के लिएः एक हज़ार नौ सौ नब्बे में एक सौ रुपए में जितना सामान आता था, अगर दो हज़ार में उसे ख़रीदने के लिए दो सौ रुपए व्यय करने पड़े है तो माना जाएगा कि मुद्रा स्फीति शत-प्रतिशत बढ़ गई। चीज़ों की क़ीमतों में बढ़ोतरी और मुद्रा की क़ीमत में कमी को वैज्ञानिक ढंग से सूचीबद्ध करना मुद्रा स्फीति का काम होता है। इससे ब्याज दरें भी तय होती हैं। मुद्रा स्फीति समस्त अर्थशास्त्रीय शब्दों में संभवतः सर्वाधिक लोकप्रिय है। किंतु इसे पारिभाषित करना एक कठिन कार्य है। विभिन्न विद्वानों ने इसकी भिन्न-भिन्न परिभाषा दी हैं. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और मुद्रा स्फीति आम में एक बात है : थोक मूल्य सूचकांक। थोक मूल्य सूचकांक एक मूल्य सूचकांक है जो कुछ चुनी हुई वस्तुओं के सामूहिक औसत मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत और फिलीपिन्स आदि देश थोक मूल्य सूचकांक में परिवर्तन को महंगाई में परिवर्तन के सूचक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। किन्तु भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका अब उत्पादक मूल्य सूचकांक का प्रयोग करने लगे हैं। . उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तीन संबंध है और मुद्रा स्फीति दो है। वे आम एक में है, समानता सूचकांक बीस.शून्य% है = एक / । यह लेख उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और मुद्रा स्फीति के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
आसफ खाँ, अमीरुल्डमरा आदि मंसत्रदारों तथा हर जाति एवं धर्म के सेनानियों के संचालन में नियत हुई थी उसका जब अंत इस प्रकार हुआ कि वह आधे मार्ग से लौटकर बुर्हानपुर चली आई तब सभी विश्वासपात्र सेवकों तथा वाकेआनवीसों ने जो सत्य बोलते थे दरबार को सूचित किया कि इस सेना के अस्तव्यस्त होने के यद्यपि अनेक कारण है पर प्रधान कारण अमीरों का अनैक्य तथा विशेषकर खानखानाँ का कपटाचरण है । उस समय हमारे मन में आया कि हमें नई शक्तिशालिनी सेना खानआजम की अधीनता में भेजना चाहिए जो सर्दारों के अनैक्य से हुए कुफार्यों का मार्जन करे तथा ठीक करे ।। ११वों को खानआजम को यह कार्य सौंपा गया और दीवानों को आज्ञा दी गई कि कुल तैयारी कर उसे शीघ्रता से भेज दें । हमने खान-आलम, फरेदूं खाँ चलीस, हुसेन खाँ टुकड़िया के पुत्र यूसुफ खाँ, अली खाँ नियाजी, बाज बहादुर क़लमाक़ तथा अन्य मंसबदारों को दस सहस्र सवारों के साथ जाने के लिए नियत किया। इस कार्य पर नियुक्त अहदियों के सिवा दो सहस्र दूसरे आदमी भी उसके साथ भेजे गए जो कुल मिलाकर बारह सहस्र सवार हुए । तीन लाख रुपए तथा कई हाथी उसके साथ भेज करके हमने उसे जाने की छुट्टी दी और उसे बहुमूल्य खिलअत, जड़ाऊ कमरबंद, जड़ाऊ जीन सहित घोड़ा, खास हाथी तथा व्यय के लिए पाँच लाख रुपए दिए । यह आज्ञा भी दी गई कि दीवानी विभाग के अध्यक्षगण इसे इसकी जागीर से वसूल कर लेवें । इसके अधीनस्थ सर्दारों को भी खिलअत, घोड़े तथा पुरस्कार दिए गए। हमने महाचत खाँ के चार हजारी ३००० सवार के मंसत्र में ५०० सवार बढ़ाकर उसे आज्ञा दी कि वह खानआजम तथा इस सेना को बुर्हानपुर लिवा जाय और वहाँ की सेना की दुरवस्था का पता लगाकर खानआजम की नियुक्ति की आज्ञा की उस प्रांत के सरदारों को सूचना दे जिसमें सन्न उससे एकमत होकर कार्य करें । उस और की सेना की तैयारी की अवस्था को वह देखे और कुल प्रबंध ठीक कर खानखानाँ को दरवार लिवा लावे । रविवार ४ शव्वाल को दिन का अंत होते-होते हम चीता के अहेर में लग गए। हमने निश्चय किया था कि इस दिन तथा वृहस्पतिवार को कोई पशु न मारे जायँ और न हम माँस खायँ । विशेषकर सूर्यचार को इसलिए कि हमारे आदरणीय पिता का उस दिन पर इतना सम्मान था कि उम्र दिन वे माँस खाने में अरुचि रखते थे और उन्होंने किसी जीव की हत्या करने को मना कर दिया था क्योंकि सूर्यवार की रात्रि में उनका जन्म हुआ था । वह कहा करते थे कि वह दिन इतना अच्छा रहता है कि लोगों की हत्याकारिणी प्रकृति से सभी पशुओं को कष्ट से छुटकारा मिल जाता है । वृहस्पतिवार हमारी राजगद्दी का दिवस है, इस दिन के लिए भी हमने आज्ञा दे दी कि जीव• इत्या न की जाय इस कारण अहेर में भी हमें जंगली जीवों पर तीर या गोली नहीं चलाना चाहिए । चीतों से अहेर खेलने में अनूप राय, जो हमारा पास का सेवक है, हमसे कुछ दूरी पर अपने साथवालों के आगे चल रहा था और वह एक पेड़ के पास पहुँचा जिसपर चीलें बैठी हुई थीं। जब उसने इन चीलों को देखा तब उसने धनुष तथा कुछ तुक्क तीर लिए और उनके पास गया । संयोग से इसने उस वृक्ष के पास एक अघखाए बैल को देखा और उसके पास से एक विशाल शक्तिशाली शेर एक झाड़ी में से निकलकर चल दिया । यद्यपि दिन दो घड़ी से अधिक नहीं बचा था पर हमारी शेर के शिकार की इच्छा को जानने के कारण उसने तथा उसके अन्य साथवालों ने शेर को घेर लिया और एक मनुष्य को शीघ्रता से हमारे पास समाचार देने भेजा । ज्योंही वह पहुँचा कि हम सवार होकर उत्साह के साथ पूरी तेजी से वहाँ गए और बाबा खुर्रम, रामदास, एतमादराय, हयात खाँ तथा दो एक दूसरे भी हमारे साथ आए । वहाँ पहुँचने पर हमने शेर को देखा जो एक वृक्ष की छाया में खड़ा था। हमने घोड़े की पीठ पर से गोली मारना चाहा पर जब देखा कि घोड़ा शांत नहीं रहता तब उस पर से उतरकर निशाना लगा गोली छोड़ दी । हम ऊँचे पर खड़े थे और शेर नीचे था इसलिए समझ नहीं पड़ा कि उसे गोली लगी या नहीं । इसी घबराहट में हमने दूसरी गोली चला दी और इस बार हमारी गोली उसे लंगी । शेर ऊँचे उठा और घावा किया पर मुख्य शिकारी को घायल कर, जिसकी कलाई पर बाज था और संयोग से उसके आगे पड़ गया था, पुनः अपने स्थान पर जा बैठा । ऐसी अवस्था में हमने हमने दूसरा बंदूक एक ओट पर रखकर निशाना साधा । अनूनराय सबको रोककर खड़ा था, उसकी कमर में तलवार तथा हाथ में कुतका था। बाबा खुरंभ हमारे बाईं ओर कुछ दूरी पर था और रामदास तथा अन्य सेवक उसके पीछे खड़े थे । कमाल करावल ने बंदूक भरकर हमारे हाथ में दी । जन हम गोली चलाने को थे उसी समम शेर दहाड़ा और हम लोगों की ओर दौड़ा । हमने तत्काल गोली छोड़ दी और वह शेर के मुख में दाँतों को तोड़ती घुस गई । बंदूक के शब्द से शेर बड़ा भयानक हो गया और जो सेवकगण इकट्ठे हो गए थे उसके झपाटे को न सह सके तथा एक दूसरे पर भहरा पड़े यहाँ तक कि उनके धक्के तथा दौड़ से हम दो ढग पीछ हट कर गिर पड़े । वास्तव में हमें विश्वास है कि दो तीन मनुष्य हमारे छाती पर पैर रख कर निकल गए । एतमाद राय तथा शिकारी कमाल की सहायता से हम उठ खड़े हुए। इसी समय शेर उनपर झपटा जो बाई ओर थे। अनूपराय ने औरों को तो जाने दिया पर शेर की ओर स्वयं घूम पड़ा । शेर उतनी शीघ्रता से इसकी ओर झपटा जितने वेग से उसने घावा किया था। पर इसने भी बड़ी वीरता से सामना किया और अपने हाथ के दंडे से उसके सिर पर दो चोट मारी । शेर ने अनूसराय के दोनों हाथों को मुँह से पकड़ लिया और ऐसा फाटा कि उसके हाथ में दांत गड़ गए परंतु डंडे तथा हाथों के कड़ों ने बहुत काम किया कि वे नष्ट नहीं होने पाए। शेर के झपेट तथा घक्के से अनूपराय गिर कर शेर के अगले पैरों के बीच में जा पड़ा जिससे उसका मुख शेर के छाती के जा पड़ा । ठीक इसी समय बाबा खुर्रम तथा रामदास अनूपराय की सहायता को आ गए । शाहजादे ने उसके कमर पर तलवार मारी और रामदास ने तलवार की दो चोटें सिर पर कीं, जिनसे एक कंधे पर पड़ा । यह मार बड़ी गर्म हुई और हयात खाँ ने भी अपनी लाठी से कई चोटें मारीं । अनूपराय ने जोर से अपने हाथ शेर के मुख से खींच लिए और दो तीन मुक्के शेर के गालों पर मारे और लुढ़ककर घुटनों के बल खड़ा हो गया। शेर के मुख से हाथ खींचने के समय उसके गड़े हुए दाँतों के कारण घाव फट गए और शेर के पंजे उसके कंधों पर पहुँच गए। जब वह खड़ा हुआ तब शेर मी खड़ा हो गया और अपने पंजों से उसकी छाती नोच ली। इन घावों से उसे कुछ दिन कष्ट भोगना पड़ा। भूमि वहाँ की ऊँची-नीची थी इसलिए द्वंद्व युद्ध करते पहलवानों के समान एक दूसरे पर लुढ़कने लगे । जहाँ हम खड़े थे वहाँ की भूमि समतल थी । अनूसराय कहता था कि सर्वशक्तिमान ईश्वर ने उसे इतनी बुद्धि दी कि उसने शेर को एक ओर ढकेल दिया और उसके बाद उसे होश नहीं रहा। इसी समय शेर इसे छोड़कर भाग रहा था । इसी घबड़ाहट की अवस्था में इसने अपनी तलवार उठा ली और उसका पीछा कर उसके सिर पर मारा । जब शेर ने सिर घूमाया तब इसने उसके मुख पर ऐसी चोट मारी कि उसको दोनों आँखे कट गई और भौं के चमड़े तलवार से कटकर उसकी आंखों पर झूल गए। इसी अवस्था में सालिह नामक मशालची मशाल बालने का समय हो जाने से शीघ्रता से आया पर आ पड़ा। शेर ने पंजे से उसे एक झापड़ गिरना और प्राण छोड़ना एक ही बात थी । अन्य लोगों ने आकर शेर का काम तमाम कर दिया । अनूपराय ने ऐसी सेवा हमारे ही लिए की थी और हमने देखा था कि किस प्रकार उसने अपनी जान जोखिम में डाल दी थीं इसलिए जब वह अपने घावों के ऋष्ट से छूटा और हमारी सेवा में उपस्थित हुआ तब हमने उसे अनीराय सिंहदलन की पढ़वी दो । सेना के नायक को हिंदी में अनीराय कहते है और सिंहदलन सिंह के मारनेवाले को कहते हैं। अपनी एक खास तलवार उसे देकर उसका मंसव बढ़ा दिया । खानआनम के पुत्र खुर्रम को, जो जूनागढ़ प्रांत का अध्यक्ष नियत हुआ था, कासिम खाँ की पदवी दी । रविवार ३ जीकदा को हमने मछली का शिकार खेला और सात सौ छाउठ मछलियाँ पकड़ी गई । ये सब अमीरों, सेवकों आदि में बाँट दी गईं । हम विना चोई की मछली नहीं खाते और केवल इसलिए नहीं कि शीआमत के मुल्लाओं ने विना चोई वाली मछली को हराम कहा है प्रत्युत् हमारी अरुचि का कारण यह है कि हमने सुना है कि बिना चोंई वाली मछली सुर्दा पशु का मांस खाती है और चोई वाली मछली नहीं खातीं । इस कारण इन्हें खाना हमे अरुचिकर है। शीशा लोग उसे क्यों नहीं खाते तथा क्यों उसे हराम कहते है यह वे जानें । हमारा एक पालतू ऊँट, जो शिकार में साथ था, पाँच नीलगाय लादे हुए था, जो बयालीस हिंदुस्तानी मन थे। हमने इसके पहले नजीरी नैशापुरी को बुला भेजा था, जो काव्य-रचना में सब से चढ़कर था तथा गुजरात में व्यापार से कालयापन करता था । वह इसी समय हमारी सेवा में उपस्थित हुआ और अनवरी के इस मिसरे की वजन पर पुनः संसार के लिए कौन यौवन तथा सौंदर्य यह है
आसफ खाँ, अमीरुल्डमरा आदि मंसत्रदारों तथा हर जाति एवं धर्म के सेनानियों के संचालन में नियत हुई थी उसका जब अंत इस प्रकार हुआ कि वह आधे मार्ग से लौटकर बुर्हानपुर चली आई तब सभी विश्वासपात्र सेवकों तथा वाकेआनवीसों ने जो सत्य बोलते थे दरबार को सूचित किया कि इस सेना के अस्तव्यस्त होने के यद्यपि अनेक कारण है पर प्रधान कारण अमीरों का अनैक्य तथा विशेषकर खानखानाँ का कपटाचरण है । उस समय हमारे मन में आया कि हमें नई शक्तिशालिनी सेना खानआजम की अधीनता में भेजना चाहिए जो सर्दारों के अनैक्य से हुए कुफार्यों का मार्जन करे तथा ठीक करे ।। ग्यारहवों को खानआजम को यह कार्य सौंपा गया और दीवानों को आज्ञा दी गई कि कुल तैयारी कर उसे शीघ्रता से भेज दें । हमने खान-आलम, फरेदूं खाँ चलीस, हुसेन खाँ टुकड़िया के पुत्र यूसुफ खाँ, अली खाँ नियाजी, बाज बहादुर क़लमाक़ तथा अन्य मंसबदारों को दस सहस्र सवारों के साथ जाने के लिए नियत किया। इस कार्य पर नियुक्त अहदियों के सिवा दो सहस्र दूसरे आदमी भी उसके साथ भेजे गए जो कुल मिलाकर बारह सहस्र सवार हुए । तीन लाख रुपए तथा कई हाथी उसके साथ भेज करके हमने उसे जाने की छुट्टी दी और उसे बहुमूल्य खिलअत, जड़ाऊ कमरबंद, जड़ाऊ जीन सहित घोड़ा, खास हाथी तथा व्यय के लिए पाँच लाख रुपए दिए । यह आज्ञा भी दी गई कि दीवानी विभाग के अध्यक्षगण इसे इसकी जागीर से वसूल कर लेवें । इसके अधीनस्थ सर्दारों को भी खिलअत, घोड़े तथा पुरस्कार दिए गए। हमने महाचत खाँ के चार हजारी तीन हज़ार सवार के मंसत्र में पाँच सौ सवार बढ़ाकर उसे आज्ञा दी कि वह खानआजम तथा इस सेना को बुर्हानपुर लिवा जाय और वहाँ की सेना की दुरवस्था का पता लगाकर खानआजम की नियुक्ति की आज्ञा की उस प्रांत के सरदारों को सूचना दे जिसमें सन्न उससे एकमत होकर कार्य करें । उस और की सेना की तैयारी की अवस्था को वह देखे और कुल प्रबंध ठीक कर खानखानाँ को दरवार लिवा लावे । रविवार चार शव्वाल को दिन का अंत होते-होते हम चीता के अहेर में लग गए। हमने निश्चय किया था कि इस दिन तथा वृहस्पतिवार को कोई पशु न मारे जायँ और न हम माँस खायँ । विशेषकर सूर्यचार को इसलिए कि हमारे आदरणीय पिता का उस दिन पर इतना सम्मान था कि उम्र दिन वे माँस खाने में अरुचि रखते थे और उन्होंने किसी जीव की हत्या करने को मना कर दिया था क्योंकि सूर्यवार की रात्रि में उनका जन्म हुआ था । वह कहा करते थे कि वह दिन इतना अच्छा रहता है कि लोगों की हत्याकारिणी प्रकृति से सभी पशुओं को कष्ट से छुटकारा मिल जाता है । वृहस्पतिवार हमारी राजगद्दी का दिवस है, इस दिन के लिए भी हमने आज्ञा दे दी कि जीव• इत्या न की जाय इस कारण अहेर में भी हमें जंगली जीवों पर तीर या गोली नहीं चलाना चाहिए । चीतों से अहेर खेलने में अनूप राय, जो हमारा पास का सेवक है, हमसे कुछ दूरी पर अपने साथवालों के आगे चल रहा था और वह एक पेड़ के पास पहुँचा जिसपर चीलें बैठी हुई थीं। जब उसने इन चीलों को देखा तब उसने धनुष तथा कुछ तुक्क तीर लिए और उनके पास गया । संयोग से इसने उस वृक्ष के पास एक अघखाए बैल को देखा और उसके पास से एक विशाल शक्तिशाली शेर एक झाड़ी में से निकलकर चल दिया । यद्यपि दिन दो घड़ी से अधिक नहीं बचा था पर हमारी शेर के शिकार की इच्छा को जानने के कारण उसने तथा उसके अन्य साथवालों ने शेर को घेर लिया और एक मनुष्य को शीघ्रता से हमारे पास समाचार देने भेजा । ज्योंही वह पहुँचा कि हम सवार होकर उत्साह के साथ पूरी तेजी से वहाँ गए और बाबा खुर्रम, रामदास, एतमादराय, हयात खाँ तथा दो एक दूसरे भी हमारे साथ आए । वहाँ पहुँचने पर हमने शेर को देखा जो एक वृक्ष की छाया में खड़ा था। हमने घोड़े की पीठ पर से गोली मारना चाहा पर जब देखा कि घोड़ा शांत नहीं रहता तब उस पर से उतरकर निशाना लगा गोली छोड़ दी । हम ऊँचे पर खड़े थे और शेर नीचे था इसलिए समझ नहीं पड़ा कि उसे गोली लगी या नहीं । इसी घबराहट में हमने दूसरी गोली चला दी और इस बार हमारी गोली उसे लंगी । शेर ऊँचे उठा और घावा किया पर मुख्य शिकारी को घायल कर, जिसकी कलाई पर बाज था और संयोग से उसके आगे पड़ गया था, पुनः अपने स्थान पर जा बैठा । ऐसी अवस्था में हमने हमने दूसरा बंदूक एक ओट पर रखकर निशाना साधा । अनूनराय सबको रोककर खड़ा था, उसकी कमर में तलवार तथा हाथ में कुतका था। बाबा खुरंभ हमारे बाईं ओर कुछ दूरी पर था और रामदास तथा अन्य सेवक उसके पीछे खड़े थे । कमाल करावल ने बंदूक भरकर हमारे हाथ में दी । जन हम गोली चलाने को थे उसी समम शेर दहाड़ा और हम लोगों की ओर दौड़ा । हमने तत्काल गोली छोड़ दी और वह शेर के मुख में दाँतों को तोड़ती घुस गई । बंदूक के शब्द से शेर बड़ा भयानक हो गया और जो सेवकगण इकट्ठे हो गए थे उसके झपाटे को न सह सके तथा एक दूसरे पर भहरा पड़े यहाँ तक कि उनके धक्के तथा दौड़ से हम दो ढग पीछ हट कर गिर पड़े । वास्तव में हमें विश्वास है कि दो तीन मनुष्य हमारे छाती पर पैर रख कर निकल गए । एतमाद राय तथा शिकारी कमाल की सहायता से हम उठ खड़े हुए। इसी समय शेर उनपर झपटा जो बाई ओर थे। अनूपराय ने औरों को तो जाने दिया पर शेर की ओर स्वयं घूम पड़ा । शेर उतनी शीघ्रता से इसकी ओर झपटा जितने वेग से उसने घावा किया था। पर इसने भी बड़ी वीरता से सामना किया और अपने हाथ के दंडे से उसके सिर पर दो चोट मारी । शेर ने अनूसराय के दोनों हाथों को मुँह से पकड़ लिया और ऐसा फाटा कि उसके हाथ में दांत गड़ गए परंतु डंडे तथा हाथों के कड़ों ने बहुत काम किया कि वे नष्ट नहीं होने पाए। शेर के झपेट तथा घक्के से अनूपराय गिर कर शेर के अगले पैरों के बीच में जा पड़ा जिससे उसका मुख शेर के छाती के जा पड़ा । ठीक इसी समय बाबा खुर्रम तथा रामदास अनूपराय की सहायता को आ गए । शाहजादे ने उसके कमर पर तलवार मारी और रामदास ने तलवार की दो चोटें सिर पर कीं, जिनसे एक कंधे पर पड़ा । यह मार बड़ी गर्म हुई और हयात खाँ ने भी अपनी लाठी से कई चोटें मारीं । अनूपराय ने जोर से अपने हाथ शेर के मुख से खींच लिए और दो तीन मुक्के शेर के गालों पर मारे और लुढ़ककर घुटनों के बल खड़ा हो गया। शेर के मुख से हाथ खींचने के समय उसके गड़े हुए दाँतों के कारण घाव फट गए और शेर के पंजे उसके कंधों पर पहुँच गए। जब वह खड़ा हुआ तब शेर मी खड़ा हो गया और अपने पंजों से उसकी छाती नोच ली। इन घावों से उसे कुछ दिन कष्ट भोगना पड़ा। भूमि वहाँ की ऊँची-नीची थी इसलिए द्वंद्व युद्ध करते पहलवानों के समान एक दूसरे पर लुढ़कने लगे । जहाँ हम खड़े थे वहाँ की भूमि समतल थी । अनूसराय कहता था कि सर्वशक्तिमान ईश्वर ने उसे इतनी बुद्धि दी कि उसने शेर को एक ओर ढकेल दिया और उसके बाद उसे होश नहीं रहा। इसी समय शेर इसे छोड़कर भाग रहा था । इसी घबड़ाहट की अवस्था में इसने अपनी तलवार उठा ली और उसका पीछा कर उसके सिर पर मारा । जब शेर ने सिर घूमाया तब इसने उसके मुख पर ऐसी चोट मारी कि उसको दोनों आँखे कट गई और भौं के चमड़े तलवार से कटकर उसकी आंखों पर झूल गए। इसी अवस्था में सालिह नामक मशालची मशाल बालने का समय हो जाने से शीघ्रता से आया पर आ पड़ा। शेर ने पंजे से उसे एक झापड़ गिरना और प्राण छोड़ना एक ही बात थी । अन्य लोगों ने आकर शेर का काम तमाम कर दिया । अनूपराय ने ऐसी सेवा हमारे ही लिए की थी और हमने देखा था कि किस प्रकार उसने अपनी जान जोखिम में डाल दी थीं इसलिए जब वह अपने घावों के ऋष्ट से छूटा और हमारी सेवा में उपस्थित हुआ तब हमने उसे अनीराय सिंहदलन की पढ़वी दो । सेना के नायक को हिंदी में अनीराय कहते है और सिंहदलन सिंह के मारनेवाले को कहते हैं। अपनी एक खास तलवार उसे देकर उसका मंसव बढ़ा दिया । खानआनम के पुत्र खुर्रम को, जो जूनागढ़ प्रांत का अध्यक्ष नियत हुआ था, कासिम खाँ की पदवी दी । रविवार तीन जीकदा को हमने मछली का शिकार खेला और सात सौ छाउठ मछलियाँ पकड़ी गई । ये सब अमीरों, सेवकों आदि में बाँट दी गईं । हम विना चोई की मछली नहीं खाते और केवल इसलिए नहीं कि शीआमत के मुल्लाओं ने विना चोई वाली मछली को हराम कहा है प्रत्युत् हमारी अरुचि का कारण यह है कि हमने सुना है कि बिना चोंई वाली मछली सुर्दा पशु का मांस खाती है और चोई वाली मछली नहीं खातीं । इस कारण इन्हें खाना हमे अरुचिकर है। शीशा लोग उसे क्यों नहीं खाते तथा क्यों उसे हराम कहते है यह वे जानें । हमारा एक पालतू ऊँट, जो शिकार में साथ था, पाँच नीलगाय लादे हुए था, जो बयालीस हिंदुस्तानी मन थे। हमने इसके पहले नजीरी नैशापुरी को बुला भेजा था, जो काव्य-रचना में सब से चढ़कर था तथा गुजरात में व्यापार से कालयापन करता था । वह इसी समय हमारी सेवा में उपस्थित हुआ और अनवरी के इस मिसरे की वजन पर पुनः संसार के लिए कौन यौवन तथा सौंदर्य यह है
राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन खोलने का पहला चरण आज से शुरू हो गया है देशभर में अधिकतर गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू हो रही है केंद्र ने शनिवार को लॉकडाउन में छूट के दिशानिर्देश जारी किए जिसमें लॉकड़ाउन अत्यधिक संक्रमित क्षेत्रों तक सीमित किया गया है सरकार ने राज्यों के बीच वस्तुओं और व्यक्तियों के निर्बाध आवागमन की भी अनुमति दे दी है कई राज्यों ने भी पांचवे चरण के लॉकडाउन या अनलॉकएक के दिशानिर्देश जारी किए हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में अब लोगों को और अधिक सचेत और सतर्क रहना होगा आकाशवाणी से कल मन की बात कार्यक्रम में श्री मोदी ने कहा कि लापरवाही और ढिलाई कोई विकल्प नहीं है उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां शुरू हो रही हैं लेकिन सुरक्षित दूरी बनाए रखना अब अधिक महत्वपूर्ण है लॉकडाउन खोलने के पहले चरण में कई राज्यों ने रियायतों की घोषणा की सुरक्षित दूरी मानक के साथ प्रदेश में सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं दिल्ली की सीमा से सटे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद पर प्रतिबंध जारी रहेगा जबकि अन्तरजनपदीय आवागमन शुरू हो गया है हमारे संवाददाता ने बताया है कि लॉकडाउन के अन्तर्गत छूट देने के लिए राज्य सरकार ने कल नये दिशानिर्देश जारी किये हैं जिसके तहत सभी दफ्तरों में आज लॉकडाउन की शुरूआत के बाद से कर्मचारियों की सबसे ज्यादा संख्या नजर आई नये नियमों के मुताबिक तीन पालियों में बांटकर सभी कर्मचारियों को कार्यालय में आने की अनुमति दी गई है ये तीन पालियां सुबह नौ से पांच बजे दस से छ बजे बजे और ग्यारह बजे से सात बजे की है सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक बाजारों के खुलने की अनुमति मिलने के बाद सड़कों पर और कारोबारी इलाकों में भी चहलपहल देखने को मिल रही है राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें भी आज विभिन्न बस स्टेशनों से रवाना हुईं जहां यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराते हुए प्रदेश में अनलॉक व्यवस्था के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का संचालन पूरी सावधानी और सतर्कता बरतते हुए किया जाए बाजारों में भीड़ न जुटे इसके लिए मुख्यमंत्री ने लगातार निगरानी कर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं लखनऊ में आज अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में कोरोना वायरस जांच की प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए कार्यवाही और तेज की जाए श्री योगी ने आज से शुरू हुए रेलगाड़ियों के परिचालन के संबंध में कहा कि प्रदेश के सभी रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए उन्होंने कहा कि यात्रियों को कोरोना से बचाव के सम्बंध में जागरूक किया जाए देश में कोविडनाइन्टीन से अब तक इक्यानबे हजार आठ सौ उन्नीस लोग स्वस्थ हो चुके हैं स्वास्थ मंत्रालय ने बताया है कि संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख नब्बे हजार पांच सौ पैंतीस हो गई है मृतकों की संख्या पांच हजार तीन सौ चौरानबे हो गई है तिरान्नबे हजार तीन सौ बाईस लोगों का इलाज चल रहा है भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महामारी विज्ञान और संचारी रोग प्रभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्टर रमन आर गंगाखेडकर ने आकाशवाणी से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन में छूट के बाद सभी को अपने सामान्य जीवन में लौटते समय अधिक सावधान रहना होगा हर लोगों ने दिमाग में यह डाल लेना है सरकार ने ढील दी यह समझ कर ढील दी है कि जो आदमी बाहर निकलेगा वह सारे एहतियात बरतेगा अभी भी कोरोना वायरस तो गया नहीं है हर इंसान ने यह सोचना है अगर समाज में यह फैलने नहीं देना है बीमारी तो हमको खुद को मास्क पहन के बाहर निकलना पड़ेगा दो गज की दूरी रखना पड़ेगा अपने सेहत का ख्याल रखने के लिए अपने हाथ और मुंह दोनों का संबंध जितना हो सके उतना टालना है और हाथ साफ करते रहना है आकाशवाणी का समाचार सेवा प्रभाग आज फोन इन कार्यक्रम में कोविडनाइन्टीन पर विशेष परिचर्चा प्रसारित करेगा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर नरेश गुप्ता परिचर्चा में भाग लेंगे श्रोता स्टूडियो में सीधे फोन कर विशेषज्ञ से सवाल पूछ सकते हैं नम्बर है शून्य एक एक दो तीन तीन एक चार चार चार चार हमारा टोल फ्री नम्बर है एक आठ शून्य शून्य एक एक पांच सात छ सात यह कार्यक्रम रात नौ बजकर तीस मिनट से एफएम गोल्ड चैनल और अतिरिक्त मीटरों पर सुना जा सकता है नरेन्द्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा कर लिया है इस अवधि के दौरान सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं इनमें सीखो और कमाओ तथा नई मंजिल योजनाओं के अंतर्गत अल्पसंख्यक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना शामिल है इन योजनाओं की पचास प्रतिशत से अधिक लाभार्थी लड़कियां हैं हमारे संवाददाता ने बताया है कि कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित हजारों स्वास्थ्य सहायक कोरोना रोगियों के उपचार में सहयोग दे रहे हैं दक्षिण पश्चिम मॉनसून आज केरल तट पर पहुंच गया है आकाशवाणी से बातचीत में भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि पिछले दो दिनों से केरल में बड़े पैमाने पर वर्षा हो रही है
राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन खोलने का पहला चरण आज से शुरू हो गया है देशभर में अधिकतर गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू हो रही है केंद्र ने शनिवार को लॉकडाउन में छूट के दिशानिर्देश जारी किए जिसमें लॉकड़ाउन अत्यधिक संक्रमित क्षेत्रों तक सीमित किया गया है सरकार ने राज्यों के बीच वस्तुओं और व्यक्तियों के निर्बाध आवागमन की भी अनुमति दे दी है कई राज्यों ने भी पांचवे चरण के लॉकडाउन या अनलॉकएक के दिशानिर्देश जारी किए हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में अब लोगों को और अधिक सचेत और सतर्क रहना होगा आकाशवाणी से कल मन की बात कार्यक्रम में श्री मोदी ने कहा कि लापरवाही और ढिलाई कोई विकल्प नहीं है उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां शुरू हो रही हैं लेकिन सुरक्षित दूरी बनाए रखना अब अधिक महत्वपूर्ण है लॉकडाउन खोलने के पहले चरण में कई राज्यों ने रियायतों की घोषणा की सुरक्षित दूरी मानक के साथ प्रदेश में सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं दिल्ली की सीमा से सटे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद पर प्रतिबंध जारी रहेगा जबकि अन्तरजनपदीय आवागमन शुरू हो गया है हमारे संवाददाता ने बताया है कि लॉकडाउन के अन्तर्गत छूट देने के लिए राज्य सरकार ने कल नये दिशानिर्देश जारी किये हैं जिसके तहत सभी दफ्तरों में आज लॉकडाउन की शुरूआत के बाद से कर्मचारियों की सबसे ज्यादा संख्या नजर आई नये नियमों के मुताबिक तीन पालियों में बांटकर सभी कर्मचारियों को कार्यालय में आने की अनुमति दी गई है ये तीन पालियां सुबह नौ से पांच बजे दस से छ बजे बजे और ग्यारह बजे से सात बजे की है सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक बाजारों के खुलने की अनुमति मिलने के बाद सड़कों पर और कारोबारी इलाकों में भी चहलपहल देखने को मिल रही है राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें भी आज विभिन्न बस स्टेशनों से रवाना हुईं जहां यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराते हुए प्रदेश में अनलॉक व्यवस्था के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का संचालन पूरी सावधानी और सतर्कता बरतते हुए किया जाए बाजारों में भीड़ न जुटे इसके लिए मुख्यमंत्री ने लगातार निगरानी कर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं लखनऊ में आज अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में कोरोना वायरस जांच की प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए कार्यवाही और तेज की जाए श्री योगी ने आज से शुरू हुए रेलगाड़ियों के परिचालन के संबंध में कहा कि प्रदेश के सभी रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए उन्होंने कहा कि यात्रियों को कोरोना से बचाव के सम्बंध में जागरूक किया जाए देश में कोविडनाइन्टीन से अब तक इक्यानबे हजार आठ सौ उन्नीस लोग स्वस्थ हो चुके हैं स्वास्थ मंत्रालय ने बताया है कि संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख नब्बे हजार पांच सौ पैंतीस हो गई है मृतकों की संख्या पांच हजार तीन सौ चौरानबे हो गई है तिरान्नबे हजार तीन सौ बाईस लोगों का इलाज चल रहा है भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महामारी विज्ञान और संचारी रोग प्रभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्टर रमन आर गंगाखेडकर ने आकाशवाणी से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन में छूट के बाद सभी को अपने सामान्य जीवन में लौटते समय अधिक सावधान रहना होगा हर लोगों ने दिमाग में यह डाल लेना है सरकार ने ढील दी यह समझ कर ढील दी है कि जो आदमी बाहर निकलेगा वह सारे एहतियात बरतेगा अभी भी कोरोना वायरस तो गया नहीं है हर इंसान ने यह सोचना है अगर समाज में यह फैलने नहीं देना है बीमारी तो हमको खुद को मास्क पहन के बाहर निकलना पड़ेगा दो गज की दूरी रखना पड़ेगा अपने सेहत का ख्याल रखने के लिए अपने हाथ और मुंह दोनों का संबंध जितना हो सके उतना टालना है और हाथ साफ करते रहना है आकाशवाणी का समाचार सेवा प्रभाग आज फोन इन कार्यक्रम में कोविडनाइन्टीन पर विशेष परिचर्चा प्रसारित करेगा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर नरेश गुप्ता परिचर्चा में भाग लेंगे श्रोता स्टूडियो में सीधे फोन कर विशेषज्ञ से सवाल पूछ सकते हैं नम्बर है शून्य एक एक दो तीन तीन एक चार चार चार चार हमारा टोल फ्री नम्बर है एक आठ शून्य शून्य एक एक पांच सात छ सात यह कार्यक्रम रात नौ बजकर तीस मिनट से एफएम गोल्ड चैनल और अतिरिक्त मीटरों पर सुना जा सकता है नरेन्द्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा कर लिया है इस अवधि के दौरान सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं इनमें सीखो और कमाओ तथा नई मंजिल योजनाओं के अंतर्गत अल्पसंख्यक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना शामिल है इन योजनाओं की पचास प्रतिशत से अधिक लाभार्थी लड़कियां हैं हमारे संवाददाता ने बताया है कि कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित हजारों स्वास्थ्य सहायक कोरोना रोगियों के उपचार में सहयोग दे रहे हैं दक्षिण पश्चिम मॉनसून आज केरल तट पर पहुंच गया है आकाशवाणी से बातचीत में भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि पिछले दो दिनों से केरल में बड़े पैमाने पर वर्षा हो रही है
नई दिल्लीः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर आज सफाई कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया. साथ ही अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारे भी लगाए. जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया. बता दें कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफ़ाई कर्मचारियों की हड़ताल का 23 वां दिन है. वेतन न मिलने के कारण पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे कि इलाके में सफाई का काम नहीं हो पा रहा है. साथ ही फंड की कमी से दूसरे नगर निगमों की स्थिति ठीक नहीं है. सफाई कर्मचारियों की मांग है कि जो सफाई कर्मचारी अनियमित हैं उनकी नौकरी पक्की की जाए, सैलरी नियमित रूप से दी जाए, जो कभी मिलती है कभी नहीं मिलती.
नई दिल्लीः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर आज सफाई कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया. साथ ही अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारे भी लगाए. जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया. बता दें कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफ़ाई कर्मचारियों की हड़ताल का तेईस वां दिन है. वेतन न मिलने के कारण पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे कि इलाके में सफाई का काम नहीं हो पा रहा है. साथ ही फंड की कमी से दूसरे नगर निगमों की स्थिति ठीक नहीं है. सफाई कर्मचारियों की मांग है कि जो सफाई कर्मचारी अनियमित हैं उनकी नौकरी पक्की की जाए, सैलरी नियमित रूप से दी जाए, जो कभी मिलती है कभी नहीं मिलती.
छी, छी-वह काँपा-कैसा दूषित क्रम है ! यह मेरी बेटी है, मैं अपने बाप का बेटा था और मेरा आप अपने बाप का ..... यह अटूट और परम्परा है- चोरी की परम्परा । बेटी ने मुझसे चोरी सीखी, मैंने अपने बाप से, बाप ने अ अपने बाप से इसी तरह हर किसी ने अपने पहले हर किसी से यह गुण प्राप्त किया। लेकिन दण्ड... । निशिकान्त ने अपनी बेटी को बिल्कुल मुक्त कर दिया । उसे फिर एक पढ़ी हुई बात याद आ गई । एक पिता अपने नवजात पुत्र को लेकर एक महापुरुष एक महापुरुष के पास पहुँचे । परम श्रद्धा से शिशु को उन्होंने उनके चरणों में लिटा दिया । बोले - परमपूज्य ! बालक को आशीर्वाद दीजिये यह मनुष्य बने ! महापुरुष मुस्कराये, बोले - अपने को मनुष्य बनायो, बालक स्वयं मनुष्य बनेगा । और यही बातें सोचकर निशिकान्त का मन ग्लानि से भर उठा । वह फुसफुसाया - मेरी बेटी ने चोरी की है यह मेरा अपराध है। दण्ड मुझे मिलना चाहिये, इसे नहीं । अब उसके मन में जो क्रोध था वह दूर हो गया और स्नेह उमड़ पड़ा - ऐसा स्नेह जो क्षमा से पूरित था । उसने बेटी को छाती से चिपका लिया । कई क्षरण चिपकाये रहा । मन जब बहुत भीग चुका तो जेब से बटुआ निकाला । उसमें जो भी पैसे थे उन्हें पलंग पर उलट कर बोला- बोलो बेटे ! क्या चाहिये ? बालिका ने गरदन उठा कर कौतूहलभरे नयनों से अपने पिता को देखा, देखती रही । निशिकान्त ने उसी स्नेह से कहा - बोले बेटे. बालिका का भय बरबस दूर होने लगा । यद्यपि कभी भी • बनी हुई थी । तो भी वह मुस्कराई । निशिकान्त हँसा- अब ठीक है मेरी बेटी ! यह पैसे तुम्हारे हैं । उठा लो । बालिका हँस पड़ी और जल्दी से जल्दी पैसों को बटोरने लगी। बीच में रुक कर एक दो बार सहमी दृष्टि फिर पिता को देखा । कहीं.... लेकिन निशिकान्त का स्नेह और भी गाढ़ा और गहरा हो रहा था। उसके नेत्र सजल हो उठे थे ! उसके मुख पर माधुर्य झलकने लगा था । उसने कहा - मेरी बेटी ! जब भी तुम्हें पैसों की ज़रूरत हो तो मुझसे कहो - मैं तुम्हें पैसे दूंगा । खि बालिका की बानी खुली । उसने मुस्करा कर कहा - अच्छा पिता जी ! जैसा कि सदा होता था, निशिकान्त के तीघ्र स्वर की उन पर तनिक भी असर नहीं हुआ । उन्होंने बड़ी शान्ति से फ़ाइल उलटते हुए कहा - 'बाबू निशिकान्त, युवक हैं, आपके लहू में गरमी है, किसी दिन मैं भी युवक था, मेरे लहू में भी गरमी थी । सच कहता हूँ, गोरे अफसर का अत्याचार देखकर मैं कांप उठता था । जी में आता था कि उसके हाथ से कोड़ा छीन कर उसे ही पीढना शुरू कर दूं । वह सलाम की भूखा था सड़क पर चलते समय जो भी उसे सलाम न करता उसी पर वह बेरहमी से कोड़े बरसाने लगता । यही देख और सुनकर मैं क्रोध से भर उठता था । मैं चाहता तो उसे पीट सकता था, मुझ में शक्ति थी, परन्तु... परन्तु बाचू निशिकान्त ! मैं ऐसा करता, तो क्या तुमसे बातें करता होता ? मुझे जेल होती, सम्भवतः मार दिया जाता, और मेरे बच्चे, मेरी स्त्री, मेरा सारा परिवार दर-दर का भिखारी होता.......। निशिकान्त ने दाँत पीस लिये, कहा कुछ नहीं । वे ही कहते रहे । वे लगभग पचास वर्ष के थे, परन्तु बाल अभी तक काले थे, आंखें चमकती थीं । इसी दफ़्तर में अपनी नौकरी के पच्चीस वर्ष पूरे कर चुके थे । उनका नाम था बाबू हरिचन्द । हँसमुख, प्रेमी और मिलनसार । कभी क्रोध नहीं आता था और जिन्हें क्रोध याता था उनको वे ऐसी करुण दृष्टि से देखते कि क्रोधी पानी-पानी हो उठता था । समय की उन्हें विशेष चिन्ता नहीं थी । सबसे पहिले आते और लौटते तो रात पड़ जाती । सदा यही कहते, गुलामी पाप है, पीस देती है परन्तु क्या करें, भगवान की यही इच्छा है । वह चाहेगा तभी कुछ होगा । अब भी उन्होंने कहा, 'धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जावेगा । समय सब कुछ करा लेता है। आज तुम कल्पना भी नहीं कर सकते कि कोई गोरा किसी हिन्दुस्तानी को गाली दे सकता है । कोड़े मारना तो दूर की बात है ।' निशिकान्त का सब जवाब दे रहा था, उसने तीव्रता से कहा
छी, छी-वह काँपा-कैसा दूषित क्रम है ! यह मेरी बेटी है, मैं अपने बाप का बेटा था और मेरा आप अपने बाप का ..... यह अटूट और परम्परा है- चोरी की परम्परा । बेटी ने मुझसे चोरी सीखी, मैंने अपने बाप से, बाप ने अ अपने बाप से इसी तरह हर किसी ने अपने पहले हर किसी से यह गुण प्राप्त किया। लेकिन दण्ड... । निशिकान्त ने अपनी बेटी को बिल्कुल मुक्त कर दिया । उसे फिर एक पढ़ी हुई बात याद आ गई । एक पिता अपने नवजात पुत्र को लेकर एक महापुरुष एक महापुरुष के पास पहुँचे । परम श्रद्धा से शिशु को उन्होंने उनके चरणों में लिटा दिया । बोले - परमपूज्य ! बालक को आशीर्वाद दीजिये यह मनुष्य बने ! महापुरुष मुस्कराये, बोले - अपने को मनुष्य बनायो, बालक स्वयं मनुष्य बनेगा । और यही बातें सोचकर निशिकान्त का मन ग्लानि से भर उठा । वह फुसफुसाया - मेरी बेटी ने चोरी की है यह मेरा अपराध है। दण्ड मुझे मिलना चाहिये, इसे नहीं । अब उसके मन में जो क्रोध था वह दूर हो गया और स्नेह उमड़ पड़ा - ऐसा स्नेह जो क्षमा से पूरित था । उसने बेटी को छाती से चिपका लिया । कई क्षरण चिपकाये रहा । मन जब बहुत भीग चुका तो जेब से बटुआ निकाला । उसमें जो भी पैसे थे उन्हें पलंग पर उलट कर बोला- बोलो बेटे ! क्या चाहिये ? बालिका ने गरदन उठा कर कौतूहलभरे नयनों से अपने पिता को देखा, देखती रही । निशिकान्त ने उसी स्नेह से कहा - बोले बेटे. बालिका का भय बरबस दूर होने लगा । यद्यपि कभी भी • बनी हुई थी । तो भी वह मुस्कराई । निशिकान्त हँसा- अब ठीक है मेरी बेटी ! यह पैसे तुम्हारे हैं । उठा लो । बालिका हँस पड़ी और जल्दी से जल्दी पैसों को बटोरने लगी। बीच में रुक कर एक दो बार सहमी दृष्टि फिर पिता को देखा । कहीं.... लेकिन निशिकान्त का स्नेह और भी गाढ़ा और गहरा हो रहा था। उसके नेत्र सजल हो उठे थे ! उसके मुख पर माधुर्य झलकने लगा था । उसने कहा - मेरी बेटी ! जब भी तुम्हें पैसों की ज़रूरत हो तो मुझसे कहो - मैं तुम्हें पैसे दूंगा । खि बालिका की बानी खुली । उसने मुस्करा कर कहा - अच्छा पिता जी ! जैसा कि सदा होता था, निशिकान्त के तीघ्र स्वर की उन पर तनिक भी असर नहीं हुआ । उन्होंने बड़ी शान्ति से फ़ाइल उलटते हुए कहा - 'बाबू निशिकान्त, युवक हैं, आपके लहू में गरमी है, किसी दिन मैं भी युवक था, मेरे लहू में भी गरमी थी । सच कहता हूँ, गोरे अफसर का अत्याचार देखकर मैं कांप उठता था । जी में आता था कि उसके हाथ से कोड़ा छीन कर उसे ही पीढना शुरू कर दूं । वह सलाम की भूखा था सड़क पर चलते समय जो भी उसे सलाम न करता उसी पर वह बेरहमी से कोड़े बरसाने लगता । यही देख और सुनकर मैं क्रोध से भर उठता था । मैं चाहता तो उसे पीट सकता था, मुझ में शक्ति थी, परन्तु... परन्तु बाचू निशिकान्त ! मैं ऐसा करता, तो क्या तुमसे बातें करता होता ? मुझे जेल होती, सम्भवतः मार दिया जाता, और मेरे बच्चे, मेरी स्त्री, मेरा सारा परिवार दर-दर का भिखारी होता.......। निशिकान्त ने दाँत पीस लिये, कहा कुछ नहीं । वे ही कहते रहे । वे लगभग पचास वर्ष के थे, परन्तु बाल अभी तक काले थे, आंखें चमकती थीं । इसी दफ़्तर में अपनी नौकरी के पच्चीस वर्ष पूरे कर चुके थे । उनका नाम था बाबू हरिचन्द । हँसमुख, प्रेमी और मिलनसार । कभी क्रोध नहीं आता था और जिन्हें क्रोध याता था उनको वे ऐसी करुण दृष्टि से देखते कि क्रोधी पानी-पानी हो उठता था । समय की उन्हें विशेष चिन्ता नहीं थी । सबसे पहिले आते और लौटते तो रात पड़ जाती । सदा यही कहते, गुलामी पाप है, पीस देती है परन्तु क्या करें, भगवान की यही इच्छा है । वह चाहेगा तभी कुछ होगा । अब भी उन्होंने कहा, 'धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जावेगा । समय सब कुछ करा लेता है। आज तुम कल्पना भी नहीं कर सकते कि कोई गोरा किसी हिन्दुस्तानी को गाली दे सकता है । कोड़े मारना तो दूर की बात है ।' निशिकान्त का सब जवाब दे रहा था, उसने तीव्रता से कहा
यमन की सुप्रीम क्रान्तिकारी कमेटी के प्रमुख ने कहा है कि उनके देश में शांति की कोशिश में अमरीका रुकावट पैदा कर रहा है। उन्होंने यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब द्वारा थोपी गयी जंग में अमरीका को सहापराधी बताया। मोहम्मद अली अलहूसी ने तुर्क दैनिक गज़ेटेडुवर से शनिवार को इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा कि यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब का हमला इस वजह से जारी है क्योंकि उसे अमरीका, इस्राईल, ब्रिटेन और फ़्रांस का समर्थन हासिल है, इसलिए जब तक अमरीका, इस्राईल, ब्रिटेन और फ़्रांस की ओर से हमलावरों का समर्थन नहीं रुकता उस समय तक यमन के ख़िलाफ़ हमला ख़त्म नहीं होगा। मोहम्मद अली अलहूसी ने कहा कि यमनी सेना आत्मरक्षा के लिए लड़ रही है। उन्होंने इसी के साथ बल दिया कि यमन की सर्वोच्च राजनैतिक कमेटी शांति की हर कोशिश का स्वागत करती है। उन्होंने सऊदी अरब की अगुवाई में यमन की नाकाबंदी को युद्ध अपराध क़रार दिया जिसकी वजह से इस देश में अब तक का सबसे बुरा मानवीय संकट पैदा हो गया है। मोहम्मद अली अलहूसी ने अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से संकट के हल के लिए संघर्ष विराम के लिए की गयी पेशकश का उल्लेख करते हुए, चेतावनी दी कि अगर सऊदी अरब ने इस योजना को क़ुबूल न किया तो वह घातक नुक़सान के लिए तय्यार रहे। (MAQ/N)
यमन की सुप्रीम क्रान्तिकारी कमेटी के प्रमुख ने कहा है कि उनके देश में शांति की कोशिश में अमरीका रुकावट पैदा कर रहा है। उन्होंने यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब द्वारा थोपी गयी जंग में अमरीका को सहापराधी बताया। मोहम्मद अली अलहूसी ने तुर्क दैनिक गज़ेटेडुवर से शनिवार को इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा कि यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब का हमला इस वजह से जारी है क्योंकि उसे अमरीका, इस्राईल, ब्रिटेन और फ़्रांस का समर्थन हासिल है, इसलिए जब तक अमरीका, इस्राईल, ब्रिटेन और फ़्रांस की ओर से हमलावरों का समर्थन नहीं रुकता उस समय तक यमन के ख़िलाफ़ हमला ख़त्म नहीं होगा। मोहम्मद अली अलहूसी ने कहा कि यमनी सेना आत्मरक्षा के लिए लड़ रही है। उन्होंने इसी के साथ बल दिया कि यमन की सर्वोच्च राजनैतिक कमेटी शांति की हर कोशिश का स्वागत करती है। उन्होंने सऊदी अरब की अगुवाई में यमन की नाकाबंदी को युद्ध अपराध क़रार दिया जिसकी वजह से इस देश में अब तक का सबसे बुरा मानवीय संकट पैदा हो गया है। मोहम्मद अली अलहूसी ने अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से संकट के हल के लिए संघर्ष विराम के लिए की गयी पेशकश का उल्लेख करते हुए, चेतावनी दी कि अगर सऊदी अरब ने इस योजना को क़ुबूल न किया तो वह घातक नुक़सान के लिए तय्यार रहे।
आठ दशक से भी अधिक समय से सबके दिलो पर राज करने वाली , गायिका 'लता मंगेशकर ' की रिटायरमेंट की खबरे सामने आ रही है। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने इन खबरों को फर्जी बताया और कहा में अपनी अंतिम सांस तक गाती रहूंगी। सोशल मीडिया पर लता जी का गाया हुआ मराठी गाना 'अता विश्व्याछा कसां' पोस्ट किया गया है, जिसका अर्थ है 'अब आराम का समय है। इस गाने को लता मंगेशकर जी के अंतिम गानों में से एक बताकर उनके रिटायरमेंट के साथ जोड़ा जा रहा है जिससे उनके अनगिनत प्रशंसकों में मायूसी छा गयी है। लता मंगेशकर ने एक खास बातचीत में कहा, "मुझे नहीं पता कि यह अफवाह किसने शुरू की और क्यों? मुझे यह किसी खाली बैठे बेवकूफ आदमी का काम लगता है। दो दिन पहले मुझे अचानक मेरी रिटायरमेंट को लेकर संदेश और फोन आने शुरू हो गए. " उन्होंने यह भी कहा की "मुझे पता चला कि मेरे मराठी गीतों में से एक 'अता विश्व्याछा कसां' को मेरे अलविदा कहने के गीत के रूप में देखा जा रह है, लेकिन मैंने पांच साल पहले उस गीत को गाया था 2013 में, इस गीत को लेकर संगीत निर्देशक सलील कुलकर्णी मेरे पास आए। मैं इसे मुख्य रूप से गायन करने पर सहमत हुई क्योंकि यह प्रसिद्ध कवि बालकृष्ण भगवंत बोरकर का लिखा हुआ गाना था। मैंने कभी उनकी कविता नहीं गाई थी, मुझे क्या पता था कि पांच साल बाद शरारती दिमाग वाले लोग इसे मेरी रिटायरमेंट से जोड़ेंगे। " लता मंगेशकर ने अपने प्रशंसकों को भरोसा देते हुए कहा कि उनकी रिटायरमेंट की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक गाती रहेंगी। हिन्दुस्तान की आवाज बनीं लता ने 30 से ज्यादा भाषाओं में हजारों फिल्मी और गैर-फिल्मी गानों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेर चुकी हैं। लता ही एकमात्र ऐसी जीवित शख्सियत हैं, जिनके नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं। लता ने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म 'किती हसाल' के लिए गाना गाया था और अभी तक गाती आ रही है।
आठ दशक से भी अधिक समय से सबके दिलो पर राज करने वाली , गायिका 'लता मंगेशकर ' की रिटायरमेंट की खबरे सामने आ रही है। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने इन खबरों को फर्जी बताया और कहा में अपनी अंतिम सांस तक गाती रहूंगी। सोशल मीडिया पर लता जी का गाया हुआ मराठी गाना 'अता विश्व्याछा कसां' पोस्ट किया गया है, जिसका अर्थ है 'अब आराम का समय है। इस गाने को लता मंगेशकर जी के अंतिम गानों में से एक बताकर उनके रिटायरमेंट के साथ जोड़ा जा रहा है जिससे उनके अनगिनत प्रशंसकों में मायूसी छा गयी है। लता मंगेशकर ने एक खास बातचीत में कहा, "मुझे नहीं पता कि यह अफवाह किसने शुरू की और क्यों? मुझे यह किसी खाली बैठे बेवकूफ आदमी का काम लगता है। दो दिन पहले मुझे अचानक मेरी रिटायरमेंट को लेकर संदेश और फोन आने शुरू हो गए. " उन्होंने यह भी कहा की "मुझे पता चला कि मेरे मराठी गीतों में से एक 'अता विश्व्याछा कसां' को मेरे अलविदा कहने के गीत के रूप में देखा जा रह है, लेकिन मैंने पांच साल पहले उस गीत को गाया था दो हज़ार तेरह में, इस गीत को लेकर संगीत निर्देशक सलील कुलकर्णी मेरे पास आए। मैं इसे मुख्य रूप से गायन करने पर सहमत हुई क्योंकि यह प्रसिद्ध कवि बालकृष्ण भगवंत बोरकर का लिखा हुआ गाना था। मैंने कभी उनकी कविता नहीं गाई थी, मुझे क्या पता था कि पांच साल बाद शरारती दिमाग वाले लोग इसे मेरी रिटायरमेंट से जोड़ेंगे। " लता मंगेशकर ने अपने प्रशंसकों को भरोसा देते हुए कहा कि उनकी रिटायरमेंट की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक गाती रहेंगी। हिन्दुस्तान की आवाज बनीं लता ने तीस से ज्यादा भाषाओं में हजारों फिल्मी और गैर-फिल्मी गानों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेर चुकी हैं। लता ही एकमात्र ऐसी जीवित शख्सियत हैं, जिनके नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं। लता ने पहली बार एक हज़ार नौ सौ बयालीस में मराठी फिल्म 'किती हसाल' के लिए गाना गाया था और अभी तक गाती आ रही है।
नाहन नगर परिषद के वार्ड नंबर चार अमरपुर मोहल्ला से प्रदेश की सबसे युवा पार्षद श्रुति चौहान ने शहर के लोगों का आह्वान किया है कि वह समाज व शहर के प्रति अपना दायित्व निभाएं। कोरोना से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से श्रुति ने शहर के वार्ड नंबर चार में लोगों को घर-घर जाकर मास्क व सेनेटाइजर वितरित किए। इस दौरान युवा पार्षद श्रुति चौहान ने वार्ड नंबर चार के लोगों से आह्वान किया कि वे कोरोना को लेकर सावधानियां बरतें तथा आवश्यक कार्यों से ही घरों से बाहर निकलें। उन्होंने वार्ड नंबर चार के होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित व्यक्तियों व उनके परिजनों को भी तमाम सावधानियां बरतने का आह्वान किया। युवा पार्षद श्रुति चौहान ने इस दौरान कहा कि नगर परिषद नाहन ऐसे सभी लोगों की सहायता करेंगी जो होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को होम आइसोलेशन के दौरान समस्या रहती है तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नाहन शहर के वार्ड नंबर चार के लोगों का आह्वान किया कि घरों से बाहर निकलने पर मास्क व सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। साथ ही दुकानदारों का भी कोरोना कफ्र्यू व कोरोना एसओपी के नियमों के पालन का आह्वान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने व अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
नाहन नगर परिषद के वार्ड नंबर चार अमरपुर मोहल्ला से प्रदेश की सबसे युवा पार्षद श्रुति चौहान ने शहर के लोगों का आह्वान किया है कि वह समाज व शहर के प्रति अपना दायित्व निभाएं। कोरोना से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से श्रुति ने शहर के वार्ड नंबर चार में लोगों को घर-घर जाकर मास्क व सेनेटाइजर वितरित किए। इस दौरान युवा पार्षद श्रुति चौहान ने वार्ड नंबर चार के लोगों से आह्वान किया कि वे कोरोना को लेकर सावधानियां बरतें तथा आवश्यक कार्यों से ही घरों से बाहर निकलें। उन्होंने वार्ड नंबर चार के होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित व्यक्तियों व उनके परिजनों को भी तमाम सावधानियां बरतने का आह्वान किया। युवा पार्षद श्रुति चौहान ने इस दौरान कहा कि नगर परिषद नाहन ऐसे सभी लोगों की सहायता करेंगी जो होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को होम आइसोलेशन के दौरान समस्या रहती है तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नाहन शहर के वार्ड नंबर चार के लोगों का आह्वान किया कि घरों से बाहर निकलने पर मास्क व सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। साथ ही दुकानदारों का भी कोरोना कफ्र्यू व कोरोना एसओपी के नियमों के पालन का आह्वान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने व अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
तिरुवनंतपुरम, 12 जून केरल आईटी पार्क और टेक्नोपार्क कर्मचारी सहकारी (टीईसी) अस्पताल ने अनेक आईटी कंपनियों के साथ मिलकर राज्य के सॉफ्टवेयर पेशेवरों तथा उनके परिवार के सदस्यों के लिए सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण अभियान शुरू किया। टीकाकरण कार्यक्रम का उद्घाटन शनिवार को विधायक कदकमपल्ली सुरेंद्रन ने यहां टेक्नोपार्क के एच एंड आर ब्लॉक में स्थापित केंद्र में किया। एक बयान के अनुसार यहां टेक्नोपार्क में शनिवार को 450 से अधिक कंपनियों के कर्मचारियों और उनके परिजन के लिए टीकाकरण का पहला चरण शुरू हुआ। टीईसी अस्पताल ने केरल में केवल आईटी पेशेवरों के टीकाकरण के लिए कोविशील्ड की दो लाख खुराक खरीदी हैं। पहली खेप में उसे 25 हजार खुराक मिल गयी हैं। केरल राज्य आईटी पार्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन एम थॉमस ने कहा, "टीकाकरण अभियान से राज्यभर में आईटी कंपनियों के परिसर में कर्मचारियों की आमद और सामान्य स्थिति सुनिश्चित हो सकेगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
तिरुवनंतपुरम, बारह जून केरल आईटी पार्क और टेक्नोपार्क कर्मचारी सहकारी अस्पताल ने अनेक आईटी कंपनियों के साथ मिलकर राज्य के सॉफ्टवेयर पेशेवरों तथा उनके परिवार के सदस्यों के लिए सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण अभियान शुरू किया। टीकाकरण कार्यक्रम का उद्घाटन शनिवार को विधायक कदकमपल्ली सुरेंद्रन ने यहां टेक्नोपार्क के एच एंड आर ब्लॉक में स्थापित केंद्र में किया। एक बयान के अनुसार यहां टेक्नोपार्क में शनिवार को चार सौ पचास से अधिक कंपनियों के कर्मचारियों और उनके परिजन के लिए टीकाकरण का पहला चरण शुरू हुआ। टीईसी अस्पताल ने केरल में केवल आईटी पेशेवरों के टीकाकरण के लिए कोविशील्ड की दो लाख खुराक खरीदी हैं। पहली खेप में उसे पच्चीस हजार खुराक मिल गयी हैं। केरल राज्य आईटी पार्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन एम थॉमस ने कहा, "टीकाकरण अभियान से राज्यभर में आईटी कंपनियों के परिसर में कर्मचारियों की आमद और सामान्य स्थिति सुनिश्चित हो सकेगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
यह उत्तम सिद्धान्तों में से एक है। खेल क्रिया में रेचक है, यह भरी हुई मूल प्रवृत्तियों, संवेगों को जो बाल्यकाल अथवा प्रौढ़ाबस्था में सीधे प्रकाशन का अवसर न पा सके उनके लिए एक विकास है । कुछ मूल प्रवृत्तियां प्रदर्शन के लिए पर्याप्त योग नहीं पातीं । खेल में मूल प्रवृत्तियों की शक्ति को शान्ति मिलती है । ये विभिन्न सिद्धान्त एक दूसरे के विरोधी नहीं वरन् पूरक हैं। यह एक अत्यन्त जटिल घटना का विस्तृत वर्णन है जिनके द्वारा खेल के भिन्न भिन्न रूप समझाने की चेष्टा की गयी है । जीव वैज्ञानिक उपयोगिता, पुनरावृत्ति तथा रेचन, खेल में मूल प्रवृत्तियों को कार्य करते हुए दर्शाती है । शिक्षा संबंधी महत्ता : खेल प्रकृति की शिक्षा विधि है । अतएव यह शिक्षा के क्रियात्मक सिद्धान्त हो सकते हैं । (१) शिक्षा को सर्वोत्तम बढ़ौती को सुरक्षित रखना है । हाल महाशय का कहना है कि प्रकृति के ऐसा करने की विधि खेल है । (२) शिक्षा का दूसरा मुख्य दायित्व जन्म जात शक्ति का परिवर्तन शोध तथा मार्गान्तीकरण द्वारा हो । रेचन सिद्धान्त के द्वारा खेल के ये ही परिणाम हैं । अतएव शिक्षक इसे भुला नहीं सकते खेल द्वारा शिक्षा विधि की मान्यता उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही है । कार्य तथा खेल :- इनकी परिभाषा तथा अन्तर करना कठिन है । यह कहा जा सकता है, कार्य वह है जो हमें आवश्यक रूप से करना है। खेल वह है जो हमारी इच्छा पर निर्भर करता है।
यह उत्तम सिद्धान्तों में से एक है। खेल क्रिया में रेचक है, यह भरी हुई मूल प्रवृत्तियों, संवेगों को जो बाल्यकाल अथवा प्रौढ़ाबस्था में सीधे प्रकाशन का अवसर न पा सके उनके लिए एक विकास है । कुछ मूल प्रवृत्तियां प्रदर्शन के लिए पर्याप्त योग नहीं पातीं । खेल में मूल प्रवृत्तियों की शक्ति को शान्ति मिलती है । ये विभिन्न सिद्धान्त एक दूसरे के विरोधी नहीं वरन् पूरक हैं। यह एक अत्यन्त जटिल घटना का विस्तृत वर्णन है जिनके द्वारा खेल के भिन्न भिन्न रूप समझाने की चेष्टा की गयी है । जीव वैज्ञानिक उपयोगिता, पुनरावृत्ति तथा रेचन, खेल में मूल प्रवृत्तियों को कार्य करते हुए दर्शाती है । शिक्षा संबंधी महत्ता : खेल प्रकृति की शिक्षा विधि है । अतएव यह शिक्षा के क्रियात्मक सिद्धान्त हो सकते हैं । शिक्षा को सर्वोत्तम बढ़ौती को सुरक्षित रखना है । हाल महाशय का कहना है कि प्रकृति के ऐसा करने की विधि खेल है । शिक्षा का दूसरा मुख्य दायित्व जन्म जात शक्ति का परिवर्तन शोध तथा मार्गान्तीकरण द्वारा हो । रेचन सिद्धान्त के द्वारा खेल के ये ही परिणाम हैं । अतएव शिक्षक इसे भुला नहीं सकते खेल द्वारा शिक्षा विधि की मान्यता उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही है । कार्य तथा खेल :- इनकी परिभाषा तथा अन्तर करना कठिन है । यह कहा जा सकता है, कार्य वह है जो हमें आवश्यक रूप से करना है। खेल वह है जो हमारी इच्छा पर निर्भर करता है।
उसके सक्रिय व्यवधान के बिना, अपनी आधारभूत एकता प्रदान कर सकते हैं ? किन्तु मूल्यों में बात कुछ और ही हो जाती है। यहाँ आत्मा अपनी उदासीनता का परित्याग कर देती है और बाह्य जगत् को अपने आप से समरस बनाकर, हेतुपुरस्सर एकता का साक्षात्कार करने की चेष्टा करती है। वस्तुतः आत्मा की यही हेतुमत्ता, मूल्य को वस्तुवृत्त से पृथक करती है। इस स्थापना पर ध्यान दीजिए - यह गुलाब का फूल लाल है। गुलाब है, उसकी • लालिमा है और गुलाब की लालिमा गुलाब में आत्मा की अनुभूयमानता के बिना ही उपन्यस्त है। गुलाब लाल बना ही रहेगा चाहे उसे मैं देखूँ अथवा दूसरा व्यक्ति देखे । इस प्रकार, जहाँ तक, कोई स्थापना किसी वस्तुवृत्त को प्रस्थापित करती है, वहाँ तक आत्मा की हेतुमत्ता का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। किन्तु वह स्थापना तभी सत्य होगी, जब कि वह आत्मा द्वारा स्वीकृत होगी। उसी प्रकार, गुलाब का रंग, गुलाब में कोई देखे अथवा न देखे, ज्यों का त्यों बना रहता है, किन्तु वह सुन्दर तब तक नहीं होता जब तक किसी आत्मा को वह वैसा न लगे । विंडेलबांड Prāludien में यही बात कहता है । इस पुस्तक में विंडेलबांड वस्तुवृत्त-विषयक निर्णयों अथवा (Urteile ) एवं मूल्य-विषयक निर्णयों ( Beurteilungen ) में अन्तर करता है। "पहिले में दो विचारों के आधेयों का सम्बन्ध, और दूसरे में परिकल्पित विषय का निर्णायक चेतना से सम्बन्ध व्यक्त किया जाता
उसके सक्रिय व्यवधान के बिना, अपनी आधारभूत एकता प्रदान कर सकते हैं ? किन्तु मूल्यों में बात कुछ और ही हो जाती है। यहाँ आत्मा अपनी उदासीनता का परित्याग कर देती है और बाह्य जगत् को अपने आप से समरस बनाकर, हेतुपुरस्सर एकता का साक्षात्कार करने की चेष्टा करती है। वस्तुतः आत्मा की यही हेतुमत्ता, मूल्य को वस्तुवृत्त से पृथक करती है। इस स्थापना पर ध्यान दीजिए - यह गुलाब का फूल लाल है। गुलाब है, उसकी • लालिमा है और गुलाब की लालिमा गुलाब में आत्मा की अनुभूयमानता के बिना ही उपन्यस्त है। गुलाब लाल बना ही रहेगा चाहे उसे मैं देखूँ अथवा दूसरा व्यक्ति देखे । इस प्रकार, जहाँ तक, कोई स्थापना किसी वस्तुवृत्त को प्रस्थापित करती है, वहाँ तक आत्मा की हेतुमत्ता का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। किन्तु वह स्थापना तभी सत्य होगी, जब कि वह आत्मा द्वारा स्वीकृत होगी। उसी प्रकार, गुलाब का रंग, गुलाब में कोई देखे अथवा न देखे, ज्यों का त्यों बना रहता है, किन्तु वह सुन्दर तब तक नहीं होता जब तक किसी आत्मा को वह वैसा न लगे । विंडेलबांड Prāludien में यही बात कहता है । इस पुस्तक में विंडेलबांड वस्तुवृत्त-विषयक निर्णयों अथवा एवं मूल्य-विषयक निर्णयों में अन्तर करता है। "पहिले में दो विचारों के आधेयों का सम्बन्ध, और दूसरे में परिकल्पित विषय का निर्णायक चेतना से सम्बन्ध व्यक्त किया जाता
महंगी बाइक के शौक को पूरा करने के लिए मोटरसाइकिलों को अपना निशाना बनाया और एक के बाद एक कई वारदात अंजाम दी। आरोपी युवक कुमावतों का नया गांव निवासी नन्दलाल उर्फ नंदा कुमावत काे पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 17 चोरी की बाइक बरामद की। आरोपी पहले भी पकड़ा जा चुका है और जमानत पर बाहर आते ही फिर वारदातों का अंजाम दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित केसरपुरा निवासी सांवरलाल पुत्र जोधाराम गुर्जर ने बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में विशेष टीम ने जब पड़ताल के दाैरान सीसीटीवी कैमरे खंगाले और संदिग्धों से पूछताछ की तो आरोपी नंदलाल कुमावत को हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि 23 साल के नंदा ने महंगी बाइकों का शौक पूरा करने के लिए रॉयल एनफील्ड, पल्सर, आरएन फाइव, अपाची जैसी महंगी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाया। पुलिस पूछताछ में जब आरोपी ने एक के बाद एक कई वारदातों का खुलासा किया ताे पुलिस खुद हैरान रह गई। आरोपी ने केकड़ी, अजमेर जयपुर, भीलवाड़ा, सरवाड़ सहित कई शहरों व जिलों में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों काे अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की क्राइम हिस्ट्री खंगालकर देखी तो पता चला कि आरोपी के खिलाफ अब तक विभिन्न थानों में 9 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी जमानत पर छूटा हुआ है। उसने जमानत पर छूटने के बाद फिर से वापस चोरी की वारदातो को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानीदेही पर 17 मोटरसाइकिलें बरामद कर ली है। वारदातों के पर्दाफाश करने के लिए एएसपी घनश्याम शर्मा व डीएसपी खींवसिंह के सुपर विजन में गठित टीम में थानाधिकारी सुधीर कुमार उपध्याय, एएसआई रामसिंह, इंद्रसिंह, हेड कांस्टेबल राजेश मीणा, कांस्टेबल रामराज, राकेश, शुभकरण, गणेशलाल व मुकेश कुमार शामिल थे। (इनपुटः ज्ञानप्रकाश दाधीच) This website follows the DNPA Code of Ethics.
महंगी बाइक के शौक को पूरा करने के लिए मोटरसाइकिलों को अपना निशाना बनाया और एक के बाद एक कई वारदात अंजाम दी। आरोपी युवक कुमावतों का नया गांव निवासी नन्दलाल उर्फ नंदा कुमावत काे पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से सत्रह चोरी की बाइक बरामद की। आरोपी पहले भी पकड़ा जा चुका है और जमानत पर बाहर आते ही फिर वारदातों का अंजाम दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित केसरपुरा निवासी सांवरलाल पुत्र जोधाराम गुर्जर ने बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में विशेष टीम ने जब पड़ताल के दाैरान सीसीटीवी कैमरे खंगाले और संदिग्धों से पूछताछ की तो आरोपी नंदलाल कुमावत को हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि तेईस साल के नंदा ने महंगी बाइकों का शौक पूरा करने के लिए रॉयल एनफील्ड, पल्सर, आरएन फाइव, अपाची जैसी महंगी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाया। पुलिस पूछताछ में जब आरोपी ने एक के बाद एक कई वारदातों का खुलासा किया ताे पुलिस खुद हैरान रह गई। आरोपी ने केकड़ी, अजमेर जयपुर, भीलवाड़ा, सरवाड़ सहित कई शहरों व जिलों में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों काे अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की क्राइम हिस्ट्री खंगालकर देखी तो पता चला कि आरोपी के खिलाफ अब तक विभिन्न थानों में नौ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी जमानत पर छूटा हुआ है। उसने जमानत पर छूटने के बाद फिर से वापस चोरी की वारदातो को अंजाम देना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानीदेही पर सत्रह मोटरसाइकिलें बरामद कर ली है। वारदातों के पर्दाफाश करने के लिए एएसपी घनश्याम शर्मा व डीएसपी खींवसिंह के सुपर विजन में गठित टीम में थानाधिकारी सुधीर कुमार उपध्याय, एएसआई रामसिंह, इंद्रसिंह, हेड कांस्टेबल राजेश मीणा, कांस्टेबल रामराज, राकेश, शुभकरण, गणेशलाल व मुकेश कुमार शामिल थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
प्री मानसून की पहली बड़ी बारिश ने कांगड़ा जिला को झकझोरते हुए आपदा प्रबंधों की पोल खोल दी है। गत रोज कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा बारिश गगल क्षेत्र में हुई है। गगल में 143 एमएम रेन रिकार्ड हुई है। यह धर्मशाला में रिकार्ड बारिश 47एमएम से कहीं ज्यादा रही है। नगरोटा सूरियां क्षेत्र में 56 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है। इस बारिश ने कांगड़ा जिला में आपदा प्रबंधों की भी पोल खोल दी है। इस दौरान जवाली और पंचरुखी क्षेत्रों में नालियां बंद होने से पानी सडक़ों पर आ गया ,तो धर्मशाला-सकोह सडक़ चैतड़ू के निकट पहाड़ी से गिरता मलबा कूहल को रोकते हुए खेतों तक जा पहुंचा है। नूरपुर क्षेत्र मे चक्की दरिया में बाढ़ आने से दोनों पुलों के लिए बन रहे सुरक्षा चक्र का काम रुक गया है। जिला के मुख्य बाजारों में नालियां चोक होने से पहली ही बारिश ने दिखा दिया है कि आने वाला समय जनता के लिए चुनौती भरा रहने वाला है। कांगड़ा घाटी में धान की पनीरी को रोपने का काम शुरू हो गया है। इस बार खड्डों में पानी ठीक रहने से पनीरी रोपने में किसानों को दिक्कत कम आ रही है। हालांकि जिला में कई कूहलें दम तोड़ रही हैं, जहां धान उगाना कठिन रहने वाला है। जिला में 2 लाख 35 हजार किसान हैं।
प्री मानसून की पहली बड़ी बारिश ने कांगड़ा जिला को झकझोरते हुए आपदा प्रबंधों की पोल खोल दी है। गत रोज कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा बारिश गगल क्षेत्र में हुई है। गगल में एक सौ तैंतालीस एमएम रेन रिकार्ड हुई है। यह धर्मशाला में रिकार्ड बारिश सैंतालीसएमएम से कहीं ज्यादा रही है। नगरोटा सूरियां क्षेत्र में छप्पन एमएम बारिश रिकार्ड हुई है। इस बारिश ने कांगड़ा जिला में आपदा प्रबंधों की भी पोल खोल दी है। इस दौरान जवाली और पंचरुखी क्षेत्रों में नालियां बंद होने से पानी सडक़ों पर आ गया ,तो धर्मशाला-सकोह सडक़ चैतड़ू के निकट पहाड़ी से गिरता मलबा कूहल को रोकते हुए खेतों तक जा पहुंचा है। नूरपुर क्षेत्र मे चक्की दरिया में बाढ़ आने से दोनों पुलों के लिए बन रहे सुरक्षा चक्र का काम रुक गया है। जिला के मुख्य बाजारों में नालियां चोक होने से पहली ही बारिश ने दिखा दिया है कि आने वाला समय जनता के लिए चुनौती भरा रहने वाला है। कांगड़ा घाटी में धान की पनीरी को रोपने का काम शुरू हो गया है। इस बार खड्डों में पानी ठीक रहने से पनीरी रोपने में किसानों को दिक्कत कम आ रही है। हालांकि जिला में कई कूहलें दम तोड़ रही हैं, जहां धान उगाना कठिन रहने वाला है। जिला में दो लाख पैंतीस हजार किसान हैं।
जिला कुल्लू के भुंतर में न्यूज पेपर एजेंसी के संचालक के साथ मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। भुंतर पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेते हुए आगामी प्रक्रिया आरंभ की है। इन आरोपियों की पहचान रोशन लाल, विशू व शिवा के तौर पर हुई है। बता दें कि करीब चार दिन पहले भुंतर में स्थित न्यूज पेपर एजेंसी संचालक के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी और इससे उसकी नाक की हड्डी टूट गई थी। भुंतर पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी तहकीकात आरंभ कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया था। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा है। न्यूज पेपर एजेंसी के संचालक राजेश कुमार ने बताया कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया था वे भी भुंतर में दुकानदारी का कार्य करते हैं। कुछ दिन पूर्व जब राजेश कुमार दुकान में कार्य कर रहा था तो ये आरोपी दुकान में घुसे और इसकी पिटाई करने लगे। इससे पीडि़त की नाक की हड्डी टूट गई और अस्पताल में इलाज करवाना पड़ा। पीडि़त ने चिंता जताई थी कि आरोपी हमलावर फिर से उस पर हमला कर सकते हैं और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। डीएसपी कुल्लू प्रियांक गुप्ता के अनुसार तीन आरोपियों को पकड़ा गया है और आगामी कार्रवाई की जा रही है।
जिला कुल्लू के भुंतर में न्यूज पेपर एजेंसी के संचालक के साथ मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। भुंतर पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेते हुए आगामी प्रक्रिया आरंभ की है। इन आरोपियों की पहचान रोशन लाल, विशू व शिवा के तौर पर हुई है। बता दें कि करीब चार दिन पहले भुंतर में स्थित न्यूज पेपर एजेंसी संचालक के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी और इससे उसकी नाक की हड्डी टूट गई थी। भुंतर पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी तहकीकात आरंभ कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया था। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा है। न्यूज पेपर एजेंसी के संचालक राजेश कुमार ने बताया कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया था वे भी भुंतर में दुकानदारी का कार्य करते हैं। कुछ दिन पूर्व जब राजेश कुमार दुकान में कार्य कर रहा था तो ये आरोपी दुकान में घुसे और इसकी पिटाई करने लगे। इससे पीडि़त की नाक की हड्डी टूट गई और अस्पताल में इलाज करवाना पड़ा। पीडि़त ने चिंता जताई थी कि आरोपी हमलावर फिर से उस पर हमला कर सकते हैं और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। डीएसपी कुल्लू प्रियांक गुप्ता के अनुसार तीन आरोपियों को पकड़ा गया है और आगामी कार्रवाई की जा रही है।
मुरादाबाद। विद्युत कर्मी बनकर लोगों के बिल की रकम हड़पने वाला ठग शनिवार को पकड़ा गया। इस बार वह मोटा हाथ मारने के लिए सिविल लाइंस स्थित एक्सईएन दफ्तर के बाहर बैठा था। पहले ठगी का शिकार हुए कुछ उपभोक्ताओं ने उसे पहचान लिया और दफ्तर के अंदर ले गए। वहां जब स्टाफ से पूछा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया कि यह निगम का कर्मचारी नहीं है। इस पर गुस्साए उपभोक्ताओं ने ठग को दफ्तर में ही पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद मनोज सैनी, इमराना परवीन, अजय कुमार, बिट्टू, शाहवेज आलम, साहिबे आलम आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि वह शातिर अब तक करीब 21 लोगों को एक लाख रुपये की चपत लगा चुका है। हाल ही में उसने दौलतबाग बिजलीघर पर एक बुजुर्ग महिला से साढ़े चार हजार रुपये ठगे थे। जमकर पिटाई करने के बाद लोग ठग को सिविल लाइंस थाने ले गए। हालांकि वहां उसे समझा बुझाकर छोड़ दिया गया, सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि लोगों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि शिकायत आएगी तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। शातिर ठग अलग अलग बिजलीघरों पर जाकर बैठता है और बिल जमा करने के लिए लाइन में लगे लोगों को ठगता है। ज्यादातर बुजुर्गों व महिलाओं के साथ वह ठगी करता है। उनसे पूछता है कि बिल जमा करना है। जवाब हां मिलने पर कहता है कि मैं जेई हूं. . . लाओ अंदर जाकर मैं जमा कर देता हूं। आप लाइन में मत लगो। कुछ देर बाद बाहर आकर कहता है कि बिल जमा हो गया है, अंदर क्लर्क से रसीद ले लेना। जब उपभोक्ता रसीद लेने पहुंचते हैं तो ठगी का अंदाजा होता है। तब तक ठग अपना काम करके निकल जाता है।
मुरादाबाद। विद्युत कर्मी बनकर लोगों के बिल की रकम हड़पने वाला ठग शनिवार को पकड़ा गया। इस बार वह मोटा हाथ मारने के लिए सिविल लाइंस स्थित एक्सईएन दफ्तर के बाहर बैठा था। पहले ठगी का शिकार हुए कुछ उपभोक्ताओं ने उसे पहचान लिया और दफ्तर के अंदर ले गए। वहां जब स्टाफ से पूछा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया कि यह निगम का कर्मचारी नहीं है। इस पर गुस्साए उपभोक्ताओं ने ठग को दफ्तर में ही पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद मनोज सैनी, इमराना परवीन, अजय कुमार, बिट्टू, शाहवेज आलम, साहिबे आलम आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि वह शातिर अब तक करीब इक्कीस लोगों को एक लाख रुपये की चपत लगा चुका है। हाल ही में उसने दौलतबाग बिजलीघर पर एक बुजुर्ग महिला से साढ़े चार हजार रुपये ठगे थे। जमकर पिटाई करने के बाद लोग ठग को सिविल लाइंस थाने ले गए। हालांकि वहां उसे समझा बुझाकर छोड़ दिया गया, सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि लोगों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि शिकायत आएगी तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। शातिर ठग अलग अलग बिजलीघरों पर जाकर बैठता है और बिल जमा करने के लिए लाइन में लगे लोगों को ठगता है। ज्यादातर बुजुर्गों व महिलाओं के साथ वह ठगी करता है। उनसे पूछता है कि बिल जमा करना है। जवाब हां मिलने पर कहता है कि मैं जेई हूं. . . लाओ अंदर जाकर मैं जमा कर देता हूं। आप लाइन में मत लगो। कुछ देर बाद बाहर आकर कहता है कि बिल जमा हो गया है, अंदर क्लर्क से रसीद ले लेना। जब उपभोक्ता रसीद लेने पहुंचते हैं तो ठगी का अंदाजा होता है। तब तक ठग अपना काम करके निकल जाता है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर हमला किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि ये कौन सा राजधर्म है। जनता को फायदा नहीं मिल रहा है। सरकार अपना जेब भर रही है। नई दिल्लीः कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए बुधवार को सवाल किया कि जब किसानों और मजदूरों की मदद नहीं हो रही है तो फिर किसके लिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है? उन्होंने ट्वीट किया, " कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट का फायदा जनता को मिलना चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार बार-बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर जनता को मिलने वाला सारा फायदा अपने सूटकेस में भर लेती है। " कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने दावा किया, "कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का फायदा जनता को मिल नहीं रहा है और जो पैसा इकट्ठा हो रहा है उससे भी मजदूरों, मध्यम वर्ग, किसानों और उद्योगों की मदद हो नहीं रही है। " प्रियंका ने सवाल किया कि आख़िर सरकार पैसा इकट्ठा किसके लिए कर रही है? केंद्र सरकार ने मंगलवार रात को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिया। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मांग नहीं होने के कारण पिछले माह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 18. 10 डॉलर के निम्न स्तर पर पहुंच गई थी। यह 1999 के बाद से सबसे कम कीमत थी। हालांकि इसके बाद कीमतों में थोड़ी वृद्धि हुई और यह 28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कोरोना महामारी के कारण राजस्व के भारी नुकसान का उल्लेख करते हुए बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेशों के लिए आर्थिक पैकेज देना चाहिए। पार्टी अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्यमंत्रियों ने यह आरोप भी लगाया कि कोरोना से संबंधित जोन का निर्धारण करने के लिए केंद्र की तरफ से राज्यों के साथ सलाह-मशविरा नहीं किया जा रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग जमीनी हकीकत जाने बिना कोविड-19 के जोन का वर्गीकरण कर रहे हैं, जो चिंताजनक बात है। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने भी कहा, "भारत सरकार राज्यों के साथ विचार-विमर्श किए बिना जोन का निर्धारण कर रही है और इससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है। किसी मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श क्यों नहीं किया गया? " उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के बारे में एक शब्द नहीं बोले हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर हमला किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि ये कौन सा राजधर्म है। जनता को फायदा नहीं मिल रहा है। सरकार अपना जेब भर रही है। नई दिल्लीः कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए बुधवार को सवाल किया कि जब किसानों और मजदूरों की मदद नहीं हो रही है तो फिर किसके लिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है? उन्होंने ट्वीट किया, " कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट का फायदा जनता को मिलना चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार बार-बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर जनता को मिलने वाला सारा फायदा अपने सूटकेस में भर लेती है। " कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने दावा किया, "कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का फायदा जनता को मिल नहीं रहा है और जो पैसा इकट्ठा हो रहा है उससे भी मजदूरों, मध्यम वर्ग, किसानों और उद्योगों की मदद हो नहीं रही है। " प्रियंका ने सवाल किया कि आख़िर सरकार पैसा इकट्ठा किसके लिए कर रही है? केंद्र सरकार ने मंगलवार रात को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क दस रुपयापए प्रति लीटर और डीजल पर तेरह रुपयापए प्रति लीटर बढ़ा दिया। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मांग नहीं होने के कारण पिछले माह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल अट्ठारह. दस डॉलर के निम्न स्तर पर पहुंच गई थी। यह एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे के बाद से सबसे कम कीमत थी। हालांकि इसके बाद कीमतों में थोड़ी वृद्धि हुई और यह अट्ठाईस डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कोरोना महामारी के कारण राजस्व के भारी नुकसान का उल्लेख करते हुए बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेशों के लिए आर्थिक पैकेज देना चाहिए। पार्टी अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्यमंत्रियों ने यह आरोप भी लगाया कि कोरोना से संबंधित जोन का निर्धारण करने के लिए केंद्र की तरफ से राज्यों के साथ सलाह-मशविरा नहीं किया जा रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग जमीनी हकीकत जाने बिना कोविड-उन्नीस के जोन का वर्गीकरण कर रहे हैं, जो चिंताजनक बात है। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने भी कहा, "भारत सरकार राज्यों के साथ विचार-विमर्श किए बिना जोन का निर्धारण कर रही है और इससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है। किसी मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श क्यों नहीं किया गया? " उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के बारे में एक शब्द नहीं बोले हैं।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सादिकाबाद जिले में मंदिर में की गई तोड़फोड़ पर प्रधानमंत्री इमरान खान का बयान आया है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि उनकी सरकार मंदिर की मरम्मत कराएगी। दरअसल, भोंग शरीफ गांव के सिद्धिविनायक मंदिर में बुधवार शाम को उपद्रवियों की भीड़ घुस गई थी। इस दौरान मंदिर के अंदर जमकर तोड़ फोड़ की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इमरान खान ने ट्वीट कर लिखा कि रहीम यार खान के भोंग में गणेश मंदिर पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैंने पहले ही आईजी पंजाब को सभी दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। मामले में अगर पुलिस की किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर में तोड़फोड़ के विरोध में गुरुवार को पाकिस्तानी हिंदुओं ने रहीम यार खान जिले में घटना का विरोध किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भारत सरकार ने भी मंदिर पर हुए हमले की निंदा की। भारत में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी को तलब किया और इस पर कड़ी आपत्ति जताई। Strongly condemn attack on Ganesh Mandir in Bhung, RYK yesterday. I have already asked IG Punjab to ensure arrest of all culprits & take action against any police negligence. The govt will also restore the Mandir. इससे पहले पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सूबे के मुख्य सचिव और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को शुक्रवार को कोर्ट में पेश होने का हुक्म सुनाया है। पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। मुख्य न्यायाधीश को इस हमले की जानकारी पाकिस्तानी सांसद और पाकिस्तान हिंदू परिषद के संरक्षक डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने दी। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सौ से अधिक लोगों की भीड़ ने एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी थी। घटना करक जिले के टेरी गांव की थी, जहां स्थानीय मौलवियों की अगुवाई में भीड़ ने मंदिर को नष्ट कर दिया था। इस मामले में कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के नेता रहमत सलाम खट्टक समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सादिकाबाद जिले में मंदिर में की गई तोड़फोड़ पर प्रधानमंत्री इमरान खान का बयान आया है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि उनकी सरकार मंदिर की मरम्मत कराएगी। दरअसल, भोंग शरीफ गांव के सिद्धिविनायक मंदिर में बुधवार शाम को उपद्रवियों की भीड़ घुस गई थी। इस दौरान मंदिर के अंदर जमकर तोड़ फोड़ की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इमरान खान ने ट्वीट कर लिखा कि रहीम यार खान के भोंग में गणेश मंदिर पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैंने पहले ही आईजी पंजाब को सभी दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। मामले में अगर पुलिस की किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर में तोड़फोड़ के विरोध में गुरुवार को पाकिस्तानी हिंदुओं ने रहीम यार खान जिले में घटना का विरोध किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भारत सरकार ने भी मंदिर पर हुए हमले की निंदा की। भारत में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी को तलब किया और इस पर कड़ी आपत्ति जताई। Strongly condemn attack on Ganesh Mandir in Bhung, RYK yesterday. I have already asked IG Punjab to ensure arrest of all culprits & take action against any police negligence. The govt will also restore the Mandir. इससे पहले पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सूबे के मुख्य सचिव और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को शुक्रवार को कोर्ट में पेश होने का हुक्म सुनाया है। पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। मुख्य न्यायाधीश को इस हमले की जानकारी पाकिस्तानी सांसद और पाकिस्तान हिंदू परिषद के संरक्षक डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने दी। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सौ से अधिक लोगों की भीड़ ने एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी थी। घटना करक जिले के टेरी गांव की थी, जहां स्थानीय मौलवियों की अगुवाई में भीड़ ने मंदिर को नष्ट कर दिया था। इस मामले में कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के नेता रहमत सलाम खट्टक समेत तीस लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
देशभर में जन्माष्टमी (Happy Krishna Janmashtami 2020) के त्योहार की धूम है। इस साल जन्माष्टमी दो दिन यानी कुछ जगहों पर 11 अगस्त को मनाई गई तो कुछ जगहों पर 12 अगस्त को मनाई जा रही है। सनातन धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को नंद के काल कान्हा का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी पर लोग विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए उपवास भी रखते हैं। इसके अलावा इस खास दिन की लोग रिश्तेदारों, प्रियजनों और दोस्तों को मैसेज से बधाई भी देते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि कृष्ण जन्माष्टमी पर बधाई के लिए कुछ खास मैसेजेज जिन्हें आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम या ट्विटर पर भी शेयर कर सकते हैं। 1. माखन चुराकर जिसने खाया, बंसी बजाकर जिसने नचाया, खुशी मनाओ उसके जन्मदिन की, जिसने दुनिया को प्रेम का पाठ पढ़ाया! कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं। 2. मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है पतवार के बिना ही, मेरी नाव चल रही है, बस होता रहे हमेशा, जो कुछ भी हो रहा हैं। हाथी घोड़ा पालकी, जैय कन्हैया लाल की। 4. कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। 5. देखो फिर जन्माष्टमी आई है, कान्हा की लीला है सबसे प्यारी, हैप्पी जन्माष्टमी।
देशभर में जन्माष्टमी के त्योहार की धूम है। इस साल जन्माष्टमी दो दिन यानी कुछ जगहों पर ग्यारह अगस्त को मनाई गई तो कुछ जगहों पर बारह अगस्त को मनाई जा रही है। सनातन धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को नंद के काल कान्हा का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी पर लोग विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए उपवास भी रखते हैं। इसके अलावा इस खास दिन की लोग रिश्तेदारों, प्रियजनों और दोस्तों को मैसेज से बधाई भी देते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि कृष्ण जन्माष्टमी पर बधाई के लिए कुछ खास मैसेजेज जिन्हें आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम या ट्विटर पर भी शेयर कर सकते हैं। एक. माखन चुराकर जिसने खाया, बंसी बजाकर जिसने नचाया, खुशी मनाओ उसके जन्मदिन की, जिसने दुनिया को प्रेम का पाठ पढ़ाया! कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं। दो. मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है पतवार के बिना ही, मेरी नाव चल रही है, बस होता रहे हमेशा, जो कुछ भी हो रहा हैं। हाथी घोड़ा पालकी, जैय कन्हैया लाल की। चार. कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। पाँच. देखो फिर जन्माष्टमी आई है, कान्हा की लीला है सबसे प्यारी, हैप्पी जन्माष्टमी।
मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के सागर (sagar) में करीब 2 हफ्ते पहले हुए हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, 2 जनवरी की पूर्व सरपंच अशोक चौबे की हत्या हुई थी। हत्या की वारदात पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अमित ने की थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के पहले 2 बार फिल्म दृश्यम देखी थी जिससे हत्या के सबूत मिटाने का तरीका समझ सके।
मध्य प्रदेश के सागर में करीब दो हफ्ते पहले हुए हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, दो जनवरी की पूर्व सरपंच अशोक चौबे की हत्या हुई थी। हत्या की वारदात पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अमित ने की थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के पहले दो बार फिल्म दृश्यम देखी थी जिससे हत्या के सबूत मिटाने का तरीका समझ सके।
देश 23 मार्च का दिन शहीद दिवस (Shaheed Diwas) के रूप में मनाता है। इसी दिन भगत सिंह (Bhagat Singh) अपने साथियों सुखदेव (Sukhdev) और राजगुरु (Rajguru) के साथ हंसते हुए शहीद हो गए थे। फांसी से ठीक पहले लिखे अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने लिखा, 'मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूं कि कैद होकर या पाबंद होकर न रहूं।' 30 जनवरी, 1948 की शाम प्रार्थना के दौरान नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को गोली मारी थी। ये हत्या बिड़ला हाउस में हुई थी। शहीद दिवस (Martyrs' Day) यानी 30 जनवरी को लेकर इस बार केंद्र सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) की ओर से सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसको लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। खुद को देशभक्ति के जज्बे से भरने के लिए उनका नाम ही काफी है। अंग्रेजों के बढ़ते हुए अत्याचार से सबसे पहले भगत सिंह ने लौहार में सांडर्स की गोली मार कर हत्या कर दी। फांसी से ठीक पहले लिखे अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने लिखा, 'मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूं कि कैद होकर या पाबंद होकर न रहूं।' भगत सिंह और उनके साथी बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल, 1929 को सेंट्रल असेम्बली के अंदर बम फेंका। बम फेंकने के अपराध में सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 7 अक्तूबर, 1930 को फांसी की सजा सुना दी गई।
देश तेईस मार्च का दिन शहीद दिवस के रूप में मनाता है। इसी दिन भगत सिंह अपने साथियों सुखदेव और राजगुरु के साथ हंसते हुए शहीद हो गए थे। फांसी से ठीक पहले लिखे अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने लिखा, 'मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूं कि कैद होकर या पाबंद होकर न रहूं।' तीस जनवरी, एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस की शाम प्रार्थना के दौरान नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारी थी। ये हत्या बिड़ला हाउस में हुई थी। शहीद दिवस यानी तीस जनवरी को लेकर इस बार केंद्र सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसको लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। खुद को देशभक्ति के जज्बे से भरने के लिए उनका नाम ही काफी है। अंग्रेजों के बढ़ते हुए अत्याचार से सबसे पहले भगत सिंह ने लौहार में सांडर्स की गोली मार कर हत्या कर दी। फांसी से ठीक पहले लिखे अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने लिखा, 'मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूं कि कैद होकर या पाबंद होकर न रहूं।' भगत सिंह और उनके साथी बटुकेश्वर दत्त ने आठ अप्रैल, एक हज़ार नौ सौ उनतीस को सेंट्रल असेम्बली के अंदर बम फेंका। बम फेंकने के अपराध में सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को सात अक्तूबर, एक हज़ार नौ सौ तीस को फांसी की सजा सुना दी गई।
लहसुन का पानी कैसे बनाएं? लहसुन का पानी बनाने के लिए आप सबसे पहले लहसुन की कलियां लें। फिर आप इनको छीलकर मोटा-मोटा काटकर अलग रख दें। इसके बाद आप एक नॉन स्टिक कढ़ाई को गैस पर रखकर गर्म करें। फिर आप इसमें 1 बड़ा चम्मच जीरा डालें और अच्छी तरह से भूनें। इसके बाद आप एक ग्राइंडर जार में लहसुन, जीरा, काला नमक, चाट मसाला और लाल मिर्च पाउडर डालें। फिर आप इन सारी चीजों को अच्छी तरह से स्मूद होने तक ग्राइंड कर लें। इसके बाद आप एक पैन में करीब 500 मिलिलीटर पानी डालें। फिर आप इसमें तैयार मिक्चर डालें और अच्छी तरह से मिला लें। अब आपका स्वास्थ्य वर्धक लहसुन का पानी बनकर तैयार हो चुका है।
लहसुन का पानी कैसे बनाएं? लहसुन का पानी बनाने के लिए आप सबसे पहले लहसुन की कलियां लें। फिर आप इनको छीलकर मोटा-मोटा काटकर अलग रख दें। इसके बाद आप एक नॉन स्टिक कढ़ाई को गैस पर रखकर गर्म करें। फिर आप इसमें एक बड़ा चम्मच जीरा डालें और अच्छी तरह से भूनें। इसके बाद आप एक ग्राइंडर जार में लहसुन, जीरा, काला नमक, चाट मसाला और लाल मिर्च पाउडर डालें। फिर आप इन सारी चीजों को अच्छी तरह से स्मूद होने तक ग्राइंड कर लें। इसके बाद आप एक पैन में करीब पाँच सौ मिलिलीटर पानी डालें। फिर आप इसमें तैयार मिक्चर डालें और अच्छी तरह से मिला लें। अब आपका स्वास्थ्य वर्धक लहसुन का पानी बनकर तैयार हो चुका है।
हाल के दिनों में मिड-डे मील की वजह से ममता सरकार खबरों में रही है। मिड-डे मील में छिपकली के अलावा सांप भी मिल चुका है। इसी को मुद्दा बनाकर शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी लगातार ममता सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है। केंद्र सरकार ने ममता सरकार के दौर में स्कूली बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे मील योजना के फंड में हेराफेरी के आरोपों की जांच कराने का फैसला किया है। केंद्र सरकार इसके लिए एक टीम भेजने जा रही है। ममता सरकार पर आरोप है कि मिड-डे मील के फंड में बड़ी हेराफेरी की गई है। ममता सरकार की मिड-डे मील योजना की जांच कराने के लिए टीम भेजने की बात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बीती 5 जनवरी को केंद्र को एक अर्जी दी थी। इस अर्जी में शुभेंदु अधिकारी ने मिड-डे मील के फंड में हेराफेरी का आरोप लगाया था। शुभेंदु ने अब जांच टीम भेजने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया है। I welcome @EduMinOfIndia's decision to constitute a Joint Review Mission to review the implementation of the Central Sponsored Scheme; Pradhan Mantri Poshan Shakti Nirman (PM POSHAN) in WB. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक सरकार ने संयुक्त समीक्षा मिशन शुरू किया है। इस मिशन में विशेषज्ञ और पोषण विशेषज्ञ हैं। इसी मिशन के तहत मिड-डे मील मामले की जांच करने के लिए पश्चिम बंगाल में टीम भेजी जाएगी। वहीं, ममता सरकार ने टीम भेजने पर आपत्ति जताई है। ममता सरकार ने हाल ही में स्कूली बच्चों को मिड-डे मील में चिकन और मौसमी फल देने का भी फैसला किया था। इसके लिए 371 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था। बच्चों को चिकन और फल अगले 4 महीने तक हर हफ्ते 1 बार दिए जाने की बात ममता बनर्जी की सरकार ने कही है। हाल के दिनों में मिड-डे मील की वजह से ममता सरकार खबरों में रही है। मिड-डे मील में छिपकली के अलावा सांप भी मिल चुका है। इसी को मुद्दा बनाकर शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी लगातार ममता सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। मिड-डे मील को घटिया स्तर का बताकर विपक्ष मुद्दा बना रहा है। कुल मिलाकर मिड-डे मील के मामले में भी ममता सरकार अब केंद्र के निशाने पर है।
हाल के दिनों में मिड-डे मील की वजह से ममता सरकार खबरों में रही है। मिड-डे मील में छिपकली के अलावा सांप भी मिल चुका है। इसी को मुद्दा बनाकर शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी लगातार ममता सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है। केंद्र सरकार ने ममता सरकार के दौर में स्कूली बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे मील योजना के फंड में हेराफेरी के आरोपों की जांच कराने का फैसला किया है। केंद्र सरकार इसके लिए एक टीम भेजने जा रही है। ममता सरकार पर आरोप है कि मिड-डे मील के फंड में बड़ी हेराफेरी की गई है। ममता सरकार की मिड-डे मील योजना की जांच कराने के लिए टीम भेजने की बात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बीती पाँच जनवरी को केंद्र को एक अर्जी दी थी। इस अर्जी में शुभेंदु अधिकारी ने मिड-डे मील के फंड में हेराफेरी का आरोप लगाया था। शुभेंदु ने अब जांच टीम भेजने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया है। I welcome @EduMinOfIndia's decision to constitute a Joint Review Mission to review the implementation of the Central Sponsored Scheme; Pradhan Mantri Poshan Shakti Nirman in WB. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक सरकार ने संयुक्त समीक्षा मिशन शुरू किया है। इस मिशन में विशेषज्ञ और पोषण विशेषज्ञ हैं। इसी मिशन के तहत मिड-डे मील मामले की जांच करने के लिए पश्चिम बंगाल में टीम भेजी जाएगी। वहीं, ममता सरकार ने टीम भेजने पर आपत्ति जताई है। ममता सरकार ने हाल ही में स्कूली बच्चों को मिड-डे मील में चिकन और मौसमी फल देने का भी फैसला किया था। इसके लिए तीन सौ इकहत्तर करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था। बच्चों को चिकन और फल अगले चार महीने तक हर हफ्ते एक बार दिए जाने की बात ममता बनर्जी की सरकार ने कही है। हाल के दिनों में मिड-डे मील की वजह से ममता सरकार खबरों में रही है। मिड-डे मील में छिपकली के अलावा सांप भी मिल चुका है। इसी को मुद्दा बनाकर शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी लगातार ममता सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। मिड-डे मील को घटिया स्तर का बताकर विपक्ष मुद्दा बना रहा है। कुल मिलाकर मिड-डे मील के मामले में भी ममता सरकार अब केंद्र के निशाने पर है।
Your login session has expired. Please logout and login again. WWE WrestleMania 39 (WrestleMania Hollywood) WWE Video: जॉन सीना और द फीन्ड में से कौन सबसे ज्यादा तगड़ा है? WWE Video: जॉन सीना और द फीन्ड में से कौन सबसे ज्यादा तगड़ा है? Sort by: Delete the comment? Delete the comment? 🏃🏻♀️ Sports (30+) बैकी लिंच (Becky Lynch) जॉन सीना (John Cena) ट्रिपल एच (Triple H) Edition:
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देशभर में सोमवार को मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े ही धूम धाम से ईद मना रहे है।ईद उल-फ़ित्र मतलब रमजान ईद पाक महिने रमजान के खत्म होने के बाद मनाया जाता है। इद के दिन सबसे पहले लोग मस्जिद में जाकर नमाज अदा करते है। रविवार को मरकजी चांद समिति के अध्यक्ष मौलाना खालीद रशीद फिरंगी महली ने सोमवार को देशभर में ईंद मनाने का एलान किया। कुर्ला इलाके में सभी मुस्लिम भाईयों ने ईद के दिन सबसे पहले नमाज अदा किया। कुर्ला स्थानक के बाहर भी लोगो ने नमाज अदा की। मौलाना जुलफाकर ने सभी को ईद की दुआ थी। पुलिस ने भी इस मौके पर खास बंदोबस्त भी किए थे। डाउनलोड करें Mumbai live APP और रहें हर छोटी बड़ी खबर से अपडेट। मुंबई से जुड़ी हर खबर की ताज़ा अपडेट पाने के लिए Mumbai live के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें। (नीचे दिए गये कमेंट बॉक्स में जाकर स्टोरी पर अपनी प्रतिक्रिया दे)
देशभर में सोमवार को मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े ही धूम धाम से ईद मना रहे है।ईद उल-फ़ित्र मतलब रमजान ईद पाक महिने रमजान के खत्म होने के बाद मनाया जाता है। इद के दिन सबसे पहले लोग मस्जिद में जाकर नमाज अदा करते है। रविवार को मरकजी चांद समिति के अध्यक्ष मौलाना खालीद रशीद फिरंगी महली ने सोमवार को देशभर में ईंद मनाने का एलान किया। कुर्ला इलाके में सभी मुस्लिम भाईयों ने ईद के दिन सबसे पहले नमाज अदा किया। कुर्ला स्थानक के बाहर भी लोगो ने नमाज अदा की। मौलाना जुलफाकर ने सभी को ईद की दुआ थी। पुलिस ने भी इस मौके पर खास बंदोबस्त भी किए थे। डाउनलोड करें Mumbai live APP और रहें हर छोटी बड़ी खबर से अपडेट। मुंबई से जुड़ी हर खबर की ताज़ा अपडेट पाने के लिए Mumbai live के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।
वर्तमान खरीफ विपणन मौसम में केन्द्र सरकार किसानों से मौजूदा योजनाओं के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ जिन्सों की खरीद कर रही है कल तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से अट्ठावन हजार एक सौ इक्यानवे मीट्रिक टन मूंग उडद मूंगफली और सोयाबीन की खरीद की है इसके लिए सरकार ने राजस्थान सहित चार राज्यों से लगभग चौंतीस हजार किसानों को तीन सौ बारह करोड रूपये से अधिक के न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान किया है शून्य प्रदेश में इक्यानवे प्रतिशत मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गये हैं कोविड महामारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या दो लाख तीन हजार पाँच सौ चौबिस हो गई है कल दो हजार एक सौ बासठ नये मामलों के बाद सक्रिय मामलों की संख्या बढकर अट्ठारह हजार तिरेपन हो गई है सर्वाधिक चार सौ छः नये मरीज जयपुर में मिले हैं इसके अलावा जोधपुर में तीन सौ छः बीकानेर में दो सौ पंद्रह अलवर में एक सौ बत्तीस अजमेर में एक सौ तीस और कोटा में एक सौ छः लोगों में संक्रमण का पता चला है पिछले चौबिस घंटों में बारह लोगों की मृत्यु के साथ प्रदेश में इस बीमारी से अब तक दो हजार छप्पन लोगों की मौत हो चुकी है शून्य देश में कोविड19 से ठीक होने वालों की दर बेहतर होकर तिरानवे दशमलव शून्य नौ प्रतिशत हो गई है पिछले चौबीस घंटों में बयालीस हजार से अधिक मरीज संक्रमण से मुक्त हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ठीक होने वालों की संख्या बयासी लाख से अधिक हो गई है देश में नये मामलो की संख्या कुल मामलों का केवल पांच दशमलव चार चार प्रतिशत है इस समय देश में सक्रिय मामलों की संख्या चार लाख उन्यासी हजार है देश में संक्रमण के बारह करोड अड़तालीस लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है शून्य पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की श्रृंखला में आज राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में गोवर्धन पूजन परम्परागत श्रद्धाभाव से किया गया महिलाओं ने आज सुबह गोवर्धन बनाकर सामूहिक रूप से पूजाअर्चना कर परिवार में खुशहाली की कामनाएं की कोरोना महामारी के संक्रमण की वजह से इस साल गोवर्धन पूजन के समय महिलाओं ने ज्यादा भीड़ नहीं की और छोटेछोटे समूह में पूरे विधिविधान के साथ पूजन किया कल भाई दूज मनाई जाएगी भाईदूज के त्योहार के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली महोत्सव का भी समापन हो जाएगा शून्य राजधानी जयपुर सहित प्रदेशभर के जैन मन्दिरों में जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाण मोक्ष कल्याणक महोत्सव आज श्रद्धापूर्वक मनाया गया इस दौरान जैन श्रद्धालुओं ने पूजाअर्चना कर मोदक चढ़ाया इस दौरान समाज के लोगों ने भगवान महावीर के सिद्धांतों का सार पूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि हमें जीवन को सार्थक करने के लिए भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाना होगा गौरतलब है कि महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन ही स्वाति नक्षत्र में कैवल्य ज्ञान प्राप्त करके निर्वाण प्राप्त किया था शून्य प्रदेश में डिजिटल बाल मेले का आयोजन किया जा रहा है कल से शुरू हुए इस मेले का विषय कोरोना के प्रति जागरूकता तय किया गया है इस अवसर पर आयोजित हो रही प्रतियोगिता में कोरोना से जंग जीतने और और जागरूकता बढ़ाने से संबंधित संदेश देते हुए वीडियो बनाकर बच्चे प्रतियोगिता की कैटेगरी के अनुसार अपनी एंट्री ऑनलाइन भेज सकेंगे जीतने वाले प्रतिभागी को राज्य स्तर पर कैश अवार्ड भी दिया जाएगा ऑनलाइन वीडियो सबमिट करने की अंतिम तारीख चौदह दिसंबर तथा परिणाम की तारीख पच्चीस दिसंबर तय की गई है शून्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स के जीवन प्रमाण पत्र अब एक साल के लिए वैध माने जाएंगे इससे पहले सभी पेंशन धारकों को हर साल नवंबर और दिसंबर में अपना जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करना अनिवार्य होता था जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से वेबसाइट या उमंग एप के माध्यम से भी जमा करवाया जा सकेगा शून्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की उनतीस तारीख को आकाशवाणी के मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार साझा करेंगे प्रधानमंत्री ने इसके लिए श्रोताओं से सुझाव मांगे हैं श्रोता अपने सुझाव माई जीओवी ओपन फोरम या नरेन्द्र मोदी एप या टोल फ्री नम्बर अट्ठारह शून्य शून्य ग्यारह अठहत्तर शून्य शून्य पर भेज सकते हैं शून्य
वर्तमान खरीफ विपणन मौसम में केन्द्र सरकार किसानों से मौजूदा योजनाओं के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ जिन्सों की खरीद कर रही है कल तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से अट्ठावन हजार एक सौ इक्यानवे मीट्रिक टन मूंग उडद मूंगफली और सोयाबीन की खरीद की है इसके लिए सरकार ने राजस्थान सहित चार राज्यों से लगभग चौंतीस हजार किसानों को तीन सौ बारह करोड रूपये से अधिक के न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान किया है शून्य प्रदेश में इक्यानवे प्रतिशत मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गये हैं कोविड महामारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या दो लाख तीन हजार पाँच सौ चौबिस हो गई है कल दो हजार एक सौ बासठ नये मामलों के बाद सक्रिय मामलों की संख्या बढकर अट्ठारह हजार तिरेपन हो गई है सर्वाधिक चार सौ छः नये मरीज जयपुर में मिले हैं इसके अलावा जोधपुर में तीन सौ छः बीकानेर में दो सौ पंद्रह अलवर में एक सौ बत्तीस अजमेर में एक सौ तीस और कोटा में एक सौ छः लोगों में संक्रमण का पता चला है पिछले चौबिस घंटों में बारह लोगों की मृत्यु के साथ प्रदेश में इस बीमारी से अब तक दो हजार छप्पन लोगों की मौत हो चुकी है शून्य देश में कोविडउन्नीस से ठीक होने वालों की दर बेहतर होकर तिरानवे दशमलव शून्य नौ प्रतिशत हो गई है पिछले चौबीस घंटों में बयालीस हजार से अधिक मरीज संक्रमण से मुक्त हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ठीक होने वालों की संख्या बयासी लाख से अधिक हो गई है देश में नये मामलो की संख्या कुल मामलों का केवल पांच दशमलव चार चार प्रतिशत है इस समय देश में सक्रिय मामलों की संख्या चार लाख उन्यासी हजार है देश में संक्रमण के बारह करोड अड़तालीस लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है शून्य पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की श्रृंखला में आज राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में गोवर्धन पूजन परम्परागत श्रद्धाभाव से किया गया महिलाओं ने आज सुबह गोवर्धन बनाकर सामूहिक रूप से पूजाअर्चना कर परिवार में खुशहाली की कामनाएं की कोरोना महामारी के संक्रमण की वजह से इस साल गोवर्धन पूजन के समय महिलाओं ने ज्यादा भीड़ नहीं की और छोटेछोटे समूह में पूरे विधिविधान के साथ पूजन किया कल भाई दूज मनाई जाएगी भाईदूज के त्योहार के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली महोत्सव का भी समापन हो जाएगा शून्य राजधानी जयपुर सहित प्रदेशभर के जैन मन्दिरों में जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाण मोक्ष कल्याणक महोत्सव आज श्रद्धापूर्वक मनाया गया इस दौरान जैन श्रद्धालुओं ने पूजाअर्चना कर मोदक चढ़ाया इस दौरान समाज के लोगों ने भगवान महावीर के सिद्धांतों का सार पूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि हमें जीवन को सार्थक करने के लिए भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाना होगा गौरतलब है कि महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन ही स्वाति नक्षत्र में कैवल्य ज्ञान प्राप्त करके निर्वाण प्राप्त किया था शून्य प्रदेश में डिजिटल बाल मेले का आयोजन किया जा रहा है कल से शुरू हुए इस मेले का विषय कोरोना के प्रति जागरूकता तय किया गया है इस अवसर पर आयोजित हो रही प्रतियोगिता में कोरोना से जंग जीतने और और जागरूकता बढ़ाने से संबंधित संदेश देते हुए वीडियो बनाकर बच्चे प्रतियोगिता की कैटेगरी के अनुसार अपनी एंट्री ऑनलाइन भेज सकेंगे जीतने वाले प्रतिभागी को राज्य स्तर पर कैश अवार्ड भी दिया जाएगा ऑनलाइन वीडियो सबमिट करने की अंतिम तारीख चौदह दिसंबर तथा परिणाम की तारीख पच्चीस दिसंबर तय की गई है शून्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स के जीवन प्रमाण पत्र अब एक साल के लिए वैध माने जाएंगे इससे पहले सभी पेंशन धारकों को हर साल नवंबर और दिसंबर में अपना जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करना अनिवार्य होता था जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से वेबसाइट या उमंग एप के माध्यम से भी जमा करवाया जा सकेगा शून्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की उनतीस तारीख को आकाशवाणी के मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार साझा करेंगे प्रधानमंत्री ने इसके लिए श्रोताओं से सुझाव मांगे हैं श्रोता अपने सुझाव माई जीओवी ओपन फोरम या नरेन्द्र मोदी एप या टोल फ्री नम्बर अट्ठारह शून्य शून्य ग्यारह अठहत्तर शून्य शून्य पर भेज सकते हैं शून्य
Don't Miss! VIDEO: इतने पॉपुलर एक्टर.. लेकिन हरकत ऐसी.. वायरल हुआ वीडियो! [गपशप] अन्नू कपूर बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक मंझे हुए कलाकार माने जाते हैं। एक से एक बेहतरीन फिल्में और टीवी शो का हिस्सा रह चुके अन्नू कपूर की तरह इंडस्ट्री इज्जत भरी निगाहों के साथ देखती है और यही हाल फैंस का भी है। लेकिन हाल ही में एक ऐसी वीडियो वायरल हो गयी है, जिसे देखकर आपको इस पॉपुलर एक्टर से थोड़ी नफरत हो ही जाएगी। लेकिन हां, इस वीडियो को देखकर आप खुलकर हंस सकते हैं, हालांकि इसमें काफी हिंसा (शब्दों का) दिखाया गया है। SURPRISE: नए टीवी शो के साथ तैयार सलमान खान.. दरअसल, यह वीडियो काफी पुराने रिएलिटी शो की है.. 'एक से बढ़कर एक- छोटा पैकेट बड़ा धमाका'.. जहां अन्नू कपूर, कुणाल कोहली और राखी सावंत बतौर जज बैठे हैं। लेकिन फिर शो में कुछ ऐसा हुआ.. जिसका अंदाजा भी आप नहीं लगा सकते। एक कंटेस्टेंट के गाने और प्वाइंट्स की बात पर अन्नू कपूर कुणाल कोहली से इस तरह भिड़ गए कि बच्चे भी सहम गए। कुणाल शो छोड़कर चले गए और राखी सावंत.. जी हां राखी सावंत भी अन्नू कपूर के सामने ज्यादा सहनशील लगीं। यहां देखें वायरल हुआ वीडियो-(नीचे दी तस्वीर पर क्लिक करें)
Don't Miss! VIDEO: इतने पॉपुलर एक्टर.. लेकिन हरकत ऐसी.. वायरल हुआ वीडियो! [गपशप] अन्नू कपूर बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक मंझे हुए कलाकार माने जाते हैं। एक से एक बेहतरीन फिल्में और टीवी शो का हिस्सा रह चुके अन्नू कपूर की तरह इंडस्ट्री इज्जत भरी निगाहों के साथ देखती है और यही हाल फैंस का भी है। लेकिन हाल ही में एक ऐसी वीडियो वायरल हो गयी है, जिसे देखकर आपको इस पॉपुलर एक्टर से थोड़ी नफरत हो ही जाएगी। लेकिन हां, इस वीडियो को देखकर आप खुलकर हंस सकते हैं, हालांकि इसमें काफी हिंसा दिखाया गया है। SURPRISE: नए टीवी शो के साथ तैयार सलमान खान.. दरअसल, यह वीडियो काफी पुराने रिएलिटी शो की है.. 'एक से बढ़कर एक- छोटा पैकेट बड़ा धमाका'.. जहां अन्नू कपूर, कुणाल कोहली और राखी सावंत बतौर जज बैठे हैं। लेकिन फिर शो में कुछ ऐसा हुआ.. जिसका अंदाजा भी आप नहीं लगा सकते। एक कंटेस्टेंट के गाने और प्वाइंट्स की बात पर अन्नू कपूर कुणाल कोहली से इस तरह भिड़ गए कि बच्चे भी सहम गए। कुणाल शो छोड़कर चले गए और राखी सावंत.. जी हां राखी सावंत भी अन्नू कपूर के सामने ज्यादा सहनशील लगीं। यहां देखें वायरल हुआ वीडियो-
॥ श्री भागवत सारबिन्दु ॥ स्कन्ध १. श्र. ६ हुए भीष्म पितामह के चरसों को प्रक्षालन करते हैं तब कृष्णचन्द्र रूप पूर्णिमा तिथिको उपस्थिति में द्रौपदी रूप प्रभा युक्त, भीमार्जुनादि कलाओं से पूर्ण चन्द्रमा रूप युधिष्ठिर को देखकर जड़ समुद्र के समान अर्जुनके बाणों से जड़ी भाव बाण शय्या शायी हुए भी देशकाल विभाग वेत्ता भीष्मपितामह आनन्दित होकर धर्म अर्थ काम मोक्ष उपदेश रूप तरङ्गों से उछलने लगे कि अहो खेद है कृष्णचन्द्र से पूज्य देवों के समान शूरवीर धर्मात्मा पाँचपुत्रों के होने पर भी कुन्ती कष्टों को भोगती है। आश्चर्य है । प्रारब्ध दैवगति के नाटक का फाटक कहाँ तक जा लगा है। तिसमें भी धर्म पुत्र युधिष्ठिर के चक्रवर्ती राजा होने पर कष्ट । और जहां अर्जुन धनुर्धारी, किरात रूप शिवको युद्ध में तोषकारी, देवप्राप्त गाण्डीव चाप युक्त है तो भी दुःख। और जहां पर भुजबल से हस्तियों को वायु लोक में फेंकनेवाले गदाधारी भीम हैं तो भी कष्ट और जहां सृष्टिकर्ता भर्ता हर्ता, कृष्णमुरारी, गोवर्धनधारी कंस संहारी भक्त सुखकारी, बहुलीलाधारी, देवकीनन्दन, भक्त दुख भजन ईश्वर हितकारी हैं तो मी विपत्ति । अहो दैवगति के स्वाराज्य की डिम डिमी की घोषणा कहाँ तक जाती है। पुण्य शरीखल अस्त्रशस्त्र निपुणता सर्व देव संपत्ति प्राप्त होनेपर भी ईश्वर कृष्ण क्या क्या करना जाता ॥७॥ विपत्ति । दैवगति द्वारा यह चाहता है यह नहीं जाना तिस कारण से इन सुख दुःखादि को कर्म द्वारा ईश्वराधीन जानकर, तिस ईश्वर विहित अनुवर्ती हुआ । हे नाथ प्रभो धर्मनन्दन, कुलपरम्परा प्राप्त स्वामीपने से इस अनाथ प्रजा का पालन करो । क्यों कि आप लोकों के तो मोक्षरूप श्रीकृष्ण साथ साथ विचरते हैं । परन्तु मुझ पर भी कृपा करते हुए कृष्ण को देखो जो प्राणान्त काल में दर्शन देने को आगये हैं। उन पुरुषों की सांसारिक दुःखों से क्या हानि हो सकती है जिनके कृष्णचन्द्र परमानन्द सदा हृदय में वास करते हैं ऐसा कहते हुए उत्तरायण काल आनेपर स्वच्छन्द मृत्यु भीष्म पितामह ने जीर्ण वस्त्र के समान देह त्याग किया ।।८।। अ. १३ श्लो. २०-२१-२२ येन चैवाभिपन्नोऽयं प्राणैः प्रियतमैरपि । जनःसद्यो वियुज्येत किमुतान्यैर्धनादिभिः ॥ ९॥ पितृभ्रातृसुहृत्पुत्रा हतास्ते विगतं वयः । जरया ग्रस्तः परगेहमुपासते ॥१०॥ ॥ श्री भागवत सारबिन्दु ।। एक १ . १३ अहो महीयसी जन्तोजीविताथा यया भवान् । भीमापवर्जितं पिण्डमादत्ते गृहपालवत् ॥११॥ तीर्थाटन कर हस्तिनापुर में आए हुए विदुर युधिष्ठिर से पूजित सेवित हुए कुछ दिन रहे । ज्येष्ठ भ्राता धृतराष्ट्र का ज्ञान वैराग्य के उपदेश से कल्याण चाहते हुए गृह में रागयुक्त गत आयु वृतराष्ट्र को कहते हैं । हे राजन् ! अव महानुभय आने वाला है। ऐसे काल गति को जानकर इस दुःखकारी गृहको शीघ्र ही त्यागिये । क्यों कि जिस कालसे ग्रस्त हुवा यह प्राणी अति प्रिय प्राणों से भी शीघ्र ही वियुक्त हो जाता है। और पुत्र स्त्री धनादिसे वियुक्त होने में तो कहना ही क्या है ॥ ६॥ और आपके पिता भ्राता, मित्र, पुत्र, यौवन, सर्व नष्ट हो चुके, देह जरासे अतिग्रस्त है । तो भी सौ पुत्रों के मारनेवालों के गृहवास को जीवन के अर्थ सेवन करते हो ॥१०॥ है ऐसी नीच दशामें भी जन्तुको जीने की आशा महान् लगी ही रहती है। जिस जीने की से आप सौ पुत्र हन्ता भीम द्वारा घृणासे दिया हुवा जैसा
॥ श्री भागवत सारबिन्दु ॥ स्कन्ध एक. श्र. छः हुए भीष्म पितामह के चरसों को प्रक्षालन करते हैं तब कृष्णचन्द्र रूप पूर्णिमा तिथिको उपस्थिति में द्रौपदी रूप प्रभा युक्त, भीमार्जुनादि कलाओं से पूर्ण चन्द्रमा रूप युधिष्ठिर को देखकर जड़ समुद्र के समान अर्जुनके बाणों से जड़ी भाव बाण शय्या शायी हुए भी देशकाल विभाग वेत्ता भीष्मपितामह आनन्दित होकर धर्म अर्थ काम मोक्ष उपदेश रूप तरङ्गों से उछलने लगे कि अहो खेद है कृष्णचन्द्र से पूज्य देवों के समान शूरवीर धर्मात्मा पाँचपुत्रों के होने पर भी कुन्ती कष्टों को भोगती है। आश्चर्य है । प्रारब्ध दैवगति के नाटक का फाटक कहाँ तक जा लगा है। तिसमें भी धर्म पुत्र युधिष्ठिर के चक्रवर्ती राजा होने पर कष्ट । और जहां अर्जुन धनुर्धारी, किरात रूप शिवको युद्ध में तोषकारी, देवप्राप्त गाण्डीव चाप युक्त है तो भी दुःख। और जहां पर भुजबल से हस्तियों को वायु लोक में फेंकनेवाले गदाधारी भीम हैं तो भी कष्ट और जहां सृष्टिकर्ता भर्ता हर्ता, कृष्णमुरारी, गोवर्धनधारी कंस संहारी भक्त सुखकारी, बहुलीलाधारी, देवकीनन्दन, भक्त दुख भजन ईश्वर हितकारी हैं तो मी विपत्ति । अहो दैवगति के स्वाराज्य की डिम डिमी की घोषणा कहाँ तक जाती है। पुण्य शरीखल अस्त्रशस्त्र निपुणता सर्व देव संपत्ति प्राप्त होनेपर भी ईश्वर कृष्ण क्या क्या करना जाता ॥सात॥ विपत्ति । दैवगति द्वारा यह चाहता है यह नहीं जाना तिस कारण से इन सुख दुःखादि को कर्म द्वारा ईश्वराधीन जानकर, तिस ईश्वर विहित अनुवर्ती हुआ । हे नाथ प्रभो धर्मनन्दन, कुलपरम्परा प्राप्त स्वामीपने से इस अनाथ प्रजा का पालन करो । क्यों कि आप लोकों के तो मोक्षरूप श्रीकृष्ण साथ साथ विचरते हैं । परन्तु मुझ पर भी कृपा करते हुए कृष्ण को देखो जो प्राणान्त काल में दर्शन देने को आगये हैं। उन पुरुषों की सांसारिक दुःखों से क्या हानि हो सकती है जिनके कृष्णचन्द्र परमानन्द सदा हृदय में वास करते हैं ऐसा कहते हुए उत्तरायण काल आनेपर स्वच्छन्द मृत्यु भीष्म पितामह ने जीर्ण वस्त्र के समान देह त्याग किया ।।आठ।। अ. तेरह श्लो. बीस इक्कीस बाईस येन चैवाभिपन्नोऽयं प्राणैः प्रियतमैरपि । जनःसद्यो वियुज्येत किमुतान्यैर्धनादिभिः ॥ नौ॥ पितृभ्रातृसुहृत्पुत्रा हतास्ते विगतं वयः । जरया ग्रस्तः परगेहमुपासते ॥दस॥ ॥ श्री भागवत सारबिन्दु ।। एक एक . तेरह अहो महीयसी जन्तोजीविताथा यया भवान् । भीमापवर्जितं पिण्डमादत्ते गृहपालवत् ॥ग्यारह॥ तीर्थाटन कर हस्तिनापुर में आए हुए विदुर युधिष्ठिर से पूजित सेवित हुए कुछ दिन रहे । ज्येष्ठ भ्राता धृतराष्ट्र का ज्ञान वैराग्य के उपदेश से कल्याण चाहते हुए गृह में रागयुक्त गत आयु वृतराष्ट्र को कहते हैं । हे राजन् ! अव महानुभय आने वाला है। ऐसे काल गति को जानकर इस दुःखकारी गृहको शीघ्र ही त्यागिये । क्यों कि जिस कालसे ग्रस्त हुवा यह प्राणी अति प्रिय प्राणों से भी शीघ्र ही वियुक्त हो जाता है। और पुत्र स्त्री धनादिसे वियुक्त होने में तो कहना ही क्या है ॥ छः॥ और आपके पिता भ्राता, मित्र, पुत्र, यौवन, सर्व नष्ट हो चुके, देह जरासे अतिग्रस्त है । तो भी सौ पुत्रों के मारनेवालों के गृहवास को जीवन के अर्थ सेवन करते हो ॥दस॥ है ऐसी नीच दशामें भी जन्तुको जीने की आशा महान् लगी ही रहती है। जिस जीने की से आप सौ पुत्र हन्ता भीम द्वारा घृणासे दिया हुवा जैसा
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (Corona Virus) की वजह से चीन में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की ओर से जारी ताजा जानकारी के मुताबिक अब यह आंकड़ा 1800 के पार हो गया है। वहीं इस वायरस का कहर भारत में भी देखा जा रहा हैं। इस वारस के कारण भारत के 6 लोग जांच में पॉजिटिव पाए गय है। भारत ने इस वायरस पर बड़ी सफलता मिली थी। केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित तीनों मरीज ठीक हो चुके है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया था कि केरल में कोरोना के संभावित मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने देश में 2,009 नए मामलों की पुष्टि की है। हुबेई (Hubei) प्रांत की राजधानी वुहान में 1,843 नए मामले हैं, जहां से दिसम्बर में यह वायरस फैलना शुरू हुआ था। नए मामलों के साथ ही हुबेई में इसके कुल 56,249 मामलों की पुष्टि हो गई है। साथ ही पड़ोसी देशों खासकर कोरिया में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। चीन (China) के अलावा दुनिया भर में लगातार कोरोना से पीड़ित मरीजों के मामले सामने आने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। अलबत्ता चीन के अलावा दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इस महामारी का असर दिखाई दे रहा है। वहीं चीन में इसके असर का आकलन अभी तक किया ही नहीं जा सका है। जानकारी के लिए बता दें डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक कोरोना वायरस सी- फूड से जुड़ा है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। खास स्थिति में पशु मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं। इस वायरस का मानव से मानव संक्रमण वैश्विक स्तर पर कम है।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस की वजह से चीन में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की ओर से जारी ताजा जानकारी के मुताबिक अब यह आंकड़ा एक हज़ार आठ सौ के पार हो गया है। वहीं इस वायरस का कहर भारत में भी देखा जा रहा हैं। इस वारस के कारण भारत के छः लोग जांच में पॉजिटिव पाए गय है। भारत ने इस वायरस पर बड़ी सफलता मिली थी। केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित तीनों मरीज ठीक हो चुके है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया था कि केरल में कोरोना के संभावित मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने देश में दो,नौ नए मामलों की पुष्टि की है। हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में एक,आठ सौ तैंतालीस नए मामले हैं, जहां से दिसम्बर में यह वायरस फैलना शुरू हुआ था। नए मामलों के साथ ही हुबेई में इसके कुल छप्पन,दो सौ उनचास मामलों की पुष्टि हो गई है। साथ ही पड़ोसी देशों खासकर कोरिया में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। चीन के अलावा दुनिया भर में लगातार कोरोना से पीड़ित मरीजों के मामले सामने आने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। अलबत्ता चीन के अलावा दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इस महामारी का असर दिखाई दे रहा है। वहीं चीन में इसके असर का आकलन अभी तक किया ही नहीं जा सका है। जानकारी के लिए बता दें डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना वायरस सी- फूड से जुड़ा है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। खास स्थिति में पशु मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं। इस वायरस का मानव से मानव संक्रमण वैश्विक स्तर पर कम है।
हरियाणा सरकार ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को जल्दी जगाने के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च से लाउडस्पीकर से घोषणा करने का आदेश दिया है। छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए सुबह जल्दी उठने के लिए हरियाणा के शिक्षा विभाग ने ये आदेश दिया है। इसके तहत धार्मिक स्थलों में लगे लाउड स्पीकर से अनाउसमेंट की जाएगी कि स्टूडेंट उठ जाए और परीक्षा की तैयारी के लिए पढ़ाई करने में जुट जाएं। वहीं इस आदेश को परित करने के बाद हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने सरकार के निर्देश का बचाव करते हुए बताया कि इस आदेश से क्या लाभ होगा। बता दें हरियााा सरकार ने हाल ही में छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए सुबह जल्दी उठने के लिए मंदिरों और मस्जिदों द्वारा घोषणा करने के लिए कहा था। इसके साथ ही राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा 22 दिसंबर को जारी पत्र में स्कूलों के सभी सरकारी प्राचार्यों को याद दिलाया गया था कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए केवल 70 दिन शेष हैं और उन्हें बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए कार्य योजना बनाने के लिए भी कहा गया है। वहीं अब शिक्षा मंत्री गुर्जर ने धार्मिक स्थलों पर छात्रों को सुबह जल्दी लाउडस्पीकर से जगाने संबंधी निर्देश का बचाव करते हुए कहा कि इससे बच्चों को स्वास्थ्य और शिक्षा में मदद मिलेगी। हरियाणा शिक्षा मंत्री ने कहा "बच्चों के हित के लिए हमने सुबह धार्मिक स्थलों से घोषणा कर बच्चों को पढ़ाई के लिए जगाने को कहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कहा जाता है कि सुबह जल्दी उठकर पढ़ने से दिमाग तेज होता है। पढ़ाई में अधिक एकाग्रता से मन लगता है। यह हमारा प्रयास है। जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं उन्हें स्वास्थ्य और शिक्षा के मामले में लाभ होता है। यदि समाज और माता-पिता इस प्रयास में सहयोग करते हैं, तो बच्चे निश्चित रूप से अच्छी पढ़ाई करेंगे। हरियाणा के मंत्री ने कहा कि नतीजे देखने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। हम चाहते हैं कि बच्चों को इसका लाभ मिले और वे अच्छी पढ़ाई करें। राज्य के शिक्षा विभाग ने स्कूल के अधिकारियों से कहा है कि वे माता-पिता से अपने बच्चों को सुबह 4. 30 बजे जगाने के लिए कहें ताकि तैयारी के लिए सुबह के समय का उपयोग किया जा सके। कांग्रेस नेता और हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने निर्देश की आलोचना करते हुए कहा कि यह राज्य की चरमराती शिक्षा प्रणाली से लोगों का ध्यान हटाने के लिए जारी किया गया है। सरकार को राज्य में चरमराती शिक्षा प्रणाली को ठीक करने की आवश्यकता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार को बुनियादी ढांचे में सुधार करना चाहिए और इस तरह के निर्देश जारी नहीं करने चाहिए। ऐसा लगता है कि राज्य की चरमराती शिक्षा प्रणाली से यह जनता का ध्यान भटकाने के लिए जारी किया गया निर्देश है। "
हरियाणा सरकार ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को जल्दी जगाने के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च से लाउडस्पीकर से घोषणा करने का आदेश दिया है। छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए सुबह जल्दी उठने के लिए हरियाणा के शिक्षा विभाग ने ये आदेश दिया है। इसके तहत धार्मिक स्थलों में लगे लाउड स्पीकर से अनाउसमेंट की जाएगी कि स्टूडेंट उठ जाए और परीक्षा की तैयारी के लिए पढ़ाई करने में जुट जाएं। वहीं इस आदेश को परित करने के बाद हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने सरकार के निर्देश का बचाव करते हुए बताया कि इस आदेश से क्या लाभ होगा। बता दें हरियााा सरकार ने हाल ही में छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए सुबह जल्दी उठने के लिए मंदिरों और मस्जिदों द्वारा घोषणा करने के लिए कहा था। इसके साथ ही राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा बाईस दिसंबर को जारी पत्र में स्कूलों के सभी सरकारी प्राचार्यों को याद दिलाया गया था कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए केवल सत्तर दिन शेष हैं और उन्हें बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए कार्य योजना बनाने के लिए भी कहा गया है। वहीं अब शिक्षा मंत्री गुर्जर ने धार्मिक स्थलों पर छात्रों को सुबह जल्दी लाउडस्पीकर से जगाने संबंधी निर्देश का बचाव करते हुए कहा कि इससे बच्चों को स्वास्थ्य और शिक्षा में मदद मिलेगी। हरियाणा शिक्षा मंत्री ने कहा "बच्चों के हित के लिए हमने सुबह धार्मिक स्थलों से घोषणा कर बच्चों को पढ़ाई के लिए जगाने को कहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कहा जाता है कि सुबह जल्दी उठकर पढ़ने से दिमाग तेज होता है। पढ़ाई में अधिक एकाग्रता से मन लगता है। यह हमारा प्रयास है। जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं उन्हें स्वास्थ्य और शिक्षा के मामले में लाभ होता है। यदि समाज और माता-पिता इस प्रयास में सहयोग करते हैं, तो बच्चे निश्चित रूप से अच्छी पढ़ाई करेंगे। हरियाणा के मंत्री ने कहा कि नतीजे देखने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। हम चाहते हैं कि बच्चों को इसका लाभ मिले और वे अच्छी पढ़ाई करें। राज्य के शिक्षा विभाग ने स्कूल के अधिकारियों से कहा है कि वे माता-पिता से अपने बच्चों को सुबह चार. तीस बजे जगाने के लिए कहें ताकि तैयारी के लिए सुबह के समय का उपयोग किया जा सके। कांग्रेस नेता और हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने निर्देश की आलोचना करते हुए कहा कि यह राज्य की चरमराती शिक्षा प्रणाली से लोगों का ध्यान हटाने के लिए जारी किया गया है। सरकार को राज्य में चरमराती शिक्षा प्रणाली को ठीक करने की आवश्यकता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार को बुनियादी ढांचे में सुधार करना चाहिए और इस तरह के निर्देश जारी नहीं करने चाहिए। ऐसा लगता है कि राज्य की चरमराती शिक्षा प्रणाली से यह जनता का ध्यान भटकाने के लिए जारी किया गया निर्देश है। "
रांची में शुक्रवार को बड़ा हादसा टल गया। एक स्कूल बस चलते चलते ही आग का गोला बन गई। संयोग से उस वक्त बस में कोई छात्र नहीं था। बताया जाता है कि डीजल टंकी टूटने के कारण बस हादसे का शिकार हुई। रांची में कटहल मोड़ के पास लालगुटवा में टेंडर हर्ट स्कूल की बस देखते ही देखते आग की लपटों में बदल गई। संयोग से बस में बच्चों के नहीं होने से हादसा टल गया। बताया जाता है कि टेंडर हर्ट के प्रबंधन ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चों और शिक्षकों को अरगोड़ा चौक होते हुए पिस्का मोड़ और कटहल मोड़ पर छोड़ने के बाद ड्राइवर बस को रिंग रोड की तरफ ले जा रहा था। इसी दौरान लालगुटवा के पास डीजल टंकी टूट कर लटक गई। इसके चलते सड़क पर ही डीजल का बहाव होने लगा। 20 से 25 मीटर आगे बस पहुंची ही थी कि उसमें आग धधक उठी। आग की लपटें उठते ही ड्राइवर और खलासी बस से बाहर आ गए। गनीमत रही कि घटना के समय बस में कोई स्कूली बच्चा नहीं था। बता दें कि हाल ही में रांची प्रशासन ने एक बैठक आयोजित कर स्कूली बसों को सभी दस्तावेज और बसों में सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके बसों में इस तरह की घटना लापरवाही का एक नमूना है।
रांची में शुक्रवार को बड़ा हादसा टल गया। एक स्कूल बस चलते चलते ही आग का गोला बन गई। संयोग से उस वक्त बस में कोई छात्र नहीं था। बताया जाता है कि डीजल टंकी टूटने के कारण बस हादसे का शिकार हुई। रांची में कटहल मोड़ के पास लालगुटवा में टेंडर हर्ट स्कूल की बस देखते ही देखते आग की लपटों में बदल गई। संयोग से बस में बच्चों के नहीं होने से हादसा टल गया। बताया जाता है कि टेंडर हर्ट के प्रबंधन ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चों और शिक्षकों को अरगोड़ा चौक होते हुए पिस्का मोड़ और कटहल मोड़ पर छोड़ने के बाद ड्राइवर बस को रिंग रोड की तरफ ले जा रहा था। इसी दौरान लालगुटवा के पास डीजल टंकी टूट कर लटक गई। इसके चलते सड़क पर ही डीजल का बहाव होने लगा। बीस से पच्चीस मीटर आगे बस पहुंची ही थी कि उसमें आग धधक उठी। आग की लपटें उठते ही ड्राइवर और खलासी बस से बाहर आ गए। गनीमत रही कि घटना के समय बस में कोई स्कूली बच्चा नहीं था। बता दें कि हाल ही में रांची प्रशासन ने एक बैठक आयोजित कर स्कूली बसों को सभी दस्तावेज और बसों में सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके बसों में इस तरह की घटना लापरवाही का एक नमूना है।
जॉन सीना ने हाल ही में रैसलमेनिया 34 में उनके प्रतिद्वंदी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वो किसी का भी सामने करने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा सीना ने अपनी एक्टिंग करियर के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे वो खुद को मानसिक तौर पर तैयार करते हैं. सीना की एक खास बात यह भी है कि वो कभी भी किसी भी चीज से भागते नहीं है और शायद इसी वजह से वो WWE के इतने बड़े सुपरस्टार बन पाए हैं. जॉन सीना ने WWE में काफी सालों से हैं और वो जल्द ही कंपनी के सबसे बड़े फेस बन चुके हैं. हाल ही में उनसे यह जिम्मेदारी रोमन रेंस ने अपने कंधे पर लेली. सीना अब WWE में एक पार्ट टाइमर के तौर पर नजर आते हैं और वो हॉलीवुड में अपना करियर बना रहे हैं. इसके अलावा वो टीवी शो और रिएलिटी शो में भी नजर आते हैं. सीना ने रैसलमेनिया 34 में अपने विरोधी के बारे में बात करते हुए कहा, "मैं कभी भी अपने विरोधी नहीं चुनता. मैंने यह बात ऐज और क्रिश्चियन के पॉडकास्ट में भी बोली है. अगर आपको अच्छा करना है, तो हमेशा हर चीज के लिए तैयार रहे. " वैसे तो सीना ने हमेशा ही लाइव दर्शकों के सामने ही परफॉर्म करना पसंद किया है, लेकिन अब वो एक शानदार एक्टर भी बन गए हैं और उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ भी होती है. सीना ने हाल ही में एनिमेटिड फिल्म 'फर्डिनेंड' में काम किया था, जिसमें उनके काम की काफी सराहना हुई. सीना जोकि आखिरी बार WWE में सर्वाइवर सीरीज में नजर आए थे, अब वो क्रिसमस के दिन होने वाले मंडे नाइट रॉ के एपिसोड में नजर आने वाले हैं, जहां वो रोमन रेंस को आईसी चैंपियनशिप के लिए चैलेंज कर सकते हैं.
जॉन सीना ने हाल ही में रैसलमेनिया चौंतीस में उनके प्रतिद्वंदी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वो किसी का भी सामने करने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा सीना ने अपनी एक्टिंग करियर के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे वो खुद को मानसिक तौर पर तैयार करते हैं. सीना की एक खास बात यह भी है कि वो कभी भी किसी भी चीज से भागते नहीं है और शायद इसी वजह से वो WWE के इतने बड़े सुपरस्टार बन पाए हैं. जॉन सीना ने WWE में काफी सालों से हैं और वो जल्द ही कंपनी के सबसे बड़े फेस बन चुके हैं. हाल ही में उनसे यह जिम्मेदारी रोमन रेंस ने अपने कंधे पर लेली. सीना अब WWE में एक पार्ट टाइमर के तौर पर नजर आते हैं और वो हॉलीवुड में अपना करियर बना रहे हैं. इसके अलावा वो टीवी शो और रिएलिटी शो में भी नजर आते हैं. सीना ने रैसलमेनिया चौंतीस में अपने विरोधी के बारे में बात करते हुए कहा, "मैं कभी भी अपने विरोधी नहीं चुनता. मैंने यह बात ऐज और क्रिश्चियन के पॉडकास्ट में भी बोली है. अगर आपको अच्छा करना है, तो हमेशा हर चीज के लिए तैयार रहे. " वैसे तो सीना ने हमेशा ही लाइव दर्शकों के सामने ही परफॉर्म करना पसंद किया है, लेकिन अब वो एक शानदार एक्टर भी बन गए हैं और उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ भी होती है. सीना ने हाल ही में एनिमेटिड फिल्म 'फर्डिनेंड' में काम किया था, जिसमें उनके काम की काफी सराहना हुई. सीना जोकि आखिरी बार WWE में सर्वाइवर सीरीज में नजर आए थे, अब वो क्रिसमस के दिन होने वाले मंडे नाइट रॉ के एपिसोड में नजर आने वाले हैं, जहां वो रोमन रेंस को आईसी चैंपियनशिप के लिए चैलेंज कर सकते हैं.
वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन को भारी तोपखाने, हॉवित्जर, गोला-बारूद और सामरिक ड्रोन सहित सुरक्षा सहायता में अतिरिक्त 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर की घोषणा की। व्हाइट हाउस के एक बयान के अनुसार, बिडेन ने यूक्रेन के प्रधान मंत्री डेनिस श्यामल के साथ बैठक के तुरंत बाद निर्णय लिया, जिसके दौरान उन्होंने "यूक्रेन के खिलाफ रूस के भयानक युद्ध में हाल की घटनाओं को संबोधित किया। " मीडिया के लिए राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार नई मदद, "डोनबास क्षेत्र में - पूर्व में लड़ने के लिए यूक्रेन की क्षमताओं को और बढ़ाएगी। " "भारी तोपखाने हथियार, दर्जनों हॉवित्जर, और हॉवित्जर के लिए 1,44,000 राउंड गोला बारूद इस पैकेज में शामिल हैं। इसमें और भी सामरिक ड्रोन शामिल हैं" उन्होंने कहा। बिडेन ने कहा कि अमेरिका ने "हजारों एंटी-आर्मर और एंटी-(एयर) मिसाइल, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, ग्रेनेड लॉन्चर, मशीन गन, राइफल, रडार सिस्टम" के साथ-साथ "50 मिलियन से अधिक गोला-बारूद" भेजे हैं। युद्ध 24 फरवरी को शुरू हुआ।
वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन को भारी तोपखाने, हॉवित्जर, गोला-बारूद और सामरिक ड्रोन सहित सुरक्षा सहायता में अतिरिक्त अस्सी करोड़ अमेरिकी डॉलर की घोषणा की। व्हाइट हाउस के एक बयान के अनुसार, बिडेन ने यूक्रेन के प्रधान मंत्री डेनिस श्यामल के साथ बैठक के तुरंत बाद निर्णय लिया, जिसके दौरान उन्होंने "यूक्रेन के खिलाफ रूस के भयानक युद्ध में हाल की घटनाओं को संबोधित किया। " मीडिया के लिए राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार नई मदद, "डोनबास क्षेत्र में - पूर्व में लड़ने के लिए यूक्रेन की क्षमताओं को और बढ़ाएगी। " "भारी तोपखाने हथियार, दर्जनों हॉवित्जर, और हॉवित्जर के लिए एक,चौंतालीस,शून्य राउंड गोला बारूद इस पैकेज में शामिल हैं। इसमें और भी सामरिक ड्रोन शामिल हैं" उन्होंने कहा। बिडेन ने कहा कि अमेरिका ने "हजारों एंटी-आर्मर और एंटी- मिसाइल, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, ग्रेनेड लॉन्चर, मशीन गन, राइफल, रडार सिस्टम" के साथ-साथ "पचास मिलियन से अधिक गोला-बारूद" भेजे हैं। युद्ध चौबीस फरवरी को शुरू हुआ।
18 जनवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और दो बच्चों सहित कुल 16 लोगों की मौत हो गई। यूक्रेन की पुलिस की ओर से ये जानकारी सामने आई। यूक्रेन की राष्ट्रीय पुलिस के प्रमुख इहोर क्लेमेनको ने बताया कि कीव के पूर्वी उपनगर ब्रोवेरी में आपातकालीन सेवा का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। जान गंवाने वाले लोगों में नौ लोग हेलीकॉप्टर में सवार थे। पुलिस के अनुसार, हेलीकॉप्टर दुर्घटना में गृह मंत्री और उप मंत्री की मौत हुई है। अधिकारियों ने पहले बताया था कि 10 बच्चों सहित 22 लोग घायल हुए हैं। आपको बता दें 'किंडरगार्टन' के पास ये हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ। अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।
अट्ठारह जनवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और दो बच्चों सहित कुल सोलह लोगों की मौत हो गई। यूक्रेन की पुलिस की ओर से ये जानकारी सामने आई। यूक्रेन की राष्ट्रीय पुलिस के प्रमुख इहोर क्लेमेनको ने बताया कि कीव के पूर्वी उपनगर ब्रोवेरी में आपातकालीन सेवा का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। जान गंवाने वाले लोगों में नौ लोग हेलीकॉप्टर में सवार थे। पुलिस के अनुसार, हेलीकॉप्टर दुर्घटना में गृह मंत्री और उप मंत्री की मौत हुई है। अधिकारियों ने पहले बताया था कि दस बच्चों सहित बाईस लोग घायल हुए हैं। आपको बता दें 'किंडरगार्टन' के पास ये हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ। अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।
फिल्म समीक्षाः अकेले नहीं गर्लफ्रेंड के साथ जाएं देखने "ओके जानू" यह फिल्म लिव इन रिलेशनशिप पर बनी है। मुंबई. साउथ की ब्लॉकबस्टर मूवी 'ओके कनमनी' पर बनी हिंदी रीमेक ओके जानू आज से सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। शाद अली ने यह फिल्म 'आशिकी 2' की रोमांटिक जोड़ी आदित्य रॉय कपूर और श्रद्धा कपूर के साथ बनाई है। फिल्म समीक्षकों ने इस फिल्म को 3 स्टार दिए हैं। ट्रेंड पंडितो के मुताबिक ओके जानू 2017 की शुरुआत के लिए एक अच्छी फिल्म है। शाद अली ने जहां एक समय पर मणि रत्नम को 'दिल से', 'गुरु' और 'रावण' जैसी फिल्मों में असिस्ट किया था तो वहीं 'साथिया' और 'झूम बराबर झूम' जैसी फिल्में डायरेक्ट भी की हैं। सवाल ये था कि क्या यह फिल्म भी वही छाप छोड़ पाएगी जो साउथ में 'ओके कनमनी' ने रखी है? कमजोर कड़ियां- लिव इन रिलेशनशिप पर बनी इस फिल्म की कहानी में नयापन नजर नहीं आता है। लड़का-लड़की, लिव इन रिलेशनशिप, प्यार और अलगाव उसके साथ ही प्यार और कॅरियर में से किसे चुनें इसके साथ फिल्म को बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था। वहीं फिल्म के कुछ किरदारों की कास्टिंग और बेहतर की जाती तो फिल्म ज्यादा दिलचस्प लगती। फिल्म को और बेहतर बनाया जा सकता था। आदित्य और श्रद्धा की केमेस्ट्री- आदित्य और श्रद्धा के बीच आशिकी-2 वाली केमेस्ट्री नहीं दिखती और दोनों के जोड़ी काफी फीकी सी दिखाई पड़ती है। जिससे किरदार से रिलेट कर पाना काफी मुश्किल होता है। फिल्म ग्रिपिंग नहीं है- एक तरफ नसीरूद्दीन शाह और लीला सैमसन का रिश्ता इमोशनल है तो वहीं आदित्य और श्रद्धा की कहानी रोमांटिक होते हुए भी खिंची-खिंची सी लगती है। फिल्म क्यों देखें- आदित्य रॉय कपूर, श्रद्धा कपूर या नसीरूद्दीन शाह के दीवाने हैं तो एक बार जरूर देख सकते हैं। ए आर रहमान के उम्दा संगीत के लिए भी फिल्म देखी जा सकती है। फिल्म का आर्ट वर्क, सिनेमेटोग्राफ़ी बेहतरीन है। बॉक्स ऑफिस- फिल्म का बजट लगभग 30 करोड़ है। करण जौहर के साथ मणी रत्नम ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है। वैसे दंगल पहले से ही बॉक्स आॉफिस पर छाई हुई है और दीपिका की XXX इसी हफ्ते रिलीज हो रही है। ट्रेड पंडितों के हिसाब से फिल्म की लागत आराम से पूरी हो सकती है। कुल मिलाकर मनोरंजन और टाइम पास के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है।
फिल्म समीक्षाः अकेले नहीं गर्लफ्रेंड के साथ जाएं देखने "ओके जानू" यह फिल्म लिव इन रिलेशनशिप पर बनी है। मुंबई. साउथ की ब्लॉकबस्टर मूवी 'ओके कनमनी' पर बनी हिंदी रीमेक ओके जानू आज से सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। शाद अली ने यह फिल्म 'आशिकी दो' की रोमांटिक जोड़ी आदित्य रॉय कपूर और श्रद्धा कपूर के साथ बनाई है। फिल्म समीक्षकों ने इस फिल्म को तीन स्टार दिए हैं। ट्रेंड पंडितो के मुताबिक ओके जानू दो हज़ार सत्रह की शुरुआत के लिए एक अच्छी फिल्म है। शाद अली ने जहां एक समय पर मणि रत्नम को 'दिल से', 'गुरु' और 'रावण' जैसी फिल्मों में असिस्ट किया था तो वहीं 'साथिया' और 'झूम बराबर झूम' जैसी फिल्में डायरेक्ट भी की हैं। सवाल ये था कि क्या यह फिल्म भी वही छाप छोड़ पाएगी जो साउथ में 'ओके कनमनी' ने रखी है? कमजोर कड़ियां- लिव इन रिलेशनशिप पर बनी इस फिल्म की कहानी में नयापन नजर नहीं आता है। लड़का-लड़की, लिव इन रिलेशनशिप, प्यार और अलगाव उसके साथ ही प्यार और कॅरियर में से किसे चुनें इसके साथ फिल्म को बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था। वहीं फिल्म के कुछ किरदारों की कास्टिंग और बेहतर की जाती तो फिल्म ज्यादा दिलचस्प लगती। फिल्म को और बेहतर बनाया जा सकता था। आदित्य और श्रद्धा की केमेस्ट्री- आदित्य और श्रद्धा के बीच आशिकी-दो वाली केमेस्ट्री नहीं दिखती और दोनों के जोड़ी काफी फीकी सी दिखाई पड़ती है। जिससे किरदार से रिलेट कर पाना काफी मुश्किल होता है। फिल्म ग्रिपिंग नहीं है- एक तरफ नसीरूद्दीन शाह और लीला सैमसन का रिश्ता इमोशनल है तो वहीं आदित्य और श्रद्धा की कहानी रोमांटिक होते हुए भी खिंची-खिंची सी लगती है। फिल्म क्यों देखें- आदित्य रॉय कपूर, श्रद्धा कपूर या नसीरूद्दीन शाह के दीवाने हैं तो एक बार जरूर देख सकते हैं। ए आर रहमान के उम्दा संगीत के लिए भी फिल्म देखी जा सकती है। फिल्म का आर्ट वर्क, सिनेमेटोग्राफ़ी बेहतरीन है। बॉक्स ऑफिस- फिल्म का बजट लगभग तीस करोड़ है। करण जौहर के साथ मणी रत्नम ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है। वैसे दंगल पहले से ही बॉक्स आॉफिस पर छाई हुई है और दीपिका की XXX इसी हफ्ते रिलीज हो रही है। ट्रेड पंडितों के हिसाब से फिल्म की लागत आराम से पूरी हो सकती है। कुल मिलाकर मनोरंजन और टाइम पास के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है।
गूगल ने पूर्व अफगानिस्तान सरकार के तमाम ईमेल अकाउंट्स को लॉक कर दिया है। अब तालिबान आतंकी इन अकाउंट्स में मौजूद जानकारी हासिल नहीं कर पाएंगे। 15 अगस्त को तालिबान ने काबुल के साथ ही पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद कई रिपोर्ट्स ऐसी आईं थीं जिनमें कहा गया था कि तालिबान अशरफ गनी सरकार के दौर में हुई संवेदनशील जानकारियां अलग-अलग स्रोतों से जुटा रहे हैं। इससे दो तरह के खतरे थे। पहला- दुनिया के कई देशों से साझा की गई जानकारी आतंकियों के हाथ लग सकती थी। दूसरा- अफगानिस्तान में मौजूद कुछ आला अफसरों या खुफिया अधिकारियों की जानकारी तालिबान को मिल सकती थी और इससे उनकी जान को खतरा हो सकता था। गनी सरकार के दौर में अफगानिस्तान के कई देशों से काफी करीबी रिश्ते थे। इनमें भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन भी शामिल थे। तालिबान अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद इन डिजिटल डॉक्यूमेंट्स को हासिल करने की कोशिश कर रहा था। पश्चिमी देशों को इसकी भनक लग चुकी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जानकारी को लीक होने से बचाने के लिए गूगल ने तमाम ईमेल अकाउंट्स को ही लॉक कर दिया, ताकि किसी देश को नुकसान न हो और यह संवेदनशील जानकारी तालिबान या उसके मददगार साथी देशों तक न पहुंचे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान पूर्व अफगान सरकार के कर्मचारियों से जुड़ा डाटा जुटाने की कोशिश कर रहा था। इसमें उनकी सैलरी और बाकी जानकारियां थीं। इस बात की आशंका थी कि अगर तालिबान यह डाटा एक्सेस कर लेता है तो पूर्व कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। लिहाजा, ये अकाउंट्स ही लॉक कर दिए गए हैं। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने भी एक बयान में इस बात की पुष्टि कर दी है कि पूर्व अफगान सरकार के सभी अकाउंट्स लॉक कर दिए गए हैं। पूर्व अफगान सरकार में अधिकारी रह चुके एक अफसर ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में माना कि तालिबान डिजिटल डाटा जुटाने की पूरी कोशिश कर रहा है। इस अफसर से तालिबान ने डाटा सुरक्षित रखने को भी कहा था। इसके बाद से यह अफसर छिपता फिर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 साल से डिजिटल एक्सचेंज हो रहा था, इसलिए हर तरह का सरकारी डाटा काफी है। तालिबान लोकल सर्वर पर भी कब्जा जमाना चाहता है। ईमेल अकाउंट्स के अलावा उसकी नजर फाइनेंस, इंडस्ट्री, हायर एजुकेशन और माइनिंग मिनिस्ट्री पर सबसे ज्यादा है। कबीलों से जुड़ी जानकारी भी उसके हाथ लग सकती थी। सिक्योरिटी एक्सपर्ट चाड एंडरसन ने इसे डिजिटल खजाना बताया है और गूगल के कदम को बिल्कुल सही करार दिया है। माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प्स की ईमेल सर्विस भी कुछ मंत्रालयों में इस्तेमाल की गई थी। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि क्या माइक्रोसॉफ्ट ने भी गूगल की तर्ज पर डाटा और अकाउंट्स प्रिजर्व किए हैं या नहीं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
गूगल ने पूर्व अफगानिस्तान सरकार के तमाम ईमेल अकाउंट्स को लॉक कर दिया है। अब तालिबान आतंकी इन अकाउंट्स में मौजूद जानकारी हासिल नहीं कर पाएंगे। पंद्रह अगस्त को तालिबान ने काबुल के साथ ही पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद कई रिपोर्ट्स ऐसी आईं थीं जिनमें कहा गया था कि तालिबान अशरफ गनी सरकार के दौर में हुई संवेदनशील जानकारियां अलग-अलग स्रोतों से जुटा रहे हैं। इससे दो तरह के खतरे थे। पहला- दुनिया के कई देशों से साझा की गई जानकारी आतंकियों के हाथ लग सकती थी। दूसरा- अफगानिस्तान में मौजूद कुछ आला अफसरों या खुफिया अधिकारियों की जानकारी तालिबान को मिल सकती थी और इससे उनकी जान को खतरा हो सकता था। गनी सरकार के दौर में अफगानिस्तान के कई देशों से काफी करीबी रिश्ते थे। इनमें भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन भी शामिल थे। तालिबान अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद इन डिजिटल डॉक्यूमेंट्स को हासिल करने की कोशिश कर रहा था। पश्चिमी देशों को इसकी भनक लग चुकी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जानकारी को लीक होने से बचाने के लिए गूगल ने तमाम ईमेल अकाउंट्स को ही लॉक कर दिया, ताकि किसी देश को नुकसान न हो और यह संवेदनशील जानकारी तालिबान या उसके मददगार साथी देशों तक न पहुंचे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान पूर्व अफगान सरकार के कर्मचारियों से जुड़ा डाटा जुटाने की कोशिश कर रहा था। इसमें उनकी सैलरी और बाकी जानकारियां थीं। इस बात की आशंका थी कि अगर तालिबान यह डाटा एक्सेस कर लेता है तो पूर्व कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। लिहाजा, ये अकाउंट्स ही लॉक कर दिए गए हैं। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने भी एक बयान में इस बात की पुष्टि कर दी है कि पूर्व अफगान सरकार के सभी अकाउंट्स लॉक कर दिए गए हैं। पूर्व अफगान सरकार में अधिकारी रह चुके एक अफसर ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में माना कि तालिबान डिजिटल डाटा जुटाने की पूरी कोशिश कर रहा है। इस अफसर से तालिबान ने डाटा सुरक्षित रखने को भी कहा था। इसके बाद से यह अफसर छिपता फिर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीस साल से डिजिटल एक्सचेंज हो रहा था, इसलिए हर तरह का सरकारी डाटा काफी है। तालिबान लोकल सर्वर पर भी कब्जा जमाना चाहता है। ईमेल अकाउंट्स के अलावा उसकी नजर फाइनेंस, इंडस्ट्री, हायर एजुकेशन और माइनिंग मिनिस्ट्री पर सबसे ज्यादा है। कबीलों से जुड़ी जानकारी भी उसके हाथ लग सकती थी। सिक्योरिटी एक्सपर्ट चाड एंडरसन ने इसे डिजिटल खजाना बताया है और गूगल के कदम को बिल्कुल सही करार दिया है। माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प्स की ईमेल सर्विस भी कुछ मंत्रालयों में इस्तेमाल की गई थी। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि क्या माइक्रोसॉफ्ट ने भी गूगल की तर्ज पर डाटा और अकाउंट्स प्रिजर्व किए हैं या नहीं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
आजकल पर्यटकों को हर मौसम आकर्षित करता है यानी?घूमनेफिरने का कोई विशेष मौसम नहीं होता. जब आप पर्यटन के लिए निकलते हैं तो घूमना जितना महत्त्वपूर्ण है, व्यक्तिगत सुरक्षा व सेहत उस से कम अहम नहीं है. कहीं भी घूमने जाने से पहले रखिए कुछ खास खयाल ताकि आप की यात्रा हमेशा सुखद हो. देश या विदेश, जहां कहीं भी पर्यटन के लिए निकलना हो, कम खर्च में ज्यादा पर्यटन करने का अच्छा तरीका यह है कि तैयारियों की शुरुआत आप जानकारी जुटाने से करें. मसलन, जहां कहीं भी आप जा रहे हैं उस के आसपास और कौनकौन सी जगहें हैं? क्या उन्हें इस यात्रा पैकेज में शामिल किया जा सकता है? जिन शहरों की यात्रा पर आप जा रहे हैं, वहां देखने के लिए कौनकौन सी मशहूर जगहें हैं? खासतौर से किसी भी बड़े शहर के भीतर की दर्शनीय जगहों को कई हिस्सों में बांट कर देखें. ऐसा कोई भी बड़ा शहर नहीं है जिस का समृद्ध इतिहास न हो. प्राचीन काल में स्थापत्य की सर्वोत्तम कृतियां पर्यटकों को खासी लुभाती है. आज भी कई शहरों में मौजूद ऐतिहासिक स्थलों का स्थापत्य सौंदर्य देखते ही बनता है. विज्ञान से ले कर, प्रकृति, इतिहास और कला तक सभी विषयों के संग्रहालय कई शहरों में हैं. इसलिए जब भी घूमने निकलें तो उस स्थान की सभी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में पहले से पूरी जानकारी कर उन्हें अपनी सूची में शामिल करना न?भूलें. यह सच है कि अब हर मौसम में हर जगह घूमा जा सकता है, पर मौसम के कुछ रंग या भौगोलिक हालात निजीतौर पर आप के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं. इसलिए जब कहीं निकलना हो तो वहां की भौगोलिक परिस्थिति के बारे में जान लें.
आजकल पर्यटकों को हर मौसम आकर्षित करता है यानी?घूमनेफिरने का कोई विशेष मौसम नहीं होता. जब आप पर्यटन के लिए निकलते हैं तो घूमना जितना महत्त्वपूर्ण है, व्यक्तिगत सुरक्षा व सेहत उस से कम अहम नहीं है. कहीं भी घूमने जाने से पहले रखिए कुछ खास खयाल ताकि आप की यात्रा हमेशा सुखद हो. देश या विदेश, जहां कहीं भी पर्यटन के लिए निकलना हो, कम खर्च में ज्यादा पर्यटन करने का अच्छा तरीका यह है कि तैयारियों की शुरुआत आप जानकारी जुटाने से करें. मसलन, जहां कहीं भी आप जा रहे हैं उस के आसपास और कौनकौन सी जगहें हैं? क्या उन्हें इस यात्रा पैकेज में शामिल किया जा सकता है? जिन शहरों की यात्रा पर आप जा रहे हैं, वहां देखने के लिए कौनकौन सी मशहूर जगहें हैं? खासतौर से किसी भी बड़े शहर के भीतर की दर्शनीय जगहों को कई हिस्सों में बांट कर देखें. ऐसा कोई भी बड़ा शहर नहीं है जिस का समृद्ध इतिहास न हो. प्राचीन काल में स्थापत्य की सर्वोत्तम कृतियां पर्यटकों को खासी लुभाती है. आज भी कई शहरों में मौजूद ऐतिहासिक स्थलों का स्थापत्य सौंदर्य देखते ही बनता है. विज्ञान से ले कर, प्रकृति, इतिहास और कला तक सभी विषयों के संग्रहालय कई शहरों में हैं. इसलिए जब भी घूमने निकलें तो उस स्थान की सभी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में पहले से पूरी जानकारी कर उन्हें अपनी सूची में शामिल करना न?भूलें. यह सच है कि अब हर मौसम में हर जगह घूमा जा सकता है, पर मौसम के कुछ रंग या भौगोलिक हालात निजीतौर पर आप के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं. इसलिए जब कहीं निकलना हो तो वहां की भौगोलिक परिस्थिति के बारे में जान लें.
शिकिम का वृक्षवासी बलू दर (Tnpaia Peguana ) - इसका शरीर लगभग आधे फुट का और दुम भी इतनी ही बड़ी होती है । रङ्ग धुमैला भूरा कुछ हरापन लिये हुए होता है । मलय का वृक्षवासी छळू दर (Tupaia Ferruginea) - ये प्रति चन्चल स्वभाव के प्राणी है। सम्पूर्ण दिन वृक्षों पर, विलक्षण फुर्ती से, अद्भुत छलाँग भरते रहते हैं। पिंजरे में बन्द कर दिये जाने पर भी वे क्षणमात्र को चुप नहीं बैठ सकते वरन् निरन्तर उछलते कूदते रहते हैं । चमगादड़ - श्रेणा (( 'HEIROPTERA ) स्तनपोषित - समुदाय में चमगादड़ श्रेणी के जन्तु सबसे विभिन्न में और अनोखे हैं, क्योंकि सारे समुदाय में इन्हीं को प्रकृति ने उड़ने के लिए अङ्ग दिये हैं। यह बात ध्यान में रखना है कि चमगादड़ पक्षी नहीं है। स्तनपोषित समुदाय का मुख्य जातिलक्षण उनमें मैजूद है अर्थात् उनके बर्थों का पालन स्तनों के दूध से होता है । है मादा के दो स्तन होते हैं। सिवाय इसके कि चमगादड़ नभोमण्डल में उड़ सकता है, उसमें और पक्षियों में कोई समानता नहीं होतीउदाहरणतः चमगादड़ों की हड्डियाँ पक्षियों की हड्डियों के समान पोली नहीं होती । चमगादड़ के शरीर के दोनों पार्श्व भागों की खाल बढ़कर उसकी भुजाओं और हाथों की उंगलियों पर मढ़ी होती है । हाथों की उंगलियाँ अत्यन्त लम्बी होती हैं और छाते की तीलियों के समान प्रतीत होती है। परन्तु हाथों के अँगूठे छोटे छोटे होते हैं और उन पर उड़ान की झिल्ली मढ़ी नहीं होती । उड़ान की खाल झिल्ली के समान होती है और उसमें दो तर्हे होती हैं। एक तह पीठ की खाल से बढ़कर आती है और दूसरी तह पेट की खाल से । ये झिल्लियाँ लोमहीन होती हैं 1 झिल्लियाँ पिछली टाँगों पर भी कुछ दूर तक मढ़ी होती हैं किन्तु वे पैरों की उंगलियों तक कभी नहीं पहुँचती।
शिकिम का वृक्षवासी बलू दर - इसका शरीर लगभग आधे फुट का और दुम भी इतनी ही बड़ी होती है । रङ्ग धुमैला भूरा कुछ हरापन लिये हुए होता है । मलय का वृक्षवासी छळू दर - ये प्रति चन्चल स्वभाव के प्राणी है। सम्पूर्ण दिन वृक्षों पर, विलक्षण फुर्ती से, अद्भुत छलाँग भरते रहते हैं। पिंजरे में बन्द कर दिये जाने पर भी वे क्षणमात्र को चुप नहीं बैठ सकते वरन् निरन्तर उछलते कूदते रहते हैं । चमगादड़ - श्रेणा स्तनपोषित - समुदाय में चमगादड़ श्रेणी के जन्तु सबसे विभिन्न में और अनोखे हैं, क्योंकि सारे समुदाय में इन्हीं को प्रकृति ने उड़ने के लिए अङ्ग दिये हैं। यह बात ध्यान में रखना है कि चमगादड़ पक्षी नहीं है। स्तनपोषित समुदाय का मुख्य जातिलक्षण उनमें मैजूद है अर्थात् उनके बर्थों का पालन स्तनों के दूध से होता है । है मादा के दो स्तन होते हैं। सिवाय इसके कि चमगादड़ नभोमण्डल में उड़ सकता है, उसमें और पक्षियों में कोई समानता नहीं होतीउदाहरणतः चमगादड़ों की हड्डियाँ पक्षियों की हड्डियों के समान पोली नहीं होती । चमगादड़ के शरीर के दोनों पार्श्व भागों की खाल बढ़कर उसकी भुजाओं और हाथों की उंगलियों पर मढ़ी होती है । हाथों की उंगलियाँ अत्यन्त लम्बी होती हैं और छाते की तीलियों के समान प्रतीत होती है। परन्तु हाथों के अँगूठे छोटे छोटे होते हैं और उन पर उड़ान की झिल्ली मढ़ी नहीं होती । उड़ान की खाल झिल्ली के समान होती है और उसमें दो तर्हे होती हैं। एक तह पीठ की खाल से बढ़कर आती है और दूसरी तह पेट की खाल से । ये झिल्लियाँ लोमहीन होती हैं एक झिल्लियाँ पिछली टाँगों पर भी कुछ दूर तक मढ़ी होती हैं किन्तु वे पैरों की उंगलियों तक कभी नहीं पहुँचती।
हमारे देश में श्रमिकों की स्थिति कोई बहुत बेहतर नहीं रही। यद्यपि बीच बीच में केंद्र एवं राज्य सरकारों की ओर से कुछ अधिनियम लाए गए हैं एवं योजनाएं चलाई गई हैं, ताकि श्रमिकों की हित रक्षा हो सके। बीओसीडब्ल्यू एक ऐसी ही व्यवस्था है। विभिन्न राज्यों में बनाए गए वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड इसी का नतीजा है। बीओसीडब्ल्यू की फुल फार्म क्या है? (What is the full form of BOCW? ) दोस्तों, सबसे पहले बीओसीडब्ल्यू की फुल फार्म (full form of BOCW) जान लेते हैं। इसकी फुल फार्म है-बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (building and other construction workers)। इसे हिंदी में भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक भी पुकारा जाता है। आपको बता दें मित्रों कि यह शब्द केंद्र सरकार द्वारा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स एक्ट (building and other construction workers act) -1996 लाए जाने के बाद से चर्चा में आया है। बीओसीडब्ल्यू क्या है? (What is BOCW? ) दोस्तों, अभी हमने आपको बीओसीडब्ल्यू का शाब्दिक अर्थ और यह शब्द कहां से आया इसकी जानकारी दी। आपको बता दें दोस्तों है कि बीओसीडल्न्यू केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया एक एक्ट यानी अधिनियम है। इसका पूरा नाम बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (रेगुलेशन आफ एंप्लायमेंट एंड कंडीशंस आफ सर्विस) एक्ट है। इसे हिंदी में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम-1996 भी पुकारा जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस एक्ट के अंतर्गत ही भवन एवं निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की रोजगार की शर्तें एवं सेवा की स्थितियों का निर्धारण किया गया है। बीओसीडब्ल्यू एक्ट में क्या व्यवस्था है? (What is the arrangement in BOCW act? ) साथियों, आपको जानकारी दे दें कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के मुताबिक ऐसा कोई भी निर्माण कार्य, जिसमें 10 लाख रुपए से अधिक की लागत आती है, उसके कुल लागत की एक प्रतिशत रकम बीओसीडब्यू एक्ट के तहत जमा करनी आवश्यक है। इसे उपकर अथवा सेस (cess) पुकारा जाता है। इस रकम को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यय किया जाता है। मूल रूप से बीओसीडब्ल्यू एक्ट-1996 में श्रमिकों के रोजगार, सेवा शर्त, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी उपायों के लिए प्रावधान किया गया है। बीओसीडब्ल्यू एक्ट की आवश्यकता क्यों पड़ी? (Why BOCW act was needed? ) साथियों, अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर बीओसीडब्ल्यू एक्ट की आवश्यकता क्यों पड़ी? यह तो आप जानते ही हैं कि श्रमिकों के कार्य में बेहद असुरक्षा रहती है। उनके कार्य के घंटे भी लंबे होते हैं। भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में आते हैं। वे जोखिमपूर्ण स्थितियों में कार्य करते हैं। उनका रोजगार अनियमित एवं अस्थाई होता है। पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में इनकी स्थिति बेहद चिंताजनक होती है। उन्हें कानूनी प्रावधानों (legal provisions) की भी अधिक जानकारी नहीं होती। ऐसे में उनकी सुरक्षा, कल्याण, हित एवं अन्य सुविधाओं के लिए एक एक्ट की आवश्यकता महसूस की गई, जो बीओसीडब्ल्यू एक्ट के रूप में सामने आया। बीओसीडब्ल्यू एक्ट के तहत विभिन्न राज्यों में कौन से बोर्ड गठित किए गए हैं? (Which boards are constituted in different states under BOCW act? ) मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता, एक्सीडेंटल कवर, पेंशन बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता, मृतक आश्रितों को सहायता आदि। बीओसीडब्ल्यू के तहत कौन कौन आता है? (Who comes under BOCW? ) बीओसीडब्ल्यू एक्ट कहां लागू होता है? (Where BOCW act is implemented? ) दोस्तों, आपको जानकारी दे दें कि तत्कालीन केंद्र सरकार बीओसीडब्ल्यू एक्ट (BOCW act) आज से 28 वर्ष पूर्व सन् 1996 में लाई थी। यह बीओसीडब्ल्यू एक्ट उन तमाम प्रतिष्ठानों पर लागू है, जो फैक्ट्री एक्ट (factory act) यानी कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत (registered) हैं। जहां निर्माण कार्य हो रहा है। बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड में रजिस्ट्रेशन के लिए क्या पात्रता है? (What is the eligibility to get registered in BOCW? ) - आवेदक भारत का नागरिक हो। - आवेदक की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष से लेकर अधिकतम 60 वर्ष तक हो। - आवेदक द्वारा निर्माण श्रमिक के रूप में कम से कम 90 दिन यानी तीन माह तक कार्य अवश्य किया गया हो। बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड में पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं? (What documents are required to get registered in bocw? ) - * निर्माण श्रमिक का नियोजन प्रमाण पत्र/स्व घोषणा पत्र। - * आवेदक के आधार कार्ड की फोटो कापी। - * आवेदक की बैंक पासबुक। - * निर्माण श्रमिक के दो पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ। - वोटर आईडी। - राशन कार्ड। - ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम प्रधान/पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र। - वि़द्यालय से प्राप्त अभिलेख। - जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार से प्राप्त सर्टिफिकेट। - किसी मेडिकल आफिसर का प्रमाण पत्र. । - नोटरी द्वारा सत्यापित निर्माण श्रमिक का शपथ पत्र। बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड के तहत श्रमिकों के लिए कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं? (What schemes are being run for the welfare of the workers/labourers under BOCW? ) यूपी बीओसीडब्ल्यू (BOCW, UP): - कन्या विवाह अनुदान योजना। - शौचालय सहायता योजना। - मेधावी छात्र पुरस्कार योजना। - आवासीय विद्यालय योजना। - कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना। - आपदा राहत सहायता योजना। - महात्मा गांधी पेंशन योजना। - गंभीर बीमारी सहायता योजना। - मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना। - अंत्येष्टि सहायता योजना। - पं दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना। पंजाब बीओसीडब्ल्यू (BOCW punjab): - स्टाइपेंड स्कीम। - शगुन योजना। - एग्सग्रेशिया स्कीम। - एलटीसी स्कीम। - आक्यूपेशनल डिजीज स्कीम। - फ्यूनरल राइट्स स्कीम। - दांत, चश्मा एवं हियरिंग डिवाइस योजना। - जनरल सर्जरी सहायता स्कीम। मध्य प्रदेश बीओसीडब्ल्यू (BOCW MP): - प्रसूति सहायता। - विवाह के लिए सहायता। - शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि। - मेधावी छात्र/छात्रा नकद पुरस्कार। - चिकित्सा सहायता। - आनलाइन सेस पेमेंट। राजस्थान बीओसीडब्ल्यू (BOCW, Rajasthan): - शुभशक्ति योजना। - निर्माण श्रमिक जीवन एवं भविष्य सुरक्षा योजना। - निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना। - निर्माण श्रमिक सुलभ आवास योजना। - निर्माण श्रमिक औजार/टूलकिट सहायता योजना। - प्रसूति सहायता योजना। - सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारियों हेतु सहायता योजना। - हिताधिकारी सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की दशा में सहायता योजना। - निर्माण श्रमिकों को विदेश में रोजगार हेतु वीजा पर होने वाले व्यय का पुनर्भरण योजना। - निर्माण श्रमिक अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगियों हेतु सहायता योजना। - निर्माण श्रमिक एवं उनके आश्रित बच्चों द्वारा भारतीय/राजस्थान प्रशासनिक सेवा हेतु आयोजित प्रारंभिक परीक्षा हेतु तैयारी योजना। - निर्माण श्रमिकों के लिए व्यावसायिक ऋण पर ब्याज की पुनर्भरण योजना। - निर्माण श्रमिकों के पुत्र/पुत्री का आईआईटी/आईआईएम में प्रवेश मिलने पर ट्यूशन फीस पुनर्भरण योजना। उत्तराखंड बीओसीडब्ल्यू (BOCW, uttarakhand): उत्तराखंड बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड में कुल 4,58,174 श्रमिक रजिस्टर्ड हैं। इनमें आधार सत्यापित श्रमिक 3,63,293 हैं। कुल सक्रिय श्रमिकों की संख्या 2,54,644 है। - विवाहोपरांत पुत्री विवाह आर्थिक सहायता। - 60 वर्ष पेंशन योजना। - मकान की निर्माण/खरीद हेतु सहायता। छततीसगढ़ बीओसीडब्ल्यू (BOCW, chattisgarh): - राजमाता कन्या विवाह योजना। - भगिनी प्रसूति सहायता योजना। - मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना। - मुख्यमंत्री चलित झूलाघर योजना। - नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना। - दुर्घटना में चिकित्सा सहायता योजना। - प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना। - मुख्यमंत्री बंधक निर्माण मजदूर पुनर्वास सहायता योजना। - मोबाइल रजिस्ट्रेशन वैन। - विश्वकर्मा दुर्घटना मृत्यु पर अंत्येष्टि एवं अनुग्रह राशि भुगतान योजना। - मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना। - मेधावी छात्र/छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना। - गंभीर बीमारी हेतु चिकित्सा योजना। - मुख्यमंत्री श्रमिक प्रतीक्षालय योजना। - मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना। - मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वावलंबन पेंशन योजना। हिमाचल प्रदेश बीओसीडब्ल्यू (BOCW, Himachal Pradesh): - शादी हेतु वित्तीय सहायता। - मातृत्व/पितृत्व प्रसुविधा। - शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता। - चिकित्सा सहायता। - अंतिम संस्कार सहायता। - मृत्यु सहायता लाभ। - पेंशन। - विकलांगता पेंशन। - बेटी जन्म उपहार योजना। - मानसिक रूप से मंद/अपंग बच्चों के लिए योजना। - विधवा पेंशन योजना। - हास्टल सुविधा योजना। - मुख्यमंत्री आवास योजना। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कैसे कराया जा सकता है? - अपने तमाम आवश्यक दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, नियोक्ता सर्टिफिकेट एवं पासपोर्ट आकार के फोटो के साथ नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाएं। - यहां संचालक आपका फार्म आनलाइन भरकर आपके दस्तावेज स्कैन (documents scan) कर अपलोड (upload) कर देगा। - सारी जानकारी सबमिट (submit) हो जाने और दस्तावेज अपलोड हो जाने के बाद आपकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (registration process) पूरी हो जाएगी। - रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद एक रिसीट जनरेट (receipt generate) हो जाएगी। - अब इसे डाउनलोड (download) कर लें। - इसका प्रिंट (print) लेकर आप भविष्य के संदर्भ (future reference) के लिए एवं अपने आवेदन का स्टेटस (application status) जानने के लिए अपने पास सुरक्षित रख सकते है। बीओसीडब्ल्यू में आनलाइन रजिस्ट्रेशन की क्या प्रक्रिया है? छत्तीसगढ़ के उदाहरण से समझें- (what is the process for online registration in BOCW? Know from the example of chattisgarh) - सबसे पहले वेब ब्राउजर में https://cglabour. nic. in/BOCW/BOCHome. aspx यूआरएल (URL) टाइप करें। अब आपके सामने वेबसाइट (website) का होम पेज (home page) खुल जाएगा। - यहां आपको पंजीयन आवेदन फार्म (registration application form) का विकल्प दिखाई देगा। आपको इस पर क्लिक करना है। अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फार्म खुल जाएगा। - याद रखें कि फार्म भरने के लिए आपको केवल मंगल फांट (Mangal font) अथवा यूनिकोड (Unicode) का ही इस्तेमाल करना है। ऐसा न करने पर आपका फार्म निरस्त (cancel) हो सकता है। हिंदी फांट डाउनलोड (download) करने के लिए पंजीयन फार्म में लिंक दिया गया है। - आवेदन फार्म तीन हिस्सों में बंटा होगा। भाग-1 में आपको अपना व्यक्तिगत ब्योरा (personal details) भरना होगा। जैसे-नाम, पति/पिता का नाम, कार्य का स्वरूप, वर्तमान पता, स्थाई पता, बैंक खाते की जानकारी आदि। - -भाग-1 पूरा हो जाने के बाद सेव (save) हो जाएगा और आपका आवेदन क्रमांक शो होने लगेगा। - इस आवेदन क्रमांक को अपने पास कहीं लिखकर रख लें। क्योंकि यदि किसी कारणवश आप अन्य दो भागों को पूरा न भर सकें तो भविष्य में इस आवेदन क्रमांक का इस्तेमाल कर कभी भी फार्म को पूरा भर सकते हैं। - आवेदन फार्म के भाग-2 में आपको अपने कार्य का ब्योरा जैसे नियोजन का नाम, पता, स्थापना का विवरण, रजिस्ट्रेशन संख्या, नियोजन की अवधि, कितने दिनों का नियोजन रहा आदि के साथ ही अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज करनी होगी। उनके नाम, आयु, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति, कार्यरत स्थिति आदि का उल्लेख करना होगा। - भाग-2 संपूर्ण हो जाने के पश्चात आवेदन पत्र का भाग-3 भरना होगा। इस भाग में आपको अपनी पासपोर्ट साइज की फोटो, आयु प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्र की प्रतियां अपलोड करनी होंगी। - इतना करने के बाद सेव के आप्शन पर किलक कर दें। - अब स्क्रीन पर आपके द्वारा भरी गई सारी जानकारी शो होने लगेगी। - यदि कोई त्रुटि हो तो आप ठीक कर सकते हैं अन्यथा इसे फाइनल सेव (final save) कर लें। - अब आपके सामने आवके आवेदन क्रमांक के साथ ही आपके आवेदन पत्र का संक्षिप्त ब्योरा (short description) दिखेगा। आप इसे प्रिंट करके आप सुरक्षित कर लें। - इस प्रकार आपकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (registration process) पूरी हो जाएगी। राजस्थान बीओसीडब्ल्यू में आनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (How to register online in Rajasthan BOCW? ) - यदि आपके भामाशाह आईडी है तो प्रथम विकल्प पर क्लिक करें। भामाशाह आईडी डालें और नेक्स्ट (next) पर क्लिक करें। - यदि आपके पास भामाशाह आईडी एवं आधार कार्ड आईडी दोनों हैं तो दूसरे रेडियो बटन पर क्लिक करें। भामशाह आईडी एवं आधार कार्ड आईडी दोनों डालें और नेक्स्ट पर क्लिक कर दें। - यदि आपके पास केवल आधार कार्ड आईडी है तो तीसरे रेडियो बटन पर क्लिक करें। अपनी आधार कार्ड आईडी (aadhar card id) दर्ज कर दें और नेक्स्ट के आप्शन पर क्लिक कर दें। - यदि आपके पास केवल उद्योग आधार नंबर (udyog aadhar number) है तो चौथे रेडियो बटन को क्लिक करें और उद्योग आधार नंबर दर्ज कर नेक्स्ट के आप्शन पर क्लिक कर दें। - यदि आपके पास इनमें से कोई आईडी नहीं है तो आप सोशल नेटवर्किंग साइट (social networking sites) फेसबुक/गूगल (Facebook/Google) के जरिए भी रजिस्टर हो सकते हैं। - एसएसओ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन एवं लागिन के बाद आपके सामने एसएसओ पोर्टल पर विभिन्न सरकारी विभागों के पोर्टल्स के आइकन आएंगे। - यहां आपको लेबर डिपार्टमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (labour department management system) यानी एलडीएमएस (LDMS) आइकन पर क्लिक करना है। - इसके पश्चात सिस्टम पूछेगा कि क्या यूजर पहले से ही एलडीएमएस पर रजिस्टर्ड है? - यदि 'हां' तो yes के रेडियो बटन पर क्लिक करें। इसके बाद यूजर से उसका एसएसओ लागिन/पासवर्ड डालने को कहा जाएगा। - यदि 'नहीं' तो No रेडियो बटन पर क्लिक करें। - इतना करने के पश्चात यूजर एलडीएमएस पोर्टल पर स्क्रीन पर आ जाएगा। - यहां पर्सनल डिटेल्स (personal details) भरने के बाद मांगे गए दस्तावेज अपलोड (documents upload) कर दें। - इसके बाद सबमिट (submit) के आप्शन पर क्लिक कर दें। - बीओसीडब्ल्यू में आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद श्रमिकों को किस प्रकार लाभ प्राप्त होता है? (How a worker get benefitted after registration? ) मित्रों, आपको जानकारी दे दें कि रजिस्ट्रेशन (registration) के पश्चात श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू की ओर से एक श्रमिक कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्ड पर श्रमिक की सारी डिटेल रहती है। इन दिनों विभिन्न प्रदेशों में श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड (smart card) जारी किए जा रहे हैं। इन्हीं कार्ड को दिखाकर उन्हें कल्याण बोर्ड (welfare board) द्वारा चलाई जा रही योजनाओं (schemes) का लाभ प्रदान किया जाता है। - दुनिया के सबसे पुराने टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन में इस बार से क्या बदलाव होंगे? - यूपीआई ब्लॉक फैसिलिटी क्या है? शेयर बाजार में यह व्यवस्था कब से लागू होगी? - कर्नाटक शक्ति योजना मुफ्त बस यात्रा ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? । What is Karnataka Shakti Yojana? बीओसीडब्ल्यू की फुल फार्म क्या है? बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स है। बीओसीडब्ल्यू क्या है? यह केंद्र सरकार द्वारा जारी एक एक्ट है। इसे बीओसीडब्ल्यू एक्ट पुकारा जाता है। बीओसीडब्ल्यू एक्ट को कब मंजूरी मिली थी? इस एक्ट को आज से 26 वर्ष पूर्व सन् 1996 में मंजूरी मिली थी। बीओसीडब्ल्यू एक्ट लाने का क्या उद्देश्य था? बीओसीडब्ल्यू एक्ट लाने का उद्देश्य श्रमिकों की कार्यदशा में सुधार, सुरक्षा आदि नियमों का निर्धारण तथा श्रमिक हितों की रक्षा करना था। बीओसीडब्ल्यू एक्ट में क्या व्यवस्था है? इसके तहत 10 लाख से अधिक लागत वाले किसी भी निर्माण कार्य की एक प्रतिशत राशि श्रमिक कल्याण के लिए बोर्ड द्वारा काटी जाती है। इसे उपकर अथवा सेस पुकारा जाता है। दोस्तों, इस पोस्ट (post) में हमने आपको बीओसीडब्ल्यू के बारे में हिंदी में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई। उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी साबित होगी। यदि आप इसी प्रकार की जानकारीप्रद पोस्ट हमसे चाहते हैं तो उसके लिए हमें नीचे दिए गए कमेंट बाक्स (comment box) में कमेंट (comment) करके बता सकते हैं। । । धन्यवाद। ।
हमारे देश में श्रमिकों की स्थिति कोई बहुत बेहतर नहीं रही। यद्यपि बीच बीच में केंद्र एवं राज्य सरकारों की ओर से कुछ अधिनियम लाए गए हैं एवं योजनाएं चलाई गई हैं, ताकि श्रमिकों की हित रक्षा हो सके। बीओसीडब्ल्यू एक ऐसी ही व्यवस्था है। विभिन्न राज्यों में बनाए गए वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड इसी का नतीजा है। बीओसीडब्ल्यू की फुल फार्म क्या है? दोस्तों, सबसे पहले बीओसीडब्ल्यू की फुल फार्म जान लेते हैं। इसकी फुल फार्म है-बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स । इसे हिंदी में भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक भी पुकारा जाता है। आपको बता दें मित्रों कि यह शब्द केंद्र सरकार द्वारा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स एक्ट -एक हज़ार नौ सौ छियानवे लाए जाने के बाद से चर्चा में आया है। बीओसीडब्ल्यू क्या है? दोस्तों, अभी हमने आपको बीओसीडब्ल्यू का शाब्दिक अर्थ और यह शब्द कहां से आया इसकी जानकारी दी। आपको बता दें दोस्तों है कि बीओसीडल्न्यू केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया एक एक्ट यानी अधिनियम है। इसका पूरा नाम बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स एक्ट है। इसे हिंदी में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम-एक हज़ार नौ सौ छियानवे भी पुकारा जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस एक्ट के अंतर्गत ही भवन एवं निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की रोजगार की शर्तें एवं सेवा की स्थितियों का निर्धारण किया गया है। बीओसीडब्ल्यू एक्ट में क्या व्यवस्था है? साथियों, आपको जानकारी दे दें कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के मुताबिक ऐसा कोई भी निर्माण कार्य, जिसमें दस लाख रुपए से अधिक की लागत आती है, उसके कुल लागत की एक प्रतिशत रकम बीओसीडब्यू एक्ट के तहत जमा करनी आवश्यक है। इसे उपकर अथवा सेस पुकारा जाता है। इस रकम को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यय किया जाता है। मूल रूप से बीओसीडब्ल्यू एक्ट-एक हज़ार नौ सौ छियानवे में श्रमिकों के रोजगार, सेवा शर्त, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी उपायों के लिए प्रावधान किया गया है। बीओसीडब्ल्यू एक्ट की आवश्यकता क्यों पड़ी? साथियों, अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर बीओसीडब्ल्यू एक्ट की आवश्यकता क्यों पड़ी? यह तो आप जानते ही हैं कि श्रमिकों के कार्य में बेहद असुरक्षा रहती है। उनके कार्य के घंटे भी लंबे होते हैं। भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में आते हैं। वे जोखिमपूर्ण स्थितियों में कार्य करते हैं। उनका रोजगार अनियमित एवं अस्थाई होता है। पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में इनकी स्थिति बेहद चिंताजनक होती है। उन्हें कानूनी प्रावधानों की भी अधिक जानकारी नहीं होती। ऐसे में उनकी सुरक्षा, कल्याण, हित एवं अन्य सुविधाओं के लिए एक एक्ट की आवश्यकता महसूस की गई, जो बीओसीडब्ल्यू एक्ट के रूप में सामने आया। बीओसीडब्ल्यू एक्ट के तहत विभिन्न राज्यों में कौन से बोर्ड गठित किए गए हैं? मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता, एक्सीडेंटल कवर, पेंशन बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता, मृतक आश्रितों को सहायता आदि। बीओसीडब्ल्यू के तहत कौन कौन आता है? बीओसीडब्ल्यू एक्ट कहां लागू होता है? दोस्तों, आपको जानकारी दे दें कि तत्कालीन केंद्र सरकार बीओसीडब्ल्यू एक्ट आज से अट्ठाईस वर्ष पूर्व सन् एक हज़ार नौ सौ छियानवे में लाई थी। यह बीओसीडब्ल्यू एक्ट उन तमाम प्रतिष्ठानों पर लागू है, जो फैक्ट्री एक्ट यानी कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत हैं। जहां निर्माण कार्य हो रहा है। बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड में रजिस्ट्रेशन के लिए क्या पात्रता है? - आवेदक भारत का नागरिक हो। - आवेदक की उम्र न्यूनतम अट्ठारह वर्ष से लेकर अधिकतम साठ वर्ष तक हो। - आवेदक द्वारा निर्माण श्रमिक के रूप में कम से कम नब्बे दिन यानी तीन माह तक कार्य अवश्य किया गया हो। बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड में पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं? - * निर्माण श्रमिक का नियोजन प्रमाण पत्र/स्व घोषणा पत्र। - * आवेदक के आधार कार्ड की फोटो कापी। - * आवेदक की बैंक पासबुक। - * निर्माण श्रमिक के दो पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ। - वोटर आईडी। - राशन कार्ड। - ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम प्रधान/पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र। - वि़द्यालय से प्राप्त अभिलेख। - जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार से प्राप्त सर्टिफिकेट। - किसी मेडिकल आफिसर का प्रमाण पत्र. । - नोटरी द्वारा सत्यापित निर्माण श्रमिक का शपथ पत्र। बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड के तहत श्रमिकों के लिए कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं? यूपी बीओसीडब्ल्यू : - कन्या विवाह अनुदान योजना। - शौचालय सहायता योजना। - मेधावी छात्र पुरस्कार योजना। - आवासीय विद्यालय योजना। - कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना। - आपदा राहत सहायता योजना। - महात्मा गांधी पेंशन योजना। - गंभीर बीमारी सहायता योजना। - मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना। - अंत्येष्टि सहायता योजना। - पं दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना। पंजाब बीओसीडब्ल्यू : - स्टाइपेंड स्कीम। - शगुन योजना। - एग्सग्रेशिया स्कीम। - एलटीसी स्कीम। - आक्यूपेशनल डिजीज स्कीम। - फ्यूनरल राइट्स स्कीम। - दांत, चश्मा एवं हियरिंग डिवाइस योजना। - जनरल सर्जरी सहायता स्कीम। मध्य प्रदेश बीओसीडब्ल्यू : - प्रसूति सहायता। - विवाह के लिए सहायता। - शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि। - मेधावी छात्र/छात्रा नकद पुरस्कार। - चिकित्सा सहायता। - आनलाइन सेस पेमेंट। राजस्थान बीओसीडब्ल्यू : - शुभशक्ति योजना। - निर्माण श्रमिक जीवन एवं भविष्य सुरक्षा योजना। - निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना। - निर्माण श्रमिक सुलभ आवास योजना। - निर्माण श्रमिक औजार/टूलकिट सहायता योजना। - प्रसूति सहायता योजना। - सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारियों हेतु सहायता योजना। - हिताधिकारी सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की दशा में सहायता योजना। - निर्माण श्रमिकों को विदेश में रोजगार हेतु वीजा पर होने वाले व्यय का पुनर्भरण योजना। - निर्माण श्रमिक अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगियों हेतु सहायता योजना। - निर्माण श्रमिक एवं उनके आश्रित बच्चों द्वारा भारतीय/राजस्थान प्रशासनिक सेवा हेतु आयोजित प्रारंभिक परीक्षा हेतु तैयारी योजना। - निर्माण श्रमिकों के लिए व्यावसायिक ऋण पर ब्याज की पुनर्भरण योजना। - निर्माण श्रमिकों के पुत्र/पुत्री का आईआईटी/आईआईएम में प्रवेश मिलने पर ट्यूशन फीस पुनर्भरण योजना। उत्तराखंड बीओसीडब्ल्यू : उत्तराखंड बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड में कुल चार,अट्ठावन,एक सौ चौहत्तर श्रमिक रजिस्टर्ड हैं। इनमें आधार सत्यापित श्रमिक तीन,तिरेसठ,दो सौ तिरानवे हैं। कुल सक्रिय श्रमिकों की संख्या दो,चौवन,छः सौ चौंतालीस है। - विवाहोपरांत पुत्री विवाह आर्थिक सहायता। - साठ वर्ष पेंशन योजना। - मकान की निर्माण/खरीद हेतु सहायता। छततीसगढ़ बीओसीडब्ल्यू : - राजमाता कन्या विवाह योजना। - भगिनी प्रसूति सहायता योजना। - मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना। - मुख्यमंत्री चलित झूलाघर योजना। - नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना। - दुर्घटना में चिकित्सा सहायता योजना। - प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना। - मुख्यमंत्री बंधक निर्माण मजदूर पुनर्वास सहायता योजना। - मोबाइल रजिस्ट्रेशन वैन। - विश्वकर्मा दुर्घटना मृत्यु पर अंत्येष्टि एवं अनुग्रह राशि भुगतान योजना। - मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना। - मेधावी छात्र/छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना। - गंभीर बीमारी हेतु चिकित्सा योजना। - मुख्यमंत्री श्रमिक प्रतीक्षालय योजना। - मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना। - मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वावलंबन पेंशन योजना। हिमाचल प्रदेश बीओसीडब्ल्यू : - शादी हेतु वित्तीय सहायता। - मातृत्व/पितृत्व प्रसुविधा। - शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता। - चिकित्सा सहायता। - अंतिम संस्कार सहायता। - मृत्यु सहायता लाभ। - पेंशन। - विकलांगता पेंशन। - बेटी जन्म उपहार योजना। - मानसिक रूप से मंद/अपंग बच्चों के लिए योजना। - विधवा पेंशन योजना। - हास्टल सुविधा योजना। - मुख्यमंत्री आवास योजना। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कैसे कराया जा सकता है? - अपने तमाम आवश्यक दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, नियोक्ता सर्टिफिकेट एवं पासपोर्ट आकार के फोटो के साथ नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाएं। - यहां संचालक आपका फार्म आनलाइन भरकर आपके दस्तावेज स्कैन कर अपलोड कर देगा। - सारी जानकारी सबमिट हो जाने और दस्तावेज अपलोड हो जाने के बाद आपकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। - रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद एक रिसीट जनरेट हो जाएगी। - अब इसे डाउनलोड कर लें। - इसका प्रिंट लेकर आप भविष्य के संदर्भ के लिए एवं अपने आवेदन का स्टेटस जानने के लिए अपने पास सुरक्षित रख सकते है। बीओसीडब्ल्यू में आनलाइन रजिस्ट्रेशन की क्या प्रक्रिया है? छत्तीसगढ़ के उदाहरण से समझें- - सबसे पहले वेब ब्राउजर में https://cglabour. nic. in/BOCW/BOCHome. aspx यूआरएल टाइप करें। अब आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुल जाएगा। - यहां आपको पंजीयन आवेदन फार्म का विकल्प दिखाई देगा। आपको इस पर क्लिक करना है। अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फार्म खुल जाएगा। - याद रखें कि फार्म भरने के लिए आपको केवल मंगल फांट अथवा यूनिकोड का ही इस्तेमाल करना है। ऐसा न करने पर आपका फार्म निरस्त हो सकता है। हिंदी फांट डाउनलोड करने के लिए पंजीयन फार्म में लिंक दिया गया है। - आवेदन फार्म तीन हिस्सों में बंटा होगा। भाग-एक में आपको अपना व्यक्तिगत ब्योरा भरना होगा। जैसे-नाम, पति/पिता का नाम, कार्य का स्वरूप, वर्तमान पता, स्थाई पता, बैंक खाते की जानकारी आदि। - -भाग-एक पूरा हो जाने के बाद सेव हो जाएगा और आपका आवेदन क्रमांक शो होने लगेगा। - इस आवेदन क्रमांक को अपने पास कहीं लिखकर रख लें। क्योंकि यदि किसी कारणवश आप अन्य दो भागों को पूरा न भर सकें तो भविष्य में इस आवेदन क्रमांक का इस्तेमाल कर कभी भी फार्म को पूरा भर सकते हैं। - आवेदन फार्म के भाग-दो में आपको अपने कार्य का ब्योरा जैसे नियोजन का नाम, पता, स्थापना का विवरण, रजिस्ट्रेशन संख्या, नियोजन की अवधि, कितने दिनों का नियोजन रहा आदि के साथ ही अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज करनी होगी। उनके नाम, आयु, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति, कार्यरत स्थिति आदि का उल्लेख करना होगा। - भाग-दो संपूर्ण हो जाने के पश्चात आवेदन पत्र का भाग-तीन भरना होगा। इस भाग में आपको अपनी पासपोर्ट साइज की फोटो, आयु प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्र की प्रतियां अपलोड करनी होंगी। - इतना करने के बाद सेव के आप्शन पर किलक कर दें। - अब स्क्रीन पर आपके द्वारा भरी गई सारी जानकारी शो होने लगेगी। - यदि कोई त्रुटि हो तो आप ठीक कर सकते हैं अन्यथा इसे फाइनल सेव कर लें। - अब आपके सामने आवके आवेदन क्रमांक के साथ ही आपके आवेदन पत्र का संक्षिप्त ब्योरा दिखेगा। आप इसे प्रिंट करके आप सुरक्षित कर लें। - इस प्रकार आपकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। राजस्थान बीओसीडब्ल्यू में आनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें? - यदि आपके भामाशाह आईडी है तो प्रथम विकल्प पर क्लिक करें। भामाशाह आईडी डालें और नेक्स्ट पर क्लिक करें। - यदि आपके पास भामाशाह आईडी एवं आधार कार्ड आईडी दोनों हैं तो दूसरे रेडियो बटन पर क्लिक करें। भामशाह आईडी एवं आधार कार्ड आईडी दोनों डालें और नेक्स्ट पर क्लिक कर दें। - यदि आपके पास केवल आधार कार्ड आईडी है तो तीसरे रेडियो बटन पर क्लिक करें। अपनी आधार कार्ड आईडी दर्ज कर दें और नेक्स्ट के आप्शन पर क्लिक कर दें। - यदि आपके पास केवल उद्योग आधार नंबर है तो चौथे रेडियो बटन को क्लिक करें और उद्योग आधार नंबर दर्ज कर नेक्स्ट के आप्शन पर क्लिक कर दें। - यदि आपके पास इनमें से कोई आईडी नहीं है तो आप सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक/गूगल के जरिए भी रजिस्टर हो सकते हैं। - एसएसओ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन एवं लागिन के बाद आपके सामने एसएसओ पोर्टल पर विभिन्न सरकारी विभागों के पोर्टल्स के आइकन आएंगे। - यहां आपको लेबर डिपार्टमेंट मैनेजमेंट सिस्टम यानी एलडीएमएस आइकन पर क्लिक करना है। - इसके पश्चात सिस्टम पूछेगा कि क्या यूजर पहले से ही एलडीएमएस पर रजिस्टर्ड है? - यदि 'हां' तो yes के रेडियो बटन पर क्लिक करें। इसके बाद यूजर से उसका एसएसओ लागिन/पासवर्ड डालने को कहा जाएगा। - यदि 'नहीं' तो No रेडियो बटन पर क्लिक करें। - इतना करने के पश्चात यूजर एलडीएमएस पोर्टल पर स्क्रीन पर आ जाएगा। - यहां पर्सनल डिटेल्स भरने के बाद मांगे गए दस्तावेज अपलोड कर दें। - इसके बाद सबमिट के आप्शन पर क्लिक कर दें। - बीओसीडब्ल्यू में आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद श्रमिकों को किस प्रकार लाभ प्राप्त होता है? मित्रों, आपको जानकारी दे दें कि रजिस्ट्रेशन के पश्चात श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू की ओर से एक श्रमिक कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्ड पर श्रमिक की सारी डिटेल रहती है। इन दिनों विभिन्न प्रदेशों में श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इन्हीं कार्ड को दिखाकर उन्हें कल्याण बोर्ड द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाता है। - दुनिया के सबसे पुराने टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन में इस बार से क्या बदलाव होंगे? - यूपीआई ब्लॉक फैसिलिटी क्या है? शेयर बाजार में यह व्यवस्था कब से लागू होगी? - कर्नाटक शक्ति योजना मुफ्त बस यात्रा ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? । What is Karnataka Shakti Yojana? बीओसीडब्ल्यू की फुल फार्म क्या है? बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स है। बीओसीडब्ल्यू क्या है? यह केंद्र सरकार द्वारा जारी एक एक्ट है। इसे बीओसीडब्ल्यू एक्ट पुकारा जाता है। बीओसीडब्ल्यू एक्ट को कब मंजूरी मिली थी? इस एक्ट को आज से छब्बीस वर्ष पूर्व सन् एक हज़ार नौ सौ छियानवे में मंजूरी मिली थी। बीओसीडब्ल्यू एक्ट लाने का क्या उद्देश्य था? बीओसीडब्ल्यू एक्ट लाने का उद्देश्य श्रमिकों की कार्यदशा में सुधार, सुरक्षा आदि नियमों का निर्धारण तथा श्रमिक हितों की रक्षा करना था। बीओसीडब्ल्यू एक्ट में क्या व्यवस्था है? इसके तहत दस लाख से अधिक लागत वाले किसी भी निर्माण कार्य की एक प्रतिशत राशि श्रमिक कल्याण के लिए बोर्ड द्वारा काटी जाती है। इसे उपकर अथवा सेस पुकारा जाता है। दोस्तों, इस पोस्ट में हमने आपको बीओसीडब्ल्यू के बारे में हिंदी में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई। उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी साबित होगी। यदि आप इसी प्रकार की जानकारीप्रद पोस्ट हमसे चाहते हैं तो उसके लिए हमें नीचे दिए गए कमेंट बाक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। । । धन्यवाद। ।
पंचकूला, 24 नवंबर (ट्रिन्यू) स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में पंचकूला की रैंकिंग में गिरावट के मद्देनजर सेक्टर 10 हाउस ओनर्स वेल्फेयर एसोसिएशन द्वारा शहर को स्वच्छ व साफ-सुथरा बनाने के लिए 'स्वस्थ पंचकूला स्वस्थ पंचकूला' का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। आज हौवा की कोर कमेटी की बैठक एसोसिएशन के चेयरमैन भारत हितैषी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में पंचकूला की रैंकिंग पिछले वर्ष के 81वें स्थान से 99वें पर लुढ़क जाने पर चिंता जताते हुयेइसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। भारत हितैषी ने बताया कि हौवा द्वारा 'स्वस्थ पंचकूला स्वस्थ पंचकूला' अभियान से स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने का संकल्प लिया गया है। हौवा के प्रधान बीएम कौशिक, महासचिव एनके खोसला ने बताया कि हौवा के इस अनूठे अभियान को सेक्टर 10 से शुरू करते हुए सेक्टर के उन स्थानों का पता लगाया जाएगा, जहां कुछ सेक्टर वासी घरों का कूड़ा चुपचाप फेंक देते हैं। ऐसे चिन्हित स्थानों पर हौवा के सदस्यों द्वारा निगरानी की जाएगी और कूड़ा फेंकने वाले सेक्टर वासी या घरेलू नौकरानी को चेतावनी देकर कड़ी कार्रवाई करवाई जाएगी।
पंचकूला, चौबीस नवंबर स्वच्छ सर्वेक्षण दो हज़ार इक्कीस में पंचकूला की रैंकिंग में गिरावट के मद्देनजर सेक्टर दस हाउस ओनर्स वेल्फेयर एसोसिएशन द्वारा शहर को स्वच्छ व साफ-सुथरा बनाने के लिए 'स्वस्थ पंचकूला स्वस्थ पंचकूला' का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। आज हौवा की कोर कमेटी की बैठक एसोसिएशन के चेयरमैन भारत हितैषी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें स्वच्छता सर्वेक्षण दो हज़ार इक्कीस में पंचकूला की रैंकिंग पिछले वर्ष के इक्यासीवें स्थान से निन्यानवेवें पर लुढ़क जाने पर चिंता जताते हुयेइसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। भारत हितैषी ने बताया कि हौवा द्वारा 'स्वस्थ पंचकूला स्वस्थ पंचकूला' अभियान से स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने का संकल्प लिया गया है। हौवा के प्रधान बीएम कौशिक, महासचिव एनके खोसला ने बताया कि हौवा के इस अनूठे अभियान को सेक्टर दस से शुरू करते हुए सेक्टर के उन स्थानों का पता लगाया जाएगा, जहां कुछ सेक्टर वासी घरों का कूड़ा चुपचाप फेंक देते हैं। ऐसे चिन्हित स्थानों पर हौवा के सदस्यों द्वारा निगरानी की जाएगी और कूड़ा फेंकने वाले सेक्टर वासी या घरेलू नौकरानी को चेतावनी देकर कड़ी कार्रवाई करवाई जाएगी।
भारत के स्टार क्रिकेटर दिनेश कार्तिक का मानना है कि पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में नंबर 1 बल्लेबाज बन सकते हैं। स्पोर्ट्स डेस्कः इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2022) के 15वें सीजन में अपनी धुआंधार पारियों के चलते रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) सुर्खियों में बने हुए हैं और लगभग 3 साल के बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने का मौका भी मिला है। लेकिन यह खिलाड़ी अब अपने बयान को लेकर चर्चा में है। हाल ही में एक शो के दौरान दिनेश कार्तिक ने कुछ ऐसा कह दिया जिससे सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। यहां तक कि यूजर्स उन्हें पाकिस्तान की नागरिकता लेने की सलाह भी दे रहे हैं। दरअसल, दिनेश कार्तिक ने कहा कि पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम (Babar Azam) क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में नंबर वन खिलाड़ी बन सकते हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। आइए आपको बताते हैं कि दिनेश कार्तिक ने बाबर के बारे में क्या कहा और उन्हें किस तरह से ट्रोल किया जा रहा है। दिनेश कार्तिक ने हाल ही में आईसीसी रिव्यू के एक एपिसोड में भविष्यवाणी की कि पाकिस्तान का बल्लेबाज इतिहास रच सकता है और क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टॉप रैंकिंग हासिल कर सकता है। इस शो के दौरान कार्तिक ने स्पोर्ट्स एंकर संजना गणेशन से कहा कि, "सौ प्रतिशत (वह (बाबर आजम) इसे हासिल करने में सक्षम है)। वह एक उम्दा खिलाड़ी है जो अपनी बल्लेबाजी के चरम पर है। उन्होंने कहा, "वह खेल के तीनों फॉर्मेट में शानदार रहे हैं और उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। दिनेश ने कहा कि "मैं उसे शुभकामनाएं देता हूं और सोचता हूं कि उसके पास क्षमता है। " दिनेश कार्तिक ने जैसे ही बाबर आजम को लेकर यह बयान दिया उसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स को उनका यह बयान इतना नागवार गुजरा कि उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा। यहां तक की कुछ यूजर्स ने तो उनकी भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग भी कर दी। तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि 'अब आप अंडरग्राउंड होने की तैयारी कर लीजिए। ' बता दें कि इस शो को जसप्रीत बुमराह की पत्नी और मशहूर स्पोर्ट्स एंकर संजना गणेशन होस्ट कर रही थी। इस दौरान जब उनसे बाबर आजम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में नंबर वन खिलाड़ी बनने के काबिल है। बता दें कि पाकिस्तानी खिलाड़ी बाबर आजम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए अबतक कुल 40 टेस्ट, 86 वनडे और 74 टी20 मैच खेले हैं। जिसमें टेस्ट में उनके नाम 2851, वनडे में 4261 और टी-20 मैच में 2686 रन है। बता दें कि इसी साल बाबर आजम ने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर 5वां स्थान हासिल किया था। वहीं रोहित शर्मा इस लिस्ट में 7वें नंबर पर पहुंच गए हैं। टेस्ट रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के मार्नस लाबुशेन नंबर वन खिलाड़ी हैं। उसके बाद इंग्लैंड के जो रूट दूसरे, ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ तीसरे, न्यूजीलैंड के केन विलियमसन चौथे नंबर पर है। इस लिस्ट में विराट कोहली नवें और ऋषभ पंत दसवें नंबर पर हैं।
भारत के स्टार क्रिकेटर दिनेश कार्तिक का मानना है कि पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में नंबर एक बल्लेबाज बन सकते हैं। स्पोर्ट्स डेस्कः इंडियन प्रीमियर लीग के पंद्रहवें सीजन में अपनी धुआंधार पारियों के चलते रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दिनेश कार्तिक सुर्खियों में बने हुए हैं और लगभग तीन साल के बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने का मौका भी मिला है। लेकिन यह खिलाड़ी अब अपने बयान को लेकर चर्चा में है। हाल ही में एक शो के दौरान दिनेश कार्तिक ने कुछ ऐसा कह दिया जिससे सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। यहां तक कि यूजर्स उन्हें पाकिस्तान की नागरिकता लेने की सलाह भी दे रहे हैं। दरअसल, दिनेश कार्तिक ने कहा कि पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में नंबर वन खिलाड़ी बन सकते हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। आइए आपको बताते हैं कि दिनेश कार्तिक ने बाबर के बारे में क्या कहा और उन्हें किस तरह से ट्रोल किया जा रहा है। दिनेश कार्तिक ने हाल ही में आईसीसी रिव्यू के एक एपिसोड में भविष्यवाणी की कि पाकिस्तान का बल्लेबाज इतिहास रच सकता है और क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टॉप रैंकिंग हासिल कर सकता है। इस शो के दौरान कार्तिक ने स्पोर्ट्स एंकर संजना गणेशन से कहा कि, "सौ प्रतिशत इसे हासिल करने में सक्षम है)। वह एक उम्दा खिलाड़ी है जो अपनी बल्लेबाजी के चरम पर है। उन्होंने कहा, "वह खेल के तीनों फॉर्मेट में शानदार रहे हैं और उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। दिनेश ने कहा कि "मैं उसे शुभकामनाएं देता हूं और सोचता हूं कि उसके पास क्षमता है। " दिनेश कार्तिक ने जैसे ही बाबर आजम को लेकर यह बयान दिया उसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स को उनका यह बयान इतना नागवार गुजरा कि उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा। यहां तक की कुछ यूजर्स ने तो उनकी भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग भी कर दी। तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि 'अब आप अंडरग्राउंड होने की तैयारी कर लीजिए। ' बता दें कि इस शो को जसप्रीत बुमराह की पत्नी और मशहूर स्पोर्ट्स एंकर संजना गणेशन होस्ट कर रही थी। इस दौरान जब उनसे बाबर आजम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में नंबर वन खिलाड़ी बनने के काबिल है। बता दें कि पाकिस्तानी खिलाड़ी बाबर आजम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए अबतक कुल चालीस टेस्ट, छियासी वनडे और चौहत्तर टीबीस मैच खेले हैं। जिसमें टेस्ट में उनके नाम दो हज़ार आठ सौ इक्यावन, वनडे में चार हज़ार दो सौ इकसठ और टी-बीस मैच में दो हज़ार छः सौ छियासी रन है। बता दें कि इसी साल बाबर आजम ने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर पाँचवां स्थान हासिल किया था। वहीं रोहित शर्मा इस लिस्ट में सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। टेस्ट रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के मार्नस लाबुशेन नंबर वन खिलाड़ी हैं। उसके बाद इंग्लैंड के जो रूट दूसरे, ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ तीसरे, न्यूजीलैंड के केन विलियमसन चौथे नंबर पर है। इस लिस्ट में विराट कोहली नवें और ऋषभ पंत दसवें नंबर पर हैं।
किसी अन्य उद्यम द्वारा केवल संसाधित किए जाने के प्रयोजनार्थ उस उद्यम के माल अथवा पण्य-वस्तुओं के स्टॉक का रख-रखाव करना; [ PART II -SEC. 3(i)] उस उद्यम के लिए माल अथवा पण्य-वस्तुओं का केवल क्रय करने के लिए अथवा सूचना एकत्र करने के लिए कारोबार के किसी निश्चित स्थान का रखरखाव करना; उस उद्यम के लिए मात्र कारोबार चलाने के लिए निश्चित स्थान का रख-रखाव करना जो प्रारम्भिक अथवा सहायक स्वरूप के हों; उप-पैराग्राफ (क) से (ड.) तक में उल्लिखित कार्य-कलापों के संयोजन के लिए मात्र व्यापार के किसी निश्चित स्थान का रख-रखाव करना, बशर्ते कि इस संयोजन के परिणामस्वरूप कारोबार के निश्चित स्थान का समस्त कार्यकलाप किसी प्रारम्भिक या सहायक स्वरूप का हो । पैराग्राफ 1 और 2 के उपबंधों के होते हुए भी, जहां किसी स्वतंत्र हैसियत के अभिकर्ता, जिस पर पैराग्राफ लागू होता हो, से भिन्न कोई व्यक्ति एक संविदाकारी राज्य में दूसरे संविदाकारी राज्य के किसी उद्यम की ओर से कार्य कर रहा हो, तो उस उद्यम का प्रथमोल्लिखित संविदाकारी राज्य में किन्ही ऐसी गतिविधियों के संबंध में स्थायी संस्थापन का होना तभी समझा जाएगा, यदि वह व्यक्ति उद्यम के लिए करता हो, यदि यह व्यक्ति ; (क) उसे उस उद्यम की तरफ से उस राज्य में संविदाएं सम्पन्न करने का प्राधिकार प्राप्त हो और वह आदतन ऐसे प्राधिकार का प्रयोग करता हो, जब तक कि उसके कार्यकलाप इस अनुच्छेद के पैराग्राफ 4 में उल्लिखित कार्यकलापों तक सीमित न हों, यदि ऐसा कारोबार के किसी निश्चित स्थान से किया जाए इससे उस पैराग्राफ के उपबंधों के अधीन कारोबार के इस निश्चित स्थान को एक स्थायी संस्थापन नहीं माना जाएगा ; अथवा (ख) उसके पास ऐसा कोई प्राधिकार प्राप्त नहीं हो, किन्तु वह प्रथमोल्लिखित राज्य में ऐसे माल अथवा पण्य वस्तुओं का एक स्टॉक आदतन रखता हो, जिसमें से वह नियमित रूप से उद्यम की ओर से माल और पण्य-वस्तुओं की डिलीवरी करता हो; (ग) वह आदतन प्रथमोलिखित राज्य में उद्यम के लिए पूर्णतया अथवा लगभग पूर्णतया आदेश प्राप्त करता हो । इस अनुच्छेद के पूर्ववर्ती उपबंधों के होते हुए भी किसी संविदाकारी राज्य के किसी बीमा उद्यम का, दूसरे संविदाकारी राज्य में स्थायी संस्थापन होना तभी माना जाएगा, यदि वह स्वतंत्र हैसियत वाले किसी एजेंट के अलवा जिस पर पैराग्राफ 7 लागू होता हो, किसी दूसरे व्यक्ति के माध्यम से उस अन्य राज्य के क्षेत्र में बीमे की प्रीमियम एकत्र करता है अथवा वहां स्थित जोखिमों का बीमा करता है ।
किसी अन्य उद्यम द्वारा केवल संसाधित किए जाने के प्रयोजनार्थ उस उद्यम के माल अथवा पण्य-वस्तुओं के स्टॉक का रख-रखाव करना; [ PART II -SEC. तीन] उस उद्यम के लिए माल अथवा पण्य-वस्तुओं का केवल क्रय करने के लिए अथवा सूचना एकत्र करने के लिए कारोबार के किसी निश्चित स्थान का रखरखाव करना; उस उद्यम के लिए मात्र कारोबार चलाने के लिए निश्चित स्थान का रख-रखाव करना जो प्रारम्भिक अथवा सहायक स्वरूप के हों; उप-पैराग्राफ से तक में उल्लिखित कार्य-कलापों के संयोजन के लिए मात्र व्यापार के किसी निश्चित स्थान का रख-रखाव करना, बशर्ते कि इस संयोजन के परिणामस्वरूप कारोबार के निश्चित स्थान का समस्त कार्यकलाप किसी प्रारम्भिक या सहायक स्वरूप का हो । पैराग्राफ एक और दो के उपबंधों के होते हुए भी, जहां किसी स्वतंत्र हैसियत के अभिकर्ता, जिस पर पैराग्राफ लागू होता हो, से भिन्न कोई व्यक्ति एक संविदाकारी राज्य में दूसरे संविदाकारी राज्य के किसी उद्यम की ओर से कार्य कर रहा हो, तो उस उद्यम का प्रथमोल्लिखित संविदाकारी राज्य में किन्ही ऐसी गतिविधियों के संबंध में स्थायी संस्थापन का होना तभी समझा जाएगा, यदि वह व्यक्ति उद्यम के लिए करता हो, यदि यह व्यक्ति ; उसे उस उद्यम की तरफ से उस राज्य में संविदाएं सम्पन्न करने का प्राधिकार प्राप्त हो और वह आदतन ऐसे प्राधिकार का प्रयोग करता हो, जब तक कि उसके कार्यकलाप इस अनुच्छेद के पैराग्राफ चार में उल्लिखित कार्यकलापों तक सीमित न हों, यदि ऐसा कारोबार के किसी निश्चित स्थान से किया जाए इससे उस पैराग्राफ के उपबंधों के अधीन कारोबार के इस निश्चित स्थान को एक स्थायी संस्थापन नहीं माना जाएगा ; अथवा उसके पास ऐसा कोई प्राधिकार प्राप्त नहीं हो, किन्तु वह प्रथमोल्लिखित राज्य में ऐसे माल अथवा पण्य वस्तुओं का एक स्टॉक आदतन रखता हो, जिसमें से वह नियमित रूप से उद्यम की ओर से माल और पण्य-वस्तुओं की डिलीवरी करता हो; वह आदतन प्रथमोलिखित राज्य में उद्यम के लिए पूर्णतया अथवा लगभग पूर्णतया आदेश प्राप्त करता हो । इस अनुच्छेद के पूर्ववर्ती उपबंधों के होते हुए भी किसी संविदाकारी राज्य के किसी बीमा उद्यम का, दूसरे संविदाकारी राज्य में स्थायी संस्थापन होना तभी माना जाएगा, यदि वह स्वतंत्र हैसियत वाले किसी एजेंट के अलवा जिस पर पैराग्राफ सात लागू होता हो, किसी दूसरे व्यक्ति के माध्यम से उस अन्य राज्य के क्षेत्र में बीमे की प्रीमियम एकत्र करता है अथवा वहां स्थित जोखिमों का बीमा करता है ।
अच्छी शिक्षा होती तो मैं भी अंग्रेज़ी गाने गा सकती थी, आशा भोसले ने कहा , आशा भोसले को अच्छी शिक्षा हासिल न कर पाने का दुख है। आशा का कहना है कि अगर सही शिक्षा प्राप्त करके वह अंग्रेजी में भी गाने गातीं और बनातीं तो वर्तमान से भी और ऊंचाई हासिल कर सकती थीं। अपने करियर में आशा ने हर प्रकार की शैली के गानों को अपनी आवाज दी है, जिसमें 'झुमका गिरा रे', 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है', 'दिल चीज क्या है', 'मेरा कुछ सामान' और 'प्रेम में तोहरे' आदि गीत शामिल हैं। आशा ने जीनत अमान से उर्मिला मातोंडकर और रेखा से विद्या बालन तक सबके लिए अपनी आवाज दी है। मनोरंजन की ताज़ातरीन खबरों के लिए Gossipganj के साथ जुड़ें रहें और इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमेंTwitterपर लेटेस्ट अपडेट के लिए फॉलो करें।
अच्छी शिक्षा होती तो मैं भी अंग्रेज़ी गाने गा सकती थी, आशा भोसले ने कहा , आशा भोसले को अच्छी शिक्षा हासिल न कर पाने का दुख है। आशा का कहना है कि अगर सही शिक्षा प्राप्त करके वह अंग्रेजी में भी गाने गातीं और बनातीं तो वर्तमान से भी और ऊंचाई हासिल कर सकती थीं। अपने करियर में आशा ने हर प्रकार की शैली के गानों को अपनी आवाज दी है, जिसमें 'झुमका गिरा रे', 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है', 'दिल चीज क्या है', 'मेरा कुछ सामान' और 'प्रेम में तोहरे' आदि गीत शामिल हैं। आशा ने जीनत अमान से उर्मिला मातोंडकर और रेखा से विद्या बालन तक सबके लिए अपनी आवाज दी है। मनोरंजन की ताज़ातरीन खबरों के लिए Gossipganj के साथ जुड़ें रहें और इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमेंTwitterपर लेटेस्ट अपडेट के लिए फॉलो करें।
Bhopal News:संत हिरदाराम नगर, नवदुनिया प्रतिनिधि। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा संत हिरदाराम नगर महर्षि वाल्मीक मंदिर पर भगवान वाल्मीकि के जन्मोत्सव के उपलक्ष में सामाजिक समरसता आयाम के द्वारा सभी कार्यकर्ता एकत्रित हुए एवं उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी की पूजा अर्चना की। इंदिरा नगर कॉलोनी से निकलने वाले चल समारोह का स्वागत आरा मशीन रोड पर किया गया। विहिप के जिला मंत्री जीतू कटारिया ने इस मौके पर कहा कि भगवान वाल्मीकि रामायण महाकाव्य के रचयिता ही नहीं बल्कि हिंदू समाज के अग्रणी-शिरोमणि ऋषि रहे हैं,जिन्होंने दुनिया में समरसता का भाव उत्पन्न किया, और इस दुनिया में अनंत काल तक जब तक राम का नाम रहेगा, तब तक ऋषि वाल्मीकि जी का नाम, गुणगान गाया जाता रहेगा। भगवान महर्षि वाल्मीकि जी ने भगवान राम के चरित्र को दुनिया में पहुंचा कर समाज में एकता समरसता ,मानव चरित्र आदि का संदेश दिया। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड के भगवान वाल्मीकि जी के जन्मोत्सव कार्यक्रम में वाल्मी पंचायत मंदिर समिति के बबलू भैरवै, धर्मेंद्र चिंटू भाई, विहिप के जिला मंत्री जीतू कटारिया, प्रखंड अध्यक्ष तिलोकचंद खयानी, उपाध्यक्ष देवेंद्र दुबे जिले के मिथुन मेवाती, प्रखंड मंत्री हृदेश बरेठा सह मंत्री संदीप पचौरी सह मंत्री युवराज मीणा प्रखंड के करण नागर, लखन विश्वकर्मा, भूपेंद्र भार्गव पंडित शिवानंद संपत, राव संजय विश्वकर्मा जीतू हेमनानी सौदान ठाकुर धर्मेंद्र बघेल जी आदि एकत्रित हुए। द्वारा प्रभातफेरी निकाली गई। जिसमें दिव्य घोष करते हुए बच्चे आकर्षण का केंद्र थे। संत नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए जैन मंदिर पहुंची जहां भगवान का पूजन अभिषेक और विश्व शांति के लिए शांति धारा की गई जिसमे सोधर्म इंद्र के रूप में संजय जैन और प्रथम शांति धारा राजेंद्र कुमार जी जेन लड्डू एवं दूसरी शांति धरा अमित कुमार जी केलाश चंद जी द्वारा की गई। जैन धर्मशाला पर मां जिनवाणी महिला मंडल द्वारा खीर एवंभोजन वितरण का कार्यक्रम किया गया। संत नगर के सभी गणमान्य नागरिकों को जैन समाज द्वारा शरद पूर्णिमा व आचार्य गुरूवर विद्यासागर जी महाराज के अवतरण दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी गई।
Bhopal News:संत हिरदाराम नगर, नवदुनिया प्रतिनिधि। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा संत हिरदाराम नगर महर्षि वाल्मीक मंदिर पर भगवान वाल्मीकि के जन्मोत्सव के उपलक्ष में सामाजिक समरसता आयाम के द्वारा सभी कार्यकर्ता एकत्रित हुए एवं उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी की पूजा अर्चना की। इंदिरा नगर कॉलोनी से निकलने वाले चल समारोह का स्वागत आरा मशीन रोड पर किया गया। विहिप के जिला मंत्री जीतू कटारिया ने इस मौके पर कहा कि भगवान वाल्मीकि रामायण महाकाव्य के रचयिता ही नहीं बल्कि हिंदू समाज के अग्रणी-शिरोमणि ऋषि रहे हैं,जिन्होंने दुनिया में समरसता का भाव उत्पन्न किया, और इस दुनिया में अनंत काल तक जब तक राम का नाम रहेगा, तब तक ऋषि वाल्मीकि जी का नाम, गुणगान गाया जाता रहेगा। भगवान महर्षि वाल्मीकि जी ने भगवान राम के चरित्र को दुनिया में पहुंचा कर समाज में एकता समरसता ,मानव चरित्र आदि का संदेश दिया। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड के भगवान वाल्मीकि जी के जन्मोत्सव कार्यक्रम में वाल्मी पंचायत मंदिर समिति के बबलू भैरवै, धर्मेंद्र चिंटू भाई, विहिप के जिला मंत्री जीतू कटारिया, प्रखंड अध्यक्ष तिलोकचंद खयानी, उपाध्यक्ष देवेंद्र दुबे जिले के मिथुन मेवाती, प्रखंड मंत्री हृदेश बरेठा सह मंत्री संदीप पचौरी सह मंत्री युवराज मीणा प्रखंड के करण नागर, लखन विश्वकर्मा, भूपेंद्र भार्गव पंडित शिवानंद संपत, राव संजय विश्वकर्मा जीतू हेमनानी सौदान ठाकुर धर्मेंद्र बघेल जी आदि एकत्रित हुए। द्वारा प्रभातफेरी निकाली गई। जिसमें दिव्य घोष करते हुए बच्चे आकर्षण का केंद्र थे। संत नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए जैन मंदिर पहुंची जहां भगवान का पूजन अभिषेक और विश्व शांति के लिए शांति धारा की गई जिसमे सोधर्म इंद्र के रूप में संजय जैन और प्रथम शांति धारा राजेंद्र कुमार जी जेन लड्डू एवं दूसरी शांति धरा अमित कुमार जी केलाश चंद जी द्वारा की गई। जैन धर्मशाला पर मां जिनवाणी महिला मंडल द्वारा खीर एवंभोजन वितरण का कार्यक्रम किया गया। संत नगर के सभी गणमान्य नागरिकों को जैन समाज द्वारा शरद पूर्णिमा व आचार्य गुरूवर विद्यासागर जी महाराज के अवतरण दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी गई।
हाल ही में, अधिक से अधिक सेवाएंइंटरनेट के माध्यम से प्रदान किया जाता है विशेष रूप से लोकप्रिय, विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न सहित दस्तावेज़ों को भेजना है। इस प्रक्रिया में क्या विशेषताएं हैं? इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न कैसे दर्ज करें? क्या वे एक एहसान मना कर सकते हैं? दूरदराज के दाखिल करने के लाभ कर रिटर्न नुकसान की तुलना में बहुत अधिक है। मुख्य नुकसान में आवधिक विफलताओं और त्रुटियां हैंलेखांकन कार्यक्रम, जिसके परिणामस्वरूप रिपोर्ट समय पर संघीय कर सेवा तक नहीं पहुंच पाती हैं हालांकि, ऐसी परिस्थितियां कभी-कभी होती हैं, जब घोषणाएं समय-सीमा में प्रस्तुत की जाती हैं। इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ परिसंचरण के लिए एक पूर्ण संक्रमण जल्द ही नहीं होगा, क्योंकि चेक जारी रखने के लिए, पेपर वाहकों की आवश्यकता है। इस पद्धति के फायदे हैंः यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि किसी भी प्रकार के इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न भरना संभव है। इंटरनेट पर घोषणा करने के लिए कानूनी संस्थाएं और आईपी की आवश्यकता होगीः किसी व्यक्ति को इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न कैसे दर्ज करें? ऐसा करने के लिए, आपको पासपोर्ट, टीआईएन और एसएनआईएलएस की जरूरत है। टैक्स रिटर्न के माध्यम से प्रस्तुत करने से पहलेइंटरनेट, संघीय कर सेवा के एक ऑपरेटर के साथ एक अनुबंध का प्रारंभिक निष्कर्ष आवश्यक होगा, जो बाद में दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक अग्रेषण को पूरा करेगा। इस सेवा की लागत सालाना 1.5 हजार rubles से शुरू होती है। इसके अलावा, आपके पास एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर होना चाहिए, जो आवेदक की पहचान की पहचान करने के लिए आवश्यक है। यह निवास की वर्तमान जगह (सीधे कर कार्यालय या एमएफसी में) पर संचार मंत्रालय के अधिकृत सेवाओं में से एक में जारी किया गया है। शारीरिक और कानूनी संस्थाएं निम्नानुसार इंटरनेट के माध्यम से कर सेवा को रिपोर्ट जमा कर सकती हैंः रूसी संघ के मौजूदा विधायी मानदंडों के मुताबिक,सभी कानूनी संस्थाओं को संघीय कर सेवा की साइट पर पंजीकृत होना चाहिए, यानी, उनके पास एक निजी कार्यालय होना चाहिए जहां पर्यवेक्षी प्राधिकरण द्वारा आवश्यक जानकारी संग्रहीत की जाती है। निम्नलिखित तरीकों से अपने खाते में लॉग इन करेंः और व्यक्ति संघीय कर सेवा की साइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए, आपको एक नाम, कर आईडी और एसएनआईएलएस दर्ज करना होगा। इंटरनेट के माध्यम से टैक्स रिटर्न कैसे दर्ज करेंकर निरीक्षण की साइट पर? ऐसा करने के लिए, आपको घोषणाओं और रिपोर्टों के साथ काम करने के लिए अनुभाग में जाना होगा। घोषणा फॉर्म के टेम्पलेट के अनुसार भर दी गई है। दस्तावेज़ के सभी फ़ील्ड भरने के बाद, आप इसे भेज सकते हैं। आपके खाते में दस्तावेज़ का डेस्क ऑडिट करने के बाद, एक संबंधित अधिसूचना प्रदर्शित की जाएगी। किसी भी प्रकार की घोषणाओं का सबमिशन"राज्य सेवा" के माध्यम से किया जाता है। सेवा का उपयोग करने के लिए, आपको इस साइट पर पंजीकरण करना होगा और लॉगिन, पासवर्ड बनाना होगा। फिर आपको "करदाता" नामक सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड और इंस्टॉल करने की आवश्यकता है। इस सॉफ़्टवेयर में कई महत्वपूर्ण फायदे हैं, जैसे किः इस कार्यक्रम के माध्यम से इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न कैसे भेजें? सॉफ्टवेयर स्थापित करने के बाद, आवेदकों को नियमित रूप से अद्यतनों की रिहाई की निगरानी करनी चाहिए। घोषणा दर्ज करने के लिए एल्गोरिदम निम्नानुसार हैः इसके बाद, आवेदकों को पूर्व-आईआरएस के साथ एक नियुक्ति करते हैं। यात्रा से पहले, आप सभी आवश्यक टिकटों और हस्ताक्षर है सुनिश्चित करें। आदेश बाद में सुधार और घोषणा में त्रुटियों के बारे में कर अधिकारियों के साथ समस्याओं से बचने के लिए, करदाताओं की समय सीमा से पहले कम से कम एक दिन के दस्तावेज़ लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इंटरनेट के माध्यम से टैक्स रिटर्न जमा करना काफी सरल है, लेकिन इसके स्वागत के साथ समस्याएं हो सकती हैं? निम्नलिखित स्थितियों में रिपोर्टिंग दस्तावेज़ प्राप्त करने से इनकार करेंः
हाल ही में, अधिक से अधिक सेवाएंइंटरनेट के माध्यम से प्रदान किया जाता है विशेष रूप से लोकप्रिय, विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न सहित दस्तावेज़ों को भेजना है। इस प्रक्रिया में क्या विशेषताएं हैं? इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न कैसे दर्ज करें? क्या वे एक एहसान मना कर सकते हैं? दूरदराज के दाखिल करने के लाभ कर रिटर्न नुकसान की तुलना में बहुत अधिक है। मुख्य नुकसान में आवधिक विफलताओं और त्रुटियां हैंलेखांकन कार्यक्रम, जिसके परिणामस्वरूप रिपोर्ट समय पर संघीय कर सेवा तक नहीं पहुंच पाती हैं हालांकि, ऐसी परिस्थितियां कभी-कभी होती हैं, जब घोषणाएं समय-सीमा में प्रस्तुत की जाती हैं। इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ परिसंचरण के लिए एक पूर्ण संक्रमण जल्द ही नहीं होगा, क्योंकि चेक जारी रखने के लिए, पेपर वाहकों की आवश्यकता है। इस पद्धति के फायदे हैंः यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि किसी भी प्रकार के इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न भरना संभव है। इंटरनेट पर घोषणा करने के लिए कानूनी संस्थाएं और आईपी की आवश्यकता होगीः किसी व्यक्ति को इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न कैसे दर्ज करें? ऐसा करने के लिए, आपको पासपोर्ट, टीआईएन और एसएनआईएलएस की जरूरत है। टैक्स रिटर्न के माध्यम से प्रस्तुत करने से पहलेइंटरनेट, संघीय कर सेवा के एक ऑपरेटर के साथ एक अनुबंध का प्रारंभिक निष्कर्ष आवश्यक होगा, जो बाद में दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक अग्रेषण को पूरा करेगा। इस सेवा की लागत सालाना एक.पाँच हजार rubles से शुरू होती है। इसके अलावा, आपके पास एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर होना चाहिए, जो आवेदक की पहचान की पहचान करने के लिए आवश्यक है। यह निवास की वर्तमान जगह पर संचार मंत्रालय के अधिकृत सेवाओं में से एक में जारी किया गया है। शारीरिक और कानूनी संस्थाएं निम्नानुसार इंटरनेट के माध्यम से कर सेवा को रिपोर्ट जमा कर सकती हैंः रूसी संघ के मौजूदा विधायी मानदंडों के मुताबिक,सभी कानूनी संस्थाओं को संघीय कर सेवा की साइट पर पंजीकृत होना चाहिए, यानी, उनके पास एक निजी कार्यालय होना चाहिए जहां पर्यवेक्षी प्राधिकरण द्वारा आवश्यक जानकारी संग्रहीत की जाती है। निम्नलिखित तरीकों से अपने खाते में लॉग इन करेंः और व्यक्ति संघीय कर सेवा की साइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए, आपको एक नाम, कर आईडी और एसएनआईएलएस दर्ज करना होगा। इंटरनेट के माध्यम से टैक्स रिटर्न कैसे दर्ज करेंकर निरीक्षण की साइट पर? ऐसा करने के लिए, आपको घोषणाओं और रिपोर्टों के साथ काम करने के लिए अनुभाग में जाना होगा। घोषणा फॉर्म के टेम्पलेट के अनुसार भर दी गई है। दस्तावेज़ के सभी फ़ील्ड भरने के बाद, आप इसे भेज सकते हैं। आपके खाते में दस्तावेज़ का डेस्क ऑडिट करने के बाद, एक संबंधित अधिसूचना प्रदर्शित की जाएगी। किसी भी प्रकार की घोषणाओं का सबमिशन"राज्य सेवा" के माध्यम से किया जाता है। सेवा का उपयोग करने के लिए, आपको इस साइट पर पंजीकरण करना होगा और लॉगिन, पासवर्ड बनाना होगा। फिर आपको "करदाता" नामक सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड और इंस्टॉल करने की आवश्यकता है। इस सॉफ़्टवेयर में कई महत्वपूर्ण फायदे हैं, जैसे किः इस कार्यक्रम के माध्यम से इंटरनेट के माध्यम से कर रिटर्न कैसे भेजें? सॉफ्टवेयर स्थापित करने के बाद, आवेदकों को नियमित रूप से अद्यतनों की रिहाई की निगरानी करनी चाहिए। घोषणा दर्ज करने के लिए एल्गोरिदम निम्नानुसार हैः इसके बाद, आवेदकों को पूर्व-आईआरएस के साथ एक नियुक्ति करते हैं। यात्रा से पहले, आप सभी आवश्यक टिकटों और हस्ताक्षर है सुनिश्चित करें। आदेश बाद में सुधार और घोषणा में त्रुटियों के बारे में कर अधिकारियों के साथ समस्याओं से बचने के लिए, करदाताओं की समय सीमा से पहले कम से कम एक दिन के दस्तावेज़ लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इंटरनेट के माध्यम से टैक्स रिटर्न जमा करना काफी सरल है, लेकिन इसके स्वागत के साथ समस्याएं हो सकती हैं? निम्नलिखित स्थितियों में रिपोर्टिंग दस्तावेज़ प्राप्त करने से इनकार करेंः
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली सरकार के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसका विरोध करती है क्योंकि यह पूर्वांचलवासियों की धार्मिक आस्था पर हमला है. सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा के आयोजन को लेकर हो रही सियासत के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है. सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र ने साफ कर दिया है कि छठ पर्व का आयोजन सरकार के प्रोटोकॉल के हिसाब से ही होगा. यह बयान आम आदमी पार्टी द्वारा केंद्र को लिखे गए उस पत्र के बाद आया है जिसमें दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया ने छठ मनाने को लेकर राय मांगी थी. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने छठ पूजा उत्सव पर प्रतिबंध लगाने को लेकर केजरीवाल सरकार की आलोचना की थी और स्विमिंग पूल, मॉल, साप्ताहिक बाजार और सार्वजनिक परिवहन सब कुछ चालू होने के बावजूद प्रतिबंध को गलत बताया था. क्यों है विवाद? मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के मद्देनजर लिया गया है. इसके बाद दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली सरकार के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसका विरोध करती है क्योंकि यह पूर्वांचलवासियों की धार्मिक आस्था पर हमला है. सरकार के मत से दिल्ली बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. सूत्रों के मुताबिक छठ को लेकर केंद्र सरकार ने मत साफ करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा त्योहार के लिए कोविड प्रोटोकाल का एसओपी पहले से ही लागू है, उसे ही आगे लागू रखना है. दिल्ली भी उससे बाहर नहीं है, दिल्ली सरकार को भी उसे ही मानना चाहिए. इस पर राजनीति नहीं होना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने मंगलवार को छठ पूजा के आयोजन पर लगे प्रतिबंध के विरोध में सीएम केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया. यहां प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी घायल हो गए और उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया. भाजपा नेता नीलकांत बक्शी ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने तिवारी की जांच की और इलाज किया तथा सभी रिपोर्ट सामान्य आने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पानी की बौछारों का उपयोग बैरीकेड पार करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए किया गया. इसी दौरान तिवारी बैरीकेड से गिर पड़े लेकिन उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आयी और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह करने के बाद छठ पर्व के लिए जल्द से जल्द दिशा निर्देश जारी किए जाएं. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर छठ पूजा करने पर पाबंदी लगाई है जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे एक पत्र में सिसोदिया ने कहा था कि छठ एक ऐतिहासिक पर्व है जो दिल्ली समेत उत्तर भारत में मनाया जाता है. उन्होंने लिखा कि पिछले साल महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार देश में छठ पर्व मनाया गया था. सिसोदिया ने लिखा कि पिछले साल भी दिल्ली में नदी और जलाशयों के किनारे छठ पर्व मनाने पर प्रतिबंध था. उपमुख्यमंत्री ने मांडविया से आग्रह किया कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद दिशा निर्देश जारी किए जाएं ताकि उत्तर भारत में समर्पण और सुरक्षा के साथ छठ पर्व मनाया जा सके.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली सरकार के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसका विरोध करती है क्योंकि यह पूर्वांचलवासियों की धार्मिक आस्था पर हमला है. सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा के आयोजन को लेकर हो रही सियासत के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है. सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र ने साफ कर दिया है कि छठ पर्व का आयोजन सरकार के प्रोटोकॉल के हिसाब से ही होगा. यह बयान आम आदमी पार्टी द्वारा केंद्र को लिखे गए उस पत्र के बाद आया है जिसमें दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया ने छठ मनाने को लेकर राय मांगी थी. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के सांसद और दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने छठ पूजा उत्सव पर प्रतिबंध लगाने को लेकर केजरीवाल सरकार की आलोचना की थी और स्विमिंग पूल, मॉल, साप्ताहिक बाजार और सार्वजनिक परिवहन सब कुछ चालू होने के बावजूद प्रतिबंध को गलत बताया था. क्यों है विवाद? मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के मद्देनजर लिया गया है. इसके बाद दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली सरकार के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसका विरोध करती है क्योंकि यह पूर्वांचलवासियों की धार्मिक आस्था पर हमला है. सरकार के मत से दिल्ली बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. सूत्रों के मुताबिक छठ को लेकर केंद्र सरकार ने मत साफ करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा त्योहार के लिए कोविड प्रोटोकाल का एसओपी पहले से ही लागू है, उसे ही आगे लागू रखना है. दिल्ली भी उससे बाहर नहीं है, दिल्ली सरकार को भी उसे ही मानना चाहिए. इस पर राजनीति नहीं होना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने मंगलवार को छठ पूजा के आयोजन पर लगे प्रतिबंध के विरोध में सीएम केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया. यहां प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी घायल हो गए और उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया. भाजपा नेता नीलकांत बक्शी ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने तिवारी की जांच की और इलाज किया तथा सभी रिपोर्ट सामान्य आने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पानी की बौछारों का उपयोग बैरीकेड पार करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए किया गया. इसी दौरान तिवारी बैरीकेड से गिर पड़े लेकिन उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आयी और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह करने के बाद छठ पर्व के लिए जल्द से जल्द दिशा निर्देश जारी किए जाएं. कोविड-उन्नीस महामारी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर छठ पूजा करने पर पाबंदी लगाई है जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे एक पत्र में सिसोदिया ने कहा था कि छठ एक ऐतिहासिक पर्व है जो दिल्ली समेत उत्तर भारत में मनाया जाता है. उन्होंने लिखा कि पिछले साल महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार देश में छठ पर्व मनाया गया था. सिसोदिया ने लिखा कि पिछले साल भी दिल्ली में नदी और जलाशयों के किनारे छठ पर्व मनाने पर प्रतिबंध था. उपमुख्यमंत्री ने मांडविया से आग्रह किया कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद दिशा निर्देश जारी किए जाएं ताकि उत्तर भारत में समर्पण और सुरक्षा के साथ छठ पर्व मनाया जा सके.
लेखक : पुस्तक का साइज़ : कुल पृष्ठ : श्रेणी : लेखक के बारे में अधिक जानकारी : पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश(Click to expand) (११) पर ब्रह्माजी विराजमान रहते हैं । ब्रह्मा स्वये प्रतिष्ठा रूप होते हुए भी यज्ञ रूप विप्णणु म्तिष्ठा की अपेत्ता रखत द-अत एवं बिष्णणु को मतिष्ठा की भी प्रतिष्ठा कहा जाता हैं पांचों पिंड दी पुष्कर हैं । अर्थात कमल हैं ४ भ्रसेक पिराह में-हृत्पृष्ठु अस्ततपष्ठ बहितपष्ठ तीन २ पृष्ठ होते हैं । पिराड का केन्द्रस्यान छुत्पुष्ठ कदनाता है । इसे ही दहर पुरडरीक (छोटा कमल) कहते हैं ॥ एवं स्वयं पिरड अस्तधपुष्ठ है । यही दुसरा पुष्कर है । इसको झन्तःपुष्ठ॒ क्यों कहाजाता है इसका विवेचन-वेदनिरूपण में किया ज्ञायगा । इस पिराड के बादर पिरादंकी महिमा रहते। है । इस महिमा मणदल को (जिसे कि दम देखते हैं) बहिःप्र कहते हैं। हम अन्तपृष्ठ को नहीं देखते उसका केवल स्पर्श कर सकत हैं अत एवं इसे स्पश्यपिदिड कहा जाता है । एवं बहिएष्ठ दृष्टि पसच दोनें के कारण दृश्य पुरुडरीक कह- लाता है ॥ इस प्रकार इृत्पुयडरीक झन्तःपुरुडरीक एवं वहि।पुरडरीक इन तीनों पुष्करों में ब्रह्मा नितास करते हं। ज्ञह्मा जब रहेंगे-पुष्कर में दी रहेंगे। वद्दी पिराड पहिमा के कारण ४८ तक व्याप्त दोजाता हैं अत एव पुरुकरत्वात् इसे पुष्कर कहा जाता है इम पुष्कर के केस्ट्र में प्रजापति. भगवान रहते हैं । प्रजापति ब्रह्मा आत्मत्तरतया स्वयं अनुत्यन्न दे । स्वयं स्वयेभू है परन्तु सब कुठ इन्हीं से उत्पन्न होता है । अत एवं वेद भगवान कहते हैं- प्रजापतिश्वरति गर्भ झन्तरजायमानों बहुधा विजायत लस्ययो नि परिपर्यान्ति घीरास्तरिमन्ह तस्थुसुवनानि दिम्वा पुष्कर तीथे में ब्रह्मानें यज्ञ कियायथा । झह्म की जन्म भूमि पुष्कर (बुखारा) था । इयादि पौराणिक कथाओं. का. एतिहासिक बह्या से संन्बधा समनना चाहिये ॥ झअस्तु बतलाना हु केवल इतनादी दे कि यह. हर.
लेखक : पुस्तक का साइज़ : कुल पृष्ठ : श्रेणी : लेखक के बारे में अधिक जानकारी : पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश पर ब्रह्माजी विराजमान रहते हैं । ब्रह्मा स्वये प्रतिष्ठा रूप होते हुए भी यज्ञ रूप विप्णणु म्तिष्ठा की अपेत्ता रखत द-अत एवं बिष्णणु को मतिष्ठा की भी प्रतिष्ठा कहा जाता हैं पांचों पिंड दी पुष्कर हैं । अर्थात कमल हैं चार भ्रसेक पिराह में-हृत्पृष्ठु अस्ततपष्ठ बहितपष्ठ तीन दो पृष्ठ होते हैं । पिराड का केन्द्रस्यान छुत्पुष्ठ कदनाता है । इसे ही दहर पुरडरीक कहते हैं ॥ एवं स्वयं पिरड अस्तधपुष्ठ है । यही दुसरा पुष्कर है । इसको झन्तःपुष्ठ॒ क्यों कहाजाता है इसका विवेचन-वेदनिरूपण में किया ज्ञायगा । इस पिराड के बादर पिरादंकी महिमा रहते। है । इस महिमा मणदल को बहिःप्र कहते हैं। हम अन्तपृष्ठ को नहीं देखते उसका केवल स्पर्श कर सकत हैं अत एवं इसे स्पश्यपिदिड कहा जाता है । एवं बहिएष्ठ दृष्टि पसच दोनें के कारण दृश्य पुरुडरीक कह- लाता है ॥ इस प्रकार इृत्पुयडरीक झन्तःपुरुडरीक एवं वहि।पुरडरीक इन तीनों पुष्करों में ब्रह्मा नितास करते हं। ज्ञह्मा जब रहेंगे-पुष्कर में दी रहेंगे। वद्दी पिराड पहिमा के कारण अड़तालीस तक व्याप्त दोजाता हैं अत एव पुरुकरत्वात् इसे पुष्कर कहा जाता है इम पुष्कर के केस्ट्र में प्रजापति. भगवान रहते हैं । प्रजापति ब्रह्मा आत्मत्तरतया स्वयं अनुत्यन्न दे । स्वयं स्वयेभू है परन्तु सब कुठ इन्हीं से उत्पन्न होता है । अत एवं वेद भगवान कहते हैं- प्रजापतिश्वरति गर्भ झन्तरजायमानों बहुधा विजायत लस्ययो नि परिपर्यान्ति घीरास्तरिमन्ह तस्थुसुवनानि दिम्वा पुष्कर तीथे में ब्रह्मानें यज्ञ कियायथा । झह्म की जन्म भूमि पुष्कर था । इयादि पौराणिक कथाओं. का. एतिहासिक बह्या से संन्बधा समनना चाहिये ॥ झअस्तु बतलाना हु केवल इतनादी दे कि यह. हर.
एयरलाइंस के खेमे में शामिल हुई अकासा एयर लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरने की तैयारी में है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने वाराणसी एयरपोर्ट से विमान के संचालन को लेकर 15 नवंबर को एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ बैठक की थी। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
एयरलाइंस के खेमे में शामिल हुई अकासा एयर लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरने की तैयारी में है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने वाराणसी एयरपोर्ट से विमान के संचालन को लेकर पंद्रह नवंबर को एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ बैठक की थी। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
नयी दिल्ली(एजेंसी/वार्ता): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दावा किया कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल में पूर्वाेत्तर राज्यों में 'अद्वितीय' परिवर्तन देखा गया है। श्री मोदी ने एक ट्वीट के जवाब में कहा,"पूर्वोत्तर ने पिछले आठ वर्षों में अद्वितीय परिवर्तन देखा है, जिससे वहां के लोगों को व्यापक लाभ हुआ है। " उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र चुनें, लाभ असंख्य हैं। हाल ही में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डीओएनईआर) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, श्री मोदी ने 2017-22 तक 44 बार पूर्वोत्तर क्षेत्र का दौरा किया था। प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को 'अष्टलक्ष्मी' करार दिया। श्री मोदी ने पहले केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने पूर्वोत्तर क्षेत्र की उपेक्षा की है। -(एजेंसी/वार्ता) यह भी पढ़ें :- सिर की खुजली को दूर करने के लिए अपनाएं ये घेरलू टिप्स, जानिए क्या-क्या चीजें हैं उपयोगी!
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दावा किया कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल में पूर्वाेत्तर राज्यों में 'अद्वितीय' परिवर्तन देखा गया है। श्री मोदी ने एक ट्वीट के जवाब में कहा,"पूर्वोत्तर ने पिछले आठ वर्षों में अद्वितीय परिवर्तन देखा है, जिससे वहां के लोगों को व्यापक लाभ हुआ है। " उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र चुनें, लाभ असंख्य हैं। हाल ही में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, श्री मोदी ने दो हज़ार सत्रह-बाईस तक चौंतालीस बार पूर्वोत्तर क्षेत्र का दौरा किया था। प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को 'अष्टलक्ष्मी' करार दिया। श्री मोदी ने पहले केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने पूर्वोत्तर क्षेत्र की उपेक्षा की है। - यह भी पढ़ें :- सिर की खुजली को दूर करने के लिए अपनाएं ये घेरलू टिप्स, जानिए क्या-क्या चीजें हैं उपयोगी!
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम होने का नात नहीं ले रहीं। पार्टी अंतरकलह से तो जूझ ही रही है साथ ही बाहर की परिस्थितियां भी ठीक नहीं हैं। अब, आम आदमी पार्टी आयकर विभाग को 2015 में मिले 2 करोड़ के चंदे का हिसाब नहीं दे पाई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने कहा था कि उसे यह रकम चार कंपनियों से मिली है। अब आयकर विभाग ने इन दो करोड़ रुपए को आम आदमी पार्टी की कमाई मांगा है, और पार्टी को इस पर टैक्स चुकाना होगा। आम आदमी पार्टी ने जिन चार कंपनियों का जिक्र किया था। जांच में यह पता चला था कि यह चारों कंपनियां फर्जी थी, जो कि मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थी। आम आदमी पार्टी को 2015 में चार 50-50 लाख के ड्राफ्टों के माध्यम से 2 करोड़ रुपए चंदे के रूप में मिले थे। चंदे की इस राशि में अनियमितता को देखते हुए इसके खिलाफ आयकर विभाग में शिकायत हुई थी जिसकी जांच चल रही थी।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम होने का नात नहीं ले रहीं। पार्टी अंतरकलह से तो जूझ ही रही है साथ ही बाहर की परिस्थितियां भी ठीक नहीं हैं। अब, आम आदमी पार्टी आयकर विभाग को दो हज़ार पंद्रह में मिले दो करोड़ के चंदे का हिसाब नहीं दे पाई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने कहा था कि उसे यह रकम चार कंपनियों से मिली है। अब आयकर विभाग ने इन दो करोड़ रुपए को आम आदमी पार्टी की कमाई मांगा है, और पार्टी को इस पर टैक्स चुकाना होगा। आम आदमी पार्टी ने जिन चार कंपनियों का जिक्र किया था। जांच में यह पता चला था कि यह चारों कंपनियां फर्जी थी, जो कि मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थी। आम आदमी पार्टी को दो हज़ार पंद्रह में चार पचास-पचास लाख के ड्राफ्टों के माध्यम से दो करोड़ रुपए चंदे के रूप में मिले थे। चंदे की इस राशि में अनियमितता को देखते हुए इसके खिलाफ आयकर विभाग में शिकायत हुई थी जिसकी जांच चल रही थी।
Ravindra Jadeja not recovered from Injury: टीम इंडिया (Team India) के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के 14 दिसंबर से शुरू हो रही बांग्लादेश टेस्ट सीरीज (Bangladesh Test Series) से पहले फिट होने की संभावना काफी कम है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के एक सूत्र के हवाले से दी है। टीम इंडिया (Team India) के पास पहले से ही स्पिनर के तौर पर तीन विकल्प हैं। कौन होगा रविंद्र जडेजा का रिप्लेसमेंट? (Ravindra Jadeja Replacement) टीम में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin), बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (Axar Patel) और चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) हैं। ऐसे में शायद ही चौथे विशेषज्ञ स्पिनर चयन हो। अगर टीम मैनेजमेंट जडेजा की तरह किसी ऑलराउंड स्पिनर को शामिल करती है तो यह विकल्प इंडिया ए (India A) के गेंदबाज सौरभ कुमार (Sourav Kumar) हो सकते हैं। अटकलें हैं कि नई चयन समिति (New Selection Committee) या भारतीय टीम प्रबंधन (नई समिति का गठन नहीं होने पर) सूर्यकुमार यादव (SuryaKumar Yadav) के शानदार फॉर्म को टेस्ट में परखने की कोशिश कर सकता है। टीम इंडिया का बांग्लादेश दौरा (India Tour of Bangladesh) टीम इंडिया को बांग्लादेश दौरे (India Tour of Bangladesh) में दो टेस्ट (Two Tests) और तीन एकदिवसीय मैच (Three ODIs) खेलने हैं। रोहित शर्मा की अगुआई में मजबूत टीम दौरे पर जाएगी। टीम इंडिया अगले महीने के पहले सप्ताह में तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज (ODI Series) के बाद चटगांव में 14-18 दिसंबर और मीरपुर में 22-26 दिसंबर तक दो टेस्ट खेलेगी। रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने यूएई (UAE) में खेले गए एशिया कप (Asia Cup) के दौरान घुटने की सर्जरी कराई थी और फिर अनिश्चित काल के लिए टीम से बाहर हो गए थे। कई बार एनसीए गए रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja visited NCA) बीसीसीआई (BCCI) के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा,"रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) कई मौकों पर अपने चेकअप (Chekup) और रिहैब (Rehab) के लिए नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) गए हैं। अभी तक ऐसी संभावना नहीं दिख रही है कि वह बांग्लादेश सीरीज (Bangladesh Series) के लिए फिट होंगे। चेतन शर्मा (Chetan Sharma) की अगुआई वाली पूर्व चयन समिति ने उन्हें टीम में फिटनेस हासिल करने की शर्त पर शामिल किया था। " सौरभ इस साल की शुरुआत में श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ सीरीज के लिए टेस्ट टीम में चुने गए थे। उन्होंने बेंगलुरू में टीम इंडिया के लिए न्यूजीलैंड ए (IND A vs NZ A) के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पांच विकेट लिए थे।
Ravindra Jadeja not recovered from Injury: टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा के चौदह दिसंबर से शुरू हो रही बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से पहले फिट होने की संभावना काफी कम है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी भारतीय क्रिकेट बोर्ड के एक सूत्र के हवाले से दी है। टीम इंडिया के पास पहले से ही स्पिनर के तौर पर तीन विकल्प हैं। कौन होगा रविंद्र जडेजा का रिप्लेसमेंट? टीम में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन , बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल और चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव हैं। ऐसे में शायद ही चौथे विशेषज्ञ स्पिनर चयन हो। अगर टीम मैनेजमेंट जडेजा की तरह किसी ऑलराउंड स्पिनर को शामिल करती है तो यह विकल्प इंडिया ए के गेंदबाज सौरभ कुमार हो सकते हैं। अटकलें हैं कि नई चयन समिति या भारतीय टीम प्रबंधन सूर्यकुमार यादव के शानदार फॉर्म को टेस्ट में परखने की कोशिश कर सकता है। टीम इंडिया का बांग्लादेश दौरा टीम इंडिया को बांग्लादेश दौरे में दो टेस्ट और तीन एकदिवसीय मैच खेलने हैं। रोहित शर्मा की अगुआई में मजबूत टीम दौरे पर जाएगी। टीम इंडिया अगले महीने के पहले सप्ताह में तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के बाद चटगांव में चौदह-अट्ठारह दिसंबर और मीरपुर में बाईस-छब्बीस दिसंबर तक दो टेस्ट खेलेगी। रविंद्र जडेजा ने यूएई में खेले गए एशिया कप के दौरान घुटने की सर्जरी कराई थी और फिर अनिश्चित काल के लिए टीम से बाहर हो गए थे। कई बार एनसीए गए रविंद्र जडेजा बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा,"रविंद्र जडेजा कई मौकों पर अपने चेकअप और रिहैब के लिए नेशनल क्रिकेट एकेडमी गए हैं। अभी तक ऐसी संभावना नहीं दिख रही है कि वह बांग्लादेश सीरीज के लिए फिट होंगे। चेतन शर्मा की अगुआई वाली पूर्व चयन समिति ने उन्हें टीम में फिटनेस हासिल करने की शर्त पर शामिल किया था। " सौरभ इस साल की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए टेस्ट टीम में चुने गए थे। उन्होंने बेंगलुरू में टीम इंडिया के लिए न्यूजीलैंड ए के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पांच विकेट लिए थे।
(2) नामकर्म - निर्माण, स्थिर, अस्थिर, अगुरुलघु, शुभ, अशुभ, तैजस शरीर, कार्मण शरीर, वर्ण, गंध, रम, सणं । (५) अतराय-दान, लाभ, भोग, उपभोग, वीर्य अन्तराय । इनका विवेचन गाथागत क्रम के अनुसार करते हैं। नामकर्म की निर्माण, स्थिर, अस्थिर, अगुरुलघु, शुभ, अशुभ, तैजस, कार्मण तथा वर्णचतुष्क यह बारह प्रकृतिया ध्रुवोदयी है, क्योंकि चारो गतियों के जीवो में इनका उदय सर्वदा रहता है। जब तक शरीर है तब तक इनका उदय अवश्य बना रहेगा । तेरहवें गुणस्थान के अंत में इन वारह प्रकृतियो का उदयविच्छेद होता है किन्तु वहाँ तक सभी जीवो के इन बारह प्रकृतियों का उदय बना रहता है । यद्यपि स्थिर, अस्थिर तथा शुभ, अशुभ ये चार प्रकृतियाँ परस्पर विरोधिनी कहलाती है । लेकिन इनका विरोधित्व बंध की अपेक्षा है, क्योंकि स्थिर नामकर्म के समय अस्थिर नामकर्म का और शुभ नाम के समय अशुभ नामकर्म का बंध नहीं हो सकता है, किन्तु उदयापेक्षा इनमे विरोध नहीं है। स्थिर और अस्थिर का उदय एक साथ हो सकता है। क्योंकि स्थिर नामकर्म के उदय से हाड, दात आदि स्थिर होते है और अस्थिर नामकर्म के उदय से रुधिर आदि अस्थिर होते है, इसी प्रकार शुभ नामकर्म के उदय से मस्तक आदि शुभ अंग होत है और अशुभ नामकर्म के उदय से पैर आदि अशुभ अंग । अतएव ये चारो प्रकृतिया वंध की अपेक्षा विरोधिनी होने पर भी उदयापेक्षा अविरोधिनी मानी गई है । पाच जानावरण, पाच अंतराय और चार दर्शनावरण इन चौदह प्रकृतियो का उदय अपने क्षय होने वाले गुणस्थान तक बना रहता है । इनका क्षय वारहवें गुणस्थान के चरम समय में होता है । ' अतएव इन्हें १ नाणतराव दनण चड हेओ मजोगि वायाला । -द्वितीय कर्मग्रन्थ गा० २०
नामकर्म - निर्माण, स्थिर, अस्थिर, अगुरुलघु, शुभ, अशुभ, तैजस शरीर, कार्मण शरीर, वर्ण, गंध, रम, सणं । अतराय-दान, लाभ, भोग, उपभोग, वीर्य अन्तराय । इनका विवेचन गाथागत क्रम के अनुसार करते हैं। नामकर्म की निर्माण, स्थिर, अस्थिर, अगुरुलघु, शुभ, अशुभ, तैजस, कार्मण तथा वर्णचतुष्क यह बारह प्रकृतिया ध्रुवोदयी है, क्योंकि चारो गतियों के जीवो में इनका उदय सर्वदा रहता है। जब तक शरीर है तब तक इनका उदय अवश्य बना रहेगा । तेरहवें गुणस्थान के अंत में इन वारह प्रकृतियो का उदयविच्छेद होता है किन्तु वहाँ तक सभी जीवो के इन बारह प्रकृतियों का उदय बना रहता है । यद्यपि स्थिर, अस्थिर तथा शुभ, अशुभ ये चार प्रकृतियाँ परस्पर विरोधिनी कहलाती है । लेकिन इनका विरोधित्व बंध की अपेक्षा है, क्योंकि स्थिर नामकर्म के समय अस्थिर नामकर्म का और शुभ नाम के समय अशुभ नामकर्म का बंध नहीं हो सकता है, किन्तु उदयापेक्षा इनमे विरोध नहीं है। स्थिर और अस्थिर का उदय एक साथ हो सकता है। क्योंकि स्थिर नामकर्म के उदय से हाड, दात आदि स्थिर होते है और अस्थिर नामकर्म के उदय से रुधिर आदि अस्थिर होते है, इसी प्रकार शुभ नामकर्म के उदय से मस्तक आदि शुभ अंग होत है और अशुभ नामकर्म के उदय से पैर आदि अशुभ अंग । अतएव ये चारो प्रकृतिया वंध की अपेक्षा विरोधिनी होने पर भी उदयापेक्षा अविरोधिनी मानी गई है । पाच जानावरण, पाच अंतराय और चार दर्शनावरण इन चौदह प्रकृतियो का उदय अपने क्षय होने वाले गुणस्थान तक बना रहता है । इनका क्षय वारहवें गुणस्थान के चरम समय में होता है । ' अतएव इन्हें एक नाणतराव दनण चड हेओ मजोगि वायाला । -द्वितीय कर्मग्रन्थ गाशून्य बीस
1- स्किन इन्फेक्शन से बचाती है लेमनग्रास। यह त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मददगार है। लेमनग्रास ऑयल में मौजूद सिट्राल नामक यौगिक बैक्टीरिया से होने वाले इन्फेक्शन से बचाने में मदद करता है। 2- डैंड्रफ से परेशान हैं, तो लेमनग्रास ऑयल यूज करें। इस तेल के इस्तेमाल से बालों की नमी बनी रहती है। बाल रूखे नहीं रहते। बालों सेहतमंद होते हैं। लेमनग्रास ऑयल की हाई वोलाटिलिटी के कारण यह बालों में आसानी से फैल जाता है और बालों की जड़ों को मजबूत करता है। यह बालों में चमक लाने और उन्हें स्वस्थ करने के साथ ही बालों की ग्रोथ बढ़ाने में भी मददगार है। 3- मुहांसों के कारण चेहरा खराब हो गया है, तो लेमनग्रास ऑयल यूज करें। यह एंटी-बैक्टीरियल होता है। इसमें मुहांसे रोकने की क्षमता होती है। यह एक प्राकृतिक एस्ट्रीजेंट है। यह स्किन को साफ कर देता है। यह ऑयली स्किन के लिए भी बेस्ट है। स्किन को रूखा किए बिना स्किन का अतिरिक्त तेल हटा देता है। 4- लेमनग्रास से नेचरल डियो है। यह शरीर की दुर्गन्ध को दूर करता है। बेकिंग सोड़ा, शरीर से पसीने की बदबू को हटाने में बहुत असरदार है। आप बेकिंग सोड़ा में लेमनग्रास ऑयल की कुछ बूंद डालकर डियो बना सकती हैं। फेशियल स्टीम लेना हो, तो उबलने पानी में लेमनग्रास डाल दें। यह ब्लैकहेड्स भी हटा देगा। जब सिर की मसाज करें कुछ बूंद नॉर्मल तेल में लेमनग्रास की डाल लें। लेमनग्रास पानी में उबालकर बालों को धोएं। इससे काफी फर्क नजर आएगा। मुहांसों के लिए लेमनग्रास को पानी में उबालकर उस पानी को फ्रीजर में रखकर आइस क्यूब बना लें। इन्हें चेहरे पर रगड़ें। काफी फायदा मिलेगा। लेमनग्रास को हॉट ऑयल में भिगोकर उसे छान लें और स्टोर कर लें। इसे बालों में लगाएं। इससे डैंड्रफ खत्म होगी।
एक- स्किन इन्फेक्शन से बचाती है लेमनग्रास। यह त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मददगार है। लेमनग्रास ऑयल में मौजूद सिट्राल नामक यौगिक बैक्टीरिया से होने वाले इन्फेक्शन से बचाने में मदद करता है। दो- डैंड्रफ से परेशान हैं, तो लेमनग्रास ऑयल यूज करें। इस तेल के इस्तेमाल से बालों की नमी बनी रहती है। बाल रूखे नहीं रहते। बालों सेहतमंद होते हैं। लेमनग्रास ऑयल की हाई वोलाटिलिटी के कारण यह बालों में आसानी से फैल जाता है और बालों की जड़ों को मजबूत करता है। यह बालों में चमक लाने और उन्हें स्वस्थ करने के साथ ही बालों की ग्रोथ बढ़ाने में भी मददगार है। तीन- मुहांसों के कारण चेहरा खराब हो गया है, तो लेमनग्रास ऑयल यूज करें। यह एंटी-बैक्टीरियल होता है। इसमें मुहांसे रोकने की क्षमता होती है। यह एक प्राकृतिक एस्ट्रीजेंट है। यह स्किन को साफ कर देता है। यह ऑयली स्किन के लिए भी बेस्ट है। स्किन को रूखा किए बिना स्किन का अतिरिक्त तेल हटा देता है। चार- लेमनग्रास से नेचरल डियो है। यह शरीर की दुर्गन्ध को दूर करता है। बेकिंग सोड़ा, शरीर से पसीने की बदबू को हटाने में बहुत असरदार है। आप बेकिंग सोड़ा में लेमनग्रास ऑयल की कुछ बूंद डालकर डियो बना सकती हैं। फेशियल स्टीम लेना हो, तो उबलने पानी में लेमनग्रास डाल दें। यह ब्लैकहेड्स भी हटा देगा। जब सिर की मसाज करें कुछ बूंद नॉर्मल तेल में लेमनग्रास की डाल लें। लेमनग्रास पानी में उबालकर बालों को धोएं। इससे काफी फर्क नजर आएगा। मुहांसों के लिए लेमनग्रास को पानी में उबालकर उस पानी को फ्रीजर में रखकर आइस क्यूब बना लें। इन्हें चेहरे पर रगड़ें। काफी फायदा मिलेगा। लेमनग्रास को हॉट ऑयल में भिगोकर उसे छान लें और स्टोर कर लें। इसे बालों में लगाएं। इससे डैंड्रफ खत्म होगी।
सवाई माधोपुर के लोगों को जल्द ही अब चंबल का पानी मिल सकेगा। इसके लिए केन्द्र सरकार की ओर से चंबल- करौली सवाई माधोपुर योजना के लिए 4623 करोड़ की स्वीकृत दी है। गुरुवार को सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विधिवत पूजा अर्चना की। जिसके बाद अब इस योजना का काम जल्द शुरु हो जाएगा। सवाई माधोपुर के एक निजी गार्डन में इसके लिए एक कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशा मीणा, UIT के पूर्व सभापति जगदीश प्रसाद अग्रवाल, भाजपा निवर्तमान जिलाध्यक्ष भरतलाल मथुरिया, जिला मंत्री हरी प्रसाद गुप्ता सहित कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया ने यहां विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान सांसद ने जल देवता आव्हान किया। इसके लिए यहां बोरिंग से पानी चलाया गया। तभी सांसद जौनपुरिया पानी से नहाकर चंबल महारानी पानी दे, चंबल महारानी पानी दे कहकर नहाते हुए दिखाई दिए। जिसके बाद सांसद ने यहां कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन के दौरान सांसद जौनपुरिया ने अपने कार्यकाल के दौरान हुए कामों का बखान किया। उन्होंने कहा कि जिले में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे, सवाई माधोपुर से टोंक तक रोड, सवाई माधोपुर से खण्डार तक रोड, लालसोट से गंगापुर सिटी वाया करौली रोड, हम्मीर ब्रिज का विस्तार, मेडिकल कॉलेज, सवाई माधोपुर से जयपुर इलेक्ट्रिक रेलवे लाइन, दौसा से सवाई माधोपुर बामनवास रेल लाइन, राजिविका समूह में 250 करोड़ रूपए, अमृत योजना में सवाई माधोपुर गंगापुर सिटी को 300-300 करोड़ रुपए , किसान सम्मान निधि, पीएम आवास योजना, शौचालय, पॉली हाउस योजना, सौलर योजना, पशु बीमा योजना, तारबंदी जैसे कई काम हुए है। योजना के तहत 581 गांवों को चंबल का पानी मिलेगा। इसी के साथ 189 गांवों को बनास के ईसरदा से पानी मिलेगा। चंबल योजना के तहत सवाई माधोपुर के पाली घाट और करौली के मंडरायल से पानी मिलेगा। अगले दो माह इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिसके एक माह के बाद इसका काम शुरु हो जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
सवाई माधोपुर के लोगों को जल्द ही अब चंबल का पानी मिल सकेगा। इसके लिए केन्द्र सरकार की ओर से चंबल- करौली सवाई माधोपुर योजना के लिए चार हज़ार छः सौ तेईस करोड़ की स्वीकृत दी है। गुरुवार को सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विधिवत पूजा अर्चना की। जिसके बाद अब इस योजना का काम जल्द शुरु हो जाएगा। सवाई माधोपुर के एक निजी गार्डन में इसके लिए एक कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशा मीणा, UIT के पूर्व सभापति जगदीश प्रसाद अग्रवाल, भाजपा निवर्तमान जिलाध्यक्ष भरतलाल मथुरिया, जिला मंत्री हरी प्रसाद गुप्ता सहित कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया ने यहां विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान सांसद ने जल देवता आव्हान किया। इसके लिए यहां बोरिंग से पानी चलाया गया। तभी सांसद जौनपुरिया पानी से नहाकर चंबल महारानी पानी दे, चंबल महारानी पानी दे कहकर नहाते हुए दिखाई दिए। जिसके बाद सांसद ने यहां कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन के दौरान सांसद जौनपुरिया ने अपने कार्यकाल के दौरान हुए कामों का बखान किया। उन्होंने कहा कि जिले में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे, सवाई माधोपुर से टोंक तक रोड, सवाई माधोपुर से खण्डार तक रोड, लालसोट से गंगापुर सिटी वाया करौली रोड, हम्मीर ब्रिज का विस्तार, मेडिकल कॉलेज, सवाई माधोपुर से जयपुर इलेक्ट्रिक रेलवे लाइन, दौसा से सवाई माधोपुर बामनवास रेल लाइन, राजिविका समूह में दो सौ पचास करोड़ रूपए, अमृत योजना में सवाई माधोपुर गंगापुर सिटी को तीन सौ-तीन सौ करोड़ रुपए , किसान सम्मान निधि, पीएम आवास योजना, शौचालय, पॉली हाउस योजना, सौलर योजना, पशु बीमा योजना, तारबंदी जैसे कई काम हुए है। योजना के तहत पाँच सौ इक्यासी गांवों को चंबल का पानी मिलेगा। इसी के साथ एक सौ नवासी गांवों को बनास के ईसरदा से पानी मिलेगा। चंबल योजना के तहत सवाई माधोपुर के पाली घाट और करौली के मंडरायल से पानी मिलेगा। अगले दो माह इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिसके एक माह के बाद इसका काम शुरु हो जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसा के दौर को देखते हुए इराक़ सरकार ने राजधानी बग़दाद में तीन दिन के लिए कर्फ़्यू लगा दिया है. इस सप्ताह की शुरुआत से ही इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा में शिया कट्टरपंथियों और इराक़ी सेना के बीच भीषण संघर्ष जारी है जिसमें 130 से भी ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं. बसरा से शुरू हुई हिंसा बाद में देश के अन्य शिया आबादी वाले हिस्सों में भी फैलने लगी. राजधानी बग़दाद के शिया आबादी वाले क्षेत्र में भी हिंसक झड़पें हुई हैं. स्थिति को देखते हुए अब इराक़ सरकार ने राजधानी में तीन दिन के लिए कर्फ़्यू लगा दिया है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ में शिया कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान को अपना समर्थन देते हुए कट्टरपंथियों से निपटने के प्रयासों की सराहना की है. उन्होंने इराक़ी प्रधानमंत्री के शिया कट्टरपंथियों से कठोरता से निपटने के क़दम की भी सराहना की. इराक़ी सेना के अभियान को अमरीकी सैनिकों की ओर से भी मदद मिल रही है. हिंसा के दौरान दो अमरीकी लोगों के मारे जाने के बाद अमरीकी सरकार ने बग़दाद स्थित अपने दूतावास के कर्मचारियों को सतर्क कर दिया है और कहा है कि वे ग्रीन ज़ोन इलाके से बाहर न निकलें. इससे पहले बुधवार को इराक़ी प्रधानमंत्री नूर अल मलिकी ने चेतावनी दी थी कि अगर बसरा में संघर्ष कर रहे शिया कट्टरपंथी 72 घंटे में हथियार नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उधर प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद शिया कट्टरपंथियों के नेता ने कुछ नरमी दिखाते हुए समझौते का प्रस्ताव रखा है. इराक़ के कट्टरपंथी शिया संगठन के सरबरा मुक्तदा अल सद्र ने कहा है कि अगर इराक़ी प्रधानमंत्री बसरा छोड़ दें तो दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना बन सकती है. सद्र ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा है कि इस पूरे मसले का राजनीतिक हल निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए. शिया बाहुल्य क्षेत्र बसरा सुरक्षा की दृष्टि से पिछले कुछ बरसों से ख़ासा संवेदनशील इलाका रहा है. इराक़ पर 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमले के बाद से बसरा में ब्रितानी सैनिक तैनात किए गए थे और उस इलाक़े की ज़िम्मेदारी उन्हीं पर थी. हालांकि पिछले वर्ष के अंत में ब्रितानी सरकार ने बसरा का नियंत्रण इराक़ी सुरक्षाबलों को सौंप दिया था. तेल के बड़े भंडार वाले स्थान के तौर पर जाने जानेवाला बसरा वर्चस्व और प्रभाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसा के दौर को देखते हुए इराक़ सरकार ने राजधानी बग़दाद में तीन दिन के लिए कर्फ़्यू लगा दिया है. इस सप्ताह की शुरुआत से ही इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा में शिया कट्टरपंथियों और इराक़ी सेना के बीच भीषण संघर्ष जारी है जिसमें एक सौ तीस से भी ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं. बसरा से शुरू हुई हिंसा बाद में देश के अन्य शिया आबादी वाले हिस्सों में भी फैलने लगी. राजधानी बग़दाद के शिया आबादी वाले क्षेत्र में भी हिंसक झड़पें हुई हैं. स्थिति को देखते हुए अब इराक़ सरकार ने राजधानी में तीन दिन के लिए कर्फ़्यू लगा दिया है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ में शिया कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान को अपना समर्थन देते हुए कट्टरपंथियों से निपटने के प्रयासों की सराहना की है. उन्होंने इराक़ी प्रधानमंत्री के शिया कट्टरपंथियों से कठोरता से निपटने के क़दम की भी सराहना की. इराक़ी सेना के अभियान को अमरीकी सैनिकों की ओर से भी मदद मिल रही है. हिंसा के दौरान दो अमरीकी लोगों के मारे जाने के बाद अमरीकी सरकार ने बग़दाद स्थित अपने दूतावास के कर्मचारियों को सतर्क कर दिया है और कहा है कि वे ग्रीन ज़ोन इलाके से बाहर न निकलें. इससे पहले बुधवार को इराक़ी प्रधानमंत्री नूर अल मलिकी ने चेतावनी दी थी कि अगर बसरा में संघर्ष कर रहे शिया कट्टरपंथी बहत्तर घंटाटे में हथियार नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उधर प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद शिया कट्टरपंथियों के नेता ने कुछ नरमी दिखाते हुए समझौते का प्रस्ताव रखा है. इराक़ के कट्टरपंथी शिया संगठन के सरबरा मुक्तदा अल सद्र ने कहा है कि अगर इराक़ी प्रधानमंत्री बसरा छोड़ दें तो दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना बन सकती है. सद्र ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा है कि इस पूरे मसले का राजनीतिक हल निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए. शिया बाहुल्य क्षेत्र बसरा सुरक्षा की दृष्टि से पिछले कुछ बरसों से ख़ासा संवेदनशील इलाका रहा है. इराक़ पर दो हज़ार तीन में अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमले के बाद से बसरा में ब्रितानी सैनिक तैनात किए गए थे और उस इलाक़े की ज़िम्मेदारी उन्हीं पर थी. हालांकि पिछले वर्ष के अंत में ब्रितानी सरकार ने बसरा का नियंत्रण इराक़ी सुरक्षाबलों को सौंप दिया था. तेल के बड़े भंडार वाले स्थान के तौर पर जाने जानेवाला बसरा वर्चस्व और प्रभाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
इजरायल के येहूदा नामके एक होटल बड़ा आश्चर्य जनक ऑपर दिया है। इस ऑफर में एक तारीख बताई गई है, जिस दिन अगर आप होटल में आयी और आप उसी दिन प्रेग्नेंट हो गईं तो आपको ऐसे में इनाम के तौर पर 70 लाख रुपए दिए जाएंगे। अब हम आपको बताते हैं कि ऐसा किस तारीख को होता है, दरअसल लीप ईयर में यानि कि 4 साल में एक बार आने वाले दिन पर यह समारोह होता है। Read more: हर रोज खाना चाहिए महिलाओं को ये चीजें ! इस प्रतियोगिता में शादीशुदा कपल्स आते हैं। 29 फरवरी को होटल में कंसीव करते हैं, जिसके बाद डॉक्टर्स जांच करते हैं कि वह सचमुच प्रेग्नेंट हैं या फिर नहीं। Read more: ये गर्ल लाशों से सेक्स करती और खून से नहाती !
इजरायल के येहूदा नामके एक होटल बड़ा आश्चर्य जनक ऑपर दिया है। इस ऑफर में एक तारीख बताई गई है, जिस दिन अगर आप होटल में आयी और आप उसी दिन प्रेग्नेंट हो गईं तो आपको ऐसे में इनाम के तौर पर सत्तर लाख रुपए दिए जाएंगे। अब हम आपको बताते हैं कि ऐसा किस तारीख को होता है, दरअसल लीप ईयर में यानि कि चार साल में एक बार आने वाले दिन पर यह समारोह होता है। Read more: हर रोज खाना चाहिए महिलाओं को ये चीजें ! इस प्रतियोगिता में शादीशुदा कपल्स आते हैं। उनतीस फरवरी को होटल में कंसीव करते हैं, जिसके बाद डॉक्टर्स जांच करते हैं कि वह सचमुच प्रेग्नेंट हैं या फिर नहीं। Read more: ये गर्ल लाशों से सेक्स करती और खून से नहाती !
हरियाणा के करनाल में लंपी बीमारी को लेकर रविवार को सेक्टर-12 कॉन्फ्रेंस हॉल में एक मीटिंग हुई। जिसमें डिप्टी डायरेक्टर डॉ धर्मेंद्र ने गौशाला प्रधानों व पशुपाल विभाग के अधिकारी को जिले में फैल रहे लंपी वायरस को लेकर उन्हें हिदायते दीं। उन्होंने मीटिंग में गौशाला प्रधानों को बताया कि संक्रमित पशु को स्वास्थ पशुओं से अलग रखें, फॉगिंग कराएं। मेडिसन की कोई कमी नहीं है, गौशाला में मेडिसन भी उपलब्ध कराई जा रही है। धर्मेंद्र ने कहा कि जहां कहीं पर भी इस प्रकार की वायरस के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत प्रभाव से गोधन से अलग करें और एक अलग से गौशाला में वार्ड बनाएं। अगर इस बीमारी से कहीं पर भी गाय की मौत होती है तो उसको लगभग 8 फीट का गड्ढा खोदकर उसमें दफनाए। उससे पहले हमें सूचित भी करें ताकि हम उसकी सारी व्यवस्था कर सकें। इस बीमारी की रिकवरी 95 प्रतिशत है, इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की तरफ से हर गोशाला में डॉक्टर विजिट करेंगे और यह वायरस ज्यादा ना फैले, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक धर्मेंद्र ने बताया कि जिले में आई 14 हजार डोज को लगभग सभी स्वस्थ पशुओं को लगा दिया गया है। वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। जल्द ही और भी वैक्सीन आ जाएगी। टीमों द्वारा वैक्सीन लगाने का कार्य जोरों पर किया जा रहा है। रविवार शाम को विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अब जिले में लंपी संक्रमण के मामले 2 हजार से ज्यादा पहुंच गए हैं। विभाग से मिले आंकड़ों की माने तो अब तक जिले में 8 ही पशुओं की मौत लंपी से हुई है। उपनिदेशक डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि लंपी एक वायरल बीमारी है। यह गाय और भैंस में पाईं गई है। उन्होंने पशुपालकों से अनुरोध किया कि वे इस बीमारी से न घबराएं और बीमार पशु का तुरंत इलाज करवाएं। डॉ. रूपिंद्र मोबाइल नंबर 9466449090, SDO इंद्री डॉ. नरेंद्र मोबाइल नंबर 7027600022, SDO असंध डॉ. बलजीत के मोबाइल नंबर 9896170444 पर संपर्क करके ज्यादा जानकारी ले सकते हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हरियाणा के करनाल में लंपी बीमारी को लेकर रविवार को सेक्टर-बारह कॉन्फ्रेंस हॉल में एक मीटिंग हुई। जिसमें डिप्टी डायरेक्टर डॉ धर्मेंद्र ने गौशाला प्रधानों व पशुपाल विभाग के अधिकारी को जिले में फैल रहे लंपी वायरस को लेकर उन्हें हिदायते दीं। उन्होंने मीटिंग में गौशाला प्रधानों को बताया कि संक्रमित पशु को स्वास्थ पशुओं से अलग रखें, फॉगिंग कराएं। मेडिसन की कोई कमी नहीं है, गौशाला में मेडिसन भी उपलब्ध कराई जा रही है। धर्मेंद्र ने कहा कि जहां कहीं पर भी इस प्रकार की वायरस के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत प्रभाव से गोधन से अलग करें और एक अलग से गौशाला में वार्ड बनाएं। अगर इस बीमारी से कहीं पर भी गाय की मौत होती है तो उसको लगभग आठ फीट का गड्ढा खोदकर उसमें दफनाए। उससे पहले हमें सूचित भी करें ताकि हम उसकी सारी व्यवस्था कर सकें। इस बीमारी की रिकवरी पचानवे प्रतिशत है, इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की तरफ से हर गोशाला में डॉक्टर विजिट करेंगे और यह वायरस ज्यादा ना फैले, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक धर्मेंद्र ने बताया कि जिले में आई चौदह हजार डोज को लगभग सभी स्वस्थ पशुओं को लगा दिया गया है। वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। जल्द ही और भी वैक्सीन आ जाएगी। टीमों द्वारा वैक्सीन लगाने का कार्य जोरों पर किया जा रहा है। रविवार शाम को विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अब जिले में लंपी संक्रमण के मामले दो हजार से ज्यादा पहुंच गए हैं। विभाग से मिले आंकड़ों की माने तो अब तक जिले में आठ ही पशुओं की मौत लंपी से हुई है। उपनिदेशक डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि लंपी एक वायरल बीमारी है। यह गाय और भैंस में पाईं गई है। उन्होंने पशुपालकों से अनुरोध किया कि वे इस बीमारी से न घबराएं और बीमार पशु का तुरंत इलाज करवाएं। डॉ. रूपिंद्र मोबाइल नंबर नौ चार छः छः चार चार नौ शून्य नौ शून्य, SDO इंद्री डॉ. नरेंद्र मोबाइल नंबर सात शून्य दो सात छः शून्य शून्य शून्य दो दो, SDO असंध डॉ. बलजीत के मोबाइल नंबर नौ आठ नौ छः एक सात शून्य चार चार चार पर संपर्क करके ज्यादा जानकारी ले सकते हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हो जाती है जो गण्डिका के साथ मिले हुए हैं। जहाँ ये दोनों अस्थियाँ मिलती हैं वहाँ से दो स्पष्ट रेखा और तीरथ के पाश्र्व पर होती हुई पीछे की ओर को चली गई हैं। ये शंखरेखा कहलाती हैं और शंखात को परिमित करती हैं । दोनों नासागुहाओं के बीच में पूर्विका नीचे की ओर नासास्थियों और ऊर्ध्वहन्विकाओं से मिली हुई है। हन्विका के ललाट प्रवर्धन के पीछे की ओर अस्थि स्थित है। जहाँ ये अस्थियाँ ग्रापस में मिलती हैं वहाँ पर स्पष्ट सीमन्त पाये जाते हैं। दोनों नासास्थियों के बीच का सीमान्त भी बिलकुल स्पष्ट है। दोनों नासास्थियों का पूर्वपृष्ठ उन्नतोदर है । ऊर्ध्वहन्विता के ललाट-प्रवर्धन के ऊपरी भाग के साथ मिलकर यह नासिका का सेतु बनाती है । नासागुहाद्वार - नासास्थियों के नीचे दोनों ओर से ऊर्ध्ववि द्वारा परिमित एक बड़ा कविवर है जो नासागुहा का अस्थिनिर्मित द्वार है। इसके आगे नासिका का सृक्तिनिर्मित भाग लगा रहता है। इस विवर का ऊपरी भाग संकुचित है किन्तु नीचे का भाग चौड़ा और दृढ़ है। नीचे के भाग में ऊर्ध्वहन्विका से ऊपर की ओर को उठा हुआ एक प्रवर्धन दिखाई देता है जो पूर्वनासाकण्टक कहलाता है। नासाविवर के द्वारा भीतर देखने से गुहा के बीच में उसको दो भागों में विभक्त करता हुआ एक पटल दीखता है। यह नासिका का विभाजक पटल है। इसके आगे का भाग सृक्ति के द्वारा बनता है। करोटि में इस विभाजक पटल का बहुत सा भाग अपूर्ण होता है। ये वही भाग हैं जो सृक्ति के बने हुए थे। इस पटल का ऊपरी भाग भर्झरास्थि के मध्यफलक से बना हुआ है जो प्रायः एक को कुछ झुका हुआ रहता है । गुहा के पार्श्व में पूर्वनासाकण्टक के दोनों ओर अधःशुक्तिका दिखाई देती हैं। उसके कुछ ऊपर से मध्यशुक्तिफलक भी गुहा में उठा हुआ दिखाई देता है। इस फलक के तनिक ऊपर की ओर देखने से ऊर्ध्वशुक्तिफलक भी दिखाई देता है। ऊर्ध्व और मध्य शुक्तिफलक की अपेक्षा श्रधः शुक्तिफलकों में अधिक अन्तर । इन फलकों के नीचे और बाहर का स्थान सुरङ्ग कहलाता है। इस प्रकार गुहा में ऊर्ध्व, मध्य और होती हैं। हन्विका प्रान्त - नासागुहाविवर के नीचे और बाहर की ओोर हन्चिका प्रान्त है। इस प्रान्त में है की धाराओं के तनिक नीचे दो बड़े छिद्र स्थित हैं जो गुहाधर छिद् कहलाते हैं। इनके द्वारा गुहाधर नाड़ी और घमनी इत्यादि निकलती हैं । इन्विका बाहर की ओर गण्डिका अस्थि से मिलो हु . इस अस्थि के बीच में नेत्रगुहा के पार्श्व और अधोधारा के सङ्गम के तनिक नीचे की ओर एक सूक्ष्म छिद्र जिसको गण्डमौखिक कहते हैं। इसके द्वारा गण्डमौखिका नाड़ी निकलती है। गुहाघर छिद्र के नीचे एक चौड़ा खात है जो भेदकीय खात कहलाता है। इसके भीतर की ओर एक तीरणिका है। यह अस्थि के भीतर भेदक दन्तोदूखल को ति करती है। के भाग पर इस तीरणिवा के समान अन्य तीरणिकाएँ भी दिखाई देती हैं जो दूसरे दाँतों के उखलों के बाहर की ओर स्थित हैं। भेदकीय तीर. णिका के भीतर की ओर छेदक दाँतों के ऊपर नासाविवर से नीचे भेदकीय खात से छोटा एक खात है जो छेदक खात कहलाता है। इसके नीचे छेदक दाँत स्थित हैं। ऊर्ध्वहन्विकाओं की धोधारा से जो दाँत निकलते हैं वे अधोहन्विका की ऊर्ध्वधारा से निकले हुए दाँतों के कुछ सामने रहते हैं। का गात्र दीखता है। उसके बीच में चिबुक के प्रान्त में ऊपर से नीचे की ओर जाती हुई एक तोरणिका दिखाई देती है। यह स्थान चिबुकसन्धानिका पहलाता है । वहाँ पर धोहन्विका के दोनों ओर के समान भाग आपस में जुड़ते हैं। यह तोरणिका नीचे की ओर दो भागों में विभक्त हो जाती है जो कुछ बाहर और नीचे की ओर को मुड़ते हुए अन्धोधारा पर पहुँचकर चिबुकपिण्डकों के रूप में समाप्त हो जाते हैं। तोरणिका की इन दोनों शाखाओं के बीच में
हो जाती है जो गण्डिका के साथ मिले हुए हैं। जहाँ ये दोनों अस्थियाँ मिलती हैं वहाँ से दो स्पष्ट रेखा और तीरथ के पाश्र्व पर होती हुई पीछे की ओर को चली गई हैं। ये शंखरेखा कहलाती हैं और शंखात को परिमित करती हैं । दोनों नासागुहाओं के बीच में पूर्विका नीचे की ओर नासास्थियों और ऊर्ध्वहन्विकाओं से मिली हुई है। हन्विका के ललाट प्रवर्धन के पीछे की ओर अस्थि स्थित है। जहाँ ये अस्थियाँ ग्रापस में मिलती हैं वहाँ पर स्पष्ट सीमन्त पाये जाते हैं। दोनों नासास्थियों के बीच का सीमान्त भी बिलकुल स्पष्ट है। दोनों नासास्थियों का पूर्वपृष्ठ उन्नतोदर है । ऊर्ध्वहन्विता के ललाट-प्रवर्धन के ऊपरी भाग के साथ मिलकर यह नासिका का सेतु बनाती है । नासागुहाद्वार - नासास्थियों के नीचे दोनों ओर से ऊर्ध्ववि द्वारा परिमित एक बड़ा कविवर है जो नासागुहा का अस्थिनिर्मित द्वार है। इसके आगे नासिका का सृक्तिनिर्मित भाग लगा रहता है। इस विवर का ऊपरी भाग संकुचित है किन्तु नीचे का भाग चौड़ा और दृढ़ है। नीचे के भाग में ऊर्ध्वहन्विका से ऊपर की ओर को उठा हुआ एक प्रवर्धन दिखाई देता है जो पूर्वनासाकण्टक कहलाता है। नासाविवर के द्वारा भीतर देखने से गुहा के बीच में उसको दो भागों में विभक्त करता हुआ एक पटल दीखता है। यह नासिका का विभाजक पटल है। इसके आगे का भाग सृक्ति के द्वारा बनता है। करोटि में इस विभाजक पटल का बहुत सा भाग अपूर्ण होता है। ये वही भाग हैं जो सृक्ति के बने हुए थे। इस पटल का ऊपरी भाग भर्झरास्थि के मध्यफलक से बना हुआ है जो प्रायः एक को कुछ झुका हुआ रहता है । गुहा के पार्श्व में पूर्वनासाकण्टक के दोनों ओर अधःशुक्तिका दिखाई देती हैं। उसके कुछ ऊपर से मध्यशुक्तिफलक भी गुहा में उठा हुआ दिखाई देता है। इस फलक के तनिक ऊपर की ओर देखने से ऊर्ध्वशुक्तिफलक भी दिखाई देता है। ऊर्ध्व और मध्य शुक्तिफलक की अपेक्षा श्रधः शुक्तिफलकों में अधिक अन्तर । इन फलकों के नीचे और बाहर का स्थान सुरङ्ग कहलाता है। इस प्रकार गुहा में ऊर्ध्व, मध्य और होती हैं। हन्विका प्रान्त - नासागुहाविवर के नीचे और बाहर की ओोर हन्चिका प्रान्त है। इस प्रान्त में है की धाराओं के तनिक नीचे दो बड़े छिद्र स्थित हैं जो गुहाधर छिद् कहलाते हैं। इनके द्वारा गुहाधर नाड़ी और घमनी इत्यादि निकलती हैं । इन्विका बाहर की ओर गण्डिका अस्थि से मिलो हु . इस अस्थि के बीच में नेत्रगुहा के पार्श्व और अधोधारा के सङ्गम के तनिक नीचे की ओर एक सूक्ष्म छिद्र जिसको गण्डमौखिक कहते हैं। इसके द्वारा गण्डमौखिका नाड़ी निकलती है। गुहाघर छिद्र के नीचे एक चौड़ा खात है जो भेदकीय खात कहलाता है। इसके भीतर की ओर एक तीरणिका है। यह अस्थि के भीतर भेदक दन्तोदूखल को ति करती है। के भाग पर इस तीरणिवा के समान अन्य तीरणिकाएँ भी दिखाई देती हैं जो दूसरे दाँतों के उखलों के बाहर की ओर स्थित हैं। भेदकीय तीर. णिका के भीतर की ओर छेदक दाँतों के ऊपर नासाविवर से नीचे भेदकीय खात से छोटा एक खात है जो छेदक खात कहलाता है। इसके नीचे छेदक दाँत स्थित हैं। ऊर्ध्वहन्विकाओं की धोधारा से जो दाँत निकलते हैं वे अधोहन्विका की ऊर्ध्वधारा से निकले हुए दाँतों के कुछ सामने रहते हैं। का गात्र दीखता है। उसके बीच में चिबुक के प्रान्त में ऊपर से नीचे की ओर जाती हुई एक तोरणिका दिखाई देती है। यह स्थान चिबुकसन्धानिका पहलाता है । वहाँ पर धोहन्विका के दोनों ओर के समान भाग आपस में जुड़ते हैं। यह तोरणिका नीचे की ओर दो भागों में विभक्त हो जाती है जो कुछ बाहर और नीचे की ओर को मुड़ते हुए अन्धोधारा पर पहुँचकर चिबुकपिण्डकों के रूप में समाप्त हो जाते हैं। तोरणिका की इन दोनों शाखाओं के बीच में
लाये गये अपने कर्मनगर कोलकाता... दो हफ्ते पहले शिरडी में घातक मस्तिष्काघात झेलने के बाद जनसत्ता-कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार जयनारायण प्रसाद अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं. नासिक अपोलो अस्पताल में हालत सुधरने के बाद उन्हें दो दिन पहले भतीजे फ्लाइट से कोलकाता ले आये. अब यहां न्यूरो सर्जन और फिजियोथेरपिस्ट की मदद से उन्हें सामान्य हालत में लाने की कोशिश हो रही है. रविवार (06. 11. 2016) शाम कोलकाता के खिदिरपुर बाबू बाज़ार स्थित उनके घर जाने पर हालचाल जाना. उनमें हो रहा सुधार देख कर तसल्ली हुई. उठ, बैठ व चल पा रहे, सबको पहचान रहे, नित्यक्रिया में समर्थ हो गये हैं, धीमी आवाज़ में बात कर पा रहे, लेकिन रह-रह कर इष्ट-मित्रों को पास देख सुबक पड़ते हैं, जैसे उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि नियति के क्रूर वार से वह साफ बच निकले हैं. सारा कोलकाता जानता है कि व्यावहारिक ज़िंदगी में जयनारायण प्रसाद जी कितने ज़िंदादिल, वाचाल व चपल व्यक्तित्व हैं. उन्हें देख कर पता चलता है कि कितना सिवियर था ब्रेन-हैमरेज का अटैक. तन से कुछ, पर मन से बहुत कमज़ोर हो गये हैं जयनारायण सर. हंसते-दमकते-स्वाभिमानी चेहरे की आभा कहीं दब गयी है, पर आशा ही नहीं, विश्वास है कि वह अपनी रौ में उसी दमखम के साथ फिर लौटेंगे. मंद सही, पर हो रहा सुधार उत्साहजनक है. साईंबाबा के धाम में होने के चलते वह यह अटैक झेल गये. अटैक के वक्त से ही उनके साथ रहे उनके भतीजे अंजन ने बताया - साईंबाबा की कृपा ना होती, तो बड़े पापा को बचा पाना मुश्किल था.
लाये गये अपने कर्मनगर कोलकाता... दो हफ्ते पहले शिरडी में घातक मस्तिष्काघात झेलने के बाद जनसत्ता-कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार जयनारायण प्रसाद अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं. नासिक अपोलो अस्पताल में हालत सुधरने के बाद उन्हें दो दिन पहले भतीजे फ्लाइट से कोलकाता ले आये. अब यहां न्यूरो सर्जन और फिजियोथेरपिस्ट की मदद से उन्हें सामान्य हालत में लाने की कोशिश हो रही है. रविवार शाम कोलकाता के खिदिरपुर बाबू बाज़ार स्थित उनके घर जाने पर हालचाल जाना. उनमें हो रहा सुधार देख कर तसल्ली हुई. उठ, बैठ व चल पा रहे, सबको पहचान रहे, नित्यक्रिया में समर्थ हो गये हैं, धीमी आवाज़ में बात कर पा रहे, लेकिन रह-रह कर इष्ट-मित्रों को पास देख सुबक पड़ते हैं, जैसे उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि नियति के क्रूर वार से वह साफ बच निकले हैं. सारा कोलकाता जानता है कि व्यावहारिक ज़िंदगी में जयनारायण प्रसाद जी कितने ज़िंदादिल, वाचाल व चपल व्यक्तित्व हैं. उन्हें देख कर पता चलता है कि कितना सिवियर था ब्रेन-हैमरेज का अटैक. तन से कुछ, पर मन से बहुत कमज़ोर हो गये हैं जयनारायण सर. हंसते-दमकते-स्वाभिमानी चेहरे की आभा कहीं दब गयी है, पर आशा ही नहीं, विश्वास है कि वह अपनी रौ में उसी दमखम के साथ फिर लौटेंगे. मंद सही, पर हो रहा सुधार उत्साहजनक है. साईंबाबा के धाम में होने के चलते वह यह अटैक झेल गये. अटैक के वक्त से ही उनके साथ रहे उनके भतीजे अंजन ने बताया - साईंबाबा की कृपा ना होती, तो बड़े पापा को बचा पाना मुश्किल था.
भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को होम आयसोलेशन वाले कोरोना संक्रमितों के साथ वर्चुअली संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संक्रमितों को योग का महत्व बताया। इतना ही नहीं उन्होंने प्राणायाम और अनुलोम- विलोम करने का तरीका भी समझाया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि होम आयसोलेशन व्यवस्था से जुड़े सभी कार्यों पर प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, जन-प्रतिनिधि और सजग नागरिक नजर रखें। कोविड केयर सेंटर और घरों पर होम आयसोलेशन में रह कर उपचार ले रहे रोगियों से नियमित संवाद भी किया जाए। चिकित्सकों द्वारा इन रोगियों को उपचार के साथ ही आवश्यक मार्गदर्शन देने का कार्य भी किया जाए। संवाद से बढ़ता है मनोबल : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में होम आइसोलेशन व्यवस्था का लाभ ले रहे कोरोना संक्रमित नागरिकों से चर्चा आवश्यक है। इनसे संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को पंकज अरोड़ा, रवि डुमरा, सुश्री प्रतीक्षा शर्मा, जगराव भादे, मुकेश और सुरेश मूरत से चर्चा कर स्वयं भी उनका मनोबल बढ़ाया। आयसोलेट व्यक्तियों को निःशुल्क मेडिकल किट उपलब्ध कराई जा रही है। पूरे प्रदेश में ऐसी व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी को शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का भी आग्रह किया। फिट रहने और इम्युनिटी बढ़ाने में उपयोगी है अनुलोम-विलोम : मुख्यमंत्री ने योग, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम का महत्व बताते हुए डिमांस्ट्रेशन द्वारा अनुलोम- विलोम और प्राणायाम की विधियां समझाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंतित न हों, उपचार का लाभ प्राप्त करें। दूरभाष पर चिकित्सक द्वारा मार्गदर्शन उपलब्ध है। कोई भी समस्या होने पर स्वयं भी चिकित्सक से और अधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आयसोलेट नागरिकों को समय का बेहतर उपयोग करने के लिए अच्छा साहित्य पढऩे और सकारात्मक रहने की समझाइश भी दी। मुख्यमंत्री ने पॉजिटिव प्रकरण वाले परिवारों के अन्य सदस्यों को पृथक कक्ष में निवास करने या स्थानाभाव होने पर कोविड केयर सेंटर में जाकर आयसोलेट होने एवं संक्रमण से बचकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को होम आयसोलेशन वाले कोरोना संक्रमितों के साथ वर्चुअली संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संक्रमितों को योग का महत्व बताया। इतना ही नहीं उन्होंने प्राणायाम और अनुलोम- विलोम करने का तरीका भी समझाया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि होम आयसोलेशन व्यवस्था से जुड़े सभी कार्यों पर प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, जन-प्रतिनिधि और सजग नागरिक नजर रखें। कोविड केयर सेंटर और घरों पर होम आयसोलेशन में रह कर उपचार ले रहे रोगियों से नियमित संवाद भी किया जाए। चिकित्सकों द्वारा इन रोगियों को उपचार के साथ ही आवश्यक मार्गदर्शन देने का कार्य भी किया जाए। संवाद से बढ़ता है मनोबल : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में होम आइसोलेशन व्यवस्था का लाभ ले रहे कोरोना संक्रमित नागरिकों से चर्चा आवश्यक है। इनसे संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को पंकज अरोड़ा, रवि डुमरा, सुश्री प्रतीक्षा शर्मा, जगराव भादे, मुकेश और सुरेश मूरत से चर्चा कर स्वयं भी उनका मनोबल बढ़ाया। आयसोलेट व्यक्तियों को निःशुल्क मेडिकल किट उपलब्ध कराई जा रही है। पूरे प्रदेश में ऐसी व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी को शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का भी आग्रह किया। फिट रहने और इम्युनिटी बढ़ाने में उपयोगी है अनुलोम-विलोम : मुख्यमंत्री ने योग, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम का महत्व बताते हुए डिमांस्ट्रेशन द्वारा अनुलोम- विलोम और प्राणायाम की विधियां समझाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंतित न हों, उपचार का लाभ प्राप्त करें। दूरभाष पर चिकित्सक द्वारा मार्गदर्शन उपलब्ध है। कोई भी समस्या होने पर स्वयं भी चिकित्सक से और अधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आयसोलेट नागरिकों को समय का बेहतर उपयोग करने के लिए अच्छा साहित्य पढऩे और सकारात्मक रहने की समझाइश भी दी। मुख्यमंत्री ने पॉजिटिव प्रकरण वाले परिवारों के अन्य सदस्यों को पृथक कक्ष में निवास करने या स्थानाभाव होने पर कोविड केयर सेंटर में जाकर आयसोलेट होने एवं संक्रमण से बचकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
बदायूं में सड़कों का जाल बिछेगा, वाहन चालक जहां निश्चिंत होकर फर्राटा भरेंगे, वहीं पैदल राहगीरों को भी सहूलियत होगी। इन वादों के साथ स्वीकृत कराए गए तकरीबन एक करोड़ रुपए भी कहां गए, इसका पता किसी को नहीं है। इतना जरूर है कि मौजूदा हालात ये हैं कि जहां शहर समेत आसपास इलाके में पैदल चलना भी दूभर है, वहीं देहात इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि पिछले दिनों पब्लिक सड़क पर आ चुकी है, क्योंकि आरोप था कि सड़क निर्माण में मानकों के विपरीत मटेरियल लग रहा है। बता दें कि सदर विधानसभा क्षेत्र के हालात भले ही रिकार्ड में कुछ भी हों, लेकिन सच के धरातल पर यहां के कई इलाके जहां बारिश के दौरान जलभराव से ग्रस्त रहते हैं तो वहीं आम मौसम में इन इलाकों से पैदल लोगों का गुजरना भी मुश्किल होता है, क्योंकि यहां सड़कों की हालत बेहद खराब है। शहर में पनबड़िया मोहल्ला समेत मंडी समिति रोड पर इन दिनों हालात बेहद खराब हैं। इनके अलावा हुसैनी गली, जवाहरपुरी, लोचीनगला आंशिक के साथ शहबाजपुर मोहल्ले में सड़कें नहीं बनी हैं। हालांकि दावा यह किया जाता है कि शहर में हर सड़क गड्ढा मुक्त है। बारिश में यहां एक-एक फीट गहरा पानी भर जाता है। पनबड़िया बिजलीघर समेत आसपास के घरों में नाले का पानी पहुंचता है। वजीरगंज इलाके के सुरसेना गांव में पिछले दिनों गांव वालों ने सड़क निर्माण का विरोध किया था। गांव वालों का आरोप था कि निर्माण सामग्री गलत लगाई जा रही है। विधायक निधि से बन रही इस सड़क के निर्माण को रुकवाने के लिए पब्लिक ने जाम लगाया और नारेबाजी की थी। चुनावी माहौल में छीछालेदर होते देख ठेकेदार को इस बार ठीक-ठाक मटेरियल लगाने की हिदायत दी गई थी, ताकि दोबारा किरकिरी न होने पाए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बदायूं में सड़कों का जाल बिछेगा, वाहन चालक जहां निश्चिंत होकर फर्राटा भरेंगे, वहीं पैदल राहगीरों को भी सहूलियत होगी। इन वादों के साथ स्वीकृत कराए गए तकरीबन एक करोड़ रुपए भी कहां गए, इसका पता किसी को नहीं है। इतना जरूर है कि मौजूदा हालात ये हैं कि जहां शहर समेत आसपास इलाके में पैदल चलना भी दूभर है, वहीं देहात इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि पिछले दिनों पब्लिक सड़क पर आ चुकी है, क्योंकि आरोप था कि सड़क निर्माण में मानकों के विपरीत मटेरियल लग रहा है। बता दें कि सदर विधानसभा क्षेत्र के हालात भले ही रिकार्ड में कुछ भी हों, लेकिन सच के धरातल पर यहां के कई इलाके जहां बारिश के दौरान जलभराव से ग्रस्त रहते हैं तो वहीं आम मौसम में इन इलाकों से पैदल लोगों का गुजरना भी मुश्किल होता है, क्योंकि यहां सड़कों की हालत बेहद खराब है। शहर में पनबड़िया मोहल्ला समेत मंडी समिति रोड पर इन दिनों हालात बेहद खराब हैं। इनके अलावा हुसैनी गली, जवाहरपुरी, लोचीनगला आंशिक के साथ शहबाजपुर मोहल्ले में सड़कें नहीं बनी हैं। हालांकि दावा यह किया जाता है कि शहर में हर सड़क गड्ढा मुक्त है। बारिश में यहां एक-एक फीट गहरा पानी भर जाता है। पनबड़िया बिजलीघर समेत आसपास के घरों में नाले का पानी पहुंचता है। वजीरगंज इलाके के सुरसेना गांव में पिछले दिनों गांव वालों ने सड़क निर्माण का विरोध किया था। गांव वालों का आरोप था कि निर्माण सामग्री गलत लगाई जा रही है। विधायक निधि से बन रही इस सड़क के निर्माण को रुकवाने के लिए पब्लिक ने जाम लगाया और नारेबाजी की थी। चुनावी माहौल में छीछालेदर होते देख ठेकेदार को इस बार ठीक-ठाक मटेरियल लगाने की हिदायत दी गई थी, ताकि दोबारा किरकिरी न होने पाए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
कुरूप देवनारियाँ क्या है ? उनका ऐसा रूप है कि सौन्दर्य की जितनी उपमाएँ है वे सब उनके रूप पर निछावर कर डालना चाहिये । अलंकार - काकूति से पुष्ट सम्बन्घातिशयोक्ति अथवा प्रतीप । मूल - गीतिका छंद तहँ सोभिजें सखि सुन्दरी जनु दामिनी बपु मण्डिकै । घनश्याम को तनु सेवहीं जड़ मेघ ओघन छरिङ कै ।। यक अंग चर्चित चारु चंदन चन्द्रिका तजि चन्द को । जनु राहु के भय सेवहीं रघुनाथ आनंद कंद को ॥६०॥ शब्दार्थ - बपु मvिडकै = शरीर घर के । श्रोधन = समूह । चर्चित = - लगाये हुए । चन्द्रिका चन्द्र - किरण आनंदद नंदरूप जल देने वाले बादल । भावार्थ - वहाँ सीता जी की सुन्दरी सखियाँ शोभित हैं, मानो बिजली ही अनेक देह धारण करके जड़ मेघ-समूह को छोड़ कर चैतन्य शरीर घर ( मेघवत् श्याम ) श्रीराम जी का सेवन करती है। कोई सखी अपने शरीर में सुन्दर ( कपूर युक्त ) चदन लगाये है, वह ऐसी जान पड़ती है मानों राहु के डर चन्द्र किरण चंद्रमा को छोड़ कर आनंद बरसाने वाले रघुनाथ जी की सेवा कर रही हो। मूल - गीतिका छंद - मुख एक है नत लोक-लोचन लोल लोचन कै हरै । जनु जानकी संग सोभिजै शुभ लाज देहहि को धरे ॥ तहँ एक फूलन के विभूषन एक मोतिन के किये । जनु छीर सागर देवता तन छीर छीटन को छिये ॥ ६१ ॥ शब्दार्थ - लोक लोचन = लोगों के नेत्र । देवी ( यहाँ भी 'देवता' शब्द स्त्रीलिंग मे है ) । लोल = चंचल । देवता - छिये = छुप हुए । नोट - बुन्देलखड में 'छूना' को 'छीना' और 'खूब' को 'खीब' बोलते हैं । भावार्थ - कोई सखी लज्जा की अधिकता से मुख नीचे को किये है, पर अपने नेत्रों को चंचल करके ( इधर उधर कर्नाखियों से देख कर ) लोगों के * यह वर्णिक गीतिका है । के० कौ० ८ नेत्रों को हरती है। (खींचती है, वह ऐसी जान पड़ती है मानं शुभ लज्जा ही शरीर धारण किये जानकी के संग में शोभा दे रही है। वह कोई-कोई सखी फूलों के और कोई मोतियों के आभूषण पहने हैं, वे ऐसं मालूम होती है मानों क्षीर-सागर निवासिनी देवियाँ ( लक्ष्मियाँ ) है जिनके शरीर में दूध के छींटे तक लगे हुए है । अलंकार -- उत्प्रेक्षा । मूल - सोरठा - पहिरे बसन सुरंग, पात्रकयुत स्वाहा मनो ।। सहज सुगंधित अंग, सानहु देवी मलय की ॥ ६२ शब्दार्थ - पावक = अग्निदेव । स्वाहा =अग्निदेव की स्त्री । भावार्थ - कोई सखी लाल वस्त्र पहिने हुए है, वह ऐसी मालूम होती है मानो समेत स्वाहा है। किसी का अंग सहज ही इतना सुगंधित है, मानो वह मलयागिर निवासिनी कोई देवी है। अलंकार-उत्प्रेक्षा । मूल-चामर छंद - मत्त दंतिराज राजि वाजिराज राजि कै । हेम हीर हार मुक्त चीर चारु साजि कै ।। बेष-वेष वाहिनी असेष बस्तु सोधियो । दायजो विदेहराज भाँति-भाँति को दियो ॥६३॥ शब्दार्थ - दन्तिराज राजि = बड़े हाथियों का समूह । बाजिराज राजि बड़े घोड़ों का समूह । कै = को । हेम = सुवर्ण । हीर = जवाहिरात । मुक्त = मोती । बाहिनी = सेवक समूह । असेष = सब । सोधियो = तलाश करवाई। दायजो = यौतुक, दहेज । विदेहराज = जनक जी । भावार्थ - बड़े बड़े मस्त हाथियों के समूहों और बड़े-बड़े घोड़ों के समूहों को सुवर्ण के आभूषणों, हीरे मोतियों के हारों और सुन्दर वस्त्रो से सजा कर और तरह-तरह के सेवक-समूहों से सब देने योग्य वस्तुओं को तलाश कराके राजा जनक ने भाँति-भांति के दहेज श्रीराम जी को दिए । अलंकार - उदात्त । मूल चामर छंद - बस्त्र - भौन स्यों बितान आसने बिछावने । स्त्र
कुरूप देवनारियाँ क्या है ? उनका ऐसा रूप है कि सौन्दर्य की जितनी उपमाएँ है वे सब उनके रूप पर निछावर कर डालना चाहिये । अलंकार - काकूति से पुष्ट सम्बन्घातिशयोक्ति अथवा प्रतीप । मूल - गीतिका छंद तहँ सोभिजें सखि सुन्दरी जनु दामिनी बपु मण्डिकै । घनश्याम को तनु सेवहीं जड़ मेघ ओघन छरिङ कै ।। यक अंग चर्चित चारु चंदन चन्द्रिका तजि चन्द को । जनु राहु के भय सेवहीं रघुनाथ आनंद कंद को ॥साठ॥ शब्दार्थ - बपु मvिडकै = शरीर घर के । श्रोधन = समूह । चर्चित = - लगाये हुए । चन्द्रिका चन्द्र - किरण आनंदद नंदरूप जल देने वाले बादल । भावार्थ - वहाँ सीता जी की सुन्दरी सखियाँ शोभित हैं, मानो बिजली ही अनेक देह धारण करके जड़ मेघ-समूह को छोड़ कर चैतन्य शरीर घर श्रीराम जी का सेवन करती है। कोई सखी अपने शरीर में सुन्दर चदन लगाये है, वह ऐसी जान पड़ती है मानों राहु के डर चन्द्र किरण चंद्रमा को छोड़ कर आनंद बरसाने वाले रघुनाथ जी की सेवा कर रही हो। मूल - गीतिका छंद - मुख एक है नत लोक-लोचन लोल लोचन कै हरै । जनु जानकी संग सोभिजै शुभ लाज देहहि को धरे ॥ तहँ एक फूलन के विभूषन एक मोतिन के किये । जनु छीर सागर देवता तन छीर छीटन को छिये ॥ इकसठ ॥ शब्दार्थ - लोक लोचन = लोगों के नेत्र । देवी । लोल = चंचल । देवता - छिये = छुप हुए । नोट - बुन्देलखड में 'छूना' को 'छीना' और 'खूब' को 'खीब' बोलते हैं । भावार्थ - कोई सखी लज्जा की अधिकता से मुख नीचे को किये है, पर अपने नेत्रों को चंचल करके लोगों के * यह वर्णिक गीतिका है । केशून्य कौशून्य आठ नेत्रों को हरती है। है जिनके शरीर में दूध के छींटे तक लगे हुए है । अलंकार -- उत्प्रेक्षा । मूल - सोरठा - पहिरे बसन सुरंग, पात्रकयुत स्वाहा मनो ।। सहज सुगंधित अंग, सानहु देवी मलय की ॥ बासठ शब्दार्थ - पावक = अग्निदेव । स्वाहा =अग्निदेव की स्त्री । भावार्थ - कोई सखी लाल वस्त्र पहिने हुए है, वह ऐसी मालूम होती है मानो समेत स्वाहा है। किसी का अंग सहज ही इतना सुगंधित है, मानो वह मलयागिर निवासिनी कोई देवी है। अलंकार-उत्प्रेक्षा । मूल-चामर छंद - मत्त दंतिराज राजि वाजिराज राजि कै । हेम हीर हार मुक्त चीर चारु साजि कै ।। बेष-वेष वाहिनी असेष बस्तु सोधियो । दायजो विदेहराज भाँति-भाँति को दियो ॥तिरेसठ॥ शब्दार्थ - दन्तिराज राजि = बड़े हाथियों का समूह । बाजिराज राजि बड़े घोड़ों का समूह । कै = को । हेम = सुवर्ण । हीर = जवाहिरात । मुक्त = मोती । बाहिनी = सेवक समूह । असेष = सब । सोधियो = तलाश करवाई। दायजो = यौतुक, दहेज । विदेहराज = जनक जी । भावार्थ - बड़े बड़े मस्त हाथियों के समूहों और बड़े-बड़े घोड़ों के समूहों को सुवर्ण के आभूषणों, हीरे मोतियों के हारों और सुन्दर वस्त्रो से सजा कर और तरह-तरह के सेवक-समूहों से सब देने योग्य वस्तुओं को तलाश कराके राजा जनक ने भाँति-भांति के दहेज श्रीराम जी को दिए । अलंकार - उदात्त । मूल चामर छंद - बस्त्र - भौन स्यों बितान आसने बिछावने । स्त्र
अप्रामाणिक स्रोत (अ.स्रो.) चूंकि एंड्रिया जेरिमिहा के लिये एक नौकरी में ज्यादा देर तक रुके रहना मुश्किल है, एंड्रिया जेरिमिहा का ऐसे कार्यक्षेत्र चुनने चाहिये जहां एंड्रिया जेरिमिहा को सदैव ही नए-नए लोगों से मिलना पड़े जैसे 'सेल्समैनशिप'। एंड्रिया जेरिमिहा की नौकरी ध् व्यवसाय इस प्रकार का होना चाहिये जो स्थान परिवर्तन देता हो ताकि एंड्रिया जेरिमिहा नित नये वातावरण में जाएं और नये-नये लोगों से मिलें। एंड्रिया जेरिमिहा जो कुछ भी बनेंगे, अपनी इच्छा के कई कार्यों में एक-एक कर के लगेंगे। तब यदि प्रतिदिन एक जैसा कार्य करना पड़े तो एंड्रिया जेरिमिहा बेचैन हो जाते हैं और परिवर्तन तलाश करते हैं। अतः एंड्रिया जेरिमिहा को ऐसा कार्यक्षेत्र चुनना चाहिए जो विविध एवं बहुआयामी हो। एंड्रिया जेरिमिहा को ऐसा कार्य नहीं चुनना चाहिए जिसमें एंड्रिया जेरिमिहा को दिनभर एक कुर्सी पर बैठे रहना पड़े, क्योंकि एंड्रिया जेरिमिहा स्वाभावतःगतिशीलता पसन्द करते हैं। पर्यटन कार्यक्षेत्र एंड्रिया जेरिमिहा को बहुत प्रभावित करता है। लेकिन ऐसे हजारों कार्यक्षेत्र हैं जिसमें एंड्रिया जेरिमिहा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना पड़ता है और रोज नये-नये चेहरे देखने को मिलते हैं और जो एंड्रिया जेरिमिहा के अनुकूल भी है। एंड्रिया जेरिमिहा के अन्दर नेतृत्व के उत्तम गुण हैं, जोकि एंड्रिया जेरिमिहा को पैंतीस की उम्रके बाद स्वयं का मालिक बनाएंगे। इससे भी ज्यादा इस समय एंड्रिया जेरिमिहा नौकरी के अनुरूप नहीं रह पाएंगे। एंड्रिया जेरिमिहा वित्तीय मामलों में भाग्यशाली हैं, लेकिन विलासपूर्ण और खर्चीले जीवनशैली में लिप्त हैं। एंड्रिया जेरिमिहा बड़े जोखिम उठाएंगे या व्यापार को बड़े पैमाने पर करेंगे। परन्तु साधारण तौर पर एंड्रिया जेरिमिहा काफी सफल रहेंगे। सम्भवतः एंड्रिया जेरिमिहा एक उद्योगपति होेंगे। सभी प्रकार के आर्थिक मामलों में एंड्रिया जेरिमिहा ज्यादा भाग्यशाली रहेंगे, उदाहरणार्थ एंड्रिया जेरिमिहा को वसीयत में अचल सम्पत्ति प्राप्त हो सकती है। एंड्रिया जेरिमिहा प्रेम सम्बन्धों में भी भाग्यशाली होंगे। एंड्रिया जेरिमिहा विवाह से भी धन प्राप्तकर सकते हैं या फिर एंड्रिया जेरिमिहा इसे अपने दिमाग से बनाएंगे। लेकिन एक बात निश्चित है, कि एंड्रिया जेरिमिहा एक धनाढ्य व्यक्ति बनेेंगे।
अप्रामाणिक स्रोत चूंकि एंड्रिया जेरिमिहा के लिये एक नौकरी में ज्यादा देर तक रुके रहना मुश्किल है, एंड्रिया जेरिमिहा का ऐसे कार्यक्षेत्र चुनने चाहिये जहां एंड्रिया जेरिमिहा को सदैव ही नए-नए लोगों से मिलना पड़े जैसे 'सेल्समैनशिप'। एंड्रिया जेरिमिहा की नौकरी ध् व्यवसाय इस प्रकार का होना चाहिये जो स्थान परिवर्तन देता हो ताकि एंड्रिया जेरिमिहा नित नये वातावरण में जाएं और नये-नये लोगों से मिलें। एंड्रिया जेरिमिहा जो कुछ भी बनेंगे, अपनी इच्छा के कई कार्यों में एक-एक कर के लगेंगे। तब यदि प्रतिदिन एक जैसा कार्य करना पड़े तो एंड्रिया जेरिमिहा बेचैन हो जाते हैं और परिवर्तन तलाश करते हैं। अतः एंड्रिया जेरिमिहा को ऐसा कार्यक्षेत्र चुनना चाहिए जो विविध एवं बहुआयामी हो। एंड्रिया जेरिमिहा को ऐसा कार्य नहीं चुनना चाहिए जिसमें एंड्रिया जेरिमिहा को दिनभर एक कुर्सी पर बैठे रहना पड़े, क्योंकि एंड्रिया जेरिमिहा स्वाभावतःगतिशीलता पसन्द करते हैं। पर्यटन कार्यक्षेत्र एंड्रिया जेरिमिहा को बहुत प्रभावित करता है। लेकिन ऐसे हजारों कार्यक्षेत्र हैं जिसमें एंड्रिया जेरिमिहा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना पड़ता है और रोज नये-नये चेहरे देखने को मिलते हैं और जो एंड्रिया जेरिमिहा के अनुकूल भी है। एंड्रिया जेरिमिहा के अन्दर नेतृत्व के उत्तम गुण हैं, जोकि एंड्रिया जेरिमिहा को पैंतीस की उम्रके बाद स्वयं का मालिक बनाएंगे। इससे भी ज्यादा इस समय एंड्रिया जेरिमिहा नौकरी के अनुरूप नहीं रह पाएंगे। एंड्रिया जेरिमिहा वित्तीय मामलों में भाग्यशाली हैं, लेकिन विलासपूर्ण और खर्चीले जीवनशैली में लिप्त हैं। एंड्रिया जेरिमिहा बड़े जोखिम उठाएंगे या व्यापार को बड़े पैमाने पर करेंगे। परन्तु साधारण तौर पर एंड्रिया जेरिमिहा काफी सफल रहेंगे। सम्भवतः एंड्रिया जेरिमिहा एक उद्योगपति होेंगे। सभी प्रकार के आर्थिक मामलों में एंड्रिया जेरिमिहा ज्यादा भाग्यशाली रहेंगे, उदाहरणार्थ एंड्रिया जेरिमिहा को वसीयत में अचल सम्पत्ति प्राप्त हो सकती है। एंड्रिया जेरिमिहा प्रेम सम्बन्धों में भी भाग्यशाली होंगे। एंड्रिया जेरिमिहा विवाह से भी धन प्राप्तकर सकते हैं या फिर एंड्रिया जेरिमिहा इसे अपने दिमाग से बनाएंगे। लेकिन एक बात निश्चित है, कि एंड्रिया जेरिमिहा एक धनाढ्य व्यक्ति बनेेंगे।
रायपुर, 22 अक्टूबर (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भाजपा के प्रदेश कार्यालय में रविवार को जोरदार स्वागत किया गया। वे यहां कार्य समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अपने मुखिया को खुमरी पहनाया और हल थमाकर स्वागत किया। धान का बोनस दिए जाने के बाद प्रदेश भर से आ रही अच्छी रिपोर्ट से उत्साहित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का अभिनंदन किया। वहीं कार्यकर्ताओं ने भी माना कि धान के बोनस के बाद छत्तीसगढ़ में किसान ही नहीं, बल्कि राज्य के सियासी हालात भी बदले हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने वीएनएस से कहा कि किसानों के दुख से डॉ. रमन सिंह भी काफी चिंतित थे। उन्होंने किसानों को बोनस दिलाने के लिए लगातार प्रधानमंत्री और अमित शाह से मुलाकात करते रहे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह ने भी जोर लगाया। यही वजह थी कि संकट के समय में किसानों को धान का बोनस मिल गया। इससे दीपावली के बाजार में रौनक आ गई। सरकार ने सिर्फ किसानों का ही नहीं, हर वर्ग का ख्याल रखा। मंत्रियों के जिला प्रवास के बारे में प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सभी प्रभारी मंत्रियों को उनके जिलों में जाकर आम जनता से चर्चा करना। उनकी समस्याओं को सुनना और समझ कर उसका निराकरण करना होगा। बैठक में 65 सीटों पर मजबूत प्रत्याशियों को खड़े करने की रूपरेखा भी बनाई जाएगी। इसके अलावा कई अन्य मामलों पर भी चर्चा होगी। वहीं जानकार सूत्रों का तो ये भी मानना है कि इस बैठक में रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने की भी कोशिश की जाएगी। बैठक के पूर्व ही मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल चुनाव होना है। इसी बात को लेकर पूरी तैयारी की जाएगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति में लिए गए निर्णयों पर बात होगी। जिला स्तर पर कार्यक्रम तय होगा। तीन महीने की कार्य योजना बनेगी। राजनीतिक प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
रायपुर, बाईस अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भाजपा के प्रदेश कार्यालय में रविवार को जोरदार स्वागत किया गया। वे यहां कार्य समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अपने मुखिया को खुमरी पहनाया और हल थमाकर स्वागत किया। धान का बोनस दिए जाने के बाद प्रदेश भर से आ रही अच्छी रिपोर्ट से उत्साहित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का अभिनंदन किया। वहीं कार्यकर्ताओं ने भी माना कि धान के बोनस के बाद छत्तीसगढ़ में किसान ही नहीं, बल्कि राज्य के सियासी हालात भी बदले हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने वीएनएस से कहा कि किसानों के दुख से डॉ. रमन सिंह भी काफी चिंतित थे। उन्होंने किसानों को बोनस दिलाने के लिए लगातार प्रधानमंत्री और अमित शाह से मुलाकात करते रहे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह ने भी जोर लगाया। यही वजह थी कि संकट के समय में किसानों को धान का बोनस मिल गया। इससे दीपावली के बाजार में रौनक आ गई। सरकार ने सिर्फ किसानों का ही नहीं, हर वर्ग का ख्याल रखा। मंत्रियों के जिला प्रवास के बारे में प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सभी प्रभारी मंत्रियों को उनके जिलों में जाकर आम जनता से चर्चा करना। उनकी समस्याओं को सुनना और समझ कर उसका निराकरण करना होगा। बैठक में पैंसठ सीटों पर मजबूत प्रत्याशियों को खड़े करने की रूपरेखा भी बनाई जाएगी। इसके अलावा कई अन्य मामलों पर भी चर्चा होगी। वहीं जानकार सूत्रों का तो ये भी मानना है कि इस बैठक में रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने की भी कोशिश की जाएगी। बैठक के पूर्व ही मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल चुनाव होना है। इसी बात को लेकर पूरी तैयारी की जाएगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति में लिए गए निर्णयों पर बात होगी। जिला स्तर पर कार्यक्रम तय होगा। तीन महीने की कार्य योजना बनेगी। राजनीतिक प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
• सदा सत्कथा साधुभिः सेवनीया # दिये उसे बेच दिया करते थे । कभी-कभी ने अपने आपको भी निश्चित अवधि आर्थिक सपना देते थे। एक समय उनकी अपने घनिष्ठ मित्रसे भेंट हुई। उन बिकु फटेशल देखकर आश्चर्यचकित छेदन । भई आप नंगा और भूरा रहनेके लिये कौन कर दिया करता है ?" मित्रने पूछा । पर बार पूछनेरी नहीं, समझनेकी है। गरीच और मुझपकी आवश्यकताको देखकर में अपने नहीं सहा पता । मेरी धर्म-पुस्तकका आदेश के लिये अपनी सारी वस्तुएँ नकी आज्ञाके पाउनको ही अपने ऐसा प्रायः देखा जाना है और संतोंके जीवन तन्मे पता चउता है कि बड़े-बड़े संत विज्ञापन, प्रचार और प्रसिद्धिसे दूर भागते हैं, उन्हें ये कॉंटोंकी तर चुनते हैं । पशताब्दीके प्रसिद्ध संत अरमेनियस प्रचार और प्रमिडिले बहुत घबराने थे। वे नितान्त एकान्त सेवी दे । ना अपनी गुफा में निवास करते हुए परमात्माका करते थे । संत प्रचारसे दूर भागते हैं दिन निन्दरिया नगरके कुलपनि पियोंकिलसके की महिला मेटनिया उनसे मिलने आंयी। यह इटसे मिश्र केवल उनका दर्शन करनेके लिये ही ऊपी थी। अपनी गुफामे बाहर निकल रहे थे कि धनी महिलाने उनकी चरणधूलि अरने मस्तकार पर है। जीवन का उद्देश्य बनाया है।' संतने मित्रका समाधान किया। 'पर आपकी वह धर्म-पुस्तक कहाँ है ? मित्रका प्रश्न था । अनौकर अकेले बाहर नहीं जाना 'मैंने असहायोंकी आवश्यकताके लिये उसे भी बेच दिया है। जो पुस्तक परसेवाके लिये सारे सामान चेच देनेका आदेश देती है, समय पड़नेपर उसको भी बेचा जा सकता है। इससे दो लाभ हैं। पहला तो यह है कि जिसके हाथ में ऐसी दिव्य पुस्तक पड़ेगी, वह धन्य हो जायगा, उसकी त्यागवृत्ति निखर उठेगी; और दूसरा यह कि पुस्तकके बदलेमें जो पैसे मिलेंगे, उनसे असहायों और दुखियों तथा अभावग्रस्त व्यक्तियोंकी ठीक-ठीक सेवा हो सकेगी।" सेरापियोने सरलता और विनम्रतासे उत्तर दिया ।- रा० भी० चाहिये। आप हमारे पास इसलिये आयी हैं कि आप रोममें पहुँचकर लोगोंसे यह कह सकें कि आपको मेरा दर्शन हुआ है। इस तरह आप लोगोंको मेरे पास आनेमें प्रेरणा देंगी । है न यही ध्येय?" अरसेनियसके प्रश्नसे महिला लज्जित हो गयी। 'आप मुझे सदा याद रखियेगा और भगवान् से मेरे कल्याणके लिये प्रार्थना कीजियेगा ।" महिलाने दीनतापूर्वक निवेदन किया । मैं तो यह प्रार्थना करूँगा कि मेरे मस्तकसे आपका स्मरण ही मिट जाय । संतका कयन था । महिलाको इस उत्तरसे बड़ा दुःख हुआ पर उसके सिकन्दरिया पहुँचनेपर थियोफिलसने सान्त्वना दी किं अरसेनियसका आशय शारीरिक स्मरणसे था; संत तो दूसरोंके आत्मकल्याणके लिये सदा भगवान् से प्रार्थना किया ही करते हैं । ० श्री०
• सदा सत्कथा साधुभिः सेवनीया # दिये उसे बेच दिया करते थे । कभी-कभी ने अपने आपको भी निश्चित अवधि आर्थिक सपना देते थे। एक समय उनकी अपने घनिष्ठ मित्रसे भेंट हुई। उन बिकु फटेशल देखकर आश्चर्यचकित छेदन । भई आप नंगा और भूरा रहनेके लिये कौन कर दिया करता है ?" मित्रने पूछा । पर बार पूछनेरी नहीं, समझनेकी है। गरीच और मुझपकी आवश्यकताको देखकर में अपने नहीं सहा पता । मेरी धर्म-पुस्तकका आदेश के लिये अपनी सारी वस्तुएँ नकी आज्ञाके पाउनको ही अपने ऐसा प्रायः देखा जाना है और संतोंके जीवन तन्मे पता चउता है कि बड़े-बड़े संत विज्ञापन, प्रचार और प्रसिद्धिसे दूर भागते हैं, उन्हें ये कॉंटोंकी तर चुनते हैं । पशताब्दीके प्रसिद्ध संत अरमेनियस प्रचार और प्रमिडिले बहुत घबराने थे। वे नितान्त एकान्त सेवी दे । ना अपनी गुफा में निवास करते हुए परमात्माका करते थे । संत प्रचारसे दूर भागते हैं दिन निन्दरिया नगरके कुलपनि पियोंकिलसके की महिला मेटनिया उनसे मिलने आंयी। यह इटसे मिश्र केवल उनका दर्शन करनेके लिये ही ऊपी थी। अपनी गुफामे बाहर निकल रहे थे कि धनी महिलाने उनकी चरणधूलि अरने मस्तकार पर है। जीवन का उद्देश्य बनाया है।' संतने मित्रका समाधान किया। 'पर आपकी वह धर्म-पुस्तक कहाँ है ? मित्रका प्रश्न था । अनौकर अकेले बाहर नहीं जाना 'मैंने असहायोंकी आवश्यकताके लिये उसे भी बेच दिया है। जो पुस्तक परसेवाके लिये सारे सामान चेच देनेका आदेश देती है, समय पड़नेपर उसको भी बेचा जा सकता है। इससे दो लाभ हैं। पहला तो यह है कि जिसके हाथ में ऐसी दिव्य पुस्तक पड़ेगी, वह धन्य हो जायगा, उसकी त्यागवृत्ति निखर उठेगी; और दूसरा यह कि पुस्तकके बदलेमें जो पैसे मिलेंगे, उनसे असहायों और दुखियों तथा अभावग्रस्त व्यक्तियोंकी ठीक-ठीक सेवा हो सकेगी।" सेरापियोने सरलता और विनम्रतासे उत्तर दिया ।- राशून्य भीशून्य चाहिये। आप हमारे पास इसलिये आयी हैं कि आप रोममें पहुँचकर लोगोंसे यह कह सकें कि आपको मेरा दर्शन हुआ है। इस तरह आप लोगोंको मेरे पास आनेमें प्रेरणा देंगी । है न यही ध्येय?" अरसेनियसके प्रश्नसे महिला लज्जित हो गयी। 'आप मुझे सदा याद रखियेगा और भगवान् से मेरे कल्याणके लिये प्रार्थना कीजियेगा ।" महिलाने दीनतापूर्वक निवेदन किया । मैं तो यह प्रार्थना करूँगा कि मेरे मस्तकसे आपका स्मरण ही मिट जाय । संतका कयन था । महिलाको इस उत्तरसे बड़ा दुःख हुआ पर उसके सिकन्दरिया पहुँचनेपर थियोफिलसने सान्त्वना दी किं अरसेनियसका आशय शारीरिक स्मरणसे था; संत तो दूसरोंके आत्मकल्याणके लिये सदा भगवान् से प्रार्थना किया ही करते हैं । शून्य श्रीशून्य
शाकंभरी' (सांभर ) को छीनकर दिल्ली को अपने स्वामी के संबंध में संशययुक्त कर दिया, और पीरोज तथा मुहम्मद को परास्त किया । मुहम्मद कौन था, इसका ठीक ठीक निर्णय नहीं हो सका। कर्नल टॉड ने. उसको फ़ीरोज़ तुरालक का पोता (मुहम्मदशाह का पुत्र महमूदशाह ) मानकर अमीर तीमूर की चढ़ाई के समय उसका गुजरात की तरफ जाते हुए मेवाड़ में रायपुर के पास महाराणा मोकल से हारना माना है; परंतु तामूर ता० ८ रविउस्सानी हि० स० ८०१ ( पौष सुदि ६ वि० सं० १४५५= ई० स० १३६८ ता० १८ दिसम्बर) को दिल्ली पहुंचा था, अतएव वह महाराणा मोकल का समकालीन नहीं हो सकता। शृङ्गीऋषि के वि० सं० १४८५ के शिलालेख में फ़ीरोज़शाह के भागने के कथन के साथ यह भी लिखा है कि पात्साह (सुलतान ) अहमद भी रणखेत छोड़ कर भागा । यह प्रशस्ति स्वयं महाराणा मोकल के समय की है, अतएव संभव है कि महाराणा गुजरात के सुलतान अहमदशाह (प्रथम) से भी जो उसका समकालीन था- लड़ा हो। कुंभलगढ़ की प्रशस्ति तैयार करनेवाले पंडित ने भ्रम से अहमद को महम्मद लिख दिया हो । वि० सं० १५४५ की दक्षिण द्वार की प्रशस्ति में लिखा है- "बलवान् पक्षसंस्कृत के साँचे में ढालते समय उनके रूपों को बहुत कुछ तोड़ मरोड़ डालते हैं। ( १ ) राजपूताने के चौहान राजाओं की पहली राजधानी नागोर थी और दूसरी शाकभरी हुई, जिसको अब सांभर कहते हैं । (२) आलोडयाशु सपादलक्षमखिलं जालंघरान् कंपयन् ढिल्ली शंकितनायकां व्यरचयन्नादाय शाकंभरीं । पीरोजं समहंमदं शरशतैरापात्य यः प्रोल्लसत् कुंतव्रातनिपातदीर्णहृदयांस्तस्यावधीदंतिनः ॥ २२१ ॥ कुंभलगढ़ का लेख (अप्रकाशित ) । कर्नल टॉड ने भी इस महाराणा के सांभर लेने का उल्लेख किया है ( टॉ; रा जि० पू० ३३१ ) । ( ४ ) यया समभूत्पलायनपरः पेरोजखानः स्वयं मात्साहाझददुस्सहोपि समरे संत्यज्य को......॥ १४ ॥ श्रृंगीऋषि का लेख । वाले, शत्रु की लाखों सेना को नष्ट करनेवाले, बड़े संग्रामों में विजय पानेवाले और दूतों के द्वारा दूर दूर की ख़बरें जाननेवाले मोकल ने जहाजपुर के युद्ध में विजय प्राप्त की " । यह लड़ाई किसके साथ हुई, यह उक्त लेख से नहीं पाया जाता। उस समय जहाजपुर का गढ़ बम्बावदे के हाड़ों के हाथ में था और ख्यातों में लिखा है कि महाराणा मोकल ने हाड़ों से बम्बावदा छीन लिया, अतएव शायद यह लड़ाई बम्बावदे के हाड़ों के साथ हुई हो । इस महाराणा ने चित्तोड़ पर जलाशय सहित द्वारिकानाथ (विष्णु) का मंदिर बनवाया और समिद्धेश्वर ( समाधीश्वर, त्रिभुवननारायण) के मंदिरका महाराणा के पुण्य- जीर्णोद्धार कराकर उसके खर्च के लिये धनपुर गांव कार्य भेट किया। एकलिंगजी के मंदिर के चौतरफ़ का तीन द्वारवाला कोट बनवाया बाघेला वंश की अपनी राणी गौरांबिका की स्वर्गप्राति के निमित्त श्रृंगीऋषि ( ऋष्यशृङ्ग ) के स्थान में वापी ( कुण्ड ) ( १ ) दक्षिण द्वार की प्रशस्ति; श्लोक ४३ ( भावनगर इन्सक्रिप्शंस, पृ० १२० ) । ( २ ) वीरविनोद में लिखा है- 'इन महाराणा ने जहाजपुर मुकाम पर बादशाह फ़ीरोज़-शाह के साथ लड़ाई की, जिसमें बादशाह हारकर उत्तर की तरफ़ भागा; परंतु फ़ीरोज़शाह नाम का कोई बादशाह ( सुलतान ) उक्त महाराणा का समकालीन नहीं था । एकलिंगजी के दक्षिण द्वार की प्रशस्ति के श्लोक ४४ वाले पीरोज का संबंध नागोर के फ़ीरोज़वां से ही है। ( ३ ) चित्तोड़ का वि० सं० १५८५ का शिलालेख, श्लोक ६१-६३ ( ए. इं; जि० १, पृ० ४१८-१६ ) ( ४ ) चित्तोड़ की उपर्युक्त प्रशस्ति इसी मंदिर के संबंध में खुदवाई गई है (वही, जि० २, पृ० ४१० - २१ ) । ( ५ ) वही; जि० २, श्लोक ७३ । ( ६ ) येन स्फाटिकसच्छिलामय इव ख्यातो महीमंडले माकारो रचितः सुधाधवलितो देवैकलिंग--1 कैलासं तु विहाय शंभुरकरोघलाधिवासे मति ॥ १६ ॥ ( श्रृंगीऋषि का शिक्षालेख) ।
शाकंभरी' को छीनकर दिल्ली को अपने स्वामी के संबंध में संशययुक्त कर दिया, और पीरोज तथा मुहम्मद को परास्त किया । मुहम्मद कौन था, इसका ठीक ठीक निर्णय नहीं हो सका। कर्नल टॉड ने. उसको फ़ीरोज़ तुरालक का पोता मानकर अमीर तीमूर की चढ़ाई के समय उसका गुजरात की तरफ जाते हुए मेवाड़ में रायपुर के पास महाराणा मोकल से हारना माना है; परंतु तामूर ताशून्य आठ रविउस्सानी हिशून्य सशून्य आठ सौ एक को दिल्ली पहुंचा था, अतएव वह महाराणा मोकल का समकालीन नहीं हो सकता। शृङ्गीऋषि के विशून्य संशून्य एक हज़ार चार सौ पचासी के शिलालेख में फ़ीरोज़शाह के भागने के कथन के साथ यह भी लिखा है कि पात्साह अहमद भी रणखेत छोड़ कर भागा । यह प्रशस्ति स्वयं महाराणा मोकल के समय की है, अतएव संभव है कि महाराणा गुजरात के सुलतान अहमदशाह से भी जो उसका समकालीन था- लड़ा हो। कुंभलगढ़ की प्रशस्ति तैयार करनेवाले पंडित ने भ्रम से अहमद को महम्मद लिख दिया हो । विशून्य संशून्य एक हज़ार पाँच सौ पैंतालीस की दक्षिण द्वार की प्रशस्ति में लिखा है- "बलवान् पक्षसंस्कृत के साँचे में ढालते समय उनके रूपों को बहुत कुछ तोड़ मरोड़ डालते हैं। राजपूताने के चौहान राजाओं की पहली राजधानी नागोर थी और दूसरी शाकभरी हुई, जिसको अब सांभर कहते हैं । आलोडयाशु सपादलक्षमखिलं जालंघरान् कंपयन् ढिल्ली शंकितनायकां व्यरचयन्नादाय शाकंभरीं । पीरोजं समहंमदं शरशतैरापात्य यः प्रोल्लसत् कुंतव्रातनिपातदीर्णहृदयांस्तस्यावधीदंतिनः ॥ दो सौ इक्कीस ॥ कुंभलगढ़ का लेख । कर्नल टॉड ने भी इस महाराणा के सांभर लेने का उल्लेख किया है । यया समभूत्पलायनपरः पेरोजखानः स्वयं मात्साहाझददुस्सहोपि समरे संत्यज्य को......॥ चौदह ॥ श्रृंगीऋषि का लेख । वाले, शत्रु की लाखों सेना को नष्ट करनेवाले, बड़े संग्रामों में विजय पानेवाले और दूतों के द्वारा दूर दूर की ख़बरें जाननेवाले मोकल ने जहाजपुर के युद्ध में विजय प्राप्त की " । यह लड़ाई किसके साथ हुई, यह उक्त लेख से नहीं पाया जाता। उस समय जहाजपुर का गढ़ बम्बावदे के हाड़ों के हाथ में था और ख्यातों में लिखा है कि महाराणा मोकल ने हाड़ों से बम्बावदा छीन लिया, अतएव शायद यह लड़ाई बम्बावदे के हाड़ों के साथ हुई हो । इस महाराणा ने चित्तोड़ पर जलाशय सहित द्वारिकानाथ का मंदिर बनवाया और समिद्धेश्वर के मंदिरका महाराणा के पुण्य- जीर्णोद्धार कराकर उसके खर्च के लिये धनपुर गांव कार्य भेट किया। एकलिंगजी के मंदिर के चौतरफ़ का तीन द्वारवाला कोट बनवाया बाघेला वंश की अपनी राणी गौरांबिका की स्वर्गप्राति के निमित्त श्रृंगीऋषि के स्थान में वापी दक्षिण द्वार की प्रशस्ति; श्लोक तैंतालीस । वीरविनोद में लिखा है- 'इन महाराणा ने जहाजपुर मुकाम पर बादशाह फ़ीरोज़-शाह के साथ लड़ाई की, जिसमें बादशाह हारकर उत्तर की तरफ़ भागा; परंतु फ़ीरोज़शाह नाम का कोई बादशाह उक्त महाराणा का समकालीन नहीं था । एकलिंगजी के दक्षिण द्वार की प्रशस्ति के श्लोक चौंतालीस वाले पीरोज का संबंध नागोर के फ़ीरोज़वां से ही है। चित्तोड़ का विशून्य संशून्य एक हज़ार पाँच सौ पचासी का शिलालेख, श्लोक इकसठ-तिरेसठ चित्तोड़ की उपर्युक्त प्रशस्ति इसी मंदिर के संबंध में खुदवाई गई है । वही; जिशून्य दो, श्लोक तिहत्तर । येन स्फाटिकसच्छिलामय इव ख्यातो महीमंडले माकारो रचितः सुधाधवलितो देवैकलिंग--एक कैलासं तु विहाय शंभुरकरोघलाधिवासे मति ॥ सोलह ॥ ।
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) के घर 60 करोड़ रुपए के कथित रिश्वत मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई पहुंची है। मामला स्वास्थ्य बीमा योजना (Health Insurance Scheme) से जुड़ा हुआ है,जिसे कथित रूप से आगे बढ़ाने के लिए कहा गया था, लेकिन जब वह जम्मू और कश्मीर के तत्कालीन राज्य के राज्यपाल (Former Jammu and Kashmir Governor) थे, तब रद्द कर दिया गया था। मलिक का दावा था कि 23 अगस्त 2018 और 30 अक्टूबर, 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। इसके लिए ही सीबीआई की टीम उनके बयान दर्ज करने और अन्य जानकारी जुटाने के लिए उनके घर पहुंची है। पिछले साल सीबीआई ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था और छह राज्यों में छापेमारी की थी। सीबीआई (CBI) की टीम राष्ट्रीय राजधानी के आरके पुरम इलाके में मलिक के सोम विहार आवास पर उनके दावों पर बयान दर्ज करने के लिए पहुंची है। मलिक अभी तक मामले में आरोपी या संदिग्ध नहीं है। सात महीने में यह दूसरी बार है, जब विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में काम कर चुके मलिक से सीबीआई पूछताछ करेगी। पिछले साल अक्टूबर में बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय में राज्यपाल की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद उनका बयान दर्ज किया गया था।
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर साठ करोड़ रुपए के कथित रिश्वत मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई पहुंची है। मामला स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ा हुआ है,जिसे कथित रूप से आगे बढ़ाने के लिए कहा गया था, लेकिन जब वह जम्मू और कश्मीर के तत्कालीन राज्य के राज्यपाल थे, तब रद्द कर दिया गया था। मलिक का दावा था कि तेईस अगस्त दो हज़ार अट्ठारह और तीस अक्टूबर, दो हज़ार उन्नीस के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए उन्हें तीन सौ करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की गई थी। इसके लिए ही सीबीआई की टीम उनके बयान दर्ज करने और अन्य जानकारी जुटाने के लिए उनके घर पहुंची है। पिछले साल सीबीआई ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था और छह राज्यों में छापेमारी की थी। सीबीआई की टीम राष्ट्रीय राजधानी के आरके पुरम इलाके में मलिक के सोम विहार आवास पर उनके दावों पर बयान दर्ज करने के लिए पहुंची है। मलिक अभी तक मामले में आरोपी या संदिग्ध नहीं है। सात महीने में यह दूसरी बार है, जब विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में काम कर चुके मलिक से सीबीआई पूछताछ करेगी। पिछले साल अक्टूबर में बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय में राज्यपाल की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद उनका बयान दर्ज किया गया था।
बोकारोः एक तरह जहां राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन 26 से 28 मई तक चक्रवातीय तूफान यास को लेकर सभी को अलर्ट किया जा रहा हैं। घर में रहने की अपील की जा रही हैं। वहीं, दूसरी ओर राज्य भर की सेविकाऐं इस साइक्लोन की बारिश में कोई भींगकर या कोई छाते में आदेश का पालन करते हुए अपने ड्यूटी में लगी है। बेरमो प्रखंड के बोकारो थर्मल और कथारा सहित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 25 मई से 5 जून तक चलने वाले कोविड रैट सर्वे का कार्य पूरे बेरमो प्रखंड में सेविकाओं द्वारा किया जा रहा है, बदले में उन्हें सुरक्षा के नाम पर ना ही कोई बीमा हैं, और ना ही कार्य करने हेतु कोई हैंड ग्लोबस या पीपी किट की व्यवस्था हैं। सिर्फ समान्य मास्क और सेनिटाइजर दी गयी हैं। जिले के कुछ प्रखंड में एन-95 मास्क सेविकाओं को दी गयी हैं, परन्तु कुछ प्रखंड़ में सामान्य मास्क ही मिले है। आखिर एक ही जिला में अलग- अलग स्वास्थ्य सुविधाओं का देना समझ से परे हैं। इस आलोक में सीटू के केंद्रीय सहायक महामंत्री भगीरथ शर्मा ने कहा कि इस महामारी में जहां सभी लोग घर में ही सुरक्षित है। आंगनबाड़ी बहने क्षेत्र में बिना कोई सुरक्षा किट के कोविड सर्वे कर रही हैं, परन्तु राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से इनके लिए कोई स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी हैं। सरकार को आंगनबाॅड़ी सेविकाओं का भी सहियाओं की तरह अतिरिक्त मानदेय सहित सुरक्षा बीमा एवं समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं को उपलब्ध करानी चाहिए।
बोकारोः एक तरह जहां राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन छब्बीस से अट्ठाईस मई तक चक्रवातीय तूफान यास को लेकर सभी को अलर्ट किया जा रहा हैं। घर में रहने की अपील की जा रही हैं। वहीं, दूसरी ओर राज्य भर की सेविकाऐं इस साइक्लोन की बारिश में कोई भींगकर या कोई छाते में आदेश का पालन करते हुए अपने ड्यूटी में लगी है। बेरमो प्रखंड के बोकारो थर्मल और कथारा सहित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पच्चीस मई से पाँच जून तक चलने वाले कोविड रैट सर्वे का कार्य पूरे बेरमो प्रखंड में सेविकाओं द्वारा किया जा रहा है, बदले में उन्हें सुरक्षा के नाम पर ना ही कोई बीमा हैं, और ना ही कार्य करने हेतु कोई हैंड ग्लोबस या पीपी किट की व्यवस्था हैं। सिर्फ समान्य मास्क और सेनिटाइजर दी गयी हैं। जिले के कुछ प्रखंड में एन-पचानवे मास्क सेविकाओं को दी गयी हैं, परन्तु कुछ प्रखंड़ में सामान्य मास्क ही मिले है। आखिर एक ही जिला में अलग- अलग स्वास्थ्य सुविधाओं का देना समझ से परे हैं। इस आलोक में सीटू के केंद्रीय सहायक महामंत्री भगीरथ शर्मा ने कहा कि इस महामारी में जहां सभी लोग घर में ही सुरक्षित है। आंगनबाड़ी बहने क्षेत्र में बिना कोई सुरक्षा किट के कोविड सर्वे कर रही हैं, परन्तु राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से इनके लिए कोई स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी हैं। सरकार को आंगनबाॅड़ी सेविकाओं का भी सहियाओं की तरह अतिरिक्त मानदेय सहित सुरक्षा बीमा एवं समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं को उपलब्ध करानी चाहिए।
किशनगंज में उत्पादित चाय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बिहार सरकार ने विशेष लोगो तैयार किया है। आज शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह इसका अनावरण करेंगे। मंत्री श्री सिंह आज अपने एक दिवसीय दौरे के क्रम में किशनगंज आ रहे हैं। वे सुबह रेल मार्ग से किशनगंज पहुंचेंगे। पोठिया प्रखंड के अर्राबाड़ी स्थित डॉ. कलाम कृषि कॉलेज में बिहार की चाय पर आयोजित परिचर्चा में वे शामिल होंगे। इससे पहले वे यहां के चाय उत्पादन और प्रोसेसिंग को भी देखेंगे। वहीं शाम पांच बजे से बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत कृषि निवेशकों से मुलाकात करेंगे। कार्यक्रम में सीमांचल के 50 कृषि निवेशकों और उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है। उनके साथ कार्यक्रम में कृषि सचिव डॉ. एन सरवण कुमार और उद्यान निदेशक नंद किशोर सहित टी बोर्ड ऑफ इंडिया के अधिकारी भी होंगे। चाय उत्पादक किसानों को भी आमंत्रित किया गया है। कृषि एवं उद्यान विभाग सभी कार्यक्रमों की सफलता के लिए तैयारियों में जुटा है। बिहार सरकार द्वारा स्थानीय चाय के उत्पादन, प्रोसेसिंग, घरेलू व्यापार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए गंभीर प्रयास से यहां के चाय उत्पादकों में खुशी है। इन्हें उम्मीद है कि अब बंगाल और असम की तर्ज पर यहां के चाय उत्पादकों को सहूलियत मिलेगी। आज के कार्यक्रम को इसी कड़ी और बिहार के चाय के लिए अपना लोगो तैयार किए जाने को पहली सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। किशनगंज चाय उत्पादक स्वावलंबी सहकारी समिति लि. के अध्यक्ष सह अशोक बिहार टी प्लांटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकरण दफ्तरी के अनुसार कार्यक्रम के तीन प्रमुख बिंदू हैं। बिहार की चाय का अपना लोगो जिसका आज अनावरण होगा। देश के हर चाय उत्पादक राज्य का अपना लाेगो है। फिर टी बोर्ड ऑफ इंडिया में बिहार का प्रतिनिधित्व और इसके अलावा राज्य और जिलास्तर पर चाय उत्पादक कमेटी जो अपनी बातें, समस्याएं सरकार तक पहुंचा सके। साथ ही चाय के विकास पर सतत प्रयास करे। जिला उद्यान पदाधिकारी रजनी सिन्हा ने बताया कि बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत आयोजित परिचर्चा और इंवेस्टर्स मीट बिहार में चाय की खेती के विकास और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। किसान से लेकर निवेशक तक कार्यक्रम को लेकर उत्साहित हैं। किशनगंज बिहार का इकलौता चाय उत्पादक जिला है। इसके अलावा यहां अनानास और ड्रैगन फ्रूट की भी खेती होती है। इसके उत्पादन में भी किशनगंज सूबे में नजीर है। बड़े पैमाने पर यहां मक्का और मखाना का उत्पादन भी होता है। इन फसलों पर आधारित उद्योगों की जिले में भरपूर संभावना है। जिले में 20 हजार से अधिक एकड़ में चाय की खेती होती है एवं कुल उत्पादित हरी पत्तियों का 20 फीसदी (75 लाख किलोग्राम) ही प्रोसेसिंग किशनगंज में होता है। शेष हरी पत्तियां बंगाल के प्रोसेसिंग प्लांट में चली जाती है। इसी तरह यहां अनानास का उत्पादन तो बड़े पैमाने पर होता है लेकिन किसानों को बाजार के लिए बंगाल पर निर्भर रहना पड़ता है। मक्का और मखाना की भी ऐसी ही स्थिति है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
किशनगंज में उत्पादित चाय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बिहार सरकार ने विशेष लोगो तैयार किया है। आज शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह इसका अनावरण करेंगे। मंत्री श्री सिंह आज अपने एक दिवसीय दौरे के क्रम में किशनगंज आ रहे हैं। वे सुबह रेल मार्ग से किशनगंज पहुंचेंगे। पोठिया प्रखंड के अर्राबाड़ी स्थित डॉ. कलाम कृषि कॉलेज में बिहार की चाय पर आयोजित परिचर्चा में वे शामिल होंगे। इससे पहले वे यहां के चाय उत्पादन और प्रोसेसिंग को भी देखेंगे। वहीं शाम पांच बजे से बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत कृषि निवेशकों से मुलाकात करेंगे। कार्यक्रम में सीमांचल के पचास कृषि निवेशकों और उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है। उनके साथ कार्यक्रम में कृषि सचिव डॉ. एन सरवण कुमार और उद्यान निदेशक नंद किशोर सहित टी बोर्ड ऑफ इंडिया के अधिकारी भी होंगे। चाय उत्पादक किसानों को भी आमंत्रित किया गया है। कृषि एवं उद्यान विभाग सभी कार्यक्रमों की सफलता के लिए तैयारियों में जुटा है। बिहार सरकार द्वारा स्थानीय चाय के उत्पादन, प्रोसेसिंग, घरेलू व्यापार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए गंभीर प्रयास से यहां के चाय उत्पादकों में खुशी है। इन्हें उम्मीद है कि अब बंगाल और असम की तर्ज पर यहां के चाय उत्पादकों को सहूलियत मिलेगी। आज के कार्यक्रम को इसी कड़ी और बिहार के चाय के लिए अपना लोगो तैयार किए जाने को पहली सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। किशनगंज चाय उत्पादक स्वावलंबी सहकारी समिति लि. के अध्यक्ष सह अशोक बिहार टी प्लांटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकरण दफ्तरी के अनुसार कार्यक्रम के तीन प्रमुख बिंदू हैं। बिहार की चाय का अपना लोगो जिसका आज अनावरण होगा। देश के हर चाय उत्पादक राज्य का अपना लाेगो है। फिर टी बोर्ड ऑफ इंडिया में बिहार का प्रतिनिधित्व और इसके अलावा राज्य और जिलास्तर पर चाय उत्पादक कमेटी जो अपनी बातें, समस्याएं सरकार तक पहुंचा सके। साथ ही चाय के विकास पर सतत प्रयास करे। जिला उद्यान पदाधिकारी रजनी सिन्हा ने बताया कि बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत आयोजित परिचर्चा और इंवेस्टर्स मीट बिहार में चाय की खेती के विकास और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। किसान से लेकर निवेशक तक कार्यक्रम को लेकर उत्साहित हैं। किशनगंज बिहार का इकलौता चाय उत्पादक जिला है। इसके अलावा यहां अनानास और ड्रैगन फ्रूट की भी खेती होती है। इसके उत्पादन में भी किशनगंज सूबे में नजीर है। बड़े पैमाने पर यहां मक्का और मखाना का उत्पादन भी होता है। इन फसलों पर आधारित उद्योगों की जिले में भरपूर संभावना है। जिले में बीस हजार से अधिक एकड़ में चाय की खेती होती है एवं कुल उत्पादित हरी पत्तियों का बीस फीसदी ही प्रोसेसिंग किशनगंज में होता है। शेष हरी पत्तियां बंगाल के प्रोसेसिंग प्लांट में चली जाती है। इसी तरह यहां अनानास का उत्पादन तो बड़े पैमाने पर होता है लेकिन किसानों को बाजार के लिए बंगाल पर निर्भर रहना पड़ता है। मक्का और मखाना की भी ऐसी ही स्थिति है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी (Sunny Leone) अपने डांस नंबर्स और फिल्मों के अलावा अपनी फिटनेस के लिए भी जानी जाती हैं. सनी लियोनी अपनी फिटनेस का खूब ध्यान रखती हैं. सनी (Sunny Leone) बॉलीवुड की सबसे फिट सेलेब्स में से एक हैं. अक्सर वो अपना वर्कआउट करते हुए वीडियोस भी शेयर किया करती हैं. हाल ही में सनी ने अपने पति के साथ वर्कआउट करते तस्वीरें शेयर की थी. जिसे लोगो ने काफी पसंद किया था. वही अब सनी (Sunny Leone) का एक और वीडियो सामने आया हैं. इस वीडियो में सनी एक्सरसाइज़ करते हुए फ्रेंच फ्राइज खा रही हैं. ये वीडियो देख कर लोग काफी हैरान हैं. एक्सरसाइज़ करते हुए फ्रेंच फ्राइज़ खाती आई नज़र : सनी लियोनी (Sunny Leone) अक्सर अपने जिम में एक्सरसाइज करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया करती है. फ़िलहाल सनी (Sunny Leone) ने जो वीडियो शेयर किया हैं वो अलग हैं. इस वीडियो में सनी ने अपनी एनर्जी दिखाने की कोशिश की है. वीडियो में सनी एक्सरसाइज़ करते हुए फ्रेंच फ्राइज़ खाती हुईं भी दिखाई दे रही हैं. सनी (Sunny Leone) ने यह वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, द जिम फूडी चैलेंज, मैंने कितनी फ्रेंच फ्राइज खाई? वीडियो देख कर लग रहा हैं की सनी किसी फिल्म के सेट पर मौजूद हैं. The #GymFoodie challenge! ! . कई आईटम सांग में आई नजर : सनी लियोन (Sunny Leone) का अंदाज उनके चाहने वालों और फैंस को खूब पसंद आता हैं. सनी अक्सर अपने डांस मूव्स और बोल्ड अंदाज में फिल्मो में नजर आती हैं. बॉलीवुड में उनपर कई आईटम सांग फिल्माए गए हैं. सनी (Sunny Leone) बॉलीवुड में काम करने से पहले अमेरिका में एडल्ट फिल्मों में काम करती थीं. हालांकि अब सनी बॉलीवुड फिल्मो में नजर आती हैं. सनी (Sunny Leone) ने साल 2011 में डेनियल का थमा और शादी के बंधन में बंध गई. दोनों ने हाल ही में एक बच्ची को गोद लिया है। सनी (Sunny Leone) ने बॉलीवुड जिस्म 2, वन नाइट स्टैंड, रागिनी एमएमएस 2 जैसी तमाम फिल्मों में काम किया हैं. फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' से सामने आया नागा चैतन्य का फर्स्ट लुक, आमिर खान को कहा 'थैंक्स' ! बॉलीवुड और टीवी की अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंः
बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी अपने डांस नंबर्स और फिल्मों के अलावा अपनी फिटनेस के लिए भी जानी जाती हैं. सनी लियोनी अपनी फिटनेस का खूब ध्यान रखती हैं. सनी बॉलीवुड की सबसे फिट सेलेब्स में से एक हैं. अक्सर वो अपना वर्कआउट करते हुए वीडियोस भी शेयर किया करती हैं. हाल ही में सनी ने अपने पति के साथ वर्कआउट करते तस्वीरें शेयर की थी. जिसे लोगो ने काफी पसंद किया था. वही अब सनी का एक और वीडियो सामने आया हैं. इस वीडियो में सनी एक्सरसाइज़ करते हुए फ्रेंच फ्राइज खा रही हैं. ये वीडियो देख कर लोग काफी हैरान हैं. एक्सरसाइज़ करते हुए फ्रेंच फ्राइज़ खाती आई नज़र : सनी लियोनी अक्सर अपने जिम में एक्सरसाइज करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया करती है. फ़िलहाल सनी ने जो वीडियो शेयर किया हैं वो अलग हैं. इस वीडियो में सनी ने अपनी एनर्जी दिखाने की कोशिश की है. वीडियो में सनी एक्सरसाइज़ करते हुए फ्रेंच फ्राइज़ खाती हुईं भी दिखाई दे रही हैं. सनी ने यह वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, द जिम फूडी चैलेंज, मैंने कितनी फ्रेंच फ्राइज खाई? वीडियो देख कर लग रहा हैं की सनी किसी फिल्म के सेट पर मौजूद हैं. The #GymFoodie challenge! ! . कई आईटम सांग में आई नजर : सनी लियोन का अंदाज उनके चाहने वालों और फैंस को खूब पसंद आता हैं. सनी अक्सर अपने डांस मूव्स और बोल्ड अंदाज में फिल्मो में नजर आती हैं. बॉलीवुड में उनपर कई आईटम सांग फिल्माए गए हैं. सनी बॉलीवुड में काम करने से पहले अमेरिका में एडल्ट फिल्मों में काम करती थीं. हालांकि अब सनी बॉलीवुड फिल्मो में नजर आती हैं. सनी ने साल दो हज़ार ग्यारह में डेनियल का थमा और शादी के बंधन में बंध गई. दोनों ने हाल ही में एक बच्ची को गोद लिया है। सनी ने बॉलीवुड जिस्म दो, वन नाइट स्टैंड, रागिनी एमएमएस दो जैसी तमाम फिल्मों में काम किया हैं. फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' से सामने आया नागा चैतन्य का फर्स्ट लुक, आमिर खान को कहा 'थैंक्स' ! बॉलीवुड और टीवी की अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंः
अक्सर बाॅलीवुड इंडस्ट्री की हसीनाओं और क्रिकटरों के बीच के रिश्तें मीडिया की सुर्खियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। चाहे कोहली अनुष्का का प्यार हो, या फिर हेजल और युवराज सिंह का प्यार। बाॅलीवुड और क्रिकेट खेल का यह संगम हमेशा ही इन जोड़ियों के अलावा लोगों को भी काफी रास आता है। हालांकि इन सभी के बीच एक ऐसी भी बाॅलीवुड हीरोइन है, जिसने किसी क्रिकेटर से नहीं बल्कि टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को अपना दिल दे बैठी थी। बाॅलीवुड की स्टार हिरोईन महिमा चौधरी टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के प्यार में पूरी तरह से पागल हो गयी थी. जिसकी वजह से उन्होंने अपने बाॅलीवुड कैरियर को भी दांव पर लगा दिया था और उससे दूरी बना ली थी। इन दोनों प्रेमी युगल को लेकर मीडिया में जमकर सुर्खियां देखने को मिली, हालांकि काफी समय बाद पेस और महिमा चौधरी ने इस रिश्ते को पब्लिकी स्वीकार किया था। महिमा चौधरी का टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के साथ काफी समय तक अफेयर चला, हालांकि करीब सात सालों तक एक दूसरे के संग रहने के बाद दोनों के बीच अनबन की खबरे आने लगी, जिसमें बाॅलीवुड हीरोंईन महिमा चौधरी ने पेस के ऊपर किसी और महिला के साथ चक्कर का आरोप लगाते हुए ब्रेक अप कर लिया। जब महिमा चौधरी को टेनिस खिलाड़ी लिंएंडर पेस का अफेयर रिया पिल्लई के साथ पता चला तो वह इस रिश्तों को बचाने के लिए भरपूर कोशिश किया, बावजूद इसके पेस द्वारा रिया के साथ शादी करके महिमा को गहरा शाॅक दे दिया गया। जिसके बाद महिमा खुलकर पेस पर धोखा देने का आरोप लगाया था। हालांकि अब महिमा चौधरी आज, 44 साल की हो गयी है और अपना आगे का कैरियर माॅडलिगं और फिल्मों में बनाने का निश्चय किया और एक नए जमाने की बिंदास लड़़की के रूप में खुद को निखारने की कोशिश कर रही हैं।
अक्सर बाॅलीवुड इंडस्ट्री की हसीनाओं और क्रिकटरों के बीच के रिश्तें मीडिया की सुर्खियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। चाहे कोहली अनुष्का का प्यार हो, या फिर हेजल और युवराज सिंह का प्यार। बाॅलीवुड और क्रिकेट खेल का यह संगम हमेशा ही इन जोड़ियों के अलावा लोगों को भी काफी रास आता है। हालांकि इन सभी के बीच एक ऐसी भी बाॅलीवुड हीरोइन है, जिसने किसी क्रिकेटर से नहीं बल्कि टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को अपना दिल दे बैठी थी। बाॅलीवुड की स्टार हिरोईन महिमा चौधरी टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के प्यार में पूरी तरह से पागल हो गयी थी. जिसकी वजह से उन्होंने अपने बाॅलीवुड कैरियर को भी दांव पर लगा दिया था और उससे दूरी बना ली थी। इन दोनों प्रेमी युगल को लेकर मीडिया में जमकर सुर्खियां देखने को मिली, हालांकि काफी समय बाद पेस और महिमा चौधरी ने इस रिश्ते को पब्लिकी स्वीकार किया था। महिमा चौधरी का टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के साथ काफी समय तक अफेयर चला, हालांकि करीब सात सालों तक एक दूसरे के संग रहने के बाद दोनों के बीच अनबन की खबरे आने लगी, जिसमें बाॅलीवुड हीरोंईन महिमा चौधरी ने पेस के ऊपर किसी और महिला के साथ चक्कर का आरोप लगाते हुए ब्रेक अप कर लिया। जब महिमा चौधरी को टेनिस खिलाड़ी लिंएंडर पेस का अफेयर रिया पिल्लई के साथ पता चला तो वह इस रिश्तों को बचाने के लिए भरपूर कोशिश किया, बावजूद इसके पेस द्वारा रिया के साथ शादी करके महिमा को गहरा शाॅक दे दिया गया। जिसके बाद महिमा खुलकर पेस पर धोखा देने का आरोप लगाया था। हालांकि अब महिमा चौधरी आज, चौंतालीस साल की हो गयी है और अपना आगे का कैरियर माॅडलिगं और फिल्मों में बनाने का निश्चय किया और एक नए जमाने की बिंदास लड़़की के रूप में खुद को निखारने की कोशिश कर रही हैं।
Brahmastra Release Date Out: इसके बाद रणबीर आलिया की ओर मुड़ते हुए, उन्होंने चुटीले अंदाज में कहते हैं, "हमारी कब होगी? " रणबीर के मुंह से ये सवाल सुनते ही आलिया शर्म से लाल हो जाती हैं और जवाब देती हैं कि, "तुम मुझसे क्यों पूछ रहे हो? " इसपर रणबीर भी तुरंत जवाब देते हैं कि वो अयान से पूछ रहे हैं। नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर और आलिया भट्ट, जो एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं, बुधवार को अपनी आगामी फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' के मोशन पोस्टर लॉन्च इवेंट में नजर आए। ये कार्यक्रम दिल्ली में था। ट्रेलर लॉन्च के बाद, फिल्म के निर्देशक अयान मुखर्जी (Ayan Mukerji Movie Brahmastra) के साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट दोनों ने ही फैंस के कई सवालों का जवाब भी दिया। इस कार्यक्रम में रणबीर और आलिया की फिल्म 9 सितंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी इसकी भी जानकारी मिली। इस फिल्म में रणबीर और आलिया के अलावा मेगास्टार अमिताभ बच्चन भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। नागार्जुन अक्किनेनी और मौनी रॉय भी स्टार कास्ट का हिस्सा हैं। Bow down to the fire that's Shiva! ? ? हालाँकि, इसके बाद रणबीर आलिया की ओर मुड़ते हुए, उन्होंने चुटीले अंदाज में कहते हैं, "हमारी कब होगी? " रणबीर के मुंह से ये सवाल सुनते ही आलिया शर्म से लाल हो जाती हैं और जवाब देती हैं कि, "तुम मुझसे क्यों पूछ रहे हो? " इसपर रणबीर भी तुरंत जवाब देते हैं कि वो अयान से पूछ रहे हैं। आलिया और रणबीर को इस सवाल में फंसा देख फिल्म निर्माता (Ayan Mukerji) बड़ी ही चतुराई से स्थिति को हल्का करते हुए कहते हैं, "आज के लिए एक ही तारीख काफ़ी है, ब्रह्मास्त्र की रिलीज़ की तारीख। " उन्होंने कहा कि शादी की तारीख का अभी इंतजार करना होगा। बता दें, इस फैन इवेंट में रणबीर नीली जींस और जैकेट के साथ एक स्पोर्टी टी-शर्ट पहने दिखाई दिए तो वहीं आलिया कट-आउट डिज़ाइन और उसी शेड की मैचिंग स्कर्ट के साथ स्ट्रैपलेस क्रॉप्ड रेड टॉप में शानदार दिखीं।
Brahmastra Release Date Out: इसके बाद रणबीर आलिया की ओर मुड़ते हुए, उन्होंने चुटीले अंदाज में कहते हैं, "हमारी कब होगी? " रणबीर के मुंह से ये सवाल सुनते ही आलिया शर्म से लाल हो जाती हैं और जवाब देती हैं कि, "तुम मुझसे क्यों पूछ रहे हो? " इसपर रणबीर भी तुरंत जवाब देते हैं कि वो अयान से पूछ रहे हैं। नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर और आलिया भट्ट, जो एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं, बुधवार को अपनी आगामी फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' के मोशन पोस्टर लॉन्च इवेंट में नजर आए। ये कार्यक्रम दिल्ली में था। ट्रेलर लॉन्च के बाद, फिल्म के निर्देशक अयान मुखर्जी के साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट दोनों ने ही फैंस के कई सवालों का जवाब भी दिया। इस कार्यक्रम में रणबीर और आलिया की फिल्म नौ सितंबर, दो हज़ार बाईस को सिनेमाघरों में रिलीज होगी इसकी भी जानकारी मिली। इस फिल्म में रणबीर और आलिया के अलावा मेगास्टार अमिताभ बच्चन भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। नागार्जुन अक्किनेनी और मौनी रॉय भी स्टार कास्ट का हिस्सा हैं। Bow down to the fire that's Shiva! ? ? हालाँकि, इसके बाद रणबीर आलिया की ओर मुड़ते हुए, उन्होंने चुटीले अंदाज में कहते हैं, "हमारी कब होगी? " रणबीर के मुंह से ये सवाल सुनते ही आलिया शर्म से लाल हो जाती हैं और जवाब देती हैं कि, "तुम मुझसे क्यों पूछ रहे हो? " इसपर रणबीर भी तुरंत जवाब देते हैं कि वो अयान से पूछ रहे हैं। आलिया और रणबीर को इस सवाल में फंसा देख फिल्म निर्माता बड़ी ही चतुराई से स्थिति को हल्का करते हुए कहते हैं, "आज के लिए एक ही तारीख काफ़ी है, ब्रह्मास्त्र की रिलीज़ की तारीख। " उन्होंने कहा कि शादी की तारीख का अभी इंतजार करना होगा। बता दें, इस फैन इवेंट में रणबीर नीली जींस और जैकेट के साथ एक स्पोर्टी टी-शर्ट पहने दिखाई दिए तो वहीं आलिया कट-आउट डिज़ाइन और उसी शेड की मैचिंग स्कर्ट के साथ स्ट्रैपलेस क्रॉप्ड रेड टॉप में शानदार दिखीं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर उनके पास से नौ कट्टे, दो पिस्टल, कारतूस और बनाने का सामन जब्त किया है। Dhar Crime News : प्रदेश में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी का धंधा जोरों पर चल रहा है। वहीं कई शहरों में तो हथियारों की खरीद-बिक्री के लिए मंडियां तक लगती हैं और इसके कुछ जिलों में धड़ल्ले से अवैध हथियार बनाए और बेचे जा रहे हैं। ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के धार जिले से आ रही है जहाँ गंधवानी थाना के ग्राम बारिया में भारी मात्रा में अवैध हथियार बनाने की मिनी फैक्ट्री से एक आरोपी को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी से नौ कट्टे, दो पिस्टल, कारतूस और बनाने का सामन जब्त किया है। पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को गंधवानी के ब्लॉक कॉलोनी में बरिया में आरोपी लखन बरनाला सिकलीकर के घर से अवैध हथियार व बनाने का समान जब्त किया है। आरोपी लखन बरनाला सिकलीकर अपने घर के पीछे की तरफ बैठकर अवैध रूप से अवैध पिस्टल एवं देसी कट्टा बना रहा था। गंधवानी पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर उसके पास से 12 बोर के 9 देसी कट्टे, 2 पिस्टल, 2 जिंदा कारतूस व शस्त्र बनाने बरामद किया। उसके पास से हथियार बनाने की सामग्री ग्राइंडर, भट्टी पंखा, चिमटा, कानस, छैनी, हथौड़ी, एरन, पिस्टल का फरमा, आरी, लोहे की पाइप, लोहे को चद्दर आदि जब्त की। और आरोपी को मोके से गिरफ्तार भी किया गया। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ धारा 25/27आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। वहीं कारवाई में टीआई रामसिंह राठौर, धरमपुरी थाना प्रभारी तारेश सोनी निरीक्षक सागर चौहान, अनुप बघेल, नारायणसिंह कटारा, जितेन्द्र नरवरिया, भुरसिंह बघेल, अजय वर्मा, गुलाबसिंह, मालसिंह कौशल, संजय सिंह, दिनेश मेडा, कालुसिंह, सुमित्रा बघेल, पुष्पेन्द्र शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर उनके पास से नौ कट्टे, दो पिस्टल, कारतूस और बनाने का सामन जब्त किया है। Dhar Crime News : प्रदेश में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी का धंधा जोरों पर चल रहा है। वहीं कई शहरों में तो हथियारों की खरीद-बिक्री के लिए मंडियां तक लगती हैं और इसके कुछ जिलों में धड़ल्ले से अवैध हथियार बनाए और बेचे जा रहे हैं। ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के धार जिले से आ रही है जहाँ गंधवानी थाना के ग्राम बारिया में भारी मात्रा में अवैध हथियार बनाने की मिनी फैक्ट्री से एक आरोपी को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी से नौ कट्टे, दो पिस्टल, कारतूस और बनाने का सामन जब्त किया है। पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को गंधवानी के ब्लॉक कॉलोनी में बरिया में आरोपी लखन बरनाला सिकलीकर के घर से अवैध हथियार व बनाने का समान जब्त किया है। आरोपी लखन बरनाला सिकलीकर अपने घर के पीछे की तरफ बैठकर अवैध रूप से अवैध पिस्टल एवं देसी कट्टा बना रहा था। गंधवानी पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर उसके पास से बारह बोर के नौ देसी कट्टे, दो पिस्टल, दो जिंदा कारतूस व शस्त्र बनाने बरामद किया। उसके पास से हथियार बनाने की सामग्री ग्राइंडर, भट्टी पंखा, चिमटा, कानस, छैनी, हथौड़ी, एरन, पिस्टल का फरमा, आरी, लोहे की पाइप, लोहे को चद्दर आदि जब्त की। और आरोपी को मोके से गिरफ्तार भी किया गया। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ धारा पच्चीस/सत्ताईसआर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। वहीं कारवाई में टीआई रामसिंह राठौर, धरमपुरी थाना प्रभारी तारेश सोनी निरीक्षक सागर चौहान, अनुप बघेल, नारायणसिंह कटारा, जितेन्द्र नरवरिया, भुरसिंह बघेल, अजय वर्मा, गुलाबसिंह, मालसिंह कौशल, संजय सिंह, दिनेश मेडा, कालुसिंह, सुमित्रा बघेल, पुष्पेन्द्र शामिल रहे।
जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में जारी अंतकर्लह के डायरेक्टर, एक्टर, प्राॅड्यूसर, खलनायक खुद अशोक गहलोत हैं। पूनिया ने आज पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस के जो 19 विधायकों की नाराजगी की बात सामने आ रही है, उनको अशोक गहलोत कांग्रेस से बाहर करने का षडयंत्र रच रहे हैं। यह गहलोत का ही षडयंत्र है कि 19 विधायकों को पार्टी से बाहर कैसे निकाला जाए, यह सारी व्यूहरचना उन्होंने ही रची है। मारग्रेट अल्वा के ट्वीट कि सोनिया गांधी एक चाय के प्याले में कांग्रेस की इस समस्या का समाधान कर सकती हैं, इस पर डाॅ. पूनियां ने कहा कि तो राजस्थान कांग्रेस में चल रहे झगड़े का सोनिया गांधी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रही हैं? वास्तव में यह सियासत और षडयंत्र है कि कांग्रेस के नाराज विधायकों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए ही मुख्यमंत्री गहलोत एवं उनकी सरकार षडयंत्र रच रही है। उन्होंने कहा कि कब तक बाड़े में से मुख्यमंत्री गहलोत सरकार चलाएंगे, इसका जवाब भाजपा और प्रदेश की जनता बार-बार पूछ रही है। डाॅ. पूनियां ने बताया कि बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों को लेकर विधायक मदन दिलावर की ओर से दायर याचिका को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा याचिका खारिज करने और इसी पर कार्रवाई को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा अपील खारिज किए जाने को भाजपा फिर से न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे विधि वेत्ताओं से राय मशवरा लिया जा रहा है, उसके बाद एक नई याचिका दायर की जाएगी। डाॅ. पूनियां ने कहा कि कल बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा की ओर से बीएसपी का पत्र जारी हुआ है। मोटे तौर पर कहा जाए तो बीएसपी का चुनाव चिन्ह है, उसका सिंबल जारी होता है। बीएसपी का राष्ट्रीय स्तर पर कोई मर्जर नहीं हुआ है, इसलिए विधायकों का मर्जर यह संवैधानिक तौर पर जायज है या नहीं है, इसका फैसला न्यायालय करेगा।
जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में जारी अंतकर्लह के डायरेक्टर, एक्टर, प्राॅड्यूसर, खलनायक खुद अशोक गहलोत हैं। पूनिया ने आज पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस के जो उन्नीस विधायकों की नाराजगी की बात सामने आ रही है, उनको अशोक गहलोत कांग्रेस से बाहर करने का षडयंत्र रच रहे हैं। यह गहलोत का ही षडयंत्र है कि उन्नीस विधायकों को पार्टी से बाहर कैसे निकाला जाए, यह सारी व्यूहरचना उन्होंने ही रची है। मारग्रेट अल्वा के ट्वीट कि सोनिया गांधी एक चाय के प्याले में कांग्रेस की इस समस्या का समाधान कर सकती हैं, इस पर डाॅ. पूनियां ने कहा कि तो राजस्थान कांग्रेस में चल रहे झगड़े का सोनिया गांधी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रही हैं? वास्तव में यह सियासत और षडयंत्र है कि कांग्रेस के नाराज विधायकों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए ही मुख्यमंत्री गहलोत एवं उनकी सरकार षडयंत्र रच रही है। उन्होंने कहा कि कब तक बाड़े में से मुख्यमंत्री गहलोत सरकार चलाएंगे, इसका जवाब भाजपा और प्रदेश की जनता बार-बार पूछ रही है। डाॅ. पूनियां ने बताया कि बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों को लेकर विधायक मदन दिलावर की ओर से दायर याचिका को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा याचिका खारिज करने और इसी पर कार्रवाई को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा अपील खारिज किए जाने को भाजपा फिर से न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे विधि वेत्ताओं से राय मशवरा लिया जा रहा है, उसके बाद एक नई याचिका दायर की जाएगी। डाॅ. पूनियां ने कहा कि कल बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा की ओर से बीएसपी का पत्र जारी हुआ है। मोटे तौर पर कहा जाए तो बीएसपी का चुनाव चिन्ह है, उसका सिंबल जारी होता है। बीएसपी का राष्ट्रीय स्तर पर कोई मर्जर नहीं हुआ है, इसलिए विधायकों का मर्जर यह संवैधानिक तौर पर जायज है या नहीं है, इसका फैसला न्यायालय करेगा।
भाग III---खण्ड 4] भारत सरकार की मंजूरी / भारत सरकार की गज़ट में प्रकाशन की प्रत्याशा में बी.सी.ए. (आनर्ज) परीक्षा के लिए विनियम ( 2001 के दाखिलों से लागू) बेचुलर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन (आनर्ज) एक वर्ष का कोर्स होगा 1 परीक्षा पद्धति वार्षिक होगी । एक यूनिट 30 अथवा सिंडिकेट द्वारा समय समय पर निर्धारित विद्यार्थियों का होगा । एक कालेज को साधारणतया एक यूनिट दिया दाखिला फार्म और देरी फीस सहित और बिना फीस लेने की समय समय पर सिंडिकेट द्वारा निश्चित तिथि को सम्बद्ध कालेजों को अधिसूचित किया जाएगा 1 जिस व्यक्ति ने पंजाब यूनिवर्सिटी अथवा इसके समान सिंडिकेट द्वारा मान्यताप्राप्त किसी अन्य यूनिवर्सिटी से बी.सी.ए. की परीक्षा पास की है, वह बी. सी. ए. (आनर्ज़) कोर्स में दाखिला लेने के योग्य होगा । बी. सी. ए. (आनर्ज़) की परीक्षा वही विद्यार्थी दे सकेगा जिसने अपना नाम उस कालेज के प्रिंसिपल द्वारा परीक्षा कंट्रोलर को भिजवा दिया है जहाँ उसने हाल ही में पढ़ाई की है और प्रिंसिपल ने प्रमाणित किया हो कि परीक्षार्थी परीक्षा से पहले शैक्षिक वर्षों में संबद्ध कालेज में उपस्थित रहा है; और वह पूरे कोर्स में प्रत्येक विषय में उसकी कक्षा को अलग अलग तौर पर दिए गए लेक्चरों और करवाए प्रेक्टिकलों के पूरे कोर्स में से कम से कम 75% में उपस्थित रहा है (कोर्स की अवधि को उस अंतिम दिन तक गिना जाएगा जब कक्षाएँ तैयारी के लिए दी गई छुट्टियों में छोड़ दी जाती हैं), कालेज का प्रिंसिपल प्रत्येक विषय में अलग अलग दिए कुल लेक्चरों के 10% तक की न्यूनता को माफ कर सकता है। प्रत्येक परीक्षार्थी की फेकल्टी द्वारा समय समय पर परीक्षा के प्रचलित पाठ्यक्रम, पाठ्यविवरण, रूपरेखा और योजना के अनुसार विषयों में परीक्षा ली जाएगी ।
भाग III---खण्ड चार] भारत सरकार की मंजूरी / भारत सरकार की गज़ट में प्रकाशन की प्रत्याशा में बी.सी.ए. परीक्षा के लिए विनियम बेचुलर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन एक वर्ष का कोर्स होगा एक परीक्षा पद्धति वार्षिक होगी । एक यूनिट तीस अथवा सिंडिकेट द्वारा समय समय पर निर्धारित विद्यार्थियों का होगा । एक कालेज को साधारणतया एक यूनिट दिया दाखिला फार्म और देरी फीस सहित और बिना फीस लेने की समय समय पर सिंडिकेट द्वारा निश्चित तिथि को सम्बद्ध कालेजों को अधिसूचित किया जाएगा एक जिस व्यक्ति ने पंजाब यूनिवर्सिटी अथवा इसके समान सिंडिकेट द्वारा मान्यताप्राप्त किसी अन्य यूनिवर्सिटी से बी.सी.ए. की परीक्षा पास की है, वह बी. सी. ए. कोर्स में दाखिला लेने के योग्य होगा । बी. सी. ए. की परीक्षा वही विद्यार्थी दे सकेगा जिसने अपना नाम उस कालेज के प्रिंसिपल द्वारा परीक्षा कंट्रोलर को भिजवा दिया है जहाँ उसने हाल ही में पढ़ाई की है और प्रिंसिपल ने प्रमाणित किया हो कि परीक्षार्थी परीक्षा से पहले शैक्षिक वर्षों में संबद्ध कालेज में उपस्थित रहा है; और वह पूरे कोर्स में प्रत्येक विषय में उसकी कक्षा को अलग अलग तौर पर दिए गए लेक्चरों और करवाए प्रेक्टिकलों के पूरे कोर्स में से कम से कम पचहत्तर% में उपस्थित रहा है , कालेज का प्रिंसिपल प्रत्येक विषय में अलग अलग दिए कुल लेक्चरों के दस% तक की न्यूनता को माफ कर सकता है। प्रत्येक परीक्षार्थी की फेकल्टी द्वारा समय समय पर परीक्षा के प्रचलित पाठ्यक्रम, पाठ्यविवरण, रूपरेखा और योजना के अनुसार विषयों में परीक्षा ली जाएगी ।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से सरोज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने रोहिणी, दिल्ली के डीसीपी ऑफिस में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। वायु के दूषित होने और जीवनशैली में खराब बदलाव के कारण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को कई बीमारियों से जूझना पड़ता है। नियमित जांच और समय पर इलाज से उनका जीवन बेहतर किया जा सकता है। लगभग 100 पुलिस अधिकारियों ने इस स्वास्थ्य जांच शिविर में भाग लिया। इसमें चिकित्सा परामर्श, ब्लड प्रेशर की जांच, ईसीजी मॉनिटरिंग, खून में ग्लूकोज की मात्रा, फेफड़ों की जांच आदि जांच किया गया। सरोज अस्पताल के डॉक्टर ने इस शिविर के बारे में बात करते हुए बताया कि काम-काज से होने वाले खतरों ने ट्रैफिक कर्मियों के जीवन को मुश्किलों से भर दिया है। मौसम की खराब स्थिति, धूल, प्रदूषण, गर्मी और ठंड के साथ, उनमें कई स्वास्थ्य समस्याओं के विकास का जोखिम होता है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी अपनी स्वास्थ्य की बिगड़ी हुई स्थिति के बारे में भी नहीं जानते थे। जांच शिविर से पता चला कि उनमें से लगभग 30% लोग किसी न किसी तरह की सांस संबंधी बीमारियों जैसे अस्थमा, फेफड़े, गले में जलन से पीड़ित थे। मुख्य रूप से हमें उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या और हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगी ज्यादा देखने को मिले और उनमें से कुछ को लंबे समय तक खड़े रहने के कारण जोड़ों में दर्द की शिकायत भी थी। सालों से चिकित्सा विशेषज्ञ यह कहते आ रहे हैं कि हर किसी को समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए, फिर चाहे उन्हें कोई तकलीफ महसूस हो रही हो या नहीं। रूटीन चेकअप कराने से स्वास्थ्य संबंधी सभी मामलों की खबर रखी जा सकती है। यहां तक कि यदि कोई बीमारी भविष्य में विकसित हो सकती है, तो जांच से उसकी पहचान कर उसे विकसित होने से रोका जा सकता है। समय पर इलाज भी किया जा सकता है। इस हेल्थ चेकअप कैंप में स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई और बताया गया कि जीवनशैली में किस तरह के बदलाव लाना जरूरी है। ट्रैफिक कर्मियों को दवाओं के साथ कई और जाचें करवाने की सलाह दी गई ताकि उनकी देखभाग और इलाज दोनों ही अच्छे से हो सके। दवाओं के अलावा उन्हें योग, नियमित एक्सरसाइज करने के लिए कहा गया और प्रदूषण की मार से बचने के लिए ड्यूटी के वक्त पॉल्यूशन फ्री मास्क पहनने की सलाह दी गई। स्रोतः (प्रेस रिलीज) Total Wellness is now just a click away.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से सरोज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने रोहिणी, दिल्ली के डीसीपी ऑफिस में मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। वायु के दूषित होने और जीवनशैली में खराब बदलाव के कारण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को कई बीमारियों से जूझना पड़ता है। नियमित जांच और समय पर इलाज से उनका जीवन बेहतर किया जा सकता है। लगभग एक सौ पुलिस अधिकारियों ने इस स्वास्थ्य जांच शिविर में भाग लिया। इसमें चिकित्सा परामर्श, ब्लड प्रेशर की जांच, ईसीजी मॉनिटरिंग, खून में ग्लूकोज की मात्रा, फेफड़ों की जांच आदि जांच किया गया। सरोज अस्पताल के डॉक्टर ने इस शिविर के बारे में बात करते हुए बताया कि काम-काज से होने वाले खतरों ने ट्रैफिक कर्मियों के जीवन को मुश्किलों से भर दिया है। मौसम की खराब स्थिति, धूल, प्रदूषण, गर्मी और ठंड के साथ, उनमें कई स्वास्थ्य समस्याओं के विकास का जोखिम होता है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी अपनी स्वास्थ्य की बिगड़ी हुई स्थिति के बारे में भी नहीं जानते थे। जांच शिविर से पता चला कि उनमें से लगभग तीस% लोग किसी न किसी तरह की सांस संबंधी बीमारियों जैसे अस्थमा, फेफड़े, गले में जलन से पीड़ित थे। मुख्य रूप से हमें उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या और हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगी ज्यादा देखने को मिले और उनमें से कुछ को लंबे समय तक खड़े रहने के कारण जोड़ों में दर्द की शिकायत भी थी। सालों से चिकित्सा विशेषज्ञ यह कहते आ रहे हैं कि हर किसी को समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए, फिर चाहे उन्हें कोई तकलीफ महसूस हो रही हो या नहीं। रूटीन चेकअप कराने से स्वास्थ्य संबंधी सभी मामलों की खबर रखी जा सकती है। यहां तक कि यदि कोई बीमारी भविष्य में विकसित हो सकती है, तो जांच से उसकी पहचान कर उसे विकसित होने से रोका जा सकता है। समय पर इलाज भी किया जा सकता है। इस हेल्थ चेकअप कैंप में स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई और बताया गया कि जीवनशैली में किस तरह के बदलाव लाना जरूरी है। ट्रैफिक कर्मियों को दवाओं के साथ कई और जाचें करवाने की सलाह दी गई ताकि उनकी देखभाग और इलाज दोनों ही अच्छे से हो सके। दवाओं के अलावा उन्हें योग, नियमित एक्सरसाइज करने के लिए कहा गया और प्रदूषण की मार से बचने के लिए ड्यूटी के वक्त पॉल्यूशन फ्री मास्क पहनने की सलाह दी गई। स्रोतः Total Wellness is now just a click away.
अदालत ने मानहानि मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार गुप्ता, विधायक मनोज कुमार और पार्टी प्रवक्ता आतिशी को बतौर आरोपी समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह समन भाजपा नेता राजीव बब्बर की शिकायत पर सुनवाई के बाद जारी किया है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
अदालत ने मानहानि मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार गुप्ता, विधायक मनोज कुमार और पार्टी प्रवक्ता आतिशी को बतौर आरोपी समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह समन भाजपा नेता राजीव बब्बर की शिकायत पर सुनवाई के बाद जारी किया है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
DRM बैरागढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने कुबेरेश्वर धाम जाने वाले भक्तों से चर्चा की। साथ ही, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। Bhopal News : राजधानी भोपाल के सीहोर जिले में चल रहे रूद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालु सीहोर पहुंच रहे है। कोई बस से वहां पहुंच रहा है तो कोई ट्रेन से। जो लोग ट्रेन से यहां पहुंच रहे हैं वो श्रद्धालु कल से बैरागढ़ रेलवे स्टेशन पर भी डेरा जमाए हुए है। इन श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो रेलवे स्टेशन पर इसे लेकर डीआरएम बैरागढ़ पहुंचे। जहां वो बैरागढ़ स्टेशन पर 10 मिनट ही रूके। यहां पर उन्होंने रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म क्रमांक एक पर ही मौजूद यात्रियों से बातचीत की। साथ ही, उन्होंने स्टेशन मास्टर को यात्रियों के लिए पर्याप्त पानी, बैठने की उचित व्यवस्था, साफ- सफाई और आरपीएफ बल पर्याप्त संख्या में रखने के निर्देश दिए। डीआरएम ने स्टेशन मास्टर को यह भी निर्देश दिए की यात्रियों को किसी तरह की कोई भी दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखे। उन्होंने कहा ट्रेनों के आवागमन की जानकारी लाउड स्पीकर से बार- बार स्टेशन पर प्रसारित करें। साथ ही, हर परिस्थति की जानकारी के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचित करें ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो सके। इस महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए आने वाले भक्तों के लिए रेलवे द्वारा एक पैसेंजर ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन भोपाल से सीहोर, बैरागढ़ और अन्य छोटे- छोटे स्टेशन पर जाएगी। यात्रियों को लाने एवं ले जाने का कार्य करेंगी। यह ट्रेन दिन भर में चार फेरे करेगी।
DRM बैरागढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने कुबेरेश्वर धाम जाने वाले भक्तों से चर्चा की। साथ ही, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। Bhopal News : राजधानी भोपाल के सीहोर जिले में चल रहे रूद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालु सीहोर पहुंच रहे है। कोई बस से वहां पहुंच रहा है तो कोई ट्रेन से। जो लोग ट्रेन से यहां पहुंच रहे हैं वो श्रद्धालु कल से बैरागढ़ रेलवे स्टेशन पर भी डेरा जमाए हुए है। इन श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो रेलवे स्टेशन पर इसे लेकर डीआरएम बैरागढ़ पहुंचे। जहां वो बैरागढ़ स्टेशन पर दस मिनट ही रूके। यहां पर उन्होंने रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म क्रमांक एक पर ही मौजूद यात्रियों से बातचीत की। साथ ही, उन्होंने स्टेशन मास्टर को यात्रियों के लिए पर्याप्त पानी, बैठने की उचित व्यवस्था, साफ- सफाई और आरपीएफ बल पर्याप्त संख्या में रखने के निर्देश दिए। डीआरएम ने स्टेशन मास्टर को यह भी निर्देश दिए की यात्रियों को किसी तरह की कोई भी दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखे। उन्होंने कहा ट्रेनों के आवागमन की जानकारी लाउड स्पीकर से बार- बार स्टेशन पर प्रसारित करें। साथ ही, हर परिस्थति की जानकारी के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचित करें ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो सके। इस महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए आने वाले भक्तों के लिए रेलवे द्वारा एक पैसेंजर ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन भोपाल से सीहोर, बैरागढ़ और अन्य छोटे- छोटे स्टेशन पर जाएगी। यात्रियों को लाने एवं ले जाने का कार्य करेंगी। यह ट्रेन दिन भर में चार फेरे करेगी।
भारत के विभिन्न राज्यों में हिंदू 'धर्म संसद' का आयोजन किया जा रहा है और वहां से आए दिन साधु संतो के विवादित बयान controversial speech सुनने को मिल रहे हैं। ताजा मामला छत्तीसगढ़ chhattisgarh की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद का है। बीते रविवार इस आयोजन का समापन हो गया। लेकिन धर्म संसद के आखिरी दिन संत कालीचरण ने ऐसा अमर्यादित भाषण दिया जिसकी वजह से वह कांग्रेस समेत अन्य दलों के निशाने पर आ गए। कालीचरण ने देश के राषट्रपिता को लेकर न सिर्फ अभोभनिय भाषा का प्रयोग किया बल्कि उनकी हत्या को भी सही ठहराया। कालीचरण ने नाथूराम गोडसे की सराहना की। संत कालीचरण ने अपने भाषण में कहा कि इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से देश पर कब्जा करना है। हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में किया था। इससे पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर भी उनका कब्जा हो गया था। साथ ही राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था। मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं कि जिन्होंने मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या की। कालीचरण ने हिंदू महिलाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारे घरों की महिलाएं बहुत अच्छी और सभ्य हैं और वे मतदान के लिए नहीं जाती हैं। जब सामूहिक दुष्कर्म होंगे तो उनका क्या होगा। महामूर्खों, मैं उन लोगों से कह रहा हूं जो वोट देने के लिए निकलते। उन्होंने उपस्थित लोगों से सवाल करते हुए कहा कि हमारा मुख्य कर्तव्य क्या है- धर्म की रक्षा करना। हमें सरकार में एक कट्टर हिंदू राजा चुनना चाहिए, भले ही वह कोई भी हो। राष्ट्रपिता के लिए ऐसा विवादित बयान देकर कालीचरण कांग्रेस समेत अन्य दलों के निशाने पर आ गए। सभी ने उनकी तीखी आलोचना की। इस दौरान कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा कि यह भगवाधारी फ्रॉड राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खुलेआम गालियां दे रहा है, इसे तत्काल अंदर करना चाहिए। गांधी जी से किसी को वैचारिक मतभेद हो सकता है, किंतु उनका अपमान करने का हक किसी को नहीं है। यह अक्षम्य अपराध है। यह भगवाधारी फ़्रॉड राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को सरेआम गालियाँ दे रहा है, इसे तत्काल अंदर करना चाहिए। गाँधी जी से किसी को वैचारिक मतभेद हो सकता है,पर उनका अपमान करने का हक किसी को नहीं है। महाराष्ट्र सरकार में ऊर्जा मंत्री, शिवसेना नेता डॉ नितिन राउत ने पीएम मोदी को घेरते हुए एक ट्वीट किया "ये कैसा देश बना दिया नरेंद्र मोदी जी आपने? जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खुले मंच से गालियां दी जा रही हैं और सामने बैठे लोग तालियां पीट रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इनपर देशद्रोह लगा दें, यही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ये कैसा देश बना दिया नरेंद्र मोदी जी आपने? जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खुले मंच से गालियां दी जा रही और सामने बैठे लोग तालियां पीट रहे हैं। आरसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने बापू की आत्मा से माफी मांगते हुए कहा, "सत्य, अहिंसा को झूठे और हिंसक कभी हरा नहीं सकते। बापू हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं। साथ ही उन्होंने महंत रामसुंदर का एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें वे कालीचरण का विरोध करते दिखाई पड़ रहे हैं। बता दें, कालीचरण के विवादित बोलों से पूर्व विधायक और छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास खासा क्षुब्ध हो गए थे। उन्होंने गुस्से में यह कहते हुए मंच छोड़ दिया था वह अगले साल धर्म संसद का हिस्सा नही बनेंगे क्योंकि यहां महात्मा गांधी के खिलाफ अशोभनीय बातें कही गई हैं। साथ ही उन्होने कालीचरण के महंत होने पर ही सवाल उठाए थे। यह भी पढ़ेंः
भारत के विभिन्न राज्यों में हिंदू 'धर्म संसद' का आयोजन किया जा रहा है और वहां से आए दिन साधु संतो के विवादित बयान controversial speech सुनने को मिल रहे हैं। ताजा मामला छत्तीसगढ़ chhattisgarh की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद का है। बीते रविवार इस आयोजन का समापन हो गया। लेकिन धर्म संसद के आखिरी दिन संत कालीचरण ने ऐसा अमर्यादित भाषण दिया जिसकी वजह से वह कांग्रेस समेत अन्य दलों के निशाने पर आ गए। कालीचरण ने देश के राषट्रपिता को लेकर न सिर्फ अभोभनिय भाषा का प्रयोग किया बल्कि उनकी हत्या को भी सही ठहराया। कालीचरण ने नाथूराम गोडसे की सराहना की। संत कालीचरण ने अपने भाषण में कहा कि इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से देश पर कब्जा करना है। हमारी आंखों के सामने उन्होंने एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में किया था। इससे पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर भी उनका कब्जा हो गया था। साथ ही राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था। मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं कि जिन्होंने मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या की। कालीचरण ने हिंदू महिलाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारे घरों की महिलाएं बहुत अच्छी और सभ्य हैं और वे मतदान के लिए नहीं जाती हैं। जब सामूहिक दुष्कर्म होंगे तो उनका क्या होगा। महामूर्खों, मैं उन लोगों से कह रहा हूं जो वोट देने के लिए निकलते। उन्होंने उपस्थित लोगों से सवाल करते हुए कहा कि हमारा मुख्य कर्तव्य क्या है- धर्म की रक्षा करना। हमें सरकार में एक कट्टर हिंदू राजा चुनना चाहिए, भले ही वह कोई भी हो। राष्ट्रपिता के लिए ऐसा विवादित बयान देकर कालीचरण कांग्रेस समेत अन्य दलों के निशाने पर आ गए। सभी ने उनकी तीखी आलोचना की। इस दौरान कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा कि यह भगवाधारी फ्रॉड राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खुलेआम गालियां दे रहा है, इसे तत्काल अंदर करना चाहिए। गांधी जी से किसी को वैचारिक मतभेद हो सकता है, किंतु उनका अपमान करने का हक किसी को नहीं है। यह अक्षम्य अपराध है। यह भगवाधारी फ़्रॉड राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को सरेआम गालियाँ दे रहा है, इसे तत्काल अंदर करना चाहिए। गाँधी जी से किसी को वैचारिक मतभेद हो सकता है,पर उनका अपमान करने का हक किसी को नहीं है। महाराष्ट्र सरकार में ऊर्जा मंत्री, शिवसेना नेता डॉ नितिन राउत ने पीएम मोदी को घेरते हुए एक ट्वीट किया "ये कैसा देश बना दिया नरेंद्र मोदी जी आपने? जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खुले मंच से गालियां दी जा रही हैं और सामने बैठे लोग तालियां पीट रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इनपर देशद्रोह लगा दें, यही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ये कैसा देश बना दिया नरेंद्र मोदी जी आपने? जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खुले मंच से गालियां दी जा रही और सामने बैठे लोग तालियां पीट रहे हैं। आरसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने बापू की आत्मा से माफी मांगते हुए कहा, "सत्य, अहिंसा को झूठे और हिंसक कभी हरा नहीं सकते। बापू हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं। साथ ही उन्होंने महंत रामसुंदर का एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें वे कालीचरण का विरोध करते दिखाई पड़ रहे हैं। बता दें, कालीचरण के विवादित बोलों से पूर्व विधायक और छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास खासा क्षुब्ध हो गए थे। उन्होंने गुस्से में यह कहते हुए मंच छोड़ दिया था वह अगले साल धर्म संसद का हिस्सा नही बनेंगे क्योंकि यहां महात्मा गांधी के खिलाफ अशोभनीय बातें कही गई हैं। साथ ही उन्होने कालीचरण के महंत होने पर ही सवाल उठाए थे। यह भी पढ़ेंः
बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस शमा सिकंदर ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर आग लगा दी है। इस बार भी शमा ने अपने बोल्ड अंदाज से सभी को दिवाना बनाया है। शमा सफेद चादर के साथ बेड पर न्यूड फोटो शूट करवाने को लेकर चर्चा में है। उनका यह बोल्ड फोटो शूट हर किसी का ध्यान आर्कषित कर रहा है। शमा सिकंदर अपने फैंस के लिए हमेशा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती है। शमा खुद की बोल्ड और हॉट अदाओं से हमेशा सुर्खियों में रहती है। शमा के इस बोल्ड और ग्लैमर्स अंदाज के तो फैंस दिवाने ही हो गए।
बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस शमा सिकंदर ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर आग लगा दी है। इस बार भी शमा ने अपने बोल्ड अंदाज से सभी को दिवाना बनाया है। शमा सफेद चादर के साथ बेड पर न्यूड फोटो शूट करवाने को लेकर चर्चा में है। उनका यह बोल्ड फोटो शूट हर किसी का ध्यान आर्कषित कर रहा है। शमा सिकंदर अपने फैंस के लिए हमेशा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती है। शमा खुद की बोल्ड और हॉट अदाओं से हमेशा सुर्खियों में रहती है। शमा के इस बोल्ड और ग्लैमर्स अंदाज के तो फैंस दिवाने ही हो गए।
चंबा -बजोली-होली जल विद्युत परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी पर इंटक संबंधित वर्कर यूनियन ने श्रम कानूनों की उल्लघंना करने का आरोप लगाया है। इस बावत इंटक के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त चंबा हरिकेश मीणा से भी मुलाकात की है और एक ज्ञापन उन्हें सौंपा है। जिस पर उन्होंने आगामी कार्रवाई करने की मांग की हैं। यूनियन के अध्यक्ष राम ने डीसी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि 12 मार्च को परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी को मांग पत्र सौंपा गया था। संतोष जनक कार्रवाई न होने पर यूनियन ने अप्रैल माह में हड़ताल भी की थी। जिसके बाद प्रशासन ,श्रम विभाग और जिला अध्यक्ष इंटक की मौजूदगी में संगठन ने इस समझौते के तहत हड़ताल वापस ले ली कि वार्तालाप जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि तीन माह गुजर जाने के बाद प्रबध्ांन अब आनाकानी कर रहा है। अप्रैल माह के बाद जब भी श्रम अधिकारी कार्यालय में बैठक बुलाई गई, प्रोजेक्ट के मुखिया एक बार भी उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने मांग की है कि कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई करते हुए मजदूरहित में राहत प्रदान करने के आदेश दिए जाए।
चंबा -बजोली-होली जल विद्युत परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी पर इंटक संबंधित वर्कर यूनियन ने श्रम कानूनों की उल्लघंना करने का आरोप लगाया है। इस बावत इंटक के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त चंबा हरिकेश मीणा से भी मुलाकात की है और एक ज्ञापन उन्हें सौंपा है। जिस पर उन्होंने आगामी कार्रवाई करने की मांग की हैं। यूनियन के अध्यक्ष राम ने डीसी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि बारह मार्च को परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी को मांग पत्र सौंपा गया था। संतोष जनक कार्रवाई न होने पर यूनियन ने अप्रैल माह में हड़ताल भी की थी। जिसके बाद प्रशासन ,श्रम विभाग और जिला अध्यक्ष इंटक की मौजूदगी में संगठन ने इस समझौते के तहत हड़ताल वापस ले ली कि वार्तालाप जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि तीन माह गुजर जाने के बाद प्रबध्ांन अब आनाकानी कर रहा है। अप्रैल माह के बाद जब भी श्रम अधिकारी कार्यालय में बैठक बुलाई गई, प्रोजेक्ट के मुखिया एक बार भी उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने मांग की है कि कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई करते हुए मजदूरहित में राहत प्रदान करने के आदेश दिए जाए।